फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी
पेरिस। फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी है। बीएफएमटीवी ब्रॉडकास्टर ने यह जानकारी दी है। यह विधेयक एक सितंबर से लागू होगा। बीएफएमटीवी ने मंगलवार रात बताया कि विधेयक के समर्थन में 279 मत डाले गये जबकि […] The post फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी appeared first on Sabguru News .
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर जिले के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ के शव की पहचान अब डीएनए जांच से होगी। परिजनों के अनुसार मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह जल गए हैं, जिसके कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो पा रही है। ऐसे में शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं, ताकि रिपोर्ट के आधार पर शव की पहचान कर उसे भारत भेजा जा सके। रिपोर्ट मैच करने पर भेजा जाएगा पार्थिव शरीर गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने बताया कि कंपनी की ओर से संपर्क कर परिवार से डीएनए सैंपल उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके बाद गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह ने अपना डीएनए सैंपल दे दिया है। अब रिपोर्ट आने के बाद उसे ईमेल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और कंपनी को भेजा जाएगा। डीएनए मैच होने के बाद ही गुरप्रीत के शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। चार भारतीय नागरिकों की हुई मौत परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते ही गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट वेसल एमवी गोल्डन लियो पर क्रूज मिसाइल से हमला हुआ था। इस हमले में गुरप्रीत सिंह बाठ सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले में कुल 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें सीरिया के नागरिक भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि मिसाइल विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव इस कदर झुलस गए हैं कि उनकी सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन ने नहीं किया परिजनों से संपर्क मामा अमरीक सिंह ने बताया कि परिवार लगातार कंपनी और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है, लेकिन अभी तक शव भारत कब तक पहुंचेगा, इसकी कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है। पहले अनुमान लगाया गया था कि पार्थिव शरीर को भारत लाने में करीब 10 दिन लग सकते हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया डीएनए रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परिजनों ने यह भी कहा कि भारत सरकार को इस हमले के बाद रूस के दूतावास को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए। वहीं अब तक जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जाने की मांग उनका कहना है कि अभी तक किसी अधिकारी ने घर पहुंचकर न तो परिवार का हाल जाना है और न ही कोई सहायता या आश्वासन दिया है। परिवार ने सरकार से मांग की है कि गुरप्रीत के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसका छह माह का एक बेटा है। वर्ष 2016 में सड़क हादसे में पिता किर्तन सिंह की एक टांग कट जाने के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर ही आ गई थी। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल बना हुआ है।
देवास में मंगलवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली गई। भारी बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचा। इस दौरान 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्ण' महामंत्र के जयघोष गूंजते रहे। इस्कॉन देवास द्वारा आयोजित यह रथ यात्रा रामनगर स्थित रामेश्वर धाम मंदिर से शुरू हुई और नयापुरा स्थित लक्ष्मी नारायण धर्मशाला पर समाप्त हुई। यात्रा का मुख्य आकर्षण 21 फीट ऊंचा रथ था, जिस पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी विराजमान थे। रथ को ताजे फूलों से सजाया गया था। पारंपरिक वेशभूषा में सजे भक्त ढोल-मृदंग और झांझ की धुन पर 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे। महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक रथ की रस्सियां खींचीं। बारिश के बावजूद बच्चे, युवा और बुजुर्ग सहित सभी आयु वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुए। इस वर्ष रथ यात्रा में पहली बार यूक्रेन और फ्रांस से आए विदेशी भक्तों ने भी भाग लिया। भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में सजे इन विदेशी भक्तों ने 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन और नृत्य किया। बारिश के बीच भी उनका उत्साह बना रहा। रथ यात्रा में विदेशी भक्त भी हुए शामिलविदेशी श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय भक्त भी झूम उठे और पूरा मार्ग भक्ति, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। विदेशी भक्तों की मौजूदगी ने रथ यात्रा को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और रथ पर फूल बरसाकर स्वागत किया। जय जगन्नाथ और हरे कृष्ण के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। बरसते पानी के बीच निकली यह रथ यात्रा देवासवासियों के लिए आस्था, प्रेम और समर्पण का अविस्मरणीय उत्सव बन गई।
पाली शहर के सुभाष नगर निवासी स्टूडेंट निशित कालानी ने यूरोप के लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में हुए 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में रजत पदक जीता है। प्रतियोगिता 12 से 19 जुलाई तक हुई, जिसमें 78 देशों के 307 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। निशित की इस उपलब्धि से पाली जिले के साथ पूरे देश का नाम रोशन हुआ है। भारत ने जीते चार पदक भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की ओर से भाव्या गुणवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि सोमिल, अनमोल और पाली के निशित कालानी ने रजत पदक अपने नाम किए। दो चरणों में हुई परीक्षा ओलंपियाड में स्टूडेंट्स को छह घंटे के प्रैक्टिकल लैब सेशन से गुजरना पड़ा। इसमें आणविक जीवविज्ञान, जैव रसायन, पशु शरीर क्रिया विज्ञान, पशु आकारिकी एवं वर्गीकरण और पादप जीवविज्ञान जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा छह घंटे की रिसर्च आधारित थ्योरी परीक्षा भी हुई। प्रतियोगिता में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत और 91 कांस्य पदक दिए गए। पहले भी जीत चुके हैं अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक पाली के सुभाष नगर निवासी निशित कालानी के पिता विकास कालानी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) हैं, जबकि उनकी माता नीलम जाजू एक स्कूल प्राचार्य हैं। निशित इससे पहले साल 2025 में रोमानिया में हुए इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उस प्रतियोगिता में भी उन्होंने भारत का नाम रोशन किया था। निशित कालानी की इस उपलब्धि पर पाली जिले में खुशी है। शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
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फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
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