भिंड के पैरा तैराक ने तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार कर रचा इतिहास, 21 घंटे 20 मिनट में पहुंचे फ्रांस
भिंड के पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया ने लगातार तीसरी बार इंग्लिश चैनल पार किया। पांच सदस्यीय दल ने 21 घंटे 20 मिनट में इंग्लैंड से फ्रांस पहुंचकर नया कीर्तिमान बनाया।
जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार से शुरू हुए मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में दुनिया की कई वायुसेनाओं के फाइटर जेट और सैन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे। भारतीय वायुसेना की मेजबानी में हो रहे इस दूसरे संस्करण में 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई अपने हवाई संसाधनों के साथ शामिल हैं, जबकि 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास में 80 से ज्यादा विमान तथा करीब 1500 एयर क्रू, तकनीकी और ग्राउंड स्टाफ हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग एड्रेस के साथ साथ सभी मेहमानों को आने वाले 16 दिनों के बारे में ब्रीफ किया गया। लंबी दूरी तय कर आए मेहमानों को ध्यान में रखते हुए मिशन और अॉपरेशन जैसी कार्रवाई की शुरुआत सोमवार से होगी। इस दौरान सभी देशों की वायुसेना अपने एसेट्स के साथ विभिन्न ऑपरेशंस में हिस्सा लेंगी। मिशन प्रोफाइल में काउंटर-एयर, एयर डिफेंस, फोर्स कॉम्बैट, एयरलिफ्ट और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग जैसे जटिल ऑपरेशन शामिल होंगे। जब दो देशों में समान प्लेटफॉर्म तो विकास आसान फ्रांसीसी एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ मेजर जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि यूरोप में अलग-अलग देशों की प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए नाटो की व्यवस्था है, लेकिन इस क्षेत्र में ऐसी समान व्यवस्था नहीं है। ऐसे में भारत समेत दूसरे देशों के साथ प्रशिक्षण का अवसर महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत का राफेल विमानों की नई खेप खरीदना जारी रखने का निर्णय उनके दृष्टिकोण से एक समझदारी भरा निर्णय है। ऑपरेशनल अधिकारी के नजरिए से साझा प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण होता है। इंटरऑपरेबिलिटी के लिए तकनीकी आधार जरूरी है और जब दो देशों के पास समान प्लेटफॉर्म हो तो इसे विकसित करना आसान होता है। फ्रांस ‘पेगासस 26’ के तहत भारत में लेकर आया पूरा एयर पैकेज फ्रांस तरंग शक्ति में सिर्फ राफेल लेकर नहीं पहुंचा है। वह अपने ‘पेगासस 26’ एयर पावर प्रोजेक्शन मिशन के तहत भारत आया है। 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन में करीब 300 फ्रांसीसी सैन्यकर्मी हैं। फ्रांसीसी पैकेज में राफेल लड़ाकू विमान, A330 MRTT फीनिक्स टैंकर-ट्रांसपोर्ट विमान और A400M एटलस ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। भारत इस मिशन के हिंद-प्रशांत चरण का प्रमुख पड़ाव है और इसी दौरान फ्रांसीसी दल तरंग शक्ति में हिस्सा लेने जोधपुर पहुंचा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण बदलती सप्लाई चेन से प्रभावित हो रही है, जिससे महंगाई और खपत में कमी का खतरा बढ़ रहा है।
मध्यप्रदेश के बैतूल के दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने इंग्लैंड के डोवर से फ्रांस तक इंग्लिश चैनल पार कर उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 24 सितंबर की सुबह समुद्र में उतरकर 21 घंटे 20 मिनट तक तैराकी की और 25 सितंबर की सुबह फ्रांस पहुंचे। अभियान में पद्मश्री डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया और पांच सदस्यीय टीम साथ रही। सुरक्षा के लिए एक बोट पूरे समय साथ चलती रही। कई साल की कोशिश के बाद मिली सफलतारामबरन इससे पहले आर्थिक दिक्कत और खराब मौसम के कारण प्रयास पूरा नहीं कर सके थे। इस बार कड़ाके की ठंड और समुद्र की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने तैराकी पूरी की। वे प्रतियोगिता के लिए 17 सितंबर को इंग्लैंड पहुंचे थे। 24 सितंबर को प्रैक्टिस के बाद अगले दिन चैनल पार करने के लिए समुद्र में उतरे। लोहिया की तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंगइस अभियान में भिंड के गजेंद्र सिंह कुशवाह भी जुड़े थे। वहीं डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया ने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। अभियान के दौरान साथ चल रही बोट में रेस्क्यू और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पदकरामबरन ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 22 पदक जीते हैं। वर्ष 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश के विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वे फिलहाल बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच हैं। 1 अक्टूबर को बैतूल लौटेंगे। तस्वीरें देखिए…
तेहरान, 26 सितंबर . ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि नाटो महासचिव मार्क रुटे के बयान ने साफ कर दिया है कि यूरोप ने अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के खिलाफ युद्ध में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है. उन्होंने ईयू और नाटो देशों की जवाबदेही तय करने और रुटे की ... Read more
'ईरान के खिलाफ युद्ध में भागीदारी के लिए यूरोप की जवाबदेही तय होनी चाहिए', नाटो महासचिव के बयान पर बाघेई
भारत-यूरोपीय संघ के बीच अंतरिक्ष साझेदारी क्यों अहम, दोनों को कैसे होगा फायदा
भारत के नए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05 के प्रक्षेपण के साथ भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच अंतरिक्ष सहयोग को नई गति मिलने की संभावना है...
2200 साल पुराना… नदी के सीने में दफन था प्राचीन यूरोप का सबसे बड़ा खजाना, बजरी हटाते ही सामने आया जखीरा
यूरोप के इन देशों पर रूस करेगा हाइब्रिड अटैक, CIA की चेतावनी
CTA ने यूरोपीय सरकारों को स्पेन, फ्रांस या इटली पर संभावित रूसी हाइब्रिड अटैक की चेतावनी दी है. समुद्र से कंटेनरों में छिपे गेरबेरा ड्रोन लॉन्च हो सकते हैं. जॉन रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा के बाद यह जानकारी साझा की गई.
डोनाल्ड ट्रंप का सिर्फ एक बयान और पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट में भूचाल आ गया। अमेरिका ने साफ-साफ कह दिया कि वह अपने डीजल एक्सपोर्ट पर पूरी तरह बैन लगाने जा रहा है। 1970 के बाद से आज तक अमेरिका ने ऐसा सख्त कदम कभी नहीं उठाया था। इसका सीधा मतलब क्या है? इसका सीधा मतलब है यूरोपीय यूनियन, ऑस्ट्रेलिया और मेक्सिको जैसे अमेरिका के सबसे पक्के दोस्त और सहयोगी देश अब रातोंरात एक ऐसे भयानक ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़े हो गए हैं जो उनकी अर्थव्यवस्था को घुटने पर ला सकता है। लेकिन कहानी का असली ट्विस्ट यहां से शुरू होता है। जिस रूसी क्रूड और तेल पर यही पश्चिमी देश भारत को कल तक ज्ञान दे रहे थे। प्रतिबंध और टैरिफ की धमकियां दे रहे थे। आज उसी भारत के दरवाजे पर यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक लाइन लगाने को मजबूर हो गए हैं। ग्लोबल एनर्जी की बिसात पर पासा पूरी तरह से पलट चुका है। बॉयर की मनमानी खत्म हो चुकी है और सेलर यानी भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी किंग मेकर बन चुका है। इसे भी पढ़ें: कोई और कायर रह गया है? निकल जाओ...UN के मंच से नेतन्याहू ने ऐसा दहाड़ा, खाली हो गया पूरा हॉल आखिर ट्रंप ने ऐसा कदम क्यों उठाया? 22 सितंबर को यूएन जनरल असेंबली के दौरान जब मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम बहुत सारा डीजल बनाते हैं लेकिन अपने लोगों के लिए हमें एक्सपोर्ट रोकना होगा। डीजल बाहर भेजना बंद करना होगा। उनके साथ मौजूद ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन ने साफ कर दिया कि एडमिनिस्ट्रेशन इस बैन को लागू करने के तौर तरीकों पर तेजी से काम कर रही है। आसमान छूती कीमतें- अमेरिका में इस वक्त फ्यूल प्राइसेस रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। कैलिफोर्निया में डीजल $.89 प्रति गैलन और नेशनल एवरेज 6 5 प्रति गैलन पार कर चुका है। आगामी चुनाव और घरेलू राजनीति- ट्रंप के कोर वोटर बेस वाले इलाके जैसे गल्फ को जहां रिफाइनिया है वहां एक्सपोर्ट रोकने से लोकल लेवल पर डीजल की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतें अस्थाई रूप से गिरेंगी। शॉर्ट टर्म राहत- घरेलू राजनीति साधने के लिए ट्रंप अपने ही सहयोगियों की बलि चढ़ाने को तैयार दिख रहे हैं। यहां पर अमेरिका इस समय प्रतिदिन लगभग 1.6 मिलियन बैरल डीजल दुनिया भर में एक्सपोर्ट करता है। जब इतना बड़ा सप्लायर अचानक मार्केट से हाथ खींच लेगा पीछे तो क्या होगा? यूरोप की बात की जाए तो यूरोप अपनी एनर्जी के लिए बड़े पैमाने पर यूएस गल्फ कोस्ट की रिफाइन्यू पर निर्भर है। अगस्त में जहां यूरोप 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन यूएस डीजल ले रहा था वो पहले ही घटकर 3.5 लाख बैरल पर आ गया है। गिर गया है। यानी कि अब सऊदी अरब ने क्रूड कार्गो देने से मना कर दिया है। और साउथ कोरिया जेट फ्यूल सप्लाई घटा रहा है। यानी यूरोप के सामने बिजली, ट्रांसपोर्ट और हीटिंग का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऑस्ट्रेलिया की बात कर लेते हैं। ऑस्ट्रेलिया के पास अपनी रिफाइनिंग क्षमता और क्रूड रिजर्व ना के बराबर है। उनका एक-एक लीटर डीजल जहाजों के जरिए समुद्र पार से आता है। उनके पास सिर्फ कुछ ही हफ्तों का रिजर्व बचा है। जैसे ही यूरोप, एशिया बाजारों यानी कि साउथ कोरिया, जापान, सिंगापुर के डीजल पर भारी बोली लगाएगा, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए डीजल मिलना दुबर हो जाएगा। मेक्सिको के एग्रीकल्चर सेक्टर की बात कर ली जाए तो 60% से ज्यादा एनर्जी अमेरिकी डीजल पाइपलाइन से चलती है। अगर वहां डीजल बंद हुआ तो पूरी खेती ठप हो जाएगी। हां पर सवाल यह है कि दुनिया भर की ये बड़ी अर्थव्यवस्थाएं डीजल के लिए किसके पास जाएंगी? इसका एकमात्र और सबसे मजबूत जवाब है भारत। इसे भी पढ़ें: Kusal Mendis के शतक से श्रीलंका ने England को दूसरे ODI में 16 रन से हराया भारत बना ग्लोबल सेवियर भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है जिसकी रिफाइनिंग कैपेसिटी 5.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। भारत अपनी रिफाइनिंग का 20% हिस्सा ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करता है और यूरोपी मार्केट में बाप, अलमंदीप और स्वेज नहर के रास्ते पहुंचने वाले कुल डीजल का 60% से ज्यादा हिस्सा पहले ही भारत से जा रहा है। तुर्की को 1.2 लाख बैरल और यूरोप को 2 लाख बैरल प्रतिदिन डीजल भारत सप्लाई कर रहा है।
सऊदी पर हूती विद्रोहियों के हमले तेज, मदद के लिए उतरेगी फ्रांस की सेना
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने हमलों को काफी तेज कर दिया है. सऊदी अरब के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने लान पोर्ट और ताइफ़ शहर को निशाना बनाकर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इसके अलावा, विद्रोहियों ने तेल संयंत्रों और राजधानी रियाद को भी निशाना बनाने का दावा किया है.
चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर 1 अप्रैल को हुए ग्रेनेड हमले की जांच अब NIA करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केस एनआईए को ट्रांसफर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद एनआईए ने मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। अब केस की सुनवाई एनआईए की विशेष अदालत में होगी। जांच में पुर्तगाल, फ्रांस-जर्मनी से जुड़े हैंडलरों का नाम सामने आया है। एनआईए ने केस का रिकॉर्ड हासिल करने के लिए चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी दायर की थी। अदालत ने केस से संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड एनआईए की विशेष अदालत को भेजने के आदेश दिए हैं। इसमें चंडीगढ़ पुलिस की 13 जुलाई को दाखिल चार्जशीट, सभी जरूरी दस्तावेज, अधूरी जांच से संबंधित कागजात और अदालत की कार्रवाई का रिकॉर्ड शामिल है। जेल में बंद 11 आरोपियों को भी अब एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने 11 आरोपियों को किया था गिरफ्तारसेक्टर-39 थाना पुलिस ने शुरुआत में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा-3 के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं। पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एनआईए को ट्रांसफर की गईइसमें आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं भी जोड़ी गई थीं। यूएपीए की धाराएं लगने के बाद मामले की जांच एनआईए को ट्रांसफर की गई। पुलिस की जांच में कुछ बिंदुओं पर जांच बाकी थी। अब एनआईए इन्हीं बिंदुओं पर आगे जांच करेगी और विदेशी कनेक्शन समेत आतंकी साजिश की पूरी जांच करेगी। पुर्तगाल, फ्रांस-जर्मनी से जुड़े हैंडलरों का नाम आयाचंडीगढ़ पुलिस की जांच में हमले का विदेशी कनेक्शन सामने आया था। पुलिस के मुताबिक पुर्तगाल, जर्मनी और फ्रांस में बैठे हैंडलरों ने हमले के लिए करीब डेढ़ लाख रुपए अलग-अलग किस्तों में भेजे थे। हमला करने वाले गुरतेज उर्फ तेजी और अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन को पांच-पांच हजार रुपए मिले थे। अमनप्रीत के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। फोटो सोशल मीडिया पर वायरलहमले के अगले दिन तेजी और अमन को पता चला कि उनकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसके बाद दोनों डरकर खाटू श्याम पहुंचे और फिर रेवाड़ी चले गए। वहां पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस को आतंकी साजिश और विदेशी फंडिंग की जानकारी मिली थी। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे हथियारजांच के अनुसार, हमले की साजिश पुर्तगाल में बैठे बलजोत सिंह उर्फ जोता ने रची थी। फ्रांस में बैठे सुरजीत उर्फ सरपंच और जर्मनी में बैठे औजला ने उसका साथ दिया। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए दो हैंड ग्रेनेड, एक पिस्टल और 25 से 30 कारतूस भारत पहुंचाए गए थे। आरोपी ग्रेनेड के लिए 'प्याज' और गोलियों के लिए 'दाने' कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी नेटवर्क के जरिए भाजपा कार्यालय पर हमले की साजिश को अंजाम दिया गया था।
फ्रांस में स्मार्ट चश्मों से महिलाओं के बिना अनुमति वीडियो बनाने के मामलों की जांच शुरू हुई है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग सड़क पर महिलाओं के वीडियो बनाकर उन्हें इंटरनेट पर डाल रहे थे। इसी को लेकर यौन उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं। इन चश्मों में छोटा कैमरा लगा होता है। इन्हें पहनने वाला बिना मोबाइल निकाले वीडियो बना सकता है। यही वजह है कि इनके गलत इस्तेमाल को लेकर दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ रही है। इन स्मार्ट चश्मों में मेटा के चश्मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। मेटा ने ये चश्मे, चश्मा बनाने वाली कंपनी एस्सिलोरलक्सोटिका के साथ मिलकर बनाए हैं। पिछले साल इनके करीब 70 लाख चश्मे बिके थे। फ्रांस में निजी वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल का नियम रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आपराधिक जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि महिलाओं के वीडियो बनाने के लिए किस कंपनी के चश्मे का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दो हफ्ते पहले इन चश्मों को खुद इस्तेमाल करके देखा। पुलिस यह पता करना चाहती थी कि इनसे किस तरह के गलत काम किए जा सकते हैं। फ्रांस में किसी व्यक्ति की निजी जगह पर बिना अनुमति उसकी तस्वीर या वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल और 45 हजार यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है। महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाए जाने की चिंता मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, स्मार्ट चश्मों के गलत इस्तेमाल में महिलाओं को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली इनेस गिरार्द ने कहा कि इसका समाधान यह नहीं हो सकता कि जिस व्यक्ति की रिकॉर्डिंग हो रही है, उसी से कहा जाए कि वह ज्यादा सावधान रहे। उनका कहना है कि स्मार्ट चश्मे बनाने वाली कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी तकनीक का इस्तेमाल लोगों को परेशान करने या उनकी निजता भंग करने के लिए न हो। दूसरे देशों में भी स्मार्ट चश्मों पर सवाल जर्मनी: मेटा और स्मार्ट चश्मे से जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। अमेरिका: एक व्यक्ति ने हिरासत केंद्र के अंदर लोगों के वीडियो चुपके से रिकॉर्ड किया था। इसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे लेकर चिंता जताई। ब्रिटेन: इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में मेटा के कैमरा वाले स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक है। कुछ सिनेमाघरों ने भी पाइरेसी के डर से इनके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। नॉर्वे: छात्रों की प्राइवेसी को लेकर स्कूलों में स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है ऑस्ट्रेलिया: सरकार सरकारी दफ्तरों में कैमरे वाले स्मार्ट चश्मों पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। अमेजन डिलीवरी में भी इस्तेमाल कर रही स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो बनाने के लिए नहीं हो रहा है। अमेजन डिलीवरी के काम में भी ऐसे चश्मों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ऐसे चश्मे बना रही है, जिनसे डिलीवरी कर्मचारी बिना मोबाइल निकाले पैकेज स्कैन कर सकेंगे, रास्ता देख सकेंगे और सामान पहुंचाने के बाद उसकी तस्वीर ले सकेंगे। रास्ते में कुत्ता या कोई दूसरी रुकावट होने पर चश्मा अलर्ट भी दे सकता है। अमेजन ने इन चश्मों को डिलीवरी कर्मचारियों के साथ टेस्ट किया है। मेटा बिना कैमरे वाला स्मार्ट चश्मा ला सकता है स्मार्ट चश्मों को लेकर उठ रहे निजता के सवालों के बीच मेटा एक ऐसा नया चश्मा लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कैमरा नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका नाम लूना हो सकता है। इस चश्मे में छह माइक्रोफोन और कान के पास स्पीकर होंगे। इनके जरिए यूजर मेटा के एआई से बात कर सकेगा। यानी एआई इस्तेमाल करने के लिए कैमरे की जरूरत नहीं होगी। चश्मे में AI को चालू करने के लिए एक अलग बटन भी दिया जा सकता है। यह सामान्य चश्मे जैसा ही दिखेगा। मेटा इसे क्लबमास्टर और बरबैंक नाम के नए डिजाइन में ला सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा 23 सितंबर से होने वाले अपने डेवलपर कार्यक्रम में इसकी घोषणा कर सकता है। इसकी बिक्री इस साल के आखिर में शुरू होने की बात कही गई है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी: रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा सिंगापुर सरकार अब लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे देगी। इसके लिए रोज कम से कम 15 मिनट किताब या लंबे लेख पढ़ने होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

