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यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग: वरुण आरोन ग्लासगो कॉस्मिक के गेंदबाजी कोच बने

ग्लासगो कॉस्मिक ने यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) के पहले सीजन के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण आरोन को अपना गेंदबाजी कोच बनाया है। ग्लासगो कॉस्मिक के गेंदबाजी कोच बनने के बाद वरुण ने कहा, मैं ग्लासगो कॉस्मिक के साथ इस मौके का सच में इंतजार कर रहा हूं। मैथ्यू हेडन, विपुल अग्रवाल, तनशा बत्रा और राशिद खान के साथ मेरी बातचीत से मुझे साफ समझ आया कि वे यहां क्या बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इसका हिस्सा बनना चाहता था। उन्होंने कहा, जब आप स्क्वाड को देखते हैं, तो फिन एलन, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंडू मेंडिस, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, मोइसेस हेनरिक्स, अली खान, रिची बेरिंगटन और जॉर्ज मुनसे जैसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खुद को सबसे ऊंचे स्तर पर साबित किया है। एक कोच के तौर पर, ऐसे टीम के साथ काम करना और उन्हें अपना श्रेष्ठ देने में मदद करना काफी उत्साहजनक होगा। ग्लासगो कॉस्मिक का मालिकाना हक मुगाफी ग्रुप के पास है। ग्रुप के चेयरमैन विपुल अग्रवाल ने कहा, वरुण को हमेशा उनके काम करने के तरीके और क्रिकेट की जानकारी के लिए सम्मान दिया गया है। हमें विश्वास है कि वह ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन मेंटर साबित होंगे। ग्लासगो कॉस्मिक की को-ओनर तनशा बत्रा ने कहा, हम वरुण का ग्लासगो कॉस्मिक परिवार में स्वागत करते हुए बहुत खुश हैं। उनका अनुभव, खासकर एक तेज गेंदबाज के तौर पर, टूर्नामेंट के दौरान बहुत कीमती होगा। ग्लासगो कॉस्मिक का मालिकाना हक मुगाफी ग्रुप के पास है। ग्रुप के चेयरमैन विपुल अग्रवाल ने कहा, वरुण को हमेशा उनके काम करने के तरीके और क्रिकेट की जानकारी के लिए सम्मान दिया गया है। हमें विश्वास है कि वह ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन मेंटर साबित होंगे। Also Read: LIVE Cricket Score भारत के लिए 9 टेस्ट और 9 वनडे खेल चुके वरुण पिछले कुछ समय में बेहतरीन गेंदबाजी कोच के रूप में उभरे हैं। आईपीएल 2026 में वह सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के तेज गेंदबाजी कोच थे। टीम के युवा गेंदबाजों प्रफुल्ल हिंजे और साकिब हुसैन ने सीजन में अपनी सफलता का श्रेय आरोन को दिया था। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 21 Jun 2026 8:24 pm

जोधपुर में इंडिया से लेकर फ्रांस, स्पेन तक का स्वाद:फादर्स डे के मौके पर 60 से ज्यादा देशी-विदेशी डिशेज परोसी

फादर्स डे के खास मौके पर अपने माता-पिता को स्पेशल फील करवाने और इस दिन को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए सनसिटी जोधपुर के होटल फेयरफील्ड बाय मेरियट ने अनूठी पहल की। होटल मैनेजमेंट की ओर से फादर्स डे को सेलिब्रेट करने के लिए एक ग्रैंड फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां एक ही छत के नीचे देश और दुनिया की 60 से ज्यादा प्रसिद्ध डिशेस को परोसा गया। इस खास पहल का मुख्य उद्देश्य फादर्स डे के अवसर पर बच्चों और उनके पेरेंट्स को एक ऐसा माहौल देना था, जहां वे भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल साथ बिता सकें। स्पेन से लेकर फ्रांस तक का टेस्ट होटल के एग्जीक्यूटिव शेफ सुप्रतिम घटक ने इस खास आयोजन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फादर्स डे हर बच्चे और पिता के लिए बेहद भावुक और सम्मान का दिन होता है। इस दिन को और अधिक स्पेशल बनाने के लिए हमारी टीम ने कई दिनों पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। हमने मेन्यू में किसी एक क्षेत्र नहीं, बल्कि ग्लोबल और नेशनल दोनों स्वादों का बेहतरीन फ्यूजन तैयार किया। शेफ सुप्रतिम के मुताबिक, इस बफेट में भारत के पारंपरिक और प्रांतीय व्यंजनों के साथ-साथ स्पेन की सिग्नेचर डिशेस, फ्रांस के क्लासिक लजीज व्यंजन, इटली के पास्ता और पास्टीट्यूट वैरायटीज साउथ एशिया के देशों का तीखा और चटपटा स्ट्रीट फूड तैयार किया गया। इसके लिए लाइव काउंटर लगाए गए। इस सेलिब्रेशन को पूरी फैमिली के लिए परफेक्ट बनाने के लिए होटल परिसर में एक स्पेशल किड्स जोन भी तैयार किया गया। अक्सर देखा जाता है कि फैमिली आउटिंग के दौरान छोटे बच्चों को संभालने में पेरेंट्स ठीक से एंजॉय नहीं कर पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए किड्स जोन में बच्चों के मनोरंजन के लिए कई तरह के गेम्स, एक्टिविटीज और उनके पसंदीदा छोटे स्नैक्स का इंतजाम किया गया, ताकि बच्चे वहां सुरक्षित खेल सकें और माता-पिता सुकून से डिशेस का आनंद ले सकें।

दैनिक भास्कर 21 Jun 2026 3:58 pm

मेलोनी का 'एंग्री लुक': जब इटली की महिला पीएम के तेवरों से कांपे फ्रांस, पाकिस्तान और पोर्न माफिया

इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी इस समय वैश्विक राजनीति में सबसे चर्चित चेहरा बनी हुई हैं। अपने बेबाक अंदाज, कड़े फैसलों और 'नो-कॉम्प्रोमाइज' नीति के लिए मशहूर मेलोनी ने हाल ही में कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे न सिर्फ यूरोप बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति में हलचल मच गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति से सीधे टकराने से लेकर एक बड़ी पोर्न वेबसाइट को हमेशा के लिए बंद करवाने तक, मेलोनी के ये 5 किस्से उनके सबसे आक्रामक और साहसी रूप को बयां करते हैं।फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से सीधी भिड़ंत, मेलोनी ने दिया करारा जवाबयूरोप के राजनीतिक गलियारों में उस समय तनाव फैल गया जब फ्रांस के ल्योन शहर में एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता क्विंटिन डेरांक की वामपंथी चरमपंथियों द्वारा कथित तौर पर हत्या कर दी गई। इस घटना पर दुख जताते हुए जॉर्जिया मेलोनी ने इसे पूरे यूरोप के लिए एक गहरा घाव बताया। मेलोनी का यह बयान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को नागवार गुजरा। मैक्रों ने मेलोनी पर निशाना साधते हुए नसीहत दे डाली कि राष्ट्रवादियों को अपने देश तक ही सीमित रहना चाहिए और दूसरों के आंतरिक मामलों में टांग नहीं अड़ानी चाहिए।मेलोनी ने भी बिना वक्त गंवाए मैक्रों को बेहद कड़ा और हैरान करने वाला पलटवार किया। उन्होंने साफ कर दिया कि यूरोप में वैचारिक हिंसा के खिलाफ बोलने से वह कभी पीछे नहीं हटेंगी, चाहे सामने फ्रांस जैसी बड़ी वैश्विक ताकत ही क्यों न खड़ी हो।इस्लामीकरण पर पुराना बयान वायरल, मेलोनी के तेवरों से भड़के पाकिस्तानीसोशल मीडिया पर इन दिनों जॉर्जिया मेलोनी का एक पुराना वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसने पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों में खलबली मचा दी है। इस वीडियो में मेलोनी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा था कि इस्लामी संस्कृति की कुछ व्याख्याओं और यूरोपीय सभ्यता के मूल अधिकारों व मूल्यों के बीच सामंजस्य (कम्पैटिबिलिटी) की एक गंभीर समस्या है। उन्होंने यूरोप में बढ़ते इस्लामीकरण और सऊदी अरब द्वारा फंडेड सांस्कृतिक केंद्रों पर खुलकर चिंता व्यक्त की थी।खास बात यह है कि आज प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके इन विचारों में कोई नरमी नहीं आई है। वह ब्रिटेन और अल्बानिया जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी करके अवैध प्रवासियों को वापस भेजने के कड़े और ठोस फैसलों पर लगातार काम कर रही हैं।20 लाख लोगों की हड़ताल फिर भी फिलिस्तीन मुद्दे पर ट्रंप के रुख के साथ अडिगगाजा युद्ध के बीच इटली के भीतर मेलोनी को भारी राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। देश में फिलिस्तीन को एक अलग राष्ट्र के रूप में मान्यता देने और इजरायल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर 20 लाख से अधिक लोगों और ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल कर दी। इस भारी घरेलू दबाव के बावजूद मेलोनी अपनी बात पर टस से मस नहीं हुईं।उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ब्रिटेन और फ्रांस की राह पर चलने से इनकार करते हुए फिलिस्तीन को तुरंत मान्यता देने से मना कर दिया। मेलोनी ने अपने इस फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस अल्टीमेटम से जोड़ा, जिसमें हमास द्वारा सभी बंधकों की रिहाई और पूर्ण निरस्त्रीकरण की शर्त शामिल है। घरेलू स्तर पर बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाने के बाद भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना स्टैंड नहीं बदला।जब इमाम को कोर्ट ने छोड़ा, तो न्यायपालिका पर ही बरस पड़ीं इटली की पीएममेलोनी का एक और आक्रामक रूप तब देखने को मिला जब वह देश की न्यायपालिका से ही सीधे टकरा गईं। इटली के ट्यूरिन में 7 अक्टूबर के हमास हमलों को 'प्रतिरोध' बताने वाले और हिंसा को जायज ठहराने वाले मिस्र के एक कट्टरपंथी इमाम मोहम्मद शाहिन को स्थानीय अदालत ने रिहा कर दिया। इटली के गृह मंत्रालय ने इस इमाम को देश निकाला (डिपोर्टेशन) का आदेश दिया था, जिसे कोर्ट ने पलट दिया।इस फैसले पर भड़कीं मेलोनी ने सीधे जजों की मंशा पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में पूछा कि अगर अदालतें आतंकवाद और हिंसा का समर्थन करने वालों को इस तरह खुली छूट देंगी, तो वह इटली के नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर पाएंगी?मेलोनी के गुस्से से खौफ में आए पोर्न माफिया, बंद करनी पड़ी वेबसाइटजॉर्जिया मेलोनी ने यह साबित कर दिया है कि वह अपनी और महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। इंटरनेट पर 'फिका' नाम की एक मशहूर पोर्न वेबसाइट ने मेलोनी, उनकी बहन आरियाना और विपक्ष की नेता एली श्लेन की तस्वीरों को डीपफेक तकनीक के जरिए मॉर्फ करके बेहद अभद्र कैप्शन के साथ अपनी वीआईपी श्रेणी में पोस्ट कर दिया था।जैसे ही यह मामला मेलोनी के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे हर महिला के सम्मान पर हमला माना। मेलोनी ने इस पर गहरी नाराजगी और घृणा जताते हुए कानूनी और साइबर एजेंसियों को तत्काल और सबसे सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इटली की प्रधानमंत्री के इस रौद्र रूप और आक्रामक रुख को देखकर करीब 7 लाख से अधिक पेड सब्सक्राइबर्स वाली उस बड़ी वेबसाइट के होश उड़ गए और कानूनी कार्रवाई के डर से संचालकों को अपनी पूरी साइट हमेशा के लिए इंटरनेट से डिलीट करनी पड़ी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jun 2026 9:50 am

ऑस्ट्रेलिया-जापान के बाद अब यूरोपीय संघ के देशों ने असम पर लगाई गई पाबंदियां हटाईं

यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों ने असम पर लगाई अपनी पाबंदियों को हटा दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को इस कदम की सराहना की।

देशबन्धु 21 Jun 2026 7:00 am

फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना प्रवासी खिलाड़ियों का बड़ा मंच:48 में से सिर्फ 8 टीमों में कोई विदेशी खिलाड़ी नहीं; अकेले फ्रांस के 98 खिलाड़ी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 मैदान के साथ-साथ खिलाड़ियों की नागरिकता और माइग्रेशन के दिलचस्प आंकड़ों के लिए भी चर्चा में है। 48 टीमों के 1,248 खिलाड़ियों में से 292 खिलाड़ी उस देश के लिए नहीं खेल रहे हैं जहां उनका जन्म हुआ था। टूर्नामेंट में केवल 8 टीमें ऐसी हैं जिनमें कोई विदेशी मूल का खिलाड़ी शामिल नहीं है। माइग्रेशन, पुराने औपनिवेशिक संबंधों और फीफा के बदले नियमों ने वर्ल्ड कप की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आंकड़ों के लिहाज से फ्रांस सबसे आगे है। इस वर्ल्ड कप में फ्रांस में जन्मे 98 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन इनमें से 76 खिलाड़ी फ्रांस की बजाय अन्य देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। फुटबॉल में यह स्थिति नई नहीं है। 1930 के पहले वर्ल्ड कप में अमेरिकी टीम में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में जन्मे खिलाड़ी थे। समय के साथ फीफा ने दोहरी नागरिकता वाले नियमों में कई बदलाव किए। पहले यूथ लेवल पर एक देश के लिए खेलने के बाद टीम नहीं बदल सकते थे, लेकिन 2004 और 2009 में अल्जीरिया की मांग पर नियमों में ढील दी गई। नए नियम के अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी ने 21 साल से पहले अधिकतम 3 प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं, तो आखिरी मैच के तीन साल बाद वह अपनी राष्ट्रीय टीम बदल सकता है। इसके अलावा जन्म, माता-पिता या दादा-दादी के जन्मस्थान या संबंधित देश में लगातार पांच साल रहने के आधार पर भी टीम चुनी जा सकती है। जमाल मुसियाला, फोलारिन बालोगन और डेक्लान राइस जैसे खिलाड़ी इसके बड़े उदाहरण हैं। डिएगो कोस्टा ने भी ब्राजील के लिए फ्रेंडली मैच खेलने के बाद स्पेन को चुना था। हालांकि, 2004 में ब्राजील के स्ट्राइकर एल्टन को बिना किसी पारिवारिक संबंध के भारी रकम देकर कतर की नागरिकता देने की बात भी सामने आई थी। इन नियमों के चलते अब फुटबॉल फेडरेशन सही खिलाड़ियों की तलाश के लिए बेहद आधुनिक और अप्रत्याशित तरीके अपना रहे हैं। वे एजेंटों के अलावा लिंक्डइन, वॉट्सऐप और ‘फुटबॉल मैनेजर’ जैसे वीडियो गेम्स के डेटाबेस का सहारा ले रहे हैं। कनाडा के ल्यूक डी फौगरोल्स का चयन पिता द्वारा कोच को भेजे गए लिंक्डइन मैसेज से और अल्फी जोन्स का चयन सौना बाथ में हुई बातचीत से संभव हुआ। ‘फुटबॉल मैनेजर’ गेम से चिली को बेन ब्रेरेटन डियाज मिले। फेडरेशन सीधे परिवारों से भी जुड़ रहे हैं; पोलैंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने तो न्यूयॉर्क जाकर युवा खिलाड़ी जूलियन हॉल की मां से मुलाकात की और उन्हें पोलैंड की जर्सी भेंट की। विदेशी मूल के खिलाड़ियों की यह होड़ वर्ल्ड कप का एक स्थायी हिस्सा बन चुकी है। अल्जीरिया की टीम में 50% विदेशी मूल के खिलाड़ी अपनी टीम में सबसे ज्यादा विदेशी मूल के खिलाड़ी शामिल करने में अल्जीरिया (13) शीर्ष पर है, जबकि हैती में 12 ऐसे खिलाड़ी हैं। पहली बार खेल रही कुराकाओ की टीम में एक को छोड़कर सभी खिलाड़ी डच मूल के हैं। कतर की टीम में 11 अलग-अलग देशों में जन्मे खिलाड़ी हैं। वहीं, मोरक्को ने तो ब्राजील के खिलाफ मैच के दूसरे हाफ में ऐसे सभी 11 खिलाड़ी उतारे जिनका जन्म मोरक्को के बाहर हुआ था।

दैनिक भास्कर 20 Jun 2026 11:15 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

मैक्रों ने हिंदी में कहा- भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर रहे:मित्र नरेंद्र, आपका स्वागत करके बहुत खुशी हुई; PM मोदी पेरिस से दिल्ली रवाना

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में वीडियो मैसेज शेयर किया है। उन्होंने कहा- प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे। इसके बाद मुस्कुराते हुए मैक्रों ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है यह (हिंदी संदेश) सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगले फरवरी (भारत यात्रा) आपसे मिलूंगा।’ वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद मोदी ने X पर लिखा- यह यात्रा सहभागिता और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से व्यापक रही। दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा करने गुरुवार देर रात भारत के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने G7 समिट भी अटेंड की। यहां पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हुई। ट्रम्प ने मोदी की जमकर तारीफ की। तारीखों में पीएम मोदी की 6 दिन की यात्रा 18 जून: पेरिस में विवाटेक कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक समिट में शामिल हुए थे। मोदी ने कहा- फ्रांस एक अहम पुल का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज में ऐसे समय में फ्रांस आया हूं, जब कुछ दिन पहले ही हमारी पार्टनरशिप के 12 साल पूरे हुए हैं। मोदी ने कहा कि 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। ये भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया। पीएम की स्पीच, 5 बड़ी बातें; कहा- भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर 17 जून: पीएम G7 समिट में शामिल हुए, ट्रम्प से मीटिंग की मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए थे। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। मोदी ने भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया 14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा - वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें… भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की 'मॉडर्न इकोनॉमी' वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। …………. यह खबरें भी पढ़ें… फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 19 Jun 2026 5:31 am

जयपुर के राजेंद्र भास्कर बने आयरनमैन, रचा इतिहास:फ्रांस में की 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग, 42.2 किलोमीटर मैराथन दौड़

राजस्थान के ट्रायथलीट राजेंद्र भास्कर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का परचम लहराया। राजेंद्र ने फ्रांस के टूर्स मेट्रोपोल लॉयर वैली में आयोजित प्रतिष्ठित आयरनमैन फ्रांस प्रतियोगिता को 10 घंटे 6 मिनट 31 सेकेंड में पूरा कर आयरनमैन का खिताब हासिल किया। राजेंद्र ने 3.8 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.2 किलोमीटर मैराथन दौड़ सहित कुल 226 किलोमीटर की कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस स्पर्धाओं में शामिल इस प्रतियोगिता में 90 देशों के हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। राजेंद्र ने तैराकी का चरण 1 घंटा 27 मिनट 55 सेकेंड, साइकिलिंग 5 घंटे 18 सेकेंड और मैराथन दौड़ 3 घंटे 26 मिनट 53 सेकेंड में पूरी की। प्रतियोगता में करना होता है बिना रुके तीन अलग-अलग खेल पूरे आयरनमैन दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण एकदिवसीय खेल प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें खिलाड़ियों को बिना रुके तीन अलग-अलग खेलों की दूरी तय करनी होती है। इसमें 3.8 किलोमीटर ओपन वाटर स्विमिंग, 180 किलोमीटर साइकिलिंग, 42.2 किलोमीटर फुल मैराथन करनी होती है। इन तीनों स्टेज को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना होता है। इसके लिए वर्षों की तैयारी, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और असाधारण शारीरिक क्षमता की आवश्यकता होती है। इंजीनियरिंग से आयरनमैन तक का सफर राजेंद्र भास्कर की यात्रा केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। जयपुर के रहने वाले राजेंद्र ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई से एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे हेल्थ-टेक क्षेत्र में कार्यरत हैं। तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले राजेंद्र ने फिटनेस और एंड्योरेंस स्पोर्ट्स को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। नियमित नौकरी के साथ कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासित जीवनशैली और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। पहले भी बना चुके हैं रिकॉर्ड राजेंद्र इससे पहले वर्ष 2019 में तुर्की में आयोजित आयरनमैन 70.3 प्रतियोगिता को 4 घंटे 29 मिनट में पूरा कर राजस्थान के सबसे तेज हाफ आयरनमैन बने थे। वे राष्ट्रीय खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चेन्नई ट्रायथलॉन के विजेता भी रह चुके हैं। आज वे राजस्थान के सबसे तेज आयरनमैन और देश के शीर्ष पांच आयरनमैन खिलाड़ियों में शामिल हैं। राजेंद्र सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के संदेशवाहक भी हैं। वे सोलर साइकिल के जरिए 7 हजार 424 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा फ्रांस, स्विट्जरलैंड सहित कई देशों में 3,500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा के दौरान विश्वविद्यालयों में व्याख्यान देकर स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। अब 10 घंटे का बैरियर तोड़ने का लक्ष्य फ्रांस में शानदार प्रदर्शन के बाद राजेंद्र का अगला लक्ष्य आयरनमैन प्रतियोगिता को 10 घंटे से कम समय में पूरा करना है। उनका कहना है कि वे आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए और बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 6:00 pm

फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम:पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही आंक लिया गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पढ़िए क्या है SFJ… सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ सिखों के लिए अलग खालिस्तान की मांग करने वाला एक संगठन है। 2007 में अमेरिका में इसकी स्थापना की गई थी। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान 'रेफरेंडम 2020' के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी। SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी। 'रेफरेंडम 2020' नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी। इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले 15 जून से दो दिवसीय G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। -------------------- यह भी पढ़ें- दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 6:12 pm

पीयूष गोयल ने फ्रांस में किया यूपीआई लॉन्च, भारतीय पर्यटकों के लिए डिजिटल भुगतान हुआ आसान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के नीस शहर में मशहूर गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लॉन्च किया

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:10 am

प्रधानमंत्री मोदी आज फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 समिट में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को दो दिन के दौरे पर फ्रांस के एवियन पहुंचेंगे। यह उनके दो देशों के दौरे का तीसरा और आखिरी पड़ाव होगा।

देशबन्धु 16 Jun 2026 8:41 am

60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर

अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...

वेब दुनिया 6 May 2026 11:49 am

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Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...

वेब दुनिया 18 Aug 2024 5:40 pm

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसरा प्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकर ड्रेस कोड तक सबकुछ

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समाचार नामा 28 May 2024 10:30 am

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मनोरंजन नामा 29 Apr 2024 9:00 pm