डिजिटल समाचार स्रोत

...

जयपुर के राजेंद्र भास्कर बने आयरनमैन, रचा इतिहास:फ्रांस में की 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग, 42.2 किलोमीटर मैराथन दौड़

राजस्थान के ट्रायथलीट राजेंद्र भास्कर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का परचम लहराया। राजेंद्र ने फ्रांस के टूर्स मेट्रोपोल लॉयर वैली में आयोजित प्रतिष्ठित आयरनमैन फ्रांस प्रतियोगिता को 10 घंटे 6 मिनट 31 सेकेंड में पूरा कर आयरनमैन का खिताब हासिल किया। राजेंद्र ने 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर मैराथन दौड़ सहित कुल 226 किलोमीटर की कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस स्पर्धाओं में शामिल इस प्रतियोगिता में 90 देशों के हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। राजेंद्र ने तैराकी का चरण 1 घंटा 27 मिनट 55 सेकेंड, साइकिलिंग 5 घंटे 18 सेकेंड और मैराथन दौड़ 3 घंटे 26 मिनट 53 सेकेंड में पूरी की। प्रतियोगता में करना होता है बिना रुके तीन अलग-अलग खेल पूरे आयरनमैन दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण एकदिवसीय खेल प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें खिलाड़ियों को बिना रुके तीन अलग-अलग खेलों की दूरी तय करनी होती है। इसमें 3.8 किलोमीटर ओपन वाटर स्विमिंग, 180 किलोमीटर साइकिलिंग, 42.2 किलोमीटर फुल मैराथन करनी होती है। इन तीनों स्टेज को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना होता है। इसके लिए वर्षों की तैयारी, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और असाधारण शारीरिक क्षमता की आवश्यकता होती है। इंजीनियरिंग से आयरनमैन तक का सफर राजेंद्र भास्कर की यात्रा केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। जयपुर के रहने वाले राजेंद्र ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई से एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे हेल्थ-टेक क्षेत्र में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले राजेंद्र ने फिटनेस और एंड्योरेंस स्पोर्ट्स को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। नियमित नौकरी के साथ कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासित जीवनशैली और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड राजेंद्र इससे पहले वर्ष 2019 में तुर्की में आयोजित आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता को 4 घंटे 29 मिनट में पूरा कर राजस्थान के सबसे तेज हाफ आयरनमैन बने थे। वे राष्ट्रीय खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चेन्नई ट्रायथलॉन के विजेता भी रह चुके हैं। आज वे राजस्थान के सबसे तेज आयरनमैन और देश के शीर्ष पांच आयरनमैन खिलाड़ियों में शामिल हैं। राजेंद्र सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक भी हैं। वे सोलर साइकिल के जरिए 7 हजार 424 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा फ्रांस, स्विट्जरलैंड सहित कई देशों में 3,500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा के दौरान विश्वविद्यालयों में व्याख्यान देकर स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। अब 10 घंटे का बैरियर तोड़ने का लक्ष्य फ्रांस में शानदार प्रदर्शन के बाद राजेंद्र का अगला लक्ष्य आयरनमैन प्रतियोगिता को 10 घंटे से कम समय में पूरा करना है। उनका कहना है कि वे आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 6:00 pm

फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम:पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही आंक लिया गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पढ़िए क्या है SFJ… सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ सिखों के लिए अलग खालिस्तान की मांग करने वाला एक संगठन है। 2007 में अमेरिका में इसकी स्थापना की गई थी। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान 'रेफरेंडम 2020' के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी। SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी। 'रेफरेंडम 2020' नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी। इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले 15 जून से दो दिवसीय G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। -------------------- यह भी पढ़ें- दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 6:12 pm

फीफा वर्ल्ड कप-फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया:एम्बापे के 14 गोल, जर्मनी के मुलर की बराबरी की; नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया

फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को I ग्रुप के दो मैच खेले गए। पहले मैच में फ्रांस ने अपने ओपनिंग मैच में सेनेगल को 3-1 से हराया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और फ्रांस के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर ओलिवियर गिरूड का रिकॉर्ड तोड़ा। फ्रांस के लिए ब्रेडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल का एकमात्र गोल इब्राहिम म्बाए ने दागा। वहीं, इस ग्रुप के खेले गए दूसरे मुकाबले में नॉर्वे ने इराक को 4-1 से हराया। पहले हाफ में कोई गोल नहीं, दूसरे में 4 गोलमैच का पहला हाफ गोलरहित रहा, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे ने फ्रांस को बढ़त दिलाई। इसके बाद बारकोला ने स्कोर 2-0 किया। सेनेगल के 18 साल के इब्राहिम म्बाए ने गोल कर अंतर कम किया और वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे युवा अफ्रीकी खिलाड़ी बने। हालांकि, इंजरी टाइम में एम्बापे ने गोल कर फ्रांस की जीत पक्की कर दी। एम्बापे के वर्ल्ड कप में 14 गोलएम्बापे के अब वर्ल्ड कप में 14 गोल हो गए हैं। उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर गर्ड मुलर की बराबरी कर ली है और ऑल-टाइम रिकॉर्डधारी मिरोस्लाव क्लोस (16 गोल) से सिर्फ दो गोल पीछे हैं। पहले हाफ में सेनेगल ने फ्रांस को कड़ी टक्कर दी, लेकिन दूसरे हाफ में एम्बापे की चमक के आगे उसकी चुनौती फीकी पड़ गई। पेनल्टी को लेकर विवाद, VAR के बाद भी नहीं मिला मौकामैच के दौरान एक बड़ा विवाद देखने को मिला। दूसरे हाफ में फ्रांस ने पेनल्टी की अपील की, जिसके बाद मामला VAR तक पहुंचा। हालांकि, वीडियो रीप्ले देखने के बाद भी रेफरी ने अपना फैसला नहीं बदला और फ्रांस को पेनल्टी नहीं दी। इस विवादित फैसले के कुछ ही मिनट बाद किलियन एम्बापे ने गोल कर फ्रांस को बढ़त दिला दी। पहले हाफ में सेनेगल के पास बढ़त का मौका, सार से हुई चूकपहले हाफ में गोल करने का सबसे अच्छा मौका सेनेगल के इस्माइला सार को मिला था। हाफ-टाइम से ठीक पहले उन्हें नजदीक से गोल करने का मौका मिला, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार के ऊपर चला गया। इस तरह सेनेगल बढ़त हासिल करने से चूक गया। हालांकि, दूसरे हाफ में इब्राहिम म्बाए ने टीम के लिए एक गोल जरूर किया। 2002 की हार का हिसाब बराबर, फ्रांस ने सेनेगल को हराया साल 2002 के वर्ल्ड कप के उद्घाटन मैच में सेनेगल ने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस को 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। उस हार के बाद फ्रांस टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी और एक भी मैच नहीं जीत सकी थी। हालांकि, इस बार फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराकर उस हार का हिसाब बराबर कर लिया। फ्रांस ने इसके बाद 2018 और 2022 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई थी, जिसमें 2018 में टीम चैंपियन भी बनी थी। ---------------------------- नॉर्वे की 28 साल बाद टूर्नामेंट में की जीत के साथ वापसी स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के शानदार दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने अपने फीफा वर्ल्ड कप ओपनिंग मैच में इराक को 4-1 से हरा दिया है। बुधवार के इस मुकाबले में नॉर्वे ने टूर्नामेंट में जीत के साथ अपनी वापसी दर्ज की। नॉर्वे की टीम पूरे 28 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेल रही है। मैच में हालैंड के डबल गोल के अलावा लियो ओस्टिगार्ड ने एक गोल किया, जबकि इराक के आयमेन हुसैन के आत्मघाती (ओन) गोल से नॉर्वे की बड़ी जीत पक्की हो गई। पहले हाफ में इराक ने दी टक्कर, हालैंड के दो गोल ने बनाई बढ़तमैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच अच्छी टक्कर देखने को मिली। स्टार फॉरवर्ड एर्लिंग हालैंड ने गोल करके नॉर्वे को शुरुआती बढ़त दिलाई, लेकिन इराक के आयमेन हुसैन ने जल्द ही गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। हालांकि, हालैंड ने हाफ-टाइम से ठीक पहले अपना दूसरा गोल दागकर नॉर्वे को मैच में दोबारा आगे कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में लियो ओस्टिगार्ड ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। मैच के आखिरी पलों में इराक के आयमेन हुसैन से एक मिस्टेक हुई और उनकी तरफ से हुए ओन गोल ने नॉर्वे को 4-1 की एकतरफा जीत दिला दी। 1998 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा है नॉर्वेनॉर्वे के फुटबॉल इतिहास के लिहाज से यह मैच बेहद खास था। टीम ने आखिरी बार साल 1998 में वर्ल्ड कप के फाइनल्स में हिस्सा लिया था। पूरे 28 साल के लंबे इंतजार के बाद नॉर्वे ने ग्लोबल फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी की है। इस कमबैक को यादगार बनाने में स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल और मिडफील्ड में कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड के बेहतरीन खेल का सबसे बड़ा योगदान रहा। नॉर्वे का डिफेंस पड़ा भारीइराक की टीम इस मुकाबले में अपने अनुभवी खिलाड़ियों और यूरोप में खेल रहे युवा टैलेंट्स के बेहतरीन तालमेल के साथ उतरी थी। इराकी टीम में अली अल-हमादी, आयमेन हुसैन, जिदान इकबाल, आमिर अल-अम्मारी और अली जासिम जैसे मजबूत नाम शामिल थे। दूसरी ओर, नॉर्वे के पास एंटोनियो नुसा और ऑस्कर बॉब जैसे डायनामिक विंगर्स के साथ जूलियन रयर्सन जैसे भरोसेमंद डिफेंडर थे, जिन्होंने इराक के अटैक को ज्यादा मौके नहीं दिए और मैच में नॉर्वे का पलड़ा भारी रखा।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 7:38 am

पीयूष गोयल ने फ्रांस में किया यूपीआई लॉन्च, भारतीय पर्यटकों के लिए डिजिटल भुगतान हुआ आसान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के नीस शहर में मशहूर गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लॉन्च किया

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:10 am

फ्रांस के एवियन में पीएम मोदी, G7 समिट के इतर ट्रंप समेत इन ग्लोबल लीडर्स से होगी महामुलाकात!

PM Modi in G-7 Summit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 देशों के सम्मेलन में शरीक होंगे। 17 जून तक चलने वाले जी7 देशों के इस सम्मेलन में मेजबान फ्रांस के अलावा कनाडा, ब्रिटेन, इटली, यूएई समेत कई देश शामिल हो रहे हैं।

वेब दुनिया 16 Jun 2026 9:41 am

प्रधानमंत्री मोदी आज फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 समिट में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को दो दिन के दौरे पर फ्रांस के एवियन पहुंचेंगे। यह उनके दो देशों के दौरे का तीसरा और आखिरी पड़ाव होगा।

देशबन्धु 16 Jun 2026 8:41 am

मोदी की फ्रांस, स्लोवाकिया यात्रा से बदले वैश्विक समीकरण, दुनिया को दिखा नए भारत का दम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खासतौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मोदी का स्वागत जिस धुरंधर स्टाइल में किया, उसने दुनिया को साफ संदेश दे दिया कि मोदी वैश्विक राजनीति के सबसे बड़े धुरंधरों में गिने जाते हैं। इस यात्रा के दौरान यूरोप की धरती पर भारत की बढ़ती ताकत और मोदी की वैश्विक लोकप्रियता हर तरफ दिखाई दी। फ्रांस से लेकर स्लोवाकिया तक भारतीय समुदाय ने अपने प्रधानमंत्री का जिस उत्साह, जोश और भारतीय अंदाज में स्वागत किया, उसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। हाथों में तिरंगा, भारत माता के जयकारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने यह दिखा दिया कि दुनिया भर में बसे भारतीय आज अपने देश की बढ़ती प्रतिष्ठा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि मोदी की यह यात्रा केवल एक विदेशी दौरा नहीं रही, बल्कि दुनिया के सामने नए और शक्तिशाली भारत का दमदार प्रदर्शन बन गई। यूरोप में गूंजी भारत की ताकत देखा जाये तो यूरोप की धरती पर मोदी का स्वागत जिस गर्मजोशी, रणनीतिक सम्मान और राजनीतिक विश्वास के साथ हुआ, उसने दुनिया को यह संदेश दिया कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका निर्णायक होती जा रही है। विशेष रूप से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को जिस तरह भारतीय रंग दिया, वह भारत की बढ़ती सांस्कृतिक और रणनीतिक ताकत की स्वीकारोक्ति थी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, मोदी और मैक्रों की आत्मीयता और नाइस में आयोजित भारत इनोवेट्स सम्मेलन ने यह साबित किया कि भारत और फ्रांस का रिश्ता अब केवल हथियार खरीद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह तकनीक, नवाचार, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक नेतृत्व की साझेदारी में बदल चुका है। राफेल से बदल जाएगा दक्षिण एशिया का खेल मोदी और मैक्रों की बैठक में जो सबसे महत्वपूर्ण संदेश उभरा, वह था रक्षा सहयोग का नया प्रारूप। भारत ने साफ कर दिया कि अब वह केवल विदेशी हथियारों का खरीदार नहीं रहेगा। राफेल कार्यक्रम को लेकर भारत ने सह विकास, सह डिजाइन, सह उत्पादन और सह निर्माण की नीति अपनाकर अपनी रणनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री का बयान इस बात का संकेत है कि मोदी सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को निर्णायक रूप से आगे बढ़ा रही है। इसे भी पढ़ें: अब Europe में भी 'Make in India' की गूंज, Slovakia के साथ Joint Defence Production पर बनी सहमति। देखा जाये तो राफेल केवल एक युद्धक विमान नहीं है बल्कि यह भारत की सामरिक शक्ति का प्रतीक बन चुका है। भारतीय वायुसेना के पास पहले से मौजूद 36 राफेल विमानों ने दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन को बदल दिया है। अब भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल समुद्री विमानों का समझौता और भविष्य में बड़े राफेल कार्यक्रम की तैयारी यह दिखाती है कि भारत हिंद महासागर से लेकर हिमालय तक अपनी सैन्य क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जा रहा है। इन विमानों की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता, अत्याधुनिक सेंसर प्रणाली और बहु भूमिका युद्ध कौशल भारत को चीन और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ निर्णायक बढ़त देते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब राफेल का निर्माण और उसके पुर्जों का उत्पादन भारत में करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। इसके जरिये भारत विश्व का प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र बन सकता है। इससे न केवल लाखों कुशल रोजगार पैदा होंगे बल्कि भारत का रक्षा औद्योगिक ढांचा भी मजबूत होगा। यह बदलाव दक्षिण एशिया की सामरिक राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेगा। अब तक हथियार आयात पर निर्भर भारत धीरे धीरे रक्षा निर्यातक राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है। इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन भारत के पक्ष में और अधिक झुकता दिखाई देगा। राफेल, एआई और रणनीति... मोदी ने यूरोप में रचा नया इतिहास साथ ही फ्रांस के साथ भारत की साझेदारी केवल रक्षा तक सीमित नहीं है। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। भारत फ्रांस नवाचार रोडमैप 2030, कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्य समूह, आर्थिक सुरक्षा संवाद और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला पर सहयोग जैसे फैसले इस बात का संकेत हैं कि दोनों देश आने वाले दशकों की वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को साथ मिलकर आकार देना चाहते हैं। नाइस में आयोजित भारत इनोवेट्स सम्मेलन इस यात्रा का सबसे प्रतीकात्मक क्षण साबित हुआ। एक सौ बीस से अधिक भारतीय डीप टेक स्टार्टअप, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की भागीदारी और वैश्विक निवेशकों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल बाजार नहीं, बल्कि नवाचार का वैश्विक केंद्र बन चुका है। मोदी ने सही कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता केवल हितों का नहीं, बल्कि साझा दृष्टि का रिश्ता है। मैक्रों द्वारा भारत की चंद्रयान उपलब्धि और नवाचार क्षमता की खुली प्रशंसा इस बात का प्रमाण है कि विश्व अब भारत को तकनीकी महाशक्ति के रूप में देखने लगा है। फ्रांस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू था अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा सहयोग। छोटे और उन्नत परमाणु रिएक्टरों पर सहयोग तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में साझेदारी भारत को भविष्य की रणनीतिक तकनीकों में अग्रणी स्थान दिला सकती है। यही कारण है कि भारत फ्रांस संबंध अब पारंपरिक कूटनीति से निकलकर भविष्य की वैश्विक व्यवस्था की धुरी बनते दिख रहे हैं। फ्रांस के साथ ही स्लोवाकिया में बजा मोदी का डंका फ्रांस के बाद प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा ने भारत की यूरोपीय रणनीति को और गहराई दी। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा थी और इसी तथ्य ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री राबर्ट फित्सो और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ हुई बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब यूरोप के छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ भी मजबूत संबंध बना रहा है। भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को व्यापक साझेदारी का दर्जा दिया जाना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। यह मध्य यूरोप में भारत की बढ़ती उपस्थिति का संकेत है। वाहन निर्माण, रेलवे उत्पादन, निवेश, उभरती तकनीक और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग भारत को यूरोपीय संघ के भीतर नई आर्थिक और रणनीतिक पहुंच देगा। विशेष रूप से भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने की दिशा में सक्रिय दिख रहा है, जिसका लाभ भारतीय उद्योग और निर्यात को मिलेगा। कूटनीति के मास्टर हैं मोदी देखा जाये तो मोदी की यह पूरी यूरोपीय यात्रा दरअसल भारत की बहुस्तरीय कूटनीति का उदाहरण है। एक ओर फ्रांस जैसे शक्तिशाली राष्ट्र के साथ रक्षा और तकनीकी गठजोड़ को नई ऊंचाई दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर स्लोवाकिया जैसे देशों के माध्यम से यूरोप में भारत का प्रभाव क्षेत्र विस्तारित किया जा रहा है। यह नीति भारत को ग्लोबल साउथ और पश्चिमी शक्तियों के बीच एक संतुलित, विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि आज दुनिया के बदलते भू राजनीतिक माहौल में भारत जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी रणनीतिक दिशा तय कर रहा है, उसके केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय और दूरदर्शी कूटनीति है। चाहे रक्षा आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हो, वैश्विक नवाचार में नेतृत्व की महत्वाकांक्षा हो या यूरोप के साथ बहुआयामी साझेदारी का विस्तार, मोदी सरकार ने हर मोर्चे पर भारत की स्थिति को मजबूत किया है। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 15 Jun 2026 6:10 pm

पंजाबी गीत के फैन हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति:इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ पंजाबी गीत के साथ शेयर की रील, लोग बोले फ्रांस में भी चल रही धुरंधर

भारत और फ्रांस की दोस्ती का एक अनोखा और फिल्मी अंदाज सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस के 'नीस' दौरे का एक बेहद शानदार वीडियो शेयर किया है, जिसके बैकग्राउंड में बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' का सुपरहिट पंजाबी गाना 'आरी आरी' बज रहा है। इस सिनेमाई वीडियो क्लिप में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता और 'भारत इनोवेट्स 2026' सम्मेलन के उद्घाटन की खास झलकियां दिखाई गई हैं। फेसबुक सहित अन्य प्लेटफार्म पर किया शेयरराष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस वीडियो की शुरुआत बेहद गर्मजोशी के साथ होती है, जिसमें दोनों नेता आपस में हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आ रहे हैं। इसके बाद वीडियो में पीएम मोदी की इस यात्रा के सबसे अहम पलों को पिरोया गया है। वीडियो मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी , इनोवेशन और भारत-फ्रांस की मजबूत होती दोस्ती पर केंद्रित है। बड़ी बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में पंजाबी संगीत का यह अनूठा इस्तेमाल सोशल मीडिया यूजर्स को बेहद पसंद आ रहा है और यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।मैक्रों का 'सिनेमाई धन्यवाद'दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' और 'ग्लोबल एआई शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस सफल दौरे के समापन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस खास सिनेमाई वीडियो को शेयर कर पीएम मोदी को एक अनोखे अंदाज में थैंक यू कहा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का किया धन्यवादफ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा बॉलीवुड स्टाइल में शेयर किए गए वीडियो पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने इस अनोखे स्वागत के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने दोहराया कि भारत और फ्रांस आने वाले समय में न सिर्फ पारंपरिक क्षेत्रों में, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक, इनोवेशन और उभरते हुए नए उद्योगों के क्षेत्र में भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहेंगे।सोशल मीडिया यूजर्स बोले, यहां भी चल रही धुरंधरमैक्रों ने अपने फेसबुक पेज पर ये वीडियो रविवार देर रात पोस्ट की। जिसे चंद घंटों में 1.5 मिलीयन लोग देख चुके हैं। वीडियो को एक लाख लोग पसंद कर चुके हैं और 2500 से अधिक लोग इसे शेयर कर चुके हैं। फेसबुक यूजर्स इस वीडियो पर भारत-फ्रांस के बेहतर रिश्तों को लेकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि फ्रांस में भी धुरंधर चल रही है, वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि मैक्रों भाई भी धुरंधर के फैन हैं। वहीं, फ्रांसीसी यूजर भी इस मुलाकात को एतिहासिक बता रहे हैं। पीएम ने शेयर की सेल्फी, लिखा- एवियन और पेरिस में फिर होगी मुलाकातनीस शहर की खूबसूरत वादियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक शानदार सेल्फी साझा की। इस खूबसूरत तस्वीर को पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, नीस में मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर बेहद खुशी हुई। हमारे बीच हुई यह बातचीत बेहद फलदायी और सकारात्मक रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत-फ्रांस की यह ऐतिहासिक साझेदारी आने वाले समय में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगी। नीस के बाद, अब एवियन और पेरिस में आपसे फिर मुलाकात होगी।नीस का विला केरीलोस बना ऐतिहासिक मुलाक़ात का गवाहदोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता नीस शहर के ऐतिहासिक विला केरीलोस में आयोजित की गई। आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में ही भारत और फ्रांस के आपसी संबंधों को अपग्रेड करके 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया गया है। संबंधों में आए इस ऐतिहासिक सुधार के बाद दोनों कूटनीतिक दिग्गजों के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं।इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बनी बड़ी सहमति:इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच भविष्य के रोडमैप को लेकर गहन मंथन हुआ, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई गई:रक्षा और सुरक्षा सहयोग: रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास पर चर्चा हुई।अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी : अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में मिलकर नए अनुसंधानों को अंजाम देने पर सहमति बनी।परमाणु ऊर्जा : स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा की दिशा में आपसी सहयोग को और तेज करने पर बल दिया गया।भविष्य की तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत-फ्रांस मिलकर ग्लोबल लीडर बनने की ओर अग्रसर हैं।यह दौरा न सिर्फ दोनों देशों के मजबूत होते व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाता है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच की निजी और मजबूत केमिस्ट्री को भी दुनिया के सामने पेश करता है।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 12:32 pm

लुधियाना में रंगदारी रैकेट का भंडाफोड़:यूरोप में बैठा गैंगस्टर चला रहा था, कारोबारियों को धमकाकर व फायरिंग कर वसूलते थे पैसे

लुधियाना में कारोबारियों को रंगदारी की धमकियां देने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने बड़ी वारदात से पहले ही आरोपियों की पहचान कर उन पर मामला दर्ज कर दिया है। यूरोप में बैठा गैंगस्टर नमित अपना गिरोह शहर में चला रहा है। उसके गुर्गे कारोबारियों को धमकाकर और फायरिंग करके उन्हें डराते धमकाते थे। थाना सदर की पुलिस ने नमित शर्मा सहित कुछ अन्य युवकों पर रविवार को मामला दर्ज किया है। ये गैंग लुधियाना समेत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों को टारगेट करता था। पुलिस एफआईआर में हुआ बड़ा खुलासा:- आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी अमृतसर के सीमावर्ती इलाके से हथियार और हेरोइन की खेप मंगवाने की तैयारी में थे। इसके अलावा गिरोह लुधियाना में एक बड़े आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार एक प्रमुख कारोबारी को रंगदारी के लिए निशाना बनाने की साजिश भी रची जा रही थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111(1) (संगठित अपराध), 111(2) (संगठित अपराध से अर्जित संपत्ति), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 308(2) (जबरन वसूली), एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 29, 61 और 85 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 6:50 am

पांच साल में व्यापार को दोगुना करने, तकनीक और इनोवेशन संबंधों को मजबूत करने पर सहमत हुए भारत और फ्रांस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पांच साल के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय सिस्टम बनाने पर सहमति जताई।

देशबन्धु 15 Jun 2026 5:40 am

लखनऊ- PGT परीक्षा में 52% अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा:रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े सवाल पूछे गए, कड़ी तलाशी के बाद मिला प्रवेश

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से राजकीय इंटर कालेज में प्रवक्ता भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को लखनऊ सहित कई जनपदों में आयोजित हुई। रूस और यूक्रेन युद्ध के अलावा आयुष्मान आरोग्य व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के पूछे गए सवाल पूछे गए। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। परीक्षा में 23951 में 11378 उपस्थित रहे। जबकि करीब 52 फीसदी ने यानी 12573 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। कड़ी जांच के बाद मिली एंट्री राजकीय जुबिली इंटर कालेज समेत दूसरे परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया दिया। हिंदी, संस्कृत, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान, उर्दू, गणित, समाजशास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, नागरिक शास्त्र और रसायन विज्ञान विषयों के शिक्षकों का चयन होगा। सामान्य अध्ययन में तार्किक क्षमता और समसामयिक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गये। शिक्षा और कृषि क्षेत्र की सरकारी योजनाओं, प्रमुख नियुक्तियां और खेल जगत से जुड़े प्रश्न थे। अधिकांश प्रश्न सीधे रटे-रटाए तथ्यों के बजाय विषय की गहरी समझ पर आधारित थे। अखिलेश ने बताया कि अर्थशास्त्र विषय के सवाली टीजीटी-पीजीटी स्तर के पूछे गए। इसमें सतत विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विभिन्न सरकारी योजनाएं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना व आयुष्मान आरोग्य योजना के सवाल पूछे गए। अनुराग ने बताया कि जीएस का स्तर सामान्य रहा। जबकि अर्थशास्त्र का खंड अपेक्षाकृत कठिन था। परीक्षा में स्टेटिक्स और करंट एफेयर दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल थे। इसके अलावा इजराइल-ईरान और रूस व यूक्रेन युद्ध के सवाल पूछे गए।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 11:30 pm

यूरोप में बैठा गैंगस्टर चला रहा था रंगदारी रैकेट:कारोबारियों को धमकाकर वसूलते थे पैसे, लुधियाना पुलिस ने दर्ज किया केस

लुधियाना सदर थाना पुलिस ने एक ऐसे कथित रंगदारी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है, जो लुधियाना समेत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों और अन्य लोगों को धमकाकर, फायरिंग की घटनाएं कर दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलता था। पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन विदेश में बैठे एक आरोपी द्वारा किया जा रहा था और इसके सदस्य हथियारों व नशे की तस्करी में भी शामिल थे। नमित पर है पहले से 7 मामले दर्ज पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार गिरोह का कथित सरगना लुधियाना के शाम नगर का निवासी नमित शर्मा है, जो फिलहाल यूरोप में रह रहा है। पुलिस का दावा है कि नमित शर्मा के खिलाफ पहले से सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह विदेश में बैठकर गिरोह की गतिविधियों को निर्देशित करता था। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।एफआईआर में मुख्यारोपी नमित शर्मा सहित उसके अन्य साथियों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते थे। कई मामलों में कथित तौर पर अपने निशाने पर मौजूद लोगों की संपत्तियों पर फायरिंग कर दहशत का माहौल बनाया जाता था, ताकि उन्हें भारी रकम रंगदारी के रूप में देने के लिए मजबूर किया जा सके।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 9:52 pm

प्रधानमंत्री मोदी के सामने पेरिस में गूंजेगा राजस्थान का लोकसंगीत:‘बोंजूर मोदी’ कार्यक्रम में प्रस्तुति देगा जयपुर का धोद बैंड, 20 कलाकारों का ग्रुप जाएगा फ्रांस

राजस्थान की लोक संस्कृति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ने जा रही है। राजस्थान के प्रसिद्ध लोक कलाकार रहीस भारती और धोद बैंड को फ्रांस की राजधानी पेरिस में 18 जून को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘बोंजूर मोदी’ (Bonjour Modi) कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारतीय संस्कृति, प्रवासी भारतीय समुदाय और भारत-फ्रांस संबंधों का उत्सव मनाया जाएगा। पेरिस के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित साल प्लेयल (Salle Pleyel) कॉन्सर्ट हॉल में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में धोद बैंड राजस्थान की लोक कला, संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देगा। खास बात यह है कि बैंड का चयन भारतीय दूतावास, पेरिस द्वारा आधिकारिक रूप से किया गया है, जिसे राजस्थान और भारतीय लोक संस्कृति के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ‘बोंजूर मोदी’ कार्यक्रम में धोद बैंड का बहुरंगी कलाकार दल भारतीय लोक संस्कृति की विविध परंपराओं को मंच पर जीवंत करेगा। प्रस्तुति का नेतृत्व रहीस भारती (तबला वादक) करेंगे। उनके साथ मोइनुद्दीन खान (गायन एवं हारमोनियम), सुशीला (राजस्थानी लोक नृत्य), जापान की कलाकार कोको आयुमी (राजस्थानी नृत्य), बाबू खान (लोक गायन), अफरीदी भारती (तबला), अब्दुल सत्तार खान एवं सिकंदर मिरासी (ट्रॉम्बोन), अयूब (ट्रम्पेट), मोहम्मद रमजान (डुगा), जाकिर (टैम्बोर), तनवर लाल (अल्फोनियम), इमरान लंगा (करताल एवं गायन) और इकबाल खान (ढोलक) अपनी प्रस्तुति देंगे। यूरोप टूर पर है धोद बैंड इन दिनों रहीस भारती एवं धोद बैंड अपने यूरोप टूर-2026 पर हैं। इस दौरान फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक समारोहों और संगीत महोत्सवों में वे भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बैंड में राजस्थान के दूर-दराज गांवों से जुड़े करीब 20 लोक कलाकार शामिल हैं, जो लोक संगीत और नृत्य के माध्यम से विदेशी दर्शकों को भारतीय संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। पिछले 26 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रहीस भारती और उनका धोद बैंड दुनिया के 119 से अधिक देशों में प्रस्तुति देकर भारतीय लोक संस्कृति का परचम लहरा चुका है। राजस्थान की मिट्टी से निकला यह दल आज वैश्विक स्तर पर भारतीय सांस्कृतिक पहचान का मजबूत प्रतिनिधि बन चुका है। रहीस भारती हर वर्ष लगभग छह से सात महीने विदेशों में रहकर भारत और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार करते हैं। उनके प्रयासों से अब तक 700 से अधिक लोक कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल चुका है। लोक परंपराओं को मिली वैश्विक पहचान धोद बैंड के माध्यम से राजस्थान की कई पारंपरिक लोक कलाओं और समुदायों को विश्व स्तर पर पहचान मिली है। इनमें लंगा, मांगणियार, कालबेलिया, ढाढ़ी, दमामी, राणा समुदाय के कलाकारों के साथ-साथ पारंपरिक ब्रास बैंड कलाकार भी शामिल हैं। रहीस भारती का मानना है कि लोक कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। यही कारण है कि वे वर्षों से इन परंपराओं को विश्व मंच तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व धोद बैंड इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका है। इनमें ब्रिटेन में महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के डायमंड जुबिली समारोह, सिंगापुर फॉर्मूला-1 ग्रां प्री और अनेक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं राजकीय आयोजन शामिल हैं। यह दल लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को विश्व के सामने प्रस्तुत करेगा। प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्तुति देना गर्व की बात : रहीस भारती रहीस भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रस्तुति देना उनके लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल धोद बैंड का नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक संस्कृति, लोक कलाकारों और भारत की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। हम विश्व मंच पर राजस्थान की आत्मा और भारत की सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करने जा रहे हैं। ‘बोंजूर मोदी’ कार्यक्रम के बाद धोद बैंड को पुर्तगाल, फ्रांस, जर्मनी, स्विटजरलैंड, इटली और स्पेन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगीत और सांस्कृतिक समारोहों में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया गया है।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 11:02 am

प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा फ्रांस में शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी:योग की वैश्विक प्रासंगिकता पर देंगी व्याख्यान, मुरादाबाद से 23 जून को जाएंगी

मुरादाबाद की शिक्षाविद् प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा को फ्रांस में आयोजित होने वाली नौवीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। गोकुल दास हिन्दू गर्ल्स महाविद्यालय की प्राचार्य और बरेली कॉलेज की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मेहरोत्रा 23 जून से 3 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शामिल होंगी। सम्मेलन में वह वैश्विक परिप्रेक्ष्य में योग : प्राचीन ज्ञान और समकालीन प्रासंगिकता का समन्वय विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगी। उनके शोध का केंद्र भारतीय योग परंपरा की वैश्विक उपयोगिता और वर्तमान समय में उसकी बढ़ती स्वीकार्यता है। प्रोफेसर मेहरोत्रा का कहना है कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। सदियों से योगियों और महर्षियों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखा है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मनुष्य के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम भी है। तनावभरे दौर में बढ़ी योग की जरूरत उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। आधुनिक जीवन प्रणाली में योग स्वास्थ्य और मानसिक शांति दोनों के लिए प्रभावी साधन बनकर उभरा है। भारतीय अंग्रेजी साहित्य के अनेक लेखकों ने भी अपनी कृतियों में योग की महत्ता का उल्लेख किया है। पश्चिमी देशों में भी बढ़ रही स्वीकार्यता प्रोफेसर मेहरोत्रा के अनुसार, वर्तमान समय में यूरोप और पश्चिमी देशों के लोग भी बड़े पैमाने पर योग को अपना रहे हैं। यह भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरु यूं ही नहीं कहा जाता, बल्कि यहां की प्राचीन विद्या, दर्शन और जीवन मूल्य आज भी पूरी दुनिया को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। मुरादाबाद की प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलने से शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 5:28 pm

60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर

अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...

वेब दुनिया 6 May 2026 11:49 am

फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...

वेब दुनिया 18 Aug 2024 5:40 pm

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसरा प्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकर ड्रेस कोड तक सबकुछ

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ

समाचार नामा 28 May 2024 10:30 am

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari, फ्रांस के लिए रवाना हुई बिब्बोजान

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान

समाचार नामा 21 May 2024 2:45 pm

यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

मनोरंजन नामा 29 Apr 2024 9:00 pm