West Asia Crisis : अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा
भारत ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय ...
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) समिट के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता (सीजफायर) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए संकेत दिए कि अमेरिकी सेना आज रात ही ईरान पर दोबारा विनाशकारी हवाई हमले कर सकती है।अमेरिका और ईरान के बीच भीषण सैन्य टकरावदरअसल, यह विवाद तब और गहरा गया जब ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में मौजूद करीब 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के 80 से ज्यादा रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और आईआरजीसी की कई सैन्य नावें तबाह हो गईं।सरकार बदलना मकसद नहीं, परमाणु हथियार पर रोक जारीट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और नाटो महासचिव मार्क रुटे की मौजूदगी में कहा कि वे ईरानियों के इस बर्ताव से बेहद खफा हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन तेहरान में सत्ता परिवर्तन (गवर्नमेंट चेंज) नहीं चाहता, लेकिन वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के नेता धोखेबाज हैं और बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है।पावर प्लांट और बुनियादी ढांचों को तबाह करने की चेतावनीअमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अभी तक अमेरिका ने ईरान पर अपने सबसे घातक स्तर (हाईएस्ट लेवल) से हमला नहीं किया है। उन्होंने कहा, अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो हम उनके बिजली घर (पावर प्लांट) और पानी साफ करने वाले प्लांट जैसे बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। मैं ऐसा करना नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना पीछे नहीं हटेगी।भाषण के दौरान बड़ी चूक: ईरान को बोल गए 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान'इस बेहद गंभीर नाटो समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप एक मजाकिया विवाद में भी घिर गए। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (USS अब्राहम लिंकन) पर हुए मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने ईरान की जगह 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान' बोल दिया। ट्रंप ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान ने हम पर 111 मिसाइलें दागीं, जिन्हें हमारे पैट्रियट सिस्टम ने मार गिराया। ट्रंप की इस बड़ी जुबान फिसलने (Gaffe) का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उनकी बढ़ती उम्र और याददाश्त पर सवाल उठा रहे हैं।
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में सबसे बड़ी खबर गैंगस्टर लॉरेंस से जुड़ी रही। जिस पर अमेरिका ने हत्या की FIR दर्ज कर प्रत्यर्पण करने की बात कही। वहीं इसी मामले में होशियारपुर के एक SHO पर भी कार्रवाई की गाज गिर गई। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज' OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है (पढ़ें पूरी खबर) 2. लॉरेंस को अमेरिका ले जाएगी FBI, गोल्डी पर इनाम भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ अमेरिका में हत्या समेत कई आरोपों में केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका अब भारत से इन दोनों के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। अमेरिका चाहता है कि उस पर केस चलाकर लॉरेंस को ग्लोबल क्रिमिनल नेटवर्क चलाने से रोका जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने यह बात अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भारत से जुड़े इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद कही। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने कनाडा की एजेंसियों के साथ मिलकर 7 देशों में ऑपरेशन हार्ड बॉल चलाया और 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा समेत अन्य आरोपियों पर 2023 में कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। आरोप सही साबित हुए तो इन्हें 10 साल से अधिक जेल हो सकती है। लॉरेंस का नाम इस हत्याकांड से पहली बार जोड़ा गया है। चार्जशीट के मुताबिक लॉरेंस भारत की जेल में रहते हुए भी नेटवर्क चलाता था। उसके सहयोगी अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में ड्रग तस्करी, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। लॉरेंस अभी गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। FBI ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर (करीब 47 लाख रुपए) का इनाम घोषित किया है (पढ़ें पूरी खबर) 3. अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO सस्पेंड होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। इसमें भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ अमेरिका में हत्या समेत कई मामलों में ट्रायल की बात कही गई। इसके बाद बुधवार को जालंधर रेंज के DIG नवीन ने SHO को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया। वहीं, गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि उनके नाम से अमेरिका से वीडियो वायरल हो रहा है। उनको इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। एजेंसी से बात करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। उनके किसी खाते में कभी कोई पैसा नहीं आया। ये आरोप निराधार हैं। अमेरिका के अटॉर्नी का वीडियो सामने आने के बाद अकाली नेता बिक्रम मजीठिया, कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने AAP सरकार को घेरा। (पढ़ें पूरी खबर) 4. नाके पर पुलिस से भिड़ने वाले 4 दिन चौराहे पर खड़े रहेंगे चंडीगढ़ नाके पर बवाल करने वाले 3 युवक आज सेक्टर-16 मटका चौक पर ट्रैफिक संभालते दिखे। तीनों हाथ में बैनर लिए हुए थे, जिस पर लिखा हुआ था डॉन्ट ड्रिक एंड डाइव। रविवार रात इन फॉर्च्यूनर सवार तीनों युवकों ने जमकर हंगामा किया था। इस दौरान दो युवक नशे में टल्ली थी। जिसके बाद पुलिस से भी भिड़ गए थे। उन्हें अरेस्ट कर अदालत में पेश किया गया। जिसमें कोर्ट ने आरोपी युवकों का दस हजार रुपए का जुर्माना लगाने के साथ सजा सुनाई थी। सभी का तीन महीने के लाइसेंस सस्पेंड और चार दिन तक रोजाना दो घंटे चौहरों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक संभालने का आदेश दिया गया था। भास्कर से बातचीत में युवकों ने कहा कि हमने ड्रिंक की हुई थी। हमें नाके पर रोका गया था। वहीं यह सब हुआ। बाकी आपको पता ही है कि कानूनी औपचारिकताएं होती हैं। जब उनसे पूछा गया कि अदालत ने उन्हें सजा भी सुनाई है और उसके हाथ में जो तख्ती है, उस पर डॉन्ट ड्रिंक एंड ड्राइव लिखा है, इस पर वह क्या कहना चाहेंगे? इस पर एक युवक ने कहा, मैं यही कहना चाहूंगा कि ड्रिंक करके ड्राइव नहीं करनी चाहिए। इससे सिर्फ दूसरों का ही नहीं, अपना भी नुकसान हो सकता है। हम भी लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं (पढ़ें पूरी खबर) 5. कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की चन्नी को दो-टूक पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही। 5 दिन के दौरे पर आए AICC प्रभारी भूपेश बघेल ने पूर्व CM चरणजीत चन्नी और उनके समर्थकों को दोटूक कह दिया है कि प्रधान बदलना गुड्डे-गुडि्डयों का खेल नहीं है। हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने कहा कि चन्नी के साथ उनकी बात हुई है। चन्नी अभी बाहर हैं। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि मैं सब के पास जाउंगा। बघेल का कहना है कि राजा वडिंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। मीटिंग में जिला प्रधान अपनी सहमति दे चुके हैं। बघेल का ये तल्ख रवैया तब माना जा रहा है, जब चन्नी गुट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हाईकमान को गुमराह किया। उन्हें गलत रिपोर्ट दी गई। इसी बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी तेवर दिखाते हुए कहा कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के 22 में से 10 विधायक अलग हो गए और उसके बाद भी वो चुनाव में 92 जीत गए। अगर सीनियर लीडर पीछे रह गए तो नए लोग आएंगे। लोगों ने जो मन बना लिया है उसके साथ ही रहेंगे। उन्होंने चन्नी गुट का नाम लिए बगैर कहा कि आठ दस दिन देख लें। अगर उनकी अपील रिजेक्ट हो गई तो फिर से बात कर सकते हैं (पढ़ें पूरी खबर) 6. हरियाणा CM पंजाब के क्लब में कार्यक्रम कर घिरे लुधियाना के नामी सतलुज क्लब में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। क्लब के कुछ सदस्यों ने डीसी को लिखित शिकायत देकर क्लब परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मेंबर्स का कहना है कि सतलुज क्लब के नियमों के अनुसार यहां किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। दरअसल, 28 जून (रविवार) को एक भाजपा नेता ने सतलुज क्लब में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण का आयोजन करवाया था। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। क्लब के सदस्यों का आरोप है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह राजनीतिक था, जबकि क्लब के संविधान के अनुसार परिसर में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। वहीं, भाजपा नेता का कहना है कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण था, जिसे पीएमओ की ओर से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने क्लब में बुकिंग करवाई थी और निर्धारित भुगतान भी किया था (पढ़ें पूरी खबर) 7. SIR फॉर्म भरें, तभी मिलेगा मावां-धीयां योजना का लाभ CM भगवंत मान ने कहा कि मावा धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के खातों में राशि डाल दी गई है। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि इस समय मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। ऐसे में सभी को निर्धारित फॉर्म भरना होगा, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि फॉर्म नहीं भरा गया तो नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं रहेगा। यदि मतदाता सूची में नाम नहीं होगा तो मावा धीयां योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। SIR का फॉर्म जरूर भरें। अपना वोट बचाने के लिए फॉर्म भरना जरूरी है। यदि किसी तरह की मदद की जरूरत हो तो अपने स्थानीय वालंटियर से संपर्क करें। योजना के तहत जिन महिलाओं ने स्कीम के लिए 25 जून के बाद रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अब 1 अगस्त को 3 महीने की राशि जारी की जाएगी। उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि भेजी जाएगी। जबकि इससे पहले 25 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को 3 महीनों की राशि एडवांस भेजी जा चुकी है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, एहतियात बरतें लोग मौसम विभाग ने पंजाब-चंडीगढ़ में 8-9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अब केवल दो जिले ही शेष हैं। मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके असर से राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश रहने की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे मानसून को मजबूती मिलेगी और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है। 9. हाईकोर्ट बोला- गर्भावस्था में नौकरी से हटाना गलत पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गर्भावस्था के दौरान मेडिकल कारणों से छुट्टी लेने पर नौकरी से हटाई गई संविदा टीजीटी (साइंस) टीचर को बड़ी राहत दी है। अदालत ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि 4 सप्ताह के भीतर शिक्षिका को नया नियुक्ति पत्र जारी किया जाए और उसके बाद 2 सप्ताह के भीतर उन्हें दोबारा नौकरी पर जॉइन कराया जाए। महिला टीचर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक स्कूल में तैनात हैं। यह अंतरिम आदेश जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने महिला शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। शिक्षिका ने 16 मार्च, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनकी संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 28 जनवरी 2027 को होगी। याचिका के अनुसार नौकरी के दौरान शिक्षिका को गर्भावस्था से जुड़ी मेडिकल दिक्कतें हुईं। डॉक्टरों ने उन्हें 9 महीने तक पूरी तरह बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने 9 अक्टूबर 2025 को मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन किया, लेकिन इस पर कोई फैसला लेने के बजाय 16 मार्च 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। बाद में 15 अप्रैल 2026 को उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. बकरियां बचाने पर पंजाबी वकील पर क्रिमिनल केस पंजाब के एक युवक पर कैलिफोर्निया में दो बकरियों की जान बचाने के मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कर दिया गया। जल्द मामले में कोर्ट ट्रायल शुरू होने जा रहा है। आरोपी की पहचान तजिंदर उर्फ ताज उप्पल के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया में वकील हैं और पशु अधिकारों से जुड़े अभियानों में एक्टिव रहते हैं। केस के बाद अब उनकी नौकरी और वकील के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है। घटना 27 मई 2025 को स्ट्रैटफोर्ड इलाके की है। यहां वेरा गोट डेयरी से कुछ पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं ने दो बकरी के बच्चों, फोबी और सीलिया को बाहर निकाला था। फार्म पर उनकी हालत ठीक नहीं थी। बाहर लाने के बाद डॉक्टरों ने जांच में उन्हें निमोनिया और आंखों की बीमारी से ग्रस्त पाया। इलाज के बाद दोनों बकरियां ठीक हो गईं, लेकिन इसके बाद बकरी फार्म चलाने वाली फर्म ने उप्पल सहित 4 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया। उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने प्राइवेट प्रॉपर्टी में ट्रेसपासिंग की और बकरियां चुरा लीं (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त
नई दिल्ली, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल कीमतों में बुधवार को 6 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने को माना जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा हमले के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर समाप्त हो गया है।
ट्रंप का बड़ा दावा: ‘ईरान के साथ समझौता खत्म’, 80 से अधिक ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है। उनके अनुसार, यदि ईरान परमाणु क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ता है तो यह केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होगा।
पंजाब पुलिस के एक सीनियर इंस्पेक्टर पर अमेरिकी नागरिक (NRI) परिवार को डरा-धमकाकर करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह विवाद अब सिर्फ पंजाब या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें दुनिया की सबसे बड़ी जांच एजेंसियों में से एक अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की एंट्री हो गई है। एफबीआई ने पंजाब पुलिस के इस बदनाम इंस्पेक्टर को अपनी जांच में नामजद किया है, जिसके बाद से ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।आरोप है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने पंजाब के एक मूल निवासी, जो अब सिएटल (अमेरिका) में सपरिवार बस चुके हैं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और भारत आने पर जेल भेजने की धमकी दी थी। इस धमकी के बदले इंस्पेक्टर ने सीधे 3 करोड़ रुपये की मोटी रंगदारी की मांग की थी। पीड़ित परिवार ने इस पूरी ब्लैकमेलिंग की शिकायत अमेरिकी प्रशासन और एफबीआई से की, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब पुलिस की साख दांव पर लग गई है।एनआरआई परिवार को झूठे केस की धमकी और 3 करोड़ की डिमांड: समझें पूरा खेलजांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला मोहाली और जालंधर से जुड़े एक जमीन विवाद से शुरू हुआ था। पीड़ित एनआरआई परिवार की पंजाब में कुछ पुश्तैनी संपत्ति है, जिस पर स्थानीय भूमाफिया की नजर थी। आरोप है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने भूमाफिया के साथ साठगांठ करके इस एनआरआई परिवार पर दबाव बनाना शुरू किया। इंस्पेक्टर ने अमेरिका फोन करके पीड़ित को धमकाया कि अगर उन्होंने पंजाब में दर्ज एक फर्जी शिकायत को रफा-दफा करने के लिए 3 करोड़ रुपये नहीं दिए, तो उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा दिया जाएगा।इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर ने यह भी धमकी दी कि यदि परिवार का कोई भी सदस्य भारत की धरती पर पैर रखेगा, तो उन्हें एयरपोर्ट से ही सीधे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पीड़ित परिवार ने अमेरिका में ही कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया और सारे कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल सबूत एफबीआई को सौंप दिए।अमेरिकी धरती पर जांच: एफबीआई (FBI) ने कैसे कसा पंजाब के इंस्पेक्टर पर शिकंजा?चूंकि रंगदारी और धमकी के लिए अमेरिकी टेलीकॉम नेटवर्क और इंटरनेशनल कॉल्स का इस्तेमाल किया गया था, इसलिए अमेरिकी कानूनों के तहत यह मामला सीधे एफबीआई के अधिकार क्षेत्र में आ गया। एफबीआई ने शुरुआती तकनीकी जांच और डिजिटल फॉरेंसिक के बाद पाया कि धमकियां वास्तव में पंजाब से ही दी जा रही थीं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर को अपनी ऑफिशियल चार्जशीट/जांच डायरी में नामजद कर लिया है।इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के बाद अमेरिकी दूतावास के जरिए भारत सरकार और पंजाब के गृह मंत्रालय को भी एक सीक्रेट इनपुट भेजा गया है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी इंस्पेक्टर को तुरंत सस्पेंड करने और उसके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले ने एक बार फिर विदेशों में रहने वाले पंजाबियों (NRIs) की सुरक्षा और पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वांटेड गोल्डी बराड़: अब अमेरिका में भी बढ़ी मुश्किल, FBI ने रखा 50,000 डॉलर का इनाम
कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की मुसीबतें अब भारत से बाहर सात समंदर पार भी बढ़ गई हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) ने गोल्डी बराड़ के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उस पर 50,000 डॉलर का भारी-भरकम इनाम घोषित किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर अपराधी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। FBI द्वारा इनाम की घोषणा यह साफ करती है कि अब बराड़ अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।क्या है FBI का प्लान और इनाम की शर्तें?FBI ने अपनी आधिकारिक सूचना में गोल्डी बराड़ के ठिकाने की सटीक जानकारी देने वाले को 50,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 40 लाख रुपये से अधिक) देने का ऐलान किया है। एजेंसी ने उसे एक खतरनाक अपराधी के रूप में चिह्नित किया है, जो न केवल भारत में वांछित है, बल्कि अब उसके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की भी खबरें हैं। इस इनाम के जरिए FBI उन लोगों को प्रेरित कर रही है जो उसकी संदिग्ध गतिविधियों या हालिया ठिकानों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी रखते हैं। एजेंसियों का मानना है कि इस इनाम के बाद बराड़ का छिपना और भी मुश्किल हो जाएगा।भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीतगोल्डी बराड़ के खिलाफ FBI का यह कदम भारत सरकार और उसकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खालिस्तानी समर्थक और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सबूत साझा कर रहा था। अब अमेरिका द्वारा इनाम घोषित करने का मतलब है कि अमेरिका ने भी यह मान लिया है कि बराड़ का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। यह कार्रवाई भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी, जिससे भविष्य में अन्य वांछित अपराधियों की धरपकड़ भी आसान हो सकती है।कहां-कहां है गोल्डी बराड़ का खौफ?गोल्डी बराड़ का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी आपराधिक घटनाओं और हाई-प्रोफाइल हत्याओं के साथ जुड़ा रहा है। पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में उसके खिलाफ मकोका (MCOCA) और यूएपीए (UAPA) जैसे कड़े कानून लागू हैं। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है। अब अमेरिका में इनाम घोषित होने से बराड़ के लिए दुनिया का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं रह गया है। सुरक्षा जानकारों का कहना है कि जिस तरह से दाऊद इब्राहिम या अन्य अपराधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सक्रिय हुई थीं, वैसा ही अब गोल्डी बराड़ के साथ होता दिख रहा है। उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर भू-राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा बाजारों को चिंता में डाल दिया है। अगर दोनों देशों के बीच प्रस्तावित डील टूटती है या हालात युद्ध जैसे बनते हैं, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ सकता है। तेल और गैस की सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा सीधे तौर पर भारत में महंगाई बढ़ाने का कारण बन सकती है।क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज का रास्ता?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। दुनिया की कुल समुद्री तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खाड़ी देशों से आयात करता है। यदि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस मार्ग पर सुरक्षा संबंधी समस्याएं खड़ी होती हैं, तो तेल के टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होगी। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, बल्कि सप्लाई में देरी से भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगेगा।भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा बुरा असर?भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारत के चालू खाता घाटे (CAD) पर पड़ता है। महंगा आयात होने का मतलब है कि भारत का फॉरेक्स रिजर्व तेजी से खर्च होगा और रुपये की कीमत पर दबाव बढ़ेगा। जब कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत में तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं, जिससे ढुलाई महंगी हो जाएगी और खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ना निश्चित है।डील टूटी तो क्या बढ़ेगा संकट?ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी डील का टूटना वैश्विक तेल बाजार के लिए एक 'शॉक' की तरह होगा। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगाए जाते हैं या तनाव बढ़ता है, तो बाजार में डर का माहौल बनेगा, जिससे कच्चे तेल के दाम में अचानक उछाल आ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए, जो अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर हैं, यह स्थिति एक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर सकती है। हालांकि, भारत सरकार इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) का उपयोग करती है, लेकिन लंबे समय तक जारी रहने वाला संघर्ष स्थिति को कठिन बना सकता है।
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी एजेंसी FBI का बड़ा एक्शन, घोषित किया 50 हजार डॉलर का इनाम
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को वांटेड घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना पर 50,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 47 लाख रुपये) तक के इनाम की घोषणा की है।
खामेनेई के जनाजे के बीच अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर बरसाए बम!
ईरान की ओर से व्यापारिक जहाजों के निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने भी ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया कि ये हमले सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों से किए गए।
लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देने के साथ विश्वविद्यालय को कई नई सौगातें भी मिलीं। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते हैं, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाओं, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए दो लिफ्ट और तीन विशेष शौचालय समेत कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। समारोह में 1246 विद्यार्थियों को डिग्री और 110 मेधावियों को 125 मेडल भी प्रदान गए। 5 तस्वीरें देखिए… ……….. 11वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…
ईरान पर अमेरिका का डबल अटैक! एयरस्ट्राइक के साथ तेल पर भी वार
संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को 80 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों पर सेंटकॉम के नए हवाई हमले शुरू किए। साथ ही, उसने अमेरिकी ट्रेजरी का वह महत्वपूर्ण लाइसेंस भी रद्द कर दिया
भारत में जब भी करियर और ऊंचे पैकेज की बात होती है, तो ज्यादातर परिवारों में डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी अधिकारी या आईटी प्रोफेशनल (IT Professional) बनने की ही सलाह दी जाती है। यहाँ प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर या बार्बर (नाई) जैसे हाथ के हुनर और स्किल्ड प्रोफेशन को अक्सर उतनी अहमियत या सामाजिक सम्मान नहीं मिलता। लेकिन दुनिया के विकसित देशों, विशेषकर अमेरिका (USA) में तस्वीर बिल्कुल अलग है। वहां शारीरिक श्रम और स्किल ट्रेड्स को भी उतना ही सम्मान और पैसा मिलता है, जितना किसी कॉर्पोरेट डेस्क जॉब को।हाल ही में सोशल मीडिया पर अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिका में बार्बर यानी हेयरकट करने वाले प्रोफेशनल लाखों रुपये की कमाई करते हैं। इस दावे के बाद इंटरनेट पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या सच में अमेरिका में इस पेशे से इतनी मोटी कमाई संभव है? आइए आधिकारिक आंकड़ों के जरिए जानते हैं इसकी जमीनी हकीकत।सरकारी आंकड़े और जॉब वेबसाइट्स क्या कहती हैं?सोशल मीडिया के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों से अलग, अगर हम अमेरिकी सरकार के आधिकारिक विभाग यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS), Indeed और ZipRecruiter जैसी प्रतिष्ठित जॉब वेबसाइट्स के 2025-26 के आंकड़ों को देखें, तो भी यहाँ कमाई का आंकड़ा बेहद शानदार है।औसत सालाना आय: अमेरिका में एक सर्टिफाइड बार्बर की औसत सालाना आय $45,000 से $52,000 (अमेरिकी डॉलर) के बीच होती है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 38 लाख से 44 लाख रुपये सालाना बैठती है।प्रति घंटा कमाई: अमेरिका में बार्बर आमतौर पर $22 से $29 प्रति घंटा (Hourly Rate) तक कमाते हैं। इसके अलावा, ग्राहकों से मिलने वाली 'टिप्स' (Tips) भी उनकी कुल दैनिक कमाई का एक बड़ा हिस्सा होती हैं, जो अक्सर मुख्य वेतन से अलग होती है।इन अमेरिकी राज्यों में होती है सबसे ज्यादा कमाईअमेरिका के सभी राज्यों और शहरों में बार्बर की कमाई एक समान नहीं है। कुछ अमीर और बड़े राज्यों में यह राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है:राज्य (US State)औसत सालाना कमाई (USD)भारतीय रुपयों में अनुमानित आयकैलिफोर्निया (California)$70,000 से $84,000₹60 लाख से ₹72 लाख सालानान्यूयोर्क (New York)$55,000 से $75,000₹47 लाख से ₹64 लाख सालानाटेक्सास और फ्लोरिडा$45,000 से $60,000₹39 लाख से ₹52 लाख सालानाअमेरिका में हेयरकट इतना महंगा क्यों है?भारत में जहां एक सामान्य मेंस सैलून में बाल कटवाने के लिए 100 से 300 रुपये खर्च होते हैं, वहीं अमेरिका में एक बेहद साधारण हेयरकट के लिए ग्राहकों को $30 से $60 तक चुकाने पड़ते हैं। भारतीय करेंसी में यह रकम करीब 2,500 से 5,000 रुपये प्रति हेयरकट बैठती है। यदि कोई ग्राहक बाल कटवाने के साथ-साथ बियर्ड स्टाइलिंग, हेयर वॉश या फेशियल जैसी अन्य सेवाएं भी लेता है, तो यह बिल $100 (करीब ₹8,400) के पार चला जाता है। यही कारण है कि वहां बार्बर की कमाई इतनी ज्यादा होती है।अमेरिका में बार्बर बनने के लिए लाइसेंस है अनिवार्यअमेरिका में सिर्फ कैंची और ट्रिमर पकड़ लेने भर से कोई काम शुरू नहीं कर सकता। वहां इस क्षेत्र में कड़े नियम हैं:स्टेट लाइसेंस (State License): लगभग हर अमेरिकी राज्य में बार्बर या हेयर स्टाइलिस्ट के रूप में काम करने के लिए लाइसेंस लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है।ट्रेनिंग और परीक्षा: इसके लिए उम्मीदवारों को पहले किसी मान्यता प्राप्त कॉस्मेटोलॉजी या बार्बर स्कूल से निर्धारित घंटों की ट्रेनिंग पूरी करनी होती है और फिर राज्य बोर्ड की लिखित व प्रैक्टिकल परीक्षा पास करनी होती है।अतिरिक्त स्किल्स: इसके अलावा बेहतरीन अंग्रेजी कम्यूनिकेशन, हाइजीन (साफ-सफाई) के कड़े नियमों की समझ और आधुनिक बियर्ड व हेयर ट्रेंड्स की जानकारी होना आवश्यक है।क्या हर कोई कमा सकता है करोड़ों रुपये?इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मान लेना पूरी तरह गलत होगा कि अमेरिका जाते ही हर नाई करोड़ों रुपये कमाने लगेगा। किसी भी अन्य बिजनेस की तरह यहाँ भी शुरुआत में संघर्ष है। यदि किसी के पास नया सैलून है, लोकेशन अच्छी नहीं है या क्लाइंट बेस मजबूत नहीं है, तो कमाई कम हो सकती है। इसके विपरीत, यदि कोई भारतीय मूल का प्रोफेशनल अपनी स्किल के दम पर किसी बड़े शहर में खुद का सैलून स्थापित कर लेता है और उसके पास रेगुलर वीआईपी क्लाइंट्स की कतार है, तो वह आसानी से सोशल मीडिया के दावों के मुताबिक सालाना करोड़ों रुपये की ग्रॉस इनकम भी जेनरेट कर सकता है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान! सीरिया से हटेंगे अमेरिकी प्रतिबंध
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार सीरिया पर लगे प्रतिबंध हटा देगी। उन्होंने सीरिया को एक दोस्त देश बताया और कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने सीरिया की नई सरकार के साथ रिश्ते बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की।
Top News 8 July: ईरान पर अमेरिका का डबल अटैक, चंपत राय का बड़ा खुलासा
Top News 8 July : अमेरिका के ईरान पर हमले से पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया। चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने चंपत राय से मुलाकात की। लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी गैंग पर ...
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Hormuz में फिर टेंशन, 24 घंटे में 3 टैंकरों पर अटैक
पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में फिर हमले शुरू कर दिए हैं। दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पिछले 24 घंटे के भीतर तीसरे वाणिज्यिक ...
ट्रंप के दखल से अमेरिकी खिलाड़ी का रेड कार्ड रद्द? फीफा के फैसले पर उठे निष्पक्षता के सवाल
25 वर्षीय फोलारिन बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। सामान्य परिस्थितियों में उन्हें अगले मैच से निलंबित रहना चाहिए था, लेकिन अनुशासनात्मक समीक्षा के बाद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की मंजूरी दे दी।
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी अस्थायी युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बनी सहमति के बाद तेल की कीमतें $115 से गिरकर $70 प्रति बैरल के नीचे आ गई थीं। लेकिन आज यानी 07 जुलाई 2026 को बाजार का रुख एक बार फिर बदल गया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी लौट आई है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) दोबारा बढ़ने से कच्चे तेल के दाम फिर से चढ़ने लगे हैं।ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड के दामों में आई तेजीआज सुबह के कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 0.76 फीसदी की तेजी के साथ $72.77 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।WTI क्रूड (WTI Crude): अमेरिकी क्रूड यानी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के दाम में आज $0.71 का उछाल आया है, जिससे एक बैरल तेल की कीमत $69.28 पर पहुंच गई है।होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल हमला बनी वजहकच्चे तेल की कीमतों में आज आई इस अचानक तेजी की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले हैं। इस घटना के बाद ओमान तट के पास सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, ईरान की ओर से लगातार यह चेतावनी दी जा रही थी कि विदेशी जहाज केवल उनके द्वारा तय किए गए समुद्री रास्तों का ही इस्तेमाल करें और ओमान तट के पास के उन रास्तों से गुजरना बंद कर दें जिन्हें अमेरिका ने सुरक्षित घोषित किया है। इस नए हमले के बाद होर्मुज में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर दिख रहा है।डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी से भड़का युद्ध का खतराइस तनाव को और हवा तब मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति एक बार फिर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया। ट्रंप ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि या तो ईरान तय शर्तों पर अमेरिका के साथ समझौता करे, अन्यथा अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह कर देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस सीधी धमकी के बाद खाड़ी देशों में एक बार फिर से पूर्ण युद्ध भड़कने का खतरा मंडराने लगा है, क्योंकि ईरान भी किसी भी कीमत पर पीछे हटने या झुकने को तैयार नहीं दिख रहा है।UAE और ओपेक प्लस (OPEC+) की बढ़ी सप्लाई भी पड़ सकती है फीकीबाजार के विशेषज्ञों और कमोडिटी जानकारों का कहना है कि वर्तमान में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की आपूर्ति (Supply) काफी बेहतर स्थिति में है, जिसने कीमतों को एक सीमित दायरे में बांध रखा था। ओपेक प्लस देशों के साथ मिलकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने जून महीने में अपना कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 38 लाख बैरल प्रतिदिन करने का बड़ा फैसला लिया था।बाजार में इस अतिरिक्त सप्लाई के आने से तेल के दाम कुछ हद तक नियंत्रित थे और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल रही थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तल्खी और बढ़ती है और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा ब्लॉक किया जाता है, तो ओपेक की यह सप्लाई भी कीमतों को बढ़ने से नहीं रोक पाएगी। आने वाले दिनों में कच्चे तेल का ग्राफ एक बार फिर $80 के पार जा सकता है, जिसके संकेत आज के बाजार से मिलने शुरू हो गए हैं।
फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द होने पर विवाद हो गया है। रेड कार्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो को फोन करने के बाद रद्द किया गया। इसके बाद बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन मिल गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद भी अमेरिकी टीम बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की हो और फीफा ने इसे मान भी लिया हो। फीफा के इस फैसले का बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने विरोध किया है। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का बैन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, जो खारिज हो गई। बालोगुन ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए हैं। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी प्री क्वार्टर फाइनल से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात स्वीकार की। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन की समीक्षा (रिव्यू) करे। ट्रम्प ने कहा- ‘मैंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात की और फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा। क्योंकि, मुझे नहीं लगता था कि यह फाउल था। उन्होंने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध लागू किया जाता, तो टूर्नामेंट पर एक बड़ा धब्बा लग जाता।’ फीफा ने फैसले का किया बचाव फीफा प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया है। हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 1962 में गैरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गैरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। लेकिन, गैरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था। --------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल फुटबॉल वर्ल्डकप से बाहर, स्पेन ने 1-0 से हराया स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानों रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है। उसे मंगलवार को राउंड ऑफ 16 मुकाबले में स्पेन ने 1-0 से हराया। इस हार के बाद 41 साल के रोनाल्डो ने अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल लिया। पढ़ें पूरी खबर
फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फोन के बाद फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन के रेड कार्ड को रद्द कर दिया और बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन भी दी गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद अमेरिका की टीम राउंड ऑफ 16 मैच में बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर बाहर हो गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में संभवत: यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने फीफा से किसी खिलाड़ी की पैरवी की हो और फीफा ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। बालोगुन के मामले में फीफा के फैसले के बाद बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने फीफा का विरोध किया है। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, जिसके बाद नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का निलंबन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के खिलाफ अपील दायर की। बालोगुन ने अब तक इस टूर्नामेंट में तीन गोल किए हैं। 1962 में गैरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गैरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। लेकिन, गैरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। क्योंकि, उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी मैच से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात को स्वीकार किया। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन की समीक्षा (रिव्यू) करे। ट्रम्प ने कहा- मैंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात की थी और फैसले की समीक्षा करने के लिए कहा था। क्योंकि, मुझे नहीं लगता था कि यह फाउल था। उन्होंने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रतिबंध लागू किया जाता, तो टूर्नामेंट पर एक बड़ा धब्बा लग जाता। बेल्जियम और नॉर्वे ने उठाए सवाल बेल्जियम फुटबॉल महासंघ का आरोप है कि फीफा ने उसकी अपील के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। वहीं, नॉर्वे फुटबॉल महासंघ ने कहा कि फीफा की ओर से कानूनी आधार स्पष्ट नहीं किए जाने से प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महासंघ ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। फीफा ने फैसले का किया बचाव इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया है और हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
वैश्विक राजनीति के लिहाज से एक बेहद अहम खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस साल सितंबर के आखिर में अमेरिका का दौरा करेंगे। ट्रंप ने सिर्फ इस हाई-प्रोफाइल दौरे का ऐलान ही नहीं किया, बल्कि व्हाइट हाउस के कायाकल्प का एक बड़ा 'मास्टरप्लान' भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए व्हाइट हाउस में एक बेहद भव्य और अभेद्य नया 'स्टेट बॉलरूम' (State Ballroom) बनाया जाएगा।24 सितंबर को वाशिंगटन पहुंच सकते हैं चिनफिंगरोज गार्डन में आयोजित एक लंच कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के दो सबसे ताकतवर नेताओं की मुलाकात का एजेंडा साफ किया। ट्रंप ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग 24 सितंबर के आसपास वाशिंगटन पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिनफिंग जैसे बड़े वैश्विक नेता को देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ेगी। ऐसे बड़े आयोजनों को सुरक्षित और शानदार तरीके से होस्ट करने के लिए ही हमें एक विशाल और अत्याधुनिक बॉलरूम की सख्त जरूरत है।150 साल पुरानी मांग होगी पूरी, अमेरिका दिखाएगा अपनी शानव्हाइट हाउस में जगह की कमी का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पिछले कई दशकों से बड़े राजकीय आयोजनों (State Dinners) की मेजबानी के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि पिछले 150 सालों से व्हाइट हाउस में एक डेडिकेटेड बॉलरूम बनाने की मांग हो रही थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। किंग चार्ल्स से लेकर दुनिया के तमाम राष्ट्राध्यक्ष यहां आते हैं, ऐसे में अमेरिका के पास एक ऐसी जगह होनी चाहिए जो दुनिया के किसी भी अन्य देश के पास न हो।चीन और ब्रिटेन से भी शानदार होगा व्हाइट हाउस का नया 'बॉलरूम'राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने अंदाज में इस नए प्रोजेक्ट की तुलना चीन और ब्रिटेन की ऐतिहासिक इमारतों से की। चीन के अपने हालिया दौरे का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, मैं हाल ही में चीन के 'ग्रेट हॉल' में था। उनका बॉलरूम बेहद विशाल और खूबसूरत है। हमारे पास अभी वैसा कुछ नहीं है, लेकिन अब हम जो बॉलरूम बनाने जा रहे हैं, वह दुनिया के बाकी सभी स्थानों पर भारी पड़ेगा। उन्होंने ब्रिटेन के विंडसर कैसल की भव्यता का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका का नया बॉलरूम इन सबसे कहीं ज्यादा आधुनिक होगा।मिसाइल और ड्रोन से भी रहेगा सुरक्षित, 2028 में होगा तैयारसुरक्षा के मोर्चे पर यह नया बॉलरूम एक अभेद्य किले की तरह होगा। ट्रंप ने इसे वाशिंगटन की सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक इमारत करार दिया। उन्होंने दावा किया कि यह नया स्ट्रक्चर पूरी तरह से मिसाइल-प्रूफ, बुलेटप्रूफ और ड्रोन-प्रूफ होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग में शीर्ष सैन्य अधिकारियों और जनरलों की सलाह ली जा रही है।इस मेगा-प्रोजेक्ट के साल 2028 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। अपने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया, कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं यह अपने लिए बना रहा हूं, लेकिन असलियत यह है कि मैं इसे अमेरिका के भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए तैयार करवा रहा हूं, ताकि वे शपथ ग्रहण और राजकीय समारोहों को एक सुरक्षित माहौल में आयोजित कर सकें।
अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने अदाणी ग्रुप के खिलाफ अपने मामले को समाप्त करने से कहीं अधिक कार्य किया है।
प्रशांत महासागर से उठे बेहद विनाशकारी और खूंखार सुपर टाइफून 'बावी' (Super Typhoon Bavi) ने अमेरिका के प्रशांत द्वीपों पर भीषण तबाही मचानी शुरू कर दी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान की मारक क्षमता कैटेगरी-5 के सबसे खतरनाक हरिकेन के बराबर है, जिसके प्रभाव से 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल रही हैं. तूफान के विकराल रूप को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप पर सबसे बड़ा खतरा, घरों में कैद हुए लोगएएफपी (AFP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महातूफान का सबसे ज्यादा रौद्र रूप गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर देखने को मिल रहा है, जहां की कुल आबादी करीब 2 लाख 10 हजार है. रविवार देर रात से ही इन द्वीपों पर मूसलाधार बारिश और थपेड़े मारने वाली हवाएं शुरू हो चुकी हैं. नेशनल वेदर सर्विस (NWS) द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें, जिसके चलते दोनों द्वीपों की सड़कें पूरी तरह सुनसान हो गई हैं.इमारतों के ढहने और हफ्तों तक बिजली गुल रहने की बड़ी चेतावनीजॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर के मुताबिक, सोमवार सुबह यह सुपर टाइफून पश्चिम दिशा की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा. अधिकारियों ने रोटा द्वीप के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है. प्रशासन का कहना है कि यदि यह तूफान रोटा द्वीप के केंद्र से टकराया, तो बड़े पैमाने पर पक्के मकान और इमारतें ध्वस्त हो सकती हैं, जो कई हफ्तों तक रहने लायक नहीं बचेंगी. इसके अलावा, बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से पूरा क्षेत्र कई दिनों तक पूरी तरह से अंधेरे में डूब सकता है.रोटा द्वीप के मेयर ने की एकजुट रहने की अपील, उड़ानों पर लगा ब्रेकखतरे की गंभीरता को देखते हुए रोटा द्वीप के मेयर ऑब्री होकोग ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी को एकजुट होकर अपने परिवारों और पड़ोसियों की रक्षा करनी होगी. इस बीच, सुपर टाइफून 'बावी' के चलते गुआम की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (Flights) पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, जिससे वहां आए सैकड़ों पर्यटक होटलों में फंस गए हैं. वहीं, स्थानीय निवासियों में इस बात का डर बैठ गया है कि कई दिनों तक घरों में कैद रहने के कारण उनकी आजीविका पूरी तरह ठप हो जाएगी.
अमेरिका और इजरायल के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध जगजाहिर हैं, लेकिन अमेरिकी प्रशासन अक्सर यह जताने से बाज नहीं आता कि इजरायल का अस्तित्व केवल उसकी बदौलत है. हाल ही में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने एक इंटरव्यू के दौरान इजरायल पर तंज कसते हुए कहा था कि इस वक्त दुनिया में डोनाल्ड ट्रंप ही इजरायल के प्रति सहानुभूति रखने वाले एकमात्र राष्ट्राध्यक्ष हैं और अमेरिका की मदद के बिना इजरायल दुश्मनों से नहीं बच सकता. इस पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी दावे की हवा निकालते हुए भारत का नाम लेकर ऐसा करारा जवाब दिया है कि वाशिंगटन में हड़कंप मच गया है.जेडी वेंस ने इजरायल को दी नसीहत, सैन्य सहायता की दिलाई याददरअसल, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में इजरायली नेताओं से अमेरिका-ईरान शांति समझौते की सार्वजनिक आलोचना बंद करने को कहा था. वेंस ने इजरायल को चेतावनी भरे लहजे में कहा, आप केवल 90 लाख की आबादी वाला देश हैं और हर राष्ट्रीय सुरक्षा समस्या को सिर्फ जंग से हल नहीं कर सकते. उन्होंने याद दिलाया कि इजरायल के दो-तिहाई सुरक्षात्मक हथियार अमेरिकी करदाताओं के पैसे से बने हैं. वेंस ने हिजबुल्लाह पर हुए हमलों की भी आलोचना की थी, जिससे अमेरिका-तेहरान वार्ताओं पर बुरा असर पड़ रहा था.140 करोड़ आबादी वाले भारत से मिलता है अगाध प्रेम: नेतन्याहूफॉक्स न्यूज (Fox News) को दिए एक तीखे इंटरव्यू में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जेडी वेंस के 'अकेले दोस्त' वाले दावे को सिरे से खारिज कर दिया. नेतन्याहू ने कहा, मैं जेडी वेंस का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं उनकी हर बात से सहमत नहीं हूं. डोनाल्ड ट्रंप जरूर हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन दुनिया में हमारे कई और मित्र भी हैं. उदाहरण के लिए 'भारत' नाम का एक महान देश है, जिसकी आबादी 1.4 अरब है और वहां से हमें जो जबरदस्त और अटूट समर्थन मिलता है, उसे कोई नकार नहीं सकता.मेरा फेसबुक अकाउंट भारतीयों के प्यार से भरा पड़ा है: इजरायली पीएमनेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर मिल रहे जनसमर्थन का जिक्र करते हुए गर्व से कहा, मेरा फेसबुक अकाउंट (Facebook) देखें, वह भारतीय यूजर्स के अपार और भावनात्मक समर्थन से पूरी तरह से भरा रहता है. उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कुछ चुनिंदा वर्गों में इजरायल की चाहे जितनी आलोचना हो, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है. दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष मुझे व्यक्तिगत तौर पर फोन करते हैं और कहते हैं कि भले ही उनके यहां पब्लिक ओपिनियन की दिक्कत हो, लेकिन वे इजरायल का पूरा सम्मान करते हैं.एआई (AI) और साइबर सुरक्षा में इजरायल का लोहा मानती है दुनियापीएम नेतन्याहू ने साफ किया कि आज पूरी दुनिया इज़राइल के साथ रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी करना चाहती है. उन्होंने कहा, वैश्विक नेता हमसे सैन्य रणनीतियों को सीखने की इच्छा जताते हैं. वे हमारी उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं. इजरायल साइबर सुरक्षा के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और हमारी तकनीक बेहद एडवांस है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति के नाटो शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद अगले हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें दोनों देशों के बीच उपजे हालिया मतभेदों को सुलझाया जाएगा.
जेडी वेंस के दावे पर नेतन्याहू का पलटवार: बोले- 'भारत है इजरायल का सच्चा दोस्त, अमेरिका अकेला नहीं'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने इजरायल का 'एकमात्र शक्तिशाली सहयोगी' अमेरिका को बताया था। अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बयान का खंडन करते हुए भारत को इजरायल का प्रमुख मित्र बताया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इजरायल को भारत के 1.4 अरब लोगों का जबरदस्त समर्थन प्राप्त है और दोनों देशों के बीच गहरे रणनीतिक संबंध हैं।इजरायल को है दुनिया भर से समर्थननेतन्याहू ने 'फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग' में कहा कि वेंस का यह सोचना गलत है कि इजरायल दुनिया में अकेला है। इजरायली पीएम ने कहा कि फेसबुक समेत कई मंचों पर उन्हें भारत से भारी समर्थन मिलता है। उन्होंने बताया कि कई देश इजरायल की उन्नत साइबर सुरक्षा, सैन्य तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि बाहर से जो दिखाई देता है, असल में उनके अंतरराष्ट्रीय संबंध उससे कहीं अधिक व्यापक और मजबूत हैं।ट्रंप के साथ बैठक की तैयारीजेडी वेंस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि कई वैश्विक नेता उनसे संपर्क में रहते हैं और इजरायल के साथ सहयोग के करार करने के इच्छुक हैं। इस कूटनीतिक हलचल के बीच, बेंजामिन नेतन्याहू 13 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। इस उच्च-स्तरीय बैठक में ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा और सऊदी अरब के साथ इजरायल के बढ़ते संबंधों पर गहन चर्चा की जाएगी।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के 'राउंड ऑफ 16' में क्रिस्टियानों रोनाल्डो की पुर्तगाल का सामना स्पेन से होगा। 2018 के वर्ल्ड कप में आखिरी बार दोनों की भिड़ंत हुई थी। तब मैच 3-3 से ड्रॉ रहा था। इस मैच में रोनाल्डो ने हैट्रिक गोल मारे थे। पुर्तगाल के स्ट्राइकर रोनाल्डो शानदार फॉर्म में हैं। वे इस टूर्नामेंट में 3 गोल कर चुके हैं। यह मैच डलास स्टेडियम में आज रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा मुकाबला मेजबान अमेरिका और बेल्जियम के बीच होगा। मैच सुबह 5:30 बजे से सिएटल स्टेडियम में होगा। मैच 93- पुर्तगाल और स्पेन के बीच वर्ल्ड कप में तीसरी भिड़ंत पुर्तगाल और स्पेन के बीच 41 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें स्पेन ने 18 और पुर्तगाल ने 7 मैच जीते हैं। 16 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2018 के वर्ल्ड कप में मुकाबला 3-3 से ड्रा रहा था। वहीं 2010 वर्ल्ड कप में स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। दोनों टीमें अब तक एक भी मैच नहीं हारीं पुर्तगाल और स्पेन दोनों ही टीमें इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। पुर्तगाल को 4 मैचों में 2 जीत मिली। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। ग्रुप स्टेज में टीम ने उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराया। वहीं कोलंबिया से 0-0 और कांगो डीआर से 1-1 से ड्रॉ खेला। राउंड ऑफ 32 में टीम ने क्रोएशिया को 2-1 से हराया। दूसरी ओर स्पेन के खिलाफ कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी है। टीम ने ग्रुप स्टेज में सऊदी अरब को 4-0, उरुग्वे को 1-0 से हराया। काबो वर्डे से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। स्पेन ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया। पुर्तगाल को स्टार खिलाड़ी और कप्तान रोनाल्डो से गोल की उम्मीद होगी। वहीं स्पेन की टीम अपने युवा स्टार विंगर लामीन यमाल और अभेद डिफेंस पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कानसेलो, रूबेन डियास, एंटोनियो सिल्वा, नूनो मेंडेस, जोआओ पाल्हिन्हा, वितिन्हा, ब्रूनो फर्नांडीस, बर्नार्डो सिल्वा, राफा लेआओ, क्रिस्टियानो रोनाल्डो। स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, अयामेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्रि, फैबियन रुइज, पेड्रि, लामीन यमाल, अल्वैरो मोराटा, निको विलियम्स। मैच 94- अमेरिका के खिलाफ बेल्जियम का पलड़ा भारी अमेरिका और बेल्जियम के बीच 7 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें बेल्जियम ने 6 मैच जीते हैं। अमेरिका को सिर्फ 1 मैच में जीत मिली है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच यह तीसरी भिड़ंत होगी। इससे पहले 1930 के वर्ल्ड कप में अमेरिका जीता था। 2014 वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में बेल्जियम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। अमेरिका एक मैच हारी, बेल्जियम अजेय अमेरिका ने 4 मैचों में 3 में जीत दर्ज की हैं। एक में उसे हार मिली। राउंड ऑफ 32 में अमेरिका ने बोस्निया एंड हर्जेगोविना को 2-0 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 और पराग्वे को 4-1 से शिकस्त दी थी। तुर्की के खिलाफ उसे 3-2 से एकमात्र हार मिली थी। बेल्जियम बिना कोई मैच हारे राउंड ऑफ 16 में पहुंची है। टीम ने 2 मैच जीते, जबकि 2 ड्रॉ रहे। राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से हराया था। इससे पहले ग्रुप स्टेज में टीम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से हराया। टीम ने ईरान से 0-0 और मिस्र से 1-1 से ड्रॉ खेला। अमेरिकी को अपने घरेलू मैदान और फैंस के सामने स्टार विंगर क्रिश्चियन पुलिसिक से गोल की उम्मीद होगी। वहीं बेल्जियम स्टार मिडफील्डर केविन डी ब्रुइन और स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू की जोड़ी के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने उतरेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, वेआ, राइट, पोलिस। बेल्जियम: कास्टील्स, फाएश, वर्तोंघेन, थीएट, कास्टाग्ने, ओनाना, मोंगाला, डोकू, डी ब्रुइन, ट्रोसार्ड, लुकाकू।
भोपाल के करोंद स्थित मस्जिद-ए-आले मोहम्मद में रविवार को अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की याद में ‘मजलिस-ए-ताज़ियत व इस्तेकामत’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने अयातुल्लाह खामेनेई के जीवन, संघर्ष और इस्लामी क्रांति में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। सभा के दौरान अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। लगातार दमन और प्रताड़ना झेलते रहे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना गुलाम हुसैन ने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई ने इस्लामी क्रांति के शुरुआती दौर से ही सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। समय के साथ वे इमाम खुमैनी के नेतृत्व से जुड़े और विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति से जुड़े दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी गतिविधियों के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया, जेल में रखा गया और लगातार यातनाएं दी गईं। इस्लामी क्रांति आने से करीब तीन वर्ष पहले उन्हें शहर बदर (निर्वासन) की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उस समय इस आदेश पर अमल नहीं हुआ था, लेकिन वे जेल में रहकर लगातार दमन और प्रताड़ना झेलते रहे। अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटे खामेनई मौलाना ने कहा कि कठिन दौर और अत्याचारों के बावजूद अयातुल्लाह खामेनेई अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटे। उनका संघर्ष और नेतृत्व इस्लामी क्रांति की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बना और आज भी दुनिया भर में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में मौलाना सैयद जौन आबदी, मौलाना सैयद शहकार हुसैन जैदी और मौलाना सैयद अजहर हुसैन रिजवी सहित अन्य धर्मगुरुओं ने भी अपने विचार रखे। आयोजन इंतेजामिया कमेटी वा मोमिनीन-ए-करोंद, भोपाल की ओर से किया गया।
गुरदासपुर के पुराना शाला इलाके में पुरानी रंजिश के चलते हुए एक हमले में 26 वर्षीय युवक रोहित सिंह की मौत हो गई। इस घटना में तीन अन्य युवक घायल हुए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हमला अमेरिका में बैठे एक युवक के कहने पर करवाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पुराना शाला निवासी रोहित सिंह अपने दोस्त गुरजंट सिंह और कुछ अन्य साथियों के साथ इलाके में मौजूद था। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रोहित सिंह की मौत हो गई। पिता बोले- हमला विशाल ठाकुर के इशारे पर करवाया गया मृतक की पहचान गांव भुंडेवाल निवासी 26 वर्षीय रोहित सिंह के रूप में हुई है। साहिल, विशाल और एक अन्य युवक इस हमले में घायल हुए हैं। मृतक के पिता बलवान सिंह और भाई रणजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर हुआ हमला अमेरिका में रह रहे विशाल ठाकुर के इशारे पर करवाया गया था। उनका कहना है कि विशाल ठाकुर की गुरजंट सिंह के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते यह खूनी हमला हुआ। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर साक्षी ने बताया कि रात के समय दो घायल युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। बाद में एक निजी अस्पताल से रोहित सिंह का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। डॉक्टर के अनुसार, घायलों को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह जवाब उस समय सामने आया जब अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गरौफिस ने न्याय विभाग से पूछा कि वह इस मामले को स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग क्यों कर रहा है। इससे पहले विभाग ने केस समाप्त करने के लिए आवेदन तो दिया था, लेकिन उसमें निर्णय के पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया था।
अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई में सीआईए ने विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और जेलों के इस्तेमाल की जांच की
इस हफ्ते हुई कांग्रेस की एक सुनवाई में अमेरिकी खुफिया एजेंसी (सीआईए) के कोल्ड वॉर के दौर के एमके-अल्ट्रा प्रोग्राम की फिर से जांच शुरू हुई
अमेरिका की एक लेक में नहाने गए करनाल के युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ झील में गया था, जहां उसका एक साथी पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए युवक ने तुरंत छलांग लगा दी। उसने दोस्त की जान तो बचा ली, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं निकल पाया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दोस्त को बचाया, खुद नहीं बच पायाकरनाल की विकास कालोनी निवासी अर्शदीप पुत्र प्रगट सिंह वर्ष 2023 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए करीब 45 लाख रुपए खर्च किए थे और इसके लिए कर्ज भी लिया था। अर्शदीप अमेरिका के फ्रिजनों शहर में अपनी बुआ और फूफा के पास रह रहा था और उनके बेटे हैरी के साथ एक स्टोर में काम करता था। मामा रणजीत सिंह ने बताया कि 4 जुलाई की सुबह उन्हें सूचना मिली कि अर्शदीप की लेक में डूबने से मौत हो गई है। वह अपने चार-पांच दोस्तों के साथ नहाने गया था। अर्शदीप को तैरना आता था और वह पहले बाहर भी आ गया था, लेकिन उनका एक दोस्त पानी में डूबने लगा, जिसे तैरना नहीं आता था। बिना देर किए लगाई छलांगजैसे ही अर्शदीप ने अपने दोस्त को डूबते देखा, उसने बिना समय गंवाए दोबारा पानी में छलांग लगा दी। उसने अपने दोस्त को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं आ सका। आसपास मौजूद लोगों ने उसे कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहां की पुलिस ने शव को मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया है और परिजन अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। टोहायो लेक पर हुआ हादसामृतक के छोटे भाई शरणदीप ने बताया कि उन्हें बुआ के माध्यम से सूचना मिली कि अर्शदीप अपने दोस्तों के साथ टोहायो लेक पर गया हुआ था। वहां दो दोस्त पानी में डूबने लगे थे। अर्शदीप ने पहले एक दोस्त को बचाया और फिर दूसरे को भी बाहर निकाल लिया। इसके बाद वह खुद पानी में फंस गया। हालांकि उसे जल्दी बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन उसके शरीर में काफी पानी भर गया था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़शरणदीप ने बताया कि इस घटना से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। दो साल पहले उनके पिता प्रगट सिंह की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब परिवार में मां मनप्रीत कौर और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। अर्शदीप ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और उसका सपना था कि वह विदेश में काम करके पहले लिया हुआ कर्ज उतारे और फिर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके। लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। सरकार से लगाई मदद की गुहारपरिवार ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि अर्शदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए। अमेरिका में रह रहे रिश्तेदार भी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं, ताकि शव को जल्द भारत भेजा जा सके। परिजनों का कहना है कि परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से दबाव में है और अब इस दुखद घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
कन्नौज के छिबरामऊ में भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापारिक समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। किसानों ने अपने हितों की सुरक्षा की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि कृषि, डेयरी, पशु आहार और पोल्ट्री क्षेत्रों को बिना सुरक्षा उपायों के व्यापार समझौते में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा होने पर देश के छोटे, सीमांत किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। संगठन ने सरकार से मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और संसद के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए। इसके साथ ही, सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. रजनीश दुबे ने स्पष्ट किया कि किसानों की आजीविका, देश की खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सरकार से भारतीय कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया। संगठन ने मक्का की खरीद में आ रही समस्याओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकारी खरीद में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर ऋषि चौहान, आनंद तिवारी, अभिषेक राठौर, प्रवीण सिंह, गणेश दुबे, विक्रांत चतुर्वेदी, तरुण त्रिपाठी, नीरज यादव, शांतनु यादव, अनुपम शुक्ला, सचिन दीक्षित, आयुष दीक्षित, बंटी दीक्षित, दीवान सिंह, दिलीप कश्यप, अमन मिश्रा और जितेंद्र शर्मा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एटा जनपद में भारतीय किसान यूनियन (किसान संगठन) के दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक लिखित ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद सिंह को सौंपा। किसानों ने कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। यह प्रदर्शन किसान नेता रवि पाल के नेतृत्व में हुआ।किसानों की मुख्य मांग है कि कृषि, डेयरी और पॉल्ट्री क्षेत्रों में किसान संगठनों की सहमति के बिना अमेरिका के साथ कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका अपने किसानों को कृषि क्षेत्र में भारी सब्सिडी देता है, जबकि भारत में किसानों को महंगे सामान मिलते हैं। ऐसे में, यदि अमेरिका से सस्ता माल आता है, तो भारतीय किसानों की उपज कौन खरीदेगा, यह चिंता का विषय है। किसानों ने भारतीय किसानों और डेयरी संचालकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समझौते से पहले संसद में गहन चर्चा की जाए और देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका सुनिश्चित की जाए। किसान नेता रवि पाल ने बताया कि वे भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हैं, क्योंकि इससे भारत के किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि भारत में किसानों को महंगाई का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी फसलें और डेयरी उत्पाद महंगे तैयार होते हैं। इसलिए, उनकी मांग है कि इस तरह के समझौते से पहले गहन विचार-विमर्श होना चाहिए। इस दौरान मोनू कुशवाहा, यादवेंद्र राजपूत, आकाश कश्यप, सनी सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना) न्यूयॉर्क, जयपुर फुट यूएसए और ब्रुहद न्यूयॉर्क सीनियर्स ने विश्वविख्यात इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा को माउंट सीनाई, न्यूयॉर्क में चीफ ऑफ क्लिनिकल कार्डियोलॉजी नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई दी हैं। राना न्यूयॉर्क के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि डॉ. शर्मा की यह नियुक्ति केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत और अमेरिका के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा- डॉ. समीन शर्मा राजस्थान की ही नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका की भी शान हैं। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, रोगी सेवा, चिकित्सा नवाचार तथा मेडिकल नेतृत्व के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक समय से उनके असाधारण योगदान को पूरी दुनिया सम्मान की दृष्टि से देखती है। यह प्रतिष्ठित नियुक्ति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और समर्पण का उचित सम्मान है। न्यूयॉर्क में अगले साल राना पांचवां अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन होगा प्रेम भंडारी ने बताया कि डॉ. समीन शर्मा राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना), न्यूयॉर्क के संरक्षक सदस्य (Patron Member) हैं। राना विश्वभर में बसे राजस्थानियों का एक प्रतिष्ठित वैश्विक संगठन है, जिसने अब तक न्यूयॉर्क में चार अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किए हैं। इनमें दो बार राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने मंत्रिमंडल के साथ और एक बार पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे अपने मंत्रिमंडल के साथ शामिल हुई थीं। भंडारी ने बताया कि अगले साल न्यूयॉर्क में राना का पांचवां अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। भंडारी ने डॉ. समीन के कोविड के दौरान किए काम को किया याद प्रेम भंडारी ने कहा कि डॉ. समीन शर्मा राना की स्थापना से ही उसके सबसे बड़े समर्थकों में रहे हैं। वे न केवल राना, बल्कि जयपुर फुट यूएसए की मानवीय सेवा गतिविधियों के भी प्रमुख सहयोगी रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. शर्मा के योगदान को याद करते हुए कहा कि माउंट सीनाई अस्पताल के माध्यम से तथा जयपुर फुट यूएसए के सहयोग से उन्होंने भारत को आधुनिक वेंटिलेटरों की लाखों अमेरिकी डॉलर मूल्य की खेप भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पहल पर कई अवसरों पर जीवनरक्षक दवाइयां भी भारत भिजवाईं, जिससे महामारी के कठिन दौर में अनेक लोगों का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। भंडारी ने यह भी स्मरण कराया कि लगभग दो दशक पूर्व डॉ. सामिन शर्मा ने जयपुर में अत्याधुनिक ईएचसीसी (EHCC) हॉस्पिटल की स्थापना की थी। आज यह संस्थान न केवल राजस्थान, बल्कि पड़ोसी राज्यों एवं पड़ोसी देशों से आने वाले मरीजों को भी विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। राना न्यूयॉर्क, जयपुर फुट यूएसए तथा ब्रुहद न्यूयॉर्क सीनियर्स की ओर से प्रेम भंडारी ने घोषणा की कि डॉ. सामिन शर्मा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में उनकी सुविधानुसार एक विशेष सम्मान समारोह एवं लंच आयोजित किया जाएगा।
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है। अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं, न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता पिता को बड़ी राहत है जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उनको स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगापंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और फ्यूचर की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। 150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक आर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे यूएसए के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, इसलिए उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
स्मार्टवॉच के बाद अब टेक कंपनियां आपकी नींद को अगला बड़ा बाजार मान रही हैं। पहले घड़ी आपकी हार्ट रेट और कदम गिनती थी, अब बिस्तर पूरी रात आपकी हर करवट, शरीर का तापमान और खर्राटों पर नजर रखेगा। अमेरिका की स्लीप टेक कंपनी Eight Sleep का आई आधारित Pod इन दिनों चर्चा में है। यह एक स्मार्ट मैट्रेस टॉपर है। यह रातभर आपके शरीर की गतिविधियों को समझकर खुद ही बिस्तर का तापमान बदलता रहता है, ताकि नींद बेहतर हो सके। शरीर के तापमान के हिसाब से तय करता है मैट्रेस का टेम्प्रेचर इलॉन मस्क, मार्क जुकरबर्ग और एंटी-एजिंग उद्यमी ब्रायन जॉनसन जैसे कई बड़े नाम इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3,500 डॉलर (करीब 3 लाख रुपए) है। इस तकनीक की सबसे अलग खासियत यह है कि बिस्तर के दोनों हिस्सों का तापमान अलग-अलग रखा जा सकता है। यानी अगर एक व्यक्ति ठंडा माहौल पसंद करता है और दूसरा थोड़ा गर्म, तो दोनों अपनी-अपनी सेटिंग चुन सकते हैं। इस तरह से काम करता है एआई वाला मैस्ट्रेस, स्लीप स्कोर भी देता है इस मैट्रेस टॉपर में बेहद संवेदनशील सेंसर लगे हैं, जो पूरी रात शरीर से जुड़े कई संकेत रिकॉर्ड करते हैं। शरीर का तापमान, हार्ट रेट, सांस लेने की गति, नींद के अलग-अलग चरण, करवट बदलने की संख्या... इन जानकारियों के आधार पर एआई यह तय करता है कि बिस्तर को थोड़ा ठंडा करना है या गर्म। सुबह उठने पर एप पूरी रात का विश्लेषण दिखाता है और एक स्लीप फिटनेस स्कोर भी देता है।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

