बिहार में पकड़ा गया फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता सिर्फ अपनी अफसरी का रौब ही नहीं झाड़ता था, बल्कि उसकी पूरी लाइफस्टाइल भी लग्जरी थी। भारत सरकार लिखवाकर टेस्ला की ड्राइवरलेस कार में घूमने वाले मनीष गुप्ता ने अपने महलनुमा घर में बिग बार बना रखा था। इसमें जापान-फ्रांस समेत दुनिया के 22 देशों की 33 प्रीमियम शराब की बोतलें मिली हैं। स्मिरनॉफ, नेडरबर्ग, बकार्डी से लेकर यामाजाकी, हिबिकी, टैलिस्कर डार्क स्टॉर्म और हेंड्रिक्स जिन जैसे प्रीमियम ब्रांड उसके लग्जरी शौक का हिस्सा थे। बरामद बोतलों में कई ऐसी हैं, जिनकी कीमत 20 से 30 हजार रुपए प्रति बोतल तक बताई जा रही है। यानी फर्जी अफसरी के साथ-साथ शराब का कलेक्शन भी उसके शाही अंदाज का हिस्सा था। पुलिस को जांच में कितने देशों की शराब मिली है, उनके ब्रांड क्या हैं…कहां बनती है…रेट क्या है..पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर फ्रांस की प्रीमियम रेड वाइन है। इसकी शुरुआत 1818 में जीन-मैरी कैल्वेट ने की थी। इसमें करीब 15% अल्कोहल होता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। स्वाद में रेड फ्रूट, चेरी, मसाले और वनीला के नोट्स मिलते हैं। इसे खास अंगूरों से तैयार किया जाता है और आमतौर पर लाल मांस, शिकार के मांस और चीज के साथ परोसा जाता है। कैल्वे ब्रांड की वाइन की बिक्री दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में होती है। वहीं, जोनिन वेंतितेरे चीआंती DOCG इटली की मशहूर रेड वाइन है, जिसे जोनिन परिवार से जुड़ा ब्रांड तैयार करता है। इसमें करीब 12.5% अल्कोहल होता है। जिम बीम ब्लैक केंटकी स्ट्रेट बॉर्बन व्हिस्की अमेरिका की मशहूर बॉर्बन व्हिस्की है। इसकी शुरुआत 1795 में जैकब बीम ने की थी। इस व्हिस्की में करीब 45% अल्कोहल होता है। विदेशी ड्राय फ्रूट से लेकर लग्जरी कार तक सिर्फ महंगी शराब ही नहीं, फर्जी IAS की जिंदगी में विदेशी तड़क-भड़क भी शामिल थी। वह विदेश से मंगवाए गए महंगे ड्राय फ्रूट खाता था और आने-जाने के लिए टेस्ला की ड्राइवरलेस कार का इस्तेमाल करता था। महंगे ब्रांड, लग्जरी कार और विदेशी सामानों के बीच वह ऐसी जिंदगी जी रहा था, जो आम लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं थी। अब इनके घर की तस्वीरें देखिए… फिलहाल, आरोपी फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता 5 दिनों से जेल में बंद है। अभी तक उसके फोन और लापटॉप को नहीं खोला गया है। उसके लॉक टूटने पर ही आगे की जानकारी मिल पाएगी।
गर्मी का सितम: सिर्फ एक हफ्ते में यूरोप में 16000 मौतें, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
वैज्ञानिक इस खतरे को सिर्फ जून तक सीमित नहीं मान रहे हैं. उनका मानना है कि एक बार फिर हीटवेव का दौर देखने को मिल सकता है.
Independence Day पर दुनिया भर में फहरा तिरंगा, फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक चला सूर्यपथ अभियान
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत का तिरंगा दुनिया भर में पूरब से पश्चिम की ओर एक प्रतीकात्मक यात्रा कर रहा है और फिजी से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक दुनिया भर में मौजूद भारतीय मिशनों में इसे लगातार फहराया जा रहा है। इस पहल का नाम ‘सूर्यपथ तिरंगा’ रखा गया है। यह हर घर तिरंगा अभियान का ही एक हिस्सा है—एक ऐसा राष्ट्रीय और वैश्विक कार्यक्रम जो भारतीयों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस मनाते समय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पहल की शुरुआत प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीपीय देश फिजी में भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे (स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजे) हुई, जहां उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने सुवा स्थित ‘इंडिया हाउस’ में तिरंगा फहराया। इसके बाद यह झंडा भारतीय मिशनों के जरिए पश्चिम की ओर बढ़ा और न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, म्यांमा, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, उज्बेकिस्तान, ओमान, यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में जश्न मनाया गया। इसके बाद झंडा फहराने का यह कार्यक्रम एशिया, अफ्रीका और यूरोप में आगे बढ़ा, जिसमें इथियोपिया, रूस, केन्या, इजराइल, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, लातविया, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, मोरक्को और आइसलैंड में स्थित भारतीय मिशन शामिल थे। अमेरिकी महाद्वीप की बात करें तो, ब्राजील, सूरीनाम, गुयाना, अर्जेंटीना, त्रिनिदाद और टोबैगो, डोमिनिकन रिपब्लिक, कोलंबिया, कनाडा (ओटावा और टोरंटो), जमैका, अमेरिका (न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन), पेरू और मैक्सिको में भारतीय मिशनों पर भारतीय झंडा फहराया जाएगा। दिन का आखिरी झंडा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास फहराएगा, जहां भारतीय समयानुसार रात लगभग 8:30 बजे रिले का समापन होगा। वेलिंगटन में, भारतीय समुदाय के 500 से ज्यादा लोगों और स्थानीय दोस्तों ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न में हिस्सा लिया। वहां उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी ने तिरंगा फहराया और देश के नाम राष्ट्रपति का संदेश पढ़कर सुनाया। समुदाय के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ‘हर घर तिरंगा’ सेल्फ़ी अभियान में भी भाग लिया। बीजिंग में, भारतीय समुदाय के सदस्यों और “भारत के दोस्तों” की मौजूदगी में, बारिश के बावजूद राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने भारतीय दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति के संबोधन के कुछ अंश पढ़कर सुनाए। टोक्यो में, भारतीय राजदूत नगमा मल्लिक ने दूतावास में तिरंगा फहराया और देश के नाम राष्ट्रपति का संबोधन पढ़कर सुनाया। स्पेन में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक भारतीय तिरंगा साथ रखें और भारतीयों को ‘हर घर तिरंगा’ का जोश फैलाने के लिए प्रेरित करें।”भारत के संस्कृति मंत्रालय ने पहले एक बयान में कहा था कि इस पहल का मकसद स्वतंत्रता दिवस समारोहों में भारतीय मिशनों और दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय की भागीदारी को उजागर करना और अलग-अलग टाइम जोन में एक साझा, लगातार चलने वाले जश्न का एहसास पैदा करना है। इस रिले के तहत शामिल प्रमुख राजनयिक केंद्रों के अलावा, विदेशों में कई अन्य दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में भी भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। दुबई में, महावाणिज्य दूत विष्णु वर्धन रेड्डी ने भारत के महावाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराया और भारत-यूएई के मज़बूत रिश्तों और भारतीय समुदाय के योगदान पर ज़ोर दिया।
भारत को आजादी की 80वीं सालगिरह पर देश-दुनिया से शुभकामना संदेश आ रहे हैं। दूतावास और मिशनों में गर्व के साथ जश्न-ए-आजादी मनाई जा रही है
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए अलग विभाग बनाने, एक सैटेलाइट सिटी और 8 नए सब-डिस्ट्रिक्ट स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने बच्चों की 50 गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज, बाल विवाह और बहुविवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं का भी ऐलान किया.
डिजिटल युग में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुके हैं। इंस्टाग्राम, टिक-टॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स जहां बच्चों को सूचना और मनोरंजन उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं अत्यधिक स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग और डिजिटल लत ने उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय देश फ्रांस ने बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। फ्रांस की संसद द्वारा पारित कानून के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त कानूनी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। फ्रांस के इस साहसिक फैसले ने पूरी दुनिया में यह बहस छेड़ दी है कि क्या बच्चों के हाथ से सोशल मीडिया छीनना सही कदम है या यह उनकी डिजिटल स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप है।फ्रांस के नए कानून के कड़े नियम और माता-पिता की अनिवार्य सहमतिफ्रांस द्वारा लागू किए गए इस ऐतिहासिक कानून के मुख्य प्रावधान बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन एक्सपोजर को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए हैं।उम्र सत्यापन (Age Verification): 15 वर्ष से कम आयु के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने के लिए डिजिटल आयु सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा।माता-पिता की लिखित सहमति (Parental Consent): 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अकाउंट बनाते समय उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की स्पष्ट डिजिटल सहमति को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना: सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर की सही उम्र की पहचान करने के लिए कड़े तकनीकी टूल लागू करने का आदेश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली टेक कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 1 प्रतिशत तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।स्क्रीन टाइम सीमा और नोटिफिकेशन ब्लॉक: रात के समय बच्चों के सोशल मीडिया नोटिफिकेशन को स्वतः म्यूट करने और दैनिक स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने का अधिकार भी अभिभावकों को दिया गया है।मानसिक स्वास्थ्य संकट और सोशल मीडिया बैन के पक्ष में मजबूत तर्कबाल मनोवैज्ञानिकों, न्यूरोलॉजिस्ट्स और शिक्षाविदों का एक बड़ा वर्ग बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के फैसले का पुरजोर समर्थन कर रहा है।एंग्जायटी, डिप्रेशन और इनसोमनिया से बचाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न चिकित्सा शोधों के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार स्क्रॉलिंग करने वाले किशोरों में नींद की कमी, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।बॉडी डिस्मॉर्फिया और अवास्तविक तुलना: सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली एडिटेड और फिल्टर की गई तस्वीरें किशोरों में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर हीन भावना (Body Dysmorphia) पैदा करती हैं, जिससे उनका आत्मसम्मान कमजोर होता है।साइबर बुलिंग और ऑनलाइन प्रीडेटर्स: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न (Cyberbullying), आपत्तिजनक कंटेंट और अज्ञात अपराधियों द्वारा शोषण का खतरा लगातार बना रहता है, जिस पर रोक लगाना आवश्यक है।डोपामाइन लूप और ध्यान भटकाव: शॉर्ट-फॉर्म वीडियो फॉर्मेट बच्चों के दिमाग में डोपामाइन रश पैदा करते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता (Attention Span) और पढ़ाई में गहरी रुचि तेजी से घटती है।बैन के विरोध में उठते सवाल: क्या पूरी तरह पाबंदी लगाना सही समाधान है?दूसरी ओर, डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का तर्क है कि बच्चों से सोशल मीडिया पूरी तरह छीन लेना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता।डिजिटल साक्षरता में रुकावट: 21वीं सदी में इंटरनेट और सोशल प्लेटफॉर्म्स रचनात्मकता, कोडिंग, वैश्विक संपर्क और ज्ञान अर्जन का महत्वपूर्ण जरिया बन चुके हैं। पूर्ण प्रतिबंध से बच्चे तकनीकी विकास में पीछे छूट सकते हैं।वीपीएन (VPN) और फर्जी अकाउंट्स का सहारा: कड़े प्रतिबंध लगाने पर बच्चे अक्सर उम्र छिपाने के लिए फर्जी जन्मतिथि, डमी अकाउंट्स या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर नियमों को बायपास करने लगते हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन निगरानी और अधिक कठिन हो जाती है।प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी की चिंता: उम्र सत्यापन के लिए सरकारी पहचान पत्र या बायोमेट्रिक डेटा कंपनियों को सौंपने से नाबालिगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर बड़ा जोखिम खड़ा होता है।दुनिया भर के देशों के लिए फ्रांस का यह कदम क्यों है एक बड़ा सबक?फ्रांस का यह कानून दुनिया के अन्य देशों—विशेष रूप से भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया—के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत मॉडल बन रहा है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिकी राज्यों (जैसे यूटा और फ्लोरिडा) में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण कानून बनाए जा रहे हैं। भारत में जहां 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, वहां भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग की लत एक बड़ी पारिवारिक और सामाजिक चुनौती बन चुकी है। नीति निर्माताओं के लिए फ्रांस का मॉडल यह सिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल माता-पिता पर जिम्मेदारी डालने के बजाय टेक दिग्गजों (Tech Giants) की एल्गोरिदम और कारोबारी नीतियों पर कानूनी जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।संतुलित राह: प्रतिबंध के बजाय डिजिटल साक्षरता और सख्त पैरेंटल गाइडेंसविशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबंध के बजाय 'संतुलित डिजिटल परवरिश' (Balanced Digital Parenting) ज्यादा प्रभावी है।स्कूलों में बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों, एल्गोरिदम के काम करने के तरीके और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की डिजिटल लिटरेसी दी जानी चाहिए।टेक कंपनियों को बच्चों के लिए गैर-नशेड़ी (Non-Addictive) और एल्गोरिदम-मुक्त सुरक्षित इंटरफेस डिजाइन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।परिवारों में स्क्रीन-फ्री जोन (जैसे डाइनिंग टेबल और बेडरूम) तय करके बच्चों के साथ संवाद और आउटडोर खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
'यूरोप हमारे लक्ष्यों में से एक है', एथलेटिक बिलबाओ की कमान संभालने के बाद कोच एडिन टेरजिक
'यूरोप हमारे लक्ष्यों में से एक है', एथलेटिक बिलबाओ की कमान संभालने के बाद कोच एडिन टेरजिक
फ्रांस में अनोखी प्रतियोगिता, इंसानों ने निकाली सूअर की आवाज
फ्रांस के ट्रिए सुर बाइसे गांव में हर साल होने वाली अनोखी पिग स्क्वीलिंग चैंपियनशिप इस बार फिर चर्चा में है. प्रतियोगियों को सूअर की चीख और गुर्राने जैसी आवाज निकालकर जजों को प्रभावित करना होता है. इस 43वें आयोजन में करीब 4,000 लोग पहुंचे. प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों से प्रतिभागी शामिल हुए. नौ बार के चैंपियन नोएल जामे भी मुकाबले में उतरे, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच और बढ़ गया.
यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी में चुने गए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप
New Delhi, 14 अगस्त . विज्ञान की दुनिया में India के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप को स्वीडन के गोथेनबर्ग स्थित यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी का पूर्ण सदस्य चुना गया है. उन्हें नैनो विज्ञान, जल शुद्धिकरण और कम लागत वाली स्वच्छ पेयजल तकनीकों के क्षेत्र में उनके ... Read more
महंगाई की मार:यूरोप में गर्मी से 90 लाख टन अनाज का नुकसान, वैश्विक FPI 3.5 साल के उच्चतम स्तर पर; आगे क्या?
'फ्री कुकिंग क्लास, गेम रूम और भी बहुत कुछ..' सैन फ्रांसिस्को के Google ऑफिस की खूबियां देख फैन हो जाएंगे
World News: जेली फिश के हमले के बाद फ्रांस ने बंद किए तीन परमाणु रिएक्टर; इंग्लैंड में ट्रेन पटरी से उतरी
फ्रांस आर्मी में रह चुका था कुरुक्षेत्र का विशु, जर्मनी में चाकू गोदकर हत्या
कुरुक्षेत्र के 25 वर्षीय विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजन शव को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं. हत्या की वजह और वारदात में शामिल तीन आरोपियों को लेकर फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया... जब दिन में ही कुछ देर के लिए अंधेरा छा गया... इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए करीब 60 लाख लोग स्पेन पहुंचे... जबकि आइसलैंड में 80 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने इस खगोलीय घटना को कैमरों में कैद किया. देखें...
चर्चाओं में हैं अरुणाचल के शिक्षक ताई तुगुंग, उत्तराखंड में विशेष सम्मान; फ्रांस तक जलवा
अरुणाचल प्रदेश के ताई तुगुंग चर्चाओं में हैं। उन्हें उत्तराखंड में विशेष सांस्कृतिक सम्मान मिला है। उनकी फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में धमाल मचा चुकी है।
सीकर में यूरोप में नौकरी के नाम पर 1.65 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर दिखे ऐड के जरिए युवक आरोपी के झांसे में आ गया। आरोपी ने युवक को मिलने के लिए मोहाली भी बुलाया। लेकिन विदेश भेजने से मना कर दिया और अब पैसा भी वापस नहीं दे रहा। फिलहाल अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। फेसबुक पर दिखा था विज्ञापन इस संबंध में साइबर पुलिस थाने में राजेंद्र प्रसाद निवासी मावंडा कलां ने शिकायत देकर बताया कि फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान उसे एक ऐड नजर आया। जिसमें लिखा हुआ था कि कम पैसों में विदेश में अच्छी नौकरी के लिए अप्लाई करें। इस फेसबुक ऐड में ही एक कांटेक्ट नंबर लिखा हुआ था। उस पर राजेंद्र ने कॉल किया। यूरोप में नौकरी लगाने का झांसा दिया कॉल रिसीव करने वाले ने खुद का नाम निखिल गुप्ता होना बताया और कहा कि यूरोप में नौकरी लगवा देंगे। इसके बाद निखिल गुप्ता ने राजेंद्र को मिलने के लिए मोहाली में बुलाया। निखिल के कहने पर राजेंद्र मोहाली में स्थित ऑफिस चला गया। जहां निखिल गुप्ता ने राजेंद्र को कहा कि वह उसे सस्ते दामों में यूरोप भेज देंगे। वहां जाने पर तनख्वाह भी लाखों रुपए में मिलेगी। यह बात कहकर निखिल गुप्ता ने राजेंद्र से 1.65 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। रुपए मिलने के बाद निखिल ने कहा कि अब जल्द ही वह राजेंद्र को यूरोप भेज देगा। अब विदेश भेजने से मना किया लेकिन जब भी राजेंद्र विदेश भेजने के लिए निखिल को बोलता तो निखिल एक-दो दिन का कहकर समय निकाल देता। अब उसने विदेश भेजने से मना कर दिया और रुपए भी नहीं लौटा रहा। जिसके चलते राजेंद्र ने इसकी शिकायत साइबर पोर्टल में दर्ज करवाई। अब साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हो रहा है। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फ्रांस के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट पर जेलीफिश का हमला! बंद करना पड़ा सबकुछ
न्यूक्लियर प्लांट का कामकाज देखने वाली फ्रांसीसी कंपनी EDF के अनुसार, ठीक एक साल पहले भी इसी तरह जेलीफिश के हमले के कारण पूरे प्लांट के कामकाज में रुकावट आई था।
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
फ्रांस में बड़ी कार्रवाई : पेरिस में मस्जिद बंद, मौलानाओं पर लगा आतंकवाद फैलाने का आरोप
फ्रांस के अधिकारियों ने पेरिस के सीन-सेंट-डेनिस इलाके में स्थित औलने-सूस-बोइस (Aulnay-sous-Bois) की चैंटेलूप मस्जिद को छह महीने के लिए बंद करने का आदेश दिया है। यह कदम मस्जिद के मौलानाओं और गेस्ट स्पीकर्स द्वारा कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा का प्रचार करने के बाद उठाया गया है। बताया जा रहा है कि फ्रांसीसी प्रशासन ने 27 […]
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले 25 वर्षीय युवक विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विशु कुरुक्षेत्र के वार्ड-31 स्थित महादेव मोहल्ले का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था और करीब डेढ़ साल पहले जर्मनी पहुंचा था। इससे पहले वह करीब एक साल तक फ्रांस की सेना में भी सेवाएं दे चुका था। जर्मनी में वह अपने पड़ोसी गौरव के साथ रहता था, जिसने सुबह करीब 4 बजे परिवार को घटना की जानकारी दी। वजह नहीं हुई मालूम विशु की हत्या किस वजह से हुई और वारदात को किसने अंजाम दिया, इसकी अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन उसका शव भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। घटना की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवंबर में गया था पुर्तगाल विशु शर्मा के पिता नीरज शर्मा शहर में ज्वेलर्स के पास काम करते हैं। उन्होंने बताया कि विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था। उन्होंने अपना प्लॉट बेचकर 20 लाख रुपए में उसे पुर्तगाल भेजा था। यहां करीब 1 साल तक विशु रहा। इसके बाद विशु फ्रांस चला गया। यहां पेरिस में उसने 6 महीने फौज की ट्रनिंग ली। फ्रांस में आर्मी में नौकरी की इसके बाद विशु एक साल तक फ्रांस आर्मी में रहा। साल बाद यहां से नौकरी छोड़कर जर्मनी आ गया। यहां विशु डिलीवरी का काम करता था। विशु ने अपनी एक टीम बना रखी थी। ये टीम विशु के अंडर काम करती थी। बहन बोली- राखी पर देनी थी गोल्ड रिंग विशु की बहन नोनी ने बताया कि सोमवार को उसकी विशु के साथ बातचीत हुई थी। उसके लिए मैंने यहां से राखी भेजी थी। उसने रक्षा बंधन पर गोल्ड रिंग देने की बात कही थी। इस दौरान नोनी ने रोते हुए कहा कि आज उसका डिजाइन पसंद करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी जान चली गई।
OpenAI ऑफिस में घुसे प्रोटेस्टर्स, अमेरिका-यूरोप में AI के खिलाफ प्रोटेस्ट
भारत में भले ही सरकार और यहां के लोग AI के कशीदे गढ़ रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका और यूरोप में इसके खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कभी गूगल के फाउंडर की स्पीच रोक दी जाती है तो कहीं बड़े इवेंट में Amazon के टॉप ऑफिशियल को बुरा भला कहा जाता है. वजह है AI.
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के मोर्चे पर एक ऐसा सनसनीखेज भू-राजकीय मोड़ आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपने सख्त और रहस्यमयी तौर-तरीकों के लिए पहचाना जाने वाला दुनिया का सबसे गोपनीय देश अब इस युद्ध के अखाड़े में प्रत्यक्ष रूप से कूद पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस गुप्त देश की तरफ से रूस को ऐसे अत्याधुनिक और खतरनाक अस्त्र-शस्त्र सप्लाई किए जा रहे हैं, जिनके आगे यूक्रेन की रक्षा प्रणालियां और पश्चिमी देशों के हथियार भी लाचार नजर आ रहे हैं। इस नई एंट्री से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।यूक्रेन की डिफेंस लाइन को ध्वस्त कर रहे हैं ये सीक्रेट हथियारयुद्ध के मैदान से आ रही खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इस रहस्यमय देश द्वारा मोर्चे पर पहुंचाए जा रहे हथियार बेहद उच्च तकनीक वाले और घातक हैं। ये अस्त्र सटीक निशाना लगाने के साथ-साथ रडार को चकमा देने में भी माहिर बताए जा रहे हैं। रूसी सेना जब इन आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, तो यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली और बख्तरबंद गाड़ियां बुरी तरह तबाह हो रही हैं। जेलेंस्की प्रशासन लगातार पश्चिमी देशों से आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मांग कर रहा था, लेकिन इस नई खेप के सामने आने के बाद यूक्रेन के रणनीतिकारों के होश फाख्ता हो गए हैं।वैश्विक कूटनीति में मचा हड़कंप, पश्चिमी देशों की बढ़ी चिंताइस रहस्यमय देश के सीधे तौर पर रूस के पक्ष में युद्ध के मैदान में उतरने से वाशिंगटन से लेकर ब्रुसेल्स तक के तमाम पश्चिमी देशों में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और नाटो (NATO) के रणनीतिकार यह अनुमान लगाने में जुटे हैं कि इस गुप्त गठबंधन से आने वाले दिनों में युद्ध का पासा पूरी तरह से पलट सकता है। एक तरफ जहां रूस की सैन्य ताकत और मारक क्षमता में बेतहाशा इजाफा हुआ है, वहीं यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के लिए इस नई चुनौती का सामना करना बेहद कठिन साबित हो रहा है। इस हाई-वोल्टेज डेवलपमेंट ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाओं को एक बार फिर से तेज कर दिया है।
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में 300 फीट के ड्राप और तकनीकी खराबी के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और एअर इंडिया के सीईओ को तलब किया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं।
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI 2379 में हुई गंभीर घटना की जांच अब व्यापक हो गई है, जिसमें फ्रांस की एजेंसी BEA और एयरबस विशेषज्ञ भी शामिल हो गए हैं।
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार व निवेश को मिलेगा बढ़ावा, एसोचैम ने किए अहम रणनीतिक समझौते
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देश के प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
यूरोप के इस देश में किराए पर मिलते हैं 'पति', महिलाएं घंटों के हिसाब से करती हैं पेमेंट, जानिए वजह
क्या आपने कभी सुना है किराए पर पति मिलते हैं? सुनने में ये काफी अजीब लग रहा है लेकिन यूरोप के एक देश में इस सर्विस से कई महिलाएं काफी खुश हैं। चलिए आपको रेंटल हस्बैंड की पूरी जानकारी देते हैं।
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

