विदेश के समाचार: एफबीआई की सतर्कता से टली बड़ी मुसीबत, मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश नाकाम
विदेश के समाचार: एफबीआई की सतर्कता से टली बड़ी मुसीबत, मॉल ऑफ अमेरिका पर हमले की साजिश नाकाम
Kaithal News: आरकेएसडी कॉलेज में अमेरिकी विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति को करीब से जाना
American students experienced Indian culture up close at RKSD College.
अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए नया प्रस्ताव: नौकरी के लिए 70 हजार डॉलर फीस; भारतीयों की बढ़ेगी मुश्किल?
तेजस फाइटर जेट पर आई गुड न्यूज, अमेरिका ने भारत को सौंपे 4 और इंजन; डिलीवरी में आएगी तेजी
अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए के लिए चार और F404-IN20 इंजन दिए हैं, जिससे कुल 14 इंजन हो गए हैं।
अमेरिका में पढ़ते हुए नौकरी करना पड़ेगा महंगा! चुकानी होगी ₹67 लाख फीस
अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के लिए OPT के जरिए नौकरी करना महंगा हो सकता है. ट्रंप प्रशासन ने पहली बार OPT के लिए 70 हजार डॉलर और नवीनीकरण के लिए 30 हजार डॉलर शुल्क का प्रस्ताव रखा है. यह फीस सीधे छात्रों से नहीं, बल्कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी से लेने का प्रस्ताव है.
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में निवेश, विनिर्माण और सोर्सिंग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ब्लैकस्टोन, आईबीएम और एस्टी लाडर जैसी कंपनियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।
भारतीय पहलवानों का अमेरिकी वीजा हुआ खारिज, U23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेना मुश्किल
अमेरिका के लास वेगास में होने वाली आगामी U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का खेलना काफी मुश्किल लग रहा है क्योंकि 9 पहलवानों का अमेरिकी खारिज कर दिया गया है।
भारत के 9 पहलवानों को अमेरिका का वीजा नहीं मिल पाया है। इससे लास वेगास में होने वाली U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में उनका खेलना मुश्किल हो गया है। टूर्नामेंट 12 से 18 अक्टूबर तक होना है। वीजा नहीं मिलने वालों में 2024 U17 वर्ल्ड चैंपियन नेहा सांगवान भी शामिल हैं। पहलवानों को बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। वहां उन्हें मौखिक रूप से बताया गया कि उनके आवेदन 20 साल से कम उम्र और रोजगार नहीं होने के कारण खारिज किए गए हैं। इंटरव्यू के बाद उनके पासपोर्ट भी वापस कर दिए गए। WFI ने कहा- ये U23 खिलाड़ी हैं, कई अभी नौकरी नहीं करते रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी WFI ने अपने पत्र में अमेरिकी दूतावास से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की। फेडरेशन ने कहा कि यह चैंपियनशिप U23 आयु वर्ग के लिए है और इसमें हिस्सा लेने वाले पहलवानों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है। WFI के मुताबिक, इनमें से कई युवा खिलाड़ी अभी पूरी तरह अपने खेल करियर पर ध्यान दे रहे हैं और इसलिए उनका औपचारिक रूप से नौकरी में होना जरूरी नहीं है। 24 इंटरव्यू के लिए पहुंचे, 16 पहलवान थे WFI ने अमेरिकी दूतावास को भेजे पत्र में बताया कि बुधवार को कुल 24 प्रतिभागी वीजा अपॉइंटमेंट के लिए पहुंचे थे। इनमें 16 पहलवान थे और उनमें से 9 के वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए। वीजा नहीं मिलने वाले पहलवानों में समर्थ गजानन म्हाकावे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे, नेहा शर्मा और नेहा सांगवान शामिल हैं। गुरुवार को इंटरव्यू देने वाले पहलवानों को लेकर भी चिंता WFI ने सिर्फ बुधवार को वीजा नहीं मिलने वाले पहलवानों का मामला नहीं उठाया, बल्कि गुरुवार को वीजा अपॉइंटमेंट वाले खिलाड़ियों को लेकर भी अमेरिकी दूतावास से चिंता जताई है। फेडरेशन ने कहा कि गुरुवार को इंटरव्यू देने वाले ज्यादातर पहलवान भी 20 साल से कम उम्र के और फिलहाल बेरोजगार हैं। इसलिए WFI को आशंका है कि उनके आवेदनों के साथ भी यही स्थिति पैदा हो सकती है। ------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत की कप्तानी में खत्म हुआ 47 साल का सूखा:पहली बार वर्ल्ड कप जिताया, एशियन गेम्स में गोल्ड दिलाया; लॉर्ड्स में रचा इतिहास हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 47 साल का खिताबी सूखा खत्म किया। हरमनप्रीत भारत को महिला वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। पूरी खबर
ट्रंप का कनाडा पर अमेरिका को नुकसान पहुंचाने का आरोप, देखें US टॉप-10
ब्रिटिश के फोयरफोर्ड एयरबेस से अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमान हटाए जाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि फेयरफोर्ड एयरबेस से B-1 बॉम्बर्स को कुछ खतरों के चलते हटाया गया है. वहीं, ट्रंप ने कनाडा पर वर्षों से अमेरिका को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. साथ ही व्यापार वार्ता फिर शुरू करने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं होने की बात कही. यूएस टॉप 10 में देखें यूएस की ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
भारतीय पायलट की बहादुरी को अमेरिकी संसद ने सराहा, वीडियो में जाने फ्लाईदुबई हमले पर पास किया प्रस्ताव
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद: मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे
अमेरिका के मोंटाना राज्य के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे को उम्मीद है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता जल्द होगा। वो भारत के दौरे पर हैं और उन्होंने आईएएनएस के साथ एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के कारोबार को स्पष्टता और भरोसे की जरूरत है तथा समझौता पारस्परिक और निष्पक्ष होना चाहिए।
वॉशिंगटन, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिकी मसाला उद्योग ने भारतीय मसालों पर दी जा रही टैरिफ छूट को जारी रखने और उसे स्थायी स्वरूप देने की मांग की है। उद्योग का तर्क है कि कई मसाले ऐसे हैं जिन्हें अमेरिका में व्यावसायिक स्तर पर उगाना संभव नहीं है और उनकी आपूर्ति के लिए भारत पर निर्भरता बनी रहेगी।
अमेरिका की स्लीपर ट्रेन में इंडियन यूट्यूबर ने किया सफर, बोला- ये अनुभव नहीं भूलूंगा
भारतीय यूट्यूबर रौनक साहनी के लिए अमेरिका की दूसरी सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेन में सफर करने का अनुभव यादगार बन गया. 51 घंटे के एक ही ट्रेन के सफर में आप रेगिस्तान, मैदान और पहाड़, सब देखते हैं. उनके पास हर समय भारतीय ट्रेनों की बुराई करने वालों के लिए एक मैसेज भी है.
आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद
भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।
Indian Spices पर अमेरिका में शुल्क छूट चाहते हैं ट्रेडर्स, ASTA ने की मांग
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, सात अक्टूबर अमेरिका के मसाला कारोबारी भारत के साथ व्यापार समझौते के तहत भारतीय मसालों पर शुल्क से छूट मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि अमेरिकी उपभोक्ताओं को ये मसाले उचित कीमतों पर उपलब्ध होते रहें। अमेरिका हर साल भारत से करीब 70 करोड़ डॉलर मूल्य के मसालों का आयात करता है और आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच मसालों के व्यापार के अधिक बढ़ने की उम्मीद है। ‘अमेरिकन स्पाइस ट्रेड एसोसिएशन’ (एएसटीए) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डोनाल्ड प्रैट ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें सरकार से मसालों पर शुल्क छूट का समर्थन जारी रखने की उम्मीद है। इसलिए हम आशा करते हैं कि दोनों देश मसालों की अमेरिका में आपूर्ति जारी रखने के लिए हरसंभव बेहतर कदम उठाएंगे।’’भारत में मसाला कारोबार को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में कारोबारी साझेदारी विकसित करने के प्रयासों के तहत एएसटीए तथा अमेरिका में भारतीय दूतावास ने इंडिया हाउस में मसाला कारोबारियों की बैठक आयोजित की। प्रैट ने कहा कि भारत, अमेरिका को मसालों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। इसके अलावा वियतनाम, इंडोनेशिया और चीन भी अमेरिका को मसालों की आपूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में मसालों का बाजार आगे और बढ़ने की संभावना है क्योंकि उपभोक्ता विभिन्न मसालों के स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में जान रहे हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि अमेरिका को भारत का मसाला निर्यात साल-दर-साल बढ़ता रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि आने वाले वर्षों में भी इसमें और वृद्धि जारी रहेगी।’’भारतीय दूतावास ने भारतीय मसालों को बढ़ावा देने के लिए एक स्वागत समारोह भी आयोजित किया। एएसटीए की कार्यकारी निदेशक लॉरा शुमोव ने कहा कि उनका संगठन भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम करता है और उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता नए कारोबारी संबंध बनाने के लिए और अवसर उपलब्ध कराएगा।
ईरान को अमेरिका की सख्त चेतावनी, कहा- वादों से काम नहीं चलेगा
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान के केवल वादों और दावों से अब काम नहीं चलने वाला है. अगर ईरान सच में स्थिति को सुधारना चाहता है, तो उसे अपनी न्यूक्लियर एनरिचमेंट कैपेसिटी यानी परमाणु संवर्धन क्षमता को घटाना होगा. इस बड़े बयान के बाद वैश्विक राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है. अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे परमाणु विवाद को लेकर यह चेतावनी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अमेरिकी किसान का कमाल: सोलर पैनल के नीचे अनोखे जुगाड़ से खेती कर पलट दी किस्मत
वर्तमान समय में खेती किसानी की तस्वीर तेजी से बदल रही है। दुनिया भर के अन्नदाता अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी प्रयोगों और बेहतरीन जुगाड़ के दम पर अपनी आय को कई गुना बढ़ाने में कामयाब हो रहे हैं। खेती में लागत कम करने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए किसान नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में अमेरिका के एक दूरदर्शी किसान ने खेती और ऊर्जा उत्पादन का एक ऐसा अनूठा संगम तैयार किया है, जिसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। इस अमेरिकी किसान ने अपने खेतों में सोलर पैनल लगाने के साथ एक ऐसा शानदार जुगाड़ किया है, जिससे उनकी बंपर कमाई तो हो ही रही है, साथ ही उन्हें कृषि क्षेत्र का एक बड़ा और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है। इस आधुनिक प्रयोग ने कृषि और ऊर्जा सेक्टर में एक नई क्रांति ला दी है, जिसे आने वाले कल के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है।एग्रीवोल्टाइक तकनीक और खेती का अनूठा मेलपारंपरिक रूप से किसान यही मानते आए हैं कि जमीन का इस्तेमाल या तो फसल उगाने के लिए किया जा सकता है या फिर सोलर फार्मिंग के जरिए बिजली बनाने के लिए। लेकिन इस अमेरिकी किसान ने इन दोनों अवधारणाओं को एक साथ जोड़कर एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। उन्होंने अपनी उपजाऊ जमीन पर सोलर पैनल इस तरह से स्थापित किए कि उनके ठीक नीचे बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती आसानी से हो सके। इस तकनीक को वैश्विक स्तर पर एग्रीवोल्टाइक (Agrivoltaics) कहा जाता है, जिसमें जमीन के एक ही टुकड़े का दोहरा उपयोग किया जाता है। सोलर पैनल की ऊंचाई जमीन से इतनी अधिक रखी गई है कि ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र आसानी से अंदर आ-जा सकें और फसलों की देखरेख में कोई बाधा न आए। इस अनोखे सेटअप की वजह से एक तरफ जहां खेतों में सूरज की तेज और चिलचिलाती धूप से फसलों की रक्षा होती है, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर हरित ऊर्जा का उत्पादन भी निरंतर होता रहता है।कैसे काम करता है यह खास जुगाड़ और इससे क्या हैं फायदेइस अनोखे कृषि मॉडल के तहत किसान ने खेतों के ऊपर कुल 832 आधुनिक सोलर पैनलों को लगभग 10 फीट की ऊंचाई पर माउंट कराया है। इतनी ऊंचाई होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पैनलों की छांव के नीचे मक्का, ब्रोकली और अन्य पोषणयुक्त सब्जियों की बेहतरीन पैदावार हो रही है। अमेरिकी जलवायु और तेज धूप को ध्यान में रखते हुए यह जुगाड़ किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है, क्योंकि गर्मियों के दिनों में जब अत्यधिक धूप से फसलें झुलस जाती थीं, तब यह सोलर शेड उन्हें प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, इस सिस्टम से बनने वाली कुल बिजली का आधा हिस्सा सीधे तौर पर कृषि कार्यों और सिंचाई में इस्तेमाल होता है, जिससे बिजली के बिल का भारी-भरकम बोझ पूरी तरह समाप्त हो गया है। बची हुई अतिरिक्त बिजली को स्थानीय समुदाय और आसपास के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे इस प्रोजेक्ट की सामाजिक उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।बंपर कमाई के साथ मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानजब किसी नवाचार या जुगाड़ से समाज और पर्यावरण को एक साथ लाभ मिलने लगता है, तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूमती है। इस अमेरिकी किसान के इस क्रांतिकारी और दूरदर्शी कदम ने कृषि विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी इस मेहनत और उत्कृष्ट कृषि मॉडल को नॉर्थ अमेरिकन एग्रीवोल्टस अवार्ड्स (North American Agrivoltaics Awards) के तहत प्रतिष्ठित 'फार्मर ऑफ द ईयर' सम्मान से नवाजा गया है। इस बड़े अवार्ड के मिलने से न केवल इस किसान का हौसला बढ़ा है, बल्कि पूरी दुनिया के अन्नदाताओं को यह संदेश मिला है कि वे कम लागत और सीमित संसाधनों में भी आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग करके अपनी आय को आसमान तक पहुंचा सकते हैं। इस पुरस्कार समारोह के दौरान जूरी ने भी किसान की इस सोच की जमकर सराहना की, जिसमें उन्होंने कृषि और हरित ऊर्जा के क्षेत्र को एक साथ जोड़कर एक नई मिसाल कायम की है।पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती का भविष्ययह पूरा मामला सिर्फ कमाई या पुरस्कार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती (Sustainable Agriculture) का एक बेहतरीन खाका तैयार करता है। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में जहां एक तरफ कृषि भूमि लगातार प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सौर ऊर्जा का यह मॉडल कार्बन उत्सर्जन को कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है। सोलर पैनलों की छांव के नीचे नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे पारंपरिक खेती की तुलना में पानी की खपत भी काफी हद तक कम हो जाती है। पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि दुनिया के अन्य देशों और भारत के किसान भी इस तरह के व्यावहारिक और आधुनिक जुगाड़ को अपनाएं, तो खेती की लागत को आधा किया जा सकता है। यह अमेरिकी किसान आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है, जो यह साबित करता है कि सच्ची लगन और नए विचारों के साथ खेती करने पर सफलता निश्चित तौर पर मिलती है।
अमेरिका में एच-1बी वीजा संकट से पंजाब के इंजीनियर प्रभावित हो रहे हैं, जिस पर पूर्व स्पेशल चीफ सेक्रेटरी केबीएस सिद्धू ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में 'भारतीयता का एक हिस्सा' पहुंचा रहेः राजदूत क्वात्रा
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में 'भारतीयता का एक हिस्सा' पहुंचा रहे हैं क्योंकि इनकी लोकप्रियता अब केवल स्वाद तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सेहत, वेलनेस और रोजमर्रा की खान-पान की आदतों तक भी फैल गई है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच कैंप डेविड में ट्रंप टीम की सीक्रेट बैठक। होर्मुज में 3 एयरक्राफ्ट कैरियर और 60,000 सैनिकों का जमावड़ा। क्या मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप कोई बड़ा कदम उठाएंगे? पढ़ें पूरा विश्लेषण।
भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में ‘भारतीयता का एक हिस्सा’ पहुंचा रहेः राजदूत क्वात्रा
वॉशिंगटन, 7 अक्टूबर . अमेरिका में India के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में ‘भारतीयता का एक हिस्सा’ पहुंचा रहे हैं क्योंकि इनकी लोकप्रियता अब केवल स्वाद तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सेहत, वेलनेस और रोजमर्रा की खान-पान की आदतों तक भी फैल गई है. क्वात्रा ने ... Read more
भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में 'भारतीयता का एक हिस्सा' पहुंचा रहेः राजदूत क्वात्रा
भारतीय मसाले अमेरिकी घरों में 'भारतीयता का एक हिस्सा' पहुंचा रहेः राजदूत क्वात्रा
ट्रम्प ने पूर्व अमेरिकी सैनिक निदाल हसन की मौत की सजा का आदेश दिया, वीडियो में जाने 2009 में 13 लोगों की हुई थी हत्या
'H-1B वीजा में हो रहा फ्रॉड...', अमेरिकी सांसद ने वेंस-रुबियो को दिखाया आईना
रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने अमेरिका के H-1B वीजा प्रोग्राम में कथित धोखाधड़ी और दुरुपयोग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
अमेरिका के परिवहन सचिव शॉन डफी ने प्रसिद्ध पंजाबी-अमेरिकी व्यवसायी और समाजसेवी दर्शन सिंह धालीवाल के आवास का दौरा किया। मुलाकात के दौरान अमेरिका में काम कर रहे पंजाबी ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टेशन कारोबार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सरकार अवैध रूप से चल रहे ट्रक ऑपरेटरों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रही है। हाल ही में अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की एक AI-जनरेटेड सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया था। सिख समुदाय के लिए आपत्तिजनक नारे लिखे थेविवादित पोस्ट में एक सिख व्यक्ति को 'मिस्टर सिंह' के रूप में दर्शाया गया था। इसमें अमेरिका अमेरिकियों के लिए, हमारी सड़कों से दूर हो जाओ, आपको गाड़ी चलानी नहीं आती मिस्टर सिंह और खुद देश छोड़ दो या नतीजे भुगतो जैसे बेहद आपत्तिजनक नारे और बातें लिखी गई थीं। पंजाबी और भारतीय समुदाय द्वारा इस नस्लीय और अपमानजनक पोस्ट का कड़ा विरोध किया गया, जिसके बाद प्रशासन को उस तस्वीर और पोस्ट को सोशल मीडिया से हटाना पड़ा था। पंजाबी समुदाय के लोगों के लिए सकारात्मक कदमऐसे संवेदनशील और तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी परिवहन सचिव का खुद पंजाबी समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधि से मुलाकात करना काफी मायने रखता है। बैठक को पंजाबी समुदाय और ट्रक ड्राइवरों के बीच बने असुरक्षा के माहौल को कम करने व उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वकीलों का दावा, घातक इंजेक्शन के ज़रिए मृत्युदंड से बचने वाली अमेरिकी महिला को होश आया - BBC
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हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
घातक इंजेक्शन के ज़रिए मृत्युदंड से बचने वाली अमेरिकी महिला को 'होश आया'
विशेषज्ञों और वकीलों ने इस रिकवरी को अभूतपूर्व बताया है. उनके मुताबिक़ क्रिस्टा पाइक नाम की ये महिला घातक इंजेक्शन से बचने वाली एकमात्र शख़्स हैं.
Asian Market Today: एशिया में भी हल्की कमजोरी देखने को मिल रही है। इधर ऊंचे कच्चे तेल और मजबूत बॉन्ड यील्ड के बावजूद अमेरिकी बाजारों में तेजी दिखी। NASDAQ और S&P रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। जापान के बाजार में इंट्राडे गिरावट ने दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त के असर को कम कर दिया, और यह क्षेत्र वॉल स्ट्रीट पर हुई रिकॉर्ड-तोड़ तेज़ी का अनुसरण करने में विफल रहा।शुरुआती कारोबार में MSCI के एशिया-पैसिफिक शेयरों के इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 0.33% बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.31% गिरा और टॉपिक्स (Topix) में 0.043% की गिरावट आई। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।भारत में (GIFT निफ्टी - जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के लिए कैसे खुलेगा) ने गिरावट के साथ (लाल निशान में) शुरुआत का संकेत दिया।करेंसी की बात करें तो, जापानी येन 0.2% कमजोर होकर 158.42 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ऑफशोर युआन 6.7032 पर स्थिर रहा।वॉल स्ट्रीट ने रात भर में माहौल तय किया, क्योंकि S&P 500 और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) दोनों ही ऑल-टाइम हाई (अब तक के उच्चतम स्तर) पर बंद हुए। यह सब अमेरिकी अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों का दौर) के बीच हुआ, जो अगले हफ़्ते शुरू होने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बढ़त ने इस तेज़ी को आगे बढ़ाया, और Nvidia की मार्केट वैल्यू $6 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई।इसके अलावा, जुलाई और सितंबर के बीच ताइवान के Taiex इंडेक्स ने कोस्पी (Kospi) को 23 प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ दिया, जो सदी की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा अंतर था। मार्च 2025 के बाद पहली बार ताइवानी कंपनियों ने कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अपने अर्निंग्स अनुमानों (कमाई के अनुमानों) को तेज़ी से अपग्रेड किया है।इस बीच, टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी नज़र बनी हुई है, क्योंकि फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि SpaceX, Nvidia चिप्स खरीदने के लिए $40 बिलियन जुटाना चाहती है।ग्लोबल शेयर भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बने हुए थे, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनियाँ ऊंची ब्याज दरों और ऊर्जा लागत का सामना कर पाएंगी।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि कुछ ही आर्थिक डेटा जारी होने वाले थे, इसलिए ट्रेडर्स की नज़र अर्निंग्स सीज़न पर थी। वे इस बात के सबूत तलाश रहे थे कि AI पर टेक दिग्गज जो अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, उससे बेहतर मुनाफ़ा हो रहा है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रो ट्रेडर्स तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में कई सालों की सबसे ज़्यादा बढ़त और करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव पर भी नज़र रखे हुए थे।एशियाई बाज़ार में शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड 0.8% बढ़कर $101 प्रति बैरल के पार पहुँच गया, क्योंकि ट्रेडर्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की ज़्यादा सप्लाई और जहाज़ों पर ईरानी हमलों में बढ़ोतरी के बीच तुलना की। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% बढ़कर $90.07 प्रति बैरल हो गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
एआई की वैश्विक रेस में अमेरिका के पास अत्याधुनिक चिप्स और विशाल कंप्यूटिंग क्षमता की बढ़त है। वहीं चीन कम एडवांस्ड चिप्स के बावजूद तेजी से अपनी एआई ताकत बढ़ा रहा है।
भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट शुरू होगा। 10 अक्टूबर तक चलने वाले मार्ट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, इटली समेत करीब 34 देश के 100 मेहमान भी शामिल होंगे, जो घरेलू टूर ऑपरेटर्स से अपने अनुभव, पैकेज आदि साझा करेंगे। वहीं, 15 राज्य के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। शुभारंभ अवसर पर प्रदेश में ₹1,100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप मिलेगा, जबकि सीहोर में ₹848.40 करोड़ का मेगा निवेश समझौता किया जाएगा। यह 7वां संस्करण, बी2बी मंचयह आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध होने जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। पिछले साल 21 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आए सचिव पर्यटन और प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया, वर्ष 2025 में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। जिससे प्रदेश में पर्यटकों का कुल आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया है। MPTM 2026 का मूल उद्देश्य इसी तीव्र संवृद्धि को वैश्विक निवेश, आधुनिक अधोसंरचना और सतत आजीविका के अवसरों में रूपांतरित करना है। इन देशों के प्रतिनिधि आएंगे MPTM 2026 के इस संस्करण में विश्व के 34 से अधिक प्रमुख देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन स्टेकहोल्डर इस मार्ट में प्रत्यक्ष सहभागिता कर रहे हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे प्रमुख यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको; एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका तथा पश्चिम एशिया व अफ्रीका से संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल, मॉरीशस, केन्या और रूस के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स व ट्रैवल लेखक भोपाल पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी देश के 15 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा तथा जम्मू और कश्मीर के 180 से अधिक प्रमुख घरेलू टूर ऑपरेटर्स भाग ले रहे हैं। इतने प्रस्ताव आएंगेआयोजन के दौरान लगभग ₹1,100 करोड़ से अधिक के संयुक्त निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको-टूरिज्म इकाइयों की स्थापना के लिए 14 प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए निजी निवेशकों को ₹252 करोड़ के 'लेटर ऑफ अवार्ड' (LOA) औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। इसके अलावा पर्यटकों की सड़क यात्रा को सुगम, सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए राज्य के 3 प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर अत्याधुनिक 'मार्ग सुविधा केंद्रों' के विकास के लिए भी LOA प्रदान किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में होने वाला ₹848.40 करोड़ का मेगा पर्यटन निवेश समझौता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं मेसर्स एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के मध्य होने वाले इस अनुबंध के अंतर्गत रामगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट, लक्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य अधोसंरचना का निर्माण किया जाएगा। यह विशाल परियोजना न केवल विंध्य और मालवा क्षेत्र के पर्यटन मानचित्र को वैश्विक पहचान देगी, बल्कि इससे क्षेत्र में लगभग 920 प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष स्थानीय रोजगारों का सृजन होगा। मां की रसोई सजीअतिथियों को मध्य प्रदेश के अनूठे खान-पान और संयुक्त राष्ट्र के मिलेट प्रोत्साहन मिशन से जोड़ने के लिए 'मां की रसोई' का विशेष लाइव काउंटर स्थापित किया गया है। इसमें कोदो-मेथी भात, ज्वार-बाजरे की रोटियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना, मालवा-निमाड़ का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजी चटनियों जैसे विशुद्ध पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन परोसे जाएंगे।
ट्रंप ने बताया डॉलर क्यों मजबूत?: अमेरिका की महंगाई पर भी बोले, ईरानी अर्थव्यवस्था और होर्मुज पर किया ये दावा
दुनिया की खबरें: महिला की हत्या के आरोप में यूएस मरीन गिरफ्तार, ओकिनावा में अमेरिकी सैनिकों के बाहर निकलने पर लगी रोकworld news updates US military restricts troops from leaving the base after japan Okinawa incident
अमेरिका और ईरान के बीच हिंसक टकराव का अन्त करने का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को ख़त्म करने के लिए एक अपील जारी करते हुए कहा है कि इस टकराव का वैश्विक व्यापार पर गहरा असर हुआ है.
अमेरिकी सदन में पेश हुआ कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, असाधारण साहस के लिए की गई तारीफ
अपनी बहादुरी से विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव में उनके असाधारण साहस के की तारीफ की गई है।
अमेरिकी यूट्यूबर को बार-बार अपने पास खींच लाता है बनारस, बोली- ऐसी जगह पूरे संसार में नहीं
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'फ्रांस में अशांति के लिए इस्लाम जिम्मेदार': अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
ट्रंप ने फ्रांस में छात्रों के बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के लिए इस्लाम को जिम्मेदार ठहराया है. अपने सोशल मीडिया ट्रूथ से उन्होंने ये पोस्ट किया है. ट्रंप आजकल इस्लामी देशों के खिलाफ काफी कड़ा रवैया अपना रहे हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने आव्रजन और नागरिकता के नियमों को लेकर एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की अपनी अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कानूनी कार्रवाई के तहत भारतीय मूल के एक व्यक्ति समेत कुल 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता को आधिकारिक तौर पर रद किया जाएगा। इस बड़े कदम से अमेरिका में रहने वाले विदेशी मूल के नागरिकों के बीच हड़कंप मच गया है।अमेरिकी न्याय विभाग की बड़ी कार्रवाईअमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन सभी 40 लोगों के खिलाफ विभिन्न अमेरिकी अदालतों में नागरिकता रद्द करने (Denaturalization) की कानूनी कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों को इस सूची में शामिल किया गया है, उन्होंने धोखे से या गलत दस्तावेजों के आधार पर अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।इन सभी पर बहुत ही गंभीर प्रकृति के आरोप तय किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से किसी विदेशी सरकार के गुप्त एजेंट के रूप में काम करना, गैर इरादतन हत्या (Manslaughter) जैसे जघन्य अपराध और एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ किए गए यौन अपराध शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन ऐसे गंभीर मामलों में लिप्त व्यक्तियों को देश की नागरिकता देने के पक्ष में बिल्कुल नहीं है।भारतीय मूल के बलविंदर सिंह पर भी शिकंजाइस बहुचर्चित और बड़े मामले में कैलिफोर्निया राज्य के रहने वाले भारतीय मूल के बलविंदर सिंह (Balwinder Singh) का नाम भी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा सिंह के खिलाफ राज्य की पूर्वी जिला अदालत में नागरिकता रद्द करने की औपचारिक कार्रवाई की जा रही है। बलविंदर सिंह पर मुख्य रूप से यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश किया था और बाद में इन्हीं फर्जी आधारों पर अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।कई अन्य देशों के नागरिक भी हैं सूची में शामिलयह कार्रवाई केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है। जिन लोगों की नागरिकता रद करने की यह प्रक्रिया शुरू की गई है, उनमें भारत के अलावा पाकिस्तान, मैक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे विभिन्न देशों के नागरिक भी शामिल हैं।अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टाड ब्लांश (Todd Blanche) ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा, आज की यह घोषणा हमारे आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की अब तक की सबसे बड़ी और सख्त प्रक्रिया की शुरुआत है। अमेरिका की सुरक्षा और कानून के शासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि आव्रजन कानूनों के उल्लंघन और धोखाधड़ी के मामलों में अब सरकार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया में किया हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण
अमेरिकी वायुसेना ने ऑस्ट्रेलिया में HACM हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पहला रिलीज परीक्षण किया. स्क्रैमजेट से लैस दो स्टेज वाली मिसाइल. 2027 में खरीदने का टारगेट रखा गया है.
Video: 2.5 साल बाद अमेरिका से बिना बताए भारत लौटी बेटी, अचानक सामने आई तो देखिए क्या हुआ
लंबे समय बाद जब कोई अपना अचानक सामने आ जाए, तो खुशी के साथ आंखों में आंसू आना भी स्वाभाविक है। ऐसा ही भावुक पल नीयति के परिवार के साथ देखने को मिला। अमेरिका में रहने वाली नीयति करीब ढाई साल बाद अचानक भारत अपने घर पहुंचीं। उन्होंने अपने आने की खबर माता-पिता को नहीं दी थी। घर पहुंचकर उन्होंने पहले मां को सरप्राइज किया और फिर पिता के सामने भी अचानक आकर खड़ी हो गईं। बेटी को इतने लंबे समय बाद सामने देखकर दोनों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। मां तो बेटी को गले लगाकर रो पड़ीं। इस प्यारे मिलन का वीडियो अब सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है।एयरपोर्ट से ही शुरू हुई थी सरप्राइज की तैयारीनीयति ने अपने इस खास प्लान में अपने भाई को भी शामिल किया था। भारत पहुंचने के बाद वह एयरपोर्ट पर अपने भाई से मिलीं। इसके बाद दोनों ने मिलकर इस सरप्राइज को यादगार बनाने की तैयारी की। नीयति के लिए यह सिर्फ घर लौटना नहीं था, बल्कि लंबे समय बाद अपने परिवार से मिलने का वह पल था, जिसका शायद उनके माता-पिता भी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।मां के सामने चुपचाप खड़ी रही बेटीघर पहुंचने के बाद नीयति ने अपनी मां को तुरंत यह नहीं बताया कि वह सामने खड़ी हैं। वह चुपचाप मां के सामने खड़ी रहीं और इंतजार करती रहीं कि कब उन्हें एहसास होगा कि उनकी बेटी उनके सामने है। कुछ ही पल बाद मां की नजर बेटी पर पड़ी और उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। अचानक सामने खड़ी नीयति को देखकर उनकी मां हैरान रह गईं।बेटी को देखते ही मां की आंखों से निकले आंसूइसके बाद जो हुआ, उसने पूरे वीडियो को बेहद भावुक बना दिया। मां और बेटी एक-दूसरे से लिपट गईं। लंबे समय बाद बेटी को सामने देखकर मां अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह मिलन उस इंतजार की भावनाओं को दिखा रहा था, जो शायद ढाई साल से दोनों के दिल में जमा थीं।पिता के लिए भी रखा था खास सरप्राइजनीयति ने सिर्फ अपनी मां को ही नहीं, बल्कि पिता को भी सरप्राइज देने का प्लान बनाया था। जब उनके पिता काम से वापस घर लौटे, तब उन्हें भी बेटी के अचानक घर आने की जानकारी नहीं थी। घर पहुंचने पर जैसे ही उन्होंने नीयति को देखा, उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। लंबे समय बाद बेटी को सामने देखकर पिता के लिए भी यह पल बेहद खास बन गया। View this post on Instagram A post shared by Niyati • Lifestyle • NYC • NJ (@doseofniyati) वीडियो देखकर यूजर्स भी हुए भावुकनीयति ने इस पूरे खूबसूरत पल को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो देखने के बाद लोगों ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं। एक यूजर ने इसे बेहद भावुक पल बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि यह दुनिया की सबसे अच्छी भावनाओं में से एक है। एक अन्य यूजर ने अपने दिल की बात बताते हुए कहा कि वह भी अपने बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं।₹4.3 लाख सैलरी, ₹3.24 करोड़ का लोन और ₹3.6 करोड़ का फ्लैट! अब शख्स को सता रही ये चिंता
आज का सोना-चांदी का भाव: क्यों थमी सोने की चाल और चांदी पर क्यों बढ़ा दबाव? समझें अमेरिकी डॉलर का खेल!
अमेरिका में 65 साल बाद बड़ा फैसला: धार्मिक नारा लगाकर 13 लोगों की जान लेने वाले सैनिक को दी जाएगी सजा-ए-मौत
रक्षा सचिव की एडमिरल पापारो से मुलाकात, भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
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रूस की लैब में प्लेग के संदिग्ध मामले पर अमेरिका सतर्क, अंदरूनी तौर पर फैलने का डर: मार्को रुबियो
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डोनाल्ड ट्रंप : अमेरिका के साथ ईमानदार रहे कनाडा
वॉशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कनाडा के साथ व्यापार वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के साथ खराब व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा कि भविष्य में कोई भी समझौता तभी हो सकता है, जब कनाडा अमेरिका के साथ 'ईमानदार' रहे।
अमेरिका के साथ ईमानदार रहे कनाडा, भविष्य में समझौता तभी संभव : डोनाल्ड ट्रंप
वॉशिंगटन, 6 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कनाडा के साथ व्यापार वार्ता दोबारा शुरू करने की कोई जल्दी नहीं है. उन्होंने कनाडा पर अमेरिका के साथ खराब व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा कि भविष्य में कोई भी समझौता तभी हो सकता है, जब कनाडा अमेरिका के साथ ... Read more
फ्लाईदुबई (FlyDubai) की फ्लाइट FZ1073 में हुई भयावह चाकूबाजी और विमान क्रैश की साजिश के पीछे कौन था, इसे लेकर अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि 30 सितंबर को हुई इस 'आतंकी' घटना के तार ईरान से जुड़े हैं। हालांकि, उनका यह बयान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस सतर्क बयान के ठीक उलट है, जिसमें वेंस ने स्पष्ट कहा था कि अभी तक ईरान की संलिप्तता का कोई पक्का सबूत सामने नहीं आया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जो इस मामले की जांच कर रहा है, वह भी इस नतीजे पर नहीं पहुँच पाया है कि हमले के पीछे कौन था। सऊदी अधिकारियों से शुरुआती पूछताछ के बाद अल-हम्मामी को UAE अधिकारियों को सौंप दिया गया था। ट्रंप का दावा: ईरान शामिल है सोमवार दोपहर जब ट्रंप एयर फ़ोर्स वन में सवार हो रहे थे, तो एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि फ्लाईदुबई घटना में ईरान शामिल था। ट्रंप ने जवाब दिया, हाँ, मुझे लगता है। मुझे व्यक्तिगत रूप से ऐसा लगता है। वेंस की अलग राय हालाँकि, जब पत्रकारों ने अलास्का जाते समय वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस से ईरान के कथित कनेक्शन के बारे में पूछा, तो उन्होंने इस पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।वेंस ने कहा कि वह यह मामला CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ़ और अन्य इंटेलिजेंस अधिकारियों पर छोड़ देंगे, क्योंकि उनके अनुसार वे जांच पर टिप्पणी करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। वेंस ने कहा, यह मामला मैं जॉन रैटक्लिफ़ और कुछ इंटेलिजेंस अधिकारियों पर छोड़ता हूँ। मैं किसी भी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन निश्चित रूप से हम इस पर गौर कर रहे हैं। हालाँकि, मैं यह नहीं कहूँगा कि मैंने अभी तक कुछ भी पक्का देखा है। जांच में अब तक क्या पता चला है इज़राइल, UAE और सऊदी अरब के अधिकारियों ने फ्लाईदुबई घटना को आतंकी हमला बताया है। हालाँकि, जांचकर्ता अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अल-हम्मामी ने अकेले यह काम किया या वह किसी बड़े आतंकी साज़िश का हिस्सा था। NBC न्यूज़ ने जांच की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अधिकारियों का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने अकेले ही यह काम किया और वह किसी बड़े संगठन का हिस्सा नहीं था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। UAE के अटॉर्नी जनरल और प्रॉसिक्यूटर जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने 3 अक्टूबर को कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि अल-हम्मामी ने आतंकवादी हमला करने की योजना बनाई थी। अल शम्सी ने कहा, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना की जांच में पता चला है कि को-पायलट ने आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी घटना के पूरे हालात, मकसद और किसी भी तरह के कनेक्शन का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी से पूछताछ से पता चला कि उसने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को क्रैश करने की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसने इस साल की शुरुआत में तेल अवीव में एक और विमान क्रैश करने पर विचार किया था, लेकिन बाद में यह योजना छोड़ दी। जब यह घटना हुई, तब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी और उसमें 174 यात्री सवार थे, जिनमें से ज़्यादातर इज़राइली थे। एक बड़ी दुर्घटना कैसे टली भारतीय नागरिक कैप्टन मच्छर घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री अल-हम्मामी पर काबू पा सके। इसके बाद फ्लाईदुबई के दो पायलट, जो यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे थे, कॉकपिट में गए, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा। हमले की जांच जारी है और अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि अल-हम्मामी ने अकेले यह काम किया या किसी संगठन या विदेशी देश से उसका कोई संबंध था। इस वर्शन में ईरान वाले पहलू का ज़िक्र सावधानी से किया गया है, खासकर इसलिए क्योंकि ट्रंप का आकलन वेंस के उस बयान से अलग है जिसमें कहा गया है कि कोई ठोस सबूत नहीं है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
सऊदी अरब से रक्षा और सुरक्षा समझौता निभाएगा अमेरिका: मार्को रुबियो
वॉशिंगटन, 6 अक्टूबर . अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि सऊदी अरब समर्थित यमनी सेनाएं हूती विद्रोहियों के हमले का जवाब दे रही हैं और ऐसे समय में अमेरिका, सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा और सुरक्षा से जुड़े वादों को निभाएगा. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वॉशिंगटन इस लड़ाई ... Read more
अमेरिका ने ब्रिटेन से बमवर्षक हटाए: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- हम जानते हैं कौन जिम्मेदार; जानें किसे क्या दी धमकी US withdraws bombers from Britain Donald Trump says We know who is responsible find out who was threatened.
बिजनेस अपडेट्स: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में 'असंतुलन' पर पेंच; गोयल न्यूयॉर्क में कारोबार दिग्गजों से मिले
रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र - BBC
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रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका साइबेरिया के एक अनुसंधान केंद्र में मृत पाई गई एक लैब तकनीशियन के मामले पर को 'बहुत गंभीरता से' ले रहा है.
बाब अल-मंदेब पर हूती विद्रोहियों को बड़ा झटका: सऊदी गठबंधन ने छीने कई अहम इलाके; अमेरिका भी आया साथ?
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया अमेरिका ने ब्रिटेन के एयरबेस से क्यों हटाए सारे लड़ाकू विमान - BBC
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अमेरिका पर निर्भरता घटाने की राह: भारत कोनिर्यात बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लानी होगी, अफ्रीका समेत किन क्षेत्रों में अवसर?
Karnal News: जमीन बेच और कर्ज लेकर अमेरिका भेजा इकलौता बेटा, हृदयाघात से मौत
जमीन बेच और कर्ज लेकर अमेरिका भेजा इकलौता बेटा, हृदयाघात से मौत
Hathras News: दुबई की कंपनी ने हड़पे 13.02 लाख अमेरिकी डॉलर, डायरेक्टरों पर रिपोर्ट दर्ज
दुबई की एक कंपनी पर सलेमपुर स्थित अल्फा मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के 13.02 लाख अमेरिकी डॉलर हड़पने का आरोप लगा है।
ताइवान के राष्ट्रपति के परिवार की जासूसी: अमेरिका में महिला गिरफ्तार; चीन के लिए कैसे करती थी काम?
ताइवान के राष्ट्रपति के परिवार की जासूसी: अमेरिका में महिला गिरफ्तार; चीन के लिए कैसे करती थी काम?
सर्जियो गोर ने एडमिरल पापारो की भारत में मेजबानी की, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर दिया जोर
सर्जियो गोर ने एडमिरल पापारो की भारत में मेजबानी की, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर दिया जोर
अमेरिका को पछाड़ ओमान बना भारत का सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता, आयात में दर्ज हुई भारी बढ़ोतरी
सितंबर में ओमान अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया, भारत ने ओमान से 5,85,000 टन एलएनजी आयात किया।
क्यों और किसके खौफ में अमेरिका? ब्रिटेन से वापस बुलाने पड़े सारे बमवर्षक विमान
इंग्लैंड स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे आरएएफ फेयरफोर्ड को निशाना बनाकर कथित आतंकवादी हमले की साजिश की जांच के बीच अमेरिकी वायुसेना ने वहां तैनात अपने सभी बमवर्षक विमानों को वापस अमेरिका बुला लिया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट से अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा: जयशंकर
भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट से अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा: जयशंकर
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां (BKU Ugrahan) ने सोमवार को तरनतारन स्थित उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार रोष प्रदर्शन और धरना दिया। यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध, लैंड पूलिंग पॉलिसी को रद्द करने, किसानों को जमीनों के मालिकाना हक वापस देने और किसानों-मजदूरों की पूर्ण कर्जमाफी जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष गुरबाज सिंह सिद्धवां, भूपिंदर सिंह ठट्ठियां, हरदीप सिंह जोड़ां, सुखवंत सिंह वल्टोहा, सुलखण सिंह मंडाला और संतोष सिंह पट्टी ने पंजाब सरकार से मांग की कि लैंड पूलिंग पॉलिसी को तुरंत खत्म किया जाए और किसानों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक बहाल किया जाए। किसानों की प्रमुख मांगे कर्जमाफी व सख्त कानून: किसानों और मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए तथा सूदखोरी पर लगाम कसने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए। मुआवजा व सरकारी नौकरी: आत्महत्या कर चुके पीड़ित किसान परिवारों को तुरंत आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। मामले रद्द हों: पराली जलाने के आरोपों सहित किसानों पर दर्ज सभी पुलिस केस तुरंत प्रभाव से रद्द किए जाएं। पानी का विवाद: नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर राज्यों के किसानों को आपस में लड़ाने की साजिशें बंद हों और इसे विशेषज्ञों की मदद से सुलझाया जाए। 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कृषि और उद्योग को करेगा तबाह' किसान नेता इंद्रजीत सिंह माड़ीमेघा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर देगा। इसका सीधा असर देश के छोटे उद्योग और खुदरा बाजार पर भी पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और महंगाई चरम पर पहुंचेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिजली क्षेत्र के निजीकरण के लिए बिजली संशोधन विधेयक-2025 और फसलों के बीजों का कारोबार कॉरपोरेट घरानों को सौंपने के लिए बीज संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। एक तरफ जहां कॉरपोरेट घरानों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, वहीं गलत नीतियों के कारण किसान और मजदूर कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। बाढ़ मुआवजे और मनरेगा की मांग धरने के दौरान किसान नेताओं ने पिछले वर्ष आई बाढ़ से किसानों और मजदूरों को हुए जान-माल के नुकसान का उचित मुआवजा देने और मनरेगा कानून को पूरी तरह बहाल कर साल में कम से कम 200 दिन रोजगार की गारंटी देने की पुरजोर मांग की। इस रोष प्रदर्शन के दौरान बलविंदर सिंह लाडी, सोहन सिंह सभरा, करमजीत सिंह सभरा, तरसेम सिंह, जसवंत सिंह सोहल, सतबीर सिंह सहित विभिन्न जिलों व ब्लॉकों के अध्यक्ष, सचिव और बड़ी संख्या में किसान-मजदूर मौजूद रहे।
नई दिल्ली। अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर लगातार हो रही तोड़फोड़ और हमलों को अब सामान्य वैंडलिज्म मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। रिचमंड हाइट्स, ओहायो के श्री स्वामीनारायण वड़तालधाम मंदिर पर 2 अक्टूबर को उस समय ईंटें फेंकी गईं जब मंदिर में पुजारी और श्रद्धालु भी मौजूद थे; खिड़कियाँ टूट गईं और CCTV फुटेज […]
बीजिंग, 5 अक्टूबर . जापान के ओकिनावा प्रांत की Police ने डकैती और हत्या के संदेह में जापान में तैनात एक अमेरिकी सैनिक को अभियोजक के कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया. संसद के अस्थायी पूर्ण सत्र में अपना नीतिगत भाषण शुरू करने से पहले, जापानी Prime Minister साने ताकाइची ने इस घटना पर ‘अत्यंत खेद’ ... Read more
लंदन से अमेरिका जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट ने लगाया फ्लाईदुबई जैसा गोता, फुल इमरजेंसी घोषित
ब्रिटिश एयरवेज की यह घटना फ्लाईदुबई की उस घटना के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींचा था. उस प्लेन को उसके को-पायलट ने ही क्रैश करने की कोशिश की थी.
लंदन से अमेरिका जा रही फ्लाइट BA295 में इमरजेंसी, अचानक 9 हजार फीट नीचे आया विमान - Jagran
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ओमान बना भारत का सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर, सितंबर में अमेरिका को छोड़ा पीछे
भारत के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात परिदृश्य में सितंबर के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला। ऊर्जा बाजार के आंकड़ों के अनुसार, ओमान भारत का सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा और उसने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच अपने ऊर्जा आयात स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर लगातार काम कर रहा है।
जब राष्ट्रपति बुलाएंगे तब आऊंगा, ये कहकर लड़के ने छोड़ दी अमेरिका की नौकरी
कहते हैं कि जब आपके इरादे पक्के होते हैं और हर स्थिति का सामना मजबूती के साथ करते हैं, तो फर्श से अर्श तक का सफर तय करते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ बिहार के रहने वाले शरद सागर के साथ. अमेरिकी की आलीशान जिंदगी को छोड़कर भारत आ गए थे और केवल एक लाइन कही थी तभी लौटूंगा जब राष्ट्रपति बुलाएंगे. लेकिन इसके पीछे की क्या कहानी है चलिए जानते हैं.
वी.पी. बेडेकर एंड संस ने मुंबई की एक छोटी किराना दुकान से शुरुआत कर मसालों और अचार के कारोबार में अपनी पहचान बनाई। यह कंपनी 100 से अधिक वर्षों में चार पीढ़ियों द्वारा संचालित एक वैश्विक खाद्य ब्रांड बन गई है, जिसके उत्पाद विदेशों तक पहुंचते हैं।
अमेरिका में बेटा, भारत में मां... AI के इस जुगाड़ ने दूरी कर दी कम
घर से दूर रहने वाले लोगों के लिए सबसे मुश्किल चीज अक्सर अपने परिवार से दूरी होती है. फोन पर बात हो जाती है, वीडियो कॉल भी की जा सकती है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में परिवार के किसी सदस्य का सामने मौजूद होना अलग ही एहसास देता है.
अमेरिका ने 2 ईरानी राजनयिकों को देश से क्यों किया बाहर? देखें US टॉप-10
ईरान पर सैन्य कार्रवाई के संकेतों के बीच तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने के लिए अमेरिका आसान या मुश्किल कोई भी रास्ता अपना सकता है. ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान ने अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई के जवाब में कड़े प्रतिकार की तैयारी की है. अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए ईरान के दो राजनायिकों को देश से बाहर कर दिया है. दोनों पर अमेरिका छोड़ने के आदेश न मानने का आरोप है. यूएस टॉप 10 में देखें यूएस की ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर पांचवें दौर की बातचीत 5 अक्टूबर से ओटावा में शुरू हो रही है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही पीएम मोदी के कनाडा दौरे की भी संभावना है।
अब तो अटक गया भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता एक 'प्लेटो' पर पहुंच गई है, जहां दोनों पक्ष और रियायतें देने को तैयार नहीं हैं।
ईरान के डर से बॉम्बर लेकर भागा अमेरिका, आखिर क्या था यूके के बेस में?
ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड बेस से अमेरिका ने अपने 12 बी-1 बॉम्बर विमान हटा लिए. ईरान से जुड़े संदिग्ध आतंकी प्लॉट के डर से यह फैसला लिया गया. ये विमान ईरान पर हमलों में इस्तेमाल हो रहे थे.
शिकागो, 5 अक्टूबर . भारत, ब्रिटेन और अमेरिका के अलग-अलग आर्काइव में एक दशक से ज्यादा समय तक रिसर्च करने के बाद भारतीय-अमेरिकी विद्वान श्रीधर डी. दामले ने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर एक अलग तस्वीर पेश की है. उनका कहना है कि उनकी रिसर्च में सामने आया सावरकर का व्यक्तित्व उस Political छवि से ... Read more
सावरकर लोकतंत्र को मानते थे सबसे बेहतर, दस्तावेजों से सामने आती है अलग तस्वीर : भारतीय-अमेरिकी रिसर्चर (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
अमेरिकी चुनाव की कमियां गिनाते-गिनाते ट्रंप ने कर दी बड़ी गलती! ब्राजील को बताया 'भारत'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण इंटरनेट यूज़र्स के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल, अमेरिकी चुनाव प्रणाली में कथित धांधली और ढुलमुल रवैये की आलोचना करने के प्रयास में ट्रंप ने एक बड़ी मानवीय भूल कर दी। उन्होंने ब्राजील ...
अमेरिका पहुंचकर रॉबर्ट डी नीरो से मिले अनुपम खेर, बोले- 'हर बार उनसे मिलना मेरे लिए खुशी की बात'
मुंबई, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अपने नाटक 'जाने पहचाने अनजाने' के साथ अमेरिका और कनाडा के दौरे पर हैं। अपने इस सफर के दौरान वह कई लोगों से मिले। इस बीच उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और अपने करीबी दोस्त रॉबर्ट डी नीरो से उनके घर पर मुलाकात की। अनुपम ने इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए और बताया कि उनके दौरे की सबसे खास यादों में यह मुलाकात भी शामिल हो गई है।
पितृ पक्ष: अमेरिका से आए जैक्सन ने काशी में किया चाचा का पिंडदान!
पितृ पक्ष में अमेरिका (मिशिगन) से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे. पुरोहित राहुल पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा तट पर अस्थि विसर्जन, तर्पण और पिंडदान कराया. जैक्सन ने सनातन परंपरा निभाते हुए चाचा की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान पूरा किया.
India-US Trade Negotiations: नई दिल्ली में आयोजित 'म्यूनिख लीडर्स मीट' में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अभी जारी है, लेकिन दोनों पक्ष अब संभवतः एक ऐसे 'पठार' यानी ठहराव के स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसके आगे किसी भी तरफ से और अधिक रियायतें या छूट देना बेहद मुश्किल हो गया है।निर्मला सीतारमण ने बताया कि जिस समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, उस पर दोनों पक्षों के बीच बहुत ही सख्त और तीखी बातचीत हुई है।व्यापार घाटा कम करने के लिए US मांग रहा रियायतेंवित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। यही वजह है कि वाशिंगटन अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है।सीतारमण के अनुसार, अमेरिका पिछले वर्षों में हुए अपने नुकसान की भरपाई करने के लिए भारत से अधिक रियायतों की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, 'बातचीत अभी भी जारी है, हालांकि हमारा मानना है कि दोनों देश एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गए हैं, जहां से आगे कुछ लेना या देना बहुत, बहुत मुश्किल हो सकता है।'वैसे उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत की थोड़ी भी गुंजाइश बचती है, तो उस पर विचार किया जा सकता है।फरवरी 2026 के फ्रेमवर्क के बाद आगे बढ़ी थी बातयह वार्ता फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के बाद आगे बढ़ी है। भारत के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 7 फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि दोनों देश एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखते हुए अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने पर काम करेंगे। बता दें कि इस वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 13 फरवरी 2025 को की गई थी। इस फ्रेमवर्क में ये मुख्य बिंदु शामिल है: टैरिफ में कटौती और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना। तरजीही बाजार पहुंच और सप्लाय-चेन सहयोग। डिजिटल व्यापार और अतिरिक्त बाजार पहुंच पर आगे की वार्ता। 'टैरिफ अब एक हथियार बन गया है' - वित्त मंत्री का कड़ा प्रहारव्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए टैरिफ के बढ़ते इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, 'टैरिफ अब एक हथियार बन गया है। पहले टैरिफ का इस्तेमाल एक स्थापित ढांचे के भीतर बातचीत के साधन के रूप में किया जाता था, लेकिन अब ढांचा मौजूद होने के बावजूद टैरिफ बढ़ाए जा रहे हैं'।'दुनिया से मजबूत है भारत की इकोनॉमी!' वैश्विक अनिश्चितता के बीच पूर्व ECB चीफ ट्रिसेट का बड़ा दावाचीन के साथ भारत के व्यापार घाटे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से यह असंतुलन घातांकीय रूप से बढ़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत भी चीन के खिलाफ इसी तरह का टैरिफ-आधारित रुख अपना सकता है? जबकि भारत से यह उम्मीद की जाती है कि वह बातचीत और पारस्परिक रियायतों के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाए।सीतारमण ने कहा कि पारंपरिक रूप से व्यापार वार्ता देशों को कमियों की पहचान करने और एक-दूसरे के सामानों के लिए बाजार खोलकर उन्हें दूर करने का मौका देती थी, लेकिन अब व्यापार असंतुलन को दूसरे तरीकों से निपटाया जा रहा है।India-EU डील: 'मदर ऑफ ऑल डील्स'अमेरिका से अलग, यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने India-EU Trade Agreement को एक मिसाल बताया। उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की संज्ञा दी, क्योंकि ये दोनों अर्थव्यवस्थाएं मिलकर दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग एक-चौथाई यानी 25% हिस्सा संभालती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समझौते में भारत ने डेयरी, कृषि और सोयाबीन जैसे अपने संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों को पूरी सुरक्षा प्रदान की है।यूरोपीय आयोग के अनुसार, भारत और ईयू के बीच 27 जनवरी 2026 को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत पूरी हो चुकी है और 11 सितंबर को यूरोपीय आयोग ने इसके हस्ताक्षर व निष्पादन के लिए यूरोपीय परिषद से अनुमति मांगी है।वैश्विक व्यापार और WTO के नियमों पर उठाए सवालनिर्मला सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यापार के चुनौतीपूर्ण माहौल को देखते हुए भारत अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और हितों की सुरक्षा के हिसाब से ही व्यापार समझौते तय कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समझौतों को सप्लाई-चेन को सुरक्षित रखना चाहिए और जहां पुराने संपर्क टूटे हैं, वहां नई साझेदारियां प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों से भटकने और विभिन्न देशों द्वारा उनका उल्लंघन किए जाने की भी तीखी आलोचना की।
ट्रंप : अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी में दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के बजाय भारत में राष्ट्रपति का चुनाव करा दिया। उन्होंने दावा किया कि 'भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर' में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। यह गलत जानकारी वाली पोस्ट उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी सिस्टम की आलोचना करने की जल्दबाजी में दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के बजाय भारत में राष्ट्रपति का चुनाव करा दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता जारी है, लेकिन बातचीत एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गई है, जहां आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है।
अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान, संदिग्ध आतंकी हमले के बाद लिया फैसला
अमेरिकी ने इंग्लैंड में मौजूद एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं। इस एयरबेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है।
अमेरिकी चुनाव प्रणाली को घेर रहे थे ट्रंप: ब्राजील की जगह भारत में करा दिया राष्ट्रपति चुनाव, अब हो रहे ट्रोल- Trump targeting US election system ended holding presidential election India now being trolled on social media
US B-1 Bombers: फेयरफोर्ड एयरबेस से अमेरिका ने हटाए सभी B-1 बॉम्बर, संदिग्ध वैन और गिरफ्तारियों के बाद बढ़ा था अलर्ट
अमेरिका में AI हुआ बैन: ट्रंप ने बनाई सुपर इंटेलिजेंस फोर्स, क्यों लिया गया यह फैसला? जानें दिग्गजों की राय
करनाल के युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत:45 लाख कर्ज लेकर डंकी रूट से गया था; पिता ने बेची जमीन
अमेरिका में करनाल जिले के असंध थाना क्षेत्र के गांव बल्लाह के 21 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। परिवार को जैसे ही बेटे की मौत की सूचना मिली, घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने सरकार से शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें। अनिल कुमार मान ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने सपने पूरे करने के लिए उसने अमेरिका जाने का फैसला लिया। जानकारी के अनुसार, पिता ऋषिपाल ने बेटे के भविष्य के लिए अपनी जमीन बेच दी और कर्ज भी लिया। करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अनिल को डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया। कई महीने के सफर के बाद वह अमेरिका पहुंचा और वहां जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद रहने लगा था। 4 अक्टूबर की रात अचानक बिगड़ी तबीयत जानकारी के मुताबिक, 4 अक्टूबर की रात अचानक अनिल की तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, उसे हार्ट अटैक आया था। अनिल की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। दो परिवारों का था इकलौता चिराग अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। वहीं ऋषिपाल के भाई रामपाल की भी एक ही बेटी है। ऐसे में दोनों परिवारों के लिए अनिल इकलौता चिराग था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद ग्रामीण भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। सरकार से शव भारत लाने की मांग परिवार की सबसे बड़ी चिंता अब अनिल का शव भारत लाना है। परिजनों ने सरकार से मदद की अपील की है, ताकि शव को अमेरिका से भारत लाया जा सके और परिवार अपने बेटे का अंतिम दर्शन कर सके।
बदलाव: अमेरिकी शेयर बाजार में 1721% तक बढ़ीं नौकरियां, एआई के नैतिक और सुरक्षात्मक दायरे तय करने की जिम्मेदारी
ब्रिटेन स्थित RAF फेयरफोर्ड (RAF Fairford) सैन्य ठिकाने पर नए सुरक्षा खतरे की आशंका के बीच अमेरिका ने अपने सभी लंबी दूरी के B-1 बॉम्बर विमानों को वापस बुला लिया है। इन सभी रणनीतिक बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर सुरक्षित भेज दिया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियां इस एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की गहन जांच कर रही हैं। जिसमें इस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की बात कही गई थी, जहां अमेरिकी विमान तैनात थे। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात बॉम्बर विमान अब अमेरिका में अपने होम बेस पर लौट आए हैं। अधिकारी ने CNN को बताया, हम अब पुष्टि कर सकते हैं कि RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बॉम्बर विमानों को अमेरिका में उनके होम बेस पर वापस भेज दिया गया है। अमेरिका ने इस नए खतरे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और न ही यह बताया है कि क्या इसका संबंध ब्रिटेन में जांच की जा रही कथित ईरानी साजिश से है। CNN के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने इस घटनाक्रम को वास्तविक घटना बताया है। यह कदम क्यों चर्चा में है? बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेजने के फैसले ने सबका ध्यान खींचा है क्योंकि CNN के सूत्र के अनुसार, अमेरिकी सेना के लिए ऐसे विमानों को क्षेत्र के किसी अन्य बेस पर भेजने के बजाय सीधे होम बेस पर वापस बुलाना असामान्य था। इसलिए, यह वापसी RAF फेयरफोर्ड के आसपास सुरक्षा की कड़ी जांच और ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों के लिए खतरे के माहौल के बीच हुई है। RAF फेयरफोर्ड अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए एक ऑपरेशनल लोकेशन रहा है और इसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए किया गया है। नतीजतन, यह वापसी ब्रिटिश बेस से अमेरिकी लंबी दूरी के स्ट्राइक विमानों की तैनाती में एक अहम बदलाव को दर्शाती है। कथित साजिश के सिलसिले में पांच लोग गिरफ्तार यह ताजा घटनाक्रम पिछले महीने ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा RAF फेयरफोर्ड को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश के सिलसिले में की गई गिरफ्तारियों के बाद सामने आया है। पुलिस ने 27 सितंबर को एयरबेस के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक थे, जिनकी उम्र 23 से 25 साल के बीच थी और वे लंदन इलाके के रहने वाले थे। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तीन वैन की तलाशी ली गई, जिनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला। ट्रंप ने संदिग्धों की रिहाई की आलोचना की पांच लोगों की ज़मानत पर रिहाई की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की। इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं ऐसा नहीं करता। इसके बाद, ब्रिटिश अधिकारियों ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को कथित साज़िश के सिलसिले में एक और संदिग्ध को गिरफ़्तार किया, जो 25 साल का ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाला व्यक्ति है। इन गिरफ़्तारियों और उसके बाद हुई जांच के कारण RAF फेयरफ़ोर्ड के आस-पास सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। ईरान ने शामिल होने से इनकार किया इस बीच, ईरान ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कथित साज़िश में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है। तेहरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और आरोपों के बाद तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया। अमेरिकी बॉम्बर विमानों की यह ताज़ा गतिविधि इसी पृष्ठभूमि में हो रही है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने नई रिपोर्ट की गई धमकी और कथित ईरानी साज़िश के बीच कोई सीधा संबंध सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है। उस धमकी की खास प्रकृति का भी खुलासा नहीं किया गया है जिसके कारण विमानों को अमेरिका वापस लौटना पड़ा। RAF फेयरफ़ोर्ड क्या है? RAF फेयरफ़ोर्ड एक ब्रिटिश सैन्य एयरबेस है जिसका इस्तेमाल अमेरिका लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों की तैनाती के लिए एक ऑपरेटिंग लोकेशन के तौर पर करता रहा है। US ग्लोबल स्ट्राइक कमांड को सहयोग देने में इसकी भूमिका ने इसे यूरोप में अमेरिकी रणनीतिक एविएशन ऑपरेशन्स के लिए एक महत्वपूर्ण जगह बना दिया है। इसलिए, सभी बॉम्बर विमानों का अपने अमेरिकी होम स्टेशनों पर लौटना हालिया तैनाती के पैटर्न में एक उल्लेखनीय बदलाव है, जबकि ब्रिटिश अधिकारी अभी भी इस सुविधा के ख़िलाफ़ कथित धमकी की जांच कर रहे हैं। Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
US-Iran Tension: UN महासभा के बाद अमेरिका ने ईरान के 2 राजनयिकों को भेजा वापस, न्यूयॉर्क में रुके थे दोनों
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
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अमेरिका ने आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से हटाए सभी बमवर्षक: क्यों उठाया यह कदम; ट्रंप ने ईरान पर अब क्या कहा?
Moradabad News: अमेरिका में कारोबार सुरक्षित, रूस के खरीदारों पर रखनी होगी पैनी नजर
अमेरिका में कारोबार सुरक्षित, रूस के खरीदारों पर रखनी होगी पैनी नजर
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं, ...एक ही है रास्ता; ईरान का अमेरिका को सीधा संदेश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ चल रही लड़ाई का कोई सैन्य हल नहीं है। उन्होंने कहा कि लड़ाई खत्म करने की बातचीत अभी अटकी हुई है।
भारतीय मूल के वोटर्स के गढ़ में हो पाएगा शानदार कमबैक
अमेरिकन राजनीति की गलियारों में इस समय भारतीय मूल के जाने-माने उद्यमी और राजनीतिक नेता विवेक रामास्वामी की चुनावी यात्रा को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हाल ही में सामने आए राजनीतिक सर्वे और चुनावी आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि रामास्वामी गवर्नर पद की इस बहुचर्चित रेस में शुरुआती दौर में काफी पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस खबर ने न केवल उनके समर्थकों को बल्कि अमेरिकी राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि कभी अपनी आक्रामक बयानबाजी और नीतियों से चर्चा में रहने वाले रामास्वामी आज अपनी ही पार्टी के भीतर और जनता के बीच कड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अमेरिकी राजनीति में किसी भी उम्मीदवार के लिए शुरुआती दौर में पिछड़ जाना एक बहुत बड़ा झटका माना जाता है, खासकर तब जब मुकाबला बेहद कड़ा हो और विरोधी उम्मीदवार लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते जा रहे हों। इस पूरी राजनीतिक उठापटक के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि क्या विवेक रामास्वामी उस खास क्षेत्र में जहां भारतीय मूल के वोटर्स की संख्या अच्छी खासी है, एक धमाकेदार वापसी कर पाएंगे या नहीं।अमरीकी चुनावी रणक्षेत्र में विवेक रामास्वामी का सफर हमेशा से ही काफी रोमांचक और चर्चा का विषय रहा है। जब उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, तब उनकी वैचारिक स्पष्टता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखकर यह अंदाजा लगाया गया था कि वह अमेरिकी राजनीति में एक लंबा सफर तय करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव की प्राथमिक डिबेट्स में अपनी एक अलग पहचान बनाने के बाद, जब उन्होंने गवर्नर पद की रेस में उतरने का मन बनाया तो लोगों को उम्मीद थी कि वह शुरुआती दौर से ही बढ़त बना लेंगे। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत साबित हुई। हालिया ओपिनियन पोल बताते हैं कि मतदाताओं के एक बड़े वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते वे अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे छूट गए हैं। इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमें उनकी विवादास्पद नीतियां, स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा न उतर पाना और संगठनात्मक स्तर पर रणनीतिक कमियां शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्होंने अपनी रणनीति में जल्द ही बदलाव नहीं किया, तो उनके लिए इस अंतर को पाटना बेहद मुश्किल हो जाएगा।इस बीच, इस पूरे चुनावी समीकरण का सबसे दिलचस्प पहलू वह क्षेत्र है जिसे भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों और अप्रवासी समुदायों का गढ़ माना जाता है। अमेरिका के कई हिस्सों में भारतीय अमेरिकी वोटर किसी भी उम्मीदवार की जीत या हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। पारंपरिक रूप से ये वोटर अपनी आर्थिक नीतियों, शिक्षा के स्तर और सामुदायिक विकास के मुद्दों पर वोट करते आए हैं। विवेक रामास्वामी खुद भारतीय मूल के हैं, और इसी पहचान के कारण उन्हें इस समुदाय से खासी उम्मीदें थीं। हालांकि, हालिया रुझानों से पता चलता है कि भारतीय वोटर्स का यह गढ़ भी अब एकतरफा समर्थन देने के मूड में नहीं है। कुछ वर्ग रामास्वामी की कार्यशैली से प्रभावित हैं, तो वहीं एक बड़ा हिस्सा उनकी कुछ नीतियों को लेकर संशय में भी है। रामास्वामी के लिए अब यह क्षेत्र उनके राजनीतिक भविष्य का 'संजीवनी बूटी' साबित हो सकता है, यदि वे इन मतदाताओं के बीच जाकर उनके भरोसे को फिर से जीतने में कामयाब हो जाते हैं। इसके लिए उन्हें स्थानीय सामुदायिक नेताओं के साथ संवाद बढ़ाना होगा और यह साबित करना होगा कि वे उनकी वास्तविक चिंताओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।कमबैक करने के लिए विवेक रामास्वामी की टीम अब पूरी तरह से अपनी रणनीति में बदलाव करने पर विचार कर रही है। आने वाले हफ्तों में वे अपने चुनाव प्रचार अभियान को और अधिक आक्रामक और जमीनी स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था, रोजगार के नए अवसर, टैक्स रिफॉर्म और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर फोकस किया जाएगा। अमेरिकी चुनाव प्रणाली में आखिरी वक्त पर पासा पलटना कोई नई बात नहीं है, और इतिहास गवाह है कि कई नेताओं ने पिछड़ने के बावजूद आखिरी दौर में शानदार वापसी की है। रामास्वामी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने विरोधियों के उन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देना है, जिनके जरिए उनकी छवि को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि यदि वे भारतीय मूल के वोटर्स के गढ़ में अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं और मतदाताओं के बीच अपनी विश्वसनीयता बहाल करने में सफल होते हैं, तो यह पिछड़ना सिर्फ एक अस्थायी झटका बनकर रह जाएगा। आने वाला समय यह तय करेगा कि रामास्वामी इस राजनीतिक चुनौती से कैसे पार पाते हैं और क्या वे अमेरिकी राजनीति के इस बड़े मंच पर फिर से अपनी धाक जमाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।
भदोही में कारपेट एक्सपो मार्ट में चल रहे 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में देशभर के कालीन निर्माता और निर्यातक अपने खास डिजाइन और उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। मेले में जयपुर की जेपी इंटरनेशनल का 1215 फीट का ‘आगरा’ डिजाइन का सिल्क कालीन खरीदारों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 25 अलग-अलग रंगों के सिल्क धागों से तैयार इस कालीन को बनाने में 30 बुनकरों ने करीब पांच माह 20 दिन काम किया। जेपी इंटरनेशनल के सेल्स मैनेजर मोहित विजय ने बताया कि कालीन में मुख्य रूप से भारतीय और चाइनीज सिल्क धागों का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग रंगों के धागों से डिजाइन को उकेरने के बाद इसे तैयार करने में करीब पांच माह 20 दिन का समय लगा। इसमें लगभग 20 दिन सिर्फ वॉशिंग में लगे। उन्होंने बताया कि कालीन की बुनाई में 30 बुनकरों ने काम किया। इसे तैयार करने में करीब 3.25 लाख रुपए की लागत आई है। अमेरिकी बाजार के लिए इसकी डील करीब 4680 अमेरिकी डॉलर में होती है। इस डिजाइन और सिल्क से तैयार कालीन की रूस और अमेरिका में खास मांग है। 912 फीट के पर्शियन ट्रक डिजाइन की भी मांग मेले में भदोही की शकुंतला कारपेट ने भी अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। कंपनी की ओर से 912 फीट का पर्शियन ट्रक डिजाइन का कालीन लगाया गया है। कंपनी के मालिक छविनाथ प्रजापति और सेल्स मैनेजर अश्वनी प्रजापति ने बताया कि इस कालीन को तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगता है। इसकी कीमत लगभग 36 हजार रुपए है। कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में यही कालीन करीब 600 डॉलर में डील होता है। इसमें ट्रांसपोर्ट का खर्च शामिल नहीं है। कालीन की अमेरिका और जर्मनी में सबसे ज्यादा मांग है। पिछले मेले के बाद विदेशी खरीदारों से बढ़ा कारोबार कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले साल भी शकुंतला कारपेट ने कारपेट फेयर में हिस्सा लिया था। उस दौरान विदेशी खरीदारों की ओर से अच्छा रिस्पांस मिला। इसके बाद कई विदेशी खरीदारों के साथ लगातार कारोबार हो रहा है। 223 निर्यातकों ने लगाए स्टॉल कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) की ओर से आयोजित 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो इस बार गोल्डन जुबली संस्करण है। एक्सपो मार्ट में 4 से 7 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में देशभर के कालीन निर्माता और निर्यातक हिस्सा ले रहे हैं। मेले में कुल 223 निर्यातकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। इंडिया कारपेट एक्सपो देश के हस्तनिर्मित कालीन, रग और फ्लोर कवरिंग को विदेशी बाजार से जोड़ने वाला प्रमुख B2B मंच है। इसमें विदेशी खरीदार भारतीय निर्माताओं के नए डिजाइन और उत्पाद देखते हैं। CEPC के अनुसार, यह आयोजन भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ाने के साथ बुनकरों की कला और पारंपरिक शिल्प को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने का मंच भी है।
'लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है': अल-कायदा की फ्लाईदुबई जैसे और हमले करने की धमकी, अमेरिका-इस्राइल को लेकर क्या कहा?- fight is not over yet Al Qaeda threatens more attacks like Flydubai one what did say regarding US and Israel
अरोड़ा परिवार में दिवाली की खुशी दोगुनी थी, क्योंकि दिवाली पर उनका 12 साल से अमेरिका में रह रहा बेटा विक्की अरोड़ा (34) पहली बार घर लौटने वाला था। परिवार के लोग उसके आने की तारीख का इंतजार कर रहे थे। बेटे के घर लौटने खुशी में उसकी शादी की बात भी आगे बढ़ानी थी। परिवार की तरफ से विक्की के लिए रिश्ते देखे जा रहे थे। परिवार उसकी शादी की प्लानिंग में जुटा था। पिता कश्मीरी लाल बेटे को दूल्हा बनते और उसके सिर पर सेहरा बंधा देखना चाहते थे। त्योहार, दिवाली और बेटे की शादी की बातें, प्लानिंग और उसके स्वागत की तैयारी में परिवार मशगूल था। विक्की अपने घर जरूर पहुंच गया, लेकिन अपने पैरों पर नहीं। 15 दिन बाद रविवार को विक्की का शव ताबूत में उसके घर पिहोवा की सिकंदरा कॉलोनी में पहुंचा। ताबूत घर के अंदर आते ही परिवार की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। पिता, भाई, चाचा, चाची और अन्य परिजन शव देखकर बिलख पड़े। जिस घर में दिवाली और शादी की बातें हो रही थीं, वहां मातम छा गया। दिवाली के बाद शादी की तैयारी करने का था प्लान विक्की के चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की करीब 12 साल पहले अमेरिका गया था। इतने साल बाद अब वह घर लौटने की तैयारी में था। वह नवंबर में दिवाली के आसपास पहली बार घर आने वाला था। घरवालों के लिए यह सिर्फ बेटे के लौटने की खुशी नहीं थी, बल्कि परिवार चाहता था कि अब विक्की की शादी कर दी जाए। रिश्ता देख रहे थे, हर रोज शादी की प्लानिंग होती थी हमारा पूरा परिवार एक कॉलोनी में रहता है। इसलिए मेरा बड़ा भाई कश्मीरी लाल विक्की के लिए रिश्ता देख रहा था। काम से लौटने के बाद भाई उनको घर बुला लेता था। यहां उसकी शादी को लेकर बातचीत होती थी। शादी के अरेंजमेंट को लेकर प्लानिंग बनाते थे। शादी की बात करने के लिए कई बार दुकान से जल्दी घर लौटते थे। बस परिवार ने विक्की को दूल्हे के रूप में देखने का सपना संजोए थे। उम्मीद थी कि दिवाली पर घर में खूब रौनक होगी। त्योहार की खुशी ज्यादा के आसपास बेटा घर आएगा, इसके बाद रिश्ते की बात पक्की होगी और शादी की तैयारियां शुरू होंगी। विक्की के घर आने की खबर परिवार के लिए कई साल बाद आई बड़ी खुशी थी। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं रह सकी। जिस घर में सेहरा और शादी की बातें होनी थीं, वहां ताबूत पहुंचा 17-18 सितंबर की रात अमेरिका के ओहायो में हुए सड़क हादसे में विक्की की मौत हो गई। विक्की की मौत की खबर ने परिवार को दहला दिया। उनको यकीन नहीं हुआ कि विक्की दुनिया से चला गया। विक्की के रुममेट हैप्पी ने ये बात परिवार तक पहुंचाई थी। फिर भी परिवार ने उसके दूसरे दोस्तों से कंफर्म किया, जिसके बाद उनके सारे सपने टूट गए। बॉडी भारत लाने की चुनौती सपने टूटने के बाद अब परिवार के सामने बेटे की बॉडी वापस घर लाने की चुनौती थी। करीब 15 दिन तक शव अमेरिका में रहा। इस दौरान परिवार एक तरफ बेटे को खोने के सदमे में था और दूसरी तरफ शव भारत लाने की प्रक्रिया और खर्च को लेकर परेशान था। ऐसे समय में अमेरिका में विक्की के दोस्तों ने परिवार का साथ दिया। उसके रूममेट हैप्पी ने विक्की के नाम से कैंपेन शुरू किया। दोस्तों, परिचितों और दूसरे लोगों ने इसमें आर्थिक मदद की। कैंपेन से करीब 20 लाख रुपए जुटाए गए। इसी रकम से शव को भारत लाने और दूसरी जरूरी प्रक्रिया का खर्च उठाया गया। इसके बाद अमेरिका से विक्की का शव भारत लाया गया। आज रविवार सोनू अरोड़ा ने अपने भाई को मुखाग्नि दी। गलत दिशा से आए ट्राले को बचाने में हुआ हादसा विक्की अमेरिका के ओहायो हाईवे पर ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आ गया। उसे बचाने के प्रयास में विक्की का ट्राला कंक्रीट के बैरियर से टकरा गया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। सिर के बल गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मां भी नहीं है, अब पिता और भाई रह गए विक्की की मां राजरानी का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में अब पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं। पिता बेटे को दूल्हे के रूप में देखने का सपना लिए बैठे थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा दिवाली पर या साल के आखिर में घर आएगा और फिर उसकी शादी की तैयारी होगी।
वाराणसी में अपने पितरों का तर्पण करने हजारों लोग पहुंच रहे हैं। शनिवार को अमेरिका से जैक्सन अपने दिवंगत चाचा नेट की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे। यहां अस्सी घाट पर उन्होंने चाचा की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से अस्थि विसर्जन और पिंडदान कराया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जैक्सन भावुक दिखे। उन्होंने बताया कि मैं बचपन से अपने चाचा नेट के साथ रहा हूं। मेरा अपने चाचा से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। निधन के बाद भी मैं चाचा को याद करता रहता हूं। वह अक्सर रात में मेरे सपने में आते थे। चाचा के बार-बार दिखाई देने से मैं परेशान रहने लगा। मैंने इसका समाधान तलाशना शुरू किया। इसी दौरान मैंने काशी और यहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा एक वीडियो देखा। इसमें काशी की धार्मिक मान्यताओं और अस्थि विसर्जन-पिंडदान की जानकारी मिली। इसके बाद मैंने चाचा की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए खुद काशी आने का फैसला किया। काशी में अपने पितरों का तर्पण करने हर रोज 50 हजार श्रद्धालु गंगा घाट और पिशाचमोचन कुंड पहुंच रहे हैं। 7 दिनों में अब तक करीब 3 लाख से अधिक लोगों ने अपने पूर्वजों का तर्पण कर चुके हैं। इसमें विदेश से आने वाले लोग भी शामिल हैं। चाचा रोज सपने में आते थे, इसलिए मैं काशी आया अमेरिका के मिशिगन प्रांत के रहने वाले जैक्सन ने बताया कि मैं एक रेस्टोरेंट में काम करता हूं। मैं अपने चाचा नेट के साथ रहता था। मेरे चाचा भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी आस्था रखते थे। वह भारत के धार्मिक शहरों के बारे में रुचि रखते थे। काशी और मथुरा के प्रति उनकी आस्था थी। उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनकी अस्थियों को मोक्षदायिनी गंगा में विसर्जित किया जाए। कुछ साल पहले उनकी डेथ हो गई। चाचा की मौत के बाद कुछ दिन तो सब सामान्य रहा। फिर वह हर रोज मेरे सपने में आने लगे। मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं परेशान रहने लगा। फिर एक दिन सोशल मीडिया पर मैंने काशी के कई वीडियो देखे। इसमें मुझे अस्थि विसर्जन-पिंडदान की जानकारी मिली। मैंने उसे गहराई से गूगल और यूट्यूब पर सर्च किया। इसके बाद मैं अमेरिका से फ्लाइट लेकर इंडिया पहुंचा। इसके बाद काशी आया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा में प्रवाहित की अस्थियां शनिवार को जैक्सन चाचा की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे। अस्सी घाट पर तीर्थ पुरोहित राहुल पांडेय के आचार्यत्व में अस्थि विसर्जन और पिंडदान का अनुष्ठान कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद जैक्सन ने गंगा की धारा में चाचा की अस्थियां प्रवाहित कीं। इस दौरान वह भावुक हो गए। उन्होंने चाचा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पिंडदान की प्रक्रिया में भी हिस्सा लिया। पुरोहित बोले- पिंडदान आत्मा की मोक्ष के लिए किया जाता है तीर्थ पुरोहित राहुल पांडेय ने बताया कि सनातन परंपरा में काशी और गंगा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में अस्थि विसर्जन और पिंडदान दिवंगत आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से किया जाता है। उन्होंने बताया कि पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए पिंडदान और तर्पण की परंपरा सदियों से चली आ रही है। …………………….ये खबर भी पढ़िए- आराधना मिश्रा ने कहा-अजय राय को हटाना रणनीति का हिस्सा:2024 के बाद हम मजबूत हुए, 2027 में INDI गठबंधन सरकार बनाएगा यूपी कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद फुल फॉर्म में हैं। उन्होंने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की प्राथमिकताएं, सपा से गठबंधन, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और ब्राह्मण-सवर्ण वोटरों को लेकर खुलकर बात की। अजय राय को लेकर कहा- पद से किसी को हटाना, किसी को लाना…ये रणनीति का हिस्सा हो सकता है। मैं कांग्रेस के मजबूत सिपाही हूं। उन्होंने 2027 चुनावों को लेकर कहा- 2024 के बाद हम मजबूत हुए। इसका रिजल्ट आपको 2027 में देखने को मिलेगा। INDI गठबंधन यूपी में सरकार बनाएगा। पढ़ें पूरी खबर
राजस्थान के जोधपुर में चल रहे बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति में भारत के तेजस, राफेल और अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमानों ने एक साझा फॉर्मेशन में उड़ान भरी।
Varanasi News: चाचा की मोक्ष-कामना लेकर अमेरिका से काशी पहुंचे जैक्सन, अस्सी घाट पर किया पिंडदान
Jackson traveled from the US to Kashi seeking salvation for his uncle
Kurukshetra News: अमेरिका से 14 दिन बाद घर पहुंचेगा विक्की का शव
अमेरिका से 14 दिन बाद घर पहुंचेगा विक्की का शव
भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रमुख आवाज और जयपुर फुट यूएसए के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने एफआईए (न्यूयॉर्क–न्यूजर्सी–कनेक्टिकट–न्यू इंग्लैंड) के अध्यक्ष अंकुर वैद्य, बृहद न्यूयॉर्क सीनियर्स के अध्यक्ष अजय पटेल और एफआईए के ट्रस्टी आलोक कुमार के साथ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की सचिव (कौंसुलर, पासपोर्ट, वीजा एवं प्रवासी भारतीय मामले) श्रीप्रिया रंगनाथन से न्यूयॉर्क में मुलाकात की। बैठक में न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्यदूत राजदूत बिनय श्रीकांत प्रधान भी मौजूद रहे। सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन अमेरिका के व्यापक संपर्क दौरे पर हैं। इस दौरान वह न्यूयॉर्क, टेक्सास, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल का दौरा कर रही हैं। यात्रा का उद्देश्य भारतीय प्रवासी समुदाय से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं और चुनौतियों को समझना तथा आगामी प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव लेना है। इस संपर्क अभियान के तहत न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में भी विभिन्न प्रमुख सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें की गईं। इन बैठकों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के विभिन्न वर्गों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिला। अमेरिका के अन्य शहरों में भी सचिव रंगनाथन प्रवासी नेताओं, सामुदायिक प्रतिनिधियों, पेशेवरों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर रही हैं। बैठक के बाद प्रेम भंडारी ने कहा- मैं लगभग चार दशकों से अमेरिका में रह रहा हूं। यह पहली बार है जब मैंने सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) स्तर पर भारतीय प्रवासी समुदाय की समस्याओं और चिंताओं को व्यक्तिगत रूप से समझने के लिए अमेरिका में इतना बड़ा संपर्क अभियान देखा है। हम उनके धैर्य, सहज उपलब्धता और हमारी बात सुनने की तत्परता की हृदय से सराहना करते हैं। पासपोर्ट और कौंसुलर सेवाओं का मुद्दा उठा बैठक में प्रेम भंडारी ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से जुड़ी कई लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उठाया। इनमें पासपोर्ट के नवीनीकरण और दोबारा जारी करने की प्रक्रिया को सरल और एक समान बनाने, वीएफएस तथा कौंसुलर सेवाओं में सुधार और आवेदकों का शोषण करने वाले अनधिकृत एजेंटों एवं बिचौलियों पर रोक लगाने की मांग शामिल थी। एनआरआई की संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या प्रवासी भारतीय दिवस को लेकर सुझाव एफआईए अध्यक्ष अंकुर वैद्य ने भी अपने लंबे अनुभव के आधार पर सुझाव दिए। वह अब तक आयोजित 18 प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में से 16 में भाग ले चुके हैं। उन्होंने प्रवासी समुदाय की भागीदारी को और बढ़ाने तथा आगामी प्रवासी भारतीय दिवस को अधिक सार्थक और सफल बनाने के उपायों पर अपने विचार साझा किए। बैठक में सामुदायिक संगठनों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ-साथ संस्कृति, शिक्षा, व्यापार, तकनीक और मानवीय सेवा के माध्यम से भारतीय-अमेरिकी समुदाय को भारत से जोड़े रखने में इन संगठनों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। ई-ओसीआई और चिपयुक्त पासपोर्ट जैसी पहल पर चर्चा बातचीत में सरकार की हालिया पहलों का भी उल्लेख हुआ। इनमें ई-ओसीआई, चिपयुक्त पासपोर्ट और फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के लिए सरकारी सेवाओं को तकनीक आधारित और अधिक सुविधाजनक बनाना है। सामुदायिक नेताओं ने प्रवासी भारतीयों के साथ सीधे और व्यापक संवाद की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन की पहल की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्रालय और अमेरिका में भारतीय सामुदायिक संगठनों के बीच लगातार संवाद से प्रवासी भारतीयों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। साथ ही, भारत और दुनिया भर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच संबंध और मजबूत होंगे।
मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े मोबाइल मार्केट अप्सरा मार्केट में शनिवार शाम नगर थाना पुलिस ने कई दुकानों में छापेमारी की। अमेरिका की मोबाइल कंपनी Apple के प्रतिनिधि की शिकायत पर हुई कार्रवाई में कंपनी के नाम से बेचे जा रहे कथित डुप्लीकेट चार्जर, केबल, बैक पैनल और मोबाइल कवर समेत कई सामान जब्त किए गए। आरोप है कि कंपनी के 15 से 22 हजार रुपए तक के ओरिजिनल बैक पैनल की जगह डुप्लीकेट पैनल करीब 750 रुपए में मोबाइल में लगाए जा रहे थे। कंपनी प्रतिनिधि की ओर से नगर थाने में दिए आवेदन में आरोप लगाया गया था कि अप्सरा मार्केट में Apple के नाम और डिजाइन वाले डुप्लीकेट एसेसरीज बेचे जा रहे हैं। शिकायत के बाद नगर थाना पुलिस की टीम शनिवार शाम मार्केट पहुंची और कई दुकानों में तलाशी ली। पुलिस के पहुंचते ही कुछ दुकानदार दुकानें छोड़कर इधर-उधर चले गए। इसके बाद पुलिस ने दुकानों से मिले सामान को जब्त कर थाने लाया। 2200 के चार्जर-केबल भी 300-400 में बेचने का आरोप शिकायत के अनुसार, Apple के ओरिजिनल चार्जर की कीमत करीब 2200 रुपए और केबल की कीमत भी करीब 2200 रुपए बताई गई है। आरोप है कि इनके डुप्लीकेट सामान को बाजार में महज 300 से 400 रुपए में बेचा जा रहा था। इसी तरह मोबाइल के बैक पैनल और कवर भी कंपनी के नाम पर ग्राहकों को दिए जा रहे थे। छापेमारी के बाद जब्त सामान का कंपनी के प्रतिनिधियों से मिलान कराया गया। प्रतिनिधियों ने सामान की जांच की। पुलिस के अनुसार, कंपनी की शिकायत में इसे कॉपीराइट से जुड़ा मामला बताया गया है। कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई नगर थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि Apple कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में कंपनी के एसेसरीज के डुप्लीकेट सामान बेचे जाने की बात कही गई थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने अप्सरा मार्केट में छापेमारी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि कई दुकानों से सामान जब्त किया गया है। जब्त सामान की जांच और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि डुप्लीकेट सामान कहां से लाकर मार्केट में बेचा जा रहा था और इसमें कितने दुकानदार शामिल हैं।
रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग की तरफ से ब्रेस्ट पैथोलॉजी पर इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें अमेरिका से दो कैंसर विशेषज्ञ शामिल हुए। इंटरनेशनल कांफ्रेंस में देशभर से 325 से अधिक डेलीगेट शामिल हुए और अपनी रिसर्च को प्रस्तुत किया। इस कांफ्रेंस के आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ब्रेस्ट का कैंसर कितने प्रकार का होता है, इसको लेकर रिसर्च चल रही है। क्योंकि ब्रेस्ट के हर प्रकार के कैंसर का अलग ईलाज व अलग दवाईयां होती है। कांफ्रेंस में यही चर्चा हो रही है कि ब्रेस्ट का कौन सा कैंसर अधिक खतरनाक है, उसका ईलाज कैसे किया जाए। इस पर पूरी रिसर्च हो रही है। महिलाओं में जागरूकता बहुत जरूरी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि महिलाओं को जागरूक होने की जरूरत अधिक है। जब भी ब्रेस्ट में कोई गांठ नजर आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए। महिलाओं को शर्म छोड़कर डॉक्टर को बताना पड़ेगा, तभी ईलाज संभव है। जो महिलाएं ईलाज से घबराती है, उनका माइंड पहले से सेट है, जिसे बदलने की जरूरत है। ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर का सबसे बड़ा कारण जेनेटिक होता है। अगर किसी के परिवार में पहले ब्रेस्ट कैंसर है तो उसकी अगली पीढ़ी में ब्रेस्ट कैंसर होने के चांस अधिक होते हैं। दूसरा कैंसर का कारण केमिकल भी है। इस पर रिसर्च चल रही है कि कौन सा केमिकल शरीर के किस अंग को अधिक प्रभावित करता है। शरीर में किस जींस का अधिक प्रभाव होगा, इस पर चल रही रिसर्च डॉ. संजय कुमार ने बताया कि केमिकल की मात्रा आपके जींस पर निर्भरत करती है। किसी का शरीर 100 ग्राम को भी हजम कर सकता है और किसी का एक ग्राम भी हजम नहीं कर सकता। शरीर के किस एरिया में, कौन सा जींस अधिक प्रभावत होता है, इस पर रिसर्च चल रही है। 25 साल की लड़कियों में भी शुरू हो गया ब्रेस्ट कैंसर डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पहले 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर देखने को मिलता था। लेकिन अब तो 25 साल की उम्र में भी ब्रेस्ट कैंसर हो रहा है। पीजीआई में भी ब्रेस्ट कैंसर का ईलाज है, लेकिन पीजीआई की अमेरिका से तुलना नहीं कर सकते। क्योंकि अमेरिका में संसाधन अधिक है। अमेरिका में सर्जन को कर रहे ट्रेंड अमेरिका से कांफ्रेंस में आए डॉ. कमलजीत सिंह ने बताया कि वह पीजीआई के 1997 बैच के स्टूडेंट रहे है। अब अमेरिका में पैथोलॉजिस्ट हैं और सर्जन को ट्रेंड कर रहे हैं। अमेरिका व भारत में अंतर तो हर चीज में है। हमारा खान पान, जींस अलग है, स्क्रीनिंग अलग है, इसलिए कैंसर हाई स्टेज पर प्रेजेंट होता है। लेकिन डॉक्टर अच्छे है जिससे मरीज को ईलाज करके ठीक किया जा रहा है।
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
'AC वाले जहाज पर हूं; 2 घंटे में अमेरिका लैंड कर जाऊंगा, जलयान के हाल पर भागलपुर के यात्री का तंज
भागलपुर में बियाडा घाट से जाह्नवी चौक तक गंगा में जहाज यात्रा के दौरान यात्रियों को भीषण गर्मी, उमस और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
अमेरिका में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विक्की अरोड़ा का शव 14 दिन बाद भारत के लिए रवाना कर दिया गया है। कल सुबह करीब 10 बजे विक्की का शव उसके घर पहुंचेगा। 34 साल का विक्की करीब 12 साल पहले अमेरिका गया था। नवंबर-दिसंबर में विक्की घर लौटने की तैयारी कर रहा था। घर में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी, लेकिन घर लौटने से पहले ही उसकी मौत हो गई। कुरुक्षेत्र के पिहोवा की सिकंदरा का रहने वाले विक्की की अमेरिका में 17-18 सितंबर की रात एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। विक्की के बाद परिवार में पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं, क्योंकि करीब 3 साल पहले विक्की की मां राजरानी का निधन हो गया था। हादसे के बाद 20 फीट नीचे गिरा विक्की ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। हाईवे पर सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आने पर उसे बचाने के प्रयास में उसका ट्राला कंक्रीट बैरियर से टकरा गया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर सिर के बल जा गिरा था और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 14 दिन बाद रवाना हुआ शव हादसे के बाद शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इसमें करीब 14 दिन लग गए। परिवार के मुताबिक, पुलिस ने शुरुआत में बॉडी सौंपने से इनकार कर दिया था। इसके बाद विक्की के पिता कश्मीरी लाल की तरफ से एफिडेविट दिया गया। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिवार को सौंपा। दोस्तों ने 20 लाख रुपए जुटाए चाचा राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि शव भारत लाने और इससे जुड़ी प्रक्रिया में काफी खर्च आया। परिवार की मदद के लिए विक्की के नाम से फंड बनाया गया। इसमें करीब 20 लाख रुपए जुटाए गए। विक्की के दोस्त हैप्पी ने भी इस पूरी प्रक्रिया में परिवार की मदद की। हैप्पी ने दी थी मौत की सूचना हादस के वक्त विक्की का दोस्त और रुममेट हैप्पी अमेरिका में था, उसी ने हादसे की सूचना परिवार को दी थी। विक्की के शव को भारत लाने में दोस्तों और परिचितों ने मदद की। आज अमेरिका से हैप्पी अपने दोस्त विक्की का शव रवाना करेगा, रात तक शव दिल्ली पहुंचेगा और सुबह परिवार के लोग उसे लेकर कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे।
आकाशगंगाओं में प्रलय कैसे आती है, अमेरिका में हुई रिसर्च का भारतीय ज्योतिष और महाकालेश्वर से कनेक्शन
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Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
Varanasi News: भृगु नारायण बने इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के नए अध्यक्ष
Bhrigu Narayan becomes the new President of the Indo-American Chamber of Commerce
इस साल शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर गोपालगंज में आस्था, कला और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिले के प्रसिद्ध राजा दल पूजा समिति द्वारा इस बार अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के प्रतिरूप में एक विशाल और आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। यह भव्य पंडाल 120 फीट ऊंचा और 100 फीट चौड़ा होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 80 लाख रुपए खर्च करने का अनुमान राजा दल पूजा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन पर करीब 80 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। पंडाल के भीतर माँ दुर्गा की प्रतिमा भी बेहद खास और अलौकिक होगी। यहां भगवती जगदम्बा 18 फीट ऊंचे विशाल शेर पर सवार होकर महिषासुर का वध करती हुई जीवंत मुद्रा में दृष्टिगोचर होंगी। प्रतिमा का निर्माण कार्य अत्यंत बारीकी और भक्तिभाव से किया जा रहा है। पंडाल और प्रतिमा निर्माण के लिए विशेष रूप से कोलकाता से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है, जो पिछले एक महीने से दिन-रात निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। पंडाल के निर्माण में 5 हजार से अधिक बांस, 2 हजार स्क्वायर फीट लकड़ी, 8 पिकअप यानी करीब 800 बंडल थर्मोकोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल की विद्युत सज्जा उत्तर प्रदेश के तमकुही स्थित जायसवाल लाइट द्वारा की जाएगी, जो अपनी झिलमिलाती रोशनी से पूरे परिसर को अलौकिक रूप देगी। वहीं, पूरे परिसर और प्रतिमा की सजावट का जिम्मा देवरिया जिले की टीम को सौंपा गया है। इसमें प्राकृतिक ओरिजिनल और आर्टिफिशियल फूलों का बेहतरीन संयोजन कर भव्य सजावट की जाएगी। मौके से आई तस्वीरें…. सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगेंगे 25 CCTV कैमरे मेले में उमड़ने वाली अपार भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे परिसर में 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।भीड़ नियंत्रण के लिए 50 से 60 आईकार्ड धारी वालंटियर्स तैनात रहेंगे। जबकिसुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए 50 गुप्त वालंटियर्स भी मुस्तैद रहेंगे। यह संपूर्ण भव्य कार्य राजा दल पूजा समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद गुप्ता, सचिव शंभू प्रसाद, उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, सजावट निर्देशक विनोद जायसवाल तथा सक्रिय सदस्य प्रेम चंद्र आर्या की कुशल देखरेख और अहम भूमिका में संपन्न हो रहा है। समिति का दावा है कि यह पंडाल इस बार पूरे क्षेत्र में आकर्षण और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की। बैठक में AI की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गूगल, एंथ्रोपिक, मेटा, ओपनएआई, X-AI और एनवीडिया के CEO ने एक समझौते पर साइन किए। इस दौरान ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल यानी बनावटी कहना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने कहा कि AI की दौड़ अब अमेरिका और चीन के बीच है और फिलहाल अमेरिका इस मुकाबले में आगे चल रहा है। उन्होंने पिछले हफ्ते UN महासभा में पहली बार AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहा था। समझौते में कंपनियों ने 4 बातें मानने पर सहमति दी 1. अपने AI सिस्टम की खुद जांच करेंगी: कंपनियां खुद जांचेंगी कि उनके AI मॉडल सुरक्षा के तय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। 2. अलग टीम निगरानी करेगी: कंपनियां एक टीम बनाएंगी, जो AI सिस्टम की निगरानी करेगी और यह देखेगी कि कहीं कोई खतरा या गड़बड़ी तो नहीं है। 3. बाहर के विशेषज्ञ भी जांच करेंगे: कंपनियां अपने AI मॉडल की जांच बाहरी विशेषज्ञों या किसी स्वतंत्र संस्था से भी कराएंगी। 4. कंपनी का बोर्ड भी नजर रखेगा: कंपनियों के बोर्ड की एक स्वतंत्र समिति इन जांच रिपोर्टों को देखेगी। अगर कोई समस्या सामने आती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी होगी। ट्रम्प ने टेक कंपनियों से कहा- डेटा सेंटर बनाने में स्थानीय लोगों को साथ लें बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी चर्चा हुई। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों को इन इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करनी चाहिए। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प के मुताबिक, डेटा सेंटर बनाने से पहले कंपनियों को स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि इन प्रोजेक्ट्स का फायदा वहां रहने वाले लोगों को भी मिल सके। AI के लिए डेटा सेंटर इतने जरूरी क्यों हैं? हम जिस AI से सवाल पूछते हैं, उसके पीछे हजारों-लाखों शक्तिशाली कंप्यूटर काम करते हैं। ये बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। इसलिए AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ेगी। जुकरबर्ग बोले- लोगों को AI पर भरोसा होना जरूरी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि AI तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। अमेरिका-चीन की AI रेस में 4 मोर्चे पर मुकाबला 1. चिप्स: AI का दिमागAI को चलाने के लिए बहुत ताकतवर चिप्स चाहिए। जिसके पास बेहतर और ज्यादा चिप्स होंगे, वह बड़े और तेज AI सिस्टम बना सकेगा। 2. डेटा सेंटर: जहां AI चलता हैAI को चलाने वाले हजारों कंप्यूटर बड़े डेटा सेंटर में रखे जाते हैं। AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ऐसे डेटा सेंटर की जरूरत भी बढ़ रही है। 3. बिजली: AI को चलाने के लिए ईंधनडेटा सेंटर बहुत ज्यादा बिजली खाते हैं। इसलिए AI की रेस में सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, पर्याप्त और लगातार बिजली मिलना भी जरूरी है। 4. AI मॉडल: किसका AI ज्यादा काम का?आखिर में मुकाबला इस बात का भी है कि कौन ज्यादा तेज, समझदार और मुश्किल काम करने वाला AI मॉडल बना सकता है। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
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अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में छेड़छाड़ की। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC और कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट शामिल है। ओपनएआई ने इसकी जानकारी दी। हालांकि इस छेड़छाड़ से किसी तरह का कोई नकुसान नहीं हुआ। एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। कंपनी ने कहा कि AI एजेंट का मकसद सरकारी वेबसाइट से सटीक जानकारी जुटाना था। AI एजेंट ने डेटा की कॉपी बनाई, इंटरनेट पर पोस्ट की AI एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा की वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि, वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार नियामक SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं, कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे एजेंट ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में भी घुस गए थे दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन ओपन एआई के AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा। ----------------------------------- AI से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गेट्स बोले-AI के गलत इस्तेमाल से 100 करोड़ मौतें संभव:अमेरिकी सरकार इस पर कानून बनाए; ऑस्ट्रेलिया में AI सरकारी पोर्टल हैक कर चुका माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने चेतावनी दी है कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इतना ताकतवर हो सकता है कि इससे 100 करोड़ लोगों की मौत तक हो सकती है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे वाले लोगों के साथ AI टूल्स का मेल अब तक के किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने खतरे को गंभीरता से लेने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…
चैट जीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपन एआई के AI एजेंट्स ने अमेरिकी सरकार की वेबसाइट में एक्सेस बना लिया। इसमें अमेरिकी शेयर बाजार नियामक, व्यापार विभाग की वेबसाइट शामिल है। ये खुलासा हाल ही में आई एक रिपोर्ट में हुआ है। दो दिन दिन पहले खुलासा हुआ था इन AI एजेंट्स ने ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट का भी एक्सेस हासिल कर लिया था। AI रिसर्च नॉन-प्रॉफिट 'ट्रांसल्यूस' के अनुसार… एआई एजेंट्स ने अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC के डेटा की कॉपी बनाई और उसे इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया, जबकि उन्हें ऐसा न करने के साफ निर्देश दिए गए थे। कॉमर्स डिपार्टमेंट के मामले में एआई एजेंट ने यूएस सेन्सस डेटा वेबसाइट को ऐसे प्रोग्रामिंग इंटरफेस से एक्सेस किया, जो उस काम के लिए नहीं बनाया गया था। AI एजेंट ने शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट में भी घुसने का प्रयास किया। हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हो सके। सरकारी एजेंसियां बोलीं- कोई संवेदनशील डेटा लीक नहीं मामला सामने आने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने सफाई दी है। SEC के प्रवक्ता ने कहा कि एआई एजेंट्स ने किसी भी नॉन-पब्लिक या गोपनीय डेटा को एक्सेस नहीं किया। एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने बताया कि डेटाबेस को कोई नुकसान नहीं हुआ हैं। वहीं कॉमर्स डिपार्टमेंट की ओर से इस पर तुरंत कोई बयान नहीं आया है। कंपनी बोली- भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी साइट्स पर गए थे ओपनएआई ने बताया कि यह गड़बड़ी तब हुई जब उनके एआई सिस्टम की ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग के दौरान एआई से कई सवाल पूछे गए थे। एआई मॉडल भरोसेमंद जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइटों पर ही जाते हैं, इसलिए वह खुद-ब-खुद उन साइट्स पर गए। कंपनी का कहना है कि एआई का मकसद कोई गड़बड़ करना नहीं, बल्कि सरकारी साइट्स से आम जानकारी जुटाना ही था। ये एक सामान्य रिसर्च का काम है। एआई को बेकाबू होने से रोकने के लिए 'किल स्विच' की बात हो रही कई देश और एक्सपर्ट चाहते हैं कि एआई कंपनियों के लिए एक इमरजेंसी 'किल स्विच' बनाया जाए, जिससे खतरा दिखने पर पूरे एआई को एक झटके में बंद किया जा सके। ओपनएआई ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स तैयार करने में जुटी है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर के नेटवर्क से जुड़े AI को किसी एक स्विच से बंद करना लगभग नामुमकिन है। भविष्य के खतरों पर एआई विशेषज्ञों का क्या कहना है? यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के डॉ. हैमंड पिएर्स ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामले आगे चलकर और खतरनाक हो सकते हैं। ये सरकारों के लिए खतरे की बड़ी घंटी है। वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के डॉ. राफेल सिरिएलो ने कहा कि इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन एआई लगातार ताकतवर होता जा रहा है। इसकी 24 घंटे निगरानी जरूरी है। किसी भी गड़बड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना होगा।
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
हार्वर्ड-स्टैनफर्ड नहीं... MIT है अमेरिकी नंबर वन कॉलेज, जानिए आइवी लीग कॉलेजों की रैंक
यूएस न्यूज बेस्ट कॉलेज 2027 रैंकिंग में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रिंसटन के 15 साल के वर्चस्व को खत्म कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सभी 8 आइवी लीग कॉलेज लिस्ट में शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
बिहार के नीरज को अमेरिका में मिली 2.6 करोड़ की स्कॉलरशिप, पिता चलाते हैं पान की दुकान
सारण जिले के नीरज को अमेरिका में करीब 2.6 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर PhD कर रहे हैं। बिहार के छोटे से गांव से अमेरिका तक पहुंचने की उनकी कहानी संघर्ष की अच्छी मिसाल है।
पिता के संघर्ष को सम्मान: कभी अमेरिका ने किया वीजा खारिज, आज नासा कर रहा स्वागत; कैसे लिखी सफलता की कहानी?
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान और विदेश मंत्री जाएंगे अमेरिका, ट्रंप ने दे दिया वीजा! - ABP News
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अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
आज की इस भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में खुद को तंदुरुस्त और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के सप्लीमेंट्स, जिम वर्कआउट और हाई-प्रोटीन डाइट का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से पश्चिमी देशों और अमेरिका में यह माना जाता है कि यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल कर लिया जाए, तो शरीर की सारी कमजोरियां दूर हो जाती हैं और ऊर्जा का स्तर हमेशा उच्च बना रहता है। लेकिन हाल ही में अमेरिका के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान 'सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) द्वारा जारी की गई एक बेहद चौंकाने वाली और व्यापक रिपोर्ट ने इन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। सीडीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 71.5 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो भरपूर मात्रा में प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व लेने के बाद भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती और शारीरिक कमजोरी का शिकार रहते हैं। यह आंकड़ा न केवल आम नागरिकों के लिए बल्कि आधुनिक चिकित्सा जगत और पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) के लिए भी एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। इस आलेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर भरपूर प्रोटीन लेने के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर लोग क्रोनिक थकान और ऊर्जा की कमी का सामना क्यों कर रहे हैं, और इसके पीछे छिपे असली वैज्ञानिक व जीवनशैली से जुड़े कारण क्या हैं।प्रोटीन का सेवन बनाम शरीर की ऊर्जा: क्या सिर्फ प्रोटीन खाने से ही मिल जाती है एनर्जी?आम तौर पर लोगों के मन में यह भ्रम बैठा हुआ है कि यदि वे अपने रोजाना के खाने में चिकन, अंडे, प्रोटीन पाउडर, पनीर या अन्य हाई-प्रोटीन स्रोतों को शामिल कर लेते हैं, तो उनका शरीर स्वतः ही ऊर्जा से भर जाएगा। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानव शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolism) और ऊर्जा उत्पादन का तंत्र केवल एक पोषक तत्व यानी प्रोटीन पर निर्भर नहीं करता है। जब कोई व्यक्ति अपनी डाइट में अत्यधिक प्रोटीन तो जोड़ लेता है, लेकिन साथ ही जरूरी विटामिंस (जैसे विटामिन बी12, विटामिन डी), आयरन, सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट और पर्याप्त हाइड्रेशन की अनदेखी करता है, तो शरीर उस प्रोटीन को पूरी तरह पचाने और ऊर्जा में बदलने में असमर्थ हो जाता है। इसके अलावा, आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में लोग फास्ट फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, जिससे शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि सिर्फ मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (Protien, Fats, Carbs) की मात्रा पूरी कर लेने मात्र से ही कोई व्यक्ति अंदर से स्वस्थ या ऊर्जावान महसूस नहीं कर सकता, जब तक कि शरीर की कोशिकीय स्तर पर पोषण संबंधी जरूरतें पूरी न हो रही हों।नींद की कमी और मानसिक तनाव: थकान का सबसे बड़ा और अनदेखा कारणसीडीसी की इस व्यापक रिपोर्ट में इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला गया है कि शारीरिक थकान का सीधा संबंध केवल भोजन या डाइट से ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे आधुनिक युग की सबसे बड़ी बीमारियां—नींद की कमी (Sleep Deprivation) और मानसिक तनाव (Chronic Stress)—मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। आज के समय में कॉर्पोरेट कल्चर, नाइट शिफ्ट्स, और रातभर मोबाइल स्क्रीन या लैपटॉप के सामने समय बिताने के कारण लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से तबाह हो चुका है। जब शरीर को रात में गहरी और कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद नहीं मिलती, तो शरीर के हारमोनल संतुलन में भारी गड़बड़ी पैदा हो जाती है। कोर्टिसोल (Cortisol) यानी तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ने से शरीर हमेशा 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में रहता है, जिससे मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र लगातार थका हुआ महसूस करते हैं। आप चाहे दुनिया का सबसे महंगा प्रोटीन शेक पी लें या सबसे बेहतरीन डाइट फॉलो कर लें, लेकिन यदि आपकी नींद पूरी नहीं है और आप मानसिक रूप से तनावग्रस्त हैं, तो आपके शरीर की कोशिकाएं कभी भी तरोताजा महसूस नहीं कर सकतीं। यही कारण है कि अमेरिका जैसे विकसित देश में भी करोड़ों लोग अंदर से पूरी तरह खोखले और थके हुए महसूस कर रहे हैं।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) और खराब पाचन तंत्र की भूमिकाथकान और सुस्ती के इस महामारी जैसे फैलने के पीछे एक और बहुत बड़ा कारण हमारी आधुनिक शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle) है। आजकल अधिकांश नौकरियां ऐसी हो गई हैं जिनमें लोगों को लगातार 8 से 10 घंटे अपनी कुर्सी या डेस्क पर बैठकर बिताना पड़ता है। शारीरिक रूप से कोई मेहनत न होने के कारण शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुस्त हो जाता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और खाया हुआ भोजन सही ढंग से पच नहीं पाता। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इस बात को मानते हैं कि जब तक आपका पाचन तंत्र (Digestive System) मजबूत और सक्रिय नहीं है, तब तक आप चाहे कितना भी पौष्टिक भोजन या प्रोटीन क्यों न खा लें, आपके शरीर को उसकी सही ऊर्जा प्राप्त नहीं हो सकती। अपच, कब्ज और आंतों (Gut Health) से जुड़ी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा देती हैं, जिससे लगातार सुस्ती, सिरदर्द और भारीपन बना रहता है। सीडीसी की रिपोर्ट इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करती है कि जब तक लोग अपनी दिनचर्या में व्यायाम, वॉक और शारीरिक श्रम को शामिल नहीं करेंगे, तब तक केवल डाइट बदलने से थकान की इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता।निष्कर्ष: इस समस्या से बाहर निकलने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव जरूरी हैं?सीडीसी की यह रिपोर्ट हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी और आंखें खोलने वाला संदेश है। यह हमें यह सिखाती है कि स्वास्थ्य केवल जिम जाने या सोशल मीडिया पर बताए जाने वाले किसी एक फिटनेस ट्रेंड को फॉलो करने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र संतुलन (Holistic Balance) है जिसमें सही खानपान, पर्याप्त नींद, मानसिक शांति और सक्रिय जीवनशैली का होना अनिवार्य है। यदि आप भी अक्सर खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो सिर्फ प्रोटीन का सेवन बढ़ाने के बजाय अपनी नींद के पैटर्न को सुधारें, पानी की मात्रा बढ़ाएं, योग या मेडिटेशन को अपनाएं और डॉक्टर से सलाह लेकर अपने शरीर में विटामिंस व मिनरल्स की जांच करवाएं। आधुनिक दुनिया की इस अंधी दौड़ में अपने शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना और समय रहते आवश्यक बदलाव करना ही एक स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन की असली कुंजी है।
रूसी तेल पर 100% टैरिफ, अमेरिकी बिल से कैसे भारत की मुश्किल बढ़ सकती है? हर सवाल का जवाब - AajTak
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अमेरिका में कॉलेज छात्रों के लिए ‘किराये की मां’ जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सालाना करीब 1.5 लाख रुपये में छात्रों को देखभाल और पेरेंटिंग से जुड़ी सुविधाएं मिलती हैं।
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
आईआईटी छात्र ने साउथ एशिया स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट जीता, अब अमेरिका में गाड़ेंगे झंडे
आईआईटी के पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के एमटेक छात्र पी विष्णु तेजा ने 2026 सोसाइटी ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियर्स साउथ एशिया रीजनल स्टूडेंट पेपर कॉन्टेस्ट के मास्टर्स डिवीजन में पहला स्थान हासिल किया है।
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
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Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
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अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

