भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को पंख! यूरोप की सबसे बड़ी चिप कंपनी ASML ने देश में शुरू किया काम
सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली कंपनी ASML ने भारत में अपना कामकाज शुरू कर दिया है और शुरुआती तौर पर 20-30 युवा इंजीनियरों की भर्ती करेगी। कंपनी का विस्तार टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की चिप यूनिट की सफलता और भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के विकास लक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
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New Delhi, 19 सितंबर . इंग्लैंड के कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज आइजैक ओकोह इस साल के शानदार प्रदर्शन के दम पर आत्मविश्वास से भरपूर हैं. अब उनकी नजरें यूरोपीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर टिकी हैं. भले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में आइजैक ओकोह का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, लेकिन ... Read more
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड के कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज आइजैक ओकोह इस साल के शानदार प्रदर्शन के दम पर आत्मविश्वास से भरपूर हैं। अब उनकी नजरें यूरोपीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर टिकी हैं।
रूसी हमले के खौफ में यूरोप: मेडिकल बंकर एक्टिव, हेल्थ बजट में कटौती और NATO 3.0 की महातैयारी
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे भीषण संघर्ष के बीच पूरे यूरोपीय महाद्वीप में सीधे सैन्य टकराव की आशंका गहराने लगी है। हालात इस कदर तनावपूर्ण हो चुके हैं कि अब केवल सीमाओं पर हथियारों की तैनाती तक ही तैयारी सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन से जुड़े स्वास्थ्य बजट में कटौती करने से लेकर दशकों पुराने भूमिगत मेडिकल बंकरों को दोबारा सक्रिय करने जैसे असाधारण कदम उठाए जा रहे हैं। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) के सभी 32 सदस्य देशों के रक्षा प्रमुखों का दो दिवसीय आपातकालीन महामंथन शुरू हो चुका है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की कमान इटली के वरिष्ठ नौसेना अधिकारी एडमिरल ज्यूसेप कावो द्रागोने के हाथों में है। बैठक का एकमात्र और सबसे बड़ा एजेंडा यह है कि अगर रूस के साथ किसी भी समय सीधा युद्ध छिड़ता है, तो पूरा यूरोप एक संयुक्त मोर्चे के तौर पर किस प्रकार अपनी रक्षा करेगा, सैन्य तकनीकों में त्वरित निवेश कैसे सुनिश्चित किया जाएगा और यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के कैसे जारी रखी जाएगी।क्या है 'नाटो 3.0': अमेरिकी सुरक्षा छतरी से निकलकर यूरोप की नई रणनीतिक दिशाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार यूरोप को अपनी सुरक्षा का वित्तीय बोझ स्वयं उठाने की दो-टूक चेतावनी दिए जाने के बाद इस सैन्य गठबंधन ने अपनी संपूर्ण रणनीतिक दिशा में व्यापक बदलाव किया है। पश्चिमी रक्षा हलकों में इस बड़े नीतिगत बदलाव को 'नाटो 3.0' (NATO 3.0) का नाम दिया जा रहा है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, नाटो के कुल सामूहिक सैन्य खर्च का 57 प्रतिशत भारी-भरकम हिस्सा अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका वहन करता आ रहा है। इस अत्यधिक निर्भरता के कारण वॉशिंगटन पर हमेशा अतिरिक्त आर्थिक और सामरिक दबाव बना रहता था।अब नाटो 3.0 के नए ढांचे के तहत यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी खुद अपने कंधों पर उठानी होगी। अमेरिका का मुख्य सामरिक फोकस अब हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में केंद्रित हो रहा है, जहां उसे चीन की बढ़ती आर्थिक और नौसैनिक चुनौतियों से निपटना है। हालांकि, नए शक्ति संतुलन के बावजूद यूरोप में नाटो का सर्वोच्च सैन्य कमांडर (Supreme Allied Commander) हमेशा की तरह एक अमेरिकी जनरल ही रहेगा। इसके साथ ही ब्रिटेन और फ्रांस के स्वतंत्र परमाणु हथियारों के जखीरे (Nuclear Deterrence) पहले की तरह ही यूरोप की सुरक्षा गारंटी के प्रमुख आधार बने रहेंगे।2035 तक जीडीपी का 5 प्रतिशत रक्षा पर खर्च: वेलफेयर बजट में कटौती का कड़वा फैसलानाटो के सदस्य देशों ने भविष्य के खतरों को भांपते हुए साल 2035 तक अपनी कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 5 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर राष्ट्रीय रक्षा और आंतरिक सुरक्षा पर खर्च करने का ऐतिहासिक और कड़ा लक्ष्य तय किया है। वित्तीय खाके के तहत, इस 5 प्रतिशत में से 3.5 प्रतिशत हिस्सा आधुनिक लड़ाकू हथियारों, मिसाइल प्रणालियों और गोला-बारूद की प्रत्यक्ष खरीद पर लगाया जाएगा, जबकि शेष 1.5 प्रतिशत आवंटन विशेष सुरक्षा बुनियादी ढांचे, सुरक्षित संचार लाइनों और लॉजिस्टिक्स के निर्माण के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।इस विशाल रक्षा बजट को पूरा करने के लिए यूरोपीय देशों को अपने घरेलू बजट में अत्यंत अप्रिय और कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ रहे हैं। नीदरलैंड्स जैसे विकसित और कल्याणकारी देश ने अपने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बजट और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं में भारी कटौती करने का आधिकारिक प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, रक्षा जरूरतों की पूर्ति के लिए नए टैक्स लगाकर सालाना 54 हजार करोड़ रुपये (लगभग 6.5 अरब डॉलर) से अधिक का अतिरिक्त राजस्व जुटाने की ठोस योजना बनाई जा रही है, जिससे नागरिकों को मिलने वाली रियायतों पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।जर्मनी से ब्रिटेन तक युद्ध स्तर पर तैयारियां: कोल्ड वॉर के बंकर और नई हथियार फैक्ट्रियांरूस के साथ भविष्य में संभावित महायुद्ध की आहट को देखते हुए प्रमुख यूरोपीय शक्तियों ने जमीनी स्तर पर अपनी नागरिक सुरक्षा और रक्षा उत्पादन प्रणाली को युद्ध स्तर पर ढालना शुरू कर दिया है:जर्मनी की बंकर रणनीति: शीतयुद्ध के दौर में साल 1979 में बनाए गए और बाद में पूरी तरह ठप पड़े भूमिगत मेडिकल बंकरों को जर्मनी अब तेजी से खाली करवाकर अत्याधुनिक जीवन रक्षक प्रणालियों के साथ फिर से चालू कर रहा है, ताकि आपातकालीन स्थिति में बड़े पैमाने पर हताहतों का इलाज किया जा सके।ब्रिटेन का मिसाइल और एम्युनिशन मिशन: यूनाइटेड किंगडम ने अपने रक्षा उत्पादन को अभूतपूर्व गति देने के लिए गोला-बारूद और उच्च क्षमता वाले विस्फोटक बनाने की छह बिल्कुल नई फैक्ट्रियां स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ब्रिटिश सेना अपनी मारक क्षमता बढ़ाने के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित 7,000 लंबी दूरी के अत्याधुनिक मिसाइल और रॉकेट हथियार खरीदने जा रही है।पोलैंड का नागरिक सैन्य प्रशिक्षण मॉडल: रूस के सबसे नजदीकी पड़ोसियों में शामिल पोलैंड ने साल 2027 से हर साल 1 लाख आम नागरिकों को गहन सैन्य प्रशिक्षण देने का अनिवार्य कार्यक्रम तैयार किया है, जिसके तहत 5 लाख प्रशिक्षित नागरिकों की एक विशाल रिजर्व सेना खड़ी की जाएगी।लिथुआनिया और स्वीडन की नागरिक चौकसी: बाल्टिक राष्ट्र लिथुआनिया ने 5,000 युवाओं को अनिवार्य सैन्य सेवा के तहत सीधे सेना में तलब करना शुरू कर दिया है। वहीं, हाल ही में नाटो का सदस्य बने स्वीडन ने अपने सभी नागरिकों को आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर युद्ध या किसी भी बड़े संकट की स्थिति में कम से कम 7 दिनों तक बिना किसी सरकारी मदद के जिंदा रहने के लिए राशन, पानी और दवाओं का स्टॉक पहले से तैयार रखने का निर्देश दिया है।अमेरिकी हथियारों पर 90% से अधिक की निर्भरता: यूरोप के सामने आत्मनिर्भरता की बड़ी चुनौतीयूरोपीय देशों की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि उनकी सेनाएं पूरी तरह से अमेरिकी हथियार निर्माण कंपनियों पर निर्भर हैं। रक्षा आंकड़ों के अनुसार, 2016-20 की तुलना में पिछले कुछ वर्षों के भीतर यूरोप के हथियार आयात में 143 प्रतिशत का चौंकाने वाला उछाल दर्ज किया गया है। वर्तमान समय में नॉर्वे और इटली जैसे प्रमुख देश अपनी कुल सैन्य जरूरतों के 93 प्रतिशत हथियार केवल अमेरिका से खरीदते हैं।इसके अलावा नीदरलैंड्स अपनी 89 प्रतिशत, ब्रिटेन 85 प्रतिशत और डेनमार्क 82 प्रतिशत हथियार आवश्यकताओं के लिए पेंटागन और अमेरिकी रक्षा ठेकेदारों पर आश्रित हैं। इस भारी निर्भरता ने संकट के समय यूरोप की स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही मुख्य कारण है कि नाटो के यूरोपीय सदस्य अब अमेरिकी हथियारों के विकल्प के रूप में अपनी घरेलू हथियार फैक्ट्रियों, संयुक्त लड़ाकू विमान परियोजनाओं और स्वदेशी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को मजबूत कर रणनीतिक आत्मनिर्भरता हासिल करने की होड़ में जुट गए हैं।
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच महीनों से चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को ऐलान किया कि अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच एक नया सुरक्षा समझौता हुआ है। ट्रंप ने इसे “Infinite Life” यानी अनंत अवधि वाला समझौता बताया […] यह लेख ग्रीनलैंड पर ट्रंप का ‘Infinite Life’ समझौता क्या है? अमेरिका को क्या मिला, यूरोप और रूस-चीन के लिए क्यों बदलेंगे समीकरण सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, ‘पीसा’ नतीजों ने बढ़ाई चिंता
New Delhi, 19 सितंबर . यूरोप में शिक्षा का गिरता स्तर चर्चा का कारण बना है. दुनिया की कुछ सबसे मजबूत और प्रभावशाली मानी जाने वाली शिक्षा व्यवस्थाओं के प्रदर्शन में गिरावट ने शैक्षिक जगत की चिंता बढ़ा दी है. वैश्विक शिक्षा आकलन (पीआईएसए यानी पीसा) के 2025 के नतीजों में फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और ... Read more
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
यूरोप में शिक्षा का गिरता स्तर चर्चा का कारण बना है। दुनिया की कुछ सबसे मजबूत और प्रभावशाली मानी जाने वाली शिक्षा व्यवस्थाओं के प्रदर्शन में गिरावट ने शैक्षिक जगत की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक शिक्षा आकलन (पीआईएसए यानी पीसा) के 2025 के नतीजों में फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड जैसे यूरोपीय देशों के विद्यार्थियों के गणित, पढ़ने और विज्ञान संबंधी प्रदर्शन में कमजोरी सामने आई है। डिजिटल तकनीक और एआई के दौर में ये परिणाम काफी सवाल खड़े करते हैं।
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
यूरोप में लगातार गिर रहा शिक्षा का स्तर, 'पीसा' नतीजों ने बढ़ाई चिंता
Study Abroad 2026: विदेश में पढ़ाई का प्लान? अमेरिका से फ्रांस तक जानें फीस, वीजा और नौकरी के नियम
Study Abroad 2026: विदेश में पढ़ाई का प्लान? अमेरिका से फ्रांस तक जानें फीस, वीजा और नौकरी के नियम
अमेरिका से दूरी, यूरोप से नजदीकी! कनाडाई PM कार्नी बोले- नया गठबंधन जरूरी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका पर निर्भरता कम करने और यूरोप के साथ नए गठबंधन की शुरुआत की घोषणा की है. उन्होंने व्यापार नीतियों में बदलाव और वित्तीय बाजारों में मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि कनाडा अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रह सकता.
ड्रोन हमले से सऊदी की पाइपलाइन ठप: यूरोप को अक्तूबर में नहीं मिलेगा अरामको का कच्चा तेल; क्या है वजह?aramco halts october crude deliveries european refiners
सऊदी ने तेल निर्यात का बदल दिया रास्ता, यूरोप को दो महीने तक कच्चा तेल नहीं
सऊदी अरब ने तेल निर्यात को लेकर बड़ा फैसला किया है। इसका बहुत बड़ा असर यूरोप पर पड़ने वाला है। जानकारी के मुताबिक सऊदी ने रास्ता बदलते हुए करीब 60 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल अपने गल्फ पोर्ट रास तयनूरा से ओमान के सोहार पोर्ट भेज दिया है।
फ्रांस में स्मार्ट चश्मों से महिलाओं के बिना अनुमति वीडियो बनाने के मामलों की जांच शुरू हुई है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग सड़क पर महिलाओं के वीडियो बनाकर उन्हें इंटरनेट पर डाल रहे थे। इसी को लेकर यौन उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं। इन चश्मों में छोटा कैमरा लगा होता है। इन्हें पहनने वाला बिना मोबाइल निकाले वीडियो बना सकता है। यही वजह है कि इनके गलत इस्तेमाल को लेकर दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ रही है। इन स्मार्ट चश्मों में मेटा के चश्मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। मेटा ने ये चश्मे, चश्मा बनाने वाली कंपनी एस्सिलोरलक्सोटिका के साथ मिलकर बनाए हैं। पिछले साल इनके करीब 70 लाख चश्मे बिके थे। फ्रांस में निजी वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल का नियम रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक आपराधिक जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि महिलाओं के वीडियो बनाने के लिए किस कंपनी के चश्मे का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने दो हफ्ते पहले इन चश्मों को खुद इस्तेमाल करके देखा। पुलिस यह पता करना चाहती थी कि इनसे किस तरह के गलत काम किए जा सकते हैं। फ्रांस में किसी व्यक्ति की निजी जगह पर बिना अनुमति उसकी तस्वीर या वीडियो बनाने पर एक साल तक जेल और 45 हजार यूरो तक जुर्माने का प्रावधान है। महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाए जाने की चिंता मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, स्मार्ट चश्मों के गलत इस्तेमाल में महिलाओं को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली इनेस गिरार्द ने कहा कि इसका समाधान यह नहीं हो सकता कि जिस व्यक्ति की रिकॉर्डिंग हो रही है, उसी से कहा जाए कि वह ज्यादा सावधान रहे। उनका कहना है कि स्मार्ट चश्मे बनाने वाली कंपनियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी तकनीक का इस्तेमाल लोगों को परेशान करने या उनकी निजता भंग करने के लिए न हो। दूसरे देशों में भी स्मार्ट चश्मों पर सवाल जर्मनी: मेटा और स्मार्ट चश्मे से जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। अमेरिका: एक व्यक्ति ने हिरासत केंद्र के अंदर लोगों के वीडियो चुपके से रिकॉर्ड किया था। इसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे लेकर चिंता जताई। ब्रिटेन: इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में मेटा के कैमरा वाले स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक है। कुछ सिनेमाघरों ने भी पाइरेसी के डर से इनके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। नॉर्वे: छात्रों की प्राइवेसी को लेकर स्कूलों में स्मार्ट चश्मों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है ऑस्ट्रेलिया: सरकार सरकारी दफ्तरों में कैमरे वाले स्मार्ट चश्मों पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। अमेजन डिलीवरी में भी इस्तेमाल कर रही स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल सिर्फ वीडियो बनाने के लिए नहीं हो रहा है। अमेजन डिलीवरी के काम में भी ऐसे चश्मों का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ऐसे चश्मे बना रही है, जिनसे डिलीवरी कर्मचारी बिना मोबाइल निकाले पैकेज स्कैन कर सकेंगे, रास्ता देख सकेंगे और सामान पहुंचाने के बाद उसकी तस्वीर ले सकेंगे। रास्ते में कुत्ता या कोई दूसरी रुकावट होने पर चश्मा अलर्ट भी दे सकता है। अमेजन ने इन चश्मों को डिलीवरी कर्मचारियों के साथ टेस्ट किया है। मेटा बिना कैमरे वाला स्मार्ट चश्मा ला सकता है स्मार्ट चश्मों को लेकर उठ रहे निजता के सवालों के बीच मेटा एक ऐसा नया चश्मा लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कैमरा नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका नाम लूना हो सकता है। इस चश्मे में छह माइक्रोफोन और कान के पास स्पीकर होंगे। इनके जरिए यूजर मेटा के एआई से बात कर सकेगा। यानी एआई इस्तेमाल करने के लिए कैमरे की जरूरत नहीं होगी। चश्मे में AI को चालू करने के लिए एक अलग बटन भी दिया जा सकता है। यह सामान्य चश्मे जैसा ही दिखेगा। मेटा इसे क्लबमास्टर और बरबैंक नाम के नए डिजाइन में ला सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा 23 सितंबर से होने वाले अपने डेवलपर कार्यक्रम में इसकी घोषणा कर सकता है। इसकी बिक्री इस साल के आखिर में शुरू होने की बात कही गई है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. सिंगापुर सरकार किताब पढ़ने के बदले पैसे देगी: रोजाना कम से कम 15 मिनट पढ़ना होगा सिंगापुर सरकार अब लोगों को किताब पढ़ने के लिए पैसे देगी। इसके लिए रोज कम से कम 15 मिनट किताब या लंबे लेख पढ़ने होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रंप की ‘51वें राज्य’ वाली जिद: कनाडा ईयू के करीब, कार्नी ने मिलाया हाथ; अब यूरोप को टैरिफ की धमकी
ट्रंप की ‘51वें राज्य’ वाली जिद: कनाडा ईयू के करीब, कार्नी ने मिलाया हाथ; अब यूरोप को टैरिफ की धमकीtrump canada eu closer tariff threat mark carney 51st state row
एशियन गेम्स: सर्फिंग में देश के चार एथलीट्स लेंगे हिस्सा, फ्रांसीसी कोच का भारत से 'खास नाता'
नई दिल्ली, 17 सितंबर (आईएएनएस)। फ्रांस के समाई रेबूल भारत के सर्फिंग सपनों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वह आगामी एशियन गेम्स 2026 की तैयारी कर रही चार सदस्यीय भारतीय राष्ट्रीय टीम को महाबलीपुरम में प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन 25 सितंबर से आइची (जापान) स्थित पैसिफिक लॉन्ग बीच पर होगा।
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

