फ्रांस में युवाओं के हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, देखें हेडलाइंस
फ्रांस में युवाओं का प्रदर्शन उग्र हो गया है. पेरिस में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब तक 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ यह गुस्सा कई अन्य देशों में भी फैल रहा है. इस बीच 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करेगी. अखिलेश यादव ने इसे पीडीए का प्रण पत्र और जनमन का मेनिफेस्टो बताया है.
BREAKING : यूरोप के 6 देशों में बड़ा आंदोलन: शिक्षा और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, फ्रांस में हिंसा
फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, देखें हेडलाइंस
मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस की जांच काफी तेज हो गई है. वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से बरामद कर लिया है. इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है और पुलिस सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी है. पेरिस में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. देखें हेडलाइंस.
भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर हरसिमरत कौर बादल ने उठाए सवाल, बोलीं-सीएम ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ा
भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर हरसिमरत कौर बादल ने उठाए सवाल, बोलीं-सीएम ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ा
महंगे घर, बढ़ता किराया और महंगाई... यूरोप में भड़क रहा है लोगों का गुस्सा
विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों के सामने यह सवाल फिर खड़ा किया है कि विकास और बढ़ती अर्थव्यवस्था के बीच आम लोगों के लिए किफायती घर कैसे सुनिश्चित किए जाएं.
‘जनता बदलाव चाहती है, भविष्य की आवाज सुनिए’, फ्रांस हिंसा पर अराघची ने मैक्रों को घेरा
तेहरान, 19 अक्टूबर . ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव चाहती है. President इमैनुएल मैक्रों ने खुद ही यह…
फ्रांस इस समय जल रहा है। शायद ही कोई ऐसा शहर रहा हो, जो इस आग की चपेट में न हो! यह आग क्यों लगी, इसके कारण कई खोजे जाते रहेंगे, मगर इस आगे में जल क्या क्या रहा है, वह देखना और भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि अब वहाँ पर सभ्यता के प्रतीक जल रहे […]
फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन, हिंसा और झड़पों को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपनी ही बातों से सबक लेने की सलाह दी। बाघेई ने मैक्रों को 'प्रदर्शन के अधिकार' की बात दिलाई जो उन्होंने जनवरी में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कही थी।
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 143 साल पुराना टाउन हॉल खाक; 2400 गिरफ्तार
यूरोप के कई देशों में आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप में फूट पड़ा है। फ्रांस, स्पेन, इटली, अल्बानिया, पुर्तगाल और बेल्जियम में इन दिनों बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को ...
तेहरान, 19 अक्टूबर . फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन, हिंसा और झड़पों को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने President इमैनुएल मैक्रों को…
फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद दिलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, पेरिस से बोर्डो तक आगजनी और लूटपाट; हजारों गिरफ्तार
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि कई वाहनों और दुकानों को निशाना बनाया गया। मार्सेय समेत अन्य शहरों में भी हिंसा की घटनाएं सामने आईं। ऐतिहासिक इमारतों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी
पेरिस, 19 अक्टूबर . फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और झड़पों को लेकर President इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि जिन लोगों ने देश…
फ्रांस के प्रदर्शनों के पीछे वैश्विक वामपंथी संगठन?: भारत से भी जुड़े तार, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा france-student-protests-riots-fueling-by-global-left-wing-network-footprints-traced-to-india-fox-news-report
फ्रांस में क्यों भड़की हिंसा? ऐसे बिगड़े हालात कि...
फ्रांस में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. कई शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुईं. करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि लगभग 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए. हिंसा से कारोबार भी प्रभावित हुआ है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
France Protest: अमीर देश फ्रांस में बार-बार क्यों भड़कते हैं आंदोलन? महंगाई, बेरोजगारी और स्कूलों की बदहाली से बढ़ी नाराजगी
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बनेगी बात?: पुतिन ने ट्रंप और जिनपिंग के साथ बैठक का रखा प्रस्ताव, कब होगी मुलाकात?
रूस की प्लानिंग है कि पुतिन, ट्रंप और जिनपिंग के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आगामी 'एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग' (APEC) शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित की जाए. यह सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को दक्षिणी चीन के टेक हब, शेन्जेन में होने वाला है.
भारत-चीन पर यूरोपीय देशों से प्रतिबंध लगवाना चाहता था US, वित्त मंत्री का खुलासा
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने अपने यूरोपीय साझेदारों से रूसी तेल खरीदने के लिए चीन और भारत पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था. लेकिन यूरोपीय सहयोगियों इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.
फ्रांस के दूसरे सबसे बड़े शहर मार्सेई पर तो दंगाइयों का पूरी तरह से कब्जा हो गया। विरोध प्रदर्शन के नाम पर सड़कों पर उतरे दंगाइयों ने पुलिस पर लगातार अटैक करके पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
हिंसा की आग में जल रहा फ्रांस: 1500 से ज्यादा दुकानें लूटी, 2400 गिरफ्तार और 1000 पुलिसकर्मी भी घायल
फ्रांस में पिछले कुछ दिनों की अशांति के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने टेलीविजन संबोधन में “अनियंत्रित हिंसा” की आलोचना की। देशभर में सार्वजनिक इमारतें जलाई गईं, सैकड़ों दुकानें तोड़ी और लूटी गईं। लगभग 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार संकट वार्ता कर रही है। मंत्री, अधिकारी और पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। […]
फ्रांस में हिंसा से हाहाकार... 2400 गिरफ्तार, 1000 पुलिसकर्मी भी घायल
प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं फ्रांस में सामने आई हैं. अधिकारियों का कहना है कि प्रोटेस्ट कर रहे करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया. लगभग 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की निंदा करते हुए शांति की अपील की है.
Chandigarh News: फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक
फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक
फ्रांस में सबसे बड़ा प्रदर्शन: 2000 गिरफ्तार; सड़कों पर लाखों लोग; राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या चेतावनी दी?
जागरण संपादकीय: संकट में यूरोप
यूरोप और पश्चिम के अन्य देश जिन समस्याओं से घिरे हैं, उनके लिए वही अधिक जिम्मेदार हैं। ये देश हिंसक प्रदर्शनों को इसलिए नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि लोगों की जायज चिंताओं के बहाने अराजकता फैलाने वालों को कुछ ऐसी शक्तियां भड़काने में लगी हुई हैं, जो अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति करना चाहती हैं। इनमें इस्लामिस्टों और कम्युनिस्टों के गठजोड़ की भूमिका कहीं अधिक दिखाई दे रही है।
ट्रंप ने बताया जलते फ्रांस को बचाने का तरीका, पहले कहा था-इस्लाम देश पर कब्जा करना चाहता है
ट्रंप ने पहले भी, अपने देश और विदेशों में, अशांति और सामाजिक समस्याओं को आप्रवासन (इमिग्रेशन) से जोड़ा है. आप्रवासन पर रोक लगाना उनकी राजनीति का मुख्य हिस्सा रहा है.
फ्रांस के कई शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा
फ्रांस के कई शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा franceफ्रांस के कई शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा फ्रांस के कई शहरों में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई। इस दौरान एक हजार दो सौ से अधिक लोगों […]
'उनके दिलों में नफरत, बॉर्डर बंद करो...', ट्रंप ने फ्रांस हिंसा को इमिग्रेशन से जोड़ा
फ्रांस में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में हिंसा, लूटपाट और आगजनी हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराते हुए सीमाएं बंद करने की अपील की.
यूरोप में भड़का छात्रों का गुस्सा, फ्रांस से अल्बानिया तक सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन
यूरोप के कई देशों में इन दिनों युवाओं और छात्रों का गुस्सा चरम पर है. फ्रांस, इटली और अल्बानिया जैसे देशों में छात्र सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं. शिक्षा व्यवस्था की कमियों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों तक फैल चुका है. फ्रांस की राजधानी पेरिस में छात्रों की पुलिस से तीखी झड़पें हुई हैं, जहां तोड़फोड़, आगजनी और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ रहा है.
जिनके दिलों में नफरत उनकी वजह से फ्रांस जल रहा है: ट्रंप
वाशिंगटन/ पेरिस, 18 अक्टूबर . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए दिलों में नफरत लेकर चल रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराया है.…
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसी हिंसा फैलाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने विपक्ष और कथित भारत-विरोधी ताकतों पर निशाना साधा।
फ्रांस : भीषण दंगों के बाद सफाई और नुकसान का आकलन शुरू
पेरिस, फ्रांस में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट के खिलाफ हुए प्रदर्शन शनिवार को अचानक हिंसक हो गए। आगजनी और तोड़फोड के बाद अब रविवार को देशभर में मरम्मत और सफाई का काम शुरू हुआ। शनिवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई, 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और करीब 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
महंगाई, पढ़ाई और तेल...फ्रांस का देशों में चलता था राज, क्यों जल रहा आज; भारत से क्या सीखना चाहिए
दूसरे विश्व युद्ध के बाद फ्रांस ने दुनिया के सबसे उदार और बड़े 'कल्याणकारी राज्य' यानी वेलफेयर स्टेट बनाने का फैसला किया था. मुफ्त और बेहतरीन इलाज, बेरोजगारों को मिलने वाला सरकारी भत्ता, लंबी छुट्टियां और जल्दी रिटायरमेंट. लेकिन अब हालात पहले जैसे सुनहरे नहीं रहे, अब देश पर बेहताशा कर्ज है.
बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने रविवार को विपक्ष के सरकार बदलने वाले बयानों पर तंज कसा है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष की निम्न स्तर की हरकतें देश को बार-बार याद दिला रही हैं कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। कंगना ने फ्रांस में हुई हिंसा और तीसरे विश्व युद्ध के मंडराते खतरे का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देश की कमान मजबूत हाथों में होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता में दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ पर भी दुख व्यक्त किया। फ्रांस की हिंसा का दिया हवाला, कहा- वहां सब जला दिया विपक्ष की ओर से सरकार बदलने और रेजीम चेंज की मांगों पर सवाल पूछे जाने पर कंगना रनोट ने कहा कि ऐसी हरकतें देश की जनता को जागरूक कर रही हैं। उन्होंने फ्रांस का उदाहरण देते हुए कहा कि शनिवार रात फ्रांस में क्या हुआ, यह सबने देखा है। वहां ऐतिहासिक इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया और लूटपाट हुई। कंगना ने कहा कि दुनिया भर में चल रही अस्थिरता और तीसरे विश्व युद्ध की आशंका के बीच विपक्ष रोज यह साबित कर रहा है कि देश को पीएम मोदी के नेतृत्व की आवश्यकता क्यों है। वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत नेतृत्व की जरूरत कंगना रनोट ने अपनी बातचीत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और वैश्विक संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भर के देशों में आंतरिक अशांति और युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, तब भारत को एक स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह देख रही है कि किस तरह की बयानबाजी की जा रही है। कंगना ने उम्मीद जताई कि नागरिक देश की सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देंगे। कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर जताया दुख, भीड़ से बचने की सलाह दी मीडिया से बातचीत के दौरान कंगना रनोट ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पांडाल में हुई भगदड़ की घटना पर दुख जताया। शनिवार शाम बारिश के दौरान उत्तरी कोलकाता के पांडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। कंगना ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के दौरान अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। पुलिस ने पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। ये खबर भी पढ़ें कोलकाता पंडाल में भगदड़ का VIDEO:बारिश में सैकड़ों लोग दौड़कर अंदर घुसे, संकरे रास्ते में दबे, महिलाएं-बच्चे चीखने लगे; 19 मौतें, 5 ICU में भर्ती कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ के दो वीडियो सामने आए हैं। 27 सेकेंड के एक वीडियो में बारिश के बीच सैकड़ों लोग दौड़ते हुए पंडाल में घुसते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका-ईरान तनाव से लेकर फ्रांस में आगजनी तक, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच परिस्थितियां बेहद नाजुक हो चुकी हैं. सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों ने अमेरिका द्वारा दिए गए उन्नत अपाचे हेलीकॉप्टर को गिरा दिया है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई है. इसके साथ ही लाल सागर और फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले लगातार जारी हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है.
फ्रांस में भीषण दंगों के बाद सफाई और नुकसान का आकलन शुरू
फ्रांस में भीषण दंगों के बाद सफाई और नुकसान का आकलन शुरू
रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत ने बनाया शांति का नया फॉर्मूला
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही भीषण जंग को रोकने के लिए भारत अब एक बड़ी और अहम भूमिका में सामने आया है. भारत अब केवल शांति की अपील करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि मॉस्को और कीव दोनों के साथ एक प्रभावी शांति फॉर्मूले पर सीधी चर्चा कर रहा है. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत दोनों देशों के साथ अनाज के निर्यात, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री जहाजों की सुरक्षा को लेकर बातचीत कर रहा है.
वेस्ट बैंक में फिर भड़की हिंसा: अमेरिकी पत्रकार और यूरोपीय राजनयिक पर हमला, इजरायलियों पर आरोप
इजरायली कब्जे वाले वेस्ट बैंक में तनाव लगातार बढ़ रहा है। खबर है कि इजरायली बसने वालों ने एक अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट और कई यूरोपीय राजनयिकों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
'भारत में भी रची गई थी बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसक साजिश...', किरेन रिजिजू का बड़ा दावा
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत में 'रिजीम चेंज' की बात करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल चुनावों के जरिए हो सकता है, किसी बाहरी ताकत के जरिए नहीं. उन्होंने बांग्लादेश और फ्रांस में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए भारत में भी ऐसी साजिश रचे जाने का आरोप लगाया.
फ्रांस-इटली समेत यूरोप के 5 देशों में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन, भड़की हिंसा
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप में फूट पड़ा है. फ्रांस, इटली, अल्बानिया, पुर्तगाल और बेल्जियम में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखे जा रहे हैं. राजधानी पेरिस समेत फ्रांस के कई शहरों जैसे लिमोझ, स्ट्रासबर्ग, लियोन और मर्सिले में भारी तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं. लिमोझ में प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया, जिससे इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया.
दुनिया के कई देशों में आर्थिक दबाव, रोजगार की चिंता और सरकारी नीतियों को लेकर लोगों की नाराजगी चर्चा में है। फ्रांस से इटली और अमेरिका तक अलग-अलग मुद्दों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों के सामने जनता की अपेक्षाओं और आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने का सवाल खड़ा किया है। कहीं महंगाई […] The post फ्रांस, इटली से अमेरिका तक 8 देशों में विरोध प्रदर्शन तेज, महंगाई-बेरोजगारी और सरकारी नीतियों से क्यों नाराज हैं लोग? first appeared on Sanjeevni Today .
चंडीगढ़ की विरासत पर फिर मंडराया संकट, फ्रांस में 25 अक्टूबर को 9 दुर्लभ फर्नीचरों की नीलामी
चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े 9 दुर्लभ फर्नीचरों की फ्रांस में 25 अक्टूबर को नीलामी होगी, जिनकी कीमत करोड़ों में है। एडवोकेट अजय जग्गा ने विदेश मंत्रालय से नीलामी रोकने और फर्नीचर की उत्पत्ति की जांच की मांग की है।
France Protest Update News: मॉल लूटे, गाड़ियां फूंकी... फ्रांस में बेकाबू हुई हिंसा| Emmanuel Macron
France Protest Update News: फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया। पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं से हालात बिगड़ गए।
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 1,200 हिरासत में और 150 सुरक्षाकर्मी घायल
पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट लिमोज का ऐतिहासिक टाउन हॉल आग में तबाह 5.50 लाख लोगों के प्रदर्शन में हिंसा से बिगड़े हालात पेरिस। फ्रांस में बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर शनिवार को हुए व्यापक प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक हो गए। प्रदर्शन के […] The post फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, 1,200 हिरासत में और 150 सुरक्षाकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
भारत-फ्रांस-बेल्जियम समेत कई देशों में बवाल, दुनिया भर में सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन
दुनिया के कई देशों में महंगाई, बेरोजगारी, आवास संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव से पहले जनता का गुस्सा फूट पड़ा है, जहां लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं. बेल्जियम, पुर्तगाल, इटली, अल्बानिया, तुर्किये, अर्जेंटीना और अमेरिका में भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी हैं.
फ्रांस में हिंसा का ट्रंप ने उड़ाया मजाक, बोले- चलो फ्रांस चलते हैं, बड़ी प्यारी जगह है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के बिगड़ते हालात पर व्यंग्य और तंज कसते हुए मजाक उड़ाया। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस हिंसा के लिए पश्चिमी देशों की उदारवादी आप्रवासन और विविधता नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
फ्रांस दंगों के लिए वेंस ने इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार, बोले- थर्ड वर्ल्ड को इम्पोर्ट किया
वेंस ने कहा कि वेस्टर्न लिबरल्स ने डाइवर्सिटी और करुणा के नाम पर फ्रांस और अन्य देशों में 'तीसरी दुनिया' (थर्ड वर्ल्ड) को इम्पोर्ट किया. उन्होंने एसिमिलेशन और कंपैटिबिलिटी के बुनियादी सवालों को नजरअंदाज किया.
यूरोप के कई देशों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा-बवाल, देखें दुनिया आजतक
यूरोप के कई देशों में विरोध प्रदर्शन ने हालात बिगाड़ दिए हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस से लेकर अल्बानिया और बेल्जियम तक छात्र और युवा सड़कों पर हैं. कहीं पुलिस से झड़प हो रही है, तो कहीं आगजनी और तोड़फोड़. शिक्षा व्यवस्था से शुरू हुआ गुस्सा अब महंगाई और रोजगार तक पहुंच गया है. देखें दुनिया आजतक.
फ्रांस का बड़ा रणनीतिक फैसला: अकेले उतरा छठी पीढ़ी के फाइटर जेट मैदान में
वैश्विक रक्षा बाजार में एक बार फिर से फ्रांस ने अपनी तकनीकी और सामरिक स्वतंत्रता का परचम लहराते हुए बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। यूरोप के अन्य देशों के साथ रक्षा साझीदारी में आई अड़चनों के बाद अब फ्रांस ने अकेले ही अपने दम पर भविष्य के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान (6th Generation Fighter Jet) को विकसित करने का बीड़ा उठाया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के साथ-साथ फ्रांस अपनी मौजूदा वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने के लिए 'सुपर राफेल' यानी राफेल F5 (Rafale F5) के विकास पर भी तेजी से काम कर रहा है। रक्षा जानकारों का मानना है कि फ्रांस का यह कदम यूरोपीय सुरक्षा के साथ-साथ भारत जैसे उसके करीबी रणनीतिक साझीदारों के लिए भी रक्षा गलियारों में नए समीकरण पैदा कर रहा है। भारतीय रक्षा मंत्रालय और नई दिल्ली के नीति निर्धारकों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि भारत ने इस तकनीकी बदलाव के दौर में तुरंत और सटीक कदम नहीं उठाए, तो भविष्य के वैश्विक रक्षा बाजार में पीछे छूटने का जोखिम पैदा हो सकता है।सुपर राफेल F5 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकतफ्रांस द्वारा विकसित किया जा रहा राफेल F5 स्टैंडर्ड कोई सामान्य अपग्रेड नहीं है, बल्कि इसे 'सुपर राफेल' के रूप में पेश किया जा रहा है जो सीधे तौर पर छठी पीढ़ी के युद्धक विमानों के लिए एक तकनीकी ब्रिज या सेतु का काम करेगा। इस नए लड़ाकू विमान में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को जोड़ा जा रहा है, जो पायलट को जटिल युद्ध परिस्थितियों में पलक झपकते ही सटीक निर्णय लेने में मदद करेगा। इसके अलावा, इसमें अगली पीढ़ी का एडवांस्ड AESA रडार, उन्नत स्पेक्ट्रा (SPECTRA) इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट, और हाइपरसोनिक तथा स्टील्थ हथियारों को एकीकृत करने की अद्भुत क्षमता होगी। सबसे खास बात यह है कि राफेल F5 मानव-संचालित विमानों और मानवरहित कॉम्बैट ड्रोन्स (Loyal Wingman Drones) के बीच एक बेहतरीन और सुरक्षित तालमेल बिठाने में सक्षम होगा, जिससे दुश्मन के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा दिया जा सके।भारत के लिए क्यों जरूरी है समय रहते बड़ा और कड़ा निर्णय लेना?भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंध पिछले कुछ दशकों में ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल F3-R विमानों का सफल संचालन कर रही है, और भारतीय नौसेना के लिए भी राफेल-एम (Rafale-M) सौदे पर मुहर लग चुकी है। इसके अलावा, भारत के 114 मल्टीrole फाइटर जेट्स (MRFA) के टेंडर में भी राफेल एक मजबूत दावेदार है, जिसमें से एक बड़े हिस्से को 'राफेल F5' मानक के तहत जोड़े जाने की चर्चा है। रक्षा विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह सुझाव है कि यदि नई दिल्ली फ्रांस के साथ इस छठी पीढ़ी के फाइटर जेट और उन्नत तकनीक के अनुसंधान व विकास (R&D) चरण में शुरुआत से ही जुड़ना चाहती है, तो उसे कूटनीतिक और रक्षा स्तर पर देरी नहीं करनी चाहिए। एक बार जब इन विमानों के प्रोटोटाइप और फाइनल डिजाइन का काम पूरा हो जाएगा, तो बाद में इस प्रोजेक्ट में गहरी और सार्थक भागीदारी निभाना बेहद कठिन हो जाएगा।'मेक इन इंडिया' और स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट को मिलेगा जबरदस्त बूस्टयदि भारत समय रहते फ्रांस के इस नए रक्षा कदम के साथ अपने कदमों का तालमेल बिठा लेता है, तो इसका सीधा फायदा देश के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों को मिलेगा। भारत का अपना पांचवीं पीढ़ी का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट और भावी जेट इंजन विकास कार्यक्रम इस तकनीकी सहयोग से और अधिक मजबूत हो सकते हैं। फ्रांस पहले से ही भारत के नागपुर में दासो रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL) के जरिए राफेल के विभिन्न हिस्सों का निर्माण कर रहा है, जिससे भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बन चुका है। राफेल F5 और छठी पीढ़ी की तकनीकों का ट्रांसफर भारत को चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों पर आसमान में रणनीतिक और तकनीकी रूप से अजेय बढ़त दिला सकता है। इसलिए, भारत के रक्षा नेतृत्व के लिए यही सही वक्त है कि वे फ्रांस के साथ इस नए रक्षा अध्याय में अपनी मजबूत हिस्सेदारी सुनिश्चित करें।
कैथल में टूर पैकेज दिलाने के नाम पर अज्ञात आरोपी ने एक महिला से 1 लाख 90 हजार 174 रुपए हड़प लिए। आरोपी ने सात दिन का पैकेज दिलाने का झांसा दिया था। पेरिस और स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना सब पैकेज में शामिल होने की बात कही। रुपए लेने के बाद मोबाइल बंद कर लिया। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गूगल पर टूर पैकेज शुरू किया चीका निवासी मीनू ने साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि वह एक घरेलू औरत है। कुछ दिन पहले उसने गूगल सर्च पर टूर एंड ट्रैवल के लिए सर्च किया तो वहां पर थ्रिलोफिलिया नामक एक कंपनी की वेबसाईट मिली। इस पर उसने सर्च किया तो कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि क्या आप कोई टूर पैकेज लेना चाहते हैं तो उसने कहा कि उन्हें यूरोप का प्लान चाहिए। इसके बाद आरोपी ने उसे अपने पैकेज में यूरोप के प्लान की डिटेल बताई, जिसमें 7 दिन के लिए पेरिस व स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना ये सब 3 लाख 80 हजार रुपए बताया। बहाना बनाकर रुपए जमा करवाए पीड़िता ने बताया कि, उसने अपने परिवार के साथ सलाह करके टूर को बुक करने के लिए हां कर दी। बाद में आरोपी ने उसे वेबसाइट पर जाकर पेमेंट करने को कहा। आरोपी ने उससे अलग अलग बहाने बनाकर 3 बार में 1 लाख 90 हजार 174 रुपए जमा करवा लिए। रुपए लेने के बाद आरोपी ने उसके ईमेल पर वाउचर भेज दिए और कहा कि आपकी बुकिंग हो गई है। उसने मोबाइल यूजर को कहा कि टूर पर जाने के लिए उसे छुट्टी लेने के लिए प्लेन टिकट की जरूरत है। आप प्लेन की टिकट भेज दो। इस पर आरोपी ने कहा कि टिकट के बारे में आपके पास कंपनी की तरफ से फोन आ जाएगा। काफी समय बीतने के बाद भी नहीं आई कॉल काफी समय बीतने के बाद भी जब उसके पास कंपनी का कॉल नहीं आई तो उसे शक हुआ कि उसके साथ 1 लाख 90 हजार 174 रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
रूसी कच्चे तेल की प्रोसेसिंग के बाद भारत और दो अन्य देशों से पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात सितंबर में 43% बढ़कर 1 अरब यूरो हो गया। सीआरईए रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ ने रूसी तेल से बने ईंधन पर प्रतिबंध के बावजूद इन देशों से आयात बढ़ाया, जबकि भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटा।
इटली और फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, लूटपाट और आगजनी, सैकड़ों गिरफ्तार
यूरोप में बढ़ती महंगाई ने अब सरकारों की जड़ें हिलानी शुरू कर दी है। इससे जुड़ी घटनाएं फ्रांस और इटली में देखने को मिल रही है। यहां विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं हो रही है।
फ्रांस हिंसा: जेडी वेंस का आव्रजन नीति पर सवाल, बोले- लिबरल्स ने चेतावनी नहीं सुनी
वाशिंगटन, 18 अक्टूबर . अमेरिका के उपPresident जेडी वेंस ने फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन और ऐतिहासिक इमारत में आगजनी की घटनाओं का हवाला देते हुए पश्चिमी देशों की…
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होने की खबरों ने देश की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। दावा किया जा रहा है कि महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के विरोध में करीब 8 लाख लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन […] The post महंगाई के खिलाफ फ्रांस में बड़ा आंदोलन, सड़कों पर उतरे लाखों लोग; राष्ट्रपति भवन के पास हिंसा से मचा हड़कंप first appeared on Sanjeevni Today .
रूस के तेल से कैसे मुनाफा कमा रहा भारत?: सीआरईए की रिपोर्ट में खुलासा, यूरोप के साथ 43 प्रतिशत बढ़ा कारोबार- How India profiting from Russian oil CREA report reveals 43 percent increase in trade with Europe
यूरोप में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन: पेरिस में जला 143 साल पुराना टाउन हॉल, दुकानों में लूटपाट और आगजनी Europe-inflation-protests-violent-paris-town-hall-fire-looting-shops-195-detained-in-france
फ्रांस के छात्र आंदोलन को श्रमिकों का साथ: सरकारी इमारतें फूंकी, लूटपाट; प्रदर्शन का चेहरा मेयर बाली बगायोको?
फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुईं। कई शहरों में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।
फ्रांस : महंगाई और छात्र मांगों को लेकर हिंसक प्रदर्शन
पेरिस, फ्रांस के कई शहरों में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा और झड़पें हुईं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने शनिवार को कहा कि पूरे फ्रांस में हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग शामिल हुए। बढ़ती महंगाई के खिलाफ और छात्रों की मांगों के समर्थन में लोग सड़कों पर उतरे।
आंदोलन के उग्र होने के साथ ही नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने Apple, Louis Vuitton, Herms जैसी दुनिया की प्रमुख लक्जरी रिटेल दुकानों और शोरूम्स में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की।
फ्रांस की हिंसा पर बोलीं कंगना रनौत, रिजीम चेंज पर भी दिया बयान
विपक्ष की ओर से सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए गए बयानों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'इस तरह की ओछी हरकतें देश को लगातार यह याद दिलाती हैं कि एक मजबूत नेतृत्व की कितनी जरूरत है.'
यूरोपीय महाशक्ति फ्रांस एक बार फिर भीषण नागरिक अशांति, हिंसा और आगजनी की लपटों में घिर गया है। देश में बढ़ती महंगाई, रहन-सहन की लगातार बढ़ती लागत (Cost of Living Crisis) और चरमराती सार्वजनिक सेवाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का आंदोलन देखते ही देखते बेकाबू और हिंसक दंगों में तब्दील हो गया। राजधानी पेरिस से लेकर ल्योन, मार्सिले, बोर्डो और लिली तक हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस व्यापक उपद्रव के दौरान नकाबपोश दंगाइयों ने दुनिया के सबसे नामी लग्जरी ब्रांड्स के शोरूम्स पर धावा बोलकर करोड़ों के सामान लूट लिए, जबकि मध्य फ्रांस के शहर लिमोज में 143 साल पुरानी प्रथम विश्व युद्ध दौर की ऐतिहासिक प्रशासनिक धरोहर जलकर राख हो गई।143 साल पुराना लिमोज टाउन हॉल जलकर खाक, आंसू बहाते दिखे कर्मचारीइस राष्ट्रव्यापी हिंसा की सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीर मध्य फ्रांस के शहर लिमोज (Limoges) से सामने आई। शनिवार देर शाम सैकड़ों नकाबपोश उपद्रवियों ने पहले टाउन हॉल परिसर के बाहर खड़ी पुलिस वैन में आग लगाई और फिर खिड़कियां तोड़कर 143 साल पुरानी इस ऐतिहासिक इमारत के भीतर दाखिल हो गए। दंगाइयों ने इमारत के मुख्य हॉल में आग लगा दी, जो देखते ही देखते पूरे ढांचे में फैल गई। जब तक अग्निशमन दल के जवान मौके पर पहुंचे, 19वीं सदी की यह ऐतिहासिक धरोहर और उसके अनमोल सांस्कृतिक दस्तावेज भीषण लपटों में घिर चुके थे। जलती हुई इमारत के बाहर खड़े नगर निगम के कर्मचारी अपनी आंखों के सामने इस ऐतिहासिक विरासत को स्वाहा होते देखकर बिलख-बिलख कर रोते नजर आए।Apple, Louis Vuitton और Herms के लग्जरी स्टोर्स में खुली लूटपाटपेरिस के प्रतिष्ठित चैंप्स-एलिसीज (Champs-lyses) और लिली शहर के कमर्शियल हब में दंगाइयों ने पूंजीवाद और कॉर्पोरेट व्यवस्था को निशाना बनाते हुए जमकर तांडव मचाया। लिली शहर में स्थित टेक दिग्गज एप्पल (Apple) के विशाल स्टोर के शीशे हथौड़ों और पत्थरों से चकनाचूर कर दिए गए और उपद्रवी आईफोन, मैकबुक और आईपैड से भरे काउंटर मिनटों में खाली कर भाग निकले। वहीं पेरिस और मार्सिले में लुई वुइटन (Louis Vuitton), हर्मीस (Herms), डियोर (Dior) और गोयार्ड (Goyard) जैसे हाई-एंड लग्जरी स्टोर्स के शटर उखाड़कर लाखों यूरो मूल्य के डिजाइनर हैंडबैग, घड़ियां और महंगे कपड़े लूट लिए गए। पेरिस के उपमहापौर ने स्थिति को बयां करते हुए कहा कि राजधानी की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।5.5 लाख से अधिक लोग सड़कों पर, 1200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तारफ्रांस के गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में शनिवार को कम से कम 5.5 लाख लोग शामिल हुए, जबकि प्रमुख मजदूर संगठन सीजीटी (CGT) ने दावा किया कि देश भर में 8 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर थे। शांतिपूर्ण मार्च की आड़ में जैसे ही चरमपंथी तत्व और 'येलो वेस्ट' (Yellow Vests) से जुड़े समूह आगे आए, स्थिति अराजक हो गई। झड़पों में 150 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने रातभर में 1,200 से अधिक दंगाइयों और लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदर्शनकारियों ने ल्योन में टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर को आग लगा दी, जबकि बोर्डो में पुलिस हेडक्वार्टर और मार्सिले के नगर निगम कार्यालयों पर पथराव कर भारी क्षति पहुंचाई।इमैनुएल मैक्रों का कड़ा संदेश: हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगाहिंसा और लूटपाट की घटनाओं पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सख्त रुख अपनाते हुए देशवासियों को संबोधित किया। मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'हमारे गणराज्य में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्तियों को तोड़ा है, पुलिस पर हमले किए हैं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लूटा है और टाउन हॉल को आग के हवाले किया है, उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।' देश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने भी स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी सूरत में भीड़तंत्र और उपद्रव के आगे नहीं झुकेगी।आखिर क्यों उबल रहा है फ्रांस? अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी साधा निशानाफ्रांस में भड़की इस आग की जड़ें लंबे समय से सुलग रही सामाजिक और आर्थिक नाराजगी में छिपी हैं। पिछले कई महीनों से देश में खाद्यान्न और ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम मध्यम वर्ग और ग्रामीण आबादी का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा गया है। इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और विश्वविद्यालयों में कठिन प्रवेश नियमों को लेकर छात्र पिछले तीन हफ्तों से आंदोलन कर रहे थे, जिन्हें 57% से अधिक आम जनता का समर्थन हासिल था।इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वेंस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए यूरोप की नीतियों और आव्रजन (Immigration) पर सवाल उठाए और कहा कि 'पश्चिमी लिबरल्स ने बुनियादी एकीकरण और स्थिरता को नजरअंदाज किया, जिसका नतीजा आज ऐतिहासिक इमारतों के जलने के रूप में सामने आ रहा है'। उन्होंने उम्मीद जताई कि फ्रांस जल्द ही इस उन्माद पर काबू पा सकेगा।पूरे फ्रांस में स्थिति अब भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और संवेदनशील शहरों में भारी पुलिस बल और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती जारी है।
फ्रांस के बाद महंगाई के खिलाफ इटली में भी फूटा लोगों का गुस्सा, मिलान में भारी हिंसा और आगजनी
इस हिंसा में कम से कम दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कई नाबालिग शामिल हैं।
France Protests Violent: फ्रांस में महंगाई, सरकारी खर्च और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए। देश के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। Apple, Louis Vuitton और Hermes जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड के स्टोर को निशाना बनाया गया। कई दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं। जबकि दर्जनों कारों को आग के हवाले कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़पें भी हुईं।BBC के मुताबिक, देशभर में करीब 5,50,000 लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया, जिनमें अकेले पेरिस में लगभग 1.10 लाख प्रदर्शनकारी शामिल थे। शुरुआत में छात्रों के नेतृत्व में शिक्षा और कामकाजी परिस्थितियों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक विरोध प्रदर्शन में बदल गया। इसके बाद कई शहरों में सार्वजनिक संपत्तियों, दुकानों और सरकारी इमारतों पर हमले की घटनाएं सामने आईं।Apple, Louis Vuitton और Hermes के स्टोर में तोड़फोड़फ्रांस के बोर्डो शहर में उपद्रवियों ने कई महंगे ब्रांड के स्टोर के शीशे तोड़ दिए। इनमें Apple के साथ लग्जरी फैशन ब्रांड Louis Vuitton और Hermes के आउटलेट भी शामिल बताए गए हैं। पेरिस में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और रेस्तरां को निशाना बनाया। कई स्थानों पर बैरिकेड में आग लगा दी गई और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें हुईं। हिंसा का असर केवल बोर्डो और पेरिस तक सीमित नहीं रहा। ल्योन, मार्सिले, लिले, रूएन, नांतेस और टूलूज समेत कई शहरों में भी आगजनी, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं।सरकारी इमारतों को भी बनाया निशानाप्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी और सार्वजनिक भवनों को भी निशाना बनाया। ल्योन में शहर के पर्यटन केंद्र में आग लगाए जाने की खबर सामने आई। वहीं, मार्सिले और लिले में प्रदर्शनकारियों के नगर निगम की इमारतों में घुसने की खबरें आईं। फ्रांसीसी न्यूज चैनल BFMTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्सिले स्थित नगर निगम मुख्यालय के भीतर उपद्रवियों ने फ्रांस के राष्ट्रीय प्रतीक मैरिएन की प्रतिमा को गिरा दिया। उन्होंनेटीवी सेट भीतोड़ दिए। फिर दीवार पर अराजकतावादी प्रतीक भी बना दिया।कई शहरों में कारों को आग के हवाले किया गया। सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। नकाब पहने कुछ प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस से बचने के लिए चश्मे और हुड पहन रखे थे। दूसरी ओर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन की मदद से भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस में घुसने की धमकी दिए जाने की भी खबरें सामने आईं।छात्रों से लेकर किसानों और पेंशनभोगियों तक ने लिया हिस्साइन प्रदर्शनों में छात्र, शिक्षक, ट्रेड यूनियन, कर्मचारी, किसान,रिटायर्ड लोग और येलो वेस्ट आंदोलन के समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बढ़ती महंगाई से राहत, उच्च शिक्षा के लिए अधिक बजट, शिक्षकोंकी सैलरी में वृद्धि, पेंशन की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती का विरोध शामिल था। प्रदर्शनकारियों की नाराजगी सरकार की आर्थिक नीतियों और आम लोगों पर बढ़ते वित्तीय दबाव को लेकर थी। हालांकि, कई जगहों पर आंदोलन के हिंसक रूप लेने से हालात बिगड़ गए और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।करीब 1200 लोग गिरफ्तार, सरकार ने चरमपंथी समूहों पर लगाया आरोपफ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, देशभर में लगभग 1200 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमेंसैकड़ोंलोग पेरिस से पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों का इरादा सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाना था। गृह मंत्री ने हिंसा और तोड़फोड़ की कई घटनाओं के लिए वामपंथी चरमपंथी समूहों से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया।नुनेज ने यह भी कहा कि अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। लेकिन उनके बीच सक्रिय हिंसक समूहों ने कुछ जगहों पर हालात बिगाड़ दिए। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने भी वामपंथी संगठनों पर हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ अवसरवादी समूहों ने छात्रों के आंदोलन का फायदा उठाकर दुकानों में लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।पूरे देश में हुआ हिंसक प्रदर्शनBBC के मुताबिक, शनिवार को पूरे फ्रांस में हिंसक घटनाएं हुईं। लोग स्कूलों में आ रही दिक्कतों और बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। लगभग 5,50,000 लोग सड़कों पर उतरे थे। पेरिस में शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें होती रहीं। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।राजधानी और अन्य इलाकों में कई इमारतों में आग लगा दी गई। लिमोजेस शहर में टाउन हॉल में लगी भीषण आग के कारण उसकी छत का कुछ हिस्सा ढह गया। कई शहरों में लूटपाट की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, टाउन हॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं।ये भी पढ़ें- Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में आखिर कैसे मची अफरा-तफरी? भगदड़ में अब तक 19 लोगों की मौत, 25 घायलआग में खाक हुआ 143 साल पुराना टाउन हॉलफ्रांसके लिमोज शहर में प्रदर्शनकारियों ने 143 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि इमारत की छत ढह गई। बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर के लिए बड़ी त्रासदी बताया है। लिमोज का टाउन हॉल वर्ष 1883 में बनकर तैयार हुआ था। इसे 1975 में ऐतिहासिक स्मारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। 17 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शन के दौरान नकाबपोश लोगों ने इमारत की खिड़कियां तोड़कर अंदर एंट्री किया और आग लगा दी। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। This is the moment a town hall collapsed as protests sweep across France.The 140-year-old town hall in the French city of Limoges caught fire during protests in the cityRead the latest on the Sky News website and app: https://t.co/oaLTf7aDbP https://t.co/3OC3eU3Hf7— Sky News (@SkyNews) October 17, 2026 मैक्रों की चेतावनी- हिंसा करने वालों को मिलेगी सजाहिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, हमले करने और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे सुरक्षा बलों का समर्थन भी किया। Paris....... no comment. https://t.co/CmZrf4EqZk— Open Source Intel (@Osint613) October 17, 2026 फ्रांस में इन घटनाओं ने एक बार फिर बढ़ती महंगाई, स्कूलों में आ रही दिक्कतों, सरकारी खर्च और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लोगों के असंतोष को सामने ला दिया है। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट के कारण शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। ROLEX & LOUIS VUITTON STORES SWEPT CLEAN in MARSEILLE as FRENCH PROTESTS TURN TO LOOTING https://t.co/qzpw5MnLCv— RT (@RT_com) October 18, 2026
फ्रांस में जनआक्रोश: महंगाई और छात्र मांगों को लेकर हिंसक प्रदर्शन, हिंसा-झड़प में 400 गिरफ्तार
फ्रांस में जनआक्रोश: महंगाई और छात्र मांगों को लेकर हिंसक प्रदर्शन, हिंसा-झड़प में 400 गिरफ्तार
फ्रांस में अनियंत्रित महंगाई और स्कूलों की बदहाली के खिलाफ जनता का गुस्सा विस्फोटक रूप ले चुका है। शनिवार को देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी।
झड़पें, आगजनी और लूटपाट... फ्रांस में बेकाबू हुए प्रदर्शनकारी; तख्तियों पर लिखा- 'क्रांति या मौत'
फ्रांस में हालात अब बेकाबू होते जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमकर लूटपाट मचा रही है और सड़कों पर आगजनी कर रही है.
Patiala News: हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद फ्रांस रवाना हुए सीएम मान
CM Mann leaves for France following High Court approval
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने…
फ्रांस में तेजी से बढ़ती महंगाई और शिक्षा के गिरते स्तर के खिलाफ जनता और छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। शनिवार को राजधानी पेरिस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं।
फ्रांस में थम नहीं रहा छात्रों का विरोध-प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प
फ्रांस और यूरोप के कई देशों में शिक्षा व्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए हैं. राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शन उग्र रूप ले चुके हैं, जहां प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़पें हो रही हैं. आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ रहा है.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर तंज कसा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को राहत दी है। कोर्ट ने सीएम को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी है।
भारत के 'आदित्य-L1' और यूरोपीय 'प्रोबा-3' की जोड़ी का कमाल, सौर विस्फोटों का रहस्य सुलझने की उम्मीद
भारत के आदित्य-एल1 और यूरोपीय प्रोबा-3 मिशनों ने सौर विस्फोटों के रहस्यों को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। दोनों के डेटा के संयुक्त विश्लेषण से कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
समाज में आपसी सद्भाव, मानवता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से फरीदकोट के कोटकपूरा में सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च की ओर से सर्वधर्म शांति एवं एकता मार्च का भव्य आयोजन किया गया। शांति के दूत सेंट फ्रांसिस असीसी की 800वीं जयंती को समर्पित इस मार्च में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों और संतों ने विशेष रूप से भाग लेकर विश्व शांति की कामना की। एकता मार्च की शुरुआत कोटकपूरा के सिविल अस्पताल से हुई, जो शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों और हिस्सों से गुजरता हुआ सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्च में शामिल प्रतिनिधियों ने लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर रहने तथा समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। संत फ्रांसिस असीसी की शिक्षाओं पर चलने और भ्रूण हत्या रोकने का आह्वान इस अवसर पर चर्च के फादर जॉन तेजा ने कहा कि संत फ्रांसिस असीसी ने दुनिया को शांति, प्रेम और निष्काम सेवा का संदेश दिया है। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर इस सर्वधर्म मार्च का आयोजन किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में स्थायी शांति के लिए सभी धर्मों को एक मंच पर आकर संयुक्त प्रयास करने होंगे। फादर जॉन तेजा ने यह भी बताया कि इस मार्च के माध्यम से लोगों को कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है, ताकि समाज में हर जीवन के प्रति सम्मान की भावना पैदा हो सके। कार्यक्रम के अंत में कैथोलिक चर्च द्वारा विभिन्न धर्मों से आए सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सांझीवालता और मानवता ही धर्म का मूल उद्देश्यगुरुद्वारा पातशाही दसवीं से पहुंचे प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह ने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा करना और आपसी सांझ को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे के साथ शामिल होकर सांझीवालता का संदेश देना समाज को जोड़ने का एक बेहद मजबूत माध्यम है। उन्होंने कैथोलिक चर्च की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समुदायों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ता है।
सीएम भगवंत मान के फ्रांस दौरे को हाई कोर्ट की अनुमति, केंद्र की राजनीतिक मंजूरी न मिलने पर मिली राहत
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार ने उन्हें राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था...
हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को दी राहत, केंद्र की आपत्तियों के बावजूद फ्रांस जाने की अनुमति
चंडीगढ़, 16 अक्टूबर 2026 । इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को मंजूरी दे दी। अदालत का विस्तृत आदेश अभी प्रतीक्षित है। केंद्र सरकार ने सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरे और फ्रांस […] The post हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को दी राहत, केंद्र की आपत्तियों के बावजूद फ्रांस जाने की अनुमति appeared first on Rashtriya Ujala .
‘दुनिया में सिर्फ मोदी ही घूम सकते हैं’, भड़के भगवंत मान; HC ने दी फ्रांस जाने की इजाजत
भगवंत मान को पेरिस के खाद्य महोत्सव में शामिल होने के लिए फ्रांस जाने की मंजूरी नहीं मिली। जापान दौरे का जिक्र करते हुए मान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा कि दुनिया में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही घूम सकते हैं।
कब खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?: ट्रंप बोले- पुतिन से बातचीत आसान, जेलेंस्की से मुश्किल; कीव पर लगाए कई आरोप- When will Russia Ukraine war end Trump says talks with Putin would easy but with Zelenskyy would be difficult
यमुनानगर में पंजेटो गांव के गुरप्रीत सिंह बाठ की 19 जुलाई को रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार परिवार कर रहा था, उसकी मौत की खबर तो मिल गई, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी परिवार उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है। अभी तक गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। दिव्यांग पिता कीर्तन सिंह आज भी अपने इकलौते बेटे के शव के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं। परिवार का आरोप है कि शिपिंग कंपनी और एंबेसी से बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। हर बार अगले सप्ताह शव गांव भेजने का आश्वासन देकर इंतजार बढ़ा दिया जाता है। कीर्तन सिंह ने कहा कि तीन माह से वे तड़प रहे हैं,अब बेटे का पार्थिव शरीर नहीं मिलने से उनका दुख और बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में शिपिंग कंपनी और एंबेसी के अधिकारी उनसे लगातार संपर्क कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेटे का शव भारत आ जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे अधिकारियों की बातचीत कम होती गई और अब स्थिति यह है कि कई-कई बार फोन करने के बाद कॉल उठाई जाती है। हर बार अगले सप्ताह का आश्वासन, लेकिन शव का अब भी इंतजार कीर्तन सिंह के अनुसार, शिपिंग कंपनी ने शव की पहचान के लिए उनसे DNA सैंपल भी लिया था। परिवार की ओर से मांगी गई जानकारी और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। परिवार लगातार कंपनी और एंबेसी से संपर्क कर रहा है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि शव भारत कब लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिपिंग कंपनी के अधिकारियों से दोबारा बातचीत हुई थी। इस दौरान फिर आश्वासन दिया गया कि अगले सप्ताह तक गुरप्रीत का शव भारत भेज दिया जाएगा। आरोप है कि परिवार को पहले भी कई बार इसी तरह का भरोसा दिया जा चुका है। सीएम नायब सिंह सैनी से मिल चुके, फिर भी नहीं मिली राहत गुरप्रीत के पिता ने बताया कि वे इस मामले को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुके हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग रखी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। कीर्तन सिंह का कहना है कि जब परिवार के स्तर पर कंपनी और एंबेसी से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, तो सरकार को हस्तक्षेप कर संबंधित एजेंसियों से जवाब लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत उनका इकलौता बेटा था। पिता की एक टांग कट चुकी, बेटे पर थी परिवार की जिम्मेदारी गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह वर्ष 2016 में सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा चुके हैं। इसके बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर आ गई थी। वह मर्चेंट नेवी में काम करता था और परिवार का सहारा था। करीब डेढ साल पहले उसकी शादी हुई थी और छह माह पहले ही वह बेटी का पिता बना था। पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और शिपिंग कंपनी तथा संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए। परिवार ने यह भी मांग की है कि गुरप्रीत की मौत के बाद उसके आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं।
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने के मामले में आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। पंजाब सरकार ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इस पर तत्काल सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। पंजाब सरकार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की यात्रा के लिए सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मंजूरी नहीं दी गई। विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के सामने केवल ‘डिनाइड’ यानी अस्वीकृत लिखा दिखाई दिया। आवेदन खारिज करने का कोई कारण नहीं बताया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। अब विस्तार से पढ़िए याचिका में क्या कहा गया 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था प्रतिनिधिमंडल पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में शामिल होना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होनी है। यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापार की संभावनाएं तलाशना और राज्य के उत्पादों को विदेशी खरीदारों तक पहुंचाने के अवसर बढ़ाना था। सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं याचिका में पंजाब सरकार ने बताया कि यात्रा की मंजूरी के लिए 3 सितंबर और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके बाद 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी किया गया। सरकार के मुताबिक, फ्रांस में भारतीय मिशन से बातचीत, प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस जैसी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। सरकार ने यह भी बताया कि यात्रा का खर्च मार्कफेड की ओर से उठाया जाना था। मार्कफेड का पेरिस में आयोजित प्रदर्शनी में एपीडा के इंडिया पवेलियन के तहत स्टॉल भी था। अब हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का जवाब महत्वपूर्ण होगा। अदालत यह देखेगी कि यात्रा की मंजूरी नहीं देने के मामले में केंद्र का क्या पक्ष है। मार्कफेड को मेले में मिला था स्टॉल याचिका में बताया गया है कि पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) को इस प्रदर्शनी में स्टॉल आवंटित किया गया है। यह स्टॉल कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के इंडिया पवेलियन में दिया गया है। एपीडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। सितंबर में ही शुरू कर दी थी मंजूरी की प्रक्रिया पंजाब सरकार की याचिका के मुताबिक, विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेने के लिए 3 और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी जमा कराया गया था। सरकार का कहना है कि यात्रा से करीब पांच सप्ताह पहले ही मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि फ्रांस स्थित भारतीय मिशन से सलाह-मशविरा करने के बाद प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन को अस्वीकृत दिखा दिया गया। कारण नहीं बताने पर फैसले को दी चुनौती पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि विदेश मंत्रालय ने मंजूरी नहीं देने का कोई कारण नहीं बताया। सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। इसी आधार पर राज्य सरकार ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए संबंधित आदेश रद्द करने और फ्रांस यात्रा के लिए उचित राहत देने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल को 15 अक्टूबर को फ्रांस के लिए रवाना होना था। यात्रा की तारीख नजदीक होने के कारण पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर पंजाब बंद से जुड़ी रही। मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या की विरोध में पंजाब बंद रखा गया। लोगों ने हाईवे जाम किए। बाजार बंद रहे। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों का VIDEO देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. एक्टिविस्ट हत्याकांड के विरोध में पंजाब बंद एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद रखा गया। लुधियाना, पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, मानसा और जालंधर में प्राइवेट स्कूल-कॉलेज बंद रहे। सरकारी स्कूलों में छुट्टी नहीं थी, लेकिन छात्र नहीं आए। सभी जिलों में बाजार बंद रखे गए। किसान संगठनों ने लुधियाना, बठिंडा और मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जालंधर, बठिंडा और फरीदकोट में किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। अब मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इसी बीच मानसा के SSP वैभव चौधरी ने मानसा सिटी थाना-2 की SHO बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया। वहीं DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच के लिए DGP ऑफिस को सिफारिश की गई है। मानसा में परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर को नशा बेचने का विरोध करने पर मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। (पढ़ें पूरी खबर) 2. CM का होर्डिंग उतारते लगा करंट, युवक की मौत लुधियाना के जमालपुर में चंडीगढ़ रोड पर धरना प्रदर्शन के दौरान करंट लगने से युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह धरने के दौरान एक CM भगवंत मान के होर्डिंग को उतारने के लिए लोहे की रॉड का इस्तेमाल कर रहा था। इसी दौरान रॉड ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली की तार से टकरा गई और उसे जोरदार करंट लग गया। करंट लगने के बाद आग लग गई और वह नीचे गिर गया। मृतक की पहचान जश्नदीप सिंह (22) के रूप में हुई है। जश्नदीप के चचेरे भाई सतनाम सिंह ने बताया कि मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद के आह्वान के चलते लुधियाना में धरना दिया जा रहा था। जश्नदीप भी इसमें शामिल होने पहुंचा था। (पढ़ें पूरी खबर) 3. कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट 5 दिन तक यात्रा करेंगे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट 16 से 20 अक्टूबर तक पांच दिवसीय पंजाब दौरे पर रहेंगे। इस दौरान गैंगस्टर हिंसा और बिगड़ी कानून-व्यवस्था के कारण अपनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात करेंगे। पायलट के इस दौरे का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा जानना और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उनसे बातचीत करना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट मोगा, बठिंडा, मानसा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर का दौरा करेंगे। (पढ़ें पूरी खबर) 4. कपड़ा व्यापारी को गोली मारी, बैग छीनने आए बदमाश अमृतसर में बाइक सवार दो युवकों ने कपड़ा व्यापारी पर गोली चला दी। वह व्यापारी का पैसों से भरा बैग छीनने की कोशिश कर रहे थे। गोली व्यापारी की टांग में लगी, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना बुधवार रात करीब पौने 11 बजे की है। गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीदां साहिब के पास बाजार में कपड़े की एक दुकान खुली हुई थी, जहां मुख्य रूप से महिलाओं के सूट का कारोबार होता है। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और दुकान के मालिक विशाल भाटिया को निशाना बनाकर गोली चला दी। वारदात की सूचना मिलते ही थाना बी डिवीजन की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में छापे मारकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे मोटरसाइकिल और .32 बोर की पिस्टल बरामद की गई है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. युवक की मौत पर गुस्साई भीड़ ने मेडिकल स्टोर तोड़ा लुधियाना में गुरुवार को गुस्साई भीड़ ने एक मेडिकल स्टोर पर हमला कर दिया। उस पर आरोप था कि उसके यहां से खरीदी गई दवाई खाकर एक युवक की मौत हो गई है। लोगों ने मेडिकल स्टोर में रखे सामान की तोड़फोड़ की। इसका विरोध करने पर लोगों ने स्टोर मालिक के साथ भी मारपीट की। इसके बाद दवाइयों के स्टॉक तो तोड़कर खराब कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। इसके बाद लोगों के बयान दर्ज किए। फिलहाल, इलाके में माहौल तनावपूर्ण है। लोगों ने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर गए साहिल ठाकुर (27) की मौत हुई है। वह सैंपी इलाके का रहने वाला था। लोगों का कहना है कि युवक की मौत से उसकी 6 साल की बच्ची अनाथ हो गई है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, ओले गिरे पंजाब में मौसम विभाग ने आज (15 अक्टूबर) भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ओले भी गिर सकते हैं। बुधवार रात तरनतारन के पट्टी में ओले गिरे। वहीं गुरुवार सुबह पठानकोट, जालंधर और मानसा में बारिश हुई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), चंडीगढ़ के अनुसार, आज बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। बारिश और तेज हवाओं से खेतों में खड़ी फसल के साथ मंडियों में खुले में रखा धान भी प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर से पंजाब में मौसम की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 7. CM की फ्रांस यात्रा रोकने पर हाईकोर्ट पहुंची सरकार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब सरकार ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद यात्रा की मंजूरी बिना कोई कारण बताए रोक दी गई। सरकार के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन को केवल ‘डिनाइड’ यानी अस्वीकृत दिखाया गया। हाईकोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में शामिल होना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक होनी है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. पूर्व SI ने बेटे की 4 गोलियां मारकर हत्या की चंडीगढ़ के पूर्व SI ने हरियाणा के जींद में इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या का कारण प्रॉपर्टी विवाद बताया जा रहा है। आरोपी मदनलाल बुधवार को जींद के तलौडा गांव में बेटे मुरारी (26) के साथ एक शादी कार्यक्रम में आया था। यहां मदन ने जमीन बेचने की बात की, इसी दौरान बेटे के साथ उसका झगड़ा हो गया। देर रात फिर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान मदन ने मुरारी पर 7 राउंड फायरिंग की। उसकी बॉडी से 4 गोलियां निकली हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी मदनलाल चंडीगढ़ पुलिस में सब इंस्पेक्टर (SI) रहा है। मदन ने नौकरी छोड़कर चंडीगढ़ में घी की फैक्ट्री लगाई थी। बेटा मुरारी भी साथ में ही कारोबार करता था। कुछ दिन पहले ही उन्होंने चंडीगढ़ में ही एक होटल शुरू किया था। (पढ़ें पूरी खबर) 9. परमीश वर्मा ने गर्लफ्रेंड को स्टेज पर गले लगाया पंजाबी सिंगर एवं एक्टर परमीश वर्मा और पंजाबी मॉडल व एक्ट्रेस हरमन बराड़ पिछले कुछ महीनों से अपने रिश्ते को लेकर चर्चा में हैं। अब परमीश ने लाइव कॉन्सर्ट के दौरान हरमन को पहली बार स्टेज पर बुलाकर सबके सामने गले लगाया। उन्होंने हरमन को शो की स्पेशल गेस्ट कहकर संबोधित किया। परमीश ने इस दौरान कहा कि पिछली बार हरमन आई थीं तो शो बंद हो गया था। उन्हें डर था कि इस बार भी ऐसा न हो जाए। इसके बाद उन्होंने ‘गड्डियां मोडिफाई’ गाने पर प्रस्तुति दी। इसका वीडियो सोशल मीडियो पर सामने आया है। करीब एक महीने पहले ही परमीश ने अपनी पत्नी गीत ग्रेवाल से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद से हरमन के साथ उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। परमीश और गीत ने 21 अक्टूबर 2021 को कनाडा में शादी की थी। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. बीमारी का बहाना बनाया, हथकड़ी समेत फरार हवालाती लुधियाना में दो हवालाती पुलिसकर्मियों को धक्का मारकर हथकड़ी समेत फरार हो गए। पूछताछ के लिए ले जाते समय एक आरोपी ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया। पुलिसकर्मी जब उसकी हथकड़ी खोलकर जांच करने लगे, तो दोनों मौके से भाग निकले। चोरी के मामले में प्रिंस शर्मा और रमनदीप सिंह उर्फ रिंकू को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। 13 अक्टूबर को अदालत में पेश करने के बाद उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान दोनों को आगे की पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच-1, लुधियाना ले जाया जा रहा था। वहां पहले से एक अन्य आरोपी से पूछताछ चल रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम कमिश्नर कार्यालय के बाहर सड़क पर गाड़ी में इंतजार कर रही थी। आरोप है कि तभी रमनदीप सिंह उर्फ रिंकू ने तबीयत खराब होने की बात कही। पुलिसकर्मी उसकी हथकड़ी खोलकर जांच करने लगे, तो उसने उन्हें धक्का दे दिया। इसके बाद दोनों आरोपी हथकड़ी समेत फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
CM भगवंत मान की फ्रांस यात्रा पर केंद्र की रोक, पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक मंजूरी न दिए जाने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को केंद्र सरकार से मंजूरी नहीं मिलने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब सरकार ने वीरवार को विदेश मंत्रालय के फैसले को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद यात्रा की मंजूरी बिना कोई कारण बताए रोक दी गई। सरकार के मुताबिक, विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन को केवल ‘डिनाइड’ यानी अस्वीकृत दिखाया गया। हाईकोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार की याचिका के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को 15 से 21 अक्टूबर तक फ्रांस जाना था। प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय खाद्य व्यापार मेले एसआईएएल पेरिस-2026 में शामिल होना था। यह प्रदर्शनी 17 से 21 अक्टूबर तक होनी है। यात्रा का उद्देश्य पंजाब के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्यापार की संभावनाएं बढ़ाना था। मार्कफेड को मेले में मिला था स्टॉल याचिका में बताया गया है कि पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (मार्कफेड) को इस प्रदर्शनी में स्टॉल आवंटित किया गया है। यह स्टॉल कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के इंडिया पवेलियन में दिया गया है। एपीडा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। पंजाब सरकार का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का पूरा खर्च मार्कफेड की ओर से उठाया जाना था। सितंबर में ही शुरू कर दी थी मंजूरी की प्रक्रिया पंजाब सरकार की याचिका के मुताबिक, विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेने के लिए 3 और 8 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। इसके अलावा 9 सितंबर को ऑनलाइन आवेदन भी जमा कराया गया था। सरकार का कहना है कि यात्रा से करीब पांच सप्ताह पहले ही मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। याचिका में यह भी कहा गया है कि फ्रांस स्थित भारतीय मिशन से सलाह-मशविरा करने के बाद प्रशासनिक मंजूरी और कैडर क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद विदेश मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन को अस्वीकृत दिखा दिया गया। कारण नहीं बताने पर फैसले को दी चुनौती पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि विदेश मंत्रालय ने मंजूरी नहीं देने का कोई कारण नहीं बताया। सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। इसी आधार पर राज्य सरकार ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए संबंधित आदेश रद्द करने और फ्रांस यात्रा के लिए उचित राहत देने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल को 15 अक्टूबर को फ्रांस के लिए रवाना होना था। यात्रा की तारीख नजदीक होने के कारण पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को शुक्रवार सुबह तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब केंद्र के जवाब पर नजर: मामले में केंद्र सरकार अपना पक्ष रखेगी।
एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी करने से रोक दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिन देशों के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, उन देशों के नागरिकों को इजरायल रूट पर काम करने की अनुमति नहीं है। इसी के चलते एयर फ्रांस ने यह कदम उठाया है।
आगरा ब्रेकिंग: फतेहपुर सीकरी में फ्रांसीसी पर्यटक की तबीयत बिगड़ी, साथी पर्यटकों ने संभाला
चिकित्सक से उपचार मिलने के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उन्हें आगरा ले जाया गया।
फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर सोमवार को बड़ा साइबरअटैक हुआ। इससे 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने कई स्टोर्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया। इससे ताजा और फ्रोजन खाना खराब हो गया। कई स्टोर्स में आग भी लग गई। फ्रांस की बड़ी रिटेल कंपनियों ने इसे अब तक का ऐसा पहला और बेहद गंभीर हमला बताया। प्रधानमंत्री ने जांच के आदेश दिए फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी ANSSI को जांच के आदेश दिए हैं। फ्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी जांच कर रहा है कि वहां और कंपनियां प्रभावित हुई हैं या नहीं। पेरिस प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने इसे बड़े स्तर का हमला बताया। ऑफिस के मुताबिक, पूरे फ्रांस में कई बड़े फूड रिटेलर्स के इंटरनेट से जुड़े फ्रिजों को निशाना बनाया गया। आखिर इन फ्रिजों का तापमान कैसे बढ़ाया गया? सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को आमतौर पर कंट्रोल पैनल से चलाया जाता है। ये पैनल पूरे स्टोर के ठंडक वाले सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण मेंटेनेंस करने वाली कंपनियां दूर बैठकर भी इनकी सेटिंग बदल सकती हैं। अगर कोई हैकर इस सिस्टम तक पहुंचने में कामयाब हो जाए, तो वह फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग बदल सकता है। ऐसा करने के लिए हैकर सिस्टम की सुरक्षा में मौजूद किसी कमजोरी का फायदा उठाता है। इस तरह वह फ्रिज और फ्रीजर की ठंडक कम कर सकता है या डीफ्रॉस्टिंग शुरू कर सकता है। डीफ्रॉस्टिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें फ्रिज या फ्रीजर में जमी बर्फ पिघलाई जाती है। डेनमार्क की कंपनी के फ्रिज कंट्रोलिंग सॉफ्टवेयर में खराबी प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, फ्रांस की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के सॉफ्टवेयर में एक कमजोरी की पहचान की है। इसी कंपनी के बनाए सिस्टम से सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर कंट्रोल होते हैं। डैनफॉस ने कहा कि उसे फ्रांस में फ्रिज और फ्रीजर के सिस्टम से जुड़ी कुछ घटनाओं की जानकारी है। कंपनी के मुताबिक, इनमें सॉफ्टवेयर का पुराना वर्जन इस्तेमाल हो रहा था। कंपनी ने बताया कि वह ग्राहकों को लंबे समय से सॉफ्टवेयर अपडेट रखने और पुराने उपकरण बदलने की सलाह देती रही है। इससे पहले 9 अगस्त को साइबर सिक्योरिटी कंपनी क्लैरोटी ने डैनफॉस के सिस्टम में मौजूद कुछ कमजोरियों पर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर बिना सही पहचान जांच के सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। फ्रांस के रिटेल कारोबार से जुड़े संगठन FCD ने डैनफॉस से इस मामले में पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। रिटेल कंपनियां बोलीं- कई करोड़ यूरो का नुकसान अभी तक पूरे रिटेल सेक्टर को हुए नुकसान का कुल आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, फ्रांस की रिटेल कंपनी इंटरमार्शे के CEO थिएरी कोटियार ने कहा कि इस हमले से देशभर में एक ही दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। इंटरमार्शे ने AFP को बताया कि प्रभावित स्टोर को खराब हुए सभी ताजा और फ्रोजन प्रोडक्ट फेंकने पड़ेंगे। वहीं, दूसरी कंपनी कोऑपरेटिव यू के CEO डोमिनिक शेल्शर ने कहा कि रविवार रात से ही कंपनी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में दिक्कतें आ रही थीं। उन्होंने बताया कि ताजा सामान को सुरक्षित रखने और लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले सिस्टम को निशाना बनाना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया और कहा कि ऐसा हमला पहले कभी नहीं हुआ। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… इजराइल ने इंडोनेशियाई पालयट के कारण विमान उतरने नहीं दिया: फ्लाइट वापस लौटी; फ्लाईदुबई हादसे के बाद 11 देशों के पायलट पर रोक लगाई इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। पूरी खबर पढ़ें…
स्कॉलरशिप: यूरोप से करें मास्टर डिग्री, 37 नए प्रोग्राम में प्रवेश का मौका, 1.5 लाख+ तक की मदद
इरास्मस मुंड्स जॉइंट मास्टर्स स्कॉलरशिप के तहत यूरोप के 37 नए मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश का मौका है। चयनित छात्रों को 24 महीने तक हर माह 1,400 यूरो तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
फ्रांस के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में ट्रंप का बड़ा दावा
फ्रांस में स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट अब देश की राजनीति और अमेरिका तक पहुंच गया है. शुरुआत शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी को लेकर हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम से जोड़ दिया. वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों और छात्र संगठनों के मुताबिक आंदोलन की शुरुआती मांगें स्कूलों की सुविधाओं और कर्मचारियों से जुड़ी हैं. सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और भ्रामक दावों ने भी विवाद बढ़ाया है.
फ्रांस में छात्र प्रदर्शन: अबतक 5 हजार गिरफ्तार, इनमें 87% नाबालिग
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर है. इस आंदोलन में गिरफ्तार किए गए 5,000 से ज्यादा लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान हैं. प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
<
फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार 2026 प्रोफेसर फ्रांसिस हाल्जेन को अंटार्कटिका में आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी की स्थापना और ब्रह्मांडीय न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है।
<
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

