फ्लाईदुबई प्लेन में स्मित मच्छार की मदद करने वाले प्लंबर के अमेरिकी राजदूत हुए मुरीद
इस हमले को इजरायली यात्रियों, कैप्टन और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नाकाम कर दिया. हमला विमान के ओमान के रहने वाले को-पायलट ने किया था, जिसने कथित तौर पर कैप्टन को चाकू मारकर घायल करने के बाद जान-बूझकर विमान को क्रैश करने की कोशिश की.
मुंबई के डे-केयर सेंटर के फ्रीजर में 4 साल से रखा था बुजुर्ग का शव, अमेरिका भेजने की थी तैयारी
मुंबई के डे-केयर सेंटर के फ्रीजर में 4 साल से रखा था बुजुर्ग का शव, अमेरिका भेजने की थी तैयारी
भारत ने दोबारा दे दिया था अमेरिका को 'पोखरण मूमेंट', ASAT मिसाइल लॉन्च से सकते में था US
अमेरिका के पूर्व वायु सेना खुफिया अधिकारी ने खुलासा किया है कि उन्हें 2019 में भारत द्वारा लॉन्च किए गए एंटी सैटेलाइट मिसाइल के बारे में जानकारी नहीं थी। जब यह लॉन्च हुआ उसके बाद NRO में अफरा-तफरी का माहौल था।
आईएमएफ ने अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में बनी सहमति का स्वागत किया
आईएमएफ ने अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में बनी सहमति का स्वागत किया
अमेरिका इराक से तो चला गया, क्या फिर लौट आएगा ISIS
अमेरिका 23 साल बाद इराक से निकल गया है. उसने विनाश के हथियार खोजने के लिए इराक पर हमला बोला था, वो हथियार तो नहीं मिले लेकिन इराक एक नए युग में पहुंच गया. अब अमेरिका के वहां से जाने के बाद वहां किन खतरों के उठ खड़ा होने का डर है, बता रहे हैं डॉक्टर अमर सिंह.
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश है, जिसमें उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ जिला 'आंवला राजधानी' कहलाता है। प्रतापगढ़ का आंवला जीआई टैग प्राप्त कर अमेरिका और यूरोप तक निर्यात होता है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी पहचान बनी है।
अब क्या करेगा चीन? अमेरिका ने ताइवान को दिए घातक फाइटर जेट
ताइवान को अमेरिकी F-16V लड़ाकू विमानों की पहली खेप मिली. 66 में से दो विमान पहुंचे. यह 2019 के 8 अरब डॉलर के सौदे का हिस्सा है. चीन की सैन्य गतिविधियों के बीच ताइवान की हवाई सुरक्षा मजबूत हुई.
इराक में ISIS के खिलाफ अमेरिकी मिशन खत्म, देखें US Top-10
अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इराक में ISIS के खिलाफ ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व आधिकारिक रूप से ख़त्म कर दिया है. अब इराकी सुरक्षाबल देश की सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे. अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बावजूद वॉशिंगटन, प्रशिक्षण, खुफ़िया सहयोग और वित्तीय तंत्र के जरिए इराक पर अपना प्रभाव बनाए रख सकता है. देखें यूएस टॉप-10.
Daily Voice: ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर अश्विनी शमी को उम्मीद है कि US के मिड टर्म चुनावों के बाद जियोपॉलिटिकल हालात बेहतर होंगे। इससे कच्चे तेल की कीमतों में कमी आएगी,महंगाई के अनुमानों में गिरावट होगी,US ट्रेजरी यील्ड में नरमी आएगी, कंपनियों की मार्जिन बेहतर होगी और भारतीय इक्विटी में फंड विदेशी पैसा आना शुरू होगा। इन सबसे मार्केट को सपोर्ट मिल सकता है।उनका मानना है कि जब मार्केट FY28 की अर्निंग और रेवेन्यू ग्रोथ पर ध्यान देना शुरू करेगा तो मौजूदा लेवल से बाजार में तेजी आने की संभावना है। उनको उम्मीद है कि RBI अपनी अगली MPC मीटिंग में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेगा। वे इसे ब्याज दरें बढ़ाने के दौर की शुरुआत के तौर पर नहीं,बल्कि महंगाई के कुछ समय के दबाव को संभालने और US ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के बीच रुपये को सहारा देने के लिए मॉनेटरी कदम के तौर पर देखते हैं।क्या आपको उम्मीद है कि Q2 के नतीजे कोई पॉजिटिव सरप्राइज लेकर आएंगे?दूसरी तिमाही के ज्यादातर हिस्से में महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रही है,इसलिए इनपुट कॉस्ट बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ने और Q2 की अर्निंग पर असर पड़ने की आशंका है। सर्विस सेक्टर,खासकर फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है,क्योंकि पिछले 2-3 क्वार्टर में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही है।क्या हालिया गिरावट के बाद लार्ज-कैप शेयरों के भाव अच्छे हो गए हैं?लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी को लेकर निकट भविष्य की कमजोरी या अनिश्चितता पर बहुत ज़्यादा फोकस किया गया है। FII की बिकवाली के दबाव के साथ मिलकर लार्ज-कैप कंपनियों का वैल्यूएशन मल्टीपल आकर्षक स्तर पर आ गया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल,कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव,करेंसी में दबाव से इनपुट कॉस्ट का बढ़ना और सप्लाई चेन में रुकावट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन अगर आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बाद डबल-डिजिट ग्रोथ की संभावना को ध्यान में रखें,तो 19.1 के P/E और 2.87 के P/B पर निफ्टी 100 निश्चित रूप से अच्छे भाव पर है।इन चुनौतियों के बावजूद,हमने पिछली तिमाही में रेवेन्यू और अर्निंग्स में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी है। संभावना है कि US के मध्यावधि चुनावों के बाद ये हालात सामान्य हो सकते हैं।क्या नए नियमों की वजह से हाल ही में आई भारी गिरावट के बाद आपने इंश्योरेंस सेक्टर में अपना निवेश बढ़ाया है,या आप अभी भी इस सेक्टर को लेकर सतर्क हैं?पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियां अभी भी ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं और उन पर डिजिटल इंटरमीडियरीज जैसा असर नहीं पड़ा है। इनमें काफी गिरावट आई है। बाजार ने पारंपरिक इंश्योरेंस कंपनियों के लिए वॉल्यूम ग्रोथ और क्लाइंट हासिल करने की बढ़ती लागत से जुड़ी चुनौतियों को अभी पूरी तरह से नहीं समझा है।डिजिटल इंटरमीडियरीज की बात करें तो इनकी कीमतों में काफी करेक्शन हुआ है,लेकिन इनमें निवेश से पहले कारोबार पर नए नियमों से पड़ने वाले असर को पूरी तरह से समझना जरूरी है।क्या आपको बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन के बढ़ने और री-रेटिंग की उम्मीद है? क्या बैंकों के भाव आकर्षक हो गया है?पब्लिक बैंक इंडेक्स 7.1 के P/E पर और प्राइवेट बैंक इंडेक्स 16.5 के P/E पर ट्रेड कर रहे हैं। ये दोनों इंडेक्स लार्ज-कैप इंडेक्स की तुलना में भी ज़्यादा आकर्षक कीमत पर हैं। हमें उम्मीद है कि आगे चलकर नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर हो जाएंगे।पहले,क्रेडिट ग्रोथ के मुकाबले डिपॉज़िट ग्रोथ के पीछे रहने को लेकर चिंता थी,जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव पड़ा। अभी चिंता FCNR डिपॉज़िट के रूप में आने वाले बड़े फंड को लेकर है,जिसे इस्तेमाल में लाने में समय लगेगा। हालांकि,आने वाली तिमाहियों में इन फंड्स के इस्तेमाल होने की उम्मीद है, जिससे नेट इंटरेस्ट मार्जिन में स्थिरता आएगी।क्या आपको मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में वैल्यूएशन से जुड़े जोखिम दिख रहे हैं?इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस्ड बड़े इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया है। इसमें पावर,लॉजिस्टिक्स,मशीनरी और EPC सेगमेंट शामिल हैं। दूसरी ओर निवेशकों को कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के वैल्यूएशन लेवल को लेकर सतर्क रहना चाहिए क्योंकि इनमें ग्रोथ की उम्मीदें पहले ही पूरी तरह से कीमत में शामिल हो चुकी हैं।सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जाने अक्टूबर में कैसा रहेगा बाजार, राशियों के हिसाब से कहां बनेगा पैसाडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
अमेरिका में मृत्युदंड का तमाशा, जिंदा बची महिला कैदी
उसे दो प्राणघातक इंजेक्शन दिए गए. लेकिन पाइक बच गई. अब सजा के तरीके और पाइक के भविष्य पर बहस शुरू हो गई है.
ट्रंप : टैरिफ की वजह से अमेरिका में लौट रही मैन्युफैक्चरिंग
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीतियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग की नौकरियां और फैक्ट्रियां वापस लाने का श्रेय दिया है। उनका कहना है कि विदेशी कंपनियों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों को सुरक्षा देने की वजह से देश में मैन्युफैक्चरिंग फिर से तेजी पकड़ रही है।
कैलिफोर्निया के लॉ स्कूल में एशियाई छात्रों के साथ एडमिशन में हो रहा भेदभाव: अमेरिकी न्याय विभाग
वॉशिंगटन, 2 अक्टूबर . अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यूसीएलए स्कूल ऑफ लॉ ने एडमिशन की प्रक्रिया में नस्ल को आधार बनाकर एशियाई और श्वेत आवेदकों के साथ भेदभाव किया. हालांकि, कैलिफोर्निया के इस प्रमुख लॉ स्कूल ने इन आरोपों से असहमति जताई और कहा कि उसकी एडमिशन प्रक्रिया योग्यता पर आधारित है. ... Read more
टैरिफ की वजह से अमेरिका में लौट रही मैन्युफैक्चरिंग, बन रही नई फैक्ट्रियां और बढ़ रहे रोजगार: ट्रंप
वॉशिंगटन, 2 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीतियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग की नौकरियां और फैक्ट्रियां वापस लाने का श्रेय दिया है. उनका कहना है कि विदेशी कंपनियों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों को सुरक्षा देने की वजह से देश में मैन्युफैक्चरिंग फिर से तेजी पकड़ रही है. टेक्सास ... Read more
इस साल शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर गोपालगंज में आस्था, कला और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिले के प्रसिद्ध राजा दल पूजा समिति द्वारा इस बार अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के प्रतिरूप में एक विशाल और आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। यह भव्य पंडाल 120 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 80 लाख रुपए खर्च करने का अनुमान राजा दल पूजा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन पर करीब 80 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। पंडाल के भीतर माँ दुर्गा की प्रतिमा भी बेहद खास और अलौकिक होगी। यहां भगवती जगदम्बा 18 फीट ऊंचे विशाल शेर पर सवार होकर महिषासुर का वध करती हुई जीवंत मुद्रा में दृष्टिगोचर होंगी। प्रतिमा का निर्माण कार्य अत्यंत बारीकी और भक्तिभाव से किया जा रहा है। पंडाल और प्रतिमा निर्माण के लिए विशेष रूप से कोलकाता से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है, जो पिछले एक महीने से दिन-रात निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। पंडाल के निर्माण में 5 हजार से अधिक बांस, 2 हजार स्क्वायर फीट लकड़ी, 8 पिकअप यानी करीब 800 बंडल थर्मोकोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल की विद्युत सज्जा उत्तर प्रदेश के तमकुही स्थित जायसवाल लाइट द्वारा की जाएगी, जो अपनी झिलमिलाती रोशनी से पूरे परिसर को अलौकिक रूप देगी। वहीं, पूरे परिसर और प्रतिमा की सजावट का जिम्मा देवरिया जिले की टीम को सौंपा गया है। इसमें प्राकृतिक ओरिजिनल और आर्टिफिशियल फूलों का बेहतरीन संयोजन कर भव्य सजावट की जाएगी। मौके से आई तस्वीरें…. सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगेंगे 25 CCTV कैमरे मेले में उमड़ने वाली अपार भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।भीड़ नियंत्रण के लिए 50 से 60 आईकार्ड धारी वालंटियर्स तैनात रहेंगे। जबकिसुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए 50 गुप्त वालंटियर्स भी मुस्तैद रहेंगे। यह संपूर्ण भव्य कार्य राजा दल पूजा समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद गुप्ता, सचिव शंभू प्रसाद, उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, सजावट निर्देशक विनोद जायसवाल तथा सक्रिय सदस्य प्रेम चंद्र आर्या की कुशल देखरेख और अहम भूमिका में संपन्न हो रहा है। समिति का दावा है कि यह पंडाल इस बार पूरे क्षेत्र में आकर्षण और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।
India-US Trade Deal: अंतिम दौर में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील, मोदी-ट्रंप जल्द फिर कर सकते हैं बात
India-US Trade Deal: अंतिम दौर में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील, मोदी-ट्रंप जल्द फिर कर सकते हैं बात
Rohit Roy Birthday: रोहित रॉय आज टीवी और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं. पर्दे पर उन्होंने कभी हीरो तो कभी नेगेटिव किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह अपना करियर एक्टिंग लाइन में बनाना नहीं चाहते थे.
ट्रंप : पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार कर रहा है। टेक्सास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने विदेश नीति से लेकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था तक कई मुद्दों पर बात की।
पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
वॉशिंगटन, 2 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार कर रहा है. टेक्सास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने विदेश नीति से लेकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था तक कई मुद्दों पर बात की. पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने की ... Read more
अमेरिका की स्टार एलायंस कंपनी का हिस्सा बताकर स्टार लिंक फाइनेंस में निवेश के नाम पर करीब पांच लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है।
यूएस: हूती विद्रोहियों को मदद पहुंचाने के आरोप में अमेरिकी इंजीनियर गिरफ्तार, एफबीआई ने कैसे कसा शिकंजा?
ईरान पर हमले बढ़ने के संकेत, अमेरिका भेज रहा 9 हजार सैनिक
अमेरिका मध्य पूर्व में करीब 9,000 सैनिक और कई युद्धपोत भेजकर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दी है। ट्रंप ने फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले के सह-पायलट के ईरान से संबंध होने की आशंका जताई, हालांकि जांच जारी है।
अमेरिका 2026 में जी20 की मेजबानी कर रहा है। जैमीसन ग्रीर ने कहा कि यह समूह वैश्विक जीडीपी का लगभग 85 प्रतिशत और दुनिया की दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रणाली की समस्याओं को हल करने में इसकी संभावित भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
अमेरिकी नौसेना मध्य पूर्व भेज रही तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर, ट्रंप का ईरान पर नए हमलों का संकेत
अमेरिकी सेना मध्य पूर्व की तरफ तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेज रही है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए हमलों की बात कर रहे हैं। जहाजों का यह समूह क्या-क्या लेकर जा रहा है इस ग्रुप में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और यूएसएस […]
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अभी क्यों नहीं हुआ फैसला?: ग्रीर बोले- बातचीत अंत के करीब, मोदी-ट्रंप फिर करेंगे बात
अमेरिका ट्रेड डील खेती के लिए खतरनाक : उगराहां
अमृतसर| भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की बैठक जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह ढंगाई की अध्यक्षता में हुई। इसमें पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने 5 अक्टूबर को पंजाब के सभी डीसी दफ्तरों का घेराव करने का ऐलान किया। उगराहां ने कहा कि संगठन 13 मुख्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित टैक्स-फ्री व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की। बैठक में 5 अक्टूबर के प्रदर्शन में किसानों, मजदूरों और महिलाओं की भारी भागीदारी का फैसला लिया गया।
ईरान पर नए हमलों की तैयारी?: 9000 सैनिक पश्चिम एशिया भेज रहा अमेरिका, ट्रंप ने दी धमकी; क्या होगा अगला कदम?
ईरान पर फिर हमले की तैयारी? अमेरिका के 9 हजार सैनिक मिडिल ईस्ट के लिए रवाना
अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 9,000 सैनिक और मरीन भेज रहा है, जिससे अक्टूबर के आखिर तक वहां तीन विमानवाहक पोत हो सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि इजराइल जा रही उड़ान में कप्तान को चाकू मारने वाले सह पायलट का ईरान से संबंध होने के शुरुआती संकेत हैं. संबंध साबित हुआ तो ईरान पर कड़ा हमला होगा, ऐसा उन्होंने कहा.
इंग्लैंड: अमेरिकी एयरबेस पर सुरक्षा में चूक मामले में ब्रिटिश-ईरानी नागरिक गिरफ्तार, आतंकवादी साजिश का शक uk-iranian-national-arrested-raf-fairford-security-incident-iran-role
Bhadohi News: 2017 में भदोही की डिजाइन ने अमेरिका-चीन को पछाड़ कर जीता था अवाॅर्ड
In 2017, Bhadohi's design won the award, beating out the US and China.
म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक अमेरिका से वीसी के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। इसके बाद अगली सुनवाई 23 अक्टूबर तय की गई।
अमेरिका ने विभिन्न देशों के 10 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स (एमओडीएएफएल) के लिए हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने में मदद करने का आरोप है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें पाकिस्तानी कंपनियों का भी जिक्र है।
मध्य प्रदेश और पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बनी 'फ्लाईदुबई' (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 की सनसनीखेज घटना को लेकर अब अमेरिका के शीर्ष स्तर से भी बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट के भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) की अदम्य बहादुरी और सूझबूझ की खुलेआम सराहना की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय पायलट को 'हीरो' करार दिया और कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने जिस संयम का परिचय दिया, उसी के चलते एक बहुत बड़ा विमान हादसा टल गया।यह घटना उस वक्त की है जब फ्लाइट जॉर्डन और सऊदी अरब के ऊपर से गुजर रही थी और कॉकपिट के भीतर ओमानी सह-पायलट ने कैप्टन माछर पर अचानक चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। ट्रंप ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिली है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे शुरुआती रिपोर्ट्स और नेतन्याहू से मिली जानकारी के आधार पर ही इन विवरणों का जिक्र कर रहे हैं।गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने खोला कॉकपिट का दरवाजाराष्ट्रपति ट्रंप ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि ओमानी को-पायलट द्वारा किए गए अचानक हमले में भारतीय कैप्टन स्मित माछर की हालत बेहद गंभीर हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और गंभीर रूप से घायल अवस्था में भी कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की ताकि बाहर मदद के लिए आवाज पहुंचाई जा सके।ट्रंप ने कैप्टन माछर की तारीफ करते हुए कहा कि एक पायलट के लिए वैसी चरम और खतरनाक स्थिति में भी अपने होश और संयम को बनाए रखना असाधारण बात है। उन्होंने विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने में भारतीय पायलट के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।एक इजरायली यात्री और अन्य क्रू की मदद से टली बड़ी तबाहीट्रंप ने आगे बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में सवार एक अन्य इजरायली यात्री ने तुरंत मोर्चा संभाला। पेशे से प्लंबर और विमान उड़ाने का कोई तकनीकी अनुभव न रखने वाले उस यात्री ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को उसकी सीट से खींचकर पीछे की ओर गिरा दिया। ट्रंप ने चुटकी लेते हुए यह भी साझा किया कि उस यात्री ने बाद में बताया था कि उसने विमान उड़ाने की कुछ बुनियादी बातें 'एयर डिजास्टर्स' (Air Disasters) जैसे टीवी शोज़ देखकर सीखी थीं।इसके बाद विमान के पिछले हिस्से में मौजूद अन्य सुरक्षा कर्मियों और क्रू ने भी तुरंत स्थिति को संभालते हुए आरोपी सह-पायलट को पूरी तरह से काबू में कर लिया। विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए उसे सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतार लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पूरी घटना को बेहद हैरान करने वाला और अविश्वसनीय करार दिया है।
अमेरिका जाकर एमबीए करना चाहते थे रोहित रॉय, वीजा रिजेक्ट हुआ तो ऐसे बने एक्टर
Mumbai , 1 अक्टूबर . Actor रोहित रॉय आज टीवी और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं. पर्दे पर उन्होंने कभी हीरो तो कभी नेगेटिव किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वह अपना करियर एक्टिंग लाइन में बनाना नहीं चाहते थे. वह अमेरिका जाकर एमबीए करना चाहते थे, लेकिन ... Read more
जयपुर में इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, वीडियो में जाने अमेरिका के लोगों से Apple सपोर्ट के नाम पर ठगी; 14 गिरफ्तार
अमेरिका में अनोखा मामला: दो बार जहर देने के बाद भी चलती रही सांसें, महिला की मौत की सजा रुकी
अमेरिका में अनोखा मामला: दो बार जहर देने के बाद भी चलती रही सांसें, महिला की मौत की सजा रुकी
अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से कथित संबंधों का आरोप
अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से कथित संबंधों का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुंबई के शिवाजी पार्क से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आंदोलन से पहले अपनी सारी मांगें गिनाईं।
इराक से पूरी तरह हटी अमेरिकी सेना, ट्रंप बोले- नर्क का महंगा सफर खत्म हुआ
इराक से अमेरिकी सेना की पूरी तरह से वापसी हो चुकी है. इसके साथ ही करीब 12 साल से चला आ रहा अमेरिका का आईएसआईएस विरोधी सैन्य अभियान आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है. जानकारी के मुताबिक, अंतिम अमेरिकी सैनिक उत्तरी इराक के इरबिल एयरबेस से सुरक्षित बाहर निकल गए हैं. इस पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इराक में अमेरिकी सेना का यह अभियान बेहद खर्चीला और विनाशकारी था. उन्होंने इसे नरक की एक महंगी यात्रा करार दिया जो अब आखिरकार खत्म हो गई है.
अमेरिका: सज़ा-ए-मौत पाने वाली क़ैदी दो ज़हरीले इंजेक्शन के बाद भी ज़िंदा, जानें पूरा केस - BBC
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हत्यारी क्रिस्टा पाइक के वकील का कहना है कि पेंटोबार्बिटल की दो सिरिंज देने के बाद अब अस्पताल में उन्हें 'लाइफ़ सपोर्ट' पर रखा गया है. पाइक अब भी ज़िंदा हैं.
अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल करने के दौरान इथियोपिया में लापता हुए गुजरात के तीन निवासी भारत लौट आए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी मुंबई पहुंच चुके हैं और अपने गृह जिले मेहसाणा के लिए रवाना हो गए हैं।
अमेरिका जाने के ‘डंकी रूट’ में इथियोपिया में लापता गुजरात के तीन लोग भारत लौटे
मेहसाणा, 1 अक्टूबर . अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल करने के दौरान इथियोपिया में लापता हुए Gujarat के तीन निवासी India लौट आए हैं. Police ने Thursday को बताया कि रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी Mumbai पहुंच चुके हैं और अपने गृह जिले मेहसाणा के लिए रवाना हो गए ... Read more
अमेरिकी ग्रीन कार्ड का सपना हुआ और महंगा, EB-5 वीजा की फीस में भारी बढ़ोतरी
अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) ने EB-5 इमिग्रेंट इन्वेस्टर प्रोग्राम से जुड़ी कई अहम याचिकाओं की फीस में भारी बढ़ोतरी को अंतिम रूप दे दिया है। नए शुल्क ढांचे के तहत कुछ आवेदन फीस दोगुने से भी अधिक हो गई है। यह बदलाव 30 नवंबर से प्रभावी होगा।
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
अमेरिका में 35 फीट ऊंची दीवार पर चढ़े अनुपम खेर, बताया- मानव जज्बे की जीत
Mumbai , 1 अक्टूबर . Actor अनुपम खेर इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं. उन्होंने हाल ही में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना के रैले शहर में एक मॉल की 35 फीट ऊंची दीवार पर रॉक क्लाइंबिंग की. Actor ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि कई लोगों ... Read more
ग्वालियर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, किला-मानसिंह पैलेस का किया दीदार
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 30 सदस्यीय डेलिगेशन के साथ ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने किला, मानसिंह पैलेस और जयविलास पैलेस देखा। डिप्लोमेटिक मिशन कांफ्रेंस प्रस्तावित है।
बाल विवाह भारत में 97 साल से गैरकानूनी, लेकिन अमेरिका की सच्चाई चौंकाने वाली है
अमेरिका का कैलिफोर्निया बाल विवाह पर बैन लगाने वाला 18वां राज्य बन गया है. लेकिन अभी भी 32 राज्य ऐसे हैं जहां बाल विवाह प्रथा कानूनी है. भारत में जानिए कब इसके विरूद्ध कानून बन गया था और इस मामले में भारत कितना आगे है.
अमेरिकी सैनिकों की इराक से वापसी, अब ISIS का खतरा
इराक से अमेरिकी सैनिकों की 21 साल वापसी हुई. इस मौके पर बगदाद की सड़कों पर नागरिकों ने जश्न मनाया. इसे इराक की आजादी और संप्रभुता से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, इस खुशी के साथ ही अब इराक पर ISIS का खतरा भी मंडरा रहा है.
गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
ताजा प्रस्ताव पर अमेरिका ने क्या जवाब दिया? अराघची ने किया खुलासा
ईरान-अमेरिका की 7 महीने से जारी जंग के बीच अब बातचीत ने फिर से जोर पकड़ा है. तेहरान को वॉशिंगटन का आधिकारिक जवाब मिल गया है, लेकिन जवाब में क्या कहा गया है, यह अभी तक साफ नहीं है. इसी बीच अमेरिकी प्रतिबंध, गिरती करेंसी और महंगाई ने ईरान पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.
पठानकोट की कलानौर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अत्यधिक घातक ग्लॉक पिस्तौल समेत कुल सात अवैध पिस्तौल और आठ मैगजीन की बड़ी खेप बरामद की है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार तस्कर केवल स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय नहीं थे, बल्कि उनके तार सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। इस गिरोह को दुबई में बैठा एक हैंडलर पीछे से बैकवर्ड सपोर्ट दे रहा था। वहीं अमेरिका में बैठा एक अन्य प्रमुख आका आगे के लिंक (फॉरवर्ड लिंकेज) संभाल रहा था। उसके सीधे निर्देशों पर आरोपी भारत में अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर विभिन्न आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने इस पूरे अंतरराष्ट्रीय-अंतरराज्यीय नेक्सस की जड़ें खंगालने के लिए थाना कलानौर में प्राथमिकी दर्ज कर गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। 7 अवैध हथियार और 8 मैगजीन जब्तडीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक ग्लॉक पिस्तौल, .30 बोर के 6 पिस्तौल और 8 मैगजीन शामिल हैं। दुबई और अमेरिका से जुड़े हैं तारडीजीपी गौरव यादव की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हुए हैं। इनके बैकवर्ड लिंकेज दुबई स्थित एक व्यक्ति से पाए गए हैं। वहीं, आरोपियों के संबंध अमेरिका में बैठे एक व्यक्ति से भी जुड़े हैं, जो उन्हें भारत में अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करने व सप्लाई करने के निर्देश दे रहा था। पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिसडीजीपी गौरव यादव के मुताबिक इस संबंध में थाना कलानौर में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। इस पूरे तस्करी नेटवर्क, फंडिंग और भारत में इनके अन्य साथियों (फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज) का पर्दाफाश करने के लिए मामले की गहराई से जांच जारी है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि वह राज्य में अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने और पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एलन मस्क संभालेंगे अमेरिका की भविष्य की जंग का मोर्चा: पेंटागन ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, जानें क्या है प्लान---Elon Musk Gets Key Role in US Future Warfare Strategy Under Pentagon Project Meridian
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को बताया 'हीरो'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को 'हीरो' बताया है। ट्रंप ने उस घटना के बारे में बताया, जिसमें इजरायल जा रही एक उड़ान के दौरान कथित तौर पर को-पायलट ने कैप्टन मच्छार को चाकू मार दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।
भारत-अमेरिका Trade Deal पर पीयूष गोयल और Jamieson Greer के बीच अहम बैठक
(सागर कुलकर्णी)वॉशिंगटन, एक अक्टूबर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच परस्पर लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर के साथ ‘‘सार्थक चर्चा’’ की। गोयल ने बुधवार को यहां से करीब 1,200 किलोमीटर दूर मिल्वॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर ग्रीर से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत करने और व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तथा आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा करने के बाद यह मुलाकात हुई है। गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत परस्पर लाभकारी अंतरिम समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए यूएसटीआर जैमीसन ग्रीर के साथ सार्थक चर्चा हुई।’’वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्रीर के साथ जी-20 के संबंध में भी विचारों का आदान-प्रदान किया। अमेरिका अभी जी-20 समूह की अध्यक्षता कर रहा है। भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण समझौते को लेकर आगे की बातचीत करनी पड़ी है। गोयल ने 24 सितंबर को कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता ‘‘तय हो चुका है’’ और इसे तब लागू किया जाएगा, जब अमेरिका अपने बाजार में भारत को उसके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले उचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देगा। अमेरिकी बाजार में भारत के प्रतिस्पर्धियों में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के क्षेत्रीय संगठन (आसियान) के सदस्य, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं। आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमा, कंबोडिया और तिमोर-लेस्ते शामिल हैं।
अमेरिका: 270 से ज्यादा पादरियों ने दशकों तक 1,000 बच्चों का किया यौन शोषण; जांच में और क्या खुलासे?
अमेरिका: 270 से ज्यादा पादरियों ने दशकों तक 1,000 बच्चों का किया यौन शोषण; जांच में और क्या खुलासे?
US Underground Test: अमेरिका ने नेवादा में किया भूमिगत धमाका, छिपे परमाणु परीक्षण पकड़ने की तकनीक पर काम
यूएस: अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ? रुबियो ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को तुरंत न्यूयॉर्क से जाने को कहाUS Marco Rubio orders visiting Iranian UN delegation to leave NYC ahead of schedule
बिजनेस अपडेट्स: आईआरएफसी को 396 करोड़ का जीएसटी नोटिस; दूसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.2%
अमेरिकी वोटरों को ईरान की IRGC की 25 पेज की चिट्ठी, ट्रंप की नीतियों का विरोध करने की अपीलं
अमेरिकी वोटरों को ईरान की IRGC की 25 पेज की चिट्ठी, ट्रंप की नीतियों का विरोध करने की अपीलं
अमेरिकी सेना में बड़े बदलाव की तैयारी: जनरल-एडमिरल के 20% पद घटेंगे; युद्ध मंत्री हेगसेथ की रणनीति क्या?
23 साल बाद इराक से क्यों वापस लौट रहे अमेरिकी सैनिक? देखें कूटनीति
अमेरिका इराक छोड़ रहा है. लेकिन असली सवाल यह है कि अमेरिका के जाने के बाद वहां खाली हुई जगह को कौन भरेगा? दो दशकों की जंग और सैन्य अभियानों के बाद अमेरिकी सेना इराक के अपने आखिरी ठिकानों से भी हट चुकी है. वॉशिंगटन का कहना है कि उसका मिशन पूरा हो गया और इराक अपनी सुरक्षा खुद संभालने के लिए तैयार है. लेकिन इस सरकारी दावे के पीछे एक कड़वी हकीकत छिपी है... कूटनीति में आज बात करेंगे... इराक से अमेरिकी सेना की विदाई, ईरान समर्थित गुटों के बढ़ते प्रभाव और बगदाद के सामने खड़ी नई सुरक्षा चुनौतियों की. देखें...
इराक से सभी अमेरिकी सैनिक लौटे, 12 साल पुराना मिशन खत्म
अमेरिका ने इराक से अपने सभी सैनिक वापस बुला लिए हैं और इस्लामिक स्टेट के खिलाफ 12 साल पुराना मिशन खत्म हो गया है. आखिरी सैनिक उत्तरी इराक के इरबिल एयर बेस से निकले. राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे जीत बताया, जबकि इराकी प्रधानमंत्री अली अल जैदी ने इसे संप्रभुता का नया दौर कहा.
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
अमेरिका में 16 करोड़ के कार्गो चोरी का मामला, दो भारतीय दोषी करार
लॉस एंजेलिस की जूरी ने अर्शप्रीत सिंह और विक्रमजीत सिंह को माल चोरी की साजिश में दोषी ठहराया. दोनों भारतीय नागरिक हैं. उन्होंने असली ट्रकिंग कंपनियां खरीदकर या उनका धोखे से इस्तेमाल कर दक्षिणी कैलिफोर्निया के गोदामों से माल उठाया और उसे मंज़िल तक नहीं पहुंचाया. चोरी का अनुमानित नुकसान कम से कम 20 लाख डॉलर रहा.
Varanasi News: बीएचयू के डॉक्टर ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया में पूरी की फेलोशिप
BHU doctor completes fellowship at the University of Pennsylvania in the US.
इराक से अमेरिकी सेना की वापसी पूरी: खत्म हुआ 12 साल का अभियान; ट्रंप ने क्या कहा, नई चुनौती क्या है?
इराक से अमेरिकी सेना की वापसी पूरी: खत्म हुआ 12 साल का अभियान; ट्रंप ने क्या कहा, नई चुनौती क्या है?
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर बोले अमेरिकी राजदूत, बहुत अच्छी रही वार्ता
New Delhi, 1 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi और अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की. India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने Wednesday की रात को इसकी पुष्टि की. वहीं, पीएम मोदी ने भी इस बातचीत की पुष्टि की और बताया कि दोनों नेताओं ने ग्लोबल शांति और सुरक्षा ... Read more
पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को वायरस का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर करता था और उनके पैसे ठगता था।
US Immigration Court ने दी विस्कॉन्सिन मस्जिद के प्रमुख को निर्वासित करने की मंजूरी
अमेरिका में आव्रजन मामलों की एक अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि विस्कॉन्सिन की सबसे बड़ी मस्जिद के फलस्तीनी मूल के प्रमुख सलाह सरसूर को इस आधार पर निर्वासित किया जा सकता है कि वह अमेरिकी विदेश नीति के लिए खतरा हैं। अदालत ने हालांकि यह आरोप खारिज कर दिया कि सरसूर ने ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय झूठ बोला था। सलाह सरसूर को अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के अधिकारियों ने मार्च में मिलवॉकी में हिरासत में लिया था। एक संघीय न्यायाधीश ने जून में सरसूर को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा था कि उनका यह दावा ‘‘ठोस’’ है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला प्रशासन इजराइल के खिलाफ बोलने और फलस्तीनी अधिकारों की वकालत करने के कारण उन्हें निशाना बना रहा है। सरसूर पिछले तीन दशक से अमेरिका में रह रहे हैं और ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ मिलवॉकी’ के अध्यक्ष हैं। सरकार का कहना है कि इजराइल में दशकों पहले आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जाना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। सरकार ने उन पर ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करते समय इजराइल में आतंकवाद से जुड़े मामलों में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी छिपाने या उसके बारे में झूठ बोलने का भी आरोप लगाया था। आव्रजन मामलों की अदालत के न्यायाधीश जेमी सेलिनार्डी ने सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि सरसूर को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने आवेदन में झूठ बोलने का आरोप खारिज कर दिया। इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में जन्मे सरसूर को 1988 में इजराइली सैन्यकर्मियों पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंकने की बात ‘‘स्वीकार करने के बाद’’ जेल भेजा गया था। उन्हें 1995 में हथियार और गोला-बारूद रखने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया गया। सरसूर के वकीलों का कहना है कि दोनों मामलों में उन्हें प्रताड़ित किया गया और जुर्म जबरन कबूल कराया गया। सरसूर का अमेरिका में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह 1993 से यहां रह रहे हैं। उनके वकीलों ने कहा कि अमेरिका सरकार को सरसूर के अमेरिका पहुंचने के समय से ही इजराइल में उन्हें दोषी ठहराए जाने की जानकारी थी। सरसूर ने मंगलवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि उन्हें वापस वेस्ट बैंक भेजे जाने का मतलब उनके ‘‘जीवन का अंत होगा।’’अदालती दस्तावेजों के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जून 2025 में एक असामान्य ज्ञापन जारी कर कहा था कि सरसूर को भी उसी आधार पर निर्वासित किया जा सकता है जिस आधार पर ट्रंप प्रशासन फलस्तीनी अधिकारों के समर्थक महमूद खलील और मोहसेन महदावी को देश से निकालने की कोशिश कर चुका है। सरसूर को बुधवार को मामले की स्थिति की समीक्षा के लिए अदालत में पेश होना है।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई अहम बातचीत, कई बड़े मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और अहम टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग की समीक्षा की।
New Delhi, 30 सितंबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं. दोनों देशों की साझेदारी अब निवेश, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, नवाचार, मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं और उच्च मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित ... Read more
अमेरिकी सैनिकों की 20 साल बाद इराक़ से विदाई, क्या फिर सिर उठा सकता है इस्लामिक स्टेट? - BBC
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अमेरिकी सैनिकों की 20 साल बाद इराक़ से विदाई, क्या फिर सिर उठा सकता है इस्लामिक स्टेट?
अमेरिका 30 सितंबर तक इराक़ में मौजूद अपने बाक़ी सैनिकों की वापसी पूरी करने वाला है. इसके साथ ही वहां उसकी दो दशक से ज़्यादा पुरानी सैन्य मौजूदगी ख़त्म हो जाएगी. इस मौजूदगी ने लंबे समय तक इराक़ पर गहरा असर डाला है.
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
अमेरिका का ग्रीन कार्ड छोड़कर भारत वापस लौटी लड़की, बोली-मानसिक रूप से थक चुकी हूं
लाखों भारतीयों के लिए जो ग्रीन कार्ड एक सपना है, उसे लात मारकर यह लड़की अचानक वतन क्यों लौट आई? बदनतोड़ मेहनत और मानसिक तनाव की जो कहानी उसने सुनाई, वो हर किसी की आंखें खोल देगी.
नई दिल्ली : अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले नकली कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 7 लोग गिरफ्तार
New Delhi, 30 सितंबर . दिल्ली Police ने नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया से चल रहे एक कथित नकली एप्पल/आईओएस टेक्निकल-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है और धोखाधड़ी वाले कॉल और गिफ्ट-कार्ड स्कैम के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. 25 सितंबर को सब-इंस्पेक्टर गजेंद्र माथुर को ... Read more
अमेरिका के एग्री और डेयरी प्रोडक्ट पर मेहरबान हुआ चीन! दोनों देशों के बीच किन बातों पर बनी सहमति?
चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अमेरिकी दौरे के बाद कई अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ में कटौती की घोषणा की है। दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त व्यापार परिषद बनाने पर भी सहमति जताई है।
सोशल मीडिया पर लड़की ने ब्लॉक किया तो उसे मनाने अमेरिका पहुंच गया मुंबई का लड़का, हुई जेल
ऑनलाइन बनी दोस्त को मनाने के लिए एक इंडियन शख्स सात समंदर पार चला गया, लेकिन मुलाकात से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
जहां किए ट्रंप ने साइन, उसके नीचे लिखी थी अमेरिका की गलत स्पेलिंग!
ट्रंप ने दुनिया के दिग्गज टेक CEO के साथ AI सुरक्षा पर बड़ा समझौता किया, लेकिन आधिकारिक दस्तावेज में 'United States' की स्पेलिंग ही गलत निकल गई. सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत पकड़ ली गलती.
यूपी: ताजमहल की पच्चीकारी पर मुग्ध हुआ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट के नेतृत्व में अमेरिकी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पत्नी के साथ दो दिवसीय दौरे पर ताजनगरी पहुंचा। मंगलवार सुबह 9:30 बजे विशेष सैन्य विमान से दिल्ली से आगरा वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच …
IRGC के खुले पत्र में अमेरिकी नागरिकों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और इजराइल को दिए जा रहे अमेरिकी समर्थन पर पुनर्विचार करने की अपील की गई है। पत्र में अमेरिकी मतदाताओं से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
ISIS की वापसी का डर... इराक से अमेरिका की विदाई के बाद क्या बदलेगा?
2003 में सद्दाम हुसैन सरकार को हटाने के लिए इराक में दाखिल हुई अमेरिकी सेना अब अपनी आखिरी सैन्य मौजूदगी भी खत्म कर रही है. अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों के बढ़ते प्रभाव और ISIS की वापसी को लेकर सुरक्षा चिंताएं सामने आ रही हैं.
न्यूयॉर्क शहर बना ज़हर: ममतामयी नीतियों और नेतन्याहू के बीच फंसा अमेरिका
दुनिया की सांस्कृतिक और वित्तीय राजधानी कहे जाने वाला न्यूयॉर्क शहर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का सबसे संवेदनशील और विस्फोटक अखाड़ा बन चुका है। मध्य पूर्व के सुलगते अंगारों और गाजा पट्टी में जारी भीषण मानवीय संकट की आँच अब सीधे तौर पर अमेरिका की घरेलू और विदेशी नीति को झुलसा रही है। एक तरफ जहाँ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आक्रामक सैन्य नीतियों और गाजा में चल रहे नरसंहार जैसे हालातों को लेकर दुनिया भर में रोष व्याप्त है, वहीं दूसरी तरफ न्यूयॉर्क के स्थानीय राजनीतिक गलियारों और अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व के बीच एक जबर्दस्त घमासान छिड़ गया है। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के केंद्र में वह वैचारिक और राजनीतिक टकराव है जो शहर के स्थानीय प्रशासनिक नेतृत्व, अमेरिका की फेडरल सरकार और संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंचों के बीच लगातार गहराता जा रहा है।गाजा मानवीय संकट और अमेरिका-यूएन टकरावगाजा में तड़पते बेकसूर बच्चों, महिलाओं और लाचार नागरिकों की चीखें अब न्यूयॉर्क की गगनचुंबी इमारतों और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की दीवारों से टकरा रही हैं। स्थिति यह हो गई है कि गाजा के अमानवीय हालातों को लेकर संयुक्त राष्ट्र के उच्च अधिकारियों और पश्चिमी देशों के रुख में तीखा मतभेद पैदा हो गया है। अमेरिका, जो पारंपरिक रूप से इजराइल का सबसे मजबूत और अटल समर्थक माना जाता है, उसे अब वैश्विक मंचों पर भारी कूटनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेकर आम सभा तक, हर जगह इस बात पर तीखी बहस छिड़ी हुई है कि क्या अमेरिका अपने सामरिक हितों के चलते गाजा में हो रहे मानवीय अधिकारों के हनन पर पर्दा डाल रहा है। इस वैश्विक टकराव ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका की नैतिक साख पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय सियासत और ममतामयी-नेतन्याहू विवादइस अंतरराष्ट्रीय संकट का सबसे दिलचस्प और पेचीदा पहलू न्यूयॉर्क की स्थानीय राजनीति में देखने को मिल रहा है, जहाँ नेतन्याहू की नीतियों के विरोध और समर्थन को लेकर शहर की राजनीति दो फाड़ हो गई है। न्यूयॉर्क के भीतर एक तरफ जहाँ फिलिस्तीन समर्थक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यहूदी समुदाय और इजराइल समर्थक लॉबी भी अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं हट रही है। शहर के प्रशासनिक और राजनीतिक दिग्गजों के बीच इस बात को लेकर ठन गई है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों के बीच स्थानीय निकायों को किस हद तक हस्तक्षेप करना चाहिए। नेतन्याहू के सख्त रुख और अमेरिकी नीतियों के बीच पिसता हुआ न्यूयॉर्क शहर आज इस बात का जीता-जागता उदाहरण बन गया है कि कैसे विदेश नीति के फैसले सीधे तौर पर स्थानीय अमन-चैन और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर सकते हैं।आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति पर इसके दूरगामी परिणामजानकारों और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि न्यूयॉर्क शहर के केंद्र में चल रहा यह हाई-वोल्टेज ड्रामा केवल एक तात्कालिक विरोध प्रदर्शन या कूटनीतिक असहमति तक सीमित नहीं है। इसके परिणाम आने वाले समय में वैश्विक राजनीति, संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता और अमेरिका के आगामी चुनावों पर भी गहरा असर डालेंगे। जिस तरह से अमेरिका के भीतर और बाहर नेतन्याहू की रणनीतियों को लेकर असंतोष बढ़ रहा है, उससे व्हाइट हाउस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गाजा के पीड़ित लोगों को राहत पहुँचाने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की पालना कराने के लिए जिस तरह का दबाव यूएन और मानवाधिकार संगठनों द्वारा बनाया जा रहा है, उसने यह साफ कर दिया है कि दुनिया अब और अधिक समय तक मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती। अब देखना यह होगा कि इस बहुआयामी संकट से निपटने के लिए वैश्विक नेता कौन सा नया कूटनीतिक रास्ता निकालते हैं।
इराक : पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी सेना छोड़ रही
बगदाद, पश्चिम एशिया संकट का पटाक्षेप नहीं हुआ है। ईरान समेत क्षेत्र के कई इलाके अभी भी अशांत हैं। ऐसे समय में अमेरिकी सेना इराक में अपना मिशन खत्म कर दिया है। एक दशक से ज्यादा समय के बाद ऐसा हो रहा है। इस गठबंधन ने देश को चरमपंथी समूहों से बचाने में मदद की, हालांकि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया।
पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी सेना छोड़ रही इराक
पश्चिम एशिया संकट के बीच अमेरिकी सेना छोड़ रही इराक
AI का नाम बदला, अब अमेरिका में चलेगा ‘सुपर इंटेलिजेंस’!
अमेरिका में AI को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. अब सरकारी कामकाज में Artificial Intelligence की जगह Super Intelligence शब्द का इस्तेमाल होगा. नए आदेश के बाद सरकारी एजेंसियों को अपने नए दस्तावेजों और कम्युनिकेशन में AI की जगह SI लिखने को कहा गया है. आइए जानते हैं, ऐसा क्यों किया जा रहा है?
अमेरिका : पहला पासपोर्ट बनवाना होगा आसान
वॉशिंगटन, अमेरिकी नागरिक जो अपना पहला पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, वे अगले साल से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह घोषणा तब की जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी सेवाओं के लिए एक सिंगल डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया।
अवैध मानव तस्करी के जरिए अमेरिका जाने की कोशिश में गुजरात के एक ही परिवार के तीन इथियोपिया में फंस गए हैं. उन्हें किडनैप कर लिया गया है और अब परिवार को कॉल करके फिरौती मांगी जा रही है. समझिए पूरा मामला क्या है.
मिलवॉकी/New Delhi, 30 सितंबर . वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Wednesday को बताया कि उन्होंने नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (एनएएम) द्वारा आयोजित एक बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित किया और अमेरिकी निर्माताओं को India में अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया. इसमें राउंडटेबल बैठक में अमेरिका के छोटे और बड़े मैन्युफैक्चरर्स के प्रतिनिधियों ने ... Read more
चीन : जबरन अंग निकालने पर अमेरिका सख्त
वाशिंगटन, अमेरिकी सीनेट ने चीन में जबरन अंग निकालने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध की मांग करते हुए द्विदलीय कानून पारित किया है।
अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स से पीयूष गोयल ने की मुलाकात, भारतीय छोटे एवं मध्यम उद्यमों के साथ साझेदारी के लिए किया आमंत्रित
यूपी: ताजमहल की पच्चीकारी पर मुग्ध हुआ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, पत्नी संग डायना बेंच पर कराया फोटोशूट
ताजमहल की पच्चीकारी देख हुए मुग्ध, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल।
Fake Ozempic: चीन से नकली दवा मंगाकर अमेरिका में बेचने का आरोप, दो भारतीय नागरिकों पर केस
Fake Ozempic: चीन से नकली दवा मंगाकर अमेरिका में बेचने का आरोप, दो भारतीय नागरिकों पर केस
चीन में जबरन अंग निकालने पर अमेरिका सख्त; सीनेट ने फालुन गोंग प्रोटेक्शन एक्ट किया पारित, प्रतिबंधों की मांग
एआई ट्रेनिंग के लिए अब कंपनियां बिना इजाजत कंटेंट का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। अमेरिकी कोर्ट ने एक मामले में थॉमसन रॉयटर्स के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रतिद्वंद्वी कंपनी रॉस इंटेलिजेंस की 'फेयर यूज' की दलील को खारिज कर दिया है।
Three Gujaratis who traveled US via the 'Donkey route' go missing; multi-crore ransom demanded from families.
अमेरिकी इमिग्रेशन से जुड़े इस बदलाव का भारतीय निवेशकों पर सीधा असर पड़ सकता है। USCIS ने EB-5 इन्वेस्टर प्रोग्राम की कई फीस में बड़ी बढ़ोतरी वाली अंतिम नियमावली जारी की है, जो 30 नवंबर 2026 से प्रभावी होने वाली है।
US-China Arms Deal: अमेरिका चीन को हथियार क्यों नहीं बेचता? ट्रंप के बयान के बाद फिर चर्चा में आया पुराना प्रतिबंध
भारत ने अमेरिका के नए प्रतिबंध कानून (SRIA) को लेकर अमेरिकी सांसदों के सामने चिंता जताई है, जो रूस और ईरान को लक्षित करता है। भारत ने चेतावनी दी है कि इस कानून के प्रावधानों का असर भारत-अमेरिका संबंधों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
भारतीय-अमेरिकी लॉमेकर्स ने एच-1बी वीजा में बड़े बदलाव की मांग की
वॉशिंगटन, 30 सितंबर . दो भारतीय-अमेरिकी लॉमेकर्स ने एक ऐसे कानून का समर्थन किया है, जिससे एच-1बी प्रोफेशनल्स और कई अन्य वर्गों के विदेशी वर्कर्स को अमेरिका छोड़े बिना अपने वीजा रिन्यू कराने की इजाजत मिल सकेगी. प्रतिनिधि सुहास सुब्रमण्यम और राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि देश के अंदर वीज़ा रिन्यूअल (नवीनीकरण) से कर्मचारियों, परिवारों ... Read more
जयशंकर ने अमेरिका में किस तीसरे पक्ष की बात की, क्या ये बड़े बदलाव के हैं संकेत
भारत चीन की अहमियत और ताक़त को बख़ूबी समझता है. एस जयशंकर से 2023 में 21 फ़रवरी को एक सवाल पूछा गया था कि चीन के मामले में भारत सख़्ती से पेश क्यों नहीं आता है? शायद उसका जवाब फिर से दिया है.
हनुमान अंश का विदेशियों में क्रेज, अब अमेरिकी सिंगर वीडियो हुआ वायरल; गाया- 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान...'
अमेरिका में थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन पर Supreme Court ने दी ट्रंप प्रशासन को हरी झंडी
वाशिंगटन, 30 सितंबर . अमेरिकी Supreme Court ने ट्रंप प्रशासन को प्रवासियों को उनके अपने देश के अलावा अन्य देशों में निर्वासित करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी, जबकि जज इस बात पर विचार कर रहे हैं कि Government की थर्ड-कंट्री रिमूवल नीति वैध है या नहीं. कोर्ट ने मैसाचुसेट्स ... Read more
अमेरिका में थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने दी ट्रंप प्रशासन को हरी झंडी
अमेरिका में थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन पर सुप्रीम कोर्ट ने दी ट्रंप प्रशासन को हरी झंडी
अमेरिका में पहला पासपोर्ट बनवाना होगा आसान, 2026 से ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
वॉशिंगटन, 30 सितंबर . अमेरिकी नागरिक जो अपना पहला पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, वे अगले साल से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकेंगे. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह घोषणा तब की जब President डोनाल्ड ट्रंप ने Governmentी सेवाओं के लिए एक सिंगल डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया. इस प्रस्तावित बदलाव से पहली बार आवेदन ... Read more
'चीन और भारत के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर हैं', अमेरिका में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर
'चीन और भारत के रिश्ते कुछ साल पहले की तुलना में बेहतर हैं', अमेरिका में बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर
अमेरिका में वजन घटाने की नकली दवाई बेच रहे थे दो भारतीय, चीन से करते थे तस्करी
स्वप्नदीप रॉय और विक्की रामंचा पर अमेरिका में नकली दवाएं तस्करी करने और बेचने के साथ ही अमेरिका के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है. दोषी पाए जाने पर उन्हें 71 साल तक की जेल हो सकती है.
ट्रंप प्रशासन का फैसला: यूरोप के भ्रष्टाचार रोधी संगठन GRECO से अमेरिका बाहर, रूस-बेलारूस समेत कितने देश अलग?--US Withdraws from European Anti-Corruption Watchdog GRECO Under Trump Administration
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की। बैठक में AI की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गूगल, एंथ्रोपिक, मेटा, ओपनएआई, X-AI और एनवीडिया के CEO ने एक समझौते पर साइन किए। इस दौरान ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल यानी बनावटी कहना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने कहा कि AI की दौड़ अब अमेरिका और चीन के बीच है और फिलहाल अमेरिका इस मुकाबले में आगे चल रहा है। उन्होंने पिछले हफ्ते UN महासभा में पहली बार AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहा था। समझौते में कंपनियों ने 4 बातें मानने पर सहमति दी 1. अपने AI सिस्टम की खुद जांच करेंगी: कंपनियां खुद जांचेंगी कि उनके AI मॉडल सुरक्षा के तय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2. अलग टीम निगरानी करेगी: कंपनियां एक टीम बनाएंगी, जो AI सिस्टम की निगरानी करेगी और यह देखेगी कि कहीं कोई खतरा या गड़बड़ी तो नहीं है। 3. बाहर के विशेषज्ञ भी जांच करेंगे: कंपनियां अपने AI मॉडल की जांच बाहरी विशेषज्ञों या किसी स्वतंत्र संस्था से भी कराएंगी। 4. कंपनी का बोर्ड भी नजर रखेगा: कंपनियों के बोर्ड की एक स्वतंत्र समिति इन जांच रिपोर्टों को देखेगी। अगर कोई समस्या सामने आती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी होगी। ट्रम्प ने टेक कंपनियों से कहा- डेटा सेंटर बनाने में स्थानीय लोगों को साथ लें बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प के मुताबिक, डेटा सेंटर बनाने से पहले कंपनियों को स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि इन प्रोजेक्ट्स का फायदा वहां रहने वाले लोगों को भी मिल सके। AI के लिए डेटा सेंटर इतने जरूरी क्यों हैं? हम जिस AI से सवाल पूछते हैं, उसके पीछे हजारों-लाखों शक्तिशाली कंप्यूटर काम करते हैं। ये बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। इसलिए AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ेगी। जुकरबर्ग बोले- लोगों को AI पर भरोसा होना जरूरी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि AI तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। अमेरिका-चीन की AI रेस में 4 मोर्चे पर मुकाबला 1. चिप्स: AI का दिमागAI को चलाने के लिए बहुत ताकतवर चिप्स चाहिए। जिसके पास बेहतर और ज्यादा चिप्स होंगे, वह बड़े और तेज AI सिस्टम बना सकेगा। 2. डेटा सेंटर: जहां AI चलता हैAI को चलाने वाले हजारों कंप्यूटर बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ रही है। 3. बिजली: AI को चलाने के लिए ईंधनडेटा सेंटर बहुत ज्यादा बिजली खाते हैं। इसलिए AI की रेस में सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, पर्याप्त और लगातार बिजली मिलना भी जरूरी है। 4. AI मॉडल: किसका AI ज्यादा काम का?आखिर में मुकाबला इस बात का भी है कि कौन ज्यादा तेज, समझदार और मुश्किल काम करने वाला AI मॉडल बना सकता है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में कॉलेज की प्रधानगी की रंजिश में गुरप्रीत की हत्या के बाद फरार हुए कर्ण और जशनदीप ने पुलिस से बचने के लिए सिर्फ ठिकाना नहीं बदला, बल्कि देश से बाहर निकलने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। दोनों दिल्ली से नेपाल पहुंच गए थे। नेपाल उनके लिए मंजिल नहीं, बल्कि आगे विदेश जाने का रास्ता था। यहां से पहले दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने और उसके बाद डंकी के जरिए अमेरिका पहुंचने की तैयारी थी। दोनों आरोपियों को नेपाल से बाहर निकलने की तैयारी के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया। इस मामले में अब पुलिस ने दो ऐसे दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है। जिन पर आरोपियों को फरार होने में मदद करने का आरोप है। पैसे से पहुंचाई मदद पुलिस के मुताबिक, मनीष कुमार निवासी कैंथला और शुभम निवासी धनीरामपुरा ने आरोपियों को पैसे दिए। उनके अकाउंट में रकम डाली गई और कैश भी दिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हत्या के बाद आरोपियों की फरारी से लेकर विदेश निकलने की तैयारी तक इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े थे। हत्या के बाद नेपाल पहुंचे 14 सितंबर की रात पिहोवा में गुरप्रीत और उसके भाई गगनदीप पर हमला करने के बाद कर्ण और जश्नदीप फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों पहले दिल्ली पहुंचे। यहां से अपने साथी आशीष के साथ नेपाल चले गए। दोनों नेपाल में रुकने के लिए नहीं गए थे। नेपाल से आगे निकलने की तैयारी थी। डंकी से अमेरिका जाने का प्लान दोनों पहले नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने में लगे थे। इसके बाद दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने की तैयारी थी। आगे इसी रास्ते से डंकी लगाकर अमेरिका पहुंचने का प्लान था। आरोपियों ने हत्या के बाद भागने की तैयारी अचानक नहीं की, बल्कि देश से बाहर निकलने के लिए अलग-अलग पड़ाव तय कर रखे थे। बॉर्डर पर पकड़ा साथी कुरुक्षेत्र पुलिस को इनपुट मिला कि हत्या के दोनों आरोपी नेपाल बॉर्डर के पास हैं और वहां से आगे निकलने की तैयारी में हैं। सीआईए-2 की टीम ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने पहले आशीष को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्ण और जशनदीप नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने गए हैं और कुछ देर में वापस आएंगे। पुलिस ने आते ही किए गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने दोनों का इंतजार किया। जैसे ही कर्ण और जश्नदीप वापस पहुंचे, टीम ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद नेपाल और भूटान पुलिस से भी संपर्क कर उनकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। दो दोस्तों पर पैसा देने का आरोप मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी फरारी में मदद करने वालों की कड़ी जोड़नी शुरू की। जांच में मनीष कुमार और शुभम के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-2 इंचार्ज मंदीप सिंह के अनुसार, आरोप है कि दोनों ने कर्ण और जशनदीप की आर्थिक मदद की। अकाउंट में पैसे डालने के साथ उन्हें कैश भी दिया गया। कॉलेज की प्रधानगी बनी वजह पुलिस जांच में हत्या की वजह कॉलेज में चल रही रंजिश सामने आई है। गुरप्रीत का भाई गगनदीप और आरोपी कर्ण व जशनदीप एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। दोनों अलग-अलग छात्र ग्रुप से जुड़े हुए थे। कॉलेज की प्रधानगी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर रंजिश थी। 14 सितंबर की रात पिहोवा चौक के पास रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्ष मेन बाजार की तरफ पहुंचे। वहां गाली-गलौज के बाद आरोपियों ने गाड़ी रोककर तलवार से हमला कर दिया। हमले में गगनदीप और गुरप्रीत घायल हुए थे। इलाज के दौरान 19 सितंबर को गुरप्रीत की मौत हो गई।
पाकिस्तान और हॉन्ग-कॉन्ग से ईरान को हथियारों की सप्लाई... भड़का अमेरिका
अमेरिका ने ईरान, हांगकांग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर ईरान की सैन्य सप्लाई चेन को निशाना बनाया. ट्रेजरी विभाग का कहना है कि यह कदम तेहरान की हथियार खरीद, रक्षा तंत्र और आर्थिक सहारे को कमजोर करने की चल रही बड़ी मुहिम का हिस्सा है.
अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे ईरान-अमेरिका, बातचीत फिर बेनतीजा
अमेरिका और ईरान के बीच कतर की मध्यस्थता फिर नाकाम साबित हुई. दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे और बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रही. ईरान ने नौसेना नाकाबंदी हटाने की शर्तें रखीं, जबकि अमेरिका ने परमाणु कार्यक्रम सीमित करने की अपनी शर्त पर कोई नरमी नहीं दिखाई.
जयपुर: संपत्ति विवाद में बड़े भाई की हत्या, अमेरिका से 24 साल वाद लौटा था आरोपित
जयपुर में मंगलवार को संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि 24 साल वाद अमेरिका से लौटे छोटे भाई ने अपने 65 वर्षीय बड़े भाई श्याम बगानी पर पहले डंडे से हमला किया और बाद में चाकू से वार कर दिया।
ट्रेड वॉर: अमेरिका में कनाडा से एक अरब डॉलर के आयात पर प्रतिबंध; बाइक, डेयरी उत्पाद समेत किन सामानों पर असर?
Rohtak News: अमेरिकी लोगों से ठगे थे एक लाख डॉलर, वियतनाम-इस्राइल तक जुड़े तार
अमेरिकी लोगों से ठगे थे एक लाख डॉलर, वियतनाम-इस्राइल तक जुड़े तार
अमेरिका से तीसरे देशों में भेजे जा सकेंगे प्रवासी: ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत; क्या है नीति?
ब्रिटेन: अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास पांच गिरफ्तार, फिर जमानत पर रिहा; नहीं मिले विस्फोटक; क्या था मामला?
Bijnor News: अमेरिकी टीम ने बिंदल चीनी मिल की तकनीकी दक्षता देखी
American team inspected the technical efficiency of Bindal Sugar Mill
अमेरिकी लोगों के नाम IRGC का खुला पत्र, युद्ध खत्म करने की अपील
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी मतदाताओं से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले एक खुला पत्र जारी कर युद्ध समाप्त करने की अपील की है।
संयुक्त राज्य अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़, वैश्विक तकनीक पर आधिपत्य और इससे जुड़े नीतिगत विमर्श के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और चर्चित बयान दिया है। सिलिकॉन वैली के शीर्ष टेक दिग्गजों, निवेशकों और वैश्विक थिंक टैंक्स के बीच इस समय एआई के भविष्य को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। इसी दौरान ट्रंप ने कहा कि 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (Artificial Intelligence) शब्द इस उभरती हुई तकनीक की असली क्षमता, दायरे और ताकत को पूरी तरह परिभाषित करने में असमर्थ है। उनका मानना है कि इसे अब सीधे तौर पर 'सुपरइंटेलिजेंस' (Superintelligence) कहा जाना चाहिए। ट्रंप ने इस तकनीक को मानव सभ्यता के इतिहास में एक युगांतरकारी मोड़ बताते हुए इसकी तुलना 18वीं सदी की औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) और 20वीं सदी के इंटरनेट क्रांति से की है। उनका दावा है कि आने वाले समय में यह तकनीक इन दोनों ऐतिहासिक बदलावों से कहीं अधिक शक्तिशाली और दूरगामी साबित होगी।इंटरनेट और औद्योगिक क्रांति से भी आगे: ट्रंप ने क्यों की यह ऐतिहासिक तुलना?अपने संबोधन और साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब दुनिया में भाप के इंजन, कारखानों और बिजली के आगमन के साथ औद्योगिक क्रांति आई थी, तो उसने मानव श्रम और उत्पादन के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया था। इसी तरह 1990 के दशक में आई इंटरनेट क्रांति ने सूचना के आदान-प्रदान और संचार के पूरे परिदृश्य को नए सिरे से गढ़ा। लेकिन एआई केवल शारीरिक श्रम या संचार को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानी दिमाग की सोचने, निर्णय लेने, जटिल समस्याओं को सुलझाने और नई तकनीकों को जन्म देने की क्षमता से भी आगे निकल रहा है। ट्रंप के अनुसार, जब मशीनें इंसानी बुद्धिमत्ता से कई गुना तेज और सटीक विश्लेषण करने लगेंगी, तो यह दुनिया की हर व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक समीकरण को बदलकर रख देगी। यही कारण है कि इसे केवल एक 'टूल' या सामान्य इंटेलिजेंस न मानकर 'सुपरइंटेलिजेंस' के रूप में देखा जाना चाहिए।वैश्विक तकनीकी प्रभुत्व और अमेरिका बनाम चीन की एआई रेसट्रंप के इस बयान के पीछे वैश्विक तकनीकी वर्चस्व और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गहरा भू-राजनीतिक पहलू भी छिपा हुआ है। वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और सुपरकंप्यूटिंग को लेकर एक नई किस्म का 'शीत युद्ध' (Cold War) चल रहा है। ट्रंप ने बार-बार जोर देकर कहा है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर इस सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ में दूसरे नंबर पर नहीं रह सकता। यदि चीन या कोई अन्य प्रतिद्वंद्वी देश इस क्षेत्र में बढ़त बना लेता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक वित्तीय प्रणालियों, रक्षा प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ेगा। ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों और वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे सुपरइंटेलिजेंस के निर्माण और लीडरशिप में दुनिया का नेतृत्व जारी रखें।भारी ऊर्जा खपत, न्यूक्लियर पावर और विशाल डेटा सेंटर्स की नई चुनौतीसुपरइंटेलिजेंस के विकास के साथ ही ऊर्जा संकट की एक बड़ी व्यावहारिक चुनौती भी सामने आ रही है। अत्याधुनिक एआई मॉडल्स को ट्रेन करने और संचालन के लिए विशाल डेटा सेंटर्स की आवश्यकता होती है, जो अरबों किलोवाट बिजली और लाखों गैलन पानी की खपत करते हैं। ट्रंप ने इस विषय पर भी चिंता जताते हुए कहा कि यदि अमेरिका को सुपरइंटेलिजेंस का ग्लोबल हब बने रहना है, तो देश को अपने बिजली उत्पादन की क्षमता को दोगुना या तीन गुना करना होगा। इसके लिए उन्होंने पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMR) और एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी के इस्तेमाल को तुरंत मंजूरी देने की वकालत की है। टेक कंपनियां जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेज़न भी अपने एआई डेटा सेंटर्स को 24 घंटे बिजली देने के लिए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के साथ समझौते कर रही हैं।रोजगार, सुरक्षा और एथिकल एआई को लेकर टेक जगत में दो फाड़एक तरफ जहां ट्रंप और कई तकनीकी नेता सुपरइंटेलिजेंस को आर्थिक विकास का सबसे बड़ा इंजन मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर के नीति निर्माताओं और समाजशास्त्रियों में इसके गंभीर खतरों को लेकर गहरी चिंताएं हैं। एजीआई (Artificial General Intelligence) और सुपरइंटेलिजेंस के तेजी से आने से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस, लीगल, मेडिकल और कंटेंट क्रिएशन जैसे व्हाइट-कॉलर जॉब्स में बड़े पैमाने पर उथल-पुथल की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा डीपफेक, साइबर हमलों, ऑटोनॉमस हथियारों और इंसानी नियंत्रण से बाहर जाने वाले एआई सिस्टम्स के खतरे को लेकर 'एआई सेफ्टी' के कड़े नियम बनाने की मांग हो रही है। आलोचकों का कहना है कि अनियंत्रित सुपरइंटेलिजेंस को बढ़ावा देने से पहले इसके नैतिक, सामाजिक और कानूनी सुरक्षा घेरे को तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।ट्रंप की 'सुपरइंटेलिजेंस' नीति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या होगा प्रभाव?यदि अमेरिका औपचारिक रूप से अपनी राष्ट्रीय नीतियों और तकनीकी घोषणाओं में एआई को सुपरइंटेलिजेंस के रूप में री-ब्रांड करते हुए भारी निवेश और टैक्स छूट के रास्ते खोलता है, तो इससे वॉल स्ट्रीट और वैश्विक शेयर बाजारों में एआई टेक स्टॉक्स (Nvidia, Microsoft, Alphabet, Meta, OpenAI) को नया बूस्ट मिलेगा। इसके साथ ही भारत जैसे प्रमुख आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विस निर्यातक देशों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। भारत को भी पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग से हटकर खुद के स्वदेशी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स, सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर्स और सुपरइंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की गति तेज करनी होगी ताकि भविष्य के इस महा-आविष्कार की रेस में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई जा सके।
एसआरआईए कानून के संभावित प्रभावों को लेकर भारत ने अमेरिका के समक्ष रखा पक्ष
New Delhi, 29 सितंबर . India ने रूस और ईरान पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से जुड़े सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (एसआरआईए) को लेकर अपनी चिंताओं ... Read more
21 साल, 4500 सैनिकों की मौत… अब इराक से क्यों लौट रहा अमेरिका?
अमेरिका इराक में अपने आखिरी सैन्य ठिकानों से बुधवार तक सेना हटा रहा है. यह फैसला 2024 में बाइडेन सरकार ने किया था और ट्रंप सरकार इसे पूरा कर रही है. ईरान और उसके सहयोगी गुट इसे अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों को डर है कि ईरान समर्थित गुटों का दखल बढ़ेगा.
'जहां हम तेल नहीं बेचेंगे, वहां और कोई नहीं बेचेगा', ईरान ने अमेरिका को दी बड़ी धमकी
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो क्षेत्र में तेल और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा प्रभावित होगी।
रूस पर अमेरिकी खतरा? अलास्का पहुंचा 96 मिसाइलों वाला युद्धपोत
अमेरिका का नया मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस टेड स्टीवंस अलास्का पहुंच गया है. 96 वर्टिकल लॉन्च सेल और SPY-6 रडार से लैस यह युद्धपोत ऐसे समय आया है, जब आर्कटिक और बेरिंग स्ट्रेट में अमेरिका-रूस की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.
अमेरिका का बड़ा कदम: स्पेशलिटी दवाओं पर हटाया टैरिफ, क्या पीयूष गोयल के US दौरे से सुलझेगा बाकी ट्रेड विवाद?
एस्सार ग्रुप, जिसने कभी भारी कर्ज के कारण अपनी तेल कंपनी रूसी कंपनी को बेची थी, अब अमेरिका में एक विशाल स्टील प्लांट स्थापित कर रहा है। यह नया उद्यम मिनेसोटा में अपनी लौह अयस्क खदान से जुड़ा होगा, जो रुइया ब्रदर्स की वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है।
न्यूयॉर्क, 29 सितंबर . ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने Tuesday को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात कर क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की. ईरानी Governmentी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, मुलाकात के दौरान अराघची ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के प्रभावों का मुद्दा उठाया. अराघची ने कहा, “संयुक्त ... Read more
न्यूयॉर्क: गुटेरेस से मिले ईरानी विदेश मंत्री, अमेरिकी सैन्य हमलों को बताया 'अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन'
अमेरिका जाने के लिए निकले तीन गुजरातियों का इथियोपिया में अपहरण, वीडियो में जाने 1 करोड़ की फिरौती देने के बाद भी संपर्क नहीं
अमेरिका से लौटने के बाद संपत्ति विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी
jaipur, 29 सितंबर . jaipur में Tuesday को दो भाइयों के बीच संपत्ति विवाद जानलेवा साबित हुआ. विवाद बानी पार्क इलाके का है, जहां एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने बड़े भाई को चाकू मार दिया. Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना संत कंवर राम पार्क के पीछे ... Read more
भारतीय कूटनीति और विदेश नीति के मोर्चे पर पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर चल रहे समीकरणों के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की धरती से बहुत ही स्पष्ट, कड़े और दो टूक शब्दों में अपनी बात रखी है। अमेरिका के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में 'एशिया सोसायटी' (Asia Society) द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच पिछले डेढ़ वर्षों से द्विपक्षीय रिश्तों में आ रहे तनाव और असहजता पर खुलकर अपनी राय रखी।एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से दो सबसे बड़े और संवेदनशील मुद्दों—व्यापारिक मतभेदों (Trade Differences) और पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद (Cross-Border Terrorism)—पर भारत के दृष्टिकोण को बेहद दृढ़ता के साथ दुनिया के सामने रखा। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व और पश्चिमी देशों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि रणनीतिक साझेदार देश भारत की सुरक्षा और प्राथमिक संवेदनाओं का सम्मान नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई पर पड़ेगा।'आतंकवाद पर हमारी संवेदनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं'आतंकवाद के मुद्दे को भारत के लिए सबसे सर्वोच्च और संवेदनशील प्राथमिकता करार देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि दुनिया में ऐसे बहुत ही कम देश होंगे जिन्होंने अपने पड़ोसी राष्ट्र की ओर से प्रायोजित और जान-बूझकर पोषित आतंकवाद को उस हद तक झेला है, जितना भारत ने भुगता है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, एक-दूसरे की संवेदनाओं का ख्याल रखना किसी भी मजबूत साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे लिए अत्यंत संवेदनशील है। जो विषय हमारे राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के लिए इतना महत्वपूर्ण है, यदि कोई हमारा साझेदार देश हमारी इन प्रमुख चिंताओं और चेतावनियों का पर्याप्त ख्याल नहीं रखता है, तो यह स्वाभाविक है कि इसका नकारात्मक असर हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि विदेश मंत्री का यह बयान परोक्ष रूप से अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ बढ़ रहे सैन्य व कूटनीतिक मेल-मिलाप पर भारत की गहरी असहमति और चिंता को दर्शाता है।अमेरिका-पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों और अमेरिकी रुख पर भारत की पैनी नजरविदेश मंत्री का यह तीखा और स्पष्ट बयान इसलिए भी अत्यधिक सामयिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर नज़दीकियां बढ़ती हुई दिखाई दी हैं। हाल के वर्षों में वाशिंगटन द्वारा उठाए गए कुछ कदमों, जैसे कि ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावे और अमेरिकी व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का स्वागत किया जाना, ने नई दिल्ली में रणनीतिक हलकों को असहज किया है।भारत इन घटनाक्रमों को बहुत बारीकी से देखता रहा है, लेकिन अब तक सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की मुखर प्रतिक्रिया देने से परहेज करता रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने की भारत की कूटनीति को हाल के दिनों में तब धक्का लगता दिखा जब अमेरिका के साथ-साथ कई प्रमुख यूरोपीय देशों ने भी पाकिस्तान के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाना शुरू कर दिया। नई दिल्ली की सबसे बड़ी आशंका यह है कि पश्चिमी देशों के इस नरम रुख का फायदा उठाकर पाकिस्तान एक बार फिर अपनी पुरानी हरकतों यानी सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की गुंजाइश तलाश सकता है।व्यापारिक समझौतों पर दो टूक: 'भारत अपने छोटे उत्पादकों और किसानों के हितों से समझौता नहीं कर सकता'केवल सुरक्षा और आतंकवाद ही नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौतों (Trade Deals) के पेंच पर भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने देश के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में भारत अपने घरेलू हितों, छोटे उत्पादकों, लघु उद्योगों और कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हट सकता।जयशंकर ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका की आर्थिक संरचना में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने समझाया, हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि भारत मुख्य रूप से छोटे उत्पादकों, छोटे कृषि उत्पादकों और छोटी फैक्ट्रियों व कुटीर उद्योगों का एक विशाल समाज है। भारत और अमेरिका के बीच प्रति व्यक्ति आय का भारी अंतर होने के अलावा उत्पादन का स्वरूप और हमारे सामाजिक-आर्थिक ढांचे की प्रकृति भी पूरी तरह भिन्न है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में इसलिए देरी हुई क्योंकि जमीनी हकीकत की जटिलताएं बहुत गहरी थीं, और अब इस दिशा में अमेरिकी कानून की धारा 301 (Section 301) की प्रक्रिया के तहत आगे की रूपरेखा तय की जा रही है।इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी अमेरिका दौरे पर होने की खबर है, जहां वे मिलवाकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के बीच अटके अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी समकक्षों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्री के इस स्पष्ट और दो टूक संदेश ने यह साबित कर दिया है कि नया भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और आर्थिक संप्रभुता के मामले में अपने मित्रों और साझेदारों से भी स्पष्ट संवाद करने से पीछे नहीं हटता है।
अमेरिका में एक्सपायर्ड दवा फेंकने पर क्यों आ सकती है पुलिस?
अमेरिका में हर एक्सपायर्ड दवा को कूड़े में फेंकना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन कुछ नियंत्रित दवाओं के निपटारे को लेकर सख्त नियम हैं. जानिए दवा फेंकने का सही तरीका और पुलिस की भूमिका कब आती है.
पीयूष गोयल की अमेरिकी यात्रा बेहद अहम, द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर फोकस
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को आगे बढ़ाने की दिशा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लास वेगास में यूट्यूबर परमवीर की अमेरिकी लड़के से बहस, बोले- तुम्हारी हैसियत नहीं मुझे जॉब देने की
लास वेगास की सड़क पर जब नशे में धुत गोरे ने भारतीय यूट्यूबर को नीचा दिखाने की कोशिश की, तो परमवीर ने कैमरे के सामने ही उसे उसकी हैसियत दिखाई कि गोरे की बोलती बंद हो गई. आखिर उस लाइव वीडियो में ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात इसे 5.9 मिलियन लोगों ने देख डाला?
‘चिकनी चमेली’ पर नैनिका और थानाया का धमाकेदार डांस सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. दोनों बहनों के डांस मूव्स और परफेक्ट सिंक की खूब तारीफ हो रही है.
Essar Group अमेरिका के Iowa में बनाएगा सबसे बड़ा Steel Plant, Donald Trump ने किया ऐलान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह एस्सार ग्रुप आयोवा में 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश से अमेरिका के इतिहास का ‘‘सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र’’ बनाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक कार्यालय ‘ओवल ऑफिस’ में एस्सार ग्रुप के सह-संस्थापक रवि रुइया और उनके बेटे रेवंत की मौजूदगी में सोमवार को यह घोषणा की। ट्रंप ने कहा, ‘‘आज हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मेसाबी मेटालिक्स आयोवा राज्य में अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र बनाएगी।’’ एस्सार ग्रुप की कंपनी मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया ने ‘‘अमेरिका में चीजों के निर्माण के महत्व को वापस लाने के लिए’’ ट्रंप का आभार जताया। नया इस्पात संयंत्र मेसाबी मेटालिक्स बना रही है, जो भारत के एस्सार ग्रुप के स्वामित्व वाली मिनेसोटा की कंपनी है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक अधिकारी ने बताया कि मेसाबी मेटालिक्स 2030 तक संयंत्र में उत्पादन शुरू करने के लक्ष्य के साथ इसका निर्माण कर रही है। अधिकारी ने कहा कि इस संयंत्र में सालाना एक करोड़ टन इस्पात का उत्पादन होने और राज्य में 1,750 तक स्थायी रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह संयंत्र कंपनी द्वारा मिनेसोटा में 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश से बनाई जा रही नयी खदान से लौह अयस्क का इस्तेमाल करेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि इस खदान में सालाना करीब 75 लाख टन लौह अयस्क का उत्पादन होगा और राज्य में करीब 350 रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि यह 50 साल में अमेरिका में शुरू होने वाली पहली नयी लौह अयस्क खदान होगी। यह खदान मिनेसोटा के मेसाबी आयरन रेंज में स्थित है, जो 80 से 100 मील तक फैला हुआ है और 20वीं सदी के दौरान अमेरिका के कुल लौह अयस्क उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत का योगदान देता था। इस घोषणा के समय अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक, निर्यात-आयात बैंक के चेयरमैन जॉन जोवानोविक और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के वरिष्ठ निदेशक डेविड कोप्ली मौजूद रहे।
ट्रंप का एक और कड़ा प्रहार: आधी रात से कनाडाई शराब, डेयरी और मोटरसाइकिलों की अमेरिका में 'नो-एंट्री'
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा के कुछ उत्पादों जैसे शराब, डेयरी और मोटरसाइकिलों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवाद और गहरा गया है। यह कदम USMCA समझौते के भविष्य पर सवाल खड़ा करता है और उत्तरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने अमेरिका को घेरा: पाक से नजदीकी बढ़ाने पर जताया ऐतराज, कहा— इससे भारत-US रिश्तों पर असर
आरएएफ फेयरफोर्ड मामला: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो का दावा, 'विदेशी ताकत का हाथ'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ब्रिटेन के आरएएफ एयरबेस के पास सामने आए संदिग्ध बम साजिश मामले में स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ होने का दावा किया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह विदेशी पक्ष कौन है और अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत भी पेश नहीं किया।
ब्रोकरेज फर्म ग्रो ने पिछले हफ्ते अपने ऐप पर अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश की सुविधा शुरू कर दी। हालांकि, ग्रो के सभी यूजर्स के लिए इस सुविधा के अगले हफ्ते से उपलब्ध होने की संभावना है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। ग्रो को इस साल जुलाई में गिफ्ट सिटी के जरिए ग्लोबल कंपनियों के शेयरों में निवेश के लिए आईएफएससीए लाइसेंस मिला था।भारतीय निवेशक यूएस कंपनियों के शेयर खरीद-बेच सकेंगेGroww ने विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश की सुविधा देने के लिए ब्रोकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर ऑफर करने वाली कंपनी Alpaca Securities से समझौता किया है। ग्रो ने इस सुविधा के बारे में मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए। ग्रो की इस सुविधा से इनवेस्टर्स उसकेऐप के जरिए अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों के शेयर खरीद और बेच सकेंगे।इनवेस्टर्स को 10,000 से ज्यादा स्टॉक्स और ईटीएफ में निवेश की सुविधाग्रो के प्लेटफॉर्म से इनवेस्टर्स को 10,000 से ज्यादा कंपनियों के स्टॉक्स और ईटीएफ में निवेश की सुविधा मिलेगी। इनमें Google, Apple, Nvidia, Tesla, Amazon और Meta जैसी दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। Zerodha, Angel One और Upstox को भी गिफ्टी सिटी के जरिए अपने प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में निवेश की सुविधा ऑफर करने की इजाजत मिल चुकी है।इनवेस्टर्स को पैसा भारत लाने के लिए कोई कॉस्ट नहीं देनी होगीGift City ने अगस्त 2025 में ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) रजिस्ट्रेशन लॉन्च की थी। इसका मकसद इनवेस्टर्स को विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश का किफायती रास्ता देना है। विदेशी कंपनी के शेयर बचने पर इनवेस्टर्स जब पैसा भारत लाएगा तो उसे किसी तरह की कॉस्ट नहीं चुकानी होगी। इससे भारतीय इनवेस्टर्स को विदेशी कंपनियों के शेयरों में निवेश का आसान रास्ता खुलेगा।ब्रोकरेज फर्म ग्रो के 2 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्सग्रो यूजर्स की संख्या के लिहाज से देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म है। इसके 2 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। यह 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एसेट्स का प्रबंधन करती है। इसकी शुरुआत एक म्यूचअल फंड प्लेटफॉर्म के रूप में हुई थी। अब तक विदेशी कंपनियों में निवेश की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स में IndMoney, Smallcase और Vested Finance का दबदबा रहा है।यह भी पढ़ें:Tata Trusts के नए प्रस्ताव से फिसले समूह की कई कंपनियों के शेयर, Tata Chemicals सबसे ज्यादा गिराअमेरिकी एआई और टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश का मौका मिलेगाबीते करीब 2 सालों में अमेरिका, ताइवान और दक्षिण कोरिया में एआई और सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। चूंकि, इंडिया में ऐसी कंपनियां नहीं हैं, जिससे भारतीय इनवेस्टर्स की दिलचस्पी विदेश में इन कंपनियों के शेयरों में निवेश के मौके तलाने में बढ़ी है। इसके अलावा कई बड़ी AI कंपनियों का प्लान अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में खुद को लिस्ट कराने का है। ये कंपनियां अपने आईपीओ पेश करने वाली हैं।
Nikesh Arora Success Story: निकेश अरोड़ा, जो कभी अमेरिका में बर्गर बेचते थे और 400 से अधिक रिजेक्शन झेल चुके थे, आज पालो अल्टो नेटवर्क्स के सीईओ और चेयरमैन हैं। गाजियाबाद से शुरू हुई उनकी यात्रा में ₹9,190 करोड़ की संपत्ति और $151.4 मिलियन का वार्षिक पैकेज शामिल है, जो उनकी असाधारण सफलता को दर्शाता है।
आरएएफ फेयरफोर्ड मामला: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो का दावा, ‘विदेशी ताकत का हाथ’
वाशिंगटन, 29 सितंबर . अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ब्रिटेन के आरएएफ एयरबेस के पास सामने आए संदिग्ध बम साजिश मामले में “स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ” होने का दावा किया है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह विदेशी पक्ष कौन है और अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत ... Read more
आरएएफ फेयरफोर्ड मामला: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो का दावा, 'विदेशी ताकत का हाथ'
आरएएफ फेयरफोर्ड मामला: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो का दावा, 'विदेशी ताकत का हाथ'
मोजतबा खामेनेई ने दुश्मन को होर्मुज से दूर रहने और जल्द से जल्द अरब सागर छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो दुश्मन को अरब सागर से भी खदेड़ दिया जाएगा।
भारत-अमेरिका ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा, इंडो-पैसिफिक के बदलते सुरक्षा हालात पर भी हुई बात
New Delhi, 29 सितंबर . India और अमेरिका ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात पर विचार साझा करने के साथ दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. यह बातचीत Monday को New Delhi में भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और अमेरिकी सेना की पैसिफिक कमांड ... Read more
ट्रंप-एस्सार ग्रुप डील: अमेरिका में एस्सार ग्रुप बनाएगा इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट
अमेरिका में एस्सार ग्रुप इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट लगाने जा रहा है। भारतीय कारोबारी समूह एस्सार ग्रुप अमेरिका में करीब 18 अरब डॉलर यानी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रहा है।
किसने रची अमेरिकी बेस को उड़ाने की साजिश? क्यों भड़क उठे रुबियो
मार्को रुबियो ने कहा कि ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की नाकाम साजिश में किसी विदेशी किरदार की भूमिका थी. उन्होंने पांच ब्रिटिश आरोपियों को बेल मिलने पर नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिकी हितों पर किसी भी कोशिश के नतीजे होंगे.
जयपुर में संपत्ति विवाद को लेकर छोटे भाई ने बड़े की हत्या कर दी। मंगलवार की सुबह श्याम बगानी (65) मंदिर के लिए निकले थे जब घर से कुछ ही दूरी पर रास्ते में छोटे भाई मुरली बगानी (58) ने उन पर हमला कर दिया। मंदिर जाते समय आरोपी ने पहले भाई से झगड़ा किया उसके बाद उनपर लकड़ी से वार किया और फिर चाकू से अटैक कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बनीपार्क थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बनीपार्क थाना SHO सुरेश यादव ने बताया कि श्याम बगानी सुबह मंदिर जाने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही वे घर के बाहर पहुंचे, आरोपी ने स्कूटी रोककर पहले झगड़ा किया, उसके बाद लकड़ी से वार कर दिया। फिर चाकू से हमला बोल दिया। हमले के बाद घायल हुए श्याम बगानी को सवाई मानसिंह हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बड़े भाई द्वारा संपत्ति में हिस्सा नहीं देने को लेकर दोनों के बीच विवाद था। इसी विवाद के चलते हमला किए जाने की बात सामने आई है। अमेरिका में रहता था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी मुरली बगानी पहले अमेरिका के बेलीज सिटी में रहता था। उसकी पत्नी और बच्चे अभी अमेरिका में रहते हैं। करीब 11 महीने पहले अमेरिका में कारोबार में घाटा होने के बाद वह जयपुर आकर रहने लगा था। आरोपी का अपना कारोबार भी बताया जा रहा है। श्याम बगानी का घर संत कंवर राम पार्क के पीछे सिंधी कॉलोनी बनी पार्क थाना क्षेत्र में है। घटना घर से महज 300 मीटर दूर राम पार्क के सामने वाली सड़क की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और हत्या के पीछे संपत्ति विवाद के अलावा अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। …. ये खबर भी पढ़ें… पेंशन-फसल के पैसे नहीं देने पर दादा को मार डाला:पोते ने कुल्हाड़ी-लाठी से किए वार, बेटे ने घर से 500 मीटर दूर फेंका शव पेंशन और फसल के पैसे नहीं देने के विवाद में पोते ने कुल्हाड़ी-लाठी से वार कर दादा की हत्या की थी। दादा रिटायर्ड हेड कॉन्स्टेबल था। हत्या के बाद आरोपी मौके से CCTV और डीवीआर निकालकर फरार हो गया था। पूरी खबर पढ़िए …
तरंग शक्ति: भारत में पहली बार अमेरिकी F-35A की दिखेगी रफ्तार, जोधपुर में सात देशों की सेनाएं करेंगी ट्रेनिंग Tarang Shakti US F-35A showcase speed in India for first time militaries from seven nations train Jodhpur.
आतंकवाद पर भारत की चिंताओं पर अमेरिका की असंवेदनशीलता आपसी रिश्तों के लिए समस्या : जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं के प्रति अमेरिका का असंवेदनशील होना दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक समस्या है।
अमेरिका में ही जयशंकर ने ट्रंप सरकार को सुनाया, कहा- पाकिस्तानी आतंकवाद पर हमारी नहीं सुनोगे तो...
जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद अमेरिका और पाकिस्तान के संंबंधों में सुधार देखा गया है. ऐसे में भारत से अमेरिका के रिश्तों पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है? इसका जवाब भारत के विदेश मंत्री के बयान में देखने को मिला.
रणनीतिक स्वायत्तता के मामले में अब भारत की राह पर चल रहा अमेरिका : जयशंकर
रणनीतिक स्वायत्तता के मामले में अब भारत की राह पर चल रहा अमेरिका : जयशंकर
भारत को लुभाने आया अमेरिका का F-35 लड़ाकू विमान, राजस्थान में डाला डेरा; ट्रंप दे चुके ऑफर
अमेरिका के 6 F-35 लड़ाकू विमान राजस्थान पहुंच गए हैं। ट्रंप भारत को F-35 का ऑफर दे चुके हैं। जानिए F-35 की भारत में एंट्री क्यों अहम है, रूस के Su-57 से इसकी तुलना क्या है और क्या भारत इसे खरीदने जा रहा है।
भारत-अमेरिका दोस्ती को नई मजबूती, अमेरिकी जनरल ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से की मुलाकात
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय सेना के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल एडीजीपीआई (जन सूचना का अतिरिक्त महानिदेशालय) पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी दी गई है।
आतंकवाद पर अमेरिका को जयशंकर की दो टूक, बोले- हमारी सुरक्षा चिंताओं को न समझना रिश्तों के लिए समस्या
एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों की चुनौतियों पर कहा कि भारत की सुरक्षा चिंताओं को पर्याप्त गंभीरता से न समझना रिश्तों को प्रभावित करता है। आतंकवाद और व्यापार पर भी बोले।
बीस लाख खर्च कर पत्नी को भेजा अमेरिका: सास-ससुर ने धोखे से तलाक के कागजों पर करवाए साइन, अब केस दर्ज
पत्नी को अमेरिका भेजने के लिए 20 लाख रुपये खर्च करने के बाद पति से धोखे से तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर करवाने के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है।
डील के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए मिसाइल प्रोडक्शन बढ़ाने की होड़
वाशिंगटन, 29 सितंबर . अमेरिकी युद्ध विभाग ने हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने रेथियॉन कंपनी को एएमआरएएएम मिसाइलों के उत्पादन के लिए 20.7 अरब डॉलर तक का कॉन्ट्रैक्ट दिया है. यह मिसाइलें अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी देशों के लिए बनाई जाएंगी. यह कॉन्ट्रैक्ट 25 सितंबर ... Read more
भारतीय एस्सार ग्रुप अमेरिका में 1.73 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर आयोवा में सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाएगा, जिससे हजारों रोजगार पैदा होंगे।
जयशंकर: 'हमारी चिंताओं को लेकर अमेरिका गंभीर नहीं, ये समस्या है', विदेश मंत्री ने यूएस को लेकर दिया बड़ा बयान
अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाएगा भारतीय कंपनी समूह
वॉशिंगटन, 29 सितंबर . India में जन्मे रेवंत रुइया के परिवार ने President डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में आयोवा में एक नए स्टील प्लांट की योजना की घोषणा की है. रुइया ने अमेरिका में स्टील के क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश को ‘घर वापसी’ जैसा बताया. रुइया ने व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम ... Read more
कौन है वो अमेरिकी, जिस पर छाया 'हनुमान अंश' का जादू?
अमेरिकी जियोलॉजिस्ट और वैदिक मेडिटेशन टीचर एलेक सोडरबर्ग का 'हनुमान अंश' के भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' गाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एकतारा लेकर गाए इस भजन को अब तक 16 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं.
भारत के एस्सार ग्रुप ने अमेरिका में 18 अरब (1,72,776 करोड़) की लागत से स्टील प्लांट लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा। अरबों डॉलर के निवेश से ...
पश्चिम एशिया: ईरान को किस शर्त पर रियायत देने को तैयार ट्रंप? इस सप्ताह फिर अमेरिका-ईरान के बीच होगी बात
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में शामिल किया है। बराड़ की जानकारी देने वाले को 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपए) तक का इनाम देने की घोषणा की गई है। बराड़ को लॉरेंस ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का उत्तरी अमेरिका में प्रमुख ऑपरेशनल लीडर बताया गया है। लॉरेंस और गोल्डी बराड़ पर 2023 में खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप है। इसी साल जुलाई में निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की थी। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस भारतीय जेल में रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा है। वह जेल में तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों का निर्देश देता है। जुलाई में आई अमेरिकी रिपोर्ट में गैंग को लेकर 5 दावे किए गए थे 2023 में हुई थी निज्जर की हत्या कौन है गोल्डी बराड़, इसके बारे में सिलसिलेवार पढ़ें... स्टेट लेवल कबड्डी प्लेयर था गोल्डी, पिता पंजाब पुलिस में ASI थे सतिंदरजीत सिंह उर्फ सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का जन्म पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब शहर स्थित आदेश नगर की गली नंबर 3 के एक घर में 11 अप्रैल 1994 को हुआ था। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में बतौर ASI तैनात थे। गोल्डी की मां प्रीतपाल कौर हाउस वाइफ थीं। गोल्डी जब 2010 में पंजाब यूनिवर्सिटी में गया तो वह गैंगस्टरों के टच में आया। इससे पहले गोल्डी स्टेट लेवल का कबड्डी प्लेयर था। कॉलेज के दौरान उसकी मुलाकात लॉरेंस बिश्नोई (गैंगस्टर लॉरेंस) से हुई। लॉरेंस तब छात्र राजनीति का बड़ा चेहरा था और गोल्डी के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ का अच्छा मित्र था। गुरलाल के जरिए दोनों मिले और काफी करीब हो गए। लॉरेंस और उसके गैंग के साथ मिलकर कॉलेज और चंडीगढ़ में कई वारदातें की गईं, लेकिन तब किसी भी बड़े क्राइम में गोल्डी का नाम नहीं था। यह दोस्ती इतनी गहरी हो गई थी कि दोनों एक-दूसरे से हर बात पर सलाह करते थे। यह सिलसिला करीब 2020 तक चला। तब तक गोल्डी मशहूर नहीं था। चचेरे भाई की हत्या के बाद गैंगस्टर बना गोल्डी गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई गुरलाल की 11 अक्टूबर 2020 को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक क्लब के बाहर देर रात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। तब गुरलाल पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) का बड़ा छात्र नेता था। इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस के एंटी चल रहे बंबीहा गैंग ने ली थी। इसके बाद गोल्डी ने गैंगवॉर में कदम रखा। गुरलाल की मौत के बाद लॉरेंस ने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उसने लिखा था कि अब से नई जंग की शुरुआत होगी। इसके बाद गोल्डी ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में बंबीहा और बंबीहा गैंग के साथ चलने वाले कई गैंगस्टरों की हत्या करवाई। हालांकि, उन हत्याओं में गोल्डी खुद सामने नहीं आया था, मगर उसका नाम पंजाब पुलिस की जांच में सामने आ गया था। इन सभी तथ्यों के बारे में गोल्डी के पिता को पता चल गया, क्योंकि वह पंजाब पुलिस में ही कार्यरत थे। इसके बाद उसके पिता ने किसी तरह गोल्डी को मनाया और साल 2021 में गोल्डी को स्टूडेंट वीजा पर कनाडा भेज दिया। गोल्डी ने कनाडा से करवाई कई हत्याएं गोल्डी ने कनाडा पहुंचकर लॉरेंस से संपर्क किया और उसका सारा गैंग खुद चलाना शुरू किया। गोल्डी का नाम सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद चमक उठा था। 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास करीब 6 शूटरों ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने कनाडा से एक फेसबुक पोस्ट के जरिए ली। इसमें गोल्डी ने कहा था कि मोहाली में मिड्डूखेड़ा की हत्या में शामिल लोगों को मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने रहने की जगह मुहैया करवाई थी। जब सिद्धू को पता चला कि लॉरेंस गैंग शगनप्रीत को टारगेट कर रहा था तो उसने अपने मैनेजर को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया। इसके चलते सिद्धू की हत्या करवाई। डेरा प्रेमी की गोल्डी ने हत्या करवाई जानकारी के अनुसार, साल 2022 के अंत में डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह कटारिया की हत्या हुई। इसकी भी जिम्मेदारी गोल्डी ने ली। पंजाब के मुक्तसर के मलौट में रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की हत्या में भी गोल्डी बराड़ शामिल था। साथ ही हरियाणा में बंबीहा और कौशल गैंग के कई शूटरों की हत्या गोल्डी बराड़ ने करवाई। यह सिलसिला करीब 20 हत्याओं तक पहुंचा। इसके बाद फ्रांस के इंटरपोल सेक्रेटेरिएट जनरल ने 12 दिसंबर 2022 को गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी किया। सलमान खान के पीछे लगे शूटर गोल्डी ने एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उसका गैंग बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को जरूर मारेगा। जब भी मौका मिलेगा, उसे मार देंगे। उसे भाई साहब (लॉरेंस) ने बताया था कि उसने (सलमान) माफी नहीं मांगी है। उसने कहा था कि सलमान के पीछे हमारे कई शूटर लगे हुए हैं। गोल्डी ने CM मान का दावा खारिज किया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 2 दिसंबर 2022 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है और उसे जल्द पंजाब पुलिस भारत लेकर आएगी। हालांकि, कुछ देर बाद CM मान के इस दावे को लेकर गोल्डी ने एक निजी चैनल को इंटरव्यू दे दिया और कहा कि उसे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया है। CM मान का दावा गलत है। गोल्डी ने गोगामेड़ी की करवाई हत्या 5 दिसंबर 2023 को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की घर में घुसकर हत्या करवा दी गई। हत्या गोल्डी बराड़ ने करवाई, जिसमें गोल्डी ने माना था कि गोगामेड़ी के साथ उसका जमीनी विवाद चल रहा था। गोगामेड़ी की हत्या के बाद पूरे राजस्थान में दंगे जैसा माहौल बना। घटना में गोगामेड़ी का एक सुरक्षाकर्मी भी मारा गया था। गिप्पी ग्रेवाल के घर पर भी करवाई फायरिंग कनाडा में पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल के घर पर गोल्डी बराड़ ने फायरिंग करवाई थी। गिप्पी की सलमान खान के साथ फोटो वायरल हुआ था। इसके बाद गोल्डी ने कनाडा स्थित गिप्पी के घर पर फायरिंग करवाई। तब गोल्डी ने कहा था कि सिद्धू मूसेवाला के साथ भी गिप्पी ज्यादा प्यार दिखा रहा था। हर जगह पर वह हमारे एंटी गैंग्स के साथ ज्यादा घुल-मिल रहा था। पब्लिसिटी लेने के लिए ज्यादा उछल रहा था। इसलिए, उसे औकात दिखाने के लिए ऐसा किया। बस उसे फायरिंग करवा कर वॉर्निंग दी थी और कुछ नहीं। साथ ही गोल्डी ने हनी सिंह को भी फोन कर एक्सटॉर्शन-मनी मांगी थी। UAPA के तहत गोल्डी बराड़ आतंकी घोषित गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2 साल पहले UAPA के तहत आतंकी घोषित कर दिया। उसके खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से कनेक्शन मिले थे। गोल्डी बराड़ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस का राइट हैंड था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों द्वारा गोल्डी को आतंकी घोषित कर दिया।
अमेरिकन बुली नस्ल के कुत्ते ने युवक की टांग नोची
थाना डाबा के तहत आते गुरु नानक नगर (लोहारा रोड) में खुले घूम रहे एक ‘अमेरिकन बुली’ ने 18 वर्षीय युवक पर जानलेवा हमला कर दिया और उसकी टांग को बुरी तरह चबा डाला। पीड़ित अर्पित अग्रवाल (18) ने पुलिस को बताया कि वह जिम जा रहा था। गली नंबर 4 के पास पड़ोसी अमन और रमन का अमेरिकन बुली बिना किसी पट्टे या मजल (मुंह पर बाड़े) के खुला घूम रहा था। उसने अर्पित पर झपट्टा मारकर उसे जमीन पर गिरा दिया। शोर मचाने पर पड़ोसियों ने डंडे मारकर कुत्ते से युवक को छुड़ाया। पीड़ित ने बताया कि इससे पहले यह कुत्ता उसके मामा पंकज सूद पर भी हमला कर चुका है। पुलिस ने अमन और रमन के खिलाफ बीएनएस की धारा 291 (खतरनाक जानवर को लापरवाही से खुला छोड़ना) और धारा 125 के तहत केस दर्ज कर लिया है। आक्रामक कुत्तों को बिना मजल के घुमाना अपराध अमेरिकन बुली और पिटबुल जैसी आक्रामक नस्लों के जबड़े बेहद मजबूत होते हैं। इन कुत्तों के कानों की क्रॉपिंग (काटना) भी पशु क्रूरता कानून का उल्लंघन है। बिना मजल (मुंह पर जाली) के इन्हें सड़कों पर घुमाना या दुकानों में बिना लाइसेंस बेचना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन को इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। 25 से 80 हजार में बेचे जा रहे प्रतिबंधित कुत्ते सरकार और प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों की शहर में सरेआम बिक्री हो रही है। भास्कर टीम ने जब शहर के विभिन्न इलाकों में रियलिटी चेक किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मॉडल टाउन, शास्त्री नगर मार्केट, पक्खोवाल रोड, दुगरी, शिमलापुरी और सिविल लाइंस की पेट शॉप्स पर अमेरिकन बुली नस्ल के कुत्ते खुलेआम बिक रहे हैं। दुकानों में इन्हें रखकर बेझिझक 25 हजार से लेकर 80 हजार तक में बेचा जा रहा है। कान की क्रॉपिंग के नाम पर 3500 का अतिरिक्त खेल: भास्कर टीम पक्खोवाल रोड पर एक दुकान पर प्रतिबंधित कुत्ते को खरीदने के लिए पहुंची। दुकानदार सुरिंदर सिंह ने बताया कि कुत्ते के कान की कटाई के लिए 3,500 अलग से चार्ज किए जाएंगे। वहीं, मॉडल टाउन/शास्त्री नगर के पेट शॉप मालिक कंवलप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले से ही कानों की क्रॉपिंग करवाकर कुत्ते रखे हुए हैं, क्योंकि लोग इन्हीं की सबसे ज्यादा डिमांड करते हैं।
चाइल्ड अल्जाइमर का निकला इलाज, अमेरिका में बिहार के बाल रोग विशेषज्ञ के रिसर्च पर लगी मुहर
Darbhanga Doctor Research American Journal: बिहार के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उद्भव मिश्रा ने ब्राह्मी और पिरासिटाम के संयोजन से बच्चों के चाइल्ड अल्जाइमर (अतिसक्रियता विकार) के सफल इलाज का दावा किया है। उनका यह महत्वपूर्ण शोध अमेरिकी संस्था के 'ओपन जर्नल ऑफ पीडियाट्रिक्स' में प्रकाशित हुआ है।
Mahendragarh-Narnaul News: भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में हुई जनसभा
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के बैनर तले सोमवार को गांव चंदपुरा में किसानों और भूमिहीन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जनसभा हुई।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अमेरिका दौरे पर रहेंगे, जहां वे G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे।
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
अमृतसर में गोल्डेन टेंपल में मत्था टेकने आए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता ईमान सिंह मान से मुलाकात की। नेताओं ने अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एशिया मामलों के प्रमुख सहित एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलकर एक विस्तृत मांगपत्र (मेमोरेंडम) सौंपा। इस मांग पत्र में सिख समुदाय से जुड़े धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और मानवाधिकार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही सिखों के मुद्दों को उठाने के लिए अमेरिकी सरकार का धन्यवाद किया गया। दौरान एसजीपीसी के प्रधान धामी मौजूद रहे। उन लोगों ने एसजीपीसी के चुनाव का मुद्दा उठाया अमेरिकी सरकरा का मानवाधिकारों को लेकर धन्यवाद मुलाकात के दौरान ईमान सिंह मान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिखों के मानवाधिकारों और धार्मिक आजादी के मुद्दों को उठाने के लिए अमेरिकी सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने सिख कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़ी कथित हत्या की साजिश के बहुचर्चित मामले का भी उल्लेख किया। डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की वकालत ईमान सिंह मान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत और पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक सैन्य तनाव पैदा हो गया था, जिसे ट्रंप प्रशासन के कूटनीतिक प्रयासों ने पूर्ण युद्ध में बदलने से रोका। सिंधु जल संधि और TAPI परियोजना पर जोर मांगपत्र में क्षेत्रीय आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों को रेखांकित करते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) का विषय उठाया गया। मान ने कहा कि इस संधि पर किसी भी प्रकार का विपरीत प्रभाव पड़ने से पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, उन्होंने तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (TAPI) गैस पाइपलाइन परियोजना के काम को तेज करने की मांग की, ताकि पंजाब में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर बन सकें। SGPC के लंबित चुनाव जल्द कराने की मांग मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की आम चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी का मुद्दा भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में लोकतांत्रिक ढंग से स्थापित इस संस्था के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं, जिससे सिखों से जुड़े कई अहम धार्मिक मामले प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इन चुनावों को शीघ्र कराने की मांग की। बंदी सिखों की रिहाई और मानवाधिकार उन्होंने विभिन्न जेलों में निरुद्ध 'बंदी सिखों' की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा उठाए गए मामलों का हवाला दिया। मान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के तहत आत्मनिर्णय के अधिकार (Right to Self-Determination) का उल्लेख करते हुए सिखों के अधिकारों और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाने की अपील की।
अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को अमृतसर स्थित सचखंड श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) में नतमस्तक होकर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। उनके साथ कई कांग्रेसी नेता और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। श्री दरबार साहिब पहुंचने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उनका औपचारिक स्वागत किया। 15 साल बाद दूसरी बार पहुंचे दरबार साहिबSGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने जानकारी देते हुए बताया कि अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर 15 साल बाद दूसरी बार श्री दरबार साहिब के दर्शनों के लिए आए हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी पुरानी यादें साझा कीं। धामी ने बताया कि SGPC की ओर से राजदूत का स्वागत किया गया और सिख समुदाय से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजदूत को कोई औपचारिक मांगपत्र (मेमोरेंडम) नहीं सौंपा गया है। इसके अलावा, धामी ने बताया कि सिखों से जुड़ी एक नफरत भरी तस्वीर/सामग्री के संदर्भ में SGPC द्वारा अमरीकी अधिकारियों को ईमेल भेजा गया था, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उस सामग्री को हटा दिया गया। समानता के संदेश और ऐतिहासिक संबंधों पर चर्चा श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री दरबार साहिब संपूर्ण मानवता को समानता और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने अमरीकी राजदूत से सिख गुरु साहिबान द्वारा दिए गए समानता के सिद्धांत और अमरीका के 'स्वतंत्रता घोषणा-पत्र' (Declaration of Independence) में वर्णित समानता के मूल्यों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उनकी सेना में भी अमरीकी अधिकारियों ने अपनी सेवाएं दी थीं। LPU विवाद पर बोले जत्थेदार: तोड़फोड़ और आगजनी पंजाबियों का स्वभाव नहीं लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना से जुड़े सवाल पर ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गाड़ियां फूंकना, विश्वविद्यालयों में तोड़फोड़ करना और सामान लूटना पंजाब और पंजाबियों की संस्कृति व स्वभाव नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने LPU प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से स्थिति को संभालने और विद्यार्थियों के बीच शांति कायम करने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने दिखाए खालिस्तानी झंडे अमरीकी राजदूत के दौरे के दौरान श्री दरबार साहिब परिसर के बाहर राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रधान ईमान सिंह मान की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने अमरीकी राजदूत के आगमन पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए और खालिस्तान के झंडे लहराए।
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लुधियाना के डाबा इलाके में घर के बाहर खुला छोड़ा गया अमेरिकन बुली नस्ल का कुत्ता जिम जा रहे युवक (स्टूडेंट) पर अटैक कर दिया। कुत्ते ने युवक की टांग पकड़ ली और उसे नीचे गिरा दिया। युवक के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने उसे छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता काबू में नहीं आया। इसके बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने डंडे मारकर युवक को उसके जबड़े से छुड़वाया। युवक के शोर मचाने के बाद कुत्ते का मालिक बाहर आया लेकिन उसने घायल युवक को सहानुभति देने की बजाय उसे कहा कि ये जख्म तुम्हारे पुरानी चोट के है। घायल युवक ने थाना डाबा पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी देते हुए घायल अरपित अग्रवाल ने कहा कि वह गुरु नानक नगर, ढाबा लोहारां रोड का रहने वाला है। वह बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। 26 सितंबर को वह अपने घर से जिम जाने के लिए निकला था। जब वह घर के सामने से गुजर रहा था तो वहां आरोपियों का अमेरिकन बुली कुत्ता खुला छोड़ा हुआ था। डंडे मारकर बुजुर्ग ने छुड़वाया कुत्ता देखकर वह रुक गया उसे पता था कि यदि वह भागा तो कुत्ते उसे नोच खाएगा। अर्पित के मुताबिक कुत्ते ने उसे पहले सुंघा और अचानक से लात पर दांत मार दिए। लात छोड़ी तो जांघ को जबड़े में पकड़ लिया और उसे नीचे गिरा दिया। गली में बैठे एक बुजुर्ग ने डंडे मारकर उसे छुड़वाया। अर्पित ने बताया कि उसके शोर मचाने पर अमन और रमन के परिवार के सदस्यों ने कुत्ते से उसे छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन कुत्ता बेकाबू हो चुका था। इसके बाद इलाके के ही लोगों ने डंडे मारकर किसी तरह उसे कुत्ते से छुड़ाया। हादसे के बाद कुत्ते को दो बार जब घर में बंद किया तो मालिकों के सामने ही उसने काटने के लिए फिर दोबारा कोशिश की। पहले भी युवक के मामा को काट चुका कुत्ता अर्पित ने बताया कि यह कुत्ता पहले भी उसके मामा पंकज सूद की टांग काट चुका है। इसके बावजूद कुत्ते को खुला छोड़ा गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अमन और रमन पुत्र पवन, निवासी गुरु नानक नगर, ढाबा लोहारां रोड, के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना डाबा पुलिस ने BNS की धारा 291 और 125 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बोकारो के कुम्हारडीह गांव की श्वेताश्री ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनायस अर्बाना से मात्र चार वर्षों में पीएचडी की डिग्री हासिल कर झारखंड का नाम रोशन किया है।
अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
अमेरिका-ईरान युद्ध- अगले हफ्ते तय होगी शेयर बाजार की चाल
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान युद्ध अपडेट और घरेलू आर्थिक आंकड़े जैसे ऑटो सेल्स, राजकोषीय घाटा, पीएमआई और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
जोधपुर में एयरफोर्स का युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ चल रहा है। इसमें दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमान अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इस मेगा एयर एक्सरसाइज में पहली बार अमेरिकी वायुसेना का 5वीं जनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट F-35 शामिल हुआ है। 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत समेत 8 देशों की वायुसेना के जवान हिस्सा ले रहे हैं। ये वायुसेना आसमान में अपनी ताकत और सामरिक तालमेल का प्रदर्शन कर रही हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी जोधपुर पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट शेयर कर युद्धाभ्यास में अमेरिकी वायुसेना की भागीदारी को लेकर खुशी जाहिर की है। अमेरिकी राजदूत ने बताया कि अमेरिका के 6 अत्याधुनिक F-35 लाइटनिंग फाइटर जेट और 200 से ज्यादा अमेरिकी एयरसैनिक पहली बार इस अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जोधपुर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के इन 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को भारतीय वायुसेना और अन्य सहभागी देशों के विमानों के साथ आसमान में उड़ान भरते देखने को लेकर उत्साहित हूं। देखिए, तरंग शक्ति-2026 के PHOTOS… हवाई युद्ध तकनीकों का अभ्यास इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI, राफेल, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और यूएई सहित 8 देशों के लड़ाकू विमान, AWACS (एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) और रिफ्यूलर एयरक्राफ्ट भी युद्धाभ्यास में शामिल हैं। अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान एक साथ उड़ान भरकर रणनीतिक तालमेल और हवाई युद्ध की बारीकियों को साझा कर रहे हैं। भारतीय और विदेशी पायलट जटिल हवाई युद्ध तकनीक, नाइट-फ्लाइंग ऑपरेशन और संयुक्त युद्ध रणनीतियों का अभ्यास कर रहे हैं। इसके जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। … ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में तैनात दुनिया के शक्तिशाली लड़ाकू विमान:युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शुरू; 8 देशों के 3 हजार से ज्यादा एयर वॉरियर्स हो रहे शामिल जोधपुर के आसमान में दुनिया के खतरनाक लड़ाकू विमान उड़ान भरेंगे। युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ शनिवार से शुरू हो गया। 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत समेत 8 देशों की वायु सेनाओं के जवान हिस्सा ले रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
10वीं-12वीं में फेल: पिता ने मारा ताना तो आईआईटी पहुंचे, आईपीएस मोहिबुल्लाह को अमेरिका देगा एशियन हीरो सम्मान- America honor IPS officer Mohibullah with Asian Hero award once time he was Failed 10th and 12th grades
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत तो हुई लेकिन बैठक बेनतीजा!
अमेरिका-ईरान वार्ता के प्रमुख कूटनीतिक मायने The post अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत तो हुई लेकिन बैठक बेनतीजा! appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
टकराव के बीच अमेरिका- चीन मिलन के कूटनीतिक समझौते
विश्व राजनीति में अमेरिका और चीन के संबंध The post टकराव के बीच अमेरिका- चीन मिलन के कूटनीतिक समझौते appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
भारतीय सेना के प्रशिक्षित फौजी श्वान 'युद्ध अभ्यास-2026' में अमेरिकी सैनिकों के साथ अपनी विशेष क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। औली में आयोजित इस संयुक्त अभ्यास में राइस, विक्टर, जैक और राउडी जैसे श्वान ट्रैकिंग, विस्फोटक पहचान और भवन तलाशी में विशेषज्ञता साझा कर रहे हैं।
कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की धमकी मिली है। शनिवार को आचार्य प्रमोद ने संभल में कहा, 24 सितंबर की रात उनके पर्सनल मोबाइल नंबर पर अमेरिका के एक नंबर से कॉल आई। फिर ऑडियो मैसेज आया। धमकी देने वाले व्यक्ति ने अपना नाम कुलवीर सिंह सिद्धू बताया। उसके बब्बर खालसा नामक आतंकी संगठन से जुड़े होने का भी दावा किया गया है। ऑडियो मैसेज में कहा गया- “अपना ये पाखंड फैलाना बंद कर दो, वरना तुम्हें किसी दिन भी उड़ा दिया जाएगा। तुम्हारी जिंदगी के दिन थोड़े ही बचे हैं।” दावा है कि बम विस्फोट करने की धमकी भी दी गई। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने धमकी देने वाले के खिलाफ FIR दर्ज करने और मोबाइल नंबर की जांच कराने की मांग की है। श्री कल्कि धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष उमा रमण त्रिपाठी ने संभल SP को लेटर भेजकर शिकायत की है। शिकायत की एक कॉपी डीजीपी, एडीजी सुरक्षा और एडीजी कानून व्यवस्था को भी भेजी गई है। आचार्य बोले- मुझे बम से उड़ाने की धमकी मिली जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर एचोड़ा कंबोह गांव में कल्की धाम है। इसके पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बात की। मुझे कुछ दिनों से विदेशी नंबरों से कॉल आ रही थीं। मैंने रिसीव नहीं किया था। दो दिन पहले पंजाबी भाषा में ऑडियो मैसेज मिला, जिसकी जानकारी यूपी पुलिस, गृह मंत्रालय, पंजाब पुलिस और संभल एसपी को दी गई है। धमकी देने वाले ने कहा है कि मुझे बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने मेरे काम को पाखंड बताते हुए उसे बंद करने की बात कही। उसने धमकाया कि अगर मैंने सनातन का काम बंद नहीं किया तो जान से मार दिया जाएगा। बम और रॉकेट लॉन्चर से हमला करने की बात भी कही गई है। आचार्य बोले- मेरी हत्या हो तो कल्कि धाम का निर्माण न रुके एसपी बोले- मामले की जांच चल रही संभल एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आचार्य के फोन पर दिल्ली से एक मैसेज आया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कौन हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम? आचार्य प्रमोद कृष्णम का जन्म 4 जनवरी 1965 को संभल के गांव एंचोड़ा कम्बोह में हुआ था। वह ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं। प्रमोद कृष्णम दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। 2014 में संभल और 2019 में लखनऊ से उन्होंने चुनाव लड़ा था। हालांकि, दोनों बार हार गए। कहा जाता है कि राम मंदिर निर्माण के सपोर्ट में प्रमोद कृष्णम ही कांग्रेस में सबसे आगे रहे। इस वजह से उन्हें कांग्रेस ने पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि निष्कासन की वजह पार्टी विरोधी गतिविधियां बताई गई थीं। राजनीति से ज्यादा प्रमोद कृष्णम की यूपी के संभल में श्री कल्कि धाम को लेकर चर्चा होती है, जो इन्होंने अपने गांव में बनाया है। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें- कानपुर कारोबारी हत्याकांड, मां ने कहा था- इनका कुछ करो:अय्याशी से परेशान बेटे ने हत्या कराई; अब करोड़ों का व्यापार कौन संभालेगा? करोड़पति परिवार। परिवार में कलह और अविश्वास। पिता-बेटे के बीच बढ़ती दूरी। यह कहानी कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड से जुड़ी है। पुलिस की जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान की कई परतें सामने आई हैं। पढ़ें पूरी खबर
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में छेड़छाड़ की। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट शामिल है। ओपनएआई ने इसकी जानकारी दी। हालांकि इस छेड़छाड़ से किसी तरह का कोई नकुसान नहीं हुआ। एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। कंपनी ने कहा कि AI एजेंट का मकसद सरकारी वेबसाइट से सटीक जानकारी जुटाना था। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा की वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे एजेंट ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन एआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में एक्सेस बना लिया। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक, व्यापार विभाग की वेबसाइट शामिल है। ये खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है। दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। AI रिसर्च नॉन-प्रॉफिट 'ट्रांसल्यूस' के अनुसार… एआई एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हो सके। सरकारी एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने सफाई दी है। SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा।
ग्रेटर नोएडा: इंटरनेशनल ट्रेड शो में छाई अलीगढ़ की कचौड़ी-चमचम, चार दिन में अमेरिका तक मिठाई डिलीवरी
ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलीगढ़ की कचौड़ी, चमचम, सोन-पापड़ी, केसर पेड़ा, दालमोठ छाए। 80 देशों के उद्यमी आए, देसी-विदेशी मेहमानों ने स्वाद चखा।
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
हार्वर्ड-स्टैनफर्ड नहीं... MIT है अमेरिकी नंबर वन कॉलेज, जानिए आइवी लीग कॉलेजों की रैंक
यूएस न्यूज बेस्ट कॉलेज 2027 रैंकिंग में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रिंसटन के 15 साल के वर्चस्व को खत्म कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सभी 8 आइवी लीग कॉलेज लिस्ट में शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
बिहार के नीरज को अमेरिका में मिली 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, पिता चलाते हैं पान की दुकान
सारण जिले के नीरज को अमेरिका में करीब 2.6 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर PhD कर रहे हैं। बिहार के छोटे से गांव से अमेरिका तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष की अच्छी मिसाल है।
पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान और विदेश मंत्री जाएंगे अमेरिका, ट्रंप ने दे दिया वीजा! - ABP News
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अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
आज की इस भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में खुद को तंदुरुस्त और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के सप्लीमेंट्स, जिम वर्कआउट और हाई-प्रोटीन डाइट का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से पश्चिमी देशों और अमेरिका में यह माना जाता है कि यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल कर लिया जाए, तो शरीर की सारी कमजोरियां दूर हो जाती हैं और ऊर्जा का स्तर हमेशा उच्च बना रहता है। लेकिन हाल ही में अमेरिका के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान 'सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) द्वारा जारी की गई एक बेहद चौंकाने वाली और व्यापक रिपोर्ट ने इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। सीडीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 71.5 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो भरपूर मात्रा में प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व लेने के बाद भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती और शारीरिक कमजोरी का शिकार रहते हैं। यह आंकड़ा न केवल आम नागरिकों के लिए बल्कि आधुनिक चिकित्सा जगत और पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। इस आलेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर भरपूर प्रोटीन लेने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर लोग क्रोनिक थकान और ऊर्जा की कमी का सामना क्यों कर रहे हैं, और इसके पीछे छिपे असली वैज्ञानिक व जीवनशैली से जुड़े कारण क्या हैं।प्रोटीन का सेवन बनाम शरीर की ऊर्जा: क्या सिर्फ प्रोटीन खाने से ही मिल जाती है एनर्जी?आम तौर पर लोगों के मन में यह भ्रम बैठा हुआ है कि यदि वे अपने रोजाना के खाने में चिकन, अंडे, प्रोटीन पाउडर, पनीर या अन्य हाई-प्रोटीन स्रोतों को शामिल कर लेते हैं, तो उनका शरीर स्वतः ही ऊर्जा से भर जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानव शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolism) और ऊर्जा उत्पादन का तंत्र केवल एक पोषक तत्व यानी प्रोटीन पर निर्भर नहीं करता है। जब कोई व्यक्ति अपनी डाइट में अत्यधिक प्रोटीन तो जोड़ लेता है, लेकिन साथ ही जरूरी विटामिंस (जैसे विटामिन बी12, विटामिन डी), आयरन, सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट और पर्याप्त हाइड्रेशन की अनदेखी करता है, तो शरीर उस प्रोटीन को पूरी तरह पचाने और ऊर्जा में बदलने में असमर्थ हो जाता है। इसके अलावा, आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में लोग फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जिससे शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि सिर्फ मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (Protien, Fats, Carbs) की मात्रा पूरी कर लेने मात्र से ही कोई व्यक्ति अंदर से स्वस्थ या ऊर्जावान महसूस नहीं कर सकता, जब तक कि शरीर की कोशिकीय स्तर पर पोषण संबंधी जरूरतें पूरी न हो रही हों।नींद की कमी और मानसिक तनाव: थकान का सबसे बड़ा और अनदेखा कारणसीडीसी की इस व्यापक रिपोर्ट में इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है कि शारीरिक थकान का सीधा संबंध केवल भोजन या डाइट से ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे आधुनिक युग की सबसे बड़ी बीमारियां—नींद की कमी (Sleep Deprivation) और मानसिक तनाव (Chronic Stress)—मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। आज के समय में कॉर्पोरेट कल्चर, नाइट शिफ्ट्स, और रातभर मोबाइल स्क्रीन या लैपटॉप के सामने समय बिताने के कारण लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जब शरीर को रात में गहरी और कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद नहीं मिलती, तो शरीर के हारमोनल संतुलन में भारी गड़बड़ी पैदा हो जाती है। कोर्टिसोल (Cortisol) यानी तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ने से शरीर हमेशा 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में रहता है, जिससे मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र लगातार थका हुआ महसूस करते हैं। आप चाहे दुनिया का सबसे महंगा प्रोटीन शेक पी लें या सबसे बेहतरीन डाइट फॉलो कर लें, लेकिन यदि आपकी नींद पूरी नहीं है और आप मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं, तो आपके शरीर की कोशिकाएं कभी भी तरोताजा महसूस नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भी करोड़ों लोग अंदर से पूरी तरह खोखले और थके हुए महसूस कर रहे हैं।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) और खराब पाचन तंत्र की भूमिकाथकान और सुस्ती के इस महामारी जैसे फैलने के पीछे एक और बहुत बड़ा कारण हमारी आधुनिक शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) है। आजकल अधिकांश नौकरियां ऐसी हो गई हैं जिनमें लोगों को लगातार 8 से 10 घंटे अपनी कुर्सी या डेस्क पर बैठकर बिताना पड़ता है। शारीरिक रूप से कोई मेहनत न होने के कारण शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुस्त हो जाता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और खाया हुआ भोजन सही ढंग से पच नहीं पाता। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इस बात को मानते हैं कि जब तक आपका पाचन तंत्र (Digestive System) मजबूत और सक्रिय नहीं है, तब तक आप चाहे कितना भी पौष्टिक भोजन या प्रोटीन क्यों न खा लें, आपके शरीर को उसकी सही ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकती। अपच, कब्ज और आंतों (Gut Health) से जुड़ी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा देती हैं, जिससे लगातार सुस्ती, सिरदर्द और भारीपन बना रहता है। सीडीसी की रिपोर्ट इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करती है कि जब तक लोग अपनी दिनचर्या में व्यायाम, वॉक और शारीरिक श्रम को शामिल नहीं करेंगे, तब तक केवल डाइट बदलने से थकान की इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता।निष्कर्ष: इस समस्या से बाहर निकलने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव जरूरी हैं?सीडीसी की यह रिपोर्ट हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी और आंखें खोलने वाला संदेश है। यह हमें यह सिखाती है कि स्वास्थ्य केवल जिम जाने या सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले किसी एक फिटनेस ट्रेंड को फॉलो करने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र संतुलन (Holistic Balance) है जिसमें सही खानपान, पर्याप्त नींद, मानसिक शांति और सक्रिय जीवनशैली का होना अनिवार्य है। यदि आप भी अक्सर खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो सिर्फ प्रोटीन का सेवन बढ़ाने के बजाय अपनी नींद के पैटर्न को सुधारें, पानी की मात्रा बढ़ाएं, योग या मेडिटेशन को अपनाएं और डॉक्टर से सलाह लेकर अपने शरीर में विटामिंस व मिनरल्स की जांच करवाएं। आधुनिक दुनिया की इस अंधी दौड़ में अपने शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना और समय रहते आवश्यक बदलाव करना ही एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की असली कुंजी है।
रूसी तेल पर 100% टैरिफ, अमेरिकी बिल से कैसे भारत की मुश्किल बढ़ सकती है? हर सवाल का जवाब - AajTak
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अमेरिका में AI के विकास की रफ्तार को लेकर बहस तेज है। इसे लेकर तीन अलग-अलग खेमे बन गए हैं। इलॉन मस्क समेत कुछ टेक दिग्गजों को डर है कि AI अगर इंसानों के कंट्रोल से बाहर हुआ तो पूरी मानव सभ्यता के लिए खतरा बन सकता है। वे इसे परमाणु हथियार से भी ज्यादा खतरनाक मानते हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प AI की रफ्तार धीमी करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका जोर अमेरिका को AI की दौड़ में चीन से आगे रखने पर है। उनका मानना है कि ज्यादा रोक-टोक से अमेरिका पीछे रह सकता है। तीसरा खेमा AI को लेकर बीच का रास्ता चाहता है। वह इसकी रफ्तार रोकने के बजाय सुरक्षा नियम और इंसानी निगरानी बनाए रखने के पक्ष में है। नेताओं से लेकर टेक दिग्गजों तक अलग-अलग राय AI को लेकर अमेरिका में छिड़ी यह बहस अब टेक कंपनियों से निकलकर राजनीति के केंद्र में पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर वामपंथी और दक्षिणपंथी, दोनों तरफ के कुछ नेता AI को लेकर चिंता जता रहे हैं। आम तौर पर एक-दूसरे से अलग रहने वाले इन दोनों खेमों में बहुत कम मुद्दों पर सहमति दिखती है। लेकिन AI की यह बहस सिर्फ राजनीति या टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इसके फैसले हमारी नौकरी, पढ़ाई, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, यह भी तय होगा कि AI के इस्तेमाल को लेकर नियम कैसे बनाए जाएंगे। AI का विकास धीमा करने के पक्ष में… डारियो अमोडेई AI कंपनी एंथ्रोपिक के को-फाउंडर और CEO हैं। उन्होंने 2021 में OpenAI छोड़कर एंथ्रोपिक शुरू की थी। कंपनी ने खुद को AI की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने वाली कंपनी के तौर पर पेश किया है। अमोडेई कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि भविष्य की AI बेहद खतरनाक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसका इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने जैसे खतरनाक कामों में हो सकता है। वे लंबे समय से AI पर सरकारी नियम बनाने की मांग करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 3,800 शब्दों का एक लेख लिखकर दुनियाभर में AI के विकास की रफ्तार धीमी करने का प्रस्ताव रखा है। रुख बदलने वाले… सैम ऑल्टमैन OpenAI के को-फाउंडर और CEO हैं। 2023 में उन्होंने AI से इंसानों के खत्म होने के खतरे की चेतावनी वाले बयान पर हस्ताक्षर किए थे। इसी साल उन्होंने अमेरिकी सीनेट में ताकतवर AI मॉडल पर नियम बनाने का समर्थन भी किया। बाद में उनका रुख कुछ नरम पड़ा। 2025 के बीच तक ऑल्टमैन का कहना था कि AI में बड़े बदलाव धीरे-धीरे होंगे और उन्हें संभालना संभव है। फिर जुलाई 2026 में OpenAI ने बताया कि उसके दो AI मॉडल टेस्टिंग के दौरान बिना इंसानी मदद के सिस्टम से बाहर निकल गए। उन्होंने चोरी की लॉगिन डिटेल्स और सिक्योरिटी खामी का इस्तेमाल कर Hugging Face के सर्वर तक पहुंच बनाई। इस घटना के बाद ऑल्टमैन ने कहा कि अब AI के विकास की रफ्तार धीमी करने का समय आ गया है। उन्होंने अमोडेई की इस मांग का भी समर्थन किया कि AI मॉडल का विकास कुछ धीमा किया जाना चाहिए। इलॉन मस्क लंबे समय से AI के खतरों को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। उनका अनुमान है कि AI के इंसानों के लिए खतरनाक साबित होने की संभावना 10 से 20% तक है। उन्होंने AI को परमाणु हथियारों से भी ज्यादा खतरनाक बताया है और समय रहते इसके लिए नियम बनाने की मांग की है। मस्क ने खुद AI कंपनी xAI शुरू की है और ट्रम्प के चुनाव अभियान में बड़ी रकम दी थी। ट्रम्प प्रशासन में वह कुछ समय तक सरकारी नियमों में बदलाव से जुड़े काम से भी जुड़े रहे। इसके बावजूद शनिवार को उन्होंने अमोडेई की AI विकास धीमा करने की मांग का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर मस्क ने लिखा, “डारियो सही हैं।” AI पर बीच का रास्ता चाहते हैं… सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO हैं। AI की दौड़ में माइक्रोसॉफ्ट OpenAI के साथ बड़ी साझेदारी कर चुका है और अब अपने AI टूल्स पर भी तेजी से काम कर रहा है। हालांकि, नडेला AI को बिना रोक-टोक आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि इसका विकास सोच-समझकर और इंसानी निगरानी में होना चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसी सुपरइंटेलिजेंस का कोई फायदा नहीं, जो इंसानों के कंट्रोल से बाहर हो या लोगों के काम न आए। इसके साथ ही नडेला AI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और खुले AI सिस्टम को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। सुंदर पिचाई अल्फाबेट और गूगल के CEO हैं। वह AI के खतरों को मानते हैं, लेकिन इसके लिए बहुत कड़े नियमों के पक्ष में नहीं हैं। पिचाई का कहना है कि AI के इस्तेमाल के हिसाब से अलग-अलग नियम बनाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, AI के जोखिम से निपटना जरूरी है, लेकिन इसके फायदों से पीछे रह जाना भी बड़ा खतरा हो सकता है। मार्क जुकरबर्ग मेटा के चेयरमैन और CEO हैं। उनका मानना है कि AI अगर कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित रहा तो यह ज्यादा बड़ा खतरा हो सकता है। इसके बजाय वह AI को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को सुरक्षा का एक तरीका मानते हैं। जुकरबर्ग ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में AI मॉडल बनाने और जारी करने की रफ्तार धीमी हुई तो इसका फायदा चीन को मिल सकता है। हालांकि, वह AI की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को भी मानते हैं। इसी वजह से मेटा भविष्य में अपने सबसे शक्तिशाली AI मॉडल सभी के लिए खुले तौर पर जारी न करने का फैसला कर सकती है। एलेक्जेंडर वेंग 2025 में मेटा से जुड़े और कंपनी में AI से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाली। वह मेटा के AI असिस्टेंट एजेंट ‘म्यूस’ के विकास से भी जुड़े हैं। वेंग ने एक स्ट्रैटिजी पेपर में सुपरइंटेलिजेंस को परमाणु बम के बाद सबसे खतरनाक चीज बताया। उनका कहना है कि अमेरिका को AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और दूसरे देशों को रोकने की रणनीति के नजरिए से भी देखना चाहिए। AI का विकास तेजी से जारी रखने के पक्ष में जेनसन हुआंग एनवीडिया के को-फाउंडर और CEO हैं। एनवीडिया के चिप्स का इस्तेमाल AI बनाने वाली ज्यादातर बड़ी कंपनियां करती हैं। हुआंग AI के तेज विकास के प्रमुख समर्थकों में हैं। उनका कहना है कि कंपनियों को सरकार से AI पर ज्यादा नियम बनाने की मांग नहीं करनी चाहिए। AI से नौकरियां जाने और अमेरिकी चिप्स दूसरे देशों को बेचने जैसे मुद्दों पर उनका एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई से सार्वजनिक मतभेद भी रहा है। डेविड सैक्स टेक निवेशक हैं। ट्रम्प प्रशासन में वह AI और क्रिप्टो से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह AI के डर के आधार पर सख्त नियम बनाने के खिलाफ हैं। सैक्स अमेरिकी राज्यों के अलग-अलग AI कानून बनाने का भी विरोध करते हैं। इसके बजाय वह कम सरकारी दखल वाली नीति चाहते हैं। उनका कहना है कि AI कंपनियां तेजी से नई तकनीक विकसित कर रही हैं, इसलिए उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी राजनीति में भी AI को लेकर दो राय नियम बनाने के पक्ष में… बर्नी सैंडर्स निर्दलीय अमेरिकी सीनेटर हैं। AI के तेज विकास के आलोचक रहे हैं। उनका कहना है कि AI से बड़ी कंपनियों की ताकत बढ़ सकती है और इसका असर कामगारों पर पड़ सकता है। सैंडर्स ने नए AI डेटा सेंटर बनाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, बड़ी AI कंपनियों पर 50% टैक्स लगाने और उससे सार्वजनिक फंड बनाने की बात कही है। उन्होंने सुपरइंटेलिजेंस पर स्थायी रोक लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, उनका प्रस्ताव है कि तब तक AI के एडवांस विकास पर रोक रहे, जब तक ऐसे सिस्टम को लेकर सुरक्षा इंतजाम तय नहीं हो जाते। नियमों के विरोध में… माइक जॉनसन अमेरिकी स्पीकर मानते हैं कि AI के खतरे बढ़ रहे हैं, लेकिन वह जल्दबाजी में नियम बनाने के पक्ष में नहीं हैं। वे कहते हैं कि जल्दबाजी में ऐसे नियम नहीं बनाने चाहिए जिनसे चीन को फायदा मिल सकता है। जॉनसन ने AI के कारण इंसानों के खत्म हो जाने की आशंकाओं को खारिज किया है। डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि AI के मामले में अमेरिका चीन से आगे रहे। उन्होंने AI में अमेरिका की बढ़त बनाए रखना अपनी प्राथमिकता बनाई है। इसके लिए वह AI को तेजी से आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसमें AI डेटा सेंटर के लिए ज्यादा बिजली की व्यवस्था करना और ऐसे AI मॉडल को बढ़ावा देना शामिल है, जिनका इस्तेमाल ज्यादा लोग कर सकें। एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग के साथ एक कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने यह भी कहा था कि AI के विकास में सरकार को ज्यादा दखल नहीं देना चाहिए। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… ओपनएआई का 90 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा: यह दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में एक; 88 घंटे में जवाब ढूंढा ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से एक को सॉल्व कर दिया है। AI को इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका में कॉलेज छात्रों के लिए ‘किराये की मां’ जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सालाना करीब 1.5 लाख रुपये में छात्रों को देखभाल और पेरेंटिंग से जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं।
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
आईआईटी छात्र ने साउथ एशिया स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट जीता, अब अमेरिका में गाड़ेंगे झंडे
आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है।
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
IIT : आईआईटी के PhD स्कॉलर को 40 लाख का पैकेज, दूसरे छात्र ने अमेरिका में बजाया डंका
आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी शोधार्थी डॉ शत्रुघ्न ठाकुर को इटली की हंसा टीएमपी में डिजाइन इंजीनियर के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव मिला है। वे 40.65 लाख सालाना पे-पैकेज पर कार्य करेंगे।
अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर
यूएस ग्रीन कार्ड को लेकर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और बुरी खबर सामने आई है, जहां अमेरिकी वीजा बुलेटिन के अनुसार ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी पूरी तरह 'अनअवेलेबल' हो चुकी है।अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर?अमेरिका में सालों से परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड पाने का सपना देख रहे लाखों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों और उच्च कुशल कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) और आव्रजन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार-आधारित दूसरी श्रेणी यानी ईबी-2 (EB-2 - Employment-Based Second Preference) कैटेगरी को फिलहाल पूरी तरह से 'अनअवेलेबल' (Unavailable) यानी अनुपलब्ध घोषित कर दिया गया है। इस स्थिति का मतलब यह है कि चालू वित्त वर्ष के लिए इस श्रेणी के तहत तय किए गए कोटे के सारे वीजा पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी दूतावास या आव्रजन कार्यालय इस कैटेगरी में अब अगले आदेश या नए वित्त वर्ष के शुरू होने तक किसी भी नए ग्रीन कार्ड या अप्रवासन वीजा को जारी या स्वीकृत नहीं कर सकते हैं। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय वर्कफोर्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि वर्षों से लंबित पेंडिंग फाइलों और भारी-भरकम बैकलॉग के बीच इस प्रकार अचानक श्रेणी का बंद होना उनके सपनों पर एक बहुत बड़ा विराम लगाता हुआ नजर आ रहा है।ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी के पूरी तरह से अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह क्या सामने आई है?इस महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कैटेगरी के अचानक बंद होने और अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी कानूनों के तहत तय की गई वार्षिक सीमा और देश-वार कोटा प्रणाली (Per-Country Ceiling) है। अमेरिकी आव्रजन नियमों के अनुसार, हर साल रोजगार-आधारित जितने भी ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं, उनमें से किसी एक देश के नागरिकों को कुल कोटे का केवल 7 प्रतिशत हिस्सा ही मिल सकता है। भारत जैसे विशाल देश से एडवांस्ड डिग्री धारकों और विशेष योग्यताओं वाले प्रोफेशनल्स की संख्या और आवेदन इतने ज्यादा हैं कि यह तयशुदा कोटा निर्धारित समय से बहुत पहले ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इस वर्ष भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही भारत के कोटे के सारे ईबी-2 वीजा नंबर पूरी तरह से एग्जॉस्ट यानी समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा अप्रयुक्त रहने वाले वीजा नंबरों का लाभ भी इस बार समय पर नहीं मिल पाने के कारण अमेरिकी प्रशासन को मजबूरन इस कैटेगरी को पूरी तरह से बंद या अनअवेलेबल करना पड़ा है, जिससे भारतीय आवेदकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, एच-1बी (H-1B) धारकों और उनके परिवारों पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीय नागरिकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए यह स्थिति भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता लेकर आई है। जो प्रोफेशनल्स अपनी परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया के अंतिम चरणों में थे, उनकी फाइलें अब पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चली गई हैं और तब तक आगे नहीं बढ़ सकतीं जब तक कि नया कोटा शुरू नहीं होता। हालांकि आव्रजन वकीलों और विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस स्थिति के बावजूद यूएसिसिस (USCIS) द्वारा फॉर्म आई-485 (Adjustment of Status) की कुछ श्रेणियों के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया पर तकनीकी नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन अंतिम अप्रूवल के लिए लंबा इंतजार करना ही होगा। इस लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता के कारण कई कुशल भारतीय कर्मचारी अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों के विकल्पों पर भी विचार करने लगे हैं, क्योंकि ग्रीन कार्ड मिलने में लगने वाला यह बेहिसाब समय कई दशकों तक लंबा खींचता जा रहा है।इस गंभीर बैकलॉग और समस्या से निपटने के लिए आगे क्या उम्मीदें बची हैं?इस बड़ी प्रशासनिक रोक के बीच भारतीय प्रवासियों और नीति विश्लेषकों की निगाहें अब पूरी तरह से नए वित्त वर्ष और अमेरिकी संसद में होने वाले विधायी सुधारों पर टिकी हुई हैं। चूंकि हर साल 1 अक्टूबर को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही वार्षिक वीजा सीमाओं और कोटे का नया आवंटन दोबारा रिसेट होता है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि तब जाकर इस कैटेगरी में कुछ राहत मिल सकती है और कट-ऑफ डेट्स आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, आव्रजन सुधारों की मांग उठाने वाले संगठनों का कहना है कि जब तक अमेरिका देश-वार लगने वाली इस 7 प्रतिशत की सीमा को समाप्त नहीं करता या ग्रीन कार्ड की कुल संख्या में बढ़ोतरी नहीं करता, तब तक भारतीय प्रोफेशनल्स को इसी तरह की गंभीर समस्याओं का सामना बार-बार करना पड़ेगा। अमेरिकी श्रम बाजार में अपनी योग्यता का लोहा मनवाने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति एक बार फिर से इस बात की गवाही देती है कि अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में बुनियादी बदलाव कितनी बड़ी और तत्काल आवश्यकता बन चुके हैं।
खर्ग द्वीप के पास बड़ा हमला, अमेरिका ने तबाह कर दिया ईरान का टैंकर - Hindustan
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अमेरिका में बसने का सपना देख रहे लाखों भारतीयों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली अपडेट सामने आ रही है। अमरीकी नागरिकता और आव्रजन सेवा यानी यूएसएसीआईएस (USCIS) ने ग्रीन कार्ड और परमानेंट रेजिडेंसी से जुड़े नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने वाले व्यक्ति या परिवार के वित्तीय दस्तावेजों के साथ-साथ उनके क्रेडिट स्कोर और वित्तीय स्थिरता की भी बारीकी से जांच की जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर उन हजारों भारतीय परिवारों और प्रोफेशनल्स पर पड़ने वाला है जो अपने किसी परिजन या एम्प्लॉयी के जरिए अमेरिका में ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। आव्रजन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाए गए इस नए फॉर्म और नियमों को लेकर प्रवासी भारतीयों के बीच चिंता और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अब स्पॉन्सरशिप की राह उतनी आसान नहीं रह गई है जितनी पहले हुआ करती थी।क्या है USCIS का नया फॉर्म और कैसे काम करेगा स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर की जांच का नया नियमयूएसएसीआईएस द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों के केंद्र में एफिडेविट ऑफ सपोर्ट (Affidavit of Support) से जुड़ा नया फॉर्म है, जिसके जरिए स्पॉन्सर को अपनी वित्तीय क्षमता का पूरा ब्योरा देना होता है। पारंपरिक तौर पर स्पॉन्सर को सिर्फ अपनी आय का टैक्स रिटर्न दिखाना होता था, लेकिन अब नए प्रावधानों के तहत आव्रजन अधिकारी स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर, बैंक खातों की स्थिति, मौजूदा कर्ज और अन्य वित्तीय दायित्वों का गहराई से आकलन करेंगे। इसका मतलब यह है कि यदि कोई स्पॉन्सर आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है या उसका क्रेडिट स्कोर खराब चल रहा है, तो वह किसी आवेदक के लिए स्पॉन्सरशिप नहीं कर पाएगा। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि अमेरिका आने वाला नया अप्रवासी कभी भी वहां की सरकारी सहायता या पब्लिक चार्ज (Public Charge) पर निर्भर न हो और अपनी आजीविका खुद चलाने में पूरी तरह से सक्षम हो।भारतीय आवेदकों और टेक प्रोफेशनल्स के लिए इस बदलाव के क्या हैं गहरे मायनेअमेरिका में वर्क वीजा यानी एच-1बी (H-1B) पर काम कर रहे लाखों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता पहले से ही काफी लंबा और पेचीदा रहा है। ऐसे में फैमिली-बेस्ड या एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड स्पॉन्सरशिप के नियमों का कड़ा होना भारतीयों के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार परिवार के सदस्य जब अपने माता-पिता या भाई-बहनों को अमेरिका बुलाने के लिए स्पॉन्सर करते हैं, तो उन्हें इस नए वित्तीय कड़े मानदंड से गुजरना होगा। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के बाद अब कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है, और जरा सी भी वित्तीय चूक होने पर आवेदन को सीधे खारिज किया जा सकता है। इसलिए जो भारतीय परिवार या पेशेवर आने वाले दिनों में ग्रीन कार्ड के लिए फाइल करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने स्पॉन्सर के वित्तीय रिकॉर्ड और क्रेडिट हिस्ट्री को पहले से ही दुरुस्त और मजबूत रखना बेहद जरूरी हो गया है।भविष्य की आव्रजन नीतियां और ग्रीन कार्ड चाहने वालों के लिए जरूरी सलाहअमेरिकी आव्रजन प्रणाली में हो रहे ये लगातार बदलाव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आने वाले समय में ग्रीन कार्ड पाना और अधिक कठिन और अनुशासित होने जा रहा है। अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए हर साल नियमों में फेरबदल किए जाते हैं ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े। ऐसे में भारतीय अप्रवासियों और छात्रों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कागजी कार्रवाई को शुरू करने से पहले इमीग्रेशन वकीलों या विशेषज्ञों से पूरी सलाह जरूर लें। नए फॉर्म भरते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि स्पॉन्सर की आय संघीय गरीबी रेखा (Federal Poverty Guidelines) से काफी ऊपर हो और उनका क्रेडिट इतिहास बिल्कुल साफ-सुथरा हो। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर सही कदम उठाकर ही इस नई प्रशासनिक चुनौती से पार पाया जा सकता है और अमेरिका में स्थायी कानूनी निवास का सपना साकार किया जा सकता है।
विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना हर उस छात्र की आंखों में पलता है जो अपनी मेहनत के दम पर करियर में ऊंची उड़ान भरना चाहता है। जब दुनिया भर के बेहतरीन विश्वविद्यालयों की बात आती है, तो अमेरिका का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज और शानदार करियर ग्रोथ की वजह से अमेरिका भारतीय छात्रों के बीच हमेशा से पहली पसंद रहा है। हालांकि, वहां की महंगी यूनिवर्सिटी फीस, ट्यूशन कॉस्ट और रहने-खाने का भारी खर्च कई बार मेधावी छात्रों के सपनों की राह में एक बड़ा रोड़ा बन जाता है। वित्तीय तंगी के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका जाने का विचार छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में ऐसी कई प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स और फेलोशिप प्रोग्राम्स मौजूद हैं, जो छात्रों के ट्यूशन फीस से लेकर उनके रहने, खाने और यहाँ तक कि हेल्थ इंश्योरेंस तक का पूरा खर्च खुद उठाती हैं? इन स्कॉलरशिप्स के जरिए आप बिना किसी आर्थिक तनाव के अमेरिकी धरती पर अपने सपनों की डिग्री हासिल कर सकते हैं।अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में मिलने वाली फुल-ब्राइट और अन्य प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स के बारे में जानेंअमेरिका में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप (Fulbright-Nehru Fellowships) एक ऐसा नाम है जो भारत में बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित है। अमेरिकी सरकार और भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से दी जाने वाली यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो मास्टर या पीएचडी करने अमेरिका जाना चाहते हैं। इसके तहत छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस माफ होने के साथ-साथ मासिक वजीफा, आने-जाने का हवाई किराया और स्वास्थ्य बीमा का पूरा खर्च कवर किया जाता है। इसके अलावा ह्यूबर्ट हम्फ्री फेलोशिप प्रोग्राम (Hubert Humphrey Fellowship Program) जैसे विकल्प भी मौजूद हैं, जो अनुभवी प्रोफेशनल्स को अमेरिका में नॉन-डिग्री स्टडी और लीडरशिप ट्रेनिंग का मौका देते हैं। इन स्कॉलरशिप्स को हासिल करने के लिए छात्रों को एक निश्चित चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू और अपने एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर खरा उतरना होता है, जिसके बाद उनके विदेश में पढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाता है।यूनिवर्सिटी-बेस्ड फाइनेंशियल असिस्टेंस और फुल-राइड स्कॉलरशिप्स का कैसे उठाएं लाभकेवल सरकारी या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं ही नहीं, बल्कि अमेरिका के अधिकांश प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी अपने यहां आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को मेरिट और जरूरत के आधार पर फुल-राइड स्कॉलरशिप्स प्रदान करते हैं। हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और येल जैसी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की वित्तीय सहायता नीतियां बहुत मजबूत हैं। अगर आपका एकेडमिक रिकॉर्ड शानदार है और आपके पास बेहतरीन एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज का रिकॉर्ड है, तो ये यूनिवर्सिटीज आपकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति दे सकती हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही मिलने वाली ग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंटशिप (GRA) या टीचिंग असिस्टेंटशिप (TA) के जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं, जिससे उनका रहने-खाने का खर्च आसानी से निकल जाता है। इन अवसरों के बारे में सही समय पर जानकारी जुटाकर समय से आवेदन करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अमेरिका में फ्री एजुकेशन पाने के लिए स्मार्ट टिप्सअमेरिका में बिना पैसे की टेंशन के पढ़ाई करने का यह सुनहरा अवसर पाने के लिए छात्रों को अपनी तैयारी बहुत पहले से शुरू करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया के दौरान आपको अपने एकेडमिक ट्रांसक्रिप्ट्स, एसओपी यानी स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, प्रोफेसरों से मिलने वाले रिकमेंडेशन लेटर्स और आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) जैसे इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट के स्कोर कार्ड तैयार रखने होते हैं। अधिकांश स्कॉलरशिप्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया साल में एक निश्चित समय पर खुलती है, इसलिए यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर डेडलाइन पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है। अपनी प्रोफाइल को मजबूत बनाने के लिए इंटर्नशिप, रिसर्च पेपर पब्लिकेशन और नेतृत्व क्षमता से जुड़े अनुभवों को अपने आवेदन में जरूर शामिल करें। थोड़ी सी मेहनत, सही दिशा में की गई रिसर्च और समय पर किए गए आवेदन आपको बिना किसी वित्तीय बोझ के अमेरिका की बेहतरीन शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बना सकते हैं।
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Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

