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विदेश यात्रा पड़ी भारी तो छिन सकता है स्थायी निवास, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

अगर आप अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर हैं और आप पर किसी भी तरह का आपराधिक मामला लंबित है, तो अब आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा आपको भारी मुसीबत में डाल सकती है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने ग्रीन कार्ड धारकों के लिए इमिग्रेशन के नियमों को बेहद सख्त बना दिया है। 'ब्लांच बनाम लाउ' (Blanch v. Lau) मामले में आए 6-3 के बहुमत के इस फैसले के बाद, सीमा अधिकारी अब लौटने वाले ग्रीन कार्ड धारकों को 'देश में प्रवेश चाहने वाले व्यक्ति' (Applicant for Admission) के रूप में मान सकते हैं, बजाय उन्हें स्वचालित रूप से प्रवेश देने के।क्या है फैसला और क्यों है यह खतरनाक?इस फैसले ने कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) अधिकारियों को व्यापक अधिकार दे दिए हैं। अब अधिकारी केवल किसी लंबित आपराधिक आरोप या संदेह के आधार पर ही किसी ग्रीन कार्ड धारक को रोक सकते हैं, उनका ग्रीन कार्ड जब्त कर सकते हैं और उन पर निष्कासन (Deportation) की कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मतलब यह है कि आपको अमेरिका में प्रवेश करने के लिए अब वह अधिकार नहीं मिलेगा, जो पहले एक स्थायी निवासी को मिलता था। अब आप पर यह साबित करने का बोझ होगा कि आप अमेरिका में रहने के योग्य हैं।दुकान से चोरी जैसा छोटा अपराध भी बन सकता है 'मुसीबत'न्यूयॉर्क के जाने-माने इमिग्रेशन वकील साइरस डी. मेहता ने चेतावनी दी है कि अब आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे किसी भी व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा करना जोखिम भरा है। यहां तक कि दुकान से चोरी (Shop-lifting) जैसे मामूली अपराधों के आरोप भी आपकी स्थायी नागरिकता और रोजगार के अधिकारों को खतरे में डाल सकते हैं। मेहता का स्पष्ट कहना है कि जब तक आपका केस पूरी तरह से सुलझ न जाए और आप दोषमुक्त न हो जाएं, तब तक अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।साबित करना होगा खुद को 'निर्दोष'सिएटल की वकील कृपा उपाध्याय ने इस फैसले को इमिग्रेशन के दृष्टिकोण से 'गेम-चेंजर' बताया है। पहले के नियमों में सरकार को आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने होते थे, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। यदि आपको सीमा पर हिरासत में लिया जाता है, तो 'निर्दोष साबित करने का बोझ' (Burden of Proof) अब आप पर होगा। यह स्थिति संवैधानिक सुरक्षा को कमजोर करती है और आपको लंबी कानूनी लड़ाई या हिरासत का सामना करना पड़ सकता है।यात्रा से पहले इमिग्रेशन वकील से सलाह लेंरेखा शर्मा-क्रॉफर्ड जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला 'निर्दोष होने की धारणा' को खत्म करता है। यदि आपके खिलाफ कोई भी पुरानी गिरफ्तारी, दोषसिद्धि या अनसुलझा आपराधिक मामला लंबित है, तो एयरपोर्ट जाने से पहले एक बार इमिग्रेशन वकील से कानूनी परामर्श जरूर लें। अमेरिका से बाहर निकलने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि आपकी यात्रा के दौरान आपकी वापसी की राह सुरक्षित है या नहीं। यह फैसला उन हजारों लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो अपनी पिछली गलतियों या लंबित मामलों को नजरअंदाज करके विदेश यात्रा करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jun 2026 6:14 pm

ईरान पर ट्रंप के एक्शन के समर्थन में उतरे नाटो प्रमुख, बोले- दुनिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति

नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के महासचिव मार्क रूटे ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति और कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कदम ने ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप नाटो और ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

देशबन्धु 25 Jun 2026 12:59 pm

क्या अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता संकट में है? अलग-अलग दावों से जून 2026 की शांति डील पर शक पैदा हो रहा है।

जस्टिस काटजू जून 2026 के US-ईरान MOU, परमाणु निरीक्षणों को लेकर विरोधाभासी दावों और इस बात की पड़ताल करते हैं कि शांति की नाज़ुक प्रक्रिया क्यों विफल हो सकती है।

हस्तक्षेप 25 Jun 2026 8:29 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:ईरान बोला- इस्लामाबाद समझौता अमेरिका की हार; एअर इंडिया का विमान पाकिस्तान एयरस्पेस में घुसा, स्वामी प्रसाद बोले- रामजी अपना चढ़ावा नहीं बचा पाए

नमस्कार, ईरान ने इस्लामाबाद समझौते को अमेरिका की हार बताया है। उधर, एअर इंडिया का विमान गलती से पाकिस्तान एयरस्पेस में घुस गया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के चेंजिंग रूम को लेकर आई खबर के बारे में बताएंगे.... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान बोला- इस्लामाबाद समझौता अमेरिका की हार, हमने अपनी शर्तों पर डील की ईरान ने कहा कि ‘इस्लामाबाद समझौता’ अमेरिका की हार साबित हुआ है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने दावा किया कि यह समझौता किसी दबाव या मजबूरी का नतीजा नहीं था, बल्कि हमने इसे अपनी शर्तों पर माना है। ट्रम्प बोले- ईरान ने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को इज्जत दी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि कई दशकों में पहली बार ईरान अमेरिका और उसके राष्ट्रपति को इतनी इज्जत दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में है और समझौते के लिए लगभग हर शर्त मानने को तैयार है। खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए PM मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका हमले में खामेनेई की मौत हुई थी। जंग के कारण टला अंतिम संस्कार अब 4 जुलाई से शुरू होगा। 9 जुलाई को उन्हें मशहद की इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा, तकनीकी खराबी से रास्ता भटका एअर इंडिया की एक फ्लाइट गलती से पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गई। 22 जून की रात दिल्ली से अमृतसर जा रही एअर इंडिया की AI-321 फ्लाइट उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। इसी दौरान विमान तय रूट से भटककर पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गया। पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चेतावनी के बाद पायलट ने यू-टर्न लिया। अमृतसर एयरपोर्ट पर भारी ट्रैफिक के कारण लैंडिंग नहीं हो सकी और विमान को वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी झेलनी पड़ी। पाकिस्तान की फ्लाइट भारतीय एयरस्पेस में घुसी थी: इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की भी पैसेंजर फ्लाइट फ्लाई जिन्ना-9P514 खराब मौसम के कारण भारतीय एयरस्पेस में घुस आई थी। लाहौर एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद फ्लाइट रास्ता भटक गई थी। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एयरस्पेस में लाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 3. राममंदिर चढ़ावा चोरी- SIT रिपोर्ट में 17 आरोपी, टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। जांच के दौरान SIT टीम को दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। SIT ने 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदली। इनमें चंपत राय के करीबी फूलकांत मिश्रा भी शामिल हैं। उनके पास 3 लग्जरी कारें हैं, जिनकी कुल कीमत 25 लाख रुपए है। अब तक ₹2 करोड़ की बरामदगी: चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 4. स्वामी प्रसाद का विवादित बयान, श्रीराम में ताकत नहीं, वह अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पाए यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने गाजीपुर में कहा- अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया। मौर्य ने कहा- छोटा बंदर सूर्य को निगल गया: इतना ही नहीं, पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता खत्म करने के लिए हम पढ़ाई करते हैं? भगवान बुद्ध कहते हैं कि कोई भी बात किसी ग्रंथ में लिखी है, इसीलिए नहीं मानो। पहले उसे अपने दिमाग की कसौटी पर कसो। अगर खरा उतरे, तभी मानो। भगवान राम दूसरों का भला कैसे करेंगे: राम मंदिर से करोड़ों रुपए लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? यह सवाल उठता है। पूरी खबर पढ़ें… 5. मानसून MP पहुंचा, 9 दिन लेट एंट्री, दिन में पूरा राज्य कवर करेगा मध्य प्रदेश-गुजरात में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हुई। दोनों राज्यों में मानसून आने की सामान्य तारीख 15 जून रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अगले 4 दिन में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। इसी के साथ मानसून ने अब देश के 22 राज्यों को कवर कर दिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से 3 लापता: अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से तेज बारिश जारी है। कीयी पन्योर जिले में याजाली सर्किल के नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में बाढ़ आ गई। घटना में 3 लोग लापता हुए हैं। 18 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। फ्रांस में हीटवेव से 58 मौतें: फ्रांस में गर्मी के कारण 58 लोगों की मौत हो गई। हीटवेव के चलते फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। फ्रांस ही नहीं यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। स्पेन, इटली और ब्रिटेन समेत 14 देशों में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। पूरी खबर पढ़ें... 6. वैभव के लिए इंग्लैंड में अलग चेंजिंग रूम होगा, टीम मीटिंग और खेल के दौरान ही सीनियर्स साथ रहेंगे वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम इस्तेमाल करेंगे। यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि, सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय प्लेयर्स के साथ रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। ऐसे नियम क्यों बने: खेलों में चाइल्ड सेफगार्डिंग नियम अचानक नहीं बने। सालों तक खेल अकादमियों, ड्रेसिंग रूम और ट्रेनिंग सेंटरों में नाबालिग खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना के कई मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद फीफा, इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी को 'लॉकर रूम बैन' और 'नो 1-ऑन-1' जैसे सख्त नियम बनाने पड़े। पूरी खबर पढ़ें... ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुनिया में सबसे तेज चिल्लाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के 58 साल के जोसेफ मैकग्रेल-बेटअप ने सबसे तेज चीखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उनकी आवाज 122.4 डेसीबल मापी गई, जो उड़ान भरते जेट विमान की आवाज के बराबर मानी जाती है। यह रिकॉर्ड बनाने के लिए जोसेफ को 7 बार कोशिश करनी पड़ी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मकर राशि वालों के बिजनेस में कॉन्टैक्ट मजबूत होंगे। धनु राशि के नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 5:35 am

जर्मनी को कभी हरा नहीं पाया इक्वाडोर:FIFA वर्ल्ड कप में आज रात भिड़ंत; तुर्की एक भी गोल नहीं कर सकी, मेजबान अमेरिका से मुकाबला

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। इक्वाडोर इंटरनेशनल फुटबॉल में जर्मनी को कभी हरा नहीं पाया है। मैच रात 1:30 बजे से न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं तुर्की की भिड़ंत अमेरिका से सुबह 7:30 बजे से होगी। तुर्की इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी गोल नहीं दाग सका है। कुल 6 मुकाबले खेले जाएंगे। ये सभी मैच भारतीय समयानुसार 26 जून को होंगे। मैच-55: आइवरी कोस्ट को नॉकआउट के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरुरत ग्रुप-E में शामिल कोटे डी आइवर 3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। उसे अगले दौर में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है। वहीं 1 अंक के साथ टेबल में सबसे नीचे चल रही कुरासाओ को हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। कुरासाओ को मिडफील्डर ताहित चोंग से करिश्मे की उम्मीद होगी। वहीं आइवरी कोस्ट की टीम अनुभवी मिडफील्डर फ्रैंक केसी के खेल पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कुरासाओ: रूम, ब्रीनत, फ्लोरानस, गारी, ओबिसपो, फोंविले, चोंग, कोमेनेनसिया, एल बाकुना, जे बाकुना, लोकाडिया। आइवरी कोस्ट: वाई फोफाना, जी दोउ, कोसोनौ, अग्बादौ, कोनान, संगारे, केसी, औलाई, दियालो, बोनी, डियोमंडे। मैच-56: जर्मनी के खिलाफ इक्वाडोर को जीतना ही होगा सुपर-32 में जगह बना चुकी जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। जर्मनी 2 मैचों में 6 अंकों के साथ ग्रुप-E में टॉप पर है। वहीं इक्वाडोर सिर्फ 1 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे नॉकआउट की उम्मीदें कायम रखने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। दोनों बार जर्मनी ने जीत दर्ज की है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की दूसरी भिड़ंत होगी। 2006 विश्व कप में जर्मनी ने इक्वाडोर को 3-0 से हराया था। इक्वाडोर को अपने स्टार फॉरवर्ड एनर वैलेंसिया से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जर्मनी के लिए फॉर्म में चल रहे विंगर जमाल मुसियाला अटैकिंग खेल दिखा सकते हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इक्वाडोर: डोमिंगुएज, प्रेसियाडो, टोरेस, पैचो, हिंकापी, फ्रेंको, ग्रुएजो, एम कैसिडो, पाज, वैलेंसिया, रोड्रिगेज। जर्मनी: न्यूर, किमिश, रुडिगर, टाह, मितलस्टाट, एंड्रीच, क्रूस, साने, मुसियाला, विर्ट्ज, हावेर्ट्ज। मैच-57: स्वीडन से ड्रा खेलते ही नॉकआउट में पहुंचेगा जापान ग्रुप-F में शामिल जापान 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं स्वीडन 3 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। जापान की टीम अगर यह मैच ड्रॉ भी खेल लेती है तो वह नॉकआउट में पहुंच जाएगी। वहीं स्वीडन को आगे बढ़ने के लिए जीत की दरकार है। वर्ल्ड कप में दोनों देशों के बीच यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों के बीच अब तक 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। जापान ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान को अपने स्टार स्ट्राइकर अयासे उएदा से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं स्वीडन की नजरें इन-फॉर्म फॉरवर्ड अलेक्जेंडर इसाक पर टिकी रहेंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जापान: सुजुकी, इताकुरा, तानिगुची, माचिदा, डोआन, एंडो, मोरीता, मिनामाइनो, कामादा, कुबो, उएदा। स्वीडन: ओल्सन, लिंडेलोफ, Hइएन, लेगरबीलके, गुदमुंडसन, अयारी, निग्रेन, कार्लस्ट्रोम, बर्नहार्डसन, ग्योकेरेस, इसाक। मैच-58: टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी ट्यूनीशिया का नीदरलैंड से मुकाबला नीदरलैंड और ट्यूनीशिया ग्रुप-F में शामिल हैं। लगातार दो हार के साथ ट्यूनीशिया टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर नीदरलैंड 4 अंकों के साथ टॉप पर है। दोनों देशों के बीच कुल 3 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। नीदरलैंड ने 1 मैच जीता है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप में दोनों की यह पहली भिड़ंत होगी। नीदरलैंड की उम्मीदें उनके स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे पर टिकी होंगी। वहीं ट्यूनीशिया को कप्तान यूसुफ मषाकनी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ट्यूनीशिया: बेन सईद, वालरी, मेरियाह, तल्बी, अब्दी, स्केरी, लैदौनी, रफिया, बेन रमाने, अचौरी, मषाकनी। नीदरलैंड: वर्ब्रूगेन, डमफ्रीज, डी विलेज, वैन डिज्क, एके, शाउटन, रीजेंडर्स, सिमंस, विज्नल्डम, गाकपो, डेपे। मैच-59: मेजबान अमेरिका को चुनौती देगा तुर्की ग्रुप-D में शामिल अमेरिका लगातार 2 जीत के साथ नॉकआउट में जगह बना चुका है। वह 6 अंकों के साथ ग्रुप में पहले स्थान पर है। वहीं तुर्की लगातार 2 हार के साथ बाहर हो चुकी है। वह टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सकी है। दोनों के बीच सिर्फ 1 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। इसमें तुर्की ने 2-1 से जीत हासिल की थी। वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की यह पहली भिड़ंत होगी। अमेरिका को मेन स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन से गोल की उम्मीद होगी। वहीं तुर्की अपने युवा स्टार अरदा गुलर पर निर्भर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: तुर्की: ओजर, चेलिक, सोयुनकु, डेमिरल, एलमाली, युक्सेक, कोकचू, गुलर, अकटुरकोग्लू, यिल्दिज, यिल्माज। अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, पुलिसिक, बालोगुन, वेआ। मैच-60: पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया में जीतने वाली टीम नॉकआउट खेलेगी ग्रुप-D में पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास नॉकआउट में पहुंचने का यह आखिरी मौका है। दोनों टीमों अभी 3-3 अंक पर है। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे नॉकआउट के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 5 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने 2 जीते हैं और 3 मैच ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की पहली भिड़ंत होगी। पराग्वे को युवा फॉरवर्ड जूलियो एनसिसो से बड़ी उम्मीदें होंगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया को अपने कप्तान और अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान से बेहतरीन प्रदर्शन की जरुरत होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: पराग्वे: मोरिनीगो, वेलास्केज़, बाल्बुएना, अल्डरेटे, एस्पिनोज़ा, क्युबास, विलासांती, रोमेरो, अल्मिरोन, एनसिसो, सानाब्रिया। ऑस्ट्रेलिया: रयान, एटकिंसन, सुतार, बर्गस, रोल्स, बकस, इरविन, मेटकाफ, गुडविन, येंगी, बोरेल।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 4:30 am

ईरान शांति वार्ता: कतर और पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिका में उठे सवाल, सीनेटरों ने जताई चिंता

अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटरों ने ईरान के साथ युद्धविराम बातचीत में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाए

देशबन्धु 25 Jun 2026 2:37 am

40 लाख में मां से मिलने अमेरिका गई, मिली जेल:मोहाली की महिला से एजेंटों ने किया धोखा, कानूनी रास्ते से भेजने को लिए पैसे; डंकी रूट से भेजा

भाई की मौत के बाद अकेली पड़ी मां की देखभाल के लिए अमेरिका जाने के प्रयास में लगी मोहाली की महिला एजेंटों के धोखे शिकार हो गई। 40 लाख रुपए देने के बाद उसे एक साल जेल काटनी पड़ी फिर उसे डिपोर्ट कर दिया गया। उन्होंने पुलिस में शिकायत की है। पुलिस एजेटों की गिरफ्तारी मे लगी है। मोहाली के एक ट्रैवल एजेंट द्वारा कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर 40 लाख रुपये की मोटी रकम लिया। लेकिन एजेंट ने महिला को कानूनी वीजा दिलवाने के बजाय 'डंकी रूट' (अवैध सीमा पार मार्ग) के जरिए अमेरिका की सीमा में धकेल दिया। यहां उसे अमेरिकी सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। करीब एक साल तक अमेरिकी हिरासत केंद्र (जेल) में प्रताड़ना झेलने के बाद अब महिला को भारत डिपोर्ट (वापस भेजना) कर दिया गया है। मां के पास जाने की मजबूरी का आरोपी ने उठाया फायदा पीड़िता मनदीप कौर ने मोहाली पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उनकी मां साल 2017 से अमेरिका में रह रही हैं। वर्ष 2021 में मनदीप के भाई की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद से उनकी मां की तबीयत लगातार खराब रहने लगी। मां की देखभाल और उनके पास जाने के लिए मनदीप भी किसी भी तरह अमेरिका जाना चाहती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात खरड़ के इको टावर (सन्नी एन्क्लेव) निवासी प्रदीप कुमार से हुई। प्रदीप ने खुद को एक बड़ा इमिग्रेशन (विदेश भेजने वाला) कंसलटेंट बताया और मनदीप को पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित तरीके से अमेरिका भेजने का पक्का भरोसा दिया। 35 लाख से शुरू हुई बात 45 लाख पर तय हुई, 40 लाख एडवांस दिए पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी प्रदीप कुमार ने शुरुआत में इस काम के लिए 35 लाख रुपये का कुल खर्च बताया था। लेकिन बाद में उसने वीजा प्रक्रियाओं और कागजी दिक्कतों का बहाना बनाकर इस रकम को बढ़ाकर 45 लाख रुपये कर दिया। दोनों के बीच सौदा तय होने के बाद नवंबर 2024 में मनदीप कौर ने आरोपी प्रदीप को 40 लाख रुपये नकद (कैश) एडवांस के तौर पर दे दिए। तय हुआ था कि बाकी बचे 5 लाख रुपये अमेरिका पहुंचने के बाद दिए जाएंगे। दिल्ली से स्पेन, मेक्सिको और फिर जंगलों के रास्ते अवैध एंट्री पैसे ऐंठने के बाद आरोपी एजेंट ने मनदीप को दिल्ली से फ्लाइट के जरिए पहले स्पेन और फिर वहां से मेक्सिको भेज दिया। मेक्सिको पहुंचने पर जब मनदीप को अजीब रास्तों और हालात को देखकर संदेह हुआ कि उसे अवैध तरीके से भेजा जा रहा है, तो उसने एजेंट से बात की। लेकिन शातिर आरोपी ने उसे मीठी बातों में फंसाया और सब कुछ ठीक होने का भरोसा देकर यात्रा जारी रखने को कहा। अमेरिका के बॉर्डर पर ही हो गई गिरफ्तारी आखिरकार, मनदीप कौर को मेक्सिको-अमेरिका सीमा पर तस्करों के जरिए जंगलों और खतरनाक रास्तों से पैदल ही अमेरिका की सीमा में दाखिल करा दिया गया। वहां कदम रखते ही मुस्तैद अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल (US Border Patrol) ने उसे अवैध रूप से सीमा पार करने के आरोप में तुरंत गिरफ्तार कर लिया। लगभग एक साल तक अमेरिकी हिरासत में मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। एसएसपी (SSP) के आदेश पर आरोपी एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज भारत लौटने के बाद पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। जांच के बाद एसएसपी मोहाली द्वारा 22 जून 2026 को सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। एसएसपी के निर्देशों के बाद मोहाली पुलिस ने आरोपी एजेंट प्रदीप कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420) और पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR)दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस 'डंकी रैकेट' में और कौन-कौन से एजेंट शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 7:19 pm

मोगा में किसानों का विरोध प्रदर्शन:भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में फूंका मोदी सरकार का पुतला, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

मोगा में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मोदी सरकार का पुतला फूंका और समझौते को किसान विरोधी बताया। भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी के जिला प्रधान जगमोहन सिंह कंग ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के साथ व्यापारिक समझौते के लिए दिल्ली पहुंच रहा है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो अमेरिका से बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद और डेयरी वस्तुएं भारतीय बाजार में आएंगी, जिससे देश के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। कंग ने कहा कि हरित क्रांति के दौरान विदेशी तकनीक, हाइब्रिड बीज और रासायनिक खादों के उपयोग से उत्पादन बढ़ा, लेकिन इससे किसान इन संसाधनों पर निर्भर भी हो गए। समय के साथ इनकी लागत लगातार बढ़ती गई, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिला। परिणामस्वरूप किसान कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। किसान नेता बोले- अमेरिकी उत्पाद कम कीमत पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे किसान नेताओं का कहना है कि नए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी उत्पाद कम कीमत पर भारतीय बाजार में पहुंचेंगे। इससे स्थानीय कृषि और डेयरी क्षेत्र को नुकसान होगा तथा किसानों और उपभोक्ताओं की विदेशी बाजारों पर निर्भरता बढ़ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन्हीं चिंताओं को देखते हुए किसान मजदूर मोर्चा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। मोगा में भी विभिन्न किसान संगठनों और मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन बहिरामके, भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी, भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद, किसान मजदूर संघर्ष समिति और क्रांतिकारी ई-रिक्शा यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर समझौता किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 6:49 pm

कैमूर की अमेरिकन लाइब्रेरी में शॉर्ट सर्किट से आग:लाखों का सामान जला, बिना NOC संस्थान पर होगी कार्रवाई

कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ में 'अमेरिकन कोचिंग एंड लाइब्रेरी' में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये के कंप्यूटर, एसी और किताबें जलकर राख हो गईं। आग लगने के समय लाइब्रेरी में छात्रों की अनुपस्थिति के कारण बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण एसी में हुआ शॉर्ट सर्किट था। एसी से निकली चिंगारियां नीचे रखी कॉपियों और किताबों पर गिरीं, जिससे आग पूरी लाइब्रेरी में फैल गई। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… बिना NOC और फायर सेफ्टी मानकों के हो रहा था संचालित जांच में सामने आया है कि 100 छात्रों की क्षमता वाला यह संस्थान बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और फायर सेफ्टी मानकों के संचालित हो रहा था। संचालक ने सरकार को देय अग्निशमन शुल्क भी नहीं चुकाया था। मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद, कैमूर क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों, मॉल्स और व्यावसायिक भवनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 6:25 pm

फरीदकोट में किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका:भारत-अमेरिका डील का जताया विरोध, BJP नेत्री के घर के बाहर किया रोष-प्रदर्शन

फरीदकोट के कोटकपूरा में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने आज भाजपा नेत्री और पूर्व प्रदेश सचिव सुनीता गर्ग के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। भाकियू क्रांतिकारी के प्रांतीय उपाध्यक्ष सूरजभान और जिला प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से देश के विभिन्न वर्गों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से खेती-किसानी, कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों और छोटे कारोबारों को भारी नुकसान होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और रोजगार के अवसर भी कम होंगे। समझौते के खिलाफ देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे इस मौके पर किसान नेता सूरजभान व जसविंदर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि समझौते पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते को लागू किया गया तो किसान देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। समझौते संबंधी विपक्षी पार्टियां गुमराह कर रही है उधर इस संबंध में भाजपा नेत्री सुनीता गर्ग ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अभी तक हुआ ही नहीं है और विपक्षी दलों द्वारा लोगों को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई समझौता होता है तो भारत के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 3:53 pm

अमेरिका-ईरान समझौते पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान से मच गई हलचल, भारत के लिए आई बेहद बड़ी खुशखबरी

वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही समझौता वार्ता पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। डोभाल ने इस संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते का विश्लेषण करते हुए संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां और पाबंदियों में ढील भारत के लिए हर मोर्चे पर गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक हिस्सेदार है।क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एनर्जी सिक्योरिटी को मिलेगी मजबूती भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहता है। अजीत डोभाल के इस बयान के बाद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। यह स्थिति भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई पर नियंत्रण और देश की समग्र ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक बहुत बड़ी और सीधी राहत प्रदान करेगी।चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट और लोकल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार इस समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और भारत के महत्वाकांक्षी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट (Chabahar Port Project) पर पड़ने वाला है। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से सीधे ईरान के चाबहार तक होने वाले व्यापारिक रूट को इस डील के बाद एक नया बूस्ट मिलेगा। भौगोलिक और क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन (Geographical Optimization) के लिहाज से यह भारत को पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने का सबसे सुगम रास्ता देगा। डोभाल के इस रुख से साफ है कि पाबंदियां हटने के बाद भारत चाबहार में अपने निवेश और स्थानीय कनेक्टिविटी नेटवर्क को रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाएगा।एआई युग और बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों में भारत की रणनीतिक बढ़त आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए देश अपनी रणनीतिक नीतियां तैयार कर रहे हैं, भारत का यह रुख बेहद सधा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संतुलन बनाने की भारत की यह कूटनीति आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड रूट्स को भी सुरक्षित करेगी। सुरक्षा और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अजीत डोभाल का यह बयान भारत की उस मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है, जो बिना किसी वैश्विक दबाव के देश के आर्थिक हितों और तकनीकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:30 pm

अमेरिका को लगा भयंकर झटका! चीन के 'लाइनशाइन' ने रचा इतिहास, बना दुनिया का सबसे खतरनाक और तेज सुपरकंप्यूटर

ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सुपरकंप्यूटिंग की महाजंग में चीन ने सुपरपावर अमेरिका को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। टेक जगत से आ रही इस समय की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, चीन द्वारा विकसित किया गया नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' (LineShine) आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर घोषित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही चीन ने अमेरिका के सबसे एडवांस सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीक के इस बड़े उलटफेर ने दोनों देशों के बीच जारी टेक-वॉर (Tech War) को एक बिल्कुल नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।अभूतपूर्व स्पीड और गणना क्षमता से दुनिया दंग चीन का यह नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' आधुनिक विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। इसकी कम्प्यूटेशनल क्षमता और डेटा प्रोसेसिंग स्पीड इतनी अविश्वसनीय है कि यह महज कुछ ही सेकेंड्स में उन बेहद जटिल गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जिन्हें करने में सामान्य कंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि 'लाइनशाइन' की इस तूफानी रफ्तार की बदौलत मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने, अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों, गहरे समुद्र के रहस्यों को सुलझाने और बेहद जटिल बायो-मेडिकल रिसर्च के काम में क्रांतिकारी तेजी देखने को मिलेगी।जेनरेटिव एआई और आधुनिक टेक के नए युग की शुरुआत इस सुपरकंप्यूटर को पूरी तरह से भविष्य की आधुनिक जरूरतों जैसे कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 'लाइनशाइन' की मदद से चीन अब और अधिक एडवांस एआई मॉडल्स, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और अगली पीढ़ी की अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी को तेजी से विकसित कर सकेगा। जानकारों का मानना है कि यह सुपरकंप्यूटर वैश्विक एआई रेस (AI Race) और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में चीन को बाकी सभी देशों की तुलना में एक बेहद मजबूत और रणनीतिक बढ़त दिलाने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।वैश्विक टेक समीकरणों और क्षेत्रीय धाक पर बड़ा असर चीन की इस तकनीकी छलांग का सीधा असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific Region) सहित पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक और तकनीकी समीकरणों पर पड़ने वाला है। इस लोकल और ग्लोबल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह हार्डवेयर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ चुका है। अमेरिका लंबे समय से सुपरकंप्यूटिंग की टॉप लिस्ट में पहले पायदान पर काबिज था, लेकिन चीन के 'लाइनशाइन' के इस जोरदार धमाके ने अमेरिकी टेक कंपनियों और वाशिंगटन के नीति निर्माताओं को अपनी तकनीकी रणनीतियों पर दोबारा गहराई से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:27 pm

24 जुलाई से पहले महाडील! भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगी मुहर, होने वाला है बड़ा धमाका

ग्लोबल इकॉनमी और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अपने बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 24 जुलाई से पहले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह महाडील न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को भी पूरी तरह से री-शेप करने की क्षमता रखती है।प्रमुख भारतीय सेक्टर्स और निर्यात को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट इस व्यापक व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों और घरेलू उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बहुत बड़ी और आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इस डील से सीधा और सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली कुछ प्रमुख ड्यूटियों और टैरिफ में कटौती की संभावना है, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक मंच पर एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।लोकल मैन्युफैक्चरिंग हब्स और क्षेत्रीय रोजगार में आएगी भारी तेजी इस मेगा ट्रेड डील का सबसे सकारात्मक असर भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) और स्थानीय विनिर्माण केंद्रों पर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में अमेरिकी डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन गतिविधियों में भारी तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर राज्य को सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड रूट से जोड़ने का काम करेगा।एआई और डिजिटल ट्रेड के नए दौर में दोनों देश बढ़ाएंगे कदम आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों और जेनरेटिव एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, डेटा सिक्योरिटी और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर भी बेहद खास प्रावधान किए गए हैं। भारत और अमेरिका तकनीकी ट्रांसफर और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों का यह आधुनिक कदम भविष्य की जनरेटिव इंजन प्रौद्योगिकियों और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे दोनों देश मिलकर चीन जैसी वैश्विक आर्थिक शक्तियों के एकाधिकार को चुनौती दे सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 1:26 pm

जैकॉब ने 110 मीटर हर्डल 12.75 सेकंड में पूरी की:रेस से पहले चीजबर्गर खाने वाले 20 वर्षीय अमेरिकी एथलीट बना वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

क्या कोई एथलीट अपनी सबसे अहम रेस से ठीक पहले भारी-भरकम फास्ट फूड खाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकता है? 20 साल के अमेरिकी एथलीट जैकॉब थार्प ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। ऑबर्न यूनिवर्सिटी के इस युवा छात्र ने 110 मीटर स्प्रिंट हर्डल को महज 12.75 सेकंड में पूरा कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। अपनी शानदार जीत के साथ-साथ जैकॉब अपने अनोखे प्री-रेस रूटीन के लिए भी चर्चा में हैं। रेस से पहले उनका फिक्स मील है: दो चीजबर्गर, लार्ज फ्रेंच फ्राइज और चिकन नगेट्स। यूजीन (ओरेगन) में आयोजित NCAA चैम्पियनशिप में जैकॉब ने यह ऐतिहासिक कारनामा किया। उन्होंने 2012 में बेल्जियम में एरीस मेरिट द्वारा बनाए गए पुराने रिकॉर्ड को 0.05 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में आने से पहले जैकॉब का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13.01 सेकंड था। अपने समय में 0.26 सेकंड का सुधार लाकर उन्होंने दुनिया को चौंका दिया है। जैकॉब अब दुनिया भर में मशहूर हो चुके हैं, लेकिन उनका असली लक्ष्य अभी बाकी है। उनकी नजर अब 2027 के बीजिंग वर्ल्ड चैम्पियनशिप और 2028 के लॉस एंजिलिस ओलिंपिक पर है। जैकॉब अपनी रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रेस का वीडियो 15 बार देख चुके हैं ताकि यह समझ सकें कि और कहां समय बचाया जा सकता है। जैकॉब का मानना है कि रेस की आखिरी 3 बाधाओं पर सबसे ज्यादा फोकस की जरूरत होती है। वे कहते हैं, ‘जब आप इतनी तेज दौड़ रहे होते हैं, तो बाधाएं बहुत जल्दी सामने आती हैं और आपका शरीर धीमा होना चाहता है। लेकिन आपको एक ‘कामिकेज पायलट’ की तरह खतरे की ओर बिना डरे हमला करते रहना होता है।’ जैकॉब के माता-पिता बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। शुरुआत में जैकॉब भी बास्केटबॉल और ट्रैक दोनों में हाथ आजमाते थे, लेकिन बाद में उन्होंने सिर्फ दौड़ने को अपना करियर चुना। बतौर अंधविश्वास शुरू किया था फास्ट फूड खाना जैकॉब अपनी हर बड़ी रेस से पहले मैकडॉनल्ड्स का फास्ट फूड खाते हैं। यह कोई शौक नहीं, बल्कि उनका एक अंधविश्वास (सुपरस्टिशन) बन चुका है। हाई स्कूल के दौरान स्टेट चैम्पियनशिप में उन्होंने यही मील खाया था और जीत हासिल की थी। तब से हर बड़े इवेंट से पहले वे इसी डाइट को फॉलो कर रहे हैं। उनके कोच केन हार्नडेन (जिम्बाब्वे के दो बार के ओलिम्पियन) को शुरुआत में यह बिल्कुल पसंद नहीं था। लेकिन जैकॉब कहते हैं, ‘अगर कोई चीज काम कर रही है, तो उसे बदलने की क्या जरूरत है। जब आप किसी चीज से जीतते हैं, तो उसी पर टिके रहना बेहतर है।’

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 12:30 pm

वीजा, मास्टरकार्ड, एप्पल पे और गूगल पे जैसे अमेरिकी पेमेंट सिस्टम को चुनौती देगा ईयू

वीजा, मास्टरकार्ड, एप्पल पे और गूगल पे, इन भुगतान प्रणालियों अमेरिकी टेक कंपनियां नियंत्रित करती हैं. यूरोपीय संघ, अपने डिजिटल यूरो से इस सिस्टम को चुनौती देने जा रहा है

देशबन्धु 24 Jun 2026 11:11 am

'आशुतोष राणा की वजह से शिव तांडव स्त्रोत पॉपुलर हुआ:आलोक श्रीवास्तव बोले- दोस्त ने शायरी करने पर डांटा था, बाद में अमेरिका में टिकट लेकर शो देखा

जब भी तकदीर का हल्का-सा इशारा होगा,आसमां पर कहीं मेरा भी सितारा होगा। एक दिन सब मेरे लफ्जों से उजाला लेंगे,मेरी मुट्ठी में नई सुबह का तारा होगा। यह चार लाइनें देश के प्रतिष्ठित शायर, गीतकार और साहित्यकार आलोक श्रीवास्तव ने अपने दोस्त से कही थी। जवानी में पढ़ाई करते समय दोस्त ने श्रीवास्तव को कहा था कि तुम हमेशा शेरो-शायरी करते रहते हो। तुम आट्‌र्स के स्टूडेंट हो। हमें डॉक्टर बनना है। इस पर श्रीवास्तव ने कहा- एक दिन तू टिकट लेगा और मेरा शो देखने आएगा। इसके करीब 30 साल बाद अमेरिका में मेरे शो में वही दोस्त दर्शकों में बैठा मिला। आलोक श्रीवास्तव ने कहा- जगजीत सिंह, पंकज उदास ने मेरी कविताओं को सुरों में पिरोया। वहीं अमिताभ बच्चन ने भी मेरे शब्दों को आवाज दी। श्रीवास्तव ने कहा- एक बार आशुतोष राणा ने कहा- शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी भावानुवाद करो। मैंने इसे किया और आज करोड़ों लोग इसे सुन चुके हैं। आलोक श्रीवास्तव आज साहित्य, गजल, सिनेमा और आध्यात्मिक लेखन की दुनिया में अलग पहचान रखते हैं। 'मां' जैसी कालजयी रचना से लेकर हिंदी में शिव तांडव स्तोत्र, राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा गीत और महाकुंभ एंथम तक, उनकी लेखनी ने करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ है। तीन दशकों से जयपुर से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में श्रीवास्तव ने जयपुर की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक सफर, शिव तांडव स्तोत्र की रचना यात्रा, सपनों की ताकत, बॉलीवुड लेखन और अपनी नई पुस्तक 'आसान' को लेकर खुलकर बात की। सवाल: 30 साल से आप जयपुर आ रहे हैं। कवि सम्मेलन, मुशायरे, साहित्य उत्सव का हिस्सा बने। शहर को कैसे बदलते हुए आपने देखा? आलोक श्रीवास्तव: बहुत ज्यादा बदलते देखा है। मैं जयपुर तब से आ रहा हूं, जब यहां आने में सड़क के रास्ते से आठ घंटे लगते थे। अब मैं नोएडा, दिल्ली-एनसीआर से अपने डेस्टिनेशन तक सवा तीन-साढ़े तीन घंटे में पहुंच जाता हूं। सबसे पहला जो अद्भुत बदलाव आया है, वह हम दिल्ली वालों के लिए आया है। जयपुर तो हमेशा से मेरे सबसे पसंदीदा शहरों में रहा है। मैं यहां लगातार आता रहा हूं। सिर्फ साहित्यिक महोत्सवों में ही नहीं, बल्कि दैनिक भास्कर के कार्यक्रमों, पत्रकारिता के सेमीनार और निजी यात्राओं में भी। मैं अक्सर सोचता था कि इतने खूबसूरत शहर तक पहुंचने का रास्ता इतना कठिन क्यों है। मैं मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने ऐसा शानदार हाईवे दिया। इससे अब हम कुछ ही घंटों में यहां पहुंच जाते हैं। एक और बात जो जयपुर को मेरे लिए बेहद खास बनाती है। जंतर-मंतर पर जो लाइट एंड साउंड शो चलता है, उसकी स्क्रिप्ट लिखने का अवसर मुझे मिला था। मैंने जयपुर के पूरे इतिहास को उस स्क्रिप्ट में पिरोया है। वह आज भी विष्णु शर्मा की आवाज में चल रहा है। जयपुर का भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अद्भुत है। राजस्थान का नाम आते ही मन में शौर्य, गौरव और भारतीयता का एक अनोखा भाव जागता है। महाराणा प्रताप की धरती, वीरता की धरती, संस्कृति की धरती, यह सब कुछ अपने आप में रोमांचित कर देता है। जब भी मैं यहां कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता या निजी यात्रा के सिलसिले में आता हूं, तो सबसे पहले इस शहर की गौरवगाथा मुझे भावुक कर देती है। इसलिए मैं बार-बार जयपुर आता हूं। सवाल: आपकी पहचान गजलकार, साहित्यकार और गीतकार के रूप में है। अब भक्ति गीतकार में अलग पहचान बनी। आलोक श्रीवास्तव: मेरा मानना है कि जब यह ब्रह्मांड आपसे कोई काम कराना चाहता है, तब आपका प्रारब्ध आपसे कुछ विशेष करवाना चाहता है। आपके आसपास वैसा ही माहौल, वैसे ही लोग और वैसी ही परिस्थितियां बना देता है। मैंने कभी योजना नहीं बनाई थी कि मुझे भक्ति गीत लिखने हैं। धीरे-धीरे परिस्थितियां ऐसी बनीं कि शिव तांडव स्तोत्र का भावानुवाद सामने आया। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के गीत आए। महाकुंभ का एंथम आया। यह सब अपने आप होता चला गया। मैंने इसके लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए। जो काम कुदरत आपको सौंपती है, उसके लिए वह आपको तैयार भी करती है। आपका काम सिर्फ इतना होता है कि जो जिम्मेदारी आपको मिली है, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएं। सवाल: शिव तांडव स्तोत्र के हिंदी भावानुवाद की कहानी रोचक मानी जाती है। यह यात्रा कैसे शुरू हुई? आलोक श्रीवास्तव: मैं हमेशा कहता हूं कि हिंदी शिव तांडव स्तोत्र की मूल प्रेरणा, मूल विचार और पूरा मार्गदर्शन एक ही व्यक्ति हैं। मेरे बड़े भाई, महान साहित्यकार और अभिनेता आशुतोष राणा जी। कोविड के दौरान मैंने एक गजल लिखी थी- जो दिख रहा है सामने, वह दृश्य मात्र है,लिखी रखी है पटकथा, मनुष्य पात्र है... मैंने आशुतोष जी से आग्रह किया कि अगर वे इस गजल का पाठ कर दें तो यह अमर हो जाएगी। उन्होंने समय मिलने पर इसे रिकॉर्ड किया। जैसे ही यह गजल सोशल मीडिया पर आई, लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच गई। कुछ समय बाद आशुतोष राणा ने मुझसे कहा- शिव तांडव स्तोत्र का हिंदी भावानुवाद करो। मैंने उनसे कहा कि यह तो बहुत कठिन काम है। तब उन्होंने कहा कि इसका छंद वही है, जिसमें तुम अपनी कविता लिख चुके हो। फिर उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से यह काम शुरू हुआ। मैं हमेशा कहता हूं कि आशुतोष राणा निमित्त बने और भगवान शिव की कृपा से शिव तांडव स्तोत्र हिंदी में आलोकित हो गया। आज करोड़ों लोग इसे सुन चुके हैं और इसे जो प्रेम मिला है, वह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं। सवाल: शिव तांडव स्तोत्र को लेकर जो प्रतिक्रियाएं मिलीं, उनमें सबसे विशेष क्या रहा? आलोक श्रीवास्तव: आज सोशल मीडिया का समय है। लोग खुलकर अपनी राय रखते हैं। यह महादेव की कृपा है कि आशुतोष राणा के यूट्यूब चैनल ‘पंचतत्व वन’ पर यह रिलीज हुआ। चैनल पर हजारों टिप्पणियां हैं, लेकिन मुझे आज तक एक भी नकारात्मक टिप्पणी नहीं मिली। चार-पांच साल हो गए, लेकिन आज तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जिसने कहा हो कि इसमें कोई कमी है। यह पूरी तरह भगवान शिव का आशीर्वाद है। जब मैं यह लिख रहा था, तब मुझे खुद आश्चर्य हो रहा था कि यह भाषा और यह शब्दावली मेरे भीतर कहां से आ रही है। मैं तो मूल रूप से हिंदी-उर्दू का गजलकार हूं। जब आप किसी दिव्य कार्य के निमित्त बनते हैं, तो शब्द भी उसी शक्ति के माध्यम से आते हैं। कितनी अद्भुत बात है कि हमारी पूरी सनातन सभ्यता में शिव इकलौते ऐसे देवता हैं, जो एक लोटा जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। आलोक अगर उनका श्रद्धापूर्वक आह्नान करें। बुलाएं तो आलोकेश्वर हो जाएंगे। अनुराग भाई बुला लें तो अनुरागेश्वर हो जाएंगे। पीपल के नीचे रख दीजिए, पीपलेश्वर हो जाएंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने लंका विजय से पहले आह्वान किया। वहां विराजे तो रामेश्वरम हो गए। यानी जहां विराजे, उस स्थान को सिद्ध कर दिया और जिसने विराजा उसे प्रसिद्ध कर दिया। विशेष हैं, अशेष हैं, प्रशेष हैं, विशेष हैंविशेष हैं, अशेष हैं, प्रशेष हैं, विशेष हैं।जो उनको जैसा धार ले, वे उसके जैसा वेश हैंवे नेत्र सूर्य देवता का चंद्रमा का भाल है।विलय भी वे, प्रलय भी वे, अकाल महाकाल हैउसी के नाथ हो लिए जो उनके साथ हो लिया। वहीं के हो गए हैं वे। जहां सुना शिवा शिवम तरल अनल गगन पवन धरा धरा शिवा शिवम। सवाल: कभी सोचा था कि जगजीत सिंह, पंकज उधास और अमिताभ बच्चन आपकी रचनाओं को आवाज देंगे? आलोक श्रीवास्तव: शायद यह पावर ऑफ मैनिफेस्टेशन था। जब भी मैं जगजीत सिंह जी को सुनता था, पंकज उधास साहब को सुनता था या अमिताभ बच्चन जी को देखता था, तो मन में आता था कि काश कभी कुछ ऐसा लिखूं, जिसे ये लोग गाएं या बोलें। मैं अक्सर अपने शो ‘आलोकनामा’ में अपनी कहानियां सुनाता हूं। दैनिक भास्कर ने उसके बड़े अच्छे टिकटेड शो भी इंदौर और भोपाल में करवाए हैं। वहां भी यह कहानी सुनाई थी, यहां भी बताता हूं। मैं बचपन में अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई करता था। कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर की पढ़ाई कर रहा था, मैं आट्‌र्स का स्टूडेंट्स था। वहां शायरी और कविताएं पढ़ा करता था। एक दिन उन्हीं में से एक दोस्त जो शायद स्ट्रेस में था, उसने मेरी शायरी सुनते ही कहा कि क्या तुम जब देखो, तब शेरो शायरी करते रहते हो। तुमको तो कुछ नहीं है। तुम तो आट्‌र्स के स्टूडेंट हो, हम लोगों को डॉक्टर बनना है। उसने मुझे वहां से भगा दिया। मैं बाहर आकर बहुत रोया। बहुत भावुक हुआ। इसके बाद मैं वापस छत पर गया और मैंने उससे कहा कि आज तो तू मुझे यहां से भगा रहा है। एक दिन तू टिकट लेगा और मेरा शो देखने आएगा। करीब 30 साल बाद अमेरिका में मेरा कार्यक्रम था। वही दोस्त दर्शकों में बैठा मिला। उसने कहा कि तुम भूल गए, लेकिन मैंने तुम्हारी बात नहीं भूला। तुमने कहा था कि एक दिन मैं टिकट लेकर तुम्हारा शो देखने आउंगा, इसलिए मैं आया हूं। मुझे लगता है कि जब आप अपने आप से कोई वादा करते हैं, तो पूरा ब्रह्मांड उसे सुनता है। जगजीत सिंह, पंकज उदास, अमिताभ बच्चन के लिए भी कहा करता था कि ये भी कभी मेरे शब्दों को आवाज देंगे और यह बात सच भी हुई। सवाल: हिंदी साहित्य और बॉलीवुड के लिए लिखने में क्या अंतर महसूस करते हैं? आलोक श्रीवास्तव: जब आप साहित्य लिखते हैं, तो अपने मन की बात लिखते हैं। वह बात सबके मन की बात बन जाती है। जब आप फिल्म के लिए लिखते हैं, तो आपके सामने एक तय परिस्थिति, एक दृश्य और एक समय सीमा होती है। आपको उसी दायरे में काम करना होता है। एक सच्चे कवि की पहचान यह होती है कि उसका स्वर दोनों जगह एक जैसा रहे। जैसे आप गुलजार साहब, जावेद अख्तर साहब, साहिर साहब या कैफी आजमी साहब को सुनते ही पहचान लेते हैं। मैं मानता हूं कि कविता बड़े शब्दों से नहीं बनती, बल्कि सरल शब्दों में बड़ी बात कहने से बनती है। सवाल: आपकी नई किताब ‘आसान’ को लेकर क्या कहना चाहेंगे? आलोक श्रीवास्तव: मेरी पहली किताब ‘आमीन’ थी, जिसे बहुत प्रेम मिला। इसके बाद जो यात्रा हुई, जो अनुभव आए, जो भक्ति रचनाएं और नई गजलें लिखीं। वे सब ‘आसान’ में संकलित हैं। इसका नाम भी जावेद अख्तर साहब ने सुझाया। उन्होंने कहा कि तुम्हारी भाषा बहुत सरल है, इसलिए किताब का नाम ‘आसान’ होना चाहिए। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कविता वह नहीं होती, जिसमें शब्द कठिन हों। कविता वह होती है, जिसमें शब्द आसान हों, लेकिन बात बड़ी हो।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 10:27 am

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से कच्चे तेल में फिसलन: युद्ध के पीक से ३३% से ज्यादा टूटे दाम, होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सामान्य

वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:19 am

बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 9:07 am

LIVE: अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ सांसद, पुणे में राजा रघुवंशी जैसा कांड, नीरव मोदी लौटाएगा 100 करोड़ के हीरे

अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...

वेब दुनिया 24 Jun 2026 8:47 am

निर्मला सीतारमण और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और नए विकास अवसरों पर चर्चा की।

देशबन्धु 23 Jun 2026 10:43 pm

लेबनान से नहीं हटेंगे इजरायली सैनिक, अमेरिका-ईरान शांति समझौते से इजरायल को किस बात का डर

पश्चिम एशिया में शांति की बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गहरी चिंता में डाल दिया है। हाल ही में हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के बाद जहां दुनिया उम्मीद कर रही है कि तनाव कम होगा, वहीं इजरायल को लग रहा है कि यह समझौता लेबनान में ईरान और उसके सहयोगी हिजबुल्लाह को नई ताकत दे सकता है। इसी आशंका के चलते नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायली सेना तब तक दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी जब तक उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूदगी जरूरी महसूस होगी।क्या है विवाद की जड़?फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक नए कूटनीतिक मोड़ पर है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ताजा समझौता ज्ञापन (MoU) में युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हालांकि, इजरायल इसे एक खतरे के रूप में देख रहा है। इजरायली सरकार को शक है कि इस समझौते की आड़ में वाशिंगटन लेबनान में ईरान के प्रभाव को अनजाने में मजबूत कर रहा है, जो भविष्य में इजरायल की सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।इजरायल को सता रहा है इन तीन बड़े खतरों का डरइजरायली रणनीतिकारों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह समझौता इजरायल की सैन्य क्षमता को सीमित कर सकता है:सैन्य कार्रवाई पर लगाम: अब तक इजरायल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जब चाहे हमला करने को स्वतंत्र था। उन्हें डर है कि अब वाशिंगटन हर हमले पर आपत्ति दर्ज कराएगा और इजरायल की 'ऑपरेशनल फ्रीडम' खत्म हो जाएगी।सैनिकों की वापसी का दबाव: ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ट्रंप प्रशासन इजरायल पर दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने का दबाव बना सकता है, जिसे नेतन्याहू मानने को तैयार नहीं हैं।हिजबुल्लाह को संजीवनी: इजरायल का मानना है कि यह समझौता हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी संयुक्त प्रयासों को कमजोर कर रहा है, जिससे आतंकी संगठन को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है।'बीबी' की बढ़ती बेचैनीसूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू—जिन्हें इजरायल में प्यार से 'बीबी' कहा जाता है—इस समझौते को लेकर बेहद परेशान हैं। इजरायल का तर्क है कि इस अंतरिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से ज्यादा खतरनाक 'लेबनान वाला हिस्सा' है। इजरायली सरकार का मानना है कि अमेरिका और ईरान की यह नजदीकी न केवल सुरक्षा संतुलन को बिगाड़ रही है, बल्कि इससे इजरायल की भविष्य की सुरक्षा रणनीति भी दांव पर लग गई है। अब देखना यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इजरायल के इन संदेहों को दूर कर पाएगा या नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीतियों पर अडिग रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 7:57 pm

अमेरिका के स्कूल में शर्मनाक कांड: शिक्षिका के प्राइवेट वीडियो से छात्रों ने किया ब्लैकमेल, मांगे बेहतर ग्रेड्स

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के 'अलेक्जेंडर हाई स्कूल' से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल की 25 वर्षीय बायोलॉजी शिक्षिका मारिस निकोल्स पर एक नाबालिग छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की नई रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें शिक्षिका के खिलाफ छात्रों की ब्लैकमेलिंग का एंगल भी सामने आया है।क्लोजेट और कार में बनाए शारीरिक संबंधपुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका मारिस निकोल्स पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के क्लासरूम के एक क्लोजेट (स्टोर रूम) में और बाद में अपनी गाड़ी के अंदर छात्र के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं। निकोल्स स्कूल की फुटबॉल टीम की ऑपरेशंस मैनेजर भी थीं, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने कथित तौर पर छात्र से नजदीकियां बढ़ाईं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि शिक्षिका ने छात्रों को कई आपत्तिजनक संदेश और वीडियो भेजे थे, जो बाद में पूरी तरह से अनियंत्रित हो गए।वीडियो लीक का डर और छात्रों की 'ब्लैकमेलिंग'मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब शिक्षिका का एक प्राइवेट वीडियो छात्रों के बीच वायरल हो गया। इसके बाद स्कूल के कुछ अन्य छात्रों ने निकोल्स को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। छात्रों ने शिक्षिका पर दबाव डाला कि यदि उन्हें परीक्षा में बेहतर ग्रेड (नंबर) नहीं दिए गए, तो वे उनके 'ओनलीफैंस' (OnlyFans) अकाउंट के आपत्तिजनक वीडियो लीक कर देंगे। इस ब्लैकमेलिंग के चलते मामला और भी गंभीर हो गया और अंततः पुलिस तक पहुंच गया।कानूनी कार्रवाई और अदालती रोकपुलिस ने इस मामले में अब तक 27 अलग-अलग वारंट जारी किए हैं। मारिस निकोल्स पर सबूतों से छेड़छाड़, बाल शोषण और एक स्कूल कर्मचारी द्वारा अनुचित शारीरिक संबंध बनाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल निकोल्स जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अदालत ने कड़ी शर्तें लागू की हैं। उन्हें अपनी बेटी के अलावा किसी भी अन्य नाबालिग से मिलने की अनुमति नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने उनके 17 वर्षीय भाई से मिलने की अपील की है, जिस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है, जिसने स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 7:50 pm

India-US Trade Talks 2026: अमेरिका के साथ बड़ी डील की तैयारी में भारत, शेयर बाजार के निवेशकों के लिए क्या है इसके मायने?

अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार मुनाफा (Trade Surplus) 40% तक गिर चुका है। इस बीच वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अगले हफ्ते अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस ...

ज़ी न्यूज़ 23 Jun 2026 2:48 pm

ईरान-अमेरिका डील के बाद भी सुलग रहा गाजा: सीजफायर के बाद भी 3200 से ज्यादा बार खूनी झड़प, 64% इलाके पर इजरायल का कब्जा

पश्चिम एशिया से एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के बाद दुनिया ने राहत की सांस जरूर ली थी कि शायद अब महायुद्ध का खतरा टल जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। गाजा पट्टी में बेकसूर लोगों और बच्चों की मौतों का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। 10 अक्टूबर 2025 को हुए आधिकारिक सीजफायर (युद्धविराम) के ऐलान के बाद भी गाजा में लगभग हर दिन रॉकेट और गोलियां बरस रही हैं। इजरायली सेना और हमास के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बावजूद, 9 जून 2026 तक सीजफायर उल्लंघन के 3,201 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क अल जजीरा की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने युद्धविराम के पिछले 243 दिनों में से 218 दिनों तक गाजा पर एक्टिव हमले किए हैं। पूरे आठ महीनों में सिर्फ 25 दिन ही ऐसे रहे, जब गाजा से खूनखराबे की खबर नहीं आई।गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सैनिकों ने तय 'येलो लाइन' को पार कर रिहायशी बस्तियों में 97 बार भीषण छापेमारी की है और इस दौरान 83 फिलिस्तीनियों को बंदी बना लिया। सीजफायर के दौरान ही गाजा पर कुल 1,109 बार हवाई बमबारी और तोपों से गोलाबारी की गई, जिसमें 273 से ज्यादा नागरिकों की निजी संपत्तियां मलबे में तब्दील हो गईं। स्थानीय प्रशासन ने इजरायल पर मानवीय सहायता (भोजन-दवाई) को सीमा पर रोकने और जानबूझकर बुनियादी ढांचे को तबाह करने का गंभीर आरोप लगाया है।ईरान संकट के पीछे छिप गई मासूम बच्चों की मौत की चीखेंजब कुछ महीने पहले इजरायल-अमेरिका का ईरान के साथ सीधे युद्ध का संकट शुरू हुआ, तो पूरी दुनिया के मीडिया का ध्यान गाजा से हट गया। इसी का नतीजा रहा कि गाजा में इजरायली हमलों में मारे जा रहे फिलिस्तीनियों की खबरें अंतरराष्ट्रीय पटल पर कहीं दबकर रह गईं। डेटा के मुताबिक, 10 अक्टूबर से 9 जून के बीच जब दुनिया ईरान-अमेरिका तनाव देख रही थी, तब गाजा में चुपके से 981 लोग मार दिए गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। हाल ही में 20 जून को हुए एक ताजा हमले में भी 6 लोगों की जान चली गई, जिसमें 2 मासूम बच्चे शामिल थे।तकरीबन दो हफ्ते पहले वेस्ट बैंक के हेब्रोन इलाके के पास इजरायली सैनिकों की ओपन फायरिंग में सैम फहद अबू हैकल नाम के महज 7 महीने के एक नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा गाजा में बोर्ड परीक्षा देने जा रही 18 साल की एक फिलिस्तीनी छात्रा को भी इजरायली सैनिकों द्वारा गोली मारने का संगीन आरोप लगा है।गाजा के दो-तिहाई हिस्से पर इजरायली सेना का कब्जा, मंडराया भुखमरी का सायाईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते की घोषणा के बाद माना जा रहा था कि मिडिल ईस्ट में स्थिरता आएगी, लेकिन इजरायल और हमास की यह जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। गाजा मीडिया कार्यालय के ताजा और आधिकारिक दावे के मुताबिक, इजरायली सेना ने रणनीतिक तौर पर आगे बढ़ते हुए गाजा के लगभग 64 प्रतिशत हिस्से पर पूरी तरह से अपना सैन्य कब्जा जमा लिया है। इतना ही नहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से सेना को इस घेरे को और ज्यादा बढ़ाने के गुप्त निर्देश भी मिल चुके हैं।मार्च के महीने में जब पूरी दुनिया का फोकस ईरान पर था, तब इजरायली सेना ने फिलिस्तीनियों के लिए काम करने वाली ग्लोबल रिलीफ एजेंसियों को नए नक्शे सौंपे थे। इन नक्शों से साफ पता चलता है कि सेना तय 'येलो लाइन' से 11 फीसदी और आगे घुस चुकी है। इस कब्जे का सबसे भयावह पहलू यह है कि अब गाजा के आम नागरिक अपने ही देश के दो-तिहाई हिस्से में कदम भी नहीं रख सकते। गाजा की सबसे उपजाऊ और खेती योग्य जमीन अब इजरायल के कंट्रोल में है, जिसके कारण आने वाले दिनों में यहां अकाल और भुखमरी की स्थिति बेहद डरावनी होने वाली है।72 हजार से ज्यादा मौतें; आखिर ईरान-अमेरिका डील से फिलिस्तीन को क्या मिला?गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा और रूह कंपा देने वाले आंकड़ों के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 से लेकर 10 जून 2026 तक इस युद्ध में कम से कम 72,991 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सबसे ज्यादा दुखद बात यह है कि इस कुल आंकड़े में 20,179 केवल छोटे बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 1,73,212 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल या अपंग हो चुके हैं। इस सर्वविनाश के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ईरान और अमेरिका की इस ग्लोबल डील से फिलिस्तीन के हाथ क्या आया? जवाब है— कुछ भी नहीं। सुपरपावर्स के समझौतों के बाद भी गाजा के लोगों को सिर्फ बारूद और मौतें ही मिल रही हैं।गाजा की राह पर बढ़ा दक्षिणी लेबनान, 12 लाख लोग बेघरइस पूरे विवाद का एक और खतरनाक मोर्चा दक्षिणी लेबनान में खुला हुआ है, जहां इजरायली सेना हमास की ही तरह हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर भीषण हमले कर रही है। हालांकि ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते में लेबनान सुरक्षा की शर्त को भी शामिल कराया था, लेकिन इजरायल इस अंतरराष्ट्रीय समझौते को पूरी तरह खारिज कर रहा है। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के लगभग पांचवें हिस्से को तुरंत खाली करने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है, जिसके चलते रातों-रात 12 लाख से अधिक लेबनानी नागरिक बेघर होकर शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। जमीनी हालात को देखकर वैश्विक मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिणी लेबनान भी बहुत तेजी से दूसरे 'गाजा' बनने की ओर अग्रसर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:39 pm

खाड़ी युद्ध में बिना लड़े ही भारत को लगा सबसे बड़ा जख्म, इजराइल-अमेरिका से ज्यादा भारतीय नागरिकों की मौत; जानें खौफनाक आंकड़े

ईरान युद्ध में इजराइल और महाशक्ति अमेरिका से भी ज्यादा भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। यह बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक हकीकत तब सामने आई है, जब भारत इस विनाशकारी जंग में किसी भी तरह से शामिल नहीं है। सोमवार (22 जून, 2026) को कतर के रास लाफान पर हुए एक भीषण हमले में 12 भारतीय कामगारों की मौत हो गई, जिसके बाद इस युद्ध की चपेट में आकर मरने वाले बेकसूर भारतीयों की कुल संख्या 25 पर पहुंच गई है। वहीं, अगर जंग में सीधे तौर पर शामिल देशों की बात करें, तो इस लड़ाई में अब तक अमेरिका के 13 और इजराइल के 24 नागरिक मारे गए हैं। इस युद्ध की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इजराइल के हमलों से अब तक सबसे ज्यादा लेबनान के 4 हजार और ईरान के 3600 लोग मारे जा चुके हैं।इस खाड़ी युद्ध की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी। इन चंद महीनों की जंग में ईरान को बहुत बड़े झटके लगे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से लेकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और ईरान सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी जैसे शीर्ष नेताओं की इस युद्ध में हत्या की जा चुकी है।कब और कहां कितने भारतीयों ने गंवाई अपनी जान?कतर के रास लाफान में हुए ताजा हमले में 12 भारतीयों की मौत के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भी भारत के 6 नागरिक मारे गए हैं। होर्मुज में हुए एक अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जिस पर भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ बेहद कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। खुद भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन कर इस पर कड़ा विरोध और प्रतिरोध दर्ज कराया था। इसके अलावा कतर में ही पिछले दिनों हुए एक अन्य हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी, जबकि एक भारतीय की मौत कुवैत में ईरानी हमले के दौरान हुई थी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी भारतीय नागरिक इस युद्ध का शिकार बन चुके हैं। इन सब को मिलाकर अब तक कुल 25 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है।युद्ध में इजराइल और अमेरिका से ज्यादा भारतीय क्यों मारे गए?बिना किसी दुश्मनी और बिना युद्ध में शामिल हुए भारतीयों की इतनी बड़ी तादाद में मौत के पीछे तीन सबसे मुख्य और जमीनी कारण हैं:कुवैत और यूएई पर अंधाधुंध हमले और इजराइली बंकर: ईरान ने इस जंग के दौरान इजराइल से कहीं ज्यादा कुवैत और यूएई के इलाकों को निशाना बनाया है। इजराइल पर ईरान ने सिर्फ शुरुआत में ही कुछ बड़े अटैक किए थे, जिसमें कुछ इजराइली नागरिक मारे गए। इसके तुरंत बाद इजराइल ने अपने सभी नागरिकों को बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकरों में शिफ्ट कर दिया, जिसके कारण ईरान इजराइल के नागरिकों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया। दूसरी तरफ, दूरदर्शी अमेरिका ने जंग छिड़ने के संकेत मिलते ही अपने नागरिकों को खाड़ी देशों से वापस बुला लिया था, इसलिए जंग में सिर्फ अमेरिकी सैनिक ही हताहत हुए हैं।खाड़ी देशों में प्रवासियों की भारी तादाद: खाड़ी (Gulf) के देशों में भारतीय मूल के लोगों की आबादी बहुत बड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब में करीब 27 लाख और यूएई में 43 लाख भारतीय रहते हैं। इसी तरह कुवैत में 10 लाख और कतर में 8 लाख प्रवासी भारतीय कार्यरत हैं। कतर का रास लाफान जहां सोमवार को हमला हुआ, वह एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और वहां भारी संख्या में भारतीय मजदूर और इंजीनियर काम करते हैं, जो सीधे तौर पर इस हमले की चपेट में आ गए।होर्मुज में फंसे जहाजों पर भारतीय क्रू मेंबर्स: होर्मुज की खाड़ी में जो व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं, उनमें काम करने वाले अधिकांश कामगार और नाविक भारतीय ही हैं। हालिया डेटा के अनुसार, इस डेंजर जोन में फंसे लगभग 550 जहाजों पर 18 हजार से ज्यादा भारतीय कामगार मौजूद हैं। जब भी इन जहाजों पर हवाई या मिसाइल हमले होते हैं, तो वहां तैनात भारतीय इसकी चपेट में आ जाते हैं।बेकसूर भारतीयों की इन मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?इस खाड़ी युद्ध में मारे गए कुल भारतीयों में से आधे से अधिक लोगों की मौत सीधे तौर पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से हुई है। वहीं, 3 भारतीयों की मौत अमेरिकी सेना के हमले में हुई। अमेरिका ने इसी महीने की शुरुआत में होर्मुज की नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया था, जिसमें भारतीय सवार थे। इसके विपरीत रास लाफान, कुवैत और कतर के रिहायशी व औद्योगिक इलाकों में जो भारतीय मारे गए हैं, वो ईरान के हमलों का शिकार हुए हैं। हालांकि, वैश्विक दबाव के बीच दोनों ही देशों (अमेरिका और ईरान) ने सफाई देते हुए कहा है कि ये मौतें सक्रिय युद्ध क्षेत्र (War Zone) में होने के कारण हुई हैं, यानी किसी भी भारतीय को जानबूझकर या टारगेट करके नहीं मारा गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 2:12 pm

अमेरिका ने वादा तो कर दिया, पर ईरान को 300 अरब डॉलर देगा कौन? खाड़ी जा रहे मार्को रुबियो देंगे जवाब!

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक वित्तीय बाजारों के गलियारों से इस वक्त एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वॉशिंगटन से लेकर मध्य पूर्व (Middle East) तक इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि क्या अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर (करीब 25 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम फंड सौंपने की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस की तरफ से इस सिलसिले में कुछ बड़े संकेत तो दिए गए हैं, लेकिन इस वक्त सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि आर्थिक मोर्चे पर खुद कई चुनौतियों से जूझ रहा अमेरिका आखिर इतनी बड़ी रकम लाएगा कहां से? इस बीच अमेरिकी विदेश नीति के अहम सिपहसालार मार्को रुबियो का अचानक खाड़ी देशों (Gulf Countries) का दौरा करना इस पूरी मिस्ट्री को और गहरा कर रहा है। माना जा रहा है कि इस महा-डील की असली चाबी रुबियो के इसी दौरे में छिपी हुई है।इस सीक्रेट महा-डील के पीछे का पूरा बैकग्राउंड क्या हैएक वरिष्ठ रणनीतिक रिपोर्टर की नजर से अगर इस पूरे घटनाक्रम को देखें, तो यह मामला ईरान पर लगे पुराने प्रतिबंधों, तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय फ्रीज किए गए एसेट्स (जब्त संपत्तियों) से जुड़ा हुआ है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने लंबे समय से ईरान के अरबों डॉलर विदेशी बैंकों में फ्रीज कर रखे हैं। अब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को साधने और खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने के नाम पर इस फंड को कुछ शर्तों के साथ रिलीज करने का एक खाका तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस वादे को जमीन पर उतारना इतना आसान नहीं है। अमेरिकी संसद (Congress) के भीतर ही इस बात को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है कि आतंकवाद को फंड करने के आरोपी देश को इतनी बड़ी वित्तीय राहत कैसे दी जा सकती है।मार्को रुबियो का खाड़ी दौरा और मध्य पूर्व का नया समीकरणइस पूरी गुत्थी को सुलझाने के लिए अमेरिकी सीनेटर और विदेश नीति के दिग्गज मार्को रुबियो इस समय खाड़ी देशों के बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरे पर हैं। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे अमीर देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ रुबियो की बंद कमरों में होने वाली बैठकों का मुख्य एजेंडा यही है कि ईरान से जुड़ी इस वित्तीय डील की गारंटी कौन लेगा। जानकारों का कहना है कि अमेरिका खुद अपनी जेब से यह पैसा देने के बजाय खाड़ी देशों के जरिए एक ऐसा त्रिकोणीय वित्तीय ढांचा (Triangular Financial Framework) तैयार करना चाहता है, जिससे ईरान को तेल सप्लाई और क्षेत्रीय सुरक्षा के बदले यह रकम किस्तों में मिल सके। मार्को रुबियो इस दौरे में खाड़ी के सुल्तानों को इस बात के लिए राजी करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।भारत समेत वैश्विक बाजारों पर इस फैसले का क्या होगा असरअगर यह 300 अरब डॉलर की डील किसी भी तरह से परवान चढ़ती है, तो इसका सीधा और गहरा असर वैश्विक तेल बाजार (Crude Oil Market) पर पड़ने वाला है। ईरान के पास तेल का विशाल भंडार है और वित्तीय पाबंदियां हटने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई तेजी से बढ़ेगी, जिससे तेल की कीमतें धड़ाम से गिर सकती हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत की खबर साबित हो सकती है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने और महंगाई से राहत मिलने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, जब तक मार्को रुबियो के इस दौरे का कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आता, तब तक अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस सबसे बड़े सस्पेंस पर सट्टेबाजी का दौर जारी रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jun 2026 1:56 pm

रोहतक में आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता का केंद्र पर निशाना:बोले, अमेरिका के सामने पीएम मोदी ने टेके घुटने, सांसदों को खरीदने की लगाई मंडी

रोहतक में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुटने टेककर देश के हितों को दांव पर लगा दिया है। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। नरेंद्र मोदी देश के सबसे डरपोक व झुके हुए प्रधानमंत्री साबित हुए है। अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत पाने के लिए पूरे देश में सांसदों को खरीदने की मंडी लगा दी है। सरकार गिरने के डर से भाजपा लोकतांत्रित तरीके को छोड़कर तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। पैसे व फोर्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रामलला के घर से चोरी करके सांसदों को खरीदा जा रहा है। अनुराग ढांडा ने एक माह के लिए मांगी ईडी आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी व सीबीआई के बल पर भाजपा सांसदों को तोड़ने का काम कर रही है। एक माह के लिए आम आदमी पार्टी को ईडी दिलवा दो, भाजपा का पटका पहनने वाला भी कोई नहीं दिखेगा। 2014 में जैसे दिल्ली में भाजपा के विजय रथ को रोका था, वैसे ही अब पंजाब भी रोका जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ सेटिंग अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ लांग टर्म सेटिंग है। इसलिए भाजपा जनता पर कोई अन्याय करती रहे, भूपेंद्र हुड्डा अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निलकते। पूरे हरियाणा में एक ही चर्चा चल रही है कि जब तक भूप्पी, तब तक बीजेपी। जब तब भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के नेता व विपक्ष के नेता बने रहेंगे, तब तक हरियाणा में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा से मिलकर सरकार चला रहे भूपेंद्र हुड्डा अनुराग ढांडा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में हिस्सेदारी है। भूपेंद्र हुड्डा तो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस और सरकार चलाने में नायब सिंह सैनी विफल साबित हुए है। नायब सैनी 90 प्रतिशत समय हरियाणा से बाहर रहते हैं और विपक्ष उसे रोकने में नाकाम है। भाजपा पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ाने में लगी अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीटें दी, दूसरे दलों के सहारे सरकार बनाई। अब भाजपा जनता से वोट लेने की बताय पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ा रही है। दो तिहाई बहुमत करके संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसदों की खरीद फरोख्त करके संविधान बदलने का प्रयास कर रहे, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा राज में राम मंदिर में हुई चोरीअनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12 साल में राम मंदिर के अंदर चोरी हुई। इतने पेपर लीक करवा दिए, जितने कांग्रेस राज में भी नहीं हुए। राज्यों से पैसो इकट्ठा करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिससे सांसदों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह भाजपा की उवलब्धियां है।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 1:07 pm

अमेरिका जारी करेगा ईरान के 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड –तेल बिक्री पर भी बड़ी राहत

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दूसरे दिन; दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में अमेरिका ने ईरान के लगभग 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही ईरान […]

चौथी दुनिया 23 Jun 2026 1:04 pm

पंजाब में किसान कल फूंकेंगे मोदी-ट्रंप के पुतले:BJP नेताओं के घरों के बाहर प्रदर्शन की तैयारी, अमेरिका-भारत समझौते का जताएंगे विरोध

किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके जाएंगे। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा: पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 11:20 am

कैथल में आज भाकियू चढूनी ग्रुप का प्रदर्शन:भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करेंगे किसान, अधिकारियों को ज्ञापन देंगे

कैथल में आज भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की ओर से शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों द्वारा भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा। जिलेभर के किसान करनाल रोड स्थित सर छोटूराम चौक पर सुबह 10 बजे से लेकर 11 बजे तक इकट्‌ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक जाएंगे। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कहा-ट्रेड डील किसानों के लिए खतरा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जिस प्रकार जानकारी सामने आ रही है यह समझौता देश के किसानों, पशुपालकों, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, उद्योग व भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इससे किसानों की खेती के खतरा आने वाला है और किसान बिलकुल खत्म हो जाएगा। जैसे पहले भी भारत में कम्पनियां आई थी और सब कुछ उनके उपर ही निर्भर था। एमएसपी को खत्म करने का आरोप उसी प्रकार से अब अगर ट्रेड डील लागू होगी तो अमेरिका की गेहूं, चावल, दाल, मक्का, दूध और सब्जियां अमेरिका से आएंगी। ऐसे में भारत के किसान जो छोटी जोत के किसान हैं, वे खुद खेती नहीं कर सकेंगे। ट्रेड डील लागू करके केंद्र सरकार MSP खत्म करना चाहती है। इससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। इस डील से आगे आने वाले समय में अमेरिका अपनी मनमर्जी से रेट निर्धारित करेगा और महंगे दामों में उत्पाद बेचेगा। इसलिए किसान संगठनों ने पहले ही ट्रेड डील का विरोध करने फैसला लिया हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रदर्शन में भाग लें।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 7:02 am

स्विट्जरलैंड वार्ता के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, ईरानी तेल निर्यात को अगस्त तक मिली राहत

अमेरिका ने सोमवार को ईरानी तेल के निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में अगस्त तक के लिए ढील दे दी

देशबन्धु 23 Jun 2026 4:20 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

फरीदकोट में किसानों ने ट्रंप का पुतला फूंका:भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कृषि, डेयरी और पोल्ट्री के लिए खतरा बताया

फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में रोष मार्च निकालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय अमेरिका के दबाव में आकर देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से पहले भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते का विरोध किया जा चुका है। देश भर में पुतले फूंकने की चेतावनी इसके अलावा देशभर के जिला मुख्यालयों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई थी कि किसानों और आम लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेता ने यह भी मांग की कि विदेशों से आयात होने वाले कृषि और अन्य उत्पादों पर उचित आयात शुल्क लगाया जाए ताकि भारतीय किसानों और उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। 23 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा-डल्लेवाल डल्लेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से 23 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखने और देश के किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा की मांग को बुलंद करेंगे।

दैनिक भास्कर 22 Jun 2026 7:29 pm

अमेरिका ने भारत के लिए 482 मिलियन डॉलर के सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी

नई दिल्ली, अमेरिका ने भारत के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए लगभग 482.2 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपए) के रखरखाव और सपोर्ट पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

देशबन्धु 22 Jun 2026 1:40 pm

अमेरिका और ईरान समझौते के बीच घटीं आपूर्ति की चिंताएं

नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।

देशबन्धु 22 Jun 2026 1:12 pm

ट्रंप की धमकी से बिगड़ा माहौल, सिर्फ 80 मिनट ही चली अमेरिका-ईरान वार्ता

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने वार्ता के दौरान ट्रंप की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी धमकियों का तेहरान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

देशबन्धु 22 Jun 2026 12:28 pm

भारत और अमेरिका इस हफ्ते अंतरिम व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए व्यापार वार्ता करेंगे: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका इस हफ्ते मंत्रियों के स्तर पर व्यापार वार्ता करेंगे। दोनों देश अगले महीने टैरिफ से जुड़ी एक अहम समय-सीमा से पहले प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।

देशबन्धु 21 Jun 2026 9:48 pm

शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

देशबन्धु 21 Jun 2026 1:42 pm

गूगल ने अमेरिका में पेश किया सर्च एजेंट:बैकग्राउंड में 24 घंटे काम करेगा AI; अपडेट्स पर तुरंत देगा अलर्ट

25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। जब भी किसी प्रोडक्ट, फ्लाइट टिकट या किसी खबर की जानकारी चाहिए होती है, हमें गूगल पर जाकर सर्च करना पड़ता है। कई बार लोग किसी सेल का इंतजार करते हैं, स्टॉक में वापस आने वाले प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट रिफ्रेश करते रहते हैं या किसी खास विषय पर लगातार अपडेट देखते रहते हैं। अब गूगल इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है। कंपनी ने सर्च एजेंट्स नाम का नया एआई फीचर पेश किया। यह ऐसा डिजिटल एजेंट है, जो आपके लिए 24 घंटे इंटरनेट पर नजर रखता है। यूजर्स के लिए चार फायदे 1. कोई प्रोडक्ट स्टॉक में आते ही अपडेट देता है मान लीजिए आप किसी लिमिटेड एडिशन किताब या नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं। एआई को सिर्फ ये प्रॉम्प्ट दीजिए कि यह प्रोडक्ट भारत में उपलब्ध होते ही आपको अपडेट करे। जैसे ही वह स्टॉक में आएगा, गूगल आपको अलर्ट भेज देगा। 2. फ्लाइट सस्ती होते ही मिलेगा नोटिफिकेशन अगर आप किसी शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एआई को बता सकते हैं कि टिकट का किराया कम होने पर जानकारी दे। एआई लगातार अलग-अलग वेबसाइट्स पर कीमतें देखता रहेगा। 3. खबर पर लगातार अपडेट करेगा परीक्षा से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो इंटरनेट पर नई जानकारी के आधार पर इससे जुड़े अपडेट देता रहेगा। 4. प्रॉपर्टी या रेंट पर घर लेने में भी मदद करेगा अभी हर प्रॉपर्टी वेबसाइट पर जाकर बजट, लोकेशन और दूसरे फिल्टर दोबारा भरने पड़ते हैं। सर्च एजेंट में अपनी जरूरत एक बार बताने के बाद एआई वेबसाइट्स पर उसी आधार पर नए विकल्प मिलने पर सूचना देगा। ऐसे काम करेगा सर्च एजेंट अभी तक गूगल पर कोई सवाल पूछने पर यूजर्स को सर्च रिजल्ट, वेबसाइट्स के लिंक और एआई ओवरव्यू दिखाई देता है। अगर विस्तार से जानकारी चाहिए तो एआई मोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। सर्च एजेंट्स के साथ यह तरीका बदल जाएगा। यूजर एआई मोड में जाकर सिर्फ एक बार अपनी जरूरत बताएगा। इसके बाद एआई बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट स्कैन करता रहेगा। जैसे ही उससे जुड़ी कोई नई जानकारी मिलेगी, वह खुद नोटिफिकेशन भेज देगा। इस्तेमाल कैसे करेंगे? एआई मोड खोलिए व अपनी जरूरत लिखिए। उदाहरण के लिए... मुझे दिल्ली से टोक्यो जाना है। इसकी फ्लाइट जैसी ही सस्ती हो, तो मुझे अपडेट कीजिए... यानी जितना स्पष्ट निर्देश देंगे, उतने बेहतर परिणाम देगा। जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा - शुरुआत में अमेरिका में उपलब्ध है। - इसका इस्तेमाल केवल गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर कर सकते हैं। - जल्द ही इसे एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 20 Jun 2026 3:06 pm

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

देशबन्धु 20 Jun 2026 1:32 pm

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

एंथ्रोपिक का सबसे एडवांस्ड AI मॉडल दुनियाभर में बंद:अमेरिकी सरकार को साइबर हमले का डर, विदेशी नागरिकों तक पहुंच रोकने का आदेश दिया था

AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 8:00 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं

देशबन्धु 2 Apr 2026 3:35 am

अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी

अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है

देशबन्धु 18 Mar 2026 9:42 am

अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें

नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

देशबन्धु 14 Mar 2026 3:00 am

भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला

अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:36 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!

युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:38 am

ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें

विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी

देशबन्धु 26 Feb 2026 2:49 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : क्या 'श्वेेत क्रांति' की आड़ में 'जीएम फसलों' का पिछला दरवाजा खुल रहा है?

कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए

देशबन्धु 25 Feb 2026 4:40 am

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

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मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am