ICC: नए अमेरिकी प्रतिबन्ध न्यायालय की स्वतंत्रता पर ‘खुला हमला’
अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने अपने अध्यक्ष और एक वरिष्ठ अभियोजक पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबन्धों की कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि ये उसकी स्वतंत्रता पर“खुला हमला” हैं.
ट्रंप ने पिछले हफ़्ते ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करने के लिए एक नए अभियान की घोषणा की थी. उन्होंने तेहरान की मदद करने या उसके साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को गंभीर आर्थिक नतीजों की चेतावनी दी थी.
अमेरिका: समुद्र में गिरी कार, भारतीय मूल की छात्रा की मौत
अमेरिका में भारतीय मूल की 19 वर्षीय UC Santa Cruz छात्रा एल्ली रेनी सिंह की कार के चट्टान से प्रशांत महासागर में गिरने से मौत हो गई. हादसे में कार चला रहा पुरुष साथी मामूली चोटों के साथ बच गया. हादसा 13 अगस्त को सांता क्रूज के वेस्ट क्लिफ ड्राइव पर स्टीमर लेन के पास हुआ.
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका से बढ़ा तनाव, तेहरान ने वाशिंगटन को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिका द्वारा ईरान पर नए कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
ट्रंप टैरिफ: अमेरिका के साथ कनाडा की नाकाम ट्रेड बातचीत से भारत क्या सीख सकता है?
कनाडा ने अमेरिका के साथ अपनी व्यापार वार्ता रद कर दी, क्योंकि वाशिंगटन ने रियायतों के बदले बहुत कम छूट दी, जिससे कनाडा की मैन्युफैक्चरिंग और संप्रभुता प्रभावित हो सकती थी।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने अमेरिका के बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम को भारतीय संस्कृति और सेवा का बताया वैश्विक प्रकाशस्तंभ
ईरान ने देशों को अमेरिका के ‘आर्थिक दबाव अभियान’ में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी
तेहरान, 23 अगस्त . ईरान ने Saturday को पड़ोसी देशों और अन्य राज्यों को चेतावनी दी कि वे उनके देश के खिलाफ अमेरिका के ‘आर्थिक दबाव अभियान’ में शामिल न हों. ईरान के एक अधिकारी ने साफ किया कि तेहरान ऐसे देशों को ‘दुश्मन’ मानेगा. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेजाई ... Read more
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता पर फंसा पेच! फिर तेहरान जाएंगे आसिम मुनीर
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ईरान दौरे पर जाने वाले हैं. यहां वो द्विपक्षीय संबंधों और मिडिल-ईस्ट के मौजूदा क्षेत्रीय हालातों पर उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे. इस दौरे का मकसद द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्र में शांति-सुरक्षा बनाए रखना है.
ईरान ने देशों को अमेरिका के 'आर्थिक दबाव अभियान' में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी
ईरान ने देशों को अमेरिका के 'आर्थिक दबाव अभियान' में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी
होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाका बताकर वास्तविक दुनिया से कटे हुए दिख रहे डोनाल्ड ट्रंप: पूर्व राजनयिक
चीन का डर... अमेरिकी नौसेना की नई मिसाइल AIM-424 मैलिस से हटा पर्दा
अमेरिकी नौसेना ने AIM-424 मैलिस नामक नई लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल का खुलासा किया. यह F-35C के इंटरनल वेपन बे में फिट होती है. स्टेल्थ प्रोफाइल बनाए रखती है. 463 किलोमीटर से अधिक रेंज देती है.
मार्केट आउटलुक: फेड चेयर स्पीच, अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमत और घरेलू आर्थिक डेटा से तय होगी बाजार की चाल
अमेरिकी टैरिफ पर कनाडा के PM कार्नी का पलटवार, देखें दुनिया आजतक
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, अमेरिका की ओर से कनाडा पर लगाए गए नए टैरिफ का मकसद कनाडा को नुकसान पहुंचाना और बांटना है. कार्नी ने साथ ही कहा कि 8 सितंबर से कनाडा भी अमेरिकी समानों पर जवाबी टैरिफ लगाएगा. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिका में भारतीय परिवार पर टूटा कहर, बेटी के सामने पिता की गोली मारकर हत्या
अमेरिका के टेनेसी राज्य के जैक्सन शहर में एक दुकान में लूटपाट के दौरान 56 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति सुरेश परसोत्तमदास पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक गुजरात के मेहसाना जिले के रहने वाले थे।
डॉ. स्मिता जोशी एवं डॉ. शुक्लाबेन रावल को अमेरिका में मिला “भारत सेवा सम्मान” से सम्मानित
बाल्यावस्था में होने वाले टाइप-1 डायबिटीज़ की स्क्रीनिंग, समय पर पहचान, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी स्वास्थ्य नीति के लिए भारत में पिछले आठ वर्षों से निरंतर जन...
यह केंद्र AI शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री आधारित समाधान विकसित करने पर काम करेगा. इस पहल को भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
अमेरिका में अमेरिकन एयरलाइंस की एक फ्लाइट में लैंडिंग से ठीक पहले उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक यात्री के लैपटॉप में अचानक आग लग गई। घटना के बाद विमान के केबिन में धुआं फैल गया। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना देते हुए बताया कि लैपटॉप की वजह से लगी आग में […] The post अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट में लैपटॉप में लगी आग! केबिन में फैला धुआं, 4-5 यात्रियों के झुलसने की खबर first appeared on Sanjeevni Today .
बेटी ने पूछा अमेरिका कैसा लगा? पिता बोले- 'अच्छा है, पर भारत जैसी रौनक नहीं'; VIDEO हुआ वायरल
बेटी ने पूछा अमेरिका कैसा लगा? पिता बोले- 'अच्छा है, पर भारत जैसी रौनक नहीं'; VIDEO हुआ वायरल
New Delhi, 23 अगस्त . भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील सैद्धांतिक रूप से करीब पूरी हो गई है और अब दोनों पक्ष कानूनी और तकनीकी भाषा पर कार्य कर रहे हैं. यह जानकारी India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दी. राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में गोर ने कहा कि समझौते की मुख्य ... Read more
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील सैद्धांतिक रूप से करीब पूरी हो गई है और अब दोनों पक्ष कानूनी और तकनीकी भाषा पर कार्य कर रहे हैं। यह जानकारी भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दी।
अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ
अमेरिका ने इजरायल के लिए खाड़ी देशों की सुरक्षा दांव पर लगाई: बाकर कालीबाफ
लोकप्रिय वीडियो एप टिकटॉक और उसकी मूल कंपनी बाइटडांस ने बच्चों के प्राइवेसी उल्लंघन मामले में अमेरिकी न्याय विभाग के साथ बड़ा समझौता किया है। इस कानूनी विवाद को खत्म करने के लिए कंपनी 400 मिलियन डॉलर
किनसे मिलने को अमेरिका जाने वाले थे रेवंत रेड्डी, केंद्र सरकार ने क्यों नहीं दी इजाजत?
तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री ने केंद्र के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य केवल राज्य में विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थानों और निवेश को लाना था।
वॉशिंगटन, 23 अगस्त . अमेरिका के कुछ सांसदों ने चेतावनी दी है कि कनाडा के साथ व्यापार वार्ता के टूटने और 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने से कीमतें बढ़ेंगी, सीमा पार कारोबार प्रभावित होगा और अमेरिका तथा कनाडा के बीच सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक संबंधों में अनिश्चितता और बढ़ेगी. कनाडा के कई उत्पादों पर अमेरिका की ... Read more
जब पापा ने बेटी की नजरों से देखा पहली बार अमेरिका, वीडियो वायरल
अमेरिका में सेटल बच्चों को देखकर एक भारतीय पिता का गर्व इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है. पहली बार अमेरिका पहुंचे पिता से जब बेटी ने पूछा, पापा, कैसा है अमेरिका? तो उन्होंने अपनी सादगी भरी बातों से बताया कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके दोनों बच्चे अमेरिका जाकर पढ़ेंगे, जॉब करेंगे और अच्छी तरह से सेटल हो जाएंगे.
गुजराती व्यापारी की अमेरिका में सरेआम हत्या, बेटी के सामने पिता को मारा
गुजरात के 62 वर्षीय व्यापारी सुरेश पटेल की जैक्सन में उन्हीं के स्टोर में लूट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. उनकी 19 वर्षीय बेटी की आंखों के सामने यह पूरा मंजर हुआ.
होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा! तस्वीर में बताया ‘नया अमेरिकी इलाका’, ईरान बोला- जलडमरूमध्य रहेगा बंद
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया, जिसमें रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट को ‘NEW US Territory’ यानी ‘नया अमेरिकी इलाका’ बताया गया। यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच जलडमरूमध्य […] The post होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा! तस्वीर में बताया ‘नया अमेरिकी इलाका’, ईरान बोला- जलडमरूमध्य रहेगा बंद first appeared on Sanjeevni Today .
गुरदीप सिंह करीब 13 साल पहले रोजी-रोटी कमाने और परिवार का बेहतर भविष्य बनाने की उम्मीद में कर्ज लेकर अमेरिका गया था।
US Store Shooting: अमेरिका में गुजराती स्टोर मालिक की गोली मारकर हत्या, बेटी बाल-बाल बची; हमलावर फरार gujarati-store-owner-suresh-patel-killed-tennessee-robbery-shooting-in-us
कपूरथला जिले के बेगोवाल कस्बे के गांव जब्बोवाल के 28 वर्षीय युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। गुरदीप सिंह करीब 10 साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गए थे। जानकारी के अनुसार, गुरदीप सिंह न्यूयॉर्क शहर की रिचमंड स्ट्रीट पर पिज्जा डिलीवरी का काम करने जा रहे थे। यह वारदात 22 अगस्त को हुई। इसी दौरान कुछ हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार और गांव में शोक छा गया है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि अमेरिका पहुंचने के बाद गुरदीप को शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करना पड़ा था। पिता प्यारा लाल ने 30 लाख का कर्ज लेकर गुरदीप को विदेश भेजा था। गुरदीप ने भी हार नहीं मानी औरकड़ी मेहनत करते रहे। वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें बेहतर जीवन देने के लिए दिन-रात काम कर रहे थे। अविवाहित था गुरदीप सिंह परिजनों के मुताबिक, गुरदीप सिंह अविवाहित थे। उनका परिवार गांव में डीजे का काम करता है। परिवार को उम्मीद थी कि गुरदीप विदेश में मेहनत कर उनके सपनों को पूरा करेंगे, लेकिन उनकी हत्या की खबर से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिवार ने शव वापस लाने की लगाई गुहार गुरदीप सिंह के परिवार ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। परिवार ने अमेरिकी प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और हत्या के जिम्मेदार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की है। गांव के लोगों ने भी सरकार से परिवार की मदद करने और गुरदीप सिंह का शव भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है।
अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल देश को दुश्मन मानेगा ईरान : मोहसिन रेजाई
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ 'अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान' चलाया जाएगा।
NEW US Territory, होर्मुज पर ट्रंप का दावा, अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर होर्मुज जलडमरूमध्य की एक तस्वीर साझा की, जिसमें इसे “NEW US Territory” यानी “नया अमेरिकी क्षेत्र” बताया गया है। ट्रंप के इस कदम से ईरान के साथ बढ़े तनाव ...
अमेरिका के ‘आर्थिक युद्ध’ में शामिल देश को दुश्मन मानेगा ईरान: मोहसिन रेजाई
तेहरान, 23 अगस्त . ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक लड़ाई में शामिल होगा, उसे तेहरान अपना ‘दुश्मन’ मानेगा. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेजाई ने Saturday को Governmentी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए एक इंटरव्यू में ... Read more
अमेरिका के 'आर्थिक युद्ध' में शामिल देश को दुश्मन मानेगा ईरान: मोहसिन रेजाई
अमेरिका के 'आर्थिक युद्ध' में शामिल देश को दुश्मन मानेगा ईरान: मोहसिन रेजाई
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिका का 'नया इलाका', ट्रंप ने शेयर किया मैप, मिडिल ईस्ट में बढ़ी हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नया मैप शेयर किया है। इस बार उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया है।
सीरिया में तुर्की के रडार सिस्टम की तैनाती से चिंतित इजरायल, अमेरिका को दी जानकारी
सीरिया में तुर्की के रडार सिस्टम की तैनाती से चिंतित इजरायल, अमेरिका को दी जानकारी
अमेरिका के साथ डील के लिए क्यों तैयार नहीं ईरान? देखें US TOP-10
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान अभी सही डील के लिए तैयार है. उन्होनें कहा कि वॉशिंगटन इस टकराव पर आगे क्या होता है इसपर नजर रख रहा है. साथ ही अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका के पूरे नियंत्रण का दावा किया.
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब अमेरिकी इलाका', डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया मैप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'अमेरिकी इलाका' बताते हुए तस्वीर शेयर की है. वहीं, ईरान ने प्रस्तावित अमेरिकन प्रतिबंधों की निंदा की है.
फरीदाबाद के सेक्टर-14 निवासी दो लोगों से फ्लाइट टिकट बुक कराने के नाम पर करीब 9.03 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी राकेश बिष्ट के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-14 निवासी दीप चौधरी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी के लिए नई दिल्ली से अमेरिका के सिएटल तक आने-जाने की तीन फ्लाइट टिकट बुक कराने के लिए राकेश बिष्ट से संपर्क किया था। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग माध्यमों से कुल 4.20 लाख रुपए का भुगतान किया। पहले लुफ्थांसा की टिकट देने का दावा शिकायत के अनुसार, राकेश बिष्ट ने पहले उन्हें लुफ्थांसा एयरलाइंस की टिकट और पीएनआर उपलब्ध कराया। उसने बताया कि यात्रा से 15 दिन पहले तक टिकट बिना किसी शुल्क के रद्द कराई जा सकती है। कम किराए का झांसा देकर कतर की टिकट बुक कराई कुछ दिन बाद राकेश ने कम किराए और ज्यादा सामान ले जाने की सुविधा बताते हुए कतर एयरवेज की टिकट बुक कराने की सलाह दी। उसने भरोसा दिया कि 15 दिन के अंदर टिकट रद्द कराने पर पूरी रकम वापस मिल जाएगी। दीप चौधरी के अनुसार 11 जून को कतर एयरवेज की टिकट रद्द करा दी गई। आरोपी ने दो दिन के अंदर पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन पैसे वापस नहीं किए। बेटी के इंटरव्यू से पहले पीएनआर की जांच की जब दीप चौधरी की बेटी अपनी टिकट इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी को भेजने वाली थी, उससे पहले टिकट में दिए गए लुफ्थांसा पीएनआर को ऑनलाइन जांचा गया। जांच में पता चला कि पीएनआर फर्जी था और टिकट बुक ही नहीं हुई थी। फर्जी टिकट के कारण महंगी टिकट खरीदनी पड़ी फर्जी टिकट की जानकारी मिलने के बाद दीप चौधरी ने आरोपी से रकम वापस करने को कहा। टिकट फर्जी होने के कारण बेटी को समय पर इंटरव्यू में पहुंचाने के लिए उन्हें दूसरी जगह से महंगी फ्लाइट टिकट खरीदनी पड़ी। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान हुआ। बार-बार पैसे लौटाने का देता रहा भरोसा दीप चौधरी का आरोप है कि 19 जून से वह लगातार आरोपी से पैसे वापस मांग रहे हैं। आरोपी हर बार थोड़ा और समय देने की बात कहता रहा, लेकिन आज तक रकम वापस नहीं की। दूसरे व्यक्ति से भी 4.82 लाख रुपए लेने का आरोप इसी मामले में सेक्टर-14 निवासी विशाल गुप्ता ने भी राकेश बिष्ट के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस के अनुसार, विशाल गुप्ता से भी फ्लाइट टिकट के नाम पर 4.82 लाख रुपए लिए गए थे। जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस दोनों शिकायतों की जांच के बाद पुलिस को धोखाधड़ी का मामला मिला। इसके बाद थाना सेंट्रल फरीदाबाद में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी एसआई देवेंद्र सिंह ने अनुसार पुलिस अब टिकट, पीएनआर, बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
ईरान की अमेरिका को दो-टूक: रवैया बदलो तभी खुलेगा होर्मुज; पड़ोसी देशों को दी धमकी, क्या-क्या कहा?
ईरान की अमेरिका को दो-टूक: रवैया बदलो तभी खुलेगा होर्मुज; पड़ोसी देशों को दी धमकी, क्या-क्या कहा?
Report: भारत में रॉकेट लॉन्च करने की लागत अमेरिका से 4 गुना ज्यादा! नई स्टडी में हुआ खुलासा
भारत तेजी से अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, लेकिन एक नई स्टडी ने एक बड़ी चुनौती उजागर है। एक ताजा स्टडी के मुताबिक, सैटेलाइट लॉन्च करने के मामले में भारत का खर्च अमेरिका के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा है।
ईरान पर अमेरिकी हमले में क्यों हो रही देरी? बांग्लादेश की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने बताई वजह
New Delhi, 22 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर बांग्लादेश में India की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है. अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है ... Read more
ट्रंप ने भारत की वोटर आईडी सिस्टम का किया जिक्र तो जमात-ए-इस्लामी ने कहा- हमें अमेरिका का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए
इजरायल ने सीरिया में क्यों बरसाए बम? अमेरिका को भी नहीं थी खबर, जानें पूरी कहानी
सीरिया के अबू दुहूर एयरबेस पर इजरायल के हमले से इजरायल-तुर्की तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी दूत टॉम बराक के मुताबिक, हमले से पहले इजरायल ने अमेरिका या तुर्की को जानकारी नहीं दी थी। इजरायल को आशंका थी कि एयरबेस पर तुर्की सैनिक तैनात हो सकते हैं।
अमेरिका की ईंट का जवाब पत्थर से देगा कनाडा, टैरिफ पर होगी ‘डॉलर के बदले डॉलर’ की जंग
अमेरिका ने कनाडा से आयातित करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ लगाया है। जवाब में कनाडा 8 सितंबर से अमेरिकी उत्पादों पर समान दर से जवाबी शुल्क लगाएगा। दोनों देशों के बीच आखिरी व्यापार वार्ता विफल रही, जिससे रिश्तों और USMCA के भविष्य पर सवाल उठे हैं।
ईरान से जंग हार चुका है अमेरिका, दुनिया भी यह मान चुकी है, किसके बयान से फिर सुलग उठा मिडिल ईस्ट?
मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिका बार-बार ईरान को सबक सिखाने की बात कर रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ ईरान का दावा है कि दुनिया अब मान चुकी है कि अमेरिका यह जंग हार चुका है। इस बयानबाजी से मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से ...
ईरान-ट्रंप डील पर फिर संकट! अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- तेहरान समझौता तो चाहता है, लेकिन शर्तों के लिए....'
वाशिंगटन, 22 अगस्त . कैलिफोर्निया की स्टेट सीनेटर आयशा वहाब ने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए विशेष चुनाव में जीत दर्ज की है. इसके साथ ही वह कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली पहली अफगान अमेरिकी बन गई हैं. अफगान शरणार्थियों की बेटी और प्रगतिशील डेमोक्रेट वहाब ने कैलिफोर्निया के 14वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में ... Read more
अमेरिका को काफी महंगी पड़ रही ईरान से जंग, 770 के पार पहुंचा हताहत सैनिकों का आंकड़ा
ईरान के साथ अमेरिका की जंग छठे महीने में पहुंच गई है। पेंटागन के आंकड़ों के अनुसार, जंग में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 756 घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि हालिया आंकड़ों में देरी से दर्ज चोटें भी शामिल हो सकती हैं।
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में गुरु घर की सेवाओं के लिए संगत और श्रद्धालुओं का समर्पण लगातार जारी है। इसी कड़ी में अमेरिका निवासी श्रद्धालु सरदार बलवंत सिंह और उनके परिवार ने गुरु घर के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए ₹4 लाख की नकद राशि और एक वाहन (गाड़ी) भेंट किया है। यह दान संगत की सुविधा और मरीजों के लिए चलाई जा रही लंगर सेवा को और सुचारू बनाने के उद्देश्य से दिया गया है। पारिवारिक सदस्यों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ₹4 लाख की राशि श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित सरायों में आने वाली संगत के लिए चादरें, तकिए और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए दी गई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा गुरु नानक देव अस्पताल, अमृतसर में उपचाराधीन मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए चलाई जा रही निरंतर लंगर सेवा के उपयोग हेतु एक विशेष वाहन भेंट किया गया है। SGPC अध्यक्ष ने जताया आभार वाहन की चाबियां प्राप्त करते हुए SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सेवक परिवार का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरदार बलवंत सिंह और उनका परिवार लंबे समय से समय-समय पर गुरु घर की विभिन्न सेवाओं में अपना बहुमूल्य योगदान देता रहा है। यह समर्पण गुरु साहिब के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और निष्ठा का प्रतीक है। इस अवसर पर एडवोकेट धामी ने गुरु साहिब के चरणों में अरदास करते हुए सेवक परिवार की 'चढ़दी कला' (खुशहाली और प्रगति) की कामना की और उम्मीद जताई कि यह परिवार भविष्य में भी इसी तरह मानवता और गुरु घर की सेवा में तत्पर रहेगा इस मौके पर उपस्थित रहे प्रमुख व्यक्तित्व इस सेवा कार्य और चाबी सौंपने के कार्यक्रम के दौरान सरदार शेर सिंह मंडवाला (महासचिव, SGPC) सरदार रणजीत सिंह काहलों और सरदार नवतेज सिंह काउणी (सदस्य) सरदार सतबीर सिंह धामी (OSD) बलविंदर सिंह काहलवां (सचिव) और सरदार गुरिंदर सिंह मथरेवाल सरदार शाहबाज सिंह (निजी सचिव), विजय सिंह (अतिरिक्त सचिव) सरदार हरभजन सिंह वक्ता (उप सचिव) सरदार मेजर सिंह (मैनेजर, श्री दरबार साहिब) और सरदार गुरतिंदरपाल सिंह कादियां (अतिरिक्त मैनेजर) सहित सिख जगत और SGPC की कई प्रमुख शख्सियतें मौजूद रहीं।
राष्ट्रीय कर्ज़ पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए कितनी बड़ी ख़तरे की घंटी
अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज़ एक दशक में दोगुने से ज़्यादा बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इससे अर्थशास्त्रियों ने चिंताजनक स्थिति बताई है.
कनाडा-अमेरिका ट्रेड वार: पीएम कार्नी ने छोड़ी व्यापार वार्ता, बौखलाए ट्रंप ने ठोका 50% टैरिफ
उत्तरी अमेरिका की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ता अचानक एक बड़े आर्थिक युद्ध में तब्दील हो गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर थोपी गई 'अव्यावहारिक' शर्तों का कड़ा विरोध करते हुए ट्रेड वार्ता को बीच में ही रोक दिया। इस फैसले से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा पर 50 प्रतिशत भारी-भरकम आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद कनाडाई पीएम ने भी ईंट का जवाब पत्थर से देने की चेतावनी दे डाली है।अमेरिका की 'अंतिम शर्त' पर भड़का कनाडामहीनों से चल रही व्यापार वार्ता को अचानक तोड़ने के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सख्त रुख अपनाते हुए अपने सभी शीर्ष वार्ताकारों को तुरंत ओटावा वापस लौटने का निर्देश जारी कर दिया है। कनाडा का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन बातचीत के अंतिम दौर में ऐसी शर्तें थोप रहा था जो कनाडाई उद्योगों और छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक रूप से बेहद नुकसानदायक साबित होतीं। एक दिन पहले तक जहां दोनों देशों के बीच समझौते की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं वाशिंगटन के बदले हुए रुख ने पूरे समझौते की संभावनाओं पर पानी फेर दिया।50% टैरिफ पर 'डॉलर-फॉर-डॉलर' पलटवारकनाडा के इस कड़े कदम से गुस्साए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले करीब 28 अरब कनाडाई डॉलर के सामान पर आधी रात से 50 फीसदी टैरिफ ठोकने की घोषणा कर दी। ट्रम्प के इस फैसले पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए पीएम कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अमेरिका जितने डॉलर का टैरिफ कनाडा पर लगाएगा, देश भी 'डॉलर-फॉर-डॉलर' की तर्ज पर अमेरिकी सामानों पर ठीक उतना ही शुल्क लाद देगा।अमेरिका पर निर्भरता कम करने की तैयारीइस पूरे विवाद के बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने इस विफलता का ठीकरा कनाडा के सिर फोड़ते हुए कहा कि अमेरिका ने बेहद रियायती शर्तें ऑफर की थीं, लेकिन कनाडा अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट गया। वहीं, वार्ता टूटने के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री ने एक बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत देते हुए कहा है कि कनाडा अब अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमेरिका पर अपनी निर्भरता को तेजी से कम करेगा और दुनिया भर के नए बाजारों की ओर रुख करेगा।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर और लेह का अपना दौरा पूरा कर लिया है। लद्दाख यात्रा के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक थिकसे मठ का दौरा किया और वहां की बौद्ध विरासत तथा सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जाना। श्रीनगर में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की।
अमेरिका दौरे पर सीएम भूपेंद्र पटेल, न्यूयॉर्क में वैश्विक कंपनियों से की मुलाकात
न्यूयॉर्क, 22 अगस्त . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने न्यूयॉर्क में जेपी मॉर्गन, टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स, उबर और गोलूब कैपिटल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं और अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान आईबीएम रिसर्च का दौरा किया. बैठकों में निवेश के अवसरों, वित्तीय सेवाओं, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर चर्चा ... Read more
दुनिया के सबसे लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक और उसकी चीनी मूल कंपनी बाइटडांस (ByteDance) को अमेरिका में एक बहुत बड़ा कानूनी और वित्तीय झटका लगा है। बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोपों को निपटाने के लिए कंपनी ने अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice - DOJ) को रिकॉर्ड 400 मिलियन डॉलर (करीब 3,300 करोड़ रुपये से अधिक) का भारी-भरकम जुर्माना और सेटलमेंट राशि चुकाने पर रजामंदी दे दी है। अमेरिकी इतिहास में बच्चों के डेटा संरक्षण कानून यानी चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट (COPPA) के तहत की गई यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक मानी जा रही है। इस समझौते ने पूरी दुनिया में सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा नाबालिगों के निजी डेटा के दुरुपयोग और निगरानी व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।अमेरिकी न्याय विभाग और टिकटॉक के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौताअमेरिकी न्याय विभाग ने इस ऐतिहासिक समझौते की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे देश के बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी कानूनी जीत करार दिया है। आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह समझौता न्याय विभाग द्वारा 2024 में दायर किए गए उस मुकदमे का पटाक्षेप करता है, जिसमें फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) की सिफारिशों पर टिकटॉक और बाइटडांस के खिलाफ बच्चों की निजता से खिलवाड़ के पुख्ता सबूत पेश किए गए थे। अमेरिकी एसोसिएट अटॉर्नी जनरल स्टेनली ई. वुडवर्ड जूनियर ने मामले पर अपनी टिप्पणी में स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता डिजिटल मंचों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी टेक कंपनियां नाबालिगों की व्यक्तिगत जानकारी और डेटा हासिल करती हैं, उन्हें अपनी कानूनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही का हर हाल में पालन करना होगा।विवाद के कानूनी निपटारे और वित्तीय शर्तों की पूरी जानकारी U.S. Department of Justice Statement में विस्तार से साझा की गई है। समझौते के तहत टिकटॉक तत्काल प्रभाव से अमेरिकी संघीय सरकार को 300 मिलियन डॉलर का सीधा भुगतान करेगा। वहीं, शेष 100 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त राशि अदालत द्वारा उस पूर्व सहमति आदेश (Consent Decree) को औपचारिक रूप से रद्द करने के बाद दी जाएगी, जो टिकटॉक की पूर्ववर्ती कंपनी म्यूजिकल.ली (Musical.ly) के खिलाफ जारी किया गया था।बच्चों के डेटा और COPPA नियमों के उल्लंघन का क्या था पूरा मामलाअमेरिकी कानून के तहत लागू 'चिल्ड्रन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन एक्ट' (COPPA) बेहद सख्त प्रावधान करता है। इसके मुताबिक, 13 साल से कम उम्र के बच्चों को लक्षित करने वाले किसी भी ऐप, वेबसाइट या ऑनलाइन सर्विस के लिए बच्चों का व्यक्तिगत डेटा (जैसे नाम, ईमेल आईडी, फोन नंबर, जियो-लोकेशन या ब्राउजिंग हिस्ट्री) इकट्ठा करने से पहले उनके माता-पिता या अभिभावकों की स्पष्ट और सत्यापन योग्य सहमति लेना अनिवार्य है।अमेरिकी सरकार ने अपनी कानूनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि टिकटॉक ने जानबूझकर लाखों ऐसे बच्चों को सामान्य अकाउंट बनाने की खुली छूट दी जिनकी उम्र 13 वर्ष से कम थी। कंपनी ने न केवल बिना माता-पिता की जानकारी और सहमति के इन बच्चों का संवेदनशील निजी डेटा कलेक्ट किया, बल्कि उस डेटा का इस्तेमाल अपने एल्गोरिदम और विज्ञापनों को ट्यून करने में भी किया। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि टिकटॉक के 'किड्स मोड' (Kids Mode) में बनाए गए खातों से भी ईमेल पते और अन्य निजी जानकारियां जुटाई जा रही थीं। इसके अलावा, जब अभिभावकों ने टिकटॉक से संपर्क कर अपने बच्चों के अकाउंट्स और कलेक्ट किए गए डेटा को हमेशा के लिए डिलीट करने का अनुरोध किया, तो कंपनी ने उन अपीलों की अनदेखी की और उन प्रोफाइल्स को हटाने में विफलता दिखाई।मामले की अंतरराष्ट्रीय कवरेज और पृष्ठभूमि को The Hindu News Report के माध्यम से भी समझा जा सकता है।म्यूजिकल.ली का पुराना इतिहास और दोबारा वही गलतियांयह पहली बार नहीं है जब इस वीडियो प्लेटफॉर्म को बच्चों की प्राइवेसी के उल्लंघन के लिए निशाने पर लिया गया हो। साल 2017 में बाइटडांस ने अमेरिका के चर्चित वीडियो ऐप 'म्यूजिकल.ली' का अधिग्रहण किया था और बाद में उसका विलय टिकटॉक में कर दिया था। साल 2019 में ही फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने म्यूजिकल.ली पर बच्चों की जानकारी चुराने के आरोप में 5.7 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया था। उस वक्त कंपनी ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वह भविष्य में बच्चों की प्राइवेसी नीतियों का कड़ाई से पालन करेगी।हालांकि, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने पाया कि नाम बदलने और प्लेटफॉर्म के विशालकाय रूप लेने के बाद भी जमीनी स्तर पर डेटा सुरक्षा के पुराने ढर्रे में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ। यही वजह है कि ताजा समझौते में पुराने मामले की शर्तों को नए और अधिक कड़े नियमों के साथ बदला गया है ताकि भविष्य में कोई तकनीकी लूपहोल न बच सके।सोशल मीडिया दिग्गजों पर बढ़ता ग्लोबल रेगुलेटरी शिकंजाटिकटॉक पर हुआ यह 400 मिलियन डॉलर का जुर्माना केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर में टेक कंपनियों के खिलाफ चल रहे कड़े अभियानों का हिस्सा है। यूरोपीय संघ (EU) ने भी अपने सख्त डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) के तहत टिकटॉक के खिलाफ अलग से विस्तृत जांच शुरू कर रखी है, जहां बच्चों के अकाउंट्स को डिफॉल्ट रूप से प्राइवेट न रखने और साइबर बुलिंग से सुरक्षा न देने के आरोपों की समीक्षा की जा रही है। इसी तरह ब्रिटेन की मीडिया नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) भी बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर कड़े कदम उठा रही है।वहीं दूसरी तरफ, इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta Platforms) भी अमेरिका की अदालतों में नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य और प्राइवेसी से जुड़े मुकदमों का सामना कर रही है। इस पूरे मामले के कॉर्पोरेट असर का विश्लेषण The Economic Times Tech Report में भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।यूजर सेफ्टी और पेरेंटल कंट्रोल को लेकर टिकटॉक के नए कड़े कदमइस भारी जुर्माने और वर्षों लंबी कानूनी खींचतान से बचने के लिए टिकटॉक ने अपने अमेरिकी संचालन और डेटा प्राइवेसी आर्किटेक्चर में बड़े बदलाव किए हैं। ओरेकल और अन्य अमेरिकी निवेशकों के साथ मिलकर नए जॉइंट वेंचर ढांचे के तहत डेटा सुरक्षा को स्थानीय स्तर पर मजबूत किया गया है। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, अब सभी नए और पुराने यूजर्स के लिए जन्मतिथि दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उम्र-सत्यापन (Age-Moderation) टूल्स तैनात किए हैं, जो गलत उम्र बताकर ऐप चलाने वाले 13 साल से कम उम्र के बच्चों के खातों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक और डिलीट कर रहे हैं। कंपनी ने विशेष मॉडरेशन टीमों का गठन किया है जो हर महीने हजारों संदिग्ध और कम उम्र के खातों को हटा रही हैं।इस केस का घटनाक्रम यह साफ संदेश देता है कि टेक कंपनियों के लिए केवल यूजर बेस बढ़ाना और विज्ञापन से कमाई करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि आने वाले समय में बाल सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी जैसे मूलभूत कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करने पर भारी भरकम वित्तीय और प्रतिष्ठा संबंधी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अनचाहे यौन संपर्क के 20,492 मामले... अमेरिकी सेना के सामने अब भी बरकरार है यह सबसे गंभीर चुनौती
अमेरिकी रक्षा विभाग की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार सेना में यौन उत्पीड़न और अनचाहे यौन संपर्क के मामलों में कमी दर्ज की गई है.
पलवल में संयुक्त किसान मोर्चा और सीटू के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम और पृथला क्षेत्र के विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया को ज्ञापन सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने की प्रमुख मांग रखी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। यह ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत सौंपे गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य पूरे देश में जनप्रतिनिधियों को किसान-मजदूरों की मांगों से अवगत कराना है। इसी निर्णय के तहत पलवल के किसान-मजदूर प्रतिनिधियों ने भी अपने जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए। ज्ञापन देते समय ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, रूप राम तेवतिया, धर्मचंद घुघेरा, दरयाबसिंह सौरोत, डॉक्टर रघुवीर सिंह, करण सिंह आर्य, समय राम कुंडू, चरणजीत डागर, रमेश आर्य, सतीश बैंसला, राहुल कौशिक, तथा ट्रेड यूनियन नेता रमेश सौरोत और ताराचंद प्रधान शामिल थे। समझौता तत्काल रद्द करने की मांग की किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौता गैर-बराबरी पर आधारित है। उनका तर्क है कि इस समझौते के लागू होने से देश का किसान और कृषि बर्बाद हो जाएगी, क्योंकि भारतीय किसान अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता। इसलिए उन्होंने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की। ये हैं प्रमुख मांगें अन्य प्रमुख मांगों में पूरे देश के किसान-मजदूरों को एक बार कर्ज मुक्त करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देना, बिजली संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेना, और मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करने और अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी करने की भी मांग की।
कश्मीर पर अमेरिकी सुर बदलेः भारत का कद बढ़ा, पाक बेचैन
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का 19 अगस्त 2026 को श्रीनगर में दिया गया यह बयान कि जम्मू-कश्मीर “भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा” है, सामान्य कूटनीतिक टिप्पणी मानकर नजरअंदाज करने योग्य नहीं है। यह ऐसे समय आया है जब कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान की धारणाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार नए समीकरण बन रहे हैं। गोर ने जम्मू-कश्मीर की निरन्तर सुधर रही सुरक्षा स्थिति की बात कही और अमेरिकी यात्रा संबंधी परामर्श पर पुनर्विचार के संकेत भी दिए। पाकिस्तान ने इस बयान पर अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब कर तीखा विरोध दर्ज कराया। इस पूरे घटनाक्रम को केवल कश्मीर के संदर्भ में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसे भारत-अमेरिका संबंधों में आ रहे व्यापक परिवर्तन, दक्षिण एशिया की बदलती सामरिक संरचना और पाकिस्तान की घटती कूटनीतिक प्रभावशीलता के संदर्भ में समझना अधिक उचित होगा। अमेरिका की कश्मीर नीति में लंबे समय से एक प्रकार की सावधानी रही है। वाशिंगटन सामान्यतः भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद तथा शांतिपूर्ण समाधान की बात करता रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की पूर्व घोषित नीति भी जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति और राजनीतिक-आर्थिक स्थिरता की वापसी का समर्थन करती रही है। इसलिए गोर का श्रीनगर में जाकर जम्मू-कश्मीर को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” कहना निश्चित रूप से भाषा के स्तर पर एक उल्लेखनीय परिवर्तन है। लेकिन इसे अमेरिका की पूरी कश्मीर नीति में तत्काल और औपचारिक परिवर्तन मानना भी जल्दबाजी होगी। किसी राजदूत का बयान और किसी सरकार की औपचारिक नीति में अंतर होता है। फिर भी कूटनीति में शब्दों का अपना महत्व होता है। विशेष रूप से तब, जब वही शब्द उस भूभाग में बोले जाएं जिसे पाकिस्तान दशकों से अंतरराष्ट्रीय विवाद के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। इस दृष्टि से गोर का बयान भारत के लिए मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर की जम्मू-कश्मीर यात्रा ने चीनी-पाकिस्तानी चालों को किया दुरुस्त! इस बयान का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष जम्मू-कश्मीर की बदलती जमीन से जुड़ा है। गोर ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए यात्रा संबंधी अमेरिकी परामर्श में कमी लाने की संभावना जताई है। इसका अर्थ यह है कि वाशिंगटन अब कश्मीर को केवल सुरक्षा संकट या आतंकवाद की दृष्टि से देखने के बजाय पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और सामान्य जनजीवन की संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में भी देख रहा है। यहीं से भारत-अमेरिका संबंधों की नई रोशनी दिखाई देती है। दोनों देशों के संबंध अब केवल व्यापार या रक्षा तक सीमित नहीं हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, आपूर्ति-शृंखला और वैश्विक शक्ति-संतुलन जैसे विषयों ने भारत को अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार और शुल्क जैसे मुद्दों पर मतभेद भी मौजूद हैं, फिर भी व्यापक सामरिक साझेदारी अपनी उपयोगिता बनाए हुए है। हाल में अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत यात्रा का उद्देश्य भी तनावों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करना और व्यापार तथा ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाना था। इसलिए कश्मीर पर अमेरिकी भाषा को भारत-अमेरिका संबंधों के व्यापक पुनर्संतुलन का हिस्सा मानना अधिक तार्किक होगा। अमेरिका के लिए भारत अब केवल दक्षिण एशिया का एक बड़ा देश नहीं, बल्कि एशिया में शक्ति-संतुलन का प्रमुख आधार है। भारत के लिए भी अमेरिका महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत ने अपनी विदेश नीति को किसी एक शक्ति के साथ पूर्ण निर्भरता के बजाय रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रखा है। यही कारण है कि भारत अमेरिका के साथ साझेदारी बढ़ाते हुए रूस, यूरोप, पश्चिम एशिया और अन्य शक्तियों के साथ भी अपने संबंध बनाए रखता है। कश्मीर के संदर्भ में यह घटनाक्रम पाकिस्तान के लिए निश्चित रूप से असहज करने वाला है। इस्लामाबाद ने गोर के बयान को अस्वीकार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और उसका अंतिम निर्धारण होना बाकी है। पाकिस्तान ने इसे अमेरिका की पूर्व स्थिति से विचलन बताते हुए औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान की समस्या यह है कि वह कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विदेश नीति का केंद्रीय विषय बनाए रखना चाहता है, जबकि विश्व राजनीति की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। आतंकवाद, आर्थिक स्थिरता, चीन का बढ़ता प्रभाव, पश्चिम एशिया का संकट, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति-शृंखलाएं आज बड़ी शक्तियों की चिंता के केंद्र में हैं। ऐसे वातावरण में केवल कश्मीर के प्रश्न को बार-बार अंतरराष्ट्रीयकरण करने की पाकिस्तानी कोशिशों की प्रभावशीलता सीमित होती जा रही है। भारत ने दूसरी ओर लगातार यह रेखांकित किया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े विषय भारत की संप्रभुता और द्विपक्षीय संबंधों के दायरे में आते हैं। गोर का श्रीनगर दौरा स्वयं इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि एक प्रमुख अमेरिकी राजनयिक ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा की, वहां के निर्वाचित नेतृत्व से मुलाकात की और क्षेत्र की सुरक्षा तथा आर्थिक संभावनाओं पर सकारात्मक टिप्पणी की। यह पाकिस्तान की उस कोशिश के विपरीत है जिसमें वह कश्मीर को केवल विवाद और अस्थिरता के चश्मे से प्रस्तुत करना चाहता है। फिर भी भारत को इस बयान से अत्यधिक उत्साहित होकर यह मान लेने से बचना चाहिए कि अमेरिका ने कश्मीर पर अपनी संपूर्ण नीति बदल दी है। अमेरिका की विदेश नीति परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है और वह भारत तथा पाकिस्तान दोनों के साथ अपने हितों को संतुलित करने की कोशिश करता है। आज भी वाशिंगटन के लिए पाकिस्तान आतंकवाद-रोध, क्षेत्रीय सुरक्षा और अफगानिस्तान सहित कुछ विषयों में उपयोगी साझेदार है। अतः भारत के लिए इस बयान का वास्तविक महत्व किसी औपचारिक अमेरिकी नीति-परिवर्तन से अधिक उस कूटनीतिक वातावरण में है, जिसमें भारत की स्थिति को पहले की तुलना में अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है। यहां एक और महत्वपूर्ण बात है। कूटनीति में किसी देश का महत्व केवल इस बात से तय नहीं होता कि कितने देश उसके पक्ष में बयान दे रहे हैं, बल्कि इससे तय होता है कि वैश्विक शक्तियों के हित उसके साथ कितने गहरे जुड़े हैं। आज भारत की आर्थिक क्षमता, विशाल बाजार, तकनीकी सामर्थ्य, लोकतांत्रिक संस्थाएं, युवा शक्ति और सामरिक स्थिति उसे विश्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बनाती हैं। इसी बदलती वास्तविकता का प्रभाव कश्मीर पर भी दिखाई देना स्वाभाविक है। गोर का बयान इसलिए भारत के लिए एक उपलब्धि से अधिक एक संकेत है-संकेत इस बात का कि जम्मू-कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श धीरे-धीरे बदल रहा है। पाकिस्तान के लिए यह चेतावनी है कि केवल पुराने नारों और कूटनीतिक दबाव से वह कश्मीर को विश्व राजनीति के केंद्र में नहीं रख सकता और अमेरिका के लिए यह उसके बदलते हितों के अनुरूप संतुलन साधने की कोशिश है। अंततः कश्मीर की स्थायी शांति केवल अंतरराष्ट्रीय बयानों से नहीं, बल्कि लोकतंत्र, विकास, सुरक्षा, जनभागीदारी और सीमा-पार आतंकवाद के अंत से सुनिश्चित होगी। भारत को इस नए कूटनीतिक वातावरण का उपयोग आक्रामक प्रचार के बजाय जिम्मेदार और आत्मविश्वासी राष्ट्र की तरह करना चाहिए। सर्जियो गोर का बयान इस बदलती तस्वीर की एक महत्वपूर्ण झलक है-जहां कश्मीर को लेकर भारत की स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता प्राप्त करती दिखाई दे रही है और पाकिस्तान की कूटनीतिक चुनौती पहले से अधिक कठिन होती जा रही है। - ललित गर्ग लेखक, पत्रकार, स्तंभकार
रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द, जेडी वेंस और जोहरान ममदानी से होने वाली मुलाकातों पर उठे सवाल
केंद्र के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि प्रस्तावित अमेरिकी कार्यक्रम में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से संभावित मुलाकातों ने मामले को संवेदनशील बना दिया।
कनाडा का जवाब, ‘अमेरिकी टैरिफ के बदले डॉलर फॉर डॉलर शुल्क पर होगा काम’
ओटावा, 22 अगस्त . कनाडा की अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की समयसीमा Friday आधी रात तक थी. ये बिना किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचे समाप्त हो गई. कनाडा के Prime Minister मार्क कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ का “डॉलर फॉर डॉलर” जवाब देने का ऐलान किया है. कार्नी ने इसे लेकर बयान जारी किया. विभिन्न ... Read more
कनाडा का जवाब, 'अमेरिकी टैरिफ के बदले डॉलर फॉर डॉलर शुल्क पर होगा काम'
कनाडा की अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की समयसीमा शुक्रवार आधी रात तक थी। ये बिना किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचे समाप्त हो गई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ का डॉलर फॉर डॉलर जवाब देने का ऐलान किया है।
Canada US Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता अचानक बड़े आर्थिक युद्ध में तब्दील हो गई है। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका द्वारा आखिरी वक्त पर रखी गई 'अव्यावहारिक शर्तों का विरोध करते हुए ट्रेड वार्ता को तुरंत रोक ...
सीरिया में दबदबे को लेकर इसराइल और तुर्की भिड़े, अमेरिकी राजदूत ने नेतन्याहू पर उठाई उंगली - BBC
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आयशा वहाब का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनका जन्म न्यूयॉर्क के क्वींस में हुआ था। बचपन में ही उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया। उनके पिता की हत्या कर दी गई थी और कुछ समय बाद उनकी मां का भी निधन हो गया। माता-पिता की मौत के बाद कैलिफोर्निया के बे एरिया में रहने वाले एक दंपति ने उन्हें गोद लिया।
अमेरिका के साथ कनाडा ने ट्रेड वार्ता रोकी
कनाडा ने अमेरिका के साथ अपनी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता रोक दी है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन द्वारा अंतिम क्षणों में प्रस्तावित शर्तों में किए गए बदलाव अनुचित और आर्थिक रूप से नुकसानदेह हैं। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा …
सीरिया में दबदबे को लेकर इसराइल और तुर्की भिड़े, अमेरिकी राजदूत ने नेतन्याहू पर उठाई उंगली
तुर्की इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल से मदद की कोशिश कर रहा है. इंटरपोल ने अगर तुर्की की बातें सुन लीं तो क्या होगा?
अमेरिकी प्रतिबंधों की बाघेई ने की आलोचना, बोले- ईरान पर नहीं, यूएन की संप्रभुता पर है हमला
ईरान ने शनिवार को अमेरिका की ओर से लगाए गए नए आर्थिक प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की और कहा कि इसका नतीजा संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद मानी जाने वाली देशों की संप्रभुता के 'पूरी तरह कमजोर हो जाने' के रूप में सामने आएगा।
ट्रेड डील टूटी तो बढ़ा टैरिफ वॉर! अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% शुल्क, कार्नी बोले- लेंगे बदला
ट्रेड डील टूटी तो बढ़ा टैरिफ वॉर! अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% शुल्क, कार्नी बोले- लेंगे बदला
डील कैंसिल... अमेरिका ने लगाया 50% टैरिफ, कनाडा के PM ने भी खाई ये कसम
अमेरिका ने कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच चली आ रही डील को लेकर बातचीत खत्म हो चुकी है और इन देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई है.
Trump Tariffs: अमेरिका और कनाडा के बीच नहीं हो सकी डील, अब कनाडाई सामान पर लगेगा 50% टैरिफ
अमेरिका और कनाडा के बीच नए टैरिफ (आयात शुल्क) को टालने के लिए हो रही बातचीत आखिरी समय में टूट गई। इसका मतलब है कि अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन अब कनाडा से आने वाले अरबों डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाएगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को रात 12:01 बजे से अमेरिका द्वारा कनाडा से खरीदी जाने वाली सैकड़ों चीजों, जैसे प्लाईवुड, शराब, बिजली के उपकरण और हॉकी के सामान पर नए टैरिफ लागू हो जाएंगे।टैरिफ टालने के मुद्दे पर समझौता न हो पाने से इन दो पुराने सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और कनाडा ने पिछले साल लगभग 900 अरब डॉलर का व्यापार (सामान और सेवाओं का) किया था। टैरिफ के अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कनाडा को अमेरिका का एक राज्य बनाने की बात कही है। उन्होंने वहां के प्रधानमंत्रियों को गवर्नर कहा है और दावा किया है कि कनाडा, अमेरिका के बिना नहीं टिक सकता।हफ्तों से चल रही थी बातचीतअमेरिका और कनाडा के अधिकारी टैरिफ के मसले पर हफ्तों से बातचीत कर रहे थे और एक ड्राफ्ट डील पर सहमत हुए थे। इसमें अमेरिका की ओर से कनाडा के कुछ स्टील और एल्युमीनियम पर टैरिफ घटाकर 25 प्रतिशत करना और कनाडा की गाड़ियों पर ड्यूटी घटाकर 15 प्रतिशत करना शामिल था। इसके बदले में, कनाडा को उन जवाबी कदमों को हटाना था, जो ट्रंप द्वारा ट्रेड वॉर शुरू करने के बाद पिछले साल लागू किए गए थे। व्हाइट हाउस कई रियायतें चाहता था, जिसमें अमेरिकी गाड़ियों पर कनाडा के जवाबी टैरिफ को खत्म करना और ज्यादातर प्रांतों में अमेरिकी शराब की खुदरा बिक्री पर लगी रोक को हटाना शामिल था।लेकिन दोनों पक्ष डील को अंतिम रूप नहीं दे पाए। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर का कहना है कि कनाडा ने डील को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, आगे की बातचीत के लिए कोई समय तय नहीं किया गया है।कार सेल्समैन की अचानक खुली किस्मत! बना बेल्जियम का राजकुमार, 26 साल बाद सामने आया राज
अमेरिका और कनाडा के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं। अमेरिका चाहता है कि कनाडा अमेरिकी कार कंपनियों और उनके उत्पादों के लिए अपने बाजार में अधिक अवसर उपलब्ध कराए।
एफबीआई ने बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य कमल को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। उस पर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगदारी और मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क चलाने का आरोप है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे अमेरिका का दौरा, अधूरे बॉलरूम को लेकर निराश ट्रंप
वॉशिंगटन, 22 अगस्त . चीन के President शी जिनपिंग दो सप्ताह के भीतर अमेरिका का दौरा करने वाले हैं. यह जानकारी साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच में आयोजित एक रिपब्लिकन चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. हालांकि, उन्होंने शी जिनपिंग के दौरे की तारीख, स्थान या बैठक के एजेंडे ... Read more
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अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। आखिरी समय तक चली बातचीत के बावजूद दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके। इसके बाद अमेरिका करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लगाने की तैयारी में है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दोहराया, होर्मुज स्ट्रेट अब है अमेरिका का क्षेत्र
वॉशिंगटन, 22 अगस्त . साउथ कैरोलिना के मर्टल बीच में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का क्षेत्र बताया. उन्होंने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस चुनावी रैली में वह होने वाले रनऑफ ... Read more
अमेरिका-ईरान में बढ़ा भीषण तनाव, नहीं बन रही बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी सही डील के लिए तैयार नहीं है. ट्रंप ने होर्मुज के पूरे इलाके पर अमेरिकी नियंत्रण का भी दावा किया. दूसरी तरफ ईरान के रक्षा प्रमुख अहमद वाहिदी ने कहा कि देश ने दुश्मनों से निपटने के लिए मजबूत रक्षा कवच तैयार किया है. दोनों पक्षों के सख्त रुख से समझौते की राह फिलहाल मुश्किल दिखाई दे रही है.
Sergio Gore: जम्मू कश्मीर के बाद लद्दाख पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, थिकसे मठ का किया दौरा
इंटरनेट डेस्क। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को लद्दाख के प्रसिद्ध थिकसे मठ का दौरा किया। इसके पहले वो जम्मू कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उनकी मुलाकात सीएम उमर अबदुल्ला से हुई थी, सर्जियो गोर लद्दाख के दौरे पर है। यहां पहाड़ी पर स्थित थिकसे मठ मध्य लद्दाख के सबसे बड़े और प्रमुख बौद्ध मठों में से एक है। इसकी वास्तुकला तिब्बत के पोटाला पैलेस से काफी मिलती-जुलती है। जम्मू और कश्मीर लेह से करीब 19 किलोमीटर दूर स्थित थिकसे मठ की स्थापना वर्ष 1433 में हुई थी। मठ में प्राचीन प्रतिमाएं, स्तूप, थंका चित्र और दीवारों पर बने ऐतिहासिक चित्र मौजूद हैं। यहां 1980 के दशक में स्थापित करीब 15 मीटर ऊंची मैत्रेय बुद्ध की प्रतिमा भी प्रमुख आकर्षण है। गुरूवार को पहुंचे थे लेह सर्जियो गोर गुरुवार को लेह पहुंचे थे। यह यात्रा 2020 के गलवान संघर्ष और भारत-चीन सीमा पर बने गतिरोध के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र की प्रमुख यात्राओं में से एक मानी जा रही है। लद्दाख पहुंचने से पहले गोर ने कश्मीर घाटी में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं और क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों से बातचीत की। श्रीनगर पहुंचने पर उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ मुलाकात के बाद गोर ने कहा था कि कश्मीर भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह उनकी पहली कश्मीर यात्रा है। pc- abp news
US-Iran War: खत्म हो सकता है अमेरिका-ईरान युद्ध! पेजेश्कियन के बयान से जगी शांति की उम्मीद
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अमेरिका में धूम-धाम से मनेगी दीपावली, कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली ने पारित किया दिवाली डे प्रस्ताव
California Assembly Diwali Day:
अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ कमर्शियल ड्राइवरों के संवेदनशील डेटा हासिल करने से रोका
अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन को 1.7 करोड़ कमर्शियल ड्राइवरों के संवेदनशील डेटा हासिल करने से रोका
व्हाइट हाउस बॉलरूम के निर्माण को अमेरिकी Supreme Court ने दी अस्थायी मंजूरी
वॉशिंगटन, 22 अगस्त . अमेरिकी Supreme Court ने Friday को (अमेरिकी समयानुसार) व्हाइट हाउस में नए बॉलरूम के निर्माण कार्य को फिलहाल जारी रखने की अनुमति दे दी. मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने एक अस्थायी रोक आदेश (स्टे) जारी किया, जिससे निचली अदालतों के उन फैसलों पर फिलहाल रोक लग गई जिनके तहत निर्माण कार्य ... Read more
अमेरिका की बाकी नीतियों की तरह ही नाकाम रहेगा आर्थिक दबाव अभियान : अराघची
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, गरीबाबादी ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक तरफ अमेरिका दावा कर रहा है कि ईरान 'गिरने की कगार पर है', लेकिन दूसरी तरफ वह अपने सभी सहयोगी देशों से मदद मांग रहा है।
अमेरिका की बाकी नीतियों की तरह ही नाकाम रहेगा ‘आर्थिक दबाव’ अभियान: अराघची
तेहरान, 22 अगस्त . ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू किया गया आर्थिक दबाव अभियान भी उसकी बाकी दबाव वाली नीतियों की तरह नाकाम रहेगा. अराघची ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “14 साल पहले: ‘इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध’ नाकाम ... Read more
व्हाइट हाउस बॉलरूम के निर्माण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी अस्थायी मंजूरी
व्हाइट हाउस बॉलरूम के निर्माण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी अस्थायी मंजूरी
अमेरिका की बाकी नीतियों की तरह ही नाकाम रहेगा 'आर्थिक दबाव' अभियान: अराघची
अमेरिका की बाकी नीतियों की तरह ही नाकाम रहेगा 'आर्थिक दबाव' अभियान: अराघची
ईरान से कारोबार करने वालों को अमेरिका की चेतावनी, देखें US TOP-10
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए सहयोगी देशों से साथ आने की अपील की. उन्होनें कहा कि अमेरिका ईरानी शासन को गिराने के लिए सबसे कड़े प्रतिबंध लगाएगा. बेसेंट ने साफ चेतावनी दी कि जो देश ईरान के साथ कारोबार जारी रखेंगे उन्हें भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना क
रेवंत रेड्डी को नहीं मिली अमेरिका जाने की मंजूरी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अमेरिका जाने की मंजूरी नहीं मिली है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान वार्ता और समझौते की इच्छा तो रखता है, लेकिन उनकी राय में तेहरान अभी किसी उचित और सही समझौते के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित या हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि अगर ईरान ने ऐसा करने की कोशिश की, तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे।
बदलती तस्वीर: ईरान ने अमेरिका को कैसे चुनौती दी, क्या कम खर्च वाली तकनीकों ने महाशक्तियों की रणनीति बदल दी?
अमेरिकी आयोग का प्रोपेगैंडा फेल, आरएसएस पर अमेरिकी आयोग की टिप्पणी को भारत ने किया खारिज
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन टिप्पणियों को खारिज करते हुए यूएससीआईआरएफ को पक्षपाती संगठन करार दिया।
US: तनाव के बीच UN के पांच अरब डॉलर दबाए बैठा था अमेरिका, अब 850 मिलियन डॉलर देगा; ट्रंप की नीति क्यों बदली?
World : पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की 92 वर्षीय पत्नी का निधन; US विमान हादसे में 8 लोगों की मौत
Mohan Bhagwat: मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर क्यों बढ़ा विवाद? USCIRF की मांग पर हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति?
भारतीयों की सुरक्षा को लेकर ईरान का बड़ा बयान, मुंबई में ईरानी वाणिज्य दूत ने कहा- अमेरिका कर रहा आर्थिक आतंकवाद
दलाई लामा से अमेरिकी राजदूत की मुलाकात क्यों टली? Inside Story
लद्दाख के अपने पहले दौरे पर पहुंचे भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से प्रस्तावित मुलाकात ऐन वक्त पर रद्द हो गई. कूटनीतिक दृष्टिकोण से इसे भारत-चीन सीमा (LAC) पर तनाव न बढ़ाने और भारत द्वारा आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले किसी नए विवाद से बचने का प्रयास माना जा रहा है.
पाकिस्तान की हताशा पर कमेंट करने का कोई मतलब नहीं, अमेरिकी CDA को समन पर विदेश मंत्रालय
सर्जियो गोर के बयान के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब किया था। पाकिस्तान ने गोर की टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को खारिज किया।
ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में मारे गए अमेरिकी पर्वतारोही का मिला शव
पिछले महीने ब्रॉडपीक पर हुए हिमस्खलन में लापता अमेरिकी पर्वतारोही सारा मैलोरी गीस का शव शुक्रवार को मिल गया। वह निर्मल पुर्जा के नेतृत्व वाले एक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा थीं।
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने ड्रोन पर अमेरिकी टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने ड्रोन पर अमेरिकी टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी
अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर का दो दिवसीय लद्दाख दौरा थिक्से मठ के भ्रमण और जांस्कर-इंडस नदी में राफ्टिंग तक सीमित रहा। दलाई लामा से उनकी मुलाकात अंतिम समय में रद हो गई।
अमेरिका पर चढ़ा कर्ज का पहाड़! $40 ट्रिलियन पार हुआ कर्ज, क्या अब पूरी दुनिया पर पड़ेगा असर?
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मोहन भागवत अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा का करेंगे दौरा, भारत, हिंदुओं और आरएसएस के खिलाफ दुष्प्रचार पर देंगे जवाब
Cuba अमेरिकी US Sanctions के आगे कभी नहीं झुकेगा: राजदूत जुआन कार्लोस
भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस एगुइलेरा ने शुक्रवार को कहा कि कड़े प्रतिबंधों के बावजूद उनके देश के लोग अमेरिका के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। क्यूबा के मशहूर नेता और पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की जन्म शताब्दी मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में एगुइलेरा ने कहा कि अमेरिका ‘क्यूबा के लोगों और उसकी संप्रभुता को ठेस पहुंचाने’ के लिए ‘जानबूझकर’ प्रतिबंध लगा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, जो लोग शांति से प्यार करते हैं और हमारे महान नेता फिदेल कास्त्रो द्वारा पोषित समाजवाद में विश्वास करते हैं, वे अमेरिका के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।’’एगुइलेरा ने जिक्र किया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कास्त्रो ने दो बार भारत का दौरा किया था। अमेरिका पर ‘क्यूबा की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश करने’ का आरोप लगाते हुए राजदूत ने कहा कि उनका देश ऊर्जा क्षेत्र में पारंपरिक स्रोतों से नवीकरणीय स्रोतों की तरफ परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। एगुइलेरा ने कहा, ‘‘हमने 2030 तक देश की 30 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। क्यूबा सरकार कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है।’’सबसे मुश्किल समय में क्यूबा का साथ देने के लिए भारत का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनके देश की सरकार ने भारतीयों को क्यूबा की यात्रा के प्रति आकर्षित करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाने का फैसला किया है।
रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे पर केंद्र का ब्रेक, ममदानी से क्यों मिलना चाहते थे सीएम?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने के कारण रद्द हो गया।
ईरान को चीन का मिला सहारा, तेहरान पर नये अमेरिकी सैंक्शंस लगाने का किया विरोध
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है और बीजिंग से तेहरान के साथ अपने आर्थिक संबंध कम करने का आग्रह कर रहा है.
अमेरिका में रहकर बदली सोच! भारतीय कपल बोला- विदेश जाने से पहले जरूर जान लें ये सच्चाई
अमेरिका में रहकर बदली सोच! भारतीय कपल बोला- विदेश जाने से पहले जरूर जान लें ये सच्चाई
तेलंगाना के विकास पर राजनीति न हो, सीएम रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा जल्द हो बहाल: वी. हनुमंत राव
हैदराबाद, 21 अगस्त . तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी का प्रस्तावित अमेरिका दौरा रद्द होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. हनुमंत राव ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ Chief Minister का दौरा नहीं था, बल्कि तेलंगाना में निवेश, उद्योग और रोजगार लाने की एक महत्वपूर्ण पहल थी. उन्होंने केंद्र ... Read more
कश्मीर पर अमेरिकी सुर बदलेः भारत का कद बढ़ा, पाक बेचैन
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर The post कश्मीर पर अमेरिकी सुर बदलेः भारत का कद बढ़ा, पाक बेचैन appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा को राजनीतिक मंजूरी न मिलने से दौरा हुआ रद्द : एमईए
New Delhi, 21 अगस्त . विदेश मंत्रालय (एमईए) ने Friday को स्पष्ट किया कि तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को Political मंजूरी इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि कार्यक्रम उनके पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप नहीं थे. एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने New Delhi में आयोजित साप्ताहिक ... Read more
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के दौरे पर ऐसा बयान दिया, जिससे पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गई...
USCIRF बनाम RSS: आरोप, अधिकार-सीमा और भारत-अमेरिका संबंधों की अग्निपरीक्षा
अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने एक बार फिर भारत को लेकर अपनी कठोर भाषा तेज कर दी है।गत 20 अगस्त 2026 को RSS प्रमुख मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से ठीक पहले आयोग के अध्यक्ष आसिफ महमूद (मुस्लिम) और आयुक्त जीन मिल्स (ईसाई) ने RSS नेताओं को उच्चस्तरीय अमेरिकी मुलाकातों और रजनयिक सम्मान से दूर रखने तथा धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की। उल्लेखनीय है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क में Universal Oneness Celebrations में शामिल होने का कार्यक्रम है। यह आयोजन American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) कर रहा है। बता दें कि जहां USCIRF चेयरमैन आसिफ महमूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं और RSS को उन्होंने एक “umbrella organisation” बताया, जिसके कुछ सहयोगी संगठनों पर ईसाइयों और मुसलमानों सहित धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका आने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat US Visit से पहले USCIRF ने फिर अलापा Anti India Narrative राग, RSS पर प्रतिबंध लगाने की उठाई माँग वहीं, USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले RSS से जुड़े लोगों पर targeted sanctions लगाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि RSS नेताओं को उच्चस्तरीय बैठकों या राजनयिक सम्मान की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए, भले ही कोई RSS नेता भारत सरकार से संबद्ध हो। देखा जाए तो उन दोनों का यह बयान मार्च 2026 की USCIRF वार्षिक रिपोर्ट से अलग कोई मामूली टिप्पणी नहीं है, क्योंकि मार्च की रिपोर्ट में USCIRF ने भारत को फिर Country of Particular Concern (CPC) घोषित करने की अमेरिकी सरकार से सिफारिश की और RSS तथा R&AW जैसी भारतीय संस्थाओं/संगठनों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंधों की अनुशंसा की थी। लेकिन यहीं से तथ्य और राजनीतिक व्याख्या को अलग करना जरूरी है। ऐसा इसलिए कि- पहला, USCIRF ने वास्तव में क्या आरोप लगाया? USCIRF का मूल आरोप यह है कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता के क्षरण की स्थिति गंभीर हुई है और सरकार ने कुछ मामलों में इसे रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। लिहाजा 2026 की रिपोर्ट में आयोग ने भारत के संबंध में RSS को भी अपनी प्रतिबंध-संबंधी सिफारिश में शामिल किया। उसका तर्क RSS और उससे जुड़े संगठनों/समूहों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा या दबाव से जुड़े आरोपों पर आधारित है। लेकिन तथ्य-जांच का महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि USCIRF की रिपोर्ट को यह साबित करने वाला न्यायिक फैसला नहीं माना जा सकता कि RSS या उसके प्रत्येक सदस्य ने धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन किया है। आयोग एक fact-finding और policy-recommendation body है, अदालत नहीं। यदि उसका रुख भारत विरोधी है तो इसके किसी भी सदस्यों या उनके संरक्षकों की भारत सम्बन्धी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए और पाकिस्तान व बंगलादेश में अल्पसंख्यकों की बद्तर स्थिति के बारे में उनकी राय पर सवाल पूछना चाहिए। दूसरा, क्या USCIRF ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया है? नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण तथ्य है। USCIRF अमेरिकी सरकार की स्वतंत्र, द्विदलीय संघीय आयोग है, जिसे 1998 के International Religious Freedom Act के तहत बनाया गया था। उसका काम विदेशों में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करना और राष्ट्रपति, विदेश मंत्री तथा कांग्रेस को नीतिगत सिफारिशें देना है। इसलिए headlines में यदि यह कहा जाए कि अमेरिका ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया, तो वह तथ्यात्मक रूप से गलत होगा। जबकि सही बात यह है कि USCIRF ने अमेरिकी सरकार से RSS से जुड़े व्यक्तियों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। गत 20 अगस्त के बयान में भी आयोग ने प्रतिबंध लगाने की वकालत की है; यह स्वयं लागू किया गया अमेरिकी प्रतिबंध नहीं है। तीसरा, क्या USCIRF अमेरिकी विदेश नीति तय करता है? नहीं। यही उसकी अधिकार-सीमा की सबसे बड़ी सीमा है।USCIRF की सिफारिशें राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कांग्रेस के लिए प्रभावशाली इनपुट हो सकती हैं, लेकिन वे अपने-आप बाध्यकारी नहीं हैं। CPC का अंतिम सरकारी निर्धारण USCIRF नहीं करता; अमेरिकी व्यवस्था में संबंधित कार्यपालिका संस्थाओं की भूमिका रहती है। इसलिए USCIRF की रिपोर्ट को अमेरिकी न्यायिक निर्णय, अमेरिकी प्रतिबंध आदेश या भारत के खिलाफ अमेरिकी सरकार की अंतिम नीति के रूप में प्रस्तुत करना गलत होगा। चौथा, फिर भारत सरकार इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों देती है? भारत ने मार्च 2026 की USCIRF रिपोर्ट को स्पष्ट शब्दों में खारिज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF की भारत संबंधी प्रस्तुति को motivated and biased बताया और कहा कि आयोग वर्षों से भारत की स्थिति की distorted and selective तस्वीर पेश करता रहा है। भारत की आपत्ति का सार तीन स्तरों पर समझा जा सकता है: पहला—चयनात्मकता। इसके तहत भारत का तर्क है कि USCIRF घटनाओं को व्यापक भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक और संवैधानिक संदर्भ से अलग करके देखता है। दूसरा—स्रोतों की विश्वसनीयता। इसके तहत नई दिल्ली का आरोप है कि आयोग कई बार ऐसे स्रोतों और नैरेटिव पर निर्भर करता है जिन्हें भारत पक्षपाती या वैचारिक मानता है। तीसरा—सार्वभौमिकता। इसके तहत भारत यह स्वीकार नहीं करता कि किसी विदेशी आयोग को भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था का अंतिम निर्णायक बनने दिया जाए। यह प्रतिरोध केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं है; भारत और USCIRF के बीच यह विवाद कई वर्षों से चला आ रहा है। USCIRF 2020 से भारत को CPC बनाए जाने की सिफारिश करता रहा है पांचवां, USCIRF की विश्वसनीयता का निष्पक्ष परीक्षण यहां अंध-समर्थन और अंध-विरोध—दोनों से बचना चाहिए। USCIRF कोई निजी NGO नहीं है। यह अमेरिकी कांग्रेस द्वारा स्थापित स्वतंत्र और द्विदलीय संघीय आयोग है। इसलिए उसकी रिपोर्ट को महज एक एनजीओ की राय कहकर खारिज करना भी तथ्यात्मक रूप से गलत होगा। लेकिन दूसरी ओर, उसकी रिपोर्ट को अंतिम सत्य मान लेना भी उचित नहीं। सवाल है आखिर ऐसा क्यो? क्योंकि USCIRF स्वयं policy recommendations देता है; वह न्यायालय नहीं है और उसके निष्कर्ष किसी आरोपी संगठन के खिलाफ स्वतः कानूनी दोषसिद्धि नहीं बनते। अतः सही पत्रकारिता यह होगी कि USCIRF को गंभीर स्रोत माना जाए, लेकिन उसके आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाए। यही संतुलित तथ्य-जांच है। छठा, सबसे विवादास्पद बिंदु: RSS और हिंसा के बीच संबंध USCIRF का तर्क RSS और उससे जुड़े संगठनों के कथित व्यवहार को व्यापक धार्मिक स्वतंत्रता संकट के संदर्भ में रखता है। लेकिन यहां भी RSS, RSS से जुड़े संगठन, स्थानीय कार्यकर्ता और किसी घटना में आरोपी व्यक्ति को एक ही श्रेणी मान लेना विश्लेषणात्मक गलती होगी। किसी संगठन के किसी सदस्य या उससे जुड़े समूह पर आरोप लगना अपने-आप पूरे संगठन की कानूनी जिम्मेदारी सिद्ध नहीं करता। इसलिए पत्रकारिता का मूल प्रश्न होना चाहिए कि किस घटना में किस व्यक्ति पर क्या आरोप लगा? जांच किस एजेंसी ने की? अदालत ने क्या कहा? दोषसिद्धि हुई या नहीं? और उस व्यक्ति का RSS से संस्थागत संबंध किस स्तर का था? यही वह जगह है जहां USCIRF के व्यापक राजनीतिक निष्कर्षों की स्वतंत्र fact-checking आवश्यक हो जाती है। सातवां, क्या प्रधानमंत्री मोदी को RSS का सदस्य कहना तथ्यात्मक रूप से सही है? USCIRF के वर्तमान अध्यक्ष ने 20 अगस्त के बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को RSS का सदस्य बताया और RSS को BJP का ideological parent कहा। यहां भाषा का चुनाव महत्वपूर्ण है। नरेंद्र मोदी का RSS से गहरा और सार्वजनिक रूप से documented ऐतिहासिक संबंध है; वे RSS के प्रचारक रहे हैं और उनका राजनीतिक जीवन संघ की पृष्ठभूमि से निकला है। लेकिन वर्तमान औपचारिक सदस्यता और RSS से ऐतिहासिक/वैचारिक संबंध एक ही बात नहीं हैं। अतः मोदी का RSS से कोई संबंध नहीं कहना गलत होगा, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए RSS के औपचारिक संगठनात्मक सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं कहना भी बिना स्पष्ट प्रमाण के अत्यधिक सरलीकरण होगा। आठवां, क्या यह महज धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है? नहीं—इसमें कूटनीति भी स्पष्ट रूप से शामिल है। गत 20 अगस्त का बयान मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले आया है। USCIRF ने विशेष रूप से अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को उच्चस्तरीय बैठकों और राजनयिक सम्मान से दूर रखने की बात कही है। इससे विवाद का स्वरूप बदल जाता है। अब प्रश्न केवल यह नहीं है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति कैसी है, बल्कि प्रश्न यह भी है कि क्या अमेरिकी सरकारी प्रतिष्ठान RSS को भारत की राजनीति और समाज में उसकी भूमिका के कारण एक राजनीतिक actor की तरह treat करे या धार्मिक स्वतंत्रता के अपने मानकों के आधार पर अलग से scrutinize करे? यहीं से मामला भारत-अमेरिका संबंधों की संवेदनशील सीमा को छूता है। नौवां, भारत-अमेरिका संबंधों पर कितना असर पड़ेगा? मेरे आकलन में तत्काल रणनीतिक संकट की संभावना कम, लेकिन राजनीतिक friction बढ़ने की संभावना अधिक है। भारत और अमेरिका के संबंध अब केवल धार्मिक स्वतंत्रता के प्रश्न पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि इनमें शामिल हैं: Indo-Pacific और QUAD, चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला, रक्षा सहयोग, तकनीक और semiconductor supply chains, ऊर्जा और व्यापार, आतंकवाद-विरोधी सहयोग, critical minerals और वैश्विक supply chains आदि। इसलिए USCIRF की सिफारिश अकेले भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को पटरी से उतारने की संभावना कम है। लेकिन यदि अमेरिकी कार्यपालिका USCIRF की सिफारिशों को व्यापक प्रतिबंध नीति में बदलती है, तब स्थिति गंभीर हो सकती है। दसवां, असली Red Line क्या होगी? इसे तीन स्तर पर अलग-अलग समझने होंगे। स्तर 1 — USCIRF की रिपोर्ट: राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव। प्रभाव सीमित लेकिन मीडिया और कांग्रेस में महत्वपूर्ण। स्तर 2 — अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ व्यक्तियों पर visa/financial restrictions: भारत-अमेरिका संबंधों में वास्तविक friction। स्तर 3 — RSS जैसी संस्था पर व्यापक अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध अथवा भारत की रक्षा/रणनीतिक साझेदारी से जोड़कर punitive measures: यह कहीं अधिक गंभीर diplomatic confrontation पैदा कर सकता है। अभी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर हम स्तर 1 पर हैं; इसलिए अमेरिका ने RSS पर प्रतिबंध लगा दिया कहना अतिशयोक्ति होगी। ग्यारहवां, भारत को क्या करना चाहिए? सबसे मजबूत जवाब केवल आक्रोश नहीं हो सकता, बल्कि भारत को तीन समानांतर मोर्चों पर काम करना चाहिए: पहला—तथ्य आधारित counter-narrative: जहां USCIRF का तथ्य गलत है, वहां घटना-दर-घटना जवाब दिया जाए। आप गलत हैं से अधिक प्रभावी होगा— यह आरोप है, यह उसका स्रोत है, यह जांच का परिणाम है और यह न्यायिक रिकॉर्ड है। दूसरा—अपनी संस्थागत पारदर्शिता मजबूत करना: यदि कहीं धार्मिक हिंसा, जबरन धर्मांतरण, मंदिर-मस्जिद-चर्च पर हमला या अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए—चाहे आरोपी किसी भी राजनीतिक या सामाजिक विचारधारा से जुड़ा हो। यही भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता का सबसे मजबूत कवच होगा। तीसरा—Washington में राजनीतिक संवाद: भारत को अमेरिकी प्रशासन, कांग्रेस, think tanks और diaspora के साथ लगातार संवाद रखना चाहिए। क्योंकि USCIRF की राय और पूरी अमेरिकी विदेश नीति एक ही चीज नहीं हैं। # क्या भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह विरोधाभास वास्तविक कूटनीतिक संदेश पैदा करता है? सवाल है कि आखिर भारत के बारे में अमेरिकी संस्थाओं के रुख अलग-अलग क्यों दिखते हैं? क्योंकि इस विरोधाभास से भारत-अमेरिका संबंधों के निमित्त वास्तविक कूटनीतिक संदेश पैदा करता है। वह यह कि- एक, अमेरिका में विदेश नीति एक ही आवाज से नहीं चलती: व्हाइट हाउस, विदेश विभाग, व्यापार प्रतिनिधि (USTR), कांग्रेस और USCIRF जैसी संस्थाओं के अपने-अपने अधिकार, प्राथमिकताएं और राजनीतिक दृष्टिकोण हैं। इसलिए एक संस्था भारत को रणनीतिक साझेदार मान सकती है, जबकि दूसरी मानवाधिकार या धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर कड़ी आलोचना कर सकती है। दो, रणनीतिक हित बनाम मूल्य-आधारित दबाव: भारत- अमेरिका के लिए Indo-Pacific, चीन की चुनौती, रक्षा, तकनीक, सप्लाई-चेन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण साझेदार है। दूसरी तरफ USCIRF का मूल कार्य ही धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी और उस पर दबाव बनाना है। USCIRF की 2026 India page पर भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर लगातार गंभीर चिंता दर्ज है। तीन, व्यापार में भी यही पैटर्न दिखाई देता है: व्यापार में भी यही पैटर्न दिखाई देता है, उदाहरण के लिए, 2026 में USTR ने भारत को कुछ कथित unfair trade practices के संदर्भ में निशाना बनाया और अतिरिक्त शुल्क की संभावना जताई, जबकि व्यापक रणनीतिक संबंध अपनी जगह चलते रहे। चार, भागवत प्रकरण में असली पेच: 20 अगस्त को USCIRF ने मोहन भागवत की प्रस्तावित 29 अगस्त की न्यूयॉर्क यात्रा से पहले RSS के सदस्यों पर targeted sanctions और RSS नेताओं को उच्चस्तरीय राजनयिक सम्मान न देने की मांग की है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यह USCIRF की मांग है, अमेरिकी सरकार का घोषित फैसला नहीं। यही अंतर इस पूरे घटनाक्रम को समझने की कुंजी है। पांच, क्या इससे भारत-अमेरिका संबंध सुधरेंगे? अल्पकाल में—नहीं, तनाव बढ़ने की संभावना अधिक है। यदि USCIRF जैसी संस्थाएं लगातार RSS, भारत की धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय संस्थाओं पर दबाव डालती हैं, तो नई दिल्ली में इसे भारत के आंतरिक राजनीतिक-सामाजिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप के रूप में देखा जा सकता है। भारत पहले भी USCIRF की रिपोर्टों को selective और distorted बताकर खारिज करता रहा है। लेकिन दीर्घकाल में इससे भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंध टूटने की संभावना कम है, क्योंकि दोनों देशों के साझा हित बहुत बड़े हैं—विशेषकर चीन, Indo-Pacific, रक्षा, तकनीक, निवेश और वैश्विक सप्लाई-चेन। लिहाजा मेरा आकलन है कि इस पूरे घटनाक्रम को मैं “रणनीतिक साझेदारी बनाम मूल्य-आधारित अमेरिकी दबाव” के टकराव के रूप में देखता हूँ। इसमें अमेरिका की दुविधा यह है कि वह भारत को चीन के मुकाबले महत्वपूर्ण रणनीतिक शक्ति भी मानना चाहता है और भारत की घरेलू नीतियों पर अपना मूल्य-आधारित दबाव भी बनाए रखना चाहता है। वहीं, भारत की दुविधा उलटी है—वह अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी चाहता है, लेकिन अपनी राजनीतिक-सामाजिक व्यवस्था पर अमेरिकी संस्थाओं की निगरानी या टिप्पणी स्वीकार करने को तैयार नहीं है। इसलिए “रिश्ते सुधरेंगे या बिगड़ेंगे?” का सबसे सटीक उत्तर है—रिश्ते टूटेंगे नहीं, लेकिन उनमें अधिक लेन-देन वाली कूटनीति और अधिक सार्वजनिक खींचतान देखने को मिल सकती है। और भागवत प्रकरण इस बड़े सवाल को और तीखा करता है: क्या अमेरिका भारत को समान संप्रभु रणनीतिक साझेदार मानता है, या साझेदारी के साथ अपनी घरेलू राजनीतिक-वैचारिक शर्तें भी जोड़ना चाहता है? यही आने वाले महीनों का महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रश्न होगा। वस्तुतः, USCIRF को न तो अमेरिका का अंतिम फैसला समझना चाहिए और न ही उसकी हर रिपोर्ट को साजिश कहकर समाप्त कर देना चाहिए। और भारत को भी धार्मिक स्वतंत्रता के वास्तविक प्रश्नों पर आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए। लेकिन दूसरी तरफ, किसी विदेशी आयोग द्वारा लगाए गए व्यापक आरोपों को बिना न्यायिक परीक्षण के RSS, भारत सरकार या करोड़ों भारतीयों के सामूहिक चरित्र का प्रमाण मान लेना भी गंभीर बौद्धिक त्रुटि होगी। USCIRF की शक्ति उसकी रिपोर्ट में है; उसकी सीमा यह है कि वह अदालत नहीं है। जबकि भारत की शक्ति उसकी संप्रभुता में है; उसकी चुनौती यह है कि उस संप्रभुता को लोकतांत्रिक संस्थाओं, कानून के शासन और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की विश्वसनीय रक्षा से लगातार प्रमाणित करना होगा। यहां सबसे बड़ा खतरा USCIRF की एक रिपोर्ट नहीं है, अपितु सबसे बड़ा खतरा तब पैदा होगा जब भारत और अमेरिका इस विवाद को तथ्य-जांच और संवाद के बजाय परस्पर अविश्वास की स्थायी राजनीति में बदल दें। और सबसे बड़ी रणनीतिक भूल यह होगी कि धार्मिक स्वतंत्रता के प्रश्न को भारत-अमेरिका की व्यापक रणनीतिक साझेदारी का विकल्प बना दिया जाए। दिल्ली को Washington की हर आलोचना से डरने की जरूरत नहीं—लेकिन उसे हर आलोचना को तथ्य के तराजू पर तौलने की जरूरत जरूर है। इसी तरह Washington को भी यह समझना होगा कि भारत कोई ऐसा देश नहीं है जिसकी लोकतांत्रिक और संवैधानिक वैधता किसी विदेशी आयोग के प्रमाणपत्र से तय होगी। अंततः फैसला रिपोर्ट नहीं, तथ्य करेंगे; आरोप नहीं, प्रमाण करेंगे; और दबाव नहीं, लोकतांत्रिक संस्थाओं का आचरण भारत की वैश्विक साख तय करेगा। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
रेवंत रेड्डी को अमेरिका जाने की नहीं मिली केंद्र से मंजूरी, वीडियो में जाने लंदन से 23 अगस्त को लौटेंगे हैदराबाद
ट्रम्प का बड़ा दावा, जल्द होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल; वीडियो में बोले- ईरान की सेना को भारी नुकसान
अमेरिका का संदेश साफ, जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं रहा : सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला
New Delhi, 21 अगस्त . अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को India का अभिन्न अंग बताया. उनका ये बयान सुर्खियों में है. इस टिप्पणी को राज्यसभा सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने काफी अहम बताया. उनके मुताबिक दुनिया के लिए संदेश स्पष्ट है कि ... Read more
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लद्दाख के थिकसे मठ का दौरा किया, जो गलवान झड़प के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का रणनीतिक सीमा क्षेत्र का पहला दौरा है।
US-Iran: ट्रंप का बड़ा दावा, अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कर लेगा कंट्रोल
इंटरनेट डेस्क। ईरान से यु़द्ध के बीच में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। खबरों की माने तो ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करना जरूरी था। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ईरान की ओर से फिर ऐसा खतरा पैदा हुआ, तो अमेरिका फिर से कड़े कदम उठाएगा। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के कई बड़े नेता अब नहीं रहे। इसके चलते नए समझौते पर बातचीत मुश्किल हो गई है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि ईरान में फैसले कौन ले रहा है। pc-m.rediff.com
ट्रंप बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का ‘फुल कंट्रोल’, ईरान को दी बड़ी चुनौती
वॉशिंगटन, 21 अगस्त 2026 । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को हराने के बाद अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर सकता है। इससे ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने के […] The post ट्रंप बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का ‘फुल कंट्रोल’, ईरान को दी बड़ी चुनौती appeared first on Rashtriya Ujala .
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने फर्स्ट मल्टीनेशनल स्ट्राइक ड्रोन फोर्स बनाने की घोषणा की है. सेंटकॉम की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, इस फोर्स में ड्रोन शामिल होंगे.
अमेरिका में हुआ भीषण विमान हादसा, जांच में जुटी NTSB
अमेरिका के अलास्का में एक चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई. हादसा केप न्यूएनहम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट के पास हुआ. विमान में दो पायलट और छह यात्री सवार थे. सूचना मिलते ही खोज और बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन कोई जीवित नहीं मिला. दुर्घटना के कारणों की जांच एनटीएसबी और एफएए कर रहे हैं, जबकि मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
क्रेडिट कार्ड कंपनी अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प, इंडिया (अमेरिकन एक्सप्रेस) और नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (एनएमएसीसी) ने शुक्रवार को साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत पात्र अमेरिकन एक्सप्रेस सदस्यों को सांस्कृतिक केंद्र में चुनिंदा कला, मनोरंजन और आतिथ्य अनुभवों तक विशेष पहुंच एवं सुविधाएं मिलेंगी। संयुक्त बयान के अनुसार, इस साझेदारी के तहत अमेरिकन एक्सप्रेस, एनएमएसीसी का पसंदीदा भुगतान भागीदार होगा। पात्र कार्ड सदस्यों को चुनिंदा प्रस्तुतियों के लिए अग्रिम बुकिंग एवं निःशुल्क प्रवेश, विशेष खान-पान सुविधाएं, प्रीमियम सेवाएं और केंद्र के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ने के अवसर समेत कई विशेष लाभ मिलेंगे। इस साझेदारी के जरिये एनएमएसीसी के भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कला एवं संस्कृति को प्रदर्शित करने के उद्देश्य तथा अमेरिकन एक्सप्रेस के अपने कार्ड सदस्यों को विशेष पहुंच और अनुभव उपलब्ध कराने के प्रयास को एक साथ लाया गया है। अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं ‘कंट्री मैनेजर’ संजय खन्ना ने कहा, ‘‘भारत की कला, संस्कृति एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति की विरासत असाधारण है। एनएमएसीसी ने इस विरासत का उत्सव मनाने के साथ-साथ दुनिया भर के बेहतरीन अनुभवों को दर्शकों के करीब लाने के लिए एक शानदार मंच तैयार किया है।’’ उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड सदस्यों को भारत की कुछ प्रमुख सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनुभव करने के अधिक अवसर मिलेंगे। जियो वर्ल्ड सेंटर के सीईओ देवेंद्र बी. ने कहा, ‘‘नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में हमारा दृष्टिकोण भारत की सर्वश्रेष्ठ चीजों को दुनिया के सामने पेश करना और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चीजों को भारत तक लाना है।’’ बयान में कहा गया कि इस साझेदारी से पात्र कार्ड सदस्यों को एनएमएसीसी में चुनिंदा कला एवं सांस्कृतिक अनुभवों के साथ-साथ उनकी अमेरिकन एक्सप्रेस सदस्यता से जुड़ी सुविधाएं और सेवाएं मिलेंगी। इसमें कहा गया कि यह सहयोग अमेरिकन एक्सप्रेस के उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कार्डधारकों की रुचियों के अनुरूप उन्हें विशिष्ट पहुंच एवं अनुभव प्रदान करना है।
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने रद्द किया अमेरिका दौरा, केंद्र ने नहीं दी अनुमति
हैदराबाद, 21 अगस्त . तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने अपना अमेरिका दौरा रद्द कर दिया है. Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) ने Friday को बताया कि विदेश मंत्रालय ने इस दौरे की अनुमति नहीं दी है. Chief Minister Wednesday देर रात 10 दिन के ब्रिटेन और अमेरिका दौरे पर लंदन के लिए रवाना ... Read more
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने प्योंगयांग के मिसाइल प्रक्षेपण पर की चर्चा
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने प्योंगयांग के मिसाइल प्रक्षेपण पर की चर्चा
अमेरिका-कनाडा के विदेश मंत्रियों की मुलाकात, वेनेजुएला और आर्कटिक सुरक्षा पर हुई चर्चा
वाशिंगटन, 21 अगस्त . अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान हैती, वेनेजुएला, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा और क्यूबा में सुधारों जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई. दोनों पड़ोसी देशों ने साझा क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर आपसी तालमेल और सहयोग को और मजबूत ... Read more
रेवंत रेड्डी को अमेरिका जाने की नहीं मिली मंजूरी, 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे तेलंगाना सीएम
तेलंगाना सरकार के मुताबिक, अमेरिका की यात्रा को मंजूरी नहीं दिए जाने की जानकारी उस समय दी गई, जब मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाला आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन पहुंच चुका था। मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान शिक्षा, कौशल और उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े कई कार्यक्रम प्रस्तावित थे।
शांति एक्ट: मसौदा नियमों पर अमेरिकी परमाणु उद्योग देगा सुझाव, लाइसेंस से जवाबदेही तक के उठाएगा मुद्दे us-nuclear-industry-shanti-act-draft-rules-india-nuclear-sector
Revanth Reddy को अमेरिका यात्रा की मंजूरी नहीं मिली, 23 अगस्त को लौटेंगे तेलंगाना
(फाइल फोटो के साथ)हैदराबाद, 21 अगस्त तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को केंद्र सरकार से अमेरिका जाने की इजाजत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रेड्डी वर्तमान में लंदन में हैं तथा यहां से उनकी योजना अमेरिका जाने और 30 अगस्त को हैदराबाद लौटने की योजना थी। सीएमओ की एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाले आधिकारिक ‘तेलंगाना-राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका का दौरा रद्द करना पड़ा क्योंकि विदेश मंत्रालय ने इसकी अनुमति नहीं दी। मंत्रालय ने कहा कि राजनीतिक दृष्टिकोण से इस (अमेरिका) यात्रा की मंजूरी नहीं दी गई है।’’इसने कहा कि रेड्डी अमेरिका के बोस्टन जाने के बजाय 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे। राज्य सरकार ने नीति और प्रोटोकॉल के मुताबिक ब्रिटेन और अमेरिका की यात्रा के लिए केंद्र से अनुमति का अनुरोध किया था लेकिन केवल ब्रिटेन यात्रा की ही मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के ब्रिटेन पहुंचने के बाद केंद्र ने राज्य सरकार को अनुमति नहीं दिए जाने के बारे में सूचित किया। ‘तेलंगाना राइजिंग’ के राज्य सरकार के दृष्टिकोण, शिक्षा को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ में योगदान देने के उद्देश्य से की जाने वाली यात्रा को ‘‘राजनीतिक कारणों से रोके जाने’’ से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैरान हैं। विज्ञप्ति में कहा गया कि उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का पालन करने का निर्णय लिया और वह अमेरिका के बोस्टन जाने के बजाय लंदन से भारत लौटने के लिए हैदराबाद की उड़ान भरेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अमेरिका यात्रा को आगे बढ़ाने और सभी समझौता ज्ञापनों एवं साझेदारी समझौतों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। रेड्डी ने कहा, ‘‘इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य केंद्र की नयी शिक्षा नीति के तहत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों को भारत, तेलंगाना और हैदराबाद लाना था। ये संस्थान हमारे युवाओं की उन आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करते, जो दुनिया के बेहतरीन ‘आइवी लीग’ और शीर्ष वैश्विक संस्थानों से शिक्षा, कौशल और प्रशिक्षण हासिल करना चाहते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब देश के निर्माण और युवाओं के भविष्य की बात आती है तो हम सभी को राजनीति और चुनाव से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।’’विज्ञप्ति के अनुसार तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री रेड्डी ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, लंदन बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन जैसे संस्थानों का दौरा और वहां बातचीत जारी रखेंगे।
अलास्का में चार्टर प्लेन क्रैश, अमेरिकी सेना से जुड़े 8 लोगों की मौत
अलास्का के पश्चिमी हिस्से में केप न्यूएनहम रडार साइट के पास चार्टर विमान दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई. विमान एंकरेज से रवाना हुआ था. सभी यात्री और पायलट मारे गए.
अमेरिका में RSS पर लगेगा बैन? USCIRF के गंभीर आरोप पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
Mohan Bhagwat US visit:
दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास तय समय से पहले समाप्त
दक्षिण कोरिया-अमेरिका का संयुक्त सैन्य अभ्यास तय समय से पहले समाप्त
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कश्मीर को भारत का अहम हिस्सा बताए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
एचडीएफसी बैंक ने अपनी कारोबार वृद्धि को गति देने के लिए विदेशी बॉन्ड के माध्यम से 1.75 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा पूंजी निर्गम पूरा किया। बैंक ने दो अलग-अलग बॉन्ड जारी किए हैं, जो इंडिया आईएनएक्स और एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होंगे।
CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द, केंद्र ने नहीं दी मंजूरी; लंदन से ही लौटेंगे भारत
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा केंद्र से राजनीतिक मंजूरी नहीं मिलने के बाद रद्द हो गया। वह 23 अगस्त को लंदन से हैदराबाद लौटेंगे, जबकि प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाकर शैक्षणिक संस्थानों से MoU करेगा।
लंदन से अमेरिका जाने वाले थे रेवंत रेड्डी: केंद्र ने नहीं दी US जाने की मंजूरी, 23 अगस्त को लौटेंगे हैदराबाद- Telangana CM Revanth Reddy US visit did not receive approval from Modi government he will return Hyderabad
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान से जुड़े रणनीतिक जलमार्गों पर लगभग नियंत्रण हासिल कर चुका है और जल्द ही पूरी तरह नियंत्रण में ले सकता है। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने […] यह लेख ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के रणनीतिक जलमार्गों पर अमेरिका का लगभग नियंत्रण, परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
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अमेरिका के अलास्का में बड़ा विमान हादसा: 8 लोगों को ले जा रहा चार्टर्ड प्लेन क्रैश, सर्च ऑपरेशन जारी
अमेरिका के पश्चिमी अलास्का से एक बड़े विमान हादसे की खबर सामने आ रही है। यहां 8 लोगों को लेकर जा रहा एक चार्टर्ड प्लेन एक दूरस्थ रडार साइट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जिसके बाद से स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों में हड़कंप मच गया है।दूरस्थ रडार साइट के पास हुआ हादसाएसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, अलास्का के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के अध्यक्ष क्लिंट जॉनसन ने जानकारी दी कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान एक दो इंजन वाला सेसना चार्टर प्लेन था। इस विमान में कुल 8 लोग सवार थे, जिनमें दो पायलट और 6 यात्री शामिल थे।यह चार्टर प्लेन गुडन्यूज बे से लगभग 40 मील दक्षिण में स्थित केप न्यूएनहैम की ओर उड़ान भर रहा था। यह क्षेत्र एक वायु सेना की हवाई पट्टी है, जो एक लंबी दूरी के रडार स्टेशन तक पहुंच प्रदान करती है। विमान जब अपनी मंजिल की ओर जा रहा था, तभी यह रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गया।युद्धस्तर पर जारी है सर्च ऑपरेशनहादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है। एनटीएसबी (NTSB), अलास्का स्टेट ट्रूपर्स और बचाव समन्वय केंद्र (Rescue Coordination Center) की टीमें तुरंत दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो गई हैं और मौके पर युद्धस्तर पर तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा है। विमान में सवार लोगों की स्थिति के बारे में फिलहाल सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे राहत कार्यों से जुड़ी नई जानकारियां मिलेंगी, उन्हें साझा किया जाएगा।
अमेरिका को दुनिया भर में समानता और बेहतर अवसरों की भूमि माना जाता है, जहां विभिन्न देशों से लोग अपने सपनों को पूरा करने पहुंचते हैं। हालांकि, हालिया आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि धार्मिक और नस्लीय अल्पसंख्यकों के सामने वहां अभी भी गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने साल 2025 के अपराधों से जुड़ा अपना वार्षिक हेट क्राइम डेटा जारी किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि देश में कुल रिपोर्ट किए गए नफरत से जुड़े अपराधों (हेट क्राइम्स) में कमी आई है, लेकिन हिंदू और सिख समुदायों को निशाना बनाने वाली घटनाएं बढ़ी हैं।अमेरिका में कुल हेट क्राइम्स में आई गिरावटएफबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में पूरे देश में कुल 10,881 हेट क्राइम के मामले दर्ज किए गए। यदि राष्ट्रीय स्तर पर तुलनात्मक डेटाबेस की बात करें, तो 2024 में दर्ज 11,404 मामलों की तुलना में 2025 में 10,606 मामले सामने आए, जो कुल मिलाकर लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।हालांकि, कुल मामलों के घटने के बावजूद धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू और सिख समुदायों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एफबीआई के विश्लेषण के अनुसार, हिंदू विरोधी नफरत से जुड़े अपराध 25 से बढ़कर 28 हो गए हैं, जबकि सिख समुदायों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर भी विभिन्न रिपोर्ट्स में चिंता जताई गई है।सोशल मीडिया पर बढ़ रहा है भेदभाव और ऑनलाइन नफरतविशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस रिकॉर्ड या एफबीआई के आंकड़े ही अमेरिका में नफरत की पूरी तस्वीर बयां नहीं करते। कई बार पीड़ित डर या जागरूकता की कमी के कारण थानों में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते। इसके अलावा, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर भी नफरत तेजी से फैल रही है।कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के एक हालिया सर्वे के मुताबिक, करीब 48% भारतीय-अमेरिकियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर भारतीयों या भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली नस्लवादी टिप्पणियां और पोस्ट देखे हैं। इसके अलावा, कई लोगों ने जातीय अपशब्द, हेट मेल और शारीरिक खतरों का सामना करने की बात भी कही है।अमेरिका में अल्पसंख्यकों को मिलते हैं कौन-से कानूनी अधिकार?अमेरिकी कानून के तहत नागरिकों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान और एजेंसियां मौजूद हैं:संवैधानिक सुरक्षा: अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन (समान संरक्षण खंड) राज्य सरकारों को भेदभाव करने से रोकता है, जबकि 15वां संशोधन मतदान के अधिकार की रक्षा करता है।नागरिक अधिकार अधिनियम (1964): यह कानून रोजगार, सार्वजनिक स्थानों और सरकारी सहायता प्राप्त कार्यक्रमों में नस्ल, रंग, धर्म या राष्ट्रीय मूल के आधार पर होने वाले भेदभाव पर प्रतिबंध लगाता है।संघीय एजेंसियां: एफबीआई (FBI) जहां देश भर में हेट क्राइम्स के आंकड़े जुटाने और उनकी जांच करने का काम करती है, वहीं न्याय विभाग (Department of Justice) इन कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, समान रोजगार अवसर आयोग (EEOC) कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव से जुड़े मामलों को संभालता है।
पैसों के लिए अमेरिका के सामने पाकिस्तान ने फैलाया हाथ मांगे 10 अरब डॉलर, कंगाली की रह पर भारत का पड़ोसी
जेलेंस्की की अमेरिका से गुहार, दोहराई पैट्रियट मिसाइल की मांग
नई दिल्ली, 21 अगस्त . यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर से मिसाइल जरूरतों की अपनी मांग दोहराई. उन्होंने अमेरिका से इस पर जल्द ही कोई फैसला लेने की बात कही. उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी जरूरत के हथियार की खरीद के लिए तैयार है. यूक्रेन के President वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ... Read more
अमेरिका में सीएम भूपेंद्र पटेल ने अलग-अवग क्षेत्रों के नामी लोगों से बातचीत की. इस दौरान गूगल के साथ एआई और फ्यूचर स्किल्स पर चर्चा की गई. वहीं परप्लेक्सिटी एआई के साथ डीप-टेक और डेटा सेंटर अपॉर्चुनिटीज पर भी चर्चा की गई.
Plane Crash: अमेरिका के अलास्का में चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों समेत आठ लोग लापता
Plane Crash: अमेरिका के अलास्का में चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त, दो पायलटों समेत आठ लोग लापता
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी सहयोगी, 'राइटिंग विनिंग बुक्स' के सह-संस्थापक और प्रमुख अमेरिकी रणनीतिकार सर्जियो गोर (Sergio Gor) का भारत दौरा इस समय अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। 'धरती का स्वर्ग' कहे जाने वाले कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थलों—श्रीनगर, डल झील और गुलमर्ग का भ्रमण पूरा करने के बाद सर्जियो गोर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के दौरे पर पहुंच चुके हैं। लद्दाख की मनमोहक और शांत वादियों में पहुंचते ही उन्होंने सिंधु (Indus) नदी की बर्फीली और तेज लहरों के बीच व्हाइट-वॉटर रिवर राफ्टिंग (River Rafting) का रोमांचक अनुभव लिया। हालांकि, पर्यटन के साथ-साथ उनके इस दौरे के राजनीतिक और कूटनीतिक पहलू पर भी सबकी निगाहें हैं, जहां उनके 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai Lama) से मुलाकात की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।सिंधु नदी की तेज लहरों में रोमांचक राफ्टिंग और लेह की वादियों का दीदारलद्दाख की राजधानी लेह पहुंचने पर सर्जियो गोर ने क्षेत्र के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास, प्राचीन बौद्ध मठों और असीम प्राकृतिक सुंदरता की जमकर तारीफ की।व्हाइट-वॉटर रिवर राफ्टिंग का आनंद: सर्जियो गोर ने फे से नेमू के बीच सिंधु नदी (Indus River) के रोमांचक रैपिड्स में रिवर राफ्टिंग की। लद्दाख में सिंधु और ज़ांस्कर (Zanskar) नदियों का संगम साहसिक पर्यटन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।सोशल मीडिया पर साझा किए अनुभव: गोर ने लद्दाख के अपने अनुभव साझा करते हुए यहां की मेहमाननवाज़ी, हिमालय की ऊंची चोटियों और तिब्बती-बौद्ध संस्कृति को अद्वितीय बताया।स्थानीय बौद्ध मठों का दौरा: उन्होंने लेह के प्रमुख और ऐतिहासिक मोनेस्ट्रीज (जैसे हेमिस और थिकसे मठ) का भी दौरा किया और वहां के लामाओं व स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत की।कश्मीर दौरे की सफलता: भारत के पर्यटन और स्थिरता की सराहनालद्दाख आने से ठीक पहले सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का विस्तृत दौरा किया था। कश्मीर में डल झील में शिकारा की सवारी, ऐतिहासिक मुगल गार्डन्स और गुलमर्ग के स्नो प्वाइंट्स का लुत्फ उठाने के बाद उन्होंने कश्मीर में आई शांति और पर्यटन क्षेत्र में हुए जबर्दस्त सुधार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर अब वैश्विक पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित, आकर्षक और आधुनिक सुविधाओं से लैस गंतव्य बन चुका है। गोर का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के पर्यटन और जम्मू-कश्मीर की सकारात्मक छवि को बढ़ावा देने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात पर क्यों टिकी हैं निगाहें?सर्जियो गोर के लद्दाख दौरे का सबसे अहम और संवेदनशील पहलू तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के साथ उनकी संभावित शिष्टाचार मुलाकात है।अमेरिकी प्रशासन और तिब्बत नीति: अमेरिका के रिपब्लिकन नेतृत्व और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का तिब्बत नीति, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमेशा से एक स्पष्ट और मुखर दृष्टिकोण रहा है। अमेरिकी संसद ने पूर्व में भी 'तिब्बत नीति एवं समर्थन अधिनियम' (Tibet Policy and Support Act) पारित कर दलाई लामा के उत्तराधिकार के अधिकार का पुरजोर समर्थन किया है।चीन की बेचैनी: दलाई लामा इस समय अपने वार्षिक प्रवास और धार्मिक प्रवचनों के सिलसिले में लद्दाख के शेवांग चोक्यूर लिंग (जीवतसाल) में मौजूद हैं। किसी भी वरिष्ठ अमेरिकी राजनीतिक चेहरे या ट्रंप के करीबी रणनीतिकार का दलाई लामा से मिलना बीजिंग के लिए हमेशा असहजता का कारण बनता है।वैश्विक कूटनीतिक मायने: यदि यह मुलाकात आधिकारिक रूप से संपन्न होती है, तो यह वैश्विक मंच पर एक मजबूत संदेश होगा कि वॉशिंगटन तिब्बत के स्वायत्त अधिकारों और दलाई लामा की आध्यात्मिक विरासत के साथ मजबूती से खड़ा है।ट्रंप प्रशासन के भावी रणनीतिक कदमों का संकेत?सर्जियो गोर केवल एक पर्यटक के रूप में भारत नहीं आए हैं, बल्कि वे अमेरिकी राजनीति के उस इनर-सर्कल का हिस्सा हैं जो आने वाले समय में अमेरिकी विदेश नीति के कई पहलुओं को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकता है। कश्मीर और लद्दाख जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों का उनका यह स्वतंत्र दौरा यह रेखांकित करता है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
35 साल की जेसिका बोवी पर ऐसे “विदेशी आतंकवादी संगठनों” को मदद देने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. उसने खुद FBI के मुखबीर को बताया कि वह इस्लामिक स्टेट को सपोर्ट करती है.
GTA 6 के लिए अमेरिकी सेना का ऑफर, वीडियो गेम खेलने के लिए सैनिकों को मिलेगी 4 दिन की छ्ट्टी!
GTA VI New Video Game: ‘ग्रैंड थेफ्ट ऑटो' के फैंस पिछले 13 साल ने इस वीडियो गेम के नए वर्जन, GTA 6 का इंतजार कर रहे हैं. फाइनली यह गेम नवंबर में लॉन्च होने जा रहा है.
अमेरिका में कुल नफरती अपराधों में कमी आई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कमल कौन? जिसकी तलाश में जुटी अमेरिकी FBI, क्या है आरोप
Lawrence Bishnoi gang Kamal wanted list FBI:
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक घेराबंदी को चरम स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन प्रशासन तेहरान के खिलाफ ऐसे अभूतपूर्व और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है, जो पहले कभी नहीं देखे गए। इसके साथ ही अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातक देश चीन से सीधी अपील की है कि वह ईरान से कच्चे तेल की खरीद और वित्तीय लेन-देन को तुरंत रोके। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बीजिंग को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के नियमों का पालन करना और अमेरिका के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करना ही चीन के आर्थिक भविष्य के लिए सबसे अधिक फायदेमंद साबित होगा।ईरान के ऊर्जा और वित्तीय तंत्र पर अभूतपूर्व आर्थिक प्रहार की तैयारीअमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की ओर से तैयार की जा रही नई कार्ययोजना के तहत ईरान के पूरे ऊर्जा, शिपिंग और बैंकिंग नेटवर्क को लक्षित किया जा रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री के अनुसार, यह नए प्रतिबंध केवल सांकेतिक नहीं होंगे, बल्कि ईरान के तेल निर्यात को पूरी तरह शून्य (Zero Export) के स्तर पर लाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन उन सभी अंतरराष्ट्रीय बिचौलियों, फ्रंट कंपनियों, समुद्री टैंकरों के 'शैडो फ्लीट' (Shadow Fleet) और वित्तीय संस्थाओं की पहचान कर रहा है जो प्रतिबंधों को दरकिनार कर ईरानी कच्चे तेल की तस्करी में मदद कर रहे हैं। इन संपत्तियों को जब्त करने और उनके वैश्विक डॉलर आधारित लेन-देन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का खाका तैयार कर लिया गया है।चीन को सीधी नसीहत: ईरानी तेल खरीद पर कड़ा ऐतराजईरान के कुल तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चीन की स्वतंत्र छोटी रिफाइनरियों (जिन्हें 'टीपॉट्स' कहा जाता है) द्वारा खरीदा जाता है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने चीन को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया है कि वह ईरान से डिस्काउंटेड कच्चा तेल खरीदकर उसकी आक्रामक नीतियों को फंडिंग देना बंद करे। उन्होंने कहा कि चीन पिछले कुछ वर्षों में कई बार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार में एक अविश्वसनीय साझेदार साबित हुआ है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि चीनी बैंकों और रिफाइनरियों ने ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद जारी रखी, तो उन्हें अमेरिकी सेकेंडरी प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) का सामना करना पड़ेगा, जिसके तहत उनका वैश्विक वित्तीय प्रणाली और अमेरिकी बाजार से संपर्क पूरी तरह काटा जा सकता है।अमेरिका का साथ देना चीन के लिए क्यों है अधिक फायदेमंदअमेरिकी वित्त मंत्री ने रणनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि बीजिंग को यह समझना होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और मध्य पूर्व में अस्थिरता से सबसे ज्यादा नुकसान खुद चीन की अर्थव्यवस्था को होगा, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर है। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान के साथ सीमित व्यापार से मिलने वाला अल्पकालिक लाभ अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ चीन के खरबों डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के मुकाबले नगण्य है। यदि चीन अमेरिकी प्रतिबंधों के क्रियान्वयन में सहयोग करता है और वैश्विक ऊर्जा गलियारों को सुरक्षित रखने में रचनात्मक भूमिका निभाता है, तो यह वैश्विक बाजार में उसकी साख को सुधारेगा और दोनों महाशक्तियों के बीच आर्थिक तनाव को घटाने में मददगार बनेगा।वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्रूड ऑयल की कीमतों पर असरअमेरिका के इस सख्त रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) के दामों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ईरानी तेल की सप्लाई को पूरी तरह से बंद कराने में सफल रहता है, तो वैश्विक बाजार में रोजाना लगभग 15 से 18 लाख बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि वह वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों (जैसे सऊदी अरब और यूएई) के साथ संपर्क में है और आवश्यकता पड़ने पर रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) का उपयोग करने के विकल्प भी खुले रखे गए हैं।भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए इस फैसले के मायनेअमेरिकी प्रतिबंधों की इस नई लहर पर भारत समेत सभी प्रमुख एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की नजरें टिकी हुई हैं। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए खाड़ी देशों, रूस और अमेरिका से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदता है। अमेरिका द्वारा समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू करने से भारतीय रिफाइनरियों के सप्लाई रूट और क्रूड बास्केट की लागत पर दूरगामी असर पड़ सकता है। भू-राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अमेरिका का मुख्य फोकस इस समय चीन के वित्तीय तंत्र पर दबाव बनाना है ताकि ईरान को मिलने वाले अंतिम आर्थिक सहारे को भी पूरी तरह खत्म किया जा सके।
नॉर्वे ने अमेरिकी व्यापार अधिकारी से की बातचीत, नए टैरिफ पर जताई आपत्ति
ओस्लो, 21 अगस्त . नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वॉशिंगटन में अमेरिका के एक वरिष्ठ व्यापार अधिकारी के साथ हुई बातचीत के दौरान नॉर्वे ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर अपनी चिंता जताई. मंत्रालय के अनुसार, नॉर्वे के राज्य सचिव एंड्रियास मोट्जफेल्ट क्राविक ने Wednesday को अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेफ गोटमैन ... Read more
अमेरिका ने हिज्बुल्लाह तक नकदी पहुंचाने वाले दस लोगों पर प्रतिबंध लगाए
न्यूयॉर्क, 21 अगस्त . अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने हिज्बुल्लाह तक नकदी पहुंचाने का काम करने वाले दस लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं. ओएफएसी के मुताबिक, यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के बीच व्यावसायिक एयरलाइंस की उड़ानों से यात्रा करने वाले कुरियरों का इस्तेमाल ... Read more
ईरान से युद्ध के बाद अमेरिका घटाएगा गल्फ में सैनिक, वीडियो में जाने 20 ठिकानों पर तैनात 40 हजार जवानों की होगी समीक्षा
होर्मुज स्ट्रेट में किसका दबदबा? 236 जहाजों में 148 की राह का पता नहीं, वीडियो में जाने ईरान और अमेरिका के दावों से बढ़ा तनाव
ईरान-अमेरिका तनाव: ट्रंप की धमकी, तेहरान का पलटवार
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़े आर्थिक अभियान की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी देश ईरान को वित्तीय मदद या कारोबारी सहारा देगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे
US Army will shut down unit in Europe focused on learning drone warfare - Drone Warfare: ईरान के ड्रोन हमलों के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला, जानें क्यों बंद की यूरोप की अहम यूनिट?
US Debt Crisis: America’s Debt Crosses $40 Trillion; How Much Are Trump’s Policies, Iran War and Tax Cuts Responsible?
Indian NRI: अमेरिकन ड्रीम की चमक के पीछे दर्द; एनआरआई बोले- अमेरिका आने से पहले सोचें, भारत में बेहतर अवसर
US-Iran: ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी, अमेरिका ने चीन से भी मांगा साथ; तेहरान क्या बोला?
US sanctions 10 individuals in Hezbollah cash network, redesignates group as Iranian proxy - US Sanctions: अमेरिका ने हिजबुल्ला के कैश नेटवर्क पर लगाया प्रतिबंध, 10 लोगों पर कार्रवाई; क्या लगाए आरोप?
World Updates: अमेरिका ने 67 जहाजों का रास्ता बदला, तीन निष्क्रिय किए; क्या होर्मुज में फिर बिगड़ेंगे हालात?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर वीरवार को लद्दाख की पहली यात्रा पर लेह पहुंच गए।
US-Cuba: क्यूबा पर ट्रंप प्रशासन ने कसा शिकंजा, कई कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध, क्यों दबाव बढ़ा रहा अमेरिका?
ईरान से युद्ध करके अमेरिका को लगा तगड़ा झटका, अब तक 757 सैनिक घायल; कितने मरे?
पेंटागन ने पिछले महीने डीसीएएस में ओवरसीज ऑपरेशन्स श्रेणी बनायी थी ताकि 7 जुलाई से मारे गए या घायल हुए सैनिकों का रिकॉर्ड रखा जा सके। विभाग ने इस श्रेणी के बारे में और जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि ये हताहत किस संघर्ष से जुड़े हैं।
19 अगस्त 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर जम्मू-कश्मीर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले। उन्होंने वहीं से बयान दिया- 'जम्मू-कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पहली बार आया। ये बहुत खूबसूरत जगह है।' इस पर भड़के पाकिस्तान ने कहा कि ये गैर-जिम्मेदाराना बयान जम्मू-कश्मीर पर अमेरिका के पुराने रुख के खिलाफ है। तो क्या वाकई अमेरिका, जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भारत के पाले में आ गया है, क्या बयान के पीछे ट्रम्प का कोई प्लान और इससे भारत को क्या फायदा; जानेंगे आज के एक्स्प्लेनर में... सवाल-1: जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का रुख क्या रहा है? जवाब: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 से ही विवाद चला आ रहा है। इसको लेकर अब तक अमेरिका का रुख तीन फेज में बदला है... 1. 1947-1965: पाकिस्तान का समर्थन, कश्मीर को विवादित इलाका कहा 2. 1965-1972: कम दखल, शिमला समझौते के बाद द्विपक्षीय मामला माना 3. 2019: ट्रम्प ने पहली बार मध्यस्थता की पेशकश की अब 2026 में पहली बार अमेरिकी राजदूत ने एक कदम आगे जाकर कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। सवाल-2: तो क्या अब ट्रम्प और अमेरिका भारत के पाले में आ गए हैं? जवाब: सर्जियो ट्रंप के करीबी हैं और जनवरी 2026 में पद संभालने के बाद से ही एक खास अंदाज में एक्टिव हैं। ट्रम्प ने उन्हें भारत के राजदूत के अलावा साउथ और सेंट्रल एशिया के कुल 11 देशों का विशेष दूत भी बनाया है। इसलिए भी सर्जियो का बयान अहम है। हालांकि इसे लेकर एक्सपर्ट्स की राय मिली-जुली है… सवाल-3: सर्जियो के इन बयानों के पीछे अमेरिका का असली मकसद क्या है? जवाब: 2 बड़े मकसद हैं... 1. भारत-अमेरिका के रिश्ते बेहतर करना 2. अमेरिकी एजेंडे को मजबूत करके फायदा उठाना सवाल-4: क्या इससे भारत को भी कुछ फायदा होगा? जवाब: सर्जियो का बयान, जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की ऑफिशियल पॉलिसी भले न हो, लेकिन जानकार मानते हैं, इससे जो मैसेज गया है, वो भारत के फायदे का है…रिटायर्ड कैप्टन अनिल गौर कहते हैं, 'सर्जियो के बयान ने इस असलियत पर मोहर लगा दी है कि आज पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अशांति फैली है। लोग पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते और भारत में शामिल होना चाहते हैं।स्ट्रैटेजिक एक्सपर्ट सुशांत सरीन कहते हैं, 'सर्जियों का बयान भारत के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका और अन्य देश अब इस असलियत को मानने लगे हैं कि कश्मीर भारत का अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा है।हालांकि ब्रह्म चेलानी कहते हैं, ‘कथनी और करनी में अंतर होता है। ट्रम्प ने ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की असली वजह- सीमा पार आतंकवाद पर चुप्पी साध रखी है। जबकि वो बार-बार कश्मीर को विवाद के मुख्य मुद्दे की तरह देखते रहे हैं। पाकिस्तान इसी मुद्दे को अपने आतंकवादी अभियानों के लिए आड़ की तरह इस्तेमाल करता है।’ -------- ये खबर भी पढ़िए… CM विजय, गृहमंत्री शाह से मुलाकात, सैन्य कमांड का दौरा; ट्रम्प के दूत सर्जियो गोर आखिर भारत में कर क्या रहे हैं अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर तमिलनाडु के सीएम विजय थलापति से मिलने चेन्नई पहुंच गए। 4 दिन पहले गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की। 6 महीने में 6 मुख्यमंत्रियों से मिले। दिल्ली के उपराज्यपाल और राजस्थान की डिप्टी सीएम तक से मीटिंग की। भारतीय सेना के पश्चिमी कमान हेडक्वार्टर के दौरे पर तो हंगामा भी हुआ था। पूरी खबर पढ़िए…
भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) सितंबर-अक्टूबर 2026 में Su-30MKI फाइटर एयरक्राफ्ट से स्वदेशी PGB-500 प्रिसिजन-गाइडेड बम का फ्लाइट टेस्ट करने वाले हैं। 500 किलोग्राम के वॉरहेड से लैस यह बम मजबूत बंकरों, कमांड सेंटरों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। ट्रायल के दौरान, एयरक्राफ्ट पर बम को ले जाने, एरोडायनामिक बैलेंस और सुरक्षित तरीके से बम गिराने जैसी बातों की जांच की जाएगी। इसके गाइडेंस सिस्टम में GPS/INS के साथ-साथ सटीक टारगेट पर निशाना लगाने की क्षमता भी शामिल होने की उम्मीद है। PGB-500 देश में बने सटीक निशाना लगाने वाले बमों की श्रेणी का हिस्सा है। यह भारी श्रेणी का हथियार है जो बहुत सटीकता के साथ मजबूत टारगेट को भेदने में सक्षम है। सफल ट्रायल के बाद, इसे सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: 100% स्वदेशी...फाइटर जेट इंजन पर लाल किले से मोदी का बड़ा ऐलान पड़ोसी देशों में छिपे आतंकवादियों की रातों की नींद उड़ गई है पाकिस्तान, बांग्लादेश या म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में छिपे आतंकवादियों के बंकर या ज़मीन के नीचे बने ठिकानों को अब पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। Su-30MKI में पहले से ही ब्रह्मोस, अस्त्र और रुद्रम जैसे हथियार लगे हैं; इस बम के जुड़ने से विमान की हमला करने की क्षमता और बढ़ जाएगी। सफल परीक्षणों के बाद इसे सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। एयरक्राफ्ट के पाइलन पर बम लगाए जाएंगे शुरुआत में एक कैरिज टेस्ट किया जाएगा जिसमें बम को एयरक्राफ्ट के पाइलन पर लगाया जाएगा; इससे एरोडायनामिक लोड, ड्रैग और हैंडलिंग की विशेषताओं का पता चलेगा। इसके बाद, एक रिलीज़ टेस्ट में सुरक्षित अलग होने, नेविगेशन बैलेंस और गाइडेंस की सटीकता की जांच की जाएगी। ये टेस्ट DRDO और IAF की संयुक्त कोशिशों से किए जाएंगे। सफल टेस्टिंग के बाद ऑपरेशनल मूल्यांकन किया जाएगा। Su-30MKI जैसे मल्टी-रोल प्लेटफॉर्म पर, यह हथियार नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर में बहुत असरदार साबित होगा। इसे भी पढ़ें: सालों बाद भारत ने निकाला बाहुबली, पाकिस्तान में मची खलबली स्वदेशीकरण और रणनीतिक फ़ायदा यह प्रोजेक्ट 'मेक इन इंडिया' पहल का हिस्सा है। DRDO, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और प्राइवेट इंडस्ट्रीज़ के साथ मिलकर काम कर रहा है। घरेलू उत्पादन से सप्लाई चेन मज़बूत होगी और लागत कम होगी। इससे भारत की सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे सीमा सुरक्षा और रणनीतिक क्षमताएँ मज़बूत होंगी। अन्य स्वदेशी हथियारों के साथ-साथ, इससे वायु सेना और भी ज़्यादा सक्षम बनेगी। सफल परीक्षण के बाद सेना में शामिल करने और बड़े पैमाने पर उत्पादन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता की परिपक्वता को दर्शाता है। क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच स्वदेशी हथियारों का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर की जम्मू-कश्मीर यात्रा ने चीनी-पाकिस्तानी चालों को किया दुरुस्त!
जरा गौर कीजिए, जब चीन अरुणाचल प्रदेश में भारत को आंखें दिखा रहा हो, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर/लद्दाख पहुंचना और जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना भारतीय कूटनीति की कितनी बड़ी सफलता है, क्योंकि यह परोक्ष रूप से चीन को संदेश है कि भारत का साथ मिलते ही अमेरिका अन्य एशियाई 'बदमाशों' को रौंद डालेगा। उधर, पाकिस्तान को संदेश है कि इस्लामिक नाटो उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं बनेगा, यदि अमेरिका खुलकर भारत के साथ खड़ा रहेगा। जी हां, अमेरिकी राजदूत की 19–20 अगस्त 2026 की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख यात्रा को केवल एक राजनयिक दौरा मानना पर्याप्त नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Sergio Gor के बयान से तिलमिलाये Pakistan ने Trump Administration पर उतारी भड़ास, US Diplomat Natalie Baker को तलब कर थमाया Strong Demarche खासकर श्रीनगर में उनका यह कहना कि जम्मू-कश्मीर “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” है और अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत देना, वाशिंगटन के पुराने कश्मीर-संबंधी सार्वजनिक रुख की तुलना में महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामरिक संकेत देता है। इससे कई सवाल उपजते हैं, जिनके निहितार्थ को समझना भी जरूरी है:- पहला सवाल है कि क्या वास्तव में अमेरिकी स्टैंड बदल गया है? तो जवाब होगा कि अपेक्षित सावधानी जरूरी है। अभी इसे अमेरिका की औपचारिक कश्मीर-नीति में पूर्ण परिवर्तन कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन राजनयिक भाषा और व्यवहार में बदलाव का संकेत स्पष्ट है। पहले अमेरिकी नीति का सार्वजनिक ढांचा मुख्यतः यह रहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच विवादित विषय है और दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। 2019 के बाद भी अमेरिकी अधिकारियों ने इस मूल स्थिति को बनाए रखा था। इसके विपरीत, गोर ने भारतीय प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जाकर उसे “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा। पाकिस्तान ने इसे अमेरिकी पारंपरिक रुख से विचलन मानते हुए अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इसलिए फिलहाल इसे “नीति परिवर्तन” से अधिक “नीति-संकेत में परिवर्तन” कहना उचित होगा। दूसरा सवाल है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा संदेश क्या है? क्या कश्मीर को जमीन पर देखकर आकलन हुआ है? तो जवाब होगा कि गोर का दौरा छह साल से अधिक अंतराल के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की कश्मीर यात्रा है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था तथा बदलते माहौल का प्रत्यक्ष आकलन किया। यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि अमेरिका की कश्मीर संबंधी धारणा अब केवल इस्लामाबाद, नई दिल्ली या अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रह सकती। राजदूत का स्वयं श्रीनगर जाना और फिर सुरक्षा स्थिति पर सकारात्मक टिप्पणी करना वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं को एक अलग जमीनी इनपुट देता है। तीसरा सवाल यह है कि Travel Advisory में बदलाव—छोटा दिखने वाला बड़ा संकेत है? तो जवाब होगा कि गोर ने जम्मू-कश्मीर के लिए अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत दिए हैं। अगर आगे अमेरिका अपने मौजूदा “Do Not Travel” स्तर को नीचे करता है, तो इसका असर केवल अमेरिकी पर्यटकों पर नहीं पड़ेगा। यह संदेश जाएगा कि सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार हुआ है। सामान्य आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। पर्यटन के लिए क्षेत्र अधिक खुल रहा है। अंतरराष्ट्रीय जोखिम-धारणा बदल रही है। यानी कश्मीर के लिए यह सुरक्षा से पर्यटन और पर्यटन से निवेश की दिशा में सकारात्मक कूटनीतिक संकेत बन सकता है। चौथा सवाल यह है कि क्या यह परिदृश्य पाकिस्तान के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है? तो कहना न होगा कि इस बयान की सबसे तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान से आई है। इस्लामाबाद ने इसे अपनी दशकों पुरानी कश्मीर कूटनीति के प्रतिकूल माना और अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तान के लिए समस्या सिर्फ गोर का बयान नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि यदि अमेरिका जैसा प्रभावशाली देश धीरे-धीरे कश्मीर को “भारत-पाकिस्तान के विवाद” की भाषा से हटाकर “भारत के महत्वपूर्ण हिस्से” की भाषा में संबोधित करने लगे, तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक रणनीति कमजोर हो सकती है। पांचवां सवाल यह है कि क्या चीन का कोण भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता? तो जवाब होगा कि गोर का कार्यक्रम केवल श्रीनगर तक सीमित नहीं रहा; वह लद्दाख भी गए। यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि लद्दाख भारत-चीन सीमा-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए यात्रा का एक व्यापक संदेश यह भी हो सकता है कि अमेरिका भारत के पश्चिमी और उत्तरी दोनों रणनीतिक मोर्चों को अपने Indo-Pacific और South/Central Asia दृष्टिकोण से देख रहा है। छठा सवाल यह है कि क्या भारत-अमेरिका संबंधों में कश्मीर की भूमिका बदल सकती है? तो कहना न होगा कि यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका संबंधों के उस व्यापक पुनर्संतुलन का हिस्सा हो सकता है जिसमेंआतंकवाद के विरुद्ध सहयोग, चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला, हिंद-प्रशांत रणनीति, रक्षा एवं तकनीकी साझेदारी, ऊर्जा एवं व्यापार, और दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। गोर स्वयं भारत में अमेरिकी राजदूत होने के साथ South and Central Asian Affairs के Special Envoy भी हैं। इसलिए उनकी टिप्पणी का महत्व सामान्य राजदूत की टिप्पणी से अधिक माना जा सकता है। सातवां सवाल यह है कि क्या भारत को अति-उत्साहित होने से भी बचना होगा? तो जवाब होगा कि यहां एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सावधानी बरतनी जरूरी है क्योंकि एक राजदूत का बयान अमेरिकी सरकार की पूरी औपचारिक विदेश नीति का विकल्प नहीं होता। जब तक अमेरिकी विदेश विभाग या व्हाइट हाउस अपनी आधिकारिक नीति में स्पष्ट बदलाव घोषित नहीं करता, तब तक यह कहना कि “अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान को छोड़कर भारत का पक्ष ले लिया है” अतिशयोक्ति होगी। लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि अमेरिकी सार्वजनिक कूटनीतिक भाषा में एक उल्लेखनीय बदलाव दिखाई दे रहा है। आठवां सवाल यह है कि सबसे बड़ा रणनीतिक निहितार्थ क्या है? तो जवाब होगा कि मेरे आकलन में इस यात्रा का वास्तविक महत्व चार शब्दों में है: “Narrative → Ground Reality → Policy.” यदि अमेरिका को जमीनी स्तर पर कश्मीर में सुरक्षा, राजनीतिक प्रक्रिया, पर्यटन और आर्थिक सामान्यीकरण दिखाई देता है और उसके आधार पर उसकी यात्रा चेतावनी कम होती है, तो धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव भी बदल सकता है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा कूटनीतिक लाभ होगा। निष्कर्षतः, सर्जियो गोर की कश्मीर यात्रा को भारत की कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे अभी अमेरिकी कश्मीर नीति का अंतिम परिवर्तन घोषित करना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा अगले चरण में होगी—क्या Washington अपनी आधिकारिक भाषा बदलेगा, क्या travel advisory घटेगी और क्या भविष्य में अमेरिकी अधिकारी कश्मीर को भारत के आंतरिक प्रशासनिक-सुरक्षा संदर्भ में अधिक स्पष्टता से देखेंगे? अगर इन तीनों प्रश्नों का उत्तर “हाँ” होता है, तो गोर की यह यात्रा दक्षिण एशिया की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण turning point सिद्ध हो सकती है। # क्या ईरान में पिटी अमेरिकी भद्द और पाकिस्तान के दोगले रवैये से अचंभित अमेरिका ने ऐसा किया हाँ—इसे एक संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निर्णायक कारण कहना अभी जल्दबाजी होगी। उपलब्ध घटनाक्रम को जोड़ें तो अमेरिकी सोच में पाकिस्तान को लेकर विश्वसनीयता का प्रश्न जरूर उभरता है। सवाल है कि क्या ईरान प्रकरण ने अमेरिका को पाकिस्तान को नए नजरिये से देखने पर मजबूर किया? जवाब होगा कि ईरान-अमेरिका संकट में पाकिस्तान ने एक तरफ अमेरिका के साथ संवाद और मध्यस्थता की भूमिका निभाई, जबकि दूसरी तरफ ईरान के प्रति अपनी निकटता और क्षेत्रीय हितों को भी साधता रहा। विशेषज्ञों ने भी पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं—विशेषकर ईरान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब से उसके एक साथ जुड़े हितों को देखते हुए। यानी Washington के लिए संदेश यह हो सकता है कि पाकिस्तान को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार की बजाय आवश्यकता पड़ने पर उपयोगी लेकिन स्वार्थ-आधारित साझेदार के रूप में देखना अधिक व्यावहारिक है। लेकिन कश्मीर पर गोर का बयान सिर्फ पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए? मेरे आकलन में नहीं। क्योंकि सर्जियो गोर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए अमेरिकी Travel Advisory की समीक्षा की बात कही। इसके बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को बुलाकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि यह अमेरिकी पारंपरिक कश्मीर-रुख के विपरीत है। इसलिए इसके पीछे कई परतें हो सकती हैं: 1. ईरान: पाकिस्तान की मध्यस्थता और दोहरे हितों से अमेरिकी रणनीतिक संदेह बढ़ा हो। 2. आतंकवाद: अमेरिका के लिए पाकिस्तान की उपयोगिता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन फिर से हो रहा हो। 3. भारत: चीन के मुकाबले भारत का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। 4. कश्मीर: जमीनी सुरक्षा परिस्थितियों को देखकर अमेरिकी धारणा में बदलाव की शुरुआत हुई हो। 5. पाकिस्तान: Washington अब Islamabad को South Asia का अनिवार्य रणनीतिक केंद्र मानने की बजाय भारत को अधिक महत्व दे रहा हो। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि यह बदलाव ईरान संकट के बाद पाकिस्तान की भूमिका बढ़ने के ठीक उसी दौर में दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर अपनी कूटनीतिक उपयोगिता बढ़ाने की कोशिश की थी। लेकिन यदि उसी समय अमेरिका का शीर्ष राजनयिक भारत में जाकर कहता है कि J&K भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, तो यह पाकिस्तान के लिए निश्चित रूप से बड़ा कूटनीतिक झटका है। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि अमेरिका का संदेश है: “Pakistan may be useful, but India is strategically indispensable.” हालांकि अभी इसे अमेरिकी नीति का औपचारिक परिवर्तन नहीं कहा जा सकता। अगली निर्णायक परीक्षा यह होगी कि Washington अपनी आधिकारिक Kashmir language और Travel Advisory में वास्तव में क्या बदलाव करता है। और एक बड़ा प्रश्न इससे निकलता है—क्या ईरान संकट, पाकिस्तान की कथित दोहरी कूटनीति और चीन की बढ़ती चुनौती ने अमेरिका को अंततः यह समझा दिया है कि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान से अधिक भरोसेमंद और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार भारत है? यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण यक्ष प्रश्न है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
अमेरिका के फॉल इनटेक में एडमिशन ले चुके अधिकतर भारतीय छात्रों के मन में एक ही सवाल उठता है- क्या वह पहुंचते ही पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अमेरिका में फीस और रहने-खाने के खर्च को देखते हुए छात्रों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि टॉप यूनिवर्सिटीज की सालाना फीस और रहने खाने का खर्चा करीब 50 से 60 लाख रुपए तक होता है। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्च 1.5 करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अमेरिका के F-1 स्टूडेंट वीज पर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पार्ट टाइम जॉब के नियम बेहद सख्त हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यहां तक कि डिपोर्टेशन तक का समय आ सकता है। ऐसे में हम इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय स्टूडेंट्स फर्स्ट सेमेस्टर में पार्ट-टाइम नौकरी कर सकते हैं और इसको लेकर क्या नियम हैं। इसे भी पढ़ें: क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट फर्स्ट ईयर में जॉब कर सकते हैं या नहीं USICS के नियमों क मुताबिक F-1 वीजा पर पहले पूरे अकेडमिक ईयर तक आप कैंपस के बाहर कोई नौकरी नहीं कर सकते हैं। USICS के नियमों में फर्स्ट सेमेस्टर वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई खास छूट नहीं दी गई है। कैंपस के बाहर किसी भी स्थिति में जॉब नहीं करना है। फर्स्ट ईयर छात्रों के पास ऑन कैंपस जॉब का ऑप्शन जरूर है। छात्र कैंपस के अंदर आराम से पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर में क्या करें अच्छी खबर यह है कि ऑन कैंपस जॉब के लिए आपको USCIS से अलग इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती है। इसको आपको फर्स्ट सेमेस्टर से ही शुरूकर सकते हैं। जब क्लास चल रही हो, तब आप सप्ताह में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप फुल टाइम यानी की सप्ताह में 40 घंटे काम कर सकते हैं। ऑन कैंपस जॉब का मतलब है, यूनिवर्सिटी के कैंपस पर होने वाला काम कैफेटेरिया में काम, लाइब्रेरी में असिस्टेंट, यूनिवर्सिटी बुकस्टोर में जॉब, या किसी प्रोफेसर के साथ रिसर्च असिस्टेंटशिप। यह जॉब कुछ मामलों में कैंपस के बाहर भी हो सकता है। बशर्ते वह जगह आपकी यूनिवर्सिटी से एजुकेशनली एफिलिएटेड हो। उसका सीधा संबंध आपकी पढ़ाई या यूनिवर्सिटी से हो। ऑन कैंपस जॉब के लिए क्लास शुरू होने से करीब 30 दिन पहले तक अप्लाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप फॉल इनटेक में अभी पहुंचे हैं। तो जल्द से जल्द अपने कैंपस जॉब पोर्टल या फिर इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑन कैंपस जॉब ढूंढ रहे हैं, या भविष्य में ऑफ-कैंपस काम के बारे में जानना चाहते हों। तो सबसे जरूरी काम है कि अपने DSO से बात करें। DSO आपकी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के मामलों को संभालने वाला अधिकारी होता है। वह आपको बताएगा कि कौन सी जॉब्स उपलब्ध हैं और आप उनके लिए एलिजिबल हैं या नहीं।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक बार फिर बड़े वित्तीय संकट के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी, सोशल सिक्योरिटी व मेडिकेयर जैसे सामाजिक कार्यक्रमों के विस्तार और बढ़ते ब्याज भुगतानों के कारण अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्तर को पार कर गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह चौथी बार है जब अमेरिकी कर्ज ने कोई नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी लंबे समय के तनाव, नौसैनिक नाकेबंदी और भारी सैन्य अभियानों के वित्तीय बोझ ने इस आंकड़े को तेजी से बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। मार्च में 39 ट्रिलियन डॉलर और अक्टूबर में 38 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने के बाद, कर्ज का स्तर सिर्फ़ पांच महीनों में 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। कर्ज में यह तेज़ी US सरकार पर अलग-अलग प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाने का दबाव दिखाती है, जिसमें रक्षा खर्च बढ़ाना और ईंधन व किराने के सामान जैसी ज़रूरी चीज़ों की लागत कम करने की कोशिशें शामिल हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि ट्रंप प्रशासन संघीय खर्च में बर्बादी, धोखाधड़ी और दुरुपयोग को कम करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और देश के कर्ज-से-GDP अनुपात को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ट्रंप के कार्यकाल में चौथी बार रिकॉर्ड ऊंचाई जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद से, US का राष्ट्रीय कर्ज लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया है और चार बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में यह लगभग 36.2 ट्रिलियन डॉलर था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा हो गया। इस दौरान, कर्ज अगस्त 2025 में 37 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया, अक्टूबर में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, मार्च 2026 में 39 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर चला गया और फिर अगस्त 2026 में 40 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया। कर्ज लेने की रफ़्तार खास तौर पर उल्लेखनीय रही है; अगस्त और अक्टूबर 2025 के बीच सिर्फ़ 71 दिनों में कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया, और उसके बाद अगले 10 महीनों में इसमें 2 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ गए। अमेरिकियों के लिए ज़्यादा लागत हालांकि, अर्थशास्त्री और वित्तीय विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बढ़ता हुआ कर्ज पहले से ही अमेरिकियों को प्रभावित कर रहा है, क्योंकि उन्हें मॉर्गेज और कारों के लिए ज़्यादा ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ रहा है। उनका यह भी कहना है कि व्यापार में निवेश घटने से वेतन पर असर पड़ सकता है, जबकि कर्ज से जुड़ी ज़्यादा लागत के कारण सामान और सेवाएं महंगी हो सकती हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर की प्रेसिडेंट और CEO, मार्गरेट स्पेलिंग्स ने कहा कि फ़ेडरल कर्ज़ की वजह से पहले से ही रहने का खर्च बढ़ रहा है और खर्च व निवेश सीमित हो रहे हैं, जिससे लंबे समय की आर्थिक समृद्धि के लिए खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा वित्तीय रास्ता टिकाऊ नहीं है और मंदी, वैश्विक संघर्ष या किसी बड़े झटके से यह चुनौती तेज़ी से एक गंभीर संकट में बदल सकती है। अमेरिका में कर्ज़ की एक कानूनी सीमा तय है, जिसे कांग्रेस बढ़ा सकती है, रोक सकती है या खत्म कर सकती है। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर का अनुमान है कि देश 2027 में सर्दियों के आखिर और गर्मियों के बीच कभी भी 41.1 ट्रिलियन डॉलर की मौजूदा कर्ज़ सीमा तक पहुँच सकता है, जिससे कांग्रेस को उधार लेने की सीमा पर फिर से कोई कदम उठाना पड़ सकता है। ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट के हालिया आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में अमेरिका की वित्तीय स्थिति सबसे कमज़ोर है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
केन्या में दुर्घटनाग्रस्त हुआ हेलीकॉप्टर, 5 अमेरिकी नागरिकों सहित 7 लोगों की मौत, हादसे की जांच जारी
हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हेलीकॉप्टर में 5 अमेरिकी नागरिक सवार थे। इन सभी अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई। बचाव अभियान के लिए मौके पर दो हेलीकॉप्टर भेजे गए।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान दिये गए बयानों को लेकर पाकिस्तान ने बुधवार को अमेरिकी दूतावास प्रभारी नताली बेकर को तलब किया। गोर ने बुधवार को श्रीनगर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा और बेहद खूबसूरत जगह है। श्रीनगर की मशहूर डल झील में ‘शिकारा’ की सवारी करने वाले गोर ने यह भी कहा कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर की यात्रा से जुड़े परामर्श पर पुनर्विचार करेगा, क्योंकि केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे सुरक्षित जगह बनाने के लिए कदम उठाए हैं। गोर के बयान के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की प्रभारी को तलब किया और गोर की टिप्पणियों पर ‘कड़ी आपत्ति’ दर्ज कराई। गोर ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा,‘‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की कड़ी निंदा की और वह इसे पूरी तरह से खारिज करता है।’’ बयान में कहा गया कि ‘‘जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एक विवादित क्षेत्र है, और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों तथा कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार इसके अंतिम समाधान का इंतजार है।’’पाकिस्तान ने कहा कि अमेरिकी राजदूत के ‘‘गैर-जिम्मेदाराना बयान ने जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे और अच्छी तरह से दर्ज रुख को नकार दिया, और यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता के भी खिलाफ है। सर्जियो गोर ने क्या कहा? अमेरिकी राजदूत गोर ने जम्मू-कश्मीर को 'भारत का अहम हिस्सा' बताया और जम्मू-कश्मीर को और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और केंद्र सरकार द्वारा की गई सुरक्षा कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वाशिंगटन जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी यात्रा सलाह (travel advisory) को कम करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा यह भारत का एक अहम हिस्सा है और इसलिए मैं पहली बार यहाँ आया हूँ। यह बहुत ही खूबसूरत जगह है, और यहाँ आकर और इस जगह को देखकर मैं बहुत उत्साहित हूँ। हमारी मीटिंग बहुत अच्छी रही, और कुछ बातें हैं जिन पर आगे काम करना है; हम उन्हें वॉशिंगटन और दिल्ली ले जाएँगे। लेकिन, बातचीत बहुत गर्मजोशी भरी और दोस्ताना रही, और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। इसे भी पढ़ें: Yogi Adityanath ने Lucknow में Taj Palace होटल का उद्घाटन कर उत्तर प्रदेश को बताया पर्यटन केंद्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दो दिन के दौरे पर श्रीनगर पहुँचे गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात के बाद ये बातें कहीं। 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने और 2025 में पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के बाद, किसी अमेरिकी दूत का इस केंद्र शासित प्रदेश का यह पहला अलग दौरा है। अमेरिकी दूत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को और सुरक्षित रखने के लिए कुछ अहम कदम उठाए गए हैं और अमेरिका अपनी ट्रैवल एडवाइज़री की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि अभी अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (do not travel) वाली एडवाइज़री जारी कर रखी है। इसे भी पढ़ें: Gaza में Israel के हमलों से 10 की मौत हुई, Jared Kushner की अपील निष्फल यात्रा एडवाइज़री की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि अभी अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (do not travel) वाली एडवाइज़री जारी कर रखी है। गोर ने कहा अमेरिका यात्रा से जुड़ी चेतावनियाँ जारी करता है और समय-समय पर हम उन चेतावनियों की समीक्षा भी करते हैं। मैं आज यहाँ कोई बड़ी घोषणा तो नहीं कर सकता, लेकिन यह एक ऐसी चीज़ है जिस पर हम विचार करेंगे। हमारा मानना है कि नई दिल्ली, यहाँ के मुख्यमंत्री और यहाँ की सरकार ने इस इलाके को सुरक्षित रखने और इसे और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कदम उठाए हैं।
अमेरिका में RSS पर बैन लगाने की मांग: भागवत के US दौरे पर USCIRF सख्त; बोला- संघ नेताओं को न मिले सम्मान- US religious freedom body USCIRF seeks sanctions against RSS no high-level meetings with its leaders
जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की वर्षों पुरानी सुरक्षा धारणा में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा पाकिस्तान और अलगाववादियों को स्पष्ट संदेश है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जो कश्मीर पर भारत के रुख पर अमेरिकी मुहर है।
नमस्कार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। नीदरलैंड्स और बेल्जियम की मेजबानी में जारी हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को हराया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता अपने संतानों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिकी राजदूत बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा: आर्टिकल 370 हटने के बाद अमेरिकी राजदूत का पहला दौरा, CM उमर से मिले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। मैं पहली बार इस जगह का दौरा कर रहा हूं। यह खूबसूरत जगह है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात भी की। इधर, पाकिस्तान ने गोर के जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा कहे जाने पर आपत्ति जताई और इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा- जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित क्षेत्र है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत ही होना चाहिए। धारा 370 हटने के बाद यह पहला अमेरिकी दौरा: राज्य में 5 अगस्त 2019 को धारा-370 हटने के बाद किसी भी अमेरिकी राजदूत का यह पहला आधिकारिक दौरा है। हालांकि, इससे पहले 9 जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर 15 देशों के सरकारी डेलिगेशन के साथ कश्मीर गए थे। पूरी खबर पढ़ें... 2. हॉकी वर्ल्डकप- भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया: टीम टॉप-8 में पहुंची; कप्तान हरमनप्रीत और अभिषेक ने 2-2 गोल दागे भारत ने मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 5-3 से हराया। इसी के साथ टीम टूर्नामेंट के टॉप-8 में पहुंच गई। पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हुआ। नीदरलैंड्स के वेगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अभिषेक ने 2-2 गोल किए। जबकि, हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहीद ने 2 और सुफियान खान ने एक गोल किया। मैच के 8 गोल पूरी खबर पढ़ें... 3. आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर 14 घंटे चली ED रेड, सहारनपुर से दिल्ली तक 10 ठिकानों पर पहुंची टीम सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े 10 ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। रामपुर में यूनिवर्सिटी परिसर में ED की टीम करीब 14 घंटे तक रही। सुबह 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात करीब 9 बजे तक चली। इसके बाद करीब 15 अफसरों की टीम 6 गाड़ियों से यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकली। अखिलेश बोले- भ्रष्टाचारियों पर छापा क्यों नहीं? सपा प्रमुख ने ED छापेमारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण, एक्सप्रेसवे, पुल, सड़क, टंकी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए। अखिलेश ने सवाल उठाया कि इन मामलों में ED की कार्रवाई क्यों नहीं होती। पढ़ें पूरी खबर… 4. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बच्चों को प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं माता-पिता, बढ़ती उम्र का मतलब अपमान-असुरक्षा नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता को अपने घर में सम्मान और सुरक्षा के साथ रहने का अधिकार है। अगर बेटे या बहू का घर में रहना बुजुर्ग के भरण-पोषण या सुरक्षा में बाधा बन रहा है, तो वह उन्हें अपने बच्चों को घर से बेदखल कर सकते हैं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि बढ़ती उम्र का मतलब अपमान या असुरक्षा के साथ रहना नहीं हैं। सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों के साथ कितना सम्मान और सुरक्षा का व्यवहार करता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश लखनऊ के रवि कांत गुप्ता से जुड़े मामले में सुनाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमे अपने बेटे और बहू को घर से निकालने के SDM और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें... 5. यूपी राज्यपाल पहली बार 10 दिन की छुट्टी पर, पद से हटने की अटकलें, ACS बोले- दमन दीव के दौरे पर हैं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अचानक छुट्टी पर चली गई हैं। वह 17 से 26 अगस्त तक छुट्टी पर हैं। राज्यपाल अपने गृह राज्य गुजरात गई हैं। अवकाश के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुमति ली है। यूपी की राज्यपाल बनने के बाद से आनंदीबेन पटेल ने पहली बार इतनी लंबी छुट्टी ली है। अचानक ली गई इस छुट्टी के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चलने लगी है। कहा जा रहा है कि यूपी को जल्द ही नया राज्यपाल मिल सकता है। हालांकि, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव (ACS) सुधीर बोवड़े ने पदभार मुक्त करने या बदले जाने की अटकलों को खारिज किया है। उनका कहना है, राज्यपाल सिलवासा और दमन दीव के भ्रमण पर हैं। इस दौरान उनकी वहां के राज्यपाल से मीटिंग है। पढ़ें पूरी खबर… 6. कम उम्र में हार्टअटैक के लिए सिर्फ घी-तेल जिम्मेदार नहीं: अपोलो हॉस्पिटल के चेयरमैन बोले- 300 साल पहले आए अकाल से जीन्स में बदलाव हुआ अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि दक्षिण एशियाई लोगों में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। 300 साल पहले एक अकाल पड़ा था, जिसने जीन्स को बदल दिया था। अकाल का असर लोगों की आने वाली पीढ़ियों के शरीर पर पड़ा। उन्होंने 1991 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ड्यूटी रूम में 3 भारतीय डॉक्टरों की मौत के बाद इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी। उस समय युवाओं में हार्ट अटैक के लिए शारीरिक गतिविधियां कम होना, घी और नारियल तेल जैसी चीजों को जिम्मेदार माना गया। लेकिन रिसर्च में हार्ट अटैक का खतरा जीन और आनुवंशिक बनावट से भी जुड़ा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें... 7. पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं थीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में मुलाकात की। पुलिस ने तीन बहनों में से केवल एक बहन को ही मिलने दिया। इमरान की नोरीन से 15 मिनट और पत्नी से करीब 35 मिनट इमरान की मुलाकात चली। इस दौरान परिवार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। दरअसल, 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें... 8. वंदे मातरम के दो ही पैरा गाएगी कांग्रेस: CWC बैठक में फैसला, कहा- वंदे मातरम और राष्ट्रगान बीजेपी के लिए राजनीतिक मुद्दे नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। पार्टी ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि पार्टी 1937 में हुई (CWC) की बैठक में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं। बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ-साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी की घटना पर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: मोदी सरकार रोज एक यूनिवर्सिटी भेजेगी एक केंद्रीय मंत्री:दावा- छात्रों से संवाद और योजनाओं की जानकारी देंगे; जेन-जी प्रदर्शन के बाद फैसला (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले: चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा (पूरी खबर पढ़ें) 3. तमिलनाडु: विधायकों को नई कार, ₹75 हजार भत्ता मिलेगा: महिला विधायक ने सदन में गाना गाकर धन्यवाद दिया; छात्रों के प्रदर्शन पर रोक वाला निर्देश वापस (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट में सरकार बोली- NEET का सिस्टम फूलप्रूफ, तोड़ना मुश्किल: SC ने कहा- टेक्नोलॉजी समझने वाले अफसर भर्ती करें, उन्हें बार-बार ट्रांसफर न करें (पूरी खबर पढ़ें) 5. इंटरनेशनल: पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा: इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं; 15 अगस्त को रिलीज हुई थी (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: रुपए को गिरने से बचाने की जरूरत नहीं: PM सलाहकार बोले- मार्केट को तय करने दें करेंसी का स्तर, महंगाई-कंट्रोल करने पर ध्यान दे भारत (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: भारत 600वें टेस्ट में जीता, श्रीलंका 165 रन से हारा: मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लिए; देवदत्त पडिक्कल प्लेयर ऑफ द मैच बने (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: हैरी ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर बने, हेड चौथे पर फिसले: बुमराह 21 महीने से लगातार नंबर-1 बॉलर, गिल वनडे के टॉप बल्लेबाज (पूरी खबर पढ़ें) 9. इंटरनेशनल: बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे: जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा (पूरी खबर पढ़ें) 10. नेशनल: कोलकाता की पांच मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें: इनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक; इमारत में कई होटल, अब तक 80 का रेस्क्यू, 6 घायल (पूरी खबर पढ़ें) 11. उत्तर प्रदेश: कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर के ट्वीट पर विवाद: उत्तम शर्मा ने लिखा- हर जगह दिमागी नक्सल, मदद का दावा करने वाला जरूरी नहीं सही हो (पूरी खबर पढ़ें) 12. मध्य प्रदेश: राहुल गांधी बोले- मैं लड़ाई में आदिवासी भाई-बहनों के साथ: केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के प्रभावितों से मिले; संसद में मुद्दा उठाने का वादा किया (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... एक पहिए की साइकल से 11 हजार किमी का सफर केरलम के साइक्लिस्ट सनीद एक पहिए की साइकिल से 11 हजार किमी का सफर कर रहे हैं। वे अब तक 7 हजार किमी से ज्यादा दूरी तय कर चुके हैं। उनका सफर नेपाल के एवरेस्ट बेस कैंप तक जाएगा। यह राइड ‘Say No to Drugs’ कैंपेन का हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर:16% तक महंगा हुआ मोबाइल रिचार्ज, क्या अगले 3 महीने में और बढ़ेंगे दाम; लगातार कीमतें क्यों बढ़ा रहीं कंपनियां 2. रिलेशनशिप एडवाइज: पति साइलेंट ट्रीटमेंट देते हैं:झगड़ा हो तो बात नहीं करते, 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अफसर को जानिए 10. ग्राउंड रिपोर्ट: अमृतसर- वह 2 फोटो, जिनकी वजह से दफनाई लाश निकाली:पानी में औंधे मुंह पड़ी मिली, सिर पर चोट; बहन को शक हुआ 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड की जमीन का बदलता ‘न्यूट्रिएंट मैप’:गढ़वाल की 90 सेमी गहराई तक मिट्टी की जांच, गहराई बढ़ी तो बदले पोषक तत्व करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि वालों के बिजनेस में मुनाफे की स्थिति बनेगी। वृश्चिक राशि वालों को मनचाही जगह ट्रांसफर की खबर मिलने सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे पर डल झील में शिकारा का आनंद लिया और स्थानीय कारीगरों से मिले।
Maharajganj News: अमेरिकी नागरिक ट्रेविस फेलेन को मिली जमानत, नेपाल जाने के दौरान हुआ था गिरफ्तार
US citizen Travis Phelan granted bail; he was arrested while traveling to Nepal.
Amroha News: अमेरिका की राजनीति में चमका मंडी धनौरा का लाल
अमेरिका की राजनीति में मंडी धनौरा के लाल निखिल गोयल ने अपनी चमक बिखेर दी है। इस महीने की शुरूआत मेें हुए स्टेट सीनेटर के चुनाव में वह निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
मेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने काम को लेकर 'पैशनेट नेता' बताया था। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र आज दुनिया के नक्शे पर दो वजहों से है, एक मुंबई और दूसरा उसके असाधारण मुख्यमंत्री। इस तारीफ को लेकर जब फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से सवाल किया गया, तो उन्होंने अमेरिकी राजदूत को धन्यवाद दिया और मुख्यमंत्री के काम की तारीफ का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को भी दिया।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा सुधारों की सराहना की और यात्रा सलाह की समीक्षा के संकेत दिए। उमर अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में अमेरिका और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क और सहयोग और अधिक व्यापक तथा गहरा होगा।
कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के परिवारों को बढ़ती महंगाई और अमेरिकी शुल्क से गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे, जो 15 वर्षों में किसी कार्यरत अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से पहली भेंट होगी।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त से जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जो अनुच्छेद 370 निरस्तीकरण के बाद पहला आधिकारिक दौरा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर पदभार संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अपने पहले दौरे पर बुधवार को कश्मीर पहुंचेंगे।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त को कश्मीर घाटी पहुंचेंगे और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलेंगे। यह दौरा भारत-अमेरिका के बीच राजनयिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित होगा, जिसमें सुरक्षा अहम है।
एक मैप भी तैयार किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि तीन दिशा उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की ओर से चार अदृश्य ऊर्जा रेखाएं आ रही हैं।
भारत को मिले अमेरिकी ड्रोन - नौसेना की ताकत में होगा इज़ाफ़ा
अमेरिका ने भारत को दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने का फैसला किया है। अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को कहा कि वह रक्षा मंत्रालय के जनरल एटॉमिक्स के साथ भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्जियन सिस्टम लीज पर देने के अनुबंध का स्वागत करता है।
हरियाणा के नारनौल जिले के एक छोटे से गांव की 10 वर्षीय छात्रा आयशा ने अपनी प्रतिभा के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। गांव भाखंरी निवासी आयशा का चयन अमेरिका स्थित अंतरिक्ष एजेंसी नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए हुआ है। अगले माह वह अमेरिका जाकर नासा का भ्रमण करेगी। इतनी कम उम्र में नासा का शैक्षणिक दौरा करने वाली वह क्षेत्र की पहली छात्रा मानी जा रही है। इस उपलब्धि से गांव, स्कूल और परिवार में खुशी का माहौल है। पांचवीं में भरा था फार्मआयशा गांव गोद स्थित कर्मभूमि विंग स्कूल में कक्षा छठी की छात्रा है। उसने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में थी, तब उसने मिटस्योर मैथमैटिक्स ओलंपियाड में भाग लिया। सबसे पहले उसने स्कूल स्तर की परीक्षा दी, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया। जयपुर में हुआ इंटरव्यू इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद जयपुर में आयोजित इंटरव्यू के लिए उसे बुलाया गया।सभी सवाओं के दिए जवाबआयशा ने बताया कि इंटरव्यू के दौरान तीन सदस्यीय ज्यूरी ने उससे विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। उसने लगभग सभी प्रश्नों के सही उत्तर दिए। इसी प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन नासा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए किया गया। उसका पासपोर्ट बनने की प्रक्रिया चल रही है और अगले माह वह अमेरिका के लिए रवाना होगी।पिता नौसेना से सेवानिवृत्तआयशा के पिता राजकुमार भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार ने इस प्रतियोगिता को सामान्य परीक्षा समझकर ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन जब आयशा ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की तो उन्हें उसकी प्रतिभा का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार को गर्व है। मां बोली, बेटी बहुत मेहनतीमाता स्नेहलता ने बताया कि आयशा शुरू से ही पढ़ाई के प्रति बेहद मेहनती रही है। वह नियमित रूप से पढ़ाई करती है और स्कूल के बाद तीन से चार घंटे ट्यूशन भी जाती है। घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाने के बावजूद उसने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान रखा। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें आयशा सबसे बड़ी है। उसके बाद छोटी बहन वंशिका और सबसे छोटा भाई रेयांश है।गणित विषय में रुचिस्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने आयशा की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उसकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। शिक्षिका डा. रीना यादव व आशा यादव का कहना है कि आयशा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है और गणित विषय में उसकी विशेष रुचि है। नासा के शैक्षणिक भ्रमण से उसे विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान को करीब से समझने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में वह बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित होगी।
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
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सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
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अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

