India-EU FTA पर मुहर! पीयूष गोयल का बड़ा एलान- सभी 27 यूरोपीय देशों ने दिया समर्थन
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को सभी 27 यूरोपीय संघ देशों का समर्थन प्राप्त है और वे इसे जल्द लागू करना चाहते हैं। इस बीच, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने मुंबई का दौरा किया, जहां भारत और बेल्जियम ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा।
चीन द्वारा वैश्विक बाजारों में सस्ते सामानों की 'डंपिंग' और अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ अब यूरोप का रुख सख्त होने लगा है। भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर (Bart De Wever) ने स्वीकार किया कि यूरोप को चीन पर अत्यधिक आर्थिक निर्भरता का कड़वा सच समझ आ गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूरोपीय देशों को इस खतरे का अहसास होने से बहुत पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोप को आगाह किया था, लेकिन तब उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: मंत्रालय में अब नहीं दिखेगी सिर्फ साधारण घड़ी! महाराष्ट्र सरकार लगाएगी भारतीय खगोल विज्ञान पर आधारित 'कल्याण' टाइम डिस्प्ले दिल्ली में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, डी वेवर - जो भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं - ने कहा कि यूरोप ने बहुत लंबे समय तक सस्ते विदेशी सामानों को अपने बाजारों में आने दिया, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचा और महाद्वीप बाहरी सप्लायर्स पर और अधिक निर्भर हो गया। उन्होंने सीधे तौर पर चीन का नाम लिए बिना कहा, यूरोप के लिए, पिछले कुछ साल एक कड़वी सच्चाई का एहसास कराने वाले रहे हैं। बहुत लंबे समय तक, यूरोप देखता रहा कि कैसे जरूरत से ज्यादा उत्पादन (ओवरकैपेसिटी) लागत से भी कम कीमत पर हमारे बाजारों में डंप किया जा रहा था। कैसे उसके औद्योगिक आधार को कमजोर किया गया और कैसे जानबूझकर निर्भरता बढ़ाई गई ताकि उसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा सके। डी वेवर ने कहा कि भारत ने यूरोप से पहले ही खतरे को पहचान लिया था और यूरोपीय देशों को ऐसी आर्थिक निर्भरता के नतीजों के बारे में चेतावनी दी थी। इसे भी पढ़ें: 80 सालों का इतिहास बदला! इटली में Giorgia Meloni ने बनाया सबसे लंबी सरकार का रिकॉर्ड, PM मोदी बोले- 'अटूट विश्वास की जीत' उन्होंने कहा, भारत ने इसे हमसे पहले ही देख लिया था। और उन्होंने हमें चेतावनी दी थी। लेकिन हमने उनकी बात नहीं सुनी। यह बात चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और यूरोपीय बाजारों में सामान डंप करने के संदर्भ में कही गई थी। बेल्जियम के नेता ने कहा कि यूरोप अब ऐसी निर्भरता बढ़ने देने के नतीजों का सामना कर रहा है, जिसमें आर्थिक संबंधों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किए जाने की संभावना भी शामिल है। उन्होंने इस व्यापक खतरे के बारे में यूरोप को चेतावनी देने का श्रेय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिया। डी वेवर ने कहा, आपके प्रधानमंत्री ने बहुत पहले ही यूरोप को इस बारे में चेतावनी दी थी। लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उनकी बात नहीं सुनी गई। लेकिन अब हम सुन रहे हैं। 'हमारी लिस्ट में भारत नंबर 1 पर है' डी वेवर ने स्पष्ट किया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में ब्रुसेल्स अब भारत को एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा, हमारी लिस्ट में भारत नंबर 1 पर है। अगर भारत आपकी लिस्ट में नहीं है, तो आप किसी बुनियादी चीज को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने उन देशों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया जो अचानक व्यापार नीतियां बदल सकते हैं या टैरिफ लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेल्जियम को ऐसे साझेदारों की जरूरत है जिनके साथ वह भरोसे पर आधारित संबंध बना सके। डी वेवर ने पूछा, भरोसे के आधार पर हमारे साथ और कौन सहयोग कर सकता है? बेल्जियम के नेता ने कहा कि उनका देश भारत के साथ रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है -- आर्थिक और राजनीतिक रूप से, और साथ ही रणनीतिक रूप से भी। पाकिस्तान को मिलिट्री हार्डवेयर पर बेल्जियम का संदेश भारत की सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में बेल्जियम के प्रधानमंत्री की बातें भी अहम हैं। रक्षा क्षेत्र में गहरे होते रिश्तों के बीच, माना जा रहा है कि बेल्जियम ने नई दिल्ली को यह संदेश दिया है कि वह पाकिस्तान को ज़रूरी मिलिट्री हार्डवेयर की सप्लाई नहीं करेगा। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और बेल्जियम रक्षा-उद्योग के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसमें ऐसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं जिनसे बेल्जियम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भारत में मिलिट्री हार्डवेयर का संयुक्त उत्पादन (joint production) आसान हो सके। प्रधानमंत्री मोदी और डी वेवर के बीच बातचीत के दौरान भारत और बेल्जियम के रक्षा उद्योगों से जुड़े दस समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इस सहयोग के तहत भारत में रॉकेट समेत मिलिट्री उपकरणों के संयुक्त उत्पादन की भी उम्मीद है। दोनों देश सैन्य आदान-प्रदान और ट्रेनिंग को बढ़ाने के साथ-साथ अपनी एजेंसियों के बीच इंटेलिजेंस-शेयरिंग और सहयोग को मज़बूत करने पर भी सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम के व्यापक रिश्तों का एक मुख्य स्तंभ बताया।
मेलोडी के बाद अब चॉकलेट का इंडिया गेट, पीएम मोदी के लिए यूरोप से आया गिफ्ट; एक परेशानी
बेल्जियम के पीएम बार्ट डी वेबर पीएम मोदी के लिए चॉकलेट से बनी हुई इंडिया गेट की प्रतिकृति लेकर आए थे। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि असली इंडिया गेट की तरह नहीं चल पाई और भारत की यात्रा के दौरान पिघल गई।
भारतीय कंपनी से की डील तो रक्षा मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा, इस यूरोपीय देश में क्यों मचा हंगामा?
Estonia Defence Minister Resignation:
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बड़ा दावा, कहा-हम यूरोप को बचा रहे हैं...
इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यूरोप को लेकर बड़ा दावा किया है। खबरों के अनुसार, एक ब्रिटिश पत्रकार से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ब्रिटेन को कथित ईरानी परमाणु खतरे से बचा रहा है। उन्होंने इस दौरान ब्रिटिश पत्रकार से कहा कि मैं आपके देश को भी इस खतरे से बचा रहा हूं। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो वे अमेरिका के मुकाबले यूरोप में इसका इस्तेमाल करने के लिए अधिक तत्पर होते, क्योंकि उनके पास यूरोप तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता मौजूद है। आपको बता दें कि इससे पहले गत वर्ष मार्च में अमेरिकी खुफिया समुदाय ने दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और उसके नेतृत्व ने 2003 में निलंबित किए गए परमाणु हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। गौतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ चुकी है। PC:deccanchronicle अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जयशंकर की कीव यात्रा: भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए आगे आया
एक तरफ जहां यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध नए सिरे से भड़क रहा है और गत साढ़े चार वर्षों से चल रहे इस युद्ध को समाप्त करने की वैश्विक स्तर पर कोई कोशिश भी नहीं हो रही है, तब भारत कूटनीतिक पहल करने आगे आया है। गत सप्ताह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर […]
इंटरनेट डेस्क। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अभी यूक्रेन के दौर पर है। उन्होंने यहां यूक्रेन की राजधानी कीव में कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों में किसी भी तरह से योगदान देने के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जयशंकर ने कहा कि अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं। 3 दिन के दौरे पर हैं जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिन की यात्रा पर हैं। रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद कीव की यह उनकी पहली यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान, वह सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री रोडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर रहे हैं। ऐसे समय आया बयान मीडिया रिपोटर्स की माने तो जयशंकर का यह बयान तब आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में संघर्ष को खत्म करने की अपील दोहराई थी। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है। वहीं शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ना होगा। pc- aaj tak
70 और 80 साल के स्वस्थ यूरोपीय लोगों पर महिला ने किया रिएक्ट, भारतीय लाइफस्टाइल पर जो कहा; होने लगा वायरल
ईरान के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय संघ आए साथ: तेल और वित्तीय नेटवर्क पर कसा शिकंजा, क्या बढ़ेगा आर्थिक संकट?
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने की भारत की इच्छा और मध्यस्थता प्रयासों के प्रति आभार जताया है।
Shamli News: यूरोप, अमेरिका, कनाडा और स्विट्जरलैंड में मिल रही गोगी गिरोह के गुर्गाें की लोकेशन
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में गोगी गिरोह के विदेश में बैठे गुर्गे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत देगा हर संभव समर्थन: विदेश मंत्री एस. जयशंकर
रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत देगा हर संभव समर्थन: विदेश मंत्री एस. जयशंकर rusiaukkrainwar,sjaishankarरूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए भारत देगा हर संभव समर्थन: विदेश मंत्री एस. जयशंकर विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत हमेशा से यह कहता आया है कि आज का युग युद्ध का युग नहीं […]
आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में सौर ऊर्जा का एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा शुरू हुआ है। इसमें आठ देशों के नौ अंतरराष्ट्रीय फेलो शामिल हैं, जिन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
Russia-Ukraine War: भारत ने खोले शांति के दरवाजे, जयशंकर बोले- हम मदद के लिए तैयार
Russia-Ukraine War: भारत ने खोले शांति के दरवाजे, जयशंकर बोले- हम मदद के लिए तैयार
Gold Bars update: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जितनी उथल-पुथल आज दिख रही है, उतनी सामान्य समय में (प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध को छोड़कर) शायद ही पहले कभी दिखी होगी। इसके केंद्र में अमेरिकी अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया है। ईरान से इस साल फरवरी के अंत में शुरू लड़ाई ने संकट और बढ़ा दिया है। इससे दुनिया में आर्थिक शक्ति के रूप में अमेरिका की साख घटती दिख रही है। अब नीदरलैंड्स ने अमेरिका में रखा अपना सोना दूसरे देश में शिफ्ट कर दिया है।DNB ने अपना 86 टन सोना लंदन शिफ्ट कियाइससे पहले फ्रांस ने अमेरिका से अपना सोना निकाल लिया था। अब नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक 'डच सेंट्रल बैंक' (DNB) ने अमेरिका और कनाडा में रखा अपना करीब 86 टन सोना लंदन शिफ्ट कर दिया है। बताया जाता है कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन को देख उसने सावधानी के लिए ऐसा किया है। अमेरिका की पहचान सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति की रही है। लेकिन, अब अमेरिका की इस छवि में सेंध लगती दिख रही है। अमेरिका की आर्थिक क्षमता पर भरोसा घट रहा है।नीदरलैंड्स के गोल्ड रिजर्व का 25% हिस्सा अब बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास हैDNB ने अमेरिका में रखे अपने सोना का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा लंदन ट्रांसफर कर दिया है। खुद डच सेंट्रल बैंक ने यह जानकारी दी है। उसने बताया है कि मार्च और अगस्त के बीच उसने यह एहतियाती कदम उठाया है। अब डीएनबी का यह सोना Bank of England के पास है। नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखे सोना को अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना होता है। उसे दुनिया में सबसे आसानी से ट्रेडेबल गोल्ड की पहचान मिलती है।अमेरिका में रखे सोने को जल्द इस्तेमाल करने में कठिनाईनीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका और कनाडा में रखे सोना का जल्द इस्तेमाल करना मुश्किल है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा है, हमने लंदन में सोना ट्रांसफर कर अपने गोल्ड रिजर्व की ट्रेडेबिलिटी यानी ट्रेड होने की क्षमता बढ़ाई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कभी इस सोने के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी।यह भी पढ़ें:वे हमारी नजर से बचे बिना बाथरूम भी नहीं जा सकते... ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा दावाजियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच डीएनबी ने उठाया एहतियाती कदमडीएनबी ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब सोने की कीमतों में बड़ी तेजी आई है। इधर, अमेरिका और ईरान में टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस टकराव की जड़ में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जिस पर ईरान अपना दावा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई का फिलहाल कोई अंत नहीं दिख रहा है। इससे पहले फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेरिका में न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के पास रखा अपना 129 टन सोना हटा लिया था।
डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सबरीना का इंडिया से बनाया गया आखिरी वीडियो देखने के बाद लोग भड़क गए हैं और उन्हें पाकिस्तान ट्रैवल करने की सलाह दे रहे हैं.
फिर बड़े पर्दे पर लौटेगी ‘पाकीजा’, 4K रिस्टोर्ड वर्जन का फ्रांस में होगा वर्ल्ड प्रीमियर
मीना कुमारी और राजकुमार अभिनीत कमाल अमरोही की यह क्लासिक फिल्म 4K रिस्टोर्ड वर्जन में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित होगी। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर फ्रांस के ल्योन में आयोजित होने वाले फेस्टिवल ल्यूमेर (Lumire Festival) में होगा।
TCS और METRO AG के बीच बड़ी डील, IT ऑपरेशंस को लेकर करार; यूरोप और एशिया में दिखेगा तकनीकी दम
TCS ने अंतरराष्ट्रीय होलसेल दिग्गज METRO AG के साथ एक बड़ी रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह साझेदारी METRO AG के आईटी एप्लिकेशन लैंडस्केप को आधुनिक बनाएगी और उसके अंतरराष्ट्रीय विकास को गति देगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक और शिखर सम्मेलन करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह बैठक तभी संभव होगी जब क्रेमलिन यूक्रेन के साथ एक वास्तविक 'शांति समझौते' की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए तैयार हो। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए 80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना अमेरिका और वैश्विक व्यापार के हित में है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, वह ऐसा करेंगे। मैं भी चाहता हूं, लेकिन मैं यह तब करना चाहता हूं जब हम शांति समझौता करने के लिए तैयार हों। हम रूस, यूक्रेन और सभी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं। यह व्यापार के लिए बहुत अच्छा होगा। इसे भी पढ़ें: SBI UPI डाउनटाइम अलर्ट! 4 सितंबर को 45 मिनट तक ठप रहेंगी यूपीआई सेवाएं, जानिए विकल्प और जरूरी बातें ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती जो बाइडन पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा और तर्क दिया कि अगर वह 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद सत्ता में लौटते तो रूस-यूक्रेन युद्ध नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2016 से 2020 तक अपने पहले कार्यकाल में पुतिन के साथ बातचीत की थी, और उनका मानना था कि उस समय युद्ध की कोई संभावना नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय पुतिन और यूक्रेनी नेता वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच बहुत ज़्यादा दुश्मनी है। उन्होंने कहा, यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी नहीं होना चाहिए था। अगर 2020 में चुनाव में धांधली नहीं हुई होती, तो यह युद्ध कभी नहीं होता। और चार साल तक ऐसा नहीं हुआ। मैं 2016 से 2020 तक वहां था, और मैं पुतिन से बात करता था; ऐसा कभी नहीं होता। कोई संभावना नहीं थी। और जब मैं वहां से निकला, तो मैंने देखा कि क्या हो रहा था और मैंने कहा, 'मुझे लगता है कि ये लोग युद्ध करने जा रहे हैं।' मुझे लगा कि यह पागलपन है; ऐसा नहीं होना चाहिए था। इसे भी पढ़ें: Congo में Ebola का प्रकोप हुआ भीषण, 3000 से अधिक मरीजों की मौत ट्रंप और पुतिन पिछले साल अगस्त में अलास्का में मिले थे, जिसे दोनों नेताओं ने सकारात्मक बताया था। उस समय एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पुतिन ने ट्रंप को एक और शिखर सम्मेलन के लिए मॉस्को आने का निमंत्रण भी दिया था। हालांकि, इसके बाद कोई बैठक नहीं हुई और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। रूस और यूक्रेन एक-दूसरे पर हमले करते रहे हैं, जबकि ज़ेलेंस्की ने मदद के लिए अपने यूरोपीय सहयोगियों से संपर्क किया है। ऐसी अटकलें भी ज़ोरों पर थीं कि रूस NATO (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन) के किसी सदस्य देश को निशाना बना सकता है, लेकिन ट्रंप और क्रेमलिन दोनों ने इन खबरों को गलत बताते हुए इनका खंडन किया है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
जर्मनी: एयरपोर्ट पर 'हमले' की घटना के बाद यूरोपीय देशों की रूस को चेतावनी - bbc.com
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जी-20 बैठक में घमासान: अमेरिका पर बिफरे यूरोपीय देश, कनाडा से तीखी नोकझोंक; जर्मनी-फ्रांस ने भी उठाए सवाल g20-finance-meeting-donald-trump-economic-model-faces-backlash-from-allies-criticize-us-policies-canada-france
The brilliance of Purvanchal's craftsmanship to shine in European markets; textile exporters gain the mantra for global competitiveness
उत्तर प्रदेश ने फ्रैंकफर्ट के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत 'इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम' के लिए एमओयू किया है। यह समझौता यूपी के 20 एमएसएमई और स्टार्टअप्स को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करेगा।
ये कपल 30 दिनों तक घूमा यूरोप और खर्च किए 9.5 लाख रुपये फिर बताया एक-एक पैसे का पूरा हिसाब
Europe Travel Budget: भारत के कई लोगों के लिए यूरोप घूमना काफी महंगा हो सकता है, खासकर तब जब ट्रिप में कई देशों की यात्रा करनी हो और सफर करीब एक महीने तक चले। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 30 दिनों तक यूरोप घूमने में असल में कुल कितना खर्च आता है? बता दें कि एक भारतीय कपल ने अपनी पूरी ट्रिप का खर्च शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि उन्होंने रहने की जगह, फ्लाइट, खाने, ट्रांसपोर्ट और एक्टिविटीज पर कितना खर्च किया।मुस्कान मित्तल और आशीष गुप्ता ने अपनी एक महीने की ट्रिप के दौरान 8 देशों की सैर की। उनकी यात्रा में फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, प्राग, ऑस्ट्रिया, इटली, वेटिकन सिटी और स्विट्जरलैंड शामिल थे।इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियोअपने जॉइंट इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में, इस कपल ने बताया कि उन्होंने अपना ट्रैवल बजट कैसे बांटा और यह भी बताया कि ट्रिप के किस हिस्से में उनका सबसे ज्यादा खर्च हुआ।8 देशों की यात्रा करते समय, हर जगह ठहरने की जगह का खर्च तेजी से बढ़ सकता है। इस कपल के लिए, रहने-सहने का खर्च ही सबसे बड़ा खर्च साबित हुआ।वे Airbnb और होटलों में रुके; ज्यादातर जगहें शहर के सेंटर में या बड़े रेलवे स्टेशनों के पास थीं। मुस्कान ने कहा, औसतन, हमने हर रात के लिए 10,000 रुपये खर्च किए।यूरोप तक पहुंचने की फ्लाइट भी कपल के ट्रिप बजट का एक बड़ा हिस्सा थी। उन्होंने फ्लाइट पर प्रति व्यक्ति ₹50,000 खर्च किए। सीधी फ्लाइट लेने के बजाय, उन्होंने मिडिल ईस्ट से होकर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट बुक कीं। दो लोगों के लिए, उनकी कुल फ्लाइट का खर्च लगभग ₹1 लाख आया।यात्रा में 8 देश शामिल थे, इसलिए शहरों के बीच घूमना भी ट्रिप का एक अहम हिस्सा था। कपल ने बताया कि उन्होंने एक महीने का 'यूरेल ग्लोबल पास' इस्तेमाल किया, जिसमें उनके रूट की लगभग सभी ट्रेन यात्राएं शामिल थीं और इसकी कीमत ₹58,000 थी। उन्होंने कार रेंटल और मेट्रो पर भी ₹28,000 खर्च किए।खाने-पीने का खर्च भी एक ऐसी चीज थी जिसके लिए कपल को अपनी 30 दिन की यात्रा के दौरान प्लानिंग करनी पड़ी। उन्होंने दोनों के खाने पर रोजाना लगभग ₹5,000 खर्च किए। उन्होंने बताया, हम दिन में एक बार बाहर खाना खाते थे, लेकिन खाने का खर्च कंट्रोल में रखने के लिए साथ में 'रेडी-टू-ईट' खाना भी रखते थे और अक्सर ग्रोसरी स्टोर से सामान खरीदते थे।यूरोप घूमना सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने तक ही सीमित नहीं है। ट्रिप के दौरान कई टूरिस्ट प्लेस, अलग-अलग एक्सपीरियंस और एक्टिविटीज पर भी खर्च होता है। इस कपल ने अपनी 30 दिनों की यात्रा के दौरान एक्टिविटीज पर प्रति व्यक्ति 85,000 रुपये खर्च किए।कपल ने अपने बजट में वीजा और ट्रैवल इंश्योरेंस का खर्च भी शामिल किया था। इन खर्चों पर उन्होंने प्रति व्यक्ति ₹15,000 खर्च किए। उन्होंने अन्य खर्चों के लिए भी प्रति व्यक्ति ₹10,000 से ₹15,000 अलग रखे थे।रहने, फ्लाइट, ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, घूमने-फिरने की एक्टिविटीज, वीजा, इंश्योरेंस और अन्य खर्चों को मिलाकर, इस कपल ने बताया कि दो लोगों के लिए उनकी एक महीने की यूरोप बैकपैकिंग ट्रिप का कुल खर्च लगभग 9.5 लाख रुपये आया। View this post on Instagram A post shared by Muskaan Mittal | Aashish Gupta | Travel • Love (@muskaan_aashish) इस कपल के खर्चों के ब्योरे को देखकर दूसरे यूजर्स ने भी बताया कि उन्होंने अपनी यूरोप की छुट्टियों पर कितना खर्च किया था।एक यूजर ने कमेंट किया, हमने 10 दिनों के लिए 8 लाख रुपये खर्च किए। एक और यूजर ने कहा, यह तो काफी सही है।हालांकि, एक यूजर को यह रकम कम लगी। उसने कहा, मुझे लगता है कि यह सस्ता है। हमारे मामले में, 2 लोगों की ट्रिप का खर्च रोजाना लगभग 800-900 यूरो आता है, जिसमें हवाई जहाज़ का किराया शामिल नहीं है।डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर शेयर किए गए यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।यह भी पढ़ें:Janmashtami 2026: 4 सितंबर को जन्म लेंगे लड्डू गोपाल, जानें देश के अलग-अलग हिस्सों में क्या है जन्माष्टमी का पर्व मनाने का तरीका
यूक्रेन पर और हमले...ईरान को खुला समर्थन; यूरोप-अमेरिका के दबाव को पुतिन ने दिखाया ठेंगा
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर और अधिक हमले करने तथा अमेरिका के खिलाफ चल रहे संघर्ष में ईरान को अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है।
EAM S. Jaishankar का Ukraine-Poland दौरा: Russia-Ukraine War में भारत की 'Peace Maker' भूमिका पर नजर
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी और दोनों पक्षों को क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगी। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रथम उप-प्रमुख सर्गी किस्लिट्स्या ने यूक्रेन में भारत के राजदूत अंजनी कुमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की और भारत-यूक्रेन संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में नई दिल्ली की भूमिका भी शामिल थी। इसे भी पढ़ें: विदेश मंत्री S Jaishankar 3 सितंबर से Ukraine और पोलैंड की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे मंगलवार को 'X' पर एक पोस्ट में, किस्लिट्स्या ने कहा कि यह बैठक राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख ओलेक्सी सोबोलेव के साथ मिलकर की गई थी। उन्होंने कहा, यूक्रेन में भारत के राजदूत अंजनी कुमार @sahayanjani के साथ, अपने सहयोगी, राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख @OleksiiSobolev के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। हमने यूक्रेन-भारत संबंधों की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में भारत की भूमिका भी शामिल है। किस्लिट्स्या ने कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में भेजे गए संदेश पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें कहा गया था कि अब अंतहीन युद्ध से युद्ध की समाप्ति की ओर बढ़ने का समय आ गया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 | Delhi Police ने जारी की मोटरकेड रिहर्सल के लिए ट्रैफिक एडवाइज़री, जानें किन रास्तों से बचने की है सलाह उन्होंने कहा, हम भारत के साथ बातचीत जारी रखने और शांति के लिए इस साझा दिलचस्पी को ठोस कदमों में बदलने की उम्मीद करते हैं। इससे पहले, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि रूस द्वारा रात भर यूक्रेन पर किए गए बड़े हवाई हमले में मारे गए 12 लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कुल मिलाकर, हमले में 12 लोग मारे गए - जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है - और दर्जनों अन्य घायल हो गए। जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों और प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।
यूरोपीय संघ यूक्रेन के लिए समर्थन बढ़ाएगा : काजा कल्लास
विकलो, 2 सितंबर . यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने आयरलैंड के विकलो में कहा कि ईयू यूक्रेन को अपना समर्थन और मजबूत करेगा तथा रक्षा क्षमताओं में भी अधिक निवेश करेगा. Tuesday (स्थानीय समयानुसार) यूरोपीय संघ के रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्लास ने ... Read more
Dharamshala की चाय पर बारिश का असर, जर्मनी-फ्रांस में जबरदस्त डिमांड
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श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

