तपती धरती, उबलते समंदर:अगस्त बना इतिहास का सबसे गर्म महीना,पूर्वी यूरोप में गंभीर सूखे की स्थिति; आगे क्या?
यूरोपीय संघ के बाजार में ड्रैगन की नो-एंट्री! कंपनियों को बाहर करने वाले नए नियमों पर भड़का चीन
यूरोपीय संघ के प्रस्तावित नए पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेगुलेशन से चीनी कंपनियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने में दिक्कत होगी। इस पर चीनी कारोबारियों के संगठन CCCEU ने चिंता जताई है और यूरोपीय आयोग से निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की अपील की है।
दुनिया का सबसे गर्म अगस्त, यूरोप में नदियां सूखी
कॉपरनिकस के मुताबिक अगस्त 2026 दुनिया के सबसे गर्म अगस्त में रहा. वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.65 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ. यूरोप के कई हिस्सों में कम बारिश से सूखे की स्थिति बनी और राइन-डेन्यूब समेत कई नदियों का जल प्रवाह घटा. वीडियो में जानें इस क्लाइमेट चेंज को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स.
फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल
पटना, 10 सितंबर2026 । बिहार में साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच में पुलिस को ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। करीब 2.5 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह के दो कथित मास्टरमाइंड बिहार में ही छिपे हुए थे, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उनकी लोकेशन […] The post फ्रांस दिखा रहे थे लोकेशन, बिहार में छिपकर चला रहे थे ठगी का खेल appeared first on Rashtriya Ujala .
अगस्त में आसमान से बरसी गर्मी! रिकॉर्ड तापमान से यूरोप बेहाल, कई नदियों का जलस्तर बेहद कम
अगस्त 2026 यूरोप और दुनिया के लिए भीषण गर्मी और सूखे के लिहाज से बेहद अहम रहा। यूरोपीय संघ की Copernicus Climate Change Service के अनुसार, अगस्त 2026 वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे गर्म अगस्त रहा। वैश्विक औसत सतही तापमान 16.96C दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के औसत से 0.85C ज्यादा था। यह […] The post अगस्त में आसमान से बरसी गर्मी! रिकॉर्ड तापमान से यूरोप बेहाल, कई नदियों का जलस्तर बेहद कम first appeared on Sanjeevni Today .
गर्मी का रिकॉर्ड टूटा, यूरोप की नदियां सूखी! ये अगस्त रहा सबसे गर्म
रिकॉर्ड गर्मी सिर्फ थर्मामीटर तक सीमित नहीं रही. अगस्त में यूरोप के कई हिस्सों में मिट्टी की नमी घटी, नदियों का जल प्रवाह कम हुआ और समुद्र का तापमान भी बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गया.
'पुतिन समझौते के लिए तैयार': ट्रंप ने बता दिया कौन डाल रहा अड़ंगा; क्या खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध?
एक नए शोध के अनुसार, 2024 तक वैश्विक तापमान वृद्धि में भारत का योगदान 0.05 डिग्री सेल्सियस से भी कम है, जो प्रमुख उत्सर्जकों से कम है लेकिन ब्राजील और ब्रिटेन जैसे देशों से अधिक है।
1976 में आई ‘नागिन’ एक फ्रांसीसी उपन्यास से प्रेरित थी.फिल्म में 6 गाने थे और रीना रॉय ने नागिन बनकर पांच लोगों से बदला लिया था. इस फिल्म ने फिल्म इंडस्ट्री में और टीवी पर नाग-नागिन की कहानियों को एक नया मोड़ दिया था.
Bridgerton फेम Phoebe Dynevor ने फ्रांस में रचाई शादी, प्रोड्यूसर कैमरन फुलर संग लिए सात फेरे
नेटफ्लिक्स की बेहद लोकप्रिय पीरियड-ड्रामा सीरीज 'ब्रिजर्टन' में 'डैफने ब्रिजर्टन' का आइकॉनिक किरदार निभाकर दुनियाभर में मशहूर हुईं एक्ट्रेस फीबी डायनेवर (Phoebe Dynevor) शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने 5 सितंबर को फ्रांस के प्रोवेंस में आयोजित एक निजी और खूबसूरत समारोह में अपने मंगेतर व प्रोड्यूसर कैमरन फुलर (Cameron Fuller) के साथ सात फेरे लिए। 18वीं सदी के फार्महाउस में हुआ निजी समारोह रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी की सभी रस्में फ्रांस के ग्रामीण इलाके में स्थित 18वीं सदी के ऐतिहासिक फार्महाउस 'ले मास डेस पोइरियर्स' (Le Mas des Poiriers) में निभाई गईं। इस खास समारोह में केवल परिवार के सदस्य और बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। बताया जा रहा है कि फीबी अपनी मां सैली के साथ मिलकर पिछले कई महीनों से इस ड्रीम वेडिंग की प्लानिंग कर रही थीं। बताया जा रहा है कि इस शादी की तैयारी महीनों से चल रही थी और डायनेवर अपनी मां सैली के साथ मिलकर जश्न की योजना बना रही थीं। 'द सन' के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा, फ़ीबी और कैमरन ने शनिवार को शादी की और वे बेहद खुश हैं। वह अपनी मां सैली के साथ महीनों से इस शादी की योजना बना रही थीं। आखिरकार यह सब बहुत शानदार रहा। खबरों के अनुसार, यह जगह जोड़े के लिए खास मायने रखती थी। डायनेवर पिछले साल फुलर के साथ इस जगह पर गई थीं और कहा जाता है कि वह तुरंत ही इसके एकांत माहौल से प्रभावित हो गई थीं। समारोह के बाद, डिनर, ड्रिंक्स और डांस के साथ जश्न जारी रहा। हालांकि शादी काफी हद तक निजी रही, लेकिन जश्न की एक छोटी सी झलक ऑनलाइन सामने आई। फुलर के करीबी दोस्त और एक्टर सैम लर्नर ने इंस्टाग्राम पर शादी के वीकेंड की तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीरों में कई जाने-पहचाने चेहरे दिखे, जिनमें लोगन लर्नर, कोल स्प्राउस और किअरनन शिपका शामिल थे। बाद में पोस्ट डिलीट कर दिया गया और मेहमानों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की गई। डायनेवर और फुलर ने अपने रिश्ते को काफी हद तक लाइमलाइट से दूर रखा है। उनके रिश्ते की खबरें पहली बार 2023 में सामने आईं, हालांकि डायनेवर ने बाद में बताया कि वे असल में उसी साल की शुरुआत में सनडांस फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। 'द ड्रू बैरीमोर शो' में डायनेवर ने अपनी पहली मुलाकात के बारे में कहा, हम... मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से ऐसा कहा है... हम सनडांस फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। उन्होंने आगे बताया कि वे फेस्टिवल के दौरान 'ताओ' (Tao) नाम के एक पॉप-अप क्लब में मिले थे। जब बैरीमोर ने पूछा कि पहल किसने की, तो डायनेवर ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में जवाब दिया, आप किसी से क्लब में भी मिल सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Lust Stories 3 धमाकेदार ट्रेलर रिलीज़! सिद्धार्थ-अदिति, राधिका और अली फ़ज़ल की जोड़ी दिखाएगी प्यार व इच्छाओं के नए रंग यह जोड़ा काफी हद तक लाइमलाइट से दूर रहा और कभी-कभार ही एक साथ सार्वजनिक रूप से नज़र आया। 2024 में उनके रिश्ते में एक बड़ा मोड़ आया, जब डायनेवोर ने मेट गाला में डायमंड रिंग पहनी, जिससे उनकी सगाई की अटकलें लगने लगीं। हालांकि उस समय दोनों में से किसी ने भी कोई बड़ी सार्वजनिक घोषणा नहीं की, लेकिन उस अंगूठी को उनकी सगाई की पुष्टि के तौर पर देखा गया। डायनेवोर के लिए, यह शादी 'ब्रिजर्टन' से मिली ग्लोबल शोहरत के बाद उनके जीवन का एक नया अध्याय है; इस नेटफ्लिक्स पीरियड ड्रामा में उन्होंने डैफ्ने ब्रिजर्टन का किरदार निभाया था और वे शो की बड़ी स्टार बनकर उभरी थीं। फुलर एक फिल्म-प्रोडक्शन परिवार से ताल्लुक रखते हैं और प्रोड्यूसर ब्रैड फुलर के बेटे हैं, जिनकी फिल्मों में 'अ क्वाइट प्लेस', 'द पर्ज' और 'टीनेज म्यूटेंट निंजा टर्टल्स' शामिल हैं। कैमरन फुलर ने भी एक एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है; उनके एक्टिंग क्रेडिट्स में टीवी सीरीज़ 'द लास्ट शिप' शामिल है। इसे भी पढ़ें: Qazi Touqeer के लिए पहली बार Bigg Boss 20 के देखेंगे Arijit Singh ऐसा लगता है कि इस नए जोड़े ने अपनी शादी का जश्न उसी तरह मनाया, जिस तरह उन्होंने अपने रिश्ते को संभाला है: निजी तौर पर, अपने सबसे करीबी लोगों के छोटे से दायरे में। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Cameron Fuller (@cameronfuller)
ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों से जुड़े कारखानों और खेतों में तैयार होने वाले सामान के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। इन देशों का कहना है कि वेस्ट बैंक में इजरायली विस्तार की गतिविधियां दो-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को कमजोर कर रही हैं।
क्या है हिंदू संगठन BAPS जिसके एफिल टावर दौरे से फ्रांस में छिड़ा विवाद
Eiffel Tower Controversy: एफिल टावर पर BAPS के निजी दौरे के बाद महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर पीछे रखने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद स्टाफ ने हड़ताल कर दी थी. इसकी वजह से एफिल टावर बंद रहा था. हालांकि, अब एफिल टावर दोबारा खोल दिया गया है. जानें BAPS क्या है, इसका इतिहास, दुनिया भर के मशहूर मंदिर और महिलाओं से जुड़े पुराने विवाद.
पहले मोनालिसा, अब रेनॉयर: फ्रांसीसी म्यूजियम से बेशकीमती पेंटिंग चोरी, कब-कब चुराई गईं करोड़ों की कलाकृतियां?- Priceless painting stolen from Renoir Museum on French Riviera when other multi-million-worth artworks stolen
पेरिस के एफिल टावर पर हिंदू आध्यात्मिक संस्था बीएपीएस के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को हटाए जाने पर विवाद गहराया। कर्मचारियों की हड़ताल के बाद स्मारक बंद हुआ। जानें पूरा मामला, बीएपीएस का इतिहास, हालिया विवाद और इससे जुड़ी प्रतिक्रियाएं।
ट्रंप ने पुतिन को मिलाया फोन: यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म करने पर हुई बात, यूरोप के खिलाफ आक्रामकता पर क्या बोले रूसी राष्ट्रपति?
Kanpur News: बास्केटबाल में सेंट फ्रांसिस जेवियर्स और कानपुर नगर का दबदबा
अशोकनगर स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को जनपदीय व मंडलीय विद्यालयीय बास्केटबाल प्रतियोगिता हुई।
रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश में भारत, दोनों देशों के संपर्क में दिल्ली: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत के पुराने रुख को दोहराया है। मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारत का मानना है कि युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा...
UN में भारत को वीटो दो, ब्रिक्स से पहले बोला यूरोपीय संघ
ब्रिक्स सम्मेलन की ऐतिहासिक बैठक से ठीक पहले यूरोप के दिल से आई एक ऐसी कूटनीतिक मिसाइल दाग दी गई है जिसकी गूंज वाशिंगटन, लंदन, पेरिस से लेकर बीजिंग तक साफ सुनाई दे रही है। यह आवाज किसी और से नहीं बल्कि यूरोप के सबसे समृद्ध और कूटनीतिक रूप से जागरूक देश लग्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल ने उठाई है। उन्होंने बिना लाग लपेट के सीधे-सीधे शब्दों में कह दिया कि अगर दुनिया में न्याय चाहिए, तो भारत को तुरंत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी कि यूएससी में स्थाई यानी कि परमानेंट सीट दे देनी चाहिए। भारत का आकार, भारत का समर्थ और भारत का वैश्विक कद अब किसी औपचारिक मुहर का मोहताज नहीं है। लग्जबर्ग के उप प्रधानमंत्री ने भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बड़ा बयान दिया। इस दौरे पर वे नई दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद आईआईटी मद्रास चेन्नई के कार्यक्रम में भी हिस्सा लेने पहुंचे। लेकिन उनकी यात्रा की सबसे बड़ी सुर्खी बनी उनका वह बेबाक इंटरव्यू जिसमें उन्होंने यूएससी की मौजूदा बनावट की धज्जियां उड़ा दी। इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स 2026: भारत की कूटनीतिक क्षमताओं को चुनौती देता भारत की परमानेंट सीट को लेकर और कैसे इस दादागिरी को खत्म किया जो सिर्फ पांच देशों की जेबों में है। यह केवल एक कूटनीतिक तारीफ नहीं है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान ढांचे यानी अभी मौजूदा ढांचे पर एक ऐसी नैतिक चाबू है, सीधा चाबुक है। बैटल ने सिर्फ भारत को परमानेंट सदस्यता का समर्थन ही नहीं किया बल्कि उस सबसे बड़ी बुराई पर हमला बोला जिसने यूएन को एक मूकदर्शक संस्था बना दिया। यानी वीटो पावर। लग्जमबर्ग के विदेश मंत्री ने एक बेहद व्याहारिक समाधान सामने रखा। 2/3 ओवर राइड यानी अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के दो तिहाई देश किसी वैश्विक शांति या संकट के मुद्दे पर एक साथ हो तो किसी एक देश के वीटो को निरस्त कर देना चाहिए। ब्रिक्स अब केवल उभरती अर्थव्यवस्था का समूह नहीं रहा है। दोस्तों यह ग्लोबल साउथ की नई धड़कन बन चुका है और उसका प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है? भारत। इसे भी पढ़ें: 18th BRICS Summit के लिए NSG का Operation BRICS Kavach: दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार ब्रिक्स लगातार एक बहुद्रवी विश्व व्यवस्था और यूएन संस्थाओं के लोकतांत्रीकरण की मांग कर रहा है। जब यूरोपीय संघ यानी इयू का संस्थापक सदस्य और पश्चिमी वित्तीय प्रणाली का केंद्र लग्जमबर्ग ब्रिक्स के मंच पर जाने से पहले भारत और ब्राजील की परमानेंट सीट की वकालत करता है तो यह संदेश साफ है कि पश्चिम दुनिया के भीतर भी अब यह स्वीकार्यता बन चुकी है कि भारत के बिना कोई भी वैश्विक व्यवस्था वैध नहीं हो सकती है। भारत ने भी हाल ही में यूएन के मंच से कड़ा संदेश दिया था और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन की चार्ल्स डी अफेयर्स राजदूत योजना पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा था हमने भारत तक पर आपको दिखाया था कि 1945 की दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी है।
जर्मनी में दक्षिणपंथी राजनीति का भूचाल: AfD की जीत से यूरोप का संदेश ?
जर्मनी की राजनीति में एक ऐसा बदलाव दिखाई दे रहा है, जिसकी कुछ साल पहले कल्पना करना भी मुश्किल था। दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की मुख्यधारा की राजनीति में एक स्पष्ट राजनीतिक सहमति रही—अति-दक्षिणपंथी ताकतों को सत्ता और मुख्यधारा से दूर रखा जाएगा। लेकिन अब यह व्यवस्था खुद दबाव में है। पूर्वी जर्मनी […] यह लेख जर्मनी में दक्षिणपंथी राजनीति का भूचाल: AfD की जीत से यूरोप का संदेश ? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
UK से आई भारत के लिए खुशखबरी! CCTS को दी मान्यता, किसे होगा फायदा? अब यूरोपीय संघ पर भी टिकी निगाहें
ब्रिटेन ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) को मान्यता दी है, जिससे भारतीय निर्यातकों को दोहरे कार्बन कराधान से राहत मिलेगी और व्यापार बढ़ेगा। यह फैसला यूरोपीय संघ से भी ऐसी ही मान्यता मिलने की उम्मीद जगाता है।
विदेशी देशों की खूबसूरत वादियों में छुट्टियां बिताना और वहां की ऐतिहासिक इमारतों के बीच घूमना हर घूमने के शौकीन इंसान का एक बड़ा सपना होता है, जिसके लिए लोग अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा टिकट और वीजा बुक करने में खर्च कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपको लंदन, पेरिस या किसी यूरोपीय देश के महंगे टिकट कटाकर जाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे अपने देश भारत के भीतर ही एक ऐसा जादुई और शानदार पर्यटक स्थल मौजूद है जहां कदम रखते ही आपको बिलकुल यूरोप जैसा अहसास होने लगेगा। इन दिनों सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर एक ऐसा ही अनोखा ठिकाना आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद हर कोई यही कह रहा है कि क्या सचमुच यह नजारा हमारे ही देश के किसी शहर में मौजूद है। हैदराबाद की सरहद पर स्थित यह अद्भुत स्पॉट अपनी शानदार वास्तुकला, विशालकाय भव्य इमारतों और यूरोपीय शैली के पार्कों के कारण पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन हजारों की संख्या में युवा और कपल्स रील्स बनाने के लिए पहुंच रहे हैं। इस विस्तृत और खास लेख के माध्यम से आइए जानते हैं इस वायरल यूरोपीय शैली के पर्यटक स्थल की सटीक लोकेशन, इसकी विशेषताओं और वहां तक पहुंचने के पूरे रास्ते के बारे में, जो आपके अगले ट्रिप प्लान को पूरी तरह से बदलकर रख देगा।हैदराबाद के पास स्थित इस यूरोपीय शैली के भव्य पर्यटक स्थल का अनोखा इतिहास और महत्वतेलंगाना की राजधानी और ऐतिहासिक शहर हैदराबाद अपनी पुरानी निजामी तहजीब, चारमीनार और लजीज बिरयानी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन समय के साथ इस शहर ने आधुनिकता के मामले में भी लंबी छलांग लगाई है। इसी आधुनिक विकास और वास्तुकला के बेहतरीन नमूने के रूप में शहर के बाहरी इलाके में एक ऐसी विशाल फिल्म सिटी और मनोरंजन का केंद्र विकसित किया गया है, जिसके एक खास हिस्से को पूरी तरह से यूरोपीय शहरों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। जब आप इस परिसर के अंदर कदम रखते हैं, तो यहां की चौड़ी सड़कें, विंटेज लैंप पोस्ट, रोमन शैली के खंभे और क्लासिक यूरोपीय इमारतों के मुखौटे (Faades) देखकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। इस जगह को देखकर बिल्कुल ऐसा भ्रम होता है मानो आप भारत के किसी कोने में नहीं बल्कि सीधे लंदन की किसी शांत सड़क या पेरिस के किसी रॉयल चौक पर टहल रहे हों। फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों की पहली पसंद बनने के बाद से यह स्थान आम पर्यटकों और रील्स बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक हॉटस्पॉट बन चुका है, जहां हर फ्रेम में विदेश जैसा लुक मिलता है।सोशल मीडिया रील्स और इंस्टाग्राम पर क्यों ट्रेंड कर रहा है यह जादुई स्पॉट, जानिए इसकी वजहआज के इस डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में किसी भी जगह को वायरल होने में चंद सेकंड का समय लगता है, और हैदराबाद का यह यूरोपीय शैली वाला स्पॉट इस बात का सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण बन चुका है। इंस्टाग्राम रील्स पर इस लोकेशन के बैकग्राउंड में जब लोग खूबसूरत वेस्टर्न आउटफिट पहनकर स्लो-मोशन वीडियो या सिनेमैटिक व्लॉग्स शूट करते हैं, तो देखने वाले हैरान रह जाते हैं कि आखिर यह जगह देश में कहां पर स्थित है। यहाँ की वास्तुकला में इस्तेमाल की जाने वाली लाइटिंग, फाउंटेन और हरी-भरी घास के मैदान वीडियो और तस्वीरों को एक अलग ही लेवल का प्रीमियम लुक देते हैं, जो किसी भी इंटरनेशनल फोटोशूट से कम नहीं लगता। यही कारण है कि कॉलेज के छात्रों से लेकर प्री-वेडिंग शूट कराने वाले कपल्स तक हर कोई इस जगह पर खींचा चला आ रहा है ताकि वे अपनी यादों को और अधिक खूबसूरत बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर सकें।इस यूरोपीय अंदाज वाले पर्यटक स्थल की सटीक लोकेशन और वहां तक पहुंचने की पूरी गाइडयदि आप भी इस शानदार जगह की खूबसूरती को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं और अपने दोस्तों के साथ रील्स के लिए बेहतरीन वीडियो बनाना चाहते हैं, तो आपके मन में इसकी लोकेशन को लेकर उत्सुकता होगी। यह अद्भुत स्पॉट हैदराबाद के मुख्य शहर से लगभग कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध रामोजी फिल्म सिटी (Ramoji Film City) या उसके आसपास के थीम आधारित परिसरों के अंतर्गत आता है, जहाँ सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुँचा जा सकता है। हैदराबाद रेलवे स्टेशन या राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आप टैक्सी, कैब या अपनी निजी गाड़ी के माध्यम से सुगमता से इस डेस्टिनेशन तक पहुँच सकते हैं। यहाँ घूमने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह का होता है जब धूप हल्की होती है और भीड़भाड़ भी कम होती है, जिससे आप बिना किसी रुकावट के अपने बेहतरीन शॉट्स ले सकते हैं। यात्रा के दौरान अपने साथ अच्छे कपड़े, कैमरा और सनग्लासेस जरूर रखें क्योंकि यहाँ का हर एक कोना आपको एक अलग ही विदेशी लोकेशंस का अहसास कराएगा।भारतीय पर्यटन का बदलता स्वरूप और बजट में विदेश घूमने जैसा अनोखा अहसासएक समय था जब विदेश यात्रा करने के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे और वीजा की लंबी कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब भारत के भीतर ही ऐसी थीम बेस्ड और आधुनिक लोकेशंस विकसित हो रही हैं जो पर्यटकों को घर बैठे ही वैश्विक अनुभव प्रदान करती हैं। हैदराबाद का यह यूरोपीय नजारा इस बात का प्रमाण है कि भारतीय पर्यटन किस तेजी से आधुनिक और ग्लोबल स्टैंडर्ड को अपना रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। यदि आप भी इस वीकेंड या आगामी छुट्टियों में कुछ अलग और नया अनुभव करना चाहते हैं, तो बिना अपनी जेब पर ज्यादा भारी पड़े इस शानदार यूरोपीय स्टाइल स्पॉट की यात्रा जरूर करें। अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां बिताए गए पल आपके जीवन के सबसे यादगार लम्हों में शामिल हो जाएंगे, और आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इन तस्वीरों को देखकर लोग तारीफ करते नहीं थकेंगे।
पेरिस के आइकॉनिक और दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र एफिल टावर से जुड़ी एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूचाल ला दिया है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित इस ऐतिहासिक इमारत को अचानक से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है, जिसके पीछे स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों से जुड़ा एक गंभीर विवाद बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संतों के दौरे या किसी विशेष कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर वहां तैनात महिला कर्मचारियों को उनके काम करने की जगह से हटाने या दूर रखने की मांग की गई, जिसके बाद फ्रांस के कड़े श्रम कानूनों और लैंगिक समानता के सिद्धांतों पर एक बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से फ्रांसीसी मीडिया, राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि फ्रांस जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में इस तरह की सांस्कृतिक या धार्मिक मांगों को स्वीकार किए जाने को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं।एफिल टावर के अचानक बंद होने से पर्यटकों में निराशा और प्रशासन में खलबलीदुनिया के सात अजूबों में शुमार और पेरिस की शान कहे जाने वाले एफिल टावर के अचानक बंद होने से वहां घूमने पहुंचे हजारों पर्यटकों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा है। सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अंदरूनी प्रशासनिक तनाव और अचानक उपजे इस सांस्कृतिक-धार्मिक विवाद के चलते प्रबंधन को एहतियातन यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। फ्रांस आने वाले सैलानी जब इस ऐतिहासिक टावर के बंद दरवाजों के पास पहुंचे, तो उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा, जिसके बाद से पेरिस की सड़कों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक इसी बात की चर्चा हो रही है। इस अप्रत्याशित बंदी से फ्रांस के पर्यटन विभाग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कैसे एक निजी धार्मिक दौरे के अरेंजमेंट के चक्कर में वैश्विक स्तर पर पहचान रखने वाले इस स्मारक को विवादों के घेरे में ला दिया गया।महिला कर्मचारियों को हटाने की कथित मांग पर फ्रांस के लेबर यूनियन भड़केइस पूरे विवाद की जड़ में वह कथित मांग बताई जा रही है जिसमें संतों के संप्रदाय या उनके प्रबंधकों द्वारा यह कहा गया था कि वे महिलाओं के साथ सीधे संपर्क या उनके कार्यक्षेत्र के दायरे में असहज महसूस कर सकते हैं, जिसके चलते वहां काम कर रही महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने या अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की बात उठी। फ्रांस अपने सख्त लेबर लॉ, महिला अधिकारों और जेंडर इक्वलिटी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, ऐसे में किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ इस तरह के भेदभाव या उन्हें हटाने की सुगबुगाहट ने वहां की ट्रेड यूनियनों और लेबर संगठनों को आग बबूला कर दिया है। यूनियनों का साफ तौर पर कहना है कि फ्रांस की धरती पर किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यताओं के नाम पर महिलाओं के काम करने के अधिकार और उनके सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे मेहमान कोई भी हों।स्वामीनारायण संप्रदाय के इस प्रकरण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छिड़ी एक नई बहसस्वामीनारायण संप्रदाय अपनी भव्यता, विशाल मंदिरों और अनुशासित जीवनशैली के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है, लेकिन पेरिस की इस घटना ने उनके प्रबंधन और विदेश दौरों के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन अपने पारंपरिक नियमों या मान्यताओं को दूसरे देशों की लोकतांत्रिक और आधुनिक सामाजिक व्यवस्था पर लागू करने की कोशिश करते हैं, तो अक्सर इस तरह के टकराव देखने को मिलते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल संबंधित धार्मिक संस्था की छवि को धक्का पहुंचता है, बल्कि विदेशों में रह रहे या यात्रा कर रहे अन्य भारतीय नागरिकों के लिए भी एक असहज स्थिति पैदा हो जाती है। फ्रांस जैसे देश में, जहां सेक्युलरिज्म को सबसे ऊपर रखा जाता है, वहां इस तरह की प्रशासनिक मांगें रखना पूरी तरह से अदूरदर्शिता का परिचय देता है।फ्रांस सरकार और स्थानीय प्रशासन का सख्त रुख, भविष्य के आयोजनों पर संकटइस गंभीर विवाद के तूल पकड़ने के बाद फ्रांस की स्थानीय सरकार और प्रशासन इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किस स्तर पर इस तरह के निर्देश या मांगें रखी गई थीं। प्रशासन ने यह साफ संकेत दे दिया है कि देश के कानूनों से ऊपर कोई भी व्यक्ति या संस्था नहीं हो सकती है, और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से भविष्य में इस तरह के धार्मिक आयोजनों और विदेशी मेहमानों के दौरों के लिए पेरिस प्रशासन और अधिक सख्त गाइडलाइंस तैयार करने पर विचार कर रहा है। अंततः यह प्रकरण इस बात की सीख देता है कि जब भी कोई संगठन अपनी सीमाओं से बाहर किसी दूसरे देश की यात्रा करे, तो वहां की स्थानीय संस्कृति, कानूनों और मानवाधिकारों का पूर्ण सम्मान करना सर्वोपरि होना चाहिए।
Kanpur News: जाजमऊ से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर पर छापा
जाजमऊ से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर पर छापा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- खड़गे (राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष), सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सबक सिखाना जरूरी है। तभी राष्ट्रभक्त बनेंगे। अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, लेकिन बेकार हो गया। अब तरीका बदलकर कॉकरोज जैसों पर इनवेस्टमेंट कर रहे है। राठौड़ ने बाड़मेर में रविवार रात 9 बजे नगर परिषद के प्रत्याशी और कार्यकर्ता के साथ मीटिंग में यह बात कही। प्रदेशाध्यक्ष ने टिकट से नाराज बागियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके पास अपील करने मौका है। मां (पार्टी) के पीठ में छुरा खोंपने वालों को पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अभी खूब नियुक्तियां पड़ी है, योग्य कार्यकर्ताओं को सम्मान किया जाएगा। राठौड़ बोले- एक-एक वोट की वैल्यू बैठक में राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में एक-एक वोट की वैल्यू है। एक वोट से सीपी जोशी हार गए और सांसद प्रत्याशी भी हारे हैं। उन्होंने प्रत्याशियों से पूछा कि टैक्सी बुक कर दी क्या? अगर नहीं की है तो आज ही पोलिंग के लिए टैक्सी बुक कर दो। उन्होंने कहा कि 100 रुपए एक्स्ट्रा दे दो और आज से ही टैक्सी पर भाजपा का झंडा लगाकर चलाओ। राठौड़ ने कहा - बाड़मेर में 55 वार्ड हैं। अगर प्रत्येक प्रत्याशी दो या तीन टैक्सियां लगाए तो शहर में कितनी टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर घूमती नजर आएंगी। कल्पना करो कि 150 टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर शहर में घूम रही हैं तो इससे एक माहौल बनेगा। यह व्यवस्था चुनाव संचालन समिति को करनी चाहिए। 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं, माहौल से भी असर पड़ता है: राठौड़ राठौड़ ने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि करीब 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं। कुछ वोट जातिगत होते हैं, जबकि कुछ दोस्ती और दुश्मनी के आधार पर पड़ते हैं। 10 फीसदी वोट ऐसे होते हैं जो हवा के साथ जाते हैं। हवा जिसके पक्ष में होती है, वही जीतता है। जब लोगों को लगता है कि इतनी टैक्सियां भाजपा की घूम रही हैं तो बाड़मेर में भाजपा ही जीत रही है, तो चुनाव का माहौल बनता है। बोले- बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेजो, खड़गे-सोनिया-राहुल को सबक मिलेगा राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आपने बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेज दीं तो उन लोगों को सबक सीखने को मिलेगा। तब वे भी राष्ट्रभक्ति करने लगेंगे और भारत माता की जय बोलने लगेंगे। जब वंदे मातरम् राष्ट्रगीत होते हुए खड़गे जी हिलते हैं तो आपको गुस्सा आता है या नहीं। जब सोनिया गांधी इधर-उधर हिलती-डुलती हैं तो आपको बुरा लगता है या नहीं। जब राहुल नाटक करते हैं तो आपको गुस्सा आता है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा - उस गुस्से को दबाकर मत रखो। उन लोगों को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। तब उन्हें लगेगा कि बाड़मेर की जनता अराष्ट्रीय गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। तब जाकर उनकी अक्ल ठिकाने आएगी। मैं भी राष्ट्रभक्त हूं और मेरा विरोधी भी राष्ट्रभक्त बने, तभी लोकतंत्र सफल होगा। पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय जीतने का लक्ष्य बताया राठौड़ ने चुनाव संचालन समिति के सदस्यों से कहा कि वे फैल जाएं और जनता को बताएं कि यह समय अराष्ट्रीय गतिविधि करने वालों को सबक सिखाने का है। अगर पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय चुनाव जीत लेंगे तो उन्हें लगेगा कि जनता अराष्ट्रीय गतिविधि बर्दाश्त नहीं करती है। राठौड़ बोले- अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, बेकार हो गया राठौड़ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति प्रगति करता है तो बहुत लोग उससे जलते हैं। भारत प्रगति करता है तो दुनिया के कई देश जलते हैं और नाराज हैं। वे भारत की प्रगति रोकना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका और यूरोप ने हमारे देश के विपक्षियों को पैसा देना शुरू किया। देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई। जब उन देशों को लगा कि यह इनवेस्टमेंट तो बेकार हो गया, क्योंकि राहुल गांधी को जितना पैसा दो, वे कोई भी काम करें तो भाजपा को फायदा हो जाता है। इसलिए उन्होंने अपना तरीका बदल दिया। विरोधी देश 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट कर रहे: राठौड़ राठौड़ ने कहा - विरोधी देशों ने ऐसे लोगों को तैयार किया है। 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट करना शुरू किया गया है। ऐसे लोग कई जगह सुबबुगाहट उठाते हैं, कई नाटक करते हैं, कई आगजनी करते हैं और गंदी-गंदी भाषा बोल देते हैं। इसके बाद देश उन्हें शांत करने में लग जाता है और इससे विकास रुक जाता है। विरोधी देश इसी तरह सोचते हैं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं और कतई चिंता नहीं करने वाले। हम मजबूती के साथ भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं। बागियों को चेतावनी- पार्टी के खिलाफ गए तो बर्दाश्त नहीं करेंगे टिकट से नाराज दावेदारों और बागियों को लेकर राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर सर्वे करवाकर चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। प्रत्याशी सेवक बनकर काम करेंगे, लेकिन कई योग्य कार्यकर्ता टिकट से पीछे रह गए क्योंकि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने और उन्हें अवसर देने की कोशिश होगी। अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं और अब नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह व्यवस्था है कि हर कार्यकर्ता को काम और हर काम के लिए कार्यकर्ता हो। यह पार्टी के संस्कार हैं। बोले- कल शाम तक पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील कर दें राठौड़ ने कहा कि कुछ दावेदार गुस्से में आकर नामांकन कर चुके हैं। उनके पास कल शाम तक का समय है। वे पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील निकाल दें। जो नाराज हैं, उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। --- ये खबर भी पढ़ें … जोधपुर में शेखावत-गहलोत फैक्टर से कांटे की टक्कर:उदयपुर में कांग्रेस को बागियों से खतरा; पाली में राठौड़ के गढ़ में निर्दलीयों से बदले समीकरण जोधपुर नगर निगम में 100, उदयपुर में 80 और पाली में 65 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में जोधपुर और पाली में कांग्रेस-बीजेपी में टक्कर है। पूरी खबर पढ़ें
18 साल की बेटी, घर की जिम्मेदारी व पहाड़ों का जुनून: शिवानी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा; कैसे?
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
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भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
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इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
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