भारत की इलेक्ट्रिक कारों की विदेशों में धूम, यूरोप बना सबसे बड़ा बाजार
भारत के इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात में पहली तिमाही में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. निर्यात कमाई 22.2 मिलियन डॉलर से बढ़कर 369 मिलियन डॉलर हो गई और गाड़ियों की संख्या 1,309 से बढ़कर 10,802 हो गई. यूरोप सबसे बड़ा बाजार बना, जिसमें स्पेन पहले और ब्रिटेन दूसरे नंबर पर रहा. जर्मनी, नॉर्वे, डेनमार्क सहित कई यूरोपीय देशों में भी मांग बढ़ी.
Jind News: 15 लाख खर्च कर स्टडी वीजा पर यूरोप गए युवक की समुद्र में डूबने से मौत
Young man who spent 15 lakh to go to Europe on a study visa dies by drowning in the sea.
बिहार ने अमेरिका,इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन को पीछे छोड़ दिया; CEC ज्ञानेश कुमार ने क्यों जताया आभार?
ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने आये हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश भर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था।
'रील्स में यूरोप स्वर्ग लगता है, लेकिन असलियत कुछ और है!' भारतीय लड़के ने खोली Dream Life की पोल
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SIR के कारण ब्रिटेन, फ्रांस से ज्यादा वोटिंग बिहार में हुई: CEC
CEC ज्ञानेश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में हुए SIR अभियान को सफल बताया है. उनका कहना है कि बिहार चुनाव का वोटिंग प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे विकसित देशों की तुलना में कहीं ज्यादा था.
राजस्थान वन विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की प्रवृत्ति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की साख पर बट्टा लगा दिया है। बारां वन मंडल में पौधारोपण और निर्माण कार्यों में हुए करीब 10 करोड़ के भारी घोटाले की 3,500 पन्नों की विस्तृत विजिलेंस रिपोर्ट को वन विभाग के आला अधिकारियों ने महज 'एक पन्ने' के आदेश से रद्दी की टोकरी में डाल दिया।
पत्थर शिल्प का 11 करोड़ का कारोबार:ग्वालियर के 200 कारीगरों की कला फ्रांस, स्पेन और दुबई तक पहुंची
ग्वालियर का पत्थर शिल्प देश ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बना रहा है। स्थानीय पत्थर से देवी-देवताओं की मूर्तियों से लेकर फाइन आर्ट तैयार किए जा रहे हैं। शहर के करीब 200 कारीगर इस काम से जुड़े हैं और इससे हर साल करीब 11 करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। इन कलाकृतियों की मांग फ्रांस, स्पेन और दुबई जैसे देशों तक पहुंच रही है। मजबूत पत्थर में बारीक डिजाइन करना आसान राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा के अनुसार, ग्वालियर के पत्थर की खासियत इसकी मजबूती और बारीक रेशा है। यह पत्थर पानी कम सोखता है, जिससे इससे बनी मूर्तियां लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। पत्थर में बारीक रेशे होने के कारण कारीगर मूर्तियों में जेवर, चेहरे की भाव-भंगिमा और दूसरे बारीक डिजाइन साफ तरीके से उकेर पाते हैं। ऐतिहासिक धरोहरों में भी दिखती है पत्थर की मजबूती दीपक विश्वकर्मा के मुताबिक, ग्वालियर के पत्थर की मजबूती का प्रमाण यहां की ऐतिहासिक धरोहरों में भी मिलता है। तानसेन का मकबरा, ग्वालियर किला और मोती-महल की बारीक जालियां इसकी मजबूती को दिखाती हैं। पड़ावली और मितावली के प्राचीन मंदिरों की मूर्तियां भी सैकड़ों-हजारों साल बाद सुरक्षित हैं। ये इस पत्थर के टिकाऊपन का उदाहरण हैं। फाइबर की मूर्तियों के बीच पत्थर की मांग बरकरार फाइबर की मूर्तियों का चलन बढ़ने के बावजूद पत्थर की प्रतिमाओं की मांग कम नहीं हुई है। फाइन डिटेलिंग और मजबूती के कारण कई जगहों पर इनकी मांग बनी हुई है। कारीगरों को विदेशों से भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। फ्रांस में महाराजा रंजीत सिंह की प्रतिमा और पेरिस के 'मेट्रो गाइड' रोड स्टेशन पर प्रदर्शित कलाकृतियां ग्वालियर की मूर्तिशिल्प कला की विदेशों तक पहुंच का उदाहरण हैं।
ईरान ने फ्रांस को आंतरिक मामलों में दखल न देने की दी चेतावनी
तेहरान, 16 अगस्त . ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने फ्रांसीसी Government को ईरान के आंतरिक मामलों में “गैर-कानूनी दखल” के खिलाफ चेतावनी दी है. मंत्रालय ने Saturday को अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा कि जुलाई में तेहरान में दो फ्रांसीसी राजनयिकों ने विदेशी घुसपैठ और दखलअंदाजी से जुड़े एक बड़े मामले के संदिग्धों ... Read more
बिहार में पकड़ा गया फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता सिर्फ अपनी अफसरी का रौब ही नहीं झाड़ता था, बल्कि उसकी पूरी लाइफस्टाइल भी लग्जरी थी। भारत सरकार लिखवाकर टेस्ला की ड्राइवरलेस कार में घूमने वाले मनीष गुप्ता ने अपने महलनुमा घर में बिग बार बना रखा था। इसमें जापान-फ्रांस समेत दुनिया के 22 देशों की 33 प्रीमियम शराब की बोतलें मिली हैं। स्मिरनॉफ, नेडरबर्ग, बकार्डी से लेकर यामाजाकी, हिबिकी, टैलिस्कर डार्क स्टॉर्म और हेंड्रिक्स जिन जैसे प्रीमियम ब्रांड उसके लग्जरी शौक का हिस्सा थे। बरामद बोतलों में कई ऐसी हैं, जिनकी कीमत 20 से 30 हजार रुपए प्रति बोतल तक बताई जा रही है। यानी फर्जी अफसरी के साथ-साथ शराब का कलेक्शन भी उसके शाही अंदाज का हिस्सा था। पुलिस को जांच में कितने देशों की शराब मिली है, उनके ब्रांड क्या हैं…कहां बनती है…रेट क्या है..पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर कैल्वे ग्रांडे रिजर्व बोर्डो सुपीरियर फ्रांस की प्रीमियम रेड वाइन है। इसकी शुरुआत 1818 में जीन-मैरी कैल्वेट ने की थी। इसमें करीब 15% अल्कोहल होता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। स्वाद में रेड फ्रूट, चेरी, मसाले और वनीला के नोट्स मिलते हैं। इसे खास अंगूरों से तैयार किया जाता है और आमतौर पर लाल मांस, शिकार के मांस और चीज के साथ परोसा जाता है। कैल्वे ब्रांड की वाइन की बिक्री दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में होती है। वहीं, जोनिन वेंतितेरे चीआंती DOCG इटली की मशहूर रेड वाइन है, जिसे जोनिन परिवार से जुड़ा ब्रांड तैयार करता है। इसमें करीब 12.5% अल्कोहल होता है। जिम बीम ब्लैक केंटकी स्ट्रेट बॉर्बन व्हिस्की अमेरिका की मशहूर बॉर्बन व्हिस्की है। इसकी शुरुआत 1795 में जैकब बीम ने की थी। इस व्हिस्की में करीब 45% अल्कोहल होता है। विदेशी ड्राय फ्रूट से लेकर लग्जरी कार तक सिर्फ महंगी शराब ही नहीं, फर्जी IAS की जिंदगी में विदेशी तड़क-भड़क भी शामिल थी। वह विदेश से मंगवाए गए महंगे ड्राय फ्रूट खाता था और आने-जाने के लिए टेस्ला की ड्राइवरलेस कार का इस्तेमाल करता था। महंगे ब्रांड, लग्जरी कार और विदेशी सामानों के बीच वह ऐसी जिंदगी जी रहा था, जो आम लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं थी। अब इनके घर की तस्वीरें देखिए… फिलहाल, आरोपी फर्जी IAS अफसर मनीष गुप्ता 5 दिनों से जेल में बंद है। अभी तक उसके फोन और लापटॉप को नहीं खोला गया है। उसके लॉक टूटने पर ही आगे की जानकारी मिल पाएगी।
गर्मी का सितम: सिर्फ एक हफ्ते में यूरोप में 16000 मौतें, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
वैज्ञानिक इस खतरे को सिर्फ जून तक सीमित नहीं मान रहे हैं. उनका मानना है कि एक बार फिर हीटवेव का दौर देखने को मिल सकता है.
Independence Day पर दुनिया भर में फहरा तिरंगा, फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक चला सूर्यपथ अभियान
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत का तिरंगा दुनिया भर में पूरब से पश्चिम की ओर एक प्रतीकात्मक यात्रा कर रहा है और फिजी से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक दुनिया भर में मौजूद भारतीय मिशनों में इसे लगातार फहराया जा रहा है। इस पहल का नाम ‘सूर्यपथ तिरंगा’ रखा गया है। यह हर घर तिरंगा अभियान का ही एक हिस्सा है—एक ऐसा राष्ट्रीय और वैश्विक कार्यक्रम जो भारतीयों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस मनाते समय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस पहल की शुरुआत प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीपीय देश फिजी में भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे (स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजे) हुई, जहां उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने सुवा स्थित ‘इंडिया हाउस’ में तिरंगा फहराया। इसके बाद यह झंडा भारतीय मिशनों के जरिए पश्चिम की ओर बढ़ा और न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, म्यांमा, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मालदीव, उज्बेकिस्तान, ओमान, यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में जश्न मनाया गया। इसके बाद झंडा फहराने का यह कार्यक्रम एशिया, अफ्रीका और यूरोप में आगे बढ़ा, जिसमें इथियोपिया, रूस, केन्या, इजराइल, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, लातविया, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, मोरक्को और आइसलैंड में स्थित भारतीय मिशन शामिल थे। अमेरिकी महाद्वीप की बात करें तो, ब्राजील, सूरीनाम, गुयाना, अर्जेंटीना, त्रिनिदाद और टोबैगो, डोमिनिकन रिपब्लिक, कोलंबिया, कनाडा (ओटावा और टोरंटो), जमैका, अमेरिका (न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन), पेरू और मैक्सिको में भारतीय मिशनों पर भारतीय झंडा फहराया जाएगा। दिन का आखिरी झंडा सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास फहराएगा, जहां भारतीय समयानुसार रात लगभग 8:30 बजे रिले का समापन होगा। वेलिंगटन में, भारतीय समुदाय के 500 से ज्यादा लोगों और स्थानीय दोस्तों ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न में हिस्सा लिया। वहां उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी ने तिरंगा फहराया और देश के नाम राष्ट्रपति का संदेश पढ़कर सुनाया। समुदाय के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ‘हर घर तिरंगा’ सेल्फ़ी अभियान में भी भाग लिया। बीजिंग में, भारतीय समुदाय के सदस्यों और “भारत के दोस्तों” की मौजूदगी में, बारिश के बावजूद राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने भारतीय दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति के संबोधन के कुछ अंश पढ़कर सुनाए। टोक्यो में, भारतीय राजदूत नगमा मल्लिक ने दूतावास में तिरंगा फहराया और देश के नाम राष्ट्रपति का संबोधन पढ़कर सुनाया। स्पेन में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक भारतीय तिरंगा साथ रखें और भारतीयों को ‘हर घर तिरंगा’ का जोश फैलाने के लिए प्रेरित करें।”भारत के संस्कृति मंत्रालय ने पहले एक बयान में कहा था कि इस पहल का मकसद स्वतंत्रता दिवस समारोहों में भारतीय मिशनों और दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय की भागीदारी को उजागर करना और अलग-अलग टाइम जोन में एक साझा, लगातार चलने वाले जश्न का एहसास पैदा करना है। इस रिले के तहत शामिल प्रमुख राजनयिक केंद्रों के अलावा, विदेशों में कई अन्य दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में भी भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। दुबई में, महावाणिज्य दूत विष्णु वर्धन रेड्डी ने भारत के महावाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराया और भारत-यूएई के मज़बूत रिश्तों और भारतीय समुदाय के योगदान पर ज़ोर दिया।
भारत को आजादी की 80वीं सालगिरह पर देश-दुनिया से शुभकामना संदेश आ रहे हैं। दूतावास और मिशनों में गर्व के साथ जश्न-ए-आजादी मनाई जा रही है
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए अलग विभाग बनाने, एक सैटेलाइट सिटी और 8 नए सब-डिस्ट्रिक्ट स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने बच्चों की 50 गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज, बाल विवाह और बहुविवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं का भी ऐलान किया.
डिजिटल युग में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स बच्चों और किशोरों की दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बन चुके हैं। इंस्टाग्राम, टिक-टॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स जहां बच्चों को सूचना और मनोरंजन उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं अत्यधिक स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग और डिजिटल लत ने उनके मानसिक व शारीरिक विकास पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी पृष्ठभूमि में यूरोपीय देश फ्रांस ने बच्चों के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। फ्रांस की संसद द्वारा पारित कानून के तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त कानूनी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। फ्रांस के इस साहसिक फैसले ने पूरी दुनिया में यह बहस छेड़ दी है कि क्या बच्चों के हाथ से सोशल मीडिया छीनना सही कदम है या यह उनकी डिजिटल स्वतंत्रता में अनावश्यक हस्तक्षेप है।फ्रांस के नए कानून के कड़े नियम और माता-पिता की अनिवार्य सहमतिफ्रांस द्वारा लागू किए गए इस ऐतिहासिक कानून के मुख्य प्रावधान बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन एक्सपोजर को नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए हैं।उम्र सत्यापन (Age Verification): 15 वर्ष से कम आयु के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने के लिए डिजिटल आयु सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा।माता-पिता की लिखित सहमति (Parental Consent): 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अकाउंट बनाते समय उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की स्पष्ट डिजिटल सहमति को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।टेक कंपनियों पर भारी जुर्माना: सोशल मीडिया कंपनियों को यूजर की सही उम्र की पहचान करने के लिए कड़े तकनीकी टूल लागू करने का आदेश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली टेक कंपनियों पर उनके वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 1 प्रतिशत तक भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।स्क्रीन टाइम सीमा और नोटिफिकेशन ब्लॉक: रात के समय बच्चों के सोशल मीडिया नोटिफिकेशन को स्वतः म्यूट करने और दैनिक स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने का अधिकार भी अभिभावकों को दिया गया है।मानसिक स्वास्थ्य संकट और सोशल मीडिया बैन के पक्ष में मजबूत तर्कबाल मनोवैज्ञानिकों, न्यूरोलॉजिस्ट्स और शिक्षाविदों का एक बड़ा वर्ग बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के फैसले का पुरजोर समर्थन कर रहा है।एंग्जायटी, डिप्रेशन और इनसोमनिया से बचाव: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और विभिन्न चिकित्सा शोधों के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार स्क्रॉलिंग करने वाले किशोरों में नींद की कमी, एंग्जायटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।बॉडी डिस्मॉर्फिया और अवास्तविक तुलना: सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली एडिटेड और फिल्टर की गई तस्वीरें किशोरों में अपनी शारीरिक बनावट को लेकर हीन भावना (Body Dysmorphia) पैदा करती हैं, जिससे उनका आत्मसम्मान कमजोर होता है।साइबर बुलिंग और ऑनलाइन प्रीडेटर्स: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के साथ ऑनलाइन उत्पीड़न (Cyberbullying), आपत्तिजनक कंटेंट और अज्ञात अपराधियों द्वारा शोषण का खतरा लगातार बना रहता है, जिस पर रोक लगाना आवश्यक है।डोपामाइन लूप और ध्यान भटकाव: शॉर्ट-फॉर्म वीडियो फॉर्मेट बच्चों के दिमाग में डोपामाइन रश पैदा करते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता (Attention Span) और पढ़ाई में गहरी रुचि तेजी से घटती है।बैन के विरोध में उठते सवाल: क्या पूरी तरह पाबंदी लगाना सही समाधान है?दूसरी ओर, डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का तर्क है कि बच्चों से सोशल मीडिया पूरी तरह छीन लेना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता।डिजिटल साक्षरता में रुकावट: 21वीं सदी में इंटरनेट और सोशल प्लेटफॉर्म्स रचनात्मकता, कोडिंग, वैश्विक संपर्क और ज्ञान अर्जन का महत्वपूर्ण जरिया बन चुके हैं। पूर्ण प्रतिबंध से बच्चे तकनीकी विकास में पीछे छूट सकते हैं।वीपीएन (VPN) और फर्जी अकाउंट्स का सहारा: कड़े प्रतिबंध लगाने पर बच्चे अक्सर उम्र छिपाने के लिए फर्जी जन्मतिथि, डमी अकाउंट्स या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर नियमों को बायपास करने लगते हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन निगरानी और अधिक कठिन हो जाती है।प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी की चिंता: उम्र सत्यापन के लिए सरकारी पहचान पत्र या बायोमेट्रिक डेटा कंपनियों को सौंपने से नाबालिगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा पर बड़ा जोखिम खड़ा होता है।दुनिया भर के देशों के लिए फ्रांस का यह कदम क्यों है एक बड़ा सबक?फ्रांस का यह कानून दुनिया के अन्य देशों—विशेष रूप से भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया—के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत मॉडल बन रहा है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिकी राज्यों (जैसे यूटा और फ्लोरिडा) में भी नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध या कड़े नियंत्रण कानून बनाए जा रहे हैं। भारत में जहां 70 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, वहां भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेमिंग की लत एक बड़ी पारिवारिक और सामाजिक चुनौती बन चुकी है। नीति निर्माताओं के लिए फ्रांस का मॉडल यह सिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए केवल माता-पिता पर जिम्मेदारी डालने के बजाय टेक दिग्गजों (Tech Giants) की एल्गोरिदम और कारोबारी नीतियों पर कानूनी जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।संतुलित राह: प्रतिबंध के बजाय डिजिटल साक्षरता और सख्त पैरेंटल गाइडेंसविशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबंध के बजाय 'संतुलित डिजिटल परवरिश' (Balanced Digital Parenting) ज्यादा प्रभावी है।स्कूलों में बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों, एल्गोरिदम के काम करने के तरीके और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की डिजिटल लिटरेसी दी जानी चाहिए।टेक कंपनियों को बच्चों के लिए गैर-नशेड़ी (Non-Addictive) और एल्गोरिदम-मुक्त सुरक्षित इंटरफेस डिजाइन करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए।परिवारों में स्क्रीन-फ्री जोन (जैसे डाइनिंग टेबल और बेडरूम) तय करके बच्चों के साथ संवाद और आउटडोर खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
'यूरोप हमारे लक्ष्यों में से एक है', एथलेटिक बिलबाओ की कमान संभालने के बाद कोच एडिन टेरजिक
'यूरोप हमारे लक्ष्यों में से एक है', एथलेटिक बिलबाओ की कमान संभालने के बाद कोच एडिन टेरजिक
फ्रांस में अनोखी प्रतियोगिता, इंसानों ने निकाली सूअर की आवाज
फ्रांस के ट्रिए सुर बाइसे गांव में हर साल होने वाली अनोखी पिग स्क्वीलिंग चैंपियनशिप इस बार फिर चर्चा में है. प्रतियोगियों को सूअर की चीख और गुर्राने जैसी आवाज निकालकर जजों को प्रभावित करना होता है. इस 43वें आयोजन में करीब 4,000 लोग पहुंचे. प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों से प्रतिभागी शामिल हुए. नौ बार के चैंपियन नोएल जामे भी मुकाबले में उतरे, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच और बढ़ गया.
यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी में चुने गए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप
New Delhi, 14 अगस्त . विज्ञान की दुनिया में India के लिए एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप को स्वीडन के गोथेनबर्ग स्थित यूरोपीय इंजीनियरिंग अकादमी का पूर्ण सदस्य चुना गया है. उन्हें नैनो विज्ञान, जल शुद्धिकरण और कम लागत वाली स्वच्छ पेयजल तकनीकों के क्षेत्र में उनके ... Read more
महंगाई की मार:यूरोप में गर्मी से 90 लाख टन अनाज का नुकसान, वैश्विक FPI 3.5 साल के उच्चतम स्तर पर; आगे क्या?
'फ्री कुकिंग क्लास, गेम रूम और भी बहुत कुछ..' सैन फ्रांसिस्को के Google ऑफिस की खूबियां देख फैन हो जाएंगे
World News: जेली फिश के हमले के बाद फ्रांस ने बंद किए तीन परमाणु रिएक्टर; इंग्लैंड में ट्रेन पटरी से उतरी
चर्चाओं में हैं अरुणाचल के शिक्षक ताई तुगुंग, उत्तराखंड में विशेष सम्मान; फ्रांस तक जलवा
अरुणाचल प्रदेश के ताई तुगुंग चर्चाओं में हैं। उन्हें उत्तराखंड में विशेष सांस्कृतिक सम्मान मिला है। उनकी फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में धमाल मचा चुकी है।
सीकर में यूरोप में नौकरी के नाम पर 1.65 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। फेसबुक पर दिखे ऐड के जरिए युवक आरोपी के झांसे में आ गया। आरोपी ने युवक को मिलने के लिए मोहाली भी बुलाया। लेकिन विदेश भेजने से मना कर दिया और अब पैसा भी वापस नहीं दे रहा। फिलहाल अब साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। फेसबुक पर दिखा था विज्ञापन इस संबंध में साइबर पुलिस थाने में राजेंद्र प्रसाद निवासी मावंडा कलां ने शिकायत देकर बताया कि फेसबुक स्क्रॉल करने के दौरान उसे एक ऐड नजर आया। जिसमें लिखा हुआ था कि कम पैसों में विदेश में अच्छी नौकरी के लिए अप्लाई करें। इस फेसबुक ऐड में ही एक कांटेक्ट नंबर लिखा हुआ था। उस पर राजेंद्र ने कॉल किया। यूरोप में नौकरी लगाने का झांसा दिया कॉल रिसीव करने वाले ने खुद का नाम निखिल गुप्ता होना बताया और कहा कि यूरोप में नौकरी लगवा देंगे। इसके बाद निखिल गुप्ता ने राजेंद्र को मिलने के लिए मोहाली में बुलाया। निखिल के कहने पर राजेंद्र मोहाली में स्थित ऑफिस चला गया। जहां निखिल गुप्ता ने राजेंद्र को कहा कि वह उसे सस्ते दामों में यूरोप भेज देंगे। वहां जाने पर तनख्वाह भी लाखों रुपए में मिलेगी। यह बात कहकर निखिल गुप्ता ने राजेंद्र से 1.65 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। रुपए मिलने के बाद निखिल ने कहा कि अब जल्द ही वह राजेंद्र को यूरोप भेज देगा। अब विदेश भेजने से मना किया लेकिन जब भी राजेंद्र विदेश भेजने के लिए निखिल को बोलता तो निखिल एक-दो दिन का कहकर समय निकाल देता। अब उसने विदेश भेजने से मना कर दिया और रुपए भी नहीं लौटा रहा। जिसके चलते राजेंद्र ने इसकी शिकायत साइबर पोर्टल में दर्ज करवाई। अब साइबर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हो रहा है। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले 25 वर्षीय युवक विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विशु कुरुक्षेत्र के वार्ड-31 स्थित महादेव मोहल्ले का रहने वाला था। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था और करीब डेढ़ साल पहले जर्मनी पहुंचा था। इससे पहले वह करीब एक साल तक फ्रांस की सेना में भी सेवाएं दे चुका था। जर्मनी में वह अपने पड़ोसी गौरव के साथ रहता था, जिसने सुबह करीब 4 बजे परिवार को घटना की जानकारी दी। वजह नहीं हुई मालूम विशु की हत्या किस वजह से हुई और वारदात को किसने अंजाम दिया, इसकी अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। परिजन उसका शव भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। घटना की खबर मिलने के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवंबर में गया था पुर्तगाल विशु शर्मा के पिता नीरज शर्मा शहर में ज्वेलर्स के पास काम करते हैं। उन्होंने बताया कि विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था। उन्होंने अपना प्लॉट बेचकर 20 लाख रुपए में उसे पुर्तगाल भेजा था। यहां करीब 1 साल तक विशु रहा। इसके बाद विशु फ्रांस चला गया। यहां पेरिस में उसने 6 महीने फौज की ट्रनिंग ली। फ्रांस में आर्मी में नौकरी की इसके बाद विशु एक साल तक फ्रांस आर्मी में रहा। साल बाद यहां से नौकरी छोड़कर जर्मनी आ गया। यहां विशु डिलीवरी का काम करता था। विशु ने अपनी एक टीम बना रखी थी। ये टीम विशु के अंडर काम करती थी। बहन बोली- राखी पर देनी थी गोल्ड रिंग विशु की बहन नोनी ने बताया कि सोमवार को उसकी विशु के साथ बातचीत हुई थी। उसके लिए मैंने यहां से राखी भेजी थी। उसने रक्षा बंधन पर गोल्ड रिंग देने की बात कही थी। इस दौरान नोनी ने रोते हुए कहा कि आज उसका डिजाइन पसंद करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी जान चली गई।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में हो रहे अपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए डायल 112 पर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, ‘सरकार जब तक अपराध पर लगाम नहीं लगाएगी, तब तक विपक्ष सरकार को सचेत करने का काम करता रहेगा।’ उन्होंने मुख्यमंत्री से अपराध नियंत्रण को लेकर ठोस कदम उठाने की अपील की। नौजवान मुख्यमंत्री अपराध पर लगाम लगाएं- भाई वीरेंद्र राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “सरकार जब तक अपराध पर लगाम नहीं लगाती, हम विपक्ष में हैं। हमारा काम है सरकार को होशियार करना। नौजवान मुख्यमंत्री से मैं आशा करता हूं कि आप अपराध पर लगाम लगाइए।” प्रशांत किशोर के नौकरी के वादे पर भी बोले प्रशांत किशोर की ओर से 10 हजार युवाओं को नौकरी देने के वादे पर भी भाई वीरेंद्र ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवाओं को नौकरी देने की बात करता है तो वह इसका स्वागत करते हैं, लेकिन पहले नौकरी देकर दिखानी होगी। उन्होंने कहा, “कोई युवाओं को नौकरी देने की बात करता है तो मैं इसका स्वागत करता हूं, लेकिन पहले वह नौकरी दे दें, फिर मैं बात करूंगा।” शराबबंदी पर सरकार को घेरा बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर भी भाई वीरेंद्र ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी बिना किसी सर्वे के लागू की गई थी और वे खुद इसके गवाह हैं। उन्होंने कहा कि चाहे नेपाल, झारखंड या छत्तीसगढ़ का बॉर्डर हो, शराब की तस्करी को लेकर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठते हुए भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि अधिकारी 10 ट्रक शराब पर कार्रवाई करवाते हैं और केवल एक ट्रक पकड़वाकर अपनी कार्रवाई दिखाते हैं। श्याम रजक बोले- पहले अपना घर संभालिए पूर्व मंत्री और जदयू विधायक श्याम रजक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा, तेजस्वी यादव के लिए राजनीति करने के बजाय यूरोप घूमने जाएं तो ज्यादा अच्छा रहेगा। बिहार में सरकार हर घटनाक्रम पर नजर रख रही है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की जा रही है।’ श्याम रजक ने एके-47 से गोली चलाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा, 'सरकार को जैसे ही मामले की जानकारी मिली, संबंधित सिपाही को तत्काल निलंबित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वे पहले अपने घर के मामलों को ठीक करें, बाकी चीजें सरकार पर छोड़ दें। सरकार अपना काम कर रही है। प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं को नौकरी देने के दावे पर सवाल प्रशांत किशोर की ओर से 10 हजार युवाओं को नौकरी दिए जाने के दावे पर श्याम रजक ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'जनता ने जो फैसला दिया है, उसे उन्होंने स्वीकार किया है और आगे भी स्वीकार करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘प्रशांत किशोर की बात छोड़िए। वह अपनी कंपनी चलाने के लिए नौकरी देंगे क्या? लोग जानते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। 10 हजार युवाओं को नौकरी देने की बात शायद अपनी कंपनी चलाने के लिए कही जा रही होगी।’ पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेट पावर देने के फैसले को बताया सही पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेट की शक्तियां दिए जाने के सवाल पर श्याम रजक ने सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत अच्छा निर्णय है। इससे कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।’ शराबबंदी पर बोले- यह सबसे सफल कानून शराबबंदी कानून को विपक्ष की ओर से असफल बताए जाने पर श्याम रजक ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक शराबबंदी बिहार का सबसे सफल कानून है। उन्होंने कहा कि कानून में जरूरत के मुताबिक सुधार हो सकता है, लेकिन इसे खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि शराबबंदी को लेकर चिंता करने वालों की अपनी जीवनशैली क्या है, यह सभी जानते हैं। उनका कहना था कि शराबबंदी कानून खत्म नहीं होगा, जरूरत पड़ने पर इसमें सुधार जरूर किया जाएगा। ‘तेजस्वी सबूत पेश करें, बिहार में समय पर मिल रहा वेतन’ बिहार का खजाना खाली होने और कर्मचारियों को 5-6 महीने में वेतन मिलने के तेजस्वी यादव के आरोप पर भी श्याम रजक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को इस आरोप का सबूत पेश करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में सभी लोगों को समय पर वेतन मिल रहा है और सरकार वित्तीय व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्षम है।
फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान में 300 फीट के ड्राप और तकनीकी खराबी के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और एअर इंडिया के सीईओ को तलब किया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं।
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार व निवेश को मिलेगा बढ़ावा, एसोचैम ने किए अहम रणनीतिक समझौते
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। देश के प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
यूरोप के इस देश में किराए पर मिलते हैं 'पति', महिलाएं घंटों के हिसाब से करती हैं पेमेंट, जानिए वजह
क्या आपने कभी सुना है किराए पर पति मिलते हैं? सुनने में ये काफी अजीब लग रहा है लेकिन यूरोप के एक देश में इस सर्विस से कई महिलाएं काफी खुश हैं। चलिए आपको रेंटल हस्बैंड की पूरी जानकारी देते हैं।
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

