Shamli News: यूरोप, अमेरिका, कनाडा और स्विट्जरलैंड में मिल रही गोगी गिरोह के गुर्गाें की लोकेशन
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में गोगी गिरोह के विदेश में बैठे गुर्गे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं।
अमेरिका-ईरान युद्ध: फिर तेज़ हुए हमले, नागरिकों के लिए बढ़ता जोखिम
अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की अपेक्षाकृत शान्ति के बाद एक बार फिर हिंसक टकराव तेज़ हो गया है.दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए हैं,जिससे आम नागरिकों के हताहत होने का ख़तरा बढ़ गया है.
हबीबी, ईरान आओ ना, तेहरान ने अमेरिका की धमकी का मज़ाक उड़ाया, ट्रंप को कहा-अंकल सैम
ईरान और अमेरिका में फिर से जंग छिड़ गई है। होर्मुज को लेकर की गई टिप्पणी के बाद ईरान ने अमेरिका का मजाक उड़ाया है, ट्रंप को अंकल सैम कहा है और एक गेम के साथ पोस्ट लिखा है-हबीबी ईरान आओ ना
समुद्र में 250 दिन बिताने के बाद थाईलैंड के पटाया क्यों पहुँचे अमेरिका के 5,000 सैनिक - BBC
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रूसी तेल खरीदने या न खरीदने से यूक्रेन युद्ध नहीं रुकेगा; कीव में बैठकर जयशंकर अमेरिका को रगड़ दिया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए साफ कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान इस बात से नहीं होगा कि कोई देश तेल खरीद रहा है या नहीं खरीद रहा है।
अमेरिका के नियंत्रण में है होर्मुज? ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने का सवाल उठाया है. सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि यह अब अमेरिका के नियंत्रण में है. उनका यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आया है. होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का अहम मार्ग है. यहां किसी सैन्य या राजनीतिक घटनाक्रम का असर ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.
ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री लुटनिक का किया बचाव, बोले- 'ईरान पर अमेरिकी हमलों में 18 की मौत'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के उस बयान को स्पष्ट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान में कोई अमेरिकी नहीं मारा गया है...
अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा...
Abhijeet Dipke News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखी चुनौती दी है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई के रिकॉर्ड पर हाल ही में शुरू हुए ...
ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री लुटनिक का किया बचाव, बोले- ‘ईरान पर अमेरिकी हमलों में 18 की मौत’
वाशिंगटन, 3 सितंबर . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने Thursday को अपने वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के उस बयान को स्पष्ट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान में कोई अमेरिकी नहीं मारा गया है. लुटनिक ने भी एक्स प्लेटफॉर्म पर अपनी सफाई दी. ट्रंप ने ईरान में हालिया अमेरिकी हमलों में 18 लोगों ... Read more
समुद्र में 250 दिन बिताने के बाद थाईलैंड के पटाया क्यों पहुँचे अमेरिका के 5,000 सैनिक
अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मौजूद नाविक 250 दिनों तक समुद्र पर रहने के बाद पहली बार ज़मीन पर उतरे हैं. यह युद्धपोत थाईलैंड के चर्चित पर्यटन स्थल पटाया पहुंचा है.
ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री लुटनिक का किया बचाव, बोले- 'ईरान पर अमेरिकी हमलों में 18 की मौत'
ट्रंप ने वाणिज्य मंत्री लुटनिक का किया बचाव, बोले- 'ईरान पर अमेरिकी हमलों में 18 की मौत'
सियोल, 3 सितंबर . दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने Thursday को कहा कि दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिशें जारी रखेगा. उन्होंने प्योंगयांग के साथ फिर से बातचीत करने की अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप की इच्छा का भी जिक्र किया. योनहाप समाचार एजेंसी ... Read more
'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ चल रहे तनाव के सात महीने बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप निजी तौर पर यह घोषणा करने पर विचार कर रहे हैं कि युद्ध खत्म हो गया है। हालांकि, पेंटागन पश्चिम एशिया में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि तनाव अगले साल तक जारी रह सकता है। यह रिपोर्ट तब आई जब मंगलवार को अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का एक नया दौर शुरू हुआ। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़ी सुविधाओं पर हमले किए। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका के हालिया हमलों में 18 लोगों की मौत हुई और 142 अन्य घायल हो गए। इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान से यारी पड़ी इतनी भारी, पुराना कर्ज चुकाने के लिए सऊदी ले रहा 8 अरब डॉलर का लोन WSJ के अनुसार, ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से इस बारे में बात की है कि क्या ईरान युद्ध के खत्म होने की घोषणा की जाए। वे निजी तौर पर इस कदम का समर्थन करते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं और युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं। राष्ट्रपति का मानना है कि भारी आर्थिक दबाव के कारण ईरान समय के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर देगा। यह घटनाक्रम पिछले हफ्ते अमेरिका द्वारा 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किए जाने के बाद हुआ है, जिसका मकसद तेहरान के मुख्य आर्थिक आधारों - जैसे तेल, शिपिंग, एविएशन और डिजिटल एसेट्स - पर चोट करना है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही ट्रंप ईरान युद्ध को खत्म करने पर ज़ोर दे रहे हैं, लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ चुपचाप पश्चिम एशिया में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहे हैं। यह इस बात का संकेत है कि यह संघर्ष अगले साल तक खिंच सकता है। इसे भी पढ़ें: भारत तैयार है...यूक्रेन पहुंचकर जयशंकर ने किया ऐसा धमाका, रूस-अमेरिका दोनों हो जाएंगे हैरान मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए अखबार ने बताया कि इस फ़ैसले का मकसद राष्ट्रपति के पास युद्ध में विकल्प बनाए रखना है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने CNN को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के दौरान, मंगलवार को वाशिंगटन ने 40 कमर्शियल जहाजों को एक अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकाला। उन्होंने कहा कि एक ही ऑपरेशन में सुरक्षित निकाले गए जहाजों की यह संख्या जारी युद्ध में अब तक की सबसे ज़्यादा है।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर छिड़ा भीषण युद्ध, तेहरान में शादी समारोह में गिरी मिसाइल, मची तबाही
ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिका के मिसाइल हमले का ईरान भी करारा जवाब दे रहा है। वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक शादी समारोह में मिसाइल गिरा और सब तबाह हो गया।
मॉस्को से शांति की ओर बढ़ते कदमों का संकेत मिला है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की संभावना मौजूद है।
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अटका आखिरी पेंच, पीयूष गोयल ने बताया कब फाइनल होगा समझौता
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि समझौते का अंतिम ऐलान तब किया जाएगा, जब अमेरिका भारत को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ रेट देने की पेशकश करेगा। यानी फिलहाल ट्रेड डील में सबसे बड़ा पेंच अमेरिकी टैरिफ दर को लेकर है।
'तब तक फाइनल नहीं होगा समझौता', ट्रेड डील पर भारत ने अमेरिका के सामने रखी ये शर्त
भारत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अपनी शर्त रखी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर बेहतर टैरिफ देने पर ही डील फाइनल होगी।
Gold Bars update: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जितनी उथल-पुथल आज दिख रही है, उतनी सामान्य समय में (प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध को छोड़कर) शायद ही पहले कभी दिखी होगी। इसके केंद्र में अमेरिकी अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया है। ईरान से इस साल फरवरी के अंत में शुरू लड़ाई ने संकट और बढ़ा दिया है। इससे दुनिया में आर्थिक शक्ति के रूप में अमेरिका की साख घटती दिख रही है। अब नीदरलैंड्स ने अमेरिका में रखा अपना सोना दूसरे देश में शिफ्ट कर दिया है।DNB ने अपना 86 टन सोना लंदन शिफ्ट कियाइससे पहले फ्रांस ने अमेरिका से अपना सोना निकाल लिया था। अब नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक 'डच सेंट्रल बैंक' (DNB) ने अमेरिका और कनाडा में रखा अपना करीब 86 टन सोना लंदन शिफ्ट कर दिया है। बताया जाता है कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन को देख उसने सावधानी के लिए ऐसा किया है। अमेरिका की पहचान सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति की रही है। लेकिन, अब अमेरिका की इस छवि में सेंध लगती दिख रही है। अमेरिका की आर्थिक क्षमता पर भरोसा घट रहा है।नीदरलैंड्स के गोल्ड रिजर्व का 25% हिस्सा अब बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास हैDNB ने अमेरिका में रखे अपने सोना का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा लंदन ट्रांसफर कर दिया है। खुद डच सेंट्रल बैंक ने यह जानकारी दी है। उसने बताया है कि मार्च और अगस्त के बीच उसने यह एहतियाती कदम उठाया है। अब डीएनबी का यह सोना Bank of England के पास है। नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखे सोना को अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना होता है। उसे दुनिया में सबसे आसानी से ट्रेडेबल गोल्ड की पहचान मिलती है।अमेरिका में रखे सोने को जल्द इस्तेमाल करने में कठिनाईनीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका और कनाडा में रखे सोना का जल्द इस्तेमाल करना मुश्किल है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा है, हमने लंदन में सोना ट्रांसफर कर अपने गोल्ड रिजर्व की ट्रेडेबिलिटी यानी ट्रेड होने की क्षमता बढ़ाई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कभी इस सोने के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी।यह भी पढ़ें:वे हमारी नजर से बचे बिना बाथरूम भी नहीं जा सकते... ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा दावाजियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच डीएनबी ने उठाया एहतियाती कदमडीएनबी ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब सोने की कीमतों में बड़ी तेजी आई है। इधर, अमेरिका और ईरान में टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस टकराव की जड़ में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जिस पर ईरान अपना दावा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई का फिलहाल कोई अंत नहीं दिख रहा है। इससे पहले फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेरिका में न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के पास रखा अपना 129 टन सोना हटा लिया था।
क्या होती है टेस्टोस्टेरोन जांच? अमेरिका में सैनिकों के लिए इसे क्यों किया गया अनिवार्य
Testosterone screening in US: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी सक्रिय और रिजर्व सैन्य कर्मियों के लिए टेस्टोस्टेरोन की कमी की अनिवार्य जांच से संबंधित नए और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ...
एम्स्टर्डम, 3 सितंबर . दुनिया में बढ़ते संघर्ष, Political तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच नीदरलैंड ने अपने ‘सोने की तिजोरी’ का पता बदल दिया है. देश ने स्वर्ण भंडार की सुरक्षा और उपलब्धता को लेकर बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय बैंक ने अमेरिका और कनाडा में रखा करीब 86 टन सोना ब्रिटेन स्थानांतरित कर ... Read more
भू-राजनीतिक तनाव के बीच नीदरलैंड ने बदली सोने की 'तिजोरी', 86 टन गोल्ड अमेरिका-कनाडा से ब्रिटेन पहुंचाया
अरब में कभी खत्म न होगी जंग? अमेरिका ने बनाया 2027 तक का रोडमैप
ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती को 2027 तक बढ़ाने की तैयारी कर ली है. रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को अगले साल तक बढ़ा दिया है.
एक देश ने अपने सोने के भंडार में से 86 टन सोना अमेरिका और कनाडा से निकालकर लंदन पहुंचा दिया है. इस ऑपरेशन को इस तरह अंजाम दिया गया ताकि उसे गोल्ड बार को पिघलाकर दोबारा बनाने की जरूरत नहीं पड़ी.
अमेरिका को जल्द ही एक सरप्राइज़ मिलेगा; नई रणनीति चौंकाने वाली होगी; ईरान
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि हालिया हमलों के बाद, ईरान युद्ध, कूटनीति और आर्थिक मोर्चों पर एक नई रणनीति अपनाने जा रहा है, जिसके नतीजे अमेरिका के लिए बहुत गंभीर होंगे। अमेरिका को जल्द ही एक सरप्राइज़ मिलेगा; नई रणनीति चौंकाने वाली होगी; […] The post अमेरिका को जल्द ही एक सरप्राइज़ मिलेगा; नई रणनीति चौंकाने वाली होगी; ईरान appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
ईरान ने गिराए गए अमेरिकी ड्रोन को चौराहे पर प्रदर्शनी के लिए रखा
ईरान ने हाल ही में अमेरिकी हमले के दौरान गिराए गए MQ-9 ड्रोन को जनता के सामने प्रदर्शित किया है। ईरानी मीडिया द्वारा जारी एक वीडियो में 3 करोड़ डॉलर (30 मिलियन डॉलर) कीमत वाला यह ड्रोन मध्य प्रांत में प्रदर्शनी के लिए रखा हुआ दिखाई दे रहा है, जहाँ ईरानी लोग इसके साथ तस्वीरें […] The post ईरान ने गिराए गए अमेरिकी ड्रोन को चौराहे पर प्रदर्शनी के लिए रखा appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात के बाद अमेरिका भड़क उठा है। वॉशिंगटन ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने या राजस्व जुटाने में मदद करेगा, उस पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और ईरान के बीच संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। फॉक्स न्यूज रेडियो के द ब्रायन किल्मीड शो में रुबियो से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन की मुलाकात के बारे में सवाल किया गया। कार्यक्रम में यह भी पूछा गया कि क्या भारत और ईरान किसी व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस पर रुबियो ने कहा कि उन्हें भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है। इसे भी पढ़ें: SCO के मंच से चीन और पाकिस्तान को एक साथ धोकर मोदी ने दुनिया की वाहवाही लूट ली उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देश अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बनाते हैं और कई देश ईरानी शासन के साथ बातचीत करते हैं। रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका का भी ईरानी शासन के कुछ तत्वों के साथ विभिन्न मुद्दों पर संपर्क रहा है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दे डाली। रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करे और न ही ऐसी व्यवस्था तैयार करे, जिससे तेहरान राजस्व जुटा सके। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस राजस्व का इस्तेमाल आतंकवाद को प्रायोजित करने और परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों में कर सकता है। उन्होंने साफ कहा, “अगर देश ऐसा करने का फैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाने होंगे।” अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात SCO सम्मेलन के इतर हुई। दोनों नेताओं की यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच हुई है। संघर्ष को छह महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति समझौते की संभावना अभी भी दूर दिखाई दे रही है। हम आपको याद दिला दें कि SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को साफ कहा कि किसी एक क्षेत्र का संघर्ष केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित करता है, जबकि इसका सबसे बड़ा बोझ ग्लोबल साउथ के देशों को उठाना पड़ता है। मोदी ने भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि सभी तनावों और संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत लगातार पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की वकालत करता रहा है। राष्ट्रपति पेजेशकियन भी SCO सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुंचे थे। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रमण का जवाब वह “ताकत और दृढ़ संकल्प” के साथ देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में अस्थिरता सभी देशों के लिए नुकसानदेह होगी। पेजेशकियन ने आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने SCO बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख नेता शामिल हैं और यह वैश्विक मंच पर विविध तथा स्वतंत्र आवाजों के अस्तित्व का प्रतीक है। हम आपको यह भी बता दें कि भारत और ईरान के बीच संपर्क केवल मौजूदा बैठक तक सीमित नहीं है। मार्च में भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय घटनाक्रम की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी थी। मोदी ने भारत की चिंताओं को स्पष्ट करते हुए क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया था। साथ ही ऊर्जा और वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठाई थी। अब बिश्केक में मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात और उसके तुरंत बाद अमेरिका की प्रतिबंधों वाली धमकी ने भू-राजनीतिक समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है। एक तरफ भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और संवाद-कूटनीति के सिद्धांत पर कायम है, तो दूसरी ओर अमेरिका ईरान के साथ आर्थिक सहयोग या प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाली किसी भी व्यवस्था पर कड़ा रुख दिखा रहा है। बहरहाल, सवाल उठता है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में क्या अमेरिका की चेतावनी देशों की स्वतंत्र विदेश नीति को प्रभावित करेगी, या फिर SCO जैसे मंचों पर उभरती स्वतंत्र आवाजें नई भू-राजनीतिक दिशा तय करेंगी। फिलहाल, मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात के बाद वॉशिंगटन की तीखी प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि ईरान का मुद्दा केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, उसकी गूंज अब वैश्विक कूटनीति और भारत जैसे प्रमुख देशों की विदेश नीति तक पहुंच चुकी है।
भारतीयों के लिए जल्द बंद हो सकते हैं ईबी-1 ग्रीन कार्ड, अमेरिका ने दी चेतावनी
वॉशिंगटन, 3 सितंबर . अमेरिका ने चेतावनी दी है कि भारतीयों के लिए रोजगार आधारित प्रथम श्रेणी (ईबी-1) ग्रीन कार्ड की उपलब्धता आने वाले कुछ हफ्तों में खत्म हो सकती है. इसकी वजह इस श्रेणी में बहुत अधिक आवेदन और बढ़ती मांग बताई गई है. इस कारण पहले से ही लंबे इंतजार का सामना कर ... Read more
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शादी समारोह वाले घर में मौतों को ईरान ने बताया 'युद्ध अपराध', अमेरिका ने किया इनकार - BBC
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अमेरिका: क्या वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ खारिज होगा मामला? इस आधार पर मिल सकती है राहत
अमेरिका: क्या वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ खारिज होगा मामला? इस आधार पर मिल सकती है राहत
अमेरिका में 1984 के दंगों और पंजाब के आतंकवाद के दौर में उत्पीड़न की कथित कहानियां गढ़कर राजनीतिक शरण लेने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
अमेरिका में इलाज का बिल 22 लाख, भारत में सिर्फ 47 हजार! वायरल कहानी ने छेड़ी बहस
अमेरिका में इलाज का बिल 22 लाख, भारत में सिर्फ 47 हजार! वायरल कहानी ने छेड़ी बहस
न ड्राइवर, न इंसान! अमेरिका में फूड डिलीवरी रोबोट देख हैरान हुए देसी माता-पिता; रिएक्शन ने जीता दिल
न ड्राइवर, न इंसान! अमेरिका में फूड डिलीवरी रोबोट देख हैरान हुए देसी माता-पिता; रिएक्शन ने जीता दिल
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पहुंचा थाईलैंड, फुटेज में जाने 5 दिन पटाया में रहेंगे 5 हजार सैनिक; नाइटलाइफ इलाकों पर पाबंदी
ईरान की मदद करने वाले देशों को अमेरिका की चेतावनी, मार्को रुबियो ने कही प्रतिबंध लगाने की बात
ईरान की मदद करने वाले देशों को अमेरिका की चेतावनी, मार्को रुबियो ने कही प्रतिबंध लगाने की बात
जी20 सम्मेलन: आरबीआई गवर्नर ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व और आईएमएफ अधिकारियों से की मुलाकात
एशविले (उत्तरी कैरोलिना), 3 सितंबर . भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित जी20 बैठक के दौरान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की. इसकी जानकारी आरबीआई ने दी. मल्होत्रा ने जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक ... Read more
अमेरिका की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने भारतीय मूल के नागरिक गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया है।
अमेरिका ने भारत को धमकाने की कोशिश, PM मोदी की किस मुलाकात पर भड़का?
इससे पहले पीएम मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात के बाद बताया था कि बैठक के दौरान दोनों ने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।
अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक ही दिन में लगभग 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल ले जा रहे 40 कमर्शियल जहाज़ों को अमेरिकी सैन्य सुरक्षा (Escort) के तहत सुरक्षित जलमार्ग से निकाला गया। युद्ध शुरू होने के बाद से इसे एक रिकॉर्ड ऑपरेशन माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष से पहले इस रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग से रोजाना लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुज़रता था। CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि मंगलवार को चलाए गए ऑपरेशन के दौरान, अमेरिका ने हवा, समुद्र और अंतरिक्ष-आधारित साधनों का इस्तेमाल किया। साथ ही, ड्रोन हमलों से जहाज़ों की सुरक्षा करते हुए ईरान की कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाने की क्षमता को कम करने के लिए हमले भी जारी रखे। इसे भी पढ़ें: Sahibganj में CBI अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने व्यक्ति को 'Digital Arrest' कर ऐंठे 1.20 करोड़ रुपये एक अधिकारी ने बताया कि एस्कॉर्ट ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलों को भी नाकाम कर दिया। यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने अपनी युद्ध रणनीति का ज़्यादातर ध्यान होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर केंद्रित किया है। इस रणनीति में अहम जलमार्ग के आसपास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले करना, जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षा देना और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी बनाए रखना शामिल है। अधिकारियों ने इसे ईरान के नेतृत्व पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए फुल कोर्ट प्रेस (हर तरह से दबाव बनाने की कोशिश) का नाम दिया है। ऑपरेशन सफल होने के बावजूद, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस संघर्ष का जल्द समाधान होने की संभावना कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा कंपनियाँ अब भी सैन्य सुरक्षा के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने को बहुत जोखिम भरा मानती हैं। इस जलमार्ग से जहाज़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को भी प्रभावित कर रही हैं। ऊर्जा की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाज़ार में अस्थिरता बढ़ रही है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को ज़मीन के नीचे ही रहने देने और सैटेलाइट तस्वीरों के ज़रिए उस पर नज़र रखने को तैयार हैं। पिछले साल ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों के दौरान यह सामग्री पूरी तरह नष्ट नहीं हुई थी। इसे भी पढ़ें: India-Iran Trade Agreements की खबरों पर अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का बड़ा बयान, कहा- कोई बातचीत नहीं हो रही है... ट्रंप की ये बातें उनके पहले के रुख से बदलाव दिखाती हैं, जब उन्होंने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित करना इस संघर्ष की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक बताया था। अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ के आस-पास 60 ठिकानों पर हमला किया CNN की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका ने अपनी मौजूदा रणनीति के तहत कई मोर्चों पर एक साथ सैन्य अभियान चलाया। इसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आस-पास लगभग 60 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए और साथ ही कमर्शियल जहाजों को उस जलमार्ग से सुरक्षित निकाला गया। इन ठिकानों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सेना इस जलडमरूमध्य के पास आक्रामक अभियान जारी रखेगी, क्योंकि ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से बनाने और बहाल करने की क्षमता दिखाई है। एक अधिकारी ने इस लगातार चल रहे अभियान की तुलना घास काटने या व्हैक-ए-मोल (whack-a-mole) गेम से की। उन्होंने बताया कि ईरान को कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता फिर से हासिल करने से रोकने के लिए बार-बार हमले करने की ज़रूरत है। ईरान पर नए हमलों के बारे में ट्रंप बुधवार को ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के हालिया हमलों में सिर्फ़ ईरानी रडार सिस्टम को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि इसका मकसद तेहरान की उस क्षमता को और कम करना भी था जिससे वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों पर नज़र रखता है। ट्रंप ने कहा, वे जहाजों को देखने की कोशिश कर रहे थे। वे उन्हें नहीं देख सकते क्योंकि उनके पास रडार नहीं है, क्योंकि हमने उसे उड़ा दिया था, और कल रात हमने उनके रडार से कहीं ज़्यादा चीज़ें तबाह कर दीं। ट्रंप ने इस अभियान के दौरान निशाना बनाए गए अन्य ठिकानों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। हालांकि, उन्होंने फिर ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका का इस रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग पर नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने यह भी दिखाया है कि वे तट के किनारे ईरानी सैन्य संसाधनों पर हमला करने के साथ-साथ कमर्शियल जहाजों को हमलों से बचाने में भी सक्षम हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक शिपिंग रूट में से एक बना हुआ है। इस जलमार्ग के आस-पास लगातार हो रहे सैन्य टकराव ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई, एनर्जी की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर इस संघर्ष के व्यापक असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
अमेरिका, चीन और इजरायल आगे, लेकिन भारत भी बन सकता है वैश्विक एआई पावर: एलेक्स कार्प
चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना), 3 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स कंपनी पैलेंटिर टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेक्स कार्प ने कहा है कि भारत एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शक्ति के रूप में उभर सकता है। उन्होंने इसके लिए देश की तकनीकी प्रतिभा, ऊर्जा क्षेत्र में की गई पहल और उन्नत एआई मॉडल विकसित करने की क्षमता को प्रमुख कारण बताया।
जीडीपी में वृद्धि से भारत ने दिखाया दम: अमेरिका में निवेशकों से बोलीं सीतारमण- वैश्विक संकट के बीच मजबूती कायम---India Records 7.8% GDP Growth Despite Global Disruptions, Sitharaman Highlights Economic Resilience in US
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और ईरान के बीच किसी संभावित व्यापार समझौते की अटकलों को खारिज किया है। बुधवार को एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देश किसी व्यापारिक समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश ईरान की सरकार के साथ बातचीत करते हैं। रुबियो की यह टिप्पणी ‘फॉक्स न्यूज रेडियो’ के ‘द ब्रायन किलमीड शो’ में एक साक्षात्कार के दौरान आई। रुबियो से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई मुलाकात के बारे में सवाल पूछा गया था। इसे भी पढ़ें: Muzaffarnagar में मेले के विवाद पर BNS धारा 105 के तहत 5 गिरफ्तार, नहर से शव बरामद कार्यक्रम के प्रस्तोता ब्रायन किलमीड की इस टिप्पणी पर कि मोदी और पेजेश्कियन व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, रुबियो ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौता को लेकर बातचीत हो रही है। जाहिर तौर पर सभी देश अपनी-अपनी विदेश नीति बनाते हैं और दुनिया के कई देश ईरान की सरकार के साथ बातचीत करते हैं।’’ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी देश को ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Odisha में BJD का आरोप, SIR के तहत अल्पसंख्यक वोटरों पर Form 7 का गलत इस्तेमाल मुख्य बिंदु: व्यापार वार्ता से इनकार: रुबियो ने कहा कि भारत और ईरान के बीच व्यापार समझौते पर कोई बातचीत नहीं हो रही है। स्वतंत्र विदेश नीति: उन्होंने माना कि दुनिया के कई देश अपनी विदेश नीति के तहत ईरान की सरकार के साथ बातचीत करते हैं। प्रतिबंधों पर रुख: उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, किसी भी देश को ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
तेहरान, 3 सितंबर . ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका के हमलों में 18 लोगों की मौत हुई है और 108 अन्य लोग घायल हुए हैं. यह जानकारी ईरानी President कार्यालय की वेबसाइट पर स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रेजा जफरगांदी के बयान के हवाले से दी गई. ... Read more
चीन के लिए जासूसी करने वाले अमेरिकी पत्रकार को 2 साल की जेल, जानें कितने में बेचा था जमीर
अमेरिकी पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को चीन के लिए विदेशी एजेंट के रूप में काम करने के मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, उसे चीनी एजेंटों के लिए रिपोर्ट तैयार करने और लोगों की भर्ती के बदले कम से कम 1 लाख डॉलर मिले।
SCO बैठक से इतर PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की मीटिंग से अमेरिका को मिर्ची लग गई है। इसको लेकर रिएक्शन देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दोनों में कोई ट्रेड डील हुई है।
मोदी-पेजेशकियन मुलाकात के बाद अमेरिका की चेतावनी, ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर भी लग सकते हैं प्रतिबंध
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच हुई अहम द्विपक्षीय बैठक ने वैश्विक भू-राजनीति में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा तेहरान की आर्थिक घेराबंदी के बीच दोनों शीर्ष नेताओं ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराया, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार के दायरे (Trade Basket) को विस्तार और विविधता देने पर भी खुलकर सहमति जताई। इस कूटनीतिक गर्मजोशी और संभावित व्यापार समझौते की आहट से वॉशिंगटन के नीति-नियंता असहज हो उठे हैं और अमेरिका की ओर से तत्काल आर्थिक प्रतिबंधों (Sanctions) की सख्त चेतावनी जारी कर दी गई है।बिश्केक में क्या हुआ: दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर बनी सहमति?किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच यह पहली औपचारिक आमने-सामने की विस्तृत बैठक थी। बैठक के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि भारत और ईरान के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंध बेहद मजबूत हैं और आने वाले समय में दोनों देश अपने ट्रेड बास्केट को तेजी से विस्तार देना चाहते हैं।विदेश मंत्रालय (MEA) और ईरानी बयानों के मुताबिक वार्ता में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर रणनीतिक सहमति बनी:व्यापार और आर्थिक सहयोग: ऊर्जा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, तकनीकी क्षेत्र और गैर-तेल उत्पादों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।चाबहार बंदरगाह और कनेक्टिविटी: चाबहार पोर्ट के माध्यम से इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) को गति देने और मध्य एशिया तक भारत की सीधी पहुंच को बरकरार रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।पश्चिम एशिया में शांति व नेविगेशन की स्वतंत्रता: पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों, नाविकों और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी विवादों को कूटनीति और संवाद से सुलझाने पर बल दिया।ब्रिक्स समिट का आमंत्रण: प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने का न्योता भी दिया।अमेरिका को क्यों सता रहा है व्यापार समझौते का डर?व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग के माथे पर इस बैठक के बाद चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। अमेरिका ने हाल ही में ईरान पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' शुरू किया है, जिसके तहत डिजिटल एसेट्स, शिपिंग, टेक्नोलॉजी, सोना और एविएशन जैसे 5 प्रमुख आर्थिक सेक्टरों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका की पूरी कोशिश ईरान को वित्तीय रूप से वैश्विक व्यवस्था से अलग-थलग करने की है।ऐसे माहौल में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत का ईरान के साथ खुलकर व्यापार बढ़ाने की बात करना अमेरिकी रणनीति को बड़ा झटका देता है। अमेरिका को डर है कि:यदि भारत और ईरान के बीच स्थानीय मुद्राओं (रुपया-रियाल तंत्र) में व्यापार बहाल या विस्तारित होता है, तो अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व और प्रतिबंधों की धार कुंद पड़ जाएगी।चाबहार पोर्ट के माध्यम से होने वाला व्यापार यूरेशिया और रूस तक एक ऐसा वैकल्पिक सप्लाई रूट बना देगा, जिसे अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी या प्रतिबंधों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता।रणनीतिक रूप से निष्पक्ष भारत यदि ईरान को आर्थिक सहारा देता है, तो मध्य पूर्व में पश्चिमी दबाव की नीति बेअसर साबित हो सकती है।अमेरिकी प्रशासन की नई चेतावनी: 'ट्रेड करने वाले मुल्कों पर भी गिर सकती है गाज'पीएम मोदी और पेजेश्कियन की मुलाकात के फौरन बाद अमेरिकी विदेश विभाग और ट्रेजरी सेक्रेटरी की ओर से सख्त संदेश जारी किए गए। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी देश ऐसा रास्ता न बनाए जिससे ईरान को आर्थिक ऑक्सीजन या कमाई का जरिया मिले। वॉशिंगटन ने दोहराया कि जो भी देश या विदेशी संस्थाएं प्रतिबंधित क्षेत्रों में ईरान के साथ वित्तीय लेनदेन करेंगी, उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है या डॉलर क्लियरिंग सिस्टम से बाहर किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ईरान से जुड़े कथित पेट्रोकेमिकल लेन-देन के आरोप में अमेरिका भारतीय मूल की कुछ निजी कंपनियों पर कार्रवाई कर चुका है, जिससे वह भारत पर परोक्ष दबाव बनाने की कोशिश में जुटा है।भारत की स्वतंत्र विदेश नीति: दबाव के आगे झुकने से साफ इनकारअमेरिकी धमकियों और पाबंदियों की आशंकाओं के बावजूद भारत का रुख पूरी तरह संतुलित और 'स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी' (रणनीतिक स्वायत्तता) पर आधारित है। नई दिल्ली ने हर वैश्विक मंच पर यह स्पष्ट किया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों, ऊर्जा सुरक्षा और यूरेशियाई कनेक्टिविटी के लिए फैसले स्वतंत्र रूप से लेता है।चाबहार का रणनीतिक महत्व: भारत के लिए चाबहार सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, बल्कि पाकिस्तान को बाइपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों से जुड़ने का लाइफलाइन कॉरिडोर है।विश्व मित्र की भूमिका: ईरानी राष्ट्रपति ने खुद पीएम मोदी से अपील की है कि भारत अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का इस्तेमाल कर मध्य पूर्व में युद्ध और रक्तपात को रोकने में मध्यस्थ की भूमिका निभाए। भारत जहां एक ओर इजराइल और अमेरिका के साथ गहरे रक्षा व रणनीतिक संबंध साझा करता है, वहीं ईरान के साथ उसके हजारों साल पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं।बिश्केक में हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बहुध्रुवीय (Multipolar) विश्व व्यवस्था में भारत किसी भी महाशक्ति के एकतरफा प्रतिबंधों के दबाव में आकर अपने दीर्घकालिक क्षेत्रीय और आर्थिक हितों की अनदेखी करने को तैयार नहीं है।
अमेरिका से जैवलिन मिसाइल की डील 'आत्मनिर्भर भारत' की परीक्षा? देखें कूटनीति
भारत में अमेरिकी जैवलिन (Javelin) मिसाइलें तैयार होने जा रही हैं. सुनने में यह 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में बड़ा कदम लगता है. लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है. इस मिसाइल का मुख्य 'दिमाग' यानी गाइडेंस सिस्टम अमेरिका में ही बनेगा, जबकि भारत में सिर्फ असेंबली होगी. दूसरी तरफ, यूक्रेन युद्ध ने दिखा दिया है कि कैसे एक सस्ता ड्रोन करोड़ों की कीमत वाले टैंक को तबाह कर सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत कल की जंग के लिए पुराना हथियार खरीद रहा है? देखें कूटनीति.
ट्रंप की एक दलील नहीं सुनी, अमेरिका के बर्थराइट सिटिजनशिप पर आया बड़ा अपडेट
मैरीलैंड की संघीय जज डेबोरा बोर्डमैन ने ट्रंप प्रशासन के उस नए आदेश पर शुरुआती रोक लगा दी, जो अमेरिका में जन्मे कुछ बच्चों की नागरिकता सीमित करना चाहता था. अदालत ने कहा कि क्लास एक्शन में शामिल बच्चे जन्म से नागरिक हैं, इसलिए एजेंसियां फिलहाल उनकी नागरिकता में दखल नहीं दे सकतीं.
अमेरिका के मिनियापोलिस अपार्टमेंट में गोलीबारी से दहशत, 2 की मौत
अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। पुलिस के अनुसार, घटना में दो लोगों की मौत हो गई और गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया
अमेरिका ने ईरान पर फिर हमला किया
दो दिन की शांति के बाद एक बार फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया।
ट्रंप ने पोस्ट में कहा कि अगर होर्मुज अमेरिका के नियंत्रण में है, तो इसका नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' क्यों न कर दिया जाए। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर इस समुद्री रास्ते को चर्चा में ला दिया है।
'जिस देश ने भी ईरान की मदद की...', पेजेश्कियन से PM मोदी की मुलाकात पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की थी.
5000 अमेरिकी सैनिक आराम करने थाईलैंड पहुंचे, देह व्यापार वाले इलाके में जाने पर लगी रोक
अमेरिकी नौसेना का विमान वाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पूर्वी थाईलैंड के लेम चाबांग बंदरगाह पहुंच गया है। अमेरिकी सैनिक विश्राम के लिए यहां पहुंचे हैं। इसके बाद अब पुलिस ने देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
'खुश हूं... प्रिंस हैरी और मर्केल अमेरिका छोड़कर चले गए', बोले ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने खास तौर पर मेघन मार्कल की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि मुझे उनका व्यवहार पसंद नहीं आया. वह बेहद असम्मानजनक थीं.
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका की ओर से तरजीही दरों की पेशकश आने के बाद ही अंतिम रूप से यह ऐतिहासिल सौदा हो पाएगा।
अमेरिका में फिर गोलीबारी: मिनियापोलिस में किसने बरसाईं गोलियां? एक की मौत, पुलिस अधिकारियों समेत पांच जख्मी us-minneapolis-shooting-one-killed-many-injured-two-police-officers-fbi
भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने में रूस शीर्ष पर बरकरार, एलपीजी और एलएनजी देने में अमेरिका नंबर वन
अमेरिका अब भारत को रसोई गैस और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा साझेदार बनकर उभरा है।
अमीर और ताकतवर देशों में डर: 40% मानते हैं, 250 साल में खत्म होगा अमेरिका; निराशा की वजह क्या?
अमीर और ताकतवर देशों में डर: 40% मानते हैं, 250 साल में खत्म होगा अमेरिका; निराशा की वजह क्या? why-western-countries-are-pessimistic-and-middle-income-nations-are-optimistic-about-future
जी-20 बैठक में घमासान: अमेरिका पर बिफरे यूरोपीय देश, कनाडा से तीखी नोकझोंक; जर्मनी-फ्रांस ने भी उठाए सवाल g20-finance-meeting-donald-trump-economic-model-faces-backlash-from-allies-criticize-us-policies-canada-france
विदेश के समाचार: अमेरिका के वर्जीनिया के प्राथमिक स्कूल में गोलीबारी, एक वयस्क घायल; सभी बच्चे सुरक्षित world-news-updates-hindi-bangladesh-gaza-war-israel-pakistan-us-syria-west-asia-russia-ukraine-nepal-china
पीएम मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात पर क्यों अमेरिका की नजर?: रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच व्यापार समझौता नहीं marco-rubio-on-pm-modi-masoud-pezeshkian-meeting-says-india-iran-not-talking-trade-deal
Shamli News: कनाडा-अमेरिका में बैठे गोगी गैंग के सदस्यों के लिए रेड कॉर्नर नोटिस होगा जारी
Red Corner Notice to be issued against Gogi gang members based in Canada and America
ट्रंप के अमेरिका में जनता कितनी नाराज? 89 फीसदी लोगों ने सरकार को बताया भ्रष्ट
गैलप के नए सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 10 में से 9 अमेरिकी मानते हैं कि अमेरिकी सरकार में भ्रष्टाचार व्यापक है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वाइट हाउस में लौटने के बाद यह आंकड़ा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट कर दें...; ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का नया दांव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' रखने का सुझाव दिया। ईरान युद्ध के बीच ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह रणनीतिक जलमार्ग अब अमेरिका के नियंत्रण में है, इसलिए इसका नाम भी बदला जाना चाहिए।
अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल अटैक 18 की मौत, 108 घायल
वेस्ट एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें 18 लोगों की मौत और 108 घायल हुए हैं.
भारतीय कंपनियों का अमेरिका में रिकॉर्ड निवेश, अमेरिकी राजदूत ने किया खुलासा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों से वैश्विक स्तर पर विनिर्माण करने का आग्रह किया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 24 अरब डॉलर का नया निवेश किया है, जिससे नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास निवेश आकर्षित करने में सबसे आगे रहा।
'तो अब होर्मुज का नाम ट्रंप स्ट्रेट कर दें...', अमेरिकी राष्ट्रपति का नया शिगूफा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक विवादित बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि अब जब यह जलडमरूमध्य अमेरिका के नियंत्रण में है, तो इसका नाम 'ट्रंप स्ट्रेट' रखा जाना चाहिए.
खतरनाक मिसाइलें बनाने में ईरान की मदद कर रहा रूस, अमेरिका के खिलाफ हो सकती हैं इस्तेमाल
ऐसी मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान अमेरिका के साथ चल रहे जंग में कर सकता है। युद्धपोतों को टारगेट करने के लिए ईरान ये मिसाइलें दाग सकता है। एक्सपर्ट्स ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी लगभग पक्का एंटी-शिप और लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलों के लिए थी।
शादी समारोह वाले घर में मौतों को ईरान ने बताया 'युद्ध अपराध', अमेरिका ने किया इनकार
ईरानी रेड क्रिसेंट का कहना है कि शादी समारोह के घर पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल था. लेकिन अमेरिकी सेना का कहना है कि वह कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है.
नेपाल ने चीन-अमेरिका, भारत से मांगा हर्जाना, UN जाएंगे बालेन शाह
नेपाल ने बागमती प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के लिए चीन, भारत और अमेरिका को जलवायु मुआवजे की मांग की है. प्रधानमंत्री बालेन शाह यूएन महासभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं.
प्रीति जिंटा ने फिल्म ‘वाइब’ की शूटिंग के दौरान रोजाना करीब 18 घंटे काम करने की वजह बताई है. एक्ट्रेस ने कहा कि वह जल्द से जल्द काम पूरा करके अमेरिका में अपने बच्चों के पास लौटना चाहती थीं.
अमेरिका में नौकरी और स्थायी निवास का सपना देख रहे लाखों भारतीय पेशेवरों के लिए चौंकाने वाली खबर है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए कुछ भारतीयों को अब 179 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है, खासकर EB-2 श्रेणी में।
New Delhi, 2 सितंबर . वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे, जहां वह जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच जारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते की वार्ता पर चर्चा करेंगे. यह जानकारी India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने ... Read more
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने मंगलवार रात ईरान के सिरिक, खुज़ेस्तान, क़ेश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में 12 लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए हैं। ईरान का ...
अमेरिकी हमलों से निपटने के लिए हम नई रणनीति अपनाएंगे - ईरान
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान नई रणनीति अपनाएगा
दिग्गज गोल्फर टाइगर वुड्स का ड्राइविंग लाइसेंस को 5 साल के लिए सस्पेंड हो गया है। फ्लोरिडा कोर्ट ने 27 मार्च के रोड एक्सीडेंट को उनकी दूसरी लापरवाही माना है। 50 साल के वुड्स बुधवार को मार्टिन काउंटी कोर्ट में आरोप बदलने की सुनवाई के लिए पेश हुए थे। उन्होंने खुद के दोषी न होने की अपील दायर की थी। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार वुड्स ने DUI गिरफ्तारी का केस खत्म करने के लिए एक समझौता किया है। इसके अनुसार DUI आरोप को दूसरी बार लापरवाही से ड्राइविंग के आरोप में बदला दिया गया। समझौते की शर्तों में जेल की सजा का प्रावधान भी है। पिकअप से टकरा गई थी वुड्स की कार यह मामला 27 मार्च को हुए कार एक्सीडेंट से जुड़ा है। वुड्स की गाड़ी एक पिकअप ट्रक से टकरा गई थी, जिसके बाद उनकी कार पलट गई। वुड्स और ट्रक के ड्राइवर दोनों को चोट नहीं लगी। वुड्स ने पुलिस को बताया था कि हादसे के समय उन्होंने अपना फोन नीचे देखा और रेडियो स्टेशन बदल रहे थे। सोब्रायटी टेस्ट में फेल होने के बाद गिरफ्तारी सोब्रायटी टेस्ट में फेल होने के बाद वुड्स को गिरफ्तार किया गया था। ब्रीथलाइजर टेस्ट में शराब का कोई अंश नहीं मिला, लेकिन वुड्स ने यूरिन टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। अफसरों के अनुसार वुड्स ने बताया था कि उन्होंने कुछ गोलियां ली थीं। मार्टिन काउंटी शेरिफ ऑफिस की ओर से जारी गिरफ्तारी के हलफनामे के मुताबिक वुड्स की जेब से बाद में हाइड्रोकोडोन की दो गोलियां मिली थीं। यह हलफनामा द एथलेटिक ने देखा है। अफसरों ने वुड्स को ‘सुस्त’ बताया था। इसके बाद उन पर प्रॉपर्टी डैमेज के साथ DUI और कानूनी यूरिन जांच कराने से इनकार करने का आरोप लगाया गया था। वकील ने दोनों आरोपों में निर्दोष बताया था वुड्स के वकील डगलस डंकन ने 31 मार्च को उनकी ओर से दोनों आरोपों में निर्दोष होने की दलील दी थी। उन्होंने जूरी ट्रायल की मांग भी की थी। उसी दिन वुड्स ने कुछ समय के लिए ‘खुद को अलग करने’ और ‘इलाज कराने’ की बात कही थी। उन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति दी गई थी और उन्होंने स्विट्जरलैंड के एक रिहैब सेंटर में कई हफ्ते बिताए थे। 2017 में भी DUI केस हुआ था डंकन 2017 के DUI केस में भी वुड्स के वकील थे। उस केस में वुड्स ने लापरवाही से ड्राइविंग का आरोप स्वीकार किया था और DUI डायवर्जन प्रोग्राम पूरा किया था। उन्हें निगरानी पर रखा गया था और 50 घंटे की सामुदायिक सेवा करनी पड़ी थी। वापसी के बाद कम ही नजर आए वुड्स वापसी के बाद वुड्स को कभी-कभार ही सार्वजनिक तौर पर देखा गया है। जून में वे PGA टूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में थोड़ी देर के लिए नजर आए थे, जहां उन्होंने नया शेड्यूल जारी किया था। उन्होंने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब नहीं दिए थे। पिछले हफ्ते उन्होंने अपने दोस्त और स्टैनफोर्ड के पूर्व साथी नोटाह बेगे के लिए एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। बेगे को अटलांटा में हुए टूर चैंपियनशिप के दौरान पेन स्टुअर्ट अवॉर्ड मिला था।
यूक्रेन पर और हमले...ईरान को खुला समर्थन; यूरोप-अमेरिका के दबाव को पुतिन ने दिखाया ठेंगा
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर और अधिक हमले करने तथा अमेरिका के खिलाफ चल रहे संघर्ष में ईरान को अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है।
अमेरिका की PrSM मिसाइल पर ईरान में बड़ा खुलासा!
अमेरिका की प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइल यानी PrSM को लेकर ईरान के लामेर्ड हमले के बाद सवाल उठ रहे हैं. एयरवॉर्स के विश्लेषण के मुताबिक तीन मिसाइल हमलों में 21 नागरिकों की मौत हुई और कुछ लोग विस्फोट वाली जगह से 50 मीटर तक दूर मारे गए. नुकसान का दायरा करीब 170 मीटर तक पाया गया. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लामेर्ड पर हमला करने की जिम्मेदारी से इनकार किया है.
पश्चिम एशिया संकट पर अमेरिका का सुरक्षा अलर्ट, सऊदी अरब में अपने नागरिकों को सतर्क रहने की दी सलाह
रियाद, 2 सितंबर . ईरान पर हमले और फिर जवाबी कार्रवाई के बीच अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. सऊदी अरब स्थित अमेरिकी मिशन ने सुरक्षा अलर्ट में कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है और अचानक तनाव बढ़ने की आशंका ... Read more
'अमेरिका मत आना', आखिर क्यों इस शख्स ने छात्रों से की अपील
अमेरिका मत आना... ये हम नहीं बल्कि एजुकेशन के वीडियो बनाने वाले एक्सपर्ट अनुष्क शर्मा कह रहे हैं. उन्होंने भारतीय छात्र से अपील की है कि वह कहीं और चले जाए पढ़ने के लिए लेकिन अमेरिका न आए. अब सवाल ये है कि आखिर उन्होंने क्यों ऐसी बातें छात्रों से क्यों कही है?
'हमें भारत पर पूरा भरोसा...', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यूएस-इंडिया के रिश्तों पर कह दी बड़ी बात
सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देश एक ऐसे व्यापारिक रिश्ते का निर्माण कर रहे हैं जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों के लिए फायदेमंद हो.
भारत, चीन और अमेरिका से नेपाल ने मांगा
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ अब सिर्फ एक मानवीय त्रासदी नहीं रह गई है। इसके बाद काठमांडू ने इस आपदा को जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान और उसकी जिम्मेदारी के बड़े अंतरराष्ट्रीय सवाल से जोड़ दिया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने कहा है कि देश अब आपदा के बाद मिलने वाली मदद को केवल राहत या दान के तौर पर नहीं देखना चाहता। नेपाल की कोशिश है कि जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई को 'न्याय और मुआवजे' के मुद्दे के रूप में अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाए।
आईआईटी खड़गपुर : पहले ही प्रयास में अमेरिका की एयरोनॉटिक्स प्रतियोगिता में एशिया में पांचवें स्थान पर
अमेरिका-ईरान ने एक-दूसरे पर फिर किए हमले, पांच लोगों की मौत
दिनभर की तमाम जरूरी और बड़ी खबरें एक साथ
US Green Card Backlog News: अमेरिका में बसने और ग्रीन कार्ड हासिल करने का सपना देख रहे लाखों भारतीय पेशेवरों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। थिंक-टैंक 'नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी' (NFAP) के एक नए आकलन के अनुसार, अगर किसी भारतीय प्रोफेशनल ने जनवरी 2026 या उसके बाद एंप्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया है, तो उसे ग्रीन कार्ड पाने के लिए 179 साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।अमेरिकी इमिग्रेशन नियमों के कड़े कोटा और लंबित आवेदनों के विशालकाय ढेर के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एनएफएएपी की इस रिपोर्ट में क्या-क्या बड़े खुलासे हुए हैं और किस कैटेगरी में कितना इंतजार करना होगा।बैकलॉग का गणित: 79% आवेदक अकेले भारत सेNFAP के आकलन के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक अमेरिका में एंप्लॉयमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन बैकलॉग 12 लाख के आंकड़े को पार कर गया था। कुल 12 लाख लंबित आवेदनों में से लगभग 10 लाख आवेदक अकेले भारत से हैं। इसका मतलब है कि ग्रीन कार्ड की कतार में खड़े कुल कर्मचारियों और उनके परिजनों में 79 फीसदी हिस्सेदारी केवल भारतीयों की है।किस कैटेगरी के इमिग्रेंट को कितना इंतजार करना होगा? आखिर क्यों बना 179 साल का ये चक्रव्यूह?इसके पीछे अमेरिकी कांग्रेस द्वारा सालों पहले तय किए गए दो बड़े नियम जिम्मेदार हैं:सालाना 1.40 लाख की सीमा: अमेरिका में हर साल एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड केवल 1,40,000 ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा है, जिसे अमेरिकी कांग्रेस ने साल 1990 में तय किया था।7% का प्रति-देश कोटा: नियम के मुताबिक, किसी भी देश के आवेदकों को कुल जारी होने वाले ग्रीन कार्ड्स का 7 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं मिल सकता। चाहे उस देश की आबादी कितनी भी हो या वहां से कितने भी योग्य आवेदक क्यों न आ रहे हों।आंकड़ों से समझें हर साल कैसे बढ़ता गया बैकलॉगवित्त वर्ष 2016: EB-2 कैटेगरी के तहत 98,594 भारतीय कर्मचारियों और उनके आश्रितों के आवेदन मंजूर हुए, लेकिन ग्रीन कार्ड केवल 4,407 लोगों को मिला। बाकी बचे 94,000 से ज्यादा लोग कतार में जुड़ गए।वित्त वर्ष 2017: 84,928 भारतीयों के आवेदन स्वीकृत हुए, जबकि ग्रीन कार्ड मिला केवल 3,328 को। लगभग 81,600 लोग फिर वेटिंग लिस्ट में चले गए।वित्त वर्ष 2018: 80,999 भारतीयों को मंजूरी मिली, लेकिन ग्रीन कार्ड मात्र 4,527 को मिला। यानी 76,472 लोग और जुड़ गए।NFAP के आंकड़ों के अनुसार, केवल EB-2 कैटेगरी में ही दिसंबर 2025 तक लगभग 7,31,566 भारतीय ग्रीन कार्ड के इंतजार में कतार में फंसे हुए थे।
अमेरिका में जन्म लेते ही नहीं मिलेगी नागरिकता? ट्रंप का नया प्लान
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जन्मजात नागरिकता के नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार अब देश में बच्चों के पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले माता-पिता से उनकी खुद की नागरिकता या इमीग्रेशन स्टेटस का प्रमाण मांगने …
नेपाल ने भारत-चीन-अमेरिका से मांगा मुआवजा! कहा- जलवायु संकट हमने नहीं बनाया, कीमत हम क्यों चुकाएं?
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब मामला राहत और बचाव से आगे बढ़कर क्लाइमेट जस्टिस यानी जलवायु न्याय तक पहुंच गया है। नेपाल ने दुनिया के बड़े ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक देशों में शामिल भारत, चीन और अमेरिका से जलवायु से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग उठाई है। नेपाल का कहना है […] The post नेपाल ने भारत-चीन-अमेरिका से मांगा मुआवजा! कहा- जलवायु संकट हमने नहीं बनाया, कीमत हम क्यों चुकाएं? first appeared on Sanjeevni Today .
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, वीडियो में जाने अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दागीं मिसाइलें और ड्रोन; ट्रंप बोले- समझौते की जरूरत नहीं
मानसा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी है। किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकारें किसान विरोधी कानून ला रही हैं, जिनका वे विरोध कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने पंजाब भर के जिला मुख्यालयों पर किसानों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने शुरू किए हैं। मानसा में जिला प्रधान राम सिंह भैणी बागा, महिंदर सिंह रोमाणा, कुलदीप सिंह कोर वाला, जगसीत सिंह जवाहरके और मेजर सिंह गोबिंदपुरा जैसे किसान नेता प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। वे केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की भारत-अमेरिका डील का भी विरोध किया। उनका कहना है कि इस डील से देश के किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को नुकसान होगा। पंजाब सरकार द्वारा किसानों की जमीनों की मैपिंग और लैंड पूलिंग नीति लाने का भी लगातार विरोध किया जा रहा है। 13 मांगों को लेकर चल रहा प्रदर्शन किसान नेताओं ने बताया कि देश के किसान और मजदूर कर्ज के बोझ तले दबे हैं। उनका पूरा कर्ज माफ किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकारें बड़े घरानों के कर्ज माफ कर रही हैं, जबकि छोटे किसानों और मजदूरों के घरों पर ताले लगाए जा रहे हैं। किसान नेताओं ने साफ किया कि पंजाब भर में चल रहे इन धरनों में किसानों की 13 मुख्य मांगें केंद्र और पंजाब सरकार से जुड़ी हैं। जब तक सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती, तब तक ये धरने जारी रहेंगे।
Share Market: सेंसेक्स 500 अंक और निफ्टी 200 अंक टूटा: अमेरिका-ईरान तनाव से टूटा भारतीय शेयर बाजार
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ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमला! घर में गिरा मिसाइल का मलबा, 5 लोगों की मौत और दर्जनों घायल
ईरान के दक्षिणी हिस्से में एक शादी समारोह उस वक्त मातम में बदल गया, जब एक अमेरिकी हमले की चपेट में समारोह वाला घर आ गया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, सिरिक काउंटी के कुहस्तक इलाके में हुई इस घटना में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल […] The post ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी हमला! घर में गिरा मिसाइल का मलबा, 5 लोगों की मौत और दर्जनों घायल first appeared on Sanjeevni Today .
IRGC का दावा: अमेरिकी हमले के जवाब में कुवैत, जॉर्डन और इराक में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को दावा किया कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी 'अली अल-सलेम' एयर बेस, जॉर्डन में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एक सैन्य शिविर और इराक में एक अमेरिकी निगरानी प्रणाली को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
आईआरजीसी का दावा: अमेरिकी हमले के जवाब में कुवैत, जॉर्डन और इराक में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तेहरान, 2 सितंबर . ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Wednesday को दावा किया कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी ‘अली अल-सलेम’ एयर बेस, जॉर्डन में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एक सैन्य शिविर और इराक में एक अमेरिकी निगरानी प्रणाली को निशाना बनाकर हमले किए हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी ने ... Read more
अमेरिका ने ईरान में शादी समारोह में मिसाइल से किया हमला, 5 लोगों की हुई मौत
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग छिड़ गई है। दोनों ही देशों की ओर से एक-दूसरे पर हमले हो रहे हैं। अमेरिका की ओर से ईरान पर 3 दिन में दूसरी बार हमला हुआ है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान की ओर से हमले की पुष्टी की गई है। ईरान के अनुसार, सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिराए गिए। इसमें 5 लोगों की मौत हुई जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। अमेरिका की ओर से खुजस्तान प्रांत पर हुए हमले में 7 लोगों की मौत होने की खबर है। इस हमले में 8 लोग घायल हुए। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी बड़ा एक्शन लिया है। ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसमें कई लोगों मारे गए हैं। जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। ईरानी हमले जारी रहने के कारण स्थिति बदल भी सकती है। PC:hindi.asianetnews अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया
ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया; कई हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट किए ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि उसने जॉर्डन में कैंप टाइटन स्थित […] The post ईरान ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
अमेरिकी रक्षा प्रोजेक्ट का दिखाया सपना, कंपनियों से कथित तौर पर ऐंठे ₹1,000 करोड़; 3 गिरफ्तार|
पुलिस के अनुसार अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े कथित प्रोजेक्ट और इंडो-यूएस पैसिफिक पीस ट्रीटी के नाम पर कंपनियों को वर्क ऑर्डर का भरोसा दिया गया।
मां बनने के बाद लौटी थीं नौकरी पर, टाइम्स स्क्वायर में चाकू से हमला; बैंक ऑफ अमेरिका की वीपी की मौत
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में चाकू से हुए हमले में बैंक ऑफ अमेरिका की 32 वर्षीय वाइस प्रेसिडेंट एरिन पियाचेंटी की मौत हो गई। वह हाल ही में मातृत्व अवकाश के बाद काम पर लौटी थीं। हमले में एक 68 वर्षीय व्यक्ति भी घायल हुआ, जबकि पुलिस की गोलीबारी में संदिग्ध महिला हमलावर मारी गई।
अमेरिका में करीना, लोवेल और एडुआर्ड तूफान का बढ़ा खतरा
अमेरिका के दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ा है. वहीं प्रशांत महासागर में दो शक्तिशाली तूफान तेजी से बढ़ रहे हैं. इन मौसमी बदलावों पर वैज्ञानिक लगातार नजर रखे हुए हैं.
भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी ने ट्रंप सरकार से कर ली डील, अमेरिकियों को मिलेंगी सस्ती दवाएं
भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मा ने अमेरिकी सरकार से बड़ा समझौता किया है। इसके तहत US कार्यक्रमों को दवाएं Most Favoured Nation कीमत पर मिलेंगी। डील में कंपनी की भविष्य की इनोवेटिव दवाएं भी शामिल होंगी।
270 दिन समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन
करीब नौ महीने तक लगातार समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसेना का विशाल विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है। लंबी और थकाऊ तैनाती के बाद पोत पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को अब कुछ दिनों के आराम का मौका मिला है।
अमेरिका-कनाडा के बाद अब ब्रिटेन दौरे पर मोहन भागवत, आज से हो रही शुरुआत
सरसंघचालक मोहन भागवत का यह दौरा सात सितंबर तक चलेगा. इस दौरान मोहन भागवत ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात करेंगे.
ईरान में शादी समारोह बना अमेरिकी हमले का शिकार, बच्चे समेत 5 की मौत; 50 से ज्यादा लोग घायल
वॉशिंगटन डीसी/तेहरान , 02 सितंबर2026 । अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच दक्षिणी ईरान से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी हमले की चपेट में एक ऐसा घर आ गया जहां शादी समारोह चल रहा था। इस हमले में बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की […] The post ईरान में शादी समारोह बना अमेरिकी हमले का शिकार, बच्चे समेत 5 की मौत; 50 से ज्यादा लोग घायल appeared first on Rashtriya Ujala .
ईरान की अरब देशों को बड़ी धमकी: अमेरिकी सेना को हटाओ, वरना
ईरान की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है। तेहरान: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पॉलिटिकल डिपार्टमेंट के डिप्टी हेड, जनरल यादुल्लाह जवानी ने अरब देशों को चेतावनी दी है कि वे अपने इलाके से अमेरिकी सैन्य बलों को हटा लें, वरना उन्हें ईरान […] The post ईरान की अरब देशों को बड़ी धमकी: अमेरिकी सेना को हटाओ, वरना ‘करारा’ जवाब मिलेगा appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .
USS अब्राहम लिंकन और अन्य अमेरिकी जहाजों के थाईलैंड के लाम चाबांग पोर्ट पर पहुंचने के बाद नौसैनिकों को बसों के जरिए पटाया ले जाने की तैयारी है। बंदरगाह से पटाया की दूरी करीब 96 किलोमीटर है।
आर्थिक बर्बादी के भंवर में फंसा ईरान, होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण नहीं: अमेरिकी वित्त मंत्री
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान आर्थिक रूप से ‘मौत के भंवर’ में फंस गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक दबाव और सैन्य कार्रवाई का असर अंततः ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करेगा।
अमेरिका : लंदन के शो में हाई हील्स नहीं पहनेंगी एक्ट्रेस एरियाना ग्रांडे
लॉस एंजिल्स, अमेरिकी एक्ट्रेस और सिंगर एरियाना ग्रांडे ने बताया है कि वह लंदन में होने वाले अपने शो में हाई हील्स नहीं पहनेंगी। यह फैसला उन्होंने पैर में 'गहरा कट' लगने के बाद लिया है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी ईरान में एक घर पर अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई और 50 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। उस घर में शादी का जश्न चल रहा था। मरने वालों में 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। यह हमला होर्मुज़ प्रांत के सिरिक काउंटी में कुहेस्तक में हुआ, जो रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास है। यह हमला तब हुआ जब कुछ समय की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर से ज़बरदस्त लड़ाई शुरू हो गई थी। ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की निंदा की और देश के विदेश मंत्रालय ने इसे संघर्ष के दौरान आम नागरिकों की मौत की एक बड़ी कड़ी का हिस्सा बताया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, इस क्रूरता को उन अत्याचारों की कड़ी से अलग नहीं किया जा सकता जो इससे पहले हुए थे। उन्होंने मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर अमेरिकी हवाई हमले जैसी अन्य जानलेवा घटनाओं का ज़िक्र किया, जिसके बारे में ईरानी अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा युद्ध के पहले दिन इसमें 160 लोग मारे गए थे। इसे भी पढ़ें: कार से उतरना भूले मोदी-पुतिन, अंदर बना सबसे खतरनाक प्लान! पेंटागन ने मिनाब हमले के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। हालाँकि, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि यह हमला अमेरिकी सेना द्वारा पुराने टारगेटिंग डेटा का इस्तेमाल करने की वजह से हो सकता है। शादी समारोह पर हुए हमले पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत में ईरानी दूतावास ने इसे आतंकवादी अमेरिकी सेना का एक और अपराध बताया और कहा कि बंदर कुहेस्तक में शादी समारोह पर हुए हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए और 50 से ज़्यादा घायल हो गए। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने भी हमले में हताहतों की बढ़ती संख्या की जानकारी दी और घटनास्थल के दृश्य दिखाए। बचाव कार्य और हताहतों का आकलन जारी रहने के कारण ईरानी अधिकारियों की रिपोर्ट में अंतर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 68 लोग घायल हुए हैं। इसे भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में जंग, IRGC Vs ट्रंप, होने लगी मिसाइलों की बारिश अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ा शादी समारोह पर यह हमला ईरान पर अमेरिकी हमलों के एक नए दौर के बीच हुआ। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर हमले पूरे कर लिए हैं। अमेरिका ने कहा कि उसके लक्ष्यों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार इंस्टॉलेशन, समुद्री संपत्तियां, माइन बिछाने की क्षमताएं और संचार सुविधाएं शामिल थीं। ये हमले तब किए गए जब वाशिंगटन ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में माइन बिछाने की कोशिश करने और क्षेत्र में अमेरिकी बलों पर हमले करने का आरोप लगाया।
कच्चा तेल 97 डॉलर के पार, गैस पर भी असर, अमेरिका-ईरान टकराव से भारत में भी बढ़ी टेंशन
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने से गैस और ईंधन के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं.
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर जवाबी कार्रवाई की गई है।
Pharma Stocks: अमेरिकी इंवेस्टमेंट फर्म ने लिस्टिंग के दिन की खरीदारी, जोश में 5% उछल पड़े शेयर
Symbiotec Share Price: एक तरफ घरेलू मार्केट में कोहराम मचा हुआ है और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) औंधे मुंह गिर पड़े तो दूसरी तरफ सिंबॉयोटक फार्मालैब के शेयर रॉकेट बन गए। सिंबॉयोटेक के शेयर बिकवाली की आंधी के बीच 5% से ऊपर उछल पड़े। इसके शेयरों में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब लिस्टिंग के दिन बल्क डील्स के जरिए अमेरिका की इन्वेस्टमेंट फर्म थिंक इन्वेस्टमेंट्स की TIMF होल्डिंग्स ने सिंबॉयोटेक फार्मालैब के 3.77 लाख शेयर (0.58% हिस्सेदारी) ₹37.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹989.2 के भाव पर खरीदे।सिंबॉयोटेक के शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलाबल बीएसई पर यह 1.66% की बढ़त के साथ ₹1,114.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.19% चढ़कर ₹1,152.80 तक पहुंच गया था। मार्केट के माहौल की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी भी फिसलकर 23800 के नीचे आ गया था।कैसा रहा Symbiotec के लिए पहला दिनसिंबॉयोटक के ₹1757 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था लेकिन लिस्टिंग ने निराश किया। इसके आईपीओ के तहत ₹988 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और एक कारोबारी दिन पहले 1 सितंबर को एनएसई पर फ्लैट और बीएसई पर करीब 1% डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ। लिस्टिंग के बाद टूटकर BSE पर यह ₹933.80 तक आया था, जिससे रिकवर होकर यह ₹1,173.80 तक पहुंचा। इस ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के चलते भाव थोड़े नरम पड़े और दिन के आखिरी में यह ₹1095.95 (Symbiotec Share Price) पर बंद हुआ था।इसके आईपीओ की बात करें तो ओवरऑल यह 75.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹112.50 करोड़ कंपनी कर्ज हल्का करने, ₹29.53 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹105.02 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च करेगी।कैसी है सेहतसिंबॉयोटिक APIs (एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स), न्यूट्रिशनल इनग्रेडिएंट्स और स्पेशल्टी प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹100.06 करोड़ का शुद्ध मुनाफा मिला था जोकि अगले वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹96.79 करोड़ रह गया और फिर अगले वित्त वर्ष 2026 में यह रिकवर होकर ₹109.90 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना करीब 10% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹872.26 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹387.91 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,145.95 करोड़ पड़े थे।Symbiotec ने दिया शॉक, IPO को तगड़े रिस्पांस के बाद ₹988 के शेयरों की फीकी लिस्टिंगमार्केट में हाहाकार, इन 5 वजहों से Nifty आया 23800 के नीचेडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
प. एशिया तनाव: ईरान में शादी के जश्न पर बरसीं अमेरिकी मिसाइलें, चार साल के बच्चे समेत पांच की मौत; 50+ घायल---US Airstrikes in Iran: Wedding Hit Near Sirik, Several Killed Including Child, Over 50 Injured
शादी में बज रही थीं शहनाइयां, तभी गिरी अमेरिका की मिसाइल; ईरान में मचा हड़कंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तो उसे फिर से निशाना बनाया जाएगा। इस बीच ईरान में एक शादी समारोह पर अमेरिकी हमले में कई लोग मारे गए हैं।
नई दिल्ली, 2 सितंबर . ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने अमेरिकी हमलों के जवाब में चेतावनी दी कि ईरान इन क्रूर घटनाओं का दृढ़ता से जवाब देगा. उन्होंने चुप रहने वाली Governmentों व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे. बाघेई ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ... Read more
'भारत घूमने के लिए पैसे बचाना...' अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला ने विदेश में जीवन की कड़वी सच्चाई बताई
पहली बार अमेरिका जाने पर भारत की कौन सी ज्यादा याद आती है? इस शख्स ने पोस्ट में शेयर किया; हो रही वायरल
Mumbai , 2 सितंबर . कमजोर वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत Tuesday को गिरावट के साथ हुई. इस दौरान सेंसेक्स 472.96 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,471.32 और निफ्टी 197.80 अंक या 0.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,858.00 पर था. बाजार में बिकवाली व्यापक आधार पर देखी गई. ... Read more
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच अमेरिका ने G20 देशों से एआई के लिए नई और सख्त नियामक संस्थाएं बनाने से बचने की अपील की है। अमेरिकी प्रशासन कम सरकारी हस्तक्षेप, तेज तकनीकी विकास और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दे रही है।
मुंबई के American School of Bombay की फीस और शिक्षा प्रणाली का विस्तृत विश्लेषण
American School of Bombay, मुंबई में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्कूल है, जो Pre-K से Grade 12 तक की शिक्षा प्रदान करता है। इसकी फीस संरचना और शिक्षा प्रणाली को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर उन परिवारों के लिए जो अपने बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दिलाना चाहते हैं। इस लेख में, हम ASB की फीस, एडमिशन प्रक्रिया और शिक्षा के तरीकों पर चर्चा करेंगे, जिससे आपको इस स्कूल के बारे में बेहतर जानकारी मिलेगी।
ईरान के करीब से हटा लेकिन अमेरिकन युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन ने थाईलैंड में डाला डेरा - Aaj Tak News
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ईरान से हटकर 250 दिन बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकन युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन
250 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती के बाद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन थाईलैंड पहुंचा है. इस जहाज पर लगभग 5 हजार अमेरिकी सैनिक सवार हैं, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में शामिल थे. थाईलैंड में कुछ समय रुकने के बाद ये सैनिक अमेरिका लौटेंगे. USS George Washington ने अगस्त में इसकी जगह ली थी.
पश्चिम एशिया में चीन बढ़ा रहा दखल?: मिस्र पहुंचे शी जिनपिंग, अमेरिका के करीबी देश में बीजिंग की बढ़ रही पकड़---Xi Jinping Egypt Visit: China Seeks Deeper Influence in the Middle East as President Visits Cairo
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Global Market Selloff: ईरान-अमेरिका तनाव से सहमे बाजार, आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
Global Market Selloff: ईरान-अमेरिका तनाव से सहमे बाजार, आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
Iran-US War Update: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, अमेरिकी हमले की चपेट में आया घर; 5 की मौत, दर्जनों घायल
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई की है। संगठन के मुताबिक, जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया।
भारत बना अमेरिका से ज्यादा ताकतवर, यहां के राष्ट्रपति ने टॉप 3 देशों में रखा
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में जारी शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने तीन ताकतवर देशों की लिस्ट सामने रखी है, जिसमें भारत को प्रमुखता से शामिल किया है।
चुपके-चुपके ईरान की ताकत बढ़ा रहा है रूस? सामने आई अमेरिका को परेशान करने वाली खबर
रूस पर ईरान को गुप्त रूप से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक विकसित करने में मदद देने का आरोप लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, C430L नाम का यह प्रोग्राम 2023 में शुरू हुआ और इसमें रूसी मिसाइल विशेषज्ञ शामिल हैं।
अमेरिका ने जी20 बैठक के दौरान ईरान मुद्दे पर चीन और रूस से की बातचीत: स्कॉट बेसेंट
एशविले, 2 सितंबर . अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिका ने ईरान को लेकर चीन और रूस के साथ बातचीत की. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने में मदद करने का कोई विशेष वादा नहीं किया ... Read more
अमेरिका: ट्रंप ने अपने करीबी हंग काओ को दी बड़ी जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं पूर्व सील फाइटर हंग काओ
अमेरिका: ट्रंप ने अपने करीबी हंग काओ को बनाया नौसेना सचिव, जॉन फेलन के इस्तीफे से मिला था मौकाdonald Trump nominate acting Navy Secretary Hung Cao for permanent job
होर्मुज पर अमेरिका के 'टोटल कंट्रोल' का ट्रंप का दावा, बोले- ईरान सिर्फ अपनी हार टाल रहा - AajTak
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ईरान का अमेरिका पर पलटवार : सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें, बोला—अमेरिका को पछताना पड़ेगा
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, सिरिक हमले के जवाब में बुधवार तड़के ईरान ने जॉर्डन के अकाबा स्थित अमेरिकी मरीन बेस पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
पश्चिम एशिया में जारी छद्म युद्ध अब पूरी तरह से प्रत्यक्ष और विनाशकारी सैन्य टकराव में बदल चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाकर भीषण मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं। इस भीषण आक्रामकता के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और वायुसेना ने पलटवार करते हुए तेहरान के रणनीतिक केंद्रों, रडार स्टेशनों, कमांड बेस और हथियार डिपो सहित 10 से अधिक महत्वपूर्ण ठिकानों पर पिन-पॉइंट मिसाइल स्ट्राइक कर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। दोनों देशों के बीच हुए इस आमने-सामने के मिसाइल युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।ईरान का चौतरफा हमला: जॉर्डन से लेकर इराक तक गूंजे धमाकेईरानी सेना और आईआरजीसी ने पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य ढांचे को पंगु बनाने के उद्देश्य से एक समन्वित ऑपरेशन शुरू किया:जॉर्डन (प्रिंस हसन और कैंप टिटिन): ईरान ने जॉर्डन की सीमा में मौजूद अमेरिकी मरीन कैंप और प्रिंस हसन एयरबेस की ओर 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 10 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जबकि 3 मिसाइलें आबादी से दूर गिरीं। आईआरजीसी ने दावा किया है कि इस हमले में एमक्यू-9 और आरक्यू-4 ड्रोन्स के हैंगर्स को भारी क्षति पहुंची है।कुवैत और बहरीन में सायरन और ड्रोन अटैक: कुवैत में मौजूद अमेरिकी बेस और बहरीन के 'शेख ईसा एयरबेस' तथा अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के निकटवर्ती निगरानी केंद्रों पर कामिकेज ड्रोन्स से हमला किया गया। कुवैती वायुसेना ने कई ड्रोन्स को मार गिराया, हालांकि मलबे गिरने से तटीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।इराक (इरबिल बेस): उत्तरी इराक के इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के करीब स्थित सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी गईं, जहां टेक्निकल इक्विपमेंट वेयरहाउस और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया गया।अमेरिका का भीषण पलटवार: तेहरान और तटीय सैन्य ठिकानों पर बमबारीईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों के चंद घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने आक्रामक जवाबी ऑपरेशन शुरू किया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों से दागी गई सटीक क्रूज मिसाइलों ने राजधानी तेहरान और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित ईरानी सैन्य तंत्र के 10 प्रमुख ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया:कमांड और अर्ली वार्निंग रडार साइट्स: तेहरान के बाहरी इलाकों में स्थित आईआरजीसी के एयर डिफेंस नेटवर्क और प्रारंभिक चेतावनी देने वाले मुख्य रडार केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया।ड्रोन व मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स: पश्चिमी और दक्षिणी ईरान में स्थित उन भूमिगत बंकरों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया, जहां से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें फायर की गई थीं।तटीय नौसैनिक क्षमताएं: बंदर अब्बास और लारक द्वीप के निकट मौजूद उन समुद्री एसेट्स, माइन-लेइंग बोट्स और संचार केंद्रों को तबाह किया गया जो होर्मुज जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।राष्ट्रपति ट्रंप का अल्टीमेटम: 'ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा'अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए तेहरान के शासन को अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैनिकों, सहयोगी देशों या अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नागरिक जहाजों पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका ऐसा कड़ा प्रहार करेगा कि ईरान के पास खुद का अस्तित्व बचाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने क्षेत्र में अपनी मिसाइल डिफेंस शील्ड (THAAD और पैट्रियट सिस्टम) को 100% एक्टिवेट कर दिया है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में हाहाकार और एयरस्पेस बंदअमेरिका और ईरान के सीधे युद्ध में उतरने का असर तुरंत वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले नागरिक विमानों के रूट्स को तत्काल प्रभाव से डायवर्ट कर दिया गया है। एयरलाइंस ने कुवैत, इराक और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं। वहीं, तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम तेजी से उछलकर रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों ने दोनों देशों से संयम की अपील की है, लेकिन जिस तरह से दोनों ओर से मिसाइलों की बौछार हो रही है, उससे पश्चिम एशिया में एक पूर्णकालिक महायुद्ध का खतरा वास्तविक हो चुका है।
अमेरिका का ईरान पर फिर हवाई हमला, बंदर अब्बास में जोरदार धमाके; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव|
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए, बंदर अब्बास में गूंजे तेज धमाके।
Iran US War: जॉर्डन से बहरीन तक अमेरिकी ठिकाने निशाने पर! ईरान के बड़े दावे, होर्मुज को लेकर भी बढ़ा तनाव
Top News 2 September: मौसम विभाग ने 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। अयोध्या राम मंदिर को आज मिलेगा पहले CEO। अमेरिकी हमलों से दहला ईरान। ट्रंप ने फिर दी सख्त परिणाम भुगतने की चेतावनी। पेट्रोल डीजल की बिक्री में उछाल। दिल्ली ट्रैफिक ...
ईरान पर अमेरिकी हमले से मचा हड़कंप, होर्मुज पर बढ़ा युद्ध का खतरा; जानिए इस पूरे घटनाक्रम की 10 बड़ी बातें
'क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?' भारतीय पेट्रोल पंप पर फायर सेफ्टी देख दंग रह गया अमेरिकी व्यक्ति; Video
US-Iran War Update: ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिणी ईरान में एक ऐसे रिहायशी मकान को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा, जहां शादी का समारोह चल रहा था। अमेरिकी सेना के हमले में एक बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, तेहरान नेजॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद US ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, यह हमला होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ। जिस घर को हमले के दौरान नुकसान पहुंचा, वहां शादी का जश्न मनाया जा रहा था। रेड क्रिसेंट ने बताया कि अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मिसाइल के छर्रे रिहायशी मकान तक पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में एक छोटे बच्चे समेत चार लोगों की मौत की बात कही गई थी। जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 बताई गई। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा है।मलबे में तब्दील हुआ घर, चीख-पुकार का वीडियो सामने आयाईरानी सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का कथित वीडियो भी जारी किया है। फुटेज में घटनास्थल पर भारी मलबा और मकान को हुआ नुकसान दिखाई देता है। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो और मृतकों तथा घायलों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।ईरान का पलटवार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलेइस बीच, ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बुधवार तड़के जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी भी हमले की स्थिति में और ज्यादा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।ईरानी हमले ऐसे समय हुए जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल मेंहोर्मुज जलडमरूमध्य मेंकमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमले के प्रयासों के जवाब में की गई।जॉर्डन में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावाजॉर्डन में ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इस सैन्य ठिकाने की पहचान कैंप टिटिन के तौर पर की है, जो अकाबा की खाड़ी के पास स्थित बताया गया है। ईरानीन्यूज एजेंसी 'तस्नीम' ने दावा किया कि हमले में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। जवाबी हमले मेंबड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जॉर्डन की ओर से 10 ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।हमले से बढ़ता तनाव, खाड़ी क्षेत्र पर मंडरा रहा खतराअमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य और IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रही है। वहींं ईरान जवाब में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देशों और ठिकानों को निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।ये भी पढ़ें- 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट
ईरान में शादी समारोह पर अमेरिकी मिसाइल हमला, चार की मौत, 50 से अधिक घायल
ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में एक शादी समारोह अमेरिकी मिसाइल हमले की चपेट में आ गया। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में एक घर पर हमला हुआ, जहां शादी का जश्न चल रहा था
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध संकट और मिसाइल हमलों के बीच एक बेहद हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। महीनों से युद्धपोतों पर तैनात और लगातार सैन्य दबाव झेल रहे अमेरिकी नौसेना और मरीन कोर के करीब 5,000 सैनिक 'रेस्ट एंड रिक्रिएशन' (R&R यानी आराम और मनोरंजन) के लिए थाईलैंड के मशहूर तटीय शहर पटाया पहुंच रहे हैं। विमानवाहक पोत (USS Abraham Lincoln स्ट्राइक ग्रुप) से जुड़े इन सैनिकों के पटाया तट पर कदम रखने की खबर मिलते ही थाईलैंड के प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में थाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे पटाया शहर, विशेष रूप से नाइटलाइफ और रेड-लाइट हब वाले इलाकों में एक व्यापक और अचानक 'क्लीन-अप' (सफाई) अभियान शुरू कर दिया है।पटाया में अचानक क्यों शुरू हुआ 'सफाई' अभियान?थाईलैंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पटाया की विश्व प्रसिद्ध 'वॉकिंग स्ट्रीट' (Walking Street), तटीय सड़कों और बार-क्लब वाले इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत अवैध गतिविधियों, अनधिकृत वेश्यावृत्ति सिंडिकेट्स, ड्रग पेडलर्स और संदिग्ध गिरोहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरपकड़ की जा रही है।थाईलैंड के कानूनों में वेश्यावृत्ति तकनीकी रूप से गैर-कानूनी है, हालांकि दशकों से पर्यटन शहरों में इसे व्यावहारिक रूप से अनदेखा किया जाता रहा है। लेकिन अमेरिकी सैनिकों के आगमन से पहले थाई सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। प्रशासन को आशंका है कि 5,000 अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौजूदगी के दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजरें शहर पर टिकी रहेंगी। ऐसे में अमेरिकी जांच एजेंसियों (जैसे FBI) और वैश्विक मीडिया के सामने शहर की पहचान केवल अनियंत्रित 'सेक्स टूरिज्म' के तौर पर न उभरे, इसलिए पुलिस सड़कों से अवैध नेटवर्क को हटाने में जुटी है।6 महीने के युद्ध तनाव के बाद मानसिक दबाव कम करने की कवायदसैन्य विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में ईरान समर्थित गुटों के साथ पिछले कई महीनों से जारी सैन्य तनाव, हाई-अलर्ट ऑपरेशंस और लंबी समुद्री तैनाती के बाद जवानों का मानसिक तनाव चरम पर पहुंच चुका था। अमेरिकी सेना की पारंपरिक नीति के तहत लंबे और तनावपूर्ण अभियानों के बाद सैनिकों को मानसिक रूप से तरोताजा (Refresh) करने के लिए मित्र देशों के सुरक्षित और मनोरंजक बंदरगाहों पर कुछ दिनों का अवकाश दिया जाता है। इसी योजना के तहत हजारों सैनिकों का यह बड़ा जत्था कुछ दिनों के लिए पटाया के रिजॉर्ट्स, बीचेज और होटलों में रुकने आ रहा है।व्यापारियों का धर्मसंकट: आर्थिक अवसर या कड़े नियम?अमेरिकी सैनिकों की इस भारी आमद ने पटाया के स्थानीय कारोबारियों और होटल एसोसिएशन को एक दोराहे पर खड़ा कर दिया है। वैश्विक तनाव और युद्ध के चलते पिछले कुछ महीनों से पटाया का पर्यटन कारोबार सुस्ती के दौर से गुजर रहा था। ऐसे में 5,000 अमेरिकी सैनिकों के शहर में आने से बार, पब, रेस्टोरेंट, टैक्सी चालकों और मसाज पार्लरों को करोड़ों थाई बाह्ट (Baht) के भारी आर्थिक मुनाफे की उम्मीद जगी है।स्थानीय प्रशासन के अनुमान के अनुसार, एक अमेरिकी सैनिक औसतन प्रतिदिन हजारों बाह्ट खर्च करता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में एक झटके में भारी नकदी का प्रवाह होगा। हालांकि, पुलिस की अचानक शुरू हुई सख्ती और ताबड़तोड़ धरपकड़ से व्यापारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे सैनिकों के आने का जश्न मनाएं या पुलिसिया नकेल से सहम जाएं।अमेरिकी सैनिकों और स्थानीय पब्स के लिए सख्त कोड ऑफ कंडक्टसंभावित विवादों, मारपीट और किसी भी कूटनीतिक शर्मिंदगी से बचने के लिए अमेरिकी मिलिट्री पुलिस (Shore Patrol) और थाईलैंड पुलिस ने संयुक्त रूप से कड़े दिशा-निर्देश तय किए हैं। सैनिकों को कुछ संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने, समय पर बेस लौटने और स्थानीय कानूनों का सम्मान करने की सख्त हिदायत दी गई है। वहीं शहर के क्लब्स और बार संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की ओवर-चार्जिंग, नशीले पदार्थों की आपूर्ति या विवाद की स्थिति से बचें। जंग के साए के बीच पटाया का यह हाई-प्रोफाइल 'पिकनिक प्लान' अब पूरी दुनिया में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।
थाईलैंड के तट पर पहुंचा अमेरिकी जंगी जहाज अब्राहम लिंकन, सेक्स वर्कर्स पर पड़ने लगी रेड
मिडिल ईस्ट में मुश्किल तैनाती के बाद अमेरिकी नौसेना का USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर बुधवार तड़के पूर्वी थाईलैंड पहुंचा. इसपर करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन सैनिक हैं जो देश में आए हैं.
अमेरिका ने ईरान पर की बमबारी... जवाब में तेहरान ने एरबिल US बेस पर मिसाइलें दागीं
अमेरिका ने IRGC के एयर डिफेंस-रडार ठिकानों पर हमला किया, जवाब में ईरान ने एरबिल में US बेस पर मिसाइल-ड्रोन हमला किया. इसी के साथ मिडिल ईस्ट में तनाव का नया दौर शुरू हो गया है.
पश्चिम एशिया में जारी नाजुक शांति एक बार फिर पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमान मुख्यालयों और रॉकेट लॉन्च पैड्स पर किए गए भारी हवाई हमलों के चंद घंटों के भीतर ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरानी सेना ने जॉर्डन, इराक और खाड़ी क्षेत्र के कई अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाते हुए दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और कामिकेज ड्रोन दागे हैं। दोनों देशों के बीच हुए इस सीधे और विध्वंसक टकराव के बाद पूरा मध्य पूर्व एक भीषण क्षेत्रीय युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है।जॉर्डन, इराक और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशानाईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह 'निर्णायक' पलटवार अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में किया गया है:जॉर्डन (अकाबा और प्रिंस हसन एयरबेस): ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मरीन बेस 'कैंप टिटिन' और 'प्रिंस हसन एयरबेस' की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 10 से अधिक मिसाइलों को मार गिराया, जबकि कुछ मिसाइलों के मलबे से धमाके सुने गए।इराक (इरबिल एयरबेस): उत्तरी इराक के इरबिल में अमेरिकी सैन्य बेस और वाणिज्य दूतावास के निकटवर्ती इलाकों में ड्रोन और रॉकेट हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरानी पक्ष ने दावा किया है कि इस हमले में मेंटेनेंस सेंटर और निगरानी उपकरणों को नुकसान पहुंचा है।बहरीन व कुवैत को खुली चेतावनी: ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी जारी करते हुए बहरीन के शेख ईसा एयरबेस सहित अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एसेट्स पर भी हमलों की बात कही है, जिसके बाद खाड़ी देशों की सुरक्षा एजेंसियां रेड अलर्ट पर हैं।कैसे भड़का यह नया टकराव: होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों का विवादइस ताजा सैन्य तनाव की शुरुआत रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आरोप है कि ईरानी बल समुद्री जलमार्ग में बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने और वाणिज्यिक मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने की फिराक में थे। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने ईरान के लारक द्वीप और तटीय इलाकों में IRGC के रडार, हथियार डिपो और मिसाइल बैटरियों पर पिन-पॉइंट स्ट्राइक्स की थीं।राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी: 'ईरान का अस्तित्व मिट जाएगा'अमेरिकी सेंट्रल कमांड और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए ईरान को किसी भी बड़े दुस्साहस के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी सैनिकों, संपत्तियों या अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका का अगला जवाब ऐसा होगा कि 'ईरान के पास खोने के लिए कुछ नहीं बचेगा'। अमेरिका ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की रक्षा के लिए वह हर जरूरी सैन्य कदम उठाएगा।कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक बाजार में हड़कंपहोर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच मिसाइल युद्ध शुरू होते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी दहशत फैल गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक उछलकर $92 प्रति बैरल के पार निकल गईं। शिपिंग कंपनियों ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले टैंकरों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और ईंधन संकट का खतरा गहरा गया है।संयुक्त राष्ट्र की अपील और वैश्विक शक्तियों की चिंतादोनों परमाणु-सक्षम और सैन्य शक्तियों के बीच सीधे टकराव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक नेताओं ने दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मिसाइल वार-पलटवार तुरंत नहीं रुका, तो इसमें इजरायल, यमन के हूती विद्रोही और अन्य प्रॉक्सी संगठन भी खुलकर शामिल हो सकते हैं, जिससे संपूर्ण पश्चिम एशिया एक भीषण महायुद्ध की चपेट में आ जाएगा। फिलहाल पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बल, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम्स को 'कॉम्बैट रेडी' यानी सर्वोच्च युद्धक स्तर पर तैनात कर दिया गया है।
अमेरिका का आईआरजीसी ठिकानों पर बड़ा हमला, ट्रंप ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर स्ट्राइक किए
अमेरिकी हमलों के जवाब में कार्रवाई करते हुए ईरान बोला, ‘पछताना पड़ेगा’ - BBC
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अमेरिका ने फिर शुरू किए ईरानी ठिकानों पर हमले, शादी समारोह में 2 की मौत, ईरान ने भी दागी मिसाइलें
अमेरिका और ईरान के बीच वार-पलटवार के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान में चाबहार से बंदर अब्बास तक घुसकर की बमबारी की है। ईरान ने भी पलटवार किया है और जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। कान्हा के 5253वें जन्मोत्सव को खास बनाने के लिए मथुरा-वृंदावन के बाजार सजकर तैयार हैं। जन्माष्टमी से पहले लड्डू गोपाल की पोशाक, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीदारी के लिए बाजारों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। ब्रज में तैयार होने वाले कान्हा के श्रृंगार की मांग सिर्फ देश तक सीमित नहीं है। अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी, रूस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में भी यहां तैयार होने वाली पोशाक और श्रृंगार सामग्री भेजी जाती है। इस बार जन्माष्टमी के आसपास इससे करीब 1,500 करोड़ रुपए के कारोबार का अनुमान है। कान्हा के श्रृंगार को तैयार करने में ब्रज के करीब 3 हजार हिंदू-मुस्लिम कारीगर दिन-रात जुटे हैं। कारीगर लड्डू गोपाल की अलग-अलग डिजाइन और आकार की पोशाक, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री तैयार कर रहे हैं। इनकी कीमत 10 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक है। 3 तस्वीरें देखिए- छोटी जरी की पोशाक बनाने में 8 घंटे तक लग रहे पोशाक व्यापारी शुभम गुप्ता ने बताया कि मथुरा-वृंदावन की गलियों में पोशाक, मुकुट और ठाकुरजी के श्रृंगार का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। यहां छोटे-बड़े करीब 300 कारखाने हैं। इनमें 3 हजार से ज्यादा कारीगर दिन-रात पोशाक और श्रृंगार का सामान तैयार कर रहे हैं। कारीगरों के मुताबिक, छोटी जरी की पोशाक तैयार करने में भी करीब 8 घंटे लग जाते हैं। इसमें ज्यादातर बारीक काम हाथ से किया जाता है। जन्माष्टमी नजदीक आते ही पोशाक और श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ जाती है। कारोबारियों को करीब दो महीने पहले से ही ऑर्डर मिलने शुरू हो जाते हैं। पोशाक के साथ ठाकुरजी के मुकुट, गले के हार, पायजेब, बगलबंदी, चूड़ियां और कानों के कुंडल भी तैयार किए जा रहे हैं। अलग-अलग साइज और डिजाइन में उपलब्ध इन सामानों की भक्त जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इंग्लैंड, जापान और जर्मनी से भी पोशाक के ऑर्डर आए ब्रज की खासियत यह भी है कि ठाकुरजी की पोशाक तैयार करने में हिंदू और मुस्लिम कारीगर साथ मिलकर काम करते हैं। दोनों समुदायों के कारीगर महीन कढ़ाई और जरी का काम करते हैं। जन्माष्टमी से पहले यह काम आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है। कारीगर कान्हा के लिए अलग-अलग डिजाइन और रंगों में आकर्षक पोशाक तैयार कर रहे हैं। इस बार अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, जर्मनी, रूस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से पोशाक के ऑर्डर मिले हैं। 'राधा' नाम वाली पोशाक सबसे ज्यादा पसंद बाजार में लड्डू गोपाल के लिए कई डिजाइन और रंगों की पोशाक हैं। इस बार 'राधा' नाम लिखी पोशाक की सबसे ज्यादा डिमांड है। अलग-अलग साइज में इन पोशाकों पर राधा नाम के साथ राधा-कृष्ण के छोटे-छोटे चित्र भी लगाए गए हैं। इसके अलावा श्रीनाथजी की छवि वाली पोशाक भी भक्तों को पसंद आ रही है। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को आमतौर पर पीले रंग की पोशाक पहनाने की परंपरा है, जबकि राधारानी के लिए मोरपंखी रंग की पोशाक पसंद की जा रही है। 10 रुपए से शुरू, 20 हजार तक कीमत पहुंची पोशाक व्यापारी शुभम गुप्ता ने बताया- इस बार पोशाक की मांग पिछले वर्षों की तुलना में अच्छी है। बाजार में 10 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक की पोशाक हैं। पोशाक का साइज, डिजाइन और उस पर किए गए काम के हिसाब से कीमत तय होती है। मशीन से तैयार पोशाक कुछ सस्ती हैं, जबकि हाथ से जरी और कढ़ाई वाली पोशाक की कीमत ज्यादा है। भक्त अपनी पसंद और बजट के हिसाब से लड्डू गोपाल के लिए पोशाक खरीद रहे हैं। पालने में झूलेंगे लाला, 100 से 5 हजार तक कीमत जन्माष्टमी पर कान्हा के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाने की परंपरा है। यही वजह है कि बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के पालने भी खूब बिक रहे हैं। खस, कपड़े और फूलों से तैयार पालनों के साथ गोल और चौकोर डिजाइन के पालने भी हैं। इनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक है। इसके अलावा लकड़ी के खिलौने और भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाने के लिए खास तरह की हांडियां भी बाजार में हैं। इससे जन्माष्टमी से पहले मथुरा के बाजारों में कान्हा के श्रृंगार और जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर रौनक बढ़ गई है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में तेज बारिश, सड़कें डूबीं: चित्रकूट में मंदाकिनी फिर उफनाई, SP अनाउंस कर रहे- घर-दुकान बंद करके जाइए यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह से लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत 35 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लखनऊ में दोपहर 2 बजे अचानक अंधेरा छा गया। फिर तेज बारिश शुरू हो गई। कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका में शटडाउन का संकट टला?: प्रतिनिधि सभा ने दिसंबर तक फंडिंग वाला बिल पास किया, अब ट्रंप की मंजूरी बाकी
9/11 की 25वीं बरसी: इराक-अफगानिस्तान की जंग में 7000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की गई जान, क्या हासिल हुआ?
जी20 बैठक के बीच भारत-अमेरिका में बड़ी डील: क्रिटिकल मिनरल्स-सप्लाई चेन पर मिलकर करेंगे काम; क्यों है यह अहम?
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने शुरू की जवाबी कार्रवाई, मिसाइलों और ड्रोन से किया हमला
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने शुरू की जवाबी कार्रवाई, मिसाइलों और ड्रोन से किया हमला
पश्चिम एशिया तनाव: अमेरिका ने चाबहार समेत ईरान के कई ठिकानों पर किए हमले; ट्रंप ने क्या धमकी दी?
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बाढ़ त्रासदी के बीच नेपाल ने मांगा क्लाइमेट मुआवजा,चीन, अमेरिका और भारत को घेरा!
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अमेरिका में बैंक अधिकारी की चाकुओं से गोदकर हत्या, एक महिला ने अचानक बोला हमला
अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में बैंक ऑफ अमेरिकी की एग्जीक्यूटिव एरिन पियाचेंटी की हत्या कर दी गई। टाइम्स स्क्वायर पर एक महिला ने अचानक दो लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। इनमें से एक बैंक ऑफ अमेरिका की एग्जीक्यूटिव थी।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर भड़का टकराव: अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने दागीं मिसाइलें और ड्रोन
अमेरिका और ईरान के बीच थमी जंग फिर से भड़क उठी है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की तरफ से भी पलटवार किया गया है। ईरान के अर्ध-सरकारी मीडिया ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में देश ने मिसाइलें और ड्रोन दागना शुरू कर दिया है, जिससे एक महीने तक शांत रहने के बाद दोनों देशों के बीच टकराव फिर से भड़क गया है। इससे कुछ घंटे पहले, अमेरिकी सेना ने कहा था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में किए गए हमलों के प्रयासों के चलते ईरान में नए ठिकानों को निशाना बना रही है। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर नए हमले किए। यह दो दिनों में दूसरा हमला था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो और भी ज़्यादा विनाशकारी हमला किया जाएगा। सैन्य अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नए सिरे से हमलों की शुरुआत की है। हफ्तों के नाजुक संघर्ष विराम के बाद हाल ही में फिर से शुरू हुए हमलों का यह एक बड़ा विस्तार है। क्षेत्र में सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कर्मियों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के प्रयासों के जवाब में किए गए थे।
गुरुग्राम : फर्जी कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की साइबर ठगी, 11 गिरफ्तार
गुरुग्राम, 1 सितंबर . गुरुग्राम Police ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिका (यूएसए) के नागरिकों को झांसा देकर उनसे लाखों डॉलर की ठगी कर रहे थे. Police ने आरोपियों के ... Read more
वाशिंगटन, 1 सितंबर . अमेरिकी सेना ने Tuesday को ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर स्ट्राइक किए. इसके साथ ही अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी है कि अगर तेहरान आईआरजीसी पर किए गए हमलों का जवाब देता है तो वाशिंगटन की ओर से कहीं अधिक जोरदार ... Read more
अमेरिका का आईआरजीसी पर बड़ा हमला, ट्रंप की ईरान को चेतावनी- 'पलटवार किया तो भुगतने होंगे गंभीर नतीजे'
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
टाइम्स स्क्वायर चाकूबाजी में बैंक ऑफ अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट की हत्या
सोमवार को टाइम्स स्क्वायर पर हुई चाकूबाजी की घटना में बैंक ऑफ अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट एरिन पियासेंटी की मौत हो गई है. बैंक ऑफ अमेरिका ने उनकी मौत पर दुख जताया है.
एशविले, 1 सितंबर . India और अमेरिका ने अपने लंबे समय से चले आ रहे आर्थिक संबंधों के तहत क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है. यह सहमति वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के बीच हुई बातचीत के बाद बनी है. दोनों नेताओं की मुलाकात ... Read more
गुरुग्राम में एप्पल कस्टमर केयर बनकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले 11 गिरफ्तार
गुरुग्राम, एक सितंबर गुरुग्राम पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए साइबर धोखाधड़ी में शामिल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ये आरोपी खुद को एप्पल कंपनी की ग्राहक सेवा का प्रतिनिधि बताकर अमेरिकी नागरिकों को सहायता देने के बहाने उनके साथ साइबर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से नौ लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, दो हेडसेट/माइक्रोफोन, दो कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, साइबर पुलिस को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम के पालम विहार में एक ठिकाने से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। यहां कथित तौर पर एप्पल ग्राहक सेवा का प्रतिनिधि बनकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था और उनके साथ साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी। इस मामले में गुरुग्राम के साइबर अपराध थाने (पश्चिम) में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सूचना के आधार पर सोमवार को छापेमारी की। इस दौरान आरोपी लैपटॉप, हेडसेट और मोबाइल फोन के जरिए विदेशी नागरिकों से अंग्रेजी में बातचीत करते मिले। पुलिस ने बताया कि मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान प्रीतपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, शाहरुख अंसारी, संजीव पांडे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी और वरुण गौतम के रूप में हुई है। ये सभी दिल्ली के रहने वाले हैंपुलिस ने बताया कि ओडिशा निवासी मनीष और हरियाणा के रहने वाले नीरज को भी गिरफ्तार किया गया है।
जिनपिंग-पुतिन के बीच अमेरिकी दूत की एंट्री, क्या है ट्रंप का बड़ा दांव?
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर का SCO शिखर सम्मेलन के दौरान बिश्केक पहुंचना चर्चा में है. उन्होंने वर्ल्ड नोमैड गेम्स में अमेरिकी दल का समर्थन करने की वजह बताई, लेकिन इस दौरान मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रपतियों से उनकी मुलाकातें भी हुईं.
अमेरिका ने दूसरे दिन ईरान पर दागी मिसाइलें, कई अहम ठिकानों पर हमले
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर हवाई हमला कर दिया है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं.
अमेरिका ने ईरान में घुसकर किया बड़ा हमला, IRGC पर अटैक, धमाके से दहला बंदर अब्बास और होर्मुज़
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। होर्मुज और बंदर अब्बास में तेज धमाके की आवाज सुनी गई है।
अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, IRGC पर अटैक, धमाके से दहला बंदर अब्बास और होर्मुज़
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। होर्मुज और बंदर अब्बास में तेज धमाके की आवाज सुनी गई है।
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ईरान-अमेरिका में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर किया हमला
मिडिल ईस्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला कर दिया है। बताया जा रहा है कि जहाजों पर हमले के जवाब में ईरानी ठिकानों पर हमला किया गया है।
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पटाया पहुंचने वाले हैं 5 हजार अमेरिकी सैनिक, सेक्स वर्कर्स पर क्यों पड़ने लगे छापे
ईरान के खिलाफ लड़ रहे 5000 अमेरिकी सैनिक अब थाईलैंड के पटाया शहर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं. इन जवानों के आने से पहले थाई अधिकारियों ने शहर में चल रहे अवैध वेश्यावृत्ति नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई सेक्स वर्कर्स को हिरासत में लिया है.
लंदन के शो में हाई हील्स नहीं पहनेंगी अमेरिकी एक्ट्रेस एरियाना ग्रांडे, यह वजह बताई
लॉस एंजिल्स, 1 सितंबर . अमेरिकी एक्ट्रेस और सिंगर एरियाना ग्रांडे ने बताया है कि वह लंदन में होने वाले अपने शो में हाई हील्स नहीं पहनेंगी. यह फैसला उन्होंने पैर में ‘गहरा कट’ लगने के बाद लिया है. 33 साल की एक्ट्रेस ने फैंस को बताया कि लंदन के ओ2 एरीना में होने वाले ... Read more
'विजय अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं', थलापति को PM बनाने की मांग पर पलानीस्वामी का तंज
AIADMK के जनरल सेक्रेटरी पलानीस्वामी ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की मांग पर तंज कसते हुए कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं।
गुरुग्राम पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने फर्जी Apple कस्टमर सर्विस के नाम पर अमेरिकी नागरिकों से ठगी करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी गुरुग्राम के पालम विहार स्थित एक मकान में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों से 9 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 2 हेडफोन/माइक, 2 कार, 1 बाइक और 1 स्कूटी बरामद की है। पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम की टीम को जानकारी मिली थी कि प्लॉट नंबर 1208, जे ब्लॉक, पालम विहार में बिना इजाजत फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। इस दौरान आरोपी लैपटॉप, मोबाइल फोन और हेडफोन/माइक के जरिए X-Lite Dialler और Apple FaceTime पर अंग्रेजी भाषा में विदेशी नागरिकों से बात करते हुए मिले। पुलिस ने मौके से सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम प्रितपाल सिंह, मोहम्मद रिजान अंसारी, चैतन्य गोयल, मनीष, शाहरुख अंसारी, संजीव पाण्डे, शिवम, आदित्य, दीपक त्रिवेदी, वरुण गौतम और नीरज हैं। पुलिस के अनुसार, प्रितपाल सिंह कॉल सेंटर में टीम लीडर के तौर पर काम करता था। वायरस या तकनीकी समस्या का झांसा देते आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब 2 से 3 महीने पहले मकान किराए पर लेकर यह कॉल सेंटर शुरू किया था। कॉल करने वालों को कमीशन के आधार पर रखा गया था, जबकि सेंटर का संचालन कोई और व्यक्ति कर रहा था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों को Apple कस्टमर सर्विस का कर्मचारी बनकर कॉल करते थे। वे मोबाइल में वायरस या तकनीकी समस्या होने का झांसा देकर उन्हें फर्जी वर्चुअल टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने को कहते थे। 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक ठगते थे इसके बाद फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) के फर्जी पत्र का डर दिखाकर समस्या के समाधान के नाम पर उनसे 10 हजार से 20 हजार अमेरिकी डॉलर तक की रकम ठगते थे। ठगी की रकम विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर कराने के साथ-साथ गिफ्ट वाउचर और कार्ड के नंबर भी हासिल किए जाते थे। मामले में साइबर अपराध पश्चिम थाने में BNS की धारा 318(4), 319, 61(2) तथा IT Act की धारा 43, 66D, 72 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े अन्य लोगों और ठगी से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
अमेरिका में काम करने का सपना देखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एच-1बी वीजा से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। अमेरिकी श्रम विभाग ने विदेशी कर्मचारियों के वेतन तय करने की मौजूदा व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है तो एच-1बी कर्मचारियों के लिए तय न्यूनतम वेतन मानक मौजूदा व्यवस्था की तुलना में काफी ऊपर जा सकते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार प्रस्ताव में चारों वेतन स्तरों को बढ़ाने की बात कही गई है। शुरुआती स्तर यानी स्तर एक में करीब 33.4 प्रतिशत की सबसे बड़ी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। स्तर दो में लगभग 24.5 प्रतिशत, स्तर तीन में 20.8 प्रतिशत और स्तर चार में करीब 21.7 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसी वजह से इसे करीब 30 प्रतिशत तक की वेतन बढ़ोतरी वाला प्रस्ताव बताया जा रहा है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर एच-1बी कर्मचारी की सैलरी सीधे 30 प्रतिशत बढ़ जाएगी। वास्तविक असर नौकरी, अनुभव और स्थान के आधार पर अलग-अलग होगा। बता दें कि एच-1बी अमेरिका का अस्थायी कामकाजी वीजा है, जिसके जरिए वहां की कंपनियां विशेष योग्यता वाले विदेशी पेशेवरों को नौकरी पर रख सकती हैं। तकनीक, अभियांत्रिकी, वित्त और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। हर साल 65 हजार एच-1बी वीजा सामान्य श्रेणी में और अमेरिका से उच्च शिक्षा प्राप्त विदेशी नागरिकों के लिए अतिरिक्त 20 हजार स्थान उपलब्ध होते हैं। गौरतलब है कि भारतीय पेशेवर लंबे समय से इस व्यवस्था के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल रहे हैं। खासकर सूचना तकनीक क्षेत्र की कंपनियों और युवा भारतीय कर्मचारियों के लिए एच-1बी वीजा अमेरिका में करियर बनाने का महत्वपूर्ण रास्ता रहा है। मौजूदा व्यवस्था में अमेरिकी श्रम विभाग अलग-अलग व्यवसाय और क्षेत्र के हिसाब से चार वेतन स्तर तय करता है। ये स्तर शुरुआती कर्मचारी से लेकर अत्यधिक अनुभवी कर्मचारी तक की योग्यता को दर्शाते हैं। वर्तमान पद्धति में वेतन मानक करीब 17वें, 34वें, 50वें और 67वें प्रतिशतक के आधार पर तय होते हैं। प्रस्तावित बदलाव में इन सीमाओं को काफी ऊपर ले जाने की तैयारी है। अमेरिकी श्रम विभाग का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था विदेशी कर्मचारियों और समान काम करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों के बीच वेतन अंतर को पर्याप्त रूप से नहीं रोकती। विभाग के अनुसार एच-1बी कर्मचारियों को समान स्थिति वाले अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में औसतन करीब 10 हजार डॉलर कम वेतन मिलने का अंतर सामने आया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर शुरुआती स्तर की नौकरियों पर पड़ सकता है। कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारी को प्रायोजित करना महंगा होने पर वे स्थानीय कर्मचारियों की नियुक्ति, स्वचालन या दूसरे देशों में काम स्थानांतरित करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती हैं। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन एच-1बी व्यवस्था में अधिक वेतन और अधिक कौशल वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की दिशा में पहले ही कदम बढ़ा चुका है। फरवरी 2026 में लागू हुई नई चयन व्यवस्था में ज्यादा सैलरीवाली नौकरियों को चयन की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलता है। वहीं, एच-1बी आवेदन पर 1,03,265 डॉलर शुल्क का एक अलग प्रस्ताव भी चर्चा में है। ऐसे में भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका में नौकरी का रास्ता आगे और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है। हालांकि अंतिम तस्वीर प्रस्तावित वेतन नियमों और दूसरे बदलावों के अंतिम रूप लेने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल संकेत यही हैं कि अमेरिका एच-1बी व्यवस्था को कम वेतन वाली नौकरियों के बजाय ज्यादा कौशल और बेहतर वेतन वाली नौकरियों की ओर ले जाना चाहता हैं।
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
जनता ने कनाडा में जो किया उससे अमेरिका लड़खड़ा गया, व्यापारी हाथ जोड़कर कह रहे रहम करो
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गुरुग्राम साइबर पुलिस ने पालम विहार में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो अमेरिकी नागरिकों को एपल कस्टमर सर्विस के नाम पर ठग रहा था। पुलिस ने 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
अमेरिकी Dollar के मुकाबले 28 पैसे की मजबूती के साथ 94.94 पर बंद हुआ रुपया
रुपया मंगलवार को 28 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.94 (अस्थायी) पर रहा। घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि, राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण और पोर्टफोलियो निवेश से जुड़े प्रवाह के बीच यह दो महीने के उच्च स्तर पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, हाल में एमएससीआई से जुड़े निवेश प्रवाह से रुपये को अस्थायी सहारा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी संभवत: घरेलू मुद्रा को समर्थन देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप किया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.06 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 94.79 से 95.10 के दायरे में रहा। अंत में यह 94.94 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 28 पैसे की बढ़त है। इसे भी पढ़ें: व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम निर्माण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे मजबूत होकर 95.22 पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप और बेहतर व्यापक आर्थिक आंकड़ों से भारतीय रुपया मजबूत हुआ। हालांकि, कमजोर घरेलू बाजार और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये की बढ़त को सीमित किया।’’ इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत बढ़कर 99.58 पर रहा। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 94.96 पर खुला अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 1.97 प्रतिशत चढ़कर 92.27 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपये पर कुछ हद तक दबाव बना रह सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, तनाव में कमी आने पर निचले स्तर पर रुपये को समर्थन मिल सकता है।’’ चौधरी के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.65 से 95.25 के दायरे में रहने का अनुमान है। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 12.99 अंक की गिरावट के साथ 76,944.28 अंक पर और निफ्टी 24.60 अंक टूटकर 24,055.80 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 7,985.88 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
Putin SCO Development Bank Proposal: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों से एक नया 'SCO डेवलपमेंट बैंक' बनाने का आह्वान किया है। पुतिन का मानना है कि यह बैंक पश्चिमी देशों और अमेरिका के प्रभुत्व वाले वित्तीय तंत्र से पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेगा, जिसका इस्तेमाल पश्चिमी देश आर्थिक और भू-राजनीतिक दबाव बनाने के लिए 'हथियार' के रूप में करते हैं।किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 2026 के SCO शिखर सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि प्रस्तावित विकास बैंक को उन देशों के वित्तीय ढांचे से जितना संभव हो सके स्वतंत्र रखा जाना चाहिए, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों में एकतरफा फायदा उठाने के लिए आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।क्या है 'SCO डेवलपमेंट बैंक'?डेवलपमेंट बैंक या विकास बैंक ऐसी वित्तीय संस्थाएं होती हैं, जो सदस्य देशों में ऊर्जा, परिवहन, बुनियादी ढांचे और सीमा पार परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक फंडिंग प्रदान करती हैं। पुतिन के अनुसार, यह बैंक सदस्य देशों के बीच बड़े आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बिना किसी पश्चिमी रुकावट के फाइनेंस करने का काम करेगा।यह बैंक SCO बिजनेस काउंसिल और इंटरबैंक एसोसिएशन की तरह सदस्य राष्ट्रों के आपसी व्यापारिक और व्यावसायिक रिश्तों को एक नया आयाम देगा।डॉलर के दबदबे को खत्म करने और सैंक्शंस से बचने की कोशिशयूक्रेन युद्ध के बाद से रूस और ईरान जैसे देश भारी पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। यही वजह है कि मॉस्को अब अमेरिकी डॉलर और SWIFT जैसे पश्चिमी वित्तीय तंत्र पर अपनी निर्भरता को खत्म करना चाहता है।98% व्यापार स्थानीय मुद्राओं में: पुतिन ने खुलासा किया कि पिछले साल SCO देशों के साथ रूस का व्यापार $400 अरब से अधिक रहा। सबसे खास बात यह है कि रूस और SCO देशों के बीच 98% से अधिक लेनदेन अब उनकी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है।वैकल्पिक भुगतान प्रणाली: प्रस्तावित बैंक SCO के भीतर एक वैकल्पिक पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है, ताकि पश्चिमी पाबंदियों का इन देशों के व्यापार पर कोई असर न पड़े।SCO का बढ़ता दायरा और 'मल्टीपोलर वर्ल्ड'2001 में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा स्थापित SCO का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से हुआ है। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसमें शामिल हुए, जबकि ईरान 2023 में इसका पूर्ण सदस्य बना।पुतिन ने SCO को उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया का एक अत्यंत प्रभावशाली केंद्र बताया और कहा कि इस ब्लॉक का मजबूत होना सभी सदस्य देशों की आर्थिक समृद्धि के लिए जरूरी है।SCO बैंक को लेकर भारत-चीन की ये है रणनीतिक चुनौतियांचीन द्वारा समर्थन दिए जाने के बावजूद प्रस्तावित SCO डेवलपमेंट बैंक को जमीन पर उतारना बेहद जटिल है, क्योंकि भारत और चीन जैसे देशों के प्रमुख वित्तीय संस्थान और कॉर्पोरेट्स वैश्विक अर्थव्यवस्था और पश्चिमी बैंकिंग प्रणाली से गहराई से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अमेरिकी सेकंडरी सैंक्शंस का खतरा बना रहता है, जिससे बचने के लिए दोनों देशों के बैंक बेहद सतर्क रुख अपनाते हैं।इसके अलावा, भारत का हमेशा से यह स्पष्ट और संतुलित रुख रहा है कि SCO को किसी भी स्थिति में पश्चिमी-विरोधी मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जो इस बैंक को पूरी तरह से पश्चिमी वित्तीय तंत्र से काटने के बजाय केवल एक वैकल्पिक व्यवस्था तक सीमित रखता है।भारत के लिए यह बैंक पश्चिमी वित्तीय तंत्र को पूरी तरह से नकारने के बजाय आपसी व्यापार और परियोजनाओं को बिना किसी तीसरे देश की दखलअंदाजी के सुचारू रूप से चलाने का एक अतिरिक्त वित्तीय चैनल बन सकता है।
मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा: भारतीय चिंतन की सार्थक प्रस्तुति
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की अगस्त 2026 की अमेरिका यात्रा को केवल प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम तक सीमित करके देखना उसके व्यापक अर्थ को छोटा करना होगा। न्यूयार्क में 29 अगस्त को आयोजित ‘एक विश्व, एक मानवता’ कार्यक्रम में उनका संबोधन ऐसे समय हुआ, जब संघ को लेकर भारत ही नहीं, विदेशों में भी अनेक धारणाएं, आरोप और पूर्वाग्रह सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे वातावरण में भागवत ने जिस प्रकार विविधता, संवाद, सेवा, सह-अस्तित्व और मानवीय एकात्मता को केंद्र में रखा, उसने संघ की विचारधारा को उसके समर्थकों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक समाज के सामने भी एक अलग दृष्टि से प्रस्तुत किया। यह यात्रा इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और उसके विचार अब भारत की सीमाओं से बाहर भी व्यापक चर्चा का विषय बन रहे हैं। भागवत का अमेरिका जाना वस्तुतः संघ के विचार को प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से समझाने का अवसर बना। संघ के बारे में भारत में लंबे समय से दो विपरीत धारणाएं दिखाई देती रही हैं। एक पक्ष उसे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभावना, सेवा और सामाजिक संगठन की विराट शक्ति मानता है, जबकि दूसरा पक्ष उसके विचारों को संकीर्ण धार्मिक राजनीति से जोड़कर देखता है। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने समय-समय पर संघ और उसके विचारों पर गंभीर राजनीतिक प्रश्न उठाए हैं। अमेरिका में भी कार्यक्रम से पहले कुछ संगठनों और राजनीतिक व्यक्तियों ने भागवत की यात्रा और संघ की विचारधारा पर आपत्तियां व्यक्त कीं। ऐसे माहौल में किसी संस्था की वास्तविक छवि केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं बनती, वह संवाद से बनती है। यही इस यात्रा का सबसे बड़ा महत्व है। भागवत ने अपने विचार विरोधियों पर आक्रमण करके नहीं, बल्कि भारतीय चिंतन की व्याख्या करके सामने रखे। इससे संघ को लेकर बनी धारणाओं पर बहस का एक नया आधार तैयार हुआ। न्यूयार्क में भागवत के वक्तव्य का सबसे अधिक चर्चित पक्ष उनका हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर स्पष्ट कथन रहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमानों के लिए स्थान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। यह कथन राजनीतिक नारे से अधिक महत्वपूर्ण इसलिए है कि इसमें हिंदुत्व की उनकी व्याख्या को सामाजिक समावेश के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सत्य एक है और उसे समझने तथा व्यक्त करने के मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं। भारतीय परंपरा की यही विशेषता है कि वह मतभिन्नता को अस्तित्व के संकट के रूप में नहीं, बल्कि सत्य की विविध अभिव्यक्तियों के रूप में देखने की क्षमता रखती है। यहां एक महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आता है-यदि हिंदुत्व का अर्थ भारत की सांस्कृतिक चेतना है, तो क्या वह किसी समुदाय को भारत से बाहर कर सकता है? भागवत का उत्तर स्पष्ट रूप से नकारात्मक दिखाई देता है। उनका कथन हिंदुत्व की उस व्याख्या को सामने रखता है, जिसमें भारतीयता किसी एक पूजा-पद्धति की बपौती नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Muslims पर Bhagwat के बयान के बाद BJP ने Rajasthan में 8 मुसलमानों को थमाए टिकट, UP में भी दिखेगा बदलाव! भागवत ने अमेरिका में भारत की विविधता को उसकी कमजोरी नहीं, शक्ति बताया। उनके अनुसार विविधता और एकता भारत के स्वभाव में ही अंतर्निहित हैं। भारत में भाषा, जाति, पंथ, पूजा-पद्धति और परंपराओं की असंख्य धाराएं हैं, फिर भी इन्हें एक साझा सभ्यतागत चेतना जोड़ती रही है। यह संदेश आज के विश्व के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। अनेक देशों में धार्मिक पहचान, नस्लीय भेद, सांस्कृतिक असहमति और राजनीतिक ध्रुवीकरण सामाजिक तनाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय भारत का अनुभव यह बताता है कि भिन्नताओं को मिटाना आवश्यक नहीं, उन्हें सम्मान देकर भी एकता स्थापित की जा सकती है। यही विचार भागवत के संबोधन को सामान्य राजनीतिक भाषण से ऊपर उठाता है। उनका आग्रह था कि विविधता को स्वीकार ही नहीं, सम्मान और संरक्षण भी मिलना चाहिए। संघ की सार्वजनिक छवि का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक विमर्श से निर्मित हुआ है, जबकि संघ स्वयं को सामाजिक संगठन और सेवा-आधारित सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। भागवत ने अमेरिका में भी सेवा, सामाजिक समरसता और संवाद को परिवर्तन का आधार बताया। यही वह बिंदु है जहां संघ की छवि को केवल चुनावी राजनीति के चश्मे से देखने की सीमा सामने आती है। किसी संगठन को समझने के लिए उसके राजनीतिक प्रभाव के साथ उसकी सामाजिक गतिविधियों, सेवा-कार्य, संगठनात्मक संस्कृति और वैचारिक आधार को भी देखना आवश्यक है। भागवत की यात्रा ने कम से कम इतना अवसर अवश्य दिया कि संघ को उसके अपने शब्दों और उसके सरसंघचालक की प्रत्यक्ष व्याख्या के आधार पर सुना जाए। अमेरिका में बसे भारतीयों से भागवत ने एक संतुलित संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस देश में वे रह रहे हैं, वह उनकी कर्मभूमि है और वहां के प्रति उनकी निष्ठा तथा दायित्व सर्वोपरि हैं। साथ ही भारत उनकी जन्मभूमि है, जिससे उन्हें मानवीय मूल्यों और सांस्कृतिक संस्कारों की विरासत मिली है। यह दृष्टि प्रवासी भारतीयों के सामने पहचान के संघर्ष के बजाय पहचान के समन्वय का मार्ग रखती है। अपनी जड़ों से जुड़े रहना और जिस समाज में रह रहे हैं उसके प्रति पूर्ण निष्ठा रखना-दोनों एक साथ संभव हैं। यही भारतीय संस्कृति की उदारता है। यह भी तथ्य है कि भागवत के कार्यक्रम का अमेरिका में विरोध हुआ और संघ की विचारधारा को लेकर तीखी आलोचनाएं सामने आईं। लेकिन लोकतांत्रिक समाज में किसी विचार का उत्तर उसे दबाकर नहीं, उसके साथ संवाद करके दिया जाता है। इस दृष्टि से यह यात्रा संघ के लिए भी एक परीक्षा थी। भागवत ने विरोध का उत्तर आक्रामक भाषा में देने के बजाय एकात्मता, मानवता और सह-अस्तित्व की बात की। यही इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। आलोचक उनके शब्दों और संघ के व्यवहार के बीच अंतर का प्रश्न उठा रहे हैं, समर्थक इसे संघ के मूल विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति मान रहे हैं। इस बहस का अंतिम निर्णय समय और व्यवहार करेगा, लेकिन इतना निश्चित है कि बहस अब अधिक प्रत्यक्ष और वैश्विक हो गई है। मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा को संघ की छवि पर वर्षों से चले आ रहे विवाद का अंतिम उत्तर मानना अतिशयोक्ति होगी। किंतु इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ अवश्य कहा जा सकता है। जिन लोगों ने संघ को केवल राजनीतिक आरोपों और विरोधी व्याख्याओं के माध्यम से जाना है, उन्हें पहली बार इतने बड़े वैश्विक मंच पर उसके शीर्ष नेतृत्व की विचार-दृष्टि को सीधे सुनने का अवसर मिला। यह यात्रा संघ के लिए एक उजाला इसलिए बनी है कि इसमें प्रतिरक्षा की भाषा कम और आत्मविश्वास की भाषा अधिक दिखाई दी। इसमें यह कहने का प्रयास था कि भारतीयता किसी के निषेध से नहीं, सबके सम्मान से मजबूत होती है, हिंदुत्व किसी समुदाय के बहिष्कार से नहीं, मानवता की एकात्म दृष्टि से सार्थक होता है और भारत की शक्ति उसकी समानता में नहीं, उसकी विविधताओं के बीच बनी रहने वाली सांस्कृतिक एकता में है। आज विश्व को केवल आर्थिक शक्ति, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति की आवश्यकता नहीं है। उसे ऐसा जीवन-दर्शन भी चाहिए जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ सके। भागवत के अमेरिकी संबोधन में भारत की इसी भूमिका की कल्पना दिखाई दी-एक ऐसा भारत जो अपनी परंपरा के बल पर विश्व को सह-अस्तित्व, संवाद और एकात्मता का रास्ता दिखा सके। मोहन भागवत की यह यात्रा इसलिए स्मरणीय रहेगी कि उसने संघ के बारे में चल रही बहस को भारत की सीमाओं से निकालकर विश्व के सार्वजनिक विमर्श में पहुंचा दिया। अब संघ की पहचान केवल उसके विरोधियों के आरोपों या समर्थकों के दावों से नहीं, बल्कि उसके विचार, उसके व्यवहार और समाज के साथ उसके संवाद से तय होगी। अंततः किसी विचारधारा की सबसे बड़ी शक्ति उसका प्रचार नहीं, उसका आचरण होता है। अमेरिका की धरती से भागवत ने जो संदेश दिया है, उसकी वास्तविक कसौटी भारत की धरती पर सामाजिक समरसता, सेवा, संवाद और सह-अस्तित्व के रूप में दिखाई देगी। यदि यह संदेश व्यवहार में उतरता है, तो यह केवल संघ की छवि को नहीं, भारत की वैश्विक सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाई दे सकता है। - ललित गर्ग लेखक, पत्रकार, स्तंभकार
अमेरिका में इलाज पड़ा 22 लाख का, भारत में 47 हजार! वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर अमेरिका के हेल्थकेयर सिस्टम की हकीकत बताने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक भारतीय युवक ने अमेरिका और भारत के हेल्थकेयर सिस्टम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं. इसे जानने के बाद कई लोग भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की तारीफ कर रहे हैं.
ईरान में कट्टरपंथी नेताओं का प्रभाव, अमेरिका की बदली रणनीति की सफलता पर सवाल : रिपोर्ट
अमेरिका ईरान के खिलाफ एक नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब वह केवल सैन्य कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय एक अधिक संगठित और व्यापक आर्थिक दबाव की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह तरीका मध्य पूर्व संघर्ष के शुरुआती दौर में शुरू किए गए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' से अलग बताया जा रहा है।
क्या भारत की तरह अमेरिका में भी है ट्यूशन कल्चर?
भारत में स्कूल के बाद बच्चों के ट्यूशन जाना बेहद आम है. स्कूल में जो चीजें उन्हें समझ नहीं उसके लिए छात्र अलग से कोचिंग या ट्यूटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या अमेरिका में भी बच्चों के लिए ऐसा ही ट्यूशन कल्चर है? इस सवाल पर इंस्टाग्राम पर ‘Sarika in America’ नाम के अकाउंट से शेयर किए गए एक वीडियो में 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने अनुभव के बारे में बताया.
टीवी और बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता राम कपूर हाल ही में एकता कपूर के शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' में नज़र आए थे। शो के दौरान और हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में राम कपूर ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे सनसनीखेज और भावुक राज़ खोले हैं, जिसने उनके फैंस को हैरान कर दिया है। 'मैं दो देशों में जेल जा चुका हूँ' इंटरव्यू के दौरान राम कपूर ने अपनी युवावस्था के दिनों की गलतियों को याद करते हुए बताया कि वे भारत और अमेरिका, दोनों देशों में जेल की हवा खा चुके हैं। राम ने कहा: कॉलेज की नादानियां: कॉलेज के दिनों में लोग कई बेवकूफी भरी हरकतें करते हैं। मैं भारत और अमेरिका दोनों जगह पकड़े जाने पर एक-एक रात जेल में बिता चुका हूँ। पिता ने नहीं कराया रिहा: जब उनसे पूछा गया कि गिरफ्तारी पर उनके पिता का क्या रिएक्शन था, तो राम ने बताया कि उनके पिता उन्हें जेल से छुड़ाने नहीं आए थे। उन दिनों दोनों के बीच अनबन चल रही थी क्योंकि राम पारिवारिक बिजनेस छोड़कर एक्टर बनने निकल पड़े थे। जेल में एक रात बिताने पर राम कपूर एक इमोशनल बातचीत में, राम कपूर ने कई चीज़ों पर अपने विचार शेयर किए, और मज़ेदार अंदाज़ में एक ऐसे राज़ के बारे में भी बताया जो शो में नहीं दिखाया गया था। राम ने कहा, मैं दो देशों - भारत और अमेरिका - में जेल जा चुका हूँ; यह एक रात के लिए था। कॉलेज के दिनों में, आप कई बेवकूफी भरी हरकतें करते हैं, और कभी-कभी जब आप पकड़े जाते हैं, तो घर जाने की इजाज़त मिलने तक आपको जेल में एक रात बितानी पड़ती है। जब उनसे पूछा गया कि उनकी गिरफ्तारी पर उनके पिता का क्या रिएक्शन था, तो राम ने कहा, मेरे पिता मुझे छुड़ाने नहीं आए; मैं अकेला था। उन सालों में पापा मुझसे बात नहीं कर रहे थे क्योंकि मैं उनसे और उनकी कंपनी से भाग गया था; मैं एक्टर बनना चाहता था। पिता की मौत पर राम कपूर 'लॉक अप: सच या सज़ा' में राम कपूर ने बताया था, मैंने अपने पिता की मौत की प्लानिंग में उनकी मदद की थी। 63 साल की उम्र में उन्हें पैंक्रियाटिक कैंसर का पता चला; ऑपरेशन करना मुमकिन नहीं था। कीमोथेरेपी के 18 सेशन के बाद, उनका कैंसर लगभग खत्म हो गया था। वे इतनी अच्छी तरह ठीक हो गए थे कि 73 साल की उम्र तक अच्छी ज़िंदगी जी। जब कैंसर दोबारा हुआ, तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि स्थिति गंभीर है, लेकिन वे अच्छे नतीजे की उम्मीद में वही इलाज दोबारा करने वाले थे। उन्होंने कहा “मैंने हमेशा अपने पिता को चुनौती दी थी। वे बहुत अमीर और बड़े आदमी थे। मैं हमेशा अपनी ज़िंदगी अपनी मर्ज़ी से जीना चाहता था, इसलिए मैं उनसे अलग हो गया और एक्टर बन गया। मैं उनकी कंपनी में नहीं गया। मेरे और मेरे पिता के बीच कभी नहीं बनी; हमारी हमेशा लड़ाई होती थी, और मुझे कभी परिवार वाला अपनापन नहीं मिला। मैं हमेशा अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जीता रहा। जब उनका कैंसर दोबारा हुआ, तो वे सिंगापुर में थे; उस समय कोविड का दौर था और सब कुछ लॉकडाउन था। इसे भी पढ़ें: Ram Kapoor ने किया चौंकाने वाला खुलासा! भारत और अमेरिका में काटनी पड़ी थी जेल, पिता की मौत से जुड़ी भावुक कहानी भी शेयर की उन्होंने गौतमी को फ़ोन किया और कहा कि वे मुझसे बात करना चाहते हैं; फिर हमारी फ़ोन पर बात होने लगी। असल में, उन्होंने तय कर लिया था कि वे अब कैंसर से लड़ना नहीं चाहते और दुनिया से जाना चाहते हैं। लेकिन वे अकेले यह कदम उठाने से डर रहे थे और नहीं चाहते थे कि किसी को पता चले। उन्हें लगा कि उन्हें मेरी ज़रूरत है, और उन्होंने साफ़-साफ़ मुझसे पूछा, ‘क्या तुम मरने में मेरी मदद कर सकते हो?’ ज़ाहिर है, मेरा रिएक्शन भी वैसा ही था जैसा किसी और का होता, लेकिन उन्होंने मुझे समझा लिया कि अगर मैंने मदद नहीं की तो वे अकेले ही मर जाएंगे। उन्होंने मुझे कोई और विकल्प नहीं दिया,” राम कपूर ने आगे कहा। उन्होंने आगे बताया, उनकी शर्तें थीं: मैं यह बात किसी को नहीं बता सकता था और उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता था। इसे भी पढ़ें: 'अंबर धारा' फेम Kashmira Irani ने 40 की उम्र में सुनाई खुशखबरी! घर गूंजने वाली है किलकारी, गौहर खान समेत सेलेब्स ने बरसाया प्यार उन्होंने कहा, 'जब वे मुझे ICU में ले जाएं, तो तुम्हें मेरे साथ रहना होगा।' हम भर्ती तो हो गए, लेकिन किसी को पता नहीं था कि कोई इलाज नहीं हो रहा था। मेरी माँ, मेरी बहन, किसी को नहीं। वह बस चाहते थे कि मैं उनका हाथ पकड़ूँ और उन्हें जाने दूँ। मैंने उनसे वादा किया था कि मैं ऐसा करूँगा, लेकिन मुझे नहीं पता था कि मुझमें इतनी हिम्मत होगी या नहीं। किसी तरह, उन्हें पता था कि मैं यह कर सकता हूँ, और उन्हें अकेले रहने से डर लगता था; उन्हें लगता था कि अगर किसी और को इसके बारे में पता चला, तो वे इसकी इजाज़त नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि उनके अंतिम संस्कार पर कोई रोए नहीं, और मरने के बाद उसी दिन उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाए। किसी तरह, मैंने उनका हाथ पकड़ा, और हर दिन मैंने उन्हें जाने में मदद की। मेरी माँ और बहन अभी भी मुझसे बात नहीं करतीं; 5 साल से ज़्यादा हो गए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि यह सबसे अच्छी चीज़ों में से एक है जो एक बच्चा अपने माता-पिता के लिए कर सकता है। हर कोई राजा की तरह जीता है; मेरे पिता राजा की तरह मरे। उन्होंने मुझे मेरी ताकत का एहसास कराया। उनकी वजह से मैंने मौत को इतना करीब से देखा, और अब मेरे लिए इसका कोई मतलब नहीं है। उनकी मौत को इतने करीब से देखकर मैंने जीना सीखा। इस राज़ को खोलने के बारे में अपने विचार बताते हुए, राम ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा, उस समय डैड के साथ जो कुछ भी हो रहा था, मुझे नहीं पता था कि मैं यह कर पाऊँगा या नहीं। उन्हें लगता था कि मैं यह कर पाऊँगा। उन्होंने मेरी ताकत देखी; मेरे पास बहुत सारी ज़िम्मेदारियाँ थीं, और यह आसान नहीं था। कैंसर से मरना बहुत बुरा होता है। कभी-कभी उन्हें बहुत दर्द होता था; कभी-कभी उन्हें मतिभ्रम (hallucination) होता था। मुझे उन सब चीज़ों का सामना करना पड़ा, और मैं बस वही कर रहा था जो मुझे अपने पिता के लिए करना था। बाद में मुझे इसका एहसास हुआ, और तब मुझे लगा कि यह मेरे साथ हुई सबसे अच्छी चीज़ों में से एक है। क्योंकि मैंने अपने पिता को वह करने में मदद की जो वह सच में चाहते थे, यह बहुत बढ़िया था; इस प्रक्रिया में, मेरी सोच पूरी तरह से बदल गई है। गौतमी और बच्चों को लगता है कि मैं आध्यात्मिक हो गया हूँ, लेकिन मुझमें बहुत सी चीज़ें पूरी तरह से बदल गईं। मैं बहुत खुश हूँ कि मैं इस अनुभव से गुज़रा। EntertainmentNews Hindi Todayonly at Prabhasakshi
ईरान जंग में अमेरिका का मिसाइल भंडार खाली, चीन से खतरा!
ईरान के साथ लंबे युद्ध के बीच अमेरिका के Patriot इंटरसेप्टर समेत कई अहम हथियारों का भंडार तेजी से घटा है, जिससे चीन और रूस के मोर्चे पर अमेरिकी सैन्य तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ रही है.
US: मध्यावधि चुनावों से पहले डोनाल्ड ट्रंप को झटका, भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने छोड़ा साथ
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका में नवंबर में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता बढ़ गई है। यहां उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर चिंता बढ़ाने वाले संकेत सामने आए हैं। एएपीआई डेटा के एक नए सर्वे के मुताबिक, भारतीय-अमेरिकियों का बड़ा हिस्सा आगामी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को समर्थन देने की तैयारी में है। प्रतिनिधि सभा के चुनाव में 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की बात कही, जबकि केवल 22 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की इच्छा जताई। सीनेट चुनाव में भी 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने डेमोक्रेट्स और 18 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की बात कही। सर्वे में पाया गया कि एशियाई-अमेरिकी समुदायों के बीच भारतीय प्रवासियों का डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति समर्थन सबसे अधिक स्तरों में से एक है। ट्रंप के लिए सर्वे के नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक हिस्से का रुझान उनकी ओर बढ़ा था। pc- aaj tak
आज किया अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन तो नंबर कब आएगा? वेटिंग पीरियड जान चौंक जाएंगे
अमेरिका में नौकरी के लिए ग्रीन कार्ड का सपना देखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एनएफएपी के विश्लेषण के मुताबिक, जनवरी 2026 या उसके बाद रोजगार-आधारित आवेदन करने वाले भारतीय आवेदकों को ईबी-2 श्रेणी में स्थायी निवास मिलने में 179 साल तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
ट्रंप की टैरिफ नीति से बिगड़े समीकरण, भारत, चीन और रूस के गठबंधन से बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन
India-China-Russia relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक 'टैरिफ नीति' ने दुनिया भर में आर्थिक खलबली मची हुई है। मित्र देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैक्स के कारण अब भारत, चीन और रूस एकजुट होकर अमेरिका के प्रभाव से अलग एक नया आर्थिक ...
भारतीय डेटा साइंटिस्ट दिशा लांबा ने अमेरिका में लाखों का पैकेज और एच-1बी वीजा छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया है। उन्होंने अकेलेपन और एच-1बी वीजा की कड़ी बंदिशों को इस निर्णय का मुख्य कारण बताया है। अब वह गुरुग्राम में परिवार के साथ हैं।
नई दिल्ली, 1 सितंबर . India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिलने जा रही है. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन के बीच India में जेवलिन मिसाइल के सह-उत्पादन को लेकर समझौता हुआ है. इसे दोनों देशों की रक्षा साझेदारी और India की स्वदेशी विनिर्माण ... Read more
चीन-पाक की खैर नहीं! भारत में ही बनेगी 'टैंक किलर' जैवलिन मिसाइल; TATA ने अमेरिका से मिलाया हाथ
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) अब भारत में अमेरिकी जैवलिन मिसाइलों का उत्पादन करेगी। यह समझौता भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूत करेगा और उच्च-तकनीकी रोजगार पैदा करेगा।
अमेरिका के हमले से दहला ईरान का लारक द्वीप, तेहरान ने जॉर्डन में US ठिकानों पर किया जवाबी हमला
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देशों के बीच कुछ समय […] The post अमेरिका के हमले से दहला ईरान का लारक द्वीप, तेहरान ने जॉर्डन में US ठिकानों पर किया जवाबी हमला first appeared on Sanjeevni Today .
Nepal Floods: बाढ़ से भयानक तबाही के बाद भारत-अमेरिका-चीन से मुआवजा क्यों मांगने लगा नेपाल?
Nepal Floods: नेपाल ने विनाशकारी बाढ़ के बाद अब इंटरनेशनलमदद की मांग का अपना रुख बदलते हुए 'क्लाइमेट मुआवजे' की मांग उठाई है। नेपाल का कहना है कि जलवायु संकट पैदा करने में उसका योगदान बेहद कम है। लेकिन ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और चरम मौसम की घटनाओं का सबसे ज्यादा खामियाजा हिमालयी देश को भुगतना पड़ रहा है।'द काठमांडू पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल ने मानवीय सहायता मांगने के बजाय विनाशकारी अचानक आई बाढ़ के लिए 'क्लाइमेट मुआवजे' की मांग करने का अपना कूटनीतिक रुख बदल लिया है।नेपाल का तर्क है कि यह हिमालयी देश उस जलवायु संकट का खामियाजा भुगत रहा है, जिसे पैदा करने में उसकी भूमिका बहुत कम थी 'द काठमांडू पोस्ट' के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि उनका देश अब सहायता को महज मानवीय मदद के तौर पर नहीं देख रहा, बल्कि इसे जलवायु जिम्मेदारी और मुआवजे के मुद्दे से जोड़ रहा है। यह विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन के कारण आई थी।'यह दान नहीं, न्याय और मुआवजे का मामला'विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में नेपाल का योगदान लगभग नगण्य है। इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और हिमालयी आपदाओं का सामना नेपाल को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल अपनी कूटनीतिक रणनीति को 'मदद' से 'न्याय और मुआवजे' की ओर ले जा रहा है। उनके मुताबिक यह किसी देश की ओर से दी जाने वाली चैरिटी नहीं, बल्कि जलवायु संकट के लिए जिम्मेदारी और मुआवजे का सवाल है।भारत, चीन और अमेरिका को बताया बड़ा प्रदूषकनेपाल के विदेश मंत्री ने चीन, अमेरिका और भारत को दुनिया के प्रमुख इंडस्ट्रियल एमिटर्स में शामिल बताते हुए कहा कि इन देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे नेपाल जैसे जलवायु संवेदनशील देशों को मुआवजा दें। खनाल ने कहा कि चीन दुनिया का सबसे बड़ा एमिटर्स है, उसके बाद अमेरिका और भारत का स्थान आता है। उन्होंने दावा किया कि नेपाल ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को औपचारिक क्लाइमेट कंपेंसेशन क्लेम लेटर भी भेजा है।'यह बाढ़ नहीं, हिमालयी सुनामी थी'विदेश मंत्री ने हालिया आपदा की भयावहता बताते हुए इसे सामान्य बाढ़ मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पानी की लहरें 20 से 30 मीटर तक ऊंची थीं। उनकी रफ्तार करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। इसी वजह से उन्होंने इसे 'हिमालयी सुनामी' करार दिया। बाढ़ के पानी ने घरों, गाड़ियों, सड़कों और पुलों को बहा दिया। जबकि कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा।नेपाल ने UN से मांगी 5 अरब डॉलर की मददआपदा के बाद नेपाल ने पुनर्निर्माण और रिकवरी की लागत करीब 5 अरब डॉलर आंकी है। साथ ही, देश ने जलवायु आपदाओं से उबरने के लिए संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े विशेष फंड से तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। नेपाल के जलवायु अधिकारियों का कहना है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन ने उन परिस्थितियों को और गंभीर बनाया, जिनके बीच यह भयावह आपदा सामने आई।नेपाल का तर्क है कि जो देश जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे कम जिम्मेदार हैं, वे ही अक्सर इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि हिमालय के ग्लेशियर लगातार पिघलते रहे तो गंगा और त्रिशूली जैसी नदियों पर निर्भर दक्षिण एशिया के अरबों लोगों की जल सुरक्षा भी गंभीर खतरे में पड़ सकती है।नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1,000 के करीबनेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 987 हो गई> सुरक्षा बल देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान और शव बरामद कर रहे हैं।अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, 3,916 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में नेपाल सेना समेत सुरक्षा बलों ने तलाश और बचाव अभियान तेज कर दिया है।ये भी पढ़ें- VIDEO Nepal Flood: नेपाल में तबाही के बीच बचावकर्मियों ने बचाई मासूम की जान, डेढ़ महीने के बच्चे का रेस्क्यू, वीडियो वायरलनेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, चितवन से 321 शव, नवलपरासी पूर्व से 216, नवलपरासी पश्चिम से 170 और नुवाकोट से 95 शव बरामद किए गए हैं।इसी तरह, गोरखा से 65, धादिंग से 55, तनहूं से 38 और रसुवा से 27 शव बरामद किए गए हैं। NDRRMAए ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से आठ जिले प्रभावित हुए हैं।
Sun Pharma share Price: अमेरिका को कम कीमत पर दवाओं की सप्लाई के समझौते से गिरा सन फार्मा का शेयर
Sun Pharma share Price:सन फार्मास्युटिकल्स के शेयर 1 सितंबर को बाजार खुलते ही गिर गए। सन फॉर्मा टैरिफ में रियायत की शर्त पर अमेरिका में कम कीमत पर दवाओं की सप्लाई के लिए तैयार हो गई है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सरकार से एक समझौता किया है। इसके तहत वह अमेरिकी स्टेट मेडिकेड प्रोग्राम के लिए कम कीमत पर दवाओं की सप्लाई करेगी। वह भविष्य में लॉन्च होने वाली इनोवेटिव दवा की सप्लाई भी कम कीमत पर करेगी।सस्ती दवाओं की सप्लाई के लिए अमेरिकी सरकार से समझौता1 सितंबर को Sun Pharma का शेयर 1 बजे 2.47 फीसदी गिरकर 1,935.30 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, इससे पहले के सत्र में 3.4 फीसदी चढ़ा था। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में दूसरी कई दवा कंपनियों के साथ वह भी शामिल हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकी सरकार से समझौते के ऐलान के लिए किया गया था। दवा कंपनियों ने अमेरिकी सरकार से जो समझौता किया है, उससे अमेरिका में लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।भविष्य में लॉन्च होने वाली इनोवेटिव दवाएं भी समझौते के तहत आएंगीइस समझौते के तहत सन फार्मा अमेरिका के सरकारी मेडीकेड प्रोग्राम के लिए MFN प्राइसिंग के तहत दवाओं की सप्लाई करेगी। उसने बाद में लॉन्च होने वाली दवाओं के लिए भी एमएफएन प्राइसिंग का इस्तेमाल करने का वादा किया है। हालांकि, इस समझौते की शर्तों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लेकिन, एमएफएन प्राइसिंग का मतलब यह है कि सन फार्मा अमेरिकी सरकार के मेडीकेड प्रोग्राम के लिए भी उसी कीमत पर दवाएं सप्लाई करेगी, जिस कीमत पर वह विकासशील देशों में दवाएं बेचती है।सन फॉर्मा को अमेरिकी टैरिफ से दो साल तक मिलेगी रियायतइस समझौते का असर सन फॉर्मा के अमेरिकी रेवेन्यू पर पड़ सकता है। लेकिन, यह असर कितना होगा, अभी यह बताना मुश्किल है क्योंकि समझौते की शर्तों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। अभी यह भी पता नहीं है कि इस समझौते के दायरे में सन फार्मा की कौन-कौन सीदवाएं आएंगी। हालांकि, इस समझौते के बदले सन फार्मा को अमेरिकी टैरिफ में काफी रियायत मिलेगी।यह भी पढ़ें:Jewellery Stocks: पीएम मोदी ने सोना नहीं खरीदने की अपील की, टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, Thangamayil के शेयर 4% तक फिसलेसन फार्मा के ग्लोबल रेवेन्यू में अमेरिका की 27 फीसदी हिस्सेदारीसन फार्मा ने कहा है कि अमेरिकी सरकार उसके इनोवेटिव फार्मा प्रोडक्ट्स को दो साल से ज्यादा समय तक सेक्शन 232 के टैरिफ के दायरे से बाहर रखने को तैयार हो गई है। अमेरिकी सरकार ने अमेरिका में सन फॉर्मा के निवेश को देखते हुए यह रियायत दी है। सन फार्मा की ग्रोथ के लिए अमेरिकी बाजार काफी अहम है। कंपनी के ग्लोबल रेवेन्यू में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी है। सन फार्मा के इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है।
मोहन भागवत के अमेरिका में दिए गए बयान पर ओवैसी ने उठाए सवाल
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कनाडा में हैं...मगर उनके यूएस में दिए गए बयान पर सियासत तेज हो रही है, ओवैसी ने भागवत के बयान पर सवाल उठाया, उधर कनाडा में ऐतिहासिक मंच से संघ प्रमुख ने दुनिया को लेकर भारत की सोच को पूरी तरह साफ कर दिया.
अमेरिका में मारी गईं केरल की दो महिलाओं के शव 3 सितंबर को सौंपे जाने की संभावना : सुरेश गोपी
तिरुवनंतपुरम, 1 सितंबर . केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि कैलिफोर्निया के मिलपिटास में मारी गई केरल की दो महिलाओं के शव Thursday को पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सौंपे जाने की संभावना है, क्योंकि शवों को घर लाने के प्रयास अंतिम चरण में पहुंच गए हैं. केंद्रीय पर्यटन राज्य ... Read more
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सोशल मीडिया के गलियारों से इस वक्त एक बहुत बड़ी और तीखी बहस की खबर सामने आ रही है। अमेरिका की राजनीति में अपनी बेबाक बयानी के लिए पहचाने जाने वाले उपराष्ट्रपति पद के नेता और कद्दावर राजनेता जेडी वेंस अपनी पत्नी उषा वेंस के सम्मान में पूरी तरह से आक्रामक तेवर में नजर आए हैं। एक ऑनलाइन मंच और सार्वजनिक डिबेट के दौरान जब एक यूजर या आलोचक, जिसका नाम अब्दुल बताया जा रहा है, ने उषा वेंस के खिलाफ बेहद घटिया और अमर्यादित टिप्पणी की, तो जेडी वेंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए उस शख्स की बोलती बंद कर दी और चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि वह अपनी पत्नी का नाम अपनी गंदी जुबान पर बिल्कुल न लाए। इस घटना के बाद से अमेरिकी राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह मामला सुर्खियों में छा गया है और हर तरफ जेडी वेंस के इस आक्रामक तथा защиक (защитник/रक्षक) रूप की चर्चा हो रही है। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह पूरा वाकया कैसे शुरू हुआ और इसके राजनीतिक व सामाजिक मायने क्या हैं।अमेरिकी राजनीति में व्यक्तिगत हमलों का बढ़ता चलन और उषा वेंस की पृष्ठभूमिआज के आधुनिक डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कई बार वैचारिक स्तर से नीचे गिरकर व्यक्तिगत और पारिवारिक हमलों तक पहुंच जाती है। जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस (Usha Vance) लंबे समय से अमेरिकी जनता के बीच एक प्रतिष्ठित जोड़ा माने जाते हैं। उषा वेंस भारतीय मूल की एक बेहद प्रतिभाशाली वकील और अकादमिक हस्ती हैं, जिन्होंने येल और कैंब्रिज जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से अपनी पढ़ाई पूरी की है और अमेरिकी कानूनी क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जब जेडी वेंस ने अमेरिकी राजनीति में तेजी से कदम बढ़ाए, तो उनके साथ-साथ उनके परिवार और विशेषकर उनकी पत्नी को भी कई बार विरोधियों के अनचाहे और अमर्यादित हमलों का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के पर्सनल अटैक इस बात का प्रमाण हैं कि आज की राजनीति में शालीनता की सीमाएं टूटती जा रही हैं, जिसका विरोध हर स्तर पर किया जाना चाहिए।सोशल मीडिया पर अब्दुल और जेडी वेंस के बीच तीखी झड़प का पूरा वाकयायह पूरा विवाद तब भड़का जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक यूजर ने, जिसकी पहचान अब्दुल के रूप में सामने आई, जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस को निशाना बनाते हुए बेहद भद्दी, घटिया और नस्लीय तथा व्यक्तिगत टिप्पणी पोस्ट कर दी। अमूमन राजनेता इस तरह के ट्रोल्स को नजरअंदाज करने की सलाह देते हैं, लेकिन जेडी वेंस अपने परिवार के सम्मान और सुरक्षा को लेकर बेहद मुखर माने जाते हैं। जैसे ही यह अपमानजनक टिप्पणी उनकी नजरों में आई, उन्होंने तुरंत पलटवार किया और उस शख्स को सरेआम लताड़ लगा दी। जेडी वेंस ने बिना किसी कूटनीतिक भाषा का इस्तेमाल किए सीधे और कड़े शब्दों में उस यूजर को चेतावनी दी कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की ओछी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी की पत्नी और परिवार को बीच में घसीटना घिनौनी मानसिकता को दर्शाता है और भविष्य में इस तरह की हिम्मत दोबारा न की जाए।जेडी वेंस के इस कड़े रुख पर अमेरिकी जनता और मीडिया की प्रतिक्रियाजेडी वेंस द्वारा एक आलोचक को इस तरह सार्वजनिक रूप से लताड़े जाने के बाद से अमेरिकी मीडिया और सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उनके समर्थकों का मानना है कि एक पति के तौर पर जेडी वेंस ने बिल्कुल सही कदम उठाया है और ट्रोलर्स को उनकी भाषा में करारा जवाब देना बहुत जरूरी था ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की अमर्यादित हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। दूसरी ओर, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को इस तरह की ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं पर संयम बरतना चाहिए, हालांकि उषा वेंस पर की गई टिप्पणी इतनी घटिया थी कि किसी भी सामान्य व्यक्ति का गुस्सा फूटना स्वाभाविक था। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह बहस छेड़ दी है कि सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले ट्रोल्स और व्यक्तिगत हमले करने वालों पर लगाम कसने के लिए कड़े नियम क्यों होने चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही सिंधु जल संधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक पारा काफी हाई हो चुका है। हाल ही में इस संवेदनशील मुद्दे पर आए एक अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश और उसके फैसलों को लेकर अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों ने इस कानूनी और मध्यस्थता से जुड़े आदेश को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत का यह कड़ा रवैया यह साफ करता है कि देश अपने जल संसाधनों और रणनीतिक हितों के मामले में किसी भी बाहरी या एकतरफा फैसले को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक कूटनीति के गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और हर कोई भारत के इस आक्रामक तथा स्पष्ट कूटनीतिक संदेश के मायने तलाश रहा है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या है सिंधु जल संधि विवाद और क्यों भारत ने कड़ा रुख अपनाया है।सिंधु जल संधि और अंतरराष्ट्रीय अदालत का विवादित फैसलासिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई एक ऐतिहासिक जल वितरण संधि है। इसके तहत सतलुज, ब्यास, रावी, झेलम और चिनाब नदियों के पानी के इस्तेमाल के अधिकार दोनों देशों के बीच तय किए गए थे। पिछले कुछ समय से पाकिस्तान इस संधि के कुछ प्रावधानों, विशेष तौर पर भारत की पनबिजली परियोजनाओं (जैसे कि किशनगंगा और रातले प्रोजेक्ट्स) को लेकर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कोर्ट पहुंच गया था। पाकिस्तान की कोशिश लगातार यह रही है कि इन परियोजनाओं के निर्माण में बाधा डाली जाए और तीसरे पक्ष के माध्यम से भारत पर दबाव बनाया जाए। इसी क्रम में, अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत की तरफ से एकतरफा आदेश पारित किए गए, जिन्हें भारत ने शुरू से ही कानूनी और प्रक्रियागत रूप से अवैध करार दिया है। भारत का यह पक्ष रहा है कि इस संधि के नियमों के तहत द्विपक्षीय समाधान के रास्ते मौजूद हैं और किसी भी बाहरी कोर्ट या मंच का इसमें एकतरफा हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।वाशिंगटन में भारतीय दूतावास का कड़ा रुख और तीखी प्रतिक्रियाअमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में स्थित भारतीय दूतावास ने इस पूरे मामले पर कूटनीतिक मर्यादाओं के भीतर रहते हुए अत्यंत कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। भारतीय पक्ष ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के इन आदेशों को किसी भी कानूनी और व्यावहारिक मूल्य से परे बताते हुए खारिज कर दिया है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी मध्यस्थता प्रक्रियाएं जो द्विपक्षीय संधियों की मूल भावना और कानूनी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करती हैं, उनका कोई औचित्य नहीं है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार यह दोहराया है कि पाकिस्तान जब तक सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता और द्विपक्षीय वार्ता के अनुकूल माहौल नहीं बनाता, तब तक किसी भी विवादास्पद मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का कोई मतलब नहीं बनता। भारतीय दूतावास के इस दोटूक बयान से यह संदेश गया है कि भारत अब अपनी संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।भारत के इस कदम के भू-राजनीतिक और कूटनीतिक मायनेभारतीय कूटनीति के मोर्चे पर इस नए और आक्रामक रुख के दूरगामी परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पश्चिम देशों और विशेष रूप से अमेरिका के भीतर भारत के इस स्पष्ट दृष्टिकोण ने यह साबित कर दिया है कि नई दिल्ली अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हितों और रणनीतिक संपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग करके भारत पर अनुचित कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा था, जिसे भारत ने अपने मजबूत तर्कों और कड़े बयानों से नाकाम कर दिया है। सिंधु जल संधि जैसे मामलों में भारत का यह रुख यह भी संकेत देता है कि आने वाले समय में देश पानी के कूटनीतिक उपयोग (Hydro-diplomacy) को लेकर और अधिक आक्रामक और राष्ट्रहितैषी नीतियां अपना सकता है। कुल मिलाकर, अमेरिका में भारतीय दूतावास की इस बेबाक प्रतिक्रिया ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने फैसलों पर अडिग है और बाहरी दबावों को सिरे से खारिज करता है।जेनेरेटिव सर्च और आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन के इस दौर में यह खबर वैश्विक राजनीति और कूटनीति के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है। लोकल ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स के लिहाज से इस विषय पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है ताकि पाठकों तक सबसे सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंच सके।
एशविले, 1 सितंबर . India ने जी20 की अमेरिकी अध्यक्षता के तहत आर्थिक विकास, वैश्विक असंतुलन और वित्तीय साक्षरता पर फोकस का समर्थन किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ ‘सकारात्मक और रचनात्मक’ द्विपक्षीय बैठक के बाद यह बात कही. को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने ... Read more
न्यूयॉर्क, 1 सितंबर . अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला उन्होंने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ लंबे समय चल रहे मतभेदों के कारण लिया है. रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ड्रिस्कॉल ने Monday को President डोनाल्ड ... Read more
अमेरिका में चुनावी जंग हुई निजी, Usha Vance पर टिप्पणी के बाद JD Vance ने अब्दुल अल-सैयद को घेरा|
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उषा वेंस पर टिप्पणी करने वाले डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद को कड़ी चेतावनी दी है।
पठानकोट के युवक की कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। युवक 3 महीने पहले ही रोजगार की तलाश में अमेरिका गया था। वहां एक स्टोर में काम करता था। वह किसी काम के लिए कनाडा के कैलगरी गया था। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उस पर गोली चला दी। मामला कनाडा के कैलगरी स्थित कॉर्नस्टोन बुलेवर्ड के 1100 ब्लॉक का है। मृतक की पहचान हरजस सिंह (24) के रूप में हुई है। पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने के लिए अपीलजैसे ही इसकी सूचना पठानकोट के सुंदर नगर स्थित उसके घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने सरकार से मांग की है कि मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाए। फायरिंग की सूचना के बाद पहुंची पुलिसकैलगरी पुलिस की होमिसाइड यूनिट मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को तड़के करीब 12:55 बजे कॉर्नस्टोन बुलेवर्ड एन.ई. के 1100 ब्लॉक में गोलीबारी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। यहां अधिकारियों को युवक मृत अवस्था में मिला। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से मांगी मददपुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे 403-266-1234 पर संपर्क करें। इसके अलावा क्राइम स्टॉपर्स के जरिए गुमनाम रूप से भी जानकारी दी जा सकती है। हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…
व्हाइट हाउस में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम निर्माण को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी
वाशिंगटन, एक सितंबर (एपी) अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में प्रस्तावित 40 करोड़ डॉलर के भव्य बॉलरूम के निर्माण को फिलहाल जारी रखने की सोमवार को अनुमति दे दी। अदालत के इस फैसले को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है, जो अभूतपूर्व कार्यकारी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राजधानी की तस्वीर और स्वरूप को अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप बदलने का काम कर रहे हैं। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स के उस अस्थायी आदेश की जगह लेगा, जो उन्होंने अधीनस्थ अदालत के निर्माण कार्य रोकने के फैसले के प्रभावी होने से कुछ घंटे पहले जारी किया था। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार के ताजा आदेश से सार्वजनिक रूप से असहमति जताई और उन्होंने अदालत के तीन उदारवादी न्यायाधीशों का साथ दिया जिन्होंने निर्माण परियोजना को “संभावित रूप से गैरकानूनी” करार दिया। बहुमत में न्यायाधीशों ने परियोजना की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया। उनका कहना है कि निर्माण को चुनौती देने वाले संरक्षण समूह के पास संभवतः ऐसा करने का कानूनी अधिकार नहीं है। मामले पर सुनवाई अब अधीनस्थ अदालतों में होगी। हालांकि, अदालती दस्तावेजों के अनुसार परियोजना के अहम हिस्से अगले कुछ महीनों में ही पूरे हो सकते हैं। इस मामले में अधीनस्थ संघीय अदालतों ने परियोजना पर रोक लगाते हुए कहा था कि इसके लिए कांग्रेस (संसद) की मंजूरी जरूरी है जिसके बाद ट्रंप प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया। ‘नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन’ ने मुकदमा दायर कर कहा है कि ट्रंप को एकतरफा तरीके से यह काम शुरू करने का अधिकार नहीं है। परियोजना के तहत ‘व्हाइट हाउस’ के ईस्ट विंग को गिराया जा चुका है। संगठन के वकीलों का आरोप है कि ‘व्हाइट हाउस’ निर्माण कार्य में तेजी लाकर “अदालतों की सुनवाई से पहले ही काम पूरा करने” की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 94.96 पर खुला
रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 26 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.96 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये को निकट अवधि में 95.10-95.20 के आसपास मजबूत समर्थन मिलता दिख रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.06 प्रति डॉलर पर खुला। इसके बाद इसमें तेजी आई और यह 26 पैसे की बढ़त दर्ज करते हुए 94.96 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। रुपये ने सोमवार को शुरुआती नुकसान की भरपाई की और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की बढ़त के साथ 95.22 पर बंद हुआ था। इस बीच, दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.46 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 0.63 प्रतिशत चढ़कर 91.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 121.48 अंक टूटकर 76,835.79 अंक पर जबकि निफ्टी 52.6 अंक फिसलकर 24,027.80 अंक पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 7,985.88 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
Taliban-US Relations: अमेरिका को 1 Trillion Dollar के खनिजों का ऑफर, फंड वापसी और प्रतिबंध हटाने की कोशिश
ईरान से जंग के बीच अमेरिका को झटका, US आर्मी के सेक्रेटरी ने दिया इस्तीफा
रिपोर्ट्स के मुताबिक US आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि पीट हेगसेथ के साथ अनबन की वजह से उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है।
हिमाचल प्रदेश: ईरान-अमेरिका तनाव से Gen Z के मुद्दों तक, कसौली लिट फेस्ट में होगी बेबाक बहस
कसौली क्लब में 23 से 25 अक्तूबर तक 15वां खुशवंत सिंह लिट फेस्ट होगा। ईरान-अमेरिका तनाव, मध्य पूर्व संघर्ष और जेन जी के मुद्दों पर चर्चा होगी।
अमेरिका में एक महिला ने चाकू से दो लोगों पर बोला हमला, एक की मौत
अमेरिका के न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर में एक महिला ने चाकू से दो लोगों पर हमला कर दिया. हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक शख्स घायल हुआ है. चाकूबाजी करने वाली महिला का नाम पामेला सिस्नेरोस है. पुलिस ने चार मिनट तक चली तनावपूर्ण झड़प के बाद महिला हमलावर को गोली मारकर ढेर कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक यह हमला बिल्कुल अचानक और बिना किसी वजह के हुआ था. उस समय हजारों लोग वहां मौजूद थे.
‘मेरी पत्नी से दूर रहो…’ उषा को लेकर मुस्लिम उम्मीदवार पर भड़के अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अब्दुल अल-सईद पर जमकर हमला बोला। अल-सईद ने सोशल मीडिया पर वेंस की पत्नी उषा वेंस का जिक्र किया था, जिसके बाद वेंस ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी पत्नी का नाम अपनी बातों में न लाएं।
अमेरिका के स्टोर में भारतीय महिला ने किया डांस, वीडियो देख भड़के लोग
अमेरिका के कॉस्टको स्टोर में खरीदारी के दौरान भारतीय महिला के थिरुवातिरा डांस का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि सार्वजनिक जगह पर इस तरह डांस करना सामान्य बात है या फिर इसे सिविक सेंस की कमी माना जाना चाहिए.
Share Market: शेयर मार्केट में छाई सुस्ती, शानदार GDP आंकड़ों पर भारी पड़ा अमेरिका-ईरान तनाव
Stock Market News: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ने के चलते मार्केट में नकारात्मक माहौल बना हुआ है. इस तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर चढ़ने लगी हैं.
साठगांठ: चुनाव अभियान के तहत हजारों डॉलर देकर बनवाए जा रहे वीडियो, पैसे देकर अपना प्रचार करा रहे अमेरिकी नेता
होर्मुज स्ट्रेट में दो समुद्री माइंस से टकराया सुपर टैंकर, फुटेज में देंखे लगी भीषण आग; अमेरिका ने ईरान के रॉकेट लॉन्चर्स पर किया हमला
अमेरिकी सेना मंत्री डैन ड्रिस्कॉल ने 18 महीने बाद पद से दिया इस्तीफा
वाशिंगटन, एक सितंबर (एपी) अमेरिका के सेना मंत्री डैन ड्रिस्कॉल ने 18 महीने तक पद पर रहने के बाद इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान किसी शीर्ष सैन्य अधिकारी के पद छोड़ने का यह ताजा मामला है। उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के मित्र ड्रिस्कॉल के पद छोड़ने का कोई कारण नहीं बताया गया है लेकिन रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ उनके तनाव की खबरें व्यापक रूप से सामने आती रही हैं। यह सैन्य नेतृत्व, खासकर थल सेना में लगातार हो रहे फेरबदल का ताजा मामला है‘व्हाइट हाउस’ की प्रवक्ता एना केली ने एक बयान में कहा, ‘‘मंत्री ड्रिस्कॉल ने ऐतिहासिक सैन्य अभियानों के दौरान उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करके, सैन्य तैयारियों और मारक क्षमता पर फिर से जोर देकर, रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता में मदद करके तथा अन्य कार्यों के जरिये सेना विभाग में राष्ट्रपति ट्रंप के ‘अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने’ के एजेंडे को आगे बढ़ाने में बेहद प्रभावी भूमिका निभाई है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कमांडर-इन-चीफ और युद्ध मंत्री के साथ मिलकर किए गए उनके काम की बदौलत अमेरिकी थल सेना पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली है।’’अमेरिकी थल सेना के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सेना की मौजूदा स्थिति पर बातचीत की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। अधिकारी को और कोई जानकारी नहीं दी। ड्रिस्कॉल के पद छोड़ने से पहले सेना में उनके एक सहयोगी को हटाया गया था और उस ड्रोन कार्यक्रम को भी वापस लिया गया था, जिसके वह प्रमुख समर्थक थे।
अमेरिका-वेनेजुएला तेल समझौता: 17 इलाकों पर 100 साल का अधिकार, कंपनी में पेंटागन को 35% हिस्सा; और क्या शामिल? trump-venezuela-oil-deal-white-house-pentagon-stake-russia-china
अमेरिका के न्याय विभाग (Department of Justice) ने भारतीय मूल के एक 55 वर्षीय पूर्व टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह (Gurmeet Singh) की अमेरिकी नागरिकता आधिकारिक रूप से रद्द (Denaturalize) कर दी है। गुरमीत सिंह साल 2011 में न्यूयॉर्क में एक महिला यात्री के अपहरण और चाकू की नोक पर किए गए क्रूर बलात्कार (First-Degree Rape & Second-Degree Kidnapping) के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से 20 साल की कठोर जेल की सजा काट रहा है।अमेरिकी अदालत ने पाया कि गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता (Naturalization) हासिल करने की कानूनी प्रक्रिया के दौरान अपने इस जघन्य अपराध को जानबूझकर छिपाया था और धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त की थी।क्या था पूरा मामला? टैक्सी में सोई महिला का चाकू की नोक पर किया था रेपअमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी आधिकारिक रिलीज और अदालती दस्तावेजों के अनुसार, यह खौफनाक वारदात मई 2011 में घटी थी। उस समय गुरमीत सिंह न्यूयॉर्क में टैक्सी चलाता था। विलियम्सबर्ग से ईस्ट विलेज जा रही एक युवा महिला यात्री सफर के दौरान टैक्सी में ही सो गई।गुरमीत सिंह उसे किसी सुनसान जगह ले गया। जब पीड़िता की नींद खुली, तो उसने देखा कि गुरमीत उसके ऊपर बैठा था और उसके गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दे रहा था। उसने पीड़िता के हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंसा, आंखों पर पट्टी बांधी और उसके कपड़े उतारकर उसके साथ दरिंदगी की। किसी तरह जान बचाकर पीड़िता सुबह के वक्त टैक्सी से भागी और सड़क पर जा रहे एक राहगीर से मदद मांगी।नागरिकता की अर्जी में छिपाया अपराध, धोखाधड़ी से बना अमेरिकी नागरिकइस भयानक वारदात को अंजाम देने के कुछ ही हफ्तों बाद गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता के लिए औपचारिकीकरण (Naturalization) की अर्जी दाखिल कर दी। उसने पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान अपने इस आपराधिक कृत्य को संघीय अधिकारियों से छुपाए रखा और 19 अक्टूबर 2011 को उसे धोखे से अमेरिकी नागरिकता मिल गई।बाद में न्यूयॉर्क की अदालत में उस पर मुकदमा चला और 2014 में उसे फर्स्ट-डिग्री रेप और किडनैपिंग का दोषी पाते हुए 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। वर्तमान में वह उल्स्टर काउंटी की शावांगंक जेल (Shawangunk Correctional Facility) में अपनी सजा भुगत रहा है।16 सितंबर तक पासपोर्ट और नागरिकता सर्टिफिकेट सरेंडर करने का आदेशअमेरिकी न्याय विभाग की सिविल डिवीजन ने इस साल 2 फरवरी को गुरमीत सिंह के खिलाफ डीनैचुरलाइजेशन (नागरिकता रद्द करने) का मुकदमा दायर किया था।ब्रुकलिन स्थित ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के फेडरल जज निकोलस गारौफिस (Nicholas Garaufis) ने मामले की सुनवाई के बाद गुरमीत सिंह की नागरिकता को पूरी तरह रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि गुरमीत सिंह को 16 सितंबर 2026 तक अपना अमेरिकी पासपोर्ट और नेचुरलाइजेशन सर्टिफिकेट अदालत के समक्ष सरेंडर करना होगा।'धोखे से ली गई नागरिकता अपराधियों को न्याय से नहीं बचा सकती'अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट (Brett A. Shumate) ने कड़े शब्दों में कहा कि गुरमीत सिंह ने एक भयानक और घृणित अपराध को छिपाकर गैरकानूनी तरीके से अमेरिकी नागरिकता के विशेषाधिकार हासिल किए थे।उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी न्याय विभाग देश की नागरिकता प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और जो भी व्यक्ति धोखाधड़ी या झूठ बोलकर नागरिकता हासिल करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत नागरिकता छीनने की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1992 में भारत से अमेरिका पहुंचा था गुरमीत सिंहगुरमीत सिंह पहली बार फरवरी 1992 में 6 महीने के अस्थायी टूरिस्ट वीजा पर भारत से अमेरिका गया था। वीजा अवधि खत्म होने के बाद वह कई सालों तक अवैध रूप से अमेरिका में रहा। बाद में उसके परिवार द्वारा दायर वीजा याचिका के जरिए जून 2000 में उसे परमानेंट रेजिडेंसी (ग्रीन कार्ड) मिली थी। अब अमेरिकी नागरिकता छिन जाने के बाद, 20 साल की जेल की सजा पूरी होने पर गुरमीत सिंह को वापस भारत डिपोर्ट (Deport) किए जाने की पूरी संभावना है।
ट्रंप प्रशासन में बड़ा बदलाव: अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल का इस्तीफा, क्या हेगसेथ के साथ तनाव पड़ा भारी? dan-driscoll-resigns-us-army-secretary-trump-administration-tensions-with-Pete-Hegseth
आपबीती: हाथ-पैर बांधे, बेड़ियों में कसा पेट..अमेरिका से लाइबेरिया-गिनी भेजे गए प्रवासियों की खौफनाक दास्तान
विदेश की खबर: अमेरिका में 40 करोड़ डॉलर के बॉलरूम को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी, बिश्केक में विश्व घुमंतू खेल
एपल मैप्स पर दिखेगा 'लेक अमेरिका' नाम?: ट्रंप ने कंपनी को दिए निर्देश; कनाडा क्यों कर रहा विरोध
एपल मैप्स पर दिखेगा 'लेक अमेरिका' नाम?: ट्रंप ने कंपनी को दिए निर्देश; कनाडा क्यों कर रहा विरोध
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
अमेरिकी चुनाव में सेना नहीं भेजेगा ट्रंप प्रशासन: शीर्ष सैन्य अधिकारी ने किया साफ; डेमोक्रेट्स क्यों चिंतित?
दुष्कर्म के दोषी गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द: 20 साल की सजा काट रहा; कैसे बना था अमेरिका का नागरिक?
अमेरिकी युद्धपोत के आने से थाईलैंड में खुशी और चिंता दोनों
मध्यपूर्व में लंबी तैनाती के बाद अमेरिका नौसेना का युद्धपोत अब्राहम लिंकन थाईलैंड के पटाया पहुंच रहा है. इससे यहां की अर्थव्यवस्था सुधरने की उम्मीद है, पर सेक्स टूरिज्म बढ़ने का डर भी
जर्मन मानते हैं, देश पर अमेरिकी प्रभाव बढ़ा
जर्मनी में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार 67 प्रतिशत नागरिकों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बाद अमेरिकी राजनीतिक घटनाक्रमों का जर्मनी पर प्रभाव बढ़ गया है
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
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अमेरिका का नया H-4 प्लान, भारतीय परिवारों की नौकरियों पर क्यों मंडरा रहा खतरा?
अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। ट्रंप प्रशासन एच-4 वीजा पर काम करने की अनुमति खत्म करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से सबसे ज्यादा भारतीय परिवार प्रभावित होंगे।
अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन अपहरण केस में बड़ा फैसला, दोषी को 15 साल की सजा
इराकी अदालत ने अमेरिकी पत्रकार शेली किटल्सन के अपहरण मामले में एक अभियुक्त को 15 साल की सजा सुनाई है। आइये जानते हैं कि क्या है पूरा मामला
संभल में भारतीय किसान यूनियन (असली अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सदर तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी विकास चंद्र को ज्ञापन सौंपकर किसानों और ग्रामीणों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि 5 सितंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 6 सितंबर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। अमेरिकी कृषि उत्पादों को टैरिफ-फ्री करने का विरोध भाकियू ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित अमेरिकी ट्रेड डील का विरोध किया। पदाधिकारियों का कहना है कि भारी वित्तीय सहायता से उत्पादित अमेरिकी कृषि उत्पाद यदि बिना शुल्क भारत में आते हैं तो भारतीय किसानों के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल होगा। इससे पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। संगठन ने व्यापारिक समझौते को रद्द करने के साथ किसानों को खाद, बीज और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की मांग की। यूरिया की लंबी कतार और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया किसानों ने यूरिया वितरण व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि खाद वितरण के लिए लगातार नए नियम लागू होने से किसान असमंजस में हैं और उन्हें घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। यूनियन ने यूरिया की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में कृषि उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और लागत में 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर किसानों को उचित मूल्य देने की मांग भी शामिल रही। सर्किल रेट और जल जीवन मिशन पर भी सवाल किसानों ने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं होने का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि कई गांवों में योजना के बावजूद स्वच्छ पेयजल की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा वर्ष 2013 से संभल जिले में कृषि भूमि के सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए गए। किसानों का आरोप है कि पुराने सर्किल रेट के आधार पर बहुफसली और उपजाऊ जमीन का औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे किसानों में असंतोष है। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, चौधरी संजीव गांधी, जयवीर सिंह यादव, मुशाहिद, मोहम्मद उस्मान, आशिक रजा, अजर सिंह, नवाब सिंह, मोहम्मद वारिस, मोहम्मद जीशान, चौधरी सत्यवीर सिंह और जावेद अख्तर समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ''अमेरिकी सम्बोधन' के अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक कूटनीतिक मायने
आधुनिक भारत का सामाजिक चाणक्य समझे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत एक असाधारण व्यक्तित्व के स्वामी हैं, क्योंकि उन्होंने भाजपा के 'गाबाज' नेतृत्व को बदलवाकर कांग्रेसियों/समाजवादियों को उनके ही राजनीतिक पीच पर 2014 में जो सियासी शिकस्त दिलवाई, उससे आम भारतीयों की राजनीतिक सोच ही बदल गई। फलसफा यह निकला कि आज भारत के जर्रे-जर्रे में भगवा ध्वज शान से लहरा रहा है और आरएसएस-भाजपा खुद SC-ST-OBC-EWS का हिमायती बन चुकी है, ताकि देशद्रोही सियासत के लिए कोई सामाजिक स्पेस ही न छोड़ी जाए। इससे सवर्ण बुद्धिजीवियों में हलचल जरूर है, लेकिन जो व्यक्ति भगवान परशुराम को 'लकड़हारा यानी 'बढ़ई जाति' से जोड़कर एक नया 'ओबीसी ब्राह्मण दर्शन' पैदा कर चुका हो, उसकी 'चाणक्य नीति' और 'श्रीरामजी आदर्श नीति' का आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: 'हमने किसी देश पर कब्ज़ा नहीं किया, न ही धर्म बदला', टोरंटो में मोहन भागवत ने भारत के 'यूनिवर्सल DNA' पर की बात | Mohan Bhagwat Toronto Speech पूरी दुनिया ने देखा कि एक मुस्लिम अमेरिकी महापौर (न्यूयॉर्क) ममदानी के विरोध के बावजूद मोहन भागवत सात समंदर पार अमेरिका पहुंचे और 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में जो संबोधन दिया, वह केवल प्रवासी भारतीयों को संबोधित भाषण नहीं था, बल्कि इसे RSS के शताब्दी-वर्ष में हिंदुत्व की वैश्विक प्रस्तुति और भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (वसुधैव कुटुम्बकम) के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में पढ़ा जा सकता है। जिस प्रकार से मोहन भागवत ने वहां “एक विश्व–एक मानवता”, विविधता में एकता, मानवता और प्रवासी भारतीयों की जिम्मेदारी पर जो जोर दिया, वह यदि अगले 100 सालों में विश्व का सांस्कृतिक नक्शा बदल दे तो आपको हैरत में नहीं पड़ना चाहिए। क्योंकि कहा ही गया है कि अग्रसोचि सदा सुखी। इससे 100 साल पहले के आरएसएस और 100 बाद के आरएसएस की जो झलक उनकी इस यात्रा गत सम्बोधन में मिलती है, वह इस प्रकार है:- पहला, सबसे बड़ा संदेश है हिंदुत्व की वैश्विक री-ब्रांडिंग: भागवत ने अमेरिका में यह रेखांकित किया कि हिंदुत्व मुस्लिम-विरोधी विचार नहीं है और यदि कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए तो वह वास्तविक अर्थ में हिंदू नहीं है। अंतरराष्ट्रीय श्रोता के लिए इसका महत्व बहुत बड़ा है। RSS की पश्चिमी छवि लंबे समय से Hindu nationalism, majoritarianism और minority rights की बहस से जुड़ी रही है। ऐसे में भागवत ने उसी विचारधारा को pluralism, diversity और universal humanity की भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। इसे एक तरह की वैचारिक कूटनीति (ideological diplomacy) कहा जा सकता है। दूसरा, अमेरिका को दिया गया दूसरा संदेश है “भारतीय बनो, लेकिन अमेरिकी भी रहो”: भागवत ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अपनी karmabhoomi यानी अमेरिका के प्रति निष्ठा और योगदान की बात कही। इसका अर्थ है कि RSS की वैश्विक परियोजना केवल भारत के बाहर बसे हिंदुओं को संगठित करना नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय समाज में प्रभावशाली और जिम्मेदार नागरिक रहते हुए भारतीय सभ्यतागत पहचान से जोड़ना भी है। यह मॉडल भविष्य में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों में भारतीय diaspora की राजनीतिक-सामाजिक शक्ति को बढ़ा सकता है। तीसरा, “भारत की विविधता” को अमेरिका में प्रस्तुत करना—बहुत सोचा-समझा संदेश: अमेरिका स्वयं को pluralistic society मानता है। भागवत ने इसी अमेरिकी संवेदनशीलता से संवाद करते हुए कहा कि America = pluralism and, Bharat = unity in diversity. उन्होंने कहा कि विविधता भारत के DNA में है और उसे स्वीकारना व सम्मानित करना चाहिए। यह महज सांस्कृतिक कथन नहीं है। यह भारत की soft power narrative को अमेरिका के राजनीतिक-सांस्कृतिक विमर्श के अनुरूप ढालने का प्रयास भी है। चौथा, लेकिन अमेरिका ने इसे एकतरफा स्वीकार नहीं किया: यहीं इस यात्रा का दूसरा और अधिक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहलू सामने आता है। भागवत के कार्यक्रम से पहले ही New York Mayor Zohran Mamdani ने RSS की विचारधारा को लेकर आपत्ति जताई थी। अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF ने तो RSS से जुड़े लोगों पर targeted sanctions और भागवत का visa revoke करने जैसी सिफारिशें तक की थीं। भारत ने इन आरोपों को पक्षपातपूर्ण बताया है। यानी भागवत अमेरिका में जिस “inclusive Hinduism” को प्रस्तुत कर रहे थे, अमेरिकी आलोचकों का एक वर्ग RSS के भारतीय रिकॉर्ड और minority rights को उसके ठीक विपरीत देखता है। इससे उनकी अमेरिकी यात्रा का एक अनपेक्षित परिणाम भी हुआ: वह यह कि RSS अब केवल भारतीय राजनीति का विषय नहीं रहा; वह अमेरिकी public discourse में भी India, religion, democracy और minority rights की बहस का हिस्सा बन गया है। पांचवां, भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्या अर्थ?: सरकार-से-सरकार कूटनीति से अलग एक नया people-to-people / diaspora-to-politics channel मजबूत होता दिख रहा है। अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी आर्थिक, तकनीकी और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है। यदि RSS इस समुदाय में अपनी सामाजिक-सांस्कृतिक स्वीकार्यता बढ़ाता है तो उसका असर भविष्य मेंअमेरिकी राजनीति में India-related lobbying, भारत की image-building, Hindu-American organisations, भारत-अमेरिका strategic relationship, धार्मिक स्वतंत्रता और minority-rights debates पर पड़ सकता है। छठा, सबसे दिलचस्प बदलाव: “हिंदू राष्ट्र” से “विश्व मानवता” तक: आपके पिछले सवाल से इसे जोड़ें तो सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही है। भागवत की वैचारिक भाषा में एक trajectory दिखाई देती है: हिंदू संगठन → हिंदू राष्ट्र → सामाजिक समरसता → विश्वगुरु → “One World, One Humanity” न्यूयॉर्क में उन्होंने कहा कि RSS की दृष्टि दुनिया को एक परिवार/एक मानवता के रूप में देखने की है। इसलिए इसे “विश्व विजय” कहना शायद अतिशयोक्ति होगा; लेकिन भारतीय सभ्यतागत विचार को वैश्विक वैचारिक प्रभाव में बदलने की कोशिश कहना अधिक सटीक है। सातवां, और यही सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल है: भागवत के अमेरिकी भाषण ने RSS के सामने एक नई कसौटी खड़ी कर दी है: यदि हिंदुत्व वास्तव में विविधता, मानव-एकता और मुसलमानों सहित सभी समुदायों की बराबर जगह को स्वीकार करता है, तो क्या यही सिद्धांत भारत के घरेलू सामाजिक-राजनीतिक व्यवहार में भी उसी स्पष्टता से दिखाई देगा? इसी प्रश्न को लेकर भारत में विपक्ष ने उनके अमेरिकी वक्तव्य पर सवाल उठाए हैं—आलोचकों ने इसे “doublespeak” तक कहा है। मेरे आकलन में अमेरिकी भाषण का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मायना यही है: RSS पहली बार इतने बड़े वैश्विक मंच पर अपने को केवल Hindu organisation के रूप में नहीं, बल्कि मानवता, विविधता और वैश्विक सामाजिक व्यवस्था के बारे में एक वैकल्पिक सभ्यतागत विचार देने वाली संस्था के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। और यदि यह रणनीति आगे ब्रिटेन, कनाडा और अन्य देशों में भी जारी रहती है, तो RSS की शताब्दी के बाद का दशक भारत के भीतर वैचारिक प्रभाव से आगे बढ़कर वैश्विक वैचारिक प्रभाव की प्रतिस्पर्धा का दशक बन सकता है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईरानी राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, आज शाम पुतिन से भी होगी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात की। यह बैठक बिश्केक में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन समिट के दौरान हुई। आज शाम को पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भी मिलेंगे।
अमेरिका ने फिर से कर दिया है ईरान पर हमला, दो रॉकेट लॉन्चर्स को बनाया निशाना
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच समझौता मूर्त रूप नहीं ले सका है। अमेरिका की ओर से करीब एक महीने बाद ईरान पर फिर से हमला किया गया है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया। लारक द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। अमेरिका से मिली जानकारी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी सेना ने की ओर से से हमले में कई सैनिक और नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी हमले के कुछ समय बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया गया है। खबरों के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। दूसरी और दावा किया जा रहा है कि जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। इस कारण महत्वपूर्ण है लारक द्वीप आपको बता दें कि लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के पास है और होर्मुज के ठीक बीच में स्थित है। ये समुद्री रास्ता विश्व के देशों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध से पहले विश्व के उपयेाग होने वाले करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। PC:navbharattimes.indiatimes अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
अमेरिका में तीसरे कार्यकाल को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में दिखने लगा असमंजस
अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा कई बार जता चुके डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से अब यह संकेत मिलने लगा है कि वह खुद भी इसकी संभावना को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने अपने हालिया भाषणों में जनवरी 2029 में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद की जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि वह घर पर बैठकर यह देखते हुए परेशान होंगे कि उनका उत्तराधिकारी उनकी उपलब्धियों का श्रेय ले रहा है। ट्रंप ने इस महीने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आपका अगला राष्ट्रपति कहेगा, ‘मैंने कितना शानदार काम किया है।’’ किसी मौजूदा राष्ट्रपति का अपने पूर्व राष्ट्रपति बनने की बात करना राजनीतिक रूप से हमेशा संवेदनशील होता है लेकिन मध्यावधि चुनाव में अब केवल नौ सप्ताह बाकी हैं और ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के उस दौर में पहुंच रहे हैं, जब इस बात की चर्चा बढ़ेगी कि उनका प्रभाव अब जल्द ही समाप्त हो जाएगा। इसे भी पढ़ें: वेनेजुएला के तेल पर कब्जा, क्या है ट्रंप का 65 अरब बैरल वाला दांव? अपने बिना ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की कल्पना करने की बात रखना ट्रंप के रुख में एक उल्लेखनीय बदलाव है। वह अपने पहले कार्यकाल से ही और दूसरा कार्यकाल जीतने के लगभग तुरंत बाद से आठ साल से अधिक समय तक सत्ता में बने रहने की संभावना को खुला रखते आए हैं। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में संवैधानिक कानून के प्रोफेसर ब्रायन काल्ट ने कहा, ‘‘वे अलग-अलग बातें करते हैं और इससे उन्हें बाद में अपनी ही बातों का हवाला देकर परस्पर विरोधी दावों को भी सही ठहराने का मौका मिल जाता है।’’ काल्ट ने कहा कि ट्रंप बाद में यह कह सकते हैं, ‘‘मैंने तो साफ कर दिया था कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा’’ और अगर वह चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो यह भी कह सकते हैं, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा था कि मैं नहीं लड़ूंगा।’’ ट्रंप ने हाल में पेनसिल्वेनिया में एक रैली में कहा, ‘‘अगला राष्ट्रपति जो भी होगा, वह बताएगा कि उसने कितना शानदार काम किया है और मैं घर पर बैठा रहूंगा और कहूंगा, ‘इस आदमी को देखो’, क्योंकि असल काम हमने किया था।’’ इसके एक सप्ताह बाद जॉर्जिया में ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद ‘‘मैं घर पर बैठा रहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शायद मैं रो रहा होऊंगा।’’ ट्रंप ने इसके बाद मिशिगन में यह संकेत देकर एक बार फिर अनिश्चितता पैदा कर दी कि वह ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का कार्यालय) छोड़कर फ्लोरिडा लौटने के लिए शायद अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। उन्होंने ‘‘शायद’’ शब्द पर जोर देते हुए कहा, ‘‘ढाई साल में आपका शायद कोई और राष्ट्रपति होगा- शायद।’’ ट्रंप ने पिछले महीने भी ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन’ के रात्रिभोज को संबोधित करते हुए मजाक में कहा, ‘‘राष्ट्रपति के रूप में मेरे कार्यकाल की तरह दूसरी बार का कार्यकाल हमेशा बेहतर होता है और तीसरी बार तो उससे भी बेहतर होगा। मैं सिर्फ मजाक कर रहा हूं।’’ इसके बाद उन्होंने भाषण के अंत में ‘2028’ लिखी चुनावी अभियान वाली टोपी भी पहनी। अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी वित्त विभाग ने जी-20 बैठक की कवरेज से न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्लूमबर्ग के पत्रकारों को रोका इस संशोधन को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डेलानो रूजवेल्ट के चौथे कार्यकाल में निधन होने के छह साल बाद 1951 में मंजूरी दी गई थी।
स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल होने पर डॉक्टर से सलाह लेना आम बात है, लेकिन अमेरिका में अब एक बड़ा वर्ग पहले एआई चैटबॉट का रुख कर रहा है। नई रिपोर्ट के मुताबिक, लोग बीमारी के लक्षण, इलाज, डॉक्टर की राय और लैब रिपोर्ट समझने...
संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) विभाग द्वारा CPT (Curricular Practical Training) को लेकर एक नया नीतिगत मेमो जारी किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है। CPT वह माध्यम है जिसके जरिए अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्र अपनी डिग्री कोर्स के दौरान ही इंटर्नशिप या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। लेकिन ICE के इस नए मेमो ने इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक कड़ा और पेचीदा बना दिया है, जिससे भारतीय छात्रों के करियर और उनकी कानूनी स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय इस विषय को लेकर लाखों छात्र सर्च कर रहे हैं कि आखिर इस नए बदलाव का उनकी पढ़ाई और जॉब करियर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइए इस विस्तृत लेख के जरिए अमेरिका में CPT के पूरे गणित को समझते हैं और जानते हैं कि ICE के इस नए मेमो में क्या-क्या खास बातें कही गई हैं।अमेरिका में CPT (कर्रिकलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) असल में क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि CPT क्या है और यह विदेशी छात्रों के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण होता है। जब कोई भारतीय छात्र अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन (मास्टर्स या बैचलर्स) के लिए एडमिशन लेता है, तो उसे अपने कोर्स के करिकुलम के हिस्से के रूप में इंटर्नशिप करने की अनुमति दी जाती है, जिसे CPT कहा जाता है। इसके जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही अमेरिकी कंपनियों में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं और साथ ही कुछ पैसे भी कमाते हैं। यह विकल्प उन छात्रों के लिए जीवनरेखा की तरह होता है जो अपने खर्चों का एक हिस्सा खुद उठाने और अमेरिकी कॉर्पोरेट कल्चर को नजदीक से समझने की कोशिश करते हैं। पारंपरिक रूप से CPT को F-1 वीजा धारक छात्रों के लिए एक बेहद लचीली और मददगार व्यवस्था माना जाता रहा है, जिसके जरिए वे आगे चलकर OPT (Optional Practical Training) और H-1B वीजा की ओर कदम बढ़ाते हैं।ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने क्यों जारी किया नया मेमो?हाल ही में अमेरिकी एजेंसी ICE द्वारा जारी किए गए नए मेमो ने विदेशी छात्रों की नींद उड़ा दी है। इस मेमो का मुख्य उद्देश्य CPT के नियमों का कथित तौर पर हो रहे दुरुपयोग को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन का यह मानना है कि कुछ छात्र और विश्वविद्यालय CPT नियमों का अनुचित लाभ उठाकर पढ़ाई की आड़ में लंबे समय तक अमेरिका में अवैध रूप से काम करने के रास्ते तलाश रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब विश्वविद्यालयों को CPT के अनुमोदन (Approval) के मामले में और अधिक कठोर नियमों का पालन करना होगा। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि CPT सीधे तौर पर छात्र के अकादमिक पाठ्यक्रम और डिग्री की अनिवार्य आवश्यकता से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल अंशकालिक नौकरी पाने का एक आसान जरिया। इस प्रशासनिक सख्ती के बाद से छात्रों में इस बात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि क्या उनकी यूनिवर्सिटीज अब आसानी से CPT अप्रूव कर पाएंगी या नहीं।भारतीय छात्रों पर इस नए मेमो का क्या होगा सीधा असर?लोकल ऑप्टिमाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय के दृष्टिकोण से देखें तो अमेरिका में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय छात्रों के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका में हर साल हजारों की संख्या में भारतीय छात्र कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने ट्यूशन फीस के कर्ज को चुकाने और अमेरिकी बाजार में फुल-टाइम जॉब पाने के लिए CPT और फिर OPT पर निर्भर रहता है। यदि ICE के नए नियमों के कारण CPT मिलना मुश्किल हो जाता है, या इसके घंटों (Hours) को सीमित कर दिया जाता है, तो भारतीय छात्रों की आर्थिक स्थिति और करियर प्लानिंग बुरी तरह चरमरा सकती है। जानकारों का मानना है कि छात्रों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने और अपनी यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस (ISO) के संपर्क में रहने की जरूरत है।आधुनिक Generative Engine Optimization और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स का परिदृश्यआधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, विदेश में शिक्षा, वीजा नियमों में बदलाव और करियर से जुड़ी ऐसी जटिल कानूनी खबरों को छात्र और उनके परिवार सबसे ज्यादा खोजते हैं। आज का डिजिटल युग यह मांग करता है कि किसी भी ग्लोबल पॉलिसी बदलाव को बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया जाए ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रेडिट (Reddit) और इमिग्रेशन फोरम्स पर इस समय CPT मेमो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जहाँ छात्र अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं। सही और तथ्यात्मक जानकारी समय पर मिलना हर उस छात्र के लिए बेहद जरूरी है जो अमेरिका में अपने सपनों को साकार करने की राह पर है।भारतीय छात्रों को अब किन सावधानियों और नियमों का रखना होगा ध्यान?इस बदलते हुए परिदृश्य में अमेरिका में पढ़ रहे या जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों को कुछ बेहद अहम बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, अपने कोर्स के दौरान लिए जाने वाले CPT का पूरा दस्तावेजीकरण (Documentation) एकदम दुरुस्त रखें और यह सुनिश्चित करें कि आपका एम्प्लॉयर और आपकी यूनिवर्सिटी का कोर्स करिकुलम पूरी तरह से नियमों के दायरे में हो। किसी भी शॉर्टकट या संदिग्ध तरीके से CPT प्राप्त करने से बचें, क्योंकि अमेरिकी आव्रजन विभाग (USCIS और ICE) इस मामले में अब बहुत अधिक आक्रामक हो चुका है। अपनी यूनिवर्सिटी के कानूनी सलाहकारों से समय-समय पर परामर्श लेते रहें ताकि वीजा की स्थिति पर कोई आंच न आए।अमेरिकी शिक्षा और करियर की राह में आने वाली नई चुनौतियाँअंततः, अमेरिका में CPT को लेकर ICE द्वारा जारी किया गया यह मेमो इस बात की चेतावनी है कि अमेरिका में आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नियमों को लेकर प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई करना और वहां टिके रहना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है, इसके लिए उच्च स्तर की शैक्षणिक ईमानदारी और नियमों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यदि छात्र सही दिशा में योजना बनाकर चलेंगे और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे, तो वे इन नई बाधाओं को पार करते हुए अपने अमेरिकी सपने को जरूर पूरा कर पाएंगे, बशर्ते हर कदम बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ उठाया जाए।
मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक और सीधे सैन्य टकराव के मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में स्थित लारक द्वीप (Larak Island) पर अमेरिकी वायुसेना ने भीषण एयरस्ट्राइक कर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के रॉकेट लॉन्चर्स को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया है।इस अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान ने तीखा पलटवार करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध (Full-Scale War) का सायरन बज उठा है।लारक द्वीप पर अमेरिकी स्ट्राइक: क्या था पेंटागन का दावा?अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया निगरानी में पाया गया था कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) लारक द्वीप के तटीय ठिकानों पर उन्नत मिसाइल और रॉकेट प्लेटफॉर्म तैनात कर रहे थे।अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने दावा किया कि इन प्लेटफॉर्मों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों के रास्ते में बाधा पहुंचाना और बारूदी सुरंगें बिछाने के अभियानों को कवर फायर देना था। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सटीक गाइडेड हथियारों (Precision-Guided Munitions) से हमला कर इन दोनों लॉन्चिंग पैड्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया।जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का जवाबी मिसाइल हमलालारक द्वीप पर हुए हमले के कुछ ही घंटों के भीतर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाते हुए कई सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।क्षेत्रीय सुरक्षा सूत्रों और जॉर्डन की सेना के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Missiles) ने अधिकांश मिसाइलों को आसमान में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइल हमलों के कारण बेस और उसके आसपास भारी सायरन बजने लगे और सैनिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी संप्रभुता और सामरिक द्वीपों पर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसके वैध निशाने पर होंगे।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने का खतरालारक द्वीप पर हमला सीधे तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर हुआ है, जिसके माध्यम से दुनिया की कुल पेट्रोलियम और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में हड़कंप मच गया है और कई बड़े तेल टैंकरों ने अपना रूट बदलने या सुरक्षित बंदरगाहों पर रुकने का फैसला किया है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह चोकपॉइंट कुछ दिनों के लिए भी बंद होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।वैश्विक कूटनीति में हलचल और शांति की अपीलअमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा सीधी भिड़ंत के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), यूरोपीय संघ और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। कतर, ओमान और स्विट्जरलैंड दोनों पक्षों के बीच तनाव घटाने के लिए बैकचैनल बातचीत शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं।सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) का दौर खत्म होकर अब सीधे हमलों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जो किसी भी समय एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। वैश्विक समुदाय की नजरें अब व्हाइट हाउस और तेहरान के अगले कदमों पर टिकी हैं।
ईरान से वित्तीय लेन-देन रोकने के लिए एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका: स्कॉट बेसेंट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के साथ वित्तीय लेन-देन पर लगाम कसने के लिए इस सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 सम्मेलन में बेसेंट दुनिया की प्रमुख और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिका के प्रयास में उनका सहयोग हासिल करने की कोशिश करेंगे। बेसेंट ने इन बैठकों से पहले एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो वित्तीय मोर्चे पर सख्त कार्रवाई होगी। हम लोगों को यह दिखा रहे हैं कि हमें पता है कि आप कौन हैं, आपको भी पता है कि आप कौन हैं और यह सब अब बंद होना चाहिए।’’बेसेंट ने हाल में एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य उन देशों पर दबाव बनाना है, जो पहले से ही अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के साथ अब भी कारोबार कर रहे हैं। ऐसे देशों से ईरान के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ने या फिर अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई का सामना करने को कहा गया है। वित्त विभाग ने इस अभियान के तहत शुक्रवार को पहली आधिकारिक कार्रवाई की। विभाग ने एक प्रस्तावित नियम जारी किया, जिसके अंतिम रूप लेने पर मिस्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक ‘बैंक मिस्र’ की संयुक्त अरब अमीरात स्थित शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच खत्म हो जाएगी। हालांकि, मिस्र के बैंक पर सीधे प्रतिबंध लगाने से बचते हुए ट्रंप प्रशासन ने यह संकेत दिया कि वह ईरान के साथ कारोबार करने वाले बड़े व्यापारिक साझेदारों पर प्रतिबंध लगाने से हिचक रहा है। इनमें चीन और भारत भी शामिल हैं, जिनके अधिकारियों के साथ बेसेंट इस सप्ताह बैठक करने वाले हैं। बेंसेंट ने कहा कि वह जी-20 बैठक में अपने चीनी समकक्षों से बातचीत करेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि बीजिंग द्वारा ईरान से लगातार तेल खरीदने के मद्देनजर उस पर प्रतिबंध लगाने समेत सभी विकल्प खुले हैं।
अमेरिका का ईरान के लारक द्वीप पर जोरदार हमला, ईरान ने जवाब में जॉर्डन पर मिसाइलें दागीं
लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के नजदीक स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के करीब और उसके मध्य हिस्से में आता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने जी-20 बैठक की कवरेज से न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्लूमबर्ग के पत्रकारों को रोका
अमेरिका के वित्त विभाग ने कुछ पत्रकारों को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की वित्तीय बैठक को ‘कवर’ (किसी कार्यक्रम या घटना की मौके पर जाकर रिपोर्टिंग) करने से रोक दिया है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा मीडिया की पहुंच सीमित किए जाने का नया मामला है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बताया कि उसके और ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ एवं ‘ब्लूमबर्ग’ के पत्रकारों को उत्तरी कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के लिए मान्यता नहीं दी गई। वित्त विभाग ने इस फैसले का कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसका किसी विचारधारा या किसी खास दृष्टिकोण से कोई लेना-देना नहीं है।’’जिन पत्रकारों को बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया है, उनमें ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एलन रैपेपोर्ट भी शामिल हैं। वह 2017 से ऐसी बैठकों और वित्त विभाग को कवर करते रहे हैं। हालांकि, ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एक अन्य पत्रकार और बर्लिन ब्यूरो प्रमुख जिम टैंकर्सली को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक बयान में कहा कि अमेरिका में आयोजित किसी कार्यक्रम में अमेरिकी पत्रकारों को प्रवेश से वंचित करना ‘‘प्रशासन द्वारा स्वतंत्र पत्रकारिता को कमजोर करने की एक और चिंताजनक कोशिश’’ ही नहीं है, बल्कि ‘‘जनता की निगरानी से बचने का प्रयास’’ भी है। अखबार ने कहा, ‘‘ईरान में युद्ध, प्रतिबंध, बॉण्ड बाजार और महंगाई जैसे मुद्दे जी-20 के वित्त मंत्रियों के एजेंडे में हैं। ऐसे में इस बैठक का वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी जनता के लिए बहुत महत्व है। विशिष्ट पत्रकारों और पूरे समाचार संगठनों को बाहर रखना जनता के हित के खिलाफ है और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।’’‘ब्लूमबर्ग न्यूज’ ने कहा कि बैठक में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक ‘‘मीडिया की स्वतंत्रता और सार्वजनिक जवाबदेही को कमजोर करती है।’’वहीं, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बेसेंट जी-20 की इस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, जो शनिवार से मंगलवार तक चलेगी। इसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह तनाव सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है और कई बार अदालतों तक भी पहुंच चुका है। रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि उसका प्रेस कार्यालय अब गोपनीय क्षेत्र बन गया है, जहां पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
अमेरिका: ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़, 15 लोग लापता; 62 को सुरक्षित निकाला, वीडियो में दिखी तबाही
अमेरिका: ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़, 15 लोग लापता; 62 को सुरक्षित निकाला, वीडियो में दिखी तबाही us-grand-canyon-flash-flood-more-several-missing-62-rescued-arizona-video-shows-massive-destruction
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को बनाया निशाना
अमेरिकी बलों ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया जो पिछले एक महीने में ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई है। छह महीने से अधिक समय से रुक-रुककर जारी युद्ध में कुछ समय से बनी शांति इस हमले के साथ ही भंग हो गई। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के बलों को होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट दागने और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी करते देखा गया था। अमेरिकी सेना ने जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम पिछले सप्ताह ही पूरा किया था। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार संस्थाओं ने जलडमरूमध्य में लारक द्वीप के पास विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की खबर दी। ईरान के सरकारी प्रसारक द्वारा प्रसारित एक बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि ‘‘हमारे कई लड़ाके और हमवतन शहीद एवं घायल हुए हैं।’’ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बाद में कुछ दृश्य दिखाते हुए दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को नष्ट कर दिया। खुले तौर पर संघर्ष फिर से शुरू होना इस क्षेत्र के लिए खतरनाक होगा। ईरान 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहा है। अमेरिकी सेना ने इससे पहले 29 जुलाई को ईरान को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की थी। उस समय उसने तटीय निगरानी और रक्षा प्रतिष्ठानों समेत रिवोल्यूशनरी गार्ड के कई ठिकानों पर ‘‘भीषण हमले’’ करने की घोषणा की थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अगस्त को कहा था कि खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के आग्रह पर वह सेना को ईरान पर हमले फिलहाल रोकने का आदेश देंगे।
करनाल जिला में घरौंडा के गांव गुढ़ा गांव में 28 वर्षीय युवक का रास्ता रोककर हमला करने का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि गांव में वॉलीबॉल खेलते समय हुई कहासुनी के बाद तीन युवकों ने उसका पीछा किया और मोटरसाइकिल के सामने बाइक अड़ाकर मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने गंडासी के उलटे हिस्से और लकड़ी के डंडे से वार किए तथा जान से मारने की धमकी दी। युवक को पहले सीएचसी घरौंडा और बाद में करनाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेलते समय हुई थी कहासुनी पुलिस को दिए बयान में गुढ़ा निवासी शिव चरण ने बताया कि वह 28 वर्ष का है और दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह तीन महीने पहले अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत आया था। उसके पिता ओम प्रकाश का वर्ष 2019 में निधन हो चुका है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव में वॉलीबॉल खेलते समय उसकी कई बार कृष, साहिल और रोहित के साथ कहासुनी हो चुकी थी। करीब एक सप्ताह पहले भी खेल के दौरान उसके और इन युवकों के बीच गाली-गलौच हुई थी। उसका आरोप है कि कृष अक्सर उसे नीचा दिखाने की कोशिश करता था। कल शाम करीब 6 बजे शिव चरण को कृष स्कूल के पास गली में मिला। आरोप है कि कृष ने दोबारा डिपोर्ट करवाने में परिवार का हाथ होने की बात कही। शिकायतकर्ता ने उसे इस बात के लिए आदमी देने की बात कही, जिस पर दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इंस्टाग्राम पर फोन आया, रास्ते में बाइक रोकी बयान के अनुसार इसके बाद शिकायतकर्ता अपनी मोटरसाइकिल से पेट्रोल डलवाने के लिए गुढ़ा गैस प्लांट की तरफ चला गया। शाम करीब 6:30 बजे वह वापस गांव की ओर आ रहा था। पुलिया से कुछ पहले साहिल ने इंस्टाग्राम पर उसे कॉल किया और कथित तौर पर पूछा कि वह कहां है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रजवाहे से पीछे है और गांव की ओर आ रहा है। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद रोहित मोटरसाइकिल चला रहा था, साहिल बीच में और कृष पीछे बैठा था। तीनों ने सामने से आकर शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल के आगे अपनी बाइक अड़ा दी और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि साहिल के हाथ में गंडासी थी और उसने गंडासी के उलटे हिस्से से उसके कंधे पर वार किया। रोहित ने लकड़ी के डंडे से उसके सिर पर हमला किया, जबकि कृष ने लकड़ी के डंडे से उसकी बाईं बाजू पर वार किए। झगड़े के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की बात कही। शिव चरण के अनुसार कृष ने यह भी कहा कि कुछ दिन बाद उसका वीजा है और पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इलाज के बाद पुलिस ने केस किया दर्ज घटना के बाद शिकायतकर्ता को इलाज के लिए सीएचसी घरौंडा ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद उसे करनाल के विर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने बताया कि हमले में उसकी बाईं बाजू में फ्रैक्चर हुआ है और सिर समेत शरीर पर कई चोटें आई हैं। उसने तीनों आरोपियों से भविष्य में भी खतरा बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। झगड़े की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल में घायल के ब्यान लेने के लिए पहुंची। पुलिस ने शिकायत के आधार पर घरौंडा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई राजकुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि कृष, साहिल और रोहित को नामजद किया गया है।
पटना में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने कम लागत वाली तकनीक से छह नए मैग्नेटिक नैनोमेटेरियल्स विकसित किए हैं। इन नैनोमेटेरियल्स को तैयार करने में नींबू के रस का इस्तेमाल प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में किया गया है। शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। नींबू के रस से तैयार किए गए नैनोपदार्थ यह शोध नैनोटेक्नोलॉजी सेंटर के प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। इसमें एम.टेक. नैनोटेक्नोलॉजी के पूर्व विद्यार्थियों और तकनीकी टीम के सदस्यों अनुराधा मुस्कान, निशांत कुमार, मोनालिसा और प्रिंस कुमार ने सहयोग किया। शोधकर्ताओं ने दुर्लभ अर्थ एलिमेंट नियोडिमियम (Nd) से युक्त कोबाल्ट फेराइट चुंबकीय नैनोपदार्थ तैयार किए हैं। इनके निर्माण में नींबू के रस को हरित माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रक्रिया को पर्यावरण-अनुकूल और कम लागत वाली बनाया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और नैनोमेडिसिन में हो सकता है उपयोग शोध के दौरान तैयार किए गए नैनोपदार्थ में विशेष संरचनात्मक, चुंबकीय और फेरोइलेक्ट्रिक गुण पाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन गुणों के कारण भविष्य में इनका इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ जैव-चिकित्सा और नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में किया जा सकता है। किसी पदार्थ की उपयोगिता उसकी आंतरिक और क्रिस्टलीय संरचना से काफी हद तक निर्धारित होती है। ऐसे में इन नई सामग्रियों के क्रिस्टलीय और अन्य वैज्ञानिक आंकड़े आगे के शोध के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ अध्ययन शोध की वैज्ञानिक नवीनता और संभावित उपयोगिता को देखते हुए इसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका Journal of Materials Science: Materials in Electronics में प्रकाशित किया गया है। शोध-पत्र में नियोडिमियम से युक्त कोबाल्ट फेराइट नैनोपदार्थों की संरचनात्मक स्थिरता, चुंबकीय और फेरोइलेक्ट्रिक गुणों का अध्ययन किया गया है। अमेरिका की ICDD ने दी वैज्ञानिक मान्यता शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। अमेरिका स्थित International Centre for Diffraction Data (ICDD) ने विकसित किए गए छह नैनोपदार्थों के क्रिस्टलीय आंकड़ों को अपने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक डेटाबेस में नई प्रविष्टियों के रूप में मान्यता दी है। इन आंकड़ों की समीक्षा अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के वैज्ञानिकों एवं संपादकीय विशेषज्ञों ने की। छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए उपयोगी होंगे आंकड़े इन छह नई क्रिस्टलीय संरचनाओं का अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस में शामिल होना शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन आंकड़ों की मदद से वैज्ञानिक इन सामग्रियों की पहचान, संरचना के अध्ययन और आगे के प्रयोग कर सकेंगे। इनका उपयोग स्नातक स्तर से लेकर पीएचडी, पोस्ट-डॉक्टोरल शोध और औद्योगिक तकनीकी विकास तक किया जा सकता है। बिहार के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि यह उपलब्धि बिहार के वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की बढ़ती शोध क्षमता को भी दर्शाती है। हरित नैनोप्रौद्योगिकी, चुंबकीय नैनोपदार्थ और उन्नत सामग्री के क्षेत्र में हुए इस शोध से आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के साथ बिहार की वैज्ञानिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है। AKU के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने शोध दल को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने शोधकर्ताओं को समाजोपयोगी और नवीन अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। शोध दल ने बिहार सरकार के शिक्षा विभाग और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग एवं संस्थागत समर्थन के प्रति आभार जताया।
Hisar News: अमेरिका-कनाडा का वीजा लगवाने के नाम पर 25 लाख से अधिक हड़पे
अमेरिका-कनाडा का वर्क वीजा लगवाने के नाम पर नगथला निवासी व्यक्ति से 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी के आरोपी दिल्ली निवासी राहुल उर्फ रोहित बंसल को इकोनॉमिक सेल हिसार ने रविवार को गिरफ्तार किया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत के अमेरिका में दिए बयान का भागलपुर के सज्जादानशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन ने स्वागत किया है। उन्होंने संघ प्रमुख के 'मुसलमानों के बिना हिंदुस्तान नहीं' वाले बयान को देश की एकता और सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से मोगा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। धरने की अध्यक्षता यूनियन की जिला कमेटी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह सैदो ने की। जिला महासचिव गुरमीत सिंह किशनपुरा, जिला वित्त सचिव बलोर सिंह घल्ल कलां और ब्लॉक मोगा-2 के अध्यक्ष इकबाल सिंह सिंघावाला ने भी संबोधित किया। किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित समझौता कॉरपोरेट समर्थक है। इससे फसलों के दाम गिरने, बेरोजगारी बढ़ने और छोटे उद्योगों के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि डेयरी फार्मिंग और मछली पालन पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। बड़ी संख्या में मौजूद रहे किसान नेता और कार्यकर्ता नेताओं ने इसे तीन कृषि कानूनों का बदला हुआ रूप बताते हुए कहा कि बड़ी अमेरिकी कंपनियों को इससे और अधिक छूट मिलेगी। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए बजट में प्रावधान, बड़ी कंपनियों और पूंजीपतियों पर अधिक टैक्स लगाने, आम लोगों पर टैक्स का बोझ घटाने तथा सरकारी संपत्तियों की बिक्री बंद करने की मांग की। धरने में बूटा सिंह भागीके, केवल कृष्ण बधनी, जगजीत सिंह बधनी, गुरचरण सिंह रामा, नछत्तर सिंह झंडे वाला सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सहारनपुर के मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है, तो मोहन भागवत ऐसे लोगों को अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करते?अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है। लेकिन इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने विचारों को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है, बल्कि संघ इसे व्यवहार में भी लागू करना चाहता है। दरअसल, शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, 'अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।' उन्होंने कहा कि वे खुद कोई धार्मिक विद्वान नहीं हैं। जिस समाज में वे काम करते हैं, उसकी परंपरा मानती है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है। सभी रास्ते ईश्वर तक जाते हैं। मदनी बोले- नफरत फैलाने वालों पर RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है? जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने और मस्जिदों, मदरसों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने वाले लोगों के खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है? अगर संगठन (RSS) की विचारधारा एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करती है। तो नफरत फैलाने वालों से स्पष्ट दूरी बनाना भी जरूरी है। केवल बयान या भाषण देने से किसी विचार की सच्चाई साबित नहीं होती, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। RSS कार्रवाई कर अपनी बात को साबित करे नफरत फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित किया जाना चाहिए कि एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात केवल विदेश में कही गई बात नहीं है। भारत किसी एक धर्म का देश नहीं है, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। उन्होंने संविधान में दिए गए समान अधिकारों की रक्षा को लेकर भी सवाल उठाया। मौलाना अरशद मदनी ने सवाल किया कि नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी? संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी? भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है। इसलिए उनके मुताबिक, एकता और भाईचारे की बात करने वाले संगठनों और नेताओं को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ उनकी वास्तविक कार्रवाई क्या है? ……………..ये खबर भी पढ़िए- यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया:IIT-IIM पास, 4 महीने से साइडलाइन थीं; अफसर पति भी इस्तीफा दे चुके हैं यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल (43) ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अभी वह लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव हैं। दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा भेज दिया। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। दिव्या मित्तल का अचानक इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियों में है। इस्तीफा क्यों दिया, यह स्पष्ट नहीं है। चर्चा है कि 4 महीने से वह साइडलाइन थीं। फील्ड पोस्टिंग चाहती थीं। 2013 बैच की दिव्या 13 साल से नौकरी कर रही थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची थी। IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री लेने के बाद लंदन में नौकरी की। लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर वह वापस आईं। दो साल में दो बार UPSC क्लियर किया। पहली बार में IPS बनीं। फिर अगले साल IAS बन गईं। पढ़ें पूरी खबर
अमेरिका में सेटल परिवार रिश्तेदार के यहां छोड़ गए थे कार, बेटे ने सर्किट हाउस गेट में ठोंकी
भास्कर संवाददाता | विदिशा अमेरिका यात्रा पर गए एक रिश्तेदार की भरोसे पर छोड़ी गई लग्जरी कार को दोस्तों के सामने रोब जमाने और फर्राटा भरने की चाहत ने शनिवार सुबह बड़े हादसे में तब्दील कर दिया। सुबह करीब 7 बजे दुर्गा नगर चौराहे पर अनियंत्रित हुई एक तेज रफ्तार कार सीधे सर्किट हाउस के बाउंड्री गेट से टकराकर उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हालांकि ऐन मौके पर कार के सेफ्टी एयरबैग खुल जाने से बड़ा हादसा टल गया और कार चला रहा युवक बाल-बाल बच गया। कार विदिशा निवासी हर्ष झा की है। वे वर्तमान में अमेरिका प्रवास पर हैं। विदेश जाने से पहले वे अपनी कार की देखभाल के लिए उसे अपने रिश्तेदारों के पास छोड़ गए थे। प्रत्यक्षदर्शी बोले- लगा कोई नहीं बचेगा, फिर खुले एयरबैग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया किकार की रफ्तार काफी तेज थी। चौराहे के पास आते ही चालक कार पर से नियंत्रण खो बैठा और सीधे सर्किट हाउस के गेट से टकरा गया। कार की हालत देखकर लग रहा था कि अंदर सवार लोगों का बचना नामुमकिन है, लेकिन समय रहते एयरबैग खुलने के कारण किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
नमस्कार, नेपाल में तबाही के कारण अबतक 680 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के लिए डील साइन की है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अबतक की सबसे बड़ी डील बताया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और बाढ़ के हालात हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी के मन की बात प्रोग्राम का 137वां एपिसोड आएगा। 2. पीएम मोदी उज्बेकिस्तान में द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. नेपाल बाढ़- 800 मीटर लंबा ग्लेशियर टूटने से तबाही हुई; मौत का आंकड़ा 680 पार, 287 भारतीयों समेत 3000 लापता 26 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आने की वजह ग्लेशियर का 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटना था। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इसे रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना करीब ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता नजर आया। ग्लेशियर टूटने के बाद बड़े पैमाने पर मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। इसके साथ भूस्खलन हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचाई। बीते तीन दिन में 680 से ज्यादा शव बरामद हो चुके हैं। 287 भारतीय अभी भी लापता: बाढ़ के कारण करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 287 भारतीय भी शामिल हैं। वही, 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बाढ़, 300M लंबा बड़ा पुल बहा; ओडिशा के तीन जिलों में 67,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित मध्यप्रदेश में लगातार बारिश से सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में 18 घंटे तक हुई लगातार बारिश के मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के जलस्तर ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा यहां रामघाट पूरी तरह डूब गया। टिकरिया डोंडा बांध भर जाने से आस-पास के गांव खाली कराए गए। बाढ़ के कारण मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर 2 फीट से ज्यादा पानी भर गया, जिसके कारण ट्रेनें रोकी गईं। 300 मीटर लंबा एक पुल भी बह गया। इधर, ओडिशा के तीन जिलों में 67,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बिहार में गंगा और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। यहां 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूबे हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश में 67 सड़कें बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. 6 साल की बच्ची से रेप-हत्या करने वाला एनकाउंटर में ढेर, नोएडा पुलिस ने 24 घंटे में मार गिराया ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शनिवार शाम 5 बजे पुलिस आरोपी को हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने ले गई थी। वहां उसने छिपाई गई पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची 28 अगस्त (शुक्रवार) को बच्ची घर से अचानक लापता हो गई थी। घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। 5 टीमें बनाईं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से जांच शुरू की। बोरी में भरकर लाश फेंकी: बच्ची के घरवालों ने 32 साल के बलराज को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वह बच्ची के चाचा के यहां किराए पर रहता था। सीसीटीवी में वह बोरी में बच्ची को ले जाता दिख रहा था। शनिवार दोपहर पुलिस ने बलराज को गिरफ्तार कर लिया था। घटना ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की है। पूरी खबर पढ़ें… 4. अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया, ट्रम्प बोले- ये इतिहास की सबसे बड़ी डील अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। अमेरिकी के विदेश विभाग के मुताबिक, यहां से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। वहीं, भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के 40 साल के ऑयल इम्पोर्ट के बराबर है। वेनेजुएला में 300 अरब बैरल तेल मौजूद: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें… 5. ज्यादा शक्कर-तेल वाली खाने-पीने की चीजों पर लगेगी चेतावनी, पैकेट पर लाल रंग का षटकोण बनाया जाएगा अब खाने-पीने के पैकेट पर लाल निशान बना मिलेगा। इसका मतलब होगा कि इसमें मौजूद मटेरियल में नमक-शक्कर या सैचुरेटेड फैट की मात्रा लिमिट से ज्यादा है। यह लाल निशान षटकोण यानी हेक्सागोन के शेप का होगा। निशान के अलावा वार्निंग मैसेज भी लिखा होगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश किया है। इसका मकसद ऐसे फूड आइटम को लेकर लोगों को सावधान करना है। दरअसल, 3S एंड अवर हेल्थ सोसाइटी नाम के पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने याचिका लगाकर डिब्बा बंद या पैकेट वाले खाने पर अनिवार्य वार्निंग लेबल लगाने की मांग की है। दो फेज में लागू करने का प्रस्ताव फेज 1: उन प्रोडक्ट्स पर लाल लेबल लगेगा, जिनमें फैट, शुगर या साल्ट में से कोई भी 'दो या दो से अधिक' चीजें तय सीमा से ज्यादा होंगी। इसमें सभी अधिक मीठी कोल्ड ड्रिंक्स भी शामिल होंगी। फेज 2: दूसरे चरण में यह नियम उन प्रोडक्ट्स पर भी लागू हो जाएगा, जिनमें इनमें से कोई 'एक' चीज भी ज्यादा मात्रा में होगी। पूरी खबर पढ़ें... 6. राहुल गांधी ने प्रोजेक्टर पर खड़गे का भाषण दिखाया: कहा- हल्द्वानी में उनकी सभा के बाद मंच का शुद्धीकरण हुआ; प्रधानमंत्री दोषियों पर एक्शन लें राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया था। राहुल ने प्रोजेक्टर के जरिए पूरी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसा करने वालों पर एक्शन लें। राहुल ने कहा कि हजारों साल से इस देश में दलितों पर अत्याचार, हिंसा की गई है। संविधान में यह गैरकानूनी है। लेकिन आज भी स्कूल में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है। झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है। यह हिंदुस्तान की रियलिटी है। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस के CLP टीकाराम जूली मंदिर जाते हैं, तो BJP और RSS के लोग उस मंदिर का शुद्धीकरण करवाते हैं। भाजपा के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी जी जब एक मंदिर में गए, तो मंदिर का शुद्धीकरण किया गया। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. स्पोर्ट्स: नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर: ट्रेनिंग के दौरान टखने का लिगामेंट फटा, डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड अल्टीमेट चैंपियनशिप भी नहीं खेलेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 2. महाराष्ट्र: बॉम्बे HC बोला-FDA अधिकारी खुद को भगवान समझते हैं क्या:न नियम पढ़ते- न कानून जानते, कार्रवाई कर देते; 5 रेस्टोरेंट को फूड लाइसेंस वापस मिले (पूरी खबर पढ़ें) 3. उत्तर प्रदेश: बच्ची से रेप-हत्या करने वाला एनकाउंटर में ढेर: नोएडा में बोरी में भरकर लाश फेंकी, 24 घंटे में पुलिस ने मार गिराया (पूरी खबर पढ़ें) 4. दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली के 3 सांसदों को फटकार लगाई: 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के घर शोक जताने पहुंचे थे नेता (पूरी खबर पढ़ें) 5. क्रिकेट: कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले: डेढ़ महीने सोचता रहा ऐसा कैसे हुआ; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: पीएम मोदी उज्बेकिस्तान पहुंचे, दो दिन का दौरा:कल किर्गिस्तान जाएंगे, SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव (पूरी खबर पढ़ें) 5. इंटरनेशनल: भागवत न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे: बोले- विश्व में कई तरह के संघर्ष, कृष्ण चेतना से ही शांति आ सकती है (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: छात्र परिषद कार्यक्रम- ममता बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज: आरोप- तय समय से ज्यादा प्रोग्राम चला; TMC समर्थकों ने रोड ब्लॉक किया, बैरिकेड हटाए (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा सिस्टम बदलने की तैयारी: नीलेकणि टास्क फोर्स ने लोगों से सुझाव मांगे; 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय (पूरी खबर पढ़ें) 8. महाराष्ट्र: मुंबई में दूध ₹100 के पार, थोक भाव ₹9 बढ़ा: नई कीमत एक सितंबर से लागू; दही-पनीर के दाम भी बढ़ सकते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 9. नेशनल: दिल्ली-एनसीआर में CNG ₹3.89 महंगी: कीमत ₹83 प्रति किलो से बढ़कर करीब ₹87 हुई; इस साल 5वीं बार बढ़े दाम (पूरी खबर पढ़ें) 10. एंटरटेंमेंट: इमरान हाशमी को हुआ स्वाइन फ्लू: H1N1 टेस्ट आया पॉजिटिव, बेंगलुरू शो कैंसिल; डॉक्टर्स ने आराम की सलाह दी, देखिए एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट (पूरी खबर पढ़ें) 11. एंटरटेंमेंट: सैफ अली खान पर हमले के आरोपी ने जुर्म कबूला: शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट से नरमी की अपील की, पीठ में फंसा था चाकू का टुकड़ा (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पतंग के साथ हवा में उड़ा युवक महाराष्ट्र के सोलापुर में पतंग उड़ाते समय एक युवक भी हवा में उड़ गया। तेज हवा के झोंके से वह डोर के सहारे 25 से 30 फीट ऊपर पहुंचा। साथ मौजूद युवकों ने डोर खींचकर उसे नीचे उतारा। जिस पतंग के साथ वह उड़ा था, उस पर अजित पवार की तस्वीर और ‘मिस यू दादा’ लिखा था। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: 2015 में ऐसा क्या हुआ, कि अब नेपाल विदेशी सेनाओं की मदद नहीं लेना चाहता; क्या अकेले हजारों लापता लोग खोज पाएगा 2. स्पाई फाइल्स: इंदिरा की हत्या, 3 दिन बाद शुरू हुआ खतरनाक मिशन: घर में घुसकर पाकिस्तानी एजेंट को 9 गोलियां मारीं; विदेशी लेडी बनी भारतीय जासूस, पार्ट-1 3. आपका पैसा: टाइम पर EMI नहीं चुकाया तो क्या होगा: RBI ने रिकवरी रूल्स में किया बदलाव, जानिए अब बैंक आपके साथ क्या नहीं कर सकता 4. जरूरत की खबर: FDA ने रोकी धतूरे की ऑनलाइन बिक्री: जानिए यह कितना खतरनाक, अगर गलती से खा लिया तो तुरंत क्या करें 5. ग्राउंड रिपोर्ट: ‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’: लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती 6. भास्कर एक्सक्लूसिव: योगी ने बिजली विभाग के चेयरमैन को लगाई फटकार:13000 बिजली कनेक्शन का पता ही नहीं, हर महीने करोड़ों वसूल रहा सिंडिकेट 7. भास्कर इंटरव्यू: असीम अरुण बोले- PDA से पहले अजगर-मजगर भी बना था:अखिलेश के सारे फॉर्मूले फेल होंगे; सत्ता मिली तब महापुरुषों का अपमान किया 8. ग्राउंड रिपोर्ट: डॉक्टर बोला- बहन को 22 साल में गर्भवती करवाया क्यों: रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत पर शर्मनाक शब्द; रक्षाबंधन पर भाइयों ने किया अंतिम संस्कार 9. ग्राउंड रिपोर्ट: सुरंग के रास्ते सीधे पहुंचेंगे महाकाल लोक:91 करोड़ रुपए की टनल से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति; रेलवे लाइन से भी अंडरपास बनेगा 10. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: मर-चुके आदमी के नाम से करा दी रेपिस्ट की जमानत:राजस्थान में रैकेट, दलाल बोला-3 हजार में फर्जी जमानत; झूठी गवाही के 8 हजार लगेंगे 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: दृश्यम देखकर रची साजिश, प्रेमिका को मारकर खेत में दफनाया:तालाब-श्मशान में बॉडी ढूंढती रही पुलिस, 5 महीने बाद खुदाई में निकला कंकाल 12. बिहार फाइल्स: नवरुणा की अधूरी कहानी; मेहंदी लगाकर सोई, रात में गायब:नाले में मिला कंकाल, मां-बाप पर उठे सवाल, CID-CBI बता न पाई हत्यारा कौन 13. ग्राउंड रिपोर्ट: क्या 5 हजार करोड़ से बना सिक्सलेन पुल धंस रहा?:ब्रिज का मोदी करने वाले थे उद्घाटन, सपोर्ट में लगी रेत-मिट्टी ढही; जानिए कंपनी का तर्क? 14. भास्कर एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में मिला हिमालय के मानसून का पूरा रिकॉर्ड:4,200 साल पहले सूखा पड़ा; 2,600 साल पहले बारिश ने बदली जंगलों की तस्वीर ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों की प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की योजना सफल हो सकती है। कुंभ राशि वालों को अचानक आर्थिक फायदा होने की संभावना है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Noida News: ब्रिटेन, जापान और अमेरिका तक होगी एमएसएमई की पहुंच
MSMEs will gain access to Britain, Japan, and the US.
अमेरिका में इंटर्नशिप और नौकरी का रास्ता मुश्किल, भारतीय छात्रों को ट्रंप का झटका; CPT नियम सख्त
अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बुरी खबर है। ट्रंप सरकार ने CPT इंटर्नशिप नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वॉच टाइम कम करने के लिए डेली लिमिट और नाइट टाइम ब्लॉक जैसे फीचर लाने होंगे। अमेरिका के कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में 29 राज्यों की ओर से दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह निर्देश टेक कंपनी को दिए गए। कंपनी पर बच्चों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लत लगाने, उनकी सुरक्षा पर गुमराह करने और बिना सहमति डेटा जुटाने के आरोप थे। मेटा बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ के मामले को खत्म करने के लिए करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। बच्चों का डेटा चुराकर AI को ट्रेन करने का आरोप मेटा पर अमेरिका के राज्यों, स्कूलों और माता-पिता ने युवाओं में मानसिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कराए हैं। कंपनी ने माता-पिता को बिना बताए या उनकी मंजूरी लिए बिना बच्चों का पर्सनल डेटा जुटाया और उसका इस्तेमाल अपने मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई (AI) मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए किया। मेटा बोला- सोशल मीडिया की लत कोई बीमारी नहीं मेटा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। मेटा ने कोर्ट में तर्क दिया कि वो यूजर्स को गुमराह नहीं कर रही है, क्योंकि 'सोशल मीडिया की लत' कोई मान्यता प्राप्त मानसिक बीमारी नहीं है। इस मामले में अमेरिका के राज्य मेटा से भारी-भरकम जुर्माने की मांग कर रहे थे। कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक, कैलिफोर्निया और कोलोराडो जैसे राज्य मेटा पर करीब 133.48 लाख करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, राज्यों ने बाद में इस राशि को 19.07 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया था। जुर्माने के अलावा राज्यों ने मुआवजे और बच्चों के नए अकाउंट बनाने पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की थी। एल्गोरिदम कैसे बनाता है लत? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम इस तरह बनाया जाता है कि यूजर ज्यादा से ज्यादा समय तक एप पर बना रहे और यही धीरे-धीरे लत में बदल जाता है। इसे कई रिसर्च और रिपोर्ट्स ने भी साबित किया है। इन टेक कंपनियों पर भी चल रहे हैं मुकदमे मेटा के अलावा स्नैपचैट, यूट्यूब (अल्फाबेट) और टिकटॉक (बाइटडांस) भी कई अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना कर रही हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने एप्स में ऐसे फीचर्स जोड़े जो बच्चों और युवाओं को लत लगा रहे हैं। न्यू मेक्सिको और अन्य मामलों में मेटा की हार यह 1.59 लाख करोड़ रुपए का समझौता ऐसे समय में आया है, जब मेटा हाल ही में न्यू मेक्सिको राज्य में दायर एक लैंडमार्क मुकदमे के दोनों फेज में हार चुका है… इसके अलावा, मार्च में ही किसी व्यक्ति की याचिका पर आया पहला फैसला भी मेटा और गूगल के खिलाफ रहा। लॉस एंजिल्स की जूरी ने वादी कैली जीएम को डिप्रेशन और एंग्जाइटी के लिए इन कंपनियों को जिम्मेदार माना और संयुक्त रूप से 6 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। मेटा और गूगल ने इन फैसलों के खिलाफ अपील करने की बात कही है। फेडरल कोर्ट में सुनवाई के लिए तय पहले मामले में मेटा, स्नैप, अल्फाबेट और बाइटडांस- इन चारों कंपनियों ने समझौता कर लिया था। केंटकी के ब्रेथिट काउंटी स्कूल डिस्ट्रिक्ट द्वारा दायर इस केस में आरोप था कि ये एप्स छात्रों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके तहत स्कूल जिले को संयुक्त रूप से 27 मिलियन डॉलर मिलने तय हुए थे।
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Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
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Indian Students in US: अमेरिका में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले दाखिलों में 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
एस्प्रेसो से अमेरिकानो तक, जानें कैफे में मिलने वाली 5 ब्लैक कॉफी का स्वाद, ऑर्डर करना होगा आसान
किसी कैफे में जाकर अलग-अलग तरह की कॉफी को देखकर आप भी कंफ्यूज हो जाते हैं तो आपकी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हम यहां कैफे में मिलने वाली कुछ मुख्य ब्लैक कॉफी का स्वाद बता रहे हैं। जिसे जानने के बाद अगली बार ऑर्डर देना आसान हो जाएगा।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
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अमेरिका के फॉल इनटेक में एडमिशन ले चुके अधिकतर भारतीय छात्रों के मन में एक ही सवाल उठता है- क्या वह पहुंचते ही पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अमेरिका में फीस और रहने-खाने के खर्च को देखते हुए छात्रों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि टॉप यूनिवर्सिटीज की सालाना फीस और रहने खाने का खर्चा करीब 50 से 60 लाख रुपए तक होता है। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्च 1.5 करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अमेरिका के F-1 स्टूडेंट वीज पर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पार्ट टाइम जॉब के नियम बेहद सख्त हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यहां तक कि डिपोर्टेशन तक का समय आ सकता है। ऐसे में हम इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय स्टूडेंट्स फर्स्ट सेमेस्टर में पार्ट-टाइम नौकरी कर सकते हैं और इसको लेकर क्या नियम हैं। इसे भी पढ़ें: क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट फर्स्ट ईयर में जॉब कर सकते हैं या नहीं USICS के नियमों क मुताबिक F-1 वीजा पर पहले पूरे अकेडमिक ईयर तक आप कैंपस के बाहर कोई नौकरी नहीं कर सकते हैं। USICS के नियमों में फर्स्ट सेमेस्टर वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई खास छूट नहीं दी गई है। कैंपस के बाहर किसी भी स्थिति में जॉब नहीं करना है। फर्स्ट ईयर छात्रों के पास ऑन कैंपस जॉब का ऑप्शन जरूर है। छात्र कैंपस के अंदर आराम से पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर में क्या करें अच्छी खबर यह है कि ऑन कैंपस जॉब के लिए आपको USCIS से अलग इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती है। इसको आपको फर्स्ट सेमेस्टर से ही शुरूकर सकते हैं। जब क्लास चल रही हो, तब आप सप्ताह में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप फुल टाइम यानी की सप्ताह में 40 घंटे काम कर सकते हैं। ऑन कैंपस जॉब का मतलब है, यूनिवर्सिटी के कैंपस पर होने वाला काम कैफेटेरिया में काम, लाइब्रेरी में असिस्टेंट, यूनिवर्सिटी बुकस्टोर में जॉब, या किसी प्रोफेसर के साथ रिसर्च असिस्टेंटशिप। यह जॉब कुछ मामलों में कैंपस के बाहर भी हो सकता है। बशर्ते वह जगह आपकी यूनिवर्सिटी से एजुकेशनली एफिलिएटेड हो। उसका सीधा संबंध आपकी पढ़ाई या यूनिवर्सिटी से हो। ऑन कैंपस जॉब के लिए क्लास शुरू होने से करीब 30 दिन पहले तक अप्लाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप फॉल इनटेक में अभी पहुंचे हैं। तो जल्द से जल्द अपने कैंपस जॉब पोर्टल या फिर इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑन कैंपस जॉब ढूंढ रहे हैं, या भविष्य में ऑफ-कैंपस काम के बारे में जानना चाहते हों। तो सबसे जरूरी काम है कि अपने DSO से बात करें। DSO आपकी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के मामलों को संभालने वाला अधिकारी होता है। वह आपको बताएगा कि कौन सी जॉब्स उपलब्ध हैं और आप उनके लिए एलिजिबल हैं या नहीं।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
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सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
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अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

