क्रिस्टोफर नोलन की 'The Odyssey' को लेकर सोशल मीडिया और सिनेमा जगत में भारी हाइप है। आपको बता दें कि 23,900 करोड़ रुपये ($2.8 Billion+) का यह आंकड़ा नोलन की किसी एक फिल्म का बजट नहीं है, बल्कि यह उनकी अब तक की सभी ब्लॉकबस्टर फिल्मों (जैसे Oppenheimer, Inception, The Dark Knight Trilogy) की कुल ग्लोबल बॉक्स ऑफिस कमाई (Total Lifetime Box Office Earnings) को दर्शाता है, जिसने उन्हें दुनिया का सबसे मूल्यवान डायरेक्टर बना दिया है। नोलन अब इतिहास के सबसे बड़े ग्रीक महाकाव्य (Greek Epic) 'द ओडिसी' (The Odyssey) पर आधारित एक बेहद भव्य और बड़े बजट की फिल्म लेकर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों इस कहानी को यूरोप की महाभारत कहा जाता है और इसकी कहानी क्या है। हॉलीवुड के मास्टरमाइंड डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) जब भी कोई फिल्म बनाते हैं, तो सिनेमा का इतिहास बदल जाता है। बॉक्स ऑफिस पर 23,900 करोड़ रुपये से अधिक की कुल कमाई का साम्राज्य खड़ा करने वाले नोलन की मूवी 'द ओडिसी' को लेकर पूरी दुनिया में उत्सुकता है। इस प्राचीन कहानी को यूरोप की महाभारत कहा जाता है। आखिर इस कहानी में ऐसा क्या है जिसने नोलन जैसे आधुनिक डायरेक्टर को आकर्षित किया? आइए जानते हैं 'द ओडिसी' की वह चक्रव्यूह जैसी कहानी, जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी। क्यों कहा जाता है इसे 'यूरोप की महाभारत'? जैसे भारत में 'महाभारत' कुरुक्षेत्र के युद्ध और उसके बाद के परिणामों की एक विशाल गाथा है, ठीक वैसे ही प्राचीन ग्रीस (यूनान) में कवि होमर (Homer) द्वारा रचित 'द इलियड' (The Iliad) और 'द ओडिसी' (The Odyssey) हैं। जहाँ 'इलियड' में ट्रोजन वॉर (ट्रॉय के प्रसिद्ध युद्ध) की कहानी है, वहीं 'द ओडिसी' उस युद्ध के बाद की कहानी है। यह एक राजा की अपने घर लौटने की 10 साल लंबी ऐसी यात्रा है, जिसमें कदम-कदम पर देवता, दानव, जादुई शक्तियां और इंसानी जज्बात आपस में टकराते हैं, ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में धर्म, नीति और माया का टकराव होता है। क्या है 'The Odyssey' की मुख्य कहानी? यह कहानी है इथाका (Ithaca) के बुद्धिमान राजा ओडिसियस (Odysseus) की। ट्रॉय के युद्ध को जीतने में ओडिसियस का सबसे बड़ा हाथ था (इन्होंने ही लकड़ी के घोड़े यानी 'Trojan Horse' का मास्टरप्लान बनाया था)। युद्ध खत्म होने के बाद ओडिसियस अपने सैनिकों के साथ अपने देश इथाका और अपनी पत्नी पेनेलोप के पास लौटने के लिए निकलते हैं। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। यह सफर जो कुछ हफ्तों का होना चाहिए था, वह 10 साल लंबे महाविनाशकारी चक्रव्यूह में बदल जाता है: 1. समुद्र के देवता का श्राप सफर के दौरान ओडिसियस का सामना 'पॉलीफेमस' नाम के एक भयानक एक आंख वाले राक्षस (Cyclops) से होता है, जो समुद्र के देवता पोसिडॉन (Poseidon) का बेटा था। ओडिसियस अपनी चालाकी से उस राक्षस की आंख फोड़कर बच निकलते हैं। इससे गुस्सा होकर समुद्र के देवता पोसिडॉन ओडिसियस को श्राप देते हैं कि वह कभी आसानी से अपने घर नहीं लौट पाएगा और उसके सारे सैनिक मारे जाएंगे। 2. जादूगरनी और नरभक्षी राक्षस रास्ते में ओडिसियस के जहाज भटक जाते हैं। वे कभी इंसानों को सुअर बना देने वाली जादूगरनी 'सार्सी' (Circe) के द्वीप पर फंसते हैं, तो कभी इंसानों को खा जाने वाले राक्षसों के चंगुल में। उन्हें समुद्र की उन खतरनाक अप्सराओं (Sirens) से भी गुजरना पड़ता है, जिनकी सुरीली आवाज सुनकर नाविक सम्मोहित होकर अपनी जान दे देते थे। 3. नरक (Underworld) की यात्रा अपने घर का रास्ता खोजने के लिए ओडिसियस को जीवित रहते हुए 'अंडरवर्ल्ड' यानी पाताल लोक (नरक) की यात्रा करनी पड़ती है, जहाँ वे मरे हुए महान योद्धाओं की आत्माओं और भविष्यवक्ताओं से मिलते हैं। 4. घर पर दूसरा 'महाभारत' जब 10 साल भटकने और अपने सभी सैनिकों को खोने के बाद ओडिसियस अकेले एक भिखारी के भेष में अपने देश इथाका पहुंचते हैं, तो वहाँ एक अलग ही युद्ध उनका इंतजार कर रहा था। उन्हें मरा हुआ समझकर दर्जनों दुष्ट राजकुमारों (Suitors) ने उनके महल पर कब्जा कर लिया था और उनकी पत्नी से जबरन शादी करना चाहते थे। यहाँ ओडिसियस अपने बेटे के साथ मिलकर उन सभी का अंत करते हैं, जो किसी क्लाइमेक्स से कम नहीं है। क्रिस्टोफर नोलन इस कहानी को कैसे बदल सकते हैं? सिनेमा के जानकारों का मानना है कि अगर क्रिस्टोफर नोलन ने इस ग्रीक महाकाव्य को पर्दे पर उतारा है, तो यह सीधे तौर पर कालजयी सिनेमा (Cinema Masterpiece) होगी। नोलन की फिल्मों की खासियत है, नॉन-लीनियर स्टोरीटेलिंग (समय को आगे-पीछे दिखाना) और प्रैक्टिकल इफेक्ट्स। टाइम लूप और भटकाव: ओडिसियस के 10 साल के भटकाव को नोलन मानसिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर दिखा सकते हैं, जैसा उन्होंने Inception और Interstellar में किया था। भव्य विजुअल्स: समुद्र के देवता का प्रकोप और अंडरवर्ल्ड के दृश्यों को नोलन बिना CGI के (या बहुत कम CGI के साथ) जिस तरह फिल्माएंगे, वह दर्शकों के लिए एक लाइफ-चेंजिंग विजुअल एक्सपीरियंस होगा। 'द ओडिसी' केवल एक राजा के घर लौटने की कहानी नहीं है, बल्कि यह इंसानी हौसले, बुद्धिमत्ता और किस्मत से लड़ने की महागाथा है। 23,900 करोड़ रुपये से अधिक की साख वाले क्रिस्टोफर नोलन अगर इतिहास के पन्नों से इस 'यूरोप की महाभारत' से बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड्स का टूटना तय है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में फुटबॉल जगत को नया फाइनलिस्ट मिल गया है। साल 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन ने अपने असाधारण डिफेंस और आक्रामक खेल के दम पर खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया है। इस करारी शिकस्त के साथ ही फीफा रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज फ्रांस और उनके स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने का ऐतिहासिक सपना चकनाचूर हो गया। स्पेनिश टीम ने इस मुकाबले में फ्रांस की उस खतरनाक अग्रिम पंक्ति को पूरी तरह खामोश कर दिया, जिससे पूरी दुनिया खौफ खाती थी।लामिन यामाल का जलवा और ओयारजाबाल का घातक पेनल्टी स्ट्रोकमैच शुरू होने से पहले ही स्पेन के वंडर किड लामिन यामाल ने हुंकार भरते हुए कहा था कि फ्रांस को स्पेन से डरना चाहिए, और मैदान पर उनका यह दावा अक्षरशः सच साबित हुआ। अपने 19वें जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद खेल रहे यामाल ने 22वें मिनट में एक ऐसा आक्रामक मूव बनाया कि फ्रांस के स्टार डिफेंडर लुकास डिन्ये फाउल करने पर मजबूर हो गए। स्पेन को मिली इस पेनल्टी को मिकेल ओयारजाबाल (Mikel Oyarzabal) ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। यह ओयारजाबाल का इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 5वां और उनके करियर का 30वां गोल था।पेड्रो पोरो का निर्णायक गोल और स्पेन का अभेद्य डिफेंसशुरुआती झटके से उबरने की कोशिश कर रही फ्रांसीसी टीम को 58वें मिनट में स्पेन ने दूसरा तगड़ा झटका दिया। पेड्रो पोरो (Pedro Porro) ने दानी ओल्मो के साथ डी-बॉक्स के करीब एक बेहतरीन इन-पास तालमेल दिखाया और एक कड़क शॉट मारकर फुटबॉल को नेट के भीतर डाल दिया। 2-0 की बढ़त मिलते ही स्पेन ने मैच पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली। मौजूदा टूर्नामेंट के 7 मैचों में यह छठी बार था जब स्पेनिश डिफेंस ने विपक्षी टीम को एक भी गोल नहीं करने दिया। फ्रांस के विदाई ले रहे मुख्य कोच दिदिएर डेसचैम्प्स ने भी मैच के बाद माना कि स्पेन की रक्षापंक्ति के आगे उनके खिलाड़ियों को मौके बनाने की जगह ही नहीं मिल रही थी।लगातार 37 मैचों से अजेय स्पेन ने तोड़ा अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्डस्पेनिश फुटबॉल टीम इस समय अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। मार्च 2024 से लेकर अब तक स्पेन नियमित 90 मिनट के खेल में लगातार 37 मैचों (28 जीत, 9 ड्रॉ) से अजेय बनी हुई है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने साल 2007-09 के अपने ही 35 मैचों के ऐतिहासिक राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार 6 विश्व कप मैच जीतने का विजय रथ भी यहीं रुक गया। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर लेते हुए कहा, स्पेन ने गेंद पर पूरा नियंत्रण रखा। जब आप उनकी खेल की गति और लय को नहीं तोड़ पाते, तो उनके खिलाफ वापसी करना नामुमकिन हो जाता है।न्यू जर्सी में होगा फाइनल महामुकाबला, फ्रांस लड़ेगा तीसरे स्थान के लिएस्पेन अब आगामी रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड (East Rutherford, New Jersey) में होने वाले ग्रैंड फिनाले में खिताब के लिए उतरेगा। स्पेन का सामना बुधवार को अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। टीम के स्टार मिडफील्डर रोड्री ने साफ किया कि उनका लक्ष्य सिर्फ फाइनल तक पहुंचना नहीं बल्कि कप उठाना है। वहीं, खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी फ्रांस की टीम अब शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स (Miami Gardens) में तीसरे स्थान (Third Place Play-off) के सम्मान के लिए मैदान पर उतरेगी। वर्तमान में 8 गोल के साथ लियोनेल मेसी की बराबरी पर चल रहे एम्बाप्पे के पास इस आखिरी मैच में गोल्डन बूट की रेस जीतने का एक मौका जरूर रहेगा।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही फ्रांस की टीम का सफर सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों 0-2 की करारी हार के साथ समाप्त हो गया है। इस शिकस्त के साथ ही फ्रांस के करिश्माई स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने और इतिहास रचने का सपना पूरी तरह टूट गया है। हालांकि, फ्रांसीसी प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि टूर्नामेंट से बाहर होने के बावजूद एम्बाप्पे अभी भी प्रतिष्ठित 'गोल्डन बूट' (Golden Boot Race) के सर्वोच्च दावेदारों में बने हुए हैं।मेसी और एम्बाप्पे के बीच गोल्डन बूट के लिए कांटे की टक्करभले ही फ्रांस फाइनल की रेस से बाहर हो गया हो, लेकिन चार साल पहले कतर विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले 27 वर्षीय किलियन एम्बाप्पे इस बार भी इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने की दौड़ में सबसे आगे हैं। वर्तमान में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) 8-8 गोल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज हैं। हालांकि, मेसी के पास अभी दो और मैच खेलने का मौका है, जबकि एम्बाप्पे के पास अब केवल एक मैच बचा है। अर्जेंटीना की टीम दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगी, जहां जीतने वाली टीम फाइनल में स्पेन का सामना करेगी।स्पेन के खिलाफ बेअसर रहे एम्बाप्पे, मैदान पर दिखा गुस्सासेमीफाइनल मुकाबले में स्पेनिश डिफेंस ने किलियन एम्बाप्पे को पूरी तरह बांध कर रखा। पहले हाफ में एम्बाप्पे पूरे फॉरवर्ड लाइन में सबसे बेअसर साबित हुए और उन्होंने केवल 15 बार गेंद को छुआ। मैच के 67वें मिनट में उन्हें गोल करने का एक बेहतरीन मौका मिला था, लेकिन उनका शॉट स्पेन के डिफेंडर मार्क कुकुरेला से टकराकर बाहर चला गया। मैच के अंतिम क्षणों में एम्बाप्पे का गुस्सा भी मैदान पर देखने को मिला, जब 86वें मिनट में स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन से टकराने के कारण रेफरी ने उन्हें पीला कार्ड (Yellow Card) दिखाया। इससे पहले स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई थी।अब तीसरे स्थान के लिए मियामी गार्डन्स में उतरेगी फ्रांस की टीमस्पेन से हारने के बाद अब फ्रांसीसी टीम को खाली हाथ घर नहीं लौटना होगा। आगामी शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स (Miami Gardens) में तीसरे पायदान (Third Place Play-off) के लिए एक मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में फ्रांस का सामना दूसरे सेमीफाइनल (अर्जेंटीना बनाम इंग्लैंड) में हारने वाली टीम से होगा। एम्बाप्पे के पास इस आखिरी मैच में गोल दागकर लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ने और लगातार दूसरी बार गोल्डन बूट अपने नाम करने का आखिरी सुनहरा मौका होगा। बता दें कि एम्बाप्पे ने मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में अपना 8वां गोल दागा था।
फ्रांस से आयुर्वेदिक उत्पादों का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर पंचकूला के एक कारोबारी से 1.93 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पहले कंपनी में रजिस्ट्रेशन करवाया, फिर एक्सपोर्ट के नाम पर अलग-अलग सर्टिफिकेट और दस्तावेज बनवाने का दबाव बनाया। फर्जी एडवांस पेमेंट की रसीद भेजकर और रकम जमा करवाई गई। जब पीड़ित को शक हुआ तो उसने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता बाबू राम (46) सेक्टर-20 पंचकूला में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर अश्वगंधा के कारोबार के बारे में जानकारी ली। शुरुआत में उन्होंने बात को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बाद में खुद को VIA Trade Mart का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने बेहतर कारोबार और विदेश में एक्सपोर्ट का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। पहले ₹3,540 में रजिस्ट्रेशन शिकायत के अनुसार, 2 जून को ₹3,540 देकर कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर और उत्पादों की जानकारी लेकर प्रोफाइल तैयार की गई। फिर एक कथित सपोर्ट मैनेजर और एक्सपोर्ट टीम के सदस्य ने संपर्क कर फ्रांस की एक कंपनी का प्रोफाइल भेजा और दावा किया कि वहीं से बड़ा ऑर्डर मिलने वाला है। इसके बाद एक्सपोर्ट के लिए EDI, IEC, ISO, CBP और अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर अलग-अलग भुगतान करवाए गए। फर्जी डॉलर रसीद भेजकर किया गुमराह आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए 60 हजार रुपये एडवांस पेमेंट आने का दावा किया और फर्जी अमेरिकी डॉलर (USD) भुगतान रसीद भी भेज दी। बाद में कहा गया कि भुगतान जारी करने के लिए एक और दस्तावेज जरूरी है, जिसके लिए और पैसे जमा कराने होंगे। इसी बहाने लगातार रकम ऐंठी जाती रही। एम्बेसी वेरिफिकेशन के नाम पर मांगे और पैसे, तब हुआ शक जब एडवांस पेमेंट खाते में नहीं पहुंची तो आरोपियों ने कहा कि पहले एम्बेसी वेरिफिकेशन करानी होगी, तभी भुगतान मिलेगा। इसके लिए भी अतिरिक्त रकम मांगी गई। इस पर बाबू राम को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने 6 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
स्पेन का शानदार प्रदर्शन केवल इस मुकाबले तक सीमित नहीं रहा। मार्च 2024 से टीम नियमित समय में लगातार 37 मैचों से अजेय है, जिसमें 28 जीत और नौ ड्रॉ शामिल हैं। यह स्पेन के इतिहास का नया रिकॉर्ड है और 2007 से 2009 के बीच बने 35 मैचों के पिछले रिकॉर्ड से आगे निकल चुका है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। जन सुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने मैदान में उतर कर लड़ाई रोचक बना दी है। राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता को अपनी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं का पूरा सपोर्ट नहीं मिल रहा। ऐसे में मंगलवार को पटना स्थित राजद ऑफिस में युवा आरजेडी राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव यूरोप की यात्रा पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में पार्टी ने रणनीति बनाई। युवा आरजेडी राज्य कार्यकारिणी की बैठक में क्या हुआ? राजद के नेताओं ने कौन सी मुख्य बातें की? पढ़िए रिपोर्ट..। युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने नारा दिया- भाजपा भगाओ, बिहार बचाओ बैठक में कई नेताओं ने बांकीपुर उपचुनाव को राजद और तेजस्वी यादव के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव कहा। युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव ने नारा दिया-’ भाजपा भगाओ, बिहार बचाओ।’ वक्ताओं ने बांकीपुर उपचुनाव के बहाने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की भी चर्चा की। आरजेडी नेताओं ने पार्टी की बन रही छवि और संगठन को मजबूत बनाने पर अपनी राय खुल कर रखी। बैठक में इन 5 रणनीति पर रहा फोकस 1-संगठन को मजबूत बनाएगा 4 दिनों का प्रशिक्षण शिविर आरजेडी के वरिष्ठ नेता आलोक मेहता ने कहा, ‘आरजेडी के सभी कार्यकर्ताओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि उनका व्यवहार और चरित्र लोगों के बीच किस तरह का हो। सोशल मीडिया का जमाना है और हमारे राजनीतिक दुश्मन इस साजिश में लगे रहते हैं कि आरजेडी और उसके कार्यकर्ताओं को कैसे बदनाम किया जाए।’ आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि युवा आरजेडी का 4 दिनों का प्रशिक्षण शिविर राजगीर में लगाया जाएगा। बिना प्रशिक्षण के संगठन मजबूत नहीं होगा। 2- खींचतान से हम कई जगह हारे, इससे बचना है आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी की हार पर कहा, ‘आरजेडी का वोट बढ़ा है, लेकिन हमें माहौल बनाने की जरूरत है। आरजेडी को रणनीति बनानी होगी। स्थानीय मुद्दों की लड़ाई राजद नेता से अधिक एक सोशल एक्टिविस्ट के रूप में लड़िए और लोगों का विश्वास जीतिए।’ आरजेडी के प्रधान महासचिव व विधायक रणविजय साहु ने कहा, ‘आरजेडी के कार्यकर्ता डायरी और कलम रखना भूल गए हैं। तेजस्वी यादव भी चाहते हैं कि हर कार्यकर्ता अपने पास डायरी और कलम रखे। समाज के लोगों की हर संभव मदद करें। 3- एक पदाधिकारी 100 नए वोटर बनाएं आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार ने कहा, ‘आरजेडी के लिए न आवास मुद्दा है और न सुरक्षा। इन दोनों मुद्दे पर बीजेपी बिहार में लालू परिवार को झुका नहीं सकी। आरजेडी के सांसद और युवा आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय कुशवाहा ने कहा, ‘विधानसभा चुनाव में कई स्थानों पर खींचतान की वजह से आरजेडी की हार हुई। आपस में नेता-कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के नेताओं के बारे में न लिखें। एक पदाधिकारी साथी 100 नए वोटर बनाएं। ये वैसे वोटर हों जो आरजेडी के साथ अभी नहीं हैं और सामाजिक न्याय की विचारधारा से जुड़ना चाहते हैं।’ 4- हर बूथ की जवाबदेही एक युवा नेता ले बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व पार्टी के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने कहा, ‘यह ऐसा समय है जब न विधायिका, न कार्यपालिका और न न्यायपालिका है। आज देश में आग लगी हुई है। आर्थिक मंदी, महंगाई और बेरोजगारी है। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। 5- सिर्फ यादव और मुसलमान से काम नहीं चलेगा, दाल में तड़का भी जरूरी आरजेडी नेता विश्वनाथ यादव ने कहा कि सिर्फ यादव और मुसलमान से काम नहीं चलेगा। कई जगहों पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी से आरजेडी की हार हुई। आरजेडी वोट से चुनाव नहीं हारी, प्रशासनिक तंत्र से, मशीन से और अपने ही कुछ कार्यकर्ताओं की मायूसी और नाराजगी से हारी है। पीके कोशिश कर रहे, हम घर में घुसने नहीं देंगे आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने कहा, ‘नितिन नवीन ने सीट को अपने कब्जे में रखने के लिए कमजोर उम्मीदवार उतारा है।’ जन सुराज के प्रशांत किशोर को भी मंगनी लाल मंडल ने आड़े हाथ लिया। कहा कि पीके हमारे घर में भी घुसने की कोशिश कर रहे हैं पर उनकी चालाकी नहीं चल पा रही है। उन्हें घर में घुसने नहीं देंगे। भय के कारण लालू परिवार के खिलाफ सत्ता पक्ष षड्यंत्र कर रहा है। जीत के लिए माइक्रो लेवल मैनेजमेंट ठीक करना जरूरी आरजेडी नेता खुर्शीद ने कहा, ‘बांकीपुर उपचुनाव की मीटिंग बांकीपुर क्षेत्र में हो, पार्टी कार्यालय में नहीं। सेना को तब बुलाया जाता है जब उसकी जरूरत होती है। उसी तरह युवा नेताओं को आज बांकीपुर उपचुनाव के लिए बुलाया गया है।’ ‘आरजेडी को जीत के लिए माइक्रो लेवल मैनेजमेंट ठीक करना होगा, वहां के कार्यकर्ताओं को शिकायत है। आरजेडी का 25 परसेंट वोट दूर हो गया है। इन सबों को जोड़ना होगा।’ राजद की रेखा गुप्ता अकेली पड़ीं, प्रचार के अंतिम 4 दिन बांकीपुर में दिख सकते हैं तेजस्वी तेजस्वी 24 जुलाई को यूरोप से पटना लौट सकते हैं। बांकीपुर में 28 जुलाई को प्रचार खत्म होगा। इस तरह वह अंतिम के चार दिन बांकीपुर में नजर आ सकते हैं। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की तबीयत ठीक नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ज्यादा उम्र के चलते ऑफिस से कम ही निकल पाते हैं। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव में राजद की प्रत्याशी रेखा गुप्ता अकेली दिखती हैं। बांकीपुर उपचुनाव में राजद का पूरा दारोमदार फिलहाल स्थानीय नेताओं और जातीय समीकरणों पर टिका है। शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी के चलते प्रचार धीमा है।
यूपी की हर्बल टी की सुगंध पहुंची अमेरिका-यूरोप
Vidur Herbal Tea: ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जड़ी-बूटियों से तैयार ऑर्गेनिक हर्बल टी के जरिए विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन ...
फ्रांस और स्पेन 20 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप में आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के बीच 2026 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल बुधवार देर रात 12:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में इससे पहले दोनों की आखिरी भिड़ंत 2006 में हुई थी, जब फ्रांस ने राउंड-16 में स्पेन को 3-1 से हराया था। ओवरऑल दोनों टीमों के बीच अब तक 38 मुकाबले हुए हैं, जिनमें स्पेन ने 18 और फ्रांस ने 13 मैच जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बापे शानदार फॉर्म में हैं। वे मौजूदा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 8 गोल कर गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। दूसरी ओर स्पेन की उम्मीदें 19 साल के स्टार लामिन यमाल पर टिकी होंगी। यमाल ने पूरे टूर्नामेंट में कई बेहतरीन मौके बनाए हैं, हालांकि अब तक उनके नाम सिर्फ एक गोल है। दोनों टीमें पिछली बार 2025 के नेशंस लीग सेमीफाइनल में भिड़ी थीं, जहां स्पेन ने 5-4 से जीत दर्ज की थी। उस मैच में यमाल ने दो गोल किए थे। फ्रांस ने सभी मैच जीते फ्रांस ने इस टूर्नामेंट में अपने सभी 6 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1, इराक को 3-0 और नॉर्वे को 4-1 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में टीम ने स्वीडन के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की। फिर राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे को 1-0 से और क्वार्टर फाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराया। अगर फ्रांस जीती तो… अगर फ्रांस यह मैच जीतती है, तो वह लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले उसने 2018 का वर्ल्ड कप जीता था। फिर 2022 में अर्जेंटीना से फाइनल में हार मिली थी। स्पेन टूर्नामेंट में अजेय स्पेन टूर्नामेंट में अब तक कोई मैच नहीं हारी है। टीम ने 6 मैचों में 5 जीत और 1 ड्रॉ दर्ज किया है। ग्रुप स्टेज में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराया। काबो वर्डे से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ 3-0 से जीती। फिर राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया। अगर स्पेन जीती तो… स्पेन 2010 में खिताब जीतने के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलेगी। उन्होंने 2010 में नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। फ्रांस का अटैक Vs स्पेन की डिफेंस फ्रांस के पास एम्बापे और उस्मान डेम्बेले की अटैकिंग जोड़ी है। एम्बापे के अलावा डेम्बेले टूर्नामेंट में 5 गोल कर चुके हैं। इनके सामने स्पेन की डिफेंस होगी, जिसने टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाए हैं। स्पेन के अटैक का जिम्मा लामीन यमाल और मिकेल मेरिनों संभालेंगे। मेरिनो ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 2 गोल किए हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेमबेले, एंटोनी ग्रीजमैन, बार्कोला, किलियन एम्बापे। स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, अयामेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्रि, फैबियन रुइज, पेड्रि, लामिन यमाल, अल्वैरो मोराटा, निको विलियम्स।
यामल बनाम एमबाप्पे, क्या स्पेन रोक पाएगा फ्रांस के विश्वकप फाइनल जाने का सिलसिला?
फीफा विश्वकप में फ्रांस की टीम बेहतरीन दिखाई दी है। अगर सेनेगल का मैच हटा दे तो हर मैच में टीम का दबदबा रहा है। वहीं स्पेन की बात करें तो टीम ने सातवें मुकाबले में अपना पहला गोल खाया था। मतलब मंगलवार को पहले सेमीफाइनल का मुकाबला बेहतरीन आक्रमण पंक्ति और सुदृढ रक्षात्मक पंक्ति के बीच होगा। फ्रांस एमबाप्पे के प्रदर्शन के कारण लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचा अगर वह फाइनल जीत जाता है तो लगातार 3 बार फाइनल पहुंचने वाली टीम भी वह बन जाएगा। फ्रांस ने 2022 में अर्जेंटीना से हारने से पहले रूस में खेले गए विश्वकप में क्रोएशिया को मात देकर खिताब पाया था। France's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/3c7PbsiCjj — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 लेकिन इस बार उसके सामने खड़ी है स्पेन जो कई मौकों पर फ्रांस के सामने बड़े मुकाबले में आकर खड़ी हो जाती है। इन दोनों टीमों का मुकाबला अक्सर टूर्नामेंट के ऐसे ही मोड़ पर होता है।फ्रांस जब विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में स्पेन का सामना करेगा तो दिग्गज खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे और युवा स्ट्राइकर लामिन यामल के बीच रोचक जंग देखने को मिल सकती है। फ्रांस और स्पेन किसी बड़ी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में फिर से आमने-सामने होंगे। यह दोनों टीम दो साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप में एक दूसरे से भिड़ी थीं।स्पेन ने उस मैच में 2-1 से जीत हासिल की थी। उस मैच में यामल ने गोल किया था जो तब 16 वर्ष के थे। स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को हराकर यूरो कप का खिताब अपने नाम किया। Spain's route to the Semi-final #FIFAWorldCup pic.twitter.com/os0ksOZMOG — FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 12, 2026 नाक में चोट लगने के बाद एमबाप्पे उस टूर्नामेंट में खास कमाल नहीं दिखा पाए थे जबकि माइकल ओलिस और डेसिरे डोए जैसे उभरते सितारों को अभी सफलता हासिल करनी बाकी थी।दो साल बाद फ्रांस को मौजूदा विश्व कप की सबसे प्रभावशाली टीम माना जा रहा है जिसकी अग्रिम पंक्ति में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। सबकी निगाह हालांकि एमबाप्पे पर टिकी रहेगी जिन्होंने अभी तक टूर्नामेंट में संयुक्त रूप से सर्वाधिक गोल किए हैं। स्पेन को टूर्नामेंट में आने से पहले यामल और साथी विंगर निको विलियम्स की चोटों से जूझना पड़ा। स्पेन को पिछले दो दौर में पुर्तगाल और बेल्जियम को हराने के लिए स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल पर निर्भर रहना पड़ा।विश्व कप या यूरो कप में ये दोनों देश कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। यूरो कप 1984 के फाइनल में फ्रांस ने स्पेन को हराया था।
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले तय हो गए हैं। फुटबॉल की चार दिग्गज टीमें- अर्जेंटीना, इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन ने टॉप-4 में प्रवेश किया है। 1990 के बाद यह पहला मौका है, जब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में सिर्फ पूर्व चैंपियन टीमें पहुंची हैं। एक खास बात और है, ये चारों टीमें फीफा रैंकिंग में टॉप-4 में शामिल हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब रैंकिंग की टॉप-4 टीमों सेमीफाइनल में पहुंची हैं और खिताब से सिर्फ दो जीत दूर हैं। मंगलवार को किलियन एम्बाप्पे की फ्रांस और लामिन यमाल के स्पेन आमने-सामने होंगे, जबकि बुधवार को लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना और हैरी केन की इंग्लैंड के बीच मैच खेला जाएगा। अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड पुरानी दुश्मनी, हैंड ऑफ गॉड, बेकहम रेडकार्ड जैसे विवाद अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रही है। 1982 के फॉकलैंड युद्ध से लेकर वर्ल्ड कप के कई विवादित मुकाबलों तक दोनों देशों की राइवलरी काफी पुरानी है। 1986 वर्ल्ड कप में डिएगो माराडोना के चर्चित 'हैंड ऑफ गॉड' गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराया था। 1998 में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला और अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की। 2002 में बेकहम ने पेनल्टी गोल कर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। अब मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। स्पेन Vs फ्रांस यूरो की हार का बदला लेने उतरेगा फ्रांस दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन की टक्कर होगी। दोनों टीमें 2 साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भी भिड़ी थीं, जहां स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस के पास किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे और डिजिरे डुए जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जबकि स्पेन की उम्मीदें युवा स्टार लामिन यामाल और मिडफील्डर मिकेल मेरिनो पर टिकी होंगी। मेरिनो ने लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में निर्णायक गोल कर स्पेन को जीत दिलाई है। मेसी के पास इतिहास रचने का मौका 39 साल लियोनेल मेसी अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उनके नाम विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 21 गोल हैं। अगर मेसी अर्जेंटीना को लगातार दूसरा वर्ल्ड कप दिलाने में सफल रहते हैं, तो वह डिएगो माराडोना के बराबर नहीं, बल्कि उनसे भी आगे निकल जाएंगे। अर्जेंटीना अगर खिताब जीतता है तो वह 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी। इससे पहले ब्राजील और इटली यह कारनामा कर चुके हैं। ------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नया स्टार- पेरू में 559 नवजातों के नाम हालेंड के नाम पर, 91 बच्चों का पूरा नाम ही ‘अर्लिंग हालेंड’ फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन साउथ अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम हालेंड के नाम पर रख रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
इस विश्व कप की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पहली बार फीफा विश्व रैंकिंग की शीर्ष चार टीमें एक साथ सेमीफाइनल में पहुंची हैं। यह उपलब्धि टूर्नामेंट के बढ़ते प्रतिस्पर्धी स्तर और इन टीमों के लगातार शानदार प्रदर्शन को दर्शाती है।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बच्चियों के जबरन धर्म परिवर्तन पर यूरोपीय संसद ने जताई चिंता
एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संसद ने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें पाकिस्तान के अधिकारियों से धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों के अपहरण और जबरन इस्लाम धर्म अपनाने की घटनाओं को रोकने की मांग की गई है।
अदाणी ग्रुप ने फ्रांस की डायोक्सिकल के साथ किया समझौता, भारत में बढ़ेगा कम-कार्बन केमिकल उत्पादन
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डायोक्सिकल ने भारत में कम-कार्बन (लो-कार्बन) केमिकल उत्पादन को विकसित करने और बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की घोषणा की है।
बिहार की राजनीति में इस समय एक अजीब सी हलचल है। एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 'युवराज' और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं, तो दूसरी तरफ पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर पार्टी के भीतर ही घमासान मचा हुआ है। बांकीपुर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आरजेडी के खेमे में उम्मीदवारों की दावेदारी और आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई है, जो पार्टी आलाकमान के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।तेजस्वी की गैरमौजूदगी में बढ़ी रारतेजस्वी यादव का विदेश दौरा ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में उपचुनावों का माहौल गर्म है। जानकारों का मानना है कि तेजस्वी की अनुपस्थिति में पार्टी के भीतर टिकट के दावेदारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। बांकीपुर सीट को लेकर स्थानीय नेताओं में असंतोष साफ दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के पुराने वफादार और नए कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बिठाना आरजेडी नेतृत्व के लिए बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।बांकीपुर उपचुनाव: आरजेडी के सामने बड़ी चुनौतीबांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल करना आरजेडी के लिए साख का सवाल बन गया है। इस सीट पर पहले से ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, और अब पार्टी के भीतर की गुटबाजी ने चुनावी समीकरणों को और अधिक उलझा दिया है। स्थानीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर समय रहते इस अंतर्कलह को नहीं सुलझाया गया, तो इसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिल सकता है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि क्या लालू प्रसाद यादव की अनुपस्थिति में पार्टी के फैसले उतने प्रभावी रह पाएंगे?आगे क्या हो सकता है?राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि तेजस्वी यादव के लौटते ही पार्टी के भीतर की इस बगावती लहर को शांत करने के लिए बड़े फेरबदल किए जा सकते हैं। बांकीपुर चुनाव न केवल उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि आरजेडी में तेजस्वी यादव की पकड़ कितनी मजबूत है। आगामी कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती मुजफ्फरपुर की एक युवती के लिए महंगी साबित हुई। खुद को यूरोप में कार शोरूम का मालिक बताने वाले एक साइबर ठग ने पहले प्रेमजाल में फंसाया, फिर शादी और विदेश में बसाने का सपना दिखाकर वीजा-पासपोर्ट बनवाने के नाम पर 2.20 लाख रुपए ठग लिए। व्हाट्सएप पर भेजे गए कथित वीजा और पासपोर्ट फर्जी निकलने पर युवती को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने काजी मोहम्मदपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। रील से शुरू हुई बातचीत, फिर शादी का प्रस्ताव पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि करीब पांच महीने पहले इंस्टाग्राम पर रील देखते समय शादी से जुड़ा एक वीडियो सामने आया। वीडियो में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उसकी एक युवक से बातचीत शुरू हुई। करीब दो महीने तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। इसी दौरान युवक ने खुद को यूरोप में कार शोरूम का मालिक बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। आरोपी ने दावा किया कि शादी के बाद वह युवती को यूरोप बुलाएगा और अपने कारोबार की जिम्मेदारी भी सौंप देगा। उसकी बातों पर भरोसा कर युवती शादी के लिए तैयार हो गई। वीजा-पासपोर्ट के नाम पर ऐंठ लिए 2.20 लाख रुपए भरोसा कायम होने के बाद आरोपी ने विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर वीजा और पासपोर्ट बनवाने के लिए अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगने शुरू किए। युवती ने उसके बताए बैंक खाते में कुल 2.20 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर कथित रूप से वीजा और पासपोर्ट की कॉपी भेज दी, जिन पर अधिकृत मुहर भी लगी हुई थी। दस्तावेज देखने के बाद युवती को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। जांच में फर्जी निकले दस्तावेज कुछ दिनों बाद जब युवती ने भेजे गए वीजा और पासपोर्ट की सत्यता की जांच कराई तो उन पर संदेह हुआ। जांच में दस्तावेज फर्जी होने की आशंका सामने आने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस से की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़िता ने आवेदन के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड, कथित वीजा-पासपोर्ट की कॉपी और आरोपी की तस्वीर भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
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Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
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यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

