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रमेश राव पायलट को अमेरिकी यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट उपाधी:महेंद्रगढ़ में 21 सालों से कर रहे समाजसेवा; सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने किया सम्मानित

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अमेरिका की वाशिंगटन डिजिटल यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता रमेश राव पायलट का अभिनंदन किया गया। रविवार को यादव धर्मशाला में आयोजित समारोह में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मानित किया। रमेश राव पायलट पिछले 21 वर्षों से सामाजिक और धार्मिक कार्यों के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे हैं। वक्ताओं ने उनकी उपलब्धि को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया और कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। समारोह में महेंद्रगढ़ के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे भी उठाए गए। इनमें महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय स्थापित करने, औद्योगिक विकास के लिए आईएमटी बनाने और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। समारोह की मुख्य अतिथि साध्वी पुष्पा शास्त्री रहीं, जबकि यादव सभा के कनवीनर प्राचार्य लालचंद यादव ने अध्यक्षता की। 21 साल से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रमेश राव पायलट यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के साथ पत्रकार और लेखक के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों की समस्याएं उठाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति के सामाजिक योगदान को सम्मान मिलने से दूसरे लोगों को भी जनहित के कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। महेंद्रगढ़ के विकास के लिए एकजुट होने की अपील रमेश राव पायलट ने अभिनंदन समारोह में पहुंचे सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के लिए लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। उन्होंने जिला मुख्यालय, आईएमटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की मांग को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इन मुद्दों को पूरा कराने के लिए जनसहयोग से व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि महेंद्रगढ़ क्षेत्र का विकास हो और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

दैनिक भास्कर 18 Oct 2026 8:39 pm

अमेरिका में कार के चारों टायरों को निकालकर चोरों ने छोड़ा ऐसा, पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

अमेरिका में कार के चारों टायरों को निकालकर चोरों ने छोड़ा ऐसा, पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

समाचार नामा 18 Oct 2026 8:30 pm

मछुआरा कुछ सेकंड के लिए हम्पबैक व्हेल के मुंह में फंसा, अमेरिका में दावा चर्चा में

मछुआरा कुछ सेकंड के लिए हम्पबैक व्हेल के मुंह में फंसा, अमेरिका में दावा चर्चा में

समाचार नामा 18 Oct 2026 6:30 pm

ताजमहल को खूबसूरत बताने पर घिरी अमेरिकी महिला का दर्द छलका, बोली- इतने गंदे कमेंट्स आए, बता भी नहीं सकती

ताजमहल को खूबसूरत बताने पर घिरी अमेरिकी महिला का दर्द छलका, बोली- इतने गंदे कमेंट्स आए, बता भी नहीं सकती

समाचार नामा 18 Oct 2026 5:50 pm

भारतीय महिला ने अमेरिका में हर महीने खर्च का बताया हिसाब-किताब, बोली- हमारा 4 लोगों का परिवार है

भारतीय महिला ने अमेरिका में हर महीने खर्च का बताया हिसाब-किताब, बोली- हमारा 4 लोगों का परिवार है

समाचार नामा 18 Oct 2026 5:40 pm

अमेरिका-ईरान तनाव से लेकर फ्रांस में आगजनी तक, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच परिस्थितियां बेहद नाजुक हो चुकी हैं. सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों ने अमेरिका द्वारा दिए गए उन्नत अपाचे हेलीकॉप्टर को गिरा दिया है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई है. इसके साथ ही लाल सागर और फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले लगातार जारी हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है.

आज तक 18 Oct 2026 5:36 pm

वेस्ट बैंक में फिर भड़की हिंसा: अमेरिकी पत्रकार और यूरोपीय राजनयिक पर हमला, इजरायलियों पर आरोप

इजरायली कब्जे वाले वेस्ट बैंक में तनाव लगातार बढ़ रहा है। खबर है कि इजरायली बसने वालों ने एक अमेरिकी फोटो जर्नलिस्ट और कई यूरोपीय राजनयिकों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Oct 2026 5:12 pm

अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज में हुआ भीषण धमाका!

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने के बाद एक विशाल टैंकर में विस्फोट हुआ, जिसमें 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था. इससे पहले एक अन्य टैंकर में भी धमाके की खबर आई थी. वहीं, सऊदी अरब के अल जुबैल के पास दो जहाजों पर हमले की सूचना मिली.

आज तक 18 Oct 2026 4:50 pm

शादी के बाद अमेरिका में हाउसवाइफ बन गई थीं माधुरी दीक्षित, पति के लिए सुबह साढ़े पांच बजे उठकर बनाती थीं नाश्ता

Mumbai , 18 अक्टूबर . Bollywood की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने अपनी एक्टिंग और डांस से लाखों लोगों का दिल जीता. हालांकि, शादी के बाद एक्ट्रेस ने…

डेली किरण 18 Oct 2026 4:48 pm

अमेरिका : ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

वाशिंगटन, अमेरिका के कई शहरों में रविवार को राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन क‍िया। भारी संख्‍या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। जल्दी मतदान को प्रोत्साहन देने के लिए लुइसविले में 'नो किंग्स' रैलियां फिर से आयोजित की गईं।

देशबन्धु 18 Oct 2026 4:08 pm

फ्रांस, इटली से अमेरिका तक 8 देशों में विरोध प्रदर्शन तेज, महंगाई-बेरोजगारी और सरकारी नीतियों से क्यों नाराज हैं लोग

दुनिया के कई देशों में आर्थिक दबाव, रोजगार की चिंता और सरकारी नीतियों को लेकर लोगों की नाराजगी चर्चा में है। फ्रांस से इटली और अमेरिका तक अलग-अलग मुद्दों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने सरकारों के सामने जनता की अपेक्षाओं और आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने का सवाल खड़ा किया है। कहीं महंगाई […] The post फ्रांस, इटली से अमेरिका तक 8 देशों में विरोध प्रदर्शन तेज, महंगाई-बेरोजगारी और सरकारी नीतियों से क्यों नाराज हैं लोग? first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 18 Oct 2026 3:49 pm

मेरे सास-ससुर दक्षिण भारत से, उनकी बेटी आज अमेरिका की सेकंड लेडी: जेडी वेंस

वाशिंगटन, 18 अक्टूबर . अमेरिकी उपPresident जेडी वेंस ने इमिग्रेशन और अपनी भाषा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपनी फैमिली का उदाहरण पेश किया. कहा कि…

डेली किरण 18 Oct 2026 2:49 pm

अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग, सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

वाशिंगटन, 18 अक्टूबर . अमेरिका के कई शहरों में Sunday को राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी Government की नीतियों के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन क‍िया. भारी संख्‍या में…

डेली किरण 18 Oct 2026 2:33 pm

ट्रंप के 4 फैसलों से यूक्रेन की बढ़ी मुश्किलें, पुतिन को मिलेगा फायदा; अमेरिकी मदद के बिना कैसे लड़ेगा कीव?

अमेरिका की सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी कम होने से यूक्रेन की रक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। रूसी मिसाइलों और सैन्य गतिविधियों के बारे में समय रहते सूचना मिलना यूक्रेन की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

देशबन्धु 18 Oct 2026 2:11 pm

अंबानी की जामनगर रिफाइनरी का दबदबा: पाबंदियों के बावजूद यूरोप और अमेरिका को जमकर तेल बेच रहा भारत; सुल्तान का देश भी साथ

रूसी कच्चे तेल की प्रोसेसिंग के बाद भारत और दो अन्य देशों से पश्चिमी देशों को तेल उत्पादों का निर्यात सितंबर में 43% बढ़कर 1 अरब यूरो हो गया। सीआरईए रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ ने रूसी तेल से बने ईंधन पर प्रतिबंध के बावजूद इन देशों से आयात बढ़ाया, जबकि भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटा।

जागरण 18 Oct 2026 12:57 pm

इस सप्ताह भारत की कूटनीति के केंद्र में अमेरिका और यूएई, जयशंकर करेंगे अहम बातचीत

New Delhi, 18 अक्टूबर . कूटनीति के लिहाज से India के लिए ये सप्ताह भी संभावनाओं और उम्मीदों से भरा रहने वाला है. 19 और 20 अक्टूबर का…

डेली किरण 18 Oct 2026 12:54 pm

अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन से पहले 'नो किंग्स' रैलियों का शंखनाद: जल्द वोट डालने की अपील के साथ ट्रंप प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र कहे जाने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका में इस समय राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। आगामी 3 नवंबर 2026 को होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से ठीक पहले अमेरिकी राजनीति में एक नया और आक्रामक बवंडर खड़ा हो गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में 'नो किंग्स' (No Kings) नेटवर्क के बैनर तले शनिवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और विशाल रैलियों का आयोजन किया गया। इन रैलियों का घोषित उद्देश्य भले ही अमेरिकी मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग जल्द से जल्द करने और शुरुआती मतदान (Early Voting) में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना था, लेकिन इसके अंतर्निहित राजनीतिक संदेश ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। इन प्रदर्शनों ने वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जनता के एक बड़े वर्ग के गुस्से को फिर से उजागर कर दिया है।वाशिंगटन डीसी से अटलांटा तक गूंजे नारे, 'जल्दी वोट करें' का संदेशशनिवार को अमेरिकी राजधानी वाशिंगटन डीसी में स्थित ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल (Lincoln Memorial) के परिसर में कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं की परवाह किए बिना सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, एक्टिविस्ट और राजनीतिक कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। प्रदर्शन का माहौल किसी राजनीतिक सभा से अलग एक जन-उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था, जहां संगीत की धुनों के बीच लोगों ने नृत्य किया और लोकतंत्र की रक्षा के पक्ष में जोरदार नारे लगाए।प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न प्रकार के आकर्षक और तीखे संदेश लिखे पोस्टर दिखाई दे रहे थे। इन पोस्टरों पर प्रमुख रूप से 'जल्दी मतदान करें' (Vote Early), 'मेरे वोट से दूर रहो' और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े नारे लिखे हुए थे। इसी तरह, जॉर्जिया की राजधानी अटलांटा में भी एक बड़े जनसमूह को संबोधित करते हुए सिटी काउंसिल के सदस्य माइकल जूलियन बांड ने नागरिकों से अपील की कि वे आगामी 3 नवंबर को होने वाले आम चुनावों के दिन का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना वोट डालें और अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को मतदान की जो असली ताकत दी है, मौजूदा समय में उसका सही इस्तेमाल करना सबसे बड़ी देशभक्ति है।क्या है 'नो किंग्स' आंदोलन और क्यों ट्रंप प्रशासन के खिलाफ उठ रहे हैं सवालभले ही इन रैलियों के आयोजकों और प्रबंधकों ने आधिकारिक तौर पर इसे पूरी तरह से 'गैर-दलीय' (Non-partisan) मंच बताने की कोशिश की हो, ताकि ज्यादा से ज्यादा आम जनता इससे जुड़ सके, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे अच्छी तरह समझ रहे हैं। 'नो किंग्स' नेटवर्क मूल रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन द्वारा लिए गए कई विवादास्पद फैसलों, कार्यकारी शक्तियों के कथित विस्तार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ मुखर होकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जाना जाता रहा है।आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि अमेरिकी लोकतंत्र में कोई भी शासक या राष्ट्रपति देश के संविधान और कानून से ऊपर नहीं हो सकता। इसी वैचारिक पृष्ठभूमि के तहत यह रैलियां आयोजित की जा रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच यह संदेश देना है कि यदि सत्ता के केंद्रीयकरण को रोकना है, तो मतपेटी ही सबसे बड़ा हथियार है। मिड टर्म इलेक्शन से ठीक पहले इस तरह का जन-आंदोलन खड़ा होना यह साबित करता है कि अमेरिकी मतदाता मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर बेहद गंभीर और संचेत हैं।मध्यावधि चुनावों पर टिकी पूरी दुनिया की नजरेंअमेरिका में होने वाले ये मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) देश की संसद यानी कांग्रेस (कांग्रेस के दोनों सदनों—सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के राजनीतिक समीकरणों को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की नीतियों, आर्थिक फैसलों और विदेश मामलों पर इन चुनावों के परिणामों का सीधा असर पड़ेगा। यही कारण है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ही दलों की तरफ से मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 'नो किंग्स' जैसी रैलियों के माध्यम से युवा और तटस्थ मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक खींचने की जो रणनीति अपनाई जा रही है, वह अंतिम परिणाम को पूरी तरह बदल सकती है। अमेरिकी इतिहास में शुरुआती मतदान (Early Voting) के रुझान हमेशा से यह तय करते आए हैं कि चुनाव के दिन मुख्य लहर किस दिशा में बहेगी। अब देखना यह होगा कि 3 नवंबर के इन ऐतिहासिक चुनावों में अमेरिकी जनता परिवर्तन के पक्ष में मतदान करती है या वर्तमान प्रशासनिक नीतियों पर अपनी मुहर लगाती है, लेकिन इतना तय है कि इन रैलियों ने चुनावी माहौल को बेहद गर्म कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Oct 2026 12:25 pm

रूस पर नरमी दिखाकर घिरे ट्रंप: विरोध के बीच कहा- मेरा फैसला दुनिया के हित में; अमेरिकी सांसदों ने खोला मोर्चा

रूस पर नरमी दिखाकर घिरे ट्रंप: विरोध के बीच कहा- मेरा फैसला दुनिया के हित में; अमेरिकी सांसदों ने खोला मोर्चा--Trump Defends Russia Sanctions Waiver, Says Decision Is Good for the World

अमर उजाला 18 Oct 2026 10:13 am

भारत में आंदोलन पर सख्ती बनी वैश्विक मसला, विश्व भर में प्रदर्शन, अमेरिकी संसद में भी सरगर्मी

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नॉकिंग न्यूज़ 18 Oct 2026 9:32 am

LTCG Tax: क्या अमेरिकी शेयरों की कमाई पर मिलेगा ₹1.25 लाख टैक्स छूट का फायदा? जानें क्या कहते हैं नियम

LTCG Tax on Global Stocks: बजट 2027 से पहले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के रुख ने इक्विटी टैक्सेशन पर नई बहस छेड़ दी है। विदेशी निवेशकों की निकासी और भारतीय इक्विटी की प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंताओं के बीच निवेशक राहत की उम्मीद कर रहे हैं।एक बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में चुनिंदा इक्विटी निवेशों पर मिलने वाली ₹1.25 लाख सालाना LTCG टैक्स छूट का फायदा विदेशी शेयरों पर भी मिल सकता है। आइए जानते हैं कि विदेशी शेयरों पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स कैसे लगता है और कौन से निवेश इसके दायरे में आते हैं।क्या ग्लोबल शेयरों पर ₹1.25 लाख की सालाना LTCG टैक्स छूट मिलती है?आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 198 के तहत मिलने वाला ₹1.25 लाख का सालाना थ्रेशोल्ड सिर्फ इसलिए विदेशी शेयरों के मुनाफे पर लागू नहीं होता कि वे विदेशी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध हैं या लंबे समय तक रखे गए हैं।इस प्रावधान में केवल वे लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स शामिल हैं जो योग्य इक्विटी शेयरों, इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स और बिजनेस ट्रस्टों की यूनिट्स से मिलते हैं, बशर्ते वे निर्धारित सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) की शर्तों को पूरा करते हों।विदेशी शेयर आमतौर पर इन शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। धारा 197 के तहत उनके लॉन्ग-टर्म मुनाफे पर बिना ₹1.25 लाख की छूट के 12.5 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है, जिसमें लागू सरचार्ज और सेस शामिल हैं।उदाहरण के लिए, अगर किसी भारतीय निवासी को अमेरिकी शेयरों से ₹1 लाख का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन होता है, तो यह मुनाफा सिर्फ इसलिए टैक्स-फ्री नहीं हो जाता कि यह ₹1.25 लाख से कम है। किसी अन्य राहत या एडजस्टमेंट को छोड़कर, इस पर सरचार्ज और सेस से पहले ₹12,500 का टैक्स बनेगा।ग्लोबल शेयरों पर LTCG और STCG की गणना कैसे की जाती है?विदेशी शेयरों पर कैपिटल गेन्स की गणना, बिक्री मूल्य में से खरीद लागत और ट्रांसफर से जुड़े योग्य खर्चों को घटाकर की जाती है। निवेशकों को इसमें विदेशी मुद्रा रूपांतरण के नियमों का भी ध्यान रखना होता है।धारा 2(101) के तहत, विदेशी एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध शेयर उन एसेट्स की श्रेणी में आते हैं जिन पर मान्यता प्राप्त भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध विशिष्ट प्रतिभूतियों के मुकाबले 24 महीने की होल्डिंग पीरियड की परीक्षा लागू होती है।24 महीने या उससे कम समय के लिए रखे गए विदेशी शेयरों से होने वाले मुनाफे को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) माना जाता है और निवेशक के लागू इनकम-टर्म स्लैब दरों के अनुसार टैक्स लगाया जाता है। वहीं, 24 महीने से अधिक समय तक रखे गए शेयर बिना इंडेक्सेशन के 12.5 प्रतिशत की लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स दर के दायरे में आते हैं।किन अन्य निवेशों को इस छूट से बाहर रखा गया है?पीएनएएम एंड कंपनी एलएलपी (PNAM & Co. LLP) के पार्टनर मोहित गुप्ता के अनुसार, ₹1.25 लाख का थ्रेशोल्ड सभी प्रकार के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स के लिए यूनिवर्सल छूट नहीं है। धारा 198 के दायरे से बाहर रहने वाले प्रमुख निवेश ये हैं:रियल एस्टेट: जमीन या मकान की बिक्री से होने वाला मुनाफा।सोना और चांदी: भौतिक कीमती धातुओं से होने वाला लाभ।डेट-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड: टैक्स का तरीका विशिष्ट म्यूचुअल फंड्स के विशेष नियमों समेत लागू प्रावधानों पर निर्भर करता है।इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड: अगर वे विदेशी इक्विटी में निवेश करते हैं और इक्विटी-ओरिएंटेड फंड की वैधानिक परिभाषा पर खरे नहीं उतरते हैं, तो वे इसके पात्र नहीं हैं।बॉन्ड और डिबेंचर: टैक्स का स्वरूप इंस्ट्रूमेंट और लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग होता है।अन्य गैर-पात्र एसेट्स: वे मुनाफे जो धारा 198 की पात्रता और STT शर्तों को पूरा नहीं करते।निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?निवेशकों को सबसे पहले यह जांचना चाहिए कि क्या उनके निवेश धारा 198 के तहत योग्य हैं और क्या निर्धारित STT शर्तें पूरी होती हैं। ₹1.25 लाख की छूट की सीमा पात्र मुनाफे के लिए एक संयुक्त वार्षिक सीमा है, न कि प्रत्येक स्टॉक, ब्रोकर, डीमैट खाते या म्यूचुअल फंड निवेश के लिए अलग-अलग मिलने वाली छूट। कैपिटल गेन्स की गणना को सही साबित करने के लिए निवेशकों को खरीद और बिक्री की पुष्टि, ब्रोकरेज स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन खर्च और विदेशी मुद्रा रूपांतरण के रिकॉर्ड संभाल कर रखने चाहिए। निवेशक की रेसिडेंशियल स्थिति और फाइलिंग की परिस्थितियों के आधार पर विदेशी निवेशों में विदेशी संपत्ति और विदेशी आय से जुड़े अतिरिक्त खुलासे की जरूरत पड़ सकती है। जिन निवेशकों ने विदेश में टैक्स चुकाया है, उन्हें अलग से यह आकलन करना चाहिए कि क्या वे लागू प्रावधानों और संधि की शर्तों के तहत विदेशी कर क्रेडिट का दावा कर सकते हैं। मुख्य अंतर यह है कि किसी निवेश को लंबे समय तक होल्ड करने मात्र से उसका मुनाफा स्वचालित रूप से ₹1.25 लाख की छूट के योग्य नहीं हो जाता। अपनी टैक्स देनदारी की गणना करने से पहले निवेशकों को एसेट कैटेगरी और प्रासंगिक वैधानिक शर्तों की जांच जरूर करनी चाहिए।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 18 Oct 2026 9:30 am

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम दौर में: अमेरिकी फल, सोयाबीन तेल और वाइन को मिल सकती है एंट्री, डेयरी पर अड़ा पेंच

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण (First Tranche) को अंतिम रूप देने की कवायद अब अपने आखिरी पड़ाव में पहुंच चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और उच्चस्तरीय वार्ताओं के बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों वैश्विक साझेदार टैरिफ में कटौती और बाजार पहुंच को लेकर आपसी सहमति बनाने के बेहद करीब हैं। इस समझौते के तहत जहां भारत अपने कपड़ा, जेनेरिक दवाओं, ऑटो कंपोनेंट्स, मसालों और आईटी उत्पादों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल अमेरिकी बाजार में तरजीही व शुल्क-मुक्त पहुंच चाहता है, वहीं वाशिंगटन की नजर भारतीय कृषि और उपभोक्ता बाजार पर टिकी है। हालांकि, फल, नट्स, सोयाबीन तेल और वाइन जैसी वस्तुओं पर रियायत मिलने की संभावनाओं के बावजूद भारतीय डेयरी क्षेत्र और पशुपालकों के हित अब भी इस पूरी बातचीत का सबसे संवेदनशील और पेचीदा मुद्दा बने हुए हैं।अमेरिकी फल, नट्स और सोयाबीन तेल: भारतीय बाजार में क्या सस्ता हो सकता है?व्यापार समझौते के मसौदे के तहत भारत चुनिंदा अमेरिकी कृषि और प्रसंस्कृत उत्पादों पर सीमा शुल्क यानी बेसिक कस्टम्स ड्यूटी में चरणबद्ध कटौती या उसे पूरी तरह समाप्त करने पर विचार कर रहा है। इसमें अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सेब, प्रीमियम चेरी, बादाम, अखरोट (Tree Nuts) और क्रैनबेरी जैसे फल प्रमुख हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सोयाबीन तेल और पशु आहार के लिए प्रयुक्त होने वाले डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेंस (DDGS) के आयात नियमों को सुगम बनाने पर बातचीत चल रही है। यदि इन पर टैरिफ कम होता है, तो भारत के महानगरों और खुदरा बाजारों में प्रीमियम अमेरिकी फल और पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स अधिक प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, पोल्ट्री और पशु आहार उद्योग को उच्च प्रोटीन वाला चारा रियायती दरों पर मिलने की उम्मीद है, जिससे लागत नियंत्रण में मदद मिल सकती है।प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स: घरेलू उद्योग की सुरक्षा के साथ न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तअमेरिकी कैलिफोर्निया वाइन और बोर्बोन व्हिस्की के भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर भी लंबे समय से बहस चल रही है। वर्तमान में भारत विदेशी शराब पर 150 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क वसूलता है। प्रस्तावित व्यापार ढांचे में अमेरिकी वाइन और स्पिरिट्स पर टैरिफ को घटाने का प्रस्ताव तो शामिल है, लेकिन भारत सरकार ने इसके लिए सख्त 'न्यूनतम आयात मूल्य' (Minimum Import Price - MIP) का सुरक्षा कवच तैयार किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि टैरिफ रियायत केवल उच्च मूल्य वाली प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स पर ही लागू होगी। इस संतुलनकारी फॉर्मूले से भारत का उद्देश्य महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के घरेलू वाइन उत्पादकों को सस्ते विदेशी आयात की डंपिंग से बचाना है, ताकि स्थानीय शराब और स्पिरिट्स उद्योग का कारोबारी ढांचा सुरक्षित बना रहे।डेयरी सेक्टर पर भारत का कड़ा रुख: आखिर कहां फंसा है पेंच?भारत और अमेरिका के बीच इस ऐतिहासिक ट्रेड डील में सबसे बड़ी दीवार डेयरी उत्पाद ही बने हुए हैं। अमेरिका अपने चीज, मक्खन, स्किम्ड मिल्क पाउडर और मट्ठा (Whey) उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को पूरी तरह खोलने का दबाव बनाता रहा है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने करोड़ों छोटे और सीमांत दूध उत्पादक किसानों की आजीविका पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।इस गतिरोध के पीछे दो बड़े और गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) कारण हैं:सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता: भारत का सख्त नियम है कि देश में केवल उसी डेयरी उत्पाद के आयात की अनुमति दी जा सकती है, जो ऐसे दुधारू पशुओं से प्राप्त हुआ हो जिन्हें कभी रक्त का भोजन, आंतरिक अंग या जुगाली करने वाले पशुओं के मांस का आहार (Ruminant Feed / Blood Meal) न दिया गया हो। चूंकि अमेरिकी डेयरी फार्मिंग में पशुओं के चारे में ऐसे तत्वों का उपयोग आम है, इसलिए भारत इसके प्रमाणन पर पूरी तरह अड़ा हुआ है।लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका: भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र अमूल, पराग, नंदिनी जैसी सहकारी समितियों और ग्रामीण महिलाओं की रीढ़ पर टिका है। सब्सिडी-आधारित विशाल अमेरिकी डेयरी कंपनियों को बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश देने से घरेलू दूध की कीमतें क्रैश हो सकती हैं, जिसका सीधा नुकसान भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा। इसी कारण भारत ने डेयरी, मुख्य अनाज (गेहूं-चावल) और जीएम (GM) फसलों को अपनी सख्त 'नेगेटिव लिस्ट' में बनाए रखा है।घरेलू किसानों और सोयाबीन उत्पादकों की चिंताएंव्यापार समझौते की खबरों के बीच मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक के सोयाबीन किसानों और किसान संगठनों ने भी चिंताएं जाहिर की हैं। अमेरिका में सोयाबीन की खेती बड़े पैमाने पर आधुनिक मशीनों और भारी सरकारी सब्सिडी के दम पर की जाती है, जिसके चलते वहां की उत्पादन लागत काफी कम है। भारतीय किसान संगठनों का तर्क है कि यदि अमेरिकी सोयाबीन तेल या प्रसंस्कृत सोयाबीन उत्पादों को बिना पर्याप्त सुरक्षा शुल्क के बड़े पैमाने पर भारत आने दिया गया, तो स्थानीय मंडियों में तिलहन की फसल औंधे मुंह गिर सकती है। वाणिज्य मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट किया है कि जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन के सीधे दाने के आयात की अनुमति नहीं होगी और घरेलू कीमतों की सुरक्षा के लिए रेगुलेटरी मैकेनिज्म हमेशा सक्रिय रहेगा।वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा समीकरणयह व्यापार वार्ता केवल कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक भू-राजनीति से भी जुड़े हैं। वैश्विक टैरिफ दबावों और तेल आपूर्ति के बदलते समीकरणों के बीच भारत अमेरिका से तेल, प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और उच्च तकनीक वाले डेटा सेंटर कंपोनेंट्स की खरीद बढ़ाकर व्यापार घाटे को संतुलित करने की दिशा में बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वार्ताकारों का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत को अमेरिकी बाजार में वियतनाम, चीन या बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर या समान प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिले।आने वाले हफ्तों में मुंबई और नई दिल्ली में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों के बाद यह तय होगा कि क्या दोनों महाशक्तियां डेयरी के पेंच को सुलझाकर या उसे अलग रखकर पहले चरण के अंतरिम समझौते (Interim Deal) पर औपचारिक मुहर लगाती हैं। भारत का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है—व्यापारिक सहयोग का स्वागत है, लेकिन देश के अन्नदाता और पशुपालकों के हितों की बलि देकर कोई भी डील स्वीकार्य नहीं होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Oct 2026 9:28 am

यूक्रेन की सैटेलाइट सेवा पर विवाद: रुबियो ने व्हाइट हाउस को बताया बेदाग, कहा- अमेरिका का कोई हाथ नहीं

यूक्रेन की सैटेलाइट सेवा पर विवाद: रुबियो ने व्हाइट हाउस को बताया बेदाग, कहा- अमेरिका का कोई हाथ नहीं marco-rubio-denies-us-role-ukraine-drone-satellite-disruption-starlink-starshield

अमर उजाला 18 Oct 2026 8:40 am

अमेरिका: कंसास में फुटबॉल मैच के दौरान मैदान में घुसी कार; बच्चे समेत दो की मौत, हिरासत में वाहन चालक

अमेरिका: कंसास में फुटबॉल मैच के दौरान मैदान में घुसी कार; बच्चे समेत दो की मौत, हिरासत में वाहन चालक kansas-wichita-soccer-field-vehicle-crash-two-dead-child-injured

अमर उजाला 18 Oct 2026 8:06 am

अमेरिकी द्वीपों की अनकही दुनिया, न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन से अलग है असल जिंदगी!

क्या आप ऐसे अमेरिका की कल्पना कर सकते हैं, जहां लोगों के पास पावरफुल पासपोर्ट तो है, लेकिन राशन के एक पैकेट के लिए हफ्तों मौसम साफ होने की दुआ मांगनी पड़ती है? समंदर की लहरों के बीच फैले 18 हजार से ज्यादा द्वीपों का अमेरिका एक ऐसी अनसुलझी दुनिया है, जिसके कायदे-कानून और जिंदगी जीने का तरीका मेनलैंड से एकदम अलग है. आखिर महाशक्ति अमेरिका के इन दूरदराज टापुओं पर कैसे कटती है आम इंसानों की जिंदगी और कैसे ये गुमनाम द्वीप वॉशिंगटन के असली 'ट्रंप कार्ड' बने हुए हैं?

आज तक 18 Oct 2026 7:04 am

जब अमेरिका ने अलास्का को खरीद लिया, पहले रूस का था कब्जा

आज का दिन अमेरिका और रूस के रिश्तों के लिहाज से बेहद खास है. इस दिन अमेरिका ने रूस से एक डील की और अलास्का को खरीद लिया था.

आज तक 18 Oct 2026 6:27 am

Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump

इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 17 Oct 2026 11:41 pm

भारत को अमेरिका से मिली बड़ी टैरिफ राहत!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित टैरिफ फिलहाल रोक दिया है. शुरुआत में इस कदम के तहत 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की चर्चा थी, जिसे बाद में घटाकर 100 प्रतिशत किया गया. अब 17 अक्टूबर के आदेश से इसे निलंबित कर दिया गया है. जानकारों के मुताबिक, भारत के साथ व्यापार वार्ता, चीन से जुड़े हित और अमेरिका की ऊर्जा जरूरतें इस फैसले की वजह हो सकती हैं.

आज तक 17 Oct 2026 8:22 pm

अमेरिका-जर्मनी तक जियो की नजर, 12 साझेदारियों से 150 करोड़ यूजर्स तक पहुंच की उम्मीद

Reliance Jio Akash Ambani: जियो के आईपीओ से पहले देशभर से मुंबई में जुटे ब्रोकर्स से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के ग्लोबल प्लान का अब तक का सबसे ठोस संकेत दिया।

ज़ी न्यूज़ 17 Oct 2026 7:35 pm

रूस को फायदा पहुंचा रहा अमेरिका, और प्रतिबंधों को हटा सकता है... जेलेंस्की ने खोला ट्रंप के खिलाफ मोर्चा

जेलेंस्की ने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस, यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के पांचवें साल में भी यूक्रेन पर हमले तेज कर रहा है. इस युद्ध में अब तक लाखों लोग मारे जा चुके हैं और करोड़ों लोग बेघर हो गए हैं.

NDTV इंडिया 17 Oct 2026 6:40 pm

अमेरिकी कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर - रिपोर्ट

अमेरिका की मीडिया एनालिटिक्स कंपनी निल्सन भारत को अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर बना रही है।

खास खबर 17 Oct 2026 6:28 pm

अमेरिका कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर : रिपोर्ट

अमेरिका कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर : रिपोर्ट

समाचार नामा 17 Oct 2026 6:16 pm

रात में भी ‘सूरज की रोशनी’ बेचेगा अमेरिका! भारत की Skyroot Aerospace कैसे करेगी मदद, जानिए पूरा प्लान

कल्पना कीजिए कि रात के अंधेरे में किसी आपदा प्रभावित इलाके में अचानक सूरज जैसी रोशनी पहुंच जाए, या सौर ऊर्जा संयंत्रों को सूर्यास्त के बाद भी कुछ अतिरिक्त रोशनी मिल सके। सुनने में यह विज्ञान कथा जैसा लगता है, लेकिन अमेरिका का एक स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप इस विचार को हकीकत में बदलने की कोशिश […] यह लेख रात में भी ‘सूरज की रोशनी’ बेचेगा अमेरिका! भारत की Skyroot Aerospace कैसे करेगी मदद, जानिए पूरा प्लान सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 17 Oct 2026 6:11 pm

500%, 100%, अब छूट... अमेरिका के टैरिफ से भारत कैसे बचा? जानिए डिटेल

रूसी तेल खरीदने को लेकर पहले 500 फीसदी टैरिफ का प्रस्‍ताव रखा गया था, लेकिन बाद में इसमें धीरे-धीरे गिरावट आई और अब अमेरिका ने इससे छूट दे दी है. हालांकि, यह एक अस्‍थायी छूट है.

आज तक 17 Oct 2026 6:04 pm

अमेरिका की धमकी पर ईरान का पलटवार, ट्रंप को दी ये चेतावनी

अमेरिका की धमकी के बाद ईरान ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सख्त चेतावनी दी है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका मदर ऑफ ऑल बॉम्ब का इस्तेमाल करता है, तो ईरान फादर ऑफ ऑल मिसाइल से करारा जवाब देगा. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने साफ कर दिया है कि दशकों के प्रतिबंधों का जवाब देने के लिए वे तैयार हैं और रेड लाइन पार करने पर अमेरिका को भारी कीमत चुकानी होगी.

आज तक 17 Oct 2026 5:27 pm

रूस से तेल खरीद पर भारत को राहत, अमेरिका नहीं लगाएगा प्रतिबंध : अशोक सज्जनहार

रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर मंडरा रहा अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा फिलहाल टल गया है।

खास खबर 17 Oct 2026 5:15 pm

Hyundai Genesis Recall: हुंडई ने अमेरिका में वापस मंगाईं 94 हजार से ज्यादा कारें

पावर सीट मोटर गर्म होने और आग लगने के खतरे के बाद अमेरिका में 2015-2020 मॉडल की जेनेसिस कारों को वापस बुलाया गया है।

प्रातःकाल 17 Oct 2026 4:51 pm

London में Dhruv Rathee और Washington में 6 अमेरिकी सांसदों ने थामी भारत विरोधी अभियान की कमान

भारत के अंदरूनी मामलों में टांग अड़ाने और दुनिया भर में भारत को कटघरे में खड़ा करने का खेल एक बार फिर शुरू हो गया है। अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलाइब, एलेनॉर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वे भारत दौरे पर छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कथित हिरासतों का मुद्दा उठाएं। यहां सवाल उठता है कि भारत को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने निकले इन सांसदों को आखिर किसने हक दिया कि वे हमारे देश के आंतरिक मामलों में दखल दें? भारत की समस्याओं पर इतनी चिंता दिखाने वाले इन नेताओं से यह भी पूछा जाना चाहिए कि उनकी यह चिंता चुनिंदा मुद्दों पर ही क्यों जागती है और भारत के मामले में वे हर बार उंगली उठाने के लिए सबसे आगे क्यों खड़े नजर आते हैं? साथ ही सवाल यह भी उठता है कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र पर उंगली उठाने वाले इन जनप्रतिनिधियों की अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय आचरण की पड़ताल कौन करेगा? वैसे यह कोई पहला अवसर नहीं है जब इन अमेरिकी नेताओं ने भारत की नीतियों पर सवाल उठाए हों। प्रमिला जयपाल ने 2019 में भी जम्मू-कश्मीर में संचार प्रतिबंधों और हिरासतों को लेकर भारत से जवाब मांगा था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उस समय उनके आकलन को अनुचित बताते हुए उनसे मुलाकात करने तक में रुचि नहीं दिखाई थी। अप्रैल 2022 में इल्हान उमर के पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला बताया था। इल्हान उमर का तो अक्सर भारत विरोधी रवैया सामने आता ही रहता है। इसे भी पढ़ें: Dhruv Rathee ने 'वोट चोरी' के खिलाफ लंदन में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की; कहा- अब 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने' का समय आ गया है सवाल उठता है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठीक से समझे बिना विदेशी दबाव बनाने की यह राजनीति आखिर क्यों चल रही है? क्या किसी राजनीतिक दल या किसी संगठन के आंदोलन के दौरान लगाये गये आरोपों को ही सच मानकर भारत को कटघरे में खड़ा कर देना इन सांसदों का नया शगल बन गया है? अगर इन्हें वाकई लोकतंत्र और नागरिकों की आजादी की इतनी चिंता है, तो यह चिंता हर देश के मामले में एक जैसी क्यों नहीं दिखती? आखिर भारत के मामले में ही इनका लोकतांत्रिक प्रेम क्यों उमड़ने लगता है? क्या भारत को नसीहत देना और उसके आंतरिक मामलों में दखल देना ही इनकी राजनीति का असली मकसद है? अब बात ध्रुव राठी की। जर्मनी में रहने वाले इस यूट्यूबर ने लंदन पहुंचकर पार्लियामेंट चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट 18 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने भारत में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही है और विदेशों में लोगों से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है। यहां सवाल उठता है कि अगर ध्रुव राठी के पास वोट चोरी के सबूत थे तो वह उन्होंने अपने भारत दौरे के दौरान पुलिस या कोर्ट को क्यों नहीं दिये? क्यों वह वापस विदेश भाग गये? हर बात पर विदेशों में ढिंढोरा पीटना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की चुनावी व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश करना आखिर किस बात का संकेत है? चुनावी प्रक्रिया से शिकायत होना अलग बात है, लेकिन अपनी राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए पूरी चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाना और दुनिया भर में भारत के लोकतंत्र की साख पर बट्टा लगाने की कोशिश करना अलग बात है। देखा जाये तो आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को सबूतों के दम पर साबित करना ही असली कसौटी है! सवाल यह भी है कि ध्रुव राठी आखिर विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ इतना बड़ा अभियान किसके दम पर चला रहे हैं? लंदन में प्रदर्शन, विदेशी मंचों पर भारत को घेरने की कोशिश और देश की राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की मुहिम, क्या यह सब महज संयोग है, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? विदेशी फंडिंग के आरोपों को झुठलाने वाले ध्रुव राठी को बताना चाहिए कि इस पूरे अभियान का पैसा कहां से आ रहा है, इसे कौन चला रहा है और इसके पीछे किसके हित जुड़े हैं? आखिर कौन है जो भारत की छवि को विदेशों में नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अभियानों को ताकत दे रहा है? साथ ही लंदन में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भारतीयों का मैदान में उतरना उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि विदेशों में रहने वाले भारतीय कोई उनके इशारे पर चलने वाली भीड़ नहीं हैं। इस देश से प्यार करने वाले लाखों भारतीय दुनिया के किसी भी कोने में हों, तिरंगा उठाना और अपनी सरकार के समर्थन में आवाज बुलंद करना जानते हैं। भारत के खिलाफ नारे लगाने वाले ही लोकतंत्र के ठेकेदार नहीं हैं; भारत के समर्थन में खड़े होने वालों को भी अपनी बात कहने का पूरा हक है। करोड़ों भारतीयों के वोट से बनी सरकार का फैसला विदेशों में बैठे कुछ लोगों के शोर-शराबे से नहीं बदला जा सकता। भारत किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह फैसला भारत की जनता करेगी, कोई विदेशी ताकत नहीं! इसके अलावा, यह भी बड़ी हैरानी की बात है कि संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं को भारत के मामलों में दखल देने की इतनी जल्दी रहती है कि वे किसी भी आरोप पर चिंता जताने से पहले पूरी सच्चाई जानने की जहमत तक नहीं उठातीं! 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान हिरासतों की खबरों पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चिंता जताई, तो भारत ने भी साफ-साफ जवाब दे दिया कि देश के आंतरिक मामलों में इस तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भी भारत ने इन टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपने संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र प्रेस का हवाला दिया। सवाल यह है कि मानवाधिकारों की दुहाई देने वाली इन वैश्विक संस्थाओं को दुनिया के हर मामले में एक जैसी तत्परता क्यों नहीं दिखती? भारत के मामले में बिना पूरी तस्वीर समझे बयान देने की जल्दी और दूसरे मामलों में चुप्पी...आखिर यह दोहरा रवैया कब तक चलेगा? जब संस्थाएं चुनिंदा मुद्दों पर ही जागेंगी और अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग तराजू रखेंगी, तो उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे ही। यही रवैया उनकी विश्वसनीयता को कमजोर करता है और दुनिया भर में लोगों के मन में यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ये संस्थाएं सचमुच मानवाधिकारों की रक्षा कर रही हैं या चुनिंदा राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का जरिया बनती जा रही हैं? उधर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं पर बिना पूरी जानकारी के उंगली उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भारत कोई ऐसा देश नहीं है कि कोई भी विदेशी संस्था या नेता उठे और बिना सोचे-समझे हमें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने लगे! भारत के अपने कानून हैं, अपनी अदालतें हैं और अपना संवैधानिक ढांचा है। लिहाजा, भारत पर सवाल उठाने वालों को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए, फिर बयानबाजी करनी चाहिए। भारत को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को यह समझना होगा कि हर आरोप पर जवाब मिलेगा और तथ्यों के दम पर मिलेगा। बहरहाल, जो लोग सत्ता पलटने का ख्वाब देख रहे हैं उन्हें भी समझना होगा कि भारत की ताकत किसी एक सरकार में नहीं, बल्कि उस करोड़ों भारतीयों के जनादेश में है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव मजबूत की है। इस देश को न विदेशी मंचों पर बैठकर भाषण देने वाले कुछ नेता चला सकते हैं, न सोशल मीडिया पर शोर मचाकर खुद को लोकतंत्र का सबसे बड़ा रखवाला बताने वाले लोग! भारत की छवि को झूठे आरोपों, आधी-अधूरी जानकारी और राजनीतिक एजेंडे के सहारे चोट पहुंचाने का सपना देखने वालों को समझना होगा कि भारत कोई कमजोर देश नहीं, जिसकी साख चंद बयानों से मिटा दी जाए। भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने तथ्यों की जांच करो, आरोप लगाने से पहले सबूत जुटाओ और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने से पहले यह समझो कि भारत का भविष्य तय करने का अधिकार भारतीय जनता के पास है, किसी विदेशी नेता या सोशल मीडिया के स्वयंभू विशेषज्ञ के पास नहीं! सवाल पूछने हैं तो पूछिए, लेकिन सवालों की आड़ में देश की संस्थाओं को बदनाम करने का ठेका मत लीजिए। क्योंकि भारत की असली ताकत तिरंगे के नीचे खड़े करोड़ों लोगों का विश्वास, स्वाभिमान और अपने देश का फैसला खुद करने का अधिकार है। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 17 Oct 2026 4:03 pm

होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका-ईरान में बढ़ा टकराव, देखें US Top-10

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरानी नौसेना ने होर्मुज के पूर्वी हिस्से पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, जबकि CENTCOM ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदारों का नियंत्रण है. CENTCOM के मुताबिक, IRGC के हमले में सिंगापुर के झंडे वाला कंटेनर जहाज क्षत्रिग्रस्त होकर डूब गया. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 17 Oct 2026 3:06 pm

अमेरिका में भारत का 330.5 अरब डॉलर निवेश! व्हाइट हाउस की लिस्ट में रिलायंस और एस्सार का नाम, जानें पूरा मामला

अमेरिका में भारत का 330.5 अरब डॉलर निवेश! व्हाइट हाउस की लिस्ट में रिलायंस और एस्सार का नाम, जानें पूरा मामला

समाचार नामा 17 Oct 2026 3:00 pm

अमेरिका में पत्नी की हत्या कर जलाया शव, पंजाब के युवक ने फिर गढ़ी लापता होने की कहानी; लाश के जले टुकड़ों से खुला राज

कैलिफोर्निया में पंजाब मूल की भारतीय महिला जैस्मीन औजला गिल की हत्या का मामला सामने आया है। उसके जले हुए अवशेष मिलने के बाद पति गुरिंदर गिल को गिरफ्तार किया गया है।

जागरण 17 Oct 2026 2:23 pm

रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

मॉस्‍को, 17 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीद को लेकर ‘ग्राहम एक्ट’ लागू पर छूट के ऐलान का रूस ने स्‍वागत क‍िया.…

डेली किरण 17 Oct 2026 2:03 pm

भारत के लिए राहत की खबर: ट्रम्प ने रोकी 100% टैरिफ की धमकी! रूस से डीजल डील पर बोले- अमेरिका को मिलेंगे 6 बड़े फायदे

भारत के लिए राहत की खबर: ट्रम्प ने रोकी 100% टैरिफ की धमकी! रूस से डीजल डील पर बोले- अमेरिका को मिलेंगे 6 बड़े फायदे

समाचार नामा 17 Oct 2026 2:00 pm

रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड की अमेरिका में एडवांस बुकिंग तेज, प्रीमियर बिक्री 3.17 लाख डॉलर पार

रणबीर कपूर और यश की फिल्म रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड ने अमेरिका में प्रीमियर एडवांस बुकिंग से 3,17,900 डॉलर का आंकड़ा पार किया। करीब 16,012 टिकट बिक चुके हैं। अब भारत में 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली बुकिंग पर नजर है।

प्रातःकाल 17 Oct 2026 2:00 pm

ईरान पर फिर बड़े हमले की ट्रंप की चेतावनी, पिकएक्स माउंटेन पर अमेरिका की नजर

ट्रंप ने गुरुवार रात न्यूजमैक्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उनके मुताबिक, ईरान का परमाणु कार्यक्रम पहाड़ों के नीचे गहराई में स्थित सुरक्षित ठिकानों में छिपा हो सकता है।

देशबन्धु 17 Oct 2026 1:39 pm

सीकर में BJP प्रदेशाध्यक्ष का पुतला जलाया:कांग्रेसियों ने इस्तीफा मांगा, राठौड़ ने कहा था- पाकिस्तान -अमेरिका भिड़ंत में हम पाकिस्तान के साथ

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा पाकिस्तान पर दिए बयान को लेकर आज सीकर में कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध जताया गया। कांग्रेसियों ने करीब 1 घंटे तक मदन राठौड़ के पुतले को कलेक्ट्रेट के बाहर पेड़ पर रस्सी से लटकाए रखा। इसके बाद पुतला दहन किया। कांग्रेस ने बीजेपी से मदन राठौड़ का इस्तीफा लेकर उन्हें फांसी देने की मांग की है। दरअसल बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित सेमिनार में पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दिया था। मदन राठौड़ ने कहा था- अगर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट का मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए। उस समय जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं है। हां, मैं यह कहता हूं कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला ने कहा कि एक तरफ तो भारतीय जनता पार्टी और उनकी सरकार पाकिस्तान के लोगों को आंख दिखाने की बात करते हैं। लेकिन मदन राठौड़ के बयान ने बता दिया है कि बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मदन राठौड़ का जो बयान है उसके लिए पार्टी उनसे इस्तीफा ले और उन्हें फांसी की सजा दे। क्योंकि मदन राठौड़ का यह बयान भारत देश और भारत के शहीदों का भी अपमान है।

दैनिक भास्कर 17 Oct 2026 1:31 pm

कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका से फंडिंग: आरोप और सबूत क्या हैं?

17 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर सीधी बात: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अमेरिकी दानदाताओं से पैसा मिलने का आरोप लगाया गया है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे को साबित करने वाले सत्यापित वित्तीय सबूत सामने नहीं आए हैं। 1. आरोप किसने लगाया और क्या कहा? मैरी मिलबेन (Mary Millben) […] The post कॉकरोच जनता पार्टी को अमेरिका से फंडिंग: आरोप और सबूत क्या हैं? appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 17 Oct 2026 1:22 pm

अमेरिकी कंजर्वेटिव ग्रुप : एच-1बी वीजा पर रोक लगाने की मांग की

वाशिंगटन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर सख्त नियमों की वकालत करने वाले एक कंजर्वेटिव संगठन ने एच-1बी वीजा पर रोक लगाने की मांग की है। ह्यूमन्स फर्स्ट नाम के इस ग्रुप ने इसे अपनी 'अमेरिका फर्स्ट एआई पॉलिसी' का हिस्सा बताया है।

देशबन्धु 17 Oct 2026 1:15 pm

ईरान की 30 हजार निंजा महिला वॉरियर्स, क्या ये लेंगी अमेरिका से पंगा?

ईरान के तेहरान में कुनोइची निंजा स्कूल की महिलाएं लगातार मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली रही हैं. 1989 में स्थापित इस स्कूल में करीब 30 हजार महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया है. यह आत्मविश्वास और फिटनेस बढ़ाता है.

आज तक 17 Oct 2026 1:14 pm

मार्को रुबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों की अपील, छात्र प्रदर्शनों और हिरासत का मुद्दा उठाने को कहा

पत्र में भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों की चिंताओं का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं की चुनावी भागीदारी पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाए।

देशबन्धु 17 Oct 2026 1:10 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब से आग्रह किया है कि वह यमन में हूतियों के खिलाफ इज़राइल से मदद स्वीक

अमेरिकी समाचार नेटवर्क CNN के अनुसार,व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों ने जब राष्ट्रपति ट्रम्प से पूछा कि क्या सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ इज़राइल की मदद लेनी चाहिए, तो राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत जवाब दिया, “हाँ।” उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में इज़राइल, सऊदी अरब के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। […] The post अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी अरब से आग्रह किया है कि वह यमन में हूतियों के खिलाफ इज़राइल से मदद स्वीकार करे। appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 17 Oct 2026 12:13 pm

15 दिन बाद अमेरिका से करनाल पहुंचा युवक का शव:45 लाख खर्च कर डंकी रूट से गया था; डेडबॉडी देख बिलख पड़ा परिवार

करनाल जिले के असंध क्षेत्र के गांव बल्लाह निवासी 21 वर्षीय अनिल कुमार मान का शव 15 दिन बाद अमेरिका से उसके पैतृक गांव पहुंचा। बेटे का शव घर पहुंचते ही परिजन बिलख-बिलखकर रोने लगे। परिवार को बेटे के अंतिम दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। आर्थिक तंगी के कारण शव भारत लाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे में अमेरिका में रह रहे गांव के युवकों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने लाखों रुपए जुटाए और शव भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करवाई। शनिवार को गांव की शिवपुरी में अनिल का अंतिम संस्कार किया गया। पिता ऋषिपाल ने बेटे को मुखाग्नि दी। 4 अक्टूबर को अमेरिका में बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, अनिल की 4 अक्टूबर को अमेरिका में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की सबसे बड़ी चिंता बेटे के शव को भारत लाने की थी, ताकि वे उसका अंतिम दर्शन कर सकें। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजनों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई थी। बेटे के भविष्य के लिए बेच दी थी जमीन अनिल कुमार मान ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने सपने पूरे करने के लिए उसने अमेरिका जाने का फैसला किया था। पिता ऋषिपाल ने बेटे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपनी जमीन बेच दी और कर्ज भी लिया। करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अनिल को डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया था। कई महीने का सफर तय करने के बाद वह अमेरिका पहुंचा और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर वहां रहने लगा था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा विदेश में मेहनत कर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, लेकिन उसकी अचानक मौत से सभी सपने अधूरे रह गए। दो परिवारों का इकलौता चिराग था अनिल अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। वहीं, ऋषिपाल के भाई रामपाल की भी एक ही बेटी है। ऐसे में अनिल दोनों परिवारों के लिए इकलौता चिराग था। उसकी मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शव पहुंचने पर परिवार के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में शिवपुरी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दुख की घड़ी में गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। अमेरिका में रहने वाले युवकों ने की मदद परिवार के पास शव भारत लाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में अमेरिका में काम करने वाले गांव के युवकों ने आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने लाखों रुपए एकत्रित कर शव को भारत लाने के प्रयास किए, जिसके बाद अनिल का शव गांव पहुंच सका। परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार कर उसे अंतिम विदाई दी।

दैनिक भास्कर 17 Oct 2026 12:11 pm

रूसी डीजल : अमेरिकी सांसदों ने पेश किया नया बिल

वाशिंगटन, अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के कुछ सांसदों ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस व्यवस्था को रोकना है, जिसके तहत रूस से डीजल खरीदने और अमेरिका में लाने की अनुमति दी गई है। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए अतिरिक्त पैसा मिल सकता है।

देशबन्धु 17 Oct 2026 11:57 am

Marco Rubio भारत दौरे में उठाएं छात्र प्रदर्शनों पर बल प्रयोग का मुद्दा: अमेरिकी सांसद

(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, 17 अक्टूबर प्रमिला जयपाल और इल्हान उमर सहित छह अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से आग्रह किया है कि वह भारत यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्षों के सामने दिल्ली और भारत के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग के कथित आरोपों का मुद्दा उठाएं। अमेरिकी सांसदों जयपाल, उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलाइब, एलेनॉर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया ने वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास और अन्य अमेरिकी शहरों के वाणिज्य दूतावासों पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों की निगरानी के लिए फोटोग्राफर को तैनात करने का आरोप लगाया है। रुबियो अगले सप्ताह भारत यात्रा पर जा रहे हैं और मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। सांसदों ने शुक्रवार को रुबियो को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘हम दिल्ली और भारत के अन्य क्षेत्रों में छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें गलत तरीके से हिरासत में लेने तथा अत्यधिक बल प्रयोग करने के मुद्दे को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हैं।’’सांसदों ने अपने पत्र में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कॉजपा के प्रदर्शनों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने का हवाला दिया। जयपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का संदर्भ देते हुए भारत में ‘‘मसौदा मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने’’ पर चिंता जताई और कॉकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने जयपाल की टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में ‘‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’’ करार दिया। सांसदों ने पत्र में लिखा, ‘‘मौलिक स्वतंत्रताओं का निष्पक्ष इस्तेमाल और मतदान का अधिकार अमेरिका एवं भारत दोनों की लोकतांत्रिक पहचान का अभिन्न अंग है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपनी यात्रा के दौरान दोनों देशों के लोगों से जुड़ीं इन साझा चिंताओं को उठाएं।’’दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक नेता एवं ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आवास एवं आधिकारिक कार्यालय) के पूर्व सलाहकार अजय जैन भुटोरिया ने रुबियो को पत्र लिखने के लिए जयपाल की तीखी आलोचना की। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकार रहे भुटोरिया ने कहा, ‘‘भारत अपनी अदालतों, स्वतंत्र मीडिया और 90 करोड़ से अधिक मतदाताओं के साथ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। नयी दिल्ली के आंतरिक मामलों पर अमेरिकी कांग्रेस को उसे उपदेश देने का कोई हक नहीं है। यह भारत-अमेरिका साझेदारी को कमजोर करता है। अमेरिका को अपनी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।’’

प्रभासाक्षी 17 Oct 2026 11:43 am

ट्रंप के रूसी डीजल आयात फैसले के खिलाफ अमेरिकी सांसदों ने पेश किया नया बिल

अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के कुछ सांसदों ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस व्यवस्था को रोकना है, जिसके तहत रूस से डीजल खरीदने और अमेरिका में लाने की अनुमति दी गई है। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए अतिरिक्त पैसा मिल सकता है।

खास खबर 17 Oct 2026 11:23 am

भारत-अमेरिका : टैर‍िफ घटाने के बदले अमेरिकी फल-सोयाबीन-वाइन को भारतीय बाजार में एंट्री

वाशिंगटन, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। हालांकि, अमेरिकी डेयरी उत्पादों को भारतीय बाजार में ज्यादा पहुंच देने का मुद्दा अभी भी सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ है। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर आ रहे हैं।

देशबन्धु 17 Oct 2026 11:05 am

Congress: अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो इसी महीने आएंगे भारत, राहलु गांधी ने इस दौरे को लेकर सरकार पर साधा निशाना

इंटरनेट डेस्क। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्काे रुबियो इसी महीने भारत की यात्रा पर आ रहे है। उनके मुंबई और गुजरात के जामनगर का दौरा करने को लेकर देश में चर्चा चल रही है, इन सबके बीच लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तंज कसा है, उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मिस्टर रुबियो ने अपने कर्मचारी को मुंबई बुलाया है। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, मोदी जी, विदेश मंत्रालय में आपके अधिकारी इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आखिर चल क्या रहा है, शायद आप ही उन्हें समझा दें, या फिर, अगर आप चाहें तो मैं भी समझा सकता हूं। कांग्रेस ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्काे रुबियो के प्रस्तावित मुंबई दौरे को लेकर सवाल किए हैं, विपक्षी पार्टी ने सवाल किया है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री से संभावित मुलाकात पर विदेश मंत्रालय अबतक चुप क्यों है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत द्वारा मार्काे रुबियो की आगामी मुंबई यात्रा के बारे में और विवरण दिया जाना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी भी पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं है कि रुबियो मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। जयराम रमेश ने कहा, अमेरिकी राजदूत का यह कहना काफी असाधारण है कि डॉ. जयशंकर के भी अन्य लोगों के साथ वहां हमारे साथ शामिल होने की उम्मीद है।. उन्होंने सवाल किया कि भारत के विदेश मंत्री की देश के भीतर होने वाली बैठकों की घोषणा विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता के बजाय किसी अन्य पक्ष द्वारा कब से की जाने लगी? pc- india tv hindi

राजस्थान खबरे 17 Oct 2026 10:57 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : टैर‍िफ घटाने के बदले अमेरिकी फल-सोयाबीन-वाइन को भारतीय बाजार में एंट्री

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : टैरिफ घटाने के बदले अमेरिकी फल-सोयाबीन-वाइन को भारतीय बाजार में एंट्री

समाचार नामा 17 Oct 2026 10:22 am

अमेरिका की तर्ज पर भारत में विकसित हो रही एकीकृत रक्षा प्रणाली, तीनों सेनाओं में होगा बेहतर तालमेल

भारत अमेरिका की तर्ज पर तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक एकीकृत लॉजिस्टिक प्रणाली विकसित कर रहा है। इस परियोजना का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स कर रहा है।

जागरण 17 Oct 2026 9:30 am

'अवैध हिरासतों पर भी पूछना सवाल', मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों ने लिखा पत्र

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिका के कुछ सांसदों ने उन्हें पत्र लिखा है और भारत में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिरासत को लेकर सवाल करने का सुझाव दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 17 Oct 2026 9:28 am

AMU में आज मनाया जाएगा सर सैयद डे, सुप्रीम कोर्ट के जज होंगे शामिल; अमेरिकी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को मिलेगा अवार्ड

AMU में आज मनाया जाएगा सर सैयद डे, सुप्रीम कोर्ट के जज होंगे शामिल; अमेरिकी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को मिलेगा अवार्ड

समाचार नामा 17 Oct 2026 9:28 am

अमेरिका में एच-1बी कर्मचारियों को झटका: वर्क परमिट की 540 दिन की राहत खत्म, भारतीयों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अमेरिका में एच-1बी कर्मचारियों को झटका: वर्क परमिट की 540 दिन की राहत खत्म, भारतीयों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें us-ends-540-day-automatic-work-permit-extension-h1b-h4-visa-workers-know-impact-on-indians

अमर उजाला 17 Oct 2026 8:57 am

ट्रंप के फ़ैसले से डेडलाइन के ठीक पहले भारत को बड़ी राहत, अमेरिका में बढ़ सकता है विरोध

शुक्रवार रात जारी एक कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि कुछ प्रतिबंधों को रोकना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है. ट्रंप ने सितंबर में प्रतिबंधों से जुड़े बिल पर हस्ताक्षर कर उसे क़ानून बनाया था.

बीबीसी हिंदी 17 Oct 2026 8:44 am

अमेरिका-कनाडा से जापान तक गूंज चुकी है बापी के ढाक की थाप, जमशेदपुर में मां दुर्गा की आराधना में लगा रहे चार चांद

जमशेदपुर में दुर्गा पूजा के दौरान ढाक की थाप और धुनुची नृत्य भक्तिमय माहौल बनाते हैं। कलाकार बापी मनोज सिंह जैसे ढाकी अपनी कला से उत्सव की रौनक बढ़ाते हुए देश-विदेश में भी प्रस्तुति दे चुके हैं।

जागरण 17 Oct 2026 8:37 am

अमेरिकी कंजर्वेटिव ग्रुप ने एच-1बी वीजा पर रोक लगाने की मांग की, एआई पॉलिसी का दिया प्रस्ताव

वाशिंगटन, 17 अक्टूबर . आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर सख्त नियमों की वकालत करने वाले एक कंजर्वेटिव संगठन ने एच-1बी वीजा पर रोक लगाने की मांग की है. ह्यूमन्स…

डेली किरण 17 Oct 2026 8:18 am

भारत के प्रदर्शनों पर अमेरिका की नजर: छह सांसदों ने रूबियो को लिखा पत्र; कहा- जयशंकर के सामने उठाएं मुद्दा

भारत में छात्र प्रदर्शनों पर अमेरिकी सांसदों की लामबंदी: रूबियो को लिखा पत्र; कहा- सरकार के सामने उठाएं मुद्दा--US Lawmakers Urge Marco Rubio to Question India Over handling CJP Protests in Delhi

अमर उजाला 17 Oct 2026 8:02 am

पंजाबी युवक ने अमेरिका में पत्नी की हत्या की:जलाकर लाश फेंकी, फिर अपहरण की झूठी कहानी बनाई: DNA से खुला राज

अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैक्रामेंटो में पंजाबी मूल के युवक ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए दावा किया कि अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ICE के एजेंट उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर चले गए हैं। इसी बीच पुलिस एल्डोराडो काउंटी में महिला की जली हुई लाश मिली। फॉरेंसिक जांच और DNA रिपोर्ट से उसकी पहचान जैसमीन गिल के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने 16 अक्टूबर को पति गुरिंदर को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस अब हत्या के कारणों का पता लगा रही है। 30 सितंबर को आखिरी बार घर पर देखी गई जैसमीन जैसमीन गिल को आखिरी बार 30 सितंबर को सैक्रामेंटो स्थित उनके घर पर देखा गया था। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। 4 अक्टूबर को उनके चचेरे भाई ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। पति ने कहा- डाक चेक करते समय ICE एजेंट ले गए शुरुआती पूछताछ में गुरिंदर गिल ने पुलिस को बताया कि जैसमीन घर के बाहर लगे मेलबॉक्स में डाक चेक कर रही थीं। इसी दौरान ICE के एजेंट आए और उन्हें हिरासत में लेकर चले गए। पुलिस को गुरिंदर की बात पर शक हुआ। अधिकारियों ने जब ICE एजेंसी से संपर्क किया, तो एजेंसी ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जली हुई लाश मिली, DNA जांच से हुई पहचान जैसमीन के लापता होने के बीच 1 अक्टूबर को एल्डोराडो काउंटी में पुलिस को एक जली हुई लाश मिली। फॉरेंसिक जांच और DNA रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि लाश जैसमीन गिल की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में गुरिंदर की भूमिका की जांच तेज कर दी। जांच के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास भी सामने आए। तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर विवाद जांच में सामने आया कि गुरिंदर और जैसमीन के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। दोनों के बीच तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर अदालत में कानूनी विवाद चल रहा था। पुलिस इस विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है। आरोपी गिरफ्तार, दो ठिकानों पर छापेमारी पुलिस ने गुरिंदर गिल को गिरफ्तार कर सैक्रामेंटो काउंटी की मुख्य जेल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़े दो ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत जुटाए। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। *********** ये खबर भी पढ़ें: झोटा-हत्याकांड, केमिस्ट 2 साल से कत्ल की फिराक में था: चौबीसों घंटे पिस्टल अपने पास रखता; अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता कह गोलियां मारी इसने मुझे बहुत तंग कर रखा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता, आज इसे जान से मार दूंगा…पत्नी नीलम गर्ग को फोन पर ये कहकर मानसा में केमिस्ट अश्विनी कुमार ने नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या कर दी। आर्म्स लाइसेंस मिलते ही पिस्टल खरीदने के बाद पिछले 2 साल से ही अश्विनी ने झोटा की हत्या का प्लान बना लिया था। वह चौबीसों घंटे पिस्टल अपने पास रखता था। यहां तक कि रात को भी उसे सिराहने पास रखकर सोता था। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 17 Oct 2026 7:49 am

अमेरिका में ICE की कार्रवाई से 30 हजार भारतीय खेत मजदूरों ने छोड़ा काम, वीडियो में जाने फल-सब्जियों के दाम 32% तक बढ़ने का खतरा

अमेरिका में ICE की कार्रवाई से 30 हजार भारतीय खेत मजदूरों ने छोड़ा काम, वीडियो में जाने फल-सब्जियों के दाम 32% तक बढ़ने का खतरा

समाचार नामा 17 Oct 2026 7:36 am

रात में भी मिलेगी सूरज की रोशनी! अमेरिकी कंपनी अंतरिक्ष से बेचेगी धूप, वीडियो में जाने भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ किया बड़ा समझौता

रात में भी मिलेगी सूरज की रोशनी! अमेरिकी कंपनी अंतरिक्ष से बेचेगी धूप, वीडियो में जाने भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ किया बड़ा समझौता

समाचार नामा 17 Oct 2026 7:34 am

वैश्विक व्यापार: रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट से भारत को कैसे मिलेगा फायदा? जानिए विशेषज्ञों की राय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञ इसे भारतीय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मान रहे हैं।

ज़ी न्यूज़ 17 Oct 2026 6:14 am

सुर्खियां: एलके आडवाणी अस्पताल में भर्ती; अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले; अमेरिका में हमले की साजिश, भारत चिंतित

सुर्खियां: एलके आडवाणी अस्पताल में भर्ती; अदन एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले; अमेरिका में हमले की साजिश, भारत चिंतित Top Headline Today Important And Big News Stories Of 17 october 2026 Updates on amar ujala News In Hindi

अमर उजाला 17 Oct 2026 5:30 am

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर भारत चिंतित: भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील; क्या कहा?

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर भारत चिंतित: भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील; क्या कहा?

अमर उजाला 17 Oct 2026 4:57 am

'हर अमेरिकी को बिना डर पूजा का अधिकार', अमेरिकी सांसदों ने FBI को लिखा लेटर

अमेरिका में एक हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम होने के बाद दो अमेरिकी सांसदों ने संघीय जांच और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने अमेरिकी न्याय विभाग और FBI को पत्र लिखकर मामले की संभावित हेट क्राइम के तौर पर जांच करने को कहा है.

आज तक 17 Oct 2026 3:23 am

अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां: अमेरिका में अवैध मतदान, भारतीय गिरफ्तार; होर्मुज और रोमानिया में दो टैंकरों पर हमला

अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां: अमेरिका में अवैध मतदान, भारतीय गिरफ्तार; होर्मुज और रोमानिया में दो टैंकरों पर हमला

अमर उजाला 17 Oct 2026 1:16 am

ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

तेहरान, 16 अक्टूबर . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने Friday को एक बार फिर दोहराया कि उनका देश परमाणु हथियार विकसित नहीं करना चाहता और तेहरान विरोधी…

डेली किरण 16 Oct 2026 11:58 pm

अमेरिका के सामने झुकती है सरकार, युवा सड़कों पर, जनता ने भगाने का मन बना लिया है: विजय वडेट्टीवार

नागपुर, 16 अक्टूबर . कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने केंद्र Government पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि Government अमेरिका के सामने झुककर काम कर रही है और…

डेली किरण 16 Oct 2026 11:58 pm

विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं

जागरण 16 Oct 2026 11:33 pm

रूसी तेल खरीद पर भारत को राहत के आसार, अमेरिका के 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की संभावना कम; मुंबई में मिलेंगे जयशंकर और रूबियो

रूसी तेल खरीद पर भारत को अमेरिका से 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलने की संभावना है, भले ही अमेरिकी कानून में इसका प्रावधान हो।

जागरण 16 Oct 2026 8:03 pm

भारत-यूएस व्यापार समझौता लगभग पूरा, दोनों सरकारें लगातार संपर्क में : अमेरिकी अधिकारी

वॉशिंगटन, 16 अक्टूबर . India और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग पूरा हो चुका है और बातचीत का केवल एक से दो प्रतिशत हिस्सा बाकी है. अमेरिका…

डेली किरण 16 Oct 2026 8:03 pm

अमेरिका में नवरात्रि पर हिंदू मंदिर में नरसंहार की साजिश नाकाम, वीडियो में जाने राइफल और 300 गोलियों के साथ 19 साल का युवक गिरफ्तार

अमेरिका में नवरात्रि पर हिंदू मंदिर में नरसंहार की साजिश नाकाम, वीडियो में जाने राइफल और 300 गोलियों के साथ 19 साल का युवक गिरफ्तार

समाचार नामा 16 Oct 2026 7:59 pm

'भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें', हिंदू मंदिर हमले की साजिश पर भारत की अमेरिका को दो टूक

भारत ने अमेरिका के शिकागो में एक हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना की गहन जांच करने का आग्रह किया है।

जागरण 16 Oct 2026 7:17 pm

OpenAI पर अमेरिका के 8 राज्यों में मुकदमे! ChatGPT पर बच्चों को नुकसान पहुंचाने और यूजर्स को गुमराह करने के आरोप, कंपनी ने दिया जवाब

OpenAI पर अमेरिका के 8 राज्यों में मुकदमे! ChatGPT पर बच्चों को नुकसान पहुंचाने और यूजर्स को गुमराह करने के आरोप, कंपनी ने दिया जवाब

समाचार नामा 16 Oct 2026 6:30 pm

कैथल में अमेरिका भेजने के बहाने ₹37 लाख हड़पे:गैंगस्टरों से रिश्ता बताकर गोली मारने की धमकी दी, पंजाब के आरोपियों पर FIR

कैथल में पंजाब के तीन आरोपियों ने एक युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 37 लाख रुपए हड़प लिए। रुपए लेने के बाद आरोपियों ने उसे विदेश नहीं भेजा। जब उसने आरोपियों से मिलकर रुपए वापस मांगे तो मुख्यारोपी ने पिस्तौल दिखाते हुए कहा कि हमारे तो बहुत बड़े बड़े गैंगस्टरों के साथ रिश्ते हैं और अगर पैसे मांगने दोबारा घर पर आए तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इस संबंध में पीड़ित युवक ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 55 लाख रुपए में विदेश भेजने की बात कही गांव कोलेखां निवासी नरेश कुमार ने कलायत थाना में दी शिकायत में बताया कि वह विदेश जाना चाहता था। इस संबंध में उसने कलायत में गांव सानेवाल जिला लुधियाना पंजाब निवासी कुलविंदर सिंह से बातचीत की। कुलविंदर ने उसे 55 लाख रुपए में अमेरिका भेजने की बात कही। आरोपी ने 35 लाख रुपए पहले मांगे और 20 लाख रुपए अमेरिका पहुंचने के बाद देने के लिए कहा। दिसंबर 2023 में आरोपी ने उसे 16 लाख 50 हजार रुपए देने के लिए कहा और उसे शुगर मिल के पास अपने कार्यालय में बुला लिया। वहां पर कुलविंदर व उसकी पत्नी जसप्रीत कौर आए और 6 लाख 50 हजार रुपए ले कर चले गए। उसे भरोसा दिलाया कि बस जल्दी ही अमेरिका भेज देंगे। रुपए लेकर बोले- आपका काम नहीं बन सकता कुछ समय बाद आरोपियों ने उससे 10 लाख 50 हजार रुपए नरवाना बिजली बोर्ड के पास ले लिए। अगले दिन कुलविंदर व उसके पिता हरबंस सिंह उसके पास आए और 8 लाख रुपए लेकर चले गए। उसने आरोपियों को अलग अलग समय के 35 लाख रुपए दे दिए। एक जनवरी 2024 को आरोपी ने उससे 2 लाख रुपए डॉलर में बदलने के लिए मांगे। उसने वह रकम भी आरोपियों को दे दी। काफी समय बीतने के बाद उसने आरोपियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि काम नहीं बन रहा, इसलिए उसके पैसे वापस कर देंगे। रुपए मांगने पर दी जान से मारने की धमकी आरोपियों ने उसे ढाई-ढाई लाख रुपए के दो चैक दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपियों ने उसकी कॉल उठानी बंद कर दी। बाद में रुपए मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। ऐसा करके आरोपियों ने उसके साथ 37 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दैनिक भास्कर 16 Oct 2026 5:56 pm

कब होगी भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील? निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की उम्मीद जताई और चीन के साथ व्यापार असंतुलन पर चिंता व्यक्त की। ॉ

जागरण 16 Oct 2026 5:28 pm

अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?

रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.

आज तक 16 Oct 2026 5:26 pm

अमेरिका के स्कूल में फायरिंग में 4 लोगों की मौत, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका के ओरेगन राज्य में एक प्राइमरी स्कूल में गोलीबारी की घटना हुई. जिसमें तीन बच्चे और एक टीचर की मौत हो गई. फायरिंग में 7 साल का एक बच्चा और एक अन्य शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए. 16 साल के हमलावर बच्चे की एक स्थानीय नागरिक ने गोली मारकर ढेर कर दिया. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 16 Oct 2026 4:44 pm

Rajasthan: 'अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध' वाले बयान पर घिरे मदन राठौड़, अब देनी पड़ रही सफाई, कांग्रेस ने साधा निशाना...

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक बयान पर अभी सियासत गरता रही है। उनका यह बयान पाकिस्तान को लेकर है। उन्होंने कहा कि अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। इस बयान को लेकर अब कांग्रेस राठौड़ पर जमकर निशाना साध रही है। कांग्रेस ने राठौड़ के बयान को पाकिस्तान के प्रति बीजेपी का प्रेम बताया है। ट्रोल होने के बाद राठौड़ इस बयान पर सफाई देते फिर रहे है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे इस वीडियो में मदन राठौड़ कहते हुए नजर आ रहे हैं कि अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। ठीक है। यह बात हमें समझनी होगी। राठौड़ के इस वीडियो को लेकर कांग्रेस बीजेपी को जमकर घेर रही है। कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे पाकिस्तान के प्रति बीजेपी का प्रेम बताया है। अपने बयान पर राठौड़ ने दी सफाई इधर, मदन राठौड़ के इस बयान से सियासत में हड़कंप मच गया। बाद में मदन राठौड़ अपने इस बयान पर सफाई देते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। दरअसल उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच हो और भारत हार जाए तो जो पटाखे फोड़ते हैं, वह देशभक्त नहीं हैं। अगर अमेरिका-पाकिस्तान का मैच हो तो पड़ोसी होने के नाते हम पाकिस्तान के साथ हैं। pc- zee news

राजस्थान खबरे 16 Oct 2026 3:25 pm

हैरिस का अमेरिका में म‍िडटर्म चुनावों में जीत का दावा, देखें US Top-10

अमेरिका की आज की 10 प्रमुख खबरों में कमला हैरिस का चुनाव संबंधी बयान और डोनाल्ड ट्रम्प की चुनावी रैलियां शामिल हैं. ट्रम्प ने नए डिफेंस सुपर रेंज की घोषणा की है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा है. अमेरिका-रूस के बीच डीजल समझौते पर यूक्रेन ने विरोध जताया है. वहीं जापान न्यू यॉर्क में सेमीकंडक्टर चिप फैक्ट्रियों के लिए भारी निवेश करेगा. न्यू यॉर्क के सेंट्रल पार्क में घोड़ा गाड़ी बंद करने का प्रस्ताव है और सन फ्रांसिस्को चिड़ियाघर में नए कैपीबारा पहुंचे हैं.

आज तक 16 Oct 2026 2:33 pm

दिल्ली में रहने वाली अमेरिकन लेडी भारत की किराना दुकानों की हो गई फैन! इनमें ऐसा क्या मिल गया इनको?

दिल्ली (Delhi) में रहने वाली अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टन फिशर (Kristen Fisher) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें वह अपने घर के पास की किराना दुकान से खरीदती नजर आ रही हैं। क्रिस्टन को यह बात पसंद आई कि रोज का सामान लेने के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही ऑनलाइन ऑर्डर करके डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है।क्रिस्टन ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि किराना दुकान उनके घर से एक मिनट से भी कम दूरी पर है। वह पैदल दुकान पर गईं, हिंदी में दूध और दही मांगा, पैसे दिए और घर लौट आईं। उन्होंने कहा कि भारत में छोटी दुकानें पास में होने से जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है और यह सुविधा उन्हें बहुत पसंद है।क्रिस्टन के वीडियो पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिएएक यूजर ने कहा कि भारतीय अपने आसपास आसानी से मिलने वाली सुविधाओं की अहमियत भूल जाते हैं। दूसरे ने बताया कि अमेरिका में बिना कार के खरीदारी करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, एक यूजर ने छोटी दुकानों को 'छोटा वॉलमार्ट' कहा। कई लोगों ने क्रिस्टन की हिंदी की भी तारीफ की।ब्लिंकइट से बेहतर लगी पैदल खरीदारीएक यूजर ने क्रिस्टन को ब्लिंकइट इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस पर उन्होंने कहा कि वह पैदल जाकर लोगों से बात करना और छोटी दुकानों से सामान खरीदना पसंद करती हैं। इससे छोटे दुकानदारों को भी मदद मिलती है।आजकल ब्लिंकइट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स से लोग कुछ ही मिनटों में घर पर सामान मंगवा लेते हैं। मोहल्ले की दुकानों से सामान लेने पर लोगों को डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और छोटे दुकानदारों का कारोबार भी चलता रहता है।

ज़ी न्यूज़ 16 Oct 2026 2:27 pm

अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध छिड़ा तो पाकिस्तान के साथ खड़े होंगे

भारतीय राजनीतिक गलियारों में बयानों के तीर अक्सर राजनेताओं के लिए बड़ी मुसीबत बन जाते हैं और ऐसा ही कुछ इन दिनों राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) के साथ होता नजर आ रहा है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें वे यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि यदि कभी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो भारत को पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान का समर्थन करना चाहिए। इस बयान के सामने आते ही देश की सियासत में भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों खासकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल खड़े किए हैं। चौतरफा घिरने के बाद अब मदन राठौड़ और पार्टी की ओर से इस पर सफाई दी जा रही है। आइए एक राजनीतिक और ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस पूरे विवाद की असल कहानी क्या है और बयान पर क्यों इतना हंगामा मचा हुआ है।वायरल वीडियो और भाषण का वह हिस्सा जिस पर गरमाई देश की सियासतपूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मदन राठौड़ का एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कूटनीतिक और भू-राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की थी। वायरल फुटेज के मुताबिक, वे यह कहते सुने गए कि यदि कभी अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कोई टकराव या युद्ध होता है, तो भारत को अपने पड़ोसी देश यानी पाकिस्तान के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। हालांकि, इसी बयान में उन्होंने यह भी जोड़ा था कि जब बात भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों या विवाद की आती है, तो देश हमेशा अपने देश यानी भारत के साथ खड़ा नजर आता है। लेकिन उनके इस बयान के पहले हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर विरोधियों को बड़ा हथियार मिल गया और देखते ही देखते यह राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन गया।कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का तीखा हमला: पूछा- क्या यही है बीजेपी का राष्ट्रवाद?इस बयान के बाहर आते ही विपक्षी दलों ने बीजेपी को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो पार्टी हर मुद्दे पर दूसरों की देशभक्ति की परीक्षा लेती है, उसके प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान हैरान करने वाला है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बयान से इत्तेफाक रखते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जब विपक्ष सवाल पूछता है तो उन्हें देशद्रोही करार दिया जाता है, लेकिन जब सत्ताधारी पार्टी का कोई बड़ा नेता पाकिस्तान के पक्ष में खड़े होने की बात करता है, तो उनका राष्ट्रवाद कहां गायब हो जाता है। इस तरह के राजनीतिक हमलों ने इस बयान को एक बड़े राष्ट्रीय विवाद में बदल दिया।चौतरफा घिरने के बाद मदन राठौड़ की सफाई: बोले- 'मेरे बयान को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया'विपक्ष के तीखे तेवरों और बढ़ते सियासी दबाव को देखते हुए राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटकर गलत तरीके से पेश किया गया है और उनके कहने का मतलब कुछ और था। राठौड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने वह बात एक खेल या क्रिकेट मैच के उदाहरण के तौर पर समझाई थी, न कि किसी वास्तविक सैन्य युद्ध के संदर्भ में। उनका कहना था कि यदि खेल के मैदान पर भी कोई देश किसी अन्य से खेलता है, तो पड़ोसी होने के नाते समीकरण अलग होते हैं, लेकिन उनके बयान के एक छोटे हिस्से को एडिट करके दुर्भावनापूर्ण तरीके से वायरल किया गया है ताकि उनकी और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।आतंकवाद और देशहित के मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष स्पष्टविवाद बढ़ने के बाद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है और यह साफ किया है कि भारत की विदेश नीति और आतंकवाद के खिलाफ पार्टी का रुख हमेशा से पूरी तरह स्पष्ट और कठोर रहा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो देश भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देता है, उसके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी का सवाल ही पैदा नहीं होता। मदन राठौड़ के इस स्पष्टीकरण के बाद भले ही पार्टी ने डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की हो, लेकिन आने वाले दिनों में यह बयान राजनीतिक मंचों पर विरोधियों के लिए एक बड़ा हथियार बना रहेगा, जिस पर बहस अभी थमती हुई नजर नहीं आ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Oct 2026 2:16 pm

अमेरिका में अवैध भारतीय प्रवासियों में खौफ! 30 हजार ने छोड़ा काम, फल और सब्जियों के दाम आसमान छूने की आशंका

अमेरिका में अवैध भारतीय प्रवासियों में खौफ! 30 हजार ने छोड़ा काम, फल और सब्जियों के दाम आसमान छूने की आशंका

समाचार नामा 16 Oct 2026 2:10 pm

जिस बीमारी का इलाज ढूंढने में लगी थीं, उसी से हो गई मौत; कौन थीं अमेरिकी-भारतीय डॉ. रचना श्रॉफ

अमेरिकी-भारतीय डॉ. रचना श्रॉफ जिस बीमारी के इलाज के लिए रिसर्च कर रही थीं, उसी ने उनकी जान ले ली। एक साल पहले उन्हें कैंसर का पता चला था लेकिन उन्होंने अपना काम नहीं छोड़ा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Oct 2026 1:12 pm

जेलेंस्की और ट्रंप के बीच आर-पार की जंग! अमेरिका ने दी थी चेतावनी

रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण संघर्ष के पांच साल होने वाले हैं। स्थिति यह है कि आज भी यह संघर्ष खत्म होने के बजाय और भयावह रूप लेता नजर आ रहा है। हालांकि अब इस संघर्ष में एक चौंकाने वाला और नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, अब इस बात की संभावना ज्यादा …

इंडियन लेटर 16 Oct 2026 1:00 pm

भारतीय मूल के स्टोर मालिक को ग‍िरफ्तार कर अमेरिका भेजा गया, छह लाख डॉलर से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप

वाशिंगटन, 16 अक्टूबर . एफबीआई की ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल भारतीय मूल के किराना कारोबारी मनजीत सिंह बेदी को India से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है.…

डेली किरण 16 Oct 2026 12:58 pm

अमेरिका को पीछे छोड़ चीन बना भारत का नंबर-1 ट्रेड पार्टनर, पहली छमाही में भारत-चीन व्यापार 29% उछलकर $91 अरब के पार

पहली छमाही में भारत-चीन व्यापार ने तोड़े रिकॉर्ड... $91 अरब के पार पहुंचा कारोबार.वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने चौंकाया.यहां जानें पूरी डिटेल..

NDTV इंडिया 16 Oct 2026 12:47 pm

S-400 पर अमेरिका का दोहरा रवैया: तुर्की ने भारत में F-35 भेजने पर घेरा

वैश्विक रक्षा कूटनीति और सामरिक समीकरणों में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। तुर्की (तुर्किये) ने वाशिंगटन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय रक्षा सौदों और प्रतिबंधों को लेकर खुलेआम दोहरे मापदंड (Double Standards) अपना रहा है। तुर्की की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया तब आई है जब अमेरिकी वायुसेना ने भारत में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यासों में अपने सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स को शामिल किया और भारत को इसे देने के संकेत दिए।तुर्की के रणनीतिक विशेषज्ञों और मीडिया हलकों में इस फैसले को लेकर गहरा असंतोष है। अंकारा का कहना है कि रूसी S-400 ट्रिम्फ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने के नाम पर जिस तरह अमेरिका ने अपने ही नाटो (NATO) सहयोगी देश तुर्की पर कड़े प्रतिबंध ठोके और F-35 प्रोग्राम से बाहर कर दिया, वही नियम भारत के लिए लागू क्यों नहीं किए जा रहे हैं?S-400 विवाद और तुर्की की ऐतिहासिक नाराजगीइस पूरे विवाद की जड़ें साल 2017 और 2019 के बीच हुए सैन्य घटनाक्रमों से जुड़ी हुई हैं। तुर्की, जो अमेरिका नीत सैन्य गठबंधन नाटो का एक संस्थापक और बेहद महत्वपूर्ण सदस्य है, उसने अपनी वायु रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस के साथ अरबों डॉलर की S-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने का सौदा किया था।जब रूस ने तुर्की को S-400 की डिलीवरी शुरू की, तो वाशिंगटन ने इसे नाटो की सुरक्षा और F-35 जेट्स के गुप्त डेटा के लिए गंभीर खतरा बताया। अमेरिका का दावा था कि S-400 प्रणाली में लगे संवेदनशील रडार F-35 की स्टील्थ तकनीक (अदृश्य रहने की क्षमता) का डेटा चुराकर मास्को को भेज सकते हैं।इसके बाद अमेरिका ने बिना कोई नरमी दिखाए तुर्की के खिलाफ 'काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट' (CAATSA) के तहत कड़े आर्थिक व सैन्य प्रतिबंध लगा दिए। इतना ही नहीं, तुर्की को जॉइंट स्ट्राइक फाइटर (JSF) F-35 डेवलपमेंट प्रोग्राम से रातों-रात बेदखल कर दिया गया। तुर्की ने इस परियोजना में लगभग 1.4 से 1.6 अरब डॉलर का भारी निवेश किया हुआ था और उसके 6 तैयार F-35 जेट्स अमेरिका के हैंगर में ही रुक गए, जो आज तक उसे नहीं मिले।भारत को लेकर क्यों तिलमिलाया तुर्की?अब तुर्की के रक्षा विश्लेषकों का सवाल है कि जब भारत ने भी रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर का S-400 मिसाइल सौदा किया और अपनी सेना में इसकी चार से पांच स्क्वाड्रन तैनात भी कर ली हैं, तो वाशिंगटन भारत के प्रति इतना मेहरबान क्यों है?भारत न तो नाटो का सदस्य है और उसने रूस से वही S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदी है। इसके बावजूद अमेरिका ने भारत पर न केवल CAATSA प्रतिबंध लगाने से परहेज किया, बल्कि भारत की वायुसेना को अपने सबसे एडवांस्ड लड़ाकू विमान F-35 की पेशकश तक कर डाली है। हाल के समय में भारतीय धरती पर तरंग शक्ति और अन्य अभ्यासों के दौरान अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों की गर्जना देखकर तुर्की के राजनयिक गलियारों में अमेरिका के 'दोहरे मापदंड' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि यह अमेरिकी विदेश नीति का विरोधाभास है—एक ही हथियार खरीदने पर अपने नाटो सहयोगी को सजा दी जाती है, जबकि दूसरे गैर-नाटो देश को अमेरिका अपने सबसे गुप्त और ताकतवर फाइटर जेट बेचने की वकालत कर रहा है।वाशिंगटन की मजबूरी और भारत का इंडो-पैसिफिक में कदअमेरिका के इस कथित दोहरे रवैये के पीछे की भू-राजनीतिक (Geopolitical) वजहों को समझना बेहद जरूरी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्थिति तुर्की से बिल्कुल अलग है।चीन की चुनौती और क्वाड (QUAD): अमेरिका के लिए इस वक्त सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती चीन का बढ़ता सैन्य प्रभाव है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन को संतुलित करने के लिए भारत अमेरिका का सबसे भरोसेमंद और शक्तिशाली भागीदार है। अमेरिका जानता है कि भारत की सैन्य ताकत को कमजोर करना अंततः चीन के ही पक्ष में जाएगा।ऐतिहासिक और कानूनी अंतर: भारत ने रूस के साथ S-400 का सौदा 2018 में किया था, जो CAATSA कानून के पूर्ण कड़े प्रावधान लागू होने से पहले की बातचीत पर आधारित था। जबकि तुर्की ने नाटो सदस्य होते हुए चेतावनी के बावजूद इस सौदे को आगे बढ़ाया था।रणनीतिक स्वायत्तता: भारत हमेशा से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय बहुपक्षीय नीति (Strategic Autonomy) अपनाता आया है।क्या भारतीय वायुसेना में शामिल होगा F-35?भले ही अमेरिका भारत को F-35 देने के सकारात्मक संकेत दे रहा हो, लेकिन भारतीय वायुसेना (IAF) का रुख इस पर बेहद नपा-तुला और सावधानियों से भरा है। भारत अच्छी तरह जानता है कि अमेरिकी हथियार प्रणालियों के साथ कड़ी परिचालन शर्तें (Operational Conditions) और डेटा एक्सेस की सीमाएं जुड़ी होती हैं। हाल ही में भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक भारत को विमान पर पूर्ण परिचालन नियंत्रण और स्वदेशी तकनीकों को जोड़ने की आजादी नहीं मिलती, तब तक केवल अमेरिकी पेशकश पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।भारत वर्तमान में अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है और इसके साथ ही फ्रांस के राफेल (Rafale) जैसे परखे हुए प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा जता रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Oct 2026 12:32 pm

'इनसे कुछ नहीं होगा' अभिजीत दीपके के बाद राहुल गांधी पर भड़कीं अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन

कॉकरोच जनता पार्टीऔर अभिजीत दीपके की आलोचना करने के बाद अब हॉलिवुड सिंगर मैरी मिलबेन राहुल गांधी पर भी हमाल करने लगी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल तबाही लाते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Oct 2026 12:16 pm

एक्सप्लेनर: क्या अमेरिकी सेना के नियंत्रण में मस्क का स्टारलिंक; युद्ध में उलझे यूक्रेन का इंटरनेट कैसे रोका?

यूक्रेन युद्ध में स्टारलिंक की क्या भूमिका है? जानें कैसे ड्रोन ऑपरेशन्स, एयर डिफेंस और सैन्य संचार में मस्क की यह सेवा निर्णायक है और इसके रुकने से यूक्रेन को क्या नुकसान हो सकता है? इस पर नियंत्रण किसका है?

अमर उजाला 16 Oct 2026 11:52 am

पंजाब में पकड़ा गया एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी अमेरिका लौटा, 6 लाख डॉलर धोखाधड़ी का आरोप

एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी, जिसे सितंबर में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था, अब अमेरिका लौट गया है। उस पर अमेरिकी खाद्य सहायता योजना में 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है।

जागरण 16 Oct 2026 11:40 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द अंतिम रूप देने की वकालत करते हुए कहा कि इसका निष्पादन वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के हित में होगा।

खास खबर 16 Oct 2026 11:24 am

अमेरिका: ईरान पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से डोनाल्ड ट्रंप का इनकार, रूस-चीन को लेकर क्या बोले राष्ट्रपति?

अमेरिका: ईरान पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से डोनाल्ड ट्रंप का इनकार, रूस-चीन को लेकर क्या बोले राष्ट्रपति? trump rules out nuclear weapons against iran possible ground invasion

अमर उजाला 16 Oct 2026 11:21 am

नव-नाजीवाद का पर्दाफाश: अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले के साजिशकर्ता की डायरी में क्या मिला? पुलिस का खुलासा

नव-नाजीवाद का पर्दाफाश: अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले के साजिशकर्ता की डायरी में क्या मिला? पुलिस का खुलासाillinois hindu temple shooting plot foiled Condemnation white supremacist Neo-Nazi ideology

अमर उजाला 16 Oct 2026 10:46 am

अमेरिकी सीनेटरों : सऊदी परमाणु समझौते को रोकने के लिए पेश किया प्रस्ताव

वाशिंगटन, अमेरिका के दो डेमोक्रेट सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सऊदी अरब के साथ असैन्य परमाणु सहयोग समझौते को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है।

देशबन्धु 16 Oct 2026 10:39 am

Illinois में मंदिर पर गोलीबारी की साजिश नाकाम, Raja Krishnamoorthi समेत अमेरिकी सांसदों ने की निंदा

(योषिता सिंह)न्यूयॉर्क, 16 अक्टूबर अमेरिकी सांसदों, नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने इलिनॉय राज्य में एक मंदिर पर हमले की कथित साजिश की कड़ी निंदा की है और अमेरिका में बढ़ते भारत-विरोधी एवं हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रहों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार, ऑरोरा क्षेत्र स्थित एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश के आरोप में पैलेटाइन निवासी 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। मंदिर के बाहर उसकी राइफल जाम होने के कारण हमला नाकाम हो गया, जिसके बाद वह अपने घर लौट गया। अमेरिकी सांसदों ने कहा कि देश में कट्टरपंथी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। इलिनॉय से भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि जब आरोपी ने हमले की कोशिश की, उस समय वह और उनका परिवार मंदिर में ही मौजूद थे। कृष्णमूर्ति ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं इस बात से स्तब्ध हूं कि नस्लीय सोच में विश्वास रखने वाले एक व्यक्ति ने ऑरोरा स्थित उस मंदिर में भारतीय मूल के अमेरिकियों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश की, जहां मेरा परिवार पूजा करने जाता है। पिछले रविवार को जब हमले की कोशिश की गई, तब मैं और मेरा परिवार वहां मौजूद थे।’’उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा का खतरा दर्शाता है कि भारत के खिलाफ घृणा और नस्लीय सोच कितनी खतरनाक हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इन धमकियों को गंभीरता से लेने के लिए हमें निर्दोष लोगों के मारे जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए।’’सांसद ब्रैड शर्मन ने भारत-विरोधी पूर्वाग्रह से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘देशभर में फैल रही भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी सोच से मैं बेहद आहत हूं। इससे मेरे मित्र और सहकर्मी राजा कृष्णमूर्ति सहित कई लोग प्रभावित हो रहे हैं। पूजा कर रहे लोगों की सामूहिक हत्या की यह साजिश घोर अमानवीय कृत्य है।’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत और हिंदू समुदाय के प्रति नफरत का हर स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए। साथ ही, अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।’’न्यूयॉर्क के सीनेटर एवं सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा कि ऑरोरा के एक मंदिर में भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक श्वेत वर्चस्ववादी की कथित कोशिश से वह बेहद चिंतित हैं। शूमर ने कहा, ‘‘अमेरिका में भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बयानबाजी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है और अब हम देख रहे हैं कि यह नफरत हिंसा में बदल रही है। अमेरिका में किसी भी समुदाय के खिलाफ कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं कि हर व्यक्ति हमारे देश में स्वतंत्र रूप से रह सके और अपने धर्म का पालन कर सके।’’सांसद अमी बेरा ने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा आघात लगा कि जब एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने का प्रयास किया, तब कृष्णमूर्ति और उनका परिवार वहां पूजा कर रहा था। भारतीय-अमेरिकी सांसद श्री थानेदार ने कहा कि वह यह जानकर स्तब्ध हैं कि जिस समय राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहे थे, उसी समय वहां सामूहिक गोलीबारी करने की कोशिश की गई। थानेदार ने कहा, ‘‘संसद को हिंदू-विरोधी हमलों में हो रही खतरनाक वृद्धि के खिलाफ लड़ना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भय के अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।’’सांसद निक लालोटा ने हिंदू-अमेरिकियों पर हमले की कथित साजिश को ‘‘घोर पाप’’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका में हिंदू-विरोधी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वालों को कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए।’’शिकागो में इजराइल के महावाणिज्य दूत एलेड स्ट्रोहमयर ने ऑरोरा में मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘‘इलिनॉय के हिंदू समुदाय को हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है...। हमले की साजिश को नाकाम करने के लिए पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों का आभार। किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत पूरे समाज के लिए खतरा है। इससे मुकाबला करने के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा।’’‘साउथ एशियंस फॉर अमेरिका’ (एसएएफए) संगठन ने मंदिर में भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की।

प्रभासाक्षी 16 Oct 2026 10:13 am

Rajasthan: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का बयान, अमेरिका-पाक में युद्ध होता हैं तो हम पाकिस्तान का साथ देंगे

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का एक बड़ा बयान सामने आया हैं, उन्होंने इस बयान में कुछ ऐसा बोला हैं की अब उनकी चर्चा चारों और है। उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान को लेकर ऐसा बयान दिया है कि नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। उन्होंने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंति पर सभा को संबोधित करते हुए कहा- “अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। क्योंकि वो हमारा पड़ोसी है। ठीक है। यह बात हमें समझनी होगी।” सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो रहा है। दे रहे थे भाषण खबरों के अनुसार राठौड़ 15 अक्टूबर को पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर जयपुर के प्रदेश कार्यालय में हुए कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पड़ोसियों के साथ खड़े होने की बात कही। पूर्व राष्ट्रपति के विचारों और उनके बताए रास्तों को लेकर सीख देते हुए कहा- अब्दुल कलाम ने हमेशा सादगी के साथ-साथ रहने के अलावा पड़ोसियों की मदद करने की भी सीख दी थी। अमेरिका-पाक के उदाहण से छिड़ गई नई बहस इसके बाद मदन राठौड़ ने जो उदाहरण दिया, वो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध का ऐसा उदाहरण दिया कि सोशल मीडिया समेत हर जगह नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। उन्होंने कहा- अगर आज अमेरिका और पाकिस्तान में युद्ध होता है, तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। क्योंकि वो हमारा पड़ोसी है। वीडियो सामने आने के बाद एक्स पर यूजरों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक अकाउंट ने लिखा- ‘देख रहे विनोद राष्ट्रवादी पार्टी के लोगों को।’ योगेश मिश्रा नामक यूजर ने लिखा- ‘वाह! पड़ोसी धर्म का ऐसा पालन? यह तो बिल्कुल आउट ऑफ सिलेबस बयान आ गया।’ जसराज आजाद नामक यूजर ने लिखा- यदि कोई विपक्ष का नेता ऐसा बोल देता, तो पूरा देशद्रोही घोषित कर देते। pc- ndtv raj

राजस्थान खबरे 16 Oct 2026 9:49 am

लेखक सलमान रुश्दी बोले- भारत उबल रहा है, CJP के समर्थन में उतरीं भारतीय- अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल,

वाशिंगटन राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल ने बुधवार को भारत में मतदाता सूची के मसौदे से कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है, उसकी तुलना अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के दौरान मतदान के अधिकारों को लेकर उठ रही चिंताओं से की जा सकती है।

देशबन्धु 16 Oct 2026 9:27 am

इराक में कैबिनेट का विस्तार: अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहे नेता को बनाया गया उपप्रधानमंत्री, क्या है ईरान कनेक्शन?

इराक में कैबिनेट का विस्तार: अमेरिकी प्रतिबंध झेल रहे नेता को बनाया गया उपप्रधानमंत्री, क्या है ईरान कनेक्शन? iraq parliament appoints us sanctioned laith al khazali as deputy pm

अमर उजाला 16 Oct 2026 9:23 am

पंजाब से गिरफ्तार FBI मोस्टवांटेड मनजीत बेदी अमेरिका को सौंपा:US अटॉर्नी ने जताया पंजाब पुलिस का आभार; SNAP घोटाले में था वांटेड; भागकर आया था जालंधर

अमेरिका के $6,00,000 (लगभग ₹5.6 करोड़) के सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) घोटाले में वांछित और FBI की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल 64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। मूल रूप से जालंधर का रहने वाला मनजीत सिंह बेदी वाशिंगटन के टकोमा में एक ग्रोसरी स्टोर चलाता था, जहां उस पर गरीबों के लिए तय खाद्य सहायता फंड में धोखाधड़ी करने का संगीन आरोप है। अप्रैल 2026 में अमेरिकी अदालत में वायर फ्रॉड के मामले में खुद को निर्दोष बताने के बाद वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए कनाडा के रास्ते भागकर भारत (जालंधर) आ छिपा था। FBI ने 3 सितंबर, 2026 को उसे अपने 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' की नई सूची में शामिल किया और उसकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा की। सूचना मिलते ही जालंधर पुलिस और भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए बेदी को हिरासत में ले लिया और अमेरिकी एजेंटों के हवाले कर दिया। बेदी अब वाशिंगटन के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट पहुंच चुका है। जहां टकोमा स्थित U.S. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में उस पर मुकदमा चलाया जाएगा। FBI डायरेक्टर काश पटेल और U.S. अटॉर्नी कार्यालय ने इस सफल प्रत्यर्पण की पुष्टि करते हुए पंजाब पुलिस व भारतीय एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मनजीत बेदी के यूएस पहुंचने के बाद प्रेस रिलीज जारी की है। मनजीत बेदी के भारत से अमेरिका को प्रत्यर्पण की पूरी कहानी जानिए... मनजीत बेदी पर क्या आरोप हैं जानिए... अमेरिका से भारत और फिर जालंधर अरेस्ट होने की पूरी कहानी जानिए...

दैनिक भास्कर 16 Oct 2026 9:11 am

'कनाडा के खिलाफ वोट देना खतरनाक फैसला': अल्बर्टा में अलगाव की मांग पर बोले पीएम कार्नी, अमेरिका को दी चेतावनी

'कनाडा के खिलाफ वोट देना खतरनाक फैसला': अल्बर्टा में अलगाव की मांग पर बोले पीएम कार्नी, अमेरिका को दी चेतावनी Voting against Canada is a dangerous decision PM Carney speaks calls separation Alberta, issues warning US

अमर उजाला 16 Oct 2026 8:50 am

अमेरिका का नया प्रतिबंध: 16 लोग और 10 संस्थाओं पर कार्रवाई, बेसेंट बोले- ईरानी अर्थव्यवस्था पर कस रहे शिकंजा

अमेरिका का नया प्रतिबंध: 16 लोग और 10 संस्थाओं पर कार्रवाई, बेसेंट बोले- ईरानी अर्थव्यवस्था पर कस रहे शिकंजा New US sanctions Action taken 16 individuals and 10 entities Besant says grip Iranian economy is tightening.

अमर उजाला 16 Oct 2026 7:45 am

मदन राठौड़ बोले-पाकिस्तान-अमेरिका भिड़ंत में हम पाकिस्तान के साथ:लेकिन पाक से मैच में भारत की हार पर जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा है कि- अगर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट का मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए। उस समय जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं है। हां, मैं यह कहता हूं कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। राठौड़ गुरुवार को प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। सबसे पहले देखिए- कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS डराते हैं आरएसएस वाले खा जाएंगे मदन राठौड़ ने कहा कि यह कांग्रेस वाले मुस्लिम भाइयों को डराते हैं कि आरएसएस वाले तुमको खा जाएंगे। मैं आपको आरएसएस प्रमुख की बात बताता हूं, डॉ मोहन भागवत कहते हैं की- कोई किसी भी पद्धति से अपने धर्म का पालन करें, कर सकता है। लेकिन हमें पहले देशभक्त होना है। वो कहते हैं हिंदुस्तान के प्रति निष्ठा रखने वाला प्रत्येक राष्ट्रभक्त नागरिक हमारा भाई है, हम सब मिलकर रहेंगे। जब आरएसएस के मुखिया ने यह बात कह दी तो कांग्रेस वाले क्यों डरा रहे हैं और आप लोग डर क्यों रहे हैं। खुद पर किसी की छाप मत लगने दो राठौड़ ने कहा- मैं मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि खुद पर किसी की छाप मत लगने दो। जो अच्छा काम करें, उसे शाबाशी दो। खातेदार मत बनो, रोकड़िया बनो। उन्हें लगता है कि आप लोग कहां जाओगे। वही हम भी सोचते हैं कि आप तो उनके हैं, हम आपकी चिंता क्यों करें। हमारे यहां तो मुस्लिम समाज के गिनती के लोग हैं। फिर भी हमने अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती को स्टार प्रचारक बनाया। देश का हर नागरिक विकसित हो। यही हमारी प्राथमिकता है। राठौड़ के ये बयान भी चर्चा में रहे हैं… ‘चोर को सब चोर नजर आते हैं’ 10 दिन पहले मदन राठौड़ ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि- जो जैसा होता है, वह दूसरे के लिए वैसा ही सोचता है। एक कहावत है कि चोर को सब चोर नजर आते हैं। यह बात कांग्रेस पर लागू होती है। क्योंकि वह हमेशा ऐसा ही करते हैं। पूरी खबर पढ़िए… ‘सोनिया गांधी नागरिक बाद में, पहले मतदाता बन गईं’ मदन राठौड़ ने कुछ दिन पहले सोनिया गांधी के वोटर होने पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं। उस समय SIR होता तो वह मतदाता नहीं होतीं। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 16 Oct 2026 7:44 am

एफबीआई: भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया जालसाज मनजीत बेदी, काश पटेल ने बताया मील का पत्थर; क्या हैं आरोप?

एफबीआई: भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया जालसाज मनजीत बेदी, काश पटेल ने बताया मील का पत्थर; क्या हैं आरोप? fbi most wanted fraudster manjit singh bedi extradited to us kash patel

अमर उजाला 16 Oct 2026 7:41 am

अमेरिका के स्कूल में खूनी खेल, 3 बच्चों और टीचर को मार डाला; 16 साल का था हमलावर

अमेरिका के ओरेगन के बेंड शहर में सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में गोलीबारी से तीन बच्चों और एक टीचर की मौत हो गई। मृत बच्चों की उम्र 5, 8 और 11 साल थी। पुलिस को स्कूल के अंदर 16 वर्षीय हमलावर भी मृत मिला। घटना के बाद स्कूल में लॉकडाउन लगा दिया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Oct 2026 6:52 am

मादुरो ने यातना के आरोपों को बताया झूठा: पत्नी के साथ अमेरिकी अदालत में पेश; क्या दलील दी और क्या होगा आगे?

मादुरो ने यातना के आरोपों को बताया झूठा: पत्नी के साथ अमेरिकी अदालत में पेश; क्या दलील दी और क्या होगा आगे?

अमर उजाला 16 Oct 2026 6:45 am

अमेरिका: ओरेगन के प्राइमरी स्कूल में गोलीबारी, दो लोग अस्पताल में भर्ती; हमलावर की मौत; क्या सामने आई वजह?

अमेरिका: ओरेगन के प्राइमरी स्कूल में गोलीबारी, दो लोग अस्पताल में भर्ती; हमलावर की मौत; क्या सामने आई वजह?

अमर उजाला 16 Oct 2026 5:50 am

CJP के समर्थन में क्या बोलीं अमेरिकी सांसद? भारतीय राजदूत क्वात्रा ने जताई कड़ी आपत्ति

अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भारत की मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जाने पर चिंता जताई, तो अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इसे भारत के अंदरूनी मामलों में अस्वीकार्य दखलअंदाजी करार दिया।

अमर उजाला 16 Oct 2026 3:48 am

अमेरिका: मंदिर पर हमले की कोशिश से हिंदू समुदाय चिंतित, संगठन ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग; सांसद क्या बोले?

अमेरिका: मंदिर पर हमले की कोशिश से हिंदू समुदाय चिंतित, संगठन ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग; सांसद क्या बोले?

अमर उजाला 16 Oct 2026 2:29 am

अमेरिका: नौकरी से निकाले गए एफबीआई कर्मी अदालत पहुंचे, बहाली की गुहार; ट्रंप के मामले की जांच से क्या कनेक्शन?

अमेरिका: नौकरी से निकाले गए एफबीआई कर्मी अदालत पहुंचे, बहाली की गुहार; ट्रंप के मामले की जांच से क्या कनेक्शन?

अमर उजाला 16 Oct 2026 1:20 am

विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।

जागरण 15 Oct 2026 11:23 pm

'अमेरिका में 13 लोगों को गोलियों से भूनने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की नहीं होगी LIVE स्ट्रीमिंग', ट्रंप ने किया ऐलान

अमेरिका में 13 लोगों को गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग अब नहीं होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा कर दी है। साथ ही, ओबामा प्रशासन की नाकामी को भी याद किया।

खबर इंडिया टीवी 15 Oct 2026 9:39 pm

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, 19 साल का युवक गिरफ्तार; राइफल और 300 गोलियां बरामद

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, 19 साल का युवक गिरफ्तार; राइफल और 300 गोलियां बरामद

समाचार नामा 15 Oct 2026 6:36 pm

ईरान के खिलाफ अमेरिका का 'महा विनाशक' प्लान, कितना खतरनाक है मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स?

अमेरिका ईरान पर अपना सबसे बड़ा बम गिराने पर सोच रहा है। इस बम का नाम ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ है। यह बहुत बड़ा है और एक बड़े इलाके को तबाह कर सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Oct 2026 2:40 pm

अमेरिका के जिम्नास्टिक कोच को 90 साल की जेल:नाबालिग बच्चियों के न्यूड वीडियो बनाता था, बाथरूम में कैमरा लगाया था

अमेरिका में जिम्नास्टिक्स कोच सीन गार्डनर को 90 साल जेल की सजा सुनाई गई है। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज क्रिस्टी जॉनसन ने बुधवार को यह सजा सुनाई। गार्डनर ने दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच 10 से ज्यादा नाबालिग छात्राओं के न्यूड वीडियो बनाया था। उसने जिम के बाथरूम में हिडेन कैमरा लगाया था। कोर्ट ने गार्डनर को तीन मामलों में दोषी करार दिया। जज ने गार्डनर को हर आरोप में 30 साल जेल की अधिकतम सजा दी। गार्डनर की उम्र 39 साल है। पहले भी आरोप लगे, अब तक कार्रवाई नहीं गार्डनर आयोवा के वेस्ट डेस मोइनेस स्थित चाउज जिम्नास्टिक्स एंड डांस इंस्टीट्यूट में भी कोच रह चुका था। वहां ट्रेनिंग लेने वाली कई पूर्व छात्राओं ने उस पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस में शिकायतें की गईं और अदालत में मुकदमे भी दायर हुए हैं। हालांकि, आयोवा से जुड़े आरोपों में गार्डनर पर अब तक आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि संघीय मामला खत्म होने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। कोच ‘चाउ’ चियाओ के संस्थान में काम करता थागार्डनर मशहूर कोच लियांग ‘चाउ’ चियाओ के संस्थान में काम करता था। वह युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के साथ आयोवा में आयोजित होने वाली एक बड़ी सालाना प्रतियोगिता का निदेशक भी था। कुछ पूर्व छात्राओं के वकीलों का आरोप है कि USA जिम्नास्टिक्स और अमेरिकी सेंटर फॉर सेफस्पोर्ट को 2017 में ही गार्डनर के अनुचित व्यवहार की जानकारी मिल गई थी, लेकिन उसे खेल से बाहर करने में देरी हुई। सेफस्पोर्ट ने 2022 में गार्डनर को निलंबित किया था सेफस्पोर्ट ने 2022 में गार्डनर को अस्थायी रूप से निलंबित किया था। यह कार्रवाई चॉज जिम्नास्ट की ओर से लगाए गए यौन शोषण के आरोप के बाद हुई थी। इसके बाद चॉज ने गार्डनर को नौकरी से निकाल दिया था। सेफस्पोर्ट ने कहा है कि जांच के दौरान उसे पता चला कि चॉ और दूसरे कोच गार्डनर के यौन दुराचार के आरोपों से परिचित थे। संस्था के मुताबिक, उन्होंने अपनी नीति के तहत इन आरोपों की जानकारी सेफस्पोर्ट को नहीं दी। मई में एक जज ने गार्डनर की जांच ठीक से नहीं करने के आरोपों वाले दो मुकदमों से सेफस्पोर्ट को हटा दिया था। जज ने कहा था कि संघीय कानून के तहत संस्था को कानूनी सुरक्षा हासिल है। गार्डनर, यूएसए जिम्नास्टिक्स और चॉज जिम्नास्टिक्स के खिलाफ कई मुकदमे अब भी लंबित हैं।

दैनिक भास्कर 15 Oct 2026 2:40 pm

अमेरिका बनाएगा दुनिया के आधे सेमीकंडक्टर: ट्रंप का दावा

वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ताइवान की चिप निर्माता कंपनी टीएसएमसी के एरिजोना में 265 अरब डॉलर के निवेश के बाद अमेरिका दुनिया के लगभग आधे सेमीकंडक्टर (चिप्स) का उत्पादन करेगा।

देशबन्धु 15 Oct 2026 1:17 pm

तीस्ता विवाद में अमेरिका की एंट्री से भड़का नया भू-राजनीतिक तूफान

भारत और बांग्लादेश के बीच दशकों से संवेदनशील मुद्दा बने तीस्ता नदी जल विवाद (Teesta River Project Dispute) में अब एक ऐसा खतरनाक मोड़ आ गया है जिसने पूरे दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में खलबली मचा दी है। अब तक तीस्ता नदी के पुनरुद्धार और प्रबंधन परियोजना को लेकर भारत और चीन के बीच खींचतान चल रही थी, लेकिन अब इसमें महाशक्ति अमेरिका (United States) की भी धमाकेदार एंट्री हो गई है। ढाका में पदस्थ अमेरिकी राजनयिकों और आर्थिक प्रतिनिधिमंडलों द्वारा तीस्ता बेसिन से सटे रंगपुर, पंचगढ़ और उत्तरी बांग्लादेशी इलाकों का सघन दौरा करने के बाद इस बात की पुष्टि हो गई है कि वाशिंगटन की नजरें लगभग 1 अरब डॉलर की लागत वाली इस महात्वाकांक्षी तीस्ता प्रोजेक्ट पर गड़ गई हैं। अमेरिका के इस सीधे दखल के बाद बांग्लादेश पूरी तरह से दुनिया की तीन सबसे बड़ी ताकतों—भारत, चीन और अमेरिका—का नया रणनीतिक 'ग्रेट गेम' अखाड़ा बन चुका है, जिससे न केवल बांग्लादेशी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं, बल्कि भारतीय सुरक्षा और कूटनीति के मोर्चे पर भी भारी तनाव पैदा हो गया है।1 अरब डॉलर का तीस्ता प्रोजेक्ट और सुपरपावर्स के बीच रस्साकशी का असल खेलतीस्ता नदी बांग्लादेश की चौथी सबसे बड़ी नदी प्रणाली है, जो सिक्किम और उत्तरी पश्चिम बंगाल से बहती हुई बांग्लादेश की जमुना नदी में मिलती है। मानसून में भयंकर बाढ़ और शुष्क मौसम में पानी की भारी किल्लत के कारण बांग्लादेश लंबे समय से 'तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट' पर काम करना चाहता है। शुरुआत में चीन ने इस बहुचर्चित ₹9,000 करोड़ ($1 Billion) से अधिक के प्रोजेक्ट को फंडिंग देने और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का दांव खेला था। हालांकि, भारत की सीमा और 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) के बेहद करीब चीनी सैनिकों व इंजीनियरों की मौजूदगी को लेकर भारत ने कड़ी सामरिक आपत्तियां जताई थीं। इसी खींचतान के बीच अब अमेरिका-बांग्लादेश द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का हवाला देते हुए अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश कंपनियों ने तीस्ता प्रोजेक्ट में सीधी हिस्सेदारी की मंशा जता दी है। अमेरिका का मानना है कि इस संवेदनशील जल परियोजना में चीनी एकाधिकार को तोड़ना इंडो-पैसिफिक रीजन में उसकी बैलेंस ऑफ पावर नीति के लिए बेहद जरूरी है।भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर खतरा और बांग्लादेश की पेचीदा कूटनीतिक उलझनदक्षिण एशियाई कूटनीतिक जानकारों के मुताबिक, अमेरिका का इस विवाद में कूदना क्षेत्रीय स्थिरता को और अधिक उलझा सकता है। भारत के लिए सिलीगुड़ी कॉरिडोर 22 किलोमीटर चौड़ा वह नाजुक सैन्य चोकपॉइंट है जो पूरे पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। यदि तीस्ता नदी के 3 किलोमीटर चौड़े और उथले बहाव को जबरन संकरा कर 816 मीटर का कृत्रिम चैनल बनाया जाता है, तो हिमालय से आने वाली करोड़ों टन मिट्टी और गाद से पूरे क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ का स्थायी खतरा मंडराने लगेगा। वहीं दूसरी ओर, ढाका की मौजूदा सरकार के सामने अब धर्मसंकट यह है कि वह बीजिंग से मिलने वाले लोन और इंफ्रास्ट्रक्चर वादों, वाशिंगटन के व्यापारिक दबाव और नई दिल्ली के साथ अपने ऐतिहासिक व भौगोलिक संबंधों के बीच संतुलन कैसे बनाएगी। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि तीस्ता को लेकर सुपरपावर्स की यह सीधी जंग आने वाले दिनों में दक्षिण एशिया के नक्शे पर एक नई तनातनी को जन्म देने वाली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Oct 2026 12:54 pm

आखिर हुतियों को नियंत्रित करने में सऊदी अरब, अमेरिका और ‘इस्लामिक नाटो’ क्यों विफल प्रतीत हो रहे हैं?

खाड़ी देशों में ईरान पर जोरदार हमला करके अमेरिका-इजरायल ने जो आग भड़काई, उसकी भारी कीमत आज उसके समर्थक चुका रहे हैं। जब ईरान ने अपनी सधी हुई रणनीति से और रूस व चीन के बल पर अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, तो उन्होंने अपनी सैन्य कार्रवाई रोक ली। इधर ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने जब सऊदी को निशाने पर लिया और ताबड़तोड़ हमले शुरू किए, तो उनके विरुद्ध अमेरिका, सऊदी अरब और इस्लामिक नाटो की सैन्य क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। आधुनिक हथियारों, उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बावजूद हूती विद्रोही सऊदी अरब के लिए सुरक्षा चुनौती बने हुए हैं। जिस तरह से अक्टूबर 2026 में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले हुए और लाल सागर के समुद्री मार्गों को लेकर तनाव बढ़ा, उसने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। आइए हम आपको इसके पीछे के दस अहम सवाल समझाएंगे, जो आगे दिए हुए हैं। इससे पहले एक मीडिया की 12–13 अक्टूबर की रिपोर्टों में सऊदी हवाई सुरक्षा की कमजोरियों और हूतियों की बढ़ती क्षमताओं का उल्लेख किया गया है, उसकी चर्चा करते हैं। यही वजह है कि इस संकट को समझने के लिए तीन सवाल महत्त्वपूर्ण हैं:- इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Saudi Arabia पर Houthis के हमले और तेज होते ही Trump ने दी युद्ध की चेतावनी, जवाब में हूतियों ने अमेरिका को फटकारा एक, अमेरिका जैसी महाशक्ति हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रही है? शायद इसलिए कि उनके ऊपर ईरान और ईरान के ऊपर रूस व चीन का हाथ है। सभी मिलकर खाड़ी देशों से अमेरिकी पांव उखाड़ना चाहते हैं। इसलिए अमेरिका बेबस है। दो, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बने नए रक्षा समझौते की वास्तविक उपयोगिता क्या है? दरअसल, यह अमेरिकी इशारे पर भारत के विरुद्ध बनवाया गया संगठन है। लेकिन इनकी आर्थिक और सैन्य क्षमता ईरान से सीधा टकराने की नहीं है। अब जान चुके हैं कि जो देश अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है, वह देश इन अमेरिकी पिल्लों को पल भर में दबोच कर शिया शासन के अधीन मिला लेगा। किसी भी लड़ाई में सारे मोर्चे एक साथ नहीं खोले जाते, बल्कि एक एक कर दुर्लभ लक्ष्य साधा जाता है। ईरान और उसके प्रॉक्सी शिया संगठनों की रणनीति यही है। तीन, सऊदी अरब के पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कौन-कौन से विकल्प हैं? चूंकि अमेरिका व इजरायल सऊदी अरब का साथ छोड़ चुके हैं, इसलिए अब वह रूस को माध्यम बनाकर ईरान के शरणागत हो जाए। साथ ही तमाम अमेरिका सैन्य अड्डों को खाली करवा ले। इससे ईरान खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। यदि वह सुन्नी मुल्कों पाकिस्तान व तुर्कीये के भ्रमजाल में फंसेगा तो बर्बादी भी होगी और सत्ता पलट भी होगा। अब आइए दस मौलिक सवालों से इस वैश्विक समस्या के समाधान को ढूंढने की कोशिश करते हैं, जहां पर हर पक्ष के संतुलन को दर्शाने की कोशिश की गई है। पहला सवाल यह है कि हूतियों को नियंत्रित करना इतना कठिन क्यों है? तो जवाब होगा कि सैन्य शक्ति और युद्ध के परिणाम में अंतर होता है। अमेरिका और सऊदी अरब के पास आधुनिक सैन्य संसाधन हैं, लेकिन किसी सशस्त्र संगठन को पराजित करना केवल हथियारों की श्रेष्ठता का प्रश्न नहीं है, बल्कि सैनिकों में मजबूत राष्ट्रीय जज्बा भी होना चाहिए जो अबतक दिखा नहीं। हूती आंदोलन ने यमन के गृहयुद्ध के दौरान सैन्य अनुभव हासिल किया है। वह देश के बड़े हिस्से में अपना प्रभाव बनाए हुए है और उसके पास मिसाइल तथा ड्रोन जैसी क्षमताएँ हैं। एक ताजा विश्लेषण के अनुसार, हूतियों की चुनौती के पीछे अपेक्षाकृत कम लागत वाली सैन्य तकनीक, ईरान से मिली तकनीकी सहायता, स्थानीय समर्थन और विरोधी पक्षों के बीच मतभेद जैसे कारक हैं। दरअसल किसी देश की सैन्य श्रेष्ठता अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करती कि वह अपने राजनीतिक उद्देश्यों को भी प्राप्त कर लेगा। दूसरा सवाल है कि कम लागत वाले हमले और महँगी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी सऊदी अरब पर हुती क्यों भारी पड़ रहा है? शायद इसलिए कि हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण पहलू आर्थिक है। ड्रोन और अन्य अपेक्षाकृत सस्ते साधनों से खतरा उत्पन्न किया जा सकता है। हमलों को रोकने के लिए अत्याधुनिक निगरानी और वायु रक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पड़ती है। लगातार हमलों की आशंका के कारण नागरिक विमानन, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सऊदी अरब की रक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है, बल्कि हालिया घटनाएँ यह सवाल उठाती हैं कि क्या उसकी मौजूदा व्यवस्था सभी प्रकार के हमलों से पर्याप्त सुरक्षा दे पा रही है। मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अधिकारी रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में आई कमियों की जाँच कर रहे हैं। तीसरा सवाल यह है कि यमन का भूगोल और राजनीतिक परिस्थितियाँ हुतियों की मदद कर रही हैं। यमन की भौगोलिक परिस्थितियाँ और लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता इस समस्या को जटिल बनाती हैं। हूती आंदोलन को केवल बाहरी सैन्य शक्ति से नियंत्रित करने की कोशिश में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यमन में एक ओर हूतियों का प्रभाव है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और दूसरे स्थानीय राजनीतिक तथा सैन्य समूह हैं। इन सभी के हित हमेशा एक जैसे नहीं होते। इसलिए हूतियों के विरुद्ध कार्रवाई और यमन में स्थायी राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करना दो अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। चौथा सवाल है कि आखिर इसके पीछे ईरान की भूमिका क्या है? तो जवाब होगा कि हूती आंदोलन को ईरान से समर्थन और तकनीकी सहायता मिलने की बात लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विश्लेषणों में सामने आती रही है। लेकिन हूतियों को केवल ईरान का निर्देश मानकर चलना भी अधूरा विश्लेषण होगा। एक अध्ययन के अनुसार, ईरान और हूतियों के हित कई मामलों में एक-दूसरे से मेल खाते हैं, लेकिन हूतियों के अपने स्थानीय राजनीतिक उद्देश्य भी हैं। इसका कूटनीतिक अर्थ यह है कि ईरान के साथ बातचीत उपयोगी हो सकती है, लेकिन उससे हूतियों के सभी निर्णय स्वतः नियंत्रित हो जाएँगे, इसकी गारंटी नहीं है। पांचवां सवाल यह है कि आखिर अमेरिका हूतियों को निर्णायक रूप से नियंत्रित क्यों नहीं कर पा रहा? तो जवाब होगा कि अमेरिका की स्थिति में एक महत्त्वपूर्ण विरोधाभास है: वह सऊदी अरब की सुरक्षा में सहयोग करना चाहता है, लेकिन यमन में एक और व्यापक युद्ध में उलझने से भी बचना चाहता है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:- एक, सैन्य कार्रवाई की सीमाएँ: हूती ठिकानों पर हवाई हमले उनकी क्षमताओं को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन हवाई कार्रवाई अपने आप किसी संगठन का राजनीतिक नियंत्रण समाप्त नहीं करती। अतीत के अनुभवों से भी स्पष्ट है कि लंबे सैन्य अभियान के बावजूद हूती आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सका। इसलिए अमेरिका के सामने केवल हमले करने का प्रश्न नहीं, बल्कि यह भी है कि सैन्य कार्रवाई के बाद स्थायी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए? दो, अमेरिका की प्राथमिकताएँ: एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने हूतियों के विरुद्ध प्रस्तावित अभियान में अमेरिकी हवाई हमलों का समर्थन माँगा था, लेकिन उस समय वाशिंगटन ने प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका खुफिया जानकारी और अन्य सहायता देता रहा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका की सहायता और उसकी प्रत्यक्ष युद्ध में भागीदारी अलग-अलग विषय हैं। वाशिंगटन के लिए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिम, सैन्य संसाधनों पर दबाव और दूसरे मोर्चों पर उसकी प्राथमिकताएँ महत्त्वपूर्ण कारक हैं। तीन, लाल सागर का सामरिक महत्त्व: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्त्वपूर्ण मार्ग हैं। यदि इन मार्गों पर जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो उसका असर केवल सऊदी अरब पर नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं, माल ढुलाई की लागत और ऊर्जा व्यापार पर भी पड़ता है। एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि लाल सागर की सुरक्षा को लेकर बढ़ता संकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को कमजोर कर सकता है। अमेरिका की दुविधा यह है कि उसे समुद्री व्यापार और अपने सहयोगियों की सुरक्षा करनी है, लेकिन ऐसी कार्रवाई से बचना भी है जो संघर्ष को और व्यापक बना दे। छठा सवाल है कि क्या ‘इस्लामिक नाटो’ हूतियों को रोक सकता है? तो यहाँ पर एक महत्त्वपूर्ण तथ्यात्मक अंतर समझना आवश्यक है। वह यह कि अगस्त 2026 में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझौता किया, जिसे भारत विरोधी माना गया। इस समझौते में एक हस्ताक्षरकर्ता पर सशस्त्र हमला अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं पर हमले के रूप में देखने का प्रावधान है। मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इस व्यवस्था को कभी-कभी ‘इस्लामिक नाटो’ कहा जा रहा है। लेकिन इसे नाटो के समान संस्थागत, सैन्य और परिचालन क्षमता वाला संगठन मान लेना अभी उचित नहीं होगा। क्योंकि इस गठबंधन की अपनी संभावनाएँ हैं:- एक, सामूहिक प्रतिरोध का संदेश: यदि सदस्य देशों की प्रतिबद्धता विश्वसनीय होती है, तो किसी एक सदस्य पर हमले की राजनीतिक कीमत बढ़ सकती है। दो, सुरक्षा सहयोग: सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी, प्रशिक्षण और सुरक्षा समन्वय में सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि इन क्षेत्रों में वास्तविक सहयोग कितना विकसित हुआ है, इसका आकलन उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर करना होगा। तीन, सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त कूटनीतिक विकल्प: रियाद को अमेरिका पर अपनी सुरक्षा संबंधी निर्भरता कम करने की दिशा में नए साझेदार मिल सकते हैं। फिर भी तीन बड़ी चुनौतियाँ हैं:- एक, अलग-अलग राष्ट्रीय हित: प्रत्येक देश यह तय कर सकता है कि किसी संकट में उसकी भागीदारी कितनी और किस प्रकार की होगी। दो, समझौते का व्यावहारिक क्रियान्वयन: पारस्परिक रक्षा की घोषणा अपने आप संयुक्त सैन्य कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करती। तीन, क्षेत्रीय संघर्ष का जोखिमकिसी सैन्य कार्रवाई से ईरान और अन्य क्षेत्रीय पक्षों के साथ तनाव बढ़ सकता है। एक मीडिया विश्लेषण ने भी इस गठबंधन की वास्तविक प्रभावशीलता और उसके सामने मौजूद चुनौतियों पर प्रश्न उठाए थे। वास्तव में यह समझौता सऊदी अरब की सुरक्षा कूटनीति में एक नया आयाम है, लेकिन इसे हूती समस्या का स्वतः समाधान नहीं माना जा सकता। सातवां सवाल है कि सऊदी अरब के सामने अब क्या विकल्प हैं? तो जवाब होगा कि सऊदी अरब के सामने मुख्य चुनौती यह है कि वह अपनी जनता, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करे, जबकि एक और लंबा युद्ध शुरू करने के जोखिम को भी ध्यान में रखे। लिहाजा उसके सामने पाँच प्रमुख विकल्प हैं:- एक, सैन्य दबाव बढ़ाना: सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ मिलकर हूतियों पर सैन्य दबाव बढ़ा सकता है। इस विकल्प का उद्देश्य हूतियों की हमले करने की क्षमता को सीमित करना और विवादित क्षेत्रों पर नियंत्रण से संबंधित परिस्थितियों को बदलना होगा। इससे संभावित लाभ यह होगा कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है। जबकि जोखिम यह है कि संघर्ष लंबा खिंच सकता है, नागरिकों को नुकसान पहुँच सकता है और सऊदी अरब के भीतर हमलों का खतरा बढ़ सकता है।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब नेतृत्व यमन की सरकारी सेनाओं के साथ अभियान की योजना बना रहा था। उस समय अमेरिकी सेना की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित नहीं थी। इसलिए केवल सैन्य अभियान की घोषणा को सफलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता है। दो, अमेरिका पर निर्भरता के साथ-साथ अन्य साझेदारों से सहयोग: सऊदी अरब अमेरिका के साथ अपने सुरक्षा संबंध बनाए रखते हुए पाकिस्तान, तुर्किये और दूसरे सहयोगियों के साथ सहयोग बढ़ा सकता है। लेकिन नए रक्षा समझौतों की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि सदस्य देश किस प्रकार की सहायता देने को तैयार हैं और उनके बीच व्यावहारिक समन्वय कितना है। यहाँ उद्देश्य केवल गठबंधन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाना होगा। तीन, ईरान के साथ कूटनीतिक संवाद बनाना: हूती संकट का एक महत्त्वपूर्ण आयाम ईरान-सऊदी अरब संबंध भी हैं। यदि दोनों देश क्षेत्रीय तनाव कम करने, यमन में राजनीतिक समाधान और हमलों को रोकने के लिए संवाद आगे बढ़ाते हैं, तो इससे संघर्ष के विस्तार का जोखिम घट सकता है। हालाँकि, ईरान से बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितना प्रभाव डाल सकता है और हूती नेतृत्व किन शर्तों को स्वीकार करता है। यहां पर कूटनीतिक चुनौती यह है कि ऐसा समझौता खोजना जो सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करे, लेकिन यमन के भीतर राजनीतिक समाधान की संभावना भी बनाए रखे। चार, समुद्री सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत करना: लाल सागर की सुरक्षा केवल सऊदी अरब की समस्या नहीं है। इसलिए वह अन्य देशों के साथ समुद्री निगरानी, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा, सूचना साझा करने और संकट के समय समन्वित प्रतिक्रिया पर काम कर सकता है। चैथम हाउस ने मौजूदा बहुराष्ट्रीय समुद्री अभियानों और सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं का उल्लेख किया है। इस विकल्प का महत्त्व इसलिए है क्योंकि समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए हूती आंदोलन के साथ पूरे संघर्ष का सैन्य समाधान निकालना अनिवार्य नहीं है। पांच, यमन में राजनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास: यह विकल्प तत्काल राजनीतिक रूप से कठिन हो सकता है, लेकिन स्थायी शांति के लिए इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र ने सितंबर 2026 में हूतियों के हमलों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और यमन के नेतृत्व में समावेशी राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने का आग्रह किया था। राजनीतिक समाधान में युद्धविराम, नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता, बंदियों के प्रश्न और यमन की भविष्य की शासन-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। इस प्रक्रिया में कठिन बातचीत और आपसी समझौते की आवश्यकता होगी। आठवां सवाल है कि सऊदी अरब के विकल्पों की तुलना किससे और कैसे की जा सकती है? इस विकल्प के संभावित लाभ, प्रमुख जोखिम या सीमा स्पष्ट हैं। जहां तक सैन्य दबावकी बात है तो हूतियों की क्षमताओं पर दबाव लंबा युद्ध और नागरिक नुकसान पहुंचा सकता है। अमेरिका के साथ सहयोग, मौजूदा सुरक्षा साझेदारी का लाभ, अमेरिकी प्रत्यक्ष भागीदारी की अनिश्चितता, पाकिस्तान-तुर्किये सहित नए साझेदार सुरक्षा सहयोग का विस्तार और समझौते की वास्तविक क्षमता अभी परखी जानी है। लिहाजा ईरान के साथ संवाद क्षेत्रीय तनाव कम करने की संभावना बढ़ा सकता है। ईरान का प्रभाव सीमित हो सकता है, लेकिन बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा में सहयोग व्यापक राजनीतिक संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता। इसलिए यमन में राजनीतिक समझौता और स्थायी शांति की संभावना, कठिन वार्ता और परस्पर अविश्वास को दूर करके ही हासिल की जा सकती है। यह तुलना किसी एक विकल्प को सर्वश्रेष्ठ घोषित नहीं करती, बल्कि प्रत्येक विकल्प अलग समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है और उसके परिणाम परिस्थितियों पर निर्भर होंगे। नौवां सवाल है कि भारत के लिए इस संकट के क्या मायने हैं? तो जवाब होगा कि भारत के लिए यह संकट तीन प्रमुख कारणों से महत्त्वपूर्ण है:- एक, ऊर्जा सुरक्षा: सऊदी अरब भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार है। क्षेत्रीय संघर्ष से तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। दो, समुद्री व्यापार: लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में अस्थिरता से भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक जहाजों के मार्ग, परिवहन लागत और माल पहुँचने के समय पर प्रभाव पड़ सकता है। तीन, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने पर उनकी सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर निकासी की तैयारी महत्त्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए भारत के हित में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, क्षेत्रीय तनाव में कमी और सभी संबंधित पक्षों के साथ संवाद बनाए रखना है। दसवां सवाल है कि क्या सऊदी अरब को सैन्य रणनीति बदलनी होगी? तो जवाब होगा कि हूतियों के साथ जारी संघर्ष यह दिखाता है कि सैन्य संसाधनों की प्रचुरता और राजनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के बीच सीधा संबंध नहीं है। अमेरिका की प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी की सीमाएँ, हूतियों की अपनी राजनीतिक और सैन्य संरचना, ईरान का समर्थन तथा यमन की जटिल आंतरिक परिस्थितियाँ इस संकट को लगातार कठिन बना रही हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान और तुर्किये के साथ सऊदी अरब का नया रक्षा समझौता सुरक्षा सहयोग के नए अवसर प्रस्तुत करता है, लेकिन उसकी वास्तविक प्रभावशीलता समय और परिस्थितियों के साथ ही स्पष्ट होगी। सऊदी अरब के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न केवल यह नहीं है कि हूतियों पर सैन्य दबाव कैसे बढ़ाया जाए, बल्कि यह भी है कि अपने नागरिकों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा करते हुए यमन में ऐसा राजनीतिक समाधान कैसे खोजा जाए जो बार-बार युद्ध की स्थिति पैदा होने से रोके। वस्तुतः इस संकट का आकलन तीन कसौटियों पर करना उपयोगी होगा: सऊदी अरब की सुरक्षा, लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की निर्बाध आवाजाही और यमन में स्थायी शांति की संभावनाएँ। इसको साधे बिना हर सैन्य कार्रवाई व वैश्विक कूटनीतिक अधूरी रहेगी। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 12:53 pm

अमेरिकी मंदिर में अंधाधुंध गोलीबारी की खौफनाक साजिश का खुलासा

अमेरिका में भारतीय प्रवासियों और हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ी और बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर अंधाधुंध गोलीबारी करने की एक खौफनाक अंतरराष्ट्रीय साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस भयावह साजिश की भनक लगते ही अमेरिका के शीर्ष हिंदू संगठनों ने तुरंत आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है और पूरे देश में फैले हिंदू मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। इस कायरतापूर्ण साजिश की खबर फैलते ही न केवल अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय-अमेरिकियों के बीच डर और भारी अविश्वास का माहौल बन गया है, बल्कि भारत सरकार ने भी इस घटना पर अत्यंत कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। दुनिया भर में फैले भारतीय समुदाय और मानवाधिकार समर्थकों के बीच इस घटना को लेकर जबरदस्त गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।अमेरिकी मंदिर पर हमले का खौफनाक प्लान और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाईप्राप्त जानकारी और शुरुआती सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, चरमपंथी तत्वों द्वारा अमेरिका के एक बेहद प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध हिंदू मंदिर में अंधाधुंध गोलीबारी कर निर्दोष श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही थी। इस साजिश का मकसद अमेरिका में धार्मिक सद्भाव को पूरी तरह से बिगाड़ना और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के भीतर दहशत का माहौल पैदा करना था। जैसे ही स्थानीय और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (FBI) के साथ-साथ हिंदू सुरक्षा नेटवर्क को इस खतरे के मजबूत संकेत और खुफिया इनपुट मिले, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) समेत कई शीर्ष सामुदायिक संगठनों ने तुरंत बयान जारी कर मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की अनदेखी न करें और अपने आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा करें। सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और मंदिर परिसरों के आसपास विशेष निगरानी तंत्र तैनात कर दिया है।भारत सरकार का कड़ा बयान: सुरक्षा की गारंटी दे अमेरिकी प्रशासनइस गंभीर घटनाक्रम पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी बेहद सख्त और त्वरित रुख अपनाया है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस साजिश की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों और हिंदू समुदाय के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भारत सरकार ने वाशिंगटन स्थित अपने दूतावास के माध्यम से अमेरिकी विदेश विभाग और स्थानीय प्रशासन के सामने इस मुद्दे को बेहद मजबूती से उठाया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इस घृणित साजिश के पीछे शामिल सभी दोषियों, षड्यंत्रकारियों और नफरत फैलाने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की जुर्रत न कर सके।घृणा अपराधों में बढ़ोतरी और अप्रवासी हिंदू समुदाय के बीच गहराता गुस्सापिछले कुछ समय से अमेरिका, कनाडा और पश्चिमी देशों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने, तोड़फोड़ करने और धमकियां देने की घटनाओं में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। कभी मंदिरों की दीवारों पर नफरती नारे लिखे जाते हैं, तो कभी धार्मिक जुलूसों और उत्सवों में खलल डालने की कोशिश की जाती है। लेकिन इस बार सीधे तौर पर गोलीबारी कर नरसंहार रचने की साजिश ने स्थिति को बेहद संवेदनशील और खतरनाक बना दिया है। अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था व समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद जिस तरह से धार्मिक पूर्वाग्रह और हेट क्राइम (Hatred Crimes) का दायरा बढ़ रहा है, उससे समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोग इस साजिश के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और अमेरिकी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।जनरेटिव एआई और वैश्विक परिदृश्य में सुरक्षा नीतियों पर उठे सवालआधुनिक सुरक्षा विशेषज्ञों और जियो-पॉलिटिकल विश्लेषकों का मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और नफरती प्रचार फैलाने का खेल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला जा रहा है। गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजन पर ट्रेंड हो रहे वैश्विक रुझानों से यह साफ झलगता है कि पश्चिमी देशों में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुकी है। अमेरिकी प्रशासन और वहां की पुलिस एजेंसियों के लिए यह मामला केवल एक संभावित अपराध को रोकने का नहीं, बल्कि अपने देश के कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के दावों की साख बचाने का है। वैश्विक स्तर पर उठ रहे इस भारी जनाक्रोश के बीच अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी जांच एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की जड़ों तक कैसे पहुंचती हैं और दोषियों को क्या सजा दी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Oct 2026 12:52 pm

अमेरिकी नागरिकता वाले अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई

बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 11:46 am

Prabhasakshi NewsRoom: Saudi Arabia पर Houthis के हमले और तेज होते ही Trump ने दी युद्ध की चेतावनी, जवाब में हूतियों ने अमेरिका को फटकारा

मध्य पूर्व में जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। रियाद में मिसाइलों के धमाके गूंज रहे हैं, तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर आग लग रही है और सऊदी अरब की सुरक्षा को खुली चुनौती मिल रही है। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हूतियों पर हमले की तैयारी में हैं। ऐसे में यह लड़ाई सिर्फ सऊदी अरब और यमन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और मध्य पूर्व की स्थिरता पर बड़ा खतरा बनकर मंडरा रही है। अरामको से एयरपोर्ट तक, सऊदी के रणनीतिक ठिकाने निशाने पर हम आपको बता दें कि हूतियों ने अपने ताजा बयान में दावा किया है कि उन्होंने धहरान स्थित सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों, रियाद एयरपोर्ट और राजधानी में मौजूद अरामको की रिफाइनरी को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। मंगलवार रात धहरान में अरामको के मुख्य परिसर पर हुए हमले के बाद आग लगने की खबर सामने आई थी। सूत्रों के मुताबिक, आग कई मंजिलों तक फैल गई थी। हालांकि सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने नुकसान को सीमित बताया। सूत्रों के अनुसार, अरामको का कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा और कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा गया है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Houthis के Missile Attacks से दहला Saudi Arabia, पलटवार में Yemen में मचाई भारी तबाही इसके अलावा, हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों, नागरिकों और कर्मचारियों से सऊदी हवाई अड्डों तथा तेल प्रतिष्ठानों को खाली करने की अपील भी की है। यह सऊदी अर्थव्यवस्था की सबसे संवेदनशील नस पर दबाव बनाने की रणनीति है। साथ ही रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कई बार हमलों का सामना कर चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे 17 अक्टूबर तक बंद किया गया है और सऊदी अरब के लिए कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस घटनाक्रम ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी झटका दिया है, जिनके जरिए वे सऊदी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालकर विविध क्षेत्रों में विस्तार देना चाहते हैं। ईरान का मोहरा या अपने हितों की लड़ाई लड़ रहे हूती? हम आपको बता दें कि हूतियों को लंबे समय से ईरान का सहयोगी और सऊदी अरब के खिलाफ तेहरान का प्रतिनिधि माना जाता रहा है। लेकिन मौजूदा संघर्ष की एक अहम परत यह है कि हूती नेतृत्व अपनी लड़ाई को ईरान के निर्देश पर चलने वाले अभियान के बजाय यमन की संप्रभुता और सऊदी हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है। देखा जाये तो हूती आंदोलन की जड़ें यमन के घरेलू संघर्षों में हैं। हूती देश के लगभग एक-तिहाई भूभाग और करीब दो-तिहाई आबादी पर नियंत्रण रखते हैं। उनके पास आधुनिक युद्धक विमान नहीं हैं, लेकिन लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन का प्रभावशाली जखीरा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले शुरू होने के बाद हूतियों के तत्काल युद्ध में कूदने की आशंका थी, लेकिन उन्होंने कई महीनों तक दूरी बनाए रखी। जुलाई में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य बंद करने के लिए ईरान की ओर से कथित अपील की खबरों के बावजूद उन्होंने तत्काल वैसा कदम नहीं उठाया। इसकी वजह अरब राष्ट्रवाद, यमनी पहचान और ईरान के लिए लड़ने की राजनीतिक संवेदनशीलता भी मानी जाती है। अगस्त में क्षेत्रीय संघर्ष में उनकी वापसी के साथ ही सऊदी अरब के खिलाफ उनकी बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। सना एयरपोर्ट से शुरू हुआ बदले का नया चक्र इस टकराव की पृष्ठभूमि में सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विवाद भी अहम है। हूती-नियंत्रित राजधानी का यह हवाई अड्डा 2024 के आखिर में इजरायली हमलों के बाद बंद था। जुलाई 2026 में तेहरान से आने वाली एक उड़ान के जरिए इसे दोबारा खोलने की कोशिश हुई। इसी दौरान 13 जुलाई को सऊदी सेना ने रनवे पर बमबारी की, जिससे हूतियों को रियाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का नया आधार मिला। हम आपको याद दिला दें कि सऊदी अरब ने 2015 में यमन के गृहयुद्ध में हस्तक्षेप किया था, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से 2022 में हुआ संघर्षविराम कई वर्षों तक नाजुक शांति बनाए रखने में सफल रहा, लेकिन इस साल लड़ाई फिर भड़क गई। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य अभियान चला रहा है, जबकि हूती इसे अपने खिलाफ आक्रामकता बताते हैं। साथ ही हूतियों की रणनीति का एक उद्देश्य सना में आर्थिक संकट और नाकेबंदी के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराना भी है। हालांकि उनके शासन, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार पर उठते सवाल इस दावे को जटिल बनाते हैं। बाब अल-मंदेब पर पकड़, दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव हम आपको यह भी याद दिला दें कि सितंबर की शुरुआत में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर प्रभाव बढ़ाने की हूतियों की कोशिशों ने संकट को और गंभीर बना दिया था। लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां जहाजरानी बाधित होने का असर सऊदी तेल निर्यात से लेकर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखलाओं तक पहुंच सकता है। यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि हूतियों ने पहले गाजा युद्ध के दौरान नवंबर 2023 से मई 2025 तक लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाकर अपनी क्षमता दिखाई थी। अक्टूबर 2025 में गाजा संघर्षविराम के बाद उन्होंने इजरायल से जुड़े जहाजों पर हमले रोक दिए थे। मई 2025 में ट्रंप प्रशासन के साथ समझौते के बाद अमेरिकी जहाजों पर हमले भी निलंबित किए गए थे। सितंबर 2026 में ओमान में अमेरिकी राजनयिकों और हूती प्रतिनिधियों के बीच कथित मुलाकातों की खबरें भी सामने आईं थी। इससे संकेत मिलता है कि आक्रामक बयानबाजी के बावजूद हूती नेतृत्व परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बदलता रहा है। ट्रंप की चेतावनी और यमन में मानवीय त्रासदी इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हूतियों के खिलाफ हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। दूसरी ओर हूतियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो वे पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी कर्मियों और हितों को निशाना बना सकते हैं। ऐसा हुआ तो वाशिंगटन क्षेत्रीय युद्ध में और गहराई तक खिंच सकता है। उधर, यमन में आम नागरिकों की स्थिति बदतर होती जा रही है। रेड क्रॉस के मुताबिक, कई मोर्चों पर लड़ाई तेज होने से अस्पतालों पर घायलों का दबाव बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि सरकारी नियंत्रण वाले ताइज शहर तक जीवनरक्षक सहायता पहुंचना बंद हो गया है। हूतियों से घिरे इस शहर में छह लाख से अधिक लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं, जिनमें दो लाख से ज्यादा महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। बहरहाल, सऊदी अरब और हूतियों के बीच यह टकराव अब सिर्फ मिसाइलों और जवाबी हमलों की कहानी नहीं रहा। इसके केंद्र में तेल, समुद्री व्यापार, क्षेत्रीय वर्चस्व और अमेरिका की संभावित सैन्य भूमिका है। लेकिन इस भू-राजनीतिक संघर्ष की सबसे भारी कीमत यमन की वह आबादी चुका रही है, जो एक दशक से अधिक समय से युद्ध, भुखमरी और तबाह बुनियादी ढांचे के बीच जिंदगी बचाने की जद्दोजहद कर रही है।

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 11:37 am

Jind News: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए अमेरिका रवाना हुए जुआं के अमित मुन्ना

गांव जुआं सोनीपत के पहलवान अमित उर्फ मुन्ना अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए बुधवार को अमेरिका रवाना हो गए।

अमर उजाला 15 Oct 2026 2:03 am

Varanasi News: 132 साल बाद पुरखों का पता लगाने दक्षिण अमेरिका से गाजीपुर पहुंचा परिवार, बीएचयू में दिया सैंपल

साल बाद पुरखों का पता लगाने दक्षिण अमेरिका से गाजीपुर पहुंचा परिवार, बीएचयू में दिया सैंपल

अमर उजाला 15 Oct 2026 1:32 am

Jagran Dandiya: अमेरिका और ताजिकिस्तान में आवाज का जादू बिखेर चुकीं सुस्वाति मलिक साकची में पेश करेंगी म्यूजिकल फ्यूजन

दैनिक जागरण द्वारा जमशेदपुर के साकची स्थित धालभूम क्लब में 'जागरण डांडिया' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका सुस्वाति मलिक अपनी संगीतमय प्रस्तुति से शहरवासियों को झूमने पर मजबूर करेंगी।

जागरण 14 Oct 2026 8:15 pm

American Singer Mary Millben का बड़ा खुलासा: अमेरिकी डोनर्स भारत में CJP को कर रहे हैं फंड, युवा देशभक्तों से की आगे आने की अपील

अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन (Mary Millben) ने भारत के राजनीतिक घटनाक्रम पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिका में बैठे कुछ डोनर्स भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) जैसे संगठनों को फंड मुहैया करा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश के युवा देशभक्तों से आगे आकर इस 'विनाशकारी सोच' के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करने की अपील की है। मिलबेन ने ये बातें बुधवार को कहीं, जब नई दिल्ली में विपक्षी पार्टियों और CJP समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग की। मैरी मिलबेन ने युवा भारतीयों से CJP के खिलाफ विरोध करने को कहा 41 साल की सिंगर ने दावा किया कि CJP नेता अभिजीत दिपके और उनकी पार्टी को अमेरिका के उन डोनर्स से आर्थिक मदद मिल रही है जो मोदी और उनके नेतृत्व का विरोध करते हैं। मिलबेन ने कहा, यह चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने युवा भारतीयों से उन ताकतों के खिलाफ खड़े होने की अपील की जिन्हें उन्होंने 'विनाशकारी ताकतें' बताया। अपनी पोस्ट में उन्होंने PM मोदी और उनके राजनीतिक नेतृत्व का बचाव भी किया। पोस्ट में लिखा था, डरो मत, मेरे युवा देशभक्तों। तुम्हारे प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 साल तक भारत की सेवा की है - 12 साल प्रधानमंत्री के तौर पर और लगातार तीन बार चुने गए - वे मेरे देश की विनाशकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। मिलबेन ने आगे आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी डोनर्स दुनिया भर में कंज़र्वेटिव (रूढ़िवादी) नेताओं को निशाना बनाने का तरीका अपनाते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे अमेरिका में पढ़े-लिखे लोगों की पहचान करते हैं, उन्हें कट्टरपंथी बनाते हैं और उनके देशों में राजनीतिक आंदोलनों को फंड देते हैं। उन्होंने कहा, और इन चुनिंदा डोनर्स का दुनिया भर में एक ही तरीका है - दुनिया के कंज़र्वेटिव नेताओं को निशाना बनाना, उस देश से अमेरिका में पढ़े-लिखे व्यक्ति को ढूंढना, उन्हें कट्टरपंथी बनाना, उन्हें वापस देश भेजना और उन्हें अराजकता और तबाही फैलाने के लिए फंड देना। इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने देश के विकास और शासन पर असर डाला है। सिंगर ने लोकतंत्र और आज़ादी की रक्षा के लिए एक जवाबी आंदोलन की भी बात कही। उन्होंने भारतीयों से एकजुट होने और CJP की विनाशकारी सोच का शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने की अपील की। अब समय आ गया है कि #भारत की मिट्टी में जन्मी, पली-बढ़ी और शिक्षित एक नई आवाज़ आगे आए, संगठित हो और 'कॉकरोच पार्टी' की विघटनकारी सोच के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण विरोध करे। जागो, युवा देशभक्तों! जागो! - उन्होंने अपनी बात इसी तरह खत्म की। मैरी मिलबेन कौन हैं? मैरी मिलबेन एक अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री हैं। उन्हें भारत में राष्ट्रगान 'जन गण मन' और भक्ति गीत 'ओम जय जगदीश हरे' को अपनी आवाज़ देने के लिए काफ़ी लोकप्रियता मिली है। साल 2023 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने भारत का राष्ट्रगान गाया था। To all the beautiful young patriots in India: This is not the time to be silent. @abhijeet_dipke and the @Cockroachisback are being funded by donors in the U.S. who are against Prime Minister @NarendraModi and your future under his leadership. Do not fear, my young patriots. Your Prime Minister, who has served India for 25 years, 12 years as Prime Minister, elected three consecutive terms, is not going to bow to disruptive forces from my country. And these select donors have a pattern globally - target conservative global leaders, find an U.S. educated person from the country, radicalize them, send them back to the country, and fund them to start chaos and destruction. None of them have been successful but have impacted the development and governance of the country. It is time for a new voice in #India, born, raised, educated on the soil of India, to RISE UP, organize, and peacefully protest the disruptive spirit of the Cockroach Party. There should always be a counter movement to uphold democracy and freedom. Rise up, young patriots! Rise up! — Mary Millben (@MaryMillben) October 14, 2026

प्रभासाक्षी 14 Oct 2026 4:17 pm

किशनगंज में अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर जैसा दुर्गा पूजा पंडाल:1982 में पांच बैंककर्मियों ने की थी शुरुआत, हर साल नई थीम से आकर्षित होते हैं श्रद्धालु

किशनगंज शहर के ऐतिहासिक रुईधासा मैदान के पास इस बार दुर्गापूजा में भव्यता और कलात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। टाउन क्लब दुर्गा पूजा समिति की ओर से अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर विशाल पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। गगनचुंबी स्वरूप और आकर्षक स्थापत्य शैली के कारण निर्माणाधीन पंडाल अभी से लोगों का ध्यान खींच रहा है। सड़क से गुजरने वाले लोग भी इसकी भव्यता देखने के लिए ठहर जा रहे हैं। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। हर साल नई थीम से आकर्षित होते हैं श्रद्धालु रुईधासा टाउन क्लब की दुर्गापूजा शहर के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। समिति की ओर से हर साल पंडाल की थीम और सजावट में कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है। इस बार मंदिर की स्थापत्य शैली को पंडाल के रूप में उतारा जा रहा है। इसके लिए समिति के सदस्य और स्थानीय युवा दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पंडाल की बाहरी बनावट से लेकर आंतरिक सजावट और रोशनी की व्यवस्था तक विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पंडाल में प्रवेश करते ही मंदिर जैसी भव्यता का एहसास कराना है। विश्वकर्मा पूजा के बाद से ही निर्माण और सजावट का काम जोर पकड़ लेता है। पंडाल निर्माण और सजावट पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहता है। पांच बैंककर्मियों ने 1982 में रखी थी नींव टाउन क्लब की दुर्गापूजा का इतिहास वर्ष 1982 से जुड़ा है। उस समय पांच बैंककर्मियों ने मिलकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की शुरुआत की थी। सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुआ यह आयोजन धीरे-धीरे शहर के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल हो गया। स्थानीय निवासी और पूजा समिति के सदस्य राजेश दुबे के अनुसार, बैंक सेवा से जुड़े पांच साथियों संदीप घोष राय, स्व. बिमल दास, सुनील कुंडू, प्रदीप मजूमदार और गौतम दास ने मिलकर पहली बार यहां दुर्गापूजा का आयोजन किया था। शुरुआत में छोटे स्तर पर आयोजित होने वाली पूजा में समय के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ती गई। आज यह आयोजन सामूहिक सहयोग और आस्था की मिसाल बन चुका है। चार दशक से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा को नई पीढ़ी भी आगे बढ़ा रही है। हर साल नई थीम, आकर्षक सजावट और बेहतर व्यवस्थाओं के जरिए आयोजन को खास बनाने की कोशिश की जाती है। बंगाली विधि-विधान से होती है मां दुर्गा की पूजा भव्य पंडाल के साथ यहां की पारंपरिक पूजा पद्धति भी आयोजन की खास पहचान है। टाउन क्लब में शुरुआत से ही बंगाली विधि-विधान के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती रही है। पूजा के दौरान मंत्रोच्चार, पुष्पांजलि और आरती का विशेष महत्व रहता है। मुख्य पुजारी पंडित संजय भट्टाचार्य बताते हैं कि पहले उनके पिता यहां मुख्य पुजारी के रूप में पूजा संपन्न कराते थे। उनके बाद वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इस तरह पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी पीढ़ी दर पीढ़ी निभाई जा रही है। यहां सुबह आठ बजे और शाम छह बजे आरती होती है। इस दौरान मंत्रोच्चार और ढाक की थाप से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा रहेगी अहम दुर्गापूजा के दौरान रुईधासा मैदान के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुचारु आवागमन और परिसर में व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। भव्य पंडाल को देखने के लिए शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। टाउन क्लब की दुर्गापूजा की खासियत यह है कि समय के साथ आयोजन का स्वरूप बदलता रहा है, लेकिन मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और पारंपरिक पूजा पद्धति आज भी कायम है। अमेरिका के प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर बन रहा इस वर्ष का पंडाल किशनगंज के दुर्गोत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने की ओर अग्रसर है। भव्यता, परंपरा और सामुदायिक सहभागिता के साथ रुईधासा टाउन क्लब की दुर्गापूजा एक बार फिर शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई चमक देने के लिए तैयार है।

दैनिक भास्कर 14 Oct 2026 1:01 pm

देहरादून में बैठकर अमेरिका-कनाडा के लोगों को बनाते थे शिकार; नोएडा से सीखा ठगी का खेल

देहरादून में बैठकर अमेरिका और कनाडा के लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 5 लोग अरेस्ट हुए हैं। ये आरोपी एंटीवायरस के नाम पर गिफ्ट कार्ड खरीदवाते थे।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Oct 2026 7:46 am

ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.

आज तक 14 Oct 2026 6:00 am

Maharajganj News: अमेरिकी नागरिक ट्रेविस फेलेन का दूतावास ने भरा जुर्माना, कल होगा रिहा

दूतावास की मदद से उसे अमेरिका भेजा जाएगा।

अमर उजाला 14 Oct 2026 2:15 am

रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका

रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 11:13 pm

CUSB के 7 प्रोफेसर स्टैनफोर्ड की टॉप-2% वैज्ञानिकों की सूची:अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, एल्सेवियर ने जारी की सूची; फार्मेसी समेत 4 विभागों के टीचर

साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी (CUSB) के 7 प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में वे शामिल हैं। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा है। प्रशासन ने इसे शोध और शैक्षणिक उत्कृष्टता में सफलता बताया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह और कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा ने बधाई दी। कुलपति बोले- ये शैक्षणिक प्रतिष्ठा की मजबूती का उदाहरण कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि ज्ञान संवर्धन और अनुसंधान के उच्च मानकों के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है। यह शैक्षणिक प्रतिष्ठा मजबूत करती है। फार्मेसी, भूविज्ञान, भौतिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों के शिक्षक इस सूची में हैं। फार्मेसी से प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र, प्रो. विवेक दवे और डॉ. अरुण कुमार तीन प्रोफेसर हैं। उनके योगदान को औषधि विज्ञान और औषधीय पदार्थ विज्ञान के उपक्षेत्र में मान्यता मिली है। यह महत्वपूर्ण सफलता है। भूविज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में भी चमके शिक्षक भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार सिंह को भूवैज्ञानिक एवं भू-स्थानिक अभियांत्रिकी के उपक्षेत्र में सूची में जगह मिली है। वहीं, भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित रंजन शाही को ऊर्जा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए शामिल किया गया है। दोनों प्राध्यापकों की उपलब्धि ने विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में सीयूएसबी की शोध क्षमता को रेखांकित किया है। जैव प्रौद्योगिकी के दो प्राध्यापकों ने भी हासिल की उपलब्धि जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार और प्रो. नीतीश कुमार भी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। इस तरह फार्मेसी विभाग के तीन, भूविज्ञान के एक, भौतिकी के एक और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो प्राध्यापकों ने यह उपलब्धि हासिल की है। इन मानकों पर तैयार होती है सूची विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर की ओर से जारी सूची तैयार करने में उद्धरणों की संख्या, एच-सूचकांक, सह-लेखन और समग्र अंक (सी-अंक) जैसे विभिन्न मानकों के मानकीकरण को ध्यान में रखा जाता है। इन मानकों के माध्यम से वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोधपत्रों और उनके शोध कार्यों के प्रभाव का आकलन किया जाता है। सीयूएसबी के सात प्राध्यापकों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध और अकादमिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे संस्थान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिलने के साथ ही भावी शोधकर्ताओं को भी नई उपलब्धियां हासिल करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

दैनिक भास्कर 13 Oct 2026 5:46 pm

अमेरिका से पढ़कर लौटी बेटी सहेज रही एक-एक बूंद, अब तक 80 तालाबों को दे चुकी हैं नया जीवन

शुभी केसरवानी ने गुरुजल संस्था के माध्यम से गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में 80 तालाबों के पुनरुद्धार के लिए डीपीआर तैयार कर प्रशासन को सौंपी है।

जागरण 13 Oct 2026 5:39 pm

विरोधाभासी चरित्र से अमेरिका पर भरोसा कठघरे में

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प्रवक्ता 13 Oct 2026 5:16 pm

Maharajganj News: अमेरिकी नागरिक ट्रेविस फेलेन को जेल में बिताई अवधि व पांच हजार जुर्माने की सजा

135 दिन में सीजेएम कोर्ट का फाइनल जजमेंट, फरेंदा के छतरी चौराहे से 30 मई को हुई थी गिरफ्तारी

अमर उजाला 13 Oct 2026 2:32 am

अमेरिकी विरोधाभास

विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:43 pm

अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप

अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 2:39 pm

दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियां, विश्वसनीयता; खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप

दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप

अमर उजाला 12 Oct 2026 9:27 am

अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिन जिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली

अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली

अमर उजाला 12 Oct 2026 9:20 am

Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War

Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है

लाइव हिन्दुस्तान 11 Oct 2026 1:37 pm

Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war

Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war

लाइव हिन्दुस्तान 10 Oct 2026 11:01 pm

अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR

विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Oct 2026 1:48 pm

संपादकीय: अमेरिकी अहंकार

अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है

जागरण 10 Oct 2026 12:14 am

ओबामा के करीबी थे, अब ट्रम्प के खास बने जुकरबर्ग:राष्ट्रपति ने जेल भेजने की धमकी दी थी, अब साथ मिलकर AI के नियम बना रहे

मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग कभी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के करीबी थे। 2021 में फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प का अकाउंट बंद कर दिए, तो उन्होंने जुकरबर्ग को जेल भेजने की धमकी दी थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जुकरबर्ग ने ट्रम्प से रिश्ते सुधार लिए हैं। अब जुकरबर्ग का प्रभाव AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े फैसलों में भी दिख रहा है। AI सुरक्षा समझौते का मसौदा तैयार करने में उनका बड़ा रोल है। जुकरबर्ग ने ट्रम्प से बिगड़े रिश्ते कैसे सुधारे 2021 में अमेरिकी संसद पर हमले के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प के अकाउंट्स पर रोक लगा दी थी। कंपनी को आशंका थी कि ट्रम्प की पोस्ट से हिंसा और बढ़ सकती है। इस फैसले से ट्रम्प नाराज हो गए। उन्होंने जुकरबर्ग पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें उम्रकैद तक की धमकी दी। दोनों के रिश्ते सुधरने की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई। पेंसिल्वेनिया की एक चुनावी रैली में ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ। इस घटना के बाद जुकरबर्ग ने कहा कि गोली लगने के बाद ट्रम्प का उठकर हाथ लहराना उनके जीवन में देखी गई सबसे शानदार चीजों में से एक था। जुकरबर्ग की इस तारीफ के कुछ हफ्ते बाद ट्रम्प ने भी उनके प्रति नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अब वे जुकरबर्ग को पहले से ज्यादा पसंद करते हैं। ट्रम्प के करीब आने के लिए क्या-क्या किया? ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जुकरबर्ग ने उनसे रिश्ते सुधारने के लिए कई कदम उठाए। ट्रम्प से नजदीकी का जुकरबर्ग को फायदा मिला ट्रम्प और जुकरबर्ग की बढ़ती नजदीकी का असर सरकारी फैसलों पर भी दिख रहा है। जुकरबर्ग ने एनवीडिया के CEO जेंसन हुआंग के साथ मिलकर AI सुरक्षा समझौते का शुरुआती मसौदा तैयार किया। पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रम्प और टेक कंपनियों के प्रमुखों की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया। समझौते का मकसद AI के लिए मानक तय करना, उन्हें लागू करना और उनकी जांच कराना है। जुकरबर्ग का मानना है कि AI की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को तकनीकी सुधारों से दूर किया जा सकता है। हालांकि, यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसमें कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ट्रम्प से दोस्ती आगे चलकर भारी भी पड़ सकती है CNN के मुताबिक जुकरबर्ग को ट्रम्प के करीब आने का फायदा मिल रहा है, लेकिन इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर नवंबर में डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद में बहुमत मिलता है या 2028 में उसका राष्ट्रपति बनता है, तो मेटा को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है। पिछले महीने डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने मेटा को लैटर लिखकर पूछा कि कंपनी ने रिपब्लिकन संगठनों और ट्रम्प की पसंदीदा परियोजनाओं को कितना पैसा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा ने ट्रम्प को खुश रखने के लिए भारी रकम खर्च की और अब उसे इसका फायदा मिल रहा है। ट्रम्प के कुछ पुराने सहयोगी भी जुकरबर्ग पर भरोसा नहीं करते। उन्हें लगता है कि जुकरबर्ग की बदली हुई राजनीति के पीछे कोई विचारधारा नहीं, बल्कि अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। यानी जुकरबर्ग ने कभी जिस ट्रम्प से टकराव मोल लिया था, आज उसी के साथ मिलकर AI के भविष्य से जुड़े फैसलों में भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन यह दोस्ती कितनी टिकेगी, इसका फैसला आने वाले चुनाव और अमेरिकी राजनीति का रुख करेगा। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 2 लाख भारतवंशी वोटर्स के नाम कटे: मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प को हार का डर; 2024 में 65% ने विपक्ष को वोट दिया था अमेरिका की वोटर लिस्ट से 2 लाख भारतीय मूल के वोटर्स का नाम कट गया है। इन लोगों के नाम उन 26 राज्यों में काटे गए हैं, जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की सरकार है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 12:14 pm

H-1B विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव

दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे।

खास खबर 9 Oct 2026 10:46 am

एच-1बी विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव

वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे। यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।

समाचार नामा 9 Oct 2026 9:24 am

आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद

भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Oct 2026 2:40 pm

हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच

हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच

अमर उजाला 7 Oct 2026 7:25 am

'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना

“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Oct 2026 8:02 am

Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba

ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 8:49 pm

Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei

Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 3 Oct 2026 2:59 pm

Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा

मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है

लाइव हिन्दुस्तान 3 Oct 2026 11:03 am

अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा

अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Oct 2026 1:47 pm

अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए, ज्ञान और विवेक में क्या अंतर, PCS इंटरव्यू में पूछे ये सवाल

पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Oct 2026 5:55 am

US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!

बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..

लाइव हिन्दुस्तान 30 Sep 2026 9:19 pm

US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East

Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 30 Sep 2026 4:45 pm

विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत

अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।

जागरण 29 Sep 2026 12:18 am

अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते

एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।

देशबन्धु 28 Sep 2026 3:10 am

Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 12:28 pm

अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़

सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।

खास खबर 25 Sep 2026 3:47 pm

टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका

टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका

अमर उजाला 25 Sep 2026 7:35 am

डाइट कोक-पिज्जा और पके मांस के दीवाने हैं डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति की डाइट जान हो जाएंगे हैरान

नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Sep 2026 6:51 am

विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद

चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।

जागरण 24 Sep 2026 11:41 pm

CBSE की कमी ढूंढने वाले 19 साल के निसर्ग को अमेरिका में मिला बड़ा सम्मान, US DOJ हॉल ऑफ फेम में दर्ज नाम

CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Sep 2026 3:17 pm

विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया

संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।

जागरण 24 Sep 2026 12:06 am

हार्वर्ड-स्टैनफर्ड नहीं... MIT है अमेरिकी नंबर वन कॉलेज, जानिए आइवी लीग कॉलेजों की रैंक

यूएस न्यूज बेस्ट कॉलेज 2027 रैंकिंग में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रिंसटन के 15 साल के वर्चस्व को खत्म कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सभी 8 आइवी लीग कॉलेज लिस्ट में शामिल हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Sep 2026 8:27 am

एक्सप्लेनर: शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा और एआई का मुकाबला, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में कौन कितना आगे?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।

अमर उजाला 23 Sep 2026 6:14 am

बिहार के नीरज को अमेरिका में मिली 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, पिता चलाते हैं पान की दुकान

सारण जिले के नीरज को अमेरिका में करीब 2.6 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर PhD कर रहे हैं। बिहार के छोटे से गांव से अमेरिका तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष की अच्छी मिसाल है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 2:28 pm

पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?

पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?

अमर उजाला 21 Sep 2026 10:05 am

Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump

एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 4:52 pm

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

लाइव हिन्दुस्तान 19 Sep 2026 11:34 pm

अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं

विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more

अजमेरनामा 18 Sep 2026 10:25 pm

अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं

जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….

लाइव हिन्दुस्तान 17 Sep 2026 11:31 pm

कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल

CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 6:03 pm

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

अमर उजाला 14 Sep 2026 10:09 am

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 10:15 am

Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz

अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 11 Sep 2026 10:44 am

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न

लाइव हिन्दुस्तान 9 Sep 2026 9:20 pm

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 9:11 pm

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 7:37 pm

Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 11:12 am

द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला

7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।

अमर उजाला 7 Sep 2026 9:35 am

Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !

Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 3:56 pm

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:35 am

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:04 am

अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...

आज तक 3 Sep 2026 5:44 pm

अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.

आज तक 2 Sep 2026 11:12 am

'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत

हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.

आज तक 2 Sep 2026 8:46 am

Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz

अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 11:52 pm

Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:32 pm

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!

हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।

देशबन्धु 1 Sep 2026 3:21 am

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:59 pm

जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी

एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।

जागरण 26 Aug 2026 11:19 pm

Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War

इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:17 pm

Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 3:53 pm

Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 11:40 pm

Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 7:52 pm

शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.

आज तक 17 Aug 2026 8:36 pm

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:25 pm

Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin

Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:31 pm

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 9:55 am

Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump

तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 8:09 pm

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 8:55 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

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