'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप का कॉन्सेप्ट, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं: हिमंता सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘जेन जेड’ और ‘जेन अल्फा’ को लेकर कहा कि ये अवधारणाएं अमेरिका और यूरोप से आई हैं और भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था से इनका सीधा संबंध नहीं है।
‘जेन जेड’ और ‘जेन अल्फा’ अमेरिका-यूरोप का कॉन्सेप्ट, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं: हिमंता सरमा
सोमनाथ, 27 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने ‘जेन जेड’ और ‘जेन अल्फा’ को लेकर कहा कि ये अवधारणाएं अमेरिका और यूरोप से आई हैं और भारतीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था से इनका सीधा संबंध नहीं है. सोमनाथ में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम हिमंता सरमा ने कहा कि हमारे ... Read more
'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप का कॉन्सेप्ट, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं: हिमंता सरमा
'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' अमेरिका-यूरोप का कॉन्सेप्ट, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं: हिमंता सरमा
बाप रे! ठेले वाले भी डिजिटल, भारत की UPI क्रांति देख सदमे में आई फ्रांसिसी महिला, वीडियो हुआ वायरल
भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन अब सिर्फ आधुनिक महानगरों और बड़े मॉल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश के कोने-कोने में यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फ्रांस से भारत घूमने आई एक विदेशी महिला भारतीय यूपीआई (UPI) प्रणाली को देखकर बुरी तरह हैरान नजर आ रही है। महिला ने भारत में छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों द्वारा डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने पर अपनी गहरी आश्चर्यजनक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।चाय की दुकान से लेकर ऑटो तक नजर आया QR कोडभारत यात्रा के दौरान फ्रांसिसी महिला ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उसके लिए सबसे बड़ा सांस्कृतिक और तकनीकी अंतर यहां की भुगतान व्यवस्था रही है। उसने देखा कि भारत में बड़े रेस्टोरेंट और मॉल्स की तो बात ही छोड़िए, बल्कि सड़क किनारे चाय बेचने वाले छोटे दुकानदारों और स्थानीय वेंडर्स के पास भी आसानी से क्यूआर कोड (QR Code) उपलब्ध है।महिला ने हैरानी जताते हुए कहा कि उसने दुनिया के कई देशों की यात्रा की है, लेकिन इतना सरल, तेज और व्यापक भुगतान सिस्टम शायद ही कहीं और देखा हो। यहां तक कि ऑटो रिक्शा में सफर करने के दौरान भी डिजिटल पेमेंट का विकल्प मिल जाता है, जिससे जेब में कैश न होने पर भी रोजमर्रा के लेन-देन में कोई परेशानी नहीं होती है।सिर्फ 20 रुपये की खरीदारी के लिए भी डिजिटल भुगतान देख चकराया सिरवीडियो में महिला की हैरानी की असल वजह यह थी कि भारत में छोटे से छोटा ट्रांजैक्शन भी बिना किसी झंझट के डिजिटल हो जाता है। चाहे व्यक्ति सिर्फ 20 रुपये की चाय पी रहा हो या छोटी सी दुकान से कोई सामान खरीद रहा हो, हर जगह यूपीआई के जरिए सेकंडों में भुगतान संभव है।सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने के बाद यूजर्स ने भी मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि भारत में अब बहुत से लोग कैश रखना लगभग छोड़ चुके हैं और हर छोटी-बड़ी चीज के लिए यूपीआई का ही इस्तेमाल करते हैं। यह वीडियो न केवल भारत की डिजिटल ताकत को बयां करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे देश की टेक्नोलॉजी ने आम आदमी के जीवन को बेहद आसान बना दिया है।
पाकिस्तान को गच्चा दे गया ये यूरोपीय देश! कराची में दफ्तर किया बंद
पांच दशक पुराना फ्रांसीसी कांसुलेट अब कराची के राजनयिक नक्शे से हटने जा रहा है. हालांकि फ्रांस ने साफ किया है कि इस फैसले का असर पाकिस्तान और फ्रांस के रिश्तों पर नहीं पड़ेगा.
भारत-फ्रांस बनाएंगे हेलीकॉप्टर इंजन ‘अरावली’, नौसेना की क्षमता में होगा इजाफा
New Delhi, 26 अगस्त . India और फ्रांस मिलकर नई पीढ़ी का शक्तिशाली हेलीकॉप्टर इंजन बनाएंगे. इस इंजन का नाम ‘अरावली’ रखा गया है. यह 3,500 से 4,000 एसएचपी शक्ति वर्ग का होगा. इस इंजन का निर्माण India में किया जाएगा. इसके लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और फ्रांस की सैफरान हेलीकॉप्टर इंजन ने अंतिम ... Read more
फ्रांस में 117 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आया टॉरनेडो, 41 लोग घायल; 300 घरों को नुकसान, फुटेज में देंखे गर्भवती महिला भी जख्मी
अगले साल खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अगले साल गर्मियों में रूस के साथ युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जताई है. उन्होनें बताया कि अमेरिका और यूरोप के साथ मिलकर ड्राफ्ट तैयार हो रहा है.. उधर पूर्वी यूक्रेन में फ्री इकोनॉमिक जोन पर रूस ने कहा-डोनबास रूस का हिस्सा, तीसरा पक्ष अधिकार नहीं जमा सकता है.
ट्रेन में सेल्फी से ऑटो राइड तक, यूरोपीय महिला की भारत यात्रा का वीडियो वायरल; देसी अंदाज ने जीता दिल
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति हलकों में हलचल मचा दी है। रूस की राजधानी मास्को के नुकोवो एयरपोर्ट पर अचानक एक अमेरिकी सैन्य विमान के उतरने से दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े हो गए हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना का सी-17ए ग्लोबमास्टर III विमान लातविया की राजधानी रीगा से उड़ान भरकर मास्को पहुंचा। इस विमान के इस तरह अचानक रूस की धरती पर लैंड करने के पीछे के असली मकसद और इरादे को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिससे इस पूरी घटना पर एक बड़ा रहस्य गहरा गया है।क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और वाशिंगटन से कनेक्शनअमेरिकी सैन्य विमान की इस गतिविधि ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि यह विमान सीधे तौर पर अमेरिका के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील ठिकानों से जुड़ा हुआ है। यह विमान 23 अगस्त को मैरीलैंड स्थित कैंप स्प्रिंग्स से रीगा पहुंचा था, जो कि ज्वायंट बेस एंड्रयूज का हिस्सा है और यहीं अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रेसिडेंशियल फ्लीट के विमान रखे जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि रूस के शीर्ष नेतृत्व को इस लैंडिंग की कोई आधिकारिक भनक नहीं थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कॉव ने स्पष्ट किया है कि मास्को के पास इस अमेरिकी सैन्य विमान के आने को लेकर कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, रूसी सरकारी मीडिया का भी कहना है कि इस सप्ताह मास्को में किसी भी अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी के साथ कोई बैठक निर्धारित नहीं थी।एक तरफ खतरनाक होती जंग, दूसरी तरफ रहस्ययह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रूस और यूक्रेन के बीच का युद्ध बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल ही में रूस के तीव्र मिसाइल हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव में भारी तबाही मची है और कई बेकसूर नागरिकों की जान गई है। यूक्रेन इस समय गंभीर वायु रक्षा मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर की कमी से जूझ रहा है। यूक्रेनी नेतृत्व लगातार पश्चिमी देशों से अतिरिक्त सैन्य सहायता की गुहार लगा रहा है। ऐसे नाज़ुक वक्त में अमेरिकी सैन्य विमान का अचानक रूस की राजधानी पहुंचना और दोनों महाशक्तियों का इस पर साधी गई चुप्पी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी बड़े कूटनीतिक फेरबदल या गुप्त संवाद की ओर इशारा कर रही है।
चीनी लंबे समय से हमारे खानपान का हिस्सा रही है. खासकर 17वीं सदी से 19वीं सदी तक विश्व में चीनी के व्यापार और उत्पादक देशों पर वर्चस्व को लेकर कई युद्ध लड़े गए.
यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी का कहर: 4 हीटवेव बनी 35,000 अतिरिक्त मौतों की वजह
यूरोप में इस साल लगातार आई चार रिकॉर्डतोड़ हीटवेव करीब 35,000 अतिरिक्त मौतों का कारण बनी हैं। यह आंकड़ा अभी अधूरा है और अगस्त के आंकड़े शामिल होने के बाद मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी की आशंका है।
फ्रांस में बना पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर: 56 साल पुराना संकल्प साकार, संस्कृति और सह-अस्तित्व का अनूठा संगम-- France First Traditional Hindu Temple in Paris Becomes a Symbol of India-France Cultural Harmony
फ्रांस में मौसमी तबाही... 24 घंटे में गिरी 1.79 लाख से ज्यादा बिजली
फ्रांस में भयंकर मौसमी उथल-पुथल मची है. पिछले 24 घंटों में भूमध्य सागर के तट और अंदरूनी इलाकों में 1.79 लाख से ज्यादा बिजली गिरी है. ओलावृष्टि, तेज हवाएं, बवंडर और बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.
ब्रिटेन-फ्रांस का यूक्रेन को क्रूज मिसाइल तकनीक देने का ऐलान, रूस ने ब्रिटेन को दी कड़ी चेतावनी
इस बीच रूस और यूक्रेन के बीच ड्रोन हमलों का सिलसिला भी तेज हो गया है। यूक्रेन ने रूस की प्रमुख ऑनलाइन कंपनियों में शामिल ओजोन के कई ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया। पिछले तीन दिनों में कंपनी के छह ठिकानों पर हमले की खबरों के बाद सोमवार को उसके शेयर में करीब 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
पीएम मोदी ने फ्रांस में क्यों नहीं की ट्रंप के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस? सामने आई असली वजह
फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई, लेकिन भारत ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी बनाए रखी।
फ्रांस में एयर इंडिया क्रैश के पीड़ितों को सेंट-गेरवाइस मेमोरियल पर दी गई श्रद्धांजलि
फ्रांस में एयर इंडिया क्रैश के पीड़ितों को सेंट-गेरवाइस मेमोरियल पर दी गई श्रद्धांजलि
सऊदी क्राउन प्रिंस का फ्रांस दौरा, निवेश, टेक्नोलॉजी और बड़े प्रोजेक्ट्स पर बनी सहमति
नई दिल्ली, 24 अगस्त . सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान आधिकारिक दौरे पर फ्रांस पहुंचे. इसके दौरान उन्होंने फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की. यह मुलाकात दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से अहम मानी जा रही है. इस मौके पर President इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि दोनों ... Read more
Agra News: सेंट फ्रांसिस ने बालक-बालिका दोनों वर्गों में जीता खो-खो मुकाबला
इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में जिले के 19 विद्यालयों की बालक-बालिका वर्ग की कुल 30 टीमों ने प्रतिभाग किया।
एमपी पुलिस की वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस फतह किया:यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
मध्य प्रदेश पुलिस में जबलपुर में पदस्थ महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने 21 अगस्त 2026 को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट / 5,642 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। शिखर पर पहुंचकर उन्होंने भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। एनएसवाई आउटडोर्स के तत्वावधान में प्रसिद्ध पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में यह अंतरराष्ट्रीय अभियान 11 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था। इस दौरान टीम को रूस में भीषण ठंड, तूफानी हवाओं और खराब परिस्थितियों जैसी गंभीर मौसम संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा। कई दिनों तक सही समय का इंतजार करने के बाद, 20 और 21 अगस्त को स्थिति में सुधार हुआ। वर्षा पटेल ने 21 अगस्त की सुबह 9:07 बजे शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। वर्षा पटेल बचपन से ही खेलकूद में सक्रिय रही हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 10 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी उनका अनुभव है; वर्ष 2024 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट कोज़ियास्को पर तिरंगा फहराया था। वह ऐसा करने वाली मध्य प्रदेश पुलिस की पहली महिला आरक्षक बनी थीं। वर्षा पटेल का मुख्य लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर विजय प्राप्त कर 'सेवन समिट्स' (सात शिखर) अभियान पूरा करना है। माउंट एल्ब्रुस की सफलता के बाद, उनका अगला ध्यान अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह करने पर है। उनका मानना है कि पर्वतारोहण के माध्यम से वह तिरंगे को दुनिया की ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहती हैं।
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 से पहले, फ्रांस के नाम टूर्नामेंट के इतिहास में सिर्फ दो ब्रॉन्ज मेडल थे, लेकिन रविवार का दिन उसके लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस दिन फ्रांस ने अपने खाते में 2 गोल्ड मेडल जोड़ लिए हैं।
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
यूरोप के इस देश में किराए पर मिलते हैं 'पति', महिलाएं घंटों के हिसाब से करती हैं पेमेंट, जानिए वजह
क्या आपने कभी सुना है किराए पर पति मिलते हैं? सुनने में ये काफी अजीब लग रहा है लेकिन यूरोप के एक देश में इस सर्विस से कई महिलाएं काफी खुश हैं। चलिए आपको रेंटल हस्बैंड की पूरी जानकारी देते हैं।
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

