नई दिल्ली में एनएसए अजीत डोभाल से मिले फ्रांसीसी राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार
नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन ने मंगलवार को नई दिल्ली में 38वीं भारत-फ्रांस रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की।
अगर सबकुछ ठीक रहा, तो भारत और फ्रांस के बीच अभी तक की सबसे बड़ी डिफेंस डील होने की संभावना है. इसी हफ्ते रक्षा मंत्रालय एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है, जिसमें दोनों देशों के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर बात बन सकती है.
ईरान में इस समय बहुत बड़ा प्रदर्शन चल रहा है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा है. इस बीच ईरान की महारानी फराह पहलवी की ताज की चर्चा खूब हो रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि वह मुस्लिम दुनिया में कहीं भी ताज पहनने वाली पहली महिला भी थीं.
खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन करती फ्रांसीसी महिला का वीडियो ईरान के दावे से वायरल
वीडियो में दिख रही महिला फ्रांस की एक्टिविस्ट कैमिली इरोस हैं, उन्होंने बूम से पुष्टि की कि यह वीडियो पेरिस में ईरान के लोगों के समर्थन में हुए प्रदर्शन का है.
गुलाबी शहर की जीवंत सांस्कृतिक, परंपरा और कला के भव्य उत्सव ‘जनवरी ऑफ जयपुर’ कार्यक्रम का आयोजन जयमहल पैलेस में हुआ। साहित्य और सिनेमा जगत के प्रतिष्ठित कवि-गीतकार जावेद अख्तर और कथक नृत्यांगना और पं. बिरजू महाराज जी की पौत्री शिंजिनी कुलकर्णी के बीच रोचक संवाद हुआ। इस दौरान जावेद अख्तर ने अपनी प्रसिद्ध नज्म मैं भूल जाउं को सुनाया और जयपुरवासियों से तालियां बटोरी।चर्चा के दौरान जावेद अख्तर ने कहा कि किसी भाषा को किसी धर्म से जोड़ना सही नहीं है। भाषा का संबंध धर्म से नहीं, बल्कि क्षेत्र और समाज से होता है। यूरोप इसका बड़ा उदाहरण है, जहां एक ही धर्म के बावजूद अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का इतिहास बताता है कि लोग अपनी मातृभाषा बंगला के लिए खड़े हुए। मुस्लिम होने के बावजूद उन्होंने उर्दू को अपनाना जरूरी नहीं समझा, क्योंकि भाषा आस्था से नहीं, पहचान से जुड़ी होती है। हिंदी और उर्दू की व्याकरण एक ही है और यह बहुत कम देखने को मिलता है। ये दोनों एक ही मां ‘खड़ी बोली’ की बेटियां हैं। उर्दू का एक भी वाक्य ऐसा नहीं है, जिसमें हिंदी शामिल न हो। जो इंसान उर्दू ज्यादा नहीं जानता। न पढ़ता है, न समझता है और उसे उर्दू या उर्दू शायरी की शुरुआत करनी है, तो पहले क्लासिकल शायरों के बजाय कंटेम्परेरी शायरों को पढ़िए।कार्यक्रम में राजस्थान के बीकानेर के जाने-माने मांड लोक गायक और लोक संगीतकार पद्मश्री से सम्मानित अली-गनी मोहम्मद की जोड़ी की प्रस्तुति ने दर्शकों का मनमोह लिया। कार्यक्रम की मेजबानी संदीप भूतोड़िया, मंजरी भूतोड़िया, सौरभ कक्कड़ और विन्नी कक्कड़ ने की। अली और गनी मोहम्मद बंधु ने राजस्थानी मांड गायकी ने दर्शकों को लोक संगीत की गहराइयों से रू-बरू कराया। उन्होंने मंच पर मांड गायन करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। विशेष तौर पर शास्त्रीय अंदाज में ‘केसरिया बालम’ प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान ‘पधारो’ के कई रूप सुनने को मिले, जिसने प्रस्तुति को और भी खास बना दिया। इसके अलावा उन्होंने ‘मूमल’ और ‘बडिला ढोला’ जैसे लोकगीतों को भी अपने सुरों से सजाया। इस दौरान जब उन्होंने गजल 'कभी आंसू, कभी खुशबू, कभी नगमा' प्रस्तुत की, तो सभी श्रोता भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में जयपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से कला और संस्कृति प्रेमी एकत्रित हुए। इसमें बाहर से आए विशिष्ट अतिथियों में लेखिका नीलिमा डालमिया आधार, सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय शामिल थे। जनवरी की सर्द शाम को चाय और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाते हुए मेहमानों ने आपस में संवाद किया और कार्यक्रम का आनंद लिया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम ‘जनवरी ऑफ जयपुर’ की कल्पना और शुरुआत वर्ष 2018 में समर्पित संस्कृतिविद संदीप भूतोड़िया ने की थी। तब से यह कार्यक्रम कला, संगीत और लोक संस्कृति के माध्यम से जयपुर की पहचान को अधिक मजबूती प्रदान करता आ रहा है। इसका उद्देश्य जनवरी के खूबसूरत मौसम में जयपुर की विविध और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करना है। जावेद अख्तर की सुनाई नज्म मैं भूल जाऊं तुम्हें अब यही मुनासिब है मगर भुलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं कि तुम तो फिर भी हकीकत वो कोई ख्वाब नहींयहां तो दिल का ये आलम है क्या कहूंकम-बख्त ! भुला न पाया वो सिलसिला जो था ही नहीं वो इक खयाल जो आवाज तक गया ही नहीं वो एक बात जो मैं कह नहीं सका तुम से वो एक रब्त जो हम में कभी रहा ही नहीं मुझे है याद वो सब जो कभी हुआ ही नहीं
सागर के दक्षिण वनमंडल में पहली बार 'एशियन वॉटर बर्ड सेंसस 2026' का आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग की टीमों ने 4 रेंज के 9 तालाबों में जलीय पक्षियों की गणना की। सर्वे में कुल 82 प्रजातियों की पहचान की गई है। खास बात यह है कि दक्षिण-पूर्वी यूरोप में पाई जाने वाली दुर्लभ 'रूडी शेल्डक' (जिसे भारत में सुर्खाब या ब्राह्मणी बतख कहते हैं) भी पहली बार सागर में दिखाई दी है। इस गणना का उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार करना है। राहतगढ़ और केसली के डेम में दिखा विदेशी मेहमान वन विभाग ने गणना के लिए राहतगढ़ रेंज में 4, गौरझामर में 2, केसली में 2 और ढाना रेंज में 1 जलाशय चिह्नित किया था। सर्वे के दौरान राहतगढ़ में मजार के पास स्थित जलाशय और केसली के इंदलपुर डेम में 'रूडी शेल्डक' देखा गया। इसके अलावा रिवर टर्न, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, साइबेरियन स्टोनचैट, वूली नेक स्टॉर्क, ब्लैक रेड स्टार्ट, रेड नेप्ड आइबिस और ब्लैक हेडेड आइबिस जैसी प्रजातियां भी मिली हैं। तालाबों की सफाई पर देंगे ध्यान, मुख्यालय जाएगी रिपोर्ट दक्षिण वन मंडल देवरी की एसडीओ रेखा पटेल ने बताया कि एशियन वॉटर बर्ड सेंसस का आयोजन पहली बार हुआ है। दो दिनों तक चले सर्वे में 82 अलग-अलग प्रजातियां मिली हैं। चूंकि यह गणना पहली बार हुई है, इसलिए विभाग के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं है। अब मिली प्रजातियों के हिसाब से जलाशयों की साफ-सफाई और पानी की शुद्धता पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि पक्षियों को अनुकूल माहौल मिल सके और उनकी संख्या बढ़े। सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही मुख्यालय भेजी जाएगी। क्या है एशियन वॉटर बर्ड सेंसस? यह एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके तहत झील, तालाब और नदियों में पाए जाने वाले जलीय पक्षियों की गणना की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पक्षियों की संख्या, प्रजातीय विविधता और जल स्थलों की पारिस्थितिक स्थिति का आंकलन करना है, ताकि उनके संरक्षण और प्रबंधन के लिए सही कदम उठाए जा सकें।
ईरान में महंगाई के खिलाफ उग्र आंदोलन: 100 से अधिक शहरों में हिंसा, 538 मौतें; अमेरिका-यूरोप की नजर
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी इमारतों, बैंकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कड़ी कार्रवाई की, जिसके चलते हालात लगातार बेकाबू होते चले गए।
Europe Tourism News: यूरोप घूमने का सपना काफी लोगों का रहता है. माना जाता है कि यूरोपीय देश बहुत साफ-सुथरे और टूरिस्ट फ्रेंडली हैं. लेकिन क्या ये फैक्ट वाकई सच हैं. एक ट्रैवल ब्लॉगर के वीडियो ने यूरोपीय देशों के टूरिज्म का 'ग्लैमर' तोड़ दिया है.
DNA: ट्रंप ने किया पावर शिफ्ट, उड़ गई 'दोस्तों' की नींद, पुतिन का नाम क्यों रटने लगा यूरोप?
Third World War:जिस रूस को यूरोप सबसे बड़ा दुश्मन समझता था, आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उसी रूस से बातचीत की नसीहत क्यों दे रहे हैं. पावर शिफ्टिंग की इस प्रक्रिया में अमेरिका रूस को धमका रहा है और चीन अमेरिका को धमकी दे रहा है.
मुंह ताकते रह गए ट्रंप, टैरिफ का दबाव भी नहीं आया काम, भारत फ्रांस से खरीदेगा 114 राफेल विमान
Rafale Deal: एयरफोर्स की तरफ से फ्रांस के साथ जी2जी समझौता यानी की सरकार से सरकार के लिए पुरजोर पैरवी की गई, ताकि लंबे से समय से पेंडिंग पड़े एमआरएफए कार्यक्रम के तहत राफेल विमानों की खरीद की जा सके.
फ्रांस ने 2026 के G7 शिखर सम्मेलन की तारीख एक दिन आगे बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला व्हाइट हाउस में होने वाले हाई-प्रोफाइल UFC इवेंट, U.S. Flag Day और डोनाल्ड ट्रंप के 80वें जन्मदिन से टकराव से बचने के लिए लिया गया। यह घटनाक्रम राजनीति और खेल के बढ़ते मेल को दर्शाता है।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
उभरती वैश्विक भूराजनीति में यूरोप कहां है?
अमीर यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन की तिकड़ी के लिए, साल 2026 में जो भूराजनीतिक स्थिति बन रही है, उसमें अस्तित्व के संकट के काफी तत्व हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

