अदाणी ग्रुप ने फ्रांस की डायोक्सिकल के साथ किया समझौता, भारत में बढ़ेगा कम-कार्बन केमिकल उत्पादन
अहमदाबाद, अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डायोक्सिकल ने भारत में कम-कार्बन (लो-कार्बन) केमिकल उत्पादन को विकसित करने और बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की घोषणा की है।
यूरोप की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ट्रेड बैन की धमकी से मचा हड़कंप; क्या अब और गहराएगा आर्थिक संकट
पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी गिरती साख के बीच यूरोप ने एक बड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। हालिया घटनाक्रम में यूरोपीय देशों ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मानकों का पालन नहीं हुआ, तो व्यापारिक रियायतें खत्म कर दी जाएंगी। जहाँ एक तरफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान के राजनयिक संबंध फिर से गर्माते दिख रहे हैं, वहीं यूरोप की इस 'धमकी' ने इस्लामाबाद की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरोप ने व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए खुद को संभालना लगभग नामुमकिन होगा।GSP+ स्टेटस पर मंडरा रहा खतरायूरोप ने मुख्य रूप से पाकिस्तान को मिलने वाले 'जीएसपी प्लस' (GSP+) स्टेटस को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। मानवाधिकारों के उल्लंघन, श्रम कानूनों की अनदेखी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा न उतरने के कारण यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को कड़े सुधार करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि पाकिस्तान तय समय सीमा में अपनी नीतियों में सुधार नहीं करता है, तो उसे यूरोप में अपने उत्पाद निर्यात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति सीधे तौर पर पाकिस्तान के टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर को तबाह करने के लिए काफी है, जो पहले ही विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है।अमेरिका की दोस्ती बनाम यूरोप की सख्तीदिलचस्प बात यह है कि एक ओर अमेरिका के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंध चर्चा में हैं, वहीं यूरोप का यह रुख पाकिस्तान के लिए 'दोहरी मुसीबत' बन गया है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका भले ही सामरिक हितों के लिए पाकिस्तान को समर्थन दे रहा हो, लेकिन आर्थिक स्तर पर यूरोप की नाराजगी उसे और कंगाल बना सकती है। पाकिस्तान का एक बड़ा निर्यात बाजार यूरोप में है, और वहां से व्यापारिक मदद बंद होने का मतलब होगा देश की पूरी अर्थव्यवस्था का डगमगा जाना। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान अपनी नीतियों में सुधार करेगा या फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के जाल में और अधिक फंस जाएगा।
उस दौर में जब लड़कियां घर से बाहर नहीं निकलती थीं, जोहरा सहगल पहुंची यूरोप और रचा इतिहास
मुंबई, भारतीय सिनेमा और रंगमंच की दुनिया में जोहरा सहगल का नाम आज भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से, बल्कि अपनी अलग सोच और हिम्मत से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी मोरक्कन फुटबॉल टीम को एक बहुत बड़ा और तगड़ा झटका लगा है। फ्रांस के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल क्वार्टर फाइनल मुकाबले से ठीक पहले टीम के सबसे इन-फॉर्म और खतरनाक अटैकर इस्माइल सैबारी (Ismael Saibari) आधिकारिक तौर पर टीम से बाहर हो गए हैं। मैसाचुसेट्स के खेल मैदान पर होने वाले इस ऐतिहासिक मैच में मोरक्को को अपने इस स्टार खिलाड़ी की कमी बेहद खलने वाली है। चिकित्सा टीम और कोच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सैबारी की हैमस्ट्रिंग इंजरी (Hamstring Injury) इतनी गंभीर है कि वे इस महत्वपूर्ण मैच के लिए मैदान पर उतरने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं।कनाडा के खिलाफ मैच में लगी थी चोट: सिर्फ 22 मिनट में छोड़ना पड़ा था मैदानइस 25 वर्षीय होनहार फॉरवर्ड खिलाड़ी के चोटिल होने का यह पूरा वाकया कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ 16 के बेहद कड़े मुकाबले के दौरान हुआ था। मैच में अभी केवल 22 मिनट का ही खेल पूरा हुआ था कि एक तेज अटैकिंग रन लेते समय इस्माइल सैबारी अचानक मैदान पर ही रुक गए और उन्होंने दर्द से कराहते हुए अपने पैर को पकड़ लिया। उन्होंने तुरंत टीम के मेडिकल स्टाफ को इशारा किया कि वे अब आगे खेल जारी नहीं रख पाएंगे, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया। तभी से मोरक्को के फुटबॉल प्रेमियों और खेल विश्लेषकों के बीच इस बात की चिंता चरम पर थी कि क्या वे फ्रांस जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के लिए समय पर फिट हो पाएंगे या नहीं।मुख्य कोच मोहम्मद ओउआबी ने की पुष्टि: वर्ल्ड कप कैंपेन खत्म होने का मंडराया खतरामुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मोरक्को के मुख्य कोच मोहम्मद ओउआबी (Mohamed Ouabi) ने खेल जगत की इन आशंकाओं पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी। कोच ने बेहद निराश मन से पुष्टि की कि दो मैचों के बीच का समय बहुत कम होने के कारण सैबारी की रिकवरी समय पर पूरी नहीं हो सकी है, जिसके चलते 'लेस ब्लेस' (फ्रांसीसी टीम) के खिलाफ उनका खेलना पूरी तरह नामुमकिन हो चुका है। हालांकि, कोच ओउआबी ने एक उम्मीद की किरण जगाते हुए कहा कि वे प्रार्थना कर रहे हैं कि सैबारी की यह चोट उनके पूरे वर्ल्ड कप कैंपेन को यहीं खत्म न करे और यदि मोरक्को आगे क्वालीफाई करता है तो वे वापसी कर सकें। टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज में लगातार गोल दागकर मोरक्को को शीर्ष पर पहुंचाने वाले खिलाड़ी का बाहर होना एटलस लायंस के लिए एक अपूरणीय क्षति है।सौफियाने रहीमी संभालेंगे सैबारी का मोर्चा: कप्तान अचरफ हकीमी के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारीइस्माइल सैबारी की अनुपस्थिति ने मोरक्कन टीम के कॉम्बिनेशन और सिलेक्शन के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, विशेष रूप से तब जब सामने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस जैसी दुनिया की सबसे आक्रामक टीम खड़ी हो। इस शून्य को भरने के लिए मुख्य कोच ने स्टार खिलाड़ी सौफियान रहीमी (Soufiane Rahimi) को फ्रंटलाइन पर भेजने का फैसला किया है। रहीमी से अब अटैकिंग थर्ड में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद की जा रही है ताकि टीम अपनी उसी आक्रामक रफ्तार और सीधे अप्रोच को बरकरार रख सके जिसने उन्हें क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया है। 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल के इस रीमैच में, जहां फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया था, कप्तान अचरफ हकीमी (Achraf Hakimi) की लीडरशिप वाली इस टीम के पास खुद को साबित करने और पुरानी हार का बदला लेने की बहुत बड़ी चुनौती होगी।
फ्रांस ने 2-0 से जीतकर FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में किया क्वालीफाई, एमबाप्पे ने रचा इतिहास
मैसाचुसेट्स: फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गत चैंपियन फ्रांस ने मोरक्को की मजबूत चुनौती को 2-0 से ध्वस्त करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। मैसाचुसेट्स के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस नॉकआउट मैच में दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को विश्व स्तरीय खेल देखने को मिला। डिडिएर डेसचैम्प्स की रणनीतिक कप्तानी वाली फ्रांसीसी टीम ने मैच की शुरुआत से ही मोरक्को पर अपना दबदबा बनाए रखा। हालांकि मोरक्को के अभेद्य डिफेंस और गोलकीपर यासीन बौनू ने एक घंटे तक फ्रांस को गोल करने से रोके रखा, लेकिन अंततः दूसरे हाफ में फ्रांस के आक्रामक हमलों के सामने मोरक्को की दीवार ढह गई।पहले हाफ में बौनू ने रोका एमबाप्पे का पेनल्टी शॉट, मोरक्को ने दिखाई गजब की हिम्मतमैच की पहली सीटी बजने के साथ ही फ्रांस ने गेंद पर अपना शत-प्रतिशत नियंत्रण (Possession) स्थापित कर लिया और पहले हाफ में लगातार कई खतरनाक मौके बनाए। रियल मैड्रिड के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे ने शुरुआती मिनटों में ही मोरक्को के गोलकीपर यासीन बौनू की परीक्षा ली। इसके बाद डेयोट उपामेकानो और डिज़ायर डूए के शक्तिशाली शॉट्स को भी मोरक्को के डिफेंस ने बड़ी मुस्तैदी से नाकाम किया। मैच में असली ट्विस्ट तब आया जब आधे घंटे के खेल के बाद नौसेर मज़राउई द्वारा बॉक्स के अंदर फाउल किए जाने पर फ्रांस को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी मिली। पेनल्टी लेने आए कप्तान एमबाप्पे ने एक हल्का स्पॉट किक लगाया, जिसका मोरक्को के गोलकीपर बौनू ने सही अंदाजा लगाकर शानदार बचाव कर लिया। इस पेनल्टी सेव ने मैच में डेडलॉक बनाए रखा और मोरक्को के खेमे में एक नया आत्मविश्वास भर दिया।छह मिनट का वो जादुई स्पेल: एमबाप्पे ने दागा 20वां वर्ल्ड कप गोल, डेम्बेले ने पक्की की जीतपेनल्टी मिस करने के बाद भी फ्रांस ने अपना आपा नहीं खोया और मोरक्को को उनके ही हाफ में डिफेंस करने पर मजबूर कर दिया। वालिद रेग्रागुई की मोरक्कन टीम कभी-कभार होने वाले काउंटरअटैक के अलावा कोई सार्थक हमला करने में पूरी तरह विफल रही। आखिरकार मैच के 60वें मिनट में फ्रांस का इंतजार खत्म हुआ। एमबाप्पे ने पेनल्टी एरिया के ठीक बाहर गेंद पर नियंत्रण पाया, उसे अपने पसंदीदा दाहिने पैर पर सेट किया और टॉप कॉर्नर में एक ऐसा रॉकेट शॉट दागा जिसे रोकने का दुनिया के किसी गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं था। यह एमबाप्पे का ऐतिहासिक 20वां वर्ल्ड कप गोल था। इस झटके से अभी मोरक्को उबर भी नहीं पाया था कि ठीक 6 मिनट बाद ओसमान डेम्बेले ने बॉक्स के किनारे से एक बेहतरीन लो-शॉट मारकर स्कोर 2-0 कर दिया और मैच पूरी तरह फ्रांस की मुट्ठी में आ गया।एमबाप्पे की चोट ने बढ़ाई फ्रांस की टेंशन; अब स्पेन या बेल्जियम से होगा सेमीफाइनल का महा-मुकाबलामैच के आखिरी पलों में मोरक्को ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ का इस्तेमाल कर नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा, लेकिन वे फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेगनन को पूरे मैच में सिर्फ एक बार अज़ेदीन ऊनाही के लॉन्ग-रेंज शॉट को रोकने के लिए गंभीर एक्शन में आना पड़ा। स्टॉपेज टाइम में यासीन बौनू ने एक बार फिर बेहतरीन खेल दिखाते हुए सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जीन-फिलिप माटेटा के गोल को रोककर हार के अंतर को बढ़ने से रोका। हालांकि, जीत के जश्न के बीच फ्रांस के लिए थोड़ी चिंता की बात तब सामने आई जब मैच के अंतिम मिनटों में एमबाप्पे को मैदान से बाहर बुला लिया गया और उनके दाहिने पैर पर आइस पैक बंधा देखा गया। राहत की बात यह रही कि कप्तान बिना किसी सहारे के खुद चलकर डगआउट की तरफ गए। अब सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना स्पेन बनाम बेल्जियम (Spain vs Belgium) के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच के विजेता से होगा।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का पहला क्वार्टर फाइनल मैच फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला जा रहा है। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 है। फ्रांस ने कई अटैक बनाए, लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर पाए। 26वें मिनट में किलियन एमबाप्पे को पेनल्टी भी मिली। हालांकि मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार सेव कर गोल बचाया। फ्रांस के स्ट्राइकर एमबाप्पे इस टूर्नामेंट में 7 गोल दाग चुके हैं। मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। अगर एम्बापे इस मैच में गोल करते हैं, तो वे मेसी को पीछे छोड़ देंगे। फ्रांस ने कई अटैक किए, सभी नाकाम फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पांचवें मिनट में एमबाप्पे का शॉट बूनू ने कॉर्नर पर भेज दिया। इसके तुरंत बाद दायो उपामेकानो का हेडर भी उन्होंने शानदार तरीके से रोक लिया। उस्मान डेम्बेले और देजिरे डुए ने भी कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की डिफेंस ने नाकाम कर दिया। एमबाप्पे पेनल्टी पर चूके मैच का सबसे बड़ा मोमेंट 26वें मिनट में आया। एमबाप्पे बॉक्स के अंदर नौसैर मजराउई के टैकल का शिकार हुए और रेफरी ने तुरंत पेनल्टी दे दी। हालांकि VAR जांच के कारण पेनल्टी लेने में देरी हुई। एमबाप्पे का कमजोर शॉट बूनू ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर रोक लिया। मोरक्को की डिफेंस ने अच्छा खेल दिखाया पहले हाफ के आखिरी मिनटों में फ्रांस ने लगातार दबाव बनाए रखा। देजिरे डुए और लुकास डिग्ने के दूर से लगाए गए शॉट्स को बूनू ने रोका। स्टॉपेज टाइम में मोरक्को को एक फ्री-किक भी मिली, लेकिन अशरफ हाकिमी का प्रयास गोलपोस्ट से बाहर चला गया। हाफ टाइम तक फ्रांस के नाम 10 शॉट रहे, जबकि मोरक्को गोल की ओर एक भी शॉट नहीं लगा सका। बावजूद इसके स्कोर 0-0 है। फ्रांस और मोरक्को के बीच वर्ल्ड कप में दूसरी भिड़ंत फ्रांस और मोरक्को के बीच 6 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का एकतरफा दबदबा रहा है। फ्रांस ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है। मोरक्को को सिर्फ 1 में जीत मिली है। 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त दी थी। मोरक्को इस हार का बदला लेना चाहेगी। -------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में 'सन ऑफ बिच' कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…
बिहार की राजनीति में इस समय एक अजीब सी हलचल है। एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 'युवराज' और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों यूरोप के दौरे पर हैं, तो दूसरी तरफ पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर पार्टी के भीतर ही घमासान मचा हुआ है। बांकीपुर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आरजेडी के खेमे में उम्मीदवारों की दावेदारी और आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई है, जो पार्टी आलाकमान के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।तेजस्वी की गैरमौजूदगी में बढ़ी रारतेजस्वी यादव का विदेश दौरा ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में उपचुनावों का माहौल गर्म है। जानकारों का मानना है कि तेजस्वी की अनुपस्थिति में पार्टी के भीतर टिकट के दावेदारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। बांकीपुर सीट को लेकर स्थानीय नेताओं में असंतोष साफ दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के पुराने वफादार और नए कार्यकर्ताओं के बीच संतुलन बिठाना आरजेडी नेतृत्व के लिए बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।बांकीपुर उपचुनाव: आरजेडी के सामने बड़ी चुनौतीबांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल करना आरजेडी के लिए साख का सवाल बन गया है। इस सीट पर पहले से ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, और अब पार्टी के भीतर की गुटबाजी ने चुनावी समीकरणों को और अधिक उलझा दिया है। स्थानीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर समय रहते इस अंतर्कलह को नहीं सुलझाया गया, तो इसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिल सकता है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि क्या लालू प्रसाद यादव की अनुपस्थिति में पार्टी के फैसले उतने प्रभावी रह पाएंगे?आगे क्या हो सकता है?राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि तेजस्वी यादव के लौटते ही पार्टी के भीतर की इस बगावती लहर को शांत करने के लिए बड़े फेरबदल किए जा सकते हैं। बांकीपुर चुनाव न केवल उम्मीदवारों की जीत-हार का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि आरजेडी में तेजस्वी यादव की पकड़ कितनी मजबूत है। आगामी कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं।
पंजाब की एक युवती का विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवती को वर्क वीजा पर यूरोप भेजने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। यूरोप के लिए वीजा लगाना था एसपी को दी शिकायत में जसप्रीत कौर निवासी परस राम नगर, बठिंडा (पंजाब) ने बताया- वह वर्क वीजा पर यूरोप जाना चाहती थी। इस दौरान उसे श्रीगंगानगर के कपिल बंसल इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप के बारे में पता चला। जिसके बाद जसप्रीत कौर ने 29 दिसंबर 2025 को श्रीगंगानगर आकर कपिल बंसल को अपने सारे डॉक्यूमेंट और शुरुआती 20 हजार कैश दे दिए। बाद में 11 जनवरी 2026 तक टोटल 3.50 लाख रुपए कैश व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दिए। युवती को यूरोप जाने का टोटल खर्च 9.50 लाख रुपए बताया गया था। बाकी पैसे यूरोप पहुंचने पर जमा करने की बात हुई थी। दुबई रूट से भेजने की बात कही कपिल बंसल की पत्नी पूनम ने जसप्रीत को बताया कि वीजा दुबई रूट से लगेगा। वहां काम करने के बाद एम्प्लॉयी आईडी बनाकर यूरोप भेज दिया जाएगा। 18 जनवरी 2026 को आरोपी ने जसप्रीत कौर को 2 फरवरी की दुबई टिकट बुक करने को कहा। टिकट बुक हो गई, लेकिन कुछ दिन बाद एंट्री पास न आने का बहाना बनाकर वापस बुला लिया। फोन उठाना बंद किया जसप्रीत कौर ने बार-बार फॉलोअप किया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। फोन उठाना बंद कर दिया। ऑफिस में जाने पर मिलते ही नहीं थे। आखिरकार 30 मई 2026 तक भेजने का आश्वासन दिया और कहा कि अगर नहीं भेज पाए तो सारा पैसा लौटा देंगे। 30 मई के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो जसप्रीत कौर ने ऑफिस और घर पर कई बार जाकर पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करते रहे और अंत में पैसे लौटाने से मना कर दिया। जिसके बाद जसप्रीत ने पहले सदर थाना, श्रीगंगानगर में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसपी के समक्ष पेश हुई। फिलहाल सपा के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सतवीर सिंह कर रहे हैं।
2026 फीफा वर्ल्ड कप अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के क्वार्टर फाइनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 32 साल बाद अंतिम-8 में 6 यूरोपियन (यूएफा) टीमों ने अपनी जगह बनाई है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह केवल चौथी बार है, जब यूरोप का ऐसा ऐतिहासिक दबदबा देखने को मिला है। इससे पहले, सिर्फ 1994 (7 टीम), 1958 (7 टीम) और 1934 (8 टीम) में ही क्वार्टर फाइनल में 6 से ज्यादा यूरोपियन टीमें पहुंची थीं। इस बार क्वार्टर फाइनल में जो 8 टीमें खिताबी जंग के लिए तैयार हैं, वे अर्जेंटीना, बेल्जियम, इंग्लैंड, फ्रांस, मोरक्को, नॉर्वे, स्पेन और स्विट्जरलैंड हैं। मैदान पर अर्लिंग हालेंड, हैरी केन, किलियन एमबाप्पे, लियोनेल मेसी और लामिने यमाल जैसे दिग्गजों का जमावड़ा होगा। क्वार्टर फाइनल-1 फ्रांस जीत का दावेदार, मोरक्को उलटफेर करने में सक्षम यह मुकाबला 2022 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का 'रीमैच' है। 27 वर्षीय कप्तान किलियन एमबाप्पे 103 इंटरनेशनल मैचों में 63 गोल के साथ फ्रांस के ऑलटाइम टॉप स्कोरर हैं। यह उनका तीसरा वर्ल्ड कप है। पहले दो में वह क्रमशः चैम्पियन और रनर-अप रहे हैं। 2022 में सेमीफाइनल में पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बना मोरक्को अब फाइनल में पहुंचने के इरादे से उतरेगा। चोटिल स्ट्राइकर इस्माइल सैबारी की फिटनेस चिंता का विषय है, लेकिन उनके खेलने की उम्मीद है। मिडफील्डर अजेदीन ओनाही (कनाडा के खिलाफ 2 गोल) और ब्राहिम डियाज व अचरफ हकीमी (3 असिस्ट) टीम को खतरनाक बनाते हैं। फ्रांस जीत का प्रबल दावेदार है, लेकिन मोरक्को उलटफेर करने में सक्षम है। क्वार्टर फाइनल-2 बेल्जियम के सामने स्पेन के डिफेंस को भेदने की चुनौती यह मुकाबला स्पेन के रिकॉर्ड-तोड़ डिफेंस और बेल्जियम के अनुभवी अटैक की जंग है। स्पेन ने इस वर्ल्ड कप में अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। मार्क कुकुरेला, आयमेरिक लापोर्टे, पाउ कुबार्सी, पेड्रो पोरो और गोलकीपर उनाई सिमोन स्पेन के डिफेंस की मजबूती हैं। बेल्जियम पिछले दो मैचों में 9 गोल कर शानदार फॉर्म में है। 34 वर्षीय थिबो कोर्टुआ, 33 वर्षीय रोमेलु लुकाकू, 35 वर्षीय केविन डि ब्रुएन और 31 वर्षीय लिएंड्रो ट्रॉसार्ड टीम की ताकत हैं। स्पेन के अफ्रीकी मूल के स्टार लामिने यमाल की भूमिका भी अहम रहेगी। क्वार्टर फाइनल-3 टूर्नामेंट के दो सबसे खतरनाक स्ट्राइकर्स की जंग नॉर्वे के अर्लिंग हालेंड और इंग्लैंड के हैरी केन टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर्स में हैं। हालेंड को रोकने की जिम्मेदारी मार्क गुएही, एजरी कोन्सा और गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड पर होगी। इंग्लैंड एक बार फिर मजबूत इरादों के साथ क्वार्टर फाइनल में है। कोच थॉमस ट्यूशेल के टीम चयन के कड़े और विवादास्पद फैसले अब तक सही साबित हुए हैं। हालांकि, नॉर्वे का उलटफेर इंग्लैंड का सपना तोड़ सकता है। क्वार्टर फाइनल-4 मेसी के पास इतिहास रचने का मौका डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। अगर अर्जेंटीना यह वर्ल्ड कप जीतता है, तो मेसी बतौर कप्तान दो बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाने वाले फुटबॉल इतिहास के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे। साथ ही अर्जेंटीना लगातार दो पुरुष वर्ल्ड कप जीतने वाला दूसरा देश बन जाएगा। ब्राजील यह कारनामा कर चुका है। दूसरी ओर आधुनिक फुटबॉल की बड़ी महाशक्तियों में शामिल न होने के बावजूद स्विट्जरलैंड 1934, 1938, 1954 और 2026 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा है। हालांकि, टीम कभी भी सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी है। ----------------------------------------------------------
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती मुजफ्फरपुर की एक युवती के लिए महंगी साबित हुई। खुद को यूरोप में कार शोरूम का मालिक बताने वाले एक साइबर ठग ने पहले प्रेमजाल में फंसाया, फिर शादी और विदेश में बसाने का सपना दिखाकर वीजा-पासपोर्ट बनवाने के नाम पर 2.20 लाख रुपए ठग लिए। व्हाट्सएप पर भेजे गए कथित वीजा और पासपोर्ट फर्जी निकलने पर युवती को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने काजी मोहम्मदपुर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। रील से शुरू हुई बातचीत, फिर शादी का प्रस्ताव पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि करीब पांच महीने पहले इंस्टाग्राम पर रील देखते समय शादी से जुड़ा एक वीडियो सामने आया। वीडियो में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद उसकी एक युवक से बातचीत शुरू हुई। करीब दो महीने तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही। इसी दौरान युवक ने खुद को यूरोप में कार शोरूम का मालिक बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा। आरोपी ने दावा किया कि शादी के बाद वह युवती को यूरोप बुलाएगा और अपने कारोबार की जिम्मेदारी भी सौंप देगा। उसकी बातों पर भरोसा कर युवती शादी के लिए तैयार हो गई। वीजा-पासपोर्ट के नाम पर ऐंठ लिए 2.20 लाख रुपए भरोसा कायम होने के बाद आरोपी ने विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर वीजा और पासपोर्ट बनवाने के लिए अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगने शुरू किए। युवती ने उसके बताए बैंक खाते में कुल 2.20 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर कथित रूप से वीजा और पासपोर्ट की कॉपी भेज दी, जिन पर अधिकृत मुहर भी लगी हुई थी। दस्तावेज देखने के बाद युवती को शुरुआत में कोई शक नहीं हुआ। जांच में फर्जी निकले दस्तावेज कुछ दिनों बाद जब युवती ने भेजे गए वीजा और पासपोर्ट की सत्यता की जांच कराई तो उन पर संदेह हुआ। जांच में दस्तावेज फर्जी होने की आशंका सामने आने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पूरे मामले की शिकायत काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस से की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़िता ने आवेदन के साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड, कथित वीजा-पासपोर्ट की कॉपी और आरोपी की तस्वीर भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान और लोकेशन का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के डॉ. भंडारी का नया विश्व रिकॉर्ड: फ्रांस से भारत में कीं 10 टेली-रोबोटिक सर्जरी
उदयपुर/इंदौर | देश ने चिकित्सा विज्ञान में फिर विश्व स्तर पर परचम लहराया है। इंदौर के बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने नया कीर्तिमान रचा है। उन्होंने फ्रांस से भारत के बीच एक ही सत्र में सबसे ज्यादा 10 ट्रांसकॉन्टिनेंटल टेली-रोबोटिक गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी की हैं। डॉ. भंडारी ने फ्रांस से अत्याधुनिक रोबोटिक प्रणाली के जरिए इंदौर के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया। वे दुनिया की पहली ट्रांसकॉन्टिनेंटल रोबोटिक सर्जरी करने वाले सर्जन भी हैं। इससे पहले वे ऑस्ट्रेलिया से 10 हजार किलोमीटर दूर लाइव टेली-रोबोटिक सर्जरी कर चुके हैं। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे ज्यादा सर्जरी के लिए उनका नाम ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है।
इंदौर के बैरिएट्रिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने चिकित्सा क्षेत्र में नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने फ्रांस से इंदौर स्थित मरीजों की एक ही सत्र में 10 ट्रांसकॉन्टिनेंटल टेली-रोबोटिक गैस्ट्रिक बायपास सर्जरी सफलतापूर्वक कर नया रिकॉर्ड बनाया। अत्याधुनिक मेडबोट रोबोटिक सिस्टम और हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी की मदद से की गई इन सर्जरी को वैश्विक चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे पहले भी डॉ. भंडारी फ्रांस के IRCAD से भारत की पहली ट्रांसकॉन्टिनेंटल रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी और ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से इंदौर में लाइव टेली-रोबोटिक सर्जरी कर चुके हैं। उन्हें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सर्वाधिक बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जरी के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि भविष्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक उच्च गुणवत्ता वाली सर्जिकल सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
बांकीपुर उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है। यहां से बीजेपी, आरजेडी और जन सुराज के राजनीति की नई दिशा भी तय होगी। एक तरफ जहां BJP 30 साल से चली आ रही विरासत की सीट जीतने के लिए हर कोशिश करेगी। वहीं, PK खुद को किसी तरह विधानसभा तक पहुंचाने के लिए पूरा दम लगा रहे हैं। इस बीच यूरोप टूर पर गए तेजस्वी ने आनन-फानन में रेखा गुप्ता को कैंडीडेट बना दिया। इससे महागठबंधन में नाराजगी भी दिखने लगी है। कांग्रेस ने इसका विरोध किया। ऐसे में बड़ा सवाल कि तेजस्वी ने कांग्रेस की बात क्यों नहीं मानी। तेजस्वी ने यह जल्दबाजी क्यों की? क्या बीजेपी को हराना उनके एजेंडे में नहीं है? विधानसभा में पीके के जाने से तेजस्वी को क्या डर है? जानेंगे, बूझे की नाही में…। 1. तेजस्वी यूरोप में... फिर भी टिकट घोषित करने की इतनी जल्दी क्यों? बांकीपुर उपचुनाव में ससबे बड़ी बात उम्मीदवारों का ऐलान नहीं, बल्कि उसकी टाइमिंग है। जब चर्चा तेज हुई कि अगर महागठबंधन प्रशांत किशोर का समर्थन कर दे तो बीजेपी को कठिन मुकाबला मिल सकता है। इसी दौरान छुट्टी मनाने यूरोप गए तेजस्वी यादव ने आरजेडी की ओर से रेखा गुप्ता के नाम का ऐलान कर दिया। 2. बीजेपी से ज्यादा पीके को रोकना क्यों जरूरी समझ रहे तेजस्वी? बांकीपुर का उपचुनाव सरकार बदलने वाला नहीं है। इसके बावजूद यह सीट पूरे बिहार की राजनीति का केंद्र बनी हुई है। कारण, प्रशांत किशोर हैं। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव है। 3. क्या तेजस्वी को डर है कि विधानसभा में पीके विपक्ष का चेहरा बन जाएंगे? प्रशांत किशोर पिछले तीन वर्षों से बिहार में लगातार पदयात्रा और जनसंवाद कर रहे हैं। जनता के बीच जाकर शिक्षा, पलायन, रोजगार और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दे उठा रहे हैं। दूसरी ओर तेजस्वी यादव का सबसे मजबूत राजनीतिक अभियान नौकरी और रोजगार का रहा है। 4. जातीय गणित में दो सवर्ण उम्मीदवार, क्या इसी समीकरण पर खेल रहे तेजस्वी? बांकीपुर विधानसभा सीट सवर्ण बहुल मानी जाती है। यहां कायस्थ, ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत मतदाताओं की बड़ी संख्या है। 5. महागठबंधन में बढ़ी दरार, कांग्रेस की नाराजगी क्या संकेत देती है? रेखा गुप्ता के नाम की घोषणा के बाद प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने साफ कहा कि बिना बातचीत कोई दल गठबंधन का हिस्सा नहीं हो सकता। इसके बाद कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने की चर्चा भी शुरू हो गई। 6. पप्पू से कन्हैया तक... क्या तेजस्वी युवाओं को आगे नहीं आने देते? बिहार की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में कई युवा नेताओं का उभार हुआ है। लोकसभा चुनाव में पूर्णिया से पप्पू यादव को रोकने के लिए आरजेडी ने बीमा भारती को मैदान में उतारा, लेकिन पप्पू यादव निर्दलीय चुनाव जीत गए। 7. अगर पीके जीत गए तो सबसे बड़ा नुकसान किसे होगा? बांकीपुर उपचुनाव का राजनीतिक असर जीत-हार के बाद तक दिखाई दे सकता है। अगर प्रशांत किशोर बीजेपी उम्मीदवार को हराने में सफल होते हैं तो यह उनकी पहली चुनावी जीत होगी और जन सुराज को मजबूती मिलेगी। 8. पीके का ग्राउंड कनेक्ट तेजस्वी के लिए सबसे बड़ी चुनौती? तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। जनता को उम्मीद रहती है कि वे उनकी आवाज उठाएंगे, लेकिन कई बड़े मौकों पर तेजस्वी यादव ग्राउंड जीरो पर नहीं पहुंचे। जैसे भरत तिवारी एनकाउंटर और नीट छात्रा मौत मामला। तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर में तुलना नहीं: प्रवीण बागी राजनीतिक विश्लेषक प्रवीण बागी ने कहा, ‘तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर में कोई तुलना नहीं है। बौद्धिकता और बोलने की शैली आदि में तेजस्वी यादव, प्रशांत के आगे कुछ नहीं हैं। कन्हैया कुमार भी तेजस्वी पर बीस पड़ते थे। वह बिहार में अब बहुत एक्टिव नहीं हैं। पप्पू यादव को तेजस्वी ने रोकना चाहा, पर वे जीत गए।’
नालंदा की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि 'गिद्धि झील' इन दिनों पक्षी प्रेमियों और शोधार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हाल ही में हुए एक गहन पक्षी अवलोकन कार्यक्रम के दौरान यहां 50 से अधिक प्रवासी पक्षी 'फेजेंट टेल्ड जकाना' (जलमोर) देखे गए, जिससे पर्यावरणविदों में उत्साह है। शोधार्थियों ने किया व्यवहार और आवास का अध्ययन पक्षी विशेषज्ञ राहुल कुमार के नेतृत्व में विभिन्न जिलों से आए शोधार्थियों और पक्षी प्रेमियों की टीम ने गिद्धि झील का दौरा किया। इस दौरान टीम ने पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्राकृतिक आवास का बारीकी से अध्ययन किया। अभियान के दौरान टीम ने एक घायल जलमोर का सुरक्षित रेस्क्यू भी किया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद वापस सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया गया। जैव विविधता का गढ़ है गिद्धि झील पक्षी विशेषज्ञ राहुल कुमार ने बताया कि यह झील न केवल स्थानीय पक्षियों के लिए प्रजनन स्थल है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण ठहराव (स्टॉप-ओवर) भी है। ठंड के मौसम में यहां एशिया, यूरोप और चीन से पक्षी आते हैं। वहीं, गर्मी के दिनों में अफ्रीका से 'चातक' (पाइड कुकु) यहां का रुख करते हैं। अवलोकन के दौरान कॉटन टील (सूती बतख), कॉमन मूरहेन (जलमुर्गी), ग्रे-हेडेड स्वैम्पहेन, पनकौवा, शिकरा, एशियन कोयल और इंडियन रोलर सहित अनेक दुर्लभ प्रजातियों की गणना की गई। जागरूकता और संरक्षण पर जोर कार्यक्रम के दौरान पक्षियों की पहचान के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। 'बर्ड फ्लैशकार्ड' और 'बर्ड कॉल' (पक्षियों की आवाज) के माध्यम से प्रतिभागियों को फील्ड पहचान के गुर सिखाए गए। साथ ही, स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर झील के संरक्षण और आर्द्रभूमि के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों और पर्यावरणविदों की सहभागिता इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पटना की बीपीआरओ मीनाक्षी प्रियदर्शिनी, बीईओ विपुल विक्रम, नेचर कंज़र्वेशन फाउंडेशन के राहुल कुमार व अविनाश कुमार, फोटोग्राफर राजू कुशवाहा, रजनी कुमारी और आयुष कुमार सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी ने संकल्प लिया कि गिद्धि झील की जैव विविधता को बचाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेता की सजा घटी लेकिन चुनौतियां नहीं
फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन की सजा घटा कर कोर्ट ने उनके चुनाव लड़ने के राह की बाधा मिटा दी है। हालांकि उनकी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं।
आगरा में मंगलवार की सुबह 9 बजे ताजमहल घूमने आई फ्रांस की पर्यटक जूलियट ईवा और उनकी साथी वैरोनिका से फ्रॉड हो गया। ऑनलाइन बुक की गई कैब के ड्राइवर ने दोनों से ठगी की। दोनों मंगलवार को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचीं। उनकी फ्लाइट करीब डेढ़ घंटे देरी से सुबह 6 बजे दिल्ली पहुंची। उसके बाद आगरा के लिए कैब बुक किया। कैब से सुबह 9 बजे आगरा पहुंचीं। उन्होंने ड्राइवर को पहले ही बुकिंग की रकम ऑनलाइन दे दिया था। लेकिन उसने तय किराए के अलावा एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क का हवाला देकर अतिरिक्त रकम मांगी। ड्राइवर ने फ्लाइट लेट होने का बहाना बनाकर 50 यूरो (करीब 5 हजार रुपए भारतीय करेंसी) अतिरिक्त वसूल लिए। ताजमहल के पास गाइडों की सतर्कता से मामला खुला। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर से रकम वापस कराई। उसकी कार सीज कर शांति भंग की कार्रवाई की। किराया पहले ही दिया, फिर भी 500 रुपए अलग से वसूले पुलिस के अनुसार, दिल्ली से आगरा तक का किराया पहले ही दो हजार रुपये तय होकर ऑनलाइन अदा किया जा चुका था। आगरा पहुंचने पर कैब ड्राइवर अजहरुद्दीन ने पर्यटकों को ताजमहल के पूर्वी गेट की बजाय पुरानी मंडी क्षेत्र में उतारा। 500 रुपये अतिरिक्त देने की बात कही। जानकारी के अभाव में पर्यटक ने 500 रुपये की जगह 50 यूरो चालक को दे दिए। मौके पर मौजूद गाइड ने पर्यटक को यूरो देते देखा तो उनसे बातचीत की। पूरी जानकारी मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ड्राइवर को बुलाकर उससे 50 यूरो वापस कराए। रकम वापस मिलने पर पर्यटक ने पुलिस का धन्यवाद किया। एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र नागर ने बताया कि ट्रांस यमुना निवासी ड्राइवर अजहरुद्दीन के खिलाफ पर्यटक की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। इसलिए पुलिस ने शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उसकी कार सीज कर दी। पहले भी पर्यटकों से अलग-अलग तरह से फ्रॉडयह ताजमहल क्षेत्र में पर्यटकों से ठगी का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खरीदारी, होटल बुकिंग और अन्य बहानों से देशी-विदेशी पर्यटकों से धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रही है, लेकिन ऐसे मामलों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।
मुरादाबाद के गोकुलदास हिंदू महिला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने फ्रांस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत कर शहर का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने 24 जुलाई 2026 को पेरिस के Ibis Styles Paris Vlizy में विश्व आयुष फाउंडेशन द्वारा आयोजित सम्मेलन में भाग लिया। प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने 'Yoga in Global Interface: Intersecting Ancient Wisdom with Contemporary Relevance' विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने भारतीय योग परंपरा और अंग्रेजी साहित्य के बीच संबंधों को विस्तार से रेखांकित किया। योग और भारतीय दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर रखा पक्ष अपने शोध पत्र में प्रोफेसर मेहरोत्रा ने बताया कि योग भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों का अभिन्न हिस्सा रहा है। प्राचीन काल से महर्षियों और योगियों द्वारा इसका अभ्यास किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, श्री अरविंद और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान विचारकों ने भारतीय योग दर्शन को पश्चिमी देशों तक पहुंचाया, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति वैश्विक रुचि बढ़ी। कई प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं का किया उल्लेख अपने शोध में उन्होंने टी.एस. इलियट, डब्ल्यू.बी. यीट्स, आर.डब्ल्यू. इमर्सन, एच.डी. थोरो, विलियम वर्ड्सवर्थ, सैमुअल टेलर कोलरिज, राजा राव, आर.के. नारायण, अवनी दोशी, मैट हेग और मेग मेसन जैसे प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं में योग, भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक चेतना के विभिन्न आयामों को अभिव्यक्त किया है। उन्होंने टी.एस. इलियट की प्रसिद्ध कृति 'द वेस्ट लैंड' का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय वेदों और उपनिषदों के विचारों की झलक दिखाई देती है। सम्मेलन में मिली सराहना अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा के शोध पत्र की विद्वानों ने सराहना की। इस दौरान उन्होंने एक अकादमिक सत्र की अध्यक्षता भी की। उनकी इस उपलब्धि पर गोकुलदास हिंदू महिला महाविद्यालय परिवार, सहयोगियों, विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी।
फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे और पराग्वे की सांसद सेलेस्टे अमरिला के बीच फुटबॉल वर्ल्ड कप मैच के बाद शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद अब कानूनी कार्रवाई की चेतावनी तक पहुंच गया है। अमरिला ने एमबाप्पे के नाम खुला पत्र जारी कर उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका विवाद फ्रांस या उसकी टीम से नहीं, बल्कि एमबाप्पे के व्यवहार से है। साथ ही माफी नहीं मिलने पर जेंडर वायलेंस के तहत कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। फ्रांस से नहीं, एमबाप्पे के घमंड से है दिक्कत'यह विवाद तब शुरू हुआ जब फ्रांस ने वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में पराग्वे को 1-0 से हराकर बाहर कर दिया। मैच के बाद अमरिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे को लेकर आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। जवाब में एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणास्पद महिला' और 'अपने पद के अयोग्य' बताया। अब अमरिला ने अपने X अकाउंट पर खुला पत्र जारी कर कहा कि उनका विरोध सिर्फ एमबाप्पे के व्यवहार से है, फ्रांस से नहीं। उन्होंने लिखा, 'मैंने बचपन से बड़े होने तक तक फ्रेंच स्कूल में पढ़ाई की है। फ्रेंच भाषा बोलती हूं और फ्रांस से मेरा गहरा लगाव है। पिछले साल क्रिसमस भी परिवार के साथ फ्रांस में मनाया था। इसलिए मेरा विवाद फ्रांस से नहीं, बल्कि तुम्हारे घमंडी रवैये से है।' मैच से पहले और बाद में भी पराग्वे का अपमान किया'अमरिला ने आरोप लगाया कि मैच से पहले एमबाप्पे के बयान और मैच के दौरान उनका रवैया पराग्वे के खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक था। उन्होंने कहा कि एमबाप्पे ने विरोधी खिलाड़ियों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और जीत के बाद भी खेल भावना नहीं दिखाई। उनके मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद एमबाप्पे ने पराग्वे के गोलकीपर से हाथ नहीं मिलाया और उसके सामने जाकर आक्रामक अंदाज में जीत का जश्न मनाया। उन्होंने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। अपनी विवादित पोस्ट पर भी जताया अफसोस अमरिला ने स्वीकार किया कि मैच के तुरंत बाद गुस्से में उन्होंने एमबाप्पे के खिलाफ नस्लीय और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। हालांकि बाद में उन्होंने वह पोस्ट डिलीट कर दी। उन्होंने लिखा, मुझे एहसास हुआ कि मैं भी वही नफरत दोहरा रही हूं, जिसका मैं खुद विरोध करती हूं। इसलिए मैंने वह पोस्ट हटा दी, क्योंकि वह अपमानजनक थी। माफी नहीं मांगी तो कोर्ट जाने की चेतावनी एमबाप्पे की ओर से 'घृणास्पद महिला' और 'अपने पद के अयोग्य' कहे जाने पर अमरिला ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वह पराग्वे की जनता द्वारा चुनी गई सीनेटर हैं और उन्हें इस तरह अपमानित करने का किसी को अधिकार नहीं है। पत्र के अंत में उन्होंने एमबाप्पे पर राजनीतिक और जेंडर आधारित हिंसा का आरोप लगाते हुए लिखा, तुम सिर्फ इसलिए मेरा अपमान कर रहे हो क्योंकि मैं एक महिला हूं। अपने शब्द वापस लो और मुझसे माफी मांगो। अगर ऐसा नहीं किया तो मैं तुम्हारे खिलाफ जेंडर वायलेंस के तहत कानूनी कार्रवाई करूंगी।
भारत जैसी हीटवेव अब यूरोप में भी: वैज्ञानिकों ने बताया क्यों बढ़ रही है रिकॉर्डतोड़ गर्मी
जलवायु परिवर्तन ने यूरोप की जून 2026 हीटवेव को 3.5C तक अधिक गर्म बनाया। जानिए हीट डोम, वैज्ञानिकों की चेतावनी और भारत के लिए इसका संदेश।
यूरोप दौरे से लौटा फीको प्रतिनिधिमंडल, साइकिल उद्योग को मिले नए अवसर
लुधियाना| फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन (फीको) का प्रतिनिधिमंडल, फीको के अध्यक्ष गुरमीत सिंह कुलार के नेतृत्व और प्रतिनिधिमंडल के नेता राजेश सेठ के साथ, जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और इटली के सफल दौरे के बाद भारत लौट आया है। प्रतिनिधिमंडल ने यूरोबाइक 2026, जो विश्व की सबसे प्रतिष्ठित साइकिल प्रदर्शनी है, में भाग लिया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने यूरोप के अग्रणी साइकिल निर्माताओं, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, उद्योग संगठनों तथा व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस यात्रा से साइकिल निर्माण, सतत गतिशीलता (सस्टेनेबल मोबिलिटी), नवाचार, स्वचालन (ऑटोमेशन) तथा अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से संबंधित नवीनतम तकनीकों और प्रवृत्तियों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। प्रतिनिधिमंडल ने हॉलैंड मैकेनिक्स के अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र का दौरा किया, जो साइकिल व्हील-बिल्डिंग मशीनरी एवं साइकिल असेंबली समाधानों के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। यहां बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी घोषणा की है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पूरे बिहार में अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 01- बांकीपुर उपचुनाव लड़ेंगे जनसुराज संयोजक PK पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी घोषणा की है। प्रशांत किशोर ने कहा, “चार सालों से जन सुराज ही मेरी जिंदगी है। पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरा करने का प्रयास करूंगा। बांकीपुर से अगर जीत मिलती है तो उससे पार्टी का मनोबल काफी बढ़ेगा और पार्टी आगे बढ़ेगी।” पूरी खबर पढ़ें 02- RJD स्थापना दिवस, यूरोप यात्रा पर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पूरे बिहार में अपना 30वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और बिहारवासियों के नाम एक संदेश जारी किया। अपने संदेश में लालू यादव ने न सिर्फ पार्टी के गौरवशाली इतिहास और संघर्षों को याद किया, बल्कि भाजपा पर देश को पीछे धकेलने और तानाशाही की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। पूरी खबर पढ़ें 03- अशोक चौधरी बोले- भरत एनकाउंटर के वक्त SDM वहां क्या कर रहे थे बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी रविवार को एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के घर पहुंचे। भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद वो भरत तिवारी का जहां एनकाउंटर हुआ था वहां पहुंचे। लोगों ने कहा कि, भरत तिवारी को हमारी आंखों के सामने मार दिया गया। अशोक चौधरी ने कहा कि भक्षक अगर रक्षक बनेगा तो महादेव उसका इलाज करेंगे। पूरी खबर पढ़ें 04- वैभव ने तोड़ा सचिन का 36 साल पुराना रिकॉर्ड समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। मैनचेस्टर में भारत के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने वैभव को डेब्यू कैप दी। जिसके बाद वह भारत के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले 122वें खिलाड़ी बन गए हैं। कैप मिलने के बाद वे भावुक होकर रो पड़े। पूरी खबर पढ़ें 05- सड़क हादसे में पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत भोजपुर के रविवार सुबह भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत गई। एक युवक की हालत गंभीर है। मृतकों में पति-पत्नी और देवर शामिल हैं। ये सभी मृतक झारखंड के देवघर के रहने वाले थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय कार की रफ्तार 120Kmph होगी। टक्कर इतनी जोरदार थी स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी का अगल हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। पूरी खबर पढ़ें 06- भरत एनकाउंटर मामले में 12 क्रिएटर्स पर केस भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 12 कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि ये लोग अफवाह फैलाकर सामाजिक द्वेष पैदा करने और शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें 07- बरौनी से 25 लाख की हेरोइन जब्त, 4 अरेस्ट बेगूसराय में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसके तहत पुलिस और अलग-अलग एजेंसियों को कामयाबी हाथ लगी है। बरौनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-7 पर बने नए फुटओवर ब्रिज के नीचे से पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार शातिर ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 118 ग्राम अवैध हेरोइन (कोटा) बरामद की गई है। पूरी खबर पढ़ें 08- आरा के युवक ने पंजाब में किया सुसाइड आरा के रहने वाले 26 साल के युवक ने पंजाब के लुधियाना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कहा- फोन उठा लो, नहीं तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे। हालांकि, उसने यह वीडियो किसके लिए बनाया, किसे भेजा और आत्महत्या क्यों की, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। पूरी खबर पढ़ें 09- कॉलेज में पर्दे लगाने में खर्च हुए 70 हजार पटना साइंस कॉलेज में कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि पटना साइंस कॉलेज के एक कमरे में पर्दे लगाने पर लगभग 70,000 रुपये खर्च किए गए। इसके साथ ही कॉलेज में कैंटीन टेंडर प्रक्रिया में भी धांधली हुई है। एक ही व्यक्ति द्वारा दो बार टेंडर जमा करने की अनुमति दी गई। पूरी खबर पढ़ें 10- 12 जिले में कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट पटना समेत बिहार के 12 जिलों में कल यानी सोमवार को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 7 जुलाई के बाद कई जिले में भारी बारिश होगी। फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य बना रहेगा।
RJD आज रविवार को अपना 30वां स्थापना दिवस पूरे बिहार में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पार्टी की ओर से राज्य के सभी 38 जिलों में स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम विस्तृत संदेश जारी किया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल यूरोप दौरे पर हैं। इसलिए उनकी मौजूदगी में मुख्य कार्यक्रम 1 जुलाई को ही पार्टी कार्यालय में आयोजित किया गया था। लालू यादव बोले- 5 जुलाई बिहार की राजनीति का ऐतिहासिक दिन अपने संदेश में लालू प्रसाद यादव ने कहा, ‘5 जुलाई 1997 को राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए की गई थी। यह कोई साधारण दिन नहीं, बल्कि बिहार और देश की राजनीति की दिशा और दशा बदलने वाला ऐतिहासिक दिन है।’ कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण को किया नमन लालू यादव ने कहा, ‘राजद का विस्तार लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं के त्याग, संघर्ष और मेहनत की बदौलत हुआ है।’ उन्होंने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के योगदान को सलाम किया। गरीब की भागीदारी वाला विकास हमारा लक्ष्य- लालू लालू यादव ने अपने संदेश में कहा, 'राजद का विकास मॉडल केवल चमकते हवाई अड्डों, मॉल और बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। पार्टी ऐसे विकास में विश्वास करती है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और हिस्सेदारी सुनिश्चित हो।' उन्होंने आगे कहा, ‘मजदूरों, किसानों, कारीगरों और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही राजद का उद्देश्य है।’ संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र पर चिंता जताई लालू यादव ने आरोप लगाया, ‘देश में संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और लोकतंत्र नई चुनौतियों का सामना कर रहा है।’ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। राजद सिर्फ चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं- लालू अपने संदेश में लालू यादव ने कहा, ‘राजद केवल चुनाव लड़ने वाली मशीन नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है।’ उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और उनके मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाने की अपील की। जब सदन चलता है, तब तेजस्वी गायब रहते हैं- जमा खान बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। सत्तापक्ष लगातार उनके विदेश दौरे पर सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। 1 जुलाई को आयोजित स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम की तस्वीरें… लालू यादव बोले- ‘हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे’ तेजस्वी यादव के यूरोप दौरे पर रहने के कारण पार्टी ने स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम 1 जुलाई को ही पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया था। इसे लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा के कारण कार्यक्रम पहले आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लालू प्रसाद यादव ने की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘पार्टी ने हमेशा संघर्ष किया है और आगे भी जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।’ तेजस्वी बोले- लालू नाम नहीं एक विचारधारा है तेजस्वी ने कहा, पार्टी को 30 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक कोई इस पर उंगली नहीं उठा सकता। “यह संघर्ष करने वाली पार्टी है और मुझे पूरा विश्वास है कि हम सभी मिलकर लालू जी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे।” उन्होंने कहा- लालू यादव सिर्फ एक नाम नहीं हैं, बल्कि एक विचारधारा हैं, एक विज्ञान हैं, एक यूनिवर्सिटी हैं। इसलिए उन्हें गालियां दी जाती हैं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि सभी ओरिजिनल भाजपाई हो जाएं। लालू यादव ने न जाने कितने सांसद और मंत्री बनाए। सबको मौका दिया, सबको आगे बढ़ाया। अब फैशन हो गया है कि जो लालू यादव को गाली देगा, उसे बीजेपी आगे बढ़ाएगी। लालू यादव के बिना बिहार और देश की राजनीति की कल्पना नहीं की जा सकती। तेजस्वी यादव की बड़ी बातें बिहार का खजाना खाली है: तेजस्वी ने भाजपा और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “बिहार का खजाना खाली है। कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं, योजनाओं के लिए पैसा नहीं है, यहां तक कि विधायक फंड का पैसा भी रोक दिया गया है। कुछ बेईमान पदाधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।” सम्राट चौधरी को बताया अंगूठाछाप: उन्होंने कहा, सम्राट चौधरी अंगूठाछाप मुख्यमंत्री हैं। यह सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल पर चल रही है। जिस मुख्यमंत्री पर हत्या का केस है, जो खुद अपराधी है, उसके शासन में फर्जी एनकाउंटर होना स्वाभाविक है। सम्राट चौधरी को बिहार की चिंता नहीं है, बल्कि सरकार अमित शाह चला रहे हैं। पगड़ी नहीं संभाल पाए, बिहार क्या संभालेंगे: तेजस्वी ने आरोप लगाया, “गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी तक नहीं संभाल पाए और जाकर मुंडन करा लिया। जो अपनी पगड़ी नहीं संभाल पाया वो बिहार क्या संभालेगा।” अंतिम सांस तक बीजेपी और RSS से लड़ता रहूंगा: तेजस्वी ने कहा, बेईमान अधिकारी, सरकारी पैसे और स्वतंत्र एजेंसियों का दुरुपयोग करके ये लोग चुनाव जीतते हैं। मैं अंतिम सांस तक बीजेपी और RSS से लड़ता रहूंगा। कोई भी हमेशा सत्ता में नहीं रहता। हर किसी का समय तय है। आपसी लड़ाई मत कीजिए, पार्टी का नुकसान होता है: उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव में सीटें सीमित होती हैं। हमने सभी साथियों से धैर्य रखने को कहा था। सरकार बनने के बाद सभी को उचित सम्मान मिलेगा, लेकिन होता यह है कि लोग एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं। आपसी लड़ाई का नुकसान पार्टी और उन्हें होता है। हमारी पार्टी आज भी मजबूत है। कई लोग आए और गए, लेकिन पार्टी का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी उठा स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान भरत एनकाउंटर का मुद्दा भी गूंजा। पार्टी कार्यालय पहुंचे समर्थक छोटू छलिया ने कहा कि यदि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो उसे गोली नहीं मारी जानी चाहिए थी। उन्होंने बिहार में जातीय राजनीति का आरोप लगाते हुए विरोध स्वरूप गीत भी प्रस्तुत किया।
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यूरोप में ‘ओमेगा ब्लॉक’ हीटवेव ने तबाही मचा दी है। फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, बिजली संकट, स्कूल बंद और गर्मी से कई मौतों की खबरें सामने आई हैं।
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