रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास क्रूज मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ की मौत के बाद अब उन्हें शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठने लगी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मामले में वीडियो जारी कर केंद्र और हरियाणा सरकार से गुरप्रीत के परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है। सरकार को दिखानी चाहिए संवेदनशीलता चढूनी ने कहा कि यूक्रेन में हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है, जिनमें यमुनानगर का गुरप्रीत सिंह भी शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक स्थानीय प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा और दिव्यांग पिता का सहारा था, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मिसाइल हमले में मारे गए सभी भारतीय नागरिकों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की पीड़ा और बढ़ रही है। चढूनी ने मांग की कि सभी मृतकों के परिवारों को कम से कम पांच-पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीएनए जांच के बाद होगी शव की पहचान गुरप्रीत सिंह का शव अभी तक भारत नहीं पहुंच सका है। मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह झुलस गए, जिसके चलते सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं हो सकी। शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं। गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह अपना डीएनए सैंपल दे चुके हैं। रिपोर्ट का मिलान होने के बाद ही शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। परिवार ने प्रशासन की उदासीनता पर जताई नाराजगी गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने कहा कि अभी तक न जिला प्रशासन और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि परिवार से मिलने पहुंचा है। उन्होंने गुरप्रीत को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि वह विदेश में रहते हुए भारतीय नागरिक के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रहा था और युद्ध की विभीषिका का शिकार हुआ। उन्होंने सरकार से परिवार को हरसंभव सहायता देने और अधिकारियों को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने भेजने की मांग की। परिवार का इकलौता सहारा था गुरप्रीत गुरप्रीत सिंह गांव पंजेटो के रहने वाले थे और 12 जून को तुर्की गए थे। 19 जुलाई को उनका जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसी दौरान क्रूज मिसाइल हमले में जहाज तबाह हो गया। हमले में गुरप्रीत समेत चार भारतीयों और कुल 10 लोगों की मौत हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले गुरप्रीत की शादी हुई थी और छह महीने पहले वह एक बेटे के पिता बने थे। 2016 में सड़क हादसे में उनके पिता किर्तन सिंह का एक पैर कट गया था। इसके बाद पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल है।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार गायब हैं। सत्र की शुरुआती दिनों से ही वो चर्चा के विषय बन गए हैं। बुधवार को बीजेपी के एक विधायक ने तंज कसते हुए कहा- ‘क्या तेजस्वी अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं।' गुरुवार को सदन में कृषि मंत्री ने भी पूछा- नेता प्रतिपक्ष कहां है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में विपक्ष के विधायकों से पूछा- आपका नेता कहां हैं। उनकी अनुपस्थिति की जानकारी सदन को क्यों नहीं दी गई। कल मानसून सत्र का अंतिम दिन है, लेकिन पूरे सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष सदन में नजर नहीं आए। विजय सिन्हा बोले- सदन को बताना चाहिए, तेजस्वी कहां हैं सदन की कार्यवाही के दौरान विजय सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा सर्वोपरि होती है। यदि नेता प्रतिपक्ष किसी कारणवश सदन में उपस्थित नहीं हैं, तो इसकी जानकारी सदन को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या तेजस्वी यादव बीमार हैं, किसी पारिवारिक कारण से बाहर हैं या किसी अन्य वजह से अनुपस्थित हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए। लोकतंत्र में बंधुआ मजदूर जैसी मानसिकता खत्म होनी चाहिए और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। RJD विधायक ने पलटवार करते हुए पूछा निशांत कहां है विजय सिन्हा के सवाल पर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कहां हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘निशांत कुमार सदन के सदस्य नहीं हैं, जबकि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं और उनकी अनुपस्थिति का सवाल अलग है।’ अध्यक्ष ने भी पूछा- जानकारी है तो सदन को बताइए विधानसभा अध्यक्ष ने कुमार सर्वजीत से कहा कि यदि उन्हें जानकारी है तो सदन को बताया जाए। नेता प्रतिपक्ष कहां हैं। इस पर कुमार सर्वजीत ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबीयत ठीक नहीं है और उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है। इसी कारण तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। हालांकि विजय सिन्हा ने फिर कहा कि सदन को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित हैं और उनकी अनुपस्थिति का वास्तविक कारण क्या है। यूरोप दौरे के बाद भी मानसून सत्र से रहे दूर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव हाल ही में 10 दिनों के यूरोप दौरे पर थे। इसी वजह से पार्टी का 30वां स्थापना दिवस 5 जुलाई के बजाय 1 जुलाई को आयोजित किया गया था। 5 जुलाई को तेजस्वी यादव ने यूरोप से पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधित किया था। इसके बाद 20 जुलाई से शुरू हुए बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में वह अब तक शामिल नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सत्तापक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि राजद की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बीजेपी विधायक बैधनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष के सदन में नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हैं। वो अपने पद का निर्वाहन नहीं कर पा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बिहार के विकास में अपना योगदान छोड़कर अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे हैं। या कहीं बैठकर चेन की बंसी बजा रहे हैं। बीजेपी विधायक ने संवैधानिक दायित्व पर उठाया सवाल बुधवार को बिहार विधानसभा के अंदर बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि नेता प्रतिपक्ष विकसित बिहार के संकल्प में योगदान देने के बजाय अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कराने गए हैं या कहीं आराम कर रहे हैं। इसका जवाब जनता को बताना चाहिए। जदयू ने पूछा-क्या अमेरिका-ईरान युद्ध सुलझाने गए हैं जदयू के प्रवक्ता और MLC नीरज कुमार ने कहा कि किस ग्रह पर हैं, इसकी जानकारी राजद को भी नहीं है। अब नई बात यह सुनने को मिल रही है कि उनकी आत्मा सदन में प्रवेश कर गई है। यह दावा राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने किया है। आत्मा कैसे पहुंच गई, इसका मैकेनिज्म हमें समझ में नहीं आ रहा है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बड़ा फेरबदल: मायखाइलो ड्रापाती बने नए आर्मी चीफ, रूस ने दी 'कसाई' की उपाधि
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच कीव ने अपनी सैन्य कमान में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मेजर जनरल मायखाइलो ड्रापाती को देश का नया आर्मी चीफ यानी थल सेना कमांडर नियुक्त किया है। अपनी आक्रामक सैन्य रणनीतियों के लिए पहचाने जाने वाले ड्रापाती की इस नई नियुक्ति पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ यूक्रेन उन्हें युद्ध के मैदान का एक माहिर खिलाड़ी मानता है, वहीं दूसरी तरफ रूस ने उन्हें आक्रामक रवैये के चलते 'कसाई' तक कह दिया है। कभी ज़ेलेंस्की के फैसलों के विरोध में अपना इस्तीफा तक सौंप चुके ड्रापाती का यह शीर्ष पद तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।कौन हैं मायखाइलो ड्रापाती और क्यों चर्चा में हैं?मायखाइलो ड्रापाती पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से यूक्रेन की सेना में एक कद्दावर और अनुभवी कमांडर के रूप में जाने जाते हैं। साल 2014 में जब डोनबास क्षेत्र में संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब ड्रापाती ने अपनी सूझबूझ और फ्रंटलाइन लीडरशिप से सबको प्रभावित किया था। उनकी आक्रामक सैन्य शैली और युद्ध के मैदान में लिए जाने वाले त्वरित फैसलों ने उन्हें यूक्रेनी सैनिकों के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है। यही वजह है कि जब देश की सेना को सबसे ज्यादा एक सख्त और अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है, तब ज़ेलेंस्की ने उनपर भरोसा जताया है।रूस ने क्यों दी 'कसाई' की उपाधि?मायखाइलो ड्रापाती की नियुक्ति के साथ ही मॉस्को की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रूसी मीडिया और सैन्य हलकों में ड्रापाती को 'कसाई' (Butcher) कहकर संबोधित किया जा रहा है। रूस का आरोप है कि ड्रापाती अपनी सैन्य कार्रवाइयों के दौरान अत्यधिक क्रूरता और आक्रामकता का परिचय देते हैं, जिससे दुश्मन सेना के साथ-साथ आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचता है। हालांकि, यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए यही आक्रामक तेवर रूस के खिलाफ जंग जीतने का एक बड़ा जरिया माने जा रहे हैं।कभी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को दे चुके थे इस्तीफाइस नियुक्ति का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि मायखाइलो ड्रापाती और राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच के संबंध हमेशा से सहज नहीं रहे हैं। कुछ साल पहले सैन्य रणनीतियों और प्रशासनिक असहमतियों के चलते ड्रापाती ने अपने पद से इस्तीफा तक दे दिया था। उनका वह इस्तीफा इस बात का गवाह था कि वे अपनी शर्तों और सैन्य सिद्धांतों पर समझौता करने के पक्ष में नहीं रहते हैं। हालांकि, मौजूदा युद्ध की विकट परिस्थितियों को देखते हुए दोनों के बीच के गिले-शिकवे दूर हुए और ज़ेलेंस्की ने देश की सबसे बड़ी सैन्य जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाल दी है।
फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी
पेरिस। फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी है। बीएफएमटीवी ब्रॉडकास्टर ने यह जानकारी दी है। यह विधेयक एक सितंबर से लागू होगा। बीएफएमटीवी ने मंगलवार रात बताया कि विधेयक के समर्थन में 279 मत डाले गये जबकि […] The post फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी appeared first on Sabguru News .
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ के शव की पहचान अब डीएनए जांच से होगी। परिजनों के अनुसार मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह जल गए हैं, जिसके कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर शव की पहचान कर उसे भारत भेजा जा सके। रिपोर्ट मैच करने पर भेजा जाएगा पार्थिव शरीर गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से संपर्क कर परिवार से डीएनए सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह ने अपना डीएनए सैंपल दे दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद उसे ईमेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कंपनी को भेजा जाएगा। डीएनए मैच होने के बाद ही गुरप्रीत के शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चार भारतीय नागरिकों की हुई मौत परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते ही गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल एमवी गोल्डन लियो पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले में गुरप्रीत सिंह बाठ सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि मिसाइल विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव इस कदर झुलस गए हैं कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने नहीं किया परिजनों से संपर्क मामा अमरीक सिंह ने बताया कि परिवार लगातार कंपनी और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन अभी तक शव भारत कब तक पहुंचेगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। पहले अनुमान लगाया गया था कि पार्थिव शरीर को भारत लाने में करीब 10 दिन लग सकते हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया डीएनए रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परिजनों ने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस हमले के बाद रूस के दूतावास को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए। वहीं अब तक जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जाने की मांग उनका कहना है कि अभी तक किसी अधिकारी ने घर पहुंचकर न तो परिवार का हाल जाना है और न ही कोई सहायता या आश्वासन दिया है। परिवार ने सरकार से मांग की है कि गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसका छह माह का एक बेटा है। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता किर्तन सिंह की एक टांग कट जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर ही आ गई थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल बना हुआ है।
देवास में मंगलवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। भारी बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचा। इस दौरान 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्ण' महामंत्र के जयघोष गूंजते रहे। इस्कॉन देवास द्वारा आयोजित यह रथ यात्रा रामनगर स्थित रामेश्वर धाम मंदिर से शुरू हुई और नयापुरा स्थित लक्ष्मी नारायण धर्मशाला पर समाप्त हुई। यात्रा का मुख्य आकर्षण 21 फीट ऊंचा रथ था, जिस पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी विराजमान थे। रथ को ताजे फूलों से सजाया गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे भक्त ढोल-मृदंग और झांझ की धुन पर 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे। महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक रथ की रस्सियां खींचीं। बारिश के बावजूद बच्चे, युवा और बुजुर्ग सहित सभी आयु वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुए। इस वर्ष रथ यात्रा में पहली बार यूक्रेन और फ्रांस से आए विदेशी भक्तों ने भी भाग लिया। भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में सजे इन विदेशी भक्तों ने 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन और नृत्य किया। बारिश के बीच भी उनका उत्साह बना रहा। रथ यात्रा में विदेशी भक्त भी हुए शामिलविदेशी श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय भक्त भी झूम उठे और पूरा मार्ग भक्ति, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। विदेशी भक्तों की मौजूदगी ने रथ यात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और रथ पर फूल बरसाकर स्वागत किया। जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बरसते पानी के बीच निकली यह रथ यात्रा देवासवासियों के लिए आस्था, प्रेम और समर्पण का अविस्मरणीय उत्सव बन गई।
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
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अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
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यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

