अमेरिका ने छत्तीसगढ़ की कंपनी और उसके CEO पर लगाया प्रतिबंध, जानें क्या है मामला
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन संस्थाओं और व्यक्तियों ने सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराई, जिससे देश में जारी संघर्ष और अधिक गंभीर हो गया।
शेयर बाजार की चाल इन तीन फैक्टर्स पर निर्भर: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चा तेल घरेलू आकड़े
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ...
ईरान और अमेरिका में फिर शुरू हुआ तनाव, ताजा हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर नए एयर स्ट्राइक किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान पर होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला करके सीजफायर समझौते को फिर से तोड़ने का आरोप लगाया है
हरियाणा के करनाल में अमेरिका से 11 दिन बाद आए बेटे के शव को देखकर मां बेटे से बात कराने की मिन्नतें करती रहीं। बहन भी भाई के शव को देखकर बेसुध हो गई। सुपनदीप के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। 16 जून को अमेरिका में सुपनदीप की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सुपनदीप जॉब कर अपने रूम में लौटा था, अगले दिन तक जब दरवाजा नहीं खुला तो उसके दोस्तों ने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां सुपनदीप बेहोशी की हालत में मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से ही परिजन सुपनदीप के शव को भारत लाने का प्रयास कर रहे थे। रविवार सुबह उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसके बाद एम्बुलेंस के जरिए गांव लाया गया। सुपनदीप के चाचा ने उसे मुखाग्नि दी। करीब 2 साल पहले चाचा गुरदेव ने अपनी 2 एकड़ जमीन बेचकर अमेरिका भेजा था, अब शव को वापस लाने में भी परिवार के करीब 25 लाख रुपए लग गए। इसके लिए अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा भी इकट्ठा किया। पहले जानिए, अमेरिका जाने की पूरी कहानी… पहले कनाडा, फिर डंकी रूट से अमेरिका गया मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था। 2 एकड़ जमीन बेचकर जुटाए थे रुपए गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था। नाइट शिफ्ट करने के बाद रूम पर लौटा था गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था। गेट तोड़कर पहुंचे दोस्तों को बेसुध हालत में मिला इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। मौत से दो दिन पहले कहा था- सारे कर्ज उतार दूंगा गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने कहा था कि परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा। चंदा इकट्ठा कर 11 दिन बाद गांव पहुंचा शव अमेरिका से शव भारत लाना परिवार के लिए आसान नहीं था। परिजनों ने सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय समुदाय से मदद की अपील की। इसके बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर सुपनदीप के शव को भारत भेजने के लिए सहयोग किया।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में धमाका: अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकाने उड़ाए
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम ) ने कहा कि अमेरिका की सेना ने शनिवार रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आस-पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया
नमस्कार, अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला किया। मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया। उधर, पुणे मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि केतन का सिर कुचला हुआ था। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में PM मोदी के सेशेल्स दौरे की खबर बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका ने फिर ईरान पर हमला किया, ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया अमेरिका ने फिर ईरान पर करीब एक घंटे तक हमले किए। अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिका का कहना है कि 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था। ईरान बोला- अमेरिका सीजफायर तोड़कर पछताएगा: ईरानी नेवी ने दावा किया है कि उसने जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है। युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. राम मंदिर ट्रस्ट का दावा- भक्तों का दिया सोना-चांदी सुरक्षित, चंपत राय के इस्तीफे पर फैसला 11 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने शनिवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि कर दी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से त्यागपत्र मिला है। हम अपनी 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर विचार करेंगे। ट्रस्ट ने कहा- दोषियों को कड़ी सजा दिलाएंगे: हम उन भक्तों को आश्वस्त करते हैं, जिन्होंने चांदी की ईंटें और सोने-चांदी के आभूषण प्रभु श्रीराम की सेवा में अर्पण किए हैं। वे सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं। अपराधियों को कड़ा दंड मिले, हम इसका आग्रह करेंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने चढ़ावा चोरों को रावण बताया: इंडोनेशिया के जकार्ता में शुक्रवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- रावण तो ये भी हैं बस रूप बदल गए हैं। रावण ने तो केवल माता जानकी जी की चोरी की थी। राम मंदिर के दानपात्र से लाखों-करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसा चोरी हुआ। पूरी खबर पढ़ें… 3. यूपी में सपा महिला सांसद-विधायक मीटिंग में भिड़े, MLA ने कहा- तमीज से बात करिए बांदा में सपा की बैठक में सांसद कृष्णा देवी और विधायक विशंभर यादव भिड़ गए। शुक्रवार को सपा विधायक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी सपा सांसद अचानक भड़क गईं। उन्होंने गुस्से में कहा- आपको सिर्फ बेइज्जती करना आता है। हम अखिलेश भैया से भी कह चुके हैं कि हमारे साथ जो हो रहा है, वह विधायक कर रहे हैं और कोई नहीं कर रहा। 20 मिनट तक चली गहमागहमी: इस पर सपा विधायक भी नाराज हो गए। उन्होंने उंगली दिखाते हुए कहा- सुनिए, तमीज से बात करिए। बदतमीजी मत करिए। मैंने आपका नाम नहीं लिया है। इसके बाद दोनों नेताओं में कहासुनी हो गई। सपा कार्यकर्ताओं ने किसी तरह विधायक और सांसद को समझाया। करीब 20 मिनट तक गहमागहमी का माहौल रहा। पूरी खबर पढ़ें… 4. PM मोदी सेशेल्स पहुंचे, कछुओं को पत्तियां खिलाईं; सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ नारियल पानी पिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। साथ ही सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ नारियल पानी पिया। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे। सेशेल्स से भारत का रिश्ता 256 साल पुराना: हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। सेशेल्स में हर 8वां नागरिक भारतवंशी: आज सेशेल्स की करीब 1.20 लाख आबादी में लगभग हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है। देश के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज भी बिहार के गोपालगंज जिले से थे। ऐसे में मोदी का यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें... 5. मुंबई में मुहर्रम जुलूस में दर्द की दवा बताकर जहरीले कैप्सूल बांटे, पुलिस ने 14,900 कैप्सूल के साथ व्यक्ति को पकड़ा मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान लोगों को जहरीले कैप्सूल बांटने का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपी फैयाज प्रेमजी ‘दर्द से राहत’ के नाम पर लोगों को जिंक फॉस्फाइड की कैप्सूल दे रहा था। कई लोगों ने कैप्सूल खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी होने की शिकायत की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। आरोपी ने कैप्सूल में चूहे मारने वाला जहर भरा था: पुलिस ने आरोपी को 14,900 कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया। उसने हर कैप्सूल में करीब एक ग्राम जहर भरा था। इसके लिए 50 किलो जिंक फॉस्फाइड मंगाया था। आरोपी करीब 30 हजार जहरीले कैप्सूल बनाने की तैयारी में था। जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल चूहे मारने वाली दवा बनाने के लिए किया जाता है। पूरी खबर पढ़ें... 6. पुणे मर्डर में दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था, रेस्क्यू टीम का सदस्य बोला- लोग रो रहे थे, सिया शांत रही पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया दावा सामने आया है। केतन का शव रेस्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया है कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट थीं। कई लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया गोयल शांत खड़ी थी। सिया के माता-पिता से भी पूछताछ: पुणे पुलिस ने शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है। उसने बताया कि चेतन और सिया की दोस्ती क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। वहीं, सिया के माता-पिता से भी पुलिस ने पूछताछ की। पूरी खबर पढ़ें... ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... रील के लिए मरे हुए सांप को मुंह में दबाया यूपी के बिजनौर में एक युवक ने घर में घुसे सांप को मारने के बाद उसके साथ स्टंट करते हुए रील बनाई। उसने 10 बार मरे हुए सांप को मुंह में दबाया और गले में लपेटा। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों की रोज की इनकम पहले से बेहतर हो सकती है। वृश्चिक राशि वालों को बिजनेस में फायदा हो सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया तारीख का बड़ा खुलासा!
वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से एक बेहद बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जल्द ही भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बात की आधिकारिक पुष्टि किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने एक हाई-लेवल प्रेस ब्रीफिंग में की है। वाशिंगटन से आई इस खबर के बाद नई दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मार्को रुबियो ने न केवल ट्रंप के इस दौरे पर मुहर लगाई, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस भारत यात्रा की संभावित तारीखों का भी एलान कर दिया है, जिसे लेकर दोनों देशों के राजनयिक तैयारियों में जुट गए हैं।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा और क्या है पूरा शेड्यूलअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ अपने बेहद करीबी और मजबूत रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं। व्हाइट हाउस द्वारा तैयार किए जा रहे शुरुआती शेड्यूल के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का यह भारत दौरा आगामी महीनों में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। रुबियो ने संकेत दिया कि द्विपक्षीय वार्ताओं (Bilateral Talks) और रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों की कोर टीमें लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली के साथ-साथ भारत के किसी अन्य प्रमुख ऐतिहासिक या औद्योगिक शहर में एक मेगा इवेंट भी आयोजित किया जा सकता है।डिफेंस डील और चीन की घेराबंदी पर होगी दोनों महाशक्तियों की नजरभू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक मायने छिपे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते आक्रामक रुख को नियंत्रित करने के लिए भारत और अमेरिका का एक साथ आना बेहद जरूरी है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर की अत्याधुनिक डिफेंस डील (Defense Deals), क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शेयरिंग और व्यापारिक प्रतिबंधों को आसान बनाने वाले ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली यह मुलाकात वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।बिजनेस और वीजा नियमों को लेकर भारतीय आईटी सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंट्रंप के भारत आने की खबर से भारतीय कॉरपोरेट जगत और आईटी (IT Sector) कंपनियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय उद्योगपतियों को उम्मीद है कि इस द्विपक्षीय वार्ता में एच-1बी (H-1B Visa) नियमों में ढील और भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को लेकर कोई सकारात्मक बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब देखना यह होगा कि ट्रंप का यह नया भारत दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को किस नए मुकाम पर लेकर जाता है।
यूएस एयरफोर्स (US Air Force) के एक बेहद सुरक्षित और प्रतिष्ठित मिलिट्री बेस से सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन में घोर लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रबंधन की एक बेहद छोटी-सी चूक और अनदेखी के कारण एयरफोर्स के करीब 275 कैडेट्स अचानक एक साथ गंभीर रूप से बीमार हो गए। एक के बाद एक इतनी बड़ी संख्या में कैडेट्स के अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे मिलिट्री बेस को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां इस आपातकालीन स्थिति से निपटने में जुट गई हैं।मेस के खाने या पानी में गड़बड़ी से फैला फूड पॉइजनिंग का खतराशुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्टर के सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक यह पूरा मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) या दूषित पानी की सप्लाई से जुड़ा हुआ है। एयरफोर्स एकेडमी के भीतर बने मुख्य मेस (Mess) में रात के भोजन के बाद कैडेट्स ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शिकायत की। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर बीमार कैडेट्स का आंकड़ा 275 के पार पहुंच गया। बेस पर मौजूद मिलिट्री हॉस्पिटल के बेड छोटे पड़ गए, जिसके बाद आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाकर इन जांबाज कैडेट्स का इलाज शुरू करना पड़ा।बायो-वेपन के एंगल से भी जांच में जुटी अमेरिकी खुफिया एजेंसियांचूंकि यह मामला सीधे तौर पर अमेरिकी वायुसेना के जवानों और उनकी सबसे सुरक्षित ट्रेनिंग एकेडमी से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन इसे केवल एक सामान्य प्रशासनिक चूक मानकर नहीं चल रहा है। वाशिंगटन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सेना की स्पेशल इंटेलिजेंस विंग इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह कोई सोची-समझी साजिश या 'बायो-वेपन' (Bio-Weapon) का गुप्त हमला तो नहीं है। बेस के पानी के मुख्य टैंकों और मेस में बचे हुए कच्चे राशन के सैंपल लेकर उन्हें हाई-टेक लैब्स में टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि बीमारी के सटीक बैक्टीरिया या वायरस का पता लगाया जा सके।मिलिट्री बेस पर बाहरी लोगों की एंट्री बैन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्तइस घटना के बाद अमेरिकी एयरफोर्स बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने पूरे परिसर को आंशिक रूप से लॉकडाउन (Lockdown) मोड पर डाल दिया है। अगले आदेश तक किसी भी बाहरी नागरिक, सप्लायर या विजिटर की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बीमार हुए कैडेट्स की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनी सैनिकों के अचानक बीमार होने से अमेरिकी सेना की आंतरिक सुरक्षा और हाइजीन स्टैंडर्ड्स पर पूरी दुनिया में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कोर्ट-मार्शल की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को
Bollywood in Latin America: अपने आप को हर क्षेत्र में बाकी दुनिया से श्रेष्ठ समझने का गर्व करने वाले यूरोप-अमेरिका के फ़िल्म समीक्षक भारतीय फ़िल्मों को गंभरता से नहीं लेते— बहुत अतिरंजित और छिछली मान कर टाल देते हैं। लेकिन, इधर कुछ समय से देखने में ...
पीएम मोदी 27 जून को सेशेल्स दौरे पर गए। दर्जनों खबरें चलीं- ‘मोदी यहां दुनिया के सबसे बुजुर्ग जानवर जोनाथन से मिलेंगे।’ पीएम मोदी कछुओं से मिले भी, लेकिन उनमें जोनाथन नहीं था। दरअसल, जोनाथन सेशेल्स में है ही नहीं। वो तो 7 हजार किमी दूर एक ब्रिटिश टापू सेंट हेलेना में है। पीएम मोदी से मुलाकात हो, या ना हो, लेकिन इस बुजुर्ग कछुए की कहानी बेहद रोचक है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कौन है जोनाथन, जिसका नाम गिनीज बुक में दर्ज?जवाब: जोनाथन जमीन पर रहने वाले विशालकाय कछुओं की प्रजाति का सबसे उम्रदराज कछुआ है। इन्हें ‘सेशेल्स जाइंट टॉर्टोइस’ कहते हैं। सेशेल्स 151 द्वीपों का देश है। 1832 ईस्वी में यहीं जोनाथन का जन्म हुआ। हालांकि पिछले 144 सालों से जोनाथन दक्षिण अटलांटिक महासागर के द्वीप सेंट हेलेना में रहता है। 1882 में जोनाथन को अन्य 3 बड़े कछुओं के साथ सेशेल्स से सेंट हेलेना भेजा गया। तब सेशेल्स ब्रिटिश उपनिवेश मॉरिशस का हिस्सा हुआ करता था। उस वक्त गवर्नर थे विलियम ग्रे-विल्सन। तब से अब तक सेंट हेलेना के 31 गवर्नर बदल चुके हैं। सेंट हेलेना आज भी ब्रिटेन के नियंत्रण वाला एक विदेशी इलाका है। यहां के गवर्नर के घर को ‘प्लांटेशन हाउस’ कहते हैं। जोनाथन इसी घर के लॉन में रहता है। लोग उसे प्यार से ‘जोनो’ कहते हैं। सेंट हेलेना की सरकार उसकी देखभाल का जिम्मा उठाती है। उसे राष्ट्रीय प्रतीक का दर्जा मिला है। 5 पेंस के सिक्के पर जोनाथन की तस्वीर छपी है। 2022 से पहले तक सबसे उम्रदराज कछुए का खिताब तुई-मलिला नाम के कछुए के पास था, जो 1777 से 1965 तक यानी 188 साल जीवित रहा। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर, यानी IUCN के मुताबिक, जोनाथन की प्रजाति यानी 'सेशेल्स जाइंट टॉर्टोइस' के कुल 37 कछुओं की जानकारी है। ये सेशेल्स के ही अलग-अलग द्वीपों पर रहते हैं। सेशेल्स पार्क्स एंड गार्डंस अथॉरिटी की वेबसाइट के मुताबिक, यहां के ‘नेशनल बोटैनिकल गार्डन’ में जोनाथन की तरह ही कुछ बड़े सेशेल्स कछुए मौजूद हैं। विजिटर्स इन्हें देख सकते हैं। सेशेल्स कछुओं में करीब 27 नर कछुओं पर एक मादा कछुए का अनुपात है। इसीलिए ये प्रजाति अति दुर्लभ है। हालांकि ये कछुए औसतन 150 साल या उससे ज्यादा भी जीवित रह सकते हैं। सवाल-2: क्या वाकई जोनाथन 194 साल का है?जवाब: ये तस्वीर देखिए… 1886 की इस तस्वीर है, जिसमें जोनाथन पूरी तरह वयस्क हो चुका है। 2008 में ब्रिटिश अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ में ये तस्वीर छपी, तो चर्चा छिड़ी कि ये द्वीप पर मौजूद 150 साल से ज्यादा उम्र का कछुआ है। फिर 2015 में सेंट हेलेना के जानवरों के डॉक्टर जो हॉलिन्स ने कहा, 'हमारे पास रिकॉर्ड है कि उसे 1882 में पूरी तरह डेवेलप कंडीशन में यहां लाया गया था। ये उम्र कम से कम 50 साल की होती है और इसी आधार पर हमारा अनुमान है कि उसकी पैदाइश 1832 और अभी उसकी आयु 183 साल (यानी 2026 में 194 साल) है।' गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी कहा, ‘जोनाथन जब सेशेल्स से सेंट हेलेना पहुंचा, तो पूरी तरह एडल्ट हो चुका था। पूरी संभावना है कि जोनाथन की उम्र हमारे इस अनुमान से भी ज्यादा है।' हालांकि जोनाथन की उम्र को लेकर एक बड़ा दावा और है… दरअसल, 1903 से 1911 तक ईस्ट इंडिया कंपनी की तरफ से सेंट हेलेना के गवर्नर रहे हेनरी लियोनेल गैलवे ने 1941 में रॉयल अफ्रीकन सोसाइटी के जर्नल में एक आर्टिकल लिखा था। उन्होंने दावा किया था- ‘1776 में एक समुद्री जहाज के कप्तान ने तब के गवर्नर को दो कछुए गिफ्ट किए थे। मैंने जब 1911 में द्वीप छोड़ा, तो दोनों ठीक थे। फिर एक की कुछ साल बाद मौत हो गई। दूसरा अभी भी जीवित है।’ अभी सेंट हेलेना पर जोनाथन के साथ 3 कछुए और हैं, लेकिन ये सभी उससे बहुत छोटे हैं। यानी अगर गैलवे के मुताबिक 1776 में आया दूसरा जीवित कछुआ जोनाथन ही है, तो फिर जोनाथन की उम्र कम से कम 250 साल है। 1815 में वाटरलू की हार के बाद नेपोलियन बोनापार्ट को यहीं कैद किया गया था। कहा जाता है कि तब नेपोलियन, जोनाथन से मिला था। हालांकि इस किस्से की पुष्टि नहीं होती। सवाल-3: अभी जोनाथन किस हाल में है, उसकी देखरेख कैसे होती है?जवाब: लाइव साइंस मैगजीन के मुताबिक, 2009 में जोनाथन की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। वो दुबला हो गया था और उसका मुंह कमजोर हो गया था। वह खुद से खाना नहीं खा पा रहा था। जोनाथन का ध्यान रखने वाले डॉक्टर जो हॉलिन्स के मुताबिक, ‘मैंने तब उसे सप्ताह में एक बार फल, सब्जियां खिलाना शुरू किया। धीरे-धीरे उसकी चोंच दोबारा फिर से तेज, घातक और घास वगैरह चरने लायक हो गई थी। मुझे समझ आया कि पोषण की कमी के चलते जोनाथन में मिनरल्स और विटामिन वगैरह की कमी थी।’ 2015 में हॉलिन्स ने बताया था, ‘जोनाथन बिल्कुल ठीक है! मैं उसे रोज अपने हाथों से खाना खिला रहा हूं। उसे खूब भूख लगती है। मोतियाबिंद के चलते वह अंधा है। उसकी सूंघने की शक्ति भी चली गई है, इसलिए वह खाने का पता नहीं लगा सकता। हालांकि वह अभी भी सुन सकता है और वो मेरी आवाज सुनकर खाने के लिए हवा में मुंह चलाने लगता है। मैं खाना रख देता हूं और वह काटकर खा लेता है।’ जो हॉलिन्स ने ये भी बताया था कि जोनाथन की यौन इच्छा प्रबल है। वो अपनी 55 साल की पार्टरन एम्मा के साथ संभोग करने की कोशिश करता है। उन दोनों के साथ फ्रेडरिक नाम का एक और कछुआ रहता है। 1991 में जब फ्रेडरिक को सेंट हेलेना लाया गया, तब उसे मादा समझकर ‘फ्रेडरिका’ नाम रखा गया था। हालांकि 25 साल से ज्यादा समय तक जोनाथन के साथ रहने पर भी दोनों के बच्चा नहीं हुई। जांच की गई, तब पता चला कि फ्रेडरिक एक नर कछुआ है। सवाल-4: कछुए इतनी लंबी उम्र तक जिंदा कैसे रहते हैं?जवाब: कछुओं के वयस्क होने के साथ ही उनके शरीर का बाहरी खोल बेहद मजबूत हो जाता है। जंगल के शिकारी जानवरों के लिए इसे तोड़ पाना लगभग मुश्किल होता है। इससे कछुओं की मृत्यु दर बेहद कम हो जाती है। साइंस इनसाइट्स ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, शिकार के चलते कम मृत्यु देर की वजह से कछुओं पर ज्यादा प्रजनन का दबाव नहीं रहता। वे धीमी रफ्तार से बढ़ते हैं और संभोग के लिए देर से यानी करीब 30 साल की उम्र में तैयार होते हैं। इसीलिए कछुए तेजी से न जीते हैं और न तेजी से मरते हैं और उनमें उम्र बढ़ने से रोकने का एक पूरा तंत्र तैयार हो जाता है। इस तंत्र की 3 खासियत हैं… 1. कम एनर्जी की जरूरत, बाहरी धूप से काम चल जाता है 2. एनर्जी प्रोसेस कम होने से हानिकारक तत्व कम बनते हैं 3. कछुओं में एंटी-एजिंग और एंटी-कैंसर जीन ये खबर भी पढ़ें… मंडे मेगा स्टोरी: बिना संबंध बनाए भी बच्चे पैदा कर लेती है कॉकरोच:सिर कटने पर भी कैसे जिंदा रहते हैं, डायनासोर से भी सीनियर; कॉकरोच के किस्से कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट, X अकाउंट और इंस्टाग्राम अकाउंट सभी हैक और डाउन हो गए, तो फाउंडर अभिजीत दीपके ने लिखा- ‘कॉकरोच कभी मरते नहीं।’ बात सच भी है। कॉकरोच इस दुनिया में डायनासोर से भी पहले आए। सिर कट जाए, हफ्तों खाना न मिले फिर भी जिंदा रहते हैं। बिना नर के भी बच्चा पैदा कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऐप डेवलपमेंट' पर शनिवार दोपहर 2 बजे एक विशेष लेक्चर का आयोजन किया गया। इसमें अमेरिका की मशहूर कंपनी इल्यूमिना (Illumina), एरिज़ोना के सीनियर इंजीनियर नितिन कुमार शर्मा ने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि कैसे आज के दौर में एआई सिर्फ कंप्यूटर साइंस तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल और फार्मा सेक्टर में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। आने वाले समय में नई दवाओं की खोज से लेकर मरीजों के इलाज तक में एआई की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। दवा खोजने और गंभीर बीमारियों की पहचान में मददगार है एआई लेक्चर के दौरान नितिन कुमार शर्मा ने छात्रों को एआई और मशीन लर्निंग की बुनियादी बातों को बेहद आसान तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। एआई की मदद से अब किसी भी नई दवा को खोजने (ड्रग डिस्कवरी) में लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा। इसके अलावा मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से उनका व्यक्तिगत उपचार करने, गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाने और हेल्थ केयर सिस्टम को डिजिटल बनाने में यह तकनीक सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। छात्रों ने पूछे सवाल- एआई के दौर में डेटा कितना सुरक्षित और नौकरियां कितनी बचेंगी? यह सत्र पूरी तरह संवादात्मक रहा, जहां ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और रिसर्च कर रहे छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं खुलकर सामने रखीं। छात्रों ने पूछा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई पर कितना भरोसा किया जा सकता है और इस दौर में साइबर सिक्योरिटी व पर्सनल डेटा की सुरक्षा कैसे होगी? इसके साथ ही भविष्य में नौकरियों की संभावनाओं को लेकर भी सवाल पूछे गए। इन सभी सवालों का जवाब देते हुए विशेषज्ञ ने बताया कि तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने छात्रों को खुद को लगातार अपडेट रखने की सलाह दी। स्वागत से लेकर धन्यवाद तक, नए हुनर को तराशने की पहलयूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों ने इस तरह के तकनीकी आयोजनों की सराहना की। उनका मानना है कि ऐसे लेक्चर से थ्योरी की पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक निदेशक डॉ. अनुप्रिया कपूर ने मेहमानों का स्वागत करके की, जबकि समापन पर डॉ. कल्पना ने सभी संकाय सदस्यों और छात्रों का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रोफेसर मौजूद रहे।
स्मार्टवॉच के बाद अब टेक कंपनियां आपकी नींद को अगला बड़ा बाजार मान रही हैं। पहले घड़ी आपकी हार्ट रेट और कदम गिनती थी, अब बिस्तर पूरी रात आपकी हर करवट, शरीर का तापमान और खर्राटों पर नजर रखेगा। अमेरिका की स्लीप टेक कंपनी Eight Sleep का आई आधारित Pod इन दिनों चर्चा में है। यह एक स्मार्ट मैट्रेस टॉपर है। यह रातभर आपके शरीर की गतिविधियों को समझकर खुद ही बिस्तर का तापमान बदलता रहता है, ताकि नींद बेहतर हो सके। शरीर के तापमान के हिसाब से तय करता है मैट्रेस का टेम्प्रेचर इलॉन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और एंटी-एजिंग उद्यमी ब्रायन जॉनसन जैसे कई बड़े नाम इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3,500 डॉलर (करीब 3 लाख रुपए) है। इस तकनीक की सबसे अलग खासियत यह है कि बिस्तर के दोनों हिस्सों का तापमान अलग-अलग रखा जा सकता है। यानी अगर एक व्यक्ति ठंडा माहौल पसंद करता है और दूसरा थोड़ा गर्म, तो दोनों अपनी-अपनी सेटिंग चुन सकते हैं। इस तरह से काम करता है एआई वाला मैस्ट्रेस, स्लीप स्कोर भी देता है इस मैट्रेस टॉपर में बेहद संवेदनशील सेंसर लगे हैं, जो पूरी रात शरीर से जुड़े कई संकेत रिकॉर्ड करते हैं। शरीर का तापमान, हार्ट रेट, सांस लेने की गति, नींद के अलग-अलग चरण, करवट बदलने की संख्या... इन जानकारियों के आधार पर एआई यह तय करता है कि बिस्तर को थोड़ा ठंडा करना है या गर्म। सुबह उठने पर एप पूरी रात का विश्लेषण दिखाता है और एक स्लीप फिटनेस स्कोर भी देता है।
अमेरिकी हमले में छिना घर का कमाऊ सदस्य, अब इंसाफ की बाट जोह रहा भारतीय नाविक का परिवार
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं. डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति स्थापित करने की तमाम वैश्विक कोशिशों और हाल ही में हुए सीजफायर समझौते को एक बहुत बड़ा और जानलेवा झटका लगा है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभी बातचीत का दौर चल ही रहा था कि अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी (Airstrike) कर पूरे क्षेत्र को दहला दिया।इस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान आगबबूला हो उठा है। ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को अमेरिका को बेहद सख्त और सीधे लहजे में चेतावनी दी है कि इस दुस्साहस के बाद वाशिंगटन को सिर्फ 'पीछे हटना और पछताना' पड़ेगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कहा कि अब अमेरिका का यह 'ब्लेम गेम' यानी खुद हमला करके दूसरों पर दोष मढ़ने का खेल बिल्कुल नहीं चलेगा। आइए जानते हैं कि शांति समझौते के बीच अचानक भड़के इस महाविवाद की असल वजह क्या है।क्यों भड़का विवाद? जानिए अमेरिकी सेना के ताबड़तोड़ हवाई हमलों की वजहयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज लोकेशन्स के साथ-साथ उनकी तटीय रडार साइटों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसा दीं। व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को पूरी तरह जायज ठहराते हुए साफ किया कि यह हमला ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में एक कमर्शियल जहाज पर किए गए कायरतापूर्ण हमले का सीधा और कड़ा जवाब है।अमेरिकी सेना द्वारा जारी आधिकारिक टाइमलाइन के मुताबिक, बीते 25 जून को ईरान ने ओमान के तट के पास जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के झंडे वाले एक विशाल मालवाहक जहाज 'एम/वी एवर लवली' (M/V Ever Lovely) पर वन-वे सुसाइड अटैक ड्रोन से हमला किया था। यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ था, जो पूरी दुनिया के कुल ऊर्जा और कच्चे तेल के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) संभालता है। अमेरिका ने इसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के उल्लंघन को आधार बनाकर ईरान के खिलाफ यह बड़ा सैन्य एक्शन लिया है।ईरान का पलटवार: 'अमेरिका ने बातचीत के बीच में पीठ पर छुरा घोंपा'अमेरिकी बमबारी से भड़के ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व शीर्ष कमांडर और वर्तमान सांसद इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए एक लंबी पोस्ट लिखी। अजीजी ने कहा, 'सफेदपोश अमेरिका ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसकी कथनी और करनी में कितना फर्क है। उसने शांति वार्ता के बीच में ही हमारे देश पर हमला करके पीठ पर छुरा घोंपा है। नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को दिखा दिया है कि वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत या सीजफायर के सिद्धांतों को नहीं मानते हैं।'अजीजी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सीजफायर का यह लापरवाह उल्लंघन अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित होगा। ईरानी सांसद के इस तीखे बयान के ठीक कुछ घंटों बाद IRGC के मुख्यालय से भी एक बड़ा और डराने वाला ऐलान कर दिया गया। ईरानी सेना ने कहा कि उसने देश के दक्षिणी हिस्से पर हुए अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उनके दूतावासों को सीधे अपने मिसाइल निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।'हिंसा का जवाब सिर्फ हिंसा' - अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की दोटूकईरानी धमकियों के बीच अमेरिका ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने ईरान को आड़े हाथों लेते हुए 'X' पर दोटूक शब्दों में चेतावनी दी। वेंस ने लिखा, 'ईरान ने खुद टेबल पर बैठकर सीजफायर समझौते पर दस्तखत किए थे और हमारी सेना ने उस समझौते का पूरा सम्मान किया। अगर ईरानी प्रशासन को एमओयू (MOU) के नियमों या उसे लागू करने के तरीके को लेकर कोई भी आपत्ति या असहमति थी, तो वे राजनयिक चैनलों के जरिए बात कर सकते थे। लेकिन उन्होंने हथियारों का रास्ता चुना, और याद रहे कि हमारे देश के खिलाफ की गई हिंसा का जवाब हमेशा दोगुनी हिंसा से ही दिया जाएगा।' इसके साथ ही वेंस ने ईरान से आखिरी अपील करते हुए कहा कि वे आगे की तबाही को रोकने के लिए तुरंत हिंसा रोककर बातचीत की मेज पर आएं।नाजुक मोड़ पर शांति वार्ता: क्या तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया?यह पूरा सैन्य टकराव एक ऐसे नाजुक और ऐतिहासिक मोड़ पर हुआ है जब दोनों देशों के बीच दशकों पुराने तनाव को खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे से बड़ी डिप्लोमैटिक बातचीत चल रही थी। पिछले हफ्ते ही दोनों पक्षों के बीच एक अस्थाई सीजफायर का औपचारिक ऐलान हुआ था, जिसके तहत एक व्यापक फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों को 60 दिनों का समय दिया गया था। लेकिन इन ताजा हवाई हमलों और पलटवार के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है। शांति की सभी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है और मिडिल ईस्ट एक बार फिर भयंकर क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) की आग में झुलसने की कगार पर आ खड़ा हुआ है।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के अशांत मोर्चे से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है। लंबे समय से जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले समझौते पर सहमति बनी है। लेकिन इस डील के सार्वजनिक होते ही लेबनान का सबसे शक्तिशाली अर्धसैनिक संगठन हिजबुल्लाह पूरी तरह आगबबूला हो गया है। हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व ने इस अमेरिकी समझौते को पूरी तरह खारिज करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में खुली चेतावनी दी है कि यदि इस डील को जबरन थोपा गया, तो लेबनान में भयानक 'गृहयुद्ध' (Civil War) छिड़ जाएगा।अमेरिकी मध्यस्थता में हुआ सीक्रेट समझौता और हिजबुल्लाह की नाराजगीवाशिंगटन और यरूशलेम से आ रही रणनीतिक रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों ने पर्दे के पीछे रहकर इजरायल और लेबनान की सरकार के बीच सीमा विवाद और सुरक्षा गारंटी को लेकर एक कड़ा ड्राफ्ट तैयार कराया था। इस डील का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सीमाओं पर जारी गोलाबारी को स्थायी रूप से रोकना और विस्थापित नागरिकों को उनके घरों तक वापस लाना है। हालांकि, हिजबुल्लाह का आरोप है कि लेबनान सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।'गृहयुद्ध छिड़ जाएगा' – हिजबुल्लाह की लेबनान सरकार को खुली धमकीहिजबुल्लाह के प्रमुख ने एक विशेष संबोधन में लेबनान प्रशासन को सीधे शब्दों में आगाह किया है कि वे इजरायल या अमेरिका के किसी भी एजेंडे को देश की धरती पर लागू नहीं होने देंगे। हिजबुल्लाह ने कहा कि इस डील के जरिए उनके हथियारों को सरेंडर कराने और दक्षिण लेबनान से उनकी मौजूदगी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। अगर सरकार ने इस समझौते को आगे बढ़ाया, तो देश के भीतर विभिन्न गुटों और लेबनानी सेना के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन जाएगी, जिससे पूरे देश में गृहयुद्ध की भयावह आग लग सकती है।बेरूत से लेकर यरूशलेम तक सैन्य अलर्ट और सुरक्षा रणनीति में बदलावइस खुली धमकी के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत, इजरायल की उत्तरी सीमा और पूरे भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Mediterranean Region) में स्थानीय सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है। इजरायली सेना (IDF) ने किसी भी संभावित रॉकेट हमले या घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए अपनी सीमाओं पर पेट्रोलिंग और एयर डिफेंस सिस्टम 'आयरन डोम' को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। वहीं, लेबनान के स्थानीय नागरिक इस नई सैन्य और राजनीतिक खींचतान के बाद भारी दहशत में हैं और देश में एक बार फिर पुराने काले दौर के लौटने की आशंका से डरे हुए हैं।वैश्विक कूटनीति, एआई सर्च और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असरइस नए संकट ने वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आधुनिक जनरेटिव इंजन और वैश्विक थिंक टैंक इस बात का गहन विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या अमेरिका द्वारा कराई गई यह पीस डील वाकई शांति लाएगी या फिर यह एक और बड़े विनाशकारी युद्ध की वजह बन जाएगी। अगर लेबनान के भीतर गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इसका सीधा असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ेगा, जिससे वैश्विक तेल बाजारों, व्यापारिक मार्गों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समीकरणों में भारी उथल-पुथल मचनी तय मानी जा रही है।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देने वाली सैन्य खबर सामने आ रही है। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सीधे और खतरनाक युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हवाई और मिसाइल हमला किया है, जिसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान ने भी अमेरिकी बेस और सैन्य संपत्तियों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे हैं। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) में युद्ध की लपटें उठने लगी हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है।अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान का बड़ा मिलिट्री पलटवारवाशिंगटन से मिली शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी कमांड ने इस हमले को आत्मरक्षा और ईरान समर्थित मिलिशिया की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोनों ने ईरान की मुख्य सैन्य चौकियों और मिसाइल डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अमेरिकी हमले से बेखौफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बिना कोई समय गंवाए बेहद आक्रामक रुख अपनाया और अमेरिकी ठिकानों पर अपनी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार कर दिया। तेहरान ने साफ संदेश दिया है कि वे किसी भी तरह के आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जंग की आहट और ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर संकटइस पूरी जंग का सबसे संवेदनशील केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है, जहां दोनों देशों की नौसेनाएं आमने-सामने आ गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह सबसे अहम समुद्री रास्ता है जहां से वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कुल सप्लाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में सैन्य तनाव बढ़ने और संभावित नाकेबंदी की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यह समुद्री मार्ग पूरी तरह प्रभावित होता है, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।नई दिल्ली से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में मची खलबलीइस अचानक भड़के सैन्य संकट ने नई दिल्ली, लंदन, टोक्यो और वाशिंगटन सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों के कूटनीतिक तंत्र को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। वैश्विक थिंक टैंक और आधुनिक एआई सर्च इंजन इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या यह टकराव केवल सीमित हवाई हमलों तक रहेगा या फिर यह तीसरे विश्व युद्ध की तरह एक पूर्ण पैमाने के क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति की अपील और परमाणु प्रतिष्ठानों पर खतराइस भीषण गोलाबारी के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के कई बड़े देशों ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम करने और संयम बरतने की अपील की है। सबसे बड़ा डर इस बात को लेकर है कि अगर अमेरिकी हमलों का दायरा बढ़ा, तो ईरान के परमाणु प्रतिष्ठान भी इसकी जद में आ सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में विनाशकारी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल दोनों ओर से मिलिट्री मूवमेंट बेहद तेज है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोतों की तैनाती लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया के लिए बेहद नाजुक माने जा रहे हैं।
वैश्विक महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम (सीजफायर) पर एक बार फिर से युद्ध और संकट के काले बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर दुनिया के सबसे संवेदनशील और व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्ग 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) से गुजर रहे कारोबारी जहाजों पर घातक आत्मघाती ड्रोन से हमला करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने आज आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि ईरान ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते की धज्जियां उड़ाते हुए सीजफायर तोड़ दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी सेना ने होर्मुज से गुजर रहे एक बड़े मालवाहक जहाज पर ड्रोन से हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने भी तगड़ा पलटवार किया और ईरान के तीन घातक ड्रोनों को हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की इस सैन्य कार्रवाई को एक बेहद 'मूर्खतापूर्ण कृत्य' करार दिया है।डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ट्रुथ सोशल पर दी हमले की पूरी जानकारीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट के जरिए साझा की। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाने के लिए कम से कम चार सुसाइड (आत्मघाती) ड्रोन भेजे थे, जो दोनों देशों के बीच पिछले सप्ताह ही हुए युद्धविराम समझौते का खुला और सीधे तौर पर उल्लंघन है।ट्रंप का यह संगीन आरोप और अमेरिकी सेना का पलटवार ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच वैश्विक मध्यस्थता के बाद तनाव कम करने की गंभीर कोशिशें की गई थीं। लेकिन इस ताजा हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हालात एक बार फिर नियंत्रण से बाहर और बेहद विस्फोटक होते दिख रहे हैं।एक मालवाहक जहाज से टकराया ड्रोन, अमेरिकी सेना ने हवा में ही मार गिराए 3 विमानराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक बयान के मुताबिक, ईरान द्वारा दागे गए चार ड्रोनों में से एक ड्रोन वहां से गुजर रहे एक बड़े मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से (Deck) से जाकर टकरा गया। इस जबरदस्त धमाके के कारण जहाज को काफी भौतिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन गनीमत यह रही कि भारी नुकसान के बावजूद वह जहाज समुद्र में डूबने से बच गया और अपना आगे का सफर जारी रखने में सफल रहा।ट्रंप ने बताया कि जैसे ही इस हमले की भनक अमेरिकी नौसेना के कमांडरों को लगी, अमेरिकी वायुसेना और युद्धपोतों ने त्वरित एक्शन लेते हुए बाकी बचे तीन ड्रोनों को उनके निशाने पर पहुंचने से ठीक पहले हवा में ही मार गिराया। हालांकि, सुरक्षा और रणनीतिक कारणों का हवाला देते हुए ट्रंप ने फिलहाल उस मालवाहक जहाज के नाम और उसके देश का खुलासा सार्वजनिक नहीं किया है जिस पर यह हमला हुआ था। साथ ही, इस हमले में जहाज पर सवार किसी क्रू मेंबर के घायल होने या हताहत होने की भी कोई अतिरिक्त जानकारी अभी सामने नहीं आई है।सिंगापुर के झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला, सीजफायर को लगा बड़ा झटकामीडिया और रक्षा गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद यह पहली और सबसे बड़ी सैन्य चुनौती तब सामने आई, जब गुरुवार को सिंगापुर के झंडे वाले एक विशाल मालवाहक जहाज पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय यह कथित ड्रोन अटैक हुआ। इस हिंसक घटना को दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने और दुनिया के सबसे बड़े तेल और कमोडिटी सप्लाई रूट पर सामान्य आवाजाही बहाल करने के उद्देश्य से किए गए समझौते के लिए एक बहुत बड़ा और जानलेवा झटका माना जा रहा है।अमेरिकी खुफिया और रक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि इस खौफनाक हमले के पीछे सीधे तौर पर ईरान की एलीट मिलिट्री विंग 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) का हाथ है। बताया जा रहा है कि यह घटना ईरान के उस आधिकारिक सैन्य बयान के ठीक कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें तेहरान ने चेतावनी दी थी कि बिना उनकी मंजूरी या अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करने वाले किसी भी जहाज के खिलाफ वे सख्त सैन्य कार्रवाई करेंगे। इस घटना के बाद कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भी अचानक उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।
इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं। डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की।
ईरान के मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेहरान का पलटवार; मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा
US Iran Tension : अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव उस समय बड़ गया जब अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया। बहरहाल इन ...
अलास्का वार्ता पर टकराव – रूस और अमेरिका आमने-सामने
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने में आखिर क्या भूमिका निभाना चाहता है, इस बारे में साफ तस्वीर सामने आनी चाहिए। उन्होंने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के एंकरेज शिखर सम्मेलन को लेकर दिए गए बयान के बाद कही।
Top News: वेनेजुएला में भूकंप से 920 मौतें, ईरान पर अमेरिकी हमला, हैदराबाद में ट्रंप एवेन्यू
Top News 27 June : वेनेजुएला में भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हुई। अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों व तटीय रडार साइट्स पर हमले किए। हैदराबाद में डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर सड़क। आयरलैंड ने भारत को 34 रनों से हराया। फ्रांस ...
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि परमाणु निगरानी संस्था ने ईरानी अधिकारियों के साथ परमाणु निरीक्षण को लेकर शुरुआती बातचीत की है।
तुर्किए ने अमेरिका को घरेलू दर्शकों के सामने 3-2 से हराकर विश्वकप की पहली जीत पाई (Video)
कान आयहान ने मैच की आखिरी किक पर गोल किया और तुर्किए ने गुरूवार को अमेरिका को 3-2 से हराकर विश्व कप में अपनी एकमात्र जीत दर्ज की।ऑस्टन ट्रस्टी ने तीसरे मिनट में गोल करके अमेरिका को बढ़त दिलाई लेकिन तुर्किए ने आर्डा गुलेर (10वें मिनट) और बारिस अल्पर यिलमाज (31वें मिनट) के गोल की बदौलत स्कोर 2-1 कर दिया। अमेरिका ने 49वें मिनट में सबेस्टियन बरहाल्टर के गोल से बराबरी हासिल की लेकिन आयहान ने अंतिम लम्हों में गोल दागकर तुर्किए की जीत सुनिश्चित कर दी।अमेरिकी टीम पहले ही पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को हराकर ग्रुप डी जीतकर नॉकआउट में जगह बना चुकी थी। कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम बुधवार को राउंड ऑफ 32 में बोस्निया और हर्जेगोविना से भिड़ेगी। पोचेटिनो ने इस कम अहमियत वाले मैच के लिए नौ नए खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में शामिल किया लेकिन क्रिश्चियन पुलिसिक 58वें मिनट में मैदान पर उतरे। पिंडली की चोट के कारण वह अमेरिकी टीम के पहले मैच के पहले हाफ के बाद से नहीं खेले थे।तुर्किए ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले हाफ में दो गोल की बदौलत दबदबा बनाया और अंतत: रोमांचक जीत दर्ज करने में सफल रहा। Trkiye beating the USA with its B squad The USA are so overhyped and were lucky we had two bad games otherwise they would’ve finished under us. pic.twitter.com/zhuROl3bFh — Turk Scout (@ScouTurk) June 26, 2026 तुर्किए अपने पहले दो मैच हारने के बाद पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था जबकि आंकड़ों के लिहाज से उसने दोनों मैचों में काफी हद तक दबदबा बनाए रखा था।इंजरी टाइम के आठवें मिनट में तुर्किए ने अप्रत्याशित जीत हासिल की। कैन उज़ुन को बैक पोस्ट पर खाली जगह में गेंद मिली और उन्होंने उसे गोलकीपर मैट टर्नर के पास से आयहान की ओर धकेल दिया जिन्होंने स्लाइड करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। खचाखच भरे सोफी स्टेडियम में दर्शकों के लिए मैच के नतीजे का कोई खास महत्व नहीं था। घरेलू मैदान पर हो रहे इस विश्व कप में अमेरिकी टीम की शानदार शुरुआत ने प्रशंसकों में जोश भर दिया था लेकिन टीम को अंतत: हार झेलनी पड़ी।
ताइवान पर अमेरिका का दोहराया भरोसा, हथियार पैकेज समीक्षा में
अमेरिका की ट्रंप सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि ताइवान को लेकर उसकी लंबे समय से चली आ रही नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है
अमेरिकी ब्रांड्स की पहली पसंद जयपुर, हर माह खर्च 6,640 रुपए
गुलाबी नगरी जयपुर अब केवल पर्यटन और संस्कृति का केंद्र नहीं, अंतरराष्ट्रीय रिटेल ब्रांडों के लिए भी तेजी से उभरता बाजार बन रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर के शॉपिंग सेंटरों में मौजूद अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स में अमेरिकी ब्रांडों की हिस्सेदारी 41 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं, ब्रिटिश ब्रांडों की हिस्सेदारी 15, जबकि मध्य-पूर्व और पूर्वी एशिया के ब्रांड 13-13 फीसदी हैं। इसकी वजह जयपुर में प्रति व्यक्ति औसत मासिक उपभोक्ता खर्च 6,640 रुपए होना है। नाइट फ्रैंक इंटरनेशनल ब्रांड पेनेट्रेशन रैंकिंग में जयपुर को 30 अंक मिले और इसे देश के सबसे संभावनाशील उभरते रिटेल बाजारों में शामिल हो गया है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ‘इंडिया इंटरनेशनलाइज्ड: द स्ट्रक्चरल असेंट ऑफ इंडिया टियर-2 रिटेल सिटीज’ में जयपुर को देश के सबसे संभावनाशील रिटेल बाजारों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में जयपुर को सूरत और नागपुर के साथ ‘फ्रंटियर थ्री’ बाजारों की श्रेणी में रखा गया है। नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल का कहना है कि शहर में 18 फीसदी रिटेल स्पेस खाली है, फिर भी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसकी वजह वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रीमियम रिटेल स्पेस की कमी होना है। शहर के अधिकांश शॉपिंग सेंटर पुराने ग्रेड-बी प्रारूप के हैं, जो बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाते।
विदेश यात्रा पड़ी भारी तो छिन सकता है स्थायी निवास, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
अगर आप अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर हैं और आप पर किसी भी तरह का आपराधिक मामला लंबित है, तो अब आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा आपको भारी मुसीबत में डाल सकती है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने ग्रीन कार्ड धारकों के लिए इमिग्रेशन के नियमों को बेहद सख्त बना दिया है। 'ब्लांच बनाम लाउ' (Blanch v. Lau) मामले में आए 6-3 के बहुमत के इस फैसले के बाद, सीमा अधिकारी अब लौटने वाले ग्रीन कार्ड धारकों को 'देश में प्रवेश चाहने वाले व्यक्ति' (Applicant for Admission) के रूप में मान सकते हैं, बजाय उन्हें स्वचालित रूप से प्रवेश देने के।क्या है फैसला और क्यों है यह खतरनाक?इस फैसले ने कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) अधिकारियों को व्यापक अधिकार दे दिए हैं। अब अधिकारी केवल किसी लंबित आपराधिक आरोप या संदेह के आधार पर ही किसी ग्रीन कार्ड धारक को रोक सकते हैं, उनका ग्रीन कार्ड जब्त कर सकते हैं और उन पर निष्कासन (Deportation) की कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मतलब यह है कि आपको अमेरिका में प्रवेश करने के लिए अब वह अधिकार नहीं मिलेगा, जो पहले एक स्थायी निवासी को मिलता था। अब आप पर यह साबित करने का बोझ होगा कि आप अमेरिका में रहने के योग्य हैं।दुकान से चोरी जैसा छोटा अपराध भी बन सकता है 'मुसीबत'न्यूयॉर्क के जाने-माने इमिग्रेशन वकील साइरस डी. मेहता ने चेतावनी दी है कि अब आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे किसी भी व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा करना जोखिम भरा है। यहां तक कि दुकान से चोरी (Shop-lifting) जैसे मामूली अपराधों के आरोप भी आपकी स्थायी नागरिकता और रोजगार के अधिकारों को खतरे में डाल सकते हैं। मेहता का स्पष्ट कहना है कि जब तक आपका केस पूरी तरह से सुलझ न जाए और आप दोषमुक्त न हो जाएं, तब तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।साबित करना होगा खुद को 'निर्दोष'सिएटल की वकील कृपा उपाध्याय ने इस फैसले को इमिग्रेशन के दृष्टिकोण से 'गेम-चेंजर' बताया है। पहले के नियमों में सरकार को आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने होते थे, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। यदि आपको सीमा पर हिरासत में लिया जाता है, तो 'निर्दोष साबित करने का बोझ' (Burden of Proof) अब आप पर होगा। यह स्थिति संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर करती है और आपको लंबी कानूनी लड़ाई या हिरासत का सामना करना पड़ सकता है।यात्रा से पहले इमिग्रेशन वकील से सलाह लेंरेखा शर्मा-क्रॉफर्ड जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला 'निर्दोष होने की धारणा' को खत्म करता है। यदि आपके खिलाफ कोई भी पुरानी गिरफ्तारी, दोषसिद्धि या अनसुलझा आपराधिक मामला लंबित है, तो एयरपोर्ट जाने से पहले एक बार इमिग्रेशन वकील से कानूनी परामर्श जरूर लें। अमेरिका से बाहर निकलने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि आपकी यात्रा के दौरान आपकी वापसी की राह सुरक्षित है या नहीं। यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो अपनी पिछली गलतियों या लंबित मामलों को नजरअंदाज करके विदेश यात्रा करते हैं।
नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के महासचिव मार्क रूटे ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति और कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कदम ने ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप नाटो और ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जस्टिस काटजू जून 2026 के US-ईरान MOU, परमाणु निरीक्षणों को लेकर विरोधाभासी दावों और इस बात की पड़ताल करते हैं कि शांति की नाज़ुक प्रक्रिया क्यों विफल हो सकती है।
नमस्कार, ईरान ने इस्लामाबाद समझौते को अमेरिका की हार बताया है। उधर, एअर इंडिया का विमान गलती से पाकिस्तान एयरस्पेस में घुस गया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के चेंजिंग रूम को लेकर आई खबर के बारे में बताएंगे.... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान बोला- इस्लामाबाद समझौता अमेरिका की हार, हमने अपनी शर्तों पर डील की ईरान ने कहा कि ‘इस्लामाबाद समझौता’ अमेरिका की हार साबित हुआ है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने दावा किया कि यह समझौता किसी दबाव या मजबूरी का नतीजा नहीं था, बल्कि हमने इसे अपनी शर्तों पर माना है। ट्रम्प बोले- ईरान ने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को इज्जत दी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि कई दशकों में पहली बार ईरान अमेरिका और उसके राष्ट्रपति को इतनी इज्जत दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में है और समझौते के लिए लगभग हर शर्त मानने को तैयार है। खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए PM मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका हमले में खामेनेई की मौत हुई थी। जंग के कारण टला अंतिम संस्कार अब 4 जुलाई से शुरू होगा। 9 जुलाई को उन्हें मशहद की इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा, तकनीकी खराबी से रास्ता भटका एअर इंडिया की एक फ्लाइट गलती से पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गई। 22 जून की रात दिल्ली से अमृतसर जा रही एअर इंडिया की AI-321 फ्लाइट उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। इसी दौरान विमान तय रूट से भटककर पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गया। पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चेतावनी के बाद पायलट ने यू-टर्न लिया। अमृतसर एयरपोर्ट पर भारी ट्रैफिक के कारण लैंडिंग नहीं हो सकी और विमान को वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी झेलनी पड़ी। पाकिस्तान की फ्लाइट भारतीय एयरस्पेस में घुसी थी: इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की भी पैसेंजर फ्लाइट फ्लाई जिन्ना-9P514 खराब मौसम के कारण भारतीय एयरस्पेस में घुस आई थी। लाहौर एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद फ्लाइट रास्ता भटक गई थी। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एयरस्पेस में लाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 3. राममंदिर चढ़ावा चोरी- SIT रिपोर्ट में 17 आरोपी, टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। जांच के दौरान SIT टीम को दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। SIT ने 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदली। इनमें चंपत राय के करीबी फूलकांत मिश्रा भी शामिल हैं। उनके पास 3 लग्जरी कारें हैं, जिनकी कुल कीमत 25 लाख रुपए है। अब तक ₹2 करोड़ की बरामदगी: चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 4. स्वामी प्रसाद का विवादित बयान, श्रीराम में ताकत नहीं, वह अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पाए यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने गाजीपुर में कहा- अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया। मौर्य ने कहा- छोटा बंदर सूर्य को निगल गया: इतना ही नहीं, पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता खत्म करने के लिए हम पढ़ाई करते हैं? भगवान बुद्ध कहते हैं कि कोई भी बात किसी ग्रंथ में लिखी है, इसीलिए नहीं मानो। पहले उसे अपने दिमाग की कसौटी पर कसो। अगर खरा उतरे, तभी मानो। भगवान राम दूसरों का भला कैसे करेंगे: राम मंदिर से करोड़ों रुपए लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? यह सवाल उठता है। पूरी खबर पढ़ें… 5. मानसून MP पहुंचा, 9 दिन लेट एंट्री, दिन में पूरा राज्य कवर करेगा मध्य प्रदेश-गुजरात में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हुई। दोनों राज्यों में मानसून आने की सामान्य तारीख 15 जून रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अगले 4 दिन में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। इसी के साथ मानसून ने अब देश के 22 राज्यों को कवर कर दिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से 3 लापता: अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से तेज बारिश जारी है। कीयी पन्योर जिले में याजाली सर्किल के नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में बाढ़ आ गई। घटना में 3 लोग लापता हुए हैं। 18 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। फ्रांस में हीटवेव से 58 मौतें: फ्रांस में गर्मी के कारण 58 लोगों की मौत हो गई। हीटवेव के चलते फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। फ्रांस ही नहीं यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। स्पेन, इटली और ब्रिटेन समेत 14 देशों में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। पूरी खबर पढ़ें... 6. वैभव के लिए इंग्लैंड में अलग चेंजिंग रूम होगा, टीम मीटिंग और खेल के दौरान ही सीनियर्स साथ रहेंगे वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम इस्तेमाल करेंगे। यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि, सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय प्लेयर्स के साथ रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। ऐसे नियम क्यों बने: खेलों में चाइल्ड सेफगार्डिंग नियम अचानक नहीं बने। सालों तक खेल अकादमियों, ड्रेसिंग रूम और ट्रेनिंग सेंटरों में नाबालिग खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना के कई मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद फीफा, इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी को 'लॉकर रूम बैन' और 'नो 1-ऑन-1' जैसे सख्त नियम बनाने पड़े। पूरी खबर पढ़ें... ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुनिया में सबसे तेज चिल्लाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के 58 साल के जोसेफ मैकग्रेल-बेटअप ने सबसे तेज चीखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उनकी आवाज 122.4 डेसीबल मापी गई, जो उड़ान भरते जेट विमान की आवाज के बराबर मानी जाती है। यह रिकॉर्ड बनाने के लिए जोसेफ को 7 बार कोशिश करनी पड़ी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मकर राशि वालों के बिजनेस में कॉन्टैक्ट मजबूत होंगे। धनु राशि के नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
मोगा में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोदी सरकार का पुतला फूंका और समझौते को किसान विरोधी बताया। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के जिला प्रधान जगमोहन सिंह कंग ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के साथ व्यापारिक समझौते के लिए दिल्ली पहुंच रहा है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो अमेरिका से बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद और डेयरी वस्तुएं भारतीय बाजार में आएंगी, जिससे देश के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। कंग ने कहा कि हरित क्रांति के दौरान विदेशी तकनीक, हाइब्रिड बीज और रासायनिक खादों के उपयोग से उत्पादन बढ़ा, लेकिन इससे किसान इन संसाधनों पर निर्भर भी हो गए। समय के साथ इनकी लागत लगातार बढ़ती गई, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिला। परिणामस्वरूप किसान कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। किसान नेता बोले- अमेरिकी उत्पाद कम कीमत पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे किसान नेताओं का कहना है कि नए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी उत्पाद कम कीमत पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे। इससे स्थानीय कृषि और डेयरी क्षेत्र को नुकसान होगा तथा किसानों और उपभोक्ताओं की विदेशी बाजारों पर निर्भरता बढ़ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन्हीं चिंताओं को देखते हुए किसान मजदूर मोर्चा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। मोगा में भी विभिन्न किसान संगठनों और मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन बहिरामके, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद, किसान मजदूर संघर्ष समिति और क्रांतिकारी ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर समझौता किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ में 'अमेरिकन कोचिंग एंड लाइब्रेरी' में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये के कंप्यूटर, एसी और किताबें जलकर राख हो गईं। आग लगने के समय लाइब्रेरी में छात्रों की अनुपस्थिति के कारण बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण एसी में हुआ शॉर्ट सर्किट था। एसी से निकली चिंगारियां नीचे रखी कॉपियों और किताबों पर गिरीं, जिससे आग पूरी लाइब्रेरी में फैल गई। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… बिना NOC और फायर सेफ्टी मानकों के हो रहा था संचालित जांच में सामने आया है कि 100 छात्रों की क्षमता वाला यह संस्थान बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और फायर सेफ्टी मानकों के संचालित हो रहा था। संचालक ने सरकार को देय अग्निशमन शुल्क भी नहीं चुकाया था। मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद, कैमूर क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों, मॉल्स और व्यावसायिक भवनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदकोट के कोटकपूरा में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने आज भाजपा नेत्री और पूर्व प्रदेश सचिव सुनीता गर्ग के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। भाकियू क्रांतिकारी के प्रांतीय उपाध्यक्ष सूरजभान और जिला प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से देश के विभिन्न वर्गों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से खेती-किसानी, कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों और छोटे कारोबारों को भारी नुकसान होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और रोजगार के अवसर भी कम होंगे। समझौते के खिलाफ देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे इस मौके पर किसान नेता सूरजभान व जसविंदर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि समझौते पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते को लागू किया गया तो किसान देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। समझौते संबंधी विपक्षी पार्टियां गुमराह कर रही है उधर इस संबंध में भाजपा नेत्री सुनीता गर्ग ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अभी तक हुआ ही नहीं है और विपक्षी दलों द्वारा लोगों को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई समझौता होता है तो भारत के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।
जब भी तकदीर का हल्का-सा इशारा होगा,आसमां पर कहीं मेरा भी सितारा होगा। एक दिन सब मेरे लफ्जों से उजाला लेंगे,मेरी मुट्ठी में नई सुबह का तारा होगा। यह चार लाइनें देश के प्रतिष्ठित शायर, गीतकार और साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने अपने दोस्त से कही थी। जवानी में पढ़ाई करते समय दोस्त ने श्रीवास्तव को कहा था कि तुम हमेशा शेरो-शायरी करते रहते हो। तुम आट्र्स के स्टूडेंट हो। हमें डॉक्टर बनना है। इस पर श्रीवास्तव ने कहा- एक दिन तू टिकट लेगा और मेरा शो देखने आएगा। इसके करीब 30 साल बाद अमेरिका में मेरे शो में वही दोस्त दर्शकों में बैठा मिला। आलोक श्रीवास्तव ने कहा- जगजीत सिंह, पंकज उदास ने मेरी कविताओं को सुरों में पिरोया। वहीं अमिताभ बच्चन ने भी मेरे शब्दों को आवाज दी। श्रीवास्तव ने कहा- एक बार आशुतोष राणा ने कहा- शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी भावानुवाद करो। मैंने इसे किया और आज करोड़ों लोग इसे सुन चुके हैं। आलोक श्रीवास्तव आज साहित्य, गजल, सिनेमा और आध्यात्मिक लेखन की दुनिया में अलग पहचान रखते हैं। 'मां' जैसी कालजयी रचना से लेकर हिंदी में शिव तांडव स्तोत्र, राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा गीत और महाकुंभ एंथम तक, उनकी लेखनी ने करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ है। तीन दशकों से जयपुर से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में श्रीवास्तव ने जयपुर की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक सफर, शिव तांडव स्तोत्र की रचना यात्रा, सपनों की ताकत, बॉलीवुड लेखन और अपनी नई पुस्तक 'आसान' को लेकर खुलकर बात की। सवाल: 30 साल से आप जयपुर आ रहे हैं। कवि सम्मेलन, मुशायरे, साहित्य उत्सव का हिस्सा बने। शहर को कैसे बदलते हुए आपने देखा? आलोक श्रीवास्तव: बहुत ज्यादा बदलते देखा है। मैं जयपुर तब से आ रहा हूं, जब यहां आने में सड़क के रास्ते से आठ घंटे लगते थे। अब मैं नोएडा, दिल्ली-एनसीआर से अपने डेस्टिनेशन तक सवा तीन-साढ़े तीन घंटे में पहुंच जाता हूं। सबसे पहला जो अद्भुत बदलाव आया है, वह हम दिल्ली वालों के लिए आया है। जयपुर तो हमेशा से मेरे सबसे पसंदीदा शहरों में रहा है। मैं यहां लगातार आता रहा हूं। सिर्फ साहित्यिक महोत्सवों में ही नहीं, बल्कि दैनिक भास्कर के कार्यक्रमों, पत्रकारिता के सेमीनार और निजी यात्राओं में भी। मैं अक्सर सोचता था कि इतने खूबसूरत शहर तक पहुंचने का रास्ता इतना कठिन क्यों है। मैं मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने ऐसा शानदार हाईवे दिया। इससे अब हम कुछ ही घंटों में यहां पहुंच जाते हैं। एक और बात जो जयपुर को मेरे लिए बेहद खास बनाती है। जंतर-मंतर पर जो लाइट एंड साउंड शो चलता है, उसकी स्क्रिप्ट लिखने का अवसर मुझे मिला था। मैंने जयपुर के पूरे इतिहास को उस स्क्रिप्ट में पिरोया है। वह आज भी विष्णु शर्मा की आवाज में चल रहा है। जयपुर का भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अद्भुत है। राजस्थान का नाम आते ही मन में शौर्य, गौरव और भारतीयता का एक अनोखा भाव जागता है। महाराणा प्रताप की धरती, वीरता की धरती, संस्कृति की धरती, यह सब कुछ अपने आप में रोमांचित कर देता है। जब भी मैं यहां कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता या निजी यात्रा के सिलसिले में आता हूं, तो सबसे पहले इस शहर की गौरवगाथा मुझे भावुक कर देती है। इसलिए मैं बार-बार जयपुर आता हूं। सवाल: आपकी पहचान गजलकार, साहित्यकार और गीतकार के रूप में है। अब भक्ति गीतकार में अलग पहचान बनी। आलोक श्रीवास्तव: मेरा मानना है कि जब यह ब्रह्मांड आपसे कोई काम कराना चाहता है, तब आपका प्रारब्ध आपसे कुछ विशेष करवाना चाहता है। आपके आसपास वैसा ही माहौल, वैसे ही लोग और वैसी ही परिस्थितियां बना देता है। मैंने कभी योजना नहीं बनाई थी कि मुझे भक्ति गीत लिखने हैं। धीरे-धीरे परिस्थितियां ऐसी बनीं कि शिव तांडव स्तोत्र का भावानुवाद सामने आया। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के गीत आए। महाकुंभ का एंथम आया। यह सब अपने आप होता चला गया। मैंने इसके लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए। जो काम कुदरत आपको सौंपती है, उसके लिए वह आपको तैयार भी करती है। आपका काम सिर्फ इतना होता है कि जो जिम्मेदारी आपको मिली है, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएं। सवाल: शिव तांडव स्तोत्र के हिंदी भावानुवाद की कहानी रोचक मानी जाती है। यह यात्रा कैसे शुरू हुई? आलोक श्रीवास्तव: मैं हमेशा कहता हूं कि हिंदी शिव तांडव स्तोत्र की मूल प्रेरणा, मूल विचार और पूरा मार्गदर्शन एक ही व्यक्ति हैं। मेरे बड़े भाई, महान साहित्यकार और अभिनेता आशुतोष राणा जी। कोविड के दौरान मैंने एक गजल लिखी थी- जो दिख रहा है सामने, वह दृश्य मात्र है,लिखी रखी है पटकथा, मनुष्य पात्र है... मैंने आशुतोष जी से आग्रह किया कि अगर वे इस गजल का पाठ कर दें तो यह अमर हो जाएगी। उन्होंने समय मिलने पर इसे रिकॉर्ड किया। जैसे ही यह गजल सोशल मीडिया पर आई, लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच गई। कुछ समय बाद आशुतोष राणा ने मुझसे कहा- शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी भावानुवाद करो। मैंने उनसे कहा कि यह तो बहुत कठिन काम है। तब उन्होंने कहा कि इसका छंद वही है, जिसमें तुम अपनी कविता लिख चुके हो। फिर उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से यह काम शुरू हुआ। मैं हमेशा कहता हूं कि आशुतोष राणा निमित्त बने और भगवान शिव की कृपा से शिव तांडव स्तोत्र हिंदी में आलोकित हो गया। आज करोड़ों लोग इसे सुन चुके हैं और इसे जो प्रेम मिला है, वह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। सवाल: शिव तांडव स्तोत्र को लेकर जो प्रतिक्रियाएं मिलीं, उनमें सबसे विशेष क्या रहा? आलोक श्रीवास्तव: आज सोशल मीडिया का समय है। लोग खुलकर अपनी राय रखते हैं। यह महादेव की कृपा है कि आशुतोष राणा के यूट्यूब चैनल ‘पंचतत्व वन’ पर यह रिलीज हुआ। चैनल पर हजारों टिप्पणियां हैं, लेकिन मुझे आज तक एक भी नकारात्मक टिप्पणी नहीं मिली। चार-पांच साल हो गए, लेकिन आज तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जिसने कहा हो कि इसमें कोई कमी है। यह पूरी तरह भगवान शिव का आशीर्वाद है। जब मैं यह लिख रहा था, तब मुझे खुद आश्चर्य हो रहा था कि यह भाषा और यह शब्दावली मेरे भीतर कहां से आ रही है। मैं तो मूल रूप से हिंदी-उर्दू का गजलकार हूं। जब आप किसी दिव्य कार्य के निमित्त बनते हैं, तो शब्द भी उसी शक्ति के माध्यम से आते हैं। कितनी अद्भुत बात है कि हमारी पूरी सनातन सभ्यता में शिव इकलौते ऐसे देवता हैं, जो एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। आलोक अगर उनका श्रद्धापूर्वक आह्नान करें। बुलाएं तो आलोकेश्वर हो जाएंगे। अनुराग भाई बुला लें तो अनुरागेश्वर हो जाएंगे। पीपल के नीचे रख दीजिए, पीपलेश्वर हो जाएंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने लंका विजय से पहले आह्वान किया। वहां विराजे तो रामेश्वरम हो गए। यानी जहां विराजे, उस स्थान को सिद्ध कर दिया और जिसने विराजा उसे प्रसिद्ध कर दिया। विशेष हैं, अशेष हैं, प्रशेष हैं, विशेष हैंविशेष हैं, अशेष हैं, प्रशेष हैं, विशेष हैं।जो उनको जैसा धार ले, वे उसके जैसा वेश हैंवे नेत्र सूर्य देवता का चंद्रमा का भाल है।विलय भी वे, प्रलय भी वे, अकाल महाकाल हैउसी के नाथ हो लिए जो उनके साथ हो लिया। वहीं के हो गए हैं वे। जहां सुना शिवा शिवम तरल अनल गगन पवन धरा धरा शिवा शिवम। सवाल: कभी सोचा था कि जगजीत सिंह, पंकज उधास और अमिताभ बच्चन आपकी रचनाओं को आवाज देंगे? आलोक श्रीवास्तव: शायद यह पावर ऑफ मैनिफेस्टेशन था। जब भी मैं जगजीत सिंह जी को सुनता था, पंकज उधास साहब को सुनता था या अमिताभ बच्चन जी को देखता था, तो मन में आता था कि काश कभी कुछ ऐसा लिखूं, जिसे ये लोग गाएं या बोलें। मैं अक्सर अपने शो ‘आलोकनामा’ में अपनी कहानियां सुनाता हूं। दैनिक भास्कर ने उसके बड़े अच्छे टिकटेड शो भी इंदौर और भोपाल में करवाए हैं। वहां भी यह कहानी सुनाई थी, यहां भी बताता हूं। मैं बचपन में अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई करता था। कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर की पढ़ाई कर रहा था, मैं आट्र्स का स्टूडेंट्स था। वहां शायरी और कविताएं पढ़ा करता था। एक दिन उन्हीं में से एक दोस्त जो शायद स्ट्रेस में था, उसने मेरी शायरी सुनते ही कहा कि क्या तुम जब देखो, तब शेरो शायरी करते रहते हो। तुमको तो कुछ नहीं है। तुम तो आट्र्स के स्टूडेंट हो, हम लोगों को डॉक्टर बनना है। उसने मुझे वहां से भगा दिया। मैं बाहर आकर बहुत रोया। बहुत भावुक हुआ। इसके बाद मैं वापस छत पर गया और मैंने उससे कहा कि आज तो तू मुझे यहां से भगा रहा है। एक दिन तू टिकट लेगा और मेरा शो देखने आएगा। करीब 30 साल बाद अमेरिका में मेरा कार्यक्रम था। वही दोस्त दर्शकों में बैठा मिला। उसने कहा कि तुम भूल गए, लेकिन मैंने तुम्हारी बात नहीं भूला। तुमने कहा था कि एक दिन मैं टिकट लेकर तुम्हारा शो देखने आउंगा, इसलिए मैं आया हूं। मुझे लगता है कि जब आप अपने आप से कोई वादा करते हैं, तो पूरा ब्रह्मांड उसे सुनता है। जगजीत सिंह, पंकज उदास, अमिताभ बच्चन के लिए भी कहा करता था कि ये भी कभी मेरे शब्दों को आवाज देंगे और यह बात सच भी हुई। सवाल: हिंदी साहित्य और बॉलीवुड के लिए लिखने में क्या अंतर महसूस करते हैं? आलोक श्रीवास्तव: जब आप साहित्य लिखते हैं, तो अपने मन की बात लिखते हैं। वह बात सबके मन की बात बन जाती है। जब आप फिल्म के लिए लिखते हैं, तो आपके सामने एक तय परिस्थिति, एक दृश्य और एक समय सीमा होती है। आपको उसी दायरे में काम करना होता है। एक सच्चे कवि की पहचान यह होती है कि उसका स्वर दोनों जगह एक जैसा रहे। जैसे आप गुलजार साहब, जावेद अख्तर साहब, साहिर साहब या कैफी आजमी साहब को सुनते ही पहचान लेते हैं। मैं मानता हूं कि कविता बड़े शब्दों से नहीं बनती, बल्कि सरल शब्दों में बड़ी बात कहने से बनती है। सवाल: आपकी नई किताब ‘आसान’ को लेकर क्या कहना चाहेंगे? आलोक श्रीवास्तव: मेरी पहली किताब ‘आमीन’ थी, जिसे बहुत प्रेम मिला। इसके बाद जो यात्रा हुई, जो अनुभव आए, जो भक्ति रचनाएं और नई गजलें लिखीं। वे सब ‘आसान’ में संकलित हैं। इसका नाम भी जावेद अख्तर साहब ने सुझाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारी भाषा बहुत सरल है, इसलिए किताब का नाम ‘आसान’ होना चाहिए। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कविता वह नहीं होती, जिसमें शब्द कठिन हों। कविता वह होती है, जिसमें शब्द आसान हों, लेकिन बात बड़ी हो।
जींद जिले के जुलाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न मांगों को लेकर जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। तहसील कार्यालय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल उन्होंने तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। नरेंद्र ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी विरोध किया। उन्होंने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे देश के किसानों को नुकसान होगा। भाकियू ने सरकार से इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तुरंत वापस लेने और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। विभिन्न मांगो को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन धरने के दौरान किसान नेताओं ने रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने मांग की कि किसान नेता रवि आजाद का नार्को टेस्ट करवाया जाए और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करवाई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद, भाकियू का प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम होशियार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान मौजूद रहे।
रोहतक में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुटने टेककर देश के हितों को दांव पर लगा दिया है। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। नरेंद्र मोदी देश के सबसे डरपोक व झुके हुए प्रधानमंत्री साबित हुए है। अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत पाने के लिए पूरे देश में सांसदों को खरीदने की मंडी लगा दी है। सरकार गिरने के डर से भाजपा लोकतांत्रित तरीके को छोड़कर तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। पैसे व फोर्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रामलला के घर से चोरी करके सांसदों को खरीदा जा रहा है। अनुराग ढांडा ने एक माह के लिए मांगी ईडी आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी व सीबीआई के बल पर भाजपा सांसदों को तोड़ने का काम कर रही है। एक माह के लिए आम आदमी पार्टी को ईडी दिलवा दो, भाजपा का पटका पहनने वाला भी कोई नहीं दिखेगा। 2014 में जैसे दिल्ली में भाजपा के विजय रथ को रोका था, वैसे ही अब पंजाब भी रोका जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ सेटिंग अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ लांग टर्म सेटिंग है। इसलिए भाजपा जनता पर कोई अन्याय करती रहे, भूपेंद्र हुड्डा अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निलकते। पूरे हरियाणा में एक ही चर्चा चल रही है कि जब तक भूप्पी, तब तक बीजेपी। जब तब भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के नेता व विपक्ष के नेता बने रहेंगे, तब तक हरियाणा में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा से मिलकर सरकार चला रहे भूपेंद्र हुड्डा अनुराग ढांडा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में हिस्सेदारी है। भूपेंद्र हुड्डा तो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस और सरकार चलाने में नायब सिंह सैनी विफल साबित हुए है। नायब सैनी 90 प्रतिशत समय हरियाणा से बाहर रहते हैं और विपक्ष उसे रोकने में नाकाम है। भाजपा पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ाने में लगी अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीटें दी, दूसरे दलों के सहारे सरकार बनाई। अब भाजपा जनता से वोट लेने की बताय पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ा रही है। दो तिहाई बहुमत करके संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसदों की खरीद फरोख्त करके संविधान बदलने का प्रयास कर रहे, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा राज में राम मंदिर में हुई चोरीअनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12 साल में राम मंदिर के अंदर चोरी हुई। इतने पेपर लीक करवा दिए, जितने कांग्रेस राज में भी नहीं हुए। राज्यों से पैसो इकट्ठा करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिससे सांसदों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह भाजपा की उवलब्धियां है।
किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके जाएंगे। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा: पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।
कैथल में आज भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की ओर से शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों द्वारा भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा। जिलेभर के किसान करनाल रोड स्थित सर छोटूराम चौक पर सुबह 10 बजे से लेकर 11 बजे तक इकट्ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक जाएंगे। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कहा-ट्रेड डील किसानों के लिए खतरा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जिस प्रकार जानकारी सामने आ रही है यह समझौता देश के किसानों, पशुपालकों, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, उद्योग व भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इससे किसानों की खेती के खतरा आने वाला है और किसान बिलकुल खत्म हो जाएगा। जैसे पहले भी भारत में कम्पनियां आई थी और सब कुछ उनके उपर ही निर्भर था। एमएसपी को खत्म करने का आरोप उसी प्रकार से अब अगर ट्रेड डील लागू होगी तो अमेरिका की गेहूं, चावल, दाल, मक्का, दूध और सब्जियां अमेरिका से आएंगी। ऐसे में भारत के किसान जो छोटी जोत के किसान हैं, वे खुद खेती नहीं कर सकेंगे। ट्रेड डील लागू करके केंद्र सरकार MSP खत्म करना चाहती है। इससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। इस डील से आगे आने वाले समय में अमेरिका अपनी मनमर्जी से रेट निर्धारित करेगा और महंगे दामों में उत्पाद बेचेगा। इसलिए किसान संगठनों ने पहले ही ट्रेड डील का विरोध करने फैसला लिया हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रदर्शन में भाग लें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में रोष मार्च निकालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय अमेरिका के दबाव में आकर देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से पहले भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते का विरोध किया जा चुका है। देश भर में पुतले फूंकने की चेतावनी इसके अलावा देशभर के जिला मुख्यालयों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई थी कि किसानों और आम लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेता ने यह भी मांग की कि विदेशों से आयात होने वाले कृषि और अन्य उत्पादों पर उचित आयात शुल्क लगाया जाए ताकि भारतीय किसानों और उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। 23 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा-डल्लेवाल डल्लेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से 23 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखने और देश के किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा की मांग को बुलंद करेंगे।
अमेरिका ने भारत के लिए 482 मिलियन डॉलर के सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी
नई दिल्ली, अमेरिका ने भारत के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए लगभग 482.2 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपए) के रखरखाव और सपोर्ट पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
अमेरिका और ईरान समझौते के बीच घटीं आपूर्ति की चिंताएं
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।
25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। जब भी किसी प्रोडक्ट, फ्लाइट टिकट या किसी खबर की जानकारी चाहिए होती है, हमें गूगल पर जाकर सर्च करना पड़ता है। कई बार लोग किसी सेल का इंतजार करते हैं, स्टॉक में वापस आने वाले प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट रिफ्रेश करते रहते हैं या किसी खास विषय पर लगातार अपडेट देखते रहते हैं। अब गूगल इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है। कंपनी ने सर्च एजेंट्स नाम का नया एआई फीचर पेश किया। यह ऐसा डिजिटल एजेंट है, जो आपके लिए 24 घंटे इंटरनेट पर नजर रखता है। यूजर्स के लिए चार फायदे 1. कोई प्रोडक्ट स्टॉक में आते ही अपडेट देता है मान लीजिए आप किसी लिमिटेड एडिशन किताब या नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं। एआई को सिर्फ ये प्रॉम्प्ट दीजिए कि यह प्रोडक्ट भारत में उपलब्ध होते ही आपको अपडेट करे। जैसे ही वह स्टॉक में आएगा, गूगल आपको अलर्ट भेज देगा। 2. फ्लाइट सस्ती होते ही मिलेगा नोटिफिकेशन अगर आप किसी शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एआई को बता सकते हैं कि टिकट का किराया कम होने पर जानकारी दे। एआई लगातार अलग-अलग वेबसाइट्स पर कीमतें देखता रहेगा। 3. खबर पर लगातार अपडेट करेगा परीक्षा से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो इंटरनेट पर नई जानकारी के आधार पर इससे जुड़े अपडेट देता रहेगा। 4. प्रॉपर्टी या रेंट पर घर लेने में भी मदद करेगा अभी हर प्रॉपर्टी वेबसाइट पर जाकर बजट, लोकेशन और दूसरे फिल्टर दोबारा भरने पड़ते हैं। सर्च एजेंट में अपनी जरूरत एक बार बताने के बाद एआई वेबसाइट्स पर उसी आधार पर नए विकल्प मिलने पर सूचना देगा। ऐसे काम करेगा सर्च एजेंट अभी तक गूगल पर कोई सवाल पूछने पर यूजर्स को सर्च रिजल्ट, वेबसाइट्स के लिंक और एआई ओवरव्यू दिखाई देता है। अगर विस्तार से जानकारी चाहिए तो एआई मोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। सर्च एजेंट्स के साथ यह तरीका बदल जाएगा। यूजर एआई मोड में जाकर सिर्फ एक बार अपनी जरूरत बताएगा। इसके बाद एआई बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट स्कैन करता रहेगा। जैसे ही उससे जुड़ी कोई नई जानकारी मिलेगी, वह खुद नोटिफिकेशन भेज देगा। इस्तेमाल कैसे करेंगे? एआई मोड खोलिए व अपनी जरूरत लिखिए। उदाहरण के लिए... मुझे दिल्ली से टोक्यो जाना है। इसकी फ्लाइट जैसी ही सस्ती हो, तो मुझे अपडेट कीजिए... यानी जितना स्पष्ट निर्देश देंगे, उतने बेहतर परिणाम देगा। जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा - शुरुआत में अमेरिका में उपलब्ध है। - इसका इस्तेमाल केवल गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर कर सकते हैं। - जल्द ही इसे एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

