ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियां अस्वीकार्य, यूरोप देगा एकजुट होकर जवाब: इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की तरफ से टैरिफ की धमकियों पर कड़ी आपत्ति जताई है
डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ धमकी ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार युद्ध का बिगुल फूंक दिया है! यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ ऐतिहासिक ट्रेड डील रोकने की तैयारी की। जानिए क्या है ट्रम्प की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और कैसे यूरोपीय संघ जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले इस बड़े कूटनीतिक टकराव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
यूरोपीय संप्रभुता बनाम अमेरिकी हुंकार: ट्रम्प की धमकियों पर राष्ट्रपति मैक्रों का दोटूक जवाब
डोनाल्ड ट्रम्प की धमकियों पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दिया करारा जवाब! मैक्रों ने कहा—फ्रांस किसी के दबाव में काम नहीं करेगा। जानिए क्यों बढ़ रहा है अमेरिका और फ्रांस के बीच कूटनीतिक तनाव और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और नाटो पर क्या असर पड़ेगा। वैश्विक राजनीति की इस बड़ी खींचतान पर विशेष रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
Donald Trump: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी तरह से अड़ गए हैं. अब उन्होंने बात न मानने के केस में EU को धमकी दी है. साथ ही कहा है कि अगर इसमें शामिल देश उनकी बात नहीं मानते हैं तो उनपर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसपर फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने ये बात कही है.
ऊंट उत्सव भले ही कैलेंडर के पन्नों से गुजर गया हो, लेकिन उसकी रंगीन छवियां, लोक संस्कृति की खुशबू और मरुस्थल की आत्मा आज भी देशी-विदेशी सैलानियों के दिलो-दिमाग में जीवंत है। फ्रांस के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट जीन-यवेस डेसफॉक्स के लिए बीकानेर का ऊंट उत्सव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन गया। ऊंटों और उनके मालिकों के बीच दिखे अपनत्व ने उन्हें अपने देश फ्रांस के घोड़ा महोत्सव की याद दिला दी, जहां परंपरा, पशु और इंसान का रिश्ता सदियों से जीवित है। फ्रांस के नॉरमैंडी क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार और फोटो जर्नलिस्ट जीन-यवेस डेसफॉक्स ने बीकानेर में आयोजित ऊंट उत्सव के दौरान खींची गई तस्वीरों और अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता और 35 वर्षों से फ्रांस के सबसे बड़े अखबार ऑएस्ट-फ्रांस के लिए काम कर चुके हैं। डेसफॉक्स के अनुसार, नॉरमैंडी में उनके घर के पास लेसे (मांचे) क्षेत्र में सेंट क्रॉइक्स मेला लगता है, जो हजारों वर्षों से भी अधिक पुराना घोड़ा महोत्सव है। यह मेला और बीकानेर का ऊंट उत्सव, भले ही दो अलग-अलग देशों में आयोजित होते हों, लेकिन इन दोनों में परंपरा, जनभावना और पशुओं के प्रति सम्मान एक-सा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जैसे राजस्थान में ऊंट रोजमर्रा के जीवन, खेती और परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वैसे ही फ्रांस में घोड़ा ग्रामीण जीवन की आत्मा रहा है। दोनों ही त्योहारों में लोगों का अपने पशुओं के प्रति गहरा लगाव और सम्मान साफ झलकता है। डेसफॉक्स ने बीकानेर के स्थानीय गाइड शैलेंद्र कच्छावा और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे फ्रांस लौटकर बीकानेर ऊंट उत्सव और फ्रांस के घोड़ा महोत्सव की संयुक्त फोटो प्रदर्शनी लगाएंगे। इसके अलावा, एक फोटोग्राफी बुक प्रकाशित की जाएगी और फ्रांस के विभिन्न टूरिस्ट गाइड्स को बीकानेर ऊंट उत्सव की तस्वीरें भेजी जाएंगी। फ्रांसीसी छायाकार के दिल में बस गया लोगों का ऊंटों से प्रेम, फ्रांस के घोड़ा महोत्सव का किया जिक्र बीकानेर का ऊंट उत्सव और फ्रांस का घोड़ा मेला दिखाते हैं कि सभ्यताएं भले अलग हों, लेकिन परंपराओं की आत्मा एक-सी होती है। दोनों ही जगह पशु केवल साधन नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। इन उत्सवों के जरिए आने वाली पीढ़ियों तक लोकसंस्कृति, सम्मान और सहअस्तित्व का संदेश पहुंचता है। यही कारण है कि ये महोत्सव केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक आकर्षण बनते जा रहे हैं।
ग्रीनलैंड समर्थक 8 यूरोपीय देशों पर ट्रंप ने ठोका 10% टैरिफ, नहीं तो 25% की भी चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच पहले से मौजूद व्यापारिक तनाव को और गहरा सकता है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।
India EU FTA: भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है. यह पहले से ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है. 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का व्यापार 136.53 अरब डॉलर तक पहुंच गया था.
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की कब्जे की जिद से बढ़ा आर्कटिक तनाव, यूरोप ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी
ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और आर्कटिक मार्गों पर नियंत्रण इसे वैश्विक शक्तियों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाते हैं। अमेरिका, रूस और चीन के बीच आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने इस विवाद को और संवेदनशील बना दिया है।
फ्रांस की संसद के बाहर 'आलू का पहाड़': किसानों के अनोखे विद्रोह ने हिला दी पेरिस की सत्ता
फ्रांस की संसद (National Assembly) के बाहर किसानों ने सैकड़ों टन आलू का ढेर लगाकर ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन किया। गिरती कीमतों और सरकारी नीतियों के खिलाफ किसानों के इस अनोखे विद्रोह ने पेरिस को हिला कर रख दिया है। जानिए क्यों फ्रांस का अन्नदाता सड़कों पर उतरने को मजबूर हुआ और इस घटना का अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।
77वें गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट होंगे यूरोपियन काउंसिल के ये नेता, सरकार ने की ऑफीशियल अनाउंसमेंट
Republic Day 2026 Chief Guest: गणतंत्र दिवस के समारोह में पीएम मोदी के निमंत्रण पर यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25-27 जनवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे.
खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन करती फ्रांसीसी महिला का वीडियो ईरान के दावे से वायरल
वीडियो में दिख रही महिला फ्रांस की एक्टिविस्ट कैमिली इरोस हैं, उन्होंने बूम से पुष्टि की कि यह वीडियो पेरिस में ईरान के लोगों के समर्थन में हुए प्रदर्शन का है.
गुलाबी शहर की जीवंत सांस्कृतिक, परंपरा और कला के भव्य उत्सव ‘जनवरी ऑफ जयपुर’ कार्यक्रम का आयोजन जयमहल पैलेस में हुआ। साहित्य और सिनेमा जगत के प्रतिष्ठित कवि-गीतकार जावेद अख्तर और कथक नृत्यांगना और पं. बिरजू महाराज जी की पौत्री शिंजिनी कुलकर्णी के बीच रोचक संवाद हुआ। इस दौरान जावेद अख्तर ने अपनी प्रसिद्ध नज्म मैं भूल जाउं को सुनाया और जयपुरवासियों से तालियां बटोरी।चर्चा के दौरान जावेद अख्तर ने कहा कि किसी भाषा को किसी धर्म से जोड़ना सही नहीं है। भाषा का संबंध धर्म से नहीं, बल्कि क्षेत्र और समाज से होता है। यूरोप इसका बड़ा उदाहरण है, जहां एक ही धर्म के बावजूद अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का इतिहास बताता है कि लोग अपनी मातृभाषा बंगला के लिए खड़े हुए। मुस्लिम होने के बावजूद उन्होंने उर्दू को अपनाना जरूरी नहीं समझा, क्योंकि भाषा आस्था से नहीं, पहचान से जुड़ी होती है। हिंदी और उर्दू की व्याकरण एक ही है और यह बहुत कम देखने को मिलता है। ये दोनों एक ही मां ‘खड़ी बोली’ की बेटियां हैं। उर्दू का एक भी वाक्य ऐसा नहीं है, जिसमें हिंदी शामिल न हो। जो इंसान उर्दू ज्यादा नहीं जानता। न पढ़ता है, न समझता है और उसे उर्दू या उर्दू शायरी की शुरुआत करनी है, तो पहले क्लासिकल शायरों के बजाय कंटेम्परेरी शायरों को पढ़िए।कार्यक्रम में राजस्थान के बीकानेर के जाने-माने मांड लोक गायक और लोक संगीतकार पद्मश्री से सम्मानित अली-गनी मोहम्मद की जोड़ी की प्रस्तुति ने दर्शकों का मनमोह लिया। कार्यक्रम की मेजबानी संदीप भूतोड़िया, मंजरी भूतोड़िया, सौरभ कक्कड़ और विन्नी कक्कड़ ने की। अली और गनी मोहम्मद बंधु ने राजस्थानी मांड गायकी ने दर्शकों को लोक संगीत की गहराइयों से रू-बरू कराया। उन्होंने मंच पर मांड गायन करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। विशेष तौर पर शास्त्रीय अंदाज में ‘केसरिया बालम’ प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान ‘पधारो’ के कई रूप सुनने को मिले, जिसने प्रस्तुति को और भी खास बना दिया। इसके अलावा उन्होंने ‘मूमल’ और ‘बडिला ढोला’ जैसे लोकगीतों को भी अपने सुरों से सजाया। इस दौरान जब उन्होंने गजल 'कभी आंसू, कभी खुशबू, कभी नगमा' प्रस्तुत की, तो सभी श्रोता भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में जयपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से कला और संस्कृति प्रेमी एकत्रित हुए। इसमें बाहर से आए विशिष्ट अतिथियों में लेखिका नीलिमा डालमिया आधार, सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय शामिल थे। जनवरी की सर्द शाम को चाय और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाते हुए मेहमानों ने आपस में संवाद किया और कार्यक्रम का आनंद लिया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम ‘जनवरी ऑफ जयपुर’ की कल्पना और शुरुआत वर्ष 2018 में समर्पित संस्कृतिविद संदीप भूतोड़िया ने की थी। तब से यह कार्यक्रम कला, संगीत और लोक संस्कृति के माध्यम से जयपुर की पहचान को अधिक मजबूती प्रदान करता आ रहा है। इसका उद्देश्य जनवरी के खूबसूरत मौसम में जयपुर की विविध और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करना है। जावेद अख्तर की सुनाई नज्म मैं भूल जाऊं तुम्हें अब यही मुनासिब है मगर भुलाना भी चाहूं तो किस तरह भूलूं कि तुम तो फिर भी हकीकत वो कोई ख्वाब नहींयहां तो दिल का ये आलम है क्या कहूंकम-बख्त ! भुला न पाया वो सिलसिला जो था ही नहीं वो इक खयाल जो आवाज तक गया ही नहीं वो एक बात जो मैं कह नहीं सका तुम से वो एक रब्त जो हम में कभी रहा ही नहीं मुझे है याद वो सब जो कभी हुआ ही नहीं
सागर के दक्षिण वनमंडल में पहली बार 'एशियन वॉटर बर्ड सेंसस 2026' का आयोजन किया गया। इस दौरान वन विभाग की टीमों ने 4 रेंज के 9 तालाबों में जलीय पक्षियों की गणना की। सर्वे में कुल 82 प्रजातियों की पहचान की गई है। खास बात यह है कि दक्षिण-पूर्वी यूरोप में पाई जाने वाली दुर्लभ 'रूडी शेल्डक' (जिसे भारत में सुर्खाब या ब्राह्मणी बतख कहते हैं) भी पहली बार सागर में दिखाई दी है। इस गणना का उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार करना है। राहतगढ़ और केसली के डेम में दिखा विदेशी मेहमान वन विभाग ने गणना के लिए राहतगढ़ रेंज में 4, गौरझामर में 2, केसली में 2 और ढाना रेंज में 1 जलाशय चिह्नित किया था। सर्वे के दौरान राहतगढ़ में मजार के पास स्थित जलाशय और केसली के इंदलपुर डेम में 'रूडी शेल्डक' देखा गया। इसके अलावा रिवर टर्न, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, साइबेरियन स्टोनचैट, वूली नेक स्टॉर्क, ब्लैक रेड स्टार्ट, रेड नेप्ड आइबिस और ब्लैक हेडेड आइबिस जैसी प्रजातियां भी मिली हैं। तालाबों की सफाई पर देंगे ध्यान, मुख्यालय जाएगी रिपोर्ट दक्षिण वन मंडल देवरी की एसडीओ रेखा पटेल ने बताया कि एशियन वॉटर बर्ड सेंसस का आयोजन पहली बार हुआ है। दो दिनों तक चले सर्वे में 82 अलग-अलग प्रजातियां मिली हैं। चूंकि यह गणना पहली बार हुई है, इसलिए विभाग के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं है। अब मिली प्रजातियों के हिसाब से जलाशयों की साफ-सफाई और पानी की शुद्धता पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि पक्षियों को अनुकूल माहौल मिल सके और उनकी संख्या बढ़े। सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही मुख्यालय भेजी जाएगी। क्या है एशियन वॉटर बर्ड सेंसस? यह एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके तहत झील, तालाब और नदियों में पाए जाने वाले जलीय पक्षियों की गणना की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पक्षियों की संख्या, प्रजातीय विविधता और जल स्थलों की पारिस्थितिक स्थिति का आंकलन करना है, ताकि उनके संरक्षण और प्रबंधन के लिए सही कदम उठाए जा सकें।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में यूके भेजने के बहाने 21 लाख रुपए की ठगी कर ली। नवदीप सिंह उर्फ गरेता, लखबीर सिंह उर्फ बंटी और हेनिश कुमार उर्फ मुकेश भाई पटेल ने मिलकर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को उसकी फैमिली समेत वीजा लगवाने का झांसा दिया। जींद के रहने वाले राज सिंह ने शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2023 के पहले हफ्ते में वह अपने साढ़ू मलकीत सिंह के पास कुरुक्षेत्र आए थे। दोनों मॉल में बैठे थे। तभी नवदीप सिंह और लखबीर सिंह वहां पहुंचे। वे मलकीत को जानते थे। बातचीत में बताया कि इन दिनों यूके का वर्क परमिट चल रहा है। अगर कोई जाना चाहे तो बताएं। फैमिली वीजा के बारे पूछा उसने अपनी पत्नी और बेटी समेत 3 लोगों के लिए यूके वर्क वीजा के बारे में पूछा। आरोपियों ने कुल 28 लाख रुपए मांगे। साथ ही यूके में रह रहे अपने साथी हेनिश कुमार से बात करवाई गई, ताकि उसे भरोसा हो जाए। उन्होंने अगले दिन उसे पासपोर्ट और दूसरे कागजात लेकर ऑफिस बुलाया। कागजात जमा और टेस्ट का बहाना अगले दिन वह अपने साढू मलकीत के साथ आरोपियों के ऑफिस गए। वहां तीनों के पासपोर्ट और कागजात दे दिए। कुछ दिनों बाद आरोपियों ने फोन करके बताया कि यूके का नारिक टेस्ट अप्लाई कर दिया है। 18 अक्टूबर 2023 को टेस्ट करवाया। उसके बाद पैसे का इंतजाम रखना, वीजा जल्द लग जाएगा। पैसे कैसे ट्रांसफर हुए तब उसने आरोपियों के दिए अकाउंट में 31 अक्टूबर 2023 को साढ़े 11 लाख रुपए चेक के जरिए RTGS करवाए गए। उसके बाद आरोपियों ने एक और अकाउंट दिया, जिसमें उसने 1 नवंबर को अपने साले राहुल के अकाउंट से 6 लाख रुपए RTGS से डाले। फिर साढ़े 3 लाख रुपए कैश दिए। वीजा नहीं लगा, बहाने बनाते रहे कई दिन बीत गए, लेकिन वीजा नहीं आया। पूछने पर आरोपियों ने कहा कि फाइल लगी है, जल्द आएगा। फिर बोले कि यूके का वीजा नहीं लग पाया, हम कनाडा का लगवा देते हैं। फाइल का खर्चा हम अपनी तरफ से देंगे। उन्होंने उसके अकाउंट में 13 हजार रुपए डाले, जो एम्बेसी की फीस में कट गए। धमकियां देकर डराने की कोशिश कुछ दिन बाद आरोपी कनाडा का भी वीजा नहीं लगवा पाए और यूरोप भेजने का दबाव बनाने लगे। 5-6 महीने बीत गए, लेकिन यूरोप का वीजा भी नहीं लगवाया। उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी धमकियां देकर डराने की कोशिश करने लगे। आरोपियों ने उनके पासपोर्ट भी वापस नहीं किए। अब पुलिस ने थाना सिटी थानेसर में शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

