भारत-फ्रांस : आगे बढ़ने का शानदार मौका है
नई दिल्ली, फ्रांस के मंत्री बेंजामिन हद्दाद ने एफटीए को नई दिल्ली और पेरिस दोनों के लिए वर्तमान परिदृश्य में काफी अहम बताया है। फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री हद्दाद तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। सोमवार को उन्होंने म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लिया। बाद में आईएएनएस से बातचीत में फ्रांस और भारत के रिश्तों को लेकर अपनी राय जाहिर की। उन्होंने माना कि 30 साल के रणनीतिक साझेदारों के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) रिश्तों को और समृद्ध करेगा।
फ्रांस में छात्र आंदोलन के कारण 500 माध्यमिक स्कूल रहे बंद
फ्रांस में स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आंच लगभग 500 माध्यमिक स्कूलों तक पहुंच गई है। सोमवार को लगभग 500 सेकेंडरी स्कूल पूरी तरह से या आंशिक रूप से बंद रहे। मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी रहने की आशंका है। पिछले कुछ से जारी विरोध प्रदर्शनों में पुलिस के साथ झड़प भी हुई है, स्कूलों को नुकसान भी पहुंचा है और सड़कों पर हिंसक गतिविधियों भी लोग लिप्त पाए गए।
भारत और फ्रांस के लिए मिलकर आगे बढ़ने का शानदार मौका है एफटीए: फ्रांसीसी मंत्री हद्दाद
New Delhi, 5 अक्टूबर . फ्रांस के मंत्री बेंजामिन हद्दाद ने एफटीए को New Delhi और पेरिस दोनों के लिए वर्तमान परिदृश्य में काफी अहम बताया है. फ्रांस के यूरोप मामलों के मंत्री हद्दाद तीन दिवसीय दौरे पर India आए हैं. Monday को उन्होंने म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लिया. बाद में से बातचीत में ... Read more
वी.पी. बेडेकर एंड संस ने मुंबई की एक छोटी किराना दुकान से शुरुआत कर मसालों और अचार के कारोबार में अपनी पहचान बनाई। यह कंपनी 100 से अधिक वर्षों में चार पीढ़ियों द्वारा संचालित एक वैश्विक खाद्य ब्रांड बन गई है, जिसके उत्पाद विदेशों तक पहुंचते हैं।
फ्रांसीसी दूत गेरार्ड मेस्ट्रैलेट तीन दिन के भारत दौरे पर, ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर और कनेक्टिविटी पर होगी चर्चा
फ्रांस में हिंसक छात्र प्रदर्शन, हर तीन में से एक स्कूल प्रभावित
France student protests: भारत में छात्रों की तिलचट्टा (कॉक्रोच) पार्टी के उग्र प्रदर्शनों पर यूरोप में जो लोग तालियां पीट रहे थे, मोदी सरकार को बुरा-भला कह रहे थे, वे अब फ्रांस के स्कूली छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों से सन्नाटे में आ गए हैं। वहां लगभग ...
फ्रांस के स्कूलों से शुरू हुए दंगे अब भयानक: अग्निशामकों के ट्रक जलाए, बुजुर्गों पर हमला
फ्रांस में एक सप्ताह पहले जो स्टूडेंट प्रोटेस्ट शुरू हुआ था, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह दंगों का रूप ले चुका है और यह दंगे भयानक होते जा रहे हैं। वहाँ पर अभी तक स्कूलों को ही निशाना बनाया गया था, मगर अब वहाँ पर फायर फाइटर्स से लेकर आम […]
मुंबई के इस इलाके में 2BHK का रेंट ₹1.2 लाख, यूरोप से भी महंगा!
वाशी के ₹1.2 लाख मासिक किराये की इस चर्चा ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा किया है, क्या मुंबई और आसपास के शहरों में घरों की बढ़ती कीमत और किराया लोगों की आय की रफ्तार से कहीं ज्यादा तेज हो रहा है.
घर में लगाया गया एक फूल का पौधा बार-बार खराब हुआ तो एक 10वीं के छात्र के मन में ऐसा सवाल उठा, जिसने उसे तकनीक की दुनिया में नई खोज करने के लिए प्रेरित कर दिया। सवाल था- आखिर पौधा खराब क्यों हो रहा है और इसे समय रहते कैसे बचाया जा सकता है? काम करते-करते तैयार किया मॉडल इसी जिज्ञासा से सीतामढ़ी के छात्र रुद्र चंद्र मिश्रा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा मॉडल तैयार कर दिया, जो पौधे में बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखाई देने से पहले ही उसकी सेहत में हो रहे बदलावों को पहचानने में मदद करता है। रुद्र के पिता रितेश कुमार, अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि वे अक्सर घर में पौधे लाते थे। कुछ समय पहले उन्होंने एक फूल का पौधा लगाया, लेकिन वह खराब हो गया। इसके बाद दूसरा पौधा लाया गया, वह भी खराब हो गया। लगातार पौधों के खराब होने से रुद्र की जिज्ञासा बढ़ी। वह जानना चाहते थे कि पौधा आखिर क्यों खराब हो रहा है और इसे पहले ही कैसे बचाया जा सकता है। इसी सोच पर काम करते-करते रुद्र ने यह मॉडल तैयार किया। 8 माइक्रोकंट्रोलर और कई सेंसर से लैस मॉडल शहर के सेक्रेड हार्ट स्कूल के 10वीं के छात्र रुद्र ने वर्ष 2024 में इस तकनीक पर काम शुरू किया। मॉडल में करीब 8 माइक्रोकंट्रोलर, कई सेंसर, वायु मॉड्यूल, मिट्टी की नमी मापने वाले सेंसर और कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं। यह पौधे की सेहत, मिट्टी की नमी और वातावरण की निगरानी करता है। इसका उद्देश्य बीमारी के स्पष्ट लक्षण आने से पहले पौधे में होने वाले बदलावों को पहचानना है। जरूरत के अनुसार पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी मॉडल में जोड़ी गई है।रुद्र के इस इनोवेशन को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिली है। रुद्र के मॉडल को 37वां स्थान फ्रांस के ल्योन में आयोजित InnoRobo by SIDO में उन्होंने ऑनलाइन अपने मॉडल का प्रदर्शन किया। 87 देशों के 1472 विद्यार्थियों ने नवाचार पेश किए थे। रुद्र के मॉडल को 37वां स्थान मिला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बधाई दी है। मॉडल को तैयार करने में करीब 45 हजार रुपए खर्च हुए हैं। रुद्र अब इसकी लागत घटाकर 10 से 15 हजार रुपए करने पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसान भी इसका उपयोग कर सकें।
Yamuna Nagar News: चाचा ने युवक को यूरोप भेजने का झांसा देकर 20 लाख रुपये हड़पे
यूरोप में स्टडी वीजा पर भेजने का झांसा देकर गांधी नगर पार्क निवासी युवक ने 20 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। आरोपी रिश्ते में पीड़ित का चाचा बताया जा रहा है।
'रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा भारत', बोले विदेश मंत्री जयशंकर
भारत ने यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव और मॉस्को दोनों से बातचीत की पुष्टि की है।
पंडित राम चतुर मलिक: बिना ऑडिशन मिला आकाशवाणी का टॉप ग्रेड, गायकी का जादू इंग्लैंड-फ्रांस भी पहुंचा
Mumbai , 4 अक्टूबर . सिर्फ 15 साल की उम्र में पहली सार्वजनिक प्रस्तुति देने वाले पंडित राम चतुर मलिक ने आगे चलकर ध्रुपद-धमार गायन में ऐसी पहचान बनाई कि उनकी आवाज दरभंगा के दरबार से निकलकर इंग्लैंड और फ्रांस तक पहुंची. उन्हें आकाशवाणी का ‘टॉप ग्रेड’ भी बिना ऑडिशन के दिया गया. 5 अक्टूबर ... Read more
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से डाक के जरिए ड्रग्स मंगाने वाले को 10 साल की सजा
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से डाक के जरिए ड्रग्स मंगाने वाले को 10 साल की सजा
फ्रांस में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल, आगजनी-तोड़फोड़
फ्रांस से इस वक्त अशांति और विरोध प्रदर्शन की हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. देश के कई बड़े शहरों में हाई स्कूल के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है. इन आंदोलनों की मुख्य वजह स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की मांग है. छात्रों का कहना है कि सरकारी उदासीनता के कारण देश भर के स्कूलों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है. क्लासरूम में क्षमता से अधिक छात्रों की भीड़ है, जिसके कारण पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है.
फ्रांस के मंत्री बेंजामिन हद्दाद आएंगे भारत, कई कार्यक्रमों में होगें शामिल
फ्रांस के मंत्री बेंजामिन हद्दाद 4 से 6 अक्टूबर तक भारत दौरे पर हैं. वह नई दिल्ली में म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में हिस्सा लेंगे. फ्रांस-भारत 1.5 ट्रैक डायलॉग में भी शामिल होंगे. वह रायसीना फोरम फॉर द फ्यूचर ऑफ डिप्लोमेसी को संबोधित करने के साथ फ्रांस, यूरोप और भारत से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.
फ्रांस से मुंबई रहने आ गया 23 साल का लड़का, बोला- सिर्फ 3 हफ्ते में जिंदगी ने सबक सिखा दिया
पेरिस की चकाचौंध छोड़ मुंबई में नौकरी करने आए 23 साल के फ्रांसीसी लड़के को यहां आते ही लगा जोरदार झटका. मुंबई की वो 3 बातें जिसने इस विदेशी का पूरा नजरिया ही बदल दिया.
विदेश के समाचार: फ्रांस में छात्र प्रदर्शन नियंत्रण से बाहर, अब तक 5000 गिरफ्तार; एपल एप स्टोर से बिटचैट हटा
लगभग तीन साल से जारी रूस और यूक्रेन के बीच के भीषण संघर्ष को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में भारत की वैश्विक मध्यस्थता को ऐतिहासिक सफलता मिलती दिखाई दे रही है। यूक्रेन की राजधानी कीव से आए एक ताजा और बड़े कूटनीतिक बयान में यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा (Andrii Sybiha) ने पुष्टि की है कि युद्धविराम और शांति बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विचाराधीन चार प्रमुख प्रस्तावों में से भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक (Most Comprehensive) और व्यावहारिक है। सिबिहा ने स्पष्ट किया कि पहली बार भारत ने दोनों देशों के बीच औपचारिक युद्धविराम और तनाव घटाने के लिए सक्रिय मध्यस्थता की ठोस इच्छा जताई है, जिसे कीव बेहद गंभीरता से ले रहा है।4 अंतरराष्ट्रीय पहलों में भारत का फॉर्मूला सबसे आगेयूक्रेन के अनुसार, वर्तमान में युद्धविराम को लेकर दुनिया के चार देशों के प्रस्ताव राजनयिक मेज पर मौजूद हैं:संयुक्त राज्य अमेरिका (US): ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर हमलों को रोकने का प्रस्ताव।तुर्की और मिस्र: काला सागर (Black Sea) में सुरक्षित अनाज निर्यात और समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा पर केंद्रित सीमित प्रस्ताव।भारत (नई दिल्ली): संपूर्ण और समग्र सीजफायर ढांचा, जिसमें केवल सैन्य ऑपरेशंस रोकना ही नहीं, बल्कि ऊर्जा ग्रिड, बंदरगाहों की सुरक्षा, ब्लैक सी में सुरक्षित जहाजरानी और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की बहाली को एक साथ जोड़ा गया है।यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कहा कि अलग-अलग हिस्सों में टुकड़ों में युद्धविराम करने के बजाय भारत का यह एकीकृत पैकेज सबसे संतुलित है। कीव ने साफ किया है कि वह एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और ब्लैक सी नेविगेशन पर एक साथ संघर्ष विराम के लिए पूरी तरह तैयार है।'ग्लोबल पीसमेकर' के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति का असरभारत की इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधी और निरंतर बातचीत रही है।पीएम मोदी ने पहले मॉस्को का दौरा कर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधी बात की थी और दुनिया को संदेश दिया था कि यह युग युद्ध का नहीं है।इसके बाद उन्होंने यूक्रेन के ऐतिहासिक दौरे पर राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ बैठकर शांति की संभावनाओं को तलाशा था।विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के कीव दौरे और लगातार वैश्विक साझेदारों के साथ संपर्क ने इस कूटनीतिक मसौदे को व्यावहारिक रूप दिया है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी हालिया साक्षात्कारों में पीएम मोदी के शांति प्रयासों, उनकी गहरी रुचि और निष्पक्ष भूमिका की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की है। भारत दुनिया का वह चुनिंदा देश है जिस पर मॉस्को और कीव दोनों का रणनीतिक भरोसा कायम है।ब्लैक सी और एनर्जी कॉरिडोर: भारत के प्रस्ताव में क्या है खास?भारत के शांति प्रस्ताव को व्यापक इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह युद्ध के केवल फ्रंटलाइन मोर्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े वैश्विक संकटों का समाधान करता है:ऊर्जा ढांचे पर हमलों पर रोक: सर्दियों के शुरू होने से पहले यूक्रेन के पावर प्लांट्स और ट्रांसमिशन ग्रिड्स पर रूसी मिसाइल हमलों को तत्काल बंद करना।काला सागर में सुरक्षित शिपिंग: यूक्रेन के बंदरगाहों से अनाज और उर्वरक लेकर निकलने वाले मालवाहक जहाजों को सुरक्षित गलियारा (Safe Maritime Corridor) देना, ताकि विकासशील देशों (विशेषकर ग्लोबल साउथ) को खाद्यान्न संकट का सामना न करना पड़े।सामरिक डी-एस्केलेशन: दोनों पक्षों द्वारा नागरिक बस्तियों पर लंबी दूरी की मिसाइलों व ड्रोन्स के इस्तेमाल पर आपसी सहमति से रोक लगाना।अब रूस के अंतिम जवाब पर टिकीं दुनिया की नजरेंयूक्रेन द्वारा भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति और तत्परता जताने के बाद अब पूरी प्रक्रिया का दारोमदार रूस की औपचारिक प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन ब्लैक सी और ऊर्जा सुरक्षा के लिए आगे बढ़ने को तैयार है, बशर्ते रूस भी तनाव कम करने की दिशा में वास्तविक कदम उठाए। राजनयिक हलकों का मानना है कि यदि भारत के इस रोडमैप को रूस की हरी झंडी मिल जाती है, तो यह जेलेंस्की और पुतिन के बीच प्रत्यक्ष वार्ता की जमीन तैयार कर सकता है और दुनिया को पिछले कई दशकों के सबसे विध्वंसक युद्ध से मुक्ति मिल सकती है।
Russia Ukraine War Latest News: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की दिशा में भारत ने एक अहम कूटनीतिक पहल की है। यूक्रेन ने भारत के सीजफायर प्रस्ताव को अब तक मिले सभी प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के मुताबिक, कीव को भारत के अलावा तुर्की, मिस्र और अमेरिका से भी सीजफायर के प्रस्ताव मिले हैं। यूक्रेन रूस के साथ अलग-अलगफॉर्मेट में सीजफायर पर विचार करने के लिए तैयार है।RBC-Ukraine की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी विदेश मंत्री ने कीव में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भारत का प्रस्ताव इन सभी पहलों में 'सबसे व्यापक' है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म कराने की प्रक्रिया में भूमिका निभाने की इच्छा स्पष्ट रूप से जताई है।भारत के प्रस्ताव में क्या है?सिबिहा के मुताबिक, यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर (Black Sea) दोनों में एक साथ सीजफायर चाहता है। उनका कहना है कि सिर्फ एक क्षेत्र में सीजफायर पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा और काला सागर में सीजफायर के लिए तैयार है। लेकिन दोनों को एक साथ शामिल किया जाना चाहिए। इसमें सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के साथ-साथ बंदरगाहों से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना भी शामिल होगा।तुर्की-मिस्र और अमेरिका के प्रस्ताव भी मेज परयूक्रेन के सामने भारत के अलावा तीन अन्य कूटनीतिक पहल भी हैं। सिबिहा के अनुसार, तुर्की और मिस्र ने काला सागर में अनाज और कृषि क्षेत्र से जुड़ेसीजफायर का जॉइंट प्रस्ताव दिया है। वहीं अमेरिका ने ऊर्जा क्षेत्र में सीजफायर का एक फ्रेमवर्क पेश किया है। यह मुद्दा पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी चर्चा में आया था।यूक्रेन का कहना है कि वह संपर्क रेखा (Line of Contact) पर बिना किसी शर्त के सीजफायर समेत अलग-अलगफॉर्मेट पर विचार करने के लिए तैयार है।काला सागर में फिर शुरू हो सकती है बातचीतरूस और यूक्रेन के बीच काला सागर में सीजफायर को लेकर नए दौर की बातचीत की तैयारी भी चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, तुर्की और संयुक्त राष्ट्र इस दिशा में नए प्रयास कर रहे हैं। काला सागर में सीजफायर का एक अहम उद्देश्य अनाज की आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर पहले भी दबाव पड़ा है। दोनों देशों से होने वाला अनाज निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है।पुतिन भी कर चुके हैं PM मोदी की तारीफभारत की पहल पर यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ की थी। वाल्दाई फोरम में पुतिन ने कहा था कि पीएम मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद लगातार यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने की जरूरत का मुद्दा उठाते हैं।पुतिन ने कहा कि रूस प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों और संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के समर्थन के लिए आभारी है। उन्होंनेPM मोदी के विचारों को बहुत अच्छे विचार बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री संघर्ष को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करना चाहते हैं।भारत लगातार बातचीत और शांति पर दे रहा जोररूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि भारत का रुख मानवीय और शांति-केंद्रित है। अब यूक्रेन द्वारा भारत के सीजफायर प्रस्ताव को 'सबसे व्यापक' बताया जाना भारतीय कूटनीतिक भूमिका के लिहाज से अहम माना जा रहा है।ये भी पढ़ें- दुर्गा पूजा पर बंगाल के 2 करोड़ परिवारों को बड़ा तोहफा! आधी कीमत में मिलेगा आटा-चीनी और सूजी, जानिए क्या है पूरा प्लान
फ्रांस में स्कूल क्यों जला रहे बच्चे, समझिए भारत और वहां के स्टूडेंट प्रोटेस्ट में क्या अंतर?
फ्रांस के स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सरकार की सख्ती पर ईरान तक ने कहा है कि ऐसी सख्ती नहीं करनी चाहिए. भारत के स्टूडेंट प्रोटेस्ट को दुनिया भर में सुर्खियां मिलीं और आज भी मिल रही हैं, मगर ये भारत से कई मामलों में अलग है.
यूरोपीय संघ से आयातित पी-नाइट्रोटोल्यूइन पर डंपिंग-विरोधी जांच के संबंध में चीन का रुख
बीजिंग, 3 अक्टूबर . चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने Saturday को यूरोपीय संघ से आयातित पी-नाइट्रोटोल्यूइन पर डंपिंग-विरोधी जांच शुरू करने की घोषणा की. चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह जांच घरेलू उद्योग के एक आवेदन के जवाब में शुरू की गई है. आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक सबूत से पता चलता है कि ... Read more
अमेरिका डीजल एक्सपोर्ट पर नहीं लगाएगा रोक, ट्रंप बोले- यूरोप बाजार में बढ़ाएगा सप्लाई
अमेरिका डीजल एक्सपोर्ट पर नहीं लगाएगा रोक, ट्रंप बोले- यूरोप बाजार में बढ़ाएगा सप्लाई
एक्सप्लेनर: फ्रांस में छात्रों के प्रदर्शन की क्या है असली वजह, क्यों बढ़ता गया विरोध और कहां बिगड़े हालात?
फ्रांस की युवती पर हिंदुस्तानी रंग:यूरोप लौटकर रोक्सेन को लगा, भारत में ये छोटी चीजें कितनी खास; किस्सा क्या?
इस्लामवाद और इस्लाम का भय: तथाकथित सभ्यतागत संघर्षों की चपेट में यूएस-एशिया, क्यों भय के साये में है यूरोप?
छात्रों के प्रदर्शन के कारण फ्रांस सरकार को 550 से ज्यादा हाई स्कूल बंद करने पड़े। कई जगह छात्रों ने तोड़फोड़ की, क्लासरूम्स को जलाया और टीचर्स पर हमला किया। यहां दर्जनों स्कूलों में पुलिस तैनात करनी पड़ी है।
फ्रांस में पढ़ाई का खर्चा ₹45 लाख ? भारतीय स्टूडेंट ने गिनाया एजुकेशन से जुड़ा हर खर्च; सुनते ही लगेगा शॉक
फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, करीब 400 स्कूल बंद; कई शहरों में पुलिस से झड़प
पेरिस। फ्रांस में स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार को और व्यापक हो गया। देशभर में करीब 400 हाई स्कूल बंद रहे, जबकि कई शहरों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन […] The post फ्रांस में छात्र आंदोलन तेज, करीब 400 स्कूल बंद; कई शहरों में पुलिस से झड़प appeared first on Sabguru News .
भारत-फ्रांस : व्यापार और निवेश सहयोग को नई गति देने को लेकर की चर्चा
नई दिल्ली, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक आकर्षण मामलों के मंत्री निकोलस फोरिसिएर के साथ मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की।
62 साल की उम्र में Spiti Valley के खतरनाक रास्ते पर एक फ्रांसीसी साइकिल दौड़ते हुए नजर आया. फ्रांसीसी शख्स का वीडियो देखकर काफी लोग हैरान हो गए.
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश है, जिसमें उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ जिला 'आंवला राजधानी' कहलाता है। प्रतापगढ़ का आंवला जीआई टैग प्राप्त कर अमेरिका और यूरोप तक निर्यात होता है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी पहचान बनी है।
फ्रांस में छात्र प्रदर्शन उग्र: स्कूलों में आगजनी के बाद 2000 गिरफ्तार, माता-पिता से वसूला जाएगा हर्जाना
तपते खेत, सूखी फसलें... यूरोप में 1.67 करोड़ टन अनाज का उत्पादन घटा
गर्मी बढ़ी, बारिश कम हुई और यूरोप की खेती का हिसाब बिगड़ गया. गेहूं, मक्का और जौ समेत अनाज का उत्पादन तेजी से घटा है. नए आकलन में किसानों को करीब €3.2 अरब के नुकसान का अनुमान लगाया गया है.
स्कूलों के गेट क्यों फूंक रहे फ्रांस के स्टूडेंट? 2000 गिरफ्तार, मां-बाप से हर्जाना वसूलेगी सरकार
पूरे फ्रांस में शुक्रवार को लगभग 400 हाई स्कूल बंद रहे. यहां छात्रों का आंदोलन तेज और हिंसक होता जा रहा है. आंदोलन शुरू होने के बाद से कम से कम 65 स्टाफ सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें 40 हाई स्कूल प्रिंसिपल भी शामिल हैं. जानिए आंदोलन के पीछे की वजह.
G20 Meet: Piyush Goyal ने फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया संग Trade पर की चर्चा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब तथा दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से मुलाकात की और इन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। गोयल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के मिल्वॉकी में जी20 के सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर चारों देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए लिखा, ‘‘जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक मामलों के मंत्री निकोलस फोरिसियर से मुलाकात की।’’ गोयल ने कहा कि उन्होंने और फोरिसियर ने व्यापार एवं निवेश संबंधों का विस्तार करने, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जल्द हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा भारत में वैमानिकी विनिर्माण, यूपीआई एकीकरण एवं संयुक्त नवाचार पहलों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस साल के अंत में भारत में उनका स्वागत करने और द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने को लेकर उत्सुक हूं।’’ गोयल ने कहा कि उनकी कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ ‘‘सार्थक बैठक’’ हुई जिसमें भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के लिए जारी बातचीत की समीक्षा की गई। भारत-कनाडा सीईपीए की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मार्च में की थी। इसका लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘‘मुंबई में हाल में हुई हमारी बैठक को आगे बढ़ाते हुए हमने बातचीत में तेजी लाने और समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।’’ गोयल ने कहा कि उन्हें सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी से मुलाकात कर खुशी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए जारी बातचीत में प्रगति पर चर्चा की तथा दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसर तलाशे।’’ उन्होंने दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री पार्क जंग-सुंग से भी मुलाकात की और भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (आईकेसीईपीए) को उन्नत करने, संतुलित व्यापार वृद्धि, भारतीय कृषि, दवा व समुद्री उत्पादों के लिए बाजार पहुंच तथा भारत में कोरियाई विनिर्माण निवेश पर चर्चा की।
पेरिस छोड़कर मुंबई शिफ्ट हुआ फ्रांसीसी युवक, बोला- काश ये बातें पहले पता होतीं
फ्रांसीसी युवक निको नौकरी के लिए पेरिस से मुंबई आया. तीन हफ्ते बाद इंस्टा पर अनुभव शेयर किया. बोला- यहां दूरी, रूटीन और नॉर्मल जिंदगी की परिभाषा पूरी तरह बदल जाती है.
जोधपुर एयरबेस पर आयोजित तरंगशक्ति युद्धाभ्यास-2026 में विश्व के 8 देशों के अलग-अलग फाइटर जेट्स शामिल हुए हैं। दौरान आसमान में हैरतअंगेज नजारे देखने को मिल रहे हैं। इस प्रैक्टिस को लेकर फ्रांसीसी एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल जूलियन सबेने ने कहा कि मैं पहली बार भारत आया हूं। यहां आकर मैंने महसूस किया कि आपका देश बहुत विशाल है। भारतीय वायुसेना के पास बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रकार के विमान हैं। इससे हमें काफी कुछ सीखने को मिला। यह अभ्यास पेगासे-26 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कहा-इसकी शुरुआत शानदार रही उन्होंने कहा- हम फ्रांस से करीब 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय करके यहां पहुंचे हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र का हिस्सा हैं और हमारे नागरिक विदेशी क्षेत्रों में भी रहते हैं। हम एक्सरसाइज तरंग शक्ति की शुरुआत के समय यहां पहुंचने में सफल रहे। इसका शुभारंभ शानदार रहा। हमारा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान हमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित कई अलग-अलग टीमों और अधिकारियों से मिलने का अवसर मिला। मैंने पाया कि भारतीय वायुसेना ने इस पूरे अभ्यास के आयोजन में शानदार काम किया है और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी तरह तैयार रखी गई थीं। अमेरिका के F-35A और KC-135R भी अभ्यास में शामिल अमेरिकी पैसिफिक एयर फोर्सेज की ओर से 6 F-35A लाइटनिंग-II लड़ाकू विमान और एक KC-135R स्ट्रैटोटैंकर तरंग शक्ति-26 में शामिल हुए हैं। 6 F-35A जापान के मिसावा एयर बेस स्थित 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन के हैं, जबकि KC-135R जापान के काडेना एयर बेस स्थित 909वीं एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन से आया है। अभ्यास के दौरान अमेरिकी वायुसेना, भारतीय वायुसेना और अन्य भाग लेने वाले देशों के साथ मिलकर संयुक्त ट्रेनिंग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय हवाई अभियानों की कार्यप्रणाली को समझना और साझा अनुभव विकसित करना है। एक अमेरिकी F-35A पायलट ने कहा कि दुनिया की अलग-अलग वायु सेनाओं के साथ उड़ान भरने से अलग-अलग रणनीतियों, दृष्टिकोण और संचालन के तरीकों को समझने का अवसर मिलता है। इससे पायलट एक-दूसरे से सीखते हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संयुक्त अभियानों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर- एक साथ उड़ेंगे दुनिया के सबसे खतरनाक 80-फाइटर जेट:राफेल को सुखोई ने किया लीड, 40 हजार फीट पर फ्यूल भरने की प्रैक्टिस; देखें- PHOTOS जोधपुर में 8 देशों की तरंग शक्ति एक्सरसाइज में दुनिया के सबसे खतरनाक 60 से 80 फाइटर जेट्स एक साथ उड़ान भरेंगे। भारत में मौजूद फ्रांस एंबेसी ने इसकी जानकारी दी। मंगलवार को एक्सरसाइज के चौथे दिन सुखोई ने राफेल फाइटर को लीड किया। फ्रांस के एयरबस A-400M और एयरबस A-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) ने भी एक्सरसाइज में हिस्सा लिया। (पूरी खबर पढ़ें)
फ्रांस में शिक्षा नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज, देखें दुनिया आजतक
फ्रांस में मौजूदा शिक्षा नीतियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है...पेरिस से शुरू हुआ ये आंदोलन अब दूसरे शहरों तक पहुंच गया है... जहां कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया...स्कूलों की बदहाल व्यवस्था, संसाधनों की कमी और शिक्षा के लिए ज्यादा फंड की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. देखें...
अलीगढ़ जिले में आलू की खेती और इससे जुड़े कारोबार को नई दिशा देने के लिए 93.97 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रोसेसिंग की नई यूनिट स्थापित की जा रही है।
टाटा स्टील का बड़ा निवेश, सिंगापुर की कंपनी में डाले 3260 करोड़; यूरोपीय कारोबार पर फोकस
टाटा स्टील ने अपनी सिंगापुर स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी टी स्टील होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड में ₹3,260.32 करोड़ का नया पूंजी निवेश किया है। यह निवेश अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने, यूरोपीय संयंत्रों के वित्तीय पुनर्गठन और हरित इस्पात रूपांतरण के लिए किया गया है।
ग्वालियर के बलुआ पत्थर की पहचान देश से लेकर यूरोप तक है। यहां के स्टोन उत्पाद यूरोप के करीब 27 देशों में पहुंचते हैं, लेकिन कंटेनर किराए में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने इस कारोबार की पूरी गणित बिगाड़ दी है। यूरोप जाने वाले कंटेनर का किराया करीब 150% तक बढ़ गया है। जो कंटेनर पहले करीब 2 हजार डॉलर में मिल जाता था, उसके लिए अब 5 हजार डॉलर से ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक कुछ मामलों में किराया 5,400 डॉलर तक पहुंच गया है। दरअसल खाड़ी देशों में युद्ध के चलते जहाजों को घूमकर जाना पड़ रहा है। इसके चलते यह किराया बढ़ाया गया है। कई बार लौटते समय जहाजों को माल नहीं मिल पा रहा है जिसका असर बढ़ोत्तरी में पड़ा है। शिपिंग लागत बढ़ने से ग्वालियर के स्टोन उत्पाद यूरोप के बाजार में महंगे पड़ने लगे हैं। इसका सीधा असर ऑर्डर पर पड़ा है। कई विदेशी खरीदारों ने फिलहाल ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। इससे पुरानी छावनी स्थित स्टोन पार्क की 55 फैक्ट्रियों और अंचल की 150 से ज्यादा स्टोन इकाइयों में तैयार माल जमा होने लगा है। स्थिति यह है कि अब फैक्ट्रियों और गोदामों में तैयार माल रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। सबसे पहले देखिए ग्वालियर के बलुआ पत्थर की तस्वीरें… 27 टन के कंटेनर में 6-7 लाख का माल, भाड़ा ही कई गुना बढ़ा कारोबारियों के मुताबिक 27 टन क्षमता वाले एक कंटेनर में करीब 6 से 7 लाख रुपए के स्टोन उत्पाद यूरोप भेजे जाते हैं। ऐसे में कंटेनर का किराया करीब ढाई गुना तक बढ़ जाने से प्रति खेप निर्यात लागत काफी बढ़ गई है। पत्थर की कीमत और परिवहन खर्च के बीच का अंतर कम होने के कारण बढ़ा हुआ भाड़ा कारोबारियों और विदेशी खरीदारों, दोनों पर असर डाल रहा है। ऑर्डर रुके तो फैक्ट्रियों में माल, पूंजी भी फंसी विदेशी ऑर्डर होल्ड होने से तैयार स्टोन उत्पाद फैक्ट्रियों में ही पड़े हैं। पत्थर भारी होने के कारण इसे लंबे समय तक सामान्य गोदामों में रखना भी आसान नहीं है। कारोबारियों के सामने दोहरी परेशानी है- पुराना माल उठ नहीं रहा और नया उत्पादन करने पर स्टॉक और बढ़ जाएगा। इससे तैयार माल के साथ कारोबारियों की पूंजी भी फंस गई है। ओवरटाइम से पूरी हाजिरी तक का संकट, मजदूर लौटने लगे कारोबार पर असर अब सीधे रोजगार तक पहुंच गया है। पत्थर का काम करने वाले कारीगरों ने बताया है कि वे इस समय परेशान हैं। काम नहीं मिल रहा है। जहां काम है तो पैसा समय पर नहीं मिल रहा है। कई जगह मजदूर वापस लौट रहे हैं। उद्योग ने मांगी सब्सिडी स्टोन पार्क ग्वालियर इंडस्ट्रियलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि कंटेनर भाड़े में अचानक बढ़ोतरी से यूरोप में ग्वालियर के स्टोन उत्पादों की लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर ऑर्डर और फैक्ट्रियों के काम पर पड़ा है। इस तरह विदेश तक पहुंचता है पत्थर ग्वालियर सहित पूरे अंचल और प्रदेश से विदेश में भेजे जाने वाले पत्थर को कई चरणों से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले खदानों से बड़ी-बड़ी चट्टानों के रूप में पत्थर निकाला जाता है। इसके बाद ट्रक या ट्रॉला से इसे फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता है, जहां बड़ी मशीनों से इसकी कटिंग की जाती है। फिर जरूरत के अनुसार पत्थर को अलग-अलग आकार और साइज में तैयार किया जाता है। तैयार उत्पादों को लकड़ी के बॉक्स में पैक कर बड़े ट्रॉला से पोर्ट तक भेजा जाता है। गुजरात के सहारे भेजा जाता है ग्वालियर-चंबल अंचल और मध्यप्रदेश से विदेश जाने वाला अधिकांश स्टोन गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट भेजा जाता है। कारोबारियों के मुताबिक यहां से माल पहुंचने में करीब 22 से 26 दिन लगते हैं, जबकि मुंबई पोर्ट तक पहुंचने में 32 से 35 दिन लग जाते हैं। पोर्ट पर पहुंचने के बाद पत्थर को ट्रॉला से उतारकर केमिकल ट्रीटमेंट किया जाता है, ताकि फंगस या संक्रमण जैसी समस्या न हो। इसके बाद तैयार माल को कंटेनर में लोड किया जाता है। कंटेनर के आकार के अनुसार माल की पैकिंग और लोडिंग की जाती है। सामान्य कंटेनर करीब 10 फीट चौड़ा, 20 फीट लंबा और 8 फीट ऊंचा होता है। ये खबर भी पढ़ें… पन्ना में हीरे निकल रहे, पर बिक क्यों नहीं रहे कहा जाता है कि करीब 350 साल पहले महाराजा छत्रसाल के गुरु महामति प्राणनाथ ने उन्हें बताया था कि पन्ना की धरती के नीचे हीरे दबे हैं। इसी के बाद पन्ना में पहली खदान खुदी और तब से पन्ना हीरे की खान के तौर पर मशहूर है, और आज भी यहां कोई भी नागरिक 200 रुपए का पट्टा लेकर खुदाई शुरू कर सकता है। लेकिन आज पन्ना के सामने अलग किस्म की मुश्किल है- हीरे मिल रहे हैं, लेकिन बिक नहीं पा रहे।पूरी खबर पढ़ें
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित पंजाब डीजीपी कार्यालय के बाहर मंगलवार को फ्रांस से आई बुजुर्ग एनआरआई महिला जोगिंदर कौर संधू चादर बिछाकर धरने पर बैठ गई। महिला का कहना था कि उसे डीजीपी से मिलने नहीं दिया जा रहा है और वह न्याय की मांग को लेकर यहां आई है। महिला ने बताया कि उसका संपत्ति को लेकर विवाद है। साथ ही वह अपने गहने और नकदी वापस दिलाने की मांग कर रही है। महिला के धरने पर बैठने के बाद डीजीपी कार्यालय के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी उसके पास पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने महिला को बताया कि डीजीपी से मुलाकात करवाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। उनका काम केवल पास बनाकर लोगों को कार्यालय के अंदर भेजना है। उन्होंने कहा कि पास बनाकर महिला को अंदर भेजा जा सकता है, जबकि डीजीपी से मुलाकात करवाने की जिम्मेदारी कार्यालय के स्टाफ की है। इसके बाद मौके पर चंडीगढ़ पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिसकर्मियों ने भी महिला को समझाया कि उसका पास बनाकर उसे अंदर भेजा जा सकता है। अंदर पहुंचने के बाद डीजीपी स्टाफ को उसकी पर्ची दी जाएगी और स्टाफ ही मुलाकात करवाएगा। क्या बोली एनआरआई महिला, जानिए सिलसिलेवार
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

