यूरोपीय कंपनियां भारत में बनाएंगी कार! पीयूष गोयल बोले- भारत बनेगा ग्लोबल कार मैन्यूफैक्चरिंग हब
भारत ने FTA के तहत ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) को कोटा आधारित शुल्क रियायतें दी हैं। ब्रिटेन के साथ समझौता 15 जुलाई से लागू हो गया था।
सरकारी वकील के दफ्तर ने कहा कि फ्रांस अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, क्योंकि दूसरे देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं.
DGFT ने वर्ष 2026-27 के लिए European Union को 5,841 टन चीनी के निर्यात की मंजूरी दी
सरकार ने कोटा आधारित शुल्क रियायत योजना यानी शुल्क दर कोटा के तहत वर्ष 2026-27 के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) को 5,841 टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने नौ अक्टूबर को जारी सार्वजनिक सूचना में कहा, ‘‘शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत वर्ष 2026-27 (अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027) के लिए भारत से यूरोपीय संघ को निर्यात की जाने वाली 5,841 टन चीनी की मात्रा अधिसूचित की गई है।’’डीजीएफटी ने एक अलग अधिसूचना में कहा, ‘‘ग्लूफोसिनेट और उसके रसायनों के आयात पर न्यूनतम आयात मूल्य की शर्त को 12 अप्रैल, 2027 तक बढ़ा दिया गया है।’’एक अन्य अधिसूचना में डीजीएफटी ने कहा कि ‘तैयार संवर्धन माध्यम’ (प्रिपेयर्ड कल्चर मीडिया) की निर्यात नीति में संशोधन किया गया है। इसके तहत, जहां आयातक देश की ओर से आवश्यक या अनिवार्य किया गया हो, वहां खेप निकासी प्रमाणपत्र और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए जा सकेंगे। तैयार संवर्धन माध्यम पोषक तत्वों से भरपूर ठोस, अर्धठोस या तरल मिश्रण होते हैं। इनका उपयोग चिकित्सकीय, औद्योगिक और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में सूक्ष्मजीवों को विकसित करने, अलग करने और उनकी पहचान करने के लिए किया जाता है।
सुनील भारती मित्तल को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'लीजन ऑफ ऑनर'
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान सुनील भारती मित्तल को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान चिन्ह प्रदान किया जाएगा. यह कार्यक्रम फ्रांस दूतावास में आयाजित होगा.
Trump On France Protests| दिल्ली में लाठी नहीं चली, फ्रांस में क्यों आग लगी?
देश की राजधानी दिल्ली में प्रोटेस्ट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी वाले थोड़ा डाउन हुए तो अब कांग्रेस वाले गर्म हो गए। बाराखंभा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के जरिए शक्ति प्रदर्शन की कोशिश हुई। बीते तीन दिनों से दिल्ली के प्रदर्शन पर नजर डालें तो दिल्ली पुलिस ने ना लाठी चलाई ना टियर गैस छोड़ी। सिचुएशन को बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से हैंडल किया। दिल्ली से 6,565 किलोमीटर दूर पश्चिमी यूरोप के देश में पिछले कई दिनों से अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। फ्रांस से लेकर जर्मनी में भी इसी तरह से प्रोटेस्ट हो रहे हैं। वहां की पुलिस प्रोटेस्ट को कैसे हैंडल करती है? अगर आप देखेंगे तो जंतर-मंतर वाले खुद कांप जाएंगे। जर्मनी से आई कई तस्वीरों में नजर आया कि फ़िलिस्तीन के समर्थन में वहांप्रदर्शन हो रहे हैं। मगर वहां की पुलिस का रुख दिल्ली पुलिस जैसा कतई नहीं दिखा। जर्मन पुलिस ने उपद्रवियों पर रत्ती भर भी रहम नहीं दिखाया। हैरानी की बात यह है कि पश्चिमी देशों में इस कार्रवाई को न तो कोई 'आपातकाल' कहता है और न ही यूएन को मानवाधिकारों का उल्लंघन दिखता है। यही हाल फ्रांस का भी है, जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले एक महीने से जजों का प्रदर्शन जारी है, जिसे वहां सख्ती से दबाया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: इधर पुतिन-ट्रंप ने हाथ मिलाया, उधर रूस ने आधे यूक्रेन में अंधकार लाया पेरिस की पुलिस प्रदर्शनकारियों से कैसे निपटती है रिस में प्रदर्शनों को दबाने के लिए 'BRAV-M' नाम की मोटरसाइकिल-सवार पुलिस यूनिट सड़क पर उतरती है, जो अपनी अत्यधिक आक्रामकता और सीधे लाठीचार्ज के लिए जानी जाती है। सड़कों पर ताबड़तोड़ लाठियां, आंसू गैस के धमाके और रबर बुलेट्स (LBD) का खुला इस्तेमाल होता है। जिसे हमारे यहां 'पुलिसिया बर्बरता' और 'इमरजेंसी' करार दे दिया जाता, उसे पेरिस में कानून-व्यवस्था कहा जाता है। 12 अक्टूबर की सुबह दक्षिणी फ्रांस के एक मिडिल स्कूल में 14 साल के एक छात्र ने गोलीबारी की, जिसमें प्रिंसिपल और एक टीचर घायल हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश कई हफ़्तों से छात्रों के हिंसक दंगों, आगज़नी और स्कूल स्टाफ़ पर हमलों से जूझ रहा है। गोलीबारी की यह घटना मार्सेले के पास ऑबग्ने में जोसेफ-लाकानल मिडिल स्कूल में सुबह करीब 10 बजे हुई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, नौवीं कक्षा का छात्र 12-गेज की शिकार वाली शॉटगन लेकर स्कूल की इमारत में घुसा। बताया जा रहा है कि उसने बंदूक गिटार केस में छिपा रखी थी और फिर गोलीबारी शुरू कर दी। गोली प्रिंसिपल के शरीर के निचले हिस्से में लगी, जबकि 37 साल की एक महिला टीचर भी घायल हो गईं। इसे भी पढ़ें: Western Sanctions के बीच US से Nuclear Talks को तैयार Iran, NPT पर भी घेरा किसी भी पीड़ित को जानलेवा चोट नहीं आई और इस घटना में किसी बच्चे को नुकसान नहीं पहुँचा। खबर है कि पुलिस के आने से पहले स्कूल के एक स्टाफ सदस्य ने छात्र से हथियार छीन लिया और उसे काबू में कर लिया। संदिग्ध को तुरंत हिरासत में ले लिया गया, जबकि अधिकारियों ने एक क्राइसिस सेंटर बनाया और छात्रों के लिए मनोवैज्ञानिक मदद का इंतज़ाम किया। घटना के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है। ऑबग्ने के मेयर जीन-पियरे स्क्विलारी ने संदिग्ध को एक शांत स्वभाव का छात्र बताया और कहा कि उसके पिता ने हाल ही में शिक्षकों से मिलने का अनुरोध किया था। यह साफ़ नहीं है कि इसमें कोई निजी शिकायत या अनुशासन से जुड़ा विवाद शामिल था या नहीं। पुलिस ने कहा कि इस गोलीबारी का देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों से कोई संबंध होने का सबूत नहीं मिला है, क्योंकि स्कूल पर नाकेबंदी का कोई असर नहीं पड़ा था।
चीन-यूरोप : वाहन व्यापार पर सहमति
बीजिंग, चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीन और यूरोप के बीच हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापार को लेकर हुई सहमति पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने कहा कि सुनील भारती मित्तल 1992 में एयरटेल के शुरुआती दिनों से ही, यानी 30 साल से ज्यादा समय से फ्रांस के मित्र रहे हैं।
खेतों से स्कूलों तक फ्रांस में बेचैनी, महंगाई से लेकर एआई तक ने बढ़ाई चिंता
पेरिस, 12 अक्टूबर . भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Sunday को दुनिया का ध्यान उन प्रदर्शनों और घटनाक्रमों की ओर दिलाया जिसका जिक्र संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने अपने उस बयान में नहीं किया था जो New Delhi में हुए प्रदर्शन के खिलाफ दिया गया था. एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र की ... Read more
TATA के 'जगुआर' ने दिखाई राह: यूरोप में कार बनाना होगा मुश्किल, अब सबको भाएगा अपना भारत!
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोप के अव्यावहारिक नियमों के कारण वहां वाहन विनिर्माण प्रतिस्पर्धी नहीं रहेगा, जिससे यूरोपीय कार कंपनियां भारत में विनिर्माण करना पसंद करेंगी। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक कार विनिर्माण केंद्र बनने जा रहा है और चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ डॉलर के निर्यात का लक्ष्य है।
Sunil Bharti Mittal को फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान, मैक्रों ने दिया Legion of Honour
भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया है। नेपोलियन बोनापार्ट ने 1802 में ‘लेजियों द ऑनर’ की स्थापना की थी। यह फ्रांसीसी गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। कंपनी के एक बयान के अनुसार, मित्तल को भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों तथा दूरसंचार एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए यह सम्मान दिया गया है। भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने कहा कि सुनील भारती मित्तल 1992 में एयरटेल के शुरुआती दिनों से ही, यानी 30 साल से अधिक समय से फ्रांस के मित्र रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मित्तल ने दशकों से इन संबंधों को लगातार मजबूत किया है और दिखाया है कि फ्रांस और भारत के कारोबारी मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। आज वह यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में इन संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। यह ऐसा समय है, जब हमारे दोनों देश अंतरिक्ष और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।’’यह सम्मान ‘शेवेलिये दे ल ऑर्द्र नासियोनाल दे ला लेजियों द ऑनर’ (नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर) 28 अक्टूबर, 2026 को नयी दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान पर मित्तल ने फ्रांस गणराज्य के प्रति आभार व्यक्त किया। मित्तल ने कहा, ‘‘फ्रांस के साथ मेरा जुड़ाव 1992 में एयरटेल की शुरुआत से रहा है जब कंपनी जनरल दे जो (कॉम्पैनी जेनेराल दे जो) ने भारत में मोबाइल दूरसंचार सेवाएं शुरू करने के लिए भारती के साथ साझेदारी की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह जुड़ाव आज भी जारी है। मैं यूरोपीय उपग्रह क्षेत्र की प्रमुख कंपनी यूटेलसैट के सह-चेयरमैन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा हूं। मैं फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रति आभार के साथ यह सम्मान स्वीकार करता हूं। साथ ही भारत तथा फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता हूं।’’मित्तल को 2007 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2024 में वह ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय द्वारा ‘नाइट कमांडर ऑफ द मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ (केबीई) से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय नागरिक बने थे।
Russia-Ukraine War: ट्रम्प का बड़ा दावा, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को तैयार रूस-यूक्रेन; जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का सीजफायर
फ्रांस: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मेलेंशों ने किया छात्र आंदोलन का समर्थन; क्या युवा बदलेंगे चुनावी समीकरण?
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘एनर्जी सीजफायर’ का ऐलान, ट्रंप बोले- दोनों देश सहमत, तत्काल प्रभाव से लागू
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच 'एनर्जी सीजफायर' का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों पक्षों से इसका उल्लंघन नहीं करने की अपील की.
ट्रंप और पुतिन की ऑयल डील से जेलेंस्की हैरान, रूस-यूक्रेन युद्ध हुआ और भीषण
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच तेल आपूर्ति को लेकर एक अहम सहमति की खबरें आ रही हैं. इस डील के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पूरी तरह हैरान हैं. ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि रूसी रिफाइनरियों और टैंकरों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. इससे यूक्रेन की परेशानियां और बढ़ गई हैं. दूसरी तरफ, युद्ध के मैदान पर रूस लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है.
चीन-फ्रांस ने 28वीं रणनीतिक वार्ता की, सहयोग और एक-चीन सिद्धांत पर जोर
बीजिंग, 11 अक्टूबर . उत्तरी चीन के शान्शी प्रांत के ताथोंग शहर में Saturday को चीन और फ्रांस के बीच 28वीं रणनीतिक वार्ता आयोजित हुई. इसमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी और फ्रांस के President के विदेश मामलों के सलाहकार इमैनुएल बोन ने हिस्सा लिया. इस मौके पर वांग यी ने कहा कि चीन-फ्रांस ... Read more
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जानिए हिमाचल की उन बेटियों की उपलब्धियां, जिन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से लेकर यूरोप के शोध संस्थानों तक अपनी पहचान बनाई। विज्ञान, पर्यावरण अनुसंधान और कला में बेटियां प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं।
Russia-Ukraine War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा है कि युद्धग्रस्त देश को ऐसे नए नेतृत्व की जरूरत है, जो समझौता करने में सक्षम हो। ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को रोकने की अपील भी की है। उनके इस बयान से वॉशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं। ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के साथ अपने देश के युद्ध को समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं।ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस में कहा, मेरा सुझाव है कि वे (यूक्रेन के लोग) एक ऐसा नया नेता चुनें जो कोई समझौता कर सके। कुछ कारणों से वह (जेलेंस्की) ऐसा कभी नहीं करते। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि यदि वह 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा, यूक्रेन और रूस के बीच यह युद्ध शुरू होने का कोई कारण नहीं था। यह अक्षमता के कारण शुरू हुआ।जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने (जेलेंस्की ने) अपने देश का 30 प्रतिशत हिस्सा गंवा दिया है और दोनों पक्षों को मिलाकर 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं तथा लाखों लोग मारे गए हैं। ट्रंप ने कहा, यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए।रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज ट्रंपरूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन के हमलेट्रंप और जेलेंसी के संबंधों में एक नया तनाव पैदा कर रहे हैं। ट्रंप ने इन हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर देते हुए यूक्रेनी नेतृत्व को समझौते की राह अपनाने का संदेश दिया है। ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब रूस से डीजल की वैश्विक बाजारों में आपूर्ति की अनुमति देने वाली एक व्यवस्था पर अमेरिका आगे बढ़ रहा है। ऐसे में रूस के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े फैसले और यूक्रेन की सैन्य रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं।जेलेंस्की के नेतृत्व पर उठाए सवालट्रंप ने अपने बयान में केवल रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों का विरोध नहीं किया। बल्कि जेलेंस्की के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने सुझाव दिया कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चाहिए, जो किसी समझौते तक पहुंच सके। इस बयान को अमेरिका और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर रणनीतिक मतभेदों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ट्रंप की टिप्पणी के बाद यूक्रेन सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया काडिटेल्स नहीं दिया गया है।अमेरिका-यूक्रेन संबंधों पर क्या होगा असर?ट्रंप का यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख और यूक्रेन की सैन्य कार्रवाई के बीच तनाव को उजागर करता है। एक ओर ट्रंप यूक्रेन से हमले रोककर समझौते की दिशा में बढ़ने की अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रूस से डीजल की वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था भी चर्चा में है। फिलहाल, इस बयान के बाद अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में आगे क्या बदलाव आएगा, यह दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।ये भी पढ़ें- CJP Protest: 'आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं'; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार
फ्रांस को ऐतिहासिक क्रांति के सबक याद दिलाते छात्र
फ्रांसीसी जीवनशैली, कई विदेशी समाजों को आकर्षित करती है. क्रांति का प्रसिद्ध नारा और सबसे के लिए अच्छी शिक्षा के अवसर, इसकी बुनियाद रहे हैं. छात्रों का देशव्यापी प्रदर्शन इसी बुनियाद के गलने की गवाही है.
तरंग शक्ति-2026 में भारत, अमेरिका, फ्रांस और रूस के फाइटर जेट्स ने भरी उड़ान, वीडियो में राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक युद्ध का दायरा बढ़ा
चीन-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश परामर्श तंत्र की दूसरी नियमित बैठक का संयुक्त वक्तव्य
चीन-यूरोपीय संघ व्यापार और निवेश परामर्श तंत्र की दूसरी नियमित बैठक का संयुक्त वक्तव्य
फ्रांस और बेल्जियम में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
फ्रांस और बेल्जियम में स्कूलों की बदहाली और फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों के सड़क पर उतरने से सरकारी नीतियों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पेरिस की अदालत ने भारतीय युवक को नाबालिगों के यौन शोषण व हिंसा के अंतरराष्ट्रीय गिरोह में शामिल होने पर 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। अभियोजकों ने 30 साल की मांग की थी। आरोपी पर और क्या-क्या आरोप लगे...
विदेश के समाचार: फ्रांस में भारतीय को 20 साल की जेल; अमेरिका में इसाईस तूफान से भारी तबाही की आशंका
विदेश के समाचार: फ्रांस में भारतीय को 20 साल की जेल; अमेरिका मेंइसाईस तूफान से भारी तबाही की आशंका
स्कॉलरशिप: यूरोप से करें मास्टर डिग्री, 37 नए प्रोग्राम में प्रवेश का मौका, 1.5 लाख+ तक की मदद
इरास्मस मुंड्स जॉइंट मास्टर्स स्कॉलरशिप के तहत यूरोप के 37 नए मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश का मौका है। चयनित छात्रों को 24 महीने तक हर माह 1,400 यूरो तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
रायपुर के नेत्र विशेषज्ञ और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र 8 अक्टूबर से यूरोप के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और रोम जाएंगे। यहां वे अलग-अलग कार्यक्रमों में व्याख्यान देंगे और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे। डॉ. मिश्र लंबे समय से अंधविश्वास, जादू-टोने के आरोप में महिलाओं की प्रताड़ना और टोनही के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि अंधविश्वास और डायन के शक में महिलाओं को प्रताड़ित करना मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक बड़ा कारण है। ऐसी घटनाएं एशिया और अफ्रीका समेत कई देशों में आज भी सामने आती हैं। 2017 में जिनेवा में दिया था व्याख्यान डॉ. दिनेश मिश्र इससे पहले 2017 में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए थे। इस कार्यशाला में उन्होंने डायन के शक में महिलाओं की प्रताड़ना और मानवाधिकारों के मुद्दे पर व्याख्यान दिया था। इसके अलावा उन्होंने 2014 में बेल्जियम में आयोजित एक संगोष्ठी में भी व्याख्यान दिया था। 30 साल से चला रहे जागरूकता अभियान डॉ. मिश्र पिछले करीब 30 साल से अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ काम कर रहे हैं। वे जादू-टोने और टोनही के शक में महिलाओं के साथ होने वाली प्रताड़ना के खिलाफ लोगों को जागरूक करते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने देशभर में 3 हजार से ज्यादा सभाएं की हैं। स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के साथ कार्यशालाएं कर 2 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को जागरूक किया है। छत्तीसगढ़ के अलावा उन्होंने मध्यप्रदेश, असम, आंध्रप्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश और कर्नाटक में भी जागरूकता अभियान चलाया है। कई सम्मान मिल चुके हैं छत्तीसगढ़ में जादू-टोने और टोनही के आरोप में महिलाओं की प्रताड़ना के खिलाफ जागरूकता फैलाने और कानून बनाने की दिशा में किए गए काम के लिए डॉ. मिश्र को 2006 में राज्य अलंकरण पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान दिया गया था। इसके अलावा वैज्ञानिक सोच बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ किए गए काम के लिए 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया था। प्रदेश महिला आयोग ने भी उन्हें 2006 में महिला उत्पीड़न के खिलाफ किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया था।
फ्रांस के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में ट्रंप का बड़ा दावा
फ्रांस में स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट अब देश की राजनीति और अमेरिका तक पहुंच गया है. शुरुआत शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी को लेकर हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम से जोड़ दिया. वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों और छात्र संगठनों के मुताबिक आंदोलन की शुरुआती मांगें स्कूलों की सुविधाओं और कर्मचारियों से जुड़ी हैं. सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और भ्रामक दावों ने भी विवाद बढ़ाया है.
फ्रांस में छात्र प्रदर्शन: अबतक 5 हजार गिरफ्तार, इनमें 87% नाबालिग
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर है. इस आंदोलन में गिरफ्तार किए गए 5,000 से ज्यादा लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान हैं. प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
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फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार 2026 प्रोफेसर फ्रांसिस हाल्जेन को अंटार्कटिका में आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी की स्थापना और ब्रह्मांडीय न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है।
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

