भारत और अमेरिका की सैलरी और खर्च को लेकर सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। पोस्ट में कहा गया कि, भारत में सालाना 40 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति की लाइफस्टाइल अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाले व्यक्ति जैसी होती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोग इस पोस्ट पर कई लोग कमेंट कर रहे हैं। लोगों ने घर, कार, हेल्थकेयर और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर अपने-अपने तर्क दिए।व्यक्ति ने किया पोस्टसूरज कुमार तलरेजा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर आप भारत में सालाना 40 लाख रुपये (40 LPA) कमा रहे हैं, तो आपकी लाइफस्टाइल लगभग वैसी ही है जैसी अमेरिका में सालाना 1,92,000 डॉलर कमाने वाले व्यक्ति की होती है।” उन्होंने आगे लोगों से ये भी कहा कि वे टैक्स को लेकर सोशल मीडिया पर बेवजह शिकायत करना बंद करें।यूजर ने किया कमेंटइस दावे पर नवीन नेगी नाम के एक अन्य यूजर ने आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, इस तरह की तुलना करते समय भारत और अमेरिका की परचेजिंग पावर और घर-कार जैसी बड़ी संपत्तियों की कीमतों में मौजूद बड़े अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने X पर लिखा, “अगर आप कभी अमेरिका में नहीं रहे हैं, तो इस तरह की बेवकूफी भरी बातें नहीं करनी चाहिए।” इसके बाद उन्होंने दोनों देशों में घरों और कारों की कीमतों का भी उदाहरण दिया।3 लाख डॉलर में घर खरीद सकते हैंनवीन नेगी ने लिखा, “सिर्फ जानकारी के लिए बता दूं कि अगर अमेरिका में आपकी सालाना आय 1.90 लाख डॉलर है, तो आज भी ऑस्टिन जैसे शहर में करीब 3 लाख डॉलर में 3BHK कॉन्डोमिनियम खरीदा जा सकता है। वहीं लगभग 50 हजार डॉलर में BMW 3 सीरीज का बेस मॉडल मिल जाता है, जो 1.90 लाख डॉलर की सालाना कमाई का करीब एक-चौथाई हिस्सा है।”भारत में घर खरीदना मुश्किलनवीन नेगी ने आगे कहा कि अगर भारत में किसी व्यक्ति की सालाना आय 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 80 लाख रुपये भी कर दी जाए, तब भी कई टियर-1 शहरों में आराम से दो बेडरूम का फ्लैट खरीदना आसान नहीं होगा। उन्होंने लिखा, “मान लीजिए भारत में किसी की सालाना कमाई 40 लाख रुपये की जगह 80 लाख रुपये हो जाए, तब भी देश के किसी बड़े टियर-1 शहर में आसानी से 2BHK फ्लैट खरीदना मुश्किल है। वहीं भारत में BMW 3 सीरीज की कीमत करीब 80 लाख रुपये या उससे अधिक है, जो एक साल की आय से लगभग दोगुनी बैठती है।” If you are earning 40 LPA every year in India, you are literally living a same lifestyle of someone who is in USA earning 192,000 USD every year.Stop doing nonsense on twitter about taxes you are paying.— Suraj Kumar Talreja (@suritalreja) July 31, 2026 नेगी ने कहा कि उनकी तुलना सिर्फ घरों और कारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा, “मैंने अभी कम ब्याज दरों, सस्ती लीज की सुविधाओं, क्रेडिट कार्ड का बकाया दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करने जैसी सुविधाओं और कई अन्य बातों का जिक्र भी नहीं किया है, जो अमेरिका में लोगों की खरीदने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं। इसके अलावा, अमेरिका में सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी अच्छी गुणवत्ता की होती है और लगभग मुफ्त होती है।”लोगों ने दिया मजेदारा रिएक्शनइस बहस ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी-अपनी राय रखी। एक यूजर ने लिखा, “बेंगलुरु में किसी अच्छी सोसाइटी में 3BHK फ्लैट की कीमत 2 करोड़ रुपये से कम नहीं है। अगर आप साल में 10 लाख रुपये भी बचाते हैं, तो बिना ब्याज जोड़े सिर्फ घर खरीदने में ही 20 साल लग जाएंगे।” एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “आप सिर्फ चीजों की कीमतों की तुलना कर रहे हैं। क्या अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाला व्यक्ति फुल-टाइम घरेलू मदद रख सकता है? वहां सेवाएं काफी महंगी हैं।”
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिका भेजने के नाम पर 87 लाख की ठगी, पति-पत्नी के लिए सपनों का सफर बना धोखे का जाल; मोहाली में FIR
दंपती को अमेरिका भेजने के नाम पर दो ट्रैवल एजेंटों ने 87 लाख रुपये की ठगी की। मोहाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर अंबाला के एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।
अमेरिका से हमले न करने को गिड़गिड़ाया था ईरान? ट्रंप के दावे पर आया तेहरान का जवाब
ईरान ने साफ किया है कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ऐसा नहीं कहा था कि अमेरिका उस पर हमले न करे। साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि ईरान किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
अमेरिका के इडाहो में रेस्टोरेंट के बाहर भीषण गोलीबारी, 3 की मौत
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें कई लोंगों के मारे जाने की खबर है, रेस्त्रां में जिस सख्स ने हमला किया उसको सुरक्षाबलों ने ढेर कर दियाहै.. कई लोग गोलीबारी में घायल हुए हैं.
अमेरिका में बर्गर पार्टी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग, दिल दहला देने वाली घटना में 3 लोगों की मौत
अमेरिका में गन कल्चर और हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, और एक बार फिर देश में हुई गोलीबारी की एक खौफनाक वारदात ने सबको झकझोर कर रख दिया है। अमेरिका में एक मामूली सी बर्गर पार्टी के दौरान अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष और अंधाधुंध गोलीबारी में तीन बेकसूर लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से स्थानीय इलाकों में भारी दहशत का माहौल है और पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया है।पार्टी की खुशियां पलभर में मातम में बदलींमिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय घटी जब लोग एक जगह इकट्ठा होकर बर्गर पार्टी का आनंद ले रहे थे और आपसी माहौल पूरी तरह खुशनुमा था। अचानक हुई इस हिंसक वारदात ने पलभर में सारी खुशियों को मातम में बदल दिया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। चश्मदीदों के मुताबिक हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।सुरक्षा व्यवस्था और गन वायलेंस पर उठे गंभीर सवालइस दर्दनाक गोलीबारी की घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर अमेरिका में खुलेआम मिलने वाले हथियारों और बढ़ते गन कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन और सरकार की नीतियों की आलोचना हो रही है क्योंकि इस तरह की मास शूटिंग की घटनाएं देश में आम होती जा रही हैं। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे की असली वजह का खुलासा हो सके।
दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, जिसने ग्लोबल डिफेंस एक्सपर्ट्स के भी होश उड़ा दिए हैं। ईरान के साथ कथित तौर पर चली पांच महीने लंबी लंबी और भीषण जंग ने अमेरिकी सेना की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह साफ हो गया है कि लंबे संघर्षों से निपटने की उसकी ताकत और सैन्य क्षमता अंदर से कितनी खोखली हो चुकी है। इस जंग के बाद अमेरिकी रक्षा तंत्र की कमियां दुनिया के सामने खुलकर आ गई हैं, जिसे आठ मुख्य बिंदुओं के जरिए बेहद आसानी से समझा जा सकता है।मिलिट्री पावर और साजो-सामान का भारी संकटइस पूरे घटनाक्रम और जंग के दौरान सबसे बड़ा पहलू यह सामने आया है कि लगातार चलने वाले युद्धों के कारण अमेरिका के आधुनिक हथियारों और मिसाइलों के भंडार में भारी कमी आ गई है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि अत्याधुनिक सैन्य साजो-सामान के उत्पादन की रफ्तार उस गति से नहीं हो पा रही है जितनी तेजी से जंग में उनका इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा, युद्ध के लंबे खिंचने से अमेरिकी रक्षा बजट पर भी अत्यधिक दबाव पड़ा है, जिससे देश के भीतर आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।महाशक्ति की रणनीतिक विफलताओं का सचईरान के साथ हुए इस लंबे गतिरोध ने अमेरिकी रणनीति की कमजोरियों को भी जगजाहिर कर दिया है, जहां लंबे समय तक चलने वाले पारंपरिक या क्षेत्रीय संघर्षों से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार नहीं दिखती। इस जंग ने यह साबित कर दिया है कि केवल अत्याधुनिक तकनीक के भरोसे किसी लंबी और जटिल लड़ाई को आसानी से नहीं जीता जा सकता, बल्कि इसके लिए मजबूत जमीनी समर्थन और अटूट सप्लाई चेन की भी जरूरत होती है। इस पूरी रिपोर्ट ने वैश्विक पटल पर अमेरिका के अजेय होने के उस पुराने दावे को तगड़ा झटका दिया है जिस पर अब दुनियाभर में गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
उत्तर-पश्चिमी अमेरिकी राज्य इडाहो के ट्विन फॉल्स में एक इन-एन-आउट रेस्टोरेंट के इलाके में शनिवार को गोलीबारी की घटना सामने आई। इस गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम दो अन्य घायल हो गए।
अमेरिकी रेस्तरां के भीतर गोलीबारी: तीन की मौत, दो हताहत; हमलावर ढेर
अमेरिका के आइडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स शहर में शनिवार दोपहर एक इन-एन-आउट बर्गर रेस्तरांके अंदर हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई।वहीं दो अन्य घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
अमेरिका के रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग, 3 लोगों की मौत, 7 घायल, हमलावर भी ढेर
अमेरिका के इडाहो स्थित एक रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना में तीन लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट, मध्य पूर्व से किसी भी वक़्त निकलने के लिए रहें तैयार - BBC
अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट, मध्य पूर्व से किसी भी वक़्त निकलने के लिए रहें तैयार BBC ट्रम्प बोले- ईरान पर हमला फिलहाल टाला: होर्मुज खोलने और परमाणु खतरा खत्म करने पर सहमति बनी; सऊदी ने कार्रवा... Dainik Bhaskar पश्चिम एशिया में कुछ नहीं बचेगा, US के हमले के बाद कहां निशाना लगाएगा ईरान; जारी की लिस्ट, International Hindi News Hindustan ईरान पर भीषण अटैक की तैयारी... ट्रंप के प्लान से चौकन्ना हुए सऊदी प्रिंस, अचानक लगाया फोन AajTak वर्ल्ड वॉर-2 जैसी तैयारी की धमकी देकर ट्रंप ने रद किया ईरान पर हमले का प्लान, कहा- दुनिया की भलाई के लिए उठाया कदम Jagran
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
US Mass Shooting: अमेरिका के इडाहो में ‘इन-एन-आउट’ बर्गर रेस्टोरेंट में अंधाधुंध गोलीबारी
संयुक्त राज्य अमेरिका में गन कल्चर का खौफनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। इस बार दक्षिणी इडाहो (Idaho) राज्य का शांत रहने वाला शहर 'ट्विन फॉल्स' (Twin Falls) गोलियों की गूंज से कांप उठा। शनिवार शाम लगभग 4 बजे, जब लोग एक व्यस्त शॉपिंग इलाके के पास स्थित मशहूर 'इन-एन-आउट बर्गर' (In-N-Out Burger) रेस्टोरेंट में अपने परिवार और दोस्तों के साथ मौजूद थे, तभी अचानक एक सिरफिरे बंदूकधारी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बर्गर का स्वाद ले रहे मासूम लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही रेस्टोरेंट के भीतर और बाहर गोलियों की तड़तड़ाहट से चीख-पुकार मच गई। वारदात के समय इलाका काफी व्यस्त था, जिसके चलते वहां अफरातफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए टेबल और कुर्सियों के पीछे छिपने लगे।पुलिस चीफ का बड़ा बयान: हमलावर मारा गया, फिलहाल लोगों के लिए टला खतराघटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। ट्विन फॉल्स के पुलिस चीफ मैथ्यू हिक्स (Matthew Hicks) ने एक त्वरित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्थिति की जानकारी दी। पुलिस चीफ हिक्स ने बताया कि घटना के समय मौके पर बेहद खौफनाक और अफरातफरी का माहौल था। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से स्थिति पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि हमलावर भी मरने वाले लोगों में शामिल है। हिक्स ने शहरवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, हमें पूरा विश्वास है कि अब आम लोगों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि हताहतों की सटीक संख्या और पहचान की पुष्टि की जा रही है तथा पुलिस अधिकारी संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों के परिवारों को सूचित करने की प्रक्रिया में जुटे हैं।सड़कों की नाकेबंदी और आपातकालीन अलर्ट: सेंट ल्यूक मैजिक वैली अस्पताल में हड़कंपगोलीबारी के तुरंत बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया। ट्विन फॉल्स काउंटी के कमिश्नर ब्रेंट रेनके (Brent Reinke), जो इडाहो डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस के पूर्व प्रमुख भी रह चुके हैं, ने बताया कि उन्हें शाम 4 बजे से ठीक पहले इस एक्टिव शूटर घटना की जानकारी मिली थी। शुरुआती दौर में ही कम से कम पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर आई थी। सुरक्षा के मद्देनजर ट्विन फॉल्स पुलिस ने रेस्टोरेंट की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया और आम जनता से इस व्यस्त वाणिज्यिक क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। वहीं, पास स्थित 'सेंट ल्यूक मैजिक वैली' (St. Luke's Magic Valley) मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता टेलर मार्शनर ने बताया कि अस्पताल का इमरजेंसी स्टाफ घायलों के त्वरित इलाज के लिए पुलिस और रिस्पॉन्स टीमों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम कर रहा है।एफ़बीआई (FBI) संभालेगी जांच की कमान: हमलावर की पहचान और मकसद तलाश रहे अधिकारीइस बड़े हमले के पीछे की साजिश और हमलावर के इरादों को खंगालने के लिए अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफ़बीआई (FBI) मैदान में उतर चुकी है। पुलिस चीफ मैथ्यू हिक्स ने जानकारी दी कि स्थानीय पुलिस की मदद के लिए एफ़बीआई की स्पेशल यूनिट्स पहुंच गई हैं। फॉरेंसिक टीमें और बैलिस्टिक एक्सपर्ट्स रेस्टोरेंट परिसर से साक्ष्य जुटा रहे हैं। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर अकेले इस वारदात को अंजाम देने आया था या उसका कोई मददगार भी था। इसके अलावा, हमलावर के पास से मिले हथियारों के लाइसेंस, उसके सोशल मीडिया बैकग्राउंड और हमले के पीछे के मुख्य कारण की गहनता से पड़ताल की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह कोई नफरती अपराध (Hate Crime) था या फिर किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा।नेवादा बॉर्डर के पास बसा शांत शहर ट्विन फॉल्स: सीनेटर माइक क्रैपो ने जताया दुख और की यह अपीललगभग 56,000 की आबादी वाला ट्विन फॉल्स शहर इडाहो की राजधानी बोइस (Boise) से दक्षिण-पूर्व में लगभग 205 किलोमीटर और नेवादा (Nevada) राज्य की सीमा से उत्तर में करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित है। आमतौर पर शांत माने जाने वाले इस शहर में हुई इस हिंसक घटना से पूरा अमेरिका स्तब्ध है। इडाहो के रिपब्लिकन सीनेटर माइक क्रैपो (Mike Crapo) ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मैं ट्विन फॉल्स से आ रही एक्टिव शूटर से जुड़ी हर पल की जानकारी पर सीधी नजर रख रहा हूं। सीनेटर ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और प्रभावित क्षेत्र की तरफ जाने से बचें। इस वारदात ने एक बार फिर अमेरिका में गन वायलेंस और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
ईरान ने नरमी को कमजोरी समझा, पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाना अमेरिका की रणनीतिक भूल
इतिहास बार-बार सिद्ध करता है कि किसी भी युद्ध का परिणाम केवल सैन्य शक्ति से तय नहीं होता। निर्णायक भूमिका निभाती है राजनीतिक इच्छाशक्ति, रणनीतिक स्पष्टता और यह विश्वास दिलाने की क्षमता कि घोषित राष्ट्रीय लक्ष्य किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलेंगे। जब कोई महाशक्ति एक दिन कठोर संदेश देती है और दूसरे दिन समझौते […]
'पाकिस्तान बिकता नहीं, किराए पर चलता है': रिपोर्ट में बड़ा दावा, क्या अमेरिका को उल्लू बना रहा PAK?
'पाकिस्तान बिकता नहीं, किराए पर चलता है': रिपोर्ट में बड़ा दावा, क्या अमेरिका को उल्लू बना रहा पाकिस्तान? pakistan us report terrorism strategy national interest imf world bank china cpec
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुलेगा, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि अमेरिका के साथ समझौते में इजरायल भी शामिल है। उन्होंने लिखा कि जल्द ही मिडिल ईस्ट में शांति होगी। ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलेगा और न्यूक्लियर बम नहीं बनाएगा।
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
युद्धपोत कम, मिसाइलें घटीं: शीर्ष जनरल की पेंटागन को चेतावनी, इस्राइल को ईरानी हमले से बचा पाएगा अमेरिका?
West Asia Tension LIVE: क्या आज रात हमले करेगी अमेरिकी सेना? US के नागरिकों को पश्चिम एशिया छोड़ने का फरमान
अमेरिका के रेस्तरां में बिछ गईं लाशें, अंधाधुंध गोलीबारी के बाद मारा गया हमलावर
अमेरिका के आयडहो में एक रेस्तरां में अचानक हमला हो गया। अंधाधुंध गोलीबारी में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। जानकारी के मुताबिक हमलावर भी मारा गया है।
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिकी रेस्तरां के भीतर गोलीबारी: इडाहो में बंदूकधारी ने चलाईं गोलियां, कई हताहत; हमलावर ढेर
अमेरिकी रेस्तरां के भीतर गोलीबारी: इडाहो में बंदूकधारी ने चलाईं गोलियां, कई हताहत; हमलावर ढेर
Peru Aircraft Crash: दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में विमान हादसा, 13 लोगों की मौत; दुर्घटना का कारण क्या?
US Vs China Tech War: क्या घर साफ करने वाला रोबोट या Wi-Fi राउटर से भी आपकी निजी जानकारी को खतरा हो सकता है? अमेरिका का दावा है कि कई स्मार्ट गैजेट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
Kanpur News: टैरिफ... अब सौ प्रतिशत पर असमंजस, बड़े आर्डर नहीं दे रहे अमेरिकी खरीदार
अमेरिका ने ट्रेड डील की बातचीत के बीच एक बार फिर रूस से तेल खरीद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
अमेरिका में नशा तस्करी में हरियाणा का युवक गिरफ्तार, वीडियो वायरल होते ही पिता ने तोड़ा दम
पानीपत के तामशाबाद गांव के वीरेंद्र को अमेरिका में नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वायरल वीडियो से पिता रणबीर को हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खबरों के बीच तेहरान ने बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा संयंत्रों पर किसी भी प्रकार का बड़ा हमला किया, तो वह चुप नहीं बैठेगा। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई खाड़ी देशों में स्थित दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस ठिकानों की एक व्यापक लिस्ट जारी कर दी है, जिन्हें अमेरिकी हमले की स्थिति में नेस्तनाबूद किया जा सकता है।ईरानी मीडिया का दावा, सऊदी अरब से लेकर यूएई तक के प्रमुख तेल क्षेत्र निशाने परईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी आक्रामकता का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है। ईरान द्वारा जारी संभावित लक्ष्यों की इस सूची में सऊदी अरब के बेहद महत्वपूर्ण घरावार तेल क्षेत्र के साथ-साथ अबकाइक और खुरैस जैसे बड़े ठिकाने शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विशाल जकुम तेल क्षेत्र और रुवाइस रिफाइनरी को भी इस सूची में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग एक मिलियन बैरल तेल का उत्पादन होता है और यहाँ से वैश्विक बाजारों को बड़े पैमाने पर ऊर्जा का निर्यात किया जाता है।कतर, कुवैत और इजरायल के गैस संयंत्र भी ईरान के रडार परसऊदी अरब और यूएई के अलावा ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और इजरायल के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को भी अपनी चेतावनी के दायरे में लिया है। दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक कतर के उत्तरी गैस फील्ड और रस लफ्फान को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है, जो वैश्विक एलएनजी (LNG) व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। इसके साथ ही कुवैत के बर्गन तेल क्षेत्र, बहरीन की सित्राह और अल मिहाज रिफाइनरी तथा इजरायल के लेविथान और तमार गैस क्षेत्रों को भी संभावित लक्ष्यों की सूची में शामिल किया गया है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की किसी भी लापरवाही या दुस्साहस का कड़ा और बराबरी का जवाब दिया जाएगा।डोनाल्ड ट्रंप की नई रणनीति और ईरान का पलटवारयह पूरा तनाव तब और बढ़ गया जब मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को आर्थिक और सामरिक रूप से कमजोर करने के लिए उसके ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस तरह के किसी अंतिम हमले के आदेश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन अमेरिका द्वारा इस विकल्प पर विचार करने से ही खाड़ी देशों की नींद उड़ गई है। इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल के संभावित सैन्य दबाव के खिलाफ ईरान ने अपने हल्के ड्रोन्स और मिसाइल क्षमताओं के जरिए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों को कड़ा संदेश दिया है। अब इस नई टारगेट लिस्ट के सामने आने के बाद पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा और अधिक गहरा गया है।
आज और कल ईरान पर भारी?अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत निकलने की दी सलाह, क्या ट्रंप फिर ढाएँगे कहर
ईरान का बड़ी चेतावनी, अमेरिका या इजरायल ने हमला किया तो मचेगी तबाही, शेयर किया टारगेट लिस्ट
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इन खबरों के बाद ईरान ने भी कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर अमेरिका या इजरायल ईरान पर नया हमला करते हैं, तो ईरान मध्य पूर्व में मौजूद महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना सकता है।ईरान की बड़ी चेतावनीयह बयान ऐसे समय आया है, जब एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस (Axios) को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की पूरी तैयारीईरान ने कथित तौर पर ऐसे महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों की सूची तैयार की है, जिन्हें अमेरिका या इजरायल के नए हमले की स्थिति में निशाना बनाया जा सकता है। तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य मध्य पूर्व में तेल और गैस से जुड़े अहम ढांचे को प्रभावित करना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संभावित लक्ष्यों में सऊदी अरब का घावर तेल क्षेत्र भी शामिल है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में गिना जाता है। इसके अलावा, अबकैक और खुरैस की तेल सुविधाओं का भी नाम लिया गया है, जहां हर दिन 70 लाख बैरल से ज्यादा तेल का उत्पादन होता है।UAE ने इन ठिकानों का किया जिक्रसंयुक्त अरब अमीरात में भी कुछ प्रमुख ऊर्जा ठिकानों का जिक्र किया गया है। इनमें ज़कुम तेल क्षेत्र और रुवाइस रिफाइनरी शामिल हैं। बताया गया है कि रुवाइस रिफाइनरी में रोजाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल का प्रसंस्करण किया जाता है। तस्नीम न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तैयार की गई सूची में कतर के नॉर्थ फील्ड और रास लाफान भी शामिल हैं। ये दोनों मिलकर दुनिया के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कारोबार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संभावित लक्ष्यों में कुवैत का बुरगन तेल क्षेत्र भी शामिल है, जहां हर दिन करीब 20 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है। इसके अलावा, बहरीन की सिट्रा रिफाइनरी और अल-मिहाज क्षेत्र का भी जिक्र किया गया है। वहीं, इजरायल के लेविआथन और तामार गैस क्षेत्रों को भी संभावित निशानों की सूची में शामिल बताया गया है।ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए उसने पूरी तैयारी कर ली है। तस्नीम न्यूज के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, अमेरिका की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने के लिए हमारे पास व्यापक योजना तैयार है। अधिकारी ने 40 दिन तक चले संघर्ष का भी जिक्र किया। उनका दावा था कि उस दौरान ईरान ने कतर की एक प्रमुख गैस रिफाइनरी को निशाना बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस मामले को लेकर टिप्पणी की थी। ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
पुलिस ने पानीपत में एक शिक्षण संस्थान के चेयरमैन से 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Explainer: ट्रंप की नई नीति से भारतीय छात्रों के ‘अमेरिकन ड्रीम’पर कैसे खतरा मंडरा रहा है?
अमेरिका में पढ़ने और वहाँ नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक नई चुनौती आ खड़ी हुई है। ट्रंप प्रशासन ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम पर $100,000 (करीब ₹95 लाख) की फीस लगाने पर विचार कर रहा है। यह F-1 स्टूडेंट वीजा का एक्सटेंशन है, जो ग्रेजुएशन के बाद काम करने […]
ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भड़का ईरान, कहा- 'अमेरिकी सैन्य अड्डों की जलेंगी चिताएं
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनातनी अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां से पीछे हटना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सीधी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध बेहद तेज हो गई है। ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। ईरान ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को श्मशान में तब्दील कर दिया जाएगा। इस बीच ईरान के एक बेहद शक्तिशाली 'महाबली' दोस्त ने भी जंग में कूदने के संकेत देकर पेंटागन की नींद उड़ा दी है।ट्रंप की उस एक धमकी से कैसे थर्राया पूरा मिडिल ईस्टदरअसल, वाशिंगटन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक शांति और अमेरिकी हितों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस धमकी के बाद से ही कतर, बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज के शटर खोल दिए हैं और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी भी वक्त युद्ध भड़कने की आशंका है।ईरान का वो रहस्यमयी 'महाबली' दोस्त कौन है जो अमेरिका से भिड़ने को तैयार हैइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले ईरान के रणनीतिक साझेदार (रूस/चीन गुट) ने इस तनाव में सीधे दखल देने की बात कही। ईरान के इस महाबली दोस्त ने अमेरिकी विस्तारवाद को रोकने के लिए अपनी नौसेना और हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर तलवारें खिंचती हैं, तो यह केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी। यह महाबली दोस्त ईरान के पीछे ढाल बनकर खड़ा हो गया है, जो इस जंग को पलक झपकते ही वर्ल्ड वॉर में बदल सकता है।खाड़ी देशों और भारत पर इस संभावित महायुद्ध का क्या होगा असरअगर अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करती है, तो इसका सबसे पहला और घातक असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। नई दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय ने अपनी इमरजेंसी यूनिट को एक्टिव कर दिया है।
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मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को झुकाने और अपने घुटने टेकने के लिए सैन्य तैयारियां तेज करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं। अमेरिका का मुख्य मकसद तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाना है ताकि उसे अपनी युद्धविराम शर्तों को मानने के लिए मजबूर किया जा सके।कैंप डेविड से राष्ट्रपति ट्रंप का सख्त संदेशमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंप डेविड से एक बेहद कड़ा संदेश देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इन हमलों की शुरुआत इसी हफ्ते हो सकती है। यदि यह हमला होता है, तो यह कई महीनों में पहला ऐसा मौका होगा जब इजरायल सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में खुलकर शामिल होगा। बीते जुलाई में युद्धविराम टूटने के बाद से अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा था, लेकिन इजरायल ने इन ऑपरेशनों से दूरी बनाए रखी थी।कैंप डेविड में दिए अपने बयान में ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन पर बहुत भारी प्रहार करने जा रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा, जब वे कहेंगे कि अब हम इसे और सहन नहीं कर सकते।' हालांकि, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस सैन्य अभियान के लिए अंतिम कागजी मंजूरी नहीं दी है, और व्हाइट हाउस की कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ सलाहकारों ने इस कार्रवाई पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले भी दी थी चेतावनीडोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि यदि फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो वह ईरान के पुलों, बंदरगाहों और पावर प्लांटों को पूरी तरह मलबे में बदल देंगे। यह ताजा राजनीतिक और सैन्य हलचल इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच वॉशिंगटन में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के ठीक बाद सामने आई है।5 महीने से जारी है भीषण संघर्षपश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले पांच महीनों से भी अधिक समय से लगातार सैन्य तनातनी और जवाबी हमलों का खूनी खेल जारी है। क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के बाद वॉशिंगटन का यह आकलन है कि ईरान का रुख दिन-प्रतिदिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। तेहरान की इसी बढ़ती जिद और आक्रामकता पर लगाम कसने के लिए अब अमेरिका और इजरायल एक बड़े और निर्णायक एक्शन की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक तनाव अब तक के सबसे खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल की ओर से संभावित सैन्य हमलों के कयासों के बीच ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीति का खुलासा कर दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उस पर कोई नया हमला किया गया, तो वह इजरायल के साथ-साथ पूरे अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ऊर्जा संपत्तियों और दुनिया के सबसे संवेदनशील एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सटीक मिसाइलों से नेस्तनाबूद कर देगा। इस चेतावनी के बाद से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।ईरान की हिट लिस्ट में शामिल हैं अरब देशों के 7 बड़े एनर्जी हबसैन्य और खुफिया सूत्रों के अनुसार, अरब देशों और इजरायल में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस रिफाइनरियां सीधे तौर पर ईरानी गाइडेड मिसाइलों की रेंज में हैं। ईरान द्वारा जिन 7 प्रमुख ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी गई है, वे इस प्रकार हैं:1. घावर ऑयल फील्ड (सऊदी अरब): यह सऊदी अरब के तेल उत्पादन की रीढ़ माना जाता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट आने का मतलब है कि दुनिया की 5 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति एक झटके में ठप हो जाएगी।2. अबकैक और खुरैस (सऊदी अरब): लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक थ्रूपुट क्षमता वाला यह दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल स्टेबिलाइजेशन प्लांट है।3. रूवेज रिफाइनरी और जकुम ऑयल फील्ड (UAE): संयुक्त अरब अमीरात का यह दूसरा सबसे बड़ा ऑफशोर तेल क्षेत्र है, जहां रोजाना 10 लाख बैरल से अधिक तेल का उत्पादन होता है।4. नॉर्थ गदीर गैस फील्ड और रास लफान LNG (कतर): यह दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है, जिसके पास वैश्विक एलपीजी/एलएनजी व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा और 25 प्रतिशत प्रमाणित गैस भंडार मौजूद है।5. बर्गन ऑयल फील्ड (कुवैत): 67 अरब बैरल के विशाल भंडार और 20 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाला यह एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है।6. सितराह रिफाइनरी और अल-मिहाज (बहरीन): बहरीन की प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रिफाइनरी।7. लेविथान और तमार गैस फील्ड्स (इजरायल): इजरायल के सबसे बड़े और अहम प्राकृतिक गैस क्षेत्र, जो देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हैं।एक हमले से चरमरा जाएगी वैश्विक अर्थव्यवस्थासैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान इन प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने में कामयाब हो जाता है, तो इसका विनाशकारी असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। पूरी दुनिया में कच्चे तेल और गैस की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आधुनिक मिसाइलें इन सभी ठिकानों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले 40 दिनों तक चले संघर्ष के दौरान जब ईरान के साउथ पारस ठिकानों को निशाना बनाया गया था, तब जवाब में कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस रिफाइनरी पर बमबारी की गई थी। उस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रुथ सोशल पर बयान जारी कर यह वादा किया था कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। बहरहाल, ईरान की इस ताजा और आक्रामक चेतावनी के बाद वाशिंगटन, तेल अवीव और खाड़ी देशों के बीच आपातकालीन बैठकों का दौर तेज हो गया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश
West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा Donald-trump-signals-fresh-military-action-against-iran-hormuz-strait-tensions
ईरान पर नए हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका? WSJ की रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर इस वीकेंड नए सैन्य हमले की तैयारी कर सकता है ताकि तेहरान को अपनी शर्तों पर वार्ता के लिए मजबूर किया जा सके। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से तेल कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय संघर्ष गहराने की आशंका बढ़ गई है।
West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?
ईरान पर हमला रोकना अब मुश्किल?: अमेरिकी सीनेट में एक वोट से गिरा अहम प्रस्ताव, ट्रंप के पक्ष में गया फैसला---US Senate Rejects Bill to Limit Trump Military Action Against Iran by One Vote
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
2026 में अमेरिका से अब तक 2,273 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया: विदेश मंत्रालय
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग स्पष्ट करते हुए कहा कि साल 2026 में अब तक अमेरिका से 2,273 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा गया है।
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
US Immigration Fraud: भारतीय वकील Suraj Raj Singh पर 4 करोड़ का जुर्माना, फर्जी Asylum आवेदन का आरोप
अमेरिका में इमिग्रेसन मामलों से जुड़े एक भारतीय मूल के वकील पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने अपने कई मुवक्किलों की ओर से कथित रूप से गलत और भ्रामक शरण आवेदन दाखिल किए। इस मामले में अब उनके खिलाफ करोड़ों रुपये के बराबर का नागरिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि मामले की कानूनी सुनवाई अभी जारी है और अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरणों द्वारा लिया जाना बाकी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारतीय मूल के आव्रजन वकील सूरज राज सिंह अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में इमिग्रेसन से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। बताया गया है कि उन्होंने मुख्य रूप से भारतीय मूल के लोगों के लिए शरण से संबंधित आवेदन तैयार किए और उन्हें अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अब अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने उनके खिलाफ नागरिक दंड की कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का आरोप है कि सूरज राज सिंह ने 54 अलग-अलग इमिग्रेसन मामलों में कुल 118 कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल किए। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कई आवेदनों में इस्तेमाल की गई भाषा, घटनाओं का विवरण और तथ्यों का उल्लेख लगभग एक जैसा था। यहां तक कि अलग-अलग आवेदकों द्वारा कथित उत्पीड़न की कहानी भी काफी हद तक समान पाई गई, जिससे अधिकारियों को दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ है। बता दें कि इन्हीं आरोपों के आधार पर इमिग्रेसन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने सूरज राज सिंह पर अधिकतम 4 लाख 70 हजार 584 अमेरिकी डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाने की मांग की है। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित राशि लगभग 4 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। हालांकि यह प्रस्तावित दंड है और अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। गृह सुरक्षा विभाग के महाधिवक्ता जेम्स पर्सिवल ने कहा कि कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन केवल आव्रजन व्यवस्था को कमजोर नहीं करते, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों के मामलों में भी देरी होती है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों के कारण गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान आव्रजन नियमों के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गृह सुरक्षा विभाग ने बताया है कि यह कार्रवाई मई 2026 में जारी उस निर्देश के तहत की जा रही है, जिसमें कथित फर्जी शरण दावों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य आव्रजन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के दुरुपयोग को रोकना है। यह भी उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें किसी आव्रजन वकील के खिलाफ दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी को लेकर नागरिक दंड की कार्रवाई की गई है। इससे पहले जून 2026 में भारतीय मूल के एक अन्य आव्रजन वकील विनोद दोड्डमणि को भी कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन दाखिल करने के आरोप में 2 लाख 55 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक के प्रस्तावित जुर्माने का नोटिस जारी किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, सूरज राज सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां मामले की जांच और सुनवाई कर रही है।
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
Russia-India Oil Deal: भारत-रूस की यारी के सामने अमेरिकी बैन फेल! 3 मिलियन बैरल का नया रिकॉर्ड
जब दुनिया में संकट गहराया, तब एक पुरानी दोस्ती भारत की सबसे बड़ी ताकत बन कर उभरी। पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि भारत का एनर्जी सेक्टर संकट में आ जाएगा। लेकिन आज जो खबर वाशिंगटन से लेकर यूरोप तक हलचल मचा रही है, उसने सारे समीकरण बदल दिए हैं। भारत और रूस मिलकर तेल आयात का एक ऐसा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। आख़िर क्या है वो रिपोर्ट जिसने ग्लोबल ऑयल मार्केट में खलबली मचा दी है? ग्लोबल कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर का कहना है कि भारत का रूस से कच्चे तेल यानी कि क्रूड ऑयल का आयात लगभग 30 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। लेकिन ये खबर सिर्फ तेल की नहीं है। यह खबर तब आ रही है जब अमेरिका में नए टेरिफ बिल को लेकर चर्चाएं तेज है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत अमेरिका के संभावित दबाव के आगे झुकेगा? या फिर अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए रूस के साथ इस रिकॉर्ड तेल आयात को अंजाम देगा। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War में फंसे भारतीयों पर Supreme Court सख्त, MEA को नोडल अफसर नियुक्त करने का आदे दरअसल इस पूरी खबर के पीछे एक बड़ा कारण है लाल सागर यानी रेड सी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में बढ़ता हुआ तनाव। कैप्टनर की रिपोर्ट बताती है कि अगर रेड सी में सप्लाई बाधित होती है तो भारतीय रिफाइनरियों के पास रूस ही सबसे भरोसेमंद विकल्प बचेगा। भारत ने पिछले कुछ सालों में अपनी तेल खरीद को काफी ज्यादा डायवर्सिफाई कर लिया है। चाहे वो वेनेजुएला हो, अफ्रीका हो या अटलांटिक बेसिन। लेकिन जब बात बफर की आती है तो रूस का कोई भी मुकाबला नहीं है। सऊदी अरब का ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन भारत को कुछ राहत तो देता है लेकिन वो रूस की विशाल सप्लाई की बराबरी नहीं कर सकता। रूस भारत के लिए एक हैच की तरह काम करता है। यानी दुनिया में कहीं भी सप्लाई रुके। रूस भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए खड़ा है। केप्लर की लीड एनालिस्ट सुमित रितोलिया का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियों में रूस से शिपमेंट 30 लाख बैरल प्रतिदिन से भी ऊपर जा सकता है। हालांकि इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के कारण हमले हो रहे हैं। जुलाई में रूस का निर्यात पहले की तुलना में कम भी हुआ है। इसके बावजूद भारत की रिफाइनरियों ने अपनी रणनीति को इतना लचीला बनाया है कि वह रूस से अधिक तेल खरीद कर भी शॉर्ट टर्म गैप को भर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War: Trump की शांति पहल के बीच Kyiv पर मिसाइल वर्षा, क्या पुतिन अब और बढ़ाएंगे युद्ध? वैसे यहां एक टेक्निकल बात समझना बेहद जरूरी हो जाता है। रूस के इन ओरस्कियस एक्सपोर्ट टर्मिनल की भी भूमिका बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ रूस का ओरसल तेल ही नहीं बल्कि कजाकिस्तान का तेल भी दुनिया तक पहुंचाता है। अगर ब्लैक सी में कोई बड़ी बाधा उत्पन्न होती है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। भारत इसी रिस्क को मैनेज करने के लिए रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है। तो क्या भारत अमेरिका के टेरिफ बिल से पहले यह बड़ा कदम उठाएगा? जानकारों का मानना है कि भारत ने हमेशा ही इंडिया फर्स्ट की नीति अपनाई है। रूस से सस्ता तेल ना केवल हमारी अर्थव्यवस्था को महंगाई से बचाता है बल्कि हमारी रिफाइनरी को भी दुनिया के कंपटीशन में बनाए रखता है। खैर 30 लाख बैरल ऑयल प्रतिदिन का यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं है बल्कि यह भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति का प्रमाण है। रूस के साथ यह दोस्ती भविष्य में भारत को एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
Iran vs US: कुवैत में अमेरिकी Airbase पर बड़ा Drone Attack, ईरान ने लिया Qeshm Island का बदला
ईरानी सेना ने कहा है कि उसने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के 27वें चरण के दौरान कुवैत में अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के अहम ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने सेना के जनसंपर्क विभाग के बयान का हवाला देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किया गया था; इसमें खास तौर पर केशम द्वीप पर एक रिहायशी घर पर हुए हमले का ज़िक्र किया गया। सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि इन हमलों में कुवैती बेस पर मौजूद फाइटर जेट के ठिकानों, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और उपकरणों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इस बेस को अमेरिकी एयर सपोर्ट, निगरानी और ऑपरेशन्स के लिए एक अहम केंद्र माना जाता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan ने ट्रंप से कर दी गद्दारी, ईरान कैसे पहुंचा हथियारों का जखीरा? IRIB ने आगे बताया कि ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लगातार बड़े हमलों की वजह से दुश्मन के डिफेंस सिस्टम के लिए ड्रोन और मिसाइलों को रोकना मुश्किल और महंगा हो गया है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि हताहतों और हुए नुकसान की खबरों को दबाने के लिए कड़ी सेंसरशिप लागू की जा रही है। इससे पहले, ईरान के सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिका द्वारा संचालित अली अल सलेम एयरबेस पर दो ड्रोन हैंगर और मिलिट्री एयरक्राफ्ट व हेलीकॉप्टर के लिए बनाए गए फ्यूल स्टोरेज सेंटर को नष्ट कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Mahan Air की एजेंट भारत की Skies Travels समेत कई कंपनियों पर US Sanctions शुक्रवार को कुवैत के नागरिकों को संबोधित करते हुए, IRGC के बयान में कहा गया कि तेहरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि इस इलाके से अमेरिका की कब्जा करने वाली और लूटने वाली सेनाओं को पूरी तरह से हटा नहीं दिया जाता। कुवैत में तनाव बढ़ने की यह घटना तेहरान द्वारा गुरुवार को जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर एक अलग जवाबी मिसाइल हमले के दावों के बाद हुई है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया है कि हमले में अमेरिकी F-35 फाइटर जेट नष्ट हो गए थे। सेना का कहना है कि किसी भी अमेरिकी विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और उसकी सेनाएं पूरे इलाके में ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दावे का जवाब देते हुए, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर पोस्ट किया, ईरान के हालिया हमलों की कोशिशों में कोई भी अमेरिकी विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।
बाल यौन शोषण सामग्री अपलोड की, अमेरिका की एजेंसी ने किया अलर्ट; पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR
अमेरिका स्थित एनसीएमईसी के अलर्ट के बाद पंजाब साइबर क्राइम पुलिस ने बाल यौन शोषण सामग्री अपलोड करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली रिपोर्टों के आधार पर दो जीमेल खातों के अज्ञात संचालकों के खिलाफ जांच शुरू की है।
अमेरिका से आया चुपके-चुपके... कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके पर केंद्रीय मंत्री का शायराना अंदाज
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके को लेकर शायराना अंदाज दिखाया है। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के ऊपर जो लाठी चार्ज हुआ वह उसका समर्थन नहीं करते हैं।
अमेरिकी सीनेट में ईरान पर सैन्य कार्रवाई सीमित करने का प्रस्ताव खारिज, वीडियो में जाने ट्रम्प को राहत; संसद की मंजूरी वाला नियम फिलहाल टला
अमेरिका ने बैन किए तमाम चीनी गैजेट्स, भारत में भी होंगे बैन?
अमेरिकी ट्रंप सरकार धीरे धीरे करके चीन के कई टेक प्रोडक्ट्स बैन कर दिए हैं. ह्यूमनॉयड रोबोट, वैक्यूम क्लीनर्स और ड्रोन से लेकर कई तरह के टेक प्रोडक्ट्स को अमेरिका बैन कर रहा है. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? वाकई नेशनल सिक्योरिटी की बात है या चीनी इनोवेशन से अमेरिका खौफ में है?
अमेरिका में नौकरी के लिए विदेशी छात्रों को देंगे 1 लाख डॉलर शुल्क, भारतीय छात्रों पर पड़ेगा बड़ा असर
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत वहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने वाले विदेशी छात्रों को नौकरी करने के लिए 1 लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपये) तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
अमेरिका में पढ़ाई करने और वहीं नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों विदेशी छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सरकार पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने की अनुमति देने वाले ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम पर 1 लाख डॉलर तक की फीस लगाने पर विचार कर रही है।
ईरान और अमेरिका में जारी तनातनी के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर अमेरिका के जवाबी हमले का दावा किया
रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर देश के लिए खतरा! अमेरिका ने किया बैन
अमेरिका ने दूसरे देशों से आने वाले रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स को बैन कर दिया है. ट्रंप सरकार का मानना है कि रोबोट वैक्यूम क्लीनर्स नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकते हैं. बता दें कि ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं.
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि महत्वपूर्ण सेवाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों द्वारा विकसित रोबोट का बढ़ता उपयोग भविष्य में सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। सरकार को आशंका है कि यदि किसी भू-राजनीतिक तनाव या आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इन रोबोटों की उपलब्धता और संचालन प्रभावित हो सकता है।
यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण युद्ध में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मोड़ आ गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बेहद अहम रणनीतिक मुलाकात कर वापस लौटे ही थे कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल हमला बोल दिया। इस हवाई हमले में रूस ने कीव को दहलाने के साथ-साथ यूक्रेन की वायुसेना को सबसे बड़ा घाव दिया है, जहां युद्ध में गेमचेंजर माने जा रहे अमेरिकी मूल के एडवांस F-16 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया गया है।ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात के तुरंत बाद रूस का भीषण पलटवारवैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस हमले के समय को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेलेंस्की की इस बैठक पर मॉस्को की पैनी नजर थी। जैसे ही जेलेंस्की अपनी इस यात्रा से वापस लौटे, रूसी सेना ने बिना कोई वक्त गंवाए यूक्रेन के प्रमुख सैन्य ठिकानों और हवाई पट्टियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कीव के आसमान में एक के बाद एक कई रूसी हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलें गरजती हुई दिखाई दीं, जिसे स्थानीय रक्षा विशेषज्ञों ने पुतिन की तरफ से अमेरिका और यूक्रेन के नए गठजोड़ को दिया गया सीधा और आक्रामक संदेश बताया है।यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका, अमेरिकी F-16 फाइटर जेट जमींदोजइस पूरे हमले की सबसे बड़ी और नुकसानदेह खबर यूक्रेन के लिए उसके F-16 लड़ाकू विमान का क्रैश होना रही। पश्चिमी देशों और अमेरिका से काफी मिन्नतें करने के बाद यूक्रेन को मिले इन आधुनिक लड़ाकू विमानों से उसे हवाई क्षेत्र में काफी बढ़त मिलने की उम्मीद थी। रूसी रक्षा मंत्रालय के करीबी सूत्रों और सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले और एयर डिफेंस के जाल में फंसकर यूक्रेन का एक F-16 पूरी तरह तबाह हो गया। यह नुकसान यूक्रेन की वायुसेना के मनोबल पर एक बड़ा आघात माना जा रहा है, क्योंकि इन विमानों की खेप बेहद सीमित है।युद्ध के मोर्चे पर अब आगे क्या होगा, दुनिया भर के देशों में बढ़ी चिंताइस बड़े सैन्य घटनाक्रम के बाद अब पूर्वी यूरोप में युद्ध की आग और ज्यादा भड़कने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका में सत्ता के समीकरणों के बीच पुतिन का यह आक्रामक रुख साफ दिखाता है कि रूस किसी भी तरह के दबाव में पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर, जेलेंस्की ने इस भारी नुकसान के बाद अपने पश्चिमी सहयोगियों से और अधिक एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि वाशिंगटन इस बड़े नुकसान और पुतिन की खुली चुनौती पर क्या रणनीतिक कदम उठाता है।
चीन-ईरान डिफेंस डील से हड़कंप: अमेरिका ने तुरंत लिया बड़ा एक्शन, पाकिस्तान भी रडार पर
मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर तेजी से बदलते दिख रहे हैं। चीन द्वारा ईरान को आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम सप्लाई करने की खबर सामने आते ही वैश्विक महाशक्तियों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस रणनीतिक कदम से भड़के अमेरिका ने बिना वक्त गंवाए बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीजिंग और तेहरान के बीच हो रही इस बड़ी सैन्य डील की आंच भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान तक भी पहुंच गई है, जिसे अमेरिकी प्रशासन ने अपने रडार पर ले लिया है।चीन और ईरान के बीच इस बड़ी सैन्य डील के क्या हैं मायनेरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकी मिडल ईस्ट में अमेरिकी और इजरायली प्रभाव को सीधे तौर पर चुनौती देने की एक बड़ी कोशिश है। चीन द्वारा ईरान को दिए जा रहे उन्नत एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से ईरानी हवाई क्षेत्र की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही वॉशिंगटन के नीति निर्माताओं में खलबली मच गई। अमेरिका ने इसे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानते हुए चीन और ईरान से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ तत्काल कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।इस डिफेंस डील की आंच में पाकिस्तान कैसे आया अमेरिकी रडार परइस पूरे मामले में पाकिस्तान का नाम जुड़ने से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है। खुफिया रिपोर्टों और वैश्विक विश्लेषकों का दावा है कि चीन द्वारा ईरान को भेजे जा रहे सैन्य उपकरणों, कलपुर्जों या तकनीकी ट्रांसफर के लिए पाकिस्तानी जमीन, बंदरगाहों या कुछ संदिग्ध लॉजिस्टिक कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने का अंदेशा है। अमेरिका ने हाल के दिनों में पाकिस्तान की कई कंपनियों पर मिसाइल और सैन्य प्रोग्राम में मदद करने के आरोप में प्रतिबंध लगाए हैं। इस ताजा घटनाक्रम के बाद अमेरिकी जांच एजेंसियां इस्लामाबाद की हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।वैश्विक प्रतिबंधों का खतरा और एशिया-मिडल ईस्ट पर इसका बड़ा असरबीजिंग, तेहरान और इस्लामाबाद के इस कथित सैन्य त्रिकोण पर अमेरिका की पैनी नजर से आने वाले दिनों में कड़े प्रतिबंधों का एक नया दौर शुरू हो सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर पाकिस्तान की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो उस पर अमेरिकी आर्थिक मदद और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले फंड को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं, भारत के दृष्टिकोण से भी यह बेहद संवेदनशील मामला है, क्योंकि पश्चिमी सीमा पर चीनी दखल का बढ़ना और मिडल ईस्ट में अस्थिरता का सीधा असर दक्षिण एशियाई सुरक्षा और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर पड़ेगा।
ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, महिला टीम को अमेरिका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गई है। पुरुष टीम ने इंग्लैंड को हराया पांचवीं सीड भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी सीड इंग्लैंड को 2-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका मुकाबला अमेरिका से होगा। पिछले साल भारत ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इस बार टीम अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में है। मैच की शुरुआत में आर्यवीर दीवान ने रोनी हिकलिंग को 11-9, 12-10, 11-5 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद इंग्लैंड के इस्माइल खलील ने युशा नफीस को 11-7, 8-11, 11-4, 13-11, 11-7 से हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अंत में गुरवीर सिंह ने जॉर्ज ग्रिफिथ्स को 11-3, 11-8, 11-6 से सीधे गेम में हराकर भारत को जीत दिलाई। महिला टीम का सफर खत्म महिला टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत को अमेरिका से 1-2 से हार झेलनी पड़ी। हाल ही में वर्ल्ड जूनियर महिला चैंपियन बनी अनाहत सिंह ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने दीया यादव को 11-7, 11-5, 11-4 से हराया। हालांकि, इसके बाद अमेरिका ने वापसी की। भारत की रुद्रा सिंह को चार्लोट स्जे के हाथों 6-11, 4-11, 8-11 से हार मिली। वहीं, अनिका दुबे को लिली बोरेल ने 13-11, 11-8, 11-6 से हराया। इन दो हार के साथ ही भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी पॉलिसी बैठक में लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इन्हें 3.50% से 3.75% की सीमा पर बरकरार रखा है। हालांकि, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की सख्त टिप्पणियों और महंगाई के खिलाफ लंबी लड़ाई की चेतावनी ने अमेरिकी बाजारों का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया।फेड के फैसले के तुरंत बाद वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया, जिससे डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1100 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह अप्रैल 2025 के बाद अमेरिकी बाजार के लिए एक दिन का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।वॉल स्ट्रीट में मंदी: डाऊ जोन्स और नैस्डैक धराशाईफेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर रुख कड़ा बनाए रखने के कारण प्रमुख अमेरिकी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए:डाऊ जोन्स (Dow Jones): 1,100 से अधिक अंक (2.19%) टूटकर बंद हुआ।S&P 500: 1.5% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq): 1.7% गिरा, जबकि नैस्डैक 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई जिससे यह तकनीकी करेक्शन (Technical Correction) के दायरे में प्रवेश कर गया।2007 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंची 30 साल की बॉन्ड यील्डफेड की मौद्रिक नीति के बाद अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा गया। ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई:10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: एक बार फिर उछलकर 4.7% पर पहुंच गई।30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: बढ़कर 5.21% हो गई, जो साल 2007 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।पॉलिसी बैठक में गहराया मतभेद: 3 सदस्यों ने उठाई दरें बढ़ाने की मांगइस बार फेड की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के भीतर सर्वसम्मति देखने को नहीं मिली। 9 सदस्यों ने दरें यथावत रखने का समर्थन किया, जबकि 3 प्रमुख सदस्यों ने इस फैसले पर असहमति (Dissent) जताई:लॉरी लोगन (प्रेसिडेंट, डलास फेड)नील काशकारी (प्रेसिडेंट, मिनियापोलिस फेड)बेथ हैमैक (प्रेसिडेंट, क्लीवलैंड फेड)इन तीनों अधिकारियों का तर्क था कि चूंकि अमेरिका में महंगाई पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से 2% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है।फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का बयान: 'जादुई समाधान नहीं, लंबी होगी लड़ाई'पॉलिसी की घोषणा करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट किया कि महंगाई पर काबू पाना इतना आसान नहीं होगा।केविन वॉर्श के मुख्य बिंदु:बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और ऐसे में कोई जल्दबाजी में पूर्वानुमान लगाना गलत होगा।महंगाई के खिलाफ हमारी लड़ाई लंबी और मुश्किल होगी। इसका कोई जादुई समाधान (Magic Solution) नहीं है।चीजें 1-2 दिनों या हफ्तों में ठीक नहीं होंगी। महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाने में अभी और वक्त लगेगा।अर्थव्यवस्था का हाल: ग्रोथ मजबूत, पर सप्लाई चेन में अड़चनेंफेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है। देश में नौकरियों के आंकड़े और उत्पादकता सकारात्मक हैं। हालांकि, वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण ऊर्जा और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में चुनौती आ रही है।
जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के ठीक एक दिन बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आग पूरी तरह भड़क उठी है। गुरुवार (30 जुलाई) तड़के अमेरिकी वायुसेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए लिया गया एक निर्णायक और कड़ा कदम बताया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी ठिकानों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।परमाणु प्लांट के पास गूंजे धमाके: दहल उठे ईरान के कई प्रांतअमेरिकी फाइटर जेट्स के हमले शुरू होते ही पूरे ईरान में हड़कंप मच गया। ईरान के सरकारी मीडिया और टीवी चैनलों के अनुसार, देश के दक्षिणी और तटीय इलाकों में सिलसिलेवार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सबसे ज्यादा घबराहट बुशेहर प्रांत में देखी गई, जहां ईरान का इकलौता मुख्य परमाणु पावर प्लांट स्थित है। इसके अलावा खुजेस्तान के अबादान क्षेत्र और होर्मोज़गान प्रांत के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास सहित किश, क़ेश्म और अबू मूसा द्वीपों पर भी मिसाइलें गिरीं और कई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।'अब हमारी बारी है'— ट्रंप की सीधी चेतावनी और 5 दिनों का विराम समाप्तहमले से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि अब जवाब देने की बारी अमेरिका की है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने जॉर्डन पर दागी मिसाइलों को गलती बताते हुए हमला न करने का अनुरोध किया था, जिसे खारिज कर दिया गया। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा, हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और उन्हें अच्छी तरह पता है कि क्या होने वाला है। अमेरिका ने पिछले शुक्रवार से हमलों में पांच दिनों का जो विराम लिया था, वह अब खत्म हो चुका है और सैन्य ऑपरेशन दोबारा तेज कर दिया गया है।इराक में अमेरिका-सऊदी का साझा अटैक: 20 लड़ाकों की मौत से हड़कंपईरान पर सीधे हमले के साथ-साथ इराक में भी अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सेनाओं ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। दोनों देशों की वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित सशस्त्र समूह 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (PMF) के हथियारों के डिपो और लॉजिस्टिक्स सेंटरों को निशाना बनाया। इस हवाई हमले में पीएमएफ के कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हो गई और 32 से अधिक घायल हुए हैं। बगदाद, निनवे और बसरा समेत सात प्रांतों में हुए इस हमले के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई है।ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की जंग जारी रखने की कसमदूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। आईआरजीसी ने दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस और सेंटकॉम (CENTCOM) के मुख्यालय को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान की सेना का कहना है कि जब तक अमेरिका का आक्रामक रुख और उसकी धमकियां बंद नहीं होंगी, तब तक उनका यह जवाबी प्रतिरोध पूरी ताकत से जारी रहेगा। दोनों महाशक्तियों के बीच छिड़े इस युद्ध से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिका का ईरान पर एयरस्ट्राइक, तेहरान में कई ठिकाने निशाने पर
पश्चिम एशिया में हालात फिर बिगड़ गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर ताज़ा हवाई हमले किए हैं। यह कदम उस चेतावनी के बाद उठाया गया जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हुए हमले का जवाब ज़रूर दिया जाएगा
होर्मुज स्ट्रेट में ‘शुल्क वसूली’ नेटवर्क पर अमेरिका का शिकंजा, ईरान की दो कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान की दो समुद्री सेवा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीस) के समर्थन से एक बीमा योजना चला रही थीं
अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले तीन वर्षों में भारत में 25 करोड़ डॉलर (250 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी, जिसका उद्देश्य कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है
ग्वालियर के मोहना स्थित होटल जैनपथ में पकड़े गए इंटरनेशनल फ्रॉड कॉल सेंटर की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महज 10वीं-12वीं पास चार युवक फर्राटेदार अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर अमेरिकी नागरिकों का भरोसा जीतते थे। लैपटॉप स्क्रीन पर लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हुए वे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल बताकर हर दिन सैकड़ों विदेशी नागरिकों को कॉल करते और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मोहना स्थित होटल जैनपथ में संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे सिर्फ 10वीं और 12वीं तक पढ़े हैं, लेकिन अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे। ठगी के लिए उन्हें पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे वे लैपटॉप स्क्रीन पर देखकर पढ़ते थे। पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर की पूरी गतिविधि अमेरिका के समय के अनुसार संचालित होती थी। आरोपी दिन में आराम करते थे और रात करीब 9 बजे काम शुरू करते थे, क्योंकि उसी समय अमेरिका में लोगों की दिनचर्या शुरू होती थी। फर्जी अमेरिकी नामों से करते थे कॉल पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉल के दौरान अपनी असली पहचान छिपाकर फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल जैसे अमेरिकी नामों का इस्तेमाल करते थे। कॉलिंग के लिए आवश्यक डेटा और स्क्रिप्ट उन्हें मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार उपलब्ध कराता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह डेटा डार्क वेब से हासिल किया जाता था। रोज 400 से ज्यादा कॉल, 12 से 15 लोग बनते थे शिकार जांच में सामने आया कि एक कॉलर को 10 घंटे की शिफ्ट में करीब 150 कॉल करना अनिवार्य था। चारों मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते थे। इनमें से औसतन 12 से 15 लोग उनके झांसे में आ जाते थे, जिनसे गिफ्ट कार्ड और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की जाती थी। 5 महीने में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी पुलिस के मुताबिक होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से यह कॉल सेंटर पिछले करीब पांच महीने से संचालित हो रहा था। गिरोह प्रतिदिन 50 से 70 हजार रुपए की ठगी कर रहा था, यानी हर महीने करीब 20 लाख रुपए वसूल रहा था। शुरुआती जांच में अब तक 1 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई है। ऑनलाइन सीखी अंग्रेजी पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखी थी। उसके बाद मास्टर माइंड उनको जो स्कि्रप्ट देता था उसे वह याद कर लेते थे। पूरी बातचीत इसी स्किक्रप्ट के आसपास घूमती थी। दिन में सोते हैं, रात में करते थे कॉल अमेरिका और भारत के टाइम जोन में लगभग 12 घंटे का अंतर होने के कारण आरोपी दिनभर होटल के कमरे में सोते थे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अमेरिका में कॉल सेंटर संचालित करते थे। होटल जैनपथ में यह काल सेंटर पिछले 5 महीनों से लगातार चल रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को हर महीने केवल ₹15,000 से ₹20,000 सैलरी और रहने-खाने का खर्च मिलता था, जबकि ठगी की पूरी रकम सरगना के खातों में जाती थी। यह माल हुआ बरामद पुलिस ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 3 चार्जर, अमेरिकी नागरिकों से ठगी के लिए उपयोग की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल एवं अन्य दस्तावेज, कॉल सेंटर संचालन से संबंधित अन्य सामग्री कुल जप्त माल कीमती लगभग 3 लाख 75 हजार रुपए बरामद की है। जल्द पकड़ा जाएगा मास्टरमाइंड ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ जारी है और डिवाइस, बैंक खातों व व्हाट्सएप चैटिंग का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही मुख्य सरगना प्रवल प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) को भी दी जाएगी। 4 साल पहले भी ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसा ही एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा था, जिसमें एफबीआई की टीम खुद जांच के लिए ग्वालियर आई थी। ये खबर भी पढ़ें… आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे से पकड़ा फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
रोहतक में भारत व अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील व दिल्ली जंतर मंतर पर युवाओं के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में खाप व किसानों की मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और जल्द ही प्रदेशभर में आंदोलन करने की रणनीति बनाई। मीटिंग के दौरान अंबाला से आए भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होती है तो यह किसानों के लिए किसी डेथ वारंट से कम नहीं होगी। जैसे जिओ की सिम जब आई तो फ्री थी, अब उसका रिचार्ज 1000 रुपए तक है। ये ट्रेड डील भी उसी तरह से है। अमेरिका से खाद्य पदार्थ आया तो किसान होगा बर्बाद कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर अमेरिका से खाद्य पदार्थ भारत आया तो वह बहुत सस्ता मिलेगा, जिससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि भारत में किसानों के पास एकड़ के हिसाब से जमीन है और अमेरिका में किलोमीटर के हिसाब से जमीन है। ऐसे में किसान के पास कुछ नहीं बचेगा। भाजपा की करनी व कथनी में अंतर किसान नेता कुलदीप सिंह ने कहा कि भाजपा की करनी व कथनी में अंतर है। भाजपा नारा देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। वही बेटी जब पढ़कर पेपर देती है और पेपर लीक हो जाता है। उन बेटियों के साथ दिल्ली में बर्बरता की गई। सरकार जो बोलती है, उसके उल्टा काम करती है। पुलिस ने बदनियत से युवाओं पर चलाई लाठिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति से अशोक बल्हारा ने कहा कि दिल्ली जंतर मंतर पर युवाओं के ऊपर जो लाठीचार्ज हुआ, पुलिस ने बदनियत से लाठियों पर नुकीली चीजें लगाकर मारा। पॉयलेट गन का प्रयोग किया। नीट परीक्षा देने वाले युवाओं पर इस प्रकार की बर्बरता सहन नहीं होगी। सरकार यूपीएससी की तरह परीक्षा की व्यवस्था करें। किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही सरकार अशोक बल्हारा ने कहा कि रिठाल के सरपंच पर झूठा केस दर्ज किया गया कि बच्चों को बहका रहे थे, जबकि बच्चे पहले से बैठे थे। किसानों को दिल्ली जाने से रोक रहे है। किसानों को डिटेन किया जा रहा है। किसान ट्रेड डील का विरोध कर रहे है। एमएसपी की घोषणा भी कर देते है तो फसल की खरीद नहीं होती। अशोक बल्हारा ने कहा कि सीएम बता दें कि हरियाणा की कौन सी 24 फसलों पर एमएसपी दे रहे हैं। सरकार भ्रमित नहीं बल्कि व्यापारीकरण कर रही है। सरकार की नीतियों से नाराज है और सभी मिलकर ट्रेड डील के खिलाफ हर जिले में शांतिपूर्ण धरने देंगे। सरकार के व्यापारिक समझौतों के खिलाफ किसान किसान नेता रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि संबंधित ट्रेड डील के विरोध में मीटिंग के अंदर निर्णय लिया गया है। ताकि किसान, मजदूर व हर वर्ग इससे बच सके। सरकार नहीं मानी तो सड़कों पर आकर प्रदर्शन करना पड़ेगा। विदेशों के साथ जो व्यापारिक समझोते भाजपा सरकार कर रही है, उसका विरोध कर रहे है। किसान संगठन मिलकर करेंगे आंदोलन किसान नेता ओम प्रकाश हुड्डा ने कहा कि ट्रेड डील का विरोध कर रहे है। किसान संगठनों के साथ मिलकर जल्द आंदोलन किया जाएगा। अगर ट्रेड डील हुई तो किसान खेती करने के लायक ही नहीं बचेगा। सरकार नहीं मानी तो हर रोड़ पर धरना दिया जाएगा।
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
अमेरिका के टैरिफ प्लान का भारतीय फार्मा कंपनियों पर सीमित प्रभाव
नई दिल्ली, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

