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अमेजन इंजीनियर का चौंकाने वाला खुलासा! भारत में 40 लाख या अमेरिका में 1.9 करोड़ की नौकरी

विदेशी धरती पर जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि भारत में रहकर लाखों कमाना बेहतर है या फिर अमेरिका जाकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना। इसी बीच अमेजन के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने इस पुरानी डिबेट को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने भारत के 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज और अमेरिका के 1.9 करोड़ रुपये (लगभग 2.25 लाख डॉलर) के भारी-भरकम पैकेज का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया है। इस खुलासे के बाद से ही टेक कम्युनिटी में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर दोनों में से कौन सा विकल्प लाइफस्टाइल और सेविंग्स के लिहाज से ज्यादा बेहतर है।टैक्स, लाइफस्टाइल और खर्चों का चौंकाने वाला गणितअमेजन के इस इंजीनियर ने विस्तार से समझाया है कि अमेरिका में मिलने वाला 1.9 करोड़ रुपये का पैकेज पहली नजर में भले ही बहुत बड़ा लगे, लेकिन वहां के भारी-भरकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, महंगे किराए और डेली लाइफ के खर्चे भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हैं। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाले 40 लाख रुपये के पैकेज में टैक्स कटने के बाद भी एक शानदार और आरामदायक जीवनशैली जी जा सकती है, क्योंकि यहां स्थानीय खर्चे, मेड, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक सपोर्ट सिस्टम काफी किफायती और मजबूत होता है।सेविंग्स और मानसिक शांति के मोर्चे पर कौन मार रहा है बाजी?विश्लेषण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि अमेरिका में वीजा की अनिश्चितताएं, ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार और नौकरी जाने का लगातार डर वहां के प्रोफेशनल्स को मानसिक तनाव देता है। इसके मुकाबले, भारत में अपने परिवार के करीब रहकर काम करने से न सिर्फ मेंटल पीस मिलती है, बल्कि सेविंग्स का प्रतिशत भी कई मामलों में बराबरी या उससे बेहतर बैठता है। आज के समय में जब भारत का टेक इकोसिस्टम ग्लोबल लेवल पर मजबूत हो रहा है, तो टैलेंटेड युवाओं के लिए देश के अंदर ही करियर ग्रोथ के अपार अवसर बन चुके हैं।टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के लिए बड़ा सबकविदेश जाने की चाह रखने वाले नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और टेक छात्रों के लिए यह तुलना आँखें खोलने वाली है। सिर्फ करेंसी कन्वर्जन के आधार पर अमेरिका की बड़ी सैलरी को देखकर आकर्षित होने से पहले वहां की जीवन लागत और सामाजिक ताने-बाने को समझना बेहद जरूरी है। अमेजन इंजीनियर की इस इनसाइटफुल पोस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक सुकून भी उतना ही मायने रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 1:22 pm

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच नया मोर्चा खुला, सऊदी-हाउती संघर्ष तेज; लाल सागर से होर्मुज तक बढ़ी वैश्विक चिंता

तनाव का नया केंद्र सऊदी अरब और ईरान समर्थित हाउती विद्रोही बन गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, हाउती लड़ाकों ने लाल सागर क्षेत्र में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाने के बाद जिजान और यानबू स्थित अरामको की तेल रिफाइनरियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।

देशबन्धु 26 Jul 2026 1:04 pm

अमेरिका में पंजाबी युवक ने रूममेट पर किया हमला:कड़े से वार कर सिर फोड़ा, वारदात के बाद फरार; आरोपी की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी

अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित क्वींस इलाके में एक 22 वर्षीय सिख युवक ने मामूली विवाद के बाद अपने ही रूममेट के सिर पर कड़े (मेटल ब्रेसलेट) से हमला कर घायल कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट (NYPD) की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। आरोपी की तस्वीर सामने आ चुकी है, लेकिन उसकी आधिकारिक पहचान उजागर नहीं की गई है। यह घटना क्वींस के एक अपार्टमेंट से सामने आया है, जहां आरोपी और उसका रूममेट साथ में रह रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर जुबानी बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि 22 साल के युवक ने अपना आपा खो दिया और अपने हाथ से धातु का कड़ा निकालकर सीधे रूममेट के सिर पर मार दिया। कड़े के जोरदार हमले से पीड़ित का सिर फट गया और वह वहीं खून से लथपथ हो गया। पुलिस ने तुरंत घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए भेजा और आरोपी की धरपकड़ के लिए पूरे इलाके में नाकेबंदी की। पुलिस ने आरोपी का फोटो जारी किया है। हालांकि अभी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस की कार्रवाई और डिपोर्टेशन का खतरा फिलहाल NYPD युवक की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपी की तस्वीर जारी करते हुए आम जनता के लिए एक टिप-लाइन नंबर भी उपलब्ध कराया है, ताकि कोई भी उसके बारे में जानकारी दे सके। कानूनी जानकारों का मानना है कि संगीन अपराध में पकड़े जाने के बाद युवक का करियर और भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा। पुलिस कस्टडी के बाद उसे जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है और कानूनन उसे भारत डिपोर्ट भी किया जा सकता है। 2 महीने में दूसरी ऐसी हिंसक वारदात यह कोई अकेली घटना नहीं है। महज 2 महीने पहले न्यूयॉर्क के ही रिचमंड हिल इलाके में पंजाबी युवकों के 2 गुटों के बीच कड़ा फाइट देखने को मिली थी। उस समय भी लड़कों ने आपसी रंजिश में एक-दूसरे पर कड़ों से हमला करके सिर फोड़ दिए थे। इतनी कम अवधि में दोबारा ऐसी घटना सामने आने से स्थानीय प्रशासन और भारतीय समुदाय दोनों ही हैरान हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 10:11 am

Oman Talks का क्या होगा नतीजा? अगर फेल हुई डील तो अमेरिकी सेना तबाह कर देगी ईरान के ये 5 गुप्त ठिकाने

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई चेतावनियों ने वैश्विक कूटनीति में हलचल तेज कर दी है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच जारी ओमान डिप्लोमैटिक चैनल वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती है, तो अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के बचे हुए ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है।अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन केवल ईरान के चर्चित 'पिकैक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिकी सेना की न्यूक्लियर टारगेट लिस्ट में ईरान के 5 बेहद संवेदनशील और गुप्त ठिकाने शामिल हैं।डोनाल्ड ट्रंप की 'न्यूक्लियर टारगेट लिस्ट' में शामिल 5 प्रमुख ठिकानेपिकैक्स माउंटेन (नतांज के पास): नतांज के पास ठोस ग्रेनाइट की पहाड़ियों के 300 से 450 फीट नीचे स्थित यह बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड साइट है। इजराइली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने पिछले साल हजारों आधुनिक सेंट्रीफ्यूज यहां छिपाए थे। यह जगह अमेरिका के सबसे बड़े बंकर-बस्टर बमों की पहुंच से भी काफी गहरी है, इसलिए अमेरिकी रणनीति इसके मुख्य द्वारों और सुरंगों को सील कर इसे निष्क्रिय करने की होगी।तालेघन 2 (पारचिन कॉम्प्लेक्स): ईरान के पारचिन सैन्य परिसर में स्थित 'तालेघन 2' वह जगह है, जहां ईरान परमाणु विस्फोट से जुड़े हाई-एक्सप्लोसिव परीक्षणों का काम फिर से शुरू कर रहा है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले हमलों के बाद भी यहां एक मुख्य टेस्ट चैंबर पूरी तरह सुरक्षित बच गया है।फोर्डो (Fordow) की सपोर्ट साइट: फोर्डो की जमीन पर स्थित सपोर्ट फैसिलिटी में ऐसे खास सेंट्रीफ्यूज और आइसोटोप मौजूद हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के लिए फिर से तुरंत इस्तेमाल में लाया जा सकता है।इस्फहान की सील की गई सुरंगें: इस्फहान स्थित परमाणु केंद्र की सील की गई गुप्त सुरंगों में भारी वाहनों की संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं, जिससे अंदेशा है कि ईरान यहां नए सिरे से परमाणु उपकरणों को इकट्ठा कर रहा है।नतांज की बची हुई इमारतें: पूर्व में हुए हमलों के बावजूद नतांज परिसर की कई बची हुई इमारतें और रिसर्च फैसिलिटी अभी भी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) के निशाने पर बनी हुई हैं।ईरान के पास समय कम: विशेषज्ञों की चेतावनीपरमाणु मामलों के पूर्व अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक डेविड अलब्राइट के अनुसार, हालांकि ईरान की अधिकांश प्राथमिक परमाणु साइटों को पहले ही नुकसान पहुंचाया जा चुका है, लेकिन जिस तरह से ईरान दोबारा निर्माण कर रहा है और नए इंटेलिजेंस इनपुट्स सामने आ रहे हैं, वे अमेरिका को फिर से हमलों के लिए मजबूर कर सकते हैं। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि जैसे-जैसे समय बीत रहा है, अपने परमाणु कार्यक्रम को जीवित रखने के लिए ईरान के लिए पिकैक्स पहाड़ की उपयोगिता और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।ओमान वार्ता पर टिकी हैं दुनिया की नजरेंअमेरिका ने ईरान के कोर न्यूक्लियर टियर पर सीधे हमलों से परहेज किया है, लेकिन ओमान के माध्यम से अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है। यदि यह कूटनीतिक प्रयास नाकाम होता है, तो तेहरान को अच्छे से पता है कि युद्ध के अगले चरण में उसकी कौन-कौन सी साइट्स अमेरिकी मिसाइलों और बमवर्षकों के सीधे निशाने पर होंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Jul 2026 7:45 am

इराक : एरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास विस्फोटक से लदा ड्रोन नष्ट

इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल के ऊपर शनिवार को एक ड्रोन को मार गिराया गया

देशबन्धु 26 Jul 2026 7:40 am

अमेरिकी कोर्ट का ट्रंप को बड़ा झटका, H-1B Visa पर भारी शुल्क लगाने के फैसले पर जारी रहेगी रोक

H-1B Visa Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी न्याय प्रणाली से एक और बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने उच्च कौशल वाले विदेशी पेशेवरों (विशेषकर आईटी कर्मचारियों) के लिए एच-1बी (H-1B) वीजा पर एक लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 83 ...

वेब दुनिया 25 Jul 2026 6:45 pm

अमेरिका में खसरे के बाद डायरिया का हाहाकार: अमेरिकी डॉक्टर्स अब दे रहे भारत के आयुर्वेद की सलाह

सुपरपावर अमेरिका इस समय एक के बाद एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहा है। हाल ही में फैले खसरे (Measles) के गंभीर मामलों के बाद, अब पूरे अमेरिका में डायरिया (Diarrhea) यानी दस्त का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। वहां के प्रमुख शहरों में पेट के इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन के मामलों में अचानक भारी उछाल आया है। इस गंभीर संकट के बीच सबसे हैरान और गर्व करने वाली बात यह सामने आ रही है कि अमेरिकी डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स अब इस बीमारी से निपटने के लिए भारत की सदियों पुरानी पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और घरेलू उपचारों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।अमेरिकी अस्पतालों में बढ़े मरीज, मॉडर्न मेडिसिन के साथ आयुर्वेद का मेलन्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और टेक्सास जैसे बड़े अमेरिकी राज्यों के अस्पतालों में पेट से संबंधित बीमारियों और गंभीर डायरिया से पीड़ित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्थाओं के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को तुरंत रोकने के लिए वहां के पीडियाट्रिशियन और फिजिशियन अब भारतीय आयुर्वेद का रुख कर रहे हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि पेट के इन्फेक्शन को शांत करने और आंतों (Gut Health) को मजबूत बनाने में भारत के पारंपरिक तरीके बेहद कारगर साबित हो रहे हैं।डॉक्टर बता रहे भारत के ये अचूक आयुर्वेदिक और घरेलू इलाजअमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को रिकमेंड किए जा रहे भारतीय इलाज में सबसे ऊपर ओआरएस (ORS) के देसी विकल्प के रूप में नींबू-पानी, नमक और चीनी का घोल शामिल है। इसके अलावा, आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए छाछ (Buttermilk), भुना हुआ जीरा, सोंठ (सूखा अदरक) और बेल के शर्बत के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। अमेरिकी डॉक्टर्स अब मरीजों को हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग की दाल की खिचड़ी और केला खाने की सलाह दे रहे हैं, जो भारत के हर घर में डायरिया के दौरान सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है।क्यों हो रहा है भारतीय आयुर्वेद की तरफ वैश्विक झुकाव?ग्लोबल मेडिकल साइंस अब धीरे-धीरे यह स्वीकार कर रहा है कि पेट से जुड़ी बीमारियों में केमिकल युक्त दवाओं के बजाय प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचार शरीर को बिना किसी साइड इफेक्ट के जल्दी ठीक करते हैं। अमेरिका के स्थानीय क्लीनिकों में अब 'बैलेंस्ड डाइट' और 'हर्बल रेमेडीज' के नाम पर भारतीय नुस्खों का बकायदा पर्चा बनाया जा रहा है। लोकल अमेरिकी नागरिकों के बीच भी इन भारतीय उपचारों को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और योग-आयुर्वेद की साख एक बार फिर आसमान छू रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:30 pm

अमेरिका-ईरान जंग के 13 दिन: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने कमर्शियल जहाज पर की गोलीबारी, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में हाहाकार

अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा भीषण सैन्य संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। युद्ध की 13वीं रात दोनों ओर से हुए जबर्दस्त हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात और अधिक बेकाबू हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी नाकेबंदी (Blockade) तोड़ने की कोशिश कर रहे एक और कमर्शियल जहाज पर सीधी गोलीबारी कर उसे बेकार कर दिया। वहीं, जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने फारस की खाड़ी और पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हमले बोले हैं।दुनिया के सबसे बड़े तेल आपूर्ति मार्ग होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आइए एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और जियोपॉलिटिक्स रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस भीषण संघर्ष के 5 बड़े अपडेट्स।1. ओमान की खाड़ी में M/T लैविन जहाज पर अमेरिकी सेना की गोलीबारीअमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की है कि ओमान की खाड़ी में व्यावसायिक जहाज M/T लैविन (M/T Lavine) ने अमेरिकी सेना द्वारा लागू की गई नाकेबंदी को कम से कम चार बार तोड़ने का प्रयास किया।इंजन रूम पर हमला: चेतावनी के बावजूद आदेश न मानने पर अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर सीधी गोलीबारी कर उसे पूरी तरह बेकार (Incapacitated) कर दिया।12 जहाजों का रास्ता बदला: अमेरिकी सेना ने अब तक दो कमर्शियल जहाजों को बेकार किया है और 12 अन्य जहाजों के रास्तों को जबरन डाइवर्ट किया है।2. कुवैत, बहरीन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवारईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले किए:कुवैत और बहरीन में तबाही: ईरान ने कुवैत के उदैरी स्थित अमेरिकी ठिकाने पर हमला कर गोला-बारूद के 3 बड़े शेड नष्ट कर दिए। इसके अलावा, बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) के एक वॉचटावर को भारी नुकसान पहुंचाया गया।इरबिल में 5 ड्रोन ढहाए: उत्तरी इराक के इरबिल एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला करने आए 5 आत्मघाती ड्रोनों को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।ईरान के नौसैनिक अड्डे पर अमेरिकी बमबारी: जवाब में अमेरिका ने उत्तरी ईरान, केशम द्वीप (Qeshm Island) स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसैनिक अड्डों और परमाणु केंद्र वाले शहर इस्फ़हान (Isfahan) पर भारी बमबारी की।3. होर्मुज और बाब अल-मंडेब बंद: 96 डॉलर पहुंचा क्रूड ऑयलइस युद्ध की सबसे बड़ी मार वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रही है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रैंड क्रूड ऑयल की कीमतें उछलकर $96 प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जो युद्ध से पहले $72 के आसपास थीं।वहीं, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला कर बाब अल-मंडेब स्ट्रेट (Bab al-Mandeb Strait) को भी बाधित कर दिया है। इस रास्ते से दुनिया का 12% व्यापार और 25% कंटेनर ट्रैफिक गुजरता है।4. 400 जहाजों पर फंसे 6,000 नाविक: मानवाधिकार संकट गहरायाइंसानी नुकसान का आंकड़ा बेहद डरावना होता जा रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने से अब तक 3,434 लोग मारे जा चुके हैं।इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) और संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे 400 से अधिक कमर्शियल जहाजों पर लगभग 6,000 नाविक (Seafarers) जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। इनमें से कई जहाजों को उनके मालिकों ने छोड़ दिया है, जिससे नाविक बिना भोजन, पानी, ईंधन और चिकित्सा के समुद्र के बीच फंसे हुए हैं।5. ट्रंप का 'ऑल आउट' रुख और कूटनीति की नाकामीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन वे ईरान से बातचीत भी कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्हें 'युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है'।दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान किसी भी धमकी या दादागिरी के आगे नहीं झुकेगा। पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सफलता के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी अगले हफ्ते अमेरिका पहुंचकर ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं, जिससे युद्ध के और भड़कने की आशंका जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:24 pm

आईआरजीसी का दावा, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को किया तबाह

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसकी सेनाओं ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संसाधनों पर जवाबी हमले किए हैं।

देशबन्धु 25 Jul 2026 5:10 am

ट्रंप ने अमेरिका और सऊदी अरब के बीच न्यूक्लियर डील के साथ जोड़ी है ये खास शर्त भी

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ नागरिक परमाणु समझौते का एलान किया है. लेकिन ट्रंप ने शर्त रखी है कि रियाद को अब्राहम समझौता मानना होगा

देशबन्धु 25 Jul 2026 1:50 am

अमेरिका के 10% अतिरिक्त टैरिफ का झटका:कानपुर-नोएडा समेत यूपी के इन 7 बड़े उद्योगों के एक्सपोर्ट पर संकट, बढ़ेगी मुश्किल

अमेरिका के एक बड़े फैसले ने उत्तर प्रदेश के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत यह कदम 'जबरन श्रम' (Forced Labour) के मुद्दे को लेकर उठाया गया है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट यानी निर्यात पर तगड़ा असर पड़ने की आशंका है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) के उत्तर प्रदेश प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने शुक्रवार 11 बजे इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है, कि इस अतिरिक्त शुल्क से अमेरिकी बाजार में हमारे उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे स्थानीय उद्योगों को कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा। यूपी के इन 7 बड़े जिलों और उद्योगों पर गिरेगी गाज अमेरिका के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के ट्रेडिशनल और मैन्युफैक्चरिंग हब सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। FIEO के मुताबिक, कानपुर के चमड़ा और सैडलरी उद्योग पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा नोएडा के रेडीमेड गारमेंट्स एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, मुरादाबाद के पीतल शिल्प, भदोही के कालीन उद्योग, आगरा के फुटवियर कारोबार, वाराणसी के हस्तकरघा वस्त्र और अलीगढ़ के ताला-हार्डवेयर उद्योग की कमर टूट सकती है। इन सभी इलाकों से बड़े पैमाने पर अमेरिका माल भेजा जाता है, इसलिए यहां के कारोबारियों पर इसका सीधा असर दिख सकता है। क्यों उठाया गया यह कदम और क्या होगा असर? अमेरिकी प्रशासन ने यह कार्रवाई 'जबरन श्रम' से जुड़ी जांच के दायरे में आने वाले देशों पर की है। इस नई व्यवस्था के तहत भारत के अलावा अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कनाडा, मैक्सिको, पाकिस्तान और ब्रिटेन जैसे देशों पर भी 10% सेक्शन 301 शुल्क लागू कर दिया गया है। अतिरिक्त टैरिफ लगने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत बढ़ जाएगी। इससे खरीदार दूसरे देशों का रुख कर सकते हैं, जिससे हमारे निर्यातकों के ऑर्डर कम होने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यदि यह शुल्क अन्य प्रतिस्पर्धी देशों पर भी समान रूप से लागू रहता है, तो भारतीय कारोबारियों पर नुकसान का असर थोड़ा सीमित रह सकता है। FIEO की सलाह, क्वालिटी सुधारें और नए बाजार तलाशेंइस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए FIEO ने उत्तर प्रदेश के सभी निर्यातकों को सलाह दी है कि वे अपनी लागत घटाने, क्वालिटी सुधारने और समय पर डिलीवरी देने पर पूरा जोर दें। इसके साथ ही, सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय यूरोप, मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट), अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों में अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने की अपील की गई है। साथ ही, सप्लाई चेन को अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के मुताबिक रखने की हिदायत भी दी गई है। फिलहाल, केंद्र सरकार अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत कर रही है ताकि इस समस्या का कोई समाधान निकल सके और भारतीय कारोबारियों के हितों की रक्षा हो सके।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:21 pm

अमेरिका ने भारत पर अन्य देशों के मुकाबले लगाया कम टैरिफ

वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने नए सेक्शन 301 के तहत कार्रवाई में भारत पर 10 प्रतिशत का अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाया जाएगा।

देशबन्धु 24 Jul 2026 12:40 pm

भारत समेत 60 देशों पर अमेरिका का नया टैरिफ लागू, भारतीय निर्यात पर 10% अतिरिक्त शुल्क

USTR की अधिसूचना के अनुसार कुल 60 देशों को इस कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। इनमें 17 देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है, जबकि शेष 43 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। भारत उन देशों में शामिल है जिन्हें अपेक्षाकृत कम दर वाले समूह में रखा गया है।

देशबन्धु 24 Jul 2026 11:45 am

ईरान से युद्ध पर अमेरिका 37.5 अरब डॉलर फूंक चुका, 67 अरब डॉलर और चाहिए

US Iran war cost: अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध बहुत मंहगा पड़ रहा है। लगभग 37 अरब 50 करोड़ डॉलर अब तक ख़र्च हो चुका है और युद्ध का अंत कहीं दिख नहीं रहा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इन्हीं दिनों अमेरिकी संसद के उच्च सदन, यानी सीनेट की एक कमेटी के ...

वेब दुनिया 24 Jul 2026 9:17 am

पाली की अनिता का अमेरिका की सॉफ्टवेयर कम्पनी में सलेक्शन:ऑरेकल में एसोसिएट एप्लिकेशंस डेवलपर का काम करेगी

पाली जिले के रोहट क्षेत्र के हरावास गांव की रहने वाली अनिता पटेल ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी ऑरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर (OFSS) में एसोसिएट एप्लिकेशंस डेवलपर के पद पर हुआ है। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर करेंगी काम अनिता अब एंटरप्राइज स्तर के वित्तीय सॉफ्टवेयर के विकास और उनके रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी। ग्रामीण परिवेश से निकलकर विश्वस्तरीय कंपनी में चयनित होना क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। गांव में किया गया सम्मान इस उपलब्धि पर रोहट कस्बे स्थित हरावास हाउस में अनिता पटेल का साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता भगाराम पटेल सवाईपुरा, किसान नेता प्रेम पटेल दूदली, खांडी उपसरपंच इन्द्रा बालाराम हरावास, मोहनराम पटेल, एसबीआई लाइफ के फ्रेंचाइजी रिप्रेजेंटेटिव हितेश लक्ष्कार, सुनील बंजारा सहित कई लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 8:01 am

मिडिल ईस्ट में भयंकर महासंकट: ईरान पर लगातार 13वें दिन अमेरिकी सेना का भीषण हमला, क्रूड ऑयल 100 डॉलर के पार

दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्र मिडिल ईस्ट से इस वक्त की बेहद डरावनी और बड़ी खबर सामने आ रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग रूट्स और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब एक बड़े महायुद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार 13वीं रात भी भीषण हवाई हमले जारी रखे हैं। इस भयंकर सैन्य संघर्ष और सप्लाई चेन ठप होने के खतरे के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं और क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है।क्यों हो रहे हैं ईरान पर ताबड़तोड़ अमेरिकी हमले?अमेरिकी सेंट्रल कमांड और सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम को अमेरिकी वायुसेना ने एक बार फिर ईरान के अंदरूनी सैन्य बुनियादी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों को अपना निशाना बनाया। अमेरिकी सेना का साफ कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल जहाजों को लगातार दी जा रही धमकियों और हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनियों के बीच यह लगातार 13वां दिन है जब अमेरिकी सेना ने तेहरान के खिलाफ इस तरह के घातक प्रहार किए हैं।हॉर्मुज जलडमरूमध्य में थम गया जहाजों का आवागमनयह पूरा विवाद दुनिया के सबसे अहम चोकपॉइंट यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले शिपिंग रूट्स को लेकर खड़ा हुआ है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान पर लगातार यह आरोप लग रहे हैं कि उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इस क्षेत्र में लगातार अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं और आवाजाही में बाधा डाल रहे हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान को जिम्मेदार ठहराने के बाद से इस समुद्री मार्ग पर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, 100 डॉलर के पार पहुंचा तेलमिडिल ईस्ट के इस महासंकट का सीधा असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। हॉर्मुज के साथ-साथ बाब अल-मंदेब (Bab el-Mandeb) जलडमरूमध्य से भी जहाजों के आवागमन के गंभीर रूप से बाधित होने के बाद वैश्विक बाजार में खलबली मच गई है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक सात प्रतिशत तक उछल गई हैं और ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इससे पहले आखिरी बार मई के महीने में तेल इस उच्च स्तर पर पहुंचा था। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 90 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर चुका है। आर्थिक विशेषज्ञों और जानकारों का अनुमान है कि अगर यह टकराव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती हैं, जिससे दुनियाभर में महंगाई का एक बड़ा दौर आ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:44 am

बहराइच में वारिस पंजाब दे संगठन का सदस्य गिरफ्तार:भारत-नेपाल सीमा पर अमेरिकी नागरिक समेत 5 पकड़े गए

बहराइच में गुरुवार शाम भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा चेकपोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी एक इनोवा वाहन में सवार होकर जा रहे थे। जांच के दौरान उनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में 'वारिस पंजाब दे' संगठन से जुड़ा विक्रमजीत सिंह भी शामिल है। हालांकि इस मामले पर जिले के किसी भी अधिकारी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अब जानिए पूरा मामला… पंजाब के रूपनगर का निवासी विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में लंबे समय से वांछित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह नेपाल में फर्जी पहचान और दस्तावेजों का उपयोग कर छिपा हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों में अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों भी शामिल है, जो मोगा, पंजाब का मूल निवासी है। वह बिना वैध वीजा के नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। मनवीर की अमेरिकी नागरिक पत्नी और बच्ची भी उनके साथ थीं। चूंकि उनके पास वैध दस्तावेज थे, इसलिए उन्हें आव्रजन नियमों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई और वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इनोवा वाहन में सवार दो अन्य लोग रूपईडीहा थाना क्षेत्र के निवासी थे और वे मनवीर सिंह ढिल्लों को भारत में प्रवेश कराने में मदद कर रहे थे। वाहन चालक को भी हिरासत में लिया गया है। इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने जब एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर पर शाम 7:37 मिनट पर फोन किया तो पीआरओ ने कॉल रिसीव की। उन्होंने कहा- एसपी ही मामले की जानकारी दे पाएंगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा से गैंगरेप, चित्रकूट घूमने आए थे; पहाड़ी पर तीन युवकों ने वनकर्मी बताकर धमकाया यूपी के चित्रकूट में बॉयफ्रेंड को बंधक बनाकर NEET छात्रा के साथ तीन युवकों ने गैंगरेप किया। पुलिस के मुताबिक, 20 साल की छात्रा बॉयफ्रेंड के साथ पहाड़ी पर बैठी थी, तभी आरोपी पहुंचे। खुद को वनकर्मी बताकर उन्हें धमकाया। बॉयफ्रेंड को बेल्ट से पीटा और उसके हाथ-पैर गमछे से बांध दिए। तीनों छात्रा को घसीटते हुए झाड़ियों में ले गए। दरिंदगी की। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 9:00 pm

पुर्तगाल में 5,02,954 अमेरिकी डॉलर जमा करने पर एक्शन:ईडी ने जबलपुर के प्रियंक मेहता की प्रॉपर्टी की जब्त, फेमा में हुई कार्रवाई

ईडी भोपाल ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के जबलपुर से प्रियंक मेहता के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर यानी 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है। मेहता ने अमेरिका के वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए करीब साढ़े पांच लाख डालर विदेश भेजे थे। इसके बाद पुर्तगाल में प्रॉपर्टी खरीदी गई और विदेशी बैंक में पैसा जमा किया गया। ईडी ने यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली सूचना और ईडी की जांच के आधार पर की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि प्रियंक मेहता ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के अंतर्गत अमेरिका के EB-5 वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए 5,48,000 अमेरिकी डॉलर विदेश भेजे थे। ईडी के मुताबिक, जांच में यह पता चला कि भेजी गई राशि में से 5,02,954 अमेरिकी डॉलर, उस काम में उपयोग नहीं लाए गए, जिसके लिए भेजे गए थे। पुर्तगाल में खरीदी संपत्ति ईडी की जांच के अनुसार, अमेरिका से वापस हुई राशि को भारत वापस लाने के बजाय सीधे पुर्तगाल भेज दिया गया। बाद में भारत से भेजी गई अतिरिक्त धनराशि के साथ इसे मिलाकर पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदी गई। शेष राशि भी पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में रखी गई। ईडी का कहना है कि विदेश में इस प्रकार विदेशी मुद्रा और संपत्ति का अधिग्रहण एवं उपयोग FEMA, 1999 की धारा 4 तथा धारा 10(6) का उल्लंघन है। 3.67 करोड़ की संपत्ति जब्त ईडी ने FEMA की धारा 37A(1) में जबलपुर स्थित प्रियंक मेहता की लगभग 3.67 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के अनुसार, यह राशि विदेश में अवैध रूप से रखे गए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 6:52 pm

अमेरिका पर मंडराया 9/11 जैसे भीषण हमले का खतरा! स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर ईरान की खुली धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने और समुद्री जहाजों पर हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिका को खुली धमकी दे डाली है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके बुनियादी ढांचे और ठिकानों पर हमले बंद नहीं किए, तो अमेरिका में साल 2001 के 9/11 जैसी तबाही और राष्ट्रीय शोक की स्थिति पैदा हो जाएगी। इस तीखी बयानबाजी के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में एक बड़े और विनाशकारी युद्ध की आशंकाएं और अधिक गहरी हो गई हैं।डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी और होर्मुज स्ट्रेट का विवादअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। ट्रंप ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी व्यावसायिक या अन्य जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला किया, तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी प्रमुख पुलों, पावर प्लांट्स और तेहरान के आसपास के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को बमबारी कर मलबे में बदल देगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में ईरान समर्थित गतिविधियों के तहत 30 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिसके कारण जून में हुआ युद्धविराम समझौता भी खतरे में पड़ गया है। अमेरिका की साफ शर्त है कि जब तक ईरान जहाजों पर हमले रोककर होर्मुज में नौवहन सामान्य नहीं करता, तब तक सैन्य दबाव बना रहेगा।IRGC की परमाणु और बुनियादी ढांचे के हमलों पर खौफनाक प्रतिक्रियाडोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के परमाणु ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की लगातार मिल रही धमकियों के बाद IRGC ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के पुलों और अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों जैसे अति-सुरक्षित 'पिकैक्स माउंटेन' पर बमबारी करने का दुस्साहस किया, तो ईरान इसका ऐसा करारा जवाब देगा जिससे अमेरिका को भारी पछतावा होगा और वहां राष्ट्रीय शोक का माहौल बन जाएगा। पिछले 12 दिनों से अमेरिकी सेना द्वारा दक्षिणी ईरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार की जा रही बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की सारी उम्मीदें धुंधली होती नजर आ रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 6:22 pm

सऊदी पर हूती हमले के बाद क्यों कांप उठा पाकिस्तान? समझें अमेरिका-ईरान जंग के बीच शहबाज सरकार की सबसे बड़ी मजबूरी

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा तनाव अब एक भयानक जंग का रूप लेता जा रहा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हालिया मिसाइल व ड्रोन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में खलबली मच गई है। लेकिन इस क्षेत्रीय जंग की तपिश सबसे ज्यादा पाकिस्तान को झुलसा रही है। इस हमले के बाद शहबाज शरीफ सरकार बेहद घबराई हुई है और उसकी नींद उड़ गई है। आइए एक फॉरेन अफेयर्स और जियोपॉलिटिकल रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि आखिर सऊदी पर हुए इस हमले से पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका क्यों लगा है।1. घोर आर्थिक तंगी और तेल संकट का मंडराता भूतपाकिस्तान इस समय इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से दबकर आईसीयू में है।तेल पर निर्भरता: पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) के लिए लगभग पूरी तरह से खाड़ी देशों—खासकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)—पर निर्भर है।रिफाइनरी पर हमले का असर: हूती हमलों के चलते सऊदी के तेल उत्पादन में रुकावट आती है या लाल सागर (Red Sea) का समुद्री व्यापार मार्ग पूरी तरह बाधित होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच सकते हैं।कंगाल होने का डर: पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) इतना भी नहीं है कि वह महंगे दामों पर तेल खरीद सके। यदि तेल महंगा हुआ, तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और अभूतपूर्व महंगाई वहां की जनता को सड़कों पर ला देगी।2. सऊदी से मिलने वाली 'खैरात' और वित्तीय मदद का रुकनापाकिस्तान का अस्तित्व फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कर्ज और सऊदी अरब द्वारा दी जाने वाली अरबों डॉलर की 'फाइनेंशियल बेलआउट' (आर्थिक मदद) पर टिका है।सऊदी अरब ने पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक में अरबों डॉलर डिपॉजिट करवा रखे हैं और वह शहबाज सरकार को उधार (Deferred Payment) पर तेल मुहैया कराता है। लेकिन अगर सऊदी अरब खुद युद्ध और सुरक्षा संकट में उलझ जाता है, तो वह पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय मदद पर रोक लगा सकता है। पाकिस्तान के लिए रियाध से मिलने वाली इस खैरात का बंद होना किसी बड़े आर्थिक झटके से कम नहीं होगा।3. अमेरिका और ईरान के बीच धर्मसंकट और 'सैंडविच' बना पाकिस्तानपाकिस्तान की सबसे बड़ी कूटनीतिक (Diplomatic) मजबूरी यह है कि उसकी सीमा एक तरफ ईरान से लगती है और दूसरी तरफ वह अमेरिका व सऊदी अरब का पिछलग्गू बना रहता है।ईरान से सीधी सीमा: पाकिस्तान की ईरान के साथ 900 किलोमीटर लंबी सीमा (सिस्तान-बलूचिस्तान बॉर्डर) साझा होती है। यदि अमेरिका ईरान पर पूर्ण युद्ध थोपता है, तो ईरान में होने वाली अस्थिरता का सीधा असर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जारी अलगाववादी हिंसा पर पड़ेगा।दोनों तरफ कुआं, एक तरफ खाई: अमेरिका पाकिस्तान पर दबाव बनाएगा कि वह उसके सैन्य गठजोड़ का साथ दे या अपने हवाई अड्डों/एयरस्पेस का इस्तेमाल करने दे। लेकिन अगर पाकिस्तान अमेरिका का साथ देता है, तो ईरान उस पर हमला करने से परहेज नहीं करेगा। वहीं अगर वह न्यूट्रल (तटस्थ) रहता है, तो अमेरिका और सऊदी अरब उसकी आर्थिक डोर काट देंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 4:31 pm

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:52 pm

आपरेशन हार्ड बाल-पंजाबी मूल का तस्कर गिरफ्तार:कनाडा में फर्जी नामों से रह रहा, ट्रकिंग इंडस्ट्री से जुड़ा, अमेरिका-कनाडा के बीच नशे की तस्करी

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत पंजाबी गैंगस्टर और तस्कर को अरेस्ट किया गया। अरेस्ट आरोपी की पहचान हरमनवीर के तौर पर हुई है। उसे 3 दिन पहले ही एफवीआई ने मोस्ट वांटेड घोषित किया था। इसके बाद पंजाबी गैंगस्टर और तस्कर हरमनवीर सिंह को कैलिफोर्निया हाईवे गश्त के अधिकारियों ने 21 जुलाई को सुबह स्टॉकटन, कैलिफोर्निया से गिरफ्तार कर लिया।हरमनवीर सिंह वैंकूवर के रहने वाले और पंजाबी मूल के तस्कर रविंदर ढांडा के साथ मिलकर काम कर रहा था। ये लोग इंडिया की लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए पैसा लेकर काम करते हैं। बता दें कि ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत गिरफ्तार किए गए बीसी (ब्रिटिश कोलंबिया) के रविंदर ढांडा, जसकरण बागड़ी और गुरतेज समाग की प्रत्यर्पण पर 22 जुलाई को बीसी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, अदालत ने इस मामले की अदालती कार्यवाही को पब्लिशल बैन कर दिया है। 20 जुलाई को मोस्ट वांटेड लिस्ट में डाला था नामगौरतलब है कि FBI की लॉस एंजिल्स इकाई ने 20 जुलाई को हरमनवीर सिंह की तस्वीर के साथ एक मोस्ट वांटेड पोस्टर जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी की यह बड़ी कार्रवाई कैलिफोर्निया हाईवे गश्त अधिकारियों द्वारा की गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, हरमनवीर पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी, उन्हें कब्जे में रखने और अमेरिका से नशीले पदार्थों के निर्यात की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं। फर्जी पहचान से रह रहा है हरमनवीरएफबाआई के अनुसार हरमनवीर सिंह कनाडा में कई फर्जी नामों से रह रहे हैं। एफबीआई के अनुसार आरोपी हरी गौतम और हरमन संधू जैसे फर्जी नामों से भी जाना जाता है। 23 जून 2026 को लॉस एंजिल्स (कैलिफोर्निया) की फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट द्वारा उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। जानें रविंदर ढांडा गिरोह का नेटवर्कट्रकों के जरिए नशे की बड़ी खेप को अमेरिका से कनाडा पहुंचाते हैं- एफबीआई के मुताबिक रविंदर ढांडा मूल रूप से पंजाब का है और लंबे समय से कनाडाई नागरिक है। इका नेटवर्क वैंकूवर (कनाडा) से आपरेट होता है। यह नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में बड़े पैमाने पर कोकीन और मेथमफेटामाइन की तस्करी के लिए जिम्मेदार है। इस सिंडिकेट द्वारा हर हफ्ते 100 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स को लंबे ट्रकों के जरिए भारत-लिंक्ड नेटवर्क की मदद से सीमा पार भेजा जाता था। जानें क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल अमेरिकी न्याय विभाग और FBI की तरफ कनाडा और अन्य देशों की एजेंसियों के साथ मिलकर तस्करों और अपराधियों को पकड़ने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया गया। इसको आपरेशन हार्ट बाल नाम दिया गया। इस आपरेशन में 37 अपराधियों/सस्पेक्ट्स को नामजद किया गया था। यह ऑपरेशन लॉरेंस, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर ढांडा जैसे भारत आधारित और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चलाया गया है। अमेरिका में कुल 24 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। इसके साथ ही गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान भी शुरू किया गया था, जिसके तहत FBI ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50 हजार डालर के इनाम की घोषणा की थी। जानें हरमनवीर सिंह कौन है?FBI के अनुसार, हरमनवीर सिंह इंटरनेशनल आपराधिक संगठन में शामिल होने के लिए वांटेड है, जो प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के वितरण और उन्हें वितरण के इरादे से अपने पास रखने की साजिश में लिप्त था। 31 वर्षीय यह आरोपी हरी गौतम और हरमन संधू जैसे फर्जी नामों का भी इस्तेमाल करता है। FBI ने आगे बताया कि सिंह रविंदर ढांडा गैंग के लिए ड्रग तस्करी का काम करता है। ढांडा समूह कथित तौर पर पूरे अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ड्रग तस्करी संगठनों के लिए कोकीन और मेथमफेटामाइन की तस्करी करता था।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:07 pm

ईरान पर सख्ती और सऊदी पर मेहरबानी: ट्रंप की नई न्यूक्लियर डील पर अमेरिका में ही घमासान, उठ रहे हैं बड़े सवाल

मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिस पर खुद अमेरिका के भीतर ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ ट्रंप प्रशासन पारंपरिक रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर नकेल कसने के लिए कड़े तेवर अपनाए हुए है, वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब के साथ किसी नई न्यूक्लियर डील या रक्षा समझौतों को लेकर दिखाए जा रहे दुलार ने अमेरिकी सियासत में हंगामा मचा दिया है। वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक इस दोहरे रवैये पर बहस छिड़ गई है कि आखिर ट्रंप की इस रणनीति के पीछे का असली मकसद क्या है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा।ईरान पर कड़ा रुख और अधिकतम दबाव की नीतिट्रंप प्रशासन का ईरान के प्रति रवैया हमेशा से आक्रामक रहा है। वाशिंगटन का मानना है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रमों और उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों पर लगाम कसना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि ईरान पर लगातार आर्थिक प्रतिबंधों का चाबुक चलाया जा रहा है और किसी भी प्रकार की नरमी बरतने से साफ इनकार किया जा रहा है। अमेरिकी रणनीतिकारों का तर्क है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उस पर 'अधिकतम दबाव' (Maximum Pressure) बनाए रखना ही एकमात्र विकल्प है, ताकि मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।सऊदी अरब के साथ न्यूक्लियर डील पर क्यों मचा है बवाल?विवाद की असल जड़ सऊदी अरब के साथ होने वाले संभावित परमाणु और रणनीतिक समझौतों से जुड़ी है। आलोचकों और अमेरिकी सांसदों का सवाल है कि यदि ईरान पर परमाणु प्रसार को लेकर इतनी सख्ती बरती जा रही है, तो रियाद के साथ ऐसी किसी भी डील को हरी झंडी क्यों दी जा रही है जिससे भविष्य में पश्चिम एशिया में हथियारों की होड़ और तेज हो सकती है। अमेरिकी कांग्रेस और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के समझौते से क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है और न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन (परमाणु प्रसार रोकने) के अंतरराष्ट्रीय नियमों पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।अमेरिकी राजनीति में उठ रहे हैं तीखे सवालडोनाल्ड ट्रंप की इस दोहरी और व्यावहारिक कूटनीति ने डेमोक्रेट्स के साथ-साथ कई रिपब्लिकन नेताओं को भी असहज कर दिया है। घरेलू स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी के नाम पर अमेरिका अपने ही सिद्धांतों से समझौता कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह डील आने वाले समय में अमेरिकी विदेश नीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि मध्य पूर्व के देशों के बीच शक्ति संतुलन को साधने की यह कोशिश अमेरिका को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारी पड़ सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:22 pm

10 हाथियों जितना बारूद और तबाही का खौफ: अमेरिका ने ईरान में उतारा कोल्ड वॉर का खतरनाक B-1 बॉम्बर

मध्य पूर्व में सुलग रही जंग की आग अब अपने सबसे खतरनाक और विनाशकारी दौर में पहुंच गई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खुलकर खूनी संघर्ष का रूप ले चुका है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने अपनी ताकत का ऐसा खौफनाक प्रदर्शन किया है जिसे देखकर पूरी दुनिया के होश उड़ गए हैं। अमेरिका ने ईरान समर्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के लिए शीत युद्ध (Cold War) के दौर के अपने सबसे घातक और शक्तिशाली एयरक्राफ्ट 'B-1 लांसब्रिर' यानी B-1 बॉम्बर को मैदान में उतार दिया है। इस सुपरसोनिक बॉम्बर की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अपने साथ करीब 10 हाथियों के वजन के बराबर यानी मीट्रिक टन बारूद और विस्फोटक लेकर उड़ने की क्षमता रखता है।क्या है B-1 बॉम्बर की खासियत और क्यों कांप रहे हैं दुश्मन?बी-1 लांसर (B-1 Lancer) अमेरिकी वायुसेना का एक ऐसा भारी-भरकम और सुपरसोनिक बॉम्बर है, जो अपनी भीषण मारक क्षमता और सटीक निशाना साधने के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। शीत युद्ध के समय सोवियत संघ को टक्कर देने के लिए बनाए गए इस विमान को आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक एवियोनिक्स से लैस किया गया है। यह बॉम्बर बिना किसी रोक-टोक के दुश्मन के आसमान में कोहराम मचा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पारंपरिक हथियारों और गाइडेड मिसाइलों का एक ऐसा विशाल जखीरा अपने पेट में छिपाकर चलता है, जो कुछ ही पलों में किसी भी देश के सैन्य ठिकानों, बंकरों और एयरबेस को मलबे के ढेर में बदल सकता है।ईरान के IRGC अड्डों पर अमेरिका की भारी एयरस्ट्राइकअमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम के बाद ईरान समर्थित मिलिशिया और IRGC के ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और बमबारी की गई है। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों और सैन्य अड्डों पर लगातार हो रहे हमलों का जवाब देने के लिए वाशिंगटन ने इस बार सीधे तौर पर रणनीतिक बमवर्षकों का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, B-1 बॉम्बर ने अपनी भारी-भरकम मारक क्षमता का इस्तेमाल करते हुए ईरान से जुड़े रणनीतिक कमांड सेंटर्स, हथियार डिपो और खुफिया ठिकानों को पूरी तरह स्वाहा कर दिया है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।मध्य पूर्व में तीसरे विश्व युद्ध जैसे मंडरा रहे हैं काले बादलअमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत ने ग्लोबल लेवल पर एक नए युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। जिस तरह से अमेरिका ने अपने सबसे बड़े और विध्वंसकारी बॉम्बर को इस संघर्ष में झोंक दिया है, उससे साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में यह जंग और अधिक भयानक रूप ले सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तनाव को कूटनीतिक स्तर पर जल्द नहीं रोका गया, तो यह मध्य पूर्व की सीमाओं को लांघकर पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:21 pm

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

जगराओं में रेस्टोरेंट पर कब्जे की कोशिश:अमेरिका से बैठकर रची साजिश, हथियारबंद बदमाशों ने मैनेजर को धमकाया; 5 पर केस

लुधियाना के जगराओं में जीटी रोड पर स्थित मशहूर 'बाबा चिकन' रेस्टोरेंट पर हथियारों के बल पर कब्जा करने, धमकियां देने और फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमेरिका में बैठे एक व्यक्ति ने मैनेजर के साथ मिलकर रेस्टोरेंट पर कब्जा करने की साजिश रची। पीड़ित मालिक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना सिटी पुलिस ने 2 नामजद आरोपियों और 3 अज्ञात समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों की पहचान लुधियाना के पंडोरी गांव निवासी वरिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी और तेजिंदर सिंह उर्फ सन्नी के रूप में हुई है। गांव रसूलपुर (मल्ला) निवासी पीड़ित जसप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे मेन जीटी रोड पर बाबा चिकन रेस्टोरेंट चलाते हैं। उनके बड़े भाई राजविंदर सिंह उर्फ राजा की दोस्ती वरिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी से थी, जो पंडोरी में मैरीविला पैलेस और एक रेस्टोरेंट चलाता है। जसप्रीत ने बताया कि शुरुआत में रेस्टोरेंट कारोबार का ज्यादा अनुभव न होने के कारण उन्होंने भाई के कहने पर हैप्पी से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने हैप्पी पर आंख मूंदकर भरोसा किया और उसे अपने कारोबार में शामिल कर लिया। आरोप है कि हैप्पी ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर धीरे-धीरे अपने कर्मचारियों को बाबा चिकन रेस्टोरेंट में तैनात करवा दिया। हिसाब मांगा तो अमेरिका से भेजे हथियारबंद बदमाश जब रेस्टोरेंट बढ़िया चलने लगा, तो वरिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी की नीयत खराब हो गई और उसने पूरे कारोबार पर कब्जा करने की साजिश रच डाली। जब जसप्रीत ने मैनेजर से रेस्टोरेंट का हिसाब-किताब मांगा, तो मैनेजर ने तुरंत इसकी जानकारी अमेरिका में मौजूद वरिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी को दे दी। इसके बाद हैप्पी ने अमेरिका से ही अपने गुर्गों को रेस्टोरेंट पर कब्जा करने के लिए भेज दिया। आरोपी हथियार लेकर रेस्टोरेंट पहुंचे और जबरन ऑफिस में घुसकर स्टाफ को डराने-धमकाने लगे। कर्मचारियों के सामने कहा- 'अब सन्नी है रेस्टोरेंट का नया मालिक' पीड़ित के मुताबिक, हथियारबंद आरोपियों ने वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों के सामने सरेआम ऐलान कर दिया कि अब इस रेस्टोरेंट का मालिक जसप्रीत सिंह नहीं, बल्कि तेजिंदर सिंह उर्फ सन्नी है। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर जसप्रीत दोबारा रेस्टोरेंट में आया या हिसाब-किताब मांगने की कोशिश की, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। परिवार दहशत में, कारोबार हुआ प्रभावित जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं और उनसे बड़ी रकम की फिरौती मांग रहे हैं। आरोपियों ने न तो रेस्टोरेंट का हिसाब दिया और उल्टा पूरा कारोबार हड़पने की नीयत से धोखाधड़ी की। इस गुंडागर्दी के कारण उनका चलता हुआ कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और पूरा परिवार खौफ के साए में है। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू थाना सिटी पुलिस ने जसप्रीत सिंह की शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी वरिंदरपाल सिंह उर्फ हैप्पी, तेजिंदर सिंह उर्फ सन्नी और तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3), 308(4), 318(4), 351(2), 62 और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 7:26 pm

समस्तीपुर में किसानों का प्रदर्शन, ट्रंप-मोदी का पुतला फूंका:भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का विरोध, कहा- अमित शाह इस्तीफा दें

समस्तीपुर में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने शहर में विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। किसानों का विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए स्टेशन चौक पहुंचा, जहां एक सभा आयोजित की गई। सभा में किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को देश के किसानों, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने इस समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे समझौतों से देश की कृषि व्यवस्था पर कॉरपोरेट कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा और छोटे-मध्यम किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। अधिग्रहण की योजनाओं को वापस लेने की भी मांग नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि किसान संगठन खेती और कृषि भूमि को कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपने की किसी भी नीति का पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने बिहार में प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप और टोपो लैंड के नाम पर लैंड पूलिंग के माध्यम से कृषि भूमि के कथित अधिग्रहण की योजनाओं को वापस लेने की भी मांग की। उनका तर्क था कि किसानों की सहमति के बिना कृषि भूमि का उपयोग बदलना अस्वीकार्य होगा। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। इसके अतिरिक्त, छात्रों के प्रदर्शन पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस्तीफे की मांग की गई।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 6:44 pm

पटियाला में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन:किसानों ने कैप्टन अमरिंदर का आवास घेरा; केंद्र के खिलाफ नारेबाजी; भारी पुलिस बल तैनात

पटियाला में संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के न्यू मोती बाग पैलेस के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व सांसद परनीत कौर का निवास भी प्रदर्शन स्थल के पास स्थित था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। डील से व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने इस समझौते को किसानों के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। भाजपा नेताओं के घरों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किए संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि बुधवार को पूरे पंजाब में भाजपा नेताओं के घरों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किए गए। इसके अलावा, कई टोल प्लाजा को तीन घंटे के लिए टोल फ्री करवाया गया। किसान नेताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। आवाज उठाने वालों को दबाना उचित नहीं उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वालों को दबाना उचित नहीं है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 3:20 pm

चंडीगढ़ में BJP ऑफिस का घेराव करने पहुंचे किसान:पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, धक्का-मुक्की हुई; अमेरिका-भारत FTA के विरोध में हुए उग्र

अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान आज चंडीगढ़ पहुंच गए। सेक्टर-35 स्थित किसान भवन से भाजपा कार्यालय की ओर मार्च निकाल रहे किसानों को पुलिस ने बीच रास्ते में बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की व झड़प हुई। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान शामिल होने पहुंचे। जैसे ही किसान विकास भवन से आगे बढ़ने लगे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद किसानों ने वहीं सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। देखिए प्रदर्शन की 2 PHOTOS:- 3 पॉइंट में जानिए किसान नेताओं ने क्या कहा: -

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 12:26 pm

'क्या तेजस्वी अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं':सदन में BJP विधायक ने नेता प्रतिपक्ष को घेरा; सूखे पर CM बोले- किसानों को अनुदान राशि देंगे

बिहार विधानसभा में आज सूखे के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया। विधायक वेल में आ गए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद विधायक अपनी सीट पर बैठे। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक ने ही राज्य में किसानों को हो रही बिजली आपूर्ति की समस्या का मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि कई इलाकों में किसानों को समय पर बिजली नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। विधायक के सवालों के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद सदन में जवाब देने के लिए खड़े हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम हुई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में बताया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत सुबह 6 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक लगातार बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसान अपने खेतों में समय पर पानी पहुंचा सकें और फसल को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन-जिन इलाकों में बारिश की कमी के कारण सुखाड़ जैसी स्थिति बन रही है, वहां के जिलाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार तत्काल कदम उठाएगी और प्रभावित किसानों को राहत देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में सूखे की स्थिति सामने आती है तो वहां किसानों को डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे किसान डीजल पंप के माध्यम से खेतों की सिंचाई कर सकेंगे और अपनी फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। BJP विधायक ने तेजस्वी पर कसा तंज बीजेपी विधायक बैधनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष के सदन में नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हैं। वो अपने पद का निर्वाहन नहीं कर पा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बिहार के विकास में अपना योगदान छोड़कर अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे हैं। या कहीं बैठकर चेन की बंसी बजा रहे हैं। मंगलवार को बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026 हुआ था पास इलके पहले मंगलवार को बिहार विधानसभा बिहार जुआ प्रतिषेध विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में इस विधेयक को पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बदलते समय और तकनीक के अनुरूप राज्य में जुए पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नए कानून की आवश्यकता थी। उन्होंने सभी सदस्यों से विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा था, अब तक राज्य में 1867 के बंगाल जुआ अधिनियम के प्रावधान लागू थे। उस समय जुए का स्वरूप मुख्य रूप से ताश, पासा और पारंपरिक तरीकों तक सीमित था। समय के साथ सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने जुए के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। आज ऑनलाइन ऐप, वेबसाइट और अन्य डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर जुआ खेला जा रहा है, जिसे पुराने कानून के तहत प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना संभव नहीं था। नया विधेयक केवल जुआ खेलने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों और संस्थाओं को भी इसके दायरे में लाया गया है जो जुआ संचालित करते हैं, जुआ खेलने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हैं या जुए से कमीशन प्राप्त करते हैं। ऐसे सभी व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन जुआ खेलने वालों के ट्रांजेक्शन की राशि सीज की जाएगी। इसके साथ ही दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। बार-बार जुआ खेलते पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि बढ़ती जाएगी। पंचायत टैक्स वसूली पर सदन में हंगामा मानसून सत्र के दूसरे दिन पंचायत में टैक्स वसूली का मसला विधानसभा में उठा। माले विधायक ने कहा- इससे गरीबों पर बोझ बढ़ेगा। विपक्ष ने पंचायती कर, आकस्मिकता निधि पर चर्चा कराने की मांग की और कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया। प्रस्ताव अमान्य होने पर विपक्षी विधायक हंगामा करने लगे। वेल में आए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सदस्यों को सीट पर जाने को कहा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विधेयक आएगा तो चर्चा होगी। कोई कर लग रहा है तो विपक्ष संशोधन प्रस्ताव सदन में लाए। तब विपक्षी सीट पर लौटे। इधर, विधान परिषद में सूखे नशे का मुद्दा उठा। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने कहा, ‘बिहार में गांजा,चरस तो एकदम सामान्य है। मंदिरों के पास गांजे का धुआं उड़ रहा है।’ मंदिर, मठ-आश्रमों के नाम लेने पर बीजेपी विधायकों ने सुनील सिंह का विरोध किया। इस पर सुनील सिंह ने कहा कि मंदिर का सब पैसा आप लोग खा गए। सुनील कुमार सिंह ने आगे कहा कि बिहार सरकार पेट्रोल में 11 रुपए और डीजल पर 5 रुपए ज्यादा ले रही है। बिहार सरकार 200 करोड़ रुपए जनता से अधिक वसूल रही है। लंच ब्रेक के बाद इसी मुद्दे पर बीजेपी एमएलसी अनामिका सिंह और राजद एमएलसी मुन्नी रजक के बीच नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के चेंबर के बाहर खूब तू-तू मैं-मैं हुई।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 10:33 am

हापुड़ में किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया:अमेरिका ट्रेड डील समेत 11 मांगों पर डीएम को सौंपा ज्ञापन

हापुड़ में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों और किसान नेताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन तीन घंटे तक चला, जिसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। गन्ना बकाया भुगतान की मांग संगठन के जिलाध्यक्ष जीते चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने पर जोर दिया गया। किसानों ने अमेरिका के साथ किसी भी ऐसी व्यापारिक डील का विरोध किया, जिससे भारतीय किसानों के हितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका हो। ज्ञापन में खेती की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए किसानों और मजदूरों के लिए संपूर्ण कर्जमाफी और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों की सहमति को अनिवार्य बनाने, बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने और जनपद में सर्किल रेट बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सिंभावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द कराने की मांग की गई। किसानों ने आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान, बिजली विभाग की मनमानी, स्मार्ट मीटर के नाम पर बढ़ाए गए कनेक्शन शुल्क, तथा खाद एवं यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी जैसे मुद्दों को भी उठाया। ज्ञापन में अवैध खनन, प्रतिबंधित पेड़ों के कटान और डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई। गंगा एक्सप्रेस-वे से संबंधित खामियों को दूर करने की मांग भी की गई। इसमें सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाने, अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने और अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने की मांग शामिल थी। जिलाध्यक्ष जीते चौहान ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो संगठन भविष्य में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान दिनेश त्यागी, कुशलपाल आर्य, धनवीर शास्त्री, बबली त्यागी, रिजवान, अनिल मिश्रा समेत अन्य लोग शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 5:39 pm

कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम लगा:किसान नेता बाले-भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कोई समझौता नहीं; अफवाहों से बचें, किसानों को छोड़ा गया

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसान मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट की ओर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पुलिस प्रशासन ने किसानों को रास्ते में रोककर हिरासत में लिया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी किसानों का धन्यवाद भी किया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में सोनीपत और दिल्ली प्रशासन किसान घाट पर प्रस्तावित किसान प्रदर्शन को लेकर मंगलवार को पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दी। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली से लगने वाले हरियाणा के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। ट्रेड डील को लेकर अफवाहें फैलाने का लगाया आरोप सत्यवान नरवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार और किसान संगठनों के बीच किसी भी प्रकार की सहमति नहीं बनी है और न ही किसानों की कोई मांग मानी गई है। उन्होंने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने की अपील की। शाम तक वाहनों की संख्या हुई कम सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर किसानों की राजधानी में एंट्री रोकी गई। शाम होते-होते नेशनल हाईवे-44 पर लंबा जाम लग गया। लेकिन कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की संख्या कम हो गई। वहीं सोनीपत के गोहाना क्षेत्र से दिल्ली जा रहे किसानों को भी रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की सख्ती का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दिया। करीबन 3 बजे तक कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर लंबी वाहनों की कतारें लगी रही। नेशनल हाईवे पर करीब चार से पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। सामान्य दिनों में पांच मिनट में तय होने वाला सफर लोगों को 30 से 35 मिनट में पूरा करना पड़ा। कई वाहनों के चालान काटे गए इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कई वाहनों की जांच की और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए। वहीं, किसान संगठनों के नेताओं को बॉर्डर पर ही रोककर हिरासत में लिया गया और पुलिस वाहनों के माध्यम से विभिन्न थानों में भेज दिया गया और सहमति बनने के बाद शाम को किसानों को छोड़ दिया गया। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर कड़ी बैरिकेडिंग, दिल्ली में एंट्री पर रोक दिल्ली के सिंघु और कुंडली बॉर्डर पर सुबह से ही दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात रहीं। दोनों सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। किसानों के दिल्ली पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हर वाहन की गहन जांच की। किसानों के वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और कई किसान नेताओं को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के कारण सिंघु बॉर्डर पूरी तरह सील रहा, जिससे सर्विस रोड और मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं वाहनों की लंबी लाइनों, लोगों को हुई परेशानी पुलिस की नाकेबंदी का सबसे अधिक असर नेशनल हाईवे पर देखने को मिला। सुबह से ही ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब चार से पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही। आम दिनों में पांच मिनट में पार होने वाला कुंडली-सिंघु बॉर्डर का रास्ता लोगों को 30 से 35 मिनट में तय करना पड़ा। भारी वाहनों के साथ-साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों को बॉर्डर पर किया डिटेन दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से दिल्ली की ओर जा रहे 10 से अधिक किसानों को बॉर्डर पर हिरासत में लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष की गाड़ी को भी रोककर उन्हें डिटेन किया गया। हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस कैब और अन्य वाहनों के जरिए संबंधित थानों में भेज दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी और किसी भी समूह को दिल्ली की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी। गोहाना में 40 से 50 किसान हिरासत में लिए उधर, गोहाना क्षेत्र से किसान संगठनों के सदस्य दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। गांव बड़ोता के पास पहले से तैनात हरियाणा पुलिस ने किसानों के वाहनों को रोक लिया। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई, लेकिन किसानों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद करीब 40 से 50 किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों के माध्यम से गोहाना सदर थाना ले जाया गया। किसानों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप गोहाना सदर थाना में हिरासत में रखे गए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। किसानों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को भी सीमित कर रही है। उनका आरोप था कि पहले छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई और अब किसानों को भी आंदोलन करने से रोका जा रहा है। एसीपी बोले- पूरी निगरानी की जा रही है एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव के मद्देनजर कुंडली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। पूरी निगरानी रखी जा रही है कि कोई असमाजिक तत्व दिल्ली में एंट्री न कर पाएं। वाहनों को चैक किया जा रहा है। गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्य किसान नेताओं को किया गया रिहा उन्होंने बताया कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित अन्य नेताओं को पुलिस द्वारा रिहा कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े अगले कदमों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। देश बचाओ मोर्चा के बयान के बाद होगा अगला फैसला किसान नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा पूरे देश के किसान संगठनों का साझा मंच है और अभी तक इस मंच की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मोर्चे की ओर से कोई आधिकारिक स्टेटमेंट आएगी, उसके बाद ही आंदोलन की आगामी रणनीति और निर्णय की घोषणा की जाएगी। सरकार से अब तक कोई समझौता नहीं भाकियू (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष ने दोहराया कि फिलहाल सरकार और किसान संगठनों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक किसी भी समझौते की बात करना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 4:20 pm

गाजियाबाद में पुलिस से भिड़े किसान:धक्का-मुक्की कर बैरिकेडिंग तोड़ी; अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध करने दिल्ली जा रहे थे

गाजियाबाद में पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। किसान आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए और बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। 20 मिनट तक मौके पर गहमा-गहमी का माहौल रहा। बाद में अधिकारियों ने किसानों को शांत कराया। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में देशभर के किसानों ने मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट तक कूच का ऐलान किया था। इसी प्रदर्शन में शामिल होने यूपी के किसान भी दिल्ली जा रहे थे। इसे देखते हुए दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस किसानों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। पहले प्रदर्शन की 3 तस्वीरें एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर/ट्रैफिक राज करन नैयर ने बताया- दिल्ली से सटे यूपी गेट और लोनी समेत 6 बॉर्डर हैं। सभी पॉइंट पर अलग-अलग पुलिस फोर्स तैनात की गई है। यातायात व्यवस्था बाधित न हो, इसलिए यातायात को सुचारू तरह से चलाया जा रहा है। जो किसान आए थे, उन्हें भी समझा-बुझाकर कुछ देर बाद वापस गाड़ियों से भेज दिया गया। यूपी गेट और अलग-अलग स्थानों पर पुलिस के 700 जवान तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक एसीपी, 3 इंस्पेक्टर और एक एडिशनल डीसीपी को अलग से जिम्मेदारी दी गई है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें- मां-पिता ने डांटा तो 2 बेटों ने पीट-पीटकर मार डाला:गाजियाबाद में पिता को गिराकर पीटा, बचाने आई मां पर लात घूसे बरसाए यूपी के गाजियाबाद में 2 बेटों ने मां और पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार रात 11 बजे दोनों बेटे झगड़ा कर रहे थे। माता-पिता ने उन्हें डांट लगाई तो भड़क गए। गुस्से में माता-पिता को लात-घूसों से पीटा, फिर डंडे से ताबड़तोड़ वार करके अधमरा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 2:58 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान प्रदर्शन:पीलीभीत में बोले- जरूरत पड़ी तो फिर घेरेंगे दिल्ली

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने समझौते को कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और मांगें पूरी नहीं होने पर दोबारा दिल्ली कूच की चेतावनी दी। किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी क्षेत्र और छोटे किसानों को तबाह कर देगा। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र को विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों के लिए खोलना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है। उनका तर्क है कि अत्यधिक सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात से देशी किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों ने मांग की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित ऐसे सभी समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए, जो देश की खाद्य सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह (गोगी) ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, यह प्रदर्शन ट्रेड डील और किसानों की अनदेखी के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर है। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और संगठन का आदेश मिला, तो किसान एक बार फिर दिल्ली का रुख करेंगे और उसे घेरेंगे। इसके लिए हमारे वाहन, घोड़े और ट्रैक्टर पूरी तरह से तैयार हैं।ज्ञापन में ट्रेड डील को रद्द करने के अलावा कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। इनमें सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग (C2+50) के तहत एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल करना, बिजली बिल 2025 और स्मार्ट मीटर वापस लेना, उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और पीलीभीत की स्थानीय समस्याओं का समाधान करना शामिल है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 1:17 pm

यमुनानगर से महापंचायत के लिए किसानों का जत्था रवाना:दिल्ली में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध; बोले- बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचेंगे

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ आज दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित देशव्यापी महापंचायत में शामिल होने के लिए यमुनानगर से किसानों का जत्था सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गया। रवाना होने से पहले किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई है और किसानों को रास्ते में रोका जा रहा है। इसके बावजूद किसान बैरिकेडिंग तोड़कर किसी भी कीमत पर किसान घाट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन शांतिपूर्ण रहने का दावा भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुदियाना ने बताया कि यमुनानगर के विभिन्न गांवों से किसान दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि देशभर से हजारों किसान किसान घाट पर पहुंचकर अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। संजू गुदियाना ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ किसान रात को ही दिल्ली हुए रवाना संजू के अनुसार हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस द्वारा वाहनों की जांच की जा रही है और किसानों को भी रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की गई, जिसके चलते कई नेता सोमवार-मंगलवार की रात ही अपने घरों से निकलकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन बैरिकेडिंग कर किसानों का रास्ता रोकता है, तब भी किसान पीछे नहीं हटेंगे। सभी किसान एकजुट होकर किसी भी स्थिति में किसान घाट पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:37 am

पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, शंभू-खनौरी बॉर्डर सील:अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध; हरियाणा पुलिस ने रूट डायवर्ट किया

अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसानों ने आज दिल्ली कूच का ऐलान किया है। इसके लिए शंभू बॉर्डर पर भारी संख्या में पंजाब के किसान इकट्‌ठे हुए हैं। इसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर बंद कर दिया है। बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेड्स लगाने के साथ जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई हैं, ताकि किसानों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। प्रदर्शन की अगुआई किसान नेता सरवण पंधेर कर रहे हैं। किसान नेता तेजबीर सिंह ने बताया कि शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा वाले किसान जैसे कि पिहोवा, अंबाला, कुरुक्षेत्र वाले दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। पंजाब वाले शंभू बॉर्डर पर आएंगे। उन्होंने कहा कि खनौरी वाला रास्ता भी बंद कर दिया गया है। आज हमारा दिल्ली में प्रोग्राम 12 से चार बजे तक है। ऐसे में जो स्टेज से आदेश आए। उसका पालन करना है। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा के सीएम रोज पंजाब में आकर रैलियां करते हैं। किसानों को दिल्ली से जाने रोकने का ये तरीका ठीक नहीं है। उधर, अंबाला पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसानों और बैरिकेडिंग की PHOTOS… किसानों के दिल्ली कूच के पल-पल अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:19 am

अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन आज:सोनीपत से छिप-छिपाकर किसान नेता दिल्ली के लिए रवाना; बॉर्डर पर सख्ती

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ आज मंगलवार को दिल्ली में किसानों का बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है। देशभर से किसान दिल्ली के किसान घाट पहुंच रहे हैं। वहीं सोनीपत जिले में भी आंदोलन को लेकर सोमवार रात से ही हलचल तेज हो गई। कई किसान नेता देर रात अपने घरों से निकलकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस कई नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी, जिसके चलते कई नेता पहले ही घर छोड़कर निकल गए। वहीं हरियाणा में दिल्ली बॉर्डर पर भी पुलिस ने सख्ती की है और बॉर्डर पर वाहन चालकों से पूछताछ के बाद ही जाने दिया जा रहा है। किसानों को भी रोका जा रहा है। दिल्ली कूच के लिए रात से ही तैयारियां शुरू किसान संगठनों के अनुसार, दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सोनीपत समेत हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसान देर रात और मंगलवार तड़के ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। किसान नेताओं का कहना है कि किसी भी स्थिति में वे किसान घाट पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। इन मुद्दों को लेकर हो रहा है आंदोलन किसानों का कहना है कि अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील से देश के किसानों के हित प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में मुश्किलें आएगी। साथ ही किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का भी किसान संगठन विरोध कर रहे हैं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। हिरासत की कोशिश का आरोप दिल्ली कूच से पहले सोनीपत में पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की गई। इसी आशंका के चलते कई नेता रविवार रात से ही अपने घरों से निकल गए और सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। गोहाना में भी हुआ था हाईवे जाम दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सोमवार को गोहाना के गांव रूखी चौक पर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और अन्य किसान संगठनों ने रोहतक-पानीपत हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। किसानों ने अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील और गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में किसानों ने दिल्ली कूच की तैयारियों को देखते हुए जाम समाप्त कर दिया। दिल्ली के प्रदर्शन पर सभी की नजरें आज दिल्ली में होने वाले किसान प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसान संगठनों ने बड़ी संख्या में किसानों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। वहीं सरकार और पुलिस की रणनीति पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:36 am

सोनीपत में किसानों ने रोहतक-पानीपत हाईवे जाम किया:भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन, चढ़ूनी की गिरफ्तारी पर भड़के; बाद में रोड से हटे

सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में रविवार को किसान संगठनों ने अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। किसानों ने गांव रूखी चौक के पास रोहतक-पानीपत हाईवे पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में किसान नेताओं ने 21 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित महाप्रदर्शन की तैयारियों का हवाला देते हुए जाम समाप्त कर दिया और सभी किसानों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। गांव रूखी चौक पर किसानों ने लगाया जाम भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) और अन्य किसान संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान गांव रूखी चौक पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने रोहतक-पानीपत हाईवे पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील का विरोध किसानों ने कहा कि अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते से कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। इसी मुद्दे को लेकर देशभर के किसान 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। गुरनाम चढ़ूनी की गिरफ्तारी पर जताया रोष प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चढ़ूनी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। हाईवे पर भारी पुलिस बल रहा तैनात किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव रूखी चौक और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी और कानून-व्यवस्था कायम रखी। दिल्ली कूच की तैयारी के चलते खोला जाम कुछ समय तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसान नेताओं ने घोषणा की कि 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले बड़े आंदोलन की तैयारियों को देखते हुए फिलहाल हाईवे जाम खत्म किया जा रहा है। इसके बाद किसानों ने सड़क खाली कर दी और यातायात सामान्य दिखा। दिल्ली आंदोलन में शामिल होने का किया आह्वान किसान नेताओं ने प्रदेशभर के किसानों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर किसान घाट पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि फ्री ट्रेड डील और किसान नेताओं पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना जरूरी है। सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें गोहाना में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब किसानों की नजरें 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले आंदोलन और सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज करने के संकेत भी किसान नेताओं ने दिए हैं।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 6:27 pm

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता

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देशबन्धु 2 Apr 2026 3:35 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am