भारत उत्तरी समुद्री मार्ग (NSR) के जरिए यूरोप तक अपना पहला कार्गो भेजने की तैयारी कर रहा है, जिससे व्यापारिक यात्रा का समय 40% तक कम हो जाएगा। यह कदम भारत-रूस के बीच समुद्री सहयोग और आर्कटिक क्षेत्र में आर्थिक संभावनाओं को मजबूत करेगा।
गर्मी ने जंगलों को बनाया बारूद, यूरोप में कई जगह भड़की आग
यूरोप में भीषण गर्मी के बीच जंगलों की आग ने कई देशों में हालात बिगाड़ दिए हैं. क्रोएशिया में आग से एक व्यक्ति की मौत हुई, दर्जनों घायल हुए और करीब 2000 लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया.
New Delhi, 17 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल अमेरिका और कनाडा की एक सप्ताह की यात्रा पर हैं. Monday को सीएम पटेल ने सैन फ्रांसिस्को में कहा कि सिलिकॉन वैली में रहने वाले Gujaratी प्रोफेशनल और उद्यमी, Gujarat के उभरते हुए टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. सैन फ्रांसिस्को में ... Read more
'प्रवासी प्रतिभाएं और उद्योग मिलकर राज्य के विकास को देंगे नई गति', सैन फ्रांसिस्को में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल
6.5 लाख सैनिकों की मौत, 16 हजार+ नागरिक मारे गए; रूस-यूक्रेन युद्ध का हिसाब कब मांगेगी दुनिया?
आज आपको आसान शब्दों में बताते हैं कि आखिर रूस और यूक्रेन की जंग शुरू क्यों हुई थी, इस युद्ध में रूस ने क्या गंवाया है, यूक्रेन को कितना नुकसान हुआ है और इस जंग की वजह से दोनों देशों के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां खड़ी हुई हैं.
भारतीय इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए स्पेन सबसे बड़ा बाजार बना, जहां एक्सपोर्ट बढ़कर 146.4 मिलियन डॉलर हो गया।
एक द्वीप, दो देश और 6-6 महीने का शासन! जानें क्यों बारी-बारी से राज करते हैं फ्रांस और स्पेन
एक द्वीप, दो देश और 6-6 महीने का शासन! जानें क्यों बारी-बारी से राज करते हैं फ्रांस और स्पेन
सैन फ्रांसिस्को, 17 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल Monday को राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सैन फ्रांसिस्को पहुंचे. इसके साथ ही उन्होंने निवेश आकर्षित करने और ‘वाइब्रेंट Gujarat ग्लोबल समिट 2027’ में भागीदारी को मजबूत करने के मकसद से अपने विदेशी दौरे के अमेरिकी चरण की शुरुआत की. सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट ... Read more
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सोमवार को राज्य के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सैन फ्रांसिस्को पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने निवेश आकर्षित करने और 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027' में भागीदारी को मजबूत करने के मकसद से अपने विदेशी दौरे के अमेरिकी चरण की शुरुआत की।
सीएम भूपेंद्र पटेल सैन फ्रांसिस्को पहुंचे, 'वाइब्रेंट गुजरात 2027' से पहले निवेशकों से करेंगे मुलाकात
रूस के मिसाइल हमले में यूक्रेन के आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह प्लांट पर हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत और 14 कर्मचारी घायल हो गए। हमले से प्लांट की महत्वपूर्ण उत्पादन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे उत्पादन रोकना पड़ा और यूक्रेन के औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा नुकसान हुआ।
Russian Attack on ArcelorMittal Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाले 'आर्सेलरमित्तल' (ArcelorMittal) के यूक्रेन स्थित विशाल स्टील प्लांट पर रूस ने भीषण मिसाइल हमला किया है। यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह (Kryvyi Rih) में स्थित प्लांट पर हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 14 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।रॉयटर्स के अनुसार, इस हमले से देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट की पावर-जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्लांट का उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा है।ब्लास्ट-फर्नेस और पावर यूनिट तबाह, उत्पादन ठपकंपनी ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर जारी एक बयान में पुष्टि की कि रात के समय हुए इस मिसाइल हमले ने प्लांट के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने कहा कि पावर जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस सेक्टर की प्रमुख सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण विनिर्माण प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।यह प्लांट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसरों में से एक है। ऊर्जा आपूर्ति और ब्लास्ट-फर्नेस को नुकसान पहुंचने से देश के स्टील उद्योग को बड़ा झटका लगा है।राष्ट्रपति जेलेंस्की का गृहनगर बना निशाना, दागे 62 मिसाइलेंयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूसी सेना नागरिक और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पिछले केवल एक हफ्ते में ही रूस ने यूक्रेन के शहरों पर 1,550 से अधिक अटैक ड्रोन, करीब 1,560 गाइडेड एरियल बम और 62 मिसाइलें दागी हैं। क्रिवी रिह के अलावा कीव और अन्य शहरों में हुए हमलों में भी कई नागरिक घायल हुए हैं और इमारतों में आग लग गई।रूस ने कीव और क्रिवी रिह के सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को बनाया निशानारूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए अपनी दलील दी कि उसने क्रिवी रिह के मेटलर्जिकल प्लांट और कीव में स्थित सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं को ही निशाना बनाया था। इसके साथ ही मॉस्को ने दावा किया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रहे 822 यूक्रेनी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।जवाब में यूक्रेन का रूस पर भीषण ड्रोन हमलायूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहराई तक जाकर लंबी दूरी के ड्रोनों से करारा पलटवार किया है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था, जिसमें 83 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पोडॉल्स्क में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर 'वाइल्डबेरीज' (Wildberries) के एक बड़े गोदाम पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया।बेलगोरोड शहर के पास एक बस पर हुए ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई, जबकि रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र में यूक्रेन ने रूस की मिसाइल ईंधन उत्पादन इकाई को निशाना बनाने का दावा किया।नाटो क्षेत्र में घुसा संदिग्ध रूसी ड्रोन, स्पेनिश लड़ाकू विमान ने मार गिरायायुद्ध का यह तनाव अब नाटो (NATO) देशों की सीमा तक पहुंच गया है। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मोलदोवा की दिशा से एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस आया।नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेनिश वायुसेना के F-18 फाइटर जेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस ड्रोन को मार गिराया। नाटो प्रवक्ता के अनुसार यह एक संदिग्ध रूसी ड्रोन था। चालू वर्ष में रोमानियाई सीमा पर इस तरह की यह चौथी घटना है।फ्रंटलाइन पर युद्ध की गति धीमी पड़ने और शांति वार्ताओं के अधर में लटके होने के कारण, अब रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के ऊर्जा, औद्योगिक और आर्थिक ठिकानों को मिसाइल व ड्रोनों से नष्ट करने की रणनीति अपना रहे हैं। लक्ष्मी मित्तल के प्लांट पर हुआ यह हमला इस बात का प्रमाण है कि यह युद्ध अब वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापार परिसंपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
मिलिए कर्नल रजनीश जोशी से, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी फतह की; अब तक 45 रिकॉर्ड
Colonel Rajneesh Joshi: कर्नल रजनीश जोशी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह किया है। वे अब तक माउंट एवरेस्ट समेत 45 शिखर चढ़ चुके हैं। वे उत्तराखंड के रहने वाले हैं।
भारत की इलेक्ट्रिक कारों की विदेशों में धूम, यूरोप बना सबसे बड़ा बाजार
भारत के इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात में पहली तिमाही में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. निर्यात कमाई 22.2 मिलियन डॉलर से बढ़कर 369 मिलियन डॉलर हो गई और गाड़ियों की संख्या 1,309 से बढ़कर 10,802 हो गई. यूरोप सबसे बड़ा बाजार बना, जिसमें स्पेन पहले और ब्रिटेन दूसरे नंबर पर रहा. जर्मनी, नॉर्वे, डेनमार्क सहित कई यूरोपीय देशों में भी मांग बढ़ी.
बिहार ने अमेरिका,इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन को पीछे छोड़ दिया; CEC ज्ञानेश कुमार ने क्यों जताया आभार?
ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने आये हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश भर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था।
'रील्स में यूरोप स्वर्ग लगता है, लेकिन असलियत कुछ और है!' भारतीय लड़के ने खोली Dream Life की पोल
'रील्स में यूरोप स्वर्ग लगता है, लेकिन असलियत कुछ और है!' भारतीय लड़के ने खोली Dream Life की पोल
SIR के कारण ब्रिटेन, फ्रांस से ज्यादा वोटिंग बिहार में हुई: CEC
CEC ज्ञानेश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में हुए SIR अभियान को सफल बताया है. उनका कहना है कि बिहार चुनाव का वोटिंग प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे विकसित देशों की तुलना में कहीं ज्यादा था.
राजस्थान वन विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की प्रवृत्ति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की साख पर बट्टा लगा दिया है। बारां वन मंडल में पौधारोपण और निर्माण कार्यों में हुए करीब 10 करोड़ के भारी घोटाले की 3,500 पन्नों की विस्तृत विजिलेंस रिपोर्ट को वन विभाग के आला अधिकारियों ने महज 'एक पन्ने' के आदेश से रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
कैथल के साथ सटे जींद के गांव चूहड़पुर के करीब 22 वर्षीय युवक निहाल सिंह की यूरोप में डूबने से मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ वीकएंड पर समुद्र में घूमने गया था। अचानक से जिस वाहन में वे बैठे थे, वह डूबने लगा। वहां पानी में डूबने से युवक की मौत हो गई। युवक निहाल सिंह करीब नौ महीने पहले यूरोप स्टडी वीजा पर गया था और माल्डोवा में रह रहा था। पढ़ाई के साथ साथ वहां पर एक होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी बॉय का काम करता था। आज युवक का शव उसके गांव में पहुंचा। निहाल सिंह की बड़ी बहन शीतल ने अपने भाई का अंतिम संस्कार किया और मुखाग्नि दी। नौ महीने पहले विदेश गया चचेरे भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि परिवार ने निहाल सिंह नौ महीने पहले इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वहां पर रहकर पढ़ाई और कमाई करेगी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक होगी, लेकिन अब परिवार के अरमानों पर पानी फिर गया। अब परिवार में केवल उसकी माता सुनीता देवी और बहन शीतल हैं। पिता कृष्ण कुमार की पहले ही हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। 15 लाख रुपए लगाकर विदेश भेजा प्रवीन ने बताया कि परिवार ने निहाल सिंह को करीब 15 लाख रुपए लगाकर विदेश भेजा था। माता के पास इतने पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने अपने जानकारों और रिश्तेदारों से पैसे इकट्ठे किए थे। अब उसके शव को भारत वापस लाने में भी करीब 10 लाख रुपए खर्च करने पड़े। इनमें से कुछ राशि परिवार ने तो कुछ भाईचारे से इकट्ठी की गई। घर के पास करियाना का दुकान उन्होंने बताया कि निहाल सिंह परिवार में अकेला कमाने वाला था। पिता की मौत के बाद मां सुनीता ने ही दोनों बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। उनकी घर के साथ ही करियाना की दुकान है। अब निहाल से ही परिवार को उम्मीद थी। उसकी मौत के बाद परिवार परिवार में मातम छाया हुआ है।
पत्थर शिल्प का 11 करोड़ का कारोबार:ग्वालियर के 200 कारीगरों की कला फ्रांस, स्पेन और दुबई तक पहुंची
ग्वालियर का पत्थर शिल्प देश ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बना रहा है। स्थानीय पत्थर से देवी-देवताओं की मूर्तियों से लेकर फाइन आर्ट तैयार किए जा रहे हैं। शहर के करीब 200 कारीगर इस काम से जुड़े हैं और इससे हर साल करीब 11 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। इन कलाकृतियों की मांग फ्रांस, स्पेन और दुबई जैसे देशों तक पहुंच रही है। मजबूत पत्थर में बारीक डिजाइन करना आसान राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, ग्वालियर के पत्थर की खासियत इसकी मजबूती और बारीक रेशा है। यह पत्थर पानी कम सोखता है, जिससे इससे बनी मूर्तियां लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। पत्थर में बारीक रेशे होने के कारण कारीगर मूर्तियों में जेवर, चेहरे की भाव-भंगिमा और दूसरे बारीक डिजाइन साफ तरीके से उकेर पाते हैं। ऐतिहासिक धरोहरों में भी दिखती है पत्थर की मजबूती दीपक विश्वकर्मा के मुताबिक, ग्वालियर के पत्थर की मजबूती का प्रमाण यहां की ऐतिहासिक धरोहरों में भी मिलता है। तानसेन का मकबरा, ग्वालियर किला और मोती-महल की बारीक जालियां इसकी मजबूती को दिखाती हैं। पड़ावली और मितावली के प्राचीन मंदिरों की मूर्तियां भी सैकड़ों-हजारों साल बाद सुरक्षित हैं। ये इस पत्थर के टिकाऊपन का उदाहरण हैं। फाइबर की मूर्तियों के बीच पत्थर की मांग बरकरार फाइबर की मूर्तियों का चलन बढ़ने के बावजूद पत्थर की प्रतिमाओं की मांग कम नहीं हुई है। फाइन डिटेलिंग और मजबूती के कारण कई जगहों पर इनकी मांग बनी हुई है। कारीगरों को विदेशों से भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। फ्रांस में महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा और पेरिस के 'मेट्रो गाइड' रोड स्टेशन पर प्रदर्शित कलाकृतियां ग्वालियर की मूर्तिशिल्प कला की विदेशों तक पहुंच का उदाहरण हैं।
ईरान ने फ्रांस को आंतरिक मामलों में दखल न देने की दी चेतावनी
तेहरान, 16 अगस्त . ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने फ्रांसीसी Government को ईरान के आंतरिक मामलों में “गैर-कानूनी दखल” के खिलाफ चेतावनी दी है. मंत्रालय ने Saturday को अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि जुलाई में तेहरान में दो फ्रांसीसी राजनयिकों ने विदेशी घुसपैठ और दखलअंदाजी से जुड़े एक बड़े मामले के संदिग्धों ... Read more
बिहार में पकड़ा गया फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता सिर्फ अपनी अफसरी का रौब ही नहीं झाड़ता था, बल्कि उसकी पूरी लाइफस्टाइल भी लग्जरी थी। भारत सरकार लिखवाकर टेस्ला की ड्राइवरलेस कार में घूमने वाले मनीष गुप्ता ने अपने महलनुमा घर में बिग बार बना रखा था। इसमें जापान-फ्रांस समेत दुनिया के 22 देशों की 33 प्रीमियम शराब की बोतलें मिली हैं। स्मिरनॉफ, नेडरबर्ग, बकार्डी से लेकर यामाजाकी, हिबिकी, टैलिस्कर डार्क स्टॉर्म और हेंड्रिक्स जिन जैसे प्रीमियम ब्रांड उसके लग्जरी शौक का हिस्सा थे। बरामद बोतलों में कई ऐसी हैं, जिनकी कीमत 20 से 30 हजार रुपए प्रति बोतल तक बताई जा रही है। यानी फर्जी अफसरी के साथ-साथ शराब का कलेक्शन भी उसके शाही अंदाज का हिस्सा था। पुलिस को जांच में कितने देशों की शराब मिली है, उनके ब्रांड क्या हैं…कहां बनती है…रेट क्या है..पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर फ्रांस की प्रीमियम रेड वाइन है। इसकी शुरुआत 1818 में जीन-मैरी कैल्वेट ने की थी। इसमें करीब 15% अल्कोहल होता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। स्वाद में रेड फ्रूट, चेरी, मसाले और वनीला के नोट्स मिलते हैं। इसे खास अंगूरों से तैयार किया जाता है और आमतौर पर लाल मांस, शिकार के मांस और चीज के साथ परोसा जाता है। कैल्वे ब्रांड की वाइन की बिक्री दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में होती है। वहीं, जोनिन वेंतितेरे चीआंती DOCG इटली की मशहूर रेड वाइन है, जिसे जोनिन परिवार से जुड़ा ब्रांड तैयार करता है। इसमें करीब 12.5% अल्कोहल होता है। जिम बीम ब्लैक केंटकी स्ट्रेट बॉर्बन व्हिस्की अमेरिका की मशहूर बॉर्बन व्हिस्की है। इसकी शुरुआत 1795 में जैकब बीम ने की थी। इस व्हिस्की में करीब 45% अल्कोहल होता है। विदेशी ड्राय फ्रूट से लेकर लग्जरी कार तक सिर्फ महंगी शराब ही नहीं, फर्जी IAS की जिंदगी में विदेशी तड़क-भड़क भी शामिल थी। वह विदेश से मंगवाए गए महंगे ड्राय फ्रूट खाता था और आने-जाने के लिए टेस्ला की ड्राइवरलेस कार का इस्तेमाल करता था। महंगे ब्रांड, लग्जरी कार और विदेशी सामानों के बीच वह ऐसी जिंदगी जी रहा था, जो आम लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं थी। अब इनके घर की तस्वीरें देखिए… फिलहाल, आरोपी फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता 5 दिनों से जेल में बंद है। अभी तक उसके फोन और लापटॉप को नहीं खोला गया है। उसके लॉक टूटने पर ही आगे की जानकारी मिल पाएगी।
डिजिटल युग में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुके हैं। इंस्टाग्राम, टिक-टॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स जहां बच्चों को सूचना और मनोरंजन उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं अत्यधिक स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग और डिजिटल लत ने उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय देश फ्रांस ने बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। फ्रांस की संसद द्वारा पारित कानून के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त कानूनी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। फ्रांस के इस साहसिक फैसले ने पूरी दुनिया में यह बहस छेड़ दी है कि क्या बच्चों के हाथ से सोशल मीडिया छीनना सही कदम है या यह उनकी डिजिटल स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप है।फ्रांस के नए कानून के कड़े नियम और माता-पिता की अनिवार्य सहमतिफ्रांस द्वारा लागू किए गए इस ऐतिहासिक कानून के मुख्य प्रावधान बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन एक्सपोजर को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए हैं।उम्र सत्यापन (Age Verification): 15 वर्ष से कम आयु के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने के लिए डिजिटल आयु सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा।माता-पिता की लिखित सहमति (Parental Consent): 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अकाउंट बनाते समय उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की स्पष्ट डिजिटल सहमति को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना: सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर की सही उम्र की पहचान करने के लिए कड़े तकनीकी टूल लागू करने का आदेश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली टेक कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 1 प्रतिशत तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।स्क्रीन टाइम सीमा और नोटिफिकेशन ब्लॉक: रात के समय बच्चों के सोशल मीडिया नोटिफिकेशन को स्वतः म्यूट करने और दैनिक स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने का अधिकार भी अभिभावकों को दिया गया है।मानसिक स्वास्थ्य संकट और सोशल मीडिया बैन के पक्ष में मजबूत तर्कबाल मनोवैज्ञानिकों, न्यूरोलॉजिस्ट्स और शिक्षाविदों का एक बड़ा वर्ग बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के फैसले का पुरजोर समर्थन कर रहा है।एंग्जायटी, डिप्रेशन और इनसोमनिया से बचाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न चिकित्सा शोधों के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार स्क्रॉलिंग करने वाले किशोरों में नींद की कमी, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।बॉडी डिस्मॉर्फिया और अवास्तविक तुलना: सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली एडिटेड और फिल्टर की गई तस्वीरें किशोरों में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर हीन भावना (Body Dysmorphia) पैदा करती हैं, जिससे उनका आत्मसम्मान कमजोर होता है।साइबर बुलिंग और ऑनलाइन प्रीडेटर्स: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न (Cyberbullying), आपत्तिजनक कंटेंट और अज्ञात अपराधियों द्वारा शोषण का खतरा लगातार बना रहता है, जिस पर रोक लगाना आवश्यक है।डोपामाइन लूप और ध्यान भटकाव: शॉर्ट-फॉर्म वीडियो फॉर्मेट बच्चों के दिमाग में डोपामाइन रश पैदा करते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता (Attention Span) और पढ़ाई में गहरी रुचि तेजी से घटती है।बैन के विरोध में उठते सवाल: क्या पूरी तरह पाबंदी लगाना सही समाधान है?दूसरी ओर, डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का तर्क है कि बच्चों से सोशल मीडिया पूरी तरह छीन लेना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता।डिजिटल साक्षरता में रुकावट: 21वीं सदी में इंटरनेट और सोशल प्लेटफॉर्म्स रचनात्मकता, कोडिंग, वैश्विक संपर्क और ज्ञान अर्जन का महत्वपूर्ण जरिया बन चुके हैं। पूर्ण प्रतिबंध से बच्चे तकनीकी विकास में पीछे छूट सकते हैं।वीपीएन (VPN) और फर्जी अकाउंट्स का सहारा: कड़े प्रतिबंध लगाने पर बच्चे अक्सर उम्र छिपाने के लिए फर्जी जन्मतिथि, डमी अकाउंट्स या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर नियमों को बायपास करने लगते हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन निगरानी और अधिक कठिन हो जाती है।प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी की चिंता: उम्र सत्यापन के लिए सरकारी पहचान पत्र या बायोमेट्रिक डेटा कंपनियों को सौंपने से नाबालिगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर बड़ा जोखिम खड़ा होता है।दुनिया भर के देशों के लिए फ्रांस का यह कदम क्यों है एक बड़ा सबक?फ्रांस का यह कानून दुनिया के अन्य देशों—विशेष रूप से भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया—के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत मॉडल बन रहा है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिकी राज्यों (जैसे यूटा और फ्लोरिडा) में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण कानून बनाए जा रहे हैं। भारत में जहां 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, वहां भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग की लत एक बड़ी पारिवारिक और सामाजिक चुनौती बन चुकी है। नीति निर्माताओं के लिए फ्रांस का मॉडल यह सिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल माता-पिता पर जिम्मेदारी डालने के बजाय टेक दिग्गजों (Tech Giants) की एल्गोरिदम और कारोबारी नीतियों पर कानूनी जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।संतुलित राह: प्रतिबंध के बजाय डिजिटल साक्षरता और सख्त पैरेंटल गाइडेंसविशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबंध के बजाय 'संतुलित डिजिटल परवरिश' (Balanced Digital Parenting) ज्यादा प्रभावी है।स्कूलों में बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों, एल्गोरिदम के काम करने के तरीके और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की डिजिटल लिटरेसी दी जानी चाहिए।टेक कंपनियों को बच्चों के लिए गैर-नशेड़ी (Non-Addictive) और एल्गोरिदम-मुक्त सुरक्षित इंटरफेस डिजाइन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।परिवारों में स्क्रीन-फ्री जोन (जैसे डाइनिंग टेबल और बेडरूम) तय करके बच्चों के साथ संवाद और आउटडोर खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
चर्चाओं में हैं अरुणाचल के शिक्षक ताई तुगुंग, उत्तराखंड में विशेष सम्मान; फ्रांस तक जलवा
अरुणाचल प्रदेश के ताई तुगुंग चर्चाओं में हैं। उन्हें उत्तराखंड में विशेष सांस्कृतिक सम्मान मिला है। उनकी फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में धमाल मचा चुकी है।
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार व निवेश को मिलेगा बढ़ावा, एसोचैम ने किए अहम रणनीतिक समझौते
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देश के प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
यूरोप के इस देश में किराए पर मिलते हैं 'पति', महिलाएं घंटों के हिसाब से करती हैं पेमेंट, जानिए वजह
क्या आपने कभी सुना है किराए पर पति मिलते हैं? सुनने में ये काफी अजीब लग रहा है लेकिन यूरोप के एक देश में इस सर्विस से कई महिलाएं काफी खुश हैं। चलिए आपको रेंटल हस्बैंड की पूरी जानकारी देते हैं।
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

