फ्रांस में संगठित ‘अल्ट्रा-लेफ्ट’ कर रहे हिंसक प्रदर्शन, ये देशद्रोह: मैक्रों
पेरिस, 22 अक्टूबर . फ्रांसीसी President मैक्रों ने गल्फ दौरे से लौटकर मंत्रियों और सिक्योरिटी काउंसिल के साथ बैठक की. इसमें फ्रांसीसी शहरों की सड़कों पर होने वाली…
सई एम. मांजरेकर यूरोप रवाना, नई फिल्म में दिखेगा रोमांटिक ड्रामा का अंदाज
सई एम. मांजरेकर एक नए प्रोजेक्ट के लिए यूरोप पहुंची हैं। एस्टोनिया में फिल्मांकन की चर्चा के बीच उनकी आगामी फिल्म को रोमांटिक ड्रामा बताया जा रहा है। फिल्म की कहानी, कलाकारों और सई की भूमिका से जुड़े विवरणों का खुलासा अभी बाकी है।
इंटरनेट डेस्क। फ्रांस में इस समय विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इस बीच कही कही हिंसा की खबरें भी सुनने को मिल रही है। ऐसे में देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का एक बयान सामने आया है, उन्होंने फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने वाले विदेशी नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने खासतौर पर अमेरिका पर फ्रांस की हालात का फायदा उठाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो फ्रांस में आसमान छूती महंगाई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों ने कई जगहों पर हिंसक रूप ले लिया है, जिसके चलते देश के कई शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले सामने आए हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस अशांति के लिए मुस्लिम प्रवासी जिम्मेदार हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए मैक्रों को नसीहत दी थी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, अपनी सीमाएं बंद करो और स्थिति पर नियंत्रण पालो! इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप के इन बयानों पर प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि पिछले वीकेंड पर पेरिस और दूसरे फ्रांसीसी शहरों में हुई लूटपाट के बाद से बड़े पैमाने पर विदेशी स्तर पर सूचनाओं का हेरफेर किया गया है। इस पर तंज कसते हुए मैक्रों ने कहा, फ्रांस के बारे में फैलाए जा रहे झूठे नैरेटिव को बढ़ावा देते हैं, तो साफ है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदों के लिए हमारे देश का इस्तेमाल कर रहे हैं, हमें इस सबकी बिल्कुल जरूरत नहीं है। pc- india tv hindi
थाईलैंड और मलेशिया ने अपने नागरिकों को कुछ यूरोपीय देश न जाने की दी सलाह
बैंकॉक/कुआलालंपुर, 22 अक्टूबर . थाईलैंड और मलेशिया ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वो यूरोप के उन देशों में जाने से बचें जहां विरोध प्रदर्शन जारी…
फ्रांस में कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी- सतर्क रहें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
नई दिल्ली। फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों और कई शहरों में कर्फ्यू के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही फ्रांस की यात्रा करने की तैयारी कर रहे लोगों को भीसावधानी बरतने […]
फ्रांस में दंगे और भारत में प्रदर्शन, क्या दोनों के बीच है कोई संबंध? रिपोर्ट के दावे पर उठे सवाल
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। फ्रांस में हुए दंगों और भारत में हुए प्रदर्शनों के बीच कथित संबंध को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू कर दी है। रिपोर्ट में दोनों देशों में हुई घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की बात कही गई है। हालांकि, इस तरह के […] The post फ्रांस में दंगे और भारत में प्रदर्शन, क्या दोनों के बीच है कोई संबंध? रिपोर्ट के दावे पर उठे सवाल appeared first on Rashtriya Ujala .
'बेवकूफाना और अस्वीकार्य...': फ्रांस हिंसा पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों पर भड़के इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप, नेतन्याहू समेत विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को 'अस्वीकार्य' और 'बेवकूफाना' बताया। इन नेताओं ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए कथित तौर पर प्रवासियों को जिम्मेदार ...
फ्रांस में हुए प्रदर्शनों और भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। फॉक्स न्यूज डिजिटल की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नौ देशों में फैले 101 संगठनों का एक नेटवर्क अलग-अलग देशों में […] The post फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों के कथित कनेक्शन का खुलासा, 101 संगठनों और चीन से फंडिंग पर रिपोर्ट का दावा first appeared on Sanjeevni Today .
फ्रांस में कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की सलाह: कहा- सतर्क रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें; बवाल क्यों?
फ्रांस में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और कई इलाकों में लगाए गए कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए ए
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ विदेशी नेता फ्रांस में हाल के तनावपूर्ण माहौल का अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
पेरिस, 22 अक्टूबर . फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ विदेशी नेता फ्रांस में हाल के तनावपूर्ण माहौल का अपने Political फायदे के…
'लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं', विदेशी नेताओं की टिप्पणी पर मैक्रों भड़के
अमेरिका- यूरोप में हड़कंप, बंद की सरकारी वेबसाइट, तुरंत करें ये काम
PHP Kya Hai? अमेरिका, यूरोप और दुनिया के कई देशों में PHP में पाए गए बग के चलते हड़कंप मच गया. कई देशों ने अपनी सरकारी वेबसाइट को बंद करने का ऐलान कर दिया. इसके बाद AI की मदद से बग डिटेक्ट किया और अब कंपनी ने इस संबंध में अपडेट जारी किया कर दिया है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
मैक्रों का ट्रंप-नेतन्याहू पर निशाना: बोले- फ्रांस के खिलाफ अभियान चला रहे विदेशी नेता; क्या है पूरा विवाद?
फ्रांस दंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का एक ही पैटर्न, दोनों को सिंघम दे रहे फंड?
फॉक्स की रिपोर्ट अनुसार, नौ देशों में 101 ऐसे संगठनों की पहचान की गई है जो एक रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम का हिस्सा है। यानी कि इस्लामी और कम्युनिस्ट समूहों का हिस्सा हैं।
फ्रांस में भयंकर गदर देख भारत भी अलर्ट, अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
महंगाई समेत कई मुद्दों को लेकर फ्रांस में भयंकर बवाल जारी है। इसकी आग यूरोप के कई शहरों तक पहुंच चुकी है। अब भारत सरकार ने इसे लेकर अपने नागरिकों से अलर्ट रहने के लिए कहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा एवं सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। फ्रांस में रह रहे और वहां यात्रा करने वाले भारतीयों को सतर्क रहने व हिंसा वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मप्र सरकार के नए हाईटेक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी नवंबर माह के आखिर तक होने की संभावना है। फ्रांस की एयरबस कंपनी से खरीदे जा रहे एसीएच160 हेलीकॉप्टर को लेकर विमानन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, डिलीवरी की तारीख अभी तय नहीं हुई है। विमानन विभाग के सूत्रों के मुताबिक हेलीकॉप्टर फ्रांस से उड़कर सीधे भारत नहीं आएगा। इसकी दूरी अधिक होने के कारण कंपनी इसे अलग-अलग पुर्जों के रूप में समुद्री मार्ग से मुंबई पोर्ट तक पहुंचाएगी। वहां से पुर्जों को भारत में मौजूद एयरबस की किसी फाइनल असेंबली लाइन भेजा जाएगा। इनमें वडोदरा, बेंगलुरू या नोएडा को चुना जा सकता है, जहां हेलीकॉप्टर को असेंबल किया जाएगा। इसके बाद तैयार हेलीकॉप्टर को उड़ाकर भोपाल लाया जाएगा। डिलीवरी से पहले कंपनी इसका फ्लाइट टेस्ट करेगी, ताकि सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रदर्शन की जांच की जा सके। नए हेलीकॉप्टर के लिए दो पायलट फ्रांस में प्रशिक्षण ले चुके हैं। राज्य सरकार ने आदर्श राय और संजय श्रीवास्तव को फ्रांस में एसीएच160 उड़ाने का प्रशिक्षण दिलाया है। दोनों पायलट सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर की डिलीवरी स्वीकार करने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। 9 सीटर होगा... नए हेलीकॉप्टर में 2 क्रू मेंबर के अलावा 9 यात्री बैठेंगे। टेकऑफ भार क्षमता 6050 किलो और स्लिंग लोड 1600 किलो होगा। 2011 में खरीदे ईसी155 बी1 में 6 यात्री और 2 क्रू मेंबर बैठते हैं। इसकी टेकऑफ भार क्षमता 4920 किलो है। मूल कीमत करीब 125 करोड़, लेकिन टैक्स और इंटीरियर के कारण 225 होगी लागत... एयरबस एसीएच 160, एयरबस एच160 हेलीकॉप्टर का कॉर्पोरेट और प्राइवेट कैटेगरी की फ्लीट है। इसमें दो इंजन हैं और इसे वीआईपी यात्राओं के लिए विशेष इंटीरियर के साथ तैयार किया जा सकता है। मप्र सरकार ने मुख्यमंत्री की सरकारी यात्राओं और राज्य में वीवीआईपी दौरे से जुड़ी जरूरतों के अनुसार इसका इंटीरियर डिजाइन कराया है। सरकार से अनुबंध के मुताबिक हेलीकॉप्टर की मूल कीमत करीब 125 करोड़ रुपए है। लेकिन इस पर करीब 35 प्रतिशत टैक्स (आईजीएसटी, आयात शुल्क, डीजीसीए शुल्क आदि) चुकाना पड़ेगा, जो करीब 78.75 करोड़ रुपए बैठता है। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपए इसके कस्टमाइजेशन, इंटीरियर पर खर्च होने का अनुमान है। इस तरह इसकी कुल लागत 225 करोड़ पहुंच सकती है।
फ्रांस में 'बिस्मिल्लाह, से ले तेनब्र' नारे पर विवाद: मुस्लिम प्रवासियों पर बहस; आरोपों पर मैक्रों का पलटवार--France Protest Slogan Controversy: Macron Hits Back at Trump and Netanyahu
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे और यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से बचने की अपील की है. वहीं, फ्रांस में हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नाराजगी जताई.
बर्लिन में भारत का दूसरा दांव: क्याअमेरिका के टैरिफ झटकों का जवाब यूरोप में,अब तक की कोशिशों से क्या मिला?
नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हो रही- फ्रांस चरमपंथी इस्लाम के सामने झुक रहा है!
विश्व के लिए इस्लामी चरमपंथ और जिहाद का खतरा कम नहीं हुआ है, दिनों दिन यह बढ़ता जा रहा है, भारत भी इससे लगातार लड़ रहा है । हमास, आईएसआईएस और उनके समर्थक अभी भी सक्रिय हैं। The post नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हो रही- फ्रांस चरमपंथी इस्लाम के सामने झुक रहा है! appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? अमेरिका और कीव से बातचीत को तैयार पुतिन
क्रेमलिन ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और यूक्रेन के साथ तीन-तरफा बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।
यूरोप के फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया के बाद अब ग्रीस में बड़े प्रदर्शन होने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सबसे बड़ा जुलूस एथेंस में निकाला। जानें इसके पीछे की वजह क्या है।
यूरोप में भड़का जन आक्रोश, पुलिस-जनता के बीच झड़पों से हालात गंभीर
यूरोप के कई देश महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के चलते भीषण आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं. अल्बानिया, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पेरिस में हिंसा के चलते कर्फ्यू लागू है, जबकि अल्बानिया में पीएम के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. इटली ने दंगा रोधी सख्त कानून बनाए हैं और पुर्तगाल में लोग आवास संकट के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
शशि थरूर का किरेन रिजिजू को जवाब, वीडियो में बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; हम सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करते हैं
छात्र आंदोलनों की चपेट में यूरोप, फ्रांस में हिंसा जारी, इटली-अल्बानिया में भी बिगड़े हालात
अल्बानिया में 7 दिनों से छात्रों की अगुआई में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. भ्रष्टाचार बेरोजगारी और शिक्षा की बिगडी हालत पर हजारों नौजवान सड़कों पर हैं. वो प्रधानमंत्री एजी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं लेकिन पीएम ने पद से हटने से इंकार कर दिया है. उधर शिक्षा और महंगाई के सवाल पर पूरे फ्रांस में भी हिंसा का दौर जारी है. पेरिस, मार्सेई, लियोन और बोर्डो सहित कई शहरों में लूटपाट, आगजनी और पुलिस के साथ झड़पों की खबरें आईं.
फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय कंपनी रॉकेट ने उत्तर प्रदेश में मक्का आधारित उद्योगों में निवेश की सहमति दी है, जबकि एडेइस ने भी औद्योगिक परियोजनाओं में रुचि दिखाई है। यह निवेश योगी सरकार की अनुकूल नीतियों और कृषि उत्पादों की उपलब्धता से आकर्षित होकर हुआ है, जिससे कृषि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
ट्रंप की नसीहत पर भड़के मैक्रों, कहा- फ्रांस को राजनीति का मोहरा न बनाएं
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विदेशी नेताओं, खासकर अमेरिका पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है. उन्होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की और सभी विदेशी नेताओं को सलाह दी कि वो फ्रांस का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक फायदे के लिए न करें.
हिंसक आंदोलन की चपेट में यूरोप के कई देश, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली समेत कई मुद्दों पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है...फ्रांस में हालात पर काबू के लिए जहां राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू का दौर जारी है, वहीं इटली में दंगा रोधी कड़े नियम को मंजूरी दी गई है. देखें...
मोहन भागवत का दावा- भारत में बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश, वीडियो में बोले- देश को दबाना चाहती हैं कुछ शक्तियां
फ्रांस : दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें
दोहा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया है कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनके देश में हुए दंगों का किसी धर्म विशेष से कोई लेना देना नहीं था। हाल ही में बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था।
फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें हमारे देश की थी ही नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों
फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें हमारे देश की थी ही नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों
यूरोप के कई देशों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, सड़कों पर उतरे लोग
यूरोप के विभिन्न देशों में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं. फ्रांस, अल्बानिया और पुर्तगाल जैसे देशों में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं. जीवन यापन की बढ़ती लागत और आर्थिक संकट ने आम जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है.
फ्रांस जल रहा है, इसका फायदा किसे मिल रहा है? जानें पूरा वाकिया
फ्रांस में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन महंगाई, खराब सेवाओं और हिंसक दंगों तक पहुंचा, जिसके बाद मरीन ले पेन ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को घेरा. चुनाव से छह महीने पहले यह अशांति ले पेन को कानून-व्यवस्था, प्रवासन और अर्थव्यवस्था पर अपना अभियान तेज करने का मौका दे रही है.
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: शनिवार को भारी सुरक्षा तैनाती
पेरिस, 21 अक्टूबर 2026 | फ्रांस में हालिया हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू ने शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर पुलिस तैनाती की घोषणा की है। The post फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: शनिवार को भारी सुरक्षा तैनाती appeared first on Rashtriya Ujala .
फ्रांस में बढ़ती महंगाई, लचर शिक्षा व्यवस्था से तंग आकर नागरिक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी बात यह है कि सड़कों पर कैप्टन अमेरिका, बैटमैन और स्पाइडर-मैन के कॉस्ट्यूम में लोग पुलिस के सामने डटे हुए नजर आए।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट पर दिल्ली के छात्र नेताओं ने चिंता जताई है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अराजकता के बीच अंतर बताते हुए ऐसी गतिविधियों को अनुचित ठहराया है।
UN का डबल स्टैंडर्ड, फ्रांस प्रोटेस्ट पर जो लिखा वह भारत वाले मैसेज से अलग
भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और फ्रांस समेत दुनिया के कई हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के रुख पर सवाल उठाए जा रहे है. भारत के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर जहां UN ने चिंता जताई थी तो वहीं फ्रांस के प्रोटेस्ट पर उसने कहा कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा और एकमात्र रास्ता समावेशी और सुरक्षित बातचीत है.
यूरोप के कई देशों में महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और आवास संकट के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अल्बानिया में आठवें दिन झड़पें, इटली में कड़े सुरक्षा कानून और फ्रांस में कर्फ्यू बढ़ाया गया।
अगर आपको लग रहा है कि भारत में खाने-पीनी के चीजें महंगी हो रही है, तो एक बार फ्रांस के प्याज टमाटर का रेट जान लीजिए. शायद आप इसके बाद इस बात का शुक्र मनाएंगे कि आप भारत में रहते हैं. यहां जानते हैं इस बारे में-
फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार
फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार अधिकारियों के अनुसार, कई दिनों से चल रहे प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंसक प्रदर्शनों को काबू में लाने के लिए फ्रांस के कई शहरों […] The post फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
यूरोप में विरोध की लहर: अल्बानिया में आठवें दिन भी झड़पें, इटली में सख्त कानून; फ्रांस में कर्फ्यू बढ़ा europe-protests-albania-italy-france-violence-fuel-prices-housing-crisis-clashes-continue-strict-laws-curfew
रूस-यूक्रेन युद्ध: ट्रंप की जेलेंस्की को चेतावनी, कहा- बोले- समझौता नहीं किया तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे donald-trump-warns-zelenskyy-ukraine-war-settlement-russia-territorial-gains-putin-xi-meeting
अब भी सुलग रहा यूरोप! फ्रांस समेत 4 देशों में बवाल, जानें ताजा हालात
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, महंगे मकान और सरकारी सेवाओं की गिरती गुणवत्ता के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस, इटली, स्पेन, अल्बानिया और सर्बिया में छात्र, मजदूर और आम जनता सड़कों पर उतरकर अपनी मांगें रख रहे हैं.
फ्रांस के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के आरोप में संदिग्ध गिरफ्तार
फ्रांस के लिमोज शहर में शनिवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के मामले में सुरक्षा बलों ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के कट्टर वामपंथी संगठनों से जुड़े होने का ...
पानीपत के कपड़ा उद्योग को अब अपने उत्पादों में इस्तेमाल हुए रिसाइकिल धागे का पूरा हिसाब रखना होगा। विदेशी खरीदार, खासकर यूरोपीय देशों से, तैयार कपड़े में रिसाइकिल और नए धागे की हिस्सेदारी जानना चाहते हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोका गया। AAP के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद अधिकारियों ने मान का 50 हजार रुपए का चालान भी काटा। अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से बहुत दबाव होने की बात कही। दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट कर कहा कि जैसे दशहरे पर रावण का घमंड खत्म हुआ था, वैसे ही केंद्र सरकार का अहंकार टूटना चाहिए। मान पेरिस में 17 से 21 अक्टूबर तक चल रहे अंतरराष्ट्रीय फूड ट्रेड एग्जीबिशन SIAL पेरिस 2026 में शामिल हुए थे। केंद्र के फैसले के खिलाफ मान को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फ्रांस दौरे की परमिशन दी थी। दावा- सामान लोड होने के बाद काटा चालान पंजाब AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस घटना को केंद्र की ओर से मान की विदेश यात्राओं की अनुमति बार-बार रोकने से जोड़ा। उन्होंने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि अधिकारियों ने शुरू में सामान आने या जांच में देरी का हवाला दिया। जब मुख्यमंत्री मान का सामान उनकी गाड़ी में लोड होने वाला था और वे जाने वाले थे, तभी अधिकारियों ने यह कहते हुए चालान जारी कर दिया कि वे ऊपर से भारी दबाव में हैं। AAP का आरोप- मान को पेरिस में प्रोटोकॉल नहीं मिला AAP नेता बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मान पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए पेरिस में आयोजित SIAL फूड ट्रेड एग्जिबिशन में शामिल हुए थे। पन्नू के मुताबिक, हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद पेरिस में भारतीय कॉन्सुल जनरल मान से मिलने नहीं आए। केंद्र ने मान को जाने से मना किया, कोर्ट ने परमिशन दी भारत के विदेश मंत्रालय ने भगवंत मान को कट्टरपंथी गुटों के खतरे के हवाला देते हुए चलते फ्रांस दौरे की इजाजत नहीं दी थी। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र के फैसले को चुनौती दी। तर्क दिया कि दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के व्यावसायिक और कृषि हितों को बढ़ाने के लिए है। पंजाब हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी। केंद्र पर पंजाब के फंड रोकने का आरोप पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर पंजाब के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल तक रोके रखा, पंजाब की जायज रकम रोकी और मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति कम से कम 4 बार नहीं दी। AAP नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र को डर है कि विदेश यात्राओं से पंजाब में निवेश आएगा। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब CM ने शाह से पूछा- 2007 से 2017 तक नशा बढ़ता रहा, तब पंजाब बचाने की याद क्यों नहीं आई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर सवाल उठाए। मान ने 2007 से 2017 तक अकाली दल के साथ रही सरकार, किसान आंदोलन, नशा तस्करी, गैंगस्टरों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए पूछा कि जब इन मामलों में कार्रवाई की जरूरत थी, तब केंद्र को पंजाब की याद क्यों नहीं आई। पूरी खबर पढ़ें…
यूरोप में ढह रहा मध्यमार्गी राजनीति का किला: फ्रांस से जर्मनी तक अतिवादी दलों का उभार; क्यों बदल रहा रुझान?
शनिवार के प्रदर्शनों से पहले फ्रांस में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा, सेना भी संभालेगी मोर्चा
फ्रांस में पिछले सप्ताह हुई हिंसा के बाद शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे. पुलिस के साथ सेना की भी तैनाती होगी. प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हिंसा और लूटपाट के बाद व्यवस्था बहाल करना है.
जनाना ड्योढ़ी में गूंजेंगी मारवाड़, ईरान और यूरोप की वीरांगनाओं की दास्तानें
मेहरानगढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक प्राचीरों के बीच जोधपुर रिफ में इतिहास की उन वीरांगनाओं, संतों, कवयित्रियों और रानियों के नाम रहेगा, जिनकी आवाजें आवाजें सदियों के शोर में कहीं दब गईं। 22 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस 19वें संस्करण में 25 अक्टूबर की शाम जनाना कोर्टयार्ड में एक अनूठा अंतरराष्ट्रीय संगीत संगम द बुक ऑफ क्वींस (फारसी में मलकेह नामेह) साकार होगा। जोधपुर रिफ द्वारा यह प्रोजेक्ट भारत में पहली बार (इंडियन प्रीमियर) प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका सबसे खास पहलू यह है कि इस कॉन्सर्ट को विशेष रूप से मारवाड़ की महिलाओं और राजस्थान के इतिहास में उनके अप्रतिम योगदान को समर्पित किया गया है। कार्यक्रम मेहरानगढ़ दुर्ग के जनाना कोर्टयार्ड में होगा, जहां कभी रानियों और पटरानियों की मौजूदगी रहती थी। प्रोजेक्ट का कलात्मक नेतृत्व फारसी भाषी फ्रेंच ओपेरा गायिका कैमिली बोर्दे कर रही हैं। मूल रूप से यह यूरोप और ईरान के बीच महिला कला-संस्कृति का एक आख्यान था, लेकिन जोधपुर रिफ के साथ जुड़ते ही इसमें भारतीय शास्त्रीय और लोक परंपराओं को शामिल किया गया। अब यह तीन अलग-अलग संस्कृतियों—यूरोप के प्रारंभिक शास्त्रीय संगीत, ईरान की फ़ारसी परंपरा और भारत के आध्यात्मिक संगीत का अनूठा संगम बन चुका है। Cb breaking मीराबाई से लेकर हिल्डेगार्ड तक: 8 सदियों की महिला चेतना एक मंच पर द बुक ऑफ क्वींस में केवल संगीत नहीं, बल्कि मध्यकाल से लेकर आधुनिक युग तक की महिलाओं के प्रेम, भक्ति, विरह और स्वाभिमान की कहानियों को धुनों में पिरोया गया है। इसमें राजस्थान की भक्त शिरोमणि मीराबाई, कश्मीर की शैव संत ललद्यद (लाल देद) और कर्नाटक की अक्का महादेवी के पदों को फ़ारसी साहित्य की पहली महिला कवयित्री राबिया बल्खी, शाहनामा की योद्धा गोरदाफ़रीद, 12वीं सदी की जर्मन संत हिल्डेगार्ड ऑफ बिंगेन और इटली की संगीतकार बारबरा स्त्रोज़ी की रचनाओं के साथ आमने-सामने रखा गया है। खास जुगलबंदी: जब टकराएंगे थार का कमायचा और पर्शियन कमानचे इस प्रस्तुति में पूरब और पश्चिम के बेहद दुर्लभ पारंपरिक वाद्ययंत्र एक साथ सुर छेड़ेंगे। थार रेगिस्तान के युवा कमायचा वादक कोडे खान मांगणियार और प्रसिद्ध हिंदुस्तानी व सूफ़ी गायिका स्मिता बेल्लूर भारतीय सुरों का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं ईरान के प्राचीन वाद्य ‘’’’कमानचे’’’’ पर सईद कामजू, तार पर मरियम ताज़देह और ताल वाद्य तोम्बक व डफ पर कनाडाई-ईरानी ड्रमर हामिन होनारी संगत करेंगे।
नमस्कार, RSS चीफ मोहन भागवत ने नागपुर में संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में संबोधित किया। नवंबर में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की स्थिति अच्छी नजर नहीं आ रही है। यूपी के लखनऊ में कारोबारी की हत्या मामले में फरार मॉडल नागपुर से अरेस्ट हुई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. रिलायंस जियो का आईपीओ ओपन होगा. कंपनी 27 करोड़ शेयर्स जारी कर 30000 करोड़ जुटाएगी। कल की बड़ी खबरें... 1. लखनऊ लिवइन पार्टनर मर्डर केस: आरोपी मॉडल श्रद्धा नागपुर से गिरफ्तार, STF ने बहन-ड्राइवर के साथ पकड़ा यूपी के लखनऊ में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्या की आरोपी लिवइन पार्टनर मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार हुई। श्रद्धा पर 50 हजार का इनाम था। वह 11 दिन से फरार थी। यूपी एसटीएफ ने उसकी बहन और ड्राइवर को भी अरेस्ट किया। दावा है कि घटना के बाद वह लखनऊ से सीतापुर होते हुए बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी। 18 अक्टूबर को नेपाल से वापस यूपी लौटी और ANI न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया था। 9 अक्टूबर को हुई थी संदिग्ध मौत कारोबारी शिवा शर्मा की लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई थी। श्रद्धा दुबे का दावाहै कि उसने शिवा की हत्या नहीं की है। शिवा उसकी आंखों के सामने बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदा था। पूरी खबर पढ़ें... 2. भागवत बोले- भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश: सत्ता बदलकर अपने पिट्ठू बैठाना चाहते हैं नागपुर संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन कर हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। कुछ लोग भारत और हिंदू समाज को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें ऐसे नेताओं का भी समर्थन मिलता है। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, इजराइल के काउंसल जनरल यानिव रेवाच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें... 3. राजा भैया ने 500 हथियारों का जखीरा दिखाया, बोले- हाथी के दिखाने वाले दांत अलग होते हैं प्रतापगढ़ के कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरे पर हथियारों का जखीरा दिखाया। उन्होंने अपनी कोठी पर शस्त्र पूजन किया। राजा भैया धोती-कुर्ता और केसरिया साफा पहने 500 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों की पूजा करते दिखे। पत्नी भानवी सिंह के आरोपों के बाद राजा भैया ने समर्थकों के साथ लगातार दूसरे साल लोगों के सामने दशहरे पर हथियारों का पूजन किया। इस मौके पर राजा भैया ने कहा- विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन अनादि काल से होता आया है। यहां मौजूद सभी लोग हमारा परिवार हैं। हम सभी धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित है। यह नहीं सोचिए कि इतने ही हथियार हैं। हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं, खाने वाले अलग होते हैं। पढ़ें पूरी खबर… 4. ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हार सकते हैं: 10 में से 9 सर्वे में पीछे, महंगाई-ईरान जंग से लोकप्रियता घटी, अपने ही उम्मीदवार दूरी बना रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लोकप्रियता में गिरावट आई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले उनकी अप्रूवल रेटिंग 30% तक पहुंच गई है। 10 बड़े पब्लिक पोल में से सिर्फ 1 में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी आगे है। महंगाई, ईरान के साथ जंग और ट्रम्प की घटती लोकप्रियता के बीच पार्टी के लिए कांग्रेस में अपना बहुमत बचाना चुनौती बन गया है। क्या होता है मिडटर्म चुनाव मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति नहीं चुना जाता। इसमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की सीटों के लिए वोटिंग होती है। दोनों सदनों में फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बहुमत है। अगर डेमोक्रेट्स जरूरी सीटें जीत लेते हैं, तो वे एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर सकते हैं। इससे ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को लागू करना मुश्किल हो सकता है। ट्रम्प की लोकप्रियता में गिरावट, 30% तक रेटिंग पहुंची पूरी खबर पढ़ें... 5. दावा- टाइगर नहीं थे असली टार्गेट, बड़े सेलिब्रिटी को निशाना बनाना चाहते थे शूटर्स; पहले रैकी की फि हमला एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमले मामले में खुलासा हुआ है कि टाइगर हमलावरों का मेन टारगेट नहीं थे। वह जुहू के किसी भी सेलिब्रिटी की हत्या की फिराक में थे। इसके लिए आरोपियों ने कई सेलिब्रिटी की रैकी की। जब जानकारी मिली की टाइगर रविवार को फुटबॉल खेलने आते हैं तो उनपर हमला करना तय किया गया था। बिहार के ऋतिक उर्फ रोशन (22) और हरियाणा के रेहान (18) व फूल सिंह (18) ने टाइगर की लोकेशन के लिए इंस्टाग्राम को भी फॉलो किया था। 8 अक्टूबर की शाम उन पर 5 राउंड फायरिंग हुई थी। टाइगर की सेहत में हुआ सुधार घटना के बाद टाइगर हाथ पर पट्टी और चेस्ट में ड्रेसिंग कराए नजर आए थे। गन पाउडर के कारण उनके हाथ पर असर हुआ था और कार की विंडशील्ड का टुकड़ा उनकी चेस्ट में लगा था। हालांकि अब उनकी सेहत में सुधार है। पूरी खबर पढ़ें... 6. पैरा एशियन गेम्स- भारत ने दूसरे दिन 24 मेडल जीते:डिस्कस थ्रो में तीनों मेडल अपने नाम किए; निषाद कुमार ने हाई जंप में गोल्ड जीता भारत ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन 24 मेडल जीते। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारत का दबदबा रहा। पुरुषों के डिस्कस थ्रो में भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीते। निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीत। 200 मीटर और 400 मीटर रेस में सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी गोल्ड अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर जीतने के साथ 2028 लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। भारत को पहली बार स्टैंडिंग कैटेगरी में मेडल पैरा टेबल टेनिस में भारत ने कुल पांच ब्रॉन्ज मेडल जीते। रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने स्टैंडिंग कैटेगरी में एशियन पैरा गेम्स का मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के रूप में इतिहास बनाया। स्टैंडिंग कैटेगरी में खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: यूसुफ पठान को ₹20 करोड़ की जमीन ₹5.5 करोड़ में: इसको लेकर गुजरात सरकार से विवाद था; 4 महीने पहले TMC ममता गुट छोड़ा (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: BJP का दावा- राहुल गांधी वियतनाम गए: फ्लाइट का वीडियो पोस्ट कर लिखा- झूठ फैलाते-फैलाते थक गए; कांग्रेस बोली- दूसरे लोग भी विदेश जाते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: हरियाणा में देश का सबसे ऊंचा रावण जला: दिल्ली में 30 फीट के कॉकरोच का दहन; मोदी-प्रियंका ने तीर चलाकर रावण जलाया (पूरी खबर पढ़ें) 5. क्राइम: टाइगर श्रॉफ फायरिंग- शूटर रेहान के 2 दोस्त पकड़ाए: मां बोली- ₹2 लाख कमाने का ऑफर आया, तीनों ने हथियारों के साथ फोटो पोस्ट की थी (पूरी खबर पढ़ें) 6. एंटरटेंमेंट: अनूप जलोटा बोले- सलमान बिश्नोई समाज से माफी मांगें: टाइगर पर फायरिंग के बाद कहा- नहीं तो ये तकलीफें और लोगों को आती रहेंगी (पूरी खबर पढ़ें) 7. इंटरनेशनल: शेख हसीना बोलीं- सरकार गिरफ्तार या टॉर्चर कर सकती है: फिर भी दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी; 2024 में छात्र आंदोलन के बाद भारत आई थीं (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: शाह बोले- नशे के विरोध पर मारा जा रहा:दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी की बात, पंजाब में काले झंडे पर पीटते; कल CBI आएगी, इंसाफ मिलेगा (पूरी खबर पढ़ें) 9. कोलकाता भगदड़: अफवाह फैलाने वाले की तलाश जारी:पुलिस बोली- पंडाल गिरने के दावे का कोई सबूत नहीं मिला, भगदड़ में 19 जानें गईं थीं (पूरी खबर पढ़ें) 10. बिजनेस: भारत में त्यौहारों के बावजूद स्मार्टफोन की बिक्री 26% घटी:3.58 करोड़ फोन बिके, 10 साल में सबसे कम; वजह- महंगी चिप से दाम बढ़े (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... रोबोट चला रहे दुकानें हॉन्गकॉन्ग में तीन रोबोटिक दुकानें 24 घंटे खुली रहती हैं, जहां G1 ह्यूमनॉइड रोबोट ग्राहकों को ड्रिंक्स-स्नैक्स बेचते हैं। साथ ही कई भाषाओं में बातचीत और डांस करते हैं। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: ट्रम्प बोले- पेरिस मुस्लिम शहर बनने जा रहा; 9 यूरोपीय देशों में कैसे फैला अरब स्प्रिंग जैसा प्रोटेस्ट; क्या इसके पीछे विदेशी ताकतें 2. भास्कर एक्सक्लूसिव: CJP की घेराबंदी के लिए BJP का 6-पॉइंट का प्लान: इन्फ्लुएंसर्स और वकीलों की टीम तैयार, विदेशी फंडिंग पर भी नजर 3. जरूरत की खबर: क्या आप एसेंशियल ऑयल यूज करते हैं:तो न करें ये 10 गलतियां, डॉक्टर से जानें सही इस्तेमाल और 10 जरूरी सावधानियां 4. फिजिकल हेल्थ: स्टूल में ब्लड आए तो इग्नोर न करें:हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत, डॉक्टर से जानें हेल्दी पूपिंग के 12 रूल्स 5. मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर: ग्वालियर मंदिर हादसे में समिति को आतंकी हमले का शक: अब तक तीन तरह की थ्योरी सामने आईं, किसमें कितना दम; आखिर चूक हुई कहां? 6. क्राइम फाइल्स: जंगल के आश्रम में बाबा की गला घोंटकर हत्या: मोबाइल भी गायब; एक दिन पहले आश्रम आई थी एक महिला 7. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वत का रेट कार्ड: इंजीनियर ने मकान की फाइल अटकाई, भास्कर रिपोर्टर से 3 लाख मांगे; देखिए स्टिंग 8. भास्कर एक्सक्लूसिव: आजमगढ़- एक घर में 14 ‘विकास यादव’, इनमें 7 महिलाएं: गोरखपुर में 6 'अनुराग'; सॉफ्टवेयर नहीं पकड़ पाया, SIR के बाद भी खामियां 9. राजस्थान एक्सप्लेनर: टाइगर-श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले 15 मिनट में कैसे पकड़े?: पुलिस से बचने के लिए शूटर्स का क्या था प्लान; 4 सवालों में जानिए जवाब 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: कोटा में टाइगर पर फायरिंग करने वालों को कैसे पहचाना: एक घंटे में बना था उन्हें पकड़ने का प्लान; एक पुलिसवाला उनके पास बैठा, और फिर? 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: टाइगर पर फायरिंग का कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ ₹35 हजार में दिया: विदेश भेजने का भी लालच; हमलावर बिना टिकट ट्रेन में चढ़े, कोटा में पकड़े गए 12. भास्कर एक्सक्लूसिव: अजीत ही संभालता था दरोगा पुष्पा का 'धंधा': सिपाही पर फायरिंग करने वाला जवान नशे में था, गोलियां पहले से खरीदी गईं; जानिए पूरी प्लानिंग 13. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: दशहरे पर संतान पैदा करने का दावा कर रहे तांत्रिक: रिपोर्टर से बोले- पत्नी को लाइए, दूसरे की कोख का बच्चा उसके पेट में ला दूंगा 14. ग्राउंड रिपोर्ट: रुड़की में 15 साल से एक ही चेहरे का राज: ट्रांसपोर्ट मंत्री के इलाके में बस अड्डा खराब, लोग बोले- शहर का सीवर सिस्टम बेकार करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज सिंह वालों को फायदेमंद कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं, मेष वालों की डेली इनकम बढ़ेगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
यूरोप में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन क्यों? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
फ्रांस, इटली, अल्बानिया, बेल्जियम, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश इस वक्त भयानक दौर से गुजर रहे हैं. सरकारी व्यवस्था और पूरे सिस्टम के खिलाफ ऐसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनकी कोई सीमा नहीं है. कुछ ही मिनटों में नारेबाजी और पोस्टरबाजी....तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट तक पहुंच जाती हैं. जब ये तूफान शांत होता है तो हर तरफ बर्बादी और राख के ढेर के नजर आते हैं और इन देशों को सभ्यताओं का स्याह पहलू दिखता है. देखें...
विचार: बड़े संकट की ओर बढ़ता यूरोप
यूरोप की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और राजनीतिक कारण भी हैं।
'फ्रांस से लौटे भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रोका', AAP का दावा
आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट रोका गया. 'आप' ने इसे केंद्र सरकार की मनमानी बताया है. हालांकि अकाली दल का आरोप है कि सीएम मान ने कस्टम नियमों का उल्लंघन किया, जिसके लिए उन्हें रोका गया.
भारत के आदित्य-L1 और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के प्रोबा-3 मिशनों ने मिलकर सौर विस्फोटों (CME) का विश्लेषण किया है। इस संयुक्त अध्ययन से अंतरिक्ष मौसम और सूर्य के करीब CME के विकास को समझने में मदद मिली है।
फ्रांस में हालात के हिसाब से लगेगा कर्फ्यू, पीएम लेकोर्नू बोले-शांति के लिए जरूरी कदम
फ्रांस में हालात के हिसाब से लगेगा कर्फ्यू, पीएम लेकोर्नू बोले-शांति के लिए जरूरी कदम
फ्रांस से शुरू होकर 9 यूरोपीय देशों में महंगाई और स्कूल-कॉलेजों के मुद्दों पर सरकार विरोधी प्रोटेस्ट शुरू हो गए हैं। इन्हें 2011 के मिडिल-ईस्ट देशों के ‘अरब स्प्रिंग’ से जोड़ा जा रहा, जिनके बाद कई शासकों को सत्ता गंवानी पड़ी थी। ट्रम्प ने कहा है, ‘फ्रांस का पेरिस जल्दी ही मुस्लिम शहर बनने जा रहा है। वहां भारी तादाद में बाहरी लोग आ रहे हैं। मैंने राष्ट्रपति मैक्रों को आगाह किया था। फ्रांस के प्रोटेस्ट के पीछे इस्लाम की एक महान देश पर कब्जा करने की चाहत है।’ क्या वाकई यूरोप में अरब देशों की तरह सत्ता पलटने की कोशिश है या लोग महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर परेशान हैं या ट्रम्प की थ्योरी सही है, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: फ्रांस में प्रोटेस्ट कैसे शुरू हुआ और अब तक किन यूरोपीय देशों में फैल चुका है? जवाब: गर्मी की छुट्टियों के बाद फ्रांस में सितंबर से स्कूल दोबारा शुरू हुए। 21 सितंबर को राजधानी पेरिस के एक हाईस्कूल- लाइसी सेंट-एक्सुपेरी के स्टूडेंट्स ने शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में भीड़ और स्कूल की जर्जर इमारत के विरोध में प्रोटेस्ट शुरू किया। सोशल मीडिया के जरिए प्रोटेस्ट तेजी से फैला और टीचर्स, पेरेंट्स, ट्रेड यूनियन वगैरह भी शामिल हो गए और महंगाई, बजट में कटौती जैसे मुद्दों पर भी विरोध करने लगे। 20 दिनों में प्रोटेस्ट 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में फैल गया। 17 अक्टूबर को प्रोटेस्ट हिंसक हो गया। 5.5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर आ गए। 1500 से ज्यादा दुकानें लूटी गईं। कई इमारतें जला दी गईं। 2400 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए। फ्रांस से उठी प्रोटेस्ट की आग यूरोप के कम से कम 8 और देशों में फैल गई है... 1. स्पेन, 87 साल की महिला की मौत के बाद भड़का प्रोटेस्ट: 87 साल की बुजुर्ग महिला 230% बढ़ा घर का किराया नहीं दे पाईं, तो उन्हें घर से निकाल दिया गया। 7 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। इसके बाद 50 से ज्यादा शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। 2. इटली, ‘नो मेलोनी डे’ मार्च निकला, आग लगाई: महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर पीएम जॉर्जिया मेलोनी के विरोध में 16 अक्टूबर को छात्रों ने ‘नो मेलोनी डे’ मार्च निकाला। 17 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, दुकानें लूटीं और सामानों में आग लगा दी। 3. अल्बानिया, पीएम के इस्तीफे की मांग: अल्बानिया में 13 अक्टूबर से सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर प्रोटेस्ट जारी है। प्रदर्शनकारी पीएम एडी रामा का इस्तीफा मांग रहे हैं। 17 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके। कारों और सड़क पर रखे कूड़ेदानों में आग लगा दी। 4. बेल्जियम, छात्र और ट्रेड यूनियन सड़क पर उतरे: छात्र और ट्रेड यूनियन एकजुट होकर सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई के खिलाफ सड़क पर उतरे। 17 अक्टूबर को प्रदर्शन हिंसक हो गया। 139 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। 5. पुर्तगाल, राजधानी लिस्बन में मार्च: घरों की कीमतें बढ़ने के विरोध में 10 अक्टूबर से छिटपुट प्रोटेस्ट शुरू हुए। 17 अक्टूबर को हजारों लोगों ने राजधानी लिस्बन में मार्च निकाला। इसी तरह ऑस्ट्रिया में शिक्षा बजट में संभावित 1 बिलियन यूरो की कटौती, ग्रीस में महंगी शिक्षा और हॉस्टल की कमी और जर्मनी में अनिवार्य मिलिट्री सर्विस का नियम दोबारा लागू किए जाने की आशंका के चलते प्रोटेस्ट हो रहे हैं। इसके अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रिया, आयरलैंड में भी कुछ जगहों पर लोगों के सड़क पर उतरने की खबरें हैं। सवाल-2: क्या यूरोपीय देशों के प्रोटेस्ट में कोई एक जैसा पैटर्न है? जवाब: हां, 2 तरह के पैटर्न हैं…. 1. प्रोटेस्ट के पीछे महंगाई जैसे मुद्दे 2. ज्यादातर प्रोटेस्ट के पीछे सरकार विरोधी गुट, लेफ्ट विंग का सपोर्ट जिन देशों में प्रोटेस्ट हो रहे हैं वहां राइट विंग, यानी दक्षिणपंथी सरकारें सत्ता में हैं, जबकि विपक्षी दल लेफ्ट या लेफ्ट की तरफ झुकाव वाले हैं औरकिसी न किसी तरह प्रोटेस्ट का समर्थन कर रहे हैं… सवाल-3: अरब स्प्रिंग क्या था, जिससे इन प्रोटेस्ट को जोड़ा जा रहा? जवाब: 2010-11 में मिडिल-ईस्ट और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में सरकार और तानाशाहों की सत्ता के खिलाफ विद्रोह हुए और कई नेताओं को सत्ता छोड़नी पड़ी। इन्हें 'अरब स्प्रिंग' कहा जाता है... विद्रोह की शुरुआत 17 दिसंबर 2010 को ट्यूनीशिया से हुई। यहां एक फल विक्रेता मोहम्मद बुआजीजी की रेहड़ी पुलिस ने जब्त कर ली। इसके विरोध में उसने खुद को आग लगा ली। मोहम्मद की मौत के बाद महंगाई को लेकर आंदोलन भड़क गया। 23 साल से सत्ता में काबिज राष्ट्रपति बेन अली को देश छोड़कर भागना पड़ा। जनवरी 2011 में मिस्र की राजधानी काहिरा में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के शासन में फैले भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए। 11 फरवरी को मुबारक के इस्तीफे के साथ उनके 30 साल के शासन का अंत हुआ। जनवरी 2011 में यमन के प्रेसिडेंट अब्दुल्लाअली सालेह के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए। 27 फरवरी 2012 को 33 साल से सत्ता में काबिज सालेह को इस्तीफा देना पड़ा। यमन में गृहयुद्ध जैसे हालात बने रहते हैं। आज भी कोई स्थिर सरकार नहीं है। मार्च 2011 में सीरिया राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के विरोध में नारे लगाने वाले बच्चों की गिरफ्तारी के बाद विद्रोह शुरू हुए। आंदोलन गृह युद्ध में बदल गया। हजारों लोगों की मौत हुई। दिसंबर 2024 में राष्ट्रपति बशर अल-असद का शासन खत्म हुआ। अक्टूबर 2011 में लीबिया में 42 साल से सत्ता पर काबिज सैन्य तानाशाह और पीएम मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ। 20 अक्टूबर को विद्रोहियों ने गद्दाफी की सरेआम हत्या कर दी। गृहयुद्ध में हजारों लोगों के मारे जाने के बाद भी लीबिया में कोई स्थिर सरकार नहीं बन पाई। इनके अलावा बहरीन, सूडान, लेबनान मोरक्को, इराक जैसे देशों में भी अरब स्प्रिंग का असर हुआ। अल्जीरिया, इराक जैसे देशों में 2018-19 में भी बड़े विद्रोह हुए। सैकड़ों लोग मारे गए। इन देशों में आज तक राजनीतिक स्थिरता नहीं आ पाई है। सवाल-4: तो क्या अरब स्प्रिंग की तरह यूरोपीय देशों में सरकारें बदल सकती हैं? जवाब: जानकार यूरोप प्रोटेस्ट को यूरोप का ‘अरब स्प्रिंग’ कह रहे हैं। अमेरिकी-कुवैती पत्रकार अहमद एल्डिन के मुताबिक, 'ये विद्रोह 2011 की ही तरह फैल रहा है। तब अरब युवाओं ने उन शासकों का विरोध किया, जो आर्थिक मंदी के दौरान भी अमीर होते चले गए। यूरोप के नेता भी उन्हीं शासकों की तरह बयान दे रहे हैं और यूरोपियन बच्चे अरब युवाओं की तरह अपनी मांगें रख रहे हैं।' हालांकि जानकारों का कहना है कि अरब देशों जैसी तख्तापलट की स्थिति या गृहयुद्ध यूरोप देशों में नहीं होगा। अरब देशों में ज्यादा से ज्यादा चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन हो सकता है। फ्रांस में 6 महीने में ही राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। दरअसल, जिन अरब देशों में आंदोलन हुए, वहां के ज्यादातर शासक सैन्य ताकत के जरिए सत्ता पर काबिज थे। कुछ देशों में सिर्फ कहने भर के लिए लोकतांत्रिक सरकार थी। वहीं यूरोपीय देशों में चुनावों के जरिए स्थिर सरकार बनाने का सिस्टम है। अहमद कहते हैं, 'यूरोप की सरकारों के पास विद्रोह को खत्म करने के लिए शांति वाले तरीके हैं। एक मंत्री इस्तीफा दे देता है। फिर बातचीत का प्रस्ताव रखा जाता है। बजट में नए वादे शामिल कर लिए जाते हैं और जनता उस पार्टी के पक्ष में वोट देती है, जो सबसे बेहतर व्यवस्थाएं देने का वादा करता है।' सवाल-5: क्या यूरोपीय देशों में प्रोटेस्ट के पीछे कोई विदेशी ताकत है? जवाब: कुछ रिपोर्ट्स में इसकी चर्चा है, लेकिन इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि यूरोप में किसी बाहरी साजिश के चलते प्रोटेस्ट भड़के। हालांकि फ्रांस में प्रोटेस्ट की शुरुआत के दौरान 7 अक्टूबर को सरकार ने ईरान पर आरोप लगाया था। विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब करके कहा कि ईरानी विदेश मंत्रालय ऑनलाइन कैंपेन चलाकर प्रोटेस्ट को हवा दे रहा है। ये शर्मनाक उकसावे बंद होने चाहिए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि भारी तादाद में बाहरी देशों के प्रवासियों के चलते फ्रांस में दंगे हुए। उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी देशों के उदारवादियों ने दया के नाम पर तीसरी दुनिया को फ्रांस में इम्पोर्ट किया।‘ हालांकि अमेरिका के विपक्षी सांसद रो खन्ना ने इसे खारिज करते हुए कहा है, ‘यूरोपीय देशों में चंद लोगों के हाथों ही पैसा है, इससे युवा घर, एजुकेशन, रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।’ --------- ये खबर भी पढ़िए… मक्का की मस्जिद में ‘अश्लील हरकत’, सऊदी अरब ने बांग्लादेशी जोड़े को मौत की सजा दी; आखिर क्यों उठ रहे हैं सवाल सऊदी अरब के मक्का शहर की एक मस्जिद में कथित अश्लील हरकत करने वाले बांग्लादेशी जोड़े को मौत की सजा दे दी गई है। उन्हें फांसी दी गई, सिर कलम किया या गोली मारी गई, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है। सजा देने से पहले बांग्लादेश के दूतावास तक को खबर नहीं की गई। पूरी खबर पढ़िए…
यूरोप के देशों में भड़की हिंसा, भारत में क्यों गरमाई राजनीति? देखें
अल्बानिया, फ्रांस और इटली में महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा संकट को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. पेरिस से लेकर तिराना तक सड़कों पर उपद्रव जारी है. यूरोप की इस हिंसा पर भारत में भी राजनीति गरमा गई है.
अखिलेश यादव को भारत नहीं फ्रांस दिख रहा, राहुल गांधी से मिल रही प्रेरणा: दिनेश प्रताप सिंह
अखिलेश यादव को भारत नहीं फ्रांस दिख रहा, राहुल गांधी से मिल रही प्रेरणा: दिनेश प्रताप सिंह
शशि थरूर का रिजिजू को जवाब: ‘भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस’, बोले- हम केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करते हैं
फ्रांस के बाद, अल्बानिया में हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू
फ्रांस के बाद, अल्बानिया में हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं; प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। एक विदेशी समाचार एजेंसी के अनुसार, मंगलवार से शुरू हुए इन हिंसक विरोध-प्रदर्शनों ने राजधानी तिराना को हिलाकर रख दिया है। हजारों प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालयों की खराब हालत, बहुत अधिक ट्यूशन फीस और भ्रष्टाचार के खिलाफ […] The post फ्रांस के बाद, अल्बानिया में हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
'पेरिस एक मुस्लिम शहर बन जाएगा', फ्रांस में भड़की हिंसा बोले ट्रंप
फ्रांस के पेरिस और अन्य शहरों में हुए दंगों के बाद से कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. सोमवार को कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया. देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण वीकेंड पर हुए दंगों और लूटपाट के बाद सुरक्षा में चूक को लेकर लगातार दबाव था. पुलिस ने कहा है कि इन उपायों को सख्ती से लागू करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है.
फ्रांस में भड़की हिंसा, शिक्षा में बदहाली से 2027 चुनाव तक; जानें मुख्य वजहें
फ्रांस में भड़की हिंसा के पीछे शिक्षा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की सियासी खींचतान मुख्य वजह है. 18 सितंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन बजट कटौती और शिक्षकों की कमी के खिलाफ था, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. राजनीतिक दल भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर अपने हित साध रहे हैं. जानिए क्यों भड़का फ्रांस में जनाक्रोश.
अल्बेनिया-फ्रांस में हिंसा पर सियासत तेज, किरीट सोमैया ने संजय राउत पर साधा निशाना
फ्रांस और अल्बेनिया में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत में राजनीति शुरू हो गई है. शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयानों पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने हमला बोला है. सोमैया ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता विदेशी हिंसा का उदाहरण देकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. विदेश में हो रहे इन घटनाक्रमों को लेकर शुरू हुई सियासत पर अब अन्य दलों के रुख का इंतजार है.
ब्राजील, फ्रांस, स्पेन... हर जगह प्रोटेस्ट, किस देश को कौन से मुद्दे झुलसा रहे?
दुनियाभर के कई देशों में अभी प्रोटेस्ट हो रहे हैं. ऐसे में हर देश के हिसाब से जानते हैं कि आखिर वहां प्रोटेस्ट क्यों हो रहे हैं...
Mohan Bhagwat: देश में हाल के दिनों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारत को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों को कुछ ऐसे तत्वों का समर्थन मिल रहा है, जो अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित हैं।RSS के विजयादशमी समारोह में, फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल में चल रही अशांति की ओर इशारा करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, कुछ पश्चिमी ताकतें समाजों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। फ्रांस और अल्बानिया में जो हो रहा है, उसे देखिए; साथ ही बांग्लादेश और नेपाल के घटनाक्रमों पर भी नजर डालिए। बाहरी प्रभाव इस तरह की अशांति को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसमें सत्ता परिवर्तन की बातें भी शामिल हैं। लेकिन, केवल सत्ता परिवर्तन से किसी देश की समस्याएं हल नहीं हो जातीं।भागवत ने आगे कहा, भारत और संघ को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। पिछले एक दशक में, भारत ने अनुशासित तरीके से प्रगति की है, और कुछ ऐसी ताकतें हैं जो इस प्रगति में बाधा डालना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों को कुछ ऐसे तत्वों का साथ मिल रहा है, जो अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं से प्रेरित हैं।भागवत ने आरोप लगाया कि दुनिया भर में इस तरह की गतिविधियां चलाई जाती हैं, ताकि अपने स्वार्थ साधने वाले लोग और उनके मोहरे अपना दबदबा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि भारत की तरक्की इन कोशिशों के आड़े आती है।उन्होंने कहा कि असली समस्या यह है कि समाज को इन चुनौतियों को समझने की जरूरत है। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन एक अहम हिस्सा हैं, लेकिन विरोध का मकसद समस्याओं का समाधान खोजना होना चाहिए, न कि समाज में और ज्यादा बंटवारा पैदा करना।बता दें कि RSS प्रमुख की यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच आई है।भागवत ने की युवाओं की तारीफअपने संबोधन के दौरान भागवत ने देश और दुनिया के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का श्रेय भारत की युवा पीढ़ी को दिया। उन्होंने कहा कि समाज के भीतर हुए इस प्रयास ने इन ताकतों के कथित मंसूबों को नाकाम कर दिया है।एक विकासशील देश में विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों के बारे में बात करते हुए, RSS प्रमुख ने कहा कि समस्याएं बनी रहेंगी क्योंकि भारत अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अगर समस्याएं हैं, तो आंदोलन भी होंगे। लोकतंत्र में आंदोलन तो होंगे ही।मोहन भागवत ने हाल ही में हुई 'फ्लाईदुबई' (Flydubai) घटना का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा, RSS हिंदू चेतना को जगाने और पूरे समाज को एक सुसंगठित और मजबूत समाज के रूप में ढालने का काम कर रहा है... इन्हीं मूल्यों ने कैप्टन स्मित मच्छार को वह करने के लिए प्रेरित किया, जो उन्होंने किया...यह भी पढ़ें:₹2,500 करोड़ से चमकेगा NH-139! 88 किमी फोरलेन को मिली मंजूर, अरवल से औरंगाबाद तक की बदलेगी तस्वीर
फ्रांस में भड़के छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जेएनयू, डीयू जैसे शिक्षण संस्थानों और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
'पेरिस जल्द बनेगा मुस्लिम शहर': ट्रम्प ने फ्रांस हिंसा के लिए मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को ठहराया जिम्मेदार
फ्रांस हिंसा में प्रशासन की सख्ती के बाद नियंत्रण में आए हालात
पेरिस, फ्रांस के कई शहरों में जारी हिंसा और झड़प को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शांति व्यवस्था के लिए अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों का आभार व्यक्त किया।
फ्रांस हिंसा: प्रशासन की सख्ती के बाद नियंत्रण में आए हालात, जरूरत वाले इलाकों में नए कर्फ्यू लगाने के निर्देश
शशि थरूर का किरेन रिजिजू को जवाब, बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; SIR वापस लेने की मांग
किरेन रिजिजू के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि भारत की परिस्थितियों की तुलना फ्रांस या बांग्लादेश में हुई घटनाओं से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि भारत बांग्लादेश नहीं है और भारत फ्रांस भी नहीं है। मुझे ये तुलना खास तौर पर प्रासंगिक नहीं लगती।”
फ्रांस के दंगे भी एक ब्रांड हैं!
फ्रांस दुनिया में अपने फैशन ब्रांड्स के लिए मशहूर है, लेकिन सड़कों पर भड़कता गुस्सा भी उसकी एक अलग पहचान बन चुका है. कभी रोटी की कमी ने राजशाही हिलाई, कभी लोकतंत्र के लिए लोग लड़े, तो कभी महंगाई और पुलिस कार्रवाई ने आग भड़काई. अब सवाल है कि क्या अक्टूबर 2026 के दंगे फ्रांस की राजनीति और रिपब्लिक की दिशा बदल पाएंगे?
भारत में प्रोटेस्ट, फ्रांस, AI, Gen-Z और मुस्लिम... मोहन भागवत की दशहरा स्पीच की बड़ी बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) के शताब्दी वर्ष के मौके पर नागपुर में विजयदशमी उत्सव और शस्त्र पूजन का आयोजन हुआ. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कार्यक्रम में फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों, Gen-Z पीढ़ी और AI तकनीक पर अपनी बात रखी. उन्होंने नई पीढ़ी को एकता का संदेश देते हुए कहा कि भारत की प्रगति के लिए एकजुटता बहुत जरूरी है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक में यूरोप से लेकर पश्चिम एशिया तक कई मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान परमाणु क्षेत्र में साझेदारी आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
ट्रंप : यूरोप में अशांति के लिए इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के कुछ हिस्सों में बढ़ रही अशांति के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फ्रांस और इटली अपनी सीमाओं पर नियंत्रण नहीं बढ़ाते तो उन्हें और ज्यादा अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।
RSS प्रमुख ने कहा कि भारत की सभ्यता और सनातन दृष्टिकोण ने समाज को विविधताओं के बावजूद एकजुट रखने का काम किया है। संत रविदास की 650वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत रविदास ने कठिन परिस्थितियों में स्वधर्म निष्ठा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया था।
मोहन भागवत का बयान: 'देश में बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात पैदा करने की हो रही है साजिश'
मोहन भागवत का बयान: 'देश में बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात पैदा करने की हो रही है साजिश'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के कुछ हिस्सों में बढ़ रही अशांति के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया है।
वाशिंगटन, 20 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के कुछ हिस्सों में बढ़ रही अशांति के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने चेतावनी दी कि…
Trump on France: फ्रांस में हिंसा के बीच ट्रंप का मैक्रों पर निशाना, पेरिस को लेकर किया विवादित दावा
Trump on France: फ्रांस में हिंसा के बीच ट्रंप का मैक्रों पर निशाना, पेरिस को लेकर किया विवादित दावा
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा, पश्चिम से एक आंधी चली है. जो हर प्रकार की व्यवस्था, हर प्रकार की भद्रता, हर प्रकार का मांगल्य हर प्रकार की सांस्कृतिक मानवीय संस्कार से विरोध रखती है.
मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘फ्रांस में न रिजीम चेंज हुआ, न आगे होगा’, बोले- हम जब भी बंटे, कमजोर हुए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में आयोजित शताब्दी वर्ष के समारोह में समाज की एकता, भारतीय संस्कृति, स्वदेशी और देश की सामाजिक परिस्थितियों को लेकर अपने विचार रखे। शस्त्र पूजन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए […] The post मोहन भागवत का बड़ा बयान: ‘फ्रांस में न रिजीम चेंज हुआ, न आगे होगा’, बोले- हम जब भी बंटे, कमजोर हुए first appeared on Sanjeevni Today .
Global Market: सोमवार को नैस्डैक (Nasdaq) में 1% से ज्यादा की तेजी आई। AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी कंपनियों की कमाई के नतीजों वाले अहम हफ्ते से पहले टेक शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। वहीं, फ्रांस में चल रही अशांति के कारण वहां के वित्तीय हालात को लेकर चिंताएं बढ़ गई, जिससे यूरोपीय शेयरों और यूरो में गिरावट आई।फ्रांस में हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों ने सरकार के सामने अपने बड़े घाटे (deficit) को कम करने की चुनौतियों को उजागर कर दिया है, जिसके चलते फ्रांस के बॉन्ड और पेरिस में लिस्टेड शेयरों में गिरावट आई।विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई लूटपाट और सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर दबाव झेल रही फ्रांस की केंद्र सरकार ने कुछ स्थानीय प्रशासन को कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं।वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों ने एक मुश्किल हफ्ते के बाद कुछ हद तक वापसी की है, जिसमें सेमीकंडक्टर इंडेक्स 1.6% ऊपर रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स लगातार आठवें दिन गिरा था, जो 2008 के बाद की सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला था। इस हफ्ते मेटा (Meta), टेस्ला (Tesla) और चिप बनाने वाली कंपनियों - लैम रिसर्च (Lam Research) और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स (Texas Instruments) के नतीजे आने वाले हैं। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या AI पर किया गया भारी-भरकम खर्च आखिरकार फायदेमंद साबित होता है या नहीं।न्यूयॉर्क में स्पार्टन कैपिटल सिक्योरिटीज के चीफ मार्केट इकोनॉमिस्ट पीटर कार्डिलो ने कहा, निवेशक बाजार में आई इस गिरावट (correction dip) का फायदा उठाकर खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अगले दो हफ्तों में बाजार एक बहुत ही अहम परीक्षा से गुजरने वाला है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, यह देखना बहुत महत्वपूर्ण होगा कि AI पर किया गया खर्च उम्मीद के मुताबिक संतोषजनक नतीजे देता है या नहीं।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 36.38 अंक या 0.07% गिरकर 51,966.03 पर आ गया। S&P 500 में 31.29 अंक या 0.41% की तेजी आई और यह 7,690.73 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) 290.85 अंक या 1.11% बढ़कर 26,430.89 पर बंद हुआ। दुनिया भर के शेयरों को दर्शाने वाला MSCI इंडेक्स 0.88 अंक या 0.08% बढ़कर 1,129.98 पर पहुंच गया। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, मेटा उन पांच AI हाइपरस्केलर कंपनियों में से एक है, जिनके अगले साल अपने कुल पूंजीगत व्यय (capital expenditure) को बढ़ाकर लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद है।मंगलवार को स्पेसएक्स (SpaceX) के नतीजे भी आने वाले हैं। कुल मिलाकर, अमेरिकी कंपनियों की कमाई में लगभग 30% की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण टेक्नोलॉजी सेक्टर में होने वाली ग्रोथ है।सोमवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में बढ़ोतरी हुई। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड, जो पिछले 7 महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद संभली है, क्योंकि AI शेयरों पर ऊंची ब्याज दरों के असर को लेकर चिंताएं कम हो गई हैं। बेंचमार्क अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट की यील्ड 4.2 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.14% हो गई।हाल ही में बॉन्ड की भारी बिकवाली के कारण AI सेक्टर की बड़ी फंडिंग जरूरतों पर भी बारीकी से ध्यान दिया जाने लगा है।आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो, सोमवार को 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ होम बिल्डर्स/वेल्स फार्गो हाउसिंग मार्केट इंडेक्स' में तीन अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह इस महीने 29 के स्तर पर आ गया। यह जून 2012 के बाद का सबसे निचला स्तर है और रॉयटर्स द्वारा सर्वे किए गए अर्थशास्त्रियों के 31 के अनुमान से भी कम है।फेडरल रिजर्व के अधिकारियों (जिनमें केविन वॉर्श भी शामिल हैं) की हालिया टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि नीति-निर्माता ब्याज दरों को फिर से बढ़ाने की कोई जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। शुक्रवार को, वॉर्श ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया, लेकिन इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया कि क्या या कब और ब्याज दरें बढ़ाई जाएंगी।यूरोपीय शेयरों और यूरो में गिरावटपैन-यूरोपीय STOXX 600 इंडेक्स में 0.8% की गिरावट आई, जबकि फ्रांस का ब्लू-चिप CAC 40 इंडेक्स 1.1% गिर गया।फ्रांस की 10-वर्षीय यील्ड 13 बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.9% हो गई, जबकि यूरो ज़ोन के लिए बेंचमार्क मानी जाने वाली जर्मनी की 10-वर्षीय यील्ड में भी बढ़ोतरी देखी गई। फ्रांसीसी OATs और सुरक्षित माने जाने वाले जर्मन बंड्स (German Bunds) के बीच का अंतर (spread) बढ़कर 147 बेसिस पॉइंट हो गया है। सितंबर के अंत में यह अंतर लगभग 110 बेसिस पॉइंट था। यह स्तर 2011-2012 के यूरोपीय ऋण संकट (European debt crisis) के दौरान देखा गया था। यूरो जोन की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में सप्ताहांत पर हुए व्यापक हंगामे ने फ्रांसीसी सरकार के सामने मौजूद चुनौती को उजागर कर दिया है। सरकार अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले अपने बड़े बजट घाटे को कम करने की कोशिश कर रही है।यूरो 0.24% गिरकर 1.1212 डॉलर पर आ गया।टेक शेयरों में आई तेजी से अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति मापता है, 0.17% बढ़कर 101.97 पर पहुंच गया।इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.49% मज़बूत हुआ। ऐसा तब हुआ जब डेटा से पता चला कि चीन की आर्थिक विकास दर तीन साल के निचले स्तर से उबर गई है और तीसरी तिमाही में 4.5% की वार्षिक दर से बढ़ी है।तेल की कीमतों में मिला-जुला रुखतेल की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशक यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर किए गए हमलों और सऊदी अरब की ऊर्जा, हवाई अड्डे और सैन्य सुविधाओं पर फिर से हुए हमलों के असर का आकलन कर रहे थे।ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 31 सेंट गिरकर 109.55 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। सत्र के दौरान ब्रेंट में 3 डॉलर से ज़्यादा की गिरावट आई थी। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.25 डॉलर बढ़कर 103.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 15 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.61% गिरकर 4,139.67 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
फ्रांस में हिंसा के बाद सख्ती: पेरिस के दो इलाकों में लगा नाइट कर्फ्यू, जानें क्यों और कब तक रहेगा लागू Crackdown following violence in France Night curfew imposed in two areas of Paris;
'पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा', ट्रंप ने फ्रांस में लगी आग पर दिया बड़ा बयान
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं और डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी बढ़त मिलती दिख रही है. ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप हर मुमकिन रणनीति अपना रहे हैं ताकि वोटरों को रिपब्लिकन पार्टी और उनके 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) आंदोलन का समर्थन करने के लिए राजी किया जा सके.
फ्रांस में हिंसा और उपद्रव की घटनाओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि जल्द ही पेरिस एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने इसके लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन पॉलिसी को जिम्मेदार ठहराया है
फ्रांस से इटली तक प्रदर्शनों की आग, क्या है युवाओं की नाराजगी की वजह?
फ्रांस समेत यूरोप के कई देशों में महंगाई, महंगे मकानों, बेरोजगारी और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर प्रदर्शन हुए हैं. फ्रांस में छात्र आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं. इटली, बेल्जियम, पुर्तगाल और अल्बानिया में भी अलग-अलग मुद्दों पर लोग सड़कों पर उतरे. इन प्रदर्शनों में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही है.
फ्रांस में पिछले सप्ताहांत हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने कई शहरों में आंशिक कर्फ्यू लगा दिया है। इसमें पेरिस के कुछ इलाके भी शामिल हैं। अंदरूनी मंत्री ने माना कि पुलिस कुछ जगहों पर स्थिति संभाल नहीं पाई थी। सरकार की कार्रवाई प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नु ने सोमवार को आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद […]
‘पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा’, फ्रांस में दंगों पर मजे ले रहे ट्रंप; सीमाएं बंद करने की सलाह
फ्रांस में हिंसा और आगजनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है। ट्रंप ने देश में जारी अशांति के लिए आव्रजन को जिम्मेदार ठहराते हुए फ्रांस की सीमाएं बंद करने की सलाह दी।
फ्रांस में बदलाव के कयास: आंदोलन और जनाक्रोश के बाद प्रतिद्वंद्वी को फायदा! क्या मैक्रों को मात देंगी मरीन?
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी हिंसा के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीति की आलोचना की है. ट्रंप ने दावा किया कि पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा और कहा कि उन्होंने मैक्रों को पहले ही चेतावनी दी थी.
फ्रांस में हिंसा के बाद सरकार का एक्शन, पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू
फ्रांस में वीकेंड पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं हुईं. इसके बाद सरकार ने पेरिस, लिली, नीस समेत कई शहरों में पाबंदियां लगा दीं. कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है. सार्वजनिक सभाओं पर भी रोक लगाई गई है. हिंसा के दौरान करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
सुलगते यूरोप का मंजर: फ्रांस से अल्बानिया तक आगजनी-जनाक्रोश; किन-किन देशों में प्रदर्शन, क्यों बढ़ रहा गुस्सा?
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन बने हिंसक, 997 पुलिसकर्मी घायल, सरकार ने लगाया कर्फ्यू
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन बने हिंसक, 997 पुलिसकर्मी घायल, सरकार ने लगाया कर्फ्यू
पहली बार सामने आईं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तस्वीरें, देखकर भूल जाएंगे यूरोप
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फ्रांस में हो रही हिंसा का कोई कनेक्शन आने वाले चुनाव से भी है? देखें विशेष
यूरोप के कई देशों में इन दिनों हिंसा और बवाल जारी है... इनमें सबसे ज्यादा फ्रांस का माहौल बिगड़ रहा है... पेरिस समेत करीब 10 शहरों में विरोध प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ जारी है... नकाबपोश दंगाई बड़े बड़े शोरूम में लूटपाट कर रहे हैं... दंगाइयों पर आपराधिक मामले दर्ज कर फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रों ने ऐलान कर दिया है कि, लूटपाट और तोड़फोड़ करने वाले दंगाइयों से ही हर्जाना वसूला जाएगा... आज पीएम सेबेस्टियन ने कहा कि, दंगा प्रभावित शहरों में कर्फ्यू लगाया जाएगा. देखें...
भारत न तो बांग्लादेश और न ही फ्रांस, किरेन रिजिजू को शशि थरूर का जवाब
शशि थरूर ने यह भी कहा कि जहां तक बड़े मुद्दों की बात है, 'रिजीम चेंज' वगैरह जैसे शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का कोई मतलब नहीं है... हम जो मांग कर रहे हैं वह है फ्री और फेयर चुनाव।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बड़ा बयान, कहा- जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है…
इंटरनेट डेस्क। फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुई हिंसा और लूटपाट को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसको लेकर सख्त कार्रवाई का वादा किया। खबरों के अनुसार, इमैनुएल मैक्रों ने रविवार रात अपने संबोधन में बोल दिया कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं राष्ट्रपति मैक्रों ने गृहमंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया है। मैक्रों ने नुनेज से सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाने की बात कही है। वहीं पीएम सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आज सरकार की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इसमें हिंसा की घटनाओं और उनसे निपटने के तरीकों पर चर्चा की जाने किए जाने की संभावना है। आपको बता दें फ्रांस के लिमोज शहर में 143 साल पुराने टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया है। महंगाई और सरकारी सुविधाओं में कमी के खिलाफ शनिवार को लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए थे। PC:aajtak अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन से बढ़ी चिंता, PM ने कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाने को कहा
फ्रांस में वीकेंड पर हुए हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट के बाद सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने स्थानीय अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में आंशिक कर्फ्यू लगाने को कहा है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आपातकाल भी लागू किया जा सकता है. राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.
वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव, अमेरिका और यूरोप ने जताई चिंता
अमेरिकी पत्रकार और यूरोपीय राजनयिकों पर हमले के बाद इजरायल पर हिंसा रोकने और जवाबदेही तय करने की मांग तेज हुई।
यूरोप के 6 देशों में छात्रों और आम लोगों का गुस्सा सड़कों पर, वीडियो में जाने फ्रांस में हिंसा-लूटपाट; 1800 गिरफ्तार
कंगना रनोट का विपक्ष पर तंज, बोलीं- देश को पीएम मोदी जैसे मजबूत नेतृत्व की जरूरत; वीडियो में जाने फ्रांस हिंसा का दिया हवाला
'फ्रांस पर माइग्रेंट्स का कब्जा, बॉर्डर...', ट्रंप ने मैक्रों को फिर चेताया
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी विरोध, दंगों और पुलिस से झड़पों के बीच कहा कि माइग्रेंट्स ने देश पर कब्जा कर लिया है और सीमाएं तुरंत बंद की जानी चाहिए. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब कई शहरों में कर्फ्यू लगा है और सरकार कारोबारों की सुरक्षा तथा हिंसा पर काबू पाने के लिए कदम उठा रही है.
फ्रांस में हिंसा के बीच माक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने सोमवार को देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूकों को जिम्मेदार ठहराया.
फ्रांस में भड़की हिंसा के बीच बड़ा फैसला: हिंसा फैलाने वालों को मैक्रों की खुली चेतावनी, पीएम बोले- जरूरत पड़ी तो लागू करेंगे इमरजेंसी
मंत्री का दावा- 'फ्रांस में हालात पुलिस के काबू से बाहर'; आख़िर क्यों भड़के दंगे?
फ्रांस में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर शुरू हुए प्रदर्शनों में हिंसा और लूटपाट से हालात बिगड़ गए हैं. सरकार पर हालात संभालने में नाकाम रहने के आरोपों के बीच 5 नवंबर को फिर बड़े प्रदर्शन का एलान हुआ है.
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: 2,400 तक गिरफ्तारियां, कई शहरों में आगजनी और लूटपाट
फ्रांस में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी नाराजगी के बीच हुए देशव्यापी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई शहरों में दुकानों तथा सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा। The post फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: 2,400 तक गिरफ्तारियां, कई शहरों में आगजनी और लूटपाट appeared first on Rashtriya Ujala .
फ्रांस हिंसा: मैक्रों ने ठुकराया गृह मंत्री का इस्तीफा, कहा- ये लूटपाट खत्म करो
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकरा दिया है. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर जवाब मांगा है.
फ्रांस हिंसा: मार्सेय में सभी तरह के प्रदर्शन और सभाओं पर प्रतिबंध
दक्षिणी फ्रांस के बुशेस-डू-रोन पुलिस प्रीफेक्चर ने सोमवार को मार्सेय शहर में दोपहर से रात 8 बजे (स्थानीय समय) तक सभी तरह की सभाओं और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है।
यरूशलम, 19 अक्टूबर . ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के फ्रांस में जारी विरोध-प्रदर्शनों पर दिए गए बयान के बाद इजरायल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. इजरायल…
फ्रांस में हिंसा के पीछे इमिग्रेशन या आर्थिक असमानता? अमेरिका में क्यों छिड़ी बहस
फ्रांस में हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने अमेरिका में इमिग्रेशन बनाम आर्थिक असमानता की बहस छेड़ दी है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसके लिए पश्चिमी देशों की उदारवादी इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने इसे बढ़ती आर्थिक असमानता, महंगे आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्या बताया।
हिंसा, आगजनी और अराजकता... फ्रांस में प्रोटेस्ट के नाम पर ये क्या हो रहा? Photos
फ्रांस की राजधानी पेरिस में विरोध प्रदर्शनों ने सड़कों पर तनाव बढ़ा दिया है. आगजनी, आंसू गैस, पुलिस के साथ झड़प और जले हुए वाहनों की तस्वीरें डरा देने वाली हैं. बैनर और नारों के साथ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का आक्रोश प्रशासन के लिए चुनौती बनता दिख रहा है.
वाशिंगटन, 19 अक्टूबर . अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ने रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों, खासकर India और चीन, पर अतिरिक्त टैरिफ…
फ्रांस में सड़कों पर उतरी भीड़, जलती इमारतें, लूटपाट और पुलिस से हिंसक टकराव की तस्वीरें केवल यूरोप की राजनीतिक उथल-पुथल की कहानी नहीं हैं। ये उन सभी देशों के लिए चेतावनी हैं, जहां विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक दबाव बनाने का हथियार समझा जाता है और आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की […] यह लेख फ्रांस के प्रोटेस्ट से भारत को सबक: विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने वालों को समझना होगा लोकतंत्र का मतलब सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
फ्रांस में युवाओं के हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन, देखें हेडलाइंस
फ्रांस में युवाओं का प्रदर्शन उग्र हो गया है. पेरिस में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद अब तक 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ यह गुस्सा कई अन्य देशों में भी फैल रहा है. इस बीच 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करेगी. अखिलेश यादव ने इसे पीडीए का प्रण पत्र और जनमन का मेनिफेस्टो बताया है.
फ्रांस में क्यों भड़क उठते हैं बड़े आंदोलन? स्कूलों से शुरू हुआ विरोध महंगाई और सरकारी नीतियों तक पहुंचा, जानिए 5 बड़ी वजहें
BREAKING : यूरोप के 6 देशों में बड़ा आंदोलन: शिक्षा और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, फ्रांस में हिंसा
फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, देखें हेडलाइंस
मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस की जांच काफी तेज हो गई है. वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से बरामद कर लिया है. इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है और पुलिस सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी है. पेरिस में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. देखें हेडलाइंस.
भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर हरसिमरत कौर बादल ने उठाए सवाल, बोलीं-सीएम ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ा
भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर हरसिमरत कौर बादल ने उठाए सवाल, बोलीं-सीएम ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ा
महंगे घर, बढ़ता किराया और महंगाई... यूरोप में भड़क रहा है लोगों का गुस्सा
विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों के सामने यह सवाल फिर खड़ा किया है कि विकास और बढ़ती अर्थव्यवस्था के बीच आम लोगों के लिए किफायती घर कैसे सुनिश्चित किए जाएं.
‘जनता बदलाव चाहती है, भविष्य की आवाज सुनिए’, फ्रांस हिंसा पर अराघची ने मैक्रों को घेरा
तेहरान, 19 अक्टूबर . ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव चाहती है. President इमैनुएल मैक्रों ने खुद ही यह…
'जनता बदलाव चाहती है, भविष्य की आवाज सुनिए', फ्रांस हिंसा पर अराघची ने मैक्रों को घेरा
'जनता बदलाव चाहती है, भविष्य की आवाज सुनिए', फ्रांस हिंसा पर अराघची ने मैक्रों को घेरा
फ्रांस इस समय जल रहा है। शायद ही कोई ऐसा शहर रहा हो, जो इस आग की चपेट में न हो! यह आग क्यों लगी, इसके कारण कई खोजे जाते रहेंगे, मगर इस आगे में जल क्या क्या रहा है, वह देखना और भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि अब वहाँ पर सभ्यता के प्रतीक जल रहे […]
फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन, हिंसा और झड़पों को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपनी ही बातों से सबक लेने की सलाह दी। बाघेई ने मैक्रों को 'प्रदर्शन के अधिकार' की बात दिलाई जो उन्होंने जनवरी में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कही थी।
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 143 साल पुराना टाउन हॉल खाक; 2400 गिरफ्तार
यूरोप के कई देशों में आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के खिलाफ आम जनता का गुस्सा अब सड़कों पर हिंसक रूप में फूट पड़ा है। फ्रांस, स्पेन, इटली, अल्बानिया, पुर्तगाल और बेल्जियम में इन दिनों बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को ...
तेहरान, 19 अक्टूबर . फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन, हिंसा और झड़पों को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने President इमैनुएल मैक्रों को…
फ्रांस हिंसा पर ईरान ने ली चुटकी, सख्त कार्रवाई वाले बयान पर मैक्रों को याद दिलाया 'प्रदर्शन का अधिकार'
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, पेरिस से बोर्डो तक आगजनी और लूटपाट; हजारों गिरफ्तार
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि कई वाहनों और दुकानों को निशाना बनाया गया। मार्सेय समेत अन्य शहरों में भी हिंसा की घटनाएं सामने आईं। ऐतिहासिक इमारतों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मैक्रों सख्त, कहा- नुकसान करने वालों से भरपाई कराई जाएगी
पेरिस, 19 अक्टूबर . फ्रांस के कई शहरों में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और झड़पों को लेकर President इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि जिन लोगों ने देश…
Chandigarh News: फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक
फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक
जागरण संपादकीय: संकट में यूरोप
यूरोप और पश्चिम के अन्य देश जिन समस्याओं से घिरे हैं, उनके लिए वही अधिक जिम्मेदार हैं। ये देश हिंसक प्रदर्शनों को इसलिए नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि लोगों की जायज चिंताओं के बहाने अराजकता फैलाने वालों को कुछ ऐसी शक्तियां भड़काने में लगी हुई हैं, जो अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति करना चाहती हैं। इनमें इस्लामिस्टों और कम्युनिस्टों के गठजोड़ की भूमिका कहीं अधिक दिखाई दे रही है।
चंडीगढ़ की विरासत पर फिर मंडराया संकट, फ्रांस में 25 अक्टूबर को 9 दुर्लभ फर्नीचरों की नीलामी
चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े 9 दुर्लभ फर्नीचरों की फ्रांस में 25 अक्टूबर को नीलामी होगी, जिनकी कीमत करोड़ों में है। एडवोकेट अजय जग्गा ने विदेश मंत्रालय से नीलामी रोकने और फर्नीचर की उत्पत्ति की जांच की मांग की है।
France Protest Update News: मॉल लूटे, गाड़ियां फूंकी... फ्रांस में बेकाबू हुई हिंसा| Emmanuel Macron
France Protest Update News: फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया। पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं से हालात बिगड़ गए।
कैथल में टूर पैकेज दिलाने के नाम पर अज्ञात आरोपी ने एक महिला से 1 लाख 90 हजार 174 रुपए हड़प लिए। आरोपी ने सात दिन का पैकेज दिलाने का झांसा दिया था। पेरिस और स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना सब पैकेज में शामिल होने की बात कही। रुपए लेने के बाद मोबाइल बंद कर लिया। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गूगल पर टूर पैकेज शुरू किया चीका निवासी मीनू ने साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि वह एक घरेलू औरत है। कुछ दिन पहले उसने गूगल सर्च पर टूर एंड ट्रैवल के लिए सर्च किया तो वहां पर थ्रिलोफिलिया नामक एक कंपनी की वेबसाईट मिली। इस पर उसने सर्च किया तो कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि क्या आप कोई टूर पैकेज लेना चाहते हैं तो उसने कहा कि उन्हें यूरोप का प्लान चाहिए। इसके बाद आरोपी ने उसे अपने पैकेज में यूरोप के प्लान की डिटेल बताई, जिसमें 7 दिन के लिए पेरिस व स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना ये सब 3 लाख 80 हजार रुपए बताया। बहाना बनाकर रुपए जमा करवाए पीड़िता ने बताया कि, उसने अपने परिवार के साथ सलाह करके टूर को बुक करने के लिए हां कर दी। बाद में आरोपी ने उसे वेबसाइट पर जाकर पेमेंट करने को कहा। आरोपी ने उससे अलग अलग बहाने बनाकर 3 बार में 1 लाख 90 हजार 174 रुपए जमा करवा लिए। रुपए लेने के बाद आरोपी ने उसके ईमेल पर वाउचर भेज दिए और कहा कि आपकी बुकिंग हो गई है। उसने मोबाइल यूजर को कहा कि टूर पर जाने के लिए उसे छुट्टी लेने के लिए प्लेन टिकट की जरूरत है। आप प्लेन की टिकट भेज दो। इस पर आरोपी ने कहा कि टिकट के बारे में आपके पास कंपनी की तरफ से फोन आ जाएगा। काफी समय बीतने के बाद भी नहीं आई कॉल काफी समय बीतने के बाद भी जब उसके पास कंपनी का कॉल नहीं आई तो उसे शक हुआ कि उसके साथ 1 लाख 90 हजार 174 रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
फ्रांस की हिंसा पर बोलीं कंगना रनौत, रिजीम चेंज पर भी दिया बयान
विपक्ष की ओर से सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए गए बयानों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'इस तरह की ओछी हरकतें देश को लगातार यह याद दिलाती हैं कि एक मजबूत नेतृत्व की कितनी जरूरत है.'
Patiala News: हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद फ्रांस रवाना हुए सीएम मान
CM Mann leaves for France following High Court approval
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा को लेकर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर तंज कसा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रस्तावित फ्रांस यात्रा को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार के बीच चल रहे विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को राहत दी है। कोर्ट ने सीएम को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी है।
समाज में आपसी सद्भाव, मानवता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से फरीदकोट के कोटकपूरा में सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च की ओर से सर्वधर्म शांति एवं एकता मार्च का भव्य आयोजन किया गया। शांति के दूत सेंट फ्रांसिस असीसी की 800वीं जयंती को समर्पित इस मार्च में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों और संतों ने विशेष रूप से भाग लेकर विश्व शांति की कामना की। एकता मार्च की शुरुआत कोटकपूरा के सिविल अस्पताल से हुई, जो शहर के विभिन्न मुख्य बाजारों और हिस्सों से गुजरता हुआ सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान मार्च में शामिल प्रतिनिधियों ने लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर रहने तथा समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। संत फ्रांसिस असीसी की शिक्षाओं पर चलने और भ्रूण हत्या रोकने का आह्वान इस अवसर पर चर्च के फादर जॉन तेजा ने कहा कि संत फ्रांसिस असीसी ने दुनिया को शांति, प्रेम और निष्काम सेवा का संदेश दिया है। उन्हीं के आदर्शों से प्रेरणा लेकर इस सर्वधर्म मार्च का आयोजन किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में स्थायी शांति के लिए सभी धर्मों को एक मंच पर आकर संयुक्त प्रयास करने होंगे। फादर जॉन तेजा ने यह भी बताया कि इस मार्च के माध्यम से लोगों को कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है, ताकि समाज में हर जीवन के प्रति सम्मान की भावना पैदा हो सके। कार्यक्रम के अंत में कैथोलिक चर्च द्वारा विभिन्न धर्मों से आए सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सांझीवालता और मानवता ही धर्म का मूल उद्देश्यगुरुद्वारा पातशाही दसवीं से पहुंचे प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह ने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा करना और आपसी सांझ को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक आयोजनों में एक-दूसरे के साथ शामिल होकर सांझीवालता का संदेश देना समाज को जोड़ने का एक बेहद मजबूत माध्यम है। उन्होंने कैथोलिक चर्च की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समुदायों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को हाईकोर्ट से मिली फ्रांस जाने की मंजूरी, केंद्र की आपत्तियों के बावजूद राहत
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने की मंजूरी दे दी है।
यमुनानगर में पंजेटो गांव के गुरप्रीत सिंह बाठ की 19 जुलाई को रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास मिसाइल हमले में मौत हो गई थी। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार परिवार कर रहा था, उसकी मौत की खबर तो मिल गई, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी परिवार उसका अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है। अभी तक गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। दिव्यांग पिता कीर्तन सिंह आज भी अपने इकलौते बेटे के शव के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे हैं। परिवार का आरोप है कि शिपिंग कंपनी और एंबेसी से बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा। हर बार अगले सप्ताह शव गांव भेजने का आश्वासन देकर इंतजार बढ़ा दिया जाता है। कीर्तन सिंह ने कहा कि तीन माह से वे तड़प रहे हैं,अब बेटे का पार्थिव शरीर नहीं मिलने से उनका दुख और बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में शिपिंग कंपनी और एंबेसी के अधिकारी उनसे लगातार संपर्क कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही बेटे का शव भारत आ जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे अधिकारियों की बातचीत कम होती गई और अब स्थिति यह है कि कई-कई बार फोन करने के बाद कॉल उठाई जाती है। हर बार अगले सप्ताह का आश्वासन, लेकिन शव का अब भी इंतजार कीर्तन सिंह के अनुसार, शिपिंग कंपनी ने शव की पहचान के लिए उनसे DNA सैंपल भी लिया था। परिवार की ओर से मांगी गई जानकारी और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद गुरप्रीत का पार्थिव शरीर भारत नहीं पहुंचा है। परिवार लगातार कंपनी और एंबेसी से संपर्क कर रहा है, लेकिन उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि शव भारत कब लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में शिपिंग कंपनी के अधिकारियों से दोबारा बातचीत हुई थी। इस दौरान फिर आश्वासन दिया गया कि अगले सप्ताह तक गुरप्रीत का शव भारत भेज दिया जाएगा। आरोप है कि परिवार को पहले भी कई बार इसी तरह का भरोसा दिया जा चुका है। सीएम नायब सिंह सैनी से मिल चुके, फिर भी नहीं मिली राहत गुरप्रीत के पिता ने बताया कि वे इस मामले को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिल चुके हैं। परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की मांग रखी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। कीर्तन सिंह का कहना है कि जब परिवार के स्तर पर कंपनी और एंबेसी से संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा, तो सरकार को हस्तक्षेप कर संबंधित एजेंसियों से जवाब लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत उनका इकलौता बेटा था। पिता की एक टांग कट चुकी, बेटे पर थी परिवार की जिम्मेदारी गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह वर्ष 2016 में सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवा चुके हैं। इसके बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक गुरप्रीत पर आ गई थी। वह मर्चेंट नेवी में काम करता था और परिवार का सहारा था। करीब डेढ साल पहले उसकी शादी हुई थी और छह माह पहले ही वह बेटी का पिता बना था। पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और शिपिंग कंपनी तथा संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर गुरप्रीत का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए। परिवार ने यह भी मांग की है कि गुरप्रीत की मौत के बाद उसके आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए कदम उठाए जाएं।
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर सोमवार को बड़ा साइबरअटैक हुआ। इससे 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने कई स्टोर्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया। इससे ताजा और फ्रोजन खाना खराब हो गया। कई स्टोर्स में आग भी लग गई। फ्रांस की बड़ी रिटेल कंपनियों ने इसे अब तक का ऐसा पहला और बेहद गंभीर हमला बताया। प्रधानमंत्री ने जांच के आदेश दिए फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी ANSSI को जांच के आदेश दिए हैं। फ्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी जांच कर रहा है कि वहां और कंपनियां प्रभावित हुई हैं या नहीं। पेरिस प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने इसे बड़े स्तर का हमला बताया। ऑफिस के मुताबिक, पूरे फ्रांस में कई बड़े फूड रिटेलर्स के इंटरनेट से जुड़े फ्रिजों को निशाना बनाया गया। आखिर इन फ्रिजों का तापमान कैसे बढ़ाया गया? सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को आमतौर पर कंट्रोल पैनल से चलाया जाता है। ये पैनल पूरे स्टोर के ठंडक वाले सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण मेंटेनेंस करने वाली कंपनियां दूर बैठकर भी इनकी सेटिंग बदल सकती हैं। अगर कोई हैकर इस सिस्टम तक पहुंचने में कामयाब हो जाए, तो वह फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग बदल सकता है। ऐसा करने के लिए हैकर सिस्टम की सुरक्षा में मौजूद किसी कमजोरी का फायदा उठाता है। इस तरह वह फ्रिज और फ्रीजर की ठंडक कम कर सकता है या डीफ्रॉस्टिंग शुरू कर सकता है। डीफ्रॉस्टिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें फ्रिज या फ्रीजर में जमी बर्फ पिघलाई जाती है। डेनमार्क की कंपनी के फ्रिज कंट्रोलिंग सॉफ्टवेयर में खराबी प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, फ्रांस की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के सॉफ्टवेयर में एक कमजोरी की पहचान की है। इसी कंपनी के बनाए सिस्टम से सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर कंट्रोल होते हैं। डैनफॉस ने कहा कि उसे फ्रांस में फ्रिज और फ्रीजर के सिस्टम से जुड़ी कुछ घटनाओं की जानकारी है। कंपनी के मुताबिक, इनमें सॉफ्टवेयर का पुराना वर्जन इस्तेमाल हो रहा था। कंपनी ने बताया कि वह ग्राहकों को लंबे समय से सॉफ्टवेयर अपडेट रखने और पुराने उपकरण बदलने की सलाह देती रही है। इससे पहले 9 अगस्त को साइबर सिक्योरिटी कंपनी क्लैरोटी ने डैनफॉस के सिस्टम में मौजूद कुछ कमजोरियों पर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर बिना सही पहचान जांच के सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। फ्रांस के रिटेल कारोबार से जुड़े संगठन FCD ने डैनफॉस से इस मामले में पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। रिटेल कंपनियां बोलीं- कई करोड़ यूरो का नुकसान अभी तक पूरे रिटेल सेक्टर को हुए नुकसान का कुल आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, फ्रांस की रिटेल कंपनी इंटरमार्शे के CEO थिएरी कोटियार ने कहा कि इस हमले से देशभर में एक ही दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। इंटरमार्शे ने AFP को बताया कि प्रभावित स्टोर को खराब हुए सभी ताजा और फ्रोजन प्रोडक्ट फेंकने पड़ेंगे। वहीं, दूसरी कंपनी कोऑपरेटिव यू के CEO डोमिनिक शेल्शर ने कहा कि रविवार रात से ही कंपनी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में दिक्कतें आ रही थीं। उन्होंने बताया कि ताजा सामान को सुरक्षित रखने और लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले सिस्टम को निशाना बनाना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया और कहा कि ऐसा हमला पहले कभी नहीं हुआ। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… इजराइल ने इंडोनेशियाई पालयट के कारण विमान उतरने नहीं दिया: फ्लाइट वापस लौटी; फ्लाईदुबई हादसे के बाद 11 देशों के पायलट पर रोक लगाई इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। पूरी खबर पढ़ें…
स्कॉलरशिप: यूरोप से करें मास्टर डिग्री, 37 नए प्रोग्राम में प्रवेश का मौका, 1.5 लाख+ तक की मदद
इरास्मस मुंड्स जॉइंट मास्टर्स स्कॉलरशिप के तहत यूरोप के 37 नए मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश का मौका है। चयनित छात्रों को 24 महीने तक हर माह 1,400 यूरो तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
फ्रांस के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में ट्रंप का बड़ा दावा
फ्रांस में स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट अब देश की राजनीति और अमेरिका तक पहुंच गया है. शुरुआत शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी को लेकर हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम से जोड़ दिया. वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों और छात्र संगठनों के मुताबिक आंदोलन की शुरुआती मांगें स्कूलों की सुविधाओं और कर्मचारियों से जुड़ी हैं. सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और भ्रामक दावों ने भी विवाद बढ़ाया है.
फ्रांस में छात्र प्रदर्शन: अबतक 5 हजार गिरफ्तार, इनमें 87% नाबालिग
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर है. इस आंदोलन में गिरफ्तार किए गए 5,000 से ज्यादा लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान हैं. प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
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फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार 2026 प्रोफेसर फ्रांसिस हाल्जेन को अंटार्कटिका में आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी की स्थापना और ब्रह्मांडीय न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है।
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श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
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'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

