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Bhadohi News: अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ को लेकर कालीन उद्यमी चिंतित

Carpet entrepreneurs concerned about additional US tariffs

अमर उजाला 9 Aug 2026 1:02 am

सुधर जाए अमेरिका, ईरान ने दे डाली खुली धमकी; होर्मुज खोलने को लेकर क्या बोला

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अमेरिका जब तक अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। इस नए रुख के साथ ईरान ने जलमार्ग और वहां होने वाले आवागमन को लेकर किसी समझौते के लिए बातचीत को प्रभावित करने वाली नई शर्तें रख दी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 12:48 am

US Tariff Impact: अमेरिका के 100% टैरिफ से कानपुर के निर्यात पर संकट, उद्यमी अब स्थानीय बाजार में तलाश रहे विकल्प

अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों, खासकर कानपुर के उद्यमियों को भारी झटका लगा है। इससे निर्यात लागत बढ़ने और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा घटने से वे नए बाजारों की तलाश में हैं।

जागरण 9 Aug 2026 12:07 am

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर हुई चर्चा

New Delhi, 8 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi को Saturday को अमेरिका के उपPresident जेडी वेंस का फोन आया. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की. Prime Minister मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके पुत्र के ... Read more

डेली किरण 9 Aug 2026 12:01 am

अमेरिका के टैरिफ पर केंद्र की विदेश नीति फेल, दोस्ती से रिश्ते मजबूत नहीं होते: सुलता देव

New Delhi, 8 अगस्त . बीजू जनता दल (बीजेडी) की सांसद सुलता देव ने अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे टैरिफ, ई20 पेट्रोल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी, महिला आरक्षण, राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र Government पर कई सवाल उठाए. उन्होंने अमेरिका टैरिफ के मुद्दे ... Read more

डेली किरण 8 Aug 2026 11:57 pm

पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस से फोन पर बात की, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार देर रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी को प्रमुख क्षेत्रों में और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।

जागरण 8 Aug 2026 11:52 pm

जेडी वेंस ने PM मोदी से की बात, भारत-अमेरिका सहयोग पर हुई अहम चर्चा; पीएम ने वेंस को बधाई भी दी

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने PM मोदी से फोन पर बात की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन कॉल आया।

खबर इंडिया टीवी 8 Aug 2026 11:19 pm

पीएम मोदी के पास आया अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन, किस मुद्दे पर हुई चर्चा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच अहम बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया था।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Aug 2026 11:17 pm

ट्रंप के दामाद माइकल बोलस निजी दौरे के लिए कोच्चि पहुंचे, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी साथ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलस निजी दौरे पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ कोच्चि पहुंचे।

जागरण 8 Aug 2026 11:12 pm

चीन-अमेरिका को टक्कर देने की तैयारी, छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए एक्शन में भारत सरकार

भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास में तेजी ला रहा है और फ्रांस के नेतृत्व वाले 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' कार्यक्रम में शामिल होने की कोशिश कर रहा है।

जागरण 8 Aug 2026 11:06 pm

ईरान ने बताया कैसे खुलेगा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', अमेरिका के सामने रखीं कई कड़ी शर्तें

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें धमकी और सैन्य कार्रवाई रोकना, नाकेबंदी हटाना, सैनिक वापस बुलाना, युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाना और जमी हुई संपत्तियां जारी करना शामिल है। इस बीच जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी हैं।

खबर इंडिया टीवी 8 Aug 2026 10:46 pm

होर्मुज डील के करीब ईरान, फिर भी अमेरिका के सामने रखीं ये सख्त शर्तें

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि सिर्फ शिपिंग रूट पर समझौते से रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा. ईरान ने अमेरिका से हमले रोकने, प्रतिबंध हटाने, विदेशी सेनाओं की वापसी और जब्त संपत्ति लौटाने जैसी मांगें रखी हैं.

आज तक 8 Aug 2026 10:37 pm

होर्मुज स्ट्रेट पर डील करीब है, अमेरिका से तनाव के बीच क्या बोला ईरान?

अराघची ने जून में साइन किए गए अब खत्म हो चुके मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का जिक्र करते हुए कहा कि स्ट्रेट को खोलना दूसरी शर्तों पर निर्भर है, जिसमें इस्लामाबाद एग्रीमेंट के अमेरिका के उल्लंघन के लिए मुआवजा भी शामिल है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका के नए टैरिफ बिल से भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को लेकर चिंता : औद्योगिक संगठन

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले को लेकर शनिवार को एक औद्योगिक संगठन ने चिंता जाहिर की। संगठन ने कहा कि अमेरिकी सीनेट ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को रूसी ऊर्जा के शीर्ष आयातकों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इससे भारत से इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को लेकर चिंता बढ़ गई है।

समाचार नामा 8 Aug 2026 7:41 pm

'अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को रणनीतिक कदम उठाने की जरूरत', विशेषज्ञ ने किया आगाह

अमेरिकी सीनेट के नए 'रूस प्रतिबंध विधेयक' से भारत-अमेरिका संबंधों पर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसमें रूसी तेल आयात पर 100% टैरिफ का प्रावधान है।

जागरण 8 Aug 2026 7:17 pm

अमेरिका का अतिरिक्त टैक्स प्रावधान, भारत के लिए चुनौती : विदेशी मामलों के एक्सपर्ट महेश सचदेव

अमेरिका का अतिरिक्त टैक्स प्रावधान, भारत के लिए चुनौती : विदेशी मामलों के एक्सपर्ट महेश सचदेव

समाचार नामा 8 Aug 2026 7:14 pm

ग्रीनलैंड में बिना मंजूरी तेल ड्रिलिंग की तैयारी, ट्रंप से जुड़े अमेरिकी कारोबारी समूह को सरकार की कड़ी चेतावनी

न्यूयॉर्क/नुउक, 8 अगस्त अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर जारी दावों के बीच एक अमेरिकी तेल कंपनी ने इस रणनीतिक आर्कटिक द्वीप में तेल की खोज के लिए ड्रिलिंग की तैयारी शुरू कर दी है. खास बात यह है कि ग्रीनलैंड की Government ने कहा है कि कंपनी को अभी ड्रिलिंग की ... Read more

डेली किरण 8 Aug 2026 7:07 pm

केरल: कोच्चि में सीएम सतीशन ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से की मुलाकात

कोच्चि, 8 अगस्त . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने Saturday को कोच्चि में India में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की. इस बैठक में केरल के मुख्य सचिव और राज्य Government के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान केरल और अमेरिका के बीच आपसी हितों के ... Read more

डेली किरण 8 Aug 2026 6:41 pm

यूपीआई पेमेंट को लेकर छिड़ी बहस, जानकार क्यों कह रहे अमेरिकी दबाव में बदला जा रहा क़ानून

सरकार यूपीआई पेमेंट से जुड़ा एक बिल लेकर आई है. व्यापार से जुड़े एक थिंक टैंक का कहना है कि सरकार को अपनी नीति किसी के दबाव में नहीं बदलनी चाहिए. बीजेपी ने इन दावों का खंडन किया है.

बीबीसी हिंदी 8 Aug 2026 6:33 pm

कैलिफोर्निया में दीवाली की छुट्टी का कानून हुआ रद्द, कोर्ट ने बताया अमेरिकी संविधान के खिलाफ

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से एक बड़ी और चौंकाने वाली कानूनी खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने दीपावली (Diwali) के पावन पर्व को आधिकारिक राज्य अवकाश बनाने वाले कानून को असंवैधानिक करार देते हुए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदाय के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कदम किसी भी तरह से दिवाली के सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए उठाया गया है।कोर्ट ने बताया क्यों रद्द हुआ दीवाली अवकाश का कानून?अमेरिकी न्यायपालिका के अनुसार, इस फैसले के पीछे मुख्य आधार अमेरिकी संविधान में निहित 'धर्म और राज्य के पृथक्करण' (Separation of Church and State) का सिद्धांत है। अदालत का साफ तौर पर यह मानना है कि यदि सरकार किसी एक विशिष्ट धार्मिक पर्व या त्योहार को आधिकारिक सरकारी अवकाश का दर्जा देती है, तो इसे कानून की नजर में किसी एक विशेष धर्म के प्रति सरकारी समर्थन के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रावधान अमेरिकी संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है, जिसके चलते इस कानून को कानूनी कसौटी पर खरा न उतरने के कारण रद्द करना पड़ा।सांस्कृतिक महत्व और कानूनी नियमों के बीच उलझनकैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय और एशियाई समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिनके लिए दिवाली का त्योहार अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लास का प्रतीक है। राज्य में दिवाली को आधिकारिक अवकाश घोषित किए जाने से प्रवासी भारतीयों में काफी खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों और धार्मिक तटस्थता के नियमों के चलते यह मामला अदालत तक पहुंच गया। न्यायालय ने भले ही इस विशेष अवकाश के कानून को रद्द कर दिया हो, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक रूप से इस त्योहार को धूमधाम से मनाने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 5:56 pm

अमेरिका में फंसी भारतीय मूल की साधना गुल्लापुडी: वीजा फ्रॉड के आरोपों पर मचा बवाल, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिका से भारतीय प्रवासियों को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। टेक्सास के ह्यूस्टन में रहने वाली भारतीय मूल की बायोमेडिकल इंजीनियर और कुचिपुड़ी नृत्यांगना साधना गुल्लापुडी सोशल मीडिया पर अचानक विवादों के घेरे में आ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा उन पर लंबे समय से स्टूडेंट वीजा (F-1 Visa) नियमों का उल्लंघन करने और अवैध रूप से काम करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस मामले में ह्यूस्टन के अमेरिकी अटॉर्नी ने हस्तक्षेप करते हुए इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद और किसने लगाए हैं ये आरोप।सोशल मीडिया पर लगे वीजा फ्रॉड और अवैध रूप से काम करने के आरोपपूरा मामला तब शुरू हुआ जब 'साइबरग्रीन09' नामक एक 'एक्स' यूजर ने साधना गुल्लापुडी को निशाना बनाते हुए पोस्ट शेयर किया। आरोप लगाया गया कि साधना साल 2014 से लगातार स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रह रही हैं और वीजा नियमों के विपरीत वहां डांसर तथा कैश ट्यूटर के रूप में काम कर रही हैं। यूजर ने उनके डांस वीडियो शेयर करते हुए यह दावा किया कि वह पिछले 12 सालों से विभिन्न प्रोग्रामों में दाखिला लेकर वीजा नियमों का खेल खेल रही हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और इस पर तीखी बहस छिड़ गई।अमेरिकी अटॉर्नी और खुद साधना ने दी सफाईमामला तूल पकड़ने के बाद ह्यूस्टन के जाने-माने वकील आरोन रिट्ज ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि साधना गुल्लापुडी छात्र वीजा पर नहीं हैं, बल्कि वह एक प्राकृतिक अमेरिकी नागरिक (Naturalized US Citizen) हैं। अटॉर्नी ने कहा कि हालांकि वीजा धोखाधड़ी जैसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन यदि किसी ने कोई कानून नहीं तोड़ा है, तो अमेरिका में उनका स्वागत है। वहीं, इन झूठे आरोपों से आहत साधना गुल्लापुडी ने इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले कुछ दिन उनके और उनके परिवार के लिए बेहद मानसिक तनाव भरे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अनुमति के बिना उनके कंटेंट को सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक दावों के साथ शेयर किया गया है और उन्होंने लोगों से ऐसे पोस्ट्स को रिपोर्ट करने की अपील की है।आरोपी यूजर का निकला पाकिस्तान कनेक्शनइस पूरे विवाद के बीच जब ऑनलाइन यूजर्स ने उस 'एक्स' अकाउंट की छानबीन की जिसने यह अफवाह फैलाई थी, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि 'साइबरग्रीन09' नाम का वह अकाउंट असल में पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है। उस अकाउंट के बायो के मुताबिक वह पाकिस्तानी अभिनेता हमजा सोहेल का एक 'फैन अकाउंट' है, जो अक्सर भारत-विरोधी और भ्रामक बयानबाजी के लिए जाना जाता है। जब सोशल मीडिया पर भारतीय और अमेरिकी यूजर्स ने इस ट्रोल अकाउंट को आड़े हाथों लेना शुरू किया, तो डर के मारे उस यूजर ने कुछ ही समय के लिए अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट भी कर लिया। फिलहाल इस घटना के बाद विदेशी धरती पर रह रहे भारतीयों की ऑनलाइन सुरक्षा और फर्जी प्रोपेगैंडا को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 5:48 pm

दीवार का जूनियर अमिताभ आज है टेक इंडस्ट्री का बादशाह, भारत छोड़ अमेरिका में कर रहा है कारोबार, बेटियां है हॉलीवुड एक्ट्रेस, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश

दीवार में छोटे विजय का किरदार निभाकर यानी अमिताभ बच्चन के बचपन का रोल कर उन्होंने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की.

NDTV इंडिया 8 Aug 2026 4:41 pm

अमेरिका के नए बिल से क्या भारत पर लगेगा 100% टैरिफ?

अमेरिकी संसद ने रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया बिल पारित किया है, जिसके तहत उन देशों पर 100% टैरिफ लगाया जा सकेगा जो रूस के साथ व्यापार करते हैं। इस बिल में ईरान पर बढ़ाए गए प्रतिबंध भी शामिल हैं।...

लाइव हिन्दुस्तान 8 Aug 2026 4:21 pm

ईरान युद्ध में अमेरिका के सामने विकल्प खत्म? ट्रंप के शीर्ष जनरल ने दी चेतावनी, तलाश रहे ‘सम्मानजनक एग्जिट’

पिछले कुछ हफ्तों में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई प्रमुख सलाहकारों के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ईरान के साथ टकराव को और बढ़ाने वाले सैन्य विकल्प उल्टा असर डाल सकते हैं।

देशबन्धु 8 Aug 2026 4:02 pm

भारत पर 100% टैरिफ लगाने निकले ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सांसदों ने ही खोल दिया मोर्चा

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अमेरिकी योजना अब खुद अमेरिका में राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है

वन इंडिया 8 Aug 2026 3:06 pm

अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल

अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल

समाचार नामा 8 Aug 2026 2:57 pm

भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ बिल पास

वॉशिंगटन डीसी , 08 अगस्त 2026 । अमेरिकी सीनेट ने रूस पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से एक अहम प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दे दी है। 86-11 वोटों से पास हुए इस बिल में रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को देने का […] The post भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ बिल पास appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 8 Aug 2026 2:42 pm

अमेरिकी हथियारों के कम होते जखीरे पर पुतिन की पैनी नजर, क्या नाटो देशों पर सीधे हमले की तैयारी में जुटी रूसी सेना

यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने और वैश्विक स्तर पर हथियारों की सप्लाई चेन प्रभावित होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पश्चिमी देशों और खासकर अमेरिका के पास आधुनिक हथियारों और गोला-बारूद के कम होते जखीरे को भांपते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे अपने लिए एक बड़ा रणनीतिक मौका मान लिया है। खुफिया रिपोर्ट्स और रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रूसी सेना अब केवल यूक्रेन तक सीमित न रहकर सीधे तौर पर नाटो (NATO) गठबंधन के देशों को निशाना बनाने या सैन्य दबाव बढ़ाने की बड़ी तैयारी कर रही है। इस संभावित खतरे ने यूरोपीय देशों और अमेरिकी पेंटागन की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यदि मास्को ने ऐसा कोई भी कदम उठाया, तो यह सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध जैसी विभीषण स्थिति को न्योता दे सकता है।अमेरिकी सैन्य भंडारों में भारी गिरावट और रूस की आक्रामक रणनीतिपिछले कुछ वर्षों में यूक्रेन को अंधाधुंध सैन्य सहायता और हथियार भेजने के कारण अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के अपने डिफेंस रिजर्व में भारी कमी दर्ज की गई है। पेंटागन के भीतर इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि यदि एक साथ दो मोर्चों पर संघर्ष की स्थिति बनती है, तो अमेरिकी सेना के पास जरूरी हथियारों और मिसाइलों का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। रूसी खुफिया तंत्र और राष्ट्रपति पुतिन इस कमजोरी को बेहद बारीकी से भांप चुके हैं। मॉस्को की यह सोची-समझी रणनीति है कि पश्चिमी देशों के कमजोर होते रक्षा बुनियादी ढांचे का फायदा उठाकर अपनी शर्तों पर पूर्वी यूरोप में सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदला जाए, जिससे नाटो की एकजुटता को सीधे तौर पर चुनौती मिल सके।नाटो देशों की बढ़ी धुकधुकी और वैश्विक सुरक्षा पर इसके गंभीर परिणामपूर्वी यूरोप और बाल्टिक देशों की सीमाओं पर रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए नाटो मुख्यालय में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। स्थानीय सुरक्षा विश्लेषकों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि यदि रूस कोई भी दुस्साहस करता है, तो नाटो का आर्टिकल-5 एक्टिवेट हो सकता है, जिसके परिणाम पूरी मानवता के लिए विनाशकारी साबित होंगे। जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक एआई सर्च पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक स्तर पर इस समय परमाणु हथियारों के खतरे, नाटो-रूस संघर्ष और अमेरिकी रक्षा भंडारों की स्थिति को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। कुल मिलाकर, हथियारों की कमी के इस दौर में पुतिन का यह आक्रामक रुख दुनिया को एक बेहद खतरनाक और अनिश्चित मोड़ पर लाकर खड़ा कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 1:42 pm

ईरान जंग के लिए पूरी तरह तैयार, लेकिन पीछे हट रहा अमेरिका; अपनी साख बचाने में जुटे पेंटागन के जनरल

मध्य पूर्व में सुलग रहे तनाव के बीच एक बार फिर वैश्विक महाशक्ति अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार का परिदृश्य बेहद चौंकाने वाला है। खुफिया रिपोर्ट्स और क्षेत्रीय जानकारों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि तेहरान किसी भी पूर्ण पैमाने पर युद्ध के लिए पूरी तरह से मानसिक और सैन्य रूप से तैयार बैठा है, जबकि अमेरिकी खेमे में अनिश्चितता और पीछे हटने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। पेंटागन और अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के सामने इस समय सबसे बड़ा संकट अपनी वैश्विक साख और सैन्य प्रतिष्ठा को बचाने का है। अमेरिकी जनरलों और रणनीतिकारों को यह अच्छी तरह समझ आ चुका है कि मौजूदा हालात में किसी भी बड़ी जंग में कूदना वाशिंगटन के लिए भारी आर्थिक और सामरिक नुकसान का सौदा साबित हो सकता है, जिससे दुनिया भर में उनकी नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।पेंटागन की बढ़ी मुश्किलें और अमेरिकी जनरलों की कूटनीतिक मजबूरीपारंपरिक तौर पर अपनी आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए पहचानी जाने वाली अमेरिकी सेना इस बार क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के कड़े तेवर देखकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। मध्य एशिया और खाड़ी देशों के मोर्चे पर तैनात अमेरिकी जनरलों और रक्षा अधिकारियों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि टकराव ज्यादा बढ़ा, तो रणनीतिक ठिकानों और समुद्री मार्गों पर उनके हितों को भारी क्षति पहुंच सकती है। जानकारों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी अब इस बात को लेकर मंथन तेज हो गया है कि बिना किसी ठोस और दूरगामी परिणाम के अनिश्चितकालीन सैन्य संघर्ष में उलझना देशहित में नहीं है। यही कारण है कि अमेरिकी जनरल कूटनीतिक चैनलों के जरिए तनाव को कम करने और अपनी इज्जत बचाते हुए पीछे हटने के रास्ते तलाशने में जुटे हुए हैं।ईरान का आक्रामक रुख और वैश्विक भू-राजनीति पर इसका असरदूसरी ओर, पश्चिमी दबावों के बावजूद ईरानी नेतृत्व और वहां की सेना ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया है कि वे किसी भी आक्रमण का माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। स्थानीय बाजारों, अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और वैश्विक कूटनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के गतिरोध से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक स्तर पर अब सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान और डिफेंस पोस्टर्स की समीक्षा को लेकर सर्च बढ़ रही है। कुल मिलाकर, ईरान के कड़े तेवरों ने अमेरिकी सैन्य साख को जो चुनौती दी है, उसने वाशिंगटन के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है और पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस संकट से किस तरह बाहर निकलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 1:41 pm

भारत पर 100% टैरिफ लगाने की जिद पर अमेरिका में ही फूटा गुस्सा, रैंड पॉल बने ढाल

भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की वकालत करने वाले अमेरिकी राजनीतिक गलियारों के भीतर ही अब इस फैसले के खिलाफ तीखा विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने भारत जैसे रणनीतिक और मजबूत साझीदार देश पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा करार दिया है। उनका यह बेबाक बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब वैश्विक व्यापार मंचों पर अमेरिका की नीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं और घरेलू स्तर पर भी अर्थशास्त्री इस तरह के आक्रामक ट्रेड वॉर के बुरे परिणामों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। सीनेटर पॉल ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के कड़े और गैर-व्यावहारिक आयात शुल्क लगाने से अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं और स्थानीय व्यवसायों को ही भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।व्यापार युद्ध की नीतियों पर अमेरिकी संसद में क्यों गरमाई सियासतभारत और अमेरिका के बीच आपसी व्यापारिक संबंध दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक धूरियों में गिने जाते हैं, लेकिन कुछ अमेरिकी नेताओं द्वारा दंडात्मक और भारी-भरकम टैरिफ थोपने की जिद ने वाशिंगटन की सियासत को गरमा दिया है। सीनेटर रैंड पॉल ने खुलकर तर्क दिया है कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापारिक अड़ंगे पैदा करने से चीन जैसे प्रतिस्पर्धियों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है, जो अमेरिका के दीर्घकालिक हितों के बिल्कुल खिलाफ है। जानकारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आक्रामक बयानों से घरेलू बाजार में सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और आयातित वस्तुओं के दाम आसमान छूने लग सकते हैं, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा बोझ पड़ेगा।आपसी सहयोग और ग्लोबल मार्केट पर क्या पड़ेगा इसका असरस्थानीय बाजारों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि भारत पर अत्यधिक टैक्स या टैरिफ लगाने के किसी भी कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक एआई सर्च पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अब सहयोग और सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, न कि संरक्षणवादी नीतियों पर। सीनेटर रैंड पॉल की यह तीखी प्रतिक्रिया इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच भी अब इस बात पर गहरी चिंता है कि अत्यधिक दबाव वाली व्यापार नीतियां अमेरिकी हितों को सुरक्षित करने के बजाय देश को आर्थिक मोर्चे पर और ज्यादा कमजोर कर सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Aug 2026 1:37 pm

चीन-अमेरिका को देगा टक्कर, भारत बनाएगा 6th जेनरेशन फाइटर जेट

भारत रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम FCAS में शामिल होने की ठोस कोशिश शुरू कर दी है. साथ में ब्रिटेन-इटली-जापान के GCAP का भी आकलन हो रहा है.

आज तक 8 Aug 2026 12:50 pm

अमेरिका में भारतीय मूल की महिला पर बड़ा आरोप, US अटॉर्नी ने कहा-

भारतीय मूल की महिला साधना गोल्लापुडी को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब एक अलग मोड़ ले चुका है। महिला पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित तौर पर गलत तरीके से स्टूडेंट वीजा नियमों के उल्लंघन और अमेरिका में लंबे समय तक रहने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, उनके वकील ने […] The post अमेरिका में भारतीय मूल की महिला पर बड़ा आरोप, US अटॉर्नी ने कहा- ‘वह अमेरिकी नागरिक है’ first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 8 Aug 2026 12:45 pm

रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा भारी? अमेरिकी सीनेट ने पास किया नया बिल, 100% टैरिफ का प्रावधान

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी सीनेट ने नए Russia Sanctions Bill को मंजूरी दी है, जिसमें 100% तक टैरिफ का प्रावधान है।

देशबन्धु 8 Aug 2026 12:23 pm

ईरान अमेरिका से बातचीत के पक्ष में, लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बातचीत जारी रखने के देश के वादे को फिर से दोहराया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।

खास खबर 8 Aug 2026 12:16 pm

'सरकार की विदेश नीति की नाकामी': अमेरिकी बिल को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला; कांग्रेस और AAP ने क्या कहा?

'सरकार की विदेश नीति की नाकामी': अमेरिकी बिल को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला; कांग्रेस और AAP ने क्या कहा?

अमर उजाला 8 Aug 2026 12:04 pm

अमेरिकी सीनेट ने पास किया ये बिल, भारत समेत इन देशों पर 100 फ़ीसदी टैरिफ़ का प्रावधान

भारत को अमेरिका ने दो महीने के लिए रूस से तेल ख़रीदने की छूट दी थी लेकिन अब चीज़ें फिर से बदलती दिख रही हैं.

बीबीसी हिंदी 8 Aug 2026 12:01 pm

कोलंबिया में नई दक्षिणपंथी सरकार को अमेरिका का पूरा समर्थन, 1 अरब डॉलर की मदद का ऐलान

वाशिंगटन/बोगोटा, 8 अगस्त . कोलंबिया को उसका नया President मिल चुका है. इसके साथ ही अमेरिका और इस दक्षिण अमेरिकी देश के बीच एक नया अध्याय शुरू होता दिखाई दे रहा है. President डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले दक्षिणपंथी नेता अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला के President पद संभालने के तुरंत बाद अमेरिकी प्रशासन ... Read more

डेली किरण 8 Aug 2026 11:57 am

UPI पर चार्ज जरूरी या मजबूरी, अमेरिका तो नहीं कर रहा कोई खेल?

MDR Why?: बैंक और फिनटेक कंपनियों को करोड़ों UPI ट्रांजेक्शन संभालने के लिए सर्वर और साइबर सुरक्षा पर बहुत बड़ा खर्च करना पड़ता है. MDR जीरो होने के कारण इन कंपनियों और बैंकों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हुआ है.

ज़ी न्यूज़ 8 Aug 2026 11:40 am

उर्स-ए-रजवी: बरेलवी उलमा बोले- अमेरिका-ईरान की जंग सियासी है; बेटियों की तालीम और तरबियत पर जोर

उर्स-ए-रजवी में आयोजित तहफ्फुज मजहब ओ मसलक कॉन्फ्रेंस में बेटियों की तालीम और तरबियत पर जोर

अमर उजाला 8 Aug 2026 10:40 am

चीनी मूल के गिरोह बने वैश्विक खतरा, अमेरिका का दावा-ऑनलाइन ठगी से 12.5 अरब डॉलर का नुकसान

विदेशों में चल रहे ऑनलाइन ठगी केंद्रों की वजह से हर साल अमेरिकियों को अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है,

खास खबर 8 Aug 2026 10:27 am

रूस के सस्ते तेल पर अमेरिका की नजर, 100% टैरिफ लगा तो भारत में बढ़ेगी पेट्रोल की कीमत 120 रूपए के पार जा सकता है भाव

रूस के सस्ते तेल पर अमेरिका की नजर, 100% टैरिफ लगा तो भारत में बढ़ेगी पेट्रोल की कीमत 120 रूपए के पार जा सकता है भाव

समाचार नामा 8 Aug 2026 10:23 am

US Senate Russia Sanctions Bil | अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल किया पास: जानें भारत और चीन के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों (तेल और प्राकृतिक गैस) को खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक (Bill) पास कर दिया है। 86-11 के भारी बहुमत से पारित इस बिल के दायरे में भारत और चीन जैसे बड़े देश भी सीधे तौर पर आ सकते हैं। बिल के समर्थकों का तर्क है कि रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देश अप्रत्यक्ष रूप से मॉस्को को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए फंड दे रहे हैं। इस बिल का नाम बदलकर 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' कर दिया गया है और अब इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी संसद का निचला सदन) में भेजा जाएगा। ग्राहम एक रिपब्लिकन सीनेटर थे जिनका 11 जुलाई को निधन हो गया था; उन्होंने यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर प्रतिबंध लगाने की पुरजोर वकालत की थी। हालांकि, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस पर वोटिंग सितंबर में ही होगी क्योंकि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। AFP के अनुसार, सीनेट की विदेश संबंध समिति के चेयरमैन रिपब्लिकन जिम रिस्क ने कहा, इससे रूस बातचीत की मेज पर आ सकता है और यह संघर्ष खत्म हो सकता है। इसका ऐसा निर्णायक असर होगा जो युद्ध के मैदान में हासिल होने वाले नतीजों से कहीं ज़्यादा होगा। इससे पुतिन की युद्ध मशीन को चलाने वाले कैश का फ्लो रुक जाएगा। क्या बिल का निशाना भारत और चीन हैं? इस बिल का निशाना रूस का एनर्जी सेक्टर है और यह ट्रंप प्रशासन को रूस से होने वाले आयात (जिसमें गैस और तेल शामिल हैं) पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की इजाज़त देगा। यह US को रूसी कच्चे तेल के पांच बड़े आयातकों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की भी इजाज़त देता है। फिलहाल, रूसी तेल और गैस के पांच मुख्य आयातक चीन, भारत, अज़रबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया हैं। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina Press Conference | शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की कोई भूमिका नहीं, FCRA कानून पर अमेरिका को MEA का दोटूक जवाब एनर्जी सेक्टर के अलावा, यह बिल रूसी नेताओं और अधिकारियों (जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं), साथ ही रईस कारोबारियों (ओलिगार्क्स) और वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाएगा। यह 'ईरान सैंक्शन एक्ट ऑफ 1996' की समय-सीमा को भी 2031 तक बढ़ा देगा; यह कानून उन कंपनियों को दंडित करता है जो ईरान के एनर्जी सेक्टर में निवेश करती हैं। इसे भी पढ़ें: Gajendra Singh Shekhawat बोले: BRICS देश केवल आर्थिक नहीं, साझा संस्कृति से जुड़े हैं हालांकि, डेमोक्रेट्स ने इस बिल की आलोचना की है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टैरिफ का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर करने का आरोप लगाया है। न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, डेमोक्रेट कांग्रेस सदस्य ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर ने कहा, हम यूक्रेन का समर्थन करने और रूस के लगातार गैर-कानूनी युद्ध के लिए उसे सज़ा देने की दिशा में सीनेट में अपने सहयोगियों की तत्काल कोशिशों का स्वागत करते हैं, लेकिन यह बिल उन लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाएगा। इसके बजाय, यह राष्ट्रपति ट्रंप को रूस को जवाबदेह ठहराने से बचने और अपने विनाशकारी व्यापार युद्धों में और अधिक टैरिफ लगाने की छूट देगा, जिसका खामियाजा अमेरिकियों को भुगतना पड़ेगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 10:14 am

भारत ने रूस से खरीदा सबसे ज्यादा तेल, चिढ़ा अमेरिका, 100% टैरिफ लगाएगा!

अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल खरीदारों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को पास कर दिया है, जिसका भारत-चीन जैसे प्रमुख खरीदारों पर असर हो सकता है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर भारत रूस से कितना तेल खरीदता है?

आज तक 8 Aug 2026 9:54 am

भारत समेत 5 देशों पर 100 % टैरिफ की तैयारी ? रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका ने बढ़ाया दबाव, बिल को सीनेट की मंजूरी

वॉशिंगटन। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने दबाव बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी सीनेट ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले भारत, […]

पांचजन्य 8 Aug 2026 9:50 am

अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने को लेकर क्या बोले ट्रंप? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. ट्रंप ने माना कि अमेरिकी सेना के पास कुछ हथियारों का भंडार सीमित है. हालांकि कई अन्य हथियार पर्याप्त मात्रा में मौजूद है. उन्होनें कहा कि पैटरिएट और टमहक मिसाइलों के उत्पादन के लिए नए रक्षा संयंत्र बनाए जा रहे है.

आज तक 8 Aug 2026 9:40 am

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

America-India: भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में हुआ पास, रूस से तेल और गैस खरीदना होगा मुश्किल

इंटरनेट डेस्क। अमेरिका ने एक बार फिर से भारत को झटका दिया है। जानकारी के अनुसार अमेरिका में सीनेट ने लंबे समय से लंबित रूस की तेल और गैस बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों से संबंधित विधेयक (बिल) को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक से संबंधित कानून लागू होने का सर्वाधिक असर भारत, चीन, जापान और यूरोप के कुछ देशों पर पड़ सकता है। इन देशों के माल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकेंगे। इस विधेयक के प्रस्तावकों में रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज सांसद दिवंगत लिंडसे ग्राहम भी शामिल थे। इस विधेयक को सितंबर में प्रतिनिधि सभा में पेश किए जाने की संभावना है। वहां से पारित होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद ये प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। ग्राहम यूक्रेन के कट्टर समर्थक अमेरिकी नेता थे। इस विधेयक के जरिये रूस पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य साढ़े चार वर्ष से यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है जिससे वह समझौते के लिए बाध्य हो। रूस पर प्रतिबंध के समर्थन में 86 वोट और विरोध में 11 वोट पड़े। इस प्रतिबंध के लागू होने का व्यापक असर रूस के साथ ही भारत और चीन पर पड़ेगा। भारत यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात कर रहा है। यह आयात प्रतिदिन 20 लाख बैरल से ज्यादा तेल का है। ईरान युद्ध छिड़ने के बाद भारत रूस से गैस का भी आयात कर रहा है। pc- opindia.com, government.economictimes, deccanchronicle.com

राजस्थान खबरे 8 Aug 2026 9:16 am

भारत पर 100% टैरिफ की तैयारी? रूस-ईरान से तेल खरीद पर अमेरिका का बड़ा वार, सीनेट में बिल पास

रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी सीनेट ने इस संबंध में बिल को मंजूरी दे दी है। अगर कांग्रेस से भी इस बिल को मंजूरी मिल जाती है तो इसे राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका रूस-ईरान ...

वेब दुनिया 8 Aug 2026 8:53 am

अमेरिका के यूटा में जंगल की आग बुझाते समय हेलीकॉप्टर हुआ क्रैश, दो लोग लापता

राज्य की इंटर-एजेंसी पब्लिक इन्फॉर्मेशन एजेंसी 'यूटा फायर इंफो' के अनुसार 27 जुलाई को बिजली गिरने से लगी जंगल की आग ने अब तक 1,05,000 एकड़ यानी करीब 425 वर्ग किमी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। आग पर अब तक 19 फीसदी काबू पाया जा सका है।

खास खबर 8 Aug 2026 8:28 am

अमेरिका का बड़ा एक्शन! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, भारत समेत 5 देश निशाने पर

अमेरिका का बड़ा एक्शन! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, भारत समेत 5 देश निशाने पर

समाचार नामा 8 Aug 2026 8:10 am

अमेरिकी सांसद के बयान से भारत नाराज

विदेशी चंदे के विनियमन के लिए बने कानून, एफसीआरए में संशोधन को लेकर अमेरिकी सांसद की ओर से दिए गए बयान पर भारत ने नाराजगी जताई है।

नया इंडिया 8 Aug 2026 7:23 am

पुतिन पर शिकंजा, अमेरिकी सीनेट में पास हुआ खास बिल, किन देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे ट्रंप?

रूस पर शिकंजा कसने के लिए अहम बिल अमेरिकी सीनेट में ध्वनिमत से पास हो गया। अब रूस से तेल, गैस सहित अन्य सामान खरीदने वालों पर अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। जानें किन देशों पर आएगी आफत?

खबर इंडिया टीवी 8 Aug 2026 6:42 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:भारत पर 100% टैरिफ, अमेरिका में बिल पास; NTA एक्सपर्ट्स ने ही NEET पेपर लीक किया; 4 साल बाद जेल से निकलेंगे अतीक के बेटे

नमस्कार, अमेरिका भारत पर 100% टैरिफ लगाने जा रहा है। सीनेट में इससे जुड़ा बिल पास हुआ। NEET-UG 2026 पेपर लीक में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें जो आरोप लगाए गए उनका दैनिक भास्कर ने 2 महीने पहले ही खुलासा कर दिया था। राहुल गांधी ने कहा E-20 पेट्रोल दाल में काला नहीं बल्कि काली दाल है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास, रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, बाद में 100% किया गया। बिल का मकसद रूस की कमाई कम करना: बिल का मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। बिल के तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पहले भारत ने पिछले महीने आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा: जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा रूस से आया। मई के मुकाबले जून में करीब 39% की बढ़ोतरी हुई। पूरी खबर पढ़ें... 2. CBI बोली- NEET पेपर लीक साजिश महीनों पहले हुई, NTA एक्सपर्ट्स पेपर तैयार करते समय सवाल याद कर लेते थे NEET-UG 2026 पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। NTA के एक्सपर्ट्स ने पेपर तैयार करने के दौरान ही सवाल याद कर लिए थे। NTA की टॉप अथॉरिटी ने दो महीने पहले ही भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि सालों से जो लोग हमारे साथ काम कर रहे थे, उन्होंने ही पेपर लीक कर दिए। शुक्रवार को CBI की दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट की जानकारी सामने आई, जो 28 जुलाई को दाखिल की गई थी। इसके मुताबिक, एक्सपर्ट्स NTA ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाते थे। CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें NTA के तीन एक्सपर्ट्स शामिल हैं। आरोप है कि तीनों ने पेपर तैयार करने और मॉडरेशन के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर लीक किए, जिन्हें टेलीग्राम, वॉट्सएप, PDF और अन्य डिजिटल माध्यमों से फैलाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 3. जेल में बंद अतीक के दोनों बेटे बाहर आएंगे, कल जनाजे में शामिल होंगे; अबान जिस कार में था, उसके 16 चालान माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद दोनों बेटे अली और उमर छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार दोपहर साढ़े 3 बजे दोनों भाइयों को पैरोल दे दी। उमर लखनऊ और अली झांसी जेल में बंद है। अबान को प्रयागराज में आज शनिवार रात 8 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा- ‘अतीक के कर्मों की सजा उसका परिवार भुगत रहा है। दो बच्चे मर गए। दो जेल में है। बीवी फरार है। ईश्वर सजा दे रहा है।’ अबान की कार के 16 चालान, इनमें 6 ओवरस्पीड के: अबान जिस क्रेटा कार (UP70 FW 2432) में बैठा था। परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के मुताबिक, साल 2022 से 2026 के बीच 16 चालान हुए। इनमें 6 चालान ओवरस्पीड के हैं। कार का आखिरी बार चालान 27 जून, 2026 को हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… 4. योगी बोले- बरेली का दंगाई मौलाना जेल में नाक रगड़ रहा, कह रहा साहब जान बख्श दो, पहले सम्मानित होता था सीएम योगी ने शुक्रवार को अंबेडकरनगर में कहा- संभल में सपा के जिस गुंडे ने दंगा कराया। सरकार उसे घुटनों पर लाकर नाक रगड़वा रही। बरेली का एक मौलाना दंगे कराता था। आज वह गुंडा जेल में है। कह रहा है कि छोड़ दो, गलती हो गई। पहले उसे सीएम आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। योगी ने अंबेडकरनगर के जलालपुर, आलापुर और टांडा विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार को 706.81 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। योगी ने विधानसभा सत्र पर कहा- सपा के लोगों ने विधानसभा नहीं चलने दी। हो-हल्ला करने लगे। उनके लोगों ने कोहराम मचाया। हमने बजट में सामाजिक विभूतियों को सम्मानित करने की योजना बनाई थी। पूरी खबर पढ़ें… 5. CM विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ली, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था, CM बनने के 3 महीने बाद केस खत्म तमिलनाडु के CM विजय की पत्नी संगीता ने चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में दाखिल तलाक की अर्जी वापस ली है। शुक्रवार को इस केस के सुनवाई थी, इसमें वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुईं। जज ने करीब 15 मिनट तक उनसे पूछताछ की और फिर अर्जी स्वीकार करते हुए तलाक का केस खत्म कर दिया। संगीता के विजय पर आरोप 1. संगीता ने फरवरी 2026 में तलाक की अर्जी दायर की थी। आरोप लगाया विजय का एक एक्ट्रेस से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है। उन्हें इसकी जानकारी 2021 में लगी। 2. संगीता ने विजय पर मानसिक प्रताड़ित करने, भावनात्मक रूप से दूर होने, अपमानजनक व्यवहार करने और ऐसी परिस्थितियां पैदा करने का आरोप लगाया, जिससे दोनों को एक ही घर में अलग रहना पड़ा। एक्ट्रेस तृषा से जुड़ा विजय का नाम विजय का एक्ट्रेस तृषा से नाम जोड़ा जाता है। हालांकि, दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। 10 मई को तृषा विजय के तमिलनाडु मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं थीं। 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। पूरी खबर पढ़ें... 6. राहुल ने कार की टंकी खोली, E20-पेट्रोल पर सवाल उठाए, कहा- ये कार-स्कूटर खराब कर रहा राहुल गांधी ने X पर 53 सेकेंड का वीडियो शेयर किया, जिसमें E-20 पेट्रोल पर सवाल उठाए। उन्होंने एक कार के पेट्रोल टैंक का ढक्कन खोला, अंदर झांका और कहा- नॉर्मली हम कहते हैं कि दाल में काला है, लेकिन यहां पूरी दाल ही काली है। इस समय देश में करप्शन की लाइन लगी है। उनमें से एक E20 ईंधन का मामला है। इसके चलते लोगों की कार और स्कूटर खराब हो रहे हैं। यह लोगों के जीवन को प्रभावित करने के साथ उनकी जेब से पैसे भी चुरा रहा है। राहुल ने जो कार दिखाई, वह E20 वाली: राहुल ने जो कार दिखाई, वो किस कंपनी की है और उसका मॉडल क्या है। इसकी जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि राहुल जब पेट्रोल टंकी खोलते नजर आए तब ढक्कन में E20 लिखा नजर आया। भारत में E20 पेट्रोल का विरोध क्यों: देश में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. डाबर के '100% प्योर' दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें डाबर कंपनी के '100% प्योर', '100% नेचुरल' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जानें क्या कहता है FSSAI का 'क्लेम्स रेगुलेशन'? शो-कॉज नोटिस अनिवार्य: खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, अगर FSSAI को किसी प्रोडक्ट के विज्ञापन या क्लेम पर आपत्ति होती है, तो पहले फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस देना होता है। सिंगल बनाम मल्टी-इन्ग्रीडिएंट: FSSAI का मानना है कि प्रोसेस्ड या मल्टी-इन्ग्रीडिएंट फूड में '100% Pure' लिखना गलत है, जबकि कंपनियां तर्क देती हैं कि शहद या शुद्ध नारियल पानी जैसे प्राकृतिक प्रोडक्ट्स में यह दावा जायज है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: क्या आप बैटमैन हैं, राहुल ने इंस्टाग्राम पर दिया जवाब: पसंदीदा BJP नेता का नाम बताया, कहा- आधी रात को आए PM के वीडियो सबसे अच्छे थे (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: थाईलैंड- 9वीं के छात्र ने 8 लोगों की हत्या की:घर में दादा-दादी को मारा, फिर स्कूल में फायरिंग की; बाद में आत्महत्या की (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: बोफोर्स केस 40 साल बाद बंद: सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका खारिज की, घोटाले के आरोप से राजीव गांधी 1989 का चुनाव हारे थे (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: पीएम की एनडीए के 45 नए सांसदों के साथ बैठक: इनमें TMC और उद्धव गुट के बागी सांसद भी थे; कहा- चिंता करने की जरूरत नहीं, हम साथ हैं (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट बोला- सांसद अंडे फेंके जाने से डरते हैं: स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेलीं, महुआ मोइत्रा की हेट स्पीच से जुड़ी याचिका खारिज की (पूरी खबर पढ़ें) 9. मौसम: दिल्ली-NCR में तेज बारिश, कई इलाकों में ट्रैफिक जाम:यूपी के 30 गांवों में बाढ़, उत्तराखंड में बद्रीनाथ-गंगोत्री हाईवे बंद (पूरी खबर पढ़ें) 10. उत्तर प्रदेश: BJP विधायक बोले-अतीक के गुनाहों की सजा परिवार भुगत रहा: जेल में बंद माफिया के दोनों बेटे बाहर आएंगे, भाई के जनाजे में शामिल होंगे (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: मैगी विवाद में दुकानदारों पर लगे सभी क्रिमिनल केस हटे: हाईकोर्ट बोला- लैब जांच में लेड लिमिट में मिला, अब केस का कोई आधार नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 12. इंटरनेशनल: हूती विद्रोहियों का यमन और सऊदी अरब पर हमला: यमन के 58 सैनिकों की मौत, सऊदी में 11 घायल, कई जगह आग लगी (पूरी खबर पढ़ें) 13. पटना: एक्सीडेंट में युवक की मौत पर बवाल, 10 गाड़ियां फूंकीं: ट्रैफिक पुलिस चौकी जलाई, हाईवे जाम; 9 थानों की फोर्स मौके पर (पूरी खबर पढ़ें) 14. पश्चिम बंगाल: मिथुन चक्रवर्ती की सर्जरी हुई: हाथ में लगी प्लेट निकाली गई, सीएम शुभेंदु ने अस्पताल जाकर हालचाल लिया (पूरी खबर पढ़ें) 15. महाराष्ट्र: 'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी': सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म (पूरी खबर पढ़ें) 16. असम: बाढ़ पीड़ितों के 500 घर बनवाएंगे सलमान खान: एक्टर रणदीप हुड्डा भी राहत कार्य में लगे, भूमि पेडनेकर ने प्रभावित इलाकों में पहुंची (पूरी खबर पढ़ें) 17. यूपी की कांवड़: 95 साल की दादी को लेकर 35 पोते निकले: 9 महीने की बेटी को कांवड़ पर रखकर चला पिता, 7 साल की शिवन्या बोलीं- शिव की शक्ति है (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... कुएं में समुद्र जैसी लहरें उठीं गुजरात के मोरबी में 18 फीट गहरे एक कुएं के पानी में अचानक समुद्र जैसी लहरें उठने लगीं। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग की भीड़ जुटी। प्रशासन और जियोलॉजिस्ट की टीम इसकी जांच कर रही है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: क्या चर्च-मस्जिद की संपत्ति जब्त होगी, FCRA बिल पर अमेरिका तक में हंगामा; सरकार दुविधा में, क्या पास करा पाएगी 2. भास्कर इंटरव्यू: बृजभूषण बोले- संसद जरूर लौटूंगा, चरित्र हत्या की कोशिश हुई: प्रियंका को बरगलाया; यौन शोषण नहीं, मामला 'गुड-बैड टच' का था 3. संसद सत्र: सदन के बाहर बारिश में विपक्ष का प्रदर्शन, अंदर नारेबाजी:रिजिजू बोले- सरकार चर्चा से नहीं भाग रही, विपक्ष चलने दे सदन 4. जरूरत की खबर: स्कूलों के बाहर जंक फूड पर बैन: बच्चों को अनहेल्दी खाने से कैसे रोकें, हेल्दी ईटिंग हैबिट सिखाने के 8 टिप्स 5. मेंटल हेल्थ: बुढ़ापे में बीमारी का डर: मामूली दर्द भी हार्ट अटैक लगता है, टेस्ट में कुछ नहीं आता, लेकिन डर नहीं जाता, क्या करूं 6. कानपुर एक्सप्रेस: वे की बदहाली पर बड़े अफसर बचे, छोटे नपे: जिम्मेदारों ने आंखें मूंदकर फाइलें पास कीं, फील्ड पर गए ही नहीं 7. भास्कर एक्सक्लूसिव: तनाव वाले युवाओं को इंस्टाग्राम पर मिल रही सुसाइड पोस्ट:मेडिकल कॉलेज की स्टडी में खुलासा; 63.5% पोस्ट दिखा रहीं ‘खुदकुशी का रास्ता’ 8. राजस्थान में कमजोर मानसून से 246 बांध खाली:1.16-करोड़ लोगों की लाइफलाइन बीसलपुर में 1 इंच भी पानी नहीं आया, 23 जिलों में सूखे जैसे हालात 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: 5 लोगों की हत्या में 40 आरोपी कैसे हुए बरी?:आरोपी पक्ष की 4 दलीलें पड़ी भारी, CBI के तर्क कहां कमजोर पड़े; पढ़ें पूरी बहस 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: बिहार में डेवलपमेंट स्पीड स्लो-14,000 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट लेट:मोदी से जिसका उद्घाटन कराना था, वो समय से पूरा नहीं, सिक्स लेन पुल-एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: 'भरत तिवारी को 5 अलग-अलग पुलिसकर्मियों ने मारी थी गोली':हेडक्वार्टर को झूठी रिपोर्ट देकर बुलाई STF; सुप्रीम कोर्ट के वकील के 5 दावे करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृश्चिक राशि के लोगों के कारोबार में अच्छा मुनाफा होगा। कुंभ राशि वालों को विदेश जाने से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 5:15 am

भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ लगाएगा अमेरिका! सीनेट में बिल पास

रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी है. अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदारों पर कार्रवाई वाले बिल को 86-11 वोटों से मंजूरी दे दी है. प्रस्ताव में रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है. अब बिल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जाएगा, जहां मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति ट्रंप के पास भेजा जाएगा.

आज तक 8 Aug 2026 4:41 am

Report: रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ की नई धमकी, क्या भारत में फिर महंगा होगा ईंधन? जानिए इस बारे में सबकुछ

रूसी तेल पर अमेरिका के 100% टैरिफ की नई धमकी से बढ़ सकता है भारत का संकट। दूसरी ओर क्रूड का भाव 120 डॉलर प्रति डॉलर तक तक जाने से चालू खाता घाटा दोगुना होने की भी आशंका है। इस बारे में विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट क्या कह रहे, आइए जानते हैं।

ज़ी न्यूज़ 8 Aug 2026 3:23 am

Diplomatic corps Gaps: अमेरिका में भरे गए महीनों से खाली दर्जनों पद; बाइडन के दौर वाले कितने राजनयिक बदले गए?

Diplomatic corps Gaps: अमेरिका में भरे गए महीनों से खाली दर्जनों पद; बाइडन के दौर वाले कितने राजनयिक बदले गए?

अमर उजाला 8 Aug 2026 2:45 am

अमेरिका और ईरान की जंग मजहबी नही सियासी : बरेलवी उलमा

अमेरिका और ईरान की जंग मजहबी नही सियासी : बरेलवी उलमा

अमर उजाला 8 Aug 2026 1:14 am

अमेरिका में भारतीय आमों की भारी डिमांड, हापुस और केसर की स्टॉकिंग होते ही खत्म

अमेरिका में भारतीय आमों की भारी डिमांड, हापुस और केसर की स्टॉकिंग होते ही खत्म

समाचार नामा 8 Aug 2026 12:00 am

FCRA को लेकर अमेरिकी सांसद के बयान से भड़का भारत, साफ शब्दों में कहा - 'ये हमारा आंतरिक मामला...'

FCRA को लेकर अमेरिकी सांसद के बयान से भड़का भारत, साफ शब्दों में कहा - 'ये हमारा आंतरिक मामला...'

समाचार नामा 7 Aug 2026 8:35 pm

अमेरिका में भारत की स्वतंत्रता का जश्न, मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को ‘इंडिया-डे’ घोषित किया

वॉशिंगटन, 7 अगस्त . मैसाचुसेट्स की गवर्नर मौरा हीली ने 15 अगस्त को ‘इंडिया-डे’ घोषित किया है. यह घोषणा India के स्वतंत्रता दिवस और राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा सार्वजनिक जीवन में भारतीय-अमेरिकियों के महत्वपूर्ण योगदान के सम्मान में की गई है. हीली ने एक अगस्त को इस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए. इसमें 15 अगस्त ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 8:07 pm

अमेरिका में पंजाबी 24 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या:5 साल पहले पटियाला से गया था, 30 जुलाई से टूटा संपर्क, जंगल में मिला शव

विदेशों में बेहतर भविष्य और रोजी-रोटी की तलाश में जाने वाले पंजाब के नौजवानों से जुड़ी दुखद खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सात समंदर पार से पंजाबी युवकों की अकाल मौत की खबरें सामने आती हैं, जो उनके परिवारों के सपनों को पल भर में चकनाचूर कर देती हैं। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला अमेरिका से सामने आया है। इसमें पंजाब के पटियाला जिले के रहने वाले 24 वर्षीय युवक खुशकरनदीप सिंह की अमेरिका के कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। खुशकरनदीप पांच साल पहले अमेरिका गया था और वहां ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। 30 जुलाई के बाद से परिजनों का उससे संपर्क कट गया था और फोन बंद आ रहा था। परिवार की शिकायत पर कैलिफोर्निया पुलिस द्वारा शुरू की गई खोजबीन के दौरान उसका शव एक सुनसान और जंगली इलाके से बरामद हुआ। शुरुआती जांच के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गाड़ी में सफर के दौरान उसे निशाना बनाया। पुलिस मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश और हत्या के कारणों की जांच में जुट गई है। पांच साल पहले संजोए थे अमेरिका जाने के सपनेखुशकरनदीप करीब पांच साल पहले अपने सुनहरे भविष्य की आस में अमेरिका गया था। वहां वह कैलिफोर्निया राज्य में एक ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करके अपना और अपने परिवार का जीवन संवारने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसकी हत्या की खबर से परिवार का पूरा सपना चकनाचूर हो गया। 30 जुलाई से टूटा था परिवार का संपर्कपरिजनों के अनुसार, खुशकरनदीप से उनकी आखिरी बार बात जुलाई के अंत में हुई थी। 30 जुलाई के बाद से अचानक उसका अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजनों ने जब भी उससे बात करने की कोशिश की, उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आता रहा। कई दिनों तक कोई खबर न मिलने पर भारत में बैठा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से घबरा गया। जंगल से बरामद हुई लाश, पुलिस जांच में जुटीजब खुशकरनदीप से संपर्क के सारे रास्ते बंद हो गए, तो परेशान परिजनों ने अमेरिका स्थित स्थानीय पुलिस और कैलिफोर्निया में रहने वाले जान-पहचान के लोगों से मदद की गुहार लगाई। परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैलिफोर्निया पुलिस ने लापता युवक की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया। सघन छानबीन के बाद पुलिस को खुशकरनदीप का शव एक सुनसान और झाड़ियों वाले जंगली इलाके से बरामद हुआ। अमेरिकी पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि खुशकरनदीप सिंह को उस वक्त निशाना बनाया गया जब वह अपनी गाड़ी में सफर कर रहा था। हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और उसके बाद शव को सुनसान जगह फेंक दिया गया। परिवार में पसरा मातम, इंसाफ की गुहारहालांकि, इस जघन्य हत्या के पीछे का असली कारण क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। कैलिफोर्निया पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है। उधर, जैसे ही खुशकरनदीप की मौत की खबर पटियाला स्थित उसके पैतृक गांव अतला पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हंसते-खेलते बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और ग्रामीण सरकार से खुशकरनदीप के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द पंजाब लाने तथा दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 7:28 pm

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान हुआ राजी, इस मुल्क के साथ बनी सहमति; अमेरिका को बताया थर्ड पार्टी

ईरान ने घोषणा की है कि उसने ओमान के साथ रणनीतिक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के भविष्य के प्रबंधन पर आम सहमति बना ली है।

जागरण 7 Aug 2026 7:21 pm

अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता, आयात में हिस्सेदारी बढ़कर 67 प्रतिशत पहुंची: हरदीप सिंह पुरी

New Delhi, 7 अगस्त . केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने Friday को कहा कि अमेरिका अब India को तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है. पिछले कुछ महीनों में India के एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है और अब यह लगभग 67 ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 7:02 pm

एफ़सीआरए क़ानून में संशोधनों के प्रस्ताव को अमेरिकी सांसद ने बताया 'ईसाई विरोधी', क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सांसद राइली मूर ने कहा है कि अगर ये बिल ऐसे ही पास हो जाता है तो इससे भारत-अमेरिका के संबंधों पर असर पड़ेगा.

बीबीसी हिंदी 7 Aug 2026 6:38 pm

'FCRA बिल हमारा आतंरिक मामला, उसपर निर्णय संसद लेगी', भारतीय विदेश मंत्रालय की अमेरिका को नसीहत

FCRA बिल पर अमेरिका के नेताओं की बयानबाजी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का बयान आया है। रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत के अपने विधायी मामलों में भारत की संसद अपने निर्णय स्वयं लेती है।

खबर इंडिया टीवी 7 Aug 2026 5:18 pm

MEA Press Briefing : FCRA पर अमेरिकी टिप्पणी को भारत ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया, 'हमारी संसद ही लेगी फैसला'

भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस वार्ता में आज प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। इस दौरान प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक पर एक अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के विधायी मामलों में बाहरी टिप्पणियों का कोई स्थान नहीं है और इस संबंध में निर्णय देश की संसद ही करेगी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने एफसीआरए पर की गई टिप्पणियों को देखा है, लेकिन भारत से जुड़े विधायी विषय पूरी तरह देश के आंतरिक मामले हैं और इन पर निर्णय संसद द्वारा लिया जाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका सहित कई देश विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून लागू करते हैं। साथ ही, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 5 अगस्त को हुई मीडिया बातचीत के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वह एक निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम था, जिसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंच पर व्यक्त किसी भी विचार, विशेषकर बांग्लादेश की विधिवत निर्वाचित सरकार के संबंध में की गई टिप्पणियों का भारत सरकार समर्थन नहीं करती। इसे भी पढ़ें: India-Myanmar Border Dispute पर बोले MEA प्रवक्ता, मणिपुर सीमा पर ज़मीन की अदला-बदली पर चर्चा जारी इसके अलावा, पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों तथा नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर जायसवाल ने कहा कि यह भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन वहां के शिपिंग मंत्रालयों, समुद्री प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भारतीय मिशनों द्वारा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन भी चलाई जा रही हैं। साथ ही भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने, व्यापारिक गतिविधियों के निर्बाध संचालन तथा नागरिक ढांचे, आम नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाने की अपील भी दोहराई। श्रीलंका की यात्रा पर गए विदेश सचिव विक्रम मिस्री के दौरे के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और अपने समकक्ष विदेश सचिव से उच्चस्तरीय वार्ताएं कीं। इन बैठकों में विकास सहयोग, वर्तमान परियोजनाओं, चक्रवात 'दित्वाह' के बाद शुरू की गई नई विकास योजनाओं सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। भारतीय मछुआरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा, जिस पर भारत ने एक बार फिर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मछुआरों की आजीविका और कल्याण को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। श्रीलंका के संबंध में ही प्रभासाक्षी के प्रश्न पर प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने श्रीलंका से लंबे समय से लंबित प्रांतीय परिषद चुनाव शीघ्र कराने तथा संविधान के तहत तमिल समुदाय की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई टेलीफोन वार्ता पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है। दोनों नेताओं ने इस साझेदारी और आपसी मित्रता को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत बनाने पर चर्चा की। साथ ही पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विचार-विमर्श किया गया। सोमालिया और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा सहयोग समझौते पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इन घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए है। इसी तरह सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते को लेकर भी जायसवाल ने कहा कि भारत इस विकासक्रम पर निकटता से नजर रख रहा है और आवश्यक होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी। अफ्रीका दिवस के आयोजन पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत हर वर्ष अफ्रीका के साथ अपनी एकजुटता, सहयोग और साझेदारी का उत्साहपूर्वक उत्सव मनाता है। इस वर्ष आयोजित समारोह में विदेश मंत्री ने भी भाग लिया, जो भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है। बहरहाल, आइये देखते हैं विदेश मंत्रालय की विस्तृत प्रेस वार्ता के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने और क्या बातें कहीं।

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 5:18 pm

अमेरिकी सांसद की FCRA टिप्पणी भारत ने किया खारिज, कहा- आंतरिक मामले में हस्तक्षेप ना करें

विदेश मंत्रालय (MEA) ने प्रस्तावित विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राइली मूर की आलोचना को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि विधायी मामले भारत का आंतरिक विषय हैं और यह भी बताया कि अमेरिका सहित कई देशों में विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाले कानून हैं। यह बयान मूर के उस आरोप के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें वेस्ट वर्जीनिया के रिपब्लिकन प्रतिनिधि ने कहा था कि प्रस्तावित संशोधन ईसाईयों पर सीधा हमला हैं और चेतावनी दी थी कि इनसे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill पर हल्ला मचा रहे विपक्षी दलों और ईसाई संगठनों को मार्को रुबियो का बयान सुनना चाहिए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में कानून बनाने की एक स्थापित लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और घरेलू कानूनों को उनके सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत दुनिया भर के देश अपने कानूनी ढांचे के ज़रिए संगठनों को मिलने वाले विदेशी योगदान को नियंत्रित करते हैं। 4 अगस्त को जारी एक बयान में मूर ने दावा किया था कि अगर चर्च और धार्मिक चैरिटी का 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' (FCRA) रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है या रिन्यू नहीं होता है, तो प्रस्तावित संशोधनों से भारत सरकार उन पर नियंत्रण कर सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे प्रावधानों का ईसाई संगठनों पर बहुत ज़्यादा असर पड़ेगा और उन्होंने भारत सरकार से प्रस्तावित कानून पर फिर से विचार करने का आग्रह किया। मूरे की टिप्पणियों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि हमने FCRA पर की गई टिप्पणियां देखी हैं। भारत से जुड़े विधायी मामले हमारे आंतरिक मामले हैं, जिन पर देश की संसद फैसला लेती है। मैं यह भी बताना चाहूंगा कि अमेरिका समेत कई देश विदेशी फंड के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। मार्च में संसद में पेश किया गया 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026', 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट' (FCRA) के ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव करता है। यह बिल सरकार को एक तय अधिकारी (designated authority) नियुक्त करने का अधिकार देता है। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill: Amit Shah का बड़ा आश्वासन, 12 अगस्त को Parliament में चर्चा, पिछली तारीख से नहीं होगा लागू यह अधिकारी उन NGO की विदेशी फंड से बनाई गई संपत्तियों को अपने कब्जे में ले सकता है, उनका प्रबंधन कर सकता है या उन्हें बेच सकता है, जिनका FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड कर दिया गया है या जिसे रिन्यू नहीं किया गया है। यह बिल ऐसे संगठनों से जुड़े लोगों—जिनमें डायरेक्टर और ट्रस्टी भी शामिल हैं—के खिलाफ कार्रवाई का दायरा भी बढ़ाता है। संशोधित नियमों के तहत संगठनों को काम के उद्देश्यों और क्षेत्रों की पहले से तय सूची में से चुनाव करना होगा। साथ ही, इनमें यह प्रावधान भी है कि जिन संगठनों में विदेशी नागरिक (भारतीय मूल के लोगों को छोड़कर) मुख्य पदाधिकारी हैं, उन्हें विदेशी योगदान प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन या पूर्व अनुमति के मामले में आमतौर पर विचार नहीं किया जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 5:09 pm

'यह हमारा अंदरूनी मामला', FCRA बिल को लेकर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी पर भारत का कड़ा जवाब

भारत ने FCRA संशोधनों पर अमेरिकी सांसद रिले मूर की टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे अपना आंतरिक मामला बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन कानूनों पर फैसला भारत की संसद ही लेगी, किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जागरण 7 Aug 2026 5:05 pm

मुंबई से सैन जोस तक 40 घंटे का सफर! अपूर्वा ने शेयर की पहली अमेरिका ट्रिप की झलक

Mumbai , 7 अगस्त . मराठी इंडस्ट्री की मशहूर Actress अपूर्वा नेमलेकर ने Friday को पति तनुज गोवलकर के साथ अपनी पहली यूनाइटेड स्टेट्स ट्रिप की तस्वीर शेयर कीं. Actress ने इस पोस्ट के जरिए बताया कि डेस्टिनेशन तक पहुंचने से पहले उन्होंने 40 घंटे में छह शहरों का सफर किया. Actress ने इंस्टाग्राम पर ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 4:31 pm

Strait of Hormuz Conflict | समझौते के बेहद करीब ईरान, अमेरिका और ओमान! जानिए क्या है 5-7% टोल टैक्स का विवाद?

मध्य पूर्व में पिछले पांच महीनों से जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। ईरान ने दावा किया है कि वह ओमान के मध्यस्थता वाले 'होर्मुज़ समझौते' (Hormuz Deal) के बेहद करीब पहुंच गया है। इस समझौते का मकसद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति मार्ग—'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz)—को जहाजों के आवागमन के लिए फिर से खोलना है। हालांकि, तेहरान को अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वाशिंगटन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इसी बीच, ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर थिएटर डिप्लोमेसी (दिखावे की कूटनीति) करने का आरोप लगाया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो खाड़ी (Gulf) को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और जिसके एक तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात तथा दूसरी तरफ ईरान है, मध्य पूर्व में तनाव का एक बड़ा केंद्र बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सामान्य समय में दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति इसी रास्ते से की जाती है। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच घालीबाफ़ ने क्या कहा अपने X अकाउंट पर, घालीबाफ़ ने तनाव बढ़ाने की ट्रंप की बार-बार दी जा रही धमकियों पर निशाना साधा और कहा, बड़ा हमला होने वाला है... यह बात बार-बार दोहराई जा रही है। धौंस जमाना, वादे तोड़ना और फ़र्ज़ी ख़बरों का इस्तेमाल करना एक नाकाम रणनीति है। तथ्यों को स्वीकार करें और अपने वादे पूरे करें। उन्होंने कहा, हमें और ज़्यादा दिखावे की ज़रूरत नहीं है। होरमुज़ डील की मौजूदा स्थिति ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होरमुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़) को फिर से खोलने का समझौता लगभग तय हो चुका है। दोनों देशों ने इस अहम जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाज़ों के रास्तों के लिए कोऑर्डिनेट्स (निर्देशांक) पर सहमति की पुष्टि की है। इस प्रस्ताव पर अमेरिका की ओर से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि ट्रंप ने कहा है कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता जल्द ही हो जाएगा, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार ज़ोर देकर कहा है कि वे कभी भी इस बात के लिए सहमत नहीं होंगे कि ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग तक पहुँच का नियंत्रण ईरान के पास हो। ईरान के एक सांसद ने फार्स न्यूज़ एजेंसी को बताया कि एक संसदीय समिति एक शुरुआती बिल की समीक्षा कर रही है। इस बिल में होरमुज़ जलडमरूमध्य से अमेरिका, इज़राइल और अन्य दुश्मन माने जाने वाले देशों के जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगाने और प्रस्तावित प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर कार्गो (सामान) की कीमत का 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। इसे भी पढ़ें: Independence Day पर Lal Qila से गूँजेगा Vande Mataram, राष्ट्रगीत को मिला ऐतिहासिक संवैधानिक सम्मान होरमुज़ डील से हर पक्ष क्या चाहता है रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने वाले जहाज़ों के कार्गो की कीमत का 5 से 7 प्रतिशत शुल्क लेना चाहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान लगभग 3 प्रतिशत शुल्क पर बातचीत कर रहा है, जबकि वाशिंगटन कोई शुल्क नहीं चाहता है। इस समझौते से ईरान को जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले ट्रैफ़िक पर अधिकार मिल जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि फरवरी में अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में तेहरान के पक्ष में बड़ा बदलाव आया है। युद्ध से पहले, यह जलडमरूमध्य सभी जहाज़ों के लिए बिना किसी शुल्क के खुला रहता था। खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी इस बीच, पाँच सूत्रों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि अगर उसके क्षेत्र पर अमेरिका का कोई नया हमला होता है, तो वह पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढाँचे के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करेगा। तेहरान वाशिंगटन के करीबी क्षेत्रीय सहयोगियों को धमकाकर सैन्य कार्रवाई की कीमत बढ़ाना चाहता है। खाड़ी क्षेत्र के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, ईरान की चेतावनी स्पष्ट थी: अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया, तो वे खाड़ी के ऊर्जा केंद्रों और अन्य क्षेत्रीय ठिकानों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई करेंगे। ईरान इस क्षेत्र में वाशिंगटन के सहयोगियों के ख़िलाफ़ मिसाइलों और ड्रोनों से जवाबी हमले कर रहा है और साथ ही अपनी अनुमति के बिना जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले व्यावसायिक जहाज़ों को भी निशाना बना रहा है। ट्रंप की धमकी लास वेगास में एक रैली में समर्थकों को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने कूटनीति को प्राथमिकता दी। ट्रंप ने कहा मैं समझौता करना पसंद करूँगा क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता। ट्रंप ने कहा, मैं लोगों को मारना नहीं चाहता, लेकिन किसी न किसी मोड़ पर हमें ऐसा करना ही पड़ेगा। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के युद्ध शुरू करने के बाद से ईरान में 3,400 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि अमेरिका के 18 सैन्य कर्मियों की मौत की खबर है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 4:21 pm

अमेरिका की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! चीन-रूस के बढ़ते तनाव के बीच छोटे एटम बम के इस्तेमाल की तैयारी

अमेरिका की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! चीन-रूस के बढ़ते तनाव के बीच छोटे एटम बम के इस्तेमाल की तैयारी

समाचार नामा 7 Aug 2026 4:10 pm

अमेरिका-ईरान में जुबानी जंग तेज, सऊदी अरब ने जताई हूती के हमले की आशंका

तेहरान, 7 अगस्त . ईरान के मुख्य वार्ताकार ने अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप पर “थिएटर डिप्लोमेसी” करने का आरोप लगाया है. दूसरी तरफ, अमेरिका दावा कर रहा है कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है. हालांकि, ईरान इस बात से इनकार करता रहा है. ईरान के संसदीय अध्यक्ष और शीर्ष नेगोशिएटर ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 2:51 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाक-तुर्किए-सऊदी में गठजोड़, संयुक्त रक्षा समझौता की कवायद तेज

सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच संयुक्त डिफेंस पैक्ट पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। यूरो न्यूज ने सऊदी मिलिट्री और सरकार के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया कि इस समझौते पर मुहर लगाने के लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शुक्रवार को जेद्दा में मुलाकात करेंगे।

खास खबर 7 Aug 2026 2:44 pm

अमेरिका में जन्म लेने भर से नहीं मिलेगी नागरिकता! ट्रंप ने साइन किए 2 बड़े आदेश...जानें किसपर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को सीमित करने की एक नई पहल की है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इमिग्रेशन से जुड़े दो कार्यकारी आदेश साइन किए हैं। इनमें से एक अमेरिका में पैदा होने वाले उन लोगों की संख्या को सीमित करेगा, जो यहां नागरिकता पाने के हकदार हैं। कुछ हफ्ते पहले ही अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवस्था को खत्म करने की उनकी बड़ी कोशिश को मंजूरी नहीं दी थी। अब ट्रंप ने पुराना तरीका अपनाने की बजाय दो नए कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत कुछ खास श्रेणी के विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर इन लोगों के बच्चे अमेरिका में जन्म लेते हैं, तो उन्हें पहले की तरह अपने-आप अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी।अमेरिका में जन्म लेने भर से नहीं मिलेगी नागरिकता!'द वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, नए आदेशों का उद्देश्य कुछ खास विदेशी लोगों के बच्चों को जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता से बाहर रखना है। इसमें ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिन्हें विदेशी आतंकवादी संगठनों का सदस्य या विदेशी सरकारों के लिए रजिस्टर लॉबिस्ट माना जाता है। एक अलग कार्यकारी आदेश उन लोगों पर भी लागू होगा जिन पर सिर्फ बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के लिए टूरिस्ट वीजा लेकर आने का आरोप है। सरकार का कहना है कि अगर वीजा गलत जानकारी देकर लिया गया है, तो उसके आधार पर बच्चे को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। ट्रंप का यह कदम उनकी पुरानी इमिग्रेशन नीति को आगे बढ़ाने की नई कोशिश माना जा रहा है। इस बार उन्होंने ऐसे कानूनी रास्ते अपनाने की कोशिश की है, ताकि वे उन बाधाओं से बच सकें जिनकी वजह से इस साल की शुरुआत में उनका पहला कार्यकारी आदेश लागू नहीं हो पाया था।ट्रंप का नया आदेशव्हाइट हाउस में बोलते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता का अधिकार बरकरार रखा गया था। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद उनकी सरकार अब इस मुद्दे पर अलग कानूनी रास्ता अपनाएगी। ट्रंप के पहले नए कार्यकारी आदेश का असर अमेरिका में रहने वाले लोगों के एक छोटे वर्ग पर पड़ेगा।दूसरा कार्यकारी आदेश 'बर्थ टूरिज्म' यानी सिर्फ बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के लिए की जाने वाली यात्रा पर केंद्रित है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग घूमने के नाम पर टूरिस्ट वीजा लेते हैं, लेकिन उनका असली उद्देश्य अमेरिका में बच्चे को जन्म देना होता है। ऐसे मामलों को वीजा नियमों का गलत इस्तेमाल माना गया है। इसलिए प्रशासन का तर्क है कि ऐसे बच्चों को अपने-आप अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, अगर ये नए आदेश लागू भी हो जाते हैं तब भी इनका असर ट्रंप के पहले प्रस्ताव जितना बड़ा नहीं होगा। पहले प्रस्ताव में बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों और कई तरह के अस्थायी वीजा पर रहने वाले लोगों के अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता देने से इनकार करने की बात कही गई थी।संवैधानिक विवाद अब भी जारीकानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति सिर्फ कार्यकारी आदेश जारी करके संविधान के 14वें संशोधन का अर्थ नहीं बदल सकते। साल 1868 में लागू हुए इस संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को नागरिकता का अधिकार दिया गया है। इसके केवल कुछ सीमित अपवाद हैं, जैसे विदेशी राजनयिकों के बच्चे।इस साल जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक अहम फैसले में इसी व्यवस्था को सही ठहराया था। अदालत ने साफ कहा कि संविधान के अनुसार अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को जन्म के आधार पर नागरिकता मिलती है। इसी वजह से ट्रंप प्रशासन की इस अधिकार को सीमित करने की बड़ी कोशिश को अदालत ने मंजूरी नहीं दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के नए कार्यकारी आदेशों को भी जल्द ही अदालत में चुनौती दी जा सकती है। इमिग्रेशन कानून के जानकारों का कहना है कि नागरिकता से जुड़े नियमों में इतना बड़ा बदलाव केवल राष्ट्रपति के आदेश से नहीं किया जा सकता। इसके लिए संविधान में संशोधन या संसद के जरिए नया कानून बनाना जरूरी होगा।एक और कानूनी लड़ाई की तैयारीडोनाल्ड ट्रंप के नए कदम से साफ है कि उनकी सरकार इमिग्रेशन से जुड़े अपने बड़े वादों को पूरा करने की कोशिश जारी रखेगी, भले ही पहले उन्हें अदालत में झटका लगा हो। हालांकि इस बार जारी किए गए आदेश पहले की तुलना में सीमित दायरे वाले हैं, लेकिन इनके कारण एक बार फिर कानूनी विवाद शुरू होने की संभावना है। अब संघीय अदालतों को यह तय करना पड़ सकता है कि क्या व्हाइट हाउस संविधान में बदलाव किए बिना जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता के नए अपवाद बना सकता है। इस मामले का फैसला अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक गारंटियों में से एक के भविष्य पर असर डाल सकता है। साथ ही यह भी साफ करेगा कि राष्ट्रपति कार्यकारी आदेशों के जरिए नागरिकता से जुड़े नियमों में कितने बड़े बदलाव कर सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 2:40 pm

अमेरिका की परमाणु रणनीति में बदलाव की चर्चा

वाशिंगटन, 07 अगस्त 2026 । अमेरिका की परमाणु नीति को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा रणनीति में ऐसे विकल्पों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है जिनमें कम क्षमता (Low-Yield) वाले परमाणु हथियारों की भूमिका बढ़ सकती है। यह रणनीति संभावित संघर्ष की स्थिति में अधिक लचीले […] The post अमेरिका की परमाणु रणनीति में बदलाव की चर्चा appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 7 Aug 2026 2:03 pm

अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्‍स नेटवर्क पर शिकंजा! ड्रग्स-रोधी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एनसीबी ने की भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की बैठक

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (सीएनडब्ल्यूजी) के 'प्रथम पिलर' वर्किंग ग्रुप की बैठक की। इस बैठक में भारत और अमेरिका की कई एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

देशबन्धु 7 Aug 2026 1:31 pm

ड्रग्स-रोधी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एनसीबी ने की भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की बैठक

ड्रग्स-रोधी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एनसीबी ने की भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की बैठक

समाचार नामा 7 Aug 2026 12:33 pm

अमेरिका ने सोशल मीडिया वीजा की व्यापक जांच का किया बचाव, देश की सुरक्षा का दिया हवाला

अमेरिका ने सोशल मीडिया वीजा की व्यापक जांच का किया बचाव, देश की सुरक्षा का दिया हवाला

समाचार नामा 7 Aug 2026 12:12 pm

US Citizenship Rule Change: जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ीं, ट्रंप ने जारी किया नया आदेश

US Citizenship Rule Change: जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ीं, ट्रंप ने जारी किया नया आदेश

समाचार नामा 7 Aug 2026 11:40 am

ट्रंप प्रशासन का दावा, 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से निकाला गया

अमेरिका से 30 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया गया है। ट्रंप प्रशासन का दावा है

खास खबर 7 Aug 2026 11:17 am

जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता हासिल करने वालों के लिए बुरी खबर, डोनाल्ड ट्रंप ने जारी किए नए कार्यकारी आदेश

इस आदेश का उद्देश्य ऐसे लोगों की अमेरिका में प्रवेश की सुविधा को सीमित करना है।

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 10:41 am

अमेरिका की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! रूस-चीन से टकराव की स्थिति में छोटे न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी?

अमेरिका की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! रूस-चीन से टकराव की स्थिति में छोटे न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी?

समाचार नामा 7 Aug 2026 10:40 am

मेक्सिको ने अमेरिका को एवोकाडो निर्यात फिर से शुरू करने के लिए सुरक्षा योजना का किया ऐलान

मेक्सिको सिटी, 7 अगस्त . मेक्सिको की President क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि उनकी Government अपराध से प्रभावित मिचोआकन राज्य में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक योजना पर काम कर रही है. इसका मकसद अमेरिका को एवोकाडो का एक्सपोर्ट फिर से शुरू करना है, जिसे सेफ्टी की वजह से फिर से रोक दिया गया था. ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 10:36 am

Meerut: रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी के क्रेडिट कार्ड से 586 डॉलर की धोखाधड़ी, अमेरिकी कंपनी के खाते में गए रुपये

मेरठ निवासी आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त रह चुके असित सिंह के क्रेडिट कार्ड का डेटा चुराकर किराए पर कार्ड देने वाली विदेशी कंपनी को भुगतान किया गया। पुलिस ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।

अमर उजाला 7 Aug 2026 9:47 am

अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा

अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा

समाचार नामा 7 Aug 2026 9:10 am

होमुज में अमेरिका की नो-एंट्री, ईरान के बयान से तेल में फिर उबाल

ईरान ने सांसद में एक बिल प्रस्‍तावित किया है, जिसके तहत दुश्‍मन देशों के जहाजों को स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से बैन किया जाएगा. अगर वे नियम तोड़ते हैं तो उनपर हैवी चार्ज लगाया जाएगा.

आज तक 7 Aug 2026 9:09 am

Donald Trump: 'हमारे पास हथियारों की कमी नहीं' ट्रंप ने अमेरिकी मिसाइलों की कमी की खबरों को किया खारिज, कहा- ईरान के साथ जल्द होगा समझौता

Donald Trump Statement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ महीनों के टकराव के बाद अमेरिका के पास अहम मिसाइलों का स्टॉक कम हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना के पास हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ हथियारों का स्टॉक थोड़ा कम हो गया है।व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) के पास अभी भी हथियारों का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ पांच महीने के संघर्ष के दौरान देश ने अपनी सटीक मारक क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है।ट्रंप ने हथियारों की कमी के दावों को किया खारिजहथियारों की व्यापक कमी के दावों को खारिज करते हुए, उन्होंने माना कि कुछ तरह के हथियारों की सप्लाई दूसरों की तुलना में कम थी। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में सप्लाई थोड़ी कम है।हालांकि, उन्होंने बड़े स्तर पर हथियारों की कमी की खबरों को खारिज करते हुए माना कि हथियारों की सप्लाई दूसरों की तुलना में कम थी। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में सप्लाई थोड़ी कम है।उन्होंने कहा कि अमेरिका बहुत अच्छी स्थिति में है और जaर देकर कहा, हमारे पास सचमुच भारी मात्रा में गोला-बारूद है। We have literally massive amounts of ammunition.President Trump pushed back on reports that the U.S. was running low on missile stockpiles after months of conflict with Iran, insisting the military remains fully supplied.Speaking to reporters, Trump said the U.S. is in… pic.twitter.com/W2pXecgJK1— Fox News (@FoxNews) August 6, 2026 रक्षा कंपनियां प्रोडक्शन बढ़ा रही हैंअमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रक्षा कंपनियां अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं, जिसमें पैट्रियट और टॉमहॉक मिसाइलें बनाने के लिए नई सुविधाएं तैयार करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, हम हमेशा और ज्यादा चाहते हैं। हमारे पास और ज्याद होना चाहिए।वहीं, कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के साथ चले युद्ध के दौरान पेंटागन ने अपनी वैश्विक मिसाइल भंडार का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल किया है। इनमें बेहद सटीक मारक क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइलें भी शामिल हैं।ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगाट्रंप ने भरोसा जताया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। मुझे नहीं लगता कि वे इसे ज़्यादा देर तक खींच पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे तेहरान के साथ बातचीत में शामिल हैं। सब ठीक चल रहा है। जल्द ही कोई समझौता हो सकता है।यह भी पढ़ें:इमरान खान के बेटों ने 7 महीने से नहीं देखा अपने पिता को, पाकिस्तान जेल में क्या हुआ पूर्व PM के साथ? अब मिला ये जवाब

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 9:03 am

अमेरिका की अदालत का बड़ा फैसला: युवाओं को नुकसान पहुंचाने के मामले में Meta पर $56.7 करोड़ का जुर्माना

इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा (Meta) को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक अदालत ने मेटा को अपने सोशल मीडिया मंचों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए 56.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4,700 करोड़ से अधिक) का भुगतान करने का आदेश दिया है।न्यायाधीश ब्रायन बीडशाइड ने बृहस्पतिवार देर रात यह फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार, इस भारी राशि का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 42 करोड़ डॉलर युवाओं के मानसिक उपचार से जुड़ी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। वहीं, शेष राशि अगले पांच वर्षों में बाल सुरक्षा, जागरूकता, रोकथाम और जांच सेवाओं पर लगाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | द्रमुक सांसद पी. विल्सन और ईसाई नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कानून वापस लेने की मांग मुकदमे के पहले चरण में अदालत ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना लगाया था। अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उपलब्ध जानकारी छिपाई।अभियोजकों ने मुकदमे के दूसरे चरण में न्यायाधीश से मेटा के कामकाज में बुनियादी बदलाव करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को लत लगाने वाले ‘फीचर’ पर अंकुश लगाना, उम्र के सत्यापन की व्यवस्था में सुधार करना और स्वतः लागू होने वाली निजता संबंधी व्यवस्थाओं तथा कड़ी निगरानी के जरिये बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। इसे भी पढ़ें: पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक अहमद का लाडला, सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत अदालत ने कहा कि बच्चों की निजता से संबंधित संघीय कानून मेटा को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु सत्यापन उपकरण लागू करने से रोकते हैं।अदालत ने कहा कि बाल ऑनलाइन निजता संरक्षण अधिनियम यानी ‘सीओपीपीए’ के कारण वह मेटा को बच्चों से निजी जानकारी देने या आयु सत्यापन के उद्देश्य से इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर स्वतः नजर रखने के लिए कहने का आदेश नहीं दे सकती।अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की उम्र सत्यापित करने का आदेश केवल मेटा को देना और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को इससे बाहर रखना कंपनी के लिए ‘‘अनुचित और अत्यधिक नुकसानदेह’’ होगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 9:02 am

अल-सैयद की उम्मीदवारी से अमेरिका में हलचल, ट्रंप इतना डर क्यों दिखा रहे हैं?

अल-सैयद अभी केवल उम्मीदवार हैं. उनकी जीत से पहले ही ट्रंप चिढ़े हुए हैं. अल-सैयद को लेकर ट्रंप कई तरह के डर दिखा रहे हैं. जानिए कौन हैं अल-सैयद.

बीबीसी हिंदी 7 Aug 2026 8:51 am

ट्रंप ने अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता और बर्थ टूरिज्म पर लगाया प्रतिबंध, दो आदेशों पर किए हस्ताक्षर

वाशिंगटन, 7 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं. यह कदम Supreme Court द्वारा प्रशासन के पिछले आदेश को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस ओवल ऑफिस में नए ऑर्डर पर हस्ताक्षर करते ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 8:42 am

US: जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर डोनाल्ड ट्रंप का नया वार, 'बर्थ टूरिज्म' रोकने के लिए दो आदेश जारी

US President Trump signs new orders to limit birthright citizenship - US: जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर डोनाल्ड ट्रंप का नया वार, 'बर्थ टूरिज्म' रोकने के लिए दो आदेश जारी

अमर उजाला 7 Aug 2026 8:32 am

अमेरिका में हाइकिंग के दौरान लापता हुए भारतीय मूल के PhD छात्र का शव मिला

विक्रम मुबायी का जन्म और पालन-पोषण तो हांगकांग में हुआ था लेकिन वह भारतीय मूल के थे. UCSB, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में उनकी PhD की पढ़ाई चल रही थी.

NDTV इंडिया 7 Aug 2026 8:11 am

अमेरिका में नागरिकता नियमों पर ट्रंप का बड़ा प्रहार: सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दो नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर किए दस्तखत, इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर लगा बैन

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की इमिग्रेशन और नागरिकता प्रणाली में अमूलचूल बदलाव करने के लिए एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। 30 जून को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के उस शुरुआती आदेश को असंवैधानिक करार दिए जाने के महज कुछ हफ्तों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस से दो नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर (कार्याकारी आदेशों) पर दस्तखत कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि न्यायालय का निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था, इसलिए अब नियमों में व्यापक तालमेल और बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमरीका की धरती पर जन्म लेने वाले हर बच्चे को स्वतः मिलने वाली 'बर्थराइट सिटीजनशिप' (जन्मजात नागरिकता) की सदियों पुरानी व्यवस्था को सीमित करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक प्रयास माना जा रहा है। इस फैसले से अमरीका में रह रहे विदेशी नागरिकों, वीजा धारकों और नागरिकता की चाह रखने वाले लाखों अप्रवासियों में भारी हलचल मच गई है।अमरीकी इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर लगा पूरी तरह से बैनडोनाल्ड ट्रंप द्वारा दस्तखत किए गए दूसरे एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में अमरीका के इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) पर आधिकारिक रूप से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बर्थ टूरिज्म उस व्यवस्था को कहा जाता है जिसके तहत विदेशी नागरिक पर्यटक, छात्र या अल्पकालिक वीजा पर विशेष रूप से अमरीका यात्रा करते हैं ताकि वहां उनके बच्चे का जन्म हो सके और नवजात को अमरीकी संविधान के तहत स्वतः अमरीकी नागरिकता प्राप्त हो जाए। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि दुनिया भर के कई सिंडिकेट और कारोबारी नेटवर्क इस प्रक्रिया को एक बड़े व्यापार में बदल चुके हैं, जहां लोग वीजा धोखाधड़ी करके अमरीका आते हैं और जन्मजात नागरिकता का लाभ उठाते हैं। नए आदेश के तहत अमरीकी विदेश मंत्रालय (State Department) और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को शक्तियां दी गई हैं कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को अमरीकी वीजा देने से तुरंत रोक दें या देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दें, जिसका मुख्य उद्देश्य अमरीका जाकर बच्चे को जन्म देना है।कौन से बच्चे होंगे जन्मजात नागरिकता के दायरे से बाहर?ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित पहले एक्जीक्यूटिव ऑर्डर का मुख्य उद्देश्य उन श्रेणियों की पहचान करना और उनका विस्तार करना है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त ऐतिहासिक अपवादों के आधार पर जन्मजात नागरिकता से बाहर रखा जाएगा। इस नए आदेश के तहत विदेशी सरकारों के लिए लॉबिंग करने वाले या विदेशी शासन के प्रतिनिधियों के बच्चों, विदेशी आतंकवादी संगठनों से जुड़े सदस्यों के बच्चों, और अमरीका में अवैध रूप से या धोखाधड़ी के माध्यम से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के बच्चों को स्वचालित अमरीकी नागरिकता का पात्र नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, आदेश में सरोगेसी के माध्यम से बर्थ टूरिज्म का लाभ उठाने की कोशिश करने वाले मामलों पर भी कड़ा शिकंजा कसा गया है। आदेश में अमरीकी क्षेत्रों (जैसे अमरीकन समोआ) में जन्म लेने वाले बच्चों के नागरिकता अधिकारों को भी सीमित करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये श्रेणियां अमरीका के अधिकार क्षेत्र के पूर्ण दायरे में नहीं आती हैं।14वें संविधान संशोधन और स्टीफन मिलर का बड़ा तर्कसफेद भवन (व्हाइट हाउस) के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और ट्रंप नीति के मुख्य सूत्रधार स्टीफन मिलर ने इस ऐतिहासिक फैसले का बचाव करते हुए अमरीकी संविधान के 14वें संशोधन के मूल उद्देश्य को रेखांकित किया। मिलर ने स्पष्ट किया कि 14वां संविधान संशोधन 1868 में अमरीकी गृहयुद्ध के तुरंत बाद विशेष रूप से पूर्व दासों और उनके बच्चों को नागरिकता का पूर्ण अधिकार देने के लिए लाया गया था। इसका उद्देश्य दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों या अवैध रूप से देश में घुसने वाले लोगों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देना कभी नहीं था। मिलर के अनुसार, राष्ट्रपति अपनी संवैधानिक और कमांडर-इन-चीफ शक्तियों का उपयोग उन लोगों की श्रेणियों को परिभाषित करने के लिए कर रहे हैं जो नागरिकता के योग्य नहीं हैं। प्रशासन का दावा है कि इस सख्त कदम से अमरीकी व्यवस्था के सबसे गंभीर दुरुपयोग को रोका जा सकेगा और अमरीकी नागरिकता के पवित्र मूल्य और सम्मान की रक्षा की जा सकेगी।कानूनी विशेषज्ञ और एसीएलयू का तीखा विरोधट्रंप के इन नए कार्यकारी आदेशों के जारी होते ही अमरीका में एक बार फिर से भारी कानूनी और राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। अमरीकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और प्रमुख अप्रवासी अधिकार संगठनों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सीधी अवहेलना और असंवैधानिक करार दिया है। एसीएलयू के कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 14वां संविधान संशोधन अमरीकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग हर बच्चे को नागरिकता की गारंटी देता है, चाहे उसके माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो। 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रंप बनाम बारबरा' मामले में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रपति अपने आदेश के जरिए संविधान के अर्थ को नहीं बदल सकते। नागरिक अधिकारों के वकीलों का मानना है कि ट्रंप का यह नया आदेश भी जल्द ही निचली और उच्च अदालतों में कानूनी चुनौती का सामना करेगा और इसका हश्र भी पिछले आदेश जैसा ही होगा।भारतीय प्रवासियों और भावी आवेदकों पर क्या पड़ेगा असर?डोनाल्ड ट्रंप के इस नए आदेश का सीधा और व्यापक प्रभाव अमरीका में रहने वाले भारतीय समुदाय और भविष्य में अमरीका जाने की योजना बना रहे लोगों पर भी पड़ सकता है। अमरीका में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर H-1B, L-1, छात्र और अन्य अस्थायी वीजा पर कार्यरत हैं। यद्यपि यह आदेश मुख्य रूप से बर्थ टूरिज्म नेटवर्क और विदेशी आतंकवादी या सरकारी प्रतिनिधियों को लक्षित करता है, लेकिन अस्थायी वीजा धारक प्रवासियों के बीच अपने बच्चों के नागरिकता अधिकारों को लेकर अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया है। भारतीय आईटी पेशेवरों और छात्रों के लिए अब वीजा आवेदन के दौरान यात्रा के उद्देश्यों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि आव्रजन अधिकारी (Immigration Officers) गर्भवती महिलाओं या परिवारों के प्रवेश के समय सख्त जांच कर सकते हैं ताकि बर्थ टूरिज्म के संदेह को खारिज किया जा सके।आगे क्या? अदालती लड़ाई का नया दौरराष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित ये दोनों एक्जीक्यूटिव ऑर्डर आगामी समय में अमरीकी आव्रजन व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का इरादा रखते हैं। हालांकि, जिस तरह से जून के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने के पहले प्रयास को खारिज किया था, उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि मानवाधिकार संगठन और विभिन्न अमरीकी राज्य इन नए आदेशों पर रोक लगाने के लिए तुरंत संघीय अदालतों का रुख करेंगे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे कानूनी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इस बार उन्होंने आदेश को संवैधानिक बारीकियों के दायरे में तैयार किया है। अब देखना यह होगा कि क्या अमरीकी न्यायपालिका ट्रंप के इन नए बदलावों को स्वीकार करती है या फिर संविधान के 14वें संशोधन की सर्वोपरिता एक बार फिर कायम रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Aug 2026 7:59 am

ईरान-अमेरिका में चल रहा तनाव, नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के पीएम मोदी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। जानें दोनों ने किन मुद्दों पर चर्चा की?

खबर इंडिया टीवी 7 Aug 2026 7:48 am

'अमेरिकन ड्रीम' पर संकट: इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव से हड़कंप! देखें 'कूटनीति'

'कूटनीति' में बात 'अमेरिकन ड्रीम' की. दशकों से अमेरिका ने दुनिया भर को एक सुनहरा सपना बेचा—कड़ी मेहनत करो, पढ़ाई करो और एक दिन अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाओ. इसी वादे और सपने के दम पर लाखों भारतीय समुद्र पार करके अमेरिका पहुंचे. लेकिन क्या अब वही देश अपने दरवाज़े एक-एक करके बंद कर रहा है? भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार की चुनावी हार के बाद अमेरिका में भारत-विरोधी माहौल की चर्चाएं शुरू हुई हैं. लेकिन इससे भी बड़ा भूचाल अमेरिका के नए इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों की वजह से आया है। एक छोटी सी कागज़ी भूल अब सालों के सपने को एक पल में चकनाचूर कर सकती है. तो आज 'कूटनीति' में समझेंगे कि क्या अमेरिका भारतीयों को कह रहा है कि 'टैलेंट के लिए शुक्रिया, लेकिन अब आपकी ज़रूरत नहीं.

आज तक 7 Aug 2026 7:44 am

अमेरिका की 80% मिसाइलें खत्म? ट्रंप और रक्षा मंत्री में कलह की खबरों पर बवाल- मीडिया को धमकाया

डोनाल्ड ट्रंप मीडिया में चल रहीं हथियार की कमी वाली खबरों से परेशान हैं. उन्हें लगता है कि ऐसी खबरें ईरान के साथ समझौते की बातचीत में उनके हाथ को कमजोर करती हैं.

NDTV इंडिया 7 Aug 2026 7:20 am

LPG Import: अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बना, जानिए देश की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या बोले मंत्री

दुनिया में जारी ऊर्जा संकट और भौगोलिक अस्थिरताओं के बीच अमेरिका एलपीजी के मामले में भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है। भारत के एलपीजी आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है।

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 7:16 am

योगी सरकार में चूड़ी उद्योग को लगा चार चांद, फिरोजाबाद का कांच कारोबार अमेरिका तक चमका

विश्व प्रसिद्ध कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद में 'एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)' योजना ने कांच उद्योग को नई रफ्तार दी है. सरकारी मदद, सब्सिडी, प्रशिक्षण और आसान ऋण ने कारोबारियों को विस्तार का मौका दिया, जबकि हजारों कारीगरों और महिला श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला. इसका असर यह हुआ कि पलायन घटा और फिरोजाबाद का कांच उद्योग वैश्विक बाजार में और मजबूत हुआ.

आज तक 7 Aug 2026 7:03 am

मेटा की मुश्किलें बढ़ीं, न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया

मेटा को न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि मेटा ने जानकारी छिपाई। इससे बच्चों को नुकसान हुआ और अब उनके इलाज के लिए कंपनी पेमेंट करेगी।

खबर इंडिया टीवी 7 Aug 2026 6:43 am

Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला

Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला--Meta Ordered to Pay $567 Million Over Kids Mental Health and Safety Concerns

अमर उजाला 7 Aug 2026 6:30 am

11 साल का हुआ बिहार म्यूजियम, आज लगेगी खास प्रदर्शनी:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे उद्घाटन, अमेरिका से लौटी 101 दुर्लभ मिथिला पेंटिंग्स होंगी प्रदर्शित

बिहार म्यूजियम के आज 11 साल हो गए हैं। साल 2015 में सीएम नीतीश कुमार ने इसका उद्धाटन किया था। करोड़ों की लागत से बनी यह म्यूजियम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से सुसज्जित है। आज इसका स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इसे लेकर खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस अवसर पर कलाकार राजेश राम की विशेष कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती: रीट्रेसिंग मेमोरीज ऑफ बॉयहुड' प्रदर्शित किए जाएंगे। पटना म्यूजियम में अमेरिका से वापस लाई गई मिथिला पेंटिंग के 101 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी 'द टाइमलेस आर्ट ऑफ मिथिला' सबसे खास आकर्षण होगी। 6 अक्टूबर तक प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि इस मौके पर देश के नामचीन और कालजयी कलाकारों की चुनिंदा कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। बिहार म्यूजियम में 7 अगस्त से 6 अक्टूबर तक देश के प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। पटना म्यूजियम में 7 अगस्त से 20 सितंबर तक मिथिला पेंटिंग की दुर्लभ प्रदर्शनी आयोजित होगी। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। अमेरिका से लौटी दुर्लभ मिथिला पेंटिंग्स होंगी प्रदर्शित संग्रहालय प्रशासन के अनुसार, 1970 के दशक में मिथिला पेंटिंग की 100 से अधिक कलाकृतियां अमेरिका चली गई थीं। अब इन्हें बिहार वापस लेकर आया गया है। वहीं, कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती' आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में उनकी चुनिंदा मूर्तियां और कलाकृतियां प्रदर्शित होंगी। आयोजन के दौरान कलाकार स्वयं भी मौजूद रहेंगे और आगंतुकों को अपनी कला, उसकी तकनीक और बारीकियों के बारे में जानकारी देंगे।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 6:00 am

US Canada Trade Talks: अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता में बढ़ा तनाव, ट्रंप की टिप्पणी के बाद कार्नी क्या बोले?

US Canada Trade Talks: अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता में बढ़ा तनाव, ट्रंप की टिप्पणी के बाद कार्नी क्या बोले?---Mark Carney Says US Trade Talks Turned Nasty After Trump Criticised Canada Leadership

अमर उजाला 7 Aug 2026 2:58 am

Biz Updates: 'अमेरिकी दबाव में UPI की नीतियां न बदले भारत, भुगतान व्यवस्था की स्वायत्तता बनाए रखे', बोला GTRI

Biz Updates: 'अमेरिकी दबाव में UPI की नीतियां न बदले भारत, भुगतान व्यवस्था की स्वायत्तता बनाए रखे', बोला GTRI biz-updates-business-news-in-hindi-UPI-policies-GTRI-share-market-economy-foreign-exchange

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 1:25 am

Mirzapur News: सावन में चूड़ियों की खनक से बाजार गुलजार, अमेरिकन डायमंड डिजाइन की बढ़ी मांग

Markets buzz with the clinking sound of bangles during Sawan; demand for American Diamond designs rises

अमर उजाला 7 Aug 2026 1:23 am

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण पर अमेरिका की प्रतिक्रिया, सहयोगियों को सुरक्षा का द‍िया आश्वासन

वॉशिंगटन, 6 अगस्त . अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा क‍ि उसे उत्तर कोरिया की ओर से किए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी है. उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के कुछ ... Read more

डेली किरण 6 Aug 2026 11:51 pm

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

समाचार नामा 6 Aug 2026 9:05 pm

Avengers : Doomsday में होंगे कुल 3 कैप्टन अमेरिका! समझिए टाइमलाइन का गणित

Avengers Doomsday: मार्वल यूनिवर्स की फिल्मों में कई बार चीजें इतनी जटिल हो जाती हैं कि नई फिल्म की कहानी को समझने के लिए बहुत दिमाग लगाना पड़ जाता है। एवेंजर्स सीरीज की फिल्में कुछ ऐसी ही होती हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Aug 2026 6:30 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या चर्च-मस्जिद की संपत्ति जब्त होगी, FCRA बिल पर अमेरिका तक में हंगामा; सरकार दुविधा में, क्या पास करा पाएगी

विदेशी चंदे से जुड़े कानून में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। विपक्षी नेताओं के साथ-साथ अमेरिका तक से ऐतराज आ रहा है। अमेरिकी सांसद रिले मूर ने तो कह दिया- ये ईसाइयों पर सीधा हमला है। रिपोर्ट्स हैं कि FCRA संशोधन बिल पर 12 अगस्त को चर्चा होगी, जिसका जवाब गृहमंत्री अमित शाह दे सकते हैं। आखिर विदेशी चंदे से जुड़े कानून में क्या और क्यों बदलना चाहती है सरकार, क्या ये चर्च-मस्जिद के गले का फंदा बनेगा और सरकार की दुविधा क्या है; 4 सवालों में पूरी कहानी… सवाल-1: FCRA कानून में सरकार क्या बदलाव करना चाहती है और क्यों? जवाब: 1976 में इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, यानी FCRA बनाया। मकसद- विदेशी ताकतें NGOs, शिक्षण संस्थानों और ट्रस्टों को पैसा देकर भारत के अंदरूनी मामलों को प्रभावित न कर सकें। 2010 में मनमोहन सिंह सरकार और 2020 में मोदी सरकार ने इसे और सख्त किया। जैसे- NGOs अब सिर्फ 20% विदेशी पैसा प्रशासनिक खर्च में लगा सकते हैं, पहले 50% की लिमिट थी। यह पैसा सिर्फ दिल्ली की एक तय SBI ब्रांच के खाते में ही आ सकता है। सब-ग्रांट पर भी रोक लगा दी गई, यानी बड़ी एनजीओ छोटी एनजीओं को फंड नहीं दे सकतीं। अब 2026 में सरकार ने तीन बड़े कदम उठाए… 1. संस्थाओं को अपना काम और इलाका साफ बताना होगा: विदेशी पैसा किस खास काम के लिए और किस राज्य या UT में इस्तेमाल होगा। ये रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर लिखा जाएगा। पहले सामाजिक, धार्मिक जैसी ब्रॉडर कैटेगरी लिख दी जाती थी। ये नियम जून 2026 में लागू हो चुका है। 2. विदेशी चंदे से धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकेगाः धार्मिक गतिविधियों की लिस्ट में कई काम जैसे- पूजा स्थल बनवाना, धार्मिक शिक्षा, सत्संग वगैरह करवाने की अनुमति है, लेकिन अब विदेशी पैसे से दूसरों का धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ये नियम भी जून 2026 में लागू हो चुका है। 3. रजिस्ट्रेशन नहीं, तो प्रॉपर्टी अथॉरिटी मैनेज करेगीः अगर किसी संस्था के FCRA रजिस्ट्रेशन की अवधि खत्म हो जाए, रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाए या रद्द हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी प्रॉपर्टीज की सुरक्षा, मैनेजमेंट और रखरखाव सरकार द्वारा नामित अथॉरिटी करेगी। यही वो मुख्य प्रावधान है, जिसे FCRA संशोधन विधेयक में शामिल किया गया है। 25 मार्च को लोकसभा में विधेयक पेश हुआ था और अभी संसद में पास होना बाकी है। सरकार ने संशोधन विधेयक पेश करते हुए तर्क दिया था कि ये बदलाव FCRA के ऑपरेशनल गैप भरने के लिए किए जा रहे हैं। अब तक कोई साफ कानून नहीं था कि जब किसी संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द या खत्म हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी संपत्ति और बचा पैसा किसके पास जाएगा? डेजिग्नेटेड अथॉरिटी इसी खाली जगह को भरती है। सरकार ने बताया कि उसका मकसद पूरी तरह पारदर्शिता, जवाबदेही व राष्ट्रीय सुरक्षा है। सवाल-2: ईसाई मिशनरीज और NGO’s इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? जवाब: संशोधन विधेयक को लेकर 3 चिंताएं हैं… 1. सालों पुरानी जमीन खोने का डर 2. ईसाइयों को टारगेट करने की कोशिश 3. विदेशी फंडिंग कम होने से कामकाज पर असर सवाल-3: क्या सरकार इसे पारित करा पाएगी? जवाब: FCRA संशोधन बिल एक सामान्य विधेयक है। इसे पास कराने के लिए सदन में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों का सिर्फ साधारण बहुमत, यानी 50%+1 की जरूरत है। लोकसभा में 543 सदस्य हैं। 3 सीटें खाली हैं। अगर सभी सदस्य मौजूद रहते हैं, तो बहुमत के लिए चाहिए 271 वोट। NDA के पास अभी 318 सीटें हैं। राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। बहुमत के लिए 123 वोट चाहिए। NDA के पास 152 है। यानी दोनों सदनों में बिल पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल है। सवाल-4: फिर सरकार के सामने दुविधा क्या है? जवाब: असली दुविधा टाइमिंग की है। इस वक्त सरकार के सामने सबसे बड़ा एजेंडा FCRA विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन बिल पारित करवाना है। जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए। बजट सत्र के दौरान बिल पेश हुआ, लेकिन पारित नहीं हो सका। 54 वोट कम पड़ गए थे। अब सरकार NDA के बाहर की पार्टियों के समर्थन से बिल पास कराने की जद्दोजहद कर रही है… लेकिन यहां FCRA संशोधन विधेयक का पेच फंस जाता है। रिपोर्ट्स हैं कि DMK और NCP (शरद) इस विधेयक के खिलाफ हैं। बजट सत्र के दौरान सरकार का समर्थन करने वाली YSR कांग्रेस पार्टी भी बिल से खुश नहीं है। इन पार्टियों को डर है कि FCRA से उनके ईसाई और मुस्लिम वोट बैंक पर असर पड़ेगा। अगर सरकार इन पार्टियों की सहमति के बिना FCRA बिल पास करवा लेती है, तो परिसीमन बिल पर बहुमत जुटाने में मुश्किल हो जाएगी। वहीं अगर ये पार्टियां FCRA बिल पर सरकार का विरोध करती हैं और फिर परिसीमन बिल पर समर्थन, तो छवि पर असर पड़ेगा। --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गाली देना क्राइम कब बन जाता है, दोषी को कितनी सजा; आखिर जेन-जी के लिए गाली देना न्यू-नॉर्मल कैसे बन गया जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान गाली देती लड़की पर FIR, बचाव में अभिजीत दीपके का बयान और पीएम मोदी का माफ करने वाला वीडियो। पिछले 48 घंटे के इन तीन घटनाक्रम से सवाल उठा- क्या गाली देना क्राइम है? कुछ लोग ये भी कह रहे कि जेन-जी के लिए गाली ‘न्यू नॉर्मल’ है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 6:07 pm

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

'भारत में अमेरिकी कानून से नहीं चलेगा Meta...' केंद्र सरकार की दो टूक

भारत सरकार ने मेटा को ;चेतावनी दी है कि यहां प्लेटफॉर्म अमेरिकी कानूनों के हिसाब से नहीं चलाया जा सकता. सरकार का कहना है कि मेटा को भारतीय समाज के हिसाब से काम करना होगा और भारतीय कानूनों के तहत चलना होगा,

आज तक 6 Aug 2026 5:58 pm

'भारत में नहीं चलेगा अमेरिका का कानून ', एल्गोरिदम और नियमों पर केंद्र की Meta को दो टूक

मेटा की ग्लोबल टीम भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सरकार से बातचीत कर रही है।

जागरण 6 Aug 2026 5:58 pm

Donald Trump: बाल-बाल बचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, हवा में 'मरीन वन' के बेहद करीब आ पहुंचा पैसेंजर प्लेन

अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' और एक कमर्शियल यात्री विमान के बीच हवा में टकराने की स्थिति बनते-बनते टल गई। दोनों विमान एक-दूसरे के इतने करीब आ गए थे कि उनके बीच की दूरी तय सुरक्षा मानकों से भी कम रह गई थी। इस खतरनाक वाकये के बाद अमेरिकी एविएशन एजेंसियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।हवा में कैसे टला बड़ा हादसा और क्या थी विमानों की दूरीयह घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने 'मरीन वन' हेलिकॉप्टर से व्हाइट हाउस से एंड्रयूज एयर फोर्स बेस के लिए उड़ान भर रहे थे और उन्हें वहां से आगे कैलिफोर्निया जाना था। उसी समय रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से अमेरिकन एयरलाइंस की सब्सिडियरी एन्वाय एयर के एक 'एम्ब्रेयर ई-170' यात्री विमान ने भी उड़ान भरी थी। एविएशन की भाषा में इसे 'लॉस ऑफ सेपरेशन' कहा जाता है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों विमानों के बीच की होरिजेंटल दूरी महज 0.8 मील यानी करीब 1.2 किलोमीटर और वर्टिकल दूरी सिर्फ 700 फीट ही रह गई थी, जबकि तय नियमों के अनुसार होरिजेंटल दूरी कम से कम 1.5 मील होनी अनिवार्य है।एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और कम्यूनिकेशन में कहां हुई चूकशुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के साथ संपर्क में आई तकनीकी या संवाद की गड़बड़ी के कारण हुई। 'मरीन वन' के क्रू ने उड़ान भरने से तीन मिनट पहले कंट्रोल टावर को अपनी स्थिति बताने के लिए तीन बार संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन संभवतः स्पष्ट आवाज न पहुंच पाने के कारण संदेश टावर तक ठीक से नहीं गया। इसी गलतफहमी के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने यात्री विमान को भी टेकऑफ की हरी झंडी दे दी, जिससे यह गंभीर स्थिति पैदा हो गई।व्हाइट हाउस और मरीन कॉर्प्स ने क्या दी प्रतिक्रियाइस घटना के सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी प्रकार का सीधा खतरा नहीं था। उन्होंने बयान दिया कि 'मरीन वन' दुनिया के सबसे कुशल और बेहतरीन पायलटों द्वारा उड़ाया जाता है और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे। इसके अलावा अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता कैप्टन जैकब सग ने भी किसी बड़ी चूक से इनकार करते हुए इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया और कहा कि टावर की तरफ से हेलिकॉप्टर क्रू को न तो रुकने का निर्देश मिला था और न ही मार्ग बदलने को कहा गया था।जनवरी 2025 के भयानक विमान हादसे की ताजा हुईं यादेंइस ताजा घटना ने अमेरिका में पिछले साल जनवरी 2025 में हुए उस खौफनाक हादसे की यादें ताजा कर दी हैं, जब रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट के पास ही एक आर्मी 'ब्लैक हॉक' हेलिकॉप्टर और यात्री विमान आपस में टकरा गए थे। उस भीषण दुर्घटना में 67 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इस क्षेत्र में हवाई यातायात के नियमों को बेहद कड़ा कर दिया था। पिछली दुर्घटना की जांच में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया था कि पेंटागन और रीगन कंट्रोल टावर को जोड़ने वाली हॉटलाइन तीन साल से अधिक समय से खराब पड़ी थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Aug 2026 5:20 pm

अमेरिका को मिला पहला मुस्लिम सीनेटर, ख़ुशी जताते हुए ट्रंप बोले- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

अमेरिका को मिला पहलामुस्लिम सीनेटर, ख़ुशी जताते हुए ट्रंप बोले- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

समाचार नामा 6 Aug 2026 4:40 pm

अमेरिका में मुस्लिम उम्मीदवार की जीत पर खुश हुए ट्रंप, कहा- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

अमेरिका के मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में अब्दुल एल-सैयद ने हेली स्टीवंस को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छी खबर बताया और एल-सैयद पर तीखा हमला बोला।

खबर इंडिया टीवी 6 Aug 2026 4:08 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

अमेरिकी आर्मी ने GPS जाम किया और विमान हुआ क्रैश, खुलासे से हड़कंप

अमेरिका में हाल ही में एक विमान हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी. अब अलग अलग रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान GPS Jamming की गई थी. विमान हादसे की वजह इसे भी बताया जा रहा है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे टेक्नोलॉजी लोगों के मौत का कारण भी बन सकती है.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 1:40 pm

पंजाब विधानसभा में मनरेगा फंड पर गरमाई बहस, स्पीकर ने अमेरिका और इथेनॉल पर कसा तंज

पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मनरेगा फंड, दूषित पेयजल, राशन वितरण और सीवरेज बिल के मुद्दों पर सरकार घिरी। स्पीकर की इथेनॉल संबंधी टिप्पणी चर्चा का केंद्र रही।

जागरण 6 Aug 2026 12:42 pm

Trump Tariff Refund: दुनिया को टैरिफ का डर दिखाते-दिखाते खुद फंसे ट्रंप, अमेरिका लौटा रहा 100 अरब डॉलर

Trump Tariff Refund threatened world with tariffs finds himself cornered US will haveo refund $100 billion Trump Tariff Refund: दुनिया को टैरिफ का डर दिखाते-दिखाते खुद फंसे ट्रंप, अमेरिका को लौटाने होंगे 100 अरब डॉलर

अमर उजाला 6 Aug 2026 12:32 pm

Hormuz पर धरी रह गई अमेरिका की हसरतें, ईरान-ओमान में डील डन!

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सैन्य टकराव ने कुछ हफ्तों पहले पूरी दुनिया की सांसे रोक दी थी। ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले जवाब में ईरान की मिसाइल कारवाई और फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्टेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से ग्लोबल तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी। लाखों बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई। कई कमर्शियल जहाजों ने अपना रोड बदल लिया और दुनिया भर में आशंका जताई जाने लगी थी कि अगर यह संकट लंबा चला तो उर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ेगा। लेकिन अब इसी हुरमूस को लेकर एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान और ओमान ने स्टेट ऑफ हुरमूस के लिए एक नए शिपिंग मॉडल पर एक सहमति बना ली है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच नए समुद्री कॉरिडोर के भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स पर सहमति बन चुकी है और अब संयुक्त बयान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Hormuz Strait जल्द खुलने के आसार, Donald Trump बोले- Iran से समझौता नहीं हुआ तो होगा 'बड़ा प्रहार' ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता स्माइल बगई ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। जबकि ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबादी ने कहा कि वार्ता बुनियादी समझौतेों तक पहुंच चुकी है और प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक फारस की खाली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल जहाजों का मुख्य मार्ग ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे तेरान को खाली में आने वाले जहाजों की निगरानी करने का अधिकार मिलेगा। वर्तमान व्यवस्था में जहाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शिपिंग लेन का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें ना तो ईरान और ना ही ओमान से अलग से अनुमति लेने की जरूरत होती है। नए मॉडल के तहत मौजूदा अस्थाई शिपिंग लेनों को धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा। इनमें ईरान के लहराक द्वीप के पास का उत्तरी मार्ग और ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाला दक्षिणी मार्ग शामिल है। इनकी जगह एक नया कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसका अधिकांश हिस्सा ईरानी समुद्री सीमा में और शेष हिस्सा ओमान के समुद्री क्षेत्र में होगा। इसे भी पढ़ें: बहुत मुश्किल...Mojtaba Khamenei को लेकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने क्या बड़ा खुलासा किया? फाइनल ड्रॉफ्ट तैयार दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ईरान और ओमान के बातचीत करने वालों ने जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को फिर से खोलने के लिए समझौते का ड्राफ़्ट तैयार कर लिया है और वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं। माना जाता है कि युद्ध की शुरुआती कार्रवाई में खामेनेई घायल हो गए थे और तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। बातचीत की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने इस संभावित समझौते को जलडमरूमध्य को लेकर चल रहे विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि यह जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौते से जुड़ा है, जिसका मकसद लड़ाई खत्म करना और जलमार्ग को फिर से खोलना था, लेकिन वह समझौता अंततः विफल हो गया था। निजी बातचीत के बारे में बताने के लिए नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले अधिकारियों ने कहा कि यह संभावित समझौता अमेरिका और ईरान के लिए तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता साफ़ करेगा। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज़ ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फ़ारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा देने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फ़ीस ली जाएगी।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 12:26 pm

UP: 'मुन्ना, हम अमेरिका नहीं आएंगे' मां की एक बात ने बदल दी जिंदगी, CEC ज्ञानेश कुमार ने सुनाया भावुक संस्मरण

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के 78वें स्थापना दिवस पर भावुक हुए सीईसी, उद्यमियों को बताया शहर का भविष्य।

अमर उजाला 6 Aug 2026 11:21 am

रहने लायक नहीं बचेंगे अमेरिका के कई शहर, लाखों लोग करेंगे पलायन

जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के आशियाने और जेब पर सीधा हमला बनने जा रहा है. ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि अगले 30 सालों में यानी वर्ष 2055 तक मौसम की मार के कारण अमेरिकी रियल एस्टेट बाजार को करीब $1.47 ट्रिलियन (लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर) का भारी नुकसान झेलना पड़ेगा.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 10:52 am

टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

समाचार नामा 6 Aug 2026 10:45 am

Donald Trump का टैरिफ बम अमेरिका पर ही पड़ा भारी!

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 100 अरब डॉलर का टैरिफ रिफंड किया गया है. हालांकि इस फैसले पर विवाद भी बढ़ गया है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि राहत कंपनियों को मिली, जबकि बढ़ी कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं ने झेला.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 10:44 am

अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी

अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी- Planning to go to US Know new USCIS rule otherwise an incomplete application could cost you dearly

अमर उजाला 6 Aug 2026 10:41 am

Iran-Oman Shipping Agreement | होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान और ओमान में बड़ी डील! क्या अमेरिका के साथ खत्म होगा दशकों पुराना तनाव?

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और ओमान 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग को पूरी तरह खोलने का अंतिम निर्णय तीसरे पक्षों—विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका—के रुख पर निर्भर करेगा। जाहिर है, उनका इशारा अमेरिका (US) की तरफ है, जो मानता है कि यह रणनीतिक जलमार्ग सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज़ पर ईरान का असल नियंत्रण है, लेकिन उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ओमान के साथ डील का ड्राफ्ट साइन होने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट को फिर से खोलने का समझौता 'जल्द ही' होने वाला है। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती AFP ने बघाई के हवाले से कहा, दोनों पक्षों ने रूट के भौगोलिक को-ऑर्डिनेट (स्थान की जानकारी) पर सहमति बना ली है और अगर कुछ तीसरे पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं, तो दोनों देशों का संयुक्त बयान - जिसमें मुख्य बातें और सहमति के बिंदु शामिल हैं - भी अंतिम समीक्षा और ड्राफ्टिंग के चरण में है। उन्होंने आगे कहा, होर्मुज़ स्ट्रेट को असुरक्षित बनाने वाले कारक अभी भी अमेरिका की तरफ से मौजूद हैं, खासकर नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान व उसके हितों के खिलाफ अन्य आक्रामक और धमकी भरे कदम। होर्मुज़ का महत्व दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल होर्मुज़ से होकर गुजरता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन का संतुलन बनाए रखने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन लगभग पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, जिससे अमेरिका पर अपने सैन्य अभियानों को खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका का बड़ा झटका! भारतीय छात्रों के छात्र वीजा में 62% की भारी गिरावट, पढ़ाई और नौकरी के सपनों पर फिरा पानी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड बुधवार को 80 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो संघर्ष शुरू होने के बाद बढ़ी कीमतों के स्तर से कम था। क्या होर्मुज़ डील संघर्ष को खत्म कर सकती है? AP द्वारा बताए गए क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि ओमान के साथ डील के ड्राफ्ट के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की मंजूरी की जरूरत होगी, जिन्हें इस साल की शुरुआत में उनके पिता और पूर्ववर्ती अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। हालांकि, उन्होंने इस डील को होर्मुज़ को लेकर विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील उस समझौते से जुड़ी है जिस पर अमेरिका और ईरान ने जून में साइन किए थे, लेकिन बाद में दोनों देशों के बीच एक-दूसरे पर हमले फिर से शुरू होने के कारण वह समझौता टूट गया था। हालांकि, उनका कहना था कि इस संभावित डील से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता भी साफ होगा। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में आएंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा देने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फीस ली जाएगी। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि ईरान का फीस लेना समझौते के खिलाफ है और होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 9:36 am

अमेरिका का बड़ा झटका! भारतीय छात्रों के छात्र वीजा में 62% की भारी गिरावट, पढ़ाई और नौकरी के सपनों पर फिरा पानी

अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद नौकरी का सपना देखने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों—विशेषकर भारतीयों—के लिए आंकड़े चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले अमेरिकी छात्र वीजा (F-1 Visa) में 62 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में अस्थायी रोजगार देने वाले 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की गई है। छात्र वीजा के आंकड़ों में बड़ा अंतर सीआईएस (CIS) के वरिष्ठ कानूनी फेलो जॉर्ज फिशमैन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में मई से अगस्त की मुख्य अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि नए शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकांश F-1 वीजा इसी दौरान जारी किए जाते हैं। भारतीय छात्र: अमेरिका ने 2024 में भारतीयों को 58,694 छात्र वीजा जारी किए थे, जो 2025 में 62% घटकर महज 22,149 रह गए। चीनी छात्र: चीन के छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34% की कमी आई है। 2024 में चीनी छात्रों को 61,075 वीजा मिले थे, जो 2025 में घटकर 40,034 हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34 प्रतिशत की कमी आई। वर्ष 2025 में चीन के छात्रों को 40,034 वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 61,075 थी। इसी तरह, अमेरिका ने 2025 में भारतीय नागरिकों को 22,149 छात्र वीजा जारी किए, जबकि 2024 में यह संख्या 58,694 थी।अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (आईआईई) की वार्षिक जनगणना के अनुसार, 2024-25 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थानों में 11,77,766 विदेशी छात्र अध्ययनरत थे। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती इनमें 3,63,019 छात्र भारत और 2,65,919 छात्र चीन से थे। दोनों देशों के छात्र मिलाकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत थे। रिपोर्ट में आईआईई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में पढ़ रहे 10 लाख से अधिक विदेशी छात्रों में से 2,94,253 छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपीटी कार्यक्रम के तहत अमेरिका में काम कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ओपीटी कार्यक्रम के तहत काम कर रहे छात्रों में 49 प्रतिशत (1,43,740) भारतीय थे, जबकि 21 प्रतिशत (61,981) छात्र चीन से थे। फिशमैन ने कहा, ‘‘मैं ओपीटी कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा नहीं भी होता है, तो भी भारत और चीन से आने वाले ओपीटी कार्यक्रम के छात्रों की संख्या कम करने से अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे क्योंकि ओपीटी प्रतिभागियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इन्हीं दोनों देशों के छात्रों की है।’’ सीआईएस की रिपोर्ट में तुलना के लिए मई से अगस्त की अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए एफ-1 छात्र वीजा का अधिकांश हिस्सा इसी अवधि में जारी किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय नागरिकों को जारी किए गए 77 प्रतिशत एफ-1 वीजा और चीनी नागरिकों को जारी किए गए 76 प्रतिशत एफ-1 वीजा मई से अगस्त के बीच ही जारी किए गए थे। OPT कार्यक्रम खत्म करने की वकालत क्यों? रिपोर्ट के लेखक जॉर्ज फिशमैन का मानना है कि OPT कार्यक्रम को बंद करने या इसमें कटौती करने से स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को फायदा होगा। जॉर्ज फिशमैन ने कहा, मैं ओपीटी (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके। इसे भी पढ़ें: Biocon का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 53.36% बढ़कर 136.8 करोड़ रुपये पहुंचा उन्होंने आगे कहा कि यदि इस योजना को पूरी तरह बंद नहीं भी किया जाता है, तब भी भारत और चीन से आने वाले OPT प्रतिभागियों की संख्या सीमित करने से अमेरिकी कार्यबल पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे, क्योंकि इस योजना में सबसे बड़ा हिस्सा इन्हीं दो देशों के स्नातकों का है।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 9:30 am

Mass Shooting In US: अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में अंधाधुंध गोलीबारी, कई लोगों की मौत; एक घायल का इलाज जारी

US mass shooting: Several killed in mass shooting in US' North Carolina, News in Hindi - Mass Shooting In US: अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में अंधाधुंध गोलीबारी, कई लोगों की मौत; एक घायल का इलाज जारी

अमर उजाला 6 Aug 2026 9:14 am

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

चेतावनी लेबल का असर: लैटिन अमेरिकी देशों में घटी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री, किन उत्पादों की मांग कम?

चेतावनी लेबल का असर: लैटिन अमेरिकी देशों में घटी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री, किन उत्पादों की मांग घटी?

अमर उजाला 6 Aug 2026 8:47 am

US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा

US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा---China Tightens Drone Export Controls and Blacklists Six US Companies in Response to Trade Curbs

अमर उजाला 6 Aug 2026 7:36 am

West Asia: ईरान-ओमान ने समझौते का मसौदा तैयार किया, खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार; अमेरिका का रूख क्या?

West Asia: ईरान-ओमान ने समझौते का मसौदा तैयार किया, खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार; अमेरिका का रूख क्या?

अमर उजाला 6 Aug 2026 6:50 am

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से की मुलाकात, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, यह बैठक 30 मिनट से अधिक समय तक चली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

देशबन्धु 6 Aug 2026 5:20 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

ट्रंप के टैरिफ पर चीन का पलटवार 6 अमेरिकी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट, ड्रोन एक्सपोर्ट पर भी कसी लगाम

ट्रंप के टैरिफ पर चीन का पलटवार 6 अमेरिकी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट, ड्रोन एक्सपोर्ट पर भी कसी लगाम

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:15 pm

ट्रंप के टैरिफ का चीन ने दिया करारा जवाब, 6 अमेरिकी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट; ड्रोन एक्सपोर्ट के नियम भी किए कड़े

चीन ने ट्रंप की तरफ से लगाए गए हाल के टैरिफ का जवाब दिया है और अमेरिका की 6 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही, ड्रोन एक्सपोर्ट के नियम भी कड़े कर दिए हैं।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:05 pm

आंखें बंद कर क्यों बैठे ट्रंप? भारत के खिलाफ अमेरिका में चल रही क्या प्लानिंग

कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ऑफिस में आंखें बंद करके बैठे थे और ईसाई धर्मुगुरु उन्हें आशीर्वाद दे रहे थे। खुद को सेक्युलर बोलने वाले अमेरिका ने पहली बार दुनिया को दिखा दिया कि देश ईसाई राष्ट्रवादी चला रहे हैं। लेकिन अब अमेरिका यही ईसाई राष्ट्रवाद भारत पर थोपना चाहता है। अमेरिका भारत पर बहुत अजीब हमले की तैयारी कर रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका भारत को ईसाई बहुल देश बनाना चाहता है? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि डॉनल्ड ट्रंप की पार्टी के एक नेता रायली मूर ने खुलकर भारत को धमकी दी है। रायली मूर ने भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट यानी एफसीआरए कानून में संशोधनों की आलोचना कर दी है। हैरानी की बात देखिए कि यह तो भारत का कानून है लेकिन इसका विरोध अमेरिका की संसद में शुरू हो गया है। इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: PM ने गाली देने वालों को किया माफ, क्या Gen Z भी अब मोदी मोदी के नारे लगाएंगे? भारत तो एफसीआरए कानून में संशोधन इसलिए ला रहा है ताकि एनजीओ और ईसाई मिशनरी विदेशी पैसे का इस्तेमाल भारत में धर्मांतरण रैकेट चलाने के लिए ना कर पाएं। भारत की विकास परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को रोकने के लिए ना कर पाएं। विदेशी पैसे का इस्तेमाल एनजीओ और ईसाई मिशनरी भारत में इमीग्रेशन, अबॉर्शन और होमोसेक्सुअलिटी जैसे मुद्दों को सही ठहराने के लिए करते हैं। भारतीय लोगों की आस्थाओं और संस्कृति पर प्रहार करने के लिए करते हैं। यह सभी वो मुद्दे हैं जो भारत के विकास और भारत की हिंदू पहचान को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाते हैं। लेकिन अब भारत ऐसा नहीं होने देगा। शायद इसीलिए अमेरिका डर गया है। शायद इसीलिए रैली मूर झूठी खबरें फैलाते हुए एफसीआरए संशोधनों को ईसाई समुदाय पर हमला बता रहे हैं। चेतावनी दे रहे हैं कि भारत अमेरिका के संबंधों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। यह संशोधन तो धर्मांतरण को रोकने के लिए है। हिंदुओं को बचाने के लिए है। ईसाइयों का तो इससे कुछ लेना देना नहीं है। यह ठीक वैसा ही नैरेटिव है जो सीएए कानून के दौरान फैलाया गया था। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill पर US MP Riley Moore ने जताई चिंता, द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ने की कही बात सीएए कानून को भी मुस्लिम विरोधी बता दिया गया था। जबकि मुसलमानों का उस कानून से कुछ लेना देना नहीं था। वो कानून भी हिंदुओं की रक्षा के लिए लाया गया था। क्या आप जानते हैं कि अमेरिका और यूरोप से आने वाले पैसे का इस्तेमाल एनजीओ और ईसाई मिशनरी किस तरह से करते हैं? उसका एक उदाहरण देख लीजिए। आदिवासी रीति-रिवाजों को मानने वाले नागालैंड, मिजोरम और मेघालय जैसे राज्य आज ईसाई बहुसंख्यक हो गए हैं। पिछले 2 सालों में पंजाब में 3.5 लाख से ज्यादा लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi से मिले Kiren Rijiju; संसद गतिरोध खत्म करने में मांगा सहयोग पंजाब के तरन-तारन में ईसाइयों की आबादी 102% की रफ्तार से बढ़ी है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों में जमकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। कुछ समय पहले एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें दावा किया गया कि भारत सरकार के बाद कैथोलिक चर्च भारत में जमीन का दूसरा सबसे बड़ा मालिक है जिसके पास पूरे देश में लगभग 70 मिलियन हेक्टेयर यानी 172 मिलियन एकड़ जमीन है। आपको क्या लगता है यह सब कुछ किस पैसे से किया गया है? यह पैसा अमेरिकी डीप स्टेट का है। भारत को तेजी से ईसाई बहुसंख्यक देश बनाने की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात देखिए कि अमेरिका में खुद फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट नाम का एक कानून है जो दूसरे देशों से आने वाले विदेशी प्रभाव, धर्म परिवर्तन और प्रोपोगेंडा के लिए मिलने वाले पैसे पर रोक लगाता है। यानी अमेरिका अपने देश में तो धर्मांतरण पर रोक लगा रहा है लेकिन भारत के हिंदुओं को ईसाई बना रहा है। शायद इसीलिए रायली मूर एफसीआरए कानून का विरोध कर रहे हैं। शायद इसीलिए पहली बार अमेरिका की डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियां इतिहास में पहली बार एक साथ आई हैं और एफसीआरए संशोधनों का विरोध कर रही हैं। रायली मूर ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अमेरिका हमेशा एक ईसाई देश रहेगा।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:55 pm

5 महीने की लड़ाई ने बदला समीकरण! ईरान युद्ध में अमेरिका के मिसाइल स्टॉक खाली, लम्बा चला युद्ध तो क्या करेंगे ट्रंप

5 महीने की लड़ाई ने बदला समीकरण! ईरान युद्ध में अमेरिका के मिसाइल स्टॉक खाली, लम्बा चला युद्ध तो क्या करेंगे ट्रंप

समाचार नामा 5 Aug 2026 6:10 pm

US-China Trade War: ट्रंप के नए टैरिफ पर चीन का पलटवार, 6 अमेरिकी कंपनियों को किया Blacklist और Drone Export पर लगाई रोक

चीन ने बुधवार को अमेरिका के खिलाफ कई आर्थिक जवाबी कदम उठाए। उसने छह अमेरिकी कंपनियों को प्रतिबंधों वाली ब्लैकलिस्ट में डाल दिया और वॉशिंगटन भेजे जाने वाले ड्रोन के एक्सपोर्ट पर पाबंदियां और कड़ी कर दीं। यह कदम अमेरिका द्वारा जबरन मजदूरी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नए व्यापार प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है। ये जवाबी कदम तब उठाए गए जब वॉशिंगटन ने बीजिंग और 50 से ज़्यादा अन्य देशों पर नए टैरिफ लगाए। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार से जुड़ी व्यापक नीति का हिस्सा था; उनका तर्क था कि वॉशिंगटन के लिए अनुचित व्यापार घाटे को ठीक करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी था। इन कदमों का जवाब देते हुए, चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के इन कदमों से चीन के जायज़ अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुँचता है। इसे भी पढ़ें: Iran से संघर्ष के चलते अमेरिका की अत्याधुनिक Missiles लगभग खत्म, खाली मिसाइल भंडार देखकर Trump परेशान प्रवक्ता ने आगे कहा इसके जवाब में चीन केवल ज़रूरी जवाबी कदम ही उठा सकता है, जिसमें अमेरिका को ड्रोन और उनके मुख्य पुर्ज़ों व टेक्नोलॉजी के निर्यात पर नियंत्रण को और कड़ा करना शामिल है। अपनी कार्रवाई की रणनीति के तहत, वाणिज्य मंत्रालय ने घरेलू सर्टिफ़िकेशन संस्थाओं द्वारा की जाने वाली फ़ैक्ट्री फ़ॉलो-अप जाँच को रोक दिया, अमेरिकी कंप्लायंस टेस्टिंग फ़र्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया, और ऑफ़िस कॉपियर व प्रिंटर के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा जाँच शुरू कर दी। इसे भी पढ़ें: BRICS Pay: 90 बिलियन का झटका, अमेरिका से भयंकर भिड़ गया चीन बीजिंग ने छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए, जिनमें बायोटेक्नोलॉजी फ़र्म 'एप्लाइड डीएनए साइंसेज़' और जियोसाइंस रिसर्च कंपनी 'स्ट्रेटम रिज़र्वोयर' शामिल हैं। इन प्रतिबंधों के तहत चीनी लोगों और संगठनों को इन कंपनियों के साथ संबंधित लेन-देन, सहयोग या अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोक दिया गया है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 5:54 pm

THAAD से पैट्रियोट तक भारी तबाही: ईरान युद्ध के बीच क्या सचमुच खत्म हो गया अमेरिका का डिफेंस स्टॉक

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य संघर्ष ने मध्य पूर्व (Middle East) में एक ऐसा महायुद्ध छेड़ दिया है, जिसकी भीषणता ने खुद अमेरिकी रक्षा तंत्र को सकते में डाल दिया है। इस जंग को लंबा खिंचते देख अब अमेरिका की सैन्य ताकत और उसकी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के स्टॉक पर बहुत बड़े संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में अमेरिकी सेना के तरकश के कई अहम तीर खाली हो चुके हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या आधुनिक युद्धक हथियारों की यह कमी अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व पर भारी पड़ने वाली है।THAAD के 80 और पैट्रियोट के 50 प्रतिशत इंटरसेप्टर खत्म, हथियारों का भंडार हुआ खालीसीएनएन की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के हवाले से यह खुलासा हुआ है कि ईरान के साथ जारी इस लंबे युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने अपने बेहद मारक और आधुनिक 'थाड' (THAAD) एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लगभग 80 प्रतिशत इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर डाला है। इसके साथ ही, देश की सुरक्षा का मुख्य आधार माने जाने वाले 'पैट्रियोट' (Patriot) इंटरसेप्टर का भी करीब 50 प्रतिशत स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। इससे पहले शुरुआती दौर के हमलों में ही अमेरिकी सेना अपनी लगभग 30 प्रतिशत टोमाहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइलों को भी झोंक चुकी है। रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि हथियारों के इस भारी क्षरण ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है।व्हाइट हाउस ने खारिज किए दावे, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस की सुरक्षा पर बढ़ी चिंताविशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डे पूरी तरह से इन्हीं एयर डिफेंस सिस्टम्स की सुरक्षा पर निर्भर हैं, और ऐसे में स्टॉक का खतरनाक स्तर तक कम होना अमेरिकी सैनिकों के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुमान के अनुसार, युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 2,200 पैट्रियोट और 452 थाड मिसाइलें मौजूद थीं, जो अब काफी हद तक घट चुकी हैं। हालांकि, इन गंभीर चेतावनियों के सामने आने के बावजूद व्हाइट हाउस ने गोला-बारूद की कमी की इन तमाम रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना के पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यकता से अधिक और पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद का सुरक्षित भंडार मौजूद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 5:31 pm

अमेरिका में नौकरी करना होगा और महंगा, H-1B रिन्यूअल फीस बढ़ाने का प्रस्ताव, भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

ट्रंप प्रशासन अमेरिका में H-1B और L-1 वर्क वीजा की अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया को अधिक खर्चीला बनाने की तैयारी में है। अगर यह होता है तो इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर ही पड़ने वाला है।

दैनिक जागरण 5 Aug 2026 12:52 pm

थाड और पैट्रियट मिसाइलें चट कर गया ईरान, ट्रंप का गोदाम खाली; अमेरिका में हथियारों की भारी कंगाली

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और ईरान के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका की सैन्य साजो-सामान से जुड़ी पोल खुलती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ रक्षा करने और उसके हमलों को नाकाम करने में अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 'थाड' (THAAD) और 'पैट्रियट' (Patriot) मिसाइलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया है, जिसके चलते अमेरिकी रक्षा भंडारों में इन खतरनाक मिसाइलों का भारी अकाल पड़ गया है और ट्रंप प्रशासन के सामने हथियारों की जबरदस्त कंगाली खड़ी हो गई है।जानकारों का कहना है कि ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया गुटों द्वारा दागे गए ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को अपने सबसे महंगे और अत्याधुनिक डिफेंस इंटरसेप्टर्स का लगातार इस्तेमाल करना पड़ा है। एक के बाद एक लगातार होने वाले इन हमलों से निपटने की प्रक्रिया में अमेरिकी रक्षा गोदामों में रखी करोड़ों डॉलर की ये मिसाइलें तेजी से खत्म हो गई हैं। स्थिति यह हो गई है कि रक्षा उत्पादन की धीमी रफ्तार के मुकाबले खपत कई गुना ज्यादा बढ़ चुकी है, जिससे पेंटागन की नींद उड़ी हुई है।इस हथियारों की किल्लत का सबसे बड़ा असर अमेरिकी वैश्विक सैन्य रणनीति पर पड़ता दिख रहा है। पेंटागन के रणनीतिकारों के सामने अब यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि यदि आने वाले दिनों में दुनिया के किसी अन्य हिस्से में कोई नया भू-राजनीतिक विवाद या युद्ध छिड़ जाता है, तो अमेरिकी सेना अपनी रक्षा कैसे करेगी। अमेरिका के रक्षा कारखाने और हथियार निर्माता कंपनियां दिन-रात प्रोडक्शन बढ़ाने में जुटी हैं, लेकिन जिस तेजी से युद्ध के मैदान में मिसाइलें खर्च हो रही हैं, उस हिसाब से नए हथियारों की आपूर्ति करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।पश्चिम एशिया के इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ सैनिकों और बंदूकों का खेल नहीं, बल्कि अत्यधिक खर्चीले और तकनीकी एयर डिफेंस सिस्टम्स की जंग बन चुका है। ईरान के रणनीतिक दबाव ने अमेरिका के अजेय माने जाने वाले रक्षा भंडारों को खाली करने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले समय में अमेरिकी प्रशासन के लिए अपने डिफेंस रिजर्व को दोबारा भरना और हथियारों की इस बड़ी कंगाली से निपटना सबसे बड़ी प्राथमिकता रहने वाली है, जिसका असर अमेरिकी रक्षा बजट और विदेश नीतियों पर भी साफ दिखाई देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:49 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ कोर्स के पास मंडराया खतरा, कार से हथियार समेत संदिग्ध गिरफ्तार

अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित गोल्फ कोर्स के बेहद करीब एक संदिग्ध व्यक्ति को सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि संदिग्ध की कार से एक घातक गन और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना ने एक बार फिर देश के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही सीक्रेट सर्विस (Secret Service) और स्थानीय पुलिस के अमले ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया। आरोपी की गाड़ी की तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को हथियार और कुछ अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, जिसके आधार पर उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान फेडरल एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस शख्स की मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या सुनियोजित हमले का प्लान तो नहीं था।गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ते रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों और रैलियों के दौरान पहले भी उन पर कई बार जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा 'रेड अलर्ट' पर रखा जाता है। ताजा घटना के बाद से व्हाइट हाउस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गहरी समीक्षा शुरू हो गई है ताकि राष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न बचे।इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद से अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने में जुटी हैं कि संदिग्ध व्यक्ति उस संवेदनशील इलाके तक कैसे पहुंचा और क्या उसके तार किसी स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय संगठन से जुड़े हुए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और सीक्रेट सर्विस मिलकर संयुक्त रूप से आगे की जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं ताकि इस संभावित बड़े खतरे के हर पहलू का पर्दाफाश किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:48 pm

BRICS Pay: 90 बिलियन का झटका, अमेरिका से भयंकर भिड़ गया चीन

वाशिंगटन के गलियारों में इस समय जो सन्नाटा है, वह किसी बड़े तूफान के आने की आहट है। कल तक जो अमेरिका दुनिया को टैरिफ की धमकियां देता था, आज वह खुद अपने ही बुने हुए जाल में फंस गया है। चीन ने 90 अरब डॉलर का ऐसा आर्थिक बम फोड़ा है कि अमेरिका की कृषि से लेकर एनर्जी सेक्टर तक की नीव हिल गई है। लेकिन यह तो सिर्फ झांकी है। असली खबर उस 23 जुलाई 2026 के फैसले में छिपी है जिसने रातों-रात बीजिंग और वाशिंगटन के रिश्तों को उस नए मोड़ पर खड़ा कर दिया जहां से वापसी नामुमकिन है। दरअसल पीटरसन इंस्टट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकॉनमी की रिपोर्ट कोई सामान्य चेतावनी नहीं है। यह अमेरिका के लिए एक डेथ वारंट की तरह है। अगर 2017 में ट्रंप ने वो ट्रेड वॉर शुरू ना किया होता तो आज अमेरिकी कंपनियां हर साल $90 अरब डॉलर का एक्स्ट्रा प्रॉफिट कमा रही होती। यह पैसा कहां से आता? यह पैसा आता अमेरिका के सोयाबीन किसानों की जेब से, टेक्सास के तेल कुओं से और मिड वेस्ट की फैक्ट्रियों से। लेकिन आज हालत क्या है? इसे भी पढ़ें: BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बांग्लादेश को निमंत्रण चीन जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आयात करने वाली अर्थव्यवस्था है उसने अमेरिका की तरफ पीट कर लिया है। निर्यात 2008 की वैश्विक मंदी के स्तर पर गिर चुका है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिका की ग्रोथ अब रिवर्स गियर में है। दोस्तों, अब बात करते हैं उस सेक्टर की जिसने अमेरिका की कमर तोड़ दी है और उस सेक्टर का नाम है ऊर्जा यानी कि एनर्जी। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी एक्सपोर्टर बनने का सपना देखता रहता था। लेकिन चीन ने एक ही झटके में सपने को चगनाचूर कर दिया। 2026 की शुरुआत में चीन ने अमेरिकी गैस खरीदना लगभग शून्य कर दिया। क्यों? क्योंकि टेरिफ की वजह से अमेरिकी गैस इतनी महंगी हो गई कि चीन को क़तर और रूस से गैस मंगाना सस्ता पड़ने लगा। हैरानी की बात यह है कि चीन की चालाकी यहां खत्म नहीं हुई। चीन की कंपनियों ने अमेरिका से जो गैस पहले से बुक कर रखी थी, उसे अपने देश लाने के बजाय रास्ते में ही यूरोप को महंगे दाम पर बेच दिया। यानी अमेरिका की गैस, चीन का मुनाफा और अमेरिका का बाजार खत्म। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina के प्रस्तावित संबोधन पर MEA का बड़ा बयान, भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं एक्सपर्टों का मानना है कि अब चीन कभी भी अमेरिका के साथ नए लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट नहीं करेगा। आखिर 23 जुलाई 2026 को ऐसा क्या हुआ? दरअसल अमेरिका का पुराना टेरिफ सिस्टम कानूनी लड़ाई में हार गया था। अपनी ईगो बचाने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने सेक्शन 301 [संगीत] का इस्तेमाल किया और चीनी सामानों पर 12.5% का नया टैक्स थोप दिया। बहाना बनाया गया कि जबरन शंका। लेकिन इसके पीछे की कड़वी सच्चाई कुछ और ही थी। अमेरिका को पता था कि अगर उसने यह टेरिफ नहीं लगाया तो चीन का सस्ता सामान अमेरिकी मार्केट को पूरी तरह निकल जाएगा। लेकिन चीन ने इसका ऐसा जवाब दिया जिसकी उम्मीद पेंटागन को भी नहीं थी। 27 जुलाई 2026 को ब्लूमबर्ग ने एक ऐसी रिपोर्ट छापी जिसने वाशिंगटन की साख को मिट्टी मिला दिया। इसे भी पढ़ें: सेंट्रल एशिया के खजाने तक पहुंचा भारत, Rare Earth Minerals पर मोदी के जय ने क्या बड़ा गेम कर दिया? चीन ने दावा किया कि अमेरिका ने बंद कमरों में उनसे भीख मांगी थी कि हम टेरिफ तो लगा रहे हैं लेकिन वादा करते हैं यह 20% से ऊपर नहीं जाएगा। चीन ने इस प्राइवेट बातचीत को पब्लिक कर दिया। यह अमेरिका के लिए सबसे बड़ी शर्मिंदगी थी। इससे दुनिया को क्या मैसेज गया? यह गया कि महाशक्ति कहलाने वाला अमेरिका अब चीन के साथ डील करने के लिए मजबूर है। साल 2022 में जब रूस के डॉलर फ्रीज किए गए तब हमने कहा था कि अमेरिका अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 12:22 pm

साइबर ठगों की ₹187 करोड़ की संपत्ति कुर्क:जालंधर ED की कार्रवाई, अमेरिकी नागरिकों को बनाया निशाना; FBI से मिला इनपुट

जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत ईडी ने आरोपियों की 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क (अटैच) की हैं। इनमें हरियाणा, दिल्ली और गोवा में स्थित कई लग्जरी फार्महाउस और आलीशान विला शामिल हैं। इस मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) से मिले इनपुट के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुई थी। FBI के इनपुट पर शुरू हुई थी कार्रवाई यह मामला तब सामने आया, जब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारतीय एजेंसियों के साथ अहम इनपुट साझा किए। इसके आधार पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। जांच में सामने आया कि भारत से संचालित एक कथित अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों डॉलर की साइबर ठगी की जा रही थी। 36 कर्मचारियों के साथ चल रहा था 'अवैध' खेल ईडी जांच में सामने आया कि Digikaps – The Future of Digital नाम से एक कथित अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। इस सेंटर में करीब 36 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंद्रजीत सिंह भाली और निखिल शर्मा शामिल थे। पूरे नेटवर्क का संचालन और निगरानी जॉनी, दक्षे सेठी और गौरव वर्मा कर रहे थे। ऐसे बनाते थे अमेरिकी नागरिकों को शिकार गिरोह कथित तौर पर बेहद सुनियोजित तरीके से अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को टेक्निकल सपोर्ट से जुड़ा प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में लेते और उनकी निजी व गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे अमेरिकी कर विभाग (IRS) की ओर से कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों पर दबाव बनाते थे। आरोप है कि इस डर का फायदा उठाकर उनसे रकम क्रिप्टो खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। काली कमाई से खरीदीं संपत्तियां और विला जांच के अनुसार, कथित ठगी से हासिल रकम को पहले क्रिप्टो वॉलेट के जरिए 'Bliss Infraproperties LLP' समेत अन्य कथित शेल (फर्जी) कंपनियों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इस धन को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश किया जाता था। ईडी के मुताबिक, गिरोह के मुख्य आरोपी जॉनी उर्फ जॉनी त्यागी, दक्षे सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा ने कथित तौर पर इसी रकम से हरियाणा, दिल्ली और गोवा में महंगी अचल संपत्तियां, फार्महाउस और आलीशान विला खरीदे। छापेमारी में मिली थी भारी नकदी और दस्तावेज इससे पहले जनवरी व फरवरी 2026 में ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण, 34 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। मामले में आगे की कार्रवाई जारी जांच में मिले दस्तावेजों से आरोपियों की भारत और विदेश में बड़ी संपत्तियों का पता चला। फिलहाल ईडी ने 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 11:52 am

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

अमर उजाला 5 Aug 2026 11:27 am

Iran से संघर्ष के चलते अमेरिका की अत्याधुनिक Missiles लगभग खत्म, खाली मिसाइल भंडार देखकर Trump परेशान

ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान ने दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति की उस कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक मुश्किल मानी जाती थी। अमेरिकी सेना के लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले अत्याधुनिक मिसाइल भंडार तेजी से खाली हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, पेंटागन के कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य सूत्रों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के पास मौजूद कई अहम मिसाइल प्रणालियों का स्टॉक खतरनाक स्तर तक घट चुका है। यह स्थिति केवल ईरान युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक में चीन जैसे महाशक्ति प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अमेरिका की भविष्य की सैन्य तैयारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना ने अपने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और नई पीढ़ी की प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का लगभग पूरा परिचालन भंडार इस्तेमाल कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इन लंबी दूरी की सटीक मारक मिसाइलों का वर्चुअली ऑल यानी लगभग पूरा स्टॉक खर्च हो चुका है। हालांकि पेंटागन ने शेष संख्या सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह स्वीकार किया गया है कि सेंट्रल कमांड को अपने अभियान जारी रखने के लिए दुनिया के अन्य अमेरिकी सैन्य भंडारों से मिसाइलें मंगानी पड़ीं। इसे भी पढ़ें: Donald Trump प्रशासन ने US में Brazil की राजदूत मारिया लुइजा का वीजा रद्द किया युद्ध के दौरान केवल आक्रामक हथियार ही नहीं, बल्कि रक्षात्मक मिसाइलों का भंडार भी तेजी से घटा है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका अपने THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) इंटरसेप्टरों का लगभग 80 प्रतिशत और पैट्रियट इंटरसेप्टरों का लगभग आधा इस्तेमाल कर चुका है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) के अनुमान के अनुसार युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD और 2,200 Patriot इंटरसेप्टर थे। इसी अवधि में अमेरिकी नौसेना और अन्य बलों ने अपने वैश्विक टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल भंडार का भी लगभग आधा हिस्सा खर्च कर दिया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ये वही हथियार हैं जिन पर अमेरिका चीन जैसे तकनीकी रूप से सक्षम प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ युद्ध की स्थिति में सबसे अधिक निर्भर करता है। चीन की बहुस्तरीय और अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली के कारण पारंपरिक लड़ाकू विमानों के जरिए गहरे हमले करना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। ऐसे में ATACMS और PrSM जैसी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलें अमेरिकी युद्धनीति की रीढ़ हैं। यदि इनका भंडार सीमित हो जाता है, तो इंडो-पैसिफिक में अमेरिका की प्रतिरोधक क्षमता और त्वरित जवाबी कार्रवाई की शक्ति दोनों कमजोर पड़ सकती हैं। यही वजह है कि पेंटागन के भीतर इस बात पर गंभीर बहस छिड़ी हुई है कि ईरान के खिलाफ अभियान को कितने समय तक जारी रखा जाए। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह किया है कि यदि मौजूदा गति से मिसाइलों का इस्तेमाल जारी रहा, तो अमेरिका किसी दूसरे बड़े सैन्य संकट के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं रहेगा। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरानी ठिकानों पर मानव चालित लड़ाकू विमानों को भेजने की बजाय लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले को प्राथमिकता दी, ताकि पायलटों को जोखिम से बचाया जा सके। लेकिन इसी रणनीति ने अत्याधुनिक मिसाइल भंडार पर भारी दबाव डाल दिया। इस बीच, अमेरिका का रक्षा उद्योग उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। लॉकहीड मार्टिन ATACMS के स्थान पर नई PrSM मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा रही है। हालांकि PrSM अपेक्षाकृत नई प्रणाली है, इसलिए उसका उत्पादन अभी सीमित है। अमेरिकी सेना ने भविष्य के लिए बड़े ऑर्डर जरूर दिए हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड उत्पादन भी लंबे और उच्च तीव्रता वाले युद्ध में खर्च हुए हथियारों की भरपाई इतनी तेजी से नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस लगातार इन चिंताओं को खारिज कर रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के पास दुनिया के किसी भी देश से कहीं अधिक हथियार हैं और जरूरत से ज्यादा गोला बारूद मौजूद है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल और व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने भी कहा है कि अमेरिकी सेना के पास राष्ट्रपति के सभी रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमता और गहरा हथियार भंडार मौजूद है। इसके बावजूद घटनाक्रम अलग तस्वीर पेश करता है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सप्ताह ट्रंप ने ईरान पर बड़े पैमाने पर प्रस्तावित हमले को अंतिम क्षणों में रोक दिया। आधिकारिक तौर पर इसका कारण खाड़ी देशों की चिंता और ऊर्जा ढांचे पर संभावित ईरानी जवाबी हमला बताया गया, लेकिन अमेरिकी मीडिया के अनुसार हथियारों के घटते भंडार और लंबा युद्ध झेलने की क्षमता भी इस फैसले के पीछे एक अहम कारक थी। इसी बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बेहद अच्छी बातचीत चल रही है, जबकि ईरान सार्वजनिक रूप से इससे इंकार करता रहा है। दूसरी ओर, एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए अंतरिम समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। देखा जाये तो ईरान युद्ध ने एक बड़ा सबक दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल तकनीक या सैन्य शक्ति का नहीं, बल्कि सतत हथियार उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक क्षमता का भी संघर्ष है। यदि दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति को एक क्षेत्रीय युद्ध के दौरान अपने वैश्विक मिसाइल भंडार से हथियार खींचने पड़ रहे हैं, तो यह भविष्य के बहु-मोर्चीय संघर्षों के लिए गंभीर चेतावनी है। बहरहाल, ऐसा लग रहा है कि चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों के साथ संभावित समानांतर संकट की स्थिति में अमेरिका को अपने संसाधनों का विभाजन करना पड़ सकता है। इससे उसकी वैश्विक सैन्य विश्वसनीयता, सहयोगी देशों का भरोसा और प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, बीजिंग जैसे प्रतिद्वंद्वी इस घटनाक्रम का बारीकी से अध्ययन करेंगे और इसे अमेरिकी सैन्य क्षमता की सीमाओं के संकेत के रूप में देख सकते हैं। ऐसे में यह संकट केवल मिसाइलों की कमी का नहीं, बल्कि अमेरिकी वैश्विक सैन्य रणनीति, रक्षा उत्पादन मॉडल और दीर्घकालिक युद्ध क्षमता की वास्तविक परीक्षा बन चुका है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 11:14 am

अमेरिका में भारत से ₹30 हजार सस्ता होगा iPhone 18 Pro Max, कहां से खरीदने में फायदा

अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 10:33 am

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका why-us-congressman-riley-moore-concern-over-fcra-amendment-bill-india

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:02 am

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमर उजाला 5 Aug 2026 9:37 am

ईरान में सत्ता संघर्ष और अमेरिकी तनाव के बीच सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का गुप्त प्लान: जंग जारी रहेगी या वाशिंगटन के साथ सुलह का रास्ता चुनेंगे तेहरान के नए रहबर?

तेहरान: मध्य पूर्व में जारी भारी उथल-पुथल और अमेरिका-इजरायल के साथ चल रहे भीषण संघर्ष के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मुज्तबा खामेनेई के भावी रुख को लेकर पूरी दुनिया में गहरा सस्पेंस बना हुआ है। अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बाद सत्ता की कमान संभालने वाले 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे से देश और सेना का मार्गदर्शन कर रहे हैं। हमले में घायल होने की खबरों के बीच वे रणनीतिक संदेशों के जरिए तेहरान की नीतियों को आकार दे रहे हैं। ऐसे समय में जब देश में अंदरूनी राजनीतिक खींचतान और आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां चरम पर हैं, सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या मुज्तबा अमेरिका के साथ युद्ध को आगे बढ़ाएंगे या फिर पर्दे के पीछे कोई सुलह का रास्ता तलाशेंगे।अली खामेनेई के बाद मुज्तबा की ताजपोशी और तेहरान में आंतरिक चुनौतियांईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के समर्थन से मुज्तबा खामेनेई को देश का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना गया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति के समय से ही तेहरान के सत्ता के गलियारों में कुछ हद तक अंतर्कलह और बहस की स्थिति रही है। पारंपरिक धर्मगुरुओं और सुधारवादी धड़ों के बीच सर्वोच्च पद के वंशानुगत जैसे लगने वाले हस्तांतरण को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा, अमेरिकी व इजरायली हमलों में बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान के कारण आंतरिक प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना नए नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।सार्वजनिक रूप से नजर न आने के बावजूद मुज्तबा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे देश में राजनीतिक स्थिरता और जनसमर्थन बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे सरकारी संस्थानों और जनता के बीच एकता बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं ताकि युद्ध के इस नाजुक दौर में आंतरिक मतभेद देश की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचाएं।'सैन्य प्रतिरोध और हॉर्मुज की नाकाबंदी': मुज्तबा का आक्रामक रुखसुप्रीम लीडर बनने के बाद जारी अपने शुरुआती लिखित बयानों में मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ सख्त और बेबाक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी सैन्य ताकत के दम पर प्रतिरोध जारी रखेगा और किसी भी दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेगा।मुज्तबा के प्लान का एक प्रमुख हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक हॉर्मुज को प्रभावित कर तेहरान वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बनाए रखना चाहता है। इसके अलावा, उन्होंने यमन के हूती, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक के सशस्त्र समूहों जैसे 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध के मोर्चे) के सहयोगियों को एकजुट रखकर नए युद्ध मोर्चे खोलने का भी संकेत दिया है।अमेरिका से सीधा टकराव या बैकचैनल डिप्लोमेसी? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का दावाअमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence) के ताजा आकलनों के मुताबिक, घायल होने के बावजूद मुज्तबा खामेनेई तेहरान की युद्ध नीति और वाशिंगटन के साथ होने वाले गोपनीय कूटनीतिक संवादों को खुद नियंत्रित कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मुज्तबा अपने भरोसेमंद संदेशवाहकों और आमने-सामने की वार्ताओं के जरिए आईआरजीसी कमांडरों और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को दिशानिर्देश भेज रहे हैं।एक तरफ जहां सार्वजनिक मंचों पर उनका संदेश अमेरिका को सबक सिखाने का है, वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन में ट्रंप प्रशासन के साथ बैकचैनल कूटनीति के दरवाजे भी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं। अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन वे पूरी तरह नष्ट नहीं हुई हैं। ऐसे में मुज्तबा का दोहरा प्लान दिख रहा है—एक तरफ सैन्य ताकत से हमले रोकना और दूसरी तरफ सौदेबाजी की मेज पर अपनी शर्तों को मजबूत बनाए रखना।आईआरजीसी का दबदबा और शासन की भावी दिशावर्तमान परिदृश्य में ईरान की दैनिक शासन व्यवस्था और रक्षा नीतियों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ की भूमिका बेहद अहम हो गई है। मुज्तबा खामेनेई के आईआरजीसी के साथ दशकों पुराने घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जिसके चलते सेना का तेहरान की राजनीति पर नियंत्रण और मजबूत हुआ है।विश्लेषकों का मानना है कि मुज्तबा खामेनेई का अंतिम प्लान न तो पूरी तरह अमेरिका के सामने सरेंडर करने का है और न ही बिना किसी रणनीतिक सोच के अनियंत्रित युद्ध में कूदने का। वे ईरान के आंतरिक मतभेदों को दबाने, आईआरजीसी के जरिए नियंत्रण कायम रखने और हॉर्मुज व क्षेत्रीय सहयोगियों के माध्यम से अमेरिका पर कूटनीतिक व सैन्य दबाव बनाए रखने की बहुकोणीय रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि मुज्तबा का यह गुप्त दांव मध्य पूर्व में शांति का रास्ता खोलेगा या संघर्ष को एक नए और भीषण मोड़ पर ले जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 9:01 am

Kanpur: डार्क वेब से मंगवा रहे अमेरिकन और मलयेशियाई गांजा-चरस, पॉश इलाकों में फैला है तस्करों का जाल, रिपोर्ट

कानपुर शहर के पॉश इलाकों में अमेरिकन, मलयेशियाई गांजा-चरस की होम डिलीवरी हो रही है। तस्कर डार्क वेब के जरिये खेप मंगवा कर तिलकनगर, स्वरूपनगर, आर्यनगर, सिविल लाइंस जैसे पाॅश इलाकों में खपा रहे हैं।

अमर उजाला 5 Aug 2026 9:01 am

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

भारत सरकार FCRA बिल ला रही है, लेकिन दिक्कत अमेरिका को हो रही है। इसी क्रम में अमेरिका के एक सांसद रिले मूर ने भारत के विदेशी योगदान नियम यानी FCRA में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की। उनका आरोप है कि ये बदलाव सरकार को चर्च और धार्मिक चैरिटी के प्रबंधन पर कब्जा करने का […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 8:45 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:15 am

अमेरिकी राष्ट्रपति पर फिर हमले की साजिश! ट्रंप के फंडरेजर कार्यक्रम से पहले संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए हथियार

गिरफ्तार किया गया संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल की फोटो और वीडियो ले रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:11 am

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने की मांग

भास्कर न्यूज | जालंधर जमहूरी किसान सभा पंजाब की राज्य बैठक डॉ. सतनाम सिंह अजनाला की अध्यक्षता में शहीद सरवण सिंह चीमा भवन, गढ़ा में हुई। इसमें पंजाब किसान यूनियन के साथ एकता और आगामी गतिविधियों को गति देने का निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि 20-21 सितंबर को जालंधर में होने वाले देश-स्तरीय डेलिगेट इजलास की तैयारी के लिए 9 अगस्त को देश भगत यादगार हाल, जालंधर में संयुक्त जनरल बॉडी बैठक होगी। राज्य महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि 10 अगस्त को कॉर्पोरेट घरानों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 'कॉर्पोरेट भारत छोड़ो' का पुरजोर नारा बुलंद किया जाएगा और अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई जाएगी। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 1 सितंबर से चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन पक्का मोर्चा (लगातार धरना) शुरू करने का फैसला लिया गया है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। प्रेस सचिव हरनेक सिंह गुज्जरवाल ने कहा कि किसान-मजदूर संगठनों की इस ऐतिहासिक एकता से केंद्र की भाजपा और पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की वादाखिलाफी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी। बैठक में कुलवंत सिंह संधू, हरनेक सिंह गुज्जरवाल, रघवीर सिंह बैनीपाल, परगट सिंह जामाराय, हरप्रीत सिंह बुटारी, रेशम सिंह फैलोके, मनजीत सिंह बग्गू, दर्शन सिंह बेलूमाजरा, ऊधम सिंह संगरूर, सुखमिंदर सिंह धालीवाल, अमरीक सिंह फफड़े भाईके और मेजर सिंह खुरलापुर मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 6:03 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

Faridabad News: ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा

International freight rates rise due to Iran-US tensions.

अमर उजाला 5 Aug 2026 1:43 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

Avengers: Endgame का रिकॉर्ड तोड़कर Spider-Man ने उत्तरी अमेरिका में रची इतिहास

लॉस एंजिलिस, चार अगस्त (एपी) फिल्म स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे ने उत्तरी अमेरिका में शुरुआती सप्ताहांत की टिकट बिक्री के मामले में एवेंजर्स: एंडगेम का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोनी पिक्चर्स ने बताया कि अमेरिका और कनाडा के सिनेमाघरों में पहले सप्ताहांत में फिल्म की 36 करोड़ अमेरिकी डॉलर की टिकट बिकी हैं, जो उत्तरी अमेरिका में किसी भी फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी शुरुआती सप्ताहांत की कमाई है। सोनी ने रविवार को अनुमान लगाया था कि 4,487 सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई यह फिल्म पहले सप्ताहांत में लगभग 35.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई करेगी, जो वर्ष 2019 में एवेंजर्स: एंडगेम द्वारा बनाए गए 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड से थोड़ा पीछे होती। लेकिन, अभिनेता टॉम हॉलैंड अभिनीत स्पाइडर-मैन शृंखला की चौथी फिल्म ने रविवार को उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और अंततः एवेंजर्स: एंडगेम का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सोनी पिक्चर्स मोशन पिक्चर ग्रुप के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम रोथमैन ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ‘‘रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं, लेकिन जब तक यह रिकॉर्ड हमारे नाम रहेगा, हमें इस पर गर्व रहेगा।’’ एवेंजर्स: एंडगेम से पहले किसी भी फिल्म ने उत्तरी अमेरिका में शुरुआती सप्ताहांत में 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई नहीं की थी। इससे पहले एवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर ने वर्ष 2018 में 25.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर और स्टार वार्स: द फोर्स अवेकेन्स ने वर्ष 2015 में 24.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर की शुरुआती कमाई की थी। कोविड-19 महामारी के दौरान दिसंबर 2021 में रिलीज हुई टॉम हॉलैंड की तीसरी स्पाइडर-मैन फिल्म नो वे होम ने शुरुआती सप्ताहांत में 26 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की थी और बाद में दुनिया भर में 190 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया था। स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे और द ओडिसी की शानदार कमाई ने अमेरिका और कनाडा के सिनेमाघरों के लिए भी रिकॉर्ड सप्ताहांत दर्ज कराया। इन दोनों फिल्मों में टॉम हॉलैंड, ज़ेंडाया और जॉन बर्नथल ने अभिनय किया है। बॉक्स ऑफिस विश्लेषण संस्था रेनट्रैक के अनुसार, इस वर्ष अब तक अमेरिका और कनाडा के घरेलू बॉक्स ऑफिस पर टिकट बिक्री 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है और कुल टिकट बिक्री 6.2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंच गई है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 1:32 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

Auraiya News: सावन में फिरोजाबादी और अमेरिकन डायमंड की चूड़ियों की मांग

सावन में फिरोजाबादी और अमेरिकन डायमंड की चूड़ियों की मांग

अमर उजाला 4 Aug 2026 1:50 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर भेज दिया ब्राजील, 34 लाख रुपये भी ठगे; 4 एजेंटों पर केस दर्ज

पानीपत में स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने के नाम पर 34.50 लाख रुपये की ठगी और मानव तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपितों सोनू, बिल्लू, रोबिन और आशीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता व इमिग्रेशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जागरण 3 Aug 2026 10:17 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

पानीपत में अमेरिका के स्टडी वीजा के नाम पर 35 लाख की ठगी, युवक को डंकी रूट से भेजा

पानीपत में एक युवक को स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी की गई और उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया।

जागरण 3 Aug 2026 12:37 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में कैसे हुई पढ़ाई? अभिजीत दिपके ने दिया जवाब

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने अमेरिका में हुई अपनी पढ़ाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. उनका कहना है कि उनकी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरा हुआ था.

आज तक 3 Aug 2026 9:17 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

समाचार नामा 2 Aug 2026 4:21 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am