हर 26 जनवरी की सुबह, जब धुंध को चीरती सूरज की किरणें दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पड़ती हैं, तो वे केवल सैन्य रेजिमेंटों और रंगीन झांकियों को ही रोशन नहीं करतीं, वे परेड की हजारों साल पुराने इतिहास को भी छूती हैं। प्राचीन रोम में सैन्य परेड दुश्मन के खून से पूरी होती थी, जबकि मिस्र में परेड राजा को देवता की शक्ति पाने का जरिया थी। रूस की परेड का जासूसों को इंतजार रहता था, लेकिन आधुनिक दुनिया में पश्चिमी देश परेड से कतराने लगे। आखिर परेड का इतिहास क्या है, भारत हर साल क्यों करता है फौज और हथियारों की नुमाइश और पश्चिमी देश इससे क्यों कतराते हैं; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… आज से करीब चार हजार साल पहले। नील नदी के किनारे पूरा मिस्र सांस रोककर फराओ यानी अपने राजा का इंतजार कर रहा था। उसी दिन फराओ सेनुसरेत प्रथम, दक्षिण मिस्र पर विजय हासिल कर लौट रहे थे। सजे-धजे सैनिकों के पीछे लोगों की भीड उमड़ पड़ी। सैनिकों के आगे पुजारी चल रहे थे और सबसे आगे स्वयं सेनुसरेत। वे केवल युद्ध से नहीं लौट रहे थे, वे देवता से मिलने जा रहे थे और देवता बनकर लौटने वाले थे। यहीं से प्राचीन मिस्र के ‘ओपेट’ उत्सव की परंपरा ने आकार लिया। शुरुआत में यह विजय का उत्सव था, लेकिन जब जीतने को कुछ नहीं बचा, तब राजा के देवत्व की यात्रा ही परेड बन गई। मिस्रवासियों का विश्वास था कि समय के साथ फराओ की शक्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं। उसे दोबारा ईश्वरीय शक्ति प्राप्त करनी होती थी। कर्नाक मंदिर से लक्सर मंदिर तक निकलने वाला यह विशाल जुलूस लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था। लेकिन इस परेड में एक रोचक रहस्य भी छिपा था। हर वर्ष यह तय नहीं होता था कि जुलूस जमीन से जाएगा या नील नदी के रास्ते। यह निर्णय नदी के मिजाज पर निर्भर करता था। यदि जल स्तर ऊंचा होता, तो देवता और फराओ नौकाओं पर सवार होकर यात्रा करते। यदि पानी कम होता, तो जुलूस सड़कों से होकर गुजरता। करीब तीन हजार पांच सौ साल पहले रानी हत्शेपसुत ने इस यात्रा को और अधिक भव्य बना दिया। उसने मार्ग में छह नौका स्टेशन बनवाए। हर स्टेशन पर जुलूस रुकता, देवताओं को बलि और भेंट चढ़ाई जाती और पुजारी घोषणा करते कि फराओ की आत्मा ईश्वरीय आत्मा से एकाकार हो रही है। जब उत्सव समाप्त होता, तो फराओ वही व्यक्ति नहीं रहता जो वह यात्रा से पहले था। लोगों का विश्वास था कि वह नए सिरे से जन्मा है। देवताओं की कृपा से पूरे मिस्र पर शासन करने के लिए फिर से सशक्त। लेकिन इतिहास यहीं ठहरता नहीं। रोम के उदय के साथ मिस्रवासियों को यह समझ में आने लगा कि फराओ की आत्मा और देवताओं की आत्मा के बीच कोई दिव्य संबंध नहीं था। सत्ता बदली, विश्वास बदले और परेड का रास्ता मिस्र से हटकर रोम की सड़कों तक पहुंच गया। प्राचीन रोम का ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता दो हजार साल पहले प्राचीन रोम में परेड यह तय करती थी कि सत्ता किसके हाथ में है। यहां परेड को ट्रायम्फ कहा जाता था, यानी विजय की सार्वजनिक नुमाइश। यह केवल एक जुलूस नहीं था, बल्कि राज्य द्वारा रचा गया ऐसा तमाशा था, जिसमें हारे हुए दुश्मनों को पहले अपमानित किया जाता और फिर मार दिया जाता था। उनके परिवारों को गुलाम बना लिया जाता था। उस समय रोम में संसद का शासन था। जब संसद से ट्रायम्फ की अनुमति मिलती, तो पूरा शहर समझ जाता कि रोम की सेना ने कोई साधारण नहीं, बल्कि बहुत बड़ी जीत हासिल की है। विजयी सेनापति रोम की पवित्र सड़क साक्रा विया से गुजरता था। वह चार घोडों वाले रथ पर खड़ा होता। उसका चेहरा लाल रंग से रंगा जाता था, ठीक उसी रंग में, जैसा देवता जूपिटर की मूर्ति का होता था। कुछ घंटों के लिए वह सेनापति मनुष्य नहीं रहता था। वह देवता बन जाता था। लेकिन इसी दृश्य में रोमन सत्ता की सबसे गहरी समझ छिपी थी। उसी रथ पर, उसके पीछे, एक गुलाम खड़ा रहता था। उसका काम कोई हथियार उठाना नहीं था। वह बस धीरे–धीरे उसके कान में फुसफुसाता रहता था- ‘याद रखो, तुम केवल एक मरणशील मनुष्य हो। तुम केवल एक दिन के देवता हो।’ जब परेड का अंत खून से होता था रोम में हर जीत पर ट्रायम्फ नहीं मिलता था। इसके लिए सीनेट ने एक कठोर नियम तय किया था। ट्रायम्फ पाने के लिए एक ही युद्ध में कम से कम पांच हजार दुश्मन सैनिकों का मारा जाना अनिवार्य था। यह केवल एक आंकड़ा नहीं था। यह एक स्पष्ट संदेश था कि रोमन सत्ता सस्ती और छोटी जीतों से संतुष्ट नहीं होती। ट्रायम्फ का सबसे असरदार हिस्सा जीते हुए जनरल की अगुआई नहीं थी। असली प्रभाव उस दृश्य का होता था, जिसे देखने के लिए जनता आती थी। सोना, चांदी, हथियार, दुश्मन की नावों के टूटे हुए हिस्से। सब कुछ जुलूस में प्रदर्शित किया जाता था, लेकिन सबसे भयावह दृश्य होते थे जंजीरों में बंधे दुश्मन राजा और सेनापति। जनता इनका इंतजार करती थी। आम रोमन नागरिकों ने आज से करीब 2072 साल पहले वर्सिंगजेटोरिक्स नाम के एक सेनापति को अपमानित होते देखा था। परेड के अंत में, शहर के एक चौराहे पर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। वह केवल 36 साल का था। आज से करीब 1750 साल पहले पालमाइरा साम्राज्य की रानी जेनोबिया को भी ट्रायम्फ परेड में घुमाया गया था। यह साम्राज्य आज के फिलिस्तीन, मिस्र और अरब के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ था। जेनोबिया को उसके सभी सोने के गहने पहनाकर परेड करवाई गई थी। भारी वजन के कारण वह चलते–चलते गिर पड़ती थी और जनता को इसमें क्रूर आनंद मिलता था। उसे बस मारा नहीं गया था। ग्राफिक्स: दृगचंद्र भुर्जी, अजीत सिंह और अंकित द्विवेदी ***** गणतंत्र दिवस से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... रिपब्लिक डे पर चीफ गेस्ट की कुर्सी कितनी कीमती: पहली बार यूरोपियन यूनियन को न्योता क्यों मिला रिपब्लिक डे के चीफ गेस्ट आमतौर पर उन्हीं देशों से होते हैं, जहां भारत तवज्जो देना चाहता है। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए भारत ने यूरोपीय यूनियन के टॉप-2 लीडर्स को चीफ गेस्ट बनाया है- उर्सुला वॉन और एंतोनियो कोस्टो। पूरी खबर पढ़िए...
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अमेरिकी सांसदों में हड़कंप, चीन पर साधा निशाना, कहा- अरबों डॉलर चुरा रहे
US NEWS:गिलिब्रैंड ने कहा, 'यह एक ऐसा नुकसान है जो चुभता है. इससे रिटायरमेंट प्लान पटरी से उतर सकते हैं, परिवार टूट सकते हैं, और सीनियर सिटीजन को इमोशनल और पैसे का नुकसान हो सकता है.'
हसीना की सरकार गिराने का प्लाट अमेरिका ने रचा? लीक रिकॉर्डिंग से आया सियासी भूचाल!
Sheikh Hasina coup: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट और मोहम्मद यूनुस को उनकी जगह बिठाने की साजिश किसने रची थी. इस अबूझ और अनसुलझी पहले को सुलझा लिए जाने का दावा किया जा रहा है. एक रिकॉर्डिंग ने 2-2 देशों में सियासी भूचाल कैसे उठा दिया और क्या है उस रिकॉर्डिंग में आइए बताते हैं.
अमेरिका से टेक्निकल सपोर्ट हटाएगा EU! ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स से आ चुका है तंग
यूरोप का ज्यादातर डेटा अमेरिकी क्लाउड सर्विसेज पर स्टोर होता है. अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों के पास यूरोप के दो-तिहाई से ज्यादा मार्केट का मालिकाना हक है, जबकि ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी अमेरिका-बेस्ड एआई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में आगे हैं.
EU On Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रट लगाए बैठे थे कि उन्हें ग्रीनलैंड किसी भी कीमत पर चाहिए. कभी टैरिफ तो कभी धमकी देकर वो ग्रीनलैंड हासिल कपना चाहते थे, लेकिन दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान उन्होंने ग्रीनलैंड पर अचानक यूटर्न ले लिया.
अमेरिका में बर्फीले तूफान का कहर, 20 राज्यों में इमरजेंसी घोषित
अमेरिका के बड़े हिस्से में आए भंयकर शीतकालीन तूफान ने भारी बर्फ और जमाव वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में तापमान सामान्य से बहुत नीचे चला गया
अमेरिका की नई रक्षा रणनीति शक्ति के दम पर शांति की तलाश
अमेरिका का कहना है कि वह अपने संभावित विरोधियों के साथ एक सम्मानजनक और टिकाऊ शांति चाहता है
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द मिल सकती है मंजूरी
भारत और अमेरिका के अधिकारी प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में लगे हैं। समझौते के अधिकतर मुद्दों पर दोनों देशों की सहमति बन चुकी है
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पंजाब के किसान परिवार के बेटे को अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने साढ़े 30 लाख रुपए ऐंठ लिए। लेकिन बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। यहां भी उसे 3 महीने रखकर वापस भेज दिया। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खानपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरशरण सिंह (29) BA पास करने के बाद बेरोजगार था। उसके रिश्तेदार हरप्रीत सिंह ने उनको शाहाबाद के दपंती नवजोत सिंह और उसके पिता से मिलवाया। नवजोत सिंह ने खुद को रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंट बताया। अमेरिका में वर्क वीजा भेजना तय किया आरोपी नवजोत सिंह ने उसके बेटे गुरशरण को अमेरिका भेजने के लिए पहले 50 लाख रुपए मांगे। बात 45 लाख पर तय हुई। 16 जनवरी 2023 को नवजोत सिंह, उसकी पत्नी और गुरमीत सिंह उसके घर खानपुर आए और 5 लाख रुपए नकद के साथ पासपोर्ट, फोटो जैसे दस्तावेज ले गए। साढ़े 30 लाख रुपए ले गए आरोपी उसके बाद उसने आरोपियों के कहे अनुसार 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर, 17 मार्च को 4.5 लाख रुपए, 19 मार्च को 5 लाख रुपए और 18 अप्रैल को 15 लाख रुपए RTGS करने समेत कुल साढ़े 30 लाख रुपए दिए थे। पैसे लेकर आरोपी ने दावा किया कि उसने गुरशरण को अमेरिका में वर्क परमिट पर भेज दिया है। दुबई भेजकर पहला धोखा दिया आरोपी ने उसके बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। वहां से भी करीब 3 महीने बाद गुरशरण को घर वापस आना पड़ा। उसने आकर खुलासा किया आरोपी ने उसे दुबई में रखा था। उसने आरोपी से अपने सारे पैसे वापस मांगे, तो आरोपी धमकी देने लगा और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। कनाडा से अमेरिका गया गुरशरण उधर, आरोपी का दावा है कि गुरशरण उसका रिश्तेदार है। उसने उसे चंडीगढ़ के प्रदीप से मिलवाया था। गुरशरण ने प्रदीप के अकाउंट में साढ़े 20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। साल 2023 वह और गुरशरण दुबई गए। यहां उसकी टांग टूट गई और दोनों वापस आ गए। बाद में प्रदीप ने गुरशरण को कनाडा भेज दिया और वहां से गुरशरण अमेरिका चला गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोधाभासी और आक्रामक रुख एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में है। नाटो सहयोगियों समेत पूरे अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा लेने और ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की बात करने वाले ट्रंप अब वैश्विक सुरक्षा से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
पुलिस को 1000 ब्लॉक में गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही अधिकारी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचे। जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। चार लोग खून से लथपथ पड़े थे, जिनमें से सभी को गोलियां लगी थीं। आपात सेवाओं की टीम ने मौके पर ही चारों को मृत घोषित कर दिया।
Middle east news:मोहम्मद मुवाहेदी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी हैं. ट्रंप के दावे पर खामेनेई के करीबी के तीखे जवाब से अमेरिका बौखला गया है. इसीलिए किसी भी वक्त ईरान पर हमला शुरू हो सकता है. हमले की सिर्फ यही वजह नहीं है, अमेरिका और पश्चिमी देशों के एक्सपर्ट कुछ और आशंकाएं जता रहे हैं.
ईरानी सेना के कमांडर की अमेरिका को चेतावनी, कहा- इशारा मिलते ही दब जाएगा ट्रिगर
Iranian army commander warns the US : अमेरिका और ईरान के बीच फिर तनाव तेज हो गया है। ईरान की अर्धसैनिक शक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने आज अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी फोर्स ...
US News: इस आफत से करीब 14 करोड़ लोगों के प्रभावित होने की चेतावनी दी गई है. बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान का खतरा टला नहीं है. पूर्वी टेक्सास से नॉर्थ कैरोलिना तक बड़े भारी नुकसान की चेतावनी जारी की है.
अगर शुरू हुआ अमेरिका-ईरान युद्ध तो 150 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल, भारत पर भी होगा असर
US Iran Conflict: निश्चित रूप से यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव युद्ध में तब्दील होता है, तो इसका सबसे बड़ा और तत्काल प्रहार वैश्विक ऊर्जा बाजार पर होगा। खाड़ी देशों में युद्ध की आहट मात्र से कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद किया, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई का दौर शुरू हो सकता है। दुनिया की नजरें अब 33 किलोमीटर चौड़े समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पर टिकी हैं, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की 'गले की नस' कहा जाता है। दुनिया का 'एनर्जी गेटवे' ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑइल चोकपॉइंट' है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 फीसदी और भारत की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। चिंता इसलिए भी है कि ईरान ने पहले भी कई बार चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह इस रास्ते को ब्लॉक कर देगा। यदि ऐसा होता है, तो सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे बड़े उत्पादकों का तेल बाजार तक नहीं पहुंच पाएगा। कीमतों पर क्या होगा असर? विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध की स्थिति में तेल की कीमतें रातों-रात आसमान छू सकती हैं। युद्ध शुरू होते ही 'वॉर रिस्क प्रीमियम' के कारण ब्रेंट क्रूड 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। यदि होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो कीमतें 120 से 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है तो यह 150 डॉलर के पार भी जा सकता है। भारत पर भी होगा सीधा असर भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। खाड़ी में तनाव का मतलब है भारत में महंगा पेट्रोल और डीजल। माना जा रहा है कि क्रूड के 100 डॉलर के पार जाने की स्थिति में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इससे महंगाई बढ़ जाएगी। परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। तेल आयात बिल बढ़ने से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर हो सकता है। हालांकि बाजार में वर्तमान में तेल की अधिक आपूर्ति है, लेकिन खाड़ी देशों से आने वाले तेल का कोई ठोस विकल्प तुरंत उपलब्ध नहीं है। पाइपलाइनों के जरिए कुछ तेल निकाला जा सकता है, लेकिन वह कुल समुद्री व्यापार का बहुत छोटा हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार बाजार अभी 'देखो और प्रतीक्षा करो' की नीति पर है। अगर ट्रंप का 'अरमाडा' केवल दबाव बनाने के लिए है, तो कीमतें स्थिर रहेंगी। लेकिन अगर एक भी मिसाइल चली तो ऊर्जा बाजार में सुनामी आ जाएगी। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
क्या भारत से टैरिफ हटाने की तैयारी में हैं ट्रंप, अमेरिकी वित्तमंत्री बेसेंट ने दिए ये संकेत
US Secretary of State's statement regarding tariffs : अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका भारत पर लगे अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ को वापस ले सकता है। यह संकेत अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के ...
Us Senator Warner Letter: अमेरिका के सीनेटर मार्क आर. वॉर्नर ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को एक चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान में चल रही हालात पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि वहां राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और एक्टिविस्ट्स के खिलाफ गिरफ्तारियां हो रही हैं. दबाव बनाया जा रहा है. सीनेटर ने रूबियो से अपील की है कि अमेरिका को इस मुद्दे पर कूटनीतिक कदम उठाने चाहिए. पाकिस्तान सरकार से सीधे बात करनी चाहिए.
अमेरिका में एक भारतीय मूल के पति ने अपनी पत्नी और 3 रिश्तेदारों की गोलियां मारकर खौफनाक हत्या कर दी। इस दौरान 3 बच्चों ने अलमारी में छिपकर अपनी जान बचाई। यह खौफनाक खूनी खेल अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में हुआ है। हत्या करने वाला शख्स भारतीय मूल ...
मेलबर्न में चल रहे ऑस्ट्रेलियन ओपन में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टूर्नामेंट के दूसरे सीड और इटली के स्टार खिलाड़ी यानिक सिनर का लगातार सेट जीतने का सिलसिला टूट गया है। वर्ल्ड रैंकिंग में 85वें नंबर के अमेरिकी खिलाड़ी इलियट स्पिजरी ने शानदार खेल दिखाते हुए सिनर को पहले सेट में 6-4 से हरा दिया। इससे पहले सिनर ने टूर्नामेंट के पिछले राउंड्स तक लगातार 25 सेट जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज की आसान जीतमहिला सिंगल्स में डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज का शानदार फॉर्म जारी है। उन्होंने चेक रिपब्लिक की कैरोलिना प्लिस्कोवा को सीधे सेटों में 6-3, 6-3 से हरा दिया। कीज ने अपनी दमदार सर्विस और बेसलाइन गेम के दम पर यह मुकाबला महज दो सेटों में खत्म कर दिया। अब चौथे दौर में उनका मुकाबला अपनी ही हमवतन और दोस्त जेसिका पेगुला से होगा। दोस्त और पॉडकास्ट पार्टनर के बीच होगा मुकाबलामैडिसन कीज और छठी सीड जेसिका पेगुला कोर्ट के बाहर काफी अच्छे दोस्त हैं। दोनों मिलकर एक टेनिस पॉडकास्ट भी चलाते हैं। कीज ने जीत के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि मैच से पहले उन्हें एक पॉडकास्ट रिकॉर्ड करना है, लेकिन कोर्ट पर यह दोस्ती किनारे रहेगी। गर्मी पर बात करते हुए फ्लोरिडा की रहने वाली कीज ने कहा कि उन्हें इस तापमान में खेलने में कोई दिक्कत नहीं है। अमांडा अनिसिमोवा भी अंतिम-16 में पहुंचींएक अन्य मुकाबले में चौथी सीड अमांडा अनिसिमोवा ने हमवतन पेटन स्टर्न्स को 6-1, 6-4 से मात दी। इस जीत के साथ ही अंतिम-16 में चार अमेरिकी महिलाओं ने जगह बना ली है,जो अमेरिकी टेनिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अनिसिमोवा ने पूरे मैच के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा और खिताब के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की। ______________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें... भारत ने छठी बार 200+ का टारगेट चेज किया:ईशान को कप्तान ने गले से लगाया, सूर्या की 23 इनिंग बाद फिफ्टी; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स रायपुर में भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंद रहते हरा दिया। 200 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए यह भारत की अब तक की सबसे तेज जीत रही। टीम इंडिया ने 209 रन का टारगेट सिर्फ 15.2 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल किया और छठी बार 200+ का टारगेट चेज किया। इसके साथ ही सीरीज में भारत ने लगातार दूसरी जीत हासिल कर ली। पूरी खबर
अमेरिका में सिख विरोधी नफरत रोकने के लिए नया बिल पेश
अमेरिका में सिख समुदाय के खिलाफ भेदभाव और नफरत से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए एक नया कानून अमेरिकी कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में दोनों पार्टियों का समर्थन हासिल कर रहा है
“हेलो, हाउ आर यू? दिस साइड क्लार्क…” ये बातें गोरखपुर में बैठकर कॉल सेंटर पर काम करने वाले लड़के-लड़कियां करती थीं। जो अमेरिका के लोग से बात के दौरान किया करते थे। हैरान कर देने वाली बात ये है कि- ये काम करने वाले कुल 10 लोग को यह पता नहीं कि उनके जरिए उनसे साइबर फ्रॉड करवाया जा रहा। जानिए इस गिरोह की पूरी वर्किंग गोरखपुर में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। मामला गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर इलाके का है। यहां ‘ग्लोब एक्स्ट्रा’ नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो छापा मारकर कुल 6 लोगों को मौके से पकड़ा गया। वैसे उस दौरान वहाँ कुल 16 लोग थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि इनमें से 10 युवक ऐसे थे जिन्हें यह नहीं पता था कि वे किसी ठगी का हिस्सा हैं, जबकि 6 लोग इस पूरे खेल को चला रहे थे। पुलिस ने उन 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।यह गिरोह कॉल सेंटर के नाम पर पहले लड़के-लड़कियों का इंटरव्यू लेता था। जिनकी इंग्लिश ठीक-ठाक होती थी, उन्हें नौकरी पर रख लिया जाता था। उन्हें बताया जाता था कि यह एक सामान्य कॉलिंग जॉब है। सैलरी 10 से 12 हजार रुपये तय की जाती थी। काम सिर्फ इतना बताया जाता था कि एक इंग्लिश स्क्रिप्ट पढ़कर अमेरिका के लोगों से बात करनी है।अमेरिकी नाम लेकर करते थे कॉलकॉल करते समय युवक अपना असली नाम नहीं बताते थे। वे खुद को जॉर्ज, जॉन, क्लार्क, लेविस जैसे अमेरिकी नामों से पेश करते थे। बातचीत कुछ इस तरह शुरू होती थी:कॉल सेंटर: “हेलो, हाउ आर यू ? दिस साइड क्लार्क…” अमेरिकी नागरिक: “हेलो, आई एम गुड कॉल सेंटर:आई एम कॉलिंग रिगार्डिंग हेल्थ इंश्योरेंस अमेरिकी नागरिक: दट्स गुड, टेल मी अबाउट द स्कीम ये बातचीत ऐसी ही जारी रहती है...रोजाना करीब 1000 से ज्यादा अमेरिकियों को कॉल करने की कोशिश की जाती थी। इनमें से लगभग 20-30 लोग इनके झांसे में आ जाते थे। जिन अमेरिकी नागरिकों से बात बन जाती थी, उनकी पूरी जानकारी सुपरवाइजर के जरिए अमेरिका में मौजूद एक निजी कंपनी (Evolvetech innovation LCC, 2. Advance Gro media LLC) को भेज दी जाती थी। वहां से उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस और दूसरी योजनाओं का लालच देकर ठगा जाता था। इस ठगी से जो पैसा मिलता था, उसका 1 से 2 प्रतिशत कमीशन गोरखपुर के एजेंटों को भेजा जाता था। गोरखपुर एजेंट को एक क्लाइंट से करीब 15 से 20 डॉलर की कमाई होती थी। इस तरह गिरोह की रोजाना की कमाई 50 हजार रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।पुलिस की कार्रवाईपुलिस का कहना है कि जिन 10 युवकों को इस फ्रॉड की जानकारी नहीं थी, उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं जिन 6 लोगों ने जानबूझकर इस फर्जी कॉल सेंटर को चलाया, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क और कहां-कहां फैला हुआ है। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला... पुलिस को सूचना मिली थी कि चिलुआताल थाना क्षेत्र के करीमनगर में एक तीन मंजिला मकान में अवैध रूप से कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और वहां से 6 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। नाम बदलकर करते थे विदेशी नागरिकों से बातहर मंजिल पर लैपटॉप, हेडफोन और इंटरनेट कनेक्शन लगाए गए थे। वहां बैठकर लड़के-लड़कियां विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे और खुद को अमेरिका की कंपनियों का प्रतिनिधि बताते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कॉल करने वाले एजेंट अपना असली नाम छुपा लेते थे। इसके बदले में वो खुद का जॉन, जॉर्ज, लेविस, क्लार्क जैसे विदेशी नामों का इस्तेमाल करते थे। उनके पास पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट होती थी, जिसके जरिए वे अमेरिका में मिलने वाली इंश्योरेंस योजनाओं और सरकारी सब्सिडी का झांसा देते थे। जब कोई विदेशी नागरिक उनकी बातों में आ जाता था, तो उसकी कॉल को अमेरिका की कुछ निजी कंपनियों (Evolvetech innovation LCC, 2. Advance Gro media LLC)) को फॉरवर्ड कर दिया जाता था। वहीं से ठगी की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाती थी। देखिए 2 तस्वीरें ठगी की रकम का मिलता था हिस्साआरोपियों ने पुलिस को बताया कि ठगी से जो पैसा वसूला जाता था, उसका एक हिस्सा उन्हें कमीशन के रूप में मिलता था। इसी लालच में वे लंबे समय से इस अवैध काम को अंजाम दे रहे थे।बरामद हुआ भारी मात्रा में सामानपुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, 2 राउटर, 7 मोबाइल फोन, 17 माउस, 22 लैपटॉप चार्जर, 6 चेकबुक, 3 पासबुक, 1 पासपोर्ट, 1 आधार कार्ड बरामद किए हैं। बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की भी जांच कर रही है।पढिए गिरफ्तार आरोपियों का लिस्ट इनमें से रूपेश और अभिषेक के खिलाफ पहले भी साइबर ठगी के मामले दर्ज पाए गए हैं।चार आरोपी अभी फरार पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े 4 अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में थाना चिलुआताल में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी से कितनी रकम हासिल की गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस की अपीलपुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, ई-मेल या मैसेज पर भरोसा न करें। विदेश से आने वाली कॉल या सरकारी लाभ के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें और ऐसी किसी भी सूचना की तुरंत पुलिस या साइबर सेल को जानकारी दें।
America-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समय जंग होने की संभावना है. इसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं बल्कि खलीफा ने किया है.
अमेरिकी एसईसी भारत सरकार के इनकार के बाद गौतम अदानी को ईमेल के जरिए कानूनी समन भेजने की तैयारी में है। 250 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत, अदानी समूह के शेयरों में गिरावट और भारत-अमेरिका कानूनी टकराव ने इस मामले को वैश्विक स्तर पर अहम बना दिया है।
Rahul Gandhi Meets Textile Workers: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने टैरिफ के चलते प्रभावित हो रही टेक्सटाइल इंडस्ट्री को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधी टिप्पणी की है। उन्होंने देश के आर्थिक हालात और रोजगार के मोर्चे पर अमेरिकी टैरिफ के कथित दुष्प्रभाव को लेकर पीएम मोदी को जवाबदेह ठहराया है। उन्होंने एक्स पर वीडियो साझा कर ये टिप्पणी की है।
गाजा के बोर्ड ऑफ पीस की अमेरिकी अखबार ने ही खोल दी पोल, क्यों बता दिया 'वन मैन शो'?
Trump Board Of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा में बोर्ड ऑफ पीस को लेकर खुद अमेरिका मीडिया संस्थान ने पोल खोल दी है. अखबार ने इसे वन मैन शो बताया है.
ट्रंप से ज्यादा मोदी और जिनपिंग ताकतवर क्यों? अमेरिकी एक्सपर्ट का चौंकाने वाला दावा
Trump vs Modi Jinping: अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता मानते हों, लेकिन एक अमेरिकी एक्सपर्ट ने इस दावे को पलट दिया है। मशहूर राजनीतिक विश्लेषक इयन ब्रेमर का कहना है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, कई मायनों में ट्रंप से ज्यादा ताकतवर स्थिति में हैं। ब्रेमर के अनुसार, असली ताकत सुर्खियों में नहीं, बल्कि लंबे कार्यकाल और नीतिगत स्थिरता में छिपी होती है। क्या कहा ब्रेमर ने? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक सक्रियता, टैरिफ वॉर और नोबेल शांति पुरस्कार जैसे दावों के बीच एक बड़ा राजनीतिक विश्लेषण सामने आया है। राजनीतिक मामलों के जानकार इयन ब्रेमर ने कहा है कि शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी मौजूदा दौर में ट्रंप से ज्यादा मजबूत और बेहतर स्थिति में हैं। ब्रेमर ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसका राष्ट्रपति सबसे ताकतवर नेता हो। ब्रेमर के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्हें मिडटर्म चुनावों का सामना नहीं करना पड़ता। स्वतंत्र न्यायपालिका या राजनीतिक अस्थिरता का उन पर दबाव नहीं है। वहीं, ट्रंप का कार्यकाल सीमित है और वे अगले कुछ वर्षों में सत्ता से बाहर भी हो सकते हैं, जबकि जिनपिंग लंबे समय तक सत्ता में बने रह सकते हैं। ब्रेमर का कहना है कि ट्रंप मीडिया की सुर्खियों और आक्रामक बयानों पर फोकस करते हैं, जबकि शी जिनपिंग पर्दे के पीछे कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में रहते हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी लिया। मोदी के बारे में क्या कहा ब्रेमर ने? अमेरिकी एक्सपर्ट ब्रेमर के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी भी ट्रंप के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने बताया कि मोदी का लंबा और निरंतर कार्यकाल उन्हें ऐसे फैसले लेने का मौका देता है, जिनके परिणाम वर्षों बाद दिखते हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका के कई नेताओं को जहां हर चुनाव की चिंता रहती है, वहीं मोदी को नीतियों में स्थिरता और निरंतरता का फायदा मिलता है। ब्रेमर के मुताबिक इसी स्थिर नेतृत्व के कारण मोदी अंतरराष्ट्रीय दबावों का बेहतर तरीके से सामना कर पाते हैं और वैश्विक मंच पर भारत की बात मजबूती से रखते हैं। हाल के वर्षों में इसके कई उदाहरण भी सामने आए हैं। ट्रंप की शांति पहल को समर्थन नहीं दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने हमास-इजराइल युद्धविराम को बनाए रखने के लिए अपने प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' का ऐलान किया है। हालांकि, ब्रिटेन ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है, जबकि फ्रांस, इटली के बाद नॉर्वे और स्वीडन भी पीछे हटते दिख रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ने सिर्फ इस मामले में विचार करने की बात कही है। भारत की तरफ से भी कोई स्पष्ट रुख सामने नहीं आया है। यह स्थिति भी ट्रंप की वैश्विक स्वीकार्यता पर सवाल खड़े करती है। चीन ने भी फिलहाल इससे दूरी बनाई हुई है। हालांकि इजराइल के अलावा कई मुस्लिम देशों ने ट्रंप के बोर्ड से जुड़ने के लिए सहमति व्यक्त कर दी है। हालांकि नहीं जुड़ने वाले देशों को डर है कि इससे संयुक्त राष्ट्र की स्थिति कमजोर होगी और वे ऐसा नहीं होने देना चाहते। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
अमेरिका ने 22 जनवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से सदस्यता समाप्त कर ली है। 'ब्यूरोक्रेटिक नाकामी' और कोरोना महामारी के दौरान खराब प्रबंधन का आरोप लगाते हुए ट्रम्प प्रशासन ने फंड रोकने और विशेषज्ञों को वापस बुलाने का फैसला किया है। जानिए इस ऐतिहासिक विदाई का वैश्विक स्वास्थ्य और कूटनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
अमेरिकी विध्वंसक युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने पूरे स्ट्राइक ग्रुप के साथ ईरान के करीब बढ़ रहा है। इसी बीच इस्राइल भी संभावित ‘सरप्राइज वॉर’ की तैयारी में जुटा हुआ बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की धमकी देकर माहौल को और गरमा दिया है।
अमेरिका में फेडरल एजेंटों ने 5 साल के बच्चे को लिया हिरासत में, बवाल मचा, कमला हैरिस ने किया रिएक्ट
अमेरिका से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मिनेसोटा के एक प्री-स्कूल से घर लौट रहे 5 वर्षीय मासूम बच्चे को फेडरल एजेंटों ने उसके पिता के साथ हिरासत में लिया है। दोनों के टेक्सास के एक हिरासत केंद्र में ले जाया गया है।
अमेरिका ने WHO से क्यों तोड़ा नाता? जिनेवा मुख्यालय से हटाया अपना झंडा
अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आधिकारिक तौर पर अलग होने की घोषणा कर दी है. अमेरिकी स्वास्थ्य और विदेश विभाग ने बताया कि अमेरिका अब WHO का सदस्य नहीं रहा. इसके साथ ही जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिकी झंडा भी हटा दिया गया है.
Venezuela Oil Revamp Will Allow Foreign Drillers: वेनेजुएला में अब तेल का खेल बदलने वाला है. .जनवरी 2026 में अमेरिका ने निकोलस मादुरो को कैप्चर कर लिया और उनकी जगह एक्टिंग प्रेसिडेंट डेलसी रोड्रिगेज ने संभाली. बस तीन हफ्ते बाद ही, 22 जनवरी को वेनेजुएला की नेशनल असेंबली ने तेल सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म बिल पास कर दिया है, अगर ये बिल पास हो गया फिरअमेरिका की हो गई बल्ले-बल्ले हो जाएगाा.
भारत-अमेरिका ने अवैध ड्रग तस्करी व प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग के खतरों पर की चर्चा
भारत और अमेरिका ने वॉशिंगटन डीसी में ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की पहली बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की। इस दौरान दोनों देशों ने सिंथेटिक ओपिओइड्स, नए प्रकार के प्रीकर्सर रसायनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई
अमेरिका और इजरायल की एक अच्छे दोस्त के तौर पर गिनती की जाती है. हालांकि, इस बीच डोनल्ड ट्रंप ने भी कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू नाराज हो सकते हैं. आइए आपको बताते हैं.
अमेरिकी की 'वो' गलती, जिससे दुनिया का हो जाएगा 'सर्वनाश'? बाबा वेंगा की 2026 वाली भविष्यवाणी से दहशत
Baba Vanga 2026 Prediction in Hindi: अमेरिका दुनिया की एकमात्र महाशक्ति है. जिसका विश्व पर सिक्का चलता है. लेकिन इस साल इसी महाशक्ति की एक खास गलती पूरी धरती को सर्वनाश की ओर ले जा सकती है. बाबा वेंगा की इससे जुड़ी भविष्यवाणी से दुनिया में डर जताया जा रहा है.
China Rejects Board of Peace: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बनाए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के न्योते को चीन ने ठुकरा दिया है. चीन ने साफ कहा है, वह संयुक्त राष्ट्र (UN) को केंद्र में रखकर बने अंतरराष्ट्रीय सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय कानून से चलने वाली व्यवस्था के साथ मजबूती से खड़ा है.
America News: अमेरिका में एक मालिक ने आलू को कानूनी तौर पर 9mm गन साइलेंसर के रूप में रजिस्टर करवाया है. इस रजिस्ट्रेशन के बाद वह लीगल तरीके से पोटैटो साइलेंसर का मालिक बन गया. जानिए क्या है पूरा मामला.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीदों से शेयर बाजार में जोरदार तेजी, ट्रंप ने दिया भरोसा
दावोस/नई दिल्ली/मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement –BTA) को लेकर दिए गए सकारात्मक बयान ने न केवल कूटनीतिक हलकों में उत्साह बढ़ाया, बल्कि इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट झेल रहे घरेलू बाजारों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंकों की मजबूती के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में तेज छलांग लगाई। निवेशकों का भरोसा ट्रंप के उस बयान से मजबूत हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक “अच्छी डील” होने जा रही है। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम से आया भरोसे का संकेत डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी वर्ल्ड इकोनामिक फोरम (WEF) के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के बाद भारतीय मीडिया से बातचीत के दौरान की। जब उनसे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सकारात्मक लहजे में जवाब दिया। ट्रंप ने कहा, “मेरे दिल में आपके प्रधानमंत्री के लिए बहुत सम्मान है। वह एक शानदार इंसान हैं, मेरे करीबी दोस्त हैं और हमारे बीच एक अच्छी डील होने वाली है।” इस बयान को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री को बताया करीबी दोस्त और सम्मानित नेता ट्रंप का यह बयान केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खुलकर तारीफ की और उन्हें एक सम्मानित वैश्विक नेता बताया। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और राजनीतिक समझ को भी इस संभावित डील की बड़ी ताकत माना जा रहा है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि मोदी और ट्रंप के बीच बनी व्यक्तिगत केमिस्ट्री ने पहले भी कई अहम फैसलों को गति दी है, और बीटीए पर सकारात्मक संकेत उसी का विस्तार हैं। सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी शुरुआत ट्रंप के सकारात्मक रुख का असर गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही दिखने लगा। बीएसई सेंसेक्स करीब 800 अंकों की बढ़त के साथ ओपन हुआ एनएसई निफ्टी भी मजबूत उछाल के साथ कारोबार की शुरुआत करता नजर आया। पिछले कुछ सत्रों से वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ चिंताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार दबाव में था। ऐसे में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आई यह खबर निवेशकों के लिए राहत की सांस लेकर आई। निवेशकों में लौटा भरोसा बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच किसी बड़े व्यापार समझौते की उम्मीद घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक मानी जाती है। एक वरिष्ठ बाजार विश्लेषक के मुताबिक, “बीटीए की खबर केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। यह विदेशी निवेश, आईटी, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए भी बड़ा बूस्ट हो सकती है।” बीटीए का लक्ष्य: 500 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार इससे पहले भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बहुप्रतीक्षित बीटीए की पहली किस्त बहुत जल्द सामने आ सकती है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की। अग्रवाल के अनुसार, मौजूदा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार: 191 अरब अमेरिकी डॉलर है। बीटीए का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा करने का है। यह आंकड़ा बताता है कि दोनों देश व्यापारिक संबंधों को लगभग तीन गुना तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। मोदी की वाशिंगटन यात्रा में हुई थी घोषणा भारत-अमेरिका बीटीए पर बातचीत की औपचारिक घोषणा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान की गई थी। उस समय दोनों देशों ने संकेत दिया था कि वे एक व्यापक, संतुलित और आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस यात्रा को भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत माना गया था। फरवरी 2024 से चल रही है बातचीत विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और अमेरिका 13 फरवरी 2024 से ही इस द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्रालय ने हाल ही 9 जनवरी को जारी बयान में कहा था कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था, “हम कई मौकों पर डील के काफी करीब थे।” इस बयान से यह संकेत मिला था कि दोनों पक्षों के बीच अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और केवल कुछ संवेदनशील बिंदुओं पर अंतिम बातचीत बाकी है। किन मुद्दों पर अटकी रही बातचीत? सूत्रों के मुताबिक, बीटीए की राह में कुछ अहम मुद्दे रहे हैं, जिनमें शामिल हैं— कृषि उत्पादों पर शुल्क, डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल ट्रेड, मेडिकल डिवाइसेज और फार्मा सेक्टर, औद्योगिक टैरिफ और बाजार पहुंच। हालांकि दोनों देशों ने इन मुद्दों पर लचीला रुख अपनाने के संकेत दिए हैं, जिससे समझौते की संभावना और मजबूत हुई है। क्यों अहम है भारत-अमेरिका ट्रेड डील? भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता केवल व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह रणनीतिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार— -इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ सकता है -मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा -वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका मजबूत होगी -चीन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी शेयर बाजार के लिए क्यों पॉजिटिव है बीटीए? बीटीए की उम्मीद से खासतौर पर आईटी, फार्मा, ऑटो, मेटल और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। अमेरिका में भारतीय कंपनियों की बाजार पहुंच आसान होने से कॉरपोरेट आय में सुधार की संभावना जताई जा रही है। बातचीत अंतिम दौर में हालांकि ट्रंप और भारतीय अधिकारियों के बयान उम्मीद जगाने वाले हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े व्यापार समझौते में समय लगता है। बातचीत अंतिम दौर में जरूर है, लेकिन अंतिम हस्ताक्षर से पहले कई तकनीकी और राजनीतिक पहलुओं को सुलझाना होगा। बयान से संकेत, डील से दिशा डोनाल्ड ट्रंप का भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भरोसा जताना और प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सराहना यह संकेत देती है कि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत आधार पर खड़े हैं। इसका असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। अब बाजार और निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि बीटीए की पहली किस्त कब और किस रूप में सामने आती है, और क्या यह उम्मीदें जमीन पर भी उतनी ही मजबूत साबित होती हैं, जितनी बयानबाजी में दिख रही हैं।
US to receive USD 600 billion in tariff revenue:दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक, टैरिफ नीति से अमेरिका को करीब 600 अरब डॉलर की कमाई होगी, जो अगले साल और बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद निवेशकों का भरोसा तेजी से अमेरिका की ओर लौटा है.
Guyana Agriculture Success: दुनिया में एक ऐसा भी देश है जो अपने लोगों के खाने-पीने की हर चीज खुद उगाता है. बाहर से कुछ भी आयात नहीं करता, यह देश है दक्षिण अमेरिका का छोटा सा देश है. इसका नाम हम आपको आगे बताएंगे. यहां फल, सब्जी, अनाज, दूध, मांस, मछली, दालें और मेवे सब कुछ देश के अंदर ही पैदा होता है. खास बात यह भी है कि यहां की करीब 40 फीसदी आबादी भारतीय मूल की है. यहां खाने में आज भी भारत जैसा स्वाद मिलता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम (WEF) के मंच से एक बार फिर अपने आक्रामक और विस्तारवादी एजेंडे को खुलकर सामने रखा है। ग्रीनलैंड को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों और विवादों के बीच ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका को किसी भी हालत में ग्रीनलैंड चाहिए।
California governor says he was barred from Davos event:वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान स्विट्जरलैंड के दावोस में कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजम को बोलने से रोक दिया गया. न्यूजम के दफ्तर का आरोप है कि यह फैसला ट्रंप प्रशासन के दबाव में लिया गया है. इसके बाद अमेरिका की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
US Action on Pakistan Dental Firms:वाशिंगटन से आई ये खबर पाकिस्तान के सियालकोट शहर के लिए एक बड़ा झटका बन सकती है. सियालकोट तो दुनिया भर में सर्जिकल और डेंटल टूल्स बनाने के लिए मशहूर है, लेकिन अब अमेरिका की तरफ से एक बड़ी जांच शुरू हो गई है.यूएस इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने पेटेंट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोपों की जांच खोलते हुए कंपनियों को 20 दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है. जवाब नहीं आया तो आयात पर रोक और कड़े आदेश लग सकते हैं.
Impact of US collapse: ग्रीनलैंड से कनाडा तक विस्तार की जिद करके कहीं ट्रंप अमेरिका के पतन की पटकथा तो नहीं लिख रहे? अगर ऐसा हुआ तो 3 देश दुनिया के लिए नया चमकता सितारा बन जाएंगे.
लुइसियाना से ग्रीनलैंड तक: जानें कैसे 13 राज्यों का अमेरिका बना 50 राज्यों का सुपरपावर
पिछले लगभग दो सौ वर्षों में अमेरिका ने कभी खरीद के जरिए, कभी युद्ध के माध्यम से और कभी राजनीतिक दबाव बनाकर अपने क्षेत्रफल का लगातार विस्तार किया। आज का 50 राज्यों वाला संयुक्त राज्य अमेरिका कभी केवल 13 उपनिवेशों तक सीमित था।
यमुनानगर में अमेरिका भेजने के नाम पर गांव अंटावा निवासी युवक से 60 लाख रुपए की ठगने का मामला सामने आया है। युवक को अफ्रीका और यूरोप होते हुए जंगलों के रास्ते अमेरिका पहुंचाया गया, जहां आठ महीने तक कैदी की तरह रखा गया। भारत लौटने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी गई। युवक की शिकायत पर पुलिस ने शिकायत पर आरोपित हरविंद्र सिहं, भुपेंद्र सिहं निवासी अंबाला, पियूष राणा, अंकुश जगाधरी, शुभम व अर्श के खिलाफ विभिन्न धाराओ में केस दर्ज किया है। अमेरिका पहुंचाने का दिलाया भरोसा गांव अंटावा निवासी सूर्य प्रताप ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह विदेश, विशेषकर अमेरिका जाने का इच्छुक था। इसी दौरान उसके मासी के लड़के ने उसकी मुलाकात हरविंद्र सिंह से करवाई। हरविंद्र ने खुद को विदेश भेजने का अनुभव रखने वाला बताते हुए दावा किया कि वह पहले भी कई युवकों को विदेश भिजवा चुका है, जो आज लाखों रुपए महीना कमा रहे हैं। सूर्य प्रताप के अनुसार, अमेरिका भेजने के नाम पर हरविंद्र ने उससे 60 लाख रुपए की मांग की और तीन महीने के भीतर अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया। अगस्त 2024 में हरविंद्र व भूपेंद्र सिंह ने उसे बताया कि सारा काम हो चुका है और पैसों का इंतजाम कर लिया जाए। इस पर उसने 15 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। डंकी रूट से भेजा, रास्ते में लगातार वसूली शिकायत के मुताबिक सितंबर 2024 में आरोपितों ने उसे दिल्ली से मुंबई और वहां से गांबिया (उत्तर अफ्रीका) भेज दिया, जहां वह करीब ढाई महीने तक रहा। इसके बाद उसे स्पेन भेजा गया। इस दौरान आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपए नकद और 10 लाख रुपए पियूष राणा के खाते में जमा करवा लिए। जनवरी 2025 में उसे स्पेन से निकारागुआ भेजा गया, जहां से डंकी एजेंटों के जरिए जंगलों के रास्ते मेक्सिको ले जाया गया। आरोप है कि साजिश के तहत डंकी एजेंटों ने उसे अगवा कर लिया और फिरौती के नाम पर उसका मोबाइल फोन, पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज छीन लिए। आठ महीने तक बंधक, मारपीट और जान से मारने की धमकी पीड़ित का आरोप है कि करीब आठ महीने तक उसे कैदी की तरह रखा गया। इस दौरान उसे मारने और जान से खत्म करने की धमकियां देकर लगातार पैसों की मांग की जाती रही। जब उसने भारत वापस भेजने की बात कही तो डंकी एजेंटों ने जबरन अमेरिका बॉर्डर पार करवा दिया, जहां अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया। भारत लौटने के बाद जब सूर्य प्रताप ने आरोपितों से संपर्क किया तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी।
छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव में धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में विदेशी फंडिंग, संदिग्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल और ‘पॉल’ जैसे कोड नेम से काम करने वाले जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का एक संगठित नेटवर्क होने के संकेत मिले हैं। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी डेविड चाको अमेरिका में पढ़ाने का काम करता था। भारत लौटने के बाद उसे बड़ी रकम मिली थी। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह पैसा किस रास्ते से भारत आया, किन बैंक खातों में जमा हुआ और डॉलर को रुपए में कैसे बदला गया। पुलिस को शक है कि इस पैसे का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में किया गया। आरोपी के कब्जे से कई संदिग्ध पुस्तकें और प्रशिक्षण सामग्री जब्त भी की गई है। जब्त की गई किताबों में इस्तेमाल किए गए खास कोड, अलग-अलग शब्दों और प्रचार के तरीकों की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है, ताकि इनके असली मकसद को समझा जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2025 में ग्राम पनेका में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें राज्य के अन्य जिलों से भी उच्च पदस्थ पदाधिकारी शामिल हुए थे। जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को ‘पॉल’ जैसे नाम दिए गए थे। उन्हें भुगतान करने के लिए ट्रैवल वाउचर का इस्तेमाल किया जाता था। देखिए पहले ये 3 तस्वीर- जोनल कमांडरों को नोटिस जारी करने की तैयारी पुलिस यह पता लगा रही है कि यह भुगतान ऑनलाइन होता था या नकद, और पैसा कहां से आता था। इसके अलावा पुलिस ने संस्था के मुख्य कार्यालय और उसके काम करने के तरीके की पहचान कर ली गई है। अब पुलिस इस संस्था से जुड़े जोनल कमांडर, जोनल लीडर और अन्य बड़े पदों पर बैठे लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए धर्मांतरण नेटवर्क की पूरी कहानी दरअसल, 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है। आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है। कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके बाद राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा की टीम एक्टिव हुई। SP और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन की टीम ने छापेमारी की। आश्रम से कांकेर के बच्चों को रेस्क्यू कर CWC (Child Welfare Committee) को सौंपा गया। इसके बाद CWC ने बच्चों परिजनों को सौंप दिया है। प्रोजेक्टर लगाकर करते थे ब्रेनवॉश पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान आश्रम से सोलर-आधारित प्रोजेक्टर्स जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। इन प्रोजेक्टर्स का उपयोग विशेष रूप से उन सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता था, जहां बिजली की सुविधा नहीं है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, धर्मांतरण से संबंधित डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन सामग्री, महत्वपूर्ण रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल हैं। डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था। दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई- SP पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। विदेशी फंडिंग से लेकर प्रशिक्षण मॉड्यूल के उद्देश्यों तक हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। .............................. यह खबर भी पढ़ें... 200 घरों में धर्मांतरण और चर्च खोलने की थी तैयारी: राजनांदगांव से ऑपरेट हो रहा था रैकेट, बच्चे-बच्चियों को आश्रम में रखा, विदेशी-फंडिंग का शक छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम को ठिकाना बनाया था। यहीं से डिजिटल तरीके से नेटवर्क चलता था। आश्रम में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को भी रखा गया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
अमेरिका द्वारा बाहर की गई प्रतिभाओं को आकर्षित करने में लगा है चीन
भारत में उच्च विज्ञान संस्थानों की एक श्रृंखला मौजूद है। भारत के पास वर्तमान में उच्च विज्ञान और इंजीनियरिंग के लिए अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तपोषित करने हेतु पर्याप्त धन है
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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