ताइवान के राष्ट्रपति के परिवार की जासूसी: अमेरिका में महिला गिरफ्तार; चीन के लिए कैसे करती थी काम?
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सर्जियो गोर ने एडमिरल पापारो की भारत में मेजबानी की, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर दिया जोर
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अमेरिका को पछाड़ ओमान बना भारत का सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता, आयात में दर्ज हुई भारी बढ़ोतरी
सितंबर में ओमान अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया, भारत ने ओमान से 5,85,000 टन एलएनजी आयात किया।
क्यों और किसके खौफ में अमेरिका? ब्रिटेन से वापस बुलाने पड़े सारे बमवर्षक विमान
इंग्लैंड स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे आरएएफ फेयरफोर्ड को निशाना बनाकर कथित आतंकवादी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी वायुसेना ने वहां तैनात अपने सभी बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका बुला लिया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट से अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा: जयशंकर
भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट से अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा: जयशंकर
अमेरिका सरकार के करीब 50-60 साल पुराने इंटरनेशनल विजिटर लीडरशिप प्रोग्राम (IVLP) के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव दो सप्ताह के दौरे पर अमेरिका गए थे। कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों को किसी विषय पर अमेरिका में हो रहे काम, उसके प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर देना है। इस दौरान उन्होंने AI और शहरों की गवर्नेंस में इसके उपयोग को समझा। महापौर ने बताया कि भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, फिजी, दक्षिण कोरिया, ताइवान, हांगकांग और नेपाल समेत 8 देशों के 12 प्रतिनिधियों के समूह ने अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया। वॉशिंगटन डीसी, फ्लोरिडा के ऑरलैंडो और मिनेसोटा सहित विभिन्न शहरों में कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कंपनियों, उद्योगों और स्थानीय प्रशासन के कामकाज को देखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका में शहरों की गवर्नेंस में AI और तकनीक के इस्तेमाल से इंदौर के लिए भी कुछ चीजें लागू की जा सकती हैं। अमेरिका से सीख के आए इंदौर में लागू होंगी ये 5 चीजें 1. ITMS को और प्रभावी बनाएंगेइंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में AI के इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ाई जाएंगी। ट्रैफिक निगरानी और नियमों के उल्लंघन की पहचान जैसे कामों को और प्रभावी बनाने पर काम होगा। 2. इंदौर को AI हब बनाने पर कामशिक्षा संस्थानों, उद्योगों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय प्रशासन को जोड़कर इंदौर को AI हब के रूप में विकसित करने का प्रयास होगा। AI की जानकारी और इसके इस्तेमाल को लेकर शहर में काम बढ़ाया जाएगा। 3. सड़कों की निगरानी में AI और CCTVPWD के काम में AI का उपयोग कर सड़कों के गड्ढों और दूसरी समस्याओं को ट्रैक करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके लिए CCTV सर्विलांस पॉलिसी के इस्तेमाल पर काम होगा। 4. 311 शिकायत व्यवस्था को AI से जोड़ेंगेइंदौर की 311 जैसी शिकायत निवारण व्यवस्था को AI के आधार पर और ज्यादा जन-केंद्रित बनाने की योजना है। उद्देश्य शिकायतों को समझने और जनता से बेहतर तरीके से जुड़ने की व्यवस्था विकसित करना है। 5. विकास कार्यों में जनता की भागीदारी बढ़ेगीअमेरिका में किसी काम की योजना बनाने से पहले जनता से सुझाव लिए जाते हैं। इसी तरह इंदौर में बड़े विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निर्णयों में लोगों की राय पहले लेने की व्यवस्था को बढ़ाने पर काम होगा। AI के साथ लोगों को तैयार करना भी जरूरी महापौर ने कहा कि AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ लोगों को इसकी सही जानकारी देना भी जरूरी है। AI के फायदे के साथ इसके गलत इस्तेमाल और संभावित जोखिमों को समझाना होगा। इसके लिए मीडिया, सरकार, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
नई दिल्ली। अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रही तोड़फोड़ और हमलों को अब सामान्य वैंडलिज्म मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। रिचमंड हाइट्स, ओहायो के श्री स्वामीनारायण वड़तालधाम मंदिर पर 2 अक्टूबर को उस समय ईंटें फेंकी गईं जब मंदिर में पुजारी और श्रद्धालु भी मौजूद थे; खिड़कियाँ टूट गईं और CCTV फुटेज […]
बीजिंग, 5 अक्टूबर . जापान के ओकिनावा प्रांत की Police ने डकैती और हत्या के संदेह में जापान में तैनात एक अमेरिकी सैनिक को अभियोजक के कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया. संसद के अस्थायी पूर्ण सत्र में अपना नीतिगत भाषण शुरू करने से पहले, जापानी Prime Minister साने ताकाइची ने इस घटना पर ‘अत्यंत खेद’ ... Read more
लंदन से अमेरिका जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट ने लगाया फ्लाईदुबई जैसा गोता, फुल इमरजेंसी घोषित
ब्रिटिश एयरवेज की यह घटना फ्लाईदुबई की उस घटना के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींचा था. उस प्लेन को उसके को-पायलट ने ही क्रैश करने की कोशिश की थी.
लंदन से अमेरिका जा रही फ्लाइट BA295 में इमरजेंसी, अचानक 9 हजार फीट नीचे आया विमान - Jagran
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ओमान बना भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर, सितंबर में अमेरिका को छोड़ा पीछे
भारत के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात परिदृश्य में सितंबर के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला। ऊर्जा बाजार के आंकड़ों के अनुसार, ओमान भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा और उसने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच अपने ऊर्जा आयात स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर लगातार काम कर रहा है।
जब राष्ट्रपति बुलाएंगे तब आऊंगा, ये कहकर लड़के ने छोड़ दी अमेरिका की नौकरी
कहते हैं कि जब आपके इरादे पक्के होते हैं और हर स्थिति का सामना मजबूती के साथ करते हैं, तो फर्श से अर्श तक का सफर तय करते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ बिहार के रहने वाले शरद सागर के साथ. अमेरिकी की आलीशान जिंदगी को छोड़कर भारत आ गए थे और केवल एक लाइन कही थी तभी लौटूंगा जब राष्ट्रपति बुलाएंगे. लेकिन इसके पीछे की क्या कहानी है चलिए जानते हैं.
वी.पी. बेडेकर एंड संस ने मुंबई की एक छोटी किराना दुकान से शुरुआत कर मसालों और अचार के कारोबार में अपनी पहचान बनाई। यह कंपनी 100 से अधिक वर्षों में चार पीढ़ियों द्वारा संचालित एक वैश्विक खाद्य ब्रांड बन गई है, जिसके उत्पाद विदेशों तक पहुंचते हैं।
वाराणसी में पितरों का तर्पण करने उमड़ी भीड़, अमेरिका से चाचा की अस्थियां लेकर पहुंचे जैक्सन
वाराणसी में पितरों का तर्पण करने उमड़ी भीड़, अमेरिका से चाचा की अस्थियां लेकर पहुंचे जैक्सन
अमेरिका ने 2 ईरानी राजनयिकों को देश से क्यों किया बाहर? देखें US टॉप-10
ईरान पर सैन्य कार्रवाई के संकेतों के बीच तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने के लिए अमेरिका आसान या मुश्किल कोई भी रास्ता अपना सकता है. ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान ने अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई के जवाब में कड़े प्रतिकार की तैयारी की है. अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए ईरान के दो राजनायिकों को देश से बाहर कर दिया है. दोनों पर अमेरिका छोड़ने के आदेश न मानने का आरोप है. यूएस टॉप 10 में देखें यूएस की ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर पांचवें दौर की बातचीत 5 अक्टूबर से ओटावा में शुरू हो रही है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही पीएम मोदी के कनाडा दौरे की भी संभावना है।
अब तो अटक गया भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता एक 'प्लेटो' पर पहुंच गई है, जहां दोनों पक्ष और रियायतें देने को तैयार नहीं हैं।
ईरान के डर से बॉम्बर लेकर भागा अमेरिका, आखिर क्या था यूके के बेस में?
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस से अमेरिका ने अपने 12 बी-1 बॉम्बर विमान हटा लिए. ईरान से जुड़े संदिग्ध आतंकी प्लॉट के डर से यह फैसला लिया गया. ये विमान ईरान पर हमलों में इस्तेमाल हो रहे थे.
शिकागो, 5 अक्टूबर . भारत, ब्रिटेन और अमेरिका के अलग-अलग आर्काइव में एक दशक से ज्यादा समय तक रिसर्च करने के बाद भारतीय-अमेरिकी विद्वान श्रीधर डी. दामले ने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर एक अलग तस्वीर पेश की है. उनका कहना है कि उनकी रिसर्च में सामने आया सावरकर का व्यक्तित्व उस Political छवि से ... Read more
सावरकर लोकतंत्र को मानते थे सबसे बेहतर, दस्तावेजों से सामने आती है अलग तस्वीर : भारतीय-अमेरिकी रिसर्चर (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
अमेरिकी चुनाव की कमियां गिनाते-गिनाते ट्रंप ने कर दी बड़ी गलती! ब्राजील को बताया 'भारत'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण इंटरनेट यूज़र्स के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, अमेरिकी चुनाव प्रणाली में कथित धांधली और ढुलमुल रवैये की आलोचना करने के प्रयास में ट्रंप ने एक बड़ी मानवीय भूल कर दी। उन्होंने ब्राजील ...
अमेरिका पहुंचकर रॉबर्ट डी नीरो से मिले अनुपम खेर, बोले- ‘हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात’
Mumbai , 5 अक्टूबर . Actor अनुपम खेर इन दिनों अपने नाटक ‘जाने पहचाने अनजाने’ के साथ अमेरिका और कनाडा के दौरे पर हैं. अपने इस सफर के दौरान वह कई लोगों से मिले. इस बीच उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज Actor और अपने करीबी दोस्त रॉबर्ट डी नीरो से उनके घर पर मुलाकात की. अनुपम ... Read more
पितृ पक्ष: अमेरिका से आए जैक्सन ने काशी में किया चाचा का पिंडदान!
पितृ पक्ष में अमेरिका (मिशिगन) से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे. पुरोहित राहुल पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा तट पर अस्थि विसर्जन, तर्पण और पिंडदान कराया. जैक्सन ने सनातन परंपरा निभाते हुए चाचा की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया.
India-US Trade Negotiations: नई दिल्ली में आयोजित 'म्यूनिख लीडर्स मीट' में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अभी जारी है, लेकिन दोनों पक्ष अब संभवतः एक ऐसे 'पठार' यानी ठहराव के स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसके आगे किसी भी तरफ से और अधिक रियायतें या छूट देना बेहद मुश्किल हो गया है।निर्मला सीतारमण ने बताया कि जिस समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, उस पर दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सख्त और तीखी बातचीत हुई है।व्यापार घाटा कम करने के लिए US मांग रहा रियायतेंवित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। यही वजह है कि वाशिंगटन अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है।सीतारमण के अनुसार, अमेरिका पिछले वर्षों में हुए अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए भारत से अधिक रियायतों की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, 'बातचीत अभी भी जारी है, हालांकि हमारा मानना है कि दोनों देश एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गए हैं, जहां से आगे कुछ लेना या देना बहुत, बहुत मुश्किल हो सकता है।'वैसे उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत की थोड़ी भी गुंजाइश बचती है, तो उस पर विचार किया जा सकता है।फरवरी 2026 के फ्रेमवर्क के बाद आगे बढ़ी थी बातयह वार्ता फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के बाद आगे बढ़ी है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 7 फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों देश एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखते हुए अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने पर काम करेंगे। बता दें कि इस वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 13 फरवरी 2025 को की गई थी। इस फ्रेमवर्क में ये मुख्य बिंदु शामिल है: टैरिफ में कटौती और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना। तरजीही बाजार पहुंच और सप्लाय-चेन सहयोग। डिजिटल व्यापार और अतिरिक्त बाजार पहुंच पर आगे की वार्ता। 'टैरिफ अब एक हथियार बन गया है' - वित्त मंत्री का कड़ा प्रहारव्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए टैरिफ के बढ़ते इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, 'टैरिफ अब एक हथियार बन गया है। पहले टैरिफ का इस्तेमाल एक स्थापित ढांचे के भीतर बातचीत के साधन के रूप में किया जाता था, लेकिन अब ढांचा मौजूद होने के बावजूद टैरिफ बढ़ाए जा रहे हैं'।'दुनिया से मजबूत है भारत की इकोनॉमी!' वैश्विक अनिश्चितता के बीच पूर्व ECB चीफ ट्रिसेट का बड़ा दावाचीन के साथ भारत के व्यापार घाटे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से यह असंतुलन घातांकीय रूप से बढ़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत भी चीन के खिलाफ इसी तरह का टैरिफ-आधारित रुख अपना सकता है? जबकि भारत से यह उम्मीद की जाती है कि वह बातचीत और पारस्परिक रियायतों के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाए।सीतारमण ने कहा कि पारंपरिक रूप से व्यापार वार्ता देशों को कमियों की पहचान करने और एक-दूसरे के सामानों के लिए बाजार खोलकर उन्हें दूर करने का मौका देती थी, लेकिन अब व्यापार असंतुलन को दूसरे तरीकों से निपटाया जा रहा है।India-EU डील: 'मदर ऑफ ऑल डील्स'अमेरिका से अलग, यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने India-EU Trade Agreement को एक मिसाल बताया। उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की संज्ञा दी, क्योंकि ये दोनों अर्थव्यवस्थाएं मिलकर दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग एक-चौथाई यानी 25% हिस्सा संभालती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते में भारत ने डेयरी, कृषि और सोयाबीन जैसे अपने संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों को पूरी सुरक्षा प्रदान की है।यूरोपीय आयोग के अनुसार, भारत और ईयू के बीच 27 जनवरी 2026 को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत पूरी हो चुकी है और 11 सितंबर को यूरोपीय आयोग ने इसके हस्ताक्षर व निष्पादन के लिए यूरोपीय परिषद से अनुमति मांगी है।वैश्विक व्यापार और WTO के नियमों पर उठाए सवालनिर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यापार के चुनौतीपूर्ण माहौल को देखते हुए भारत अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और हितों की सुरक्षा के हिसाब से ही व्यापार समझौते तय कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समझौतों को सप्लाई-चेन को सुरक्षित रखना चाहिए और जहां पुराने संपर्क टूटे हैं, वहां नई साझेदारियां प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों से भटकने और विभिन्न देशों द्वारा उनका उल्लंघन किए जाने की भी तीखी आलोचना की।
ट्रंप : अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी में दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के बजाय भारत में राष्ट्रपति का चुनाव करा दिया। उन्होंने दावा किया कि 'भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर' में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। यह गलत जानकारी वाली पोस्ट उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी में दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के बजाय भारत में राष्ट्रपति का चुनाव करा दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है, लेकिन बातचीत एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गई है, जहां आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है।
अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान, संदिग्ध आतंकी हमले के बाद लिया फैसला
अमेरिकी ने इंग्लैंड में मौजूद एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं। इस एयरबेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है।
अमेरिकी चुनाव प्रणाली को घेर रहे थे ट्रंप: ब्राजील की जगह भारत में करा दिया राष्ट्रपति चुनाव, अब हो रहे ट्रोल- Trump targeting US election system ended holding presidential election India now being trolled on social media
US B-1 Bombers: फेयरफोर्ड एयरबेस से अमेरिका ने हटाए सभी B-1 बॉम्बर, संदिग्ध वैन और गिरफ्तारियों के बाद बढ़ा था अलर्ट
करनाल के युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत:45 लाख कर्ज लेकर डंकी रूट से गया था; पिता ने बेची जमीन
अमेरिका में करनाल जिले के असंध थाना क्षेत्र के गांव बल्लाह के 21 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। परिवार को जैसे ही बेटे की मौत की सूचना मिली, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने सरकार से शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें। अनिल कुमार मान ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने सपने पूरे करने के लिए उसने अमेरिका जाने का फैसला लिया। जानकारी के अनुसार, पिता ऋषिपाल ने बेटे के भविष्य के लिए अपनी जमीन बेच दी और कर्ज भी लिया। करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अनिल को डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया। कई महीने के सफर के बाद वह अमेरिका पहुंचा और वहां जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद रहने लगा था। 4 अक्टूबर की रात अचानक बिगड़ी तबीयत जानकारी के मुताबिक, 4 अक्टूबर की रात अचानक अनिल की तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, उसे हार्ट अटैक आया था। अनिल की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। दो परिवारों का था इकलौता चिराग अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। वहीं ऋषिपाल के भाई रामपाल की भी एक ही बेटी है। ऐसे में दोनों परिवारों के लिए अनिल इकलौता चिराग था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद ग्रामीण भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। सरकार से शव भारत लाने की मांग परिवार की सबसे बड़ी चिंता अब अनिल का शव भारत लाना है। परिजनों ने सरकार से मदद की अपील की है, ताकि शव को अमेरिका से भारत लाया जा सके और परिवार अपने बेटे का अंतिम दर्शन कर सके।
Mr Beast Photos from India Trip: भारत यात्रा ने मिस्टर बीस्ट का दिल जीत लिया है। ताज के दीदार से रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' के इवेंट में शिरकत करने तक की झलकियां उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।
बदलाव: अमेरिकी शेयर बाजार में 1721% तक बढ़ीं नौकरियां, एआई के नैतिक और सुरक्षात्मक दायरे तय करने की जिम्मेदारी
ईरान के साथ टकराव ट्रंप के कार्यकाल के बाद भी रह सकता है जारी, पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने जताई आशंका
वॉशिंगटन, 5 अक्टूबर . व्हाइट हाउस में मिडिल ईस्ट से जुड़े मामलों के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ब्रेट मैकगर्क ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहा टकराव अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के बाकी कार्यकाल के दौरान जारी रह सकता है और अगली अमेरिकी Government को भी इससे निPatna पड़ सकता है. वहीं, ट्रंप ... Read more
ब्रिटेन स्थित RAF फेयरफोर्ड (RAF Fairford) सैन्य ठिकाने पर नए सुरक्षा खतरे की आशंका के बीच अमेरिका ने अपने सभी लंबी दूरी के B-1 बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है। इन सभी रणनीतिक बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर सुरक्षित भेज दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियां इस एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की गहन जांच कर रही हैं। जिसमें इस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की बात कही गई थी, जहां अमेरिकी विमान तैनात थे। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात बॉम्बर विमान अब अमेरिका में अपने होम बेस पर लौट आए हैं। अधिकारी ने CNN को बताया, हम अब पुष्टि कर सकते हैं कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर वापस भेज दिया गया है। अमेरिका ने इस नए खतरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि क्या इसका संबंध ब्रिटेन में जांच की जा रही कथित ईरानी साजिश से है। CNN के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने इस घटनाक्रम को वास्तविक घटना बताया है। यह कदम क्यों चर्चा में है? बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेजने के फैसले ने सबका ध्यान खींचा है क्योंकि CNN के सूत्र के अनुसार, अमेरिकी सेना के लिए ऐसे विमानों को क्षेत्र के किसी अन्य बेस पर भेजने के बजाय सीधे होम बेस पर वापस बुलाना असामान्य था। इसलिए, यह वापसी RAF फेयरफोर्ड के आसपास सुरक्षा की कड़ी जांच और ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के लिए खतरे के माहौल के बीच हुई है। RAF फेयरफोर्ड अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए एक ऑपरेशनल लोकेशन रहा है और इसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया गया है। नतीजतन, यह वापसी ब्रिटिश बेस से अमेरिकी लंबी दूरी के स्ट्राइक विमानों की तैनाती में एक अहम बदलाव को दर्शाती है। कथित साजिश के सिलसिले में पांच लोग गिरफ्तार यह ताजा घटनाक्रम पिछले महीने ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा RAF फेयरफोर्ड को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश के सिलसिले में की गई गिरफ्तारियों के बाद सामने आया है। पुलिस ने 27 सितंबर को एयरबेस के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक थे, जिनकी उम्र 23 से 25 साल के बीच थी और वे लंदन इलाके के रहने वाले थे। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तीन वैन की तलाशी ली गई, जिनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला। ट्रंप ने संदिग्धों की रिहाई की आलोचना की पांच लोगों की ज़मानत पर रिहाई की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की। इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं ऐसा नहीं करता। इसके बाद, ब्रिटिश अधिकारियों ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को कथित साज़िश के सिलसिले में एक और संदिग्ध को गिरफ़्तार किया, जो 25 साल का ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाला व्यक्ति है। इन गिरफ़्तारियों और उसके बाद हुई जांच के कारण RAF फेयरफ़ोर्ड के आस-पास सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। ईरान ने शामिल होने से इनकार किया इस बीच, ईरान ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कथित साज़िश में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है। तेहरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और आरोपों के बाद तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया। अमेरिकी बॉम्बर विमानों की यह ताज़ा गतिविधि इसी पृष्ठभूमि में हो रही है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने नई रिपोर्ट की गई धमकी और कथित ईरानी साज़िश के बीच कोई सीधा संबंध सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। उस धमकी की खास प्रकृति का भी खुलासा नहीं किया गया है जिसके कारण विमानों को अमेरिका वापस लौटना पड़ा। RAF फेयरफ़ोर्ड क्या है? RAF फेयरफ़ोर्ड एक ब्रिटिश सैन्य एयरबेस है जिसका इस्तेमाल अमेरिका लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए एक ऑपरेटिंग लोकेशन के तौर पर करता रहा है। US ग्लोबल स्ट्राइक कमांड को सहयोग देने में इसकी भूमिका ने इसे यूरोप में अमेरिकी रणनीतिक एविएशन ऑपरेशन्स के लिए एक महत्वपूर्ण जगह बना दिया है। इसलिए, सभी बॉम्बर विमानों का अपने अमेरिकी होम स्टेशनों पर लौटना हालिया तैनाती के पैटर्न में एक उल्लेखनीय बदलाव है, जबकि ब्रिटिश अधिकारी अभी भी इस सुविधा के ख़िलाफ़ कथित धमकी की जांच कर रहे हैं। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
US-Iran Tension: UN महासभा के बाद अमेरिका ने ईरान के 2 राजनयिकों को भेजा वापस, न्यूयॉर्क में रुके थे दोनों
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
अमेरिका ने ब्रिटेन से अपने सभी बॉम्बर विमान हटाए, ईरान पर साजिश का शक, भड़के ट्रंप
एयरबेस की घटना में लंदन के रहने वाले 20-25 साल के पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. हालांकि इस फैसले पर अमेरिका ने नाराजगी जताई.
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अमेरिका ने आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से हटाए सभी बमवर्षक: क्यों उठाया यह कदम; ट्रंप ने ईरान पर अब क्या कहा?
Moradabad News: अमेरिका में कारोबार सुरक्षित, रूस के खरीदारों पर रखनी होगी पैनी नजर
अमेरिका में कारोबार सुरक्षित, रूस के खरीदारों पर रखनी होगी पैनी नजर
दुनिया की महाशक्तियां अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर स्थायी बेस और अंतरिक्ष अभियानों के लिए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने की होड़ में हैं। यह पहल तकनीकी चुनौतियों और भू-राजनीतिक चिंताओं के साथ आती है।
ट्रंप से जुड़ी कंपनी का पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता, अमेरिका के बदलते रुख पर खड़े हुए सवाल
अमेरिका की ट्रंप परिवार से जुड़ी एक डिफेंस स्टार्ट-अप कंपनी पावरस ने पाकिस्तानी सेना के साथ रक्षा समझौता किया है। यह सौदा भारत-अमेरिका संबंधों और दक्षिण एशियाई शक्ति संतुलन पर सवाल खड़े कर रहा है।
जयशंकर से मिले अमेरिकी कमांडर एडमिरल सैमुअल, हिंद-प्रशांत में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की, जिसमें सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
अमेरिका: जॉर्जिया में ब्लॉक पार्टी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग, 2 की मौत
अमेरिका के जॉर्जिया में एक स्थानीय ब्लॉक पार्टी के दौरान फायरिंग हुई. इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 लोग घायल हो गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.
ट्रंप की चेतावनी, ‘अमेरिका ने डेटा सेंटर को मना किया तो चीन चले जाएंगे’
वाशिंगटन, 4 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर स्थापित करने से इनकार किया तो ये चीन चले जाएंगे. उन्होंने बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर के विस्तार का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के ... Read more
अमेरिका में दो भारतीय युवतियों की कार को ट्रक ने रौंदा, एक की मौत
अमेरिका के मिसौरी में सड़क हादसे में तेलंगाना की 31 वर्षीय दारम सुप्रिया की मौत हो गई. सेंट लुइस में काम खत्म कर लौटते समय उनकी कार को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में एक अन्य भारतीय महिला घायल हुई है, वहीं सुप्रिया के पिता ने बेटी का पार्थिव शरीर भारत लाने में तेलंगाना सरकार से मदद की अपील की है.
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
New Delhi, 4 अक्टूबर . India के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Sunday को अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता की तुलना संतुलित और अनुकूल माहौल से की. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, “अमेरिका और चीन के बीच चल रही खींचतान को लेकर हम एक ऐसी स्थिति में हैं, जिसे गोल्डीलॉक्स वाली ... Read more
अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता पर बोले जयशंकर- 'न तो रिश्ते में बहुत ज्यादा तनाव हो, न ही बहुत ज्यादा दोस्ती'
अमेरिका-चीन की टक्कर, BRICS की ताकत और रूस-यूक्रेन पर Jaishankar का बड़ा बयान
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्षों और उनके बढ़ते असर के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में तेजी से हो रहे बदलावों पर बात की है। 62वें म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस बदलाव के पीछे अमेरिका की विदेश नीति में आया परिवर्तन और चीन का लगातार बढ़ता प्रभाव प्रमुख कारण हैं। जयशंकर ने कहा कि अमेरिका ने अपनी पसंद से खुद को एक तरह से ‘अकेली ताकत’ बना लिया है, जबकि चीन का आर्थिक उभार अब उसके राजनीतिक प्रभाव में भी बदल रहा है। अमेरिका-चीन की प्रतिस्पर्धा का दुनिया पर असर विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। दुनिया के दूसरे देश भी बदलते माहौल के अनुसार अपनी रणनीति नए सिरे से तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ आपसी निर्भरता भी बनी हुई है। जयशंकर ने चीन की आर्थिक क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक विनिर्माण में उसकी करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी है। उनके मुताबिक, चीन की आर्थिक ताकत अब वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित कर रही है। इसे भी पढ़ें: महिला पत्रकार से कथित छेड़छाड़ पर बवाल, पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंची CJP अपने हितों के हिसाब से रणनीति बना रहे देश जयशंकर ने कहा कि उभरती और मध्यम शक्तियां अब अपने हितों को लेकर पहले से ज्यादा सजग हैं। ये देश अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भारत में इस्तेमाल होने वाले ‘आत्मनिर्भर’ शब्द का उदाहरण देते हुए कहा कि कई देश इसी तरह अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश सप्लाई चेन और रणनीतिक क्षेत्रों में जोखिम कम करने के लिए डी-रिस्किंग और डायवर्सिफिकेशन की नीति अपना रहे हैं। इसके तहत किसी एक देश या व्यवस्था पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। हर मुद्दे पर एक जैसी सोच जरूरी नहीं जयशंकर ने कहा कि देशों के बीच सहयोग के लिए हर मुद्दे पर पूरी तरह एक जैसी सोच होना जरूरी नहीं है। अगर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझा हित मौजूद हैं, तो देश उन क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक राजनीति में लचीली साझेदारियां तेजी से महत्वपूर्ण हो रही हैं। इसे भी पढ़ें: फुटबॉल की तरह उठा-उठाकर फेंक रहे हैं... हिरासत में लिए जाने पर Saurabh Bharadwaj का Delhi Police पर आरोप ‘मिडिल पावर’ को सिर्फ आर्थिक ताकत से नहीं समझना चाहिए विदेश मंत्री ने ‘इमर्जिंग पावर्स’ और ‘मिडिल पावर्स’ की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसी देश को ‘मिडिल पावर’ मानने का आधार सिर्फ उसकी अर्थव्यवस्था का आकार नहीं हो सकता। जयशंकर के मुताबिक, इस शब्द को बहुत शाब्दिक अर्थ में लेने के बजाय किसी देश की किसी खास क्षेत्र में मौजूद क्षमता और प्रभाव को भी देखना चाहिए। उन्होंने नीदरलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई देश G20 का हिस्सा नहीं होने के बावजूद किसी खास क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नीदरलैंड की भूमिका का उल्लेख किया। इसी तरह UAE का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ देश अपनी क्षमता और आकार की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभाव डालते हैं। इसलिए उभरती और मध्यम शक्तियों को लेकर लचीला और व्यापक नजरिया अपनाने की जरूरत है। BRICS में सामूहिक आवाज की ताकत जयशंकर ने BRICS का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग देश कई बार इसलिए साथ आते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी सामूहिक आवाज व्यक्तिगत रूप से कहीं ज्यादा मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा, “BRICS विभिन्न पक्षों का ऐसा उदाहरण है, जिन्हें आज लगता है कि उनकी सामूहिक आवाज अकेले देशों की आवाज से कहीं अधिक मजबूत है।” बदलती वैश्विक व्यवस्था के उदाहरण गिनाए जयशंकर ने बदलती वैश्विक व्यवस्था के उदाहरण के तौर पर क्वाड, BRICS के साथ-साथ इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC), नॉर्दर्न सी रूट, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) का भी उल्लेख किया। भारत-रूस संबंधों की मजबूत विरासत का जिक्र म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री ने भारत-रूस संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते 1950 के दशक से ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि जब भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता पर खतरा था, तब सोवियत संघ और बाद में रूस ने भारत का साथ दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत-रूस संबंध सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं हैं। इनमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संसाधन, परमाणु सहयोग और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। उनके मुताबिक, रूस के साथ भारत का संबंधों का अनुभव लगातार सकारात्मक रहा है। यूक्रेन संघर्ष पर जयशंकर ने क्या कहा? यूक्रेन संघर्ष पर जयशंकर ने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट है कि संघर्ष का अंत होना चाहिए और इसके लिए बातचीत व कूटनीति जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में है और समाधान की दिशा में मदद करने की कोशिश कर रहा है।
'अमेरिका ने खुद चुना अलग रास्ता', म्यूनिख में बोले एस. जयशंकर
अमेरिका ने अपनी पसंद से खुद को दुनिया से अलग किया है. म्यूनिख सम्मेलन में एस. जयशंकर ने वैश्विक समीकरणों पर बात करते हुए कहा कि अमेरिका-चीन के बढ़ते तनाव के बीच अब उभरते देश अपने हितों के मुताबिक नए साझेदार बना रहे हैं.
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं, ...एक ही है रास्ता; ईरान का अमेरिका को सीधा संदेश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ चल रही लड़ाई का कोई सैन्य हल नहीं है। उन्होंने कहा कि लड़ाई खत्म करने की बातचीत अभी अटकी हुई है।
'हम पर हमला हुआ तो पहले से कड़ा जवाब देंगे', ईरान की अमेरिका को नई चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए बातचीत का रास्ता चुनने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि ईरान जंग खत्म करने के लिए कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा.
चीन का बढ़ता दबदबा, अमेरिका की बदलती रणनीति; जयशंकर ने क्यों कहा- 'अकेली ताकत' बन रहा US?
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अमेरिका अपनी मर्जी से अकेली ताकत बनने की राह पर है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का यह बड़ा बदलाव और चीन का बढ़ता प्रभाव दुनिया के माहौल को बदल रहा है।
Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए एक बार फिर साफ किया है कि वह अपनी रक्षा के साथ-साथ कूटनीतिक समाधान की कोशिश भी जारी रखेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार (4 अक्टूबर) को चेतावनी दी कि अगर उनके देश के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई तो इसका जवाब पहले से ज्यादा ताकतवर होगा। हालांकि, उन्होंने साथ ही बातचीत के जरिए न्यायपूर्ण और सम्मानजनक समाधान की संभावना भी खुली रखी है।तेहरान में विदेशी राजदूतों और राजनयिक मिशनों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि अगर दुश्मन फिर से सैन्य टकराव का रास्ता चुनते हैं तो उन्हें पहले से अधिक मजबूत प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान कूटनीति के जरिए समाधान तलाशने के लिए तैयार है।ईरान-अमेरिका बातचीत पर फिर अड़चनयह बयान ऐसे समय आया है जब युद्ध खत्म करने की कोशिशें फिलहाल गतिरोध में नजर आ रही हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से फरवरी के अंत में शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद भारी बमबारी हुई। लेकिन संघर्ष का निर्णायक अंत नहीं हो सका। हाल के हफ्तों में अमेरिका ने सैन्य अभियानों को कम करते हुए आर्थिक दबाव बढ़ाने पर जोर दिया है। जून में ईरान और अमेरिका ने स्थायी समाधान की दिशा में एक रूपरेखा तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर सहमति जताई थी। हालांकि, बाद में यह प्रक्रिया टूट गई। इसका एक प्रमुख विवादित मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रहा।होर्मुज बना बड़ा मुद्दायुद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल कायम करने की कोशिश की है। ईरान ने उन जहाजों पर भी हमले किए हैं जो उसकी अनुमति के बिना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत भी हुई। तेहरान के मुताबिक, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए सात शर्तें रखीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। लेकिन आगे बातचीत की संभावना के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने का विकल्प भी खुला रखा।अमेरिका ने 1 सितंबर के बाद नहीं किया हमलामीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने 1 सितंबर के बाद ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को ईरान में युद्ध और यमन के संघर्ष को लेकर बैठक की। इस बीच, ईरान समर्थित हूती संगठन यमन में सरकारी बलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखे हुए है। हूती अब खुलकर सऊदी अरब को भी निशाना बना रहा है। ऐसे में ईरान-अमेरिका तनाव के साथ क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर भी स्थिति पर नजर बनी हुई है।ये भी पढे़ं- Wedding Season: वेडिंग सीजन पर होटल कारोबार में बंपर उछाल! 2027 के लिए भी मिल रही है बुकिंग
भारतीय मूल के वोटर्स के गढ़ में हो पाएगा शानदार कमबैक
अमेरिकन राजनीति की गलियारों में इस समय भारतीय मूल के जाने-माने उद्यमी और राजनीतिक नेता विवेक रामास्वामी की चुनावी यात्रा को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हाल ही में सामने आए राजनीतिक सर्वे और चुनावी आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि रामास्वामी गवर्नर पद की इस बहुचर्चित रेस में शुरुआती दौर में काफी पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस खबर ने न केवल उनके समर्थकों को बल्कि अमेरिकी राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि कभी अपनी आक्रामक बयानबाजी और नीतियों से चर्चा में रहने वाले रामास्वामी आज अपनी ही पार्टी के भीतर और जनता के बीच कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अमेरिकी राजनीति में किसी भी उम्मीदवार के लिए शुरुआती दौर में पिछड़ जाना एक बहुत बड़ा झटका माना जाता है, खासकर तब जब मुकाबला बेहद कड़ा हो और विरोधी उम्मीदवार लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते जा रहे हों। इस पूरी राजनीतिक उठापटक के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि क्या विवेक रामास्वामी उस खास क्षेत्र में जहां भारतीय मूल के वोटर्स की संख्या अच्छी खासी है, एक धमाकेदार वापसी कर पाएंगे या नहीं।अमरीकी चुनावी रणक्षेत्र में विवेक रामास्वामी का सफर हमेशा से ही काफी रोमांचक और चर्चा का विषय रहा है। जब उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, तब उनकी वैचारिक स्पष्टता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखकर यह अंदाजा लगाया गया था कि वह अमेरिकी राजनीति में एक लंबा सफर तय करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव की प्राथमिक डिबेट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने के बाद, जब उन्होंने गवर्नर पद की रेस में उतरने का मन बनाया तो लोगों को उम्मीद थी कि वह शुरुआती दौर से ही बढ़त बना लेंगे। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत साबित हुई। हालिया ओपिनियन पोल बताते हैं कि मतदाताओं के एक बड़े वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते वे अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे छूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमें उनकी विवादास्पद नीतियां, स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा न उतर पाना और संगठनात्मक स्तर पर रणनीतिक कमियां शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्होंने अपनी रणनीति में जल्द ही बदलाव नहीं किया, तो उनके लिए इस अंतर को पाटना बेहद मुश्किल हो जाएगा।इस बीच, इस पूरे चुनावी समीकरण का सबसे दिलचस्प पहलू वह क्षेत्र है जिसे भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों और अप्रवासी समुदायों का गढ़ माना जाता है। अमेरिका के कई हिस्सों में भारतीय अमेरिकी वोटर किसी भी उम्मीदवार की जीत या हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पारंपरिक रूप से ये वोटर अपनी आर्थिक नीतियों, शिक्षा के स्तर और सामुदायिक विकास के मुद्दों पर वोट करते आए हैं। विवेक रामास्वामी खुद भारतीय मूल के हैं, और इसी पहचान के कारण उन्हें इस समुदाय से खासी उम्मीदें थीं। हालांकि, हालिया रुझानों से पता चलता है कि भारतीय वोटर्स का यह गढ़ भी अब एकतरफा समर्थन देने के मूड में नहीं है। कुछ वर्ग रामास्वामी की कार्यशैली से प्रभावित हैं, तो वहीं एक बड़ा हिस्सा उनकी कुछ नीतियों को लेकर संशय में भी है। रामास्वामी के लिए अब यह क्षेत्र उनके राजनीतिक भविष्य का 'संजीवनी बूटी' साबित हो सकता है, यदि वे इन मतदाताओं के बीच जाकर उनके भरोसे को फिर से जीतने में कामयाब हो जाते हैं। इसके लिए उन्हें स्थानीय सामुदायिक नेताओं के साथ संवाद बढ़ाना होगा और यह साबित करना होगा कि वे उनकी वास्तविक चिंताओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।कमबैक करने के लिए विवेक रामास्वामी की टीम अब पूरी तरह से अपनी रणनीति में बदलाव करने पर विचार कर रही है। आने वाले हफ्तों में वे अपने चुनाव प्रचार अभियान को और अधिक आक्रामक और जमीनी स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था, रोजगार के नए अवसर, टैक्स रिफॉर्म और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर फोकस किया जाएगा। अमेरिकी चुनाव प्रणाली में आखिरी वक्त पर पासा पलटना कोई नई बात नहीं है, और इतिहास गवाह है कि कई नेताओं ने पिछड़ने के बावजूद आखिरी दौर में शानदार वापसी की है। रामास्वामी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने विरोधियों के उन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देना है, जिनके जरिए उनकी छवि को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि यदि वे भारतीय मूल के वोटर्स के गढ़ में अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं और मतदाताओं के बीच अपनी विश्वसनीयता बहाल करने में सफल होते हैं, तो यह पिछड़ना सिर्फ एक अस्थायी झटका बनकर रह जाएगा। आने वाला समय यह तय करेगा कि रामास्वामी इस राजनीतिक चुनौती से कैसे पार पाते हैं और क्या वे अमेरिकी राजनीति के इस बड़े मंच पर फिर से अपनी धाक जमाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।
भारत ने मार गिराया था अपना उपग्रह... अमेरिका भी रह गया हैरान!
पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी डेविड ग्रुश ने बताया कि 2019 के मिशन शक्ति में भारत ने अपना उपग्रह मार गिराया. इससे पूरी खुफिया कम्यूनिटी चौंक गई थी. अमेरिका हैरान रह गया था.
भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट में चल रहे 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में देशभर के कालीन निर्माता और निर्यातक अपने खास डिजाइन और उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। मेले में जयपुर की जेपी इंटरनेशनल का 1215 फीट का ‘आगरा’ डिजाइन का सिल्क कालीन खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 25 अलग-अलग रंगों के सिल्क धागों से तैयार इस कालीन को बनाने में 30 बुनकरों ने करीब पांच माह 20 दिन काम किया। जेपी इंटरनेशनल के सेल्स मैनेजर मोहित विजय ने बताया कि कालीन में मुख्य रूप से भारतीय और चाइनीज सिल्क धागों का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग रंगों के धागों से डिजाइन को उकेरने के बाद इसे तैयार करने में करीब पांच माह 20 दिन का समय लगा। इसमें लगभग 20 दिन सिर्फ वॉशिंग में लगे। उन्होंने बताया कि कालीन की बुनाई में 30 बुनकरों ने काम किया। इसे तैयार करने में करीब 3.25 लाख रुपए की लागत आई है। अमेरिकी बाजार के लिए इसकी डील करीब 4680 अमेरिकी डॉलर में होती है। इस डिजाइन और सिल्क से तैयार कालीन की रूस और अमेरिका में खास मांग है। 912 फीट के पर्शियन ट्रक डिजाइन की भी मांग मेले में भदोही की शकुंतला कारपेट ने भी अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। कंपनी की ओर से 912 फीट का पर्शियन ट्रक डिजाइन का कालीन लगाया गया है। कंपनी के मालिक छविनाथ प्रजापति और सेल्स मैनेजर अश्वनी प्रजापति ने बताया कि इस कालीन को तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगता है। इसकी कीमत लगभग 36 हजार रुपए है। कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में यही कालीन करीब 600 डॉलर में डील होता है। इसमें ट्रांसपोर्ट का खर्च शामिल नहीं है। कालीन की अमेरिका और जर्मनी में सबसे ज्यादा मांग है। पिछले मेले के बाद विदेशी खरीदारों से बढ़ा कारोबार कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले साल भी शकुंतला कारपेट ने कारपेट फेयर में हिस्सा लिया था। उस दौरान विदेशी खरीदारों की ओर से अच्छा रिस्पांस मिला। इसके बाद कई विदेशी खरीदारों के साथ लगातार कारोबार हो रहा है। 223 निर्यातकों ने लगाए स्टॉल कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) की ओर से आयोजित 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो इस बार गोल्डन जुबली संस्करण है। एक्सपो मार्ट में 4 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में देशभर के कालीन निर्माता और निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। मेले में कुल 223 निर्यातकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इंडिया कारपेट एक्सपो देश के हस्तनिर्मित कालीन, रग और फ्लोर कवरिंग को विदेशी बाजार से जोड़ने वाला प्रमुख B2B मंच है। इसमें विदेशी खरीदार भारतीय निर्माताओं के नए डिजाइन और उत्पाद देखते हैं। CEPC के अनुसार, यह आयोजन भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ाने के साथ बुनकरों की कला और पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने का मंच भी है।
'लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है': अल-कायदा की फ्लाईदुबई जैसे और हमले करने की धमकी, अमेरिका-इस्राइल को लेकर क्या कहा?- fight is not over yet Al Qaeda threatens more attacks like Flydubai one what did say regarding US and Israel
भारत लौटना चाहता हूं, अमेरिकी में अच्छी सैलरी के बाद भी परेशान इंजीनियर
मैं भारत वापस लौटना चाहता हूं लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं? सोशल मीडिया पर अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय इंजीनियर ने ये सवाल पूछा है.इतना ही नहीं अच्छी सैलरी होेने के बाद भी आखिर उन्हें ये बात क्यों परेशान कर रही है?
अमेरिकी कंपनियों के टॉप अधिकारियों के साथ पीयूष गोयल की बैठक, भारत में निवेश के मौकों पर हुई चर्चा
एऑन के सीईओ ग्रेग केस के साथ बैठक में गोयल ने भारत में कंपनी के परिचालन और उसके आगे विस्तार के मौकों पर चर्चा की।
अरोड़ा परिवार में दिवाली की खुशी दोगुनी थी, क्योंकि दिवाली पर उनका 12 साल से अमेरिका में रह रहा बेटा विक्की अरोड़ा (34) पहली बार घर लौटने वाला था। परिवार के लोग उसके आने की तारीख का इंतजार कर रहे थे। बेटे के घर लौटने खुशी में उसकी शादी की बात भी आगे बढ़ानी थी। परिवार की तरफ से विक्की के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। परिवार उसकी शादी की प्लानिंग में जुटा था। पिता कश्मीरी लाल बेटे को दूल्हा बनते और उसके सिर पर सेहरा बंधा देखना चाहते थे। त्योहार, दिवाली और बेटे की शादी की बातें, प्लानिंग और उसके स्वागत की तैयारी में परिवार मशगूल था। विक्की अपने घर जरूर पहुंच गया, लेकिन अपने पैरों पर नहीं। 15 दिन बाद रविवार को विक्की का शव ताबूत में उसके घर पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी में पहुंचा। ताबूत घर के अंदर आते ही परिवार की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। पिता, भाई, चाचा, चाची और अन्य परिजन शव देखकर बिलख पड़े। जिस घर में दिवाली और शादी की बातें हो रही थीं, वहां मातम छा गया। दिवाली के बाद शादी की तैयारी करने का था प्लान विक्की के चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की करीब 12 साल पहले अमेरिका गया था। इतने साल बाद अब वह घर लौटने की तैयारी में था। वह नवंबर में दिवाली के आसपास पहली बार घर आने वाला था। घरवालों के लिए यह सिर्फ बेटे के लौटने की खुशी नहीं थी, बल्कि परिवार चाहता था कि अब विक्की की शादी कर दी जाए। रिश्ता देख रहे थे, हर रोज शादी की प्लानिंग होती थी हमारा पूरा परिवार एक कॉलोनी में रहता है। इसलिए मेरा बड़ा भाई कश्मीरी लाल विक्की के लिए रिश्ता देख रहा था। काम से लौटने के बाद भाई उनको घर बुला लेता था। यहां उसकी शादी को लेकर बातचीत होती थी। शादी के अरेंजमेंट को लेकर प्लानिंग बनाते थे। शादी की बात करने के लिए कई बार दुकान से जल्दी घर लौटते थे। बस परिवार ने विक्की को दूल्हे के रूप में देखने का सपना संजोए थे। उम्मीद थी कि दिवाली पर घर में खूब रौनक होगी। त्योहार की खुशी ज्यादा के आसपास बेटा घर आएगा, इसके बाद रिश्ते की बात पक्की होगी और शादी की तैयारियां शुरू होंगी। विक्की के घर आने की खबर परिवार के लिए कई साल बाद आई बड़ी खुशी थी। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं रह सकी। जिस घर में सेहरा और शादी की बातें होनी थीं, वहां ताबूत पहुंचा 17-18 सितंबर की रात अमेरिका के ओहायो में हुए सड़क हादसे में विक्की की मौत हो गई। विक्की की मौत की खबर ने परिवार को दहला दिया। उनको यकीन नहीं हुआ कि विक्की दुनिया से चला गया। विक्की के रुममेट हैप्पी ने ये बात परिवार तक पहुंचाई थी। फिर भी परिवार ने उसके दूसरे दोस्तों से कंफर्म किया, जिसके बाद उनके सारे सपने टूट गए। बॉडी भारत लाने की चुनौती सपने टूटने के बाद अब परिवार के सामने बेटे की बॉडी वापस घर लाने की चुनौती थी। करीब 15 दिन तक शव अमेरिका में रहा। इस दौरान परिवार एक तरफ बेटे को खोने के सदमे में था और दूसरी तरफ शव भारत लाने की प्रक्रिया और खर्च को लेकर परेशान था। ऐसे समय में अमेरिका में विक्की के दोस्तों ने परिवार का साथ दिया। उसके रूममेट हैप्पी ने विक्की के नाम से कैंपेन शुरू किया। दोस्तों, परिचितों और दूसरे लोगों ने इसमें आर्थिक मदद की। कैंपेन से करीब 20 लाख रुपए जुटाए गए। इसी रकम से शव को भारत लाने और दूसरी जरूरी प्रक्रिया का खर्च उठाया गया। इसके बाद अमेरिका से विक्की का शव भारत लाया गया। आज रविवार सोनू अरोड़ा ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। गलत दिशा से आए ट्राले को बचाने में हुआ हादसा विक्की अमेरिका के ओहायो हाईवे पर ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आ गया। उसे बचाने के प्रयास में विक्की का ट्राला कंक्रीट के बैरियर से टकरा गया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। सिर के बल गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मां भी नहीं है, अब पिता और भाई रह गए विक्की की मां राजरानी का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में अब पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं। पिता बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना लिए बैठे थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा दिवाली पर या साल के आखिर में घर आएगा और फिर उसकी शादी की तैयारी होगी।
अमेरिका से तनाव के बीच ईराक का ऑपरेशन, होर्मुज से भेजा 20 लाख बैरल कच्चा तेल
इराक की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते 20 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा है. कंपनी अपना बेड़ा बढ़ाने और क्षेत्रीय शिपिंग कंपनियों से मुकाबला करने के लिए नए क्रूड ऑयल टैंकर खरीदने की योजना बना रही है.
Indian Ambassador Vinay Mohan Kwatra ने अमेरिकी सीनेटर Angela Alsobrooks से ऊर्जा सुरक्षा पर की बात
वाशिंगटन, चार अक्टूबर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने सीनेटर एंजेला ऑल्सोब्रुक से मुलाकात की और इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने तथा भारतीय नागरिकों के लिए किफायती एवं निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मैरीलैंड की सीनेटर ऑल्सोब्रुक के साथ यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका में ‘रूस एवं ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ पारित होने को लेकर नयी दिल्ली में चिंता जताई जा रही है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले कुछ देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है। क्वात्रा ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैरीलैंड की सीनेटर एंजेला ऑल्सोब्रुक के साथ बेहद शानदार मुलाकात हुई। हमने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने, बढ़ते ऊर्जा सहयोग और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा की।’’क्वात्रा ने कहा कि उन्होंने मैरीलैंड के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में प्रवासी भारतीयों के योगदान को भी रेखांकित किया।
अमेरिका: लॉस एंजिल्स में यूनिवर्सिटी कैंपस के पास देर रात गोलीबारी, दो लोगों की मौत; दर्जनों लोग हिरासत में Late-night shooting near a university campus in Los Angeles; two people killed, dozens detained.
वाराणसी में अपने पितरों का तर्पण करने हजारों लोग पहुंच रहे हैं। शनिवार को अमेरिका से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे। यहां अस्सी घाट पर उन्होंने चाचा की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से अस्थि विसर्जन और पिंडदान कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जैक्सन भावुक दिखे। उन्होंने बताया कि मैं बचपन से अपने चाचा नेट के साथ रहा हूं। मेरा अपने चाचा से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। निधन के बाद भी मैं चाचा को याद करता रहता हूं। वह अक्सर रात में मेरे सपने में आते थे। चाचा के बार-बार दिखाई देने से मैं परेशान रहने लगा। मैंने इसका समाधान तलाशना शुरू किया। इसी दौरान मैंने काशी और यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा एक वीडियो देखा। इसमें काशी की धार्मिक मान्यताओं और अस्थि विसर्जन-पिंडदान की जानकारी मिली। इसके बाद मैंने चाचा की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए खुद काशी आने का फैसला किया। काशी में अपने पितरों का तर्पण करने हर रोज 50 हजार श्रद्धालु गंगा घाट और पिशाचमोचन कुंड पहुंच रहे हैं। 7 दिनों में अब तक करीब 3 लाख से अधिक लोगों ने अपने पूर्वजों का तर्पण कर चुके हैं। इसमें विदेश से आने वाले लोग भी शामिल हैं। चाचा रोज सपने में आते थे, इसलिए मैं काशी आया अमेरिका के मिशिगन प्रांत के रहने वाले जैक्सन ने बताया कि मैं एक रेस्टोरेंट में काम करता हूं। मैं अपने चाचा नेट के साथ रहता था। मेरे चाचा भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था रखते थे। वह भारत के धार्मिक शहरों के बारे में रुचि रखते थे। काशी और मथुरा के प्रति उनकी आस्था थी। उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनकी अस्थियों को मोक्षदायिनी गंगा में विसर्जित किया जाए। कुछ साल पहले उनकी डेथ हो गई। चाचा की मौत के बाद कुछ दिन तो सब सामान्य रहा। फिर वह हर रोज मेरे सपने में आने लगे। मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं परेशान रहने लगा। फिर एक दिन सोशल मीडिया पर मैंने काशी के कई वीडियो देखे। इसमें मुझे अस्थि विसर्जन-पिंडदान की जानकारी मिली। मैंने उसे गहराई से गूगल और यूट्यूब पर सर्च किया। इसके बाद मैं अमेरिका से फ्लाइट लेकर इंडिया पहुंचा। इसके बाद काशी आया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा में प्रवाहित की अस्थियां शनिवार को जैक्सन चाचा की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे। अस्सी घाट पर तीर्थ पुरोहित राहुल पांडेय के आचार्यत्व में अस्थि विसर्जन और पिंडदान का अनुष्ठान कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद जैक्सन ने गंगा की धारा में चाचा की अस्थियां प्रवाहित कीं। इस दौरान वह भावुक हो गए। उन्होंने चाचा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पिंडदान की प्रक्रिया में भी हिस्सा लिया। पुरोहित बोले- पिंडदान आत्मा की मोक्ष के लिए किया जाता है तीर्थ पुरोहित राहुल पांडेय ने बताया कि सनातन परंपरा में काशी और गंगा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में अस्थि विसर्जन और पिंडदान दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से किया जाता है। उन्होंने बताया कि पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पिंडदान और तर्पण की परंपरा सदियों से चली आ रही है। …………………….ये खबर भी पढ़िए- आराधना मिश्रा ने कहा-अजय राय को हटाना रणनीति का हिस्सा:2024 के बाद हम मजबूत हुए, 2027 में INDI गठबंधन सरकार बनाएगा यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद फुल फॉर्म में हैं। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की प्राथमिकताएं, सपा से गठबंधन, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और ब्राह्मण-सवर्ण वोटरों को लेकर खुलकर बात की। अजय राय को लेकर कहा- पद से किसी को हटाना, किसी को लाना…ये रणनीति का हिस्सा हो सकता है। मैं कांग्रेस के मजबूत सिपाही हूं। उन्होंने 2027 चुनावों को लेकर कहा- 2024 के बाद हम मजबूत हुए। इसका रिजल्ट आपको 2027 में देखने को मिलेगा। INDI गठबंधन यूपी में सरकार बनाएगा। पढ़ें पूरी खबर
Dr Reddy's Share Price: डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज की पूर्ण मालिकाना हक वाली स्टेप-डाउन सब्सिडियरी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज इंक (DRL Inc) पर अमेरिका में लाखों का जुर्माना लगा है। कंपनी ने इसके बारे में शनिवार 3 अक्टूबर की शाम एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी। इसे लेकर कंपनी ने बताया कि अमेरिकी इंटर्नल रेवेन्यू सर्विस (IRS) ने टैक्स पेमेंट के समय वित्त वर्ष के गलत तरीके से रेफरेंस पर $32,350.20 यानी करीब ₹31 लाख का जुर्माना लगाया है। अब इसका असर सोमवार 5 अक्टूबर को इसके शेयरों की चाल पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 1 अक्टूबर को बीएसई पर इसका शेयर 2.90% की गिरावट के साथ ₹1200.10 पर बंद हुआ था।Dr Reddy's पर जुर्माने का क्या है पूरा मामलाडॉ रेड्डीज के मुताबिक उसकी अमेरिकी सब्सिडयरी पर इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) ने $32,350.20 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना टैक्स पेमेंट के समय फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) के रेफरेंस को गलत तरीके से बताने की वजह से लगाया गया है।DRL Inc को US डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी, इंटरनल रेवेन्यू सर्विस, सिनसिनाटी, ओहियो से 25 सितंबर, 2026 की तारीख वाला फाइनल ट्रांसक्रिप्ट 2 अक्टूबर, 2026 को मिला।हालांकि डॉ रेड्डीज का कहना है कि एवैल्युएशन के आधार पर इसका कंपनी के फाइनेंशियल, ऑपरेशंस और अन्य एक्टिविटीज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।इससे पहले 11 सितंबर को एक डॉ रेड्डीज ने बताया था कि अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने मेक्सिको में इसकी API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट) बनाने वाली फैसिलिटी में रिकॉर्ड्स की जांच पूरी कर ली है और जांच के आखिर में दो ऑब्जर्वेशन जारी किया।यह एसेसमेंट 17 जुलाई से 8 सितंबर के बीच हुआ था।एक साल में कैसी रही शेयरों की चालडॉ रेड्डीज के शेयरों ने बहुत ही शॉर्ट पीरियड में एक साल के हाई लेवल से एक साल के निचले स्तर का सफर तय किया। बीएसई पर 29 जून 2026 को इसके शेयर ₹1,414.40 पर थे, जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से महज 1 ही महीने में यह 23.64% टूटकर 23 जुलाई 2026 को ₹1,080.05 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।SIP संभाल सकता है FIIs की बिकवाली? विदेशी निवेशकों की 11% निकासी सिर्फ एक महीने सितंबर मेंडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
राजस्थान के जोधपुर में चल रहे बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति में भारत के तेजस, राफेल और अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमानों ने एक साझा फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
'हमारे मुल्क से निकलो', अमेरिका ने ईरानी राजनयिकों को दिखाया बाहर का रास्ता
संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद अमेरिका ने दो ईरानी राजनयिकों को देश से निकाल दिया है, वे UNGA के लिए अमेरिका आए थे. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि एक राजनयिक शुक्रवार रात और दूसरा शनिवार सुबह न्यूयॉर्क से रवाना हुआ.
ईरान पर अमेरिका की आर्थिक नाकेबंदी: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन बोले- नई व्यवस्था अपनाई; क्या है रणनीति? Iran's Pezeshkian says Tehran adopted a new arrangement to counter stricter US sanctions
भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट के पीछे क्या ये अमेरिकी वजह है? जानें बॉन्ड यील्ड का 'खेल' - BBC
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Varanasi News: चाचा की मोक्ष-कामना लेकर अमेरिका से काशी पहुंचे जैक्सन, अस्सी घाट पर किया पिंडदान
Jackson traveled from the US to Kashi seeking salvation for his uncle
Kurukshetra News: अमेरिका से 14 दिन बाद घर पहुंचेगा विक्की का शव
अमेरिका से 14 दिन बाद घर पहुंचेगा विक्की का शव
युद्धविराम में ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जा ‘युद्ध अपराध’, ईरान जाएगा अंतरराष्ट्रीय अदालत
तेहरान, 3 अक्टूबर . एक वरिष्ठ ईरानी शिपिंग अधिकारी ने कहा कि देश अंतरराष्ट्रीय अदालतों में अप्रैल में अपने एक कंटेनर जहाज पर हुए अमेरिकी हमले और उसे जब्त किए जाने के मामले को आगे बढ़ाएगा. आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने Saturday को बताया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीजफायर के दौरान हुआ था. ... Read more
युद्धविराम में ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जा 'युद्ध अपराध', ईरान जाएगा अंतरराष्ट्रीय अदालत
युद्धविराम में ईरानी जहाज पर अमेरिकी कब्जा 'युद्ध अपराध', ईरान जाएगा अंतरराष्ट्रीय अदालत
अमेरिका के वीजा के लिए इन 50 देशों के लोगों को देना होगा वीजा बॉन्ड, क्या भारत का भी है नाम?
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 50 देशों के ऊपर वीजा बॉन्ड लगा दिया है। इन नए नियमों की वजह से इन 50 देशों के लोगों को अब वीजा लेने से पहले 10 से 20 हजार तक के बॉन्ड लेने होंगे। यह बॉन्ड उनके वीजा इंटरव्यू के आधार पर तय होंगे।
New Delhi, 3 अक्टूबर . India अपने Governmentी बॉन्ड के घरेलू निवेशकों के पास अधिक मात्रा में होने के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के प्रभाव से अपेक्षाकृत सुरक्षित है. वहीं, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुधारों के जरिए आर्थिक विकास को बनाए रखना देश के सामने दीर्घकालिक चुनौती है. यह जानकारी अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों ... Read more
मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े मोबाइल मार्केट अप्सरा मार्केट में शनिवार शाम नगर थाना पुलिस ने कई दुकानों में छापेमारी की। अमेरिका की मोबाइल कंपनी Apple के प्रतिनिधि की शिकायत पर हुई कार्रवाई में कंपनी के नाम से बेचे जा रहे कथित डुप्लीकेट चार्जर, केबल, बैक पैनल और मोबाइल कवर समेत कई सामान जब्त किए गए। आरोप है कि कंपनी के 15 से 22 हजार रुपए तक के ओरिजिनल बैक पैनल की जगह डुप्लीकेट पैनल करीब 750 रुपए में मोबाइल में लगाए जा रहे थे। कंपनी प्रतिनिधि की ओर से नगर थाने में दिए आवेदन में आरोप लगाया गया था कि अप्सरा मार्केट में Apple के नाम और डिजाइन वाले डुप्लीकेट एसेसरीज बेचे जा रहे हैं। शिकायत के बाद नगर थाना पुलिस की टीम शनिवार शाम मार्केट पहुंची और कई दुकानों में तलाशी ली। पुलिस के पहुंचते ही कुछ दुकानदार दुकानें छोड़कर इधर-उधर चले गए। इसके बाद पुलिस ने दुकानों से मिले सामान को जब्त कर थाने लाया। 2200 के चार्जर-केबल भी 300-400 में बेचने का आरोप शिकायत के अनुसार, Apple के ओरिजिनल चार्जर की कीमत करीब 2200 रुपए और केबल की कीमत भी करीब 2200 रुपए बताई गई है। आरोप है कि इनके डुप्लीकेट सामान को बाजार में महज 300 से 400 रुपए में बेचा जा रहा था। इसी तरह मोबाइल के बैक पैनल और कवर भी कंपनी के नाम पर ग्राहकों को दिए जा रहे थे। छापेमारी के बाद जब्त सामान का कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलान कराया गया। प्रतिनिधियों ने सामान की जांच की। पुलिस के अनुसार, कंपनी की शिकायत में इसे कॉपीराइट से जुड़ा मामला बताया गया है। कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई नगर थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि Apple कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में कंपनी के एसेसरीज के डुप्लीकेट सामान बेचे जाने की बात कही गई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने अप्सरा मार्केट में छापेमारी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि कई दुकानों से सामान जब्त किया गया है। जब्त सामान की जांच और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि डुप्लीकेट सामान कहां से लाकर मार्केट में बेचा जा रहा था और इसमें कितने दुकानदार शामिल हैं।
गिरा दूंगा एटम बम! पुतिन ने दी ऐसी धमकी, कांप गए अमेरिका के सारे यार
रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों खासतौर पर नाटो देशों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर बाल्टिक क्षेत्र में स्थित रूसी इलाके कालिनीनग्राद पर सीधे हमला होता है तो मॉस्को परमाणु बम समेत अपने सभी किस्म के हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। पुतिन ने एक घंटे के अंदर दूसरी बार ऐसी चेतावनी दी है। इसने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है कि क्या रूस यूक्रेन जंग में परमाणु बम का इस्तेमाल हो सकता है? दरअसल पुतिन का यह बयान तब आया है जब मॉस्को नाटो को एक राजनिक चेतावनी भेजी है। रूस का कहना है कि नाटो की तरफ से कालिनीनग्राद को अलग-थलग करने या फिर उसकी घेराबंदी करने की धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि नेटो ने इस बात को खारिज कर दिया है कि वह रूसी इलाके के लिए खतरा है। नाटो ने मॉस्को की परमाणु हथियारों से जुड़ी बयानबाजी की भी आलोचना की है। यूक्रेन युद्ध के बीच नेटो और रूस के रिश्तों में पहले से ही ज्यादा तनाव है और इस नए घटनाक्रम ने इसे और बढ़ा दिया है। मॉस्को में बोलते हुए रूसी नेता ने कहा कि उनका किसी भी यूरोपीय देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। लेकिन जरूरत पड़ने पर वे पश्चिमी देशों की आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नेटो सदस्य देशों पोलैंड और लिथवानिया के बीच घेरे रूसी इलाके कालिनी नगरात का भी जिक्र किया। इसे भी पढ़ें: Russian Oil ज्यादा खरीदने लगा China, India की खरीद पर असर पड़ते देख Modi ने तुरंत निकाला नया रास्ता, Ship to Ship Transfer के जरिये करवा दिया खेल पुतिन की यह चेतावनी क्यों आई? बता दें कि पुतिन की यह चेतावनी कालिनी नगरात के पास नेटो के हालिया सैन्य अभ्यासों के बाद आई है। नेटो ने इन सैन्य अभ्यासों को अपनी रक्षा क्षमता और प्रतिरोध को मजबूत करने की कवायद बताया है। इन अभ्यासों पर मॉस्को ने कड़ी चिंता जताई है। मॉस्को ने सितंबर के आखिर में चेतावनी दी थी कि नाटो ने अगर हवाई या फिर समुद्री रास्ते से इस इलाके की घेराबंदी करने की कोशिश की तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। पुतिन ने कहा बाल्टिक सागर में एक के बाद एक सैन्य अभ्यास फिर हमारे जहाजों और नौकाओं को जब्त करने की कोशिशें यह सब तनाव बढ़ाने वाली बातें हैं और फिर हमें कालिनीनग्राद क्षेत्र के बारे में बयान सुनने को मिलने लगे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर रूसी संघ पर सीधे हमले की नौबत आती है। खासकर कालिनीनग्राद और शायद कुछ अन्य इलाकों पर तो जाहिर है कि हमारे देश के पास मौजूद सभी हथियारों का इस्तेमाल का मुद्दा एजेंडे में जरूर और अनिवार्य रूप से शामिल होगा। इससे बचा नहीं जा सकता है। दूसरी तरफ नेटो और कई यूरोपीय देशों समेत यूनाइटेड किंगडम ने रूस पर उनके खिलाफ हाइब्रिड वॉरफेयर चलाने का आरोप लगाया है। इसमें साइबर हमले, तोड़फोड़ और जासूसी की कोशिशें शामिल हैं। जिनका मकसद यूक्रेन के लिए उनके समर्थन को कमजोर करना है। इसे भी पढ़ें: 4 साल में पहली बार एक सुर में बोले रूस और यूक्रेन, दोनों को पसंद आया मोदी का प्रस्ताव दुनिया के नक्शे को देखें तो रूस के पश्चिम इलाके में स्थित बाल्टिक सागर के किनारे बसा कालिनीनग्राद रूस का एक छोटा इलाका है जो नेटो देशों से घिरा हुआ है। इसके एक तरफ पोलैंड है और दूसरी तरफ लिथुआ है। वैसे तो यह रूस का हिस्सा है लेकिन रूसी जमीन से बिल्कुल अलग-थलग है। रूस से कालिनीनग्राद जाने के लिए दो-तीन देशों की सीमाओं को पार करना पड़ता है। इसे रूस का एक्सक्लेव कहा जाता है। यानी ऐसा इलाका जो देश के मुख्य हिस्से से दूर किसी दूसरे देश की सीमा में स्थित हो। यही रूस के लिए कमजोरी है। लेकिन इसका अहम रणनीतिक महत्व भी है। साल के 365 दिन बर्फ से मुक्त रहने के कारण बाल्टिक सागर के किनारे स्थित इस इलाके में रूसी नौसैनिक बेड़े का मुख्य अड्डा है। इतना ही नहीं यह इलाका रूस के लिए एक सैनिक किले की तरह भी है। जहां से रूस सीधे बर्लिन, वारसो, कोपेनहेगन और स्टॉकहोम जैसे बड़े यूरोपीय शहरों को सेकंडों में निशाना बना सकता है। यही रणनीतिक वजह है कि नेटो देश रूस से खौफ खाते हैं। यूक्रेन और रूस का युद्ध अब अपने पांचवें साल में है। लेकिन पुतिन हमले को धीमा करने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं।
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर अचानक ईंटों की बारिश, अंदर मौजूद थे पुजारी-श्रद्धालु; देखें VIDEO
अमेरिका के ओहायो में श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर पर ईंटों से हमला किया गया जिसमें खिड़कियों के टूटने की खबर है। घटना के वक्त पुजारी और श्रद्धालु अंदर मौजूद थे।
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को फिर सामने लाता है, जिसे अमेरिका में रहने वाला भारतीय और हिंदू समुदाय पिछले कुछ समय से महसूस कर रहा है।ग्रेटर क्लीवलैंड के रिचमंड हाइट्स में स्थित Shree Swaminarayan Vadtal […] यह लेख अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग की तरफ से ब्रेस्ट पैथोलॉजी पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें अमेरिका से दो कैंसर विशेषज्ञ शामिल हुए। इंटरनेशनल कांफ्रेंस में देशभर से 325 से अधिक डेलीगेट शामिल हुए और अपनी रिसर्च को प्रस्तुत किया। इस कांफ्रेंस के आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ब्रेस्ट का कैंसर कितने प्रकार का होता है, इसको लेकर रिसर्च चल रही है। क्योंकि ब्रेस्ट के हर प्रकार के कैंसर का अलग ईलाज व अलग दवाईयां होती है। कांफ्रेंस में यही चर्चा हो रही है कि ब्रेस्ट का कौन सा कैंसर अधिक खतरनाक है, उसका ईलाज कैसे किया जाए। इस पर पूरी रिसर्च हो रही है। महिलाओं में जागरूकता बहुत जरूरी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत अधिक है। जब भी ब्रेस्ट में कोई गांठ नजर आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए। महिलाओं को शर्म छोड़कर डॉक्टर को बताना पड़ेगा, तभी ईलाज संभव है। जो महिलाएं ईलाज से घबराती है, उनका माइंड पहले से सेट है, जिसे बदलने की जरूरत है। ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक होता है। अगर किसी के परिवार में पहले ब्रेस्ट कैंसर है तो उसकी अगली पीढ़ी में ब्रेस्ट कैंसर होने के चांस अधिक होते हैं। दूसरा कैंसर का कारण केमिकल भी है। इस पर रिसर्च चल रही है कि कौन सा केमिकल शरीर के किस अंग को अधिक प्रभावित करता है। शरीर में किस जींस का अधिक प्रभाव होगा, इस पर चल रही रिसर्च डॉ. संजय कुमार ने बताया कि केमिकल की मात्रा आपके जींस पर निर्भरत करती है। किसी का शरीर 100 ग्राम को भी हजम कर सकता है और किसी का एक ग्राम भी हजम नहीं कर सकता। शरीर के किस एरिया में, कौन सा जींस अधिक प्रभावत होता है, इस पर रिसर्च चल रही है। 25 साल की लड़कियों में भी शुरू हो गया ब्रेस्ट कैंसर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पहले 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर देखने को मिलता था। लेकिन अब तो 25 साल की उम्र में भी ब्रेस्ट कैंसर हो रहा है। पीजीआई में भी ब्रेस्ट कैंसर का ईलाज है, लेकिन पीजीआई की अमेरिका से तुलना नहीं कर सकते। क्योंकि अमेरिका में संसाधन अधिक है। अमेरिका में सर्जन को कर रहे ट्रेंड अमेरिका से कांफ्रेंस में आए डॉ. कमलजीत सिंह ने बताया कि वह पीजीआई के 1997 बैच के स्टूडेंट रहे है। अब अमेरिका में पैथोलॉजिस्ट हैं और सर्जन को ट्रेंड कर रहे हैं। अमेरिका व भारत में अंतर तो हर चीज में है। हमारा खान पान, जींस अलग है, स्क्रीनिंग अलग है, इसलिए कैंसर हाई स्टेज पर प्रेजेंट होता है। लेकिन डॉक्टर अच्छे है जिससे मरीज को ईलाज करके ठीक किया जा रहा है।
भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट के पीछे क्या ये अमेरिकी वजह है?, जानें बॉन्ड यील्ड का 'खेल'
अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी होते ही एफआईआई ने सिर्फ़ 30 सितंबर को ही 10 हज़ार करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. कहा जा रहा है कि ये अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है.
फ्लाई दुबई कांड का खुलासा, एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, देखें शतक आजतक
फ्लाई दुबई कांड में सह-पायलट हमाम अल हमामी ने विमान क्रैश कराने का इरादा कबूला है. वहीं ओमान में कट्टरपंथी विचारों को लेकर उस पर पहले से शक था. अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान युद्ध जल्द खत्म होगा और तेल की कीमतें कम होंगी. देश के भीतर, मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बीजेपी और विपक्ष का प्रदर्शन तेज हो गया है, जबकि आदित्य ठाकरे ने लोकतंत्र बचाने के लिए लोगों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है. राहुल गांधी ने भी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला. उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस ने बड़ा बदलाव करते हुए अजय राय की जगह राधा मिश्रा मोना को नई प्रदेश अध्यक्ष बनाया है.
अमेरिका के ओहायो में स्वामीनारायण मंदिर पर हमला, उपद्रवियों ने की तोड़फोड़
अमेरिका से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां ओहायो में स्थित ऐतिहासिक स्वामीनारायण मंदिर को निशाना बनाया गया है. कुछ असामाजिक और उपद्रवी तत्वों ने मंदिर परिसर पर ईंट-पत्थरों से हमला किया है. इस हमले में मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा है और खिड़कियों के शीशे भी टूट गए हैं. घटना के बाद मंदिर परिसर में कांच के टुकड़े और पत्थर बिखरे हुए देखे जा सकते हैं. इस शर्मनाक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई. देखें...
अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, फुटेज में देंखे खिड़कियां टूटीं; हेट क्राइम की आशंका
ईरान के आसपास अमेरिका की सैन्य ताकत बढ़ी, वीडियो में जाने तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजा; 9 हजार सैनिक होंगे तैनात
ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया गैरकानूनी, इराक से उचित कदम उठाने की अपील
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Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
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'AC वाले जहाज पर हूं; 2 घंटे में अमेरिका लैंड कर जाऊंगा, जलयान के हाल पर भागलपुर के यात्री का तंज
भागलपुर में बियाडा घाट से जाह्नवी चौक तक गंगा में जहाज यात्रा के दौरान यात्रियों को भीषण गर्मी, उमस और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
अमेरिका में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विक्की अरोड़ा का शव 14 दिन बाद भारत के लिए रवाना कर दिया गया है। कल सुबह करीब 10 बजे विक्की का शव उसके घर पहुंचेगा। 34 साल का विक्की करीब 12 साल पहले अमेरिका गया था। नवंबर-दिसंबर में विक्की घर लौटने की तैयारी कर रहा था। घर में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी, लेकिन घर लौटने से पहले ही उसकी मौत हो गई। कुरुक्षेत्र के पिहोवा की सिकंदरा का रहने वाले विक्की की अमेरिका में 17-18 सितंबर की रात एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। विक्की के बाद परिवार में पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं, क्योंकि करीब 3 साल पहले विक्की की मां राजरानी का निधन हो गया था। हादसे के बाद 20 फीट नीचे गिरा विक्की ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। हाईवे पर सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आने पर उसे बचाने के प्रयास में उसका ट्राला कंक्रीट बैरियर से टकरा गया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर सिर के बल जा गिरा था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 14 दिन बाद रवाना हुआ शव हादसे के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इसमें करीब 14 दिन लग गए। परिवार के मुताबिक, पुलिस ने शुरुआत में बॉडी सौंपने से इनकार कर दिया था। इसके बाद विक्की के पिता कश्मीरी लाल की तरफ से एफिडेविट दिया गया। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंपा। दोस्तों ने 20 लाख रुपए जुटाए चाचा राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि शव भारत लाने और इससे जुड़ी प्रक्रिया में काफी खर्च आया। परिवार की मदद के लिए विक्की के नाम से फंड बनाया गया। इसमें करीब 20 लाख रुपए जुटाए गए। विक्की के दोस्त हैप्पी ने भी इस पूरी प्रक्रिया में परिवार की मदद की। हैप्पी ने दी थी मौत की सूचना हादस के वक्त विक्की का दोस्त और रुममेट हैप्पी अमेरिका में था, उसी ने हादसे की सूचना परिवार को दी थी। विक्की के शव को भारत लाने में दोस्तों और परिचितों ने मदद की। आज अमेरिका से हैप्पी अपने दोस्त विक्की का शव रवाना करेगा, रात तक शव दिल्ली पहुंचेगा और सुबह परिवार के लोग उसे लेकर कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे।
अमेरिका में कब रुकेंगे हिंदू मंदिरों पर हमले? पुजारी-भक्तों के सामने मंदिर में तोड़फोड़, 5 साल में 15वीं घटना
अमेरिका में 14 भालुओं को सजा-ए-मौत, बचाने वालों ने ही एक साथ मार डाला
अमेरिका का मोंटाना भालुओं का इलाका है. इसे बीयर कंट्री कहा जाता है. इसके बावजूद यहां वन्यजीव अधिकारियों ने ही 14 भालुओं को मौत के घाट उतारा है, उन्हें जहर वाला इंजेक्शन लगाया है. आखिर वजह क्या है?
ब्राजील : अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच
साओ पाउलो, फेडरल डिस्ट्रिक्ट की एक निचली अदालत के जज की अनुमति के बाद ब्राजील की फेडरल पुलिस ने देश में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच के तहत साओ पाउलो और ब्रासीलिया के पास दो जगहों पर तलाशी ली। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये छापे दो संदिग्धों से जुड़े थे।
आकाशगंगाओं में प्रलय कैसे आती है, अमेरिका में हुई रिसर्च का भारतीय ज्योतिष और महाकालेश्वर से कनेक्शन
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साओ पाउलो, 3 अक्टूबर . फेडरल डिस्ट्रिक्ट की एक निचली अदालत के जज की अनुमति के बाद ब्राजील की फेडरल Police ने देश में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच के तहत साओ पाउलो और ब्रासीलिया के पास दो जगहों पर तलाशी ली. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये छापे ... Read more
अमेरिका : ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला, खिड़कियों के टूटे शीशे
वाशिंगटन, अमेरिका के ओहायो के ग्रेटर क्लीवलैंड इलाके में एक हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला किया गया, जिससे मंदिर की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे।
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, खिड़कियां टूटीं; पुजारी-श्रद्धालु थे अंदर, जांच शुरू
अमेरिका के ओहायो में श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला हुआ। खिड़कियां टूट गईं और FBI समेत एजेंसियां CCTV फुटेज की जांच कर रही हैं।
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
अमेरिका ने 50 देशों के नागरिकों पर लगाया वीजा बॉन्ड, भारत को मिली छूट
वॉशिंगटन, 3 अक्टूबर . अमेरिका ने 50 देशों की एक सूची जारी की है, जिनके नागरिकों को बिजनेस और टूरिस्ट वीजा के लिए 20,000 डॉलर तक का वीजा बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है. इस नियम से India को बाहर रखा गया है यानी भारतीय पासपोर्ट धारकों को यह बॉन्ड नहीं देना होगा. हालांकि, दक्षिण ... Read more
अमेरिका : वीजा के लिए सोशल मीडिया की जांच
वॉशिंगटन, अमेरिका ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग का दायरा विदेशी पत्रकारों और कुछ पेशेवरों तक बढ़ा दिया है। कड़ी जांच-पड़ताल की इस प्रक्रिया के तहत एच-1बी धारक वर्कर और विदेशी छात्रों को भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल सार्वजनिक करने होंगे।
अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला, खिड़कियों के टूटे शीशे
वाशिंगटन, 3 अक्टूबर . अमेरिका के ओहायो के ग्रेटर क्लीवलैंड इलाके में एक हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला किया गया, जिससे मंदिर की खिड़कियों के शीशे टूट गए. घटना के समय मंदिर के अंदर पुजारी और श्रद्धालु मौजूद थे. कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (सीओएचएनए) के मुताबिक, श्रीस्वामीनारायण हिंदू मंदिर वड़तालधाम पर यह ... Read more
अमेरिका के ओहायो में हिंदू मंदिर पर हमला, ईंटे मार शीशे-खिड़कियां और दरवाजे तोड़े
ओहायो के रिकमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वड़ताल धाम हिंदू मंदिर पर अज्ञात व्यक्तियों ने ईंटें फेंककर नुकसान पहुंचाया. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने इस घटना को संभावित हेट क्राइम बताया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है.
अमेरिका: ओहायो के हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, उपद्रवियों ने पत्थर मारकर तोड़े शीशे; जांच में जुटी एजेंसियां---Shree Swaminarayan Vadtaldham Hindu Temple in Ohio Attack, Windows Shattered; Police Investigation
Varanasi News: भृगु नारायण बने इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के नए अध्यक्ष
Bhrigu Narayan becomes the new President of the Indo-American Chamber of Commerce
अमेरिका में मृत्युदंड का तमाशा, जिंदा बची महिला कैदी
उसे दो प्राणघातक इंजेक्शन दिए गए. लेकिन पाइक बच गई. अब सजा के तरीके और पाइक के भविष्य पर बहस शुरू हो गई है.
ट्रंप : टैरिफ की वजह से अमेरिका में लौट रही मैन्युफैक्चरिंग
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टैरिफ नीतियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग की नौकरियां और फैक्ट्रियां वापस लाने का श्रेय दिया है। उनका कहना है कि विदेशी कंपनियों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा से अमेरिकी उद्योगों को सुरक्षा देने की वजह से देश में मैन्युफैक्चरिंग फिर से तेजी पकड़ रही है।
इस साल शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर गोपालगंज में आस्था, कला और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिले के प्रसिद्ध राजा दल पूजा समिति द्वारा इस बार अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के प्रतिरूप में एक विशाल और आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। यह भव्य पंडाल 120 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 80 लाख रुपए खर्च करने का अनुमान राजा दल पूजा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन पर करीब 80 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। पंडाल के भीतर माँ दुर्गा की प्रतिमा भी बेहद खास और अलौकिक होगी। यहां भगवती जगदम्बा 18 फीट ऊंचे विशाल शेर पर सवार होकर महिषासुर का वध करती हुई जीवंत मुद्रा में दृष्टिगोचर होंगी। प्रतिमा का निर्माण कार्य अत्यंत बारीकी और भक्तिभाव से किया जा रहा है। पंडाल और प्रतिमा निर्माण के लिए विशेष रूप से कोलकाता से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है, जो पिछले एक महीने से दिन-रात निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। पंडाल के निर्माण में 5 हजार से अधिक बांस, 2 हजार स्क्वायर फीट लकड़ी, 8 पिकअप यानी करीब 800 बंडल थर्मोकोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल की विद्युत सज्जा उत्तर प्रदेश के तमकुही स्थित जायसवाल लाइट द्वारा की जाएगी, जो अपनी झिलमिलाती रोशनी से पूरे परिसर को अलौकिक रूप देगी। वहीं, पूरे परिसर और प्रतिमा की सजावट का जिम्मा देवरिया जिले की टीम को सौंपा गया है। इसमें प्राकृतिक ओरिजिनल और आर्टिफिशियल फूलों का बेहतरीन संयोजन कर भव्य सजावट की जाएगी। मौके से आई तस्वीरें…. सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगेंगे 25 CCTV कैमरे मेले में उमड़ने वाली अपार भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।भीड़ नियंत्रण के लिए 50 से 60 आईकार्ड धारी वालंटियर्स तैनात रहेंगे। जबकिसुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए 50 गुप्त वालंटियर्स भी मुस्तैद रहेंगे। यह संपूर्ण भव्य कार्य राजा दल पूजा समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद गुप्ता, सचिव शंभू प्रसाद, उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, सजावट निर्देशक विनोद जायसवाल तथा सक्रिय सदस्य प्रेम चंद्र आर्या की कुशल देखरेख और अहम भूमिका में संपन्न हो रहा है। समिति का दावा है कि यह पंडाल इस बार पूरे क्षेत्र में आकर्षण और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।
ट्रंप : पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन पोलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस बनाने पर विचार कर रहा है। टेक्सास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने विदेश नीति से लेकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था तक कई मुद्दों पर बात की।
अमेरिका की स्टार एलायंस कंपनी का हिस्सा बताकर स्टार लिंक फाइनेंस में निवेश के नाम पर करीब पांच लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है।
अमेरिका ट्रेड डील खेती के लिए खतरनाक : उगराहां
अमृतसर| भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की बैठक जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह ढंगाई की अध्यक्षता में हुई। इसमें पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने 5 अक्टूबर को पंजाब के सभी डीसी दफ्तरों का घेराव करने का ऐलान किया। उगराहां ने कहा कि संगठन 13 मुख्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित टैक्स-फ्री व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की। बैठक में 5 अक्टूबर के प्रदर्शन में किसानों, मजदूरों और महिलाओं की भारी भागीदारी का फैसला लिया गया।
Bhadohi News: 2017 में भदोही की डिजाइन ने अमेरिका-चीन को पछाड़ कर जीता था अवाॅर्ड
In 2017, Bhadohi's design won the award, beating out the US and China.
म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक अमेरिका से वीसी के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। इसके बाद अगली सुनवाई 23 अक्टूबर तय की गई।
बचपन में कहते थे कि जमीन को खोदो तो दूसरी तरफ अमेरिका में निकलोगे। दुनिया तो गोल है लेकिन मैप को जूम करके देखें तो अमेरिका एकदम पश्चिम में नजर आता है। आज बात उसी अमेरिका के लोकतांत्रिक पहलू और वहां के चुनाव की करेंगे। अमेरिका में होने वाला मध्यावधि चुनाव भारत के मध्यावधि चुनाव से बिल्कुल अलग होता है और भारत में कोई सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती तो मध्य अवधि चुनाव होता है लेकिन अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की वजह ऐसी नहीं है। सबसे बड़ी बात ये है की चुनाव में मौजूद राष्ट्रपति ट्रंप की पार्टी हार भी जाती है और संसद में अल्पमत में भी जाती है तो भी जो राष्ट्रपति बने रहेंगे और अमेरिका के इस मध्यावधि चुनाव से जुड़ी ऐसी कई दिलचस्प जानकारी है जो आज आपको बताएंगे और इस चुनाव का विश्लेषण भी करेंगे क्योंकि इस चुनाव का असर ना केवल अमेरिका पर बल्कि पुरी दुनिया पर भी हो सकता है। चूंकि इस बार चा चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में आया है। इसी वजह से इसे मिड टर्म इलेक्शन के नाम से जाना जाता है। आज हम अमेरिका के मिड टर्म इलेक्शन की पूरी कहानी को समझेंगे। संसद के चुनाव से राष्ट्रपति की कुर्सी पर क्या असर पड़ता है? इसे भी पढ़ें: जान दांव पर लगा भारतीय पायलट ने छुड़ाया हाईजैक विमान! एक लाईन से नेतन्याहू-ट्रंप सब ने ठोका सलाम भारतीय संसद से कितना अलग? हिंदुस्तान में कानून बनाने वाले सबसे बड़े संस्था संसद है जिसे विधायक का भी कहते हैं। संसद के हिस्से हैं। पहला लोकसभा जिसे निचला सदन कहते हैं और दूसरा राज्यसभा जिसे ऊपरी सदन कहते हैं। लोकसभा के सदस्य का कार्यकाल 5 साल का होता है। वही राज्यसभा कभी भंग नहीं होती और इसके सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है। इसी तरह अमेरिका में संसद को अमेरिकी कांग्रेस कहा जाता है और अमेरिकी कांग्रेस भी दो हसन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बंटा होता है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 435 मेंबर होते हैं। हर मेंबर का कार्यकाल सिर्फ दो साल का होता है। सीटों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है। दूसरे सदन को सीनेट बोलते हैं। इसके सदस्यों की संख्या 100 है। कार्यकाल 6 बरस का होता है। हर दो बरस में एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल पूरा होता है और फिर चुनाव होता है। अमेरिका में कुल 50 राज्य हर राज्य से दो सेनेटर चुने जाते हैं। सीटों के बंटवारे में जनसंख्या की भूमिका यहां नहीं होती। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के ठीक मध्य में होने वाले ये चुनाव प्रशासन के एजेंडे पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के रूप में काम करेंगे। सभी 50 राज्यों में करोड़ों अमेरिकी मतदाता वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को तय करने के लिए मतदान करेंगे, जिससे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और अमेरिकी सीनेट दोनों के नियंत्रण का फैसला होगा। कैपिटल हिल के गलियारों से परे 2026 के मध्यावधि चुनाव राज्यों में कार्यकारी शक्ति को भी नया रूप देंगे। इस दौरान 36 राज्यों के गवर्नर पदों, दर्जनों राज्य अटॉर्नी जनरल, सेक्रेटरी पदों और राज्य विधानमंडलों के सदनों का भविष्य भी दांव पर होगा। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव (मिडटर्म इलेक्शन) क्या होते हैं? संसदीय व्यवस्थाओं के विपरीत, जहाँ प्रधानमंत्री अपनी सुविधानुसार चुनाव करवा सकते हैं या संसद भंग कर सकते हैं, अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद I और II के तहत राष्ट्रीय चुनावों का एक निश्चित और अटल कार्यक्रम तय है। मध्यावधि चुनाव वे आम चुनाव हैं जो अमेरिका में हर चार साल में होते हैं और ये राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक आधे समय पर आयोजित किए जाते हैं। हालांकि मध्यावधि चुनाव वाले साल में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान नहीं होता है, लेकिन संघीय और राज्य स्तर की सत्ता के लगभग सभी अन्य महत्वपूर्ण पदों के लिए चुनाव होते हैं: प्रतिनिधि सभा: प्रतिनिधि सभा की सभी 435 वोटिंग सीटों पर हर दो साल में चुनाव होते हैं। प्रतिनिधियों का कार्यकाल दो साल का होता है, जिसका अर्थ है कि सभी 50 राज्यों के हर एक निर्वाचन क्षेत्र (डिस्ट्रिक्ट) को संसद में अपनी विधायी आवाज़ चुननी होगी। अमेरिकी सीनेट: सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है, जिन्हें तीन चुनावी वर्गों (Classes) में विभाजित किया गया है। सीनेट के लगभग एक-तिहाई हिस्से पर हर दो साल में चुनाव होते हैं। 2026 में, मतदाता क्लास 2 से संबंधित 33 नियमित सीटों के साथ-साथ अधूरे कार्यकाल को भरने के लिए होने वाले विशेष चुनावों पर भी फैसला करेंगे। गवर्नर पद के चुनाव: 36 राज्यों और तीन अमेरिकी क्षेत्रों (टेरिटरीज़) के कार्यकारी प्रमुख (गवर्नर) चुनाव का सामना करेंगे। गवर्नरों का राज्य के बजट, न्यायिक नियुक्तियों, कानून व्यवस्था, शिक्षा और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य नीतियों पर व्यापक प्रभाव होता है। राज्य विधानमंडल और स्थानीय प्रशासनिक पद: राज्य सीनेट और राज्य प्रतिनिधि सभा की हज़ारों सीटों पर चुनाव होंगे। इसके साथ ही सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (अधिकांश राज्यों में मुख्य चुनाव अधिकारी) और अटॉर्नी जनरल (मुख्य कानून प्रवर्तन अधिकारी) जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी दांव पर होंगे। बैलेट: दर्जनों राज्यों के नागरिक संवैधानिक संशोधनों, वैधानिक बदलावों, कर प्रस्तावों, प्रजनन अधिकारों से जुड़े उपायों और मतदान अधिकारों से जुड़े कानूनों पर सीधे मतदान करेंगे। इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर Piyush Goyal और Jamieson Greer की बातचीत सीनेट की 'स्टैगर्ड' चुनाव व्यवस्था क्या है और यह कैसे काम करती है? अमेरिकी संविधान बनाने वालों ने सीनेट को एक स्थिर और लगातार काम करने वाली संस्था के तौर पर बनाया था। एक ही चुनाव में सभी सदस्यों के बदलने से रोकने के लिए, उन्होंने सीनेट को तीन अलग-अलग क्लास में बांटा: क्लास 1: 2024, 2030 और उसके बाद चुनाव के लिए। क्लास 2: 2026, 2032 और उसके बाद चुनाव के लिए। क्लास 3: 2022, 2028 और उसके बाद चुनाव के लिए। 2026 में, क्लास 2 की उन सीनेट सीटों पर चुनाव होगा जो मूल रूप से 2020 में चुनी गई थीं। क्योंकि क्लास 2 में ऐतिहासिक रूप से कड़े मुकाबले वाले 'स्विंग स्टेट्स' की ज़्यादा सीटें शामिल रही हैं, इसलिए 2026 का सीनेट मैप दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के लिए एक बहुत ही अनिश्चित और कड़े मुकाबले वाला मैदान है। ऐतिहासिक रूप से मिडटर्म चुनाव (मध्य-अवधि चुनाव) व्हाइट हाउस में काबिज़ राजनीतिक पार्टी के लिए एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती पेश करते हैं। राष्ट्रपति की पार्टी क्यों हारती है मध्यावधि चुनाव? जानिए क्या है 'मिडटर्म कर्स' अमेरिकी गृह युद्ध के बाद से मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी ने 90 प्रतिशत से ज़्यादा मिडटर्म चुनावों में हाउस की सीटें और ज़्यादातर चुनावों में सीनेट की सीटें गंवाई हैं। जानकार इस घटना को, जिसे अक्सर मिडटर्म कर्स या मिडटर्म पेनल्टी कहा जाता है, कई मुख्य वजहों से जोड़कर देखते हैं। विपक्षी पार्टी के वोटर आम तौर पर ज़्यादा राजनीतिक रूप से प्रेरित, नाराज़ और वोट देने के लिए ज़्यादा सक्रिय होते हैं, जबकि मौजूदा राष्ट्रपति का समर्थन करने वाले वोटर शायद निश्चिंत महसूस करते हों या कार्यकाल के दौरान किए गए समझौतों से असंतुष्ट हों। मिडटर्म चुनाव अनिवार्य रूप से देश के आर्थिक प्रदर्शन, लोगों की सोच (कंज्यूमर सेंटीमेंट), जीवन-यापन की लागत और प्रशासन के शुरुआती दो सालों में लिए गए फैसलों पर एक तरह का जनमत-संग्रह बन जाते हैं। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार द्वारा बनाया गया गठबंधन अक्सर सरकार चलाने के दौरान नीतिगत मतभेदों का सामना करता है, जिससे अलग-अलग वोटिंग समूहों के बीच वोटिंग की संख्या को ऊंचे स्तर पर बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव कैसे जीता जाता है? मिडटर्म चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रपति चुनाव अभियान की तुलना में बहुत अलग राजनीतिक रणनीतियों की ज़रूरत होती है। राष्ट्रपति चुनाव वाले वर्षों में वोटिंग आमतौर पर योग्य मतदाताओं के 60% से 66% के बीच होती है। इसके विपरीत, मिडटर्म चुनाव में वोटिंग ऐतिहासिक रूप से काफी कम हो जाती है, जो आमतौर पर 40% से 50% के बीच रहती है। वोटिंग कम होने के कारण, मतदाताओं का स्वरूप बदल जाता है। ज़्यादा उम्र के अमेरिकी, जो चुनाव के साल की परवाह किए बिना लगातार बड़ी संख्या में वोट करते हैं, मिडटर्म चुनाव में मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा बन जाते हैं। कम उम्र के मतदाता, कम आय वाले परिवारों के लोग और नागरिकता पाने वाले लोग मिडटर्म चुनाव में कम संख्या में वोट करते हैं, जब तक कि उन्हें बहुत अच्छी तरह से संगठित ज़मीनी अभियानों या ज़रूरी मुद्दों के ज़रिए प्रेरित न किया जाए। जो भी पार्टी अपने निष्क्रिय समर्थकों को सक्रिय मिडटर्म मतदाताओं में बदलने में सफल होती है, उसे चुनाव के दिन एक बड़ा संरचनात्मक फ़ायदा मिलता है। अमेरिकी राजनीतिक गठबंधनों में भी बड़े बदलाव होते रहते हैं। कॉलेज-शिक्षित मतदाता खासकर उपनगरीय इलाकों में तेज़ी से डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के साथ जुड़ रहे हैं, जबकि ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में बिना कॉलेज-शिक्षा वाले मज़दूर वर्ग के मतदाता रिपब्लिकन की ओर तेज़ी से झुके हैं। इस बीच, मज़दूर वर्ग के हिस्पैनिक, अफ़्रीकी-अमेरिकी और एशियाई-अमेरिकी पुरुषों ने अलग-अलग क्षेत्रों में वोटिंग के बदलते रुझान दिखाए हैं, जिससे राजनीतिक अभियान योजनाकारों के लिए पारंपरिक जनसांख्यिकीय अनुमान कम भरोसेमंद हो गए हैं। बिना किसी पार्टी से जुड़े स्वतंत्र मतदाता, जो कई राज्यों में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राजनीतिक समूह हैं, उपनगरीय हाउस और सीनेट क्षेत्रों में कड़े मुक़ाबले वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हाल के सालों में राज्यों की विधानसभाओं ने वोटिंग से जुड़े कानूनों में अहम बदलाव किए हैं, जिससे अमेरिकियों के वोट डालने का तरीका बदल गया है: अर्ली वोटिंग (समय से पहले वोटिंग) का समय: ज़्यादातर राज्य 3 नवंबर को होने वाले आधिकारिक चुनाव दिवस से पहले कई दिनों या हफ़्तों तक व्यक्तिगत रूप से अर्ली वोटिंग की सुविधा देते हैं। मेल-इन और एब्सेंटी बैलेट (डाक से वोटिंग): बिना किसी खास कारण के मेल-इन वोटिंग, हस्ताक्षर की जांच, ड्रॉप-बॉक्स की सुविधा और बैलेट मिलने की समय-सीमा से जुड़े नियम हर राज्य में अलग-अलग होते हैं। वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा का समय: क्योंकि राज्य मेल-इन और अर्ली बैलेट की प्रक्रिया अलग-अलग समय-सीमाओं के तहत पूरी करते हैं, इसलिए कड़े मुकाबले वाले चुनावों में खासकर कैलिफ़ोर्निया, एरिज़ोना और नेवादा जैसे राज्यों में अंतिम नतीजों की पूरी गिनती में कई दिन लग सकते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर Piyush Goyal और Jamieson Greer की बातचीत अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026: क्या उम्मीद की जा सकती है? 2026 के मध्यावधि चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि 2028 तक अमेरिका की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी और इससे 120वीं अमेरिकी कांग्रेस के लिए सत्ता का बुनियादी ढांचा भी तय होगा। अगर रिपब्लिकन दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखते हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के पास बजट पैकेज पास करने, टैक्स कानूनों में बदलाव करने और जजों की नियुक्ति को मंज़ूरी दिलाने के लिए कानून बनाने का साफ़ रास्ता होगा। इसके विपरीत, यदि डेमोक्रेट कांग्रेस के किसी भी सदन पर कब्जा कर लेते हैं, तो वाशिंगटन में विभाजित सरकार का युग शुरू हो जाएगा: हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत होने पर: डेमोक्रेट हाउस की सभी समितियों पर नियंत्रण कर लेंगे, जिससे उन्हें सम्मन जारी करने, कार्यकारी शाखा के निर्णयों की निगरानी करने, प्रतिस्पर्धी संघीय बजट विधेयक तैयार करने और एकतरफा विधायी पहलों को रोकने का पूर्ण अधिकार प्राप्त हो जाएगा। सीनेट में बहुमत होने पर: डेमोक्रेट न्यायिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को नियंत्रित करेंगे, जिससे उन्हें संघीय जिला न्यायालयों, अपीलीय न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायिक उम्मीदवारों को रोकने या विलंबित करने की शक्ति प्राप्त होगी, साथ ही कार्यकारी शाखा की नियुक्तियों की भी गहन जांच करने का अधिकार होगा। आखिर में सबसे बड़ी बात... 2026 के ये मध्यावधि चुनाव सिर्फ संसद के नियंत्रण की जंग नहीं हैं, बल्कि यह 2028 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का आधिकारिक लॉन्चिंग पैड भी साबित होंगे। अहम स्विंग और बैटलग्राउंड राज्यों में एकतरफा जीत दर्ज करने वाले गवर्नर रातों-रात 2028 की राष्ट्रपति रेस के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरेंगे। वहीं, जो सीनेटर या राष्ट्रीय नेता उपनगरीय और कामकाजी वर्ग के वोटरों में अपनी मजबूत पकड़ साबित करेंगे, 2028 के प्राइमरी घमासान से पहले उनका पलड़ा सबसे भारी हो जाएगा। यानी 3 नवंबर की यह रात सिर्फ आज का फैसला नहीं करेगी, बल्कि तय करेगी कि अगले चार साल बाद व्हाइट हाउस की चाबी किसके हाथ में होगी!
अमेरिका पहुंचने के लिए कथित अवैध प्रवासी मार्ग का इस्तेमाल करने के दौरान इथियोपिया में लापता हुए गुजरात के तीन निवासी भारत लौट आए हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी मुंबई पहुंच चुके हैं और अपने गृह जिले मेहसाणा के लिए रवाना हो गए हैं।
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
पठानकोट की कलानौर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अत्यधिक घातक ग्लॉक पिस्तौल समेत कुल सात अवैध पिस्तौल और आठ मैगजीन की बड़ी खेप बरामद की है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार तस्कर केवल स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय नहीं थे, बल्कि उनके तार सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं। इस गिरोह को दुबई में बैठा एक हैंडलर पीछे से बैकवर्ड सपोर्ट दे रहा था। वहीं अमेरिका में बैठा एक अन्य प्रमुख आका आगे के लिंक (फॉरवर्ड लिंकेज) संभाल रहा था। उसके सीधे निर्देशों पर आरोपी भारत में अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर विभिन्न आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने इस पूरे अंतरराष्ट्रीय-अंतरराज्यीय नेक्सस की जड़ें खंगालने के लिए थाना कलानौर में प्राथमिकी दर्ज कर गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। 7 अवैध हथियार और 8 मैगजीन जब्तडीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक ग्लॉक पिस्तौल, .30 बोर के 6 पिस्तौल और 8 मैगजीन शामिल हैं। दुबई और अमेरिका से जुड़े हैं तारडीजीपी गौरव यादव की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हुए हैं। इनके बैकवर्ड लिंकेज दुबई स्थित एक व्यक्ति से पाए गए हैं। वहीं, आरोपियों के संबंध अमेरिका में बैठे एक व्यक्ति से भी जुड़े हैं, जो उन्हें भारत में अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करने व सप्लाई करने के निर्देश दे रहा था। पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिसडीजीपी गौरव यादव के मुताबिक इस संबंध में थाना कलानौर में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। इस पूरे तस्करी नेटवर्क, फंडिंग और भारत में इनके अन्य साथियों (फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज) का पर्दाफाश करने के लिए मामले की गहराई से जांच जारी है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि वह राज्य में अवैध हथियारों के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने और पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
Varanasi News: बीएचयू के डॉक्टर ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया में पूरी की फेलोशिप
BHU doctor completes fellowship at the University of Pennsylvania in the US.
पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी एप्पल टेक-सपोर्ट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को वायरस का डर दिखाकर गिफ्ट कार्ड खरीदने के लिए मजबूर करता था और उनके पैसे ठगता था।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
साइबर क्राइम यूनिट पुलिस और जयपुर वेस्ट पुलिस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिंदायका थाना क्षेत्र में चल रहे इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर, एक्सटेंशन बोर्ड सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सिरसी रोड स्थित मंगलम ग्रांड रेजीडेंसी के फ्लैट से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यहां से अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही थी। एप्पल कस्टमर सपोर्ट के नाम पर ठगी डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया- जांच में सामने आया कि आरोपी फेक एप्पल कस्टमर सपोर्ट और टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। आरोपियों की ओर से अमेरिका में संभावित ग्राहकों को SMS और मैसेज भेजे जाते थे। इसके बाद एप्पल प्रोडक्टस और सर्विस से जुड़े प्री अप्रूव्ड चार्ज के नाम पर 399, 499, 699 अमेरिकी डॉलर और अन्य राशि के शुल्क स्वीकृत/प्रोसेस कराकर ठगी की जाती थी। 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल जब्त पुलिस टीम ने फ्लैट से 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर, एक्सटेंशन बोर्ड सहित अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 14 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में केस एसपी आदित्य पुनियां ने बताया- पुलिस ने मामले में गोहील निकुंज, वाहिद, रहीस, इरशाद, मोहम्मद इनाम हुसैन चौधरी, सौरभ शर्मा, निशिथ, मानस खटनीयार, अक्षय नारायण भाई पटेल, श्रेय भारद्वाज, गगन पाल, शिवम प्रजापति, देव नदाल और दर्पण को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और टेलीग्राफ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई में बिंदायका थाना पुलिस, जयपुर वेस्ट DST और राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की तीन टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। टीमों ने साइबर अपराध से जुड़ी सूचनाएं जुटाकर संदिग्ध फ्लैट की निगरानी की और इसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अब जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल की तकनीकी जांच के जरिए विदेशी पीड़ितों की संख्या, ठगी की कुल रकम, कॉलिंग नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
यूपी: ताजमहल की पच्चीकारी पर मुग्ध हुआ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, पत्नी संग डायना बेंच पर कराया फोटोशूट
ताजमहल की पच्चीकारी देख हुए मुग्ध, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की। बैठक में AI की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गूगल, एंथ्रोपिक, मेटा, ओपनएआई, X-AI और एनवीडिया के CEO ने एक समझौते पर साइन किए। इस दौरान ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल यानी बनावटी कहना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने कहा कि AI की दौड़ अब अमेरिका और चीन के बीच है और फिलहाल अमेरिका इस मुकाबले में आगे चल रहा है। उन्होंने पिछले हफ्ते UN महासभा में पहली बार AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहा था। समझौते में कंपनियों ने 4 बातें मानने पर सहमति दी 1. अपने AI सिस्टम की खुद जांच करेंगी: कंपनियां खुद जांचेंगी कि उनके AI मॉडल सुरक्षा के तय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2. अलग टीम निगरानी करेगी: कंपनियां एक टीम बनाएंगी, जो AI सिस्टम की निगरानी करेगी और यह देखेगी कि कहीं कोई खतरा या गड़बड़ी तो नहीं है। 3. बाहर के विशेषज्ञ भी जांच करेंगे: कंपनियां अपने AI मॉडल की जांच बाहरी विशेषज्ञों या किसी स्वतंत्र संस्था से भी कराएंगी। 4. कंपनी का बोर्ड भी नजर रखेगा: कंपनियों के बोर्ड की एक स्वतंत्र समिति इन जांच रिपोर्टों को देखेगी। अगर कोई समस्या सामने आती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी होगी। ट्रम्प ने टेक कंपनियों से कहा- डेटा सेंटर बनाने में स्थानीय लोगों को साथ लें बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प के मुताबिक, डेटा सेंटर बनाने से पहले कंपनियों को स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि इन प्रोजेक्ट्स का फायदा वहां रहने वाले लोगों को भी मिल सके। AI के लिए डेटा सेंटर इतने जरूरी क्यों हैं? हम जिस AI से सवाल पूछते हैं, उसके पीछे हजारों-लाखों शक्तिशाली कंप्यूटर काम करते हैं। ये बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। इसलिए AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ेगी। जुकरबर्ग बोले- लोगों को AI पर भरोसा होना जरूरी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि AI तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। अमेरिका-चीन की AI रेस में 4 मोर्चे पर मुकाबला 1. चिप्स: AI का दिमागAI को चलाने के लिए बहुत ताकतवर चिप्स चाहिए। जिसके पास बेहतर और ज्यादा चिप्स होंगे, वह बड़े और तेज AI सिस्टम बना सकेगा। 2. डेटा सेंटर: जहां AI चलता हैAI को चलाने वाले हजारों कंप्यूटर बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ रही है। 3. बिजली: AI को चलाने के लिए ईंधनडेटा सेंटर बहुत ज्यादा बिजली खाते हैं। इसलिए AI की रेस में सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, पर्याप्त और लगातार बिजली मिलना भी जरूरी है। 4. AI मॉडल: किसका AI ज्यादा काम का?आखिर में मुकाबला इस बात का भी है कि कौन ज्यादा तेज, समझदार और मुश्किल काम करने वाला AI मॉडल बना सकता है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में कॉलेज की प्रधानगी की रंजिश में गुरप्रीत की हत्या के बाद फरार हुए कर्ण और जशनदीप ने पुलिस से बचने के लिए सिर्फ ठिकाना नहीं बदला, बल्कि देश से बाहर निकलने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। दोनों दिल्ली से नेपाल पहुंच गए थे। नेपाल उनके लिए मंजिल नहीं, बल्कि आगे विदेश जाने का रास्ता था। यहां से पहले दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने और उसके बाद डंकी के जरिए अमेरिका पहुंचने की तैयारी थी। दोनों आरोपियों को नेपाल से बाहर निकलने की तैयारी के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया। इस मामले में अब पुलिस ने दो ऐसे दोस्तों को भी गिरफ्तार किया है। जिन पर आरोपियों को फरार होने में मदद करने का आरोप है। पैसे से पहुंचाई मदद पुलिस के मुताबिक, मनीष कुमार निवासी कैंथला और शुभम निवासी धनीरामपुरा ने आरोपियों को पैसे दिए। उनके अकाउंट में रकम डाली गई और कैश भी दिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हत्या के बाद आरोपियों की फरारी से लेकर विदेश निकलने की तैयारी तक इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े थे। हत्या के बाद नेपाल पहुंचे 14 सितंबर की रात पिहोवा में गुरप्रीत और उसके भाई गगनदीप पर हमला करने के बाद कर्ण और जश्नदीप फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों पहले दिल्ली पहुंचे। यहां से अपने साथी आशीष के साथ नेपाल चले गए। दोनों नेपाल में रुकने के लिए नहीं गए थे। नेपाल से आगे निकलने की तैयारी थी। डंकी से अमेरिका जाने का प्लान दोनों पहले नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने में लगे थे। इसके बाद दुबई या किसी दूसरे देश का वीजा लेने की तैयारी थी। आगे इसी रास्ते से डंकी लगाकर अमेरिका पहुंचने का प्लान था। आरोपियों ने हत्या के बाद भागने की तैयारी अचानक नहीं की, बल्कि देश से बाहर निकलने के लिए अलग-अलग पड़ाव तय कर रखे थे। बॉर्डर पर पकड़ा साथी कुरुक्षेत्र पुलिस को इनपुट मिला कि हत्या के दोनों आरोपी नेपाल बॉर्डर के पास हैं और वहां से आगे निकलने की तैयारी में हैं। सीआईए-2 की टीम ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने पहले आशीष को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि कर्ण और जशनदीप नेपाल में एंट्री के कागज तैयार कराने गए हैं और कुछ देर में वापस आएंगे। पुलिस ने आते ही किए गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने दोनों का इंतजार किया। जैसे ही कर्ण और जश्नदीप वापस पहुंचे, टीम ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद नेपाल और भूटान पुलिस से भी संपर्क कर उनकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। दो दोस्तों पर पैसा देने का आरोप मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी फरारी में मदद करने वालों की कड़ी जोड़नी शुरू की। जांच में मनीष कुमार और शुभम के नाम सामने आए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए-2 इंचार्ज मंदीप सिंह के अनुसार, आरोप है कि दोनों ने कर्ण और जशनदीप की आर्थिक मदद की। अकाउंट में पैसे डालने के साथ उन्हें कैश भी दिया गया। कॉलेज की प्रधानगी बनी वजह पुलिस जांच में हत्या की वजह कॉलेज में चल रही रंजिश सामने आई है। गुरप्रीत का भाई गगनदीप और आरोपी कर्ण व जशनदीप एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। दोनों अलग-अलग छात्र ग्रुप से जुड़े हुए थे। कॉलेज की प्रधानगी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर रंजिश थी। 14 सितंबर की रात पिहोवा चौक के पास रास्ता देने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्ष मेन बाजार की तरफ पहुंचे। वहां गाली-गलौज के बाद आरोपियों ने गाड़ी रोककर तलवार से हमला कर दिया। हमले में गगनदीप और गुरप्रीत घायल हुए थे। इलाज के दौरान 19 सितंबर को गुरप्रीत की मौत हो गई।
Rohtak News: अमेरिकी लोगों से ठगे थे एक लाख डॉलर, वियतनाम-इस्राइल तक जुड़े तार
अमेरिकी लोगों से ठगे थे एक लाख डॉलर, वियतनाम-इस्राइल तक जुड़े तार
Bijnor News: अमेरिकी टीम ने बिंदल चीनी मिल की तकनीकी दक्षता देखी
American team inspected the technical efficiency of Bindal Sugar Mill
जयपुर में संपत्ति विवाद को लेकर छोटे भाई ने बड़े की हत्या कर दी। मंगलवार की सुबह श्याम बगानी (65) मंदिर के लिए निकले थे जब घर से कुछ ही दूरी पर रास्ते में छोटे भाई मुरली बगानी (58) ने उन पर हमला कर दिया। मंदिर जाते समय आरोपी ने पहले भाई से झगड़ा किया उसके बाद उनपर लकड़ी से वार किया और फिर चाकू से अटैक कर दिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे बनीपार्क थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बनीपार्क थाना SHO सुरेश यादव ने बताया कि श्याम बगानी सुबह मंदिर जाने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही वे घर के बाहर पहुंचे, आरोपी ने स्कूटी रोककर पहले झगड़ा किया, उसके बाद लकड़ी से वार कर दिया। फिर चाकू से हमला बोल दिया। हमले के बाद घायल हुए श्याम बगानी को सवाई मानसिंह हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। पैतृक संपत्ति को लेकर चल रहा था विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बड़े भाई द्वारा संपत्ति में हिस्सा नहीं देने को लेकर दोनों के बीच विवाद था। इसी विवाद के चलते हमला किए जाने की बात सामने आई है। अमेरिका में रहता था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी मुरली बगानी पहले अमेरिका के बेलीज सिटी में रहता था। उसकी पत्नी और बच्चे अभी अमेरिका में रहते हैं। करीब 11 महीने पहले अमेरिका में कारोबार में घाटा होने के बाद वह जयपुर आकर रहने लगा था। आरोपी का अपना कारोबार भी बताया जा रहा है। श्याम बगानी का घर संत कंवर राम पार्क के पीछे सिंधी कॉलोनी बनी पार्क थाना क्षेत्र में है। घटना घर से महज 300 मीटर दूर राम पार्क के सामने वाली सड़क की है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और हत्या के पीछे संपत्ति विवाद के अलावा अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। …. ये खबर भी पढ़ें… पेंशन-फसल के पैसे नहीं देने पर दादा को मार डाला:पोते ने कुल्हाड़ी-लाठी से किए वार, बेटे ने घर से 500 मीटर दूर फेंका शव पेंशन और फसल के पैसे नहीं देने के विवाद में पोते ने कुल्हाड़ी-लाठी से वार कर दादा की हत्या की थी। दादा रिटायर्ड हेड कॉन्स्टेबल था। हत्या के बाद आरोपी मौके से CCTV और डीवीआर निकालकर फरार हो गया था। पूरी खबर पढ़िए …
बीस लाख खर्च कर पत्नी को भेजा अमेरिका: सास-ससुर ने धोखे से तलाक के कागजों पर करवाए साइन, अब केस दर्ज
पत्नी को अमेरिका भेजने के लिए 20 लाख रुपये खर्च करने के बाद पति से धोखे से तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर करवाने के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया है।
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
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अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में छेड़छाड़ की। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट शामिल है। ओपनएआई ने इसकी जानकारी दी। हालांकि इस छेड़छाड़ से किसी तरह का कोई नकुसान नहीं हुआ। एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। कंपनी ने कहा कि AI एजेंट का मकसद सरकारी वेबसाइट से सटीक जानकारी जुटाना था। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा की वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे एजेंट ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन एआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में एक्सेस बना लिया। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक, व्यापार विभाग की वेबसाइट शामिल है। ये खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है। दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। AI रिसर्च नॉन-प्रॉफिट 'ट्रांसल्यूस' के अनुसार… एआई एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हो सके। सरकारी एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने सफाई दी है। SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा।
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
हार्वर्ड-स्टैनफर्ड नहीं... MIT है अमेरिकी नंबर वन कॉलेज, जानिए आइवी लीग कॉलेजों की रैंक
यूएस न्यूज बेस्ट कॉलेज 2027 रैंकिंग में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रिंसटन के 15 साल के वर्चस्व को खत्म कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सभी 8 आइवी लीग कॉलेज लिस्ट में शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
बिहार के नीरज को अमेरिका में मिली 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, पिता चलाते हैं पान की दुकान
सारण जिले के नीरज को अमेरिका में करीब 2.6 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर PhD कर रहे हैं। बिहार के छोटे से गांव से अमेरिका तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष की अच्छी मिसाल है।
पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
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अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान और विदेश मंत्री जाएंगे अमेरिका, ट्रंप ने दे दिया वीजा! - ABP News
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अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
आज की इस भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में खुद को तंदुरुस्त और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के सप्लीमेंट्स, जिम वर्कआउट और हाई-प्रोटीन डाइट का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से पश्चिमी देशों और अमेरिका में यह माना जाता है कि यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल कर लिया जाए, तो शरीर की सारी कमजोरियां दूर हो जाती हैं और ऊर्जा का स्तर हमेशा उच्च बना रहता है। लेकिन हाल ही में अमेरिका के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान 'सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) द्वारा जारी की गई एक बेहद चौंकाने वाली और व्यापक रिपोर्ट ने इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। सीडीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 71.5 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो भरपूर मात्रा में प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व लेने के बाद भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती और शारीरिक कमजोरी का शिकार रहते हैं। यह आंकड़ा न केवल आम नागरिकों के लिए बल्कि आधुनिक चिकित्सा जगत और पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। इस आलेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर भरपूर प्रोटीन लेने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर लोग क्रोनिक थकान और ऊर्जा की कमी का सामना क्यों कर रहे हैं, और इसके पीछे छिपे असली वैज्ञानिक व जीवनशैली से जुड़े कारण क्या हैं।प्रोटीन का सेवन बनाम शरीर की ऊर्जा: क्या सिर्फ प्रोटीन खाने से ही मिल जाती है एनर्जी?आम तौर पर लोगों के मन में यह भ्रम बैठा हुआ है कि यदि वे अपने रोजाना के खाने में चिकन, अंडे, प्रोटीन पाउडर, पनीर या अन्य हाई-प्रोटीन स्रोतों को शामिल कर लेते हैं, तो उनका शरीर स्वतः ही ऊर्जा से भर जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानव शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolism) और ऊर्जा उत्पादन का तंत्र केवल एक पोषक तत्व यानी प्रोटीन पर निर्भर नहीं करता है। जब कोई व्यक्ति अपनी डाइट में अत्यधिक प्रोटीन तो जोड़ लेता है, लेकिन साथ ही जरूरी विटामिंस (जैसे विटामिन बी12, विटामिन डी), आयरन, सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट और पर्याप्त हाइड्रेशन की अनदेखी करता है, तो शरीर उस प्रोटीन को पूरी तरह पचाने और ऊर्जा में बदलने में असमर्थ हो जाता है। इसके अलावा, आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में लोग फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जिससे शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि सिर्फ मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (Protien, Fats, Carbs) की मात्रा पूरी कर लेने मात्र से ही कोई व्यक्ति अंदर से स्वस्थ या ऊर्जावान महसूस नहीं कर सकता, जब तक कि शरीर की कोशिकीय स्तर पर पोषण संबंधी जरूरतें पूरी न हो रही हों।नींद की कमी और मानसिक तनाव: थकान का सबसे बड़ा और अनदेखा कारणसीडीसी की इस व्यापक रिपोर्ट में इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है कि शारीरिक थकान का सीधा संबंध केवल भोजन या डाइट से ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे आधुनिक युग की सबसे बड़ी बीमारियां—नींद की कमी (Sleep Deprivation) और मानसिक तनाव (Chronic Stress)—मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। आज के समय में कॉर्पोरेट कल्चर, नाइट शिफ्ट्स, और रातभर मोबाइल स्क्रीन या लैपटॉप के सामने समय बिताने के कारण लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जब शरीर को रात में गहरी और कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद नहीं मिलती, तो शरीर के हारमोनल संतुलन में भारी गड़बड़ी पैदा हो जाती है। कोर्टिसोल (Cortisol) यानी तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ने से शरीर हमेशा 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में रहता है, जिससे मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र लगातार थका हुआ महसूस करते हैं। आप चाहे दुनिया का सबसे महंगा प्रोटीन शेक पी लें या सबसे बेहतरीन डाइट फॉलो कर लें, लेकिन यदि आपकी नींद पूरी नहीं है और आप मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं, तो आपके शरीर की कोशिकाएं कभी भी तरोताजा महसूस नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भी करोड़ों लोग अंदर से पूरी तरह खोखले और थके हुए महसूस कर रहे हैं।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) और खराब पाचन तंत्र की भूमिकाथकान और सुस्ती के इस महामारी जैसे फैलने के पीछे एक और बहुत बड़ा कारण हमारी आधुनिक शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) है। आजकल अधिकांश नौकरियां ऐसी हो गई हैं जिनमें लोगों को लगातार 8 से 10 घंटे अपनी कुर्सी या डेस्क पर बैठकर बिताना पड़ता है। शारीरिक रूप से कोई मेहनत न होने के कारण शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुस्त हो जाता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और खाया हुआ भोजन सही ढंग से पच नहीं पाता। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इस बात को मानते हैं कि जब तक आपका पाचन तंत्र (Digestive System) मजबूत और सक्रिय नहीं है, तब तक आप चाहे कितना भी पौष्टिक भोजन या प्रोटीन क्यों न खा लें, आपके शरीर को उसकी सही ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकती। अपच, कब्ज और आंतों (Gut Health) से जुड़ी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा देती हैं, जिससे लगातार सुस्ती, सिरदर्द और भारीपन बना रहता है। सीडीसी की रिपोर्ट इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करती है कि जब तक लोग अपनी दिनचर्या में व्यायाम, वॉक और शारीरिक श्रम को शामिल नहीं करेंगे, तब तक केवल डाइट बदलने से थकान की इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता।निष्कर्ष: इस समस्या से बाहर निकलने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव जरूरी हैं?सीडीसी की यह रिपोर्ट हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी और आंखें खोलने वाला संदेश है। यह हमें यह सिखाती है कि स्वास्थ्य केवल जिम जाने या सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले किसी एक फिटनेस ट्रेंड को फॉलो करने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र संतुलन (Holistic Balance) है जिसमें सही खानपान, पर्याप्त नींद, मानसिक शांति और सक्रिय जीवनशैली का होना अनिवार्य है। यदि आप भी अक्सर खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो सिर्फ प्रोटीन का सेवन बढ़ाने के बजाय अपनी नींद के पैटर्न को सुधारें, पानी की मात्रा बढ़ाएं, योग या मेडिटेशन को अपनाएं और डॉक्टर से सलाह लेकर अपने शरीर में विटामिंस व मिनरल्स की जांच करवाएं। आधुनिक दुनिया की इस अंधी दौड़ में अपने शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना और समय रहते आवश्यक बदलाव करना ही एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की असली कुंजी है।
रूसी तेल पर 100% टैरिफ, अमेरिकी बिल से कैसे भारत की मुश्किल बढ़ सकती है? हर सवाल का जवाब - AajTak
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अमेरिका में कॉलेज छात्रों के लिए ‘किराये की मां’ जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सालाना करीब 1.5 लाख रुपये में छात्रों को देखभाल और पेरेंटिंग से जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं।
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
आईआईटी छात्र ने साउथ एशिया स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट जीता, अब अमेरिका में गाड़ेंगे झंडे
आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है।
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
IIT : आईआईटी के PhD स्कॉलर को 40 लाख का पैकेज, दूसरे छात्र ने अमेरिका में बजाया डंका
आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी शोधार्थी डॉ शत्रुघ्न ठाकुर को इटली की हंसा टीएमपी में डिजाइन इंजीनियर के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव मिला है। वे 40.65 लाख सालाना पे-पैकेज पर कार्य करेंगे।
अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर
यूएस ग्रीन कार्ड को लेकर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और बुरी खबर सामने आई है, जहां अमेरिकी वीजा बुलेटिन के अनुसार ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी पूरी तरह 'अनअवेलेबल' हो चुकी है।अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर?अमेरिका में सालों से परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड पाने का सपना देख रहे लाखों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों और उच्च कुशल कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) और आव्रजन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार-आधारित दूसरी श्रेणी यानी ईबी-2 (EB-2 - Employment-Based Second Preference) कैटेगरी को फिलहाल पूरी तरह से 'अनअवेलेबल' (Unavailable) यानी अनुपलब्ध घोषित कर दिया गया है। इस स्थिति का मतलब यह है कि चालू वित्त वर्ष के लिए इस श्रेणी के तहत तय किए गए कोटे के सारे वीजा पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी दूतावास या आव्रजन कार्यालय इस कैटेगरी में अब अगले आदेश या नए वित्त वर्ष के शुरू होने तक किसी भी नए ग्रीन कार्ड या अप्रवासन वीजा को जारी या स्वीकृत नहीं कर सकते हैं। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय वर्कफोर्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि वर्षों से लंबित पेंडिंग फाइलों और भारी-भरकम बैकलॉग के बीच इस प्रकार अचानक श्रेणी का बंद होना उनके सपनों पर एक बहुत बड़ा विराम लगाता हुआ नजर आ रहा है।ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी के पूरी तरह से अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह क्या सामने आई है?इस महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कैटेगरी के अचानक बंद होने और अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी कानूनों के तहत तय की गई वार्षिक सीमा और देश-वार कोटा प्रणाली (Per-Country Ceiling) है। अमेरिकी आव्रजन नियमों के अनुसार, हर साल रोजगार-आधारित जितने भी ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं, उनमें से किसी एक देश के नागरिकों को कुल कोटे का केवल 7 प्रतिशत हिस्सा ही मिल सकता है। भारत जैसे विशाल देश से एडवांस्ड डिग्री धारकों और विशेष योग्यताओं वाले प्रोफेशनल्स की संख्या और आवेदन इतने ज्यादा हैं कि यह तयशुदा कोटा निर्धारित समय से बहुत पहले ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इस वर्ष भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही भारत के कोटे के सारे ईबी-2 वीजा नंबर पूरी तरह से एग्जॉस्ट यानी समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा अप्रयुक्त रहने वाले वीजा नंबरों का लाभ भी इस बार समय पर नहीं मिल पाने के कारण अमेरिकी प्रशासन को मजबूरन इस कैटेगरी को पूरी तरह से बंद या अनअवेलेबल करना पड़ा है, जिससे भारतीय आवेदकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, एच-1बी (H-1B) धारकों और उनके परिवारों पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीय नागरिकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए यह स्थिति भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता लेकर आई है। जो प्रोफेशनल्स अपनी परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया के अंतिम चरणों में थे, उनकी फाइलें अब पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चली गई हैं और तब तक आगे नहीं बढ़ सकतीं जब तक कि नया कोटा शुरू नहीं होता। हालांकि आव्रजन वकीलों और विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस स्थिति के बावजूद यूएसिसिस (USCIS) द्वारा फॉर्म आई-485 (Adjustment of Status) की कुछ श्रेणियों के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया पर तकनीकी नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन अंतिम अप्रूवल के लिए लंबा इंतजार करना ही होगा। इस लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता के कारण कई कुशल भारतीय कर्मचारी अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों के विकल्पों पर भी विचार करने लगे हैं, क्योंकि ग्रीन कार्ड मिलने में लगने वाला यह बेहिसाब समय कई दशकों तक लंबा खींचता जा रहा है।इस गंभीर बैकलॉग और समस्या से निपटने के लिए आगे क्या उम्मीदें बची हैं?इस बड़ी प्रशासनिक रोक के बीच भारतीय प्रवासियों और नीति विश्लेषकों की निगाहें अब पूरी तरह से नए वित्त वर्ष और अमेरिकी संसद में होने वाले विधायी सुधारों पर टिकी हुई हैं। चूंकि हर साल 1 अक्टूबर को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही वार्षिक वीजा सीमाओं और कोटे का नया आवंटन दोबारा रिसेट होता है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि तब जाकर इस कैटेगरी में कुछ राहत मिल सकती है और कट-ऑफ डेट्स आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, आव्रजन सुधारों की मांग उठाने वाले संगठनों का कहना है कि जब तक अमेरिका देश-वार लगने वाली इस 7 प्रतिशत की सीमा को समाप्त नहीं करता या ग्रीन कार्ड की कुल संख्या में बढ़ोतरी नहीं करता, तब तक भारतीय प्रोफेशनल्स को इसी तरह की गंभीर समस्याओं का सामना बार-बार करना पड़ेगा। अमेरिकी श्रम बाजार में अपनी योग्यता का लोहा मनवाने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति एक बार फिर से इस बात की गवाही देती है कि अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में बुनियादी बदलाव कितनी बड़ी और तत्काल आवश्यकता बन चुके हैं।
खर्ग द्वीप के पास बड़ा हमला, अमेरिका ने तबाह कर दिया ईरान का टैंकर - Hindustan
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Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
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पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
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अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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