पश्चिम एशिया संकट: अमेरिकी एयरलाइंस को डर, 'कच्चे तेल की कीमत पहुंच सकती है 175 डॉलर प्रति बैरल'
पश्चिम एशिया तनाव का असर पूरी दुनिया पर धीरे-धीरे दिखने लगा है। विभिन्न देशों ने ईंधन कटौती के उपाय किए हैं; इस बीच अमेरिका की एक एयरलाइन को आशंका है कि हालात ऐसे ही रहे तो क्रूड की कीमत 175 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते महंगाई की चपेट में आ सकता है चीन: रिपोर्ट
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों से चीन डिफ्लेशन (मंदी जैसी स्थिति) से तो बाहर निकल सकता है
अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की मार्च में जारी हुई रिपोर्ट में RSS पर बैन लगाने की बात कही गई है। भारत के 275 पूर्व जजों, अधिकारियों और सैन्य लोगों ने इसका विरोध किया और कहा कि रिपोर्ट गलत और पक्षपाती है। शनिवार को जारी बयान में इन पूर्व अधिकारियों ने कहा कि यह रिपोर्ट किसी मकसद से बनाई गई है और इसमें ठीक से सोच-समझकर बात नहीं की गई। उनका कहना है कि बिना पक्के सबूतों के भारतीय संस्थाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है। बयान में कहा गया कि RSS जैसे संगठन पर बैन लगाना, उसकी संपत्ति जब्त करना और लोगों के आने-जाने पर रोक लगाना बिल्कुल गलत और बेकार सुझाव हैं। पूर्व अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से कहा कि जो लोग यह रिपोर्ट बना रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ भारत-विरोधी लोग ऐसी रिपोर्ट के जरिए दोनों देशों के बीच भरोसा खराब करना चाहते हैं। USCIRF पर संस्थाओं को गलत तरीके से दिखाने का आरोप पूर्व जजों और अधिकारियों ने बयान में यह भी कहा कि USCIRF बार-बार भारतीय संस्थाओं को बिना पूरी जानकारी के गलत तरीके से दिखाता है, जिससे उसकी निष्पक्षता पर शक होता है। पूर्व अधिकारियों ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां अदालतें और दूसरी संस्थाएं सही तरीके से काम करती हैं। इसलिए धार्मिक आजादी के मामलों को अनदेखा होने की संभावना बहुत कम है। बयान देने वालों में 25 रिटायर्ड जज शामिल इस संयुक्त बयान पर कुल 275 लोगों ने साइन किए हैं। इनमें 25 रिटायर्ड जज, 119 पूर्व सरकारी अधिकारी (जिनमें 10 राजदूत भी हैं) और 131 पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल हैं। इस बयान पर साइन करने वाले प्रमुख लोगों में आदर्श कुमार गोयल, हेमंत गुप्ता, ओपी रावत, सुनील अरोड़ा और कंवल सिब्बल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस पूरे बयान को तैयार करने और जोड़ने का काम भास्वती मुखर्जी और एम. मदन गोपाल ने किया। 2025 में खुफिया एजेंसी RAW पर बैन की मांग की USCIRF ने अपनी 2025 की रिपोर्ट में कहा था कि भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति बिगड़ती जा रहा है और सिख अलगाववादियों की हत्या की साजिश में कथित रूप से शामिल होने की वजह से सीक्रेट एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) पर बैन लगा दिया जाना चाहिए। भारत सरकार ने USCIRF की रिपोर्ट खारिज करते हुए इसे पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित बताया था। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रिपोर्ट तथ्यों को गलत ढंग से पेश करती है। इस आयोग को खुद को चिंता का विषय संस्था घोषित कर देना चाहिए। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी रिपोर्ट- ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने भारत को हराया, पहलगाम अटैक को भी आतंकी हमला नहीं माना एक अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच 4 दिन की लड़ाई (ऑपरेशन सिंदूर) में पाकिस्तान को बड़ी सैन्य कामयाबी मिली थी। इस रिपोर्ट में पहलगाम अटैक को भी आतंकी हमला न मानकर 'विद्रोही हमला' माना गया है। 800 पन्नों की इस रिपोर्ट को यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) ने जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…
ट्रंप का यू-टर्न! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने दिए युद्ध खत्म करने के संकेत
Iran Israel War Update: पश्चिम एशिया की जंग अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां से दुनिया या तो महाविनाश की ओर जाएगी या फिर शांति की ओर। एक तरफ ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर भीषण हमले और हिंद महासागर में अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर ईरानी मिसाइल ...
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। ईद पर अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे, चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा… पहले टॉप 5 खबरें 1. ईद पर इजराइल-अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगेईद के मौके पर जयपुर के आमेर में शिया और सुन्नी मुस्लिम समाज की महिलाएं-बच्चे सड़क पर उतरे। उन्होंने रैली निकालकर अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए। ईरान पर हमले के विरोध में काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज अदा की गई। मस्जिदों पर काले झंडे लगाए गए। पूरी खबर पढ़ें 2. नागौर में आमने-सामने भिड़ी कार, दादा-पोती की मौतनागौर में शादी से पहले मंदिर में धोक देकर लौट रहे परिवार की कार सामने से आ रही स्विफ्ट से भिड़ गई। हादसे में दादा और पोती की मौत हो गई है। दोनों गाड़ियों में सवार 9 लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें 3. कथावाचक बोले- कलयुग में केवल भ्रष्ट लोगों की कीमत बढ़ीजयपुर में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा- सतयुग में भक्तों की कीमत थी। त्रेता युग में भले आदमियों की कीमत बढ़ी। द्वापर में भक्ति की कीमत बढ़ी। कलयुग में केवल भ्रष्ट व्यक्तियों की कीमत बढ़ी है। जो जितना आडंबर कर सकता है, जितना ढोंग-पाखंड कर सकता है, लोग उसे उतना ही श्रेष्ठ समझते हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. जैसलमेर-श्रीगंगानगर में बरसातराजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हुई बारिश-ओलावृष्टि से मौसम ठंडा हो गया है। जैसलमेर और श्रीगंगानगर में शनिवार को भी बरसात हुई। इससे पहले सुबह अलवर सहित कई शहरों में धुंध के कारण विजिबिलिटी 30 मीटर से कम रही। पूरी खबर पढ़ें 5. जयपुर में शाही लवाजमे के साथ निकली गणगौर सवारी राजस्थान में आज जयपुर, जोधपुर, उदयपुर समेत कई जिलों में शाही लवाजमे के साथ गणगौर की सवारी निकाली गई। जयपुर में सवारी से पहले सिटी पैलेस में पूर्व राजपरिवार की महिला सदस्यों ने गणगौर माता की पूजा की। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. बाइक खड़ी करने को लेकर दो पक्ष भिड़े, पथराव कियाडीग जिले के नगर थाना इलाके में रास्ते में बाइक खड़ी करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पथराव किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से 5 लोगों को हिरासत में लिया है। मौके पर पुलिस की टीम तैनात हैं, ताकि दोबारा कोई विवाद न हो। पूरी खबर पढ़ें 7. रणथंभौर में लेपर्ड ने चीतल को गर्दन से दबोचासवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लेपर्ड ने अपने वजन से दोगुने भारी चीतल का शिकार किया। झाड़ियों में घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने चीतल की गर्दन दबोच ली और गुर्रात रहा। लेपर्ड को शिकार करते देख पर्यटक रोमांचित हो उठे। साथ ही लेपर्ड की गुर्राहट सुन सहम भी गए। पूरी खबर पढ़ें 8. आईटी कंपनी के मालिकों का किडनैप, 1 करोड़ मांगेजयपुर में आईटी कंपनी के दो मालिकों का किडनैप कर लिया गया। USDT में इन्वेस्टमेंट के बहाने बुलाकर 6-7 नकाबपोश बदमाश दोनों को कार में डालकर ले गए। बदमाशों ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती भी मांगी। घटना के करीब 11 घंटे बाद बदमाश गलता के जंगलों में छोड़कर फरार हो गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. भूत बनकर सड़कों पर घूमा युवक उदयपुर के भोईवाड़ा में माली समाज की ओर से 'दातन हेला' का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य आकर्षण 'भूत' की डरावनी झांकी रही। झांकी में समाज के एक युवक को भूत का रूप दिया गया। उसे रस्सियों से मजबूती से बांधकर पूरे इलाके में गलियों में घुमाया गया। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. एईएन मुख्य परीक्षा-2024 कल सेRPSC द्वारा सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी MAINS EXAM-2024 का आयोजन 22 और 23 मार्च को दो पारियों में होगा... आयोग ने प्रवेश पत्र अपनी वेबसाइट एवं एसएसओ पोर्टल पर अपलोड कर दिए हैं...
गाजियाबाद के संजय नगर स्थित मोहम्मदी हाल मस्जिद में इस साल ईद की नमाज अदा की गई। इस दौरान कई नमाजियों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामनाई के प्रति समर्थन और जुल्म के विरोध में अपनी आवाज उठाई। नमाजियों ने मानवता, अमन और भाईचारे का संदेश दिया। ईद के अवसर पर नमाजियों ने सादगी का परिचय देते हुए नए कपड़े नहीं पहने। सभी ने साधारण कपड़ों में नमाज अदा की और शांति बनाए रखने की अपील की। लोगों ने कहा कि मुश्किल समय में दिखावे से दूर रहकर एकता और इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए। काली पट्टी बांधकर नमाजियों ने दुनिया में हो रहे जुल्म और हिंसा के खिलाफ अपना विरोध भी जताया। मोहम्मदी हाल के पेश नमाज मौलाना सैयद तफाकुर अल अली जैदी ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद, सभी ने देश में अमन-चैन और शांति के लिए दुआ की। साथ ही, दुनिया में चल रहे तनाव और संघर्षों के समाप्त होने की कामना भी की गई। नमाजियों ने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, इसलिए सभी देशों को शांति और बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। नमाज के दौरान मौजूद लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए इंसानियत और समाज में भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। नमाजियों ने हाथ उठाकर दुआ की कि दुनिया में कहीं भी निर्दोष लोगों पर अत्याचार न हो और हर जगह शांति कायम रहे। इस मौके पर अब्बास हैदर, जफर अब्बास, जीशान हैदर, तौकीर अब्बास, अजहर उल हसन, फैजी सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शांति, एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया और ईद को सादगी के साथ मनाया।
ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध पर कहां खड़े हैं ब्रिक्स देश
मुरली कृष्णन तेहरान ने 11 उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। फिलहाल, भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। ईरान 2024 में इस समूह में शामिल हुआ था। ईरान एक मजबूत और एकजुट रुख अपनाने की मांग कर रहा है, ताकि वह जिसे ‘सैन्य आक्रामकता' कहता है, उसकी निंदा की जा सके। वह चाहता है कि ब्रिक्स समूह क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए। भारत ने अब तक इस संघर्ष में किसी का भी पक्ष लेने से परहेज किया है। उसने संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है। विश्लेषकों का कहना है कि वाशिंगटन (अमेरिका) इसे ईरान के साथ एकजुटता के बजाय एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स के कुछ सदस्य सीधे तौर पर पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात में शामिल हैं। इसकी वजह से चल रहे संघर्ष पर ब्रिक्स का एक साझा और एकमत रुख बनाने में दिक्कत आ रही है।” उन्होंने कहा, ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर, भारत शेरपा चैनल के माध्यम से सदस्य देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा दे रहा है।” उन्होंने इस चैनल का जिक्र करते हुए बताया कि यह सदस्य देशों के बीच बातचीत और तालमेल का मुख्य जरिया है। ब्रिक्स क्या कर सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की उम्मीदों के बावजूद, ब्रिक्स की प्रतिक्रिया देने की क्षमता सीमित है। ब्रिक्स के सदस्य देशों की संख्या बढ़ने से इनके अंदरूनी मतभेद और गहरे हो गए हैं। यूएई और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देश ईरान की भूमिका को लेकर बेहद सतर्क और आशंकित हैं। वहीं, समूह के अन्य देश ऐसा कोई भी रुख अपनाने से बच रहे हैं जिससे यह लगे कि वे अमेरिका के खिलाफ खड़े हैं। स्वतंत्र शोध मंच ‘मांत्रया' की प्रमुख शांथी मैरिएट डीसूजा ने डीडब्ल्यू को बताया, यह गठबंधन बातचीत के एक मंच के तौर पर संभावनाएं रखता है, लेकिन ब्रिक्स से कोई संयुक्त बयान जारी करने की उम्मीद करना शायद अवास्तविक है। किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने की तो बात ही छोड़ दें।” उन्होंने कहा, ऐसा तब हो सकता है जब युद्ध के हालात सदस्य देशों के अपने हितों के लिए असहनीय हो जाएंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यूएई और सऊदी अरब के साथ ईरान की ‘पुरानी और बुनियादी समस्याएं' रही हैं। डीसूजा ने आगे कहा, चूंकि ईरान खुद इस संघर्ष का एक पक्ष है। इसलिए, किसी एक राय या आम सहमति पर पहुंचना मुश्किल है, भले ही ईरान की अधिकांश कार्रवाइयां अमेरिका-इजराइल की आक्रामकता के जवाब में रही हों।” बढ़ रही भारत की दुविधा डीसूजा ने कहा कि ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर, आम सहमति बनाने में भारत की अहम भूमिका है। इससे उसे इस समूह की ओर से बयान जारी करने का अधिकार मिल जाता है। वह बताती हैं, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में, इस तरह के किसी भी कदम का उस चीज पर बहुत कम असर होगा जो अमेरिका और इजराइल, ईरान में हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स एक ‘सैद्धांतिक रुख' भी जाहिर करने में असमर्थ है। अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत रही मीरा शंकर ने डीडब्ल्यू को बताया कि मौजूदा स्थिति में आम सहमति वाले किसी बयान की संभावना कम ही लगती है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स एक जैसी सोच वाले देशों का गठबंधन नहीं है। यह एक ढीला-ढाला समूह है जिसका एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें व्यापार, विकास, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षवाद को मजबूत करना शामिल है।” शंकर ने कहा कि ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर इस गुट के सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान मिलकर काम करना फायदेमंद मानते हैं, भले ही वे दूसरे मुद्दों पर सहमत न हों। भारत का संतुलन बनाने का प्रयास ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष एस। जयशंकर के साथ कई बार फोन पर बात की। इन बातचीत का मकसद स्थिरता के लिए ब्रिक्स को सक्रिय करना और अमेरिका-इजराइल के हमलों की निंदा करना था। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर यूरोपियन स्टडीज के प्रोफेसर गुलशन सचदेवा ने डीडब्ल्यू को बताया, ब्रिक्स की अध्यक्षता होने के बावजूद, नई दिल्ली ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध के मामले में काफी हद तक चुप्पी साधे रखी है। यहां तक कि ब्रिक्स के एक सदस्य देश के राष्ट्राध्यक्ष की हत्या के बाद भी, जो कि साफ तौर पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन था।” उन्होंने कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद होने के साथ-साथ यह फैलता हुआ युद्ध नई दिल्ली को अपनी स्थिति पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारत का ऊर्जा आयात काफी ज्यादा निर्भर है।” उन्होंने इस रणनीतिक जलमार्ग में शिपिंग (जहाजों की आवाजाही) में आ रही बाधा के संदर्भ में यह बात कही। सचदेवा ने इशारा किया कि तेहरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत देना शुरू कर दिया है, लेकिन यह हर मामले में अलग-अलग आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, उसे बदले में कुछ राजनीतिक संकेत मिलने की उम्मीद हो सकती है। सचदेवा ने कहा, ईरान को ब्रिक्स से एक मजबूत बयान की उम्मीद हो सकती है, लेकिन भारत को सऊदी अरब और यूएई जैसे दूसरे क्षेत्रीय सदस्यों की स्थितियों को लेकर भी संतुलन बनाए रखना होगा।” इन दोनों देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं और संघर्ष के दौरान इन पर ईरान ने हमले भी किए हैं। उन्होंने कहा, काफी हद तक, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या वह अपने एक सदस्य (ईरान) पर हुए हमले के खिलाफ समूह को सक्रिय रूप से लामबंद करता है और तनाव कम करने के लिए जोर देता है या फिर वह ऐसे सामान्य औपचारिक बैठकों तक ही सीमित रहता है जिनका कोई खास नतीजा नहीं निकलता।” आपसी हितों के टकराव से बंटा एक गुट इस संकट ने ब्रिक्स के भीतर की गहरी दरारों को उजागर कर दिया है, जिसमें सदस्य देश अलग-अलग खेमों में बंटे हुए हैं। भारत ने विशेष रूप से अमेरिका-इजराइल के हमलों की आलोचना करने से परहेज किया है। पूर्व भारतीय राजनयिक अजय बिसारिया ने डीडब्ल्यू को बताया कि मध्य-पूर्व के संकट ने ‘विस्तारित ब्रिक्स के भीतर के राजनीतिक विरोधाभासों' को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स के सदस्य देश एक सक्रिय सैन्य संघर्ष में एक-दूसरे के आमने-सामने हैं, जिसमें ईरान, सऊदी अरब और यूएई के बुनियादी ढांचों पर हमले कर रहा है। अध्यक्ष के तौर पर भारत ब्रिक्स को एक ‘गैर-पश्चिमी' आर्थिक समूह के रूप में देखता है, न कि एक ‘पश्चिम-विरोधी' सुरक्षा गठबंधन के रूप में।” वह आगे कहते हैं, ब्रिक्स की ओर से एक साझा बयान जारी न कर पाना इस गुट की भू-राजनीतिक सीमाओं को दिखाता है। इससे यह भी पता चलता है कि यह समूह ज्यादातर आर्थिक मुद्दों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर ही ध्यान देता है।” बिसारिया ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर भारत संभावित रूप से एक अधिक सक्रिय और प्रभावशाली रुख अपना सकता है। उन्होंने कहा, भारत एक अध्यक्षीय बयान जारी कर सकता है, जिसमें इस हमले और ब्रिक्स के एक सदस्य देश के साथ चल रहे युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त की जा सकती है। यह समूह ‘बातचीत और कूटनीति' का रास्ता साफ करने के लिए युद्ध को तत्काल रोकने की अपील कर सकता है।” बिसारिया ने कहा कि इससे भी अहम बात यह है कि यह संकट भारत को एक ऐसा मौका भी देता है कि वह शायद ब्रिक्स के दूसरे तटस्थ सदस्यों के साथ मिलकर शांति-दूत की भूमिका निभा सके। डीसूजा का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ब्रिक्स ने इस तरह की चुनौती का सामना किया है। यूक्रेन युद्ध ने पहले ही इस संगठन की आम सहमति बनाने की सीमित क्षमता को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा, आज की दुनिया में, बहुपक्षीय मंचों और क्षेत्रीय संगठनों का देशों की कार्रवाइयों पर नियंत्रण या असर कम होता दिख रहा है।”
ट्रंप प्रशासन को पहला बड़ा झटका तब लगा जब ईरान ने कतर के रास लाफान गैस हब को निशाना बनाया। यह दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादन केंद्रों में से एक है और वैश्विक गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा यहीं से संचालित होता है।
हरियाणा के पानीपत शहर में मनी एक्सचेंजर ऑफिस के बाहर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया है। सोनीपत STF और पानीपत CIA-1 की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पानीपत के चौटाला रोड से गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों का संबंध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है। 14 मार्च की वारदात का खुलासा गौरतलब है कि बदमाशों ने बीती 14 मार्च को पानीपत के व्यस्त एवं पॉश इलाके असंध रोड मॉडल टाउन स्थित अनेजा पेट्रोल के सामने मनी एक्सचेंजर के दफ्तर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों में डर का माहौल था, पुलिस तभी से सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी थी। गैंगस्टर रणदीप मलिक ने रची थी साजिश पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपी सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। कुणाल निवासी गांव रोहणा, कृष्ण निवासी कोट मोहल्ला और संदीप निवासी कबीरपुर के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 20-25 वर्ष है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इन तीनों युवकों को पानीपत के कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक ने उकसाया था, जो फिलहाल अमेरिका में बैठकर अपना गैंग चला रहा है। गैंगस्टर रणदीप ने इन युवकों से संपर्क किया और उन्हें महज कुछ रुपए का लालच देकर इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया। तीनों का ये पहला अपराध पुलिस जांच में सामने आया है कि इन तीनों का पहले का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड (आपराधिक इतिहास) नहीं है। यह उनकी पहली ही वारदात थी, जिसमें वे सीधे एक अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर के संपर्क में आकर अपराध की दुनिया में दाखिल हुए।
जींद जिले के जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर 3 में भारतीय किसान यूनियन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जमीदारा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सिहाग ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विदेशी फसलों से घटेगी स्थानीय उपज की मांग सिहाग ने कहा कि इस डील के तहत अमेरिकी किसानों को भारत के बाजार में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा। यदि विदेशी फसलें सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी, तो भारतीय किसानों की उपज की मांग घटेगी और उनकी फसल बेचना मुश्किल हो जाएगा। इससे किसानों की आय और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। 23 मार्च को पीपली में रैली का ऐलान बैठक में किसानों ने इस समझौते के विरोध में 23 मार्च को पीपली में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एक विशाल जनआक्रोश रैली आयोजित करने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि जब तक सरकार इस समझौते को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कई किसान रहे मौजूद बैठक में जयदीप चहल, विजय नंबरदार, सत्यवान लाठर, राजेश, सुनील सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
जयपुर समेत देशभर में रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को ईद-उल-फित्र की धूम रही। सुबह से ही मुस्लिम बस्तियां ईद की खुशियों में रंग गईं। शहर की हर छोटी-बड़ी मस्जिदों, दरगाहों और ईदगाहों में भक्तिभाव से ईद की नमाज अदा की गई। सुबह साढ़े सात बजे से नमाज शुरू हुई। जामा मस्जिद में साढ़े सात बजे पहली नमाज अदा की गई, जबकि अन्य मस्जिदों में तय समय पर नमाज पढ़ी गई। मुख्य ईद की नमाज सुबह 9 बजे ईदगाह पर हुई, जहां लाखों मुस्लिम भक्तों ने एक साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद मुबारकबाद दी। नमाज से पहले फितरा (ईद का सदका) गरीबों में बांटा गया। लोग कुर्ता-पायजामा, शेरवानी, पठानी सूट और खान सूट पहनकर मस्जिद पहुंचे। खासकर छोटे बच्चों की चहल-पहल और खुशियां पूरे शहर में छाई रहीं। ईद के मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ईदगाह, चौक जामा मस्जिद, चक शिया जामा मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस और आरएफ की भारी तैनाती रही। पुलिस टीमों ने ड्रोन से हवाई निगरानी की और कई जगहों पर फ्लैग मार्च भी निकाला गया। अमेरिका-ईजरायल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर शिया समुदाय ने किया विरोध अमेरिका-इजरायल के खिलाफ शिया समुदाय का गुस्सा शिया समुदाय ने इस बार ईद की नमाज काली पट्टी बांधकर अदा की। लोग बाजू पर काली पट्टी पहनकर मस्जिद पहुंचे। शिया मुसलमानों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे इस ईद पर खुशियां नहीं मनाएंगे। पुलिस ने शिया समुदाय के संभावित विरोध प्रदर्शन को लेकर विशेष निगरानी रखी है। नमाज के दौरान कोई अफरा-तफरी न फैले, इसके लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। देखिए PHOTOS… --- ये खबर भी पढ़ें जयपुर में कल गणगौर और ईद, ट्रैफिक में बदलाव होगा:नमाज स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन से नजर रहेगी; जानिए कहां होगी पार्किंग 21 मार्च को ईद और गणगौर का पर्व एक साथ मनाया जाएगा। इसको लेकर जयपुर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। ईद के मौके पर सुबह 7 बजे से ईदगाह क्षेत्र में नमाज के दौरान यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। (पूरी खबर पढ़ें)
ईरान का डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला, अमेरिका के लिए क्यों जरूरी है यह एयरबेस?
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया पर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि अमेरिकी युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए SM-3 इंटरसेप्टर दागा। यह मिडिल ईस्ट के बाहर ईरान का ...
पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मैक्सिको और अमेरिका के खिलाफ होने वाले वर्ल्ड कप प्री-फ्रेंडली मैचों के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है। 41 साल के रोनाल्डो फरवरी के अंत से ही अपने क्लब अल-नसर के लिए भी मैदान पर नहीं उतरे हैं। हालांकि, पुर्तगाल के हेड कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने साफ किया है कि उनकी चोट गंभीर नहीं है और वर्ल्ड कप टीम में उनकी जगह पक्की है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में होगा। हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से बाहर हुए रोनाल्डोकोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रोनाल्डो हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा,'यह एक मामूली चोट है। रोनाल्डो अगले एक या दो हफ्तों में मैदान पर वापसी कर सकते हैं। इस सीजन में क्रिस्टियानो ने अपनी फिटनेस पर जो काम किया है, वह शानदार है। उनकी शारीरिक क्षमता को देखते हुए फिलहाल कोई बड़ी समस्या नजर नहीं आती।' वर्ल्ड कप में रोनाल्डो और रामोस संभालेंगे फॉरवर्ड लाइनकोच ने वर्ल्ड कप की प्लानिंग को लेकर कहा कि टूर्नामेंट में सेंटर-फॉरवर्ड की भूमिका क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंसालो रामोस ही निभाएंगे। मार्टिनेज के मुताबिक, वर्ल्ड कप की फाइनल टीम चुनने से पहले यह आखिरी ट्रेनिंग कैंप है, इसलिए वे कुछ नए प्रयोग करना चाहते हैं। रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में अन्य खिलाड़ियों को परखने का यह कोच के पास आखिरी मौका होगा। पुर्तगाल कोलंबिया और उज्बेकिस्तान के साथ ग्रुप K में रखा गया हैपुर्तगाल को ग्रुप-K में रखा गया है। इस ग्रुप में पुर्तगाल के साथ कोलंबिया और उज्बेकिस्तान की टीमें शामिल हैं। चौथी टीम का फैसला प्ले-ऑफ के जरिए होगा, जिसमें न्यू कैलेडोनिया, जमैका या डीआर कांगो में से कोई एक टीम ग्रुप में शामिल हो सकती है। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वनडे वर्ल्डकप के लिए सिलेक्टर्स की नजर IPL पर:20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट, मैच के दौरान परफॉर्मेंस-फिटनेस ट्रैक की जाएगी 28 मार्च से शुरू हो रहा IPL भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाला है। टी–20 फॉर्मेट में खेली जानी वाली इस लीग से टीम इंडिया की वनडे वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम तय होगी। पूरी खबर
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के असर की रही। देश में प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा हो गया। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में TET एग्जाम की तारीखों को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा, भोपाल में दाम 117 रुपए प्रति लीटर तक हुए मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए पहुंच गई है। इसके अलावा इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की है। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए हैं। हालांकि, सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है। जोमैटो से खाना मंगवाना महंगा हुआ: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करना अब महंगा हो गया है। कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में 19% बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय अब ₹14.90 यानी ₹2.40 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। जोमैटो रोजाना 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। उधर, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास के सबसे निचले स्तर 93.24 पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. ईरान की ओर अमेरिका 3 वॉरशिप भेज रहा, इन पर 2200 सैनिक मौजूद ईरान की ओर अमेरिका अपने 3 वॉरशिप भेज रहा है। USS त्रिपोली, USS सैन डिएगो और USS न्यू ऑरलियंस पर करीब 2200 सैनिक तैनात हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प सरकार ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे की योजना बना रही है। ट्रम्प ने NATO देशों को कायर बताया: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO सहयोगी देशों पर नाराजगी जताई। ट्रम्प ने कहा है कि NATO देश कायर हैं और अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है। जंग में साथ नहीं दिया तो इसे याद रखेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 3. काशी के यूपी कॉलेज में BSC छात्र की हत्या, सीने पर चढ़कर गोलियां मारीं; साथियों ने पथराव किया वाराणसी के यूपी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात का लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्र क्लासरूम के बाहर फर्श पर पड़ा है। आरोपी छात्र उसके सीने पर चढ़कर गोली मार रहा है। आरोपी भी इसी कॉलेज का छात्र है। कूड़े में पिस्टल फेंककर भागा आरोपी: हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घटना शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर हुई। घायल छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ की: साथी की हत्या से गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ डालीं। बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कॉलेज का मेन गेट बंद करा दिया। आसपास की 150 से अधिक दुकानों को भी बंद करा दिया। सात थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. यूपी TET परीक्षा जुलाई में होगी, फॉर्म फीस 800 रुपए बढ़ाई; 4 साल से इंतजार कर रहे थे अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने शुक्रवार को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के लिए UP-TET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। 27 मार्च से भरे जाएंगे फॉर्म: परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को होगी। ऑनलाइन एप्लिकेशन 27 मार्च से भरे जाएंगे। फॉर्म और फीस जमा करने की आखिरी तारीख 26 अप्रैल है। इस बार जनरल और ओबीसी के लिए फॉर्म फीस 2 हजार रुपए है। पिछली बार की तुलना में 800 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। 4 साल बाद होने जा रहा एग्जाम: फॉर्म में सुधार और शुल्क समाधान की आखिरी तारीख 1 मई तय की गई है। आयोग ने इस बार TET में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की व्यवस्था लागू की है। यूपी में TET परीक्षा 4 साल बाद होने जा रही है। 28 नवंबर, 2021 को परीक्षा लीक हो जाने के कारण निरस्त कर दी गई थी। काफी जद्दोजहद के बाद यह परीक्षा 21 जनवरी, 2022 को कराई गई थी। इसके बाद से अभी तक यह परीक्षा नहीं हो सकी थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा के इंतजार में हैं। पढ़ें पूरी खबर… 5. ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे, बाकी को ₹1500 मिलेंगे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने TMC का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने का वादा किया है। अभी उन्हें ₹1000 हर महीने मिलते हैं। वहीं SC/ST महिलाओं को ₹1700 प्रति माह दिया जाएगा। अभी SC/ST महिलाओं को ₹1200 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा ममता ने बेरोजगार युवाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया है। अब पढ़िए TMC के 10 अहम चुनावी वादे... पढ़ें पूरी खबर... 6. धुरंधर 2 ने तोड़ा शाहरुख की जवान का रिकॉर्ड, पहले दिन ₹97 करोड़ कमाए ‘धुरंधर 2’ ने शाहरुख की फिल्म ‘जवान’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पहले दिन 97 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। 2023 में जवान ने ओपनिंग डे पर पहले दिन 75 करोड़ रुपए कमाए थे। ‘धुरंधर 2’ ने पेड प्रीव्यू में 47 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। पेड प्रीव्यू और ओपनिंग डे को मिलाकर फिल्म की कुल कमाई 144 करोड़ रुपए पहुंच गई। ‘धुरंधर 2’ फिल्म 3 घंटे 49 मिनट लंबी है: यह 21वीं सदी की दूसरी सबसे लंबी बॉलीवुड फिल्म है। इससे पहले 2003 में आई जेपी दत्ता की ‘एलओसी कारगिल’ 4 घंटे 15 मिनट के साथ सबसे लंबी फिल्म थी। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। पढ़ें पूरी खबर... 7. रेमंड के मालिक गौतम सिंघानिया की मालदीव में बोट पलटी, घायल हुए; इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किए गए रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में हादसे का शिकार हो गए हैं। मालदीव के फेलिधू के पास गुरुवार रात 11 बजे उनकी स्पीडबोट समुद्र में पलट गई, जिसमें सिंघानिया को चोटें आई हैं। इलाज के लिए मुंबई लाया गया है: गौतम सिंघानिया को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के समय बोट पर सिंघानिया के साथ 6 और लोग सवार थे, जिनमें से एक भारतीय समेत दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: सरकार बोली- LPG की पैनिक बुकिंग घटी, लेकिन हालत चिंताजनक: हर दिन 55 लाख सिलेंडर की मांग, 7500 कंज्यूमर PNG पर शिफ्ट हुए (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: वनडे वर्ल्डकप के लिए सिलेक्टर्स की नजर IPL पर: 20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट, मैच के दौरान परफॉर्मेंस-फिटनेस ट्रैक की जाएगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: सरकार ने 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स-एप ब्लॉक किए: इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल; अब तक 8400 प्लेटफॉर्म बंद (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली दंगा में आरोपी शरजील इमाम तिहाड़ से बाहर आया: 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली; 6 साल से जेल में बंद हैं (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: राजस्थान में ओले; एमपी-यूपी, बिहार समेत 12 राज्यों में बारिश: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस में बदलाव के चलते अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में मौसम बदला (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: रूसी इनपुट पर NIA ने पकड़े थे अमेरिकी-यूक्रेनी नागरिक: म्यांमार सीमा पर हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग दी; ग्रुप में 14-15 लोग, अन्य की तलाश जारी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: गुजरात में गैस की किल्लत, प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे: लोग बोले- सिलेंडर ₹5 हजार में मिल रहा, फ्लैट में चूल्हा नहीं जला सकते (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... 243 चावल के दानों पर लिखी हनुमान चालीसा छत्तीसगढ़ की रायपुर की 18 साल की आरुषि श्रीवास्तव ने 243 चावल के दानों पर हनुमान चालीसा लिखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। रुचि रखने ने सिर्फ दो दिन में पेन और ब्रश के जरिए चावल के उपर हनुमान चालीसा लिखी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: क्या भारत में पकड़ा गया मैथ्यू CIA का एजेंट; मिजोरम से म्यांमार में ड्रोन पहुंचाए, नॉर्थ-ईस्ट में 'ईसाई देश बनाने की साजिश' भास्कर इन्वेस्टिगेशन: बिहार के होटल-रेस्टोरेंट में श्मशान का कोयला: तंदूरी रोटी-चिकन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल, रिपोर्टर के सामने चिता से निकाला पेरेंटिंग- 10 साल की बेटी एकदम मुंहफट है: जो मुंह में आए, बोल देती है, ये उसकी साफगोई है या संवेदना की कमी, उसे कैसे समझाएं जरूरत की खबर- नवरात्रि में खाएं टेस्टी और हेल्दी फलाहार: न्यूट्रिशन से भरपूर 12 रेसिपीज, व्रत का खाना हेल्दी बनाने के 8 टिप्स ब्लैकबोर्ड- सिर्फ पीरियड्स में नहा पाती हैं महिलाएं: कम खाती हैं, ताकि शौच न जाना पड़े; बोलीं- नमक के खेत में ही पैदा हुए, इसी में मर जाएंगे करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वाले सतर्कता और धैर्य से बिगड़ते काम संभाल सकते हैं। धनु राशि वाले मेहनत के दम पर लक्ष्य के करीब पहुंचेंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उत्तम नगर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने ईरान-इजरायल युद्ध पर भी चिंता व्यक्त करते हुए विश्व शक्तियों से शांति बनाए रखने की अपील की। यह बात उन्होंने ईद की चांद रात पर एक इफ्तार पार्टी में कही। सांसद बर्क ने उत्तम नगर की घटना को 'बेहद चिंताजनक' बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा हथियार लहराकर प्रदर्शन किया गया, जिससे मुस्लिम समाज में भय का माहौल बना और कुछ लोग पलायन करने को मजबूर हुए। इस मामले को लेकर सांसद बर्क ने अन्य सांसदों के साथ मिलकर अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण वहां की पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए सरकार को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ईरान-इजरायल युद्ध पर चिंता जताते हुए बर्क ने कहा कि मौजूदा हालात गंभीर हैं और इस तरह के युद्ध से निर्दोष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने विश्व की महाशक्तियों से अपनी ताकत का दुरुपयोग न करने और इजरायल-अमेरिका द्वारा हो रहे जानमाल के नुकसान को रोकने की अपील की। सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले भी अमेरिका और इजरायल की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि किसी भी देश पर दबाव बनाकर या युद्ध थोपकर समस्याओं का समाधान नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने युद्ध पर रोक लगाने, शांति कायम करने और दुनिया में अमन व भाईचारा बनाए रखने की अपील की, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव के बीच नाटो देशों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोग न देकर नाटो ने खुद को कमजोर साबित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में ...
Middle East Crisis: अमेरिका इजराइल ईरान युद्ध के बाद अब किन 2 देशों में भड़क सकता है संघर्ष?
विश्व वर्तमान में दो बड़े सैन्य संघर्षों का गवाह बन रहा है। 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर एक लंबे युद्ध की शुरुआत की। इसी बीच, 7 अक्टूबर, 2023 को आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर भीषण हमला किया, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 250 से अधिक को बंधक बना लिया गया। जवाब में इजरायल ने 'ऑपरेशन स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन' शुरू किया, जिससे गाजा में भीषण युद्ध छिड़ गया। हमास द्वारा शुरू किया गया यह संघर्ष अब केवल गाजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लेबनान और ईरान तक फैल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व के बदलते समीकरणों के कारण इस युद्ध की आग भविष्य में पाकिस्तान सहित पूरे एशिया को अपनी चपेट में ले सकती है। इजराइल और पाकिस्तान: इजरायल और पाकिस्तान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2018 में कहा था कि इजरायल पाकिस्तान का दुश्मन नहीं है और पाकिस्तान को भी दुश्मन की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए, लेकिन हाल की परिस्थिति के चलते इजराइल अब कभी भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना मोर्चा खोल सकता है। सितंबर 2025 और उसके बाद के कुछ बयानों में नेतन्याहू ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा है। नेतन्याहू ने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ओसामा बिन लादेन को खत्म किया था, उसी तरह इजरायल भी अपने दुश्मनों को कहीं भी खोजने और खत्म करने का अधिकार रखता है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को शरण देने का परोक्ष रूप से आरोप लगाते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया। मार्च 2026 में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नेतन्याहू ने पाकिस्तान सहित कई इस्लामी देशों की दोहरी नीति की आलोचना की है। हालांकि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ईरान के हमलों की निंदा की है, लेकिन नेतन्याहू ने अक्सर यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान जैसे देश इजरायल विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देते हैं। बेंजामिन नेतन्याहू का रुख पाकिस्तान के प्रति काफी सख्त रहा है। वे पाकिस्तान को भारत के साथ इजरायल की बढ़ती नजदीकियों के विरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा के समर्थक के रूप में देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल का अगला निशाना पाकिस्तान रहेगा। अमेरिका और पाकिस्तान: 18 मार्च 2026 को अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने तुलसी गबार्ड ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा है जो भविष्य में अमेरिका तक मार करने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि वह इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ उन देशों की श्रेणी में रखा जो अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा हैं। तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत का खुलकर समर्थन किया है और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद गबार्ड ने इसे इस्लामी आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन आतंकवादियों को खोजने और सजा दिलाने में भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को शरण देना और उन्हें पालना बंद करना होगा। तुलसी गबार्ड का मानना है कि पाकिस्तान की दोहरी नीति (आतंकवाद को समर्थन और परमाणु हथियारों का विस्तार) न केवल दक्षिण एशिया, बल्कि पूरी दुनिया और सीधे तौर पर अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। भविष्य में अमेरिका को इसके लिए कोई ठोस और कठोर कदम उठाने की आवश्यकता होगी। भारत और पाकिस्तान: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर बर्बरतापूर्ण हमला किया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन 'द रेसिस्टेंस फ्रंट' (TRF) और लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराया था। हमले के ठीक 15 दिन बाद, 7 मई 2025 की रात को भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के समन्वय से) ने यह ऑपरेशन लॉन्च किया। भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें मुरिदके, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर जैसे स्थान शामिल थे। रतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई सटीक, नपी-तुली और गैर-उत्तेजक थी। इसमें केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया और नागरिक क्षेत्रों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबरें आईं। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, जिसे भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने विफल कर दिया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के 6 लड़ाकू विमान और 5 एयरबेस को तबाह कर दिया जिसके चलते पाकिस्तान घुटनों के बल आ गया। अंततः 10 मई 2025 के आसपास दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी। युद्ध के नए मोर्चे खुलने वाले संभावित क्षेत्र: 1. सऊदी अरब और ईरान 2. भारत और पाकिस्तान 3. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया 4. चीन और ताइवान
US Iran War: अमेरिकी F-35 लाइटनिंग विमान पर हमले का दावा, आपात लैंडिंग की पुष्टि
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मिसाइल हमले के बाद संबंधित एफ-35 को आपात स्थिति में लैंडिंग करनी पड़ी, लेकिन विमान और पायलट दोनों सुरक्षित हैं।
पाकिस्तान का परमाणु हथियारों का नापाक खेल बेनकाब, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट को लेकर भारत ने साधा निशाना
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि जहां तक पाकिस्तान का सवाल है, उसका गुप्त परमाणु प्रसार का एक लंबा इतिहास रहा है।
तुलसी गबार्ड ने कहा, ईरान में अमेरिका एवं इजरायल के युद्ध के उद्देश्य एक जैसे नहीं
गबार्ड के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि भले ही अमेरिका और इजराइल एक ही मोर्चे पर खड़े हों, लेकिन उनके सैन्य लक्ष्य अलग-अलग हैं। इजराइल ने हाल के हमलों में ईरान के धार्मिक नेताओं और सैन्य कमांडरों को सीधे निशाना बनाया है।
अमेरिकी कांग्रेस में 200 बिलियन डॉलर युद्ध फंडिंग पर तीखी बहस
ईरान युद्ध की बढ़ती लागत और इसके वैश्विक बाजारों पर प्रभाव ने अमेरिकी कांग्रेस में विभाजन को और गहरा कर दिया है
LIVE: UAE, कुवैत, जॉर्डन को हथियार बेचेगा अमेरिका
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 21 दिन से भीषण युद्ध जारी है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान में भारी तबाही मचाई तो ईरान ने भी इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला किया। अब अमेरिका ने ...
अगर वैश्विक युद्ध चला तो राजस्थान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में खराब स्थितियां हो जाएंगी। अभी राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन की एक मीटिंग में उद्यमियों ने बताया कि अब इंडस्ट्री के पास केवल 15 से 20 दिन का पॉलिस्टर फाइबर, गैस एवं डाई केमिकल बचा है। कई इंडस्ट्री में कच्चे माल का स्टॉक खत्म हो गया है। सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट पर असर पड़ा है। करीब 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटक गए। डाई-केमिकल की रेट 24 प्रतिशत बढ़ गई। शिपिंग का भाड़ा तीन गुना बढ़ गया। अभी दुबई एवं अन्य मिडिल ईस्ट के देशों को एक्सपोर्ट बंद है। खाड़ी क्षेत्र और यूरोप के बंदरगाहों पर माल अटक रहा है। कई शिपमेंट रुके हुए हैं। करीब 80-90 हजार करोड़ के इस उद्योग में कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित होने, लॉजिस्टिक्स महंगे होने और एक्सपोर्ट घटने से उत्पादन 40 फीसदी तक कम हो गया। ऐसे में धागे से लेकर तैयार कपड़े 15 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। भीलवाड़ा की 100 से ज्यादा यूनिटों में अब शिफ्ट कम करने की तैयारी है क्योंकि कच्चा माल करीब एक से दो सप्ताह का ही बचा है। कच्चा माल - रेड सी रूट महंगा होने से अटकी गैस व पॉलिस्टर फाइबर टेक्सटाइल उत्पादन का आधार कच्चा माल है और संकट यहीं से शुरू हुआ। पॉलिएस्टर और सिंथेटिक फाइबर, जो चीन, कोरिया और मिडिल ईस्ट से आते हैं, उनकी सप्लाई रेड सी रूट महंगा होने से प्रभावित हुई है। कंटेनर फ्रेट 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गया, जिससे भीलवाड़ा सहित अन्य जगह पॉलिएस्टर यार्न 20-30% महंगा हो गया। पाली और बालोतरा के प्रोसेस हाउस डाई-केमिकल के लिए 65-70% तक चीन पर निर्भर हैं। सप्लाई लेट होने और कीमत बढ़ने से प्रोसेसिंग कॉस्ट 15-20% तक बढ़ गई। गैस - 400 से अधिक प्रोसेस हाउसों में गैस खत्म, प्लांट बंद होने लगे एलपीजी गैस की कमी के चलते भीलवाड़ा के 25 प्रोसेस हाउसों में संचालन ठप हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा सहित अन्य जगह छोटे व बड़े करीब 2500 प्रोसेस हाउस हैं। एक प्रोसेस हाउस में औसतन प्रतिदिन 250 किलो गैस का उपयोग हो रहा है। यदि समाधान नहीं निकला, तो करीब 80 प्रतिशत वीविंग इकाइयों का कामकाज ठप हो सकता है। क्रूड की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी के कारण यार्न के भाव 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। एक्सपोर्ट - मिडिल ईस्ट के देशों में 5 हजार करोड़ के ऑर्डर अटके यूरोप और मिडिल ईस्ट से एक्सपोर्ट ऑर्डर 8-20% तक घटे हैं, जिससे कैश फ्लो पर दबाव बना है। 800 से 1000 करोड़ रुपए का निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण खाड़ी देशों और यूरोप को जाने वाले निर्यात ऑर्डर अस्थायी रूप से रुके हुए हैं, जिससे लगभग 800 से 1000 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। पाली, बाड़मेर, बालोतरा को मिलाकर यह आंकड़ा करीब पांच हजार करोड़ तक पहुंचा है।
चीन-अमेरिका व्यापार परामर्श तंत्र की भूमिका का लाभ उठाना जारी रखें : चीनी वाणिज्य मंत्रालय
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेरिस में हुई चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता पर जानकारी दी
मिडिल ईस्ट के गैस ठिकानों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि अब ईरान के किसी भी गैस या तेल ठिकाने पर इजराइल हमला नहीं करेगा। तो क्या ईरान पर हमले को लेकर अब अमेरिकी ...
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय (MEA) में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है। पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण LPG की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% पहुंच गई है। करीब 83% रीफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के जरिए हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है। सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में करीब 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव जरूर है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। सरकार ने कहा- एक दिन में 57 हजार रीफिल बुकिंग हुईं पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि LPG सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है। 18 मार्च को करीब 57,000 रीफिल बुकिंग हुईं। सरकार ने कॉमर्शियल LPG उपभोक्ताओं से CNG पर शिफ्ट करने की अपील की और बताया कि कई कंपनियों ने इसके लिए इंसेंटिव भी घोषित किए हैं। सुजाता शर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है। PM मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस से की बात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा भी की। पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस से कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और बिना रुकावट के जहाजों का निकलना भारत के लिए बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है। वहीं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सी. सेंथिल राजन ने LNG सेवाओं से जुड़े सोशल मीडिया फ्रॉड को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा- LNG उपभोक्ता सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी संदेशों से सावधान रहें। ऐसे संदेशों पर भरोसा न करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत करें। मिडिल-ईस्ट तनाव के कारण देश में LPG संकट अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। इसी बीच खबरें आई थीं कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। e-kyc से जुड़ी आई इन खबरों के बाद अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टिकरण दिया था कि यह कोई नया नियम नहीं है। eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा था कि इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया। सप्लाई संकट की वजह होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर संयुक्त हमला किया, जिसमें कई सैन्य और परमाणु ठिकाने निशाना बने। इस ऑपरेशन में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी, पेट्रोल 13%-डीजल 8% ज्यादा बिका देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
जून में शुरू हो रहे 2026 फीफा वर्ल्ड कप का खुमार छाने लगा है। इस बीच, अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम ने इस महाकुंभ के लिए अपनी नई जर्सी लॉन्च की है। लेकिन इस जर्सी के पीछे सिर्फ डिजाइनरों की मेहनत नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की एक दिलचस्प बगावत की कहानी भी छिपी है। यह किट खिलाड़ियों ने खुद अपनी पसंद और शर्तों पर तैयार करवाई है। इसकी शुरुआत जून 2022 में टेक्सास के ऑस्टिन शहर से हुई। अमेरिकी टीम 2022 वर्ल्ड कप की अपनी नई किट के फोटोशूट के लिए वहां मौजूद थी। लेकिन जब खिलाड़ियों ने वह जर्सी देखी, तो वे भड़क गए। टीम के स्टार मिडफील्डर टायलर एडम्स ने तब कहा था, ‘हमें नहीं लगा कि यह किट हमारी सही पहचान पेश करती है।’ नाराजगी इस कदर थी कि खिलाड़ियों ने सेट पर काम रोक दिया। लगभग 30 मिनट तक शूटिंग रुकी रही, जिससे नाइकी और अमेरिकी फेडरेशन के अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बाद में जैसे-तैसे शूट पूरा हुआ, लेकिन खिलाड़ियों की इस बगावत ने फेडरेशन को कड़ा संदेश दे दिया था। 2022 के उस अनुभव के बाद नाइकी और अमेरिकी सॉकर ने 2026 वर्ल्ड कप के लिए रणनीति पूरी तरह बदल दी। इस बार बंद कमरों में डिजाइन फाइनल करने के बजाय, खिलाड़ियों को शुरुआत से ही इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया। नवंबर 2023 और 2024 में कई ट्रेनिंग कैंप्स के दौरान नाइकी के डिजाइनरों ने खिलाड़ियों को एक-एक कर मीटिंग में बुलाया। उनसे पूछा गया कि वे कैसी जर्सी चाहते हैं और उनके लिए अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का क्या मतलब है। टायलर एडम्स कहते हैं, ‘इस बार हमने सचमुच हर एक चीज खुद चुनी है।’ खिलाड़ियों और डिजाइनरों की लंबी माथापच्ची के बाद दो जर्सी तैयार की गईं। होम जर्सी पर लाल और सफेद स्ट्रिप्स हैं। खिलाड़ी चाहते थे कि ब्राजील के पीले या नीदरलैंड्स के नारंगी रंग की तरह अमेरिका की भी एक पक्की पहचान हो। इसलिए इस जर्सी में अमेरिकी झंडे की लहराती हुई धारियों को शामिल किया गया। यह उन जोशीले फैंस के लिए है, जो स्टैंड्स में ‘U-S-A’ के नारे लगाते हैं। वहीं, अवे जर्सी ऐसी है, जिसे पहनकर नाइट क्लब में भी जा सकते हैं। इसके लिए जब नाइकी ने पहली बार सितारों वाला एक चमकीला डिजाइन दिखाया, तो खिलाड़ियों ने उसे रिजेक्ट कर दिया। खिलाड़ियों की एक खास मांग थी, ‘हमें एक ऐसी कूल जर्सी चाहिए, जिसे हम जींस के साथ पहनकर किसी क्लब में भी जा सकें।’ इसके बाद डिजाइन को बदला गया और इसे लगभग काले रंग का बनाया गया, जिसमें पास से देखने पर चमकते हुए सितारे नजर आते हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि यह 2026 की नई जर्सी सिर्फ एक कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से उनकी और उनके देश की भावना का प्रतिनिधित्व करती है।
विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के घर के ऊपर दिखे रहस्यमयी ड्रोन, अमेरिका में हड़कंप
अमेरिका के वॉशिंगटन में आर्मी बेस फोर्ट लेस्ले जे. मैकनायर के ऊपर कुछ रहस्यमयी ड्रोन दिखने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यहां अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रुबियो और रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ रहते हैं। घटना के बाद व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय ...
हमलों से ईरान हुआ कमजोर, लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं: अमेरिकी इंटेलिजेंस
अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने सीनेटरों को बताया कि हाल के अमेरिकी अभियानों से ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताएं काफी कम हो गई हैं
अमेरिका में इमिग्रेशन पर सख्त रुख, मार्कवेन मुलिन बोले-कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
अमेरिका के गृह सुरक्षा सचिव पद के नामित मार्कवेन मुलिन ने कहा कि वे कानूनी आव्रजन का समर्थन करते हैं
अजमेर में विदेशों से आए जायरीनों के 31 सदस्यों के दल ने दरगाह पहुंचकर जियारत की और विश्व में शांति की दुआ मांगी। दल में मुख्य रूप से कनाडा और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लोग थे। इन्होंने मजार शरीफ पर मखमली चादर चढ़ाई और फूल पेश किए। इनमें कुछ ईरान और अमेरिका से जुड़े जायरीन भी थे। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने स्वागत किया और जियारत कराई। इस मौके पर जायरीनों ने विशेष रूप से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने ख्वाजा साहब की दरगाह में विश्व शांति, सद्भाव और संघर्षरत क्षेत्रों में अमन की बहाली के लिए खास दुआएं मांगीं। जायरीनों ने कहा-ख्वाजा गरीब नवाज का दरबार संदेश देता है कि मोहब्बत और इंसानियत से बड़ी कोई ताकत नहीं। आज जब दुनिया युद्ध की आग में जल रही है, यहां आकर हम सबने एकजुट होकर शांति की दुआ मांगी है। हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने बताया कि इस दौरान दुआ की गई कि दुनिया भर में युद्ध समाप्त हों और शांति कायम हो। (फोटो-वीडियो-नजीर कादरी, अजमेर) ……..………… ये खबर भी पढ़िए अजमेर में 11वीं के छात्र ने आंसर-बुक का बनाया वीडियो:एग्जाम हॉल में नहीं था वीक्षक; सीबीईओ बोले- गंभीर लापरवाही अजमेर जिले के एक परीक्षा केंद्र से 11वीं कक्षा की एग्जाम के दौरान एक छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका (आंसर बुक) की रील बना कर वायरल करने का मामला सामने आया है। यह वीडियो 11 मार्च का बताया जा रहा है। पूरी खबर पढें
मोजतबा खामेनेई ने ठुकराए युद्धविराम के प्रस्ताव, कहा- अमेरिका-इजरायल पहले हार मानें
एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, दो मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका की ओर से तनाव कम करने और संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव तेहरान भेजे गए थे। हालांकि, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने इन्हें स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया।
US Iran War: खाड़ी देशों ने अमेरिका को चेताया, ईरान को 'घायल' छोड़ना होगी बड़ी भूल
खाड़ी देशों ने अमेरिका से कहा है कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा रही है, तो उसे निर्णायक स्तर तक ले जाना जरूरी है। उनका तर्क है कि आधे-अधूरे कदम ईरान को दोबारा ताकत हासिल करने का मौका देंगे, जिससे वह क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे को फिर निशाना बना सकता है।
जोसेफ केंट ने अपने इस्तीफे पत्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखे संदेश में आरोप लगाया कि अमेरिका ने यह युद्ध स्वतंत्र निर्णय के तहत नहीं, बल्कि बाहरी दबाव में शुरू किया।
खालिस्तान समर्थक कनाडा और अमेरिका में भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। अमेरिका में सिख फॉर जस्टिस से जुड़े समर्थकों ने अमेरिका में प्रदर्शन किया और भारत विरोधी नारे लगाए। खालिस्तान समर्थकों ने किल मोदी पॉलिटक के नारे लगाए। वहीं कुछ दिन पहले किए गए प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने इंडियन प्रोडक्ट के साथ-साथ इंडियन एयरलाइंस, शॉप्स व आउटलेट का बायकॉट करने का ऐलान भी किया। अमेरिका में इन दिनों खालिस्तान समर्थक खालिस्तान रेफरेंडम करवा रहे हैं और इसके लिए अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान वो भारत विरोधी नारे लगाकर लोगों को अपने रेफरेंडम (जनमत संग्रह) में शामिल होने की अपील भी कर रहे हैं। खालिस्तान समर्थक अमेरिका में भारत विरोधी प्रदर्शनों के वीडियो शेयर कर रहे हैं और लोगों को खालिस्तान मूवमेंट से जुड़ने को कह रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका में रहने वाले सिख समुदाय के लोग खालिस्तान समर्थकों की इन गतिविधियों का पाकिस्तान समर्थित बताकर विरोध भी कर रहे हैं। यह वीडियो खालिस्तान समर्थक हरनेक सिंह ने अपने X-अकाउंट पर पोस्ट किया है। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी इस वीडियो को पोस्ट करके इसे पाकिस्तान का एजेंडा बताया है। प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान समर्थकों की अहम बातें…
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच अमेरिकी मतदान विधेयक को लेकर टकराव
अमेरिकी सीनेट में तीखी राजनीतिक लड़ाई शुरू हो गई, जब रिपब्लिकन ने सेव एक्ट को चुनावों की सुरक्षा के लिए एक उपाय के रूप में आगे बढ़ाया जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे मतदाता दमन का कदम बताते हुए कहा कि इससे लाखों पात्र अमेरिकी नागरिकों को मतदान करने से रोका जा सकता है।
क्यूबा में ब्लैकआउट पर अमेरिका का सख्त बयान, ट्रंप ने दिए कार्रवाई के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्यूबा में हुए देशव्यापी बिजली संकट के बाद वहां की सरकार पर तीखा हमला बोला है
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी हमला, ईरानी मिसाइल ठिकाने ध्वस्त
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के मिसाइल ठिकानों पर नए हमले किए हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ये ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे। यह कार्रवाई “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत की जा रही है, जो अब और तेज हो गया है।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 6 यूक्रेनियों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया। इन पर म्यांमार के जातीय युद्ध समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे थे। साथ ही भारत में उग्रवाद का भी समर्थन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (अमेरिकी नागरिक), हुर्बा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक), स्लीव्याक तारास (यूक्रेनी नागरिक), इवान सुकमानोव्स्की (यूक्रेनी नागरिक), स्टेफानकिव मारियन (यूक्रेनी नागरिक), होनचारुक मैक्सिम (यूक्रेनी नागरिक) और कामिंस्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) के रूप में हुई है। NIA ने 13 मार्च को दिल्ली से तीन यूक्रेनियों, लखनऊ से तीन और कोलकाता से एक अमेरिकी नागरिक को धारा 18 (आतंकवादी षड्यंत्र) और BNS के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, यूक्रेन ने मंगलवार को भारत को एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। आरोपियों को ले जाने की 5 तस्वीरें… कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा…
कल्याणपुर में गांजा तस्कर अरेस्ट:एक किलो देशी और 100 ग्राम अमेरिकन गांजा बरामद, एक बाइक जब्त
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी के कब्जे से एक किलो से अधिक गांजा और करीब 100 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला अमेरिकन गांजा (ओजी) और एक बाइक बरामद की गई है। पुलिस को देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एल्डिको के पीछे एक युवक संदिग्ध हालत में खड़ा है और उसके पास अवैध गांजा मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान नवाबगंज के परमिया पुरवा निवासी पिंकू वर्मा के रूप में हुई। 100 ग्राम अमेरिकन गांजा बरामद तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक किलो से अधिक सामान्य गांजा और करीब 100 ग्राम अमेरिकन गांजा (ओजी) बरामद किया गया। साथ ही पुलिस ने उसकी बाइक भी जब्त कर ली। बरामद गांजे की बाजार में अच्छी कीमत बताई जा रही है। इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य तस्करों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
फतेहाबाद के टोहाना में विदेश भेजने के नाम पर 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी सतीश को गिरफ्तार किया है। आरोपी समैन गांव का निवासी है। यह गिरफ्तारी कबूतरबाजों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। पुलिस की इकनोमिक सेल प्रभारी संदीप ने बताया कि समैण निवासी सुखविंदर सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी सतीश ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके बेटे अंकुश को अमेरिका भेजने का झांसा दिया था और इसके लिए 35 लाख रुपए की मांग की थी। आरोपियों ने अंकुश को डंकी रूट के जरिए कई देशों से भेजा। इनमें थाईलैंड, चीन, पेरिस, ब्राजील, कोलंबिया और पनामा शामिल थे। मैक्सिको पहुंचने पर आरोपियों ने पीड़ित का पासपोर्ट और मोबाइल छीन लिया और उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। नौ महीने तक जेल में रहा अमेरिका की सीमा पार करते समय अंकुश को वहां की सेना ने पकड़ लिया। जिसके बाद अंकुश को लगभग 9 महीने तक जेल या कैंप में रहना पड़ा, जिसके बाद उसे भारत वापस भेज दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर गहन जांच के बाद थाना सदर में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने इस अंतरराष्ट्रीय ठगी के नेटवर्क की जांच करते हुए मुख्य आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब पंजाब के छात्रों पर भी देखने को मिल रहा है, जो अमेरिका और कनाडा पढ़ाई के लिए जा रहे हैं। मिडिल ईस्ट के देशों का एयरस्पेस बंद होने के कारण अमेरिका और कनाडा की फ्लाइट्स महंगी हो गई हैं। पहले एक तरफ का हवाई टिकट लगभग 70–80 हजार रुपए होता था, लेकिन अब वही खर्च 2.5 से 3 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इसकी वजह से एयरलाइंस अब अपने विमानों का मार्ग बदल रही हैं और यूरोप के रास्ते अमेरिका और कनाडा जा रही हैं। इससे यात्रा का समय बढ़ गया है और रिस्क फैक्टर भी बढ़ गया है। कुल मिलाकर, छात्रों और उनके माता-पिता की चिंता बढ़ गई है। इमीग्रेशन विशेषज्ञ बिक्रम झबाल के अनुसार, ईरान और इजराइल के बीच तनाव के कारण पूरी दुनिया में हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 46 हजार से अधिक उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं और एयरलाइन कंपनियों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। पंजाब के छात्रों का रुझान अब यूरोप की ओर बढ़ा बिक्रम झबाल बताते है कि इसके चलते पंजाब के छात्रों का रुझान अब यूरोप की ओर बढ़ रहा है। खासकर लक्जमबर्ग, जर्मनी और नीदरलैंड में पढ़ाई और रोजगार के अवसर अधिक हैं। यूरोप में पढ़ाई का खर्च अमेरिका और कनाडा की तुलना में कम है, सुरक्षा बेहतर है और रोजगार के मौके ज्यादा हैं। साथ ही, भारत सरकार के इन देशों के साथ अच्छे संबंध होने के कारण भी छात्रों का रुख यूरोप की ओर बढ़ा है। इस तरह, वैश्विक तनाव ने न केवल हवाई यात्रा महंगी और लंबी कर दी है, बल्कि छात्रों की पसंद और निर्णयों को भी प्रभावित किया है। अब पंजाब के छात्र अमेरिका और कनाडा की बजाय यूरोप के सुरक्षित और किफायती विकल्पों की ओर ध्यान दे रहे हैं।
पेनसिल्वेनिया स्थित भारतीय मंदिर में 19वां गणगौर महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उत्तर–पूर्वी अमेरिका के विभिन्न राज्यों से 500 से अधिक प्रवासी भारतीय एवं राजस्थानी समुदाय के लोग एकत्र हुए। ईसर-गौरी माता की पावन परंपरा का उत्सव मनाया। इसकी जानकारी फिलाडेल्फिया राजस्थानी मंडल (PARAM) के अध्यक्ष डॉ. रवि मुरारका ने दी। यह आयोजन भारतीय मंदिर के संस्थापक नंद टोडी तथा PARAM के अध्यक्ष डॉ. रवि मुरारका के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिनय श्रीकांत प्रधान, न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूत (Consul General of India, New York) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (RANA), न्यूयॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त अमेरिकी सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक, एम्बलर के मेयर तथा अनेक सामुदायिक नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। RANA के ये सदस्य उपस्थित रहे प्रेम भंडारी के साथ RANA न्यूयॉर्क के कई सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें नव नियुक्त संरक्षक जुगल किशोर लड्डा, सचिव रवि जरगढ़ तथा सदस्य राज गर्ग, विनय जैन, शरद अग्रवाल और हरीश ठक्कर शामिल थे। महोत्सव के दौरान गौरी माता की पूजा, भव्य गणगौर शोभायात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का आयोजन किया गया। इनमें दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी और छाछ विशेष आकर्षण रहे। अपने संबोधन में भारत के महावाणिज्य दूत एंबेसडर बिनय श्रीकांत प्रधान ने कहा- अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय को आपसी सहयोग और एकजुटता के साथ उन मुद्दों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए। इनका सामना भारतीय समुदाय यहां करता है। उन्होंने कहा- भारतीय डायस्पोरा अमेरिका-भारत संबंधों को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एंबेसडर प्रधान ने प्रवासी भारतीयों को उद्यमिता, व्यापार और आपसी सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा- समय के साथ अमेरिका-भारत संबंधों की प्रकृति भी बदली है। पहले आर्थिक सहायता की आवश्यकता प्रमुख थी, वहीं आज के दौर में दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), व्यापार साझेदारी और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। अपने संबोधन में प्रेम भंडारी ने राजस्थानी भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की लंबे समय से चल रही मांग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा- यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजस्थान विधानसभा द्वारा 25 अगस्त 2003 को सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बावजूद पिछले 23 सालों में इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। भंडारी ने कहा- इस विलंब के लिए सभी राजनीतिक दल जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया- पिछले 16 सालों से वे सड़क से लेकर भारत के राष्ट्रपति भवन तक विभिन्न आंदोलनों और प्रदर्शनों में भाग लेते रहे हैं, परंतु राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझ से परे है कि राजस्थान सरकार ने अब तक राजस्थान में राजस्थानी भाषा को दूसरी राजभाषा का दर्जा क्यों नहीं दिया। अपने संबोधन में भंडारी ने न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को वर्ष के 365 दिन समुदाय के लिए सक्रिय और सुलभ बनाए रखने तथा प्रवासी भारतीयों से निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए महावाणिज्य दूत एंबेसडर बिनय श्रीकांत प्रधान की सराहना की। उन्होंने भारतीय मंदिर के संस्थापक और समाजसेवी नंद टोडी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने फिलाडेल्फिया में एक शेल्टर होम के निर्माण के लिए 10 लाख डॉलर का उदार दान दिया है। 9 बच्चों को सम्मानित किया महोत्सव के दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विजेता बने 9 बच्चों को सम्मानित किया गया। इन 9 बच्चों को RANA), New York की ओर से नकद पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। बच्चों ने राजस्थान के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक किलों तथा राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलने के महत्व पर सुंदर पोस्टर तैयार किए थे। इस अवसर पर 25 से अधिक भारतीय सामुदायिक संगठनों के नेताओं के साथ एक विशेष बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें महावाणिज्य दूत बिनय श्रीकांत प्रधान और प्रेम भंडारी के साथ सामुदायिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।इस दौरान सभी संगठनों की ओर से प्रधान व भंडारी का शॉल ओढ़ा कर स्वागत भी किया गया । गणगौर महोत्सव प्रवासी भारतीयों के बीच राजस्थानी संस्कृति, परंपरा और एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में भी भारत को विशेष चिंता वाले देश (Country of Particular Concern) का दर्जा दिए जाने की मांग की गई है।
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
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अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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