अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता एरिन ब्रोकोविच के निशाने पर क्यों हैं एआई के डाटा सेंटर
क्या आपके इलाके में भी कोई नया डाटा सेंटर बनने जा रहा है? आज अमेरिका के बहुत से लोग इस सवाल का जवाब ‘हां’ में दे पा रहे हैं और यह मुमकिन हुआ है एरिन ब्रोकोविच की ओर से बनाए गए एक मैप की वजह से
Pakistan की उड़ जाएगी नींद, चीन हो जाएगा बेचैन, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा ऑफर, अमेरिका भी हैरान
चीन के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा और पाकिस्तान के साथ लगातार बने सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को नई धार मिल सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक 5th जनरेशन के स्टील्थ लड़ाकू विमानों में शामिल Su-57 ...
फतेहाबाद पुलिस की इकोनॉमिक सेल ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को पकड़ा है। आरोपी की पहचान गांव धारसूल कलां की पोखरी ढाणी निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा के रूप में हुई है। इकोनॉमिक सेल प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि टोहाना क्षेत्र के दिवाना निवासी रविन्द्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके भाई प्रतीक सिंह को अमेरिका भेजने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे 36 लाख रुपए लेने की बात कही थी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को विभिन्न किस्तों में राशि का भुगतान किया। अमेरिका की बजाय दुबई भेजा, वापस लौटा आरोपी ने अमेरिका भेजने के बजाय उसके भाई को दुबई भेज दिया गया। बाद में उसे आगे अमेरिका नहीं भेजा गया और वह वापस भारत लौट आया। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा राशि वापस मांगने पर आरोपियों ने टालमटोल की। इस दौरान भुगतान के लिए दिए गए चेक भी फर्जी पाए गए। 3 लाख रुपए वापस किए, बाकी हड़प गया जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को केवल 3 लाख रुपए वापस किए, जबकि 33 लाख रुपए हड़प लिए। संदीप सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद थाना जाखल में 9 अप्रैल को बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) व 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की गहन जांच के दौरान आरोपी सुखविंदर सिंह की संलिप्तता पाए जाने पर उसे काबू कर लिया गया।
जहानाबाद में एक युवक को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कथित तौर पर धमकी और गाली देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि युवक ने अमेरीका के प्रेसिडेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर धमकी दी। जिसके बाद एटीएस की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया गया। क्या और कब का है मामला गिरफ्तार युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के गड़ेरिया खंड, वार्ड संख्या-13 निवासी शेहराज आलम उर्फ सोनू आलम के रूप में हुई है। पुलिस ने शुक्रवार को उसे हिरासत में लिया। लगभग दो महीने पहले ईरान-अमेरिका के बीच तनाव के दौरान शेहराज आलम ने कथित तौर पर ट्रंप को 'एक्स' अकाउंट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकी भरे संदेश पोस्ट किए थे। विभिन्न जांच एजेंसियां तब से उसकी तलाश कर रही थीं। शेहराज आलम उर्फ सोनू आलम अपने चार भाइयों में से एक है। उसके पिता जफरुद्दीन का निधन हो चुका है। जमीन ब्रोकर का काम करता है शेहराज पटना में जमीन ब्रोकर का काम करता है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। सूत्रों ने बताया कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर शेहराज की मौजूदगी जहानाबाद में पाई गई। इसके बाद पटना एटीएस की सूचना पर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई की। नगर थाना प्रभारी उमेश प्रसाद के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने गड़ेरिया खंड स्थित उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। नगर थाने में की जा रही पूछताछ गिरफ्तारी के बाद आरोपी को साइबर थाना में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में पूछताछ के लिए नगर थाना लाया गया। उससे विभिन्न बिंदुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में ये आपत्तिजनक पोस्ट किए थे। पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और दोष सिद्ध होने तक उसे कानून की नजर में आरोपी माना जाएगा।
पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त ओवल ऑफिस से ट्रंप का बड़ा बयान, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर किया ये दावा*
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए दावा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जरूर होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं और व्यापार वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील का किया विरोध
पानीपत| मलपुर किसान मजदूर एसोसिएशन ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड डील) को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू मालपूरिया ने बताया कि हरियाणा सहित देश के कई हिस्सों में किसान संगठनों और नागरिक समूहों द्वारा इस समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किए गए हैं। उनका कहना है कि यह डील कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापार, रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर और भारी सरकारी सब्सिडी के साथ होती है, जिससे प्रतिस्पर्धा असमान हो जाती है। इससे भारतीय किसानों की आय और बाजार हिस्सेदारी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। स्थानीय व्यापारियों ने भी चिंता जताई कि ग्रामीण आय घटने से गांवों की खरीद क्षमता प्रभावित होगी। संगठन ने सरकार से जनहित को प्राथमिकता देने की अपील की है।
मध्य प्रदेश 6 जूनको भारत–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 की मेजबानी करेगा। इंदौर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फोरम में लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन क्षेत्र के 15 देशों के वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति और व्यापार विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम द्वारा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से किया जा रहा है। फोरम का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करना तथा मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। 15 देशों के राजदूत और निवेशक जुटेंगे फोरम में 15 देशों के राजदूत, एक उच्चायुक्त और एक महावाणिज्यदूत सहित वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। इनके अलावा निवेशक, निर्यातक, व्यापार आयुक्त, एमएसएमई प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों और चार प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों की सहभागिता रहेगी। निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर रहेगा फोकस मध्यप्रदेश से वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को लगभग 4,186 करोड़ का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.6%अधिक है। राज्य के निर्यात में फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। ब्राजील, मैक्सिको और चिली मध्यप्रदेश के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों में शामिल हैं। मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता का होगा प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्ज्वलन, राजनयिक प्रतिनिधियों का सम्मान, विशेष प्रकाशन का विमोचन तथा मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। इस दौरान एमपीआईडीसी मध्यप्रदेश की औद्योगिक और निवेश संभावनाओं पर विशेष प्रस्तुति देगा। व्यापार और निवेश पर होंगी तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल अपनी निवेश संभावनाओं और व्यापारिक अवसरों पर प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही तीन प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। व्यापार एवं निवेश के नए अवसर विनिर्माण क्षेत्र में निवेश (फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग) सेवा क्षेत्र में निवेश (आईटी, पर्यटन, फिनटेक और शिक्षा) के अवसर होंगे। कार्यक्रम के अंत में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों का आयोजन होगा, जिससे निवेश और व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। 5 जून को होगा राजनयिक रात्रिभोज फोरम से एक दिन पहले 5 जून की शाम रेडिसन ब्लू होटल में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मान में विशेष राजनयिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पानीपत के डाहर टोल प्लाजा पर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके। यह विरोध भारत-अमेरिका के मध्य प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कुहाड़ ने किया। किसानों ने तर्क दिया कि भारत की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है। भारतीय कृषि मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों पर आधारित है। इसके विपरीत, अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर मशीनीकृत और कॉरपोरेट-आधारित है, जिसे भारी सरकारी सहायता और सब्सिडी मिलती है। किसान नेता बोले- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पडे़गा असर ऐसी असमान परिस्थितियों में दोनों देशों के कृषि उत्पादों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए अत्यंत हानिकारक साबित होगी। किसान नेताओं ने कहा कि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री और कृषि आधारित उत्पादों को मुक्त व्यापार समझौते में शामिल किया जाता है, या अमेरिकी उत्पादों को कम/शून्य शुल्क पर भारत में प्रवेश मिलता है, तो भारतीय किसानों की आय, कृषि रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा भी प्रभावित होगी। उन्होंने पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के आयात से लाखों छोटे किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर संकट की आशंका जताई। इसके परिणामस्वरूप फसलों के लाभकारी मूल्य प्रभावित होंगे, ग्रामीण रोजगार में कमी आएगी, खाद्य संप्रभुता पर खतरा उत्पन्न होगा और कृषि व्यापार घाटा बढ़ सकता है। कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य पालन को समझौते से बाहर रखने की मांग संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने मांग की है कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अन्य कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों से संबंधित सभी उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा जाए। मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि भारी सरकारी सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त अमेरिकी कृषि, डेयरी और पोल्ट्री संबंधित उत्पादों को भारत में कर मुक्त अथवा न्यूनतम आयात की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस अवसर पर किसान भवन प्रधान दिलबाग बिंझोल, बीके एकता सिद्धपुर जिला प्रधान शमशेर पूनिया डिडवाड़ी, रणबीर चमराडा, प्रदेश प्रवक्ता मनोज जागलान नौल्था, सतपाल आट्टा, शमशेर कालखा, अशोक कुंडू विजावा, सत्ता शाहपुर, शमशेर मलिक सिंह, बलराज जागलान कारद सहित अनेक किसान मौजूद थे।
केंद्र सरकार और अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि एवं व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के संयुक्त बैनर तले गुरुवार को किसानों ने फतेहाबाद में जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसानों ने लघु सचिवालय के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने स्थानीय तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन भी सौंपा। किसान नेता बोले-आम जनता के हितों के खिलाफ सरकारी नीतियां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू चढ़ूनी के जिला प्रधान रणजीत गिल और पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा ने संयुक्त रूप से केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। किसान नेता मनदीप नथवान ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसी नीतियां लागू कर रही है। यह देश के किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों के पूरी तरह खिलाफ हैं। अमेरिका के साथ की जा रही यह प्रस्तावित डील भारतीय कृषि व्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित होगी। यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजारों में बिना किसी कड़े प्रतिबंध या टैक्स के खुली छूट दी गई, तो देश का छोटा और मध्यम वर्ग का किसान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने टिक नहीं पाएगा। किसान नेताओं ने चिंता जताई कि इस समझौते के लागू होने से देसी फसलों के दाम औंधे मुंह गिरेंगे, जिससे किसानों को अपनी ही फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। कीटनाशक और पेट्रोल-डीजल के लगातार रेट बढ़ रहे वक्ताओं ने कहा कि देश का अन्नदाता पहले से ही चौतरफा मार झेल रहा है। खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। मौसम की बेरुखी और बेमौसम बारिश से फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। मंडियों में किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
सोनीपत में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए। सोनीपत के झरोठी टोल प्लाजा पर किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को व्यापार समझौते में शामिल किया गया तो इसका सीधा नुकसान देश के करोड़ों किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा। किसानों ने जताई कृषि क्षेत्र पर खतरे की आशंका प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान बेदी दहिया, प्रदेश सचिव वीरेंद्र खोखर, गोहाना ब्लॉक प्रधान राजबीर माजरा, युवा जिला प्रधान प्रवीण दहिया सहित कई किसान नेताओं ने किया। अभिमन्यु कुहाड़ किसान नेता ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, जबकि अमेरिका की कृषि व्यवस्था बड़े कॉर्पोरेट ढांचे, आधुनिक तकनीक और भारी सरकारी सब्सिडी पर आधारित है। ऐसे में दोनों देशों के किसानों के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित होगी। डेयरी, पोल्ट्री और पशुपालन पर पड़ सकता है असर किसान नेताओं ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों को कम शुल्क या शुल्क मुक्त भारत में प्रवेश मिलता है तो देश के करोड़ों छोटे किसानों, पशुपालकों और डेयरी उत्पादकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उनका कहना था कि सस्ते आयातित उत्पाद घरेलू बाजार में कीमतों को प्रभावित करेंगे, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर चिंता मोर्चा नेताओं ने दावा किया कि ऐसे समझौते से कृषि आधारित रोजगार, ग्रामीण उद्योग और सहायक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही खाद्य सुरक्षा और खाद्य संप्रभुता पर भी खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि देश आवश्यक खाद्य उत्पादों के लिए आयात पर अधिक निर्भर हो जाएगा। किसानों ने विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव और संभावित कृषि व्यापार घाटे को लेकर भी चिंता व्यक्त की। सरकार के सामने रखीं 7 प्रमुख मांगें संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि आधारित उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा जाए। साथ ही किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसान संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), सार्वजनिक खरीद प्रणाली और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी नीतियों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने की भी मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र की सुरक्षा और किसानों की आजीविका को व्यापारिक हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से जुड़े किसान सड़कों पर उतर आए। यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में किसानों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया, अमेरिकी डेपुटेशन का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान पंचायत भवन के बाहर एकत्रित हुए। यहां से किसानों ने अमेरिकी डेपुटेशन के पुतले की अर्थी लेकर पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे और DC कार्यालय के सामने विरोध जताया। इस दौरान डेपुटेशन वापस जाओ और किसान विरोधी ट्रेड डील नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए गए। बैशाखी के सहारे पहुंचे चढ़ूनी उधर, गुरनाम सिंह चढूनी बैशाखी के सहारे प्रदर्शन में पहुंचे। चढूनी ने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाली यह ट्रेड डील किसानों के हित में नहीं है। यदि यह समझौता लागू हुआ तो भारतीय खेती और किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। यूनियन किसी भी कीमत पर इस डील को लागू नहीं होने देगी और इसके खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अमेरिकी उत्पाद आए तो गिरेंगे फसलों के दाम गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि अमेरिका में बड़े स्तर पर खेती होती है और वहां किसानों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है। ऐसे में यदि अमेरिकी गेहूं, मक्का, दाल और अन्य कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में खुले तौर पर आने लगे तो भारतीय किसानों को अपनी उपज के उचित दाम नहीं मिल पाएंगे। हमारा पैसा भी बाहर जाएगा चढ़ूनी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका से बड़े स्तर पर सामान खरीदने की तैयारी की जा रही है। इससे देश का पैसा विदेश जाएगा और भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। सरकार को किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। हरिद्वार में बनेगी अगली रणनीति भाकियू अध्यक्ष ने बताया कि 6, 7 और 8 जून को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के किसान संगठन शामिल होंगे। शिविर में अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील, कृषि नीतियों और किसानों से जुड़े अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही केंद्र सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाने और बड़े स्तर के आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी।
कैथल में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया गया। साथ ही तितरम मोड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका। इसके बाद एसडीएम कैथल संजय कुमार को मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें कृषि डील रद्द करवाने की मांग की गई। भाकियू एकता सिद्धपुर के कन्वीनर होशियार गिल प्योदा, दिलावर, दिलबाग सिंह, महावीर, देवेंद्र व तरसेम ने कहा कि भारत की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है। जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर यंत्रीकृत, कॉर्पोरेट आधारित तथा भारी सरकारी सहायता एवं सब्सिडी प्राप्त व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होती है। ऐसी असमान परिस्थितियों में दोनों देशों के कृषि उत्पादों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो सकती है। अमेरिकी उत्पादों को भारत में निशुल्क प्रवेश यदि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री तथा अन्य कृषि-आधारित उत्पादों को मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत शामिल किया जाता है अथवा अमेरिकी उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर भारत में प्रवेश दिया जाता है, तो इससे भारतीय किसानों की आय, कृषि रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं। डेयरी क्षेत्र पर गंभीर संकट की संभावना इससे भारतीय किसानों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर की सरकारी सहायता, फसल बीमा, निर्यात प्रोत्साहन तथा अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त होते हैं। डेयरी क्षेत्र पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। करोड़ों छोटे पशुपालकों की आजीविका डेयरी व्यवसाय पर निर्भर है। सस्ते आयातित डेयरी उत्पाद भारतीय दुग्ध उत्पादकों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। पोल्ट्री एवं पशुपालन क्षेत्र प्रभावित होगा। फसलों के लाभकारी मूल्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीण रोजगार में कमी आ सकती है और खाद्य संप्रभुता एवं खाद्य सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। किसानों ने तुरंत डील को रद्द करने की मांग की।
करनाल के युवक की अमेरिका सड़क हादसे में मौत:5 साल पहले 50 लाख खर्च कर गया था विदेश; खाई में गिरा ट्रक
करनाल जिले के गांव पाढा के एक युवक की अमेरिका में हुए सड़क हादसे में जान चली गई। युवक वहां ट्रक ड्राइवर का काम करता था और भाई के साथ रह रहा था। हादसे की खबर से परिजन सदमे में हैं। अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसके अगले 3-4 दिन में गांव पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में खेतीबाड़ी करने वाले सत्यवान कालीरमन का 27 साल का बेटा अंकित करीब 5 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा था। इस पर करीब 50 लाख रुपए खर्च आया था। काफी समय से अंकित अमेरिका में ट्रक चलाता था और अपना मकान भी ले लिया था। अंकित का भाई भी अमेरिका में ही है, उनकी एक बहन है। आर्मी की नौकरी छोड़ बड़ा भाई अमेरिका गया अंकित का बड़ा भाई पहले से आर्मी में था। उसके बाद 6-7 साल पहले अमेरिका चला गया और वहां ट्रक चलाने लगा। उसके बाद उसने छोटे भाई अंकित को भी अमेरिका बुला लिया था। जिसके बाद दोनों भाई साथ रह रहे थे। परिवार के लोग बताते हैं कि अंकित ने विदेश में खुद को स्थापित करने के बाद अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालनी शुरू कर दी थी। ट्रक खाई में गिरा, मौके पर तोड़ा दम जानकारी के अनुसार करीब 3 दिन पहले अंकित ट्रक लेकर जा रहा था। इसी दौरान अचानक हादसा हुआ और ट्रक खाई में जा गिरा। हादसा इतना गंभीर था कि अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया। शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी परिवार और प्रशासन की ओर से शव को भारत लाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि 3-4 दिन में शव गांव पहुंच जाएगा। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर है।
यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी द्वारा आज सुबह भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट के विरोध में प्रदर्शन किया गया। किसान अनाज मंडी में एकत्रित हुए, जहां से रोष मार्च निकालते हुए डीसी कार्यालय के सामने पहुंचे। यहां किसानों ने प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए भारत-अमेरिका प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि यह समझौता देश के किसानों, कृषि क्षेत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापारियों और रोजगार के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। ट्रेड एग्रीमेंट को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग जिला अध्यक्ष संजू ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा गया कि भारत के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रूप से की जाती है तथा वहां किसानों को भारी सरकारी सहायता और सब्सिडी मिलती है। ऐसी असमान परिस्थितियों में किया गया कोई भी फ्री ट्रेड समझौता भारतीय किसानों और आम जनता के हितों के विपरीत होगा। किसानों ने कहा कि कृषि, खाद्य सुरक्षा और करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़े किसी भी फैसले को जनता और संबंधित पक्षों की व्यापक सहमति के बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए। मांग न मानने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और कृषि ट्रेड डील को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
चीन-रूस की खुफिया गतिविधियों का केंद्र क्यूबा अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा: मार्को रुबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां चल रही हैं और वह पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है।
अमेरिका द्वारा टेलीकॉम एंटीना और ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस और फिफ्थ फ्लीट पर हमला किया। ईरानी हमलों के बाद कुवैत और बहरीन में साइरन की आवाजें सुनाई दी। इधर अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ...
Top News 3 June: अमेरिका-ईरान में छिड़ी जंग, कर्नाटक में शिवकुमार राज; पढ़ें आज की 5 बड़ी खबरें
Top News 3 June : अमेरिका और ईरान में जंग एक बार तेज हो गई। इजराइली सेना ने भी गाजा और लेबनान में हमले किए। डीके शिवकुमार आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिजर्व बैंक ने 12 अरब डॉलर का सोना ...
अमेरिका में पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर को कोर्ट ने 75 साल कैद की सजा सुनाई है। उससे पुलिस ने 90 करोड़ की कोकीन पकड़ी गई थी। वह 106Kg कोकीन कचरे के पैकेट में छुपाकर ले जा रहा था। हालांकि ड्राइवर ने अपनी सफाई में कहा कि उसके इसके बारे में पता नहीं था। मगर, उसकी वॉट्सऐप चैट से खुलासा हो गया, जिसमें उसके कोकीन डिलीवरी के बदले 5400 डॉलर में सौदा होने की बात सामने आई। 30 साल के ड्राइवर को 55 साल तक जेल से बाहर आने की छूट नहीं मिलेगी। इस लिहाज से अब 85 साल की उम्र के बाद ही उसे जमानत मिल सकेगी। हालांकि कोर्ट ने उसके जेल में बिताए 407 दिनों को भी सजा में जोड़ दिया। पंजाबी ट्रक ड्राइवर के पकड़े जाने की पूरी कहानी… जोबनप्रीत बोला-ड्रग की जानकारी नहीं थीअदालत में सुनवाई के दौरान जोबनप्रीत सिंह ने अपना बचाव करते हुए दावा किया था कि उन्हें ट्रक में ड्रग्स होने की कोई जानकारी नहीं थी और वे सिर्फ एक लीगल लोड यानी वैध सामान ढो रहे थे, लेकिन अभियोजन पक्ष यानी प्रॉसीक्यूशन ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए फोन मैसेजेस को सबूत के तौर पर पेश किया, जिनमें इस काम के लिए 5400 डॉलर के भुगतान का साफ जिक्र था, जिससे यह साबित हो गया कि वे एक ड्रग म्यूल यानी तस्करी के साधन के रूप में काम कर रहे थे। 900 ग्राम से अधिक कोकीन पर 120 साल तक की सजाइलिनॉय की ड्रग ट्रैफिकिंग गाइडलाइंस के अनुसार यदि कोकीन की मात्रा 900 ग्राम से अधिक होती है, तो तस्करी के इस गंभीर आरोप में अपराधी को 30 से लेकर 120 साल तक की जेल हो सकती है। कैलिफोर्निया से ट्रक चलाने वाले पंजाबी मूल के जोबनप्रीत सिंह की इस गिरफ्तारी और इतनी लंबी सजा की खबर ने अमेरिकी-भारतीय समुदाय और पंजाबी मीडिया में भारी चर्चा बटोरी है।
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
अमेरिका से एक बार फिर गोलीबारी की दहला देने वाली खबर आई। आयोवा के मस्कटाइन में अलग-अलग जगहों पर फायरिंग के बाद संदिग्ध बंदूकधारी समेत सात लोग मृत पाए गए।
ट्रंप के बेरूत पर हमला रुकवाने के दावे पर क्या कहती है अमेरिकी मीडिया?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी सीधी अपील के बाद बेरूत में होने वाला एक सैन्य अभियान रोक दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले, ईरान से बातचीत जारी, इजरायल नहीं करेगा हिज्बुल्लाह पर हमला
ईरानी मीडिया ने दावा किया कि सीजफायर को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत रोक दी गई है। ईरानी मीडिया की ओर से किए गए दावे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है।
मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध पर्वतारोही और माउंट एवरेस्ट विजेता ज्योति रात्रे ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। ज्योति ने 30 मई 2026 को मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा की 5,636 मीटर (18,491 फीट) ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वे उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर तिरंगा फहराने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला बन गई हैं। साथ ही वे तीन महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर चढ़ाई करने वाली भारत की सबसे वरिष्ठ महिला पर्वतारोही भी बन चुकी हैं। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश से अब तक कोई भी पर्वतारोही इस शिखर तक नहीं पहुंच पाया था। आधी रात से शुरू हुआ संघर्ष ज्योति रात्रे ने बताया कि अंतिम चढ़ाई 30 मई की रात 12:42 बजे शुरू हुई। कड़ाके की ठंड, तेज़ हवाओं और घने अंधेरे के बीच उन्होंने शिखर की ओर कदम बढ़ाए। करीब 10 घंटे 28 मिनट के कठिन संघर्ष के बाद सुबह 11:10 बजे वे शिखर पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने एक ही प्रयास में लगभग 1,400 मीटर की सीधी ऊंचाई तय की, जो पर्वतारोहण की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। हर कदम पर चुनौती अभियान के दौरान तापमान -15 से -18 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जबकि तेज हवाओं के कारण ठंड का असर -20 डिग्री जैसा महसूस हो रहा था। ग्लेशियर, ज्वालामुखीय चट्टानें और बर्फीली ढलानें हर कदम पर जोखिम बढ़ा रही थीं। ज्योति रात्रे ने कहा कि चढ़ाई जितनी कठिन थी, उससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण नीचे उतरना था, लेकिन शिखर पर तिरंगा फहराते ही लगा कि हर संघर्ष सफल हो गया। ग्रामीण महिलाओं को समर्पित अभियान इस अभियान को उन्होंने देश की ग्रामीण महिलाओं को समर्पित किया। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि यह प्रयास उन महिलाओं के नाम हैं, जो हर दिन संघर्ष के बावजूद अपने सपनों को जिंदा रखती हैं। ये खबर भी पढ़ें… मैक्सिको के ‘पिको डी ओरिजाबा’ पर तिरंगा फहराने निकलेंगी ज्योति भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए गर्व का एक और मौका आने वाला है। देश की जानी-मानी पर्वतारोही ज्योति रात्रे अब अपने अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान पर निकलने जा रही हैं। उनका लक्ष्य मैक्सिको स्थित पिको डी ओरिजाबा शिखर है, जो 5,636 मीटर (18,491 फीट) की ऊंचाई के साथ उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है। ज्योति भोपाल की रहने वाली है।पूरी खबर पढ़ें
भिवानी में सोमवार को इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुराना बस स्टैंड से प्रदर्शन करते हुए इनेलो कार्यकर्ता व नेता लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और महंगाई को कम करने के लिए मांग की। साथ ही चेतावनी देते हुए किा कि जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे आंदोलन तेज करेंगे। इनेलो नेता एवं पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा, इनेलो जिलाध्यक्ष अशोक ढाणी माहू, इनेलो के राष्ट्रीय सचिव जोगेंद्र सिंह बागनवाला व इनेलो प्रदेश महासचिव शारदा मिश्रा ने कहा कि प्रदेशभर में इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल व गैस के बढ़ते दामों को लेकर इनेलो पार्टी द्वारा जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इसी कड़ी में सोमवार को इनेलो नेता व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए, अन्यथा विपक्षी पार्टी ईनेलो सरकार पर दबाव बनाने का काम करेगी। पेट्रोल-डीजल व गैस के दाम आसमान छू रहे- वासुदेव शर्मा पूर्व मंत्री वासुदेव शर्मा ने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल व गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। जिससे गृहिणी, व्यापारी तथा प्रत्येक वर्ग दुखी है। उन्होंने कहा कि दाम 2022 से लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल के दाम घटने के बाद भी यहां दाम कम नहीं किए जा रहे। घटाने की बजाए, सरकार दाम को बढ़ा रही है। ऐसे में रोष स्वरूप प्रदर्शन कर पीएम के नाम ज्ञापन पत्र सौपकर महंगाई को कम करने की मांग की गई है। पीएम मोदी पर ट्रम्प का दबाव- अशोक ढाणी माहू इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढाणी माहू में कहा कि देश का पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में है। जिसके चलते महंगाई कम होने की बजाए बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस तो भाजपा की बी टीम है। सही मायने में इनेलो विपक्ष की भूमिका निभा रही है और मांग करती है कि जल्द महंगाई को कम करके आम जनता को राहत दे। अन्यथा विपक्ष मिलकर सरकार पर दबाव बनाने का काम करेगा, ताकि आसमान छू रहे दामों से लोगों को राहत मिले।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प और उनके पति माइकल बोलोस सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर से विशेष चार्टर विमान द्वारा गुजरात के जामनगर के लिए रवाना हो गए। जैसलमेर प्रवास के दौरान उन्होंने सोनार किला सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया, राजस्थानी लोक संस्कृति को करीब से देखा और अपनी यात्रा की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ मौजूद रहे, जिन्हें टिफनी ने अपनी पोस्ट में दोस्त बताया। अब देखिए PHOTOS… चार्टर विमान से जामनगर के लिए रवाना सोमवार सुबह जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच टिफनी ट्रम्प, माइकल बोलोस और उनका काफिला एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद उनका विशेष चार्टर विमान जामनगर के लिए रवाना हुआ। पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट रहीं। दिल्ली, आगरा और जैसलमेर का किया दौरा भारत यात्रा के दौरान टिफनी ट्रम्प ने दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर, आगरा के ताजमहल और राजस्थान के जैसलमेर स्थित प्रसिद्ध सोनार किले का भ्रमण किया। इन स्थलों के अनुभवों को उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा किया। अब देखिए टिफनी ने सोशल मीडिया पर साझा की जैसलमेर यात्रा… सोशल मीडिया पर साझा की जैसलमेर यात्रा टिफनी ट्रम्प ने अपने X और इंस्टाग्राम अकाउंट पर जैसलमेर दौरे की सोनार फोर्ट, सूर्यग्रह होटल की फोटोज और वीडियो पोस्ट किए। तस्वीरों में उन्होंने सूर्यगढ़ होटल में पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत की झलक दिखाई। स्वागत के दौरान राजस्थानी वेशभूषा में महिला कलाकारों ने घूमर नृत्य प्रस्तुत किया था। घूमर प्रस्तुति के दौरान टिफनी ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। रविवार रात टिफनी ट्रम्प और माइकल बोलोस के सम्मान में विशेष डिनर रखा गया। इस दौरान थार के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ लोकगीत और सूफी संगीत प्रस्तुत किया। टिफनी और माइकल ने कालबेलिया नृत्य और लोक संगीत का देर रात तक आनंद लिया। इस म्यूजिकल नाइट के वीडियो भी टिफनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए। सोनार किले की वास्तुकला से हुईं प्रभावित जैसलमेर प्रवास के दौरान टिफनी ट्रम्प और माइकल बोलोस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल सोनार किले का भ्रमण किया। पीले पत्थरों से बने इस ऐतिहासिक किले की वास्तुकला और इतिहास को जानने के बाद दोनों प्रभावित नजर आए। सर्जियो गोर को बताया दोस्त टिफनी ट्रम्प ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ भी तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में सर्जियो गोर को अपना दोस्त बताया। सर्जियो गोर जनवरी 2026 से भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्यरत हैं और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए विशेष दूत की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। पूरी यात्रा के दौरान रहे सुरक्षा इंतजाम जैसलमेर पुलिस प्रशासन की ओर से पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से लेकर पर्यटन स्थलों और होटल तक सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई थी। यात्रा को बताया अद्भुत टिफनी ट्रम्प, माइकल बोलोस और सर्जियो गोर ने भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों की सराहना करते हुए अपनी इस यात्रा को अद्भुत बताया। राजस्थान की मेहमाननवाजी और जैसलमेर की सांस्कृतिक विरासत की यादों के साथ उनका काफिला अब जामनगर के लिए रवाना हो चुका है। जानिए कौन हैं माइकल बोलोस जानिए कौन हैं सर्जियो गोर
हरियाणा के यमुनानगर में सड़क हादसे में अमेरिका से डिपोर्ट 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब चारों युवक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर कालाआंब की ओर जा रहे थे। असगरपुर गांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार थार से उनकी स्कॉर्पियो की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना तेज था कि स्कॉर्पियो के सारे एयर बैग खुल गए और गाड़ी पलटे खाते हुए काफी दूर जाकर रुकी। स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए थे, वहीं टक्कर से थार के एक साइड के दो टायर फट गए, यहां तक रिम तक टूट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया। मृतक की पहचान रितिक निवासी गांव लाहडपुर के रूप में हुई है। उसके पिता राजेंद्र कुमार सरपंच रह चुके हैं। रितिक करीब ढाई साल पहले डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था और वहां पर ट्रक चलाता था। करीब दो माह पहले ही वह डिपोर्ट होकर इंडिया आया था। थार-स्कॉर्पियो की टक्कर के बाद कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… पंचकूला से आए दोस्तों के साथ घूमने निकला था ललित सैनी निवासी गांव लाहड़पुर ने बताया कि शनिवार की रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर पर था। इसी दौरान उसके ताऊ के बेटे रितिक का फोन आया। उसने बताया कि उसके दोस्त रजत और हर्ष निवासी गांव प्यारेवाला (पंचकूला) उनके पास आ रहे हैं और सभी को घूमने जाना है। कुछ देर बाद रजत और हर्ष अपनी काले रंग की स्कार्पियो लेकर उसके घर पहुंचे। इसके बाद चारों स्कार्पियो में सवार होकर पहले रसूलपुर गए और फिर वहां से कालाआंब की तरफ रवाना हो गए। उस समय गाड़ी रितिक चला रहा था, जबकि वह उसके साथ अगली सीट पर बैठा था। सामने से आई काली थार ने मारी टक्कर ललित के अनुसार रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच जब वे असगरपुर गांव से थोड़ा आगे पहुंचे तो सामने से कालाआंब की ओर से एक काले रंग की यूके नंबर थार तेज रफ्तार और लापरवाही से आती दिखाई दी। थार ड्राइवर ने सीधे उनकी स्कार्पियो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी स्कार्पियो पलट गई, जबकि थार भी सड़क किनारे उतर गई। हादसे के बाद रितिक, रजत और हर्ष गंभीर चोटों के कारण बेहोश हो गए। राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को पहले सिविल अस्पताल सढौरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सिविल अस्पताल जगाधरी रेफर कर दिया गया। रितिक की मौत, 2 दोस्त फोर्टिस में एडमिट ललित ने बताया कि उसकी और रितिक को परिजन उन्हें एमएम अस्पताल मुलाना ले गए, जबकि रजत और हर्ष को उनके परिवार वाले फोर्टिस अस्पताल मोहाली लेकर गए। एमएम अस्पताल मुलाना में इलाज के दौरान उसके ताऊ के बेटे रितिक की मौत हो गई, जबकि वह स्वयं अस्पताल में भर्ती है। सूचना मिलने पर सढौरा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल ललित का बयान दर्ज किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात थार ड्राइवर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस हादसे के कारणों और आरोपी ड्राइवर की पहचान करने में जुटी हुई है।
कुरुक्षेत्र में आज (रविवार को) भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की अहम बैठक बुलाई गई है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में यह बैठक जाट धर्मशाला में होगी। बैठक को लेकर किसान संगठन के साथ-साथ प्रशासन और सरकार की भी नजर बनी हुई है, क्योंकि इसमें कई बड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार की जानी है। असल में, चढूनी गुट का 6, 7 और 8 जून को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर प्रस्तावित है। कुरुक्षेत्र की प्रदेश स्तरीय बैठक में इसी शिविर के एजेंडे और उसमें उठाए जाने वाले मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें देश भर से किसान शामिल हो सकते हैं। ट्रेड डील को लेकर होगी चर्चा बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि अमेरिका से एक उच्च स्तरीय कमेटी भारत आने वाली है, जो व्यापार समझौते को लेकर बातचीत करेगी। किसानों को आशंका है कि यदि इस समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट दी गई। किसानों का होगा नुकसान इसका सीधा नुकसान देश के छोटे और मध्यम किसानों को उठाना पड़ेगा। अमेरिका में खेती बड़े स्तर पर होती है और वहां किसानों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है। ऐसे में अगर अमेरिकी गेहूं, मक्का, दाल और अन्य कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में पहुंचे, तो भारतीय किसानों की फसल के दाम गिर सकते हैं। खेती बन जाएगी घाटे का सौदा इससे मंडियों में स्थानीय किसानों की उपज प्रभावित होगी और खेती पहले से ज्यादा घाटे का सौदा बन सकती है। इसलिए यूनियन के नेता बैठक में इस मुद्दे पर आंदोलन की रूपरेखा, विरोध कार्यक्रम और केंद्र सरकार तक किसानों की बात पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही हरिद्वार चिंतन शिविर में किन राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा, इस पर भी सहमति बनाई जाएगी। सरकार-प्रशासन की रहेगी नजर उधर, प्रशासनिक स्तर पर भी बैठक को गंभीरता से देखा जा रहा है। किसान संगठनों की आगामी रणनीति और संभावित विरोध कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। माना जा रहा है कि बैठक के बाद यूनियन आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलनात्मक कार्यक्रमों का ऐलान भी कर सकती है।
रोहतक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने अमेरिकी से होने जा रही डील को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए स्पष्ट कहा कि अमेरिका से डील बर्दाश्त नहीं होगी। डील के खिलाफ किसान लड़ेंगे, भिडेंगे व मरने के लिए तैयार हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने पीएम नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश को आजाद नहीं करवाया। अगर वह खुद बर्बाद होना चाहते हैं, किसानों को बर्बाद करना चाहते हैं तो किसान चुप नहीं रहेगा। केंद्र सरकार को भी चैन की नींद सोने नहीं देंगे। इंग्लैंड के बाद क्या अमेरिका का गुलाम हुआ भारत गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत वर्षों तक इंग्लैंड का गुलाम रहा। आजादी के बाद क्या अब भाजपा सरकार देश को अमेरिका के हाथों बेचकर गुलाम बना रही है। भारत के लोग अमेरिका के गुलाम नहीं है। अमेरिका कहेगा कि रूस से तेल खरीदो तो क्या हम रूस से तेल खरीदेंगे। अमेरिका का ऐसा क्या दबाव है। देश के ऊपर मरने के लिए युवा तैयार रहे। 3 कृषि कानूनों से घातक है अमेरिका डील गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि भारत के 3 कृषि कानूनों से भी घातक अमेरिका से होने वाली डील है। अमेरिका का रकबा भारत से 7 गुणा अधिक और जनसंख्या 4 गुणा कम है। अमेरिका में सब्सिडी 60 लाख से पौने 2 करोड़ रुपए प्रति किसान है। भारत की खेती महंगी व अमेरिका की सस्ती है। अगर अमेरिका से अनाज आया तो वह 20 रुपए में गेंहू बेचेगा, ऐसे में भारत का किसान कहां जाएगा। 1 से 4 जून तक भारत आ रहा अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल 1 से 4 जून तक भारत आ रहा है। पहले भारत का प्रतिनिधिमंडल गया था। किसान अमेरिका के इस प्रतिनिधिमंडल का विरोध कर रहे हैं और जो डील करने के इरादे से भारत आ रहे हैं, वह डील किसी कीमत नहीं होने दी जाएगी। किसानों को बर्बाद करने पर तुली सरकार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करीब 20-25 साल पहले डब्ल्यूटीओ ने साइन किए थे। किसी देश की सरकार अपने देश के किसान को वर्ल्ड मार्केट से ज्यादा भाव नहीं दे सकती। क्यों ऐसे समझौते करते है। जब किसान की खेती कंपनियों के पास जाएगी तो वह मनमाने रेट लेंगे। किसान बर्बाद होने के कगार पर है, उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज कुरुक्षेत्र में मीटिंग है, जल्द आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

