भू-राजनीति और वैश्विक महाशक्तियों के बीच वर्चस्व की जंग में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं को हैरान कर दिया है। प्रतिष्ठित वैश्विक सर्वे एजेंसी 'प्यू रिसर्च सेंटर' (Pew Research Center) द्वारा साल 2026 की शुरुआत में किए गए एक व्यापक वैश्विक सर्वेक्षण के परिणाम सामने आए हैं। इस वैश्विक सर्वे के रणनीतिक आंकड़े यह साफ गवाही दे रहे हैं कि दुनिया भर के कई प्रमुख देशों में अब अमेरिका के मुकाबले चीन की छवि कहीं अधिक सकारात्मक और मजबूत होकर उभरी है। अंतरराष्ट्रीय मामलों में सबसे बड़ा उलटफेर तब देखा गया जब वैश्विक नेतृत्व और निर्णयों पर भरोसे की बात आई, जहां दुनिया के अधिकांश देशों के नागरिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर अधिक विश्वास जताया।36 देशों में 42 हजार से ज्यादा लोगों से बातचीत: 25 देशों में चीन की छवि अमेरिका से बेहतरप्यू रिसर्च सेंटर ने इस व्यापक रिसर्च के लिए 8 फरवरी से 13 मई 2026 के बीच दुनिया के 36 महत्वपूर्ण देशों में रहने वाले 42,151 लोगों से सीधे बातचीत की। साल 2002 से लगातार ऐसे वैश्विक सर्वे कर रही इस संस्था के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब 36 में से 25 देशों के नागरिकों ने अमेरिका की तुलना में चीन के प्रति अपनी राय को कहीं अधिक सकारात्मक और बेहतर बताया है। डेटा विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक पटल पर चीन की सॉफ्ट पावर और रणनीतिक छवि में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है, जबकि इसके विपरीत अमेरिका की वैश्विक स्वीकार्यता के ग्राफ में भारी गिरावट आई है।बदलते वैश्विक समीकरण: अमेरिका के पड़ोसी देश भी चीन के पक्ष में, सिर्फ 6 देश बचे सुपरपावर के साथइस सर्वे में सबसे बड़ा झटका अमेरिका को उसके अपने पड़ोसी मुल्कों से लगा है। कनाडा, मेक्सिको, स्पेन, इंडोनेशिया, इटली और ग्रीस जैसे देशों में चीन के प्रति जनभावनाओं में सबसे बड़ा और सकारात्मक सुधार देखा गया है। अब स्थिति यह है कि कनाडा और मेक्सिको जैसे अमेरिकी सीमा से सटे देश भी अमेरिका से ज्यादा चीन को पसंद कर रहे हैं। पूरे सर्वे में केवल 6 देश ऐसे बचे हैं जो आज भी वैश्विक मंच पर चीन के मुकाबले अमेरिका को बेहतर और सर्वोच्च मानते हैं। इन देशों में भारत, पोलैंड, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, जापान और इजरायल शामिल हैं, जो लंबे समय से वाशिंगटन के रणनीतिक और सैन्य सहयोगी रहे हैं। इसके विपरीत, एशिया-पैसिफिक और विकासशील देशों में चीन की लोकप्रियता रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसमें पाकिस्तान (83%), इंडोनेशिया, मलेशिया, नाइजीरिया और तुर्की सबसे आगे हैं।ट्रंप बनाम शी जिनपिंग: विश्व मामलों में फैसले लेने के मामले में कौन है आगे?जब सर्वे में वैश्विक नागरिकों से यह पूछा गया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में सही कदम उठाने और बेहतर फैसले लेने के मोर्चे पर उन्हें डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग में से किस पर अधिक भरोसा है, तो दोनों ही नेताओं का व्यक्तिगत स्कोर 50 प्रतिशत से नीचे रहा, जो यह दिखाता है कि दुनिया दोनों ही सुपरपावर के प्रमुखों को लेकर संशय में है। इसके बावजूद, व्यक्तिगत तुलना में शी जिनपिंग ने बाजी मार ली। दुनिया के 22 देशों (जिनमें फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा और मेक्सिको शामिल हैं) के लोगों ने ट्रंप के मुकाबले शी जिनपिंग की निर्णय क्षमता पर ज्यादा भरोसा जताया। ट्रंप को सबसे ज्यादा 68% समर्थन फिलीपींस में मिला, जबकि वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में उनका समर्थन गिरकर महज 4% रह गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया में ट्रंप को लेकर राय बेहद चरम पर है (या तो बहुत अच्छी या बहुत खराब), जबकि शी जिनपिंग को लेकर राय उतनी आक्रामक नहीं है।व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आंतरिक हस्तक्षेप का मुद्दा: 75% लोगों ने माना अमेरिका करता है जरूरत से ज्यादा दखलवैश्विक मंच पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Individual Liberty) और मानवाधिकारों का सम्मान करने के मामले में अमेरिका हमेशा से चीन से आगे रहा है और पिछले 10 सालों से प्यू के सर्वे में यह ट्रेंड कायम है। लेकिन 2021 के बाद से यह अंतर भी बहुत तेजी से कम हुआ है। स्वीडन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे विकसित देशों में अब 25 प्रतिशत से भी कम लोग यह मानते हैं कि अमेरिकी सरकार स्वतंत्रता का सम्मान करती है। इसके विपरीत, मेक्सिको जैसे देशों में 35% लोग मानते हैं कि चीन स्वतंत्रता का सम्मान करता है, जबकि अमेरिका के लिए यह आंकड़ा केवल 20% है। वहीं, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने (Foreign Interference) के मामले में आज भी दुनिया अमेरिका को सबसे बड़ा दोषी मानती है; 75% उत्तरदाताओं ने कहा कि अमेरिका दूसरे देशों में बहुत ज्यादा दखल देता है, जबकि चीन के लिए यह राय सिर्फ 45% लोगों की है। इसके अतिरिक्त, प्रसिद्ध 'गैलप सर्वे' (Gallup Survey) में भी इसी तरह के परिणाम सामने आए हैं, जिसके अनुसार वैश्विक नेतृत्व रेटिंग में चीन और अमेरिका के बीच का अंतर पिछले 20 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो वैश्विक महाशक्ति के रूप में बदलते समीकरणों का स्पष्ट संकेत है।
Gold Silver Price Today: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जानिए आज के गोल्ड-सिल्वर और क्रूड ऑयल के ताजा भाव
अमेरिका ईरान के बीच जारी भीषण जंग और हार्मुज स्टेट से तेल की आवाजाही प्रभावित होने से गुरुवार को सोने में गिरावट के साथ ही क्रूड ऑयल और डॉलर में तेजी आई। कमोडिटी बाजार के साथ ही सराफा बाजार में भी सोना लाल निशान में था।
अमेरिका भेजने के नाम पर करोड़ों का खेल! नेपाल के पूर्व डिप्टी PM को मिली 4 साल की जेल
पड़ोसी देश नेपाल से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक खबर सामने आ रही है। नेपाली नागरिकों को अवैध तरीके से अमेरिका भेजने के नाम पर चल रहे करोड़ों रुपये के एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस बड़े घोटाले में काठमांडू जिला अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री और ऊर्जा मंत्री टोप बहादुर रायमाझी को 4 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने साफ किया कि इस संगठित धोखाधड़ी ने नेपाल की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरी ठेस पहुंचाई है।नेपाली नागरिकों को फर्जी भूटानी शरणार्थी बनाकर रच रहे थे साजिशइस पूरे मामले की तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है। दरअसल, यह पूरा रैकेट नेपाली नागरिकों से मोटी रकम वसूल कर उन्हें अमेरिका भेजने का झांसा देता था। इसके लिए आरोपियों ने बकायदा सरकारी सांठगांठ से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन जाली कागजातों के जरिए मूल नेपाली नागरिकों को कागजों पर 'भूटानी शरणार्थी' (Bhutanese Refugees) घोषित कर दिया जाता था, ताकि वे अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे तीसरे देश के पुनर्वास कार्यक्रम का फायदा उठाकर आसानी से वाशिंगटन पहुंच सकें।पूर्व गृहमंत्री समेत 15 से ज्यादा रसूखदार दोषी करारकाठमांडू जिला अदालत के न्यायाधीश तेज बहादुर खड़का की एकल पीठ ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया। पूर्व डिप्टी पीएम टोप बहादुर रायमाझी के अलावा देश के पूर्व गृहमंत्री और नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाल कृष्ण खांड को भी इस साजिश में मददगार होने का दोषी पाया गया है और उन्हें 2 साल जेल की सजा दी गई है। अदालत ने इस पूरे नेटवर्क में शामिल पूर्व गृह सचिव टेक नारायण पांडे और गृहमंत्री के सुरक्षा सलाहकार सहित कुल 15 से ज्यादा आरोपियों को धोखाधड़ी, राज्य के खिलाफ अपराध और संगठित अपराध की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।कैसे हुआ नेपाल के इस सबसे बड़े 'मानव तस्करी' घोटाले का भंडाफोड़?इस महाघोटाले की शुरुआत साल 2023 में तब हुई, जब सैकड़ों पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अमेरिका भेजने के नाम पर उनसे लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए लेकिन उन्हें विदेश नहीं भेजा गया। पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सरकारी तंत्र में बैठे बड़े-बड़े राजनेताओं और नौकरशाहों के नाम सामने आते गए, जिसके बाद पूर्व डिप्टी पीएम रायमाझी कई दिनों तक फरार भी रहे थे। रक्षा और कानून विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया की राजनीति में किसी पूर्व प्रधानमंत्री या उप प्रधानमंत्री स्तर के नेता को मानव तस्करी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले में जेल होना एक नजीर पेश करेगा और इससे नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूती मिलेगी
महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी का आरोप है कि सट्टे से कमाए गए पैसे को पहले कई शेल (फर्जी) कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए घुमाया गया। इसके लिए Foreign Portfolio Investment (FPI), Foreign Direct Investment (FDI) जैसे निवेश माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इसी पैसे को लिस्टेड कंपनियों में लगाया गया। 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc खरीदी गई। अवैध पैसों को दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाया गया। दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने मंगलवार को विकास गर्ग को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी रिमांड मंजूर कर दी। पहले सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, फिर सामने आया नया नेटवर्क प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, शुरुआती जांच महादेव ऐप के जरिए सट्टे से हुई कमाई और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया। इसी दौरान स्काई एक्सचेंज नाम के नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके जरिए महादेव ऐप का पैसा कई निवेश माध्यमों में लगाया जा रहा था। पान्डेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास गर्ग ने हरीशंकर टिबरेवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से महादेव ऐप से कमाए गए पैसे को भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया। दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में बनाई कंपनियां ED एडवोकेट सौरभ पान्डेय ने बताया कि अवैध धन को FDI, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट, सिक्योर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बॉन्ड्स के जरिए खपाया गया। इसके लिए विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर कराईं और उन्हीं के माध्यम से निवेश किया। हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी बताया ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को स्काई एक्सचेंज के कथित संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने स्वीकार किया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने करीब 765.77 करोड़ रुपए गर्ग से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे। यह पैसा कई विदेशी कंपनियों के जरिए घुमाकर भारत लाया गया और बाद में वैध कारोबारी निवेश के रूप में दिखाया गया। EBIX खरीदने में लगाया गया सट्टे का पैसा ईडी का आरोप है कि, इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. को खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग की कंपनी Eraaya Lifespaces Ltd. ने अमेरिका की दिवालिया अदालत (Bankruptcy Court) की प्रक्रिया के जरिए अगस्त 2024 में करीब 1,175 करोड़ रुपए में EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी। EBIX खरीदने के लिए पैसा कहां से आया? ईडी के मुताबिक विकास गर्ग ने पूछताछ में बताया कि EBIX खरीदने के लिए कई स्रोतों से रकम जुटाई गई। 300 करोड़ रुपए Vikas Lifecare Ltd. से करीब 250 करोड़ रुपए Qualified Institutional Placement से करीब 665 करोड़ रुपए Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए विदेशी निवेशकों से जुटाए। ईडी का आरोप है कि FCCBs के जरिए जुटाए गए पूरे 665 करोड़ रुपए वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल ने विदेशी कंपनियों के जरिए भेजे थे। एजेंसी का कहना है कि इसी रकम का बड़ा हिस्सा बाद में EBIX खरीदने में इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड में क्या मिला? ED जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces के QIP एस्क्रो खाते में 248.50 करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों से आए। बाद में यह रकम कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर EBIX अधिग्रहण में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा जून और जुलाई 2024 के दौरान Vikas Lifecare Ltd. से 292.41 करोड़ रुपए EBIX को भेजे गए। कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में इन्हें लोन, एडवांस और निवेश के रूप में दर्ज किया गया। 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच 10 जुलाई को ED ने प्रेस नोट जारी कर संपत्ति अचैटमेंट की जानकारी दी है। ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर 765.77 करोड़ रुपए को अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है। EBIX में Eraaya Lifespaces की 893.03 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी 47.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। कुल अटैचमेंट 940.77 करोड़ रुपए का है। ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए अवैध धन को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए वैध बनाने के लिए तैयार किया गया था। एजेंसी अब विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल, विदेशी निवेश और अन्य आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बयानों में विरोधाभास, इसलिए हुई गिरफ्तारी ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई बार वे पेश हुए, कई बार नहीं आए। पूछताछ के दौरान उनके अलग-अलग बयानों में विरोधाभास मिला और नए साक्ष्य भी सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की पूछताछ आवश्यक मानते हुए दिल्ली में उन्हें गिरफ्तार किया गया। सुनील भंडारी और अमित सारोगी के बयान भी बने सबूत ईडी ने अपने केस में कारोबारी सुनील भंडारी और कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर अमित सारोगी के बयानों का भी हवाला दिया है। एजेंसी के मुताबिक, सुनील भंडारी ने पूछताछ में बताया कि वह कमीशन लेकर FPI, Preferential Allotment और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए सूचीबद्ध कंपनियों में पैसा लगवाता था। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग और हरीशंकर टिंबरेवाल मिलकर शेल कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए सट्टे का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे। कौन है विकास गर्ग विकास गर्ग सिर्फ EBIX के चेयरमैन ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवार से भी संबंध रखते हैं। वह दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और त्रिनगर से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक डॉ. नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। भाजपा के बड़े लीडर्स के साथ उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर है। .,………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… भूपेश बोले- महादेव ऐप भाजपा का 'सट्टा विंग': 450 करोड़ महीने की कमाई, बंदरबांट पर विवाद हुआ, इसलिए 'टॉप बॉस' ने विकास को अरेस्ट करवाया महादेव ऑनलाइन सट्टा केस में आरोपी कारोबारी विकास गर्ग को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। 14 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंपा। स्पेशल कोर्ट ने विकास को 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर हमले तेज करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर बढ़ रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार जहाज को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।
लुधियाना के डाबा थाना इलाके में रात के समय हुई एक्टिवा लूट की वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है। घटना स्टार रोड स्थित वर्मा बर्तन स्टोर के सामने की है। यहां तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट की और उसकी नई एक्टिवा लूटकर फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो CCTV में कैद हो गया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि रात के समय एक युवक लाल शर्ट पहनकर अपनी एक्टिवा सड़क किनारे खड़ी किए हुए था। तभी सामने से एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचते हैं और उसकी एक्टिवा के पास बाइक रोक देते हैं। बाइक रुकते ही पीछे बैठे दोनों बदमाश तुरंत नीचे उतर जाते हैं और युवक पर हमला कर देते हैं। इसके बाद तीनों मिलकर उसके साथ मारपीट करते हैं। धक्का-मुक्की के दौरान युवक पीछे की ओर गिरता है और उसकी एक्टिवा भी जमीन पर गिर जाती है। वीडियो में बदमाशों की आवाज भी सुनाई दे रही है। वे गाली-गलौज करते हुए चिल्लाते हैं- भाग ले... ले जा यार। अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टरों पर कार्रवाई पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा स्थित राइट हैंड नितिश कौशल के खिलाफ FBI ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरदासपुर निवासी नितिश कौशल को जग्गू गैंग को कनाडा में ऑपरेट करने के आरोपों के चलते मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। वहीं, 'ऑपरेशन हार्ड बाल' के तहत पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डॉलर (61.60 करोड़ रुपए ) की संपत्ति सीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश 15 जुलाई को दिए गए। FBI ने 'ऑपरेशन हार्ड बाल' के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप है। उस पर अमेरिका-कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पूरी तरह बेकाबू होता नजर आ रहा है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर कई प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन भीषण हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल में हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बाद पहली बार तेहरान के आसमान में ईरान के मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है। खाड़ी के आसमान में अमेरिकी वायुसेना के जासूसी और रिफ्यूलिंग विमान लगातार चक्कर काट रहे हैं।ईरान के इन प्रमुख शहरों पर गिरे अमेरिकी बमईरानी मीडिया और समाचार एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना की इस हालिया बमबारी ने ईरान के मध्य और पश्चिमी प्रांतों को दहला कर रख दिया है। मुख्य रूप से इन तीन शहरों को निशाना बनाया गया है:खोंदाब (Khondab): ईरान के मध्य मरकजी प्रांत में स्थित खोंदाब शहर के बाहरी इलाके में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दो भीषण हवाई हमले किए हैं। स्थानीय डिप्टी गवर्नर ने भी इन जोरदार धमाकों की पुष्टि की है।खुर्रमबाद (Khorramabad): राजधानी तेहरान से लगभग 490 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित खुर्रमबाद शहर में कम से कम दो बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।बोरुजर्द (Borujerd): पश्चिमी ईरान के इस महत्वपूर्ण शहर के पास भी कई सिलसिलेवार धमाके होने की रिपोर्ट है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में ईरानी सेना की हलचल चरम पर पहुंच गई है।तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव, बाहरी इलाकों में भारी हलचलहमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरानी सेना ने अपनी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। हालांकि, मुख्य तेहरान शहर पर सीधे किसी बमबारी की खबर नहीं है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के बाहरी संवेदनशील सैन्य इलाके परचिन (Parchin) या पाकदाश्त (Pakdasht) के पास हुई संदिग्ध गतिविधियों के कारण ही एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को ट्रिगर किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है।आसमान में ट्रैक हुए अमेरिकी जासूसी और रिफ्यूलिंग विमानइस बड़े सैन्य ऑपरेशन की गवाही पब्लिक फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स (Flight Tracking Apps) भी दे रहे हैं। क्षेत्र के आसमान में अमेरिकी वायुसेना (USAF) के निम्नलिखित आधुनिक विमानों को लगातार उड़ान भरते हुए ट्रैक किया गया है:KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (3 विमान): हवा में ही फाइटर जेट्स को ईंधन (Refueling) देने के लिए।KC-46A पेगासस (2 विमान): अमेरिकी लड़ाकू विमानों की रीच बढ़ाने के लिए तैनात।E-3 सेंट्री (AWACS): आसमान से दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखने वाला एडवांस एयरबर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम।स्टील्थ फाइटर जेट्स का सीक्रेट मिशन: सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैकिंग ऐप्स पर दिखने वाले यह विमान इस बड़े ऑपरेशन का महज एक छोटा सा हिस्सा हैं। असल हमलों को अंजाम देने वाले कई खतरनाक अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट्स (जैसे F-35 या B-2) अपना डेटा शेयर किए बिना (Radar Evading Mode में) इस मिशन को अंजाम दे रहे हैं।ईरान की सख्त चेतावनी: 'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन पीछे भी नहीं हटेंगे'इस भीषण बमबारी के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) का एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। गालीबाफ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा:तेहरान ने कभी भी अपनी तरफ से युद्ध की पहल नहीं की है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने के लिए तैयार है। हमारी कूटनीति और बातचीत की मेज पर मौजूदगी को कोई हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे, यह हमारी सैन्य तैयारियों का ही एक हिस्सा है।ईरानी वार्ताकार ने अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी कि अगर ईरान को वाशिंगटन के साथ हुए पिछले समझौतों से कोई आर्थिक या रणनीतिक लाभ नहीं मिलता है, तो तेहरान के पास उस आपसी सहमति (MoU) और संघर्षविराम का सम्मान करने की कोई मजबूरी नहीं बचेगी।
ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी फिर शुरू
ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सेंटकॉम ने दावा किया है कि नाकाबंदी के बाद दो वाणिज्यिक जहाजों को रोककर उनका रास्ता बदल दिया है
अमेरिका‑ईरान तनाव: पांचवे दिन भी हमले जारी, कई शहरों में धमाके
खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई को पांचवे दिन भी जारी रखा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली तेल टैंकर को निशाना बनाया
पंजाब: अमेरिकी वीजा धोखाधड़ी मामले में ईडी ने जालंधर की अदालत में दाखिल की चार्जशीट
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिकी वीजा धोखाधड़ी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब के जालंधर स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है
ट्रंप के आने से अमेरिका में ट्रक ड्राइवर नहीं, स्किल्ड युवाओं की ज्यादा डिमांड
भास्कर न्यूज | जालंधर करीब 15 साल बाद पंजाब पहुंचे अमेरिका के वरिष्ठ अटॉर्नी डॉ. जसप्रीत सिंह ने कहा कि अमेरिका में रोजगार और इमिग्रेशन का पूरा परिदृश्य बदल चुका है। कानूनी सेवाओं में योगदान के लिए पिछले दिनों उन्हें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की तरफ से मानद (ऑनरेरी) डॉक्ट्रेट से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपनी शिक्षा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय और पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से प्राप्त की है। डॉ. जसप्रीत ने कहा पहले पंजाब के युवा 10वीं-12वीं के बाद विदेश जाकर ट्रक ड्राइविंग को सबसे आसान करियर मानते थे। अब यह ट्रेंड तेजी से खत्म हो रहा है। अमेरिका में अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि प्रमाणित स्किल वाले युवाओं की जरूरत है। डॉ. जसप्रीत सिंह ने कहा कि अमेरिका और कनाडा में पिछले एक साल से रिवर्स माइग्रेशन देखने को मिल रही है। अमेरिका की नई नीतियों के कारण बॉर्डर पार करना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप शाशन साल 2028 तक है इसलिए तब तक वहां की नीतियों में सख्ती बनी रहने की संभावना है, इसलिए विदेश जाने की तैयारी करने वाले युवाओं को पुराने अनुभवों के बजाय वर्तमान हालात को समझकर निर्णय लेना चाहिए। डॉ. जसप्रीत सिंह पिछले 28 वर्षों से अमेरिका में कानूनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में 18 जूनियर वकीलों की टीम काम करती है और उनके 15 हजार से अधिक क्लाइंट हैं। उनका दावा है कि उन्होंने 10 हजार से अधिक लोगों को अमेरिका में स्थायी कानूनी दर्जा दिलाने में मदद की है। वह अमेरिका के 18 प्रमुख गुरुद्वारा साहिबों के कानूनी सलाहकार भी हैं। अमेरिका से आए जसप्रीत सिंह अटॉर्नी ऑफ लॉ। नियमों का सबसे कम उल्लंघन पंजाबी ट्रक ड्राइवरों ने किया, सख्त कार्रवाई से ड्राइवर भी हुए प्रभावित डॉ. जसप्रीत सिंह ने बताया कि अमेरिका में करीब 54 हजार ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस समाप्त किए गए हैं। उन्होंने 30 जून को 300 से अधिक ट्रक ड्राइवरों के साथ बैठक की थी। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के अनुसार पंजाबी ट्रक ड्राइवरों ने नियमों का सबसे कम उल्लंघन किया, लेकिन कार्रवाई का असर उन पर भी पड़ा। इसके चलते अब बड़ी संख्या में पंजाबी ट्रक ड्राइवर उबर, गैस स्टेशन, कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पंजाब में बदलना होगा स्टडी पैटर्न उन्होंने कहा अब केवल सोशल मीडिया या यू ट्यूब देखकर कोई स्किल सीख लेना पर्याप्त नहीं है। अमेरिका में रोजगार के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। पंजाब सरकार, विश्वविद्यालयों और स्कूलों को युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक स्किल्ड बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार रिपेयर वर्क, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, फैक्ट्री ऑपरेशन, कंस्ट्रक्शन, प्लंबिंग, कारपेंट्री, मशीन ऑपरेशन और अन्य तकनीकी ट्रेड आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। पंजाब के राज्यपाल तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ बैठक में भी यही सुझाव रखा कि पंजाब के युवाओं को पारंपरिक सोच से बाहर निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरत के तहत प्रशिक्षित किया जाए।
पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा बैठे राइट हैंड पर FBI ने एक और कार्रवाई की है। जग्गू गैंग को कनाडा में आपरेट कर रहे गुरदासपुर के नितिश कौशल को मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाल दिया है।इसी तरह से आपरेशन हार्ड बाल में नाम आने के बाद पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डालर (61.60 करोड़) की प्रापर्टी सीज करने का आदेश दिया है।दोनों के खिलाफ कार्रवाई के ये आदेश 15 जुलाई को दिए गए हैं। अमेरिकी एजेंसी FBI ने आपरेशन हार्ड बाल में भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन का कथित सरगना है।यूनाइटेड स्टेट और कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथाम्फेटामाइन की तस्करी करने के आरोप में उसे 7 जुलाई 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया में गिरफ्तार किया गया था। अब उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। ब्रिटिश कोलंबिया सरकार उसकी करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टीज को सिविल फॉरफीचर के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश पर हत्या सहित कई केसबता दें कि इसी ऑपरेशन हार्ड बाल के तहत भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश कौशल को FBI ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर मोस्ट वांटेड लिस्ट में डाल दिया है। कौशल भारतीय जेल में बंद जग्गू के सिंडेगेट को कनाडा में संभालता है। उस पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप हैं। FBI ने उसे खतरनाक बताते हुए जानकारी देने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की है। आपरेशन हार्ड बाल में लारेंस, ढांडा और जग्गू की गैंग पर भी कार्रवाईएफबीआई ने आपरेशन हार्ड बाल चलाकर कुल 37 आरोपियों पर कार्रवाई की थी। इसमें गैंगस्टर लारेंस, जग्गू भगवानपुरिया और ढांडा का नेटवर्क भी शामिल हैं। 24 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 10 फरार हैं। यह कार्रवाई US, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इसमें 1 हजार किलो से ज्यादा ड्रग्स, हथियार और नकदी जब्त हुई। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि जेल से ऑपरेट होने वाले ये गैंग भारतीयों को निशाना बना रहे थे।
पंचकूला जिले के कालका में देश बचाओ मोर्चा और किसान संगठनों ने बुधवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों और किसानों ने कालका तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया। मोटरसाइकिल मार्च सेक्टर 30 हुड्डा के समीप गांव सूरजपुर से शुरू हुआ। यह काफिला करनपुर, खेड़ावाली, जटा माजरी और चरनिया से होते हुए कालका तहसील पहुंचा। कालका तहसील कार्यालय पर की नारेबाजी कालका तहसील पहुंचकर किसानों ने ट्रेड डील के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित ट्रेड डील को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी ऐसी ट्रेड डील को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे देश के किसानों, मजदूरों और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचे। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय कृषि, डेयरी क्षेत्र और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है और इससे इन क्षेत्रों को भारी नुकसान होगा। कुलदीप सिंह ने यह भी बताया कि यदि सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया, तो 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर देश बचाओ मोर्चा से बातचीत करना चाहती है, तो संगठन इसके लिए तैयार है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और बढ़ता जा रहा है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को दावा किया कि हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने ...
पानीपत जिले में मालपुर किसान मजदूर यूनियन के सदस्यों ने डाहर टोल प्लाजा पर इकट्ठा होकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। किसानों ने पानीपत के जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्र सरकार से इस व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की गई। इस अवसर पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ जिस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली है, वह छोटे किसानों, व्यापारियों, पशुपालन और पोल्ट्री उद्योगों सहित अन्य छोटे कामगारों को खत्म कर देगा। देश के छोटे किसानों-मजदूरों को खत्म कर देगी ड्रेड डील- सोनू मालपुरिया ने तर्क दिया कि जिस तरह जियो कंपनी ने शुरुआत में मुफ्त सेवाएं देकर अन्य कंपनियों को बाजार से बाहर कर दिया और बाद में कीमतें बढ़ा दीं, उसी तरह यह ट्रेड डील भी देश के छोटे किसानों, मजदूरों, पोल्ट्री और पशुपालन उद्योगों को खत्म कर देगी। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इसके बाद अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में महंगे दामों पर बेचे जाएंगे, जिससे आम गरीब और मध्यम वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यूनियन ने सरकार से इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग की है, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल! अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की फिर शुरू की सख्त नाकेबंदी
पश्चिम एशिया (Middle East) से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। रणनीतिक और भू-राजनीतिक मोर्चे पर बढ़ते गंभीर गतिरोध के बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के प्रमुख बंदरगाहों (Ports) की सख्त सैन्य और आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी है। इस अचानक उठाए गए कदम से पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया है।अमेरिका की कड़ी नाकेबंदी से थमे जहाजों के पहिये, सप्लाई चेन पर बड़ा संकटअमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्रालय के रणनीतिक फैसलों के बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरान के व्यापारिक और तेल निर्यात करने वाले प्रमुख बंदरगाहों की घेराबंदी तेज कर दी है। इस नाकेबंदी का सीधा मकसद ईरान के आर्थिक स्रोतों, विशेष रूप से कच्चे तेल के अवैध निर्यात पर पूरी तरह से नकेल कसना है। हालांकि, इस आक्रामक कदम के कारण ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में तनाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। इससे वैश्विक लॉजिस्टिक्स और वैश्विक सप्लाई चेन के पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लग सकती है आग, भारत पर भी होगा असरस्थानीय और वैश्विक (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो पश्चिम एशिया का यह संकट भारतीय अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर सीधा असर डाल सकता है। ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की आपूर्ति में भारी कमी आने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबे समय तक खिंचा, तो कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। इसका सीधा नतीजा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत भारत के तमाम शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के रूप में देखने को मिल सकता है।आधुनिक एआई सर्च (GEO/AEO) और रक्षा विशेषज्ञों का क्या है बड़ा दावा?जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च ट्रेंड्स) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका का यह कदम पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन को बदलने की एक बड़ी कोशिश है। ईरान ने भी अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में अपनी सैन्य मुस्तैदी बढ़ा दी है और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय देशों की नजरें भी इस गंभीर होते हालात पर टिकी हैं, क्योंकि यह संकट केवल दो देशों का न रहकर वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।शेयर बाजार और गोल्ड मार्केट में मचेगी भारी उथल-पुथलइस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय और वैश्विक शेयर बाजारों (Stock Market) पर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में बाजार में भारी बिकवाली और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, अनिश्चितता के इस माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने (Gold) की तरफ भाग सकते हैं, जिससे सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को फिलहाल बाजार में फूंक-फूंक कर कदम रखने और ग्लोबल अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है।
कैथल में भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप से जुड़े किसानों ने शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। किसान सैकड़ों की संख्या में हनुमान वाटिका में इकट्ठे हुए और केंद्र सरकार द्वारा की जा रही ट्रेड डील के विरोध में मोटरसाइकिल रैली निकाली। किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि किसी भी ऐसी ट्रेड डील को स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे देश के किसानों, मजदूरों और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचे। हनुमान वाटिका से शुरू हुई रैली रैली का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ तथा युवा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र मागो माजरी ने किया। यह मोटरसाइकिल रैली हनुमान वाटिका से शुरू होकर बस स्टैंड, सम्राट मीहिर भोज चौक, विश्वकर्मा चौक, छोटू राम चौक और पिहोवा चौक से होती हुई जिला सचिवालय पहुंची। वहां किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेड डील को तुरंत वापस लेने की मांग की। भाकियू करेगी विरोध उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां देश की खेती, मंडी व्यवस्था और किसानों की आय पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही महंगी खेती, बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलने और प्राकृतिक आपदाओं से परेशान हैं। ऐसे समय में सरकार यदि विदेशी कंपनियों के दबाव में आकर ट्रेड डील करती है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के किसान को होगा। भारतीय किसान यूनियन किसी भी कीमत पर किसान विरोधी नीतियों को लागू नहीं होने देगी। जनआंदोलन करने की चेतावनी दी युवा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र मागो माजरी ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज सुनने के बजाय लगातार किसान विरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान जागरूक है और अपने अधिकारों की रक्षा करना जानता है। यदि सरकार ने समय रहते इस ट्रेड डील को वापस नहीं लिया तो पूरे देश में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। 21 जुलाई को दिल्ली में आंदोलन उन्होंने सभी किसानों, मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले किसान-मजदूर आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं बल्कि देश के हर उस व्यक्ति की है जो खेती, रोजगार और देश की आर्थिक स्वतंत्रता की चिंता करता है। सरकार को तुरंत किसानों के हितों की रक्षा करने वाले निर्णय लेने चाहिए। यदि सरकार ने किसानों की मांगों की अनदेखी जारी रखी तो भारतीय किसान यूनियन पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज करेगी।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन (स्वतंत्रता संग्राम) के भारत बचाओ मोर्चा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें समझौते को रद्द करने की मांग की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कादिर प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि यह समझौता देश के किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों के हितों के प्रतिकूल है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यदि एफटीए को वर्तमान स्वरूप में लागू किया जाता है, तो विदेशी कंपनियों के सस्ते कृषि और औद्योगिक उत्पाद भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर प्रवेश करेंगे। इससे भारतीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और छोटे उद्योगों के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। किसानों के अनुसार, इसका सीधा असर रोजगार, आजीविका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत बचाओ मोर्चा ने सरकार से प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, व्यापारी संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। संगठन ने भारतीय कृषि, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, एमएसएमई और लघु उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीतियां बनाने की भी मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत बचाओ मोर्चा लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने की मांग:जौनपुर में किसान संगठन ने PM के नाम सौंपा ज्ञापन
जौनपुर में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में 'देश बचाओ मोर्चा' ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। संगठन ने इस समझौते को किसानों, खेत मजदूरों और देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा बताया है। जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के पशुपालकों, छोटे व्यापारियों, लघु उद्योगों तथा खाद्य एवं आर्थिक संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। संगठन ने इस समझौते को किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया है और स्पष्ट किया है कि इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। 'देश बचाओ मोर्चा' ने भारत सरकार से इस मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है, ताकि देश के किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मांग की अनदेखी करती है, तो देशभर में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।
अमेरिकी महंगाई घटते ही शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 539 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार
Share Market 15 July : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच अमेरिका में महंगाई घटने से आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में अच्छी बढ़त दिखाई दी। ALSO READ: E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी सुबह 10:48 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 539 अंक उछलकर 77594 के स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंकों की बढ़त के साथ 24200 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार निकल गया। फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग शेयरों के साथ ही ऑटो, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर्स के शेयर भी हरे निशान में दिखाई दिए। चौतरफा तेजी के बीच IT और मेटल सेक्टर में आज सुस्ती दिखाई दी। अमेरिका में कम हुई महंगाई अमेरिका में महंगाई कम होने से भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह उछाल आया। महंगाई दर में कमी से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई। इस वजह से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बन गया और निवेशकों ने खरीदारी में दिलचस्पी दिखाई। क्या है रुपए और कच्चे तेल का हाल? शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 96.10 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। ब्रेट क्रूड 85.74 डॉलर प्रति बैरल तो WTI क्रूड की कीमत 80.09 डॉलर प्रति बैरल हुई। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से मंगलवार को सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77055 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,052 पर बंद हुआ। ALSO READ: होर्मुज पर हमले से सहमा शेयर बाजार, Sensex 561 अंक लुढ़का, Nifty में भी आई गिरावट अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
डूंगरपुर के आर्थोपेडिक डॉक्टर अनिल बनवीर की मंगलवार को अमेरिका से मेक्सिको के बीच क्रूज पर मौत हो गई। वे अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ घूमने के लिए गए थे। क्रूज से दोनों अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। अचानक हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कईं सालों तक डूंगरपुर और सागवाड़ा के सरकारी अस्पताल में मरीजों की सेवाएं दी। रिटायरमेंट के बाद भी वे एक निजी अस्पताल में मरीजों को देखते थे। डॉ. बनवीर की मौत के बाद डूंगरपुर में शोक की लहर है। समुद्र के बीच क्रूज पर हुई मौतडूंगरपुर के जाने माने आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अनिल बनवीर (75) और उनकी पत्नी डॉ. निशा बनवीर दोनों ही 9 जुलाई से घूमने के लिए विदेश गए थे। मंगलवार को वे और उनकी पत्नी दोनों ही क्रूज से अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। समुद्र के बीच में ही उनकी हृदय गति रुक गई। क्रूज पर डॉक्टरों ने जांच भी की, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थीं। रिटायरमेंट के बाद भी निजी अस्पताल में दे रहे थे सेवाएंये खबर डूंगरपुर आई तो चिकित्सा महकमे के साथ ही उनसे इलाज ले रहे मरीजों और लोगों में शोक की लहर छा गई। उन्होंने कई सालों तक डूंगरपुर जिला अस्पताल और फिर सागवाड़ा अस्पताल में मरीजों का इलाज किया। वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भी रहे। 13 साल पहले रिटायरमेंट के बाद भी वे निजी अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। बेटा-बहू भी लंदन में है डॉक्टरउनका बेटा डॉ. सौमित्र बनवीर और बहू डॉ. उपासना बनवीर भी लंदन में डॉक्टर है। जबकि बेटी शौकिता ठाकुर अपने पति कुणाल ठाकुर के साथ कनाडा में रहती है। बेटा और बेटी दोनों के ही विदेशों में होने से उनका अंतिम संस्कार कहा होगा ये अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। डूंगरपुर जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि उनकी मौत से चिकित्सा से जुड़े तमाम लोगों में शोक की लहर है। भारत विकास परिषद तिलक शाखा के अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने भी डॉ. बनवीर के निधन पर शोक जताया है 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थेडॉ. बनवीर ने पोलियो करेक्शन के 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थे। इस कारण कई दिव्यांग फिर चलने फिरने लगे थे। वे आर्थोपेडिक डॉक्टर होने के साथ ही समाजसेवा के कामों में भी जुड़े रहे। वे नारायण सेवा संस्थान, महावीर इंटरनेशनल जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं से भी जुड़े थे। उन्होंने डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा और कई जगहों पर पोलियो करेक्शन के करीब 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन भी किए। इससे जन्मजात चलने फिरने की परेशानी से जूझ रहे लोग फिर से चलने लगे।
अमेरिकी सेना की इराक से पूरी वापसी का ऐलान, 23 साल बाद खत्म होगा सैन्य अभियान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका को इराक में बड़ी संख्या में सैनिक रखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल सुरक्षा सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा, तेल और कारोबार के क्षेत्र में भी मजबूत हो चुके हैं।
वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीति के गलियारों से इस समय की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सीनेटरों ने मंगलवार को रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विवादित विधेयक का एक नया संशोधित संस्करण (Revised Version) पेश किया है। दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा समर्थित इस ऐतिहासिक विधेयक में एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव करते हुए भारत, चीन और रूसी ऊर्जा पर निर्भर अन्य देशों पर लगाए जाने वाले 500 प्रतिशत के विनाशकारी आर्थिक टैरिफ (आयात शुल्क) के खतरे को बेहद कम कर दिया गया है। अमेरिकी प्रशासन और व्हाइट हाउस के इस अप्रत्याशित यू-टर्न से भारतीय व्यापारिक क्षेत्रों और निर्यातकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।दबाव बनाने की रणनीति बरकरार: 500% से घटकर 100% हुआ दंडात्मक शुल्करिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के संयुक्त समर्थन वाले इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य अभी भी मास्को के वित्तीय स्रोतों को सुखाना ही है। इसके तहत क्रेमलिन के शीर्ष अधिकारियों पर कड़े व्यक्तिगत प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर आर्थिक दबाव बनाना जारी रखा गया है ताकि वे रूस से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे समाप्त करें। हालांकि, कूटनीतिक तल्खी और वैश्विक व्यापार चेन के पूरी तरह ध्वस्त होने के डर से अमेरिकी नीति-निर्माताओं ने एकमुश्त 500 प्रतिशत शुल्क लगाने के मूल प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसे ईंधन के शीर्ष पांच खरीदारों के लिए अधिकतम 100 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है।इन देशों को मिलेगी बड़ी राहत: शीर्ष खरीदारों की सूची में भारत-चीन शामिलसीनेट की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों और सहयोगियों के विश्लेषण के अनुसार, रूसी कच्चे तेल के शीर्ष पांच खरीदारों के रूप में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़रबैजान की पहचान की गई है। वहीं, रूसी प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के शीर्ष खरीदारों में चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम का नाम शामिल है। नए विधेयक में किए गए इस ऐतिहासिक संशोधन के बाद भारत जैसे बड़े विकासशील बाजारों पर से अमेरिकी मंदी थोपने का सीधा खतरा टल गया है। यह 100 प्रतिशत का अधिकतम स्लैब उन देशों के लिए एक रणनीतिक बफर की तरह काम करेगा, जो अचानक रूसी तेल को छोड़ पाने में अपनी व्यावहारिक और घरेलू असमर्थता जाहिर कर चुके हैं।यूरोपीय देशों और जापान के लिए विशेष छूट का नया प्रावधानइस संशोधित कानून की एक और सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें उन देशों के लिए एक विशेष कानूनी छूट (Sanction Waiver) का रास्ता साफ किया गया है जो अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से होने वाले कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से भी कम हिस्सा खरीदते हैं। इसके साथ ही शर्त यह भी होगी कि वे देश वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तलाशने के लिए ठोस कदम उठा रहे हों। इस नई रियायत के तहत जापान, फ्रांस, हंगरी और बेल्जियम जैसे अमेरिका के प्रमुख रणनीतिक सहयोगियों को प्रतिबंधों के कड़े दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जा सकता है, जिससे इन देशों को अपनी राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने और घरेलू उद्योगों को चलाने में बड़ी मदद मिलेगी।
ईरान और अमेरिका समझौते के रास्ते से क्यों भटक गए?
अमेरिका और ईरान ने जून में जिस अंतरिम समझौते पर दस्तखत किए थे वह इन देशों के ताजा बैर से खतरे में पड़ गया है। मध्यपूर्व में अब शांति बहाली की प्रक्रिया कहां अटक गई?
अमेरिका ने होर्मुज में फिर की सख्त नौसैनिक नाकाबंदी, ईरान के अहवाज और केश्म द्वीप पर भीषण बमबारी
तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) का भू-राजनीतिक परिदृश्य एक बार फिर बारूद के ढेर पर आकर खड़ा हो गया है। अमेरिकी सेना ने आधिकारिक घोषणा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की सख्त नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू कर दी है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़े इस अप्रत्याशित सैन्य तनाव के कारण दोनों देशों के बीच हुआ नाजुक अंतरिम युद्धविराम समझौता पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में एक पूर्ण विनाशकारी युद्ध छिड़ने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।अहवाज, बुशहर और केश्म द्वीप पर विनाशकारी हवाई हमलेईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के अनुसार, अमेरिका की नई नाकाबंदी की घोषणा के तुरंत बाद ईरान के रणनीतिक रूप से संवेदनशील दक्षिणी शहर अहवाज, तटीय शहर बुशहर और केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी सैन्य सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी तटीय प्रणालियों, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन लॉन्च पैड्स को नष्ट करने के लिए हवाई हमलों की एक और विनाशकारी लहर शुरू की गई है। जवाब में ईरान ने भी बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के पास तीन वाणिज्यिक टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें यूएई (UAE) से जुड़े दो टैंकरों पर हुए हमले में दो नाविकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए हैं।ट्रंप ने बदला फैसला: जहाजों पर 20% टोल लगाने की योजना वापस लीइस बड़े सैन्य घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक यू-टर्न लिया है। इससे पहले ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क (टोल) लगाने की घोषणा की थी। हालांकि, ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि खाड़ी के मित्र देशों, राजाओं और अमीरों के विशेष अनुरोध के बाद उन्होंने इस योजना को वापस ले लिया है। खाड़ी देशों ने टोल के बदले अमेरिका में अरबों डॉलर के प्रत्यक्ष निवेश का वैकल्पिक प्रस्ताव दिया है। ट्रंप के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक उछला ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम $87 प्रति बैरल से गिरकर तत्काल $78 पर आ गया है।होर्मुज पर संप्रभुता की जंग और संकट में वैश्विक शांति वार्ताइस पूरे युद्ध का मुख्य केंद्र बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करना है, जहां से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरिबाबादी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर तेहरान को उसकी वैध संप्रभुता का प्रयोग करने से रोक रहा है। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय ने जॉर्डन और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों को संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताते हुए कूटनीति की अपील की है। वर्तमान में पाकिस्तान के नेतृत्व वाली एक मध्यस्थता टीम युद्धविराम को बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है, क्योंकि यदि अमेरिका-ईरान युद्ध भड़कता है, तो रोम में चल रही इजरायल-लेबनान शांति वार्ता और हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण की पूरी रूपरेखा भी हमेशा के लिए मलबे में तब्दील हो जाएगी।
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे आज होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
Top News 15 July: डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर 20% टैक्स लगाने का फैसला वापस लिया, लेकिन अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी। कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT आज रिपोर्ट सौंप सकती है, ...
वैश्विक कूटनीति और व्यापारिक गलियारों से भारत के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिकी व्हाइट हाउस ने एक ऐसे आक्रामक और सख्त प्रतिबंध विधेयक का समर्थन किया है, जिसके कानून बनने पर रूस से कच्चा तेल (Russian Crude Oil) खरीदना भारत को बेहद भारी पड़ सकता है। इस नए कानून के तहत रूसी तेल की लगातार खरीद को लेकर अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 500 प्रतिशत तक का रिकॉर्ड तोड़ दंडात्मक टैरिफ (Tariff) लगा सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सख्त कानून के पूरी तरह पक्ष में हैं और इसका समर्थन करते हैं।दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम का था प्रस्ताव; भारत और चीन मुख्य निशाने पर'सेंक्शनिंग रशिया एक्ट' (Sanctioning Russia Act) के नाम से जाने जाने वाले इस विवादास्पद विधेयक को दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंटल द्वारा संयुक्त रूप से पेश किया गया था। यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति को असाधारण शक्तियां सौंपता है, जिसके तहत रूस के ऊर्जा क्षेत्र के साथ व्यापार जारी रखने वाले किसी भी देश के आयात (Import) पर 500% तक का टैरिफ थोपा जा सकता है।सीनेटर ग्राहम ने अपने अभियान के दौरान बार-बार तर्क दिया था कि यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए केवल मॉस्को (रूस) पर दबाव बनाना काफी नहीं है, बल्कि उन देशों पर भी नकेल कसनी होगी जो रूस से तेल खरीदकर उसकी आर्थिक रीढ़ को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर भारत और चीन का नाम लेते हुए कहा था कि रूस के कुल तेल, गैस और पेट्रोलियम निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं दोनों देशों में जाता है।17 जून 2026 को छूट खत्म होने से बढ़ा संकट, कानूनी ग्रे जोन में भारतयह स्थिति तब और अधिक जटिल हो गई जब 17 जून 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दी गई अस्थायी छूट (Temporary Waiver) की समय सीमा पूरी तरह समाप्त हो गई। इस छूट के तहत भारत को बिना किसी अमेरिकी प्रतिबंध के डर के रूसी कच्चा तेल खरीदने की आजादी थी। लेकिन अब इस मियाद के खत्म होने के बाद भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक कानूनी 'ग्रे जोन' (Grey Zone) में आ गया है, जहां उस पर कभी भी प्रतिबंधों की तलवार लटक सकती है।भारतीय अर्थव्यवस्था को लग सकता है बड़ा झटका; GDP 0.5% गिरने की आशंकादुनिया भर के बड़े अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने भारत पर यह 500 प्रतिशत का पूरा टैरिफ लागू कर दिया, तो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक तगड़ा झटका लगेगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक:जीडीपी में गिरावट: इस प्रतिबंध के कारण भारत की जीडीपी (GDP) विकास दर में 0.5 प्रतिशत तक की सीधी गिरावट आ सकती है।इन सेक्टर्स पर मार: अमेरिका को भारी मात्रा में निर्यात करने वाले भारतीय क्षेत्र जैसे—फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयां), कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल) और आईटी (IT) सर्विसेज पर इसका सबसे पहला और विनाशकारी असर पड़ेगा।हालांकि, भारत सरकार ने हमेशा की तरह इस बार भी अपना रुख बेहद साफ रखा है कि उसका ऊर्जा आयात विशुद्ध रूप से उसकी राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा और घरेलू जरूरतों से प्रेरित है, इसका किसी भू-राजनीतिक या युद्ध के विचारों से कोई लेना-देना नहीं है।अमेरिकी संसद में बिल को लेकर घमासान; रिपब्लिकन पार्टी में ही विरोधसीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद अमेरिकी सीनेट में इस बिल को एक भावनात्मक गति मिली है, और कई सीनेटर इसे पारित करना दिवंगत सीनेटर को एक श्रद्धांजलि के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, सीनेट माइनॉरिटी व्हिप डिक डर्बिन सहित कुछ डेमोक्रेट्स का मानना है कि इतने बड़े फैसले पर आगे बढ़ने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को केवल व्हाइट हाउस के अधिकारियों के जरिए नहीं, बल्कि खुद सार्वजनिक रूप से आकर इस प्रस्ताव का सीधा समर्थन करना चाहिए।दूसरी तरफ, इस विधेयक को खुद राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दिग्गज रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारत और चीन जैसे वैश्विक आर्थिक महाशक्तियों पर इस तरह के कठोर आर्थिक दंड लगाने से ग्लोबल सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो जाएगी और दुनिया में एक नई व व्यापक आर्थिक अस्थिरता (Economic Instability) पैदा हो सकती है।
पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में युद्ध की लपटें हर गुजरते दिन के साथ और भीषण होती जा रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को दोबारा पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके साथ ही, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई रणनीतिक और तटीय ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस चौतरफा बारूदी प्रहार से पूरे वैश्विक बाजार और खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है।लगातार चौथे दिन बमबारी: बंदर अब्बास और सीरिक में भारी तबाहीअमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चौथे दिन की सैन्य कार्रवाई में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र और मिसाइल सेंटर्स को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के सबसे प्रमुख 'बंदर अब्बास बंदरगाह' और 'सीरिक' के आसपास के इलाकों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने गए।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस नाकेबंदी को फिर से सक्रिय किया गया है, जो इससे पहले अप्रैल से जून के बीच भी लागू की गई थी। इस समय ईरान की घेराबंदी के लिए पश्चिम एशिया में अमेरिका के 20 से अधिक अत्याधुनिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान तैनात हैं।'ईरान सिर्फ ताकत की भाषा समझता है': पुल और पावर प्लांट उड़ाने की धमकीइस भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा, अगर ईरान तुरंत बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटा, तो अगले सप्ताह से उसके पुलों और बिजली संयंत्रों (पावर ग्रिड) जैसे मुख्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।ट्रंप ने अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, इन लोगों से निपटने का एकमात्र तरीका सिर्फ ताकत है, और असली ताकत सैन्य ताकत होती है। दो दिन पहले हमारे बीच शांति समझौता लगभग तय हो गया था, लेकिन उन्होंने ऐन वक्त पर उसे तोड़ दिया। अब ये हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक मैं खुद यह न कह दूं कि अब काफी है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका इस समय ढील देता है, तो ईरान को अपनी सैन्य क्षमता दोबारा खड़ी करने में कम से कम 20 साल लग जाएंगे।खार्ग द्वीप पर ट्रंप का बड़ा खुलासा: 'तेल के कुओं को 25 गज की दूरी से छोड़ा'ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले और सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र 'खार्ग द्वीप' (Kharg Island) पर हुए हमलों को लेकर ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। ट्रंप ने बताया, जैसा कि आप जानते हैं, हमने खार्ग द्वीप पर पहले ही दो से तीन बार हमला किया है। मैंने सेना को आदेश दिया था कि वहां सब कुछ तबाह कर दो, लेकिन उस छोटे से हिस्से को करीब 25 गज की दूरी तक छोड़ दो। मैं नहीं चाहता था कि तेल का मुख्य सिरा पूरी तरह नष्ट हो जाए, क्योंकि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बेहद गंभीर और विनाशकारी असर पड़ता।ट्रंप का बड़ा यू-टर्न: जहाजों पर 20% सुरक्षा शुल्क का फैसला बदलाइस पूरे तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एक पूर्व घोषित आर्थिक फैसले पर बड़ा यू-टर्न ले लिया है। पहले उन्होंने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों पर 20 प्रतिशत का भारी सुरक्षा शुल्क (Security Tax) लगाने का ऐलान किया था, लेकिन अब उन्होंने इसे पूरी तरह वापस ले लिया है। ट्रंप ने नया रुख अपनाते हुए कहा है कि खाड़ी देशों के राजाओं और सुल्तानों की गुजारिश पर यह टैक्स नहीं वसूला जाएगा। इसकी जगह खाड़ी देश अमेरिका में जो अरबों डॉलर का भारी निवेश (Investment) करने वाले हैं, उसी निवेश को अमेरिका की इस सैन्य सुरक्षा लागत की भरपाई माना जाएगा।पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का मिसाइल हमलाअमेरिका के इन लगातार हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने भी आत्मघाती रुख अख्तियार कर लिया है। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी अल जज़ीरा के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में स्थित 'अज़रक एयरबेस' (Azrak Airbase) पर मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं। इस हमले के बाद पूरे जॉर्डन में सायरन बजने लगे और जॉर्डन का एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए तुरंत सक्रिय हो गया। इस जवाबी हमले के बाद खाड़ी देशों में एक बड़े क्षेत्रीय महायुद्ध का खतरा और ज्यादा वास्तविक हो गया है।
अमेरिका के अटॉर्नी लॉ डॉ. जसप्रीत सम्मानित किए
भास्कर न्यूज | जालंधर मंगलवार को अमेरिका में लॉ फर्म चलाने वाले डॉ. जसप्रीत सिंह अटॉर्नी जालंधर पहुंचे। आदमपुर से आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज पवन टीनू की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया। पवन टीनू ने बताया कि अमेरिका में लॉ फर्म के माध्यम से किस तरह डॉ. जसप्रीत सिंह भारतीय खास कर पंजाबियों को मदद पहुंचा रहे है। पंजाबियों को कानूनी तरीके से वहां पर सैटल करने में डॉ. जसप्रीत का बड़ा योगदान है। उनकी तरफ से मंगलवार को गुरुद्वारा तल्हण साहिब में मरीजों के लिए नई तकनीक की एमआरआई मशीन व अन्य उपकरणों को लेकर भी मदद की है। पवन टीनू ने बताया कि अमेरिका में पॉलिटिशियनों के कानूनी सलाहकार से लेकर यूएसए के 18 बड़े गुरुद्वारा साहिब में भी वह कानूनी सलाहकार है। वह साल 1993 से अमेरिका में रह रहे है और करीब 15 साल बाद पंजाब पहुंचे है। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें कानूनी सेवाओं को लेकर ऑनरेरी डाक्टरेट की उपाधी देकर भी सम्मानित किया गया है। डॉ. जसप्रीत ने बताया कि वह जीएनडीयू, पीयू पटियाला और जगत गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी सहित पंजाब के गवर्नर को मिलकर पंजाब में एजुकेशन सिस्टम में बदलाव लाना चाहते है ताकि हमारे युवा स्किल्ड हो सकें। इस मौके पर मेयर विनीत धीर, सीनियर आप नेता गुरचरण सिंह चन्नी, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह, पूर्व मेयर जगदीश राजा, नितिन कोहली, चरणजीत सिंह, दलजीत सिंह मिन्हास चेयरमैन, जस दयाल सिंह जिला परिषद, अमरीक सिंह, सर्बजीत सिंह हैप्पी, लखबीर सिंह, हरकिरत सिंह निज्जर, विक्की तुलसी पार्षद, राकेश बग्गा, गैरी टुट, बलजीत कुमार, जावेद मौजूद रहे।
लखनऊ में अमेरिका के नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले इंटरनेशनल कॉल सेंटर का साइबर क्राइम टीम ने भंडाफोड़ किया था। उसमें सरगना मुख्य सरगना 25 हजार रुपए के इनामी विनीत वशिष्ठ समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अमेरिकी स्कैमर्स तक पहुंचने के लिए अहम डिजिटल सबूत अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा करेगी। 1 जुलाई 2026 को पुलिस ने लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। ऐसे फंसाए जाते थे अमेरिकी नागरिक जांच में सामने आया कि अमेरिका में बैठे स्कैमर्स पहले अमेरिकी टोल-फ्री नंबर खरीदते थे। इन नंबरों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भारत में बैठे गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराया जाता था। इसके बाद अमेरिकी नागरिकों को बड़ी संख्या में एसएमएस भेजकर शिकायत दर्ज कराने के नाम पर इन्हीं टोल-फ्री नंबरों पर कॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता था। टोल-फ्री नंबर होने के कारण लोग बिना संदेह कॉल करते थे और फिर ठगी का शिकार बन जाते थे। जांच के दौरान पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए कई अमेरिकी टोल-फ्री नंबरों की पहचान कर ली है। अमेरिकी एजेंसियों को भेजी जाएगी जानकारी लखनऊ पुलिस इन टोल-फ्री नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के जरिए से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को भेजेगी। इससे वहां की एजेंसियां संबंधित स्कैमर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकेंगी। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में Somos संस्था टोल-फ्री नंबरों के पंजीकरण और प्रबंधन का काम करती है, जबकि Traceback संस्था संदिग्ध और फर्जी कॉल के स्रोत की टेक्निकल जानकारी जुटाने में मदद करती है। भारतीय एजेंसियों से साझा होने वाले इनपुट के आधार पर अमेरिकी प्राधिकरण आगे की जांच करेंगे। किरायानामा भी जांच के घेरे में विवेचना में कॉल सेंटर का किरायानामा भी बरामद हुआ है। जांच में पता चला कि किरायानामा Solaris Solution के बजाय Xicom Technologies के नाम पर किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस कंपनी का कानूनी स्वामित्व गिरफ्तार आरोपी नायकर जयराज से जुड़ा मिला है। पुलिस अब गिरोह के हवाला नेटवर्क और ठगी की रकम के लेन-देन (मनी ट्रेल) की गहन जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य युद्ध (US-Iran War 2026) थमने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों महाशक्तियों के बीच चल रहे इस खूनी वार-पलटवार के कारण पश्चिम एशिया (West Asia) दहला हुआ है और वर्तमान में इस पूरी जंग की मुख्य जड़ 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण का विवाद बन चुका है. हॉर्मुज जलमार्ग पर बढ़ते हमलों और ब्लॉकेड (नाकेबंदी) के खतरे को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब इस रास्ते का एक अचूक और ऐतिहासिक तोड़ निकालने में जुट गया है.फाइनेंशियल टाइम्स (Financial Times) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई अपने पूर्वी तट (Eastern Coast) पर एक नया डीप वाटर पोर्ट (Deep Water Port) बनाने की भव्य तैयारी कर रहा है. इस नए बंदरगाह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि विदेशी कमर्शियल कंटेनर और कार्गो जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के खतरनाक रास्ते को छुए बिना, गल्फ ऑफ ओमान (Gulf of Oman) के जरिए सीधे यूएई की सीमा में प्रवेश कर सकेंगे.दुबई की दिग्गज कंपनी 'DP World' फुजैराह में रचेगी इतिहासयूएई सरकार अपने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को हकीकत में बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है:फुजैराह (Fujairah) बनेगा नया हब: दुबई की वैश्विक लॉजिस्टिक्स दिग्गज कंपनी DP World फुजैराह में इस नए पोर्ट का निर्माण करेगी. इसके साथ ही फुजैराह में वर्तमान में मौजूद पोर्ट पर एक नया टर्मिनल भी बनाने का मेगा प्लान है.DP World का बैकग्राउंड: साल 2005 में स्थापित हुई डीपी वर्ल्ड कार्गो लॉजिस्टिक्स, पोर्ट ऑपरेशंस, समुद्री सेवाओं और फ्री ट्रेड जोन के संचालन में दुनिया का बड़ा नाम है. यह कंपनी हर साल करीब 7 करोड़ कंटेनरों का संचालन करती है. दुबई का मशहूर 'जेबेल अली' (Jebel Ali) पोर्ट इसका सबसे बड़ा फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है, जहां 11,000 से अधिक कंपनियां व्यापार करती हैं.जेबेल अली पोर्ट पर ईरानी हमलों के बाद लिया गया फैसलाइस साल फरवरी के आखिर में शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध की आग में यूएई भी बुरी तरह झुलस रहा है:अमेरिकी ठिकानों पर हमला: ईरान लगातार अमेरिका से बदला लेने के लिए उन खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं. इसी क्रम में ईरान ने यूएई में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे थे.90% काम प्रभावित: इन हमलों की चपेट में आने से वेस्ट एशिया का सबसे बड़ा और व्यस्ततम कंटेनर पोर्ट 'जेबेल अली' गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे वहां का 90 फीसदी कामकाज ठप पड़ गया. इसी अभूतपूर्व संकट के बाद डीपी वर्ल्ड ने सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों (Alternative Routes) को तलाशना अनिवार्य समझा.कैसा होगा नया प्रोजेक्ट और क्या है इसका पूरा रूट?जैसे कोई समझदार निवेशक बाजार के जोखिम से बचने के लिए अपने एसेट्स को डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, वैसे ही यूएई सरकार भी अपने व्यापारिक जोखिम को कम करने के लिए इस नए रूट पर भारी निवेश कर रही है:18 महीने का टारगेट: रिपोर्ट के अनुसार, यूएई सरकार और डीपी वर्ल्ड के बीच समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और यह नया पोर्ट करीब 18 महीने के भीतर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा.क्या होगा रूट: नया पोर्ट बनने के बाद समुद्री माल सीधे गल्फ ऑफ ओमान के रास्ते फुजैराह पहुंचेगा. वहां जहाजों से कंटेनर उतारकर सड़क मार्ग (Road Network) के जरिए दुबई, अबू धाबी और अन्य खाड़ी देशों (Gulf Countries) तक बेहद सुरक्षित तरीके से पहुंचाए जाएंगे.जेबेल अली का मददगार: डीपी वर्ल्ड ने स्पष्ट किया है कि जेबेल अली पोर्ट पहले की तरह चालू रहेगा, यह नया पोर्ट उसका विकल्प नहीं बल्कि एक मजबूत बैकअप और मददगार के रूप में काम करेगा.सैकड़ों मिलियन डॉलर का बजट; हॉर्मुज का घटेगा लोडहालांकि, सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से डीपी वर्ल्ड ने अभी इस मेगा प्रोजेक्ट के बजट की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन रक्षा और व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना में सैकड़ों मिलियन डॉलर का भारी-भरकम खर्च आएगा. अमेरिका-ईरान की जंग शुरू होने के बाद से ही कंपनी ने फुजैराह और खोर फक्कान (Khor Fakkan) जैसे पूर्वी तट के बंदरगाहों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है. यदि यह नया डीप वाटर पोर्ट पूरी क्षमता के साथ चालू हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर वैश्विक निर्भरता और वहां का लोड काफी हद तक कम हो जाएगा.
यूपी की हर्बल टी की सुगंध पहुंची अमेरिका-यूरोप
Vidur Herbal Tea: ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब जड़ी-बूटियों से तैयार ऑर्गेनिक हर्बल टी के जरिए विदेशों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार से मिल रहे प्रोत्साहन ...
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर पटना से है। पटना की बांकीपुर सीट पर तेजप्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में योग गुरु बाबा रामदेव उर्फ रामकृष्ण यादव के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. तेजप्रताप की कैंडिडेट वीणा का नॉमिनेशन रद्द पटना की बांकीपुर सीट पर तेजप्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द हो गया है। सोमवार को नामांकन दाखिल करने के बाद पटना पुलिस ने उन्हें धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। वीणा मानवी के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी प्रिय किन्नर समेत 10 उम्मीदवारों का नामांकन भी रद्द कर दिया गया है। जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने की जानकारी मिलते ही तेजप्रताप यादव पटना कलेक्ट्रेट पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें 2. चारा घाटाला मामले में राजद सुप्रीमो को राहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट की ओर से लालू यादव की सजा निलंबित किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव को मिली राहत बरकरार रहेगी। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट का यह आदेश करीब 7 साल पुराना है। पूरी खबर पढ़ें 3. सरकार के दावे पर बाहुबली विधायक ने खड़े किए सवाल अपने अंदाज और बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अनंत सिंह ने बिहार सरकार के खजाने और नीतीश कुमार के खास कहे जाने वाले छोटू सिंह को जदयू से निकाले जाने पर प्रतिक्रिया दी है। बिहार सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी एक तरफ दावा कर रहे हैं कि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है। विपक्षी खजाने खाली होने का झूठ बोल रहे हैं। वहीं मोकामा से जदयू के विधायक और बाहुबली अनंत सिंह का कहना है कि नई सरकार बनने के बाद जनता का काम नहीं हो पा रहा है। पूरी खबर पढ़ें 4. 'भरत को गोली मारने वाले पुलिसवालों को फांसी हो' भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच जारी है। मंगलवार को ग्रामीण ललिता देवी और भरत तिवारी के भाई चंदन न्यायिक जांच आयोग कार्यालय पहुंचे। जहां आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा के सामने अपना पक्ष रखा। भाई चंदन ने कहा है कि मैंने जज को बताया है कि सरेंडर करने के बाद भी पुलिस ने मेरे भाई भरत को गोली मार दी। मैंने कहा है कि जल्द से पुलिस वालों को गिरफ्तार करके उन्हें फांसी दी जाए। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें 5. बाबा रामदेव के खिलाफ परिवाद दायर योग गुरु बाबा रामदेव उर्फ रामकृष्ण यादव के खिलाफ मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय में एक परिवाद दायर किया गया है। यह परिवाद हक-ए-हिंदुस्तान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तमन्ना हाशमी ने दायर किया है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 13 जुलाई 2026 की रात बाबा रामदेव का एक बयान टीवी पर प्रसारित हुआ था। इस बयान में उन्होंने कहा था कि मुसलमानों का मूल भी हिंदुओं से है और सबका बाप एक है। परिवादी तमन्ना हाशमी का आरोप है कि इस बयान से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में धार्मिक उन्माद फैलने की आशंका है। पूरी खबर पढ़ें 6. अमेरिका-ईरान जंग में गोपालगंज के युवक की मौत गोपालगंज के युवक की अमेरिका-ईरान जंग के दौरान हुए हमले में मौत हो गई। मृतक की पहचान थावे बाजार के शू कारोबारी संजय गुप्ता के बेटे सोनू कुमार (30) के रूप में हुई है। सोनू गुप्ता मैकेनिकल इंजीनियर थे। वह पिछले 6 सालों से दुबई में एक कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने कोलकाता से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2020 में दुबई स्थित स्कॉर्पियो कंपनी में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे अबू धाबी की प्रतिष्ठित ऊर्जा कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) जॉइन कर लिया। सोनू गुप्ता के साथ हुए हादसे की जानकारी कंपनी के CMD की ओर से उनके परिजनों को दी गई। पूरी खबर पढ़ें 7. ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 3 महिलाओं की मौत, 24 घायल अररिया में मंगलवार सुबह ब्रेक फेल होने से मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पानी भरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में 3 महिलाओं की मौत हो गई जबकि 24 मजदूर घायल हो गए। ट्रैक्टर ट्रॉली में कुल 27 मजदूर सवार थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। सभी धान की रोपनी के लिए जा रहे थे। हादसा भरगामा प्रखंड के सिरसिया हनुमानगंज वार्ड संख्या-14 में हुआ। मृतक महिलाओं की पहचान मीरा देवी, नैना देवी और रंजू देवी के रूप में हुई है। सभी मृतकों की उम्र 35 से 40 साल के बीच थी। पूरी खबर पढ़ें 8. बंटी मर्डर केस में 2 आरोपी गिरफ्तार, सरगना फरार पटना में 6 जुलाई को हुए बंटी यादव अपहरण और हत्या मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौशन कुमार और अजीत कुमार साहनी के रूप में हुई है। सेंट्रल SP ममता कल्याणी ने बताया कि रौशन और अजीत अन्य आरोपियों के साथ वारदात में शामिल थे। दोनों की गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से 3 मोबाइल फोन और 28 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अब तक रोहित, बजरंगी और ऑटो चालक रवि उर्फ चंदू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी रवीश रवीश कुमार उर्फ बीसी अब भी फरार है। पूरी खबर पढ़ें 9. थाने के सामने पत्नी ने पति चप्पल से कर दी पिटाई मुजफ्फरपुर के मोतीपुर थाना के बाहर पति-पत्नी और साले के बीच मारपीट हो गई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। देखा जा सकता है कि महिला अपने पति को चप्पल से पीटती नजर आ रही है। दोनों पक्षों से धक्का-मुक्की हो रही। घूंसे भी चल रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले से पारिवारिक विवाद चल रहा है और मामला फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। इसी विवाद को लेकर सोमवार को मोतीपुर थाना के सामने दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद विवाद मारपीट में बदल गया। पूरी खबर पढ़ें 10. कल मौसम रहेगा सामान्य, उमस से राहत नहीं मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून कमजोर हो गया। इससे बारिश की ज्यादा संभावना नहीं है। कल पूरे बिहार में मौसम सामान्य बना रहेगा। लोगों को उमस भरी गर्मी महसूस होगी। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र ने अररिया और किशनगंज में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
अमेरिका द्वारा हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप लगाए जाने के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा से ही अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आपराधिक नेटवर्क समाज के लिए एक बेहद गंभीर खतरा हैं और इनसे निपटने के लिए भारत-अमेरिका की एजेंसियां सालों से आपसी तालमेल के साथ बेहद मजबूत सहयोग कर रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी कार्रवाई हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं के तहत भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे उसके साथी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के इस बड़े कदम के बाद पूरी दुनिया का ध्यान इस हाई-प्रोफाइल मामले की ओर खिंचा है। भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होता सहयोग रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत-अमेरिका की साझा जंग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही मोर्चों पर भारत और अमेरिका के बीच बेहद मजबूत और प्रभावी सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस दिशा में काफी लंबे समय से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रही हैं। सालों पुराना और गहरा है सुरक्षा एजेंसियों का तालमेल विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की खुफिया और जांच एजेंसियों के बीच का यह नेटवर्क सिर्फ तात्कालिक नहीं है, बल्कि सालों पुराना है। यह सहयोग समय के साथ और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा गहरा होता जा रहा है।
केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसान संगठनों ने आज राज्यव्यापी आंदोलन के तहत विभिन्न टोल प्लाजा को टोल-फ्री कर दिया। इसी कड़ी में, भारतीय किसान यूनियन (BKU) सिद्धूपुर के कार्यकर्ताओं ने पटियाला-राजपुरा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित धरेड़ी जट्टां टोल प्लाजा पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और बैरियर हटाकर वाहनों को बिना किसी शुल्क के जाने दिया। किसानों ने इस दौरान सरकार पर किसानों के साथ किए गए वादे को पूरा न करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि अमेरिका के साथ हो रहे व्यापार समझौते में कृषि उत्पादों को शामिल किया गया तो इसका सड़क पर उतर कर विरोध किया जाएगा। क्योंकि इससे भारती किसानों पर बुरी मार पड़ेगी। 5 घंटे तक चला सांकेतिक प्रदर्शन किसान नेताओं ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक जारी रहा। इस 5 घंटे की अवधि के दौरान, पंजाब के विभिन्न हाईवे और टोल प्लाजा से गुजरने वाले आम वाहन चालकों को बिना कोई टोल टैक्स दिए सीधे निकलने दिया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पहुंचे किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कृषि और किसानों को बर्बाद कर देगी यह डील धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला यह व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र के लिए घातक साबित होगा। इस डील के लागू होने से भारतीय किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार विदेशी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश के अन्नदाता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। आगामी बड़े आंदोलन की चेतावनी किसान जत्थेबंदियों ने स्पष्ट किया कि आज का यह कदम केवल एक सांकेतिक विरोध (Symbolic Protest) था, ताकि सरकार को किसानों की चिंताओं और अधिकारों के प्रति सचेत किया जा सके। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तुरंत नहीं रोका गया और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो पंजाब के सभी किसान संगठन एकजुट होकर आने वाले दिनों में देशव्यापी और बड़े पैमाने पर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
गोपालगंज के युवक की अमेरिका-ईरान जंग के दौरान हुए हमले में मौत हो गई। मृतक की पहचान थावे बाजार के शू कारोबारी संजय गुप्ता के बेटे सोनू कुमार (30) के रूप में हुई है। सोनू गुप्ता मैकेनिकल इंजीनियर थे। वह पिछले 6 सालों से दुबई में एक कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने कोलकाता से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2020 में दुबई स्थित स्कॉर्पियो कंपनी में नौकरी शुरू की थी। बाद में वे अबू धाबी की प्रतिष्ठित ऊर्जा कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) जॉइन कर लिया। सोनू गुप्ता के साथ हुए हादसे की जानकारी कंपनी के CMD की ओर से उनके परिजनों को दी गई। शिप पर आग का गोला गिरा सोनू के साथियों ने परिवार को बताया कि ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया गया था। आग का गोला और मलबा शिप पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से सोनू की मौत हो गई। सोनू के बड़े भाई आलोक ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि सऊदी अरब के होर्मुज समुद्री क्षेत्र में जहाज पर मिसाइल गिरी है। इसी शिप पर सोनू काम करता था। मिसाइल की चपेट में आने से वो गंभीर रूप से घायल हो गया। थोड़ी देरी बाद उसकी मौत हो गई। सोनू के साथी भी हमलों को लेकर परेशान हो रहे हैं। 20 दिन पहले ही छुट्टी बिताकर गए थे दुबई बड़े भाई आलोक ने बताया कि सोनू करीब 20 दिन पहले ही घर पर छुट्टी बिताकर दुबई लौटे थे। हमें यकीन ही नहीं हो रहा है कि वो हम लोगों के बीच में नहीं है। वो बहुत अच्छा भाई था, शांत स्वभाव का था। उसकी मौत के बाद घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। अब देखिए उसकी बॉडी कब तक यहां पहुंचती है। वो कहकर गया था कि जल्द ही वापस आएगा। विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने सोमवार देर रात UAE के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया। हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 6 भारतीय नागरिकों समेत 8 लोग घायल हैं। भारत ने मंगलवार सुबह ईरान के उप राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत ईरानी डिप्लोमेट्स को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने घटना पर गंभीर चिंता जताई और ईरानी मिशन से जवाब मांगा। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र कार्तिक लड्ढा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध प्रस्तुति से जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च में 'बेस्ट रिसर्च' और 'पीपुल्स चॉइस' श्रेणियों में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें दुनियाभर से 90 से ज्यादा शोधपत्रों का ऑनलाइन चयन किया गया था, जहां विभिन्न देशों के मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए। ऑनलाइन माध्यम से पेश किये शोध के निष्कर्षकार्तिक लड्ढा ने फ्लोराइडयुक्त पानी से संबंधित अपने शोध के निष्कर्ष ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत किए। उनके शोध की वैज्ञानिक गुणवत्ता, सामाजिक उपयोगिता और प्रभाव को देखते हुए इसे 2 अलग-अलग श्रेणियों में तीसरे स्थान से सम्मानित किया गया। यह शोध कार्य सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शकीला मुल्ला के मार्गदर्शन में पूरा किया गया था। छात्र कार्ति लड्ढा को दी बधाईइस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही डीन संजय पोरवाल ने छात्र कार्तिक लड्ढा को बधाई दी और उनके बेहतर कार्य की सराहना की। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण बताया है।इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों, विद्यार्थियों और जिलेवासियों ने कार्तिक लड्ढा और उनकी शोध मार्गदर्शक डॉ. शकीला मुल्ला को बधाई दी, इसे युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी बताया। फ्लोराइडयुक्त पानी पर किया था शोध11-12 जुलाई को हुए इस आयोजन में शोध का विषय झालावाड़ जिले के निकट स्थित मंडावर कस्बे में फ्लोराइड युक्त पेयजल के उपयोग और उसके आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ा था। अध्ययन में फ्लोराइड युक्त पानी के ज्यादा समय तक उपयोग से होने वाले संभावित स्वास्थ्य दुष्प्रभावों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया गया।
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे बुधवार को होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भू-राजनीतिक हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए दावा किया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े मोजतबा खामेनेई अब 90 फीसदी तक खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि ईरान पहले ही अपनी नौसेना, वायुसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और शीर्ष सैन्य कमांडर्स को खो चुका है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता बुरी तरह पंगु हो गई है। हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मोजतबा की गैर-मौजूदगी को लेकर दुनिया भर में कयास लगाए जा रहे थे, और अब अमेरिकी हमलों व उनकी गंभीर चोटों की खबरों के बीच ट्रंप का यह बयान सामने आया है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर आमने-सामने अमेरिका और ईरानदोनों देशों के बीच जारी 60 दिवसीय अंतरिम समझौते का दौर लगभग आधा बीत चुका है, लेकिन स्थायी समाधान की बातचीत के बजाय खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोमवार को कई ठिकानों को निशाना बनाने की पुष्टि की, जिसमें रडार केंद्र और एयर डिफेंस उपकरण शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका के इन तमाम दावों को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह उनके नियंत्रण में है और वे किसी भी बाहरी सैन्य दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे।ट्रंप का एलान: होर्मुज में ईरान पर लागू होगी सख्त नाकेबंदीइस तनावपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए एलान किया है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी फिर से लागू करने जा रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सुरक्षित नौवहन व व्यापार के लिए वहां से गुजरने वाले अन्य वाणिज्यिक जहाजों पर 20 फीसदी तक का शुल्क या टैक्स लगाया जाएगा। इस नए घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियों के बीच युद्ध फिर से भड़कने की आशंकाएं काफी गहरी हो गई हैं।
नेपाल सीमा पर सोनौली बॉर्डर से एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेज के गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने समुद्री रास्ते से भारत आने का दावा किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।
पंचकूला सेक्टर-26 स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर नकदी और कीमती सामान चोरी कर ले गए। परिवार अमेरिका में अपनी बेटी से मिलने गया हुआ था। घर की देखरेख की जिम्मेदारी रिश्तेदार को सौंपी गई थी। रिश्तेदार ने घर का टूटा ताला देखकर परिवार को चोरी की सूचना दी। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-26 के कुलदीप सिंह ने बताया कि वह BEL कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी पिछले 8 वर्षों से अमेरिका में नौकरी कर रही है। 11 मई 2026 को वह पत्नी और बेटे के साथ अमेरिका बेटी से मिलने चले गए थे। दूसरी बेटी 6 जून को भी अमेरिका पहुंच गई। घर की सुरक्षा और देखरेख के लिए मकान की चाबियां अपने बड़े साले उदयवीर सिंह को सौंप दी थीं। मुख्य गेट का टूटा मिला ताला उनके रिश्तेदार उदयवीर सिंह ने फोन कर बताया कि मकान का मुख्य ताला टूटा हुआ है। घर के दोनों कमरों की अलमारियां खुली पड़ी हैं और उनमें रखा सामान बिखरा हुआ है। स्टोर में रखी अलमारी भी खुली मिली। परिवार अमेरिका में होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि क्या-क्या सामान चोरी हुआ है। जब पूरे घर की जांच की गई, तो नकदी और अन्य कीमती सामान गायब मिला। चोर घर से करीब 1 लाख रुपए नकद, 5 साड़ियां, 2 सूट, एक लाख रुपए की कीमत वाले ब्नांडेड शूज 5 जोड़ी चोर ले गए। वहीं चोरी के समय महिला भी साथ थी, क्योंकि एक जोड़ी महिला की चप्पल घर में मिली हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पंचकूला के चंडीमंदिर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। जांच में चोरी की पुष्टि होने पर चंडीमंदिर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य हमलों और गंभीर भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर देखने को मिल रहा है. खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की चिंगारी भड़कने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उबाल आया है, वहीं इसने सोने पर चौतरफा दबाव बना दिया है.नतीजतन, घरेलू बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है. राजधानी दिल्ली में पिछले दो दिनों के भीतर 24 कैरेट वाला 10 ग्राम सोना ₹1,430 और 22 कैरेट वाला सोना ₹1,310 तक सस्ता हो चुका है. आइए जानते हैं आज 14 जुलाई 2026 को देश के 10 बड़े शहरों में 18K, 22K और 24K शुद्धता वाले सोने और चांदी का ताजा भाव क्या है.देश के 10 बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेट (Gold Rate Today)भारतीय सर्राफा बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज 10 ग्राम सोने की कीमतें ऊपरी स्तरों से फिसलकर नीचे आई हैं. देश के प्रमुख शहरों में प्रति 10 ग्राम का ताजा भाव निम्नलिखित है:शहर24 कैरेट (₹/10 ग्राम)22 कैरेट (₹/10 ग्राम)18 कैरेट (₹/10 ग्राम)दिल्ली (Delhi)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320मुंबई (Mumbai)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170कोलकाता (Kolkata)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170चेन्नई (Chennai)₹1,43,990₹1,31,990₹1,10,190बेंगलुरू (Bengaluru)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170हैदराबाद (Hyderabad)₹1,42,900₹1,30,990₹1,07,170लखनऊ (Lucknow)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320जयपुर (Jaipur)₹1,43,050₹1,31,140₹1,07,320पटना (Patna)₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,42,950₹1,31,040₹1,07,220चांदी की चमक भी पड़ी फीकी; चेन्नई में सबसे महंगी (Silver Price Today)भू-राजनीतिक तनाव के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों (Industries) की तरफ से मांग में आई सुस्ती ने चांदी की कीमतों को भी प्रभावित किया है. दो दिनों की स्थिरता के बाद आज चांदी के भाव नीचे आ गए हैं और इसमें प्रति किलोग्राम ₹100 की गिरावट दर्ज की गई है.दिल्ली, मुंबई और कोलकाता: इन तीनों महानगरों में आज एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,34,900 के भाव पर बिक रही है.चेन्नई में सबसे महंगी चांदी: दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में आज एक किलो चांदी का भाव ₹2,39,900 है, जो देश के चारों बड़े महानगरों में सबसे अधिक है.कच्चे तेल में उबाल से क्यों सस्ता हो रहा है सोना?वैश्विक स्तर पर जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, तब तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ते हैं. क्रूड महंगा होने से दुनिया भर में केंद्रीय बैंकों (जैसे अमेरिकी फेड) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो जाती है क्योंकि महंगाई बढ़ने का खतरा होता है. जब ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद होती है, तो बड़े निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली सुरक्षित संपत्तियों से मुनाफावसूली (Profit Booking) करके डॉलर या सरकारी बॉन्ड की तरफ रुख करते हैं. यही कारण है कि कच्चे तेल की तेजी के बीच सोने-चांदी के भाव में लगातार सुधार (Correction) देखने को मिल रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच भड़की युद्ध (US-Iran War 2026) की चिंगारी अब एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल चुकी है. दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन भी विनाशकारी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं. इस भीषण सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक (Geopolitical) और ऊर्जा बाजार के समीकरणों को हिलाकर रख दिया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ एलान कर दिया है कि अमेरिकी सेना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में लेने जा रही है.फॉक्स न्यूज पर ट्रंप की कड़क चेतावनी: जहाजों से लेंगे सुरक्षा शुल्कअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज' (Fox News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ईरान को सीधी चुनौती देते हुए कहा:जलडमरूमध्य पर होगा अमेरिकी नियंत्रण: हम हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी और इसका पूरा नियंत्रण अपने हाथों में ले रहे हैं. हम हर हाल में इस अंतरराष्ट्रीय मार्ग की रक्षा करेंगे.सुरक्षा टैक्स वसूलने की तैयारी: ट्रंप ने खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की तरफ इशारा करते हुए एक और बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों और तेल के सुपरटैंकरों से सुरक्षा के बदले विशेष शुल्क (Protection Fee) भी वसूला जा सकता है.ईरान ने पीठ में घोंपा छुरा: ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौता लगभग तय हो चुका था, लेकिन ईरान ने अचानक ड्रोन हमला करके उस समझौते की मर्यादा को पूरी तरह तोड़ दिया.ईरान का खाड़ी देशों पर हमला; अमेरिका ने तबाह किए तटीय ठिकानेदोनों महाशक्तियों के बीच छिड़ी इस जंग में खाड़ी के अन्य देश भी अनजाने में लपेटे में आ रहे हैं:ईरान का दावा: ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके साथ ही ओमान के रडार सिस्टम और जॉर्डन के 'प्रिंस हसन एयर बेस' के गोला-बारूद डिपो पर भी मिसाइलें दागी गई हैं. हालांकि, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा है कि उनके अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के अधिकांश खतरों को हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया.अमेरिका का महा-पलटवार: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घातक लड़ाकू विमानों, नौसैनिक युद्धपोतों और ड्रोनों के जरिए ईरान के भीतर घुसकर बमबारी की है. इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल लॉन्च पैड और उनकी लड़ाकू छोटी नौकाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाहाकार; कच्चे तेल की कीमतों में 5% की उछालदुनिया भर के कुल कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा अकेले हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है.तेल संकट का डर: ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उनकी नौसेना ने इस रूट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें जबरन रोक दिया. वहीं अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी नौसैनिक सुरक्षा के साए में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अभी भी चालू है.बाजार में तेजी: इस सैन्य गतिरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है, जिससे ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम एक समय में 5% तक उछल गए और बाद में यह 3.5% की बढ़त पर टिका रहा. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के दामों में भी भारी तेजी देखी जा रही है.बैकचैनल कूटनीति सक्रिय; क्या टल जाएगा महायुद्ध?जमीन और समंदर पर बरसती मिसाइलों के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक राहत भरी खबर भी आ रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि वे युद्ध को और अधिक भड़कने से रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर ही शांति के प्रयासों को कमजोर करने का ठीकरा फोड़ा है. अब देखना यह होगा कि कतर और ओमान की यह बैकचैनल कूटनीति इस नाजुक मोड़ पर युद्ध को रोक पाती है या नहीं.
सैमायरा मेहता ने अमेरिका के नेशनल स्पीच एंड डिबेट टूर्नामेंट में हासिल किया दूसरा स्थान
सैमायरा मेहता ने अमेरिका के प्रतिष्ठित नेशनल स्पीच एंड डिबेट टूर्नामेंट की ‘ओरिजिनल ऑरेटरी’ श्रेणी में पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। भारतीय मूल की सैमायरा के दादा उदयपुर में रहते हैं। बहुमुखी प्रतिभा की धनी सैमायरा बचपन से ही कोडिंग, एआई (AI) शोध और वक्तृत्व में सक्रिय रही हैं। उन्होंने बच्चों के लिए ‘कोडरबनीज’ कोडिंग गेम बनाया है और वे ‘थ्री एम यंग साइंटिस्ट चैलेंज’ की फाइनलिस्ट भी रही हैं। एआई हेल्थकेयर शोध में योगदान देने वाली सैमायरा अब जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और कंप्यूटेशनल मेडिसिन की उच्च शिक्षा लेंगी। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से मेवाड़ सहित पूरा देश गौरवान्वित है।
अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू करेगा और अब से खुद को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संरक्षक' के रूप में ...
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
ट्रंप का धमाका: अमेरिका बना 'होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने अमेरिका को 'होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक' बताया। साथ ही यहां से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूलने की बात कही
ईरान-अमेरिका के बीच ताजा हमलों ने खाड़ी देशों की चिंता फिर से बढ़ा दी है। कुवैत ने सोमवार को कहा कि उसकी सेना एयरस्पेस में ईरानी हवाई हमलों का सामना कर रही है। वहीं, बहरीन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, देश में सायरन बजा दिया गया है और लोगों से सबसे पास की सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की गई है। जॉर्डन ने भी कई ड्रोन को हवा में नष्ट करने का दावा किया।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने से सोने और चाँदी की कीमतों में गिरावट
मुंबई, अमेरिका-ईरान में संघर्ष बढ़ने से सोने और चांदी में सोमवार को बिकवाली देखने को मिली है। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 2 प्रतिशत तक कम हो गया है।
ट्रंप का बड़ा दावा, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह समुद्री मार्ग कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। हालांकि, उनके इस दावे के ठीक उलट धरातल पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हवाई हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रूट पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं।अमेरिका के नए हमलों से बढ़ी तनातनीट्रंप के दावों के बावजूद, पेंटागन ने पुष्टि की है कि होर्मुज के पास ईरान समर्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिकी सेना ने नए हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को सुरक्षित रखना और ईरानी आक्रामकता पर लगाम लगाना बताया गया है। वहीं, तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसे एक 'खतरनाक कदम' करार दिया है। जानकार मानते हैं कि ट्रंप का बयान घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को शांत रखने की एक कोशिश हो सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव गहराता जा रहा है।ग्लोबल सप्लाई चेन पर क्या होगा असर?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह रास्ता है जहाँ से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल की आपूर्ति होती है। यदि अमेरिका और ईरान का यह संघर्ष और आगे बढ़ा, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि वह जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ईरान की ओर से दी गई धमकियां वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। तेल के दामों में होने वाली कोई भी बढ़ोत्तरी भारत सहित दुनिया भर के उन देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी खाड़ी मार्ग पर निर्भर हैं।निवेशकों और आम आदमी के लिए क्या है संकेत?वर्तमान में होर्मुज के आसपास की स्थिति 'हाई अलर्ट' पर है। जहां एक ओर अमेरिका सैन्य शक्ति के दम पर रास्ते को सुरक्षित करने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान की आक्रामक नीति ने पूरे इलाके को एक बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों और कमोडिटी बाजार में आने वाली हलचल पर नजर रखें। आम आदमी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन हवाई हमलों का असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आता है, क्योंकि खाड़ी के देशों में अस्थिरता का सीधा कनेक्शन आम जनता की जेब से जुड़ा होता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर भड़का युद्ध! अमेरिका-ईरान के बीच सीधी भिड़ंत से खाड़ी देशों में खलबली
दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर एक बार फिर तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर फिर से हवाई हमले किए हैं, जिससे मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब खाड़ी देशों की सीमाओं तक पहुंच गया है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और भू-राजनीतिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, अब सीधे तौर पर युद्ध क्षेत्र में बदलता नजर आ रहा है।क्यों बढ़ रहा है होर्मुज पर तनाव?ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा शीतयुद्ध अब खुले संघर्ष में बदल चुका है। ताजा हमलों के पीछे अमेरिकी सेना का तर्क है कि ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी संपत्ति और नौसैनिक बेड़ों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। वहीं, तेहरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार देते हुए कड़े जवाब की चेतावनी दी है। यह पूरा क्षेत्र न केवल तेल के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ग्लोबल सप्लाई चेन की 'धमनी' माना जाता है। किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ना तय है।खाड़ी देशों के लिए कितना बड़ा खतरा?यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देश इस बढ़ते तनाव को लेकर सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। यदि युद्ध और अधिक फैलता है, तो इन देशों के समुद्री व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से ठप हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर रूस-यूक्रेन युद्ध से भी कहीं ज्यादा घातक होगा। खाड़ी देशों ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा को हाई-अलर्ट पर रखा है और वे लगातार अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के संपर्क में हैं ताकि संघर्ष को फैलने से रोका जा सके।क्या वैश्विक बाजारों में आएगी तेजी?बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच इस सीधी भिड़ंत का असर सीधे तौर पर क्रूड ऑयल के दामों पर दिखेगा। अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं। निवेशकों और आम नागरिकों के लिए आने वाला समय अनिश्चितताओं से भरा हो सकता है, क्योंकि युद्ध की यह आंच अब सीधे खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच चुकी है, जिसका असर हम सभी की जेब पर पड़ेगा।
पानीपत जिले में अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी और युवक की जान जोखिम में डालने का एक मामला सामने आया है। आरोपी ट्रैवल एजेंट ने सीधे हवाई जहाज से अमेरिका भेजने का झांसा देकर पीड़ित परिवार से कुल 20 लाख 75 हजार रुपए ऐंठ लिए, लेकिन युवक को अवैध डंकी रूट से जंगलों और पहाड़ों के रास्ते पैदल चलने पर मजबूर किया। पीड़ित को 11 महीने अमेरिका की जेल में काटना पड़ा, जिसके बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। पानीपत SP के आदेश पर आरोपी एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। 10 दिन में अमेरिका भेजने का दिया था झांसा पुलिस को दी गई शिकायत में समालखा के गांव मनाना निवासी निशांत ने बताया कि एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात पानीपत के सेक्टर-18 निवासी कथित एजेंट नरेश कुमार से हुई थी। नरेश ने निशांत को ऊंचे सपने दिखाए और दावा किया कि वह कोई ऐरा-गैरा एजेंट नहीं है और जंगलों के रास्ते नहीं, बल्कि सीधे 10 दिन के भीतर हवाई जहाज से उसे अमेरिका भेजकर वहां नौकरी, पीआर और लाखों की सैलरी दिलवाएगा। झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने कागजी कार्रवाई के नाम पर अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों से निकालकर कुल ₹20.75 लाख नकद आरोपी को दे दिए। कई सौ किलोमीटर पैदल सफर, रास्ते में मारपीट आरोपी ने 12 जून 2024 को निशांत को थाईलैंड की फ्लाइट में यह कहकर बिठाया कि वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट है, लेकिन थाईलैंड पहुंचने पर पता चला कि उसके पास चाइना और गुयाना का वीजा है। आरोपी के आदमियों ने निशांत को गुयाना से अमेरिका के लिए कई सौ किलोमीटर तक हफ्तों-महीनों पैदल चलने पर मजबूर किया। रास्ते में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, पैसे छीन लिए गए और विरोध करने पर जंगलों में भूखा मारकर फेंकने की धमकी दी गई। मेक्सिको बॉर्डर से दीवार कुदवाई, 11 महीने जेल में रहा 25 अगस्त 2024 को आरोपी के गुर्गों ने सबूत मिटाने के लिए निशांत का फोन छीन लिया और मेक्सिको-अमेरिका बॉर्डर पर दीवार कुदाकर उसे जबरन अमेरिका में घुसा दिया। वहां घुसते ही अमेरिकी पुलिस ने उसे अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। टॉर्चर करने के बाद उसे 11 महीने जेल में रखा गया। इस दौरान भी आरोपी एजेंट ने युवक को जेल से छुड़ाने के नाम पर परिजनों से ₹1.15 लाख और ऐंठ लिए। 5 जुलाई 2025 को अमेरिकी सरकार ने निशांत को डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी भारत लौटने के बाद जब पीड़ित परिवार ने आरोपी नरेश कुमार से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। अब आरोपी पीड़ित और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोपी का कहना है कि वह कई लोगों को रास्ते में ही मरवा चुका है और उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। आरोपी ने पीड़ित के घर बदमाश किस्म के युवकों को भेजकर उल्टा 12 लाख रुपए और देने का दबाव बनाया। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत के साथ बैंक ट्रांजैक्शन के विवरण और एक पेन ड्राइव (पेन ड्राइव में मौजूद रिकॉर्डिंग्स) सौंपी है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला करते हुए 6 राज्यों में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी दिन भी ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी, ईरान-अमेरिका आमने-सामने
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की है
Crude Oil Price 13 July 2026: पश्चिम एशिया (Middle East) में सीजफायर खत्म होने और अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा छिड़े भयंकर युद्ध का सीधा और बड़ा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा है. हफ्ते के पहले दिन आज सोमवार 13 जुलाई 2026 को कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में जोरदार रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिली है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4% से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं.क्रूड ऑयल में आई इस भारी तेजी की मुख्य वजह दुनिया के सबसे रणनीतिक तेल मार्ग— स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ा सैन्य तनाव है. साइप्रस के एक कमर्शियल मर्चेंट शिप पर हुए हमले के बाद भड़के अमेरिका ने ईरान के करीब 140 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है.क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस की कीमतों का ताजा गणितअंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में सोमवार सुबह से ही हाहाकार मचा हुआ है और कीमतें तेजी से ऊपर भाग रही हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक की छलांग लगाकर $79 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहा है. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी इसमें 5.5% की भारी बढ़त दर्ज की गई थी.WTI या US क्रूड वेरिएंट: अमेरिकी क्रूड वेरिएंट वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी तेज बढ़त के साथ $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर निकल गया है.यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स: वीकेंड ब्रेक के बाद खुले यूरोपीय बाजार में नेचुरल गैस फ्यूचर्स (Natural Gas) की कीमतों में भी 2.5% की तेजी देखी गई है.बड़ा सस्पेंस: होर्मुज स्ट्रेट खुला है या पूरी तरह बंद?ग्लोबल एनर्जी सप्लाई (वैश्विक तेल आपूर्ति) का करीब 20% हिस्सा कंट्रोल करने वाले मुख्य जलमार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' को लेकर दोनों देशों के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है:ईरान का दावा: ईरान की सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि यह इंटरनेशनल जलमार्ग अगली सूचना तक पूरी तरह बंद रहेगा और यहां से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी.अमेरिका का खंडन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US Central Command) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— होर्मुज स्ट्रेट उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इस इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं. अमेरिकी सेना यहां नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.रविवार शाम को फिर हुआ हमला: अमेरिकी सेना ने साफ किया कि स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने और उसे सबक सिखाने के लिए रविवार शाम 5 बजे (ईस्टर्न टाइम) हमलों का एक और नया दौर शुरू किया गया है.जमीन पर क्या है हकीकत? ठप हुआ समंदर का ट्रैफिकभले ही अमेरिका दावा कर रहा हो कि मार्ग खुला है, लेकिन युद्ध के खौफ से जहाजों ने इस रूट से दूरी बना ली है. जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) के मुताबिक, रविवार को इस मुख्य चोकपॉइंट से लगभग शून्य ट्रैफिक था. पूरे दिन में सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर इस चोकपॉइंट के पास आते देखे गए. हालांकि, JMIC ने राहत की बात यह बताई कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया जाने वाला दक्षिणी वैकल्पिक रूट (Southern Route) जहाजों के लिए अभी भी खुला हुआ है.फ्रांस G7 समिट का MoU हुआ फेल, ईरान ने दी चेतावनीपिछले महीने फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका और ईरान दोनों ने एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते में युद्ध को रोकने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात शामिल थी. लेकिन हालिया हमलों ने इस शांति समझौते को ठंडे बस्ते में डाल दिया है.इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने शुक्रवार को ही चेतावनी दी थी कि अगर यह तनाव दोबारा भड़कता है, तो साल के आखिर तक वैश्विक तेल के भंडारों को फिर से बनाने (Restocking) की कोशिशों को भारी झटका लगेगा, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है.इधर, ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने वॉशिंगटन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि— अब एकतरफ़ा डील्स का ज़माना पूरी तरह खत्म हो चुका है. अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर किए गए पुराने वादों को प्राथमिकता देनी होगी और ईरान से तेल एक्सपोर्ट (Oil Export) को पूरी तरह नॉर्मल करना होगा, तभी शांति संभव है.
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक भीषण और पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है. सीजफायर (युद्धविराम) की मियाद खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक (Third Round of Airstrikes) शुरू कर दी है.एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके प्रमुख मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स, संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों के करीब मौजूद ठिकानों और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमनध्य (Strait of Hormuz) के पास गश्त लगा रही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कई सैन्य बोट्स और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया है. बता दें कि इससे पहले बुधवार और गुरुवार को भी अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की थी.मुजतबा खामेनेई की पहली हुंकार: पिता के खून का बदला जरूर लूंगाइस भीषण बमबारी के बीच ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दुनिया के नाम अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी किया. उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, मैं अपने दिवंगत पिता के बेगुनाह खून की एक-एक बूंद का बदला जरूर लूंगा. यही हमारे पूरे देश की इच्छा और संकल्प है. ईरान इस अमेरिकी आक्रामकता के आगे घुटने नहीं टेकेगा.ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागे ड्रोन-मिसाइलअमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में रविवार को ईरान की सेना (IRGC) ने भी खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में चौतरफा मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले (Drone Attacks) करने का दावा किया है, जिससे कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं:कुवैत में भारी तबाही का दावा: तेहरान (ईरान की राजधानी) का दावा है कि उसके विस्फोटक ड्रोनों ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Air Defense System), भारी गोला-बारूद के गोदामों और अमेरिकी रडार स्टेशनों को सीधे निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है.बहरीन में बजे एयर रेड सायरन: बहरीन में मौजूद अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर भी ईरानी मिसाइलें गिरने का दावा किया गया है. हमले के बाद बहरीन में आपातकालीन एयर रेड सायरन गूंज उठे और नागरिकों से तुरंत बंकरों व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई.जॉर्डन और कतर पर हमला: आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सैन्य कैंपों की ओर कई घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. दूसरी ओर, कतर की सेना ने बयान जारी कर बताया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रही एक ईरानी मिसाइल को आसमान में ही (Intercept) मार गिराया.यूएई (UAE) में धमाके: संयुक्त अरब अमीरात ने भी पुष्टि की है कि उसका एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाले हवाई खतरों को रोकने में मुस्तैद है, और इस दौरान आसमान में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं.समंदर में भारतीय जहाज पर हमला; 10 नाविक बचाए गए, 1 लापताइस युद्ध की आंच अब अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गई है. ओमान के तट (Oman Coast) के पास से गुजर रहे एक कमर्शियल मर्चेंट शिप 'GFS गैलेक्सी' (GFS Galaxy) पर भीषण हमला हुआ.भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रभावित जहाज पर कुल 11 भारतीय नागरिक (नाविक) सवार थे. राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 10 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 1 भारतीय नाविक अभी भी गहरे समुद्र में लापता है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं. भारत सरकार ने इस मर्चेंट शिप पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है.
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि वेस्ट बैंक में हथियारबंद इजरायली लोगो और इजरायली सैनिकों ने उन्हें और उनके साथ गए दूसरे अमेरिकी नागरिकों को कुछ समय के लिए रोककर रखा। उन्होंने इस घटना की जांच की मांग की है।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी अचल साहिब (जिला गुरदासपुर) द्वारा जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता के नेतृत्व में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक 'भारत बचाओ मोर्चा' द्वारा भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में घोषित देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक के दौरान रणनीति साझा करते हुए बताया गया कि आगामी 15 जुलाई को संगठन द्वारा एक विशाल देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही, उसी दिन गुरदासपुर में मुख्य कृषि अधिकारी के कार्यालय के सामने एक विशेष रोष प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह प्रदर्शन इलाके में यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी के विरोध में आयोजित होगा, ताकि किसानों को आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके। 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर जुटेंगे किसान-मजदूर जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 'भारत बचाओ मोर्चा' के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 21 जुलाई को गुरदासपुर जिले से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली स्थित किसान घाट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का पुरजोर विरोध बैठक को संबोधित करते हुए जिला गुरदासपुर के अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल ने कहा कि संगठन भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का हर स्तर पर कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने इस समझौते को पूरी तरह से किसान और मजदूर विरोधी करार दिया और कहा कि इससे देश के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचेगा। कोर कमेटी के सदस्यों का किया गया सम्मान बैठक के समापन पर संगठन के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं और संघर्ष में योगदान के लिए जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल सहित कोर कमेटी के अन्य प्रमुख सदस्यों को धार्मिक चिन्ह 'सिरोपा' भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय किसान और मजदूर नेता मौजूद रहे।
मथुरा में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील और बिजली विभाग की अव्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। यह निर्णय रविवार दोपहर करीब 2 बजे बलदेव स्थित अवैरनी कैंप कार्यालय पर आयोजित एक बैठक में लिया गया। संगठन ने 14 जुलाई को चीफ इंजीनियर बिजली विभाग कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और 15 जुलाई को गोवर्धन तथा महावन तहसील क्षेत्र में बाइक रैली निकालने का ऐलान किया है। राधेश्याम सिकरवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगरा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर, जिला अध्यक्ष संजय पाराशर और मंडल उपाध्यक्ष हरिपाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों, पशुपालकों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठन ने बताया कि वह गांव-गांव जाकर किसानों को इस डील के संभावित नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा और बाइक रैली के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएगा। प्रदेश महासचिव सतीश, प्रदेश सचिव कुंतभोज, सोनवीर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष ओमवीर और तुलसीदास ने जोर देकर कहा कि सरकार को किसानों की राय लिए बिना ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने इसे देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए भी गंभीर खतरा बताया। बैठक में किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंडल प्रवक्ता गौरव तोमर और जिला उपाध्यक्ष सोनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने बताया कि समय पर बिजली बिल नहीं बनाए जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो 14 जुलाई को चीफ इंजीनियर कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में योगेंद्र सिंह, महावीर सिंह, रामप्रकाश पुजारी, हरिओम सिंह परिहार, कन्हैया, पंचम सिंह, राजू, बच्चू, महेंद्र सिंह, बीरो, शिवकुमार, नरेश, धर्मवीर, प्रीतम, महाराज सिंह, प्रमोद, रामकुमार, रामशरण, छत्रसिंह, भरत, रिशाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिला अध्यक्ष संजय पाराशर ने किया।
अमेरिका के अटॉर्नी जसप्रीत सिंह ने श्री हरमंदर साहिब में टेका माथा
अमृतसर| अमेरिका के अटॉर्नी एट लॉ जसप्रीत सिंह ने परिवार सहित सचखंड श्री हरमंदर साहिब में माथा टेक कर सरबत के भले की अरदास की। इस दौरान जीएनडीयू के वीसी प्रो. डॉ. करमजीत सिंह भी मौजूद रहे। सूचना केंद्र में एसजीपीसी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां व ओएसडी सतबीर सिंह ने जसप्रीत सिंह को हरमंदर साहिब का मॉडल देकर सम्मानित किया। भाई मेहता व वीसी डॉ. करमजीत ने कहा कि जसप्रीत सिंह द्वारा जीएनडीयू में सिख स्टडीज चेयर स्थापित करने में दिया सहयोग रिसर्च को नया आधार देगा।
यमुनानगर के व्यासपुर थाना क्षेत्र में आढ़ती से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल गौरव उर्फ गोलू निवासी ताहरी तारपूर को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। इस केस में आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी गौरव को अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद व्यासपुर थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। गोल्डी बराड़ गैंग का नाम लेकर मांगी थी रंगदारी पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 को व्यासपुर थाना में अनाज मंडी के आढ़ती शिव कुमार ने शिकायत दी थी कि 19 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि उसके परिवार की पूरी जानकारी उनके पास है, यदि पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने 70 से 80 लाख रुपए में समझौता करने की भी बात कही। लगातार फोन कर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हरप्रीत उर्फ मनु और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और बाइक भी बरामद कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर उन स्थानों की भी पहचान कराई गई, जहां बैठकर रंगदारी की योजना बनाई गई थी। एक-एक कर कई आरोपी गिरफ्तार हुए मामले की जांच में पुलिस ने बाद में दीपेश शर्मा, प्रकाश रंजन उर्फ सन्नी (बिहार), युवराज सिंह, सतेंद्र कुमार और गुरमेज सिंह को भी गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ कर कई अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि मुख्य आरोपी गौरव पुलिस से बचकर विदेश भाग गया था। अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तारी पुलिस को हाल ही में इमिग्रेशन ब्यूरो से सूचना मिली कि गौरव उर्फ गोलू को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीन कुमार के नेतृत्व में व्यासपुर थाना की टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची और लुकआउट सर्कुलर के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका पासपोर्ट, अमेरिकी डॉलर, अस्थायी पिन वाला बैंक कार्ड, डेबिट कार्ड, दो बोर्डिंग पास और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया। सभी सामान को कब्जे में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। अब असलम और अन्य साथियों की तलाश पूछताछ के दौरान गौरव ने पुलिस को बताया कि उसे बरेली निवासी असलम ने व्यासपुर बुलाया था। इसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब असलम की तलाश में जुट गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनसे आरोपी लगातार संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी विदेश कैसे भागा, उसके रंगदारी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, फरार आरोपी कौन-कौन हैं, किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
करनाल जिले में बसताड़ा टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में अमेरिका से लौट रहे 79 वर्षीय एनआरआई बुजुर्ग केवल सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतक के परिजन बिजेंद्र सिंह ने बताया कि केवल सिंह अपने बेटे और दामाद के साथ अमेरिका से भारत आए थे और पंजाब के नवांशहर जा रहे थे। वे रात करीब 9 बजे दिल्ली पहुंचे थे। वहां से उन्होंने टैक्सी ली और मुरथल के एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद वे आगे के लिए रवाना हुए और रात करीब 2 बजे बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। CNG भरवाने के दौरान परिवार से हुए अलग परिजनों के अनुसार, टोल के पास गाड़ी में सीएनजी भरवाई जा रही थी। इसी दौरान केवल सिंह बाथरूम के लिए गाड़ी से नीचे उतर गए। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने उन्हें आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर इंतजार करने के बाद परिवार वहां से आगे निकल गया। 6 घंटे बाद लौटने पर मिला शव जब केवल सिंह घर नहीं पहुंचे, तो परिजन करीब छह घंटे बाद दोबारा बसताड़ा पहुंचे। वहां पास के एक पेट्रोल पंप के नजदीक उनका शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज परिजनों ने बताया कि केवल सिंह पिछले काफी समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और अमेरिका में उनका इलाज चल रहा था। इसी बीमारी के कारण वह दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और परिवार से अलग हो गए। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यह बिछड़ना हमेशा के लिए जुदाई बन जाएगा। बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे जांच अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि केवल सिंह अमेरिका में रहते थे और मानसिक रूप से परेशान थे। उनका वहां इलाज भी चल रहा था। वे अपने बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस वाहन से हुआ। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करवाने, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को वापस लेने तथा पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के विरोध में आज पंजाब की दो किसान जत्थेबंदियां, भारतीय किसान यूनियन उगराहां और भारतीय किसान यूनियन डकौंदा (धनेर ग्रुप),चंडीगढ़ में संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इस धरने में शामिल होने के लिए मानसा जिले से बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचे हैं। किसान नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, मख्खन सिंह भैणी बाघा, बलजीत सिंह और जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करना, डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमतों को वापस लेना तथा किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा करना शामिल है। यह प्रदर्शन केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद भारत में डीजल और पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। इससे किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। किसान नेता बोले- ट्रेड लागू होने से नुकसान होगा किसान नेताओं का कहना है कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होती है तो छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को भारी नुकसान होगा। उनका आरोप है कि अमेरिका के उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर बिकेंगे, जिससे देश के स्थानीय व्यापार और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पहले लाई गई लैंड पूलिंग नीति को किसानों के विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। हालांकि, अब सरकार दोबारा इस नीति को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में किसान बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे।
अगर आपके बच्चों की तस्वीरें, बैंक खातों के पासवर्ड और आपकी डिजिटल पहचान एक ही ‘की’ से सुरक्षित हो और वह किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो सब खतरे में पड़ सकता है। कॉमर्शियल एयरलाइन पायलट रेयान पेटिट के साथ ऐसा ही हुआ। विमानन क्षेत्र में काम करने वाले पेटिट जानते हैं कि सुरक्षा के लिए हमेशा कई स्तरों पर बैकअप होता है, पर डिजिटल दुनिया में उनकी सुरक्षा एक कमजोर कड़ी पर टिक गई थी। एक साधारण-सा टेक्स्ट मैसेज आया और उनकी पूरी डिजिटल पहचान उनसे छिन गई। पढ़िए उनकी कहानी और एक्सपर्ट से जानिए किन गलतियों से बचना चाहिए... मुझे गोल्डमैन साक्स एपल कार्ड पर एक संदिग्ध लेन-देन का ‘फ्रॉड अलर्ट’ मैसेज मिला। मैसेज में सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब देने को कहा गया था। सुरक्षा के लिए मैंने ‘ना’ लिखकर भेज दिया। कुछ ही मिनटों बाद कॉल आया। कॉलर आईडी पर एपल कार्ड सपोर्ट का नंबर दिख रहा था। मुझे शक नहीं हुआ, क्योंकि मैसेज भी उसी आधिकारिक i Message थ्रेड में एपल लोगो व ग्रे बबल के साथ आ रहे थे। कॉलर ने कहा कि मेरी पहचान सत्यापित करने के लिए कोड भेजा जा रहा है। जैसे ही कोड बताया, सब कुछ बदल गया। मैंने पहचान पूछी, तो उसने मेरा सोशल सिक्योरिटी नंबर व जन्मतिथि तक बता दी। तब लगा कि मैं ठगी का शिकार हो चुका हूं। आंखों के सामने मेरी पूरी डिजिटल दुनिया बिखरने लगी। मैं देख रहा था कि एपल वॉलेट से कैश एप, वीसा कार्ड और एपल कार्ड एक-एक करके गायब हो रहे थे। हैकर ने मेरे अकाउंट में अपना फोन नंबर जोड़ दिया और मेरा नंबर हटा दिया। कुछ ही देर बाद मैं अपने ही अकाउंट से बाहर हो गया। मेरा आईफोन रीसेट हो गया और बेकार डिवाइस बनकर रह गया। मैं बिना डिजिटल वॉलेट व पैसों के होनोलूलू पहुंचा। किसी तरह लैपटॉप पर वाई-फाई जोड़कर पत्नी को मैसेज किया। उन्होंने मेरे लिए उबर बुक की। एपल स्टोर पहुंचने पर पता चला कि हैकर ने फोन पर एक्टिवेशन लॉक लगा दिया है। पहचान व खरीद के सबूत दिखाने के बावजूद एपल कर्मचारी मदद नहीं कर सके। नुकसान सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं था। हैकर के हाथ मेरी एक लाख से ज्यादा फैमिली फोटो, पासवर्ड और मैसेज हिस्ट्री लग चुकी थी। उसने मेरे निवेश बेचकर नकदी निकाल ली। पत्नी को मेरे नाम पर मैसेज भेजकर हजारों डॉलर ठग लिए। मेरे अकाउंट खाली हो गए। स्मार्टवॉच का डेटा हटा दिया, इससे वह मुझे नहीं पहचान सकी। पुलिस भी मदद नहीं कर सकी।’- रेयान ऑथेंटिकेटर एप रखें साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट केविन मिटनिक सुझाव देते हैं,‘अपने डिजिटल वर्ल्ड की एक ‘मास्टर की’ न रखें। लॉगिन हैक होते ही बैंक, फोटो व डेटा खतरे में पड़ सकते हैं; सभी खाते अलग रखें। हार्डवेयर सिक्योरिटी की या ऑथेंटिकेटर एप इस्तेमाल करें, जिससे पासवर्ड व नंबर लीक होने पर भी अकाउंट सुरक्षित रहता है। कॉलर आईडी पर दिखने वाले नाम या नंबर पर भरोसा न करें। बैंक या संस्थान को कॉल करके जांच कर लें।
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

