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ईरान की बर्बादी का नया चैप्टर? यूरोपीय संघ ने कसी नकेल; खामेनेई के करीबी ठिकानों पर गिरी गाज

ईरान पर यूरोपीय संघ का बड़ा एक्शन! IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने की तैयारी में 27 देश। काजा कल्लास ने 6373 मौतों का हवाला देते हुए कहा- 'आतंकी जैसा व्यवहार होगा'। फ्रांस के समर्थन के बाद खामेनेई की बढ़ी टेंशन। जानिए कैसे IRGC पर प्रतिबंधों से बदलेगा मिडिल ईस्ट का समीकरण और रूस-ईरान गठजोड़ पर क्या होगा असर।

प्रातःकाल 29 Jan 2026 6:48 pm

भारत–यूरोप संवाद: दूरदर्शी रणनीति या हालात से उपजा मोड़?

कूटनीति में समय ही सबसे बड़ा कारक होता है। भारत का यूरोप की ओर ताज़ा झुकाव—जिसका ठोस रूप हाल ही में संपन्न भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफ़टीए) में दिखाई देता है—किसी दीर्घकालिक रणनीतिक दूरदृष्टि की पराकाष्ठा कम, और परिस्थितियों के दबाव में लिया गया एक तेज़ निर्णय अधिक लगता है। इतिहास बताता है कि […]

चौथी दुनिया 29 Jan 2026 9:45 am

यूईएफए चैंपियंस लीग: यूरोपीय फुटबॉल का शिखर, जहाँ 'नए युग' के रोमांच ने बढ़ाई दुनिया भर की धड़कनें

यूईएफए चैंपियंस लीग के नए प्रारूप ने फुटबॉल जगत में रोमांच की नई लहर पैदा कर दी है। रियल मैड्रिड, मैनचेस्टर सिटी और बायर्न म्यूनिख जैसे दिग्गजों के बीच खिताबी जंग तेज हो गई है। जानें स्विस मॉडल का प्रभाव, वित्तीय रिकॉर्ड और मैदान पर छिड़े इस महायुद्ध की हर बारीक जानकारी हमारे इस विशेष विश्लेषण में।

प्रातःकाल 29 Jan 2026 8:09 am

'अपने खिलाफ जंग को फंड कर रहा है यूरोप...', India-EU ट्रेड डील से चिढ़ा अमेरिका, क्यों कहा- रूस को हो रहा है फायदा

India EU Trade Deal: भारत और यूरोप के बीच ट्रेड डील के बीच US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यूरोप पर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश ऐसे ट्रेड डील कर रहा है जिससे इनडायरेक्टली मॉस्को को फायदा हो रहा है.

ज़ी न्यूज़ 29 Jan 2026 7:39 am

यूक्रेन की बलि और भारत से यारी? EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर अमेरिका ने यूरोप को घेरा

US Treasury Secretary: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने यूरोप की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के लोगों की चिंता करने की बात तो की लेकिन असल में भारत के साथ बड़ा व्यापार समझौता कर अपने फायदे को पहले रखा है. बेसेंट ने इसे बेहद निराशाजनक बताया है.

ज़ी न्यूज़ 29 Jan 2026 6:17 am

राजस्थान के बिजनेसमैन की ट्रैक्टर पर निकली बारात:जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील से आए मेहमान ट्रोली में बैठकर नाचे, गांव में की शादी

अब डेस्टिनेशन वेडिंग और बिग फैट वेडिंग ट्रेंड बन चुका हैं, जिसमें लाखों-करोड़ों खर्च होता है। वहीं उदयपुर के बिजनेसमैन ने देसी अंदाज और में अपने गांव मालपुरा (टोंक) में शादी की। दुल्हन पास के डिग्गी की है। इस शादी में भारत जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन, अर्जेंटीना समेत 10 देशों से मेहमान आए। मेहमानों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। विदेशी मेहमानों ने भी देसी संस्कृति और शादी के रीति-रिवाजों को अपने कैमरे में कैद किया। प्रधानमंत्री ने भी एक पत्र के जरिए वर-वधु को आशीर्वाद भेजा। शादी में शामिल मेहमानों की PHOTOS विदेशी मेहमानों ने 4 दिन रहकर शादी की रस्मों को देखामालपुरा (टोंक) के रहने वाले अंकित जैन का उदयपुर में स्टार्टअप एग्री स्टार्टअप ईएफ पॉलीमर है। अंकित जैन की 24 जनवरी को डिग्गी मालपुरा (टोंक) के पास डिग्गी की रहने वाली अदिति से शादी हुई है। अदिति ने पोस्ट ग्रेजुएशन किया और अब पीएचडी कर रही है। अंकित ने अपनी शादी में भारत समेत जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन में अपने दोस्त और परिचितों को भी इनवाइट किया था। शादी में शामिल होने विदेशी मेहमान भी उनके गांव मालपुरा में 21 जनवरी को ही आ गए थे। वे 24 जनवरी को शादी के दिन तक रूके। विदेशी ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर बारात में गए विदेशी मेहमानों ने गांव की देसी शादी, यहां की परंपरा और संस्कृति और मेहमान नवाजी का लुत्फ उठाया। बारात कार सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली में गई। विदेशी युवक-युवती भारतीय परिधान पहनकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही बैठकर लड़की वालों के घर गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही बैठकर डांस किया। विदेशी लड़कों ने कुर्ता-पायजामा और लड़कियों ने सलवार-सूट पहना। विदेशियों का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मेहमानों का राजस्थानी जायका परोसाविदेशी मेहमानों को खाने में राजस्थानी जायका परोसा गया। खींचड़ा, मक्की के ढोकले, चूरमा, मटर की बाटी, लपसी, मक्की की रोटी, कड़ी और सरसो का साग, दाल-बाटी, गेंहू, मक्का और बेसन तीन प्रकार का चूरमा परोसा गया। मिठाई में काजू अखरोट हलवा, मालपुआ, चीकू रस मलाई, दूध के लडडू, इमरती आदि रहे। चारों दिन अलग-अलग मैन्यू रहा। स्टार्टअप से देश-दुनिया में बनाया नामअंकित ने अपनी पढ़ाई उदयपुर के सरकारी प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सीटीएई) कॉलेज में पूरी की। 2017 से 2021 तक यहां पर एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में बीटेक पूरी की। एक साल पहले एग्री स्टार्टअप ईएफ पॉलीमर ने फोर्ब्स इंडिया के नवंबर एडिशन के कवर पेज पर जगह बनाई थी। इस स्टार्टअप को फोर्ब्स इंडिया ने एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के सबसे इनोवेटिव टेक स्टार्टअप में शामिल किया है। यह स्टार्टअप अपने जैविक उत्पाद ‘फसल अमृत’ के जरिए किसानों को कम पानी में बेहतर फसल उत्पादन का स्थायी समाधान दे रहा है। राइजिंग राजस्थान में ईएफ पॉलीमर स्टार्टअप को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहा। ईएफ पॉलीमर के को-फाउंडर, सीबीडीओ अंकित जैन मालपुरा के रहने वाले है। ईएफ पॉलीमर भारत, जापान, अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील, कजाकिस्तान, रूस, चाइना, यूक्रेन, अर्जेंटीना समेत 10 देशों में कार्यरत हैं। अंकित ने कहा कि बड़ी-बड़ी रॉयल वेडिंग्स की चर्चा दुनिया में जरूर होती है लेकिन हमारी परंपरा और संस्कृति गांव की शादियों में होती है। इसलिए उन्होंने भी अपने पैतृक गांव टोंक के डिग्गी मालपुरा से शादी का फैसला किया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 2:30 pm

यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट बोलीं-भारत ग्लोबल पॉलिटिक्स में टॉप पर पहुंचा:राष्ट्रपति भवन में यूरिपयन डेलिगेट्स के लिए डिनर रखा गया; पीएम, CJI शामिल हुए

यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में डिनर रखा गया। कार्यक्रम में यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत ग्लोबल राजनीति में टॉप पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा डेवलपमेंट है जिसका यूरोप स्वागत करता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में, भारत और यूरोप की सोच और नजरिए एक जैसे हैं। हमारा मानना ​​है कि वैश्विक चुनौतियों का सामना सिर्फ सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल व कई अन्य बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। उर्सुला ने और क्या कहा… यूरोपियन काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो बोले- आज के नतीजों पर गर्व राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर में यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने कहा, तेजी से बदलती दुनिया में, हमारी रणनीतिक साझेदारी बड़ा आर्थिक और भू-राजनीतिक महत्व रखती है। मुझे आज के शिखर सम्मेलन के नतीजों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि हमने ठोस प्रगति की है और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, सुरक्षा और डिफेंस पार्टनर्शिप और 2030 के लिए संयुक्त रणनीतिक एजेंडा के साथ वैश्विक मुद्दों पर सहकारी नेतृत्व का एक उदाहरण पेश किया है। 7 तस्वीरों में देखिए राष्ट्रपति भवन में डिनर… डिनर मेन्यू में हिमालयी डिशेस पर फोकस राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिनर में मेन फोकस पहाड़ी डिशेस पर रहा। मेन्यू में याक चीज से लेकर गुच्छी जैसी चीजें सर्व की गईं। डिनर की शुरुआत जाखिया आलू के साथ हरी टमाटर की चटनी और मेआ लून और सफेद चॉकलेट के साथ झांगोरा की खीर जैसे खाने से हुई। इसके बाद सूप कोर्स में सुंदरकला थिचोनी सर्व की गई। मेन कोर्स में खसखस, भुने हुए टमाटर की चटनी और हिमाचली स्वर्णु चावल के साथ सोलन मशरूम शामिल सर्व किए गए। इसके साथ ही राई के पत्ते, कश्मीरी अखरोट, भुने हुए टमाटर और अखुनी से बनी तीन तरह की चटनी रखी गई थी। डेजर्ट में हिमालयी रागी और कश्मीरी सेब का केक डेजर्ट में हिमालयी रागी और कश्मीरी सेब का केक सर्व किया गया। इसमें तिमरू और सी बकथॉर्न क्रीम, खजूर और कच्चे कोको के साथ कॉफी कस्टर्ड और हिमालयी शहद के साथ परोसा गया परसिमन शामिल था। ये डिशेस शेफ प्रतीक साधु और कमलेश नेगी के सहयोग से तैयार किए गए थे। ------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत-यूरोपियन यूनियन में 18 साल बाद ट्रेड डील:इम्पोर्टेड लग्जरी कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10%, प्रीमियम शराब पर 150% की जगह 20% टैक्स भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो गया है। भारत और यूरोपियन यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। इस डील के बाद भारत में इम्पोर्ट होने वाली यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 3:13 am

एफटीए से भारतीय कपड़ा, मसाले, गहने-जेवरातों को यूरोपीय संघ में मिलेगा शुल्क मुक्त प्रवेश

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) के तहत 97 प्रतिशत भारतीय उत्पादों को ईयू के देशों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश मिलेगा, जिनमें भारतीय कपड़ा, मसाले, गहने-जेवरातों और कुछ समुद्री उत्पादों पर शून्य सीमा शुल्क का भी प्रावधान है। दोनों पक्षों ने मंगलवार को एफटीए को अंतिम […] The post एफटीए से भारतीय कपड़ा, मसाले, गहने-जेवरातों को यूरोपीय संघ में मिलेगा शुल्क मुक्त प्रवेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jan 2026 7:31 pm

भारत और यूरोपीय संघ के करीब आने से क्यों घबराया अमेरिका? जाने भारत का नया गेमचेंजर प्लान

भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक 'मुक्त व्यापार समझौते' (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे 'सभी समझौतों की जननी' कहा जा रहा है। वैश्विक जीडीपी के 25% हिस्से वाली इस डील से कार, शराब और चॉकलेट सस्ते होंगे। डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के बीच यह समझौता अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जानें इस महा-समझौते के सभी महत्वपूर्ण पहलू और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव।

प्रातःकाल 27 Jan 2026 3:07 pm

मर्सिडीज-BMW की इम्पोर्टेड कारें भारत में सस्ती होंगी:यूरोपीय कारों पर ड्यूटी 110% से घटकर 10% हुई; फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में ऐलान

भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान आज (27 जनवरी) को भारत-EU समिट में किया गया। करीब 20 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसे 2027 तक लागू किया जाएगा। भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इंपोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। ऑडी, BMW और मर्सिडीज सस्ती होंगी भारत और यूरोपीयन यूनियन की ओर से जारी स्टेटमेंट के अनुसार, कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा। जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। लेकिन यह छूट असीमित नहीं होगी। सरकार ने एक कोटा सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत साल भर में केवल 2.50 लाख गाड़ियों पर ही यह कम टैक्स लागू होगा। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। अभी कितना टैक्स लगता है? दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है भारत बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा। 190 अरब डॉलर पार कर चुका है आपसी व्यापार साल 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर (करीब 15.80 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल चुका है। इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की। वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी। इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 1:56 pm

ये ट्रंप का डर बोल रहा है! भारत-ईयू FTA डील पर दिखी अमेरिका की छटपटाहट, देने लगा 'रूसी तेल' वाली धमकी, यूरोप को बिन मांगे सलाह

US On India-EU FTA: भारत और यूरोप के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील होने जा रही है. 27 जनवरी को यूरोपीय यूनियन की चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात होगी.

ज़ी न्यूज़ 27 Jan 2026 10:38 am

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का महत्वपूर्ण यूरोपीय संघ दौरा: सैन्य तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा पर साझा रणनीति बनाने की तैयारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ऐतिहासिक यूरोपीय संघ (EU) दौरा! ब्रसेल्स में सैन्य तकनीक हस्तांतरण, हिंद-प्रशांत समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति पर होंगे बड़े समझौते। 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत यूरोपीय निवेश और साझा रक्षा विकास पर टिकी दुनिया की नजरें। जानिए भारत-EU रक्षा संबंधों के इस नए अध्याय की पूरी इनसाइड स्टोरी और इसका वैश्विक प्रभाव।

प्रातःकाल 27 Jan 2026 10:07 am

ट्रंप के फैसलों ने बढ़ाया US-EU संबंधों में तनाव, यूरोपीय संघ अब क्यों भारत से लगाए बैठा है उम्मीद?

India EU Free Trade Agreement:ट्रंप के शासन में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के संबंधों में तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका की टैरिफ धमकियां और ग्रीनलैंड विवाद ने यूरोप को इस संबंध में असुरक्षित महसूस कराया है. जिसके कारण अब EU स्थिर और भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत इस स्थिति में एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है.

ज़ी न्यूज़ 27 Jan 2026 9:51 am

क्या भारत ने ट्रम्प के टैरिफ की काट निकाल ली:आज यूरोपियन यूनियन के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’; इससे क्या-क्या बदल जाएगा

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच आज मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA का ऐलान हो सकता है। इससे 200 करोड़ लोगों का साझा मार्केट तैयार होगा, जो दुनिया की 25% GDP कवर करेगा। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन दोनों ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है। इसे डोनाल्ड ट्रम्प के अनाप-शनाप टैरिफ का जवाब माना जा रहा है। क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’, इस समझौते से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और क्या इससे ट्रम्प के टैरिफ की भरपाई हो पाएगी; भास्कर एक्सप्लेनर में ऐसे 6 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: भारत-EU के बीच होने वाली ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ क्या है? जवाबः जब दो या ज्यादा देश आपस में ये तय कर लेते हैं कि वे एक-दूसरे के सामान और सेवाओं पर टैक्स, पाबंदियां और रुकावटें कम या खत्म कर देंगे, तो उसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA कहते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो FTA व्यापार का ‘टोल फ्री हाईवे’ है। बीते 4 साल में भारत 7 FTA साइन कर चुका है, जिसमें यूके, ओमान, न्यूजीलैंड शामिल हैं। अब 27 जनवरी को यूरोपियन यूनियन के साथ भी FTA की घोषणा हो सकती है। भारत-EU के बीच होने वाली ट्रेड डील 3 बड़ी वजहों से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कही जा रही है… लंदन के इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की सीनियर एनालिस्ट सुमेधा दासगुप्ता के मुताबिक, ‘मौजूदा हालातों की वजह से व्यापार डगमगा रहा है। ऐसे में भारत और EU को भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर की जरूरत है। भारत अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करना चाहता है। जबकि EU चीन पर निर्भरता घटाना चाहता है, जिसे वह भरोसेमंद नहीं मानता।’ सवाल-2: भारत और EU इस डील पर साइन करने के लिए कैसे राजी हुए? जवाब: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड डील को लेकर जून 2007 में बातचीत शुरू हुई। तब इसे व्यापक व्यापार और निवेश समझौता यानी BTIA कहा गया। तब भारत की तरफ से इसकी अगुवाई प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कर रहे थे। 15 दौर की बैठक हुई, लेकिन 2013 में BTIA की बातचीत पूरी तरह थम गई। EU चाहता था कि उसके 95% से ज्यादा एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म किया जाए, जबकि भारत सिर्फ 90% तक ही तैयार था। इसके अलावा इन 5 बड़ी वजहों से भी डील ठंडे बस्ते में चली गई… जून-जुलाई 2022 में भारत-EU के बीच FTA की बात दोबारा शुरू हुई। तब से लेकर अक्टूबर 2025 तक दोनों पक्षों के अधिकारियों ने 14 मीटिंग्स की। इन बैठकों में 2007 से 2013 तक तय हुए मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ये तय हुआ कि… भारत के कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने पिछले हफ्ते बताया कि भारत और EU के बीच डील के 24 में से 20 चैप्टरों पर बात पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट्स हैं कि 27 जनवरी को दिल्ली में होने वाले 16वीं भारत-यूरोपीय यूनियन समिट दोनों पक्ष FTA साइन कर सकते हैं। सवाल-3: इस समझौते से भारत को क्या फायदा होगा? जवाब: भारत ने 2025 में EU देशों को 6.8 लाख करोड़ रुपए का सामान बेचा। वहीं EU से 5.5 लाख करोड़ रुपए का सामान खरीदा। भारत-EU की ट्रेड डील से भारत के इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा… यूरोप में भारतीय कपड़े ज्यादा बिकेंगे भारत में लग सकती हैं यूरोप की डिफेंस फैक्ट्रियां 20% बढ़ सकता है फार्मा और केमिकल ट्रेड कार्बन टैक्स से राहत की उम्मीद इसके अलावा भारत के लोगों को यूरोपियन शराब, यूरोपियन कारें और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे, क्योंकि इन पर लगने वाले प्रीमियम टैरिफ कम हो जाएगा। सवाल-4: इस समझौते से यूरोपियन देशों को क्या फायदा होगा? जवाब: भारत-EU की ट्रेड डील से यूरोपियन यूनियन के इन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा… भारत में यूरोपीय शराब और वाइन की खपत बढ़ेगी भारत में यूरोपीय कारों की डिमांड बढ़ेगी इसके अलावा यूरोप के आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस सर्विसेज और टेलीकॉम जैसे हाई-वैल्यू सर्विस सेक्टर को भी भारत में ज्यादा मौके मिलेंगे। क्योंकि इन सेक्टर में दूसरे देशों के मुकाबले टैरिफ कम लगेगा। सवाल-5: क्या भारत-EU की ट्रेड डील ट्रम्प के टैरिफ का जवाब बनेगी? जवाब: ट्रम्प ने भारत के सामानों पर फिलहाल 50% टैरिफ लगा रखा है, जो उनके सत्ता में आने से पहले 10% से भी कम था। इससे भारत के एक्सपोर्ट पर बेहद नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, नवंबर 2025 में भारत का वस्तु निर्यात करीब 3 लाख करोड़ रूपए रहा। ये साल 2024 से 11% कम था। सिर्फ अमेरिका को जाने वाले निर्यात में 28.5% की कमी आई। मई 2025 में भारत ने अमेरिका को लगभग 80 हजार करोड़ का निर्यात किया था। अक्टूबर में ये घटकर 56 हजार करोड़ रूपए रह गया। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को होने वाला निर्यात साल 2024–2025 के 86.5 अरब डॉलर से घटकर 2025–2026 में करीब 50 अरब डॉलर रह सकता है। यानी भारतीय घरेलू बाजार को 3 लाख करोड़ रूपए का नुकसान होगा। सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, ज्वेलरी, झींगा (श्रिंप) और कालीन जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। द हिंदू के मुताबिक, इन सेक्टरों में निर्यात के करीब 70% तक गिरने की आशंका है, इससे लाखों नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। अमेरिका को होने वाले इस निर्यात पर बढ़े टैरिफ का असर जमीन पर दिखने लगा है। सूरत जैसे प्रमुख हब से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक हीरों के उत्पादन में कटौती शुरू हो चुकी है। सूरत की हीरा पॉलिशिंग इंडस्ट्री 12 लाख लोगों को रोजगार देती है। अर्थशास्त्री शरद कोहली कहते हैं ट्रेड डील के तहत कम से कम 90% चीजों पर टैरिफ जीरो हो जाएगा। इससे भारतीय सामान चीन जितना सस्ता हो सकता है और यूरोप में इसकी डिमांड भी बढ़ेगी। ट्रंप के टैरिफ की वजह से भारत को हीरों और जेम्स में जो नुकसान हुआ है, यहां से उसकी भरपाई हो सकती है। हालांकि, पूरी भरपाई के बारे में कहना संभव नहीं है। लेकिन 3 से 4 सालों में EU–भारत के बीच का व्यापार करीब 22 लाख करोड़ तक जा सकता है। सवाल-6: भारत-EU ट्रेड डील अमेरिका के लिए कैसे मुश्किलें पैदा करेगा? जवाबः EU और भारत के करीब आने से अमेरिका के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं… अंतरराष्ट्रीय मामलों में JNU के प्रोफेसर स्वर्ण सिंह के मुताबिक, ‘ट्रंप के टैरिफ को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने से अमेरिका के रणनीतिक साझेदारों को पुरानी व्यापारिक व्यवस्थाओं के विकल्प तलाशने पर मजबूर होना पड़ा है। इससे भारत-EU के बीच FTA महज आर्थिक मजबूरी का नतीजा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक फैसला बन जाता है, जहां दो लोकतांत्रिक साझेदार वैश्विक आर्थिक ढांचे को नया आकार दे रहे हैं।’ यूरोप और अमेरिका पारंपरिक मित्र रहे हैं। ये रिश्ते 100 साल से ज्यादा पुराने हैं। लेकिन कुछ वक्त से अमेरिकी टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर रिश्ते बिगड़े हैं। वहीं, भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए गए हैं। स्वर्ण सिंह कहते हैं, ‘इन घटनाओं ने EU को NATO से इतर साझेदारियां तलाशने की इच्छा को और मजबूत किया है। इसलिए EU–India FTA केवल आर्थिक कूटनीति तक सीमित न रहकर, अमेरिका के खिलाफ EU के लिए एक जियो-पॉलिटिकल इंश्योरेंस के रूप में सामने आता है।’ ----------------- भारत-EU से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... यूरोपीय यूनियन ने भारत से रक्षा समझौते को मंजूरी दी: EU बोला- आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में मदद मिलेगी यूरोपीय यूनियन (EU) ने भारत के साथ नए रक्षा समझौते (सिक्योरिटी और डिफेंस एग्रीमेंट) को मंजूरी दे दी है। अगले हफ्ते नई दिल्ली में होने वाले भारत-EU शिखर सम्मेलन में इस पर साइन होंगे। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 5:06 am

एयरफोर्स की स्ट्राइक से रोने लगा था पाक, ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मांगी थी रहम की भीख; यूरोपियन थिंक टैंक का दावा

पिछले साल के भारत-पाक संघर्ष का ज़िक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है, 'पाकिस्तान और भारतीय वायु सेना के बीच इस (मई 2025) टकराव में शुरू में पाकिस्तान ने कई दुश्मन लड़ाकू विमानों को गिराकर एक साफ़ सामरिक जीत हासिल की, लेकिन फिर भारतीय क्षेत्र पर हमले करने में बड़े पैमाने पर नाकाम रहा क्योंकि उनका मुकाबला एक इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम ने किया था.

ज़ी न्यूज़ 26 Jan 2026 8:07 pm

मर्सिडीज-BMW की कारें भारत में सस्ती हो सकती हैं:यूरोप से इम्पोर्टेड कारों पर टैरिफ 40% तक घटेगा; कल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में ऐलान संभव

भारत सरकार यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट टैरिफ में बड़ी कटौती की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टैरिफ को 110% से घटकर 40% तक किया जा सकता है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान कल यानी मंगलवार को भारत-EU समिट में किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार ने 15 हजार यूरो (करीब 16.3 लाख रुपए) से ऊपर वाली कुछ कारों पर तुरंत टैक्स कम करने पर सहमति दी है। फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज की कारें सस्ती हो सकती हैं FTA के तहत भारत सालाना करीब 2 लाख डीजल-पेट्रोल इंजन कारों पर ड्यूटी 40% तक कम करेगा। भारत में अभी विदेशी कारों पर 70% से 110% इंपोर्ट ड्यूटी है। समय के साथ यह 10% तक गिर सकती है, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW को भारतीय बाजार में सस्ती हो सकती हैं। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। एग्रीमेंट को मदर ऑफ ऑल डील बता चुकीं यूरोपीय कमीशन चीफ इससे पहले 20 जनवरी को यूरोपीय कमीशन चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने वाला है। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उर्सुला ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा। वह 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी और 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU समिट में इस समझौते के पूरा होने की घोषणा की जा सकती है। उर्सुला ने कहा- मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे गतिशील देश भारत के साथ व्यापार करने का फर्स्ट-मूवर एडवांटेज (पहला बड़ा मौका) देगी। समझौते से क्या फायदा होगा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बहुत बढ़ाएगा। EUके साथ ट्रेड 2023-24 में $137.41 बिलियन रहा, इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ट्रम्प टैरिफ के बीच भारत-EU समझौते का ऐलान यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक सप्लाई चेन में समस्याएं पैदा की हैं। अमेरिका की 'टैरिफ वॉर' से भारत और यूरोपीय संघ के सभी 27 देश प्रभावित हुए हैं। ऐसे में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को मजबूती देने का फैसला किया है। भारत यूरोपीय देशों के साथ समझौता करके भारतीय प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए नए बाजार तलाश कर रहा है। 19 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की पहली कोशिश साल 2007 में शुरू हुई थी। हालांकि, महत्वाकांक्षाओं और नियमों में मतभेद के कारण 2013 में इन वार्ताओं को रोक दिया गया था। करीब 9 साल के अंतराल के बाद जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई। अब 2026 की शुरुआत में इस डील का फाइनल होने जा रही है। UK के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका भारत इससे पहले 24 जुलाई को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था। इससे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया था। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं यूके के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:06 pm

ग्रीनलैंड पर अमेरिका‑यूरोप रिश्तों में बढ़ता अविश्वास,यूरोप की एकजुटता से ढीले पड़े ट्रंप के तेवर

यूरोपीय नेताओं के हालिया बयानों से साफ हो गया है कि अमेरिका के साथ ‘हर हाल में साथ’ वाली नीति अब अतीत की बात हो चुकी है। यूरोप ने यह तय किया है कि वह न तो ब्लैकमेल वाली कूटनीति स्वीकार करेगा और न ही किसी दबाव में आकर अपने मूल हितों से समझौता करेगा।

देशबन्धु 26 Jan 2026 3:01 pm

खूनी जुलूस से रिपब्लिक डे परेड तक:आखिर क्यों होती है फौज और हथियारों की नुमाइश; यूरोप-अमेरिका परेड से अब क्यों कतराते हैं

हर 26 जनवरी की सुबह, जब धुंध को चीरती सूरज की किरणें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पड़ती हैं, तो वे केवल सैन्य रेजिमेंटों और रंगीन झांकियों को ही रोशन नहीं करतीं, वे परेड की हजारों साल पुराने इतिहास को भी छूती हैं। प्राचीन रोम में सैन्य परेड दुश्मन के खून से पूरी होती थी, जबकि मिस्र में परेड राजा को देवता की शक्ति पाने का जरिया थी। रूस की परेड का जासूसों को इंतजार रहता था, लेकिन आधुनिक दुनिया में पश्चिमी देश परेड से कतराने लगे। आखिर परेड का इतिहास क्या है, भारत हर साल क्यों करता है फौज और हथियारों की नुमाइश और पश्चिमी देश इससे क्यों कतराते हैं; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… आज से करीब चार हजार साल पहले। नील नदी के किनारे पूरा मिस्र सांस रोककर फराओ यानी अपने राजा का इंतजार कर रहा था। उसी दिन फराओ सेनुसरेत प्रथम, दक्षिण मिस्र पर विजय हासिल कर लौट रहे थे। सजे-धजे सैनिकों के पीछे लोगों की भीड उमड़ पड़ी। सैनिकों के आगे पुजारी चल रहे थे और सबसे आगे स्वयं सेनुसरेत। वे केवल युद्ध से नहीं लौट रहे थे, वे देवता से मिलने जा रहे थे और देवता बनकर लौटने वाले थे। यहीं से प्राचीन मिस्र के ‘ओपेट’ उत्सव की परंपरा ने आकार लिया। शुरुआत में यह विजय का उत्सव था, लेकिन जब जीतने को कुछ नहीं बचा, तब राजा के देवत्व की यात्रा ही परेड बन गई। मिस्रवासियों का विश्वास था कि समय के साथ फराओ की शक्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं। उसे दोबारा ईश्वरीय शक्ति प्राप्त करनी होती थी। कर्नाक मंदिर से लक्सर मंदिर तक निकलने वाला यह विशाल जुलूस लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था। लेकिन इस परेड में एक रोचक रहस्य भी छिपा था। हर वर्ष यह तय नहीं होता था कि जुलूस जमीन से जाएगा या नील नदी के रास्ते। यह निर्णय नदी के मिजाज पर निर्भर करता था। यदि जल स्तर ऊंचा होता, तो देवता और फराओ नौकाओं पर सवार होकर यात्रा करते। यदि पानी कम होता, तो जुलूस सड़कों से होकर गुजरता। करीब तीन हजार पांच सौ साल पहले रानी हत्शेपसुत ने इस यात्रा को और अधिक भव्य बना दिया। उसने मार्ग में छह नौका स्टेशन बनवाए। हर स्टेशन पर जुलूस रुकता, देवताओं को बलि और भेंट चढ़ाई जाती और पुजारी घोषणा करते कि फराओ की आत्मा ईश्वरीय आत्मा से एकाकार हो रही है। जब उत्सव समाप्त होता, तो फराओ वही व्यक्ति नहीं रहता जो वह यात्रा से पहले था। लोगों का विश्वास था कि वह नए सिरे से जन्मा है। देवताओं की कृपा से पूरे मिस्र पर शासन करने के लिए फिर से सशक्त। लेकिन इतिहास यहीं ठहरता नहीं। रोम के उदय के साथ मिस्रवासियों को यह समझ में आने लगा कि फराओ की आत्मा और देवताओं की आत्मा के बीच कोई दिव्य संबंध नहीं था। सत्ता बदली, विश्वास बदले और परेड का रास्ता मिस्र से हटकर रोम की सड़कों तक पहुंच गया। प्राचीन रोम का ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता दो हजार साल पहले प्राचीन रोम में परेड यह तय करती थी कि सत्ता किसके हाथ में है। यहां परेड को ट्रायम्फ कहा जाता था, यानी विजय की सार्वजनिक नुमाइश। यह केवल एक जुलूस नहीं था, बल्कि राज्य द्वारा रचा गया ऐसा तमाशा था, जिसमें हारे हुए दुश्मनों को पहले अपमानित किया जाता और फिर मार दिया जाता था। उनके परिवारों को गुलाम बना लिया जाता था। उस समय रोम में संसद का शासन था। जब संसद से ट्रायम्फ की अनुमति मिलती, तो पूरा शहर समझ जाता कि रोम की सेना ने कोई साधारण नहीं, बल्कि बहुत बड़ी जीत हासिल की है। विजयी सेनापति रोम की पवित्र सड़क साक्रा विया से गुजरता था। वह चार घोडों वाले रथ पर खड़ा होता। उसका चेहरा लाल रंग से रंगा जाता था, ठीक उसी रंग में, जैसा देवता जूपिटर की मूर्ति का होता था। कुछ घंटों के लिए वह सेनापति मनुष्य नहीं रहता था। वह देवता बन जाता था। लेकिन इसी दृश्य में रोमन सत्ता की सबसे गहरी समझ छिपी थी। उसी रथ पर, उसके पीछे, एक गुलाम खड़ा रहता था। उसका काम कोई हथियार उठाना नहीं था। वह बस धीरे–धीरे उसके कान में फुसफुसाता रहता था- ‘याद रखो, तुम केवल एक मरणशील मनुष्य हो। तुम केवल एक दिन के देवता हो।’ जब परेड का अंत खून से होता था रोम में हर जीत पर ट्रायम्फ नहीं मिलता था। इसके लिए सीनेट ने एक कठोर नियम तय किया था। ट्रायम्फ पाने के लिए एक ही युद्ध में कम से कम पांच हजार दुश्मन सैनिकों का मारा जाना अनिवार्य था। यह केवल एक आंकड़ा नहीं था। यह एक स्पष्ट संदेश था कि रोमन सत्ता सस्ती और छोटी जीतों से संतुष्ट नहीं होती। ट्रायम्फ का सबसे असरदार हिस्सा जीते हुए जनरल की अगुआई नहीं थी। असली प्रभाव उस दृश्य का होता था, जिसे देखने के लिए जनता आती थी। सोना, चांदी, हथियार, दुश्मन की नावों के टूटे हुए हिस्से। सब कुछ जुलूस में प्रदर्शित किया जाता था, लेकिन सबसे भयावह दृश्य होते थे जंजीरों में बंधे दुश्मन राजा और सेनापति। जनता इनका इंतजार करती थी। आम रोमन नागरिकों ने आज से करीब 2072 साल पहले वर्सिंगजेटोरिक्स नाम के एक सेनापति को अपमानित होते देखा था। परेड के अंत में, शहर के एक चौराहे पर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। वह केवल 36 साल का था। आज से करीब 1750 साल पहले पालमाइरा साम्राज्य की रानी जेनोबिया को भी ट्रायम्फ परेड में घुमाया गया था। यह साम्राज्य आज के फिलिस्तीन, मिस्र और अरब के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था। जेनोबिया को उसके सभी सोने के गहने पहनाकर परेड करवाई गई थी। भारी वजन के कारण वह चलते–चलते गिर पड़ती थी और जनता को इसमें क्रूर आनंद मिलता था। उसे बस मारा नहीं गया था। ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी, अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ***** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती: पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 5:13 am

हरदा में पहली फीडर रेटेड इंटरनेशनल रैपिड शतरंज प्रतियोगिता:फ्रांस और श्रीलंका के खिलाड़ियों सहित 350 से ज्यादा ने लिया भाग

हरदा में पहली फीडर रेटेड इंटरनेशनल रैपिड शतरंज प्रतियोगिता 24 जनवरी 2026 को हरदा डिग्री कॉलेज परिसर में संपन्न हुई। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भारत, फ्रांस और श्रीलंका सहित 350 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसका आयोजन कलेक्टर हरदा सिद्धार्थ जैन के संरक्षण में किया गया। प्रतियोगिता पूरी तरह अनुशासित, सुव्यवस्थित और फीडर के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आयोजित की गई। कुल 9 राउंड में खेले गए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति, एकाग्रता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। मैचों का लाइव स्क्रीन पर प्रसारण भी किया गया, जिससे दर्शक हर चाल का आनंद ले सके। इंटरनेशनल मास्टर (IM) एंटोनी बौर्नेल (फ्रांस) और वूमेन इंटरनेशनल मास्टर (WIM) सचिनी रणसिंघे (श्रीलंका) की सहभागिता ने इस प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। भारत के ख्यातिप्राप्त खिलाड़ी डीके.शर्मा, अक्षत खंपारिया, एसके. लशर्मा, कैंडिडेट मास्टर (CM) प्रखर बजाज सहित कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। IM एंटोनी बौर्नेल ने प्रथम स्थान प्राप्त कियामुख्य वर्ग में IM एंटोनी बौर्नेल (फ्रांस) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनादकट कार्तव्या (गुजरात) दूसरे और CM प्रखर बजाज (मध्यप्रदेश) तीसरे स्थान पर रहे। 2000 से कम रेटिंग वर्ग में वेदांत भारद्वाज, रवि पलसुले और पांडेय अभिषेक विजेता रहे। 1700 से कम रेटिंग वर्ग में हरि, गुप्ता आरके. और धुरिया मुकेश ने जीत हासिल की। अनरेटेड वर्ग में साकिब शेख, आदर्श चक्रवर्ती और अनव अग्रवाल ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग (S-60) में FM राठौर एस.के., चतुर्वेदी नरेंद्रनाथ और गुप्ता आर. के. विजेता रहे। महिला वर्ग में तुर्किया दिव्यांशी, सिद्धि यादव और WIM सचिनी रणसिंघे ने पुरस्कार जीते। हरदा जिला वर्ग में सिद्धार्थ जैन, काजी सद्दाम पठान और यश पचोरी ने बाजी मारी। मध्यप्रदेश वर्ग में सूरज चौधरी, युवराज जायसवाल और सुनील जैन विजेता बने। अंडर-13 वर्ग में शिवांश यादव, तुर्किया यश और आर्यन सोलंकी ने जीत दर्ज की। अंडर-11 वर्ग में अयचित रिद्धेश, गुप्ता कबीर और देवांश पटेल ने, जबकि अंडर-9 वर्ग में राघव सिंह, तुर्किया दिव्यांशी और सिद्धि यादव ने पुरस्कार जीते। अंडर-7 वर्ग में माहिर साहू और निर्वाण जैन विजेता रहे। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिसकी अभिभावकों और अतिथियों ने सराहना की। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) इस कार्यक्रम का मुख्य प्रायोजक रहा। खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट भोजन, ठहरने की व्यवस्था, तकनीकी सुविधा और लाइव डिस्प्ले की व्यवस्था की गई थी। अभिभावकों और अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की एकाग्रता, अनुशासन और बहुमुखी प्रतिभा को निखारते हैं। यह प्रतियोगिता हरदा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुई है।

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 5:15 pm

ट्रम्प के चंगुल से ग्रीनलैंड को बचाने के लिए कितनी दूर जा सकता है यूरोपीय यूनियन?

ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा के लिए वॉशिंगटन वार्ता बुधवार को विफल हो गई, जिसमें डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री व्हाइट हाउस से यह संदेश लेकर घर लौटे कि ग्रीनलैंड सही मायने में अमेरिका का है और ट्रम्प इसके अधिग्रहण के समय पर फैसला करेंगे

देशबन्धु 20 Jan 2026 3:43 am

खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन करती फ्रांसीसी महिला का वीडियो ईरान के दावे से वायरल

वीडियो में दिख रही महिला फ्रांस की एक्टिविस्ट कैमिली इरोस हैं, उन्होंने बूम से पुष्टि की कि यह वीडियो पेरिस में ईरान के लोगों के समर्थन में हुए प्रदर्शन का है.

बूमलाइव 13 Jan 2026 4:44 pm

उभरती वैश्विक भूराजनीति में यूरोप कहां है?

अमीर यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन की तिकड़ी के लिए, साल 2026 में जो भूराजनीतिक स्थिति बन रही है, उसमें अस्तित्व के संकट के काफी तत्व हैं

देशबन्धु 13 Dec 2025 3:33 am

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसरा प्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकर ड्रेस कोड तक सबकुछ

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समाचार नामा 28 May 2024 10:30 am

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari, फ्रांस के लिए रवाना हुई बिब्बोजान

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समाचार नामा 21 May 2024 2:45 pm

यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

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मनोरंजन नामा 29 Apr 2024 9:00 pm