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Explainer: ट्रंप की नई नीति से भारतीय छात्रों के ‘अमेरिकन ड्रीम’पर कैसे खतरा मंडरा रहा है?

अमेरिका में पढ़ने और वहाँ नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक नई चुनौती आ खड़ी हुई है। ट्रंप प्रशासन ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम पर $100,000 (करीब ₹95 लाख) की फीस लगाने पर विचार कर रहा है। यह F-1 स्टूडेंट वीजा का एक्सटेंशन है, जो ग्रेजुएशन के बाद काम करने […]

पांचजन्य 1 Aug 2026 1:14 pm

ट्रंप की भीषण धमकी के बाद भड़का ईरान, कहा- 'अमेरिकी सैन्य अड्डों की जलेंगी चिताएं

वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनातनी अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां से पीछे हटना नामुमकिन लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई सीधी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध बेहद तेज हो गई है। ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। ईरान ने साफ लफ्जों में कहा है कि अगर अमेरिका ने एक भी मिसाइल दागी, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को श्मशान में तब्दील कर दिया जाएगा। इस बीच ईरान के एक बेहद शक्तिशाली 'महाबली' दोस्त ने भी जंग में कूदने के संकेत देकर पेंटागन की नींद उड़ा दी है।ट्रंप की उस एक धमकी से कैसे थर्राया पूरा मिडिल ईस्टदरअसल, वाशिंगटन में एक हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल डिपो को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी थी। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक शांति और अमेरिकी हितों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस धमकी के बाद से ही कतर, बहरीन और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज के शटर खोल दिए हैं और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों का रुख अमेरिकी ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है, जिससे किसी भी वक्त युद्ध भड़कने की आशंका है।ईरान का वो रहस्यमयी 'महाबली' दोस्त कौन है जो अमेरिका से भिड़ने को तैयार हैइस पूरे विवाद में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब वैश्विक महाशक्ति माने जाने वाले ईरान के रणनीतिक साझेदार (रूस/चीन गुट) ने इस तनाव में सीधे दखल देने की बात कही। ईरान के इस महाबली दोस्त ने अमेरिकी विस्तारवाद को रोकने के लिए अपनी नौसेना और हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रख दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर तलवारें खिंचती हैं, तो यह केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी। यह महाबली दोस्त ईरान के पीछे ढाल बनकर खड़ा हो गया है, जो इस जंग को पलक झपकते ही वर्ल्ड वॉर में बदल सकता है।खाड़ी देशों और भारत पर इस संभावित महायुद्ध का क्या होगा असरअगर अमेरिकी सेना ईरान पर हमला करती है, तो इसका सबसे पहला और घातक असर ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर पड़ेगा। होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। नई दिल्ली में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है और विदेश मंत्रालय ने अपनी इमरजेंसी यूनिट को एक्टिव कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Aug 2026 12:48 pm

US Passport Ranking: कभी टॉप पर रहने वाला अमेरिकी पासपोर्ट अब क्यों हुआ कमजोर? जाने रैंकिंग में भारत का कौनसा स्थान

US Passport Ranking: कभी टॉप पर रहने वाला अमेरिकी पासपोर्ट अब क्यों हुआ कमजोर? जाने रैंकिंग में भारत का कौनसा स्थान

समाचार नामा 1 Aug 2026 12:20 pm

US F35B Fighter Jet Crash: अमेरिकी सेना का एफ-35बी फाइटर जेट हादसे का शिकार, कैसे बाल-बाल बची पायलट की जान?

US F35B Fighter Jet Crash: अमेरिकी सेना का F-35B फाइटर जेट हादसे का शिकार, कैसे बाल-बाल बची पायलट की जान? us-marine-corps-f35b-stealth-fighter-jet-crashes-near-miramar-california-pilot-safe

अमर उजाला 1 Aug 2026 12:02 pm

अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक, बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर

अमेरिका-इजराइल इस हफ्ते ईरान पर कर सकते बड़ी स्ट्राइक,बिजली प्लांट और रिफाइनरी रडार पर

समाचार नामा 1 Aug 2026 9:40 am

अमेरिका और इजरायल का बड़ा प्लान: ईरान पर कभी भी हो सकते हैं संयुक्त हवाई हमले, ट्रंप की चेतावनी से थर्राया तेहरान

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों पर अब तक का सबसे भीषण और बड़ा हमला बोल सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को झुकाने और अपने घुटने टेकने के लिए सैन्य तैयारियां तेज करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं। अमेरिका का मुख्य मकसद तेहरान पर अधिकतम दबाव बनाना है ताकि उसे अपनी युद्धविराम शर्तों को मानने के लिए मजबूर किया जा सके।कैंप डेविड से राष्ट्रपति ट्रंप का सख्त संदेशमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंप डेविड से एक बेहद कड़ा संदेश देते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इन हमलों की शुरुआत इसी हफ्ते हो सकती है। यदि यह हमला होता है, तो यह कई महीनों में पहला ऐसा मौका होगा जब इजरायल सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में खुलकर शामिल होगा। बीते जुलाई में युद्धविराम टूटने के बाद से अमेरिका लगातार ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य गतिविधियां चला रहा था, लेकिन इजरायल ने इन ऑपरेशनों से दूरी बनाए रखी थी।कैंप डेविड में दिए अपने बयान में ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन पर बहुत भारी प्रहार करने जा रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा, जब वे कहेंगे कि अब हम इसे और सहन नहीं कर सकते।' हालांकि, सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस सैन्य अभियान के लिए अंतिम कागजी मंजूरी नहीं दी है, और व्हाइट हाउस की कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ सलाहकारों ने इस कार्रवाई पर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले भी दी थी चेतावनीडोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि यदि फारस की खाड़ी और होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो वह ईरान के पुलों, बंदरगाहों और पावर प्लांटों को पूरी तरह मलबे में बदल देंगे। यह ताजा राजनीतिक और सैन्य हलचल इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच वॉशिंगटन में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के ठीक बाद सामने आई है।5 महीने से जारी है भीषण संघर्षपश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले पांच महीनों से भी अधिक समय से लगातार सैन्य तनातनी और जवाबी हमलों का खूनी खेल जारी है। क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हालिया हमलों के बाद वॉशिंगटन का यह आकलन है कि ईरान का रुख दिन-प्रतिदिन और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। तेहरान की इसी बढ़ती जिद और आक्रामकता पर लगाम कसने के लिए अब अमेरिका और इजरायल एक बड़े और निर्णायक एक्शन की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 1 Aug 2026 9:12 am

क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश

क्या ईरान पर फिर बरसेंगे अमेरिकी बम ट्रंप ने बना लिया तबाही का प्लान, सेना को दिए सख्त आदेश

समाचार नामा 1 Aug 2026 8:20 am

West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा

West Asia: क्या ईरान पर नहीं रुकेंगे अमेरिकी हमले? व्हाइट हाउस ने दिया जवाब; ट्रंप बोले- अब भरोसा खत्म हो रहा Donald-trump-signals-fresh-military-action-against-iran-hormuz-strait-tensions

अमर उजाला 1 Aug 2026 8:19 am

ईरान पर नए हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका? WSJ की रिपोर्ट में किया गया बड़ा दावा

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर इस वीकेंड नए सैन्य हमले की तैयारी कर सकता है ताकि तेहरान को अपनी शर्तों पर वार्ता के लिए मजबूर किया जा सके। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से तेल कीमतों में उछाल आया है और क्षेत्रीय संघर्ष गहराने की आशंका बढ़ गई है।

खबर इंडिया टीवी 1 Aug 2026 7:12 am

West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?

West Asia Tension LIVE: ईरान से जंग में ट्रंप के तेवर और उग्र, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर नई रिपोर्ट में क्या?

अमर उजाला 1 Aug 2026 7:03 am

ईरान पर हमला रोकना अब मुश्किल?: अमेरिकी सीनेट में एक वोट से गिरा अहम प्रस्ताव, ट्रंप के पक्ष में गया फैसला

ईरान पर हमला रोकना अब मुश्किल?: अमेरिकी सीनेट में एक वोट से गिरा अहम प्रस्ताव, ट्रंप के पक्ष में गया फैसला---US Senate Rejects Bill to Limit Trump Military Action Against Iran by One Vote

अमर उजाला 1 Aug 2026 5:57 am

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

गाजा में अमेरिका की 15 सूत्रीय योजना: ट्रंप का दावा- हथियार डालेगा हमास, क्या इस्राइल अब छोड़ देगा गाजा पट्टी?

गाजा में अमेरिका की 15 सूत्रीय योजना: ट्रंप का दावा- हथियार डालेगा हमास, क्या इस्राइल अब छोड़ देगा गाजा पट्टी?---Trump 15-Point Gaza Peace Plan: Hamas Agrees to Disarm, Will Israel Withdraw from Gaza Strip?

अमर उजाला 1 Aug 2026 1:20 am

2026 में अमेरिका से अब तक 2,273 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा गया: विदेश मंत्रालय

भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने द्वि-साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग स्‍पष्‍ट करते हुए कहा क‍ि साल 2026 में अब तक अमेरिका से 2,273 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा गया है।

देशबन्धु 31 Jul 2026 11:16 pm

US Immigration Fraud: भारतीय वकील Suraj Raj Singh पर 4 करोड़ का जुर्माना, फर्जी Asylum आवेदन का आरोप

अमेरिका में इमिग्रेसन मामलों से जुड़े एक भारतीय मूल के वकील पर गंभीर आरोप लगने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि उन्होंने अपने कई मुवक्किलों की ओर से कथित रूप से गलत और भ्रामक शरण आवेदन दाखिल किए। इस मामले में अब उनके खिलाफ करोड़ों रुपये के बराबर का नागरिक जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि मामले की कानूनी सुनवाई अभी जारी है और अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरणों द्वारा लिया जाना बाकी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारतीय मूल के आव्रजन वकील सूरज राज सिंह अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में इमिग्रेसन से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं। बताया गया है कि उन्होंने मुख्य रूप से भारतीय मूल के लोगों के लिए शरण से संबंधित आवेदन तैयार किए और उन्हें अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया। अब अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग और आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने उनके खिलाफ नागरिक दंड की कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का आरोप है कि सूरज राज सिंह ने 54 अलग-अलग इमिग्रेसन मामलों में कुल 118 कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल किए। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कई आवेदनों में इस्तेमाल की गई भाषा, घटनाओं का विवरण और तथ्यों का उल्लेख लगभग एक जैसा था। यहां तक कि अलग-अलग आवेदकों द्वारा कथित उत्पीड़न की कहानी भी काफी हद तक समान पाई गई, जिससे अधिकारियों को दस्तावेजों की सत्यता पर संदेह हुआ है। बता दें कि इन्हीं आरोपों के आधार पर इमिग्रेसन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी ने सूरज राज सिंह पर अधिकतम 4 लाख 70 हजार 584 अमेरिकी डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाने की मांग की है। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित राशि लगभग 4 करोड़ रुपये के बराबर बैठती है। हालांकि यह प्रस्तावित दंड है और अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। गृह सुरक्षा विभाग के महाधिवक्ता जेम्स पर्सिवल ने कहा कि कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन केवल आव्रजन व्यवस्था को कमजोर नहीं करते, बल्कि इससे वास्तविक जरूरतमंद लोगों के मामलों में भी देरी होती है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों के कारण गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान आव्रजन नियमों के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है और इस तरह के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गृह सुरक्षा विभाग ने बताया है कि यह कार्रवाई मई 2026 में जारी उस निर्देश के तहत की जा रही है, जिसमें कथित फर्जी शरण दावों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य आव्रजन प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों के दुरुपयोग को रोकना है। यह भी उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें किसी आव्रजन वकील के खिलाफ दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी को लेकर नागरिक दंड की कार्रवाई की गई है। इससे पहले जून 2026 में भारतीय मूल के एक अन्य आव्रजन वकील विनोद दोड्डमणि को भी कथित रूप से फर्जी शरण आवेदन दाखिल करने के आरोप में 2 लाख 55 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक के प्रस्तावित जुर्माने का नोटिस जारी किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, सूरज राज सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां मामले की जांच और सुनवाई कर रही है।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 11:09 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

Russia-India Oil Deal: भारत-रूस की यारी के सामने अमेरिकी बैन फेल! 3 मिलियन बैरल का नया रिकॉर्ड

जब दुनिया में संकट गहराया, तब एक पुरानी दोस्ती भारत की सबसे बड़ी ताकत बन कर उभरी। पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंधों के बीच कयास लगाए जा रहे थे कि भारत का एनर्जी सेक्टर संकट में आ जाएगा। लेकिन आज जो खबर वाशिंगटन से लेकर यूरोप तक हलचल मचा रही है, उसने सारे समीकरण बदल दिए हैं। भारत और रूस मिलकर तेल आयात का एक ऐसा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। आख़िर क्या है वो रिपोर्ट जिसने ग्लोबल ऑयल मार्केट में खलबली मचा दी है? ग्लोबल कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर का कहना है कि भारत का रूस से कच्चे तेल यानी कि क्रूड ऑयल का आयात लगभग 30 लाख बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। लेकिन ये खबर सिर्फ तेल की नहीं है। यह खबर तब आ रही है जब अमेरिका में नए टेरिफ बिल को लेकर चर्चाएं तेज है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत अमेरिका के संभावित दबाव के आगे झुकेगा? या फिर अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए रूस के साथ इस रिकॉर्ड तेल आयात को अंजाम देगा। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War में फंसे भारतीयों पर Supreme Court सख्त, MEA को नोडल अफसर नियुक्त करने का आदे दरअसल इस पूरी खबर के पीछे एक बड़ा कारण है लाल सागर यानी रेड सी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में बढ़ता हुआ तनाव। कैप्टनर की रिपोर्ट बताती है कि अगर रेड सी में सप्लाई बाधित होती है तो भारतीय रिफाइनरियों के पास रूस ही सबसे भरोसेमंद विकल्प बचेगा। भारत ने पिछले कुछ सालों में अपनी तेल खरीद को काफी ज्यादा डायवर्सिफाई कर लिया है। चाहे वो वेनेजुएला हो, अफ्रीका हो या अटलांटिक बेसिन। लेकिन जब बात बफर की आती है तो रूस का कोई भी मुकाबला नहीं है। सऊदी अरब का ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन भारत को कुछ राहत तो देता है लेकिन वो रूस की विशाल सप्लाई की बराबरी नहीं कर सकता। रूस भारत के लिए एक हैच की तरह काम करता है। यानी दुनिया में कहीं भी सप्लाई रुके। रूस भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए खड़ा है। केप्लर की लीड एनालिस्ट सुमित रितोलिया का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियों में रूस से शिपमेंट 30 लाख बैरल प्रतिदिन से भी ऊपर जा सकता है। हालांकि इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष के कारण हमले हो रहे हैं। जुलाई में रूस का निर्यात पहले की तुलना में कम भी हुआ है। इसके बावजूद भारत की रिफाइनरियों ने अपनी रणनीति को इतना लचीला बनाया है कि वह रूस से अधिक तेल खरीद कर भी शॉर्ट टर्म गैप को भर सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Russia-Ukraine War: Trump की शांति पहल के बीच Kyiv पर मिसाइल वर्षा, क्या पुतिन अब और बढ़ाएंगे युद्ध? वैसे यहां एक टेक्निकल बात समझना बेहद जरूरी हो जाता है। रूस के इन ओरस्कियस एक्सपोर्ट टर्मिनल की भी भूमिका बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ रूस का ओरसल तेल ही नहीं बल्कि कजाकिस्तान का तेल भी दुनिया तक पहुंचाता है। अगर ब्लैक सी में कोई बड़ी बाधा उत्पन्न होती है तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। भारत इसी रिस्क को मैनेज करने के लिए रूस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है। तो क्या भारत अमेरिका के टेरिफ बिल से पहले यह बड़ा कदम उठाएगा? जानकारों का मानना है कि भारत ने हमेशा ही इंडिया फर्स्ट की नीति अपनाई है। रूस से सस्ता तेल ना केवल हमारी अर्थव्यवस्था को महंगाई से बचाता है बल्कि हमारी रिफाइनरी को भी दुनिया के कंपटीशन में बनाए रखता है। खैर 30 लाख बैरल ऑयल प्रतिदिन का यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं है बल्कि यह भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति का प्रमाण है। रूस के साथ यह दोस्ती भविष्य में भारत को एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 7:59 pm

Iran vs US: कुवैत में अमेरिकी Airbase पर बड़ा Drone Attack, ईरान ने लिया Qeshm Island का बदला

ईरानी सेना ने कहा है कि उसने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के 27वें चरण के दौरान कुवैत में अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के अहम ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने सेना के जनसंपर्क विभाग के बयान का हवाला देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किया गया था; इसमें खास तौर पर केशम द्वीप पर एक रिहायशी घर पर हुए हमले का ज़िक्र किया गया। सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि इन हमलों में कुवैती बेस पर मौजूद फाइटर जेट के ठिकानों, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और उपकरणों के गोदामों को निशाना बनाया गया। इस बेस को अमेरिकी एयर सपोर्ट, निगरानी और ऑपरेशन्स के लिए एक अहम केंद्र माना जाता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan ने ट्रंप से कर दी गद्दारी, ईरान कैसे पहुंचा हथियारों का जखीरा? IRIB ने आगे बताया कि ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लगातार बड़े हमलों की वजह से दुश्मन के डिफेंस सिस्टम के लिए ड्रोन और मिसाइलों को रोकना मुश्किल और महंगा हो गया है। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि हताहतों और हुए नुकसान की खबरों को दबाने के लिए कड़ी सेंसरशिप लागू की जा रही है। इससे पहले, ईरान के सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत में अमेरिका द्वारा संचालित अली अल सलेम एयरबेस पर दो ड्रोन हैंगर और मिलिट्री एयरक्राफ्ट व हेलीकॉप्टर के लिए बनाए गए फ्यूल स्टोरेज सेंटर को नष्ट कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Mahan Air की एजेंट भारत की Skies Travels समेत कई कंपनियों पर US Sanctions शुक्रवार को कुवैत के नागरिकों को संबोधित करते हुए, IRGC के बयान में कहा गया कि तेहरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि इस इलाके से अमेरिका की कब्जा करने वाली और लूटने वाली सेनाओं को पूरी तरह से हटा नहीं दिया जाता। कुवैत में तनाव बढ़ने की यह घटना तेहरान द्वारा गुरुवार को जॉर्डन के अल-अज़राक एयरबेस पर एक अलग जवाबी मिसाइल हमले के दावों के बाद हुई है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया है कि हमले में अमेरिकी F-35 फाइटर जेट नष्ट हो गए थे। सेना का कहना है कि किसी भी अमेरिकी विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और उसकी सेनाएं पूरे इलाके में ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दावे का जवाब देते हुए, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर पोस्ट किया, ईरान के हालिया हमलों की कोशिशों में कोई भी अमेरिकी विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 7:42 pm

बाल यौन शोषण सामग्री अपलोड की, अमेरिका की एजेंसी ने किया अलर्ट; पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR

अमेरिका स्थित एनसीएमईसी के अलर्ट के बाद पंजाब साइबर क्राइम पुलिस ने बाल यौन शोषण सामग्री अपलोड करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से मिली रिपोर्टों के आधार पर दो जीमेल खातों के अज्ञात संचालकों के खिलाफ जांच शुरू की है।

जागरण 31 Jul 2026 7:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका से आया चुपके-चुपके... कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके पर केंद्रीय मंत्री का शायराना अंदाज

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके को लेकर शायराना अंदाज दिखाया है। उन्होंने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के ऊपर जो लाठी चार्ज हुआ वह उसका समर्थन नहीं करते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Jul 2026 6:08 pm

अमेरिका ने बैन किए तमाम चीनी गैजेट्स, भारत में भी होंगे बैन?

अमेरिकी ट्रंप सरकार धीरे धीरे करके चीन के कई टेक प्रोडक्ट्स बैन कर दिए हैं. ह्यूमनॉयड रोबोट, वैक्यूम क्लीनर्स और ड्रोन से लेकर कई तरह के टेक प्रोडक्ट्स को अमेरिका बैन कर रहा है. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? वाकई नेशनल सिक्योरिटी की बात है या चीनी इनोवेशन से अमेरिका खौफ में है?

ज़ी न्यूज़ 31 Jul 2026 12:17 pm

अमेरिका में नौकरी के लिए विदेशी छात्रों को देंगे 1 लाख डॉलर शुल्क, भारतीय छात्रों पर पड़ेगा बड़ा असर

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत वहां की यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने वाले विदेशी छात्रों को नौकरी करने के लिए 1 लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपये) तक का शुल्क देना पड़ सकता है।

देशबन्धु 31 Jul 2026 9:37 am

अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना होगा मंहगा? विदेश छात्रों पर $100000 का प्रस्ताव, भारतीयों की बढ़ी चिंता

अमेरिका में पढ़ाई करने और वहीं नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों विदेशी छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सरकार पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने की अनुमति देने वाले ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रोग्राम पर 1 लाख डॉलर तक की फीस लगाने पर विचार कर रही है।

ज़ी न्यूज़ 31 Jul 2026 9:34 am

ईरान का दावा: अल अजराक एयर बेस पर अमेरिकी सैन्‍य कर्म‍ियों को बनाया न‍िशाना, तीन एफ-35 विमान क‍िए नष्ट

ईरान और अमेरिका में जारी तनातनी के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस पर अमेर‍िका के जवाबी हमले का दावा किया

देशबन्धु 31 Jul 2026 7:20 am

रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर देश के लिए खतरा! अमेरिका ने किया बैन

अमेरिका ने दूसरे देशों से आने वाले रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स को बैन कर दिया है. ट्रंप सरकार का मानना है कि रोबोट वैक्यूम क्लीनर्स नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकते हैं. बता दें कि ज्यादातर कंपनियां चीनी हैं.

ज़ी न्यूज़ 30 Jul 2026 7:48 pm

अमेरिका ने विदेशी ह्यूमनॉइड रोबोट पर लगाई रोक, चीन को बड़ा झटका; राष्ट्रीय सुरक्षा और AI वर्चस्व पर बढ़ी टकराव की आशंका

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि महत्वपूर्ण सेवाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों द्वारा विकसित रोबोट का बढ़ता उपयोग भविष्य में सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकता है। सरकार को आशंका है कि यदि किसी भू-राजनीतिक तनाव या आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में व्यवधान की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इन रोबोटों की उपलब्धता और संचालन प्रभावित हो सकता है।

देशबन्धु 30 Jul 2026 1:39 pm

अमेरिकी फेड के फैसले का असर, भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गुरुवार को गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:15 पर सेंसेक्स 151 अंक या 0.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,502 और निफ्टी 37 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,213 पर खुला।

देशबन्धु 30 Jul 2026 1:22 pm

ट्रंप से मिलते ही भड़के पुतिन: कीव पर बरसाए घातक 'अग्निबाण', यूक्रेन का अमेरिकी F-16 फाइटर जेट भी हुआ तबाह

यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण युद्ध में एक बेहद सनसनीखेज और बड़ा मोड़ आ गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक बेहद अहम रणनीतिक मुलाकात कर वापस लौटे ही थे कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल हमला बोल दिया। इस हवाई हमले में रूस ने कीव को दहलाने के साथ-साथ यूक्रेन की वायुसेना को सबसे बड़ा घाव दिया है, जहां युद्ध में गेमचेंजर माने जा रहे अमेरिकी मूल के एडवांस F-16 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया गया है।ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात के तुरंत बाद रूस का भीषण पलटवारवैश्विक कूटनीति के गलियारों में इस हमले के समय को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेलेंस्की की इस बैठक पर मॉस्को की पैनी नजर थी। जैसे ही जेलेंस्की अपनी इस यात्रा से वापस लौटे, रूसी सेना ने बिना कोई वक्त गंवाए यूक्रेन के प्रमुख सैन्य ठिकानों और हवाई पट्टियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कीव के आसमान में एक के बाद एक कई रूसी हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलें गरजती हुई दिखाई दीं, जिसे स्थानीय रक्षा विशेषज्ञों ने पुतिन की तरफ से अमेरिका और यूक्रेन के नए गठजोड़ को दिया गया सीधा और आक्रामक संदेश बताया है।यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को तगड़ा झटका, अमेरिकी F-16 फाइटर जेट जमींदोजइस पूरे हमले की सबसे बड़ी और नुकसानदेह खबर यूक्रेन के लिए उसके F-16 लड़ाकू विमान का क्रैश होना रही। पश्चिमी देशों और अमेरिका से काफी मिन्नतें करने के बाद यूक्रेन को मिले इन आधुनिक लड़ाकू विमानों से उसे हवाई क्षेत्र में काफी बढ़त मिलने की उम्मीद थी। रूसी रक्षा मंत्रालय के करीबी सूत्रों और सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले और एयर डिफेंस के जाल में फंसकर यूक्रेन का एक F-16 पूरी तरह तबाह हो गया। यह नुकसान यूक्रेन की वायुसेना के मनोबल पर एक बड़ा आघात माना जा रहा है, क्योंकि इन विमानों की खेप बेहद सीमित है।युद्ध के मोर्चे पर अब आगे क्या होगा, दुनिया भर के देशों में बढ़ी चिंताइस बड़े सैन्य घटनाक्रम के बाद अब पूर्वी यूरोप में युद्ध की आग और ज्यादा भड़कने की आशंका गहरा गई है। अमेरिका में सत्ता के समीकरणों के बीच पुतिन का यह आक्रामक रुख साफ दिखाता है कि रूस किसी भी तरह के दबाव में पीछे हटने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर, जेलेंस्की ने इस भारी नुकसान के बाद अपने पश्चिमी सहयोगियों से और अधिक एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों की मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद अहम होगा कि वाशिंगटन इस बड़े नुकसान और पुतिन की खुली चुनौती पर क्या रणनीतिक कदम उठाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Jul 2026 12:48 pm

वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर टीम चैंपियनशिप:भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पहुंची, महिला टीम को अमेरिका से मिली हार

ओंटारियो में चल रही वर्ल्ड स्क्वाश जूनियर टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, महिला टीम को अमेरिका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गई है। पुरुष टीम ने इंग्लैंड को हराया पांचवीं सीड भारतीय पुरुष टीम ने क्वार्टर फाइनल में तीसरी सीड इंग्लैंड को 2-1 से मात दी। इस जीत के साथ ही भारत ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहां उसका मुकाबला अमेरिका से होगा। पिछले साल भारत ने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इस बार टीम अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में है। मैच की शुरुआत में आर्यवीर दीवान ने रोनी हिकलिंग को 11-9, 12-10, 11-5 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद इंग्लैंड के इस्माइल खलील ने युशा नफीस को 11-7, 8-11, 11-4, 13-11, 11-7 से हराकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अंत में गुरवीर सिंह ने जॉर्ज ग्रिफिथ्स को 11-3, 11-8, 11-6 से सीधे गेम में हराकर भारत को जीत दिलाई। महिला टीम का सफर खत्म महिला टीम के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत को अमेरिका से 1-2 से हार झेलनी पड़ी। हाल ही में वर्ल्ड जूनियर महिला चैंपियन बनी अनाहत सिंह ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने दीया यादव को 11-7, 11-5, 11-4 से हराया। हालांकि, इसके बाद अमेरिका ने वापसी की। भारत की रुद्रा सिंह को चार्लोट स्जे के हाथों 6-11, 4-11, 8-11 से हार मिली। वहीं, अनिका दुबे को लिली बोरेल ने 13-11, 11-8, 11-6 से हराया। इन दो हार के साथ ही भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 9:39 am

US Fed Interest Rate Decision: अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, डाऊ जोन्स में 1100 अंकों का भारी क्रैश

अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने अपनी पॉलिसी बैठक में लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए इन्हें 3.50% से 3.75% की सीमा पर बरकरार रखा है। हालांकि, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की सख्त टिप्पणियों और महंगाई के खिलाफ लंबी लड़ाई की चेतावनी ने अमेरिकी बाजारों का मूड पूरी तरह बिगाड़ दिया।फेड के फैसले के तुरंत बाद वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली का माहौल बन गया, जिससे डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1100 अंकों से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह अप्रैल 2025 के बाद अमेरिकी बाजार के लिए एक दिन का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।वॉल स्ट्रीट में मंदी: डाऊ जोन्स और नैस्डैक धराशाईफेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर रुख कड़ा बनाए रखने के कारण प्रमुख अमेरिकी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए:डाऊ जोन्स (Dow Jones): 1,100 से अधिक अंक (2.19%) टूटकर बंद हुआ।S&P 500: 1.5% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq): 1.7% गिरा, जबकि नैस्डैक 100 में 2% से अधिक की गिरावट आई जिससे यह तकनीकी करेक्शन (Technical Correction) के दायरे में प्रवेश कर गया।2007 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंची 30 साल की बॉन्ड यील्डफेड की मौद्रिक नीति के बाद अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा गया। ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका से बॉन्ड यील्ड में तेजी आई:10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: एक बार फिर उछलकर 4.7% पर पहुंच गई।30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: बढ़कर 5.21% हो गई, जो साल 2007 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।पॉलिसी बैठक में गहराया मतभेद: 3 सदस्यों ने उठाई दरें बढ़ाने की मांगइस बार फेड की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के भीतर सर्वसम्मति देखने को नहीं मिली। 9 सदस्यों ने दरें यथावत रखने का समर्थन किया, जबकि 3 प्रमुख सदस्यों ने इस फैसले पर असहमति (Dissent) जताई:लॉरी लोगन (प्रेसिडेंट, डलास फेड)नील काशकारी (प्रेसिडेंट, मिनियापोलिस फेड)बेथ हैमैक (प्रेसिडेंट, क्लीवलैंड फेड)इन तीनों अधिकारियों का तर्क था कि चूंकि अमेरिका में महंगाई पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से 2% के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है।फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का बयान: 'जादुई समाधान नहीं, लंबी होगी लड़ाई'पॉलिसी की घोषणा करते हुए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट किया कि महंगाई पर काबू पाना इतना आसान नहीं होगा।केविन वॉर्श के मुख्य बिंदु:बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और ऐसे में कोई जल्दबाजी में पूर्वानुमान लगाना गलत होगा।महंगाई के खिलाफ हमारी लड़ाई लंबी और मुश्किल होगी। इसका कोई जादुई समाधान (Magic Solution) नहीं है।चीजें 1-2 दिनों या हफ्तों में ठीक नहीं होंगी। महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाने में अभी और वक्त लगेगा।अर्थव्यवस्था का हाल: ग्रोथ मजबूत, पर सप्लाई चेन में अड़चनेंफेड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है। देश में नौकरियों के आंकड़े और उत्पादकता सकारात्मक हैं। हालांकि, वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण ऊर्जा और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को नियंत्रित करने में चुनौती आ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Jul 2026 8:32 am

US-Iran War Escalation: 'अब हमारी बारी है...' डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका ने ईरान पर बोला हमला, परमाणु प्लांट वाले बुशेहर समेत कई शहरों में गूंजे जोरदार धमाके!

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के ठीक एक दिन बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आग पूरी तरह भड़क उठी है। गुरुवार (30 जुलाई) तड़के अमेरिकी वायुसेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बाद ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए लिया गया एक निर्णायक और कड़ा कदम बताया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी ठिकानों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।परमाणु प्लांट के पास गूंजे धमाके: दहल उठे ईरान के कई प्रांतअमेरिकी फाइटर जेट्स के हमले शुरू होते ही पूरे ईरान में हड़कंप मच गया। ईरान के सरकारी मीडिया और टीवी चैनलों के अनुसार, देश के दक्षिणी और तटीय इलाकों में सिलसिलेवार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सबसे ज्यादा घबराहट बुशेहर प्रांत में देखी गई, जहां ईरान का इकलौता मुख्य परमाणु पावर प्लांट स्थित है। इसके अलावा खुजेस्तान के अबादान क्षेत्र और होर्मोज़गान प्रांत के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास सहित किश, क़ेश्म और अबू मूसा द्वीपों पर भी मिसाइलें गिरीं और कई ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।'अब हमारी बारी है'— ट्रंप की सीधी चेतावनी और 5 दिनों का विराम समाप्तहमले से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि अब जवाब देने की बारी अमेरिका की है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने जॉर्डन पर दागी मिसाइलों को गलती बताते हुए हमला न करने का अनुरोध किया था, जिसे खारिज कर दिया गया। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा, हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और उन्हें अच्छी तरह पता है कि क्या होने वाला है। अमेरिका ने पिछले शुक्रवार से हमलों में पांच दिनों का जो विराम लिया था, वह अब खत्म हो चुका है और सैन्य ऑपरेशन दोबारा तेज कर दिया गया है।इराक में अमेरिका-सऊदी का साझा अटैक: 20 लड़ाकों की मौत से हड़कंपईरान पर सीधे हमले के साथ-साथ इराक में भी अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सेनाओं ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। दोनों देशों की वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित सशस्त्र समूह 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (PMF) के हथियारों के डिपो और लॉजिस्टिक्स सेंटरों को निशाना बनाया। इस हवाई हमले में पीएमएफ के कम से कम 20 लड़ाकों की मौत हो गई और 32 से अधिक घायल हुए हैं। बगदाद, निनवे और बसरा समेत सात प्रांतों में हुए इस हमले के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई है।ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की जंग जारी रखने की कसमदूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। आईआरजीसी ने दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस और सेंटकॉम (CENTCOM) के मुख्यालय को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान की सेना का कहना है कि जब तक अमेरिका का आक्रामक रुख और उसकी धमकियां बंद नहीं होंगी, तब तक उनका यह जवाबी प्रतिरोध पूरी ताकत से जारी रहेगा। दोनों महाशक्तियों के बीच छिड़े इस युद्ध से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Jul 2026 8:30 am

अमेरिका का ईरान पर एयरस्ट्राइक, तेहरान में कई ठिकाने निशाने पर

पश्चिम एशिया में हालात फिर बिगड़ गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर ताज़ा हवाई हमले किए हैं। यह कदम उस चेतावनी के बाद उठाया गया जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस पर हुए हमले का जवाब ज़रूर दिया जाएगा

देशबन्धु 30 Jul 2026 7:25 am

होर्मुज स्‍ट्रेट में ‘शुल्‍क वसूली’ नेटवर्क पर अमेरिका का शिकंजा, ईरान की दो कंपनियों पर प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान की दो समुद्री सेवा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीस) के समर्थन से एक बीमा योजना चला रही थीं

देशबन्धु 30 Jul 2026 7:10 am

जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के बाद ट्रंप की ईरान को चेतावनी, बोले- चुकानी होगी कीमत

जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए एक कथित ईरानी मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा क‍ि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका पूरी ताकत के साथ जवाब देगा

देशबन्धु 30 Jul 2026 7:02 am

अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी भारत में करेगी 250 मिलियन डॉलर का निवेश; आरएंडडी क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार

अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले तीन वर्षों में भारत में 25 करोड़ डॉलर (250 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी, जिसका उद्देश्य कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है

देशबन्धु 29 Jul 2026 10:57 pm

US-Iran War Escalation: अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा नया संग्राम, बेकाबू हुए हालात

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए भीषण मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग छिड़ने की आशंका काफी गहरी हो गई है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्तों से तनाव कम करने और सीधी मुठभेड़ से बचने के प्रयास जारी थे, लेकिन जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाए जाने के बाद स्थितियां पूरी तरह बेकाबू होती दिख रही हैं।ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी: 'देंगे अब तक का सबसे सख्त सैन्य जवाब'जॉर्डन में हुए हमलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। एक अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी ठिकानों पर हुए इस दुस्साहसिक हमले का जवाब पूरी सैन्य ताकत से दिया जाएगा। ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के बाद ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड और एयरबेस को कई मिसाइलों से निशाना बनाया है। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने हवा में ही ईरान की पांच मिसाइलों को नष्ट कर दिया। ईरान का कहना है कि जब तक उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा रहेगा, उनकी सैन्य कार्रवाइयां जारी रहेंगी।युद्ध में सऊदी अरब की सीधी एंट्री: इराक में अमेरिका के साथ मिलकर की एयरस्ट्राइकतनाव की इस आग में अब सऊदी अरब भी खुलकर कूद पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से ठीक पहले अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त वायुसेना ने इराक में मौजूद ईरान समर्थित गुटों पर भारी एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई में बगदाद समेत 7 प्रांतों में हथियारों के ठिकानों और लॉजिस्टिक्स डिपो को निशाना बनाया गया। इराक के हशद अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) समूह ने इन हमलों में अपने 20 से अधिक लड़ाकों के मारे जाने की पुष्टि की है। सऊदी अरब का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उसके तेल प्रतिष्ठानों पर ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के विरोध में की गई है।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कब्जा: दुनिया पर मंडराया तेल संकटमिसाइल हमलों के साथ-साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल परिवहन मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में भी तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक समुद्री मार्ग में तीन विदेशी तेल टैंकरों को रोकने का दावा करते हुए कहा कि इस रास्ते पर उनका पूर्ण नियंत्रण है। होर्मुज में बढ़ी इस सैन्य हलचल और सऊदी के तेल निर्यात पर बने खतरे की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अनिश्चितता फैल गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें एक बार फिर उछलने लगी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jul 2026 10:00 pm

बिना बने ही बिक रहा अमेरिका का स्टेडियम:2030 में शुरू होगा स्टेडियम, ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ के जरिए वर्षों पहले बेची जा रही प्रीमियम सीटें

अमेरिका के चार्लोट शहर में एक ऐसा स्टेडियम है, जिसकी नई सीटें अभी लगी नहीं हैं, नई दीवारें बनी नहीं हैं और निर्माण का बड़ा काम 2027 में शुरू होगा। इसके बावजूद वहां अभी से स्टेडियम की सबसे महंगे सूइट और प्रीमियम सीटें बेची जा रही हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि खरीदारों को असली स्टेडियम नहीं, बल्कि उसका भविष्य दिखाया जा रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका स्टेडियम के लिए लगभग 12 हजार 500 करोड़ रुपए के नवीनीकरण प्रोजेक्ट के तहत टेपर स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने एक नया एक्सपीरियंस सेंटर शुरू किया है। कंपनी का दावा है कि यह खेल जगत का सबसे आधुनिक प्रीव्यू सेंटर है। इसका मकसद निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना स्टेडियम के प्रीमियम हिस्सों की बिक्री शुरू करना है। करीब 16 हजार वर्गफुट में बना यह सेंटर स्टेडियम के सामने हनीवेल के ग्लोबल मुख्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर बनाया गया है। यह 2030 तक खुला रहेगा। इसी जगह से एनएफएल टीम कैरोलिना पैंथर्स और एमएलएस क्लब शार्लोट एफसी के लिए कॉरपोरेट बॉक्स, प्रीमियम सीटें और हॉस्पिटैलिटी पैकेज बेचे जाएंगे। सेंटर में प्रवेश करते ही डिजिटल लॉकर दिखाई देते हैं। इनमें स्टेडियम के पुराने यादगार पलों को डिजिटल तरीके से दिखाया जाता है। इसके बाद एक बड़ा वीडियो थिएटर आता है, जहां स्टेडियम के भविष्य की झलक दिखाई जाती है। अगले कमरे में 85 लोगों के होलोग्राम संदेश हैं। इनमें पूर्व खिलाड़ियों से लेकर एनएफएल कमिश्नर रोजर गुडेल तक शामिल हैं, जो इस स्टेडियम की अहमियत बताते हैं। इसके बाद खरीदार एक ऐसे डिजिटल कमरे में पहुंचते हैं, जहां बिना निर्माण पूरा हुए नए स्टेडियम का वर्चुअल अनुभव मिलता है। बड़ी इंटरैक्टिव स्क्रीन पर यह भी दिखाया जाता है कि खरीदार कहां पार्किंग करेगा, किस गेट से अंदर जाएगा और उसकी सीट या सूइट कहां होगी। यहां प्रीमियम सीटों, प्रेस क्लब बार और लग्जरी सूइट की वास्तविक प्रतिकृतियां भी बनाई गई हैं ताकि ग्राहक सिर्फ तस्वीरें न देखें, बल्कि उन्हें महसूस भी कर सकें। अगर कोई ग्राहक वहीं खरीदारी का फैसला करता है तो उसके लिए तुरंत लेजर प्रिंटेड सूइट की-कार्ड तैयार कर दिया जाता है। यानी सौदा उसी समय पूरा हो सकता है। स्टेडियम की उम्र अब 30 साल हो चुकी है। इसी वजह से इसका नवीनीकरण किया जा रहा है। पहले घोषित बजट के अलावा टेपर स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट ने इसमें लगभग 5000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश भी जोड़ा है। दर्शकों से जुड़े निर्माण कार्य 2027 में शुरू होंगे। खेल उद्योग में अब ऐसे सेल्स प्रीव्यू सेंटर तेजी से बढ़ रहे हैं। वजह साफ है। पहले स्टेडियम बनता था, फिर सीटें बिकती थीं। अब स्टेडियम बनने से कई साल पहले ही उसकी कमाई शुरू हो जाती है। बैंक ऑफ अमेरिका स्टेडियम का यह मॉडल दिखाता है कि आधुनिक खेल कारोबार में सिर्फ मैदान नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और अनुभव भी करोड़ों डॉलर की कमाई का बड़ा जरिया बन चुके हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 2:06 pm

भारत-चीन समेत 5 देशों पर अमेरिका लगाएगा 100% टैरिफ! सीनेट से पास हुआ बिल

वॉशिंगटन: यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में अमेरिकी सीनेट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीनेट ने एक नया प्रतिबंध विधेयक पारित किया है, जिसमें रूस से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े व्यापारिक उपाय लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। विधेयक का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय पर असर डालना और उसे यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए आर्थिक रूप से मजबूर करना बताया गया है। भारी बहुमत से पारित हुआ विधेयक अमेरिकी सीनेट में इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिला। मतदान के दौरान 86 सीनेटरों ने इसके पक्ष में जबकि 12 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। मतदान ऐसे समय हुआ, जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिका के कैपिटल हिल पहुंचे हुए थे। माना जा रहा है कि इस दौरान यूक्रेन को लेकर अमेरिकी समर्थन और रूस पर बढ़ते दबाव का संदेश भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाया गया। क्या है विधेयक का उद्देश्य? इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनाना है। प्रस्ताव में रूसी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ उन देशों पर भी आर्थिक कार्रवाई का प्रावधान है, जो रूस से ऊर्जा आयात जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि रूस की ऊर्जा बिक्री उसकी आय का प्रमुख स्रोत है और इसी के जरिए वह युद्ध का खर्च वहन कर रहा है। इसलिए रूस के ऊर्जा कारोबार को सीमित करना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। भारत समेत पांच देशों पर बढ़ सकता है दबाव विधेयक में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान का उल्लेख उन देशों के रूप में किया गया है, जो रूसी तेल और गैस का आयात करते हैं। यदि यह कानून अंतिम रूप से लागू होता है, तो इन देशों से अमेरिका आने वाले उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य इन देशों को रूस पर ऊर्जा निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित करना बताया गया है। ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी रूस पर निर्भरता पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में बाधाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से दबाव में है। ऐसे हालात में कई देशों ने वैकल्पिक स्रोतों के रूप में रूस से कच्चे तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है। भारत भी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है। यही वजह है कि प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक का असर भारत सहित कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। छूट का भी रखा गया है प्रावधान अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पहले संकेत दिया था कि यदि कोई देश रूस से सीमित मात्रा में गैस खरीदता है और उसका आयात रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम है, तो उसे इस कानून के कुछ प्रावधानों से राहत मिल सकती है। हालांकि अंतिम नियम और पात्रता का निर्धारण कानून लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल क्या हैं मौजूदा टैरिफ? वर्तमान में भारत पर अमेरिका का 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है। चीन पर औसतन 12.5 प्रतिशत शुल्क लागू है, जबकि कुछ चीनी उत्पादों पर 7.5 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क भी प्रभावी हैं। स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर भी 10 से 12.5 प्रतिशत के बीच अमेरिकी आयात शुल्क लागू है। नया विधेयक लागू होने की स्थिति में इन देशों पर टैरिफ बढ़कर 100 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

देशबन्धु 29 Jul 2026 8:47 am

US Sanctions & H-1B Visa Bill: अमेरिकी संसद के दो नए फैसलों से भारत पर गहरा संकट, जानिए H-1B वीजा पर 3 साल के बैन,

वाशिंगटन से आ रही दो बड़ी खबरों ने भारतीय अर्थव्यवस्था, आईटी उद्योग, छात्रों और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में उठाए गए दो नए विधायी कदमों के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में एक नया तनाव देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहां अमेरिकी सीनेट में H-1B वीजा प्रक्रिया को बेहद कड़ा करने वाला बिल पेश किया गया है, वहीं दूसरी तरफ रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने के लिए भारी बहुमत से 'रूस प्रतिबंध विधेयक' पास हुआ है। यदि ये दोनों प्रस्ताव कानून की शक्ल लेते हैं, तो इसका सीधा असर भारत के आईटी पेशेवरों, अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्रों, देश के निर्यात और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा।1. 'एंड H-1B एब्यूज एक्ट': 3 साल की रोक और 1 लाख डॉलर फीस का प्रस्तावअमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही द्वारा 'End H-1B Abuse Act' नाम से एक नया विधेयक पेश किया गया है। इस बिल में अमेरिका में विदेशी कुशल कर्मचारियों को दिए जाने वाले H-1B वीजा नियमों में कई सख्त बदलावों की सिफारिश की गई है।H-1B वीजा बिल से भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर असर:नए वीजा पर 3 साल का बैन: बिल में अगले तीन वर्षों के लिए नए H-1B वीजा जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इससे अमेरिका जाकर काम करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय डॉक्टरों, इंजीनियरों और आईटी विशेषज्ञों को बड़ा झटका लग सकता है।1 लाख डॉलर का भारी शुल्क: हर H-1B वीजा आवेदन पर 1,00,000 डॉलर का अनिवार्य शुल्क लगाने का प्रावधान है। इतनी अधिक लागत के कारण भारतीय आईटी दिग्गज (जैसे TCS, Infosys, Wipro) और अमेरिकी कंपनियां भारत से प्रतिभाओं को अमेरिका बुलाने से बचेंगी।OPT व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव: अमेरिकी विश्वविद्यालयों से शिक्षा पूरी करने के बाद वहां काम का अनुभव प्राप्त करने के लिए मिलने वाली 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) सुविधा को खत्म करने की बात कही गई है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद वहां नौकरी पाना लगभग असंभव हो जाएगा।आश्रितों (Dependents) पर रोक: H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथी और बच्चों के अमेरिका आने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है, जिससे पेशेवर अपने परिवार को साथ नहीं ले जा सकेंगे।2. 'रूस प्रतिबंध विधेयक': भारतीय सामानों पर 100% टैरिफ का खतराअमेरिकी सीनेट में 86-12 के भारी बहुमत से पारित हुआ 'रूस प्रतिबंध विधेयक' भारत के लिए दूसरी बड़ी चिंता का विषय है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बनाना है। चीन के बाद भारत, रूस से कच्चा तेल आयात करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है।इस कानून का भारत के व्यापार और अर्थ व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?भारतीय निर्यात पर 100% तक टैरिफ: इस विधेयक के तहत अमेरिका, रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर 100% तक का शुल्क (टैरिफ) लगा सकता है। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद बेहद महंगे हो जाएंगे और देश के निर्यात को भारी नुकसान होगा।रिफाइनरियों पर वित्तीय संकट: जून 2026 में भारत का रूसी तेल आयात 34% बढ़ा था। IOC, BPCL और रिलायंस जैसी भारतीय रिफाइनरियों के लिए रूस से व्यापार जारी रखना अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग बाधाओं के कारण मुश्किल हो सकता है।पेट्रोल-डीजल के दाम और महंगाई बढ़ने की आशंका: मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित है। ऐसे में यदि अमेरिकी दबाव में भारत को रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल बंद करना पड़ता है, तो देश में ईंधन की कीमतें और आम महंगाई तेजी से बढ़ सकती हैं।द्विपक्षीय संबंध और भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता के सामने चुनौतीयह पहला मौका नहीं है जब व्यापारिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव देखा जा रहा है। इससे पहले अगस्त 2025 में जब अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, तब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता पूरी तरह रुक गई थी। अब 100% टैरिफ का खतरा दोनों देशों के कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को और अधिक संवेदनशील मोड़ पर ला सकता है। भारत हमेशा अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और विदेश नीति के फैसले स्वतंत्र रूप से लेता आया है, लेकिन अमेरिकी संसद के ये कदम भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को सीधी चुनौती देते नजर आ रहे हैं।वर्तमान स्थिति: क्या ये फैसले तुरंत लागू हो गए हैं?राहत की बात यह है कि ये दोनों प्रस्ताव अभी पूरी तरह कानून नहीं बने हैं:H-1B वीजा से जुड़ा बिल फिलहाल अमेरिकी सीनेट में केवल पेश किया गया है।रूस प्रतिबंध विधेयक सीनेट से पास होकर विधायी प्रक्रिया के अगले चरण में है।इन दोनों प्रस्तावों को अंतिम रूप से कानून बनने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) से मंजूरी मिलना और अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। इसलिए, जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक H-1B वीजा और भारत का अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार मौजूदा नियमों के तहत ही जारी रहेगा।(डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट अमेरिकी संसद (सीनेट) में पेश किए गए विधेयकों, विधायी दस्तावेजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।)

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jul 2026 8:44 am

इराक में अमेरिका-सऊदी के एयरस्ट्राइक, ईरान की मिसाइल जवाबी कार्रवाई; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

अमेरिकी सेना ने ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना, ईरान ने आरोपों से किया इनकार; जॉर्डन स्थित अमेरिकी बेस और सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ी

देशबन्धु 29 Jul 2026 8:35 am

US Saudi Joint Airstrikes Iraq Iran Tension: अमेरिका और सऊदी का इराक में संयुक्त हमला, ईरान ने होर्मुज में रोके 3 ऑइल टैंकर

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और सऊदी अरब की सेना ने एक संयुक्त अभियान चलाकर पूर्वी इराक में स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया के कई ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई पिछले 72 घंटों के दौरान अमेरिकी ठिकानों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।दूसरी ओर, इस एयरस्ट्राइक के ठीक बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे 3 अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों को जब्त कर आगे बढ़ने से रोक दिया है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल के व्यापार पर सीधा संकट मंडराने लगा है।जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला नाकाममिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के तुरंत बाद जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं।एयर डिफेंस की सफलता: CENTCOM के मुताबिक, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते सभी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।कोई नुकसान नहीं: हमले की इस कोशिश में अमेरिकी सैनिकों या बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।व्हाइट हाउस अलर्ट: इस हमले की तात्कालिक जानकारी राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को दे दी गई है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की बड़ी कार्रवाईवैश्विक ईंधन आपूर्ति के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में ईरान की ओर से की गई कार्रवाई ने वैश्विक शिपिंग कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, IRGC ने दावा किया है कि तीन तेल टैंकरों ने पहले दी गई चेतावनियों का उल्लंघन किया था, जिसके बाद उन्हें बलपूर्वक रोक दिया गया।घटनाक्रम (Event)स्थान (Location)मुख्य विवरण (Details)संयुक्त एयरस्ट्राइकपूर्वी इराकअमेरिका व सऊदी अरब द्वारा हथियारों और सैन्य लॉजिस्टिक्स डिपो पर हमलामिसाइल हमलाजॉर्डन (US बेस)ईरान समर्थित समूहों द्वारा दागी गई मिसाइलें हवा में ध्वस्ततेल टैंकर जब्तीस्ट्रेट ऑफ होर्मुजIRGC ने चेतावनी उल्लंघन का हवाला देकर 3 टैंकरों को रोकाशिपिंग कंपनियों ने बदले रूट, नौसैनिक बेड़े मुस्तैदखाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव को देखते हुए कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अलर्ट जारी कर दिया है।मार्ग में बदलाव: कंपनियों ने जोखिम वाले समुद्री रास्तों के बजाय लंबे और सुरक्षित विकल्पों की समीक्षा शुरू कर दी है।सुरक्षा में इजाफा: कमर्शियल जहाजों पर अतिरिक्त निजी सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की जा रही है और बीमा (Insurance) कवर की समीक्षा की जा रही है।अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी: फिलहाल क्षेत्र में अमेरिका के 20 से ज्यादा युद्धपोत और नौसैनिक जहाज गश्त कर रहे हैं, जो ईरान के आसपास समुद्री नाकेबंदी अभियानों में शामिल हैं।CENTCOM ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि फरवरी से अप्रैल 2026 के दौरान इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 600 से ज्यादा हमलों के प्रयासों में ईरान समर्थित समूहों का हाथ रहा है। यदि ये समूह अपनी भड़काऊ गतिविधियां बंद नहीं करते हैं, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश आगे भी कठोर सैन्य कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jul 2026 8:27 am

3 लाख यात्री दिल्ली में बिना टर्मिनल बदले अमेरिका-यूरोप जा पाएंगे

भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार ने अमृतसर से हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू कर दी है। यह देश का दूसरा स्पोक एयरपोर्ट बन गया है। इससे हर साल तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। उनका समय तो बचेगा ही साथ ही बार-बार लगेज पर टैगिंग, इमिग्रेशन कस्टम की बार-बार की फॉर्मेलिटी भी पूरी नहीं कर होगी। यात्री बिना टर्मिनल चेंज किए यूरोप- अमेरिका समेत 27 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स तक जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के माध्यम से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित 27 इंटरनेशनल डेस्टिनेशनल तक अधिक सुगमता से पहुंच सकेंगे। इससे समय बचेगा, बार-बार बैगेज चेक-इन और अन्य औपचारिकताओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे ज्यादा उलझन स्टूडेंट्स और पर्यटकों की उलझन खत्म होगी। मनदीप सिंह : एक ही जगह चेक-इन और बैगेज की सुविधा मिलने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी। गुरभेज सिंह : दिल्ली में दोबारा बैगेज और चेक-इन की झंझट खत्म होना सबसे बड़ी राहत है। अमृत पाल सिंह : इससे विदेश जाने वालों का समय बचेगा और सफर पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा। जगतार सिंह : अमृतसर में ऐसी सुविधा शुरू होना पंजाब के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। गौरतलब है 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली जाते हैं। इतने ही यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था से इन यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। एयरलाइंस का अनुमान है कि केवल अमृतसर से रोज करीब 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक एयरपोर्ट जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा, जो सालाना 4.5 लाख यात्रियों के बराबर होगा। ईजी कनेक्ट हब का शुभारंभ करते नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 5:37 am

10वीं-12वीं पास ठग बोलते थे फर्राटेदार अमेरिकन इंग्लिश:5 महीने में अमेरिकी नागरिकों से 1 करोड़ की ठगी, डार्कवेब से मिलता था अमेरिकन डेटा

ग्वालियर के मोहना स्थित होटल जैनपथ में पकड़े गए इंटरनेशनल फ्रॉड कॉल सेंटर की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। महज 10वीं-12वीं पास चार युवक फर्राटेदार अमेरिकन एक्सेंट में अंग्रेजी बोलकर अमेरिकी नागरिकों का भरोसा जीतते थे। लैपटॉप स्क्रीन पर लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हुए वे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल बताकर हर दिन सैकड़ों विदेशी नागरिकों को कॉल करते और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मोहना स्थित होटल जैनपथ में संचालित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से गिरफ्तार चार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वे सिर्फ 10वीं और 12वीं तक पढ़े हैं, लेकिन अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे। ठगी के लिए उन्हें पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे वे लैपटॉप स्क्रीन पर देखकर पढ़ते थे। पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर की पूरी गतिविधि अमेरिका के समय के अनुसार संचालित होती थी। आरोपी दिन में आराम करते थे और रात करीब 9 बजे काम शुरू करते थे, क्योंकि उसी समय अमेरिका में लोगों की दिनचर्या शुरू होती थी। फर्जी अमेरिकी नामों से करते थे कॉल पुलिस के अनुसार, आरोपी कॉल के दौरान अपनी असली पहचान छिपाकर फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल जैसे अमेरिकी नामों का इस्तेमाल करते थे। कॉलिंग के लिए आवश्यक डेटा और स्क्रिप्ट उन्हें मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार उपलब्ध कराता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह डेटा डार्क वेब से हासिल किया जाता था। रोज 400 से ज्यादा कॉल, 12 से 15 लोग बनते थे शिकार जांच में सामने आया कि एक कॉलर को 10 घंटे की शिफ्ट में करीब 150 कॉल करना अनिवार्य था। चारों मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 अमेरिकी नागरिकों को कॉल करते थे। इनमें से औसतन 12 से 15 लोग उनके झांसे में आ जाते थे, जिनसे गिफ्ट कार्ड और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी की जाती थी। 5 महीने में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी पुलिस के मुताबिक होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से यह कॉल सेंटर पिछले करीब पांच महीने से संचालित हो रहा था। गिरोह प्रतिदिन 50 से 70 हजार रुपए की ठगी कर रहा था, यानी हर महीने करीब 20 लाख रुपए वसूल रहा था। शुरुआती जांच में अब तक 1 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई है। ऑनलाइन सीखी अंग्रेजी पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ऑनलाइन अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखी थी। उसके बाद मास्टर माइंड उनको जो स्कि्रप्ट देता था उसे वह याद कर लेते थे। पूरी बातचीत इसी स्किक्रप्ट के आसपास घूमती थी। दिन में सोते हैं, रात में करते थे कॉल अमेरिका और भारत के टाइम जोन में लगभग 12 घंटे का अंतर होने के कारण आरोपी दिनभर होटल के कमरे में सोते थे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अमेरिका में कॉल सेंटर संचालित करते थे। होटल जैनपथ में यह काल सेंटर पिछले 5 महीनों से लगातार चल रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। आरोपियों को हर महीने केवल ₹15,000 से ₹20,000 सैलरी और रहने-खाने का खर्च मिलता था, जबकि ठगी की पूरी रकम सरगना के खातों में जाती थी। यह माल हुआ बरामद पुलिस ने फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, 3 चार्जर, अमेरिकी नागरिकों से ठगी के लिए उपयोग की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट, कस्टमर डिटेल एवं अन्य दस्तावेज, कॉल सेंटर संचालन से संबंधित अन्य सामग्री कुल जप्त माल कीमती लगभग 3 लाख 75 हजार रुपए बरामद की है। जल्द पकड़ा जाएगा मास्टरमाइंड ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए गैंग से पूछताछ जारी है और डिवाइस, बैंक खातों व व्हाट्सएप चैटिंग का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही मुख्य सरगना प्रवल प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की जानकारी अमेरिका की केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) को भी दी जाएगी। 4 साल पहले भी ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने ऐसा ही एक इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा था, जिसमें एफबीआई की टीम खुद जांच के लिए ग्वालियर आई थी। ये खबर भी पढ़ें… आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे से पकड़ा फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Jul 2026 4:44 am

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य हमले रुकने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें करीब 5 प्रतिशत तक लुढ़कीं

नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली।

देशबन्धु 27 Jul 2026 3:30 pm

अमेरिका के टैरिफ प्लान का भारतीय फार्मा कंपनियों पर सीमित प्रभाव

नई दिल्ली, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का ऐलान किया।

देशबन्धु 27 Jul 2026 12:42 pm

आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे से पकड़ा फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर:लेंडिंग क्लब कंपनी का एजेंट बनकर अमेरिकन से लोन के नाम पर करते थे ठगी, चार गिरफ्तार

ग्वालियर पुलिस ने आगरा-मुंबई नेशनल हाइवे (एनएच-46) पर फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा है। मोहना में होटल जैनपथ में यह कॉल सेंटर चल रहा था। यहां से पुलिस ने चार ठगों को पकड़ा है, जबकि मास्टर माइंड फरार हो गया है। पकड़े गए ठग गुजरात, उत्तर प्रदेश, नागालैंड के रहने वाले हैं। इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कैश व अन्य सामग्री बरामद हुई है। पकड़े गए ठग खुद को अमेरिका की मशहूर 'लेंडिंग क्लब' कंपनी का प्रतिनिधि या एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी कर रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश, एएसपी (ग्रामीण) जयराज कुबेर और एसडीओपी घाटीगांव शैलेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में मोहना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। एनएच-46 स्थित होटल में चल रहा था कॉल सेंटर मोहना पुलिस को शनिवार रात मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि एनएच-46 पर स्थित जैनपथ होटल के कमरों में कुछ बाहरी युवक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने होटल में दबिश दी। होटल के कमरा नंबर-06 में चार युवक लैपटॉप और हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात करते हुए मिले। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा। जिनकी पहचान हो गई है, लेकिन यह नाम व पहचान बदलकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान और फर्जी नाम 3.75 लाख का माल जब्त, मास्टरमाइंड की तलाश जारी पुलिस ने मौके से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, चार्जर, कॉल करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अंग्रेजी स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटाबेस जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत करीब ₹3,75,000 आंकी गई है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना एनएच-46 पर एक होटल में चल रहे ठगी के इंटरनेशनल कॉल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मास्टर माइंड फिलहाल पकड़ में नहीं आया है। पुलिस की टीम उसके पीछे लगी हैं वह भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… बुजुर्ग से इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर ₹70 हजार ठगे ग्वालियर शहर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों में अब बुजुर्ग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर साइबर ठग ने 70 हजार रुपए की ठगी कर ली।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 4:44 pm

अमेरिका में पंजाबी युवक ने रूममेट पर किया हमला:कड़े से वार कर सिर फोड़ा, वारदात के बाद फरार; आरोपी की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी

अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित क्वींस इलाके में एक 22 वर्षीय सिख युवक ने मामूली विवाद के बाद अपने ही रूममेट के सिर पर कड़े (मेटल ब्रेसलेट) से हमला कर घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। आरोपी की तस्वीर सामने आ चुकी है, लेकिन उसकी आधिकारिक पहचान उजागर नहीं की गई है। यह घटना क्वींस के एक अपार्टमेंट से सामने आया है, जहां आरोपी और उसका रूममेट साथ में रह रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर जुबानी बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि 22 साल के युवक ने अपना आपा खो दिया और अपने हाथ से धातु का कड़ा निकालकर सीधे रूममेट के सिर पर मार दिया। कड़े के जोरदार हमले से पीड़ित का सिर फट गया और वह वहीं खून से लथपथ हो गया। पुलिस ने तुरंत घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा और आरोपी की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में नाकेबंदी की। पुलिस ने आरोपी का फोटो जारी किया है। हालांकि अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्रवाई और डिपोर्टेशन का खतरा फिलहाल NYPD युवक की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए आम जनता के लिए एक टिप-लाइन नंबर भी उपलब्ध कराया है, ताकि कोई भी उसके बारे में जानकारी दे सके। कानूनी जानकारों का मानना है कि संगीन अपराध में पकड़े जाने के बाद युवक का करियर और भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा। पुलिस कस्टडी के बाद उसे जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है और कानूनन उसे भारत डिपोर्ट भी किया जा सकता है। 2 महीने में दूसरी ऐसी हिंसक वारदात यह कोई अकेली घटना नहीं है। महज 2 महीने पहले न्यूयॉर्क के ही रिचमंड हिल इलाके में पंजाबी युवकों के 2 गुटों के बीच कड़ा फाइट देखने को मिली थी। उस समय भी लड़कों ने आपसी रंजिश में एक-दूसरे पर कड़ों से हमला करके सिर फोड़ दिए थे। इतनी कम अवधि में दोबारा ऐसी घटना सामने आने से स्थानीय प्रशासन और भारतीय समुदाय दोनों ही हैरान हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 10:11 am

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:52 pm

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका को टक्कर देने आया चीन का AI मॉडल:किमी K3 में इंसानों जैसी आंखें और दिमाग; कोडिंग और रिसर्च मिनटों में करेगा

चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 12:41 pm

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am