G20 Meet: Piyush Goyal ने फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया संग Trade पर की चर्चा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब तथा दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से मुलाकात की और इन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। गोयल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के मिल्वॉकी में जी20 के सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर चारों देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए लिखा, ‘‘जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक मामलों के मंत्री निकोलस फोरिसियर से मुलाकात की।’’ गोयल ने कहा कि उन्होंने और फोरिसियर ने व्यापार एवं निवेश संबंधों का विस्तार करने, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जल्द हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा भारत में वैमानिकी विनिर्माण, यूपीआई एकीकरण एवं संयुक्त नवाचार पहलों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस साल के अंत में भारत में उनका स्वागत करने और द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हूं।’’ गोयल ने कहा कि उनकी कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ ‘‘सार्थक बैठक’’ हुई जिसमें भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के लिए जारी बातचीत की समीक्षा की गई। भारत-कनाडा सीईपीए की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मार्च में की थी। इसका लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘‘मुंबई में हाल में हुई हमारी बैठक को आगे बढ़ाते हुए हमने बातचीत में तेजी लाने और समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’ गोयल ने कहा कि उन्हें सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी से मुलाकात कर खुशी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए जारी बातचीत में प्रगति पर चर्चा की तथा दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसर तलाशे।’’ उन्होंने दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री पार्क जंग-सुंग से भी मुलाकात की और भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (आईकेसीईपीए) को उन्नत करने, संतुलित व्यापार वृद्धि, भारतीय कृषि, दवा व समुद्री उत्पादों के लिए बाजार पहुंच तथा भारत में कोरियाई विनिर्माण निवेश पर चर्चा की।
पेरिस छोड़कर मुंबई शिफ्ट हुआ फ्रांसीसी युवक, बोला- काश ये बातें पहले पता होतीं
फ्रांसीसी युवक निको नौकरी के लिए पेरिस से मुंबई आया. तीन हफ्ते बाद इंस्टा पर अनुभव शेयर किया. बोला- यहां दूरी, रूटीन और नॉर्मल जिंदगी की परिभाषा पूरी तरह बदल जाती है.
जोधपुर एयरबेस पर आयोजित तरंगशक्ति युद्धाभ्यास-2026 में विश्व के 8 देशों के अलग-अलग फाइटर जेट्स शामिल हुए हैं। दौरान आसमान में हैरतअंगेज नजारे देखने को मिल रहे हैं। इस प्रैक्टिस को लेकर फ्रांसीसी एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल जूलियन सबेने ने कहा कि मैं पहली बार भारत आया हूं। यहां आकर मैंने महसूस किया कि आपका देश बहुत विशाल है। भारतीय वायुसेना के पास बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रकार के विमान हैं। इससे हमें काफी कुछ सीखने को मिला। यह अभ्यास पेगासे-26 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कहा-इसकी शुरुआत शानदार रही उन्होंने कहा- हम फ्रांस से करीब 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके यहां पहुंचे हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र का हिस्सा हैं और हमारे नागरिक विदेशी क्षेत्रों में भी रहते हैं। हम एक्सरसाइज तरंग शक्ति की शुरुआत के समय यहां पहुंचने में सफल रहे। इसका शुभारंभ शानदार रहा। हमारा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान हमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित कई अलग-अलग टीमों और अधिकारियों से मिलने का अवसर मिला। मैंने पाया कि भारतीय वायुसेना ने इस पूरे अभ्यास के आयोजन में शानदार काम किया है और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी तरह तैयार रखी गई थीं। अमेरिका के F-35A और KC-135R भी अभ्यास में शामिल अमेरिकी पैसिफिक एयर फोर्सेज की ओर से 6 F-35A लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और एक KC-135R स्ट्रैटोटैंकर तरंग शक्ति-26 में शामिल हुए हैं। 6 F-35A जापान के मिसावा एयर बेस स्थित 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन के हैं, जबकि KC-135R जापान के काडेना एयर बेस स्थित 909वीं एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन से आया है। अभ्यास के दौरान अमेरिकी वायुसेना, भारतीय वायुसेना और अन्य भाग लेने वाले देशों के साथ मिलकर संयुक्त ट्रेनिंग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय हवाई अभियानों की कार्यप्रणाली को समझना और साझा अनुभव विकसित करना है। एक अमेरिकी F-35A पायलट ने कहा कि दुनिया की अलग-अलग वायु सेनाओं के साथ उड़ान भरने से अलग-अलग रणनीतियों, दृष्टिकोण और संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिलता है। इससे पायलट एक-दूसरे से सीखते हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संयुक्त अभियानों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर- एक साथ उड़ेंगे दुनिया के सबसे खतरनाक 80-फाइटर जेट:राफेल को सुखोई ने किया लीड, 40 हजार फीट पर फ्यूल भरने की प्रैक्टिस; देखें- PHOTOS जोधपुर में 8 देशों की तरंग शक्ति एक्सरसाइज में दुनिया के सबसे खतरनाक 60 से 80 फाइटर जेट्स एक साथ उड़ान भरेंगे। भारत में मौजूद फ्रांस एंबेसी ने इसकी जानकारी दी। मंगलवार को एक्सरसाइज के चौथे दिन सुखोई ने राफेल फाइटर को लीड किया। फ्रांस के एयरबस A-400M और एयरबस A-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) ने भी एक्सरसाइज में हिस्सा लिया। (पूरी खबर पढ़ें)
फ्रांस में शिक्षा नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज, देखें दुनिया आजतक
फ्रांस में मौजूदा शिक्षा नीतियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है...पेरिस से शुरू हुआ ये आंदोलन अब दूसरे शहरों तक पहुंच गया है... जहां कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया...स्कूलों की बदहाल व्यवस्था, संसाधनों की कमी और शिक्षा के लिए ज्यादा फंड की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. देखें...
केरल का त्रिशूर शहर भारत की 'गोल्ड कैपिटल' या 'गोल्डन सिटी' के नाम से जाना जाता है, जहाँ सोने के आभूषणों का निर्माण, थोक और खुदरा कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। यहाँ लगभग 3,000 विनिर्माण इकाइयाँ और 40,000 कारीगर हैं, जो सालाना ₹2.5 लाख करोड़ का कारोबार करते हुए लाखों लोगों को रोजगार देते हैं और कई देशों को निर्यात भी करते हैं।
भारत की 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना आगे बढ़ रही है। डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर इस वित्त वर्ष के अंत तक फैसला हो सकता है। अभी कंपनियों से मिले प्रस्तावों की जांच की जा रही है। भारत इस डील में ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करना चाहता है। योजना के मुताबिक, ज्यादातर राफेल विमान भारत में असेंबल किए जाएंगे। इनमें भारत में बने हथियार और दूसरे सिस्टम लगाए जाएंगे। डिफेंस सेक्रेटरी ने बताया कि फ्रांस की कंपनी पहले खरीदे गए राफेल मरीन विमानों में भी भारतीय हथियार लगाने पर सहमत हो गई है। राफेल की खरीद कैसे होगी? यह खरीद ‘बाय एंड मेक’ मॉडल के तहत होगी। इसके तहत राफेल बनाने वाली कंपनी के साथ मिलकर भारत में विमानों की असेंबली और उत्पादन से जुड़े काम किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय को मिले प्रस्तावों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। डिफेंस सेक्रेटरी के मुताबिक, इस साल के अंत तक इस प्रक्रिया में कोई निष्कर्ष निकल सकता है। राफेल मरीन में लगेंगे भारतीय हथियार भारत पहले ही राफेल मरीन विमान खरीद चुका है। अब फ्रांस की कंपनी इन विमानों में भारतीय हथियार लगाने के लिए तैयार है। इससे भारत के बनाए हथियारों को राफेल के साथ इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ेगी। नई खरीद में भी भारतीय हथियारों और सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना है। 2027 में तेजस Mk2 की पहली उड़ान डिफेंस सेक्रेटरी ने बताया कि तेजस Mk2 की पहली उड़ान 2027 के मध्य में होने की योजना है। पहले इसके प्रोटोटाइप तैयार होंगे और फिर भारतीय वायुसेना उनका परीक्षण करेगी। वायुसेना ने शुरुआत में करीब 120 तेजस Mk2 विमानों की जरूरत बताई थी। इनकी संख्या पर अंतिम फैसला प्रोटोटाइप के परीक्षण के बाद किया जाएगा। तेजस Mk2 में निजी कंपनियों की भी भूमिका तेजस Mk2 को विकसित करने की मुख्य जिम्मेदारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL की होगी। इसे फेज वाइज तरीके से विकसित किया जाएगा और जरूरत के हिसाब से इसमें नए बदलाव किए जाएंगे। इस काम में निजी कंपनियां और MSME सेक्टर भी शामिल होंगे। निजी कंपनियां सब-असेंबली के साथ फ्यूजलेज जैसे बड़े हिस्से बनाने में मदद कर रही हैं। कुछ हिस्सों के लिए निजी क्षेत्र की प्रोडक्शन लाइन भी शुरू की गई है। AMCA पर भारत का फोकस भारत ने फिलहाल किसी विदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। अभी भारत अपने AMCA यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट पर फोकस कर रहा है। AMCA के लिए शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। कंपनियों ने प्रोजेक्ट की जटिलता और इस क्षेत्र में पहली बार काम करने की वजह से ज्यादा समय मांगा है। सरकार उन्हें कुछ और समय देने जा रही है। डिफेंस सेक्रेटरी के मुताबिक, फिलहाल भारत का फोकस AMCA प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर है। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 114 राफेल फाइटर जेट के लिए फ्रांस ने प्रस्ताव सौंपा:भारत में ही बनाने और स्वदेशी कलपुर्जे लगाने का ऑफर फ्रांस ने भारत को 114 राफेल फाइटर जेट देने का प्रस्ताव सौंप दिया है। 3.25 लाख करोड़ रुपए के सौदे में फाइटर जेट का बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर निर्माण और उत्पादन शामिल है। यानी इसमें लगने वाले कलपुर्जे स्वदेशी फैक्टरियों में बनाए जा सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन गेम्स में भारतीय सेलिंग टीम को कामयाबी, मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल ने जीता रजत पदक
गामागोरी सिटी (जापान), एक अक्टूबर भारतीय जोड़ी मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत पदक जीता। हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की टीम ने महिलाओं की स्किफ सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने नौ रेस में 24 नेट अंक और 28 कुल अंकों के साथ प्रतियोगिता समाप्त की और चीन से आगे रही। चीन दूसरी रेस, छठी रेस और आठवीं रेस में तीन बार अयोग्य घोषित किया गया। जापान ने 11 नेट अंक और 14 कुल अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग ने 15 नेट अंक और 18 कुल अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले 31 वर्षीय फ्रांसिस और 30 वर्षीय नोबल ने नौ रेस के बाद कुल 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों भारतीय खिलाड़ी जो एर्नाकुलम के रहने वाले और रिश्ते में भाई हैं। चीन की जोड़ी ने 16 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में सबसे कम कुल अंक हासिल करने वाली टीम विजेता बनती है। चीन की टीम में वेन जैडिंग और लियू तियान शामिल थे। पुरुष स्किफ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और कुल अंक सबसे कम होने पर जीत दर्ज होती है। स्किफ छोटी और हल्की नौकाएं होती हैं। हांगकांग चीन के अकिरा ल्यूक साकाई और रसेल आयल्सवर्थ ने 24 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने तीसरी रेस जीती जबकि पहली, पांचवीं और नौवीं रेस में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरी ओर चीन ने चार रेस में पहला स्थान हासिल करके शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया। केरल में 2018 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले मछुआरे के बेटे नोबल ने कहा कि अपने पहले एशियाई खेलों में पदक जीतना विशेष एहसास है। नोबल ने फाइनल के बाद पीटीआई से कहा, ‘‘यह हमारे पहले एशियाई खेल थे और पदक जीतना बहुत विशेष है। यह कड़ी प्रतियोगिता थी और हमने रजत पदक जीत लिया।’’दोनों मुंबई स्थित आर्मी यॉटिंग नोड में प्रशिक्षण लेते हैं। फ्रांसिस ने कहा, ‘‘यह बहुत कठिन था। हवा तेज थी। हम तेज हवा वाली परिस्थितियों में ज्यादा सहज नहीं हैं। लेकिन हम टिके रहे और किसी तरह रजत पदक जीत लिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘हल्की हवा की परिस्थितियों में हम काफी अच्छे हैं। हम भारत में प्रशिक्षण लेते हैं और भारत में लगभग हर समय हवा हल्की रहती है।’’फ्रांसिस के लिए यह मिश्रित भावनाओं वाला दिन रहा क्योंकि उन्हें लगा कि वे स्वर्ण पदक जीत सकते थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे लेकर बहुत ज्यादा कुछ महसूस नहीं कर रहे हैं। खुशी भी है और उतनी खुशी भी नहीं है क्योंकि हम स्वर्ण पदक जीत सकते थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में हमें पता नहीं था कि हम रजत पदक की स्थिति में हैं। हमें लगा कि हम कांस्य के लिए मुकाबला कर रहे हैं इसलिए यह हमारे लिए भाग्यशाली रहा। इस तरह की तेज हवा वाली परिस्थितियों में हमारी तकनीक उतनी अच्छी नहीं है। पानी बहुत उथल-पुथल वाला था। लेकिन अंतिम रेस में नाव बहुत तेजी से चली। इसलिए हम उससे खुश थे।’’अपनी जोड़ी के तालमेल के बारे में फ्रांसिस ने कहा, ‘‘हम आपस में भाई हैं। हमारी माताएं और हम साथ-साथ बड़े हुए हैं। हम एक-दूसरे को समझते हैं और इससे तालमेल बिठाना आसान हो जाता है।’’महिला स्किफ स्पर्धा में भारत की हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी 26 अंक के साथ चौथे और अंतिम स्थान पर रही। जापान ने 11 अंक के साथ इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जबकि हांगकांग चीन 16 अंक के साथ दूसरे और चीन 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय जोड़ी नौ में से किसी भी रेस में जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि उसने तीसरी और चौथी रेस में दूसरा स्थान हासिल किया।
Asian Games में Prince Noble और मनु फ्रांसिस ने सेलिंग में जीता ऐतिहासिक रजत
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, एक अक्टूबर एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ का रजत पदक जीतने वाले प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने बाढ़ में अपने पिता को खो दिया था लेकिन पानी ने उन्हें कभी भयभीत नहीं किया। उन्होंने और उनके चचेरे भाई मनु फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को पुरुषों की स्किफ सेलिंग में भारत की पहली एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता टीम बनकर समुद्र से अपने ‘जुड़ाव’ की पुष्टि की। कोच्चि में उनके घर में यह जुड़ाव उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। नोबल के पिता मछुआरे थे और 2018 में केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। लेकिन नोबल काफी कम उम्र में ही पानी और सेलिंग के खेल की ओर आकर्षित हो गए थे क्योंकि अरब सागर उनके घर के पास ही था। नोबल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरे पिता मछुआरे थे और समुद्र हमारे घर के बहुत करीब है। इसलिए, हमारा समुद्र से जुड़ाव है। यही वजह है कि हमारे लिए नौकायन की शुरुआत करना आसान था। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता अब नहीं रहे, 2018 में केरल में आई बाढ़ में हमने उन्हें खो दिया। आज रजत पदक जीतकर मैंने अपने पिता की इच्छा से अधिक कर दिखाया। पिता की मृत्यु के बाद मेरी मां ने मेरा मनोबल बढ़ाया। ’’तीस साल के नोबल ने कहा, ‘‘इसलिए मैं यह पदक अपने पिता, मां, कोच, अपने सभी शुभचिंतकों और देशवासियों को समर्पित करूंगा। ’’नोबल ने कहा कि उन्होंने 2009 में सेलिंग शुरु की थी जब वह 13 साल के थे और सातवीं कक्षा में पढ़ते थे। वह और फ्रांसिस पिछले 10 वर्षों से साथ में सेलिंग कर रहे हैं। उन्होंने मिलकर 2023 में एशियाई चैंपियनशिप का कांस्य पदक भी जीता था। फ्रांसिस का सेलिंग सफर 14 साल की उम्र में शुरू हुआ था। वह नोबल से एक साल बड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम केरल से हैं और हमने सेलिंग की शुरूआत ‘बैकवाटर्स’ से की। हमारे कुछ चचरे भाई भी सेलिंग करने आते थे। उन्होंने हमें सेलिंग के बारे में बताया। हमें शुरू में इसके बारे में ज्यादा नहीं पता था लेकिन बाद में हम इसके प्रति जुनूनी बनते गए।
फ्रांस में नौसेना का त्रिशूल, ‘वरुण’ में दिखी भारत-फ्रांस की समुद्री साझेदारी
New Delhi,1 अक्टूबर . India और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ एक बार फिर दोनों देशों की मजबूत समुद्री साझेदारी का प्रतीक बना है. भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह पहुंचा. यहां भारतीय युद्धपोत ने अभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में हिस्सा लिया. अभ्यास में ... Read more
फ्रांस में नौसेना का त्रिशूल, 'वरुण' में दिखी भारत-फ्रांस की समुद्री साझेदारी
फ्रांस में नौसेना का त्रिशूल, 'वरुण' में दिखी भारत-फ्रांस की समुद्री साझेदारी
एशियन गेम्स: मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने पुरुषों के स्किफ इवेंट में सिल्वर जीता
गामागोरि सिटी, 1 अक्टूबर . एशियन गेम्स में India ने सेलिंग में अपना पहला मेडल जीता. Thursday को पुरुषों के स्किफ इवेंट में मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने सिल्वर मेडल हासिल किया. नौ रेस के बाद वे चीन की जोड़ी के बाद दूसरे स्थान पर रहे. भारतीय जोड़ी ने 23 पॉइंट्स के साथ ... Read more
अलीगढ़ जिले में आलू की खेती और इससे जुड़े कारोबार को नई दिशा देने के लिए 93.97 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रोसेसिंग की नई यूनिट स्थापित की जा रही है।
भारतीय कंपनियों से ज्यादा निवेश चाहता है पोलैंड, यूरोपीय बाजार तक पहुंच का दिया न्योता
मिल्वौकी, 1 अक्टूबर . पोलैंड चाहता है कि भारतीय कंपनियां उसके क्लीन एनर्जी, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) और इंडस्ट्रियल सेक्टर में ज्यादा निवेश करें. पोलैंड खुद को उन भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप में एक अहम ठिकाने के तौर पर भी पेश कर रहा है, जो बड़े यूरोपीय संघ (ईयू) के बाजार तक पहुंच बनाना चाहती ... Read more
जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल यूरोप की स्टील कंपनी 'सेल्सा' के लिए 5 अरब डॉलर की बोली लगाने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम उनके वैश्विक स्टील कारोबार के विस्तार की रणनीति का हिस्सा है, खासकर थिसेनक्रुप स्टील के अधिग्रहण की बातचीत विफल होने के बाद। यह संभावित अधिग्रहण जिंदल समूह की कुल स्टील क्षमता को 25 मिलियन टन से अधिक कर सकता है, हालांकि बातचीत अभी शुरुआती दौर में है और डील होना निश्चित नहीं है।
फ्रांस में तिब्बतियों ने तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह के मौके पर कार्यक्रम किए आयोजित
पेरिस, 30 सितंबर . फ्रांस में तिब्बती समुदायों और संगठनों ने 21 से 27 सितंबर तक तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह मनाया, जिसका उद्देश्य तिब्बती पहचान, भाषा, संस्कृति, धर्म और परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने के प्रयासों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें दोहराना था. केंद्रीय तिब्बती प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, 23 ... Read more
राफेल में लगेंगे भारतीय हथियार, फ्रांस ने कहा- हम तरीका निकालेंगे
फ्रांस ने कहा कि राफेल में भारतीय हथियार इंटीग्रेट करने का रास्ता निकाला जा सकता है. सोर्स कोड के बिना भी ICD से स्वदेशी सिस्टम जोड़े जा सकेंगे. 114 विमानों के सौदे पर बातचीत जारी है.
ईरान से जुड़े तनावों के कारण यूरोप की अर्थव्यवस्था को €100 बिलियन का नुकसान
ब्रसेल्स: ईरान और उस इलाके में चल रहे तनाव ने यूरोपीय संघ को ऊर्जा क्षेत्र के गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया है; सिर्फ़ बढ़ती कीमतों की वजह से यूरोप पर €100 बिलियन का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। हालात पर चिंता जताते हुए, यूरोपीय ऊर्जा आयुक्त डैन जोर्गेनसेन ने कहा कि इतने भारी खर्च […] The post ईरान से जुड़े तनावों के कारण यूरोप की अर्थव्यवस्था को €100 बिलियन का नुकसान appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
सड़क पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन : फ्रांस
पेरिस, स्कूलों में घटती सुविधाओं और बढ़ती परेशानी को लेकर फ्रांस में बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतरे। स्कूलों की बदहाल स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन मंगलवार को कई शहरों में हिंसक हो गया। देशभर में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में नाबालिग हैं।
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
India-France Education: फ्रांस में IIT कैंपस की चर्चा, शिक्षा और रिसर्च सहयोग को मिलेगी नई दिशा
फ्रांस: सड़क पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन, पुलिस से भिड़ंत के बाद हिरासत में 400 लोग
पेरिस, 30 सितंबर . स्कूलों में घटती सुविधाओं और बढ़ती परेशानी को लेकर फ्रांस में बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतरे. स्कूलों की बदहाल स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन Tuesday को कई शहरों में हिंसक हो गया. देशभर में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, ... Read more
पाकिस्तान ने रोका रास्ता तो चीन की ओर देख रहा भारत, यहां से खुलेगा यूरोप का नया रूट?
पाकिस्तान के एयरस्पेस पर पाबंदी के बीच भारत चीन के हॉटन से नया एयर रूट खोलने पर बातचीत कर रहा है। जानें हॉटन रूट से यूरोप-अमेरिका की उड़ानों को क्या फायदा होगा और रास्ते में कौन सी बड़ी चुनौतियां हैं।
टाटा स्टील का बड़ा निवेश, सिंगापुर की कंपनी में डाले 3260 करोड़; यूरोपीय कारोबार पर फोकस
टाटा स्टील ने अपनी सिंगापुर स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी टी स्टील होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड में ₹3,260.32 करोड़ का नया पूंजी निवेश किया है। यह निवेश अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने, यूरोपीय संयंत्रों के वित्तीय पुनर्गठन और हरित इस्पात रूपांतरण के लिए किया गया है।
ग्वालियर के बलुआ पत्थर की पहचान देश से लेकर यूरोप तक है। यहां के स्टोन उत्पाद यूरोप के करीब 27 देशों में पहुंचते हैं, लेकिन कंटेनर किराए में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने इस कारोबार की पूरी गणित बिगाड़ दी है। यूरोप जाने वाले कंटेनर का किराया करीब 150% तक बढ़ गया है। जो कंटेनर पहले करीब 2 हजार डॉलर में मिल जाता था, उसके लिए अब 5 हजार डॉलर से ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक कुछ मामलों में किराया 5,400 डॉलर तक पहुंच गया है। दरअसल खाड़ी देशों में युद्ध के चलते जहाजों को घूमकर जाना पड़ रहा है। इसके चलते यह किराया बढ़ाया गया है। कई बार लौटते समय जहाजों को माल नहीं मिल पा रहा है जिसका असर बढ़ोत्तरी में पड़ा है। शिपिंग लागत बढ़ने से ग्वालियर के स्टोन उत्पाद यूरोप के बाजार में महंगे पड़ने लगे हैं। इसका सीधा असर ऑर्डर पर पड़ा है। कई विदेशी खरीदारों ने फिलहाल ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। इससे पुरानी छावनी स्थित स्टोन पार्क की 55 फैक्ट्रियों और अंचल की 150 से ज्यादा स्टोन इकाइयों में तैयार माल जमा होने लगा है। स्थिति यह है कि अब फैक्ट्रियों और गोदामों में तैयार माल रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। सबसे पहले देखिए ग्वालियर के बलुआ पत्थर की तस्वीरें… 27 टन के कंटेनर में 6-7 लाख का माल, भाड़ा ही कई गुना बढ़ा कारोबारियों के मुताबिक 27 टन क्षमता वाले एक कंटेनर में करीब 6 से 7 लाख रुपए के स्टोन उत्पाद यूरोप भेजे जाते हैं। ऐसे में कंटेनर का किराया करीब ढाई गुना तक बढ़ जाने से प्रति खेप निर्यात लागत काफी बढ़ गई है। पत्थर की कीमत और परिवहन खर्च के बीच का अंतर कम होने के कारण बढ़ा हुआ भाड़ा कारोबारियों और विदेशी खरीदारों, दोनों पर असर डाल रहा है। ऑर्डर रुके तो फैक्ट्रियों में माल, पूंजी भी फंसी विदेशी ऑर्डर होल्ड होने से तैयार स्टोन उत्पाद फैक्ट्रियों में ही पड़े हैं। पत्थर भारी होने के कारण इसे लंबे समय तक सामान्य गोदामों में रखना भी आसान नहीं है। कारोबारियों के सामने दोहरी परेशानी है- पुराना माल उठ नहीं रहा और नया उत्पादन करने पर स्टॉक और बढ़ जाएगा। इससे तैयार माल के साथ कारोबारियों की पूंजी भी फंस गई है। ओवरटाइम से पूरी हाजिरी तक का संकट, मजदूर लौटने लगे कारोबार पर असर अब सीधे रोजगार तक पहुंच गया है। पत्थर का काम करने वाले कारीगरों ने बताया है कि वे इस समय परेशान हैं। काम नहीं मिल रहा है। जहां काम है तो पैसा समय पर नहीं मिल रहा है। कई जगह मजदूर वापस लौट रहे हैं। उद्योग ने मांगी सब्सिडी स्टोन पार्क ग्वालियर इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि कंटेनर भाड़े में अचानक बढ़ोतरी से यूरोप में ग्वालियर के स्टोन उत्पादों की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर ऑर्डर और फैक्ट्रियों के काम पर पड़ा है। इस तरह विदेश तक पहुंचता है पत्थर ग्वालियर सहित पूरे अंचल और प्रदेश से विदेश में भेजे जाने वाले पत्थर को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले खदानों से बड़ी-बड़ी चट्टानों के रूप में पत्थर निकाला जाता है। इसके बाद ट्रक या ट्रॉला से इसे फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता है, जहां बड़ी मशीनों से इसकी कटिंग की जाती है। फिर जरूरत के अनुसार पत्थर को अलग-अलग आकार और साइज में तैयार किया जाता है। तैयार उत्पादों को लकड़ी के बॉक्स में पैक कर बड़े ट्रॉला से पोर्ट तक भेजा जाता है। गुजरात के सहारे भेजा जाता है ग्वालियर-चंबल अंचल और मध्यप्रदेश से विदेश जाने वाला अधिकांश स्टोन गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट भेजा जाता है। कारोबारियों के मुताबिक यहां से माल पहुंचने में करीब 22 से 26 दिन लगते हैं, जबकि मुंबई पोर्ट तक पहुंचने में 32 से 35 दिन लग जाते हैं। पोर्ट पर पहुंचने के बाद पत्थर को ट्रॉला से उतारकर केमिकल ट्रीटमेंट किया जाता है, ताकि फंगस या संक्रमण जैसी समस्या न हो। इसके बाद तैयार माल को कंटेनर में लोड किया जाता है। कंटेनर के आकार के अनुसार माल की पैकिंग और लोडिंग की जाती है। सामान्य कंटेनर करीब 10 फीट चौड़ा, 20 फीट लंबा और 8 फीट ऊंचा होता है। ये खबर भी पढ़ें… पन्ना में हीरे निकल रहे, पर बिक क्यों नहीं रहे कहा जाता है कि करीब 350 साल पहले महाराजा छत्रसाल के गुरु महामति प्राणनाथ ने उन्हें बताया था कि पन्ना की धरती के नीचे हीरे दबे हैं। इसी के बाद पन्ना में पहली खदान खुदी और तब से पन्ना हीरे की खान के तौर पर मशहूर है, और आज भी यहां कोई भी नागरिक 200 रुपए का पट्टा लेकर खुदाई शुरू कर सकता है। लेकिन आज पन्ना के सामने अलग किस्म की मुश्किल है- हीरे मिल रहे हैं, लेकिन बिक नहीं पा रहे।पूरी खबर पढ़ें
भारत का पहला IIT कैंपस फ्रांस में स्थापित होगा: शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर
भारत का पहला IIT कैंपस जल्द ही फ्रांस में स्थापित होने जा रहा है, जो भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा। इस ऐतिहासिक पहल के तहत, भारत और फ्रांस के बीच शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही डिग्री की आपसी मान्यता और अनुसंधान में सहयोग की योजनाएं भी बनाई गई हैं। यह कदम भारतीय तकनीकी विशेषज्ञता को यूरोप में मजबूत करेगा और 2026 को नवाचार का वर्ष मानते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों को और भी प्रगाढ़ करेगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित पंजाब डीजीपी कार्यालय के बाहर मंगलवार को फ्रांस से आई बुजुर्ग एनआरआई महिला जोगिंदर कौर संधू चादर बिछाकर धरने पर बैठ गई। महिला का कहना था कि उसे डीजीपी से मिलने नहीं दिया जा रहा है और वह न्याय की मांग को लेकर यहां आई है। महिला ने बताया कि उसका संपत्ति को लेकर विवाद है। साथ ही वह अपने गहने और नकदी वापस दिलाने की मांग कर रही है। महिला के धरने पर बैठने के बाद डीजीपी कार्यालय के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी उसके पास पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने महिला को बताया कि डीजीपी से मुलाकात करवाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उनका काम केवल पास बनाकर लोगों को कार्यालय के अंदर भेजना है। उन्होंने कहा कि पास बनाकर महिला को अंदर भेजा जा सकता है, जबकि डीजीपी से मुलाकात करवाने की जिम्मेदारी कार्यालय के स्टाफ की है। इसके बाद मौके पर चंडीगढ़ पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिसकर्मियों ने भी महिला को समझाया कि उसका पास बनाकर उसे अंदर भेजा जा सकता है। अंदर पहुंचने के बाद डीजीपी स्टाफ को उसकी पर्ची दी जाएगी और स्टाफ ही मुलाकात करवाएगा। क्या बोली एनआरआई महिला, जानिए सिलसिलेवार
विदेश के समाचार: इतालवी शोधकर्ता की हत्या के 10 साल बादतीन अफसरों को जेल; फ्रांस में छात्रों काप्रदर्शन
फ्रांस में छात्र आंदोलन से गरमाई सियासत: लेकोर्नू और मेलेनशों आमने-सामने, राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
दिल्ली के ILBS में बनेगा भारत-फ्रांस का साझा रिसर्च सेंटर, लिवर और मेटाबोलिक बीमारियों पर होगा शोध
भारत और फ्रांस के बीच यकृत और मेटाबोलिक बीमारियों पर शोध सहयोग अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इंडो-फ्रेंच लिवर एंड मेटाबोलिक डिजीज नेटवर्क (इनफ्लाइमेन) को आईएलबीएस में एक साझा शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार से शुरू हुए मल्टीनेशनल युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में दुनिया की कई वायुसेनाओं के फाइटर जेट और सैन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेने पहुंचे। भारतीय वायुसेना की मेजबानी में हो रहे इस दूसरे संस्करण में 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई अपने हवाई संसाधनों के साथ शामिल हैं, जबकि 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास में 80 से ज्यादा विमान तथा करीब 1500 एयर क्रू, तकनीकी और ग्राउंड स्टाफ हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन ओपनिंग एड्रेस के साथ साथ सभी मेहमानों को आने वाले 16 दिनों के बारे में ब्रीफ किया गया। लंबी दूरी तय कर आए मेहमानों को ध्यान में रखते हुए मिशन और अॉपरेशन जैसी कार्रवाई की शुरुआत सोमवार से होगी। इस दौरान सभी देशों की वायुसेना अपने एसेट्स के साथ विभिन्न ऑपरेशंस में हिस्सा लेंगी। मिशन प्रोफाइल में काउंटर-एयर, एयर डिफेंस, फोर्स कॉम्बैट, एयरलिफ्ट और एयर टू एयर रिफ्यूलिंग जैसे जटिल ऑपरेशन शामिल होंगे। जब दो देशों में समान प्लेटफॉर्म तो विकास आसान फ्रांसीसी एयर एंड स्पेस फोर्स के वाइस चीफ मेजर जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि यूरोप में अलग-अलग देशों की प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने के लिए नाटो की व्यवस्था है, लेकिन इस क्षेत्र में ऐसी समान व्यवस्था नहीं है। ऐसे में भारत समेत दूसरे देशों के साथ प्रशिक्षण का अवसर महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत का राफेल विमानों की नई खेप खरीदना जारी रखने का निर्णय उनके दृष्टिकोण से एक समझदारी भरा निर्णय है। ऑपरेशनल अधिकारी के नजरिए से साझा प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण होता है। इंटरऑपरेबिलिटी के लिए तकनीकी आधार जरूरी है और जब दो देशों के पास समान प्लेटफॉर्म हो तो इसे विकसित करना आसान होता है। फ्रांस ‘पेगासस 26’ के तहत भारत में लेकर आया पूरा एयर पैकेज फ्रांस तरंग शक्ति में सिर्फ राफेल लेकर नहीं पहुंचा है। वह अपने ‘पेगासस 26’ एयर पावर प्रोजेक्शन मिशन के तहत भारत आया है। 8 सितंबर से 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस मिशन में करीब 300 फ्रांसीसी सैन्यकर्मी हैं। फ्रांसीसी पैकेज में राफेल लड़ाकू विमान, A330 MRTT फीनिक्स टैंकर-ट्रांसपोर्ट विमान और A400M एटलस ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। भारत इस मिशन के हिंद-प्रशांत चरण का प्रमुख पड़ाव है और इसी दौरान फ्रांसीसी दल तरंग शक्ति में हिस्सा लेने जोधपुर पहुंचा है।
मध्यप्रदेश के बैतूल के दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने इंग्लैंड के डोवर से फ्रांस तक इंग्लिश चैनल पार कर उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 24 सितंबर की सुबह समुद्र में उतरकर 21 घंटे 20 मिनट तक तैराकी की और 25 सितंबर की सुबह फ्रांस पहुंचे। अभियान में पद्मश्री डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया और पांच सदस्यीय टीम साथ रही। सुरक्षा के लिए एक बोट पूरे समय साथ चलती रही। कई साल की कोशिश के बाद मिली सफलतारामबरन इससे पहले आर्थिक दिक्कत और खराब मौसम के कारण प्रयास पूरा नहीं कर सके थे। इस बार कड़ाके की ठंड और समुद्र की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने तैराकी पूरी की। वे प्रतियोगिता के लिए 17 सितंबर को इंग्लैंड पहुंचे थे। 24 सितंबर को प्रैक्टिस के बाद अगले दिन चैनल पार करने के लिए समुद्र में उतरे। लोहिया की तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंगइस अभियान में भिंड के गजेंद्र सिंह कुशवाह भी जुड़े थे। वहीं डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया ने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। अभियान के दौरान साथ चल रही बोट में रेस्क्यू और सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पदकरामबरन ने अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 22 पदक जीते हैं। वर्ष 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश के विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वे फिलहाल बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच हैं। 1 अक्टूबर को बैतूल लौटेंगे। तस्वीरें देखिए…
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
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