'सऊदी अरब छोड़ दें...', अमेरिका ने अपने कर्मियों को दिया देश छोड़ने का आदेश
सऊदी अरब में बढ़ते सुरक्षा खतरों के कारण अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है.
गैंगस्टर Himanshu Bhau अमेरिका में हिरासत में, प्रत्यर्पण की तैयारी में जुटी Haryana Police
हरियाणा के रोहतक का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर 23 वर्षीय हिमांशु ‘भाऊ’ हत्या और रंगदारी समेत कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना है। हिंमाशु के खिलाफ कुल 64 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हिमांशु के खिलाफ अधिकतर मामले उसके गृह राज्य हरियाणा में दर्ज हैं। भारत और विदेश की विभिन्न जांच एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद विदेश से गिरोह चलाने वाले हिमांशु को उसके गिरोह के सदस्यों ने ‘भाऊ’ (बड़ा भाई) उपनाम दिया। दुनियाभर में फैले आपराधिक नेटवर्क के कथित सरगना हिमांशु को उसके गिरोह में फैसले लेने वाले प्रमुख व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। उसे हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था और वह फिलहाल अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि अमेरिका में फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर प्रवेश करने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में हिमांशु को हिरासत में लिया गया था। हरियाणा पुलिस ने उसके बारे में अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी थी। पुलिस अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के साथ समन्वय कर हिमांशु को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। रोहतक जिले के रिटौली गांव के मूल निवासी 23 वर्षीय गैंगस्टर का असली नाम हिमांशु रिटौलिया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराओं के तहत 64 मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर हरियाणा में दर्ज किए गए हैं। हिमांशु के आपराधिक गिरोह के गुर्गे मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय हैं। वे हिमांशु के निर्देश पर हत्याओं और रंगदारी की वारदात को अंजाम देते हैं, जबकि वह विदेश से इस नेटवर्क का संचालन करता था। हिमांशु के अपराध की दुनिया में कदम रखने की शुरुआत महज 17 साल की उम्र में हुई थी। वर्ष 2019 में पढ़ाई के दौरान हिमांशु ने कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के लिए रोहतक की एक सब्जी मंडी में गोलीबारी की थी, जिसके बाद उसे पकड़ा गया था। नाबालिग होने के कारण हिमांशु को हिसार स्थित किशोर सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह दीवार तोड़कर 17 अन्य बंदियों के साथ फरार हो गया। इसके बाद पुलिस उसे दोबारा नहीं पकड़ सकी। बाद में हिमांशु की अपने गांव के बचपन के दोस्त अंकित उर्फ ‘बाबा’ के साथ दुश्मनी हो गई। गांव में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश में बाबा गिरोह ने कथित तौर पर हिमांशु के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी। इसका बदला लेने के लिए हिमांशु ने कथित तौर पर पांच दिन बाद बाबा गिरोह के सदस्य हंसराज की हत्या कर दी। दुश्मनी बढ़ने के साथ ही हिमांशु पहले झज्जर और फिर दिल्ली चला गया। दिल्ली में हिमांशु की मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई, जिसने उसे अपने गिरोह में शामिल कर लिया। इसके बाद हिमांशु ने कई कारोबारियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की और धीरे-धीरे इतना प्रभाव बढ़ा लिया कि अपना गिरोह बना सके। वर्ष 2022 में हिमांशु कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत से फरार हो गया। वह पहले पुर्तगाल गया और फिर अमेरिका पहुंचा। अमेरिका से हिमांशु ने कथित तौर पर अपने गिरोह में शूटर को शामिल करना शुरू किया और दिल्ली-एनसीआर, पंजाब तथा हरियाणा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने लगा।
लुकास ड्रोन को मुख्य रूप से ईरान के चर्चित 'शाहेद' ड्रोन की तर्ज पर कम लागत में प्रभावी हमलों के लिए विकसित किया गया है। इसके एक यूनिट की अनुमानित कीमत लगभग 35 हजार डॉलर (क़रीब 29-30 लाख रुपये) है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद को राज्य-नीति के रूप में इस्तेमाल करने को अस्वीकार्य बताया और कहा कि इसे कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता।
ईरान का दावा, दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर अमेरिकी ड्रोन मार गिराया
तेहरान, 25 अक्टूबर . ईरान की सेना ने Sunday को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन…
इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के लिए एक नए फीचर का ऐलान किया है। इसके तहत यूजर लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी भी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर टिप के तौर पर भेज सकेंगे। यह ट्रांजैक्शन X के पेमेंट प्लेटफॉर्म 'X मनी' के जरिए पूरा होगा। यह फीचर अभी सिर्फ अमेरिका के X यूजर्स के लिए ही होगा। मस्क ने X पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'हम X मनी के जरिए किसी को भी $1 भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस का ऑप्शन जोड़ रहे हैं।' कैसे काम करेगा $1 टिपिंग सिस्टम? इस नए सिस्टम में किसी पोस्ट के क्रिएटर को पैसे भेजने के लिए यूजर को सिर्फ लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए 1 डॉलर सीधे यूजर के अकाउंट से ट्रांसफर हो जाएगा। यह फीचर यूजर्स को बिना किसी अलग पेमेंट प्रोसेस में जाए सीधे क्रिएटर को सपोर्ट करने का आसान तरीका देता है। हालांकि, X ने अभी तक इसके रोलआउट की तारीख या एलिजिबिलिटी की शर्तों का खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने यह भी साफ नहीं किया है कि डिफॉल्ट $1 की रकम को बदला जा सकेगा या नहीं, या भविष्य में एडिशनल पेमेंट ऑप्शन मिलेंगे या नहीं। क्या है X मनी और इसके फीचर्स? X मनी की शुरुआत अमेरिका में जुलाई 2026 में हुई थी। यह सर्विस यूजर्स को पीयर-टू-पीयर (P2P) यानी पर्सन-टू-पर्सन मनी ट्रांसफर, डिपॉजिट अकाउंट्स और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड की सुविधा देती है। यह सर्विस पूरी तरह से 'क्रॉस रिवर बैंक' के बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है। यानी X मनी खुद एक बैंक नहीं है, बल्कि एक फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मिलने वाला डेबिट कार्ड एपल पे से भी कनेक्ट हो जाता है। साथ ही, एलिजिबल डिपॉजिट्स पर ब्याज और खरीदारी पर कैशबेक जैसे फायदे भी मिलते हैं। X को 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ एक सोशल नेटवर्किंग साइट न रखकर एक 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं, जहां मैसेजिंग, सोशल मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज एक साथ मिल सकें। X मनी का यह $1 टिपिंग फीचर उसी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। अगर यह बड़े पैमाने पर लागू होता है, तो इससे क्रिएटर्स को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी लॉन्च करने या भारतीय यूजर्स के लिए $1 टिपिंग फीचर अवेलेबल कराने को लेकर अब तक कोई ऑफिशियल तारीख या ऐलान नहीं किया है। भारत के पास पहले से ही UPI बेस्ड एक मजबूत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम मौजूद है। ऐसे में अगर X मनी भारत में आता है, तो इसे देश के नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल यह फीचर केवल अमेरिकी बाजार पर फोकस है। क्या होता है 'एवरीथिंग एप'? 'एवरीथिंग एप' या 'सुपर एप' उस डिजिटल प्लेटफॉर्म को कहते हैं, जहां एक ही एप्लिकेशन में सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, शॉपिंग, कैब बुकिंग और बैंकिंग जैसी तमाम सर्विसेज एक साथ मिलती हैं। चीन का 'वीचैट'इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क X को इसी तर्ज पर दुनिया का सबसे बड़ा सुपर एप बनाना चाहते हैं। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी स्टार्टअप का पारे से सोना बनाने का दावा:क्या हीरे की तरह सस्ता होगा गोल्ड; पहले भी 2 बार लैब में कोशिश हो चुकी सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्ट-अप है मैराथन फ्यूजन। दावा है कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने प्रयोग में कुल कितना सोना बनाया है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सच में बाजार में बेचने लायक सोना बन भी पाएगा? 'द अटलांटिक' के मुताबिक, यह कोई नया विचार नहीं है। इसके पहले भी 2 बार लैब में सोना बनाने की कोशिश हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
मिथिला के मखाने की विदेशों में बढ़ रही डिमांड, दुबई-अमेरिका तक हो रहा निर्यात
आधुनिक प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के कारण दरभंगा से मखाने का निर्यात अब दुबई, कनाडा सहित कई देशों में हो रहा हैं।
Iran ने अमेरिका और इजरायल को दी खुली चेतावनी!
मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर दोबारा हमला हुआ तो ईरान जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 40 दिनों के युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही और उसके प्रबंधन की व्यवस्था पहले जैसी नहीं रहेगी. इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत जारी है.
Avengers Doomsday New Teaser: अवेंजर्स डूम्सडे के नए टीजर को रिलीज कर दिया गया है. डॉक्टर डूम के खतरे से निबटने के लिए पुराने वाले कैप्टन अमेरिका की वापसी हो गई है.
अमेरिका में भारतीय मूल के 2 उम्मीदवारों की चुनावी जंग सबसे महंगी, अब तक 2.26 अरब रुपये खर्च
संघीय चुनाव आयोग (एफईसी) के आंकड़े एरिजोना के चुनाव में हुए सभी खर्चों को पूरी तरह नहीं दर्शाते. पॉलिटिको ने शुक्रवार को रिपोर्ट किया कि रिपब्लिकन समूह जे फीली के समर्थन में 22 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर चुके हैं, जिनमें से बड़ा हिस्सा चुनाव अभियान के अंतिम हफ्तों में खर्च हुआ है.
अमेरिका : निवेश नियंत्रण पर प्रस्तावित नियमों पर चीन की प्रतिक्रिया
बीजिंग, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने हाल ही में वैदेशिक निवेश नियंत्रण के नए संस्करण में प्रस्तावित नियम जारी किए।
अमेरिका के वैदेशिक निवेश नियंत्रण पर प्रस्तावित नियमों पर चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिका के वैदेशिक निवेश नियंत्रण पर प्रस्तावित नियमों पर चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिकी चुनाव में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, ट्रंप को नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने का अब भी दुख
अमेरिका के मध्यावधी चुनाव में ऑपरेशन सिंदूर की धमक सुनाई दे रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस ऑपरेशन को रुकवाने का श्रेय ले रहे हैं. ये अलग बात है कि भारत ने हमेशा इससे इनकार किया है,.
फ्रांस जल रहा है क्योंकि…डोनाल्ड ट्रंप ने बताई चौंकाने वाली वजह, अमेरिका का हवाला क्यों
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फ्रांस में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर बड़ा दावा किया। ट्रंप ने यह बात खारिज कर दी कि शिक्षा के मुद्दे को लेकर फ्रांस में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
ईरानी सेना : अमेरिकी 'लुकास' ड्रोन को मार गिराया
तेहरान, ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। रविवार सुबह ईरानी सेना ने बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी 'लुकास' ड्रोन को मार गिराने का दावा किया।
ईरानी सेना का दावा, बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी ‘लुकास’ ड्रोन को मार गिराया
तेहरान, 25 अक्टूबर . ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. Sunday सुबह ईरानी सेना ने बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक…
ईरानी सेना का दावा, बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी 'लुकास' ड्रोन को मार गिराया
ईरानी सेना का दावा, बंदर अब्बास के ऊपर उड़ रहे एक अमेरिकी 'लुकास' ड्रोन को मार गिराया
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: जल्दबाजी के बजाय दीर्घकालिक हितों पर फोकस
वैश्विक आर्थिक पटल पर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार चर्चाएं जारी हैं। वाशिंगटन की ओर से बार-बार संकेत दिए जा रहे हैं कि दोनों देश किसी बड़े करार के बेहद करीब हैं और अमेरिकी पक्ष इस पर जल्द हस्ताक्षर करने को लेकर उत्साह दिखा रहा है। हालांकि, इसके विपरीत नई दिल्ली का रुख बेहद नपा-तुला, सतर्क और रणनीतिक दिखाई दे रहा है। भारतीय वार्ताकार बिना किसी हड़बड़ी के सौदे की एक-एक शर्त और तकनीकी बिंदुओं की गहन समीक्षा कर रहे हैं। वैश्विक भू-राजनीति और आर्थिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इस बहुचर्चित व्यापारिक घटनाक्रम की पूरी तथ्यात्मक स्थिति यहाँ प्रस्तुत है।अमेरिकी उत्साह और भारत की सतर्कता के बीच का मुख्य अंतरअमेरिकी प्रशासन जहाँ द्विपक्षीय व्यापार को तेजी से विस्तार देने और अपनी कंपनियों के लिए भारतीय बाजारों में सीधी पहुँच बनाने का पक्षधर है, वहीं भारत सरकार इस बात पर अडिग है कि कोई भी समझौता देश की आर्थिक संप्रभुता और घरेलू उद्योगों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। हाल ही में उच्चस्तरीय बैठकों के दौर के बीच भारतीय नीति निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यापारिक बातचीत में अंतिम कानूनी प्रारूप (Legal Drafting) और उसके दूरगामी प्रभाव सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। भारत की प्राथमिकता केवल तात्कालिक टैरिफ छूट हासिल करना भर नहीं है, बल्कि वह घरेलू कृषि सेक्टर, एमएसएमई (MSME) और विनिर्माण क्षेत्र को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहता है।कृषि, डेयरी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा बनी प्रमुख वजहव्यापार समझौते में देरी और हर शर्त की फूंक-फूंक कर जांच किए जाने की सबसे बड़ी वजह भारत के कृषि और डेयरी सेक्टर से जुड़ी नीतियां हैं। अमेरिका लगातार भारतीय बाजार में अपने कृषि उत्पादों, जैसे सोयाबीन तेल, पेड़ के मेवे (ट्री नट्स), और अन्य खाद्य वस्तुओं के लिए रियायत और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की मांग करता आया है। भारत के करोड़ों किसानों और पशुपालकों की आजीविका सीधे तौर पर इन क्षेत्रों से जुड़ी है। इसके अलावा जीएम (Genetically Modified) खाद्य पदार्थों की भारत में संभावित एंट्री को लेकर सख्त नीतियां लागू हैं। भारतीय दल किसी भी ऐसी शर्त पर मुहर नहीं लगाना चाहता जो देश की खाद्य सुरक्षा या ग्रामीण अर्थव्यवस्था को किसी भी रूप में प्रभावित करे।बौद्धिक संपदा अधिकार और डिजिटल व्यापार के पेचीदा पहलूकृषि के अलावा, पेटेंट नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), डेटा लोकलाइजेशन और डिजिटल ट्रेड रूल्स जैसे तकनीकी मुद्दे भी वार्ताओं को लंबा खींच रहे हैं। अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनियां अक्सर कड़े पेटेंट नियमों पर जोर देती हैं, जिससे सस्ती जेनेरिक दवाओं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। भारत दुनिया भर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, इसलिए वह अपने पेटेंट कानूनों और जनस्वास्थ्य से जुड़े अधिकारों में ढील देने के पक्ष में नहीं है। इसी तरह डेटा सुरक्षा और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियमों पर भी भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर शर्तें तय कर रहा है।क्या होगा आगे? भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों की भावी दिशाभारत-अमेरिका व्यापार संबंध अपने आप में बेहद व्यापक और रणनीतिक हैं, जहाँ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। 'तारीख पर तारीख' की स्थिति यह दर्शाती है कि भारत अब किसी भी वैश्विक महाशक्ति के सामने आर्थिक वार्ता में पूरी मजबूती से अपनी शर्तें रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भले ही अंतिम सहमति बनने में कुछ वक्त और लगे, लेकिन जब भी यह समझौता धरातल पर उतरेगा, वह दोनों देशों के लिए संतुलित, पारस्परिक और दीर्घकालिक रूप से लाभदायक होगा।
ओहायो में ओबामा का भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी पर हमला, कहा-उन्हें है अटेंशन पाने की ‘तड़प’
वाशिंगटन, 25 अक्टूबर . अमेरिका के पूर्व President बराक ओबामा ने मिडटर्म चुनाव अभियान की क्लीवलैंड में आयोजित अपनी पहली रैली में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक…
अंतरराष्ट्रीय जगत और पश्चिमी देशों से इस वक्त एक बहुत ही दहला देने वाली और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका (United States) में गन कल्चर (Gun Culture) का खौफनाक चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हुआ है। अमेरिका के फ्लोरिडा (Florida) राज्य के तल्लाहसी शहर में एक फुटबॉल स्टेडियम के पास शनिवार देर रात अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस अंधाधुंध गोलीबारी (Mass Shooting) की घटना में 6 नाबालिगों सहित कुल 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि फ्लोरिडा में घटी इस खौफनाक वारदात की पूरी पृष्ठभूमि क्या है और वर्तमान में वहां के हालात कैसे बने हुए हैं।फ्लोरिडा के तल्लाहसी में फुटबॉल स्टेडियम के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंगस्थानीय पुलिस विभाग और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हिंसक घटना फ्लोरिडा के तल्लाहसी (Tallahassee) शहर में स्थित प्रतिष्ठित फ्लोरिडा एएंडएम यूनिवर्सिटी (FAMU) के ब्रैग मेमोरियल स्टेडियम (Bragg Memorial Stadium) के बाहरी परिसर के पास घटी। शनिवार की देर रात जब इस स्टेडियम के आसपास भारी भीड़भाड़ थी और एक सार्वजनिक कार्यक्रम चल रहा था, तभी अज्ञात हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा और वहां अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, स्वैट टीम और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (Emergency Services) तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।घायलों में 6 नाबालिग भी शामिल, तीन की हालत बेहद नाजुकतल्लाहसी पुलिस विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, इस गोलीबारी की घटना में कुल 12 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इनमें से 11 लोगों को सीधे तौर पर गोलियां लगी हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति भगदड़ के दौरान घायल हुआ है। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस हिंसक वारदात का शिकार होने वाले लोगों में 6 वयस्क और 6 नाबालिग (बच्चे एवं किशोर) शामिल हैं।अस्पताल के डॉक्टरों ने जानकारी दी है कि गोलीबारी का शिकार हुए लोगों में से कम से कम तीन घायलों की हालत बेहद नाजुक (Critical) बनी हुई है, जिनका इलाज आईसीयू में चल रहा है। वहीं, बाकी नौ घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इतनी बड़ी संख्या में नाबालिगों के घायल होने से स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों के बीच भारी रोष और डर का माहौल देखा जा रहा है।अमेरिका में लगातार बढ़ रही गन हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवालअमेरिका में इस तरह की सामूहिक गोलीबारी (Mass Shootings) की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन हर बार इस तरह के हमलों में मासूमों की जान खतरे में पड़ने से वहां के कड़े बंदूक कानूनों को लेकर बहस तेज हो जाती है। तल्लाहसी पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गोलीबारी को अंजाम देने वाले हमलावर कौन थे और इसके पीछे उनकी असल मंशा क्या थी।पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और चश्मदीदों के बयानों को खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। यूनिवर्सिटी प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने छात्रों और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है, साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
तालाहासी पुलिस विभाग के अनुसार, घायलों में से 3 लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जबकि बाकी 9 पीड़ितों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका-इजरायल हमलों के नुकसान की भरपाई की मांग उठाई
तेहरान, 25 अक्टूबर . ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों से देश को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिलाने…
Audi अमेरिका के Georgia में लगाएगी नया प्लांट, होगा 4.2 अरब डॉलर का निवेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि जर्मनी की लक्जरी कार विनिर्माता कंपनी ऑडी अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में एक नया कारखाना स्थापित करेगी। कंपनी इस परियोजना पर 4.2 अरब डॉलर का निवेश करेगी और इससे करीब 4,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। मध्यावधि चुनाव से पहले इसे ट्रंप के अमेरिका में विनिर्माण को मजबूत करने के वादे को पूरा करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि फॉक्सवैगन समूह के स्वामित्व वाली ऑडी मैकॉन के निकट यह कारखाना लगाएगी। प्रस्तावित संयंत्र में सालाना दो लाख कार का उत्पादन किया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “जरा सोचिए, सालाना दो लाख कार। यह अविश्वसनीय है।” उन्होंने इस निवेश का श्रेय अपनी शुल्क नीति को दिया। हालांकि, उनकी आक्रामक शुल्क नीति को लेकर अमेरिका में आलोचना भी होती रही है। इस अवसर पर ऑडी के प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन गर्नोट डॉलनर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि नए संयंत्र में कंपनी की सबसे बड़ी और सबसे महंगी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) का उत्पादन होगा। डॉलनर ने कहा, “यह दीर्घकालिक निवेश है, क्योंकि हमें अमेरिकी बाजार पर भरोसा है।”ऑडी ने एक बयान में कहा कि जॉर्जिया में लगने वाला यह उसका पहला कारखाना होगा। कंपनी के अनुसार, इसमें निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने करने की योजना है, जबकि उत्पादन 2030 के शुरुआती वर्षों में शुरू होने की उम्मीद है। इस परियोजना से लगभग 4,500 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अमेरिका और इस्राइल के हमले की स्थिति में ईरान ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे बिछीं 7 प्रमुख अंडरसी इंटरनेट केबल्स को काटने की धमकी दी है। जानिए क्या होगा इसका दुनिया और क्षेत्र पर असर।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रिपब्लिकन सहयोगियों की कड़ी आलोचना की. ओहायो और मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते हुए ओबामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेताओं के व्यवहार को क्रूर और अशिष्ट बताया.
ईरान पर कभी भी बरस सकते हैं अमेरिकी बम: डोनाल्ड ट्रंप बोले- कल हो सकता है हमला, डील का रास्ता भी खुला- US bombs could rain down on Iran at any moment Donald Trump says door to deal remains open
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के जामनगर रिफ़ाइनरी का दौरा करने के क्या हैं मायने
मुंबई में रुबियो की टाटा और अदानी समूह के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात और जामनगर में मुकेश अंबानी के साथ बातचीत को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या आर्थिक हित विदेश नीति को संचालित कर रहे हैं.
Avengers Doomsday New Teaser: अवेंजर्स डूम्सडे के नए टीजर को रिलीज कर दिया गया है. डॉक्टर डूम के खतरे से निबटने के लिए पुराने वाले कैप्टन अमेरिका की वापसी हो गई है.
अमेरिका मध्यावधि चुनाव: गैर-अमेरिकी मतदाताओं की पहचान पर गरमाई राजनीति, 20 हजार डाक मतपत्रों पर भी विवाद---US Midterm Elections 2026: Voter Citizenship Checks in California, Trump Revives 250% Tariff Claim
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी से हरियाणा, दिल्ली पुलिस को राहत मिली है। यह गैंग विदेश से रंगदारी समेत अन्य वारदातों को अंजाम देता था।
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया अमेरिका में गिरफ्तार, देखें बुलेटिन
भारतीय जांच एजेंसियों के इनपुट पर अमेरिकी एफबीआई ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को लास वेगास से गिरफ्तार कर लिया है. इन दोनों पर दिल्ली और हरियाणा में हत्या, रंगदारी और हथियार तस्करी के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं. उधर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है. देखें बुलेटिन.
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दी फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर जल्द ही बड़ा सैन्य हमला हो सकता है. इस चेतावनी के बाद पूरे मध्य पूर्व में खलबली मच गई है. वहीं ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. ईरान ने फारस की खाड़ी और होर्मुज में संचार केबलों को नुकसान पहुँचाने की चेतावनी भी दी है.
क्यों मध्य पूर्व के अपने दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटा रहा अमेरिका?
नई दिल्ली/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष अभी थमा नहीं है। दोनों ही देश एक-दूसरे को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते रहते हैं। इस बीच अमेरिकी खुफिया विभाग की चेतावनी भी सामने आई है। जिसके बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने कई दूतावासों में स्टाफ की संख्या घटा दी है। दरअसल अमेरिकी खुफिया […]
Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei
Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei Iran America War के बीच Strait of Hormuz से जुड़ा बड़ा दावा सामने आया है।
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, फुटेज में देंखे FBI ने पकड़ा; दिल्ली-हरियाणा में 30 से ज्यादा गंभीर मामलों में वांटेड
अमेरिका में गिरफ्तार हुए गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया
अमेरिका के लास वेगास से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिकी जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है. यह बड़ी सफलता हरियाणा एसटीएफ द्वारा दिए गए सटीक इनपुट के आधार पर मिली है. अब भारतीय एजेंसियां और हरियाणा एसटीएफ हिमांशु भाऊ को भारत वापस लाने के लिए अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में हैं, और उसके डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
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अमेरिका की राजनीति में क्या यह मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी बाजी? अमेरिकी लोगों की जुबान में कहें तो क्या यह आखिरी इलेक्शन गेम? मिड टर्म इलेक्शन से दो हफ्ते पहले यह सवाल अमेरिकी मीडिया में इसीलिए चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि ट्रंप चुनाव पूर्व हुए ज्यादातर सर्वेक्षण में पीछे हैं। 10 में से नौ चुनावी सर्वे में पीछे 70% अमेरिकी ट्रंप के खिलाफ। अमेरिका में बहुप्रतीक्षित मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इस बार चुनावी बयार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के पूरी तरह खिलाफ बहती नजर आ रही है। ईरान के साथ छिड़े युद्ध और आसमान छूती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने अमेरिकी जनता के गुस्से को भड़का दिया है, जिसका सीधा असर ट्रंप की गिरती लोकप्रियता पर दिख रहा है। 3 नवंबर के मतदान से ठीक पहले अमेरिकी राजनीति में एक अप्रत्याशित ब्लू वेव उठ खड़ी हुई है। महज कुछ महीने पहले तक जनता से कटे नजर आ रहे डेमोक्रेट्स ने अब पासा पूरी तरह पलट दिया है और कई सीनेट सीटों को कड़े रणक्षेत्र में बदल दिया है। इस बदलाव ने अमेरिकी सीनेट के हाथ से फिसलने की वास्तविक संभावना पैदा कर दी है, जहां फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी का 53-47 के बेहद मामूली अंतर से कब्जा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सीनेट में यह संभावित तख्तापलट उन 6 राज्यों के दम पर तय होता दिख रहा है, आयोवा, अलास्का, टेक्सास, मिसिसिपी, कंसास और नेब्रास्का जिन्हें रिपब्लिकन्स का अभेद्य किला माना जाता था। जैसा कि न्यूज आउटलेट एक्सिओस ने रेखांकित किया है। आम चुनावी वर्षों में रिपब्लिकन्स को इन राज्यों की तरफ मुड़कर देखने की भी जरूरत नहीं पड़ती थी। लेकिन अब समीकरण इस कदर बदल चुके हैं कि ये तथाकथित 'सुरक्षित सीटें' ही ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई हैं। आइए गहराई से समझते हैं कि आखिर इन 6 राज्यों में क्या चल रहा है और कैसे ये सीटें सत्ता का खेल पलटने वाली है। इसे भी पढ़ें: Android फोन में Apps का Camera और Microphone एक्सेस ऐसे करें चेक और बंद ईरान पर हमले ने बिगाड़ दिया गेम मिड टर्म इलेक्शन से पहले ट्रंप को लेकर यह चुनावी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। क्योंकि पिछले 8 महीने से ट्रंप अमेरिकी जनता को यह कहते हुए ईरान पर हमले कर रहे थे कि इसमें अमेरिका का सबसे बड़ा फायदा होने वाला है। पिछले 8 महीने में अलग-अलग मौकों पर डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान से जंग के बेहिसब फायदे गिना। मिडिल ईस्ट में ईरान अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन है। ईरान के पास न्यूक्लियर बम अमेरिका के लिए खतरा है। ईरान से कट्टरपंथी सरकार का खात्मा अमेरिकी हित में। ईरान की हार के बाद दुनिया में अमेरिका की धौंस बढ़ेगी और ईरान कमजोर होगा तो अमेरिका में तेल गैस सस्ता हो जाएगा। तेल, गैस और इससे बड़ी महंगाई को ट्रंप ईरान वॉर की छोटी कीमत बता रहे हैं। लेकिन अमेरिकी जनता का हाल इस छोटी कीमत से कितना बेहाल हुआ है, इसे कुछ आंकड़ों से समझिए। पेट्रोल की कीमत 4.35 प्रति कैलन पहुंच गई है। डीजल $6.30 प्रति कैलन, गैस $5 प्रति गैलन और इसका असर यह कि एक से $2 प्रति कैलन ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। ईंधन खर्च बढ़ने से महंगाई अमेरिका में चरम पर। वैसे ईरान जंग के बदले इस तेल गैस की महंगाई जिसे ट्रंप एक बहुत छोटी सी कीमत कह रहे थे। उसका हिसाब अमेरिकी जनता महीनों से पूछ रही है। चुनाव प्रचार से पहले ही अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप से लोग पूछ रहे हैं कि ईरान पर हमले से आखिर हासिल क्या होगा? टेक्सास 1961 तक, 'लोन स्टार स्टेट' (टेक्सास) पूरी तरह से डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ था। 1961 में जब जॉन टॉवर ने अमेरिकी सीनेट के लिए एक विशेष चुनाव जीता, तब इस राज्य का झुकाव रिपब्लिकन पार्टी की ओर होने लगा। गौरतलब है कि 1988 में लॉयड बेंटसेन, टेक्सास से अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले आखिरी डेमोक्रेट थे। तब से टेक्सास को एक सुरक्षित रिपब्लिकन राज्य माना जाता रहा है, जिससे यहाँ से जीतने की डेमोक्रेट्स की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। हालाँकि, यह मध्यावधि चुनाव वह मौका हो सकता है जिसका डेमोक्रेट्स को लंबे समय से इंतज़ार था। नए पोलिंग के अनुसार, टेक्सास में सीनेट की दौड़ के लिए डेमोक्रेट जेम्स टालारिको और रिपब्लिकन केन पैक्सटन के बीच कड़ी टक्कर है। पैक्सटन, जिन्होंने प्राइमरी चुनाव में मौजूदा सीनेटर जॉन कॉर्निन (जो ट्रम्प के सहयोगी हैं) को हराया था, राज्य के अटॉर्नी जनरल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई घोटालों में घिरे रहे हैं। 2023 में टेक्सास हाउस ने उन पर महाभियोग चलाया था और वे लगभग अपने पद से हटा दिए गए होते, लेकिन राज्य सीनेट में बहुत कम अंतर से उनके पक्ष में वोट पड़ा, जिससे वे बच गए। चुनाव प्रचार के बीच पैक्सटन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दुबई में नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित एक पार्टी में उन्हें अपनी विवाहेतर प्रेमिका और दो ऐसे पुरुषों के साथ देखा गया, जिन पर संघीय स्वास्थ्य सेवा धोखाधड़ी (फेडरल हेल्थकेयर फ्रॉड) का आरोप था और जिन्हें कानून से भागने वाला (भगोड़ा) माना जाता था। इसे भी पढ़ें: लाहौर सामूहिक दुष्कर्म मामले में Maryam Nawaz ने जज पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप अलास्का पिछले तीन दशकों में डेमोक्रेट्स ने अलास्का में सीनेट का केवल एक चुनाव जीता है। हालाँकि, यह साल उनके लिए अहम हो सकता है। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि मैरी पेल्टोला, जो पहले ही दो बार पूरे राज्य में जीत हासिल कर चुकी हैं, सीनेटर डैन सुलिवन को कड़ी टक्कर दे रही हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच इस बात को लेकर मुकाबला है कि अलास्का के लोगों के लिए खर्च कम करने का काम कौन बेहतर तरीके से करेगा, और साथ ही अमेरिकी कैपिटल में वहां के अहम मछली पकड़ने वाले उद्योग तथा तेल और गैस उद्योग का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। पिछले हफ्ते हुई बहस के दौरान यह मुकाबला व्यक्तिगत हो गया; सुलिवन ने पेल्टोला के चरित्र पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपने स्टाफ के साथ बुरा बर्ताव किया था। इसके जवाब में डेमोक्रेट उम्मीदवार ने सीनेटर पर झूठ बोलने और बेईमानी करने का आरोप लगाया। रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए स्थिति तब और जटिल हो गई जब पता चला कि बैलेट पेपर पर एक और 'डैन सुलिवन' का नाम भी है, जिससे उनके समर्थकों के वोट बंट सकते हैं। कैनसस कैनसस एक 'रूबी रेड' (पूरी तरह से रिपब्लिकन समर्थक) राज्य है। पिछले 94 सालों से यहाँ रिपब्लिकन पार्टी को ही वोट मिलते रहे हैं। हालाँकि, अब ऐसी प्रबल संभावना दिख रही है कि डेमोक्रेट्स इस राज्य में बाजी पलट सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स/सिएना पोल' और एमर्सन कॉलेज पोलिंग दोनों के अनुसार, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन (जो एक मेगाचर्च के पादरी हैं) और रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर रोजर मार्शल के बीच कांटे की टक्कर है। पेशे से डॉक्टर, मार्शल को अर्थव्यवस्था और ईरान युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के कारण भी उन्हें भारी आलोचना झेलनी पड़ रही है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उन्होंने मेडिकल बिल बकाया होने पर सैकड़ों मरीजों के खिलाफ मुकदमा कर दिया था। आर्थिक हालात मार्शल के लिए एक और बाधा हैं। खेती पर निर्भर इस राज्य में डीजल की बढ़ती कीमतों से कई मतदाता नाराज हैं। कंसास के पशुपालक इस बात से भी नाराज हैं कि ट्रम्प ने किराने की दुकानों में आयातित बीफ (गोमांस) बिकने की अनुमति दे दी है। किसान ट्रम्प के उन आव्रजन छापों (इमिग्रेशन रेड्स) से भी परेशान हैं, जिनकी वजह से उनके यहाँ काम करने वाले मजदूर चले गए हैं। कंसास फार्म ब्यूरो के अध्यक्ष ग्लेन ब्रुन्को ने 'पोलिटिको' को बताया, लोगों में काफी निराशा और गुस्सा है। इन सब वजहों से, रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इस राज्य में पासा पलटने के हालात बन गए हैं। क्या ऐसा होगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन रिपब्लिकनों का मानना है कि चुनाव सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक समर्थकों के उत्साह को जरूरत से ज्यादा आंका जा रहा है। मिसिसिपी एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, दक्षिणी राज्य मिसिसिपी अब एक चुनावी अखाड़ा बन गया है। कई जानकारों का मानना है कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलोम (जो मिसिसिपी के 16वें सर्किट के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी हैं) के पास मौजूदा GOP सीनेटर सिंडी हाइड-स्मिथ को हराने का अच्छा मौका है। आलोचकों का कहना है कि हाइड-स्मिथ के साथ कुछ विवाद जुड़े हुए हैं। नवंबर 2018 में, उन्होंने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने कहा कि अगर उन्हें किसी सार्वजनिक फांसी देखने के लिए बुलाया जाए, तो वह सबसे आगे की सीट पर बैठना चाहेंगी। वह ट्रम्प की कट्टर समर्थक रही हैं, जो चुनावों में उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि टैरिफ (आयात शुल्क) की वजह से राज्य के किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा, वह ट्रम्प के उस एक बड़े, बेहतरीन बिल पर पूरी तरह चुप रही हैं, जिसके लागू होने से उनके क्षेत्र के कई लोगों को 'मेडिकेड' (स्वास्थ्य सुविधा) और 'SNAP' (खाद्य सहायता) जैसी सरकारी सुविधाओं से हाथ धोना पड़ सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोलोम इस स्थिति का फायदा उठाकर चुनावों में हाइड-स्मिथ को हरा पाते हैं या नहीं। नेब्रास्का नेब्रास्का एक ऐसा राज्य है, जिसका पूरे राज्य स्तर पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनने का लंबा इतिहास रहा है। हालाँकि, निर्दलीय उम्मीदवार डैन ओसबोर्न इस साल इस चलन को बदलने की उम्मीद कर रहे हैं। वे मौजूदा रिपब्लिकन सीनेटर पीट रिकेट्स को चुनौती दे रहे हैं। यह मुकाबला इतना कड़ा होने के आसार हैं, जैसा कि दशकों से इस पक्के रिपब्लिकन राज्य में देखने को नहीं मिला है। गौरतलब है कि पेशे से एक इंडस्ट्रियल मैकेनिक, ऑसबोर्न ने 2024 में एक अन्य रिपब्लिकन मौजूदा सीनेटर, डेब फिशर के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसमें वे हार गए थे। पोल बताते हैं कि ऑसबोर्न, रिकेट्स को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में हैं। क्या वे जीत हासिल कर पाएंगे? यह हमें 3 नवंबर को पता चलेगा।
अमेरिका में तेलंगाना की 25 साल की महिला की हार्ट अटैक से मौत
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां तेलंगाना की रहने वाली 25 वर्षीय भारतीय महिला नल्ला माला अक्षिता की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. यह घटना न्यू यॉर्क के अलबानी इलाके की है, जहां रात का खाना खाने के बाद अक्षिता टहलने के लिए बाहर निकली थीं. टहलते समय वे अचानक सड़क पर गिर गईं और बेहोश हो गईं.
हूतियों के खिलाफ जंग में नहीं उतरेगा तुर्किये, सऊदी अरब को मदद देने पर संसद की मंजूरी जरूरी; पाकिस्तान-अमेरिका भी पीछे हटे
ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी, नए हमले का देंगे कड़ा जवाब
ईरान की अंडरग्राउंड ड्रोन फैक्ट्री से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एक बड़ा संदेश जारी किया गया है. ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हाफ ने इस सीक्रेट ड्रोन फैक्ट्री का दौरा कर अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान पर कोई नया सैन्य हमला हुआ, तो अमेरिका और इजरायल को एक नहीं बल्कि कई सरप्राइज हमलों का सामना करना पड़ेगा.
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप का यू-टर्न
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कनाडा को ट्रेड में रियायत देते हुए कुछ टैरिफों को हटाने की घोषणा शुक्रवार को की। ट्रंप ने इससे पहले रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देते हुए भारत और चीन को राहत दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप का ये फैसला मध्यावधि चुनावों से दो हफ्ते पहले आया है। इस पर …
जर्मनी की मझोली कंपनियों में अमेरिकी निवेशकों की क्यों बढ़ी दिलचस्पी?
जर्मनी की पारंपरिक औद्योगिक कंपनियों और पारिवारिक कारोबारों में अमेरिकी निवेश लगातार बढ़ रहा है, मगर क्यों?
कैनवा से चैटजीपीटी तक कई एप्स यूज करने में आई परेशानी: अमेरिका में आउटेज की बढ़ीं रिपोर्ट्स, जानें भारत का हाल
फरीदाबाद में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के मामले में वांछित गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भारत लाने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने 22 अक्टूबर को लास वेगास क्षेत्र में नीरज और गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को हिरासत में लिया था। इसकी जानकारी सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क साधा जा रहा है। फरीदाबाद पुलिस पहले ही नीरज के प्रत्यर्पण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को सिफारिश भेज चुकी है। ACP क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि नीरज को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली है। पुलिस इस मामले में और जानकारी जुटा रही है। बता दें कि नीरज फरीदपुरिया पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर अपराधों के 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें फरीदाबाद और पलवल में करीब 12-12 मामले बताए जा रहे हैं। पुलिस को कई मामलों में उसकी तलाश है। विदेश में रहने के दौरान भी उसके नाम से रंगदारी मांगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। एल्विश यादव के घर फायरिंग में भी सामने आया था गैंग का नाम अगस्त 2025 में गुरुग्राम स्थित यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस मामले की जांच के दौरान नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े शूटरों का नाम सामने आया था। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े एक पोस्ट में भी फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। हालांकि, नीरज फरीदपुरिया के खुद गोली चलाने की पुष्टि नहीं हुई थी। 2019 में हुई थी विकास चौधरी की हत्या 26 जून 2019 को फरीदाबाद में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान नीरज फरीदपुरिया का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी उसके फरीदपुर गांव स्थित मकान पर छापेमारी कर चुकी है। पलवल में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप जुलाई 2024 में पलवल में रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। आरोप था कि चांदहट गांव निवासी योगेश कुमार को फोन कर एक करोड़ रुपये मांगे गए। फोन करने वाले ने खुद को नीरज फरीदपुरिया बताया था। रकम नहीं देने पर योगेश और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा था। इस मामले ने विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका को फिर चर्चा में ला दिया था। हत्या में उम्रकैद के बाद हाईकोर्ट से मिली थी जमानत नीरज को वर्ष 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2015 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह विदेश चला गया। इसके बाद विकास चौधरी हत्याकांड समेत अन्य मामलों में उसकी तलाश जारी रही। NIA की छापेमारी के बाद मकान भी ढहाया गया अक्टूबर 2022 में एनआईए ने फरीदाबाद के फरीदपुर गांव स्थित नीरज के मकान पर छापेमारी की थी। इससे पहले पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई के दौरान गांव में स्थित उसके करीब 350 वर्ग गज के मकान को ढहा दिया गया था। अब अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद जांच एजेंसियों की नजर उसे भारत लाने की प्रक्रिया पर है।
जॉर्डन में चर्च पर आतंकी हमला, 7 की मौत; अमेरिकी दूतावास ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट
जॉर्डन के करक प्रांत में ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर राजा कृष्णमूर्ति चिंतित, FBI से मांगा जवाब
अमेरिका में नस्ली पूर्वाग्रह का मुद्दा उठाते हुए कृष्णमूर्ति ने टेक्सास के बो फ्रेंच का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, फ्रेंच ने फुटबॉल मैच देखने पहुंचे भारतीय मूल के बच्चों को विदेशी बताते हुए कहा था कि वे अमेरिकी नागरिकों की जगह ले रहे हैं।
भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में गिरफ्तारी, भारत लाने की तैयारी तेज!
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026 | भारत में हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध समेत कई गंभीर मामलों में वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। 24 अक्टूबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ और उसके सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को 22 अक्टूबर को लास वेगास में अमेरिकी अधिकारियों […] The post भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में गिरफ्तारी, भारत लाने की तैयारी तेज! appeared first on Rashtriya Ujala .
अमेरिका में भारतीय मूल के दो उम्मीदवारों की चुनावी जंग सबसे महंगी, 23.89 मिलियन डॉलर खर्च (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
अमेरिका में पकड़े गए भारत के 2 गैंगस्टर: हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को FBI ने दबोचा
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। NIA, दिल्ली पुलिस और हरियाणा STF की हिट लिस्ट में उसका नाम था। हिमांशु पर यूट्यूबर और बिग बॉस विनर एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है। नीरज ...
42 साल पहले कोलकाता से शुरू हुई भारत की पहली मेट्रो ने आज 42 साल का सफर पूरा कर लिया है. आज देश के 26 शहरों तक मेट्रो पहुंच चुकी है. मेट्रो नेटवर्क के मामले में भारत दुनिया का टॉप-3 देश बन गया है.
ईरान : अमेरिकी दबाव का अगला केंद्र बन सकता है क्यूबा
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के बाद क्यूबा अमेरिकी दबाव का अगला केंद्र बन सकता है। उन्होंने क्यूबा के पास अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की कूटनीतिक भूमिका की संभावना जताई है।
अमेरिका में पकड़े गए गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया, पुलिस कस्टडी की तस्वीरें आईं सामने
दोनों गैंगस्टर भारत में हत्या, फिरौती, रंगदारी और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया और प्रत्यर्पण से जुड़ी आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
Russia-US Deal: ट्रंप-पुतिन की डील के बाद अमेरिका की ओर रवाना हुआ रूसी डीजल टैंकर, 7 नवंबर तक पहुंचने का अनुमान
अमेरिका में हिंदू धर्म को स्कूलों में सही तरीके से पढ़ाने की अपील, हिंदू अभिभावक समूह का अभियान तेज
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . अमेरिका में हिंदू धर्म को स्कूलों में पढ़ाने को लेकर काम कर रहा एक हिंदू-अमेरिकी अभिभावक संगठन अब सीधे शिक्षकों के साथ जुड़कर बदलाव…
ईरान पर फिर से हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका!
ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई के ट्रंप के बयान से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. रॉयटर्स के मुताबिक, ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका और इजराइल के दोबारा हमले की स्थिति में ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बना सकता है.
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . पैराग्वे अमेरिका की अगुवाई वाली एक पहल में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करना और…
ट्रंप : भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं पर राजनीतिक दलों की नजर
वाशिंगटन, मिशिगन में रहने वाला भारतीय-अमेरिकी समुदाय, जो राज्य का सबसे बड़ा एशियाई समुदाय है, मिडटर्म चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में राजनीतिक दलों के लिए अहम बन गया है। यह राज्य कांग्रेस में सत्ता संतुलन तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारतीय-अमेरिकी : रामास्वामी के अभियान पर 41.3 मिलियन डॉलर का बकाया
वाशिंगटन, 'स्टेट अफेयर्स' द्वारा उद्धृत आम चुनाव से पहले की कैंपेन फाइनेंस रिपोर्ट के अनुसार, ओहायो के गवर्नर पद के लिए भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन विवेक रामास्वामी के चुनाव अभियान पर अक्टूबर के मध्य तक 41.3 मिलियन डॉलर का कर्ज था। वहीं, उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन ने हाल की रिपोर्टिंग अवधि में उनसे दोगुने से भी अधिक फंड जुटाया है।
पैराग्वे अमेरिका के एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर समझौते में शामिल, 'पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन' पर किया हस्ताक्षर
रात के खाने के बाद टहल रही थी युवती, अचानक गिर पड़ी, अमेरिका में मौत
तेलंगाना के खम्मम जिले की 25 वर्षीय नल्लामाला अक्षिता की अमेरिका के अल्बानी में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वह मास्टर ऑफ साइंस की पढ़ाई पूरी कर नौकरी शुरू करने वाली थी.
अमेरिकी एजेंसी की गिरफ्त में गैंगस्टर हिमांशु और नीरज, तस्वीर आई सामने
अमेरिका में फर्जी पासपोर्ट के सहारे रह रहे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिकी एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है. दोनों पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संचालित करने का आरोप है.
किशोर सुधार गृह से हुआ फरार, फिर बना गैंगस्टर; कौन है अमेरिका में पकड़ा गया हिमांशु भाऊ?
अमेरिका में हिरासत में लिया गया गैंगस्टर हिमांशु भाऊ कौन है? जानिए रोहतक के रिटौली गांव से अपराध की दुनिया तक का सफर, किशोर सुधार गृह से फरारी, हत्या और रंगदारी के आरोप।
अमेरिका मिड टर्म चुनाव 2026: ट्रंप हारे तो क्या छोड़ना पड़ेगा राष्ट्रपति का पद?
अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव होने हैं। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ये चुनाव हार जाते हैं तो क्या होगा। क्या उन्हें राष्ट्रपति के पद से तुरंत हटा दिया जाएगा।
मिशिगन में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं पर राजनीतिक दलों की नजर, ट्रंप करेंगे रैली
मिशिगन में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं पर राजनीतिक दलों की नजर, ट्रंप करेंगे रैली
भारतीय-अमेरिकी रामास्वामी के अभियान पर 41.3 मिलियन डॉलर का बकाया
भारतीय-अमेरिकी रामास्वामी के अभियान पर 41.3 मिलियन डॉलर का बकाया
हरियाणा एसटीएफ ने अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से विदेश में छिपे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका से गिरफ्तार किया है। जानिए दोनों के खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं।
US-Russia Oil Deal: रूस से 3 लाख बैरल डीजल लेकर अमेरिका आ रहा टैंकर, बढ़ती कीमतों के बीच ट्रम्प की नई कोशिश
अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने बुजुर्गों की देखभाल के लिए 250 मिलियन डॉलर की योजना पेश की
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने पूरे अमेरिका में बुजुर्गों की देखभाल केंद्रों के लिए कम से कम 5,000 नर्सों की भर्ती करने के लिए…
ट्रंप ने अमेरिकी सीफूड की पहचान के लिए नई लेबलिंग योजना की घोषणा की
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में उत्पादित समुद्री खाद्य पदार्थ (सीफूड) की पहचान के लिए एक नई लेबलिंग योजना की घोषणा की है.…
भारतीय-अमेरिकी छात्र पत्रकार का आरोप, भारत-विरोधी टिप्पणियों का विरोध करने पर पद से हटाया
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . टेक्सास में रहने वाले 21 वर्षीय भारतीय मूल के छात्र पत्रकार वसंत भट्ट ने कहा कि उन्होंने भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत और भेदभाव…
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के बाद क्यूबा अमेरिकी दबाव का अगला केंद्र बन सकता है.…
भ्रष्टाचार का खेल: क्या यूक्रेन के लिए भेजा गया पैसा अमेरिकी नेताओं के चुनाव में लग रहा?, मस्क का बड़ा दावा elon musk ukraine aid political campaigns starlink restrictions usa
ट्रंप का दावा: मेरी अपील पर पुतिन ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा किया
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूसी President व्लादिमीर पुतिन ने उनकी व्यक्तिगत अपील के बाद अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा…
हरियाणा का गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसका सहयोगी अमेरिका की हिरासत में
वाशिंगटन, 24 अक्टूबर . India के मोस्ट वांटेड भगोड़ों में से एक Haryana का गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसका एक साथी अमेरिका में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई)…
अमेरिका में हिमांशु भाऊ और टखने का निगरानी ट्रैकर काटकर फरार हुए नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जांच एजेंसियां अब दोनों के प्रत्यर्पण (Extradition) और डिपोर्टेशन की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गई हैं।
हिमांशु भाऊ के साथ नीरज फरीदपुरिया भी अमेरिका में गिरफ्तार, साथ रह रहे थे दोनों गैंगस्टर
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के साथ गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका की एफबीआई ने गिरफ्तार किया है। दोनों एक साथ रहते थे, दोनों को एफबीआई ने साथ साथ गिरफ्तार किया है। कौन है फरीदपुरिया?
'ईरान के बाद क्यूबा को देखेंगे': ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत, क्या एक और देश पर कब्जे की रणनीति बना रहा अमेरिका? donald trump statement cuba marco rubio cia bruno rodriguez
अमेरिका की बड़ी मेडिकल कंपनी क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स पर साइबर हमला, वीडियो में जाने मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट और निजी जानकारी तक पहुंचा हैकर
हिमांशु भाऊ के साथ गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया भी अमेरिका में गिरफ्तार, कई मामलों में है वांटेड
अमेरिका में कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के साथ हरियाणा के गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी गिरफ्तार किया गया है. नीरज पर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हत्या, रंगदारी समेत 25 से अधिक मामले दर्ज हैं.
ईरान के निशाने पर अमेरिकी राजनयिक: खुफिया रिपोर्ट में जारी की गई चेतावनी, क्या पश्चिम एशिया में बढ़ेगा टकराव? US diplomats in Iran’s crosshairs: Warning issued in intelligence report—will conflict in West Asia escalate?
ईरान पर फिर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका: मिडिल ईस्ट में भारी सैन्य तैनाती
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) का पूरा इलाका एक बार फिर बारूद के ऐसे ढेर पर बैठ गया है, जहां जरा सी चिंगारी वैश्विक तबाही की आग भड़का सकती है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच वर्षों से जारी कूटनीतिक गतिरोध और परोक्ष युद्ध अब सीधे सैन्य टकराव के सबसे भयावह दौर में दाखिल हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों, पेंटागन के सूत्रों और वैश्विक खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्टों से यह सनसनीखेज संकेत मिला है कि वाशिंगटन ईरान के खिलाफ बेहद व्यापक स्तर पर समन्वित हवाई और मिसाइल हमले करने का खाका तैयार कर रहा है। मध्य पूर्व के समुद्री जलक्षेत्र और प्रमुख एयरबेसों पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने अभूतपूर्व पैमाने पर लड़ाकू विमानों, घातक युद्धपोतों और हजारों अतिरिक्त मरीन सैनिकों की रणनीतिक तैनाती कर दी है। रणनीतिक जानकारों का मानना है कि व्हाइट हाउस में अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा की जा रही है, जिसके तुरंत बाद फारस की खाड़ी में युद्ध के सायरन गूंज सकते हैं।3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों पर टिकी व्हाइट हाउस की नजर: तेल की कीमतें बढ़ने के डर से टल रहा हमलाअमेरिकी खुफिया और भू-राजनीतिक हलकों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संभावित सैन्य ऑपरेशन को हरी झंडी दिखाने के लिए 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के संपन्न होने का इंतजार कर रहे हैं। वाशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन की विदेश नीति निदेशक सुजैन मलोनी के गहन विश्लेषण के अनुसार, ट्रंप प्रशासन चुनाव से ठीक पहले कोई भी सीधा युद्ध छेड़ने से जानबूझकर बच रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ईरान पर हमला होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगेंगी, जिससे अमेरिका के घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम भड़क सकते हैं। ऐसी स्थिति में अमेरिकी मतदाताओं के बीच बढ़ती महंगाई का सीधा नुकसान रिपब्लिकन पार्टी को मतदान पेटियों में उठाना पड़ सकता है। हालांकि, मलोनी का स्पष्ट आकलन है कि 3 नवंबर को जैसे ही वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होगी, वाशिंगटन पर घरेलू राजनीतिक दबाव खत्म हो जाएगा और ट्रंप प्रशासन ईरान के सामरिक, परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर विनाशकारी हमले शुरू करने का आदेश जारी कर सकता है।यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट समेत 3 विमानवाहक पोत तैनात: इजरायल हाई अलर्ट पर, खाड़ी बनी सैन्य छावनीईरान की घेराबंदी को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से अमेरिकी नौसेना (US Navy) ने अपनी सबसे ताकतवर स्ट्राइक फ्लीट्स को अरब सागर और फारस की खाड़ी के मुहाने पर उतार दिया है। अमेरिकी नौसेना के तीन विशालकाय न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, जिनमें 'यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट' प्रमुख है, अपने पूरे स्ट्राइक ग्रुप के साथ खाड़ी के रणनीतिक जलक्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। इन पोतों पर आधुनिक रडार से बच निकलने वाले पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स और दर्जनों टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सेना की मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स (MEU) को भी त्वरित जमीनी और समुद्री कार्रवाई के लिए इलाके में उतार दिया गया है। दूसरी ओर, संभावित ईरानी जवाबी कार्रवाई के खतरे को भांपते हुए इजरायली रक्षा बलों (IDF) को भी सर्वोच्च युद्ध स्तर यानी 'रेड अलर्ट' पर रख दिया गया है। इजरायल ने अपने एरो-3, डेविड्स स्लिंग और आयरन डोम जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है ताकि ईरान या उसके सहयोगी संगठनों की ओर से होने वाले किसी भी रॉकेट व बैलिस्टिक मिसाइल हमले को हवा में ही नेस्तनाबूद किया जा सके।हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और नाकेबंदी: दुनिया की 20 फीसदी तेल सप्लाई पर गहरा संकटवर्तमान समय में यह संघर्ष केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र में दोनों पक्षों के बीच 'टैंकर वॉर' की खतरनाक शुरुआत हो चुकी है। अमेरिका और ईरान खुले तौर पर एक-दूसरे के व्यापारिक और वाणिज्यिक जहाजों (कमर्शियल शिप्स) को निशाना बना रहे हैं। अमेरिकी नौसेना जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की आड़ में ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों को जब्त करने और ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की अघोषित समुद्री नाकेबंदी करने में जुटी है, वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) दुनिया के सबसे संवेदनशील और संकरे तेल गलियारे 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' पर अपनी सैन्य पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक युद्धाभ्यास कर रही है। वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल निर्यात और बंदरगाहों पर हमला हुआ, तो वह इस पूरे जलमार्ग को पूरी तरह बंद कर देगा, जिससे एशिया और यूरोप समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा का अभूतपूर्व संकट खड़ा हो सकता है।वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया तीसरे विश्वयुद्ध का साया: विशेषज्ञों ने दी गंभीर मानवीय संकट की चेतावनीयदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव सीधे सैन्य टकराव में तब्दील होता है, तो इसके परिणाम केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के पास हजारों की तादाद में सटीक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन हैं, जिनका इस्तेमाल वह खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कर सकता है। लेबनान से लेकर यमन तक फैले ईरान समर्थित गुट भी इस युद्ध में कूद सकते हैं, जिससे पूरा मध्य पूर्व एक लंबे और विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलस सकता है। वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सोने की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल और ऊर्जा संकट के चलते दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं मंदी के गर्त में जा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मंचों पर शांति की अपीलें हो रही हैं, लेकिन दोनों देशों की आक्रामक रणनीतियों और सैन्य जमावड़े को देखते हुए 3 नवंबर के बाद का समय पूरी दुनिया के लिए सांसें थाम देने वाला साबित होने वाला है।
भारत में हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध के कई मामलों में मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी, 'अमेरिका फिर कर सकता है हमला' - BBC
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अमेरिका मध्यावधि चुनाव:50% लोगों को ट्रंप की पार्टी पर नतीजों में हेरफेर का शक; रामास्वामी भी विवादों में--US Midterm Elections: 50% Fear Election Manipulation by Trump Republicans as Controversies Intensify
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है।
हरियाणा से दिल्ली एनसीआर तक दहशत फैलाने वाले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका से गिरफ्तार किया गया है। वह अमेरिका से ही बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। 17 साल की उम्र में ही उसपर पहला केस दर्ज हुआ था।
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हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, कम उम्र में ही बन बैठा क्रिमिनल
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार हो गया है। हिमांशु भाऊ वही गैंगस्टर है जिसने यूट्यूबर और बिग बॉस विनर एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग कराई थी। हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है।
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार हो गया है। हिमांशु भाऊ वही गैंगस्टर है जिसने यूट्यूबर और बिग बॉस विनर एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग कराई थी। हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एलविश यादव के घर फायरिंग करवाने वाले हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। 24 वर्षीय हिमांशु की गैंगस्टर भाऊ बनने की कहानी भी रोचक है। 2019 तक वह एक नॉर्मल स्टूडेंट था। पढ़ाई के दौरान ही उसने रोहतक के सब्जी मंडी इलाके में जबरन वसूली के लिए फायरिंग कर दी, जिसके बाद उस पर केस दर्ज हुआ और पुलिस ने पकड़ लिया। उस वक्त हिमांशु की उम्र महज 17 साल थी। इसे देखते हुए उसे हिसार के सुधार गृह भेज दिया गया, जहां से वह 20 लड़कों के साथ फरार हो गया। इसके बाद वह कभी पुलिस के हाथ नहीं आया। सबसे पहले अपने गांव के ही बचपन के दोस्त अंकित उर्फ बाबा से उसकी दुश्मनी हुई। इस दुश्मनी में जब हत्याएं होने लगीं, तो उसने अपना ठिकाना झज्जर और फिर दिल्ली को बना लिया। यहां उसकी मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई। इसके बाद उस पर हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में मर्डर, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे करीब 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज होते चले गए और हरियाणा का यह लड़का अपराध की दुनिया में ‘भाऊ’ नाम से फेमस हो गया। उसे दिल्ली और आसपास के इलाकों में ‘दाऊद इब्राहिम’ भी कहा जाता है। हिमांशु पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से उसकी पुरानी दुश्मनी मानी जाती है। पहले जानिए कैसे पकड़ा गया हिमांशु भाऊ, 4 पॉइंट… अब जानिए कौन है हिमांशु, जो गैंगस्टर भाऊ बनकर अमेरिका पहुंचा…. बचपन के दोस्त से गैंगवार, गांव में हो चुकीं चार हत्याएं… ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… रोहतक के 2 गैंगस्टर दोस्त कैसे बने दुश्मन:कार विवाद से गैंगवार शुरू; 3 साल में 4 मर्डर, अंकित जेल में बंद, हिमांशु अमेरिका बैठा हरियाणा के रोहतक में गैंगस्टर अंकित उर्फ बाबा के चाचा अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार को खेत में जाते वक्त बदमाशों ने अनिल को घेरा और उस पर 7 सेकेंड में 15 राउंड फायर किए। इसमें से अनिल के सिर, माथे, छाती, मुंह और पेट में 8 गोली लगी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है. अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसे पकड़ा है. हिमांशु भाऊ पर दर्जनों केस दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या का प्रयास और वसूली से जुड़े मामले भी हैं. इससे पहले बताया गया था कि हिमांशु भाऊ पुर्तगाल में है, लेकिन अब उसके अमेरिका में गिरफ्तार होने की सूचना आई है. गैंगस्टर हिमांशु भाऊ दिल्ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा-पंजाब तक में खौफ का दूसरा नाम है. वह विदेश में बैठकर भारत में अपराध का साम्राज्य चलाता था. उसकी गिरफ्तारी से कई राज खुलने की संभावना है. दूसरी तरफ, अब उसे अमेरिका से भारत लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि भारतीय कानून के तहत गैंगस्टर हिमांशु भाऊ पर मुकदमा चलाया जा सके.
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में एनेस्थीसिया सुरक्षा पर अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल से संवाद किया
जयपुर | फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर में अमेरिका के सिटिजन एम्बेसडर प्रोग्राम के तहत आए सर्टिफाइड रजिस्टर्ड नर्स एनेस्थेटिस्ट्स के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एनेस्थीसिया सेवाओं और मरीज सुरक्षा पर संवाद हुआ। अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से कल्चरल विस्टास के सिटीजन एम्बेसडर प्रोग्राम के अंतर्गत कार्यक्रम में शामिल होने आया था। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग पेशेवरों और प्रशासनिक अधिकारियों से क्लिनिकल प्रक्रियाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल, शिक्षा-प्रशिक्षण, निरंतर पेशेवर विकास और सेवा उपलब्धता से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रतिनिधिमंडल की अगुआई डेबी मालिना ने की। उन्होंने कहा कि भारत में एनेस्थीसिया सेवाओं की कार्यप्रणाली और शिक्षा की भूमिका समझने में यह बातचीत उपयोगी रही।
भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। हिमांशु पर दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में मर्डर, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे करीब 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आई है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। 2022 में हरियाणा में 24 घंटे में तीन हत्याओं के बाद हिमांशु चर्चा में आया था। हिमांशु भाऊ की गैंग ने ही 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। हिमांशु की लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी मानी जाती है। इसी मामले में एक अन्य भगोड़े नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया। बताया गया है कि वह इस साल जमानत पर रिहा होने के बाद अपने टखने में लगा निगरानी ट्रैकर हटाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। हिमांशु ने लास वेगास में बना रखा था ठिकाना इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक सूत्र ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस की कई टीमें गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में तलाश कर रही थीं। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर लास वेगास में उसका ठिकाना पता लगाया गया। इसके बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उसकी लोकेशन शेयर की गई, जिन्होंने गुरुवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम, 24 घंटे में 3 हत्याओं से चर्चा में आया एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग में भी नाम 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ गैंग ने लेने का दावा किया था। इसके अलावा दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउटलेट पर हत्या और कार शोरूम पर गोलीबारी जैसी घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया। लॉरेंस गैंग से दुश्मनी, विदेश से चलाता था नेटवर्क हिमांशु भाऊ के नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से करीबी संबंध बताए जाते हैं, जबकि लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से उसकी दुश्मनी मानी जाती है। उसका गिरोह दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सक्रिय बताया जाता है। वह पुर्तगाल में रह चुका है और विदेश से गिरोह चलाने के आरोप हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य वर्चुअल नंबर और सोशल मीडिया के जरिए कारोबारियों से संपर्क कर रंगदारी मांगते थे। कई एजेंसियां कर रही थीं तलाश दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस की एसटीएफ और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई एजेंसियां हिमांशु भाऊ की तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी था। अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी के बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में जिम ट्रेनर की 15 राउंड फायरिंग कर हत्या:चार में से 2 गोलियां सिर में लगीं, हिमांशु भाऊ गैंग ने ली जिम्मेदारी दिल्ली आया नगर में एक जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। विजय को चार गोलियां लगीं थीं, जिसमें से दो गोलियां उसके सिर में लगीं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
Agra News: अमेरिका में आगरा के तजिंदर ने 48 गेंदों पर ठोक दिए 111 रन
अमेरिका की माइनर लीग क्रिकेट के प्लेऑफ मुकाबले में आगरा के बल्केश्वर निवासी तजिंदर ढिल्लों ने अपने बल्ले से ऐसा धमाल मचाया कि विरोधी टीम के गेंदबाज बेबस नजर आए।
भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई का है जानी दुश्मन
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. हिमांशु भाऊ ने ही एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है.
अमेरिका में पकड़ गया गैंगस्टर हिमांशु भाऊ कौन है? जान लीजिए पूरी क्राइम कुंडली
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गिरोह के 10 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद भाऊ के नेटवर्क, रंगदारी, हत्या और उगाही से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.
भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, दिल्ली-हरियाणा में दर्ज हैं कई मामले
अमेरिका में FBI ने भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को पकड़ा है. उसके खिलाफ 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था. दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ हत्या, फिरौती और हथियार तस्करी के मामले दर्ज हैं.
बिना आवाज, बिना धुएं... अमेरिकी ठिकानों पर दिखी रहस्यमयी चीज क्या थी?
पेंटागन की नई फाइलों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के ऊपर रहस्यमयी काले त्रिकोण जैसी उड़ती वस्तुओं का जिक्र है. इन्हें पिछले एक साल के दौरान कम से कम तीन बार देखा गया. इनकी रफ्तार और बनावट ने एजेंटों का ध्यान खींचा.
बिछड़े बच्चों को परिवारों से मिलाने में जुटीं मेलानिया, रूस-यूक्रेन दोनों कर रहे सहयोग: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
विचार: अमेरिका में बढ़ता हिंदूफोबिया
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंदू मंदिरों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है
रूसी तेल से खत्म होगी ट्रंप की टेंशन? डील के बाद डीजल की पहली खेप अमेरिका रवाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुए समझौते के बाद रूस से डीजल की पहली खेप अमेरिका के लिए रवाना हुई है. माल्टा के झंडे वाला टैंकर 40,000 मीट्रिक टन अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल लेकर न्यूयॉर्क की ओर बढ़ रहा है. शिपिंग डेटा के मुताबिक इसके 7 नवंबर को अमेरिका पहुंचने की उम्मीद है. इस समझौते का मकसद अमेरिका में बढ़ती ईंधन कीमतों को कम करना है.
रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली आगामी वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आयोजित की जाएगी...
पन्ना में शुक्रवार शाम अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के तहत ऐतिहासिक खेजड़ा मंदिर से महामति श्री प्राणनाथ जी की सवारी निकाली गई। इसमें देश-विदेश से हजारों सुन्दरसाथ और साधु-संत शामिल हुए। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर स्वागत किया और जयकारे लगाए। मुख्य रास्तों से निकली सवारी शाम 5 बजे सवारी नगर के मुख्य रास्तों से गुजरी। भजन-कीर्तन और श्री जी के जयघोष से शहर गूंज उठा। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और नेपाल के साथ अमेरिका व कनाडा से भी श्रद्धालु पहुंचे। तेरस की सवारी का खास महत्व प्रणामी धर्म में तेरस की सवारी का विशेष महत्व है। महाराजा छत्रसाल ने सद्गुरु महामति श्री प्राणनाथ जी के सम्मान में यह परंपरा शुरू की थी, जो आज भी जारी है। नेपाल से आए सुजन तिमिल्सिना ने बताया कि वे 1500 किलोमीटर दूर से सवारी देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना प्राणनाथ जी की पावन भूमि है। नेपाल से पहली बार आईं निशा मैनाली ने भी बड़ी संख्या में लोगों को देखकर खुशी जताई।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दुनिया में गहराया तेल संकट
पूरी दुनिया में इस वक्त तेल का एक बड़ा महासंकट देखने को मिल रहा है. अमेरिका में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1950 के शीत युद्ध काल के डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट को लागू कर दिया है. मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले अमेरिका में डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों से जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. दूसरी ओर, मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने अपनी गुप्त भूमिगत ड्रोन और मिसाइल निर्माण इकाइयों का वीडियो जारी कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है और होर्मुज की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया है.
अमेरिका का साथ देने वाले देशों को माना जाएगा ‘दुश्मन’, ईरान की चेतावनी
तेहरान, 23 अक्टूबर . ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष होता है, तो अमेरिका का समर्थन…
ईरान के स्कूल पर हमले को लेकर इलाही की अपील, बोले-अमेरिका ने माफी नहीं मांगी, दुनिया करे निंदा
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले के लिए अमेरिका ने अब...
अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने 26 लाख रुपये का टिकट खरीदकर भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 7 दिन का सफर किया. ट्रेन के अंदर आलीशान बाथटब, फाइव-स्टार खाना और शाही मेहमाननवाजी देखकर विदेशी कपल भी दंग रह गया.
डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर भाड़े के सैनिकों की फंडिंग का आरोप एक किताब में लगाया गया है, जबकि कुशनर इन्हें बेबुनियाद और झूठा बता रहे हैं। जानें ये पूरा मामला क्या है।
डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर भाड़े के सैनिकों की फंडिंग का आरोप एक किताब में लगाया गया है, जबकि कुशनर इन्हें बेबुनियाद और झूठा बता रहे हैं। जानें ये पूरा मामला क्या है।
Myanmar training camp case: भारत आया मैथ्यू वैनडाइक फिर जाएगा अमेरिका, कोर्ट ने 24 फरवरी तक दी राहत
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। वे हाल ही में अमेरिका से लौटे हैं, जहाँ वे कोर्ट की अनुमति लेकर अपने परिवार से मिलने गए थे। उन पर म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है, जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। कोर्ट ने इस मामले में सह-आरोपी छह यूक्रेनी नागरिकों को 24 फरवरी, 2027 को होने वाली अगली सुनवाई तक भारत से बाहर रहने की अनुमति दे दी है। साथ ही, कोर्ट ने वैनडाइक को भी अमेरिका जाने की छूट दी है। यह घटनाक्रम सितंबर में आए उस आदेश के बाद हुआ है, जिसमें सभी सात आरोपियों को कुछ शर्तों के साथ एक महीने के लिए अपने-अपने देश जाने की अनुमति दी गई थी। इसे भी पढ़ें: भाई से शादी करने वाली अमेरिकी सांसद का नाम निकला फर्जी? ट्रंप ने भारत विरोधी एल्हान उमर पर लगाया बड़ा आरोप वैनडाइक को सितंबर में अमेरिका जाने की अनुमति दी गई थी सितंबर 2026 में, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने वैनडाइक को अपने परिवार से मिलने के लिए एक महीने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति दी। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे तय समय के बाद भारत लौट आएं और अदालत के सामने पेश हों। इसी तरह की शर्तों पर छह यूक्रेनी नागरिकों को भी यूक्रेन जाने की अनुमति दी गई थी। इन सात लोगों को 'डिफ़ॉल्ट ज़मानत' (default bail) दी गई थी। NIA ने जो चार्जशीट दायर की थी, उसमें 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025' की धाराएं तो लगाई गई थीं, लेकिन 'अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट' (UAPA) के तहत कोई आरोप शामिल नहीं किए गए थे। अदालत ने यह भी शर्त रखी थी कि ज़रूरत पड़ने पर वे जांच में सहयोग करेंगे। इसे भी पढ़ें: सुरक्षा कारणों से IndiGo ने Saudi Arabia की उड़ानें 31 अक्टूबर तक रोकीं NIA का आरोप था कि म्यांमार में ड्रोन युद्ध (drone warfare) की ट्रेनिंग दी गई थी NIA ने 13 मार्च 2026 को वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ़्तार किया था। उन पर आरोप था कि वे बिना ज़रूरी यात्रा दस्तावेज़ों के मिज़ोरम में दाखिल हुए और फिर म्यांमार चले गए, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर कुछ सशस्त्र समूहों के सदस्यों को ट्रेनिंग दी। एजेंसी का आरोप है कि इस समूह ने 'चिन नेशनल फ्रंट' और 'काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी' जैसे सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध, ड्रोन संचालन, ड्रोन असेंबल करने और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग दी। ये कथित गतिविधियां म्यांमार की सैन्य सरकार (military junta) के ख़िलाफ़ लड़ रहे समूहों से जुड़ी थीं। इन आरोपों को अभी तक किसी के दोषी होने का सबूत नहीं माना गया है।
अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे हैं और इस दौरान उनके निशाने पर इल्हान उमर हैं। इल्हान उमर एक सांसद हैं जिन्हें भारत में लोग पाकिस्तान समर्थक और जिहादी मानसिकता वाली भारत विरोधी सांसद मानते हैं। उनके यहां हाल ही में छापा पड़ा तो वापस से मामला गरमाया हुआ है और अब उन्हें लेकर हैरान करने वाली जानकारियां भी सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जानकारी के सामने आने पर उन्हें सुझाव दिया कि मिनिसोटा की सोमाली अमेरिकी सांसद इलहान उमर को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस में शपथ लेने के लिए एक फर्जी नाम का इस्तेमाल किया। ट्रंप अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने के ओयोवा में थे। लेकिन उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल दूसरे राज्यों के डेमोक्रेट्स पर निशाना साधने के लिए किया। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने यह बताया है कि 12 अक्टूबर को इलहान उमर के घर पर मारे गए छापे में अमेरिकी इमीग्रेशन दस्तावेजों से जुड़ी एक विस्तृत जांच की जा रही है और यह छापामारी उसी का हिस्सा थी। इसके बाद से ही ट्रंप उन्हें लेकर हमलावर हैं और चुनावी रैलियों से लेकर सोशल मीडिया तक उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं और उनके भाई के साथ कथित तौर पर शादी करने के मामले को खूब उछाल रहे हैं और अब उनके हाथ उनका असली नाम भी लग गया है। जिसे लेकर वह यह कह रहे हैं कि उनका नाम भी फर्जी है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: अब फुल फॉर्म में आया ईरान, एक ही रात में ठोक डाले 7 जहाज, ट्रंप को फिर चुनौती उमर पर यह आरोप पहली बार साल 2016 में लगा। आलोचकों का दावा है कि उसने नागरिकता हासिल करने के लिए 2009 में अहमद नूर सैद एलमी से शादी की जो उसके भाई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप उमर की इमीग्रेशन बैकग्राउंड का मुद्दा समय समय पर उठाचे रहते हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि उमर अवैध रूप से अमेरिका आई और अपने भाई से शादी करके अमेरिका की नागरिकता ले ली। हालांकि ट्रंप के आरोप पर इल्हान उमर के कार्यालय ने रिपोर्ट को खारिज कर दिया। उनके कार्यालय ने कहा, 'यह पूरी तरह झूठ है। इल्हान उमर ही उनका असली नाम है। इसे भी पढ़ें: इधर पुतिन ने की Peace की बात, उधर यूक्रेन पर कर दी मिसाइलों की बरसात! 3 घंटे में जेलेंस्की के 32 अड्डे उड़ाए कौन है इल्हान उमर ? 40 साल की इल्हान सोमालियाई अमेरिकी राजनेता हैं जो साल 2019 से मिनिसोटा में चुनाव जीतकर हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में आई थी। वो अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं। अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली वो पहली सोमालियाई अमेरिकी नागरिक भी हैं। मूल रूप से वो अफ्रीका की नागरिक रही हैं। उमर ने एसोसिएटिव प्रेस से बात करते हुए कहा था, वह सोमालिया के नागरिक युद्ध से भागे शरणार्थी के रूप में 1995 में 12 साल की उम्र में अमेरिका पहुंची थीं। वह पांच साल बाद 17 साल की उम्र में अमेरिकी नागरिक बनीं। हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली वो पहली अमेरिकी मुस्लिम सांसद बनीं।
'पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी...', अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क उठे फारूक अब्दुल्ला?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भड़क उठे हैं। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि दुनियाभर पर मुसीबत की वजह डोनाल्ड ट्रंप की हरकतें हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों से युद्ध का खतरा गहराया
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। The post अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों से युद्ध का खतरा गहराया appeared first on Rashtriya Ujala .
अमेरिकी नागरिक को 4 महीने का बेल एक्सटेंशन, लगे थे आतंकी साजिश के आरोप
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति 24 फरवरी 2027 तक बढ़ा दी है. कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक को भी अमेरिका जाने की इजाजत दे दी है. यूक्रेनी नागरिकों को बीमारी के आधार पर अदालत में पेशी से छूट भी मिली है.
दिल्ली की एक अदालत ने म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति अगले साल 24 फरवरी तक बढ़ा दी है।
अमेरिका ने ईरान पर किन नई पाबंदियों का किया एलान, देखें US Top-10
अमेरिका ने ईरान पर नई पाबंदियों को एलान किया है. नई पाबंदियों के तहत ईरानी लॉ फर्म, शिपिंग एजेंट्स और मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी बयान के मुताबिक, इन पर ईरान की सेना, हथियारों की खरीद और परमाणु कार्यक्रम में फंडिंग जुटाने में मदद का आरोप है. देखें अमेरिका की अन्य प्रमुख खबरें.
अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने पहली बार वंदे भारत में किया सफर, बोले- 'हमें ज्यादा उम्मीद नहीं थी'
अमेरिकी ट्रैवल यूट्यूबर कपल टोनी और सारा ने पहली बार वंदे भारत ट्रेन में सफर का अपना शानदार अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है. मुंबई के स्ट्रीट फूड और एलोरा की गुफाओं की खूबसूरती देखकर यह कपल भारत की मेहमाननवाजी का पूरी तरह मुरीद हो गया है.
म्यांमार में हथियारबंद संगठनों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोपों से जुड़े मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्य
मूर्खता भी बन सकती है कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI पर क्यों आमने-सामने हैं अमेरिका और चीन
इंटरनेट वेबसाइटों की प्रोग्रामिंग भाषा PHP की एक वैश्विक सुरक्षा ख़ामी के कारण वेबसाइट संचालकों और उनके उपभोक्ताओं के बीच इस समय एक विश्वव्यापी खलबली मची हुई है। इस खलबली से वेबसाइट संचालकों और साइबर अपराधियों के बीच एक होड़ भी लग गई है: वेबसाइट ...
अटलांटिक महासागर का नाम ‘अमेरिकी महासागर’ रखने पर सुंदर पिचाई ने ट्रंप को क्यों किया मना?
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने पिचाई से पूछा था कि क्या गूगल मैप्स पर अटलांटिक महासागर का नाम बदलकर ‘अमेरिकी महासागर’ किया जा सकता है। इस पर पिचाई ने उन्हें बताया कि महासागर कई देशों तक फैले होते हैं और उनसे अनेक देशों के हित जुड़े होते हैं।
भारत आया मैथ्यू वैनडाइक फिर जाएगा अमेरिका, अदालत ने अगले साल तक दे दी इजाजत
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को दिल्ली कोर्ट से फिर राहत मिली है। अदालत ने उसे और छह यूक्रेनी नागरिकों को 24 फरवरी 2027 तक विदेश में रहने की अनुमति दी है। म्यांमार में ड्रोन ट्रेनिंग से जुड़े मामले में NIA की जांच जारी है।
ईरान पर दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान पर भरोसा करना अमेरिका को पड़ सकता है भारी, जानिए क्यों
ऊर्जा संकट, बलूचिस्तान की सुरक्षा और चीन के हितों के बीच फंसेगा इस्लामाबाद; तेहरान से रिश्ते बिगाड़ना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं
अमेरिका में रह रहे लुधियाना के जगराओं क्षेत्र के परिवार के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। सिद्धवां बेट निवासी मृतक परिवार के साथ अमेरिका में रह रहा था। कुछ दिन पहले वह सड़क हादसे में घायल हुआ था। बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे सिद्धवां बेट में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता के इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिद्धवां बेट निवासी गुरलाल सिंह उर्फ गग्गना, पुत्र चमकौर सिंह और बलजीत कौर, पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ अमेरिका में रह रहा था। बीते दिनों वह सड़क हादसे का शिकार हो गया था। उसका अस्पताल इलाज चल रहा था। बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरलाल की दो बहनें कनाडा में रहती हैं। परिवार के इकलौते बेटे के इस तरह दुनिया से चले जाने से परिजनों और रिश्तेदारों को गहरा सदमा पहुंचा है।़ दोस्त ने हादसे की जानकारी गुरलाल सिंह गग्गना की मौत की जानकारी देते हुए उसके करीबी दोस्त बब्बू कलसी ने बताया कि उन्हें अमेरिका से फोन के जरिए इस दुखद घटना का पता चला। उन्होंने कहा कि गुरलाल की मौत की खबर सुनते ही उसके दोस्तों और गांववासियों में शोक छा गया। उन्होंने बताया कि गुरलाल सिंह का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। शोक जताने घर पहुंचे लोग परिवार के साथ दुख साझा करने वालों में मार्केट कमेटी सिद्धवां बेट के चेयरमैन परमिंदर सिंह सिद्धू, ब्लॉक प्रधान बलकार सिंह लाडी, कुलविंदर सिंह चंदी, जर्नैल सिंह सिद्धू, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य हमन कुमार टीटा, गुरप्रताप सिंह सफीपुरा शोक जताने घर पहुंचे सभी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की।
म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में अमेरिका से लौटे मैथ्यू वैनडाइक: NIA कोर्ट में हुई पेशी
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी जांच के दायरे में इस समय एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत के सामने पहुंचा है। म्यांमार के भीतर चल रहे गुप्त विद्रोही ट्रेनिंग कैंपों और वहां के सशस्त्र समूहों को अत्याधुनिक ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) की ट्रेनिंग देने के मुख्य आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) आखिरकार अमेरिका से भारत और एनआईए के शिकंजे में लौट आए हैं। दिल्ली स्थित एनआईए की विशेष अदालत में उनकी इस बहुप्रतीक्षित पेशी के बाद से एशियाई और पश्चिमी कूटनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि म्यांमार की सीमा से सटे पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में इस तरह के विदेशी हस्तक्षेप और हथियारों की तस्करी का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है।कौन हैं मैथ्यू वैनडाइक और म्यांमार कैंप से उनके कनेक्शन की पूरी सच्चाईमैथ्यू वैनडाइक लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और युद्ध क्षेत्रों में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। एक अमेरिकी फिल्म निर्माता, पूर्व डाक्यूमेंट्री मेकर और खुद को तथाकथित 'स्वयंसेवी सैनिक' बताने वाले वैनडाइक पर यह गंभीर आरोप है कि उन्होंने म्यांमार में सक्रिय विभिन्न विद्रोही और उग्रवादी संगठनों को सैन्य रणनीति, हथियारों के इस्तेमाल और आधुनिक ड्रोन युद्ध की विशेष ट्रेनिंग दी है। भारतीय खुफिया एजेंसियों और एनआईए के पास इस बात के पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं कि वैनडाइक ने सीमा पार सक्रिय इन समूहों को न केवल सामरिक मार्गदर्शन दिया, बल्कि आधुनिक तकनीक और ड्रोन उपकरणों के जरिए युद्ध की क्षमता बढ़ाने में भी मदद की। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के बीच इस प्रकार के बाहरी विदेशी तत्वों की संलिप्तता ने एशियाई देशों की सरकारों की नींद उड़ा रखी है।एनआईए कोर्ट में पेशी: कानूनी शिकंजा और जांच का बढ़ता दायराजैसे ही मैथ्यू वैनडाइक ने भारत की सीमा में प्रवेश किया और एनआईए के रडार पर आए, एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें संबंधित विशेष अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट रूम में हुई सुनवाई के दौरान एनआईए के वकीलों ने अदालत को बताया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय हथियारों के तस्करों, गुप्त फंडिंग नेटवर्क और कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वैनडाइक के पीछे कौन सी बड़ी ताकतें काम कर रही थीं और उन्हें म्यांमार के जंगलों में प्रशिक्षण शिविर चलाने के लिए वित्तीय मदद कहां से मिल रही थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए को व्यापक पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की फारेंसिक जांच करने की अनुमति दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए क्यों खतरनाक है म्यांमार का यह ड्रोन ट्रेनिंग नेटवर्क?भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (विशेषकर मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड) की सीमाएं म्यांमार के साथ लगती हैं, और वहां पिछले कुछ वर्षों से लगातार अशांति का माहौल बना हुआ है। म्यांमार के विद्रोही समूहों द्वारा जिस तरह से उन्नत ड्रोन तकनीक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और सेना की चिंता को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। यदि विदेशी प्रशिक्षकों द्वारा ऐसे विद्रोही गुटों को आधुनिक युद्ध कौशल में पारंगत किया जाता है, तो उसका सीधा खतरा भारतीय सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर मंडराने लगता है। एनआईए इसी सुराग को तलाश रही है कि क्या इन ट्रेनिंग कैंपों की पहुंच या इनके द्वारा प्रशिक्षित लोग भारतीय उग्रवादी संगठनों के भी संपर्क में थे या नहीं। भारत सरकार ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा से 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है और इस मामले में किसी भी विदेशी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिकी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं सबकी निगाहेंएक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ भारत में इस प्रकार का गंभीर आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला चलना और उसका एनआईए कोर्ट में पेश होना द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी एक बड़ा मोड़ है। अमेरिकी दूतावास और मानवाधिकार संगठनों की इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। आने वाले हफ्तों में इस मामले की सुनवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, म्यांमार के जंगलों में चल रहे गुप्त सैन्य शिविरों और ड्रोन नेटवर्क के कई और गहरे राज से पर्दा उठेगा, जो दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
अमेरिका के Gen Z को कॉलेज से दिक्कत, इसलिए बीच में छोड़ रहे कैंपस!
अमेरिका में जेन जी के कुछ स्टूडेंट कॉलेज शुरू होने के महज एक-दो हफ्ते बाद ही कैंपस छोड़कर घर लौट रहे हैं. कुछ स्टूडेंट ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन चुन रहे हैं, क्योंकि उनके लिए डिग्री हासिल करना कॉलेज लाइफ का एक्सपीरियंस लेने से ज्यादा जरूरी है. वहीं, कुछ पेरेंट्स बच्चों के इस फैसले से परेशान हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जेन जी कॉलेज लाइफ से इतनी जल्दी दूरी क्यों बना रहे हैं?
यूक्रेन में फिर बहाल होगी स्टारलिंक सेवा: ट्रंप ने मस्क से की बात; अमेरिकी अधिकारियों ने क्यों किया इनकार?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक निवेश से भारत के ऑप्टिकल फाइबर उद्योग को बड़ा फायदा मिल रहा है। डेटा सेंटर और डिजिटल नेटवर्क की बढ़ती मांग के की सप्लाई में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है।
अमेरिकी अदालत ने बीबीसी के खिलाफ मानहानि के मामले में ट्रंप को शपथ के तहत गवाही देने का आदेश दिया
अमेरिकी अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बीबीसी के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में शपथ के तहत गवाही देने (यानी शपथ लेकर सवालों के जवाब देने) का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रंप 11 दिसंबर तक यह गवाही नहीं देते हैं, तो बीबीसी के खिलाफ […] The post अमेरिकी अदालत ने बीबीसी के खिलाफ मानहानि के मामले में ट्रंप को शपथ के तहत गवाही देने का आदेश दिया appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
पानीपत में अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवक राहुल मलिक (28) की हत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया है। इसमें राहुल फर्श पर खून से लथपथ पड़ा दिखाई दे रहा है और पूरे कमरे में खून फैला हुआ है। वीडियो में शराब की बोतल और ऑफिस का टूटा हुआ सामान भी नजर आ रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को भी अपनी जांच में शामिल किया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि राहुल मलिक और आरोपी बचपन के दोस्त थे। दोनों वर्ष 2023 में अमेरिका गए थे। अमेरिका जाने के लिए उन्होंने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन दोनों को वहां से डिपोर्ट कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि राहुल के उसी बचपन के दोस्त ने उसकी हत्या की है। परिवार ने तीन अन्य युवकों के नाम भी बताए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीण सिविल अस्पताल के बाहर जीटी रोड पर जाम लगाने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल, पुलिस ने चारों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। युवक राहुल के मर्डर की दो तस्वीरें… पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में ये बातें… कहासुनी के बाद दी धमकी, बाद में मांगी माफी : पुलिस को दी शिकायत में मृतक राहुल के पिता राकेश ने बताया कि कुछ दिन पहले राहुल की आर्यन के साथ कहासुनी हो गई थी। आर्यन ने राहुल को देख लेने की धमकी भी दी थी। राहुल ने ये बात राकेश को बताई थी। इस पर राकेश ने आर्यन से बात की। इसके बाद आर्यन ने घर आकर राहुल से माफी मांग ली थी। पार्टी देने की बात कहकर ले गया था आर्यन : राकेश ने बताया कि विजयदशमी के दिन आर्यन उनके घर आया और राहुल को पार्टी देने की बात कहकर ले गया। राकेश को आर्यन की नीयत पर शक हो गया। इसलिए राकेश भी उनके पीछे चल पड़ा। आरोप है कि आरोपी पहले ही राहुल के मर्डर की योजना बना चुके थे। इसलिए उसे अपने ऑफिस ले गए। जबकि राकेश अपने बेटे को वापस बुलाना चाहता था। अंदर देखा तो हाथ में थे चाकू, जमीन पर पड़ा था राहुल : राकेश ने बताया कि जैसे ही वह ऑफिस के अंदर गया तो देखा कि आर्यन और राकू के हाथ में चाकू थे। रिंकू व एक अन्य के हाथ में डंडे थे। रिंकू ने राहुल को पीछे से जकड़ रखा था। इसके बाद आर्यन ने राहुल के पेट के नीचे चाकू से वार किया और राहुल जमीन पर गिर गया। इसके बाद आर्यन और राकू ने राहुल पर चाकू से किए वार किए। जबकि रिंकू और अन्य राहुल के पैर और कमर पर डंडे बरसाते रहे। पिता चिल्लाया तो दी जान से मारने की धमकी : राकेश ने बताया कि ये देखकर वह चिल्ला पड़ा। इस पर आरोपियों ने राकेश को भी जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग गए। वह अपने बेटे को इलाज के लिए निजि अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चोट ज्यादा होने की वजह से उनके बेटे की मौत हो गई। राहुल के परिवार की ओर से कराई गई FIR की कॉपी पुलिस ने अब तक ये कार्रवाई की… राहुल की बॉडी पर 7-8 शार्ट कट मिले औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस के मुताबिक, पानीपत सिविल हॉस्पिटल में राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि राहुल की शरीर पर चाकू के 7-8 शार्प कट मिले हैं। हमले के बाद से ही राहुल होश में नहीं आ सका, बाद में उसकी अस्पताल में मौत हुई। चार के खिलाफ केस, एसआई को सौंपी जांच मामले में औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस ने राहुल के पिता राकेश मलिक की शिकायत पर आर्यन, राकू और रिंकू समेत एक अन्य युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर रोबिन नैन को सौंपी गई है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में नीतू के हत्यारों को अमीर बनाने का लालच:मास्टरमाइंड जेठ बोला- घर में 40 लाख और जेवर मिलेंगे, विरोध करे तो मार देना गुरुग्राम के चर्चित नीतू हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। नीतू के पति प्रशांत के ताऊ के बेटे संदीप ने अनुज और अविनाश के साथ बैठकर पूरी प्लानिंग तैयार की थी। संदीप ने दोनों को यह नहीं बताया था कि वह जमीन के लिए नीतू की हत्या करना चाहता है। (पूरी खबर पढ़ें)
अमेरिका में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाजी हिंसा में बदल रही : राजा कृष्णमूर्ति (आईएएनएस इंटरव्यू)
अमेरिका में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाजी हिंसा में बदल रही : राजा कृष्णमूर्ति (आईएएनएस इंटरव्यू)
आखिरकार भारत लौट आया अमेरिका का मैथ्यू वैनडाइक, दिल्ली की अदालत में हुआ पेश
Myanmar Training Camp Case: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका से भारत लौट आया है। सितंबर में डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद उसे परिवार से मिलने अमेरिका जाने की अनुमति मिली थी।
भारतीयों के खिलाफ इतनी नफरत! US में कौन उठा रहा है इसका फायदा? अमेरिकी सांसद ने बता दिया
रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर नफरत को जानबूझकर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह भी बताया गया है कि कैसे साउथ एशियन लोगों के खिलाफ हेट पोस्ट के मामले 240 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। इन सब का जिम्मेदार कौन है?
'ईरान संघर्ष' जैसी कोई चीज नहीं, यह अमेरिका और इजरायल की ओर से छेड़ा गया आक्रामक युद्ध है: बाघेई
कतर और फ्रांस ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने की अपनी चर्चा में 'ईरान संघर्ष' शब्द का इस्तेमाल किया,
अमेरिका में नौकरी करने वालों के लिए बदले नियम: रूबियो बोले- निशाने पर नहीं भारतीय; क्या चाहती है ट्रंप सरकार?
BREAKING:Cyber Attack: अमेरिका की Quest Diagnostics लैब पर साइबर हमला, मरीजों की निजी और मेडिकल जानकारी तक पहुंच
हर आईआईटीएन का सपना होता है कि वह दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनी में काम करे। भारतीय मूल की प्रणीता पुजारी ने भी ऐसा ही किया। आईआईटी कानपुर से पढ़ाई करने के बाद अमेरिका में एमबीए किया। फिर उन्होंने फ्लिपकार्ट और अमेजॉन के साथ अपने करियर की शुरुआत की
भारतीय कंपनियों पर पाबंदी से अमेरिका को भी नुकसान
चुनाव नजदीक आते ही राजनेता लुभावनी घोषणाएं करते हैं। रियायतों का ढेर लगाते हैं। समर्थकों का भरोसा बनाए रखने के वास्ते उनकी पसंद के फैसले लेते हैं
न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में बना नया कानून 'रोमांच लॉ' पास हो गया। इसके साथ ही न्यूयॉर्क शहर की सड़कों पर दशकों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही पारंपरिक घोड़ा-गाड़ियों का सफर अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। राइडर लॉ के नाम से जाना जाने वाला यह कानून अब रोमांच की स्मृति में रोमांच लॉ कहलाएगा। 'रोमांच लॉ' विधेयक के पक्ष में 49 में से 40 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 7 वोट आए और 2 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। बता दें कि परिवार सहित अमेरिका घूमने गए 18 साल के रोमांच महाजन न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में बैठे थे, उसका घोड़ा बिदक गया। रोमांच की मां प्रिया बग्गी से गिर गईं। मां को बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से न्यूयॉर्क की कई संस्थाएं और नेता सामने आए और राइडर लॉ को रोमांच के नाम पर रखकर पास करने की मांग ने जोर पकड़ा। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में यह विधेयक काउंसिल मेंबर क्रिस्टोफर मार्टे द्वारा प्रायोजित किया गया था, जिसे मेयर जोहरान ममदानी और स्पीकर जूली मेनिन की सहमति के बाद बहुमत से पास कर दिया गया। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि गुरुवार देर रात सिटी काउंसिल में रोमांच की याद में मौन रखा गया और फिर यह कानून पास हो गया। इसके बाद राइडर लॉ को रोमांच लॉ के नाम से जाना जाएगा। 'रोमांच लॉ' के मुख्य प्रावधान: जून 2028 तक पूर्ण प्रतिबंध: जून 2028 तक पूरे न्यूयॉर्क शहर में घोड़ा-गाड़ियों के संचालन को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। घोड़ों की बिक्री और कत्ल पर रोक: इन घोड़ों को किसी बूचड़खाने या किसी अन्य बग्गी/कैरिज व्यवसाय में बेचने या स्थानांतरित करने पर सख्त मनाही होगी। चालकों के लिए रोजगार पुनर्वास: घोड़ा-गाड़ी चलाने वाले चालकों/ड्राइवरों के लिए एक विशेष वर्कफोर्स ट्रांजिशन (पुनर्वास) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। क्या है रोमांच लॉ, जिसका बदला गया नाम? यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इसको समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता दीपक बोले- देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के 'ट्री ऑफ लाइफ' में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून 'रोमांच लॉ' बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए पूरा मामला…
होर्मुज में 7 तेल टैंकर क्षतिग्रस्त: आईआरजीसी ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी
पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य संघर्ष के बीच दुनिया की सबसे संवेदनशील तेल आपूर्ति जीवनरेखा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में अब तक का सबसे बड़ा और विध्वंसक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने रात भर चले आक्रामक अभियानों में सात विशाल कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाकर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त करने का सनसनीखेज दावा किया है। ईरानी राज्य टेलीविजन द्वारा प्रसारित आधिकारिक बयान के मुताबिक, संकीर्ण समुद्री गलियारे से कच्चा तेल ले जा रहे चार टैंकरों पर सीधे सटीक हमले किए गए जिसके चलते उनमें भीषण आग लग गई, जबकि तीन अन्य पोत पानी के भीतर बिछाई गई शक्तिशाली नौसैनिक बारूदी सुरंगों (Naval Mines) की चपेट में आकर पूरी तरह अपंग और अचल हो गए हैं। यदि स्वतंत्र स्रोतों द्वारा इस घटना की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह 28 फरवरी से भड़के ईरान युद्ध के बाद एक ही दिन में होर्मुज जलमार्ग में जहाजों को पहुंचे नुकसान की सबसे बड़ी और भयावह घटना साबित होगी। इस घटना के तुरंत बाद तेहरान ने वाशिंगटन को खुला अल्टीमेटम देते हुए क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हमले करने की चेतावनी जारी कर दी है।आईआरजीसी का भीषण प्रहार: आग की लपटों में घिरे 4 पोत, 3 नौसैनिक सुरंगों से हुए तबाहईरानी नौसेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक विवरण में बताया गया है कि होर्मुज के जलक्षेत्र में यह कार्रवाई रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से की गई। हालांकि बयान में हताहत हुए नाविकों की सटीक संख्या या क्षतिग्रस्त जहाजों के पंजीकरण वाले देशों (फ्लेग स्टेट्स) की पहचान को उजागर नहीं किया गया है, लेकिन जलमार्ग के रणनीतिक चोकपॉइंट पर एक साथ सात जहाजों का गतिहीन हो जाना वैश्विक ऊर्जा परिवहन तंत्र को हिला देने वाला है। आईआरजीसी ने साफ किया है कि समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों का नेटवर्क इतना सघन है कि बिना तेहरान की औपचारिक अनुमति के किसी भी तेल टैंकर का यहां से सुरक्षित निकलना असंभव है। जिन चार जहाजों पर सीधे रॉकेट या ड्रोन प्रहार किए गए, वे कथित तौर पर पश्चिमी प्रतिबंधों की अवहेलना कर कच्चे तेल की खेप निकाल रहे थे। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री बीमा कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में जाने वाले वाणिज्यिक जहाजों के वॉर-रिस्क प्रीमियम में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर दी है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।अमेरिकी ठिकानों पर सीधे हमले का खुला अल्टीमेटम: खाड़ी देशों में तैनात यूएस सेना पर मंडराया संकटतेहरान ने न केवल जहाजों को निशाना बनाया है, बल्कि अमेरिका को सीधी सैन्य चेतावनी जारी करते हुए टकराव का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया है। आईआरजीसी के शीर्ष नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी नौसेना या पेंटागन ने जलडमरूमध्य के वैकल्पिक जलमार्गों से तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने या उनकी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा प्रदान करने की कोई भी कोशिश की, तो खाड़ी देशों में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया जाएगा। युद्ध की शुरुआत से ही आईआरजीसी बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में स्थित अमेरिकी छावनियों, रडार स्टेशनों और एयरबेसों पर नियमित हमले करता रहा है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वाशिंगटन ने समुद्री युद्ध में सीधी दखलंदाजी की, तो अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।मेजर जनरल मोहसेन रजाई का सख्त रुख: एकतरफा प्रतिबंधों और हमलों का दौर अब समाप्तईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के शक्तिशाली सचिव मेजर जनरल मोहसेन रजाई ने इस सैन्य कार्रवाई के बाद बेहद तल्ख राजनीतिक बयान जारी किया है। मोहसेन रजाई ने कहा कि यह दोहरा पैमाना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि ईरान की तेल शोधन सुविधाओं, बंदरगाहों और वाणिज्यिक शिपिंग को तो पश्चिमी देश वैध सैन्य निशाना मानते रहें, जबकि दूसरी तरफ युद्ध को वित्तीय व हथियारों से समर्थन देने वाले पश्चिमी देशों के आर्थिक बुनियादी ढांचे पूरी तरह सुरक्षित बने रहें। रजाई ने साफ लफ्जों में कहा कि तेहरान अब केवल कागजी या राजनीतिक सद्भावना पर टिके समझौतों में कोई दिलचस्पी नहीं रखता। उन्होंने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित आवाजाही के लिए तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका को पहले से अवगत कराई गई तेहरान की बुनियादी शर्तें पूरी तरह लागू की जाएंगी।आपसी सुरक्षा समझौते की पेशकश या पूर्ण युद्ध: अमेरिका-इजरायल की नई तैयारियों के बीच गहराया तनावअपने संबोधन में जनरल रजाई ने खाड़ी के क्षेत्रीय पड़ोसी देशों के साथ एक व्यापक और साझा सुरक्षा ढांचे पर भी विचार करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय देश ऊर्जा संयंत्रों, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेनों और नागरिक बुनियादी ढांचे को दोनों पक्षों के हमलों से पूरी तरह बाहर रखने की पारस्परिक गारंटी देते हैं, तभी कोई स्थाई समाधान निकल सकता है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे बेहद नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब वाशिंगटन और तेल अवीव की सेनाएं ईरान पर नए और बड़े पैमाने के हवाई हमलों की अंतिम रणनीतिक तैयारियां पूरी कर रही हैं। दूसरी तरफ ईरान ने कसम खाई है कि किसी भी नए दुस्साहस का जवाब सीधे मध्य पूर्व की ऊर्जा सप्लाई को पूरी तरह ठप करके और अमेरिकी रणनीतिक संपत्तियों को भस्म करके दिया जाएगा। होर्मुज में सात टैंकरों का क्षतिग्रस्त होना इसी महायुद्ध की शुरुआत का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
कारोबारी बनकर बीजिंग में सेंध लगाएंगे अमेरिकी एजेंट, वाशिंगटन पोस्ट का सनसनीखेज खुलासा
दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों—अमेरिका और चीन—के बीच चल रहा रणनीतिक और तकनीकी टकराव अब एक बेहद गुप्त और खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है। वाशिंगटन और बीजिंग के बीच वैश्विक प्रभुत्व की होड़ के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग 'पेंटागन' चीन के खिलाफ एक नए और व्यापक जासूसी अभियान की रूपरेखा तैयार कर रहा है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्र 'द वाशिंगटन पोस्ट' की एक विस्फोटक खोजी रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन चीन के आर्थिक और सामरिक तंत्र में गहरी सेंध लगाने के लिए एक अभूतपूर्व गुप्त खुफिया नेटवर्क स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके तहत अमेरिकी सैन्य और रक्षा खुफिया एजेंट किसी राजनयिक या सरकारी अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बड़े कारोबारी, निवेशक और निजी क्षेत्र के शीर्ष कर्मचारियों की गुप्त पहचान (डीप-कवर आइडेंटिटी) के साथ काम करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर कोई जासूस पकड़ा भी जाए या कोई अभियान बेनकाब हो, तो उसका सीधा संबंध अमेरिकी रक्षा विभाग या सरकार से सार्वजनिक रूप से उजागर न हो सके। हालांकि पेंटागन के आधिकारिक प्रवक्ताओं ने इस पूरी खबर को सिरे से खारिज करते हुए गलत बताया है, लेकिन रिपोर्ट से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों में खलबली मचा दी है।कारोबारी मुखौटे के पीछे छिपे होंगे जासूस: चीन की आर्थिक ताकत और सप्लाई चेन पर चोट करने का इरादावाशिंगटन पोस्ट की इस रिपोर्ट में मामले से सीधे तौर पर जुड़े छह शीर्ष अमेरिकी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि प्रस्तावित जासूसी कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य चीन और अमेरिका के अन्य वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ उच्च स्तरीय आर्थिक खुफिया जानकारी जुटाना है। यह गुप्त पहल फिलहाल रणनीतिक योजना बनाने के शुरुआती चरण में है और इसे मैदानी स्तर पर पूरी तरह सक्रिय नहीं किया गया है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में युद्ध केवल तोपों और मिसाइलों से नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर चिप्स, रणनीतिक खनिजों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नियंत्रण के जरिए लड़े जा रहे हैं। इसी वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए पेंटागन यह चाहता है कि उसके प्रशिक्षित खुफिया ऑपरेटर चीनी बाजारों, औद्योगिक केंद्रों और राज्य समर्थित प्रौद्योगिकी कंपनियों के भीतर निजी कारोबारियों की तरह घुल-मिल जाएं। निजी कंपनियों के निदेशक, सलाहकार या तकनीकी प्रतिनिधि बनकर ये जासूस उन संवेदनशील आर्थिक नीतियों, दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) के गुप्त भंडार और रक्षा आपूर्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स की अंदरूनी जानकारियां जुटाएंगे, जिन तक पारंपरिक खुफिया तंत्र या सैटेलाइट निगरानी से पहुंचना असंभव होता है।सीआईए के 39 साल पुराने महारथी के हाथ में कमान: टॉम राकुसन और स्टीव फाइनबर्ग तैयार कर रहे खाकाद वाशिंगटन पोस्ट के खुलासे के मुताबिक, इस पूरे अति-गोपनीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और इसके संचालन की देखरेख का जिम्मा सीआईए के एक अनुभवी पूर्व अधिकारी टॉम राकुसन को सौंपा गया है। राकुसन ने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी में 39 वर्षों तक सेवा दी है और वे शीत युद्ध से लेकर आधुनिक डिजिटल जासूसी अभियानों के सबसे बड़े विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। वर्तमान समय में टॉम राकुसन अमेरिकी उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इस बहुआयामी मिशन को अमलीजामा पहनाने के लिए राकुसन ने अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं, रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों और सीआईए के पूर्व फील्ड ऑपरेटरों की एक विशिष्ट कोर टीम तैयार की है। हालांकि अभी तक इस बात को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर कानूनी और ढांचागत मंथन चल रहा है कि क्या इस कार्यक्रम के लिए रक्षा विभाग के भीतर एक बिल्कुल नई खुफिया इकाई का गठन किया जाएगा या फिर पहले से मौजूद डिफेंस कोवर्ट ऑपरेशंस के दायरे को ही नया विस्तार दिया जाएगा। चौंकाने वाली बात यह भी है कि अमेरिकी संसद यानी कैपिटल हिल की खुफिया समितियों को भी इस कार्यक्रम की औपचारिक जानकारी दिए जाने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।पेंटागन ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक: कानूनी अधिकारों और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के कार्यक्षेत्र पर उठे सवालइस सनसनीखेज खुलासे के बाद अमेरिकी सरकार के भीतर रक्षा विभाग और नागरिक खुफिया संस्थाओं के बीच क्षेत्राधिकार की खींचतान तेज हो गई है। जब वाशिंगटन पोस्ट ने इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया मांगी, तो पेंटागन के उप प्रेस सचिव जैकब ब्लिस ने दो-टूक शब्दों में कहा कि रिपोर्ट में किए गए दावे भ्रामक और गलत जानकारी पर आधारित प्रतीत होते हैं। वहीं सीआईए ने इस विषय पर कोई भी औपचारिक टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया और योजना के सूत्रधार माने जा रहे टॉम राकुसन ने भी मीडिया के सवालों पर चुप्पी साध ली। अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि पेंटागन अपने सैन्य कर्मियों को कारोबारी बनाकर वाणिज्यिक जासूसी में उतारता है, तो यह पारंपरिक 'टाइटल 10' (सैन्य संचालन) और 'टाइटल 50' (खुफिया संचालन) के कानूनी विभाजन का गंभीर उल्लंघन हो सकता है। आमतौर पर विदेशों में जासूसी और गुप्त अभियानों को अंजाम देने का एकमात्र कानूनी अधिकार नागरिक खुफिया एजेंसी सीआईए के पास होता है। ऐसे में सेना द्वारा वाणिज्यिक मुखौटे का इस्तेमाल पकड़े जाने पर न केवल राजनयिक संकट खड़ा करेगा, बल्कि विदेशों में काम कर रहे वैध अमेरिकी निजी व्यापारियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर्मचारियों के जीवन को भी गंभीर जोखिम में डाल देगा।ट्रंप प्रशासन का आर्थिक दबाव और एआई-बायोटेक पर नजर: चीन के खिलाफ शीत युद्ध 2.0 का नया अखाड़ाविश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में आए उस बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत आर्थिक दबाव को सबसे बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका पहले से ही चीन पर कड़े आयात शुल्क (टैरिफ), उन्नत चिप तकनीक पर निर्यात प्रतिबंध और रणनीतिक क्षेत्रों में चीनी निवेश पर रोक लगाने जैसी आक्रामक नीतियां लागू कर चुका है। अब इस आर्थिक युद्ध को खुफिया मजबूती देने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले सीआईए के उप निदेशक माइकल एलिस ने सितंबर में सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि अमेरिका चीन के खिलाफ अपने जासूसी तंत्र का अभूतपूर्व विस्तार कर रहा है। माइकल एलिस के मुताबिक, अमेरिका का मुख्य ध्यान अब पारंपरिक सैन्य ठिकानों के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) और नेक्स्ट-जेनरेशन एडवांस सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे तकनीकी क्षेत्रों में चीन की गुप्त प्रगति और जासूसी को बेअसर करने पर केंद्रित है। यदि पेंटागन का यह गुप्त कमर्शियल प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो यह आने वाले दिनों में अमेरिका और चीन के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा करेगा और इसे 'कोल्ड वॉर 2.0' के सबसे आक्रामक अध्याय के रूप में देखा जाएगा।
जयपुर से नई दिल्ली के रास्ते रांची तक कोकीन और नशीली दवाइयों की सप्लाई कई महीनों से किए जाने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। रांची के अलावा जमशेदपुर और गिरिडीह के युवक कथित तौर पर पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहे थे। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से यूनाइटेड किंगडम (यूके), अमेरिका और थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर मिले हैं। अब पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के विशेषज्ञ इन नंबरों के आधार पर संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में उत्पादित नहीं होने वाली महंगी कोकीन झारखंड तक कैसे पहुंची। अधिकारियों को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय तस्करों से सीधे संपर्क के जरिए खेप महानगरों के रास्ते झारखंड लाई जा रही थी। इस कड़ी में आरोपियों के पासपोर्ट और विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, विदेशी नंबरों की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय तस्करी में सीधे संलिप्तता अभी साबित नहीं हुई है। लेकिन दुनिया में कोकीन की करीब 65 से 70 प्रतिशत आपूर्ति दक्षिण अमेरिका के एंडीज क्षेत्र के कोलंबिया, पेरू और बोलीविया से होती है। इसी पृष्ठभूमि में जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि झारखंड पहुंची कोकीन का स्रोत क्या था और क्या इसके तार विदेशी तस्करों से जुड़े हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय नंबरों, आरोपियों की विदेश यात्राओं और कथित सप्लाई रूट की जांच जारी है। एनसीबी को शोभित सहाय उर्फ गोलू नाम के युवक के भी सिंडिकेट में सक्रिय सदस्य होने की जानकारी मिली है। वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि शोभित की गिरफ्तारी से गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई नेटवर्क और नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। सिंडिकेट में शामिल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि अलग-अलग इवेंट कंपनी पिछले कई महीनों से खास दिनों पर रेव पार्टी का आयोजन करती थी। इस पार्टी में पुलिस की खलल ना पड़े, इसके लिए ग्रामीण इलाकों को चिह्नित किया जाता था। वहां देर रात तक पार्टी का आयोजन किया जाता था, जिसमें लड़के-लड़कियां पहुंचते थे और कोकीन के अलावा नशीली दवाइयों का सेवन करते थे। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि नामकुम के होरहाप जंगल और खूंटी रोड स्थित हुटार चौक के पास भी रेव पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें इवेंट कंपनी के संचालक ने कोकीन की सप्लाई की थी। ऐसे में अब इन इवेंट कंपनी संचालकों के बारे में भी जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कार्रवाई की जा सके। पूरे नेटवर्क की रीढ़ माने जाने वाले रांची के हर्ष की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक हर्ष का राजनीति और नौकरशाही के गलियारों में गहरा रसूख है, जिसका इस्तेमाल वह ड्रग्स नेटवर्क को ढाल देने में करता था। इसके साथ ही जयपुर में बैठकर नेटवर्क को फाइनेंस और लॉजिस्टिक्स देने वाले रजत जैन के रिश्तेदार आर. जैन को भी नामजद कर लिया गया है। कोकीन और अन्य नशीली दवाइयां रजत जैन ही रेलवे स्टेशन के पास रिसीव करता था, जिसके बाद संबंधित जगह पर पहुंच कर वह सिंडिकेट में शामिल आकाश मल्होत्रा को देकर चला जाता था। इसके बाद आकाश बोड़ेया रोड स्थित युवती के फ्लैट पहुंचता था, जहां स्नेहा की मदद से नशीले पदार्थ छुपाकर रखे जाते थे। गिरोह का सरगना मिलन सिंह को बताया गया है।
ट्रंप से छिटके अमेरिकी युवा: 84% नाखुश, 70 फीसदी का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर; मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती---Trump Loses Young Voters: 84% Disapprove of His Performance as Democrats Gain Support Ahead of Midterms
के-ब्यूटी का काला सच: मृतकों की त्वचा से चमक रहे चेहरे, अब अमेरिका पहुंचेगा दक्षिण कोरिया का जादुई इंजेक्शन south-korea-k-beauty-injections-made-from-donated-human-skin-us-tissue-trade
‘गोल्डी के पिता ने उससे कहा था- तू वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, लेकिन वो आने को राजी नहीं था। उसने कहा- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा।’ ये किस्सा पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में रह रहे गोल्डी बराड़ के पुराने पड़ोसी बताते हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 28 सितंबर 2026 को कनाडा बेस्ड भारतीय गैंगस्टर गोल्डी को 10 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने या जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी 9.4 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। भारत सरकार पहले ही गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा, कनाडा के टॉप 25 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भी उसका नाम शामिल है। दैनिक भास्कर की टीम श्री मुक्तसर साहिब में गोल्डी के घर और उसके गांव बुर्ज हरिका पहुंची। उसके परिवार के लोगों ने बातचीत में क्या बताया, पढ़िए पूरी खबर… गोल्डी का नाम लेते ही चुप हो गए लोग दिल्ली से ट्रेन के जरिए हम मुक्तसर साहिब के लिए निकले। आसपास बैठे लोगों से बातचीत में गोल्डी बराड़ का जिक्र हुआ। तभी एक यात्री बोला, ‘गोल्डी के पिता का घर मुक्तसर में है, लेकिन वो यहां का रहने वाला नहीं है। वो फरीदकोट में कोटकपुरा के पास एक गांव का रहने वाला है।‘ हमने कुछ और जानकारी चाही, तो उसने बातचीत बंद कर दी। भटिंडा में ट्रेन से उतरने के बाद हम ट्रैक्सी से मुक्तसर के लिए निकले। ड्राइवर ने कहा- आप पंजाब के नहीं लग रहे। मुक्तसर क्यों जा रहे हैं? हमने बताया कि गुरुद्वारा देखने जा रहे हैं। फिर गोल्डी बराड़ का नाम लेते ही उसका लहजा बदल गया। उसने कहा, ‘भाई, गोल्डी के चक्कर में मत पड़ो। उसका नेटवर्क बहुत बड़ा है।' ड्राइवर ने बताया कि पहले यहां लोग गोल्डी के बारे में जानते भी नहीं थे। सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर के बाद वो चर्चा में आया। इसके बाद ड्राइवर ने गोल्डी के बारे बात नहीं की। उसने कहा कि वो मुश्किल में नहीं पड़ना चाहता। रात करीब 9:30 बजे हम मुक्तसर पहुंचे। 5 हजार वर्गफुट में बना मकान, आसपास CCTV कैमरे अगले दिन सुबह हम मुक्तसर के आदेश नगर पहुंचे। यहां गोल्डी का बचपन बीता है। करीब आधे घंटे भटकने के बाद एक डिलीवरी बॉय ने हमें गोल्डी का घर दिखाया। 5 हजार स्क्वायर फीट के प्लॉट में उसका दो मंजिला मकान है। गेट पर ताला नहीं लगा, लेकिन वहां जमी धूल देखकर लग रहा था कि लंबे वक्त से घर पर कोई नहीं आया। गोल्डी के मकान से लेकर आसपास के सभी घरों में CCTV कैमरे लगे हैं। हर घर में चार-पांच कैमरे हैं। यहीं मिले एक शख्स ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले वो गोल्डी को जानता भी नहीं था। इसके बाद ही उसका नाम चर्चा में आया। तभी पता चला कि उसका घर यहां है। तब से बाहरी लोगों का आना-जाना कम हो गया। पहले तो घर के सामने हमेशा पुलिस लगी रहती थी। पिता ने कहा- वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, गोल्डी बोला- घर गिरा दो हमने गोल्डी और उसके परिवार के बारे में जानने के लिए पड़ोसियों के घरों के दरवाजे खटखटाए। बात करने के लिए सिर्फ एक पड़ोसी राजी हुए। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर उन्होंने बताया, ‘गोल्डी पास के भाई मस्ताना सिंह स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में अच्छा था। कबड्डी और हॉकी भी खेलता था। दसवीं में अच्छे नंबरों से पास हुआ था। फिर आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया।‘ ‘गोल्डी के चंडीगढ़ जाने के बाद उसके पिता शमशेर सिंह हमारे घर आया करते थे। बताते थे कि गोल्डी के बिना घर में मन नहीं लगता। वे भी पत्नी के साथ चंडीगढ़ शिफ्ट होने की तैयारी में थे। कहते थे- इससे गोल्डी पढ़ भी लेगा और हमारा मन भी लगा रहेगा।’ पड़ोसी पुरानी बातें याद करते हुए कहते हैं कि अगर शमशेर ने तब मन की सुन ली होती और चंडीगढ़ शिफ्ट हो जाते, तो शायद आज हालात अलग होते। शमशेर पुलिस की नौकरी में थे। 55 की उम्र में ही उन्हें जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया। हमने पूछा कि चंडीगढ़ जाने के बाद गोल्डी की जिंदगी में क्या बदला। इस पर उन्होंने छात्र राजनीति और लॉरेंस बिश्नोई से उसके संपर्क का जिक्र किया। वे बताते हैं, 'कॉलेज में छोटी-मोटी लड़ाइयों से उसकी दबंगई का दौर शुरू हुआ। इसके बाद छात्र राजनीति में आया। शमशेर ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन गोल्डी ने बात नहीं सुनी।‘ ‘एक बार शमशेर ने मेरे सामने गोल्डी से वापस आने को कहा था। बोले- तू वापस आ जा। जेल भी होगी, तो जमानत ले लेंगे। घर खाली रहता है, यहां भला कौन रहेगा, लेकिन गोल्डी ने लौटने से इनकार कर दिया।‘ पड़ोसी का दावा- गोल्डी कनाडा जाने के बाद कभी नहीं लौटा पड़ोसी ये भी दावा करते हैं कि कनाडा जाने के बाद गोल्डी कभी नहीं लौटा, न ही माता-पिता से संपर्क रखा। पिता शमशेर इससे दुखी रहते थे। हमने पड़ोसी से पूछा कि उसके घर पर और आसपास कई CCTV कैमरे लगे हैं। क्या गोल्डी विदेश से घर की निगरानी करता है? जवाब मिला, ‘जो लड़का मां-बाप से बात तक नहीं करता, कहता है कि उसे घर से कोई मतलब नहीं है। वो भला घर की देखभाल क्या करेगा। कैमरे इलाके के लोगों ने घर की सुरक्षा के लिए लगवाए हैं।‘ पड़ोसी बताते हैं कि इलाके में पुलिस भी आती-जाती रहती है। हालांकि, पुलिस इन कैमरों के जरिए निगरानी करती है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। गोल्डी की मां कभी-कभी यहां आती हैं। पिछले काफी दिनों से उन्हें भी नहीं देखा। पड़ोसी ने बताया कि वो मुक्तसर से करीब 40 किमी दूर पुश्तैनी गांव में रहती होंगी। इसके बाद गोल्डी के परिवार से मिलने हम उसके पुश्तैनी गांव बुर्ज हरिका के लिए निकले। गोल्डी के गांव में चाचा का परिवार, चाची सरपंच रास्ते में कोई भी गोल्डी के गांव का रास्ता बताने को तैयार नहीं हुआ। आखिर एक कैब ड्राइवर ने गांव तक पहुंचाया। श्मशान घाट की देखरेख में लगे व्यक्ति ने गोल्डी का घर दिखाया। गेट पर लाल रंग की नेमप्लेट लगी थी। उस पर गांव के नाम के साथ गोल्डी के चाचा सतपाल और चाची मंजीत कौर का नाम लिखा था। चाची गांव की सरपंच हैं। मकान तीन हिस्सों में बंटा है। एक गेट के ठीक सामने, दूसरा कोठीनुमा मकान और उसके बगल में एक पुराना घर है, जो अब खंडहर हो चुका है। एक बुजुर्ग खाट पर बैठे मिले। हमने पूछा क्या गोल्डी बराड़ का घर यही है। उन्होंने हामी भरी। ये गोल्डी के चाचा सतपाल सिंह थे। बातचीत शुरू हुई तो गोल्डी के बचपन से लेकर अब तक के किस्से सामने आने लगे। सतपाल ने बताया कि बड़े भाई शमशेर ने अपने हिस्से की जमीन बेचकर मुक्तसर में घर बनवाया था। गोल्डी का बचपन भी वहीं बीता। स्कूल की छुट्टियां होने पर गांव आया करता था। सतपाल के बेटे गुरलाल की चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान पर लगा। सतपाल और उनकी पत्नी मंजीत बेटे गुरलाल की हत्या का जिक्र करते हुए कहते हैं, ‘गोल्डी पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। उसी के करीब 6 महीने बाद गुरलाल की हत्या का बदला लिया। यहीं से गोल्डी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा।‘ सतपाल बताते हैं, ‘गोल्डी बचपन में शांत स्वभाव का था। पढ़ने-लिखने में भी अच्छा था। अपराध की दुनिया में जाने के बाद उसने मां-बाप से नाता तोड़ लिया। उसके पिता शमशेर सिंह कपूरथला जेल में हैं। मां भी अभी जमानत पर बाहर हैं।‘ गोल्डी के पिता शमशेर को फिल्लौर के एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में मई 2026 में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी गोल्डी के पिता शमशेर और मां प्रीतपाल पर श्री मुक्तसर साहिब के एक सरकारी टीचर की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। उन पर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत करने वाले के मुताबिक, उन्हें विदेशी मोबाइल नंबर से वॉट्सएप कॉल कर फिरौती मांगी गई थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जनवरी 2026 में पहली बार शमशेर सिंह का नाम आया।पुलिस ने शमशेर और उनकी पत्नी प्रीतपाल को 26 जनवरी, 2026 को अमृतसर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। मार्च 2026 में प्रीतपाल को जमानत मिल गई। चाची के मुताबिक, गोल्डी की मां कभी-कभी गांव आती हैं। पिछले दो महीने से नहीं आईं। अभी कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है। तीन भाइयों का परिवार बिखरा, जमीन का भी बंटवारा हुआ सतपाल सिंह ने परिवार के बारे में बताया। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनका बेटा गांव में खेती करता है। उसके पास करीब दो किले (दो एकड़) जमीन है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। सतपाल दूसरे नंबर पर हैं। उनके पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उनकी बेटी की शादी हो गई है। सतपाल की पत्नी मंजीत कौर 7 साल से गांव की सरपंच हैं। शमशेर तीसरे नंबर के भाई हैं। उनका एक ही बेटा गोल्डी बराड़ है। सतपाल के मुताबिक, पहले तीनों भाइयों के पास करीब 5-5 एकड़ जमीन थी। सतपाल के अलावा बाकी दो भाइयों ने तीन-तीन एकड़ जमीन बेच दी। परिवार के बारे में बताते हुए सतपाल भावुक हो गए। तब पत्नी मंजीत ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। अब पूरा परिवार बिखर चुका है। कभी यहां पंजाब पुलिस आती है, तो कभी दिल्ली पुलिस। गोल्डी बराड़ का नेटवर्क भारत से लेकर कनाडा तक फैला है, ग्राफिक्स में देखिए उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं… …………………………………………… ये खबर भी पढ़ें… साबरमती की '10-खोली' में लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी 10-12 फीट की कोठरी, सामने छोटा सा गार्डन, दीवार पर हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें और आसपास तैनात गार्ड। हाई-सिक्योरिटी वाली साबरमती जेल में यही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की दुनिया है। दावा किया जाता है कि यहीं से लॉरेंस अपनी ‘L-कंपनी’ चला रहा है। खुद कंपनी का CEO, यानी गैंग का सरगना है। उसके नीचे 3-4 भरोसेमंद कमांडर और पूरा नेटवर्क काम करता है। पढ़िए पूरी खबर…
ट्रंप का ईरान पर बड़ा हमला: बोले- अमेरिकी चुनाव से पहले तेल महंगा करने की कोशिश; परमाणु हथियार पर क्या कहा?--Trump Accuses Iran of Raising Oil Prices Ahead of US Midterm Elections, Warns Against Nuclear Weapons
Mohali News: अमेरिका में बैठे लोगों के साथ मिल महिला ने ठगे 80.65 लाख
A woman, in collusion with individuals based in America, swindled 80.65 lakh
Jammu News: भारत की वर्दी से अमेरिका की सैन्य सेवा तक पहुंची परिवार की गौरवगाथा
Jammu and kashmir
Quest Diagnostics cyber attack: अमेरिका की दिग्गज लैबोरेटरी ऑपरेटर 'क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स' के सिस्टम में एक बड़े साइबर हमले का खुलासा हुआ है। कंपनी ने माना है कि हैकर्स ने मरीजों के गोपनीय रिकॉर्ड्स तक अनधिकृत पहुंच बना ली है।
सऊदी छोड़ भागने लगे अमेरिकी, क्या ट्रंप भांप गए हूतियों का बड़ा प्लान?
यमन के हूती विद्रोही अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर इस कदर भारी पड़ रहे हैं कि वहां मौजूद अमेरिका भी घबरा गया है। मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एंबेसी से अपने एंप्लाइज और उनकी फैमिली को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का हुक्म दे दिया है। जिस तरह हूतियों से उलझकर सऊदी अरब की रुसवाई हो रही है, उससे अमेरिका को खतशा पैदा हो गया है कि कहीं हूती उसके ठिकानों पर मारना शुरू ना कर दें। अभी तक अमेरिका हूती सऊदी जंग में सीधे नहीं उतरा है और यमन में हूतियों से भिड़ने का उसका पुराना अनुभव बहुत ही खराब रहा है। हूती लड़ाकों ने सऊदी के एयरपोर्ट, तेल फैसिलिटी और बुनियादी ढांचे पर खूब मिसाइल और ड्रोन मारे हैं। बुधवार को हुए ताजा हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है। इसमें दम्माम के इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हमला और एक तेल फैसिलिटी पर किया गया ड्रोन अटैक शामिल है। बताया जा रहा है कि आगे आने वाली जंग के मद्देनजर अमेरिका ने सऊदी के साथ-साथ अपनी दूसरी एंबेसी के एंप्लाइजस को भी यूएई, जॉर्डन, क़तर और बहरीन से भी जाने का आदेश दिया है। हालांकि बाद में अमेरिकी स्पोक पर्सन टॉमी पिगाट ने सऊदी दूतावास के कर्मचारियों को हटाए जाने के आदेश की तस्दीक की है। हालांकि पिगॉट ने साफ किया है कि यह आदेश केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनकी फैमिली के सदस्यों पर लागू होता है जिनकी मौजूदगी की जरूरत नहीं है। यानी वो एंप्लई और फैमिली जो वहां गैर जरूरी तौर पर मौजूद है और उन्हें सऊदी से हटाया जा रहा है और वापस अमेरिका भेजा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Yemen के Taiz शहर में Houthi हमला, रिहायशी इलाके में दो किशोरियों की मौत अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने के पीछे सऊदी अरब में हुतियों के आम लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का हवाला दिया गया है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि हालात तेजी से और ज्यादा गंभीर रूप ले सकते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिका के इशारे और एक्शन बता रहे हैं कि अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर और तगड़े हमले कर सकते हैं। इतना ही नहीं सऊदी अरब के सरहदी प्रांतों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ब्राज़लियाई जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि यमन के अंसारुल्लाह बाहर से हमला करके सऊदी नहीं जीतेंगे। तुम्हें अंदर के लोग ही सौंप देंगे। दरअसल नजरान, जिजान और असीर ये तीन प्रांत 1934 से पहले यमन का हिस्सा हुआ करते थे। 1934 में सऊदी और यमन में जंग हुई थी। यमन हार गया। सऊदी ने ब्रिटिश की मदद से तीन इलाके छीन लिए। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि आज भी वहां के लोग खुद को यमनी मानते हैं। सऊदी नहीं। इसे भी पढ़ें: यमन के Shabwa में Houthi मिसाइल हमले में 73 की मौत, 200 से अधिक रंगरूट घायल जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि सऊदी के सरहदी इलाकों से लेकर यमन में यह चर्चा चल पड़ी है कि वह अपना हिस्सा सऊदी अरब से वापस लेकर रहेंगे। अगर ऐसा हो गया तो सऊदी किंगडम को बहुत बड़ा झटका होगा। हाल ही के दिनों में जारी अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी सऊदी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने के लिए खास अनुमति की जरूरत होगी। हूती लड़ाकों ने बार-बार रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया है और गंभीर हमले के बाद यह एयरपोर्ट 10 अक्टूबर से बंद था। हालांकि बुधवार को सीमित संख्या में सऊदी एयरलाइंस की उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हुआ। बावजूद इसके लुफथानसा और एयर फ्रांस जैसी अहम एयरलाइंस ने नवंबर के मध्य तक अपनी उड़ाने रद्द कर दी हैं। हूतियों के साथ जंग लेकर सऊदी अरब बुरी तरह फंस गया है। यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताई को हूतियों ने घेर लिया है। जिसके लिए सऊदी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। 27 शहर रणनीतिक रूप से भी होती और सऊदी समर्थित सेना के लिए महत्वपूर्ण है। मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में अंसारुल्लाह यानी होती लड़ाकों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल सऊदी अरब समर्थित सेना पर भारी नहीं पड़ रहे बल्कि पूरे यमन के युद्ध क्षेत्र का नक्शा बदलने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यमन के तीसरे सबसे बड़े और ऐतिहासिक शहर ताईच को हूतियों ने चारों तरफ से लोहे के शिकंजे की तरह घेर लिया। ताईच की इस चौतरफा घेराबंदी के बाद यमन की रियाद समर्थित कठपुतली सरकार और उसके आका सऊदी अरब के पसीने छूटने लगे। ताईच कोई साधारण शहर नहीं है बल्कि यह यमन के दक्षिणी पहाड़ी इलाके का वह अंतिम अभैद्य किला माना जाता है जिसके पार सीधे अदन और बाब अल मंदेब स्टेट का जरूरी रास्ता जाता है। अगर हूतियों का परचम ताइज पर पूरी तरह लहरा जाता है तो यह सऊदी गठबंधन के लिए एक ऐसी करारी और शर्मनाक पराजय बन जाएगी जिसने उसका पूरा सैन्य ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढहाने में कामयाबी पा जाएगा। सऊदी अरब के लाखों करोड़ों डॉलर के बारूद और हवाई हमलों को धता बताते हुए हूतियों ने दक्षिण पश्चिम यमन में अपनी पकड़ को इतना मजबूत कर लिया कि ताई से अदन को जोड़ने वाला लगभग 200 किमी लंबा सप्लाई रूट पूरी तरीके से कट चुका है।
भारत की कीमत पर नहीं...आते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने जो कहा, पाकिस्तान को हिला डाला
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन के करीबी रिश्ते भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को लेकर दोनों देशों की चिंताएं एक जैसी हैं। रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली, दोनों की आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं हैं। भारत के दौरे पर आए रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में ये बातें कहीं। यह वही होटल है जिसे 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था। वे एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तान के साथ उसके करीबी रिश्ते, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को कमजोर न करें। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए वाशिंगटन के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान सहित दुनिया भर के देशों के साथ संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ लगातार जुड़ाव रहने से, विभिन्न मुद्दों पर लिए जाने वाले उनके फैसलों पर वाशिंगटन का प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि इससे हमें, उम्मीद है, विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर अधिक प्रभाव डालने का मौका मिल सकता है। रुबियो ने यह भी सुझाव दिया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ वाशिंगटन के संबंध, इन पड़ोसी देशों के बीच तनाव को एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Mukesh Ambani के कारोबारी सामर्थ्य का अचानक मुरीद क्यों हुआ अमेरिका? Marco Rubio ने Jamnagar Refinery में क्या क्या देखा? उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को काफी पुरानी बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी संबंध बेहतर हुए हैं, जिससे वाशिंगटन को दोनों पक्षों के साथ जुड़ने का मौका मिला है। रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि अमेरिका तनाव कम करने और इसे एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद करने के लिए तैयार है, क्योंकि वाशिंगटन इन पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच तनाव को अच्छी तरह समझा जा सकता है। अमेरिका एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई युद्ध हो।
पंजाब के रोमांच महाजन की न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ी दुर्घटना में मौत के बाद, 22 अक्टूबर को 'रोमांच लॉ' पर मतदान होगा, जिसका उद्देश्य जून 2028 तक शहर में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना है।
गुजरात स्थित जामनगर में बुधवार को एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसके मायने किसी औद्योगिक दौरे से कहीं ज्यादा बड़े हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनरी देखने पहुंचे, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी तथा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने उनका स्वागत किया। उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। सवाल यह है कि अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने दिल्ली के बजाय जामनगर को इतना महत्व क्यों दिया? जवाब है तेल, ऊर्जा सुरक्षा, वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव। हम आपको बता दें कि जामनगर में रुबियो को केवल रिफाइनरी की विशाल मशीनें और अत्याधुनिक तकनीक नहीं दिखाई गई, बल्कि रिलायंस के उस औद्योगिक सामर्थ्य से भी परिचित कराया गया, जिसकी जरूरत आज अमेरिका को भी महसूस हो रही है। कंपनी के मुताबिक, अंबानी ने उन्हें रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के अलावा निर्माणाधीन डेटा सेंटरों और चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रही न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों की जानकारी दी। बातचीत में पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, मजबूत सप्लाई चेन और डेटा सेंटरों के लिए भरोसेमंद बिजली की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल रहे। यानी चर्चा सिर्फ तेल खरीदने-बेचने की नहीं, बल्कि ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य की भी थी। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए आखिर जामनगर में ऐसा क्या है? हम आपको बता दें कि जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की संयुक्त कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 14 लाख बैरल है। इसमें 1999 में शुरू हुई पहली रिफाइनरी और 2008 में चालू हुई निर्यात-केंद्रित दूसरी रिफाइनरी शामिल हैं। रिलायंस के मुताबिक, यह कॉम्प्लेक्स 216 से अधिक प्रकार के कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत भारी और अधिक सल्फर वाले कच्चे तेल को भी उपयोगी पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने की क्षमता है। यही क्षमता इसे अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम बनाती है। वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल दुनिया की हर रिफाइनरी आसानी से संसाधित नहीं कर सकती। लेकिन रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी इस मामले में विशिष्ट क्षमता रखती है। अमेरिका की वेनेजुएला-केंद्रित तेल रणनीति और वहां से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशों के बीच रिलायंस एक महत्वपूर्ण संभावित साझेदार बनकर उभरी है। रुबियो ने साफ कहा कि रिलायंस के पास वेनेजुएला समेत पश्चिमी देशों में निकलने वाले भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की खास क्षमता है। यही वजह है कि अमेरिका रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के नए रास्ते तलाश रहा है। अनुमानों के मुताबिक, अक्टूबर में रिलायंस हर दिन वेनेजुएला से करीब 3.5 लाख से 3.7 लाख बैरल कच्चा तेल मंगा सकती है। इससे साफ है कि वेनेजुएला के तेल को इस्तेमाल करने की अमेरिकी रणनीति में जामनगर रिफाइनरी की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। अमेरिका की परेशानी और रिलायंस की अहमियत इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू अमेरिकी घरेलू अर्थव्यवस्था है। अमेरिका में डीजल की कीमतों में उछाल और ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर भारी दबाव है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले महंगे ईंधन का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। रिलायंस इस तस्वीर में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जामनगर से डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन सहित बड़ी मात्रा में रिफाइंड उत्पाद दुनिया भर में भेजे जाते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में जामनगर से 2.166 करोड़ टन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात हुआ। इसमें 98.1 लाख टन डीजल, 61.4 लाख टन पेट्रोल और 20.6 लाख टन जेट ईंधन शामिल था। यूरोप इन उत्पादों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय बाजार रहा। साथ ही अमेरिका के लिए रिलायंस की अहमियत सिर्फ उसकी रिफाइनरी तक सीमित नहीं है। भारत में अमेरिकी गैस की बढ़ती मांग भी इसकी बड़ी वजह है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, पिछले एक साल में भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। यानी अब भारत को एलपीजी सप्लाई करने वाला अमेरिका सबसे बड़ा देश बन गया है। अमेरिका में अंबानी का निवेश भी चर्चा के केंद्र में इसके अलावा, रुबियो के दौरे के पीछे एक और बड़ा आर्थिक पहलू है। ट्रंप प्रशासन अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन और रोजगार वापस लाने की नीति को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश करता रहा है। इसी सिलसिले में टेक्सास के पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविल में प्रस्तावित नई तेल रिफाइनरी में रिलायंस की भागीदारी को खास महत्व दिया जा रहा है। अमेरिका में करीब पांच दशकों बाद लगने जा रही इस प्रमुख नई रिफाइनरी पर लगभग 3 से 4 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसकी सालाना प्रसंस्करण क्षमता करीब 6 करोड़ बैरल अमेरिकी कच्चे तेल की होगी। रिलायंस ने इसके उत्पादन का बड़ा हिस्सा खरीदने के लिए 20 साल का समझौता किया है और इसके 2029 के आसपास परिचालन शुरू करने की उम्मीद है। रूस का तेल, यूक्रेन युद्ध और भारत पर अमेरिकी दबाव रिलायंस की अहमियत का तीसरा पहलू रूस-यूक्रेन युद्ध है। 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार बनकर उभरा और रिलायंस ने भी रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया। कंपनी के तेल स्रोतों में रूस की हिस्सेदारी 2022 से पहले लगभग 3 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गई। रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का दबाव बनाया। इसके बाद रिलायंस ने रूसी कच्चे तेल का आयात घटाया। रुबियो ने स्वीकार किया कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है, लेकिन रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना तुरंत बंद करना आसान नहीं है। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार भी बताया। अमेरिकी मीडिया की नजर में यह दौरा क्यों खास है? उधर, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस दौरे को सिर्फ एक कारोबारी मुलाकात के तौर पर नहीं देख रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि रिलायंस अमेरिका के कई अहम हितों से जुड़ी हुई है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे, वेनेजुएला के तेल का ज्यादा इस्तेमाल हो, ईंधन की कीमतों पर काबू पाया जा सके और अमेरिकी कंपनियों में निवेश बढ़े। इन सभी मुद्दों पर रिलायंस की भूमिका अहम हो सकती है। अंबानी बनाम मस्क: अमेरिकी हितों की एक और पेचीदगी दिलचस्प बात यह है कि जहां ट्रंप प्रशासन रिलायंस के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है, वहीं ट्रंप के करीबी एलन मस्क का रिलायंस से टकराव भी सामने आया है। मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में परिचालन लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रही है। मस्क ने आरोप लगाया कि भारत में जियो को फायदा पहुंचाने के लिए स्टारलिंक के प्रवेश में बाधाएं डाली जा रही हैं। रिलायंस ने जवाब दिया कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा और वह घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय निवेश एवं नवाचार का स्वागत करने वाले भारत में विकसित हुई है। देखा जाये तो यही विरोधाभास इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है। अमेरिका के कारोबारी और राजनीतिक हित हर मुद्दे पर एक जैसे नहीं हैं, लेकिन ऊर्जा के मोर्चे पर रिलायंस की क्षमता वॉशिंगटन को उसके साथ बातचीत के लिए प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर देखें तो जामनगर में मार्को रुबियो का दौरा भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी के कारोबारी सामर्थ्य का भी बड़ा संकेत है। दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल अमेरिका के विदेश मंत्री का भारत आकर किसी उद्योगपति के साथ ऊर्जा और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना अपने आप में खास है। इससे पता चलता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में रिलायंस की क्षमता और जामनगर रिफाइनरी की अहमियत को अमेरिका भी गंभीरता से लेता है। रिलायंस ने भी अपने बयान में कहा है कि इस दौरे के दौरान पारंपरिक और नई ऊर्जा के क्षेत्र में कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति, आधुनिक तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। कंपनी ने अमेरिकी कंपनियों के साथ तकनीक, इंजीनियरिंग और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे। बहरहाल, जामनगर से निकला संदेश साफ है कि भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी की कारोबारी क्षमता को अमेरिका भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। अमेरिकी विदेश मंत्री का किसी भारतीय उद्योगपति से मिलने के लिए उसके औद्योगिक परिसर तक पहुंचना इस बात को रेखांकित करता है कि वैश्विक ऊर्जा की राजनीति में रिलायंस की भूमिका कितनी अहम हो गई है। यह सिर्फ अंबानी की कारोबारी सफलता की कहानी नहीं, बल्कि भारत की उस बढ़ती ताकत का भी संकेत है, जिसके साथ अमेरिका अपने ऊर्जा और आर्थिक हितों को जोड़कर देख रहा है। -नीरज कुमार दुबे
अमेरिका-यूक्रेन : त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तैयार
मास्को, मास्को पहुंचे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रूस ने त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जता दी है और इसका आयोजन नवंबर के शुरुआत में हो सकता है।
क्या है अमेरिका का तेल वाला प्लान? ईरान भी सारी हदें तोड़ने को हुआ तैयार
ईरान ने ऑल आउट मल्टी लेयर जंग के लिए पूरी तैयारी कर ली है। ईरानी मीडिया ने एक सीनियर अफसर के हवाले से लिखा है कि ईरानी फौज पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि हमलावरों और उनके हिमायतियों के जितने भी ठिकाने हैं हमारी पहुंच में, उनको पूरी ताकत से कुचल देंगे हम। ईरान के मीडिया का दावा है कि सीनियर अफसर ने उन्हें बताया है कि हमने पक्का फैसला कर लिया है। अगर दुश्मन ने हमला किया, कत्ल किया तो हमारा जवाब बिना किसी लिमिट और बिना किसी रोक के होगा। ईरान की नजर में अमेरिका इसराइल के बिना हमला नहीं करेगा और इसराइल अमेरिका के बिना हमला नहीं करेगा। दोनों अलग-अलग जंग करेंगे यह सोचना ही मजाक से कम नहीं। दोनों की वॉर मशीन एक ही है। ईरान के सीनियर सिक्योरिटी अफसर ने मीडिया को बताया है कि अमेरिकी अफसरों और इसराइल हुकूमत ने जो खुलेआम धमकियां दी हैं ईरान पर हमला करने की उसी ने ईरान को कानूनी और नैतिक हक दे दिया है कि वह जरूरी बचाव के लिए अपने कदम उठाए। इसे भी पढ़ें: Ukraine देखता रह गया, Putin-Trump ने डील करके दुनिया को चौंका दिया, रूस की शर्तों पर खत्म होगा यूक्रेन युद्ध! इस बीच एक थ्योरी यह भी चल रही है कि अमेरिका इस बार ईरान के तेल ठिकानों पर अटैक करेगा जिसके पलटवार में मुमकिन है कि ईरान भी अरब देशों में मौजूद तेल फैसिलिटी के अमेरिकी इंटरेस्ट पर वार करें। लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि इसके पीछे अमेरिका की एक सोची समझी प्लानिंग हो सकती है। जिस तरह से ईरान ने होर्मुज को कंट्रोल में लेकर पूरी दुनिया हिला रखी है। अब अमेरिकी चाल यह हो सकती है कि ईरान के तेल जखीरा और रिफाइनरी तो तबाह हो ही साथ ही ईरान के वार से अरब देशों की ऑयल फैसिलिटी भी बर्बाद हो। जिससे दुनिया में तेल की किल्लत बढ़ेगी और अमेरिका वेनेजुएला का तेल अपने मन मुताबिक अपने तय दाम पर बेचेगा। आरोप लगता है कि इस वक्त वेनेजुएला के तेल जखायर पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है और वह मिडिल ईस्ट की तेल की बादशाहत खत्म करना चाहता है। इस बीच ईरान ने साफ किया है कि उसका 1 ग्राम भी यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाएगा। जब तक अमेरिका भरोसा पैदा नहीं करता और ईरान की शर्तें नहीं मानता तब तक न्यूक्लियर के बारे में सोचना भी नहीं है। सीधी भाषा में कहें तो अमेरिका न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ज्यादा पारदर्शिता चाहता है। जबकि ईरान को चाहिए आर्थिक राहत। हां, इतना मुमकिन है कि ईरान इंटरनेशनल न्यूक्लियर एनर्जी एजेंसी को अपने न्यूक्लियर ठिकानों का बिना पहले से खबर दिए सरप्राइज तौर पर जायजा लेने की इजाजत दे सकता है। लेकिन यह भी दूर की कौड़ी है। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए अभी तो ईरान पूरी ताकत ताकत लगा रहा है कि अगर उसकी शर्त मानी जाती है और जंग टलती है तो वह अमेरिका के जरिए बरसों से लगे सेंशंस के कारण अपनी फ्रीज प्रॉपर्टी और पैसे को किसी भी तरह हासिल करें। और यही वजह है कि वो स्ट्रीट ऑफ हुर्मुस पर खूंटा गाड़ कर बैठ गया है। हाल ही के दिनों में हुरमुस पर जहाजों में आग लगने और डूबने के मामले तेजी से बढ़े हैं और यह ईरान के जरिए बिछाई गई माइंस का असर है। मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। यमन की हूं और सऊदी की जंग और भीषण होती जा रही है। या यूं कहें कि आर-पार की जंग शुरू हो गई है। इस बीच खबर आ रही है कि एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयर इंडिया ने सऊदी अरब के बदलते हालात को देखते हुए रियाद, दम्माम और जिद्दा आने जाने वाली अपनी सभी उड़ाने 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं। इस फैसले से उन मुसाफिरों की दिक्कत बढ़ेगी जिन्होंने उमरा की नियत से टिकट बुक कराए थे। क्योंकि सऊदी में हज के सीजन को छोड़कर साल भर लोग उमरा पर जाते हैं। साथ ही वहां जॉब के सिलसिले में भी बड़ी तादाद में मुसाफिरों का आना-जाना चलता है।
'टेक कंपनियां नफरत से कमा रहीं मुनाफा': हिंदू विरोधी गतिविधियों पर भड़के अमेरिकी सांसद, एफबीआई से क्या कहा? us lawmaker raja krishnamoorthi slams big tech anti india hate social media
रूस पर चौंकाया...भारत पहुंचते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने किया बड़ा धमाका, सब हैरान!
ट्रंप की बेतुकी बहनबाजी को लेकर जिस तरह से भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास पैदा हो रही थी अब उसमें अचानक से ऐसा बदलाव आया है कि पूरी दुनिया हैरान हो गई है। क्योंकि जो ट्रंप अपने मन मुताबिक डील फाइनल कराने के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वह टेरिफ को हथियार बना रहे थे। लेकिन अचानक से ट्रंप के ऐसे तेवर बदले कि उन्होंने एक तरह से भारत के आगे सरेंडर कर दिया। दरअसल भारत से रिश्ते सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए ट्रंप ने अपनी टीम उतार दी है। इसी टीम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी शामिल हैं जो अपनी पत्नी के साथ दो दिन के भारत दौरे पर आए। लेकिन जैसे ही वह भारत की धरती पर उतरे और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले तो उन्होंने धमाकेदार बयान देकर सबको चौंका दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को रिफाइनिंग के मामले में महाशक्ति बताते हुए वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया है। इसे भी पढ़ें: अभी के लिए, हमें रुकना होगा...यूक्रेन का 25% हिस्सा रूस को सौंपने के लिए तैयार जेलेंस्की! रूबियों ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और कुछ ही मुद्दों का समाधान बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आ सकती है और दोनों देश समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत की तरफ से रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा व्यक्त की है जो कि एक समझदारी भरा कदम है। इसे एक दिन में रातोंरात करना आसान नहीं है। यह सिर्फ रूसी तेल का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा स्रोतों और विविध बनाने की इच्छा के बारे में और हमें लगता है कि हम इसकी ऊर्जा जरूरतों के कुछ स्रोतों की आपूर्ति कर सकते हैं। दरअसल रूबियों की यात्रा को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच रूसी तेल की खरीद और टेरिफ को लेकर अहम बातचीत चल रही है। अमेरिकी टेरिफ और बाजार तक पहुंच को लेकर महीनों से बातचीत अटकी हुई थी। भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद अमेरिका के साथ रिश्तों में तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टेरिफ लगाने की संभावना जताई थी। इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश लेकिन हाल ही में ट्रंप ने रूस से तेल और गैस की खरीद से जुड़े मामलों में भारत को टेरिफ से बड़ी राहत देते हुए अतिरिक्त टेरिफ या नए 100% वाले टेरिफ पर छूट का ऐलान किया था। लेकिन अब रूबियों ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर गंभीर हैं और बातचीत को जल्द नतीजे तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर साफ है कि अमेरिका भारत से डील करने के पूरे मूड में है।
भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में जो दिखता है जरूरी नहीं कि वही हकीकत हो असली खेल अक्सर पर्दे के पीछे चलता है। कैमरों के सामने बयान दिए जाते हैं। गर्मजशी के साथ हाथ मिलाए जाते हैं और समझौतों की बातें कही जाती हैं। लेकिन पर्दे के पीछे रणनीतिक हितों, दबाव और सौदेबाजी का खेल चलता है। कुल मिलाकर कूटनीत शतरंज की वह बिसात है जहां हर चाल दिखाई नहीं देती और हर खामोशी का मतलब भी एक जैसा नहीं होता। कूटनीत का असली खेल बयानों में नहीं बल्कि उन फैसलों में छिपा होता है जो दुनिया को दिखाई नहीं देते। ऐसा ही कुछ मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुंबई में भारत और अमेरिका के बीच अहम बातचीत हुई। जिस वक्त दुनिया भर में अमेरिका के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की मीटिंग की खबर चर्चाओं में थी। ठीक उसी दौरान अचानक से यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला की एंट्री ने सबको चौंका दिया। इसे भी पढ़ें: Marco Rubio ने भारत में विरोध प्रदर्शनों को बताया आंतरिक मामला, UN experts पर कसा तंज चौंकना इसलिए भी लाजमी है क्योंकि मीटिंग अमेरिका और भारत के बीच चल रही थी तो यूएई अचानक इस मीटिंग में कैसे पहुंच गया? इसके पीछे की क्या वजह है कि अमेरिका, भारत, यूएई ने कोई बड़ा गेम प्लान बनाया है? दरअसल वैसे तीनों देशों के नेताओं के बीच जो त्रिपक्षीय बैठक हुई उसमें ऊर्जा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। लेकिन यूएई का मीटिंग में शामिल होने का इसलिए भी अहम है क्योंकि मिडिल ईस्ट में इस वक्त तनाव चल रहा है। यूएई फिलहाल रूस के बाद भारत के बड़े और सबसे रणनीतिक कच्चे तेल के सप्लायरों में से एक है। विदेश मंत्री ए जयशंकर ने एक हफ्ते में दूसरी बार यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला के साथ बातचीत की। जयशंकर ने खाड़ी की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति के जरिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इसके अलावा सऊदी अरब में होती हमलों से पैदा हुई स्थिति और मुझ से जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हमलों के मुद्दे को उठाया गया। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: कभी Pakistan पर सख्त कार्रवाई चाहते थे Marco Rubio, अब उसी की पैरवी कर रहे हैं! सीनेटर से विदेश मंत्री बनते ही क्यों बदल गये सुर? जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद भारत आए थे। फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने एआई इंपैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया था। इसके अलावा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की आठवीं यात्रा की थी। भारत और यूएई के बीच संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों ने फरवरी 2022 में बड़ा आर्थिक साझेदारी समझौता सीईपीए पर हस्ताक्षर किए थे। जिससे द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। ऊर्जा रक्षा तकनीक और 35 लाख से ज्यादा भारतीयों के प्रवासी जुड़ाव के मामले में दोनों देश घनिष्ठ साझेदार हैं। ऐसे में यूएई के विदेश मंत्री का भारत आना वो भी अमेरिका के विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान तो यह खास हो जाता है। कहा जा रहा है कि तीनों देशों के नेताओं के बीच मिडिल ईस्ट पर तनाव के मुद्दे के साथ ही कच्चे तेल को लेकर बातचीत हुई है। जिसका असर जल्द देखने को मिल सकता है। उधर अमेरिका भी भारत के साथ फाइनल डील की बात कह चुका है।
यूपी: अमेरिकी सांसद जेसन स्मिथ ने परिवार संग निहारा ताजमहल, सूर्योदय की सुनहरी छटा ने मोहा मन
अमेरिकी सांसद ने परिवार संग किया ताज का दीदार।
ईरान पर नए हमले की तैयारी में अमेरिका: ट्रंप बोले- कोई बातचीत नहीं हो रही, तेहरान के साथ जल्द कुछ होने वाला है US preparing new strike Iran Trump says no talks are taking place, something is set happen with Tehran soon.
अमेरिकी डाक सेवा : 20 मिलियन नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप
वाशिंगटन, अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने अपने नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप की 20 मिलियन प्रतियां छापी हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, यह संख्या सामान्य से थोड़ी ज्यादा है क्योंकि भारतीय समुदाय की ओर से इस स्टांप के लिए काफी जोरदार मांग और समर्थन मिला था। इस नए स्टांप का अनावरण बुधवार (स्थानीय समयानुसार) वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में किया गया।
रूस : अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को बिना शर्त रिहा किया
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को उनके अनुरोध पर रिहा किया है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करते समय हबर्ड की रिहाई का मुद्दा उठाया था और रूस ने बिना किसी शर्त के उन्हें छोड़ दिया।
न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में बना नया कानून 'रोमांच लॉ' आज पास हो जाएगा। न्यूयॉर्क में घोड़ों से चलने वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने के लिए प्रस्तावित विधेयक, जिसे पहले राइडर लॉ के नाम से जाना जाता था अब रोमांच की स्मृति में रोमांच लॉ कहलाएगा। इसके बाद रोमांच पहले भारतीय होंगे, जिनके नाम पर अमेरिका में कानून बनेगा। बता दें, पठानकोट से परिवार सहित अमेरिका घूमने गए 18 साल के रोमांच महाजन न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में बैठे थे, उसका घोड़ा बिदक गया और बग्गी सहित भाग गया। रोमांच की मां प्रिया बग्गी से गिर गईं। मां को बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से न्यूयॉर्क की कई संस्थाएं और नेता सामने आए और राइडर लॉ को रोमांच के नाम पर रखकर पास करने की मांग ने जोर पकड़ा। स्थानीय मेयर जोहरान ममदानी और नगर परिषद अध्यक्ष जूली मेनिन इस विधेयक पर सहमत हुए। रोमांच के पिता दीपक बताते हैं कि गुरुवार को भारतीय समयानुसार रात 8 बजे सिटी काउंसिल में रैली होगी। रोमांच की याद में मौन रखा जाएगा और फिर 23 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे यह कानून पास होगा। इसके बाद राइडर लॉ को रोमांच लॉ के नाम से जाना जाएगा। क्या है रोमांच लॉ? जिसका बदला गया नाम यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इस उद्योग को समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता दीपक बोले- देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के 'ट्री ऑफ लाइफ' में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून 'रोमांच लॉ' बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए पूरा मामला…
Kanpur News: अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
एनसीबी की जांच में झारखंड के ड्रग्स नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तार सामने आए हैं, जिसमें थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया था।
मोहाली जिले के जीरकपुर के एक व्यक्ति से अमेरिका में बैठे कुछ लोगों के साथ मिलकर 80 लाख 65 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बादल कॉलोनी निवासी सुखदेव शर्मा की शिकायत पर पूनम शर्मा और अन्य आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने 20 लाख 24 हजार 650 रुपए बरामद कर लिए हैं। सुखदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि, आरोपी पूनम शर्मा ने अमेरिका में बैठे कुछ विदेशी अपराधियों के साथ मिलकर ठगी का नेटवर्क बनाया था। इसके तहत 300 लीटर 'मनीहोट बेकुम लिक्विड' की सप्लाई का सौदा हुआ था। इसकी कीमत दो लाख रुपए प्रति लीटर तय थी और 65 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। इसके बाद बाकी रुपए दिए गए। साइबर हेल्पलाइन नंबर पर की थी शिकायत इंस्पेक्टर गौरव बंस ने बताया कि सुखदेव शर्मा ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस बाकी 60 लाख 40 हजार 350 रुपए बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
आईआईटी के बाद अमेरिका से PhD, अब AI चिप्स की हीट कम करने की तैयारी, कंपनी को मिले 80 करोड़ रुपये
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास ने अपनी रिसर्च को ही बिजनेस आइडिया बनाया है। उनके एआई स्टार्टअप को करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी, 10 गिरफ्तार; 12 लैपटॉप जब्त
राजस्थान पुलिस ने जयपुर के भांकरोटा में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया, जहां से अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Jind News: अमेरिका भेजने के नाम पर 49.46 लाख ठगे, युवक को बंधक बनाकर पीटा और करंट लगाया
इस दौरान जयदीप को बंधक बनाकर पीटा, करंट लगाया गया और खाना-पीना तक नहीं दिया।
Hisar News: अमेरिका में चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीत बढ़ाया देश का मान
अमेरिका के लास वेगास में 14 से 18 अक्तूबर तक आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में मिर्चपुर की शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती अकादमी के पहलवान चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित विदेश जाने से पहले क्रिप्टोकरेंसी का काम करते थे। उन्हें अमेरिका भेजने के लिए उनके पिता को पैतृक मकान तक बेचना पड़ा था।
अमेरिकी नागरिकों से जयपुर में बैठकर करोड़ों रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया है। भांकरोटा इलाके में साइबर फ्रॉड गैंग के खोले फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर पुलिस ने रेड डाली। आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस ने मामले में 2 युवतियों सहित 10 जनों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपियों से 19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में आरोपी हर्ष चौहान (27) निवासी झज्जर हरियाणा, कृष्ण (28) गांव बक्सा असम, आकाशी लाबा (30) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल, खोजा (27) निवासी मेलयूरी नागालैंड, केवी (24) निवासी मेलयूरी नागालैंड, निशांत (24) निवासी गुरुग्राम हरियाणा, रविंद्र कुमार (31) महेंद्रगढ़ हरियाणा, अंकित (24) निवासी झज्जर हरियाणा और दिया गुरुजी (25) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल व लिशीनी (25) निवासी सेनापति मणिपुर को अरेस्ट किया है। संचालित हो रहा था ठगी का नेटवर्क पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के बैंक अकाउंट्स की गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके लिए भांकरोटा इलाके में फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर बनाकर गिरोह काम कर रहा था। कॉल सेंटर में कार्यरत व्यक्ति X-Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों के माध्यम से अमेरिकी लोगों से संपर्क करते थे। आईफोन में तकनीकी समस्या आने पर उसका समाधान करने के नाम पर ग्राहकों को बातचीत में उलझाया जाता था। उनसे सहायता के नाम पर शुल्क वसूला जाता था। बैंक खातों की ले लेते थे जानकारी गिरोह में शामिल एक युवती बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। उन्हें विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद बैंक खातों की जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में शेयर की जाती थी। गिरोह के संचालक इन जानकारियों का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाल लेते थे। अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। मामले में गिरोह के संचालकों, नेटवर्क तथा ठगी की रकम के संबंध में जांच की जा रही है।
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की घटना ने संगठित अपराध पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधों की जांच चल रही है।
अमेरिका में कंट्रोल, मुंबई में फायरिंग... टाइगर श्रॉफ गोली कांड में बिश्नोई गैंग का नाम
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए और 17 साल के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया. जांच में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम और अमेरिका से उसका कंट्रोल होने की बात सामने आने से बॉलीवुड को धमकाकर उगाही के आरोप फिर केंद्र में हैं.
Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump
इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?
रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)
ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.
रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका
रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप
अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।
दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR
विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है
आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद
भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
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अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
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अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
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पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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