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फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। नॉर्वे ने पहली बार प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। अब फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। मैक्सिको-इक्वाडोर मैच मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला जा रहा है। खराब मौसम के कारण इसमें देरी हुई है। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। ----------------------------------------

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 6:41 am

फुटबॉल वर्ल्डकप में एमबाप्पे के डबल गोल से जीता फ्रांस:स्वीडन को 3-0 से हराया; नॉर्वे आइवरी कोस्ट से जीतकर अंतिम-16 में पहुंचा

पिछली बार की फाइनलिस्ट फ्रांस ने फुटबॉल वर्ल्डकप के राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। उसने बुधवार के पहले मैच में स्वीडन को 3-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार के आखिरी मैच में नॉर्वे ने एरलिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल की बदौलत आइवरी कोस्ट को 2-1 से मात दी। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में फ्रांस के लिए किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जबकि ब्रैडली बारकोला ने एक गोल दागा। इधर, डलास स्टेडियम में नॉर्वे के लिए एंटोनियो नुसा और एरलिंग हालैंड ने गोल किए। आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने एकमात्र गोल किया। प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस का सामना पैराग्वे से 5 जुलाई को होगा। जबकि, 6 जुलाई को नॉर्वे का मुकाबला पांच बार की चैंपियन ब्राजील से होगा। मैच रिपोर्ट पढ़िए फ्रांस Vs स्वीडन टॉप गोल स्कोरर में मेसी की बराबरी पर आए एमबाप्पे एमबाप्पे ने 45वें और 74वें मिनट में गोल किए। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में तीसरी बार डबल गोल किए हैं। टूर्नामेंट में उनके छह गोल हो गए हैं। उन्होंने इस एडिशन के टॉप गोल स्कोरर की लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली है। एमबाप्पे के वर्ल्ड कप करियर में अब 18 गोल हो गए हैं। वे मेसी के वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में उनके 10 गोल हो गए हैं। उन्होंने ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के आठ-आठ गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। ओलिसे ने 2 गोल असिस्ट किए फ्रांस ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। टीम ने स्वीडन पर 25-7 से शॉट लगाए, जिनमें पहले हाफ में 15-3 की बढ़त रही। पहले एमबाप्पे और फिर माइकल ओलिसे की साइकिल किक पोस्ट से टकराई। इसके बाद एमबाप्पे ने ओलिसे के प्रयास पर मिले मौके को गोल में बदला। 53वें मिनट में गुस्ताफ लागरबिएल्के से गेंद छिनने के बाद ऑरेलियन चुआमेनी ने ओलिसे को पास दिया। ओलिसे ने शानदार मूव बनाते हुए बारकोला को गेंद दी और उन्होंने गोल कर बढ़त 2-0 कर दी। तीसरा गोल भी ओलिसे और बारकोला की मदद से एमबाप्पे ने किया। फ्रांस के कोच मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े फ्रांस के कोच दिदिए देशां अपनी मां के अंतिम संस्कार के बाद टीम से जुड़े। मैच के अंत में जब एमबाप्पे को बदला गया तो देशां ने झुककर उनका अभिवादन किया। फ्रांस अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल कर चुका है और सिर्फ दो गोल खाए हैं। माइकल ओलिसे पांच गोल में असिस्ट दे चुके हैं। आइवरी कोस्ट Vs नॉर्वे हालैंड ने इस वर्ल्ड कप में 5वां गोल दागा नॉर्वे ने वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नॉकआउट मुकाबला जीता। एरलिंग हालैंड ने निर्णायक गोल 86वें मिनट में किया। पैट्रिक बर्ग ने पेनाल्टी एरिया में तीन डिफेंडरों को अपनी ओर खींचने के बाद हालैंड को पास दिया और उन्होंने इस टूर्नामेंट में 5वां गोल दाग दिया। नॉर्वे के लिए पहला गोल 39वें मिनट में एंटोनियो नुसा ने किया। उन्होंने पेनाल्टी एरिया के बाएं हिस्से से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद जाल में पहुंचाई। यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल और नॉर्वे के लिए 28 मैचों में 9वां इंटरनेशनल गोल था। अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा आइवरी कोस्ट ने 74वें मिनट में बराबरी की। निकोलस पेपे के साथ वन-टू खेलने के बाद अमाद डियालो ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इससे पहले डियालो ने दूसरे हाफ में टॉरब्योर्न हेगेन के शॉट को भी डिफ्लेक्ट कर अपनी टीम को बचाया था। हालैंड के गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी की पूरी कोशिश की। स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो की सीधी फ्री-किक पर गोलकीपर ऑरजान नीलांड ने शानदार बचाव किया। यह मैच में उनका चौथा और सबसे अहम सेव रहा। ----------------------------------------

दैनिक भास्कर 1 Jul 2026 6:41 am

Europe heatwave : यूरोप में 43 डिग्री सेल्सियस और भारत में 43 डिग्री सेल्सियस एक जैसे क्यों नहीं लगते? जानिए गर्मी का असली विज्ञान

इन दिनों यूरोप भीषण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी। अगर यूरोप और भारत दोनों जगह तापमान 43 डिग्री सेल्सियस है, तो फिर यूरोप में इतनी चिंता क्यों? भारत में तो कई शहरों में तापमान 48 ...

वेब दुनिया 30 Jun 2026 5:48 pm

यूरोप में प्रलयकारी गर्मी: सड़कें और ट्रैफिक लाइटें पिघलीं, हाईवे टूटे, 1300 से ज्यादा लोगों की मौत

यूरोप इस समय एक अभूतपूर्व और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है, जिसने पूरे महाद्वीप को दहका दिया है। तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने के कारण स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि वहां का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) जवाब देने लगा है। बर्लिन से लेकर इटली तक, सड़कों के डामर पिघल रहे हैं और ट्रैफिक लाइटें प्लास्टिक की तरह पिघलकर झुक रही हैं। लू के कारण अब तक 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसने यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ा दी है।जर्मनी में हाईवे टूटे, थम गए परिवहन के पहिएजर्मनी में गर्मी का असर सबसे ज्यादा परिवहन नेटवर्क पर पड़ा है। बर्लिन को पश्चिमी जर्मनी से जोड़ने वाला A2 मोटरवे भीषण गर्मी के कारण टूटकर बिखर गया, जिससे कई इंटरचेंज बंद करने पड़े। ब्रैंडनबर्ग के जीसार में हाईवे की हालत इतनी खराब हो गई है कि वहां गाड़ियों का चलना असुरक्षित हो गया है। इसके अलावा, लीपजिग शहर में तापमान इतना अधिक हो गया कि सड़क की डामर सतह पिघलने लगी, जिसके चलते ट्राम सेवाओं को बीच में ही रोकना पड़ा। बर्लिन की सड़कों पर तापमान कम करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ रहा है।फ्रांस-इटली में पिघल रही ट्रैफिक लाइटेंफ्रांस और इटली में भी स्थिति विकट है। सोशल मीडिया पर इटली और जर्मनी के कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटें तेज धूप और उमस की वजह से पिघलती हुई दिखाई दे रही हैं। ट्रेनें देरी से चल रही हैं और बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हो रही है। गर्मी से राहत पाने के लिए जलाशयों की ओर रुख कर रहे लोगों के साथ हादसे भी बढ़ गए हैं। फ्रांस में 18 जून से अब तक डूबने के 74 मामले सामने आए हैं, जबकि पोलैंड में एक ही दिन में 17 लोगों की जान चली गई।युद्धग्रस्त यूक्रेन और डेनमार्क पर दोहरी मारविचित्र बात यह है कि बिजली ग्रिडों के लिए प्रसिद्ध डेनमार्क में भी मांग आपूर्ति से कहीं ज्यादा हो गई है, जिससे वहां के ऊर्जा मंत्रालय को ग्रिड विस्तार पर सोचना पड़ रहा है। उधर, रूस के साथ युद्ध झेल रहे यूक्रेन के लिए यह भीषण गर्मी दोहरी मुसीबत बनकर आई है। इवानो-फ्रैंकिवस्क से लेकर फ्रंटलाइन पर स्थित जापोरीझझिया तक बिजली की खपत पर पाबंदियां लगा दी गई हैं। बिजली कंपनी 'यास्नो' के सीईओ सर्गी कोवलेंको के अनुसार, युद्ध से जर्जर हो चुके बिजली ग्रिडों के लिए यह गर्मी एक बड़ी परीक्षा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपीय देशों का बुनियादी ढांचा इतनी भीषण गर्मी सहने के लिए नहीं बनाया गया था, और अब यह जलवायु परिवर्तन के खतरों को बयां कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Jun 2026 2:13 pm

रांची का चिरूडीह बना 'ग्लोबल आर्ट विलेज':सोहराई कला से सजी हैं घरों की दीवारें, फ्रांस, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से पहुंच रहे पर्यटक

झारखंड की पारंपरिक सोहराई कला कभी गांवों की दीवारों में सिमटती जा रही थी। रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के चिरूडीह गांव में उपजी सोच ने न सिर्फ इस कला को नई पहचान दी, बल्कि 100 से ज्यादा महिलाओं और युवाओं की जिंदगी भी बदल दी। चिरूडीह के युवा कलाकार मनीष कुमार महतो ने अपनी मां और दो दोस्तों पुष्कर महतो और पवन मुंडा के साथ मिलकर अप्रैल 2024 में गांव में वर्कशॉप की। इसमें 35 महिलाओं को दोबारा सोहराई कला का इस्तेमाल करने को कहा गया। आज चिरूडीह के 120 घरों में से करीब 50 घरों की दीवारें सोहराई कला से सजी हैं। गांव की पहचान अब 'ग्लोबल आर्ट विलेज' की हो गई है। फ्रांस, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। तस्वीरों में देखें ग्लोबल आर्ट विलेज…. 300-400 की साड़ियां पेंटिंग के बाद 6-7 हजार में बिक रहीं मनीष ने अपने पिता की याद में गांव में कला सदन सह संग्रहालय बनाया है। यहां नई पीढ़ी को फ्री ट्रेनिंग मिलती है। गांव की लड़कियां साड़ियों और गमछों पर सोहराई चित्रकारी कर रही हैं। 300-400 रुपए की साड़ियां पेंटिंग के बाद 7-8 हजार रुपए तक में बिक रही हैं। इससे कई युवतियां हर महीने 8 से 9 हजार रुपए तक कमा रही हैं। ये महिलाएं अब दूसरों को ट्रेनिंग दे रही हैं। वे धनबाद, कोलकाता जैसे शहरों में वर्कशॉप लेकर सोहराई कला सिखा रही हैं। इसके लिए उन्हें रोज 500 से 1000 रुपए तक का मानदेय मिलता है। आसपास के दूसरे गांव भी सजा रहे घरों की दीवारें गांव में फोटो शूट, वीडियो और रील बनाने आने वाले पर्यटक भी स्थानीय कलाकारों को अतिरिक्त आय का अवसर दे रहे हैं। चिरूडीह की सफलता का असर आसपास के गांवों में भी दिखाई देने लगा है। पड़ोसी गांव सिंदवारी और पिरगालडीह जैसे गांवों के लोग भी अब अपनी दीवारों को सोहराई कला से सजाने लगे हैं। कई घरों की दीवारों को मनीष और उनकी टीम की मदद से सजाया गया है। सोहराई कला से बदली जिंदगी और गांव की सूरत सोहराई कला की आर्टिस्ट काजल महतो कहती हैं कि मुझे कला या पेंटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 2024 में मैंने सोहराई पेंटिंग सीखनी शुरू की। फिर पेंटिंग के ऑर्डर मिलने लगे। मैंने फोक फेस्टिवल, कोलकाता में हिस्सा लिया। धनबाद में बच्चों को सोहराई कला सिखाने भी गई। आज मैं साड़ी, गमछा और ब्लाउज पर भी सोहराई पेंटिंग कर रही हूं। इस कला ने मुझे पहचान, सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। पैसे मिल रहे हैं तो जीवन स्तर भी सुधरा है। गांव की हालत भी बदल गई है।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 7:23 am

नॉर्वे पहली बार आइवरी कोस्ट से भिड़ेगा:मैक्सिको Vs इक्वाडोर, फ्रांस ने स्वीडन को 12 बार हराया, FIFA वर्ल्ड कप में आज 3 मुकाबले

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में आइवरी कोस्ट का सामना नॉर्वे से होगा। दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से 30 जून रात 10:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके अलावा फ्रांस और स्वीडन के बीच मुकाबला 1 जुलाई रात 2:30 बजे न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में होगा। तीसरे मैच में सह-मेजबान मेक्सिको का सामना इक्वाडोर से सुबह 6:30 बजे मेक्सिको सिटी स्टेडियम में होगा। मैच-77: आइवरी कोस्ट और नॉर्वे पहली बार आमने-सामने आइवरी कोस्ट और नॉर्वे के बीच यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। आइवरी कोस्ट अपने चौथे वर्ल्ड कप में पहली बार नॉकआउट में पहुंचा है। इससे पहले सिर्फ कैमरून (1990) और सेनेगल (2002) ही अपना पहला वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच जीतने वाली अफ्रीकी टीमें रही हैं। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का प्रदर्शन आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-E में 2 जीत और 1 हार के साथ नॉकआउट में जगह बनाई। टीम ने इक्वाडोर और कुरासाओ को हराया, जबकि जर्मनी से 2-1 से हार मिली। खास बात यह रही कि तीनों मैचों में पहला गोल आइवरी कोस्ट ने ही किया। ऐसा करने वाली वह 1994 के नाइजीरिया के बाद दूसरी अफ्रीकी टीम बनी। नॉर्वे ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करते हुए ग्रुप-I में 2 जीत और 1 हार के साथ अंतिम-32 में जगह बनाई। टीम ने इराक और सेनेगल को हराया, जबकि आखिरी मैच में फ्रांस से 4-1 से हार मिली। यह पिछले 19 मैचों में उसकी सिर्फ दूसरी हार थी। हालैंड के पास 72 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने का मौका स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड पहले दो वर्ल्ड कप मैचों में 4 गोल कर चुके हैं। अगर वह आइवरी कोस्ट के खिलाफ दो या उससे ज्यादा गोल करते हैं तो 1954 के बाद शुरुआती तीन वर्ल्ड कप मैचों में लगातार दो या अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। पेपे और डियोमांडे पर रहेंगी नजर आइवरी कोस्ट के निकोलस पेपे ने कुरासाओ के खिलाफ दो गोल कर वर्ल्ड कप में एक मैच में दो गोल करने वाले देश के दूसरे खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। वहीं यान डियोमांडे ने ग्रुप स्टेज में 10 सफल ड्रिब्लिंग और 10 गोल मौके बनाकर 1990 के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने। पॉसिबल प्लेइंग-11 आइवरी कोस्ट: याहिया फोफाना (गोलकीपर), विल्फ्रेड सिंगो, उस्मान डियोमांडे, इवान एनडिका, घिस्लेन कोनान, फ्रैंक केसी, इब्राहिम सांगारे, सेको फोफाना, यान डियोमांडे, निकोलस पेपे, अमाद डियालो। नॉर्वे: ओरजान नाइलैंड (गोलकीपर), जूलियन रायर्सन, लियो ओस्टिगार्ड, क्रिस्टोफर आजर, डेविड वोल्फ, सैंडर बर्गे, पैट्रिक बर्ग, मार्टिन ओडेगार्ड, एंटोनियो नुसा, अलेक्जेंडर सोरलोथ, एरलिंग हालैंड। मैच-78: फ्रांस ने स्वीडन को 12 बार हराया, वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत फ्रांस और स्वीडन के बीच अब तक 24 इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं। इनमें फ्रांस ने 12, स्वीडन ने 6 मैच जीते, जबकि 6 मुकाबले ड्रॉ रहे। दोनों टीमें वर्ल्ड कप में पहली बार आमने-सामने होंगी। हालांकि बड़े टूर्नामेंट में यह उनकी तीसरी भिड़ंत होगी। यूरो-1992 में मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा था, जबकि यूरो-2012 में स्वीडन ने फ्रांस को 2-0 से हराया था। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का प्रदर्शन फ्रांस ने ग्रुप-I में तीनों मैच जीतकर 9 अंक के साथ टॉप किया। टीम ने लगातार तीनों मुकाबलों में 3 या उससे ज्यादा गोल किए। 1998 के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में यह उसका पहला क्लीन स्वीप है। स्वीडन ने ग्रुप-F में 1 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ के साथ नॉकआउट में जगह बनाई। टीम ने ग्रुप स्टेज में 7 गोल किए, जो उसके वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी ग्रुप चरण का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। एमबाप्पे-डेम्बेले के पास रिकॉर्ड बनाने का मौका किलियन एमबाप्पे और उस्मान डेम्बेले ग्रुप स्टेज में 4-4 गोल कर चुके हैं। डेम्बेले ने नॉर्वे के खिलाफ हैट्रिक भी लगाई। दोनों अब तक वर्ल्ड कप में मिलकर 5 गोल बना चुके हैं। अगर इस मैच में भी दोनों गोल में योगदान देते हैं तो 1966 के बाद सबसे सफल जोड़ी का नया रिकॉर्ड बना सकते हैं। फ्रांस और स्वीडन दोनों के सामने रिकॉर्ड फ्रांस के पास वर्ल्ड कप में यूरोपीय टीमों के खिलाफ लगातार 7वीं जीत दर्ज करने का मौका है। वहीं स्वीडन के विक्टर ग्योकेरेस ग्रुप स्टेज में सबसे ज्यादा 11 शॉट और 8 गोल मौके बना चुके हैं। एंथनी एलांगा लगातार दो मैचों में गोल कर चुके हैं। फ्रांस के खिलाफ भी स्कोर करने पर वह वर्ल्ड कप में लगातार तीन मैचों में गोल करने वाले चुनिंदा स्वीडिश खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। पॉसिबल प्लेइंग-11 फ्रांस: माइक मेन्यां (गोलकीपर), जूल्स कुंडे, इब्राहिमा कोनाते, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, औरेलियन चुआमेनी, एन'गोलो कांते, माइकल ओलिसे, उस्मान डेम्बेले, किलियन एमबाप्पे, डिजायरे डूए। स्वीडन: जैकब जेटरस्ट्रॉम (गोलकीपर), विक्टर लिंडेलोफ, इसाक हिएन, गैब्रियल गुडमुंडसन, लुकास बर्गवाल, यासिन अयारी, मैटियास स्वानबर्ग, एंथनी एलांगा, अलेक्जेंडर इसाक, विक्टर ग्योकेरेस। मैच-79: मेक्सिको और इक्वाडोर की वर्ल्ड कप में दूसरी भिड़ंत मेक्सिको और इक्वाडोर के बीच अब तक 5 इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं। दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता, जबकि 3 मुकाबले ड्रॉ रहे। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 2002 के ग्रुप स्टेज में मेक्सिको ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। ग्रुप स्टेज में दोनों टीमों का प्रदर्शन सह-मेजबान मेक्सिको ने ग्रुप-A में तीनों मैच जीतकर 9 अंक के साथ टॉप किया। टीम ने साउथ अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और चेकिया को हराया। सबसे खास बात यह रही कि उसने ग्रुप स्टेज में एक भी गोल नहीं खाया। वहीं इक्वाडोर ने ग्रुप-E में 1 जीत, 1 हार और 1 ड्रॉ के साथ नॉकआउट में जगह बनाई। टीम ने आखिरी मुकाबले में जर्मनी को 2-1 से हराकर उलटफेर किया। वह 21वीं सदी में ग्रीस (2014) के बाद पहली दो ग्रुप मैचों में गोल किए बिना भी नॉकआउट में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी। क्विन्योनेस पर नजर मेजबान के तौर पर मेक्सिको ने अपने घर में खेले 12 वर्ल्ड कप मैचों में 8 जीते, 3 ड्रॉ खेले और सिर्फ 1 हारी है। हालांकि, पिछले 10 नॉकआउट मुकाबलों में उसे सिर्फ 1 जीत मिली है। फॉरवर्ड जूलियन क्विन्योनेस इस वर्ल्ड कप में 2 गोल कर चुके हैं। इक्वाडोर के खिलाफ गोल करते ही वह 2010 के जेवियर हर्नांडेज के बाद एक ही वर्ल्ड कप में तीन गोल करने वाले पहले मैक्सिकन खिलाड़ी बन जाएंगे। हाई-प्रेस फुटबॉल से चौंका रहा इक्वाडोर जर्मनी के खिलाफ 1-0 से पिछड़ने के बाद निल्सन अंगुलो और गोंजालो प्लाटा के गोल से इक्वाडोर ने शानदार वापसी की। ग्रुप स्टेज में उरुग्वे और कनाडा के बाद विपक्षी हाफ में सबसे ज्यादा हाई-इंटेंसिटी प्रेस करने वाली टीम भी इक्वाडोर रही। इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर मेक्सिको के जूलियन क्विन्योनेस, राउल जिमेनेज और एडसन अल्वारेज पर नजर रहेगी। वहीं इक्वाडोर के लिए मोइसेस कैसेडो, एन्नर वालेंसिया, गोंजालो प्लाटा और केन्ड्री पायेज अहम खिलाड़ी होंगे। पॉसिबल प्लेइंग-11 मेक्सिको: राउल रेंगल (गोलकीपर), जॉर्ज सांचेज, सीजर मोंटेस, जोहान वास्केज, जीसस गालार्डो, एडसन अल्वारेज, एरिक लिरा, लुइस चावेज, जूलियन क्विन्योनेस, राउल जिमेनेज, सैंटियागो जिमेनेज। इक्वाडोर: हर्नान गालिंडेज (गोलकीपर), फेलिक्स टोरेस, पिएरो हिनकापिए, विलियन पाचो, परविस एस्तुपिनान, मोइसेस कैसेडो, एलन फ्रैंको, केन्ड्री पायेज, गोंजालो प्लाटा, एन्नर वालेंसिया, निल्सन अंगुलो।

दैनिक भास्कर 30 Jun 2026 4:30 am

IIIT दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय सम्मान:EU-भारत स्टूडेंट एंबेसडर नेटवर्क में हुआ चयन, यूरोपीय संघ के 20 प्रमुख संस्थानों की सूची में शामिल

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और शोध सहयोग के क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी-दिल्ली) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूरोपीय संघ के पब्लिक एंड कल्चरल डिप्लोमेसी प्रोग्राम के तहत शुरू किए गए ईयू-भारत स्टूडेंट एंबेसडर नेटवर्क के लिए देश के 20 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में आईआईआईटी-दिल्ली का चयन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच उच्च शिक्षा, छात्र आदान-प्रदान, शोध सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देना है। नई दिल्ली में आयोजित लॉन्च समारोह में भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फ़िन की मौजूदगी रही। यूरोपीय संघ कार्यक्रम में चुने गए 3 संस्थानों में शामिल आईआईआईटी-दिल्ली उन चुनिंदा 3 संस्थानों में शामिल रहा, जिन्हें अपने कार्यों की प्रस्तुति देने का अवसर मिला। संस्थान के फैकल्टी सदस्य डॉ जैनेंद्र ने यूरोपीय संघ समर्थित इरासम हब परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारत के 10 और यूरोप के 4 देशों के सहयोग से रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम में क्षमता निर्माण को मजबूत कर रही है। संस्थान की ओर से जोशिता यादव और हार्दिक मदान को स्टूडेंट एंबेसडर बनाया गया है। भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फ़िन ने कहा, यह नेटवर्क भारत और यूरोप के युवाओं तथा प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को एक साझा मंच देता है। इससे उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक समझ और तकनीकी अनुसंधान में सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jun 2026 5:51 pm

थर्मामीटर पर 43°C एक, फिर भी भारत में सामान्य और यूरोप में क्यों मची है मौत की हाहाकार? समझें इसके पीछे की 8 खौफनाक वजहें

ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से बदलते जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में पूरी दुनिया भीषण और जानलेवा गर्मी की चपेट में आ चुकी है. इस समय दक्षिणी और मध्य यूरोप के कई देश एक ऐसी विनाशकारी और अभूतपूर्व हीटवेव (लू) का सामना कर रहे हैं, जिसने वहां की सरकारों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नींद उड़ा दी है. फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल जैसे ठंडे माने जाने वाले देशों में थर्मामीटर का पारा 43 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है.सबसे चौंकाने वाली और हैरान करने वाली बात यह है कि यही 43C तापमान भारत के लोगों के लिए गर्मियों के मौसम में एक बहुत ही आम बात होती है, जिसे लोग हंसते-खेलते झेल जाते हैं. लेकिन यूरोप में इसी तापमान के कारण चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है और अकेले फ्रांस में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की तड़पकर मौत हो चुकी है. आखिर ऐसा क्यों है कि थर्मामीटर पर एक जैसा दिखने वाला नंबर (43C) भारत के मुकाबले यूरोप में इतना ज्यादा जानलेवा, बेरहम और विनाशकारी साबित हो रहा है? विज्ञान, भूगोल और आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कोई थर्मल रीडिंग का अंतर नहीं, बल्कि 8 ऐसी बड़ी और बुनियादी वजहें हैं जो यूरोप की गर्मी को इंसानों के लिए दमघोंटू बना देती हैं.1. 17 घंटे का लंबा टॉर्चर और सूरज का खास तिरछा एंगलयूरोप का ज्यादातर भौगोलिक हिस्सा भारत के मुकाबले पृथ्वी पर काफी उत्तर (North) में स्थित है. उदाहरण के तौर पर समझें तो पेरिस की लोकेशन कनाडा के टोरंटो शहर से भी अधिक उत्तर में है. गर्मियों के दिनों में यहां सूरज का एंगल ऐसा होता है कि धूप सीधे सिर पर पड़ने के बजाय तिरछी पड़ती है, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आसमान में 15 से लेकर 17 घंटे तक दिन की रोशनी रहती है. इतने लंबे समय तक लगातार धूप रहने के कारण शहरों की कंक्रीट की इमारतें, डामर की सड़कें और फुटपाथ दिनभर सोलर एनर्जी (तापमान) सोखते रहते हैं, जिसके चलते ये रात के समय भी ठंडे नहीं हो पाते और रातें भी भट्टी की तरह तपती हैं.2. प्रदूषण मुक्त साफ आसमान: सीधे त्वचा पर वार करती तीखी किरणेंभारत के शहरों में हवा के भीतर धूल-मिट्टी के कण और प्रदूषण का स्तर थोड़ा ज्यादा होता है, जो एक सुरक्षा कवच की तरह सूरज की सीधी किरणों को वायुमंडल में ही बिखेर (Scatter) देते हैं, जिससे धूप की चुभन थोड़ी कम हो जाती है. इसके विपरीत, यूरोप में कड़े नियमों के कारण आसमान बिल्कुल साफ और प्रदूषण मुक्त होता है. हवा में धूल के कण न होने से सूरज की पराबैंगनी (Ultraviolet) और तीखी किरणें सीधे इंसानी स्किन पर वार करती हैं, जिससे 43C तापमान में भी वहां की धूप भारत से कहीं ज्यादा झुलसाने वाली और तेज महसूस होती है.3. हवा का बिल्कुल थम जाना और 'हॉट एयर बैलून' का बननाहालिया हीटवेव और मौसम के बिगड़े पैटर्न के दौरान यूरोप के वायुमंडल में हवा की गति पूरी तरह से ठप यानी रुक गई है. जब हवा बिल्कुल नहीं चलती, तो घने बसे शहरों के ऊपर गर्म हवा का एक अदृश्य गुब्बारा बन जाता है. हवा न चलने के कारण इंसानी शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम (पसीना सूखने की वाष्पीकरण प्रक्रिया) पूरी तरह काम करना बंद कर देता है, जिससे बन्द कमरों के भीतर लोगों का दम घुटने लगता है.4. सूखी गर्मी और 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' का जानलेवा खेलभारत में गर्मी के साथ अक्सर उमस (Humidity) होती है, जिससे हमारे शरीर से लगातार पसीना निकलता है और हमें प्यास का अहसास होता रहता है, जिससे हम पानी पीते हैं. लेकिन यूरोप के अंदरूनी मैदानी हिस्सों में पड़ने वाली गर्मी बेहद सूखी (Dry Heat) होती है. यहां शरीर से निकलने वाला पसीना तुरंत हवा में उड़ जाता है, जिससे इंसान को यह अंदाजा ही नहीं हो पाता कि उसका शरीर कितनी डरावनी तेजी से पानी खो रहा है. यह 'साइलेंट डिहाइड्रेशन' (Silent Dehydration) अचानक से शरीर के अंगों को फेल (Multi-Organ Failure) कर रहा है और बुजुर्गों की मौत का सबसे बड़ा कारण बन रहा है.5. 'थर्मस' और ओवन जैसे घर, जो बाहर नहीं निकलने देते गर्मीयूरोप के घरों का इतिहास और आर्किटेक्चर देखें, तो इन्हें सदियों से कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और लंबी सर्दियों को ध्यान में रखकर खास तौर पर डिजाइन किया गया है. इन घरों की दीवारें बेहद मोटी और इंसुलेशन वाली होती हैं, खिड़कियां आकार में छोटी होती हैं और छतें गहरे रंग की होती हैं ताकि बाहर की थोड़ी सी भी गर्मी अंदर फंसी रहे और घर गर्म रहे.सर्दियों का यही वरदान अब इस ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वहां के लोगों के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है. कंक्रीट के ये घर एक बार गर्म होने के बाद अंदर किसी ओवन (Oven) की तरह चौबीसों घंटे तपते रहते हैं. इसके उलट, पारंपरिक भारतीय घरों में ऊंची छतें, खुले बरामदे, टाइल्स की ठंडी फ्लोरिंग और क्रॉस-वेंटिलेशन को ध्यान में रखकर बनाया जाता है ताकि गर्मी तुरंत बाहर निकल सके.6. बुनियादी ढांचे में एयर कंडीशनिंग (AC) और पंखों का न होनायूरोपियन लाइफस्टाइल और संस्कृति में एसी (Air Conditioner) कभी भी उनकी प्राथमिकता या जरूरत का हिस्सा नहीं रहा. पेरिस, बर्लिन या लंदन जैसे बड़े शहरों में अमूमन गर्मियों का औसत तापमान 25C के आसपास ही रहता था, इसलिए वहां के अधिकांश घरों में न तो सीलिंग फैन (छत के पंखे) होते हैं और न ही एसी की फिटिंग. अब अचानक आई इस अभूतपूर्व और जानलेवा गर्मी से निपटने के लिए वहां का घरेलू इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्कुल भी तैयार नहीं है, जबकि भारत में कूलर, पंखे और एसी गर्मियों की बुनियादी और अनिवार्य जरूरत माने जाते हैं.7. ऐतिहासिक शहरों की खूबसूरती के कड़े और अजीब कानूनयूरोप के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों (जैसे पेरिस, रोम या फ्लोरेंस) के पुराने और मुख्य रिहायशी इलाकों में 'आर्किटेक्चरल एस्थेटिक्स' (शहरी सुंदरता) को बनाए रखने के लिए बेहद कड़े कानून हैं. इन नियमों के तहत किसी भी ऐतिहासिक या पुरानी इमारत के बाहरी हिस्से पर एसी का आउटडोर कंप्रेसर या डक्ट लगाने पर पूरी तरह से कानूनी रोक है ताकि पैदल चलने वाले रास्तों और वहां के आउटडोर कैफे कल्चर का विजुअल लुक खराब न हो. सुंदरता को बचाने के लिए बनाए गए ये सरकारी नियम आज के इस आपातकाल में लोगों के लिए काल साबित हो रहे हैं.8. 'बायोलॉजिकल एडप्टेशन': शरीर का मौसम के अनुकूल न ढलनाभारत के लोग जन्म से ही बचपन से 40C से लेकर 45C के ऊपर का प्रचंड तापमान हर साल झेलने के आदी (Acclimatized) होते हैं. बार-बार अत्यधिक गर्मी का सामना करने से हमारा बायोलॉजिकल सिस्टम इसके अनुकूल ढल जाता है, जिससे हमारा दिल और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर काम करता है और शरीर तुरंत पसीना बहाकर खुद को इंटरनली ठंडा कर लेता है. इसके विपरीत, यूरोपियन लोगों का शरीर और जेनेटिक्स इस तरह के गर्म मौसम के बिल्कुल आदी नहीं हैं, जिसके चलते उनका ब्लड प्रेशर और दिल इतनी भीषण गर्मी में अचानक से कड़ा रिस्पॉन्स नहीं दे पाता और लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं.यह सोचना कि भारतीय लोग केवल शारीरिक रूप से बेहतर हैं, पूरी तरह सही नहीं है; बल्कि इसके पीछे दोनों महाद्वीपों की भौगोलिक और ढांचागत बनावट का बहुत बड़ा हाथ है. भारत की उमस वाली गर्मी जहां चिपचिपी और थका देने वाली होती है, वहीं यूरोप की सूखी गर्मी, तपती कंक्रीट की इमारतें, हवा का थमा होना और लगातार 17 घंटे तक सूरज का आग उगलना वहां की रातों को भी नरक बना रहा है. यही वजह है कि जब यूरोप का पारा 43 डिग्री पहुंचता है, तो वह किसी भीषण प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) की तरह हजारों मासूम जिंदगियों को लीलने लगता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 5:22 pm

एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, फ्रांस के शीर्ष फिल्म संस्थान में मिली परमानेंट जगह

भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एसएस राजामौली ने 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है। ​अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एसएस राजामौली को पेरिस के 'सिनेमाथेक फ्रैंकेस' में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। ALSO READ: किसिंग सीन के दौरान बेकाबू हो गई थीं कंगना रनौट, काट लिए थे वीर दास के होंठ! पत्रकार के दावे पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद पवित्र जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है। ​इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है। Having me here in Paris and screening my films is itself an honour for me. But a sweet surprise I never saw coming. It is a feeling I cannot fully put into words. To have a permanent place in the halls of one of the world’s most legendary film institutions, named after the great… pic.twitter.com/XYrNWfm4BU — rajamouli ss (@ssrajamouli) June 28, 2026 तस्वीरों को शेयर करते हुए एसएस राजामौली ने लिखा, मुझे यहां पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने लिखा, यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूंगा। ​इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है... ​इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ​उन्होंने आगे ‍लिखा, यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है। यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म 'वाराणसी' के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।

वेब दुनिया 29 Jun 2026 1:27 pm

फ्रांस में बड़ा विमान हादसा: पैराशूट प्रशिक्षण विमान क्रैश, 11 लोगों की दर्दनाक मौत

फ्रांस के उत्तर-पूर्वी शहर टॉम्बलेन में रविवार को एक नागरिक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। वहीं सऊदी अरब में भी एक हेलिकॉप्टर हादसे की खबर है। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई है।

देशबन्धु 28 Jun 2026 7:26 pm

फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:19 pm

फ्रांस में भीषण गर्मी का तांडव: हीटवेव से 1000 से ज्यादा लोगों की मौत, बुजुर्गों पर सबसे भारी पड़ा पारा

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से फ्रांस में हाहाकार पश्चिमी यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जिसका सबसे बुरा असर फ्रांस पर पड़ा है। पब्लिक हेल्थ फ्रांस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव के कारण देश में लगभग 1,000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। यह गर्मी न केवल इंसानी सहनशक्ति की परीक्षा ले रही है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अभी शुरुआती हैं और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है।बुजुर्गों और अकेले रहने वालों के लिए बनी काल इस हीटवेव की सबसे दुखद बात यह है कि इसका 85 प्रतिशत शिकार 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग हुए हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस और उसके आसपास के 'इले-डी-फ्रांस' (le-de-France) इलाके में घरों के अंदर मरने वालों की संख्या में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं, वे गर्मी का मुकाबला करने में सबसे ज्यादा कमजोर साबित हो रहे हैं। यह स्थिति समाज में अकेलेपन की समस्या और हीटवेव के दौरान बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करती है।रेड अलर्ट और राहत की उम्मीद फ्रांस के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जिसके चलते प्रशासन को 'रेड अलर्ट' जारी करना पड़ा। हालांकि, रविवार को तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता को भीषण गर्मी से हल्की राहत मिली है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अकेले रहने वाले पड़ोसियों, विशेषकर बुजुर्गों का ध्यान रखें और हीटवेव के दौरान सावधानी बरतें। फिलहाल फ्रांस का स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है ताकि मौतों के इन बढ़ते आंकड़ों को नियंत्रित किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:12 pm

2 बार की चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:स्पेन ने 1-0 से हराया, ग्रुप-एच में टॉप किया; बेल्जियम और फ्रांस भी जीते

2 बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लीग स्टेज से बाहर हो गई है। उसे शनिवार को यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने 1-0 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप-एच के टॉप पर रहते हुए नॉकआउट राउंड में प्रवेश किया। स्पेन के लिए मैच का एकमात्र गोल एलेक्स बाएना ने 42वें मिनट में किया। उनका शॉट उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा रोक नहीं पाए। यह टूर्नामेंट में मुस्लेरा की तीसरी बड़ी गलती रही। 40 साल गोलकीपर ने हाफटाइम पर खुद को बदलने का अनुरोध किया, जिसके बाद दूसरे हाफ में सर्जियो रोचेट ने गोलपोस्ट संभाला। इस जीत के साथ स्पेन ने 7 अंकों के साथ ग्रुप-एच में शीर्ष स्थान हासिल किया। अब उसका सामना राउंड ऑफ-32 में ग्रुप जे की उपविजेता टीम ऑस्ट्रिया या अल्जीरिया से होगा। केप वर्डे तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और नॉकआउट में पहुंच गया। उसने एक अन्य मैच में सऊदी अरब के साथ गोल रहित ड्रा खेला। उरुग्वे इस एडिशन में एक भी मैच नहीं जीत सकी। मैच की हाइलाइट्स बिएल्सा ने ली हार की जिम्मेदारी उरुग्वे के मुख्य कोच मार्सेलो बिएल्सा ने टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, 'इस समय कोई भी बहाने नहीं सुनना चाहता। इस निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी मेरी है। मेरे पास बेहतरीन खिलाड़ियों का समूह था, लेकिन मैं उनसे बेहतर परिणाम नहीं दिला सका।' फ्रांस ने नॉर्वे को हराकर ग्रुप-आई में टॉप किया ग्रुप-आई से 2 बार की चैंपियन फ्रांस, नॉर्वे और सेनेगल ने राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली। दिन के सबसे चर्चित मुकाबले में फ्रांस ने नॉर्वे को 4-1 हराकर ग्रुप में टॉप पोजिशन हासिल की। नॉर्वे हार के बावजूद नंबर-2 पर रहकर नॉकआउट में पहुंचा। इस मुकाबले को एर्लिंग हालैंड और किलियन एमबाप्पे की टक्कर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन फ्रांस की जीत के हीरो उस्मान डेम्बेले रहे। उन्होंने 7वें, 20वें और 32वें मिनट में गोल दागे। एक गोल डिजायर दुए इंजरी टाइम के चौथे मिनट में किया। एक अन्य मुकाबले में सेनेगल ने ईराक को 5-0 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत का फायदा उसे गोल डिफरेंस में मिला। सेनेगल ने ज्यादा गोल डिफरेंस और अंकों के आधार पर तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के टॉप-5 में जगह बनाई और नॉकआउट का टिकट हासिल किया। ----------------------------------------------

दैनिक भास्कर 27 Jun 2026 11:24 am

यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत

यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।

देशबन्धु 25 Jun 2026 9:36 am

60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर

अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...

वेब दुनिया 6 May 2026 11:49 am

फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...

वेब दुनिया 18 Aug 2024 5:40 pm

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसरा प्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकर ड्रेस कोड तक सबकुछ

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समाचार नामा 28 May 2024 10:30 am

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari, फ्रांस के लिए रवाना हुई बिब्बोजान

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान

समाचार नामा 21 May 2024 2:45 pm

यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

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मनोरंजन नामा 29 Apr 2024 9:00 pm