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अमेरिका में एयर ट्रैफिक सिस्टम फेल: न्यूयॉर्क के तीन बड़े एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप; क्या है वजह?

अमेरिका में एयर ट्रैफिक सिस्टम फेल: न्यूयॉर्क के तीन बड़े एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप; क्या है वजह?us flight disruption new york airports faa technical failure

अमर उजाला 22 Sep 2026 2:26 am

Ambala News: दीप्ति ने अमेरिका में जीता सौंदर्य प्रतियोगिता का खिताब

दीप्ति ने अमेरिका में जीता सौंदर्य प्रतियोगिता का खिताब

अमर उजाला 22 Sep 2026 1:03 am

अमेरिका के नए प्रतिबंध यूक्रेन शांति प्रयासों में बाधा : क्रेमलिन

मॉस्को, 21 सितंबर . रूस ने Monday को कहा कि अमेरिका द्वारा उसके तेल और गैस निर्यात पर लगाए गए नए प्रतिबंध न तो दोनों देशों के संबंधों को बहाल करेंगे और न ही यूक्रेन में शांति स्थापित करने में मददगार साबित होंगे. दरअसल, अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने Friday को रूस पर नए प्रतिबंधों ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 11:58 pm

ट्रंप ने CNN को किया बैन तो प्रमुख अमेरिकी चैनलों ने राष्ट्रपति को किया 'बायकॉट'

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीएनएन, एमएस नाउ और पोलिटिको के पत्रकारों के व्हाइट हाउस में प्रवेश पर रोक लगाने के बाद प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्कों ने ट्रंप की शेयर्ड वीडियो पूल कवरेज न करने का फैसला किया है. साथ ही तीनों प्रतिबंधित मीडिया संस्थानों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

आज तक 21 Sep 2026 11:20 pm

एक दशक बाद अमेरिका दौरे पर जिनपिंग, व्हाइट हाउस में पत्नी संग स्वागत करेंगे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पेंग लियुआन की व्हाइट हाउस विजिट की तैयारियां कर रहे हैं. 24 सितंबर की सुबह व्हाइट हाउस के साउथ लॉन, स्टेट फ्लोर और रोज गार्डन में स्टेट अराइवल सेरेमनी रखी गई है.

आज तक 21 Sep 2026 11:06 pm

व्हाइट हाउस एक्सेस छिना तो कोर्ट पहुंची अमेरिकी मीडिया कंपनियां, ट्रंप पर प्रेस की आजादी कुचलने का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों का व्हाइट हाउस एक्सेस रद्द किए जाने के बाद तीनों मीडिया संस्थानों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 10:59 pm

पाकिस्तान की सड़क पर अमेरिकी व्लॉगर की आंखें फटी की फटी रह गईं, वायरल हुआ अनोखा वीडियो

पाकिस्तान की सड़क पर अमेरिकी व्लॉगर की आंखें फटी की फटी रह गईं, वायरल हुआ अनोखा वीडियो

समाचार नामा 21 Sep 2026 7:30 pm

अमेरिका में मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च की नई दिशा पर बनेगी रणनीति, कानपुर IIT के विशेषज्ञ भी होंगे शामिल

आईआईटी कानपुर मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को प्रयोगशाला से मरीज तक पहुंचाने के लिए अमेरिका में 'फेस 2026' कार्यक्रम में भाग ले रहा है।

जागरण 21 Sep 2026 7:23 pm

चीन और अमेरिका ने न्यूयार्क में आर्थिक व व्यापारिक सलाह-मशविरा किया

बीजिंग, 21 सितंबर . चीनी उप प्रधान मंत्री हे लीफंग और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने अमेरिका के न्यूयार्क में आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर सलाह-मशविरा किया. दोनों पक्षों ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की अहम समानता के मार्गदर्शन में पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, सहयोग व साझी जीत के सिद्धांत ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 6:43 pm

ईरान पहुंचे पाकिस्तानी गृहमंत्री मोहसिन नकवी, क्या अमेरिका का संदेश लेकर गए हैं?

पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा और गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस समय ईरान की बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील यात्रा पर हैं. इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि खुद ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा की गई है. वर्तमान में जब मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है और ईरान को यह गंभीर अंदेशा सता रहा है कि अमेरिका के खतरनाक बमवर्षक विमान किसी भी क्षण उस पर विनाशकारी हमला कर सकते हैं.

आज तक 21 Sep 2026 5:48 pm

जयशंकर 26 सितंबर को UNGA को करेंगे संबोधित, अमेरिकी टैरिफ पर चर्चा संभव

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे. इस दौरान वे ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेकर भारत के हितों की रक्षा करेंगे.

आज तक 21 Sep 2026 5:22 pm

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की टीम को वीजा देने से अमेरिका ने किया इनकार: ईरानी मीडिया

ईरान की मीडिया ने सोमवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के 81वें सत्र में शामिल हो रहे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया है।

खास खबर 21 Sep 2026 5:08 pm

रूसी तेल खरीदारों पर प्रतिबंध लगाने वाले नए अमेरिकी कानून का अध्ययन कर रहा भारत: पीयूष गोयल

New Delhi, 21 सितंबर . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Monday को कहा कि India पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर नए अमेरिकी कानून के तहत लगाए जा सकने वाले टैरिफ के विवरण का अध्ययन करेगा. इसके बाद इस मामले पर “उचित समय पर” चर्चा की जाएगी. Union Minister का यह ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 5:03 pm

अमेरिकी नेतृत्व वाली एमएसएमटी रिपोर्ट पर भड़का उत्तर कोरिया, बताया 'अवैध'

उत्तर कोरिया ने सोमवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी समूह (एमएसएमटी) की हालिया रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए उसे अवैध करार दिया। प्योंगयांग ने आरोप लगाया कि समूह सामान्य गतिविधियों को गैरकानूनी बताकर पेश कर रहा है और अपने नागरिकों को विदेशों में काम के लिए भेजने के कार्यक्रम को दूसरे देशों के साथ वैध आर्थिक सहयोग का हिस्सा बताया।

खास खबर 21 Sep 2026 4:30 pm

अमेरिकी नेतृत्व वाली एमएसएमटी रिपोर्ट पर भड़का उत्तर कोरिया, बताया 'अवैध'

अमेरिकी नेतृत्व वाली एमएसएमटी रिपोर्ट पर भड़का उत्तर कोरिया, बताया 'अवैध'

समाचार नामा 21 Sep 2026 4:29 pm

लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, Telegram से भर्ती और 20 दिन की ट्रेनिंग; अमेरिकियों से 100 करोड़ की ठगी का आरोप

अमेरिकी नागरिकों से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित ठगी करने वाले गिरोह के बारे में पुलिस की जांच में कई अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह में जालसाजों की भर्ती Telegram के जरिए की जाती थी। इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू लिया जाता और चयनित लोगों को लखनऊ बुलाकर करीब 15 […] The post लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, Telegram से भर्ती और 20 दिन की ट्रेनिंग; अमेरिकियों से 100 करोड़ की ठगी का आरोप appeared first on https://rajsattaexpress.com .

राजसत्ता एक्सप्रेस 21 Sep 2026 4:21 pm

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का अमेरिका दौरा, ट्रंप से 25 सितंबर को होगी अहम मुलाकात

बीजिंग, 21 सितंबर . चीनी President शी जिनपिंग इस सप्ताह अमेरिका के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर रहेंगे, जहां वह अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करेंगे. बीजिंग ने Monday को शी के 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका में रहने की पुष्टि की. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने Monday को ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 3:53 pm

'अबकी बार चौंका देंगे, अमेरिका में हिम्मत नहीं', ईरान की खुली चेतावनी

ईरान के IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहबी ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल जंग में हार चुके हैं, लेकिन अमेरिका अपनी हार मानने की हिम्मत नहीं कर रहा. उन्होंने लंबी जंग के लिए तैयारी और नए हथियारों के इस्तेमाल की भी चेतावनी दी.

आज तक 21 Sep 2026 3:04 pm

पान की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे को अमेरिका में 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, कभी फीस के लिए तरसे नीरज अब करेंगे Phd

पान की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे को अमेरिका में 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, कभी फीस के लिए तरसे नीरज अब करेंगे Phd

समाचार नामा 21 Sep 2026 3:00 pm

बिहार के नीरज को अमेरिका में मिली 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, पिता चलाते हैं पान की दुकान

सारण जिले के नीरज को अमेरिका में करीब 2.6 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर PhD कर रहे हैं। बिहार के छोटे से गांव से अमेरिका तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष की अच्छी मिसाल है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 2:28 pm

Starbucks News: विजय का जादू! अमेरिका के बाहर चेन्नई में स्टारबक्स का टेक ऑफिस, मिलेगी ₹35 लाख की सैलरी वाली 800 जॉब्स

Statbucks News: स्टारबक्स कॉफी कंपनी तमिलनाडु के चेन्नई में एक टेक्नोलॉजी हब सेटअप करेगी। इससे तमिलनाडु के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। तमिलनाडु की विजय सरकार ने आज 21 सितंबर को इसे लेकर कहा कि यह अमेरिका के बाहर स्टारबक्स का पहला कॉरपोरेट टेक्नोलॉजी हब होगा। इसे लेकर कंपनी ने तमिलनाडु सरकार के साथ एमओयू पर साइन कर दिया है। इस हब से टेक्नोलॉजी से जुड़ी लगभग 800 नौकरियां तैयार होंगी, जिनकी मीडियन सैलरी सालाना लगभग ₹35 लाख होगा। हालांकि यह भर्ती एक ही बार में नहीं होगी बल्कि कारोबारी की जरूरतों के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।क्या करेगी स्टारबक्स की चेन्नई हबस्टारबक्स के टेक ऑफिस अभी अमेरिका के सिएटल (Seattle) और नैशविले (Nashville) में हैं और अब अमेरिका के बाहर भारत में यह अपनी तकनीकी क्षमता का विस्तार करेगी। इसका चेन्नई हब स्टारबक्स के वैश्विक कारोबार को सपोर्ट करेगा तो साथ ही यह अमेरिका और अन्य स्थानों पर मौजूद कंपनी की टेक्नोलॉजी और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर काम करेगी। यह टेक्नोलॉजी हब भारत में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ स्टारबक्स के रिटेल ज्वाइंट वेंचर से अलग काम करेगी।Starbucks ने क्यों चुना चेन्नई को?स्टारबक्स का कहना है कि उसने चेन्नई को इसलिए चुना क्योंकि यहां बेहतरीन टेक्नोलॉजी टैलेंट, इंजीनियरिंग इकोसिस्टम, एंप्लॉयीज के लंबे समय तक टिके रहने की दर, इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं। कंपनी का कहना है कि इनके दम पर उसे भारत में हब बनाने और अपनी टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह तमिलनाडु सरकार की उस आक्रामक नीति और वित्तीय मदद के ठीक बाद सामने आया है, जिसका उद्देश्य एशिया में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह के तौर पर अपनी पहचान बनाना है। स्टारबक्स की कोशिश राज्य के नए कोरिडोर प्रोग्राम का फायदा उठाने की है। इस प्रोग्राम के तहत चेन्नई में टेक कोरिडोर के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर अन्य सेंटर्स पर बड़े वैश्विक टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने को बढ़ावा दिया जा रहा है।बता दें कि सिर्फ इस महीने सितंबर में स्टारबक्स उन बड़ी कंपनियों में शुमार हो गई, जो तमिलनाडु में बड़े टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) सेटअप करने वाली हैं। इससे पहले वालग्रीन्स, सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप और एक अहम टेलीकॉम क्लाइंट की तरफ से EY ने तमिलनाडु में करोड़ों रुपये के निवेश का ऐलान किया है। तमिलनाडु की GCCs को बढ़ावा देने वाली वर्ष 2024-2027 के लिए चल रही खास योजना के तहत फोर्ब्स ग्लोबल 2000 या फॉर्च्यून 1000 जैसी टॉप कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। राज्य सरकार हाई सैलरी वाली नौकरियों के लिए तीन साल तक महत्वपूर्ण पेरोल सब्सिडी भी देती है- पहले साल में 30%, दूसरे साल में 20% और तीसरे साल में 10%।Tata Sons के चेयरमैन का जादू! टाटा स्टॉक्स में LIC की होल्डिंग ₹1 लाख करोड़ के पार

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 2:18 pm

शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा पर मुहर, 23 से 25 सितंबर तक दौरा; ट्रंप एयरपोर्ट पर करेंगे स्वागत

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा करेंगे। ट्रंप एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। जानें ट्रंप-शी बैठक के संभावित मुद्दे।

देशबन्धु 21 Sep 2026 1:55 pm

कैसे नीम करोली बाबा ने बदल दी थी एक अमेरिकी डॉक्टर की जिंदगी? जानें

Neem Karoli Baba: 70 के दशक में जब एक अमेरिकी डॉक्टर मानसिक शांति की तलाश में कैंची धाम पहुंचा, तो नीम करोली बाबा ने उनके दिल का हाल चुटकियों में जान लिया था. तो आइए जानते हैं कि कैसे बाबा ने अमेरिका से आए डॉक्टर का जीवन हमेशा के लिए बदल दिया था.

आज तक 21 Sep 2026 1:21 pm

ट्रंप-शी रिश्तों में बदला अंदाज, टैरिफ से व्यापार तक चीन के सामने अमेरिका की नई रणनीति

शी की यह अमेरिका की एक दशक से अधिक समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में राजकीय भोज भी देंगे।

देशबन्धु 21 Sep 2026 12:43 pm

ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापसी के बाद क्या भारतीय छात्र भूल जाएं अमेरिकन ड्रीम

संयुक्त राज्य अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के एक बार फिर सत्ता संभालने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति, व्यापार और आव्रजन नीतियों को लेकर दुनिया भर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के मन में इस समय एक ही बड़ा सवाल कौंध रहा है कि क्या 'अमेरिकन ड्रीम' अब धुंधला पड़ता जा रहा है? हालिया प्रशासनिक बदलावों और आव्रजन नियमों में होने वाले संभावित बदलावों के मद्देनजर अमेरिका में स्टूडेंट वीजा (F-1 Visa) हासिल करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण हो गया है। वीजा इंटरव्यू के दौरान सख्ती, दस्तावेजों की पैनी जांच और कोटे से जुड़े नियमों के कारण छात्रों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति पर देश-विदेश के प्रमुख इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने विचार व्यक्त करते हुए चार ऐसी बेहद जरूरी बातें साझा की हैं, जिन्हें हर भारतीय छात्र को अमेरिका जाने का प्लान बनाने से पहले जान लेना चाहिए।भारतीय समाज में यह लंबे समय से एक आम मान्यता रही है कि अमेरिका की किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने के बाद करियर की ऊंचाइयां तय करना आसान हो जाता है। हर साल लाखों छात्र अमेरिका जाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं, जीआरई (GRE) और टोफेल (TOEFL) जैसी परीक्षाएं पास करते हैं और भारी-भरकम लोन लेकर अपनी ट्यूशन फीस का इंतजाम करते हैं। लेकिन ट्रंप प्रशासन की वीज़ा नीतियों, वीजा फीस में बढ़ोतरी, और विदेशी छात्रों के प्रति कड़े रवैये ने इस पूरी प्रक्रिया को एक अनिश्चितता के दौर में ला खड़ा किया है। जानकारों का मानना है कि भले ही अमेरिका के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अब वहां तक पहुंचने का रास्ता पहले जितना सुगम नहीं रह गया है, जिसके लिए छात्रों को अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव करने की आवश्यकता है।अमेरिका में स्टूडेंट वीजा की प्रक्रिया क्यों हुई जटिल और क्या हैं इसके मुख्य कारण?डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का मुख्य केंद्र हमेशा से 'अमेरिका फर्स्ट' (America First) रहा है, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय नागरिकों के रोजगार और अप्रवासी नीतियों पर पड़ता है। प्रशासन का यह मानना है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र और विदेशी कामगार अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों पर असर डालते हैं, यही वजह है कि वीजा अप्रूवल रेट को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। हाल के दिनों में अमेरिकी दूतावासों और कंसुलेट द्वारा वीजा इंटरव्यू के दौरान छात्रों से बहुत अधिक तीखे और गहराई से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। कई मामलों में मामूली सी कागजी कमी या इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास में थोड़ी सी भी कमी होने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है। इस कठोरता के कारण योग्य छात्रों के मन में भी निराशा का भाव पैदा होने लगा है, क्योंकि वे अपनी पूरी तैयारी के बावजूद केवल वीजा अधिकारी के एक फैसले के कारण अपने सपनों को टूटते हुए देख रहे हैं।इसके अलावा, ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) और एच-1बी (H-1B) वीजा के नियमों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। छात्र अक्सर यह सोचकर अमेरिका जाते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वहां कुछ साल काम करके अपने एजुकेशन लोन को चुका सकेंगे और फिर परमानेंट रेजिडेंसी (Green Card) की ओर बढ़ेंगे। लेकिन जब वर्क वीजा के नियम कड़े कर दिए जाते हैं, तो छात्रों के सामने पढ़ाई के बाद अमेरिका में टिके रहना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्रों को केवल दाखिला मिलने से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें लॉन्ग-टर्म इमिग्रेशन पॉलिसीज को भी ध्यान में रखकर ही अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए, अन्यथा उन्हें बीच रास्ते में ही निराशा हाथ लग सकती है।एक्सपर्ट्स की पहली सलाह: आवेदन से पहले अपने कोर्स और यूनिवर्सिटी का चयन बेहद सावधानी से करेंइमिग्रेशन और स्टडी एब्रॉड एक्सपर्ट्स की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि छात्रों को किसी भी एवरेज यूनिवर्सिटी में आंख मूंदकर दाखिला लेने से बचना चाहिए। ट्रंप राज में उन विश्वविद्यालयों के छात्रों पर वीजा अधिकारियों की विशेष नजर रहती है जिनकी साख संदिग्ध होती है या जो केवल नाममात्र के लिए कोर्स चलाते हैं। छात्रों को केवल यूएस न्यूज रैंकिंग या प्रतिष्ठित संस्थानों (Ivy League और टॉप-टियर यूनिवर्सिटीज) को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा, आपके अकादमिक रिकॉर्ड और आपके चुने गए कोर्स के बीच एक मजबूत तारतम्य (Relevance) होना चाहिए। यदि वीजा ऑफिसर को यह लगता है कि आप केवल अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए किसी भी कोर्स में जा रहे हैं, तो आपके वीजा आवेदन को खारिज होने में एक सेकंड का भी समय नहीं लगेगा।यूनिवर्सिटी के चयन के साथ-साथ फाइनेंशियल प्लानिंग यानी वित्तीय तैयारी भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। केवल पहले साल की फीस दिखाना अब पर्याप्त नहीं माना जाता है, बल्कि आपके पास पूरे कोर्स की अवधि के दौरान के खर्चों को उठाने की पुख्ता और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। बैंक बैलेंस, स्पॉन्सरशिप के कागजात और टैक्स रिटर्न जैसे दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अस्पष्टता सीधे तौर पर वीजा रिजेक्शन का कारण बन सकती है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि छात्रों को अपने वित्तीय दस्तावेजों को किसी पेशेवर सीए (Chartered Accountant) से पूरी तरह सत्यापित करवा कर ही इंटरव्यू के लिए जाना चाहिए ताकि कोई कानूनी सुराग हाथ न लगे।दूसरी और तीसरी सलाह: सॉलिड एकेडमिक प्रोफाइल और वीजा इंटरव्यू की रिहर्सल पर दें पूरा जोरविशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सिर्फ अच्छे नंबर ले आना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका पूरा प्रोफाइल दमदार होना चाहिए। आपके पास इंटर्नशिप, रिसर्च वर्क, प्रोजेक्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों के पुख्ता प्रमाण होने चाहिए जो यह साबित करें कि आप एक मेधावी छात्र हैं। वीजा इंटरव्यू के दौरान आपको केवल 2 से 3 मिनट का समय मिलता है जिसमें आपको इंटरव्यूअर को यह समझाना होता है कि आप अमेरिका क्यों जा रहे हैं, आप उस कोर्स को क्यों चुन रहे हैं और पढ़ाई पूरी करने के बाद आपके भारत लौटने के क्या इरादे हैं। अमेरिका का कानून यह मांग करता है कि हर स्टूडेंट वीजा आवेदक को यह साबित करना होगा कि उसकी जड़ें अपने देश में मजबूत हैं और वह पढ़ाई के बाद वापस लौट आएगा।वीजा इंटरव्यू के दौरान अक्सर छात्र घबरा जाते हैं और रटी-रटाई बातें बोलने लगते हैं, जिसे अमेरिकी अधिकारी तुरंत भांप लेते हैं। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि छात्रों को मॉक इंटरव्यू (Mock Interviews) की भरपूर प्रैक्टिस करनी चाहिए। आपको अपने भविष्य के करियर गोल्स को लेकर पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। यदि आप इंटरव्यू में आत्मविश्वास के साथ, बिना किसी हिचकिचाहट के अपने सवालों के सटीक जवाब देते हैं, तो वीजा मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। झूठे दस्तावेज या किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देने की भूल कभी न करें, क्योंकि एक बार रिकॉर्ड खराब होने पर भविष्य में अमेरिका का वीजा मिलना लगभग असंभव हो जाता है।चौथी सलाह: प्लान-बी हमेशा तैयार रखें, यूरोप और अन्य विकल्पों पर भी विचार करेंएक्सपर्ट्स की चौथी और सबसे व्यावहारिक सलाह यह है कि कभी भी अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में न रखें। यदि अमेरिका जाने का आपका सपना प्रशासनिक अड़चनों या वित्तीय कारणों से पूरा नहीं हो पा रहा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके उच्च शिक्षा के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। आज के समय में जर्मनी, फ्रांस, यूके, आयरलैंड, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा और बेहतरीन करियर के अवसर प्रदान कर रहे हैं। इन देशों में वीज़ा और पोस्ट-स्टडी वर्क परमिट के नियम कई मायनों में अमेरिका की तुलना में अधिक स्पष्ट और छात्र-अनुकूल हैं। एक समझदार छात्र वही होता है जो हमेशा एक मजबूत 'प्लान-बी' तैयार रखता है ताकि किसी एक देश के नियमों में बदलाव से उसका पूरा भविष्य दांव पर न लगे।अंत में यही कहा जा सकता है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका में स्टूडेंट वीजा हासिल करना भले ही अधिक कठिन हो गया हो, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि भारतीय छात्र अपने 'अमेरिकन ड्रीम' को पूरी तरह से भूल जाएं। जरूरत इस बात की है कि छात्र भावनाओं में बहकर फैसले लेने के बजाय पूरी तरह से रिसर्च करके, अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत रखकर और कानूनी रूप से सभी पैमानों पर खरे उतरते हुए आगे बढ़ें। सही मार्गदर्शन, पुख्ता तैयारी और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के दम पर आज भी अमेरिका में सफलता के शिखर को छुआ जा सकता है, बशर्ते आप हर चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक और कागजी तौर पर पूरी तरह से तैयार हों।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 12:25 pm

प्योंगयांग के मिसाइल लॉन्च पर दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने की चर्चा

उत्तर कोरिया की ओर से दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को फोन पर बातचीत की। तीनों देशों ने मिसाइल प्रक्षेपण से जुड़ी सूचनाएं साझा किए और आगे की स्थिति पर समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।

खास खबर 21 Sep 2026 12:24 pm

Moon Ownership: क्या चांद पर अमेरिका का दावा हो सकता है? जानें अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है

Moon Ownership: क्या चांद पर अमेरिका का दावा हो सकता है? जानें अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है

समाचार नामा 21 Sep 2026 11:40 am

'युद्ध अभ्यास 2026' में दिखा भारत-अमेरिका के बीच भाईचारा, ट्रेनिंग के साथ दिखा सांस्कृतिक रंग

भारत और अमेरिका के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 2026' सिर्फ ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी भाईचारे, समझ और मजबूत रिश्तों को भी बढ़ावा दे रहा है। इस अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवान न सिर्फ युद्ध कौशल साझा कर रहे हैं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और हिमालय की खूबसूरती का भी अनुभव कर रहे हैं।

खास खबर 21 Sep 2026 11:30 am

‘युद्ध अभ्यास 2026’ में दिखा भारत-अमेरिका के बीच भाईचारा, ट्रेनिंग के साथ दिखा सांस्कृतिक रंग

New Delhi, 21 सितंबर . India और अमेरिका के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ सिर्फ ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी भाईचारे, समझ और मजबूत रिश्तों को भी बढ़ावा दे रहा है. इस अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवान न सिर्फ ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 11:23 am

'युद्ध अभ्यास 2026' में दिखा भारत-अमेरिका के बीच भाईचारा, ट्रेनिंग के साथ दिखा सांस्कृतिक रंग

'युद्ध अभ्यास 2026' में दिखा भारत-अमेरिका के बीच भाईचारा, ट्रेनिंग के साथ दिखा सांस्कृतिक रंग

समाचार नामा 21 Sep 2026 11:15 am

शशि थरूर के बेटे हुए आग बबूला, हनुमान जी के खिलाफ बोलने वाले अमेरिकी को लताड़ा

केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान अमेरिकी पत्रकारिता जगत में जाना माना नाम हैं। हाल ही में उनकी एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें वह हिंदू धर्म पर बयान को लेकर यूजर को लताड़ लगा रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 11:00 am

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें, न मानने पर दी महायुद्ध की धमकी

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और तेज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर रखा है. इस अशांत माहौल के बीच ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 बड़ी शर्तें रखी हैं. ईरान की इन शर्तों में उसकी फ्रीज की गई संपत्ति को मुक्त करना, समुद्री नाकेबंदी को खत्म करना और सभी मोर्चों पर जारी जंग को तुरंत रोकना शामिल है. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि यदि ये मांगें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका को एक निर्णायक और विनाशकारी युद्ध के लिए तैयार रहना होगा.

आज तक 21 Sep 2026 10:59 am

ईरानी राष्ट्रपति और ट्रंप की होगी सीधी मुलाकात! बैकफुट पर क्यों आ रहे अमेरिका और तेहरान?

Trump Iran President Meeting: करीब 7 महीनों से जारी भीषण युद्ध और तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक नया मोड़ देखने को मिलने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इस हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करने के लिए 'तैयार' हैं।यह संभावित मुलाकात ऐसे समय में होने की बात कही जा रही है, जब एक तरफ ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत की 7 शर्तें रखी हैं, तो दूसरी तरफ ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए अमेरिकी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। आइए आपको बताते हैं इस संभावित मुलाकात के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।न्यूयॉर्क में कैसे हो सकती है हाई-प्रोफाइल मुलाकात?संयुक्त राष्ट्र (UN) की महासभा में 22 से 28 सितंबर तक चलने वाली बैठकों के सिलसिले में दुनिया भर के नेता न्यूयॉर्क पहुंच रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति मासूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत पूरे ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका आने की अनुमति दे दी है। क्योंकि दोनों नेता एक ही छत के नीचे मौजूद होंगे, इसलिए बिना किसी अलग से बड़े शिखर सम्मेलन के भी साइडलाइन्स पर सीधी बातचीत का रास्ता खुल सकता है।ईरान ने मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया मैसेजईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रजाई के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने बातचीत की 7 प्रमुख शर्तें रखी हैं: सभी मोर्चों पर जारी युद्ध को तुरंत रोका जाए। अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों को तुरंत बहाल किया जाए। ईरान पर लगी अमेरिकी समुद्री/नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म किया जाए। कतर, तुर्की और कई अन्य मध्यपूर्वी देश इस बीच बिचौलिये की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संदेश पहुंचा रहे हैं। 'फैसले के मोड़ पर हूं': ट्रंप की चेतावनी और 3 विकल्पफॉक्स न्यूज से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे इस समय 'डिसाइडिंग मोड' में हैं और आने वाले दिनों में 'बहुत कुछ बड़ा' होने वाला है। ट्रंप के पास इस समय 3 मुख्य रास्ते मौजूद हैं:आर्थिक दबाव: ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध जारी रखना।सैन्य कार्रवाई: अमेरिका की ओर से सीधा हमला करना।डिप्लोमैटिक डील: बातचीत के जरिए किसी समझौते पर पहुंचना।अपनी सख्त बयानबाजी के लिए मशहूर ट्रंप ने ये तक कह दिया कि, 'मेरा सवाल यह है कि मुझे पूरे देश को कब और कैसे तबाह करना है? बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें।'गल्फ देशों के साथ ट्रंप की बड़ी मीटिंगट्रंप न्यूयॉर्क में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से भी अलग से मुलाकात करने वाले हैं। माना जा रहा है कि जंग के अगले चरण पर कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले ट्रंप अपने खाड़ी सहयोगियों की राय सीधे तौर पर सुनना चाहते हैं।वहीं, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का कहना है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वे किसी की धौंस या ताकत के आगे झुकेंगे नहीं। इसके साथ ही ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई रोकने को अपने सबसे बड़े हथियार के रूप में देख रहा है।वैसे ट्रंप की इस मुलाकात की रजामंदी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि दोनों देशों के बीच डील पक्की हो गई है। ट्रंप की यह पुरानी कूटनीतिक रणनीति रही है। एक तरफ भारी सैन्य दबाव और सख्त जुबानी हमले, तो दूसरी तरफ टेबल पर बातचीत की खिड़की खुली रखना। अगर यह मुलाकात होती है, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल की कीमतों के लिहाज से इस साल का सबसे बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है।

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 10:31 am

टेलीग्राम से जालसाजों की भर्ती, 20 दिन ट्रेनिंग, फिर रटाई जाती स्क्रिप्ट; अमेरिकियों से 100 करोड़ ठगने वाला गैंग

अमेरिकी नागरिकों से 100 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह में टेलीग्राम के जरिए जालसाजों की भर्ती होती थी। ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद लखनऊ में 15-20 दिन की ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें ठगी की स्क्रिप्ट रटाई जाती थी। जालसाजों को 25-30 हजार रुपये वेतन मिलता था।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 10:06 am

पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?

पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?

अमर उजाला 21 Sep 2026 10:05 am

अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत शुरू कराने की कोशिश में कतर

दोहा, 21 सितंबर . अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत शुरू कराने के लिए कतर दोनों देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल अंसारी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयानों से संकेत मिला है कि वॉशिंगटन किसी समझौते पर पहुंचना चाहता है. न्यूयॉर्क में ... Read more

डेली किरण 21 Sep 2026 8:33 am

ईरान पर अमेरिकी हमले की आहट और ट्रंप का सख्त रुख: तेहरान ने कतर के जरिए रखीं 7 शर्तें, 'निर्णायक युद्ध' की चेतावनी

पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य तनाव और संघर्ष के बीच दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध जैसे मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान पर घातक सैन्य कार्रवाई और बेहद कड़े नीतिगत फैसलों के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका बातचीत की मेज पर लौटना चाहता है तो उसे उसकी सात शर्तें स्वीकार करनी होंगी। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव मोहसिन रेजाई ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि धमकियों से कुछ हासिल नहीं होगा और अगर अमेरिका ने शर्तों को खारिज किया, तो ईरान किसी भी स्तर के निर्णायक युद्ध (Decisive War) के लिए पूरी तरह तैयार है।कतर के जरिए तेहरान ने भेजा 7 शर्तों का मसौदाईरान के शीर्ष सुरक्षा रणनीतिकार मोहसिन रेजाई ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पर पुष्टि की है कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए वॉशिंगटन तक अपना आधिकारिक रुख पहुंचा दिया है। रेजाई ने कहा कि कतर ने ये शर्तें अमेरिकी प्रशासन को सौंप दी हैं और ईरान अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। उन्होंने लिखा कि अगर वॉशिंगटन अपने ही बनाए दलदल से सुरक्षित बाहर निकलना चाहता है, तो उसके पास ईरान के संप्रभु अधिकारों और शर्तों को मानने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।तेहरान द्वारा रखी गई 7 शर्तों में से प्रमुख मांगों को सार्वजनिक किया गया है:सभी मोर्चों पर जारी सैन्य आक्रामकता और युद्ध को तत्काल पूरी तरह समाप्त किया जाए।विदेशों में रोकी गई (Frozen) ईरान की सभी वित्तीय संपत्तियों और फंड्स को बिना शर्त तुरंत रिलीज किया जाए।फारस की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के खिलाफ लागू की गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को तत्काल हटाया जाए।ईरानी संप्रभुता का सम्मान, आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप और विरोधी गुटों को दिए जा रहे विदेशी समर्थन पर पूर्ण रोक लगाई जाए।ट्रंप का कड़ा रुख और संभावित अमेरिकी सैन्य स्ट्राइक की आशंकाव्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान (पेंटागन) के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख अपनाने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप का रुख स्पष्ट रहा है कि या तो ईरान के साथ एक बेहद सख्त और प्रभावी समझौता होगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा। सैन्य गलियारों में इस बात की प्रबल चर्चा है कि अमेरिका आने वाले दिनों में ईरान के रणनीतिक या परमाणु बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर लक्षित हमले (Targeted Strikes) करने का फैसला ले सकता है।ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने भी स्वीकार किया कि तेहरान के सैन्य आकलन में एक और अमेरिकी हमले की आशंका पूरी तरह से संभव (Very much on the cards) है। उन्होंने कहा कि पिछले संघर्षों के बाद ईरान ने अपनी रक्षात्मक योजना में आमूलचूल बदलाव किए हैं। अब ईरानी सेना का प्राथमिक ध्यान फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों, विमानवाहक पोतों और युद्धपोतों की सटीक घेराबंदी पर है। ईरान ने हाल ही में अमेरिकी युद्धपोत के निकट मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा भी किया है।जलमार्गों का संकट और परमाणु नीति पर तेहरान की दो टूकहोर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जैसे रणनीतिक जलमार्गों पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ते खतरे पर भी रेजाई ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बाब अल-मंदेब यमन और हूती आंदोलन से जुड़ा आंतरिक विषय है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच एक सुरक्षा समझौते का मसौदा लगभग तैयार था, जिसे क्षेत्रीय सहमति के बाद सार्वजनिक किया जा सकता है।परमाणु कार्यक्रम के सवाल पर रेजाई ने दोहराया कि ईरान ने फिलहाल परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से अलग होने का औपचारिक फैसला नहीं किया है और देश का परमाणु सिद्धांत अभी भी शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक सीमित है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अतिरिक्त एकतरफा प्रतिबंध थोपे या सुरक्षा परिषद का दुरुपयोग किया, तो ईरान को एनपीटी से हटने जैसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।फिलहाल कतर और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक चैनल खुले रखने की जद्दोजहद में जुटे हैं, जबकि संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान भी यह संकट वैश्विक राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 8:27 am

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की मजबूती से सोने में सुस्ती, चांदी की कीमतों में तेजी जारी; जानिए ताजा स्तर और रुझान

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में कीमती धातुओं का मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (US Treasury Yields) में आई मजबूती और ब्याज दरों पर सतर्कता के चलते सोने (Gold) की कीमतों में हल्का दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ चांदी (Silver) अपनी मजबूत औद्योगिक मांग के दम पर $67.30 प्रति औंस के अहम स्तर के करीब दृढ़ता से कारोबार कर रही है। फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के बीच निवेशक दोनों धातुओं की अलग-अलग चाल पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।अमेरिकी बॉन्ड यील्ड से सोने पर दबाव क्यों बढ़ासोने की कीमतों का अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स के साथ पारंपरिक रूप से विपरीत संबंध (Inverse Relationship) होता है। जब यूएस ट्रेजरी यील्ड में उछाल आता है, तो निवेशकों के लिए गैर-ब्याज वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) जैसे कि सोने को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने की अवसर लागत (Opportunity Cost) बढ़ जाती है।हालिया सत्रों में यूएस यील्ड्स के ऊपरी स्तरों पर टिके रहने से संस्थागत निवेशकों ने सोने में आक्रामक खरीदारी के बजाय मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपने उच्च स्तरों से थोड़ा फिसलकर कंसोलिडेशन के दायरे में कारोबार करता दिखा है। बाजार प्रतिभागी अब प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, जैसे कि मुद्रास्फीति (CPI) और आगामी नीतिगत बयानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि केंद्रीय बैंक दरों में कटौती का अगला कदम कब उठाएगा।चांदी $67.30 के करीब मजबूत: दोहरे चरित्र का फायदासोने के विपरीत, चांदी में मजबूती की वजह केवल इसका कीमती धातु (Precious Metal) होना नहीं, बल्कि इसका 'इंडस्ट्रियल मेटल' (Industrial Metal) के रूप में बढ़ता इस्तेमाल है। वैश्विक स्तर पर ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, सोलर पैनल्स (Photovoltaic cells), इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है।सप्लाई साइड में खनन उत्पादन सीमित रहने और ग्रीन टेक्नोलॉजी से मजबूत खपत बने रहने के कारण चांदी को लगातार निचले स्तरों पर बाइंग सपोर्ट मिल रहा है। तकनीकी चार्ट्स पर भी चांदी $66.50 के सपोर्ट जोन को पार कर $67.30 के रेजिस्टेंस स्तर को चुनौती दे रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि चांदी $67.50 से $68.00 के दायरे को निर्णायक रूप से पार कर बंद होती है, तो इसमें नया ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है।घरेलू बाजार (MCX) और सराफा बाजार पर असरअंतरराष्ट्रीय बाजार की इस चाल का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार (MCX) और घरेलू रिटेल सराफा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है:सोना (MCX Gold): डॉलर-रुपया विनिमय दर और ग्लोबल स्तर पर यील्ड्स के दबाव के चलते भारतीय बाजार में भी सोने में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है। हालांकि आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन की खुदरा मांग गिरावट को एक सीमित दायरे तक ही थामे रख रही है।चांदी (MCX Silver): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी में $67 से ऊपर की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में भी चांदी की चमक बरकरार है। आयात लागत और औद्योगिक खरीदारों की मांग इसे मजबूत सहारा दे रही है।कमोडिटी विश्लेषकों की रणनीति और आगे का आउटलुकबाजार जानकारों के अनुसार, मौजूदा समय में ट्रेडर्स और निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए:शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: जब तक यूएस फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं होती, सोने में किसी बड़े एकतरफा उछाल के बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (Range-bound trading) रह सकता है।चांदी के लिए स्तर: तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि $66.00 का स्तर चांदी के लिए तात्कालिक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। जब तक यह इस स्तर से ऊपर टिकी है, तब तक शॉर्ट-टर्म मोमेंटम तेजड़ियों (Bulls) के पक्ष में बना रहेगा।दीर्घकालिक निवेशक: लंबी अवधि के पोर्टफोलियो के लिए सोने में किसी भी तेज गिरावट को चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (SIP / बाय ऑन डिप्स) का मौका माना जा सकता है, क्योंकि केंद्रीय बैंकों की सोने की अनवरत खरीदारी और भू-राजनीतिक जोखिम इसे लंबी अवधि में हेजिंग का सबसे सशक्त माध्यम बनाए रखते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Sep 2026 8:25 am

चीन को साधने की कोशिश में अमेरिका: कृषि-ऊर्जा उत्पादों पर लगा सकता है कम टैरिफ, एआई को लेकर बनी क्या सहमति?

चीन को साधने की कोशिश में अमेरिका: कृषि-ऊर्जा उत्पादों पर लगा सकता है कम टैरिफ, एआई को लेकर बनी क्या सहमति? us-proposes-ai-incident-alert-system-in-talks-with-china-Scott-bessent-hints-lower-tariffs-in-trade-talks

अमर उजाला 21 Sep 2026 8:23 am

Iran-US Tension: ईरान की अमेरिका को नई चेतावनी, हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दावा

Iran-US Tension: ईरान की अमेरिका को नई चेतावनी, हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दावा

समाचार नामा 21 Sep 2026 7:42 am

अंतरिक्ष युद्ध हुआ तो अमेरिका और चीन पर रूस पड़ेगा भारी, ये है वजह

अंतरिक्ष युग की शुरुआत से ही वहां सैन्य गतिविधियां होती रही हैं. 1960 के दशक के आख़िरी वर्षों में सोवियत संघ ने अंतरिक्ष में हथियार तैनात किए थे. सोवियत संघ ने ‘इस्त्रेबितेल स्पुतनिकोव’ यानी आईएस कार्यक्रम चलाया था.

बीबीसी हिंदी 21 Sep 2026 7:31 am

Iran-US War Update: ईरान पर घातक हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले- जल्द हो सकता है बहुत बड़ा फैसला, तेहरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं 7 शर्तें

Iran-US War Update: सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका जल्द ही ईरान पर घातक हमला करने पर विचार कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ अपने अगले बड़े कदम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह फिलहाल निर्णय लेने की स्थिति में हैं। ट्रंप ने कहा कि आने वाले समय में 'बहुत बड़ी चीजें' हो सकती हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने और बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं।ईरान ने ये मांगें मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं। तेहरान का कहना है कि नई बातचीत तभी संभव होगी जब लड़ाई खत्म हो और उस पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध हटाए जाएं।ईरान के खिलाफ तीन विकल्पों का जिक्र'फॉक्स न्यूज' के साथ कथित बातचीत में ट्रंप ने ईरान को लेकर अमेरिका के सामने मौजूद कई विकल्पों का जिक्र किया। उन्होंने तीन संभावित रास्ते बताए। ईरान को पूरी तरह तबाह करना, उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर होने देना या फिर बातचीत के जरिए समझौते तक पहुंचना। ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, मेरा सवाल है कि मैं पूरे देश को कब और अगर जरूरत पड़ी तो कब उड़ा दूं? उन्हें बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें। ट्रंप की इस टिप्पणी से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संघर्ष में सैन्य और कूटनीतिक, दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है।ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात को तैयार ट्रंपअमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की संभावित न्यूयॉर्क यात्रा पर भी प्रतिक्रिया दी। पेजेशकियन संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जाने वाले हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान पेजेशकियन से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह संभवतः इसके लिए तैयार होंगे। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी 'तस्नीम' के मुताबिक, पेजेशकियन वरिष्ठ ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका जाने और संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात करने की तैयारी में हैं।हूती विद्रोहियों से भी संपर्क में अमेरिकाट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की हूती समूह के साथ बातचीत जारी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल में सऊदी अरब को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए थे। ट्रंप के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना नहीं बनाने पर सहमति जताई है।ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तेंदूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाई गई हैं। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने रविवार को इसकी पुष्टि की। इससे एक दिन पहले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने भी कहा था कि कतर ने तेहरान की मांगें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। रेजाई ने अल जजीरा से बातचीत में बताया कि ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, ईरान के फ्रीज किए गए धन को वापस करना और नौसैनिक नाकाबंदी हटाना शामिल है।अमेरिका के सहयोगी देशों को ईरान की चेतावनीइस बीच ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने दावा किया है कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिसके मुताबिक अमेरिका तेहरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। ईरान का आरोप है कि इस संभावित कार्रवाई में क्षेत्र के कई देश अमेरिका का समर्थन कर सकते हैं। ईरानी सेना ने अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में ईरान की ओर से किसी तरह की नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ईरानी सैन्य कमान ने ऐसे देशों को उस गतिविधि में शामिल पक्ष माना, जिसे उसने शरारत करार दिया।बातचीत या सैन्य कार्रवाई...अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?ट्रंप के बयानों और ईरान की ओर से भेजी गई शर्तों से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव के बीच कूटनीतिक रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हालांकि, तेहरान ने बातचीत के लिए कई पूर्व शर्तें रखी हैं। जबकि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई समेत कई विकल्प खुले रखने के संकेत दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिका ईरान की सात शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर लौटने के लिए कोई साझा आधार तलाश पाते हैं।ये भी पढ़ें- Bullet train India: भारत की खुद की 350 kmph स्पीड वाली बुलेट ट्रेन का प्लान आया सामने, जानिए जापान की E10 सीरीज को कैसे देगा टक्कर

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 7:21 am

ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम? ट्रंप के 5 कदम दे रहे बड़े हमले के संकेत, मिडिल ईस्ट में हलचल

ईरान ने दावा किया है कि उसे खुफिया जानकारी मिली है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से बमबारी करने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह रहे हैं कि बहुत जल्द ही बहुत बड़ी चीजें होने वाली हैं.

NDTV इंडिया 21 Sep 2026 7:14 am

अमेरिका से भारत पहुंचा करनाल के रोहित का शव:युवती की हत्या के बाद खुद को मारी थी युवक ने गोली, दुष्यंत चौटाला समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे संस्कार में

अमेरिका के कैलिफोर्निया में 8 सितंबर को भारतीय मूल की युवती की गोली मारकर हत्या के बाद खुद को गोली मारने वाले युवक का पार्थिव शरीर रविवार को अमेरिका से भारत पहुंचा। दिल्ली एयरपोर्ट से शव करनाल में उनके पैतृक गांव पाढ़ा लाया गया। यहां परिवार ने अंतिम दर्शन किए और इसके बाद गांव की शिवपुरी में कल युवक का अंतिम संस्कार किया गया। युवक के चचेरे भाई व उसके पिता ने रोहित को मुखाग्नि दी। रोहित की अंतिम यात्रा में हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अमेरिका से दिल्ली पहुंचा शव, गांव में दी अंतिम विदाईरोहित करनाल के पाढ़ा गांव का रहने वाला था। उसके पिता राजेश जुंडला अनाज मंडी में आढ़ती हैं। रोहित उनकी इकलौती संतान था। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और ग्रामीणों ने उसे श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दुष्यंत चौटाला सहित कई लोगों ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और ढांढस बंधाया।रोहित वर्ष 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका गया था। यह रास्ता आमतौर पर अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘डंकी रूट’ के तौर पर जाना जाता है। अमेरिका पहुंचने के बाद बॉर्डर पुलिस ने उसे पकड़ा था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया। इसके बाद वह अमेरिका में डोरडैश के जरिए सामान पहुंचाने का काम करता था। 8 सितंबर को शॉपिंग सेंटर में हुई थी गोलीबारीसैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस के मुताबिक, 8 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे हाउ एवेन्यू स्थित एक शॉपिंग सेंटर में 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों से आरोपी की गाड़ी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसका पीछा किया। कुछ ही देर बाद पुलिस को गाड़ी हाईवे-50 और हाउ एवेन्यू के पास मिली। पुलिस ने गाड़ी रुकवाने की कोशिश की। युवक ने ब्रेक लगा दिए। जब पुलिस अधिकारी कार के पास पहुंचे तो रोहित अंदर मृत मिला। पुलिस के अनुसार, उसने खुद को गोली मार ली थी। जनवरी 2025 से पीछा करने का आरोपसैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ ऑफिस की जांच के अनुसार, रोहित जनवरी 2025 से शालिनी को परेशान कर उसका पीछा कर रहा था। एक घटना में शालिनी की गाड़ी के हुड के नीचे एयरटैग यानी ट्रैकर मिला था। पुलिस के मुताबिक, दूसरी घटना में रोहित ने शालिनी की गाड़ी के टायर की हवा निकाल दी और फिर उसका पीछा करते हुए उसके काम की जगह तक पहुंच गया। आरोप है कि वह मदद करने के बहाने शालिनी से संपर्क करना चाहता था। जांच में एक अन्य घटना का भी जिक्र सामने आया। पुलिस के अनुसार, रोहित ने शालिनी के अपार्टमेंट की दूसरी चाबी हासिल कर ली और उसके सोते समय घर में घुस गया था। मई के बाद कोर्ट से लिया था रोक आदेशएजेंसी के मुताबिक, मई 2026 के बाद शालिनी ने पीछा किए जाने की शिकायत को लेकर रोहित के खिलाफ अदालत से रोक आदेश ले लिया था। इसके बावजूद 29 जुलाई को शालिनी ने पुलिस को शिकायत दी कि रोहित ने इस आदेश का उल्लंघन किया। आरोप था कि उसने शालिनी के घर के दरवाजे पर कुछ किराने का सामान छोड़ दिया था। मां ने कहा- रोहित डिलीवरी लेकर काम की जगह आता थाशालिनी की मां सुदेश कुमारी के अनुसार, उनकी बेटी आर्डन आर्केड इलाके के एक शॉपिंग प्लाजा में काम करती थी। उनके पति की करीब दो साल पहले मौत हो गई थी और शालिनी उनकी इकलौती संतान थी। सुदेश कुमारी के अनुसार, रोहित शालिनी की काम की जगह पर डिलीवरी लेकर आता था।उनका कहना था कि रोहित शालिनी से शादी करना चाहता था, लेकिन उम्र के अंतर के कारण शालिनी ने इनकार कर दिया था। इसके बाद रोहित नाराज हो गया और उसका पीछा करना नहीं छोड़ा। रोहित के चाचा सत्यवान ने लगाए अलग आरोपरोहित के चाचा सत्यवान ने मामले को लेकर शालिनी पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। सत्यवान के अनुसार, शालिनी अपनी मां के साथ अमेरिका में रहती थी और उसके पिता नहीं थे।सत्यवान ने आरोप लगाया था कि शालिनी लड़कों को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठती थी। उन्होंने दावा किया कि पानीपत के मतलौडा के रहने वाले एक युवक के साथ भी ऐसा हुआ था और रोहित भी इसी तरह उसके संपर्क में आया था। चाचा बोले- बताता तो वापस बुला लेतेसत्यवान ने कहा था कि अगर रोहित ने परिवार को पूरी घटना के बारे में बताया होता तो वे इसका कोई हल निकालते और उसे अमेरिका से वापस भी बुला लेते। उनके अनुसार, रोहित ने कहा था कि वह दिवाली पर भारत आएगा। सत्यवान ने आरोप लगाया कि रोहित की करीब एक साल की कमाई शालिनी को दे दी गई थी। उनके मुताबिक, यह रकम करीब 35 से 40 लाख रुपए थी। उन्होंने यह भी कहा कि रोहित ने चार बार गाड़ी बदली थी और एक गाड़ी खरीदने के लिए परिवार ने भी पांच लाख रुपए दिए थे।उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अपार्टमेंट की दूसरी चाबी शालिनी ने ही रोहित को दी थी, जिससे वह वहां कभी भी आ-जा सके। सत्यवान के अनुसार, शालिनी ने दो कुत्ते पाल रखे थे और उन्हें खाना देने के लिए भी रोहित से कहा जाता था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 21 Sep 2026 5:00 am

अमेरिका के लिए बहुत महंगा पड़ा ईरान से भिड़ना, नेपाल की GDP के बराबर फूंक डाले पैसे

ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका 45.1 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। यह नेपाल की सालाना जीडीपी के बराबर है। डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि अब यु्द्ध खत्म हो जाए लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Sep 2026 4:39 am

'नाटो देशों को छूट, भारत पर 100 प्रतिशत शुल्क क्यों?'; कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने अमेरिकी नीति को बताया निंदनीय

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि भारत को अमेरिका के नए शुल्कों को खारिज कर अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए और असमान व्यापार समझौतों से बचना चाहिए।

जागरण 21 Sep 2026 3:02 am

सऊदी में हूती हमलों से बढ़ा तनाव: अमेरिका ने अपने कर्मचारियों की यात्रा पर लगाई रोक; ईरान ने क्या चेतावनी दी?

सऊदी में हूती हमलों से बढ़ा तनाव: अमेरिका ने अपने कर्मचारियों की यात्रा पर लगाई रोक; ईरान ने क्या चेतावनी दी?saudi houthi attacks us alert iran warning

अमर उजाला 21 Sep 2026 2:46 am

Lucknow News: जेवर लेने पीड़ितों के घर तक पहुंच जाते थे अमेरिकी हैंडलर

जेवर लेने पीड़ितों के घर तक पहुंच जाते थे अमेरिकी हैंडलर

अमर उजाला 21 Sep 2026 2:27 am

हैती के राष्ट्रपति की हत्या मामले में बड़ा एक्शन: 18 संदिग्ध अमेरिका प्रत्यर्पित; क्या है पूरा मामला?

हैती के राष्ट्रपति की हत्या मामले में बड़ा एक्शन: 18 संदिग्ध अमेरिका प्रत्यर्पित; क्या है पूरा मामला?haiti president jovenel moise assassination 18 suspects extradited us

अमर उजाला 21 Sep 2026 2:03 am

अमेरिका गहरे संकट में, कोरोना से भी ज्यादा खराब अभी का समय मान रहे अमेरिकी बिजनेसमैन

यूनिवर्सिटी ऑफ डेनवर में सप्लाई चेन प्रोग्राम के डायरेक्टर जैक बफिंगटन ने कहा, यह निश्चित रूप से कोविड से भी बड़ी समस्या है. यह बिल्कुल अलग मामला है. यह ऊर्जा से जुड़ी समस्या है.

NDTV इंडिया 20 Sep 2026 11:46 pm

चीन के आगे क्यों झुका अमेरिका? बदल गए ट्रंप के सुर!

डोनाल्ड ट्रंप के चीन को लेकर रुख में बदलाव की चर्चा तेज है. कभी अमेरिकी नौकरियों और कारखानों पर असर के लिए बीजिंग को जिम्मेदार ठहराने वाले ट्रंप अब शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे. दोनों नेताओं की बातचीत में व्यापार, टैरिफ, दुर्लभ खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे मुद्दे शामिल होंगे. विश्लेषकों के मुताबिक, चीन पर शुरुआती दबाव की रणनीति के बाद ट्रंप का रुख बदला है.

आज तक 20 Sep 2026 11:26 pm

'हवाई हमले करके लौट जाते हो, सीरियस हो तो सेना भेजो'; ईरान ने अमेरिका को दी चुनौती

अमेरिका ने अब तक ईरान के खिलाफ हवाई हमलों और दूर से अटैक करने वाली सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल किया है। इसके उलट ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र में उसके हितों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 10:06 pm

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 कड़ी शर्तें: सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई बोले- दलदल से निकलना है तो बात माननी होगी, कोई दूसरा रास्ता नहीं

पश्चिम एशिया के जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में बारूदी गंध के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक बेहद संवेदनशील और निर्णायक खबर सामने आई है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर संयुक्त राज्य अमेरिका उसके साथ फिर से बातचीत की मेज पर आना चाहता है और मौजूदा टकराव को टालना चाहता है, तो उसे तेहरान द्वारा तय की गई सात बुनियादी शर्तों को स्वीकार करना ही पड़ेगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने दो टूक लहजे में कहा है कि वॉशिंगटन के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई गई इस मांग ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि तेहरान का रुख पहले से कहीं अधिक आक्रामक और अडिग नजर आ रहा है।कतर के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचा तेहरान का कड़ा कूटनीतिक संदेशईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के शीर्ष रणनीतिकार मोहसिन रेजाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने अपना विस्तृत रुख बिना किसी लाग-लपेट के अमेरिका तक पहुंचा दिया है। इस पूरी कूटनीतिक कवायद में खाड़ी देश कतर ने मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि पाकिस्तान भी दोनों पक्षों के बीच संवाद बहाल कराने के प्रयासों में सक्रिय रहा है। रेजाई के अनुसार, पूर्व में हुए अनौपचारिक समझौते टूटने के बाद क्षेत्र में जो विस्फोटक हालात बने हैं, उसका जिम्मेदार पूरी तरह से अमेरिका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद अपने बनाए दलदल में फंस चुका है और यदि वह सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलना चाहता है तो उसे ईरानी अवाम के संप्रभु अधिकारों को पहचानना होगा।ईरान द्वारा रखी गई सात शर्तों में से तीन प्राथमिक मांगों को सार्वजनिक मंचों पर पूरी गंभीरता के साथ रेखांकित किया गया है। पहली और सबसे अहम शर्त यह है कि अमेरिका और उसके सहयोगी सभी मोर्चों पर जारी सैन्य आक्रामकता और युद्ध को तत्काल प्रभाव से रोकें। दूसरी शर्त के तहत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों में फ्रीज की गई ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियों को बिना शर्त अविलंब जारी किया जाए। तीसरी शर्त खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के खिलाफ लागू की गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह खत्म करने से जुड़ी है। इसके अलावा अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी रोकने, विरोधी गुटों को दिए जा रहे समर्थन को बंद करने और क्षेत्रीय संप्रभुता का पूर्ण सम्मान करने जैसे बिंदु इन शर्तों के प्रमुख स्तंभ हैं।अमेरिकी धमकियों का कोई असर नहीं, निर्णायक युद्ध के लिए तेहरान तैयारअमेरिकी प्रशासन, विशेषकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार आ रहे सख्त बयानों और सैन्य विकल्पों के खुले होने की चेतावनियों पर मोहसिन रेजाई ने बेहद कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की गीदड़भभकियों से तेहरान की सैन्य रणनीति पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। ईरानी नेतृत्व किसी भी किस्म के दबाव में झुकने को तैयार नहीं है। रेजाई ने कहा कि कूटनीतिक समाधान खोजना अमेरिका के अपने राष्ट्रीय हित में है, क्योंकि यदि व्हाइट हाउस ने टकराव का रास्ता ही चुनना तय कर रखा है, तो ईरानी सशस्त्र बल किसी भी स्तर के निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह सुसज्जित और मानसिक रूप से तैयार हैं।ईरानी रक्षा रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिका की ओर से किसी भी समय हवाई या मिसाइल हमला किया जा सकता है और सेना इस संभावित खतरे को अपनी प्राथमिक गणना में रखकर आगे बढ़ रही है। रेजाई ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ महीनों में बदले भू-राजनीतिक समीकरणों के बाद ईरान ने अपनी पूरी रक्षात्मक और आक्रामक रणनीति का पुनर्गठन किया है। अब ईरानी मिसाइल और नौसैनिक डिवीजनों का मुख्य ध्यान फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोतों, विध्वंसक जहाजों और सहयोगी अड्डों की निगरानी पर केंद्रित है। ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो युद्ध का दायरा सीमित नहीं रहेगा बल्कि समूचे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक संपत्तियों को सीधी चपेट में लिया जाएगा।नौसैनिक नाकेबंदी, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक जलमार्गों की जमीनी हकीकतहोर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर बाब अल-मंदेब तक के रणनीतिक समुद्री मार्ग इस समय दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से सबसे संवेदनशील मोड़ पर खड़े हैं। मोहसिन रेजाई ने जलमार्गों की सुरक्षा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लाल सागर और बाब अल-मंदेब का मुद्दा सीधे तौर पर यमन के नेतृत्व और वहां की अवाम के स्वतंत्र फैसलों से जुड़ा है, जिस पर कोई बाहरी शक्ति अपनी मर्जी नहीं थोप सकती। वहीं दूसरी तरफ, रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के मसले पर उन्होंने बताया कि ओमान और ईरान ने एक व्यावहारिक समझौते का मसौदा तैयार करने में काफी प्रगति की थी, लेकिन इसे अंतिम रूप देने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा हितों का ध्यान रखना जरूरी है।ईरान ने समुद्र में अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए हाल ही में अमेरिकी युद्धपोतों के नजदीकी जलक्षेत्र में अत्याधुनिक मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह शक्ति प्रदर्शन केवल एक रक्षा अभ्यास नहीं था, बल्कि वॉशिंगटन को यह सीधा संदेश था कि ईरानी तटों के करीब तैनात नौसैनिक बेड़े किसी भी हमले की स्थिति में आसान निशाना बन सकते हैं। रेजाई ने स्पष्ट किया कि ईरानी सेना की यह तैनाती आक्रामकता के लिए नहीं बल्कि किसी भी संभावित विदेशी हमले को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए की गई है।परमाणु नीति पर अडिग रुख और एनपीटी समझौते से अलग होने की चेतावनीतनाव के चरम पर होने के बावजूद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के प्रति अपने आधिकारिक दृष्टिकोण को दोहराया है। मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान ने अभी तक एनपीटी से अलग होने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया है और देश की परमाणु नीति सर्वोच्च धार्मिक नेतृत्व के उस ऐतिहासिक फतवे पर आधारित है जो सामूहिक विनाश के हथियारों के निर्माण पर स्पष्ट रोक लगाता है। तेहरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण ऊर्जा और वैज्ञानिक अनुसंधानों के लिए ही समर्पित है।हालांकि, सुरक्षा परिषद सचिव ने इसके साथ एक गंभीर चेतावनी भी जोड़ दी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करते हुए ईरान पर अतिरिक्त एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध थोपते हैं या कूटनीतिक घेराबंदी की कोशिश करते हैं, तो ईरान के सामने एनपीटी समझौते से पूरी तरह बाहर निकलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह एकतरफा शर्तों और दबाव के माहौल में बातचीत का ढोंग नहीं करेगा। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अमेरिकी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह सात सूत्रीय शर्तों पर लचीलापन दिखाकर तनाव घटाएगा या फिर पश्चिम एशिया एक नए और भीषण संघर्ष की ओर बढ़ जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 10:01 pm

भारतीय सेना के युद्ध अभ्यास में भारतीय नस्ल के श्वान दिखा रहे अद्भुत पराक्रम, अमेरिकी सैनिक भी हुए कायल

भारतीय सेना के प्रशिक्षित श्वान 'युद्ध अभ्यास-2026' में अमेरिका सैनिकों के साथ अपनी जांबाजी दिखा रहे हैं। इनमें भारतीय नस्ल के रैम्पुर हाउंड समेत चार श्वान रूम इंटरवेंशन और रैपलिंग जैसे कठिन अभ्यासों में कौशल प्रदर्शित कर रहे हैं।

जागरण 20 Sep 2026 8:54 pm

ट्रंप को मिला ईरान का संदेश, क्या रुकेगा अमेरिका-ईरान युद्ध?

ईरान ने अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए अपनी शर्तें सामने रखी हैं. ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई के मुताबिक, तेहरान सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, विदेशों में जमा ईरानी धन मुक्त कराने और नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की मांग कर रहा है. कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं और ईरान अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है.

आज तक 20 Sep 2026 8:39 pm

जो सोवियत काल में नहीं हुआ, क्या वो कर रहे पुतिन? क्या रूस ने दिया अमेरिका में किलिंग ऑर्डर

अमेरिकी इंटेलिजेंस के पूर्व प्रमुख क्रिस कोस्टा ने कहा, मैं इसे कोल्ड वॉर के दौरान बने नियमों का एक अनकहा सेट कहूंगा. अमेरिका और सोवियत संघ ने एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक जासूसी की, लेकिन कुछ सीमाएं तय थीं.

NDTV इंडिया 20 Sep 2026 7:38 pm

पहले ग्रंथी, फिर ‘हीलर’... अमेरिका में मसाज के दौरान 4 महिलाओं से पंजाब के पाल सिंह ने की छेड़छाड़, 2 लाख USD की जमानत पर रिहा

अमेरिका के कैलिफोर्निया में पंजाबी मूल के 73 वर्षीय पाल सिंह पर चार महिलाओं से यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। खुद को 'हीलर' बताने वाले पाल सिंह को 2 लाख डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया गया है।

जागरण 20 Sep 2026 7:15 pm

अमेरिका के साथ शर्तों पर बातचीत के लिए तैयार हुआ ईरान, बोला- हमला हुआ तो बख्शेंगे नहीं

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत शुरू की है. ईरान ने सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने, विदेशों में फ्रीज धन को मुक्त करने और नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की शर्तें रखीं हैं.

आज तक 20 Sep 2026 6:01 pm

चीन ने रूस से तेल या गैस आयात करने पर अमेरिकी टैरिफ को लेकर प्रतिक्रिया दी

बीजिंग, 20 सितंबर . चीनी वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने 19 सितंबर को एक पत्रकार के उस सवाल के जवाब में, जिसमें अमेरिका द्वारा ‘रूस और ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों पर ग्राहम अधिनियम 2026’ पर हस्ताक्षर करने का उल्लेख था, कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र की अनुमति और अंतरराष्ट्रीय कानूनी आधार के बिना एकतरफा ... Read more

डेली किरण 20 Sep 2026 5:23 pm

अमेरिका हम पर हमला करने की तैयारी में, साझेदारों को भुगतना पड़ेगा अंजाम : ईरानी सैन्य कमांड

अमेरिका हम पर हमला करने की तैयारी में, साझेदारों को भुगतना पड़ेगा अंजाम : ईरानी सैन्य कमांड

समाचार नामा 20 Sep 2026 5:23 pm

Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump

एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 4:52 pm

Iran ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें, अब Trump के जवाब का इंतजार

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत शुरू करने के लिए सात शर्तें रखी हैं। ईरान ने ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं। ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा है कि तेहरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। मोहसिन रेजाई ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को बातचीत शुरू करने की अपनी शर्तों के बारे में साफ संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “अगर वॉशिंगटन अपने बनाए संकट से निकलना चाहता है और इसमें और नहीं फंसना चाहता, तो उसके पास ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।” ईरान की प्रमुख शर्तें क्या हैं? रेजाई ने कतर के ‘अल जजीरा’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी करना और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना शामिल है। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से सभी सात शर्तों की पूरी सूची नहीं बताई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान चाहता है कि यमन और सऊदी अरब के बीच चल रही लड़ाई भी खत्म हो। रेजाई ने कहा, “हम मध्यस्थ कतर के संपर्क में हैं, जिसने युद्ध खत्म करने के मकसद से हमारी शर्तें वॉशिंगटन तक पहुंचाई हैं। हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।” इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने रूस प्रतिबंध कानून पर किए साइन, भारत पर मंडराया 100% शुल्क का खतरा ईरान ने दी निर्णायक युद्ध की चेतावनी रेजाई ने कहा कि इन शर्तों को स्वीकार करना अमेरिका के हित में है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सैन्य आकलन के अनुसार अमेरिका की ओर से ईरान पर एक और हमला होने की संभावना काफी ज्यादा है। इसे भी पढ़ें: Caribbean Sea में संदिग्ध ड्रग बोट पर US Military का हमला, 4 लोगों की मौत युद्ध जल्द खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा ईरान रेजाई ने कहा कि तेहरान एक नई रणनीति पर काम कर रहा है, जिसका मकसद युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना है। उनके मुताबिक, ईरान एक तरफ मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई भी तेज हुई है। सऊदी अरब ने शनिवार को कहा था कि हूतियों ने रियाद को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की थी।

प्रभासाक्षी 20 Sep 2026 4:37 pm

राजस्थान में गूंजी M777 होवित्जर की दहाड़: भारत-अमेरिका के सैनिकों ने दिखाया दम, पलक झपकते ही टारगेट ध्वस्त

भारतीय और अमेरिकी सेना ने राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत M777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर से लाइव फायरिंग का प्रदर्शन किया।

जागरण 20 Sep 2026 4:05 pm

भारतीय सेना के जांबाज डॉग्स ने अमेरिकी सैनिकों के सामने दिखाया कौशल

भारतीय सेना के प्रशिक्षित सैन्य डॉग भी भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 2026' का हिस्सा बने हैं...

खास खबर 20 Sep 2026 3:56 pm

ग्रीनलैंड पर ट्रंप की रणनीति को मिली नई दिशा, अमेरिका को सैन्य मौजूदगी की मंजूरी लेकिन संप्रभुता पर डेनमार्क की दो टूक

शुक्रवार देर रात घोषित समझौते के मुताबिक अमेरिका को ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की अनुमति मिलेगी। साथ ही किसी अमेरिकी विरोधी देश या ताकत को वहां सैन्य अड्डा स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी।

देशबन्धु 20 Sep 2026 3:55 pm

अमेरिका या इजरायल? GenZ ने किसे माना भारत का सच्चा रक्षा सहयोगी, सर्वे में हुआ खुलासा

इंडिया इजरायल सेंटर ने एक सर्वे के जरिए बताया है कि भारतीय युवा इजरायल को अपने टॉप भरोसेमंद सहयोगियों में से एक मानते हैं। सेंटर के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच में साझेदारी और भी ज्यादा बढ़ी है।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 3:37 pm

कैरेबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना ने ड्रग्स तस्करी में शामिल नाव पर किया हमला, चार की मौत

वॉशिंगटन, 20 सितंबर . अमेरिकी सेना ने ड्रग्स की तस्करी मामले में इस बार कैरेबियन क्षेत्र में कार्रवाई को अंजाम द‍िया. अमेरिकी साउथ कमांड (साउथकॉम) के निर्देश पर फोर्स ने तस्‍करी में शाम‍िल एक नाव को न‍िशान बनाया. इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई. साउथकॉम ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट ... Read more

डेली किरण 20 Sep 2026 2:58 pm

शर्तें पूरी होंगी तभी खुलेगा रास्ता... होर्मुज को लेकर ईरान का बड़ा ऐलान, क्या करेगा अमेरिका?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा है कि जब तक ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, होर्मुज नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सही समय पर सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 2:41 pm

दुनिया की 10 सबसे ताकतवर मिलिट्री: फ्लीट साइज में अमेरिका सबसे आगे, सऊदी अरब भी शामिल

आज के दौर में किसी भी देश की संप्रभुता, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय रसूख का सबसे बड़ा पैमाना उसकी सैन्य ताकत यानी मिलिट्री फ्लीट साइज को माना जाता है। दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनावों, क्षेत्रीय विवादों और कूटनीतिक प्रतिस्पर्धाओं के कारण हर राष्ट्र अपनी सेना को आधुनिक और शक्तिशाली बनाने में दिन-रात जुटा हुआ है। कौन सा देश सैन्य साजो-सामान, युद्धक विमानों, नौसैनिक जहाजों और बख्तरबंद वाहनों के मामले में किस पायदान पर खड़ा है, इसे लेकर रक्षा विश्लेषकों और आम जनता के बीच हमेशा से भारी उत्सुकता रही है। जब हम वैश्विक स्तर पर कुल सैन्य फ्लीट साइज का व्यापक विश्लेषण करते हैं, तो यह बात खुलकर सामने आती है कि दुनिया के कुछ चुनिंदा महाशक्तियां रक्षा बजट और हथियारों के जखीरे के मामले में बाकी दुनिया से मीलों आगे निकल चुकी हैं। आधुनिक युद्ध रणनीतियों में पारंपरिक थल सेना के साथ-साथ उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर, पनडुब्बियां, अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और ड्रोन बेड़े की संख्या किसी भी देश की जीत या हार का फैसला करने में सबसे अहम भूमिका निभाती है। इस ग्लोबल रैंकिंग में अमेरिका और रूस जैसी पारंपरिक महाशक्तियां दशकों से अपना दबदबा बनाए हुए हैं, वहीं एशियाई दिग्गजों का तेजी से उभरता हुआ सैन्य फ्लीट भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।अमेरिका का शीर्ष स्थान और रक्षा क्षेत्र में दुनिया के अन्य ताकतवर देशों का दबदबासैन्य फ्लीट साइज और वैश्विक मारक क्षमता के मामले में सुपरपावर अमेरिका दुनिया भर में निर्विवाद रूप से सबसे ऊपर यानी पहले स्थान पर काबिज है। अमेरिकी सेना के पास मौजूद अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स, दुनिया के सबसे खतरनाक स्टील्थ फाइटर जेट्स, परमाणु पनडुब्बियों और ग्लोबललॉजिस्टिक्स नेटवर्क का मुकाबला इस समय पृथ्वी पर कोई दूसरा देश नहीं कर सकता है। अमेरिका अपनी रक्षा अनुसंधान और हथियारों के आधुनिकीकरण पर सालाना अरबों-खरबों डॉलर खर्च करता है, जिससे उसकी सैन्यक साजो-सामान की फ्लीट हमेशा अपग्रेड और तैयार रहती है। इस टॉप 10 सूची में अमेरिका के अलावा रूस, चीन और अन्य प्रमुख रक्षा संपन्न देश भी शामिल हैं, जो अपनी विशाल सेना और युद्धक उपकरणों के दम पर वैश्विक राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इस लिस्ट में मध्य पूर्व का सबसे रसूखदार देश सऊदी अरब भी अपनी अत्याधुनिक और विशाल सैन्य संपत्तियों के बल पर अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है। सऊदी अरब ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे महंगे और आधुनिक रक्षा उपकरण खरीदकर अपने मिलिट्री फ्लीट को बेहद ताकतवर बना लिया है। इन सभी देशों की रक्षा रणनीतियां और उनका विशाल फ्लीट साइज इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए आज भी हर देश अपनी सैन्य ताकत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।भारतीय सेना की स्थिति, रणनीतिक ताकत और भविष्य का रक्षा परिदृश्यदुनिया की इस बहुप्रतीक्षित टॉप 10 मिलिट्री फ्लीट साइज की सूची में भारत की स्थिति बेहद मजबूत, गौरवशाली और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया के सबसे बड़े रक्षा बलों में शुमार भारतीय सेना अपने विशाल जनबल के साथ-साथ लगातार स्वदेशी और आधुनिक हथियारों के दम पर अपने फ्लीट को तेजी से विस्तार दे रही है। भारत के पास थल सेना, वायु सेना और नौसेना का एक ऐसा समन्वित बेड़ा है जो किसी भी मोर्चे पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नीतियों के कारण अब देश में ही प्रचंड हेलीकॉप्टर, तेजस फाइटर जेट, आईएनएस विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर और ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है, जिससे भारत का मिलिट्री फ्लीट और अधिक घातक हो गया है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नौसैनिक फ्लीट की ताकत का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है, और चीन जैसे आक्रामक पड़ोसियों के मुकाबले भारत लगातार अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को अपग्रेड कर रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत अपनी उन्नत तकनीकों और बढ़ते रक्षा बजट के दम पर वैश्विक सैन्य रैंकिंग में और अधिक ऊंची छलांग लगाएगा, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा और उसकी वैश्विक साख को और अधिक मजबूत करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 2:04 pm

ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चा तेल, टैरिफ और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

ईरान-अमेरिका तनाव, कच्चा तेल, टैरिफ और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की चाल

समाचार नामा 20 Sep 2026 1:37 pm

ईरान की चेतावनी, यमन पर हमला हुआ तो अमेरिका के लिए बंद होगा बाब अल-मंदेब मार्ग

ईरान की चेतावनी, यमन पर हमला हुआ तो अमेरिका के लिए बंद होगा बाब अल-मंदेब मार्ग

समाचार नामा 20 Sep 2026 1:18 pm

7 दिन के लिए अमेरिका, 5-स्टार होटल और शानदार Waterfront View! Salesforce कर्मचारी ने दिखाई अपनी ‘ऑफिस लाइफ’

आमतौर पर कॉरपोरेट नौकरी का नाम सुनते ही लंबे काम के घंटे, मीटिंग्स, डेडलाइन और तनाव जैसी तस्वीर सामने आती है। लेकिन Salesforce की एक कर्मचारी ने अपनी नौकरी का ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने कॉरपोरेट लाइफ के दूसरे पहलू पर चर्चा छेड़ दी है। Salesforce में Design Lead के तौर पर काम करने वाली अनुष्का एस ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बताया कि कंपनी के एक सप्ताह लंबे ऑफसाइट के लिए उन्हें हैदराबाद से अमेरिका के Seattle ले जाया गया। इस दौरान उनके ठहरने का इंतजाम एक पांच सितारा होटल में किया गया, जहां से खूबसूरत waterfront का नजारा दिखाई देता था।हैदराबाद से Seattle तक कंपनी का सफरअनुष्का पिछले करीब एक साल से हैदराबाद में रह रही हैं। Massachusetts College of Art and Design से पढ़ाई करने वाली अनुष्का ने वीडियो में अपने करियर को मेहनत और शिक्षा से जोड़ते हुए युवाओं को पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान देने की सलाह दी। वीडियो में वह कॉरपोरेट नौकरी को लेकर होने वाली आम टिप्पणियों का जिक्र करती हैं। उनका कहना था कि अगर कोई सोचता है कि कॉरपोरेट में आने के बाद हासिल ही क्या हुआ, तो Salesforce का ये ऑफसाइट इसका एक अलग जवाब है।7 दिन, 5-स्टार होटल और सामने खूबसूरत नजाराअनुष्का ने बताया कि वह Seattle में सात दिनों तक एक पांच सितारा होटल में रुकीं। इसके बाद उन्होंने कैमरा घुमाकर होटल से दिखाई देने वाला खूबसूरत waterfront view भी दिखाया। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ ऑफिस का काम नहीं थी, बल्कि बड़ी टेक कंपनी में काम करने के साथ मिलने वाले अनुभव और सुविधाओं की एक झलक भी थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में युवा दर्शकों से कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दीजिए, क्योंकि टेक कंपनियां अपने कर्मचारियों को अच्छी सुविधाएं देना जानती हैं।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसवीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं बंट गईं। कुछ लोगों ने इसे कॉरपोरेट नौकरी के फायदों की अच्छी मिसाल बताया, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या नौकरी की सुविधाओं को इस तरह पेश करना मेहनत या “mazdoori” को ग्लोरिफाई करना है। एक यूजर ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी कंपनी भी उन्हें दुनियाभर में घूमने का मौका देती है। वहीं, दूसरे यूजर ने Salesforce के वर्क कल्चर और कर्मचारी सुविधाओं की तारीफ की। एक अन्य यूजर ने सवाल किया कि सोशल मीडिया पर मेहनत-मजदूरी को ग्लोरिफाई क्यों किया जा रहा है। Instagram पर यह पोस्ट देखें कॉरपोरेट जिंदगी सिर्फ सैलरी तक सीमित नहींअनुष्का का वीडियो इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी का अनुभव सिर्फ सैलरी और काम के घंटों तक सीमित नहीं होता। कुछ भूमिकाओं में कर्मचारियों को इंटरनेशनल ट्रैवल, ऑफसाइट, बेहतर होटल और दूसरे perks भी मिल सकते हैं। हालांकि, कॉरपोरेट जीवन का अनुभव हर कर्मचारी के लिए एक जैसा नहीं होता। किसी के लिए ऐसी यात्राएं नौकरी का आकर्षक हिस्सा हो सकती हैं, तो किसी के लिए काम का दबाव और जिम्मेदारियां ज्यादा महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।Mentos पड़ते ही Coca-Cola में उठा तूफान, हवा में उड़ा शख्स; वायरल वीडियो का सच आया सामने

ज़ी न्यूज़ 20 Sep 2026 1:13 pm

मोहसिन रेजाई : अमेरिका बातचीत शुरू करने से पहले माननी होंगी शर्तें

तेहरान, ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं। उनका कहना है क‍ि अमेरिका को ईरान के साथ क‍िसी भी तरह की बातचीत शुरू करने से पहले इन शर्तों को मानना अन‍िवार्य है।

देशबन्धु 20 Sep 2026 12:57 pm

कैंप डेविड छोड़ अचानक व्हाइट हाउस लौटे डोनाल्ड ट्रंप; खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का अलर्ट, ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी जारी

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के मुताब‍िक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अमेर‍िकी दूतावासों ने नागर‍िकों की सुरक्षा के ल‍िए अलर्ट जारी क‍िए है।

देशबन्धु 20 Sep 2026 12:26 pm

भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास में गरजी एम777 तोप, तबाह किए सभी लक्ष्य

भारत और अमेरिका की सेनाएं अपनी तोपखाना क्षमता का जोरदार प्रदर्शन कर रही हैं। तोप की मारक क्षमता का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका के संयुक्त युद्धाभ्यास किया जा रहा है...

खास खबर 20 Sep 2026 11:48 am

इसरो की काबिलियत का मुरीद हुआ नासा: अमेरिकी एजेंसी के अधिकारी बोले- हम साझेदारी को मजबूत करने के लिए उत्सुक

incredible to watch capability ISRO is developing in science missions Indian-American NASA senior official- इसरो की काबिलियत का मुरीद हुआ नासा: अमेरिकी एजेंसी के अधिकारी बोले- हम साझेदारी को मजबूत करने के लिए उत्सुक

अमर उजाला 20 Sep 2026 11:39 am

परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि से न‍िकला नहीं ईरान, अमेरिका के रवैये पर करेगा फैसला: रेजाई

तेहरान, 20 सितंबर . ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा है कि ईरान ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वह परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि (एनपीटी) से बाहर निकलेगा या नहीं. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई भी फैसला अमेरिका के रवैये पर निर्भर करेगा. Saturday को ... Read more

डेली किरण 20 Sep 2026 11:28 am

अमेरिका को ईरान की दो टूक! बातचीत के लिए रख दी 7 शर्तें, ट्रंप नहीं माने तो हो सकती है 'निर्णायक जंग'

ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रेजाई ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो ईरान 'निर्णायक युद्ध' के लिए तैयार है.

NDTV इंडिया 20 Sep 2026 10:57 am

एक्सप्लेनर: ईरान युद्ध के बीच चीन के जहाज पर सेना क्यों भेजने वाला था अमेरिका, एआई कैसे बन सकता था जंग की वजह?

एआई की एक गलत खुफिया रिपोर्ट के चलते अमेरिका और चीन के बीच युद्ध छिड़ते-छिड़ते बचा। जानिए कैसे पेंटागन के चैटबॉट ने चीनी जहाज को परमाणु खतरे से जोड़ दिया था।

अमर उजाला 20 Sep 2026 10:32 am

क्यूबा में अमेरिकी नाकाबंदी का दिखा असर, एक और ब्लैकआउट से लाखों लोग अंधेरे में

क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईंधन की आपूर्ति और भी बदतर हो गई है, जिससे व्यापक पैमाने पर बिजली कटौती होना आम बात हो गई है.

बीबीसी हिंदी 20 Sep 2026 10:02 am

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जारी की हाई-सिक्योरिटी एडवाइजरी: हूती हमलों के बाद लो-प्रोफाइल रहने का आदेश, पश्चिम एशिया में मंडराया बड़ा खतरा

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और लाल सागर क्षेत्र में तेज किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग (US State Department) ने सऊदी अरब सहित पूरे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले अपने नागरिकों और राजनयिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा परामर्श (Security Advisory) जारी किया है। इस एडवाइजरी में अमेरिकी नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरतने, अपनी उपस्थिति को पूरी तरह लो-प्रोफाइल रखने और क्षेत्र में गैर-जरूरी यात्राओं से तुरंत बचने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।रियाद और तेल डिपो पर हूती हमलों के बाद भड़का तनाव, अमेरिकी हितों पर मंडराया संकटयह सख्त एडवाइजरी उस समय जारी की गई है जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद, यानबू स्थित अरामको तेल डिपो और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन दागे। हालांकि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद की ओर बढ़ रही मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, लेकिन गिरते मलबे और लगातार हो रहे हमलों ने बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है।अमेरिकी विदेश विभाग ने चेताया है कि यह सैन्य संघर्ष तेजी से उग्र रूप धारण कर सकता है। इस तनाव का दायरा केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान और उसके समर्थित सशस्त्र समूह क्षेत्र के भीतर और बाहर अमेरिकी प्रतिष्ठानों, दूतावासों, व्यापारिक केंद्रों और अमेरिकी नागरिकों को भी सीधा निशाना बना सकते हैं।लो-प्रोफाइल रहने और यात्रा की समीक्षा का फरमान, इन 14 देशों पर असरवाशिंगटन द्वारा जारी एडवाइजरी में बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान, सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन, इराक, लेबनान, इजरायल और यमन समेत पूरे क्षेत्र को कवर किया गया है:नागरिकों को लो-प्रोफाइल रहने का आदेश: अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों, पश्चिमी देशों से जुड़े होटलों, क्लबों और सार्वजनिक प्रदर्शनों से दूर रहें। अपनी पहचान और गतिविधियों को सीमित रखें ताकि किसी भी संभावित टारगेटेड हमले से बचा जा सके।सऊदी अरब के लिए लेवल-3 एडवाइजरी: अमेरिकी सरकार ने सऊदी अरब के लिए 'लेवल-3: यात्रा पर पुनर्विचार करें' (Reconsider Travel) की चेतावनी बरकरार रखी है। वहीं, यमन सीमा से 20 मील के दायरे और संवेदनशील प्रांतों में अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।यमन के लिए लेवल-4 (Do Not Travel): यमन में जारी गृहयुद्ध, अपहरण और आतंकवाद के खतरे के चलते अमेरिकी नागरिकों को वहां की यात्रा बिल्कुल न करने की सख्त हिदायत दी गई है।उड़ानों के रद्द होने और एयरस्पेस बंद होने की चेतावनीविदेश विभाग ने यह भी अलर्ट किया है कि सैन्य तनाव बढ़ने के कारण अचानक एयरस्पेस बंद किए जा सकते हैं और वाणिज्यिक उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया जा सकता है।नागरिक हवाई अड्डों के पास सुरक्षा खतरों को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी एयरलाइंस और स्थानीय दूतावास के सुरक्षा बुलेटिन पर लगातार नजर रखें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी निकासी योजना (Evacuation Plan) पहले से तैयार रखें। हूती विद्रोहियों के इन ताजा हमलों ने लाल सागर के व्यापारिक समुद्री मार्गों के साथ-साथ पूरे खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को एक बार फिर भारी जोखिम में डाल दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 9:37 am

अमेरिका को दोबारा बातचीत शुरू करने से पहले माननी होंगी शर्तें, दूसरा कोई रास्‍ता नहीं: मोहसिन रेजाई

तेहरान, 20 सितंबर . ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई अमेरिका के सामने सात शर्तें रखी हैं. उनका कहना है क‍ि अमेरिका को ईरान के साथ क‍िसी भी तरह की बातचीत शुरू करने से पहले इन शर्तों को मानना अन‍िवार्य है. मोहस‍िन रेजाई ने अपने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट करते हुए ल‍िखा, ... Read more

डेली किरण 20 Sep 2026 9:04 am

क्या परमाणु हथियारों से दूरी बनाएगा ईरान?: मोहसिन रेजाई का बड़ा बयान, कहा- अमेरिका के रुख पर निर्भर होगा फैसला

क्या परमाणु हथियारों से दूरी बनाएगा ईरान?: मोहसिन रेजाई का बड़ा बयान, कहा- अमेरिका के रुख पर निर्भर होगा फैसला iran-npt-withdrawal-decision-depends-on-us-behavior-mohsen-rezaei

अमर उजाला 20 Sep 2026 8:52 am

कैरेबियन सागर में अमेरिका का हमला, ड्रग तस्करी के जहाज पर बरसाए गोले

कैरेबियन सागर में ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे एक तेज रफ्तार जहाज पर मेरिकी सेना ने हमला किया. इसमें चार लोगों की मौत हुई है. अमेरिकी दक्षिणी कमान ने बताया कि यह कार्रवाई 19 सितंबर को ज्वाइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर के निर्देश पर की गई.

आज तक 20 Sep 2026 8:40 am

ईरान ने अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, कहा- नहीं मानीं तो 'निर्णायक युद्ध' के लिए हैं तैयार!

ईरान ने अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। मोहसिन रेजाई के मुताबिक, कतर ने ये शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अब तेहरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

खबर इंडिया टीवी 20 Sep 2026 8:23 am

अमेरिका: स्पेस फोर्स के बाद अब एआई फोर्स की तैयारी, ट्रंप का बड़ा एलान, बोले- यह अगली औद्योगिक क्रांति

'बनाएंगे एआई फोर्स': ट्रंप का बड़ा एलान, बोले- यह अगली औद्योगिक क्रांति; अटॉर्नी जनरल ने दिया क्या बयान? Donald-trump-says-he-plans-to-form-ai-force-will-appoint-ai-czar-us-china-ai-race

अमर उजाला 20 Sep 2026 8:06 am

Iran-US War Update: युद्ध खत्म करने पर ईरान का बड़ा दांव! अमेरिका के सामने रखीं 3 शर्तें, अब ट्रंप के जवाब का इंतजार

Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिका के साथ जारी युद्ध को खत्म करने और बातचीत को दोबारा शुरू करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने अपनी तीन प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई के मुताबिक, ये शर्तें कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी प्रशासन तक पहुंचाई जा चुकी हैं। अब तेहरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। ईरान ने बातचीत का संदेश ऐसे समय दिया है जब अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने मिडिल ईस्ट के लिए एक डिटेल्स सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है। इसमें इस एरिया में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे सुरक्षा की जटिल स्थितियों और अचानक तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज्यादा सतर्क रहें।ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने 'अल जजीरा' को दिए एक इंटरव्यू में कहा, कतर ने तेहरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी है। उन्होंने बताया कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कतर और पाकिस्तान के साथ संपर्क जारी है। रेजाई के अनुसार, ईरान अब सीधे तौर पर ट्रंप के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच महीनों से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए मध्यस्थ देशों की कोशिशें चल रही हैं।ईरान की 3 प्रमुख शर्तें क्या हैं?1. सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह खत्म हो तेहरान की अमेरिका से पहली मांग है कि अमेरिका के साथ युद्ध को सभी सक्रिय मोर्चों पर समाप्त किया जाए। ईरान क्षेत्रीय स्तर पर जारी संबंधित संघर्षों को भी व्यापक युद्धविराम के दायरे में लाने की बात कर चुका है। 2. अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म हो अमेरिका के सामने दूसरी बड़ी शर्त ईरान के बंदरगाहों और समुद्री व्यापार पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की है। ईरान का कहना है कि युद्ध समाप्ति की प्रक्रिया में समुद्री आवाजाही पर लगी पाबंदियां भी हटनी चाहिए। 3. ईरान की जमी हुई संपत्तियां और फंड जारी किए जाएं तीसरी मांग विदेशों में फंसे या प्रतिबंधों के कारण फ्रीज किए गए ईरानी सरकारी फंड और वित्तीय संपत्तियों को रिलीज करने की है। ईरान इस शर्त को बातचीत आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण शर्त मान रहा है। ईरान का सख्त संदेश- दबाव से नहीं झुकेंगे रेजाई ने कहा कि अमेरिकी धमकियों से ईरान अपनी स्थिति नहीं बदलेगा। उन्होंने दावा किया कि इन शर्तों को स्वीकार करना अमेरिका के हित में भी होगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो ईरान लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। कतर और पाकिस्तान निभा रहे हैं मध्यस्थ की भूमिका अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद के बजाय कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ चैनल के तौर परएक्टिव हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत बहाल कराने की कोशिशें पहले हुए समझौते/MoU के समाप्त होने के बाद भी जारी हैं। ईरान पहले भी यह स्पष्ट कर चुका है कि अमेरिकी नाकाबंदी हटाना और जमे हुए ईरानी फंड जारी करना आगे की बातचीत तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी व्यवस्था के लिए अहम मुद्दे हैं। अब ट्रंप के जवाब पर टिकी नजरेंअब सबसे बड़ा सवाल यह है किअमेरिका तेहरान की इन शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में युद्ध को समाप्त करने की संभावना को लेकर संकेत दिए हैं। लेकिन बातचीत की शर्तों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में ईरान की ओर से रखी गई शर्तें आगे की कूटनीतिक प्रक्रिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। यदि दोनों पक्ष किसी साझा आधार पर पहुंचते हैं तो बातचीत का रास्ता खुल सकता है; वहीं असहमति बनी रहने पर सैन्य तनाव जारी रहने की आशंका बनी रहेगी।अमेरिकी ने जारी की एडवाइजरीइस बीच, U.S. डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने मिडिल ईस्ट के लिए एक विस्तृत सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसमें इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे सुरक्षा की जटिल स्थितियों और अचानक तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए ज्यादा सतर्क रहें।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में U.S. डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के कॉन्सुलर अफेयर्स ने लिखा, मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकियों कोज्यादा सतर्क रहना चाहिए और संभावितफ्लाइट कैंसिलेशन, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावटों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। ईरान समर्थित हूथी गुटों ने सऊदी अरब केखिलाफ हमले किए हैं, जिनमें आम नागरिकों के एयरपोर्ट भी शामिल हैं। इस सैन्य टकराव के तेज़ी से बढ़ने की आशंका है। जो अमेरिकी मिडिल ईस्ट से बाहर हैं, उन्हें इस क्षेत्र की यात्रा करने या यहां से गुजरने के बारे में गंभीरता से दोबारा सोचना चाहिए।इसमें आगे कहा गया है, जो लोग इस क्षेत्र की यात्रा करते हैं या यहां से आते-जाते हैं, उन्हें एयरपोर्ट और एयरलाइन के कामकाज के बारे में जानकारी पर नज़र रखनी चाहिए। मिडिल ईस्ट के बाहर भी अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेशों में या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों पर अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं, जिनमें अमेरिकी व्यवसाय और अन्य संस्थान शामिल हैं।

मनी कण्ट्रोल 20 Sep 2026 7:55 am

ईरान की शर्तों से बढ़ी हलचल: ट्रंप अचानक लौटे व्हाइट हाउस, अमेरिकी बमवर्षक पश्चिम एशिया रवाना; अब आगे क्या?

ईरान की शर्तों से बढ़ी हलचल: ट्रंप अचानक लौटे व्हाइट हाउस, अमेरिकी बमवर्षक पश्चिम एशिया रवाना; अब आगे क्या? West Asia Conflict donald trump returns to White House Iran sets conditions to end war US Bomber departed UK

अमर उजाला 20 Sep 2026 7:40 am

'अमेरिका जो आरोप लगा रहा, उसकी शुरुआत उसने खुद की': यूएनजीए की बैठक से पहले अमेरिकी आरोपों पर तेहरान का पलटवार

us iran war: Most accusations describe actions US itself initiated Iran hits back at White House ahead of UNGA- 'अमेरिका जो आरोप लगा रहा, उसकी शुरुआत उसने खुद की': यूएनजीए की बैठक से पहले अमेरिकी आरोपों पर तेहरान का पलटवार

अमर उजाला 20 Sep 2026 7:32 am

पटना में बैठे-बैठे अमेरिकी और ब्रिटिश नागरिकों से ठगी, MBA पास युवकों का गिरोह यूं देता था झांसा

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य इंटरनेशनल कॉल के जरिए अमेरिका में बैठे लोगों को निशाना बनाते थे। वे कंप्यूटर और लैपटॉप में खराबी होने का झांसा देकर लोगों से संपर्क करते थे। वे उनके सिस्टम में मालवेयर इंस्टॉल करवाते थे।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 7:17 am

'मिडिल ईस्ट जाने से पहले दो बार सोचें', बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका का अलर्ट

अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र की जटिल सुरक्षा स्थिति को लेकर सतर्क रहने को कहा है. साथ ही यात्रा से पहले ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है. फ्लाइट कैसिलेंशन, एयरस्पेस बंद होने की संभावना और हिंसक गतिविधियों के चलते नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

आज तक 20 Sep 2026 7:00 am

हूती-सऊदी तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा अलर्ट, मिडिल ईस्ट की यात्रा को लेकर नागरिकों को किया सावधान

हूती-सऊदी तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा अलर्ट, मिडिल ईस्ट की यात्रा को लेकर नागरिकों को किया सावधान

खबर इंडिया टीवी 20 Sep 2026 6:56 am

महंगाई पर अमेरिकी फेड ने लिया बड़ा फैसला, अक्तूबर में आरबीआई की होगी अग्निपरीक्षा!

महंगाई पर अमेरिकी फेड ने लिया बड़ा फैसला, अक्तूबर में आरबीआई की होगी अग्निपरीक्षा!

ज़ी न्यूज़ 20 Sep 2026 6:30 am

विदेश के समाचार: नीदरलैंड में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा; अमेरिका के मिशिगन में धार्मिक भेदभाव का मुकदमा

विदेश के समाचार: नीदरलैंड में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा; अमेरिका के मिशिगन में धार्मिक भेदभाव का मुकदमा

अमर उजाला 20 Sep 2026 6:28 am

पश्चिम एशिया तनाव: ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखीं; सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका के बीच एडवाइजरी जारी

पश्चिम एशिया तनाव: ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तें रखीं; सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका के बीच एडवाइजरी जारी

अमर उजाला 20 Sep 2026 6:06 am

ईरान ने अमेरिका को बताईं 7 शर्तें, कहा- नहीं माने तो होगी निर्णायक जंग...

ईरान ने अमेरिका के साथ जारी तनाव को खत्म करने के लिए सात शर्तें कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं. ईरान की शर्तों में सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना, रोके गए फंड जारी करना और समुद्री नाकेबंदी हटाना शामिल है.

आज तक 20 Sep 2026 5:31 am

अमेरिका में पूर्व ग्रंथी पुलिस ने पकड़ा:4 विदेशी महिलाएं बोलीं- इलाज के बहाने घर बुलाया; मसाज करते जबरन यौन हरकतें की

अमेरिका में इलाज के बहाने पंजाबी मूल के पाल सिंह (73) ने 4 महिलाओं का यौन शोषण किया। खुद को हीलर बताने वाले पाल ने मसाज के बहाने 4 महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की। जिसके बाद पुलिस ने इसी महीने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि वह अपने घर में ही इलाज जैसी सेवाएं देता था। हालांकि गिरफ्तारी के बाद वह करीब 2 करोड़ की जमानत राशि भरकर छूट गया। उसके वकील ने आरोपों को गलत करार दिया है। पुलिस के मुताबिक छेड़छाड़ की घटनाएं जून 2023 से जुलाई 2025 के बीच हुई। जिसका खुलासा आरोपी से पीड़ित महिलाओं की शिकायत के बाद हुआ। बिना लाइसेंस घर में ही इलाज के लिए बुलातापुलिस के मुताबिक, पाल सिंह सेल्मा स्थित अपने घर से सेवाएं देता था । इसका उसके पास कोई लाइेंसस नहीं था। उसकी सिख समुदाय में ‘हीलर’ के रूप में पहचान थी। पुलिस के मुताबिक, उसके पास इलाज कराने के लिए कैलिफोर्निया के अलग-अलग इलाकों से लोग आते थे। सोशल मीडिया पर भी उसके इलाज से जुड़े वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की जाती थीं। ऑनलाइन रिव्यू में भी दूर-दराज से उसके पास आने वाले लोगों का जिक्र मिला। एक रिव्यू में एक व्यक्ति ने कनाडा से इलाज के लिए आने की बात लिखी थी। महिलाओं ने कहा- इलाज के दौरान यौन उत्पीड़न कियाअमेरिकी पुलिस के मुताबिक, जांच की शुरुआत उन शिकायतों के बाद हुई, जिनमें क्लाइंट्स ने पाल सिंह पर इलाज के दौरान अनुचित तरीके से छूने के आरोप लगाए। कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार चारों मामले अलग-अलग महिलाओं से जुड़े हैं। रिपोर्टों में आरोपों को बिना सहमति महिला के साथ जबरन यौन हरकत करने का बताया गया है। पुलिस ने अभी यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि ये महिलाएं किस स्वास्थ्य समस्या के इलाज के लिए पाल सिंह के पास गई थीं। 2 लाख डॉलर की जमानत पर रिहापाल सिंह को 8 सितंबर को गिरफ्तार किए जाने के बाद 10 सितंबर को 2 लाख डॉलर (1.92 करोड़ रुपए) की जमानत पर रिहा कर दिया गया। उसके वकील ने कोर्ट में कहा कि पाल सिंह काम जारी रखना और अपने परिवार की मदद करना चाहता है। पाल सिंह ने चारों आरोपों में दोषी नहीं होने की दलील दी है। उसके वकील के मुताबिक, उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को तय है। पुलिस को और पीड़ितों की आशंकासेल्मा पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में और भी लोग सामने आ सकते हैं। पुलिस कमांडर टिम कैनन के मुताबिक, विभाग को पिछले कई वर्षों में पाल सिंह से जुड़ी शिकायतें और ऐसी सूचनाएं मिलती रही थीं। कुछ लोगों ने कथित घटनाओं की जानकारी दी, लेकिन वे औपचारिक शिकायत के लिए सामने नहीं आए। पुलिस का मानना है कि संभावित पीड़ित फ्रेस्नो काउंटी के बाहर भी हो सकते हैं, क्योंकि लोग दूसरे इलाकों से उसके पास इलाज कराने आते थे। पुलिस ने ऐसे लोगों से सामने आने की अपील की है, जिन्हें पाल सिंह से इलाज के दौरान कोई आपत्तिजनक अनुभव हुआ हो। पहले ग्रंथी रह चुका पाल सिंहकोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, पाल सिंह ने भारत में रहते हुए करीब 20 साल की उम्र में ग्रंथी के रूप में धार्मिक सेवा शुरू की थी। बाद में वह अमेरिका चला गया। उसके वकील एडी रुइज के मुताबिक, बाद में पाल सिंह ने एक्यूप्रेशर का काम शुरू किया। उसने भारत में इसकी ट्रेनिंग ली और अमेरिका आने के बाद ऑनलाइन ट्रेनिंग भी की। कोर्ट में जमा एक चरित्र-पत्र के मुताबिक, पाल सिंह ने 2010 से 2016 तक सेल्मा के सिख सेंटर ऑफ द पेसिफिक कोस्ट नाम के गुरुद्वारे में ग्रंथी के तौर पर सेवा दी थी।

दैनिक भास्कर 20 Sep 2026 5:23 am

'ट्रंप की नीति गलत': क्यूबा ने अमेरिका की टैरिफ नीति का किया विरोध, कहा- भारत के साथ दोस्ती बरकरार

'ट्रंप की नीति गलत': क्यूबा ने अमेरिका की टैरिफ नीति का किया विरोध, कहा- भारत के साथ दोस्ती बरकरार

अमर उजाला 20 Sep 2026 1:15 am

अमेरिका से युद्ध खत्म होने की तीन शर्तें, ईरान ने की बातचीत की पहल; अब डोनाल्ड ट्रंप के पाले में गेंद

ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध का अंत करने की पहल की है। इसके लिए उसने तीन शर्तें रखी हैं। इसके साथ ही अब गेंद अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाले में चली गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 12:50 am

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

लाइव हिन्दुस्तान 19 Sep 2026 11:34 pm

ईरान ने कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजी बातचीत की शर्तें, ट्रंप के जवाब का इंतजार

परमाणु कार्यक्रम के सवाल पर रेज़ाई ने कहा-NPT से बाहर नहीं: ईरान ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से अलग होने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, इस दिशा में भविष्य का कोई भी कदम पूरी तरह अमेरिका के आगामी रुख और नीतियों पर निर्भर करेगा।

खास खबर 19 Sep 2026 10:54 pm

अमेरिका के सामने झुक गया 'ग्रीनलैंड', ट्रंप के ऐक्शन का चीन और रूस पर क्या प्रभाव?

अमेरिका और डेनमार्क ग्रीनलैंड के बीच में समझौते पर सहमति बन गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अब इस समझौते के बाद ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर अमेरिका को हर तरह के फैसले लेने की आजादी होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 19 Sep 2026 9:35 pm

अमेरिकी टैरिफ को टक्कर देना है तो लॉजिस्टिक लागत घटानी होगी: प्रो. मनोज तिवारी

बेशक बीते कुछ सालों में परिवहन लागत को 16 से घटाकर 7.8 प्रतिशत पर लाना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन सिर्फ इससे बात नहीं बनेगी। इसके लिए 35 मल्टी मॉडल पार्क पर तेजी से काम करना होगा। प्रो. तिवारी ‘विकसित भारत@2047’ विजन के लिए पश्चिम क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष भी हैं।

जागरण 19 Sep 2026 8:42 pm

ट्रंप को मध्यावधि चुनाव में रोकने की सीक्रेट साजिश! अमेरिकी मीडिया का दावा- करीबी लोग ही नहीं चाहते जीत

फॉक्स न्यूज की होस्ट लॉरा इंग्राहम ने दावा किया कि कुछ रिपब्लिकन नेता 2026 के मिडटर्म चुनाव में हार से भी परहेज नहीं करेंगे ताकि उन्हें ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी से राहत मिल सके.

NDTV इंडिया 19 Sep 2026 7:02 pm

अमेरिका का ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी ज़रूरतों पर स्थायी नियंत्रण : यह एक

Twit : मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौता किया है। इस […] The post अमेरिका का ग्रीनलैंड में सुरक्षा और अन्य सभी ज़रूरतों पर स्थायी नियंत्रण : यह एक “अनंत काल” का समझौता है : डोनाल्ड ट्रंप first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .

नवसंचार समाचार 19 Sep 2026 6:44 pm

अमेरिका में H-1B वीजा पर बड़ा झटका: $100,000 की भारी फीस सितंबर 2027 तक बरकरार, भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स पर टूटा संकट

अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए व्हाइट हाउस से एक बड़ा और चिंताजनक फैसला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा नियमों पर लगाए गए कड़े वित्तीय और विनियामक प्रतिबंधों की समयसीमा को एक और साल के लिए बढ़ाकर सितंबर 2027 तक लागू रखने का आधिकारिक फैसला लिया है। इस कड़े आव्रजन निर्देश के तहत अमेरिका में काम करने के इच्छुक विदेशी पेशेवरों की नियोक्ता कंपनियों को अब प्रति याचिका 100,000 डॉलर (लगभग 83 से 85 लाख रुपये) का भारी-भरकम अनिवार्य शुल्क अदा करना होगा। व्हाइट हाउस की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के मुताबिक, सितंबर 2025 में अस्थायी रूप से लागू किए गए ये कठोर नियम अब 21 सितंबर 2027 तक प्रभावी रहेंगे। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क है कि घरेलू तकनीकी श्रम बाजार में स्थानीय कामगारों के हितों की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, और वीजा सिस्टम के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए इस वित्तीय अवरोध को जारी रखना अनिवार्य हो गया है।नए वीजा नियम के कड़े प्रावधान: 21 सितंबर 2026 के बाद यूएस यात्रा करने वालों पर कड़ा पहरानए प्रशासनिक निर्देश के अनुसार, इस नियम के दायरे में आने वाले कोई भी विदेशी कर्मचारी तब तक अमेरिकी सीमा में प्रवेश नहीं कर सकते जब तक कि उनके प्रायोजक नियोक्ताओं द्वारा दायर याचिका में 100,000 डॉलर के इस विशेष अनिवार्य शुल्क का पूरा भुगतान शामिल न हो। यह शर्त विशेष रूप से उन विदेशी कर्मचारियों पर लागू की गई है जो वर्तमान में अमेरिका की सीमाओं से बाहर स्थित हैं और 21 सितंबर 2026 के बाद काम के सिलसिले में अमेरिका में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस व्यवस्था में राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन संतुलन बनाए रखने के लिए होमलैंड सिक्योरिटी सचिव को कुछ विवेकाधीन अधिकार दिए गए हैं। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव किसी विशेष व्यक्तिगत कर्मचारी, किसी कॉरपोरेट संस्थान के पूरे कार्यबल या किसी विशिष्ट वाणिज्यिक क्षेत्र को इस 100,000 डॉलर की लेवी से छूट दे सकते हैं, बशर्ते यह आधिकारिक तौर पर प्रमाणित किया जाए कि संबंधित विदेशी विशेषज्ञ का अमेरिका में रोजगार पाना देश के राष्ट्रीय हितों के लिए अपरिहार्य है और इससे अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा या आर्थिक कल्याण को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा।आईटी आउटसोर्सिंग और थर्ड-पार्टी एजेंसियों पर कार्रवाई: घरेलू कामगारों के विस्थापन का आरोपट्रंप प्रशासन का सीधा आरोप है कि लंबे समय से थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों और आईटी आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाताओं ने अमेरिकी कामगारों को दरकिनार कर सस्ते विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए H-1B वीजा कार्यक्रम की खामियों का दुरुपयोग किया है। सरकार की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया कि साल 2025 की घोषणा में भी रेखांकित किया गया था कि H-1B वीजा का मूल उद्देश्य अमेरिका में उच्च-कुशल और अति-विशिष्ट कार्यों के लिए अस्थायी तकनीकी प्रतिभाओं को आकर्षित करना था। इसके विपरीत, कई स्टाफिंग फर्मों ने कम वेतन वाले विदेशी कामगारों को लाकर अमेरिकी कर्मचारियों को विस्थापित करने का जरिया बना लिया। आधिकारिक जांचों में पाया गया कि ये आउटसोर्सिंग फर्में भारी संख्या में शुरुआती स्तर (एंट्री-लेवल) के H-1B कर्मचारियों की आपूर्ति कर रही थीं, जिन्हें पारंपरिक पूर्णकालिक अमेरिकी कर्मियों के मुकाबले काफी कम पारिश्रमिक दिया जाता था। इस प्रवृत्ति के चलते विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) पृष्ठभूमि से आने वाले अमेरिकी युवाओं और हालिया स्नातकों के लिए घरेलू बाजार में नौकरियां पाना बेहद कठिन हो गया था।भारतीय इंजीनियरों पर सबसे बड़ा प्रहार: 70% वीजा शेयर के कारण भारत सबसे अधिक प्रभावितयह फैसला अमेरिका में अपने तकनीकी करियर को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखने वाले भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और सिस्टम एनालिस्ट्स के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि समूचे H-1B वीजा तंत्र में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी सबसे व्यापक और निर्णायक रही है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) की वित्तीय वर्ष 2025 की आधिकारिक H-1B रिपोर्ट के अनुसार, स्वीकृत होने वाली कुल H-1B याचिकाओं में से लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारतीय अभ्यर्थियों के नाम रहा है। इस सूची में चीन काफी बड़े अंतर के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसकी स्वीकृतियों में मात्र 12.1 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई थी। ऐसे में जब अमेरिकी सरकार प्रति कर्मचारी लागत में अप्रत्याशित उछाल लाती है, तो उसका सीधा और सबसे व्यापक आर्थिक प्रभाव भारतीय पेशेवरों और भारत-आधारित वैश्विक आईटी सेवा प्रदाताओं पर ही पड़ता है।$995 से सीधे $100,000: वीजा लागत में 10,000% का ऐतिहासिक इजाफापुरानी मानक व्यवस्था पर नजर डालें तो अमेरिकी कंपनियों को एक H-1B आवेदक को स्पॉन्सर करने के लिए प्राथमिक तौर पर केवल 995 डॉलर का सरकारी भुगतान करना पड़ता था, जिसमें 215 डॉलर की प्रारंभिक लॉटरी एंट्री फीस और 780 डॉलर का मानक नियोक्ता याचिका शुल्क शामिल हुआ करता था। इसकी तुलना में 100,000 डॉलर की नई अनिवार्य आवश्यकता सीधे तौर पर 10,000 प्रतिशत से भी अधिक की अकल्पनीय वृद्धि दर्शाती है। इस भारी वित्तीय दायित्व ने वैश्विक स्तर पर प्रतिभाओं को हायर करने वाली टेक कंपनियों के बजट और भर्ती मॉडल को पूरी तरह झकझोर दिया है। कॉरपोरेट विश्लेषकों का स्पष्ट आकलन है कि अब अमेरिकी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां नई भर्तियों के लिए याचिकाओं की संख्या में भारी कटौती करेंगी, जिससे आने वाले महीनों में जारी होने वाले कुल H-1B वीजा की संख्या में भारी गिरावट दर्ज होना तय है।जूनियर डेवलपर्स के लिए रास्ते बंद: टेक दिग्गजों ने जारी किए थे इमर्जेंसी एडवाइजरीइस नियम के चलते विदेशी प्रतिभाओं के सामने एक बहुत बड़ी वित्तीय दीवार खड़ी हो गई है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च विशेषज्ञता वाले वरिष्ठ आर्किटेक्ट्स या दुर्लभ तकनीक में दक्ष दिग्गजों के लिए तो शीर्ष कंपनियां शायद इस विशाल राशि का भुगतान करने पर विचार कर लें, लेकिन शुरुआती करियर वाले जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और एंट्री-लेवल इंजीनियरों के लिए अमेरिकी ऑन-साइट प्रोजेक्ट्स पर जाने के रास्ते लगभग बंद हो रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जब इस नियम को पहली बार लागू करने की तैयारी की गई थी, तब अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और जेपी मॉर्गन चेस जैसी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने विदेशी कार्यबल के लिए आनन-फानन में सख्त यात्रा परामर्श जारी किए थे। उस दौरान छुट्टी पर भारत या विदेश गए तकनीकी कर्मियों को निर्देश दिया गया था कि वे 20 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि को नई मूल्य प्रणाली प्रभावी होने से पहले किसी भी तरह अमेरिका वापस लौट आएं, जिससे भारी अफरा-तफरी मच गई थी। अब इस नियम के सितंबर 2027 तक विस्तारित होने से अमेरिकी टेक कंपनियों को अपनी ऑन-साइट डिलीवरी रणनीति को छोड़कर ऑफ-शोरिंग और रिमोट डेवलपमेंट सेंटरों पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Sep 2026 5:45 pm

ट्रंप का दावा, 'ग्रीनलैंड सुरक्षा' पर अमेरिका और डेनमार्क में समझौता

ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर अमेरिका और डेनमार्क के बीच समझौता हुआ है, अमेरिका इसे स्थायी समझौता बता रहा है.

देशबन्धु 19 Sep 2026 5:28 pm

'किसी देश के दबाव में काम नहीं करता भारत', अमेरिकी प्रतिबंधों वाले बिल पर सरकार की दो टूक

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों को लेकर भारत की स्वतंत्र विदेश नीति दोहराई है। उन्होंने कहा कि भारत किसी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा।

जागरण 19 Sep 2026 5:23 pm

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का ‘Infinite Life’ समझौता क्या है? अमेरिका को क्या मिला, यूरोप और रूस-चीन के लिए क्यों बदलेंगे समीकरण

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच महीनों से चल रहा तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर को ऐलान किया कि अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच एक नया सुरक्षा समझौता हुआ है। ट्रंप ने इसे “Infinite Life” यानी अनंत अवधि वाला समझौता बताया […] यह लेख ग्रीनलैंड पर ट्रंप का ‘Infinite Life’ समझौता क्या है? अमेरिका को क्या मिला, यूरोप और रूस-चीन के लिए क्यों बदलेंगे समीकरण सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 19 Sep 2026 4:55 pm

ग्वाडलहारा में होगा ‘ऑल-अमेरिकन फाइनल’, जोविक से भिड़ेंगी स्टर्न्स

ग्वाडलहारा, 19 सितंबर . ग्वाडलहारा में ‘डब्ल्यूटीए 500’ खिताब के लिए अब पूरी तरह अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा. इवा जोविक और पेटन स्टर्न्स ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले सीधे सेटों में जीतकर फाइनल में जगह बना ली है. गत चैंपियन और दूसरी सीड जोविक ने छठी सीड क्रिस्टीना बुक्सा के खिलाफ 6-4, ... Read more

डेली किरण 19 Sep 2026 4:38 pm

ग्वाडलहारा में होगा 'ऑल-अमेरिकन फाइनल', जोविक से भिड़ेंगी स्टर्न्स

ग्वाडलहारा, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ग्वाडलहारा में 'डब्ल्यूटीए 500' खिताब के लिए अब पूरी तरह अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। इवा जोविक और पेटन स्टर्न्स ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले सीधे सेटों में जीतकर फाइनल में जगह बना ली है।

समाचार नामा 19 Sep 2026 4:34 pm

भारत डरेगा नहीं, रूस पर प्रतिबंध मामले में विदेश मंत्रालय अमेरिकी राजदूत को करे तलब: पूर्व राजनयिक

New Delhi, 19 सितंबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर के बाद, पूर्व राजनयिक के.पी. फैबियन ने Saturday को कहा कि यह नया कानून अमेरिकी President को उन देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से गैस और तेल आयात करते हैं. उनका ये ... Read more

डेली किरण 19 Sep 2026 4:33 pm

भारत की रफ्तार और विकास से अमेरिका घबराया, इसलिए लगा रहा टैरिफः केदार गुप्ता

भाजपा नेता केदार गुप्ता ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 100 फीसदी टैरिफ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए वेतन दान करने, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की भाजपा पर टिप्पणी सहित राजनीतिक घटनाक्रमों पर अपनी राय रखी।

खास खबर 19 Sep 2026 4:16 pm

अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव

अमेरिका ने यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती संगठन के साथ सीधे संपर्क का रास्ता अपनाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सऊदी अरब हूतियों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान तेज कर रहा है। इससे यमन को लेकर अमेरिका और सऊदी अरब की रणनीति में अंतर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी […] यह लेख अमेरिका ने हूतियों से शुरू की सीधी बातचीत, सऊदी अरब के सैन्य अभियान के बीच बढ़ा तनाव सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 19 Sep 2026 3:55 pm

राष्ट्रपति शिनबाम : मेक्सिको-अमेरिका की व्यापार वार्ता

मेक्सिको सिटी, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा कि उन्होंने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। इस बातचीत में यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) से जुड़ी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में हुई प्रगति पर चर्चा की गई।

देशबन्धु 19 Sep 2026 2:32 pm

अमेरिका के घर भारत से कितने अलग होते हैं?

अमेरिका के घर भारत के घरों से कई मायनों में अलग होते हैं. यहां कारपेट, बाथटब, सेंट्रल एसी-हीटिंग, ड्राईवॉल, गार्बेज डिस्पोजल और स्मोक अलार्म जैसी चीजें आम हैं, जो भारतीय घरों में कम देखने को मिलती हैं.

आज तक 19 Sep 2026 2:29 pm

लखनऊ में बैठकर FBI एजेंट बनकर अमेरिकियों से ठगी:सोना, डॉलर और क्रिप्टो में करवाते थे फंड ट्रांसफर, 5 राज्यों के 16 आरोपी पकड़ाए

लखनऊ के अलीगंज में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सदस्य खुद को अमेरिकी जांच एजेंसी FBI का एजेंट, FDI का अफसर और माइक्रोसॉफ्ट-अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के मेंबर और प्रतिनिधि बताते थे। इसके बाद वे विदेशी नागरिकों को खासकर अमेरिकियों को फोनकर अपने जाल में फंसा लेते थे। उन्हें ड्रग्स और पोर्नोग्राफी स्कैंडल में शामिल होने की बात बताकर डर दिखाते थे। ठगी का फंड सोना, क्रिप्टो और डॉलर में ट्रांसफर करवाते थे। अलीगंज पुलिस ने मामले में 16 आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। शनिवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके घटना का खुलासा किया। पुलिस ने गिरोह के सरगना शिवा उर्फ प्रियांशु कुशवाहा समेत 17 लोगों के खिलाफ IT एक्ट और BNS की 11 धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है। मुख्य आरोपी शिवा उर्फ प्रियांशु कुशवाहा फरार है। वह गुजरात का रहने वाला है। कॉल सेंटर के भंडाफोड़ के बाद की तस्वीरें देखिए… फर्जी FBI, FDI अफसर बन बनाते थे निशाना गिरोह NEXOLANE SOLUTION नाम से सेंटर चला रहा था। यहां विदेशी नागरिकों के ऑनलाइन डेटा को ट्रैक किया जाता था। ठगी के लिए उनके कंप्यूटर या मोबाइल पर फर्जी पॉप-अप और हैकिंग का अलर्ट भेजा जाता था। पॉप-अप पर दिए गए नंबर या विकल्प के जरिये पीड़ित की कॉल कॉल सेंटर तक पहुंचती थी। इसके बाद आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट का एजेंट या ग्लोबल टेक्निकल सपोर्ट बताकर बात करते थे। वे कंप्यूटर की समस्या ठीक करने का झांसा देकर UltraViewer जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर से कंप्यूटर का एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद फर्जी सिक्योरिटी स्कैन किया जाता था। पीड़ित को बताया जाता था कि उसके कंप्यूटर से पोर्नोग्राफी वेबसाइट खोली गई हैं या चाइल्ड पोर्नोग्राफी, ड्रग स्मगलिंग जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के सबूत मिले हैं। इससे पीड़ित डर जाता था। एजेंट के बाद वेरिफायर और क्लोजर टीम संभालती थी मोर्चा गिरोह तीन स्तर पर काम करता था। सबसे पहले एजेंट पीड़ित से बात करते थे। उसकी जानकारी वेरिफायर टीम को दी जाती थी। वेरिफायर दोबारा पीड़ित से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करता था। इसके बाद मामला क्लोजर टीम को दिया जाता था। क्लोजर टीम के सदस्य खुद को FBI, अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट या दूसरे सरकारी विभागों का अधिकारी बताते थे। वे गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ित से पैसे ऐंठते थे। डॉलर, सोना और क्रिप्टो में लेते थे रकम मामले को खत्म करने और सुरक्षा देने के नाम पर गिरोह पीड़ितों से ईमेल के जरिये गिफ्ट कार्ड मांगता था, जिन्हें बाद में क्रिप्टो करेंसी में बदलकर सरगना शिवा कुशवाहा क्यूआर कोड के माध्यम से अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता था। जिन लोगों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नहीं हो पाता था, उनसे अमेरिका में मौजूद अपने एजेंट्स को पार्सल/कूरियर के जरिये डॉलर या सोना भिजवाया जाता था। आरोपी गुजरात, बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और यूपी के रहने वाले पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर का संचालन मुख्य आरोपी शिवा उर्फ प्रियांशु कुशवाहा कर रहा था। वह अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। नेहाल और आशीष कॉल सेंटर के संचालन और मैनेजमेंट में प्रमुख भूमिका निभाते थे। दोनों कर्मचारियों की हायरिंग, ट्रेनिंग और उपस्थिति की व्यवस्था देखते थे। गिरफ्तार आरोपी गुजरात, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इनमें मैनेजर आशीष और वेरिफायर/टीम इंचार्ज मयंक चौहान अहमदाबाद के रहने वाले हैं। इनके अलावा विवेक सिंह, आदित्य कुमार सिंह, शिल्पा चक्रवर्ती, रॉकी राना, आयुष्मान, हसनैन, विशाल, तसीना गाजी, विश्वजीत मंडल, रिहान उर्फ फरान, जेनिफर लामा, जोइता दास, सुहेब और नेहाल कुमार के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों को 18 से 30 हजार रुपए महीने वेतन दिया जाता था। उनके रहने और खाने की व्यवस्था भी मुफ्त थी। 36 लैपटॉप और 20 मोबाइल बरामद 36 लैपटॉप जिनमें डायलर, रिमोट एक्सेस ऐप जैसे अल्ट्रा व्यूअर, सुप्रीमो और फर्जी FBI/FTC फाइल्स थीं। 20 मोबाइल फोन जो ऑफिस में घुसते ही मैनेजर केबिन में जमा करा लेता था, 05 वाई-फाई राउटर, 22 हैडफोन, 20 माउस और 32 लैपटॉप चार्जर बरामद हुए हैं। पुलिस ने सभी 17 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मुख्य सरगना शिवा उर्फ प्रियांशु कुशवाहा और अन्य सहयोगियों की तलाश व वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पुलिस उपायुक्त उत्तरी ने 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं, कांस्टेबल विपिन कुमार वर्मा को बेहतर और सराहनीय कार्य के लिए अलग से 5 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। ----------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में अमेरिकियों को ठगने वाले 16 लोग पकड़े गए : पुलिस चौकी के बगल में चलाते थे कॉल सेंटर, मास्टरमाइंड गुजरात का लखनऊ में अमेरिकी नागरिकों को ऑनलाइन ठगने वाले 16 लोग पकड़े गए हैं। इन लोगों ने पुलिस चौकी के बगल की बिल्डिंग में ही ऑफिस खोल रखा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस ऑफिस (कॉल सेंटर) का संचालक गुजरात का रहने वाला है। इन लोगों के टारगेट अमेरिकी नागरिक थे, जिन्हें ये कॉल पर तकनीकी मदद देने के बहाने झांसे में लेते थे। शुक्रवार सुबह पुलिस को अलीगंज इलाके में मॉर्निंग गश्त के दौरान कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। यह कपूरथला पुलिस चौकी से चौथी बिल्डिंग पर रिध्या प्लाजा में खुला था। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 2:11 pm

ड्रोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी पावरअस ने पाकिस्तान से किया अहम समझौता

जिस पावरअस कंपनी ने पाकिस्तान के साथ समझौता किया है, उसमें राष्ट्रपति ट्रंप के दोनों बेटों की हिस्सेदारी है. समझौते को इस रूप में भी देखा जा रहा है कि पाकिस्तान से अमेरिका के रक्षा संबंध गहरे हो रहे हैं.

बीबीसी हिंदी 19 Sep 2026 1:57 pm

Trump ने साइन किया 100% टैरिफ वाला बिल! भारत और चीन के लिए नया संकट, जानिए अमेरिका का पूरा मास्टरप्लान

Trump ने साइन किया 100% टैरिफ वाला बिल! भारत और चीन के लिए नया संकट, जानिए अमेरिका का पूरा मास्टरप्लान

समाचार नामा 19 Sep 2026 1:50 pm

अमेरिका के पानी पर हैकर्स की नजर, कोलोराडो में वॉटर सिस्टम पर लगाई सेंध

अमेरिका के कोलोराडो में दो छोटे वाटर सिस्टम पर विदेशी हैकर्स ने साइबर अटैक किया और उपकरणों की सेटिंग में बदलाव कर दिए. हालांकि, इससे पानी की सप्लाई और क्वालिटी पर कोई खास असर नहीं पड़ा.

आज तक 19 Sep 2026 1:44 pm

ग्रीनलैंड पर Trump का बड़ा दावा, अमेरिका बढ़ाएगा सैन्य मौजूदगी; रूस-चीन के लिए बंद होंगे रास्ते

ग्रीनलैंड पर Trump का बड़ा दावा, अमेरिका बढ़ाएगा सैन्य मौजूदगी; रूस-चीन के लिए बंद होंगे रास्ते

समाचार नामा 19 Sep 2026 1:40 pm

मेक्सिको-अमेरिका व्यापार वार्ता में हो रही प्रगति: राष्ट्रपति शिनबाम

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा कि उन्होंने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। इस बातचीत में यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) से जुड़ी द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में हुई प्रगति पर चर्चा की गई।

खास खबर 19 Sep 2026 1:35 pm

साहित्य विचारों की आजादी का मंच, पढ़ना अहिंसक प्रतिरोध: अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल

सिएटल, 19 सितंबर . भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने पढ़ने की अहमियत समझाई है. उन्होंने लोगों से सेंसरशिप का विरोध करने और चुनौती दी गई किताबों को पढ़ना जारी रखने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि साहित्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और दबाई जा रही आवाजों को सामने लाने ... Read more

डेली किरण 19 Sep 2026 1:04 pm

कुरुक्षेत्र के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:बैरियर से टकराया ट्राला, 20 फीट नीचे रेलवे-लाइन पर गिरा; डंकी रुट से गया था

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी के रहने वाले 34 साल के विक्की अरोड़ा की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। विक्की अमेरिका के इंडियाना में रह रहा था और ट्राला चलाता था। 17 सितंबर की रात करीब ढाई बजे वह ट्राले में सामान लेकर हाईवे से जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत साइड में दूसरा ट्राला आ गया। उसे बचाने के चक्कर में विक्की का ट्राला बेकाबू होकर हाईवे के किनारे बनी कंक्रीट के बैरियर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। सिर के बल गिरने से उसे गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। रात साढ़े 11 बजे मिली सूचना विक्की इंडियाना में पिहोवा के ही युवक हैप्पी के साथ रूममेट था। हादसे के बाद वहां की पुलिस ने हैप्पी से विक्की की पहचान करवाई। इसके बाद हैप्पी ने शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे पिहोवा में विक्की के परिवार को फोन कर हादसे और उसकी मौत की जानकारी दी। 17-18 सितंबर की रात को हुआ हादसा विक्की के चाचा राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि अमेरिका के समय के मुताबिक 17-18 सितंबर की रात करीब ढाई बजे विक्की ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। ओहायो शहर के पास हाईवे पर सामने से गलत साइड में अचानक दूसरा ट्राला आ गया। उसे बचाने के दौरान विक्की का ट्राला बेकाबू होकर कंक्रीट के बैरियर से जा टकराया। टकराते ही विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर गिर गया। नीचे गिरते ही विक्की ने दम तोड़ दिया। सुबह पुलिस ने एक्सीडेंट की सूचना ट्रांसपोर्ट संचालक तक पहुंचाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल भेज दिया। यहां सोमवार को विक्की के शव का पोस्टमॉर्टम होगा। 12 साल बाद पहली बार घर लौटने वाला था विक्की के परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि वह करीब 12 साल से अमेरिका में था और अब पहली बार स्थायी तौर पर घर आने की तैयारी कर रहा था। 16 सितंबर को ही विक्की ने अपने पिता कश्मीरी लाल से फोन पर बातचीत की थी। उसके पिता समेत परिवार विक्की के वापस लौटने से खुश था। घर में चल रही थी शादी की प्लानिंग कश्मीरी लाल के मुताबिक, विक्की नवंबर-दिसंबर में घर वापस आने वाला था। विक्की ने यह भी बताया था कि वापस आकर वह अपना कोई काम शुरू करेगा। बेटे के घर लौटने की बात से परिवार काफी खुश था। घर में उसकी शादी को लेकर भी तैयारी और बातचीत चल रही थी। लेकिन घर लौटने से पहले ही अमेरिका से उसकी मौत की खबर आ गई। 2014 में 45-50 लाख रुपए खर्च कर गया था अमेरिका राजकुमार ने बताया कि विक्की साल 2014 में अमेरिका गया था। उसे अमेरिका भेजने में परिवार ने करीब 45 से 50 लाख रुपए खर्च किए थे। एजेंट ने उसे डंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचाया था। इसमें करीब दो साल का समय लगा था। इसके बाद वह अमेरिका में ही रहकर ट्राला चलाने का काम कर रहा था। भाई की बाजार में जूस की दुकान विक्की का बड़ा भाई सोनू अरोड़ा है, उसकी पिहोवा के मेन बाजार में जूस की दुकान है। विक्की की मां राजरानी की करीब तीन साल पहले मौत हो चुकी है। अब परिवार में पिता और भाई समेत अन्य परिजन हैं। चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की का शव फिलहाल आहयो के अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है। सोमवार को उसका पोस्टमॉर्टम होगा। इसके बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इंडियाना तक लाने का खर्च 8 हजार डॉलर राजकुमार ने बताया कि आहयो से इंडियाना तक शव को ले जाने और अन्य प्रक्रिया में करीब 8 हजार डॉलर का खर्च बताया गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों ने मांग की है कि सरकार विक्की का शव जल्द भारत लाने में मदद करे, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 1:01 pm

वे हम पर नज़र रखते हैं, हम उन पर, शी जिनपिंग के अमेरिकी दौरे से पहले बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ़्ते वॉशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात करने वाले हैं। ट्रंप का कहना है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव के बावजूद दोनों नेताओं के संबंध अच्छे हैं। शी के आने वाले दौरे के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा मुझे लगता है कि वह आ रहे हैं... यह अच्छी बात है कि हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है। हमारे संबंध अच्छे रहे हैं। वह अगले हफ़्ते यहाँ होंगे... हमारी मुलाक़ात बहुत अच्छी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हालात बहुत अच्छे हैं और उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान कई तरह के समझौते होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चीन अमेरिका को भारी टैरिफ दे रहा है, जिससे उन्हें बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है। इसे भी पढ़ें: 1 लाख डॉलर दो...नाचते-नाचते ट्रंप ने भारतीयों को दिया एक और बड़ा झटका, H1B Visa वाले सावधान! चीन की जासूसी से जुड़ी चिंताओं पर ट्रंप ने कहा किसी ने कहा अरे, वे हमारी जासूसी करते हैं। मैंने कहाहो सकता है कि वे ऐसा करते हों, लेकिन हम भी उनकी जासूसी करते हैं। यह इस साल ट्रंप और शी के बीच दूसरी बैठक होगी। दोनों नेता अपने रिश्तों में स्थिरता लाना चाहते हैं, जो व्यापार, ताइवान और ईरान को लेकर मतभेदों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के कारण दबाव में हैं। शी का यह दौरा एक दशक में व्हाइट हाउस का उनका पहला दौरा भी होगा। वे ऐसे समय में आ रहे हैं जब चीन की अर्थव्यवस्था लगातार दूसरे साल $1 ​​ट्रिलियन का ट्रेड सरप्लस दर्ज करने की राह पर है। वहीं, ट्रंप ईरान युद्ध और कम अप्रूवल रेटिंग जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे व्यापार समझौतों की तलाश में हैं जिन्हें वे बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे अमेरिकियों के सामने फायदे के तौर पर पेश कर सकें। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने H-1B Visa पर लगाया 1 लाख डॉलर का शुल्क एक साल और बढ़ाया यह शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को होना है और यह ट्रंप के मई में बीजिंग दौरे के बाद हो रहा है। टैरिफ़ पर बनी सहमति की समय-सीमा नवंबर में खत्म हो रही है। बाज़ार इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या दोनों देश उस टैरिफ़ समझौते को आगे बढ़ाते हैं या नहीं, जो पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में ट्रंप और शी के बीच हुई बैठक के बाद घोषित किया गया था। यह समझौता 10 नवंबर को खत्म होने वाला है। इस समझौते से उस ट्रेड वॉर पर रोक लग गई जिसमें अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे पर 100% से ज़्यादा टैरिफ लगाकर ग्लोबल सप्लाई चेन को खतरे में डाल दिया था। अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने इस महीने कहा कि दोनों देश खेती और नॉन-टैरिफ बैरियर से जुड़ी कुछ घोषणाएं करेंगे। ट्रेडर्स इस बात पर भी नज़र रखेंगे कि 30 अरब डॉलर के सामान पर आपसी टैरिफ कम करने के समझौते में कितनी प्रगति होती है। चीन इसके लिए सबसे आसानी से अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर लगने वाली ड्यूटी कम कर सकता है।

प्रभासाक्षी 19 Sep 2026 12:58 pm

AI की एक मिस्टेक और छिड़ जाता अमेरिका-चीन में विनाशक युद्ध, गलत रिपोर्ट पर US आर्मी ने कर ली थी हमले की पूरी तैयारी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा आज रक्षा और सेना सहित लगभग हर बड़े क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। मगर क्या आप जानते हैं कि AI की एक मामूली चूक अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों को सीधे युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर सकती थी? मामला ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सैन्य तनाव के दौरान का है, जब एक खुफिया इनपुट ने अचानक हड़कंप मचा दिया। सीएनएन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि मध्य पूर्व में तैनात एक चीनी जहाज कथित तौर पर परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा संदिग्ध सामान ले जा रहा है। हालांकि, बाद में यह जानकारी पूरी तरह गलत साबित हुई। AI द्वारा किए गए इसी गलत आंकलन ने दोनों देशों के बीच बड़े सैन्य टकराव की गंभीर आशंका पैदा कर दी थी। इसे भी पढ़ें: Pakistan Army को भारी नुकसान, Balochistan में BLA के हमलों में 43 जवानों के मारे जाने का दावा गलत रिपोर्ट से फैली सनसनी ईरान के साथ युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट फैली, जिससे तुरंत खतरे की घंटी बज गई। मध्य पूर्व में एक चीनी जहाज परमाणु हथियार कार्यक्रम के पुर्जे ले जा रहा था। इस घटनाक्रम से जुड़े चार सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जहाज को रोकने की योजना पर काम शुरू कर दिया। दो सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना के हथियारबंद सदस्य जहाज पर चढ़ने की तैयारी कर रहे थे। घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र और एक अन्य सूत्र ने बताया कि सैन्य विमान हवा में थे। योजनाबद्ध ऑपरेशन से ठीक पहले अधिकारियों ने स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड एनालिस्ट द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की गहराई से जांच की और पाया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया था और एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए गए चैटबॉट ने जहाज पर लदे सामान की गलत पहचान की थी। CNN यह पता नहीं लगा सका कि गलत पहचाना गया सामान क्या था। एक सूत्र के अनुसार, रिपोर्ट पूरी तरह से गलत थी। लेकिन सूत्र ने कहा कि इसने लगभग युद्ध शुरू ही कर दिया था। चीनी जहाज के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन से दोनों देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष का खतरा पैदा हो सकता था। इसे भी पढ़ें: ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका! आपस में भिड़ सकते थे चीन-अमेरिका अमेरिकी सेना और इंटेलिजेंस कम्युनिटी में अधिकारी अपने काम के लगभग हर पहलू में AI को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा इकट्ठा की गई भारी मात्रा में रॉ इंटेलिजेंस का विश्लेषण करने और हमले के लिए टारगेट चुनने से लेकर बजट, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के प्रबंधन जैसे सामान्य कामों तक। लेकिन यह घटना युद्ध के बीच टारगेट तय करने के लिए इस शक्तिशाली, नई और अपेक्षाकृत कम समझी जाने वाली तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर खतरों को उजागर करती है। एनालिस्ट को लंबे समय से डर है कि अगर देश खराब या गलत डेटा पर निर्भर रहते हैं तो AI एक विनाशकारी गलती का कारण बन सकता है। ऐसी गलती जिसके कारण अमेरिका गलत जानकारी के आधार पर चीनी जहाज पर हमला कर सकता है। इस खास मामले में एनालिस्ट ने हवाई स्थित US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक से मिली जहाज के मैनिफेस्ट (सामान की सूची) से जुड़ी इंटेलिजेंस रिपोर्टिंग के बारे में एक चैटबॉट से सवाल किया। यह स्पष्ट नहीं था कि चैटबॉट व्यावसायिक रूप से उपलब्ध था या अमेरिकी सरकार का उत्पाद था। सैन्य और इंटेलिजेंस एनालिस्ट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम से परिचित एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, आंतरिक उपकरण ज्यादातर व्यावसायिक चीजों की ही नकल होते हैं, बस उन्हें थोड़ा आकर्षक रूप दे दिया जाता है। चैटबॉट ने खुफिया जानकारी को गलत तरीके से जोड़ा बॉट ने सरकारी डेटा में मौजूद ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और सीक्रेट सिग्नल इंटेलिजेंस को मिलाकर उस सामान के बारे में एक अहम नतीजा निकाला जो जहाज़ पर लदा था। इसके बाद एनालिस्ट ने AI का इस्तेमाल करके इन जानकारियों को एक स्टैंडर्ड इंटेलिजेंस रिपोर्ट का रूप दिया। ऐसी रिपोर्ट जिस पर मिलिट्री अधिकारी भरोसा करते हैं और उसे आगे भेजा। US स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड पैसिफिक और पेंटागन ने इस पर टिप्पणी करने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया। AI को तेज़ी से अपनाने की वजह यह है कि यह मिलिट्री को युद्ध के मैदान में फ़ैसले लेने में मदद कर सकता है, जैसे कि किन टारगेट पर हमला करना है या किन मिलिट्री एसेट्स को कहाँ भेजना है, और ये फ़ैसले तेज़ी से लिए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर कभी चीन या किसी दूसरे दुश्मन से लड़ना पड़ा जो शायद US से एक कदम आगे रहने की क्षमता रखता हो, तो US AI को अपनाने में पीछे नहीं रह सकता।

प्रभासाक्षी 19 Sep 2026 12:39 pm

बंगाल उपचुनाव में ममता की कैंडिडेट ने नाम वापस लिया, कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार; ईरानी राष्ट्रपति अमेरिका जाएंगे, निठारी कांड के आरोपी की मौत

बंगाल उपचुनाव में ममता की कैंडिडेट ने नाम वापस लिया, कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार; ईरानी राष्ट्रपति अमेरिका जाएंगे, निठारी कांड के आरोपी की मौत

समाचार नामा 19 Sep 2026 12:19 pm

ट्रंप के 100% टैरिफ से अमेरिका में 40% तक महंगे होंगे भारतीय प्रोडक्ट्स,जानिए किन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे बुरा असर

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की ओर से भारतीय आयात पर 100% टैरिफ का बिल पास होने से टेक्सटाइल, लेदर, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे प्रमुख सेक्टरों में लगभग 10 लाख नौकरियों पर सीधा खतरा मंडरा रहा है.

NDTV इंडिया 19 Sep 2026 11:54 am

Study Abroad 2026: विदेश में पढ़ाई का प्लान? अमेरिका से फ्रांस तक जानें फीस, वीजा और नौकरी के नियम

Study Abroad 2026: विदेश में पढ़ाई का प्लान? अमेरिका से फ्रांस तक जानें फीस, वीजा और नौकरी के नियम

समाचार नामा 19 Sep 2026 11:21 am

अमेरिका में इंडियन अमेरिकन टेक CEOs फोरम का आयोजन, सत्य नडेला बोले- भारत के साथ सिएटल टेक कम्युनिटी के रिश्ते हो रहे मजबूत

फोरम में एक इंटरैक्टिव सेशन भी हुआ, जिसमें भाग लेने वाले CEOs ने भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।

ज़ी न्यूज़ 19 Sep 2026 10:58 am

अमेरिका में इंडियन अमेरिकन टेक CEOs फोरम का आयोजन, सत्य नडेला बोले ने कार्यक्रम को किया संबोधित

फोरम में एक इंटरैक्टिव सेशन भी हुआ, जिसमें भाग लेने वाले CEOs ने भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।

खबर इंडिया टीवी 19 Sep 2026 10:58 am

AI की एक गलती से छिड़ सकता था चीन-अमेरिका युद्ध! हमले की तैयारी में थी US आर्मी

AI पर निर्भरता कितनी खतरनाक साबित हो सकती है, उसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है. लेटेस्ट रिपोर्ट में पता चला कि अमेरिकी सेना की एक गलत रिपोर्ट की वजह से चीन के साथ उनका युद्ध छिड़ सकता था, जो समय रहते रोक लिया गया. आइए जानते हैं कैसे?

आज तक 19 Sep 2026 10:49 am

AI की गलती से चीन के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाला था अमेरिका, आखिरी समय में रुका ऑपरेशन, ऐसे टला खतरा

क्या AI की एक गलती दुनिया को युद्ध की ओर धकेल सकती है? CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने एक चीनी जहाज के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली थी. इस घटना ने सैन्य और खुफिया क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

NDTV इंडिया 19 Sep 2026 10:47 am

अमेरिका-सऊदी के बीच 24 अरब डॉलर की F-35 डील, देखें US Top-10

अमेरिका ने सऊदी अरब को 24.3 अरब डॉलर के F-35 विमान बेचने की मंजूरी दे दी है. इस डील के तहत सऊदी को दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में से एक को खरीदने का मौका मिल गया है. ये फैसला ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच उलझता जा रहा है. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 19 Sep 2026 10:44 am

ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़ा करने की धमकियों के बाद अमेरिका और डेनमार्क में हुआ ये समझौता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे ऐतिहासिक समझौता और अमेरिका और अमेरिकी लोगों के लिए एक बड़ी जीत बताया. वाक़ई यह समझौता अमेरिका की जीत है?

बीबीसी हिंदी 19 Sep 2026 9:58 am

AI की एक गलती से अमेरिका-चीन के बीच छिड़ जाती जंग! चीनी जहाज पर हमले की हो गई थी तैयारी

ईरान युद्ध के दौरान AI की मदद से तैयार एक गलत अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में चीनी जहाज पर परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री होने का दावा किया गया। अमेरिकी सेना ने जहाज पर कार्रवाई की तैयारी की, लेकिन अंतिम समय में गलती पकड़ी गई।

खबर इंडिया टीवी 19 Sep 2026 9:44 am

AI ने दी ऐसी जानकारी कि अमेरिका करने वाला था चीनी जहाज पर हमला! बाल-बाल टला महायुद्ध

AI की गलत खुफिया रिपोर्ट के कारण अमेरिका एक चीनी जहाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर बैठा था। रिपोर्ट में परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े सामान का दावा किया गया था, लेकिन बाद में जानकारी गलत निकली।

लाइव हिन्दुस्तान 19 Sep 2026 9:27 am

सोनीपत में कुत्तों का मालिक का आया सामने:बच्चे पर डॉग के हमले का मामला; बोला- पिटबुल नहीं, अमेरिकन बुली नस्ल के है

सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में 6 महीने के बच्चे पर डॉग के हमले के मामले में अब डॉग मालिक राजेश कुमार मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्चे पर हमला करने वाले डॉग पिटबुल नहीं, बल्कि अमेरिकन बुली नस्ल के हैं। राजेश के मुताबिक दोनों फीमेल डॉग अल्फा और बीटा करीब 7 साल से उनके पास थीं और इस दौरान उन्होंने कभी किसी पर हमला नहीं किया। सोमवार शाम अचानक दोनों डॉग नीचे आ गईं और पड़ोस की महिला की गोद में बच्चे को देखकर अल्फा ने उस पर हमला कर दिया। दोनों कुत्तों को घर से निकाला घटना के बाद राजेश ने दोनों डॉग को अपने घर से निकालकर पंजाब में किसी अन्य व्यक्ति को निशुल्क दे दिया। अब दोनों की नई वीडियो भी सामने आई है, जिसमें अल्फा और बीटा एक बच्चे और उसकी मां के साथ खेलती नजर आ रही हैं। वहीं, डॉग मालिक ने बच्चे के इलाज पर मैक्स अस्पताल में चार दिन में करीब 4 लाख रुपए खर्च होने की बात कही है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चे को आगे के इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। राजेश ने घटना को लेकर अपनी गलती भी मानी है। अब पढ़िए डॉग मालिक ने क्या कहा… पिटबुल नहीं, अमेरिकन बुली नस्ल के हैं डॉग:सिक्का कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसके घर में रहने वाले दोनों डॉग पिटबुल नहीं, बल्कि अमेरिकन बुली नस्ल के हैं। दोनों फीमेल डॉग के नाम अल्फा और बीटा हैं और उनकी उम्र करीब 7 साल है। राजेश के मुताबिक उसने दोनों डॉग करीब 7 साल पहले खरीदे थे। उसे डॉग पालने का शौक था और साथ ही वह इनके प्रजनन के बाद होने वाले बच्चों को बेचकर बिजनेस करने की योजना बना रहा था। दोनों डॉग को उसी ने खरीदकर घर में रखा था। बेटे ने ट्यूशन जाने के लिए खोला था गेट: राजेश ने बताया कि सोमवार शाम वह घर के नीचे बैठा हुआ था, जबकि दोनों डॉग ऊपर रहते थे। उसका बेटा ट्यूशन जाने के लिए घर का गेट खोलकर बाहर चला गया। इसी दौरान दोनों डॉग अचानक नीचे कैसे आ गए, इसकी जानकारी उसे नहीं है। गोद में बच्चे को खिलौना समझकर झपटी अल्फा: राजेश का कहना है कि पड़ोस की लड़की की गोद में 6 महीने का बच्चा था। उसे आशंका है कि अल्फा ने गोद में मौजूद बच्चे को किसी खेलने वाले खिलौने के रूप में समझ लिया और अचानक उसकी तरफ झपट गई। इसी दौरान बच्चे पर हमला हो गया। राजेश ने दावा किया कि अल्फा और बीटा दोनों शांत स्वभाव की थीं। करीब 7 साल तक उनके पास रहने के दौरान दोनों ने कभी किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया। उसने कहा कि सोमवार को हुई घटना अचानक हुई और इससे पहले इस तरह की कोई शिकायत या घटना सामने नहीं आई थी। हमले के बाद पंजाब भेजे दोनों डॉग: बच्चे पर हमला होने के बाद राजेश ने दोनों डॉग को अपने घर से निकाल दिया। उसने बताया कि अल्फा और बीटा को पंजाब में किसी अन्य व्यक्ति को निशुल्क दे दिया गया है। दोनों डॉग अब वहीं रह रही हैं। बच्चों के साथ खेलती दिखीं मां:दोनों डॉग की नई वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में अल्फा और बीटा एक बच्चे और उसकी मां के साथ खेलती नजर आ रही हैं। डॉग मालिक का दावा है कि पंजाब भेजे जाने के बाद भी दोनों का व्यवहार शांत है। डॉग्स मालिक ने कैसे उठाया खर्च मैक्स में 4 दिन में करीब 4 लाख खर्च होने का दावा: राजेश ने बताया कि हमले में घायल बच्चे का इलाज मैक्स अस्पताल में कराया गया। उसके अनुसार वहां करीब चार दिन के इलाज में लगभग 4 लाख रुपए खर्च हुए। बाद में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह आगे का महंगा इलाज कराने में असमर्थ था। डॉक्टरों ने बच्चे को खतरे से बाहर बताया, जिसके बाद आगे के इलाज के लिए उसे पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। डॉग मालिक खुद डायलिसिस पर: राजेश ने बताया कि उसकी खुद की किडनी खराब है और वह डायलिसिस पर है। परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। उसने बताया कि वह अपने भाई की मदद से परिवार का खर्च चला रहा है। परिवार में उसकी पत्नी और बेटा हैं। किराए के मकान में रह रहा परिवार: राजेश के मुताबिक वह पिछले करीब साढ़े तीन साल से सिक्का कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा है। इससे पहले वह जनता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। उसने बताया कि उसका खुद का मकान भी था, लेकिन बीमारी और आर्थिक परेशानी के चलते उसे बेचना पड़ा। राजेश ने बताया कि पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद कई अन्य बीमारियां होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई। बीमारी के इलाज और खर्चों के चलते उसे अपना मकान तक बेचना पड़ा। डॉग पालना अपनी गलती मानी: घटना के बाद राजेश ने अपनी गलती भी मानी। उसने कहा कि उसके घर में अल्फा और बीटा को पालना और इस तरह की घटना होना उसकी गलती है। उसका कहना है कि उसने डॉग शौक और बिजनेस के उद्देश्य से पाले थे, लेकिन बच्चे पर हमले के बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ है। बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर राजेश ने बताया कि अब उसकी तबीयत ठीक है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उसने कहा कि बच्चे का इलाज जारी है और उसकी हालत पहले से बेहतर है।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 8:46 am

बच्चे पर हमला करने वाली पिटबुल नहीं अमेरिकन बुली है:डॉग का नया VIDEO आया सामने; मालिक आया सामने-बोला, दोनों कुत्तों को घर से बाहर भेजा

सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में 6 महीने के बच्चे पर डॉग के हमले के मामले में अब डॉग मालिक राजेश कुमार मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्चे पर हमला करने वाले डॉग पिटबुल नहीं, बल्कि अमेरिकन बुली नस्ल के हैं। राजेश के मुताबिक दोनों फीमेल डॉग अल्फा और बीटा करीब 7 साल से उनके पास थीं और इस दौरान उन्होंने कभी किसी पर हमला नहीं किया। सोमवार शाम अचानक दोनों डॉग नीचे आ गईं और पड़ोस की महिला की गोद में बच्चे को देखकर अल्फा ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद राजेश ने दोनों डॉग को अपने घर से निकालकर पंजाब में किसी अन्य व्यक्ति को निशुल्क दे दिया। अब दोनों की नई वीडियो भी सामने आई है, जिसमें अल्फा और बीटा एक बच्चे और उसकी मां के साथ खेलती नजर आ रही हैं। वहीं, डॉग मालिक ने बच्चे के इलाज पर मैक्स अस्पताल में चार दिन में करीब 4 लाख रुपए खर्च होने की बात कही है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चे को आगे के इलाज के लिए पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। राजेश ने घटना को लेकर अपनी गलती भी मानी है। अब पढ़िए डॉग मालिक राजेश कुमार ने क्या कहा… पिटबुल नहीं, अमेरिकन बुली नस्ल के हैं डॉग:सिक्का कॉलोनी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसके घर में रहने वाले दोनों डॉग पिटबुल नहीं, बल्कि अमेरिकन बुली नस्ल के हैं। दोनों फीमेल डॉग के नाम अल्फा और बीटा हैं और उनकी उम्र करीब 7 साल है।राजेश के मुताबिक उसने दोनों डॉग करीब 7 साल पहले खरीदे थे। उसे डॉग पालने का शौक था और साथ ही वह इनके प्रजनन के बाद होने वाले बच्चों को बेचकर बिजनेस करने की योजना बना रहा था। दोनों डॉग को उसी ने खरीदकर घर में रखा था। बेटे ने ट्यूशन जाने के लिए खोला था गेट: राजेश ने बताया कि सोमवार शाम वह घर के नीचे बैठा हुआ था, जबकि दोनों डॉग ऊपर रहते थे। उसका बेटा ट्यूशन जाने के लिए घर का गेट खोलकर बाहर चला गया। इसी दौरान दोनों डॉग अचानक नीचे कैसे आ गए, इसकी जानकारी उसे नहीं है।गोद में बच्चे को खिलौना समझकर झपटी अल्फा: राजेश का कहना है कि पड़ोस की लड़की की गोद में 6 महीने का बच्चा था। उसे आशंका है कि अल्फा ने गोद में मौजूद बच्चे को किसी खेलने वाले खिलौने के रूप में समझ लिया और अचानक उसकी तरफ झपट गई। इसी दौरान बच्चे पर हमला हो गया। राजेश ने दावा किया कि अल्फा और बीटा दोनों शांत स्वभाव की थीं। करीब 7 साल तक उनके पास रहने के दौरान दोनों ने कभी किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया। उसने कहा कि सोमवार को हुई घटना अचानक हुई और इससे पहले इस तरह की कोई शिकायत या घटना सामने नहीं आई थी।हमले के बाद पंजाब भेजे दोनों डॉग: बच्चे पर हमला होने के बाद राजेश ने दोनों डॉग को अपने घर से निकाल दिया। उसने बताया कि अल्फा और बीटा को पंजाब में किसी अन्य व्यक्ति को निशुल्क दे दिया गया है। दोनों डॉग अब वहीं रह रही हैं। नई वीडियो में बच्चे और मां के साथ खेलती दिखीं:दोनों डॉग की नई वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में अल्फा और बीटा एक बच्चे और उसकी मां के साथ खेलती नजर आ रही हैं। डॉग मालिक का दावा है कि पंजाब भेजे जाने के बाद भी दोनों का व्यवहार शांत है। डॉग्स मालिक ने कैसे उठाया खर्च मैक्स में 4 दिन में करीब 4 लाख खर्च होने का दावा: राजेश ने बताया कि हमले में घायल बच्चे का इलाज मैक्स अस्पताल में कराया गया। उसके अनुसार वहां करीब चार दिन के इलाज में लगभग 4 लाख रुपए खर्च हुए। बाद में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह आगे का महंगा इलाज कराने में असमर्थ था। डॉक्टरों ने बच्चे को खतरे से बाहर बताया, जिसके बाद आगे के इलाज के लिए उसे पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया। डॉग मालिक खुद डायलिसिस पर:राजेश ने बताया कि उसकी खुद की किडनी खराब है और वह डायलिसिस पर है। परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है। उसने बताया कि वह अपने भाई की मदद से परिवार का खर्च चला रहा है। परिवार में उसकी पत्नी और बेटा हैं। किराए के मकान में रह रहा परिवार: राजेश के मुताबिक वह पिछले करीब साढ़े तीन साल से सिक्का कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा है। इससे पहले वह जनता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। उसने बताया कि उसका खुद का मकान भी था, लेकिन बीमारी और आर्थिक परेशानी के चलते उसे बेचना पड़ा।राजेश ने बताया कि पहले उसका एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद कई अन्य बीमारियां होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई। बीमारी के इलाज और खर्चों के चलते उसे अपना मकान तक बेचना पड़ा। डॉग पालना अपनी गलती मानी: घटना के बाद राजेश ने अपनी गलती भी मानी। उसने कहा कि उसके घर में अल्फा और बीटा को पालना और इस तरह की घटना होना उसकी गलती है। उसका कहना है कि उसने डॉग शौक और बिजनेस के उद्देश्य से पाले थे, लेकिन बच्चे पर हमले के बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ है। बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर राजेश ने बताया कि अब उसकी तबीयत ठीक है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उसने कहा कि बच्चे का इलाज जारी है और उसकी हालत पहले से बेहतर है।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 8:46 am

कनाडा के पूर्व ओलंपिक के ड्रग कार्टेल के मामले खुलासा:124 किलो कोकीन तस्करी मामले में पंजाबी ट्रक ड्राइवर को अमेरिका में 9 साल की सजा

अमेरिका की अदालत में बेहद गोपनीय तरीके से चली सुनवाई के बाद ओंटारियो के एक ट्रक ड्राइवर को 9 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह मामला कोई सामान्य ड्रग तस्करी का नहीं, बल्कि 2002 शीतकालीन ओलंपिक में कनाडा का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व खिलाड़ी रियान वेडिंग के अंतर्राष्ट्रीय नारको कार्टेल से जुड़ा हुआ है। एफबीआई ने रियान वेडिंग को 'आज के दौर का पाब्लो एस्कोबार' करार दिया है, जो कोलंबिया, मैक्सिको और अमेरिका के रास्ते कनाडा में कोकीन की सप्लाई लाइन चला रहा था। सीक्रेट चैंबर से 124 किलो कोकीन बरामदब्रैम्टन के 58 वर्षीय इकबाल सिंह विर्क ने लॉस एंजिल्स की अदालत में स्वीकार किया कि वह ओंटारियो से कैलिफोर्निया तक अपने ट्रक के जरिए कोकीन की खेप अमेरिका समेत कई जगह पहुंचाता था। 28 अगस्त 2024 को जब विर्क और उसका साथी रणजीत सिंह रोवाल मिशिगन को जोड़ने वाले ब्लू वॉटर ब्रिज के पास अमेरिकी कस्टम पोस्ट पहुंचे, तो एफबीआई के अधिकारियों ने उन्हें दबोच लिया। एफबीआई ने इस गिरोह में पहले से ही अपने गुप्त एजेंट शामिल किए हुए थे। जांच के दौरान ट्रक के एक सीक्रेट चैंबर से 124 किलो कोकीन बरामद हुई, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 4 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 33 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। अमेरिका का सहयोग कर रहे मुख्य गवाह की हत्या मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने अदालती दस्तावेजों पर कड़ा प्राइवेसी ऑर्डर लागू कर दिया। इसका मुख्य कारण यह था कि अमेरिकी सरकार का सहयोग कर रहे एक मुख्य गवाह की पहले ही हत्या की जा चुकी थी। गवाहों और गुप्त मुखबिरों की जान बचाने के लिए कोर्ट ने ‘अटॉर्नीज आइज ओनली’ का आदेश जारी किया, जिसका मतलब है कि वकील कुछ संवेदनशील सबूत अपने क्लाइंट को भी नहीं दिखा सकते। सजा पूरी होते ही भारत डिपोर्ट होगा विर्कमुख्य सरगना रियान वेडिंग को जनवरी में मैक्सिको से गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह अमेरिकी जेल में बंद है। विर्क को इस मामले में उम्रकैद की सजा हो सकती थी, लेकिन अदालत में अपना अपराध कबूल करने के बाद उसे 9 साल की सजा सुनाई गई। वहीं, उसके साथी रोवाल को 37 महीने की कैद मिली है। दोनों आरोपी भारतीय नागरिक हैं और कनाडा के पीआर (परमानेंट रेसीडेंट) हैं। अमेरिकी कानून के तहत सजा पूरी होते ही विर्क को अमेरिका से सीधे भारत डिपोर्ट कर दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 8:44 am

अमेरिका: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की राष्ट्रपति से पहली बार मिलेंगे ट्रंप, न्यूयॉर्क में होगी बैठक

अमेरिका: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की राष्ट्रपति से पहली बार मिलेंगे ट्रंप, न्यूयॉर्क में होगी बैठक Trump meet Venezuelan President first time following Maduro's indictment meeting to take place in New York.

अमर उजाला 19 Sep 2026 7:50 am

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?

अमर उजाला 19 Sep 2026 6:53 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:बंगाल उपचुनाव- ममता की कैंडिडेट हटीं, कांग्रेस कैंडिडेट गिरफ्तार; ईरानी राष्ट्रपति अमेरिका जाएंगे; निठारी कांड का आरोपी फंदे पर लटका

नमस्कार, पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी उठापटक जारी है। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इधर पाकिस्तान में आत्मघाती हमले मे 16 लोगों की मौत हो गई। सभी नमाज के लिए जुटे थे। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ आगे जानिए की मराठी मूवी 'गोंधल' को ऑस्कर में भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री मिली है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी दिल्ली में रोजगार मेले में वर्चुअली जॉब लेटर बांटेंगे। 2. दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के रिजल्ट आएंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. ममता की कैंडिडेट हटीं, कांग्रेस प्रत्याशी गिरफ्तार, बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में 2 घंटे में बदली तस्वीर पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से 18 दिन पहले ममता गुट की महिला कैंडिडेट संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से नामांकन वापस ले लिया। संचिता ने इससे पहले बंगाल सीएम शुभेंदु से मुलाकात की थी। इसके बाद ममता ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की बात कही। इसके 2 घंटे बाद बंगाल पुलिस ने मिलन को एक पुराने केस में अरेस्ट कर लिया। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खाली की थी। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को चुनाव होगा, रिजल्ट 9 अक्टूबर को आएगा। चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता बनर्जीशुक्रवार को चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चिह्न मिला है, जबकि ऋतब्रत वाले बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ और ‘लिफाफा’ दिया गया है। इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाला मूल चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। यह अंतरिम व्यवस्था है। मूल नाम और चिह्न पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। देर रात ममता ने सुप्रीम कोर्ट में EC के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। पूरी खबर पढ़ें... 2. निठारी कांड- आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव फंदे पर मिला, 13 मामलों में मौत की सजा, फिर बरी निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव हरिद्वार के भूपतवाला में चाय की दुकान में फांसी पर लटका मिला। वह पिछले कुछ महीनों से नाम बदलकर हरिद्वार में रह रहा था। करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में जेल से बाहर आया था। नोएडा के निठारी में 2005-06 में बच्चों और महिलाओं के गायब होने के बाद उसका नाम सामने आया था। कोली को 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मामलों में उसे बरी किया गया। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मामले में भी बरी किया था। पूरी खबर पढ़ें... 3. UGC के विरोध में 1200 युवक सड़क पर उतरे, आगरा में 100 ट्रैक्टर से पहुंचे, हाईवे पर हनुमान चालीसा पढ़ी आगरा में सवर्ण समाज के करीब 1200 युवक UGC के विरोध में शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। 100 ट्रैक्टरों पर सवार ये युवक कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। लेकिन, एत्मादपुर के संवई गांव से करीब 200 मीटर आगे पुलिस और PAC ने 4 क्रेन और 7 बुलडोजर से बैरियर लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बावजूद ये युवक कलेक्ट्रेट जाने की मांग पर अड़ गए। इसको लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात संभालने के लिए मौके पर तैनात 2 कंपनी PAC और करीब 300 पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को गांव की तरफ खदेड़ दिया। लेकिन, प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। दोपहर करीब 3 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरियर तोड़ते हुए आगरा-फिरोजाबाद हाईवे की तरफ दौड़ लगा दी। उन्हें रोकने के लिए पुलिसवाले भी पीछे-पीछे दौड़ने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर धरने पर ही बैठ गए। हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 4. पेपर लीक रोकने के क्या इंतजाम हुए, सुप्रीम कोर्ट जांचेगा, जज NTA दफ्तर जाएंगे, एजेंसी ने कहा था- एग्जाम सिस्टम फूलप्रूफ बनाया सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर NEET परीक्षा सिस्टम की जांच के लिए जज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ऑफिस का दौरा करेंगे। वे देखेंगे कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने के इंतजाम वास्तव में काम कर रहे हैं या नहीं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। इसमें NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम की मांग की गई है। इधर, केंद्र ने कोर्ट को बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड पैनल की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है। इससे पहले सरकार ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि NEET परीक्षा सिस्टम फूलप्रूफ है। इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। पूरी खबर पढ़ें... 5. पाकिस्तान में नमाज के दौरान आत्मघाती हमला, 21 मौतें, आतंकी विस्फोटक से भरी गाड़ी लेकर टकराया पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास धमाका हुआ। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 80 लोग घायल हुए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के बाहर का हिस्सा पूरी तरह टूट गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि पुराने पुलिस लाइंस के गेट पर विस्फोटक से भरी एक गाड़ी टकराई थी। घटना के बाद पुलिस और हमलावरों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। 7 में से 6 हमलावरों को मार गिराया। वहीं, हमले की जिम्मेदारी इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नाम के आतंकी गठबंधन ने ली है। यह संगठन पिछले साल बना था और इसमें पाकिस्तान के कई उग्रवादी गुट शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें... 6. अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति: US वीजा मिला, संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे; उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं को वीजा दे दिया गया है। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा, जब ईरान के शीर्ष नेता अमेरिका पहुंचेंगे। पजशकियान के पास खास कानूनी सुरक्षा, गिरफ्तारी नहीं होगी 1. राष्ट्रपति को खास कानूनी सुरक्षा मिलती है किसी देश के मौजूदा राष्ट्रपति को दूसरे देश में जाकर सीधे गिरफ्तार करना आसान नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मौजूदा राष्ट्राध्यक्षों को खास कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसका मकसद यह है कि कोई देश अपनी मर्जी से दूसरे देश के मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार न कर सके। 2. UNGA के लिए अमेरिका की अलग जिम्मेदारी है यह मामला सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच का नहीं है। UN का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और अमेरिका इसकी मेजबानी करता है। इसलिए UN की बैठकों में हिस्सा लेने वाले दूसरे देशों के प्रतिनिधियों को अमेरिका आने की अनुमति देना उसकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें... 7. मराठी मूवी 'गोंधल' ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री; धुरंधर, बॉर्डर 2, हनुमान अंश को पीछे छोड़ा मराठी फिल्म 'गोंधल' को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। मराठी लोक परम्परा पर बनी इस थ्रिलर फिल्म को ऑस्कर समारोह में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी में भेजा जाएगा। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के मुताबिक इस साल ऑस्कर की दावेदारी के लिए देश भर की अलग-अलग भाषाओं से कुल 33 फिल्में FFI के पास भेजी गई थीं। इसमें सबसे ज्यादा 14 फिल्में हिंदी भाषा की थीं। जिनमें भारत की तरफ से धुरंधर, बॉर्डर-2, हनुमान अंश जैसी फिल्में शामिल थीं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: एअर इंडिया एक्सप्रेस के 8 क्रू सस्पेंड, इनमें 4 पायलट:तय समय में एल्कोहल टेस्ट नहीं कराया; दुबई-अमृतसर फ्लाइट का मामला (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: मुनाफे के लिए प्राइवेट यूनिवर्सिटी नहीं चला सकते: सुप्रीम कोर्ट ने 6 हफ्ते में अकाउंट की ऑडिट रिपोर्ट, फीस और सैलरी की जानकारी मांगी (पूरी खबर पढ़ें) 3. स्पोर्ट्स: भारतीय विमेंस टीम एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंची: जापान को 8 विकेट से हराया, शेफाली ने नाबाद 40 रन बनाए, चरणी को 4 विकेट (पूरी खबर पढ़ें) 4. पंजाब: पूर्व केंद्रीय मंत्री के काफिले पर हमला,कार के शीशे तोड़े: अंडे-टमाटर फेंके; बिट्टू का AAP समर्थकों पर आरोप; नशामुक्त यात्रा में जा रहे थे (पूरी खबर पढ़ें) 5. बिजनेस: टाटा संस में टाटा परिवार की ही नहीं चली: नोएल का वीटो खारिज; चंद्रशेखरन अपने ही वोट से फिर चेयरमैन बने (पूरी खबर पढ़ें) 6. इंटरनेशनल: सऊदी को F-35 फाइटर जेट देगा अमेरिका, अमेरिकी एजेंसियों को टेक्नोलॉजी चीन के हाथ लगने का डर (पूरी खबर पढ़ें) 7. एंटरटेंमेंट: रणवीर सिंह ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प: लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे (पूरी खबर पढ़ें) 8. इंटरनेशनल: यूरोप से 40 हजार सैनिक घटा सकता है अमेरिका: ट्रम्प बोले थे- यूरोप अपनी सुरक्षा के लिए हम पर निर्भरता घटाए (पूरी खबर पढ़ें) 9. राजस्थान: रेगिस्तान में पहली बार 'ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम' का लाइव-टेस्ट: 'वायु उत्तम' ने सैन्य-नागरिक ड्रोनों को किया ट्रैक (पूरी खबर पढ़ें) 10. कर्नाटक: बेंगलुरु में शादी का प्रपोजल ठुकराने पर लड़की पर हमला:बीच सड़क पर चाकू मारा, घटना CCTV में रिकॉर्ड, दोनों आरोपी गिरफ्तार (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट की सलाह- युवा वकील सीनियर्स से ट्रेनिंग लें:उनके बिना पेशे की बारीकियां नहीं जान सकते, कोर्ट में क्या नहीं बोलना यह भी सीखेंगे (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शार्क के सामने गर्लफ्रेंड को प्रपोज इंग्लैंड में एक शख्स ने शार्क टैंक में डाइविंग के दौरान अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए प्रपोज किया। उन्होंने पहले ही एक्वेरियम को ईमेल कर योजना बताई थी। दोनों को बाकी लोगों से अलग किया गया और कर्मचारी प्रपोजल का साइन लेकर पहुंचा। पेज ने पानी के अंदर ‘ओके’ इशारा कर हां कर दी। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: दोस्त से मिलने गई लड़की, उसने 3 और दोस्तों को बुलाकर रेप-मर्डर किया; POCSO के 97% रेप मामलों में आरोपी जानने वाले ही क्यों 2. मेंटल हेल्थ- छोटी बातों पर गुस्सा आने लगा है: गुस्से में चीजें पटक देता हूं, पत्नी-बच्चे मुझसे डरने लगे हैं, खुद को कैसे ठीक करूं 3. जरूरत की खबर- मेनोपॉज के बाद जल्दी आता बुढ़ापा: मसल्स–हड्डियां होतीं कमजोर, शुरू करें वेट ट्रेनिंग, डॉक्टर से जानें इसके फायदे 4. पावर प्ले: भारत के इतिहास में सिर्फ एक बार हुआ: चूहों ने भड़काई बगावत, हथियार उठाकर युवा पाकिस्तान-चीन से मिले; इंदिरा ने अपने ही शहर पर बरसाए बम 5. राजस्थान एक्सप्लेनर: बाड़ेबंदी के पीछे की असली वजह क्या?: पार्षदों के क्रॉस वोटिंग-पाला बदलने का डर, 7 सवालों में जानिए- क्या है रिसॉर्ट पॉलिटिक्स 6. ग्राउंड रिपोर्ट 25 घर बाढ़ में बहे, मस्जिद नदी में लटकी: बाराबंकी में 18 साल बाद सरयू ने बदला रास्ता; लोग बोले- उम्मीद टूटती जा रही 7. 'जज के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाए': यूपी में फांसी की 23 सजा सुनाने वाले जज का दर्द, पहले कहा था- मरना पसंद, डरना नहीं 8. गोरे बच्चे के लिए नेपाली लड़कियों का सौदा:1 करोड़ में बिना शादी प्रेग्नेंसी से डिलीवरी तक साथ रहेगी, यूपी बॉर्डर पर तस्करी का नया ट्रेंड 9. ग्राउंड रिपोर्ट ‘सपने बहुत थे... अब कुछ भी संभव नहीं दिख रहा’: आंखों के सामने गंगा में समा रहे घर, भोजपुर में गंगा के कटाव पीड़ितों की आपबीती करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज तुला राशि के प्राइवेट सेक्टर के लोगों को प्रमोशन मिलने के योग हैं। कुंभ राशि के लोगों को निवेश में सावधानी रखनी होगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 5:47 am

Lucknow News: अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले एक और फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

कपूरथला पुलिस चौकी के पास स्थित रिध्या प्लाजा में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का अलीगंज पुलिस ने शुक्रवार को भंडाफोड़ किया।

अमर उजाला 19 Sep 2026 2:52 am

पेंटागन का बड़ा फैसला: 30+ अमेरिकी पुरुष सैनिकों का टेस्टोस्टेरोन टेस्ट अनिवार्य, महिलाओं को बाहर क्यों रखा?

पेंटागन का बड़ा फैसला: 30+ अमेरिकी पुरुष सैनिकों का टेस्टोस्टेरोन टेस्ट अनिवार्य, महिलाओं को बाहर क्यों रखा?

अमर उजाला 19 Sep 2026 1:37 am

सस्ती दवाओं पर राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दांव: जेनरस मॉडल से जुड़ेंगे अमेरिका के सभी 50 राज्य, क्या है योजना?

सस्ती दवाओं पर राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दांव: जेनरस मॉडल से जुड़ेंगे अमेरिका के सभी 50 राज्य, क्या है योजना?

अमर उजाला 19 Sep 2026 1:20 am

इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगी इन्वेस्टर समिट:दिल्ली में सीएम ने जापानी, अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनियों को दिया न्योता, जेपी नड्डा से भी मिले

मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया-2026 में देश-विदेश की सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइनिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की समीक्षा की गई। सीएम ने बताया कि 23-24 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा इन्वेस्टर समिट होगा, जिसमें सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों को प्रदेश की नीतियों और संभावनाओं से अवगत कराया जाएगा। जापान, कोरिया, अमेरिका की कंपनियों से मुलाकात मुख्यमंत्री ने यशोभूमि में आयोजित सेमीकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिन्टोनिक्स एआई, एनएक्सपी इंडिया, मार्वल सेमीकंडक्टर्स, एलएंडटी सेमीकंडक्टर्स और स्वदेश आईसी सेमीकंडक्टर्स सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात हुई। इनमें जापान की एक्रेटेक, केनन और कैइजो, कोरिया की हनवा और जेनसेम इंक तथा अमेरिका की मेकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। जापान की आक्साईड कॉर्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के प्रतिनिधियों से भी निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की गई। चिप डिजाइनिंग कंपनियों को भी न्योता सीएम ने किष्किंधा इंटरनेशनल, डिजिकॉम, सिग्निटयूट, स्टेम्बो टेक्नोलॉजी, ट्रू-चिप सॉल्यूशन, बनाश्री सेमीकंडक्टर्स, वीएलएसआई एक्सपर्ट और न्यूजिमो सेमीकंडक्टर्स जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने मोहाली चिप डिजाइनिंग पवेलियन और स्वीडिश पवेलियन का अवलोकन किया। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट की संभावनाएं मौजूद हैं। भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भी इस क्षेत्र के लिए संभावनाशील बताया। 23-24 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा निवेश सम्मेलन मुख्यमंत्री ने कहा कि 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश की नीतियों और निवेश अवसरों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जीआईएस-2025 के दौरान भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया था और कुछ निवेशकों ने इस दिशा में कदम भी उठाए हैं। सीएम ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर बनेंगे। विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी से नए उद्योग और कारोबार का इकोसिस्टम विकसित होने की संभावना है। नड्डा से स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति पर चर्चा इसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक में मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे, चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा हुई। नड्डा ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के प्रयासों की सराहना की। खासतौर पर मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में पीपीपी मॉडल के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया। एक साल में 520 एमबीबीएस सीट बढ़ीं बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में 2026 में एमबीबीएस सीटों की संख्या 5,600 से बढ़कर 6,120 हो गई है। यानी एक साल में 520 सीट बढ़ी हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सीटें 63 से बढ़कर 73 और निजी मेडिकल कॉलेजों में 29 से बढ़कर 53 हो गई हैं। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इन्हें दिसंबर 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है। 52 जिलों में 70 डायलिसिस यूनिट प्रदेश के 52 जिलों में 70 हीमोडायलिसिस यूनिट संचालित हैं, जबकि 52 कैंसर डे-केयर सेंटरों में इलाज की सुविधा दी जा रही है। इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में CAR-T सेल थेरेपी जैसी उन्नत कैंसर उपचार सुविधा भी शुरू की गई है। छतरपुर, दमोह और बुधनी में मेडिकल कॉलेज भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। उज्जैन मेडिकल कॉलेज के 2027 में पूरा होने की उम्मीद है। केंद्र की फेज-III योजना में राजगढ़ और मंडला में मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 11:32 pm

अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं

विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more

अजमेरनामा 18 Sep 2026 10:25 pm

असद शासन के टॉर्चर सेल का सच: सीरियाई पूर्व जेल अधिकारी समीर ओसमान अलशेख को अमेरिका में 60 साल की जेल

अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ ऐतिहासिक न्यायिक मिसाल कायम करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका की एक संघीय अदालत ने सीरियाई सेना के पूर्व उच्च अधिकारी समीर ओसमान अलशेख को छह दशक (60 साल) की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के क्रूर शासनकाल के दौरान कुख्यात डिटेंशन सेंटरों में बंद असहाय राजनीतिक बंदियों, असंतुष्टों और आम नागरिकों को अमानवीय शारीरिक व मानसिक यातनाएं देने के संगीन मामलों में अलशेख को यह ऐतिहासिक दंड दिया गया है। कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स स्थित फेडरल कोर्ट में सुनाया गया यह निर्णय उन अनगिनत पीड़ितों के लिए इंसाफ की एक बड़ी किरण बनकर उभरा है, जिन्होंने असद शासन की गुप्त कालकोठरियों में असहनीय क्रूरता झेली थी।अदरा सेंट्रल प्रिजन का खौफनाक अतीत: यातनाओं की साजिश और बर्बरता के तीन संगीन मामलों में दोष साबितलॉस एंजिल्स की संघीय अदालत में चली लंबी और गहन सुनवाई के बाद न्यायपीठ ने पूर्व सीरियाई सैन्य अधिकारी समीर ओसमान अलशेख को वर्ष 2005 से 2008 के बीच राजधानी दमिश्क के पास स्थित कुख्यात 'अदरा सेंट्रल प्रिजन' (Adra Prison) के मुख्य प्रभारी के रूप में काम करते हुए किए गए अमानवीय अपराधों का मुख्य जिम्मेदार ठहराया। मार्च के महीने में ही अदालत की निष्पक्ष जूरी ने अलशेख को कैदियों के खिलाफ संगठित यातनाएं रचने की आपराधिक साजिश के एक प्रमुख मामले और सीधे तौर पर प्रताड़ना देने के तीन अलग-अलग संगीन मामलों में पूरी तरह दोषी करार दिया था। अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्यों, फॉरेंसिक मेडिकल रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयानों के जरिए यह अकाट्य रूप से साबित कर दिया कि अलशेख की सीधी देखरेख में सरकारी हिरासत में बंद कैदियों पर ऐसे रूह कंपा देने वाले तरीके आजमाए जाते थे जो अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत गंभीर युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं।'अकल्पनीय रूप से क्रूर और बर्बर': अमेरिकी संघीय जज ने सजा सुनाते हुए की तल्ख टिप्पणीअलशेख को उसके जीवन के अंतिम पड़ाव तक जेल की सलाखों के पीछे भेजने का आदेश देते हुए अमेरिकी फेडरल जज ने बेहद सख्त और भावुक टिप्पणियां दर्ज कीं। अदालत के पीठासीन न्यायाधीश ने सजा का ऐलान करते हुए कहा कि अभियुक्त द्वारा अंजाम दिया गया व्यवहार घिनौना, अकल्पनीय रूप से क्रूर और लगभग शब्दों से परे हिंसक एवं बर्बर था। अदालत ने रेखांकित किया कि किसी भी संप्रभु राज्य की आड़ में सत्ता का ऐसा घिनौना दुरुपयोग मानवीय सभ्यता और सार्वभौमिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। न्यायिक पीठ ने स्पष्ट किया कि 60 वर्ष की यह कठोर सजा न केवल दोषी के क्रूर कृत्यों का न्यायोचित हिसाब है, बल्कि यह दुनिया भर के उन तमाम सैन्य कमांडरों और हुक्मरानों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी है जो अपनी जनता पर जुल्म ढाकर विदेशी सरजमीं पर छिपने का मुगालता पालते हैं।गुप्त कालकोठरियों में गायब होते लाखों नागरिक: संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में असद सरकार बेनकाबसमीर ओसमान अलशेख को दी गई यह कठोर सजा सीरियाई सरकार के उस व्यापक और संगठित दमन तंत्र की पुष्टि करती है, जिसे लेकर वैश्विक संस्थाएं वर्षों से आवाज उठाती रही हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी प्रतिष्ठित मानवाधिकार संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष जांच आयोगों ने अपनी विस्तृत रिपोर्टों में बार-बार रेखांकित किया है कि बशर अल-असद के शासन में सरकारी सुरक्षा एजेंसियां बड़े पैमाने पर मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेती रही हैं। सीरिया की विभिन्न जेलों में हजारों राजनीतिक कैदियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या आधिकारिक आरोप के वर्षों तक गुप्त रूप से बंद रखा गया और उन पर भयानक थर्ड डिग्री टार्चर किया गया। इन पीड़ितों में से एक बहुत बड़ी संख्या ऐसी है जिनके परिवारों को आज तक यह जानकारी नहीं दी गई कि उनके अपने जीवित भी हैं या यातनाओं के चलते जेल की अंधेरी कोठरियों में हमेशा के लिए दफन हो चुके हैं।अंतरराष्ट्रीय न्याय का दायरा: विदेशी सीमाओं से परे युद्ध अपराधियों पर कानूनी शिकंजाअलशेख का यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायशास्त्र (Universal Jurisdiction) और अमेरिकी मानवाधिकार कानून के बढ़ते प्रभाव का एक बड़ा उदाहरण है। दशकों तक सीरियाई सत्ता की शक्ति का आनंद लेने के बाद जब पूर्व सैन्य अधिकारी अमेरिका पहुंचे, तो उन्हें लगा था कि उनका अतीत फाइलों में दब चुका है। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मानवाधिकार और विशेष अभियोजन अनुभाग ने सीरियाई नागरिक समाज और प्रताड़ना से बचे जीवित गवाहों के सहयोग से मजबूत कानूनी केस तैयार किया। इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों की कोई भौगोलिक सीमा या समय सीमा नहीं होती। विदेशी अदालतों में युद्ध अपराधियों को जवाबदेह ठहराने की इस न्यायिक प्रक्रिया ने वैश्विक स्तर पर यह मजबूत संदेश दिया है कि सत्ता के संरक्षण में बेगुनाहों का खून बहाने वाले जल्लाद दुनिया के किसी भी कोने में न्याय के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Sep 2026 5:09 pm

अमेरिका-इरान जंग के बीच UNGA दौरा: पजेशकियान को मिलेगा डिप्लोमैटिक इम्युनिटी का कवच, US नहीं कर सकता अरेस्ट

अमेरिका-इरान जंग के बीच UNGA दौरा: पजेशकियान को मिलेगा डिप्लोमैटिक इम्युनिटी का कवच, US नहीं कर सकता अरेस्ट

समाचार नामा 18 Sep 2026 3:00 pm

अमेरिका: ट्रंप प्रशासन की 'मिस्टर सिंह' वाली पोस्ट का असर? सिख ट्रक ड्राइवर पर जानलेवा हमला, 17 बार चाकू मारा

अमेरिका: ट्रंप प्रशासन की 'मिस्टर सिंह' वाली पोस्ट का असर? सिख ट्रक ड्राइवर पर जानलेवा हमला, 17 बार चाकू मारा

अमर उजाला 18 Sep 2026 12:55 pm

एक्सप्लेनर: अमेरिका को छोड़ हजारों किमी दूर यूरोप से क्यों गठबंधन बना रहा कनाडा, 'खास सदस्य' बनने का क्या मकसद

अमेरिका से तनातनी के बीच EU ने कनाडा को दिया 'सहयोगी सदस्य' बनने का प्रस्ताव। जानें इसके मायने, चुनौतियां और ट्रंप द्वारा भारी टैरिफ की धमकी की इनसाइड स्टोरी।

अमर उजाला 18 Sep 2026 11:19 am

सिख ट्रक ड्राइवर पर हमले से भड़के अमेरिकी सांसद, रेस्ट स्टॉप पर घोंप दिया गया था चाकू

अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने व्योमिंग में सिख ट्रक ड्राइवर पर हुए हमले की निंदा करते हुए नफरत और हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने DHS की एक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल उठाया है।

खबर इंडिया टीवी 18 Sep 2026 11:07 am

अमेरिका में पंजाबी सिख ट्रक चालक पर हमला: बाथरूम में चाकू से किए वार, कैलिफोर्निया निवासी गिरफ्तार

अमेरिका के वायोमिंग राज्य में कैलिफोर्निया के पंजाबी सिख ट्रक चालक पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है।

अमर उजाला 18 Sep 2026 10:35 am

सिएटल में 'आइडियाज4इंडिया' फोरम: 40 से ज्यादा सीईओ एक मंच पर आए, भारत-अमेरिका टेक साझेदारी पर हुआ मंथन

India-US Tech Partnership: सिएटल में भारतीय मूल के 40 से ज्यादा टेक सीईओ और सीटीओ एक मंच पर जुटे। माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला ने भारत-सिएटल तकनीकी रिश्तों की सराहना की। चर्चा में एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, डेटा सेंटर

ज़ी न्यूज़ 18 Sep 2026 10:22 am

अमेरिका: रूस से तेल खरीद पर भारत पर प्रतिबंध के पक्ष में भारतवंशी सांसद, अपनी पार्टी के खिलाफ दिया वोट

अमेरिका: रूस से तेल खरीद पर भारत पर प्रतिबंध के पक्ष में भारतवंशी सांसद, अपनी पार्टी के खिलाफ दिया वोट US: Indian-origin lawmaker favors sanctions on India over oil purchases from Russia; votes against own party.

अमर उजाला 18 Sep 2026 10:16 am

Kangra News: अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, कच्चा माल महंगा, स्टेशनरी कारोबारी बेहाल

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की सीधी मार अब स्टेशनरी कारोबार पर पड़ने लगी है।

अमर उजाला 18 Sep 2026 5:27 am

Sonipat News: अमेरिका भेने के नाम पर युवक से 45 लाख रुपये ठगे

Youth defrauded of 45 lakh on the pretext of being sent to America.

अमर उजाला 18 Sep 2026 2:33 am

Ambala News: वैध वीजा से अमेरिका भेजने का दिया झांसा, 44.80 लाख लेकर डंकी रूट से भेजा पनामा

वैध वीजा से अमेरिका भेजने का दिया झांसा, 44.80 लाख लेकर डंकी रूट से भेजा पनामा

अमर उजाला 18 Sep 2026 1:42 am

अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं

जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….

लाइव हिन्दुस्तान 17 Sep 2026 11:31 pm

भोजपुर के कृष्णागढ़ थाने पहुंचा अमेरिकी नागरिक, पुलिस ने बातचीत कर रास्ता बताया

17 सितंबर, गुरुवार: भोजपुर के कृष्णागढ़ थाना क्षेत्र में रास्ता भटकने के बाद एक अमेरिकी नागरिक थाने पहुंचा। पुलिस ने विदेशी नागरिक से बातचीत कर उसकी मदद की और आगे जाने का रास्ता बताया। घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

लाइव हिन्दुस्तान 17 Sep 2026 7:57 pm

CDC की नई रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा: प्रोटीन डाइट के बाद भी थकान के शिकार क्यों हो रहे हैं अमेरिकी

आज की इस भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में खुद को तंदुरुस्त और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के सप्लीमेंट्स, जिम वर्कआउट और हाई-प्रोटीन डाइट का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से पश्चिमी देशों और अमेरिका में यह माना जाता है कि यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल कर लिया जाए, तो शरीर की सारी कमजोरियां दूर हो जाती हैं और ऊर्जा का स्तर हमेशा उच्च बना रहता है। लेकिन हाल ही में अमेरिका के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान 'सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) द्वारा जारी की गई एक बेहद चौंकाने वाली और व्यापक रिपोर्ट ने इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। सीडीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 71.5 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो भरपूर मात्रा में प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व लेने के बाद भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती और शारीरिक कमजोरी का शिकार रहते हैं। यह आंकड़ा न केवल आम नागरिकों के लिए बल्कि आधुनिक चिकित्सा जगत और पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। इस आलेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर भरपूर प्रोटीन लेने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर लोग क्रोनिक थकान और ऊर्जा की कमी का सामना क्यों कर रहे हैं, और इसके पीछे छिपे असली वैज्ञानिक व जीवनशैली से जुड़े कारण क्या हैं।प्रोटीन का सेवन बनाम शरीर की ऊर्जा: क्या सिर्फ प्रोटीन खाने से ही मिल जाती है एनर्जी?आम तौर पर लोगों के मन में यह भ्रम बैठा हुआ है कि यदि वे अपने रोजाना के खाने में चिकन, अंडे, प्रोटीन पाउडर, पनीर या अन्य हाई-प्रोटीन स्रोतों को शामिल कर लेते हैं, तो उनका शरीर स्वतः ही ऊर्जा से भर जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानव शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolism) और ऊर्जा उत्पादन का तंत्र केवल एक पोषक तत्व यानी प्रोटीन पर निर्भर नहीं करता है। जब कोई व्यक्ति अपनी डाइट में अत्यधिक प्रोटीन तो जोड़ लेता है, लेकिन साथ ही जरूरी विटामिंस (जैसे विटामिन बी12, विटामिन डी), आयरन, सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट और पर्याप्त हाइड्रेशन की अनदेखी करता है, तो शरीर उस प्रोटीन को पूरी तरह पचाने और ऊर्जा में बदलने में असमर्थ हो जाता है। इसके अलावा, आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में लोग फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जिससे शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि सिर्फ मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (Protien, Fats, Carbs) की मात्रा पूरी कर लेने मात्र से ही कोई व्यक्ति अंदर से स्वस्थ या ऊर्जावान महसूस नहीं कर सकता, जब तक कि शरीर की कोशिकीय स्तर पर पोषण संबंधी जरूरतें पूरी न हो रही हों।नींद की कमी और मानसिक तनाव: थकान का सबसे बड़ा और अनदेखा कारणसीडीसी की इस व्यापक रिपोर्ट में इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है कि शारीरिक थकान का सीधा संबंध केवल भोजन या डाइट से ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे आधुनिक युग की सबसे बड़ी बीमारियां—नींद की कमी (Sleep Deprivation) और मानसिक तनाव (Chronic Stress)—मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। आज के समय में कॉर्पोरेट कल्चर, नाइट शिफ्ट्स, और रातभर मोबाइल स्क्रीन या लैपटॉप के सामने समय बिताने के कारण लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जब शरीर को रात में गहरी और कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद नहीं मिलती, तो शरीर के हारमोनल संतुलन में भारी गड़बड़ी पैदा हो जाती है। कोर्टिसोल (Cortisol) यानी तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ने से शरीर हमेशा 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में रहता है, जिससे मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र लगातार थका हुआ महसूस करते हैं। आप चाहे दुनिया का सबसे महंगा प्रोटीन शेक पी लें या सबसे बेहतरीन डाइट फॉलो कर लें, लेकिन यदि आपकी नींद पूरी नहीं है और आप मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं, तो आपके शरीर की कोशिकाएं कभी भी तरोताजा महसूस नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भी करोड़ों लोग अंदर से पूरी तरह खोखले और थके हुए महसूस कर रहे हैं।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) और खराब पाचन तंत्र की भूमिकाथकान और सुस्ती के इस महामारी जैसे फैलने के पीछे एक और बहुत बड़ा कारण हमारी आधुनिक शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) है। आजकल अधिकांश नौकरियां ऐसी हो गई हैं जिनमें लोगों को लगातार 8 से 10 घंटे अपनी कुर्सी या डेस्क पर बैठकर बिताना पड़ता है। शारीरिक रूप से कोई मेहनत न होने के कारण शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुस्त हो जाता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और खाया हुआ भोजन सही ढंग से पच नहीं पाता। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इस बात को मानते हैं कि जब तक आपका पाचन तंत्र (Digestive System) मजबूत और सक्रिय नहीं है, तब तक आप चाहे कितना भी पौष्टिक भोजन या प्रोटीन क्यों न खा लें, आपके शरीर को उसकी सही ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकती। अपच, कब्ज और आंतों (Gut Health) से जुड़ी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा देती हैं, जिससे लगातार सुस्ती, सिरदर्द और भारीपन बना रहता है। सीडीसी की रिपोर्ट इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करती है कि जब तक लोग अपनी दिनचर्या में व्यायाम, वॉक और शारीरिक श्रम को शामिल नहीं करेंगे, तब तक केवल डाइट बदलने से थकान की इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता।निष्कर्ष: इस समस्या से बाहर निकलने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव जरूरी हैं?सीडीसी की यह रिपोर्ट हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी और आंखें खोलने वाला संदेश है। यह हमें यह सिखाती है कि स्वास्थ्य केवल जिम जाने या सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले किसी एक फिटनेस ट्रेंड को फॉलो करने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र संतुलन (Holistic Balance) है जिसमें सही खानपान, पर्याप्त नींद, मानसिक शांति और सक्रिय जीवनशैली का होना अनिवार्य है। यदि आप भी अक्सर खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो सिर्फ प्रोटीन का सेवन बढ़ाने के बजाय अपनी नींद के पैटर्न को सुधारें, पानी की मात्रा बढ़ाएं, योग या मेडिटेशन को अपनाएं और डॉक्टर से सलाह लेकर अपने शरीर में विटामिंस व मिनरल्स की जांच करवाएं। आधुनिक दुनिया की इस अंधी दौड़ में अपने शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना और समय रहते आवश्यक बदलाव करना ही एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की असली कुंजी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 17 Sep 2026 5:09 pm

10000 फीट की ऊंचाई पर भारत-अमेरिका की ‘जंग’ वाली ट्रेनिंग, ड्रोन-रोबोटिक डॉग भी उतारे- VIDEO

10000 फीट की ऊंचाई पर भारत और अमेरिकी सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। आतंकवाद के खिलाफ यह संयुक्त ऑपरेशन 28 सितंबर तक चलेगा। इसमें ड्रोन-रोबोटिक डॉग भी शामिल किए गए हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 17 Sep 2026 3:24 pm

'100% टैरिफ के साथ अमेरिकी सांसद की भारत को खुली धमकी'- कांग्रेस का आरोप, 'मोदी चुप'

100% टैरिफ़ वाला बिल अमेरिकी संसद में पास होने के बाद US सीनेटर ब्लूमेंथल ने कहा, 'बेहतर होगा कि चीन और भारत अपने बर्ताव सुधारें। अपना तेल और गैस कहीं और से खरीदें।' इसके बाद कांग्रेस ने इस धमकी के बावजूद पीएम मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है।

सत्य हिंदी 17 Sep 2026 1:01 pm

मोदी को 'धमकाना' ट्रंप को पड़ा भारी! रूसी तेल पर अमेरिका के नए दांव का भारत ने दिया करारा जवाब

कहने को तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त कहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि शायद वह मोदी को अब तक अच्छे से जान ही नहीं पाए हैं। देखा जाये तो जो लोग नरेंद्र मोदी को जानते नहीं, वह अक्सर धमकियों, प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव के सहारे उन्हें झुकाने का सपना देखते हैं। लेकिन मोदी का संकल्प साफ है कि भारत के हितों से समझौता नहीं होगा और देश को किसी विदेशी दबाव के आगे झुकने नहीं देना है। उनके हर फैसले में यही दृढ़ता दिखाई देती है। दूसरी ओर, ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही भारत पर दबाव बनाने के लिए शुल्क, व्यापारिक दबाव और रूस से तेल खरीद बंद कराने जैसी तमाम कोशिशें कीं, लेकिन नई दिल्ली ने हर बार अपने राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च रखा। अब अमेरिका एक बार फिर टैरिफ रूपी आर्थिक हथियार लेकर मैदान में उतरा है, लेकिन मोदी सरकार ने भी बिना देर किए वाशिंगटन को साफ संदेश दे दिया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हित किसी विदेशी दबाव की कीमत पर तय नहीं होंगे। हम आपको बता दें कि जिस विधेयक को अमेरिकी कांग्रेस में पहली बार अप्रैल 2025 में पेश किया गया था, वह करीब डेढ़ साल तक अमेरिकी राजनीति और ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं के बीच अटका रहा। लेकिन इस महीने यानि सितंबर 2026 में तस्वीर अचानक बदल गई। भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों वाला विधेयक पारित कर दिया। घटनाक्रम का समय भले ही संयोग हो, लेकिन संदेश बेहद स्पष्ट है कि वाशिंगटन रूस से जुड़े देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए अब शुल्क को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने को तैयार है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump के 'टैरिफ बम' पर भारत का करारा जवाब! MEA की दहाड़- एक अरब चालीस करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा से रत्ती भर समझौता नहीं! लेकिन भारत ने भी अमेरिका को उसी क्षण जवाब दे दिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीदता रहेगा। इतना ही नहीं, नई दिल्ली ने अमेरिका को याद दिलाया कि इस कदम के भारत-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ पूरे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों के बारे में अमेरिकी पक्ष को पहले ही उच्च स्तर पर स्पष्ट रूप से बताया जा चुका है। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। यानी अमेरिका शुल्क की धमकी दे सकता है, लेकिन भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा की कीमत पर किसी विदेशी दबाव के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल, जिस विधेयक को अब ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम 2026’ कहा जा रहा है, उसकी कहानी डेढ़ साल पुरानी है। अप्रैल 2025 में लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रूस के खिलाफ कड़े प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों की पहल की थी। इसके बाद लंबे समय तक इसे कांग्रेस और प्रशासन के बीच समर्थन जुटाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। जुलाई 2026 में व्हाइट हाउस से सहमति बनने के बाद इसकी राह खुली। अगस्त में सीनेट ने इसे 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित किया और 16 सितंबर को प्रतिनिधि सभा ने 262 के मुकाबले 159 मतों से इसे मंजूरी दे दी। यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस के तेल और गैस के सबसे बड़े खरीदारों पर सौ प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार देता है। भारत और चीन इसके निशाने पर हैं। इसके पीछे अमेरिकी रणनीति रूस की ऊर्जा आय को चोट पहुंचाने की है, ताकि यूक्रेन युद्ध के लिए मास्को को मिलने वाले आर्थिक संसाधनों पर दबाव बनाया जा सके। विधेयक में रूस के ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों के साथ-साथ प्रतिबंधों से बचने वाले उसके जहाजी बेड़े पर भी शिकंजा कसने का प्रावधान है। लेकिन अमेरिका शायद यह भूल रहा है कि भारत रूस से तेल किसी राजनीतिक एहसान के लिए नहीं खरीद रहा। भारत की जरूरत है सस्ती, विश्वसनीय और लगातार उपलब्ध ऊर्जा। 2022 में रूस भारत के लिए कोई बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता नहीं था। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप द्वारा रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए जाने से रूस का कच्चा तेल भारी छूट पर उपलब्ध हुआ और भारत ने अपने आर्थिक हित में इसे खरीदना शुरू किया। इसके बाद रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी हिस्सेदारी 30.3 प्रतिशत रही और करीब 134.7 अरब डॉलर के कुल आयात में रूस से आने वाले तेल की कीमत 40.8 अरब डॉलर रही। जुलाई 2026 में तो भारत के आयातित तेल में रूसी हिस्सेदारी आधे से भी ज्यादा पहुंच गई। इसके अलावा, आज वैश्विक परिस्थितियों को देखें तो वह भी सामान्य नहीं हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध और आपूर्ति संकट ने तेल बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं हैं और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत भी दबाव में हैं। भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन रूस और पश्चिम एशिया उसकी ऊर्जा सुरक्षा के मुख्य आधार बने हुए हैं। ऐसे समय में अचानक रूसी तेल बंद करना केवल रूस के खिलाफ फैसला नहीं होगा, बल्कि भारत की अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकता है। यही कारण है कि पिछले साल अमेरिकी दंडात्मक शुल्क भी भारत को रूसी तेल से पूरी तरह दूर नहीं कर सके। भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल की खरीद में बड़ी कटौती तब की जब रूस की प्रमुख तेल कंपनियों पर सीधे प्रतिबंध लगाए गए और व्यापार करना कठिन हो गया। लेकिन जैसे ही पश्चिम एशिया में आपूर्ति संकट गहराया, भारत ने फिर रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी। जुलाई में रूसी तेल की खरीद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इससे एक बात साफ होती है कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा कोई सौदेबाजी का विषय नहीं है। यहां इस पूरे घटनाक्रम का सामरिक महत्व सामने आता है। अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है। जबकि रूस भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। चीन भी रूसी ऊर्जा का बड़ा खरीदार है। साथ ही भारत एक साथ अमेरिका, रूस, चीन, ईरान तथा पश्चिम एशिया के देशों के साथ अपने हितों का संतुलन साध रहा है। ऐसे में नई दिल्ली के सामने चुनौती किसी एक खेमे में जाने की नहीं, बल्कि अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बचाए रखने की है। इसके अलावा, ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी की पुतिन और जिनपिंग के साथ बढ़ती कूटनीतिक निकटता ने जिस बदलती विश्व व्यवस्था की तस्वीर अमेरिका के सामने रखी, उसके कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी कांग्रेस का रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने वाला कदम कई सवाल खड़े करता है। सवाल उठता है कि क्या वाशिंगटन को यह स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है कि दुनिया अब उसकी शर्तों पर नहीं चलती? देखा जाये तो भारत, रूस और चीन का एक मंच पर आना और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था तथा संप्रभु समानता की वकालत करना उस अमेरिकी वर्चस्ववादी सोच के लिए सीधी चुनौती है, जिसमें लंबे समय से आर्थिक ताकत को कूटनीतिक दबाव के हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन बदलती दुनिया का संदेश साफ है। भारत सहित उभरती शक्तियां अब अपने राष्ट्रीय हितों का फैसला किसी बाहरी राजधानी के इशारे पर नहीं करेंगी। खैर...अब गेंद ट्रंप के पाले में है। अमेरिकी कांग्रेस ने उन्हें सौ प्रतिशत तक शुल्क लगाने की शक्ति दे दी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि सौ प्रतिशत शुल्क स्वतः लागू हो गया। अंतिम निर्णय ट्रंप को करना है। शुल्क कितना होगा, किन वस्तुओं पर लागू होगा और कब लागू होगा, इन सबका असर भारत-अमेरिका व्यापार पर पड़ेगा। भारत का रुख स्पष्ट है कि ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं होगा, विकल्पों का विस्तार जारी रहेगा, अमेरिका से बातचीत जारी रहेगी और राष्ट्रीय हितों पर कोई एकतरफा समझौता नहीं होगा। अमेरिकी शुल्क चाहे जितना बड़ा हो, भारत के लिए असली सवाल किसी एक देश को खुश करना नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक स्वायत्तता सुरक्षित रखना है। विदेश मंत्रालय पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। भारत अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 17 Sep 2026 11:38 am

फर्जी काल सेंटरों के निशाने पर थे अमेरिकी नागरिक:चंडीगढ़ का मकान बना था कंट्रोल रूम, पटियाला में कॉल सेंटर चलते मिले

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में पता चला है कि फर्जी कॉल सेंटरों की आड मे अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। ईडी की जांच में यह भी बात सामने आए चंडीगढ़ में बना कॉल सेंटर कंट्रोल रूम बना हुआ था। यहां से कुल 66 मोबाइल, 13 लैपटॉप समेत डिजिटल उपकरण जब्त किए गए है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई। अब जानिए अब तक की जांच में क्या मिला ईडी को :- 3 लाइव कॉल सेंटर मिले, 220 लोग काम करते मिलेED की तलाशी में 3 कॉल सेंटर चलते हुए मिले। इनमें 2 पटियाला और 1 पुणे में था। तलाशी के दौरान इन सेंटरों में करीब 220 लोग काम करते मिले। उनके काम, पहचान और किसे रिपोर्ट करते थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। कॉल सेंटरों में बड़ी संख्या में कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन और नेटवर्किंग उपकरण लगे थे। ED के अनुसार, इन सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों को फोन कर झूठे बहाने बनाए जाते थे और उनसे पैसे देने के लिए कहा जाता था। मोबाइल और लैपटॉप से ठगी का तरीका मिलापटियाला के कॉल सेंटरों से मिले मोबाइल फोन और एक लैपटॉप में सिंडिकेट के काम करने के तरीके और ठगी से मिले पैसों के बंटवारे से जुड़ा डेटा मिला है। पुणे के कॉल सेंटर में भी अमेरिकी नागरिकों को ठगने का इसी तरह का तरीका अपनाए जाने की बात सामने आई। चंडीगढ़ का मकान बना था कंट्रोल सेंटरED के मुताबिक, चंडीगढ़ में जिस आवासीय परिसर की तलाशी ली गई, उसका इस्तेमाल पटियाला में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों के संचालन और नियंत्रण के लिए किया जा रहा था। यहां से कॉल सेंटरों के कामकाज से जुड़ा डेटा रखने वाले कई डिजिटल उपकरण मिले। ED ने बताया कि यहां एक व्यक्ति अमेरिकी डॉलर को भारतीय रुपए में बदलने से जुड़े काम में कथित तौर पर शामिल मिला। उसकी भूमिका और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। 66 मोबाइल, 13 लैपटॉप समेत डिजिटल उपकरण जब्ततलाशी के दौरान ED ने 66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, अन्य संचार उपकरण, नकदी और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अब ED कॉलिंग अभियानों, स्क्रिप्ट, डायलर, VoIP सिस्टम, पीड़ितों के डेटा, भुगतान के माध्यम, कॉल सेंटर चलाने वालों और ठगी से हासिल रकम के लेनदेन की जांच कर रही है। डिजिटल सबूतों के जरिए पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल लोगों और ठगी की रकम का पता लगाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 8:36 am

Yamuna Nagar News: किसान महापंचायत चार को, अमेरिका ट्रेड डील पर होगी चर्चा

किसान महापंचायत चार को, अमेरिका ट्रेड डील पर होगी चर्चा

अमर उजाला 17 Sep 2026 3:03 am

अमेरिका में AI को लेकर तीन खेमे:मस्क को सभ्यता मिटने का डर, ट्रम्प को चीन से पिछड़ने की चिंता, तीसरा पक्ष इंसानी कंट्रोल चाहता

अमेरिका में AI के विकास की रफ्तार को लेकर बहस तेज है। इसे लेकर तीन अलग-अलग खेमे बन गए हैं। इलॉन मस्क समेत कुछ टेक दिग्गजों को डर है कि AI अगर इंसानों के कंट्रोल से बाहर हुआ तो पूरी मानव सभ्यता के लिए खतरा बन सकता है। वे इसे परमाणु हथियार से भी ज्यादा खतरनाक मानते हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प AI की रफ्तार धीमी करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका जोर अमेरिका को AI की दौड़ में चीन से आगे रखने पर है। उनका मानना है कि ज्यादा रोक-टोक से अमेरिका पीछे रह सकता है। तीसरा खेमा AI को लेकर बीच का रास्ता चाहता है। वह इसकी रफ्तार रोकने के बजाय सुरक्षा नियम और इंसानी निगरानी बनाए रखने के पक्ष में है। नेताओं से लेकर टेक दिग्गजों तक अलग-अलग राय AI को लेकर अमेरिका में छिड़ी यह बहस अब टेक कंपनियों से निकलकर राजनीति के केंद्र में पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर वामपंथी और दक्षिणपंथी, दोनों तरफ के कुछ नेता AI को लेकर चिंता जता रहे हैं। आम तौर पर एक-दूसरे से अलग रहने वाले इन दोनों खेमों में बहुत कम मुद्दों पर सहमति दिखती है। लेकिन AI की यह बहस सिर्फ राजनीति या टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इसके फैसले हमारी नौकरी, पढ़ाई, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, यह भी तय होगा कि AI के इस्तेमाल को लेकर नियम कैसे बनाए जाएंगे। AI का विकास धीमा करने के पक्ष में… डारियो अमोडेई AI कंपनी एंथ्रोपिक के को-फाउंडर और CEO हैं। उन्होंने 2021 में OpenAI छोड़कर एंथ्रोपिक शुरू की थी। कंपनी ने खुद को AI की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने वाली कंपनी के तौर पर पेश किया है। अमोडेई कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि भविष्य की AI बेहद खतरनाक हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसका इस्तेमाल जैविक हथियार बनाने जैसे खतरनाक कामों में हो सकता है। वे लंबे समय से AI पर सरकारी नियम बनाने की मांग करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने 3,800 शब्दों का एक लेख लिखकर दुनियाभर में AI के विकास की रफ्तार धीमी करने का प्रस्ताव रखा है। रुख बदलने वाले… सैम ऑल्टमैन OpenAI के को-फाउंडर और CEO हैं। 2023 में उन्होंने AI से इंसानों के खत्म होने के खतरे की चेतावनी वाले बयान पर हस्ताक्षर किए थे। इसी साल उन्होंने अमेरिकी सीनेट में ताकतवर AI मॉडल पर नियम बनाने का समर्थन भी किया। बाद में उनका रुख कुछ नरम पड़ा। 2025 के बीच तक ऑल्टमैन का कहना था कि AI में बड़े बदलाव धीरे-धीरे होंगे और उन्हें संभालना संभव है। फिर जुलाई 2026 में OpenAI ने बताया कि उसके दो AI मॉडल टेस्टिंग के दौरान बिना इंसानी मदद के सिस्टम से बाहर निकल गए। उन्होंने चोरी की लॉगिन डिटेल्स और सिक्योरिटी खामी का इस्तेमाल कर Hugging Face के सर्वर तक पहुंच बनाई। इस घटना के बाद ऑल्टमैन ने कहा कि अब AI के विकास की रफ्तार धीमी करने का समय आ गया है। उन्होंने अमोडेई की इस मांग का भी समर्थन किया कि AI मॉडल का विकास कुछ धीमा किया जाना चाहिए। इलॉन मस्क लंबे समय से AI के खतरों को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। उनका अनुमान है कि AI के इंसानों के लिए खतरनाक साबित होने की संभावना 10 से 20% तक है। उन्होंने AI को परमाणु हथियारों से भी ज्यादा खतरनाक बताया है और समय रहते इसके लिए नियम बनाने की मांग की है। मस्क ने खुद AI कंपनी xAI शुरू की है और ट्रम्प के चुनाव अभियान में बड़ी रकम दी थी। ट्रम्प प्रशासन में वह कुछ समय तक सरकारी नियमों में बदलाव से जुड़े काम से भी जुड़े रहे। इसके बावजूद शनिवार को उन्होंने अमोडेई की AI विकास धीमा करने की मांग का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर मस्क ने लिखा, “डारियो सही हैं।” AI पर बीच का रास्ता चाहते हैं… सत्या नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO हैं। AI की दौड़ में माइक्रोसॉफ्ट OpenAI के साथ बड़ी साझेदारी कर चुका है और अब अपने AI टूल्स पर भी तेजी से काम कर रहा है। हालांकि, नडेला AI को बिना रोक-टोक आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि इसका विकास सोच-समझकर और इंसानी निगरानी में होना चाहिए। उनका तर्क है कि ऐसी सुपरइंटेलिजेंस का कोई फायदा नहीं, जो इंसानों के कंट्रोल से बाहर हो या लोगों के काम न आए। इसके साथ ही नडेला AI के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और खुले AI सिस्टम को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। सुंदर पिचाई अल्फाबेट और गूगल के CEO हैं। वह AI के खतरों को मानते हैं, लेकिन इसके लिए बहुत कड़े नियमों के पक्ष में नहीं हैं। पिचाई का कहना है कि AI के इस्तेमाल के हिसाब से अलग-अलग नियम बनाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, AI के जोखिम से निपटना जरूरी है, लेकिन इसके फायदों से पीछे रह जाना भी बड़ा खतरा हो सकता है। मार्क जुकरबर्ग मेटा के चेयरमैन और CEO हैं। उनका मानना है कि AI अगर कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित रहा तो यह ज्यादा बड़ा खतरा हो सकता है। इसके बजाय वह AI को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने को सुरक्षा का एक तरीका मानते हैं। जुकरबर्ग ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में AI मॉडल बनाने और जारी करने की रफ्तार धीमी हुई तो इसका फायदा चीन को मिल सकता है। हालांकि, वह AI की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को भी मानते हैं। इसी वजह से मेटा भविष्य में अपने सबसे शक्तिशाली AI मॉडल सभी के लिए खुले तौर पर जारी न करने का फैसला कर सकती है। एलेक्जेंडर वेंग 2025 में मेटा से जुड़े और कंपनी में AI से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाली। वह मेटा के AI असिस्टेंट एजेंट ‘म्यूस’ के विकास से भी जुड़े हैं। वेंग ने एक स्ट्रैटिजी पेपर में सुपरइंटेलिजेंस को परमाणु बम के बाद सबसे खतरनाक चीज बताया। उनका कहना है कि अमेरिका को AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और दूसरे देशों को रोकने की रणनीति के नजरिए से भी देखना चाहिए। AI का विकास तेजी से जारी रखने के पक्ष में जेनसन हुआंग एनवीडिया के को-फाउंडर और CEO हैं। एनवीडिया के चिप्स का इस्तेमाल AI बनाने वाली ज्यादातर बड़ी कंपनियां करती हैं। हुआंग AI के तेज विकास के प्रमुख समर्थकों में हैं। उनका कहना है कि कंपनियों को सरकार से AI पर ज्यादा नियम बनाने की मांग नहीं करनी चाहिए। AI से नौकरियां जाने और अमेरिकी चिप्स दूसरे देशों को बेचने जैसे मुद्दों पर उनका एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई से सार्वजनिक मतभेद भी रहा है। डेविड सैक्स टेक निवेशक हैं। ट्रम्प प्रशासन में वह AI और क्रिप्टो से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह AI के डर के आधार पर सख्त नियम बनाने के खिलाफ हैं। सैक्स अमेरिकी राज्यों के अलग-अलग AI कानून बनाने का भी विरोध करते हैं। इसके बजाय वह कम सरकारी दखल वाली नीति चाहते हैं। उनका कहना है कि AI कंपनियां तेजी से नई तकनीक विकसित कर रही हैं, इसलिए उनकी रफ्तार रोकने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। अमेरिकी राजनीति में भी AI को लेकर दो राय नियम बनाने के पक्ष में… बर्नी सैंडर्स निर्दलीय अमेरिकी सीनेटर हैं। AI के तेज विकास के आलोचक रहे हैं। उनका कहना है कि AI से बड़ी कंपनियों की ताकत बढ़ सकती है और इसका असर कामगारों पर पड़ सकता है। सैंडर्स ने नए AI डेटा सेंटर बनाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, बड़ी AI कंपनियों पर 50% टैक्स लगाने और उससे सार्वजनिक फंड बनाने की बात कही है। उन्होंने सुपरइंटेलिजेंस पर स्थायी रोक लगाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, उनका प्रस्ताव है कि तब तक AI के एडवांस विकास पर रोक रहे, जब तक ऐसे सिस्टम को लेकर सुरक्षा इंतजाम तय नहीं हो जाते। नियमों के विरोध में… माइक जॉनसन अमेरिकी स्पीकर मानते हैं कि AI के खतरे बढ़ रहे हैं, लेकिन वह जल्दबाजी में नियम बनाने के पक्ष में नहीं हैं। वे कहते हैं कि जल्दबाजी में ऐसे नियम नहीं बनाने चाहिए जिनसे चीन को फायदा मिल सकता है। जॉनसन ने AI के कारण इंसानों के खत्म हो जाने की आशंकाओं को खारिज किया है। डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि AI के मामले में अमेरिका चीन से आगे रहे। उन्होंने AI में अमेरिका की बढ़त बनाए रखना अपनी प्राथमिकता बनाई है। इसके लिए वह AI को तेजी से आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसमें AI डेटा सेंटर के लिए ज्यादा बिजली की व्यवस्था करना और ऐसे AI मॉडल को बढ़ावा देना शामिल है, जिनका इस्तेमाल ज्यादा लोग कर सकें। एनवीडिया के CEO जेनसन हुआंग के साथ एक कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने यह भी कहा था कि AI के विकास में सरकार को ज्यादा दखल नहीं देना चाहिए। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… ओपनएआई का 90 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा: यह दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में एक; 88 घंटे में जवाब ढूंढा ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से एक को सॉल्व कर दिया है। AI को इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 5:46 pm

'मोदी जी ने ट्रंप के आगे किया सरेंडर':बक्सर सांसद सुधाकर सिंह का अमेरिकी दबाव में UPI का फैसला लेने का आरोप

बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने UPI पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस फैसले को अमेरिकी दबाव से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। सांसद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि UPI ने वीजा और मास्टरकार्ड के आगे सरेंडर नहीं किया है। बल्कि, 56 इंच वाले मोदी जी ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र किया। सांसद ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग वीजा और मास्टरकार्ड जैसे कार्ड नेटवर्क के बजाय यूपीआई का इस्तेमाल करने लगे हैं। ''बड़े लेन-देन पर शुल्क की व्यवस्था की'' इससे अमेरिकी कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के नए शुल्क प्रावधान पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे अमेरिकी दबाव में लिया गया फैसला बताया। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने का रास्ता खोल दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस यूपीआई को भारत की डिजिटल ताकत और डिजिटल इंडिया की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया, अब उसी के बड़े लेन-देन पर शुल्क की व्यवस्था की जा रही है। तेल भी जनता डालेगी और कीमत भी जनता चुकाएगी - सांसद सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को लेकर भी इस मुद्दे पर व्यंग्य किया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों को ‘आशीर्वाद का दिया’ दिया है। यह दिया जन्मदिन पर एक दिन या एक घंटे के लिए नहीं जलाना है, बल्कि आजीवन जलाना होगा। सांसद ने कहा कि यूपीआई पर हर बड़े भुगतान के साथ यह ‘दिया’ याद आएगा। उन्होंने कहा, डिजिटल इंडिया का दिया है साहब, अब तेल भी जनता डालेगी और कीमत भी जनता चुकाएगी। हालांकि, प्रस्तावित एमडीआर की व्यवस्था सांसद के राजनीतिक आरोप से अलग तकनीकी रूप से देखी जा रही है। फीस अधिकतम 300 र प्रति लेन-देन तक सीमित एनपीसीआई के प्रावधान के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति लेन-देन तक सीमित रहेगा। इस व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि यूपीआई से भुगतान करने वाले हर ग्राहक से सीधे शुल्क वसूला जाएगा। सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक एमडीआर भुगतान व्यवस्था में व्यापारी पक्ष से जुड़ा शुल्क है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी पी2पी भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा। वहीं ₹2,000 तक के पी2एम भुगतान पर भी एमडीआर नहीं लगेगा। सांसद ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत पी2एम यूपीआई लेन-देन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे। रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन समेत कुछ आवश्यक क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए 0.4 प्रतिशत की जगह ₹5 का फ्लैट एमडीआर निर्धारित किया गया है। वहीं सांसद सुधाकर सिंह ने इसी फैसले को अमेरिकी दबाव से जोड़कर केंद्र सरकार की नीतियों पर राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में यूपीआई पर एमडीआर का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का भी विषय बन सकता है।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 4:38 pm

'UPI पर टैक्स से अमेरिका को फायदा': राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, फैसला वापस लेने की मांग

'UPI पर टैक्स से अमेरिका को फायदा': राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना, फैसला वापस लेने की मांग

समाचार नामा 16 Sep 2026 4:35 pm

चमोली: औली में भारत-अमेरिका की सैन्य ताकत का अभ्यास, पर्वतीय युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीक पर रहेगा फोकस

भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह मंगलवार को औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया गया।

अमर उजाला 16 Sep 2026 11:29 am

अमेरिका: कॉलेज छात्रों की देखभाल के लिए मिल रही किराये की मां, 1.5 लाख रुपये सालाना में पेरेंटिंग पैकेज

अमेरिका में कॉलेज छात्रों के लिए ‘किराये की मां’ जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सालाना करीब 1.5 लाख रुपये में छात्रों को देखभाल और पेरेंटिंग से जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं।

अमर उजाला 15 Sep 2026 10:33 am

कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल

CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 6:03 pm

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

अमर उजाला 14 Sep 2026 10:09 am

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 10:15 am

आईफोन-18 प्रो और प्रो मैक्स की बुकिंग शुरू:भारत में अमेरिका से ₹41,000 महंगा मिलेगा, जानें कहां से ऑर्डर करें

एपल के नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स की बुकिंग भारत सहित दुनियाभर में शुरू हो गई है। भारत में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1.65 लाख रुपए और आईफोन 18 प्रो मैक्स की कीमत 1.80 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इस बार अपने प्रो मॉडल लाइनअप में नया A20 Pro चिपसेट, एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम और मेन कैमरे में पहली बार DSLR कैमरे वाली वेरिएबल अपर्चर टेक्नोलॉजी दी है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट की तुलना में भारत में इन दोनों मॉडल्स की कीमतें काफी ज्यादा हैं। आईफोन्स 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स के स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स ग्राफिक्स में देखें… एपल Siri AI में 6 बड़े अपडेट्स स्क्रीन देखकर काम करना: स्क्रीन पर क्या दिख रहा है, सिरी उसे समझकर सीधे वही टास्क पूरा कर देती है। निजी डेटा से सटीक जवाब: ईमेल, मैसेज या कैलेंडर से जानकारी निकालकर आपकी फ्लाइट, मीटिंग या प्लान बता देती है। एप्स के अंदर काम: सिर्फ एप खोलती ही नहीं, बल्कि फोटो एडिट करके किसी को भेजने जैसा अंदर का काम भी कर देती है। इंसानों जैसी बात: अटक-अटक कर बोलने या अधूरा वाक्य बोलने पर भी बात आसानी से समझ लेती है। बिना बोले टाइपिंग: स्क्रीन के नीचे डबल टैप करके अब सिरी को लिखकर भी कमांड दे सकते हैं। चैटजीपीटी सपोर्ट: मुश्किल सवालों के जवाब, टेक्स्ट या रेसिपी के लिए सीधे 'चैटजीपीटी' से मदद ले लेती है। एपल के नए वियरेबल डिवाइसेस

दैनिक भास्कर 12 Sep 2026 5:54 pm

आईआईटी छात्र ने साउथ एशिया स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट जीता, अब अमेरिका में गाड़ेंगे झंडे

आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Sep 2026 11:07 am

अमेरिका में ₹1.9 लाख और भारत में सीधे ₹3 लाख! ये है iPhone के महंगा होने की असली वजह

अमेरिका में करीब 1.9 लाख रुपये वाला iPhone Duo भारत में 2,99,900 रुपये का क्यों है? इसके पीछे सिर्फ टैक्स नहीं, बल्कि इंपोर्ट ड्यूटी, मैन्युफैक्चरिंग, करेंसी और Apple की प्राइसिंग स्ट्रैटेजी जैसी कई वजहें हैं। आइए उन्हें समझते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Sep 2026 2:07 pm

Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz

अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 11 Sep 2026 10:44 am

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न

लाइव हिन्दुस्तान 9 Sep 2026 9:20 pm

अमेरिका-ब्रिटेन में ग्रेजुएट्स की कमाई चार साल में 10% घटी:डिग्री नहीं, स्किल टेक्नोलॉजी और एआई बदल रहे नौकरी का गणित

अमेरिका और ब्रिटेन के नए आंकड़े बताते हैं कि नॉन-ग्रेजुएट्स के मुकाबले कॉलेज डिग्री वालों को मिलने वाला सैलरी का फायदा घट रहा है। अर्थशास्त्रियों होजे अजार, मिरेया गिने और जेवियर एस्पिन की रिसर्च के मुताबिक अमेरिका में कॉलेज ग्रेजुएट्स का वेतन प्रीमियम 4 वर्षों में लगातार गिरा है। कुल गिरावट करीब 10% है। यह 1970 के दशक के बाद पहली बड़ी गिरावट मानी जा रही है। 100 साल से भी ज्यादा समय में पहली बार ग्रेजुएट्स की मांग घट रही है। ब्रिटेन में भी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की डिग्री वालों का फायदा कम हो रहा है। एआई खासतौर पर उन व्हाइट-कॉलर और नॉलेज-वर्क जॉब्स को बदल रहा है, जिन पर लंबे समय से ग्रेजुएट्स का दबदबा था। भारत में डिग्रीधारी बढ़े लेकिन नौकरियां नहीं अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026 रिपोर्ट के अनुसार 2004 से 2023 के बीच युवाओं में ग्रेजुएट्स की संख्या 10% से बढ़कर 28% हो गई। लेकिन हर साल बढ़ने वाले ग्रेजुएट्स के अनुपात में नौकरियां नहीं बन रहीं। करीब 50 लाख नए ग्रेजुएट्स जॉब मार्केट में आते हैं, जबकि करीब 28 लाख जॉब पैदा होती हैं। बेरोजगार युवाओं में अब करीब दो-तिहाई ग्रेजुएट हैं। सर्वे - 70-90% एम्पलॉयर्स स्किल बेस्ड भर्ती कर रहे अमेरिका के नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेस एंड एम्पलाइज की रिपोर्ट में करीब 70% नियोक्ता अब स्किल्स-बेस्ड हायरिंग कर रहे हैं। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अब 90% कंपनियां डिग्री के बजाय कौशल के आधार पर भर्तियां करती हैं। 94% एम्पलॉयर्स का मानना ​​है कि स्किल बेस्ड हायरिंग डिग्री, सर्टिफिकेट या अनुभव के आधार पर हायरिंग से बेहतर है। बदलाव - कई देशों में डिग्री की जरूरत में कमी आ रही देश - कमीयूएस - 3.9%यूके - 1.8%ऑस्ट्रेलिया - 1.6% (स्रोत- बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप)

दैनिक भास्कर 9 Sep 2026 12:51 pm

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 9:11 pm

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 7:37 pm

Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 11:12 am

द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला

7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।

अमर उजाला 7 Sep 2026 9:35 am

Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !

Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 3:56 pm

IIT : आईआईटी के PhD स्कॉलर को 40 लाख का पैकेज, दूसरे छात्र ने अमेरिका में बजाया डंका

आईआईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी शोधार्थी डॉ शत्रुघ्न ठाकुर को इटली की हंसा टीएमपी में डिजाइन इंजीनियर के पद पर नियुक्ति का प्रस्ताव मिला है। वे 40.65 लाख सालाना पे-पैकेज पर कार्य करेंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 1:15 pm

अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर

यूएस ग्रीन कार्ड को लेकर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी और बुरी खबर सामने आई है, जहां अमेरिकी वीजा बुलेटिन के अनुसार ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी पूरी तरह 'अनअवेलेबल' हो चुकी है।अमेरिकी ग्रीन कार्ड के नियमों में क्या हुआ है बड़ा बदलाव और क्यों आई है यह बुरी खबर?अमेरिका में सालों से परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड पाने का सपना देख रहे लाखों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, वैज्ञानिकों और उच्च कुशल कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही निराशाजनक खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) और आव्रजन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार-आधारित दूसरी श्रेणी यानी ईबी-2 (EB-2 - Employment-Based Second Preference) कैटेगरी को फिलहाल पूरी तरह से 'अनअवेलेबल' (Unavailable) यानी अनुपलब्ध घोषित कर दिया गया है। इस स्थिति का मतलब यह है कि चालू वित्त वर्ष के लिए इस श्रेणी के तहत तय किए गए कोटे के सारे वीजा पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी दूतावास या आव्रजन कार्यालय इस कैटेगरी में अब अगले आदेश या नए वित्त वर्ष के शुरू होने तक किसी भी नए ग्रीन कार्ड या अप्रवासन वीजा को जारी या स्वीकृत नहीं कर सकते हैं। अमेरिका में काम कर रहे भारतीय वर्कफोर्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि वर्षों से लंबित पेंडिंग फाइलों और भारी-भरकम बैकलॉग के बीच इस प्रकार अचानक श्रेणी का बंद होना उनके सपनों पर एक बहुत बड़ा विराम लगाता हुआ नजर आ रहा है।ईबी-2 (EB-2) कैटेगरी के पूरी तरह से अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह क्या सामने आई है?इस महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित कैटेगरी के अचानक बंद होने और अनअवेलेबल होने के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी कानूनों के तहत तय की गई वार्षिक सीमा और देश-वार कोटा प्रणाली (Per-Country Ceiling) है। अमेरिकी आव्रजन नियमों के अनुसार, हर साल रोजगार-आधारित जितने भी ग्रीन कार्ड जारी किए जाते हैं, उनमें से किसी एक देश के नागरिकों को कुल कोटे का केवल 7 प्रतिशत हिस्सा ही मिल सकता है। भारत जैसे विशाल देश से एडवांस्ड डिग्री धारकों और विशेष योग्यताओं वाले प्रोफेशनल्स की संख्या और आवेदन इतने ज्यादा हैं कि यह तयशुदा कोटा निर्धारित समय से बहुत पहले ही पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इस वर्ष भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही भारत के कोटे के सारे ईबी-2 वीजा नंबर पूरी तरह से एग्जॉस्ट यानी समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा, अन्य देशों द्वारा अप्रयुक्त रहने वाले वीजा नंबरों का लाभ भी इस बार समय पर नहीं मिल पाने के कारण अमेरिकी प्रशासन को मजबूरन इस कैटेगरी को पूरी तरह से बंद या अनअवेलेबल करना पड़ा है, जिससे भारतीय आवेदकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, एच-1बी (H-1B) धारकों और उनके परिवारों पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?अमेरिका में एच-1बी वीजा पर काम कर रहे हजारों भारतीय नागरिकों और उनके आश्रित परिवारों के लिए यह स्थिति भारी मानसिक तनाव और अनिश्चितता लेकर आई है। जो प्रोफेशनल्स अपनी परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया के अंतिम चरणों में थे, उनकी फाइलें अब पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चली गई हैं और तब तक आगे नहीं बढ़ सकतीं जब तक कि नया कोटा शुरू नहीं होता। हालांकि आव्रजन वकीलों और विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस स्थिति के बावजूद यूएसिसिस (USCIS) द्वारा फॉर्म आई-485 (Adjustment of Status) की कुछ श्रेणियों के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया पर तकनीकी नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन अंतिम अप्रूवल के लिए लंबा इंतजार करना ही होगा। इस लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता के कारण कई कुशल भारतीय कर्मचारी अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों के विकल्पों पर भी विचार करने लगे हैं, क्योंकि ग्रीन कार्ड मिलने में लगने वाला यह बेहिसाब समय कई दशकों तक लंबा खींचता जा रहा है।इस गंभीर बैकलॉग और समस्या से निपटने के लिए आगे क्या उम्मीदें बची हैं?इस बड़ी प्रशासनिक रोक के बीच भारतीय प्रवासियों और नीति विश्लेषकों की निगाहें अब पूरी तरह से नए वित्त वर्ष और अमेरिकी संसद में होने वाले विधायी सुधारों पर टिकी हुई हैं। चूंकि हर साल 1 अक्टूबर को नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही वार्षिक वीजा सीमाओं और कोटे का नया आवंटन दोबारा रिसेट होता है, इसलिए उम्मीद की जा रही है कि तब जाकर इस कैटेगरी में कुछ राहत मिल सकती है और कट-ऑफ डेट्स आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, आव्रजन सुधारों की मांग उठाने वाले संगठनों का कहना है कि जब तक अमेरिका देश-वार लगने वाली इस 7 प्रतिशत की सीमा को समाप्त नहीं करता या ग्रीन कार्ड की कुल संख्या में बढ़ोतरी नहीं करता, तब तक भारतीय प्रोफेशनल्स को इसी तरह की गंभीर समस्याओं का सामना बार-बार करना पड़ेगा। अमेरिकी श्रम बाजार में अपनी योग्यता का लोहा मनवाने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति एक बार फिर से इस बात की गवाही देती है कि अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में बुनियादी बदलाव कितनी बड़ी और तत्काल आवश्यकता बन चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 12:58 pm

अमेरिकी ग्रीन कार्ड : अब स्पॉन्सर का चेक होगा क्रेडिट स्कोर, USCIS के नए फॉर्म का जानिए भारतीयों के लिए क्या है असली मतलब

अमेरिका में बसने का सपना देख रहे लाखों भारतीयों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली अपडेट सामने आ रही है। अमरीकी नागरिकता और आव्रजन सेवा यानी यूएसएसीआईएस (USCIS) ने ग्रीन कार्ड और परमानेंट रेजिडेंसी से जुड़े नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने वाले व्यक्ति या परिवार के वित्तीय दस्तावेजों के साथ-साथ उनके क्रेडिट स्कोर और वित्तीय स्थिरता की भी बारीकी से जांच की जाएगी। इस बदलाव का सीधा असर उन हजारों भारतीय परिवारों और प्रोफेशनल्स पर पड़ने वाला है जो अपने किसी परिजन या एम्प्लॉयी के जरिए अमेरिका में ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में जुटे हैं। आव्रजन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लाए गए इस नए फॉर्म और नियमों को लेकर प्रवासी भारतीयों के बीच चिंता और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ है, क्योंकि अब स्पॉन्सरशिप की राह उतनी आसान नहीं रह गई है जितनी पहले हुआ करती थी।क्या है USCIS का नया फॉर्म और कैसे काम करेगा स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर की जांच का नया नियमयूएसएसीआईएस द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों के केंद्र में एफिडेविट ऑफ सपोर्ट (Affidavit of Support) से जुड़ा नया फॉर्म है, जिसके जरिए स्पॉन्सर को अपनी वित्तीय क्षमता का पूरा ब्योरा देना होता है। पारंपरिक तौर पर स्पॉन्सर को सिर्फ अपनी आय का टैक्स रिटर्न दिखाना होता था, लेकिन अब नए प्रावधानों के तहत आव्रजन अधिकारी स्पॉन्सर के क्रेडिट स्कोर, बैंक खातों की स्थिति, मौजूदा कर्ज और अन्य वित्तीय दायित्वों का गहराई से आकलन करेंगे। इसका मतलब यह है कि यदि कोई स्पॉन्सर आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है या उसका क्रेडिट स्कोर खराब चल रहा है, तो वह किसी आवेदक के लिए स्पॉन्सरशिप नहीं कर पाएगा। अमेरिकी प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि अमेरिका आने वाला नया अप्रवासी कभी भी वहां की सरकारी सहायता या पब्लिक चार्ज (Public Charge) पर निर्भर न हो और अपनी आजीविका खुद चलाने में पूरी तरह से सक्षम हो।भारतीय आवेदकों और टेक प्रोफेशनल्स के लिए इस बदलाव के क्या हैं गहरे मायनेअमेरिका में वर्क वीजा यानी एच-1बी (H-1B) पर काम कर रहे लाखों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए ग्रीन कार्ड का रास्ता पहले से ही काफी लंबा और पेचीदा रहा है। ऐसे में फैमिली-बेस्ड या एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड स्पॉन्सरशिप के नियमों का कड़ा होना भारतीयों के लिए एक और बड़ी चुनौती बन गया है। कई बार परिवार के सदस्य जब अपने माता-पिता या भाई-बहनों को अमेरिका बुलाने के लिए स्पॉन्सर करते हैं, तो उन्हें इस नए वित्तीय कड़े मानदंड से गुजरना होगा। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के बाद अब कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है, और जरा सी भी वित्तीय चूक होने पर आवेदन को सीधे खारिज किया जा सकता है। इसलिए जो भारतीय परिवार या पेशेवर आने वाले दिनों में ग्रीन कार्ड के लिए फाइल करने की सोच रहे हैं, उन्हें अपने स्पॉन्सर के वित्तीय रिकॉर्ड और क्रेडिट हिस्ट्री को पहले से ही दुरुस्त और मजबूत रखना बेहद जरूरी हो गया है।भविष्य की आव्रजन नीतियां और ग्रीन कार्ड चाहने वालों के लिए जरूरी सलाहअमेरिकी आव्रजन प्रणाली में हो रहे ये लगातार बदलाव इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आने वाले समय में ग्रीन कार्ड पाना और अधिक कठिन और अनुशासित होने जा रहा है। अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए हर साल नियमों में फेरबदल किए जाते हैं ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े। ऐसे में भारतीय अप्रवासियों और छात्रों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कागजी कार्रवाई को शुरू करने से पहले इमीग्रेशन वकीलों या विशेषज्ञों से पूरी सलाह जरूर लें। नए फॉर्म भरते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि स्पॉन्सर की आय संघीय गरीबी रेखा (Federal Poverty Guidelines) से काफी ऊपर हो और उनका क्रेडिट इतिहास बिल्कुल साफ-सुथरा हो। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर सही कदम उठाकर ही इस नई प्रशासनिक चुनौती से पार पाया जा सकता है और अमेरिका में स्थायी कानूनी निवास का सपना साकार किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 2:07 pm

अमेरिका में पढ़ाई का सपना होगा पूरा: बिना एक भी पैसा खर्च किए फ्री में पाएं डिग्री, ट्यूशन फीस से लेकर रहने-खाने का पूरा खर्च फ्री

विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना हर उस छात्र की आंखों में पलता है जो अपनी मेहनत के दम पर करियर में ऊंची उड़ान भरना चाहता है। जब दुनिया भर के बेहतरीन विश्वविद्यालयों की बात आती है, तो अमेरिका का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटीज और शानदार करियर ग्रोथ की वजह से अमेरिका भारतीय छात्रों के बीच हमेशा से पहली पसंद रहा है। हालांकि, वहां की महंगी यूनिवर्सिटी फीस, ट्यूशन कॉस्ट और रहने-खाने का भारी खर्च कई बार मेधावी छात्रों के सपनों की राह में एक बड़ा रोड़ा बन जाता है। वित्तीय तंगी के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका जाने का विचार छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में ऐसी कई प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स और फेलोशिप प्रोग्राम्स मौजूद हैं, जो छात्रों के ट्यूशन फीस से लेकर उनके रहने, खाने और यहाँ तक कि हेल्थ इंश्योरेंस तक का पूरा खर्च खुद उठाती हैं? इन स्कॉलरशिप्स के जरिए आप बिना किसी आर्थिक तनाव के अमेरिकी धरती पर अपने सपनों की डिग्री हासिल कर सकते हैं।अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में मिलने वाली फुल-ब्राइट और अन्य प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप्स के बारे में जानेंअमेरिका में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप (Fulbright-Nehru Fellowships) एक ऐसा नाम है जो भारत में बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित है। अमेरिकी सरकार और भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से दी जाने वाली यह स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो मास्टर या पीएचडी करने अमेरिका जाना चाहते हैं। इसके तहत छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस माफ होने के साथ-साथ मासिक वजीफा, आने-जाने का हवाई किराया और स्वास्थ्य बीमा का पूरा खर्च कवर किया जाता है। इसके अलावा ह्यूबर्ट हम्फ्री फेलोशिप प्रोग्राम (Hubert Humphrey Fellowship Program) जैसे विकल्प भी मौजूद हैं, जो अनुभवी प्रोफेशनल्स को अमेरिका में नॉन-डिग्री स्टडी और लीडरशिप ट्रेनिंग का मौका देते हैं। इन स्कॉलरशिप्स को हासिल करने के लिए छात्रों को एक निश्चित चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू और अपने एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर खरा उतरना होता है, जिसके बाद उनके विदेश में पढ़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाता है।यूनिवर्सिटी-बेस्ड फाइनेंशियल असिस्टेंस और फुल-राइड स्कॉलरशिप्स का कैसे उठाएं लाभकेवल सरकारी या अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं ही नहीं, बल्कि अमेरिका के अधिकांश प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी अपने यहां आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को मेरिट और जरूरत के आधार पर फुल-राइड स्कॉलरशिप्स प्रदान करते हैं। हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और येल जैसी दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज की वित्तीय सहायता नीतियां बहुत मजबूत हैं। अगर आपका एकेडमिक रिकॉर्ड शानदार है और आपके पास बेहतरीन एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज का रिकॉर्ड है, तो ये यूनिवर्सिटीज आपकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति दे सकती हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर ही मिलने वाली ग्रेजुएट रिसर्च असिस्टेंटशिप (GRA) या टीचिंग असिस्टेंटशिप (TA) के जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अच्छी खासी कमाई भी कर सकते हैं, जिससे उनका रहने-खाने का खर्च आसानी से निकल जाता है। इन अवसरों के बारे में सही समय पर जानकारी जुटाकर समय से आवेदन करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अमेरिका में फ्री एजुकेशन पाने के लिए स्मार्ट टिप्सअमेरिका में बिना पैसे की टेंशन के पढ़ाई करने का यह सुनहरा अवसर पाने के लिए छात्रों को अपनी तैयारी बहुत पहले से शुरू करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया के दौरान आपको अपने एकेडमिक ट्रांसक्रिप्ट्स, एसओपी यानी स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, प्रोफेसरों से मिलने वाले रिकमेंडेशन लेटर्स और आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) जैसे इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट के स्कोर कार्ड तैयार रखने होते हैं। अधिकांश स्कॉलरशिप्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया साल में एक निश्चित समय पर खुलती है, इसलिए यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर डेडलाइन पर पैनी नजर रखना बेहद जरूरी है। अपनी प्रोफाइल को मजबूत बनाने के लिए इंटर्नशिप, रिसर्च पेपर पब्लिकेशन और नेतृत्व क्षमता से जुड़े अनुभवों को अपने आवेदन में जरूर शामिल करें। थोड़ी सी मेहनत, सही दिशा में की गई रिसर्च और समय पर किए गए आवेदन आपको बिना किसी वित्तीय बोझ के अमेरिका की बेहतरीन शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 2:02 pm

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:35 am

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:04 am

अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...

आज तक 3 Sep 2026 5:44 pm

अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.

आज तक 2 Sep 2026 11:12 am

'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत

हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.

आज तक 2 Sep 2026 8:46 am

Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz

अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 11:52 pm

Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:32 pm

क्या भारत की तरह अमेरिका में भी है ट्यूशन कल्चर? 

भारत में स्कूल के बाद बच्चों के ट्यूशन जाना बेहद आम है. स्कूल में जो चीजें उन्हें समझ नहीं उसके लिए छात्र अलग से कोचिंग या ट्यूटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या अमेरिका में भी बच्चों के लिए ऐसा ही ट्यूशन कल्चर है? इस सवाल पर इंस्टाग्राम पर ‘Sarika in America’ नाम के अकाउंट से शेयर किए गए एक वीडियो में 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने अनुभव के बारे में बताया.

आज तक 1 Sep 2026 3:48 pm

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!

हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।

देशबन्धु 1 Sep 2026 3:21 am

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:59 pm

अमेरिका में CPT को लेकर क्या है ICE का नया मेमो? भारतीय छात्र तुरंत जानें इससे जुड़े सभी कड़े नियम और भविष्य पर पड़ने वाले असर की पूरी सच्चाई

संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) विभाग द्वारा CPT (Curricular Practical Training) को लेकर एक नया नीतिगत मेमो जारी किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है। CPT वह माध्यम है जिसके जरिए अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्र अपनी डिग्री कोर्स के दौरान ही इंटर्नशिप या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। लेकिन ICE के इस नए मेमो ने इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक कड़ा और पेचीदा बना दिया है, जिससे भारतीय छात्रों के करियर और उनकी कानूनी स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय इस विषय को लेकर लाखों छात्र सर्च कर रहे हैं कि आखिर इस नए बदलाव का उनकी पढ़ाई और जॉब करियर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइए इस विस्तृत लेख के जरिए अमेरिका में CPT के पूरे गणित को समझते हैं और जानते हैं कि ICE के इस नए मेमो में क्या-क्या खास बातें कही गई हैं।अमेरिका में CPT (कर्रिकलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) असल में क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि CPT क्या है और यह विदेशी छात्रों के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण होता है। जब कोई भारतीय छात्र अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन (मास्टर्स या बैचलर्स) के लिए एडमिशन लेता है, तो उसे अपने कोर्स के करिकुलम के हिस्से के रूप में इंटर्नशिप करने की अनुमति दी जाती है, जिसे CPT कहा जाता है। इसके जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही अमेरिकी कंपनियों में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं और साथ ही कुछ पैसे भी कमाते हैं। यह विकल्प उन छात्रों के लिए जीवनरेखा की तरह होता है जो अपने खर्चों का एक हिस्सा खुद उठाने और अमेरिकी कॉर्पोरेट कल्चर को नजदीक से समझने की कोशिश करते हैं। पारंपरिक रूप से CPT को F-1 वीजा धारक छात्रों के लिए एक बेहद लचीली और मददगार व्यवस्था माना जाता रहा है, जिसके जरिए वे आगे चलकर OPT (Optional Practical Training) और H-1B वीजा की ओर कदम बढ़ाते हैं।ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने क्यों जारी किया नया मेमो?हाल ही में अमेरिकी एजेंसी ICE द्वारा जारी किए गए नए मेमो ने विदेशी छात्रों की नींद उड़ा दी है। इस मेमो का मुख्य उद्देश्य CPT के नियमों का कथित तौर पर हो रहे दुरुपयोग को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन का यह मानना है कि कुछ छात्र और विश्वविद्यालय CPT नियमों का अनुचित लाभ उठाकर पढ़ाई की आड़ में लंबे समय तक अमेरिका में अवैध रूप से काम करने के रास्ते तलाश रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब विश्वविद्यालयों को CPT के अनुमोदन (Approval) के मामले में और अधिक कठोर नियमों का पालन करना होगा। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि CPT सीधे तौर पर छात्र के अकादमिक पाठ्यक्रम और डिग्री की अनिवार्य आवश्यकता से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल अंशकालिक नौकरी पाने का एक आसान जरिया। इस प्रशासनिक सख्ती के बाद से छात्रों में इस बात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि क्या उनकी यूनिवर्सिटीज अब आसानी से CPT अप्रूव कर पाएंगी या नहीं।भारतीय छात्रों पर इस नए मेमो का क्या होगा सीधा असर?लोकल ऑप्टिमाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय के दृष्टिकोण से देखें तो अमेरिका में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय छात्रों के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका में हर साल हजारों की संख्या में भारतीय छात्र कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने ट्यूशन फीस के कर्ज को चुकाने और अमेरिकी बाजार में फुल-टाइम जॉब पाने के लिए CPT और फिर OPT पर निर्भर रहता है। यदि ICE के नए नियमों के कारण CPT मिलना मुश्किल हो जाता है, या इसके घंटों (Hours) को सीमित कर दिया जाता है, तो भारतीय छात्रों की आर्थिक स्थिति और करियर प्लानिंग बुरी तरह चरमरा सकती है। जानकारों का मानना है कि छात्रों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने और अपनी यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस (ISO) के संपर्क में रहने की जरूरत है।आधुनिक Generative Engine Optimization और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स का परिदृश्यआधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, विदेश में शिक्षा, वीजा नियमों में बदलाव और करियर से जुड़ी ऐसी जटिल कानूनी खबरों को छात्र और उनके परिवार सबसे ज्यादा खोजते हैं। आज का डिजिटल युग यह मांग करता है कि किसी भी ग्लोबल पॉलिसी बदलाव को बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया जाए ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रेडिट (Reddit) और इमिग्रेशन फोरम्स पर इस समय CPT मेमो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जहाँ छात्र अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं। सही और तथ्यात्मक जानकारी समय पर मिलना हर उस छात्र के लिए बेहद जरूरी है जो अमेरिका में अपने सपनों को साकार करने की राह पर है।भारतीय छात्रों को अब किन सावधानियों और नियमों का रखना होगा ध्यान?इस बदलते हुए परिदृश्य में अमेरिका में पढ़ रहे या जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों को कुछ बेहद अहम बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, अपने कोर्स के दौरान लिए जाने वाले CPT का पूरा दस्तावेजीकरण (Documentation) एकदम दुरुस्त रखें और यह सुनिश्चित करें कि आपका एम्प्लॉयर और आपकी यूनिवर्सिटी का कोर्स करिकुलम पूरी तरह से नियमों के दायरे में हो। किसी भी शॉर्टकट या संदिग्ध तरीके से CPT प्राप्त करने से बचें, क्योंकि अमेरिकी आव्रजन विभाग (USCIS और ICE) इस मामले में अब बहुत अधिक आक्रामक हो चुका है। अपनी यूनिवर्सिटी के कानूनी सलाहकारों से समय-समय पर परामर्श लेते रहें ताकि वीजा की स्थिति पर कोई आंच न आए।अमेरिकी शिक्षा और करियर की राह में आने वाली नई चुनौतियाँअंततः, अमेरिका में CPT को लेकर ICE द्वारा जारी किया गया यह मेमो इस बात की चेतावनी है कि अमेरिका में आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नियमों को लेकर प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई करना और वहां टिके रहना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है, इसके लिए उच्च स्तर की शैक्षणिक ईमानदारी और नियमों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यदि छात्र सही दिशा में योजना बनाकर चलेंगे और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे, तो वे इन नई बाधाओं को पार करते हुए अपने अमेरिकी सपने को जरूर पूरा कर पाएंगे, बशर्ते हर कदम बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ उठाया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 31 Aug 2026 10:01 am

अमेरिका में इंटर्नशिप और नौकरी का रास्ता मुश्किल, भारतीय छात्रों को ट्रंप का झटका; CPT नियम सख्त

अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बुरी खबर है। ट्रंप सरकार ने CPT इंटर्नशिप नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 29 Aug 2026 4:02 pm

जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी

एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।

जागरण 26 Aug 2026 11:19 pm

Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War

इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:17 pm

US Education: अमेरिका में भारतीय छात्रों के UG एडमिशन में गिरावट, 15% कम हुए दाखिले; क्या है इसकी वजह? जानें

Indian Students in US: अमेरिका में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले दाखिलों में 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

अमर उजाला 25 Aug 2026 11:59 am

एस्प्रेसो से अमेरिकानो तक, जानें कैफे में मिलने वाली 5 ब्लैक कॉफी का स्वाद, ऑर्डर करना होगा आसान

किसी कैफे में जाकर अलग-अलग तरह की कॉफी को देखकर आप भी कंफ्यूज हो जाते हैं तो आपकी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हम यहां कैफे में मिलने वाली कुछ मुख्य ब्लैक कॉफी का स्वाद बता रहे हैं। जिसे जानने के बाद अगली बार ऑर्डर देना आसान हो जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Aug 2026 1:30 pm

Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 3:53 pm

Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 11:40 pm

Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 7:52 pm

शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.

आज तक 17 Aug 2026 8:36 pm

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:25 pm

Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin

Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:31 pm

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 9:55 am

Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump

तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 8:09 pm

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 8:55 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

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