क्यूबा पर थोपे गए अमेरिकी प्रतिबन्धों को हटाने के पक्ष में प्रस्ताव पारित
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने क्यूबा पर संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक व वित्तीय प्रतिबन्धों को हटाने के लिए लगातार 34वीं बार प्रस्ताव पारित किया है. हालांकि, इस प्रस्ताव को पिछले दो दशकों में सबसे कम समर्थन मिला है. यूएन महासभा ने चिन्ता व्यक्त की है कि इतने वर्षों से हो रही अपील और प्रस्ताव के लिए समर्थन के बावजूद ये पाबन्दियाँ अब भी जारी हैं.
NIIT Learning Systems ने अमेरिकी कंपनी Blue Water Learning को 167 करोड़ रुपये में खरीदा
एनआईआईटी लर्निंग सिस्टम्स ने अमेरिका के टेक्सास स्थित ब्लू वॉटर लर्निंग में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 167 करोड़ रुपये में हासिल की है। कंपनी ने बताया कि यह अधिग्रहण उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी एनआईआईटी (यूएसए) के माध्यम से किया गया है। इस सौदे का कुल मूल्य 1.76 करोड़ डॉलर (करीब 167 करोड़ रुपये) तक है। इसमें अगले पांच वर्षों के दौरान प्रदर्शन के आधार पर किए जाने वाले अतिरिक्त भुगतान भी शामिल हैं। कंपनी ने कहा, “एनआईआईटी लर्निंग सिस्टम्स लिमिटेड ने ब्लू वॉटर लर्निंग एलएलसी में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है।”वर्ष 2003 में स्थापित ब्लू वॉटर लर्निंग का मुख्यालय टेक्सास के प्लानो में है। यह कंपनी संगठनों को सीखने और प्रतिभा विकास से जुड़े बदलावों की रणनीति बनाने और उन्हें लागू करने में मदद करती है। ब्लू वॉटर अपने ग्राहकों को रणनीति विकसित करने, समाधान लागू करने और दीर्घकालिक सफलता के लिए जरूरी संगठनात्मक बदलावों में सहायता देती है।
वेनेजुएला ऑपरेशन से पहले ट्रंप ने Grok से ली थी सलाह? चैट रिकॉर्ड को लेकर अमेरिका में हलचल
अमेरिकी हाउस की दो कमेटियों के डेमोक्रेटिक नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि वे एलन मस्क के ग्रोक समेत अन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट्स के साथ की गई अपनी बातचीत के रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
वाशिंगटन, 29 अक्टूबर . अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पांच दिन पहले पूर्व President बराक ओबामा और मौजूदा President डोनाल्ड ट्रंप के बीच…
अमेरिका: आईसीई खत्म करने और अरबपतियों पर टैक्स लगाने के मुद्दे पर रो खन्ना और रितेश टंडन में तीखी बहस
ईरान से सीधे बात करना चाहता है अमेरिका, जेडी वेंस ने कट्टरपंथी नेता मोहसेन रेजाई को लिखा पत्र
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शांति वार्ता की पहल की है। उन्होंने कतर के माध्यम से ईरानी नेता मोहसेन रेजाई को पत्र लिखकर सीधी बातचीत का प्रस्ताव दिया है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि जब भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी जारी की जाएगी...
अमेरिका, जापान, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों में सरकारें लोगों को घर में इमरजेंसी राशन, पावर बैंक, पीने का पानी वगैरह जमा करने को कह रही हैं। ब्रिटेन का कहना है कि रूस उस पर बड़ा हमला करने की तैयारी में है। अमेरिका अपने सैन्य अड्डों में 90 दिन तक का खाना, हथियार और ईंधन जुटा रहा है। ट्रम्प कह चुके हैं कि तीसरा विश्व युद्ध नजदीक है। क्या वाकई दुनिया में कुछ बड़ा होने वाला है और इन हालात के लिए कौन जिम्मेदार, पूरी कहानी समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… ब्रिटेन, अमेरिका, जापान और यूरोप के कई देशों में सामान स्टॉक करने को कहा गया है… ब्रिटेन का ‘बी रेडी’ कैंपेन: 3 दिन का राशन स्टोर करने को कहा गया ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर से 'बी रेडी' कैंपेन शुरू किया है। इसकी वेबसाइट पर लिखा है कि जब तक रेस्क्यू टीम न पहुंचे, तब तक जरूरी चीजें कम नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए 3 दिन काफी हैं। लोगों से कहा गया है कि 9 लीटर पानी, 3 दिन का खाना, टॉर्च, बैटरी, फर्स्ट-एड किट, कैश, पावर बैंक, बाथरूम प्रोडक्ट, कंबल, ID प्रूव की फोटोकॉपी और रेडियो जुटा लें। कहा गया है कि इसका मकसद प्राकृतिक आपदा, जंग, आतंकी हमलों और जंग जैसी इमरजेंसी के लिए तैयारी करना है। रेसक्यू टीम एक साथ हर जगह नहीं पहुंच सकती। तब तक ये इंतजाम लोगों को जिंदा रखेंगे। डिफेंस सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा है, 'दुश्मन के हमले हमारे रोजमर्रा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हे खतरे अब मनगढ़ंत नहीं, असली हैं। अमेरिका का ‘किला’: 90 दिन बिना बाहरी मदद काम करेंगे सैन्य बेस अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन मुख्य सैन्य अड्डों को बिना बाहरी मदद के 90 दिन तक काम करने के लिए तैयार कर रहा है। अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'फोर्ट्रेस', यानी किला नाम की ये योजना लॉन्च की। इसके तहत सैन्य ठिकाने अपने लिए बिजली बनाएंगे। जंग के हालात में अगर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो जाए, तो भी ये बाहरी बिजली और ईंधन के बिना ये सैन्य अड्डे काम करते रहेंगे। सैन्य अड्डों पर पानी, बिना बिजली और इंटरनेट के कम्युनिकेशन के भी इंतजाम किए जा रहे हैं। गोला-बारूद, जरूरी मिनरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेयर पार्ट्स और मेडिकल सप्लाई के स्ट्रेटेजिक रिजर्व तैयार किया जा रहे हैं। मिलिट्री की जरूरी चीजों के लिए, दो सप्लायर या प्रोड्यूसर होंगे, ताकि किसी एक को खोने पर ऑपरेशन न रुके। अमेरिका 17 नवंबर को अपने इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम (EAS) को पूरे देश में टेस्ट करने वाला है। जापान की अर्जेंट रिक्वेस्ट: 3 से 7 दिन का खाना-पानी स्टोर करें जापान की सरकार ने भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की तैयारी के नाम पर लोगों से कम-से-कम 3 से 7 दिन तक का खाना-पानी जमा करने के लिए कहा है। 2 नवंबर को ये एलान होगा। डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्री गोशी होसोनो ने कहा है, 'घर पर खाना, टॉयलेट का सामान, जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान और पानी स्टोर करें, ताकि सरकार के सपोर्ट के बिना काम चल सके।' कई यूरोपीय देशों ने भी एक्शन लिया है… हां, 2 तरह के खतरे बताए जा रहे हैं.. 1. दुनिया में बड़ी जंग छिड़ सकती है 2. पूरी दुनिया में बड़ा साइबर अटैक कई अंग्रेजी अखबारों में AI और तकनीक से जुड़ी 3 हालिया घटनाओं का जिक्र है... प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में खामी, सरकारी वेबसाइट बंद करनी पड़ीं: इसी महीने PHP प्रोग्रामिंग भाषा में सुरक्षा खामी का पता चला। इसके चलते ब्रिटेन में 32 ऑनलाइन सरकारी वेबसाइट बंद करनी पड़ीं। नीदरलैंड्स, फिनलैंड, फ्रांस और दूसरे यूरोपीय देशों में भी यही हुआ। PHP दुनिया की 70% वेबसाइट्स में इस्तेमाल होती है। रूस ने समुद्र में इंटरनेट केबल काटने की कोशिश की: रॉयटर्स के मुताबिक, 2026 में ब्रिटेन, नॉर्वे और अमेरिका ने आर्कटिक के समुद्री इलाके में रूस की एक ड्रिल रोकी। रूसी पनडुब्बियां चुपचाप समुद्र के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल डीएक्टिवेट कर रही थीं। इन केबल के जरिए दुनिया भर में इंटरनेट चलता है। फ्रांस में हैकर्स ने तापमान बढ़ाकर फ्रीजर में आग लगा दी: 12 अक्टूबर को हैकर्स ने फ्रांस की सैकड़ों सुपरमार्केट के फ्रीजर को रिमोट से कंट्रोल करके तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा दिया। 3 वजहें हैं… दुनिया में कई मोर्चों पर जंग या जंग जैसे हालात बने 2. शीत युद्ध की तरह अमेरिका और रूस-चीन में टकराव की आशंका 3. AI बेस्ड वॉरफेयर पर कोई ग्लोबल कंट्रोल नहीं ***** ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर: अमेरिका ने ईरान जंग में हर मिनट ₹6 करोड़ लुटाए:क्या 28 लाख करोड़ हर्जाना और देना पड़ेगा; आखिर ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ये जंग अमेरिका को ईरान जंग का हर सेकेंड 10 लाख रुपए का पड़ा। रोजाना करीब 9,400 करोड़ रुपए। 107 दिन बाद जंग खत्म करके भी मुसीबत नहीं टली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए और देने पड़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
करवा चौथ पर चांद को तरसीं प्रीति जिंटा, अमेरिका में बादलों ने बढ़ाई मुश्किल
करवा चौथ पर अमेरिका में प्रीति जिंटा ने पति जीन गुडइनफ के लिए व्रत रखा, लेकिन बादलों के कारण उन्हें चांद नहीं दिखा. जानिए, सोशल मीडिया पर उन्होंने क्या पूछा और फैंस ने कैसे मजेदार जवाब दिए.
गुरुग्राम में शराब ठेकेदार से विदेश में बैठे गैंगस्टर के नाम पर रंगदारी मांगने के आरोप में एक नाबालिग सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने इंटरनेट से वर्चुअल विदेशी नंबर का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया था।
अमेरिका-ईरान वार्ता: तनाव घटाने के लिए मध्यस्थ सक्रिय
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर समेत कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर असहमति के कारण समझौते की राह आसान नहीं है। The post अमेरिका-ईरान वार्ता: तनाव घटाने के लिए मध्यस्थ सक्रिय appeared first on Rashtriya Ujala .
अमेरिकी Federal Reserve ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, महंगाई पर बनी रहेगी नजर
अमेरिकी Federal Reserve ने 28 अक्टूबर को हुई बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया। बैंक ने महंगाई के ऊंचे स्तर और मजबूत आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए आगे के फैसले के लिए नए आंकड़ों का इंतजार करने का संकेत दिया। The post अमेरिकी Federal Reserve ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, महंगाई पर बनी रहेगी नजर appeared first on Rashtriya Ujala .
USA: ईरान के साथ युद्ध में 47 अरब डॉलर खर्च, अमेरिकी खजाने पर बढ़ रहा दबाव, ट्रंप मुश्किलों में
इंटरनेट डेस्क। ईरान के साथ युद्ध लड़ते लड़ते अमेरिका आर्थिक संकट की और बढ़ गया है। गत फरवरी में शुरू हुए इस युद्ध में अमेरिका ने अब तक 47 अरब डॉलर खर्च किए हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने पिछले सप्ताह संसद को यह जानकारी दी। इसमें बताया गया है कि 16 अक्टूबर तक ईरान युद्ध का खर्च बढ़कर 47.1 अरब डॉलर हो गया था। मीडिया रिपोटर्स की माने तो कुल खर्च का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा बम, मिसाइलों और अन्य हथियारों पर खर्च हुआ। यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप फिलहाल कोई बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू करने से परहेज किया है। पेंटागन ने पिछले महीने सांसदों को अनुमानित खर्च की जानकारी साझा की थी। हालांकि इसके करीब छह सप्ताह बाद पेंटागन के ताजा आंकड़े में लगभग 3.5 अरब डॉलर अतिरिक्त खर्च की बात है। pc- axios.com
साहित्य और सिनेमा में दिखने वाली अनगिनत कहानियों के पीछे कुछ युनिकर्सल ढांचे काम करते हैं। राइटर कर्ट वोनगट के Shapes of Stories वाले थ्योरी और 1700 से अधिक नोवल्स के 'सेंटिमेंट एनालिसिस' से यह सिद्ध हुआ है कि ज्यादातर कहानियां छह प्रमुख पैटर्नंस पर आधारित होती हैं।
अमेरिका में करवा चौथ मना रहीं प्रीति जिंटा, बोलीं- क्या चांद गायब हो गया है?
मुंबई, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने पति जीन गुडइनफ के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है। आसमान में छाए बादलों की वजह से उन्हें अमेरिका में चांद दिखने का इंतजार करना पड़ रहा है।
पाकिस्तान को अमेरिकी F-16 सहायता पर भारत की चिंता: क्या बदलेगी रणनीति?
पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्तावित अमेरिकी सहायता पैकेज ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को फिर चर्चा में ला दिया है। जानिए इस पैकेज का उद्देश्य, भारत की प्रमुख आशंकाएं और बदलती क्षेत्रीय परिस्थितियों में भारत की संभावित रणनीति। The post पाकिस्तान को अमेरिकी F-16 सहायता पर भारत की चिंता: क्या बदलेगी रणनीति? appeared first on Rashtriya Ujala .
चीन और अमेरिका के परे, नए वैश्विक गठबंधन की अपील करते मैर्त्स
जर्मन चांसलर ने जापान से नियम आधारित व्यवस्था के लिए नए वैश्विक गबंधन का समर्थन करने की अपील की है.
पश्चिम एशिया संघर्ष: अमेरिका के संभावित हमलों के बीच खामेनेई ने दिया क्या संदेश? पेजेश्कियान ने कही ये बात As-US-israel-mulls-fresh-strikes-iran-mojtaba-khamenei-wants-end-neither-war-nor-peace-talks
अमेरिका में ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलाव, एक्सपर्ट्स से जानिए भारतीय बाजारों पर क्या होगा इसका असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार, 28 अक्टूबर को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। सितंबर में दरों में 0.25 प्रतिशत (quarter-percentage-point) की बढ़ोतरी के बाद,पॉलिसी मेकर्स ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेतों और लगातार बनी हुई महंगाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। यूएस फेड के दो अधिकारियों ने इस फैसले का विरोध किया और वे दरों में एक और बढ़ोतरी के पक्ष में थे।फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) ने अपने बेंचमार्क फेडरल फंड्स रेट को 3.75-4 प्रतिशत की रेंज में ही बनाए रखा है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप है। इस फैसले को 10-2 के वोट से मंजूरी मिली। फेड गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में थीं।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमारकी रायजियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि फेड द्वारा उम्मीद के मुताबिक दरों को बरकरार रखना ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए थोड़ा पॉडिटिव है। हालांकि, भारत के नजरिए से देखें तो चुनौतियां अभी भी काफी मजबूत बनी हुई हैं। 10-ईयर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5% के आसपास बनी हुई है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसी खबरें हैं कि चिप की कमी की समस्या 2030 तक बनी रहेगी, जिससे दक्षिण कोरिया और ताइवान में चिप स्टॉक्स और AI ट्रेड में फिर से तेजी बढ़ गई है। इसका मतलब यह है कि विदेशी निवेशक भारत को नजरअंदाज करते हुए AI और AI से जुड़े स्टॉक्स में पैसा लगाना जारी रखेंगे।आने वाले बजट में LTCG टैक्स में राहत मिलने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। ऐसा लगता है कि अब यह कोई विकल्प की बात नहीं रह गई है। इतनी बड़ी मात्रा में पूंजी का बाहर जाना (2026 में अब तक 31 अरब डॉलर) भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक इंडीकेटरों पर असर डाल रहा है। कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहने से व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा (current account deficit) बढ़ेगा, जिससे रुपये की कीमत गिरेगी और आयातित महंगाई (imported inflation) बढ़ेगी। इससे पहले से ही मौजूद ऊंची महंगाई और गंभीर हो जाएगी। इस साल मानसून की भारी कमी के कारण महंगाई और भी बढ़ती रहेगी।कर्मा कैपिटल के थॉमस प्रिजुकी रायकर्मा कैपिटल के पोर्टफोलियो मैनेजर थॉमस प्रिजु का कहना है कि हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75%–4.00% पर बरकरार रखा है, लेकिन यह फैसला ग्लोबल इक्विटी बाजारों के लिए जरूरी नहीं कि कोई नरम संकेत (dovish signal) हो। 10–2 के वोट (जिसमें दो नीति-निर्माताओं ने 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का सपोर्ट किया) से समिति के भीतर मतभेद का पता चलता है। खासकर ऐसे समय में जब महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, यह मतभेद और भी अहम हो जाता है। अर्थव्यवस्था को लेकर फेड का आकलन और आगे ब्याज दरें बढ़ने की संभावना यह बताती है कि इस ठहराव को 'टाइटैनिक साइकिल' (कठोर मौद्रिक नीति के दौर) के अंत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। असल में, बाजार अब दिसंबर में एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए इसके नतीजे काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अमेरिकी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी के निवेश पर दबाव पड़ेगा। इसके चलते निफ्टी में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) बढ़ सकता है। महंगे वैल्यूएशन वाले शेयर और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश पर निर्भर रहने वाले सेक्टर,ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थितियों में होने वाले बदलावों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रह सकते हैं।हालांकि,भारतीय बाजारों पर इसका असर घरेलू अर्निंग ग्रोथ, वैल्यूएशन और विदेशी निवेशकों के रुख पर भी निर्भर करेगा। निवेशकों को सोच-समझकर चुनाव करना चाहिए और ऐसी कंपनियों पर फोकस चाहिए जिनकी अर्निंग की स्थिति स्पष्ट हो और जिनकी बैलेंस शीट मज़बूत हो। साथ ही,उन्हें भविष्य में ब्याज दरों की दिशा का अंदाजा लगाने लिए अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों और यूएस फेड (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) के बयानों पर भी नजर रखनी चाहिए।Trading Ideas : सुस्त शुरुआत के बाद बाजार ने पकड़ी अच्छी रफ्तार, कुछ ही दिनों में मोटी कमाई के लिए इन शेयरों पर रहे नजरडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
इंटरनेट डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने फिलीपींस दौरे के दौरान सेबू में 13वें आसियान डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस में हिस्सा लिया। यहां उनकी मुलाकात अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ से हुई। मीडिया रिपोटर्स की माने तो इस मुलाकात में उन्होंने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को एफ-16 फाइटर जेट से जुड़ा सस्टेनेंस पैकेज और उन्नत सैन्य तकनीक दिए जाने पर भारत की गंभीर चिंता व्यक्त की। सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह ने हेगसेथ से साफ कहा कि भारत अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को एफ-16 कार्यक्रम से संबंधित उन्नत फाइटर जेट सपोर्ट पैकेज दिए जाने का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को दी जा रही संवेदनशील तकनीक तीसरे देश में पहुंच सकती है।अमेरिका ने पाकिस्तान को 64.9 करोड़ डॉलर का एफ-16 सपोर्ट और अपग्रेड पैकेज देने का फैसला किया है। इसमें एवियोनिक्स अपग्रेड, क्रिप्टोग्राफिक मॉड्यूल, मिशन प्लानिंग टूल्स, स्पेयर पार्ट्स, सिम्युलेटर, ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट शामिल है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को संरक्षण दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अमेरिकी समकक्ष से कहा कि अमेरिका को आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे मापदंड से बचना चाहिए। pc- india tv hindi
सोल, 29 अक्टूबर . उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को दक्षिण कोरिया, अमेरिका और उनके सहयोगी देशों ने जरूरी बताया है. इन देशों ने प्योंगयांग के परमाणु हथियारों…
Cuba पर अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ UNGA प्रस्ताव का भारत ने किया समर्थन
भारत ने क्यूबा के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। भारत ने यह दोहराया कि कैरेबियाई देश को अपनी विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करने के लिए इन प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने बुधवार को इस प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें 130 देशों ने पक्ष में मतदान किया, 17 ने विरोध में मतदान किया और 25 देश अनुपस्थित रहे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर सौम्या नायर ने भारत का वक्तव्य देते हुए कहा कि महासभा ने बार-बार प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया है और उन कानूनों एवं विनियमों को खारिज किया है जिनके बाह्यक्षेत्रीय प्रभाव होते हैं, जो अन्य राष्ट्रों की संप्रभुता तथा उनके लोगों की प्रगति व समृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप ऐसे कानूनों और उपायों को लागू करने व जारी रखने से परहेज करने तथा उन्हें निरस्त व अमान्य करने के महासभा के आह्वान को दोहराता है।’’नायर ने कहा कि बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता इस विश्वास पर टिकी है कि अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार संवाद और कूटनीति के माध्यम से सबसे बेहतर तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी भावना के साथ भारत उम्मीद करता है कि क्यूबा के लोगों को अंतरराष्ट्रीय सहयोग में पूर्ण रूप से भाग लेने और अपनी वैध विकास आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाने वाला माहौल तैयार करने के लिए इस प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटा दिया जाएगा।’’संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए, नायर ने क्यूबा की अर्थव्यवस्था और आवश्यक सेवाओं पर इन प्रतिबंधों के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि क्यूबा की स्वास्थ्य प्रणाली को 60 प्रतिशत से अधिक आवश्यक दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पिछले पांच वर्षों में खाद्य उत्पादन में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। नायर ने कहा, ‘‘क्यूबा को ईंधन निर्यात पर लगे प्रतिबंधों ने देश के मौजूदा ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। इस कमी ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जल आपूर्ति, खाद्य वितरण और परिवहन सहित आवश्यक सेवाओं को बाधित कर दिया है।’’
ट्रंप : रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से रूसी डीजल के आयात को दी गई छूट को रद्द करने के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सांसदों ने मिलकर एक विधेयक पेश किया है। सांसदों का कहना है कि यह छूट वर्ष 2022 के उस कानून का उल्लंघन करती है, जिसके तहत रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था।
Mecca Pact In Iran के बीच ईरान ने अमेरिका के दोस्त Saudi को क्यों घेरा? Khalid bin Salman | MBS
मीटिंग में ईरान ने पूछा है कि अमेरिका के साथ उसके जो डायलॉग चले हैं..जिसके विरोध में रहा है सऊदी अरब...उस पर सवाल अब ईरान ने उठाए हैं...गौरतलब है कि जब 40 दिनों की जंग के बाद इस्लामाबाद में जब एमओयू साइन हुआ था तो उस समय सऊदी अरब,यूएई,बहरीन जैसे मुल्कों ने इसका विरोध किया था
संयुक्त राष्ट्र: क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ भारत का मतदान, प्रस्ताव को मिला कितने देशों का समर्थन? india-supports-unga-resolution-calling-for-end-us-embargo-on-cuba
दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के सबसे बड़े देश ब्राजील (Brazil) की राजनीति से इस वक्त एक बहुत ही बड़ी, सनसनीखेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा देने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में संपन्न हुए ब्राजीलियाई राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों के बाद देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और प्रभावशाली सीनेटर फ्लैवियो बोल्सोनारो (Flvio Bolsonaro) ने आधिकारिक चुनाव परिणामों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिका पहुंच चुके फ्लैवियो ने दावा किया है कि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Incio Lula da Silva) की जीत पूरी तरह से धांधली पर आधारित है और उन्होंने खुद को देश का 'असली राष्ट्रपति' घोषित कर दिया है। इस राजनीतिक ड्रामे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि फ्लैवियो बोल्सोनारो के इस बगावती तेवर के पीछे की पूरी कहानी क्या है और उन्होंने अमेरिका से क्या-क्या गंभीर आरोप लगाए हैं।चुनाव परिणामों को ठुकराते हुए फ्लैवियो बोल्सोनारो ने खुद को बताया असली राष्ट्रपतिब्राजील की राजनीति में पिछले कुछ समय से उथल-पुथल मची हुई है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। चुनाव में अपनी पार्टी और वैचारिक धड़े की हार के बाद फ्लैवियो बोल्सोनारो अपने परिवार के साथ देश छोड़कर अमेरिका जा चुके हैं। वहां से उन्होंने ब्राजील की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के नाम एक लंबा और तीखा बयान जारी किया है।अपने इस बयान में फ्लैवियो ने साफ तौर पर कहा कि वे देश में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत में बड़े पैमाने पर चुनावी फर्जीवाड़ा और धांधली की गई है। इतना ही नहीं, खुद को ब्राजील का असली राष्ट्रपति बताते हुए उन्होंने यह हुंकार भरी है कि वे विदेश में रहकर भी अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि उनकी अपनी पार्टी 'लिबरल पार्टी' (PL) पहले ही आधिकारिक चुनाव परिणामों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर चुकी है, लेकिन फ्लैवियो के इन बयानों ने पार्टी लाइन से हटकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।मैं भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील की भलाई के लिए बाहर आया हूं - फ्लैवियो की सफाईदेश छोड़कर अमेरिका जाने के बाद से ही फ्लैवियो के पलायन को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके देश छोड़ने को 'भागना' या भगोड़ा होना बिल्कुल नहीं समझा जाना चाहिए।फ्लैवियो ने अपने बचाव में कहा, मैं यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं ब्राजील से भागा नहीं हूं, बल्कि ब्राजील और वहां की जनता की भलाई के लिए ही विदेश आया हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्राजील में मौजूदा समय में राजनीतिक उत्पीड़न और एक तरह की तानाशाही जैसा माहौल बन चुका है। यदि वे इस स्थिति में देश के भीतर ही रहते, तो वे खुलकर अपनी पार्टी और विपक्ष का नेतृत्व नहीं कर पाते। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का परोक्ष रूप से आभार व्यक्त करते हुए वैश्विक समर्थन की उम्मीद जताई है।चुनाव में फर्जीड़े के गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट पर भी साधा निशानाअपनी बात को वजन देने के लिए फ्लैवियो बोल्सोनारो ने दावा किया कि 25 अक्टूबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में गणितीय रूप से असंभव खेल खेला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को पहले और दूसरे दौर के मतदान के बीच अचानक 10 लाख से अधिक वोट मिल गए, जो बिना धांधली के संभव नहीं है। इसके अलावा उन्होंने मतदान का समय बढ़ाए जाने और न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, उनके इन तमाम गंभीर दावों के समर्थन में अभी तक कोई भी पुख्ता या आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया गया है।इसके साथ ही, फ्लैवियो ने ब्राजील के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शीर्ष अदालत उनके और उनके पूरे परिवार के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत साजिशें रची जा सकती हैं, जिसमें उनका पासपोर्ट जब्त करना या उन्हें हाउस अरेस्ट करना शामिल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई नया गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं हुआ है और उन्होंने कोई कानूनी अपराध नहीं किया है।अमेरिका से ही संभालेंगे विपक्ष की बागडोर, सीनेट चुनाव को लेकर बनाई रणनीतिविदेश की धरती से अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने का ऐलान करते हुए फ्लैवियो ने अपनी तुलना इतिहास के महान नेताओं से की। उन्होंने खुद की तुलना फ्रांस के प्रसिद्ध नेता चार्ल्स डी गॉल और वेनेजुएला के प्रमुख विपक्षी नेताओं से करते हुए घोषणा की कि वह अमेरिका में सुरक्षित रहकर ही ब्राजील के मुख्य विपक्ष की कमान संभालेंगे।उन्होंने अपने समर्थकों को आश्वस्त किया कि वे ब्राजील के उन तमाम नागरिकों की आवाज बनते रहेंगे जो वर्तमान में सरकार के डर से खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। भविष्य की राजनीतिक रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि वे आगामी सीनेट अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सीनेटर रोजेरियो मारिन्हो के नाम का पूर्ण समर्थन करते हैं। साथ ही, उन्होंने वादा किया कि वे जल्द ही बेहद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से देश के बिखरे हुए विपक्ष को एकजुट करने की एक व्यापक योजना का खुलासा करेंगे। ब्राजील की राजनीति का यह नया अध्याय आने वाले दिनों में देश और दुनिया की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।Frequently Asked Questions (FAQs)Q1: फ्लैवियो बोल्सोनारो कौन हैं? Ans: फ्लैवियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जाइर बोल्सोनारो के बेटे और देश के एक प्रमुख सीनेटर हैं, जो हाल ही में चुनाव परिणामों के बाद अमेरिका चले गए हैं।Q2: फ्लैवियो ने ब्राजील के चुनाव को लेकर क्या आरोप लगाए हैं? Ans: उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत फर्जी है। उन्होंने खुद को देश का 'असली राष्ट्रपति' बताया है।Q3: क्या ब्राजील की मुख्य पार्टी ने इन नतीजों को स्वीकार किया है? Ans: हां, फ्लैवियो की अपनी पार्टी 'लिबरल पार्टी' (PL) आधिकारिक चुनाव परिणामों को पहले ही स्वीकार कर चुकी है, लेकिन फ्लैवियो और उनके समर्थक इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।
छोटे से देश के लिए अमेरिका के खिलाफ खड़ा हो गया भारत, संयुक्त राष्ट्र में जमकर हंगामा
UNGA की बैठक में अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। अमेरिकी अधिकारी को झूठा भी कहा गया। 130 देश US के खिलाफ खड़े हो गए। मामला एक छोटे से देश पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़ा है।
वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क। वैश्विक वित्तीय बाजारों की सांसें थाम देने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक संपन्न हो गई है। केंद्रीय बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने बैठक के बाद आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि फेडरल फंड्स रेट (ब्याज दरों) में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 4.00% के मौजूदा दायरे में यथावत बरकरार रखा गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाओं, अमेरिकी श्रम बाजार (Labor Market) के सुस्त होते आंकड़ों और मुद्रास्फीति के दबावों के बीच फेड के इस कदम को एक संतुलित और सतर्क कदम माना जा रहा है। दुनिया भर के इक्विटी और डेट मार्केट्स के लिए यह एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है, क्योंकि किसी भी अप्रत्याशित दर वृद्धि (Rate Hike) से अंतरराष्ट्रीय लिक्विडिटी पर गंभीर दबाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा था।फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल का रुख: 'वेट एंड वॉच' की नीति पर जोरपॉलिसी स्टेटमेंट जारी करने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक वर्तमान आर्थिक आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण कर रहा है।मुद्रास्फीति और 2% का लक्ष्य: पॉवेल ने कहा कि हालांकि मुद्रास्फीति अपने उच्चतम स्तरों से नीचे आई है, लेकिन यह अभी भी फेड के अनिवार्य 2% के दीर्घकालिक लक्ष्य के करीब स्थिर होने की प्रक्रिया में है। जब तक मुद्रास्फीति के टिकाऊ रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ने का पूरा भरोसा नहीं मिल जाता, तब तक दरों में आक्रामक कटौती (Aggressive Rate Cut) का जोखिम नहीं उठाया जा सकता।आर्थिक विकास और रोजगार बाजार: अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च स्थिर बना हुआ है, लेकिन नौकरियों के सृजन (Non-Farm Payrolls) की गति पूर्व की तुलना में संतुलित हुई है। ऐसे में दरों को 4% पर रोककर फेड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अर्थव्यवस्था मंदी (Hard Landing) में न फंसे और एक 'सॉफ्ट लैंडिंग' (Soft Landing) हासिल की जा सके।वैश्विक और एशियाई बाजारों पर सकारात्मक असरफेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी न करने के फैसले का तुरंत सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों पर दिखाई दिया:वॉल स्ट्रीट में स्थिरता: फैसले की घोषणा के बाद अमेरिकी बेंचमार्क इंडेक्स एसएंडपी 500 (S&P 500), नैस्डैक (Nasdaq) और डॉव जोन्स (Dow Jones) में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली और टेक शेयरों में मजबूती आई।अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड (US Treasury Yield) में तात्कालिक नरमी दर्ज की गई, जिससे जोखिम भरे एसेट्स (Equities) के प्रति निवेशकों का आकर्षण फिर से बढ़ा।एशियाई बाजारों में हरियाली: टोक्यो का निक्केई 225, हांगकांग का हैंग सेंग और सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते नजर आए, जिससे यह संकेत मिला कि एशियाई फंड्स से भारी डॉलर आउटफ्लो का तत्काल डर टल गया है।भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं इसके मायने?फेडरल रिजर्व के इस फैसले का भारतीय घरेलू अर्थव्यवस्था, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नीति और दलाल स्ट्रीट (Sensex & Nifty) पर बहुआयामी असर पड़ेगा:विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली पर लगाम: पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से भारतीय इक्विटी बाजार में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे थे। फेड द्वारा दरें न बढ़ाने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आने से विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली की रफ्तार धीमी हो सकती है, जिससे घरेलू बाजार को सपोर्ट मिलेगा।रुपये और कच्चे तेल का संतुलन: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव कम होने से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) को मजबूती मिलेगी। मजबूत रुपये के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) और इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात बिल को नियंत्रित रखने में भारत को मदद मिलेगी।आरबीआई (RBI) को मिलेगी पॉलिसी में राहत: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के पास अब अपनी आगामी समीक्षा बैठकों में घरेलू प्राथमिकताओं—जैसे आर्थिक वृद्धि और त्योहारों के बाद मांग के रुझान—के आधार पर फैसले लेने की अधिक स्वायत्तता होगी। फेड की दरों में स्थिरता के चलते भारत में फिलहाल दरों को लेकर किसी अचानक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।फेडरल रिजर्व के इस 'पॉज' (Pause) के बाद अब वैश्विक विश्लेषकों का ध्यान आने वाले महीनों में जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति और जीडीपी आंकड़ों पर टिक गया है, जो यह तय करेंगे कि 2027 की शुरुआत में दरों में पहली कटौती का रास्ता कब खुलेगा।
अमेरिका में करवा चौथ पर मेहंदी लगवाने के कितने डॉलर लगते हैं?
अमेरिका में मेहंदी लगवाने की कीमत 20 डॉलर यानी करीब 1,800 रुपये से शुरू हो सकती है. वहीं, दिल्ली और मुंबई में मेहंदी के चार्ज डिजाइन, आर्टिस्ट के अनुभव और ब्राइडल मेहंदी के हिसाब से बदलते हैं. जानिए अमेरिका, दिल्ली और मुंबई में मेहंदी लगवाने के खर्च में कितना अंतर है.
अमेरिका में 'RSS फ्रेंड्स' का रजिस्ट्रेशन, फॉरेन एजेंट के रूप में दर्ज कराया नाम
'आरएसएस फ्रेंड्स' ने फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (एफएआरए) के तहत यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में अपना रजिस्ट्रेशन कराया. समूह ने आरएसएस को भारत स्थित एक वॉलिंटियर और सोशल कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में डिस्क्राइब किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ओहियो रैली में की भारतीय मूल के रामास्वामी को जिताने की अपील
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क्या है ऑपरेशन सुपरचार्ज?: चीन की चुनौती को मिलकर जवाब देंगे अमेरिका-जापान, बनाएंगे ये घातक मिसाइलें
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ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिकी बम?: खाड़ी देशों को सता रहा हमले का डर, तेहरान के लिए क्या है ट्रंप की योजना? Will American bombs fall on Iran again Gulf nations fear an attack what is Trump’s plan for Tehran
ट्रंप के रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक
वाशिंगटन, 29 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से रूसी डीजल के आयात को दी गई छूट को रद्द करने के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन…
वाशिंगटन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने स्थानीय समय अनुसार बुधवार को 10 लोगों और एक संस्था पर प्रतिबंध लगा दिया, जिन पर उत्तर कोरियाई आईटी वर्कर स्कीम का समर्थन करने का आरोप है। आरोप है कि यह नेटवर्क अमेरिकी कंपनियों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था और हथियार कार्यक्रमों के लिए पैसे जुटा रहा था।
मोंटाना में भारतीय मूल के शख्स पर नस्लीय टिप्पणी का आरोप, 21 वर्षीय अमेरिकी युवक गिरफ्तार
मोंटाना में भारतीय मूल के शख्स पर नस्लीय टिप्पणी का आरोप, 21 वर्षीय अमेरिकी युवक गिरफ्तार
Avengers Doomsday release date in india : दीवाली काउंडटाउन शुरू हो गया है, जिसके चलते मार्वल स्टूडियोज की ओर से भारत को दिवाली का सबसे बड़ा तोहफा मिला है. दरअसल, डॉक्टर डूम (रॉबर्ट डाउनी जूनियर) और स्टीव रोजर्स (क्रिस इवांस) ने फैंस को खास शुभकामनाएं देते हुए ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ के भारत में रिलीज होने का ऐलान कर दिया है.
यूएसटीआर ने भारत की फिशरीज सब्सिडी को बताया चिंता का विषय, कहा- अमेरिकी मछुआरों पर पड़ रहा असर
यूएसटीआर ने भारत की फिशरीज सब्सिडी को बताया चिंता का विषय, कहा- अमेरिकी मछुआरों पर पड़ रहा असर
अमेरिका में संघ की पहुंच बढ़ाएगा आरएसएस फ्रेंड्स: विदेशी एजेंट के रूप में कराया पंजीकरण, जानें क्या है लक्ष्य rss-friends-registers-us-foreign-agent-outreach-correct-inaccuracies
ब्राजील में चुनावी हार के बाद फ्लावियो का खुला पत्र, अमेरिका पहुंचकर बोले-विदेश से करेंगे विपक्ष का नेतृत्व
बिहार में मिट्टी के बर्तनों पर उकेरी कला, कुम्हारों के हुनर को अमेरिका-यूरोप तक मिला बाजार
Indian Handmade Terracotta Products : मुजफ्फरपुर में उद्यमी डॉ. ऋतुराज की पहल से पारंपरिक कुम्हारी कला को आधुनिक रूप दिया जा रहा है, जिससे मिट्टी के बर्तनों पर मिथिला सहित विभिन्न कला शैलियों का समावेश हो रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, महंगाई के चलते आगे बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अमेरिका में महंगाई का दबाव कम नहीं हो रहा है और आम लोगों के लिए रोजमर्रा की चीजें महंगी बनी हुई हैं। इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
उइगरों से करा रहे थे जबरन मजदूरी! अमेरिका ने चीन के BGI ग्रुप के प्रोडक्ट कर दिए बैन
अमेरिका ने चीन की प्रमुख बायोटेक कंपनी BGI ग्रुप, BGI जीनोमिक्स और MGI टेक के प्रोडक्ट के आयात पर रोक लगा दी है. अमेरिकी प्रशासन ने इन कंपनियों पर शिनजियांग क्षेत्र में उइगर समुदाय समेत जातीय अल्पसंख्यकों से जबरन मजदूरी कराने का आरोप लगाया है.
भागलपुर के कलाकार छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाले सूपों पर मंजूषा कला उकेरेंगे। इस काम के लिए उन्हें अमेरिका से ऑर्डर मिला है। मंजूषा गुरु मनोज पंडित और उनकी टीम सूपों को सजाने में जुटी है। इन पर बनी कला अंग क्षेत्र की पहचान को अमेरिका तक पहुंचाएगी। छठ पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पारंपरिक सूप का इस्तेमाल किया जाता है। अब इन सूपों पर भागलपुर की मंजूषा कला भी नजर आएगी। छठ में सूप का विशेष महत्व है छठ में सूप का अपना विशेष महत्व है। व्रती इसी सूप में पूजन सामग्री, फल और अन्य प्रसाद सजाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा बिहार की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। अब इसी परंपरा में भागलपुर की मंजूषा कला के रंग भरने की कोशिश की जा रही है। सूप पर जब मंजूषा के पारंपरिक चित्र और आकर्षक आकृतियां उभरेंगी, तो उसमें छठ की आस्था के साथ अंग प्रदेश की लोक संस्कृति भी दिखाई देगी। यह पहल परंपरा को नया रूप देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी बन सकती है।सबसे खास बात यह है कि इस बार इन सूपों की कहानी भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगी। अमेरिका में रहने वाले छठ श्रद्धालुओं तक पहुंचने वाले ये सूप अपने साथ उस धरती की पहचान भी लेकर जाएंगे, जहां मंजूषा कला की परंपरा सदियों से जीवित है।नोज पंडित बोले—ऑर्डर बहुत हैं, लेकिन हर सूप को मंजिल तक पहुंचाना भी जरूरीमंजूषा गुरु मनोज पंडित के मुताबिक, मंजूषा कला से सजे सूपों की मांग लगातार बढ़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। अमेरिका के अलावा बजाना संस्था और इनपावर टू अर्न जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी मांग सामने आ रही है।मनोज पंडित बताते हैं कि फिलहाल करीब 100 से 200 सूपों के ऑर्डर मिले हैं। मांग बढ़ने से कलाकारों में उत्साह है, लेकिन उनके सामने उत्पादन और समय पर आपूर्ति की चुनौती भी है। कलाकार अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रहे मनोज का कहना है कि ऑर्डर मिलना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि जितने ऑर्डर लिए जाएं, उन्हें तैयार करके सही समय पर संबंधित लोगों तक पहुंचाया जा सके। कलाकार अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रहे हैं, ताकि गुणवत्ता से समझौता किए बिना मंजूषा कला को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। उनके लिए अमेरिका से ऑर्डर मिलना गर्व का विषय है। यह इस बात का संकेत है कि भागलपुर की पारंपरिक कला अब अपने परिचित दायरे से बाहर निकल रही है और दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। छठ से जुड़ेगी मंजूषा, फिर दुनिया तक पहुंचेगी अंग की पहचानमंजूषा कलाकार गौतम कुमार इस पहल को केवल सूप सजाने का काम नहीं मानते। उनके अनुसार, सबसे पहले मंजूषा कला को लोगों की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं से जोड़ने की जरूरत है।गौतम कुमार बताते हैं कि जिस तरह छठ पूजा बिहार की सांस्कृतिक पहचान है, उसी तरह मंजूषा कला का संबंध अंग क्षेत्र की ऐतिहासिक लोक परंपराओं से है। बिहुला-विषहरी की लोकगाथा और उससे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराएं मंजूषा कला की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका प्रयास है कि मंजूषा कला को बिहार के हर हिस्से तक पहुंचाया जाए और फिर वहां से पूरी दुनिया में इसकी पहचान बने। जिस तरह आज बिहार से बाहर रहने वाले लोग विदेशों में भी छठ महापर्व मनाते हैं, उसी तरह मंजूषा कला भी उन आयोजनों और घरों तक पहुंचे, जहां बिहार की संस्कृति के प्रति प्रेम और सम्मान मौजूद है।गौतम कुमार कहते हैं कि अमेरिका से ऑर्डर मिलने से उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। इच्छा है कि आगे भी दूसरे देशों से ऑर्डर मिलें। चित्र शैली और लोकगाथाओं से जुड़ाव मंजूषा कला की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशिष्ट चित्र शैली और लोकगाथाओं से जुड़ाव है। इसमें प्रयुक्त पारंपरिक आकृतियां, रेखाएं और रंग अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक स्मृतियों को सामने लाते हैं। बिहुला-विषहरी की कथा से जुड़ी यह कला भागलपुर की पहचान मानी जाती है।जब इसी कला को छठ के सूप पर उकेरा जाएगा, तो दो महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपराएं एक-दूसरे से जुड़ेंगी। एक ओर भगवान सूर्य और छठी मैया के प्रति श्रद्धा होगी, तो दूसरी ओर अंग प्रदेश की लोककला का सौंदर्य।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के कट्टरपंथी नेता मोहसिन रेजाई को शांति वार्ता के लिए पत्र भेजा है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे शांति वार्ता नहीं बल्कि चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति बताया है.
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राजनाथ सिंह ने हेगसेथ से साफ कहा कि भारत अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को एफ-16 कार्यक्रम से संबंधित उन्नत फाइटर जेट सपोर्ट पैकेज दिए जाने का कड़ा विरोध करता है।
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पहले खुद को राष्ट्रपति बताया, फिर डिलीट की पोस्ट! चुनाव हारकर अमेरिका पहुंचे बोल्सोनारो का नया दावा
ब्राजील में हाल ही हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. हार के बावजूद फ्लेवियो बोल्सोनारो ने चुनावी धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं और अमेरिका पहुंचकर खुद को देश का असली नेता घोषित किया है.
जेन्सेन हुआंग: टेक्नोलॉजी में अमेरिका से आगे निकले ये तीन देश, क्यों पीछे छूटा सुपरपावर? बताई असलियत
Jensen Huang China Germany Japan Leads In Tech: दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है।
दुनिया की खबरें: अमेरिका ने रवांडा के रक्षा मंत्रालय पर लगाए प्रतिबंध, पूर्वी कांगो संघर्ष में दखल देने का आरोप
US Fed Rate: महंगाई की टेंशन बरकरार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने नहीं बदलीं ब्याज दरें
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75% से 4% के दायरे में स्थिर रखा है. आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, लेकिन महंगाई अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई है.
तो 96 घंटे में ईरान पर बड़ा हमला; अमेरिका तैयार लेकिन किस बात का इंतजार?
एक रिपोर्ट में दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेनाएं तैयार हैं। अमेरिकी सेनाएं बस ‘एक ऑर्डर’ पर 96 घंटे में ईरान पर बड़ा हमला कर देंगी लेकिन…
US Fed Rate Decision: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेड ने नहीं बढ़ाईं ब्याज दरें, 3.75%-4% पर रखा बरकरार
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.75%-4% पर बरकरार रखा है, जिससे सितंबर में हुई बढ़ोतरी के बाद कोई बदलाव नहीं आया।
चीन की मांग, क्यूबा पर प्रतिबंध और दबाव तुरंत खत्म करे अमेरिका
बीजिंग, 28 अक्टूबर . संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू त्सोंग ने अमेरिका से क्यूबा के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी और दबाव तुरंत खत्म करने की मांग…
चीन की अपील, अमेरिका और ईरान युद्ध रोकें और बातचीत आगे बढ़ाएं
बीजिंग, 28 अक्टूबर . चीन ने अमेरिका और ईरान समेत सभी संबंधित पक्षों से संघर्ष रोकने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र…
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप का दांव! हार हुई तो क्या होगा?
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप से पूछा गया कि अगर रिपब्लिकन पार्टी चुनाव हार जाती है, तो क्या वे नतीजे स्वीकार करेंगे? उनका जवाब था—अगर चुनाव ईमानदार हुए तो! आखिर ट्रंप ने नतीजे स्वीकार करने के साथ शर्त क्यों जोड़ी? क्या अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत खतरे में है? महंगाई, रोजमर्रा के खर्च और ईरान से जुड़े तनाव का चुनाव पर कितना असर पड़ सकता है? और अगर डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस में बहुमत हासिल कर लिया, तो ट्रंप के लिए क्या बदलेगा?
चुनावी हार के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका जाने की खबर से ब्राजील में सियासी घमासान
New Delhi, 28 अक्टूबर . ब्राजील के पूर्व President जायर बोल्सोनारो के बेटे और लिबरल पार्टी के President पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो के Tuesday को अमेरिका रवाना…
ईरान ने अमेरिका को दिया 7 दिन का शांति प्रस्ताव, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का दावा
तेहरान ने युद्धविराम, प्रतिबंधों में छूट और जब्त संपत्ति की वापसी के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने की शर्त रखी है।
'रूस को अमेरिका से बेहतर समझते हैं हम', जेलेंस्की के बयान ने दुनिया में मचाई हलचल!
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश रूस और पुतिन की मानसिकता को अमेरिका से बेहतर समझता है। उन्होंने ट्रंप से युद्ध समाप्त करने के लक्ष्य पर सहमति की बात तो की, लेकिन साथ ही रणनीति में मतभेद की बात भी स्वीकार की।
Trump की बढ़ी मुश्किलें, रेप के आरोप से मचा हड़कंप!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में हैं. स्विट्जरलैंड की पूर्व मॉडल बीट्रिस केउल ने दावा किया है कि 1993 में न्यूयॉर्क के एक होटल में ट्रंप ने उनके साथ दुष्कर्म किया था. केउल के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी संसद की हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के सदस्यों के सामने अपनी आपबीती सुनाई. वहीं, व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को गलत बताया है. मामले ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.
आज रात अमेरिका में बड़ा फैसला, फिर सोने-चांदी में होगा खेल!
अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक आज ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला लेने वाला है. ब्याज दरों में बदलाव होते ही इसका सीधा असर गोल्ड सिल्वर प्राइस पर पड़ने वाला है.
रोशनी के महापर्व दिवाली के खास अवसर पर मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के भारतीय प्रशंसकों को हॉलीवुड से एक बहुत बड़ा और अद्भुत सरप्राइज मिला है। मार्वल के दो सबसे पसंदीदा सुपरस्टार्स- रॉबर्ट डाउनी जूनियर और क्रिस इवांस ने भारतीय दर्शकों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही, एक विशेष वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने यह घोषणा भी की है कि उनकी बहुप्रतीक्षित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एवेंजर्स: डूम्सडे' (Avengers: Doomsday) अमेरिका से पूरे एक दिन पहले भारत के सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 17 दिसंबर 2026 को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अमेरिका में यह फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होगी, जिसका मतलब है कि भारतीय दर्शकों को इस शानदार सुपरहीरो फिल्म को देखने का मौका पहले मिल जाएगा। एक खास वीडियो संदेश में, डाउनी जूनियर और इवांस ने भारतीय फैंस को शुभकामनाएं दीं और रोशनी के इस त्योहार की तुलना फिल्म की कहानी से की। अभिनेताओं ने कहा, नमस्ते भारत! दिवाली के बारे में हमें जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि यह एक अध्याय के खत्म होने और दूसरे की शुरुआत का प्रतीक है। हम इस बारे में काफी कुछ जानते हैं, बस फर्क इतना है कि यहां अंधेरे से रोशनी की ओर जाने के बजाय, शायद मामला कुछ उल्टा है! आप सभी को दिवाली की शुभकामनाएं! 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में मिलते हैं! यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब मार्वल की इस आने वाली फिल्म को लेकर काफी उत्साह है। इस फिल्म में मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के कई ऐसे किरदार एक साथ नजर आएंगे, जिन्हें फैंस बहुत पसंद करते हैं। भारत में फिल्म की जल्दी रिलीज होने से इसे लेकर लोगों का उत्साह और भी बढ़ेगा, क्योंकि यह इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित हॉलीवुड फिल्मों में से एक है। 'एवेंजर्स: डूम्सडे' के बारे में सब कुछ 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में तीन अलग-अलग यूनिवर्स के हीरो एक साथ आएंगे। उन्हें एक ऐसे बड़े खतरे का सामना करना होगा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। रॉबर्ट डाउनी जूनियर, जो पहले मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में टोनी स्टार्क (आयरन मैन) का किरदार निभा चुके हैं, अब इस फ्रेंचाइजी में एक खतरनाक विलेन 'डॉक्टर डूम' के रूप में वापसी करेंगे। वहीं, क्रिस इवांस एक बार फिर स्टीव रोजर्स (पूर्व कैप्टन अमेरिका) की भूमिका में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन एंथनी और जो रूसो ने किया है, जो इससे पहले 'एवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर' और 'एवेंजर्स: एंडगेम' जैसी मार्वल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म को केविन फीगी, लुई डी'एस्पोसिटो और जोनाथन श्वार्ट्ज ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म की स्टार कास्ट में क्रिस हेम्सवर्थ, पेड्रो पास्कल, पॉल रड, एंथनी मैकी, फ्लोरेंस प्यू, वैनेसा किर्बी, एबॉन मॉस-बैचराच, वायट रसेल, चैनिंग टेटम, सिमु लियू, इयान मैककेलेन, हेली एटवेल, टॉम हिडलेस्टन, जेम्स मार्सडेन, पैट्रिक स्टीवर्ट, जोसेफ क्विन, सेबेस्टियन स्टेन, डेविड हार्बर, लेटिशिया राइट, लुईस पुलमैन, केल्सी ग्रामर, कैथरीन न्यूटन, डैनी रामिरेज़, विंस्टन ड्यूक, एलन कमिंग, हन्ना जॉन-कामेन, रेबेका रोमिजन, एलेक्स लिविनाली, मेबेल कैडेना और टेनोच ह्यूर्टा मेजिया शामिल हैं। 'एवेंजर्स: डूम्सडे' 17 दिसंबर 2026 को भारतीय सिनेमाघरों में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी। यह फिल्म मार्वल स्टूडियोज के 'इनफिनिटी विजन' सहित कई प्रीमियम फॉर्मेट्स में भी उपलब्ध होगी। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
अमृतसर में स्थित श्री गुरु रामदास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और अमेरिका की चैरिटेबल संस्था 'ऑपरेशन वॉक' ने मिलकर पंजाब के गरीब मरीजों के घुटने बदले हैं। इस अभियान का मकसद उन जरूरतमंदों की मदद करना है, जो गंभीर घुटनों की समस्या से जूझ रहे हैं और महंगा इलाज नहीं करा सकते। डॉक्टर हरपाल सिंह खनूजा और यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि एपी सिंह ने बताया कि इस बार 70 मरीजों की स्क्रीनिंग हुई थी। इनमें से 53 सबसे जरूरतमंद मरीजों को सर्जरी के लिए चुना गया। पिछले साल 39 सर्जरी हुई थीं, इस बार यह आंकड़ा 53 तक पहुंचा। अमेरिका से लाए गए इम्प्लांट्स इलाज में अमेरिका से लाए गए उच्च गुणवत्ता वाले इम्प्लांट्स का इस्तेमाल किया गया। डॉ. खनूजा के अनुसार, इन इम्प्लांट्स से घुटने का मूवमेंट और फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होती है। सर्जरी के तुरंत बाद मरीजों को खड़ा करके वॉक भी करवाई जाती है, जिससे रिकवरी तेजी से होती है। इस तरह के अभियानों का एक अन्य सकारात्मक पहलू यह है कि यह देश के युवा मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट्स के लिए एक बेहतरीन 'लर्निंग फेज' साबित होता है। ऑर्थोपेडिक्स विभाग में वर्तमान में पोस्ट-ग्रेजुएशन कर रहे रेजिडेंट्स को अमेरिकी सर्जनों के साथ काम करने, उनकी नई सर्जिकल तकनीकों को सीखने और मरीजों की देखरेख करने का अनमोल व्यावहारिक अनुभव मिलता है। यूनिवर्सिटी में ऑर्थोपेडिक पीजी एडमिशंस और फैकल्टी का यह एक्सपोजर संस्थान के शैक्षणिक स्तर को और अधिक मजबूत करता है। बढ़े हुए वजन को नियंत्रित रखें मरीज ऑपरेशन के बाद की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी उतनी ही जरूरी है जितनी कि सर्जरी खुद। अमेरिका से आए फिजियोथेरेपिस्ट्स ने स्थानीय टीम के साथ मिलकर हर मरीज की व्यक्तिगत रूप से देखभाल की है। इसके साथ ही, मरीजों को यह सलाह दी गई है कि वे अपने बढ़े हुए वजन को नियंत्रित रखें, क्योंकि घुटने के जोड़ वजन-वियरिंग जोड़ होते हैं और अधिक वजन इन प्रत्यारोपणों पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है। गरीब मरीजों का मुफ्त या बेहद कम खर्च में मिलेगा इलाज यह सहयोगात्मक पहल पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। आयोजकों और डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इस प्रकार के कैंप हर साल आयोजित किए जाते रहेंगे। जिससे न केवल गरीब मरीजों का मुफ्त या बेहद कम खर्च में इलाज संभव हो सकेगा, बल्कि हमारे देश के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को वैश्विक स्तर की चिकित्सा पद्धतियों से सीखने का निरंतर अवसर मिलता रहेगा।
युद्धकालीन सैन्य कमान हस्तांतरण पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने की बात
युद्धकालीन सैन्य कमान हस्तांतरण पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने की बात
क्या अमेरिका से खत्म हो जाएगा AI का नामोनिशान? जानिए क्या है 'सुपर इंटेलिजेंस' का पूरा सच!
अब तक पूरी दुनिया की जुबान पर एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम का शब्द चढ़ चुका है। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एआई का नाम बदलकर एसआई यानी सुपर इंटेलिजेंस कर दिया है। यानी अब वो चाहते हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ना कहा जाए क्योंकि ये आर्टिफिशियल नहीं है। इसका नाम होना चाहिए सुपर इंटेलिजेंस। वो कहते हैं कि आर्टिफिशियल नहीं बल्कि सुपर इंटेलिजेंस चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी संबंधित संघीय सरकारी दस्तावेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और AI शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने मीडिया आउटलेट द वॉल स्ट्रीट जर्नल पर सवाल उठाए और तर्क दिया कि इस उन्नत तकनीक की क्षमताओं को दर्शाने के लिए ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द अधिक सटीक है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा द वॉल स्ट्रीट जर्नल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)—जो कि एक बेहद खराब और गलत नाम है। उसको SI (सुपर इंटेलिजेंस) कहना कब शुरू करेगा? यह वही नाम है जिसे लगभग हर कोई इस्तेमाल कर रहा है या जल्द ही करने वाला है। उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में लिखा हम बहुत जल्द इसके गलत और भ्रामक होने की वजह से सभी प्रासंगिक दस्तावेजों और अन्य सभी जगहों पर ‘AI/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शब्द के इस्तेमाल को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह से प्रतिबंधित (BAN) करने जा रहे हैं। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। कार्यकारी आदेश में शब्दावली बदलने का निर्देश दिया गया है ट्रम्प की यह घोषणा, 30 सितंबर को उनके द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के बाद आई है, जिसका शीर्षक है सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत। इस आदेश में संघीय विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे आधिकारिक संचार और कामकाज में, जहाँ कानूनी रूप से अनुमति हो, =आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जगह सुपर इंटेलिजेंस (SI) शब्द का इस्तेमाल करें। इन नए शब्दों का उपयोग सरकारी पत्राचार, सार्वजनिक संचार, आधिकारिक वेबसाइटों, रिपोर्टों और प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में किया जाना है। पहले से जारी नियमों, सरकारी अनुबंधों, अनुदानों और ऐतिहासिक अभिलेखीय दस्तावेजों में पीछे की तारीख से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ट्रम्प 'AI' शब्द को क्यों बदलना चाहते हैं? इस कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि तकनीक में हुई प्रगति अब उस मूल ढांचे से कहीं आगे निकल गई है, जिसका इस्तेमाल 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को परिभाषित करने के लिए किया जाता था। इसमें तर्क दिया गया है कि आज के उन्नत सिस्टम केवल मानवीय बुद्धिमत्ता के कुछ पहलुओं की नकल करने या उन्हें स्वचालित (ऑटोमेट) करने से कहीं अधिक काम करते हैं। आदेश के अनुसार, ये सिस्टम विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में मानवीय रचनात्मकता और क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द इन विकासों को बेहतर ढंग से दर्शाता है। एक नई कानूनी परिभाषा का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस आदेश के तहत, राष्ट्रपति के विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहायक को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस के सामने प्रस्तावित कानूनी भाषा पेश करने के लिए कहा गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य 'सुपर इंटेलिजेंस' की एक आधिकारिक कानूनी परिभाषा तय करना और मौजूदा कानूनों में बदलाव की सिफारिश करना है। ट्रंप ने प्रमुख टेक लीडर्स से मुलाकात की यह कदम तब उठाया गया जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रमुख टेक्नोलॉजी अधिकारियों के साथ तकनीकी विकास और एडवांस्ड सिस्टम के सुरक्षित विकास पर चर्चा की। इस चर्चा में शामिल टेक लीडर्स में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग शामिल थे। ट्रंप ने इस सेक्टर की ग्रोथ को अभूतपूर्व बताया, जबकि इंडस्ट्री लीडर्स ने सहयोग और सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। शब्दावली में प्रस्तावित यह बदलाव, अमेरिकी सरकार द्वारा अपने संघीय कार्यों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को परिभाषित करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाएगा। क्या इस रिब्रांडिंग के बाद इसके वास्तविक खतरे टल जाएंगे क्या गारंटी है कि यह जो सुपर इंटेलिजेंस है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है यह बनाए गए हमारे जो नियम हैं उन्हें नहीं तोड़ेगा? यह कंपनियों का डाटा चोरी नहीं करेगा? क्या गारंटी है कि इसका गलत इस्तेमाल नहीं होगा? क्या गारंटी है कि यह सुपर इंटेलिजेंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपके और हमारे जो पासवर्ड्स हैं उन्हें नहीं चुरा लेगा? यह कुछ भी कर सकता है। किसी की भी हैकिंग कर सकता है। कहीं भी जाकर चोरी कर सकता है। कोई भी डाटा निकाल सकता है। अब इस पर नजर कौन रखेगा? और हमारे ऊपर और आपके ऊपर तो एक कानून है जिसके तहत हम काम करते हैं। अगर हम उस कानून को तोड़ते हैं तो अदालत में हम पर मुकदमा चल सकता है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगर कुछ करता है तो किस पर मुकदमा चलेगा? अगर एक सेल्फ ड्राइविंग कार किसी की दुर्घटना कर देती है किसी के साथ तो फिर जब ड्राइवर ही नहीं है तो आप मुकदमा किस पर चलाएंगे?
यूएन में अमेरिका और क्यूबा के राजनयिक में तीखी बहस
संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस समय भारी हंगामा और तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जब अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज के संबोधन के दौरान क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पोडियम की ओर बढ़ने लगे। इस पर वॉल्ट्ज ने सख्त लहजे में क्यूबाई राजनयिक को रोकते हुए कहा, ‘पीछे हटिए!’ यह विवाद क्यूबा पर दशकों पुराने …
ब्राजील चुनाव हारने के बाद अमेरिका भागे बोल्सोनारो, लूला दा सिल्वा ने साधा निशाना
ब्राजील में चुनाव हारने के बाद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो अमेरिका चले गए हैं. उन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी का आरोप है. राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे निर्दोष हैं तो उन्हें देश में रहकर यह साबित करना चाहिए था. अमेरिका द्वारा उनके परिवार को वीजा दिए जाने की भी चर्चा है.
100 देशों में 50 हजार स्क्रीन्स पर रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और सनी देओल की फिल्म रामायण रिलीज होगी. आइए जानते हैं कैसा रहा इसका अमेरिकी प्रीमियर और नमित मल्होत्रा ने क्या कहा?
अमेरिकी केंद्रीय बैंक का बड़ा फैसला: फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, 3.75%-4% पर बरकरार---US Fed Rates Update October Monetary policy meeting Federal Reserve interest rates officials oppose Trump react
ट्रंप : वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही है। उनका मानना है कि इससे वह एक समृद्ध देश बन सकता है।
फिलीपींस: आसियान रक्षा बैठक इतर मिले राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री से हुई क्या चर्चा? rajnath-singh-meets-pete-hegseth-india-us-defence-cooperation-asean-meeting
ईरान: परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद क्या हुआ? संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी बोली- नहीं मिले मरम्मत के सबूत- What happened after US strike on Iran nuclear sites UN agency says no evidence of repairs found
‘अगला यूएन महासचिव लैटिन अमेरिका से हो’, पनामा ने मांगा अमेरिका का साथ
वाशिंगटन, 28 अक्टूबर . पनामा ने संयुक्त राज्य अमेरिका से आग्रह किया है कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन में ‘क्षेत्रीय रोटेशन’ (बारी-बारी से अलग-अलग क्षेत्रों से…
3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की सभी 435 और उच्च सदन (सीनेट) की 35 सीटों पर वोट पड़ेंगे। जानिए इस चुनाव से कैसे तय होगा ट्रंप का राजनीतिक भविष्य।
'अगला यूएन महासचिव लैटिन अमेरिका से हो', पनामा ने मांगा अमेरिका का साथ
'अगला यूएन महासचिव लैटिन अमेरिका से हो', पनामा ने मांगा अमेरिका का साथ
Brazil Election: हार के बाद अमेरिका रवाना हुए फ्लावियो बोल्सोनारो! पासपोर्ट रद्द, राजनीतिक शरण लेने की अटकलें
यूएन महासभा को क्यूबा के विदेश मंत्री ने किया बाधित, अमेरिकी प्रतिनिधि से हुई तीखी बहस
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नॉन-अलाइन्ड मूवमेंट) की ओर से बोलते हुए, युगांडा के स्थायी प्रतिनिधि एडोनिया अयेबारे ने कहा कि उनका समूह इस साल अमेरिकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर गहरी चिंता जताता है, जिन्होंने (प्रतिबंधों) को अत्यधिक कठोर स्तर तक बढ़ा दिया है।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी गहरे सैन्य तनाव और छिटपुट टकरावों के बीच तेहरान से एक बड़ा राजनीतिक व कूटनीतिक संदेश सामने आया है। शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर ने साफ किया कि दोनों पक्षों के बीच बनी वर्तमान अनिर्णय की स्थिति—जिसे उन्होंने न युद्ध, न शांति (Neither War Nor Peace) का दौर करार दिया—अब लंबे समय तक नहीं चल सकती और इसे जल्द समाप्त करने की आवश्यकता है। सुप्रीम लीडर ने रेखांकित किया कि रणनीतिक अनिश्चितता न केवल ईरान के राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा पर भी गहरा असर डाल रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि युद्ध या गतिरोध को समाप्त करना है, तो यह केवल ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा अधिकारों और उसकी पूर्व-शर्तों को पूरी तरह स्वीकार करने के बाद ही संभव होगा।ईरान की मुख्य शर्तें: प्रतिबंधों की समाप्ति और संप्रभुता की गारंटीईरानी नेतृत्व ने इस बात पर विशेष बल दिया कि तेहरान किसी भी एकतरफा दबाव या सैन्य धमकियों के आगे झुककर समझौता नहीं करेगा। युद्ध और वर्तमान तनाव को समाप्त करने के लिए ईरान की ओर से प्रमुख शर्तें रखी गई हैं:आर्थिक प्रतिबंधों का पूर्ण खात्मा: अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक, तेल और वित्तीय प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए और देश की जमी हुई विदेशी संपत्तियों को अविलंब जारी किया जाए।क्षेत्रीय प्रतिरोध मोर्चे (Resistance Front) के अधिकारों का संरक्षण: केवल ईरान ही नहीं, बल्कि लेबनान और पूरे क्षेत्र में जुड़े सहयोगियों के हितों और उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाए।समुद्री और सैन्य घेराबंदी का अंत: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और फारस की खाड़ी में बाहरी सैन्य हस्तक्षेप और जहाजों की नाकेबंदी को पूरी तरह समाप्त किया जाए। ईरान ने दो टूक कहा कि शांति का कोई भी मसौदा तभी व्यवहारिक हो सकता है, जब उसमें तेहरान को बराबरी का दर्जा मिले और उसके सामरिक हितों की अनदेखी न हो।होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव और वैश्विक ऊर्जा संकटयह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में तनाव चरम पर बना हुआ है। हाल के दिनों में तेल टैंकरों पर हमले, बारूदी सुरंगों और नौसैनिक टकरावों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को हिलाकर रख दिया है। दुनिया की लगभग 20% कच्चे तेल की आपूर्ति इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरती है। ईरान के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि समुद्र में बना यह तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता ला रहा है, जिसे हल करने के लिए अमेरिका को अपनी आक्रामक नीति से पीछे हटना होगा।कूटनीतिक मध्यस्थता और बातचीत की संभावनाएंहाल के महीनों में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और तीसरे देशों (जैसे पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए) के जरिए युद्धविराम और स्थायी समाधान के लिए संपर्क बनाए रखने के प्रयास हुए हैं। हालांकि, ठोस समझौते के अभाव में जमीन पर स्थिति नाजुक बनी हुई है। जहां अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र में शांति और ईरान के परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण की मांग दोहरा रहा है, वहीं ईरान का कहना है कि किसी भी प्रकार की बातचीत केवल उसकी शर्तों की पूर्ति पर ही टिक सकती है। खामेनेई का यह संदेश संकेत देता है कि ईरान अब इस लंबी खिंचती अनिश्चितता को निर्णायक मोड़ पर ले जाने का दबाव बना रहा है।
अमेरिकी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर साइबर हमला: बंद करने पड़े सिस्टम, क्या मध्यावधि चुनाव पर मंडराया खतरा? US-Federal-Election-Commission-website-hacked-midterm-elections-campaign-finance-disclosures-disrupted
फ्लावियो बोल्सोनारो को मिलेगा अमेरिकी वीजा: ट्रंप सरकार का एलान, चुनाव हारने के बाद क्या छोड़ा ब्राजील? flavio-bolsonaro-and-family-us-visa-brazil-election-loss-investigation-corruption-surrender-passport
मुझे अमेरिका में नहीं धमका सकते, पीछे हट जाओ; UN के अंदर बवाल हो गया, US-क्यूबा क्यों भिड़े?
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पारिला के बीच तीखी झड़प हुई। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। फिदेल कास्त्रो की रोलेक्स घड़ी का जिक्र करते हुए वॉल्ट्ज ने क्यूबा सरकार को घेरा।
'पीछे हटिए, यह हवाना नहीं...', संयुक्त राष्ट्र में भिड़े अमेरिका और क्यूबा के प्रतिनिधि
संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को अमेरिका और क्यूबा के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने क्यूबा सरकार पर भ्रष्टाचार और आलीशान जीवनशैली के आरोप लगाए.
एआई की होड़ में चीन को बड़ा झटका: शेयर बाजार से 228 लाख करोड़ रुपये साफ; अमेरिकी पाबंदियों ने बढ़ाई मुश्किलें---China AI Ambitions Face Setback as $2.4 Trillion Wiped Off Stock Markets
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद अमेरिका भागे फ्लावियो बोल्सोनारो
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिका चले गए हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पासपोर्ट जमा करने के आदेश का पालन नहीं किया, जिसके कारण उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है.
अमेरिका: ट्रंप बोले- 1979 से ईरान से संघर्ष जारी, वेनेजुएला बन सकता है 51वां राज्य; तेल का जिक्र कर क्या कहा?--America: Donald Trump Says Iran Has Waged War Against US Since 1979, Floats Venezuela as 51st State
Kanpur News: युवक ने हाथ की कलाई काटी, अमेरिका से मेटा ने पुलिस को भेजा अलर्ट
A young man slit his wrist; Meta (from the US) sent an alert to the police.
क्या ब्राजील छोड़कर गए फ्लावियो बोल्सोनारो? चुनाव में हार के बाद अमेरिका रवाना, कई रिपोर्ट्स में बड़ा दावा
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: ड्रग्स तस्करी के शक में नाव पर हमला, पांच लोगों की मौत; अब तक 240 से ज्यादा मारे गए-US Military Strike on Suspected Drug Boat Kills Five in Eastern Pacific
ईरान से दूर होगा अमेरिका का संकट? ट्रंप ने पुतिन से मांगी मदद, रूस जाएंगे ईरानी विदेश मंत्री
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अमेरिका-ईरान टकराव के अन्त के लिए, सम्वाद व कूटनीति पर बल
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव की पृष्ठभूमि में आगाह किया है कि जिस तरह की आक्रामक बयानबाज़ी और धमकियाँ देखी जा रही हैं, यदि वे फिर वास्तविक टकराव में तब्दील हुईं तो क्षेत्र में हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं. इसके मद्देनज़र, उन्होंने अधिकतम संयम बरतने और युद्ध के अन्त के लिए कूटनीतिक समाधान का सहारा लेने पर बल दिया है.
AI से आगे निकलने की तैयारी में ट्रंप, अमेरिका में 'सुपर इंटेलिजेंस' पर जोर देने का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार सरकारी कागजात और आधिकारिक बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और AI शब्दों का इस्तेमाल बंद कर देगी। उनकी जगह सुपर इंटेलिजेंस और SI का इस्तेमाल किया जाएगा।
विचार: अमेरिकी जनता के समक्ष बड़े निर्णय की घड़ी
मध्यावधि चुनावों में बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका के लोग डोनल्ड ट्रंप के दौर में जारी पतन से अपने देश को बचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के भारत दौरे के बाद जी-20 बैठक के लिए अमेरिका जा रहे हैं। यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और व्यापार व ऊर्जा सहयोग पर चर्चा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया (सैक्रामेंटो) में एनआरआई द्वारा पत्नी को जलाकर मारने के मामले में नया मोड़ आया है। मोगा निवासी महिला के परिजनों ने अमेरिकी सरकार से अपनी नातिन की कस्टडी मांगी है। उन्होंने सरकार से जल्द वीजा आदि की व्यवस्था करने की अपील की है, जिससे वह अपनी बेटी का अंतिम दर्शन कर सकें। पंजाब के मोगा जिले के डाला गांव निवासी गुरविंदर सिंह गिल पर अपनी पत्नी जैस्मीन गिल की हत्या कर शव को आग लगाने का गंभीर आरोप लगा है। दंपति के बीच पिछले कुछ समय से तलाक का विवाद चल रहा था। दोनों की ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। उनकी सात माह की बेटी भी है। जिसकी कस्टडी जैस्मिन की मां और परिजन मांग रहे हैं। पुलिस जांच के बाद आरोपी पति गिरफ्तार जैस्मीन के अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने पर उसके चचेरे भाई ने स्थानीय अमेरिकी पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अमेरिकी पुलिस ने जब मामले की गहनता से जांच की तो हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसके बाद आरोपी पति गुरविंदर सिंह गिल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आरोपी पर पत्नी की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को जलाने का आरोप है। भावुक मां की सरकारों से गुहार: नाती की कस्टडी और अंतिम दर्शन की मिले इजाजत मृतका की मां सुखविंदर कौर रानी ने अत्यंत भावुक होकर केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और अमेरिकी प्रशासन से न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी ढाई साल पहले हुई थी और उनका सात महीने का एक मासूम बच्चा है। मां ने इच्छा जताई कि वह अपने बेटे-बहू के साथ मिलकर नाती का पालन-पोषण करना चाहती हैं। उन्होंने सरकारों से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द अमेरिका जाने के लिए वीजा और यात्रा में प्रशासनिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपनी बेटी के अंतिम दर्शन कर सकें और मासूम बच्चे की कस्टडी हासिल कर सकें। सामाजिक व साहित्यिक परिवार से था संबंध मृतका जैस्मीन गिल पंजाब के एक प्रतिष्ठित सामाजिक एवं साहित्यिक घराने से ताल्लुक रखती थीं। वह 'पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन' के प्रमुख नेता रहे जगतार सिंह जलाजण और डीएमसी अस्पताल लुधियाना से सेवानिवृत्त कर्मचारी सुखविंदर कौर रानी की पुत्री थीं। साथ ही, वह प्रसिद्ध पंजाबी कवि पास आजाद की बहन थीं। परिवार ने अब विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस कठिन समय में उन्हें कागजी और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाए ताकि वे जल्द अमेरिका पहुंच सकें।
पूर्व मिस स्विट्जरलैंड, बीट्रिस कोल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर 1993 में उनके साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीट्रिस कोल ने पहले भी राष्ट्रपति ट्रम्प पर अनुचित शारीरिक संपर्क का आरोप लगाया था; हालांकि, अब मॉडल का दावा है कि उस घटना में […] The post पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने ट्रम्प पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया; अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोपों को नकारा appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
ब्रिटेन, अमेरिका और अब जापान अपने-अपने नागरिकों और संस्थानों को आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने का संदेश दे रहे हैं. ब्रिटेन ने लोगों को 72 घंटे का जरूरी सामान घर में रखने की सलाह दी है, अमेरिका अपने सैन्य अड्डों को 90 दिनों तक बिना बाहरी मदद के संचालित करने की तैयारी कर रहा है. वहीं जापान ने भी ऐसा ही किया है.
33 साल पुराना सनसनीखेज मामला: स्विस मॉडल ने डोनाल्ड ट्रम्प पर लगाया बलात्कार का आरोप, अमेरिकी राजनीति में मचा हड़कंप
Stock Market Update: सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता; निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर
पूर्व मिस स्विट्जरलैंड बीट्रिस केउल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 1993 में न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में उनके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस घटना को बेहद क्रूर बताया है।
Cipla Q2 Results: मुनाफा 35% लुढ़का, नॉर्थ अमेरिका में बिक्री 19% घटी, मार्जिन पर बड़ी चोट!
Cipla Q2 Results: दवा बनाने वाली दिग्गज कंपनी सिप्ला के लिए सितंबर तिमाही अच्छी नहीं रही। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 35 फीसदी घटकर 877.54 करोड़ रुपये रह गया।एक साल पहले की इसी तिमाही में कंपनी ने 1,351 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। नॉर्थ अमेरिका में कमजोर बिक्री और ऑपरेटिंग मुनाफे में तेज गिरावट इसकी बड़ी वजह बनी। नतीजों के बाद मंगलवार दोपहर के कारोबार में सिप्ला का शेयर 0.6 फीसदी गिरकर 1,347 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।मुनाफे के साथ रेवेन्यू भी फिसलातिमाही में कंपनी के मुनाफे से 473.46 करोड़ रुपये कम हो गए। कमाई के मोर्चे पर भी कंपनी पिछले साल का आंकड़ा नहीं छू पाई। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 2.4 फीसदी घटकर 7,403.93 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 7,589 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू में गिरावट छोटी है, लेकिन मुनाफे पर इसका असर कहीं ज्यादा बड़ा दिखा। इसकी वजह कंपनी के ऑपरेटिंग मुनाफे में आई कमजोरी है।मार्जिन पर पड़ी सबसे बड़ी चोटतिमाही में कंपनी का EBITDA 26.8 फीसदी घटकर 1,388 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले यह 1,895 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन 25 फीसदी से फिसलकर 18.7 फीसदी पर आ गया, यानी 630 बेसिस पॉइंट की सीधी गिरावट। पिछले साल कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर 25 रुपये का ऑपरेटिंग मुनाफा कमा रही थी, जो अब घटकर 18.7 रुपये रह गया है। रेवेन्यू में मामूली कमी के मुकाबले ऑपरेटिंग मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट ने ही नेट प्रॉफिट को 35 फीसदी नीचे खींच दिया।भारत के कारोबार ने संभाला मोर्चाइस मुश्किल तिमाही में भारत का कारोबार कंपनी के लिए सबसे बड़ा सहारा बना। सितंबर तिमाही में भारत से रेवेन्यू 12 फीसदी बढ़कर 3,516 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 3,146 करोड़ रुपये था। एक साल में इस कारोबार की कमाई 370 करोड़ रुपये बढ़ी। कंपनी ने बताया कि उसके वन-इंडिया कारोबार ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री दर्ज की है। बाकी बाजारों में आई सुस्ती के बीच घरेलू बाजार की यह रफ्तार कंपनी के लिए राहत की खबर है।नॉर्थ अमेरिका से लगा सबसे बड़ा झटकाकंपनी के लिए असली परेशानी नॉर्थ अमेरिका से आई। इस बाजार से रेवेन्यू 19 फीसदी गिरकर 1,643 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले यह 2,039 करोड़ रुपये था। यानी इस एक बाजार में ही कंपनी की कमाई 396 करोड़ रुपये घट गई। डॉलर में देखें तो नॉर्थ अमेरिका कारोबार ने तिमाही में 172 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू कमाया। भारत में बढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा नॉर्थ अमेरिका की इसी गिरावट में बराबर हो गया।अफ्रीका, उभरते बाजार और यूरोप का हालवन अफ्रीका कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1 फीसदी घटकर 1,171 करोड़ रुपये रहा। इसके अंदर दक्षिण अफ्रीका का रेवेन्यू 3 फीसदी कम होकर 872 करोड़ रुपये पर आ गया। सिप्ला ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में उसका प्राइवेट कारोबार बाजार के मुकाबले 1.3 गुना तेजी से बढ़ा है। उभरते बाजारों और यूरोप से रेवेन्यू 967 करोड़ रुपये पर सपाट रहा। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद इन बाजारों में कमाई टिकी रही।API कारोबार आधे से भी नीचेतिमाही में सबसे तेज गिरावट एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स यानी API और दूसरे कारोबारों में दिखी। इस सेगमेंट का रेवेन्यू 59 फीसदी टूटकर 107 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 259 करोड़ रुपये था। एक साल में इस कारोबार की कमाई 152 करोड़ रुपये घट गई।R&D पर खर्च और कैश की स्थितिकमजोर नतीजों के बीच कंपनी ने रिसर्च पर खर्च में कटौती नहीं की। तिमाही में सिप्ला ने रिसर्च और डेवलपमेंट पर 423 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल बिक्री का 5.7 फीसदी है। यह खर्च मुख्य तौर पर प्रोडक्ट फाइलिंग और अहम डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर किया गया। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। सिप्ला के पास 9,823 करोड़ रुपये का नेट कैश है। कंपनी के कर्ज में मुख्य तौर पर लीज देनदारियां और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें शामिल हैं।डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।
जब रूस-अमेरिका के बीच टला परमाणु युद्ध, क्यूबा की वजह से बने थे हालात
आज के दिन ही रूस और अमेरिका के बीच एक परमाणु युद्ध टल गया था. क्यूबा मिसाइल संकट की वजह से दोनों देश आमने सामने आ गए थे.
अमेरिका में भारतीय शेफ ने कमाई दौलत-शोहरत, फिर भी है बहुत दुखी; बोला- 'झूठ है कि पैसा खुशी देता है'
अमेरिका में आलीशान घर और लग्जरी गाड़ी खरीदने के बाद भी एक भारतीय शेफ वहां अकेलेपन से जूझ रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल इस भावुक वीडियो में उन्होंने दिखाया है कि डॉलर्स कमाने के बाद भी अपनों के बिना त्योहार कितने सूने होते हैं.
US Elections: ट्रंप को चुनने वाले 25% दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब Democrats के साथ, सर्वे में खुलासा
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, 27 अक्टूबर अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कम से कम 25 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहे हैं। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में जीवनयापन की लागत (65 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा (53 प्रतिशत), रोजगार और वेतन (33 प्रतिशत) तथा शिक्षा (28 प्रतिशत) को मध्यावधि चुनावों के प्रमुख मुद्दों के रूप में पहचाना गया है। सर्वेक्षण में शामिल 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई मतदाताओं में से 87 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी हैं जबकि शेष 13 प्रतिशत पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान और म्यांमा के अलावा कंबोडिया के खमेर समुदाय से संबंधित हैं। वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को वोट देने वालों में से 96 प्रतिशत आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में अपना वोट डालने की योजना बना रहे हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि ट्रंप को वोट देने वाले 67 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब भी रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करते हैं, लेकिन 25 प्रतिशत ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। सर्वेक्षण के ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब टेक्सास सहित कई राज्यों में समय से पहले मतदान शुरू हो चुका है, जहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको का मुकाबला ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है और दोनों के बीच कड़ी टक्कर है। रिपब्लिकन नेता सीनेटर टेड क्रूज के 2024 के चुनाव प्रचार अभियान में प्रशिक्षु के रूप में काम कर चुके 21 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी वसंत भट्ट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने टालारिको को वोट दिया है। भट्ट ने लिखा, ‘‘मैंने अभी जेम्स टालारिको के लिए अपना वोट डाला है। दूसरी पीढ़ी का भारतीय-अमेरिकी होने के नाते, मैं विदेशी मूल के लोगों के प्रति नफरत, नस्ली द्वेष और अपनी पहचान पर लगातार बढ़ते खुले हमलों से बेहद दुखी हूं।’’सर्वेक्षण में भेदभाव को लेकर चिंताएं भी सामने आईं। इसमें 90 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने भेदभाव का सामना किया है या वे किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इनमें 48 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने खुद भेदभाव का सामना किया है। ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने एक बयान में कहा, ‘‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि हमारे समुदाय के जिन लोगों ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था, उनमें से एक-चौथाई अब डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। यह समुदाय चुनाव में हार-जीत का अंतर तय कर सकता है और हम ऐसे हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।’’
राजधानी रांची में काली पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां इस बार श्रद्धालु कई अनूठे पंडालों के दर्शन कर सकेंगे। कुसई में 15 लाख प्लास्टिक बोतलों से पंडाल बन रहा है, वहीं लोअर चुटिया में अमेरिका के स्वामी नारायण मंदिर की झलक दिखेगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर व्हाइट हाउस ने बातचीत को सकारात्मक बताया. पीयूष गोयल के मुताबिक, वार्ता का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है. जानें टैरिफ और 500 अरब डॉलर की खरीद के लक्ष्य के बारे में.
नॉर्थ डकोटा के निवासी बोले-ट्रंप ने अमेरिका को अंदर से सुरक्षित बनाया, ग्लोबल स्तर पर खतरा बरकरार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को अंदरूनी तौर पर ज्यादा सुरक्षित बनाया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति उतनी स्पष्ट नहीं है। यह बात मध्यावधि चुनावों से पहले व्हाइट हाउस के बाहर नॉर्थ डकोटा के चौथी पीढ़ी के एक किसान रेजिनाल्ड हरमन ने कही। उन्होंने ट्रंप से 'थोड़ा नरम' व्यवहार अपनाने और 'अधिक स्वतंत्र व्यापार' को बढ़ावा देने की भी अपील की।
ड्रग कार्टेल और साइबर ठगों के खिलाफ अमेरिका-प्रशांत देशों में बड़ी डील, यूएस देगा 44 मिलियन डॉलर
वाशिंगटन, 27 अक्टूबर . अमेरिका और प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल, ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए की जाने वाली मनी लॉन्ड्रिंग के…
अमेरिका ने जताई चिंता, यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस को मिले निवेश ऋण
वाशिंगटन, अमेरिका ने यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस को दिए गए रिकॉर्ड स्तर के निवेश ऋण पर चिंता जताई है। अमेरिका का कहना है कि इस कदम से अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है और विमान सब्सिडी विवाद पर बने पुराने समझौते के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
रूसी डीजल : अमेरिकी लॉमेकर्स की चेतावनी
वाशिंगटन, अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) के लॉमेकर्स के एक समूह ने देश के बड़े बैंकों, बंदरगाह प्राधिकरणों और ईंधन वितरक कंपनियों को चेतावनी दी है कि यदि वे रूसी डीजल का आयात करते हैं, तो उन्हें आपराधिक और दीवानी (सिविल) कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ अपनी ऊर्जा नीति का बचाव किया है।
नीदरलैंड से दो बड़े संकेतः अमेरिका से डील करीब, कार्बन कर पर अड़ा यूरोप;व्यापार समझौतों पर गोयल क्या बोले?
मध्यावधि चुनाव: क्या नरम पड़े ट्रंप? कनाडाई पीएम कार्नी का दावा- अमेरिका समझौते की शर्तों पर सहमत, आगे क्या?- Trump bows before midterm elections Hope for agreement with Canada increased Carney said US close to our terms
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: सर्वे में डेमोक्रेट को बढ़त, मैदान में भारतीय मूल के उम्मीदवार भी; भारतवंशी किसके साथ?--US Midterm Elections: Trump Targets Abdul El-Sayed, Indian-American Voters and Candidates in Focus
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती
Iran America War: ईरान के पास Father of all Bombs,अमेरिका को सीधी धमकी से उठे सवाल| Trump
#internationalnews #iranuswar #trump #foab #livehindustan #deenduniya #imrankhan Iran America War: ईरान के पास Father of all Bombs,अमेरिका को सीधी धमकी से उठे सवाल
जयपुर में अंतरराष्ट्रीय फैशन और सौंदर्य प्रतियोगिता ‘मिस एंड मिसेज सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026’ का ग्रैंड फिनाले आगरा रोड स्थित एस्थेरिया बेरीज रिसॉर्ट एंड स्पा में आयोजित हुआ। दुनिया के 40 देशों से आई प्रतिभागियों ने इस मंच पर अपनी खूबसूरती, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, प्रतिभा और मंच पर प्रस्तुति के दम पर अंतरराष्ट्रीय खिताबों के लिए मुकाबला किया। प्रतियोगिता के मिस वर्ग में जॉर्जिया की लिया गुगुशविली ने विजेता का ताज अपने नाम किया, जबकि मिसेज वर्ग में अमेरिका की ल्यूडमिला व्लादिमिरोवना वॉरेन वेट्रेल विजेता बनीं। भारत की नेहा सिंह ने मिस कैटेगरी में चौथा रनर-अप स्थान हासिल किया। ग्रैंड फिनाले में अलग-अलग देशों की प्रतिभागियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मुख्य खिताबों के साथ विभिन्न विशेष श्रेणियों में भी विजेताओं की घोषणा की गई। आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक पहचान प्रदर्शित करने का मंच दिया। यहां देखिए इवेंट के फोटोज… मिस कैटेगरी में जॉर्जिया की लिया ने पहना ताज मिस सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026 के खिताब पर जॉर्जिया की लिया गुगुशविली ने कब्जा जमाया। प्रतियोगिता में फिलीपींस की प्रतिभागी प्रथम रनर-अप, कजाकिस्तान की प्रतिभागी द्वितीय रनर-अप और इथियोपिया की प्रतिभागी तृतीय रनर-अप रहीं। भारत की नेहा सिंह ने चौथा रनर-अप स्थान हासिल कर भारतीय प्रतिनिधित्व को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का आकलन केवल उनके लुक्स के आधार पर नहीं, बल्कि मंच पर आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, प्रस्तुति और दर्शकों के सामने अपनी बात रखने की क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों को अलग-अलग राउंड के जरिए अपनी विशेषताओं और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। वहीं, मिस टीन सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026 का खिताब किर्गिस्तान की प्रतिभागी ने जीता। फिलीपींस की प्रतिभागी को मिस सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026 का ब्रांड एंबेसडर भी घोषित किया गया। मिसेज कैटेगरी में अमेरिका की ल्यूडमिला रहीं विजेता मिसेज सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026 के फिनाले में अमेरिका की ल्यूडमिला व्लादिमिरोवना वॉरेन वेट्रेल ने विजेता का ताज हासिल किया। मध्य एशिया की ओक्साना बोब्रिशेवा प्रथम रनर-अप रहीं। किर्गिस्तान की प्रतिभागी को द्वितीय रनर-अप, फिलीपींस की प्रतिभागी को तृतीय रनर-अप और कजाकिस्तान की प्रतिभागी को चतुर्थ रनर-अप घोषित किया गया। एस्टोनिया की लेइली गैनुत्दिनोवा पांचवीं रनर-अप रहीं। मिसेज कैटेगरी में विभिन्न देशों की प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति और व्यक्तित्व के जरिए निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया। इस वर्ग में मुख्य खिताब के अलावा पर्यटन, सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक योगदान और प्रेरणादायक व्यक्तित्व जैसे विषयों से जुड़े विशेष पुरस्कार भी दिए गए। बेलारूस की प्रतिभागी ने मिसेज टूरिज्म वर्ल्ड वाइड-2026 का खिताब जीता, जबकि फिनलैंड की प्रतिभागी को मिसेज सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-2026 का ब्रांड एंबेसडर चुना गया। न्यूजीलैंड की प्रतिभागी को मिसेज इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर और लेबनान की प्रतिभागी को मिसेज कल्चरल एंबेसडर का खिताब प्रदान किया गया। कैस्पियन क्षेत्र की प्रतिभागी को वुमन ऑफ इंस्पिरेशन और मेक्सिको की प्रतिभागी को मिसेज सुपरमॉडल वर्ल्ड वाइड-अमेरिकाज का खिताब मिला। ग्रैंड फिनाले में मुख्य विजेताओं के अलावा विशेष श्रेणियों के पुरस्कारों की घोषणा भी की गई। मिस कैटेगरी में फिलीपींस की प्रतिभागी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड और मिस चैरिटी क्वीन का खिताब मिला। लेबनान की प्रतिभागी को मिस एंबेसडर ऑफ पीस चुना गया। मिसेज कैटेगरी में किर्गिस्तान की प्रतिभागी ने पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड और मिसेज चैरिटी क्वीन के खिताब अपने नाम किए। इन पुरस्कारों के जरिए प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की लोकप्रियता, सामाजिक भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को भी पहचान देने का प्रयास किया गया। आयोजक प्रियंका और नितिन दूबे के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में 40 देशों की प्रतिभागियों की मौजूदगी ने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया।
अमेरिका से डिपोर्ट हुए पानीपत के युवक राहुल मलिक मर्डर केस में पुलिस ने दो आरोपियों आर्यन और साहिल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। थाना सेक्टर-29 के इंस्पेक्टर रॉबिन नैन के मुताबिक, हत्यारोपी आर्यन राहुल के बचपन का दोस्त है, जबकि साजिश में साहिल की भी अहम भूमिका सामने आई है। उसकी राहुल से कोई रंजिश नहीं थी, लेकिन वह उससे ईर्ष्या (जलन) रखता था। वह भी अमेरिका से डिपोर्ट हो चुका है और अब यूरोप जाना चाहता था। खास बात यह है कि वारदात के बाद खुद को बचाने की मंशा से उसने ऐसी परिस्थितियां बनाने की कोशिश की, जिससे वह सीधे तौर पर हत्या के आरोप से बच सके। उसने वारदात के बाद मौके का एक वीडियो बनाया, जिसमें राहुल करीब डेढ़ घंटे तक खून से लथपथ हालत में फर्श पर पड़ा दिखाई दे रहा है। उसी हालत में वह डेढ़ घंटे तक तड़पता रहा। दूसरा वीडियो थाने के बाहर का है, जिसमें साहिल दावा कर रहा है कि एक अन्य युवक को भी मारने की योजना बनाई जा चुकी है, जिसके लिए दो पिस्टल भी मंगवाई गई हैं। फिलहाल, पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश सामने नहीं आई है। वीडियो में हत्यारोपी साहिल ये बात कह रहा… इंस्पेक्टर रॉबिन नैन के अनुसार, साहिल ने वारदात के बाद मौके पर एक वीडियो बनाया। इसके बाद वह खुद थाने पहुंचा और वहां भी वीडियो बनवाया। पुलिस जांच में उसकी इस गतिविधि को हत्या के मामले से खुद को अलग दिखाने और सरकारी गवाह बनने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वह वीडियो के जरिये खुद को घटनास्थल पर मौजूद एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश करना चाहता था, जिसका हत्या में कोई हाथ नहीं है। अब यह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कई चौंकाने वाली बातें कहता नजर आ रहा है। 'मैं साहिल पुत्र यशपाल, नांगल खेड़ी (गढ़ी) का निवासी हूं। राहुल मलिक की हत्या के बाद राकू और राकू का भाई मुझे और आर्यन को करनाल ले गए। वहां उन्होंने हमारे फोन बंद करवा दिए और बताया कि तुम्हारे फोन की लोकेशन ट्रेस हो सकती है। वहां शराब पीने के बाद उन्होंने चेयरमैन को फोन किया और बताया कि संदीप छूटकर वापस आ चुका है और कल सुबह आर्यन को पेश करना पड़ेगा। इसके बाद उन्हें पता चला कि आरोपियों का नाम गांव के ही 'गरड़े ' नाम के शख्स ने लिखवाया है। उन्होंने आर्यन से कहा कि अगर तुम जेल जाओ, तो यूपी के राजा भैया के राइट हैंड भोला के पास चले जाना और बोल देना कि तुम राकू के भतीजे हो; वह तुम्हें संभाल लेगा। अगले दिन सुबह वे मुझे यह समझाने लेने आए कि तुम्हें यही बयान देना है कि 'जब लड़ाई-झगड़े का वीडियो बनाया गया था, उस समय हम दुकान पर सामान लेने चले गए थे।' अब गांव के ही गरड़े को मारने की साजिश राकू और पूनिया नाम के शख्स कर रहे हैं, जिसके लिए दो पिस्तौलें मंगवाई गई हैं। वे कह रहे थे कि अगर हमारे भतीजे पर बात आई तो देख लेंगे और अब खुली बदमाशी होगी। आरोपी, पंपू नाम के एक शख्स का हवाला देते हुए कह रहा है कि उसे भी देख लेंगे कि वह क्या चीज है।' युवक राहुल के मर्डर की दो तस्वीरें… राहुल की मर्डर केस में पुलिस ने ये खुलासा किया… बचपन के दोस्त थे राहुल और आर्यन, साथ गए थे अमेरिका इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राहुल और मुख्य आरोपी आर्यन बचपन के दोस्त थे। दोनों नांगल खेड़ी गांव के रहने वाले थे और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों बेहतर भविष्य की उम्मीद में डंकी रूट के जरिये अमेरिका गए थे, लेकिन वहां से उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया था। साहिल भी अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था। तीनों एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में दोस्त हैं। परिवार ने चार युवकों पर लगाए थे आरोप राहुल की हत्या के बाद उसके परिजनों ने गांव के ही युवकों पर वारदात में शामिल होने के आरोप लगाए थे। गिरफ्तारी में देरी से नाराज परिजनों ने नागरिक अस्पताल के बाहर जीटी रोड पर जाम भी लगाया था। पुलिस के आश्वासन के बाद उन्होंने जाम खोल दिया था। बाद में राहुल के पिता राकेश मलिक की शिकायत पर औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आर्यन, राकू और रिंकू समेत एक अन्य युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें से आर्यन और साहिल को अरेस्ट कर लिया गया है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका से डिपोर्ट युवक के मर्डर का VIDEO:शरीर पर चाकू के गहरे घाव, फर्श पर शराब की बोतलें-खून बिखरा दिखा; पानीपत में बेस्ट फ्रेंड पर FIR पानीपत में अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवक राहुल मलिक (28) की हत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया है। इसमें राहुल फर्श पर खून से लथपथ पड़ा दिखाई दे रहा है और पूरे कमरे में खून फैला हुआ है। वीडियो में शराब की बोतल और ऑफिस का टूटा हुआ सामान भी नजर आ रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)
लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश ब्राजील में जहां राष्ट्रपति चुनाव के बेहद कांटे के मुकाबले में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। लेकिन इस जीत के साथ ही ब्राजील में एक सियासी बवंडर भी शुरू हो गया है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसुनारो के बेटे और विपक्षी उम्मीदवार फ्लेवियो बोलसुनारो ने नतीजों को मानने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव प्रक्रिया पर सीधे तौर पर धांधली और नियमों से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावों को रद्द करने की मांग कर दी है। पहले राउंड में पिछड़े फिर पलटीबाजी और अब ऐसी जीत की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिणपंथी राजनीति के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया। ब्राजील में 80 साल के लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फ्लावियो बोलसनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया है। लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी बात सिर्फ इतनी नहीं कि लूला फिर सत्ता में लौटे हैं। असली कहानी है उनकी चुनावी वापसी। ब्राजील की संप्रभुता और अमेरिका के साथ रिश्तों का भविष्य। क्योंकि लूला खुले तौर पर ट्रंप की कई नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। वहीं उनके प्रतिद्वंदी फ्लावियो बालसुनारो दक्षिणपंथी नेता और पूर्व राष्ट्रपति जार बोलसुनारो के बेटे हैं। ऐसे में लूला की जीत को ट्रंप की राजनीति के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन क्या यह वाकई ट्रंप की हार है? क्या ब्राजील ने अमेरिका को साफ संदेश दे दिया है? कि वो किसी के दबाव में नहीं आएगा और पहले दौर में पीछे रहने के बाद लूला ने आखिर में जो है बाजी कैसे पलट दी। इसने ट्रंप के घमंड और दादागिरी को कैसे चूरचूर कर डाला और लूला का चौथी बार ब्राजील का राष्ट्रपति बनना लैटिन अमेरिका की राजनीति पर कैसा संभावित असर डालने वाला है। कैसे लूला ने सेंकेड राउंड में पलट दी बाजी ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर लूला के लिए चुनौती लेकर आया था। दक्षिणपंथी सेनेटर फ्लावियो बोलसनारो पहले दौर में आगे रहे जबकि लूला दूसरे स्थान पर थे। ऐसा लग रहा था कि ब्राजील में सत्ता का समीकरण बदल सकता है। लेकिन दूसरे दौर में तस्वीर पलट गई। ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट यानी टीएसई की तरफ से जारी आधिकारिक नतीजों के मुताबिक वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। अगर नतीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी के नेता लूला डसिलवा को 51.78% वैध वोट मिले हैं। वहीं लिबरल पार्टी के उम्मीदवार फ्लेवियो को 48.23% वोट हासिल हुए हैं। यानी कि जीत और हार का अंतर महज 3.5% का है। यह अंतर दिखाता है कि ब्राजील की जनता वैचारिक रूप से दो फाड़ हो चुकी है और मुकाबला आखिरी वोट तक कितना करीबी था। इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पहले दौर में लूला दसिलवा पीछे चल रहे थे। 4 अक्टूबर को हुए पहले राउंड के मतदान में फ्लेवियो बोलसनारो 47.03% वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए थे। जबकि लूला को 45% 16% वोट मिले थे। उस वक्त ऐसा लग रहा था कि दक्षिणपंथी लहर लूला की सत्ता को उखाड़ फेंकेगी। लेकिन इसके बाद लैटिन अमेरिका में तीन हफ्तों तक चला आक्रामक चुनाव प्रचार। लूला ने अपने मजदूर वर्ग के जनाधार पूर्वोत्तर के गढ़ और आम जनता के बीच जमीन नापी। दूसरे दौर यानी रन ऑफ में शानदार वापसी करते हुए लूला ने बाजी पलट दी। इसे भी पढ़ें: ट्रंप के मुखर आलोचक Lula Da Silva ब्राजील में फिर जीते; 44 लाख वोटों से Flavio Bolsonaro हारे, चुनाव नतीजे रद्द करने की मांग की नतीजों पर प्रतिद्वंद्वी बोलसनारो ने क्या कहा अब बात करते हैं उस विवाद की जिसने ब्राजील को एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। हार के बाद ब्राज़लिया से फ्लेवियो बोलसनारो ने तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि जिन परिस्थितियों में यह सब हुआ उसके बाद नतीजों को स्वीकार करना असंभव है। हम कानूनी कारवाई करेंगे और चुनाव को रद्द करने की मांग करेंगे। रविवार की दोपहर क्रिस्टियानो जानी ने मतदान केंद्रों को 2 घंटे अतिरिक्त खुला रखने का आदेश दे दिया। फ्लेवियो बल्सनारो का आरोप है कि जस्टिस जानिन को लूला ने ही सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया था और वह पहले लूला के निजी वकील रह चुके हैं। एंड वक्त पर वोटिंग का समय बढ़ाकर सुप्रीम कोर्ट ने खेल के नियम बदल दिए जिससे लूला को फायदा पहुंचाया गया है। हालांकि इस पूरे विवाद पर एक पेच यह भी है कि खुद बालसुनारो के कैंप ने भी खराब मौसम के चलते कुछ राज्यों में समय बढ़ाने की मांग की थी। इलेक्ट्रोरल कोर्ट के चीफ कांसियो नून्स मारकेस ने दोनों उम्मीदवारों से बात की और लूला की जीत की औपचारिक पुष्टि कर दी। दिलचस्प बात यह भी है कि मार्केस को पूर्व राष्ट्रपति जायर व्सेसारो के कार्यकाल में नियुक्त किया गया था। मार्केस ने साफ किया कि आखिरी पलों में समय बढ़ाने के फैसले से काउंटिंग पर असर जरूर पड़ा है। लेकिन अंतिम नतीजों में कोई बाहरी दखल नहीं था और चुनाव निष्पक्ष रहा है। लेकिन दुनिया की चिंताएं इसलिए बढ़ गई है क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम साल 2022 के चुनाव की याद दिलाता है। उस समय जाहिर बोलसुनारो ने भी लूला से मिली करीबी हार को स्वीकार नहीं किया था। जिसके बाद उनके समर्थकों ने संसद और सरकारी इमारतों पर धावा बोल दिया था। इसे भी पढ़ें: ''White House ऐसा लगता है जैसे Saddam Hussein ने Cheesecake Factory खोल ली हो'', Obama के तंज पर बुरी तरह भड़के Trump लूला की वापसी और वाशिंगटन के लिए संदेश यह जीत 80 वर्षीय लूला की एक और राजनीतिक वापसी है। उन्हें 2018 से 2019 के बीच भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल हुई थी, लेकिन बाद में ये आरोप खारिज कर दिए गए। 2022 में जायर बोल्सोनारो को हराकर वे फिर से सत्ता में लौटे। लूला की यह जीत ऐसे समय में हुई है, जब लैटिन अमेरिका के कुछ हिस्सों में दक्षिणपंथी सरकारों की ओर झुकाव बढ़ रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने बोल्सोनारो के खेमे पर ब्राजील की संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने ऐसी नीतियों के खिलाफ चेतावनी दी जो सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को कमजोर कर सकती हैं, और गरीबी कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हुई प्रगति को उलट सकती हैं। यह नतीजा ट्रम्प के लिए एक झटका है, जिनके प्रशासन ने बोल्सोनारो परिवार को फिर से सत्ता में लाने की कोशिशों का समर्थन किया था। लूला का लगातार नेतृत्व इस क्षेत्र में वाशिंगटन के प्रभाव को संतुलित करने का काम कर सकता है। लूला के कार्यकाल में विदेश मंत्री रहे सेल्सो अमोरिम ने रॉयटर्स को बताया कि लैटिन अमेरिका में संतुलन बनाए रखने में ब्राज़ील के राष्ट्रपति की भूमिका अहम होगी। इसे भी पढ़ें: Iran ने कहा America के साथ कूटनीति के रास्ते खुले, मध्यस्थों से भेजे जा रहे संदेश इस जीत ने कैसे ट्रंप को हरा दिया? लूला डसिलवा वही शख्सियत हैं जिन्होंने ना सिर्फ डोनाल्ड ट्रंप को उंगलियां दिखाई, तेवर दिखाया और यह भी जता दिया कि ब्राजील जो है अमेरिका का कोई गुलाम बनने वाला देश नहीं है। उसके प्रभाव से जो है मुक्त रहने वाला देश है। उसने साफ-साफ कह दिया था कि अगर हमारे ऊपर किसी भी तरह से व्यापारिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की जाती है तो हमारे पास और भी बहुत सारे रास्ते खुले हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप को यह बातें जो है अपने ईगो से ज्यादा बड़ी दिखाई दी। उनका ईगो कहीं ना कहीं इससे हर्ट होता हुआ दिखाई दिया था। ऐसी अपेक्षाएं रही होंगी उनको कि लूरा डसिलवा जो है सत्ता से अब बेदखल हो जाए। लेकिन इस चुनाव ने कहीं ना कहीं उनकी उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। कंजेर्वेटिव कांग्रेस लूला के लिए पेश कर रही है चुनौती अपनी जीत के बावजूद, लूला को अपने चौथे कार्यकाल के दौरान बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्राज़ील ने 1980 के दशक में लोकतंत्र की बहाली के बाद से अपनी सबसे रूढ़िवादी कांग्रेस चुनी है, जहाँ बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी और उसके सहयोगियों का दोनों सदनों में गहरा प्रभाव रहने की उम्मीद है। यह राजनीतिक संतुलन लूला के लिए नए कानून पारित कराने और बजट संबंधी निर्णयों पर नियंत्रण बनाए रखने में मुश्किलें खड़ी कर सकता है। आर्थिक दबाव भी एक और बड़ी चिंता का विषय है। सरकार ने अगले वर्ष 2.3% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि सार्वजनिक ऋण बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 82% से अधिक हो गया है। ऊँची ब्याज दरें, घरेलू कर्ज़ और सरकारी खर्च को नियंत्रित करने का दबाव प्रशासन पर भारी पड़ने के आसार हैं। इसलिए लूला को सामाजिक कार्यक्रमों और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के अपने वादे को पूरा करने के साथ-साथ एक रूढ़िवादी विधायिका के साथ तालमेल बिठाकर काम करना होगा। उनकी इस जीत ने एक और कार्यकाल तो सुरक्षित कर लिया है, लेकिन बोल्सोनारो खेमे द्वारा चुनावी नतीजों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण आने वाले हफ्तों में राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
ब्राजील में Lula Da Silva की चौथी जीत, अमेरिकी महाद्वीप के वामपंथी नेताओं ने दी बधाई
अमेरिका महाद्वीप के नेताओं ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को विपक्षी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को हरा कर अभूतपूर्व चौथी बार राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर सोशल मीडिया पर बधाई दी। क्षेत्र के अन्य वामपंथी रुझान वाले नेताओं ने नतीजों पर विशेष रूप से तेजी से प्रतिक्रिया दी। लूला को लातिन अमेरिका के वामपंथी खेमे में एक सम्मानित नेता माना जाता है। उन्होंने 2003 से 2010 तक ब्राजील का शासन संभाला था। उस समय क्षेत्र के कई देशों में वामपंथी नेता सत्ता में थे। वर्ष 2023 में दोबारा सत्ता में लौटने के बाद से लूला, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर आलोचक रहे हैं। लूला की जीत पर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा, ‘‘लोकतंत्र जिंदाबाद, ब्राजील की जनता की जीत हुई है। राष्ट्रपति लूला को बधाई।’’क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने कहा, ‘‘प्रिय भाई लूला, क्यूबा की सरकार और जनता की ओर से मैं आपको इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई देता हूं। यह जीत आपके नेतृत्व में ब्राजील की जनता द्वारा अपनाए गए शांति, संप्रभुता और सामाजिक न्याय के मार्ग को जारी रखना सुनिश्चित करती है।’’वहीं, अर्जेंटीना की पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टीना किर्चनर ने कहा, ‘‘कॉमरेड राष्ट्रपति लूला, आपको बधाई। आपने अपने सातवें राष्ट्रपति चुनाव में अपने हमवतन लोगों के जोश और विवेक को जगाया और उन्हें इस लड़ाई में जीत दिलाई।’’चिली के राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्त ने कहा, ‘‘चिली और ब्राजील के सामने साझा भविष्य की व्यापक संभावनाएं हैं। हम अपने देशों के बीच आर्थिक एकीकरण और क्षेत्र में संगठित अपराध से मुकाबले के लिए संबंध मजबूत करने वाले एजेंडे पर काम जारी रखेंगे।’’इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने कहा, ‘‘इस जीत के लिए लूला को बधाई। हमारे क्षेत्र के दुश्मन साझा हैं, चुनौतियां समान हैं और मिलकर काम करने पर हमें बहुत कुछ हासिल हो सकता है।’’इस बीच, पेरू के राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी और बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज ने भी लूला को बधाई दी। अमेरिका के सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा, ‘‘लूला ने ब्राजील के श्रमिकों और लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाई है तथा अगले चार वर्षों में भी ऐसा करते रहेंगे।’’
लिमिटेड की नई इकाई का उद्घाटन रविवार को राजातालाब के खोचवां में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस यूनिट की स्थापना पर करीब 150 करोड़ रूपये का निवेश किया गया है।
हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ अमेरिका में फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ नीरज फरीदपुरिया भी पकड़ा गया।
इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के लिए एक नए फीचर का ऐलान किया है। इसके तहत यूजर लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी भी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर टिप के तौर पर भेज सकेंगे। यह ट्रांजैक्शन X के पेमेंट प्लेटफॉर्म 'X मनी' के जरिए पूरा होगा। यह फीचर अभी सिर्फ अमेरिका के X यूजर्स के लिए ही होगा। मस्क ने X पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'हम X मनी के जरिए किसी को भी $1 भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस का ऑप्शन जोड़ रहे हैं।' कैसे काम करेगा $1 टिपिंग सिस्टम? इस नए सिस्टम में किसी पोस्ट के क्रिएटर को पैसे भेजने के लिए यूजर को सिर्फ लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए 1 डॉलर सीधे यूजर के अकाउंट से ट्रांसफर हो जाएगा। यह फीचर यूजर्स को बिना किसी अलग पेमेंट प्रोसेस में जाए सीधे क्रिएटर को सपोर्ट करने का आसान तरीका देता है। हालांकि, X ने अभी तक इसके रोलआउट की तारीख या एलिजिबिलिटी की शर्तों का खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने यह भी साफ नहीं किया है कि डिफॉल्ट $1 की रकम को बदला जा सकेगा या नहीं, या भविष्य में एडिशनल पेमेंट ऑप्शन मिलेंगे या नहीं। क्या है X मनी और इसके फीचर्स? X मनी की शुरुआत अमेरिका में जुलाई 2026 में हुई थी। यह सर्विस यूजर्स को पीयर-टू-पीयर (P2P) यानी पर्सन-टू-पर्सन मनी ट्रांसफर, डिपॉजिट अकाउंट्स और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड की सुविधा देती है। यह सर्विस पूरी तरह से 'क्रॉस रिवर बैंक' के बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है। यानी X मनी खुद एक बैंक नहीं है, बल्कि एक फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मिलने वाला डेबिट कार्ड एपल पे से भी कनेक्ट हो जाता है। साथ ही, एलिजिबल डिपॉजिट्स पर ब्याज और खरीदारी पर कैशबेक जैसे फायदे भी मिलते हैं। X को 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ एक सोशल नेटवर्किंग साइट न रखकर एक 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं, जहां मैसेजिंग, सोशल मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज एक साथ मिल सकें। X मनी का यह $1 टिपिंग फीचर उसी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। अगर यह बड़े पैमाने पर लागू होता है, तो इससे क्रिएटर्स को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी लॉन्च करने या भारतीय यूजर्स के लिए $1 टिपिंग फीचर अवेलेबल कराने को लेकर अब तक कोई ऑफिशियल तारीख या ऐलान नहीं किया है। भारत के पास पहले से ही UPI बेस्ड एक मजबूत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम मौजूद है। ऐसे में अगर X मनी भारत में आता है, तो इसे देश के नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल यह फीचर केवल अमेरिकी बाजार पर फोकस है। क्या होता है 'एवरीथिंग एप'? 'एवरीथिंग एप' या 'सुपर एप' उस डिजिटल प्लेटफॉर्म को कहते हैं, जहां एक ही एप्लिकेशन में सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, शॉपिंग, कैब बुकिंग और बैंकिंग जैसी तमाम सर्विसेज एक साथ मिलती हैं। चीन का 'वीचैट'इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क X को इसी तर्ज पर दुनिया का सबसे बड़ा सुपर एप बनाना चाहते हैं। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी स्टार्टअप का पारे से सोना बनाने का दावा:क्या हीरे की तरह सस्ता होगा गोल्ड; पहले भी 2 बार लैब में कोशिश हो चुकी सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्ट-अप है मैराथन फ्यूजन। दावा है कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने प्रयोग में कुल कितना सोना बनाया है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सच में बाजार में बेचने लायक सोना बन भी पाएगा? 'द अटलांटिक' के मुताबिक, यह कोई नया विचार नहीं है। इसके पहले भी 2 बार लैब में सोना बनाने की कोशिश हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
मिथिला के मखाने की विदेशों में बढ़ रही डिमांड, दुबई-अमेरिका तक हो रहा निर्यात
आधुनिक प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के कारण दरभंगा से मखाने का निर्यात अब दुबई, कनाडा सहित कई देशों में हो रहा हैं।
सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्ट-अप है मैराथन फ्यूजन। दावा है कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने प्रयोग में कुल कितना सोना बनाया है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सच में बाजार में बेचने लायक सोना बन भी पाएगा? 'द अटलांटिक' के मुताबिक, यह कोई नया विचार नहीं है। इसके पहले भी 2 बार लैब में सोना बनाने की कोशिश हो चुकी है। 10 आसान सवाल-जवाब में समझते हैं मैराथन फ्यूजन के दावे का पूरा सच…. सवाल 1: मैराथन फ्यूजन ने क्या दावा किया है? जवाब: मैराथन फ्यूजन ने कहा कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। दावा है कि उसकी यह उपलब्धि CERN के पिछले रिकॉर्ड से 10 गुना बेहतर है। कंपनी ने कहा कि अब, हम रिकॉर्ड बिजली/ऊर्जा पैदा करने के लिए सैन फ्रांसिस्को में एक फ्यूजन रिएक्टर बना रहे हैं। CERN दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु प्रयोगशाला है, जहां ब्रह्मांड के मूलभूत कणों और नियमों पर रिसर्च की जाती है। CERN ने भी अपने 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' में लेड कणों की टक्कर के दौरान अनजाने में सोना बनाया था, लेकिन वह बेहद मामूली मात्रा में बना था। सवाल 2: मैराथन फ्यूजन असल में सोना क्यों बनाना चाहता है? जवाब: सोना बनाना मैराथन फ्यूजन का मुख्य बिजनेस नहीं है, बल्कि यह एक साइड बिजनेस जैसा है। न्यूक्लियर फ्यूजन ऊर्जा का एक बेहद साफ और असीमित स्रोत है जो भविष्य में कोयले-पेट्रोल की जगह ले सकता है, लेकिन यह तकनीक बहुत ज्यादा महंगी है। कंपनी के को-फाउंडर एडम रुतकोव्स्की के अनुसार, फ्यूजन के दौरान बनने वाले सोने से जो करोड़ों डॉलर मिलेंगे, उससे फ्यूजन के भारी-भरकम खर्चों की भरपाई की जा सकेगी। हर धातु या तत्व की अपनी एक पहचान होती है, जो उसके केंद्र में मौजूद प्रोटॉन की संख्या से तय होती है। पारे के केंद्र में 80 प्रोटॉन होते हैं। वहीं सोने के केंद्र में 79 प्रोटॉन होते हैं। यानी अगर पारे में से सिर्फ 1 प्रोटॉन कम कर दिया जाए, तो वह अपने आप सोना बन जाएगा। सवाल 3: पारे से सोना बनाने की प्रक्रिया क्या है? जवाब: स्टेप 1- कंपनी फ्यूजन रिएक्शन के दौरान बेहद तेज रफ्तार वाले न्यूट्रॉन्स की बौछार पारे के ऊपर करती है। तेज रफ्तार न्यूट्रॉन पारे के परमाणु से टकराता है और उसके अंदर से न्यूट्रॉन को बाहर निकाल देता है। इससे पारा बदलकर 'मरकरी-197' नाम के एक अस्थायी और रेडियोएक्टिव रूप में आ जाता है। स्टेप 2- मरकरी-197 का यह रूप ज्यादा देर ऐसे नहीं रह सकता। लगभग 64 घंटे के अंदर यह खुद को शांत करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन सोख लेता है। इलेक्ट्रॉन सोखते ही पारे के अंदर का एक प्रोटॉन बदलकर न्यूट्रॉन बन जाता है। इससे प्रोटॉन की संख्या 80 से घटकर 79 रह जाती है। सवाल 4: न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक क्या है और यह काम कैसे करती है? जवाब: न्यूक्लियर फ्यूजन बिल्कुल वही प्रक्रिया है जिससे सूरज लगातार ऊर्जा पैदा करता है। इसमें दो परमाणुओं जैसे हाइड्रोजन के आइसोटोप्स को बहुत तेज तापमान और दबाव में आपस में जोड़ा जाता है। इस जुड़ाव से बहुत भारी मात्रा में साफ-सुथरी ऊर्जा पैदा होती है। सवाल 5: क्या विज्ञान की मदद से पहले भी लैब में सोना बनाया गया है? जवाब: सवाल 6: तकनीक सफल होती है, तो एक प्लांट में कितना सोना बन सकता है? जवाब: मैराथन फ्यूजन के 2025 के रिसर्च पेपर के मुताबिक, 1 गीगावाट थर्मल पावर वाले कॉमर्शियल फ्यूजन प्लांट से सालाना करीब 2 टन सोना बनाया जा सकता है। सवाल 7: इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी तकनीकी रुकावटें क्या हैं? जवाब: इसके सामने 2 बड़ी रुकावटें हैं: सवाल 8: इतिहास में पारस पत्थर का क्या रहस्य रहा है? जवाब: 2,000 सालों से इंसान धातुओं को सोने में बदलने का सपना देखता आया है। ऐसा माना जाता रहा है कि एक ऐसा जादुई पत्थर है जो किसी भी धातु को छूते ही सोना बना सकता है। 1782 में ब्रिटिश केमिस्ट जेम्स प्राइस ने जादुई पाउडर से पारे को सोना बनाने का दावा किया। जब वैज्ञानिकों के सामने इसका डेमो मांगा गया, तो उन्होंने जहर पीकर जान दे दी। वहीं, 20वीं सदी में रुडोल्फ हंटर ने सूरज के नियमों से रोज हजारों डॉलर का सोना बनाने का दावा किया, पर साबित करने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। सवाल 9: अन्य वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मैराथन के इस दावे पर क्या कह रहे हैं? जवाब: सवाल 10: क्या लैब-मेड गोल्ड से बाजार में सोने की कीमतें गिर जाएंगी? जवाब: कृत्रिम हीरे की तरह सोना बनाना सस्ता नहीं है। 2025 में दुनिया की खदानों से 3,672 टन सोना निकाला गया था। दुनिया में कुल 2,22,600 टन माइन्ड सोना पहले से मौजूद है। मैराथन के अनुमानित 2 टन सालाना उत्पादन से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें… स्टारलिंक बोली-हम 5 सालों से भारत में काम कर रहे: हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार, मंजूरी मिलने का इंतजार इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने कहा है कि वह भारत में हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान शेयर करते हुए बताया कि वह पिछले 5 सालों से भारतीय रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया की गिरफ्तारी से हरियाणा, दिल्ली पुलिस को राहत मिली है। यह गैंग विदेश से रंगदारी समेत अन्य वारदातों को अंजाम देता था।
विचार: अमेरिका के समक्ष अडिग रहे भारत
यदि अमेरिका चाहता है कि भारत उसके ऊर्जा हितों की रक्षा में सहायक बने तो उसे भी भारतीय हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशील होना होगा।
Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei
Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei Iran America War के बीच Strait of Hormuz से जुड़ा बड़ा दावा सामने आया है।
ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी, नए हमले का देंगे कड़ा जवाब
ईरान की अंडरग्राउंड ड्रोन फैक्ट्री से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एक बड़ा संदेश जारी किया गया है. ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हाफ ने इस सीक्रेट ड्रोन फैक्ट्री का दौरा कर अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान पर कोई नया सैन्य हमला हुआ, तो अमेरिका और इजरायल को एक नहीं बल्कि कई सरप्राइज हमलों का सामना करना पड़ेगा.
फरीदाबाद में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के मामले में वांछित गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भारत लाने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने 22 अक्टूबर को लास वेगास क्षेत्र में नीरज और गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को हिरासत में लिया था। इसकी जानकारी सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां दोनों को भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क साधा जा रहा है। फरीदाबाद पुलिस पहले ही नीरज के प्रत्यर्पण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को सिफारिश भेज चुकी है। ACP क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि नीरज को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली है। पुलिस इस मामले में और जानकारी जुटा रही है। बता दें कि नीरज फरीदपुरिया पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर अपराधों के 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें फरीदाबाद और पलवल में करीब 12-12 मामले बताए जा रहे हैं। पुलिस को कई मामलों में उसकी तलाश है। विदेश में रहने के दौरान भी उसके नाम से रंगदारी मांगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। एल्विश यादव के घर फायरिंग में भी सामने आया था गैंग का नाम अगस्त 2025 में गुरुग्राम स्थित यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस मामले की जांच के दौरान नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े शूटरों का नाम सामने आया था। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े एक पोस्ट में भी फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। हालांकि, नीरज फरीदपुरिया के खुद गोली चलाने की पुष्टि नहीं हुई थी। 2019 में हुई थी विकास चौधरी की हत्या 26 जून 2019 को फरीदाबाद में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के दौरान नीरज फरीदपुरिया का नाम सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी उसके फरीदपुर गांव स्थित मकान पर छापेमारी कर चुकी है। पलवल में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप जुलाई 2024 में पलवल में रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। आरोप था कि चांदहट गांव निवासी योगेश कुमार को फोन कर एक करोड़ रुपये मांगे गए। फोन करने वाले ने खुद को नीरज फरीदपुरिया बताया था। रकम नहीं देने पर योगेश और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा था। इस मामले ने विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका को फिर चर्चा में ला दिया था। हत्या में उम्रकैद के बाद हाईकोर्ट से मिली थी जमानत नीरज को वर्ष 2012 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2015 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह विदेश चला गया। इसके बाद विकास चौधरी हत्याकांड समेत अन्य मामलों में उसकी तलाश जारी रही। NIA की छापेमारी के बाद मकान भी ढहाया गया अक्टूबर 2022 में एनआईए ने फरीदाबाद के फरीदपुर गांव स्थित नीरज के मकान पर छापेमारी की थी। इससे पहले पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई के दौरान गांव में स्थित उसके करीब 350 वर्ग गज के मकान को ढहा दिया गया था। अब अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद जांच एजेंसियों की नजर उसे भारत लाने की प्रक्रिया पर है।
हरियाणा एसटीएफ ने अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से विदेश में छिपे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका से गिरफ्तार किया है। जानिए दोनों के खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं।
हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है।
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गुरुग्राम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एलविश यादव के घर फायरिंग करवाने वाले हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। 24 वर्षीय हिमांशु की गैंगस्टर भाऊ बनने की कहानी भी रोचक है। 2019 तक वह एक नॉर्मल स्टूडेंट था। पढ़ाई के दौरान ही उसने रोहतक के सब्जी मंडी इलाके में जबरन वसूली के लिए फायरिंग कर दी, जिसके बाद उस पर केस दर्ज हुआ और पुलिस ने पकड़ लिया। उस वक्त हिमांशु की उम्र महज 17 साल थी। इसे देखते हुए उसे हिसार के सुधार गृह भेज दिया गया, जहां से वह 20 लड़कों के साथ फरार हो गया। इसके बाद वह कभी पुलिस के हाथ नहीं आया। सबसे पहले अपने गांव के ही बचपन के दोस्त अंकित उर्फ बाबा से उसकी दुश्मनी हुई। इस दुश्मनी में जब हत्याएं होने लगीं, तो उसने अपना ठिकाना झज्जर और फिर दिल्ली को बना लिया। यहां उसकी मुलाकात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई। इसके बाद उस पर हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में मर्डर, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे करीब 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज होते चले गए और हरियाणा का यह लड़का अपराध की दुनिया में ‘भाऊ’ नाम से फेमस हो गया। उसे दिल्ली और आसपास के इलाकों में ‘दाऊद इब्राहिम’ भी कहा जाता है। हिमांशु पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से उसकी पुरानी दुश्मनी मानी जाती है। पहले जानिए कैसे पकड़ा गया हिमांशु भाऊ, 4 पॉइंट… अब जानिए कौन है हिमांशु, जो गैंगस्टर भाऊ बनकर अमेरिका पहुंचा…. बचपन के दोस्त से गैंगवार, गांव में हो चुकीं चार हत्याएं… ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… रोहतक के 2 गैंगस्टर दोस्त कैसे बने दुश्मन:कार विवाद से गैंगवार शुरू; 3 साल में 4 मर्डर, अंकित जेल में बंद, हिमांशु अमेरिका बैठा हरियाणा के रोहतक में गैंगस्टर अंकित उर्फ बाबा के चाचा अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार को खेत में जाते वक्त बदमाशों ने अनिल को घेरा और उस पर 7 सेकेंड में 15 राउंड फायर किए। इसमें से अनिल के सिर, माथे, छाती, मुंह और पेट में 8 गोली लगी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है. अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसे पकड़ा है. हिमांशु भाऊ पर दर्जनों केस दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या का प्रयास और वसूली से जुड़े मामले भी हैं. इससे पहले बताया गया था कि हिमांशु भाऊ पुर्तगाल में है, लेकिन अब उसके अमेरिका में गिरफ्तार होने की सूचना आई है. गैंगस्टर हिमांशु भाऊ दिल्ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा-पंजाब तक में खौफ का दूसरा नाम है. वह विदेश में बैठकर भारत में अपराध का साम्राज्य चलाता था. उसकी गिरफ्तारी से कई राज खुलने की संभावना है. दूसरी तरफ, अब उसे अमेरिका से भारत लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि भारतीय कानून के तहत गैंगस्टर हिमांशु भाऊ पर मुकदमा चलाया जा सके.
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स में एनेस्थीसिया सुरक्षा पर अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल से संवाद किया
जयपुर | फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर में अमेरिका के सिटिजन एम्बेसडर प्रोग्राम के तहत आए सर्टिफाइड रजिस्टर्ड नर्स एनेस्थेटिस्ट्स के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एनेस्थीसिया सेवाओं और मरीज सुरक्षा पर संवाद हुआ। अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से कल्चरल विस्टास के सिटीजन एम्बेसडर प्रोग्राम के अंतर्गत कार्यक्रम में शामिल होने आया था। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग पेशेवरों और प्रशासनिक अधिकारियों से क्लिनिकल प्रक्रियाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल, शिक्षा-प्रशिक्षण, निरंतर पेशेवर विकास और सेवा उपलब्धता से जुड़े अनुभव साझा किए। प्रतिनिधिमंडल की अगुआई डेबी मालिना ने की। उन्होंने कहा कि भारत में एनेस्थीसिया सेवाओं की कार्यप्रणाली और शिक्षा की भूमिका समझने में यह बातचीत उपयोगी रही।
भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में FBI ने गिरफ्तार किया है। हिमांशु पर दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में मर्डर, हत्या की कोशिश, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे करीब 30 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आई है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा पुलिस ने उस पर 2.5 लाख और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। 2022 में हरियाणा में 24 घंटे में तीन हत्याओं के बाद हिमांशु चर्चा में आया था। हिमांशु भाऊ की गैंग ने ही 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। हिमांशु की लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से दुश्मनी मानी जाती है। इसी मामले में एक अन्य भगोड़े नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया। बताया गया है कि वह इस साल जमानत पर रिहा होने के बाद अपने टखने में लगा निगरानी ट्रैकर हटाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। हिमांशु ने लास वेगास में बना रखा था ठिकाना इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक सूत्र ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस की कई टीमें गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में तलाश कर रही थीं। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर लास वेगास में उसका ठिकाना पता लगाया गया। इसके बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उसकी लोकेशन शेयर की गई, जिन्होंने गुरुवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम, 24 घंटे में 3 हत्याओं से चर्चा में आया एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग में भी नाम 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु भाऊ गैंग ने लेने का दावा किया था। इसके अलावा दिल्ली के राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउटलेट पर हत्या और कार शोरूम पर गोलीबारी जैसी घटनाओं में भी गिरोह का नाम सामने आया। लॉरेंस गैंग से दुश्मनी, विदेश से चलाता था नेटवर्क हिमांशु भाऊ के नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से करीबी संबंध बताए जाते हैं, जबकि लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग से उसकी दुश्मनी मानी जाती है। उसका गिरोह दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सक्रिय बताया जाता है। वह पुर्तगाल में रह चुका है और विदेश से गिरोह चलाने के आरोप हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य वर्चुअल नंबर और सोशल मीडिया के जरिए कारोबारियों से संपर्क कर रंगदारी मांगते थे। कई एजेंसियां कर रही थीं तलाश दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस की एसटीएफ और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई एजेंसियां हिमांशु भाऊ की तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी था। अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी के बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में जिम ट्रेनर की 15 राउंड फायरिंग कर हत्या:चार में से 2 गोलियां सिर में लगीं, हिमांशु भाऊ गैंग ने ली जिम्मेदारी दिल्ली आया नगर में एक जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। दो बाइकों पर आए चार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। विजय को चार गोलियां लगीं थीं, जिसमें से दो गोलियां उसके सिर में लगीं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
Agra News: अमेरिका में आगरा के तजिंदर ने 48 गेंदों पर ठोक दिए 111 रन
अमेरिका की माइनर लीग क्रिकेट के प्लेऑफ मुकाबले में आगरा के बल्केश्वर निवासी तजिंदर ढिल्लों ने अपने बल्ले से ऐसा धमाल मचाया कि विरोधी टीम के गेंदबाज बेबस नजर आए।
विचार: अमेरिका में बढ़ता हिंदूफोबिया
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंदू मंदिरों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है
पन्ना में शुक्रवार शाम अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव के तहत ऐतिहासिक खेजड़ा मंदिर से महामति श्री प्राणनाथ जी की सवारी निकाली गई। इसमें देश-विदेश से हजारों सुन्दरसाथ और साधु-संत शामिल हुए। सवारी के दौरान श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर स्वागत किया और जयकारे लगाए। मुख्य रास्तों से निकली सवारी शाम 5 बजे सवारी नगर के मुख्य रास्तों से गुजरी। भजन-कीर्तन और श्री जी के जयघोष से शहर गूंज उठा। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और नेपाल के साथ अमेरिका व कनाडा से भी श्रद्धालु पहुंचे। तेरस की सवारी का खास महत्व प्रणामी धर्म में तेरस की सवारी का विशेष महत्व है। महाराजा छत्रसाल ने सद्गुरु महामति श्री प्राणनाथ जी के सम्मान में यह परंपरा शुरू की थी, जो आज भी जारी है। नेपाल से आए सुजन तिमिल्सिना ने बताया कि वे 1500 किलोमीटर दूर से सवारी देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना प्राणनाथ जी की पावन भूमि है। नेपाल से पहली बार आईं निशा मैनाली ने भी बड़ी संख्या में लोगों को देखकर खुशी जताई।
दिल्ली की एक अदालत ने म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति अगले साल 24 फरवरी तक बढ़ा दी है।
अमेरिका में रह रहे लुधियाना के जगराओं क्षेत्र के परिवार के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। सिद्धवां बेट निवासी मृतक परिवार के साथ अमेरिका में रह रहा था। कुछ दिन पहले वह सड़क हादसे में घायल हुआ था। बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे सिद्धवां बेट में शोक की लहर दौड़ गई। माता-पिता के इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिद्धवां बेट निवासी गुरलाल सिंह उर्फ गग्गना, पुत्र चमकौर सिंह और बलजीत कौर, पिछले कुछ समय से अपनी पत्नी के साथ अमेरिका में रह रहा था। बीते दिनों वह सड़क हादसे का शिकार हो गया था। उसका अस्पताल इलाज चल रहा था। बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गुरलाल की दो बहनें कनाडा में रहती हैं। परिवार के इकलौते बेटे के इस तरह दुनिया से चले जाने से परिजनों और रिश्तेदारों को गहरा सदमा पहुंचा है।़ दोस्त ने हादसे की जानकारी गुरलाल सिंह गग्गना की मौत की जानकारी देते हुए उसके करीबी दोस्त बब्बू कलसी ने बताया कि उन्हें अमेरिका से फोन के जरिए इस दुखद घटना का पता चला। उन्होंने कहा कि गुरलाल की मौत की खबर सुनते ही उसके दोस्तों और गांववासियों में शोक छा गया। उन्होंने बताया कि गुरलाल सिंह का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। शोक जताने घर पहुंचे लोग परिवार के साथ दुख साझा करने वालों में मार्केट कमेटी सिद्धवां बेट के चेयरमैन परमिंदर सिंह सिद्धू, ब्लॉक प्रधान बलकार सिंह लाडी, कुलविंदर सिंह चंदी, जर्नैल सिंह सिद्धू, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य हमन कुमार टीटा, गुरप्रताप सिंह सफीपुरा शोक जताने घर पहुंचे सभी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की।
पानीपत में अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवक राहुल मलिक (28) की हत्या के मामले में एक वीडियो सामने आया है। इसमें राहुल फर्श पर खून से लथपथ पड़ा दिखाई दे रहा है और पूरे कमरे में खून फैला हुआ है। वीडियो में शराब की बोतल और ऑफिस का टूटा हुआ सामान भी नजर आ रहा है। पुलिस ने इस वीडियो को भी अपनी जांच में शामिल किया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि राहुल मलिक और आरोपी बचपन के दोस्त थे। दोनों वर्ष 2023 में अमेरिका गए थे। अमेरिका जाने के लिए उन्होंने करीब 50 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन दोनों को वहां से डिपोर्ट कर दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि राहुल के उसी बचपन के दोस्त ने उसकी हत्या की है। परिवार ने तीन अन्य युवकों के नाम भी बताए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीण सिविल अस्पताल के बाहर जीटी रोड पर जाम लगाने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल, पुलिस ने चारों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। युवक राहुल के मर्डर की दो तस्वीरें… पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में ये बातें… कहासुनी के बाद दी धमकी, बाद में मांगी माफी : पुलिस को दी शिकायत में मृतक राहुल के पिता राकेश ने बताया कि कुछ दिन पहले राहुल की आर्यन के साथ कहासुनी हो गई थी। आर्यन ने राहुल को देख लेने की धमकी भी दी थी। राहुल ने ये बात राकेश को बताई थी। इस पर राकेश ने आर्यन से बात की। इसके बाद आर्यन ने घर आकर राहुल से माफी मांग ली थी। पार्टी देने की बात कहकर ले गया था आर्यन : राकेश ने बताया कि विजयदशमी के दिन आर्यन उनके घर आया और राहुल को पार्टी देने की बात कहकर ले गया। राकेश को आर्यन की नीयत पर शक हो गया। इसलिए राकेश भी उनके पीछे चल पड़ा। आरोप है कि आरोपी पहले ही राहुल के मर्डर की योजना बना चुके थे। इसलिए उसे अपने ऑफिस ले गए। जबकि राकेश अपने बेटे को वापस बुलाना चाहता था। अंदर देखा तो हाथ में थे चाकू, जमीन पर पड़ा था राहुल : राकेश ने बताया कि जैसे ही वह ऑफिस के अंदर गया तो देखा कि आर्यन और राकू के हाथ में चाकू थे। रिंकू व एक अन्य के हाथ में डंडे थे। रिंकू ने राहुल को पीछे से जकड़ रखा था। इसके बाद आर्यन ने राहुल के पेट के नीचे चाकू से वार किया और राहुल जमीन पर गिर गया। इसके बाद आर्यन और राकू ने राहुल पर चाकू से किए वार किए। जबकि रिंकू और अन्य राहुल के पैर और कमर पर डंडे बरसाते रहे। पिता चिल्लाया तो दी जान से मारने की धमकी : राकेश ने बताया कि ये देखकर वह चिल्ला पड़ा। इस पर आरोपियों ने राकेश को भी जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग गए। वह अपने बेटे को इलाज के लिए निजि अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चोट ज्यादा होने की वजह से उनके बेटे की मौत हो गई। राहुल के परिवार की ओर से कराई गई FIR की कॉपी पुलिस ने अब तक ये कार्रवाई की… राहुल की बॉडी पर 7-8 शार्ट कट मिले औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस के मुताबिक, पानीपत सिविल हॉस्पिटल में राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि राहुल की शरीर पर चाकू के 7-8 शार्प कट मिले हैं। हमले के बाद से ही राहुल होश में नहीं आ सका, बाद में उसकी अस्पताल में मौत हुई। चार के खिलाफ केस, एसआई को सौंपी जांच मामले में औद्योगिक सेक्टर-29 थाना पुलिस ने राहुल के पिता राकेश मलिक की शिकायत पर आर्यन, राकू और रिंकू समेत एक अन्य युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच सब इंस्पेक्टर रोबिन नैन को सौंपी गई है। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में नीतू के हत्यारों को अमीर बनाने का लालच:मास्टरमाइंड जेठ बोला- घर में 40 लाख और जेवर मिलेंगे, विरोध करे तो मार देना गुरुग्राम के चर्चित नीतू हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। नीतू के पति प्रशांत के ताऊ के बेटे संदीप ने अनुज और अविनाश के साथ बैठकर पूरी प्लानिंग तैयार की थी। संदीप ने दोनों को यह नहीं बताया था कि वह जमीन के लिए नीतू की हत्या करना चाहता है। (पूरी खबर पढ़ें)
हर आईआईटीएन का सपना होता है कि वह दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनी में काम करे। भारतीय मूल की प्रणीता पुजारी ने भी ऐसा ही किया। आईआईटी कानपुर से पढ़ाई करने के बाद अमेरिका में एमबीए किया। फिर उन्होंने फ्लिपकार्ट और अमेजॉन के साथ अपने करियर की शुरुआत की
भारतीय कंपनियों पर पाबंदी से अमेरिका को भी नुकसान
चुनाव नजदीक आते ही राजनेता लुभावनी घोषणाएं करते हैं। रियायतों का ढेर लगाते हैं। समर्थकों का भरोसा बनाए रखने के वास्ते उनकी पसंद के फैसले लेते हैं
आईआईटी के बाद अमेरिका से PhD, अब AI चिप्स की हीट कम करने की तैयारी, कंपनी को मिले 80 करोड़ रुपये
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास ने अपनी रिसर्च को ही बिजनेस आइडिया बनाया है। उनके एआई स्टार्टअप को करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
अमेरिका में कंट्रोल, मुंबई में फायरिंग... टाइगर श्रॉफ गोली कांड में बिश्नोई गैंग का नाम
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए और 17 साल के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया. जांच में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम और अमेरिका से उसका कंट्रोल होने की बात सामने आने से बॉलीवुड को धमकाकर उगाही के आरोप फिर केंद्र में हैं.
Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump
इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?
रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)
ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.
रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका
रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप
अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।
दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR
विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है
आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद
भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

