डिजिटल समाचार स्रोत

...

अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर 30,000 डॉलर का इनाम... ईरानी कमांडर का ऐलान

ईरानी सेना के कमांडर ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले ईरानी लड़ाकों के लिए 30,000 डॉलर के इनाम का ऐलान किया. यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई है और होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रुकी हुई है.

आज तक 16 Aug 2026 10:33 pm

अमेरिकी सैनिक को मारने पर ₹2863515 रुपये, महिला को डबल; ईरान ने किया ऐलान

अमेरिका संग जारी तनाव के बीच ईरानी सेना ने विवादित और बड़ा ऐलान किया है। कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने वाले लोगों के लिए 30 हजार डॉलर इनाम दिया जाएगा। अगर कोई महिला अमेरिकी सैनिक को पकड़ती या मारती है, तो उसे दोगुना इनाम मिलेगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Aug 2026 10:09 pm

'जब अमेरिका में जान की भीख मांग रहा था पाकिस्तान', अटल जी को याद कर सीएम योगी ने विपक्ष को दिखाया आइना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, उनके 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत और निस्वार्थ राजनीति को याद किया। उन्होंने कारगिल युद्ध, अनुच्छेद 370 और आपातकाल में अटल जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के उदाहरणों पर प्रकाश डाला।

जागरण 16 Aug 2026 9:09 pm

ईरान की इकॉनमी पर ट्रंप की धमकी का क्या मतलब? समझिए अमेरिका की रणनीति

Iran America Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर अब तक का सबसे अधिक वार करने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तेहरान को अब पहले से कहीं ज्यादा गंभीर आर्थिक दबाव झेलना पड़ेगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Aug 2026 9:01 pm

'अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जंग में जीते हम', ईरान का दावा

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलिबाफ ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ हालिया जंग में जीत का दावा किया है. उन्होंने कहा कि हमने अपने दुश्मनों के खिलाफ हर मोर्चे पर जीत हासिल की है.

आज तक 16 Aug 2026 7:00 pm

'तुम्हें मिस करूंगी'...भारत लौट रहे कपल पर रोई अमेरिकी पड़ोसी

अमेरिका में भारतीयों और स्थानीय लोगों के बीच रिश्तों को लेकर भले ही कई तरह की बातें होती हों, लेकिन एक भारतीय कपल की विदाई का वीडियो इंसानी रिश्तों की एक अलग तस्वीर दिखा रहा है. भारत लौट रहे कपल को विदा करते वक्त उनकी अमेरिकी पड़ोसी फूट-फूटकर रो पड़ीं.

आज तक 16 Aug 2026 6:40 pm

ईरान तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना पर बढ़ा दबाव!

ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के बीच अमेरिकी नौसेना पर दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र से यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को हटाकर मध्य पूर्व भेजने का फैसला किया है. यह पोत लंबे समय से तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा. लिंकन की लंबी तैनाती से नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. वहीं, प्रशांत क्षेत्र में चीन की सक्रियता से जापान और फिलीपींस भी चिंतित हैं.

आज तक 16 Aug 2026 5:27 pm

VIDEO: ओडिशा के अस्पताल में फ्री इलाज कराकर गदगद हुआ अमेरिकी पर्यटक फिर बताया कि US में कितने होते खर्च

भारत में सस्ता और आसानी से मिलने वाला इलाज एक विदेशी नागरिक को काफी पसंद आया। ओडिशा के एक गांव में बीमार पड़ने पर एक विदेशी को सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज मिला। इस अनुभव से वह काफी प्रभावित हुआ। उसने बताया कि अमेरिका में इसी इलाज के लिए उसे हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते थे, जबकि भारत में उसका इलाज बिना किसी फीस के हो गया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में माइक ने भारत यात्रा के दौरान अपने अनुभव के बारे में बताया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।उन्होंने कहा कि, ओडिशा से गुजरते समय ट्रिप के पांचवें दिन उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वीडियो में उन्होंने बताया कि ज्यादा खाना खाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें गांव के एक अस्पताल में इलाज के लिए जाना पड़ा। वीडियो पर लिखा था, “ग्रामीण भारत में अमेरिकन हॉस्पिटलाइज्ड।”सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियोवीडियो की शुरुआत में माइक ने उस गांव के सरकारी अस्पताल के अंदर के दृश्य दिखाए, जहां उन्हें भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, “हां, मैं एक गांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती था, जहां मुझे सुइयां लगाई जा रही थीं और दीवारों पर लिखी भाषा भी मैं समझ नहीं पा रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “अब आप सोच रहे होंगे कि मैं आखिर यहां कैसे पहुंच गया?” इसके बाद माइक ने बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले करीब 12 घंटे तक उन्हें हर 15 मिनट में उल्टी हो रही थी।क्यों खराब हुई तबीयतमाइक ने स्थानीय खाने के कुछ वीडियो भी दिखाए और स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत फूड पॉइजनिंग की वजह से खराब नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने जरूरत से ज्यादा खाना खा लिया था। उन्होंने कहा, “रुको, रुको, रुको, मैं समझ सकता हूं कि आप क्या सोच रहे हैं। नहीं, यह फूड पॉइजनिंग नहीं थी। खाना इतना स्वादिष्ट था कि मैंने जरूरत से ज्यादा खा लिया और फिर मुझे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।”अस्पताल ने नहीं लिया कोई पैसामाइक ने मजाकिया अंदाज में बताया कि इलाज के दौरान उन्हें एक नहीं, बल्कि दो इंजेक्शन तक लगवाने पड़े। उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है, लेकिन इलाज के बाद आने वाले मेडिकल बिल को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी। माइक ने कहा, “हालात जितने भी खराब थे, लेकिन मेडिकल बिल के बारे में सोचकर ही मैं डर गया था।” लेकिन उनको हैरानी तब हुई जब अस्पताल ने इलाज के लिए उनसे कोई पैसा नहीं लिया।अमेरिका हेल्थकेयर से की तुलनाभारत और अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना करते हुए माइक ने मजाकिया अंदाज में कहा, “अमेरिका में एक IV बैग, उल्टी रोकने की दवा और दो इंजेक्शन का खर्च आसानी से हजारों डॉलर तक पहुंच सकता है। लेकिन यहां मुझे इलाज के लिए एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। यह देखकर मैं हैरान रह गया।” माइक के गांव के सरकारी अस्पताल में हुए इलाज के अनुभव की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई।सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंटएक यूजर ने कहा, “यहां इलाज मुफ्त है। हां, दवाइयों के लिए थोड़ा खर्च करना पड़ सकता है, लेकिन यह रकम ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 डॉलर के आसपास होगी।”एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “यह गर्व की बात है कि कोई विदेशी ओडिशा के सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा की तारीफ कर रहा है। अमेरिका में इसी तरह के इलाज के लिए हजारों डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं और कई बार अपॉइंटमेंट के लिए भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “पहले अपने शरीर को यहां के मसालों और खाने का आदी बनाइए, उसके बाद ही ज्यादा खाना खाइए। उम्मीद है कि आप जल्द ही पूरी तरह ठीक महसूस करेंगे।”(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

ज़ी न्यूज़ 16 Aug 2026 5:04 pm

ONGC को वेनेजुएला में ऑपरेशन्स शुरू करने की मिली मंजूरी, अमेरिकी वित्त विभाग के OFAC से मिला लाइसेंस

ओएनजीसी के डायरेक्टर (फाइनेंस) अनुपम अग्रवाल ने कहा कि प्रतिबंधों से जुड़े जोखिमों के कारण कंपनी पहले वहां अपनी गतिविधियों को सीमित कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

ज़ी न्यूज़ 16 Aug 2026 3:52 pm

बिहार ने अमेरिका,इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन को पीछे छोड़ दिया; CEC ज्ञानेश कुमार ने क्यों जताया आभार?

ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने आये हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश भर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Aug 2026 3:51 pm

‘अमेरिका में इसके लिए हजारों डॉलर लगते’, भारत के गांव में मुफ्त इलाज पाकर शख्स हुआ हैरान, Video Viral

‘अमेरिका में इसके लिए हजारों डॉलर लगते’, भारत के गांव में मुफ्त इलाज पाकर शख्स हुआ हैरान, Video Viral

समाचार नामा 16 Aug 2026 3:10 pm

ट्रंप ने अमेरिकियों को दी महंगे तेल की चेतावनी; ईरान बोला- शर्तें मानो तभी खुलेगा होर्मुज

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान की उन शर्तों से नाराज हैं, जिनके तहत तेहरान होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने से पहले अमेरिका से कई रियायतें चाहता है। ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

देशबन्धु 16 Aug 2026 2:58 pm

मत जाओ, तुम्हारी बहुत याद आएगी...' भारत लौट रहे भारतीय परिवार से लिपटकर रोने लगी अमेरिकन पड़ोसी, Video ने किया भावुक

मत जाओ, तुम्हारी बहुत याद आएगी...' भारत लौट रहे भारतीय परिवार से लिपटकर रोने लगी अमेरिकन पड़ोसी, Video ने किया भावुक

समाचार नामा 16 Aug 2026 2:45 pm

किसने बनाया था ट्रंप का पोपट, अमेरिकी एजेंसियों ने कहा कुछ नहीं है फिर भी न माने

इस लिंक से सीधे UPI पेमेंट करें: https://tinyurl.com/paygirijesh चैनल के

नॉकिंग न्यूज़ 16 Aug 2026 1:38 pm

अमेरिका की सीमा रूस और चीन करेंगे आवाजाही, क्या रूस वापस मांगेगा अपना इलाका

इस लिंक से सीधे UPI पेमेंट करें: https://tinyurl.com/paygirijesh चैनल के

नॉकिंग न्यूज़ 16 Aug 2026 1:38 pm

266 दिन की तैनाती के बाद लौटेगा USS अब्राहम लिंकन, खराब हालात की खबरों के बीच अमेरिकी नौसेना का बड़ा फैसला

अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कई समस्याओं का उल्लेख किया गया है। इनमें भोजन की कमी, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री की कमी और शौचालय तथा पानी की व्यवस्था में परेशानियां शामिल हैं।

देशबन्धु 16 Aug 2026 1:22 pm

अमेरिका: इंडियाना में तीन दशक की सबसे भीषण बाढ़, छह की मौत

इंडियानापोलिस/वाशिंगटन, 16 अगस्त . अमेरिकी राज्य इंडियाना में भारी बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचा दी है. अधिकारियों के अनुसार, राज्य में चार साल के बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसे पिछले तीन दशकों में ... Read more

डेली किरण 16 Aug 2026 1:21 pm

Satyanand Stokes: अमेरिका से हिमाचल आए शख्स ने बदली पहाड़ों की किस्मत, आज भी सेब के हर बाग में जिंदा है योगदान

Satyanand Stokes Jayanti: जानिए सत्यानंद स्टोक्स कौन थे और कैसे अमेरिका से हिमाचल आकर उन्होंने 1916 में सेब की खेती को बढ़ावा दिया।

अमर उजाला 16 Aug 2026 12:48 pm

अमेरिका: 24 घंटे के भीतर दो जगह गोलीबारी, पार्क में खेल रहे बच्चों पर भी हमला

केंटकी, 16 अगस्त . अमेरिका में 24 घंटों के भीतर दो जगह गोलीबारी हुई. वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के बाद केंटकी स्थित एक पार्क पर हमला हुआ. केंटकी राज्य में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. वर्जीनिया में Saturday तड़के तो केंटकी में Saturday शाम हमला हुआ. ... Read more

डेली किरण 16 Aug 2026 12:47 pm

अमेरिकी दस्तावेजों ने Anthropic CEO की पत्नी Cami Clark के खोले राज़, Jeffrey Epstein से एडल्ट साईट के लिए मांगी थी फंडिंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Anthropic के CEO डारियो अमोडेई एक जाना-पहचाना नाम हैं। लेकिन उनकी पत्नी कैमी क्लार्क की कहानी कहीं ज्यादा दिलचस्प है। कहा जाता है कि किसी समय में उन्होंने महिलाओं के लिए एक एडल्ट-कंटेंट स्टार्टअप खड़ा करने की कोशिश, फिर जेफरी एप्स्टीन से निवेश की बातचीत, उसके बाद सिलिकॉन वैली के बड़े नामों से करीबी और आज AI की दुनिया के सबसे चर्चित लोगों में से एक के साथ पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका, इससे साफ़ जाहिर होता है कि क्लार्क का करियर किसी सीधे रास्ते पर नहीं चला। हाल ही में जारी अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने उनके अतीत के उस हिस्से को फिर चर्चा में ला दिया है, जो लंबे समय से सार्वजनिक नजरों से लगभग गायब रहा था। अमेरिकी न्याय विभाग ने एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह सार्वजनिक किया है, हालांकि ऐसे दस्तावेजों में किसी व्यक्ति का नाम या संपर्क सामने आना अपने आप में किसी अपराध में शामिल होने का सबूत नहीं माना जा सकता। कहानी करीब 15 साल पीछे जाती है। साल था 2011 जब कैमी क्लार्क और उनकी बिजनेस पार्टनर मिशेल कैपोसेफालो ने महिलाओं को ध्यान में रखकर एक एडल्ट-एंटरटेनमेंट कंपनी शुरू करने की कोशिश की। कंपनी का नाम Eddice था और इसे दोनों ने महिलाओं के लिए एक अलग तरह की, ‘सेक्स-पॉजिटिव’ पोर्न कंपनी के रूप में पेश किया था। कंपनी को शुरू करने के लिए करीब 3.5 लाख डॉलर की फंडिंग चाहिए थी। इसी सिलसिले में साहित्यिक एजेंट जॉन ब्रॉकमैन ने दोनों महिलाओं की मुलाकात जेफरी एप्स्टीन से कराई। उस समय एप्स्टीन पहले ही यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था और एक रजिस्टर्ड सेक्स ऑफेंडर था। सरकारी दस्तावेजों में मौजूद बातचीत के मुताबिक, ब्रॉकमैन ने एप्स्टीन को दोनों महिलाओं से मिलने का सुझाव देते हुए उनके बिजनेस आइडिया का जिक्र किया था। कुछ समय बाद क्लार्क ने खुद एप्स्टीन को ईमेल किया और पुरानी मुलाकात याद दिलाते हुए अपने ‘लक्जरी पोर्न’ बिजनेस का जिक्र किया। एप्स्टीन ने भी उन्हें याद करते हुए जवाब दिया। क्लार्क ने Eddice में निवेश की संभावना पर एप्स्टीन से बात आगे बढ़ाई। लेकिन एप्स्टीन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद क्लार्क ने बातचीत का रुख तुरंत दूसरे बिजनेस आइडिया की ओर मोड़ दिया। इस बार उनका आइडिया महिलाओं के लिए एक सोशल डाइटिंग ऐप और वेबसाइट का था। इसमें फिटनेस ट्रैकर से मिलने वाला डेटा, पोषण, मासिक धर्म चक्र, मूड और लोकेशन जैसी जानकारियों को एक जगह जोड़ने का विचार था। दिलचस्प बात यह है कि एप्स्टीन के साथ संपर्क वहीं खत्म नहीं हुआ। जारी किए गए दस्तावेजों के अनुसार, दोनों के बीच करीब दो साल तक बातचीत चलती रही। क्लार्क ने उसे एक हाउसवॉर्मिंग पार्टी में भी बुलाया और बाद में दोनों LinkedIn पर भी जुड़े। इसे भी पढ़ें: Electric Vehicle स्टार्टअप Yulu ने Series C Funding में जुटाए 9.3 करोड़, अब IPO और Fleet Expansion पर बड़ा दांव कैमी क्लार्क का शुरूआती सफर क्लार्क का जन्म 1979 में नेवादा के रेनो में हुआ था। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की और इसके बाद अलग-अलग तरह के कारोबारी प्रयोग करती रहीं। 20 साल की उम्र में उन्होंने रेनो के आर्किटेक्ट वाल्डेमार एक्लोफ III से शादी की, जो उस समय उनसे काफी बड़े थे। यह शादी करीब तीन साल चली। बाद में सैन फ्रांसिस्को में एक अपार्टमेंट से जुड़े मामले के बाद उन्होंने दिवालिया होने के लिए भी आवेदन किया। करीब 2010 में उन्होंने कैपोसेफालो के साथ Eddice की शुरुआत की। कंपनी का दावा था कि वह पारंपरिक पुरुष-केंद्रित एडल्ट इंडस्ट्री से अलग महिलाओं को केंद्र में रखकर काम करेगी। इसका स्लोगन था—‘intellectually promiscuous’। पहली चार फिल्मों के निर्माण के लिए फंड जुटाने की योजना थी, जिनमें ‘American Girl in Paris’ भी शामिल थी। फिर एंट्री हुई सिलिकॉन वैली के बड़े नामों की क्लार्क की नेटवर्किंग धीरे-धीरे उन्हें टेक इंडस्ट्री के प्रभावशाली लोगों तक ले गई। 2011 से करीब तीन साल तक वह Google के पूर्व CEO एरिक श्मिट के साथ रिश्ते में रहीं। श्मिट ने बाद में क्लार्क के महिलाओं की सेहत से जुड़े एक बिजनेस में निवेश भी किया। इसके बाद 2014 में उनकी मुलाकात डारियो अमोडेई से हुई। उस समय अमोडेई आज के AI दिग्गज नहीं थे। वह अकेडमिक फील्ड में थे और Stanford में पोस्टडॉक्टरल रिसर्च कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने Princeton से computational neuroscience में PhD की थी और बाद में Baidu और Google जैसी कंपनियों में काम किया। और यहीं से क्लार्क की कहानी AI की दुनिया से जुड़ने लगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर रोक नहीं लगाएगा नया FCRA बिल, एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने दी सफाई अमोडेई की प्रोफेशनल दुनिया में भी क्लार्क की भूमिका समय के साथ अमोडेई AI इंडस्ट्री में आगे बढ़ते गए और क्लार्क भी उनके व्यापक प्रोफेशनल नेटवर्क का हिस्सा बनती गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लार्क ने अपनी करीबी दोस्त मीरा मुराती का परिचय OpenAI के को-फाउंडर ग्रेग ब्रॉकमैन से कराया। मुराती आगे चलकर OpenAI की CTO बनीं। क्लार्क ने अमोडेई और एरिक श्मिट के बीच संपर्क बनाने में भी भूमिका निभाई। 2018 में श्मिट ने सैन फ्रांसिस्को में अमोडेई और क्लार्क के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। बाद में उन्होंने इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि दोनों के विचारों ने उन्हें प्रभावित किया था। OpenAI से निकलकर Anthropic तक दिसंबर 2020 में डारियो अमोडेई, उनकी बहन डेनिएला और OpenAI के पांच अन्य कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ दी। इसके पीछे कंपनी की दिशा और नियंत्रण को लेकर मतभेद बताए गए थे। इसके बाद इन लोगों ने मिलकर Anthropic की शुरुआत की। मई 2021 में Anthropic ने 12.4 करोड़ डॉलर की Series A फंडिंग जुटाई। इस निवेश दौर में एरिक श्मिट भी शामिल थे। यहीं पर क्लार्क की भूमिका को लेकर कहानी और दिलचस्प हो जाती है। फरवरी 2021 में क्लार्क ने श्मिट के सामने एक वेंचर फंड का प्रस्ताव रखा था, जिसका नाम था ‘Mother of AGI Fund’। करीब 40 पन्नों के इस प्रस्ताव में बताया गया था कि यह फंड क्लार्क की Anthropic में भागीदारी को औपचारिक रूप देने, श्मिट के निवेश को संभालने और व्यापक AGI इकोसिस्टम में निवेश करने का जरिया बन सकता है। हालांकि यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। रिपोर्ट के मुताबिक, Anthropic से जुड़े अन्य लोगों का पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। इसके कुछ समय बाद क्लार्क और अमोडेई ने इटली में शादी कर ली। क्लार्क की दिलचस्प स्थिति यही है। वह Anthropic की आधिकारिक कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन कंपनी से जुड़े लोगों के मुताबिक वह अमोडेई के लिए एक तरह की साउंडिंग बोर्ड और रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाती हैं। उनकी मौजूदगी बड़े टेक और पॉलिटिकल आयोजनों में भी लगातार दिखाई देती है। इस साल नई दिल्ली में हुए एक AI सम्मेलन में जहां अधिकारियों और इंडस्ट्री लीडर्स को अपने साथ एक व्यक्ति लाने की अनुमति थी, वहां अमोडेई ने क्लार्क को साथ रखा। Wall Street Journal की पड़ताल के मुताबिक, उनके बारे में उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी को हटाने या कम करने की कोशिशें भी हुई हैं। यहां तक कि अमोडेई की Wikipedia प्रोफाइल में उनकी शादी का उल्लेख हाल तक नहीं था और अब भी उनकी पत्नी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि Claude से जब उसके CEO की पत्नी के बारे में सवाल किया गया, तो AI सिस्टम भी उनके वैवाहिक संबंध की साफ पुष्टि नहीं कर पाया। इसे भी पढ़ें: OpenAI और Anthropic के AI मॉडल ने परीक्षण के दौरान कंप्यूटर प्रणालियों में लगाई सेंध Anthropic की राजनीति में बढ़ती भूमिका के बीच क्लार्क भी चर्चा में Anthropic अब सिर्फ एक टेक कंपनी नहीं रह गई है। AI और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कंपनी की नीतियां सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुकी हैं। डारियो अमोडेई ने Pentagon के साथ कुछ ऐसी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार किया था, जिनके तहत Claude के इस्तेमाल पर कंपनी की लगाई सीमाएं हटाई जातीं। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन और Anthropic के बीच तनाव बढ़ा। सरकार ने कंपनी को supply-chain risk तक घोषित किया, जबकि Anthropic ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। बाद में AI मॉडल्स पर लगाए गए कुछ अतिरिक्त प्रतिबंध हटा दिए गए। इसी राजनीतिक माहौल में क्लार्क भी अमोडेई के साथ सक्रिय नजर आती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राजनीतिक हलकों से जुड़े लोगों से बातचीत में Anthropic के मिशन को अमेरिका की सुरक्षा से जोड़कर पेश किया है और कंपनी को उसके आलोचकों द्वारा बताए जाने वाले ‘बहुत ज्यादा woke’ संस्थान से अलग बताया है। Sun Valley में इवांका ट्रंप और जेरेड कुशनर से मुलाकात जुलाई में हुए Sun Valley सम्मेलन के दौरान भी क्लार्क काफी समय अमोडेई के साथ रहीं। इस दौरान उन्होंने इवांका ट्रंप के साथ लंच किया और जेरेड कुशनर से बातचीत की। खास बात यह है कि अमोडेई पहले कुशनर से निवेश को लेकर संपर्क कर चुके थे। यानी एक तरफ Anthropic AI की अगली पीढ़ी बनाने की दौड़ में है, दूसरी तरफ कंपनी के CEO के सबसे करीब रहने वाली एक ऐसी शख्सियत है, जिसकी अपनी कहानी टेक इंडस्ट्री के पारंपरिक रास्ते से बिल्कुल अलग रही है। एप्स्टीन से जुडी पुरानी बातचीत इसी कहानी का एक अध्याय है लेकिन नए दस्तावेजों ने उस अध्याय को फिर सामने ला दिया है और साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि सिलिकॉन वैली की दुनिया में औपचारिक पद के बिना नेटवर्क, रिश्ते और व्यक्तिगत प्रभाव आखिर कितनी दूर तक असर डाल सकते हैं।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 12:25 pm

सीएम भूपेंद्र पटेल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए अमेरिका और कनाडा के दौरे पर

सीएम भूपेंद्र पटेल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए अमेरिका और कनाडा के दौरे पर

समाचार नामा 16 Aug 2026 12:03 pm

CM भूपेंद्र पटेल अमेरिका के लिए रवाना, विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए करेंगे मीटिंग

सीएम भूपेंद्र पटेल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के लिए अमेरिका और कनाडा दौरे पर रवाना हुए. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गुजरात का डेलीगेशन अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और कनाडा के टोरंटो में उद्योगपतियों के साथ बैठक करेगा.

आज तक 16 Aug 2026 11:12 am

अमेरिकी रिपोर्ट ने खोली पाकिस्तान के परमाणु दावों की पोल, भारत से संघर्ष में दिखी हथियारों की सीमा|

अमेरिकी संस्था बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट की रिपोर्ट में खुलासा, मई 2025 के सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान के परमाणु निवारण दावे पूरी तरह नाकाम रहे।

प्रातःकाल 16 Aug 2026 10:49 am

Share Market पर दिखेगा Crude Oil का असर, अमेरिका-ईरान तनाव से तय होगी चाल

स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने के बाद अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी। रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘निकट अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम और ब्रेंट कच्चे तेल की दिशा बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे। उन्होंने कहा कि तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त हो चुका है और आने वाला सप्ताह आंकड़ों के लिहाज से अपेक्षाकृत हल्का रहेगा। ऐसे में निवेशकों का ध्यान वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा।’’फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के ब्योरे से भी फेडरल रिजर्व के नीतिगत परिदृश्य को लेकर संकेत मिलेगा। एफओएमसी की बैठक का ब्योरा 19 अगस्त को जारी होगा। यदि फेडरल रिजर्व का रुख अपेक्षा से अधिक आक्रामक दिखाई देता है, तो इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी बढ़ सकती है और भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा कि इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक अमेरिका-ईरान तनाव पर बना रहेगा। इसके अलावा एफओएमसी की बैठक के ब्योरे और विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह पर भी बाजार की नजर होगी। बजाज ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखेंगे। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चा तेल, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, एफओएमसी की बैठक का ब्योरा और चीन के आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह बाजार को दिशा देने वाले प्रमुख संकेतक होंगे। इनसे वैश्विक आर्थिक वृद्धि और अमेरिकी केद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 489.92 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 204.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत नीचे आया।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 10:20 am

Indiana Flood: अमेरिका में भीषण तूफान और बाढ़ से 5 लोगों की मौत, आपातकाल लागू

अमेरिका के इंडियाना प्रांत में इस सप्ताह भीषण तूफान और बाढ़ के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंडियानापोलिस में व्हाइट नदी के किनारे स्थित इलाकों में शनिवार को जलस्तर बढ़ने के कारण बचावकर्मियों ने नौकाओं की मदद से कई लोगों को सुरक्षित निकाला। इसे भी पढ़ें: Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 5 जिलों में 62 हजार प्रभावित प्रांत में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंडियाना के लिए आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है और प्रांत को संघीय आपदा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इंडियानापोलिस के महापोर जो हॉगसेट ने कहा कि शहर 30 से अधिक वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। इंडियानापोलिस अग्निशमन विभाग की प्रवक्ता रीटा रीथ ने बताया कि शनिवार तक 95 लोगों और 45 पालतू जानवरों को बचाया गया तथा आपात सेवा केंद्र को दिनभर में मदद के लिए सैकड़ों फोन आए। गवर्नर कार्यालय ने बताया कि डेलावेयर काउंटी में 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इंडियाना के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पिछले एक सप्ताह में खराब मौसम के कारण एक बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है। इसे भी पढ़ें: ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश! राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में दो दिन के दौरान 28 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई। एंडरसन और नोबल्सविले में व्हाइट नदी का जलस्तर 7.32 मीटर से अधिक पर पहुंच गया और इसने 1913 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 10:11 am

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: अमेरिका में गैसोलीन 29% महंगी, आम जनता पर पड़ा सीधा असर

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य और कूटनीतिक टकराव का सीधा असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार और आम उपभोक्ताओं की जेब पर दिखने लगा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों की आवाजाही ठप होने के चलते अमेरिकी ईंधन बाजार में बड़ा भूचाल आ गया है।अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में गैसोलीन (पेट्रोल) की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 4.08 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि (3.16 डॉलर प्रति गैलन) की तुलना में सीधे तौर पर 29 प्रतिशत अधिक है। कई अमेरिकी राज्यों में कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन के आंकड़े को छू रही हैं, जिससे आम नागरिकों के घरेलू बजट पर भारी दबाव बन गया है और मुद्रास्फीति (महंगाई) के नए सिरे से भड़कने का खतरा पैदा हो गया है।डोनाल्ड ट्रंप की जनता से अपील: 'एक दुष्ट देश को रोकने के लिए थोड़ा महंगा तेल सहना होगा'बढ़ती तेल कीमतों और मतदाताओं की नाराजगी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने फैसले का पुरजोर बचाव किया है। न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में आयोजित एक विशाल राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे देशहित और वैश्विक सुरक्षा के लिए पेट्रोल के बढ़े हुए दामों को सहन करें।ट्रंप ने रैली में कहा कि पेट्रोल के लिए थोड़ा अतिरिक्त भुगतान करना उस व्यापक रणनीति का एक छोटा सा हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एक बेहद खतरनाक देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में दोहराया कि होर्मुज जलमार्ग पर अमेरिकी नौसेना का पूरा दबदबा है और संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका इस पूरे क्षेत्र को 'अमेरिकी क्षेत्र' घोषित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। हालांकि, चुनावी वादों में ऊर्जा की कीमतें कम करने का दावा करने वाले ट्रंप प्रशासन के लिए 29 फीसदी की यह मूल्य वृद्धि घरेलू राजनीति में एक बड़ी चुनौती बन गई है।ईरान का करारा पलटवार: 'ट्वीट या युद्धपोत से नहीं खुलेगा होर्मुज', बातचीत से साफ इनकारट्रंप के बयानों और सैन्य नाकेबंदी के दावों पर तेहरान ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना या बंद करना केवल ईरान के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रणनीतिक मार्ग किसी चुनावी भाषण, सोशल मीडिया पोस्ट या विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) की तैनाती से नहीं खुलने वाला है।वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत फिर से शुरू करने का कोई फैसला नहीं किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिका युद्ध, सैन्य नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त नहीं करता और जब्त की गई संपत्तियों को बहाल नहीं करता, तब तक इस जलमार्ग से जहाजों का सुरक्षित आवागमन संभव नहीं होगा। कतर और पाकिस्तान जैसे देशों द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रणनीतिक ताकत: क्यों थमी है दुनिया की ऊर्जा लाइफलाइन?होर्मुज जलडमरूमध्य ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री चैनल है, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की 'गले की नस' (जुगुलर वेन) माना जाता है। सामान्य दिनों में दुनिया के कुल पेट्रोलियम उपभोग और समुद्री कच्चे तेल के व्यापार का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई, कुवैत और कतर जैसे प्रमुख तेल व एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) निर्यातक देश अपने ऊर्जा निर्यात के लिए पूरी तरह इसी चैनल पर निर्भर हैं।यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और जहाजरानी ट्रैकिंग फर्मों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों का ट्रैफिक अपने सामान्य स्तर के मुकाबले गिरकर 15 से 17 प्रतिशत पर सिमट गया है। अधिकांश अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल टैंकर ऑपरेटरों ने मिसाइल, ड्रोन हमलों और समुद्री बारूदी सुरंगों के डर से अपने जहाजों को खाड़ी देशों में भेजने से रोक दिया है। जहाजों के बीमा प्रीमियम (वॉर रिस्क इंश्योरेंस) में अभूतपूर्व उछाल आया है, जिससे समुद्री माल ढुलाई की लागत आसमान छू रही है।कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में आग: ब्रेंट और WTI में भारी साप्ताहिक उछालहोर्मुज के अवरुद्ध होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी अनिश्चितता और घबराहट का माहौल है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। ताजा कारोबारी सत्र में ब्रेंट क्रूड में साप्ताहिक आधार पर लगभग 6 प्रतिशत और डब्ल्यूटीआई में 5.4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलमार्ग पर यह गतिरोध अगले कुछ हफ्तों तक और जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकती हैं। आपूर्ति शृंखला टूटने का सीधा असर रिफाइनरियों पर पड़ रहा है, जिससे न केवल पेट्रोल और डीजल बल्कि विमान ईंधन (एटीएफ) और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं।अमेरिका में आर्थिक व राजनीतिक उथल-पुथल: महंगाई और मध्यावधि चुनाव का दबावअमेरिका में पेट्रोल की कीमतों का 29 फीसदी तक बढ़ जाना केवल एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा भी है। अमेरिकी संस्कृति में ईंधन की कीमतें सीधे उपभोक्ता भावना (कंज्यूमर सेंटीमेंट) और दैनिक जीवन यापन की लागत को प्रभावित करती हैं। ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से ग्रोसरी, पैकेज्ड फूड, लॉजिस्टिक्स और आवश्यक सेवाओं की कीमतें बढ़ रही हैं।विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी इस मुद्दे को लेकर ट्रंप प्रशासन पर हमलावर हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि विदेशी युद्धों में उलझने और आक्रामक सैन्य नीतियों के कारण आम अमेरिकी परिवारों पर महंगाई का असहनीय बोझ लादा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान भी इस संघर्ष की भारी आर्थिक कीमत चुका रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्वीकार किया है कि बंदरगाहों की नाकेबंदी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण देश में रिकॉर्ड मुद्रास्फीति दर्ज की जा रही है।भारत और एशियाई देशों पर क्या होगा असर? आयात बिल और मुद्रास्फीति की चिंताहोर्मुज संकट का प्रभाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे भारी तेल आयातक एशियाई देश इसके सबसे बड़े शिकार हो सकते हैं। भारत अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है, जिसमें से बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से होर्मुज मार्ग के रास्ते ही आता है।यदि तेल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर यह उछाल बना रहता है, तो भारत के चालू खाता घाटे (CAD) पर सीधा दबाव पड़ेगा, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है और आयातित मुद्रास्फीति (इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन) का खतरा बढ़ जाएगा। यद्यपि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में रूस और अन्य गैर-खाड़ी देशों से तेल खरीद बढ़ाकर अपने स्रोतों में विविधता लाई है, लेकिन वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कुल कमी सभी देशों के लिए ईंधन और लॉजिस्टिक्स को महंगा कर देगी।आगे क्या होगा? कूटनीतिक गतिरोध और अनिश्चितता का लंबा दौरवर्तमान में वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई प्रत्यक्ष शांति वार्ता नहीं हो रही है, जिससे इस संकट के जल्द समाप्त होने के आसार बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय जहां ईरान पर नए और सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है, वहीं ईरान भी झुकने को तैयार नहीं है।भूराजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि सैन्य शक्ति के बल पर होर्मुज जैसे संकरे और संवेदनशील जलमार्ग को लंबे समय तक सुरक्षित रखना व्यावहारिक रूप से असंभव है। जब तक दोनों पक्ष कूटनीतिक बातचीत की मेज पर लौटकर युद्धविराम और सुरक्षा गारंटी पर सहमति नहीं बनाते, तब तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, महंगे पेट्रोल का संकट और आर्थिक मंदी का साया इसी तरह मंडराता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Aug 2026 9:27 am

CM भूपेंद्र पटेल अमेरिका-कनाडा दौरे पर रवाना, Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के लिए करेंगे रोड शो

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल देर रात अमेरिका के लिए रवाना हुए हैं। वर्ष 2002 के बाद सरकारी कामकाज के सिलसिले में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले वे गुजरात के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। आगामी Vibrant Gujarat Global Summit 2027 को ...

वेब दुनिया 16 Aug 2026 9:05 am

मोहाली मृत व्यक्ति को 'जिंदा' दिखा करोड़ों का फर्जीवाड़ा:अमेरिका निवासी NRI का प्लॉट हड़पने की साजिश, फर्जी GPA बनाकर रजिस्ट्री कराई, FIR दर्ज

मोहाली स्थित सनी एन्क्लेव में अमेरिका में रह रहे एनआआई के करोड़ो के प्लॉट हड़पने के लिए 4 साल पहले मर चुके व्यक्ति को कागजों में ‘जिंदा’ खड़ा कर दिया। फर्जी GPA बनाकर एनआरआई का प्लॉट अपने नाम करवा लिया। लेकिन इसी बीच एनआरआई की मां अपने प्लॉट को देखने गई तो उसकी भनक उसे लग गई। उसने तुरंत अपने बेटे को बताया। बेटे ने इस मामले पंजाब पुलिस के एनआरआई थाने को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए अमनदीप कौर, दलबीर सिंह, विनोद कुमार व निर्मल चंद पर एफआईआर दर्ज की। अमनदीप कौर अदालत में जमानत के लिए पहुंची थी, लेकिन जमानत देने से मना कर दिया। अदालत ने कहा किमृतक को जिंदा दिखाकर साजिश है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अब सारी कहानी को प्वाइंट वाइज जानिए18 साल पहले खरीदा था प्लॉट अमित नागपाल ने बताया कि मैं मैनचेस्टर, कनेक्टिकट, अमेरिका में रहता हूं। मैंने सनी एन्क्लेव, देसू माजरा, तहसील खरड़, मोहाली में बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड से गांव फतहउल्लापुर में 192 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। इसकी सेल डीड मैसर्स बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जरनैल सिंह बाजवा के माध्यम से 05.06.2008 को मेरे नाम पर करवाई हुई थी। इसके बाद तहसील खरड़ के राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल नंबर के जरिए मेरा नाम दर्ज हुआ। मैं इस संपत्ति का वैध व एकमात्र मालिक हूं और इस प्लॉट का कब्जा हमेशा मेरे पास ही रहा है। प्लॉट खाली, बाउंड्री वॉल् करवाई मेरा एक खाली प्लॉट था, जिसकी बाउंड्री वॉल बनवाकर और पिलर लगाकर मैंने चारों तरफ बाड़ (फेंसिंग) कर दी थी और अपना साइनबोर्ड भी लगा दिया था। मैं 2008 में अमेरिका शिफ्ट हो गया था और समय-समय पर ही भारत आता हूं। चूंकि अमनदीप कौर और उनके पति दलबीर सिंह मेरे पड़ोसी हैं, इसलिए वे अच्छी तरह जानते थे कि मैं एक एनआरआई हूं और भारत में स्थायी रूप से नहीं रहता। मां देखने आई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ हाल ही में, जब मेरी मां प्लॉट का निरीक्षण करने गईं, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और उन्होंने मुझे इसकी जानकारी दी। उक्त लोगों ने आपस में मिलीभगत करके मेरी संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने और गलत लाभ कमाने की नीयत से फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए। देसू माजरा निवासी करम सिंह, जो मेरी संपत्ति से कोई संबंध नहीं रखता और जिसे मैं जानता तक नहीं, उसने खुद को झूठा मालिक बताकर 29.08.2025 को एक पावर ऑफ अटॉर्नी निर्मल चंद के नाम करवा दी। फर्जी तरीके मेरे प्लॉट का नंबर जोड़ दिया इस पावर ऑफ अटॉर्नी में मेरे प्लॉट नंबर का कोई उल्लेख तक नहीं था, फिर भी इसे जानबूझकर अवैध रूप से शामिल किया गया। इसके बाद निर्मल चंद ने 01 दिसंबर 2025 को वसीका के तहत अमनदीप कौर के पक्ष में मेरे प्लॉट की एक फर्जी और जाली सेल डीड करवा दी। इस जाली रजिस्ट्री के समय अमनदीप कौर का पति दलबीर सिंह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद था और नंबरदार व दो गवाहों ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद एनआरआई की शिकायत पर केस दर्ज हुआ। अदालत में कमजोर पड़ आरोपी की कहानी केस दर्ज होने के बाद महिला अदालत पहुंची । वहां पता चला कि 1 दिसंबर 2025 की फर्जी सेल डीड में प्लॉट की रकम चेक से देने की बात लिखी गई थी, लेकिन पुलिस पूछताछ में अमनदीप कौर ने कहा कि भुगतान नकद किया गया था। जांच में सामने आया कि वास्तव में प्लॉट की खरीद के लिए कोई भुगतान हुआ ही नहीं था और पूरा लेन-देन सिर्फ कागजों पर दिखाया गया था। अदालत ने भी चेक और नकद के अलग-अलग दावों और वास्तविक भुगतान नहीं होने को गंभीर माना, जिससे अमनदीप कौर की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 8:17 am

Iran-US War Update: ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ी डील, अब पूरी तरह खुलने के लिए अमेरिका की क्या होगी भूमिका?

Iran-US War News Update: ईरान और ओमान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल रूट में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक अहम समझौता किया है। इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए निर्धारित एंट्री-एग्जिट रूट तय किए गए हैं। इसे लंबे समय से चले आ रहे समुद्री तनाव और अव्यवस्था के बीच एक बड़ी कूटनीतिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी इस समझौते पर तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। दोनों देशों की ओर से जॉइंट आधिकारिक बयान आना बाकी है। इसके बावजूद, ईरान और ओमान ने सुरक्षित वाणिज्यिक आवाजाही के लिए अलग-अलग समुद्री कॉरिडोर तैयार करने पर सहमति बना ली है।क्या है समझौते का पूरा प्लान?समझौते के मुताबिक, ईरान आने वाले यानी इनबाउंड कमर्शियल जहाजों की निगरानी करेगा। जबकि ओमान बाहर जाने वाले जहाजों यानी आउटबाउंड ट्रैफिक को संभालेगा। इसके लिए अलग-अलग निर्धारित शिपिंग लेन बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य जहाजों के बीच टक्कर, सुरक्षा संबंधी घटनाओं और समुद्री तनाव को कम करना है। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच स्वतंत्र बातचीत के बाद तैयार हुई है।इसका मकसद समुद्री ट्रैफिक को व्यवस्थित करना है। लेकिन साथ ही ईरान और ओमान की क्षेत्रीय संप्रभुता से समझौता न करना भी है। फिलहाल दोनों देशों की तकनीकी टीमें ऑपरेशनल प्रोटोकॉल, संचार व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद संयुक्त औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।सिर्फ रास्ते तय होने से नहीं खुलेगा होर्मुजयह समझौता महत्वपूर्ण है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण रूप से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बहाल करने का फैसला व्यापक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।तेहरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जैसी कार्रवाइयों का अंत, सैन्य धमकियों को रोकना और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत शामिल है। जब तक इन बाहरी परिस्थितियों पर सहमति नहीं बनती, तब तक नए निर्धारित समुद्री कॉरिडोर कड़ी निगरानी के तहत संचालित किए जाएंगे।दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है होर्मुज?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम एनर्जी चोकपॉइंट्स में से एक है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में एलएनजी यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस भी इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य में तनाव या जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। पिछले महीनों में बढ़े तनाव और समुद्री ट्रैफिक में आई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा और जहाजों के लिए युद्ध जोखिम बीमा (War-Risk Insurance) की लागत भी काफी बढ़ गई।क्या वैश्विक तेल बाजार को मिलेगी राहत?ईरान और ओमान के बीच हुआ यह समझौता वैश्विक बाजारों के लिए अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि होर्मुज संकट का कूटनीतिक समाधान संभव है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह संकट का अंत नहीं माना जा सकता। समुद्री मार्ग की पूर्ण और सामान्य आवाजाही इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान, अमेरिका और अन्य संबंधित पक्षों के बीच व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों पर किस तरह की सहमति बनती है। इसलिए फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उम्मीद जरूर जगी है। लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति लौटने में अभी कई अड़चनें बाकी हैं।ये भी पढ़ें- DDA Awaas Yojana 2026: दिल्ली में सस्ता घर खरीदने का सुनहरा मौका! डीडीए लाया बंपर ऑफर, जानें किसे मिलेगी 25% छूट और कैसे करें अप्लाई

ज़ी न्यूज़ 16 Aug 2026 7:35 am

जैसी करनी वैसी भरनी... जूम कॉल पर 900 कर्मियों को निकालने वाले भारतीय-अमेरिकी सीईओ की खुद की गई नौकरी

2021 में क्रिसमस से ठीक पहले तीन मिनट की जूम कॉल पर 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने वाले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विशाल गर्ग की भी नौकरी चली गई है। उन्हें 'बेटर होम एंड फाइनेंस' के चीफ एग्जीक्यूटिव के पद से हटा दिया गया है।

जागरण 16 Aug 2026 5:42 am

'दे दिया ना धोखा?' ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने उठाया ऐसा कदम, खुश हो गया चीन

ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने हिंद-प्रशांत से अपना आखिरी विमानवाहक पोत भी वापस बुलाया है। अब इसे मध्य एशिया में यूएसएस अब्राहिम लिंकन की जगह तैनात किया जाएगा। वहीं इस कदम चीन खुश हो गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Aug 2026 5:27 am

अमेरिका में दो गोलीकांड: वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में चली गोलियां, मिशिगन में छह की मौत; कब थमेगा मौत का सिलसिला?

अमेरिका में दो गोलीकांड: वर्जीनिया यूनिवर्सिटी में चली गोलियां, मिशिगन में छह की मौत; कब थमेगा मौत का सिलसिला?

अमर उजाला 16 Aug 2026 5:26 am

अमेरिका के इंडियाना में बाढ़ से तबाही: 70 लोगों का रेस्क्यू और एक महिला की मौत, मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी?

अमेरिका के इंडियाना में बाढ़ से तबाही: 70 लोगों का रेस्क्यू और एक महिला की मौत, मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी?

अमर उजाला 16 Aug 2026 1:20 am

अमेरिका: वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के पास हुई गोलीबारी, पांच घायल लोगों में एक की हालत गंभीर

वाशिंगटन, 15 अगस्त . अमेरिका में वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के बाहर Saturday तड़के हुई गोलीबारी में 5 लोग घायल हो गए. इनमें से एक की हालत गंभीर है. घटना के बाद कैंपस में लॉकडाउन लगा दिया गया और Police कई संदिग्धों की तलाश कर रही है. कैंपस सेफ्टी अपडेट के मुताबिक, Police को ... Read more

डेली किरण 16 Aug 2026 12:02 am

स्वतंत्रता दिवस पर राजदूत क्वात्रा ने अमेरिकी संबंधों में भारतीय प्रवासियों की भूमिका को सराहा

स्वतंत्रता दिवस पर राजदूत क्वात्रा ने अमेरिकी संबंधों में भारतीय प्रवासियों की भूमिका को सराहा

समाचार नामा 15 Aug 2026 11:57 pm

20 फीट गड्ढे के पास सपा नेता ने फहराया तिरंगा:आगरा में बोले- अमेरिका-चीन से आगे निकलने की बात करते हैं

आगरा में स्वतंत्रता दिवस पर सपा के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने न्यू राजा मंडी कॉलोनी रोड की बदहाल सड़क को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने करीब 20 फीट गहरे और 10 फीट लंबे गड्ढे के पास तिरंगा फहराकर विरोध जताया। विनय अग्रवाल ने कहा कि देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन आगरा शहर की सड़कों की स्थिति देखकर सवाल उठता है कि क्या हमने ऐसे शहर की कल्पना की थी? 'ताजमहल से दुनिया में पहचान, सड़कों के गड्ढों से बदनामी' सपा नेता ने कहा कि ताजमहल की वजह से आगरा की पहचान दुनियाभर में है। इसके बावजूद पिछले 15-20 दिनों से शहर में जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिका और चीन को पीछे छोड़ने की बात करती है, लेकिन शहर की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। उन्होंने सड़क की स्थिति तत्काल सुधारने और गड्ढों को भरने की मांग की। कहा कि आगरा को बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि शहर की पहचान खराब सड़कों से नहीं, बल्कि विकास और पर्यटन से हो। इस दौरान हिमांशु यादव और भानु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस पर सड़क की बदहाली को लेकर विनय अग्रवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 11:44 pm

अमेरिका की वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी फायरिंग, संदिग्धों ने 5 लोगों को मारी गोली

अमेरिका की वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में संदिग्ध लोगों ने फायरिंग की। इस घटना में पांच लोगों को गोली लगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

खबर इंडिया टीवी 15 Aug 2026 10:51 pm

अमेरिका में नई कार की पूजा का अनोखा वीडियो वायरल, पंडित जी ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक से किया मना; वजह जानिए

अमेरिका में नई कार की पूजा का अनोखा वीडियो वायरल, पंडित जी ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक से किया मना; वजह जानिए

समाचार नामा 15 Aug 2026 10:00 pm

अमेरिका या चीन में से किसी एक को चुनो... पार्टनर देशों को ट्रंप प्रशासन चेतावनी देने के मूड में

अमेरिका ने जून में कजाकिस्तान को 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने वाला मध्य एशिया का पहला देश बताया था, जो एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को चलाने वाले जरूरी मिनरल्स का बड़ा भंडार लेकर आया है.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 9:38 pm

अमेरिकी महिला ने देखा भारत का लग्जरी अस्पताल, अंदर Starbucks और 7-Eleven देख बोली- 'ये तो 5-स्टार होटल जैसा है'

अमेरिकी महिला ने देखा भारत का लग्जरी अस्पताल, अंदर Starbucks और 7-Eleven देख बोली- 'ये तो5-स्टार होटल जैसा है'

समाचार नामा 15 Aug 2026 7:40 pm

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर वैश्विक शुभकामनाएं, इजरायल, अमेरिका और नेपाल समेत कई देशों ने दी बधाई

भारत ने आज अपने गौरवशाली इतिहास के 80 वर्ष पूरे कर लिए हैं और पूरा देश अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ का यह पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इस विशेष अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और देश को संबोधित करते हुए एक नया संकल्प लिया। देश के इस राष्ट्रीय पर्व पर केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में उत्सव का माहौल देखने को मिला। भारत के कई परम मित्र और वैश्विक देशों के शीर्ष नेतृत्व ने इस ऐतिहासिक दिन पर भारत सरकार और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद और मजबूत रिश्तों को दर्शाती हैं।इजरायल के राष्ट्रपति ने दी खास बधाई, भारत को बताया सबसे भरोसेमंद साथीअंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के समस्त नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों बधाइयां दीं। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि इजरायल राज्य की ओर से वे भारत के लोगों को उनके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देते हैं और उन्हें उम्मीद है कि भारत और इजरायल की यह अटूट और खूबसूरत दोस्ती आने वाले समय में और अधिक मजबूत होती रहेगी। गौरतलब है कि 21वीं सदी के दौरान दोनों देशों के रणनीतिक और कूटनीतिक संबंध बेहद ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं और वर्तमान समय में इजरायल को भारत के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता है।नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने साझा किए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधपड़ोसी देश नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भी भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नेपाली पीएम कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के दोस्ताना अवाम को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक रिश्तों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। संदेश में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और नेपाल के बीच का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ता तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी मेल-जोल का यह मजबूत बंधन आने वाले कई वर्षों तक और अधिक प्रगाढ़ होता रहेगा तथा दोनों सरकारों के बीच आपसी सहयोग निरंतर जारी रहेगा।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों की सराहनासंयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की आजादी की 80वीं सालगिरह पर देशवासियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि अमेरिका के लोगों की तरफ से वे सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपसी करीबी और मजबूत रिश्तों की वजह से आज भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के आपसी संबंध अपने सबसे मजबूत और स्वर्णिम दौर से गुजर रहे हैं।सिंगापुर के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखकर दी शुभकामनाएंवैश्विक शुभकामनाओं के इस क्रम में सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शानमुगरत्नम ने भी देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विशेष पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सिंगापुर के तमाम नागरिकों की ओर से भारत सरकार और देश की जनता को 80वीं वर्षगांठ के इस राष्ट्रीय पर्व पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं और दोनों देशों के बीच आपसी व्यापारिक एवं सांस्कृतिक साझेदारी के और अधिक सुदृढ़ होने की कामना की।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 7:36 pm

क्या ईरान से लड़ते-लड़ते थक गए अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिक? हुआ वापसी का ऐलान

250 से ज्यादा दिन तक मिडिल-ईस्ट में तैनाती के बाद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन घर लौटने जा रहा है। इसका ऐलान कर दिया गया है। जानें इसकी क्या वजह बताई जा रही है।

खबर इंडिया टीवी 15 Aug 2026 7:16 pm

अमेरिका में कार पूजा का अनोखा VIDEO! पंडित ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक बनाने से किया इनकार, वीडियो में जानें क्यों

अमेरिका में कार पूजा का अनोखा VIDEO! पंडित ने बनाया ‘ॐ’, लेकिन स्वस्तिक बनाने से किया इनकार, वीडियो में जानें क्यों

समाचार नामा 15 Aug 2026 7:10 pm

राजौंद में छात्राओं को मिली इलेक्ट्रिक स्कूटी:अमेरिका में रह रहे युवकों ने प्रदान की, 10वीं कक्षा में अव्वल आने पर हुआ सम्मान

कैथल जिले में राजौंद खंड के गांव खेड़ी संदल स्थित राजकीय उच्च विद्यालय की दसवीं कक्षा की तीन छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बोर्ड परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए मिला। गांव खेड़ी संदल से संयुक्त राज्य अमेरिका गए युवकों ने अपनी तरफ से इन छात्राओं को स्कूटी प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा और सरपंच रामेश्वर दास सहित स्कूल स्टाफ व ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी कड़ी मेहनत कर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा ने बताया कि विद्यालय में कुछ कमियों के बावजूद भी यह उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम बच्चों की कड़ी मेहनत, स्टाफ की निष्ठा और अभिभावकों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। विदेश में बसे गांव के युवकों की पहल उन्होंने कहा कि जहां निजी स्कूल पढ़ाई को लेकर विभिन्न दावे करते हैं, वहीं खेड़ी संदल का सरकारी विद्यालय शिक्षा और सौंदर्य दोनों में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। विद्यालय ने दो बार जिला स्तर पर सौंदर्य के लिए प्रथम स्थान भी प्राप्त किया है। कुलदीप शर्मा ने यह भी बताया कि विदेशों में बसे गांव के युवकों की यह पहल बच्चों के लिए बहुत सार्थक साबित होगी। इन युवकों की मदद से समय-समय पर स्कूली बच्चों को जूते, जुराबें और जर्सियां भी वितरित की जाती रही हैं। छात्राओं को स्कूटी देकर सम्मानित करना अन्य बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 5:23 pm

रूस, अमेरिका, मालदीव... भारत के स्वतंत्रता दिवस पर किसने क्या कहा

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका, रूस, इजरायल, नेपाल, सिंगापुर, भूटान, मालदीव और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने शुभकामनाएं दीं. नेताओं ने भारत के साथ दोस्ती, द्विपक्षीय संबंध और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे और मजबूत करने की बात कही.

आज तक 15 Aug 2026 4:34 pm

अमेरिका में 43 लाख की सर्जरी भारत में सिर्फ 4.3 लाख में हुई! फिर भी अमेरिकी महिला ने बताईं ये 3 कमियां

अमेरिका की एक महिला की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों तेजी से चर्चा में है। उन्होंने अपनी मां के इलाज से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने अलग-अलग देशों में मेडिकल खर्च को लेकर बहस छेड़ दी। मां की सर्जरी के लिए अमेरिका में मिले खर्च के अनुमान ने परिवार को दूसरे विकल्प तलाशने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने विदेश में इलाज कराने के बारे में सोचा और कई देशों पर विचार किया। इसी दौरान भारत का विकल्प भी उनके सामने आया। परिवार के लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इलाज के साथ नए देश में अस्पताल, सुविधाओं और पूरी प्रक्रिया को लेकर भी भरोसा जरूरी था।लेकिन भारत पहुंचने के बाद सामने आया अनुभव उनके लिए उम्मीद से अलग रहा। महिला ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद भारत की मेडिकल सुविधाओं और इलाज की लागत को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।डॉक्टर की सलाह पर भारत आएइसी दौरान महिला के एक डॉक्टर दोस्त ने उन्हें भारत में इलाज कराने की सलाह दी। इसके बाद परिवार ने भारत आने का फैसला किया। महिला के अनुसार, भारत के एक बड़े अस्पताल में उनकी मां की सर्जरी हुई। अस्पताल में रहने का खर्च भी इसमें शामिल था।सिर्फ ₹4.3 लाख में हुआ इलाजमहिला ने बताया कि भारत में सर्जरी और अस्पताल में रहने समेत कुल खर्च करीब 4,500 डॉलर यानी 4.3 लाख रुपये आया। अमेरिका में मिले अनुमान से तुलना करें तो यह रकम करीब दस गुना कम थी। हालांकि, इलाज का वास्तविक खर्च मरीज और बीमारी के हिसाब से अलग हो सकता है।इलाज की गुणवत्ता ने किया प्रभावितमहिला ने केवल कम खर्च की तारीफ नहीं की। उन्होंने भारत में मिली मेडिकल सुविधाओं और देखभाल को भी अच्छा बताया। उनके मुताबिक, इलाज उनकी उम्मीद से बेहतर रहा। इसी वजह से उन्होंने भारत में मेडिकल टूरिज्म की संभावनाओं पर भी बात की।भारत में मेडिकल टूरिज्म का बड़ा मौकामहिला का मानना है कि भारत अगर विदेशी मरीजों के लिए यात्रा, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को और बेहतर करे, तो मेडिकल टूरिज्म में देश और आगे बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, भारत के पास इस क्षेत्र में काफी बड़ी संभावनाएं हैं। My mom needed surgery, and our U.S. options were around $45,000. We were actually looking at South Korea before my doctor friend recommended India. We came here and paid about $4,500 at a top hospital, including the stay. The quality of care was honestly amazing. If India can fix…— Amelia (@amelia_tweetz) August 13, 2026 सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसपोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने अमेरिका और भारत में इलाज की लागत पर चर्चा शुरू कर दी। कई यूजर्स ने सवाल किया कि अमेरिका जैसे विकसित देश में मेडिकल ट्रीटमेंट इतना महंगा क्यों है कि लोग इलाज के लिए विदेश जाने पर मजबूर हो रहे हैं।निजी अस्पतालों की भी हुई तारीफकुछ यूजर्स ने भारत के निजी अस्पतालों की तारीफ की। उनका कहना था कि कई अस्पताल कम लागत में अच्छी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत की सरकारी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में अभी सुधार की जरूरत है।विदेशी मरीजों को मिलती है मददमेडिकल टूरिज्म से जुड़े लोगों के मुताबिक, कई भारतीय अस्पताल विदेशी मरीजों को इलाज के साथ दूसरी सुविधाओं में भी मदद करते हैं। इनमें एयरपोर्ट ट्रांसफर, रहने की व्यवस्था, अपॉइंटमेंट और इलाज का शेड्यूल शामिल हो सकता है।

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 4:27 pm

अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार बर्खास्त

अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार बर्खास्त

समाचार नामा 15 Aug 2026 4:09 pm

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया से आईं बधाइयां! इजरायल ने संस्कृति-लोकतंत्र की तारीफ की, जाने क्या बोले रूस और अमेरिका

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया से आईं बधाइयां! इजरायल ने संस्कृति-लोकतंत्र की तारीफ की, जाने क्या बोले रूस और अमेरिका

समाचार नामा 15 Aug 2026 3:20 pm

अमेरिकी सेना ने क्यों रोके अपाचे हेलीकॉप्टर के पहिए? ट्रेनिंग बेड़ा ग्राउंड, जानिए क्या भारत के लिए बढ़ गई है कोई बड़ी चिंता

दुनिया के सबसे खतरनाक और ताकतवर अटैक हेलीकॉप्टरों में शुमार अमेरिकी बोइंग एएच-64 अपाचे (Boeing AH-64 Apache) एक बार फिर बड़े तकनीकी और सुरक्षा संकटों के घेरे में आ गया है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में अपने अपाचे हेलीकॉप्टरों के पूरे ट्रेनिंग बेड़े को अचानक ग्राउंडेड करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। इस अचानक उठाए गए कदम के बाद वैश्विक रक्षा जगत में हलचल मच गई है और यह सवाल लगातार पूछा जा रहा है कि आखिर अमेरिका को दुनिया के इस सबसे आधुनिक 'हवाई टैंक' की उड़ानों पर क्यों ब्रेक लगाना पड़ा? आइए इस पूरी घटना की गहराई में उतरकर इसके तकनीकी कारणों और भारत पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभावों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।अमेरिका ने क्यों लगाया अपाचे हेलीकॉप्टर की उड़ानों पर अचानक ब्रेक?अमेरिकी सैन्य अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कड़ा फैसला टेक्सस में हाल ही में हुए एक दर्दनाक और घातक हादसे के बाद लिया गया है। इस दुर्घटना में अमेरिकी सेना के दो सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस जानलेवा दुर्घटना के सामने आने के तुरंत बाद अमेरिकी सेना मुख्यालय ने देश और विदेश में चल रहे सभी अपाचे ट्रेनिंग मिशनों को अगले आदेश तक पूरी तरह से स्थगित करने की घोषणा कर दी। सैन्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस दुर्घटना के मूल कारणों यानी रूट कॉज (Root Cause) का पूरी तरह से पता नहीं चल जाता, तब तक इस बेड़े को जोखिम में नहीं डाला जाएगा। अमेरिकी सेना का यह कदम सुरक्षा प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखने की उनकी रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इससे उनकी युद्धक तैयारियों की निरंतरता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।क्या है तकनीकी खराबी और सुरक्षा जांच के मुख्य बिंदु?शुरुआती रिपोर्ट्स और आंतरिक रक्षा दस्तावेजों के मुताबिक, अपाचे हेलीकॉप्टरों के ट्रांसमिशन और मेन ड्राइव सिस्टम में कुछ आंतरिक तकनीकी गड़बड़ियों की बात सामने आई है। पिछले कुछ महीनों में इस तरह की तकनीकी जटिलताओं के कारण विमान के भीतर इलेक्ट्रिकल पावर और हाइड्रोलिक्स पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, ताजा दुर्घटना के पीछे की असली तकनीकी वजह का खुलासा आर्मी कॉम्बैट रीडनेस सेंटर की विशेष जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी रोक केवल रूटीन ट्रेनिंग उड़ानों के लिए है, जबकि सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील और एक्टिव कॉम्बैट मिशनों में लगे अपाचे हेलीकॉप्टरों को अभी इस दायरे से बाहर रखा गया है ताकि ऑपरेशनल जरूरतें प्रभावित न हों।क्या भारत की सुरक्षा के लिए बन रही है कोई बड़ी चिंता?भारतीय संदर्भ में बात करें तो भारतीय वायुसेना (IAF) और भारतीय थल सेना दोनों ही अपाचे एएच-64ई (AH-64E) गार्डियन हेलीकॉप्टरों का प्रमुखता से इस्तेमाल करती हैं। पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर सामरिक निगरानी और मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए इन 'उड़ने वाले टैंकों' को बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में जब अमेरिकी बेड़े में तकनीकी खामियों के चलते ट्रेनिंग रोकी जाती है, तो भारतीय रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े होना स्वाभाविक है। भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ इन हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस और सपोर्ट के लिए करोड़ों के रक्षा सौदों को आगे बढ़ाया है। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय और तकनीकी दल अमेरिकी विनिर्माता बोइंग और अमेरिकी सेना के साथ मिलकर लगातार संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय बेड़े में किसी भी प्रकार की तकनीकी अनिश्चितता या संकट का सामना न करना पड़े।भविष्य की रक्षा रणनीतियों और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असरअपाचे हेलीकॉप्टरों का यह ग्राउंडिंग संकट केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के उन तमाम देशों की चिंताएं बढ़ा रहा है जो अपनी वायु शक्ति के लिए इस अमेरिकी प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। वैश्विक स्तर पर डिफेंस सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं और स्पेयर पार्ट्स की समय पर उपलब्धता न होने के कारण भी कई बार मेंटेनेंस के काम प्रभावित होते हैं। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की इस सख्त जांच और रोक से आने वाले समय में बोइंग को अपने इस बेड़े के डिजाइन और ट्रांसमिशन सिस्टम में कुछ बड़े अपग्रेड या बदलाव करने पड़ सकते हैं। भारत के दृष्टिकोण से भी यह एक बड़ा सबक है कि क्रिटिकल मिलिट्री हार्डवेयर के मामले में तकनीकी स्वदेशीकरण और समय पर स्पेयर पार्ट्स का ऑडिट कितना जरूरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:59 pm

US Woman Medical Tourism India: अमेरिका छोड़ भारत में इलाज कराने पहुंची महिला, वर्ल्ड-क्लास अस्पताल देख हुई कायल; बोली- क्या यहीं बस जाऊं?

वैश्विक स्तर पर भारत का मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) सेक्टर कितनी तेजी से नई ऊंचाइयां छू रहा है, इसका एक ताजा और दिलचस्प उदाहरण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अमेरिका में अत्यधिक महंगे मेडिकल खर्च और डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट के लिए हफ्तों लंबे इंतजार से परेशान होकर एक अमेरिकी महिला इलाज कराने भारत पहुंची। भारत के एक निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती होने के बाद वहां का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, 5-स्टार होटल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं, आधुनिक मेडिकल तकनीक और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ का अपनत्व भरा व्यवहार देखकर वह इतनी प्रभावित हुई कि उसने वीडियो शेयर कर कहा कि क्या मुझे हमेशा के लिए इसी देश में बस जाना चाहिए?अमेरिका की महंगी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाम भारतीय मेडिकल केयरवायरल वीडियो में अमेरिकी महिला ने संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के बीच का सीधा अंतर साझा किया। महिला के अनुसार, अमेरिका में बिना विस्तृत हेल्थ इंश्योरेंस के सामान्य जांच या छोटी सर्जरी का खर्च भी हजारों डॉलर (लाखों रुपये) तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने या एमआरआई/सीटी स्कैन जैसी बुनियादी जांचों के लिए भी मरीजों को महीनों पहले से अपॉइंटमेंट का इंतजार करना पड़ता है। इसके विपरीत, भारत पहुंचते ही उसी दिन विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श दिया गया, कुछ ही घंटों में सभी जरूरी डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरे कर लिए गए और बिना किसी जटिल प्रतीक्षा सूची के तुरंत इलाज और प्रक्रिया शुरू हो गई।5-स्टार होटल जैसी सुविधाएं और आधुनिक टेक्नोलॉजीमहिला ने भारतीय अस्पताल के प्राइवेट रूम, साफ-सफाई, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और मरीज के परिजनों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की तुलना अंतरराष्ट्रीय लक्जरी होटलों से की। उसने बताया कि कमरे में पौष्टिक कस्टमाइज्ड भोजन, समर्पित नर्सिंग केयर और डॉक्टरों की नियमित निगरानी इतनी सहज और पेशेवर थी कि उसे किसी अस्पताल में होने का तनाव ही महसूस नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह रही कि पूरी यात्रा, फ्लाइट टिकट, भारत में रुकने का खर्च और उच्च स्तरीय इलाज का कुल बजट मिलाकर भी अमेरिका में होने वाले केवल मेडिकल बिल के एक-चौथाई हिस्से से भी कम रहा।ग्लोबल मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनता भारतयह केवल एक महिला का व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि दुनिया भर से लाखों अंतरराष्ट्रीय मरीज हर साल भारत में कार्डियक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर केयर), ऑर्थोपेडिक जॉइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और डेंटल ट्रीटमेंट के लिए पहुंच रहे हैं। भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों (JCI और NABH) से मान्यता प्राप्त अस्पतालों का विशाल नेटवर्क मौजूद है, जहां पश्चिमी देशों की तुलना में 70 से 80 प्रतिशत कम लागत में वैश्विक स्तर का इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया 'हील इन इंडिया' (Heal in India) अभियान और आसान 'मेडिकल वीजा' (Medical Visa) नियम विदेशी नागरिकों के लिए भारत आकर इलाज कराना बेहद सुगम बना रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 12:46 pm

ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश!

ईरान ने अमेरिकी और पश्चिमी देशों की दादागिरी को खत्म करने के लिए ब्रिक्स यानी ब्रिक्स संगठन का इस्तेमाल करते हुए फाइनल गेम प्लान तैयार कर लिया। एक ऐसा प्लान जो ट्रंप प्रशासन के होश उड़ाने के लिए काफी है। अमेरिका और ईरान की दुश्मनी कोई नई नहीं है। लेकिन जब से डोनाल्ड ट्रंप वापस सत्ता में आए हैं, उन्हें ईरान के चारों तरफ एक सख्त आर्थिक दीवार खड़ी कर दी है। इसे ही कहते हैं आर्थिक नाकेबंदी। अमेरिका ने दुनिया भर के देशों से कह दिया है कि कोई भी ईरान से तेल नहीं खरीदेगा और अगर कोई खरीदेगा तो अमेरिका उस पर बैन लगा देगा। इतना ही नहीं ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम जिसे Swift कहते हैं उससे बाहर निकाल दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि ईरान ना तो अपना तेल किसी को बेच पा रहा था और ना ही दुनिया से अपनी करेंसी में व्यापार कर पा रहा था। ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह संकट में थी। अमेरिका का प्लान साफ था। इसे भी पढ़ें: ऐसी जिंदगी से मौत अच्छी, ईरान के खौफ से समुंदर कूद रहे US सैनिक ईरान को इतना मजबूर कर दो कि वो घुटने टेक दे। लेकिन अमेरिका यह भूल गया जब सीधी उंगली से घी नहीं निकलता तो उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है और ईरान ने ठीक यही किया। अब आते हैं कहानी में ट्विस्ट। ईरान ने समझ लिया कि अकेले अमेरिका से लड़ना मुश्किल नहीं है। इसीलिए उसने हाथ उन देशों से जो खुद अमेरिका की नीतियों से परेशान है। ईरान जनवरी 2024 में bricks का पक्का सदस्य बन गया था। लेकिन असली मास्टर स्ट्रोक तो ईरान ने अब खेला है। ईरान ब्रिक्स के बैंक जिसे न्यू डेवलपमेंट बैंक यानी एनडीबी कहते हैं उसका हिस्सा बनने जा रहा है। अब तक ईरान डॉलर के बिना अंतरराष्ट्रीय व्यापार नहीं कर पा रहा था। लेकिन ब्रिक्स बैंक में आते ही ईरान अब रूस के साथ रूबल में, चीन के साथ युवान में और भारत के साथ रुपए में सीधा बिजनेस कर सकेगा। यानी 20 से ही अमेरिकी डॉलर का पत्ता पूरी तरह साफ। इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति पेजेशकियान आ रहे भारत, US सैनिकों को पीटने के बाद अब ईरान ने लिया चौंकाने वाला फैसला अमेरिका का जो बड़ा हथियार था डॉलर ईरान ने ब्रिक्स के जरिए उसकी हवा निकाल दी। इस पूरे खेल के पीछे एक बहुत मजबूत त्रिकोणीय गठबंधन काम कर रहा है जिसे दुनिया रूस, चीन और ईरान की तड़ी कह रही है। इसमें चीन की भूमिका एक आर्थिक रीड जैसी है क्योंकि चीन लगातार ईरान से भारी मात्रा में सस्ता तेल खरीद रहा है। कच्चा तेल खरीद रहा है और बदले में ईरान को एडवांस टेक्नोलॉजी और पैसे दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ रूस जो खुद अमेरिकी प्रतिबंधों को झेल रहा है। रूस ने ईरान से मिलकर एक नया बैंकिंग मैसेजिंग सिस्टम बना लिया है ताकि उन्हें पश्चिमी देशों के स्विफ्ट सिस्टम की जरूरत ना पड़े। ये दोनों देश मिलकर एक नया रेल कॉरिडोर भी बना रहे हैं जिससे रूस का सामान ईरान होते हुए सीधे एशिया तक पहुंच सके। अब बात करते हैं सबसे जरूरी हिस्से की। इस पूरे ड्रामे में भारत का क्या स्टैंड है? भारत के लिए बहुत स्थिति नाजुक है। एक तरफ पुराना दोस्त ईरान है। जहां भारत चाब पोर्ट बना रहा है। वहां बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद जरूरी है। क्योंकि इसके जरिए हम पाकिस्तान को छोड़े बिना सीधे अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस तक पहुंच सकते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण चाबार पोर्ट के काम पर असर पड़ा है। भारत पर भी दबाव है कि वह ईरान से दूरी बनाए रखें। लेकिन भारत की विदेश नीति अभी बहुत स्मार्ट है। भारत ने ईरान के साथ एक अस्थाई कामकाजी रास्ता निकाला है। हमारा निवेश भी सुरक्षित रहे और अमेरिका भी ज्यादा नाराज ना हो।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:28 pm

सिंगापुर और अमेरिका ने भारत के लोगों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

New Delhi, 15 अगस्त . सिंगापुर के President थर्मन शनमुगरत्नम ने India के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी सिंगापुरवासियों की ओर से President द्रौपदी मुर्मु को बधाई दी है. वहीं, अमेरिका ने भी India के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है. President थर्मन शनमुगरत्नम ने President के नाम लिखे पत्र में कहा, “सिंगापुर ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 10:31 am

ईरान को हराने के बाद 'होर्मुज स्ट्रेट' को अमेरिका का हिस्सा घोषित करूंगा: डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज स्ट्रेट को यूनाइटेड स्टेट्स का क्षेत्र घोषित कर देंगे। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुनिया के इस सबसे अहम ऊर्जा मार्ग में से एक पर ट्रंप का यह दावा असाधारण है। ट्रंप ने यह दावा न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में क्राइम और लॉ एनफोर्समेंट पर एक भाषण के दौरान किया।

खास खबर 15 Aug 2026 10:31 am

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान से लड़ाई के बाद अमेरिका का इलाका हो जाएगा! डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि ईरान से लड़ाई खत्म होने के बाद वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया का यह अहम समुद्री रास्ता अमेरिकी सेना के नियंत्रण में है।रिपब्लिकन उम्मीदवारों की रैली में ट्रंप ने कई बातें कहींंलॉन्ग आईलैंड में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की रैली में ट्रंप ने ईरान से चल रही लड़ाई के बारे में कई बाते कहीं। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी इलाका घोषित करने का ऐलान वह ईरान की पराजय के बाद करेंगे। उन्होंने कहा, ईरान को पूरी तरह हराने के बाद जल्द ही मैं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का इलाका घोषित कर दूंगा।ट्रंप ने कहा कि ईरान लड़ाई में बुरी तरह से हार रहा हैट्रंप ने यह भी कहा कि लड़ाई में ईरान बुरी तरह से हार रहा है। उन्होंने सैन्य शक्ति के इस्तेमाल के अपने सरकार के फैसले को भी सही बताया। उन्होंने कहा, मैंने उससे ज्यादा सेना की तैनाती की है, जितना मैं पहले चाहता था। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए लगातार दबाव बनाना जरूरी था।अमेरिका किसी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगाअमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर यह दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल समझौते के संकेत नहीं दिख रहे है। 17 जून को दोनों देशों के बीच शांति को लेकर सहमति बनी थी। लेकिन, यह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई।अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में दो सबसे बड़ी बाधाअमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं होने की दो बड़ी वजहें हैं। पहला, अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह से रोक लगाना चाहता है। इसके लिए ईरान तैयार नहीं है। दूसरा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान अपना नियंत्रण चाहता है। अमेरिका इसके लिए भी तैयार नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनियाभर में क्रूड ऑयल की सप्लाई का एक बड़ा समुद्री रास्ता है।यह भी पढ़ें:हाथों में कटोरा लेकर आजादी मना रहा 80 साल का पाकिस्तान! कंगाली के ये निशान बयान कर रहे उसके असली हालातपहले भी ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बयान दे चुके है्ंऐसा पहली बार नहीं है कि ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मजु को अमेरिका का इलाका बनाने की बात कही है। उन्होंने मार्च में भी कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर 'स्ट्रेट ऑफ अमेरिका' किया जा सकता है। भारत और चीन देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज काफी अहम है। भारत के क्रूड इंपोर्ट का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है।

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 10:21 am

ईरान को हराने के बाद ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को अमेरिका का हिस्सा घोषित करूंगा: डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन, 15 अगस्त . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज स्ट्रेट को यूनाइटेड स्टेट्स का क्षेत्र घोषित कर देंगे. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दुनिया के इस सबसे अहम ऊर्जा मार्ग में से एक पर ट्रंप का यह दावा असाधारण है. ट्रंप ने यह दावा न्यूयॉर्क ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 9:42 am

Biz Updates: अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला, एसएंडपी 500 इंडेक्स में शामिल होने की तैयारी में रेडिट

Biz Updates: अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला, एसएंडपी 500 इंडेक्स में शामिल होने की तैयारी में रेडिट

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 9:39 am

भारत और अमेरिकी बैंकों में सबसे बड़ा अंतर क्या है? भारतीय शख्स ने बताया कैसे मिलता है लोन

भारत और अमेरिकी बैंकों में सबसे बड़ा अंतर क्या है? भारतीय शख्स ने बताया कैसे मिलता है लोन

समाचार नामा 15 Aug 2026 9:30 am

ईरान को हराने के बाद 'होर्मुज स्ट्रेट' को अमेरिका का हिस्सा घोषित करूंगा: डोनाल्ड ट्रंप

ईरान को हराने के बाद 'होर्मुज स्ट्रेट' को अमेरिका का हिस्सा घोषित करूंगा: डोनाल्ड ट्रंप

समाचार नामा 15 Aug 2026 9:29 am

इम्पोर्टेड ड्रोन्स पर 100% टैरिफ लगाएगा अमेरिका, देखें US TO-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इम्पोर्टेड ड्रोन और उनके कुछ पार्ट्स पर 100% तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. 25 किलो से ज्यादा वजन वाले और थर्मल कैसमरा जैसे संवेदनशील तकनीक वाले ड्रोन डॉकिंग स्टेशन और कुछ अहम पार्ट्स पर 100% शुल्क लगेगा. वहीं छोटे ड्रोन पर 25% टैरिफ लगेगा. ये शुल्क 3 सितंबर से लागू होंगे.

आज तक 15 Aug 2026 9:15 am

रिलायंस और रोल्स-रॉयस की फाइटर जेट के इंजन पर अहम घोषणा, अमेरिका से आगे देखने की रणनीति?

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अपनी क्षमताओं की कमियों को दूर करने के लिए भारत अमेरिका से आगे भी अपने रक्षा साझेदारियों का विस्तार कर रहा है.

बीबीसी हिंदी 15 Aug 2026 7:47 am

US Shooting: अमेरिका के मिशिगन में गोलीबारी, दो घरों में छह लोगों की मौत; संदिग्ध हमलावर भी ढेर

US Shooting: अमेरिका के मिशिगन में गोलीबारी, छह की मौत; संदिग्ध हमलावर भी ढेर

अमर उजाला 15 Aug 2026 7:44 am

‘रक्षा से ऊर्जा तक साथ’, भारत के स्वतंत्रता दिवस पर अमेरिका का खास संदेश

अमेरिका ने भारत को उसके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए भारत-अमेरिका के मजबूत और बेहतर रिश्तों की कीमना की.

आज तक 15 Aug 2026 7:26 am

Himachal: अमेरिका-जर्मनी में बैठे हैंडलर के इशारे पर हुआ थाने में धमाका, कोर्ट ने आरोपियों को भेजा जेल

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ थाना परिसर में हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।

अमर उजाला 15 Aug 2026 6:45 am

'होर्मुज जल्द बनेगा अमेरिकी क्षेत्र'; ट्रंप का बयान, ईरान का करारा जवाब- भाषण या धमकी से डरने वाले नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद वह होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे. इस बयान पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग हमेशा ईरान का था और रहेगा. वहीं इस विवाद के बीच वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल देखने को मिल रही है.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 6:08 am

ब्रिटेन के लोग भारत को सबसे ज्यादा करते हैं पसंद, रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचा अमेरिका पर भरोसा; सर्वे में खुलासा

भारतीयों की नजर में अमेरिका की हैसियत गिरी है तो इसका पूरा क्रेडिट डोनाल्ड ट्रंप को जाता है। ट्रंप ने जिस तरह से भारत पर 50 परसेंट टैरिफ लगाया, ऊट-पटांग बयान दिए, उससे भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लोग ट्रंप और अमेरिका से नाराज हैं।

खबर इंडिया टीवी 14 Aug 2026 11:05 pm

आजादी के 80 साल: भारत की वैश्विक छवि कैसी? अमेरिका-ब्रिटेन समेत दुनिया के 36 देशों की राय सामने आई

प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के अनुसार, भारत की वैश्विक छवि श्रीलंका में सबसे सकारात्मक (79%) और पाकिस्तान में सबसे नकारात्मक (91%) पाई गई।

जागरण 14 Aug 2026 10:23 pm

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:25 pm

चीन पर निशाना, भारत पर आरोप... अमेरिकी रिपोर्ट ने 40 देशों पर उठाए सवाल

अमेरिकी व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट ने भारत सहित 40 से अधिक देशों पर चीनी उत्पादों को तीसरे देश के रास्ते अमेरिकी बाजारों में भेजने का आरोप लगाया है, जिससे अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है। भारत ने आरोपों पर कहा है कि वह रिपोर्ट की पद्धति की जांच कर रहा है और उसके पास निर्यात नियमों के मजबूत प्रावधान हैं।

जागरण 14 Aug 2026 9:20 pm

भारत-पाकिस्तान की दुश्मनी पर अमेरिकी सर्वे का बड़ा खुलासा! 10 में से 9 पाकिस्तानी भारत को मानते है बड़ा खतरा

भारत-पाकिस्तान की दुश्मनी पर अमेरिकी सर्वे का बड़ा खुलासा! 10 में से 9 पाकिस्तानी भारत को मानते है बड़ा खतरा

समाचार नामा 14 Aug 2026 9:05 pm

ईरान की कमर तोड़ने की बड़ी योजना, अमेरिका का अगला कदम क्या होगा? होर्मुज जलडमरूमध्य में थम नहीं रहे हमले

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान पर नकेल कसने के लिए आर्थिक दबाव को और अधिक बढ़ाने की चेतावनी दी है। इस बीच, दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो टैंकरों को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडराने लगा है।अमेरिका की कड़ी चेतावनी और ईरान पर वित्तीय चोट की तैयारीअमेरिकी प्रशासन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वह ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह झकझोरने के लिए तैयार है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अमेरिकी नौसेना के पास क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने और ईरान की आर्थिक नाकेबंदी को लंबे समय तक जारी रखने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जहाजों की रोटेशन के जरिए इस नाकेबंदी को अनिश्चितकाल तक बनाए रख सकता है। वहीं, ट्रेजरी सेक्रेट्री स्कॉट बेसेंट ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर वित्तीय रूप से अब तक की सबसे बड़ी चोट पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है और आने वाले दिनों में कुछ ऐतिहासिक आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर घरेलू मोर्चे पर भारी दबावदूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह पूरा भू-राजनीतिक घटनाक्रम घरेलू राजनीति के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। देश के भीतर ट्रंप पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा है कि वे ईरान के साथ चल रहे तनाव और संघर्ष का कोई स्थायी समाधान निकालें। देश में लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता पर पड़ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आगामी मध्यावधि चुनावों में उनकी पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ड्रोन हमलेताजा हमलों की बात करें तो यूएई ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अबू धाबी की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी 'एडीएनओसी' (ADNOC) के स्वामित्व वाले दो टैंकरों पर होर्मुज क्षेत्र से गुजरते वक्त ड्रोन से हमले किए गए। यूएई ने इन हमलों को स्पष्ट रूप से 'समुद्री डकैती' करार दिया है। हालांकि, गनीमत यह रही कि इन हमलों में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने फारस की खाड़ी से खुले समुद्र तक जाने वाले इस अहम जलमार्ग की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्रिटिश सेना के मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी जहाजों को मामूली नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' को जिम्मेदार ठहराया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन बताया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 5:49 pm

ईरान की कमर तोड़ने की योजना, अमेरिका का इरादा क्या? होर्मुज में रुक नहीं रहे हमले

अमेरिका ने ईरान को फिर से धमकी दी है कि वह आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ाएगा। इस बीच होर्मुज से गुजरने वाले दो और जहाजों पर हमला हुआ है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना इजाजत के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 5:45 pm

पीएम मोदी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका की सराहना की, बोले-हर क्षेत्र में बनाई पहचान

पीएम मोदी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका की सराहना की, बोले-हर क्षेत्र में बनाई पहचान

समाचार नामा 14 Aug 2026 5:37 pm

अमेरिका का भारत पर बड़ा आरोप: टैरिफ चोरी और चीन के 'शैडो नेटवर्क' में मदद करने का दावा, जानें क्या है 'द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम'

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक बार फिर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अमेरिका की ओर से जारी की गई एक नई रिपोर्ट में भारत पर सीधा आरोप लगाया गया है कि वह चीन को अमेरिकी टैरिफ (आयात शुल्क) से बचने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहा है। व्हाइट हाउस के शीर्ष व्यापार सलाहकार पीटर नवारो द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट का नाम ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम’ रखा गया है, जिसमें दावा किया गया है कि अवैध नेटवर्क के जरिए भारी मात्रा में चीनी सामान को तीसरे देशों के रास्ते अमेरिकी बाजार में खपाया जा रहा है।क्या है 'शैडो ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क' और कैसे होता है खेल?व्हाइट हाउस की इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत समेत दुनिया के 40 से अधिक देश चीन के लिए एक 'शैडो ट्रांस-शिपमेंट नेटवर्क' की तरह काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस अवैध नेटवर्क के माध्यम से सालाना 40 अरब डॉलर से लेकर 303 अरब डॉलर तक का चीनी सामान दूसरे देशों के रास्ते अमेरिका पहुंच रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले कई सालों से यह बड़ा घोटाला कम्युनिस्ट चीन को अपने एक्सपोर्ट्स को री-रूट या लॉन्ड्रिंग करने का मौका दे रहा है, जिससे चीनी कंपनियां अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ से आसानी से बच निकलती हैं।भारत को लेकर रिपोर्ट में क्या लगाए गए हैं आरोप?इस रिपोर्ट में विशेष तौर पर यह आरोप लगाया गया है कि चीन तीसरे देशों में अपने सामान की मामूली प्रोसेसिंग, री-पैकेजिंग, लेबल बदलने या उत्पाद के रूट में बदलाव करके उसे वहां का स्थानीय उत्पाद दिखाने की कोशिश करता है। रिपोर्ट में भारत के पुणे, गुजरात और चेन्नई जैसे प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्शन बेल्ट का भी खास जिक्र किया गया है। अमेरिका का आरोप है कि इन इलाकों में चीन से आए पंप, कंप्रेसर और अन्य कलपुर्जों को भारतीय उत्पाद के रूप में री-लेबल करके अमेरिकी बाजार तक पहुंचाया जाता है, जिससे चीनी सामान पर लगने वाले भारी आयात शुल्क से बचा जा सके। भारत के अलावा इस लिस्ट में मैक्सिको, कनाडा, यूरोपीय संघ, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े देशों के नाम भी शामिल हैं।टैरिफ चोरी रोकने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का होगा इस्तेमालइस तरह की टैरिफ चोरी और अवैध माल की आवाजाही पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका अब बेहद सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ऐसे संदिग्ध शिपमेंट की सटीक पहचान के लिए एक उन्नत AI आधारित ‘डिटेक्टिव बॉर्डर’ सिस्टम का उपयोग करने जा रहा है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम शिपमेंट के बड़े डेटा, सामान के आने-जाने के रूट, उत्पाद की कैटेगरी, कंपनियों के मालिकाना हक और उनकी उत्पादन क्षमता जैसे तमाम आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य संदिग्ध उत्पादों की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर भारी शुल्क वसूली, जुर्माना लगाने या अमेरिकी बाजार में उनके प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 5:00 pm

जंग में ईरान ने गिराए अमेरिका के 45 रीपर ड्रोन, हथियारों पर संकट

ईरान से जंग में अमेरिका के लिए सिर्फ मैदान पर लड़ाई मुश्किल नहीं हो रही, हथियारों का हिसाब भी बिगड़ रहा है. 45 रीपर ड्रोन खोने के साथ मिसाइलों का बड़ा स्टॉक भी खर्च हो चुका है.

आज तक 14 Aug 2026 4:57 pm

डोनाल्ड ट्रंप की जान पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा? इजरायल की चेतावनी पर क्यों भरोसा नहीं कर पा रही अमेरिकी एजेंसी CIA

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा गलियारों में इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी लगातार अमेरिका को आगाह कर रही है कि ईरान राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की खतरनाक साजिश रच रहा है। इजरायल का दावा है कि ईरान कभी स्नाइपर, कभी चाकू तो कभी मिसाइल के जरिए ट्रंप को निशाना बना सकता है। हालांकि, इजरायल द्वारा दी जा रही इन तमाम चेतावनियों और खुफिया इनपुट्स के बावजूद अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) और अन्य अमेरिकी अधिकारी इन दावों पर पूरी तरह आंख मूंदकर भरोसा करने से बच रहे हैं।तुर्की दौरे के दौरान क्यों बदलना पड़ा था ट्रंप का विमानइजरायल की तरफ से दी गई सबसे खतरनाक चेतावनियों में से एक वाकया जुलाई महीने में तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान सामने आया था। इजरायली खुफिया एजेंसी ने सीधे व्हाइट हाउस को अलर्ट भेजा था कि जब डोनाल्ड ट्रंप अपने आधिकारिक विमान 'एयर फोर्स वन' से उड़ान भरेंगे, तो ईरान शोल्डर मिसाइल के जरिए उस पर हमला कर सकता है। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों को इस इनपुट पर पूरा भरोसा नहीं था, फिर भी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सीक्रेट सर्विस ने कोई जोखिम नहीं उठाया। एक गुप्त ऑपरेशन के तहत ट्रंप को एयरफोर्स वन से निकालकर चुपचाप दूसरे विमान में शिफ्ट किया गया। वहीं दूसरी तरफ, जब तुर्की की खुफिया एजेंसियों ने इन दावों की अपने स्तर पर जांच की, तो उन्हें ट्रंप पर हमले की साजिश का कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिला।इजरायली खुफिया इनपुट्स पर CIA को क्यों है संदेहसवाल यह उठता है कि आखिर अमेरिका इन चेतावनियों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त क्यों नहीं हो पा रहा है? रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी इन खुफिया जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि (Independent Verification) नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते सीआईए का इजरायली इनपुट्स पर भरोसा थोड़ा कमजोर है। अमेरिका का यह भी मानना है कि साल 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान बदला लेने की फिराक में जरूर है, लेकिन परमाणु हथियारों और अन्य सुरक्षा मामलों में भी अमेरिका और इजरायल के आकलन अक्सर अलग रहे हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना था कि ईरान सक्रिय रूप से परमाणु बम नहीं बना रहा है, जबकि इजरायल इसके उलट लगातार दावे करता रहा है।क्या अमेरिका को युद्ध में घसीटने की है कोई बड़ी चालराजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का मानना है कि इजरायल इस तरह की सनसनीखेज और डरावनी खुफिया जानकारियां साझा करके अमेरिका को ईरान के खिलाफ और अधिक आक्रामक तथा कड़े सैन्य कदम उठाने के लिए मजबूर करना चाहता है। यही वजह है कि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के रास्तों को खुला रखने वाले अमेरिकी अधिकारी अब हर कदम बहुत ही फूंक-फूंक कर रख रहे हैं, ताकि किसी भी कूटनीतिक प्रक्रिया को समय से पहले पटरी से उतरने से बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 4:56 pm

किसान यूनियन उगराहां का हल्ला बोल:बठिंडा, संगरूर और अमृतसर में 20 अगस्त को प्रदर्शन; भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध

पंजाब के बठिंडा, संगरूर और अमृतसर जिलों में भारतीय किसान यूनियन उगराहां (बीकेयू उगराहां) द्वारा 20 अगस्त को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में धरने दिए जाएंगे। इन धरनों को सफल बनाने के लिए किसानों द्वारा बैठकों का सिलसिला जारी है। मानसा में बीकेयू उगराहां के जिला प्रधान राम सिंह भैणी बाघा ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानूनों को किसानों ने रद्द करवाया था, उसी तरह इस समझौते को भी रद्द करवाने के लिए देश की संघर्षशील जत्थेबंदियां एकजुट हो चुकी हैं। लैंड पूलिंग नीति को लेकर किसानों में रोष इन धरनों की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता वार्ता रद्द करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोबारा लाई जा रही लैंड पूलिंग नीति की योजना को रद्द करने की भी मांग की गई है। किसानों की अन्य मांगों में आबादकारों, पूर्व मुजारों सहित दशकों से खेती करते आ रहे किसानों और खेत मजदूरों को जमीनों के मालिकाना हक देना और इन जमीनों से उनका उजाड़ा तुरंत बंद करना शामिल है। वे किसानों, खेत मजदूरों और अन्य दिहाड़ीदार श्रमिकों के सभी कर्ज माफ करने की भी मांग कर रहे हैं। आत्महत्या पीड़ित परिवारों को नौकरी और मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है। किसानों और खेत मजदूरों के हितों की रक्षा और विकास के लिए पर्यावरण हितैषी तथा कॉरपोरेटों और जागीरदारों के विरोध वाली पंजाब की कृषि नीति बनाने और लागू करने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मामले रद्द करने की मांग संघर्षों के दौरान किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मामले रद्द करने तथा गिरफ्तारी के सभी वारंट तुरंत रद्द करने की मांग की गई है। पराली जलाने के सभी मामले तत्काल वापस लेने की भी मांग शामिल है। राम सिंह भैणी बाघा ने कहा कि राज्य में संघर्ष कर रहे लोगों पर अत्याचार करना बंद किया जाए और संघर्ष करने के लोकतांत्रिक अधिकार की गारंटी दी जाए। उन्होंने कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के जरिए लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का दमन बंद करने की भी मांग की।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:45 pm

अमेरिका में नई कार की पूजा, पंडित जी ने 'ॐ' बना दिया, लेकिन 'स्वस्तिक' बनाने से इनकार कर दिया

Indians In America: अमेरिका में नई कार की पूजन के दौरान पंडित जी के 'ओम' पर 'स्वस्तिक' बनाने से इनकार न करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 3:35 pm

चीनी समान पर भारत से भिड़ा अमेरिका, ट्रंप के सलाहकार अब कौन सी रिपोर्ट लेकर आ गए?

अमेरिका ने भारत को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट में भारत को शैडो ट्रांसिपमेंट नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है। जिसके जरिए कथित तौर पर चीन के ऊंचे अमेरिकी टैरिफ वाले सामान को तीसरे देशों के रस्ते अमेरिकी बाजार तक पहुंचाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन देशों में कम टेरिफ का फायदा उठाकर चीनी सामान को इस तरह दोबारा रूट किया गया कि उसकी असली उत्पत्ति छिपी रहे और अमेरिकी शुल्क से बचाया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो की तैयार रिपोर्ट द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम में संभावित अवैध ट्रांसशिप का अनुमान करीब 60 अरब डॉलर लगाया गया है। इस रिपोर्ट का दावा है कि इस व्यवस्था के कारण अमेरिकी सरकार को टेरिफ से मिलने वाले राजस्व में अरबों डॉलर का नुकसान हुआ और रिपोर्ट में कहा गया कि जिन देशों पर चीनी सामान की री-रूटिंग के जरिए अमेरिकी कानून से बचने में मदद करने का आरोप है उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। इनमें तत्काल माल रोकना, दंडनात्मक टेरिफ लगाना, प्रतिबंध और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी बाजार तक पहुंच खत्म करने जैसे कदम शामिल है। इसे भी पढ़ें: सीधे रास्ते पर नहीं चला तो...सिंधु जल संधि पर शहबाज ने भारत को दी खुली धमकी व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 40 देश इस शैडो ट्रांसिपमेंट नेटवर्क में किसी ना किसी तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इन्हें चीनी मूल के सामान को कम टैरिफ वाले रास्ते से अमेरिका पहुंचाने में उनकी भूमिका के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। भारत को टिए वन में रखा गया है। इस श्रेणी में कनाडा, जापान, यूरोपीय संघ, इजराइल और मेक्सिको जैसे अमेरिका के कई बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल। रिपोर्ट में अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के हवाले से एक अनुमान दिया गया कि 2025 में चीन से अमेरिका जाने वाला करीब 67 अरब डॉलर का सामान मेक्सिको, भारत और वियतनाम जैसे प्रमुख हब के जरिए ट्रांसिप किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इससे करीब 28 अरब डॉलर के टेरिफ राजस्व का नुकसान हुआ। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस कथित नेटवर्क की शुरुआत 2018 से जोड़ी गई। इसे भी पढ़ें: Delhi Police ने Cyber Fraud गिरोह से जुड़े 4 आरोपियों को यूपी और हरियाणा से पकड़ा उस समय ट्रंप प्रशासन ने चीन के साथ बढ़ते अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने के लिए चुनिंदा चीनी उत्पादों पर सेक्शन 301 के तहत टेरिफ लगाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद चीनी निर्यातकों ने सामान को सीधे चीन से अमेरिका भेजने के बजाय तीसरे देशों के रास्ते भेजना शुरू किया। इन जगहों पर सीमित असेंबली, फिनिशिंग, रिककैपिंग, रीलेबलिंग या दस्तावेजों में बदलाव के जरिए सामान का मूल देश अलग दिखने की स्थिति बनाई जा सकती थी। इस रिपोर्ट में भारत के पुणे, गुजरात चेन्नई कॉरिडोर का जिक्र किया गया। इसमें दावा किया गया कि इलेक्ट्रिक पंप और कंप्रेसर जैसी चीनी सामान की ट्रांसिपमेंट से इस कॉरिडोर को आर्थिक फायदा हुआ। जबकि अमेरिका के ओहायो राज्य के डेटन और कोलंबस जैसे शहर में मौजूद निर्माताओं को नुकसान हुआ। इस रिपोर्ट का सामने आना ऐसे समय में हुआ है जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है। इसे भी पढ़ें: Vishwakhabram: Putin के Kuril Islands पहुँचते ही भड़क उठीं Sanae Takaichi, Japan-Russia के बीच जोरदार भिड़ंत से दुनिया हैरान रिपोर्ट जारी होने से छ दिन पहले अमेरिकी सेनेट ने एक ऐसा बिल को 8611 वोटों से मंजूरी दी थी जिसमें रूस से तेल, गैस और अन्य निर्यात खरीदने वाले देशों पर 100% टेरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। इस बिल में भी चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़र-बैजान को संभावित निशाने के तौर पर शामिल किया गया। इसके प्रायोजकों ने कहा कि इसकी दर इतनी ऊंची होनी चाहिए कि चीन और भारत रूसी तेल खरीद ना पाएं। हालांकि भारत अमेरिका का तनाव और भी वजहों से बढ़ा हुआ है।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 3:33 pm

अगले महीने भारत आ रहे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, अमेरिका संग जंग के बीच क्यों ऐलान?

ईरान 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना। इंडोनेशिया 2025 में इस समूह में शामिल हुआ, जिससे पूर्ण सदस्यों की कुल संख्या 11 हो गई।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 3:23 pm

अमेरिका के सामने झुक रहा है भारत, केंद्र सरकार की विदेश नीति से देश को नुकसान : जेबी माथर

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने केंद्र की केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है।

खास खबर 14 Aug 2026 3:19 pm

अमेरिका ने भारत समेत 40 देशों पर लगाया बड़ा आरोप

अमेरिका ने भारत समेत करीब 40 देशों पर चीन के उत्पादों को अमेरिकी टैरिफ से बचाने के लिए कथित ‘गुप्त माल ढुलाई नेटवर्क’ का हिस्सा होने का आरोप लगाया है।

आज तक 14 Aug 2026 3:02 pm

अमेरिका की इस यूनिवर्सिटी ने शुरू किया कंटेंट क्रिएशन डिग्री कोर्स, इन्फ्लुएंसर्स को करियर बनाने में मिलेगी मदद

अमेरिका की एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी ने इंफ्लुएंसर बनने की चाह रखने वाले लोगों के लिए कंटेंट क्रिएशन डिग्री कोर्स की शुरुआत की है।

खबर इंडिया टीवी 14 Aug 2026 2:10 pm

दावा- अमेरिकी जंगी जहाज़ से कुछ सैनिकों ने समंदर में कूदने की कोशिश की, पेंटागन क्या बोला

खबरों के मुताबिक, 250 दिनों से समंदर में मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात हजारों नाविकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कुछ ने तो जहाज़ से कूदने की भी कोशिश की.

बीबीसी हिंदी 14 Aug 2026 1:35 pm

हैकर्स को हैक करेगा अमेरिका! ट्रंप ने कंपनियों को दी साइबर हमले की छूट- चीन और रूस को कर रहे कॉपी?

अबतक साइबर हमले करने जैसा काम आम तौर पर अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों तक ही सीमित था. अब डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को भी इसकी अनुमति दे दी है. जानिए उन्हें क्या शर्तें माननी पड़ेगी.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 1:03 pm

Trump Tariff पर US का बड़ा दावा: भारत समेत 40 से ज्यादा देश चीन के सामान को अमेरिकी टैक्स से बचाने में मदद कर रहे?

Trump Tariff पर US का बड़ा दावा: भारत समेत 40 से ज्यादा देश चीन के सामान को अमेरिकी टैक्स से बचाने में मदद कर रहे?

समाचार नामा 14 Aug 2026 12:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कीमती धातुओं में दबाव, सोने-चांदी की कीमतों में 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कीमती धातुओं में दबाव, सोने-चांदी की कीमतों में 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट

समाचार नामा 14 Aug 2026 12:08 pm

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर फोड़ा नया टैरिफ बम, ड्रोन इंपोर्ट पर लगाई 100% की भारी मार, अमेरिका के करीबी सहयोगियों की भी आई शामत

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर अमेरिका से सामने आ रही है, जहां पूर्व राष्ट्रपति और अपनी आक्रामक आर्थिक नीतियों के लिए पूरी दुनिया में पहचाने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया भर के देशों पर टैरिफ बम फोड़ दिया है. इस बार उनका मुख्य निशाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से उभरता हुआ मानवरहित विमान यानी ड्रोन सेक्टर बना है, जिस पर अमेरिका ने सीधे तौर पर 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम आयात शुल्क (Tariff) लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है. ट्रंप के इस आक्रामक फैसले से केवल अमेरिका के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी देश ही नहीं, बल्कि वाशिंगटन के वे करीबी सहयोगी और मित्र देश भी बुरी तरह से सकते में आ गए हैं जो अब तक अमेरिकी बाजार में अपने रक्षा साजो-सामान और तकनीकी उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात करते आए हैं. ग्लोबल ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस नीति के लागू होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में एक भूचाल सा आ गया है और आने वाले दिनों में रक्षा और तकनीकी क्षेत्र के व्यापार समीकरण पूरी तरह से बदलकर रह जाएंगे, क्योंकि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आकर्षक बाजार माना जाता है जहां हर देश अपनी पैठ बनाना चाहता है.ड्रोन सेक्टर पर 100% आयात शुल्क की मार और उसके कड़े निहितार्थडोनाल्ड ट्रंप द्वारा ड्रोन और उससे जुड़े कलपुर्जों के आयात पर सीधे तौर पर 100% टैक्स लगाने के इस कड़े कदम के पीछे अमेरिका के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना और रणनीतिक रूप से संवेदनशील तकनीक पर विदेशी निर्भरता को पूरी तरह से खत्म करना मुख्य उद्देश्य बताया जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के रक्षा और कमर्शियल बाजार में विदेशी, खासकर एशियाई और यूरोपीय देशों से आने वाले सस्ते और उन्नत ड्रोनों की बाढ़ आ गई थी, जिसके कारण अमेरिकी स्थानीय कंपनियों को भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा था. अब इस भारी-भरकम टैरिफ के बाद अमेरिका में आयातित ड्रोन खरीदना लगभग असंभव या अत्यधिक महंगा हो जाएगा, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं. रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केवल व्यापारिक नियमों में फेरबदल भर नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार का आर्थिक संरक्षणवाद है जो तकनीकी और रक्षात्मक मोर्चे पर वैश्वीकरण की गति को भारी झटका दे सकता है. चीन और अन्य प्रमुख ड्रोन निर्यातक देशों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों की बदौलत अरबों डॉलर का कारोबार करते थे.अमेरिका के अपने सहयोगियों की क्यों आई शामत और कूटनीतिक तनावइस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू यह है कि डोनाल्ड ट्रंप के इस नए टैरिफ बम की चपेट में केवल अमेरिका के विरोधी देश ही नहीं आ रहे हैं, बल्कि यूरोपीय संघ (EU) और अन्य पश्चिमी देशों जैसे अमेरिका के जिगरी और पारंपरिक सहयोगी भी इसकी मार झेलने को मजबूर हो गए हैं. वैश्विक व्यापार समझौतों और रणनीतिक साझेदारियों के बावजूद ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आर्थिक मामलों में अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगा, चाहे उसके दोस्तों को ही इसका नुकसान क्यों न उठाना पड़े. कई यूरोपीय देश और उनके रक्षा निर्माता जो हाई-एंड कमर्शियल और सर्विलांस ड्रोन अमेरिका को निर्यात करते थे, अब इस 100 प्रतिशत शुल्क के दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनके निर्यात कारोबार को तगड़ा झटका लगना तय है. इस स्थिति ने नाटो और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को भी हवा दे दी है क्योंकि सहयोगी देश यह उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें अमेरिकी नीतियों में कुछ विशेष रियायतें मिलेंगी, लेकिन ट्रंप के इस दो टूक रुख ने सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और उन्हें अपने व्यापारिक रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है.वैश्विक अर्थव्यवस्था और रक्षा व्यापार पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभावडोनाल्ड ट्रंप के इस आक्रामक फैसले के वैश्विक अर्थव्यवस्था और भविष्य के रक्षा व्यापार पर बेहद दूरगामी और गहरे प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है. जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अपने बाजारों को इस तरह के सख्त शुल्कों के जरिए बंद करने लगती है, तो अन्य देश भी जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Tariffs) करने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे एक नया वैश्विक ट्रेड वॉर शुरू होने का खतरा पैदा हो जाता है. इसके अलावा, जिन देशों की कंपनियां अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक रूप से निर्भर थीं, उन्हें अब अपने बिजनेस मॉडल में भारी बदलाव करना होगा और अमेरिका के बाहर नए बाजारों की तलाश करनी होगी. दूसरी ओर, इस नीति से अमेरिकी घरेलू ड्रोन निर्माताओं को भले ही शुरुआती स्तर पर सुरक्षा और प्रोत्साहन मिल सके, लेकिन लंबी अवधि में इससे तकनीक के आदान-प्रदान में बाधा आ सकती है और अमेरिकी उपभोक्ताओं व उद्योगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है. कुल मिलाकर, ड्रोन पर 100% टैरिफ का यह बम आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ग्लोबल बिजनेस की दशा और दिशा दोनों को पूरी तरह से तय करने वाला एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 12:06 pm

अमेरिका के लिए 'बर्मूडा ट्रायंगल' बना होर्मुज! ईरान युद्ध में ट्रंप के 45 ड्रोन तबाह, 1.2 लाख करोड़ की भारी-भरकम चपत

मध्य पूर्व के सुलगते हालात और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक रणनीतिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आ रही है. दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माने जाने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब अमेरिकी सेना और विशेषकर रक्षा साजो-सामान के लिए आधुनिक समय का 'बर्मूडा ट्रायंगल' साबित होता दिखाई दे रहा है. डिफेंस एक्सपर्ट्स और खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे अप्रत्यक्ष और सामरिक संघर्ष के दौरान अमेरिका को इस रणनीतिक क्षेत्र में भारी-भरकम और अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी है. ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियानों और निगरानी मिशनों के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक और बेहद महंगे लगभग 45 ड्रोन रहस्यमयी और खतरनाक परिस्थितियों में जमीनी या समुद्री हमलों का शिकार होकर लील लिए गए हैं. तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और अचूक माने जाने वाले इन मानवरहित विमानों के इस तरह अचानक नेस्तनाबूद हो जाने से पेंटागन और अमेरिकी रक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह इलाका अब अमेरिकी सैन्य शक्ति के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह बन चुका है जिससे पार पाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है.1.2 लाख करोड़ रुपये की चपत और अत्याधुनिक तकनीक का नुकसानइस पूरे सैन्य संघर्ष में अमेरिका को केवल रणनीतिक मोर्चे पर ही शिकस्त नहीं मिल रही है, बल्कि उसे वित्तीय रूप से भी एक हजार या दो हजार करोड़ नहीं बल्कि कुल 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जबर्दस्त चपत लगी है. होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जिन 45 ड्रोनों को ईरान या उसके समर्थित प्रॉक्सी समूहों द्वारा निशाना बनाया गया है, वे कोई साधारण ड्रोन नहीं थे बल्कि अत्याधुनिक जासूसी तकनीक, रडार जैमिंग क्षमताओं और मिसाइल डिफेंस प्रणालियों से लैस बेहद महंगे एयरक्राफ्ट थे. एक रिपोर्ट के अनुसार, इन ड्रोनों की कुल लागत और उनके साथ नष्ट हुए संवेदनशील सैन्य उपकरणों का बाजार मूल्य भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये बैठता है. अमेरिकी रक्षा बजट और टैक्सपेयर्स के पैसे से तैयार की गई इस आधुनिक सैन्य संपत्ति का यूं पानी में समा जाना या दुश्मन के हाथों तबाह हो जाना अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है. वाशिंगटन के रणनीतिकारों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर महंगे हथियारों का नुकसान किसी भी देश की रक्षा तैयारियों को अंदर से खोखला कर सकता है.ईरान की अचूक सामरिक रणनीति और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमताआखिर ऐसा क्या कारण है कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना माने जाने वाली अमेरिकी सेना के ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य के इस भू-भाग में लगातार धराशायी हो रहे हैं? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इस क्षेत्र में पारंपरिक युद्ध लड़ने के बजाय एक बेहद खतरनाक और आधुनिक 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' यानी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली का जाल बिछा रखा है. ईरानी सेना और उसके रक्षा इंजीनियरों ने ऐसे उन्नत जैमर्स और साइबर हथियार विकसित कर लिए हैं जो अमेरिकी ड्रोनों के सैटेलाइट नेविगेशन और जीपीएस सिग्नलों को आसानी से जाम कर देते हैं या उन्हें भटका देते हैं. जब एक बार इन ड्रोनों का संपर्क अपने कमांड सेंटर से टूट जाता है, तो वे या तो खुद क्रैश हो जाते हैं या फिर ईरानी सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में सुरक्षित उतरने के लिए मजबूर हो जाते हैं. इसके अलावा, ईरान के पास कम ऊंचाई पर उड़ने वाले इन ड्रोनों को हवा में ही नेस्तनाबूद करने वाली स्वदेशी एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों का एक मजबूत जखीरा भी मौजूद है. होर्मुज का यह संकीर्ण समुद्री गलिवार भौगोलिक रूप से भी ऐसा है जहां दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना और छुपकर हमला करना बहुत आसान हो जाता है, जिसका पूरा फायदा ईरानी सुरक्षा तंत्र उठा रहा है.वैश्विक तेल आपूर्ति और अमेरिकी साख पर मंडराता गंभीर संकटहोर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी ड्रोनों की इस बड़े पैमाने पर हुई बर्बादी और 1.2 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का असर केवल सैन्य क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है. दुनिया का कुल कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, और इस इलाके में लगातार जारी तनाव के कारण वैश्विक एनर्जी सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है. यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह सैन्य संघर्ष और अधिक बढ़ता है, तो दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका असर भारत सहित तमाम विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है. इसके अलावा, जिस प्रकार से सुपरपॉवर अमेरिका के सबसे अत्याधुनिक हथियार ईरान के इस चक्रव्यूह में फंसकर तबाह हो रहे हैं, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी सैन्य साख और उसकी मारक क्षमता की धमक को करारा झटका लगा है. दुनिया के दूसरे देश अब यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या आधुनिक तकनीक भी हर जगह काम आ सकती है या फिर स्थानीय भूगोल और अचूक रणनीति किसी महाशक्ति को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 12:05 pm

अमेरिका का बड़ा दावा: चीन पर टैरिफ से बचाने वाले 40 से ज्यादा देशों पर नजर, भारत भी सूची में

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत, कनाडा और यूरोपीय संघ समेत 40 से ज्यादा व्यापारिक साझेदारों को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इन देशों के रास्ते चीन का सामान अमेरिका तक पहुंच सकता है और इस तरह चीन पर लगाए गए भारी टैरिफ से बचने की कोशिश हो […] यह लेख अमेरिका का बड़ा दावा: चीन पर टैरिफ से बचाने वाले 40 से ज्यादा देशों पर नजर, भारत भी सूची में सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 14 Aug 2026 11:50 am

15 महीनों से अमेरिकी बॉर्डर पर कोई रिहाई नहीं: ट्रंप प्रशासन

15 महीनों से अमेरिकी बॉर्डर पर कोई रिहाई नहीं: ट्रंप प्रशासन

समाचार नामा 14 Aug 2026 11:35 am

रिपब्लिकन जांच में आरोपः हार्वर्ड ने अमेरिकी सुरक्षा से अधिक चीन के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी

रिपब्लिकन जांच में आरोपः हार्वर्ड ने अमेरिकी सुरक्षा से अधिक चीन के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी

समाचार नामा 14 Aug 2026 11:29 am

'होर्मुज से रोज गुजर रहा 80-90 लाख बैरल तेल', अमेरिका ऊर्जा मंत्री ने जलमार्ग से कम आवाजाही के दावों को किया खारिज

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन 80 लाख से 90 लाख बैरल तेल का आवागमन हो रहा है। साथ ही, उन्होंने उन दावों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात में भारी गिरावट आई है।

खास खबर 14 Aug 2026 11:19 am

ट्रंप की जान को खतरा! इजराइल ने अमेरिका को दी थी चेतावनी, स्नाइपर से लेकर मिसाइल तक से हो सकती है US प्रेसिडेंट की हत्या

ट्रंप की जान को खतरा! इजराइल ने अमेरिका को दी थी चेतावनी, स्नाइपर से लेकर मिसाइल तक से हो सकती है US प्रेसिडेंट की हत्या

समाचार नामा 14 Aug 2026 11:10 am

JD Vance का बड़ा बयान, ईरान युद्ध में अब परमाणु से ज्यादा तेल पर फोकस? अमेरिका की रणनीति में आया बड़ा बदलाव

JD Vance का बड़ा बयान, ईरान युद्ध में अब परमाणु से ज्यादा तेल पर फोकस? अमेरिका की रणनीति में आया बड़ा बदलाव

समाचार नामा 14 Aug 2026 10:45 am

‘होर्मुज से रोज गुजर रहा 80-90 लाख बैरल तेल’, अमेरिका ऊर्जा मंत्री ने जलमार्ग से कम आवाजाही के दावों को किया खारिज

वाशिंगटन, 14 अगस्त . अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से प्रतिदिन 80 लाख से 90 लाख बैरल तेल का आवागमन हो रहा है. साथ ही, उन्होंने उन दावों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात में भारी ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 10:41 am

'होर्मुज से रोज गुजर रहा 80-90 लाख बैरल तेल', अमेरिका ऊर्जा मंत्री ने जलमार्ग से कम आवाजाही के दावों को किया खारिज

'होर्मुज से रोज गुजर रहा 80-90 लाख बैरल तेल', अमेरिका ऊर्जा मंत्री ने जलमार्ग से कम आवाजाही के दावों को किया खारिज

समाचार नामा 14 Aug 2026 10:35 am

सैनिकों की परेशानी के चलते अमेरिका बदल रहा एयरक्राफ्ट कैरियर

अमेरिका मिडिल ईस्ट में USS अब्राहम लिंकन की जगह USS जॉर्ज वॉशिंगटन भेजने की तैयारी कर रहा है. लिंकन 250 दिनों से ज्यादा तैनात है. ईरान युद्ध के तनाव और जहाज पर रहने की खराब स्थितियों से सैनिकों पर दबाव बढ़ रहा है.

आज तक 14 Aug 2026 10:34 am

अमेरिका छोड़ भारत इलाज कराने आई महिला, हॉस्पिटल को बताया 5-स्टार, बोली- क्या इसी देश में बस जाऊं

American woman on Indian hospital: भारत के एक प्राइवेट अस्पताल में स्टारबक्स और शानदार सुविधाएं देखकर एक अमेरिकी महिला के होश उड़ गए. अमेरिका के महंगे इलाज से तुलना करने वाला उसका वीडियो वायरल हो गया.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 10:31 am

एच-1बी वीजा फीस से अमेरिका की नौकरियां जा सकती हैं विदेश : लॉमेकर राजा कृष्णमूर्ति

वॉशिंगटन, 14 अगस्त . भारतीय-अमेरिकी लॉमेकर राजा कृष्णमूर्ति ने चेतावनी दी है कि नए एच-1बी वीजा पर 100,000 डॉलर की फीस से अमेरिकी कंपनियों को अपना काम विदेश ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे देश की कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता पर बुरा ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 9:16 am

चीन को टैरिफ से बचने में मदद कर रहा भारत, अमेरिका का गंभीर आरोप

अमेरिका ने भारत समेत 40 देशों पर गंभीर आरोप लगाया है. अमेरिका के शीर्ष व्‍यापार सलाहकार का कहना है कि ये देश चीन को टैरिफ से बचाने में मदद कर रहे हैं. इस कारण अब अमेरिका इन देशों से आने वाले खेपों की निगरानी करेगा.

ज़ी न्यूज़ 14 Aug 2026 9:08 am

अमेरिका ने ईरानी ब्लॉकेड की और सख्त, देखें US TOP-10

अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी और सख्त कर दी है. CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेनाओं ने ईरान से जुड़े 59 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदलवाया. ये कार्रवाई होर्मुज में अमेरिकी स्टील वॉल ब्लॉकेड का हिस्सा है. लेकिन ईरान ने इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के शर्तें माने जाने तक होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलेगा. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 14 Aug 2026 9:04 am

लॉरेंस-गोल्डी गैंग को जेल की हर खबर भेजता था जेल-प्रहरी:विदेश में बैठे गैंगस्टरों से 15 बार करवाई कैदियों की बात, अमेरिका-दुबई सैटल करने का लालच

अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद बदमाशों की विदेशों में बैठे आकाओं से बात करवाने वाले जेल प्रहरी धारा सिंह के खुलासे चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने 15 से ज्यादा बार लॉरेंस, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा जैसी गैंग के कई बदमाशों की विदेश में बात करवाई थी। इस मदद के बदले जेल प्रहरी को फैमिली सहित विदेश (अमेरिका-दुबई) में सैटल करने का लालच दिया था। भरोसा दिलाया था कि पकड़े जाने पर गैंग का वकील सुप्रीम कोर्ट में उसका केस लड़ेगा। हर मदद के बदले पैसे भी मिलते रहेंगे। इसी लालच में आकर जेल प्रहरी धारा सिंह बदमाशों की मदद में जुट गया। उसने 3 बार में 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए कैश में लिए। वहीं एक दूसरे की दुश्मन गैंग को भी कई अहम जानकारियां लीक कर दी। जयपुर में नाकाबंदी के दौरान हथियारों सहित पकड़े गए बदमाश की निशानदेही पर धारा सिंह को 7 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इस स्टोरी में पढ़िए- जेल प्रहरी कैसे हाई सिक्योरिटी को मात देता था? कैसे बदमाशों की बात करवाता था? फैमिली सहित विदेश में सैटल करने का लालच जेल प्रहरी धारा सिंह चौहान ने दौलतपुरा थाना पुलिस को बताया कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की कुछ बैरकों की जिम्मेदारी उसके पास थी। उनमें लॉरेंस, रोहित गोदारा, शिवराज सिंह जैसी गैंग के कई बदमाश बंद हैं। मार्च 2026 में गैंग के कुछ बदमाशों ने उससे संपर्क किया। मोबाइल नंबर देते हुए कहा- इन नंबरों पर कॉल करके बस इतना मैसेज कर देना कि हम लोग यहां सब ठीक हैं। इस पर धारा सिंह ने उन नंबरों पर फोन लगाए और मैसेज पहुंचाया। लेकिन कुछ दिनों बाद ही विदेशी नंबरों से फोन आने लगे। विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने धारा सिंह को लालच दिया- तुम तो हमारे जाति भाई हो, कोई परेशानी नहीं आने देंगे। मैं खुद इस जेल में काफी समय बिता कर निकला हूं। आप मेरे साथियों का ध्यान रखना, जो भी जरूरत हो, वह समय-समय पर उपलब्ध करवा देना। समय-समय पर पैसा आ जाएगा। विदेश में बैठे गैंग के सरगना ने लालच दिया कि आपको भविष्य में कोई परेशानी आई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी हम लेंगे। नौकरी नहीं रही तो फैमिली सहित विदेश बुलवा लेंगे। परिवार को भी पूरी सिक्योरिटी देंगे। जरूरत पड़ी तो केस लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील भी खड़े कर देंगे। इसी लालच में फंस कर धारा सिंह बदमाशों की मदद करने जुट गया। 15 बार से ज्यादा गैंगस्टरों की बात करवाई चौंकाने वाली बात ये है कि प्रदेश की सबसे हाई सिक्योरिटी जेल जैमर से लैस है। जेल के भीतर किसी भी रेंज का मोबाइल काम नहीं करता। लेकिन धारा सिंह जेल प्रहरी होने के कारण सारे लूपहोल जानता था। उसने 15 से ज्यादा बार गैंग के बदमाशों की अपने मोबाइल से बात करवाई। नियमानुसार जेल में कोई भी व्यक्ति मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं कर सकता। जेल में एंटर होने से पहले स्टाफ के हर सदस्य की भी जांच होती है। नियमानुसार जेलकर्मी को भी ड्यूटी के दौरान मोबाइल जमा करवाना पड़ता है। फिर धारा सिंह कैसे 15 बार फोन लेकर अंदर घुसा। पुलिस को इस खेल में कई जेलकर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। गैंगस्टरों से बात के लिए खरीदा की-पैड वाला फोन, पेमेंट कैश में धारा सिंह चौहान ने बदमाशों की आपस में बात कराने के लिए अलग से की-पैड फोन खरीदा था, जो 2जी टेक्नोलॉजी का है। सिक्योरिटी को चकमा देकर वह दूसरा फोन जेल की बैरकों तक ले जाता था। बात करवाने के बदले कैश में पैसा लेता था। धारा सिंह ने 3 बार पैसों का लेनदेन कबूला है। पुलिस के अनुसार उसने तीन बार में 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए लिए थे। ये सारा लेनदेन कैश में हुआ ताकि कभी जांच हो तो पकड़ में नहीं आए। दुश्मन गैंग को लीक की एक दूसरे की जानकारियां पूछताछ में सामने आया है कि वह जेल में बंद कैदियों की पूरी जानकारी रखता था। परिवारों से बात कराने के अलावा एक दूसरे के दुश्मन को भी अहम जानकारियां लीक करता था। जैसे- गैंगस्टर को कब पैरोल मिलेगी, जेल शिफ्टिंग कब होगी, कौन कैदी जेल में नया आया है, उसे किस वार्ड में रखा गया है, उससे कौन-कौन मिलने आ रहे हैं। इस तरह की गोपनीय जानकारी भी शेयर करता था। नाकाबंदी में पकड़े गए बदमाश से हुआ खुलासा दरअसल, 6 अगस्त को जयपुर के दौलतपुरा थाने के पास पुलिस ने नाकाबंदी में एक कार को पकड़ा था। तलाशी के दौरान कार में दो कारतूस और एक चाकू मिला था। पुलिस ने कार सवार संदीप सिंह निर्वाण (30) निवासी बबाई (झुंझुनूं) को अरेस्ट किया। संदीप जयपुर में कालवाड़ रोड पर करधनी में रहता था। उसके कब्जे से अवैध हथियार और कार को जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। आरोपी संदीप ने पूछताछ में बताया कि वह अवैध वसूली गैंग से जुड़ा हुआ है। दो-तीन दिन पहले ही उसे अवैध वसूली के 1.50 लाख रुपए मिले थे। इनमें से उसने 20 हजार रुपए का पेमेंट सोहन सिंह को किया था। पुलिस ने सोहन सिंह को राउंडअप कर पूछताछ की। उसने बताया कि गांव के साथी और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रहरी धारा सिंह के कहने पर उसने संदीप से 20 हजार रुपए कैश लिए थे। इन पैसों को बाद में उसने धारा सिंह के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया था। इसके बाद 7 अगस्त को एक टीम अजमेर गई और धारा सिंह को जेल में ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार किया। कई जिलों में छापेमारी डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया- जेल प्रहरी धारा सिंह की निशानदेही पर पुलिस टीम ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर कई बदमाशों को डिटेन किया है। धारा सिंह का कनेक्शन कई गैंगस्टरों और उनके गुर्गों से सामने आया है। हालांकि अभी तक ये पुष्टि नहीं हुई है कि वह कौन-कौन सी गैंग के टच में था। धारा सिंह ने कबूल किया है कि वह बदमाशों के लालच में आकर जेल में बंद गैंग के बदमाशों की मदद करता था। उसका मोबाइल जब्त कर FSL जांच के लिए भिजवाया गया है। इसके बाद कई और राज खुलने की संभावना है। धारा सिंह की 7 साल पहले हुई थी नियुक्ति धारा सिंह मूल रूप से दौसा जिले का रहने वाला है। वह साल 2018 बैच का जेल प्रहरी है। साल 2019 में उसको पोस्टिंग मिली थी। वर्ष 2022 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में तैनात हुआ। मार्च महीने से पैसों के लालच में गैंग से जुड़कर काम कर रहा था। पैसे लेने के एवज में गैंग के जेल में बंद गुर्गों को सुविधाएं पहुंचाता था। …. अजमेर जेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 100 रेप के मास्टरमाइंड को जेलर ने किया वीडियो कॉल:अजमेर सेंट्रल जेल के कैदियों से कराई बात, खुद भी बोला- ओके चाचा; सस्पेंड अजमेर सेंट्रल जेल से जेलर सद्दाम हुसैन ने वीडियो कॉल करके 100 रेप के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से कैदियों की बात करवाई। यह सब सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके फोन से हुआ। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 8:59 am

250 दिन से समंदर में अमेरिकी सैनिक... सुसाइड की कोशिशों के दावे के बीच अब ईरान के पास भेजा जाएगा नया युद्धपोत

US Iran War: अमेरिका का जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन पिछले 9 महीने से समुद्र में है, 250 दिनों से अमेरिका के इन सैनिकों ने जमीन पर कदम नहीं रखा है.

NDTV इंडिया 14 Aug 2026 8:54 am

ग्लोबल स्पेस मार्केट का 10 फीसदी हिस्सा हासिल कर सकता है भारत : अमेरिकी वाणिज्य विभाग

वॉशिंगटन, 14 अगस्त . अगले सात सालों में ग्लोबल स्पेस मार्केट में India की हिस्सेदारी पांच गुना बढ़ सकती है. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पॉलिसी में सुधार और अमेरिका के साथ करीबी रिश्तों से India के प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री की वृद्धि में तेजी आएगी. यह जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने दी है. अभी ग्लोबल स्पेस ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 8:46 am

तीस साल के बाद गुजरात का सीएम अमेरिका जाएगा

पिछले करीब 30 साल में गुजरात का कोई भी मुख्यमंत्री अमेरिका नहीं गया है।

नया इंडिया 14 Aug 2026 8:30 am

अमेरिकी नौसैनिकों ने USS अब्राहम लिंकन से कूदने की कोशिश की थी? भेजा गया नया एयरक्राफ्ट

अमेरिकी जंगी जहाज अब्राहम लिंकन पर सवार परेशान नौसैनिकों की आत्महत्या की कोशिश की खबरें मिलने के बाद अमेरिका ने नया एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती करने की बात कही है। जानें नौसैनिक क्यों समुंदर में कूदना चाहते थे?

खबर इंडिया टीवी 14 Aug 2026 8:05 am

अमेरिका की मनमानी: भारत समेत 40 देशों पर चीन को टैरिफ से बचाने का आरोप लगा दिया, AI से पकड़ेगा ट्रांसशिपमेंट

अमेरिका मनममाने तरीके से देशों पर कुछ भी आरोप लगा देता है। इसी क्रम में उसने भारत समेत 40 से ज्यादा देशों पर आरोप लगाया है कि वे चीन को अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये देश चीन के सामान को दूसरे रास्ते से भेजकर […]

पांचजन्य 14 Aug 2026 7:11 am

टैरिफ चोरी में चीन की मदद कर रहा भारत, अमेरिका ने लगाया बड़ा आरोप; किस स्कैम का जिक्र?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध नेटवर्क के जरिए सालाना 40 अरब डॉलर से लेकर 303 अरब डॉलर तक के चीनी सामान को दूसरे देशों के रास्ते अमेरिका में खपाया जा रहा है। इन देशों की लिस्ट में भारत को भी रखा गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 5:46 am

यश अमेरिका में करेंगे जैन धर्म की अलौकिक प्रभावना

जैन दर्शन एवं प्राकृत भाषा विभाग के शोधार्थी तथा आचार्य विद्यासागर के शिष्य यश जैन पर्यूषण पर्व 2026 के अवसर पर अमेरिका में जैन धर्म की अमृतधारा प्रवाहित करेंगे। कैलिफोर्निया में आयोजित होने वाले दस दिवसीय भव्य कार्यक्रम से उनकी इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ होगा। कैलिफोर्निया के बाद उनका प्रवास ह्यूस्टन, कैरोलिना, मिलपिटस, न्यू यॉर्क, डेनवर और मिनेसोटा जैसे प्रमुख शहरों तक रहेगा। यात्रा के दौरान वे विभिन्न विधान, प्रवचन और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म की प्रभावना करेंगे।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 5:30 am

AI से पूछकर परिवार की हत्या: अमेरिका में भारतवंशी ने की मां और भाई की हत्या; सर्च हिस्ट्री में क्या मिला?

AI से पूछकर परिवार की हत्या: अमेरिका में भारतवंशी ने की मां और भाई की हत्या; सर्च हिस्ट्री में क्या मिला?

अमर उजाला 14 Aug 2026 5:12 am

Kangra News: अमेरिका में कैंसर की दवाई के लिए शोध करेंगी हिमाचल की अमिता

जिला कांगड़ा की तहसील देहरा के नगरोटा सूरियां की रहने वाली अमिता शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन में साइंटिस्ट के पद पर नियुक्ति हासिल की है।

अमर उजाला 14 Aug 2026 1:44 am

ईरान के आगे झुक गया अमेरिका का यह साथी, 2 टन सोना और 3 बिलियन डॉलर भेजे, 15 प्लेन भी बेचे

अमेरिका के सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की बिलियन्स डॉलर की संपत्तियों को जारी कर दिया है। इसके अलावा युद्ध के पहले से ही यूएई के बैंकों में पड़ा 2 टन ईरानी सोने को भी तेहरान भेज दिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 10:59 pm

Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin

Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:31 pm

दिवालिया होने की कगार पर बैठा पाकिस्तान, सेना पर पानी की तरह पैसा बहाने पर अमेरिका ने की खिंचाई; मांगा 1.33 लाख करोड़ का हिसाब

एक तरफ जहां पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और भुखमरी की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ताक पर रखकर सेना पर जमकर पैसे लुटाने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे सीधे 1.33 लाख करोड़ रुपये घोषित कर दिया है, जो देश के कुल 6.38 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय बजट का लगभग बीस प्रतिशत से भी अधिक यानी 20.84 प्रतिशत हिस्सा है। अपनी डगमगाती और दिवालिया होती अर्थव्यवस्था के बीच सेना के साजो-सामान पर पानी की तरह पैसा बहाने की इस हैरान करने वाली नीति ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है, बल्कि अमेरिका ने भी इस भारी-भरकम सैन्य आवंटन पर अपनी गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा रुख अपनाया है।अमेरिका की फिस्कल ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट ने खोली पोलअमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी फिस्कल ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट 2025 में पाकिस्तान के रक्षा खर्चों की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बेहद कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। इस रिपोर्ट में बहुत स्पष्ट शब्दों में यह बात कही गई है कि पाकिस्तान के रक्षा बजट पर न तो संसद में कभी पर्याप्त और खुली समीक्षा होती है और न ही इस पर किसी प्रकार की कोई प्रभावी नागरिक निगरानी व्यवस्था उपलब्ध है। अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए आग्रह किया है कि वह अपने बढ़ते सरकारी कर्ज, सार्वजनिक उपक्रमों की देनदारियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े तमाम खर्चों की सटीक और पारदर्शी जानकारी समय पर सार्वजनिक करे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान ही पाकिस्तान के रक्षा बजट में इकतालीस प्रतिशत की अप्रत्याशित और चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र की शांति के लिए खतरनाक है।चीन से हथियारों की अंधाधुंध खरीद और ‘मुस्लिम नाटो’ का एंगलस्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के हथियार आयात में सीधे छियासठ प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे बड़ी और चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान द्वारा आयात किए गए कुल हथियारों में से अकेले अस्सी प्रतिशत हथियारों की आपूर्ति कम्युनिस्ट देश चीन द्वारा की जा रही है, जिसकी वजह से पाकिस्तान आज दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन गया है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि अमेरिका की ओर से आई यह चेतावनी राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है, क्योंकि हाल ही में मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच एक नया त्रिपक्षीय रणनीतिक समझौता हुआ है, जिसे दुनिया ‘मुस्लिम नाटो’ के रूप में देख रही है। इस समझौते के ठीक कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी रिपोर्ट का सामने आना यह बताता है कि पश्चिमी देश पाकिस्तान की संदिग्ध सैन्य गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।गरीबी के गर्त में डूबती जनता और अमेरिकी सहायता पर मंडराता खतरारक्षा बजट में की गई इस अंधाधुंध और गैर-जरूरी बढ़ोतरी का सबसे भयंकर और सीधा असर पाकिस्तान की आम गरीब जनता पर पड़ रहा है। देश में गरीबी की दर वर्ष 2018-19 के इक्कीस प्रतिशत से बढ़कर अब अट्ठाइस प्रतिशत के पार पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से आज सात करोड़ से भी अधिक पाकिस्तानी नागरिक अत्यधिक गरीबी और भुखमरी के साये में जीने को मजबूर हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा किए गए वैश्विक मूल्यांकन में भारत, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों ने वित्तीय पारदर्शिता के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पास कर लिया है, जबकि पाकिस्तान सहित दुनिया के पैंसठ से ज्यादा देश न्यूनतम मानकों पर भी खरे नहीं उतर सके हैं। हालांकि अमेरिका ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कोई आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाता है, लेकिन यदि अमेरिकी सहायता राशि के दुरुपयोग के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो वाशिंगटन कभी भी अपनी सीधी सरकारी आर्थिक मदद पर बड़ा प्रतिबंध लगा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Aug 2026 5:54 pm

अमेरिकी राजनीति में बड़ा झटका! ट्रंप की सबसे करीबी ‘मशीन गन’ कही जाने वाली कैरोलिन लेविट छोड़ रही हैं वाइट हाउस

अमेरिकी राजनीतिक गलियारों से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे भरोसेमंद और बेहद करीबी सहयोगियों में गिनी जाने वाली वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने अपना पद छोड़ने का फैसला किया है। लेविट इसी महीने के अंत में अपने इस पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे देंगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद मंगलवार को इस बात की घोषणा करते हुए सभी को हैरान कर दिया है। आपको बता दें कि कैरोलिन लेविट ने जब वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी का कार्यभार संभाला था, तब वह इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली इतिहास की सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। साल 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही वह लगातार इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही थीं और मीडिया के तीखे सवालों का बहुत ही आक्रामक और बेबाक अंदाज में जवाब देने के लिए जानी जाती थीं।क्यों लेविट ने उठाया यह बड़ा कदम और क्या है पारिवारिक वजहआखिरकार कैरोलिन लेविट जैसी ताकतवर और प्रमुख हस्ती ने वाइट हाउस का यह बड़ा पद छोड़ने का फैसला क्यों किया, इसको लेकर खुद राष्ट्रपति ट्रंप और लेविट ने स्थिति स्पष्ट की है। दरअसल, हाल ही में कैरोलिन लेविट ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है, जिसके बाद उन्होंने अपने बच्चों और परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह लेविट के इस व्यक्तिगत फैसले को पूरी तरह समझते हैं और उनके इस जज्बे का पूरा सम्मान करते हैं। लेविट ने अपने एक आधिकारिक बयान में भी यह बात साझा की थी कि दुनिया की सबसे मुश्किल और तनावपूर्ण नौकरियों में से एक को संभालना और साथ ही एक कामकाजी मां की जिम्मेदारी को निभाना उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक दौर रहा है। बेटी के जन्म के बाद जब वह वाइट हाउस लौटीं, तो उन्हें यह अहसास हुआ कि वह अपने दोनों छोटे बच्चों को वह समय और मां का प्यार नहीं दे पा रही हैं जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है, क्योंकि प्रेस सेक्रेटरी के पद पर चौबीसों घंटे ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है।ट्रंप ने बताया ‘रियल लीडर’, आगे क्या होगी उनकी भूमिकाडोनाल्ड ट्रंप ने कैरोलिन लेविट की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी और एक ‘रियल लीडर’ करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि लेविट ने वाइट हाउस में रहते हुए बेहद शानदार और सराहनीय काम किया है और वह साल 2018 से ही देश में न्याय, स्वतंत्रता और नागरिकों के अधिकारों के लिए लगातार मुखर होकर आवाज उठाती रही हैं। इसके अलावा 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप के चुनावी अभियान में उनकी भूमिका बेहद अहम और सराहनीय रही थी। अपने बेबाक अंदाज और तेज बोलने की शैली के कारण ट्रंप पहले भी कई मौकों पर उनकी तुलना ‘मशीन गन’ जैसे चलने वाले होंठों से कर चुके हैं। हालांकि, वाइट हाउस छोड़ने के बावजूद लेविट राजनीतिक परिदृश्य से पूरी तरह दूर नहीं जा रही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि कैरोलिन लेविट भविष्य में उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकारों (Top External Advisors) की टीम का अहम हिस्सा बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी उनकी बेहद प्रभावशाली भूमिका बरकरार रहेगी। हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है कि लेविट के जाने के बाद वाइट हाउस के इस महत्वपूर्ण पद की कमान अगला कौन संभालेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Aug 2026 5:52 pm

Donald Trump का दावा: नाकेबंदी से Strait of Hormuz पर अमेरिका का नियंत्रण है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि नाकेबंदी से अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण है। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के ‘‘पूर्ण नियंत्रण’’ का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे!’’ ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी के संदर्भ में थी। युद्ध से पहले दुनिया में कारोबार किए जाने वाले तेल का पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण मार्ग से होकर गुजरता था, लेकिन ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य अन्य यातायात के लिए काफी हद तक बंद है। इसे भी पढ़ें: हत्या की साजिश के खतरे के बीच Donald Trump ने चुपके से बदला Air Force One विमान ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान जहाजों पर हमले करता है।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 11:50 am

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt महीने के अंत में छोड़ेंगी अपना पद, बनीं रहेंगी सलाहकार

अमेरिका की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा बदलाव सामने आया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपने पद से हट जाएंगी। लेविट ने यह फैसला अपने छोटे बच्चों और परिवार को ज्यादा समय देने के लिए लिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस से उनकी विदाई पूरी तरह राजनीतिक दूरी बनाने वाली नहीं होगी। ट्रंप के मुताबिक, वह आगे भी उनकी बाहरी सलाहकार टीम का अहम हिस्सा बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेंगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लेविट की तारीफ करते हुए उन्हें अपनी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेविट के फैसले को वह पूरी तरह समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं।राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद लेविट की राजनीतिक भूमिका खत्म नहीं होगी। वह उनके शीर्ष बाहरी सलाहकारों में शामिल रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक प्रभावशाली आवाज के तौर पर काम करती रहेंगी। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन आने वाले मध्यावधि चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस दौरान लेविट की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। इसे भी पढ़ें: हत्या की साजिश के खतरे के बीच Donald Trump ने चुपके से बदला Air Force One विमान ट्रंप ने लेविट के काम की तारीफ करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस के इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेविट ने 2018 से ही न्याय, स्वतंत्रता और आजादी के मुद्दों पर शानदार काम किया है और 2024 के उनके ऐतिहासिक चुनाव अभियान में भी अहम योगदान दिया। इसे भी पढ़ें: ट्रंप मीडिया को $238 Million का भारी घाटा, Bitcoin और Crypto बाजार में गिरावट ने बढ़ाई Donald Trump की टेंशन कैरोलिन लेविट ने भी सोशल मीडिया पर अपने फैसले के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। लेविट ने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी ने उन्हें ऐसे अनुभव दिए, जिन्हें वह जिंदगी भर याद रखेंगी। वेस्ट विंग में काम करने से लेकर ओवल ऑफिस में लंबे घंटे बिताने, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने और विदेशी नेताओं से मिलने तक, उन्होंने इस कार्यकाल को बेहद खास बताया। उनके मुताबिक, इस भूमिका का सबसे बड़ा सम्मान व्हाइट हाउस के प्रेस पोडियम से राष्ट्रपति की ओर से अमेरिकी जनता को संबोधित करना था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन की कई बड़ी उपलब्धियों के बारे में बात करने और ट्रंप की नीतियों व कामकाज को जनता के सामने रखने पर गर्व रहा। लेविट ने मीडिया को लेकर भी अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन के नजरिए को सामने रखने, उदारवादी मीडिया को जवाब देने और अमेरिकी लोगों तक ट्रंप की उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाने में कोई झिझक नहीं रही। मां की जिम्मेदारी और हाई-प्रेशर नौकरी के बीच मुश्किल फैसला लेविट के बयान का सबसे निजी हिस्सा उनके परिवार और बच्चों को लेकर था। उन्होंने माना कि मां बनने के साथ दुनिया की सबसे कठिन और व्यस्त राजनीतिक नौकरियों में से एक को संभालना आसान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद जब वह व्हाइट हाउस लौटीं, तभी से उनके मन में यह सवाल बना रहा कि क्या वह प्रेस सचिव की नौकरी के लिए जरूरी समय, ऊर्जा और ध्यान देने के साथ अपने दोनों छोटे बच्चों की जरूरतों के मुताबिक एक अच्छी मां बन पा रही हैं। यही सवाल आखिरकार उनके फैसले की वजह बना। लेविट ने माना कि व्हाइट हाउस छोड़ने का निर्णय उनके लिए भावुक भी था और मुश्किल भी, लेकिन अब वह अपनी जिंदगी के एक नए अध्याय की शुरुआत करना चाहती हैं। इसे भी पढ़ें: FIFA World Cup की सफलता का हवाला देकर Donald Trump ने Infantino को बताया 'शानदार व्यक्तित्व' राजनीति से दूरी नहीं बनाएंगी लेविट हालांकि, व्हाइट हाउस से विदाई के बाद लेविट पूरी तरह राजनीतिक पर्दे के पीछे नहीं जाने वाली हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें बाहर से अपने शीर्ष सलाहकारों में से एक के तौर पर काम जारी रखने को कहा है, जिसे लेविट ने स्वीकार किया है। उन्होंने साफ किया कि वह 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' और रिपब्लिकन पार्टी के लिए अपनी आवाज उठाती रहेंगी। लेविट ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी लगातार ज्यादा कट्टरपंथी होती जा रही है और अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बन रही है। लेविट ने कहा कि देश की चिंता करने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे इस चुनौती के खिलाफ अपनी भूमिका निभाएं। उनके शब्दों में, उनकी राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं हुई है, बल्कि अब वह एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। इस तरह लेविट का व्हाइट हाउस से जाना एक सामान्य प्रशासनिक बदलाव से कुछ ज्यादा नजर आता है। एक तरफ वह अपने परिवार और छोटे बच्चों को प्राथमिकता देने जा रही हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप के साथ उनकी राजनीतिक साझेदारी जारी रहेगी। यानी व्हाइट हाउस का पोडियम जरूर छूटेगा, लेकिन अमेरिकी राजनीति में कैरोलिन लेविट की आवाज फिलहाल सुनाई देती रहेगी।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 11:32 am

Bareilly News: बाजार में छाईं स्पाइडरमैन और अमेरिकन डायमंड राखियां

बाजार में छाईं स्पाइडरमैन और अमेरिकन डायमंड राखियां

अमर उजाला 13 Aug 2026 1:43 am

तेल से लेकर UPI तक... भारत पर अमेरिकी दबाव के खिलाफ एसजेएम ने क्यों उठाए सवाल?

अमेरिकी टैरिफ धमकी पर स्वदेशी जागरण मंच ने कड़ा विरोध जताया है, इसे एकतरफा दबाव बताया और अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार का आह्वान किया है।

जागरण 13 Aug 2026 1:31 am

'IIT से होकर भी यहीं हो?'40 हजार की नौकरी के इंटरव्यू में ताने ने तोड़ दिया था, आज अमेरिका में करोड़ों की कमाई

अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 3:09 pm

स्वदेशी जागरण मंच ने Pepsi-Coke और अमेरिकी ऐप्स के बहिष्कार को कहा, 100% टैरिफ की धमकी से बढ़ा विवाद

स्वदेशी जागरण मंच ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी टैरिफ धमकी का कड़ा विरोध किया है। मंच ने पेप्सी, कोका-कोला और अमेरिकी ऐप्स सहित विदेशी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया है।

जागरण 12 Aug 2026 11:43 am

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 9:55 am

Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump

तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 8:09 pm

अमेरिकी अदालत ने गौतम अदाणी और भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ आपराधिक मामला खारिज किया

अमेरिकी अदालत ने अडानी समूह के नेताओं के खिलाफ DoJ धोखाधड़ी का मामला खारिज किया, दो साल के कानूनी मामले का अंत हुआ, जिस

गुड रिटर्न्स 11 Aug 2026 1:01 pm

Kanpur: अमेरिका के 100% टैरिफ विधेयक का असर, 100 करोड़ के निर्यात ऑर्डर होल्ड, चमड़ा-टेक्सटाइल उद्योग में हलचल

अमेरिकी सीनेट ने रूस के साथ तेल खरीद जारी रखने के चलते भारत पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने वाले विधेयक को पारित कर दिया है। हालांकि राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही यह अंतिम रूप से लागू होगा लेकिन इसका असर दिखने लगा है।

अमर उजाला 11 Aug 2026 10:08 am

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

टेस्ला ड्राइवरलेस कार से चलने वाले फर्जी IAS की कुंडली:20 क्रेडिट कार्ड से अमेरिका-कनाडा से ट्रांजेक्शन; 5 iphone- iPad खोलेंगे राज

बिहार के खगड़िया से पकड़ा गए फर्जी IAS की कुंडली अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। 41 साल के मनीष गुप्ता ने शादी नहीं की थी। उसने 5 कट्ठे की कोठी को अपना ऐसा ठिकाना बनाया था, जिसमें से वो सब पर नजर रख सके, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी बाहर नहीं आए। दिल्ली से लौटने के बाद वो अपने बचपन के दोस्तों से भी कट गया। वो किसी को भी अपने घर के अंदर तक नहीं आने देता था। बताया जाता है कि उसने अपने कोठी में जो स्वीमिंग पुल बना रखा था, उसमें कछुआ पाल रखा था। लोग बताते हैं कि वो मानता था कि कछुआ रखने से धन में बढ़ोत्तरी होती है। अब पुलिस के इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर फर्जी IAS ने 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कैसे कमाई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मनीष कनाड़ा और अमेरिका से ट्रांजेक्शन करता था। पुलिस उसके पास से बरामद 5 आईफोन और आईपैड से उसके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इस पूरी खबर में पढ़िए फर्जी IAS मनीष की कहानी, क्लासमेट और पुलिस की जुबानी… पहले फर्जी IAS के घर रेड की तस्वीरें देखिए 10वीं क्लास का टॉपर था मनीष गुप्ता मनीष गुप्ता अपना रौब ऐसा रखता था कि उसके पड़ोसी उससे दूर ही रहते थे। वो खुद को PMO में काम करने वाला अधिकारी बताता था। वो कहता था कि उसकी बात सीधे पीएम मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से होती है। लिहाजा आसपास के लोग भी उससे दूरी बनाकर रहते थे। मनीष के बारे में जानने के लिए भास्कर की टीम ने उसके बचपन के दोस्तों की तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद हमें मनीष का एक क्लासमेट मिला। उसने बताया कि मनीष का जन्म 1975 में हुआ था। उसके पिता खगड़िया के केडीएस कॉलेज में हिन्दी के प्रोफेसर थे। मनीष की शुरुआती पढ़ाई जमालपुर-गोगरी इलाके के सरकारी स्कूल में हुई। 1991 में मैट्रिक के एग्जाम में मनीष ने टॉप किया था। वो बचपन से ही पढ़ने में तेज था। इंटर तक उसने अपनी पढ़ाई यहीं पर पूरी की। इसके बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए अपने बड़े भाई के पास दिल्ली चला गया। उसके बाद हमलोगों की बात मनीष से कम हो गई। बेटे की पैरवी के लिए दो साल चक्कर लगाया, काम नहीं हुआ फर्जी IAS के दोस्त ने बताया कि मैं अपने बेटे से जुड़े एक काम की पैरवी के लिए मनीष के पास गया था। मुझे लगा कि बचपन का दोस्त बड़ा अधिकारी है। वो मेरी मदद कर सकता है। उस समय मुझे यह अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति को मैं बड़ा सरकारी अधिकारी समझ रहा हूं, उसकी पहचान ही पुलिस जांच में फर्जी निकल सकती है। अब जब मनीष की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई की खबर सामने आई तो पहले मुझे भरोसा नहीं हुआ। मनीष गुप्ता के दोस्त ने बताया कि एक बार किसी विवाद को लेकर मध्य विद्यालय जमालपुर कचहरी के एक शिक्षक को मनीष ने दूर से ही अपना ID कार्ड दिखाया था। उसने खुद को CBI का अधिकारी बताकर टीचर को भी धमकाया था। सरकारी बोर्ड वाली दो गाड़ियां, एक ड्राइवरलेस टेस्ला भी खगड़िया के गोगरी पुलिस को सूचना मिली थी कि जमालपुर में रहने वाला मनीष अपनी गाड़ियों पर ‘GOVT OF INDIA’ का बोर्ड लगाकर खुद को IAS बताता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 8 अगस्त की रात उसके घर पर छापेमारी की। घर के सामने दो गाड़ियां खड़ी थीं और दोनों पर सरकारी बोर्ड लगा था। घर के बाहर एक आदमी हाफ पैंट-टी शर्ट में घूम रहा था। पुलिस ने जब उससे उसके बारे में पूछा तो उसने कहा कि 'मेरे नाम मनीष गुप्ता है। मैं सीनियर IAS हूं। मैं अजित डोभाल की टीम में काम करता हूं। तुमलोग की हिम्मत कैसे हुई मेरे घर तक आने की। मनीष गुप्ता ने अपने मोबाइल पर आई कार्ड भी दिखाया। आई कार्ड और उसका कॉन्फिडेंस देखकर पुलिस भी कुछ देर के लिए बैकफुट पर आ गई। लेकिन पुलिस के अधिकारी ने आईकार्ड की जांच की तो पता चला ये फर्जी है।' जब तक रेड चली पुलिस से तू-तड़ाक करता रहा फर्जी IASपुलिस सूत्रों के मुताबिक मनीष गुप्ता के घर पर करीब 7 घंटे तक रेड चली। रेड के दौरान वो पुलिस से सीनियर ऑफिसर को भी तू-तड़ाक करता रहा। वो बार बार खुद को बड़ा अधिकारी बताकर पुलिस वालों को सस्पेंड करवाने की धमकी देता रहा। फोन-आईपैड का पासवर्ड नहीं बता रहा फर्जी IAS पुलिस ने आरोपी के पास से 5 Apple मोबाइल फोन, MacBook, iPad और 4 TB की हार्ड डिस्क बरामद की है। इन डिवाइस में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, चैट, ई-मेल, सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो, वीडियो, दस्तावेज और बैंकिंग गतिविधियों से पुलिस को पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष किन लोगों से संपर्क में था। लेकिन फर्जी IAS फोन और आईपैड का पासवर्ड नहीं बता रहा है। पुलिस अब एक्सपर्ट से मनीष का फोन-आईपैड अनलॉक करवा सकती है। 20 क्रेडिट कार्ड और 8 डेबिट कार्ड का डिटेल खंगाल रही पुलिस तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस ने 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक बरामद किए हैं। कुछ कार्डों पर दूसरे नाम दर्ज होने की बात भी FIR में है। इतनी बड़ी संख्या में बैंकिंग कार्ड मिलने के बाद पुलिस अब इनके खातों और लेनदेन की जांच कर सकती है। किस कार्ड का इस्तेमाल किसने किया, किन खातों से पैसा आया और कहां गया, यह जानकारी बैंक स्टेटमेंट और KYC रिकॉर्ड से सामने आएगी। मनीष के घर में CCTV की व्यवस्था भी मिली है। पुलिस ने CCTV का DVR जब्त किया है। इससे घर पर आने-जाने वाले लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। अमेरिका-कनाडा से लेनदेन की बात, अभी पुष्टि बाकी मनीष के नेटवर्क से अमेरिका और कनाडा से ट्रांजेक्शन होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध FIR में विदेशी लेनदेन की स्पष्ट पुष्टि दर्ज नहीं है। इसलिए फिलहाल यह पुलिस जांच का विषय है। अगर बैंक खातों की जांच में अमेरिका, कनाडा या किसी अन्य देश से जुड़े लेनदेन मिलते हैं तो पुलिस को यह पता लगाना होगा कि पैसा किसके खाते से आया, किस खाते में गया और उसका उद्देश्य क्या था। विदेशी लेनदेन मिलने की स्थिति में जांच का दायरा स्थानीय स्तर की ठगी से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल लेनदेन तक पहुंच सकता है। विदेशी शराब, बारहसिंगा के सींग और कछुआ भी बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस को 31 लीटर विदेशी शराब भी मिली है। इसके अलावा बारहसिंगा के दो सींग औक एक कछुआ भी बरामद किया गया है। मनीष जानवरों के सिगों का क्या करता था, पुलिस उसके बारे में भी पता लगा रही है। घर में स्वीमिंग पूल- पर्सनल थियेटर, 25 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे पड़ोसी के मुताबिक, करीब पांच कट्ठे की जमीन पर बने परमेश्वरी भवन में ऐशो-आराम की हर चीजें मौजूद है। जब से गाजियादबाद से मनीष पहुंचा, तब से लगातार कोठी को और बेहतर बना रहा था। घर में स्वीमिंग पुल-थियेटर भी है। कोठी के अंदर महंगी इटैलियन टाइल्स का इस्तेमाल किया गया है। पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए 25 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मनीष का एक भाई कनाडा में रहता है मनीष कुमार गुप्ता का परिवार शिक्षित और प्रतिष्ठित रहा है। मनीष के पिता परमेश्वर प्रसाद गुप्ता गोगरी-जमालपुर के केडीएस कॉलेज में प्रोफेसर थे। परिवार का यहां पुश्तैनी घर है। उनके बड़े भाई संजय कुमार गुप्ता दिल्ली में प्रोफेसर हैं, जबकि एक अन्य भाई डंपी कुमार कनाडा में रहते हैं। परिवार के अन्य भाई भी अलग-अलग शहरों में प्राइवेट कंपनियों में जॉब करते हैं।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 7:00 am

Rohtak News: अमेरिका में हरविंदर मलिक की हरियाणवी पेंटिंग प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

अमेरिका में हरविंदर मलिक की हरियाणवी पेंटिंग प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

अमर उजाला 11 Aug 2026 2:59 am

Pratapgarh News: अमेरिका में कांस्य, शाहनवाज ने बढ़ाया तिरंगे का मान

एथलेटिक्स कोच शोभनाथ यादव ने बताया कि इससे पहले दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चोट के कारण शाहनवाज को सफलता नहीं मिल सकी थी।

अमर उजाला 11 Aug 2026 1:52 am

Sirmour News: अमेरिका के साथ कृषि समझौते के विरोध में किसानों और मजदूरों ने किया प्रदर्शन

अमेरिका के साथ किए गए कृषि समझौते और चार लेबर कोड के विरोध में सोमवार को हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

अमर उजाला 11 Aug 2026 1:44 am

Yamuna Nagar News: भारत-अमेरिका डील का विरोध कर रहे 250 किसानों को हिरासत में लेकर छोड़ा

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया।

अमर उजाला 11 Aug 2026 1:21 am

Udham Singh Nagar News: अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम

अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम

अमर उजाला 11 Aug 2026 1:19 am

क्या 'इस्लामिक नाटो' से भारत की कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ेंगी? कहीं अमेरिका व चीन की इसके पीछे कोई परोक्ष चाल तो नहीं?

एशिया में ईरान और रूस के दांवपेंच से निपटने के लिए या फिर अमेरिका और चीन की शह पर पहले पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच और अब तुर्किये के साथ भी मक्का में जो रक्षा समझौते हुए हैं, उसके दृष्टिगत भारतवासियों के दिलोदिमाग में बस एक ही सवाल कौंध रहा है कि क्या कथित 'इस्लामिक नाटो' से भारत की कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ेंगी? क्या इससे निपटने में रूस-ईरान से रक्षा सम्बन्धों को और मजबूती दी जानी चाहिए? या फिर अमेरिका या चीन या फिर दोनों के इशारे पर हुए इस गठबंधन के पीछे कोई परोक्ष चाल तो नहीं है? तो जवाब होगा कि हाँ—भारत की कूटनीतिक चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं, लेकिन इसे अभी सीधे-सीधे “इस्लामिक NATO” कहना जल्दबाजी होगी। दरअसल, गत 7 अगस्त 2026 को मक्का में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने एक संयुक्त रक्षा समझौता किया है, जिसमें एक पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। यह पहले के सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते का विस्तार है। लिहाजा भारत के लिए असली चिंता यह है कि- इसे भी पढ़ें: तीन तिगाड़ा काम...पाक-सऊदी-तुर्किये की यारी क्या भारत पर पड़ेगी भारी? 'सुन्नी NATO' से हम कितने मजबूत, इस रिपोर्ट में जानें पहली, पाकिस्तान को नया रणनीतिक ऑक्सीजन मिल सकता है: पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता, तुर्किये के पास मजबूत रक्षा उद्योग/सैन्य क्षमता और सऊदी अरब के पास वित्तीय व ऊर्जा शक्ति है। इन तीनों का संयोजन पाकिस्तान को भारत के मुकाबले कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाने के नए साधन दे सकता है। दूसरा, तुर्किये का शामिल होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्किये ने कई बार इस्लामाबाद के पक्ष में राजनीतिक रुख अपनाया है। अब यदि वह किसी औपचारिक सामूहिक रक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, तो भविष्य के भारत-पाकिस्तान संकट में उसका वजन और बढ़ सकता है। तीसरा, सऊदी अरब को पाकिस्तान का “स्थायी सैन्य सहयोगी” मान लेना भी गलत होगा: रियाद के भारत के साथ बड़े आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक हित हैं। इसलिए सऊदी नेतृत्व के लिए पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग और भारत के साथ रणनीतिक संबंध—दोनों को साथ लेकर चलना संभवतः अधिक उपयोगी है। यक्ष प्रश्न : क्या इसके पीछे रूस विरोधी अमेरिका की चाल हो सकती है? जवाब: संभावना को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन अभी इसका प्रमाण नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2026 में ही रणनीतिक विश्लेषण में यह कहा जा रहा था कि तुर्किये इस तरह के गठबंधन का इस्तेमाल NATO के भीतर अपनी bargaining power बढ़ाने और “hedging” के लिए कर सकता है। चूंकि अमेरिका के लिए ऐसा ढांचा कुछ परिस्थितियों में उपयोगी भी हो सकता है, क्योंकि ईरान के विरुद्ध क्षेत्रीय deterrence बढ़ाना, पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य बोझ कम करना, सऊदी सुरक्षा को वैकल्पिक रूप से मजबूत करना, तुर्किये को पश्चिमी सुरक्षा ढांचे से पूरी तरह दूर जाने से रोकना और पाकिस्तान को चीन के पूर्ण प्रभाव में जाने से रोकना उसका असली मकसद है। इसलिए इसे “अमेरिका के खिलाफ गठबंधन” मानना उतना ही गलत होगा जितना इसे निश्चित रूप से “अमेरिकी परियोजना” मान लेना। सुलगता सवाल: और जहाँ तक चीन की बात है? यहाँ मामला और दिलचस्प है। जवाब: चीन के पाकिस्तान के साथ अत्यंत गहरे रक्षा संबंध हैं और सऊदी अरब के साथ उसके आर्थिक संबंध लगातार बढ़े हैं। यदि यह त्रिकोण आगे चलकर विस्तृत होता है, तो बीजिंग को पश्चिम एशिया–पाकिस्तान–हिंद महासागर के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। लेकिन चीन के लिए भी समस्या है: सऊदी अरब अमेरिका से पूरी तरह अलग नहीं होना चाहता और तुर्किये NATO का सदस्य है। इसलिए इसे अभी चीन-नेतृत्व वाला गठबंधन कहना वास्तविकता से आगे निकलना होगा। # आखिर भारत को किस बात से सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए? मेरे आकलन में “इस्लामिक NATO” शब्द से ज्यादा महत्वपूर्ण इसके संभावित नेटवर्क प्रभाव हैं। यदि भविष्य में इसमें कतर, अजरबैजान, मिस्र या अन्य मुस्लिम-बहुल देश किसी रूप में जुड़ते हैं, तो तस्वीर बदल सकती है। मई में पाकिस्तान की ओर से तुर्किये और कतर के संभावित जुड़ाव की बात भी सामने आई थी। तब भारत को तीन मोर्चों पर चुनौती मिल सकती है: पश्चिम एशिया → पाकिस्तान → तुर्किये, यानी पाकिस्तान को पहली बार भारत के विरुद्ध केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि बहु-देशीय कूटनीतिक समर्थन तंत्र बनाने का अवसर मिल सकता है। लेकिन भारत की स्थिति भी कमजोर नहीं है, क्योंकि भारत को प्रतिक्रिया में किसी “anti-Islamic bloc” में जाने की जरूरत नहीं है। उलटे भारत की ताकत उसकी multi-alignment diplomacy है। चूंकि भारत को एक साथ सऊदी अरब और UAE से रणनीतिक संबंध है, इजरायल से रक्षा एवं तकनीकी सहयोग है, मिस्र और ग्रीस से समुद्री सहयोग है, ईरान से चाबहार संपर्क है, अमेरिका से Indo-Pacific साझेदारी है, रूस से रक्षा संबंध है और खाड़ी देशों में विशाल भारतीय प्रवासी समुदाय है, जिसका लाभ भारत को उठाना चाहिए। यही भारत का सबसे बड़ा जवाब होगा—किसी एक धुरी में शामिल होना नहीं, बल्कि इतनी मजबूत बहुध्रुवीय स्थिति बनाना कि कोई धुरी भारत को घेर न सके। निष्कर्षत: यह कहा जा सकता है कि अभी इसे “भारत को घेरने की साजिश” कहना अतिशयोक्ति होगी। लेकिन पाकिस्तान–तुर्किये–सऊदी रक्षा समझौता भारत के लिए एक वास्तविक strategic signal जरूर है। और सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि “इसके पीछे अमेरिका है या चीन?”, बल्कि यह है कि क्या दोनों महाशक्तियाँ अपने-अपने हित के लिए इस नए क्षेत्रीय समीकरण का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगी? इसकी संभावना काफी अधिक है। और एक महत्वपूर्ण बात: इस गठबंधन को “इस्लामिक NATO” कहना स्वयं इन देशों की आधिकारिक भाषा नहीं है; विश्लेषकों ने भी इस लेबल को भ्रामक बताया है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

प्रभासाक्षी 10 Aug 2026 4:09 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जेल भरो आंदोलन:संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशभर में प्रदर्शन, मानसा में माल गोदाम में दिया धरना

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इस आंदोलन के तहत देशभर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ मानसा के माल गोदाम में भी बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष जताया। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा शुरू किए गए 'जेल भरो आंदोलन' का हिस्सा है। मानसा में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में राम सिंह, राजविंदर सिंह, कृष्ण चौहान, कुलविंदर सिंह, लखबीर सिंह और मक्खन सिंह सहित कई प्रमुख किसान-मजबूर नेता शामिल हुए। ट्रेड डील से कृषि और डेयरी क्षेत्र पर मंडराया संकट प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश में किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग पहले से ही गंभीर आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं। ऐसे संकट के समय में केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही ट्रेड डील से देश का आम नागरिक और उत्पादक बुरी तरह प्रभावित होगा। किसान नेताओं ने गंभीर आशंका व्यक्त की कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो डेयरी कारोबार, मछली पालन और कृषि क्षेत्र पर इसका सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। छोटे और स्थानीय कारोबारियों का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर पहुंच जाएगा। किसान नेताओ‍ं का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने समय रहते अमेरिका के साथ इस ट्रेड डील को रद्द नहीं किया, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र एवं तेज किया जाएगा। कर्मचारियों की लंबित मांगें भी प्रमुखता से उठीं प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन केवल भारत-अमेरिका ट्रेड डील तक सीमित नहीं है। वे लंबे समय से लंबित अपनी अन्य बुनियादी मांगों को लेकर भी सरकार के खिलाफ संघर्षरत हैं। इन मांगों में प्रमुख रूप से सभी विभागों में कार्यरत अस्थाई कर्मियों को स्थायी रोजगार देना। कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के अधिकार को बहाल करना। मजदूर व कर्मचारी वर्ग की अन्य जायज मांगों को तुरंत पूरा करना। रोष मार्च निकालकर देंगे गिरफ्तारी माल गोदाम में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में शहर में एक विशाल रोष मार्च निकालेंगे। रोष मार्च के समापन पर किसान और मजदूर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर अपनी गिरफ्तारी देंगे। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार को जनविरोधी नीतियों को वापस लेना ही होगा।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 1:32 pm

सिरसा में किसान-मजदूर संगठनों का जेल भरो आंदोलन:भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध; बोले- महंगे दामों पर खरीद रहे यूरिया

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ जेल भरो आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर आज 10 अगस्त को सभी संगठन एकजुट होना शुरू हो गए हैं। इसे लेकर सभी संगठनों ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम में पड़ाव डाल दिया हुआ है और धरना प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध किया जा रहा है। इस आंदोलन में किसान यूनियन से किसान नेता जसवीर भाटी, हरजिंद्र सिंह, दिवान सहारण भूपेंद्र सिंह वैदवाला, सफाई कर्मचारी यूनियन, आशा वर्कर यूनियन, आंगनवाड़ी वर्कर, बिजली कर्मचारी यूनियन व अन्य सामाजिक संगठन समर्थन करने पहुंचे। संगठन नेताओं ने मंच से संबोधन में कहा, सरकार बहकाने का काम कर रही है। किसान को हर फसल बेचने पर नुकसान उठाना पड़ रहा है और यूरिया के लिए लिमिट कर दी है। कॉरपोरेट से ज्यादा टैक्स दे रहे बाद में किसान को मिलती नहीं और महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। फसल के पूरे दाम नहीं मिलते। फिर सरकार कहती है कि टैक्स पेयर का पैसा आप पर खर्च नहीं होगा। किसान-मजदूर और देश की आधी आबादी इन कॉरपोरेट से ज्यादा टैक्स दे रही है। देश की एक प्रतिशत कारपोरेट वाले 40 प्रतिशत धन पर कब्जा किए हुए हैं। संयुक्त मोर्चा बोला-नीतियों को आगे बढ़ा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार देश के किसानों और मजदूरों को प्रभावित करने वाली नीतियों को लगातार आगे बढ़ा रही है। सरकार द्वारा अमेरिका सहित अन्य विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में बढ़ाए जा रहे कदमों से भारतीय कृषि और किसानों के हितों पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 1:00 pm

यमुनानगर में किसानों ने दी गिरफ्तारियां:भारत-अमेरिका ट्रेड डील का किया विरोध, तीन सरकारी बसें और भारी पुलिस बल रहा तैनात

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को यमुनानगर में किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 11 बजे जगाधरी अनाज मंडी के गेट पर एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की। आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मंडी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। किसानों की गिरफ्तारी के लिए तीन सरकारी बसें भी मौके पर मंगवाई गई थीं। डेढ़ घंटा चला प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान किसान मंडी गेट पर ही बैठे रहे और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की। पुलिसकर्मी गिरफ्तारी दर्ज करने के लिए कागजात लेकर मौके पर बैठे रहे। किसान एक-एक करके पुलिस के पास पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बसों में बैठाकर मौके से ले गई। ट्रेड डील से छोटे किसानों पर पड़ेगा असर किसान नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होने की स्थिति में छोटे और मध्यम किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र भी प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मौजूदा नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं। गुर्जर ने कहा कि किसानों की मांग है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि सोमवार को देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जेल भरो आंदोलन किया गया है। यमुनानगर में भी किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी गिरफ्तारी दी है। गिरफ्तारी के लिए पहले से तैयार था प्रशासन किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से अलर्ट था। मंडी गेट पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तीन सरकारी बसें भी मौके पर खड़ी कराई गई थीं। पुलिस ने किसानों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया के लिए मौके पर ही दस्तावेज तैयार किए। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद किसानों को बसों में बैठाकर ले जाया गया। सुभाष गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसान परेशान और बर्बाद हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो किसान आंदोलन को और व्यापक करने की रणनीति तैयार करेंगे।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 10:16 am

सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 8:55 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

समाचार नामा 6 Aug 2026 9:05 pm

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

अमेरिका में भारत से ₹30 हजार सस्ता होगा iPhone 18 Pro Max, कहां से खरीदने में फायदा

अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 10:33 am

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

समाचार नामा 2 Aug 2026 4:21 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am