यूएस ओपन जीतने का सपना एक दिन पूरा होगा: फ्रांसिस टियाफो
न्यूयॉर्क, 12 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के फ्रांसिस टियाफो का यूएस ओपन जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। टियाफो शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें सेमीफाइनल में हमवतन बेन शेल्टन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। टियाफो का यूएस ओपन जीतने का इंतजार लंबा हो गया है, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।
भारत की धरती से पुतिन ने यूरोप को दी चेतावनी, कहा- '...तो फिर रूस के साथ जंग होगी'
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत में BRICS सम्मेलन के दौरान यूरोपीय देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय देश यूक्रेन में सैनिक भेजते हैं तो रूस इसे सीधे युद्ध की शुरुआत मानेगा।
पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से यूरोप से पहली बार किसी अपराधी के प्रत्यर्पण में सफलता हासिल की है।
Vladimir Putin in BRICS summit on AfD victory in Germany Russia-Europe relations- जर्मनी चुनाव और यूरोप संकट पर बोले पुतिन: यह पश्चिमी देशों के गलतियों का नतीजा, उन्हें रूस से कोई खतरा नहीं
पंजाब पुलिस ने यूरोप से पहली बार प्रत्यर्पण किया हासिल
चंडीगढ़, 12 सितंबर . पंजाब Police ने केंद्रीय एजेंसियों की मदद से यूरोप से पहली बार किसी अपराधी के प्रत्यर्पण में सफलता हासिल की है. यह अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी है. Police महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने Saturday को बताया कि Police ने मोल्दोवा गणराज्य से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह (उर्फ ... Read more
भारत की मेजबानी में राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सहित दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेता दिल्ली की धरती पर जुटे हैं। जहां एक तरफ ग्लोबल साउथ और उभरते बाजारों के लिए यह ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका, यूरोप और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में इस आयोजन को लेकर एक अजीबोगरीब कूटनीतिक सन्नाटा और बेचैनी साफ महसूस की जा रही है। पश्चिमी मीडिया के प्रमुख टीवी चैनलों के प्राइम टाइम से दिल्ली समिट की विजिबिलिटी को सीमित रखना और पाकिस्तान के भीतर अपनी ही हैसियत पर उठ रहे सवालों ने इस बात की पोल खोल दी है कि इस महामंथन से दुनिया के शक्ति संतुलन में कितनी बड़ी हलचल मची है।क्या अमेरिका और यूरोप में वाकई ब्रिक्स समिट का 'ब्लैकआउट' है?पश्चिमी दुनिया में ब्रिक्स सम्मेलन की कवरेज को यदि ध्यान से देखा जाए, तो मुख्यधारा के बड़े अमेरिकी और यूरोपीय ब्रॉडकास्ट चैनलों (जैसे सीएनएन, बीबीसी, फॉक्स न्यूज) पर इस सम्मेलन को वह प्राइम टाइम और लाइव स्क्रीन स्पेस नहीं दिया जा रहा है, जो अमूमन जी-7 (G7) या नाटो (NATO) की बैठकों को मिलता है। हालांकि, इसे तकनीकी तौर पर पूरी तरह 'ब्लैकआउट' कहना भी सही नहीं होगा, क्योंकि ब्लूमबर्ग, रॉयटर्स, फाइनेंशियल टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल जैसे दिग्गज आर्थिक और रणनीतिक प्रकाशन इस बैठक पर पैनी नजर गड़ाए हुए हैं।यह स्थिति वास्तव में 'ब्लैकआउट' नहीं, बल्कि एक सोची-समझी 'सिलेक्टिव कवरेज' और कम विजिबिलिटी की रणनीति है। पश्चिमी मीडिया यह दिखाने से बचना चाहता है कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर और पश्चिमी आधिपत्य के समानांतर कोई नया बहुपक्षीय वित्तीय व राजनीतिक ढांचा इतनी मजबूती से खड़ा हो रहा है, जिसमें विश्व की आधी से अधिक आबादी और ऊर्जा व्यापार की मुख्य धुरी शामिल है।वेस्टर्न मीडिया का मुख्य फोकस: 'पुतिन-शी का मंच' बनाम 'भारत का कूटनीतिक संतुलन'पश्चिमी विश्लेषकों और मीडिया आउटलेट्स की कवरेज में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई दे रहा है। उनकी रिपोर्टिंग की मुख्य दिशा यह साबित करने पर टिकी है कि ब्रिक्स एक 'एंटी-वेस्ट' (पश्चिम विरोधी) ब्लॉक में तब्दील हो रहा है, जहां रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पश्चिमी प्रतिबंधों को बेअसर करने की कोशिश में जुटे हैं।हालांकि, इसी कवरेज में अमेरिकी व यूरोपीय थिंक टैंक भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) की खुलकर सराहना भी करने को मजबूर हैं। वेस्टर्न मीडिया ने बार-बार रेखांकित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व यह सुनिश्चित कर रहा है कि ब्रिक्स किसी एक देश (विशेषकर चीन) की कठपुतली या अमेरिकी विरोधी प्रोपेगैंडा का अखाड़ा न बने, बल्कि यह विशुद्ध रूप से आर्थिक सुधारों और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था का निष्पक्ष मंच बना रहे।डी-डॉलराइजेशन और डिजिटल करेंसी से पश्चिम की उड़ी नींदपश्चिमी राजधानियों में ब्रिक्स को लेकर असली चिंता राजनीतिक बयानों से ज्यादा आर्थिक तंत्र में होने वाले बदलावों को लेकर है। दिल्ली समिट में स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, सीमा पार भुगतान के लिए राष्ट्रीय डिजिटल मुद्राओं को आपस में जोड़ने (Digital Payment Grid) और स्विफ्ट (SWIFT) के विकल्प तैयार करने के प्रस्तावों ने वाशिंगटन और यूरोपीय बैंकों के माथे पर पसीना ला दिया है।यदि अंतरराष्ट्रीय तेल, गैस और व्यापारिक आपूर्ति में अमेरिकी डॉलर का वर्चस्व कम होता है, तो पश्चिमी देशों की प्रतिबंध लगाने की ताकत और वित्तीय दबदबा हमेशा के लिए कमजोर हो जाएगा। इसी कारण पश्चिमी अखबारों के बिजनेस पन्नों पर दिल्ली की हर घोषणा की बाल की खाल निकाली जा रही है।पाकिस्तान में क्यों मचा है 'पैनिक'? वेटिंग लिस्ट और अलगाव का दर्दइधर पश्चिमी मीडिया जहां रणनीतिक चुप्पी साधे हुए है, वहीं पाकिस्तान के मीडिया और राजनीतिक हलकों में दिल्ली समिट को लेकर खुला द्वंद्व और भारी बेचैनी देखने को मिल रही है। पाकिस्तानी मीडिया (डॉन, एक्सप्रेस ट्रिब्यून आदि) और सोशल मीडिया पर टीवी डिबेट्स में अपनी ही सरकार की विदेश नीति पर कड़े सवाल दागे जा रहे हैं:वेटिंग लिस्ट में क्यों खड़ा है पाकिस्तान: पाकिस्तानी विश्लेषक इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि जब मिस्र, इथियोपिया, यूएई और इंडोनेशिया जैसे देश ब्रिक्स के मुख्य पटल पर पहुंच चुके हैं, तो चीन और रूस से नजदीकी का दावा करने वाला पाकिस्तान ब्रिक्स के मुख्य दरवाजे पर ही क्यों अटका रह गया।भारत का कड़ा वीटो और कूटनीतिक कद: पाकिस्तानी टीवी एक्सपर्ट्स (जैसे कमर चीमा, शकील चौधरी आदि) खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं कि भारत के सख्त रुख और अंतरराष्ट्रीय साख के चलते जब तक पाकिस्तान आतंकवाद और सीमा पार नीति पर अपने गिरेबान में नहीं झांकेगा, तब तक ब्रिक्स में उसकी एंट्री नामुमकिन है।इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक तुलना: पाकिस्तानी पत्रकार यह तुलना कर अपनी ही व्यवस्था का मजाक उड़ा रहे हैं कि भारत दिल्ली में 20 से अधिक वैश्विक नेताओं की सुरक्षा, आधुनिक होटल्स और तकनीकी बुनियादी ढांचा चुटकियों में उपलब्ध करा रहा है, जबकि पाकिस्तान के पास ऐसे बड़े आयोजनों के लिए प्राथमिक संसाधनों का भी टोटा है।यूएन महासचिव की मौजूदगी और रिफॉर्म की गूंजदिल्ली सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की व्यक्तिगत मौजूदगी ने भी पश्चिमी और पाकिस्तानी नैरेटिव को बड़ा झटका दिया है। गुटेरेस ने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और ब्रेटन वुड्स संस्थानों में पुराने नियम अब काम नहीं करेंगे और भारत जैसे देशों को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में स्थाई जगह मिलनी चाहिए। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि ब्रिक्स अब कोई हाशिए पर पड़ा संगठन नहीं है, बल्कि दुनिया की मौजूदा व्यवस्था को रि-डिजाइन करने का सबसे ताकतवर केंद्र बन चुका है।दुनिया देख रही है नए भारत का वैश्विक नेतृत्वसंक्षेप में कहें तो पश्चिमी मीडिया की 'कम विजिबिलिटी' उसकी भू-राजनीतिक लाचारी और डर को दर्शाती है, जबकि पाकिस्तानी मीडिया की चीख-पुकार उसके क्षेत्रीय अलगाव का नतीजा है। दिल्ली में चल रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन यह सिद्ध कर रहा है कि आज भारत केवल एक भागीदार नहीं, बल्कि पूरब और पश्चिम के बीच सेतु की तरह खड़ा होकर वैश्विक एजेंडा तय करने वाला विश्वमित्र बन चुका है। दुनिया अब पश्चिमी मीडिया के फिल्टर से नहीं, बल्कि दिल्ली के भारत मंडपम से तय होने वाली नई दिशा से अपनी अगली आर्थिक रफ्तार तय करने जा रही है।
त्रिपुरा की चाय ने 15.31 मीट्रिक टन के एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट के साथ यूरोप के बाजार में कदम रखा
त्रिपुरा की चाय ने शुक्रवार को यूरोप के बाजार में 15.31 मीट्रिक टन के कंसाइनमेंट के साथ कदम रखा। यह त्रिपुरा टी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीटीडीसीएल) द्वारा अब तक...
भारत-यूरोपीय: 180 अरब यूरो का विशाल कारोबार और 8 लाख नई नौकरियों का खुलेगा रास्ता
वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक गलियारों से भारत के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और लोकतांत्रिक ताकतों—भारत और यूरोपीय संघ (EU)—के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। यूरोपीय आयोग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने और उसे कानूनी रूप से अंतिम रूप देने की अनुमति के लिए अब यूरोपीय यूनियन काउंसिल (Council of the European Union) को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया गया है। जैसे ही काउंसिल की तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी, यह समझौता आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक व्यापारिक समझौता साबित होगा, जिससे न केवल द्विपक्षीय कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जुड़ेगा।यूरोपीय यूनियन काउंसिल को भेजा गया प्रस्ताव और समझौते का विशाल दायराभारत और यूरोपीय संघ के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया अब पूरी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। काउंसिल ऑफ द यूरोपीय यूनियन से औपचारिक अनुमोदन मिलते ही यह समझौता दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार के नए रास्ते खोल देगा। इस समझौते के लागू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दोनों क्षेत्रों के बीच बाजार की पहुंच का अभूतपूर्व विस्तार होगा, आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती की जाएगी, व्यापार में आने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर किया जाएगा और निवेश की प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया जाएगा। वर्तमान समय के व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत और यूरोपीय संघ के बीच हर साल 180 अरब यूरो (Euro) से अधिक का विशाल कारोबार वस्तुओं और सेवाओं के जरिए होता है। इस मजबूत आर्थिक साझेदारी की बदौलत अकेले यूरोपीय संघ के भीतर ही लगभग 8 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि भारत आज वैश्विक सप्लाई चेन का एक अनिवार्य और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।यूरोपीय निर्यातकों को भारी शुल्क राहत और उपभोक्ताओं को मिलेंगी प्रतिस्पर्धी कीमतेंइस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरी तरह लागू हो जाने के बाद भारत को होने वाले यूरोपीय संघ के लगभग 96 प्रतिशत सामानों के निर्यात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी या तो पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी या फिर उसे बेहद न्यूनतम स्तर पर ला दिया जाएगा। यूरोपीय आयोग के अनुमान के मुताबिक, इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव में आने से यूरोपीय निर्यातकों को सालाना लगभग 4 अरब यूरो की भारी-भरकम शुल्क बचत होने की उम्मीद है। जब आयात शुल्क में इतनी बड़ी कटौती होगी, तो इसका सीधा लाभ दोनों पक्षों के आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। बाजार में उत्पादों की प्रचुरता बढ़ेगी, जिससे ग्राहकों के पास चयन करने के लिए अधिक विकल्प होंगे और उन्हें बेहद प्रतिस्पर्धी तथा किफायती कीमतों पर बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। वैश्वीकरण के इस दौर में यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को इतना सुगम बना देगा कि व्यापार की लागत में भारी कमी आएगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव अंततः दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर पड़ेगा।भारत के एमएಸ್एमई (MSMEs) और विनिर्माण क्षेत्र के लिए खुलेंगे तरक्की के नए द्वारभारत और यूरोपीय संघ के बीच होने जा रहे इस मुक्त व्यापार समझौते का सबसे बड़ा और दूरगामी लाभ देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी MSMEs को मिलने की पूरी उम्मीद है। भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), गारमेंट्स, चमड़ा उद्योग (Leather), फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सर्विसेज जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए यूरोप के बाजार में अपार संभावनाएं और नए अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में उच्च आयात शुल्क के कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस समझौते के बाद जब भारतीय सामानों पर यूरोप में लगने वाली ड्यूटी घट जाएगी या समाप्त हो जाएगी, तो वे वहां के स्थानीय और अन्य वैश्विक बाजारों के उत्पादों के मुकाबले कहीं अधिक कॉम्पिटिटिव बन जाएंगे। इससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल मिलेगा और देश के विनिर्माण (Manufacturing) सेक्टर को सीधा और जबरदस्त फायदा पहुंचेगा, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।आर्थिक कूटनीति का नया मील का पत्थर और भविष्य की संभावनाएंयह मुक्त व्यापार समझौता केवल दो व्यापारिक क्षेत्रों के बीच का अनुबंध भर नहीं है, बल्कि यह बदलती हुई वैश्विक आर्थिकी में भारत की बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक ताकत का प्रतीक है। यूरोपीय संघ के साथ इस प्रकार की गहरी साझेदारी भारत को वैश्विक व्यापारिक मंच पर एक मजबूत और भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर के रूप में स्थापित करती है। भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर जोर दे रही है जिससे देश के निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। तकनीकी आदान-प्रदान, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में भी इस समझौते के माध्यम से आपसी सहयोग के नए द्वार खुलने की पूरी संभावना है। जैसे ही यूरोपीय यूनियन काउंसिल से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, भारत के व्यापारी वर्ग और उद्योग जगत के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत हो जाएगी, जो देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
बाब-अल-मंदेब पर हूती का कब्जा, यूरोप की सप्लाई होगी बंद, सऊदी ने भी बरसाए बम
ईरान-अमेरिका युद्ध में होर्मुज जलमार्ग पर संकट के बाद अब लाल सागर के रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के रणनीतिक मोखा बंदरगाह पर कब्जे का दावा किया है। वे अब बाब अल-मंडेब जलमार्ग के करीब पहुंच गए हैं। यह रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यूरोप एशिया के समुद्री व्यापार के साथ खाड़ी से आने वाले तेल के लिए अहम है। होर्मुज बंद होने के बाद इसकी अहमियत बढ़ गई है। दुनिया का 10% समुद्री कारोबार इसी रूट से होता है। इसे भी पढ़ें: 24 घंटे 32 स्ट्राइक, सऊदी और हूतियों में भयानक युद्ध छिड़ा पेरिम द्वीप है इस रूट का गेट हूती पेरिम द्वीप पर कब्जे की कोशिश में हैं। बाब अल-मंडेब के सबसे संकरे हिस्से के पास स्थित यह छोटा द्वीप लाल सागर के रूट के लिए रणनीतिक कड़ी है। इससे जहाजों को रोकना आसान हो जाएगा। इस विवाद में क्यों कूदा पाकिस्तान? इधर, पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान की सक्रियता भी अचानक बढ़ गई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शुक्रवार को ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क साधा और सऊदी अरब पर हुए हालिया हूती हमलों को लेकर सीधी बातचीत की। यह कूटनीतिक हलचल पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के उस कड़े बयान के ठीक बाद देखने को मिली है, जिसमें उन्होंने रियाद और यमन के विद्रोही गुटों के बीच बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए नए 'मक्का रक्षा समझौते' (Mecca Defense Pact) को अमलीजामा पहनाने की चेतावनी दी थी।
तपती धरती, उबलते समंदर:अगस्त बना इतिहास का सबसे गर्म महीना,पूर्वी यूरोप में गंभीर सूखे की स्थिति; आगे क्या?
यूरोपीय संघ के बाजार में ड्रैगन की नो-एंट्री! कंपनियों को बाहर करने वाले नए नियमों पर भड़का चीन
यूरोपीय संघ के प्रस्तावित नए पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेगुलेशन से चीनी कंपनियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने में दिक्कत होगी। इस पर चीनी कारोबारियों के संगठन CCCEU ने चिंता जताई है और यूरोपीय आयोग से निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की अपील की है।
दुनिया का सबसे गर्म अगस्त, यूरोप में नदियां सूखी
कॉपरनिकस के मुताबिक अगस्त 2026 दुनिया के सबसे गर्म अगस्त में रहा. वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.65 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ. यूरोप के कई हिस्सों में कम बारिश से सूखे की स्थिति बनी और राइन-डेन्यूब समेत कई नदियों का जल प्रवाह घटा. वीडियो में जानें इस क्लाइमेट चेंज को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स.
फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल
पटना, 10 सितंबर2026 । बिहार में साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच में पुलिस को ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह के दो कथित मास्टरमाइंड बिहार में ही छिपे हुए थे, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उनकी लोकेशन […] The post फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल appeared first on Rashtriya Ujala .
अगस्त में आसमान से बरसी गर्मी! रिकॉर्ड तापमान से यूरोप बेहाल, कई नदियों का जलस्तर बेहद कम
अगस्त 2026 यूरोप और दुनिया के लिए भीषण गर्मी और सूखे के लिहाज से बेहद अहम रहा। यूरोपीय संघ की Copernicus Climate Change Service के अनुसार, अगस्त 2026 वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे गर्म अगस्त रहा। वैश्विक औसत सतही तापमान 16.96C दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के औसत से 0.85C ज्यादा था। यह […] The post अगस्त में आसमान से बरसी गर्मी! रिकॉर्ड तापमान से यूरोप बेहाल, कई नदियों का जलस्तर बेहद कम first appeared on Sanjeevni Today .
इमोला में हुई यूरोप की पहली ड्राइवरलेस कार रेस: बिना स्टीयरिंग-पैडल के कैसे दौड़ी SF23? जानें इन गाड़ियों की तकनीक
'पुतिन समझौते के लिए तैयार': ट्रंप ने बता दिया कौन डाल रहा अड़ंगा; क्या खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध?
एक नए शोध के अनुसार, 2024 तक वैश्विक तापमान वृद्धि में भारत का योगदान 0.05 डिग्री सेल्सियस से भी कम है, जो प्रमुख उत्सर्जकों से कम है लेकिन ब्राजील और ब्रिटेन जैसे देशों से अधिक है।
1976 में आई ‘नागिन’ एक फ्रांसीसी उपन्यास से प्रेरित थी.फिल्म में 6 गाने थे और रीना रॉय ने नागिन बनकर पांच लोगों से बदला लिया था. इस फिल्म ने फिल्म इंडस्ट्री में और टीवी पर नाग-नागिन की कहानियों को एक नया मोड़ दिया था.
Bridgerton फेम Phoebe Dynevor ने फ्रांस में रचाई शादी, प्रोड्यूसर कैमरन फुलर संग लिए सात फेरे
नेटफ्लिक्स की बेहद लोकप्रिय पीरियड-ड्रामा सीरीज 'ब्रिजर्टन' में 'डैफने ब्रिजर्टन' का आइकॉनिक किरदार निभाकर दुनियाभर में मशहूर हुईं एक्ट्रेस फीबी डायनेवर (Phoebe Dynevor) शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने 5 सितंबर को फ्रांस के प्रोवेंस में आयोजित एक निजी और खूबसूरत समारोह में अपने मंगेतर व प्रोड्यूसर कैमरन फुलर (Cameron Fuller) के साथ सात फेरे लिए। 18वीं सदी के फार्महाउस में हुआ निजी समारोह रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी की सभी रस्में फ्रांस के ग्रामीण इलाके में स्थित 18वीं सदी के ऐतिहासिक फार्महाउस 'ले मास डेस पोइरियर्स' (Le Mas des Poiriers) में निभाई गईं। इस खास समारोह में केवल परिवार के सदस्य और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। बताया जा रहा है कि फीबी अपनी मां सैली के साथ मिलकर पिछले कई महीनों से इस ड्रीम वेडिंग की प्लानिंग कर रही थीं। बताया जा रहा है कि इस शादी की तैयारी महीनों से चल रही थी और डायनेवर अपनी मां सैली के साथ मिलकर जश्न की योजना बना रही थीं। 'द सन' के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा, फ़ीबी और कैमरन ने शनिवार को शादी की और वे बेहद खुश हैं। वह अपनी मां सैली के साथ महीनों से इस शादी की योजना बना रही थीं। आखिरकार यह सब बहुत शानदार रहा। खबरों के अनुसार, यह जगह जोड़े के लिए खास मायने रखती थी। डायनेवर पिछले साल फुलर के साथ इस जगह पर गई थीं और कहा जाता है कि वह तुरंत ही इसके एकांत माहौल से प्रभावित हो गई थीं। समारोह के बाद, डिनर, ड्रिंक्स और डांस के साथ जश्न जारी रहा। हालांकि शादी काफी हद तक निजी रही, लेकिन जश्न की एक छोटी सी झलक ऑनलाइन सामने आई। फुलर के करीबी दोस्त और एक्टर सैम लर्नर ने इंस्टाग्राम पर शादी के वीकेंड की तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीरों में कई जाने-पहचाने चेहरे दिखे, जिनमें लोगन लर्नर, कोल स्प्राउस और किअरनन शिपका शामिल थे। बाद में पोस्ट डिलीट कर दिया गया और मेहमानों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई। डायनेवर और फुलर ने अपने रिश्ते को काफी हद तक लाइमलाइट से दूर रखा है। उनके रिश्ते की खबरें पहली बार 2023 में सामने आईं, हालांकि डायनेवर ने बाद में बताया कि वे असल में उसी साल की शुरुआत में सनडांस फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। 'द ड्रू बैरीमोर शो' में डायनेवर ने अपनी पहली मुलाकात के बारे में कहा, हम... मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से ऐसा कहा है... हम सनडांस फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। उन्होंने आगे बताया कि वे फेस्टिवल के दौरान 'ताओ' (Tao) नाम के एक पॉप-अप क्लब में मिले थे। जब बैरीमोर ने पूछा कि पहल किसने की, तो डायनेवर ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में जवाब दिया, आप किसी से क्लब में भी मिल सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Lust Stories 3 धमाकेदार ट्रेलर रिलीज़! सिद्धार्थ-अदिति, राधिका और अली फ़ज़ल की जोड़ी दिखाएगी प्यार व इच्छाओं के नए रंग यह जोड़ा काफी हद तक लाइमलाइट से दूर रहा और कभी-कभार ही एक साथ सार्वजनिक रूप से नज़र आया। 2024 में उनके रिश्ते में एक बड़ा मोड़ आया, जब डायनेवोर ने मेट गाला में डायमंड रिंग पहनी, जिससे उनकी सगाई की अटकलें लगने लगीं। हालांकि उस समय दोनों में से किसी ने भी कोई बड़ी सार्वजनिक घोषणा नहीं की, लेकिन उस अंगूठी को उनकी सगाई की पुष्टि के तौर पर देखा गया। डायनेवोर के लिए, यह शादी 'ब्रिजर्टन' से मिली ग्लोबल शोहरत के बाद उनके जीवन का एक नया अध्याय है; इस नेटफ्लिक्स पीरियड ड्रामा में उन्होंने डैफ्ने ब्रिजर्टन का किरदार निभाया था और वे शो की बड़ी स्टार बनकर उभरी थीं। फुलर एक फिल्म-प्रोडक्शन परिवार से ताल्लुक रखते हैं और प्रोड्यूसर ब्रैड फुलर के बेटे हैं, जिनकी फिल्मों में 'अ क्वाइट प्लेस', 'द पर्ज' और 'टीनेज म्यूटेंट निंजा टर्टल्स' शामिल हैं। कैमरन फुलर ने भी एक एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है; उनके एक्टिंग क्रेडिट्स में टीवी सीरीज़ 'द लास्ट शिप' शामिल है। इसे भी पढ़ें: Qazi Touqeer के लिए पहली बार Bigg Boss 20 के देखेंगे Arijit Singh ऐसा लगता है कि इस नए जोड़े ने अपनी शादी का जश्न उसी तरह मनाया, जिस तरह उन्होंने अपने रिश्ते को संभाला है: निजी तौर पर, अपने सबसे करीबी लोगों के छोटे से दायरे में। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Cameron Fuller (@cameronfuller)
ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों से जुड़े कारखानों और खेतों में तैयार होने वाले सामान के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। इन देशों का कहना है कि वेस्ट बैंक में इजरायली विस्तार की गतिविधियां दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को कमजोर कर रही हैं।
क्या है हिंदू संगठन BAPS जिसके एफिल टावर दौरे से फ्रांस में छिड़ा विवाद
Eiffel Tower Controversy: एफिल टावर पर BAPS के निजी दौरे के बाद महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर पीछे रखने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद स्टाफ ने हड़ताल कर दी थी. इसकी वजह से एफिल टावर बंद रहा था. हालांकि, अब एफिल टावर दोबारा खोल दिया गया है. जानें BAPS क्या है, इसका इतिहास, दुनिया भर के मशहूर मंदिर और महिलाओं से जुड़े पुराने विवाद.
पहले मोनालिसा, अब रेनॉयर: फ्रांसीसी म्यूजियम से बेशकीमती पेंटिंग चोरी, कब-कब चुराई गईं करोड़ों की कलाकृतियां?- Priceless painting stolen from Renoir Museum on French Riviera when other multi-million-worth artworks stolen
ट्रंप ने पुतिन को मिलाया फोन: यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म करने पर हुई बात, यूरोप के खिलाफ आक्रामकता पर क्या बोले रूसी राष्ट्रपति?
Kanpur News: बास्केटबाल में सेंट फ्रांसिस जेवियर्स और कानपुर नगर का दबदबा
अशोकनगर स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को जनपदीय व मंडलीय विद्यालयीय बास्केटबाल प्रतियोगिता हुई।
UN में भारत को वीटो दो, ब्रिक्स से पहले बोला यूरोपीय संघ
ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक बैठक से ठीक पहले यूरोप के दिल से आई एक ऐसी कूटनीतिक मिसाइल दाग दी गई है जिसकी गूंज वाशिंगटन, लंदन, पेरिस से लेकर बीजिंग तक साफ सुनाई दे रही है। यह आवाज किसी और से नहीं बल्कि यूरोप के सबसे समृद्ध और कूटनीतिक रूप से जागरूक देश लग्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल ने उठाई है। उन्होंने बिना लाग लपेट के सीधे-सीधे शब्दों में कह दिया कि अगर दुनिया में न्याय चाहिए, तो भारत को तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी कि यूएससी में स्थाई यानी कि परमानेंट सीट दे देनी चाहिए। भारत का आकार, भारत का समर्थ और भारत का वैश्विक कद अब किसी औपचारिक मुहर का मोहताज नहीं है। लग्जबर्ग के उप प्रधानमंत्री ने भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बड़ा बयान दिया। इस दौरे पर वे नई दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद आईआईटी मद्रास चेन्नई के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेने पहुंचे। लेकिन उनकी यात्रा की सबसे बड़ी सुर्खी बनी उनका वह बेबाक इंटरव्यू जिसमें उन्होंने यूएससी की मौजूदा बनावट की धज्जियां उड़ा दी। इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स 2026: भारत की कूटनीतिक क्षमताओं को चुनौती देता भारत की परमानेंट सीट को लेकर और कैसे इस दादागिरी को खत्म किया जो सिर्फ पांच देशों की जेबों में है। यह केवल एक कूटनीतिक तारीफ नहीं है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान ढांचे यानी अभी मौजूदा ढांचे पर एक ऐसी नैतिक चाबू है, सीधा चाबुक है। बैटल ने सिर्फ भारत को परमानेंट सदस्यता का समर्थन ही नहीं किया बल्कि उस सबसे बड़ी बुराई पर हमला बोला जिसने यूएन को एक मूकदर्शक संस्था बना दिया। यानी वीटो पावर। लग्जमबर्ग के विदेश मंत्री ने एक बेहद व्याहारिक समाधान सामने रखा। 2/3 ओवर राइड यानी अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो तिहाई देश किसी वैश्विक शांति या संकट के मुद्दे पर एक साथ हो तो किसी एक देश के वीटो को निरस्त कर देना चाहिए। ब्रिक्स अब केवल उभरती अर्थव्यवस्था का समूह नहीं रहा है। दोस्तों यह ग्लोबल साउथ की नई धड़कन बन चुका है और उसका प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है? भारत। इसे भी पढ़ें: 18th BRICS Summit के लिए NSG का Operation BRICS Kavach: दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार ब्रिक्स लगातार एक बहुद्रवी विश्व व्यवस्था और यूएन संस्थाओं के लोकतांत्रीकरण की मांग कर रहा है। जब यूरोपीय संघ यानी इयू का संस्थापक सदस्य और पश्चिमी वित्तीय प्रणाली का केंद्र लग्जमबर्ग ब्रिक्स के मंच पर जाने से पहले भारत और ब्राजील की परमानेंट सीट की वकालत करता है तो यह संदेश साफ है कि पश्चिम दुनिया के भीतर भी अब यह स्वीकार्यता बन चुकी है कि भारत के बिना कोई भी वैश्विक व्यवस्था वैध नहीं हो सकती है। भारत ने भी हाल ही में यूएन के मंच से कड़ा संदेश दिया था और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन की चार्ल्स डी अफेयर्स राजदूत योजना पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा था हमने भारत तक पर आपको दिखाया था कि 1945 की दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी है।
Kanpur News: जाजमऊ से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर पर छापा
जाजमऊ से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर पर छापा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- खड़गे (राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष), सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सबक सिखाना जरूरी है। तभी राष्ट्रभक्त बनेंगे। अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, लेकिन बेकार हो गया। अब तरीका बदलकर कॉकरोज जैसों पर इनवेस्टमेंट कर रहे है। राठौड़ ने बाड़मेर में रविवार रात 9 बजे नगर परिषद के प्रत्याशी और कार्यकर्ता के साथ मीटिंग में यह बात कही। प्रदेशाध्यक्ष ने टिकट से नाराज बागियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके पास अपील करने मौका है। मां (पार्टी) के पीठ में छुरा खोंपने वालों को पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अभी खूब नियुक्तियां पड़ी है, योग्य कार्यकर्ताओं को सम्मान किया जाएगा। राठौड़ बोले- एक-एक वोट की वैल्यू बैठक में राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में एक-एक वोट की वैल्यू है। एक वोट से सीपी जोशी हार गए और सांसद प्रत्याशी भी हारे हैं। उन्होंने प्रत्याशियों से पूछा कि टैक्सी बुक कर दी क्या? अगर नहीं की है तो आज ही पोलिंग के लिए टैक्सी बुक कर दो। उन्होंने कहा कि 100 रुपए एक्स्ट्रा दे दो और आज से ही टैक्सी पर भाजपा का झंडा लगाकर चलाओ। राठौड़ ने कहा - बाड़मेर में 55 वार्ड हैं। अगर प्रत्येक प्रत्याशी दो या तीन टैक्सियां लगाए तो शहर में कितनी टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर घूमती नजर आएंगी। कल्पना करो कि 150 टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर शहर में घूम रही हैं तो इससे एक माहौल बनेगा। यह व्यवस्था चुनाव संचालन समिति को करनी चाहिए। 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं, माहौल से भी असर पड़ता है: राठौड़ राठौड़ ने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि करीब 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं। कुछ वोट जातिगत होते हैं, जबकि कुछ दोस्ती और दुश्मनी के आधार पर पड़ते हैं। 10 फीसदी वोट ऐसे होते हैं जो हवा के साथ जाते हैं। हवा जिसके पक्ष में होती है, वही जीतता है। जब लोगों को लगता है कि इतनी टैक्सियां भाजपा की घूम रही हैं तो बाड़मेर में भाजपा ही जीत रही है, तो चुनाव का माहौल बनता है। बोले- बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेजो, खड़गे-सोनिया-राहुल को सबक मिलेगा राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आपने बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेज दीं तो उन लोगों को सबक सीखने को मिलेगा। तब वे भी राष्ट्रभक्ति करने लगेंगे और भारत माता की जय बोलने लगेंगे। जब वंदे मातरम् राष्ट्रगीत होते हुए खड़गे जी हिलते हैं तो आपको गुस्सा आता है या नहीं। जब सोनिया गांधी इधर-उधर हिलती-डुलती हैं तो आपको बुरा लगता है या नहीं। जब राहुल नाटक करते हैं तो आपको गुस्सा आता है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा - उस गुस्से को दबाकर मत रखो। उन लोगों को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। तब उन्हें लगेगा कि बाड़मेर की जनता अराष्ट्रीय गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। तब जाकर उनकी अक्ल ठिकाने आएगी। मैं भी राष्ट्रभक्त हूं और मेरा विरोधी भी राष्ट्रभक्त बने, तभी लोकतंत्र सफल होगा। पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय जीतने का लक्ष्य बताया राठौड़ ने चुनाव संचालन समिति के सदस्यों से कहा कि वे फैल जाएं और जनता को बताएं कि यह समय अराष्ट्रीय गतिविधि करने वालों को सबक सिखाने का है। अगर पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय चुनाव जीत लेंगे तो उन्हें लगेगा कि जनता अराष्ट्रीय गतिविधि बर्दाश्त नहीं करती है। राठौड़ बोले- अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, बेकार हो गया राठौड़ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति प्रगति करता है तो बहुत लोग उससे जलते हैं। भारत प्रगति करता है तो दुनिया के कई देश जलते हैं और नाराज हैं। वे भारत की प्रगति रोकना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका और यूरोप ने हमारे देश के विपक्षियों को पैसा देना शुरू किया। देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई। जब उन देशों को लगा कि यह इनवेस्टमेंट तो बेकार हो गया, क्योंकि राहुल गांधी को जितना पैसा दो, वे कोई भी काम करें तो भाजपा को फायदा हो जाता है। इसलिए उन्होंने अपना तरीका बदल दिया। विरोधी देश 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट कर रहे: राठौड़ राठौड़ ने कहा - विरोधी देशों ने ऐसे लोगों को तैयार किया है। 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट करना शुरू किया गया है। ऐसे लोग कई जगह सुबबुगाहट उठाते हैं, कई नाटक करते हैं, कई आगजनी करते हैं और गंदी-गंदी भाषा बोल देते हैं। इसके बाद देश उन्हें शांत करने में लग जाता है और इससे विकास रुक जाता है। विरोधी देश इसी तरह सोचते हैं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं और कतई चिंता नहीं करने वाले। हम मजबूती के साथ भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं। बागियों को चेतावनी- पार्टी के खिलाफ गए तो बर्दाश्त नहीं करेंगे टिकट से नाराज दावेदारों और बागियों को लेकर राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर सर्वे करवाकर चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। प्रत्याशी सेवक बनकर काम करेंगे, लेकिन कई योग्य कार्यकर्ता टिकट से पीछे रह गए क्योंकि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने और उन्हें अवसर देने की कोशिश होगी। अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं और अब नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह व्यवस्था है कि हर कार्यकर्ता को काम और हर काम के लिए कार्यकर्ता हो। यह पार्टी के संस्कार हैं। बोले- कल शाम तक पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील कर दें राठौड़ ने कहा कि कुछ दावेदार गुस्से में आकर नामांकन कर चुके हैं। उनके पास कल शाम तक का समय है। वे पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील निकाल दें। जो नाराज हैं, उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। --- ये खबर भी पढ़ें … जोधपुर में शेखावत-गहलोत फैक्टर से कांटे की टक्कर:उदयपुर में कांग्रेस को बागियों से खतरा; पाली में राठौड़ के गढ़ में निर्दलीयों से बदले समीकरण जोधपुर नगर निगम में 100, उदयपुर में 80 और पाली में 65 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में जोधपुर और पाली में कांग्रेस-बीजेपी में टक्कर है। पूरी खबर पढ़ें
18 साल की बेटी, घर की जिम्मेदारी व पहाड़ों का जुनून: शिवानी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा; कैसे?
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

