Mumbai , 7 सितंबर . India की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक सफलता अब यूरोपीय देशों का भी ध्यान आकर्षित कर रही है. आयरलैंड की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी आईडीए आयरलैंड के फिनटेक एवं पेमेंट्स प्रमुख सीन मैकविलियम्स ने Monday को कहा कि आयरलैंड यूपीआई की तेज प्रगति को समझना चाहता है ... Read more
मुंबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक सफलता अब यूरोपीय देशों का भी ध्यान आकर्षित कर रही है। आयरलैंड की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी आईडीए आयरलैंड के फिनटेक एवं पेमेंट्स प्रमुख सीन मैकविलियम्स ने सोमवार को कहा कि आयरलैंड यूपीआई की तेज प्रगति को समझना चाहता है और यह भी जानना चाहता है कि इस मॉडल का उपयोग आयरलैंड, यूरोपीय संघ (ईयू) और अन्य बाजारों में किस प्रकार किया जा सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एडल्ट कंटेंट को कानूनी बनाने की तैयारी, फुटेज में जाने टैक्स से हर साल ₹236 करोड़ कमाने का प्लान
यूरोप : अब बिना किसी रुकावट के कंपनियां दे रही हैं कम से कम 47 लाख रुपये तक का भारी पैकेज
यूरोप के जॉब मार्केट में इन दिनों भारतीय पेशवरों के लिए खुशियों की बड़ी लहर दौड़ पड़ी है, क्योंकि वहां की कई दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने टैलेंट की भारी कमी से निपटने के लिए भारतीय युवाओं के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं। अगर आप भी विदेश में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं और अपनी मेहनत के दम पर एक बेहतरीन करियर बनाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है क्योंकि यूरोपीय कंपनियां अब भारतीयों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए न्यूनतम 47 लाख रुपये सालाना से शुरुआत कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर तकनीक, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और मैनेजमेंट के क्षेत्र में भारतीय प्रोफेशनल्स की जबरदस्त मांग को देखते हुए यूरोप के कई देशों ने अपने वीजा नियमों और भर्ती प्रक्रियाओं को बेहद आसान बना दिया है, जिससे योग्य उम्मीदवारों के लिए वहां जाकर बसने और काम करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।यूरोपीय देशों में क्यों अचानक बढ़ गई है भारतीय टैलेंट की भारी मांगयूरोप के विकसित देशों जैसे कि जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम में इन दिनों कामकाजी आबादी की भारी कमी देखी जा रही है, क्योंकि वहां की स्थानीय जनसंख्या तेजी से बूढ़ी हो रही है और तकनीकी क्षेत्रों के लिए पर्याप्त युवा लोकल टैलेंट नहीं मिल पा रहा है। इस जनसांख्यिकीय संकट का सामना करने के लिए यूरोपीय कंपनियों ने एशिया, और खासकर भारत की ओर रुख किया है, क्योंकि भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी उच्च तकनीकी दक्षता, अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतरीन काम करने की क्षमता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल और नर्सिंग, सिविल इंजीनियरिंग तथा वित्त जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले भारतीयों को अब यूरोपीय रिक्रूटर्स सीधे लिंक्डइन और अन्य ग्लोबल पोर्टल्स के माध्यम से हाथों-हाथ चुन रहे हैं।न्यूनतम 47 लाख रुपये सालाना पैकेज और आकर्षक कॉर्पोरेट सुविधाएंयूरोपीय कंपनियों द्वारा दिए जा रहे इन नए जॉब ऑफर्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें शुरुआती सैलरी पैकेज ही कम से कम 47 लाख रुपये सालाना से शुरू हो रहा है, जो कि भारतीय मुद्रा के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि है और इसके साथ कई अन्य अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। कंपनियों द्वारा उम्मीदवारों को रीलोकेशन अलाउंस यानी भारत से यूरोप जाने का हवाई खर्च, वीज़ा स्पॉन्सरशिप, शुरुआती कुछ हफ्तों के लिए रहने का आवास, और परिवार के सदस्यों के लिए भी हेल्थ इंश्योरेंस जैसी शानदार सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा, यूरोपियन वर्क कल्चर में मिलने वाला वर्क-लाइफ बैलेंस, सप्ताह में पांच दिन काम का नियम, और साल भर में मिलने वाली लंबी पेड छुट्टियां इस ऑफर को भारतीय युवाओं के लिए और अधिक आकर्षक बना रही हैं, जिससे देश के टैलेंटेड यूथ का रुझान अब पश्चिमी देशों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।वीज़ा नियमों में ढील और वर्क परमिट हासिल करना हुआ अब बेहद आसानपहले यूरोपीय देशों में नौकरी पाकर वहां जाना एक बहुत लंबी और जटिल प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें महीनों लग जाते थे और कई बार वीज़ा रिजेक्ट होने का डर भी बना रहता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने 'यूरोपीय ब्लू कार्ड' और पॉइंट-बेस्ड इमिग्रेशन सिस्टम जैसे नए नियमों को लागू कर दिया है, जिसके तहत यदि किसी भारतीय नागरिक के पास किसी मान्यता प्राप्त कंपनी का जॉब ऑफर लेटर है, तो वीज़ा की औपचारिकताएं कुछ ही हफ्तों के भीतर पूरी हो जाती हैं। सरकारें खुद आगे बढ़कर विदेशी स्किल्ड वर्कर्स का स्वागत कर रही हैं ताकि उनकी अर्थव्यवस्था को मंदी या सुस्ती से उबारा जा सके, और यही वजह है कि आज भारतीय युवाओं के लिए यूरोप में करियर बनाने की राह में अब कोई बड़ा प्रशासनिक रोड़ा नहीं बचा है।भारत से यूरोप जाने के इच्छुक युवाओं के लिए आवेदन करने का यह है सही तरीकायदि आप भी इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं और यूरोपीय कंपनियों के इन शानदार सैलरी पैकेजेस का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको अपनी प्रोफेशनल प्रोफाइल को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुसार अपडेट करना बेहद जरूरी है। लिंक्डइन और इंडीड जैसे अंतरराष्ट्रीय जॉब पोर्टल्स पर अपनी स्किल सेट को सटीक रूप से अपडेट करें, अपना रिज्यूमे एकदम प्रोफेशनल और ATS फ्रेंडली बनाएं, और सीधे यूरोपीय देशों की टॉप कंपनियों के करियर पेज पर जाकर अपनी पसंद की जॉब के लिए आवेदन करना शुरू करें। रिमोट इंटरव्यू और ऑनलाइन कोडिंग या टेक्निकल टेस्ट के माध्यम से घर बैठे ही चयन प्रक्रिया पूरी हो जाती है, इसलिए बिना देर किए अपनी तैयारी शुरू कर दें क्योंकि यूरोप के जॉब मार्केट में भारतीय टैलेंट के लिए यह दरवाजे आने वाले समय में इतिहास रचने वाले हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर फ्राँस पहुँचे
भारतीय सिनेमा की विरासत को संरक्षित करने और विश्व स्तर पर भारतीय फिल्म संस्कृति को पहचान दिलाने वाले फिल्मकार एवं फिल्म आर्काइविस्ट शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- खड़गे (राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष), सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सबक सिखाना जरूरी है। तभी राष्ट्रभक्त बनेंगे। अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, लेकिन बेकार हो गया। अब तरीका बदलकर कॉकरोज जैसों पर इनवेस्टमेंट कर रहे है। राठौड़ ने बाड़मेर में रविवार रात 9 बजे नगर परिषद के प्रत्याशी और कार्यकर्ता के साथ मीटिंग में यह बात कही। प्रदेशाध्यक्ष ने टिकट से नाराज बागियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपके पास अपील करने मौका है। मां (पार्टी) के पीठ में छुरा खोंपने वालों को पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अभी खूब नियुक्तियां पड़ी है, योग्य कार्यकर्ताओं को सम्मान किया जाएगा। राठौड़ बोले- एक-एक वोट की वैल्यू बैठक में राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में एक-एक वोट की वैल्यू है। एक वोट से सीपी जोशी हार गए और सांसद प्रत्याशी भी हारे हैं। उन्होंने प्रत्याशियों से पूछा कि टैक्सी बुक कर दी क्या? अगर नहीं की है तो आज ही पोलिंग के लिए टैक्सी बुक कर दो। उन्होंने कहा कि 100 रुपए एक्स्ट्रा दे दो और आज से ही टैक्सी पर भाजपा का झंडा लगाकर चलाओ। राठौड़ ने कहा - बाड़मेर में 55 वार्ड हैं। अगर प्रत्येक प्रत्याशी दो या तीन टैक्सियां लगाए तो शहर में कितनी टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर घूमती नजर आएंगी। कल्पना करो कि 150 टैक्सियां भाजपा का झंडा लगाकर शहर में घूम रही हैं तो इससे एक माहौल बनेगा। यह व्यवस्था चुनाव संचालन समिति को करनी चाहिए। 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं, माहौल से भी असर पड़ता है: राठौड़ राठौड़ ने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि करीब 10 फीसदी वोट हवा में होते हैं। कुछ वोट जातिगत होते हैं, जबकि कुछ दोस्ती और दुश्मनी के आधार पर पड़ते हैं। 10 फीसदी वोट ऐसे होते हैं जो हवा के साथ जाते हैं। हवा जिसके पक्ष में होती है, वही जीतता है। जब लोगों को लगता है कि इतनी टैक्सियां भाजपा की घूम रही हैं तो बाड़मेर में भाजपा ही जीत रही है, तो चुनाव का माहौल बनता है। बोले- बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेजो, खड़गे-सोनिया-राहुल को सबक मिलेगा राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर आपने बाड़मेर की 55 सीटें जीतकर भेज दीं तो उन लोगों को सबक सीखने को मिलेगा। तब वे भी राष्ट्रभक्ति करने लगेंगे और भारत माता की जय बोलने लगेंगे। जब वंदे मातरम् राष्ट्रगीत होते हुए खड़गे जी हिलते हैं तो आपको गुस्सा आता है या नहीं। जब सोनिया गांधी इधर-उधर हिलती-डुलती हैं तो आपको बुरा लगता है या नहीं। जब राहुल नाटक करते हैं तो आपको गुस्सा आता है। राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से कहा - उस गुस्से को दबाकर मत रखो। उन लोगों को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। तब उन्हें लगेगा कि बाड़मेर की जनता अराष्ट्रीय गतिविधियां कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। तब जाकर उनकी अक्ल ठिकाने आएगी। मैं भी राष्ट्रभक्त हूं और मेरा विरोधी भी राष्ट्रभक्त बने, तभी लोकतंत्र सफल होगा। पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय जीतने का लक्ष्य बताया राठौड़ ने चुनाव संचालन समिति के सदस्यों से कहा कि वे फैल जाएं और जनता को बताएं कि यह समय अराष्ट्रीय गतिविधि करने वालों को सबक सिखाने का है। अगर पूरे राजस्थान की 309 नगर निकाय चुनाव जीत लेंगे तो उन्हें लगेगा कि जनता अराष्ट्रीय गतिविधि बर्दाश्त नहीं करती है। राठौड़ बोले- अमेरिका और यूरोप ने राहुल गांधी पर इनवेस्टमेंट किया, बेकार हो गया राठौड़ ने कहा कि जब कोई व्यक्ति प्रगति करता है तो बहुत लोग उससे जलते हैं। भारत प्रगति करता है तो दुनिया के कई देश जलते हैं और नाराज हैं। वे भारत की प्रगति रोकना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका और यूरोप ने हमारे देश के विपक्षियों को पैसा देना शुरू किया। देश को अस्थिर करने की कोशिश की गई। जब उन देशों को लगा कि यह इनवेस्टमेंट तो बेकार हो गया, क्योंकि राहुल गांधी को जितना पैसा दो, वे कोई भी काम करें तो भाजपा को फायदा हो जाता है। इसलिए उन्होंने अपना तरीका बदल दिया। विरोधी देश 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट कर रहे: राठौड़ राठौड़ ने कहा - विरोधी देशों ने ऐसे लोगों को तैयार किया है। 'कॉकरोज' जैसे लोगों पर इनवेस्टमेंट करना शुरू किया गया है। ऐसे लोग कई जगह सुबबुगाहट उठाते हैं, कई नाटक करते हैं, कई आगजनी करते हैं और गंदी-गंदी भाषा बोल देते हैं। इसके बाद देश उन्हें शांत करने में लग जाता है और इससे विकास रुक जाता है। विरोधी देश इसी तरह सोचते हैं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं और कतई चिंता नहीं करने वाले। हम मजबूती के साथ भारत को विकसित भारत बनाना चाहते हैं। बागियों को चेतावनी- पार्टी के खिलाफ गए तो बर्दाश्त नहीं करेंगे टिकट से नाराज दावेदारों और बागियों को लेकर राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने अलग-अलग स्तर पर सर्वे करवाकर चुनाव में उम्मीदवार उतारे हैं। प्रत्याशी सेवक बनकर काम करेंगे, लेकिन कई योग्य कार्यकर्ता टिकट से पीछे रह गए क्योंकि टिकट एक ही व्यक्ति को मिल सकता है। ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करने और उन्हें अवसर देने की कोशिश होगी। अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं और अब नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए यह व्यवस्था है कि हर कार्यकर्ता को काम और हर काम के लिए कार्यकर्ता हो। यह पार्टी के संस्कार हैं। बोले- कल शाम तक पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील कर दें राठौड़ ने कहा कि कुछ दावेदार गुस्से में आकर नामांकन कर चुके हैं। उनके पास कल शाम तक का समय है। वे पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में अपील निकाल दें। जो नाराज हैं, उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा। --- ये खबर भी पढ़ें … जोधपुर में शेखावत-गहलोत फैक्टर से कांटे की टक्कर:उदयपुर में कांग्रेस को बागियों से खतरा; पाली में राठौड़ के गढ़ में निर्दलीयों से बदले समीकरण जोधपुर नगर निगम में 100, उदयपुर में 80 और पाली में 65 वार्ड हैं। अभी तक के समीकरणों में जोधपुर और पाली में कांग्रेस-बीजेपी में टक्कर है। पूरी खबर पढ़ें
India-France Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते आज नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि यह लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर टिकी है।बता दें कि पीएम मोदी ने यह बात पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंक्षी ने उम्मीद जताई कि पेरिस का यह भव्य मंदिर आने वाली कई सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और नए अवसरों के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा।उन्होंने कहा, हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। अपने दोस्त, राष्ट्रपति (इमैनुएल) मैक्रों के साथ मिलकर, दोनों देश एक खास ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप (वैश्विक रणनीतिक साझेदारी) बना रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी, AI और डिफेंस से लेकर स्पेस और क्लाइमेट एक्शन तक, भारत और फ्रांस नई गति और ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा, हम 2026 को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' के तौर पर भी मना रहे हैं। यह रणनीतिक साझेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि यह हमारे लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर टिकी है।मोदी ने कहा कि आजकल भारत और फ्रांस के बीच जॉइंट वेंचर की संभावनाओं पर काफी चर्चा हो रही है।उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि फ्रांस में भारतीय सैनिकों का बलिदान आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है।संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में फ्रांसीसी विद्वानों की अहम भूमिकाउन्होंने कहा, भाषा के जानकार यह भी जानते हैं कि संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में फ्रांसीसी विद्वानों ने कितनी अहम भूमिका निभाई। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमेन रोलैंड की रचनाओं ने हमारे समाजों को एक-दूसरे के करीब लाया।इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा कि पेरिस से पुडुचेरी के श्री अरबिंदो आश्रम तक 'द मदर' की आध्यात्मिक यात्रा ने अनगिनत भारतीय और फ्रांसीसी साधकों को प्रेरित किया है।उन्होंने कहा कि दशकों पहले, श्रील प्रभुपाद स्वामी ने भी फ्रांस का दौरा किया था और इस्कॉन (ISKCON) के माध्यम से आध्यात्मिक संबंधों का एक नया अध्याय शुरू किया था।पीएम मोदी ने योग पर दिया संदेशउन्होंने योग की भी चर्चा की और कहा, आज, योग हमारे देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों के लिए एक सेतु बन गया है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एफिल टॉवर की तस्वीरें फ्रांस में योग की जबरदस्त लोकप्रियता को दर्शाती हैं।पीएम मोदी ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर इन संभावनाओं को एक नया आयाम देता है। यह मंदिर ‘मेड इन इंडिया’ है और ‘बिल्ट इन फ्रांस’ यानी भारत में बना और फ्रांस में तैयार किया गया है।उन्होंने कहा, इसके कई पत्थर भारत में तराशे गए थे, जिससे भारत की प्राचीन कारीगरी और फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग का मेल हुआ है।पेरिस के मंदिर में जरूर नमन करेंगे- पीएम मोदीपीएम मोदी ने आगे कहा कि उन्हें भरोसा है कि पेरिस में बने इस नए मंदिर से भारतीय संस्कृति के जो मूल्य निकलेंगे, उनसे पूरे यूरोप के लोगों को फायदा होगा।उन्होंने यह बी कहा कि भविष्य में जब भी समय मिलेगा, वह जरूर इस मंदिर में जाकर नमन करेंगे।प्रधानमंत्री ने कहा, अब, इस शानदार BAPS मंदिर (BAPS स्वामीनारायण संस्था) के जरिए हमारे सांस्कृतिक संबंधों में एक और अहम पड़ाव जुड़ रहा है।स्वामीनारायण मंदिर हमेशा सेसेवा के केंद्र रहे हैं- पीएम मोदीपीएम मोदी ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा के केंद्र रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा की मुझे बताया गया है कि यह मंदिर भी इसी तरह सेवा कार्यों का केंद्र बनेगा।मोदी ने कहा कि BAPS के जरिए जब भी अलग-अलग देशों में मंदिरों की प्राण-प्रतिष्ठा होती है, तो भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी उनके साथ पहुंचते हैं।उन्होंने कहा, आज फ्रांस में एक भव्य मंदिर तैयार है और यह न केवल फ्रांस की विविधता को समृद्ध करेगा, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी नई ऊर्जा देगा।यह भी पढ़ें:Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में मृतकों की संख्या 6 हुई! भरभराकर गिरी इमारत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर
व्यापार जगत: हवाई किराये में मनमानी पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; यूरोप का प्रमुख डीजल आपूर्तिकर्ता बना भारत
फ्रांस में पहला हिंदू मंदिर: प्राण प्रतिष्ठा में 40 देशों से पहुंचे मेहमान; PM मोदी बोले- संबंध नई ऊंचाइयों पर
‘भारत-फ्रांस रिश्ते नई ऊंचाई पर’, पेरिस मंदिर उद्घाटन में वर्चुअली जुड़े PM मोदी
PM मोदी पेरिस के स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े. उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. दोनों देश तकनीक, AI, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु जैसे क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं
18 साल की बेटी, घर की जिम्मेदारी व पहाड़ों का जुनून: शिवानी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा; कैसे?
पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ: पीएम मोदी
New Delhi, 6 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण को India और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का “नया युग स्तंभ” बताया. उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक मूल्यों, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की ... Read more
मिडिल ईस्ट संकट के बीच यूरोप का नया डीजल बॉस बना भारत!
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत यूरोप को डीजल सप्लाई करने वाला प्रमुख देश बनकर उभरा है. अगस्त में बाब-अल-मंदेब रास्ते से यूरोप पहुंचने वाले डीजल का करीब 60 फीसदी हिस्सा भारतीय रिफाइनरों ने भेजा. रूस के निर्यात और अमेरिका की आपूर्ति में गिरावट के बीच भारत की भूमिका बढ़ी है. देश की अतिरिक्त रिफाइनिंग क्षमता और विविध आयात रणनीति से वैश्विक ऊर्जा संकट में मजबूती मिली है और नई भूमिका भी बनी है.
फ्रांस में पढ़ाई का खर्चा ₹45 लाख ? भारतीय स्टूडेंट ने गिनाया एजुकेशन से जुड़ा हर खर्च; सुनते ही लगेगा शॉक
रूस-US रह गए पीछे, अब यूरोप का बड़ा डीजल सप्लायर बना भारत
India Diesel Export: रूस-US से यूरोप को होने वाली डीजल की सप्लाई तमाम रुकावटों के चलते धीमी पड़ी, तो भारत बड़े सप्लायर के तौर पर सामने आया है और अगस्त में Europe पहुंचे डीजल में 60% यहां से पहुंचा है.
VIDEO: फ्रांस में बना पहला हिंदू मंदिर; 40 देशों के लोग पहुंचे, 1970 का था संकल्प, देखें तस्वीरें
इस मंदिर का निर्माण प्राचीन भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्पशास्त्र के आधार पर किया गया है, जिसमें फ्रांसीसी आधुनिक तकनीक का भी सुंदर सम्मिश्रण देखने को मिलता है.
Putin से 3 घंटे की मुलाकात के बाद कीव पहुंचे ट्रंप के दूत, क्या अब खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध?
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुश्नर रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब इससे एक दिन पहले दोनों ने मॉस्को के क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन घंटे से ज्यादा समय तक बंद कमरे में बैठक की थी। पुतिन के साथ बैठक को बताया 'सकारात्मक' मॉस्को में हुई इस हाईलेवल बैठक को रूसी अधिकारियों ने 'सकारात्मक और उपयोगी' बताया। हालांकि, बैठक के बाद किसी बड़े समझौते का ऐलान नहीं किया गया। बातचीत में युद्ध खत्म करने के संभावित रास्तों के साथ-साथ आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस बीच, दोनों पक्षों ने कूटनीतिक बातचीत के दौरान माहौल को बेहतर बनाने के लिए तीन दिनों के अस्थायी हवाई सीजफायर पर सहमति जताई है। इसे भी पढ़ें: Ukraine War: शांति वार्ता के लिए Moscow में अमेरिकी दूतों से मिले पुतिन, कीव पर हमले 72 घंटे रोके तीन दिन तक कीव और मॉस्को पर हवाई हमले नहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर तीन दिनों तक हवाई हमले नहीं करने का आदेश दिया है। वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी दूतों से बातचीत के बाद सोशल मीडिया के जरिए कहा कि यूक्रेन शनिवार, रविवार और सोमवार को मॉस्को पर जवाबी हमले नहीं करेगा। दोनों देशों की राजधानियों को निशाना न बनाने की इस अस्थायी पहल से आम लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Iran War खत्म होते ही Trump चलेंगे बड़ी चाल! इजरायल से लेकर सऊदी अरब तक बदलेंगे समीकरण रूस की मांग को यूक्रेन ने किया खारिज ईरान से जुड़े तनाव के कारण पिछले करीब छह महीनों से धीमी पड़ी शांति प्रक्रिया अब फिर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। अमेरिका दोनों देशों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कई मुद्दों पर अभी भी दोनों पक्षों के बीच गहरा मतभेद है। रूस ने यूक्रेन से पूर्वी डोनेट्स्क और लुहान्स्क के उन इलाकों से अपनी सेना हटाने की मांग की है, जिन पर यूक्रेन का नियंत्रण है। यूक्रेन इस मांग को पहले ही खारिज कर चुका है। जेलेंस्की से मुलाकात पर टिकी नजरें अब अमेरिकी दूतों की कीव यात्रा पर सबकी नजरें हैं। स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर की राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ होने वाली बातचीत में युद्ध रोकने और संभावित शांति समझौते को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, क्या यह बातचीत रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई बड़ा रास्ता खोल पाएगी, यह आने वाले दिनों में ही साफ होगा।
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
यूरोप ने बदली भारतीय महिला की लाइफस्टाइल, वीडियो ने छेड़ी नई बहस
फ्रांस में हुआ देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर का भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न
पेरिस/बुसी-सेंट-जॉर्जेस, 6 सितंबर . फ्रांस की राजधानी पेरिस में Sunday को देश के पहले पारंपरिक हिंदू मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ. इसके साथ ही यह मंदिर अब सभी दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है. इस अवसर पर यूरोप, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, अफ्रीका और एशिया से पधारे संतों-भक्तों के साथ ही विश्व के ... Read more
क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? कीव पहुंचे विटकॉफ-कुशनर
यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की कीव यात्रा नई शांति वार्ता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
भारत यूरोप के लिए डीजल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है: रिपोर्ट
New Delhi, 6 सितंबर . वैश्विक ऊर्जा व्यापार में India की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है. ऊर्जा खुफिया फर्म वोर्टेक्सा की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस से डीजल आपूर्ति में तेज गिरावट और अमेरिका से होने वाले निर्यात में कमजोरी के बीच India यूरोप के लिए डीजल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा ... Read more
भरोसे का संकट: यूरोप के देशों ने सोना समेटना शुरू किया, अमेरिका-कनाडा से 313 टन लंदन पहुंचा
नीदरलैंड ने अमेरिका और कनाडा से मार्च से अगस्त के बीच वापस लाए गए सोने को लंदन स्थित बैंक ऑफ इंग्लैंड की तिजोरी में रखने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंदन दुनिया के सबसे बड़े सोना व्यापार केंद्रों में शामिल है।
भारत बना यूरोप का प्रमुख डीजल सप्लायर, रूस में भी तेजी से बढ़ रही भारतीय ईंधन की मांग
अगस्त में रोजाना करीब 2 लाख बैरल डीजल बाब-अल-मंदेब से होकर यूरोप भेजा गया।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का फ्रांस दौरा, मैक्रों से होर्मुज पर सैन्य तैनाती को लेकर हो सकती है बात
Putin Orders 3-Day Ceasefire on Kyiv:
क्रेमलिन का हवाला देते हुए AP की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर हमले 72 घंटे के लिए रोकने का आदेश दिया है।
यूरोपियन मास्टर्स: शुभांकर शर्मा टॉप-10 में बरकरार
क्रैंस-मोंटाना, 5 सितंबर (आईएएनएस)। यूरोपियन मास्टर्स के दूसरे राउंड में भारत के शुभांकर शर्मा ने अंतिम छह होल में तीन बोगी लगाने के बावजूद टूर्नामेंट के मध्य चरण में टॉप-10 में अपनी जगह बनाए रखी। 30 वर्षीय शुभांकर दो बार डीपी वर्ल्ड टूर पर खिताब जीत चुके हैं, उन्होंने क्रांस-सुर-सिएरे गोल्फ क्लब में खेले गए राउंड के दौरान फ्रंट नाइन और बैक नाइन दोनों पर तीन-तीन बर्डी लगाईं। हालांकि, उन्होंने कुल चार बोगी भी कीं, जिनमें से तीन बोगी बैक नाइन पर आईं, उन्होंने 2-अंडर 68 का स्कोर किया।
छोटे दिखेंगे अमेरिका और यूरोप, अफ्रीका दिखेगा विशाल! UN ने बदला वर्ल्ड मैप, भारत पर क्या होगा असर?
World New Map:
यूरोप के देश आख़िर किस आशंका में सैकड़ों टन सोना शिफ़्ट कर रहे हैं? - BBC
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pc: The times of india रूस-यूक्रेन विवाद को खत्म करने का एकमात्र तरीका बातचीत और डिप्लोमेसी है। तेल, फर्टिलाइजर और मिनरल जैसे सामान की खरीद रोकने से समस्या का समाधान नहीं होगा, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को वारसॉ में पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोर्स्की के साथ बातचीत के बाद ये बात कही है। जयशंकर ने शुक्रवार को यूक्रेन के अपने दौरे के बाद वारसॉ में सिकोरस्की से मुलाकात की। वे पोलैंड के प्रेसिडेंट करोल नवरोस्की से भी मिले। दोनों पक्षों ने ट्रेड, डिफेंस, डिजिटलाइजेशन, इनोवेशन और प्रोफेशनल मोबिलिटी में सहयोग पर फोकस किया। समुद्री व्यापार की सिक्योरिटी पर भी चर्चा हुई। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत और पोलैंड, दोनों देश कमर्शियल शिपिंग इंडस्ट्री में एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। दोनों देश नाविक भेजते हैं। पोलैंड, जो यूक्रेन के सबसे बड़े सपोर्टर्स में से एक है, का दावा है कि व्लादिमीर पुतिन के देश को भारत के रूस से एनर्जी खरीदने से फाइनेंशियल फायदा हो रहा है। जयशंकर ने कहा, “यह एक बहुत ही मुश्किल ग्लोबल सिचुएशन है। इसमें भारत के 1.4 बिलियन लोगों की एनर्जी सिक्योरिटी भी शामिल है। भारत की जिम्मेदारी है कि वह अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करे। इसलिए मुझे लगता है कि यह रूस-यूक्रेन झगड़ा, जो अब अपने पांचवें साल में है, इसे खत्म करने के लिए डिप्लोमेसी और बातचीत की जरूरत है। यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि किसी ने तेल, फर्टिलाइजर, मेटल और मिनरल खरीदने का फैसला किया है या नहीं।” उन्होंने आगे कहा, “हमें प्रॉब्लम को सही तरीके से पहचानना चाहिए। सच तो यह है कि यह एक जंग है और इसका सॉल्यूशन ट्रेड रोकना नहीं है। इसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है।” इस हफ़्ते की शुरुआत में, प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने रशियन प्रेसिडेंट के साथ मीटिंग की थी। वहां, प्राइम मिनिस्टर को यह कहते हुए सुना गया कि इस जंग को किसी भी तरह खत्म किया जाना चाहिए। रूस-यूक्रेन जंग शुक्रवार को सिकोरस्की और जयशंकर के बीच चर्चा किए गए ग्लोबल और रीजनल मुद्दों में से एक था। जयशंकर ने वहां मोदी के मैसेज पर ज़ोर दिया। एक दिन पहले, उन्होंने कीव में यूक्रेन के फॉरेन मिनिस्टर एंड्री सिबिर्याक से मुलाकात की थी। वहां भी यही मुद्दा उठाया गया है। मीटिंग के बाद जयशंकर ने कहा, इन लड़ाइयों में कोई भी पक्ष नहीं जीतता। अगर ये लड़ाइयां जारी रहीं, तो दोनों देशों के लिए और मौतें होंगी, और तबाही होगी, और नुकसान होगा। इसके अलावा, बाकी दुनिया को भी इस लड़ाई की कीमत चुकानी पड़ेगी। इसलिए हम बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए इसे जितना हो सके सुलझाने की कोशिश करेंगे। हमें इस झगड़े को खत्म करने के लिए दूसरों की कोशिशों का भी सपोर्ट करना चाहिए। यह भारत का पक्का मानना है और हम उसी के हिसाब से काम कर रहे हैं। शुक्रवार की मीटिंग के दौरान दोनों पक्षों ने वेस्ट एशिया में झगड़े पर भी चर्चा की। सिकोरस्की ने फारस की खाड़ी में जहाजों पर भारतीय और पोलिश नाविकों की सुरक्षा को आपसी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा, हमारे नागरिकों को अक्सर निशाना बनाया जाता है। उन्हें कभी-कभी कुछ जगहों से किडनैप कर लिया जाता है। इसलिए समुद्र में सुरक्षा और सिक्योरिटी हम दोनों देशों के लिए एक आम चिंता है। पोलैंड में भारतीय कामगारों की संभावित गैर-कानूनी भर्ती के बारे में, जयशंकर ने कहा, भारत सरकार दोनों देशों के बीच कानूनी तरीकों से कानूनी आवाजाही का सपोर्ट करती है और गैर-कानूनी माइग्रेशन या आवाजाही का विरोध करती है। साथ ही, उन्होंने कहा, ग्लोबलाइज़्ड इकॉनमी सिर्फ़ कैपिटल और सामान के फ्लो के बारे में नहीं है, बल्कि यह टैलेंट और स्किल्स के फ्लो को कंट्रोल्ड और आपसी फ़ायदे वाले तरीके से आसान बनाने के बारे में भी है।
अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करेंगे यूरोपीय देश: पांच देशों में होगा समझौता; क्या विदेश में बनेंगे वापसी केंद्र?
चीन द्वारा वैश्विक बाजारों में सस्ते सामानों की 'डंपिंग' और अनुचित व्यापार नीतियों के खिलाफ अब यूरोप का रुख सख्त होने लगा है। भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर (Bart De Wever) ने स्वीकार किया कि यूरोप को चीन पर अत्यधिक आर्थिक निर्भरता का कड़वा सच समझ आ गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यूरोपीय देशों को इस खतरे का अहसास होने से बहुत पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोप को आगाह किया था, लेकिन तब उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: मंत्रालय में अब नहीं दिखेगी सिर्फ साधारण घड़ी! महाराष्ट्र सरकार लगाएगी भारतीय खगोल विज्ञान पर आधारित 'कल्याण' टाइम डिस्प्ले दिल्ली में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, डी वेवर - जो भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं - ने कहा कि यूरोप ने बहुत लंबे समय तक सस्ते विदेशी सामानों को अपने बाजारों में आने दिया, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचा और महाद्वीप बाहरी सप्लायर्स पर और अधिक निर्भर हो गया। उन्होंने सीधे तौर पर चीन का नाम लिए बिना कहा, यूरोप के लिए, पिछले कुछ साल एक कड़वी सच्चाई का एहसास कराने वाले रहे हैं। बहुत लंबे समय तक, यूरोप देखता रहा कि कैसे जरूरत से ज्यादा उत्पादन (ओवरकैपेसिटी) लागत से भी कम कीमत पर हमारे बाजारों में डंप किया जा रहा था। कैसे उसके औद्योगिक आधार को कमजोर किया गया और कैसे जानबूझकर निर्भरता बढ़ाई गई ताकि उसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा सके। डी वेवर ने कहा कि भारत ने यूरोप से पहले ही खतरे को पहचान लिया था और यूरोपीय देशों को ऐसी आर्थिक निर्भरता के नतीजों के बारे में चेतावनी दी थी। इसे भी पढ़ें: 80 सालों का इतिहास बदला! इटली में Giorgia Meloni ने बनाया सबसे लंबी सरकार का रिकॉर्ड, PM मोदी बोले- 'अटूट विश्वास की जीत' उन्होंने कहा, भारत ने इसे हमसे पहले ही देख लिया था। और उन्होंने हमें चेतावनी दी थी। लेकिन हमने उनकी बात नहीं सुनी। यह बात चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और यूरोपीय बाजारों में सामान डंप करने के संदर्भ में कही गई थी। बेल्जियम के नेता ने कहा कि यूरोप अब ऐसी निर्भरता बढ़ने देने के नतीजों का सामना कर रहा है, जिसमें आर्थिक संबंधों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किए जाने की संभावना भी शामिल है। उन्होंने इस व्यापक खतरे के बारे में यूरोप को चेतावनी देने का श्रेय सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिया। डी वेवर ने कहा, आपके प्रधानमंत्री ने बहुत पहले ही यूरोप को इस बारे में चेतावनी दी थी। लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उनकी बात नहीं सुनी गई। लेकिन अब हम सुन रहे हैं। 'हमारी लिस्ट में भारत नंबर 1 पर है' डी वेवर ने स्पष्ट किया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के इस दौर में ब्रुसेल्स अब भारत को एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा, हमारी लिस्ट में भारत नंबर 1 पर है। अगर भारत आपकी लिस्ट में नहीं है, तो आप किसी बुनियादी चीज को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने उन देशों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया जो अचानक व्यापार नीतियां बदल सकते हैं या टैरिफ लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेल्जियम को ऐसे साझेदारों की जरूरत है जिनके साथ वह भरोसे पर आधारित संबंध बना सके। डी वेवर ने पूछा, भरोसे के आधार पर हमारे साथ और कौन सहयोग कर सकता है? बेल्जियम के नेता ने कहा कि उनका देश भारत के साथ रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है -- आर्थिक और राजनीतिक रूप से, और साथ ही रणनीतिक रूप से भी। पाकिस्तान को मिलिट्री हार्डवेयर पर बेल्जियम का संदेश भारत की सुरक्षा चिंताओं के संदर्भ में बेल्जियम के प्रधानमंत्री की बातें भी अहम हैं। रक्षा क्षेत्र में गहरे होते रिश्तों के बीच, माना जा रहा है कि बेल्जियम ने नई दिल्ली को यह संदेश दिया है कि वह पाकिस्तान को ज़रूरी मिलिट्री हार्डवेयर की सप्लाई नहीं करेगा। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत और बेल्जियम रक्षा-उद्योग के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसमें ऐसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं जिनसे बेल्जियम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भारत में मिलिट्री हार्डवेयर का संयुक्त उत्पादन (joint production) आसान हो सके। प्रधानमंत्री मोदी और डी वेवर के बीच बातचीत के दौरान भारत और बेल्जियम के रक्षा उद्योगों से जुड़े दस समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इस सहयोग के तहत भारत में रॉकेट समेत मिलिट्री उपकरणों के संयुक्त उत्पादन की भी उम्मीद है। दोनों देश सैन्य आदान-प्रदान और ट्रेनिंग को बढ़ाने के साथ-साथ अपनी एजेंसियों के बीच इंटेलिजेंस-शेयरिंग और सहयोग को मज़बूत करने पर भी सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भारत-बेल्जियम के व्यापक रिश्तों का एक मुख्य स्तंभ बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बड़ा दावा, कहा-हम यूरोप को बचा रहे हैं...
इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब यूरोप को लेकर बड़ा दावा किया है। खबरों के अनुसार, एक ब्रिटिश पत्रकार से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ब्रिटेन को कथित ईरानी परमाणु खतरे से बचा रहा है। उन्होंने इस दौरान ब्रिटिश पत्रकार से कहा कि मैं आपके देश को भी इस खतरे से बचा रहा हूं। अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो वे अमेरिका के मुकाबले यूरोप में इसका इस्तेमाल करने के लिए अधिक तत्पर होते, क्योंकि उनके पास यूरोप तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता मौजूद है। आपको बता दें कि इससे पहले गत वर्ष मार्च में अमेरिकी खुफिया समुदाय ने दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और उसके नेतृत्व ने 2003 में निलंबित किए गए परमाणु हथियार कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी है। गौतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ चुकी है। PC:deccanchronicle अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जयशंकर की कीव यात्रा: भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए आगे आया
एक तरफ जहां यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध नए सिरे से भड़क रहा है और गत साढ़े चार वर्षों से चल रहे इस युद्ध को समाप्त करने की वैश्विक स्तर पर कोई कोशिश भी नहीं हो रही है, तब भारत कूटनीतिक पहल करने आगे आया है। गत सप्ताह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर […]
Shamli News: यूरोप, अमेरिका, कनाडा और स्विट्जरलैंड में मिल रही गोगी गिरोह के गुर्गाें की लोकेशन
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में गोगी गिरोह के विदेश में बैठे गुर्गे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में सौर ऊर्जा का एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा शुरू हुआ है। इसमें आठ देशों के नौ अंतरराष्ट्रीय फेलो शामिल हैं, जिन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
The brilliance of Purvanchal's craftsmanship to shine in European markets; textile exporters gain the mantra for global competitiveness
उत्तर प्रदेश ने फ्रैंकफर्ट के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत 'इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम' के लिए एमओयू किया है। यह समझौता यूपी के 20 एमएसएमई और स्टार्टअप्स को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करेगा।
हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड
यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.
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'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?
स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.
फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?
अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जनजीवन बेहाल, दर्जनों लोगों की मौत
यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
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