क्या BRICS अमेरिकी वर्चस्व का विकल्प बन सकता है? प्रो. मनोरंजन मोहंती ने बांडुंग सम्मेलन, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ग्लोबल साउथ और भारत की भूमिका पर विस्तार से विश्लेषण किया
ईरान युद्ध से अमेरिका का सुपर पॉवर तमगा डगमगाया
Iran US War: अहंकार की लड़ाई जब दो व्यक्तियों में हो तो दो परिवार प्रभावित या बरबाद होते हैं, लेकिन जब ये दो देशों के बीच हो तो समूचा विश्व प्रभावित होता है और टकराने वाले दोनों ही देश बरबाद हो सकते हैं। रूस-यूक्रैन में टकराव तो 2014 से ही प्रारंभ हो ...
क्या अमेरिका में पैदा होने वाले हर बच्चे को वहां की नागरिकता मिल जाती है, भले ही उसके माता-पिता भारतीय नागरिक हों? यह एक ऐसा सवाल है जो विदेश जाने की चाह रखने वाले या अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों के मन में हमेशा घूमता रहता है। अमेरिकी नागरिकता से जुड़े नियमों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तरह-तरह की बातें की जाती हैं, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं। आइए बेहद आसान और सीधे शब्दों में समझते हैं कि इस विषय पर अमेरिकी संविधान और वहां का कानून वास्तव में क्या कहता है।जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार और अमेरिकी संविधानअमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर किसी बच्चे का जन्म अमेरिका की धरती (US Soil) पर होता है, तो उसे जन्म के साथ ही वहां की नागरिकता पाने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। इसे 'बर्थराइट सिटिजनशिप' (Birthright Citizenship) कहा जाता है। अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में पैदा हुआ कोई भी बच्चा, चाहे उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों या उनका वीजा स्टेटस कुछ भी हो, जन्म से ही अमेरिकी नागरिक माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि यदि भारतीय माता-पिता कानूनी या गैर-कानूनी किसी भी तरीके से अमेरिका में हैं और वहां उनके बच्चे का जन्म होता है, तो वह बच्चा तकनीकी रूप से अमेरिकी नागरिकता का हकदार हो जाता है।क्या माता-पिता के वीजा स्टेटस से पड़ता है बच्चे पर कोई असरइस कानून की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह बच्चे के जन्म के समय माता-पिता की नागरिकता या उनके वैध-अवैध स्टेटस को नहीं देखता है। यदि भारतीय माता-पिता अमेरिका में एच-1बी (H-1B) वीजा, एल-1 (L-1) वीजा, स्टूडेंट वीजा या फिर टूरिस्ट वीजा पर भी गए हैं और उस दौरान वहां बच्चा पैदा होता है, तो बच्चे को अमेरिकी पासपोर्ट और नागरिकता आसानी से मिल जाती है। हालांकि, यहां एक बेहद जरूरी बात ध्यान रखनी होगी कि बच्चे को नागरिकता मिलने का यह कतई मतलब नहीं है कि उसके भारतीय माता-पिता को भी तुरंत अमेरिका की नागरिकता या ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। माता-पिता को अमेरिकी कानून के तहत तय की गई अपनी सामान्य इमिग्रेशन प्रक्रिया से ही गुजरना पड़ता है।राजनयिकों और कुछ विशेष मामलों में क्या हैं कानूनी अपवादअमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता कानून जितना सीधा दिखता है, इसमें कुछ बेहद खास अपवाद भी शामिल हैं जो भारतीय प्रवासियों को जरूर जानने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय नियमों और अमेरिकी कानून के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में भारत सरकार के राजनयिक (Diplomat) या दूतावास के अधिकारी के रूप में तैनात है और इस सेवा अवधि के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म होता है, तो उस बच्चे को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि राजनयिकों को अमेरिकी सरकार के पूर्ण कानूनी अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) से बाहर माना जाता है। इसके अलावा, विदेशी दुश्मनों के कब्जे वाली अमेरिकी जमीन पर जन्म लेने वाले बच्चों पर भी यह नियम लागू नहीं होता है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट फैसले से इमिग्रेशन से जुड़ी मुश्किलों में फंसे एच-1बी वर्क वीजा पर रह रहे करीब तीन लाख भारतीयों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के फैसले में अमेरिका में जन्म लेने वाले सभी बच्चों की नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा गया है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल अब आर्थिक रूप से इतना सक्षम हो चुका है कि उसे अमेरिकी आर्थिक सहायता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि यदि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ी तो इजराइल ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को बरकरार रखा, ट्रंप का कार्यकारी आदेश असंवैधानिक
अदालत ने 6-3 के बहुमत से दिए गए फैसले में स्पष्ट किया कि अमेरिका में जन्म लेने वाला लगभग हर व्यक्ति संविधान के तहत जन्म से ही अमेरिकी नागरिक है।
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते एक नए और बेहद मजबूत दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इसी बीच वैश्विक राजनीतिक गलियारों से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे खास और भरोसेमंद सिपहसालार सर्जियो गोर ने दावा किया है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी दिसंबर महीने में अमेरिका की हाई-प्रोफाइल यात्रा पर जा सकते हैं। इस दावे के बाद से ही नई दिल्ली से लेकर वॉशिंगटन तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर अमेरिकी प्रशासन की तरफ से पीएम मोदी को बार-बार यह खास न्यौता क्यों भेजा जा रहा है।आखिर क्यों पीएम मोदी को बार-बार न्यौता भेज रहे हैं डोनाल्ड ट्रंपअंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि वॉशिंगटन की तरफ से भारत को मिल रही यह असाधारण प्राथमिकता दोनों देशों के बीच के गहरे आपसी भरोसे को दर्शाती है। डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की निजी केमिस्ट्री जगजाहिर है, लेकिन इस बार का बुलावा सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं है। अमेरिका इस समय वैश्विक मंच पर कई बड़े भू-राजनीतिक (Geopolitical) बदलावों से गुजर रहा है, जहां उसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर भारत के मजबूत साथ की बेहद जरूरत है। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन साल के अंत तक पीएम मोदी के साथ एक बेहद अहम और निर्णायक बैठक करना चाहता है।रक्षा सौदों से लेकर व्यापार तक इन बड़े मुद्दों पर टिकी हैं दुनिया की नजरेंअगर पीएम मोदी की यह दिसंबर यात्रा फाइनल होती है, तो यह कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होने वाली है। इस संभावित दौरे के दौरान दोनों महाशक्तियों के बीच कई अरब डॉलर के अत्याधुनिक रक्षा सौदों, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी (iCET) की साझेदारी और इंडो-पैसिफिक रीजन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसे गंभीर मुद्दों पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके साथ ही, अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच और दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए भी इस बैठक को बेहद मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ेगा।नई दिल्ली और वॉशिंगटन की जुगलबंदी से बढ़ी ड्रैगन की बेचैनीसर्जियो गोर के इस बड़े खुलासे और भारत-अमेरिका की इस बढ़ती नजदीकी ने पड़ोसी देश चीन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के दौर में कूटनीतिक जानकार मान रहे हैं कि दिसंबर का यह संभावित दौरा वैश्विक राजनीति का नया रुख तय करेगा। भारत जिस तरह से वैश्विक सप्लाई चेन का नया केंद्र बनकर उभर रहा है, उसे देखते हुए अमेरिका भारत को अपने सबसे मजबूत और स्थायी साझेदार के रूप में स्थापित करना चाहता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पीएमओ (PMO) की तरफ से इस यात्रा को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या तारीखें सामने आती हैं।
हिसार जिले के सीसवाला निवासी अजय फगेडिया ने सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़ी सफलता हासिल की है। उन्हें एक अमेरिकी आईटी कंपनी से 38 लाख रुपए वार्षिक पैकेज का प्रस्ताव मिला है, जो लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कई वर्ष तक अपने परिवार के साथ खेती में हाथ बंटाया और कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने वर्ष 2019 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। 11500 के मासिक वेतन पर काम किया इससे पहले, आईआईटी में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने डिप्लोमा किया और 2016 में बीटेक प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 12वीं रैंक हासिल की। अजय ने 2019 में मात्र 11,500 रुपए मासिक वेतन पर एक सर्विस-बेस्ड आईटी कंपनी में अपना करियर शुरू किया था। वर्तमान में, अजय बेंगलुरु में एक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं और आईटी उद्योग में उन्हें लगभग साढ़े छह वर्षों का अनुभव है। लगातार नई तकनीकों को सीखने, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उनका वार्षिक पैकेज पहले 10 लाख, फिर 19.50 लाख, 23 लाख और अब 38 लाख रुपए तक पहुंच गया है। अपने करियर के दौरान उन्हें नौकरी छूटने, बिना दूसरी नौकरी के इस्तीफा देने और कार्यस्थल पर कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हर कठिनाई को एक अवसर में बदल दिया। 7-8 साल तक किया खेतों में काम अजय बताते हैं कि आईटी क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने लगभग 7-8 वर्षों तक खेतों में काम किया। खेती ने उन्हें मेहनत, अनुशासन और हर रुपए का महत्व सिखाया। आज भी वह अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए खेती और सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं। योग, जिम, बैडमिंटन, यात्रा, पौधाराेपण और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन उनकी विशेष रुचियों में शामिल हैं। युवाओं के लिए अजय का संदेश है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। यदि ईमानदारी, अनुशासन, निरंतर सीखने की आदत और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।
अमेरिकी और ईरान के बीच कतर में होने वाली बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि आज कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में MoU पर आगे बढ़ने पर चर्चा होगी। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ अंतिम समझौता ...
जर्मनी के दवा उद्योग पर क्यों निशाना साध रहा है अमेरिका?
सस्ती दवा का खर्च कौन उठाए? इसी सवाल पर अमेरिका और जर्मनी आमने-सामने आ गए हैं
Top News : चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय
Top News 30 June : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से पूछताछ हुई। भारत अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंची। यूक्रेन पर हमला कर रूस ने 12 लोगों की जान ली। पेराग्वे ने जर्मनी को हराकर फीफ वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर ...
झारखंड की पारंपरिक सोहराई कला कभी गांवों की दीवारों में सिमटती जा रही थी। रांची जिले के तमाड़ प्रखंड के चिरूडीह गांव में उपजी सोच ने न सिर्फ इस कला को नई पहचान दी, बल्कि 100 से ज्यादा महिलाओं और युवाओं की जिंदगी भी बदल दी। चिरूडीह के युवा कलाकार मनीष कुमार महतो ने अपनी मां और दो दोस्तों पुष्कर महतो और पवन मुंडा के साथ मिलकर अप्रैल 2024 में गांव में वर्कशॉप की। इसमें 35 महिलाओं को दोबारा सोहराई कला का इस्तेमाल करने को कहा गया। आज चिरूडीह के 120 घरों में से करीब 50 घरों की दीवारें सोहराई कला से सजी हैं। गांव की पहचान अब 'ग्लोबल आर्ट विलेज' की हो गई है। फ्रांस, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। तस्वीरों में देखें ग्लोबल आर्ट विलेज…. 300-400 की साड़ियां पेंटिंग के बाद 6-7 हजार में बिक रहीं मनीष ने अपने पिता की याद में गांव में कला सदन सह संग्रहालय बनाया है। यहां नई पीढ़ी को फ्री ट्रेनिंग मिलती है। गांव की लड़कियां साड़ियों और गमछों पर सोहराई चित्रकारी कर रही हैं। 300-400 रुपए की साड़ियां पेंटिंग के बाद 7-8 हजार रुपए तक में बिक रही हैं। इससे कई युवतियां हर महीने 8 से 9 हजार रुपए तक कमा रही हैं। ये महिलाएं अब दूसरों को ट्रेनिंग दे रही हैं। वे धनबाद, कोलकाता जैसे शहरों में वर्कशॉप लेकर सोहराई कला सिखा रही हैं। इसके लिए उन्हें रोज 500 से 1000 रुपए तक का मानदेय मिलता है। आसपास के दूसरे गांव भी सजा रहे घरों की दीवारें गांव में फोटो शूट, वीडियो और रील बनाने आने वाले पर्यटक भी स्थानीय कलाकारों को अतिरिक्त आय का अवसर दे रहे हैं। चिरूडीह की सफलता का असर आसपास के गांवों में भी दिखाई देने लगा है। पड़ोसी गांव सिंदवारी और पिरगालडीह जैसे गांवों के लोग भी अब अपनी दीवारों को सोहराई कला से सजाने लगे हैं। कई घरों की दीवारों को मनीष और उनकी टीम की मदद से सजाया गया है। सोहराई कला से बदली जिंदगी और गांव की सूरत सोहराई कला की आर्टिस्ट काजल महतो कहती हैं कि मुझे कला या पेंटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 2024 में मैंने सोहराई पेंटिंग सीखनी शुरू की। फिर पेंटिंग के ऑर्डर मिलने लगे। मैंने फोक फेस्टिवल, कोलकाता में हिस्सा लिया। धनबाद में बच्चों को सोहराई कला सिखाने भी गई। आज मैं साड़ी, गमछा और ब्लाउज पर भी सोहराई पेंटिंग कर रही हूं। इस कला ने मुझे पहचान, सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। पैसे मिल रहे हैं तो जीवन स्तर भी सुधरा है। गांव की हालत भी बदल गई है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
विंबलडन में अमेरिका के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए टेलर फ्रिट्ज और बेन शेल्टन मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज का मानना है कि अगर दोनों खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहते हैं, तो ग्रास कोर्ट पर किसी भी खिलाड़ी को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले ही उनके आगे के सफर की दिशा तय करेंगे। विंबलडन की शुरुआत आज से हो चुकी है। फ्रिट्ज व शेल्टन से काफी उम्मीदें जियोस्टार मीडिया डे पर विंबलडन 2026 से पहले बातचीत के दौरान जियोस्टार एक्सपर्ट विजय अमृतराज ने कहा, अमेरिका को लंबे समय से विंबलडन मेंस सिंगल्स में चैंपियन का इंतजार है और इस बार फ्रिट्ज व शेल्टन से काफी उम्मीदें हैं। दोनों का खेल ग्रास कोर्ट के लिए शानदार है और वे बड़े खिलाड़ियों को हराने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि टेलर फ्रिट्ज की फिटनेस सबसे अहम होगी। अगर वह पूरी तरह फिट रहे, तो टूर्नामेंट में लंबा सफर तय कर सकते हैं। साथ ही शुरुआती राउंड के मुकाबले दोनों खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि शुरुआती जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। दोनों खिलाड़ी को खिताबी दावेदारों में शामिल विजय अमृतराज के मुताबिक, मौजूदा फॉर्म और क्षमता को देखते हुए टेलर फ्रिट्ज और बेन शेल्टन को विंबलडन के 'सेकेंड टियर' खिताबी दावेदारों में रखा जा सकता है। अगर दोनों शुरुआती चुनौतियां पार कर लेते हैं, तो खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदारी पेश कर सकते हैं। ड्रेपर विंबलडन से बाहर, पहले दौर में फ्रिट्ज से सामना होना था ब्रिटेन के जैक ड्रेपर ने विंबलडन 2026 से नाम वापस ले लिया है। उनका पहले दौर में अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज से मुकाबला होना था, लेकिन अब वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। ड्रेपर ने कहा, पिछले 12 महीनों में कई मुश्किल पल आए, लेकिन यह सबसे दर्दनाक है। किसी ब्रिटिश खिलाड़ी के लिए विंबलडन में खेलना सबसे बड़ा सम्मान होता है। विंबलडन 2026 29 जून से 12 जुलाई तक खेला जाएगा। टूर्नामेंट के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग भारत में जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।
कानपुर नगर निगम की सियासत में भाजपा के भीतर छिड़ी खींचतान अब खुली जंग में बदल चुकी है। मेयर प्रमिला पांडेय के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत, छह भाजपा पार्षदों पर कार्रवाई की मांग और 75 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर मेयर समर्थक पार्षद बागी नेताओं पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोधी खेमा भ्रष्टाचार और मेयर पुत्र के हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोपों के साथ खुलकर मैदान में उतर आया है। आखिर भाजपा के भीतर यह टकराव किस बात को लेकर है? क्या वास्तव में संगठन दो धड़ों में बंट चुका है या यह सिर्फ स्थानीय सियासत की लड़ाई है? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने मेयर के विरोध में खड़े 5 बागी पार्षदों से बातचीत की। पार्षदों ने मेयर प्रमिला पांडेय और उनके बेटे को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए, कहा- मेयर का बेटा ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह अमेरिका से आकर कानपुर को लूट रहा है। इन आरोपों पर मेयर पक्ष पहले ही अपना अलग रुख जाहिर कर चुका है। पढ़िए, बागी पार्षदों के इंटरव्यू पर आधारित खास रिपोर्ट महिला पार्षद बोलीं- नवीन पंडित पर FIR कराऊंगी, मेयर गैर जरूरी कामों में लगा रही करोड़ों रुपए पार्षद लक्ष्मी कोरी ने कहा कि छह बागी पार्षदों का इस्तीफा मांगने का किसी को अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी लड़ाई किसी पार्षद से नहीं, बल्कि मेयर प्रमिला पांडेय की कार्यशैली, कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में बजट के भेदभाव को लेकर है। सरकार से मिले 15वें वित्त आयोग के धन का उपयोग गैरजरूरी कामों में किया जा रहा है, जबकि उनके जैसे भाजपा पार्षदों के वार्डों को विकास के लिए बजट नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो मैं पार्षद दल के नेता नवीन पंडित के खिलाफ FIR भी दर्ज कराएंगी। नवीन पंडित पार्षदों के नेता नहीं, बल्कि मेयर और उनके बेटे के पक्ष में काम कर रहे हैं। मेरे वार्ड में 3.50 करोड़ रुपए से ऐसा नाला बनवाया गया, जिसकी आवश्यकता नहीं थी और इसकी जांच होने पर भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा। गैरजरूरी कामों पर मेयर करोड़ों रुपए लगा रही हैं। 'मेरे पास मेयर के बेटे के अवैध कब्जों से जुड़े साक्ष्य हैं' लक्ष्मी कोरी ने कहा- मेरे खिलाफ लगाए जा रहे चारित्रिक आरोप पूरी तरह निराधार और बिना किसी साक्ष्य के हैं। पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने उनके चरित्र पर लिखित रूप से गलत आरोप लगाए हैं, जिसके खिलाफ वह विधिक कार्रवाई करूंगी। मैं आठ वर्षों से भाजपा की पार्षद हूं और मेरे चरित्र पर कभी कोई सवाल नहीं उठा। मेरे पास मेयर के बेटे के अवैध कब्जों से जुड़े साक्ष्य हैं, जबकि उनके विरोधियों के पास उनके खिलाफ कोई प्रमाण नहीं है। मुझे विकास कामों का बजट नहीं दिया जा रहा और भाजपा के भीतर पार्षदों को आपस में लड़ाकर पार्टी का जनाधार कमजोर किया जा रहा है। 'योगी से शिकायत की तो मेयर संगठन के पदाधिकारियों ने फटकारा था' लक्ष्मी कोरी ने आरोप लगाया कि मेयर प्रमिला पांडेय अपने खिलाफ उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय पार्षद दल के नेता नवीन पंडित को आगे कर लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके और अन्य पार्षदों पर लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं है, जबकि वे अपने सभी आरोप प्रमाणों के आधार पर उठा रहे हैं। लक्ष्मी कोरी ने दावा किया कि प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी पार्षदों के साथ भेदभाव की बात मानी थी और विकास कार्यों के लिए बजट देने की जरूरत बताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर अब भी छह पार्षदों को विकास कार्यों के लिए बजट देने से इनकार कर रही हैं। लक्ष्मी कोरी ने दावा किया कि संगठन उनकी समस्याओं का समाधान करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा रहा है। सीएम योगी के कार्यक्रम के दौरान पार्षद पवन गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत की थी, लेकिन मेयर ने संगठन के पदाधिकारियों को ही फटकार लगा दी। आलोक पांडेय बोले- नवीन पंडित खुद पार्षद हैं, उन्हें हमसे इस्तीफा मांगने का अधिकार नहीं पार्षद आलोक पांडेय ने कहा- लड़ाई है मेरी मेयर से, जनता के हित के लिए हम आवाज उठा रहे हैं। नवीन पंडित तो खुद पार्षद हैं, उन्हें हमसे इस्तीफा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ मेयर को खुश करने के लिए नवीन पंडित ऐसा कर रहे हैं। नवीन पंडित पुराने मौसम वैज्ञानिक हैं। ये सपा, फिर वहां से कांग्रेस और अब भाजपा में हैं। ये आखिरी के छह महीने में मेयर के साथ भी नहीं रहेंगे। नवीन पंडित अगर 12 बजे से पहले बाइट देते तो शायद ठीक होती, लेकिन 12 बजे के बाद बाइट देते हैं तो इनकी जुबान लड़खड़ाने लगती है। अगर हम छह पार्षदों को गाली बकने और विरोध करने से बाकी 35 पार्षदों के वार्ड में विकास हो रहा है तो मैं मेयर का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मैं ब्रिटिश हुकूमत वाला नहीं हूं कि डिवाइड एंड रूल में फंस जाएंगे। मेरी लड़ाई धर्म की लड़ाई है, धर्म अगर मेरे पक्ष में होगा ताे मेरी जीत होगी। 'नगर निगम के कामकाज में मेयर के बेटे का हस्तक्षेप बढ़ा है' आलोक पांडेय ने कहा- मेयर प्रमिला पांडेय के अहंकार के कारण विवाद का समाधान नहीं हो पा रहा है। यदि मेयर स्वयं नगर निगम की जिम्मेदारियां संभालतीं तो पार्षदों के साथ भेदभाव नहीं होता। नगर निगम के कामकाज में मेयर के बेटे का हस्तक्षेप बढ़ गया है और इसी वजह से विवाद लगातार गहराता जा रहा है। छह भाजपा पार्षदों को 15वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्यों के लिए बजट नहीं दिया गया, जबकि अन्य वार्डों में काम कराए गए। उन्होंने मेयर से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या इन छह पार्षदों के वार्डों को बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि मेयर सार्वजनिक रूप से यह साबित कर दें कि उनके साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ, तो वे अपना विरोध समाप्त करने को तैयार हैं। पवन गुप्ता बोले- अमेरिका से आकर मेयर का बेटा ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह लूट रहा पवन बोले- मेयर का बेटा लूटकर अमेरिका चले जाएंगे पार्षद पवन गुप्ता ने कहा- मेरी जनता ने मुझे पार्षद चुनकर नगर निगम भेजा है, मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने वार्ड में विकास कराऊं। इसी जनता ने योगी जी और मोदी जी को जनता ने चुना है। मेयर को भी इसी जनता ने चुना है, बस फर्क ये है कि ये विश्वासघाती हैं, हम विश्वासघाती नहीं हैं। हम लोग जनता के साथ खड़े हैं। बस मेरा गुनाह ये है कि मैं जनता के मुद्दों और समस्याओं को उठाता हूं। मेयर का बेटा ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह अमेरिका से लूटने के लिए कानपुर आया हुआ है, लूटने के बाद फिर अमेरिका चले जाएंगे। हम लोगों को यहां रहना है। 'ऐसे व्यक्ति को पार्षद दल का नेता बनाया जो मेयर की सब्जी लाता है' पार्षद पवन गुप्ता ने कहा- पार्षद दल के नेता को अधिकार ही नहीं है कि हम लोगों का इस्तीफा मांग सके, लेकिन हम लोगों का दुर्भाग्य है कि ऐसे व्यक्ति को पार्षद दल का नेता बनाया गया है, जो पार्षद दल नहीं, मेयर के घर का सब्जी लाने वाला नेता है। इसमें 75 पार्षद नहीं शामिल हैं, उनका दावा झूठा है। अगर उनके साथ 75 पार्षद हैं तो स्टांप पर इस बात को लिखकर दें। अगर वो इस्तीफा देना चाहते हैं, तो भाजपा उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेगी। पवन बोले- मोदीजी कानपुर आ रहे, उनसे शिकायत करूंगा पार्षद पवन गुप्ता ने कहा- नवीन पंडित अब चिड़ियाघर का शेर हो गया है, अब वो मेयर के पिजरे में कैद है। अगर एक भिखारी को भी समस्या है तो वो योगी जी से जाकर अपनी समस्या को कह सकता है, मोदी जी तो सफाई कर्मियों के पैर तक धोते हैं। मोदी जी कानपुर आ रहे हैं, मैं मोदी जी को भी अपना ज्ञापन दूंगा। मुझे अपराधी होने का आरोप लगाया, मैं सवाल कुछ और कर रहा हूं और वो जवाब कुछ और दे रहे हैं। अगर अपराधी हैं तो भाजपा ने टिकट क्यों दिया और जनता ने जिताकर नगर निगम भेजा। अपराधिक इतिहास तो मेयर का भी है। अगर सामाजिक जीवन में कोई मुकदमा हुआ है तो ये कोई अपराध नहीं है। कोई चोरी, लूट डकैती का मुकदमा तो नहीं है। मेयर जिस दिन अपनी गलती मान लेंगी और हम लोगों की सुनवाई कर देंगी हम लोग मान जाएंगे। प्रभारी मंत्री के कहने के बाद भी मेयर उनकी बातें नहीं मान रही हैं। अगर बड़े लोग बड़ों की बात नहीं मान रहे तो मैं तो छोटा हूं। हरिस्वरूप तिवारी बोले- बारादेवी में सीवर लाइन बनवाने के लिए मैंने मेयर के पैर छुए विकास जायसवाल बोले- मेयर की करोड़ों रुपए की कोठी बन रही, पैसा कहां से आ रहा? विकास जायसवाल ने कहा- जो नगर निगम की ठेकेदारी कर रहे हैं, ये सब खुलासा होने वाला है। संगठन ने संज्ञान लेते हुए कानपुर के एक पदाधिकारी को हटा दिया है। ये भाजपा है, कोई भी गलत करेगा वो बचेगा नहीं। भाजपा के जो लोग दूसरे दल के नेताओं से सांठगांठ करके काम कर रहे हैं, वो बचने वाले नहीं हैं। हम लोगों को काम नहीं देकर भाजपा को कमजोर करने का काम मेयर कर रही हैं। हम लोग अपने-अपने वार्ड से भारी मतों से जीतकर नगर निगम पहुंचे हैं। हम लोगों ने मेयर की शिकायत की थी कि मेयर का बेटा कब्जा कर रहा है। जांच में आरोप भी साबित हो चुके हैं। इन सभी मामलों की रिपोर्ट शासन को जा रही है। हम भाजपा से लड़कर नगर निगम पहुंचे हैं, हमारी तीनों जगह सरकार है। इसके बाद भी हम लोगों के प्रस्ताव काट दिए जा रहे हैं। मेयर ने अपने बेटे को 15वें वित्त का अधिकार दिया है, किस अधिकार से दिया है, किस अधिकार से पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन चल रही है? ये सब आरोप मेयर और उनके बेटे पर साबित हो चुके हैं। मेयर का बेटा मंगलभवन की कमेटी में इनवाइटी मेंबर क्यों है? सब साक्ष्यों के साथ साबित हो चुका है। ये हम लोगों को अपराधी बता रहे हैं। मेयर की बौखलाहट है कि सच्चाई ऊपर तक कैसे जा रही है। मेयर की करोड़ों रुपए की कोठी बन रही है। अभी तो हम लोग उनके बंगलों की तरफ भी जाएंगे। कहां से इतना धन इकट्टा हो रहा है? कहां से करोड़ों रुपए आ रहा है? कानपुर को नोंच-घसोटकर अपने बंगले बनवा रही हैं। हम लोग जनता को लूटकर बंगलों में रहने नहीं देंगे। योगी जी की सरकार है। भाजपा जल्द ही पूरे मामले में एक्शन लेने वाली है। --------------------- ये खबर भी पढ़िए कानपुर नगर निगम में सीवर लाइन को लेकर प्रदर्शन: मेयर और उनके बेटे के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए कानपुर में मेयर प्रमिला पांडेय और भाजपा के बागी पार्षदों के बीच विवाद के बीच शनिवार को संत लाल का हाता के सैकड़ों लोगों ने नगर निगम पहुंचकर सीवर लाइन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेयर और उनके बेटे अमित उर्फ बंटी पांडेय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बस्ती की अरबों रुपए की जमीन पर नजर होने के कारण सीवर लाइन का काम रोका जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब के युवक और अमेरिकन दंपति के बीच हुए झगड़े का वीडियो सामने आया है। अमेरिका की न्यूयॉर्क सिटी में नस्लीय टिप्पणी को लेकर लात-घूंसे और थप्पड़ चले। वीडियो में पहले महिला-पुरुष एक युवक से बहस करते दिखते हैं। इस बीच एक पंजाबी युवक बीच में आता है और कुछ देर तक महिला-पुरुष को समझाता है। नहीं समझने पर पहले पंजाबी में ही गाली देता और फिर रोड के बीच झगड़ा शुरू हो जाता है। इस बीच पंजाबी युवक का दूसरा साथी भी बाहर निकल आता है और महिला और पुरुष के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। कार से निकला पंजाबी युवक अचानक एग्रेसिव हो जात है और अमेरिकन व्यक्ति को एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ देता है। बीच बचाव के लिए जब स्थानीय व्यक्ति की पत्नी आती है, तो उसे भी धक्के मारे जाते हैं और भाग जाने के लिए कहा जाता है। इस बीच स्थानीय व्यक्ति पंजाबी युवक को कहा कि वह उसकी पत्नी के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते है, इसके बाद फिर से पंजाबी युवक उसे थप्पड़ जड़ देता है। झगड़े से जुड़े PHOTOS देखें…. जिम के बाहर हुआ झगड़ा घटना रविवार देर शाम की है। जिसका वीडियो इंस्टाग्राम पर @KDADY अकाउंट से अपलोड किया गया है। घटना को न्यूयार्क सिटी के आरेंज जिम के बाहर का बताया है। लेकिन उसने घटना के पीछे का पूरा कारण नहीं बताया। न्यूयार्क पुलिस के पास ये मामला नहीं गया है। इसके चलते दोनों ही पक्षों के नाम सामने नहीं आए है और न ही ये पता चल पाया है कि दोनों कहां के रहने वाले हैं। घटना पर लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रियान्यूयार्क सिटी में बीच रोड चले थप्पड़ों पर बहुत से इंस्टा यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने पंजाबी को बहादुर बताया तो कुछ लोगों ने लिखा कि अमेरिकन व्यक्ति से ज्यादा तो उसकी पत्नी फाइटर निकलनी, जिसने कम से कम युवकों को रोकने का प्रसाय तो किया। एक यूजर ने लिखा कि कम से कम वीडियो शूट करने वाले को शर्म करनी चाहिए थी और इन लोगों के झगड़े को रोकना चाहिए था। *********** ये खबर भी पढ़ें: अमेरिका में सड़क पर भिड़े पंजाबी युवक, चारों गिरफ्तार: वर्क परमिट खत्म, डिपोर्टेशन का चलेगा केस; हॉर्न बजाने से शुरू हुआ झगड़ा, कड़े से मारा न्यूयॉर्क के रिचमंड हिल में 4 पंजाबी युवकों ने सरेआम एक-दूसरे को ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़े और कड़े मारकर सिर फाड़ दिए। इस घटना के बाद चारों युवकों के खिलाफ अमेरिका पुलिस ने डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना मंगलवार 28 अप्रैल की है। (पढ़ें पूरी खबर)
पूरी दुनिया को बड़ी राहत देते हुए मिडल ईस्ट के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते— स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी भीषण सैन्य तनाव पर फिलहाल पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। पिछले कई दिनों से युद्ध की कगार पर खड़े अमेरिका और ईरान आखिरकार बातचीत की मेज पर आने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक गतिरोध को सुलझाने के लिए अब कतर (Qatar Peace Talks) की मध्यस्थता में एक हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। इस बड़ी और सकारात्मक खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों और ग्लोबल मार्केट ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब इस रूट से दुनिया भर के मालवाहक और तेल टैंकर जहाज बिना किसी डर के सुरक्षित गुजर सकेंगे।कतर बना संकटमोचक: जानिए कैसे बनी अमेरिका और ईरान के बीच बात?रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खाड़ी देश कतर ने एक बार फिर वैश्विक शांति के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है। सूत्रों के मुताबिक, कतर के अमीर और शीर्ष राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा था। पिछले दिनों शांति समझौते के मसौदे में शामिल 'आर्टिकल-5' की एक लाइन के लीक होने के बाद जो बात पूरी तरह बिगड़ गई थी, उसे कतर ने एक नए न्यूट्रल ड्राफ्ट के जरिए फिर से पटरी पर ला दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों ने ही इस बात पर सहमति जताई है कि वे कतर की राजधानी दोहा में बैठकर विवादित मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालेंगे और तब तक कोई भी देश होर्मुज में कोई आक्रामक सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।वैश्विक बाजार में आई रौनक: कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की उम्मीदइस ऐतिहासिक शांति वार्ता की खबर जैसे ही दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) और वैश्विक वायदा बाजारों (Wall Street) तक पहुंची, वैसे ही चौतरफा राहत देखने को मिली। पिछले कई दिनों से कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने के डर से जो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने की आशंका बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक टल गई है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सीजफायर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मिलेगा, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर सबसे ज्यादा निर्भर है।जहाजों के लिए खुला सुरक्षित रास्ता: भारतीय शिपिंग कंपनियों ने ली राहत की सांसहोर्मुज जलडमरूमध्य से हर दिन गुजरने वाले दर्जनों भारतीय कमर्शियल जहाजों और वैश्विक कार्गो शिपिंग कंपनियों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर ईरानी नौसेना और अमेरिकी युद्धपोतों के आमने-सामने होने की वजह से जहाजों का इंश्योरेंस प्रीमियम काफी बढ़ गया था और कई रूट डायवर्ट करने पड़ रहे थे। अब कतर में बातचीत शुरू होने की आधिकारिक घोषणा के बाद इस समुद्री क्षेत्र में अलर्ट लेवल को घटा दिया गया है। स्थानीय बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसियों ने भी पुष्टि की है कि जहाजों का आवागमन अब पूरी तरह सामान्य और बेखौफ तरीके से शुरू हो गया है।
मिडल ईस्ट (Middle East) से इस वक्त बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली खबर सामने आ रही है। पूरी दुनिया को लग रहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अब एक शांति समझौते (MoU) के जरिए सुलझने की कगार पर है, लेकिन ऐन वक्त पर सिर्फ एक सिंगल लाइन ने पूरे खेल को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। इस शांति समझौते के मसौदे में शामिल 'आर्टिकल-5' (Article 5 of MoU) अब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग— स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में युद्ध की नई चिंगारी भड़काने की सबसे बड़ी वजह बन चुका है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर भारी हड़कंप मच गया है।क्या है समझौता ज्ञापन (MoU) का वो रहस्यमयी आर्टिकल-5?अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों और शीर्ष राजनयिकों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए जो खुफिया बातचीत चल रही थी, उसकी बुनियाद इस 'आर्टिकल-5' पर आकर टिक गई थी। इस आर्टिकल में साफ तौर पर लिखा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ ईरानी नौसेना की होगी, जबकि पश्चिमी देशों की सेनाओं को वहां से तुरंत हटना होगा। अमेरिका ने इस लाइन को अपने और अपने मित्र देशों के हितों के खिलाफ मानते हुए इस पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद शांति की उम्मीदें पल भर में स्वाहा हो गईं।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों बन गया है बारूद का ढेर?भौगोलिक और आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। दुनिया के कुल कच्चे तेल (Crude Oil) का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर भारत, चीन, जापान और यूरोपीय देशों तक पहुंचता है। समझौते की यह लाइन लीक होते ही इस पूरे समुद्री इलाके में दोनों देशों की नौसेनाएं (US Navy and Iranian Navy) पूरी तरह से आमने-सामने आ गई हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अपनी मिसाइल डिफेंस प्रणालियों को तैनात करना शुरू कर दिया है, जिसके चलते इस पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इस कूटनीतिक विफलता का क्या होगा असर?इस एक लाइन की वजह से बिगड़ी बात का सीधा खामियाजा भारत समेत पूरी दुनिया को भुगतना पड़ सकता है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही थोड़ी देर के लिए भी प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छू सकती हैं। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी रूट से आयात करता है, जिससे घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ गया है। दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर वापस लौटेंगे या यह विवाद किसी बड़े युद्ध में तब्दील हो जाएगा।
ईरान पर भरोसा नहीं: अमेरिकी सीनेटर टिलिस का बड़ा बयान
अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने रविवार को कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का पालन करेगा
गैस के लिए ईरान की ओर ताक रहा पाकिस्तान: क्या अमेरिका से मिली छूट के बाद खत्म होगा ऊर्जा संकट
ऊर्जा संकट की मार: बेहाल है पाकिस्तान का पंजाब पाकिस्तान इन दिनों एक गंभीर ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहा है। अर्थशास्त्री महमूद रसूल के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों, विशेषकर पंजाब प्रांत में गैस की भीषण कमी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उपभोक्ताओं को दिन भर में केवल कुछ घंटों के लिए ही गैस मिल पा रही है, जिससे घरेलू और औद्योगिक कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है। आम जनता इस महंगाई और आपूर्ति की कमी से त्रस्त है, जिसके चलते सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।ईरान-अमेरिका शांति समझौता: पाकिस्तान के लिए नई उम्मीद पाकिस्तान की नजरें अब ईरान के साथ होने वाले संभावित ऊर्जा सौदों पर टिकी हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे प्रतिबंधों में दी गई अस्थायी (60 दिन की) ढील ने पाकिस्तान को एक उम्मीद की किरण दिखाई है। चूँकि अमेरिका ने ईरान को विशिष्ट शर्तों के साथ तेल और गैस निर्यात की छूट दी है, इसलिए पाकिस्तान अब इस कूटनीतिक अवसर का फायदा उठाने की फिराक में है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल होने से वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।कीमतों में राहत की उम्मीद और सरकार की चुनौती पिछले दिनों जब अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष चरम पर था, तब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड 414 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। वर्तमान में यह 300 रुपये प्रति लीटर पर है, लेकिन जनता अभी भी और राहत की उम्मीद लगाए बैठी है। पेट्रोलियम मंत्री ने दावा किया है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय समझौतों और नियमों के दायरे में रहकर ईरान से सस्ते तेल और गैस आयात के विकल्पों को तलाश रही है। हालांकि, यह छूट अस्थायी है और अमेरिका-ईरान वार्ताओं के भविष्य पर निर्भर करेगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि शाहबाज शरीफ सरकार इस अल्पकालिक अवसर का लाभ उठाकर आम जनता को महंगाई से कितनी राहत दिला पाती है।
कतर में बनी सहमति: अमेरिका-ईरान अब नहीं करेंगे हमले
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद अब दोनों देशों ने हमले रोकने पर सहमति जताई है
अमेरिका भेजने का झांसा देकर 6 लाख की ठगी:फर्जी टिकट, ऑफर लेटर से ठगी; मुख्य आरोपी पर पहले भी केस
मुजफ्फरनगर में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को चरथावल पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने अमेरिका भेजने का झांसा देकर फर्जी टिकट और कथित विदेशी कॉलेज का ऑफर लेटर दिखाकर 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को नीतू (महाराल) ने थाना चरथावल में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके भाई संदीप पाल को अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया था। विश्वास जीतने के लिए 'अमेरिकन सेंटर फॉर एजुकेशन' के नाम से कथित ऑफर लेटर और फर्जी हवाई टिकट उपलब्ध कराए गए, जिसके बाद उनसे 6 लाख रुपये वसूल लिए गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर 27 जून 2026 को पुलिस ने आकाश धनगर (निवासी अमित विहार, कुकड़ा) और सागर (निवासी हरिपुर कुकड़ा, थाना नई मंडी) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी आकाश धनगर के खिलाफ थाना नई मंडी में पहले से भी धोखाधड़ी का एक अन्य मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह कितने अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक यतेंद्र कुमार, मुख्य आरक्षी अरविंद और आरक्षी दीपक कुमार शामिल रहे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट या व्यक्ति को रकम देने से पहले उसके लाइसेंस, दस्तावेज और वैधता की पूरी जांच अवश्य करें।
अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ की एक कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने राजधानी रायपुर की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी के सीईओ आलोक चौधरी समेत कुल 8 व्यक्तियों और संस्थाओं को बैन किया है। अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया। यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं। कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती। कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है। 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है। प्रतिबंध का क्या होगा असर अमेरिका के प्रतिबंध लागू होने के बाद एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ आलोक चौधरी की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। इसके अलावा कोई भी अमेरिकी नागरिक, कंपनी या वित्तीय संस्था उनके साथ व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगी। हालांकि, इस कार्रवाई का भारत में कंपनी के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सूडान गृह युद्ध के बारे में जानिए सूडान में गृह युद्ध 15 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ। यह देश की नियमित सेना सूडानी आर्म्ड फोर्सेज (SAF) और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच चल रहा है। दोनों पक्ष पहले सहयोगी थे, लेकिन सेना में RSF के विलय, सत्ता पर नियंत्रण और देश के नेतृत्व को लेकर विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई और लाखों लोग विस्थापित हो गए। संयुक्त राष्ट्र इसे दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक मानता है। युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका सहित कई देशों का आरोप है कि बाहरी नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई इस संघर्ष को लंबा खींच रही है। इन 8 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध अमेरिकी वित्त मंत्रालय के OFAC ने कुल 8 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनके नाम हैं: ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा: हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश; दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका ने छत्तीसगढ़ की कंपनी और उसके CEO पर लगाया प्रतिबंध, जानें क्या है मामला
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन संस्थाओं और व्यक्तियों ने सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराई, जिससे देश में जारी संघर्ष और अधिक गंभीर हो गया।
शेयर बाजार की चाल इन तीन फैक्टर्स पर निर्भर: भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चा तेल घरेलू आकड़े
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई का रुझान और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी।
अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ...
ईरान और अमेरिका में फिर शुरू हुआ तनाव, ताजा हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर नए एयर स्ट्राइक किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान पर होर्मुज स्ट्रेट के पास एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला करके सीजफायर समझौते को फिर से तोड़ने का आरोप लगाया है
हरियाणा के करनाल में अमेरिका से 11 दिन बाद आए बेटे के शव को देखकर मां बेटे से बात कराने की मिन्नतें करती रहीं। बहन भी भाई के शव को देखकर बेसुध हो गई। सुपनदीप के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई। 16 जून को अमेरिका में सुपनदीप की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सुपनदीप जॉब कर अपने रूम में लौटा था, अगले दिन तक जब दरवाजा नहीं खुला तो उसके दोस्तों ने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां सुपनदीप बेहोशी की हालत में मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से ही परिजन सुपनदीप के शव को भारत लाने का प्रयास कर रहे थे। रविवार सुबह उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसके बाद एम्बुलेंस के जरिए गांव लाया गया। सुपनदीप के चाचा ने उसे मुखाग्नि दी। करीब 2 साल पहले चाचा गुरदेव ने अपनी 2 एकड़ जमीन बेचकर अमेरिका भेजा था, अब शव को वापस लाने में भी परिवार के करीब 25 लाख रुपए लग गए। इसके लिए अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा भी इकट्ठा किया। पहले जानिए, अमेरिका जाने की पूरी कहानी… पहले कनाडा, फिर डंकी रूट से अमेरिका गया मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था। 2 एकड़ जमीन बेचकर जुटाए थे रुपए गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था। नाइट शिफ्ट करने के बाद रूम पर लौटा था गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था। गेट तोड़कर पहुंचे दोस्तों को बेसुध हालत में मिला इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। मौत से दो दिन पहले कहा था- सारे कर्ज उतार दूंगा गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने कहा था कि परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा। चंदा इकट्ठा कर 11 दिन बाद गांव पहुंचा शव अमेरिका से शव भारत लाना परिवार के लिए आसान नहीं था। परिजनों ने सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय समुदाय से मदद की अपील की। इसके बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर सुपनदीप के शव को भारत भेजने के लिए सहयोग किया।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में धमाका: अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकाने उड़ाए
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम ) ने कहा कि अमेरिका की सेना ने शनिवार रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आस-पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ...
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऐप डेवलपमेंट' पर शनिवार दोपहर 2 बजे एक विशेष लेक्चर का आयोजन किया गया। इसमें अमेरिका की मशहूर कंपनी इल्यूमिना (Illumina), एरिज़ोना के सीनियर इंजीनियर नितिन कुमार शर्मा ने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने बताया कि कैसे आज के दौर में एआई सिर्फ कंप्यूटर साइंस तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल और फार्मा सेक्टर में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। आने वाले समय में नई दवाओं की खोज से लेकर मरीजों के इलाज तक में एआई की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। दवा खोजने और गंभीर बीमारियों की पहचान में मददगार है एआई लेक्चर के दौरान नितिन कुमार शर्मा ने छात्रों को एआई और मशीन लर्निंग की बुनियादी बातों को बेहद आसान तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है। एआई की मदद से अब किसी भी नई दवा को खोजने (ड्रग डिस्कवरी) में लगने वाला समय बहुत कम हो जाएगा। इसके अलावा मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से उनका व्यक्तिगत उपचार करने, गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाने और हेल्थ केयर सिस्टम को डिजिटल बनाने में यह तकनीक सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। छात्रों ने पूछे सवाल- एआई के दौर में डेटा कितना सुरक्षित और नौकरियां कितनी बचेंगी? यह सत्र पूरी तरह संवादात्मक रहा, जहां ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और रिसर्च कर रहे छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं खुलकर सामने रखीं। छात्रों ने पूछा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई पर कितना भरोसा किया जा सकता है और इस दौर में साइबर सिक्योरिटी व पर्सनल डेटा की सुरक्षा कैसे होगी? इसके साथ ही भविष्य में नौकरियों की संभावनाओं को लेकर भी सवाल पूछे गए। इन सभी सवालों का जवाब देते हुए विशेषज्ञ ने बताया कि तकनीक का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग कैसे किया जाए। उन्होंने छात्रों को खुद को लगातार अपडेट रखने की सलाह दी। स्वागत से लेकर धन्यवाद तक, नए हुनर को तराशने की पहलयूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों ने इस तरह के तकनीकी आयोजनों की सराहना की। उनका मानना है कि ऐसे लेक्चर से थ्योरी की पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक निदेशक डॉ. अनुप्रिया कपूर ने मेहमानों का स्वागत करके की, जबकि समापन पर डॉ. कल्पना ने सभी संकाय सदस्यों और छात्रों का आभार जताते हुए धन्यवाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रोफेसर मौजूद रहे।
स्मार्टवॉच के बाद अब टेक कंपनियां आपकी नींद को अगला बड़ा बाजार मान रही हैं। पहले घड़ी आपकी हार्ट रेट और कदम गिनती थी, अब बिस्तर पूरी रात आपकी हर करवट, शरीर का तापमान और खर्राटों पर नजर रखेगा। अमेरिका की स्लीप टेक कंपनी Eight Sleep का आई आधारित Pod इन दिनों चर्चा में है। यह एक स्मार्ट मैट्रेस टॉपर है। यह रातभर आपके शरीर की गतिविधियों को समझकर खुद ही बिस्तर का तापमान बदलता रहता है, ताकि नींद बेहतर हो सके। शरीर के तापमान के हिसाब से तय करता है मैट्रेस का टेम्प्रेचर इलॉन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और एंटी-एजिंग उद्यमी ब्रायन जॉनसन जैसे कई बड़े नाम इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3,500 डॉलर (करीब 3 लाख रुपए) है। इस तकनीक की सबसे अलग खासियत यह है कि बिस्तर के दोनों हिस्सों का तापमान अलग-अलग रखा जा सकता है। यानी अगर एक व्यक्ति ठंडा माहौल पसंद करता है और दूसरा थोड़ा गर्म, तो दोनों अपनी-अपनी सेटिंग चुन सकते हैं। इस तरह से काम करता है एआई वाला मैस्ट्रेस, स्लीप स्कोर भी देता है इस मैट्रेस टॉपर में बेहद संवेदनशील सेंसर लगे हैं, जो पूरी रात शरीर से जुड़े कई संकेत रिकॉर्ड करते हैं। शरीर का तापमान, हार्ट रेट, सांस लेने की गति, नींद के अलग-अलग चरण, करवट बदलने की संख्या... इन जानकारियों के आधार पर एआई यह तय करता है कि बिस्तर को थोड़ा ठंडा करना है या गर्म। सुबह उठने पर एप पूरी रात का विश्लेषण दिखाता है और एक स्लीप फिटनेस स्कोर भी देता है।
अमेरिकी ब्रांड्स की पहली पसंद जयपुर, हर माह खर्च 6,640 रुपए
गुलाबी नगरी जयपुर अब केवल पर्यटन और संस्कृति का केंद्र नहीं, अंतरराष्ट्रीय रिटेल ब्रांडों के लिए भी तेजी से उभरता बाजार बन रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर के शॉपिंग सेंटरों में मौजूद अंतरराष्ट्रीय स्टोर्स में अमेरिकी ब्रांडों की हिस्सेदारी 41 फीसदी तक पहुंच गई है। वहीं, ब्रिटिश ब्रांडों की हिस्सेदारी 15, जबकि मध्य-पूर्व और पूर्वी एशिया के ब्रांड 13-13 फीसदी हैं। इसकी वजह जयपुर में प्रति व्यक्ति औसत मासिक उपभोक्ता खर्च 6,640 रुपए होना है। नाइट फ्रैंक इंटरनेशनल ब्रांड पेनेट्रेशन रैंकिंग में जयपुर को 30 अंक मिले और इसे देश के सबसे संभावनाशील उभरते रिटेल बाजारों में शामिल हो गया है। नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ‘इंडिया इंटरनेशनलाइज्ड: द स्ट्रक्चरल असेंट ऑफ इंडिया टियर-2 रिटेल सिटीज’ में जयपुर को देश के सबसे संभावनाशील रिटेल बाजारों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में जयपुर को सूरत और नागपुर के साथ ‘फ्रंटियर थ्री’ बाजारों की श्रेणी में रखा गया है। नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल का कहना है कि शहर में 18 फीसदी रिटेल स्पेस खाली है, फिर भी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसकी वजह वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रीमियम रिटेल स्पेस की कमी होना है। शहर के अधिकांश शॉपिंग सेंटर पुराने ग्रेड-बी प्रारूप के हैं, जो बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाते।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। जब भी किसी प्रोडक्ट, फ्लाइट टिकट या किसी खबर की जानकारी चाहिए होती है, हमें गूगल पर जाकर सर्च करना पड़ता है। कई बार लोग किसी सेल का इंतजार करते हैं, स्टॉक में वापस आने वाले प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट रिफ्रेश करते रहते हैं या किसी खास विषय पर लगातार अपडेट देखते रहते हैं। अब गूगल इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है। कंपनी ने सर्च एजेंट्स नाम का नया एआई फीचर पेश किया। यह ऐसा डिजिटल एजेंट है, जो आपके लिए 24 घंटे इंटरनेट पर नजर रखता है। यूजर्स के लिए चार फायदे 1. कोई प्रोडक्ट स्टॉक में आते ही अपडेट देता है मान लीजिए आप किसी लिमिटेड एडिशन किताब या नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं। एआई को सिर्फ ये प्रॉम्प्ट दीजिए कि यह प्रोडक्ट भारत में उपलब्ध होते ही आपको अपडेट करे। जैसे ही वह स्टॉक में आएगा, गूगल आपको अलर्ट भेज देगा। 2. फ्लाइट सस्ती होते ही मिलेगा नोटिफिकेशन अगर आप किसी शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एआई को बता सकते हैं कि टिकट का किराया कम होने पर जानकारी दे। एआई लगातार अलग-अलग वेबसाइट्स पर कीमतें देखता रहेगा। 3. खबर पर लगातार अपडेट करेगा परीक्षा से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो इंटरनेट पर नई जानकारी के आधार पर इससे जुड़े अपडेट देता रहेगा। 4. प्रॉपर्टी या रेंट पर घर लेने में भी मदद करेगा अभी हर प्रॉपर्टी वेबसाइट पर जाकर बजट, लोकेशन और दूसरे फिल्टर दोबारा भरने पड़ते हैं। सर्च एजेंट में अपनी जरूरत एक बार बताने के बाद एआई वेबसाइट्स पर उसी आधार पर नए विकल्प मिलने पर सूचना देगा। ऐसे काम करेगा सर्च एजेंट अभी तक गूगल पर कोई सवाल पूछने पर यूजर्स को सर्च रिजल्ट, वेबसाइट्स के लिंक और एआई ओवरव्यू दिखाई देता है। अगर विस्तार से जानकारी चाहिए तो एआई मोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। सर्च एजेंट्स के साथ यह तरीका बदल जाएगा। यूजर एआई मोड में जाकर सिर्फ एक बार अपनी जरूरत बताएगा। इसके बाद एआई बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट स्कैन करता रहेगा। जैसे ही उससे जुड़ी कोई नई जानकारी मिलेगी, वह खुद नोटिफिकेशन भेज देगा। इस्तेमाल कैसे करेंगे? एआई मोड खोलिए व अपनी जरूरत लिखिए। उदाहरण के लिए... मुझे दिल्ली से टोक्यो जाना है। इसकी फ्लाइट जैसी ही सस्ती हो, तो मुझे अपडेट कीजिए... यानी जितना स्पष्ट निर्देश देंगे, उतने बेहतर परिणाम देगा। जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा - शुरुआत में अमेरिका में उपलब्ध है। - इसका इस्तेमाल केवल गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर कर सकते हैं। - जल्द ही इसे एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

