Kenya Helicopter Crash: सफारी के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश, पांच अमेरिकी समेत सात लोगों की मौत
Kenya Helicopter Crash: सफारी के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश, पांच अमेरिकी समेत सात लोगों की मौत
अमेरिकी राजदूत का बयान भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता : विदेशी मामलों के जानकार
New Delhi, 19 अगस्त . India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे और Chief Minister उमर अब्दुल्ला से मुलाकात को लेकर विदेश नीति विशेषज्ञों और स्थानीय नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है. राजदूत गोर के ‘जम्मू-कश्मीर India का अभिन्न अंग है’ वाले बयान को कई लोगों ने India की कूटनीति की बड़ी सफलता बताया ... Read more
काम नहीं आ रहा अमेरिका का दांव? कुशनर की यात्रा के बाद गाजा में इजरायली हमले तेज
गाजा में बुधवार को घातक हवाई हमलों ने फिलिस्तीन में कमजोर पड़ रहे संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के अमेरिकी प्रयासों पर और सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं... कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान के क्या हैं मायने?
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जहां उन्होंने इसे भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और विवादित क्षेत्र या पाकिस्तान का कोई उल्लेख नहीं किया.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान दिए गए बयान को लेकर पाकिस्तान ने बुधवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी प्रभारी राजदूत (Charge d’Affaires) को तलब किया और सर्जियो ...
कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान? गोर के दौरे का क्या है मतलब
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू–कश्मीर दौरा और उनका बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 19 अगस्त 2026 को श्रीनगर में जम्मू–कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने साफ कहा कि यह भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस एक वाक्य ने इस्लामाबाद को तिलमिला दिया। पाकिस्तान ने तुरंत अमेरिकी […] यह लेख कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान? गोर के दौरे का क्या है मतलब सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान सुन जल-भून गया पाकिस्तान, अमेरिकी राजनयिक को किया तलब
पाकिस्तान ने बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।
अमेरिकी राजदूत ने J&K को बताया भारत का जरूरी हिस्सा, पाकिस्तान को लगी मिर्ची; इस्लामाबाद ने किया तलब
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अमेरिका से भारत आई बच्ची को हिंदी बोलने में दिक्कत, 'र' का उच्चारण सुन मां को आई हंसी, वीडियो हुआ वायरल
सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने बचाई अमेरिकी नागरिक की जान, 15 हजार फीट की ऊंचाई पर दिखाया दमखम
भारतीय वायु सेना के चीता हेलीकॉप्टर ने 15,000 फीट की ऊंचाई पर फेयांग वैली से एक अमेरिकी नागरिक की जान बचाई है। दुर्गम पहाड़ियों के बीच हेलीकॉप्टर को लैंड करने के बाद सेना ने OIC कार्ड धारक को लेह के अस्पताल में भर्ती करवाया।
कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, क्या कहा? - BBC
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कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान से चिढ़ा पाकिस्तान, अमेरिकी राजनयिक को किया तलब
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को कश्मीर दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया था.
अमेरिका में ‘ग्रीन कार्ड’ की राह होगी मुश्किल, भारतीय प्रवासियों पर कितना असर?
अमेरिका में ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास की इच्छा रखने वाले प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस फैसले का असर ग्रीन कार्ड पाने की उम्मीद लगाए भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ेगा।
ईरान-अमेरिका के बीच फिर बढ़ा तनाव! 60 दिनों का शांति समझौता खत्म, इन मुद्दों पर दोबारा हो सकती है जंग
कैलिफोर्निया में आयोजित Silicon Valley International Festival (SVIIF) में ताइवानी इन्वेंटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया भर का ध्यान खींचा है।
Yash की ‘टॉक्सिक’ ने एडवांस बुकिंग में मचाई तबाही! अमेरिका में टिकट बिक्री से कमा डाले इतने करोड़
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मेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने काम को लेकर 'पैशनेट नेता' बताया था। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र आज दुनिया के नक्शे पर दो वजहों से है, एक मुंबई और दूसरा उसके असाधारण मुख्यमंत्री। इस तारीफ को लेकर जब फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से सवाल किया गया, तो उन्होंने अमेरिकी राजदूत को धन्यवाद दिया और मुख्यमंत्री के काम की तारीफ का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भी दिया।
ईरान का अमेरिका पर वार का प्लान, इधर महुआ मोइत्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की तैयारी तेज कर दी है, वहीं घरेलू मोर्चे पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है...
'यह भारत का अहम हिस्सा': अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर दौरा, शब्दों के चयन की चर्चा
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात की है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा सुधारों की सराहना की और यात्रा सलाह की समीक्षा के संकेत दिए। उमर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अमेरिका और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क और सहयोग और अधिक व्यापक तथा गहरा होगा।
FBI Most Wanted: अमेरिका में बढ़ा पंजाब के गैंग का नेटवर्क, जग्गू भगवानपुरिया गैंग का मेजर सिंह हुआ वांटेड
जम्मू-कश्मीर भारत का ‘महत्वपूर्ण हिस्सा’, ट्रैवल एडवाइजरी पर फिर विचार करेगा अमेरिका: अमेरिकी राजदूत
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान कहा कि अमेरिका केंद्र शासित प्रदेश के लिए जारी यात्रा संबंधी एडवाइजरी पर फिर से विचार करेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर की यात्रा की है। उन्होंने कहा कि यहां हर कोई जानता है कि मैं भारत में अमेरिकी राजदूत हूंं और कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा है। आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में और क्या कुछ कहा है।
मोहन भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर, वीडियो में जाने प्रवासी भारतीयों से करेंगे संवाद
अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर अपने पहले कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे और वहां के बदलते सुरक्षा माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा माना और कहा कि मोदी सरकार ने इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। उनके इस ...
जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान से तिलमिला उठेगा PAK
Sergio Gor visits Jammu Kashmir: अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर हैं। उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद कहा कि नई दिल्ली और स्थानीय सरकार ने यहां सुरक्षा को लेकर बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि यह भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं. यह उनका कश्मीर का पहला दौरा है. इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है.
अमेरिका में भारतवंशी पिया डांडिया ने रचा इतिहास... फ्लोरिडा से जीता डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव
भारतीय मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका की राजनीति में अपनी मजबूत छाप छोड़ते हुए फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया है।
'जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा', सीएम उमर से मुलाकात के बाद बोले अमेरिकी राजदूत
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कश्मीर का दौरा किया. उन्होंने इस दौरान जम्मू-कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर आर्थिक सहयोग और विकास के मुद्दों पर चर्चा की. यह दौरा पिछले कई सालों में किसी अमेरिकी राजदूत का पहला स्वतंत्र कश्मीर दौरा है.
ईरान को चुनौती, होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा, क्या अमेरिका सच में कर चुका है कंट्रोल?
ट्रंप ने एक बार फिर होर्मुज पर अपना बड़ा दावा ठोक दिया है। उन्होंने एक नक्शा जारी कर इस समुद्री मार्ग को नए अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया है और कहा है कि ईरान का नियंत्रण अब खत्म हो चुका है। समुद्री आंकड़े भी बता रहे हैं कि इस मार्ग पर तेहरान की पकड़ वाकई कमजोर पड़ रही है...
अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के बावजूद, भारत के निर्यात में अमेरिका अभी भी सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है, जिसका हिस्सा लगभग 20% है। भारत अपने व्यापारिक संबंधों को अन्य देशों जैसे चीन, यूएई और यूरोपीय संघ के साथ भी मजबूत कर रहा है, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई है।
अमेरिका को ईरान का व्यंग्यात्मक जवाब: कैलिफ़ोर्निया को ईरानी इलाका बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के जवाब में, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अमेरिकी इलाका बताया था, ईरान ने कैलिफ़ोर्निया को ईरानी इलाका घोषित कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी इलाका बताते हुए एक नक्शा जारी किया था। इसके जवाब में, […] The post अमेरिका को ईरान का व्यंग्यात्मक जवाब: कैलिफ़ोर्निया को ईरानी इलाका बताया appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
बलोच नेताओं की ट्रंप से अपील,'बलूचिस्तान पर बम बरसाने वाले पाकिस्तान से अमेरिका मांगे जवाब'
बलोच अमेरिकन कांग्रेस के अध्यक्ष तारा चंद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गुजारिश की है कि वो बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के हालिया हवाई हमले का संज्ञान लें और तुरंत दखल दें। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे।
बलोच नेताओं की ट्रंप से अपील,’बलूचिस्तान पर बम बरसाने वाले पाकिस्तान से अमेरिका मांगे जवाब’
वाशिंगटन, 19 अगस्त . बलोच अमेरिकन कांग्रेस के अध्यक्ष तारा चंद ने अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप से गुजारिश की है कि वो बलूचिस्तान में Pakistanी सेना के हालिया हवाई हमले का संज्ञान लें और तुरंत दखल दें. इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे. ट्रंप को लिखे ... Read more
बलोच नेताओं की ट्रंप से अपील,'बलूचिस्तान पर बम बरसाने वाले पाकिस्तान से अमेरिका मांगे जवाब'
बलोच नेताओं की ट्रंप से अपील,'बलूचिस्तान पर बम बरसाने वाले पाकिस्तान से अमेरिका मांगे जवाब'
अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास छह दिन पहले खत्म, ट्रंप ने दिया था आदेश
सोल, 19 अगस्त . कोरियाई महाद्वीप को लेकर अमेरिका के रवैए में जबरदस्त बदलाव आया है. नॉर्थ कोरिया से बातचीत की कोशिशों के बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ इस बार निर्धारित समय से छह दिन पहले समाप्त होगा. दक्षिण कोरिया ने Wednesday को कहा कि अमेरिका के ... Read more
FBI का दावा, अमेरिका में हिंसक अपराधों में आई रिकॉर्ड गिरावट
व्हाइट हाउस द्वारा जारी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अमेरिका में हिंसक अपराध दर में पिछले लगभग नौ दशकों में साल-दर-साल सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें हत्याओं और डकैतियों की घटनाओं में भारी कमी आई।
एफबीआई का दावा, अमेरिका में हिंसक अपराधों में आई रिकॉर्ड गिरावट
एफबीआई का दावा, अमेरिका में हिंसक अपराधों में आई रिकॉर्ड गिरावट
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बुधवार को प्रस्तावित कश्मीर यात्रा पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत कभी नहीं रही। हमारे मुद्दों का समाधान वाशिंगटन नहीं करेगा, बल्कि हमारी केंद्र सरकार को करना है।
अमेरिका राजदूत के कश्मीर दौरे पर उमर अब्दुल्ला बोले- 'किसी दूसरे देश के राजदूत से शिकायत करना मेरी आदत नहीं'
अमेरिका में पिछले साल 189 सिख विरोधी और 32 हिंदू विरोधी हेट क्राइम के मामले दर्ज
वाशिंगटन, 19 अगस्त . अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 2025 में सिखों विरोधी हेट क्राइम के 189 और हिंदू विरोधी हेट क्राइम के 32 मामले दर्ज किए. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. बताया गया कि ये आंकड़े एफबीआई के ‘देश में दर्ज अपराध’ संबंधी आंकड़ों से निकाले ... Read more
US-South Korea: तय समय से पहले खत्म होगा अमेरिका-दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास; क्या है ट्रंप के फैसले की वजह?
Q&T Foods IPO Listing: बेकरी प्रोडक्ट्स बनाने वाली क्यूएंडटी फूड्स के शेयरों की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ओवरऑल 1.41 गुना बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹115 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹115.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को फ्लैट लिस्टिंग के बाद और झटका तब लगा, जब शेयरों में कोई मूवमेंट ही नहीं दिखा। फिलहाल यह ₹115.00 (Q&T Foods Share Price) पर बना हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशक अभी न फायदे में हैं, न घाटे में।Q&T Foods IPO के पैसे कैसे होंगे खर्चक्यूएंडटी फूड्स का ₹26 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.20 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.64 ृगुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22,82,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹4.42 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी, ₹7.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की फाइनेंसिंग, ₹6.75 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।Q&T Foods के बारे मेंक्यूएंडटी फू्ड्स बेकरी प्रोडक्ट्स बनाती है। यह अपने फ्लैगशिप ब्रांड अमेरिकन बेकर्स (American Bakers) के जरिए ब्रेड, बन, पिज्जा बेस, कुल्चा, पाव और बेकरी के अन्य प्रोडक्ट्स तैयार कर बिक्री करती है। इसका कारोबार मुख्य रूप से यूपी और इसके आस-पास के जगहों में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 63% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹5.20 करोड़ और टोटल इनकम करीब 17% के सीएजीआर से ₹54.78 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹11.05 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹7.44 करोड़ पड़े थे।Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमालShiprocket लगातार घाटे में, लेकिन ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, IPO को मिली थी 102 गुना बोलीPramodini IPO Listing: ₹118 के शेयर ₹120 पर लिस्ट, लगातार मजबूत हो रही प्रमोदिनी की सेहतडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
अमेरिका ने ICC प्रमुख पर लगाए प्रतिबंध लगाए, व्यापक अभियान चलाने का लिया संकल्प
अमेरिका ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के प्रेसिडेंट और एक सीनियर ट्रायल लॉयर पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे ट्रम्प प्रशासन का इस कोर्ट के खिलाफ अभियान और बढ़ गया है। कोर्ट के कामकाज को रोकने के लिए और कदम उठाने की धमकी भी दी गई है।
फ्लोरिडा : भारतीय-अमेरिकी पिया दांडिया ने जीता डेमोक्रेटिक प्राइमरी, नवंबर में रिपब्लिकन से होगी टक्कर
अमेरिका ने आईसीसी प्रमुख पर लगाए प्रतिबंध लगाए, व्यापक अभियान चलाने का लिया संकल्प
वॉशिंगटन, 19 अगस्त अमेरिका ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) के प्रेसिडेंट और एक सीनियर ट्रायल लॉयर पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इससे ट्रम्प प्रशासन का इस कोर्ट के खिलाफ अभियान और बढ़ गया है. कोर्ट के कामकाज को रोकने के लिए और कदम उठाने की धमकी भी दी गई है. सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ... Read more
अपूर्वा मुखीजा, जिन्हें रेबेल किड के नाम से भी जाना जाता है, ने हाल ही में बताया है कि वह अब भारत में नहीं रहती हैं।
कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के परिवारों को बढ़ती महंगाई और अमेरिकी शुल्क से गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप ने बताया होर्मुज बना अमेरिका का नया इलाका, देखें दुनिया आजतक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया है. सोशल मीडिया पर मैप दिखाकरउन्होनें ये दावा किया है. ट्रंप ने ये भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अब अमेरिका का पूरा नियंत्रण है...ट्रंप के इस बयान से तनाव काफी बढ़ गया है.
ट्रेड वॉर की कगार पर अमेरिका-कनाडा: ट्रंप की डेडलाइन से बढ़ी हलचल; क्या आखिरी वक्त में झुकेंगे कार्नी? US-Canada on brink of a trade war Trump deadline sparks stir will Carney yield at last minute
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को बताया ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’, वीडियो में ईरान बोला- जल्द समझ आएगा यहां अमेरिका का कोई अधिकार नहीं
राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज पर कब्जे की जिद पर अड़े, एमओयू फेल होने के बाद बताया नया अमेरिकी क्षेत्र
ईरान के साथ हुए समझौता ज्ञापन के खत्म होने के एक दिन बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह नक्शा पोस्ट किया और कहा, होर्मुज स्ट्रेट खुला है और काम कर रहा है। सभी माइंस को हटा दिया गया या नष्ट कर दिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो और यूएई के सुरक्षा प्रमुख की फोन पर बातचीत, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा
भारत के वोटर आईडी की तारीफ - ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव सुधार के लिए दिया उदाहरण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चुनावी व्यवस्था की सराहना किए जाने पर विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने कहा कि अमेरिका और भारत की वोटिंग प्रणाली में काफी फर्क है
'7000 मील दूर से देख रहे ख्वाब', अमेरिका ने होर्मुज पर ठोका दावा, ईरान ने ट्रंप का उड़ाया मजाक
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने होर्मुज़ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे का मज़ाक उड़ाया और कहा कि इस जलमार्ग को फिर से खोलने के अमेरिका के सपने को सच करने के बीच की दूरी 7,000 मील की दूरी से भी ज़्यादा है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे, जो 15 वर्षों में किसी कार्यरत अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से पहली भेंट होगी।
ट्रंप ने होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बताया
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक पोस्ट कर खाड़ी क्षेत्र के 'नया अमेरिकी क्षेत्र' लिखा।
जब ईरान में हुआ तख्तापलट, अमेरिकी सरकार ने की थी मदद
आज के दिन ही ईरान में तख्तापलट कर अमेरिका ने शाह को सत्ता पर बैठाया था. इसके बाद ईरान पर दो दशक से भी ज्यादा समय तक अमेरिका का प्रभाव रहा.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त से जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जो अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण के बाद पहला आधिकारिक दौरा है।
US: अमेरिका से लड़ाई के बीच ईरान ने ओमान से क्या समझौता किया? ट्रंप ने दी बमबारी की धमकी; यूएस क्यों परेशान?
World News: अमेरिका ने ICC अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील पर लगाई पाबंदियां; यूक्रेन के परमाणु संयंत्र में विस्फोट
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पदभार संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अपने पहले दौरे पर बुधवार को कश्मीर पहुंचेंगे।
New Delhi, 18 अगस्त . Maharashtra साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने भारत-अमेरिका साइबर सहयोग को लेकर मीडिया से बात की. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी और अमेरिकी कंपनियों के साथ उत्तर प्रदेश Government के टाई-अप से महिलाओं को होने वाले फायदों का जिक्र किया. दोनों ने ... Read more
राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज पर कब्जे की जिद पर अड़े, एमओयू फेल होने के बाद बताया ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’
न्यूयॉर्क, 18 अगस्त . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने Tuesday को होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे की अपनी योजना बताई. उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की इस लाइफलाइन का एक नक्शा पोस्ट करके ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताया. ईरान के साथ हुए समझौता ज्ञापन के खत्म होने के एक दिन बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह ... Read more
ट्रंप ने सराहा भारत का वोटर आईडी सिस्टम, वाइल अव्वाद बोले- अमेरिका में सुधार के लिए दिया उदाहरण
New Delhi, 18 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चुनावी व्यवस्था की सराहना किए जाने पर विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने कहा कि अमेरिका और India की वोटिंग प्रणाली में काफी फर्क है. उन्होंने कहा कि ट्रंप का मकसद अमेरिकी चुनाव प्रणाली को बेहतर बनाना है. अव्वाद के मुताबिक India में ... Read more
राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज पर कब्जे की जिद पर अड़े, एमओयू फेल होने के बाद बताया 'नया अमेरिकी क्षेत्र'
राष्ट्रपति ट्रंप होर्मुज पर कब्जे की जिद पर अड़े, एमओयू फेल होने के बाद बताया 'नया अमेरिकी क्षेत्र'
'साइबर सुरक्षित माहौल के बिना बिजनेस संभव नहीं', महाराष्ट्र साइबर एडीजी ने कहा- अमेरिका के साथ सहयोग जारी
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
अबू अल-दुहुर एयरबेस पर हमले के बाद इजरायल पर बरसा अमेरिका, बोला- इसकी कोई जरूरत ही नहीं थी
इजरायली सेना ने हमलों पर कोई बयान नहीं दिया है. जबकि सीरिया के रक्षा मंत्रालय ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया.
अमेरिका से दो MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन लेगा भारत, बढ़ेगी समुद्री निगरानी क्षमता
रिटायर्ड कैप्टन डीके शर्मा ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक डील साइन हुई है, जिसके तहत अमेरिका से दो MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन लीज पर लिए जाएंगे। इससे समुद्र में हो रही किसी भी हरकत पर निगरानी रख सकते हैं।
ट्रंप ने कहा बातचीत का प्लान नहीं, ईरान बोला-गिड़गिड़ा रहा अमेरिका; होर्मुज पर तनाव कायम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहाकि ईरान के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। इसके उलट ईरान का कहना है कि अमेरिका बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहा है।
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को अमेरिका में सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर के 100 से ज्यादा लीडर्स के साथ कई राउंड-टेबल और वन-टू-वन मीटिंग की...
गांधीनगर, 18 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Tuesday को अमेरिका में सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर के 100 से ज्यादा लीडर्स के साथ कई राउंड-टेबल और वन-टू-वन मीटिंग की. उन्होंने राज्य को सिर्फ निवेश की जगह के तौर पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सप्लाई-चेन डेवलपमेंट के लिए एक लंबे समय के ... Read more
अमेरिका में सौ से ज्यादा इंडस्ट्री लीडर्स से गुजरात सीएम की मुलाकात, राज्य को 'बेहतरीन ट्रेड पार्टनर' बताया
होर्मुज़ पर अमेरिका का कब्ज़ा? ट्रंप ने शेयर किया मैप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मैप शेयर कर इसे ‘NEW U.S. Territory’ बताया. ईरान ने ट्रंप के दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी बयान जमीनी हकीकत नहीं बदल सकते. ईरान का कहना है कि होर्मुज अभी भी बंद है और उसकी शर्तें स्वीकार किए जाने तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा.
होर्मुज पर अमेरिका-ईरान फिर आमने-सामने, बिहार के युवाओं के लिए गुड न्यूज; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए नक्शे में अमेरिका का नया इलाका बताकर ईरान के साथ तनाव बढ़ा दिया है, दूसरी ओर बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण का नोटिफिकेशन जारी कर 32388 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं।
ट्रंप ने शेयर किया विवादित मैप, Strait of Hormuz को बताया अमेरिकी क्षेत्र; दुबई और केशम को लेकर भी दावा
जमीन में 1000 साल का प्रेशर... बड़े अमेरिकी शहर में है 'भूकंप का गेट'
1000 साल के भूकंप इतिहास को खंगालने के बाद वैज्ञानिकों को कैलिफोर्निया की धरती के नीचे कुछ असामान्य मिला है. दो बड़े फॉल्ट पर प्रेशर रिकॉर्ड स्तर पर है. लॉस एंजेलिस के पास एक जगह है जो अगले बड़े भूकंप का रास्ता तय कर सकती है.
ये है अमेरिका का नया टेर्रेटिरी, ट्रूथ सोशल पर ट्रंप की नई पोस्ट ने मचाई हलचल
दुनिया के सबसे अहम तेल ट्रांज़िट रूट, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर अपना कंट्रोल होने का दावा करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (वहां के समय के अनुसार) इस जलमार्ग की एक AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर की, जिस पर नया अमेरिकी इलाका लिखा था। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर जो तस्वीर शेयर की, उसमें ईरान और अरब प्रायद्वीप के बीच के जलमार्ग का नीला नक्शा दिखाया गया है। इस नक्शे में 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को एक फ्रेम के अंदर घेरा गया है, जिस पर मोटे अक्षरों में NEW U.S. Territory लिखा है। इस पोस्ट से ईरान के साथ जारी तनाव के बीच रणनीतिक ऊर्जा अवरोध बिंदु पर नियंत्रण के उनके प्रशासन के दावों को और बल मिलता है। इसे भी पढ़ें: ट्रंप से मुलाकात, UNGA से दूरी, 11 साल बाद जिनपिंग के लिए व्हाइट हाउस में बिछेगा रेड कार्पेट ट्रम्प ने सोमवार (स्थानीय समय) को भी इसी तरह की टिप्पणी करते हुए दावा किया कि वाशिंगटन डीसी का इस क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण है। पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रम्प ने ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर जोर दिया और कहा कि तेल की कीमतें गिर रही हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान बड़ी मुसीबत में है, वहाँ 300 प्रतिशत मुद्रास्फीति है, देश की हालत खराब है, और उनकी सेना पूरी तरह से पराजित है। मुझे लगता है यह एक बेहतरीन विचार है। मेरा मतलब है, हम नाकाबंदी से इसे नियंत्रित करते हैं। इसे एक क्षेत्र घोषित करने का विचार मुझे पसंद है। जलडमरूमध्य पर हमारा पूर्ण नियंत्रण है। अब, वे परेशानी खड़ी कर सकते हैं; वे पानी में बारूदी सुरंग बिछा सकते हैं, और लोग नहीं चाहते कि उनके अरबों डॉलर के जहाजों पर बारूदी सुरंगें गिरें। लेकिन नाकाबंदी बहुत प्रभावी रही है। अब, हो सकता है यह बंद हो जाए, या हो सकता है यह और भी खुल जाए, लेकिन अगर आप हमारे द्वारा किए जा रहे काम के आंकड़ों को देखें तो हम प्रति सप्ताह लाखों बैरल तेल निकाल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: भारत ने करोड़ों...कुछ सीखो, चुनाव को लेकर ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन को दिखाया आईना घालिबाफ़ ने कहा कि जब तक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (समझौता ज्ञापन) में अमेरिका के वादे - जिनमें नाकेबंदी हटाना, फ्रीज़ की गई संपत्ति जारी करना, तेल पर लगी पाबंदियां हटाना, सभी मोर्चों पर धमकियां और सैन्य कार्रवाई बंद करना और अन्य शर्तें शामिल हैं - पूरे नहीं किए जाते, तब तक 'स्ट्रेट' (जलडमरूमध्य) नहीं खोला जाएगा। दुश्मनों को तनाव और न बढ़ाने की चेतावनी देते हुए, स्पीकर ने ज़ोर देकर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक दुश्मन की हरकतों और आक्रामकता के हिसाब से उसे और भी करारी हार देने के लिए तैयार है। इसके अलावा, घालिबाफ़ ने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान की सेना और कूटनीतिक पक्ष मिलकर काम करें और अमेरिका द्वारा किए गए समझौते के उल्लंघन का जवाब दें। घालिबाफ़ ने कहा जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, दुश्मन - जिसने मजबूरी में युद्धविराम समझौते को स्वीकार किया था । इसलिए, अब समय आ गया है कि सैन्य क्षेत्र एक बार फिर कूटनीतिक क्षेत्र के साथ खड़ा हो और दुश्मन द्वारा समझौते के उल्लंघन का व्यावहारिक जवाब दे।
अमेरिकी से पढ़कर लौटी तो दादा ने 3 महीने नहीं की बात, 8000 करोड़ की तीन कंपनियां चला रही ये लड़की
Naiyya Saggi Success story: हार्वर्ड की पढ़ाई और अमेरिका की शानदार जिंदगी छोड़कर जब ये लड़की भारत लौटी. बिना किसी खानदानी दौलत के आज इस लड़की ने 8000 करोड़ की तीन कंपनियां खड़ी करके सबको हैरान कर दिया है.
'होर्मुज अब अमेरिका का नया इलाका...', ट्रंप ने मैप दिखाकर किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को Truth Social पर Strait of Hormuz का एक नक्शा पोस्ट किया, जिसमें इसे 'NEW U.S. Territory' बताया गया है.
ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट! सिर्फ 33% अमेरिकी खुश, 64% ने किया कामकाज को नापसंद
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त को कश्मीर घाटी पहुंचेंगे और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलेंगे। यह दौरा भारत-अमेरिका के बीच राजनयिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित होगा, जिसमें सुरक्षा अहम है।
भारत की चुनाव प्रक्रिया सराहनीय, अमेरिका भी कर सकता है अनुसरण: योगेंद्र चंदोलिया
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Strait of Hormuz Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दावे ने 'होर्मुज की खाड़ी' में तनाव को और भड़का दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का एक नक्शा शेयर करते हुए उसे 'New U.S. Territory' यानी उन्होंने अपने पोस्ट में होर्मुज को अमेरिका का नया क्षेत्र करार दिया है।ट्रंप का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की इजाजत नहीं देगा।ट्रंप का नक्शा और 'US Territory' का दावाट्रंप ने सोशल मीडिया पर होर्मुज की खाड़ी का नक्शा जारी कर उस पर 'New U.S. Territory' लिखा। इससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका का इस जलमार्ग पर 'पूरा नियंत्रण' है और उन्होंने ईरान से 'आत्मसमर्पण का सफेद झंडा' उठाने की मांग की थी।इतना ही नहीं, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ओमान को भी सीधी चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते के रास्ते में ओमान रुकावट बनता है, तो अमेरिका 'ओमान पर भारी बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा।'जब तक शर्तें पूरी नहीं होंगी, बंद रहेगी खाड़ीईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिए भाषण में कहा कि जब तक अमेरिका जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोला नहीं जाएगा।ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं है ये मुख्य शर्तें नौसैनिक नाकाबंदी का अंत: अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तुरंत हटाई जाए। तेल प्रतिबंध हटाए जाएं: ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म किया जाए। जब्त संपत्तियों को अनफ्रीज करना: विदेशों में फंसे ईरान के वित्तीय एसेट्स (जब्त संपत्तियों) को वापस दिया जाए। गालीबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी सैन्य दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।ओमान के साथ बैकचैनल वार्ता और ट्रंप की बौखलाहटएक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ईरान और ओमान मिलकर एक वैकल्पिक नौवहन समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देश होर्मुज की खाड़ी में एक निर्दिष्ट सुरक्षित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्ष एक 'संयुक्त बयान' का प्रारूप तैयार कर रहे हैं ताकि वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो सके।हालांकि, अमेरिका को दरकिनार कर ओमान और ईरान के बीच हो रही इस शांति वार्ता से राष्ट्रपति ट्रम्प खासे नाराज हैं, जिसके चलते उन्होंने ओमान को सैन्य हमले की धमकी दी है।आखिर क्यों इतना अहम है स्ट्रैट ऑफ होर्मुज?स्ट्रैट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल कच्चे तेल के लगभग 20% हिस्से का परिवहन इसी रास्ते से होता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। ईरान वर्तमान में इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से अनुमति मांगने और ट्रांजिट फीस देने की मांग कर रहा है, जिसका अमेरिका कड़ा विरोध कर रहा है।
खाड़ी देशों और वैश्विक राजनीति में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) की 60 दिनों की अवधि सोमवार को समाप्त हो गई, लेकिन शांति के बजाय तनाव और गहरा गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर उपजे विवाद और ओमान के बीच में आने से डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है।समझौता क्यों हुआ विफलइस समझौते का मुख्य उद्देश्य सैन्य कार्रवाई को स्थायी रूप से रोकना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। समझौते के तहत अमेरिका को 300 अरब डॉलर का पैकेज तैयार करना था, जबकि ईरान को परमाणु हथियारों की होड़ से हटना था। लेकिन विवाद की जड़ बना 'होर्मुज का समुद्री मार्ग'। ओमान द्वारा अमेरिका के समर्थन से एक नया समुद्री रूट तैयार करने पर ईरान ने आपत्ति जताई, जिसके बाद क्षेत्र में फिर से हमलों का दौर शुरू हो गया।ट्रंप की ओमान को खुली चेतावनीतनाव तब चरम पर पहुंच गया जब ईरान ने ओमान के साथ होर्मुज मार्ग के नक्शे को लेकर बातचीत के संकेत दिए। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि यदि ओमान ईरान के साथ किसी भी ऐसी व्यवस्था में बाधा डालता है जो अमेरिका के हितों के खिलाफ है, तो वह उस पर बमबारी करने से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप के इस बयान ने क्षेत्रीय समीकरणों को हिलाकर रख दिया है।लेबनान और आर्थिक पैकेज का पेंचसमझौते में लेबनान की संप्रभुता का मुद्दा भी शामिल था, लेकिन इसमें इजरायल का स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण स्थिति अस्पष्ट बनी रही। ईरान लगातार इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान में हमलों को रोकने की मांग कर रहा था, जिसे इजरायल ने मानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, 300 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज कौन देगा और इसे कैसे खर्च किया जाएगा, इस पर भी कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई, जिससे यह ऐतिहासिक समझौता पूरी तरह विफल हो गया है।
ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का दिया हवाला, वीडियो में देंखे ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पास कराने की अपील
दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र कहे जाने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका और सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की चुनावी प्रणालियों को लेकर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर एक नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में मतदाता पहचान (Voter Identification) और नागरिकता सत्यापन के ढीले नियमों पर गहरा असंतोष जताते हुए भारतीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जारी एक आधिकारिक पोस्ट में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद (Congress) से अपील की है कि देश में निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित 'सेव अमेरिका एक्ट' (SAVE America Act) को तत्काल प्रभाव से पारित किया जाना चाहिए। ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली में मौजूद खामियों को उजागर करने के लिए भारत के पिछले लोकसभा चुनावों में 64.6 करोड़ मतदाताओं द्वारा अनिवार्य वैध फोटो पहचान पत्र के साथ मतदान करने का ठोस उदाहरण दुनिया के सामने रखा है।The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के साथ हुई एक हालिया चर्चा का उल्लेख करते हुए लिखा कि उन्होंने हमारे प्रशासन से सीधे तौर पर पूछा था कि आखिर अमेरिका में बिना किसी अनिवार्य और वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे संपन्न कराए जा सकते हैं? ट्रंप ने भारत की विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सराहना करते हुए जोर दिया कि भारत जैसे विशाल देश में 64.6 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जहां 1 प्रतिशत से भी कम लोगों ने मेल-इन बैलट (डाक मतपत्र) का सहारा लिया और मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले प्रत्येक नागरिक के पास सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य था।भारत के 64.6 करोड़ वोटर्स और वैध फोटो आईडी का दिया उदाहरणFinancial Express के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत की चुनाव प्रणाली दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है, जहां बायोमेट्रिक और फोटो आधारित मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के बिना कोई भी फर्जी मतदान नहीं कर सकता। इसके विपरीत, अमेरिका के कई राज्यों में आज भी संघीय चुनावों के दौरान मतदाताओं से किसी ठोस फोटो पहचान पत्र की मांग नहीं की जाती और केवल स्व-सत्यापन (Self-Attestation) के आधार पर वोट डालने की अनुमति दे दी जाती है।व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक ब्रीफिंग में भी इस बात को रेखांकित किया गया है कि भारत और ब्राजील जैसे देश अपने मतदाता पहचान तंत्र को एक मजबूत बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ते हैं, जबकि अमेरिका अब तक बुनियादी और अनिवार्य चुनावी सुरक्षा उपायों को लागू करने में कई विकासशील देशों से भी पीछे छूट रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी लोकतंत्र की पहली शर्त यह है कि केवल और केवल उस देश के वैध नागरिक ही मतदान की प्रक्रिया में भाग लें, ताकि चुनावी परिणामों की शुचिता पर किसी प्रकार का संशय न रहे।क्या है 'SAVE America Act' और क्यों मचा है अमेरिका में सियासी घमासान?The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, 'सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी एक्ट' यानी 'SAVE America Act' एक प्रस्तावित संघीय कानून है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी संघीय चुनावों में मतदान के नियमों को कड़ा और पारदर्शी बनाना है। इस विधेयक के तहत मतदाताओं को वोटर लिस्ट में रजिस्ट्रेशन कराने से पहले अपनी अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण (जैसे पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र) और मतदान के समय वैध सरकारी फोटो आईडी दिखाना अनिवार्य होगा।इसके अलावा, यह कानून सभी राज्यों को निर्देश देता है कि वे अपनी मतदाता सूचियों की गहन जांच करके सभी गैर-नागरिकों (Non-citizens) के नाम वोटर लिस्ट से बाहर करें। इस बिल में डाक द्वारा मतदान (Mail-in Voting) को भी केवल गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, सैन्य सेवा या विदेश यात्रा जैसी असाधारण परिस्थितियों तक ही सीमित करने का प्रावधान किया गया है। रिपब्लिकन पार्टी और कंजर्वेटिव थिंक-टैंक इस बिल को चुनाव सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का तर्क है कि ऐसे कड़े नियमों से उन लाखों गरीब और अल्पसंख्यक नागरिकों के लिए मतदान करना कठिन हो जाएगा जिनके पास तत्काल आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते।अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और मुख्य चुनाव आयुक्त की मुलाकातट्रंप का यह बयान उस समय सामने आया है जब भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने नई दिल्ली स्थित भारतीय निर्वाचन आयोग के मुख्यालय 'निर्वाचन सदन' में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक के दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को भारत के चुनावी प्रबंधन, ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा तथा मतदाता फोटो पहचान पत्र की तकनीक से अवगत कराया था।मुलाकात के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप की बात बिल्कुल सटीक है कि भारत के 64.6 करोड़ मतदाताओं ने अनिवार्य पहचान पत्र के साथ मतदान किया और अमेरिकी कांग्रेस को बिना किसी देरी के 'SAVE America Act' पारित करना चाहिए। Navbharat Times की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के निर्वाचन अधिकारियों ने चुनावी प्रबंधन और तकनीकी सहयोग को लेकर भी सकारात्मक बातचीत की है।भारतीय चुनाव प्रणाली की वैश्विक साख और चुनावी सुधारों की दिशाभारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा विकसित मतदाता पहचान प्रणाली आज दुनिया भर के लोकतांत्रिक देशों के लिए एक वैश्विक मानक बन चुकी है। 1990 के दशक में शुरू हुआ मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) का सफर आज डिजिटल ई-एपिक और आधार लिंकेज के साथ अत्यंत आधुनिक हो चुका है। भारत में मतदान केंद्रों पर स्याही लगाने, फोटो युक्त मतदाता पर्ची और बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए फर्जी मतदान की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया गया है।अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत के इस मॉडल की खुलकर तारीफ करना यह दर्शाता है कि चुनावी तकनीक और प्रबंधन के मामले में भारत न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि पश्चिमी देशों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के पारदर्शी संचालन का मार्ग दिखा रहा है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा कि आप बिना वैध फोटो आईडी के अमेरिका में चुनाव कैसे करवा सकते हैं ?
ईरान का अमेरिकी सैनिकों को मारने-पकड़ने पर इनाम का ऐलान, भड़के ट्रंप
ईरानी आर्मी ने अमेरिकी सैनिकों को मारने और पकड़ने पर इनाम का ऐलान किया है. ये एलान किया है ईरान के कमांडर-इन चीफ अमिर हातमी ने. उन्होंने कहा है कि जो भी अमेरिकी सैनिक को मारेगा या पकड़कर हमारी सेना के हवाले करेगा, उसे 30,000 डॉलर के बराबर का तोहफा दिया जाएगा. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक आर्मी कमांडर ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों पर इनाम घोषित करने की ये योजना वित्तीय सहायता के लिए आए ढेर सारे अनुरोधों के बाद तैयार की गई है.
सैमसंग के बाद गूगल भी छोड़ेगी चीन! मुश्किल में ड्रेगन की साख; क्या भारत आएगी अमेरिकी दिग्गज?
गूगल 2027 तक अपने पिक्सल स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और ईयरबड्स का उत्पादन चीन से बाहर स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन के कारण कंपनी वियतनाम और भारत में विनिर्माण क्षमता बढ़ा रही है।
अमेरिका में विश्व चैंपियन बनीं 14 वर्षीय इनाया, जयपुर में जिला स्तरीय सम्मान से नवाजी गईं
अमेरिका में रोबोफेस्ट विश्व चैंपियनशिप 2026 की विजेता 14 वर्षीय इनाया ख़ान को जयपुर के चौगान स्टेडियम में जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। जानिए उनकी उपलब्धि और सामाजिक योगदान की पूरी कहानी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय चुनाव प्रणाली की प्रशंसा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा।
अमेरिका में 15 साल से ज्यादा समय बाद एक ही दिन तीन लोगों को फांसी दी गई. तीन अलग-अलग राज्यों की ये फांसियां संयोग थीं, लेकिन बढ़ती फांसी ने अमेरिका की मौत की सजा की नीति पर बहस छेड़ दी है.
भारत ने करोड़ों...कुछ सीखो, चुनाव को लेकर ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन को दिखाया आईना
ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के एक सवाल का हवाला देते हुए अमेरिका को सीखने को बोला है और वजह है बिना आईडी कार्ड के चुनाव। ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन को आईना दिखाते हुए भारत का उदाहरण दिया। ट्रंप का कहना है कि अगर भारत करोड़ों लोगों से बिना किसी धांधली के वोटिंग करवा सकता है तो अमेरिका ऐसा क्यों नहीं करवा पा रहा है? भारत के लोकतंत्र की गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। इस बार यह तारीफ जो है वह किसी और से नहीं बल्कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आई है। ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रक्रिया और हमारे वोटर आईडी कार्ड सिस्टम की जमकर तारीफ की और इसकी मिसाल देते हुए अमेरिका को बड़ी नसीहत दी है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अमेरिका को चुनावी सूचिता के मामले में भारत से सीखना चाहिए। यानी कि दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र होने का दावा करने वाला अमेरिका अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र यानी कि भारत से सीखना चाहता है। इसे भी पढ़ें: Iran पर परमाणु बम गिराएगा अमेरिका? ये महिला कौन, जिसने मचा दी सनसनी यह मामला शुरू होता है ट्रंप के सोशल मीडिया ट्रू सोशल पर दिए गए बयान से। जहां पर उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हाल ही में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से एक चुभता हुआ सवाल पूछा। उन्होंने पूछा आखिर अमेरिका में बिना किसी वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे हो सकते हैं? ट्रंप ने इसी सवाल को आधार बनाकर अमेरिका में सेव अमेरिका एक्ट को तुरंत पास करने की मांग की है। ट्रंप का कहना है कि अगर भारत जैसे विशाल देश में हर नागरिक फोटो आईडी कार्ड दिखाकर वोट डालता है तो अमेरिका में ऐसा क्यों नहीं होता? ट्रंप ने अपनी पोस्ट में भारत के हालिया आम चुनावों के आंकड़ों का भी जिक्र करते हुए दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप ने लिखा कि पिछले साल चुनाव में 64 करोड़ 60 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। हर एक वोटर के पास एक वैध फोटो पहचान पत्र था। सिर्फ 1% से भी कम लोगों ने डाक के जरिए यानी कि पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला। इसे भी पढ़ें: Russia में सेना-हथियार उतारते ही किम जोंग के आगे गिड़गिड़ाए ट्रंप, NATO देशों के बीच खलबली मची ट्रंप ने तर्क दिया कि जब इतनी बड़ी आबादी वाला देश पूरी पारदर्शिता के साथ फोटो आईडी कार्ड के जरिए मतदान करवा सकता है तो अमेरिका में बिना आईडी कार्ड के वोटिंग एक चुनावी धोखाधड़ी को बढ़ावा देना है। सिर्फ ट्रंप ही नहीं इसके बाद भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गौर ने भी ट्रंप की बात का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने एक्स पर ट्रंप के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल सही कह रहे हैं। भारत ने दिखा दिया कि कैसे तकनीक और पहचान पत्र के जरिए दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव सुरक्षित तरीके से करवाया जा सकता है। कानून में वोटर रजिस्ट्रेशन के समय नागरिकता का सबूत अनिवार्य हो जाएगा। यानी कि जो कोई भी व्यक्ति अमेरिका में वोट डालना चाहता है उसके पास सिटीजनशिप जरूरी होगी। पूरे देश में मतदान के लिए फोटो आईडी कार्ड जरूरी हो जाएगा। यानी कि अमेरिका में वोट डालने के लिए भारत की ही तरह एक फोटो आईडी कार्ड होना पड़ेगा और मेल इन बैलेट यानी कि डाक द्वारा वोटिंग पर पाबंदी लगाई जाएगी।
भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।
ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाइए, वहीं रखिए... ट्रंप ने की तारीफ तो भड़की कांग्रेस
ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रणाली और वोटर ID व्यवस्था की तारीफ की। इस पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने CEC ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाने और EVM भेजने का तंज कसा। जानिए ट्रंप ने क्या कहा और क्या है मामला?
Iran पर परमाणु बम गिराएगा अमेरिका? ये महिला कौन, जिसने मचा दी सनसनी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। अमेरिका की पूर्व कांग्रेस वुमेन मार्जोरी टेलर ग्रीन ने आरोप लगाया है कि वाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी ईरान के खिलाफ संभावित परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर रणनीतिक बैठकें कर रहे हैं। ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्ट्स पर दावा किया कि ऐसी उच्च स्तरीय बातचीत वास्तव में हुई है। हालांकि उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य ठोस सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने कथित बैठकों में शामिल अधिकारियों के नाम भी सार्वजनिक नहीं किए हैं। ग्रीन का दावा है कि ट्रंप प्रशासन परमाणु कारवाई की सीमा को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन अपने ही खुफिया आकलनों को नजरअंदाज कर रहा है। इसे भी पढ़ें: ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश! ग्रीन के मुताबिक अमेरिकी इंटेलिजेंस आकलनों से यह संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं है। बावजूद इसके उनके आरोप के मुताबिक वाशिंगटन ईरान को लेकर इजराइल की ओर से मिल रही चेतावनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है। हालांकि यह दावा स्वतंत्र रूप से सच साबित नहीं हुआ है और अमेरिकी सरकार की ओर से ऐसी किसी परमाणु हमले की तैयारी की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की गई है। मारजोरी टेलर ग्रीन ने ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की परमाणु कारवाई को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उनका कहना है कि ऐसा कदम अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव को एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। बड़े पैमाने पर जान माल के नुकसान के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz पर Donald Trump का बड़ा दावा, बोले- जल्द ही इसे US Territory घोषित करेंगे ग्रीन ने इस संदर्भ में ट्रंप के उस राजनीतिक वादे का हवाला दिया है जिसमें उन्होंने अमेरिका को विदेशी युद्धों से दूर रखने की बात कही थी। ग्रीन के इन आरोपों पर वाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अमेरिकी सरकार या रक्षा अधिकारियों ने यह भी सार्वजनिक रूप से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है जिससे साबित हो कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी परमाणु नीति में कोई बदलाव किया है। यानी फिलहाल ईरान पर अमेरिकी परमाणु हमले की तैयारी का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। लेकिन यह सच है। ग्रीन का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका की ओर से तेहरान पर दबाव बनाए रखने के साथ-साथ क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: Hormuz Strait में ADNOC Tankers पर हमला: UAE ने Iran को घेरा, कहा- यह Maritime Piracy है खासकर होर्मुज स्टेट जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों को लेकर क्षेत्रीय तनाव लगातार चर्चा में है। मोर्चुरी टेलर ग्रीन इससे पहले भी ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के कुछ फैसलों का विरोध कर चुकी हैं। हालांकि वे खुद को ट्रंप का समर्थक बताती रही हैं। जून 2025 में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद भी ग्रीन ने प्रशासन की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि विदेशों में सैन्य कारवाई और शासन परिवर्तन से जुड़े अभियानों से दूरी बनाने के चुनावी वादों से प्रशासन पीछे हट रहा है। ग्रीन के ताजा आरोप एक बार फिर उन्हें ट्रंप प्रशासन की आधिकारिक विदेश नीति से अलग खड़ा करते दिखाई देते हैं।
अमरीकी राजनीति के गलियारों में इन दिनों एक बेहद अहम और तीखी बहस छिड़ी हुई है, जो सीधे तौर पर वहां की मतदान प्रणाली और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ी हुई है। अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर देश की इलेक्टोरल प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान खड़े करते हुए मांग की है कि अमेरिका में भी भारत की तरह अनिवार्य रूप से वोटर आईडी (Voter ID) लागू किया जाना चाहिए। अमेरिका जैसी दुनिया की सबसे पुरानी और ताकतवर महाशक्ति में आज तक मतदान के लिए भारत की तरह कोई एक समान और पुख्ता सरकारी पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य नहीं रहा है, जबकि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में दशकों से बिना वोटर आईडी के मतदान की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। ट्रंप के इस नए बयान ने अमेरिकी राजनीति में भूचाल ला दिया है और इसके साथ ही दोनों देशों की चुनाव प्रणालियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।अमेरिका और भारत की चुनाव प्रणालियों की बुनियादी और गहरी बनावटजब हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों यानी अमेरिका और भारत के चुनावी सिस्टम की तुलना करते हैं, तो जमीन-आसमान का अंतर साफ तौर पर दिखाई देता है। भारत में चुनाव संचालन के लिए एक संवैधानिक और पूरी तरह से स्वतंत्र स्वायत्त संस्था यानी भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) मौजूद है, जो पूरे देश में एक समान नियमों और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराती है। इसके विपरीत, संयुक्त राज्य अमेरिका में संघीय स्तर पर कोई एक केंद्रीय चुनाव आयोग नहीं है। वहां के चुनाव राज्यों और स्थानीय काउंटियों के अपने अलग-अलग कानूनों और नियमों के तहत आयोजित किए जाते हैं, जिससे पूरे देश में एकरूपता का अभाव रहता है और यही बात अमेरिकी राजनेताओं के बीच हमेशा से बहस का बड़ा मुद्दा रही है।वोटर आईडी को लेकर अमेरिका में क्यों छिड़ी है लंबी और तीखी बहसभारत में वोटर आईडी कार्ड, जिसे आम तौर पर 'एपिक' (EPIC) कहा जाता है, मतदान केंद्र पर अपनी पहचान साबित करने का सबसे प्रमुख और आधिकारिक दस्तावेज है। इसके बिना कोई भी नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकता है। वहीं, अमेरिका के कई राज्यों में मतदान के लिए वोटर आईडी की अनिवार्यता नहीं है, और इसके बजाय ड्राइविंग लाइसेंस, यूटिलिटी बिल या अन्य स्थानीय दस्तावेजों के आधार पर वोट डालने की अनुमति मिल जाती है। डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थक लंबे समय से यह तर्क देते आए हैं कि इस लचर व्यवस्था के कारण फर्जी मतदान और चुनावी धांधली की गुंजाइश बनी रहती है। उनका साफ कहना है कि देश में निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर मतदाता के पास एक पुख्ता फोटो पहचान पत्र होना चाहिए।डोनाल्ड ट्रंप की मांग और चुनावों में पारदर्शिता का कड़ा सवालडोनाल्ड ट्रंप का यह बार-बार कहना है कि अमेरिका को चुनावी सुरक्षा के मामले में भारत जैसे देशों से सीख लेनी चाहिए, जहां तकनीक और दस्तावेजों की सख्ती के साथ चुनावों को पूरी तरह से अचूक बनाया जाता है। ट्रंप का मानना है कि जब तक अमेरिका में मतदान के लिए सख्त पहचान नियमों को अनिवार्य नहीं किया जाता, तब तक चुनावी परिणामों पर जनता का पूरा भरोसा कायम रखना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी और उनके आलोचकों का तर्क है कि इस तरह के कड़े नियम लागू करने से गरीबों, minorities और उन लोगों के लिए मतदान करना कठिन हो जाता है जिनके पास आसानी से आधुनिक पहचान पत्र उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। इस वैचारिक मतभेद ने इस मुद्दे को अमेरिका का सबसे संवेदनशील राजनीतिक विषय बना दिया है।दोनों देशों के मतदाता पंजीकरण और डेटाबेस में अंतरभारत में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को चुनाव आयोग द्वारा बेहद सुव्यवस्थित और डिजिटल बनाया गया है, जहां लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए हर पात्र नागरिक का नाम केंद्रीय और स्थानीय मतदाता सूचियों में स्पष्ट रूप से दर्ज होता है। इसके उलट, अमेरिका में नागरिक को खुद आगे बढ़कर वोटर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है और कई राज्यों में चुनाव के दिन भी ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिल जाती है। दस्तावेजों की इस भिन्नता के कारण अमेरिकी चुनावी व्यवस्था हमेशा से आलोचकों के निशाने पर रही है, क्योंकि वहां मतदाता सूचियों की सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, जो भारत की चुस्त-दुरुस्त प्रणाली में देखने को नहीं मिलते।भारतीय लोकतंत्र की मजबूत चुनाव प्रणाली से दुनिया क्यों ले रही है प्रेरणाआज के समय में भारत का निर्वाचन आयोग जिस विशाल पैमाने पर, यानी सौ करोड़ से अधिक मतदाताओं के लिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराता है, उसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है। भारत ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी मतदान प्रक्रिया को दुनिया के लिए एक मिसाल बना दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी व्यवस्था में भारतीय तर्ज पर वोटर आईडी की मांग करना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि भारत की चुनावी प्रबंधन प्रणाली अब वैश्विक स्तर पर एक मानक और आदर्श के रूप में देखी जाने लगी है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सामरिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से एक बार फिर सनसनीखेज और दहला देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। इस व्यस्त जलमार्ग पर जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों ने ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई चेन की सांसे अटका दी हैं। इन सबके बीच अमेरिकी प्रशासन और ओमान के बीच तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका की ओर से कथित तौर पर ओमान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया गया और बम गिराने तक की धमकियां सामने आने लगीं। पश्चिम एशिया के इस सुलगते रणक्षेत्र में तेल के कुओं और समुद्री जहाजों पर मंडराते खतरे के बीच दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष एक बड़े विश्व युद्ध की आग को हवा देने वाला है।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर लगातार हमले और ग्लोबल ट्रेड का संकटदुनिया का कुल कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा बनाता है। पिछले कुछ समय से इस इलाके में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों, ऑयल टैंकरों और कार्गो शिप्स पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। इन हमलों के पीछे सक्रिय मिलिशिया समूहों और क्षेत्रीय ताकतों का हाथ बताया जा रहा है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले नाविकों और शिपिंग कंपनियों में भारी खौफ पैदा हो गया है। जहाजों पर बढ़ते इन खतरों के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।अमेरिका और ओमान के बीच बढ़ता तनाव और धमकी का पूरा सचइस संवेदनशील माहौल के बीच ओमान की रणनीतिक स्थिति और उसकी तटस्थ विदेश नीति पर अमेरिकी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ओमान हमेशा से खाड़ी देशों के बीच एक शांतिप्रिय और मध्यस्थ देश की भूमिका निभाता आया है, लेकिन अमेरिकी रक्षा रणनीतिकारों और शीर्ष अधिकारियों के साथ उसके रिश्तों में खटास की खबरें आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधों और जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और ओमान के बीच तीखी तनातनी हुई है, जिसके चलते अमेरिका की तरफ से आक्रामक तेवर अपनाए गए हैं।तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता हुआ बड़ा खतराहोर्मुज जलडमरूमध्य में जारी इस घमासान का सीधा असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ रहा है। यदि यह जलमार्ग लंबे समय के लिए बंद होता है या यहां जहाजों का आवागमन असुरक्षित हो जाता है, तो पूरी दुनिया में ईंधन की भारी किल्लत पैदा हो सकती है। भारत समेत कई एशियाई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी खाड़ी मार्ग पर निर्भर हैं। तेल के दामों में होने वाली जरा सी भी वृद्धि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए महंगाई का पहाड़ लेकर आती है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ता है।खाड़ी देशों की कूटनीति और पश्चिम एशिया का बदलता हुआ खतरनाक समीकरणपश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक समीकरण इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका अपनी नौसैनिक ताकत के दम पर इस क्षेत्र में दबदबा बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय देश अपनी संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश नीति से समझौता करने को तैयार नहीं हैं। ओमान जैसे देशों पर बनने वाला दबाव इस बात का संकेत है कि महाशक्तियां अपने सामरिक हितों के लिए छोटे और मध्यस्थ देशों को भी अपने पाले में लाने या उन पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए किस हद तक जा सकती हैं।आने वाले समय में युद्ध के बादल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताविशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी यह तनाव जल्द ही कूटनीतिक बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो यह संघर्ष पश्चिम एशिया की सीमाओं को पार कर वैश्विक तबाही का रूप ले सकता है। यूनाइटेड नेशंस और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने और समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। दुनिया भर के देश इस बात से डरे हुए हैं कि कहीं एक छोटी सी चिंगारी पूरे समंदर को आग के गोले में न बदल दे, जिससे मानवता को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
China को छोड़ पुतिन ने भारत को चुना पहला पार्टनर देश, हिला अमेरिका!
आज जब पूरी दुनिया एक तरफ खड़ी है और रूस दूसरी तरफ खड़ा है तब भारत ने जो किया उसने पूरी दुनिया की कूटनीति के सिद्धांतों को हिला कर रख दिया। अमेरिका ने प्रतिबंधों का जाल बिछाया। यूरोप ने आंखें दिखाई और डॉलर को हथियार बनाया गया ताकि रुपए को दुनिया के नक्शे से आर्थिक रूप से मिटाया जा सके। लेकिन मॉस्को से जो खबर आई है वह केवल एक व्यापारिक खबर नहीं होने वाली है। वह भारत की संप्रभुता का विजय घोष है। रूस ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है साल 2026 के रशियन एनर्जी वीक यानी आरईडब्ल्यू में कि भारत पहला आधिकारिक भागीदार देश बन गया है उसका। यह दर्जा आज तक किसी को नहीं मिला। चीन को भी नहीं मिला है। दरअसल मॉस्को का मोनेज सेंट्रल एग्बिशन हॉल पूरी दुनिया के लिए शक्ति का केंद्र बन चुका है। 100 देशों के 7000 डेलीगेट्स वहां मौजूद थे। लेकिन सबकी निगाहें केवल एक तिरंगे पर होगी। रूसी सरकार के बयान के अनुसार भारत इस फोरम का स्टार पार्टनर है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री यानी कि एफआईपीआई की अगुवाई में भारत की आठ सबसे बड़ी महारत्न और नवरत्न कंपनियां वहां भारत का झंडा गाड़ रही हैं। इसे भी पढ़ें: Russia ने Ukraine की Naftogaz कंपनी पर 300 बार किए हमले, ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान यह प्रदर्शनी केवल तेल दिखाने के लिए नहीं था। यह दुनिया को यह बताने के लिए कि भारत अब रूस के ऊर्जा साम्राज्य का हिस्सेदार बन चुका है। और रूस का ऐलान भी सुनिए। उप प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक का यह कहना कि रूस भारत में अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाना चाहता है। अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चेतावनी है। जुलाई 2026 के आंकड़े किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी है। भारत ने रूस से 2.8 मिलियन बैरल कच्चा तेल हर दिन खरीदा। यह भारत की कुल ऊर्जा जरूरत का 55.5% है। अब आप खुद कल्पना कीजिए यूक्रेन युद्ध से पहले यह हिस्सा 1% से भी कम था। यकीन मानिए रिपोर्ट्स देखिए। अमेरिका ने प्राइस कैप लगाया ताकि रूस को $60 से ज्यादा कीमत ना मिले। लेकिन भारत ने अपनी चतुराई दिखाई अपने दोस्त के लिए और कूटनीति से अमेरिका के उस कैप की धज्जियां उड़ा दिए। इसे भी पढ़ें: Russia में सेना-हथियार उतारते ही किम जोंग के आगे गिड़गिड़ाए ट्रंप, NATO देशों के बीच खलबली मची भारत ने ना केवल सस्ता तेल खरीदा बल्कि उसे रिफाइन करके यूरोप तक पहुंचा दिया। और आज हमारा दोस्त पेट्रोल जब मांगता है रूस तो भारत फटाक से दे देता है। यानी जिस रूस पर बैन लगे प्रतिबंध लगे थे उसी का तेल घूमकर यूरोप गया, रूस गया और इसमें भारत ने मिडिल मैन बनकर अरबों की कमाई भी की। यह कूटनीति का वो मास्टर स्ट्रोक था जिसे हावर्ड और ऑक्सफोर्ड में पढ़ाया जरूर जाएगा।
China Green Energy Global Expansion: कैरेबियाई देश क्यूबा इन दिनों गंभीर बिजली संकट और ब्लैकआउट से जूझ रहा है। इस बीच चीन ने क्यूबा को 5,000 सोलर फोटोवोल्टिक (PV) सिस्टम भेजे हैं, जिन्हें अस्पतालों, प्रमुख संस्थानों और ऑफ-ग्रिड इलाकों में लगाया जा रहा है। सतह पर यह एक मानवीय मदद दिखती है, लेकिन इसके पीछे चीन का एक बहुत बड़ा जियोपॉलिटिकल और इकोनॉमिक मास्टरप्लांन छिपा हुआ है।चीन सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा सोलर और विंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर ही नहीं रहा, बल्कि अब वह अपनी 'क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी' का इस्तेमाल ग्लोबल साउथ के देशों में अपना राजनीतिक और तकनीकी दबदबा बढ़ाने के लिए कर रहा है।क्यूबा का उदाहरण क्यों है सबसे खास?अमेरिकी प्रतिबंधों और ईंधन संकट के बीच पिस रहे क्यूबा के लिए चीनी सोलर पैनल किसी जीवनदान से कम नहीं हैं। पिछले 5 वर्षों में क्यूबा द्वारा चीनी सोलर पैनलों के आयात में 1,800% से अधिक की भारी वृद्धि हुई है।विशेषज्ञों का मानना है कि तेल के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहने वाला क्यूबा अब धीरे-धीरे इनवर्टर, पैनल, स्पेयर पार्ट्स और बैटरी के लिए चीन पर वित्तीय व तकनीकी रूप से निर्भर होता जा रहा है।अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के टैरिफ से परेशान चीन के पास विशाल ओवरकैपेसिटी है। अमेरिका के ठीक पड़ोस (कैरेबियाई क्षेत्र) में क्यूबा की मदद करके चीन अपने पुराने राजनीतिक साझेदार को टूटने से बचा रहा है और अमेरिका को कड़ा संदेश दे रहा है।चीन ने कैसे बनाई 'रिन्यूएबल एनर्जी' में अपनी बादशाहत?चीन की क्लीन एनर्जी इंडस्ट्री का आकार भारत, ब्राजील या कनाडा जैसे देशों की कुल जीडीपी के बराबर पहुंच चुका है। दुनिया भर के सोलर मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन के 80% से अधिक हिस्से पर अकेला चीन का कब्जा है। चीन के क्लीन एनर्जी सेक्टर ने वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 15.4 ट्रिलियन युआन ($2.2 ट्रिलियन) का बिजनेस जनरेट किया, जो उसकी कुल GDP का 11.4% हिस्सा है।2026 की पहली छमाही में चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) के तहत 56% निवेश अकेले सोलर, विंड और हाइड्रो जैसे ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में हुआ है।विकासशील देश क्यों खरीद रहे हैं चीनी तकनीक?अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों के लिए चीनी सोलर उपकरण बेहद सस्ते, टिकाऊ और तेजी से लगने वाले हैं। सोलर और विंड पावर अब दुनिया के 91% नए प्रोजेक्ट्स में पारंपरिक कोयले या डीजल से सस्ते पड़ रहे हैं। केन्या, नामीबिया, पाकिस्तान, श्रीलंका और कंबोडिया जैसे देशों ने अपनी राष्ट्रीय ग्रिड क्षमता से अधिक चीनी सोलर उपकरण आयात कर लिए हैं।क्या भारत बन सकता है चीन का विकल्प?चीन के इस बढ़ते वर्चस्व को टक्कर देने के लिए भारत भी अपने सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को तेजी से बढ़ा रहा है। भारत की PV मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी 2018 के 10 GW से बढ़कर 2026 में 172 GW तक पहुंच गई है। भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से चीनी सोलर पैनलों का भारत में आयात 2020 के 8.2 GW से घटकर 2025 में सिर्फ 2.1 GW रह गया है।हालांकि, भारत मॉड्यूल असेंबल तो कर रहा है, लेकिन अपस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग (कच्चे माल और सिलिकॉन वेफर) के लिए अभी भी चीन पर निर्भर है। ग्लोबल साउथ को तकनीक निर्यात करने के लिए भारत को इस सप्लाई चेन गैप को भरना होगा।कुल मिलाकर सच्चाई ये है कि चीन अपनी घरेलू 'ओवरकैपेसिटी' और पश्चिमी देशों के टैरिफ का मुकाबला करने के लिए क्लीन एनर्जी को एक शक्तिशाली 'जियोपॉलिटिकल टूल' बना चुका है। क्यूबा से लेकर अफ्रीका तक, चीन केवल सोलर पैनल नहीं बेच रहा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए रणनीतिक और तकनीकी रिश्ते मजबूत कर रहा है।
चीन से कितने अलग हैं अमेरिका के घर? दोनों जगह नहीं करते ईंट का इस्तेमाल
अमेरिका और चीन में घर बनाने के तरीके एकदम अलग- अलग हैं. फिर भी दोनों में एक समानता है. दोनों ही जगह ईंट का इस्तेमाल घर बनाने में नहीं किया जाता है. अगर होता भी है तो कुछ- एक काम के लिए. चलिए जानते हैं अमेरिका और चीन में घर कैसे बनते हैं?
ट्रंप ने भारतीय अमेरिकी बच्चे को लहरों से बचाने वाले लाइफगार्ड को किया सम्मानित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक 16 वर्षीय लाइफगार्ड को सम्मानित किया, जिसने पिछले महीने कैलिफोर्निया के एक समुद्र तट पर 10 वर्षीय भारतीय मूल के लड़के को डूबने से बचाया। ट्रंप ने लाइफगार्ड, राइडर विलियम्स, और उनके परिवार के सदस्यों, साथ ही युवा लड़के नाथानियल राय, उसकी बहन लैला और उसके पिता …
भारत के चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का अमेरिका हुआ मुरीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का हवाला देते हुए अमेरिका में हर मतदाता के लिए फोटो आईडी अनिवार्य करने की मांग की। ट्रंप ने भारत के चुनावों में फोटो पहचान दस्तावेज की अनिवार्यता और बेहद कम पोस्टल वोटिंग का जिक्र करते हुए SAVE अमेरिका एक्ट के समर्थन में तर्क दिया।
भारत से सीख ले अमेरिका! ट्रंप ने की वोटर ID अनिवार्य करने की मांग, CEC ज्ञानेश कुमार का लिया नाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी सिस्टम की जमकर सराहना करते हुए अमेरिका में वोटिंग के नियम कड़े करने और 'सेव अमेरिका एक्ट' लागू करने की मांग की। उन्होंने इस दौरान भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी जिक्र किया।
वेंकटा नरसमांबा वासमसेट्टी साल 2022 में कई महीनों तक भारत में रुक गई थीं. आखिर अमेरिका में कानूनी स्थायी निवासी होने के बावजूद उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है?
एक रिस्ट बैंड से नावजात बच्चों की मौत को कैसे कम कर रहा अमेरिका?
अमेरिका में नई माताओं को दिया जा रहा 'I Gave Birth' Wristband चर्चा में है. जानिए यह छोटा सा बैंड डिलीवरी के बाद होने वाली जटिलताओं की पहचान कर महिलाओं की जान बचाने में कैसे मदद कर रहा है.
ट्रंप ने भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ की, बोले- जब भारत में Photo ID जरूरी तो अमेरिका में क्यों नहीं?
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बातचीत शुरू करने का किया आग्रह
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बातचीत शुरू करने का किया आग्रह
ईरान-अमेरिका वार्ता पर फिर संकट, ट्रंप ने 60 दिन की डेडलाइन बढ़ाने से किया इन्कार
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का सबसे अहम मुद्दा तेहरान का परमाणु कार्यक्रम है। वॉशिंगटन की प्रमुख मांग है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे। अमेरिका का तर्क है कि ईरान की परमाणु गतिविधियों से क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर खतरा पैदा हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनावी व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में वोटर ID को लेकर अपनी मांग फिर तेज कर दी है। ट्रंप ने दावा किया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन से सवाल किया कि वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे […] The post ट्रम्प ने भारतीय चुनाव आयुक्त का हवाला दिया: ‘भारत में फोटो आईडी अनिवार्य, अमेरिका में बिना उसके चुनाव?’ first appeared on Sanjeevni Today .
एक मैप भी तैयार किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि तीन दिशा उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की ओर से चार अदृश्य ऊर्जा रेखाएं आ रही हैं।
एक जींस की फिटिंग के ₹4000! अमेरिका में इतनी होती है टेलर की कमाई
अगर आपको सिलाई का काम आता है, तो अमेरिका में यह हुनर अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है. वहां एक टेलर करीब 25 डॉलर (करीब 2,300 रुपये) प्रति घंटे तक कमा सकता है, जबकि जींस की छोटी-सी फिटिंग के लिए भी 40 डॉलर (करीब 4,000 रुपये) तक लिए जा सकते हैं.
ओडिशा के गांव में बिगड़ी अमेरिकी टूरिस्ट की तबीयत, इलाज के बाद बिल देखकर रह गए दंग, देखें VIDEO
American tourist Odisha hospital: ओडिशा के एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज मिलने के बाद अमेरिकी टूरिस्ट माइक ने भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की जमकर तारीफ की है. सोशल मीडिया पर अब उनका वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट: सूचकांकरिकॉर्ड ऊंचाई से और नीचे, कच्चे तेल की कीमतों और महंगाई के दबाव का असर
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनावी व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग की। उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार और सेव अमेरिका एक्ट का जिक्र किया।
ट्रंप ने अमेरिका में वोटर आईडी कानून को बढ़ावा देने के लिए भारत का दिया उदाहरण
वॉशिंगटन, 18 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने Monday को अमेरिका के लिए India की चुनावी व्यवस्था को एक मॉडल के तौर पर पेश किया. उन्होंने वोटर की पहचान से जुड़े कड़े नियमों की अपनी मांग को फिर से दोहराया और कांग्रेस से ‘सेवअमेरिका एक्ट’ पास करने की अपील की. ट्रंप ने बताया कि ... Read more
अमेरिकी लॉमेकर्स ने मेटा के चुनावी सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल, कहा- एआई और डीपफेक से खतरा बढ़ा
अमेरिकी लॉमेकर्स ने मेटा के चुनावी सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल, कहा- एआई और डीपफेक से खतरा बढ़ा
ट्रंप ने भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ में पढ़े कसीदे, ज्ञानेश कुमार का जिक्र कर अमेरिका को दी ये बड़ी नसीहत
US: दक्षिण कोरिया को छोड़ उत्तर कोरिया के करीब क्यों जा रहे ट्रंप? अमेरिका के सहयोगियों की बढ़ी चिंता
ईरान युद्ध का नहीं दिख रहा अंत! अमेरिका के रुख से कच्चे तेल में उछाल, ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के पार
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की उम्मीद कमजोर पड़ने से मंगलवार को तेल की कीमतों में तेजी आई।
India elections: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था की जमकर तारीफ की है। ट्रंप का कहना है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने अमेरिका को चुनाव कराने का तरीका सिखाया। कुमार ने ट्रंप प्रशासन से पूछा, बिना वैध फोटो आईडी के अमेरिका में चुनाव कैसे हो सकते हैं? अमेरिका में चुनावी नियमों को और सख्त करने की मांग के बीच ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था का उदाहरण दिया है।मंगलवार (18 अगस्त) तड़के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के साथ कथित बातचीत का जिक्र करते हुए अमेरिकी चुनावों में अनिवार्य फोटो पहचान पत्र (Photo ID) की जरूरत पर जोर दिया।बिना वैध फोटो ID के चुनाव कैसे?'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने अपनी सरकार और कुमार के बीच इस महीने की शुरुआत में हुई बातचीत का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि CEC ने सवाल किया था कि बिना अनिवार्य फोटो पहचान पत्र के अमेरिका में चुनाव कैसे हो सकते हैं। ट्रंप ने लिखा, इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारी सरकार से पूछा- आप बिना वैध फोटो ID के US में चुनाव कैसे करा सकते हैं?भारतीय चुनाव का जिक्रइसके बाद ट्रंप ने भारत के 2024 के लोकसभा चुनाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें 64.6 करोड़ (646 मिलियन) मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान 1% से भी कम लोगों ने डाक से वोट दिया। उन्होंने दावा किया कि हर मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र दिखाना जरूरी था।उन्होंने कहा, भारत के पिछले चुनाव में 64.6 करोड़ (646,000,000) मतदाता थे! 1% से भी कम लोगों ने डाक से वोट दिया। हर मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना जरूरी था।ट्रंप ने इस तुलना का इस्तेमाल अपनी उस मांग को फिर से उठाने के लिए किया जिसमें वे चाहते हैं कि कानून बनाने वाले 'Save America Act' को पास करें।Save America Act पर जोरट्रंप ने कहा, हमें अभी 'SAVE अमेरिका एक्ट' पास करने की जरूरत है! ट्रंप का यह तर्क वॉशिंगटन में वोटर पहचान, नागरिकता के सबूत और डाक से वोट (मेल-इन बैलेट) की सुविधा को लेकर चल रहे लंबे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। राष्ट्रपति का तर्क है कि वोटर ID एक बुनियादी जरूरत होनी चाहिए। उन्होंने रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स से इस कानून का समर्थन करने को कहा है।'SAVE एक्ट' 29 जनवरी को अमेरिकी संसद में पेश किया गया था। हालांकि, इसके पास होने की संभावना अनिश्चित बनी हुई है, क्योंकि डेमोक्रेट्स इस उपाय का विरोध कर रहे हैं। संसद में वोटिंग नियमों को लेकर मतभेद जारी हैं। सीनेट भी इस कानून को आगे बढ़ाए बिना इस महीने की शुरुआत में पांच हफ्तेकी छुट्टी पर चली गई थी। व्हाइट हाउस ने प्रस्तावित कानून को चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने वाला कदम बताया है।क्या है 'SAVE एक्ट'?यह कानून संघीय चुनावों के लिए वोटर रजिस्ट्रेशन और चुनाव संबंधी जरूरतों को कड़ा करने के मकसद से लाया गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस कानून के तहत वोटरों को फेडरल चुनाव के लिए रजिस्टर करने से पहले वैध पहचान-पत्र और अमेरिकी नागरिकता का सबूत देना होगा। इसमें मेल-इन बैलेट (डाक से वोटिंग) पर पाबंदी लगाने का भी प्रस्ताव है। हालांकि बीमारी, विकलांगता, मिलिट्री सर्विस और यात्रा जैसी स्थितियों में छूट दी जाएगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कानून राज्यों को वोटर लिस्ट से गैर-नागरिकों के नाम हटाने का निर्देश भी देगा।इन देशों के चुनावी प्रक्रिया का जिक्रट्रंप प्रशासन ने भारत और ब्राजील समेत दूसरे देशों की चुनाव प्रक्रियाओं से अमेरिकी चुनाव प्रक्रियाओं की तुलना करके अपनी बात को मजबूत करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि ये दोनों देश वोटर की पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ते हैं। जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए ज्यादातर खुद के दावे (सेल्फ-अटेस्टेशन) पर निर्भर रहता है। प्रशासन ने जर्मनी और कनाडा का भी जिक्र किया है।उन्होंने कहा है कि उनके वोट-गिनती के सिस्टम में कागज-आधारित प्रक्रियाएं और 'चेन-ऑफ-कस्टडी' (सुरक्षा और जवाबदेही) के बेहतर उपाय हैं। उन्होंने डेनमार्क और स्वीडन का उदाहरण भी दिया है, जहां मेल वोटिंग पर ज्यादा पाबंदियां हैं। खास बात यह है कि व्हाइट हाउस की यह तुलना अमेरिकी चुनाव नियमों में बदलाव के लिए ट्रंप के बड़े कैंपेन का हिस्सा बन गई है। US President Donald Trump posts on his Truth Social, Earlier this month, India’s Chief Election Commissioner, Gyanesh Kumar, asked our Administration — How can you have Elections in the U.S. without a valid Photo ID? India’s last Election had 646,000,000 Voters! Less than 1%… pic.twitter.com/GDblVs4EHb— ANI (@ANI) August 18, 2026 उनके प्रशासन ने बार-बार कहा है कि वोटर की पहचान और नागरिकता के सबूत की ज़रूरतें बुनियादी सुरक्षा उपाय हैं जो पूरे देश में लागू होने चाहिए। यह कानून 29 जनवरी कोसंसद में पेश किया गया था। यह चुनाव के कड़े नियमों के लिए ट्रंप के बड़े कैंपेन का हिस्सा बन गया है। ट्रंप द्वारा भारत का ज़िक्र किए जाने से भारत का चुनाव सिस्टम वोटिंग प्रक्रियाओं को लेकर अमेरिका में चल रही तीखी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।भारतीय चुनाव सिस्टम क्या है?भारत का 2024 का लोकसभा चुनाव सात चरणों में हुआ था। इसमें देश भर से करोड़ों वोटरों ने हिस्सा लिया था। भारत का चुनाव आयोग वोटर लिस्ट-आधारित सिस्टम का इस्तेमाल करता है। साथ ही पोलिंग स्टेशन पर आने वाले वोटरों के लिए तय पहचान-पत्रों की जरूरत होती है। 'सेव अमेरिका एक्ट' (SAVE America Act) फेडरल चुनाव नियमों में बड़े बदलाव लाने की ट्रंप की कोशिश का एक अहम हिस्सा बना हुआ है।ये भी पढ़ें- Business idea: 1 करोड़ की नौकरी छोड़ भारत लौटा इंजीनियर! सिर्फ ₹90,000 से शुरू किया बिजनेस, 6 साल में हासिल किया बड़ा मुकाम
भारत को मिले अमेरिकी ड्रोन - नौसेना की ताकत में होगा इज़ाफ़ा
अमेरिका ने भारत को दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने का फैसला किया है। अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को कहा कि वह रक्षा मंत्रालय के जनरल एटॉमिक्स के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने के अनुबंध का स्वागत करता है।
ट्रम्प ने की भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ, कहा- अमेरिका को भी सेव अमेरिका एक्ट पास करना चाहिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह बात कही। ट्रम्प ने हाल ही में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से हुई बातचीत का जिक्र किया। ट्रम्प की पोस्ट में क्या था ट्रम्प ने लिखा […]
डोनाल्ड ट्रंप से अमेरिकी नाराज! अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33% पर पहुंची
रॉयटर्स/इप्सोस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है. उनकी अप्रूवल रेटिंग घटकर 33% हो गई है.
Donald Trump Save America Act:
Donald Trump: ट्रंप ने भारत के चुनाव का दिया उदाहरण, अमेरिका में वोटर ID अनिवार्य करने की मांग क्यों हुई तेज?
‘उम्मीद खो देता था’, अमेरिकी की जेल से रिहाई के बाद रो पड़ा भारतीय म्यूजिशियन
नई दिल्ली में जन्मे जैज संगीतकार प्रीतेश वालिया को 14 दिन तक अमेरिका में ICE हिरासत में रहने के बाद जमानत मिल गई है. उन्हें 2 अगस्त को लॉस एंजिलिस लौटने पर हिरासत में लिया गया था और कैलिफोर्निया के एडेलांटो सेंटर भेजा गया था. वालिया ने बताया कि हिरासत के दौरान वे खुद को टूटा हुआ महसूस करते थे, लेकिन परिवार, वकील और फैंस के सपोर्ट ने उन्हें हिम्मत दी.
हरियाणा के नारनौल जिले के एक छोटे से गांव की 10 वर्षीय छात्रा आयशा ने अपनी प्रतिभा के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। गांव भाखंरी निवासी आयशा का चयन अमेरिका स्थित अंतरिक्ष एजेंसी नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हुआ है। अगले माह वह अमेरिका जाकर नासा का भ्रमण करेगी। इतनी कम उम्र में नासा का शैक्षणिक दौरा करने वाली वह क्षेत्र की पहली छात्रा मानी जा रही है। इस उपलब्धि से गांव, स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। पांचवीं में भरा था फार्मआयशा गांव गोद स्थित कर्मभूमि विंग स्कूल में कक्षा छठी की छात्रा है। उसने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में थी, तब उसने मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड में भाग लिया। सबसे पहले उसने स्कूल स्तर की परीक्षा दी, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया। जयपुर में हुआ इंटरव्यू इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद जयपुर में आयोजित इंटरव्यू के लिए उसे बुलाया गया।सभी सवाओं के दिए जवाबआयशा ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान तीन सदस्यीय ज्यूरी ने उससे विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। उसने लगभग सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए किया गया। उसका पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया चल रही है और अगले माह वह अमेरिका के लिए रवाना होगी।पिता नौसेना से सेवानिवृत्तआयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार ने इस प्रतियोगिता को सामान्य परीक्षा समझकर ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन जब आयशा ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की तो उन्हें उसकी प्रतिभा का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है। मां बोली, बेटी बहुत मेहनतीमाता स्नेहलता ने बताया कि आयशा शुरू से ही पढ़ाई के प्रति बेहद मेहनती रही है। वह नियमित रूप से पढ़ाई करती है और स्कूल के बाद तीन से चार घंटे ट्यूशन भी जाती है। घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाने के बावजूद उसने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान रखा। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें आयशा सबसे बड़ी है। उसके बाद छोटी बहन वंशिका और सबसे छोटा भाई रेयांश है।गणित विषय में रुचिस्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने आयशा की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उसकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। शिक्षिका डा. रीना यादव व आशा यादव का कहना है कि आयशा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है और गणित विषय में उसकी विशेष रुचि है। नासा के शैक्षणिक भ्रमण से उसे विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को करीब से समझने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में वह बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित होगी।
भारत को दो एमक्यू-9बी ड्रोन लीज पर देगा अमेरिका, रक्षा मंत्रालय ने फैसले का किया स्वागत
New Delhi, 17 अगस्त . अमेरिका ने India को दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने का फैसला किया है. अमेरिकी दूतावास ने Monday को कहा कि वह रक्षा मंत्रालय के जनरल एटॉमिक्स के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने के अनुबंध का स्वागत करता है. अमेरिकी ... Read more
भारत-अमेरिका के बीच ‘एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल’ अभ्यास पूरा, ऑपरेशनल तालमेल हुआ मजबूत
New Delhi, 17 अगस्त . India और अमेरिकी नौसेना के बीच एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (ईओडी) अभ्यास 2026 पूरा हुआ. इस अभ्यास का आयोजन पांच दिनों के लिए किया गया था. India के रक्षा मंत्रालय ने Monday को इसकी जानकारी दी. रक्षा मंत्रालय ने बताया, “भारत-अमेरिकी नौसेना विस्फोटक आयुध निपटान (ईओडी) अभ्यास 2026 का आठवां संस्करण ... Read more
भारत-अमेरिका के बीच 'एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल' अभ्यास पूरा, ऑपरेशनल तालमेल हुआ मजबूत
भारत-अमेरिका के बीच 'एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल' अभ्यास पूरा, ऑपरेशनल तालमेल हुआ मजबूत
अमेरिका और चीन के युवाओं ने शीत्सांग में बढ़ाई सांस्कृतिक दोस्ती
अमेरिका और चीन के युवाओं ने शीत्सांग में बढ़ाई सांस्कृतिक दोस्ती
यह लेख टमाटर के वैश्विक और भारतीय उत्पादन, शीर्ष उत्पादक देशों और भारत के प्रमुख राज्यों पर प्रकाश डालता है। इसमें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले को एशिया की सबसे बड़ी टमाटर मंडी बताया गया है, जहां सालाना 12 लाख टन का व्यापार होता है।
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
भारत-अमेरिका की नई डील से ड्रैगन परेशान! खतरनाक ड्रोन से हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की ताकत
भारत-अमेरिका की नई डील से ड्रैगन परेशान! खतरनाक ड्रोन से हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की ताकत
अमेरिका-ईरान ज्ञापन समझौते की 60 दिनों की डेडलाइन खत्म, बाघेई बोले- हम दबाव में नहीं बनाते नीतियां
तेहरान, 17 अगस्त . अमेरिका और ईरान के बीच जो 60 दिनों का समझौता हुआ था, वो खत्म हो गया है. ऐसे में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि जिस हिसाब से अमेरिका ने बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया है, उसके बाद कोई भी चर्चा बेकार है. ईरानी मीडिया ने ... Read more
Meta पर California में मुकदमा शुरू, अमेरिकी राज्यों ने 1.4 लाख करोड़ डॉलर का हर्जाना मांगा
मेटा के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा से जुड़े हजारों मुकदमों में से कैलिफोर्निया में इस सप्ताह शुरू होने वाली सुनवाई को सबसे महत्वपूर्ण मामलों में से एक माना जा रहा है। अमेरिका के कई राज्य मेटा से व्यापक वित्तीय हर्जाने की मांग कर रहे हैं जो सैद्धांतिक रूप से 1.4 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर तक हो सकता है। इसके अलावा राज्यों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम के संचालन के तरीके में बदलाव की भी मांग की है। मुकदमे में सोशल मीडिया कंपनी पर युवा मानसिक स्वास्थ्य संकट को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। राज्यों का कहना है कि मेटा ने जानबूझकर ऐसे फीचर तैयार किए, जिनसे बच्चे उसके प्लेटफॉर्म के आदी हो जाएं। मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि मेटा नियमित रूप से 13 साल से कम उम्र के बच्चों का उनके माता-पिता की सहमति के बिना डेटा एकत्र करती है, जो संघीय कानून का उल्लंघन है। मुकदमे में कहा गया है, ‘‘मेटा ने युवाओं और किशोरों को आकर्षित करने, जोड़े रखने और अंततः अपने जाल में फंसाने के लिए शक्तिशाली और अभूतपूर्व तकनीकों का इस्तेमाल किया है। उसका मकसद मुनाफा कमाना है।’’दर्जनों राज्यों ने तीन साल पहले मुकदमा दायर किया था। मंगलवार से कैलिफोर्निया के ऑकलैंड की संघीय अदालत में शुरू होने वाले मुकदमे में चार राज्य—कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी—वादी हैं। अन्य 25 राज्यों में बाद में सुनवाई होने की उम्मीद है। मेटा ने आरोपों से इनकार किया है। कंपनी ने कहा कि सुनवाई के दौरान पेश किए जाने वाले साक्ष्य युवाओं की मदद के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाएंगे। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने माता-पिता की बात सुनी है, विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ काम किया है तथा उन मुद्दों को समझने के लिए गहन शोध किया है, जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण हैं।’’मेटा के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। कंपनी इस साल बच्चों और किशोरों को होने वाले नुकसान से जुड़े दो अहम मामलों में पहले ही हार चुकी है। कंपनी ने पिछले महीने मुनाफे में असामान्य गिरावट दर्ज की थी, जिसमें 2.4 अरब डॉलर के कानूनी खर्च की भी भूमिका रही। मेटा ने एक कानूनी दस्तावेज में 1.4 लाख करोड़ डॉलर के संभावित हर्जाने का उल्लेख किया है। यह राशि कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित कंपनी के कुल बाजार पूंजीकरण के लगभग बराबर है। इतनी बड़ी राशि का भुगतान कंपनी को दिवालिया कर सकता है और संभवतः उसके स्वामित्व को राज्यों के हाथों में पहुंचा सकता है। मेटा ने हाल के वर्षों में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए कई नए फीचर पेश किए हैं। वर्ष 2024 में कंपनी ने इंस्टाग्राम पर ‘टीन अकाउंट’ शुरू किए, जो निजी होते हैं और इनमें संदेश तथा सामग्री पर प्रतिबंध के साथ माता-पिता के लिए नियंत्रण के विकल्प भी हैं। पिछले सप्ताह जूरी चयन के दौरान संभावित जूरी सदस्यों से पूछा गया कि क्या वे मानते हैं कि मेटा ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य संकट में योगदान दिया है और यदि हां, तो कितना। कई लोगों ने माना कि कंपनी की भूमिका है, लेकिन उन्होंने माता-पिता की जिम्मेदारी भी मानी। कुछ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और दुनिया की मौजूदा स्थिति जैसे कारक भी बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हित में हुआ तो स्वागत, राष्ट्रहित सर्वोपरि : बीकेएस
भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हित में हुआ तो स्वागत, राष्ट्रहित सर्वोपरि : बीकेएस
ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 30 हजार डॉलर का इनाम, वीडियो में जाने महिलाओं को 60 हजार डॉलर
भारतीय और अमेरिकी नौसेना ने समंदर में 'बम फोड़ने' की प्रैक्टिस की
कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में भारतीय और अमेरिकी नौसेना का आठवां EOD अभ्यास 2026 सफलतापूर्वक खत्म हुआ. दोनों देशों की टीमें विस्फोटक निपटाने, गोताखोरी और मानवरहित सिस्टम पर प्रशिक्षण किया.
जयपुर में तीज माता की शाही सवारी, अमेरिका तक पहुंचा तीज का रंग, 175 लोक कलाकारों ने सजाया उत्सव
जयपुर में तीज माता की शाही सवारी ने लोककला और राजसी परंपरा का रंग बिखेरा, 175 कलाकारों की प्रस्तुतियां और अमेरिका तक लाइव प्रसारण हुआ।
ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को लेकर किया बड़ा ऐलान, ₹28 लाख इनाम और हथियार को म्यूजियम में रखने की बात
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी पक्ष की ओर से अमेरिकी सैनिकों को लेकर एक बड़ा और विवादित ऐलान सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी सेना से जुड़े एक बयान में अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम देने की बात कही गई है। इस ऐलान में कथित तौर […] The post ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को लेकर किया बड़ा ऐलान, ₹28 लाख इनाम और हथियार को म्यूजियम में रखने की बात first appeared on Sanjeevni Today .
मध्य पूर्व (Middle East) के बेहद संवेदनशील और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य [Hormuz Strait] पर इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी और खतरनाक तलवार लटक रही है। वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसके तहत ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही एक अहम समझौता डील आज आधिकारिक तौर पर समाप्त होने जा रही है। जानकारों का यह मानना है कि यह डील क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध के बादलों को टालने के लिए की गई थी, लेकिन यह समझौता अपनी इस बुनियादी शर्त में पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। दुनिया भर की निगाहें इस वक्त फारस की खाड़ी [Persian Gulf] पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इस समझौते के खत्म होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव और अधिक गहराने की आशंका पैदा हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की सप्लाई पर भी बड़ा संकट आ सकता है।शांति समझौते की विफलता और युद्ध रोकने के प्रयास फेलकुछ समय पहले जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं के बाद इस विशेष डील को अमली जामा पहनाया गया था, तो यह उम्मीद जताई जा रही थी कि हॉर्मोझ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी और दोनों देशों के बीच किसी भी संभावित महायुद्ध को टाला जा सकेगा। लेकिन पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि यह डील केवल कागजी साबित हुई है। ज़मीनी स्तर पर ईरान के सैन्य अभियानों, प्रॉक्सी संगठनों की गतिविधियों और अमेरिकी नौसेना की तैनाती के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही चला गया। कूटनीतिक मोर्चे पर दोनों देश एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज यह डील बिना किसी ठोस और स्थायी शांति परिणाम के अपने दम तोड़ते हुए आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई है।वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर मंडराता सायाहॉर्मोझ संकट का सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। दुनिया का कुल कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी हॉर्मोझ स्ट्रेट के रास्ते से समुद्री जहाजों के जरिए दुनिया भर के बाजारों में सप्लाई किया जाता है। अमेरिका और ईरान के बीच आज डील खत्म होने और तनाव बढ़ने की स्थिति में तेल टैंकरों की आवाजाही पर गंभीर पाबंदियां लग सकती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल [Crude Oil Prices] की कीमतों में भारी उछाल आने की पूरी संभावना है। यदि हालात युद्ध जैसे बनते हैं, तो वैश्विक स्तर पर महंगाई एक बार फिर विकराल रूप धारण कर सकती है, जिसका सीधा असर भारत समेत विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर देखने को मिलेगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल दो देशों का नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक ट्रेड चेन के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।दोनों देशों की सैन्य तैयारियां और कूटनीतिक गतिरोधइस समझौते के खत्म होने के मुहाने पर खड़े होकर दोनों ही देश अपनी-अपनी सैन्य ताकतों को और अधिक मजबूत करने में जुटे हुए हैं। पेंटगन [Pentagon] और अमेरिकी रक्षा मुख्यालय की ओर से फारस की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोतों और अत्याधुनिक सैन्य विमानों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। दूसरी तरफ, ईरान ने भी अपनी नौसेना और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रख दिया है, जिससे इस क्षेत्र में सैन्य टकराव की संभावना अपने चरम पर पहुंच गई है। कूटनीतिक चैनल इस वक्त लगभग बंद होने की कगार पर हैं और दोनों पक्षों की तरफ से बयानबाजी का दौर तेज हो चुका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र [United Nations] के सामने यह एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है कि वे कैसे इस क्षेत्र को एक और भयानक युद्ध की विभीषिका से बचाएं।आने वाला समय और भू-राजनीतिक भविष्य की अनिश्चितताआज जब ईरान और अमेरिका के बीच की यह डील आधिकारिक रूप से समाप्त हो रही है, तो मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह से अनिश्चितताओं के भंवर में फंस गया है। दुनिया भर के देश और कूटनीतिक विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों ने संयम नहीं बरता, तो यह छोटा क्षेत्रीय विवाद एक बड़े वैश्विक युद्ध में भी बदल सकता है। कूटनीति के मोर्चे पर असफल साबित हुई यह डील इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि जब तक दोनों देश आपसी अविश्वास और भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को छोड़कर किसी वास्तविक और न्यायसंगत समाधान की तरफ नहीं बढ़ते, तब तक हॉर्मोझ जलडमरूमध्य और खाड़ी देशों की शांति केवल एक सपना ही बनकर रह जाएगी।
लिंकन स्ट्राइक ग्रुप की मदद के लिए निकला अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS वाशिंगटन खुद हुआ बीमार
दुनिया की सबसे ताकतवर और अत्याधुनिक सैन्य ताकत होने का दावा करने वाली अमेरिकी नौसेना (United States Navy) के भीतर से एक ऐसी शर्मनाक और हैरान करने वाली हकीकत सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक तरफ जहां अमेरिकी युद्धपोत [USS Washington] को समंदर में किसी बड़े मिशन पर तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) को राहत और सहायता पहुंचाने के लिए रवाना किया गया था, वहीं खुद यह युद्धपोत तकनीकी और प्रशासनिक बदहाली के कारण गंभीर संकट में घिर गया है। इस युद्धपोत के अंदर की जो तस्वीरें और रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उन्होंने नौसेना के भीतर मचे आंतरिक हाहाकार को उजागर कर दिया है। पोत पर तैनात सैनिकों, विशेषकर महिला नौसैनिकों को जिन अमानवीय और दयनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, उसने अमेरिकी सैन्य प्रबंधन [Military Management] की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।टॉयलेट और स्वच्छता के बदतर हालात से सैनिक परेशानUSS वाशिंगटन जैसे विशाल और आधुनिक युद्धपोत पर बुनियादी सुविधाओं का इस हद तक लावारिस हाल होना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। पोत पर तैनात क्रू मेंबर्स और अधिकारियों के अनुसार, जहाज के अंदर बने अधिकांश टॉयलेट और सैनिटेशन सिस्टम पिछले काफी समय से पूरी तरह से खराब या जाम पड़े हैं। सीवर लाइन और प्लंबिंग फेल होने के कारण पोत के भीतर असहनीय बदबू और अस्वच्छ माहौल बन चुका है, जिससे सैनिकों के लिए एक-एक दिन काटना मुश्किल हो गया है। समंदर की बीच लहरों के बीच लंबे अभियानों पर रहने वाले नौसैनिकों के लिए साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता सबसे पहली जरूरत होती है, लेकिन जब युद्धपोत के टॉयलेट ही काम करना बंद कर दें, तो सैनिकों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों चरमराने लगता है। प्रशासनिक लापरवाही की यह पराकाष्ठा है कि महासागर की गहराइयों में गश्त लगाने वाले इन जांबाज सैनिकों को बुनियादी मानवीय जरूरतों के लिए भी भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।महिला सैनिकों के सामने विकराल संकट और सैनिटरी पैड तक की कमीइस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक और शर्मनाक पहलू यह है कि युद्धपोत पर तैनात महिला सैनिकों (Female Sailors) को अपनी बुनियादी स्वास्थ्य और स्वच्छता जरूरतों के लिए भी भारी अपमान और संकट का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्धपोत पर एमरजेंसी मेडिकल सप्लीमेंट्स और आवश्यक सैनिटरी प्रोडक्ट्स [Sanitary Pads] का भारी अकाल पड़ चुका है, जिसके चलते महिला सैनिकों को पीरियड्स के दौरान गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिस देश की सेना दुनिया भर में मानवाधिकारों और महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े उपदेश देती है, उसी देश के युद्धपोत पर सेवारत महिला नौसैनिकों को बुनियादी सैनिटरी पैड जैसी सामान्य वस्तुएं तक उपलब्ध न करा पाना रक्षा मंत्रालय और नौसेना कमान की बड़ी विफलता को दर्शाता है। महिला सैनिकों ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है कि एक तरफ उन्हें पुरुषों के बराबर युद्धक मोर्चों पर तैनात किया जाता है, लेकिन जब मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की बात आती है, तो उन्हें पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।तकनीकी खराबी और लॉजिस्टिक्स की भयंकर विफलताअमेरिकी नौसेना के इन युद्धपोतों के संचालन के पीछे अरबों-खरबों डॉलर का बजट होता है, इसके बावजूद इस तरह की रसद और तकनीकी विफलताएं [Logistics Failures] यह साबित करती हैं कि जमीनी स्तर पर प्रबंधन कितना खोखला हो चुका है। USS वाशिंगटन जब लिंकन स्ट्राइक ग्रुप की मदद के लिए निकला था, तो उम्मीद यह की जा रही थी कि यह पोत युद्ध के मोर्चों पर एक मजबूत बैकअप साबित होगा, लेकिन खुद अपने ही आंतरिक रख-रखाव के मोर्चे पर यह पोत चित्कार उठा। जहाजों के इंजनों की तकनीकी समस्याओं के साथ-साथ समय पर स्पेयर पार्ट्स और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति न होना इस बात का प्रमाण है कि रक्षा आपूर्ति श्रृंखला (Defense Supply Chain) में गंभीर खामियां आ चुकी हैं। नौसेना अधिकारियों द्वारा इस मामले को दबाने और छिपाने के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन जब पीड़ित सैनिकों ने अपनी आपबीती मीडिया और मानवाधिकार मंचों तक पहुंचाई, तो पोल खुल गई।अमेरिकी सेना की साख को बट्टा और जवाबदेही की मांगइस सनसनीखेज खुलासे के बाद अमेरिका के रक्षा विभाग [Pentagon] और नौसेना मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। रक्षा विशेषज्ञों और सांसदों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस स्तर पर इतनी बड़ी लापरवाही बरती गई जिसके कारण देश की रक्षा करने वाले सैनिक खुद नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हुए। युद्धपोत पर तैनात सैनिकों के परिवारों में भी भारी रोष व्याप्त है, जो यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या सरकार सैनिकों की जान और उनकी गरिमा के साथ इसी तरह खिलवाड़ करती रहेगी। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में तीखी बहस होने की पूरी संभावना है, क्योंकि इस घटना ने दुनिया के सबसे बड़े सुपरपॉवर की सैन्य तैयारियों के खोखलेपन को सबके सामने बेनकाब कर दिया है।
Iran अमेरिकी सैनिकों को मारने पकड़ने पर 28 लाख मिलेगा इनाम, महिला ने किया ये काम तो दोगुनी होगी कीमत
इंटरनेट डेस्क । ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को मारने को लेकर नया फरमान जारी किया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो ईरान ने रविवार को घोषणा की है कि अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने के लिए 30 हजार डॉलर के बराबर का इनाम दिया जाएगा। साथ ही कहा है कि अगर यह कोई महिला करती है, तो इनाम दोगुना मिलेगा। मीडिया रिपोटर्स की माने तो तेहरान ने यह घोषणा तब की है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध का अंतिम छोर फिलहाल नजर आ नहीं रहा है, हॉर्मुज पर दोनों देशों में तनातनी बनी हुई है। ईरान की सरकारी एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि देश के सेना चीफ अमीर हातमी ने कहा है कि यह योजना फाइनेंशियल हेल्प में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में अनुरोधों को बाद बनाई गई थी। हातमी ने कहा है कि जो कोई भी हमलावर अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है, पकड़कर सौंपता है, उसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना 30 हजार डॉलर या 5 बिलियन टोमन के बराबर इनाम मिलेगा। टोमन ईरान की 10 हजार रियाल के बराबर एक अनौपचारिक इकाई है। इसके अलावा अगर यह काम कोई महिला करती है, तो उसे इनाम दोगुना दिया जाएगा। pc- www.cbsnews.com
ट्रंप सरकार ने भारत के जश्नदीप सिंह को अमेरिका से निकाला, यौन अपराध से लेकर चोरी तक के आरोप
अमेरिका ने जश्नदीप सिंह के साथ चार और लोगों को देश से बाहर किया. जश्नदीप उसे किस देश भेजा गया, यह भी नहीं बताया गया है.
इजरायल-अमेरिका से खतरा? जानें होर्मुज में फिर क्यों अटकी ईरान-ओमान की डील
ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होर्मुज के रास्ते अस्थायी समुद्री ट्रांजिट रूट बनाने की कोशिश फिलहाल सुरक्षा चिंताओं की वजह से अटक गई है. दोनों देश साझा बयान और आपसी हितों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित व्यवस्था पर तेजी से बातचीत कर रहे हैं.
न्यूयॉर्क में फिर लहराया तिरंगे का गौरव! Empire State Building पर दिखा भारत का रंग, FIA ने मनाया भारत-अमेरिका रिश्तों का जश्न
US-Iran Nuclear War Allegation: रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी भारी तनातनी के बीच अमेरिका के राजनीतिक गलियारों से आई एक खबर ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। पूर्व अमेरिकी कांग्रेसवुमन मार्जोरी टेलर ग्रीन ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन के उच्च अधिकारी ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की रणनीति पर सीक्रेट बैठकें कर रहे हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रविवार (16 अगस्त 2026) को किए गए इस दावे के बाद कूटनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। आइए जानते हैं कि पूर्व महिला सांसद ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं और इस पूरे विवाद की सच्चाई क्या है।'यह कोई अटकलबाजी नहीं, सच में चल रही है मीटिंग'पूर्व अमेरिकी सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि व्हाइट हाउस में वरिष्ठ अधिकारी ईरान पर परमाणु हमला करने की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।ग्रीन ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'वे रणनीति बैठकों में ईरान पर परमाणु हथियारों का उपयोग करने पर चर्चा कर रहे हैं। हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। यह सच है। मैं कोई अटकलबाजी नहीं लगा रही, मुझे पता है। और यह विशुद्ध पाप है।'उन्होंने दुनिया को चेताते हुए याद दिलाया कि आखिरी बार 6 और 9 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था। अगर ऐसा कदम उठाया गया, तो यह भीषण वैश्विक तबाही लेकर आएगा।इंटेलिजेंस रिपोर्ट की अनदेखी और इजराइल का दबाव?मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उनके मुताबिक, अमेरिकी खुफिया आकलन से संकेत मिलता है कि ईरान तुरंत परमाणु हथियार बनाने की कगार पर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इस रिपोर्ट को खारिज कर रहा है।ग्रीन का दावा है कि वाशिंगटन अपनी खुफिया एजेंसियों के बजाय इजराइल से मिलने वाली चेतावनियों के प्रभाव में आकर रणनीतिक फैसले ले रहा है। उन्होंने ट्रंप के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए लिखा कि ट्रंप ने विदेशों में कोई नया युद्ध न शुरू करने का वादा किया था, लेकिन यह कदम दुनिया को एक बड़े वैश्विक युद्ध में झोंक सकता है।दावों में कितनी सच्चाई? व्हाइट हाउस और डिफेंस का रुखपूर्व सांसद के इन सनसनीखेज दावों के बाद कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं:कोई सबूत नहीं: मार्जोरी टेलर ग्रीन ने अपने इस दावे के समर्थन में न तो कोई दस्तावेज पेश किए हैं और न ही उन अधिकारियों के नामों का खुलासा किया है जो इन बैठकों में शामिल हैं।व्हाइट हाउस की चुप्पी: अमेरिकी प्रशासन या रक्षा विभाग की ओर से इन दावों पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।नीति में बदलाव का प्रमाण नहीं: अमेरिकी सरकार या सैन्य अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई सार्वजनिक संकेत नहीं मिला है कि वाशिंगटन ने अपनी परमाणु नीति बदली है या वह ईरान के खिलाफ परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है।अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?मार्जोरी टेलर ग्रीन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनातनी चरम पर है। अमेरिका फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों पर दबाव बनाए हुए है, जिसका ईरान लगातार विरोध कर रहा है।ईरानी सेना प्रमुख अमीर हतामी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले के लिए इनाम की घोषणा की है, जिससे दोनों देशों की बयानबाजी और तीखी हो गई है। जून 2025 में ईरानी परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद से ही ग्रीन ट्रंप की विदेश नीति का विरोध करती रही हैं। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही कूटनीतिक बातचीत बेनतीजा साबित हुई है।वैसे मार्जोरी टेलर ग्रीन के इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ये दावे असत्यापित हैं। हालांकि, एक पूर्व वरिष्ठ राजनेता द्वारा ऐसा बयान आना यह स्पष्ट संकेत देता है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी किस बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
अमेरिका ने लगातार तीसरी बार अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप में जगह पक्की की
अमेरिका ने केमैन आइलैंड्स में हुए अमेरिका क्वालीफायर 2026 में शानदार जीत हासिल करके आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी बार अपनी जगह पक्की कर ली है। सीनियर इंटरनेशनल खिलाड़ी और अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप 2025 टीम की सदस्य चेतना पगिड्याला की कप्तानी में अमेरिका ने अपने सभी छह मैच जीतकर बेहतरीन प्रदर्शन किया अमेरिका की टीम दूसरे स्थान पर रही और उन्होंने कनाडा से छह अंक ज्यादा आर्जित किए। अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप 2027 का आयोजन बांग्लादेश और नेपाल की संयुक्त मेजबानी में होना है। भारत इस प्रतियोगिता के दोनों पिछले संस्करण जीतकर डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर इसमें उतरेगा। अमेरिका ने वेस्ट बे के जिमी पॉवेल ओवल में पहले ही दिन कनाडा पर 8 विकेट से जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर अमेरिका ने कनाडा को सिर्फ 65 रनों के स्कोर पर रोका। टीम की तरफ से महक देसाई और सान्वी इम्मादी ने तीन-तीन विकेट चटकाए। इसके बाद अमेरिका ने 11 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने कनाडा के खिलाफ दूसरी जीत के साथ क्लीन स्वीप किया और साथ ही अर्जेंटीना और 'नेक्स्टजेन इलेवन' (एक क्षेत्रीय मिली-जुली टीम) के खिलाफ भी जीत हासिल की। ऑलराउंडर महक देसाई इस प्रतियोगिता की सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनकर उभरीं। उन्होंने सबसे ज्यादा 16 विकेट लिए और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता। अमेरिका ने वेस्ट बे के जिमी पॉवेल ओवल में पहले ही दिन कनाडा पर 8 विकेट से जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर अमेरिका ने कनाडा को सिर्फ 65 रनों के स्कोर पर रोका। टीम की तरफ से महक देसाई और सान्वी इम्मादी ने तीन-तीन विकेट चटकाए। इसके बाद अमेरिका ने 11 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। Also Read: LIVE Cricket Score चेतना पगिड्याला की कप्तानी में अमेरिका की टीम साल 2025 में किए गए शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेगी। पिछली बार अमेरिका ने सुपर सिक्स चरण तक जगह बनाई थी और मजबूत न्यूजीलैंड टीम को भी कड़ी चुनौती दी थी। हालांकि, न्यूज़ीलैंड को सिर्फ 97 रन पर रोकने के बावजूद अमेरिका को 18 रन से हार का सामना करना पड़ा था। Article Source: IANS
अमेरिका के पुराने दोस्तों के बीच क्यों आई दरार?
राष्ट्रपति ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का असर अब अमेरिका के पुराने सहयोगी देशों के साथ रिश्तों पर भी दिखने लगा है. दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास, कनाडा के साथ टैरिफ, फ्रांस से विदेश नीति और इजरायल-ब्रिटेन के साथ ईरान व यूक्रेन जैसे मुद्दों पर मतभेद बढ़े हैं. आखिर क्यों अपने ही साझेदारों से उलझ रहे हैं ट्रंप?
भूपेंद्र पटेल का अमेरिका-कनाडा दौरा आज से, 25 साल बाद गुजरात CM की US यात्रा; जानिए क्या है मकसद
गुजरात में नो रिपीट थ्योरी के तहत जिम्मेदारी संभालने के बाद सितंबर में अपने सफल 5 साल पूरे कर रहे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहे हैं। वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके ...
सुलह के लिए ईरान के सबसे ताकतवर गुट से अमेरिका ने की थी चुपके से बात! लेकिन ट्रंप का प्लान B भी फेल
US Iran War: आखिर अमेरिका ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी को चुना को इस सीक्रेट बैकचैनल बातचीत के लिए मीडिएटर के तौर पर क्यों चुना?
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ट्रंप ने खोला राज! सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान की दोस्ती से अमेरिका क्यों खुश?
ट्रंप के बयान से यह संकेत मिला कि वॉशिंगटन फिलहाल इस उभरते सुरक्षा ढांचे को अपने खिलाफ नहीं मान रहा. समझौते में सामूहिक रक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास, खुफिया सहयोग और आगे दूसरे देशों, खासकर मिस्र, के जुड़ने की संभावना ने क्षेत्रीय राजनीति की बहस को और तेज कर दिया है.
अमेरिका के साथ शांति समझौता 'सम्मान और ताकत' के साथ आगे बढ़ा : ईरानी राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा बताए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ हालिया शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) 'सम्मान' और 'ताकत' के साथ किया है।
अमेरिकी सैनिक को मारने वाले को मिलेगा ₹28 लाख महिला ने किया तो रकम दोगुनी, ईरान ने किया विवादित एलान
अमेरिकी सैनिक को मारने वाले को मिलेगा ₹28 लाख महिला ने किया तो रकम दोगुनी, ईरान ने किया विवादित एलान
इंडियंस के मुकाबले अमेरिकन कॉन्फिडेंट क्यों? भारतीय ने बताई वजह
इंडियंस के मुकाबले अमेरिकन इतने कॉन्फिडेंट क्यों होते हैं? भारतीय महिला ने बताई वजह. ऑफिस मीटिंग में जहां भारतीय अपनी बात रखने से झिझकते हैं, वहीं अमेरिकन बिना पूरी तरह आश्वस्त हुए भी अपनी राय खुलकर रखते हैं.
अमेरिका के साथ शांति समझौता ‘सम्मान और ताकत’ के साथ आगे बढ़ा : ईरानी राष्ट्रपति
तेहरान, 17 अगस्त . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा बताए गए सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ हालिया शांति समझौता ज्ञापन (एमओयू) ‘सम्मान’ और ‘ताकत’ के साथ किया है. मसूद पेजेश्कियन ने Sunday को शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजेमी की मौजूदगी में ... Read more
धरती पर मौसम का चक्र पूरी तरह से बेपटरी हो चुका है और दुनिया के कई शक्तिशाली मुल्क प्रकृति के रौद्र रूप के आगे घुटने टेकने को मजबूर हैं। चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, फिलीपींस, भारत, ब्राजील और चिली समेत दुनिया के 10 से अधिक देशों में मूसलाधार बारिश, चक्रवाती तूफानों और बादल फटने की घटनाओं ने ऐतिहासिक तबाही मचा रखी है। आधुनिक बुनियादी ढांचे वाले बड़े-बड़े महानगर कंक्रीट के समंदर में तब्दील हो चुके हैं। सड़कों पर सैलाब का बहाव इतना तेज है कि बहुमंजिला इमारतों के बाहर खड़ी गाड़ियां, बसें और भारी कंटेनर तिनके की तरह बहते नजर आ रहे हैं। करोड़ों लोग जलभराव, बिजली गुल और बुनियादी सुविधाओं के ठप होने से घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं।चीन में 'डॉलफिन' तूफान से हाहाकार, 10 लाख से अधिक लोग विस्थापितएशिया के सबसे बड़े देश चीन में शक्तिशाली समुद्री तूफान 'डॉलफिन' (Typhoon Dolphin) और लगातार हो रही बारिश ने दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पूर्वी झेजियांग, हुबेई, हेनान और राजधानी बीजिंग के बाहरी इलाकों में सैलाब की ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि सरकार को रेड अलर्ट जारी कर 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना पड़ा। शंघाई और हांगझोउ जैसे वैश्विक व्यापारिक केंद्रों में सबवे, रेलवे और 1300 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। नदियां खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बह रही हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र और विशाल रिहायशी इलाके कई फीट पानी में डूबे हुए हैं।अमेरिका और जापान में आसमान से बरसी 'जल-प्रलय'दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका के पूर्वी राज्यों और तटीय इलाकों में अचानक आई फ्लैश फ्लड (Flash Floods) ने भारी तबाही मचाई है। भारी वर्षा के कारण हाईवे नदियों में बदल गए और दर्जनों अंडरपास पानी से लबालब भर गए, जिससे सैकड़ों वाहन जलमग्न हो गए। वहीं जापान के तोक्यो और चिबा प्रान्त में बादल फटने जैसी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चिबा में मात्र एक घंटे के भीतर 11.5 सेंटीमीटर से अधिक रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई, जिससे रेलवे ट्रैक और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक पानी में डूब गए और हजारों लोग स्टेशनों पर फंस गए।दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका में भी प्रकृति का विकराल रूपभारत के उत्तरी राज्यों में सक्रिय मानसून के चलते गंगा, यमुना और घाघरा जैसी नदियां उफान पर हैं, जिससे यूपी, बिहार और उत्तराखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पड़ोसी देश फिलीपींस में तूफानी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में कई घर जमींदोज हो गए। उधर लैटिन अमेरिकी देशों—ब्राजील और चिली में भी भारी बारिश और नदियों के टूटे तटबंधों ने भारी जन-धन की हानि पहुंचाई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, वैश्विक तापमान (ग्लोबल वॉर्मिंग) में अभूतपूर्व बढ़ोतरी के कारण वायुमंडल में नमी धारण करने की क्षमता बढ़ गई है, जिससे एक ही समय में कई महाद्वीपों पर चरम मौसम घटनाएं (Extreme Weather Events) घट रही हैं। इंसान की तमाम तकनीकी तरक्की के बावजूद प्रकृति का यह उग्र रूप यह साबित कर रहा है कि जलवायु संकट अब भविष्य का खतरा नहीं, बल्कि वर्तमान की भयावह हकीकत बन चुका है।
अमेरिका के साथ शांति समझौता 'सम्मान और ताकत' के साथ आगे बढ़ा : ईरानी राष्ट्रपति
अमेरिका के साथ शांति समझौता 'सम्मान और ताकत' के साथ आगे बढ़ा : ईरानी राष्ट्रपति
दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास काफी हद तक सीमित करेगा अमेरिका, ट्रंप ने दिया पेंटागन को निर्देश
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ये बातें तब कहीं जब सियोल और वाशिंगटन इस सप्ताह अपना सालाना उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास शुरू करने वाले हैं, प्योंगयांग लंबे समय से इसे युद्ध की तैयारी बताता रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य-पश्चिमी (Midwest) राज्यों में चक्रवाती तूफान, बवंडर (Tornadoes) और लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे गंभीर और चिंताजनक हालात इंडियाना (Indiana) राज्य में बने हुए हैं, जहां कई दिनों से जारी तूफानी सिस्टम ने ऐतिहासिक बाढ़ का रूप ले लिया है। अधिकारियों और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार, राज्य के विभिन्न काउंटीज में आई बाढ़, तेज हवाओं और पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें एक 4 वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल है।बाढ़ और तेज आंधी के कारण इंडियाना राज्य भर में बिजली के खंभे और ट्रांसमिशन लाइनें धराशायी हो गई हैं, जिससे लगभग 1,30,000 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली गुल हो गई है। इससे पहले तूफान के चरम पर रहने के दौरान मिडवेस्ट के चार राज्यों में करीब 10 लाख से अधिक उपभोक्ता बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हुए थे। Courthouse News की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इंडियानापोलिस के मेयर जो हॉगसेट ने इसे पिछले 30 से अधिक वर्षों में शहर की सबसे भयावह बाढ़ त्रासदी करार दिया है।व्हाइट रिवर में 113 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा: जलमग्न हुए सैकड़ों रिहायशी इलाकेराष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) के आंकड़ों के मुताबिक, इंडियाना के कई मध्यवर्ती क्षेत्रों में महज 48 घंटों के भीतर 11 इंच (लगभग 28 सेंटीमीटर) से अधिक की असामान्य बारिश दर्ज की गई है। अत्यधिक जलप्रवाह के कारण इंडियाना की प्रमुख जीवनरेखा कही जाने वाली व्हाइट रिवर (White River) अपने खतरे के निशान को पार कर उफान पर आ गई है।नदी का जलस्तर एंडरसन और नोबल्सविले जैसे रिहायशी इलाकों में 24 फीट (7.32 मीटर) से ऊपर पहुंच गया, जिसने वर्ष 1913 में बने 113 साल पुराने ऐतिहासिक बाढ़ रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। राजधानी इंडियानापोलिस के निचले इलाकों, विशेषकर रेवेनवुड और रिवरफ्रंट कॉलोनियों में सड़कों पर कई फीट पानी भर गया है। रिहायशी बस्तियों में पानी भरने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए कयाक, रबर की नावों और छतों का सहारा लेने को विवश हो गए हैं। मैरियन काउंटी इमरजेंसी मैनेजमेंट के अधिकारियों ने इसे जीवन में एक बार देखी जाने वाली अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा बताया है।4 साल के बच्चे समेत 6 लोगों ने गंवाई जान: जानिए मौतों का दुखद ब्योराइंडियाना स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और आपातकालीन राहत केंद्र ने पुष्टि की है कि मौतों का आंकड़ा बढ़कर छह तक पहुंच गया है। मृतकों में तीन महिलाएं, दो पुरुष और एक चार वर्षीय बालक शामिल हैं:जेनिंग्स काउंटी: दक्षिणी इंडियाना के जेनिंग्स काउंटी में तेज आंधी के दौरान एक विशालकाय पेड़ सीधे एक घर की छत को चीरते हुए बेडरूम पर गिर गया, जिससे बिस्तर पर सो रहे 4 साल के मासूम बच्चे की मौके पर ही दबकर मौत हो गई।डेलावेयर काउंटी: डेलावेयर काउंटी में मिसिसिनेवा नदी के तेज बहाव में एक 19 वर्षीय युवक मैथ्यू मोरे की डूबने से मौत हो गई। इसी काउंटी में एक अन्य दुखद घटना में 58 वर्षीय महिला स्टेफनी सैली और उनके पालतू कुत्ते का शव मक्के के खेत में पानी के बीच मिला; माना जा रहा है कि उनकी कार बाढ़ के तेज पानी में बह गई थी।लेक, पोर्टर और लापोर्टे काउंटी: उत्तरी इंडियाना के लेक, पोर्टर और लापोर्टे काउंटीज में भी तूफानी पानी में फंसने और मलबे की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।रेस्क्यू बोट्स से सुरक्षित निकाले गए सैकड़ों लोग: राहत और पुनर्वास कार्य जारीजलस्तर के चरम पर पहुंचने के बाद इंडियानापोलिस अग्निशमन विभाग (IFD), राष्ट्रीय गार्ड और स्थानीय बचाव दलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, आपातकालीन दलों ने बोट्स और हेलीकॉप्टर्स की मदद से 95 से अधिक फंसे हुए नागरिकों और 45 पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।डेलावेयर काउंटी में 350 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है, जबकि टिप्टन काउंटी में वरिष्ठ नागरिकों के एक मोबाइल होम कम्युनिटी को पूरी तरह खाली कराया गया है। विस्थापित लोगों के ठहरने और भोजन के लिए शहर भर में दर्जनों इमरजेंसी शेल्टर्स सक्रिय कर दिए गए हैं।गवर्नर माइक ब्रॉन की अपील पर राष्ट्रपति ने दी संघीय आपातकाल को मंजूरीप्राकृतिक आपदा के पैमाने को देखते हुए इंडियाना के गवर्नर माइक ब्रॉन ने संघीय सरकार से आपातकालीन घोषणा का औपचारिक अनुरोध किया था। गवर्नर ब्रॉन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा राज्य के अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया गया है, जिससे फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) के राहत फंड और संघीय संसाधनों की मदद का रास्ता साफ हो गया है। फेमा की टीमें राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, पुलों के निरीक्षण और पीड़ितों को वित्तीय सहायता पहुंचाने के काम में जुट गई हैं।इलिनोइस, ओहायो और केंटकी में भी मौसम का तांडव: कई राज्यों में हाई अलर्टइंडियाना के अलावा इस चक्रवाती मौसमी तंत्र का प्रभाव मिडवेस्ट के अन्य राज्यों—इलिनोइस, ओहायो और केंटकी—में भी बड़े पैमाने पर महसूस किया गया है। ओहायो के रोजविले में भी बाढ़ के पानी में फंसने से एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पूरे क्षेत्र में सैकड़ों सड़कें बह गई हैं और कई महत्वपूर्ण पुलों को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया है।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भले ही प्रमुख नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे स्थिर होने लगा है, लेकिन दलदली मिट्टी और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अगले कुछ दिनों तक भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बना रहेगा, इसलिए नागरिकों को उफनते जलस्रोतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।ग्राउंड पर बाढ़ की विभीषिका, रेस्क्यू ऑपरेशंस और आधिकारिक पुष्टि से जुड़े ताजा विजुअल्स देखने के लिए The Daily Jagran Indiana flood report का यह वीडियो बुलेटिन अत्यंत प्रासंगिक है, जो इंडियाना में आई इस ऐतिहासिक बाढ़ के दृश्यों और राहत कार्यों की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है।
अमेरिका-साउथ कोरिया रिश्तों में खटास? ट्रंप ने सैन्य अभ्यास घटाने का दिया आदेश, जाने क्या है पूरा मामला
अमेरिका में बाढ़-तूफान से 6 लोगों की मौत, देखें US TOP-10
अमेरिका के इंडियाना में आए तेज तूफान-बाढ़ से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है. राज्य के गवर्नर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की. ट्रंप ने इंडियाना की ओर से मांगी गई राष्ट्रपति आपातकाली घोषणा को मंजूरी देने की बात कही है जिससे राज्य को संघीय मदद मिल सकेगी.
दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास ‘काफी हद तक सीमित’ करेगा अमेरिका, ट्रंप ने दिया पेंटागन को निर्देश
वॉशिंगटन, 17 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने Sunday (स्थानीय समय) को कहा कि उन्होंने पेंटागन प्रमुख को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को “काफी हद तक” कम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि ये अभ्यास न केवल “खर्चीले” हैं, बल्कि उत्तर कोरिया को पूरी तरह से अनुचित और ... Read more
Iran-US War News Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। खास बात यह है कि अगर यह कार्रवाई किसी ईरानी महिला द्वारा की जाती है, तो उसे इनाम की रकम दोगुनी दी जाएगी।ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने इस इनाम की घोषणा की है। हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई कहां और कब की जानी है।अमेरिकी सैनिक को पकड़ने पर भी मिलेगा इनामहातमी ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी आक्रमणकारी अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपता है, उसे 30 हजार डॉलर या 5 अरब तोमान का इनाम दिया जाएगा। ईरान में तोमान एक अनौपचारिक करेंसी है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर रियाल के साथ किया जाता है। ईरानी सेना प्रमुख ने इसके साथ ही महिलाओं के लिए अलग घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई बहादुर ईरानी महिला ऐसी कार्रवाई करती है, तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा।अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनीइनाम की घोषणा के साथ ही हातमी ने अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एवं राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, संघर्ष के दौरान ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती नहींरिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एक बड़े बचाव अभियान के दौरान करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 170 से अधिक विमान शामिल हुए थे। इस अभियान का उद्देश्य हादसे का शिकार हुए F-15 के वेपन सिस्टम ऑफिसर को सुरक्षित निकालना था। इसके अलावा ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इनाम की घोषणा का ऐलान खास तौर पर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष?अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रही। बाद में अप्रैल में संघर्ष विराम हुआ। इसके बाद जून में शांति वार्ता के लिए एक संभावित ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और प्रयास विफल हो गया।इसके बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट सैन्य हमले जारी रहे हैं। खासकर दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव देखने को मिला है। हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान सामने नहीं आया है।संघर्ष में 17 अमेरिकी जवानों की मौतUS मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। इनमें सबसे हालिया मौतों की जानकारी जुलाई में सामने आई थी।बड़ी बात यह है कि इन सभी अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ईरान के बाहर हुई। इनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।ये भी पढ़ें- Vande Mataram Row: वंदे मातरम विवाद पर सोनिया गांधी की बढ़ी मुश्किलें! BJP ने दर्ज कराई शिकायत, राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोपईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ राजनयिक स्तर पर भी गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में इस ऐलान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, ईरान के इस घोषणा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पलटवार का इंतजार है।
Ankita Dhyani ने अमेरिका में 1500m दौड़ 4:06.75 समय में पूरी कर जीता दूसरा स्थान
भारत की मध्यम एवं लंबी दूरी की धाविका अंकिता ध्यानी ने अमेरिका में आयोजित ‘स्टम्पटाउन ट्वाइलाइट’ प्रतियोगिता में महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चौबीस वर्षीय अंकिता ने शनिवार को विश्व एथलेटिक्स ‘कॉन्टिनेंटल टूर’ चैलेंजर स्तर (कैटेगरी-डी) की इस प्रतियोगिता में चार मिनट 06.75 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने अपने पिछले व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में पांच सेकंड से अधिक का सुधार किया। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ समय चार मिनट 12.28 सेकंड था। अंकिता का यह प्रदर्शन इस सत्र में 1500 मीटर में किसी भारतीय का सबसे तेज समय है। यह एशिया में इस सत्र का तीसरा सबसे तेज समय है। भारतीय धाविकाओं में यह अब तक का चौथा सबसे तेज प्रदर्शन भी है। इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड केएम दीक्षा के नाम है, जिन्होंने चार मिनट 04.78 सेकंड का समय दर्ज किया है। इक्वाडोर की कारमेन एल्डर कैसालिटिन ने चार मिनट 06.40 सेकंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अमेरिका की एलेनोर फुल्टन 4:09.36 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। अंकिता ने 2023 एशियाई चैंपियनशिप में 5000 मीटर में कांस्य पदक और 2024 एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में 3000 मीटर में रजत पदक जीता था। वह 2022 एशियाई खेलों और 2024 पेरिस ओलंपिक में भी 5000 मीटर दौड़ में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
Iran: अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर कितने रुपये दे रही ईरान सरकार? महिलाओं को दोगुना पैसे देने का एलान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भारी मांग के बीच दुनिया भर में मेमोरी चिप्स का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस बीच ट्रंप प्रशासन ने दिग्गज टेक कंपनी एपल पर चीनी मेमोरी चिप्स से दूर रहने का दबाव बढ़ा दिया है। जानिए इस खींचतान का असर क्या होगा।
अमेरिका में मौसम की दोहरी मार: इंडियाना में बाढ़ से छह की मौत, हवाई में हेरिकेन तूफान लाला के कहर से बिजली ठप
अमेरिकी सैनिक को मारने पर ₹2863515 रुपये, महिला को डबल; ईरान ने किया ऐलान
अमेरिका संग जारी तनाव के बीच ईरानी सेना ने विवादित और बड़ा ऐलान किया है। कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने वाले लोगों के लिए 30 हजार डॉलर इनाम दिया जाएगा। अगर कोई महिला अमेरिकी सैनिक को पकड़ती या मारती है, तो उसे दोगुना इनाम मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, उनके 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत और निस्वार्थ राजनीति को याद किया। उन्होंने कारगिल युद्ध, अनुच्छेद 370 और आपातकाल में अटल जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के उदाहरणों पर प्रकाश डाला।
ईरान की इकॉनमी पर ट्रंप की धमकी का क्या मतलब? समझिए अमेरिका की रणनीति
Iran America Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर अब तक का सबसे अधिक वार करने का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तेहरान को अब पहले से कहीं ज्यादा गंभीर आर्थिक दबाव झेलना पड़ेगा।
बिहार ने अमेरिका,इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन को पीछे छोड़ दिया; CEC ज्ञानेश कुमार ने क्यों जताया आभार?
ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने आये हैं। मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देश भर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था।
ट्रंप ने अमेरिकियों को दी महंगे तेल की चेतावनी; ईरान बोला- शर्तें मानो तभी खुलेगा होर्मुज
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान की उन शर्तों से नाराज हैं, जिनके तहत तेहरान होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने से पहले अमेरिका से कई रियायतें चाहता है। ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों की परिस्थितियों को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कई समस्याओं का उल्लेख किया गया है। इनमें भोजन की कमी, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री की कमी और शौचालय तथा पानी की व्यवस्था में परेशानियां शामिल हैं।
Satyanand Stokes Jayanti: जानिए सत्यानंद स्टोक्स कौन थे और कैसे अमेरिका से हिमाचल आकर उन्होंने 1916 में सेब की खेती को बढ़ावा दिया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Anthropic के CEO डारियो अमोडेई एक जाना-पहचाना नाम हैं। लेकिन उनकी पत्नी कैमी क्लार्क की कहानी कहीं ज्यादा दिलचस्प है। कहा जाता है कि किसी समय में उन्होंने महिलाओं के लिए एक एडल्ट-कंटेंट स्टार्टअप खड़ा करने की कोशिश, फिर जेफरी एप्स्टीन से निवेश की बातचीत, उसके बाद सिलिकॉन वैली के बड़े नामों से करीबी और आज AI की दुनिया के सबसे चर्चित लोगों में से एक के साथ पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका, इससे साफ़ जाहिर होता है कि क्लार्क का करियर किसी सीधे रास्ते पर नहीं चला। हाल ही में जारी अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने उनके अतीत के उस हिस्से को फिर चर्चा में ला दिया है, जो लंबे समय से सार्वजनिक नजरों से लगभग गायब रहा था। अमेरिकी न्याय विभाग ने एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेजों का एक बड़ा संग्रह सार्वजनिक किया है, हालांकि ऐसे दस्तावेजों में किसी व्यक्ति का नाम या संपर्क सामने आना अपने आप में किसी अपराध में शामिल होने का सबूत नहीं माना जा सकता। कहानी करीब 15 साल पीछे जाती है। साल था 2011 जब कैमी क्लार्क और उनकी बिजनेस पार्टनर मिशेल कैपोसेफालो ने महिलाओं को ध्यान में रखकर एक एडल्ट-एंटरटेनमेंट कंपनी शुरू करने की कोशिश की। कंपनी का नाम Eddice था और इसे दोनों ने महिलाओं के लिए एक अलग तरह की, ‘सेक्स-पॉजिटिव’ पोर्न कंपनी के रूप में पेश किया था। कंपनी को शुरू करने के लिए करीब 3.5 लाख डॉलर की फंडिंग चाहिए थी। इसी सिलसिले में साहित्यिक एजेंट जॉन ब्रॉकमैन ने दोनों महिलाओं की मुलाकात जेफरी एप्स्टीन से कराई। उस समय एप्स्टीन पहले ही यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था और एक रजिस्टर्ड सेक्स ऑफेंडर था। सरकारी दस्तावेजों में मौजूद बातचीत के मुताबिक, ब्रॉकमैन ने एप्स्टीन को दोनों महिलाओं से मिलने का सुझाव देते हुए उनके बिजनेस आइडिया का जिक्र किया था। कुछ समय बाद क्लार्क ने खुद एप्स्टीन को ईमेल किया और पुरानी मुलाकात याद दिलाते हुए अपने ‘लक्जरी पोर्न’ बिजनेस का जिक्र किया। एप्स्टीन ने भी उन्हें याद करते हुए जवाब दिया। क्लार्क ने Eddice में निवेश की संभावना पर एप्स्टीन से बात आगे बढ़ाई। लेकिन एप्स्टीन ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद क्लार्क ने बातचीत का रुख तुरंत दूसरे बिजनेस आइडिया की ओर मोड़ दिया। इस बार उनका आइडिया महिलाओं के लिए एक सोशल डाइटिंग ऐप और वेबसाइट का था। इसमें फिटनेस ट्रैकर से मिलने वाला डेटा, पोषण, मासिक धर्म चक्र, मूड और लोकेशन जैसी जानकारियों को एक जगह जोड़ने का विचार था। दिलचस्प बात यह है कि एप्स्टीन के साथ संपर्क वहीं खत्म नहीं हुआ। जारी किए गए दस्तावेजों के अनुसार, दोनों के बीच करीब दो साल तक बातचीत चलती रही। क्लार्क ने उसे एक हाउसवॉर्मिंग पार्टी में भी बुलाया और बाद में दोनों LinkedIn पर भी जुड़े। इसे भी पढ़ें: Electric Vehicle स्टार्टअप Yulu ने Series C Funding में जुटाए 9.3 करोड़, अब IPO और Fleet Expansion पर बड़ा दांव कैमी क्लार्क का शुरूआती सफर क्लार्क का जन्म 1979 में नेवादा के रेनो में हुआ था। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की और इसके बाद अलग-अलग तरह के कारोबारी प्रयोग करती रहीं। 20 साल की उम्र में उन्होंने रेनो के आर्किटेक्ट वाल्डेमार एक्लोफ III से शादी की, जो उस समय उनसे काफी बड़े थे। यह शादी करीब तीन साल चली। बाद में सैन फ्रांसिस्को में एक अपार्टमेंट से जुड़े मामले के बाद उन्होंने दिवालिया होने के लिए भी आवेदन किया। करीब 2010 में उन्होंने कैपोसेफालो के साथ Eddice की शुरुआत की। कंपनी का दावा था कि वह पारंपरिक पुरुष-केंद्रित एडल्ट इंडस्ट्री से अलग महिलाओं को केंद्र में रखकर काम करेगी। इसका स्लोगन था—‘intellectually promiscuous’। पहली चार फिल्मों के निर्माण के लिए फंड जुटाने की योजना थी, जिनमें ‘American Girl in Paris’ भी शामिल थी। फिर एंट्री हुई सिलिकॉन वैली के बड़े नामों की क्लार्क की नेटवर्किंग धीरे-धीरे उन्हें टेक इंडस्ट्री के प्रभावशाली लोगों तक ले गई। 2011 से करीब तीन साल तक वह Google के पूर्व CEO एरिक श्मिट के साथ रिश्ते में रहीं। श्मिट ने बाद में क्लार्क के महिलाओं की सेहत से जुड़े एक बिजनेस में निवेश भी किया। इसके बाद 2014 में उनकी मुलाकात डारियो अमोडेई से हुई। उस समय अमोडेई आज के AI दिग्गज नहीं थे। वह अकेडमिक फील्ड में थे और Stanford में पोस्टडॉक्टरल रिसर्च कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने Princeton से computational neuroscience में PhD की थी और बाद में Baidu और Google जैसी कंपनियों में काम किया। और यहीं से क्लार्क की कहानी AI की दुनिया से जुड़ने लगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर रोक नहीं लगाएगा नया FCRA बिल, एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने दी सफाई अमोडेई की प्रोफेशनल दुनिया में भी क्लार्क की भूमिका समय के साथ अमोडेई AI इंडस्ट्री में आगे बढ़ते गए और क्लार्क भी उनके व्यापक प्रोफेशनल नेटवर्क का हिस्सा बनती गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लार्क ने अपनी करीबी दोस्त मीरा मुराती का परिचय OpenAI के को-फाउंडर ग्रेग ब्रॉकमैन से कराया। मुराती आगे चलकर OpenAI की CTO बनीं। क्लार्क ने अमोडेई और एरिक श्मिट के बीच संपर्क बनाने में भी भूमिका निभाई। 2018 में श्मिट ने सैन फ्रांसिस्को में अमोडेई और क्लार्क के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। बाद में उन्होंने इस मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि दोनों के विचारों ने उन्हें प्रभावित किया था। OpenAI से निकलकर Anthropic तक दिसंबर 2020 में डारियो अमोडेई, उनकी बहन डेनिएला और OpenAI के पांच अन्य कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ दी। इसके पीछे कंपनी की दिशा और नियंत्रण को लेकर मतभेद बताए गए थे। इसके बाद इन लोगों ने मिलकर Anthropic की शुरुआत की। मई 2021 में Anthropic ने 12.4 करोड़ डॉलर की Series A फंडिंग जुटाई। इस निवेश दौर में एरिक श्मिट भी शामिल थे। यहीं पर क्लार्क की भूमिका को लेकर कहानी और दिलचस्प हो जाती है। फरवरी 2021 में क्लार्क ने श्मिट के सामने एक वेंचर फंड का प्रस्ताव रखा था, जिसका नाम था ‘Mother of AGI Fund’। करीब 40 पन्नों के इस प्रस्ताव में बताया गया था कि यह फंड क्लार्क की Anthropic में भागीदारी को औपचारिक रूप देने, श्मिट के निवेश को संभालने और व्यापक AGI इकोसिस्टम में निवेश करने का जरिया बन सकता है। हालांकि यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। रिपोर्ट के मुताबिक, Anthropic से जुड़े अन्य लोगों का पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। इसके कुछ समय बाद क्लार्क और अमोडेई ने इटली में शादी कर ली। क्लार्क की दिलचस्प स्थिति यही है। वह Anthropic की आधिकारिक कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन कंपनी से जुड़े लोगों के मुताबिक वह अमोडेई के लिए एक तरह की साउंडिंग बोर्ड और रणनीतिक सलाहकार की भूमिका निभाती हैं। उनकी मौजूदगी बड़े टेक और पॉलिटिकल आयोजनों में भी लगातार दिखाई देती है। इस साल नई दिल्ली में हुए एक AI सम्मेलन में जहां अधिकारियों और इंडस्ट्री लीडर्स को अपने साथ एक व्यक्ति लाने की अनुमति थी, वहां अमोडेई ने क्लार्क को साथ रखा। Wall Street Journal की पड़ताल के मुताबिक, उनके बारे में उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी को हटाने या कम करने की कोशिशें भी हुई हैं। यहां तक कि अमोडेई की Wikipedia प्रोफाइल में उनकी शादी का उल्लेख हाल तक नहीं था और अब भी उनकी पत्नी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि Claude से जब उसके CEO की पत्नी के बारे में सवाल किया गया, तो AI सिस्टम भी उनके वैवाहिक संबंध की साफ पुष्टि नहीं कर पाया। इसे भी पढ़ें: OpenAI और Anthropic के AI मॉडल ने परीक्षण के दौरान कंप्यूटर प्रणालियों में लगाई सेंध Anthropic की राजनीति में बढ़ती भूमिका के बीच क्लार्क भी चर्चा में Anthropic अब सिर्फ एक टेक कंपनी नहीं रह गई है। AI और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कंपनी की नीतियां सीधे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुकी हैं। डारियो अमोडेई ने Pentagon के साथ कुछ ऐसी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार किया था, जिनके तहत Claude के इस्तेमाल पर कंपनी की लगाई सीमाएं हटाई जातीं। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन और Anthropic के बीच तनाव बढ़ा। सरकार ने कंपनी को supply-chain risk तक घोषित किया, जबकि Anthropic ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। बाद में AI मॉडल्स पर लगाए गए कुछ अतिरिक्त प्रतिबंध हटा दिए गए। इसी राजनीतिक माहौल में क्लार्क भी अमोडेई के साथ सक्रिय नजर आती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने राजनीतिक हलकों से जुड़े लोगों से बातचीत में Anthropic के मिशन को अमेरिका की सुरक्षा से जोड़कर पेश किया है और कंपनी को उसके आलोचकों द्वारा बताए जाने वाले ‘बहुत ज्यादा woke’ संस्थान से अलग बताया है। Sun Valley में इवांका ट्रंप और जेरेड कुशनर से मुलाकात जुलाई में हुए Sun Valley सम्मेलन के दौरान भी क्लार्क काफी समय अमोडेई के साथ रहीं। इस दौरान उन्होंने इवांका ट्रंप के साथ लंच किया और जेरेड कुशनर से बातचीत की। खास बात यह है कि अमोडेई पहले कुशनर से निवेश को लेकर संपर्क कर चुके थे। यानी एक तरफ Anthropic AI की अगली पीढ़ी बनाने की दौड़ में है, दूसरी तरफ कंपनी के CEO के सबसे करीब रहने वाली एक ऐसी शख्सियत है, जिसकी अपनी कहानी टेक इंडस्ट्री के पारंपरिक रास्ते से बिल्कुल अलग रही है। एप्स्टीन से जुडी पुरानी बातचीत इसी कहानी का एक अध्याय है लेकिन नए दस्तावेजों ने उस अध्याय को फिर सामने ला दिया है और साथ ही यह सवाल भी उठाया है कि सिलिकॉन वैली की दुनिया में औपचारिक पद के बिना नेटवर्क, रिश्ते और व्यक्तिगत प्रभाव आखिर कितनी दूर तक असर डाल सकते हैं।
Indiana Flood: अमेरिका में भीषण तूफान और बाढ़ से 5 लोगों की मौत, आपातकाल लागू
अमेरिका के इंडियाना प्रांत में इस सप्ताह भीषण तूफान और बाढ़ के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंडियानापोलिस में व्हाइट नदी के किनारे स्थित इलाकों में शनिवार को जलस्तर बढ़ने के कारण बचावकर्मियों ने नौकाओं की मदद से कई लोगों को सुरक्षित निकाला। इसे भी पढ़ें: Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, 5 जिलों में 62 हजार प्रभावित प्रांत में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने शनिवार को बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंडियाना के लिए आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है और प्रांत को संघीय आपदा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इंडियानापोलिस के महापोर जो हॉगसेट ने कहा कि शहर 30 से अधिक वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। इंडियानापोलिस अग्निशमन विभाग की प्रवक्ता रीटा रीथ ने बताया कि शनिवार तक 95 लोगों और 45 पालतू जानवरों को बचाया गया तथा आपात सेवा केंद्र को दिनभर में मदद के लिए सैकड़ों फोन आए। गवर्नर कार्यालय ने बताया कि डेलावेयर काउंटी में 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इंडियाना के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पिछले एक सप्ताह में खराब मौसम के कारण एक बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है। इसे भी पढ़ें: ईरान ने पलटा पूरा गेम, BRICS बैंक में एंट्री से उड़ाए अमेरिका के होश! राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में दो दिन के दौरान 28 सेंटीमीटर से अधिक बारिश हुई। एंडरसन और नोबल्सविले में व्हाइट नदी का जलस्तर 7.32 मीटर से अधिक पर पहुंच गया और इसने 1913 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
मोहाली स्थित सनी एन्क्लेव में अमेरिका में रह रहे एनआआई के करोड़ो के प्लॉट हड़पने के लिए 4 साल पहले मर चुके व्यक्ति को कागजों में ‘जिंदा’ खड़ा कर दिया। फर्जी GPA बनाकर एनआरआई का प्लॉट अपने नाम करवा लिया। लेकिन इसी बीच एनआरआई की मां अपने प्लॉट को देखने गई तो उसकी भनक उसे लग गई। उसने तुरंत अपने बेटे को बताया। बेटे ने इस मामले पंजाब पुलिस के एनआरआई थाने को शिकायत दी। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए अमनदीप कौर, दलबीर सिंह, विनोद कुमार व निर्मल चंद पर एफआईआर दर्ज की। अमनदीप कौर अदालत में जमानत के लिए पहुंची थी, लेकिन जमानत देने से मना कर दिया। अदालत ने कहा किमृतक को जिंदा दिखाकर साजिश है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अब सारी कहानी को प्वाइंट वाइज जानिए18 साल पहले खरीदा था प्लॉट अमित नागपाल ने बताया कि मैं मैनचेस्टर, कनेक्टिकट, अमेरिका में रहता हूं। मैंने सनी एन्क्लेव, देसू माजरा, तहसील खरड़, मोहाली में बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड से गांव फतहउल्लापुर में 192 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। इसकी सेल डीड मैसर्स बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जरनैल सिंह बाजवा के माध्यम से 05.06.2008 को मेरे नाम पर करवाई हुई थी। इसके बाद तहसील खरड़ के राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल नंबर के जरिए मेरा नाम दर्ज हुआ। मैं इस संपत्ति का वैध व एकमात्र मालिक हूं और इस प्लॉट का कब्जा हमेशा मेरे पास ही रहा है। प्लॉट खाली, बाउंड्री वॉल् करवाई मेरा एक खाली प्लॉट था, जिसकी बाउंड्री वॉल बनवाकर और पिलर लगाकर मैंने चारों तरफ बाड़ (फेंसिंग) कर दी थी और अपना साइनबोर्ड भी लगा दिया था। मैं 2008 में अमेरिका शिफ्ट हो गया था और समय-समय पर ही भारत आता हूं। चूंकि अमनदीप कौर और उनके पति दलबीर सिंह मेरे पड़ोसी हैं, इसलिए वे अच्छी तरह जानते थे कि मैं एक एनआरआई हूं और भारत में स्थायी रूप से नहीं रहता। मां देखने आई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ हाल ही में, जब मेरी मां प्लॉट का निरीक्षण करने गईं, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और उन्होंने मुझे इसकी जानकारी दी। उक्त लोगों ने आपस में मिलीभगत करके मेरी संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने और गलत लाभ कमाने की नीयत से फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए। देसू माजरा निवासी करम सिंह, जो मेरी संपत्ति से कोई संबंध नहीं रखता और जिसे मैं जानता तक नहीं, उसने खुद को झूठा मालिक बताकर 29.08.2025 को एक पावर ऑफ अटॉर्नी निर्मल चंद के नाम करवा दी। फर्जी तरीके मेरे प्लॉट का नंबर जोड़ दिया इस पावर ऑफ अटॉर्नी में मेरे प्लॉट नंबर का कोई उल्लेख तक नहीं था, फिर भी इसे जानबूझकर अवैध रूप से शामिल किया गया। इसके बाद निर्मल चंद ने 01 दिसंबर 2025 को वसीका के तहत अमनदीप कौर के पक्ष में मेरे प्लॉट की एक फर्जी और जाली सेल डीड करवा दी। इस जाली रजिस्ट्री के समय अमनदीप कौर का पति दलबीर सिंह सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद था और नंबरदार व दो गवाहों ने भी हस्ताक्षर किए। इसके बाद एनआरआई की शिकायत पर केस दर्ज हुआ। अदालत में कमजोर पड़ आरोपी की कहानी केस दर्ज होने के बाद महिला अदालत पहुंची । वहां पता चला कि 1 दिसंबर 2025 की फर्जी सेल डीड में प्लॉट की रकम चेक से देने की बात लिखी गई थी, लेकिन पुलिस पूछताछ में अमनदीप कौर ने कहा कि भुगतान नकद किया गया था। जांच में सामने आया कि वास्तव में प्लॉट की खरीद के लिए कोई भुगतान हुआ ही नहीं था और पूरा लेन-देन सिर्फ कागजों पर दिखाया गया था। अदालत ने भी चेक और नकद के अलग-अलग दावों और वास्तविक भुगतान नहीं होने को गंभीर माना, जिससे अमनदीप कौर की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।
जालंधर के रहने वाले ओंकार सिंह ने अमेरिका में पहला सिंह टावर बनाकर दुनिया में सिखों को नई पहचान दी है। गांव दौलतपुर से 1990 में अमेरिका के न्यू जर्सी गए ओंकार सिंह ने नए टावर का 3 अगस्त को इनोग्रेशन किया तो नाम से ये चर्चा में आ गया। ओंकार सिंह ने टावर बनाने के बाद कहा कि इसमें 30 मंजिल हैं। इसमें किराए और खरीदने के लिए 1 बीएचके से 3 बीएचके के फ्लैट हैं। इनकी कीमत लगभग 3.44 करोड़ रुपए से लेकर 15 करोड़ रुपए तक है। सिंह टावर बनाने की कहानी शेयर करते हुए ओंकार सिंह ने बताया कि उसका वाहेगुरु में बहुत विश्वास है। उनकी कृपा से ही ये बन पाया है। गुरुद्वारा के रेनोवेशन का काम करते-करते वे इस धंधे में आ गए। सिख कम्युनिटी के लिए वह कुछ करना चाहते थे इसलिए इसका नाम सिंह टावर रखा। ओंकार सिंह आगे बोले- सिंह टावर हमेशा सिंहों की पहचान बना रहेगा, मेरे जाने के बाद भी ये याद दिलाता रहेगा। पढ़ें ओंकार सिंह की सक्सेस स्टोरी... घर के बचे लंगर से शुरू हुई सेवा 2010 में ओंकार सिंह ने घर पर आसा दी वार का कीर्तन करवाया था। इसके बाद काफी लंगर बच गया। उन्होंने जरूरतमंदों की तलाश कर उन्हें खाना खिलाया। यहीं से उन्हें पता चला कि बड़ी संख्या में लोग भोजन के लिए संघर्ष करते हैं। शुरुआत में बिना नाम बताए खाना बांटा, बाद में लेट्स शेयर मील संस्था शुरू की। आज संस्था दिल्ली में 350 लोगों को भोजन दे रही है। 100 से ज्यादा आश्रयों में 20 हजार भोजन पैकेट लेट्स शेयर मील अब 100 से अधिक बेघर आश्रयों में 20 हजार से ज्यादा भोजन पैकेट वितरित कर रही है। संस्था ने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में स्थानीय समुदायों तक भोजन पहुंचाया है। सीरिया और यूक्रेन संकट के दौरान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत सामग्री भेजी गई। ट्रकिंग के बाद रियल एस्टेट में उतरे ओंकार सिंह ने जीएन मैनेजमेंट और ईस्ट वेस्ट हॉलिंग की शुरुआत की। 25-30 साल ट्रकिंग कारोबार में काम करने के बाद अब बेटी हरलीन कौर के साथ कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट डेवलपमेंट में काम कर रहे हैं। दोनों 38.18 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी फैसला लेने के बाद मेहनत से उसे सही साबित करना चाहिए।
आगरा में स्वतंत्रता दिवस पर सपा के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने न्यू राजा मंडी कॉलोनी रोड की बदहाल सड़क को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने करीब 20 फीट गहरे और 10 फीट लंबे गड्ढे के पास तिरंगा फहराकर विरोध जताया। विनय अग्रवाल ने कहा कि देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन आगरा शहर की सड़कों की स्थिति देखकर सवाल उठता है कि क्या हमने ऐसे शहर की कल्पना की थी? 'ताजमहल से दुनिया में पहचान, सड़कों के गड्ढों से बदनामी' सपा नेता ने कहा कि ताजमहल की वजह से आगरा की पहचान दुनियाभर में है। इसके बावजूद पिछले 15-20 दिनों से शहर में जगह-जगह बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अमेरिका और चीन को पीछे छोड़ने की बात करती है, लेकिन शहर की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। उन्होंने सड़क की स्थिति तत्काल सुधारने और गड्ढों को भरने की मांग की। कहा कि आगरा को बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि शहर की पहचान खराब सड़कों से नहीं, बल्कि विकास और पर्यटन से हो। इस दौरान हिमांशु यादव और भानु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। स्वतंत्रता दिवस पर सड़क की बदहाली को लेकर विनय अग्रवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा।
कैथल जिले में राजौंद खंड के गांव खेड़ी संदल स्थित राजकीय उच्च विद्यालय की दसवीं कक्षा की तीन छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बोर्ड परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए मिला। गांव खेड़ी संदल से संयुक्त राज्य अमेरिका गए युवकों ने अपनी तरफ से इन छात्राओं को स्कूटी प्रदान की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा और सरपंच रामेश्वर दास सहित स्कूल स्टाफ व ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी कड़ी मेहनत कर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा ने बताया कि विद्यालय में कुछ कमियों के बावजूद भी यह उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम बच्चों की कड़ी मेहनत, स्टाफ की निष्ठा और अभिभावकों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। विदेश में बसे गांव के युवकों की पहल उन्होंने कहा कि जहां निजी स्कूल पढ़ाई को लेकर विभिन्न दावे करते हैं, वहीं खेड़ी संदल का सरकारी विद्यालय शिक्षा और सौंदर्य दोनों में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। विद्यालय ने दो बार जिला स्तर पर सौंदर्य के लिए प्रथम स्थान भी प्राप्त किया है। कुलदीप शर्मा ने यह भी बताया कि विदेशों में बसे गांव के युवकों की यह पहल बच्चों के लिए बहुत सार्थक साबित होगी। इन युवकों की मदद से समय-समय पर स्कूली बच्चों को जूते, जुराबें और जर्सियां भी वितरित की जाती रही हैं। छात्राओं को स्कूटी देकर सम्मानित करना अन्य बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने में सहायक होगा।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ थाना परिसर में हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
पंजाब के बठिंडा, संगरूर और अमृतसर जिलों में भारतीय किसान यूनियन उगराहां (बीकेयू उगराहां) द्वारा 20 अगस्त को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में धरने दिए जाएंगे। इन धरनों को सफल बनाने के लिए किसानों द्वारा बैठकों का सिलसिला जारी है। मानसा में बीकेयू उगराहां के जिला प्रधान राम सिंह भैणी बाघा ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानूनों को किसानों ने रद्द करवाया था, उसी तरह इस समझौते को भी रद्द करवाने के लिए देश की संघर्षशील जत्थेबंदियां एकजुट हो चुकी हैं। लैंड पूलिंग नीति को लेकर किसानों में रोष इन धरनों की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता वार्ता रद्द करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोबारा लाई जा रही लैंड पूलिंग नीति की योजना को रद्द करने की भी मांग की गई है। किसानों की अन्य मांगों में आबादकारों, पूर्व मुजारों सहित दशकों से खेती करते आ रहे किसानों और खेत मजदूरों को जमीनों के मालिकाना हक देना और इन जमीनों से उनका उजाड़ा तुरंत बंद करना शामिल है। वे किसानों, खेत मजदूरों और अन्य दिहाड़ीदार श्रमिकों के सभी कर्ज माफ करने की भी मांग कर रहे हैं। आत्महत्या पीड़ित परिवारों को नौकरी और मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है। किसानों और खेत मजदूरों के हितों की रक्षा और विकास के लिए पर्यावरण हितैषी तथा कॉरपोरेटों और जागीरदारों के विरोध वाली पंजाब की कृषि नीति बनाने और लागू करने की भी मांग की गई है। कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मामले रद्द करने की मांग संघर्षों के दौरान किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी झूठे मामले रद्द करने तथा गिरफ्तारी के सभी वारंट तुरंत रद्द करने की मांग की गई है। पराली जलाने के सभी मामले तत्काल वापस लेने की भी मांग शामिल है। राम सिंह भैणी बाघा ने कहा कि राज्य में संघर्ष कर रहे लोगों पर अत्याचार करना बंद किया जाए और संघर्ष करने के लोकतांत्रिक अधिकार की गारंटी दी जाए। उन्होंने कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के जरिए लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का दमन बंद करने की भी मांग की।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद बदमाशों की विदेशों में बैठे आकाओं से बात करवाने वाले जेल प्रहरी धारा सिंह के खुलासे चौंकाने वाले हैं। आरोपी ने 15 से ज्यादा बार लॉरेंस, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा जैसी गैंग के कई बदमाशों की विदेश में बात करवाई थी। इस मदद के बदले जेल प्रहरी को फैमिली सहित विदेश (अमेरिका-दुबई) में सैटल करने का लालच दिया था। भरोसा दिलाया था कि पकड़े जाने पर गैंग का वकील सुप्रीम कोर्ट में उसका केस लड़ेगा। हर मदद के बदले पैसे भी मिलते रहेंगे। इसी लालच में आकर जेल प्रहरी धारा सिंह बदमाशों की मदद में जुट गया। उसने 3 बार में 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए कैश में लिए। वहीं एक दूसरे की दुश्मन गैंग को भी कई अहम जानकारियां लीक कर दी। जयपुर में नाकाबंदी के दौरान हथियारों सहित पकड़े गए बदमाश की निशानदेही पर धारा सिंह को 7 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इस स्टोरी में पढ़िए- जेल प्रहरी कैसे हाई सिक्योरिटी को मात देता था? कैसे बदमाशों की बात करवाता था? फैमिली सहित विदेश में सैटल करने का लालच जेल प्रहरी धारा सिंह चौहान ने दौलतपुरा थाना पुलिस को बताया कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल की कुछ बैरकों की जिम्मेदारी उसके पास थी। उनमें लॉरेंस, रोहित गोदारा, शिवराज सिंह जैसी गैंग के कई बदमाश बंद हैं। मार्च 2026 में गैंग के कुछ बदमाशों ने उससे संपर्क किया। मोबाइल नंबर देते हुए कहा- इन नंबरों पर कॉल करके बस इतना मैसेज कर देना कि हम लोग यहां सब ठीक हैं। इस पर धारा सिंह ने उन नंबरों पर फोन लगाए और मैसेज पहुंचाया। लेकिन कुछ दिनों बाद ही विदेशी नंबरों से फोन आने लगे। विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने धारा सिंह को लालच दिया- तुम तो हमारे जाति भाई हो, कोई परेशानी नहीं आने देंगे। मैं खुद इस जेल में काफी समय बिता कर निकला हूं। आप मेरे साथियों का ध्यान रखना, जो भी जरूरत हो, वह समय-समय पर उपलब्ध करवा देना। समय-समय पर पैसा आ जाएगा। विदेश में बैठे गैंग के सरगना ने लालच दिया कि आपको भविष्य में कोई परेशानी आई तो उसकी पूरी जिम्मेदारी हम लेंगे। नौकरी नहीं रही तो फैमिली सहित विदेश बुलवा लेंगे। परिवार को भी पूरी सिक्योरिटी देंगे। जरूरत पड़ी तो केस लड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील भी खड़े कर देंगे। इसी लालच में फंस कर धारा सिंह बदमाशों की मदद करने जुट गया। 15 बार से ज्यादा गैंगस्टरों की बात करवाई चौंकाने वाली बात ये है कि प्रदेश की सबसे हाई सिक्योरिटी जेल जैमर से लैस है। जेल के भीतर किसी भी रेंज का मोबाइल काम नहीं करता। लेकिन धारा सिंह जेल प्रहरी होने के कारण सारे लूपहोल जानता था। उसने 15 से ज्यादा बार गैंग के बदमाशों की अपने मोबाइल से बात करवाई। नियमानुसार जेल में कोई भी व्यक्ति मोबाइल लेकर प्रवेश नहीं कर सकता। जेल में एंटर होने से पहले स्टाफ के हर सदस्य की भी जांच होती है। नियमानुसार जेलकर्मी को भी ड्यूटी के दौरान मोबाइल जमा करवाना पड़ता है। फिर धारा सिंह कैसे 15 बार फोन लेकर अंदर घुसा। पुलिस को इस खेल में कई जेलकर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। गैंगस्टरों से बात के लिए खरीदा की-पैड वाला फोन, पेमेंट कैश में धारा सिंह चौहान ने बदमाशों की आपस में बात कराने के लिए अलग से की-पैड फोन खरीदा था, जो 2जी टेक्नोलॉजी का है। सिक्योरिटी को चकमा देकर वह दूसरा फोन जेल की बैरकों तक ले जाता था। बात करवाने के बदले कैश में पैसा लेता था। धारा सिंह ने 3 बार पैसों का लेनदेन कबूला है। पुलिस के अनुसार उसने तीन बार में 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपए लिए थे। ये सारा लेनदेन कैश में हुआ ताकि कभी जांच हो तो पकड़ में नहीं आए। दुश्मन गैंग को लीक की एक दूसरे की जानकारियां पूछताछ में सामने आया है कि वह जेल में बंद कैदियों की पूरी जानकारी रखता था। परिवारों से बात कराने के अलावा एक दूसरे के दुश्मन को भी अहम जानकारियां लीक करता था। जैसे- गैंगस्टर को कब पैरोल मिलेगी, जेल शिफ्टिंग कब होगी, कौन कैदी जेल में नया आया है, उसे किस वार्ड में रखा गया है, उससे कौन-कौन मिलने आ रहे हैं। इस तरह की गोपनीय जानकारी भी शेयर करता था। नाकाबंदी में पकड़े गए बदमाश से हुआ खुलासा दरअसल, 6 अगस्त को जयपुर के दौलतपुरा थाने के पास पुलिस ने नाकाबंदी में एक कार को पकड़ा था। तलाशी के दौरान कार में दो कारतूस और एक चाकू मिला था। पुलिस ने कार सवार संदीप सिंह निर्वाण (30) निवासी बबाई (झुंझुनूं) को अरेस्ट किया। संदीप जयपुर में कालवाड़ रोड पर करधनी में रहता था। उसके कब्जे से अवैध हथियार और कार को जब्त कर आगे की कार्रवाई की गई। आरोपी संदीप ने पूछताछ में बताया कि वह अवैध वसूली गैंग से जुड़ा हुआ है। दो-तीन दिन पहले ही उसे अवैध वसूली के 1.50 लाख रुपए मिले थे। इनमें से उसने 20 हजार रुपए का पेमेंट सोहन सिंह को किया था। पुलिस ने सोहन सिंह को राउंडअप कर पूछताछ की। उसने बताया कि गांव के साथी और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रहरी धारा सिंह के कहने पर उसने संदीप से 20 हजार रुपए कैश लिए थे। इन पैसों को बाद में उसने धारा सिंह के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया था। इसके बाद 7 अगस्त को एक टीम अजमेर गई और धारा सिंह को जेल में ड्यूटी के दौरान गिरफ्तार किया। कई जिलों में छापेमारी डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया- जेल प्रहरी धारा सिंह की निशानदेही पर पुलिस टीम ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर कई बदमाशों को डिटेन किया है। धारा सिंह का कनेक्शन कई गैंगस्टरों और उनके गुर्गों से सामने आया है। हालांकि अभी तक ये पुष्टि नहीं हुई है कि वह कौन-कौन सी गैंग के टच में था। धारा सिंह ने कबूल किया है कि वह बदमाशों के लालच में आकर जेल में बंद गैंग के बदमाशों की मदद करता था। उसका मोबाइल जब्त कर FSL जांच के लिए भिजवाया गया है। इसके बाद कई और राज खुलने की संभावना है। धारा सिंह की 7 साल पहले हुई थी नियुक्ति धारा सिंह मूल रूप से दौसा जिले का रहने वाला है। वह साल 2018 बैच का जेल प्रहरी है। साल 2019 में उसको पोस्टिंग मिली थी। वर्ष 2022 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में तैनात हुआ। मार्च महीने से पैसों के लालच में गैंग से जुड़कर काम कर रहा था। पैसे लेने के एवज में गैंग के जेल में बंद गुर्गों को सुविधाएं पहुंचाता था। …. अजमेर जेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… 100 रेप के मास्टरमाइंड को जेलर ने किया वीडियो कॉल:अजमेर सेंट्रल जेल के कैदियों से कराई बात, खुद भी बोला- ओके चाचा; सस्पेंड अजमेर सेंट्रल जेल से जेलर सद्दाम हुसैन ने वीडियो कॉल करके 100 रेप के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से कैदियों की बात करवाई। यह सब सद्दाम हुसैन के ऑफिस में और उनके फोन से हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
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सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
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Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
अमेरिका में भारत से ₹30 हजार सस्ता होगा iPhone 18 Pro Max, कहां से खरीदने में फायदा
अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
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अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
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पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
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अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
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अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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