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यूरोप पर मंडरा रहा है जिहादी हमलों का खतरा! मैसेज में बताया गया कैसे करना है अटैक

यूरोप में महंगाई और आवास संकट के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच स्पेन ने जिहादी संदेशों को लेकर चेतावनी दी है। इनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों पर आत्मघाती हमलों की अपील की गई। भारत ने फ्रांस, इटली और बेल्जियम में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।

खबर इंडिया टीवी 24 Oct 2026 6:56 pm

Arab Spring 2.0: फ्रांस, इटली, पोलैंड, ग्रीस, सर्बिया...सब जगह युवा क्यों कर रहे हंगामा?

यूरोप की जो दुनिया को तरक्की, ताकत और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाता है। आज उसी यूरोप की सड़कों पर गुस्सा उबल रहा है। फ्रांस से सर्बिया, इटली से स्पेन समेत यूरोप के कई देशों तक महंगाई, बेरोजगारी और मकानों के आसमान छूते किराए से युवा परेशान है। सड़कों पर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव और अब विरोध का कैलेंडर। ऐसे में सवाल है क्या यूरोप में 2010 जैसी अरब स्प्रिंग की आहट सुनाई देने लगी है? फ्रांस से जो हिंसा शुरू हुई, जो प्रोटेस्ट शुरू हुआ वो धीरे-धीरे यूरोप के और भी कई देशों में फैल चुका है। कहीं युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, तो कहीं महंगाई और बेरोजगारी ने सरकारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हो रही हैं, जबकि कुछ देशों में छात्र आंदोलन इस मुकाम पर पहुंच चुके हैं जहां वे चुनावी राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: भारत तो बड़ा खिलाड़ी निकला, यूरोप को दनादन कर रहा गोला-बारूद सप्लाई! आखिर यूरोप से लेकर एशिया तक इतना असंतोष क्यों है? यूरोप से लेकर एशिया तक युवा सड़कों पर हैं और सरकारों के प्रति जनता का आक्रोश साफ देखा जा सकता है। फ्रांस से लेकर सर्बिया और इटली से लेकर इंडोनेशिया तक, कई देशों में छात्र आंदोलनों ने जोर पकड़ लिया है। युवा भ्रष्टाचार, महंगाई और बदहाल शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकारों से जवाब मांग रहे हैं। फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों के बीच एक नारा काफी चर्चा का विषय बन गया है—बिस्मिल्लाह से ले तेनब्रे (Bismillah se le tenbre), जिसका अर्थ निकाला गया ईश्वर के नाम पर, यह अंधकार है। दावा किया जाता है कि यह वाक्यांश सोशल मीडिया पर एक मैसेज के स्क्रीनशॉट से निकला। हालांकि, फ्रेंच भाषा में यह कोई व्याकरण के अनुसार सही वाक्य नहीं है, फिर भी अपनी अजीबोगरीब बनावट और शब्दों के अनूठे मेल के कारण यह लोगों की जुबान पर चढ़ गया। ठीक इसी तरह भारत में भी जुलाई के छात्र आंदोलनों के दौरान एक स्लैंग वास्ते गुनाह्या वायरल हुआ था, जिसका अपना कोई खास मतलब नहीं था। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस का यह नारा सबसे पहले स्नैपचैट पर सामने आया। वहां एक शख्स ने छात्र प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट चैट ग्रुप में शामिल होने के लिए अलग-अलग प्रोफाइल बनाकर लोगों को संदेश भेजे थे। उस मैसेज में उसने लिखा था बिस्मिल्लाह से ले तेनब्रे, और उसके आगे लिखा था हम सब कुछ तोड़ देंगे। कुछ यूजर्स को इस मैसेज की भाषा अजीब और मजाकिया लगी, जिसके बाद उन्होंने इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए। धीरे-धीरे यह जुमला वायरल होकर प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों तक पहुंच गया। इसे भी पढ़ें: उछल-उछल कर भारत को फंसा रही थी ये महिला, लगा तगड़ा करंट! दूसरी तरफ, इटली में विरोध-प्रदर्शनों की स्थिति और भी गंभीर नजर आ रही है। बोलोग्ना में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों, वामपंथी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों की खबरें हैं, जहां बैरिकेड्स जलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। वहीं, ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रक ड्राइवरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल ने आर्थिक संकट की आशंका बढ़ा दी है। दक्षिणी इटली के कई इलाकों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की भारी किल्लत हो गई है, सुपरमार्केट में ताजे फल-सब्जियों और खाद्यान्न की सप्लाई ठप पड़ने लगी है, और कैप्री तथा इस्चिया जैसे द्वीपों की फेरी सेवाएं बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे हालात में सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। पोलैंड में भी बड़े पैमाने पर लोग विधायी सुधारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और देश की संसद प्रजनन अधिकारों से जुड़े अपने वादों को पूरा करें। इस आंदोलन का मुख्य केंद्र सरकारी जवाबदेही और अधूरे चुनावी वादों को लागू कराना है। इसे भी पढ़ें: उछल-उछल कर भारत को फंसा रही थी ये महिला, लगा तगड़ा करंट! ग्रीस में भी एक बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग को लेकर हजारों छात्र और शिक्षक लामबंद हैं। एथेंस में करीब 10,000 लोगों ने मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाया जाए, स्कूलों की हालत सुधारी जाए, शिक्षकों का वेतन बढ़ाया जाए और युवाओं को किफायती आवास की सुविधा मिले। यानी यहां आंदोलन की मांगें शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर लगातार बढ़ती जीवन-यापन लागत (महंगाई) तक फैली हुई हैं। इन सब के बीच, यूरोप की सबसे बड़ी राजनीतिक हलचल सर्बिया से सामने आ रही है। यहां छात्र आंदोलन अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनावी राजनीति में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी कर रहा है। 25 अक्टूबर के चुनावों से पहले हजारों समर्थक राजधानी बेलग्रेड की ओर मार्च करते देखे गए हैं। इस आंदोलन की शुरुआत नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन की छत गिरने और उसमें 16 लोगों की मौत के बाद हुई थी। छात्रों ने इस हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और निर्माण कार्यों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग की थी। उनका आरोप है कि भ्रष्टाचार ने निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही को पूरी तरह खत्म कर दिया है। धीरे-धीरे इस आंदोलन को आम नागरिकों, किसानों, शिक्षकों और अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिलने लगा। अब यह आंदोलन चुनावी मैदान में उतर चुका है, जहां स्टूडेंट्स विन नाम से 250 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं; इनमें विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, कलाकार, किसान और यहां तक कि एक लोकप्रिय रैपर भी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:54 pm

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेंगे लोग, 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; फुटेज में देंखे 2,700 से ज्यादा गिरफ्तारियां

फ्रांस में महंगाई के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेंगे लोग, 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात; फुटेज में देंखे 2,700 से ज्यादा गिरफ्तारियां

समाचार नामा 24 Oct 2026 6:45 pm

फ्रांस में नए प्रदर्शनों पर सरकार सख्त, वाटर कैनन के साथ 70,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती

फ्रांस में इस समय हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और देश एक बार फिर बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की आंधी का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की वारदातों के बाद फ्रांसीसी सरकार ने इस बार किसी भी तरह की कोताही न बरतने का कड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों के प्रशासन ने देश में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने तथा उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं जो पिछले कई वर्षों में शायद ही कभी देखे गए हों। राजधानी पेरिस से लेकर मार्सिले और ल्योन जैसे प्रमुख शहरों तक सुरक्षा बलों का भारी जमावड़ा देखा जा सकता है, जिससे पूरा देश इस समय एक छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।फ्रांस में फिर सुलग रही असंतोष की आग, सड़कों पर उतरने की तैयारी में लाखों लोगफ्रांस की धरती पर एक बार फिर जन-असंतोष सड़कों पर उबाल मारता नजर आ रहा है। छात्र संगठनों, श्रमिक संघों और विभिन्न सामाजिक आंदोलनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। जानकारों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सप्ताहांत होने वाले इन प्रदर्शनों में लाखों की संख्या में आम नागरिक, छात्र और कामगार शामिल हो सकते हैं। लोगों का यह गुस्सा मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई, जीवनयापन के बढ़ते खर्च, ईंधन की कीमतों में उछाल और सरकारी खर्चों में की जा रही कटौतियों के खिलाफ है। हालांकि अदालतों और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर प्रदर्शनों के मार्गों को लेकर शुरुआती खींचतान और पाबंदियां भी देखने को मिली हैं, लेकिन आयोजकों के अड़ियल रुख के बाद सरकार को सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी रणनीति पूरी तरह बदलनी पड़ी है। देश के विभिन्न कोनों से लोग राजधानी की तरफ कूच करने की तैयारी में हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ी हुई है।सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: 70 हजार पुलिसकर्मी, वाटर कैनन और आसमान से पहराजन-आंदोलन और संभावित हिंसा को रोकने के लिए फ्रांस के गृह मंत्रालय और प्रशासन ने जिस स्तर की सुरक्षा तैयारी की है, उसने हर किसी को चौंका दिया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों को तैनात किया गया है। यह तैनाती सामान्य पुलिस बल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आतंकवाद-रोधी अभियानों और दंगों से निपटने में माहिर विशिष्ट इकाइयों को भी शामिल किया गया है। पेरिस और अन्य संवेदनशील शहरों की सड़कों पर भारी भरकम बख्तरबंद वाहन और अत्याधुनिक वाटर कैनन तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी उपद्रव की स्थिति में तुरंत पानी की बौछार कर भीड़ को तीतर-बितर किया जा सके। इसके अलावा, जमीन पर पुलिस के साथ-साथ आसमान से भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस के हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगातार संवेदनशील इलाकों के ऊपर चक्कर काट रहे हैं ताकि भीड़ के मूवमेंट और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जा सके। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या पुलिस पर हमला करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा।ऐतिहासिक संग्रहालय और प्रमुख संस्थान बंद, कारोबारियों में दहशत का माहौलसंभावित हिंसक झड़पों और तोड़फोड़ के खतरे को भांपते हुए फ्रांस के प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संस्थानों ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर खुद को बंद रखने का ऐतिहासिक फैसला किया है। दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाला पेरिस का विश्वप्रसिद्ध लूव्र संग्रहालय, ओरसे संग्रहालय, पिकासो संग्रहालय और ग्रैंड पैलेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान सप्ताहांत के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे। कला और संस्कृति के इन वैश्विक केंद्रों के बंद होने से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस खतरे को कितनी गंभीरता से ले रहा है। दूसरी ओर, देश के बड़े व्यावसायिक महानगरों के व्यापारियों और दुकानदारों में भारी दहशत का माहौल देखा जा रहा है। पिछले प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों द्वारा कई दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिए जाने के बाद, इस बार दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानों और शोरूमों की खिड़कियों और दरवाजों पर लकड़ी के मजबूत बोर्ड ठोक दिए हैं ताकि किसी भी संभावित हमले से संपत्ति को बचाया जा सके। कारोबारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले इन प्रदर्शनों और अराजकता के माहौल से उनके व्यवसाय की कमर टूट चुकी है, और वे सरकार से अपनी सुरक्षा की पुख्ता गारंटी की मांग कर रहे हैं।महंगाई, ईंधन संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ गुस्से का उबालफ्रांस में सुलग रहे इस जन-आंदोलन की जड़ें काफी गहरी हैं और यह मुख्य रूप से देश की आर्थिक बदहाली तथा आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों से जुड़ी हुई हैं। यूरोप में भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभाव के चलते फ्रांस के नागरिकों को भी भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं और खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। सरकार द्वारा बजट घाटे को कम करने के नाम पर सार्वजनिक सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती करने के फैसलों ने जनता के गुस्से में घी डालने का काम किया है। नागरिकों का कहना है कि सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उद्योगपतियों और बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। इन तमाम मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट विरोध प्रदर्शन चल रहे थे, जो अब एक विशाल जन-आंदोलन का रूप लेते जा रहे हैं।सरकार की दो टूक चेतावनी और नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरीदेश के हालात को बेकाबू होने से बचाने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों और उनकी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाने, दुकानों में लूटपाट करने या कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने के लिए कई इलाकों में चेहरा ढककर प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और स्थानीय प्रशासन द्वारा रात के समय कर्फ्यू जैसे कड़े प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। इसके साथ ही, भारत समेत दुनिया के कई देशों ने फ्रांस में उत्पन्न इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने फ्रांस यात्रा पर जाने वाले या वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, फ्रांस इस समय एक नाजुक दौर से गुजर रहा है जहां सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बहाल करने और जनता के आक्रोश को शांत करने की दोहरी चुनौती खड़ी है, और आने वाले कुछ दिन देश के भविष्य के राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:31 pm

फ्रांस में Shamonda Virus का पहला इंसानी केस मिला, WHO ने की पुष्टि

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फ्रांस में शमोंडा वायरस के पहले इंसानी मामले की पुष्टि की है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति की उम्र 60 साल से ज्यादा थी और उनका इम्यून सिस्टम भी काफ कमजोर था। लेकिन इनका इलाज के दौरान मौत हो गई। वैसे यह वायरस पहले सिर्फ जानवरों में ही पाया गया था और अब आमतौर पर मवेशियों, भेड़ों, बकरियों और घोड़ों को प्रभावित करता है। आइए आपको बताते हैं वायरस क्या है और इंसानों में इसके लक्षण को कैसे करता है। क्या है शमोंडा वायरस? असल में शमोंडा वायरस पहली बार 1960 के दशक में नाइजीरिया के मवेशियों में पाया गया था। इसके बाद से अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में इसके छोटे-मोटे मामले दर्ज किए गए हैं। बता दें कि, यह वायरस श्मालेनबर्ग वायरस परिवार से आता है, जो पशुओं में प्रजनन से संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं। इंसानों में शमोंडा वायरस के लक्षण वैसे इंसानों में इस वायरस के संक्रमण का ये पहला मामला पाया गया है। इसलिए इंसानों में इसके लक्षण कैसे हो सकते हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इंसानों में इसके संक्रमण की वजह मिज, मक्खी जैसे एक छोटे कीड़े को माना जा रहा है। ये कीड़ा संक्रमित पशुओं के काटने के बाद वायरस का कैरियर बन जाता है और इंसानों में ये वायरस फैल सकता है। हालांकि, इसका अभी तक कोई प्रमाण मिला नहीं है कि शमोंडा वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। वहीं, संक्रमित पशुओं के छूने, उनकी देखभाल करने या उनके पास रहने से भी ये वायरस नहीं फैलता। वायरस के बारे जांच जारी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति उस क्षेत्र में पाएं जाते हैं, जहां पशुओं में शमोंडा वायरस फैल रहा था और वहां क्यूलिकोइड्स प्रजाति की मिज मक्खियां मौजूद थीं। वैसे संक्रमण के कारण और इनके खतरों को बेहतर तरीके से जानने के लिए अभी भी इस वायरस पर रिसर्च जारी है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:08 pm

भारत तो बड़ा खिलाड़ी निकला, यूरोप को दनादन कर रहा गोला-बारूद सप्लाई!

भारत के डिफेंस सेक्रेटरी का यह बयान काफी चर्चा में है, जहां वह बता रहे हैं कि भारत यूरोप को हथियार गोला बारूद एक्सपोर्ट करने वाला तीसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बन गया है। वही भारत जो अपनी सैन्य जरूरतों के लिए कभी दुनिया भर की ओर टकटकी लगाकर देखता था वो भारत आज यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन चुका है और इसका ऐलान भी खुद भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया है। केपीएमजी अग्रसर भारत मंच के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा सचिव ने यह बड़ा ऐलान किया और बताया कि यूरोपीय देशों में चल रहे रीआर्म यूरोप अभियान और भारत के मजबूत होते घरेलू डिफेंस इकोसिस्टम के दम पर भारत अचानक से यूरोप को सैन्य साजो सामान और हथियार सप्लाई करने वाला तीसरा सबसे बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने मौजूदा वैश्विक हालात और भारत की छलांग को समझाते हुए कहा कि दुर्भाग्यवश दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष और भू राजनीतिक अनिश्चितता के कारण हथियारों की होड़ बढ़ रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सक्रिय संघर्षों की संख्या आज अपने उच्चतम स्तर पर है। ऐसे में हथियारों का व्यापार बढ़ना स्वाभाविक है। भारत परंपरागत रूप से बड़ी मात्रा में पारंपरिक गोला बारूद और तोपों के 155 मि.मी. गोले निर्यात करता रहा है। अचानक भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है और इसकी मुख्य वजह है आर्टिलरी शेल्स यानी कि तोप के गोलों की जबरदस्त मान। इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर Tripura में 30 अक्टूबर को INDIA गठबंधन की रैली रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह बताते हैं कि भारत का कुल रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ यानी कि लगभग 3.6 बिलियन यूरो के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। आज भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को अपने डिफेंस प्लेटफॉर्म्स और हथियार बेच रहा है। रक्षा सचिव इस बात पर जोर देकर बताते हैं कि यह बदलाव रातोंरात नहीं आया है। पिछले 10 सालों में भारत का रक्षा ढांचा 16 सरकारी कंपनियों से निकलकर एक विशाल प्राइवेट और स्टार्टअप हब में बदल चुका है। आज देश में 840 से अधिक लाइसेंस कंपनियां और 17,000 से अधिक एमएसएमईस और स्टार्टअप्स काम कर रही हैं। इसके साथ ही भारत अपने सालाना 20 से 25 बिलियन डॉलर के रक्षा बजट का 75% हिस्सा घरेलू उद्योग मेक इन इंडिया आईडीीडीएम यानी कि इंडियन डिज़ डेवलप्ड एंड मैन्युफैक्चरर्ड पर खर्च कर रहा है। जिससे भारत को तकनीकी संप्रभुता मिल रही है। रूस पर निर्भरता घटाने के बाद भारत फ्रांस, ग्रीस, साइपस जैसे यूरोपीय देशों के साथ जॉइंट वेंचर स्थापित कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने Delhi Police मुख्यालय में की उच्च स्तरीय बैठक, LG और CM रहे मौजूद यूरोप के रक्षा बाजार में गहरी पैड बनाने की योजना भी भारत की है। साफ है कि विश्व शांति की पैरवी करता हुआ भारत आज आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण के दम पर उन ताकतों को हथियार बेच रहा है जो कभी भारत को रक्षा सामग्री बेचने में शर्तें लगाया करते थे। मेक इन इंडिया से मेक फॉर द वर्ल्ड का यह सफर भारत के उभरते महाशक्ति की बड़ी गवाही है। हालांकि रक्षा सचिव ने यह भी कहा कि जैसे ही विश्व स्तर पर संघर्षों की संख्या कम होगी, रक्षा निर्यात वापस से अपने सामान्य ग्रोथ रेट पर वापस आ जाएगा। लेकिन यूरोप को हथियार बेचने में तीसरे नंबर का देश बनना भारत के लिए बड़ी कामयाबी है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 5:49 pm

भारत को मैन्यूफैक्चरिंग, रिसर्च सेंटर के रूप में देख रहीं जर्मन कंपनियां, विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी करना चाहते हैं यूरोपीय देश

पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध न सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के द्वार खोलते हैं, बल्कि टैलेंट, इनोवेशन, को-क्रिएशन, को-डिजाइन, को-डेवलपमेंट और को-मैन्यूफैक्चरिंग के द्वार भी खोलते हैं।

ज़ी न्यूज़ 24 Oct 2026 4:14 pm

फ्रांस : दस मिलियन बैरल गैस ऑयल जारी करने का आदेश द‍िया

पेर‍िस, फ्रांस में ह‍िंसा और प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शन‍िवार को लोगों को राहत पहुंचाने वाला एक आदेश जारी क‍िया। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट में पीएम सेबेस्टियन ने बताया क‍ि दस मिलियन बैरल गैस ऑयल जारी करने की अनुमति देने वाला आदेश अब जारी कर दिया गया है। उम्‍मीद है क‍ि इससे गैस ऑयल की कीमत में कुछ कमी आएगी।

देशबन्धु 24 Oct 2026 4:14 pm

फ्रांस सरकार ने दस मिलियन बैरल गैस ऑयल जारी करने का आदेश द‍िया, 18 सेंट प्रति लीटर तक म‍िलेगी राहत

फ्रांस सरकार ने दस मिलियन बैरल गैस ऑयल जारी करने का आदेश दिया, 18 सेंट प्रति लीटर तक मिलेगी राहत

समाचार नामा 24 Oct 2026 3:31 pm

यूरोप : 854 शहरों में गर्मी से 50 हजार से ज्यादा की मौत

नई दिल्ली, यूरोप में 2026 की गर्मियों ने भीषण कहर बरपाया है। इस कारण 50 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का अनुमान है। एक नए अध्ययन के अनुसार, इनमें से करीब दो-तिहाई मौतों के लिए जलवायु परिवर्तन जिम्मेदार रहा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ता तापमान यूरोप के शहरों में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर रहा है।

देशबन्धु 24 Oct 2026 3:16 pm

यूरोप के 854 शहरों में गर्मी से 50 हजार से ज्यादा की मौत, जलवायु परिवर्तन एक अहम कारण: स्टडी

New Delhi, 24 अक्टूबर . यूरोप में 2026 की गर्मियों ने भीषण कहर बरपाया है. इस कारण 50 हजार से अधिक लोगों की मौत होने का अनुमान है.…

डेली किरण 24 Oct 2026 2:33 pm

रक्षा निर्यात में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, यूरोप में भारतीय गोला-बारूद की मांग में 1,600% की उछाल, 28वें से दूसरे नंबर पर पहुंचा India

India arms exports to Europe: यूरोप के रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती मौजूदगी देश के उभरते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की नई तस्वीर पेश कर रही है। रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में शुरू हुए घातक युद्ध के बाद पूर्वी और मध्य यूरोप के कई देशों में गोला-बारूद की मांग तेजी से बढ़ी है। इस मांग के बीच भारतीय डिफेंस कंपनियों ने भी अपनी पहुंच का विस्तार किया है। लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपीय देशों को भारत से होने वाले चुनिंदा गोला-बारूद और संबंधित उत्पादों के निर्यात में चार साल के भीतर 1,600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान भारत इन उत्पादों के आपूर्तिकर्ताओं की लिस्ट में 28वें स्थान से दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।4 साल में 49.2 मिलियन डॉलर से बढ़कर 872 मिलियन डॉलर हुआ निर्यातब्लूमबर्ग न्यूज (Bloomberg) की रिपोर्ट में ट्रेड डेटा मॉनिटर के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद के चार वर्षों में भारतीय कंपनियों ने यूरोपीय देशों को कम से कम 872 मिलियन डॉलर यानी लगभग 87.2 करोड़ डॉलर के संबंधित उत्पादों का निर्यात किया। इससे पहले के चार वर्षों में यह आंकड़ा 49.2 मिलियन डॉलर यानी लगभग 4.92 करोड़ डॉलर था।इस तरह दोनों अवधियों के बीच निर्यात मूल्य में 1,600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह आंकड़ा भारत के संपूर्ण रक्षा निर्यात का नहीं। बल्कि चुनिंदाकैटेगरी के गोला-बारूद और उनसे जुड़े उत्पादों के व्यापार का है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब पूर्वी और मध्य यूरोप के 13 देशों को इन उत्पादों की आपूर्ति करने वाले देशों में दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर है। इसग्रुप में पोलैंड, रोमानिया, बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य और बाल्टिक क्षेत्र के देश शामिल हैं।किन रक्षा उत्पादों की बढ़ी मांग?भारत से यूरोप जाने वाले उत्पादों में मुख्य रूप से तोपों के गोले, मोर्टार गोला-बारूद और विस्फोटक शामिल हैं। ये सैन्य अभियानों में इस्तेमाल होने वाली बुनियादी लेकिन महत्वपूर्ण आपूर्तियां हैं। युद्ध के लंबे खिंचने के कारण यूरोप के कई देशों को अपने सैन्य भंडार की भरपाई करनी पड़ रही है। यूक्रेन को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने में भी इस क्षेत्र के कुछ देशों की भूमिका रही है। ऐसे में उनकी अपनी घटती आपूर्ति को दोबारा बढ़ाने की जरूरत ने यूरोप के बाहर के निर्माताओं के लिए भी अवसर पैदा किए हैं।भारत के रक्षा उद्योग के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?भारत लंबे समय से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम करने और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अब घरेलू मांग के साथ-साथ विदेशी बाजारों में बढ़ते अवसर भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए अतिरिक्त कारोबार का रास्ता खोल रहे हैं।यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की बढ़ती मौजूदगी के कई संभावित आर्थिक प्रभाव हैं। इनमें रक्षा कारखानों की उत्पादन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल,मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के अवसर, सप्लाई चैन का विस्तार और भारतीय कंपनियों कोइंटरनेशनल ग्राहकों के साथ काम करने का अनुभव मिलना शामिल है।वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात का नया रिकॉर्डयूरोप में गोला-बारूद की बढ़ती मांग के बीच भारत के समग्र रक्षा निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 23,622 करोड़ रुपये था। इस प्रकार सालाना आधार पर रक्षा निर्यात में 62.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई।रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यानी डिफेंस पीएसयू का निर्यात 21,071 करोड़ रुपये रहा। जबकिप्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने 17,353 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों के निर्यात में 151 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। जबकिप्राइवेट क्षेत्र की वृद्धि दर 14 प्रतिशत रही। इसी अवधि में भारत ने 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात किया।सरकारी कंपनियों की बढ़ी भूमिका,प्राइवेट सेक्टरके लिए भी अवसरभारत के रक्षा निर्यात विस्तार में सरकारी रक्षा कंपनियों की अहम भूमिका रही है। गोला-बारूद के उत्पादन में म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड प्रमुख कंपनियों में शामिल है। इसका गठन 2021 में तत्कालीन आयुध निर्माणी बोर्ड के पुनर्गठन के बाद हुआ था। इस सुधार के तहत बोर्ड के 41 कारखानों के नेटवर्क को अलग-अलग रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में विभाजित किया गया। इसका उद्देश्य उत्पादन व्यवस्था में दक्षता बढ़ाना, कंपनियों को अधिक जवाबदेह बनाना और प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना था।इसके बाद म्यूनिशन्स इंडिया जैसी कंपनियों ने घरेलू सैन्य जरूरतों के अलावा विदेशी बाजारों में भी ग्राहकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की है। दूसरी ओर, निजी रक्षा कंपनियों की भागीदारी भी भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को व्यापक बना रही है। सरकारी और निजी कंपनियों की संयुक्त क्षमता भारत को रक्षा उत्पादन के अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर देती है।'मेक इन इंडिया' सेग्लोबल डिफेंस मार्केट तकभारत सरकार ने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य घरेलू सशस्त्र बलों की जरूरतों को देश के भीतर पूरा करने की क्षमता विकसित करना और विदेशी बाजारों में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना है।रक्षा निर्यात में वृद्धि से कंपनियों को घरेलू ऑर्डर के अलावा नए बाजारों से भी मांग मिल सकती है। इससे उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने और उद्योग के विस्तार में मदद मिल सकती है। बता दें किरूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप के कई देशों ने अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत किया है। उन्होंनेयूक्रेन को सैन्य सहायता दी है। ऐसे में इन देशों को भारतीय गोला-बारूद की आपूर्ति और रूस के साथ भारत के पारंपरिक संबंधों के बीच कूटनीतिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।ये भी पढ़ें- Delhi Awaas Yojana 2026: दिल्ली में सस्ता घर खरीदने का सुनहरा मौका! DDA ला रहा 1,648 नए फ्लैट, 25% डिस्काउंट के साथ सिर्फ 14.95 लाख रुपयेब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इन लेनदेन को व्यावसायिक पहलुओं से प्रेरित बताया। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह अपने रक्षा निर्यात बाजार का विस्तार करते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों, अंतिम उपयोगकर्ता संबंधी प्रतिबद्धताओं और प्रमुख रणनीतिक साझेदारों के साथ संबंधों का संतुलन बनाए रखे।

ज़ी न्यूज़ 24 Oct 2026 2:26 pm

भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बना: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह

भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बना: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह bharatभारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बना: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भारत यूरोप को हथियार निर्यात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। यूरोप में रक्षा उपकरणों की बढ़ती मांग […]

टुडे इंडिया 24 Oct 2026 2:21 pm

आखिर क्यों धधक रहा है फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश? पुलिस प्रशासन के सामने क्या हैं चुनौतियाँ?

यूरोप में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों, दंगों, आगजनी और पुलिस के साथ टकराव को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर नहीं समझा जा सकता। चूंकि इसके पीछे आर्थिक असंतोष, सामाजिक विभाजन, आव्रजन और एकीकरण की बहस, राजनीतिक ध्रुवीकरण, युवाओं में भविष्य को लेकर चिंता तथा पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास का संकट जैसे कई कारक हो सकते हैं। लेकिन एक बुनियादी अंतर समझना जरूरी है, वह यह कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, जबकि आगजनी, लूटपाट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लोगों पर हमले अपराध हैं। किसी प्रदर्शन में हिंसा होने का अर्थ यह नहीं कि उसमें शामिल हर व्यक्ति हिंसक है या पूरा समुदाय उसके लिए जिम्मेदार है। शायद इसी भ्रम में देश के देश जल रहे हैं और पुलिस तत्काल बहुत कुछ कर नहीं पाती। इससे आत्ताइयों के हौसले बुलंद हैं और लोकतांत्रिक सोच अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। इसे भी पढ़ें: Vishwakhabram : France में Macron के खिलाफ विद्रोह जैसे हालात, पूरे यूरोप में फैल सकती है जनाक्रोश की आग! भले ही फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों की परिस्थितियाँ भी एक जैसी नहीं हैं। इसलिए यह देखना आवश्यक है कि अशांति किन कारणों से भड़कती है, पुलिस की कार्रवाई कहाँ कठिन हो जाती है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हिंसा रोकने के लिए कौन-से उपाय प्रभावी हो सकते हैं। # सवाल है कि अक्टूबर 2026 में फ्रांस में वास्तव में क्या हो रहा है? तो जवाब होगा कि फ्रांस में सितंबर के अंत से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अक्टूबर में व्यापक अशांति में बदल गया। प्रारंभिक असंतोष स्कूलों की खराब सुविधाओं, शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर था। बाद में महँगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति जैसे मुद्दे भी आंदोलन से जुड़ गए। आखिर पेरिस सहित कई शहरों में लूटपाट, तोड़फोड़ और पुलिस से टकराव हुए। सरकार को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात करने पड़े और कुछ क्षेत्रों में रात्रिकालीन कर्फ्यू प्रतिबंध लगाए गए। फ्रांसीसी अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों और हिंसा के पूर्वानुमान में कमियों को भी स्वीकार किया। इसी समय इटली में भी जीवन-यापन की लागत, कम वेतन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के बीच प्रदर्शन हिंसक हुए। स्पेन और पुर्तगाल में आवास की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। हालांकि, इन सभी घटनाओं के कारण और उनका स्वरूप अलग-अलग हैं। # सवाल है कि आखिर यूरोप में असंतोष बार-बार क्यों भड़कता है? तो इसके कुछ कारण हैं जो निम्नलिखित हैं:- पहला, महँगाई, आवास और आर्थिक असुरक्षा: जब किराया, ऊर्जा, परिवहन और रोजमर्रा के खर्च बढ़ते हैं, लेकिन आय और रोजगार के अवसर उसी गति से नहीं बढ़ते, तो लोगों में व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है। युवाओं के लिए अच्छी शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्र जीवन की संभावनाएँ सीमित महसूस होना इस असंतोष को और बढ़ा सकता है। दूसरा, सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव: स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर सुविधाएँ और स्थानीय सेवाओं की कमजोर स्थिति नागरिकों को यह महसूस करा सकती है कि उनकी समस्याओं को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही। फ्रांस के हालिया आंदोलन में शिक्षा से जुड़ी शिकायतें शुरुआती मुद्दों में शामिल थीं। तीसरा, सामाजिक अलगाव और अवसरों में असमानता: कुछ शहरी और वंचित इलाकों में रोजगार, शिक्षा और सामाजिक उन्नति के अवसरों की कमी असंतोष को गहरा सकती है। यदि नागरिकों को लगता है कि संस्थाएँ उनकी बात नहीं सुनतीं या उनके साथ भेदभाव होता है, तो राज्य पर भरोसा कमजोर पड़ सकता है। लेकिन इसे हर उपद्रव का एकमात्र कारण मानना उचित नहीं होगा। चौथा, राजनीतिक ध्रुवीकरण और आंदोलन का हिंसक हो जाना: किसी जायज मांग के साथ बड़ी संख्या में लोग शांतिपूर्वक जुट सकते हैं, लेकिन कुछ समूह उसी भीड़ का इस्तेमाल तोड़फोड़, लूटपाट या पुलिस को उकसाने के लिए कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली तस्वीरें और संदेश भी तनाव बढ़ा सकते हैं। आंदोलन की मांगों और हिंसा करने वाले व्यक्तियों की जिम्मेदारी को अलग-अलग समझना जरूरी है। पाँचवाँ, आव्रजन और राष्ट्रीय पहचान पर विवाद: यूरोप के अनेक देशों में आव्रजन, शरणार्थियों के एकीकरण, राष्ट्रीय पहचान और सार्वजनिक संसाधनों के वितरण पर राजनीतिक बहस चलती रही है। ये विवाद ध्रुवीकरण बढ़ा सकते हैं, लेकिन फ्रांस की अक्टूबर 2026 की हिंसा के लिए किसी विशेष धार्मिक या प्रवासी समुदाय को जिम्मेदार ठहराने के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि आर्थिक असंतोष हिंसा की पृष्ठभूमि तैयार कर सकता है, लेकिन वह हिंसा को उचित नहीं ठहराता। इसी प्रकार, किसी अपराधी की पहचान या पृष्ठभूमि के आधार पर पूरे समुदाय को दोषी ठहराना भी तथ्यपरक समाधान नहीं है। # सवाल है कि उत्पाती और हिंसक भीड़ पर नियंत्रण में पुलिस क्यों पिछड़ जाती है? तो जवाब होगा कि यह इस पूरे संकट का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है। अक्टूबर 2026 की फ्रांसीसी घटनाओं में पुलिस की विफलता के कुछ ठोस कारण सामने आए हैं। इन्हें केवल पुलिस की कमजोरी या इच्छाशक्ति की कमी कह देना अधूरा विश्लेषण होगा। एक, खुफिया आकलन और तैयारी में चूक: फ्रांस में 17 अक्टूबर के प्रदर्शनों के लिए भीड़ का अनुमान वास्तविक संख्या से काफी कम रहा। आंतरिक मंत्रालय के शुरुआती अनुमान लगभग 60,000–110,000 प्रदर्शनकारियों के थे, जबकि बाद में संशोधित अनुमान 200,000 तक पहुँचे और मंत्रालय ने वास्तविक उपस्थिति लगभग 550,000 बताई। यह सरकारी अनुमान है, स्वतंत्र रूप से सत्यापित अंतिम गणना नहीं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच हिंसा करने वाले छोटे समूहों की पहचान और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा कठिन हो जाती है। दो, पुलिस बल की तैनाती और संसाधनों का असंतुलन: यदि कई शहरों में एक साथ हिंसा फैलती है, तो पुलिस को लोगों की सुरक्षा, दुकानों की रक्षा, यातायात नियंत्रण और हिंसक घटनाओं पर कार्रवाई जैसे अनेक काम करने पड़ते हैं। फ्रांस की हालिया घटनाओं में पुलिसकर्मियों की संख्या और तैनाती के समय को लेकर भी सवाल उठे। तीन, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हिंसा करने वाले एक ही भीड़ में:पुलिस के सामने यह कठिन चुनौती रहती है कि हिंसा करने वालों पर कार्रवाई करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और आसपास के आम नागरिकों को नुकसान से कैसे बचाया जाए। जल्दबाजी में की गई कार्रवाई तनाव बढ़ा सकती है, जबकि देर करने पर तोड़फोड़ और लूटपाट का दायरा बढ़ सकता है। चार, पुलिस की कठोर कार्रवाई के कानूनी और सामाजिक परिणाम: फ्रांस में प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग की आवश्यकता, उसकी आनुपातिकता और कुछ पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर जाँच चलती रही है। अक्टूबर में छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में पुलिस के कथित अनुचित आचरण की 18 आंतरिक जाँचें शुरू होने की खबर आई। इसका अर्थ यह नहीं कि हर पुलिस कार्रवाई गलत थी। लेकिन बल का अनुचित प्रयोग नागरिकों का भरोसा घटा सकता है और तनाव बढ़ा सकता है। पांच, पुलिस थकान, समन्वय और बदलती परिस्थितियाँ: लगातार कई दिनों तक आंदोलन चलने पर पुलिसकर्मियों की उपलब्धता, स्थानीय इकाइयों और विशेष प्रशिक्षित बलों के बीच समन्वय तथा बदलती परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलने की क्षमता महत्त्वपूर्ण हो जाती है। फ्रांस की घटनाओं में इन पहलुओं पर भी सवाल उठे हैं। # सवाल है कि क्या पुलिस को और अधिक कठोर बना देना ही समाधान है? तो जवाब होगा कि नहीं, सवाल केवल कठोरता का नहीं बल्कि समय पर कार्रवाई, निश्चित जवाबदेही, कानून का समान अनुपालन और सही रणनीति का है। यूरोप की परिषद की संसदीय सभा की 2025 की रिपोर्ट में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद, मध्यस्थता, विशेष प्रशिक्षण, नागरिकों के भरोसे और बल के सीमित व आनुपातिक उपयोग पर जोर दिया गया था। रिपोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि कुछ आंदोलनों में संगठित हिंसक समूह शांतिपूर्ण विरोध को बिगाड़ सकते हैं। पुलिस प्रशासन को तीन परिस्थितियों में अंतर करना चाहिए: एक, उपयुक्त प्रशासनिक दृष्टिकोण: शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, संवाद और प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा। दो, तनावपूर्ण भीड़, हिंसा का जोखिम: प्रशिक्षित बल, समन्वय, स्पष्ट चेतावनी और तनाव कम करने के उपाय। तीन, आगजनी, लूटपाट या लोगों पर हमला: त्वरित एवं लक्षित कानूनी कार्रवाई, साक्ष्य जुटाना और दोषियों की जवाबदेही। लिहाजा लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस को न तो हिंसा के सामने निष्क्रिय रहना चाहिए, न ही पूरी भीड़ को अपराधी मान लेना चाहिए। # आखिर हिंसक भीड़ से निपटने का ठोस और दीर्घकालिक इलाज क्या है? पहला, बेहतर पूर्वानुमान और खुफिया समन्वय: बड़े प्रदर्शनों के संभावित आकार, संवेदनशील स्थानों और हिंसा के जोखिम का समय रहते आकलन किया जाए। वैध प्रदर्शन और हिंसा की तैयारी में अंतर रखा जाए; केवल राजनीतिक विचारों के आधार पर लोगों को संदिग्ध न माना जाए। दूसरा, प्रशिक्षित पुलिस और स्पष्ट कमान: भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण, एकीकृत कमान, पर्याप्त संसाधन और नागरिकों को सुरक्षित रखने की स्पष्ट जिम्मेदारी हो। बल का प्रयोग कानून के अनुसार आवश्यक और आनुपातिक होना चाहिए। तीसरा, अपराधियों की पहचान और शीघ्र न्याय: जहाँ कानूनी रूप से अनुमत हो, वहाँ उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए। गिरफ्तारी, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया कानून के अनुरूप हो; निर्दोष लोगों को सामूहिक दंड न दिया जाए। चौथा, पुलिस की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो: कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा, शिकायतों की निष्पक्ष जाँच और गलत आचरण पर उचित दंड आवश्यक हैं। इससे पुलिस का अधिकार कमजोर नहीं, बल्कि उसकी वैधता और नागरिकों का विश्वास मजबूत होता है। पाँचवाँ, सामाजिक असंतोष के मूल कारणों पर काम: शिक्षा, रोजगार, आवास, सार्वजनिक सेवाओं और भेदभाव से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। केवल पुलिस बल बढ़ाकर उन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता जो लगातार नई अशांति को जन्म देती हैं। # आखिर भारत के लिए इसमें क्या सबक निहित है? फ्रांस का अनुभव भारत के लिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि भारत में भी बड़े जनसमूह, राजनीतिक रैलियाँ, धार्मिक आयोजन, छात्र आंदोलन और स्थानीय विरोध-प्रदर्शन पुलिस प्रशासन के सामने अलग-अलग चुनौतियाँ पैदा कर सकते हैं। भारत के संदर्भ में पाँच सबक महत्त्वपूर्ण हैं: एक, कानून का समान पालन: राजनीतिक समर्थन, विरोध या सामाजिक पहचान के आधार पर कार्रवाई का मानक नहीं बदलना चाहिए। दो, भीड़ से पहले तैयारी: आयोजकों, स्थानीय प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं और पुलिस के बीच समन्वय हो। तीन, हिंसा पर लक्षित कार्रवाई: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हिंसा करने वालों को अलग-अलग देखा जाए। चार, डिजिटल साक्ष्य और जवाबदेही: अफवाहों की जाँच हो, साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएँ और गलत सूचना फैलाने वालों पर भी कानून के अनुसार कार्रवाई हो। पांच, नागरिक विश्वास: पुलिस की निष्पक्षता, पारदर्शिता और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई को प्राथमिकता मिले। इन उपायों का उद्देश्य केवल भीड़ को तितर-बितर करना नहीं, बल्कि हिंसा को रोकना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। # वस्तुत: समस्या पुलिस की ताकत से बड़ी है: फ्रांस की अक्टूबर 2026 की घटनाएँ दिखाती हैं कि बड़े पैमाने की अशांति में खुफिया आकलन की चूक, अपर्याप्त या असंतुलित तैनाती, पुलिस थकान और आंदोलन के भीतर हिंसक समूहों की मौजूदगी मिलकर गंभीर संकट पैदा कर सकते हैं। दूसरी ओर, बल का अनुचित प्रयोग और सामाजिक शिकायतों की उपेक्षा भी संस्थाओं के प्रति अविश्वास बढ़ा सकती है। लोकतांत्रिक राज्य की असली परीक्षा यह है कि वह शांतिपूर्ण विरोध की रक्षा करे, हिंसक अपराधों को रोके और दोनों काम कानून की मर्यादा में रहते हुए करे। केवल दमन से असंतोष समाप्त नहीं होता और केवल संवाद से तत्काल हिंसा नहीं रुकती। प्रभावी व्यवस्था को दोनों की जरूरत है—अपराध पर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई और असंतोष के कारणों का गंभीर समाधान। यही दृष्टिकोण पुलिस प्रशासन को प्रभावी तथा लोकतंत्र को अधिक सुरक्षित बना सकता है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 1:19 pm

अल-नीनो का कहर... यूरोप में गर्मी से इस साल 50 हजार मौतें हुईं

यूरोप में बढ़ती भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है. 2026 की गर्मियों में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत का अनुमान है, जिनमें करीब 32 हजार मौतें जलवायु परिवर्तन से जुड़ी हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, जीवाश्म ईंधन का बढ़ता इस्तेमाल तापमान को खतरनाक बना रहा है. बुजुर्गों के साथ युवाओं की जान पर भी गर्मी का खतरा बढ़ रहा है.

आज तक 24 Oct 2026 11:51 am

'प्रोटेस्ट वाले इलाकों से दूर रहें...', यूरोप में भड़की हिंसा पर भारत ने नागरिकों को चेताया

फ्रांस, इटली और यूरोप के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. नागरिकों को उन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है, जहां विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.

आज तक 24 Oct 2026 8:54 am

24 October Top News: तिब्बत में फिर भूकंप, फ्रांस में प्रदर्शन, भारत-चीन तनाव पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?

Top News 24 October : तिब्बत में फिर लगे भूकंप के झटके, फ्रांस में आज फिर प्रदर्शन, यूक्रेन और रूस के बीच 27 अक्टूबर से सीजफायर, एशियन पैरा गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, भारत-न्यूजीलैंड दूसरा टी20 आज खेला जाएगा। 24 अक्टूबर की बड़ी खबरें :

वेब दुनिया 24 Oct 2026 7:49 am

फ्रांस में आज फिर सड़कों पर उतरेंगे प्रदर्शनकारी, 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात

फ्रांस में आज शनिवार को एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन होने जा रहे हैं. पिछले सप्ताह हुई हिंसा और लूटपाट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

आज तक 24 Oct 2026 6:17 am

सुर्खियां: फ्रांस के युवा फिर आक्रोशित; 27 से यूक्रेन-रूस सीजफायर; पैरा एशियाड में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन

सुर्खियां: फ्रांस के युवा फिर आक्रोशित; 27 से यूक्रेन-रूस सीजफायर; पैरा एशियाड में भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन---Top Headline Today Important And Big News Stories Of 24 October 2026 Updates on amar ujala

अमर उजाला 24 Oct 2026 5:52 am

Kangra News: फ्रांस में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगी सीमा

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पालमपुर शाखा की वरिष्ठ अभिकर्ता सीमा चौधरी का चयन फ्रांस में आयोजित होने वाले शैक्षिक सेमिनार के लिए हुआ है।

अमर उजाला 24 Oct 2026 1:59 am

'मुझे तो ये लोग यूरोप नहीं जाने देते, पाकिस्तान तो दूर की बात...', CM भगवंत मान ने केंद्र पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान को लाहौर में विश्व पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता मिला है, जिस पर उन्होंने केंद्र द्वारा विदेश यात्राओं पर रोक का जिक्र किया।

जागरण 23 Oct 2026 10:33 pm

यूरोप में विरोध प्रदर्शन: भारत ने फ्रांस, इटली और बेल्जियम में अपने नागरिकों से सतर्क रहने को कहा

New Delhi, 23 अक्टूबर . India ने Friday को फ्रांस, इटली और बेल्जियम में अपने नागरिकों को सतर्क रहने और विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की…

डेली किरण 23 Oct 2026 9:03 pm

अबू धाबी में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच होगी त्रिपक्षीय वार्ता, यूरोप की भागीदारी से भी इनकार नहीं: क्रेमलिन

रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली आगामी वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आयोजित की जाएगी...

खास खबर 23 Oct 2026 8:20 pm

जयपुर में फ्रांस की नागरिक के महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद

पर्यटक सुरक्षा बल को मिले ड्राइविंग लाइसेंस और क्रेडिट कार्ड, फ्रांसीसी दूतावास के जरिए मालिक की तलाश जारी

प्रातःकाल 23 Oct 2026 8:13 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत का यूरोप में बढ़ा दबदबा, वीडियो में जाने हथियारों के निर्यात में 1600% उछाल; 28वें से दूसरे नंबर पर पहुंचा

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत का यूरोप में बढ़ा दबदबा, वीडियो में जाने हथियारों के निर्यात में 1600% उछाल; 28वें से दूसरे नंबर पर पहुंचा

समाचार नामा 23 Oct 2026 7:25 pm

भारत की सबसे महंगी ट्रेन में 7 दिन तक अमेरिकी यूट्यूबर ने किया सफर, बोले- ऐसा मजा तो यूरोप में भी नहीं आया

अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने 26 लाख रुपये का टिकट खरीदकर भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 7 दिन का सफर किया. ट्रेन के अंदर आलीशान बाथटब, फाइव-स्टार खाना और शाही मेहमाननवाजी देखकर विदेशी कपल भी दंग रह गया.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 5:37 pm

डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ा अरबों की फंडिग और भाड़े के सैनिकों वाला दावा क्या है? जिससे UAE से यूरोप-अमेरिका तक मची खलबली!

डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर भाड़े के सैनिकों की फंडिंग का आरोप एक किताब में लगाया गया है, जबकि कुशनर इन्हें बेबुनियाद और झूठा बता रहे हैं। जानें ये पूरा मामला क्या है।

खबर इंडिया टीवी 23 Oct 2026 5:35 pm

फ्रांस में विरोध प्रदर्शन पर ट्रंप ने द‍िया ऐसा बयान क‍ि भड़क गए मैक्रों

फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहा है. महंगाई को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आगजनी और लूटपाट में बदल चुका है जिससे लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फ्रांस के इस हाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमेंट किया था. उन्होंने कहा था कि ''पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा.'' जिसे सुनने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भड़क गए हैं.

आज तक 23 Oct 2026 5:19 pm

पेरिस के पास गोलीबारी में एक की मौत, चार घायल, फ्रांस ने टेरर एंगल से शुरू की जांच

पेरिस के पश्चिम में यवेलिन जिले के ट्रैप्स के पास चलती गाड़ी से गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हुई और कम से कम 4 लोग घायल हुए. एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी अभियोजक कार्यालय ने जांच शुरू की है, जबकि हमले का मकसद अभी साफ नहीं है.

आज तक 23 Oct 2026 5:01 pm

'समस्या आपने खड़ी की है', जलवायु परिवर्तन पर पीयूष गोयल की यूरोप को दो टूक

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग 2026 में विकसित देशों को जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराया, भारत के कम कार्बन उत्सर्जन पर जोर दिया। उन्होंने यूरोपीय संघ की नीतियों और पेरिस समझौते के अधूरे वादों पर भी सवाल उठाए।

जागरण 23 Oct 2026 4:49 pm

फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसान की पहली पुष्टि, संक्रमित मरीज की मौत से स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क

फ्रांस में शमोंडा वायरस से संक्रमित मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां और डब्ल्यूएचओ मामले की जांच में जुटे हैं।

प्रातःकाल 23 Oct 2026 3:02 pm

फ्रांस में आंदोलनों पर बैन की तैयारी में मैक्रों, देखें दुनिया आजतक

स्पेन से लेकर फ्रांस और इटली समेत कई यूरोप‍िय देशों में अलग-अलग मुद्दों पर इन द‍िनों प्रदर्शन हो रहे हैं और इसी कड़ी में स्पेन की सरकार के व‍िरोध में राजनैत‍िक प्रदर्शन हुआ तो वहीं, फ्रांस में चल रहे छात्र आंदोलन पर राष्ट्रपत‍ि मेंक्रो ने ऐसी बात कह दी, जो आने वाले वक्त में वि‍वाद पैदा करेगी. दुन‍िया की ऐसी ही ताजा और अहम खबरों के ल‍िए देखें दुन‍िया आजतक.

आज तक 23 Oct 2026 2:50 pm

आखिर क्यों धधक रहा है फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश?  पुलिस प्रशासन के सामने क्या हैं चुनौतियाँ?

धधक रहा है फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश The post आखिर क्यों धधक रहा है फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश? पुलिस प्रशासन के सामने क्या हैं चुनौतियाँ? appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 23 Oct 2026 2:39 pm

सीबीएएम और 50 प्रतिशत स्टील आयात शुल्क से यूरोप को होगा नुकसान, भरोसा ही व्यापार की सबसे बड़ी मुद्रा: पीयूष गोयल

New Delhi, 23 अक्टूबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) और…

डेली किरण 23 Oct 2026 12:58 pm

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत का रक्षा निर्यात यूरोप में 1600% बढ़ा, बना- दूसरा सबसे बड़ा गोला-बारूद सप्लायर

भारत वैश्विक हथियार निर्यातक के रूप में उभरकर सामने आया है। ट्रेड डेटा मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने यूरोपीय देशों को कुल 8,271 करोड़ रुपये के गोला-बारूद सप्लाई किए हैं। इनमें आर्टिलरी शेल और मोर्टार शेल शामिल हैं। पूर्वी और मध्य यूरोप को भारत का रक्षा […]

पांचजन्य 23 Oct 2026 12:51 pm

कभी पुर्जे-पुर्जे के लिए चीन पर निर्भर था भारत! अब अमेरिका-यूरोप की AI Industry को बेचे 48.3 करोड़ डॉलर का ऑप्टिकल फाइबर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक निवेश से भारत के ऑप्टिकल फाइबर उद्योग को बड़ा फायदा मिल रहा है। डेटा सेंटर और डिजिटल नेटवर्क की बढ़ती मांग के की सप्लाई में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है।

जागरण 23 Oct 2026 12:30 pm

लखनऊ: स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदान शुरू, तेलीबाग के सेंट फ्रांसिस मिशन स्कूल बना केंद्र

लखनऊ: स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदान शुरू, तेलीबाग के सेंट फ्रांसिस मिशन स्कूल बना केंद्र

अमर उजाला 23 Oct 2026 10:07 am

बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में पीयूष गोयल ने यूरोपीय देशों को उनके सामने ही धो डाला, कार्बन उत्सर्जन का आंकड़ा देकर बोलती बंद कर दी

Piyush Goyal Video: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को कहा कि यूरोपीय संघ (EU) अपने इस्पात उत्पादों पर कार्बन टैक्स लगाकर अपने लिए मुसीबत मोल ले रहा है। बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ लगातार नए नियम और प्रतिबंध लागू करके तथा अपनी सीमाएं बंद करके खुद अपनी आर्थिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि मुक्त व्यापार ने यूरोपीय देशों को विकसित अर्थव्यवस्थाएं बनने में मदद की थी। उनके मुताबिक, अत्यधिक नियमों और प्रतिबंधों के कारण यूरोपीय उद्योगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इससे स्टील, एल्युमीनियम और सीमेंट जैसी जरूरी निर्माण सामग्री महंगी हो सकती है, जिसका असर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से लेकर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।गोयल ने कहा, आप अपने ऊपर कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) लागू करते हैं। अपने देश में इस्पात के आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाते हैं। आप अपने लिए मुसीबत मोल ले रहे हैं। इससे आपकी जीवन-यापन की लागत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नियमों के इस पूरे ढांचे के जरिए यूरोपीय संघ अपने लिए आर्टिफिशियल बाधाएं खड़ी कर रहा है। वह यूरोप के भीतर सीमाएं बनाने और कुछ क्षेत्रों, खासकर इस्पात उद्योग, की रक्षा के लिए कई बार बेतुके मानक और सुरक्षा स्तर लागू करने की कोशिश कर रहा है। इससे अंततः उसकी अपनी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा।'यूरोपीय संघ में 75 से 77 नियम हैं'गोयल ने इस दौरान यह भी कहा, आगे की स्थिति की कल्पना कीजिए। बंदरगाह, हवाई अड्डे, जर्मनी के ऑटोबान (तेज रफ्तार राजमार्ग), एक्सप्रेसवे, बिजली-पानी की सेवाएं और जलापूर्ति की पाइपलाइन समेत हर तरह के बुनियादी ढांचे के निर्माण में महंगे इस्पात, एल्युमीनियम और सीमेंट का इस्तेमाल होगा। इसके ऊपर सीबीएएम और वनों की कटाई से जुड़े नियमों की लागत भी जुड़ेगी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ में 75 से 77 नियम हैं।गोयल ने कहा, हमने इनकी गिनती भी छोड़ दी है। आप लगातार नए नियम जोड़ रहे हैं। अपने उद्योगों पर बोझ बढ़ा रहे हैं और उन्हें प्रतिस्पर्धा के लिहाज से कमजोर बना रहे हैं। इससे दूसरे देशों के लिए भी आपके साथ व्यापार करने में गैर-शुल्क बाधाएं पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब पारस्परिकता के सिद्धांत पर काम कर रही है।'आपके कारोबार को नुकसान पहुंचाने वाले...'गोयल ने कहा, मैं यह नहीं कह रहा हूं, बल्कि मुझसे कहीं बड़े नेता भी यह बात कह रहे हैं। इस पारस्परिक दुनिया में यदि आप कोई नियम लागू करके किसी दूसरे देश के साथ काम करने में बाधा डालते हैं, तो वह देश भी आपके कारोबार को नुकसान पहुंचाने वाले दो नियम लागू कर सकता है। उन्होंने कहा कि अंततः यूरोप में जीवन-यापन की लागत बढ़ेगी, कारोबार की प्रतिस्पर्धी क्षमता घटेगी और महंगाई बढ़ेगी।भारत ने CBAM पर क्यों जताई चिंता?यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म यानी CBAM आयातित वस्तुओं के उत्पादन से जुड़े कार्बन उत्सर्जन को ध्यान में रखता है। इसका उद्देश्य यूरोपीय बाजार में आने वाले उत्पादों के कार्बन उत्सर्जन की लागत को यूरोप में उत्पादित वस्तुओं के अनुरूप लाना और कार्बन-गहन उत्पादन को हतोत्साहित करना है। हालांकि, भारत को चिंता है कि इस व्यवस्था से उसके स्टील, एल्युमीनियम और सीमेंट जैसे उत्पादों के यूरोपीय बाजार में निर्यात पर अतिरिक्त लागत पड़ सकती है।गोयल ने कहा कि ऐसे नियम भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ के एंटी-डिफॉरेस्टेशन रेगुलेशन (EUDR) का भी उल्लेख किया। यह नियम कुछ वस्तुओं और उनसे जुड़ी सप्लाई चेन पर वनों की कटाई से संबंधित शर्तें लागू करता है। भारतीय पक्ष की चिंता है कि ऐसे नियम रबर उत्पादकों और निर्यातकों समेत कई क्षेत्रों के लिए यूरोपीय बाजार तक पहुंचना अधिक कठिन बना सकते हैं।'कार्बन उत्सर्जन में भारत का योगदान केवल 3 से 3.5 प्रतिशत'गोयल ने जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन के मुद्दे पर विकसित देशों की जिम्मेदारी का सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की लगभग 17 प्रतिशत आबादी का घर है। लेकिन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उसका योगदान करीब 3 से 3.5 प्रतिशत है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देशों की तुलना में भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन काफी कम है। उनके मुताबिक, भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है और अपने स्टील उद्योग को भी पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रहा है।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, आखिर इस पूरी गड़बड़ी का जिम्मेदार कौन है? ओजोन लेयर को नुकसान किसने पहुंचाया? हवा में इतना कार्बन किसने भरा? उन्होंने कहा, दुनिया की 17% आबादी भारत में रहती है, लेकिन ग्लोबल कार्बन एमिशन में हमारा हिस्सा 3% से भी कम है। दूसरी तरफ, यूरोप की आबादी दुनिया की सिर्फ 3-4% है। लेकिन कार्बन एमिशन में उसका योगदान बहुत ज्यादा है। सीधी बात है, यह समस्या आपने पैदा की है। आज भी भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन एमिशन यूरोप के मुकाबले 10-15% से भी कम है। पर्यावरण पर यूरोप का प्रति व्यक्ति असर भारत से करीब 7-8 गुना ज्यादा है।गोयल ने विकसित देशों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने पहले अपने आर्थिक विकास के लिए कम लागत वाली ऊर्जा का इस्तेमाल किया। लेकिन अब विकासशील देशों पर पर्यावरण संबंधी नियमों का अधिक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित देशों ने विकासशील और कम विकसित देशों को जलवायु वित्त और तकनीक हस्तांतरण के जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने की जरूरत है।CBAM पर भारत का मुख्य एतराज क्या है?भारत की प्रमुख आपत्ति यह है कि कार्बन टैक्स जैसी नीतियां विकासशील देशों की आर्थिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों को पर्याप्त महत्व नहीं देतीं। गोयल ने कहा कि CBAM जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निर्धारित 'साझा लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों' के सिद्धांत को मान्यता नहीं देता। इस सिद्धांत के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन से निपटने की जिम्मेदारी सभी देशों की है।ये भी पढ़ें- ECI Row: चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू और विवेक जोशी की शिकायतों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? RTI के जवाब में हुआ बड़ा खुलासालेकिन उनकी ऐतिहासिक भूमिका, आर्थिक क्षमता और विकास संबंधी जरूरतों के आधार पर जिम्मेदारियों में अंतर होना चाहिए। भारत का तर्क है कि विकसित देशों ने अपने औद्योगिक विकास के दौरान बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन किया है। ऐसे में विकासशील देशों पर समान प्रकार की लागत या नियम लागू करने से उनके उद्योगों और आर्थिक विकास पर असमान असर पड़ सकता है। India is conscious of and committed to its role in climate action. https://t.co/ONx3nB0ik8— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 22, 2026

ज़ी न्यूज़ 23 Oct 2026 9:38 am

100 अरब देने का वादा था, फूटी कौड़ी तक नहीं दी; गरीब देशों के लिए यूरोप से भिड़ गया भारत

पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में विकसित देशों से जलवायु वित्त पर सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को हर साल 100 अरब डॉलर की मदद देने का वादा किया गया था, लेकिन 11 साल बाद भी एक पैसा नहीं मिला।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Oct 2026 9:22 am

Defence Export: यूरोप और इजराइल तक पहुंचा भारत का गोला-बारूद, हथियारों की सप्लाई में तेजी से बढ़ी हिस्सेदारी

Defence Export: यूरोप और इजराइल तक पहुंचा भारत का गोला-बारूद, हथियारों की सप्लाई में तेजी से बढ़ी हिस्सेदारी

समाचार नामा 23 Oct 2026 9:10 am

फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसानी संक्रमण का पहला मामला, डब्ल्यूएचओ ने दी जानकारी

New Delhi, 23 अक्टूबर . विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर देर रात पोस्ट कर बताया कि फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसानी बीमारी…

डेली किरण 23 Oct 2026 8:58 am

‘रूस को रणनीतिक रूप से नहीं हरा सकते’: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यूरोप को दो टूक संदेश; यूक्रेन पर क्या बोले?

‘रूस को रणनीतिक रूप से नहीं हरा सकते’: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यूरोप को दो टूक संदेश; यूक्रेन पर क्या बोले?Vladimir Putin On europe russia ukraine peace talks

अमर उजाला 23 Oct 2026 7:16 am

‘ये गड़बड़ी आपने की, जिम्मेदार भारत को ठहराते हैं’, यूरोप को उसी के घर में सुना आए पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने बर्लिन में कार्बन उत्सर्जन को लेकर यूरोप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया की 17% आबादी वाले भारत का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में योगदान 3% से कम है।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Oct 2026 7:00 am

एक्सप्लेनर: कौन हैं नेविल रॉय सिंघम, क्या भारत से लेकर फ्रांस तक में हो रहे प्रदर्शनों की आग में डाल रहे घी?

एक्सप्लेनर: कौन हैं नेविल रॉय सिंघम, क्या भारत से लेकर फ्रांस तक में हो रहे प्रदर्शनों की आग में डाल रहे घी?

अमर उजाला 23 Oct 2026 6:35 am

फ्रांस से आए सैलानियों ने विद्यार्थियों से की सार्थक चर्चा व साझा किए अनुभव

फ्रांस से आए विदेशी सैलानी केविन और उनके परिवार के सदस्यों ने स्कूली बच्चों से रूबरू होकर संवाद किया। द नारायण स्कूल में विद्यार्थियों द्वारा विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया। इसके बाद विदेशी मेहमानों ने विद्यालय के छात्र छात्राओं से संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए। बच्चों को फ्रांस की संस्कृति, सामाजिक परंपराओं, जीवनशैली और शिक्षा प्रणाली को करीब से जानने का अवसर मिला। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल कक्षाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर की संस्कृतियों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। इस तरह के प्रेरणादायक संवाद से बच्चों में विविधता को अपनाने, विभिन्न परंपराओं का सम्मान करने और जागरूक वैश्विक नागरिक बनने की भावना विकसित होती है। विद्यालय परिवार ने केविन और उनके परिवार का आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 23 Oct 2026 5:30 am

VIDEO: सर्बिया की राजधानी पर छात्रों का उतरा हुजूम, यूरोपीय संघ ने जताई चिंता

विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगर चुनाव के नतीजे बहुत करीबी रहे, तो स्थिति अनिश्चित हो सकती है. अगर रविवार को मतदान खत्म होने के बाद दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा करते हैं, तो चुनाव के बाद अस्थिरता पैदा होने का खतरा है.

NDTV इंडिया 23 Oct 2026 12:10 am

फ्रांस में ‘अवैध’ प्रदर्शनों पर रोक लगाने की तैयारी में मैक्रों, खुद बताया-किन्हें मिलेगी अनुमति

फ्रांस के मुख्य छात्र संगठन, UNEF ने भी शनिवार को रैलियां निकालने का आह्वान किया है. फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की आशंका को देखते हुए मध्य पेरिस और अन्य शहरों में कारोबारियों ने अपनी दुकानों की खिड़कियों को ढकना और निजी सुरक्षाकर्मियों को काम पर रखना शुरू कर दिया है.

NDTV इंडिया 22 Oct 2026 11:21 pm

हूतियों पर सख्ती के पक्ष में यूरोपीय संसद, आतंकी संगठन घोषित करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित

यूरोपीय संसद ने यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने की मांग की है। प्रस्ताव में ईरान पर हूतियों को हथियार, ड्रोन तकनीक, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों को […] The post हूतियों पर सख्ती के पक्ष में यूरोपीय संसद, आतंकी संगठन घोषित करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 22 Oct 2026 9:02 pm

आतंकवाद पर Pakistan और European Union के बीच इस्लामाबाद में 10वें दौर की वार्ता

(सज्जाद हुसैन)इस्लामाबाद, 22 अक्टूबर पाकिस्तान और यूरोपीय संघ (ईयू) ने सभी तरह के आतंकवाद की निंदा की और आतंकवाद से निपटने को लेकर एक समन्वित रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह सहमति इस्लामाबाद में पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के बीच आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर हुई 10वें दौर की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बनी। पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आतंकवाद निरोधक विभाग की महानिदेशक फरीहा बुगती ने किया जबकि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई यूरोपीय संघ की विदेश कार्रवाई सेवा की आतंकवाद निरोधक विशेष दूत एना स्ट्रजास्का ने की। दोनों पक्षों ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद के खतरे से जुड़ी स्थिति को प्रभावित करने वाले हालिया क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट रूप से निंदा की। उन्होंने इस खतरे से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। विदेश कार्यालय ने बताया कि यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान में हाल में हुए आतंकवादी हमलों की निंदा की, इससे प्रभावित निर्दोष नागरिकों की पीड़ा के प्रति एकजुटता जताई और आतंकवाद से निपटने के पाकिस्तान के प्रयासों के महत्व को स्वीकार किया। संघ ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जारी वैश्विक लड़ाई में एक-दूसरे की भूमिका को स्वीकार करते हुए पाकिस्तान और यूरोपीय संघ ने अफगानिस्तान की स्थिति के सुरक्षा संबंधी प्रभावों पर चिंता जताई।”पाकिस्तान और यूरोपीय संघ ने आतंकवाद से निपटने को लेकर समन्वित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने कहा कि आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी सहमति बनाने के लिए प्रभावी बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक है। वार्ता के दौरान आतंकवादी खतरों के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा हुई।

प्रभासाक्षी 22 Oct 2026 8:13 pm

भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर

एस जयशंकर ने कहा कि प्रदर्शन तो फ्रांस में भी हो रहे हैं, लेकिन और भारत और यूरोपीय देश के मामले में यूएन का दोहरा रवैया देखने को मिला है.

NDTV इंडिया 22 Oct 2026 7:46 pm

अमेरिका और यूरोप के बाद अफ्रीका में भी भारत ने बिछाया 'निर्यात का जाल', पड़ोसी चीन को दे रहा कड़ी टक्कर!

भारत अब अमेरिका और यूरोप के बजाय अफ्रीका और आसियान देशों में अपना निर्यात तेजी से बढ़ा रहा है। अफ्रीका में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देते हुए, भारत ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और मिस्र जैसे देशों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

जागरण 22 Oct 2026 7:30 pm

चित्तौड़गढ़ के यूरोपीय इंटरनेशनल स्कूल में स्वच्छता-सतर्कता की शपथ के साथ हुआ पौधारोपण

यूरोपीय इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्रों को स्वच्छता व सतर्कता की शपथ दिलाई गई और पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण किया गया।

प्रातःकाल 22 Oct 2026 7:10 pm

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों पर मैक्रों का बड़ा एक्शन, अवैध मार्च पर लगेगा बैन!

फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अवैध प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण मार्च के लिए वैकल्पिक रास्ते सुझाए जाएंगे, जबकि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल देश में चल रहे प्रदर्शनों पर बात करते हुए मैक्रों ने कहा कि हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.

आज तक 22 Oct 2026 6:14 pm

फ्रांस : संगठित 'अल्ट्रा-लेफ्ट' कर रहे हिंसक प्रदर्शन

पेरिस, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने गल्फ दौरे से लौटकर मंत्रियों और सिक्योरिटी काउंसिल के साथ बैठक की। इसमें फ्रांसीसी शहरों की सड़कों पर होने वाली अप्रिय घटनाओं को कैसे रोका जाए इसे लेकर मंथन हुआ। बैठक में 'अल्ट्रा-लेफ्ट' (कट्टर वामपंथी) समूहों की 'हरकतों' को राष्ट्रविरोधी मानते हुए निंदा की गई। साथ ही मैक्रों ने संकेत दिया कि भविष्य में वो ट्रेड यूनियनों के अलावा किसी और को प्रदर्शन न करने देने पर विचार कर रहे हैं।

देशबन्धु 22 Oct 2026 4:56 pm

फ्रांस में संगठित 'अल्ट्रा-लेफ्ट' कर रहे हिंसक प्रदर्शन, ये देशद्रोह: मैक्रों

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने गल्फ दौरे से लौटकर मंत्रियों और सिक्योरिटी काउंसिल के साथ बैठक की।

खास खबर 22 Oct 2026 4:51 pm

फ्रांस में संगठित ‘अल्ट्रा-लेफ्ट’ कर रहे हिंसक प्रदर्शन, ये देशद्रोह: मैक्रों

पेरिस, 22 अक्टूबर . फ्रांसीसी President मैक्रों ने गल्फ दौरे से लौटकर मंत्रियों और सिक्योरिटी काउंसिल के साथ बैठक की. इसमें फ्रांसीसी शहरों की सड़कों पर होने वाली…

डेली किरण 22 Oct 2026 4:48 pm

फ्रांस में संगठित 'अल्ट्रा-लेफ्ट' कर रहे हिंसक प्रदर्शन, ये देशद्रोह: मैक्रों

फ्रांस में संगठित 'अल्ट्रा-लेफ्ट' कर रहे हिंसक प्रदर्शन, ये देशद्रोह: मैक्रों

समाचार नामा 22 Oct 2026 4:45 pm

सई एम. मांजरेकर यूरोप रवाना, नई फिल्म में दिखेगा रोमांटिक ड्रामा का अंदाज

सई एम. मांजरेकर एक नए प्रोजेक्ट के लिए यूरोप पहुंची हैं। एस्टोनिया में फिल्मांकन की चर्चा के बीच उनकी आगामी फिल्म को रोमांटिक ड्रामा बताया जा रहा है। फिल्म की कहानी, कलाकारों और सई की भूमिका से जुड़े विवरणों का खुलासा अभी बाकी है।

प्रातःकाल 22 Oct 2026 3:14 pm

France-US: फ्रांस में हिंसा की खबरों पर ट्रंप ने दी नसीहत तो भड़के मैक्रों, हमारे देश को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाएं

इंटरनेट डेस्क। फ्रांस में इस समय विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और इस बीच कही कही हिंसा की खबरें भी सुनने को मिल रही है। ऐसे में देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का एक बयान सामने आया है, उन्होंने फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने वाले विदेशी नेताओं पर हमला बोला है। उन्होंने खासतौर पर अमेरिका पर फ्रांस की हालात का फायदा उठाने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो फ्रांस में आसमान छूती महंगाई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों ने कई जगहों पर हिंसक रूप ले लिया है, जिसके चलते देश के कई शहरों में तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले सामने आए हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस अशांति के लिए मुस्लिम प्रवासी जिम्मेदार हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए मैक्रों को नसीहत दी थी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, अपनी सीमाएं बंद करो और स्थिति पर नियंत्रण पालो! इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप के इन बयानों पर प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि पिछले वीकेंड पर पेरिस और दूसरे फ्रांसीसी शहरों में हुई लूटपाट के बाद से बड़े पैमाने पर विदेशी स्तर पर सूचनाओं का हेरफेर किया गया है। इस पर तंज कसते हुए मैक्रों ने कहा, फ्रांस के बारे में फैलाए जा रहे झूठे नैरेटिव को बढ़ावा देते हैं, तो साफ है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदों के लिए हमारे देश का इस्तेमाल कर रहे हैं, हमें इस सबकी बिल्कुल जरूरत नहीं है। pc- india tv hindi

राजस्थान खबरे 22 Oct 2026 2:43 pm

थाईलैंड और मलेशिया ने अपने नागरिकों को कुछ यूरोपीय देश न जाने की दी सलाह

बैंकॉक/कुआलालंपुर, 22 अक्टूबर . थाईलैंड और मलेशिया ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वो यूरोप के उन देशों में जाने से बचें जहां विरोध प्रदर्शन जारी…

डेली किरण 22 Oct 2026 2:38 pm

फ्रांस में कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी- सतर्क रहें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें

नई दिल्ली। फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों और कई शहरों में कर्फ्यू के बीच भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही फ्रांस की यात्रा करने की तैयारी कर रहे लोगों को भीसावधानी बरतने […]

पांचजन्य 22 Oct 2026 12:52 pm

फ्रांस में सिर्फ वोट देकर नहीं विरोध प्रदर्शन से बनते हैं नागरिक

फ्रांस के इतिहास, संस्कृति और संविधान का हिस्सा है विरोध प्रदर्शन.

देशबन्धु 22 Oct 2026 12:17 pm

'बेवकूफाना और अस्वीकार्य...': फ्रांस हिंसा पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों पर भड़के इमैनुएल मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप, नेतन्याहू समेत विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को 'अस्वीकार्य' और 'बेवकूफाना' बताया। इन नेताओं ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए कथित तौर पर प्रवासियों को जिम्मेदार ...

वेब दुनिया 22 Oct 2026 12:03 pm

फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों के कथित कनेक्शन का खुलासा, 101 संगठनों और चीन से फंडिंग पर रिपोर्ट का दावा

फ्रांस में हुए प्रदर्शनों और भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। फॉक्स न्यूज डिजिटल की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नौ देशों में फैले 101 संगठनों का एक नेटवर्क अलग-अलग देशों में […] The post फ्रांस से भारत तक प्रदर्शनों के कथित कनेक्शन का खुलासा, 101 संगठनों और चीन से फंडिंग पर रिपोर्ट का दावा first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 22 Oct 2026 11:48 am

फ्रांस में कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की सलाह: कहा- सतर्क रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें; बवाल क्यों?

फ्रांस में कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की सलाह: कहा- सतर्क रहें, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें; बवाल क्यों?

अमर उजाला 22 Oct 2026 11:32 am

फ्रांस में भड़का भारी उपद्रव: भारतीय दूतावास ने जारी की सख्त एडवाइजरी, पेरिस जाने वाले इन बातों का रखें ध्यान

फ्रांस में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और कई इलाकों में लगाए गए कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए ए

वन इंडिया 22 Oct 2026 11:03 am

'लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं', व‍िदेशी नेताओं की ट‍िप्‍पणी पर मैक्रों भड़के

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ विदेशी नेता फ्रांस में हाल के तनावपूर्ण माहौल का अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

खास खबर 22 Oct 2026 10:27 am

‘लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं’, व‍िदेशी नेताओं की ट‍िप्‍पणी पर मैक्रों भड़के

पेरिस, 22 अक्टूबर . फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों ने आरोप लगाया है कि कुछ विदेशी नेता फ्रांस में हाल के तनावपूर्ण माहौल का अपने Political फायदे के…

डेली किरण 22 Oct 2026 10:08 am

'लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं', व‍िदेशी नेताओं की ट‍िप्‍पणी पर मैक्रों भड़के

'लोग राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस का इस्तेमाल कर रहे हैं', विदेशी नेताओं की टिप्पणी पर मैक्रों भड़के

समाचार नामा 22 Oct 2026 10:01 am

Viral Slogan: फ्रांस के Gen-Z प्रदर्शनों में क्यों गूंज रहा ‘बिस्मिल्लाह, से ले तेनैब्रे’? जानें इसका मतलब

Viral Slogan: फ्रांस के Gen-Z प्रदर्शनों में क्यों गूंज रहा ‘बिस्मिल्लाह, से ले तेनैब्रे’? जानें इसका मतलब

समाचार नामा 22 Oct 2026 9:00 am

मैक्रों का ट्रंप-नेतन्याहू पर निशाना: बोले- फ्रांस के खिलाफ अभियान चला रहे विदेशी नेता; क्या है पूरा विवाद?

मैक्रों का ट्रंप-नेतन्याहू पर निशाना: बोले- फ्रांस के खिलाफ अभियान चला रहे विदेशी नेता; क्या है पूरा विवाद?

अमर उजाला 22 Oct 2026 8:33 am

फ्रांस दंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का एक ही पैटर्न, दोनों को सिंघम दे रहे फंड?

फॉक्स की रिपोर्ट अनुसार, नौ देशों में 101 ऐसे संगठनों की पहचान की गई है जो एक रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम का हिस्सा है। यानी कि इस्लामी और कम्युनिस्ट समूहों का हिस्सा हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Oct 2026 8:24 am

फ्रांस में भयंकर गदर देख भारत भी अलर्ट, अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी

महंगाई समेत कई मुद्दों को लेकर फ्रांस में भयंकर बवाल जारी है। इसकी आग यूरोप के कई शहरों तक पहुंच चुकी है। अब भारत सरकार ने इसे लेकर अपने नागरिकों से अलर्ट रहने के लिए कहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Oct 2026 7:54 am

'सावधान रहें, हिंसा वाली जगहों से दूर रहें', फ्रांस में प्रदर्शन के बीच भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा एवं सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। फ्रांस में रह रहे और वहां यात्रा करने वाले भारतीयों को सतर्क रहने व हिंसा वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

खबर इंडिया टीवी 22 Oct 2026 6:30 am

फ्रांस से समुद्री मार्ग से मुंबई पोर्ट पहुंचेंगे पुर्जे:मप्र सरकार को नवंबर के आखिर में मिलेगा 225 करोड़ का नया हाईटेक हेलीकॉप्टर

मप्र सरकार के नए हाईटेक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी नवंबर माह के आखिर तक होने की संभावना है। फ्रांस की एयरबस कंपनी से खरीदे जा रहे एसीएच160 हेलीकॉप्टर को लेकर विमानन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, डिलीवरी की तारीख अभी तय नहीं हुई है। विमानन विभाग के सूत्रों के मुताबिक हेलीकॉप्टर फ्रांस से उड़कर सीधे भारत नहीं आएगा। इसकी दूरी अधिक होने के कारण कंपनी इसे अलग-अलग पुर्जों के रूप में समुद्री मार्ग से मुंबई पोर्ट तक पहुंचाएगी। वहां से पुर्जों को भारत में मौजूद एयरबस की किसी फाइनल असेंबली लाइन भेजा जाएगा। इनमें वडोदरा, बेंगलुरू या नोएडा को चुना जा सकता है, जहां हेलीकॉप्टर को असेंबल किया जाएगा। इसके बाद तैयार हेलीकॉप्टर को उड़ाकर भोपाल लाया जाएगा। डिलीवरी से पहले कंपनी इसका फ्लाइट टेस्ट करेगी, ताकि सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रदर्शन की जांच की जा सके। नए हेलीकॉप्टर के लिए दो पायलट फ्रांस में प्रशिक्षण ले चुके हैं। राज्य सरकार ने आदर्श राय और संजय श्रीवास्तव को फ्रांस में एसीएच160 उड़ाने का प्रशिक्षण दिलाया है। दोनों पायलट सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर की डिलीवरी स्वीकार करने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। 9 सीटर होगा... नए हेलीकॉप्टर में 2 क्रू मेंबर के अलावा 9 यात्री बैठेंगे। टेकऑफ भार क्षमता 6050 किलो और स्लिंग लोड 1600 किलो होगा। 2011 में खरीदे ईसी155 बी1 में 6 यात्री और 2 क्रू मेंबर बैठते हैं। इसकी टेकऑफ भार क्षमता 4920 किलो है। मूल कीमत करीब 125 करोड़, लेकिन टैक्स और इंटीरियर के कारण 225 होगी लागत... एयरबस एसीएच 160, एयरबस एच160 हेलीकॉप्टर का कॉर्पोरेट और प्राइवेट कैटेगरी की फ्लीट है। इसमें दो इंजन हैं और इसे वीआईपी यात्राओं के लिए विशेष इंटीरियर के साथ तैयार किया जा सकता है। मप्र सरकार ने मुख्यमंत्री की सरकारी यात्राओं और राज्य में वीवीआईपी दौरे से जुड़ी जरूरतों के अनुसार इसका इंटीरियर डिजाइन कराया है। सरकार से अनुबंध के मुताबिक हेलीकॉप्टर की मूल कीमत करीब 125 करोड़ रुपए है। लेकिन इस पर करीब 35 प्रतिशत टैक्स (आईजीएसटी, आयात शुल्क, डीजीसीए शुल्क आदि) चुकाना पड़ेगा, जो करीब 78.75 करोड़ रुपए बैठता है। इसके अलावा करीब 20 करोड़ रुपए इसके कस्टमाइजेशन, इंटीरियर पर खर्च होने का अनुमान है। इस तरह इसकी कुल लागत 225 करोड़ पहुंच सकती है।

दैनिक भास्कर 22 Oct 2026 5:46 am

फ्रांस में 'बिस्मिल्लाह, से ले तेनब्र' नारे पर विवाद: मुस्लिम प्रवासियों पर बहस; आरोपों पर मैक्रों का पलटवार

फ्रांस में 'बिस्मिल्लाह, से ले तेनब्र' नारे पर विवाद: मुस्लिम प्रवासियों पर बहस; आरोपों पर मैक्रों का पलटवार--France Protest Slogan Controversy: Macron Hits Back at Trump and Netanyahu

अमर उजाला 22 Oct 2026 5:27 am

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे और यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से बचने की अपील की है. वहीं, फ्रांस में हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नाराजगी जताई.

आज तक 22 Oct 2026 5:20 am

भारत ने फ्रांस में भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच सतर्क रहने की अपील

पेरिस, 21 अक्टूबर . फ्रांस में भारतीय दूतावास ने Wednesday को यात्रा और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अपने नागरिकों और पश्चिमी यूरोपीय देश की यात्रा करने…

डेली किरण 21 Oct 2026 11:53 pm

नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हो रही- फ्रांस चरमपंथी इस्लाम के सामने झुक रहा है!

विश्व के लिए इस्लामी चरमपंथ और जिहाद का खतरा कम नहीं हुआ है, दिनों दिन यह बढ़ता जा रहा है, भारत भी इससे लगातार लड़ रहा है । हमास, आईएसआईएस और उनके समर्थक अभी भी सक्रिय हैं। The post नेतन्याहू की चेतावनी सही साबित हो रही- फ्रांस चरमपंथी इस्लाम के सामने झुक रहा है! appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 21 Oct 2026 11:41 pm

खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? अमेरिका और कीव से बातचीत को तैयार पुतिन

क्रेमलिन ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और यूक्रेन के साथ तीन-तरफा बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 11:00 pm

फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया के बाद अब ग्रीस में जोरदार प्रदर्शन, एथेंस में निकला सबसे बड़ा मार्च; जानें वजह

यूरोप के फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया के बाद अब ग्रीस में बड़े प्रदर्शन होने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सबसे बड़ा जुलूस एथेंस में निकाला। जानें इसके पीछे की वजह क्या है।

खबर इंडिया टीवी 21 Oct 2026 10:57 pm

यूरोप में भड़का जन आक्रोश, पुलिस-जनता के बीच झड़पों से हालात गंभीर

यूरोप के कई देश महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के चलते भीषण आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं. अल्बानिया, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पेरिस में हिंसा के चलते कर्फ्यू लागू है, जबकि अल्बानिया में पीएम के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. इटली ने दंगा रोधी सख्त कानून बनाए हैं और पुर्तगाल में लोग आवास संकट के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.

आज तक 21 Oct 2026 8:30 pm

शशि थरूर का किरेन रिजिजू को जवाब, वीडियो में बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; हम सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करते हैं

शशि थरूर का किरेन रिजिजू को जवाब, वीडियो में बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; हम सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में विश्वास करते हैं

समाचार नामा 21 Oct 2026 7:10 pm

छात्र आंदोलनों की चपेट में यूरोप, फ्रांस में हिंसा जारी, इटली-अल्बान‍िया में भी बिगड़े हालात

अल्बानिया में 7 दिनों से छात्रों की अगुआई में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. भ्रष्टाचार बेरोजगारी और शिक्षा की बिगडी हालत पर हजारों नौजवान सड़कों पर हैं. वो प्रधानमंत्री एजी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं लेकिन पीएम ने पद से हटने से इंकार कर दिया है. उधर शिक्षा और महंगाई के सवाल पर पूरे फ्रांस में भी हिंसा का दौर जारी है. पेरिस, मार्सेई, लियोन और बोर्डो सहित कई शहरों में लूटपाट, आगजनी और पुलिस के साथ झड़पों की खबरें आईं.

आज तक 21 Oct 2026 7:07 pm

योगी सरकार की नीतियों से प्रभावित फ्रांसीसी कंपनियों ने दिखाई रुचि, मक्का आधारित उद्योगों में निवेश करेगी रॉकेट

फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय कंपनी रॉकेट ने उत्तर प्रदेश में मक्का आधारित उद्योगों में निवेश की सहमति दी है, जबकि एडेइस ने भी औद्योगिक परियोजनाओं में रुचि दिखाई है। यह निवेश योगी सरकार की अनुकूल नीतियों और कृषि उत्पादों की उपलब्धता से आकर्षित होकर हुआ है, जिससे कृषि और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

जागरण 21 Oct 2026 6:55 pm

ट्रंप की नसीहत पर भड़के मैक्रों, कहा- फ्रांस को राजनीति का मोहरा न बनाएं

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विदेशी नेताओं, खासकर अमेरिका पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया है. उन्होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की और सभी विदेशी नेताओं को सलाह दी कि वो फ्रांस का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक फायदे के लिए न करें.

आज तक 21 Oct 2026 6:37 pm

भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लेकर दिल्ली प्रदूषण तक, अभिषेक दत्त ने केंद्र और रेखा सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एयरपोर्ट पर रोके जाने के दावे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों, दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों...

खास खबर 21 Oct 2026 6:25 pm

हिंसक आंदोलन की चपेट में यूरोप के कई देश, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली समेत कई मुद्दों पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है...फ्रांस में हालात पर काबू के लिए जहां राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू का दौर जारी है, वहीं इटली में दंगा रोधी कड़े नियम को मंजूरी दी गई है. देखें...

आज तक 21 Oct 2026 6:21 pm

मोहन भागवत का दावा- भारत में बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश, वीडियो में बोले- देश को दबाना चाहती हैं कुछ शक्तियां

मोहन भागवत का दावा- भारत में बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश, वीडियो में बोले- देश को दबाना चाहती हैं कुछ शक्तियां

समाचार नामा 21 Oct 2026 6:11 pm

फ्रांस : दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें

दोहा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया है कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनके देश में हुए दंगों का किसी धर्म विशेष से कोई लेना देना नहीं था। हाल ही में बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था।

देशबन्धु 21 Oct 2026 5:54 pm

फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें हमारे देश की थी ही नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों

फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें हमारे देश की थी ही नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों

समाचार नामा 21 Oct 2026 5:47 pm

यूरोप के कई देशों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, सड़कों पर उतरे लोग

यूरोप के विभिन्न देशों में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और खराब शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं. फ्रांस, अल्बानिया और पुर्तगाल जैसे देशों में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं. जीवन यापन की बढ़ती लागत और आर्थिक संकट ने आम जनता की परेशानियों को बढ़ा दिया है.

आज तक 21 Oct 2026 5:18 pm

फ्रांस जल रहा है, इसका फायदा किसे मिल रहा है? जानें पूरा वाकिया

फ्रांस में छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन महंगाई, खराब सेवाओं और हिंसक दंगों तक पहुंचा, जिसके बाद मरीन ले पेन ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को घेरा. चुनाव से छह महीने पहले यह अशांति ले पेन को कानून-व्यवस्था, प्रवासन और अर्थव्यवस्था पर अपना अभियान तेज करने का मौका दे रही है.

आज तक 21 Oct 2026 5:13 pm

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: शनिवार को भारी सुरक्षा तैनाती

पेरिस, 21 अक्टूबर 2026 | फ्रांस में हालिया हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू ने शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शनों के दौरान बड़े पैमाने पर पुलिस तैनाती की घोषणा की है। The post फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन: शनिवार को भारी सुरक्षा तैनाती appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 21 Oct 2026 3:53 pm

फ्रांस में महंगाई और अव्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे 'एवेंजर्स', कैप्टन अमेरिका और स्पाइडर-मैन ने मोर्चा संभाला

फ्रांस में बढ़ती महंगाई, लचर शिक्षा व्यवस्था से तंग आकर नागरिक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी बात यह है कि सड़कों पर कैप्टन अमेरिका, बैटमैन और स्पाइडर-मैन के कॉस्ट्यूम में लोग पुलिस के सामने डटे हुए नजर आए।

दैनिक जागरण 21 Oct 2026 2:59 pm

फ्रांस में मिराज 2000D फाइटर जेट क्रैश, एक पायलट की मौत

पूर्वी फ्रांस में मिराज 2000डी फाइटर जेट क्रैश हुआ है. एक पायलट की मौत हो गई है. एक शव बरामद हो गया है. दूसरे की तलाश जारी है. हादसे की जांच की जा रही है.

आज तक 21 Oct 2026 2:23 pm

फ्रांस हिंसा पर दिल्ली के छात्रनेता बोले- इसे जायज नहीं कह सकते, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और उपद्रव में फर्क जरूरी

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट पर दिल्ली के छात्र नेताओं ने चिंता जताई है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अराजकता के बीच अंतर बताते हुए ऐसी गतिविधियों को अनुचित ठहराया है।

जागरण 21 Oct 2026 12:33 pm

UN का डबल स्टैंडर्ड, फ्रांस प्रोटेस्ट पर जो लिखा वह भारत वाले मैसेज से अलग

भारत में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और फ्रांस समेत दुनिया के कई हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) के रुख पर सवाल उठाए जा रहे है. भारत के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई पर जहां UN ने चिंता जताई थी तो वहीं फ्रांस के प्रोटेस्ट पर उसने कहा कि आगे बढ़ने का सबसे अच्छा और एकमात्र रास्ता समावेशी और सुरक्षित बातचीत है.

आज तक 21 Oct 2026 12:32 pm

यूरोप में विरोध की आग: अल्बानिया में 8वें दिन भी हिंसा, इटली में सख्त कानून; फ्रांस के शहरों में कर्फ्यू

यूरोप के कई देशों में महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और आवास संकट के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अल्बानिया में आठवें दिन झड़पें, इटली में कड़े सुरक्षा कानून और फ्रांस में कर्फ्यू बढ़ाया गया।

देशबन्धु 21 Oct 2026 11:55 am

शुक्र मनाएं भारत में हैं! फ्रांस में आलू-टमाटर की सब्जी भी पड़ सकती है च‍िकन ज‍ितनी महंगी, जानिए कितना महंगा है घर चलाना

अगर आपको लग रहा है कि भारत में खाने-पीनी के चीजें महंगी हो रही है, तो एक बार फ्रांस के प्याज टमाटर का रेट जान लीजिए. शायद आप इसके बाद इस बात का शुक्र मनाएंगे कि आप भारत में रहते हैं. यहां जानते हैं इस बारे में-

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 11:51 am

फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार

फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार अधिकारियों के अनुसार, कई दिनों से चल रहे प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हिंसक प्रदर्शनों को काबू में लाने के लिए फ्रांस के कई शहरों […] The post फ्रांस के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शनों को रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया; 2,400 लोग गिरफ्तार appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 21 Oct 2026 11:09 am

पानीपत: पुराने कपड़ों से बने माल का होगा हिसाब, यूरोपीय खरीददार पूछेंगे धागे का प्रतिशत; डिजिटल रिकॉर्ड रखना जरूरी

पानीपत के कपड़ा उद्योग को अब अपने उत्पादों में इस्तेमाल हुए रिसाइकिल धागे का पूरा हिसाब रखना होगा। विदेशी खरीदार, खासकर यूरोपीय देशों से, तैयार कपड़े में रिसाइकिल और नए धागे की हिस्सेदारी जानना चाहते हैं।

जागरण 21 Oct 2026 8:12 am

दावा- CM मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे रोका:₹50,000 का चालान काटा, फ्रांस से लौटे थे; AAP बोली- केंद्र का अहंकार टूटना चाहिए

आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोका गया। AAP के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद अधिकारियों ने मान का 50 हजार रुपए का चालान भी काटा। अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से बहुत दबाव होने की बात कही। दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट कर कहा कि जैसे दशहरे पर रावण का घमंड खत्म हुआ था, वैसे ही केंद्र सरकार का अहंकार टूटना चाहिए। मान पेरिस में 17 से 21 अक्टूबर तक चल रहे अंतरराष्ट्रीय फूड ट्रेड एग्जीबिशन SIAL पेरिस 2026 में शामिल हुए थे। केंद्र के फैसले के खिलाफ मान को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फ्रांस दौरे की परमिशन दी थी। दावा- सामान लोड होने के बाद काटा चालान पंजाब AAP के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस घटना को केंद्र की ओर से मान की विदेश यात्राओं की अनुमति बार-बार रोकने से जोड़ा। उन्होंने X पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि अधिकारियों ने शुरू में सामान आने या जांच में देरी का हवाला दिया। जब मुख्यमंत्री मान का सामान उनकी गाड़ी में लोड होने वाला था और वे जाने वाले थे, तभी अधिकारियों ने यह कहते हुए चालान जारी कर दिया कि वे ऊपर से भारी दबाव में हैं। AAP का आरोप- मान को पेरिस में प्रोटोकॉल नहीं मिला AAP नेता बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मान पंजाब के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए पेरिस में आयोजित SIAL फूड ट्रेड एग्जिबिशन में शामिल हुए थे। पन्नू के मुताबिक, हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद पेरिस में भारतीय कॉन्सुल जनरल मान से मिलने नहीं आए। केंद्र ने मान को जाने से मना किया, कोर्ट ने परमिशन दी भारत के विदेश मंत्रालय ने भगवंत मान को कट्टरपंथी गुटों के खतरे के हवाला देते हुए चलते फ्रांस दौरे की इजाजत नहीं दी थी। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र के फैसले को चुनौती दी। तर्क दिया कि दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि राज्य के व्यावसायिक और कृषि हितों को बढ़ाने के लिए है। पंजाब हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी। केंद्र पर पंजाब के फंड रोकने का आरोप पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर पंजाब के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल तक रोके रखा, पंजाब की जायज रकम रोकी और मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की अनुमति कम से कम 4 बार नहीं दी। AAP नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र को डर है कि विदेश यात्राओं से पंजाब में निवेश आएगा। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब CM ने शाह से पूछा- 2007 से 2017 तक नशा बढ़ता रहा, तब पंजाब बचाने की याद क्यों नहीं आई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर सवाल उठाए। मान ने 2007 से 2017 तक अकाली दल के साथ रही सरकार, किसान आंदोलन, नशा तस्करी, गैंगस्टरों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए पूछा कि जब इन मामलों में कार्रवाई की जरूरत थी, तब केंद्र को पंजाब की याद क्यों नहीं आई। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 21 Oct 2026 7:52 am

जनाना ड्योढ़ी में गूंजेंगी मारवाड़, ईरान और यूरोप की वीरांगनाओं की दास्तानें

मेहरानगढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक प्राचीरों के बीच जोधपुर रिफ में इतिहास की उन वीरांगनाओं, संतों, कवयित्रियों और रानियों के नाम रहेगा, जिनकी आवाजें आवाजें सदियों के शोर में कहीं दब गईं। 22 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस 19वें संस्करण में 25 अक्टूबर की शाम जनाना कोर्टयार्ड में एक अनूठा अंतरराष्ट्रीय संगीत संगम द बुक ऑफ क्वींस (फारसी में मलकेह नामेह) साकार होगा। जोधपुर रिफ द्वारा यह प्रोजेक्ट भारत में पहली बार (इंडियन प्रीमियर) प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका सबसे खास पहलू यह है कि इस कॉन्सर्ट को विशेष रूप से मारवाड़ की महिलाओं और राजस्थान के इतिहास में उनके अप्रतिम योगदान को समर्पित किया गया है। कार्यक्रम मेहरानगढ़ दुर्ग के जनाना कोर्टयार्ड में होगा, जहां कभी रानियों और पटरानियों की मौजूदगी रहती थी। प्रोजेक्ट का कलात्मक नेतृत्व फारसी भाषी फ्रेंच ओपेरा गायिका कैमिली बोर्दे कर रही हैं। मूल रूप से यह यूरोप और ईरान के बीच महिला कला-संस्कृति का एक आख्यान था, लेकिन जोधपुर रिफ के साथ जुड़ते ही इसमें भारतीय शास्त्रीय और लोक परंपराओं को शामिल किया गया। अब यह तीन अलग-अलग संस्कृतियों—यूरोप के प्रारंभिक शास्त्रीय संगीत, ईरान की फ़ारसी परंपरा और भारत के आध्यात्मिक संगीत का अनूठा संगम बन चुका है। Cb breaking मीराबाई से लेकर हिल्डेगार्ड तक: 8 सदियों की महिला चेतना एक मंच पर द बुक ऑफ क्वींस में केवल संगीत नहीं, बल्कि मध्यकाल से लेकर आधुनिक युग तक की महिलाओं के प्रेम, भक्ति, विरह और स्वाभिमान की कहानियों को धुनों में पिरोया गया है। इसमें राजस्थान की भक्त शिरोमणि मीराबाई, कश्मीर की शैव संत ललद्यद (लाल देद) और कर्नाटक की अक्का महादेवी के पदों को फ़ारसी साहित्य की पहली महिला कवयित्री राबिया बल्खी, शाहनामा की योद्धा गोरदाफ़रीद, 12वीं सदी की जर्मन संत हिल्डेगार्ड ऑफ बिंगेन और इटली की संगीतकार बारबरा स्त्रोज़ी की रचनाओं के साथ आमने-सामने रखा गया है। खास जुगलबंदी: जब टकराएंगे थार का कमायचा और पर्शियन कमानचे इस प्रस्तुति में पूरब और पश्चिम के बेहद दुर्लभ पारंपरिक वाद्ययंत्र एक साथ सुर छेड़ेंगे। थार रेगिस्तान के युवा कमायचा वादक कोडे खान मांगणियार और प्रसिद्ध हिंदुस्तानी व सूफ़ी गायिका स्मिता बेल्लूर भारतीय सुरों का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं ईरान के प्राचीन वाद्य ‘’’’कमानचे’’’’ पर सईद कामजू, तार पर मरियम ताज़देह और ताल वाद्य तोम्बक व डफ पर कनाडाई-ईरानी ड्रमर हामिन होनारी संगत करेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Oct 2026 5:30 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:भागवत बोले- बांग्लादेश-फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश; ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हार सकते हैं; लखनऊ के शिवा हत्याकांड में मॉडल श्रद्धा गिरफ्तार

नमस्कार, RSS चीफ मोहन भागवत ने नागपुर में संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में संबोधित किया। नवंबर में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की स्थिति अच्छी नजर नहीं आ रही है। यूपी के लखनऊ में कारोबारी की हत्या मामले में फरार मॉडल नागपुर से अरेस्ट हुई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. रिलायंस जियो का आईपीओ ओपन होगा. कंपनी 27 करोड़ शेयर्स जारी कर 30000 करोड़ जुटाएगी। कल की बड़ी खबरें... 1. लखनऊ लिवइन पार्टनर मर्डर केस: आरोपी मॉडल श्रद्धा नागपुर से गिरफ्तार, STF ने बहन-ड्राइवर के साथ पकड़ा यूपी के लखनऊ में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्या की आरोपी लिवइन पार्टनर मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार हुई। श्रद्धा पर 50 हजार का इनाम था। वह 11 दिन से फरार थी। यूपी एसटीएफ ने उसकी बहन और ड्राइवर को भी अरेस्ट किया। दावा है कि घटना के बाद वह लखनऊ से सीतापुर होते हुए बहराइच के रास्ते नेपाल पहुंच गई थी। 18 अक्टूबर को नेपाल से वापस यूपी लौटी और ANI न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया था। 9 अक्टूबर को हुई थी संदिग्ध मौत कारोबारी शिवा शर्मा की लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई थी। श्रद्धा दुबे का दावाहै कि उसने शिवा की हत्या नहीं की है। शिवा उसकी आंखों के सामने बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदा था। पूरी खबर पढ़ें... 2. भागवत बोले- भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश: सत्ता बदलकर अपने पिट्ठू बैठाना चाहते हैं नागपुर संघ मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी उत्सव में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन कर हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। कुछ लोग भारत और हिंदू समाज को तोड़ना चाहते हैं और उन्हें ऐसे नेताओं का भी समर्थन मिलता है। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़, इजराइल के काउंसल जनरल यानिव रेवाच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें... 3. राजा भैया ने 500 हथियारों का जखीरा दिखाया, बोले- हाथी के दिखाने वाले दांत अलग होते हैं प्रतापगढ़ के कुंडा से बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने दशहरे पर हथियारों का जखीरा दिखाया। उन्होंने अपनी कोठी पर शस्त्र पूजन किया। राजा भैया धोती-कुर्ता और केसरिया साफा पहने 500 से ज्यादा देशी-विदेशी हथियारों की पूजा करते दिखे। पत्नी भानवी सिंह के आरोपों के बाद राजा भैया ने समर्थकों के साथ लगातार दूसरे साल लोगों के सामने दशहरे पर हथियारों का पूजन किया। इस मौके पर राजा भैया ने कहा- विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन अनादि काल से होता आया है। यहां मौजूद सभी लोग हमारा परिवार हैं। हम सभी धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित है। यह नहीं सोचिए कि इतने ही हथियार हैं। हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं, खाने वाले अलग होते हैं। पढ़ें पूरी खबर… 4. ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हार सकते हैं: 10 में से 9 सर्वे में पीछे, महंगाई-ईरान जंग से लोकप्रियता घटी, अपने ही उम्मीदवार दूरी बना रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लोकप्रियता में गिरावट आई है। 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले उनकी अप्रूवल रेटिंग 30% तक पहुंच गई है। 10 बड़े पब्लिक पोल में से सिर्फ 1 में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी आगे है। महंगाई, ईरान के साथ जंग और ट्रम्प की घटती लोकप्रियता के बीच पार्टी के लिए कांग्रेस में अपना बहुमत बचाना चुनौती बन गया है। क्या होता है मिडटर्म चुनाव मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति नहीं चुना जाता। इसमें अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट की सीटों के लिए वोटिंग होती है। दोनों सदनों में फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी को मामूली बहुमत है। अगर डेमोक्रेट्स जरूरी सीटें जीत लेते हैं, तो वे एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर सकते हैं। इससे ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को लागू करना मुश्किल हो सकता है। ट्रम्प की लोकप्रियता में गिरावट, 30% तक रेटिंग पहुंची पूरी खबर पढ़ें... 5. दावा- टाइगर नहीं थे असली टार्गेट, बड़े सेलिब्रिटी को निशाना बनाना चाहते थे शूटर्स; पहले रैकी की फि हमला एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमले मामले में खुलासा हुआ है कि टाइगर हमलावरों का मेन टारगेट नहीं थे। वह जुहू के किसी भी सेलिब्रिटी की हत्या की फिराक में थे। इसके लिए आरोपियों ने कई सेलिब्रिटी की रैकी की। जब जानकारी मिली की टाइगर रविवार को फुटबॉल खेलने आते हैं तो उनपर हमला करना तय किया गया था। बिहार के ऋतिक उर्फ रोशन (22) और हरियाणा के रेहान (18) व फूल सिंह (18) ने टाइगर की लोकेशन के लिए इंस्टाग्राम को भी फॉलो किया था। 8 अक्टूबर की शाम उन पर 5 राउंड फायरिंग हुई थी। टाइगर की सेहत में हुआ सुधार घटना के बाद टाइगर हाथ पर पट्टी और चेस्ट में ड्रेसिंग कराए नजर आए थे। गन पाउडर के कारण उनके हाथ पर असर हुआ था और कार की विंडशील्ड का टुकड़ा उनकी चेस्ट में लगा था। हालांकि अब उनकी सेहत में सुधार है। पूरी खबर पढ़ें... 6. पैरा एशियन गेम्स- भारत ने दूसरे दिन 24 मेडल जीते:डिस्कस थ्रो में तीनों मेडल अपने नाम किए; निषाद कुमार ने हाई जंप में गोल्ड जीता भारत ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन 24 मेडल जीते। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारत का दबदबा रहा। पुरुषों के डिस्कस थ्रो में भारतीय खिलाड़ियों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीते। निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीत। 200 मीटर और 400 मीटर रेस में सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी गोल्ड अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर जीतने के साथ 2028 लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। भारत को पहली बार स्टैंडिंग कैटेगरी में मेडल पैरा टेबल टेनिस में भारत ने कुल पांच ब्रॉन्ज मेडल जीते। रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने स्टैंडिंग कैटेगरी में एशियन पैरा गेम्स का मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के रूप में इतिहास बनाया। स्टैंडिंग कैटेगरी में खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: यूसुफ पठान को ₹20 करोड़ की जमीन ₹5.5 करोड़ में: इसको लेकर गुजरात सरकार से विवाद था; 4 महीने पहले TMC ममता गुट छोड़ा (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: BJP का दावा- राहुल गांधी वियतनाम गए: फ्लाइट का वीडियो पोस्ट कर लिखा- झूठ फैलाते-फैलाते थक गए; कांग्रेस बोली- दूसरे लोग भी विदेश जाते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे:सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: हरियाणा में देश का सबसे ऊंचा रावण जला: दिल्ली में 30 फीट के कॉकरोच का दहन; मोदी-प्रियंका ने तीर चलाकर रावण जलाया (पूरी खबर पढ़ें) 5. क्राइम: टाइगर श्रॉफ फायरिंग- शूटर रेहान के 2 दोस्त पकड़ाए: मां बोली- ₹2 लाख कमाने का ऑफर आया, तीनों ने हथियारों के साथ फोटो पोस्ट की थी (पूरी खबर पढ़ें) 6. एंटरटेंमेंट: अनूप जलोटा बोले- सलमान बिश्नोई समाज से माफी मांगें: टाइगर पर फायरिंग के बाद कहा- नहीं तो ये तकलीफें और लोगों को आती रहेंगी (पूरी खबर पढ़ें) 7. इंटरनेशनल: शेख हसीना बोलीं- सरकार गिरफ्तार या टॉर्चर कर सकती है: फिर भी दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी; 2024 में छात्र आंदोलन के बाद भारत आई थीं (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: शाह बोले- नशे के विरोध पर मारा जा रहा:दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी की बात, पंजाब में काले झंडे पर पीटते; कल CBI आएगी, इंसाफ मिलेगा (पूरी खबर पढ़ें) 9. कोलकाता भगदड़: अफवाह फैलाने वाले की तलाश जारी:पुलिस बोली- पंडाल गिरने के दावे का कोई सबूत नहीं मिला, भगदड़ में 19 जानें गईं थीं (पूरी खबर पढ़ें) 10. बिजनेस: भारत में त्यौहारों के बावजूद स्मार्टफोन की बिक्री 26% घटी:3.58 करोड़ फोन बिके, 10 साल में सबसे कम; वजह- महंगी चिप से दाम बढ़े (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... रोबोट चला रहे दुकानें हॉन्गकॉन्ग में तीन रोबोटिक दुकानें 24 घंटे खुली रहती हैं, जहां G1 ह्यूमनॉइड रोबोट ग्राहकों को ड्रिंक्स-स्नैक्स बेचते हैं। साथ ही कई भाषाओं में बातचीत और डांस करते हैं। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: ट्रम्प बोले- पेरिस मुस्लिम शहर बनने जा रहा; 9 यूरोपीय देशों में कैसे फैला अरब स्प्रिंग जैसा प्रोटेस्ट; क्या इसके पीछे विदेशी ताकतें 2. भास्कर एक्सक्लूसिव: CJP की घेराबंदी के लिए BJP का 6-पॉइंट का प्लान: इन्फ्लुएंसर्स और वकीलों की टीम तैयार, विदेशी फंडिंग पर भी नजर 3. जरूरत की खबर: क्या आप एसेंशियल ऑयल यूज करते हैं:तो न करें ये 10 गलतियां, डॉक्टर से जानें सही इस्तेमाल और 10 जरूरी सावधानियां 4. फिजिकल हेल्थ: स्टूल में ब्लड आए तो इग्नोर न करें:हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत, डॉक्टर से जानें हेल्दी पूपिंग के 12 रूल्स 5. मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर: ग्वालियर मंदिर हादसे में समिति को आतंकी हमले का शक: अब तक तीन तरह की थ्योरी सामने आईं, किसमें कितना दम; आखिर चूक हुई कहां? 6. क्राइम फाइल्स: जंगल के आश्रम में बाबा की गला घोंटकर हत्या: मोबाइल भी गायब; एक दिन पहले आश्रम आई थी एक महिला 7. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: यूपी के विकास प्राधिकरणों में रिश्वत का रेट कार्ड: इंजीनियर ने मकान की फाइल अटकाई, भास्कर रिपोर्टर से 3 लाख मांगे; देखिए स्टिंग 8. भास्कर एक्सक्लूसिव: आजमगढ़- एक घर में 14 ‘विकास यादव’, इनमें 7 महिलाएं: गोरखपुर में 6 'अनुराग'; सॉफ्टवेयर नहीं पकड़ पाया, SIR के बाद भी खामियां 9. राजस्थान एक्सप्लेनर: टाइगर-श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले 15 मिनट में कैसे पकड़े?: पुलिस से बचने के लिए शूटर्स का क्या था प्लान; 4 सवालों में जानिए जवाब 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: कोटा में टाइगर पर फायरिंग करने वालों को कैसे पहचाना: एक घंटे में बना था उन्हें पकड़ने का प्लान; एक पुलिसवाला उनके पास बैठा, और फिर? 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: टाइगर पर फायरिंग का कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ ₹35 हजार में दिया: विदेश भेजने का भी लालच; हमलावर बिना टिकट ट्रेन में चढ़े, कोटा में पकड़े गए 12. भास्कर एक्सक्लूसिव: अजीत ही संभालता था दरोगा पुष्पा का 'धंधा': सिपाही पर फायरिंग करने वाला जवान नशे में था, गोलियां पहले से खरीदी गईं; जानिए पूरी प्लानिंग 13. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: दशहरे पर संतान पैदा करने का दावा कर रहे तांत्रिक: रिपोर्टर से बोले- पत्नी को लाइए, दूसरे की कोख का बच्चा उसके पेट में ला दूंगा 14. ग्राउंड रिपोर्ट: रुड़की में 15 साल से एक ही चेहरे का राज: ट्रांसपोर्ट मंत्री के इलाके में बस अड्‌डा खराब, लोग बोले- शहर का सीवर सिस्टम बेकार करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज सिंह वालों को फायदेमंद कॉन्ट्रैक्ट मिल सकते हैं, मेष वालों की डेली इनकम बढ़ेगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 21 Oct 2026 5:23 am

विचार: बड़े संकट की ओर बढ़ता यूरोप

यूरोप की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और राजनीतिक कारण भी हैं।

जागरण 20 Oct 2026 10:47 pm

अखिलेश यादव को भारत नहीं फ्रांस दिख रहा, राहुल गांधी से मिल रही प्रेरणा: दिनेश प्रताप सिंह

अखिलेश यादव को भारत नहीं फ्रांस दिख रहा, राहुल गांधी से मिल रही प्रेरणा: दिनेश प्रताप सिंह

समाचार नामा 20 Oct 2026 6:28 pm

फ्रांस के प्रदर्शनों के बाद दिल्ली में एजेंसियां अलर्ट, JNU-DU समेत दिल्ली के कई शिक्षण संस्थान रडार पर

फ्रांस में भड़के छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के बाद दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट पर हैं। जेएनयू, डीयू जैसे शिक्षण संस्थानों और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

जागरण 20 Oct 2026 2:02 pm

शशि थरूर का किरेन रिजिजू को जवाब, बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; SIR वापस लेने की मांग

किरेन रिजिजू के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि भारत की परिस्थितियों की तुलना फ्रांस या बांग्लादेश में हुई घटनाओं से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि भारत बांग्लादेश नहीं है और भारत फ्रांस भी नहीं है। मुझे ये तुलना खास तौर पर प्रासंगिक नहीं लगती।”

देशबन्धु 20 Oct 2026 12:07 pm

मोहन भागवत बोले- भारत में भी फ्रांस और बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिश, राजनीति से प्रेरित आंदोलन गलत

RSS प्रमुख ने कहा कि भारत की सभ्यता और सनातन दृष्टिकोण ने समाज को विविधताओं के बावजूद एकजुट रखने का काम किया है। संत रविदास की 650वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संत रविदास ने कठिन परिस्थितियों में स्वधर्म निष्ठा, भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश दिया था।

देशबन्धु 20 Oct 2026 11:12 am

फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, देखें हेडलाइंस

मुंबई में फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस की जांच काफी तेज हो गई है. वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को पुलिस ने मुंबई के अंधेरी इलाके से बरामद कर लिया है. इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है और पुलिस सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. फ्रांस में युवाओं का उग्र प्रदर्शन जारी है. पेरिस में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. देखें हेडलाइंस.

आज तक 19 Oct 2026 1:28 pm

Chandigarh News: फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक

फ्रांस में नीलाम होंगे जेनरे के डिजाइन किए नौ फर्नीचर, कीमत 2.30 करोड़ तक

अमर उजाला 19 Oct 2026 2:20 am

जागरण संपादकीय: संकट में यूरोप

यूरोप और पश्चिम के अन्य देश जिन समस्याओं से घिरे हैं, उनके लिए वही अधिक जिम्मेदार हैं। ये देश हिंसक प्रदर्शनों को इसलिए नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि लोगों की जायज चिंताओं के बहाने अराजकता फैलाने वालों को कुछ ऐसी शक्तियां भड़काने में लगी हुई हैं, जो अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति करना चाहती हैं। इनमें इस्लामिस्टों और कम्युनिस्टों के गठजोड़ की भूमिका कहीं अधिक दिखाई दे रही है।

जागरण 18 Oct 2026 11:02 pm

चंडीगढ़ की विरासत पर फिर मंडराया संकट, फ्रांस में 25 अक्टूबर को 9 दुर्लभ फर्नीचरों की नीलामी

चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े 9 दुर्लभ फर्नीचरों की फ्रांस में 25 अक्टूबर को नीलामी होगी, जिनकी कीमत करोड़ों में है। एडवोकेट अजय जग्गा ने विदेश मंत्रालय से नीलामी रोकने और फर्नीचर की उत्पत्ति की जांच की मांग की है।

जागरण 18 Oct 2026 3:24 pm

France Protest Update News: मॉल लूटे, गाड़ियां फूंकी... फ्रांस में बेकाबू हुई हिंसा| Emmanuel Macron

France Protest Update News: फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया। पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं से हालात बिगड़ गए।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Oct 2026 2:46 pm

कैथल में यूरोप टूर के बहाने ₹1.90 लाख हड़पे:महिला ने गूगल पर सर्च की थी साइट, रुपए लेकर बंद किया मोबाइल फोन

कैथल में टूर पैकेज दिलाने के नाम पर अज्ञात आरोपी ने एक महिला से 1 लाख 90 हजार 174 रुपए हड़प लिए। आरोपी ने सात दिन का पैकेज दिलाने का झांसा दिया था। पेरिस और स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना सब पैकेज में शामिल होने की बात कही। रुपए लेने के बाद मोबाइल बंद कर लिया। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गूगल पर टूर पैकेज शुरू किया चीका निवासी मीनू ने साइबर थाने में दी शिकायत में बताया कि वह एक घरेलू औरत है। कुछ दिन पहले उसने गूगल सर्च पर टूर एंड ट्रैवल के लिए सर्च किया तो वहां पर थ्रिलोफिलिया नामक एक कंपनी की वेबसाईट मिली। इस पर उसने सर्च किया तो कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि क्या आप कोई टूर पैकेज लेना चाहते हैं तो उसने कहा कि उन्हें यूरोप का प्लान चाहिए। इसके बाद आरोपी ने उसे अपने पैकेज में यूरोप के प्लान की डिटेल बताई, जिसमें 7 दिन के लिए पेरिस व स्विट्जरलेंड, होटल बुकिंग, ट्रांसपोर्ट, साइट सीन व खाना-पीना ये सब 3 लाख 80 हजार रुपए बताया। बहाना बनाकर रुपए जमा करवाए पीड़िता ने बताया कि, उसने अपने परिवार के साथ सलाह करके टूर को बुक करने के लिए हां कर दी। बाद में आरोपी ने उसे वेबसाइट पर जाकर पेमेंट करने को कहा। आरोपी ने उससे अलग अलग बहाने बनाकर 3 बार में 1 लाख 90 हजार 174 रुपए जमा करवा लिए। रुपए लेने के बाद आरोपी ने उसके ईमेल पर वाउचर भेज दिए और कहा कि आपकी बुकिंग हो गई है। उसने मोबाइल यूजर को कहा कि टूर पर जाने के लिए उसे छुट्‌टी लेने के लिए प्लेन टिकट की जरूरत है। आप प्लेन की टिकट भेज दो। इस पर आरोपी ने कहा कि टिकट के बारे में आपके पास कंपनी की तरफ से फोन आ जाएगा। काफी समय बीतने के बाद भी नहीं आई कॉल काफी समय बीतने के बाद भी जब उसके पास कंपनी का कॉल नहीं आई तो उसे शक हुआ कि उसके साथ 1 लाख 90 हजार 174 रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 18 Oct 2026 1:04 pm

फ्रांस की हिंसा पर बोलीं कंगना रनौत, रिजीम चेंज पर भी दिया बयान

विपक्ष की ओर से सत्ता परिवर्तन को लेकर दिए गए बयानों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, 'इस तरह की ओछी हरकतें देश को लगातार यह याद दिलाती हैं कि एक मजबूत नेतृत्व की कितनी जरूरत है.'

आज तक 18 Oct 2026 10:30 am

फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें

फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें

अमर उजाला 16 Oct 2026 8:16 am

फ्रांस के सुपरमार्केट्स पर साइबर अटैक:480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज 50°C तक गर्म, खाना खराब हुआ, कई जगह आग लगी

फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर सोमवार को बड़ा साइबरअटैक हुआ। इससे 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने कई स्टोर्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया। इससे ताजा और फ्रोजन खाना खराब हो गया। कई स्टोर्स में आग भी लग गई। फ्रांस की बड़ी रिटेल कंपनियों ने इसे अब तक का ऐसा पहला और बेहद गंभीर हमला बताया। प्रधानमंत्री ने जांच के आदेश दिए फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी ANSSI को जांच के आदेश दिए हैं। फ्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी जांच कर रहा है कि वहां और कंपनियां प्रभावित हुई हैं या नहीं। पेरिस प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने इसे बड़े स्तर का हमला बताया। ऑफिस के मुताबिक, पूरे फ्रांस में कई बड़े फूड रिटेलर्स के इंटरनेट से जुड़े फ्रिजों को निशाना बनाया गया। आखिर इन फ्रिजों का तापमान कैसे बढ़ाया गया? सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को आमतौर पर कंट्रोल पैनल से चलाया जाता है। ये पैनल पूरे स्टोर के ठंडक वाले सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण मेंटेनेंस करने वाली कंपनियां दूर बैठकर भी इनकी सेटिंग बदल सकती हैं। अगर कोई हैकर इस सिस्टम तक पहुंचने में कामयाब हो जाए, तो वह फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग बदल सकता है। ऐसा करने के लिए हैकर सिस्टम की सुरक्षा में मौजूद किसी कमजोरी का फायदा उठाता है। इस तरह वह फ्रिज और फ्रीजर की ठंडक कम कर सकता है या डीफ्रॉस्टिंग शुरू कर सकता है। डीफ्रॉस्टिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें फ्रिज या फ्रीजर में जमी बर्फ पिघलाई जाती है। डेनमार्क की कंपनी के फ्रिज कंट्रोलिंग सॉफ्टवेयर में खराबी प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के मुताबिक, फ्रांस की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने डेनमार्क की कंपनी डैनफॉस के सॉफ्टवेयर में एक कमजोरी की पहचान की है। इसी कंपनी के बनाए सिस्टम से सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर कंट्रोल होते हैं। डैनफॉस ने कहा कि उसे फ्रांस में फ्रिज और फ्रीजर के सिस्टम से जुड़ी कुछ घटनाओं की जानकारी है। कंपनी के मुताबिक, इनमें सॉफ्टवेयर का पुराना वर्जन इस्तेमाल हो रहा था। कंपनी ने बताया कि वह ग्राहकों को लंबे समय से सॉफ्टवेयर अपडेट रखने और पुराने उपकरण बदलने की सलाह देती रही है। इससे पहले 9 अगस्त को साइबर सिक्योरिटी कंपनी क्लैरोटी ने डैनफॉस के सिस्टम में मौजूद कुछ कमजोरियों पर एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया गया था कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर बिना सही पहचान जांच के सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। फ्रांस के रिटेल कारोबार से जुड़े संगठन FCD ने डैनफॉस से इस मामले में पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। रिटेल कंपनियां बोलीं- कई करोड़ यूरो का नुकसान अभी तक पूरे रिटेल सेक्टर को हुए नुकसान का कुल आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, फ्रांस की रिटेल कंपनी इंटरमार्शे के CEO थिएरी कोटियार ने कहा कि इस हमले से देशभर में एक ही दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। इंटरमार्शे ने AFP को बताया कि प्रभावित स्टोर को खराब हुए सभी ताजा और फ्रोजन प्रोडक्ट फेंकने पड़ेंगे। वहीं, दूसरी कंपनी कोऑपरेटिव यू के CEO डोमिनिक शेल्शर ने कहा कि रविवार रात से ही कंपनी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में दिक्कतें आ रही थीं। उन्होंने बताया कि ताजा सामान को सुरक्षित रखने और लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले सिस्टम को निशाना बनाना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया और कहा कि ऐसा हमला पहले कभी नहीं हुआ। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… इजराइल ने इंडोनेशियाई पालयट के कारण विमान उतरने नहीं दिया: फ्लाइट वापस लौटी; फ्लाईदुबई हादसे के बाद 11 देशों के पायलट पर रोक लगाई इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Oct 2026 10:05 am

स्कॉलरशिप: यूरोप से करें मास्टर डिग्री, 37 नए प्रोग्राम में प्रवेश का मौका, 1.5 लाख+ तक की मदद

इरास्मस मुंड्स जॉइंट मास्टर्स स्कॉलरशिप के तहत यूरोप के 37 नए मास्टर प्रोग्राम में प्रवेश का मौका है। चयनित छात्रों को 24 महीने तक हर माह 1,400 यूरो तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।

अमर उजाला 8 Oct 2026 11:02 am

फ्रांस के स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में ट्रंप का बड़ा दावा

फ्रांस में स्कूल और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट अब देश की राजनीति और अमेरिका तक पहुंच गया है. शुरुआत शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी को लेकर हुई, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़े पैमाने पर प्रवासन और इस्लाम से जोड़ दिया. वहीं फ्रांसीसी अधिकारियों और छात्र संगठनों के मुताबिक आंदोलन की शुरुआती मांगें स्कूलों की सुविधाओं और कर्मचारियों से जुड़ी हैं. सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और भ्रामक दावों ने भी विवाद बढ़ाया है.

आज तक 7 Oct 2026 5:52 pm

फ्रांस में छात्र प्रदर्शन: अबतक 5 हजार गिरफ्तार, इनमें 87% नाबालिग

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर है. इस आंदोलन में गिरफ्तार किए गए 5,000 से ज्यादा लोगों में 87 प्रतिशत नाबालिग हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खराब इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्र परेशान हैं. प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है.

आज तक 7 Oct 2026 5:51 pm

न्यूट्रिनो की खोज के लिए फ्रांसिस हाल्जेन को मिला फिजिक्स नोबेल पुरस्कार, अंटार्कटिका के IceCube लैब से किया कमाल

फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार 2026 प्रोफेसर फ्रांसिस हाल्जेन को अंटार्कटिका में आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी की स्थापना और ब्रह्मांडीय न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Oct 2026 4:06 pm

श्वेता तिवारी के लिए यूरोपियन विदेशी दूल्हा ढूंढेंगी मल्लिका, बनाया प्लान

‘द ट्रेटर्स 2’ में श्वेता तिवारी की लव लाइफ पर मल्लिका शेरावत ने मजेदार बात कही. मल्लिका बोलीं कि वह श्वेता के लिए एक अच्छा यूरोपियन लड़का ढूंढेंगी.

आज तक 20 Aug 2026 7:56 pm

जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप

यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं

देशबन्धु 11 Aug 2026 12:15 am

यूरोप में भीषण गर्मी का कहर... इटली में रेड अलर्ट, ऑस्ट्रिया में तापमान का टूटा रिकॉर्ड

यूरोप में भीषण गर्मी और लू ने कई देशों के तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इटली सरकार ने 27 प्रमुख शहरों को रेड अलर्ट पर रखा है. ऑस्ट्रिया में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है. इस गर्मी और सूखे का असर बिजली उत्पादन, परिवहन और पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यावरणविद ग्लोबल वार्मिंग को इस स्थिति का मुख्य कारण मानते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 6:41 pm

भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती

भारत की स्लीपर बस का फैन हुआ विदेशी शख्स, बोला- ऐसी सुविधा तो यूरोप में भी नहीं मिलती

समाचार नामा 5 Aug 2026 9:50 pm

'यूरोप के दरवाजे' में घुस रहे 57 अफ्रीकियों को स्पेन ने क्यों मारा?

स्पेन की पुलिस बॉर्डर पर अलर्ट खड़ी है. पुलिस की गोलियों से अंदर घुसने की कोशिश कर रहे कई प्रवासियों की मौत हो चुकी है. 'यूरोप का दरवाजा' कहा जाने वाला स्यूटा शहर में प्रवासियों की बाढ़ ने इस शहर में कानून-व्यवस्था का संकट खड़ा कर दिया है.

आज तक 31 Jul 2026 7:58 pm

फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?

अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है. आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है. फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है

देशबन्धु 30 Jul 2026 9:33 pm

60 की उम्र में मिलिंद सोमन ने रचा इतिहास, यूरोप से अफ्रीका तक तैरकर पार किया स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर

अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने एक बार फिर अपनी अद्भुत सहनशक्ति और फिटनेस का परिचय दिया है। 60 साल की उम्र में मिलिंद सोमन ने स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर को तैरकर पार करने का एक कठिन और साहसी कारनामा कर दिखाया है। मिलिंद ने यूरोप और अफ्रीका के बीच ...

वेब दुनिया 6 May 2026 11:49 am

फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...

वेब दुनिया 18 Aug 2024 5:40 pm

इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसरा प्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकर ड्रेस कोड तक सबकुछ

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समाचार नामा 28 May 2024 10:30 am

Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari, फ्रांस के लिए रवाना हुई बिब्बोजान

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समाचार नामा 21 May 2024 2:45 pm

यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

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मनोरंजन नामा 29 Apr 2024 9:00 pm