‘होराइजन यूरोप’ से जुड़ा भारत, दोनों देशों के बीच शोध और नवाचार सहयोग को मिली नई मजबूती
नई दिल्ली, 7 नवंबर . विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि India और यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूरोप के प्रमुख शोध और नवाचार कार्यक्रम ‘होराइजन यूरोप’ से…
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भारत में रह रही फ्रांस की महिला हुई परेशान, बोली- मेरी तस्वीरों पर कमेंट करने वाले बहुत अजीब हैं
फ्रेंच लड़की मैरी बीते 6 महीने से भारत में रह रही है. वह अक्सर भारत से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती रहती है.
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जैसलमेर की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और महिला सशक्तीकरण को इंटरनेशनल पहचान दिलाने की दिशा में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग का नया रास्ता खुलने जा रहा है। भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू 9 और 10 नवंबर को जैसलमेर आएंगे। अपने दौरे के दौरान वे कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा, फैशन, डिजाइन और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता करेंगे। इसके तहत जैसलमेर के थार क्षेत्र में बने राजकुमारी रत्नावती गर्ल्स स्कूल को केंद्र में रखकर स्टूडेंट्स को विशेष प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन देने की योजना है। पूर्व महारावल चैतन्य राज सिंह भाटी करेंगे प्रतिनिधित्व समझौता फ्रांस के भारत स्थित दूतावास और सीआईटीटीए फाउंडेशन के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) के रूप में होगा। फाउंडेशन की ओर से इसके निदेशक और जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्य राज सिंह भाटी प्रतिनिधित्व करेंगे। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय हुनर को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव से जोड़ना है। राजकुमारी रत्नावती गर्ल्स स्कूल में फैशन, हाउट कॉउचर (उच्चस्तरीय परिधान डिजाइन) और पारंपरिक शिल्पकला की ट्रेनिंग पर विशेष फोकस रहेगा। फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया इस कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञों के दौरे और शिक्षा के आदान-प्रदान में मदद करेगा। फ्रांस के लेस एटेलियर्स एलिक्स सहित अन्य संस्थानों के प्रशिक्षक और फैशन विशेषज्ञ छात्राओं को फैशन, डिजाइन और हस्तशिल्प का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इससे स्टू़डेंट्स को स्थानीय कला के साथ आधुनिक डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर मिलेगा। स्कूल का शैक्षणिक मॉडल भी देखेंगे राजदूत दौरे के दौरान राजदूत माथू स्कूल का भ्रमण करेंगे और स्टू़डेंट्स और टीचर्स से बात करेंगे। वे यहां संचालित ज्ञान (GYAAN) सेंटर की गतिविधियों को भी समझेंगे। इस सेंटर में पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजाइन, टेक्सटाइल और हस्तशिल्प को जोड़कर शिक्षा दी जाती है। फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू को सालों का अनुभव थिएरी माथू फ्रांस के अनुभवी राजनयिक और एशिया मामलों के विशेषज्ञ हैं। वे सितंबर 2023 से भारत में फ्रांस के राजदूत हैं। उन्हें एशियाई देशों में 25 साल से अधिक समय तक काम करने का अनुभव है। भारत-फ्रांस के पुराने समझौते को मिलेगी गति यह पहल वर्ष 2025 में भारत और फ्रांस के बीच कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को लेकर हुए समझौता ज्ञापन को आगे बढ़ाएगी। जैसलमेर और फ्रांस के शहर कारकासोन के बीच भी 2025 में सिस्टर सिटी समझौता हुआ था। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना है। चैतन्य राज सिंह भाटी के अनुसार, इस साझेदारी से जैसलमेर के स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता से जोड़ने के साथ लड़कियों और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
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इंदौर का सराफा बाजार सिर्फ सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-बिक्री का ठिकाना नहीं है। इसकी गलियों में करीब तीन शताब्दियों का व्यापारिक इतिहास, होलकर राजघराने की दूरदर्शिता, देश-विदेश तक फैले कारोबारी रिश्ते, जौहरियों की दस्तकारी और कई ऐतिहासिक घटनाएं दर्ज हैं। आज जिस सराफा को इंदौर की पहचान के रूप में जाना जाता है, कभी वही इलाका अफीम, कपास और कीमती धातुओं के बड़े कारोबार का केंद्र हुआ करता था। इस बाजार की शुरुआत राजवाड़ा बनने से भी पहले हो चुकी थी। समय के साथ यहां व्यापारियों और कारीगरों की बस्तियां विकसित हुईं। गुजरात, राजस्थान, मालवा और महाराष्ट्र से व्यापारी यहां पहुंचे। सोने-चांदी के कारोबार ने इसे देश के प्रमुख बुलियन बाजारों में शामिल कर दिया। दीपावाली के मौके पर दैनिक भास्कर ने विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ और इतिहासकार खासकर जफर अंसारी से बातचीत की। उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर सराफा के 300 साल पुराना बताया। साथ ही ऐतिहासिक तस्वीरें भी साझा की। राजवाड़ा से पहले बस चुकी थी व्यापारिक बस्ती इतिहासकार जफर अंसारी ने बताया कि इंदौर के व्यवस्थित व्यापारिक इतिहास की शुरुआत 18वीं सदी के शुरुआती वर्षों में मानी जाती है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, 1716 में जमींदार राव राजा नंदलाल मंडलोई ने यहां पहली व्यवस्थित व्यापारिक बस्ती बसाई थी। आगे चलकर इस इलाके को उनके नाम पर नंदलालपुरा कहा गया। यह वह दौर था, जब इंदौर धीरे-धीरे व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा था। 1747 में राजवाड़ा का निर्माण हुआ, लेकिन उससे पहले ही यहां व्यापारियों की आवाजाही और कारोबारी गतिविधियां शुरू हो चुकी थीं। 1852 में महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय के राज्याभिषेक तक इंदौर का व्यापार काफी विस्तार ले चुका था। होलकर शासकों ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए। इसी क्रम में भगवान शिव और होलकर परिवार के आराध्य देवता के नाम पर 'सदाशिव मार्तंड' नाम से सरकारी व्यापारिक दुकान शुरू करवाई गई। इसकी शुरुआत छोटा सराफा से हुई। इसकी एक शाखा मुंबई में भी थी। व्यापारियों के हितों की रक्षा और कारोबार से जुड़े विवादों के समाधान के लिए छोटा सराफा में 'ग्यारह पंच' नाम की व्यापारिक संस्था भी बनाई गई। इससे पता चलता है कि उस दौर में सराफा केवल खरीद-बिक्री का स्थान नहीं था, बल्कि यहां व्यापार को व्यवस्थित करने के लिए संस्थागत व्यवस्थाएं भी विकसित हो रही थीं। अफीम और कपास के कारोबार से चीन-यूरोप तक पहुंच सराफा और इंदौर के व्यापारिक विस्तार में अफीम और कपास का कारोबार बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस कारोबार ने इंदौर को देश के दूसरे बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ा। मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों के साथ यहां के व्यापारिक संबंध मजबूत हुए। भारत के 'कॉटन प्रिंस' कहे जाने वाले सर सेठ हुकुमचंद ने इंदौर के व्यापार को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनके कारोबारी नेटवर्क का विस्तार चीन, मध्य पूर्व और यूरोप तक था। कपास और अफीम के व्यापार से आने वाली पूंजी ने इंदौर के व्यापारिक ढांचे को मजबूती दी। उस समय सराफा में सोने-चांदी के साथ अन्य कीमती वस्तुओं का कारोबार भी होता था। व्यापारियों की बढ़ती संख्या के साथ यह इलाका धीरे-धीरे जौहरियों और कीमती धातुओं के कारोबार का बड़ा केंद्र बनने लगा। 1890 में थीं 30 दुकानें, अब 300 के पार 19वीं सदी के अंतिम वर्षों तक छोटा सराफा सोने-चांदी और कीमती धातुओं के कारोबार के लिए स्थापित बाजार बन चुका था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, 1890 में यहां सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ी करीब 30 दुकानें थीं। अगले पांच दशकों में बाजार का तेजी से विस्तार हुआ और 1941 तक इनकी संख्या 100 से अधिक हो गई। उस दौर में अफीम और कपास के बदले चांदी का कारोबार भी किया जाता था। इससे सराफा की भूमिका केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रही। यहां होने वाले सौदों का संबंध दूसरे शहरों और व्यापारिक केंद्रों से भी था। सराफा में श्री इंदौर बुलियन एक्सचेंज लिमिटेड का कार्यालय भी स्थापित हुआ। इसका उद्देश्य सोने-चांदी के कारोबार को प्रोत्साहन देना और व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित करना था। इस तरह बाजार में जौहरियों के साथ बुलियन कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गुजरात-राजस्थान से आए व्यापारी, पुणे के सिनारकर सुनारों ने बनाई पहचान इंदौर के सराफा बाजार की एक खासियत यह भी रही कि यहां अलग-अलग क्षेत्रों के व्यापारी और कारीगर आकर बसे। गुजरात, राजस्थान और मालवा के व्यापारियों ने यहां कारोबार को विस्तार दिया। पुणे के प्रसिद्ध सिनारकर सुनारों ने अपनी पारंपरिक दस्तकारी और आभूषण निर्माण की कला से अलग पहचान बनाई। उनके बनाए आभूषणों की कारीगरी और बारीक काम बाजार की खासियत बने। धीरे-धीरे सराफा में आभूषण निर्माण, सोने-चांदी की शुद्धता, तौल और लेनदेन की अपनी व्यवस्था विकसित हुई। पीढ़ियों से कारोबार करने वाले परिवारों ने इस बाजार की परंपरा को आगे बढ़ाया। यही वजह है कि सराफा की पहचान सिर्फ दुकानों की संख्या से नहीं, बल्कि यहां के कारीगरों और व्यापारिक भरोसे से भी बनी। 1784 की डकैती में 9 की हत्या, बनाई पुलिस चौकी सराफा का इतिहास सिर्फ व्यापारिक तरक्की की कहानियों तक सीमित नहीं है। इस बाजार ने कई मुश्किल दौर भी देखे हैं। ऐतिहासिक दस्तावेजों में 12 जून 1784 की एक बड़ी डकैती का उल्लेख मिलता है। बताया जाता है कि डकैतों ने जौहरी सेठ अनुपचंद की दुकान पर हमला किया था। इस दौरान करीब 2 हजार रुपए लूटे गए और नौ लोगों की हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे व्यापारिक क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। इसके बाद होलकर शासकों ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की और यहां पुलिस चौकी स्थापित की। व्यापारियों और उनकी कीमती संपत्तियों की सुरक्षा के लिहाज से यह बड़ा कदम था। बाजार में मौजूद पुरानी पुलिस चौकी आज भी इस ऐतिहासिक घटना और उस दौर की सुरक्षा व्यवस्था की याद दिलाती है। सोने-चांदी की शुद्धता और सही तौल के लिए था पुराना धर्मकांटा पुराने सराफा बाजार की व्यवस्था में तौल और शुद्धता का विशेष महत्व था। सोने-चांदी के कारोबार में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए सही वजन और धातु की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी था। इसी व्यवस्था का हिस्सा बाजार में मौजूद पुराना धर्मकांटा भी रहा। व्यापार के उस दौर में ऐसे कांटों का इस्तेमाल वजन की पुष्टि और लेनदेन में पारदर्शिता के लिए किया जाता था। छोटा सराफा में भैरू महाराज मंदिर के पास लगा पुराना बोर्ड भी बाजार की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा है। बताया जाता है कि लोहे और इनेमल से बना यह बोर्ड 1890 में होलकर शासनकाल में लगाया गया था। आज भी यह पुराने रियासती इंदौर की याद दिलाता है। 1927 में व्यापारी एसोसिएशन, स्वतंत्रता आंदोलन में भी योगदान सराफा के कारोबार को संगठित करने की दिशा में 1927 में इंदौर चांदी-सोना जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन की स्थापना हुई। इस संगठन ने व्यापारियों के हितों की रक्षा करने के साथ बाजार से जुड़े विषयों को व्यवस्थित करने में भूमिका निभाई। इस संगठन का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा रहा है। ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन ने देश की आजादी की लड़ाई के लिए आर्थिक सहयोग दिया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सराफा की गलियों में लाठीचार्ज और गोलियां चलने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इस तरह यह बाजार केवल आर्थिक गतिविधियों का केंद्र नहीं रहा, बल्कि इंदौर के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास का भी हिस्सा बना। चारों कोनों पर भैरव मंदिर, जती मंदिर भी है खास पहचान सराफा की पहचान यहां मौजूद पुराने मंदिरों से भी जुड़ी है। बाजार के चारों कोनों पर भैरव महाराज के मंदिर हैं। बड़ा सराफा में प्राचीन जती मंदिर भी स्थित है। इन मंदिरों से व्यापारियों और स्थानीय लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। पुराने समय में बाजार की गतिविधियों के साथ धार्मिक आयोजन और सामाजिक मेलजोल भी इसी क्षेत्र में होता था। बाजार की बनावट, पुरानी दुकानें, मंदिर, ऐतिहासिक बोर्ड और पारंपरिक कारोबारी व्यवस्थाएं मिलकर सराफा को इंदौर की महत्वपूर्ण विरासत बनाती हैं। कभी बारिश और धूप पर भी लगता था दांव सराफा के पुराने इतिहास में कारोबार के अलावा कुछ दिलचस्प किस्से भी दर्ज हैं। इतिहासकार और विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ जफर अंसारी बताते हैं कि यहां पुराने समय में 'टपरे का सट्टा' और 'गेट का सट्टा' जैसे खेल प्रचलित थे। टपरे के सट्टे में बारिश होने के पांच घंटे के भीतर टीन की छतों से पानी टपकेगा या नहीं, इस पर दांव लगाया जाता था। वहीं गेट के सट्टे में घने बादलों के बाद धूप निकलेगी या नहीं, इस बात पर पैसा लगाया जाता था। समय के साथ इन खेलों का स्वरूप बदलता गया और वे अंकों पर आधारित सट्टेबाजी में बदल गए। ये किस्से बताते हैं कि सराफा की गलियों में व्यापार के साथ उस दौर का सामाजिक जीवन भी किस तरह चलता था। 300 साल में बदला स्वरूप, लेकिन व्यापारिक पहचान आज भी कायम नंदलाल मंडलोई की बसाई शुरुआती व्यापारिक बस्ती से शुरू हुआ सराफा का सफर होलकर राजघराने के संरक्षण में आगे बढ़ा। अफीम और कपास के कारोबार से लेकर सोने-चांदी के बड़े बाजार तक इसका विस्तार हुआ। अलग-अलग राज्यों से आए व्यापारियों, सुनारों और कारीगरों ने इसे समृद्ध बनाया। आज भी छोटा और बड़ा सराफा इंदौर की व्यापारिक पहचान के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। यहां पीढ़ियों से कारोबार कर रहे परिवार बाजार की परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं। सराफा का इतिहास बताता है कि किसी शहर की पहचान सिर्फ उसकी इमारतों या सड़कों से नहीं बनती। उसके बाजार, व्यापारी, कारीगर और उनसे जुड़ी पीढ़ियों की कहानियां भी शहर की विरासत होती हैं। सराफा चौपाटी: जौहरियों के बाजार बनी जायके की पहचान सराफा की पहचान धीरे-धीरे सिर्फ सोने-चांदी के कारोबार तक सीमित नहीं रही। बाजार में आने वाले ग्राहक और व्यापारी शाम को मिठाइयों और दूध-मावे से बने व्यंजनों की दुकानों पर रुकने लगे। अखाड़ों के पहलवान भी यहां रबड़ी और मिठाइयों का आनंद लेने पहुंचते थे। विजय चाट हाउस जैसी दुकानों ने इस खानपान की परंपरा को आगे बढ़ाया। 1970 के दशक में यहां पैटीज और कचौरी जैसी चीजें महज 10 पैसे में मिलती थीं। बाद में शर्मा स्वीट्स, जोशी दही बड़ा, नागोरी शिकंजी, रबड़ी गुरु और अग्रवाल स्वीट्स जैसे प्रतिष्ठानों ने अपनी अलग पहचान बनाई। सोने-चांदी के आभूषण खरीदने आने वाले परिवार मिठाई की दुकानों पर भी रुकते थे। नई खरीदारी की खुशी मिठाई के साथ मनाने की परंपरा ने कारोबार और खानपान को एक-दूसरे से जोड़ दिया। इसी तरह रात में सजने वाली दुकानों ने सराफा को देशभर में मशहूर कर दिया। 2023 के प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों ने भी यहां के जायकों का आनंद लिया था।
हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में फ्रांस से दूल्हा अपनी बारात लेकर पहुंचा तो पूरा इलाका इस अनोखी शादी का गवाह बन गया। फ्रांस निवासी मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन ने संगरिया की बेटी दिव्या ज्योति के साथ भारतीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के बीच 7 फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। इस शादी का सबसे खास नजारा तब देखने को मिला, जब फ्रांस से आए विदेशी बाराती भारतीय गानों की धुन पर जमकर थिरके। पारंपरिक भारतीय शादी का रंग, ढोल-नगाड़ों की गूंज और विदेशी मेहमानों का देसी अंदाज समारोह का आकर्षण बन गया। न्यूजीलैंड में हुई थी पहली मुलाकातसंगरिया निवासी सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी की बेटी दिव्या ज्योति ने ग्वालियर से बीटेक की डिग्री हासिल की और इसके बाद अपने करियर की शुरुआत की। दिव्या ने गुरुग्राम और नोएडा में प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया। इसके बाद वह न्यूजीलैंड में नौकरी करने लगीं। न्यूजीलैंड में रहते हुए ही दिव्या की मुलाकात फ्रांस निवासी मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य परिचय हुआ, लेकिन धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरी होती चली गई। एक-दूसरे को समझने और जानने के साथ दोनों के बीच प्यार का रिश्ता बन गया। आखिरकार दोनों ने जीवनभर साथ रहने का फैसला किया। प्यार को मिला परिवारों का साथ, संगरिया में रची गई शादीदिव्या ज्योति और रोमेन ने जब विवाह करने का निर्णय लिया तो दोनों परिवारों ने भी खुशी-खुशी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। परिवारों की सहमति के बाद विवाह समारोह संगरिया में आयोजित करने का फैसला हुआ। इसके बाद फ्रांस से दूल्हा रोमेन अपने परिजनों और दोस्तों के साथ बारात लेकर संगरिया पहुंच गए। दिव्या ज्योति और रोमेन की यह शादी महज 2 लोगों का विवाह नहीं, बल्कि दो देशों की संस्कृतियों, परंपराओं और परिवारों के मिलन की खूबसूरत मिसाल बन गई।
ट्रंप को रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए समझौता होने की उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध सुलझने के बहुत करीब है और इसे समाप्त करने में पूरे यूरोप की भागीदारी हो सकती है.
यूरोप में 10 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी; देखें दुनिया आजतक
यूरोप में 7 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली. फिनलैंड, बुल्गारिया, फ्रांस, इटली, चेक को मिली धमकी के बाद कई विमानों के रूट बदल दिए गए तो कुछ को फाइटर जेट्स की निगरानी में आनन-फानन जमीन पर उतारा गया. दो दिन पहले भी यूरोप में 10 विमानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकी मिल चुकी है. देखें दुनिया आजतक.
अदाणी ग्रुप का बड़ा दांव: यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी लिक्विड स्टोरेज कंपनी इवोस का किया सौदा
दीपावली से पहले अदाणी ग्रुप ने अपने प्रशंसकों को तोहफा दिया है। अब यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी लिक्विड स्टोरेज कंपनी
यूरोप के इस देश में भारतीयों के लिए शुरू हुई स्कीम
यूरोप की खूबसूरत वादियों में घूमते हुए अपनी ड्रीम जॉब करने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए एक शानदार खुशखबरी सामने आई है। यूरोप के प्रमुख देश स्पेन (Spain) ने भारतीय प्रोफेशनेल्स, फ्रीलांसर्स और रिमोट वर्क करने वाले कर्मचारियों के लिए अपनी 'डिजिटल नोमैड वीजा' (Digital Nomad Visa) स्कीम को और भी आसान और आकर्षक बना दिया है। इस योजना के तहत अब भारतीय नागरिक स्पेन की खूबसूरत वादियों, समुद्र तटों और ऐतिहासिक शहरों में रहते हुए अपनी भारतीय या अंतरराष्ट्रीय कंपनी के लिए काम कर सकते हैं। यानी काम के साथ-साथ यूरोप घूमने का सपना अब बिना किसी नौकरी के ब्रेक के पूरा हो सकता है।इस स्कीम के तहत योग्य आवेदकों को शुरुआत में 1 साल का वीजा और स्पेन से अप्लाई करने पर 3 साल तक का रेजिडेंस परमिट मिलता है, जिसे आगे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं, 5 साल पूरे होने पर स्थायी निवासी (Permanent Residency) के लिए आवेदन का रास्ता भी खुल जाता है।डिजिटल नोमैड वीजा क्या है और भारतीयों को इससे क्या मिलेगा फायदा?डिजिटल नोमैड वीजा एक ऐसा विशेष वीजा है जो दूरस्थ रूप से काम करने वाले पेशेवरों (Remote Workers) को किसी विदेशी देश में कानूनी रूप से रहने और वहां से काम करने की अनुमति देता है। स्पेन की इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारतीय प्रोफेशनेल्स को अपनी नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे स्पेन के बार्सिलोना, मैड्रिड या वालेंसिया जैसे शहरों में रहकर काम कर सकते हैं और वीकेंड्स पर पूरे शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) के 29 यूरोपीय देशों में बिना किसी अलग वीजा के आसानी से यात्रा कर सकते हैं।इसके अलावा, स्पेन सरकार ने इस वीजा धारकों के लिए करों (Taxes) में भी विशेष छूट दी है। इस योजना के तहत आने वाले गैर-निवासी पेशेवरों को सामान्य 47% के बजाय शुरुआती सालों में केवल 24% की रियायती दर पर आयकर (Non-Resident Income Tax) देना होता है।स्पेन डिजिटल नोमैड वीजा के लिए योग्यता और जरूरी शर्तेंस्पेन के डिजिटल नोमैड वीजा के लिए आवेदन करने के लिए भारतीय नागरिकों को कुछ मुख्य शर्तों को पूरा करना होता है:आवक का पैमाना (Income Requirement): मुख्य आवेदक की न्यूनतम मासिक आय स्पेन के न्यूनतम वेतन का कम से कम 200% (लगभग €2,849 प्रति माह यानी करीब 2.5 लाख से 2.6 लाख रुपये) होनी चाहिए।रिमोट जॉब या फ्रीलांसिंग: आवेदक किसी ऐसी कंपनी में काम करता हो जो स्पेन से बाहर पंजीकृत हो, या फिर वह अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स के लिए फ्रीलांसिंग करता हो। (स्पेनिश क्लाइंट्स से कुल आय का अधिकतम 20% ही कमाया जा सकता है)।अनुभव या शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम 3 साल का कार्य अनुभव हो या फिर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक/स्नातकोत्तर की डिग्री हो।हेल्थ इंश्योरेंस और क्लीन क्रिमिनल रिकॉर्ड: स्पेन में मान्य पूर्ण स्वास्थ्य बीमा और पिछले 5 वर्षों का पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।आवेदन कैसे करें: भारत से या सीधे स्पेन जाकर?इस वीजा के लिए आवेदन करने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला तरीका यह है कि आवेदक भारत में स्थित स्पेनिश वाणिज्य दूतावास (Consulate/BLS Center) के माध्यम से 1 वर्ष के राष्ट्रीय 'D' वीजा के लिए आवेदन कर सकता है। दूसरा तरीका यह है कि यदि आवेदक पहले से टूरिस्ट या शेंगेन वीजा पर स्पेन में कानूनी रूप से मौजूद है, तो वह सीधे स्पेन के बड़े व्यवसाय प्रभाग (UGE-CE) में ऑनलाइन आवेदन करके सीधे 3 साल का रेजिडेंस परमिट हासिल कर सकता है।आवेदन की प्रक्रिया में आमतौर पर 15 से 45 कार्यदिवसों का समय लगता है। आवेदक अपने जीवनसाथी (Spouse) और बच्चों को भी इस वीजा के तहत अपने साथ ले जा सकते हैं, जिसके लिए अतिरिक्त वित्तीय आय का प्रमाण देना होता है। वर्क-लाइफ बैलेंस और यूरोपियन लाइफस्टाइल चाहने वाले भारतीय टेक प्रोफेशनेल्स, डिजाइनर्स, और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह स्कीम एक स्वर्णिम अवसर बनकर उभरी है।
गोविंदा और सुनीता का ये घर करीब 16 करोड़ रुपये का बताया जाता है। गोविंदा के घर का एक-एक कोना बेहद ही खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।
फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, तोड़फोड़-आगजनी, पुलिस से भिड़े
फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं. पेरिस समेत कई शहरों में 6 लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे हैं. वेतन बढ़ोतरी और छात्र आंदोलन के समर्थन में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुई हैं.
ट्रंप की पुतिन के दूत से मुलाकात: रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोले- जल्द होगा बड़ा समझौता; अगले हफ्ते अहम बातचीत-Donald Trump Meets Putin's Envoy Ahead of Russia-Ukraine Peace Talks, Predicts a Big Agreement
पेरिस की सड़कों पर झांकियां, लाल फ्लेयर्स, आतिशबाजी और हजारों प्रदर्शनकारी, लेकिन जैसे ही रैली खत्म हुई, एकदम से माहौल बदल गया. वेतन बढ़ोतरी और महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन कई जगह पुलिस से टकराव में बदल गया.
फ्रांस से आया दूल्हा, दिव्या का थामा हाथ, न्यूजीलैंड में हुई थी मुलाकात
France Groom Sangaria Wedding: फ्रांस से संगरिया पहुंचा दूल्हा, विदेशी बारातियों ने राजस्थानी रंग में जमाया रंग. न्यूजीलैंड में हुई दिव्या ज्योति और रोमेन की लव स्टोरी का राजस्थान में हुआ अनूठा विवाह...
भारतीय दवा उद्योग की गुणवत्ता पर सवाल: यूएस-यूरोप ने छह फैक्टरियों में पकड़ी गंभीर खामियां, लापरवाही पड़ी भारी- Questions raised over quality Indian pharmaceutical industry US and Europe uncover serious flaws six factories
सड़कों पर उतरा फ्रांस! पेरिस में मशालों और झांकियों के साथ अनोखा प्रदर्शन, एफिल टावर के ताले बंद
France Protests 2026:
न्यूजीलैंड में प्यार, राजस्थान में शादी, फ्रांस से आई बारात ने लूटी महफिल
फ्रांस से दूल्हा बारात लेकर राजस्थान के संगरिया पहुंचा तो शादी में विदेशी मेहमानों की भी खूब रौनक रही. दिव्या ज्योति और रोमेन की मुलाकात न्यूजीलैंड में हुई थी. दोनों परिवारों की सहमति के बाद यह शादी राजस्थान में हुई.
सैलरी नहीं, महंगाई बढ़ी... फ्रांस में फूटा गुस्सा, सड़कों पर उतरे लाखों लोग
फ्रांस में वेतन बढ़ाने और शिक्षा के लिए ज्यादा बजट देने की मांग को लेकर 6 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे. सितंबर में छात्रों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कर्मचारियों और पेंशनभोगियों तक पहुंच गया है. प्रदर्शन का असर स्कूलों, सार्वजनिक परिवहन और कई शहरों की सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ा.
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
थमा रूस-यूक्रेन युद्ध? मेलानिया ट्रंप ने किया सीजफायर का दावा
अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के सीजफायर कार्यक्रम में कहा कि उन्हें सितंबर में ओलेश्की के मानवीय संकट की जानकारी मिली. उन्होंने अपने प्रतिनिधि मार्क बेकमैन को दोनों देशों से बात करने भेजा. दोनों देशों ने उनकी भागीदारी का स्वागत किया और उन्हें एक्सक्लूसिव इंटरमीडियरी बनाने पर राजी हुए.
भारत के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी को कोविड-19 महामारी के दौरान बेंगलुरु में फ्रांसीसी समुदाय की मदद करने के लिए फ्रांस सरकार द्वारा 'नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया है।
यूरोप में बम की धमकियों से हवाई सेवाएं प्रभावित, कई उड़ानों की इमरजेंसी लैंडिंग
लंदन, 5 नवंबर . यूरोप के कई देशों में Thursday को एक दर्जन से अधिक यात्री विमानों को बम की धमकियां मिलीं, जिसके कारण कई उड़ानों का मार्ग…
फ्रांस में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी, देशभर में प्रदर्शन तेज
पेरिस, 5 नवंबर . फ्रांस में Thursday को सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया. देश में येलो वेस्ट आंदोलन, ट्रेड…
यूरोप में बम की धमकियों से हड़कंप, 14 से अधिक यात्री विमानों को मिली धमकी; कई का बदला रास्ता
एयर लिंगस का विमान फ्रांस के सैन्य एयरबेस पर उतारा, फाइटर जेट्स ने भरी उड़ान; रायनएयर, फिनएयर और विज एयर की उड़ानें भी प्रभावित ब्रसेल्स। यूरोप के कई देशों में गुरुवार को यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। अलग-अलग एयरलाइंस की कम से […] The post यूरोप में बम की धमकियों से हड़कंप, 14 से अधिक यात्री विमानों को मिली धमकी; कई का बदला रास्ता appeared first on Sabguru News .
फ्रांस में साइबर हमलावरों ने सरकारी ब्लड बैंक के कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को निशाना बनाया। हैकर्स ने 1 नवंबर की रात सिस्टम में सेंध लगाकर खून और प्लाज्मा को सुरक्षित रखने वाले फ्रीजर का तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से बढ़ाकर 110 डिग्री सेल्सियस करने की कोशिश की। हालांकि, समय रहते अलार्म सिस्टम ने खतरे […]
फ्रांस में साइबर हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। देश के ब्लड बैंक की कूलिंग व्यवस्था को साइबर अटैक के जरिए निशाना बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, हैकरों ने दूर से ही रेफ्रिजरेशन सिस्टम में बदलाव कर दिया, जिससे खून और जैविक नमूनों को सुरक्षित ...
Adani Ports का यूरोप में विस्तार, 2.56 अरब यूरो में Evos BV की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी
अडानी समूह ने अपने कारोबार को भारत से बाहर और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने नीदरलैंड की कंपनी इवोस बीवी को खरीदने का ऐलान किया है। कंपनी यूरोप में स्वतंत्र रूप से काम करने वाली दूसरी सबसे बड़ी तरल पदार्थ भंडारण ऑपरेटर है। अडानी पोर्ट्स इसके मालिकाना हक वाली 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। यह सौदा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश कंपनी इग्नियो इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स से 2.56 अरब यूरो के कारोबारी मूल्य पर किया जाएगा। कंपनी ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि यह पूरा सौदा नकद में होगा। इसमें इवोस की इक्विटी वैल्यू 1.18 अरब यूरो आंकी गई है। सौदे के तहत कंपनी का मूल्यांकन उसके वर्ष 2025 के ब्याज, कर, मूल्यह्रास और कर्ज चुकाने से पहले की कमाई के मुकाबले 11.7 गुना रखा गया है। अडानी पोर्ट्स के मुताबिक, इवोस ने 2025 में 392 मिलियन यूरो का राजस्व और 219 मिलियन यूरो का परिचालन लाभ दर्ज किया था। कंपनी का लाभ मार्जिन 56 प्रतिशत रहा। इस अधिग्रहण के लिए अडानी पोर्ट्स कर्ज के जरिए रकम जुटाएगी। हालांकि, सौदे को पूरा करने से पहले संबंधित नियामक संस्थाओं और अन्य जरूरी मंजूरियों के साथ कर्मचारियों की प्रतिनिधि परिषद से भी सलाह लेनी होगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि इवोस के जुड़ने से कंपनी को दुनिया के प्रमुख ऊर्जा और तरल पदार्थ भंडारण केंद्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप के साथ मिलकर वहां स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की ओर बढ़ने की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहती है। साथ ही कारोबार बढ़ाते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना भी उसकी प्राथमिकता होगी। इस सौदे के बाद अडानी पोर्ट्स को यूरोप के 5 देशों में फैले 8 बंदरगाह आधारित भंडारण केंद्र मिलेंगे। इनमें नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा शामिल हैं। इन केंद्रों की कुल भंडारण क्षमता 63 लाख घन मीटर है। इवोस ने वर्ष 2025 के दौरान 37 मिलियन मीट्रिक टन तरल पदार्थों का रखरखाव और आवागमन संभाला था। कंपनी के भंडारण केंद्रों में औसत व्यावसायिक उपयोग 99 प्रतिशत रहा है। इसके अलावा, उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा ऐसे लंबे समय के समझौतों से आता है, जिनमें ग्राहक तय मात्रा के भंडारण या सेवा का भुगतान करने के लिए बाध्य होते हैं। कुछ अनुबंधों में कीमतों को महंगाई दर के अनुसार बदलने की व्यवस्था भी है। इवोस के पास कुल 452 टैंक हैं। इसके अलावा 63 जहाजों और माल ढोने वाली छोटी नौकाओं के लिए खड़े होने की जगह तथा कई पाइपलाइन संपर्क भी हैं। इनमें एम्सटर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प क्षेत्र, हैम्बर्ग और भूमध्यसागर के प्रमुख ऊर्जा केंद्र शामिल हैं। कंपनी की पाइपलाइन व्यवस्था शिफोल हवाई अड्डे और मध्य यूरोप पाइपलाइन प्रणाली से भी जुड़ी हुई है। अडानी पोर्ट्स के मुताबिक, इस अधिग्रहण से उसके कारोबार का दायरा, अलग-अलग देशों में मौजूदगी और नियमित कमाई बढ़ेगी। कंपनी का वैश्विक नेटवर्क अब 10 देशों में 28 बंदरगाहों और टर्मिनलों तक फैल जाएगा। गौरतलब है कि यह सौदा अडानी पोर्ट्स को यूरोप के ऊर्जा और औद्योगिक बाजार में मजबूत जगह दिलाने के साथ उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार को भी नई दिशा दे सकता है।
आयरलैंड से इटली जा रही फ्लाइट को बम की धमकी मिली, फ्रांस में हुई सुरक्षित लैंडिंग
पेरिस, 5 नवंबर . आयरलैंड के डबलिन से इटली की राजधानी रोम जा रही एक फ्लाइट को Thursday को संदिग्ध बम धमकी मिलने के बाद फ्रांस की ओर…
अडानी ग्रुप अब भारत के बाहर यूरोप के पोर्ट और एनर्जी स्टोरेज कारोबार में भी अपनी पकड़ मजबूत करने जा रहा है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने नीदरलैंड की कंपनी Evos B.V. को खरीदने का बड़ा ऐलान किया है।
यूरोप में बजा अदाणी का डंका! ₹27,200 करोड़ में दिग्गज डच कंपनी Evos का अधिग्रहण करेगी APSEZ
Adani Ports Expansion: अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने यूरोपीय बाजार में अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने नीदरलैंड्स स्थित लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर 'इवोस बी.वी.' की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। यह ऑल-कैश डील इग्नेओ इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स के साथ $2.88 बिलियन यानी करीब ₹27,200 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर हुई है।इस प्रस्तावित ऑल-कैश सौदे में इवोस का इक्विटी मूल्य 1.18 बिलियन यूरो (लगभग ₹12,551 करोड़) तय किया गया है। यह अधिग्रहण कैलेंडर वर्ष 2025 के एंटरप्राइज वैल्यू से एबिटडा (EV/EBITDA) के 11.7 गुना मल्टीपल पर हुआ है। APSEZ के अनुसार, इस पूरे सौदे की फंडिंग डेट (कर्ज) के जरिए की जाएगी और यह रेगुलेटरी मंजूरियों व वर्क्स काउंसिल के परामर्श के अधीन है।Evos की वित्तीय स्थिति और ग्लोबल पहुंचतगड़ा फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: कैलेंडर वर्ष 2025 में इवोस ने करीब ₹4,168 करोड़ का रेवेन्यू और ₹2,329 करोड़ का EBITDA दर्ज किया है, जो 56 प्रतिशत का शानदार एबिटडा मार्जिन दर्शाता है।यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर: इवोस यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा इंडिपेंडेंट लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर है। इसके पास नीदरलैंड्स, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा के 8 पोर्ट-बेस्ड टर्मिनल्स पर 63 लाख क्यूबिक मीटर की विशाल स्टोरेज कैपेसिटी है।रणनीतिक लोकेशन: इसके टर्मिनल्स यूरोप के प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्रों में स्थित हैं, जिनमें एम्सटर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प (ARA) रीजन, हैम्बर्ग और भूमध्यसागरीय क्षेत्र शामिल हैं।अदाणी ग्रुप और APSEZ के लिए इस डील के मायनेअदाणी पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने इस अधिग्रहण को कंपनी के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक पड़ाव बताया, '1 बिलियन टन कार्गो हैंडलिंग और एक सच्चा ग्लोबल इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म तैयार करने की दिशा में इवोस हमारे लिए एक मील का पत्थर है। इवोस का हमारे पोर्टफोलियो में स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है, जिससे हमें प्रमुख वैश्विक लिक्विड स्टोरेज और एनर्जी हब्स में सीधी और मजबूत उपस्थिति मिलेगी।'उन्होंने आगे कहा, 'हम यूरोप के साथ साझेदारी करने, इसके टिकाऊ ऊर्जा संक्रमण का समर्थन करने और अपने वित्तीय अनुशासन को बनाए रखते हुए दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए तत्पर हैं।'अदाणी पोर्ट्स को मिलेंगे यह 4 बड़े फायदेग्लोबल प्रेजेंस का विस्तार: यह डील यूरोप के सबसे बड़े ट्रेड रूट्स और लॉजिस्टिक्स हब्स में अदाणी पोर्ट्स को सीधी एंट्री और मजबूत बढ़त दिलाएगी।बिजनेस डायवर्सिफिकेशन: लिक्विड स्टोरेज बिजनेस का दायरा बढ़ने से कंपनी का पोर्टफोलियो और अधिक विविधतापूर्ण बनेगा।न्यू-एज फ्यूल्स में एंट्री: यह अधिग्रहण कंपनी को क्लीन और न्यू-एज फ्यूल्स (हरित ऊर्जा) की ओर लॉन्ग-टर्म ट्रांजिशन में मदद करेगा।अनुमानित और मजबूत विदेशी कैश फ्लो: इवोस का बिजनेस मॉडल 'टेक-ऑर-पे' रेवेन्यू और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है। इससे APSEZ को हाई-मार्जिन और फिक्स्ड फॉरेन करेंसी कैश फ्लो मिलेगा, जो कंपनी की कमाई की गुणवत्ता को और मजबूत करेगा।शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन?इस बड़े अधिग्रहण के ऐलान के बावजूद 5 नवंबर को NSE पर अदाणी पोर्ट्स का शेयर 1.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,884 प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Europe Flight Bomb Threat: यूरोप में 7 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, कई फ्लाइट्स डायवर्ट; फाइटर जेट की निगरानी में हुई लैंडिंग
अदाणी पोर्ट्स का अंतरराष्ट्रीय विस्तार, यूरोपीय कंपनी इवोस का 2.56 अरब यूरो में किया अधिग्रहण
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने गुरुवार को यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर इवोस बी.वी का ऑल-कैश डील में 2.56 अरब यूरो की एंटरप्राइस वैल्यू पर अधिग्रहण किया।
यूरोप के सुपरमार्केट में हैक फ्रिज बने
नई दिल्ली।यूरोपभर के सुपरमार्केट्स में हैकर्स ने साइबर हमले के जरिए दुकानों में लगे कूलिंग सिस्टम और फ्रीजर के तापमान को अचानक बढ़ाकर उन्हें ‘ओवन’ में तब्दील कर दिया। तीन हफ्तों के भीतर दो बार हुए इन हमलों के कारण खुदरा विक्रेताओं को बैक्टीरिया संक्रमण के खतरे को देखते हुए टनों खराब होने वाले खाद्य […] The post यूरोप के सुपरमार्केट में हैक फ्रिज बने ‘ओवन’, फर्मवेयर में सेंध लगाकर बर्बाद कराया गया टनों खाना first appeared on Sanjeevni Today .
डबलिन-रोम एयर लिंगस उड़ान में बम की धमकी, फ्रांस में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
एयरबस A320 में बम की सूचना के बाद पायलटों ने कोड 7700 जारी कर विमान को उत्तरी फ्रांस के एव्रेक्स एयरबेस की ओर मोड़ा, जहां यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया।
रोहतक जिले के भराण गांव के मुक्केबाज आदित्य ने यूरोप में हुई बॉक्सिंग प्रतियोगिता के अंडर-19 वर्ग में गोल्ड मेडल जीता है। इस जीत के साथ उन्होंने महम, रोहतक और हरियाणा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। आदित्य ने बताया कि वह रोजाना 8 से 10 घंटे बॉक्सिंग का अभ्यास करते थे। उन्होंने जीत का श्रेय अपने कोच विक्की, दादा-दादी और माता-पिता को दिया। आदित्य के मुताबिक, परिवार के सहयोग और कोच के मार्गदर्शन से उन्हें यह उपलब्धि मिली। लगातार अभ्यास से निखरी प्रतिभा कोच विक्की ने कहा कि आदित्य ने लगातार अभ्यास कर अपनी प्रतिभा निखारी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और किसी खेल को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की। आदित्य की जीत पर महम चौबीसी सर्वखाप ने उन्हें पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। इनपुट में सम्मान से जुड़ी जानकारी का बाकी हिस्सा उपलब्ध नहीं है। चौबीसी सर्वखाप पदाधिकारियों ने किया सम्मानित पदाधिकारियों ने गांव पहुंचकर उसे सम्मानित किया। खाप की ओर से आदित्य को पगड़ी बांधकर सम्मान दिया गया। पदाधिकारियों ने उसकी सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों की ऐसी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं। आदित्य की जीत ने भराण गांव को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ क्षेत्र के युवाओं के सामने मेहनत और सफलता की मिसाल पेश की है।
France Blood Bank Cyber Attack फ्रांस में कई क्षेत्रीय ब्लड बैंकों पर 2 नवंबर को साइबर हमला हुआ। हैकर्स ने फ्रेंच ब्लड बैंक के कुछ कोल्ड स्टोरेज रूम की निगरानी और कंट्रोल करने वाले सिस्टम को निशाना बनाया। हालांकि, अधिकारियों के
फ्रांस : पहले सुपर मार्केट और अब ब्लड बैंक, ये है हैकर्स का मकसद?
फ्रांस में हैकर्स ने ब्लड बैंक के फ्रीजर सिस्टम को हैक कर लिया, जिसके बाद ब्लड और प्लाज्मा को ठंडा रखने वाले सिस्टम का तापमान बढ़ाकर 110 डिग्री सेल्सियस तक कर दिया है. इससे पहले सुपर मार्केट के फ्रिज और फ्रीजर को निशाना बनाया था. अब जानते हैं कि आखिर हैकर्स का मकसद क्या है?
रूस-यूक्रेन युद्ध होगा खत्म?: एक हफ्ते के भीतर अमेरिका समेत तीनों देशों करेंगे बातचीत, क्या बोले जेलेंस्की? ukraine-us-russia-trilateral-talks-on-to-end-war-within-week-zelenskyy-witkoff-kushner
यूरोप में 7 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी: पोलैंड का एयरपोर्ट बंद करना पड़ा, इटली में फाइटर जेट ने विमान को दी सुरक्षा; जांच में नहीं मिला विस्फोटक
यूरोप में एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए युवाओं का विद्रोह
यूरोप में चल रहे विरोध-प्रदर्शन सिर्फ युवाओं का विद्रोह नहीं हैं, और न ही यह कोई एक संगठित आंदोलन है।
इतनी बेचैन क्यों है हमारी दुनिया? फ्रांस से सर्बिया तक जनआंदोलनों की लहर
फ्रांस से जर्मनी और सर्बिया तक युवाओं के आंदोलन क्यों तेज हो रहे हैं? पूंजीवाद, महंगाई, बेरोजगारी और अधिनायकवाद के खिलाफ दुनिया की बेचैनी पर अरुण कुमार त्रिपाठी का विश्लेषण।
फ्रांस में करीना-सैफ का फैमिली वेकेशन, तैमूर-जेह संग देखें खूबसूरत तस्वीरें
करीना कपूर और सैफ अली खान इन दिनों फ्रांस में छुट्टियां मना रहे हैं। सैफ ने वेकेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें परिवार का मस्ती भरा अंदाज और कैजुअल लुक देखने को मिल रहा है।
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था और बढ़ते जीवन खर्च के खिलाफ छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया बदलने का फैसला किया है। सरकार 2027 में मौजूदा ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली में बड़े बदलाव करेगी और 2028
वैचारिक संकेत: यूरोप में हिंसा से जामिया के आंदोलन तक... बयानों के संदर्भ बेशक अलग, संकेतों को समझना जरूरी
फ्रांस में Shamonda Virus का पहला इंसानी केस मिला, WHO ने की पुष्टि
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फ्रांस में शमोंडा वायरस के पहले इंसानी मामले की पुष्टि की है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति की उम्र 60 साल से ज्यादा थी और उनका इम्यून सिस्टम भी काफ कमजोर था। लेकिन इनका इलाज के दौरान मौत हो गई। वैसे यह वायरस पहले सिर्फ जानवरों में ही पाया गया था और अब आमतौर पर मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों को प्रभावित करता है। आइए आपको बताते हैं वायरस क्या है और इंसानों में इसके लक्षण को कैसे करता है। क्या है शमोंडा वायरस? असल में शमोंडा वायरस पहली बार 1960 के दशक में नाइजीरिया के मवेशियों में पाया गया था। इसके बाद से अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में इसके छोटे-मोटे मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि, यह वायरस श्मालेनबर्ग वायरस परिवार से आता है, जो पशुओं में प्रजनन से संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं। इंसानों में शमोंडा वायरस के लक्षण वैसे इंसानों में इस वायरस के संक्रमण का ये पहला मामला पाया गया है। इसलिए इंसानों में इसके लक्षण कैसे हो सकते हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इंसानों में इसके संक्रमण की वजह मिज, मक्खी जैसे एक छोटे कीड़े को माना जा रहा है। ये कीड़ा संक्रमित पशुओं के काटने के बाद वायरस का कैरियर बन जाता है और इंसानों में ये वायरस फैल सकता है। हालांकि, इसका अभी तक कोई प्रमाण मिला नहीं है कि शमोंडा वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। वहीं, संक्रमित पशुओं के छूने, उनकी देखभाल करने या उनके पास रहने से भी ये वायरस नहीं फैलता। वायरस के बारे जांच जारी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति उस क्षेत्र में पाएं जाते हैं, जहां पशुओं में शमोंडा वायरस फैल रहा था और वहां क्यूलिकोइड्स प्रजाति की मिज मक्खियां मौजूद थीं। वैसे संक्रमण के कारण और इनके खतरों को बेहतर तरीके से जानने के लिए अभी भी इस वायरस पर रिसर्च जारी है।
विचार: बड़े संकट की ओर बढ़ता यूरोप
यूरोप की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और राजनीतिक कारण भी हैं।
जागरण संपादकीय: संकट में यूरोप
यूरोप और पश्चिम के अन्य देश जिन समस्याओं से घिरे हैं, उनके लिए वही अधिक जिम्मेदार हैं। ये देश हिंसक प्रदर्शनों को इसलिए नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि लोगों की जायज चिंताओं के बहाने अराजकता फैलाने वालों को कुछ ऐसी शक्तियां भड़काने में लगी हुई हैं, जो अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति करना चाहती हैं। इनमें इस्लामिस्टों और कम्युनिस्टों के गठजोड़ की भूमिका कहीं अधिक दिखाई दे रही है।
France Protest Update News: मॉल लूटे, गाड़ियां फूंकी... फ्रांस में बेकाबू हुई हिंसा| Emmanuel Macron
France Protest Update News: फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया। पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं से हालात बिगड़ गए।
फ्रांस की हिंसा पर बोलीं कंगना रनौत, रिजीम चेंज पर भी दिया बयान
विपक्ष की ओर से सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए गए बयानों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'इस तरह की ओछी हरकतें देश को लगातार यह याद दिलाती हैं कि एक मजबूत नेतृत्व की कितनी जरूरत है.'
स्कॉलरशिप: यूरोप से करें मास्टर डिग्री, 37 नए प्रोग्राम में प्रवेश का मौका, 1.5 लाख+ तक की मदद
इरास्मस मुंड्स जॉइंट मास्टर्स स्कॉलरशिप के तहत यूरोप के 37 नए मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश का मौका है। चयनित छात्रों को 24 महीने तक हर माह 1,400 यूरो तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
फ्रांस के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में ट्रंप का बड़ा दावा
फ्रांस में स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट अब देश की राजनीति और अमेरिका तक पहुंच गया है. शुरुआत शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी को लेकर हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम से जोड़ दिया. वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों और छात्र संगठनों के मुताबिक आंदोलन की शुरुआती मांगें स्कूलों की सुविधाओं और कर्मचारियों से जुड़ी हैं. सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और भ्रामक दावों ने भी विवाद बढ़ाया है.
फ्रांस में छात्र प्रदर्शन: अबतक 5 हजार गिरफ्तार, इनमें 87% नाबालिग
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर है. इस आंदोलन में गिरफ्तार किए गए 5,000 से ज्यादा लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान हैं. प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.
श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान
‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती
'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर
अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

