Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की यात्रा पूरी कर ली है और वह स्वदेश लौट चुके हैं. भारत से विदा लेने से पहले उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें उनके भारत के दौरे की झलक देखने को मिली. खास बात रही कि उन्होंने इस वीडियो में धुरंधर फिल्म का गाना लगाया था.
राफेल का गढ़ बनेगा भारत का यह शहर, धड़ाधड़ बनेंगे फ्रांसीसी फाइटर जेट; क्या है पूरा प्लान?
Rafale Production: डील के ड्रॉफ्ट के अनुसार सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिये 114 नए मल्टी रोल राफेल फाइटर जेट खरीदने को लेकर डील की है. इनमें से 18 जेट को फ्रांस से फ्लाई-अवे के जरिये लाया जाएगा. बाकी के 96 जेट को भारत में ही असेंबल किया जाएगा.
अब वो दिन दूर नहीं जब यूरोप की राइन नदी की तरह गंगा का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सामान ढोने में होगा। गंगा नदी यूपी और बिहार के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी। गंगा के रास्ते यूपी, बिहार से सामान हल्दिया पोर्ट भेजे जाएंगे। यहां से उन्हें अमेरिका-यूरोप निर्यात किया जाएगा। मधुबनी का मखाना हो या मुजफ्फरपुर की लीची, पूरी दुनिया में इन्हें पहुंचाना आसान होगा। गंगा नदी के रास्ते बड़े जहाज से भारी मात्रा में माल ढुलाई के लिए कोलकाता से वाराणसी तक वाटर-वे का निर्माण हो रहा है। गाद हटाई जा रही है। पटना में शिप रिपेयर सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। गंगा नदी में वाटर-वे विकसित करने को लेकर क्या काम हो रहा है? शिप रिपेयरिंग सेंटर के लिए कितना काम हुआ है? वाटर मेट्रो चलाने की क्या तैयारी है? पढ़िए रिपोर्ट…। पहले जानिए, क्यों खास है यूरोप का राइन वाटर-वे राइन नदी दुनिया में सबसे ज्यादा सामान ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाली नदियों में से एक है। यह आल्प्स पर्वत पर मौजूद टोमा झील से निकलती है। स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, लिकटेंस्टीन, जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड से होकर बहती है। लंबाई करीब 1230 km है। राइन वाटर-वे पश्चिमी यूरोप का सबसे अहम कमर्शियल वॉटर-वे है। इसका इस्तेमाल स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ऑस्ट्रिया, जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड द्वारा सामान ढोने में होता है। इस नदी में साल में करीब 6,900 जहाज चलते हैं। इनसे हर साल 300 मिलियन टन से ज्यादा सामान ढोया जाता है। ये जहाज केमिकल, अनाज और मिनरल जैसे जरूरी सामान ले जाते हैं। अब, जानिए गंगा को राइन की तरह इस्तेमाल करने के लिए क्या हो रहा है बिहार और उत्तर प्रदेश लैंड लॉक्ड स्टेट हैं। मतलब, इनकी सीमा समुद्र से नहीं लगी। दोनों राज्यों से सामान निर्यात और आयात करने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के पोर्ट का इस्तेमाल होता है। सामान को सड़क या रेल के रास्ते भेजना पड़ता है। इससे खर्च बढ़ जाती है। पानी के रास्ते सामान ढोने का अवसर उपलब्ध है। इसके लिए गंगा नदी का इस्तेमाल करना होगा। यही वजह है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर गंगा वाटर-वे तैयार कर रहीं हैं। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में कोलकाता से वाराणसी तक क्रूज और सामान ढोने वाले जहाज चलाए जा रहे हैं। गंगा नदी में भागलपुर के बाद वाराणसी तक गाद की समस्या है। इसके चलते बड़े आकार के जहाज चलाने में परेशानी होती है। बड़े जहाज चलाने के लिए गाद हटाकर चैनल तैयार किया जा रहा है। इससे वाराणसी से पटना होते हुए हल्दिया पोर्ट तक जहाजों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। नदी में जहाज चलाने के लिए चाहिए कम से कम 3 मीटर गहराई भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अनुसार कोलकाता से भागलपुर तक गंगा नदी की गहराई अच्छी है। यहां तक नदी में माल ढोने वाले बड़े जहाजों की आवाजाही में परेशानी नहीं है। भागलपुर से पटना तक गंगा नदी में गाद अधिक है। इससे गहराई कम हो गई है। नदी में जहाजों को चलने के लिए कम के कम 45 मीटर चौड़ाई में पानी की गहराई 3 मीटर होनी चाहिए। इससे कम गहराई होने पर जहाज के नदी की गाद में फंसने का खतरा रहता है। कार्गो शिप चलाने के लिए जरूरी कम से कम 3 मीटर की गहराई बनाए रखने के लिए गंगा नदी की खुदाई की जा रही है। अभियान के तौर पर यह काम किया जा रहा है। बड़े ड्रेजिंग शिप से दीघा और अन्य घाटों के पास नदी की खुदाई की जा रही है। IWAI के अनुसार, गाद हटाकर चैनल गहरा किया जा रहा है ताकि जहाजों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो। क्या है NW-1, जिसके तहत हल्दिया से वाराणसी तक बन रहा जलमार्ग? पश्चिम बंगाल के हल्दिया से उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बीच गंगा और हुगली नदी में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) विकसित किया जा रहा है। 1986 में इसे NW-1 घोषित किया गया था। इसके बाद से IWAI इस जलमार्ग को विकसित कर रहा है। हल्दिया से वाराणसी तक इसकी लंबाई 1390 km है। JMVP (जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट) के तहत 5369.18 करोड़ रुपए की लागत से इसे विकसित किया जा रहा है। बिहार के सारण के कालूघाट में इंटर मल्टी मॉडल टर्मिनल (IMMT) बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिहार से नेपाल और पश्चिम बंगाल के बीच कार्गो आवागमन सुगम बनाना है। सामान नेपाल से सड़क मार्ग होते हुए कालुघाट और फिर यहां से कार्गो जहाज के माध्यम से हल्दिया पोर्ट पहुंचेंगे। इसी रास्ते से हल्दिया से बड़े-बड़े कंटेनर वापस कालुघाट आएंगे। कालुघाट व्यापारिक हब के रूप में उभरेगा। बिहार में विकसित होंगे 7 नेशनल वाटर-वे ग्रामीण विकास और ट्रांसपोर्ट मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार बिहार में गंगा समेत सात नेशनल वाटर-वे डेवलप किया जाएगा। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। बिहार इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट का बड़ा हब बनेगा। बिहार में गंगा, गंडक, कोसी और सोन समेत सात नेशनल वाटर-वे हैं। इनकी कुल लंबाई 1,187km है। गंगा के साथ ही कोसी और सोन नदियों में ड्रेजिंग की जाएगी ताकि जहाजों को चलने के लिए जरूरी गहराई मिल सके। क्यों फायदे का सौदा है पानी के रास्ते सामान ढोना? सामान ढोने के लिए जलमार्ग सबसे सस्ता साधन है। मंत्री श्रवण कुमार ने पिछले महीने कोच्चि में अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (IWDC) की बैठक में बताया था कि जलमार्ग से माल ढुलाई की औसत लागत 1.3 रुपए प्रति टन-किमी है। इसका मतलब है कि पानी के रास्ते एक टन सामान 1 किलोमीटर दूर ले जाने की लागत 1.3 रुपए है। वहीं, रेल द्वारा एक टन सामान एक किलोमीटर दूर ले जाने पर 2.41 रुपए और सड़क मार्ग से ढोने पर 3.62 रुपए लगते हैं। सामान ढोने के लिए जलमार्ग का इस्तेमाल करने से न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट कम होगी। बल्कि रोड ट्रैफिक भी 30-40% तक कम होगा। जलमार्ग से बिहार के युवाओं को मिलेगा रोजगार बिहार में जलमार्ग विकसित होने से राज्य के युवाओं को रोजगार मिलेगा। पानी के जहाज चलाने, रखरखाव, मरम्मत जैसे अन्य काम के लिए कुशल युवाओं की जरूरत होगी। स्किल्ड मैनपावर बनाने के लिए पटना में मौजूद नेशनल इनलैंड नेविगेशन इंस्टीट्यूट (NINI) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसकी गाइडेंस में बक्सर, भागलपुर और दरभंगा में इनलैंड वाटरवे नेविगेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे। अब जानिए, पटना में वाटर मेट्रो और शिप रिपेयर सेंटर के लिए हो रहे कौन से काम पटना में वाटर मेट्रो चलाने की तैयारी पूरे जोरशोर से चल रही है। इसके लिए दीघा घाट, गांधी घाट और कंगन घाट पर फ्लोटिंग जेटी का निर्माण किया जा रहा है। वाटर मेट्रो से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर आकार ले रहे हैं। हालांकि सबसे बड़ी परेशानी गंगा नदी की कम गहराई है। पटना शहर की तरफ किनारे पर कई जगह बहुत अधिक गाद है। इसे हटाकर वाटर चैनल तैयार किया जा रहा है। चैनल में कम से कम 45 मीटर चौड़ाई में नदी की गहराई तीन मीटर से अधिक रखनी है। पटना सिटी के दुजारा में बन रहा वाटर मेट्रो के लिए यार्ड पटना सिटी के दुजारा में 50 करोड़ रुपए की लागत से यार्ड बनाया जा रहा है। यहां वाटर मेट्रो में चलाए जाने वाले क्रूज की मरम्मत होगी। यहां सिविल वर्क शुरू हो गई है। वाटर मेट्रो के लिए बन रहे फ्लोटिंग जेटी पटना में पहले चरण में वाटर मेट्रो की शुरुआत दीघा से कंगन घाट के बीच होगी। दीघा घाट से चलने के बाद वाटर मेट्रो एनआईटी पटना स्थित गांधी घाट, गायघाट और कंगन घाट पर रुकेगी। गांधी घाट और गायघाट में बंदरगाह तैयार है। दीघा की तरह कंगन घाट पर फ्लोटिंग जेटी का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटक वाटर मेट्रो से गंगा के घाटों का आनंद लेंगे। इससे पटना में ट्रैफिक का बोझ कम होगा। केरल के कोच्चि के बाद पटना देश का दूसरा शहर होगा, जहां वाटर मेट्रो शुरू होगी। दियारा में बन रहा शिप रिपेयर सेंटर पटना में 300 करोड़ रुपए की लागत से शिप रिपेयरिंग सेंटर बनाया जा रहा है। इसके लिए पटना के दियारा में दीघा-सोनपुर बिज्र के पूरब 5 एकड़ जमीन मुहैया कराई गई थी। यहां माल ढुलाई और पर्यटन में इस्तेमाल होने वाले जहाजों की मरम्मत होगी। इस सेंटर पर एक बार में चार जहाजों की मरम्मत होगी। यहां लिफ्ट लगेगा, जिससे खराब जहाज को नदी के पानी से उठाकर खुले स्थान पर रखा जाएगा। इसके बाद उसकी मरम्मत होगी। जहाज को ठीक करने के बाद लिफ्ट से गंगा नदी में डाला जाएगा। नए सेंटर बन जाने के बाद खराब होने पर जहाज को मरम्मत के लिए कोलकाता या बनारस नहीं ले जाना पड़ेगा। उन्हें पटना में ही ठीक कर दिया जाएगा। इससे पैसे और समय की बचत होगी। शिप रिपेयरिंग सेंटर बनाए जाने का काम शुरू हो गया है। कंटीले तार से जमीन की घेराबंदी कर दी गई है। छह फीट ऊंचे कंक्रीट के पीलर पर कांटे वाले तार लगाए गए हैं। दूसरी तरफ शिपयार्ड के पास गंगा नदी की गहराई तेजी से बढ़ाई जा रही है। गाद हटाने वाली मशीन दिन-रात काम कर रही है। यार्ड के पास जमीन लेवलिंग का काम किया जा रहा है।
Russian Oil Row: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच FTA साइन होते ही अमेरिका बैकफुट पर आता दिखा. इस डील के कुछ दिन बाद ही अचानक से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट लिखकर भारत के साथ ट्रेड डील की हामी भर दी. डील के लिए शर्ते में रूसी तेल से दूरी का बात कही है.
यूरोप-अमेरिका के बीच बढ़ रही है अविश्वास की खाई
International Security Conference Munich: जर्मनी के सबसे दक्षिणी राज्य बवेरिया की राजधानी म्युनिक में, 1963 से फ़रवरी के महीने में हर वर्ष एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन होता है। उसे अटलांटिक महासागर के पूर्व में स्थित यूरोप और पश्चिम में स्थित ...
दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत की डिजिटल प्रगति की तारीफ की। उन्होंने भारत को AI इंजीनियर्स का वैश्विक केंद्र बताया और AI के भविष्य पर चर्चा की। साथ ही बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की अपील की।
हाफ पैंट में पहले लगाई दौड़, देर रात मुंबई रेलवे स्टेशन क्यों पहुंच गए फ्रांस के राष्ट्रपति?
फ्रांस के राष्ट्रपति मंगलवार को पूरे दिन मुंबई में रहे. सुबह वह बड़े आराम से फुटपाथ पर दौड़ते दिखे और देर रात में टाइम निकालकर मुंबई रेलवे स्टेशन चले गए. उनके साथ पत्नी भी थीं. लोग उनकी तस्वीरें लेने लगे. मुंबई रेलवे स्टेशन पर वह किससे मिलने गए थे?
भदोही सांसद डॉ. बिंद का अभिनंदन:अमेरिकी टैरिफ घटने, यूरोपीय संघ FTA में योगदान हेतु सम्मानित
भदोही में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद को मंगलवार को सम्मानित किया गया। उन्हें अमेरिकी टैरिफ घटाने और यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में महत्वपूर्ण योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन कालीन भवन के एकमा सभागार में ऑल इंडिया कार्पेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) और कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कहा कि भदोही का कालीन उद्योग केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि यहां की कला और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि यहां के बुनकर सिर्फ कालीन नहीं बुनते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं। सांसद ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ के कारण कालीन उद्योग प्रभावित हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से यूरोपीय संघ के साथ एफटीए हुआ और अमेरिकी राष्ट्रपति से वार्ता कर यूएसए से टैरिफ घटाकर 18 फीसदी किया गया। इससे कालीन उद्योग को निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। डॉ. बिंद ने कहा कि सरकार एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की सोच है कि उद्योगों के बढ़ने से देश मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि कालीन उद्योग से देश भर में 20 लाख लोग जुड़े हैं, जिनमें से अकेले भदोही में 11 लाख लोग इस उद्योग से अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। सांसद ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी दोहराते हुए कहा कि सीईपीसी और एकमा ने जब भी उनकी आवश्यकता महसूस की, वे उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी वे उद्योग की मांगों को उचित मंच पर रखेंगे। कार्यक्रम के दौरान सीईपीसी के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोंबर ने सांसद को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें आयकर की धारा 43बी में 180 दिन का समय दिलवाने की मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि भदोही विश्व प्रसिद्ध होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की कमी है। कैप्टन गोबर ने कुछ ट्रेनों के भदोही में ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। उनका तर्क था कि इससे भदोही आने वाले विदेशी आयातकों को काफी सुविधा होगी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदसीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब, एकमा उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सीईपीसी सीओए सदस्य मो.वासिफ अंसारी, इम्तियाज अहमद, पूर्व एकमाध्यक्ष ओंकारनाथ मिश्र, एजाज अंसारी, जयप्रकाश गुप्ता, प्रियंका जायसवाल, राजकुमार कोठारी, हाजी अब्दुल सत्तार अंसारी, केएस तिवारी, शमीम आलम अंसारी, रामगोपाल गोयल, नफीस डायर, वसीम अंसारी, सुजीत जायसवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अध्यक्षता एकमाध्यक्ष मो.रजा खां व संचालन एकमा के मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने किया।
मुंबई पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, आज ही होगी 3.25 लाख करोड़ की राफेल डील
भारत में हो रही एआई इंपैक्ट समिट में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत पहुंचे हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया गया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में ही उनसे मुलाकात करेंगे।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने मध्यप्रदेश के पर्यटकों के लिए पहली बार यूरोप विथ यूके प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय टूर पैकेज लॉन्च किया है। खास बात यह है कि यह पैकेज प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स की तुलना में किफायती बताया जा रहा है। 15 रात और 16 दिन की यह यात्रा 9 जून 2026 से शुरू होगी और भोपाल व इंदौर से दिल्ली होते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ान के साथ संचालित की जाएगी। आईआरसीटीसी के अधिकारियों के अनुसार, मध्यप्रदेश से इस तरह का विस्तृत यूरोप-यूके संयुक्त टूर पहली बार संचालित किया जा रहा है। अब तक यात्रियों को ऐसे पैकेज के लिए निजी कंपनियों या दिल्ली-मुंबई से शुरू होने वाले टूर पर निर्भर रहना पड़ता था। सरकारी उपक्रम होने के कारण आईआरसीटीसी यात्रियों को पारदर्शी दरों और समुचित व्यवस्थाओं के साथ यात्रा सुविधा दे रहा है। इस तरह रहेगा टूर पैकेज: इस टूर में यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, बेल्जियम, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रिया और इटली की यात्रा शामिल है। पर्यटकों को लंदन आई, एफिल टॉवर, लूव्र म्यूज़ियम, माउंट टिटलिस, राइन फॉल्स, वेटिकन सिटी) और कोलोसियम जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। बुकिंग शुरू हुई बुकिंग आईआरसीटीसी के अधिकृत पर्यटन कार्यालयों में शुरू हो चुकी है। सीमित सीटों को देखते हुए जल्द बुकिंग की सलाह दी गई है।
IRCTC का ‘यूनाइटेड इंडिया’ यूरोप टूर: 13 दिन में सात देश
जयपुर | इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने गर्मियों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए ‘यूनाइटेड इंडिया’ नाम से यूरोप का इंटरनेशनल टूर पैकेज लॉन्च किया है। 13 दिन के इस टूर के लिए 26 अप्रैल और 24 मई को फ्लाइट रवाना होगी। दोनों बैच में 20-20 सीटें निर्धारित हैं। इस पैकेज में जयपुर, मुंबई, अहमदाबाद, इंदौर, दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, कोच्चि, एर्नाकुलम और बेंगलुरु के यात्री शामिल हो सकेंगे। टूर के दौरान फ्रांस (पेरिस), बेल्जियम (ब्रुसेल्स), नीदरलैंड (एम्स्टर्डम), जर्मनी (कोलोन और मैनहेम), स्विट्जरलैंड (जंगफ्राउयोच और राइन फॉल्स), ऑस्ट्रिया (इंसब्रुक) और इटली (वेनिस, पीसा, रोम व मिलान) घुमाया जाएगा। अप्रैल पैकेज का किराया प्रति यात्री 4.28 लाख रुपए (डबल ऑक्यूपेंसी) और मई पैकेज का 4.55 लाख रुपए है। इसमें एयर टिकट, होटल स्टे, नाश्ता-भोजन, वीजा फीस, ट्रैवल इंश्योरेंस, एसी डीलक्स कोच से साइटसीइंग और एंट्री टिकट शामिल हैं। पहले आओ, पहले पाओ अप्रैल पैकेज की बुकिंग 20 मार्च तक और मई पैकेज की 15 अप्रैल तक की जाएगी। सीमित सीटों के कारण बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगी। 9 अप्रैल भारत गौरव ट्रेन IRCTC रीजनल हेड आईआरटीएस मुकेश सैनी ने बताया कि जयपुर से भारत गौरव ट्रेन चलाई जाएगी, जो तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराएगी। स्टैंडर्ड श्रेणी की 380 और कम्फर्ट श्रेणी की 400 सीटें हैं। ट्रेन जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और रतलाम स्टेशनों पर रुकेगी। यह ट्रेन 9 अप्रैल को जयपुर से रवाना होकर 20 को लौटेगी। एजीएम योगेंद्र गुर्जर के अनुसार, स्टैंडर्ड श्रेणी में प्रति यात्री किराया 31,005 रुपए (5–11 वर्ष के बच्चे के लिए 27,905 रुपए) है। कम्फर्ट श्रेणी में प्रति यात्री किराया 36,320 रुपए (5-11 वर्ष के बच्चे के लिए 32,685 रुपए) निर्धारित है।
AI से अंतरिक्ष तक: भारत-फ्रांस साझेदारी को नई ऊंचाई देंगे मोदी और मैक्रों
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन...
शोभित विश्वविद्यालय, मेरठ परिसर के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ द्वारा प्रबंधन छात्रों के लिए “भारत–यूरोपीय संघ व्यापार समझौता ” विषय पर मास्टरक्लास का आयोजन किया गया
ट्रम्प के चंगुल से ग्रीनलैंड को बचाने के लिए कितनी दूर जा सकता है यूरोपीय यूनियन?
ग्रीनलैंड के भविष्य पर चर्चा के लिए वॉशिंगटन वार्ता बुधवार को विफल हो गई, जिसमें डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्री व्हाइट हाउस से यह संदेश लेकर घर लौटे कि ग्रीनलैंड सही मायने में अमेरिका का है और ट्रम्प इसके अधिग्रहण के समय पर फैसला करेंगे
उभरती वैश्विक भूराजनीति में यूरोप कहां है?
अमीर यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन की तिकड़ी के लिए, साल 2026 में जो भूराजनीतिक स्थिति बन रही है, उसमें अस्तित्व के संकट के काफी तत्व हैं
फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन, 88 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Alain Delon passes away: 'द लेपर्ड' और 'रोक्को एंड हिज ब्रदर्स' जैसी सुपर हिट फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाने वाले फ्रांस के मशहूर अभिनेता एलेन डेलन का निधन हो गया है। एलेन डेलन ने 88 वर्ष की उम्र में आखिरी सांस ली। अभिनेता के पारिवारिक सूत्रों ने ...
इटली से फ्रांस तक समंदर के बीच होगा Anant-Radhika का दूसराप्री वेडिंग फंक्शन, जानिए मेहमानों से लेकरड्रेस कोड तक सबकुछ
Heeramandi के बाद अब Cannes में अपनी 'गजगामिनी चाल' दिखाएंगी Aditi Rao Haidari,फ्रांस के लिए रवाना हुईबिब्बोजान
यूरोप से लेकर Sri Lanka तक इन देशो में शूट हुई है Surya और Bobby Deol की फिल्म Kanguva, बजट उड़ा देगा होश

