भारत-चीन समेत 5 देशों पर अमेरिका लगाएगा 100% टैरिफ! सीनेट से पास हुआ बिल
वॉशिंगटन: यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में अमेरिकी सीनेट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीनेट ने एक नया प्रतिबंध विधेयक पारित किया है, जिसमें रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े व्यापारिक उपाय लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर असर डालना और उसे यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए आर्थिक रूप से मजबूर करना बताया गया है। भारी बहुमत से पारित हुआ विधेयक अमेरिकी सीनेट में इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिला। मतदान के दौरान 86 सीनेटरों ने इसके पक्ष में जबकि 12 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। मतदान ऐसे समय हुआ, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिका के कैपिटल हिल पहुंचे हुए थे। माना जा रहा है कि इस दौरान यूक्रेन को लेकर अमेरिकी समर्थन और रूस पर बढ़ते दबाव का संदेश भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाया गया। क्या है विधेयक का उद्देश्य? इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनाना है। प्रस्ताव में रूसी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ उन देशों पर भी आर्थिक कार्रवाई का प्रावधान है, जो रूस से ऊर्जा आयात जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि रूस की ऊर्जा बिक्री उसकी आय का प्रमुख स्रोत है और इसी के जरिए वह युद्ध का खर्च वहन कर रहा है। इसलिए रूस के ऊर्जा कारोबार को सीमित करना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। भारत समेत पांच देशों पर बढ़ सकता है दबाव विधेयक में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का उल्लेख उन देशों के रूप में किया गया है, जो रूसी तेल और गैस का आयात करते हैं। यदि यह कानून अंतिम रूप से लागू होता है, तो इन देशों से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य इन देशों को रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना बताया गया है। ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी रूस पर निर्भरता पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से दबाव में है। ऐसे हालात में कई देशों ने वैकल्पिक स्रोतों के रूप में रूस से कच्चे तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है। भारत भी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है। यही वजह है कि प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक का असर भारत सहित कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। छूट का भी रखा गया है प्रावधान अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पहले संकेत दिया था कि यदि कोई देश रूस से सीमित मात्रा में गैस खरीदता है और उसका आयात रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है, तो उसे इस कानून के कुछ प्रावधानों से राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम नियम और पात्रता का निर्धारण कानून लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल क्या हैं मौजूदा टैरिफ? वर्तमान में भारत पर अमेरिका का 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है। चीन पर औसतन 12.5 प्रतिशत शुल्क लागू है, जबकि कुछ चीनी उत्पादों पर 7.5 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क भी प्रभावी हैं। स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर भी 10 से 12.5 प्रतिशत के बीच अमेरिकी आयात शुल्क लागू है। नया विधेयक लागू होने की स्थिति में इन देशों पर टैरिफ बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
वाशिंगटन से आ रही दो बड़ी खबरों ने भारतीय अर्थव्यवस्था, आईटी उद्योग, छात्रों और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में उठाए गए दो नए विधायी कदमों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया तनाव देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां अमेरिकी सीनेट में H-1B वीजा प्रक्रिया को बेहद कड़ा करने वाला बिल पेश किया गया है, वहीं दूसरी तरफ रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने के लिए भारी बहुमत से 'रूस प्रतिबंध विधेयक' पास हुआ है। यदि ये दोनों प्रस्ताव कानून की शक्ल लेते हैं, तो इसका सीधा असर भारत के आईटी पेशेवरों, अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्रों, देश के निर्यात और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा।1. 'एंड H-1B एब्यूज एक्ट': 3 साल की रोक और 1 लाख डॉलर फीस का प्रस्तावअमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही द्वारा 'End H-1B Abuse Act' नाम से एक नया विधेयक पेश किया गया है। इस बिल में अमेरिका में विदेशी कुशल कर्मचारियों को दिए जाने वाले H-1B वीजा नियमों में कई सख्त बदलावों की सिफारिश की गई है।H-1B वीजा बिल से भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर असर:नए वीजा पर 3 साल का बैन: बिल में अगले तीन वर्षों के लिए नए H-1B वीजा जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इससे अमेरिका जाकर काम करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय डॉक्टरों, इंजीनियरों और आईटी विशेषज्ञों को बड़ा झटका लग सकता है।1 लाख डॉलर का भारी शुल्क: हर H-1B वीजा आवेदन पर 1,00,000 डॉलर का अनिवार्य शुल्क लगाने का प्रावधान है। इतनी अधिक लागत के कारण भारतीय आईटी दिग्गज (जैसे TCS, Infosys, Wipro) और अमेरिकी कंपनियां भारत से प्रतिभाओं को अमेरिका बुलाने से बचेंगी।OPT व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव: अमेरिकी विश्वविद्यालयों से शिक्षा पूरी करने के बाद वहां काम का अनुभव प्राप्त करने के लिए मिलने वाली 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) सुविधा को खत्म करने की बात कही गई है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद वहां नौकरी पाना लगभग असंभव हो जाएगा।आश्रितों (Dependents) पर रोक: H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथी और बच्चों के अमेरिका आने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है, जिससे पेशेवर अपने परिवार को साथ नहीं ले जा सकेंगे।2. 'रूस प्रतिबंध विधेयक': भारतीय सामानों पर 100% टैरिफ का खतराअमेरिकी सीनेट में 86-12 के भारी बहुमत से पारित हुआ 'रूस प्रतिबंध विधेयक' भारत के लिए दूसरी बड़ी चिंता का विषय है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बनाना है। चीन के बाद भारत, रूस से कच्चा तेल आयात करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है।इस कानून का भारत के व्यापार और अर्थ व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?भारतीय निर्यात पर 100% तक टैरिफ: इस विधेयक के तहत अमेरिका, रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर 100% तक का शुल्क (टैरिफ) लगा सकता है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद बेहद महंगे हो जाएंगे और देश के निर्यात को भारी नुकसान होगा।रिफाइनरियों पर वित्तीय संकट: जून 2026 में भारत का रूसी तेल आयात 34% बढ़ा था। IOC, BPCL और रिलायंस जैसी भारतीय रिफाइनरियों के लिए रूस से व्यापार जारी रखना अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग बाधाओं के कारण मुश्किल हो सकता है।पेट्रोल-डीजल के दाम और महंगाई बढ़ने की आशंका: मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित है। ऐसे में यदि अमेरिकी दबाव में भारत को रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल बंद करना पड़ता है, तो देश में ईंधन की कीमतें और आम महंगाई तेजी से बढ़ सकती हैं।द्विपक्षीय संबंध और भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता के सामने चुनौतीयह पहला मौका नहीं है जब व्यापारिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव देखा जा रहा है। इससे पहले अगस्त 2025 में जब अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, तब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता पूरी तरह रुक गई थी। अब 100% टैरिफ का खतरा दोनों देशों के कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को और अधिक संवेदनशील मोड़ पर ला सकता है। भारत हमेशा अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और विदेश नीति के फैसले स्वतंत्र रूप से लेता आया है, लेकिन अमेरिकी संसद के ये कदम भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को सीधी चुनौती देते नजर आ रहे हैं।वर्तमान स्थिति: क्या ये फैसले तुरंत लागू हो गए हैं?राहत की बात यह है कि ये दोनों प्रस्ताव अभी पूरी तरह कानून नहीं बने हैं:H-1B वीजा से जुड़ा बिल फिलहाल अमेरिकी सीनेट में केवल पेश किया गया है।रूस प्रतिबंध विधेयक सीनेट से पास होकर विधायी प्रक्रिया के अगले चरण में है।इन दोनों प्रस्तावों को अंतिम रूप से कानून बनने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) से मंजूरी मिलना और अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। इसलिए, जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक H-1B वीजा और भारत का अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार मौजूदा नियमों के तहत ही जारी रहेगा।(डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट अमेरिकी संसद (सीनेट) में पेश किए गए विधेयकों, विधायी दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।)
इराक में अमेरिका-सऊदी के एयरस्ट्राइक, ईरान की मिसाइल जवाबी कार्रवाई; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना, ईरान ने आरोपों से किया इनकार; जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस और सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ी
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और सऊदी अरब की सेना ने एक संयुक्त अभियान चलाकर पूर्वी इराक में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई पिछले 72 घंटों के दौरान अमेरिकी ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।दूसरी ओर, इस एयरस्ट्राइक के ठीक बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे 3 अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों को जब्त कर आगे बढ़ने से रोक दिया है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार पर सीधा संकट मंडराने लगा है।जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला नाकाममिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं।एयर डिफेंस की सफलता: CENTCOM के मुताबिक, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते सभी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।कोई नुकसान नहीं: हमले की इस कोशिश में अमेरिकी सैनिकों या बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।व्हाइट हाउस अलर्ट: इस हमले की तात्कालिक जानकारी राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को दे दी गई है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की बड़ी कार्रवाईवैश्विक ईंधन आपूर्ति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में ईरान की ओर से की गई कार्रवाई ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि तीन तेल टैंकरों ने पहले दी गई चेतावनियों का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उन्हें बलपूर्वक रोक दिया गया।घटनाक्रम (Event)स्थान (Location)मुख्य विवरण (Details)संयुक्त एयरस्ट्राइकपूर्वी इराकअमेरिका व सऊदी अरब द्वारा हथियारों और सैन्य लॉजिस्टिक्स डिपो पर हमलामिसाइल हमलाजॉर्डन (US बेस)ईरान समर्थित समूहों द्वारा दागी गई मिसाइलें हवा में ध्वस्ततेल टैंकर जब्तीस्ट्रेट ऑफ होर्मुजIRGC ने चेतावनी उल्लंघन का हवाला देकर 3 टैंकरों को रोकाशिपिंग कंपनियों ने बदले रूट, नौसैनिक बेड़े मुस्तैदखाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव को देखते हुए कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अलर्ट जारी कर दिया है।मार्ग में बदलाव: कंपनियों ने जोखिम वाले समुद्री रास्तों के बजाय लंबे और सुरक्षित विकल्पों की समीक्षा शुरू कर दी है।सुरक्षा में इजाफा: कमर्शियल जहाजों पर अतिरिक्त निजी सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की जा रही है और बीमा (Insurance) कवर की समीक्षा की जा रही है।अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी: फिलहाल क्षेत्र में अमेरिका के 20 से ज्यादा युद्धपोत और नौसैनिक जहाज गश्त कर रहे हैं, जो ईरान के आसपास समुद्री नाकेबंदी अभियानों में शामिल हैं।CENTCOM ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि फरवरी से अप्रैल 2026 के दौरान इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से ज्यादा हमलों के प्रयासों में ईरान समर्थित समूहों का हाथ रहा है। यदि ये समूह अपनी भड़काऊ गतिविधियां बंद नहीं करते हैं, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश आगे भी कठोर सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
3 लाख यात्री दिल्ली में बिना टर्मिनल बदले अमेरिका-यूरोप जा पाएंगे
भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार ने अमृतसर से हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू कर दी है। यह देश का दूसरा स्पोक एयरपोर्ट बन गया है। इससे हर साल तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। उनका समय तो बचेगा ही साथ ही बार-बार लगेज पर टैगिंग, इमिग्रेशन कस्टम की बार-बार की फॉर्मेलिटी भी पूरी नहीं कर होगी। यात्री बिना टर्मिनल चेंज किए यूरोप- अमेरिका समेत 27 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स तक जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के माध्यम से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित 27 इंटरनेशनल डेस्टिनेशनल तक अधिक सुगमता से पहुंच सकेंगे। इससे समय बचेगा, बार-बार बैगेज चेक-इन और अन्य औपचारिकताओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे ज्यादा उलझन स्टूडेंट्स और पर्यटकों की उलझन खत्म होगी। मनदीप सिंह : एक ही जगह चेक-इन और बैगेज की सुविधा मिलने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी। गुरभेज सिंह : दिल्ली में दोबारा बैगेज और चेक-इन की झंझट खत्म होना सबसे बड़ी राहत है। अमृत पाल सिंह : इससे विदेश जाने वालों का समय बचेगा और सफर पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा। जगतार सिंह : अमृतसर में ऐसी सुविधा शुरू होना पंजाब के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। गौरतलब है 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली जाते हैं। इतने ही यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था से इन यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। एयरलाइंस का अनुमान है कि केवल अमृतसर से रोज करीब 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक एयरपोर्ट जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा, जो सालाना 4.5 लाख यात्रियों के बराबर होगा। ईजी कनेक्ट हब का शुभारंभ करते नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा।
वाटरफोर्ड टाउनशिप जाते समय राष्ट्रपति विमान 'एयर फोर्स वन' में संवाददाताओं से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान की ओर से सीधी अपील और शांति वार्ता की पेशकश के बाद अमेरिका ने ईरान पर जारी अपनी सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन से संपर्क कर कहा कि 'कृपया रुकिए, आइए मिलकर बात करते हैं।' राष्ट्रपति ने इसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने का एक बड़ा कूटनीतिक मौका बताया है। हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत किसी सहमति पर नहीं पहुंचती है, तो अमेरिका फिर से उसी आक्रामक स्थिति में लौट आएगा और हमले दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे।2 हफ्तों की भारी बमबारी के बाद शुरू हुआ बातचीत का दौरगौरतलब है कि बीते 2 हफ्तों से ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर अमेरिका की ओर से भीषण हवाई हमले किए जा रहे थे, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। अब हमले रोकने के बाद ट्रंप प्रशासन आगे की रणनीति का आकलन कर रहा है। ट्रंप का कहना है कि दोनों देश इस समय सीधे तौर पर और मध्यस्थों के जरिए बातचीत की टेबल पर हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से मुलाकात की गुहार केवल इसलिए आई है क्योंकि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप के अनुसार, अगर युद्ध में अमेरिकी सेना का प्रदर्शन कमजोर रहता, तो तेहरान कभी भी मुलाकात का अनुरोध नहीं करता।पैट्रियट मिसाइलों की कमी पर बाइडन पर साधा निशाना, कहा- 'हथियारों का उत्पादन जारी'पत्रकारों द्वारा अमेरिकी सेना के पास मिसाइल इंटरसेप्टर और गोला-बारूद के घटते भंडार को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि देश के पास अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि यूक्रेन को बड़े पैमाने पर हथियार भेजने के कारण अमेरिकी रक्षा भंडार प्रभावित हुआ था। हालांकि, ट्रंप ने भरोसा जताया कि अब अमेरिका में पैट्रियट (Patriot) मिसाइलों और मध्यम दूरी के रक्षा हथियारों का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और देश में हथियारों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।जेडी वेंस और सेंटकॉम की सलाह पर रुके हमले? पर्दे के पीछे का सचहालांकि ट्रंप बातचीत की पहल का श्रेय अपनी सैन्य ताकत को दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कुछ अंदरूनी रणनीतिक कारण भी सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति के साथ बैठक में गोला-बारूद के कम होते स्टॉक और युद्ध के विस्तार पर चिंता व्यक्त की थी। इसके अलावा, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने भी व्हाइट हाउस को सलाह दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बीते दो हफ्तों से चल रहा बमबारी अभियान अपनी प्रभावशीलता की सीमा तक पहुंच चुका है। कई सैन्य कमांडरों और सिविल थिंक टैंकों की इसी रणनीतिक सलाह के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलों को रोकने का आदेश जारी किया।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर अचानक हमले रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। क्रूड ऑयल सस्ता होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, दूसरी ओर औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने के कारण चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ है।भारतीय सर्राफा बाजार में एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। बीते दो दिनों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरट शुद्धता वाला 10 ग्राम सोना ₹940 और 22 कैरट वाला सोना ₹860 तक महंगा हुआ है। आज मंगलवार को दिल्ली में 24 और 22 कैरट सोने के दाम में ₹10 प्रति 10 ग्राम का मामूली उछाल दर्ज किया गया है।10 बड़े शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भावदेश के मुख्य महानगरों और शहरों में आज 10 ग्राम सोने की दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:शहर (City)24 कैरट 10 ग्राम भाव22 कैरट 10 ग्राम भाव18 कैरट 10 ग्राम भावदिल्ली (Delhi)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550मुंबई (Mumbai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400कोलकाता (Kolkata)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400चेन्नई (Chennai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,11,860बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400हैदराबाद (Hyderabad)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400लखनऊ (Lucknow)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550पटना (Patna)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450जयपुर (Jaipur)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450दो दिनों की स्थिरता के बाद ₹100 सस्ती हुई चांदीचांदी की घरेलू कीमतों में दो दिनों तक स्थिरता बने रहने के बाद आज मंगलवार को गिरावट आई है। आज दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में भी चांदी आज इसी रेट पर बेची जा रही है। इससे पहले 24 जुलाई को चांदी के दामों में ₹5,000 की बड़ी गिरावट आई थी।एक्सपर्ट की राय: क्यों आई सोने में तेजी और आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया के तनाव में कमी आने से कच्चे तेल के भाव नीचे आए हैं, जिससे सोने को मजबूती मिली है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपये की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की तेजी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं हो सकी।वहीं जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, अब बाजार की नजरें पश्चिम एशिया के आगामी हालात पर टिकी रहेंगी। इसके साथ ही अमेरिका, जापान और यूरोजोन के नए महंगाई आंकड़े, अमेरिका का जीडीपी डेटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।
ग्वालियर के मोहना स्थित होटल जैनपथ में पकड़े गए इंटरनेशनल फ्रॉड कॉल सेंटर की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महज 10वीं-12वीं पास चार युवक फर्राटेदार अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर अमेरिकी नागरिकों का भरोसा जीतते थे। लैपटॉप स्क्रीन पर लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हुए वे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल बताकर हर दिन सैकड़ों विदेशी नागरिकों को कॉल करते और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मोहना स्थित होटल जैनपथ में संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे सिर्फ 10वीं और 12वीं तक पढ़े हैं, लेकिन अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे। ठगी के लिए उन्हें पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे वे लैपटॉप स्क्रीन पर देखकर पढ़ते थे। पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर की पूरी गतिविधि अमेरिका के समय के अनुसार संचालित होती थी। आरोपी दिन में आराम करते थे और रात करीब 9 बजे काम शुरू करते थे, क्योंकि उसी समय अमेरिका में लोगों की दिनचर्या शुरू होती थी। फर्जी अमेरिकी नामों से करते थे कॉल पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉल के दौरान अपनी असली पहचान छिपाकर फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल जैसे अमेरिकी नामों का इस्तेमाल करते थे। कॉलिंग के लिए आवश्यक डेटा और स्क्रिप्ट उन्हें मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार उपलब्ध कराता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह डेटा डार्क वेब से हासिल किया जाता था। रोज 400 से ज्यादा कॉल, 12 से 15 लोग बनते थे शिकार जांच में सामने आया कि एक कॉलर को 10 घंटे की शिफ्ट में करीब 150 कॉल करना अनिवार्य था। चारों मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते थे। इनमें से औसतन 12 से 15 लोग उनके झांसे में आ जाते थे, जिनसे गिफ्ट कार्ड और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की जाती थी। 5 महीने में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी पुलिस के मुताबिक होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से यह कॉल सेंटर पिछले करीब पांच महीने से संचालित हो रहा था। गिरोह प्रतिदिन 50 से 70 हजार रुपए की ठगी कर रहा था, यानी हर महीने करीब 20 लाख रुपए वसूल रहा था। शुरुआती जांच में अब तक 1 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई है। ऑनलाइन सीखी अंग्रेजी पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखी थी। उसके बाद मास्टर माइंड उनको जो स्कि्रप्ट देता था उसे वह याद कर लेते थे। पूरी बातचीत इसी स्किक्रप्ट के आसपास घूमती थी। दिन में सोते हैं, रात में करते थे कॉल अमेरिका और भारत के टाइम जोन में लगभग 12 घंटे का अंतर होने के कारण आरोपी दिनभर होटल के कमरे में सोते थे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अमेरिका में कॉल सेंटर संचालित करते थे। होटल जैनपथ में यह काल सेंटर पिछले 5 महीनों से लगातार चल रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को हर महीने केवल ₹15,000 से ₹20,000 सैलरी और रहने-खाने का खर्च मिलता था, जबकि ठगी की पूरी रकम सरगना के खातों में जाती थी। यह माल हुआ बरामद पुलिस ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 3 चार्जर, अमेरिकी नागरिकों से ठगी के लिए उपयोग की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल एवं अन्य दस्तावेज, कॉल सेंटर संचालन से संबंधित अन्य सामग्री कुल जप्त माल कीमती लगभग 3 लाख 75 हजार रुपए बरामद की है। जल्द पकड़ा जाएगा मास्टरमाइंड ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ जारी है और डिवाइस, बैंक खातों व व्हाट्सएप चैटिंग का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही मुख्य सरगना प्रवल प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) को भी दी जाएगी। 4 साल पहले भी ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसा ही एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा था, जिसमें एफबीआई की टीम खुद जांच के लिए ग्वालियर आई थी। ये खबर भी पढ़ें… आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे से पकड़ा फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
रोहतक में भारत व अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील व दिल्ली जंतर मंतर पर युवाओं के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में खाप व किसानों की मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और जल्द ही प्रदेशभर में आंदोलन करने की रणनीति बनाई। मीटिंग के दौरान अंबाला से आए भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के महासचिव कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होती है तो यह किसानों के लिए किसी डेथ वारंट से कम नहीं होगी। जैसे जिओ की सिम जब आई तो फ्री थी, अब उसका रिचार्ज 1000 रुपए तक है। ये ट्रेड डील भी उसी तरह से है। अमेरिका से खाद्य पदार्थ आया तो किसान होगा बर्बाद कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर अमेरिका से खाद्य पदार्थ भारत आया तो वह बहुत सस्ता मिलेगा, जिससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि भारत में किसानों के पास एकड़ के हिसाब से जमीन है और अमेरिका में किलोमीटर के हिसाब से जमीन है। ऐसे में किसान के पास कुछ नहीं बचेगा। भाजपा की करनी व कथनी में अंतर किसान नेता कुलदीप सिंह ने कहा कि भाजपा की करनी व कथनी में अंतर है। भाजपा नारा देती है बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। वही बेटी जब पढ़कर पेपर देती है और पेपर लीक हो जाता है। उन बेटियों के साथ दिल्ली में बर्बरता की गई। सरकार जो बोलती है, उसके उल्टा काम करती है। पुलिस ने बदनियत से युवाओं पर चलाई लाठिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति से अशोक बल्हारा ने कहा कि दिल्ली जंतर मंतर पर युवाओं के ऊपर जो लाठीचार्ज हुआ, पुलिस ने बदनियत से लाठियों पर नुकीली चीजें लगाकर मारा। पॉयलेट गन का प्रयोग किया। नीट परीक्षा देने वाले युवाओं पर इस प्रकार की बर्बरता सहन नहीं होगी। सरकार यूपीएससी की तरह परीक्षा की व्यवस्था करें। किसानों को दिल्ली जाने से रोक रही सरकार अशोक बल्हारा ने कहा कि रिठाल के सरपंच पर झूठा केस दर्ज किया गया कि बच्चों को बहका रहे थे, जबकि बच्चे पहले से बैठे थे। किसानों को दिल्ली जाने से रोक रहे है। किसानों को डिटेन किया जा रहा है। किसान ट्रेड डील का विरोध कर रहे है। एमएसपी की घोषणा भी कर देते है तो फसल की खरीद नहीं होती। अशोक बल्हारा ने कहा कि सीएम बता दें कि हरियाणा की कौन सी 24 फसलों पर एमएसपी दे रहे हैं। सरकार भ्रमित नहीं बल्कि व्यापारीकरण कर रही है। सरकार की नीतियों से नाराज है और सभी मिलकर ट्रेड डील के खिलाफ हर जिले में शांतिपूर्ण धरने देंगे। सरकार के व्यापारिक समझौतों के खिलाफ किसान किसान नेता रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि संबंधित ट्रेड डील के विरोध में मीटिंग के अंदर निर्णय लिया गया है। ताकि किसान, मजदूर व हर वर्ग इससे बच सके। सरकार नहीं मानी तो सड़कों पर आकर प्रदर्शन करना पड़ेगा। विदेशों के साथ जो व्यापारिक समझोते भाजपा सरकार कर रही है, उसका विरोध कर रहे है। किसान संगठन मिलकर करेंगे आंदोलन किसान नेता ओम प्रकाश हुड्डा ने कहा कि ट्रेड डील का विरोध कर रहे है। किसान संगठनों के साथ मिलकर जल्द आंदोलन किया जाएगा। अगर ट्रेड डील हुई तो किसान खेती करने के लायक ही नहीं बचेगा। सरकार नहीं मानी तो हर रोड़ पर धरना दिया जाएगा।
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
Foreign media on CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन ने न सिर्फ भारत की राजनीति में हलचल मचा दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान भी खींच लिया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के झुकने को लेकर विदेशी अखबारों और चैनलों ने ...
अमेरिका के टैरिफ प्लान का भारतीय फार्मा कंपनियों पर सीमित प्रभाव
नई दिल्ली, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया।
अमेरिका में फिर खूनी खेल! सिएटल फूड फेस्टिवल में अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, कई घायल
अमेरिका में गन कल्चर और मास शूटिंग का खूनी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वॉशिंगटन राज्य के प्रमुख शहर सिएटल से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आयोजित एक बेहद लोकप्रिय और भारी भीड़भाड़ वाले फूड फेस्टिवल के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा त्योहार का माहौल चीख-पुकार और दहशत में बदल गया। स्थानीय पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भीषण गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।जश्न के बीच अचानक बरसीं गोलियां और मच गई भगदड़सिएटल के डाउनटाउन इलाके के पास आयोजित इस कम्युनिटी फूड फेस्टिवल में सप्ताहांत की छुट्टी होने के कारण सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और सैलानी मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, लोग खाने-पीने और संगीत का लुत्फ उठा रहे थे कि अचानक एक के बाद एक कई राउंड गोलियां चलने की आवाजें आईं। गोलीबारी शुरू होते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कार्यक्रम स्थल पर भारी भगदड़ मच गई। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर सीधे गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था, जिससे किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।सिएटल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारीइस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही सिएटल पुलिस विभाग की भारी फोर्स और स्पेशल स्वैट टीमें एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे फेस्टिवल एरिया को सील कर दिया और घायलों को इलाज के लिए हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर भेजा, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस प्रमुख ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हमलावर की पहचान और उसकी धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोकल इलाकों में नाकेबंदी कर दी गई है।अमेरिका में बढ़ते गन वायलेंस ने फिर खड़े किए गंभीर सवालसिएटल में हुई इस मास शूटिंग ने एक बार फिर अमेरिका में सख्त गन कंट्रोल कानूनों की बहस को हवा दे दी है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसियां भी इस बात की जांच कर रही हैं कि यह किसी आपसी रंजिश का नतीजा था या फिर एक सोची-समझी आतंकी या हेट-क्राइम की साजिश। इस दुखद घटना के बाद सिएटल के इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और लोगों को फिलहाल इस रूट पर न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिम एशिया में सुलग रहे महासंग्राम के बीच ईरान की तरफ से एक बेहद कड़ा और बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मोजतबा खामेनेई ने लेबनान के सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह की खुलकर सराहना की है और उसे इजरायल के खिलाफ मोर्चे पर डटी हुई एक मजबूत चट्टान करार दिया है। मोजतबा खामेनेई ने साफ शब्दों में अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक लेबनान के खिलाफ इजरायली हमले पूरी तरह नहीं रुकते, तब तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का युद्धविराम समझौता मुमकिन नहीं है। खामेनेई का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब वैश्विक कूटनीति के स्तर पर लेबनान में शांति स्थापित करने और हिजबुल्लाह के भविष्य को लेकर बैठकों का दौर जारी है।एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस और हिजबुल्लाह की रीढ़ बना ईरानअंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों के मुताबिक, हिजबुल्लाह ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध की धुरी) का सबसे मजबूत और अहम हिस्सा है। यह ईरान समर्थित उन सशस्त्र समूहों का नेटवर्क है, जिसे पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के प्रभाव को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है। ईरान की तरफ से इन संगठनों को भारी मात्रा में आर्थिक मदद, आधुनिक हथियार और रणनीतिक ट्रेनिंग दी जाती है। लेबनान के हिजबुल्लाह के अलावा यमन के हुती विद्रोही और इराक के कई लड़ाका समूह इसी नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो ईरान के साए में पश्चिम एशिया की भू-राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहे हैं।'अब सिर्फ जिहाद और प्रतिरोध ही बचा है रास्ता'हिजबुल्लाह प्रमुख शेख नइम कासिम द्वारा भेजे गए वफादारी पत्र का जवाब देते हुए ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई संदेश साझा किए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इजरायल के खिलाफ मुकाबले के लिए 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। खामेनेई ने हिजबुल्लाह के दिवंगत पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह और जंग में मारे गए अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इन बहादुर लड़ाकों के बलिदान ने ही इस संगठन को एक छोटे से पौधे से बदलकर आज एक विशाल पेड़ के रूप में खड़ा किया है। उन्होंने दक्षिणी लेबनान की आम जनता के धैर्य और साहस की भी जमकर प्रशंसा की।अमेरिका और ट्रंप प्रशासन के सामने रखी गई ईरान की कड़ी शर्तमोजतबा खामेनेई की यह आक्रामक टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात के तुरंत बाद आई है। व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक के दौरान लेबनानी क्षेत्र से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी, हिजबुल्लाह को हथियार मुक्त करने और लेबनानी सेना को अमेरिकी मदद देने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ किसी भी संभावित समझौते की सबसे बड़ी शर्त लेबनान पर इजरायली हमलों पर तत्काल रोक लगाना होगी। ईरान के इस रुख से साफ है कि पश्चिम एशिया का यह संकट आने वाले दिनों में और अधिक गहरा सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ईरान की सख्त चेतावनी, अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करने वाले ठिकाने होंगे निशाने पर
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की मदद में शामिल होने वाले देशों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी
ईरान पर अमेरिकी हमलों पर लगी रोक: कूटनीतिक बातचीत और मिसाइल भंडार की कमी के चलते ट्रंप ने थामे कदम
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर अपने लगातार हमले फिलहाल रोक दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश के पीछे कूटनीतिक प्रयासों को बढ़ावा देना, अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के घटते भंडार और युद्ध के और अधिक फैलने का डर मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। ओमान की मध्यस्थता से तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत की संभावनाएं मजबूत हुई हैं, जिसके चलते ओमान का प्रतिनिधिमंडल भी तेहरान पहुंचा है। हालांकि, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी जारी है और पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत विफल होती है, तो सैन्य विकल्प दोबारा खोले जा सकते हैं।क्यों रोके गए ईरान पर अमेरिकी हमलेअमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले 13 दिनों की भारी बमबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने नए हमलों पर अस्थायी विराम लगाया है। सीमित सैन्य अभियानों की अपनी एक सीमा तय होने और बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने के खतरे को भांपते हुए यह कदम उठाया गया है। व्हाइट हाउस का मानना है कि इस समय सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक समझौते की कोशिश करना अधिक समझदारी होगी, हालांकि ईरान के रुख को देखते हुए सेना को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।पैट्रियट मिसाइलों का घटता भंडार बना बड़ी चिंताइस सैन्य विराम के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन के पास हथियारों की कमी भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी सेना 1200 से ज्यादा पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर चुकी है। सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान जारी रखा गया, तो एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों के स्टॉक पर भारी दबाव पड़ सकता है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका जताते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी थी।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और कूटनीति पर टिकी निगाहेंमौजूदा संघर्ष का मुख्य केंद्र दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की आवाजाही को फिर से शुरू करना है। ओमान की पहल पर चल रही बातचीत के जरिए इस जलमार्ग को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, लाल सागर और खाड़ी क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की गतिविधियों और क्षेत्रीय मोर्चों पर तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच यह विराम एक स्थायी शांति समझौता लाएगा या यह केवल अगली बड़ी सैन्य कार्रवाई से पहले का ठहराव है, यह आने वाले दिनों की कूटनीतिक बैठकों पर निर्भर करेगा।
ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है। पकड़े गए ठग खुद को अमेरिका की मशहूर 'लेंडिंग क्लब' कंपनी का प्रतिनिधि या एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश, एएसपी (ग्रामीण) जयराज कुबेर और एसडीओपी घाटीगांव शैलेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में मोहना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एनएच-46 स्थित होटल में चल रहा था कॉल सेंटर मोहना पुलिस को शनिवार रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एनएच-46 पर स्थित जैनपथ होटल के कमरों में कुछ बाहरी युवक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप और हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात करते हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा। जिनकी पहचान हो गई है, लेकिन यह नाम व पहचान बदलकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान और फर्जी नाम 3.75 लाख का माल जब्त, मास्टरमाइंड की तलाश जारी पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, चार्जर, कॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटाबेस जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत करीब ₹3,75,000 आंकी गई है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना एनएच-46 पर एक होटल में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मास्टर माइंड फिलहाल पकड़ में नहीं आया है। पुलिस की टीम उसके पीछे लगी हैं वह भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… बुजुर्ग से इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर ₹70 हजार ठगे ग्वालियर शहर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों में अब बुजुर्ग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर ठग ने 70 हजार रुपए की ठगी कर ली।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान में युद्ध बढ़ने को लेकर चिंता जताई। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को व्हाइट हाउस मीटिंग के दौरान इस संभावना पर विचार किया। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान पर जारी हमलों को रोक दिया।
अमेजन इंजीनियर का चौंकाने वाला खुलासा! भारत में 40 लाख या अमेरिका में 1.9 करोड़ की नौकरी
विदेशी धरती पर जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि भारत में रहकर लाखों कमाना बेहतर है या फिर अमेरिका जाकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना। इसी बीच अमेजन के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने इस पुरानी डिबेट को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने भारत के 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज और अमेरिका के 1.9 करोड़ रुपये (लगभग 2.25 लाख डॉलर) के भारी-भरकम पैकेज का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया है। इस खुलासे के बाद से ही टेक कम्युनिटी में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर दोनों में से कौन सा विकल्प लाइफस्टाइल और सेविंग्स के लिहाज से ज्यादा बेहतर है।टैक्स, लाइफस्टाइल और खर्चों का चौंकाने वाला गणितअमेजन के इस इंजीनियर ने विस्तार से समझाया है कि अमेरिका में मिलने वाला 1.9 करोड़ रुपये का पैकेज पहली नजर में भले ही बहुत बड़ा लगे, लेकिन वहां के भारी-भरकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, महंगे किराए और डेली लाइफ के खर्चे भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हैं। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाले 40 लाख रुपये के पैकेज में टैक्स कटने के बाद भी एक शानदार और आरामदायक जीवनशैली जी जा सकती है, क्योंकि यहां स्थानीय खर्चे, मेड, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक सपोर्ट सिस्टम काफी किफायती और मजबूत होता है।सेविंग्स और मानसिक शांति के मोर्चे पर कौन मार रहा है बाजी?विश्लेषण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि अमेरिका में वीजा की अनिश्चितताएं, ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार और नौकरी जाने का लगातार डर वहां के प्रोफेशनल्स को मानसिक तनाव देता है। इसके मुकाबले, भारत में अपने परिवार के करीब रहकर काम करने से न सिर्फ मेंटल पीस मिलती है, बल्कि सेविंग्स का प्रतिशत भी कई मामलों में बराबरी या उससे बेहतर बैठता है। आज के समय में जब भारत का टेक इकोसिस्टम ग्लोबल लेवल पर मजबूत हो रहा है, तो टैलेंटेड युवाओं के लिए देश के अंदर ही करियर ग्रोथ के अपार अवसर बन चुके हैं।टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के लिए बड़ा सबकविदेश जाने की चाह रखने वाले नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और टेक छात्रों के लिए यह तुलना आँखें खोलने वाली है। सिर्फ करेंसी कन्वर्जन के आधार पर अमेरिका की बड़ी सैलरी को देखकर आकर्षित होने से पहले वहां की जीवन लागत और सामाजिक ताने-बाने को समझना बेहद जरूरी है। अमेजन इंजीनियर की इस इनसाइटफुल पोस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक सुकून भी उतना ही मायने रखता है।
तनाव का नया केंद्र सऊदी अरब और ईरान समर्थित हाउती विद्रोही बन गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हाउती लड़ाकों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद जिजान और यानबू स्थित अरामको की तेल रिफाइनरियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित क्वींस इलाके में एक 22 वर्षीय सिख युवक ने मामूली विवाद के बाद अपने ही रूममेट के सिर पर कड़े (मेटल ब्रेसलेट) से हमला कर घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। आरोपी की तस्वीर सामने आ चुकी है, लेकिन उसकी आधिकारिक पहचान उजागर नहीं की गई है। यह घटना क्वींस के एक अपार्टमेंट से सामने आया है, जहां आरोपी और उसका रूममेट साथ में रह रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर जुबानी बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि 22 साल के युवक ने अपना आपा खो दिया और अपने हाथ से धातु का कड़ा निकालकर सीधे रूममेट के सिर पर मार दिया। कड़े के जोरदार हमले से पीड़ित का सिर फट गया और वह वहीं खून से लथपथ हो गया। पुलिस ने तुरंत घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा और आरोपी की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में नाकेबंदी की। पुलिस ने आरोपी का फोटो जारी किया है। हालांकि अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्रवाई और डिपोर्टेशन का खतरा फिलहाल NYPD युवक की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए आम जनता के लिए एक टिप-लाइन नंबर भी उपलब्ध कराया है, ताकि कोई भी उसके बारे में जानकारी दे सके। कानूनी जानकारों का मानना है कि संगीन अपराध में पकड़े जाने के बाद युवक का करियर और भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा। पुलिस कस्टडी के बाद उसे जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है और कानूनन उसे भारत डिपोर्ट भी किया जा सकता है। 2 महीने में दूसरी ऐसी हिंसक वारदात यह कोई अकेली घटना नहीं है। महज 2 महीने पहले न्यूयॉर्क के ही रिचमंड हिल इलाके में पंजाबी युवकों के 2 गुटों के बीच कड़ा फाइट देखने को मिली थी। उस समय भी लड़कों ने आपसी रंजिश में एक-दूसरे पर कड़ों से हमला करके सिर फोड़ दिए थे। इतनी कम अवधि में दोबारा ऐसी घटना सामने आने से स्थानीय प्रशासन और भारतीय समुदाय दोनों ही हैरान हैं।
इराक : एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास विस्फोटक से लदा ड्रोन नष्ट
इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल के ऊपर शनिवार को एक ड्रोन को मार गिराया गया
अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा भीषण सैन्य संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध की 13वीं रात दोनों ओर से हुए जबर्दस्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक बेकाबू हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी नाकेबंदी (Blockade) तोड़ने की कोशिश कर रहे एक और कमर्शियल जहाज पर सीधी गोलीबारी कर उसे बेकार कर दिया। वहीं, जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने फारस की खाड़ी और पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हमले बोले हैं।दुनिया के सबसे बड़े तेल आपूर्ति मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आइए एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और जियोपॉलिटिक्स रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस भीषण संघर्ष के 5 बड़े अपडेट्स।1. ओमान की खाड़ी में M/T लैविन जहाज पर अमेरिकी सेना की गोलीबारीअमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की है कि ओमान की खाड़ी में व्यावसायिक जहाज M/T लैविन (M/T Lavine) ने अमेरिकी सेना द्वारा लागू की गई नाकेबंदी को कम से कम चार बार तोड़ने का प्रयास किया।इंजन रूम पर हमला: चेतावनी के बावजूद आदेश न मानने पर अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर सीधी गोलीबारी कर उसे पूरी तरह बेकार (Incapacitated) कर दिया।12 जहाजों का रास्ता बदला: अमेरिकी सेना ने अब तक दो कमर्शियल जहाजों को बेकार किया है और 12 अन्य जहाजों के रास्तों को जबरन डाइवर्ट किया है।2. कुवैत, बहरीन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवारईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए:कुवैत और बहरीन में तबाही: ईरान ने कुवैत के उदैरी स्थित अमेरिकी ठिकाने पर हमला कर गोला-बारूद के 3 बड़े शेड नष्ट कर दिए। इसके अलावा, बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) के एक वॉचटावर को भारी नुकसान पहुंचाया गया।इरबिल में 5 ड्रोन ढहाए: उत्तरी इराक के इरबिल एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने आए 5 आत्मघाती ड्रोनों को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।ईरान के नौसैनिक अड्डे पर अमेरिकी बमबारी: जवाब में अमेरिका ने उत्तरी ईरान, केशम द्वीप (Qeshm Island) स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसैनिक अड्डों और परमाणु केंद्र वाले शहर इस्फ़हान (Isfahan) पर भारी बमबारी की।3. होर्मुज और बाब अल-मंडेब बंद: 96 डॉलर पहुंचा क्रूड ऑयलइस युद्ध की सबसे बड़ी मार वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रैंड क्रूड ऑयल की कीमतें उछलकर $96 प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जो युद्ध से पहले $72 के आसपास थीं।वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला कर बाब अल-मंडेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) को भी बाधित कर दिया है। इस रास्ते से दुनिया का 12% व्यापार और 25% कंटेनर ट्रैफिक गुजरता है।4. 400 जहाजों पर फंसे 6,000 नाविक: मानवाधिकार संकट गहरायाइंसानी नुकसान का आंकड़ा बेहद डरावना होता जा रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 3,434 लोग मारे जा चुके हैं।इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे 400 से अधिक कमर्शियल जहाजों पर लगभग 6,000 नाविक (Seafarers) जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। इनमें से कई जहाजों को उनके मालिकों ने छोड़ दिया है, जिससे नाविक बिना भोजन, पानी, ईंधन और चिकित्सा के समुद्र के बीच फंसे हुए हैं।5. ट्रंप का 'ऑल आउट' रुख और कूटनीति की नाकामीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन वे ईरान से बातचीत भी कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्हें 'युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है'।दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान किसी भी धमकी या दादागिरी के आगे नहीं झुकेगा। पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सफलता के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अगले हफ्ते अमेरिका पहुंचकर ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं, जिससे युद्ध के और भड़कने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका के एक बड़े फैसले ने उत्तर प्रदेश के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत यह कदम 'जबरन श्रम' (Forced Labour) के मुद्दे को लेकर उठाया गया है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट यानी निर्यात पर तगड़ा असर पड़ने की आशंका है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) के उत्तर प्रदेश प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने शुक्रवार 11 बजे इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है, कि इस अतिरिक्त शुल्क से अमेरिकी बाजार में हमारे उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे स्थानीय उद्योगों को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। यूपी के इन 7 बड़े जिलों और उद्योगों पर गिरेगी गाज अमेरिका के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के ट्रेडिशनल और मैन्युफैक्चरिंग हब सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। FIEO के मुताबिक, कानपुर के चमड़ा और सैडलरी उद्योग पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा नोएडा के रेडीमेड गारमेंट्स एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, मुरादाबाद के पीतल शिल्प, भदोही के कालीन उद्योग, आगरा के फुटवियर कारोबार, वाराणसी के हस्तकरघा वस्त्र और अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर उद्योग की कमर टूट सकती है। इन सभी इलाकों से बड़े पैमाने पर अमेरिका माल भेजा जाता है, इसलिए यहां के कारोबारियों पर इसका सीधा असर दिख सकता है। क्यों उठाया गया यह कदम और क्या होगा असर? अमेरिकी प्रशासन ने यह कार्रवाई 'जबरन श्रम' से जुड़ी जांच के दायरे में आने वाले देशों पर की है। इस नई व्यवस्था के तहत भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कनाडा, मैक्सिको, पाकिस्तान और ब्रिटेन जैसे देशों पर भी 10% सेक्शन 301 शुल्क लागू कर दिया गया है। अतिरिक्त टैरिफ लगने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत बढ़ जाएगी। इससे खरीदार दूसरे देशों का रुख कर सकते हैं, जिससे हमारे निर्यातकों के ऑर्डर कम होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यदि यह शुल्क अन्य प्रतिस्पर्धी देशों पर भी समान रूप से लागू रहता है, तो भारतीय कारोबारियों पर नुकसान का असर थोड़ा सीमित रह सकता है। FIEO की सलाह, क्वालिटी सुधारें और नए बाजार तलाशेंइस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए FIEO ने उत्तर प्रदेश के सभी निर्यातकों को सलाह दी है कि वे अपनी लागत घटाने, क्वालिटी सुधारने और समय पर डिलीवरी देने पर पूरा जोर दें। इसके साथ ही, सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय यूरोप, मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट), अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों में अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने की अपील की गई है। साथ ही, सप्लाई चेन को अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के मुताबिक रखने की हिदायत भी दी गई है। फिलहाल, केंद्र सरकार अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत कर रही है ताकि इस समस्या का कोई समाधान निकल सके और भारतीय कारोबारियों के हितों की रक्षा हो सके।
अमेरिका ने भारत पर अन्य देशों के मुकाबले लगाया कम टैरिफ
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नए सेक्शन 301 के तहत कार्रवाई में भारत पर 10 प्रतिशत का अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाया जाएगा।
पाली जिले के रोहट क्षेत्र के हरावास गांव की रहने वाली अनिता पटेल ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी ऑरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर (OFSS) में एसोसिएट एप्लिकेशंस डेवलपर के पद पर हुआ है। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर करेंगी काम अनिता अब एंटरप्राइज स्तर के वित्तीय सॉफ्टवेयर के विकास और उनके रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वस्तरीय कंपनी में चयनित होना क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। गांव में किया गया सम्मान इस उपलब्धि पर रोहट कस्बे स्थित हरावास हाउस में अनिता पटेल का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता भगाराम पटेल सवाईपुरा, किसान नेता प्रेम पटेल दूदली, खांडी उपसरपंच इन्द्रा बालाराम हरावास, मोहनराम पटेल, एसबीआई लाइफ के फ्रेंचाइजी रिप्रेजेंटेटिव हितेश लक्ष्कार, सुनील बंजारा सहित कई लोग मौजूद रहे।
बहराइच में वारिस पंजाब दे संगठन का सदस्य गिरफ्तार:भारत-नेपाल सीमा पर अमेरिकी नागरिक समेत 5 पकड़े गए
बहराइच में गुरुवार शाम भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी एक इनोवा वाहन में सवार होकर जा रहे थे। जांच के दौरान उनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़ा विक्रमजीत सिंह भी शामिल है। हालांकि इस मामले पर जिले के किसी भी अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब जानिए पूरा मामला… पंजाब के रूपनगर का निवासी विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में लंबे समय से वांछित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों का उपयोग कर छिपा हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों में अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों भी शामिल है, जो मोगा, पंजाब का मूल निवासी है। वह बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। मनवीर की अमेरिकी नागरिक पत्नी और बच्ची भी उनके साथ थीं। चूंकि उनके पास वैध दस्तावेज थे, इसलिए उन्हें आव्रजन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई और वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इनोवा वाहन में सवार दो अन्य लोग रूपईडीहा थाना क्षेत्र के निवासी थे और वे मनवीर सिंह ढिल्लों को भारत में प्रवेश कराने में मदद कर रहे थे। वाहन चालक को भी हिरासत में लिया गया है। इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने जब एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर पर शाम 7:37 मिनट पर फोन किया तो पीआरओ ने कॉल रिसीव की। उन्होंने कहा- एसपी ही मामले की जानकारी दे पाएंगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा से गैंगरेप, चित्रकूट घूमने आए थे; पहाड़ी पर तीन युवकों ने वनकर्मी बताकर धमकाया यूपी के चित्रकूट में बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया। पुलिस के मुताबिक, 20 साल की छात्रा बॉयफ्रेंड के साथ पहाड़ी पर बैठी थी, तभी आरोपी पहुंचे। खुद को वनकर्मी बताकर उन्हें धमकाया। बॉयफ्रेंड को बेल्ट से पीटा और उसके हाथ-पैर गमछे से बांध दिए। तीनों छात्रा को घसीटते हुए झाड़ियों में ले गए। दरिंदगी की। पढ़ें पूरी खबर…
ईडी भोपाल ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के जबलपुर से प्रियंक मेहता के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर यानी 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। मेहता ने अमेरिका के वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए करीब साढ़े पांच लाख डालर विदेश भेजे थे। इसके बाद पुर्तगाल में प्रॉपर्टी खरीदी गई और विदेशी बैंक में पैसा जमा किया गया। ईडी ने यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली सूचना और ईडी की जांच के आधार पर की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि प्रियंक मेहता ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के अंतर्गत अमेरिका के EB-5 वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए 5,48,000 अमेरिकी डॉलर विदेश भेजे थे। ईडी के मुताबिक, जांच में यह पता चला कि भेजी गई राशि में से 5,02,954 अमेरिकी डॉलर, उस काम में उपयोग नहीं लाए गए, जिसके लिए भेजे गए थे। पुर्तगाल में खरीदी संपत्ति ईडी की जांच के अनुसार, अमेरिका से वापस हुई राशि को भारत वापस लाने के बजाय सीधे पुर्तगाल भेज दिया गया। बाद में भारत से भेजी गई अतिरिक्त धनराशि के साथ इसे मिलाकर पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदी गई। शेष राशि भी पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में रखी गई। ईडी का कहना है कि विदेश में इस प्रकार विदेशी मुद्रा और संपत्ति का अधिग्रहण एवं उपयोग FEMA, 1999 की धारा 4 तथा धारा 10(6) का उल्लंघन है। 3.67 करोड़ की संपत्ति जब्त ईडी ने FEMA की धारा 37A(1) में जबलपुर स्थित प्रियंक मेहता की लगभग 3.67 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के अनुसार, यह राशि विदेश में अवैध रूप से रखे गए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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