भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई का है जानी दुश्मन
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है. हिमांशु भाऊ ने ही एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है.
अमेरिका में पकड़ गया गैंगस्टर हिमांशु भाऊ कौन है? जान लीजिए पूरी क्राइम कुंडली
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गिरोह के 10 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद भाऊ के नेटवर्क, रंगदारी, हत्या और उगाही से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.
भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका में गिरफ्तार, दिल्ली-हरियाणा में दर्ज हैं कई मामले
अमेरिका में FBI ने भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को पकड़ा है. उसके खिलाफ 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था. दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ हत्या, फिरौती और हथियार तस्करी के मामले दर्ज हैं.
बिना आवाज, बिना धुएं... अमेरिकी ठिकानों पर दिखी रहस्यमयी चीज क्या थी?
पेंटागन की नई फाइलों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के ऊपर रहस्यमयी काले त्रिकोण जैसी उड़ती वस्तुओं का जिक्र है. इन्हें पिछले एक साल के दौरान कम से कम तीन बार देखा गया. इनकी रफ्तार और बनावट ने एजेंटों का ध्यान खींचा.
बिछड़े बच्चों को परिवारों से मिलाने में जुटीं मेलानिया, रूस-यूक्रेन दोनों कर रहे सहयोग: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप
विचार: अमेरिका में बढ़ता हिंदूफोबिया
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंदू मंदिरों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है
रूस, अमेरिका और यूक्रेन के बीच नवंबर के पहले पखवाड़े में अबू धाबी में होने वाली आगामी वार्ता त्रिपक्षीय प्रारूप में आयोजित की जाएगी...
पन्ना में शुक्रवार शाम अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के तहत ऐतिहासिक खेजड़ा मंदिर से महामति श्री प्राणनाथ जी की सवारी निकाली गई। इसमें देश-विदेश से हजारों सुन्दरसाथ और साधु-संत शामिल हुए। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर स्वागत किया और जयकारे लगाए। मुख्य रास्तों से निकली सवारी शाम 5 बजे सवारी नगर के मुख्य रास्तों से गुजरी। भजन-कीर्तन और श्री जी के जयघोष से शहर गूंज उठा। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और नेपाल के साथ अमेरिका व कनाडा से भी श्रद्धालु पहुंचे। तेरस की सवारी का खास महत्व प्रणामी धर्म में तेरस की सवारी का विशेष महत्व है। महाराजा छत्रसाल ने सद्गुरु महामति श्री प्राणनाथ जी के सम्मान में यह परंपरा शुरू की थी, जो आज भी जारी है। नेपाल से आए सुजन तिमिल्सिना ने बताया कि वे 1500 किलोमीटर दूर से सवारी देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना प्राणनाथ जी की पावन भूमि है। नेपाल से पहली बार आईं निशा मैनाली ने भी बड़ी संख्या में लोगों को देखकर खुशी जताई।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दुनिया में गहराया तेल संकट
पूरी दुनिया में इस वक्त तेल का एक बड़ा महासंकट देखने को मिल रहा है. अमेरिका में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1950 के शीत युद्ध काल के डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट को लागू कर दिया है. मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले अमेरिका में डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों से जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. दूसरी ओर, मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने अपनी गुप्त भूमिगत ड्रोन और मिसाइल निर्माण इकाइयों का वीडियो जारी कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है और होर्मुज की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया है.
अमेरिका का साथ देने वाले देशों को माना जाएगा ‘दुश्मन’, ईरान की चेतावनी
तेहरान, 23 अक्टूबर . ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष होता है, तो अमेरिका का समर्थन…
ईरान के स्कूल पर हमले को लेकर इलाही की अपील, बोले-अमेरिका ने माफी नहीं मांगी, दुनिया करे निंदा
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले के लिए अमेरिका ने अब...
अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने 26 लाख रुपये का टिकट खरीदकर भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 7 दिन का सफर किया. ट्रेन के अंदर आलीशान बाथटब, फाइव-स्टार खाना और शाही मेहमाननवाजी देखकर विदेशी कपल भी दंग रह गया.
डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर भाड़े के सैनिकों की फंडिंग का आरोप एक किताब में लगाया गया है, जबकि कुशनर इन्हें बेबुनियाद और झूठा बता रहे हैं। जानें ये पूरा मामला क्या है।
डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर भाड़े के सैनिकों की फंडिंग का आरोप एक किताब में लगाया गया है, जबकि कुशनर इन्हें बेबुनियाद और झूठा बता रहे हैं। जानें ये पूरा मामला क्या है।
अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे हैं और इस दौरान उनके निशाने पर इल्हान उमर हैं। इल्हान उमर एक सांसद हैं जिन्हें भारत में लोग पाकिस्तान समर्थक और जिहादी मानसिकता वाली भारत विरोधी सांसद मानते हैं। उनके यहां हाल ही में छापा पड़ा तो वापस से मामला गरमाया हुआ है और अब उन्हें लेकर हैरान करने वाली जानकारियां भी सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस जानकारी के सामने आने पर उन्हें सुझाव दिया कि मिनिसोटा की सोमाली अमेरिकी सांसद इलहान उमर को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस में शपथ लेने के लिए एक फर्जी नाम का इस्तेमाल किया। ट्रंप अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने के ओयोवा में थे। लेकिन उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल दूसरे राज्यों के डेमोक्रेट्स पर निशाना साधने के लिए किया। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने यह बताया है कि 12 अक्टूबर को इलहान उमर के घर पर मारे गए छापे में अमेरिकी इमीग्रेशन दस्तावेजों से जुड़ी एक विस्तृत जांच की जा रही है और यह छापामारी उसी का हिस्सा थी। इसके बाद से ही ट्रंप उन्हें लेकर हमलावर हैं और चुनावी रैलियों से लेकर सोशल मीडिया तक उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं और उनके भाई के साथ कथित तौर पर शादी करने के मामले को खूब उछाल रहे हैं और अब उनके हाथ उनका असली नाम भी लग गया है। जिसे लेकर वह यह कह रहे हैं कि उनका नाम भी फर्जी है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: अब फुल फॉर्म में आया ईरान, एक ही रात में ठोक डाले 7 जहाज, ट्रंप को फिर चुनौती उमर पर यह आरोप पहली बार साल 2016 में लगा। आलोचकों का दावा है कि उसने नागरिकता हासिल करने के लिए 2009 में अहमद नूर सैद एलमी से शादी की जो उसके भाई हैं। राष्ट्रपति ट्रंप उमर की इमीग्रेशन बैकग्राउंड का मुद्दा समय समय पर उठाचे रहते हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि उमर अवैध रूप से अमेरिका आई और अपने भाई से शादी करके अमेरिका की नागरिकता ले ली। हालांकि ट्रंप के आरोप पर इल्हान उमर के कार्यालय ने रिपोर्ट को खारिज कर दिया। उनके कार्यालय ने कहा, 'यह पूरी तरह झूठ है। इल्हान उमर ही उनका असली नाम है। इसे भी पढ़ें: इधर पुतिन ने की Peace की बात, उधर यूक्रेन पर कर दी मिसाइलों की बरसात! 3 घंटे में जेलेंस्की के 32 अड्डे उड़ाए कौन है इल्हान उमर ? 40 साल की इल्हान सोमालियाई अमेरिकी राजनेता हैं जो साल 2019 से मिनिसोटा में चुनाव जीतकर हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में आई थी। वो अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं। अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली वो पहली सोमालियाई अमेरिकी नागरिक भी हैं। मूल रूप से वो अफ्रीका की नागरिक रही हैं। उमर ने एसोसिएटिव प्रेस से बात करते हुए कहा था, वह सोमालिया के नागरिक युद्ध से भागे शरणार्थी के रूप में 1995 में 12 साल की उम्र में अमेरिका पहुंची थीं। वह पांच साल बाद 17 साल की उम्र में अमेरिकी नागरिक बनीं। हिजाब पहनकर शपथ लेने वाली वो पहली अमेरिकी मुस्लिम सांसद बनीं।
'पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी...', अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क उठे फारूक अब्दुल्ला?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भड़क उठे हैं। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि दुनियाभर पर मुसीबत की वजह डोनाल्ड ट्रंप की हरकतें हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों से युद्ध का खतरा गहराया
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों की खबरों और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। The post अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमलों से युद्ध का खतरा गहराया appeared first on Rashtriya Ujala .
अमेरिकी नागरिक को 4 महीने का बेल एक्सटेंशन, लगे थे आतंकी साजिश के आरोप
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति 24 फरवरी 2027 तक बढ़ा दी है. कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक को भी अमेरिका जाने की इजाजत दे दी है. यूक्रेनी नागरिकों को बीमारी के आधार पर अदालत में पेशी से छूट भी मिली है.
दिल्ली की एक अदालत ने म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति अगले साल 24 फरवरी तक बढ़ा दी है।
अमेरिका ने ईरान पर किन नई पाबंदियों का किया एलान, देखें US Top-10
अमेरिका ने ईरान पर नई पाबंदियों को एलान किया है. नई पाबंदियों के तहत ईरानी लॉ फर्म, शिपिंग एजेंट्स और मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया है. अमेरिकी बयान के मुताबिक, इन पर ईरान की सेना, हथियारों की खरीद और परमाणु कार्यक्रम में फंडिंग जुटाने में मदद का आरोप है. देखें अमेरिका की अन्य प्रमुख खबरें.
अमेरिकी यूट्यूबर कपल ने पहली बार वंदे भारत में किया सफर, बोले- 'हमें ज्यादा उम्मीद नहीं थी'
अमेरिकी ट्रैवल यूट्यूबर कपल टोनी और सारा ने पहली बार वंदे भारत ट्रेन में सफर का अपना शानदार अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है. मुंबई के स्ट्रीट फूड और एलोरा की गुफाओं की खूबसूरती देखकर यह कपल भारत की मेहमाननवाजी का पूरी तरह मुरीद हो गया है.
म्यांमार में हथियारबंद संगठनों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोपों से जुड़े मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्य
अटलांटिक महासागर का नाम ‘अमेरिकी महासागर’ रखने पर सुंदर पिचाई ने ट्रंप को क्यों किया मना?
ट्रंप के अनुसार, उन्होंने पिचाई से पूछा था कि क्या गूगल मैप्स पर अटलांटिक महासागर का नाम बदलकर ‘अमेरिकी महासागर’ किया जा सकता है। इस पर पिचाई ने उन्हें बताया कि महासागर कई देशों तक फैले होते हैं और उनसे अनेक देशों के हित जुड़े होते हैं।
भारत आया मैथ्यू वैनडाइक फिर जाएगा अमेरिका, अदालत ने अगले साल तक दे दी इजाजत
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को दिल्ली कोर्ट से फिर राहत मिली है। अदालत ने उसे और छह यूक्रेनी नागरिकों को 24 फरवरी 2027 तक विदेश में रहने की अनुमति दी है। म्यांमार में ड्रोन ट्रेनिंग से जुड़े मामले में NIA की जांच जारी है।
ईरान पर दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान पर भरोसा करना अमेरिका को पड़ सकता है भारी, जानिए क्यों
ऊर्जा संकट, बलूचिस्तान की सुरक्षा और चीन के हितों के बीच फंसेगा इस्लामाबाद; तेहरान से रिश्ते बिगाड़ना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं
अमेरिका में रह रहे लुधियाना के जगराओं क्षेत्र के परिवार के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। सिद्धवां बेट निवासी मृतक परिवार के साथ अमेरिका में रह रहा था। कुछ दिन पहले वह सड़क हादसे में घायल हुआ था। बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे सिद्धवां बेट में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता के इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिद्धवां बेट निवासी गुरलाल सिंह उर्फ गग्गना, पुत्र चमकौर सिंह और बलजीत कौर, पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ अमेरिका में रह रहा था। बीते दिनों वह सड़क हादसे का शिकार हो गया था। उसका अस्पताल इलाज चल रहा था। बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरलाल की दो बहनें कनाडा में रहती हैं। परिवार के इकलौते बेटे के इस तरह दुनिया से चले जाने से परिजनों और रिश्तेदारों को गहरा सदमा पहुंचा है।़ दोस्त ने हादसे की जानकारी गुरलाल सिंह गग्गना की मौत की जानकारी देते हुए उसके करीबी दोस्त बब्बू कलसी ने बताया कि उन्हें अमेरिका से फोन के जरिए इस दुखद घटना का पता चला। उन्होंने कहा कि गुरलाल की मौत की खबर सुनते ही उसके दोस्तों और गांववासियों में शोक छा गया। उन्होंने बताया कि गुरलाल सिंह का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। शोक जताने घर पहुंचे लोग परिवार के साथ दुख साझा करने वालों में मार्केट कमेटी सिद्धवां बेट के चेयरमैन परमिंदर सिंह सिद्धू, ब्लॉक प्रधान बलकार सिंह लाडी, कुलविंदर सिंह चंदी, जर्नैल सिंह सिद्धू, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य हमन कुमार टीटा, गुरप्रताप सिंह सफीपुरा शोक जताने घर पहुंचे सभी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की।
म्यांमार ट्रेनिंग कैंप केस में अमेरिका से लौटे मैथ्यू वैनडाइक: NIA कोर्ट में हुई पेशी
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी जांच के दायरे में इस समय एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत के सामने पहुंचा है। म्यांमार के भीतर चल रहे गुप्त विद्रोही ट्रेनिंग कैंपों और वहां के सशस्त्र समूहों को अत्याधुनिक ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) की ट्रेनिंग देने के मुख्य आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) आखिरकार अमेरिका से भारत और एनआईए के शिकंजे में लौट आए हैं। दिल्ली स्थित एनआईए की विशेष अदालत में उनकी इस बहुप्रतीक्षित पेशी के बाद से एशियाई और पश्चिमी कूटनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि म्यांमार की सीमा से सटे पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में इस तरह के विदेशी हस्तक्षेप और हथियारों की तस्करी का सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है।कौन हैं मैथ्यू वैनडाइक और म्यांमार कैंप से उनके कनेक्शन की पूरी सच्चाईमैथ्यू वैनडाइक लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और युद्ध क्षेत्रों में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। एक अमेरिकी फिल्म निर्माता, पूर्व डाक्यूमेंट्री मेकर और खुद को तथाकथित 'स्वयंसेवी सैनिक' बताने वाले वैनडाइक पर यह गंभीर आरोप है कि उन्होंने म्यांमार में सक्रिय विभिन्न विद्रोही और उग्रवादी संगठनों को सैन्य रणनीति, हथियारों के इस्तेमाल और आधुनिक ड्रोन युद्ध की विशेष ट्रेनिंग दी है। भारतीय खुफिया एजेंसियों और एनआईए के पास इस बात के पुख्ता डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं कि वैनडाइक ने सीमा पार सक्रिय इन समूहों को न केवल सामरिक मार्गदर्शन दिया, बल्कि आधुनिक तकनीक और ड्रोन उपकरणों के जरिए युद्ध की क्षमता बढ़ाने में भी मदद की। म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के बीच इस प्रकार के बाहरी विदेशी तत्वों की संलिप्तता ने एशियाई देशों की सरकारों की नींद उड़ा रखी है।एनआईए कोर्ट में पेशी: कानूनी शिकंजा और जांच का बढ़ता दायराजैसे ही मैथ्यू वैनडाइक ने भारत की सीमा में प्रवेश किया और एनआईए के रडार पर आए, एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें संबंधित विशेष अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट रूम में हुई सुनवाई के दौरान एनआईए के वकीलों ने अदालत को बताया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय हथियारों के तस्करों, गुप्त फंडिंग नेटवर्क और कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि वैनडाइक के पीछे कौन सी बड़ी ताकतें काम कर रही थीं और उन्हें म्यांमार के जंगलों में प्रशिक्षण शिविर चलाने के लिए वित्तीय मदद कहां से मिल रही थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए को व्यापक पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की फारेंसिक जांच करने की अनुमति दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए क्यों खतरनाक है म्यांमार का यह ड्रोन ट्रेनिंग नेटवर्क?भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (विशेषकर मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड) की सीमाएं म्यांमार के साथ लगती हैं, और वहां पिछले कुछ वर्षों से लगातार अशांति का माहौल बना हुआ है। म्यांमार के विद्रोही समूहों द्वारा जिस तरह से उन्नत ड्रोन तकनीक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और सेना की चिंता को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। यदि विदेशी प्रशिक्षकों द्वारा ऐसे विद्रोही गुटों को आधुनिक युद्ध कौशल में पारंगत किया जाता है, तो उसका सीधा खतरा भारतीय सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा पर मंडराने लगता है। एनआईए इसी सुराग को तलाश रही है कि क्या इन ट्रेनिंग कैंपों की पहुंच या इनके द्वारा प्रशिक्षित लोग भारतीय उग्रवादी संगठनों के भी संपर्क में थे या नहीं। भारत सरकार ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा से 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है और इस मामले में किसी भी विदेशी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिकी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं सबकी निगाहेंएक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ भारत में इस प्रकार का गंभीर आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला चलना और उसका एनआईए कोर्ट में पेश होना द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी एक बड़ा मोड़ है। अमेरिकी दूतावास और मानवाधिकार संगठनों की इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। आने वाले हफ्तों में इस मामले की सुनवाई जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, म्यांमार के जंगलों में चल रहे गुप्त सैन्य शिविरों और ड्रोन नेटवर्क के कई और गहरे राज से पर्दा उठेगा, जो दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
अमेरिका के Gen Z को कॉलेज से दिक्कत, इसलिए बीच में छोड़ रहे कैंपस!
अमेरिका में जेन जी के कुछ स्टूडेंट कॉलेज शुरू होने के महज एक-दो हफ्ते बाद ही कैंपस छोड़कर घर लौट रहे हैं. कुछ स्टूडेंट ऑनलाइन पढ़ाई का ऑप्शन चुन रहे हैं, क्योंकि उनके लिए डिग्री हासिल करना कॉलेज लाइफ का एक्सपीरियंस लेने से ज्यादा जरूरी है. वहीं, कुछ पेरेंट्स बच्चों के इस फैसले से परेशान हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जेन जी कॉलेज लाइफ से इतनी जल्दी दूरी क्यों बना रहे हैं?
यूक्रेन में फिर बहाल होगी स्टारलिंक सेवा: ट्रंप ने मस्क से की बात; अमेरिकी अधिकारियों ने क्यों किया इनकार?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक निवेश से भारत के ऑप्टिकल फाइबर उद्योग को बड़ा फायदा मिल रहा है। डेटा सेंटर और डिजिटल नेटवर्क की बढ़ती मांग के की सप्लाई में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है।
पानीपत में अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवक राहुल मलिक (28) की हत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया है। इसमें राहुल फर्श पर खून से लथपथ पड़ा दिखाई दे रहा है और पूरे कमरे में खून फैला हुआ है। वीडियो में शराब की बोतल और ऑफिस का टूटा हुआ सामान भी नजर आ रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को भी अपनी जांच में शामिल किया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि राहुल मलिक और आरोपी बचपन के दोस्त थे। दोनों वर्ष 2023 में अमेरिका गए थे। अमेरिका जाने के लिए उन्होंने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन दोनों को वहां से डिपोर्ट कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि राहुल के उसी बचपन के दोस्त ने उसकी हत्या की है। परिवार ने तीन अन्य युवकों के नाम भी बताए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीण सिविल अस्पताल के बाहर जीटी रोड पर जाम लगाने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल, पुलिस ने चारों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। युवक राहुल के मर्डर की दो तस्वीरें… पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में ये बातें… कहासुनी के बाद दी धमकी, बाद में मांगी माफी : पुलिस को दी शिकायत में मृतक राहुल के पिता राकेश ने बताया कि कुछ दिन पहले राहुल की आर्यन के साथ कहासुनी हो गई थी। आर्यन ने राहुल को देख लेने की धमकी भी दी थी। राहुल ने ये बात राकेश को बताई थी। इस पर राकेश ने आर्यन से बात की। इसके बाद आर्यन ने घर आकर राहुल से माफी मांग ली थी। पार्टी देने की बात कहकर ले गया था आर्यन : राकेश ने बताया कि विजयदशमी के दिन आर्यन उनके घर आया और राहुल को पार्टी देने की बात कहकर ले गया। राकेश को आर्यन की नीयत पर शक हो गया। इसलिए राकेश भी उनके पीछे चल पड़ा। आरोप है कि आरोपी पहले ही राहुल के मर्डर की योजना बना चुके थे। इसलिए उसे अपने ऑफिस ले गए। जबकि राकेश अपने बेटे को वापस बुलाना चाहता था। अंदर देखा तो हाथ में थे चाकू, जमीन पर पड़ा था राहुल : राकेश ने बताया कि जैसे ही वह ऑफिस के अंदर गया तो देखा कि आर्यन और राकू के हाथ में चाकू थे। रिंकू व एक अन्य के हाथ में डंडे थे। रिंकू ने राहुल को पीछे से जकड़ रखा था। इसके बाद आर्यन ने राहुल के पेट के नीचे चाकू से वार किया और राहुल जमीन पर गिर गया। इसके बाद आर्यन और राकू ने राहुल पर चाकू से किए वार किए। जबकि रिंकू और अन्य राहुल के पैर और कमर पर डंडे बरसाते रहे। पिता चिल्लाया तो दी जान से मारने की धमकी : राकेश ने बताया कि ये देखकर वह चिल्ला पड़ा। इस पर आरोपियों ने राकेश को भी जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग गए। वह अपने बेटे को इलाज के लिए निजि अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चोट ज्यादा होने की वजह से उनके बेटे की मौत हो गई। राहुल के परिवार की ओर से कराई गई FIR की कॉपी पुलिस ने अब तक ये कार्रवाई की… राहुल की बॉडी पर 7-8 शार्ट कट मिले औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस के मुताबिक, पानीपत सिविल हॉस्पिटल में राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि राहुल की शरीर पर चाकू के 7-8 शार्प कट मिले हैं। हमले के बाद से ही राहुल होश में नहीं आ सका, बाद में उसकी अस्पताल में मौत हुई। चार के खिलाफ केस, एसआई को सौंपी जांच मामले में औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस ने राहुल के पिता राकेश मलिक की शिकायत पर आर्यन, राकू और रिंकू समेत एक अन्य युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर रोबिन नैन को सौंपी गई है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में नीतू के हत्यारों को अमीर बनाने का लालच:मास्टरमाइंड जेठ बोला- घर में 40 लाख और जेवर मिलेंगे, विरोध करे तो मार देना गुरुग्राम के चर्चित नीतू हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। नीतू के पति प्रशांत के ताऊ के बेटे संदीप ने अनुज और अविनाश के साथ बैठकर पूरी प्लानिंग तैयार की थी। संदीप ने दोनों को यह नहीं बताया था कि वह जमीन के लिए नीतू की हत्या करना चाहता है। (पूरी खबर पढ़ें)
अमेरिका में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाजी हिंसा में बदल रही : राजा कृष्णमूर्ति (आईएएनएस इंटरव्यू)
अमेरिका में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाजी हिंसा में बदल रही : राजा कृष्णमूर्ति (आईएएनएस इंटरव्यू)
आखिरकार भारत लौट आया अमेरिका का मैथ्यू वैनडाइक, दिल्ली की अदालत में हुआ पेश
Myanmar Training Camp Case: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका से भारत लौट आया है। सितंबर में डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद उसे परिवार से मिलने अमेरिका जाने की अनुमति मिली थी।
भारतीयों के खिलाफ इतनी नफरत! US में कौन उठा रहा है इसका फायदा? अमेरिकी सांसद ने बता दिया
रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर नफरत को जानबूझकर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह भी बताया गया है कि कैसे साउथ एशियन लोगों के खिलाफ हेट पोस्ट के मामले 240 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए हैं। इन सब का जिम्मेदार कौन है?
'ईरान संघर्ष' जैसी कोई चीज नहीं, यह अमेरिका और इजरायल की ओर से छेड़ा गया आक्रामक युद्ध है: बाघेई
कतर और फ्रांस ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने की अपनी चर्चा में 'ईरान संघर्ष' शब्द का इस्तेमाल किया,
अमेरिका में नौकरी करने वालों के लिए बदले नियम: रूबियो बोले- निशाने पर नहीं भारतीय; क्या चाहती है ट्रंप सरकार?
BREAKING:Cyber Attack: अमेरिका की Quest Diagnostics लैब पर साइबर हमला, मरीजों की निजी और मेडिकल जानकारी तक पहुंच
जहां एक तरफ अमेरिका को दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी कहा जाता है, वहीं इसी अमेरिका पर दुनिया भर का कर्ज है जो कि बढ़ता ही जा रहा है।
‘ईरान संघर्ष’ जैसी कोई चीज नहीं, यह अमेरिका और इजरायल की ओर से छेड़ा गया आक्रामक युद्ध है: बाघेई
तेहरान, 23 अक्टूबर . कतर और फ्रांस ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने की अपनी चर्चा में ‘ईरान संघर्ष’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर ईरान ने कड़ी आपत्ति…
'ईरान संघर्ष' जैसी कोई चीज नहीं, यह अमेरिका और इजरायल की ओर से छेड़ा गया आक्रामक युद्ध है: बाघेई
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ट्रम्प के खिलाफ बयान देकर फंसे जेलेंस्की? वीडियो में जाने अमेरिकी राष्ट्रपति के दूतों ने बंद कमरे में लगाई फटकार, सफाई देने लगे यूक्रेनी राष्ट्रपति
भारतीय कंपनियों पर पाबंदी से अमेरिका को भी नुकसान
चुनाव नजदीक आते ही राजनेता लुभावनी घोषणाएं करते हैं। रियायतों का ढेर लगाते हैं। समर्थकों का भरोसा बनाए रखने के वास्ते उनकी पसंद के फैसले लेते हैं
अमेरिकी कोर्ट में मादुरो बोले—“मुझे किडनैप किया गया,” Video
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न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में बना नया कानून 'रोमांच लॉ' पास हो गया। इसके साथ ही न्यूयॉर्क शहर की सड़कों पर दशकों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही पारंपरिक घोड़ा-गाड़ियों का सफर अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। राइडर लॉ के नाम से जाना जाने वाला यह कानून अब रोमांच की स्मृति में रोमांच लॉ कहलाएगा। 'रोमांच लॉ' विधेयक के पक्ष में 49 में से 40 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 7 वोट आए और 2 सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया। बता दें कि परिवार सहित अमेरिका घूमने गए 18 साल के रोमांच महाजन न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में बैठे थे, उसका घोड़ा बिदक गया। रोमांच की मां प्रिया बग्गी से गिर गईं। मां को बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से न्यूयॉर्क की कई संस्थाएं और नेता सामने आए और राइडर लॉ को रोमांच के नाम पर रखकर पास करने की मांग ने जोर पकड़ा। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में यह विधेयक काउंसिल मेंबर क्रिस्टोफर मार्टे द्वारा प्रायोजित किया गया था, जिसे मेयर जोहरान ममदानी और स्पीकर जूली मेनिन की सहमति के बाद बहुमत से पास कर दिया गया। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि गुरुवार देर रात सिटी काउंसिल में रोमांच की याद में मौन रखा गया और फिर यह कानून पास हो गया। इसके बाद राइडर लॉ को रोमांच लॉ के नाम से जाना जाएगा। 'रोमांच लॉ' के मुख्य प्रावधान: जून 2028 तक पूर्ण प्रतिबंध: जून 2028 तक पूरे न्यूयॉर्क शहर में घोड़ा-गाड़ियों के संचालन को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। घोड़ों की बिक्री और कत्ल पर रोक: इन घोड़ों को किसी बूचड़खाने या किसी अन्य बग्गी/कैरिज व्यवसाय में बेचने या स्थानांतरित करने पर सख्त मनाही होगी। चालकों के लिए रोजगार पुनर्वास: घोड़ा-गाड़ी चलाने वाले चालकों/ड्राइवरों के लिए एक विशेष वर्कफोर्स ट्रांजिशन (पुनर्वास) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो। क्या है रोमांच लॉ, जिसका बदला गया नाम? यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इसको समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता दीपक बोले- देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के 'ट्री ऑफ लाइफ' में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून 'रोमांच लॉ' बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए पूरा मामला…
अमेरिका अपने राजनयिकों को निकाल रहा है
सऊदी अरब पर हो रहे हमले के बाद भारत वहां फंसे भारतीय नागरिकों को निकाल रहा है तो इस बीच अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
होर्मुज में 7 तेल टैंकर क्षतिग्रस्त: आईआरजीसी ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी
पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य संघर्ष के बीच दुनिया की सबसे संवेदनशील तेल आपूर्ति जीवनरेखा 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में अब तक का सबसे बड़ा और विध्वंसक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने रात भर चले आक्रामक अभियानों में सात विशाल कच्चे तेल के टैंकरों को निशाना बनाकर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त करने का सनसनीखेज दावा किया है। ईरानी राज्य टेलीविजन द्वारा प्रसारित आधिकारिक बयान के मुताबिक, संकीर्ण समुद्री गलियारे से कच्चा तेल ले जा रहे चार टैंकरों पर सीधे सटीक हमले किए गए जिसके चलते उनमें भीषण आग लग गई, जबकि तीन अन्य पोत पानी के भीतर बिछाई गई शक्तिशाली नौसैनिक बारूदी सुरंगों (Naval Mines) की चपेट में आकर पूरी तरह अपंग और अचल हो गए हैं। यदि स्वतंत्र स्रोतों द्वारा इस घटना की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह 28 फरवरी से भड़के ईरान युद्ध के बाद एक ही दिन में होर्मुज जलमार्ग में जहाजों को पहुंचे नुकसान की सबसे बड़ी और भयावह घटना साबित होगी। इस घटना के तुरंत बाद तेहरान ने वाशिंगटन को खुला अल्टीमेटम देते हुए क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी हमले करने की चेतावनी जारी कर दी है।आईआरजीसी का भीषण प्रहार: आग की लपटों में घिरे 4 पोत, 3 नौसैनिक सुरंगों से हुए तबाहईरानी नौसेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक विवरण में बताया गया है कि होर्मुज के जलक्षेत्र में यह कार्रवाई रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से की गई। हालांकि बयान में हताहत हुए नाविकों की सटीक संख्या या क्षतिग्रस्त जहाजों के पंजीकरण वाले देशों (फ्लेग स्टेट्स) की पहचान को उजागर नहीं किया गया है, लेकिन जलमार्ग के रणनीतिक चोकपॉइंट पर एक साथ सात जहाजों का गतिहीन हो जाना वैश्विक ऊर्जा परिवहन तंत्र को हिला देने वाला है। आईआरजीसी ने साफ किया है कि समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों का नेटवर्क इतना सघन है कि बिना तेहरान की औपचारिक अनुमति के किसी भी तेल टैंकर का यहां से सुरक्षित निकलना असंभव है। जिन चार जहाजों पर सीधे रॉकेट या ड्रोन प्रहार किए गए, वे कथित तौर पर पश्चिमी प्रतिबंधों की अवहेलना कर कच्चे तेल की खेप निकाल रहे थे। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री बीमा कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में जाने वाले वाणिज्यिक जहाजों के वॉर-रिस्क प्रीमियम में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर दी है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है।अमेरिकी ठिकानों पर सीधे हमले का खुला अल्टीमेटम: खाड़ी देशों में तैनात यूएस सेना पर मंडराया संकटतेहरान ने न केवल जहाजों को निशाना बनाया है, बल्कि अमेरिका को सीधी सैन्य चेतावनी जारी करते हुए टकराव का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया है। आईआरजीसी के शीर्ष नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी नौसेना या पेंटागन ने जलडमरूमध्य के वैकल्पिक जलमार्गों से तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने या उनकी सुरक्षित आवाजाही की सुविधा प्रदान करने की कोई भी कोशिश की, तो खाड़ी देशों में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सीधे ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया जाएगा। युद्ध की शुरुआत से ही आईआरजीसी बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में स्थित अमेरिकी छावनियों, रडार स्टेशनों और एयरबेसों पर नियमित हमले करता रहा है। ईरानी सैन्य कमांडरों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि वाशिंगटन ने समुद्री युद्ध में सीधी दखलंदाजी की, तो अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।मेजर जनरल मोहसेन रजाई का सख्त रुख: एकतरफा प्रतिबंधों और हमलों का दौर अब समाप्तईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के शक्तिशाली सचिव मेजर जनरल मोहसेन रजाई ने इस सैन्य कार्रवाई के बाद बेहद तल्ख राजनीतिक बयान जारी किया है। मोहसेन रजाई ने कहा कि यह दोहरा पैमाना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि ईरान की तेल शोधन सुविधाओं, बंदरगाहों और वाणिज्यिक शिपिंग को तो पश्चिमी देश वैध सैन्य निशाना मानते रहें, जबकि दूसरी तरफ युद्ध को वित्तीय व हथियारों से समर्थन देने वाले पश्चिमी देशों के आर्थिक बुनियादी ढांचे पूरी तरह सुरक्षित बने रहें। रजाई ने साफ लफ्जों में कहा कि तेहरान अब केवल कागजी या राजनीतिक सद्भावना पर टिके समझौतों में कोई दिलचस्पी नहीं रखता। उन्होंने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित आवाजाही के लिए तभी खोला जाएगा, जब अमेरिका को पहले से अवगत कराई गई तेहरान की बुनियादी शर्तें पूरी तरह लागू की जाएंगी।आपसी सुरक्षा समझौते की पेशकश या पूर्ण युद्ध: अमेरिका-इजरायल की नई तैयारियों के बीच गहराया तनावअपने संबोधन में जनरल रजाई ने खाड़ी के क्षेत्रीय पड़ोसी देशों के साथ एक व्यापक और साझा सुरक्षा ढांचे पर भी विचार करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय देश ऊर्जा संयंत्रों, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेनों और नागरिक बुनियादी ढांचे को दोनों पक्षों के हमलों से पूरी तरह बाहर रखने की पारस्परिक गारंटी देते हैं, तभी कोई स्थाई समाधान निकल सकता है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे बेहद नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब वाशिंगटन और तेल अवीव की सेनाएं ईरान पर नए और बड़े पैमाने के हवाई हमलों की अंतिम रणनीतिक तैयारियां पूरी कर रही हैं। दूसरी तरफ ईरान ने कसम खाई है कि किसी भी नए दुस्साहस का जवाब सीधे मध्य पूर्व की ऊर्जा सप्लाई को पूरी तरह ठप करके और अमेरिकी रणनीतिक संपत्तियों को भस्म करके दिया जाएगा। होर्मुज में सात टैंकरों का क्षतिग्रस्त होना इसी महायुद्ध की शुरुआत का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
जयपुर से नई दिल्ली के रास्ते रांची तक कोकीन और नशीली दवाइयों की सप्लाई कई महीनों से किए जाने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। रांची के अलावा जमशेदपुर और गिरिडीह के युवक कथित तौर पर पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहे थे। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से यूनाइटेड किंगडम (यूके), अमेरिका और थाईलैंड के अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर मिले हैं। अब पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के विशेषज्ञ इन नंबरों के आधार पर संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में उत्पादित नहीं होने वाली महंगी कोकीन झारखंड तक कैसे पहुंची। अधिकारियों को आशंका है कि अंतरराष्ट्रीय तस्करों से सीधे संपर्क के जरिए खेप महानगरों के रास्ते झारखंड लाई जा रही थी। इस कड़ी में आरोपियों के पासपोर्ट और विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, विदेशी नंबरों की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय तस्करी में सीधे संलिप्तता अभी साबित नहीं हुई है। लेकिन दुनिया में कोकीन की करीब 65 से 70 प्रतिशत आपूर्ति दक्षिण अमेरिका के एंडीज क्षेत्र के कोलंबिया, पेरू और बोलीविया से होती है। इसी पृष्ठभूमि में जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि झारखंड पहुंची कोकीन का स्रोत क्या था और क्या इसके तार विदेशी तस्करों से जुड़े हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय नंबरों, आरोपियों की विदेश यात्राओं और कथित सप्लाई रूट की जांच जारी है। एनसीबी को शोभित सहाय उर्फ गोलू नाम के युवक के भी सिंडिकेट में सक्रिय सदस्य होने की जानकारी मिली है। वह फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि शोभित की गिरफ्तारी से गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई नेटवर्क और नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है। सिंडिकेट में शामिल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि अलग-अलग इवेंट कंपनी पिछले कई महीनों से खास दिनों पर रेव पार्टी का आयोजन करती थी। इस पार्टी में पुलिस की खलल ना पड़े, इसके लिए ग्रामीण इलाकों को चिह्नित किया जाता था। वहां देर रात तक पार्टी का आयोजन किया जाता था, जिसमें लड़के-लड़कियां पहुंचते थे और कोकीन के अलावा नशीली दवाइयों का सेवन करते थे। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि नामकुम के होरहाप जंगल और खूंटी रोड स्थित हुटार चौक के पास भी रेव पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें इवेंट कंपनी के संचालक ने कोकीन की सप्लाई की थी। ऐसे में अब इन इवेंट कंपनी संचालकों के बारे में भी जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कार्रवाई की जा सके। पूरे नेटवर्क की रीढ़ माने जाने वाले रांची के हर्ष की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक हर्ष का राजनीति और नौकरशाही के गलियारों में गहरा रसूख है, जिसका इस्तेमाल वह ड्रग्स नेटवर्क को ढाल देने में करता था। इसके साथ ही जयपुर में बैठकर नेटवर्क को फाइनेंस और लॉजिस्टिक्स देने वाले रजत जैन के रिश्तेदार आर. जैन को भी नामजद कर लिया गया है। कोकीन और अन्य नशीली दवाइयां रजत जैन ही रेलवे स्टेशन के पास रिसीव करता था, जिसके बाद संबंधित जगह पर पहुंच कर वह सिंडिकेट में शामिल आकाश मल्होत्रा को देकर चला जाता था। इसके बाद आकाश बोड़ेया रोड स्थित युवती के फ्लैट पहुंचता था, जहां स्नेहा की मदद से नशीले पदार्थ छुपाकर रखे जाते थे। गिरोह का सरगना मिलन सिंह को बताया गया है।
ट्रंप से छिटके अमेरिकी युवा: 84% नाखुश, 70 फीसदी का झुकाव डेमोक्रेट्स की ओर; मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती---Trump Loses Young Voters: 84% Disapprove of His Performance as Democrats Gain Support Ahead of Midterms
के-ब्यूटी का काला सच: मृतकों की त्वचा से चमक रहे चेहरे, अब अमेरिका पहुंचेगा दक्षिण कोरिया का जादुई इंजेक्शन south-korea-k-beauty-injections-made-from-donated-human-skin-us-tissue-trade
‘गोल्डी के पिता ने उससे कहा था- तू वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, लेकिन वो आने को राजी नहीं था। उसने कहा- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा।’ ये किस्सा पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में रह रहे गोल्डी बराड़ के पुराने पड़ोसी बताते हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने 28 सितंबर 2026 को कनाडा बेस्ड भारतीय गैंगस्टर गोल्डी को 10 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया है। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने या जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर, यानी 9.4 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। भारत सरकार पहले ही गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी है। उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा, कनाडा के टॉप 25 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भी उसका नाम शामिल है। दैनिक भास्कर की टीम श्री मुक्तसर साहिब में गोल्डी के घर और उसके गांव बुर्ज हरिका पहुंची। उसके परिवार के लोगों ने बातचीत में क्या बताया, पढ़िए पूरी खबर… गोल्डी का नाम लेते ही चुप हो गए लोग दिल्ली से ट्रेन के जरिए हम मुक्तसर साहिब के लिए निकले। आसपास बैठे लोगों से बातचीत में गोल्डी बराड़ का जिक्र हुआ। तभी एक यात्री बोला, ‘गोल्डी के पिता का घर मुक्तसर में है, लेकिन वो यहां का रहने वाला नहीं है। वो फरीदकोट में कोटकपुरा के पास एक गांव का रहने वाला है।‘ हमने कुछ और जानकारी चाही, तो उसने बातचीत बंद कर दी। भटिंडा में ट्रेन से उतरने के बाद हम ट्रैक्सी से मुक्तसर के लिए निकले। ड्राइवर ने कहा- आप पंजाब के नहीं लग रहे। मुक्तसर क्यों जा रहे हैं? हमने बताया कि गुरुद्वारा देखने जा रहे हैं। फिर गोल्डी बराड़ का नाम लेते ही उसका लहजा बदल गया। उसने कहा, ‘भाई, गोल्डी के चक्कर में मत पड़ो। उसका नेटवर्क बहुत बड़ा है।' ड्राइवर ने बताया कि पहले यहां लोग गोल्डी के बारे में जानते भी नहीं थे। सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर के बाद वो चर्चा में आया। इसके बाद ड्राइवर ने गोल्डी के बारे बात नहीं की। उसने कहा कि वो मुश्किल में नहीं पड़ना चाहता। रात करीब 9:30 बजे हम मुक्तसर पहुंचे। 5 हजार वर्गफुट में बना मकान, आसपास CCTV कैमरे अगले दिन सुबह हम मुक्तसर के आदेश नगर पहुंचे। यहां गोल्डी का बचपन बीता है। करीब आधे घंटे भटकने के बाद एक डिलीवरी बॉय ने हमें गोल्डी का घर दिखाया। 5 हजार स्क्वायर फीट के प्लॉट में उसका दो मंजिला मकान है। गेट पर ताला नहीं लगा, लेकिन वहां जमी धूल देखकर लग रहा था कि लंबे वक्त से घर पर कोई नहीं आया। गोल्डी के मकान से लेकर आसपास के सभी घरों में CCTV कैमरे लगे हैं। हर घर में चार-पांच कैमरे हैं। यहीं मिले एक शख्स ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले वो गोल्डी को जानता भी नहीं था। इसके बाद ही उसका नाम चर्चा में आया। तभी पता चला कि उसका घर यहां है। तब से बाहरी लोगों का आना-जाना कम हो गया। पहले तो घर के सामने हमेशा पुलिस लगी रहती थी। पिता ने कहा- वापस आ जा, घर खाली पड़ा है, गोल्डी बोला- घर गिरा दो हमने गोल्डी और उसके परिवार के बारे में जानने के लिए पड़ोसियों के घरों के दरवाजे खटखटाए। बात करने के लिए सिर्फ एक पड़ोसी राजी हुए। पहचान जाहिर न करने की शर्त पर उन्होंने बताया, ‘गोल्डी पास के भाई मस्ताना सिंह स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में अच्छा था। कबड्डी और हॉकी भी खेलता था। दसवीं में अच्छे नंबरों से पास हुआ था। फिर आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया।‘ ‘गोल्डी के चंडीगढ़ जाने के बाद उसके पिता शमशेर सिंह हमारे घर आया करते थे। बताते थे कि गोल्डी के बिना घर में मन नहीं लगता। वे भी पत्नी के साथ चंडीगढ़ शिफ्ट होने की तैयारी में थे। कहते थे- इससे गोल्डी पढ़ भी लेगा और हमारा मन भी लगा रहेगा।’ पड़ोसी पुरानी बातें याद करते हुए कहते हैं कि अगर शमशेर ने तब मन की सुन ली होती और चंडीगढ़ शिफ्ट हो जाते, तो शायद आज हालात अलग होते। शमशेर पुलिस की नौकरी में थे। 55 की उम्र में ही उन्हें जबरदस्ती रिटायर कर दिया गया। हमने पूछा कि चंडीगढ़ जाने के बाद गोल्डी की जिंदगी में क्या बदला। इस पर उन्होंने छात्र राजनीति और लॉरेंस बिश्नोई से उसके संपर्क का जिक्र किया। वे बताते हैं, 'कॉलेज में छोटी-मोटी लड़ाइयों से उसकी दबंगई का दौर शुरू हुआ। इसके बाद छात्र राजनीति में आया। शमशेर ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन गोल्डी ने बात नहीं सुनी।‘ ‘एक बार शमशेर ने मेरे सामने गोल्डी से वापस आने को कहा था। बोले- तू वापस आ जा। जेल भी होगी, तो जमानत ले लेंगे। घर खाली रहता है, यहां भला कौन रहेगा, लेकिन गोल्डी ने लौटने से इनकार कर दिया।‘ पड़ोसी का दावा- गोल्डी कनाडा जाने के बाद कभी नहीं लौटा पड़ोसी ये भी दावा करते हैं कि कनाडा जाने के बाद गोल्डी कभी नहीं लौटा, न ही माता-पिता से संपर्क रखा। पिता शमशेर इससे दुखी रहते थे। हमने पड़ोसी से पूछा कि उसके घर पर और आसपास कई CCTV कैमरे लगे हैं। क्या गोल्डी विदेश से घर की निगरानी करता है? जवाब मिला, ‘जो लड़का मां-बाप से बात तक नहीं करता, कहता है कि उसे घर से कोई मतलब नहीं है। वो भला घर की देखभाल क्या करेगा। कैमरे इलाके के लोगों ने घर की सुरक्षा के लिए लगवाए हैं।‘ पड़ोसी बताते हैं कि इलाके में पुलिस भी आती-जाती रहती है। हालांकि, पुलिस इन कैमरों के जरिए निगरानी करती है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। गोल्डी की मां कभी-कभी यहां आती हैं। पिछले काफी दिनों से उन्हें भी नहीं देखा। पड़ोसी ने बताया कि वो मुक्तसर से करीब 40 किमी दूर पुश्तैनी गांव में रहती होंगी। इसके बाद गोल्डी के परिवार से मिलने हम उसके पुश्तैनी गांव बुर्ज हरिका के लिए निकले। गोल्डी के गांव में चाचा का परिवार, चाची सरपंच रास्ते में कोई भी गोल्डी के गांव का रास्ता बताने को तैयार नहीं हुआ। आखिर एक कैब ड्राइवर ने गांव तक पहुंचाया। श्मशान घाट की देखरेख में लगे व्यक्ति ने गोल्डी का घर दिखाया। गेट पर लाल रंग की नेमप्लेट लगी थी। उस पर गांव के नाम के साथ गोल्डी के चाचा सतपाल और चाची मंजीत कौर का नाम लिखा था। चाची गांव की सरपंच हैं। मकान तीन हिस्सों में बंटा है। एक गेट के ठीक सामने, दूसरा कोठीनुमा मकान और उसके बगल में एक पुराना घर है, जो अब खंडहर हो चुका है। एक बुजुर्ग खाट पर बैठे मिले। हमने पूछा क्या गोल्डी बराड़ का घर यही है। उन्होंने हामी भरी। ये गोल्डी के चाचा सतपाल सिंह थे। बातचीत शुरू हुई तो गोल्डी के बचपन से लेकर अब तक के किस्से सामने आने लगे। सतपाल ने बताया कि बड़े भाई शमशेर ने अपने हिस्से की जमीन बेचकर मुक्तसर में घर बनवाया था। गोल्डी का बचपन भी वहीं बीता। स्कूल की छुट्टियां होने पर गांव आया करता था। सतपाल के बेटे गुरलाल की चंडीगढ़ में हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान पर लगा। सतपाल और उनकी पत्नी मंजीत बेटे गुरलाल की हत्या का जिक्र करते हुए कहते हैं, ‘गोल्डी पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। उसी के करीब 6 महीने बाद गुरलाल की हत्या का बदला लिया। यहीं से गोल्डी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा।‘ सतपाल बताते हैं, ‘गोल्डी बचपन में शांत स्वभाव का था। पढ़ने-लिखने में भी अच्छा था। अपराध की दुनिया में जाने के बाद उसने मां-बाप से नाता तोड़ लिया। उसके पिता शमशेर सिंह कपूरथला जेल में हैं। मां भी अभी जमानत पर बाहर हैं।‘ गोल्डी के पिता शमशेर को फिल्लौर के एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में मई 2026 में गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी गोल्डी के पिता शमशेर और मां प्रीतपाल पर श्री मुक्तसर साहिब के एक सरकारी टीचर की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। उन पर 50 लाख रुपए की फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। शिकायत करने वाले के मुताबिक, उन्हें विदेशी मोबाइल नंबर से वॉट्सएप कॉल कर फिरौती मांगी गई थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जनवरी 2026 में पहली बार शमशेर सिंह का नाम आया।पुलिस ने शमशेर और उनकी पत्नी प्रीतपाल को 26 जनवरी, 2026 को अमृतसर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। मार्च 2026 में प्रीतपाल को जमानत मिल गई। चाची के मुताबिक, गोल्डी की मां कभी-कभी गांव आती हैं। पिछले दो महीने से नहीं आईं। अभी कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है। तीन भाइयों का परिवार बिखरा, जमीन का भी बंटवारा हुआ सतपाल सिंह ने परिवार के बारे में बताया। गोल्डी के पिता शमशेर सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनका बेटा गांव में खेती करता है। उसके पास करीब दो किले (दो एकड़) जमीन है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। सतपाल दूसरे नंबर पर हैं। उनके पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उनकी बेटी की शादी हो गई है। सतपाल की पत्नी मंजीत कौर 7 साल से गांव की सरपंच हैं। शमशेर तीसरे नंबर के भाई हैं। उनका एक ही बेटा गोल्डी बराड़ है। सतपाल के मुताबिक, पहले तीनों भाइयों के पास करीब 5-5 एकड़ जमीन थी। सतपाल के अलावा बाकी दो भाइयों ने तीन-तीन एकड़ जमीन बेच दी। परिवार के बारे में बताते हुए सतपाल भावुक हो गए। तब पत्नी मंजीत ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती। अब पूरा परिवार बिखर चुका है। कभी यहां पंजाब पुलिस आती है, तो कभी दिल्ली पुलिस। गोल्डी बराड़ का नेटवर्क भारत से लेकर कनाडा तक फैला है, ग्राफिक्स में देखिए उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं… …………………………………………… ये खबर भी पढ़ें… साबरमती की '10-खोली' में लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी 10-12 फीट की कोठरी, सामने छोटा सा गार्डन, दीवार पर हनुमान जी और भगत सिंह की तस्वीरें और आसपास तैनात गार्ड। हाई-सिक्योरिटी वाली साबरमती जेल में यही गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की दुनिया है। दावा किया जाता है कि यहीं से लॉरेंस अपनी ‘L-कंपनी’ चला रहा है। खुद कंपनी का CEO, यानी गैंग का सरगना है। उसके नीचे 3-4 भरोसेमंद कमांडर और पूरा नेटवर्क काम करता है। पढ़िए पूरी खबर…
न्यूयॉर्क में 'घोड़ागाड़ी' बैन, भारतीय की मौत के बाद अमेरिका में बड़ा फैसला
न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने जून 2028 से घोड़ागाड़ी की सवारी पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है. यह फैसला 18 वर्षीय भारतीय पर्यटक रोमांच महाजन की घोड़ागाड़ी से गिरने के बाद हुई मौत के बीच आया है.
रुबियो की सफाई में कितना दम? अमेरिकन ड्रीम को भुला सालभर में इतने भारतीयों ने US छोड़ा
एच-1बी वीजा पर सख्ती के कारण अमेरिका से 12 हजार भारतीय लौट गए हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने तीन लाख से ज्यादा वीजा रद्द कर दिए। अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान में कितनी सच्चाई है?
ट्रंप का ईरान पर बड़ा हमला: बोले- अमेरिकी चुनाव से पहले तेल महंगा करने की कोशिश; परमाणु हथियार पर क्या कहा?--Trump Accuses Iran of Raising Oil Prices Ahead of US Midterm Elections, Warns Against Nuclear Weapons
Mohali News: अमेरिका में बैठे लोगों के साथ मिल महिला ने ठगे 80.65 लाख
A woman, in collusion with individuals based in America, swindled 80.65 lakh
Quest Diagnostics cyber attack: अमेरिका की दिग्गज लैबोरेटरी ऑपरेटर 'क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स' के सिस्टम में एक बड़े साइबर हमले का खुलासा हुआ है। कंपनी ने माना है कि हैकर्स ने मरीजों के गोपनीय रिकॉर्ड्स तक अनधिकृत पहुंच बना ली है।
'और आरोप CJP पर लगाते हैं', अभिजीत दीपके ने अमेरिका से संबंधों को लेकर पीएम मोदी को घेरा
अभिजीत दीपके ने अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने तीन दावे करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने यह फैसले अमेरिका के कहने पर लिए हैं। लेकिन कुछ लोग विपक्ष और सीजेपी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चलने का आरोप लगाते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर क्या बोले मार्को रुबियो-सर्जियो गोर?
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक समझौतों और ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम चर्चाएं चल रही हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और राजदूत सर्जियो गोर ने दोनों देशों के आपसी संबंधों पर विस्तार से बात की. रुबियो ने जामनगर की रिफाइनिंग सुविधा का जिक्र करते हुए यह कहा गया कि अमेरिका भी अपने देश में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा रहा है, जिससे मध्य पूर्व पर दुनिया की निर्भरता कम होगी. इसके अलावा रूसी कच्चे तेल की खरीद और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित करने पर भी चर्चा हुई. क्वाड के ढांचे पर बात करते हुए सप्लाई चेन को मजबूत करने और एआई, तकनीक, बायोमेडिसिन जैसे क्षेत्रों में घरेलू क्षमताएं बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही पीएम मोदी और प्रेसिडेंट ट्रंप के बीच दोस्ती और नतीजे देने की सोच की तारीफ की गई.
'भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बेहद करीब', बोले मार्को रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका में व्यापार समझौते में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी और जल्द ही दोनों देश एक सर्वसम्मति पर पहुंचेंगे. यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए समान रूप से फायदेमंद साबित होगा. व्यापार और वाणिज्य के स्पष्ट नियम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नए निवेश के अवसर पैदा होंगे. नियमों में बार-बार संशोधन करने की आवश्यकता न पड़े, इसीलिए एक मजबूत और स्थायी ढांचा तैयार किया जा रहा है. भारत और अमेरिका के बीच यह डील दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगी. उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द दोनों देश इस ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप देंगे.
'F-35 सबको नहीं देता अमेरिका, जिसपे भरोसा करते हैं...', जेट डील पर क्या बोले सर्जियो गोर
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि F-35 सिर्फ भरोसेमंद साझेदारों को ही दिए जाते हैं. भारत क्वॉड का महत्वपूर्ण सहयोगी है. हाल में युद्धाभ्यास और तरंग शक्ति में अमेरिकी सैनिक और F-35 आए. यह भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत दिखाता है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी भारत यात्रा के समापन पर कहा कि आर्थिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग से भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हुए हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ‘अंतिम चरण’ में, जल्द पूरी हो सकती है बातचीत: जयशंकर
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ‘अंतिम चरण’ में, जल्द पूरी हो सकती है बातचीत: जयशंकर
US के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल?
अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की रणनीति तैयार की है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने साझा युद्धाभ्यास भी तेज कर दिया है ताकि ईरान पर संभावित कार्रवाई का पूर्वाभ्यास किया जा सके. इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है. दूसरी तरफ, भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह से स्वदेशी बनाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है.
अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले की बनाई योजना, न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद अमेरिका और इजरायल, ईरान पर फिर से बड़ा सैन्य हमला करने की योजना बना चुके हैं. इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले उच्च पदस्थ अमेरिकी अधिकारियों और रक्षा मामलों के जानकारों के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों ने एक छोटे लेकिन बेहद तीव्र और घातक सैन्य अभियान यानी 'शॉर्ट शार्प ऑपरेशन' की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है.
'हम काफी करीब...', देखें भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले मार्को रुबियो
भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अब वापस अमेरिका के लिए रवाना हो चुके हैं. उससे पहले उन्होंने भारत से डील को लेकर कई अहम बातें कहीं. मार्को रुबियो ने इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा से खास बातचीत में कहा कि कुछ चीजों पर अभी चर्चा चल रही है. उन्होंने ये भी कहा कि डील दोनों देशों के लिए फायदेमंद होनी चाहिए. देखें वीडियो.
300 बाइसन से हजारों का झुंड! अमेरिका में जानवरों ने बचाई संकटग्रस्त प्रेयरी, 30 साल में बदल गई प्रकृति की तस्वीर
सऊदी छोड़ भागने लगे अमेरिकी, क्या ट्रंप भांप गए हूतियों का बड़ा प्लान?
यमन के हूती विद्रोही अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर इस कदर भारी पड़ रहे हैं कि वहां मौजूद अमेरिका भी घबरा गया है। मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एंबेसी से अपने एंप्लाइज और उनकी फैमिली को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का हुक्म दे दिया है। जिस तरह हूतियों से उलझकर सऊदी अरब की रुसवाई हो रही है, उससे अमेरिका को खतशा पैदा हो गया है कि कहीं हूती उसके ठिकानों पर मारना शुरू ना कर दें। अभी तक अमेरिका हूती सऊदी जंग में सीधे नहीं उतरा है और यमन में हूतियों से भिड़ने का उसका पुराना अनुभव बहुत ही खराब रहा है। हूती लड़ाकों ने सऊदी के एयरपोर्ट, तेल फैसिलिटी और बुनियादी ढांचे पर खूब मिसाइल और ड्रोन मारे हैं। बुधवार को हुए ताजा हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है। इसमें दम्माम के इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हमला और एक तेल फैसिलिटी पर किया गया ड्रोन अटैक शामिल है। बताया जा रहा है कि आगे आने वाली जंग के मद्देनजर अमेरिका ने सऊदी के साथ-साथ अपनी दूसरी एंबेसी के एंप्लाइजस को भी यूएई, जॉर्डन, क़तर और बहरीन से भी जाने का आदेश दिया है। हालांकि बाद में अमेरिकी स्पोक पर्सन टॉमी पिगाट ने सऊदी दूतावास के कर्मचारियों को हटाए जाने के आदेश की तस्दीक की है। हालांकि पिगॉट ने साफ किया है कि यह आदेश केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनकी फैमिली के सदस्यों पर लागू होता है जिनकी मौजूदगी की जरूरत नहीं है। यानी वो एंप्लई और फैमिली जो वहां गैर जरूरी तौर पर मौजूद है और उन्हें सऊदी से हटाया जा रहा है और वापस अमेरिका भेजा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Yemen के Taiz शहर में Houthi हमला, रिहायशी इलाके में दो किशोरियों की मौत अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने के पीछे सऊदी अरब में हुतियों के आम लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का हवाला दिया गया है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि हालात तेजी से और ज्यादा गंभीर रूप ले सकते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिका के इशारे और एक्शन बता रहे हैं कि अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर और तगड़े हमले कर सकते हैं। इतना ही नहीं सऊदी अरब के सरहदी प्रांतों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ब्राज़लियाई जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि यमन के अंसारुल्लाह बाहर से हमला करके सऊदी नहीं जीतेंगे। तुम्हें अंदर के लोग ही सौंप देंगे। दरअसल नजरान, जिजान और असीर ये तीन प्रांत 1934 से पहले यमन का हिस्सा हुआ करते थे। 1934 में सऊदी और यमन में जंग हुई थी। यमन हार गया। सऊदी ने ब्रिटिश की मदद से तीन इलाके छीन लिए। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि आज भी वहां के लोग खुद को यमनी मानते हैं। सऊदी नहीं। इसे भी पढ़ें: यमन के Shabwa में Houthi मिसाइल हमले में 73 की मौत, 200 से अधिक रंगरूट घायल जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि सऊदी के सरहदी इलाकों से लेकर यमन में यह चर्चा चल पड़ी है कि वह अपना हिस्सा सऊदी अरब से वापस लेकर रहेंगे। अगर ऐसा हो गया तो सऊदी किंगडम को बहुत बड़ा झटका होगा। हाल ही के दिनों में जारी अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी सऊदी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने के लिए खास अनुमति की जरूरत होगी। हूती लड़ाकों ने बार-बार रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया है और गंभीर हमले के बाद यह एयरपोर्ट 10 अक्टूबर से बंद था। हालांकि बुधवार को सीमित संख्या में सऊदी एयरलाइंस की उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हुआ। बावजूद इसके लुफथानसा और एयर फ्रांस जैसी अहम एयरलाइंस ने नवंबर के मध्य तक अपनी उड़ाने रद्द कर दी हैं। हूतियों के साथ जंग लेकर सऊदी अरब बुरी तरह फंस गया है। यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताई को हूतियों ने घेर लिया है। जिसके लिए सऊदी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। 27 शहर रणनीतिक रूप से भी होती और सऊदी समर्थित सेना के लिए महत्वपूर्ण है। मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में अंसारुल्लाह यानी होती लड़ाकों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल सऊदी अरब समर्थित सेना पर भारी नहीं पड़ रहे बल्कि पूरे यमन के युद्ध क्षेत्र का नक्शा बदलने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यमन के तीसरे सबसे बड़े और ऐतिहासिक शहर ताईच को हूतियों ने चारों तरफ से लोहे के शिकंजे की तरह घेर लिया। ताईच की इस चौतरफा घेराबंदी के बाद यमन की रियाद समर्थित कठपुतली सरकार और उसके आका सऊदी अरब के पसीने छूटने लगे। ताईच कोई साधारण शहर नहीं है बल्कि यह यमन के दक्षिणी पहाड़ी इलाके का वह अंतिम अभैद्य किला माना जाता है जिसके पार सीधे अदन और बाब अल मंदेब स्टेट का जरूरी रास्ता जाता है। अगर हूतियों का परचम ताइज पर पूरी तरह लहरा जाता है तो यह सऊदी गठबंधन के लिए एक ऐसी करारी और शर्मनाक पराजय बन जाएगी जिसने उसका पूरा सैन्य ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढहाने में कामयाबी पा जाएगा। सऊदी अरब के लाखों करोड़ों डॉलर के बारूद और हवाई हमलों को धता बताते हुए हूतियों ने दक्षिण पश्चिम यमन में अपनी पकड़ को इतना मजबूत कर लिया कि ताई से अदन को जोड़ने वाला लगभग 200 किमी लंबा सप्लाई रूट पूरी तरीके से कट चुका है।
ट्रम्प से उलझना जेलेंस्की को पड़ा भारी? अमेरिकी प्रतिनिधियों ने बंद कमरे में लगाई फटकार, रूस को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका की मुस्लिम सांसद इल्हान उमर को लग रहा डर! घर पर छापेमारी के बाद बदलेंगी ठिकाना
अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने आव्रजन दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी की जांच के तहत घर पर संघीय एजेंसियों की छापेमारी के बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते वॉशिंगटन स्थित अपना घर छोड़ने का फैसला किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की डिमांड पर क्या बोले गूगल के CEO सुंदर पिचाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क और कनाडा के बीच स्थित ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया था। ट्रंप के साइन किए हुए कार्यकारी आदेश के बाद गूगल ने भी ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया।लेकिन अब ट्रंप चाहते हैं कि उनके नाम पर एक पूरे महासागर का नाम …
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, देखें US Top-10
भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को करने के काफी करीब हैं. जो पहले हुए समझौतों से काफी अलग होगा. वहीं, भारत और अमेरिका के रिश्तों को नए सिरे से गढ़ने की कोशिशों के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के दौर पर हैं. रूबियो जामनगर पहुंचे. जहां उन्होंने दुनिया की सबसे बडी तेल रिफायनरी कॉम्पलेक्स का दौरा किया. अमेरिका की अन्य प्रमुख खबरें.
पाकिस्तान से दोस्ती भारत की कीमत पर नहीं; आतंकवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्री का दो टूक
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आतंकवाद को लेकर अमेरिका और भारत दोनों की चिंताएं एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है। आतंकवाद पर हमारी और भारत की चिंताएं एक जैसी हैं।
'हम भारत की चिंताओं को समझते हैं', अमेरिका-PAK रिश्ते पर क्या बोले रुबियो?
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान से बढ़ते संबंध भारत के साथ साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे. उन्होंने आतंकवाद पर नई दिल्ली की चिंताओं को साझा बताते हुए भारत-पाकिस्तान तनाव घटाने और युद्ध रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाने की पेशकश की.
भारत की कीमत पर नहीं...आते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने जो कहा, पाकिस्तान को हिला डाला
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन के करीबी रिश्ते भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को लेकर दोनों देशों की चिंताएं एक जैसी हैं। रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली, दोनों की आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं हैं। भारत के दौरे पर आए रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में ये बातें कहीं। यह वही होटल है जिसे 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था। वे एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तान के साथ उसके करीबी रिश्ते, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को कमजोर न करें। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए वाशिंगटन के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान सहित दुनिया भर के देशों के साथ संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ लगातार जुड़ाव रहने से, विभिन्न मुद्दों पर लिए जाने वाले उनके फैसलों पर वाशिंगटन का प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि इससे हमें, उम्मीद है, विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर अधिक प्रभाव डालने का मौका मिल सकता है। रुबियो ने यह भी सुझाव दिया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ वाशिंगटन के संबंध, इन पड़ोसी देशों के बीच तनाव को एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Mukesh Ambani के कारोबारी सामर्थ्य का अचानक मुरीद क्यों हुआ अमेरिका? Marco Rubio ने Jamnagar Refinery में क्या क्या देखा? उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को काफी पुरानी बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी संबंध बेहतर हुए हैं, जिससे वाशिंगटन को दोनों पक्षों के साथ जुड़ने का मौका मिला है। रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि अमेरिका तनाव कम करने और इसे एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद करने के लिए तैयार है, क्योंकि वाशिंगटन इन पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच तनाव को अच्छी तरह समझा जा सकता है। अमेरिका एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई युद्ध हो।
क्या अमेरिका-ईरान में सुलह करा पाएगा पाकिस्तान? देखें कूटनीति
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को बहुत कड़ा संदेश भेजा है- संवर्धित यूरेनियम यानी Enriched Uranium का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं जाएगा! और तेहरान की तरफ से यह संदेश किसे मिला? पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को, जो ईरान और अमेरिका के बीच बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू कराने की उम्मीद लेकर तेहरान पहुंचे हैं. पाकिस्तान बेशक दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह दो कट्टर दुश्मनों को बातचीत की मेज पर ला सकता है. कूटनीति में आज बात करेंगे असीम मुनीर के तेहरान दौरे, ईरान- अमेरिका परमाणु तनातनी और पाकिस्तान के इस नए कूटनीतिक दांव की.
सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर ड्रोन हमले, 3 की मौत; भारतीय समेत कई घायल, अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश
पंजाब के रोमांच महाजन की न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ी दुर्घटना में मौत के बाद, 22 अक्टूबर को 'रोमांच लॉ' पर मतदान होगा, जिसका उद्देश्य जून 2028 तक शहर में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना है।
गुजरात स्थित जामनगर में बुधवार को एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसके मायने किसी औद्योगिक दौरे से कहीं ज्यादा बड़े हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनरी देखने पहुंचे, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी तथा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने उनका स्वागत किया। उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। सवाल यह है कि अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने दिल्ली के बजाय जामनगर को इतना महत्व क्यों दिया? जवाब है तेल, ऊर्जा सुरक्षा, वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव। हम आपको बता दें कि जामनगर में रुबियो को केवल रिफाइनरी की विशाल मशीनें और अत्याधुनिक तकनीक नहीं दिखाई गई, बल्कि रिलायंस के उस औद्योगिक सामर्थ्य से भी परिचित कराया गया, जिसकी जरूरत आज अमेरिका को भी महसूस हो रही है। कंपनी के मुताबिक, अंबानी ने उन्हें रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के अलावा निर्माणाधीन डेटा सेंटरों और चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रही न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों की जानकारी दी। बातचीत में पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, मजबूत सप्लाई चेन और डेटा सेंटरों के लिए भरोसेमंद बिजली की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल रहे। यानी चर्चा सिर्फ तेल खरीदने-बेचने की नहीं, बल्कि ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य की भी थी। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए आखिर जामनगर में ऐसा क्या है? हम आपको बता दें कि जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की संयुक्त कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 14 लाख बैरल है। इसमें 1999 में शुरू हुई पहली रिफाइनरी और 2008 में चालू हुई निर्यात-केंद्रित दूसरी रिफाइनरी शामिल हैं। रिलायंस के मुताबिक, यह कॉम्प्लेक्स 216 से अधिक प्रकार के कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत भारी और अधिक सल्फर वाले कच्चे तेल को भी उपयोगी पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने की क्षमता है। यही क्षमता इसे अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम बनाती है। वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल दुनिया की हर रिफाइनरी आसानी से संसाधित नहीं कर सकती। लेकिन रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी इस मामले में विशिष्ट क्षमता रखती है। अमेरिका की वेनेजुएला-केंद्रित तेल रणनीति और वहां से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशों के बीच रिलायंस एक महत्वपूर्ण संभावित साझेदार बनकर उभरी है। रुबियो ने साफ कहा कि रिलायंस के पास वेनेजुएला समेत पश्चिमी देशों में निकलने वाले भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की खास क्षमता है। यही वजह है कि अमेरिका रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के नए रास्ते तलाश रहा है। अनुमानों के मुताबिक, अक्टूबर में रिलायंस हर दिन वेनेजुएला से करीब 3.5 लाख से 3.7 लाख बैरल कच्चा तेल मंगा सकती है। इससे साफ है कि वेनेजुएला के तेल को इस्तेमाल करने की अमेरिकी रणनीति में जामनगर रिफाइनरी की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। अमेरिका की परेशानी और रिलायंस की अहमियत इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू अमेरिकी घरेलू अर्थव्यवस्था है। अमेरिका में डीजल की कीमतों में उछाल और ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर भारी दबाव है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले महंगे ईंधन का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। रिलायंस इस तस्वीर में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जामनगर से डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन सहित बड़ी मात्रा में रिफाइंड उत्पाद दुनिया भर में भेजे जाते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में जामनगर से 2.166 करोड़ टन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात हुआ। इसमें 98.1 लाख टन डीजल, 61.4 लाख टन पेट्रोल और 20.6 लाख टन जेट ईंधन शामिल था। यूरोप इन उत्पादों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय बाजार रहा। साथ ही अमेरिका के लिए रिलायंस की अहमियत सिर्फ उसकी रिफाइनरी तक सीमित नहीं है। भारत में अमेरिकी गैस की बढ़ती मांग भी इसकी बड़ी वजह है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, पिछले एक साल में भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। यानी अब भारत को एलपीजी सप्लाई करने वाला अमेरिका सबसे बड़ा देश बन गया है। अमेरिका में अंबानी का निवेश भी चर्चा के केंद्र में इसके अलावा, रुबियो के दौरे के पीछे एक और बड़ा आर्थिक पहलू है। ट्रंप प्रशासन अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन और रोजगार वापस लाने की नीति को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश करता रहा है। इसी सिलसिले में टेक्सास के पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविल में प्रस्तावित नई तेल रिफाइनरी में रिलायंस की भागीदारी को खास महत्व दिया जा रहा है। अमेरिका में करीब पांच दशकों बाद लगने जा रही इस प्रमुख नई रिफाइनरी पर लगभग 3 से 4 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसकी सालाना प्रसंस्करण क्षमता करीब 6 करोड़ बैरल अमेरिकी कच्चे तेल की होगी। रिलायंस ने इसके उत्पादन का बड़ा हिस्सा खरीदने के लिए 20 साल का समझौता किया है और इसके 2029 के आसपास परिचालन शुरू करने की उम्मीद है। रूस का तेल, यूक्रेन युद्ध और भारत पर अमेरिकी दबाव रिलायंस की अहमियत का तीसरा पहलू रूस-यूक्रेन युद्ध है। 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार बनकर उभरा और रिलायंस ने भी रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया। कंपनी के तेल स्रोतों में रूस की हिस्सेदारी 2022 से पहले लगभग 3 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गई। रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का दबाव बनाया। इसके बाद रिलायंस ने रूसी कच्चे तेल का आयात घटाया। रुबियो ने स्वीकार किया कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है, लेकिन रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना तुरंत बंद करना आसान नहीं है। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार भी बताया। अमेरिकी मीडिया की नजर में यह दौरा क्यों खास है? उधर, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस दौरे को सिर्फ एक कारोबारी मुलाकात के तौर पर नहीं देख रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि रिलायंस अमेरिका के कई अहम हितों से जुड़ी हुई है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे, वेनेजुएला के तेल का ज्यादा इस्तेमाल हो, ईंधन की कीमतों पर काबू पाया जा सके और अमेरिकी कंपनियों में निवेश बढ़े। इन सभी मुद्दों पर रिलायंस की भूमिका अहम हो सकती है। अंबानी बनाम मस्क: अमेरिकी हितों की एक और पेचीदगी दिलचस्प बात यह है कि जहां ट्रंप प्रशासन रिलायंस के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है, वहीं ट्रंप के करीबी एलन मस्क का रिलायंस से टकराव भी सामने आया है। मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में परिचालन लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रही है। मस्क ने आरोप लगाया कि भारत में जियो को फायदा पहुंचाने के लिए स्टारलिंक के प्रवेश में बाधाएं डाली जा रही हैं। रिलायंस ने जवाब दिया कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा और वह घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय निवेश एवं नवाचार का स्वागत करने वाले भारत में विकसित हुई है। देखा जाये तो यही विरोधाभास इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है। अमेरिका के कारोबारी और राजनीतिक हित हर मुद्दे पर एक जैसे नहीं हैं, लेकिन ऊर्जा के मोर्चे पर रिलायंस की क्षमता वॉशिंगटन को उसके साथ बातचीत के लिए प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर देखें तो जामनगर में मार्को रुबियो का दौरा भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी के कारोबारी सामर्थ्य का भी बड़ा संकेत है। दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल अमेरिका के विदेश मंत्री का भारत आकर किसी उद्योगपति के साथ ऊर्जा और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना अपने आप में खास है। इससे पता चलता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में रिलायंस की क्षमता और जामनगर रिफाइनरी की अहमियत को अमेरिका भी गंभीरता से लेता है। रिलायंस ने भी अपने बयान में कहा है कि इस दौरे के दौरान पारंपरिक और नई ऊर्जा के क्षेत्र में कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति, आधुनिक तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। कंपनी ने अमेरिकी कंपनियों के साथ तकनीक, इंजीनियरिंग और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे। बहरहाल, जामनगर से निकला संदेश साफ है कि भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी की कारोबारी क्षमता को अमेरिका भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। अमेरिकी विदेश मंत्री का किसी भारतीय उद्योगपति से मिलने के लिए उसके औद्योगिक परिसर तक पहुंचना इस बात को रेखांकित करता है कि वैश्विक ऊर्जा की राजनीति में रिलायंस की भूमिका कितनी अहम हो गई है। यह सिर्फ अंबानी की कारोबारी सफलता की कहानी नहीं, बल्कि भारत की उस बढ़ती ताकत का भी संकेत है, जिसके साथ अमेरिका अपने ऊर्जा और आर्थिक हितों को जोड़कर देख रहा है। -नीरज कुमार दुबे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- ईरान के साथ नहीं चल रही बातचीत, जल्द होने वाला है कुछ बड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। इसके साथ ही बहुत जल्द ही कुछ होने वाला है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क 'न्यूजनेशन' की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन से बात करते हुए, जब ट्रंप से तेहरान के साथ ...
अमेरिका-यूक्रेन : त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तैयार
मास्को, मास्को पहुंचे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रूस ने त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जता दी है और इसका आयोजन नवंबर के शुरुआत में हो सकता है।
क्या है अमेरिका का तेल वाला प्लान? ईरान भी सारी हदें तोड़ने को हुआ तैयार
ईरान ने ऑल आउट मल्टी लेयर जंग के लिए पूरी तैयारी कर ली है। ईरानी मीडिया ने एक सीनियर अफसर के हवाले से लिखा है कि ईरानी फौज पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि हमलावरों और उनके हिमायतियों के जितने भी ठिकाने हैं हमारी पहुंच में, उनको पूरी ताकत से कुचल देंगे हम। ईरान के मीडिया का दावा है कि सीनियर अफसर ने उन्हें बताया है कि हमने पक्का फैसला कर लिया है। अगर दुश्मन ने हमला किया, कत्ल किया तो हमारा जवाब बिना किसी लिमिट और बिना किसी रोक के होगा। ईरान की नजर में अमेरिका इसराइल के बिना हमला नहीं करेगा और इसराइल अमेरिका के बिना हमला नहीं करेगा। दोनों अलग-अलग जंग करेंगे यह सोचना ही मजाक से कम नहीं। दोनों की वॉर मशीन एक ही है। ईरान के सीनियर सिक्योरिटी अफसर ने मीडिया को बताया है कि अमेरिकी अफसरों और इसराइल हुकूमत ने जो खुलेआम धमकियां दी हैं ईरान पर हमला करने की उसी ने ईरान को कानूनी और नैतिक हक दे दिया है कि वह जरूरी बचाव के लिए अपने कदम उठाए। इसे भी पढ़ें: Ukraine देखता रह गया, Putin-Trump ने डील करके दुनिया को चौंका दिया, रूस की शर्तों पर खत्म होगा यूक्रेन युद्ध! इस बीच एक थ्योरी यह भी चल रही है कि अमेरिका इस बार ईरान के तेल ठिकानों पर अटैक करेगा जिसके पलटवार में मुमकिन है कि ईरान भी अरब देशों में मौजूद तेल फैसिलिटी के अमेरिकी इंटरेस्ट पर वार करें। लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि इसके पीछे अमेरिका की एक सोची समझी प्लानिंग हो सकती है। जिस तरह से ईरान ने होर्मुज को कंट्रोल में लेकर पूरी दुनिया हिला रखी है। अब अमेरिकी चाल यह हो सकती है कि ईरान के तेल जखीरा और रिफाइनरी तो तबाह हो ही साथ ही ईरान के वार से अरब देशों की ऑयल फैसिलिटी भी बर्बाद हो। जिससे दुनिया में तेल की किल्लत बढ़ेगी और अमेरिका वेनेजुएला का तेल अपने मन मुताबिक अपने तय दाम पर बेचेगा। आरोप लगता है कि इस वक्त वेनेजुएला के तेल जखायर पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है और वह मिडिल ईस्ट की तेल की बादशाहत खत्म करना चाहता है। इस बीच ईरान ने साफ किया है कि उसका 1 ग्राम भी यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाएगा। जब तक अमेरिका भरोसा पैदा नहीं करता और ईरान की शर्तें नहीं मानता तब तक न्यूक्लियर के बारे में सोचना भी नहीं है। सीधी भाषा में कहें तो अमेरिका न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ज्यादा पारदर्शिता चाहता है। जबकि ईरान को चाहिए आर्थिक राहत। हां, इतना मुमकिन है कि ईरान इंटरनेशनल न्यूक्लियर एनर्जी एजेंसी को अपने न्यूक्लियर ठिकानों का बिना पहले से खबर दिए सरप्राइज तौर पर जायजा लेने की इजाजत दे सकता है। लेकिन यह भी दूर की कौड़ी है। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए अभी तो ईरान पूरी ताकत ताकत लगा रहा है कि अगर उसकी शर्त मानी जाती है और जंग टलती है तो वह अमेरिका के जरिए बरसों से लगे सेंशंस के कारण अपनी फ्रीज प्रॉपर्टी और पैसे को किसी भी तरह हासिल करें। और यही वजह है कि वो स्ट्रीट ऑफ हुर्मुस पर खूंटा गाड़ कर बैठ गया है। हाल ही के दिनों में हुरमुस पर जहाजों में आग लगने और डूबने के मामले तेजी से बढ़े हैं और यह ईरान के जरिए बिछाई गई माइंस का असर है। मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। यमन की हूं और सऊदी की जंग और भीषण होती जा रही है। या यूं कहें कि आर-पार की जंग शुरू हो गई है। इस बीच खबर आ रही है कि एयर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयर इंडिया ने सऊदी अरब के बदलते हालात को देखते हुए रियाद, दम्माम और जिद्दा आने जाने वाली अपनी सभी उड़ाने 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी हैं। इस फैसले से उन मुसाफिरों की दिक्कत बढ़ेगी जिन्होंने उमरा की नियत से टिकट बुक कराए थे। क्योंकि सऊदी में हज के सीजन को छोड़कर साल भर लोग उमरा पर जाते हैं। साथ ही वहां जॉब के सिलसिले में भी बड़ी तादाद में मुसाफिरों का आना-जाना चलता है।
'टेक कंपनियां नफरत से कमा रहीं मुनाफा': हिंदू विरोधी गतिविधियों पर भड़के अमेरिकी सांसद, एफबीआई से क्या कहा? us lawmaker raja krishnamoorthi slams big tech anti india hate social media
रूस पर चौंकाया...भारत पहुंचते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने किया बड़ा धमाका, सब हैरान!
ट्रंप की बेतुकी बहनबाजी को लेकर जिस तरह से भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास पैदा हो रही थी अब उसमें अचानक से ऐसा बदलाव आया है कि पूरी दुनिया हैरान हो गई है। क्योंकि जो ट्रंप अपने मन मुताबिक डील फाइनल कराने के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वह टेरिफ को हथियार बना रहे थे। लेकिन अचानक से ट्रंप के ऐसे तेवर बदले कि उन्होंने एक तरह से भारत के आगे सरेंडर कर दिया। दरअसल भारत से रिश्ते सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए ट्रंप ने अपनी टीम उतार दी है। इसी टीम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी शामिल हैं जो अपनी पत्नी के साथ दो दिन के भारत दौरे पर आए। लेकिन जैसे ही वह भारत की धरती पर उतरे और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले तो उन्होंने धमाकेदार बयान देकर सबको चौंका दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को रिफाइनिंग के मामले में महाशक्ति बताते हुए वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया है। इसे भी पढ़ें: अभी के लिए, हमें रुकना होगा...यूक्रेन का 25% हिस्सा रूस को सौंपने के लिए तैयार जेलेंस्की! रूबियों ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और कुछ ही मुद्दों का समाधान बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आ सकती है और दोनों देश समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत की तरफ से रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा व्यक्त की है जो कि एक समझदारी भरा कदम है। इसे एक दिन में रातोंरात करना आसान नहीं है। यह सिर्फ रूसी तेल का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा स्रोतों और विविध बनाने की इच्छा के बारे में और हमें लगता है कि हम इसकी ऊर्जा जरूरतों के कुछ स्रोतों की आपूर्ति कर सकते हैं। दरअसल रूबियों की यात्रा को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच रूसी तेल की खरीद और टेरिफ को लेकर अहम बातचीत चल रही है। अमेरिकी टेरिफ और बाजार तक पहुंच को लेकर महीनों से बातचीत अटकी हुई थी। भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद अमेरिका के साथ रिश्तों में तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टेरिफ लगाने की संभावना जताई थी। इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश लेकिन हाल ही में ट्रंप ने रूस से तेल और गैस की खरीद से जुड़े मामलों में भारत को टेरिफ से बड़ी राहत देते हुए अतिरिक्त टेरिफ या नए 100% वाले टेरिफ पर छूट का ऐलान किया था। लेकिन अब रूबियों ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर गंभीर हैं और बातचीत को जल्द नतीजे तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर साफ है कि अमेरिका भारत से डील करने के पूरे मूड में है।
भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में जो दिखता है जरूरी नहीं कि वही हकीकत हो असली खेल अक्सर पर्दे के पीछे चलता है। कैमरों के सामने बयान दिए जाते हैं। गर्मजशी के साथ हाथ मिलाए जाते हैं और समझौतों की बातें कही जाती हैं। लेकिन पर्दे के पीछे रणनीतिक हितों, दबाव और सौदेबाजी का खेल चलता है। कुल मिलाकर कूटनीत शतरंज की वह बिसात है जहां हर चाल दिखाई नहीं देती और हर खामोशी का मतलब भी एक जैसा नहीं होता। कूटनीत का असली खेल बयानों में नहीं बल्कि उन फैसलों में छिपा होता है जो दुनिया को दिखाई नहीं देते। ऐसा ही कुछ मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुंबई में भारत और अमेरिका के बीच अहम बातचीत हुई। जिस वक्त दुनिया भर में अमेरिका के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की मीटिंग की खबर चर्चाओं में थी। ठीक उसी दौरान अचानक से यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला की एंट्री ने सबको चौंका दिया। इसे भी पढ़ें: Marco Rubio ने भारत में विरोध प्रदर्शनों को बताया आंतरिक मामला, UN experts पर कसा तंज चौंकना इसलिए भी लाजमी है क्योंकि मीटिंग अमेरिका और भारत के बीच चल रही थी तो यूएई अचानक इस मीटिंग में कैसे पहुंच गया? इसके पीछे की क्या वजह है कि अमेरिका, भारत, यूएई ने कोई बड़ा गेम प्लान बनाया है? दरअसल वैसे तीनों देशों के नेताओं के बीच जो त्रिपक्षीय बैठक हुई उसमें ऊर्जा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। लेकिन यूएई का मीटिंग में शामिल होने का इसलिए भी अहम है क्योंकि मिडिल ईस्ट में इस वक्त तनाव चल रहा है। यूएई फिलहाल रूस के बाद भारत के बड़े और सबसे रणनीतिक कच्चे तेल के सप्लायरों में से एक है। विदेश मंत्री ए जयशंकर ने एक हफ्ते में दूसरी बार यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला के साथ बातचीत की। जयशंकर ने खाड़ी की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति के जरिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इसके अलावा सऊदी अरब में होती हमलों से पैदा हुई स्थिति और मुझ से जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हमलों के मुद्दे को उठाया गया। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: कभी Pakistan पर सख्त कार्रवाई चाहते थे Marco Rubio, अब उसी की पैरवी कर रहे हैं! सीनेटर से विदेश मंत्री बनते ही क्यों बदल गये सुर? जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद भारत आए थे। फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने एआई इंपैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया था। इसके अलावा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की आठवीं यात्रा की थी। भारत और यूएई के बीच संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों ने फरवरी 2022 में बड़ा आर्थिक साझेदारी समझौता सीईपीए पर हस्ताक्षर किए थे। जिससे द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। ऊर्जा रक्षा तकनीक और 35 लाख से ज्यादा भारतीयों के प्रवासी जुड़ाव के मामले में दोनों देश घनिष्ठ साझेदार हैं। ऐसे में यूएई के विदेश मंत्री का भारत आना वो भी अमेरिका के विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान तो यह खास हो जाता है। कहा जा रहा है कि तीनों देशों के नेताओं के बीच मिडिल ईस्ट पर तनाव के मुद्दे के साथ ही कच्चे तेल को लेकर बातचीत हुई है। जिसका असर जल्द देखने को मिल सकता है। उधर अमेरिका भी भारत के साथ फाइनल डील की बात कह चुका है।
यूपी: अमेरिकी सांसद जेसन स्मिथ ने परिवार संग निहारा ताजमहल, सूर्योदय की सुनहरी छटा ने मोहा मन
अमेरिकी सांसद ने परिवार संग किया ताज का दीदार।
ईरान पर नए हमले की तैयारी में अमेरिका: ट्रंप बोले- कोई बातचीत नहीं हो रही, तेहरान के साथ जल्द कुछ होने वाला है US preparing new strike Iran Trump says no talks are taking place, something is set happen with Tehran soon.
अमेरिकी डाक सेवा : 20 मिलियन नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप
वाशिंगटन, अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने अपने नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप की 20 मिलियन प्रतियां छापी हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, यह संख्या सामान्य से थोड़ी ज्यादा है क्योंकि भारतीय समुदाय की ओर से इस स्टांप के लिए काफी जोरदार मांग और समर्थन मिला था। इस नए स्टांप का अनावरण बुधवार (स्थानीय समयानुसार) वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में किया गया।
रूस : अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को बिना शर्त रिहा किया
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को उनके अनुरोध पर रिहा किया है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करते समय हबर्ड की रिहाई का मुद्दा उठाया था और रूस ने बिना किसी शर्त के उन्हें छोड़ दिया।
अमेरिकी डाक सेवा ने छापे 20 मिलियन नए ‘दिवाली फॉरएवर’ स्टांप
वाशिंगटन, 22 अक्टूबर . अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने अपने नए ‘दिवाली फॉरएवर’ स्टांप की 20 मिलियन प्रतियां छापी हैं. एक अधिकारी के मुताबिक, यह संख्या सामान्य से…
रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को बिना शर्त रिहा किया : डोनाल्ड ट्रंप
वाशिंगटन, 22 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को उनके अनुरोध पर रिहा किया है. ट्रंप का दावा…
Google की रोबोटैक्सी पर अमेरिका में मचा बवाल, क्या इस चीनी कार में छिपा है कोई बड़ा खतरा?
Google की Waymo चीन से इलेक्ट्रिक वैन मंगाकर अमेरिका में अपनी ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा का विस्तार कर रही है, जिस पर अमेरिकी नेताओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं।
अमेरिका- यूरोप में हड़कंप, बंद की सरकारी वेबसाइट, तुरंत करें ये काम
PHP Kya Hai? अमेरिका, यूरोप और दुनिया के कई देशों में PHP में पाए गए बग के चलते हड़कंप मच गया. कई देशों ने अपनी सरकारी वेबसाइट को बंद करने का ऐलान कर दिया. इसके बाद AI की मदद से बग डिटेक्ट किया और अब कंपनी ने इस संबंध में अपडेट जारी किया कर दिया है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
पश्चिम एशिया संकट: अमेरिका के ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ के जवाब में ईरान की धमकी, क्या फिर बिगड़ने वाले हैं हालात?us israel iran strike plans Father of All Bombs
अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटी का Phd हॉल्डर 2 साल से बेरोजगार, 2300 कंपनियों ने किया रिजेक्ट
क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2027 की लिस्ट में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी 27वें नंबर पर है. यहां से पढ़ाई करके भी जैक वीस को कहीं जॉब नहीं मिली है. अब वो माता-पिता के घर में बने बेसमेंट में रह रहे हैं.
अमेरिका के डाक टिकट पर सजी भारतीय रंगोली, 10 साल बाद दिवाली पर फिर हुआ ऐसा- खुद देखिए फोटो
यह दूसरी बार है जब USPS ने दिवाली के मौके पर कोई डाक टिकट जारी किया है. इससे पहले 2016 में भी ऐसा ही एक टिकट जारी किया गया था.
यूएस: दिवाली के रंगों से सजा खास अमेरिकी डाक टिकट, ह्यूस्टन की कलाकार की रंगोली की खूबसूरत कलाकृति को मिली जगह usps releases diwali rangoli stamp washington sangeeta bhutada vinay mohan kwatra
पश्चिम एशिया में फिर भड़केगी जंग?: खामेनेई ने गालिबाफ से की मुलाकात, अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की दी चेतावनी Will war flare up again in West Asia?: Khamenei meets Ghalibaf, warns the US of retaliatory action
अमेरिका में मेटा पर 2.35 लाख करोड़ का जुर्माना, डोनाल्ड ट्रंप के 2016 चुनाव से जुड़ा है मामला
अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को 25 अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है। जूरी ने माना कि डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़े इस मामले में एक राजनीतिक परामर्श ...
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब हैं। लेकिन यह डील पहले किए गए समझौतों से काफी अलग होगा। ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब पहुंच गए हैं। ट्रंप ने इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, वे (भारत) समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं।राष्ट्रपति ने कहा, यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में व्यापार समझौते की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मिल्वॉकी और वाशिंगटन में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की फरवरी में घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण इस समझौते पर आगे भी बातचीत करनी पड़ी।रुबियो ने रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी का दौरा कियाअमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल जामनगरतेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। उनके इस दौरे को भारत के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत की ऑयल रिफाइनरी कैपेसिटी का अधिक उपयोग करने, अमेरिकी ऊर्जा की खरीद बढ़ाने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है।इस दौरे से जुड़े लोगों ने बताया कि रुबियो ने अपनी पत्नी जीनेट डौसडेबेस रुबियो के साथ एक ही जगह दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, वनतारा वन्यजीव बचाव एवं संरक्षण केंद्र और रिलायंस के उभरते क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग हब का दौरा किया। रुबियो कुछ घंटे जामनगर में रहे और इसके बाद अमेरिका के लिए रवाना हो गए।अंबानी परिवार ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागतजाने-माने उद्योगपति और रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में अंबानी परिवार के लगभग सभी सदस्यों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस मौके पर मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी, बेटी ईशा अंबानी और उनके पति आनंद पीरामल, छोटे बेटे अनंत अंबानी और उनकी पत्नी राधिका मर्चेंट के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक पीएमएस प्रसाद तथा भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर मौजूद थे।मुकेश अंबानी के बड़ेबेटे और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी दूरसंचार कंपनी की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की शुरुआत की तैयारियों में जुटे थे। रुबियो जामनगर पहुंचने से एक दिन पहले भारत को कच्चे तेल के रिफाइनिंग के मामले में एक 'महाशक्ति' बताते हुए उससे वेनेजुएला के तेल का अधिकप्रोसेस करने का आग्रह कर चुके थे।अधिकारियों ने अंबानी की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम को निजी दौरा बताया है। दोनों पक्षों ने कार्यक्रम के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। भारत यात्रा के दौरान रुबियो का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका, भारत को अमेरिकी ऊर्जा की बिक्री बढ़ाने, पश्चिमी गोलार्ध (अमेरिका और वेनेजुएला) से आने वाले कच्चे तेल के रिफाइनिंग को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने वाली और ईंधन की प्रमुख निर्यातक रिलायंस के साथ कारोबारी संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।यह दौरा अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले डीजल की कीमतों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच भी हुआ है। गोर ने कहा कि भारत के आयात में अमेरिकी एलपीजी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।उन्होंने टेक्सास में नई रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की प्रस्तावित योजना को भी अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और रोजगार सृजित करने का अवसर बताया।रुबियो ने रिलायंस के स्वामित्व वाले 'नेटवर्क18' से एक इंटरव्यू कहा कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध से ऊर्जा के रिफाइनिंगके लिए रिलायंस के साथ मिलकर अधिक काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। रिलायंस का जामनगर परिसर प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल का रिफाइनिंग कर सकता है। यह वैश्विक बाजारों में डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।ये भी पढ़ें- Houthi-Saudi War: सऊदी अरब में ड्रोन अटैक से हड़कंप! Aramco ऑयल फील्ड में नेपाली समेत 2 की मौत, एक भारतीय घायलरिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वनतारा जामनगर में करीब 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां वन्यजीवों को बचाने, उनके पुनर्वास और संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है। सूत्रों ने बताया कि 5,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स पर अनुमानित 75,000 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। (डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
खाड़ी में फिर छिड़ेगा युद्ध? अमेरिका और इजरायल ईरान पर बड़े हमले की कर रहे तैयारी, जल्द करेंगे अटैक
खाड़ी में फिर बड़े युद्ध की आहट तेज होती जा रही है। अमेरिका और इजरायल फिर साथ मिलकर ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। इजरायल में मिड टर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला हो सकता है।
ईरान की अमेरिका को दो टूक: एक ग्राम भी एनरिच्ड यूरेनियम बाहर नहीं भेजेंगे, वीडियो में जाने 7 शर्तें पूरी होने तक बातचीत से इनकार
मार्को रूबियो का बयान: पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, वीडियो में जाने अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी
ईरान पर मंडराया जंगी खतरा! मिड टर्म इलेक्शन के बाद नए हमले की तैयारी में इजरायल-अमेरिका
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकानों पर छोटे व तीव्र सैन्य हमले की योजना बना रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि नया हमला होने पर वह खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा.
सऊदी अरब में बढ़ा सुरक्षा संकट: एयरपोर्ट पर हमले में एक की मौत, अमेरिकी नागरिकों के लिए क्या है एडवाइजरी? Escalating security crisis in Saudi Arabia: One dead in airport attack; what is the advisory for US citizens?
अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस आने का दिया आदेश
अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस आने का दिया आदेश
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत, कई घायल; अमेरिका ने गैर-जरूरी स्टाफ को लौटने को कहा
सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई
सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर भीषण हमला, एक की मौत, 8 लोग घायल, अमेरिका ने जारी किया आदेश - India TV Hindi
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सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर भीषण हमला, एक की मौत, 8 लोग घायल, अमेरिका ने जारी किया आदेश
बहरीन और कतर के पास फारस की खाड़ी से सटे पूर्वी सऊदी अरब के दम्मम स्थित 'किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट' पर हुए हमले में एक शख्स की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। कई फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया है।
सऊदी अरब में लगातार बढ़ते हूती ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को देश से निकलने का आदेश दिया है. दमाम एयरपोर्ट और तेल क्षेत्रों पर भी हमले हुए हैं.
न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में बना नया कानून 'रोमांच लॉ' आज पास हो जाएगा। न्यूयॉर्क में घोड़ों से चलने वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने के लिए प्रस्तावित विधेयक, जिसे पहले राइडर लॉ के नाम से जाना जाता था अब रोमांच की स्मृति में रोमांच लॉ कहलाएगा। इसके बाद रोमांच पहले भारतीय होंगे, जिनके नाम पर अमेरिका में कानून बनेगा। बता दें, पठानकोट से परिवार सहित अमेरिका घूमने गए 18 साल के रोमांच महाजन न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में बैठे थे, उसका घोड़ा बिदक गया और बग्गी सहित भाग गया। रोमांच की मां प्रिया बग्गी से गिर गईं। मां को बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से न्यूयॉर्क की कई संस्थाएं और नेता सामने आए और राइडर लॉ को रोमांच के नाम पर रखकर पास करने की मांग ने जोर पकड़ा। स्थानीय मेयर जोहरान ममदानी और नगर परिषद अध्यक्ष जूली मेनिन इस विधेयक पर सहमत हुए। रोमांच के पिता दीपक बताते हैं कि गुरुवार को भारतीय समयानुसार रात 8 बजे सिटी काउंसिल में रैली होगी। रोमांच की याद में मौन रखा जाएगा और फिर 23 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे यह कानून पास होगा। इसके बाद राइडर लॉ को रोमांच लॉ के नाम से जाना जाएगा। क्या है रोमांच लॉ? जिसका बदला गया नाम यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इस उद्योग को समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता दीपक बोले- देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के 'ट्री ऑफ लाइफ' में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून 'रोमांच लॉ' बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए पूरा मामला…
बर्लिन में भारत का दूसरा दांव: क्याअमेरिका के टैरिफ झटकों का जवाब यूरोप में,अब तक की कोशिशों से क्या मिला?
अमेरिका मध्यावधि चुनाव: रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार पर ₹26 हजार करोड़ खर्च; क्या बहुमत बचा पाएंगे ट्रंप?---US Midterm Elections: Trump-Linked Groups Spend $277 Million on Republican Campaigns
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta को अमेरिका में डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। न्यू मैक्सिको के एक जज ने कंपनी पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है।
Kanpur News: अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध का खतरा? दूतावासों से कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में अमेरिका
अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपने कुछ दूतावासों से कर्मचारियों और उनके परिवारों को हटाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम यमन में ईरान समर्थित हूती मिलिशिया के साथ फिर से संघर्ष शुरू होने की आशंका के बीच उठाया जा रहा है.
खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? अमेरिका और कीव से बातचीत को तैयार पुतिन
क्रेमलिन ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और यूक्रेन के साथ तीन-तरफा बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।
Marco Rubio Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर पहुंचे। उन्होंने यहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। इस दौरान एनर्जी, नई तकनीक और अमेरिकी कंपनियों के साथ कारोबार बढ़ाने पर चर्चा हुई।रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने रुबियो का स्वागत किया। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ थे।दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का दौराअमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी एक ही जगह पर बनी ऑयल रिफाइनरी देखी। यहां उन्हें रिफाइनरी की क्षमता, आधुनिक तकनीक और कामकाज के बारे में जानकारी दी गई।रुबियो और गोर को रिलायंस की नई एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों के बारे में भी बताया गया। इन्हें अलग-अलग चरणों में शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा, निर्माणाधीन डेटा सेंटर भी दिखाए गए। रिलायंस के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना निवेश बढ़ा रही है।जामनगर को बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारीमुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने जामनगर को लेकर कंपनी की भविष्य की योजनाएं साझा कीं। रिलायंस इस कॉम्प्लेक्स को डीप-टेक, नई खोज और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।दौरे के दौरान दुनिया में ऊर्जा की मांग और सप्लाई से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा, नई तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन जैसे विषय शामिल थे। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जरूरी निवेश पर भी बात हुई।डेटा सेंटर के लिए बिजली पर भी चर्चाबैठक में एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच बढ़ते संबंधों पर भी बात हुई। डेटा सेंटर चलाने के लिए भरोसेमंद बिजली जरूरी है। डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार के साथ इसकी जरूरत भी बढ़ रही है।अंबानी परिवार ने अमेरिकी कंपनियों के साथ कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर अपने विचार रखे। दोनों देशों की कंपनियां टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक-दूसरे की ताकत का फायदा उठा सकती हैं।वेनेजुएला के तेल पर बयान के अगले दिन पहुंचे रुबियोमार्को रुबियो जामनगर में कुछ घंटे बिताने के बाद अमेरिका रवाना हो गए। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब एक दिन पहले उन्होंने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग में सुपरपावर बताया था। उन्होंने भारत से वेनेजुएला का ज्यादा तेल रिफाइन करने की अपील भी की थी।Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गुजरात के जामनगर में स्वागत किया। जामनगर में दुनिया ...
एनसीबी की जांच में झारखंड के ड्रग्स नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तार सामने आए हैं, जिसमें थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया था।
मोहाली जिले के जीरकपुर के एक व्यक्ति से अमेरिका में बैठे कुछ लोगों के साथ मिलकर 80 लाख 65 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बादल कॉलोनी निवासी सुखदेव शर्मा की शिकायत पर पूनम शर्मा और अन्य आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने 20 लाख 24 हजार 650 रुपए बरामद कर लिए हैं। सुखदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि, आरोपी पूनम शर्मा ने अमेरिका में बैठे कुछ विदेशी अपराधियों के साथ मिलकर ठगी का नेटवर्क बनाया था। इसके तहत 300 लीटर 'मनीहोट बेकुम लिक्विड' की सप्लाई का सौदा हुआ था। इसकी कीमत दो लाख रुपए प्रति लीटर तय थी और 65 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। इसके बाद बाकी रुपए दिए गए। साइबर हेल्पलाइन नंबर पर की थी शिकायत इंस्पेक्टर गौरव बंस ने बताया कि सुखदेव शर्मा ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस बाकी 60 लाख 40 हजार 350 रुपए बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश ना करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरु करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ समझौता किया था। अब बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट और संसाधनों पर फोकस करने का फैसला किया है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई खिलाड़ी खेलते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2025 में पार्टनरशिप की घोषणा की थी न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में मदद करनी थी। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल सपोर्ट देना था। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस पार्टनरशिप के उद्देश्य और महत्वकांक्षा पर भरोसा है। अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन आगे के आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता और विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में मदद करने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में भी उनके साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की प्रस्तावित टी-20 लीग भी टाली गई न्यूजीलैंड की प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। यह लीग मौजूदा सुपर स्मैश की जगह लेगी। पहले इसे जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार छठी टी-20 सीरीज जीतने का मौका 2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। पूरी खबर पढ़ें…
ईरान पर होगा बड़ा हमला, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर बनाया तगड़ा प्लान!
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल एक साथ मिलकर फिर से बड़ा हमला कर सकते हैं. वैसे तो डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिकी मिड टर्म चुनावों के बाद ईरान पर फिर से हमला हो सकता है. लेकिन अब उनके रक्षा मंत्री अचानक इजरायल पहुंच गए हैं और हमले की आशंका कई गुना बढ़ गई है.
अमेरिका: इलिनोइस मंदिर हमले की साजिश पर 105 सांसदों का FBI को पत्र
ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पर हमले की साजिश की हेट क्राइम एंगल से जांच की मांग, 19 वर्षीय नियो-नाजी आरोपी गिरफ्तार।
अब न्यू मेक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका करना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ‘न्यू मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ करने की सलाह दी है। इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने सोमवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘न्यू मेक्सिको को तुरंत अपना नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ कर लेना चाहिए। हम मैक्सिको नहीं हैं, हम ‘यूनाइटेड स्टेट्स …
अराघची का दावा, ‘अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध’
तेहरान, 21 अक्टूबर . ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान के प्रस्ताव को मान लिया है और इसके साथ…
अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान के प्रस्ताव को मान लिया है और इसके साथ ही कुछ और शर्तें जोड़ने का अनुरोध भी किया है।
अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
रूस में 4 साल से क्यों कैद था अमेरिकी नागरिक? रिहाई के लिए ट्रंप ने भी लगाया था पूरा जोर
रूस ने 4 साल से अधिक समय से हिरासत में रहे अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया। उनकी रिहाई में डोनाल्ड ट्रंप की पुतिन से बातचीत और अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों की अहम भूमिका मानी जा रही है।
भारत की ट्रेन में 26 लाख का टिकट लेकर चढ़े अमेरिकी यूट्यूबर, बोले- पूरी दुनिया में ऐसी चीज नहीं देखी
मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर कपल कारा और नेट ने भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 26 लाख रुपये का शाही सफर तय किया. मुंबई से दिल्ली के इस 7 दिनों के सफर में उन्हें पर्सनल सुइट, बाथटब और 500 से अधिक लजीज व्यंजनों का यादगार अनुभव मिला.
न चेक होता है फोन, न देखते हैं टीचर, इस तरह होता है अमेरिका में एग्जाम!
अमेरिका में हायर एजुकेशन का सोच रहे हैं. तो बता दें कि अमेरिका में पढ़ाई का तरीका भारत से बिल्कुल अलग है. सोशल मीडिया पर एक भारतीय मूल की छात्र ने पोस्ट वहां पर पढ़ाई से जुड़ा बड़ा दावा किया है, चलिए जानते हैं इसके बारे में.
आईआईटी के बाद अमेरिका से PhD, अब AI चिप्स की हीट कम करने की तैयारी, कंपनी को मिले 80 करोड़ रुपये
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास ने अपनी रिसर्च को ही बिजनेस आइडिया बनाया है। उनके एआई स्टार्टअप को करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
'भारत की कीमत पर नहीं बनेंगे अमेरिका-पाक संबंध', रूबियो ने दिलाया भरोसा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे पर कहा कि अमेरिका के पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध भारत की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने शीत युद्ध के दौर से तुलना करते हुए कहा कि अब दुनिया बदल चुकी है।
Iran-US: होर्मुज की शर्तें पूरी होगी तभी करेंगे अमेरिका के साथ बात, ईरान की आसिम मुनीर को दो टूक
इंटरनेट डेस्क। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर सख्त रूख अपना लिया है। तेहरान ने मंगलवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से साफ कहा कि उसकी मांगें पूरी होने तक वाशिंगटन से कोई बातचीत नहीं होगी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो ईरानी मीडिया की इस खबर से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है। ईरानी समाचार माध्यम नूरन्यूज के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तेहरान में मुनीर के साथ मुलाकात के दौरान मध्यस्थता के प्रयासों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की। ईरान के आधिकारिक बयान के अनुसार, मुनीर ने संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ से भी मुलाकात की। गलीबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ईरान की ओर से पिछले महीने रखी गई सात शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक वह तेहरान का भरोसा नहीं जीत सकता। pc- jagran
फ्रांस में बढ़ती महंगाई, लचर शिक्षा व्यवस्था से तंग आकर नागरिक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी बात यह है कि सड़कों पर कैप्टन अमेरिका, बैटमैन और स्पाइडर-मैन के कॉस्ट्यूम में लोग पुलिस के सामने डटे हुए नजर आए।
एलन मस्क USA में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ सकते, फिर हर अमेरिकी बच्चे को शेयर देने का ऐलान क्यों?
अमेरिकी व्यापारी एलन मस्क ने संसदीय चुनाव के प्रचार के बीच यह ऐलान करके सनसनी फैला दी है कि वह अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को सैटेलाइट कंपनी स्पेसएक्स का एक शेयर देंगे। इसका एक शेयर करीब 14 हजार रुपये का है।
ईरान ने बातचीत को लेकर अमेरिका के सामने रख दी हैं सात शर्तें, कहा- अपना एक ग्राम एनरिच्ड यूरेनियम…
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। अब ईरान की ओर से बड़ा बयान आया है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी मोहसिन रजाई ने अब बोल दिया कि ईरान अपना एक ग्राम एनरिच्ड यूरेनियम भी किसी दूसरे देश नहीं भेजेगा। खबरों के अनुसार, रजाई ने कहा कि जब तक अमेरिका भरोसा जीतने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता और ईरान की सभी शर्तें नहीं मानता, तब तक बातचीत नहीं होगी। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी इस संबंध में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बोल दिया कि अमेरिका तब तक ईरान का भरोसा नहीं जीत सकता, जब तक वह उसकी सात शर्तें पूरी नहीं करता। ये शर्तें पिछले महीने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए रखी गई थीं। ईरान की प्रमुख शर्तों उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना शामिल है। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी बोल चुके हैं कि हथियार बनाने के लिए आवश्यक स्तर के करीब पहुंच चुके एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। ईरान का परमाणु कार्यक्रम है विवाद का प्रमुख कारण आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। इसी की वजह से समझौता नहीं हो पा रहा है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बोल चुके हैं कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता में ठोस कमी करनी होगी। PC: jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में उनकी मां की सरकार गिराने में अमेरिका की भूमिका थी। उन्होंने USAID के जरिए 50 मिलियन डॉलर की कथित फंडिंग का दावा किया, हालांकि इसके समर्थन में सबूत पेश नहीं किए।
अमेरिकी परीक्षा प्रणाली: बिना सख्ती और इनविजिलेटर के कैसे होती हैं परीक्षाएं?
भारतीय छात्रा ताविशी जातरेले ने सोशल मीडिया पर अमेरिका की परीक्षा व्यवस्था और वहां के अकादमिक भरोसे के अपने अनुभव साझा किए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान: पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, इसलिए बातचीत जरूरी; ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा अमेरिका
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'पाकिस्तान से रिश्ते रखने ही होंगे', मार्को रुबियो ने बताया क्यों अमेरिका नहीं तोड़ सकता नाता
अमेरिकी विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ राजनयिक रास्ते खुले रखने से वाशिंगटन को भारत की चिंताओं को सीधे उनके सामने उठाने का अवसर मिलता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है? - BBC
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?
डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने पिछले साल नवंबर में जामनगर का दौरा किया था, जबकि उनकी बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर ने 2024 में जामनगर में अंबानी के बेटे अनंत की शादी से पहले आयोजित भव्य तीन दिवसीय समारोह में हिस्सा लिया था.
भारत में प्रदर्शनों पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा बयान, UN एक्सपर्ट्स पर भी कसा तंज
Marco Rubio India Visit: भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात और द्विपक्षीय बातचीत के बाद रूबियो ने स्पष्ट किया कि भारत में ...
'हमारे यहां हर रोज प्रोटेस्ट', भारत में विरोध प्रदर्शनों पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर मीडिया ने सवाल किया, तो वे इस पर कुछ सीधा बोलने के बजाय बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और चुनाव होते हैं.
'बांग्लादेश में तख्तापलट के लिए अमेरिका ने खर्च किए अरबों रुपये', हसीना के बेटे का सनसनीखेज दावा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के पीछे अमेरिका का हाथ होने का उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया है। उन्होंने बाइडेन प्रशासन और USAID पर 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग का दावा किया।
युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
सोल, दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य अभियान नियंत्रण (ओपकॉन) सौंपने की प्रक्रिया को लेकर अमेरिका सतर्कता बरत रहा है। उसके मुताबिक दोनों देशों के बीच तय शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा खतरों का स्वरूप पहले की तुलना में तेजी से बदल रहा है।
दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
यह लेख वैश्विक सीमेंट उत्पादन और शीर्ष 10 उत्पादक देशों पर प्रकाश डालता है, जिसमें चीन सबसे बड़ा और भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत की बढ़ती आबादी, शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे की माँग के कारण सीमेंट उद्योग में महत्वपूर्ण विकास की संभावनाएँ हैं।
2026 अमेरिकी चुनाव और डोनाल्ड ट्रंप का सियासी संकट: अप्रूवल रेटिंग में रिकॉर्ड गिरावट
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख करीब आ रही है, वाशिंगटन की सत्ता का माहौल बेहद तनावपूर्ण होता जा रहा है। हाल ही में सामने आए रॉयटर्स/इप्सोस, वाशिंगटन पोस्ट और एबीसी न्यूज के प्रमुख जनमत सर्वेक्षणों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग रसातल में गिरकर महज 31 से 33 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ पहुंची है। अमेरिकी जनता के बीच बढ़ता यह असंतोष न केवल व्हाइट हाउस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, बल्कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत को भी गंभीर खतरे में डाल चुका है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के पास बढ़त हासिल करने का सबसे मजबूत मौका है, जहां वे कांग्रेस बैलेट पर 12 अंकों की बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं।पहला बड़ा मुद्दा: अनियंत्रित महंगाई और जीवन यापन की बेकाबू लागतअमेरिकी मतदाताओं के बीच इस समय सबसे बड़ा और जलता हुआ मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई दर (Cost of Living) है। लगभग आठ में से दस पंजीकृत मतदाताओं का मानना है कि दैनिक जीवन की जरूरतें, खाद्य पदार्थ, ईंधन और मकान का किराया उनके बजट की सीमा पार कर चुका है। सर्वेक्षणों के अनुसार, करीब 68 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन और महंगाई से निपटने के तरीकों से पूरी तरह असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए लागू की गई टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार में आ रहे झटकों के कारण रोजमर्रा की चीजों की कीमतें उम्मीद से काफी अधिक बढ़ गई हैं। मध्यवर्ग और मजदूर वर्ग की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है, जिससे खुद रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक भी अपनी सरकार से नाराज होकर विकल्प की तलाश कर रहे हैं।दूसरा बड़ा मुद्दा: विदेश नीति की नाकामी और मध्य पूर्व युद्ध का खिंचावडोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा किया था कि वे वैश्विक दौर के किसी भी युद्ध को महज कुछ हफ्तों में खत्म करवा देंगे। हालांकि, मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष और अंतर्राष्ट्रीय मोर्चों पर जारी अनिश्चितता थमने का नाम नहीं ले रही है। इस लंबे खिंचते विवाद ने न केवल वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों को भड़का दिया है, बल्कि अमेरिकी करदाताओं का भारी पैसा भी इस सैन्य अभियान में खर्च हो रहा है। युद्ध में बढ़ती अमेरिकी संलिप्तता और राष्ट्रपति के वादों में विरोधाभास के चलते विदेश नीति के मोर्चे पर ट्रंप की विश्वसनीयता को करारा झटका लगा है।तीसरा बड़ा मुद्दा: श्रम बाजार की सुस्ती और नीतिगत ढांचागत बदलाव की मांगअमेरिका के घरेलू बाजार में सुस्त रोजगार वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतों ने जनता के बीच व्यवस्था के प्रति असंतोष को और ज्यादा गहरा कर दिया है। सर्वेक्षण बताते हैं कि लगभग आधे अमेरिकी नागरिक अब देश की दिशा में बुनियादी और बड़े बदलाव (Substantial Change) की मांग कर रहे हैं। जब मतदाता बुनियादी स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षित भविष्य को लेकर आशंकित महसूस करते हैं, तो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए सत्ता बचा पाना लगभग असंभव हो जाता है। इन तीनों आर्थिक, कूटनीतिक और सामाजिक संकटों का सीधा असर चुनाव नतीजों पर पड़ने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है।
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया।
Gold Price Outlook: बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने की कीमतों में और गिरावट का अनुमान लगाया है, जो 2026 तक $3,700 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर की मजबूती और लंबी तेजी के बाद करेक्शन के कारण सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम से भी नीचे जा सकता है।
'भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बहुत करीब', ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत एक व्यापक व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं. यह समझौता पहले हुए करारों से अलग होगा और इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. बातचीत एडवांस स्टेज में है और भारत ने अपने कृषि व डेयरी क्षेत्रों के हितों को सुरक्षित रखा है.
Mumbai , 21 अक्टूबर . India दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने India में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी…
अमेरिकी बैठक में भारतीय डॉ. का व्याख्यान, डॉ. चरणजीत सिंह की उपलब्धि पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने खुशी जताई
मुंबई से जामनगर रवाना हुए रूबियो: ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, एजेंडा में और क्या? US-Secretary-of-State-marco-rubio-jamnagar-visit-india-us-energy-cooperation-trade-deal
एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शनों में विदेशी कनेक्शन?: सिंघम की फंडिंग पर अमेरिकी जांच, रिपोर्ट में भारत का भी जिक्र
रूस के हमलों के बीच अमेरिकी दूत से मिले जेलेंस्की, यूक्रेन पर समझौते का दबाव बढ़ा रहे डोनाल्ड ट्रंप
जेलेंस्की ने मंगलवार को बताया कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी और पूर्व चेतावनी साझा करने की व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका का आभार जताया।
जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी, 10 गिरफ्तार; 12 लैपटॉप जब्त
राजस्थान पुलिस ने जयपुर के भांकरोटा में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया, जहां से अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: ट्रंप ने दिए जल्द डील होने के संकेत, कहा- पहले हुए करारों से होगी बिल्कुल अलग india-us-trade-deal-donald-trump-says-pretty-close-will-be-different-from-earlier-pacts-marco-rubio-jaishankar
अमेरिका: धोखाधड़ी की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम, ट्रंप का बड़ा एलान; क्या है योजना और कितनी मिलेगी धनराशि? trump vance announce whistleblower programme against fraud
भारतीय प्रवासियों की ताकत: अमेरिका में भारतवंशियों का सवा लाख करोड़ का निवेश; कितना रोजगार सृजन किया?
इलिनॉय मंदिर पर हमले की साजिश: 'हेट क्राइम मानकर करें जांच', 105 अमेरिकी सांसदों ने एफबीआई को लिखा पत्र us-lawmakers-fbi-hate-crime-probe-illinois-hindu-temple-attack
अमेरिका: एआई निवेश से मिल रहा अर्थव्यवस्था को सहारा, रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी; आम लोगों की जेब पर कितना असर?
शांति प्रस्ताव...: ईरान-अमेरिका में इस हफ्ते सहमति संभव, छह अरब डॉलर के फंड में मिल सकती है रियायत?
शांति प्रस्ताव...: ईरान-अमेरिका में इस हफ्ते सहमति संभव, छह अरब डॉलर के फंड में मिल सकती है रियायत?
Jind News: अमेरिका भेजने के नाम पर 49.46 लाख ठगे, युवक को बंधक बनाकर पीटा और करंट लगाया
इस दौरान जयदीप को बंधक बनाकर पीटा, करंट लगाया गया और खाना-पीना तक नहीं दिया।
Hisar News: अमेरिका में चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीत बढ़ाया देश का मान
अमेरिका के लास वेगास में 14 से 18 अक्तूबर तक आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में मिर्चपुर की शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती अकादमी के पहलवान चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित विदेश जाने से पहले क्रिप्टोकरेंसी का काम करते थे। उन्हें अमेरिका भेजने के लिए उनके पिता को पैतृक मकान तक बेचना पड़ा था।
भारत और अमेरिका का अहम साझेदारी
मुंबई, अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने मंगलवार को भारत को यूएसए के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील जल्द होगी।
अमेरिकी नागरिकों से जयपुर में बैठकर करोड़ों रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया है। भांकरोटा इलाके में साइबर फ्रॉड गैंग के खोले फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर पुलिस ने रेड डाली। आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस ने मामले में 2 युवतियों सहित 10 जनों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपियों से 19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में आरोपी हर्ष चौहान (27) निवासी झज्जर हरियाणा, कृष्ण (28) गांव बक्सा असम, आकाशी लाबा (30) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल, खोजा (27) निवासी मेलयूरी नागालैंड, केवी (24) निवासी मेलयूरी नागालैंड, निशांत (24) निवासी गुरुग्राम हरियाणा, रविंद्र कुमार (31) महेंद्रगढ़ हरियाणा, अंकित (24) निवासी झज्जर हरियाणा और दिया गुरुजी (25) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल व लिशीनी (25) निवासी सेनापति मणिपुर को अरेस्ट किया है। संचालित हो रहा था ठगी का नेटवर्क पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के बैंक अकाउंट्स की गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके लिए भांकरोटा इलाके में फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर बनाकर गिरोह काम कर रहा था। कॉल सेंटर में कार्यरत व्यक्ति X-Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों के माध्यम से अमेरिकी लोगों से संपर्क करते थे। आईफोन में तकनीकी समस्या आने पर उसका समाधान करने के नाम पर ग्राहकों को बातचीत में उलझाया जाता था। उनसे सहायता के नाम पर शुल्क वसूला जाता था। बैंक खातों की ले लेते थे जानकारी गिरोह में शामिल एक युवती बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। उन्हें विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद बैंक खातों की जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में शेयर की जाती थी। गिरोह के संचालक इन जानकारियों का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाल लेते थे। अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। मामले में गिरोह के संचालकों, नेटवर्क तथा ठगी की रकम के संबंध में जांच की जा रही है।
जेडी वेंस : अमेरिका की नौकरियां अमेरिकी नागरिकों को मिलनी चाहिए
वाशिंगटन, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित हों, ट्रंप प्रशासन ऐसी किसी भी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कंपनियों से कहा कि वीजा कार्यक्रमों का इस्तेमाल करके स्थानीय कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को न रखें।
अमेरिका : होर्मुज स्ट्रेट से ईरानी तेल निर्यात लगभग रोक दिया
वाशिंगटन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ईरान के तेल निर्यात को प्रभावी रूप से रोक दिया है, जबकि दूसरे देशों का करोड़ों बैरल कच्चा तेल अब भी वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है।
'हम मैक्सिको नहीं, अमेरिका हैं': ट्रंप ने दोहराई न्यू मैक्सिको का नाम बदलने की मांग, कहा- बढ़ेगी प्रतिष्ठा us-president-donald-trump-new-mexico-name-change-new-america-gulf-of-america
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की घटना ने संगठित अपराध पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधों की जांच चल रही है।
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित आशियाना गार्डन में मंगलवार सुबह हादसे में 77 वर्षीय रमेश प्रसाद श्रीवास्तव की मौत हो गई। वह अपने फ्लैट की छत पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू की। हालांकि, बुजुर्ग किन परिस्थितियों में छत से नीचे गिरे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पत्नी के साथ रहते थे बुजुर्ग रमेश प्रसाद श्रीवास्तव आशियाना गार्डन स्थित फ्लैट में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनका बेटा अमेरिका में रहता है, जबकि बेटी बेंगलुरु में रहती है। हादसे की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। घटना के बाद परिवार के लोगों का बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि बुजुर्ग का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह सोनारी थाना के एएसआई दिवाकर कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बुजुर्ग किन हालात में छत से नीचे गिरे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
किशनगंज शहर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अनुमान के मुताबिक, शहर के पूजा पंडालों में मां का आशीर्वाद लेने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से देर रात तक पंडालों में लोगों के आने-जाने का सिलसिला जारी है। मां के जयकारों और आकर्षक सजावट के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। फ्लोरिडा के स्वामीनारायण मंदिर की प्रतिकृति देखने पहुंच रहे लोग शहर के ऐतिहासिक रूईधासा मैदान के पास स्थित रूईधासा टाउन क्लब की दुर्गा पूजा इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है। मंदिर जैसी बनावट और आकर्षक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लोग मां दुर्गा के दर्शन के साथ पंडाल की खूबसूरती निहार रहे हैं और तस्वीरें भी ले रहे हैं। मनोरंजन क्लब से बड़ी कोठी तक पूजा की धूम रूईधासा टाउन क्लब के अलावा मनोरंजन क्लब, रोलबाग, डुमरिया, धर्मगंज, गांधी घाट, माधव नगर और बड़ी कोठी सहित शहर के विभिन्न इलाकों में भी दुर्गा पूजा की रौनक है। इन स्थानों पर बने आकर्षक पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। गांधी चौक पर भी लोगों की अच्छी-खासी आवाजाही देखने को मिल रही है। शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठते हैं पंडाल शहर के प्रमुख पूजा स्थलों पर लोग परिवार और बच्चों के साथ मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। शाम होते ही पंडालों की आकर्षक रोशनी और सजावट शहर की खूबसूरती बढ़ा देती है। पूजा स्थलों के आसपास चहल-पहल बढ़ने से दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है। आस्था के साथ मेल-मिलाप का भी पर्व किशनगंज में दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बने भव्य पंडाल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। शहरवासियों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पूजा पंडालों का भ्रमण करने और मां का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और मां के जयकारों से पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
मोगा जिले के गांव डाला के मूल निवासी गुरिंदर सिंह गिल पर अमेरिका के कैलिफोर्निया (सैक्रामेंटो) में अपनी पत्नी जैस्मीन गिल की नृशंस हत्या करने और सबूत मिटाने की नियत से शव को जलाने का संगीन आरोप लगा है। अमेरिकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गुरिंदर गिल को गिरफ्तार कर लिया है। जैस्मीन और गुरिंदर की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी और दोनों का सात महीने का एक छोटा बच्चा भी है। तलाक को लेकर चल रहा था विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरिंदर और जैस्मीन कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में रह रहे थे। पिछले कुछ समय से दोनों के बीच तलाक को लेकर अनबन और विवाद चल रहा था। जैस्मीन के अचानक लापता होने पर उसके चचेरे भाई ने अमेरिकी पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले की जांच के दौरान जब पुलिस ने पति गुरिंदर गिल से सख्ती से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस के अनुसार, गुरिंदर ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपराध को छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को आग के हवाले कर दिया था। पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन नेता की बेटी थीं जैस्मीन मृतका जैस्मीन गिल 'पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन' के नेता जगतार सिंह जलाजण और लुधियाना के डीएमसी (DMC) अस्पताल की सेवानिवृत्त कर्मचारी सुखविंदर कौर रानी की बेटी थीं। परिवारजनों ने बताया कि जैस्मीन की अस्थियां अमेरिका से पंजाब लाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, सात महीने के मासूम बच्चे को फिलहाल अमेरिकी सरकार के बाल कल्याण विभाग की देखरेख में रखा गया है। विदेश में पत्नी की हत्या की दूसरी दिल दहला देने वाली वारदात निहाल सिंह वाला हलके के निवासियों के अनुसार, विदेश में अपने ही क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा पत्नी की हत्या किए जाने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पूर्व, हलका निहाल सिंह वाला के गांव भागीके निवासी केवल सिंह ने बेल्जियम में अपनी पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े करके नदी में बहा दिए थे। उस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करीब 10 साल बाद हुआ था, जिसमें अदालत ने आरोपी केवल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब इस नई वारदात ने एक बार फिर पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
अमेरिका में कंट्रोल, मुंबई में फायरिंग... टाइगर श्रॉफ गोली कांड में बिश्नोई गैंग का नाम
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए और 17 साल के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया. जांच में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम और अमेरिका से उसका कंट्रोल होने की बात सामने आने से बॉलीवुड को धमकाकर उगाही के आरोप फिर केंद्र में हैं.
गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ ‘जग्गू भगवानपुरिया’ की पत्नी अमनदीप कौर पंजाब के सीमावर्ती हलके डेरा बाबा नानक से चुनाव लड़ेंगी। अमेरिका से 3 दिन पहले लौटीं अमनदीप ने 18 अक्टूबर को हलके के गांव सर्फकोट में विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं बताया। जग्गू भगवानपुरिया इस समय असम की सिलचर सेंट्रल जेल में बंद है। अमेरिका में डेंटल की पढ़ाई और वहां की जिंदगी छोड़कर लौटीं अमनदीप ने कहा कि वह डेरा बाबा नानक की ‘बेटी भी हैं और बहू भी’। इसलिए अपने हलके और घर की सेवा करना उनका नैतिक फर्ज है। उन्होंने कहा कि अब वह स्थायी रूप से यहीं रहकर जनता के बीच काम करेंगी। पति पर लगे गैंगस्टर के ठप्पे को लेकर उन्होंने भावुक होते हुए कहा- वे जग्गू नहीं, जगदीप सिंह अठवाल हैं। कोई भी मां के पेट से गैंगस्टर पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनके पति को एक आम इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए और गैंगस्टर का टैग खत्म होना चाहिए। अमनदीप कौर ने ये बड़ी बातें कही…. जग्गू भगवानपुरिया पर 128 से अधिक केस गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया पर पंजाब और अन्य राज्यों में 128 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, फिरौती, जबरन वसूली, नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामले शामिल हैं। वह पंजाबी सिंहग सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी आरोपी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 12 मामले दर्ज हैं। जग्गू साल 2015 से जेल में बंद है और वर्तमान में असम की सिलचर सेंट्रल जेल में है। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब की पॉलिटिक्स में गैंगस्टर्स की कहानी: AAP में सेखों की एंट्री पर विपक्ष मुद्दा बना रहा; जानिए किन गैंगस्टरों ने रखा राजनीति में कदम पंजाब की राजनीति में गैंगस्टरों का दबदबा लंबे समय से रहा है। गैंगस्टर्स को राजनीतिक दलों और नेताओं का सीधा संरक्षण मिलता रहा। जसविंदर सिंह भुल्लर जैसे कई गैंगस्टर राजनीति में आए, जबकि जग्गू भगवानपुरिया जैसों ने अपने परिवार को आगे किया। हालांकि, पंजाब की राजनीति में गैंगस्टर या उनके करीबी कोई बड़ा चुनाव नहीं जीते। (पढ़ें पूरी खबर)
आगरा देश के कुल जूता निर्यात में करीब 28 से 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है और यहां से सालाना लगभग 5,000 करोड़ रुपये के फुटवियर विदेश भेजे जाते हैं।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अमेरिका की वाशिंगटन डिजिटल यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता रमेश राव पायलट का अभिनंदन किया गया। रविवार को यादव धर्मशाला में आयोजित समारोह में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मानित किया। रमेश राव पायलट पिछले 21 वर्षों से सामाजिक और धार्मिक कार्यों के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे हैं। वक्ताओं ने उनकी उपलब्धि को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया और कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। समारोह में महेंद्रगढ़ के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे भी उठाए गए। इनमें महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय स्थापित करने, औद्योगिक विकास के लिए आईएमटी बनाने और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। समारोह की मुख्य अतिथि साध्वी पुष्पा शास्त्री रहीं, जबकि यादव सभा के कनवीनर प्राचार्य लालचंद यादव ने अध्यक्षता की। 21 साल से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रमेश राव पायलट यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के साथ पत्रकार और लेखक के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों की समस्याएं उठाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति के सामाजिक योगदान को सम्मान मिलने से दूसरे लोगों को भी जनहित के कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। महेंद्रगढ़ के विकास के लिए एकजुट होने की अपील रमेश राव पायलट ने अभिनंदन समारोह में पहुंचे सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के लिए लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। उन्होंने जिला मुख्यालय, आईएमटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की मांग को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इन मुद्दों को पूरा कराने के लिए जनसहयोग से व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि महेंद्रगढ़ क्षेत्र का विकास हो और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump
इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?
रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)
ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.
रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका
रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप
अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।
दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
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Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR
विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है
मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग कभी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के करीबी थे। 2021 में फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प का अकाउंट बंद कर दिए, तो उन्होंने जुकरबर्ग को जेल भेजने की धमकी दी थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जुकरबर्ग ने ट्रम्प से रिश्ते सुधार लिए हैं। अब जुकरबर्ग का प्रभाव AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े फैसलों में भी दिख रहा है। AI सुरक्षा समझौते का मसौदा तैयार करने में उनका बड़ा रोल है। जुकरबर्ग ने ट्रम्प से बिगड़े रिश्ते कैसे सुधारे 2021 में अमेरिकी संसद पर हमले के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प के अकाउंट्स पर रोक लगा दी थी। कंपनी को आशंका थी कि ट्रम्प की पोस्ट से हिंसा और बढ़ सकती है। इस फैसले से ट्रम्प नाराज हो गए। उन्होंने जुकरबर्ग पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें उम्रकैद तक की धमकी दी। दोनों के रिश्ते सुधरने की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई। पेंसिल्वेनिया की एक चुनावी रैली में ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ। इस घटना के बाद जुकरबर्ग ने कहा कि गोली लगने के बाद ट्रम्प का उठकर हाथ लहराना उनके जीवन में देखी गई सबसे शानदार चीजों में से एक था। जुकरबर्ग की इस तारीफ के कुछ हफ्ते बाद ट्रम्प ने भी उनके प्रति नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अब वे जुकरबर्ग को पहले से ज्यादा पसंद करते हैं। ट्रम्प के करीब आने के लिए क्या-क्या किया? ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जुकरबर्ग ने उनसे रिश्ते सुधारने के लिए कई कदम उठाए। ट्रम्प से नजदीकी का जुकरबर्ग को फायदा मिला ट्रम्प और जुकरबर्ग की बढ़ती नजदीकी का असर सरकारी फैसलों पर भी दिख रहा है। जुकरबर्ग ने एनवीडिया के CEO जेंसन हुआंग के साथ मिलकर AI सुरक्षा समझौते का शुरुआती मसौदा तैयार किया। पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रम्प और टेक कंपनियों के प्रमुखों की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया। समझौते का मकसद AI के लिए मानक तय करना, उन्हें लागू करना और उनकी जांच कराना है। जुकरबर्ग का मानना है कि AI की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को तकनीकी सुधारों से दूर किया जा सकता है। हालांकि, यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसमें कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ट्रम्प से दोस्ती आगे चलकर भारी भी पड़ सकती है CNN के मुताबिक जुकरबर्ग को ट्रम्प के करीब आने का फायदा मिल रहा है, लेकिन इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर नवंबर में डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद में बहुमत मिलता है या 2028 में उसका राष्ट्रपति बनता है, तो मेटा को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है। पिछले महीने डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने मेटा को लैटर लिखकर पूछा कि कंपनी ने रिपब्लिकन संगठनों और ट्रम्प की पसंदीदा परियोजनाओं को कितना पैसा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा ने ट्रम्प को खुश रखने के लिए भारी रकम खर्च की और अब उसे इसका फायदा मिल रहा है। ट्रम्प के कुछ पुराने सहयोगी भी जुकरबर्ग पर भरोसा नहीं करते। उन्हें लगता है कि जुकरबर्ग की बदली हुई राजनीति के पीछे कोई विचारधारा नहीं, बल्कि अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। यानी जुकरबर्ग ने कभी जिस ट्रम्प से टकराव मोल लिया था, आज उसी के साथ मिलकर AI के भविष्य से जुड़े फैसलों में भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन यह दोस्ती कितनी टिकेगी, इसका फैसला आने वाले चुनाव और अमेरिकी राजनीति का रुख करेगा। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 2 लाख भारतवंशी वोटर्स के नाम कटे: मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प को हार का डर; 2024 में 65% ने विपक्ष को वोट दिया था अमेरिका की वोटर लिस्ट से 2 लाख भारतीय मूल के वोटर्स का नाम कट गया है। इन लोगों के नाम उन 26 राज्यों में काटे गए हैं, जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की सरकार है। पूरी खबर पढ़ें…
H-1B विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव
दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे।
एच-1बी विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव
वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे। यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।
आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद
भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
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अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
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अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
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पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
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अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
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अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
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