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अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा

अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा

समाचार नामा 7 Aug 2026 9:10 am

होमुज में अमेरिका की नो-एंट्री, ईरान के बयान से तेल में फिर उबाल

ईरान ने सांसद में एक बिल प्रस्‍तावित किया है, जिसके तहत दुश्‍मन देशों के जहाजों को स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से बैन किया जाएगा. अगर वे नियम तोड़ते हैं तो उनपर हैवी चार्ज लगाया जाएगा.

आज तक 7 Aug 2026 9:09 am

Donald Trump: 'हमारे पास हथियारों की कमी नहीं' ट्रंप ने अमेरिकी मिसाइलों की कमी की खबरों को किया खारिज, कहा- ईरान के साथ जल्द होगा समझौता

Donald Trump Statement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ महीनों के टकराव के बाद अमेरिका के पास अहम मिसाइलों का स्टॉक कम हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना के पास हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ हथियारों का स्टॉक थोड़ा कम हो गया है।व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) के पास अभी भी हथियारों का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान के साथ पांच महीने के संघर्ष के दौरान देश ने अपनी सटीक मारक क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है।ट्रंप ने हथियारों की कमी के दावों को किया खारिजहथियारों की व्यापक कमी के दावों को खारिज करते हुए, उन्होंने माना कि कुछ तरह के हथियारों की सप्लाई दूसरों की तुलना में कम थी। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में सप्लाई थोड़ी कम है।हालांकि, उन्होंने बड़े स्तर पर हथियारों की कमी की खबरों को खारिज करते हुए माना कि हथियारों की सप्लाई दूसरों की तुलना में कम थी। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में सप्लाई थोड़ी कम है।उन्होंने कहा कि अमेरिका बहुत अच्छी स्थिति में है और जaर देकर कहा, हमारे पास सचमुच भारी मात्रा में गोला-बारूद है। We have literally massive amounts of ammunition.President Trump pushed back on reports that the U.S. was running low on missile stockpiles after months of conflict with Iran, insisting the military remains fully supplied.Speaking to reporters, Trump said the U.S. is in… pic.twitter.com/W2pXecgJK1— Fox News (@FoxNews) August 6, 2026 रक्षा कंपनियां प्रोडक्शन बढ़ा रही हैंअमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रक्षा कंपनियां अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं, जिसमें पैट्रियट और टॉमहॉक मिसाइलें बनाने के लिए नई सुविधाएं तैयार करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, हम हमेशा और ज्यादा चाहते हैं। हमारे पास और ज्याद होना चाहिए।वहीं, कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के साथ चले युद्ध के दौरान पेंटागन ने अपनी वैश्विक मिसाइल भंडार का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल किया है। इनमें बेहद सटीक मारक क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइलें भी शामिल हैं।ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगाट्रंप ने भरोसा जताया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा।उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। मुझे नहीं लगता कि वे इसे ज़्यादा देर तक खींच पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे तेहरान के साथ बातचीत में शामिल हैं। सब ठीक चल रहा है। जल्द ही कोई समझौता हो सकता है।यह भी पढ़ें:इमरान खान के बेटों ने 7 महीने से नहीं देखा अपने पिता को, पाकिस्तान जेल में क्या हुआ पूर्व PM के साथ? अब मिला ये जवाब

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 9:03 am

अमेरिका की अदालत का बड़ा फैसला: युवाओं को नुकसान पहुंचाने के मामले में Meta पर $56.7 करोड़ का जुर्माना

इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा (Meta) को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक अदालत ने मेटा को अपने सोशल मीडिया मंचों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए 56.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4,700 करोड़ से अधिक) का भुगतान करने का आदेश दिया है।न्यायाधीश ब्रायन बीडशाइड ने बृहस्पतिवार देर रात यह फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार, इस भारी राशि का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 42 करोड़ डॉलर युवाओं के मानसिक उपचार से जुड़ी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। वहीं, शेष राशि अगले पांच वर्षों में बाल सुरक्षा, जागरूकता, रोकथाम और जांच सेवाओं पर लगाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | द्रमुक सांसद पी. विल्सन और ईसाई नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कानून वापस लेने की मांग मुकदमे के पहले चरण में अदालत ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना लगाया था। अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उपलब्ध जानकारी छिपाई।अभियोजकों ने मुकदमे के दूसरे चरण में न्यायाधीश से मेटा के कामकाज में बुनियादी बदलाव करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को लत लगाने वाले ‘फीचर’ पर अंकुश लगाना, उम्र के सत्यापन की व्यवस्था में सुधार करना और स्वतः लागू होने वाली निजता संबंधी व्यवस्थाओं तथा कड़ी निगरानी के जरिये बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। इसे भी पढ़ें: पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक अहमद का लाडला, सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत अदालत ने कहा कि बच्चों की निजता से संबंधित संघीय कानून मेटा को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु सत्यापन उपकरण लागू करने से रोकते हैं।अदालत ने कहा कि बाल ऑनलाइन निजता संरक्षण अधिनियम यानी ‘सीओपीपीए’ के कारण वह मेटा को बच्चों से निजी जानकारी देने या आयु सत्यापन के उद्देश्य से इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर स्वतः नजर रखने के लिए कहने का आदेश नहीं दे सकती।अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की उम्र सत्यापित करने का आदेश केवल मेटा को देना और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को इससे बाहर रखना कंपनी के लिए ‘‘अनुचित और अत्यधिक नुकसानदेह’’ होगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 9:02 am

अल-सैयद की उम्मीदवारी से अमेरिका में हलचल, ट्रंप इतना डर क्यों दिखा रहे हैं?

अल-सैयद अभी केवल उम्मीदवार हैं. उनकी जीत से पहले ही ट्रंप चिढ़े हुए हैं. अल-सैयद को लेकर ट्रंप कई तरह के डर दिखा रहे हैं. जानिए कौन हैं अल-सैयद.

बीबीसी हिंदी 7 Aug 2026 8:51 am

ट्रंप ने अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता और बर्थ टूरिज्म पर लगाया प्रतिबंध, दो आदेशों पर किए हस्ताक्षर

वाशिंगटन, 7 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं. यह कदम Supreme Court द्वारा प्रशासन के पिछले आदेश को खारिज किए जाने के बाद उठाया गया है. ट्रंप ने व्हाइट हाउस ओवल ऑफिस में नए ऑर्डर पर हस्ताक्षर करते ... Read more

डेली किरण 7 Aug 2026 8:42 am

अमेरिका में हाइकिंग के दौरान लापता हुए भारतीय मूल के PhD छात्र का शव मिला

विक्रम मुबायी का जन्म और पालन-पोषण तो हांगकांग में हुआ था लेकिन वह भारतीय मूल के थे. UCSB, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में उनकी PhD की पढ़ाई चल रही थी.

NDTV इंडिया 7 Aug 2026 8:11 am

अमेरिका में नागरिकता नियमों पर ट्रंप का बड़ा प्रहार: सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दो नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर किए दस्तखत, इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर लगा बैन

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की इमिग्रेशन और नागरिकता प्रणाली में अमूलचूल बदलाव करने के लिए एक बार फिर से बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। 30 जून को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के उस शुरुआती आदेश को असंवैधानिक करार दिए जाने के महज कुछ हफ्तों बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस से दो नए एक्जीक्यूटिव ऑर्डर (कार्याकारी आदेशों) पर दस्तखत कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि न्यायालय का निर्णय बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था, इसलिए अब नियमों में व्यापक तालमेल और बदलाव किए जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन का यह कदम अमरीका की धरती पर जन्म लेने वाले हर बच्चे को स्वतः मिलने वाली 'बर्थराइट सिटीजनशिप' (जन्मजात नागरिकता) की सदियों पुरानी व्यवस्था को सीमित करने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और साहसिक प्रयास माना जा रहा है। इस फैसले से अमरीका में रह रहे विदेशी नागरिकों, वीजा धारकों और नागरिकता की चाह रखने वाले लाखों अप्रवासियों में भारी हलचल मच गई है।अमरीकी इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' पर लगा पूरी तरह से बैनडोनाल्ड ट्रंप द्वारा दस्तखत किए गए दूसरे एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में अमरीका के इतिहास में पहली बार 'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) पर आधिकारिक रूप से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बर्थ टूरिज्म उस व्यवस्था को कहा जाता है जिसके तहत विदेशी नागरिक पर्यटक, छात्र या अल्पकालिक वीजा पर विशेष रूप से अमरीका यात्रा करते हैं ताकि वहां उनके बच्चे का जन्म हो सके और नवजात को अमरीकी संविधान के तहत स्वतः अमरीकी नागरिकता प्राप्त हो जाए। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि दुनिया भर के कई सिंडिकेट और कारोबारी नेटवर्क इस प्रक्रिया को एक बड़े व्यापार में बदल चुके हैं, जहां लोग वीजा धोखाधड़ी करके अमरीका आते हैं और जन्मजात नागरिकता का लाभ उठाते हैं। नए आदेश के तहत अमरीकी विदेश मंत्रालय (State Department) और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) को शक्तियां दी गई हैं कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को अमरीकी वीजा देने से तुरंत रोक दें या देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दें, जिसका मुख्य उद्देश्य अमरीका जाकर बच्चे को जन्म देना है।कौन से बच्चे होंगे जन्मजात नागरिकता के दायरे से बाहर?ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित पहले एक्जीक्यूटिव ऑर्डर का मुख्य उद्देश्य उन श्रेणियों की पहचान करना और उनका विस्तार करना है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त ऐतिहासिक अपवादों के आधार पर जन्मजात नागरिकता से बाहर रखा जाएगा। इस नए आदेश के तहत विदेशी सरकारों के लिए लॉबिंग करने वाले या विदेशी शासन के प्रतिनिधियों के बच्चों, विदेशी आतंकवादी संगठनों से जुड़े सदस्यों के बच्चों, और अमरीका में अवैध रूप से या धोखाधड़ी के माध्यम से प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के बच्चों को स्वचालित अमरीकी नागरिकता का पात्र नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, आदेश में सरोगेसी के माध्यम से बर्थ टूरिज्म का लाभ उठाने की कोशिश करने वाले मामलों पर भी कड़ा शिकंजा कसा गया है। आदेश में अमरीकी क्षेत्रों (जैसे अमरीकन समोआ) में जन्म लेने वाले बच्चों के नागरिकता अधिकारों को भी सीमित करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये श्रेणियां अमरीका के अधिकार क्षेत्र के पूर्ण दायरे में नहीं आती हैं।14वें संविधान संशोधन और स्टीफन मिलर का बड़ा तर्कसफेद भवन (व्हाइट हाउस) के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और ट्रंप नीति के मुख्य सूत्रधार स्टीफन मिलर ने इस ऐतिहासिक फैसले का बचाव करते हुए अमरीकी संविधान के 14वें संशोधन के मूल उद्देश्य को रेखांकित किया। मिलर ने स्पष्ट किया कि 14वां संविधान संशोधन 1868 में अमरीकी गृहयुद्ध के तुरंत बाद विशेष रूप से पूर्व दासों और उनके बच्चों को नागरिकता का पूर्ण अधिकार देने के लिए लाया गया था। इसका उद्देश्य दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों या अवैध रूप से देश में घुसने वाले लोगों के बच्चों को स्वतः नागरिकता देना कभी नहीं था। मिलर के अनुसार, राष्ट्रपति अपनी संवैधानिक और कमांडर-इन-चीफ शक्तियों का उपयोग उन लोगों की श्रेणियों को परिभाषित करने के लिए कर रहे हैं जो नागरिकता के योग्य नहीं हैं। प्रशासन का दावा है कि इस सख्त कदम से अमरीकी व्यवस्था के सबसे गंभीर दुरुपयोग को रोका जा सकेगा और अमरीकी नागरिकता के पवित्र मूल्य और सम्मान की रक्षा की जा सकेगी।कानूनी विशेषज्ञ और एसीएलयू का तीखा विरोधट्रंप के इन नए कार्यकारी आदेशों के जारी होते ही अमरीका में एक बार फिर से भारी कानूनी और राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। अमरीकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) और प्रमुख अप्रवासी अधिकार संगठनों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सीधी अवहेलना और असंवैधानिक करार दिया है। एसीएलयू के कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि 14वां संविधान संशोधन अमरीकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग हर बच्चे को नागरिकता की गारंटी देता है, चाहे उसके माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो। 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रंप बनाम बारबरा' मामले में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रपति अपने आदेश के जरिए संविधान के अर्थ को नहीं बदल सकते। नागरिक अधिकारों के वकीलों का मानना है कि ट्रंप का यह नया आदेश भी जल्द ही निचली और उच्च अदालतों में कानूनी चुनौती का सामना करेगा और इसका हश्र भी पिछले आदेश जैसा ही होगा।भारतीय प्रवासियों और भावी आवेदकों पर क्या पड़ेगा असर?डोनाल्ड ट्रंप के इस नए आदेश का सीधा और व्यापक प्रभाव अमरीका में रहने वाले भारतीय समुदाय और भविष्य में अमरीका जाने की योजना बना रहे लोगों पर भी पड़ सकता है। अमरीका में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर H-1B, L-1, छात्र और अन्य अस्थायी वीजा पर कार्यरत हैं। यद्यपि यह आदेश मुख्य रूप से बर्थ टूरिज्म नेटवर्क और विदेशी आतंकवादी या सरकारी प्रतिनिधियों को लक्षित करता है, लेकिन अस्थायी वीजा धारक प्रवासियों के बीच अपने बच्चों के नागरिकता अधिकारों को लेकर अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया है। भारतीय आईटी पेशेवरों और छात्रों के लिए अब वीजा आवेदन के दौरान यात्रा के उद्देश्यों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि आव्रजन अधिकारी (Immigration Officers) गर्भवती महिलाओं या परिवारों के प्रवेश के समय सख्त जांच कर सकते हैं ताकि बर्थ टूरिज्म के संदेह को खारिज किया जा सके।आगे क्या? अदालती लड़ाई का नया दौरराष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित ये दोनों एक्जीक्यूटिव ऑर्डर आगामी समय में अमरीकी आव्रजन व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का इरादा रखते हैं। हालांकि, जिस तरह से जून के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने के पहले प्रयास को खारिज किया था, उसे देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि मानवाधिकार संगठन और विभिन्न अमरीकी राज्य इन नए आदेशों पर रोक लगाने के लिए तुरंत संघीय अदालतों का रुख करेंगे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे कानूनी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और इस बार उन्होंने आदेश को संवैधानिक बारीकियों के दायरे में तैयार किया है। अब देखना यह होगा कि क्या अमरीकी न्यायपालिका ट्रंप के इन नए बदलावों को स्वीकार करती है या फिर संविधान के 14वें संशोधन की सर्वोपरिता एक बार फिर कायम रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Aug 2026 7:59 am

ईरान-अमेरिका में चल रहा तनाव, नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के पीएम मोदी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। जानें दोनों ने किन मुद्दों पर चर्चा की?

खबर इंडिया टीवी 7 Aug 2026 7:48 am

'अमेरिकन ड्रीम' पर संकट: इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव से हड़कंप! देखें 'कूटनीति'

'कूटनीति' में बात 'अमेरिकन ड्रीम' की. दशकों से अमेरिका ने दुनिया भर को एक सुनहरा सपना बेचा—कड़ी मेहनत करो, पढ़ाई करो और एक दिन अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाओ. इसी वादे और सपने के दम पर लाखों भारतीय समुद्र पार करके अमेरिका पहुंचे. लेकिन क्या अब वही देश अपने दरवाज़े एक-एक करके बंद कर रहा है? भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार की चुनावी हार के बाद अमेरिका में भारत-विरोधी माहौल की चर्चाएं शुरू हुई हैं. लेकिन इससे भी बड़ा भूचाल अमेरिका के नए इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों की वजह से आया है। एक छोटी सी कागज़ी भूल अब सालों के सपने को एक पल में चकनाचूर कर सकती है. तो आज 'कूटनीति' में समझेंगे कि क्या अमेरिका भारतीयों को कह रहा है कि 'टैलेंट के लिए शुक्रिया, लेकिन अब आपकी ज़रूरत नहीं.

आज तक 7 Aug 2026 7:44 am

अमेरिका की 80% मिसाइलें खत्म? ट्रंप और रक्षा मंत्री में कलह की खबरों पर बवाल- मीडिया को धमकाया

डोनाल्ड ट्रंप मीडिया में चल रहीं हथियार की कमी वाली खबरों से परेशान हैं. उन्हें लगता है कि ऐसी खबरें ईरान के साथ समझौते की बातचीत में उनके हाथ को कमजोर करती हैं.

NDTV इंडिया 7 Aug 2026 7:20 am

योगी सरकार में चूड़ी उद्योग को लगा चार चांद, फिरोजाबाद का कांच कारोबार अमेरिका तक चमका

विश्व प्रसिद्ध कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद में 'एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)' योजना ने कांच उद्योग को नई रफ्तार दी है. सरकारी मदद, सब्सिडी, प्रशिक्षण और आसान ऋण ने कारोबारियों को विस्तार का मौका दिया, जबकि हजारों कारीगरों और महिला श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला. इसका असर यह हुआ कि पलायन घटा और फिरोजाबाद का कांच उद्योग वैश्विक बाजार में और मजबूत हुआ.

आज तक 7 Aug 2026 7:03 am

मेटा की मुश्किलें बढ़ीं, न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया

मेटा को न्यू मैक्सिको कोर्ट ने 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि मेटा ने जानकारी छिपाई। इससे बच्चों को नुकसान हुआ और अब उनके इलाज के लिए कंपनी पेमेंट करेगी।

खबर इंडिया टीवी 7 Aug 2026 6:43 am

Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला

Meta को अमेरिकी कोर्ट से बड़ा झटका: बच्चों की सुरक्षा में चूक पर ₹5400 करोड़ चुकाने का आदेश; जानिए पूरा मामला--Meta Ordered to Pay $567 Million Over Kids Mental Health and Safety Concerns

अमर उजाला 7 Aug 2026 6:30 am

US Canada Trade Talks: अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता में बढ़ा तनाव, ट्रंप की टिप्पणी के बाद कार्नी क्या बोले?

US Canada Trade Talks: अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता में बढ़ा तनाव, ट्रंप की टिप्पणी के बाद कार्नी क्या बोले?---Mark Carney Says US Trade Talks Turned Nasty After Trump Criticised Canada Leadership

अमर उजाला 7 Aug 2026 2:58 am

Biz Updates: 'अमेरिकी दबाव में UPI की नीतियां न बदले भारत, भुगतान व्यवस्था की स्वायत्तता बनाए रखे', बोला GTRI

Biz Updates: 'अमेरिकी दबाव में UPI की नीतियां न बदले भारत, भुगतान व्यवस्था की स्वायत्तता बनाए रखे', बोला GTRI biz-updates-business-news-in-hindi-UPI-policies-GTRI-share-market-economy-foreign-exchange

ज़ी न्यूज़ 7 Aug 2026 1:25 am

Mirzapur News: सावन में चूड़ियों की खनक से बाजार गुलजार, अमेरिकन डायमंड डिजाइन की बढ़ी मांग

Markets buzz with the clinking sound of bangles during Sawan; demand for American Diamond designs rises

अमर उजाला 7 Aug 2026 1:23 am

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण पर अमेरिका की प्रतिक्रिया, सहयोगियों को सुरक्षा का द‍िया आश्वासन

वॉशिंगटन, 6 अगस्त . अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा क‍ि उसे उत्तर कोरिया की ओर से किए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी है. उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की ओर एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के कुछ ... Read more

डेली किरण 6 Aug 2026 11:51 pm

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद

समाचार नामा 6 Aug 2026 9:05 pm

Avengers : Doomsday में होंगे कुल 3 कैप्टन अमेरिका! समझिए टाइमलाइन का गणित

Avengers Doomsday: मार्वल यूनिवर्स की फिल्मों में कई बार चीजें इतनी जटिल हो जाती हैं कि नई फिल्म की कहानी को समझने के लिए बहुत दिमाग लगाना पड़ जाता है। एवेंजर्स सीरीज की फिल्में कुछ ऐसी ही होती हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Aug 2026 6:30 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या चर्च-मस्जिद की संपत्ति जब्त होगी, FCRA बिल पर अमेरिका तक में हंगामा; सरकार दुविधा में, क्या पास करा पाएगी

विदेशी चंदे से जुड़े कानून में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। विपक्षी नेताओं के साथ-साथ अमेरिका तक से ऐतराज आ रहा है। अमेरिकी सांसद रिले मूर ने तो कह दिया- ये ईसाइयों पर सीधा हमला है। रिपोर्ट्स हैं कि FCRA संशोधन बिल पर 12 अगस्त को चर्चा होगी, जिसका जवाब गृहमंत्री अमित शाह दे सकते हैं। आखिर विदेशी चंदे से जुड़े कानून में क्या और क्यों बदलना चाहती है सरकार, क्या ये चर्च-मस्जिद के गले का फंदा बनेगा और सरकार की दुविधा क्या है; 4 सवालों में पूरी कहानी… सवाल-1: FCRA कानून में सरकार क्या बदलाव करना चाहती है और क्यों? जवाब: 1976 में इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, यानी FCRA बनाया। मकसद- विदेशी ताकतें NGOs, शिक्षण संस्थानों और ट्रस्टों को पैसा देकर भारत के अंदरूनी मामलों को प्रभावित न कर सकें। 2010 में मनमोहन सिंह सरकार और 2020 में मोदी सरकार ने इसे और सख्त किया। जैसे- NGOs अब सिर्फ 20% विदेशी पैसा प्रशासनिक खर्च में लगा सकते हैं, पहले 50% की लिमिट थी। यह पैसा सिर्फ दिल्ली की एक तय SBI ब्रांच के खाते में ही आ सकता है। सब-ग्रांट पर भी रोक लगा दी गई, यानी बड़ी एनजीओ छोटी एनजीओं को फंड नहीं दे सकतीं। अब 2026 में सरकार ने तीन बड़े कदम उठाए… 1. संस्थाओं को अपना काम और इलाका साफ बताना होगा: विदेशी पैसा किस खास काम के लिए और किस राज्य या UT में इस्तेमाल होगा। ये रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर लिखा जाएगा। पहले सामाजिक, धार्मिक जैसी ब्रॉडर कैटेगरी लिख दी जाती थी। ये नियम जून 2026 में लागू हो चुका है। 2. विदेशी चंदे से धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकेगाः धार्मिक गतिविधियों की लिस्ट में कई काम जैसे- पूजा स्थल बनवाना, धार्मिक शिक्षा, सत्संग वगैरह करवाने की अनुमति है, लेकिन अब विदेशी पैसे से दूसरों का धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ये नियम भी जून 2026 में लागू हो चुका है। 3. रजिस्ट्रेशन नहीं, तो प्रॉपर्टी अथॉरिटी मैनेज करेगीः अगर किसी संस्था के FCRA रजिस्ट्रेशन की अवधि खत्म हो जाए, रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाए या रद्द हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी प्रॉपर्टीज की सुरक्षा, मैनेजमेंट और रखरखाव सरकार द्वारा नामित अथॉरिटी करेगी। यही वो मुख्य प्रावधान है, जिसे FCRA संशोधन विधेयक में शामिल किया गया है। 25 मार्च को लोकसभा में विधेयक पेश हुआ था और अभी संसद में पास होना बाकी है। सरकार ने संशोधन विधेयक पेश करते हुए तर्क दिया था कि ये बदलाव FCRA के ऑपरेशनल गैप भरने के लिए किए जा रहे हैं। अब तक कोई साफ कानून नहीं था कि जब किसी संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द या खत्म हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी संपत्ति और बचा पैसा किसके पास जाएगा? डेजिग्नेटेड अथॉरिटी इसी खाली जगह को भरती है। सरकार ने बताया कि उसका मकसद पूरी तरह पारदर्शिता, जवाबदेही व राष्ट्रीय सुरक्षा है। सवाल-2: ईसाई मिशनरीज और NGO’s इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? जवाब: संशोधन विधेयक को लेकर 3 चिंताएं हैं… 1. सालों पुरानी जमीन खोने का डर 2. ईसाइयों को टारगेट करने की कोशिश 3. विदेशी फंडिंग कम होने से कामकाज पर असर सवाल-3: क्या सरकार इसे पारित करा पाएगी? जवाब: FCRA संशोधन बिल एक सामान्य विधेयक है। इसे पास कराने के लिए सदन में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों का सिर्फ साधारण बहुमत, यानी 50%+1 की जरूरत है। लोकसभा में 543 सदस्य हैं। 3 सीटें खाली हैं। अगर सभी सदस्य मौजूद रहते हैं, तो बहुमत के लिए चाहिए 271 वोट। NDA के पास अभी 318 सीटें हैं। राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। बहुमत के लिए 123 वोट चाहिए। NDA के पास 152 है। यानी दोनों सदनों में बिल पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल है। सवाल-4: फिर सरकार के सामने दुविधा क्या है? जवाब: असली दुविधा टाइमिंग की है। इस वक्त सरकार के सामने सबसे बड़ा एजेंडा FCRA विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन बिल पारित करवाना है। जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए। बजट सत्र के दौरान बिल पेश हुआ, लेकिन पारित नहीं हो सका। 54 वोट कम पड़ गए थे। अब सरकार NDA के बाहर की पार्टियों के समर्थन से बिल पास कराने की जद्दोजहद कर रही है… लेकिन यहां FCRA संशोधन विधेयक का पेच फंस जाता है। रिपोर्ट्स हैं कि DMK और NCP (शरद) इस विधेयक के खिलाफ हैं। बजट सत्र के दौरान सरकार का समर्थन करने वाली YSR कांग्रेस पार्टी भी बिल से खुश नहीं है। इन पार्टियों को डर है कि FCRA से उनके ईसाई और मुस्लिम वोट बैंक पर असर पड़ेगा। अगर सरकार इन पार्टियों की सहमति के बिना FCRA बिल पास करवा लेती है, तो परिसीमन बिल पर बहुमत जुटाने में मुश्किल हो जाएगी। वहीं अगर ये पार्टियां FCRA बिल पर सरकार का विरोध करती हैं और फिर परिसीमन बिल पर समर्थन, तो छवि पर असर पड़ेगा। --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गाली देना क्राइम कब बन जाता है, दोषी को कितनी सजा; आखिर जेन-जी के लिए गाली देना न्यू-नॉर्मल कैसे बन गया जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान गाली देती लड़की पर FIR, बचाव में अभिजीत दीपके का बयान और पीएम मोदी का माफ करने वाला वीडियो। पिछले 48 घंटे के इन तीन घटनाक्रम से सवाल उठा- क्या गाली देना क्राइम है? कुछ लोग ये भी कह रहे कि जेन-जी के लिए गाली ‘न्यू नॉर्मल’ है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 6:07 pm

'भारत में अमेरिकी कानून से नहीं चलेगा Meta...' केंद्र सरकार की दो टूक

भारत सरकार ने मेटा को ;चेतावनी दी है कि यहां प्लेटफॉर्म अमेरिकी कानूनों के हिसाब से नहीं चलाया जा सकता. सरकार का कहना है कि मेटा को भारतीय समाज के हिसाब से काम करना होगा और भारतीय कानूनों के तहत चलना होगा,

आज तक 6 Aug 2026 5:58 pm

'भारत में नहीं चलेगा अमेरिका का कानून ', एल्गोरिदम और नियमों पर केंद्र की Meta को दो टूक

मेटा की ग्लोबल टीम भारतीय कानूनों के पालन को लेकर सरकार से बातचीत कर रही है।

जागरण 6 Aug 2026 5:58 pm

Donald Trump: बाल-बाल बचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, हवा में 'मरीन वन' के बेहद करीब आ पहुंचा पैसेंजर प्लेन

अमेरिकी राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक हेलिकॉप्टर 'मरीन वन' और एक कमर्शियल यात्री विमान के बीच हवा में टकराने की स्थिति बनते-बनते टल गई। दोनों विमान एक-दूसरे के इतने करीब आ गए थे कि उनके बीच की दूरी तय सुरक्षा मानकों से भी कम रह गई थी। इस खतरनाक वाकये के बाद अमेरिकी एविएशन एजेंसियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।हवा में कैसे टला बड़ा हादसा और क्या थी विमानों की दूरीयह घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने 'मरीन वन' हेलिकॉप्टर से व्हाइट हाउस से एंड्रयूज एयर फोर्स बेस के लिए उड़ान भर रहे थे और उन्हें वहां से आगे कैलिफोर्निया जाना था। उसी समय रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से अमेरिकन एयरलाइंस की सब्सिडियरी एन्वाय एयर के एक 'एम्ब्रेयर ई-170' यात्री विमान ने भी उड़ान भरी थी। एविएशन की भाषा में इसे 'लॉस ऑफ सेपरेशन' कहा जाता है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों विमानों के बीच की होरिजेंटल दूरी महज 0.8 मील यानी करीब 1.2 किलोमीटर और वर्टिकल दूरी सिर्फ 700 फीट ही रह गई थी, जबकि तय नियमों के अनुसार होरिजेंटल दूरी कम से कम 1.5 मील होनी अनिवार्य है।एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और कम्यूनिकेशन में कहां हुई चूकशुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के साथ संपर्क में आई तकनीकी या संवाद की गड़बड़ी के कारण हुई। 'मरीन वन' के क्रू ने उड़ान भरने से तीन मिनट पहले कंट्रोल टावर को अपनी स्थिति बताने के लिए तीन बार संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन संभवतः स्पष्ट आवाज न पहुंच पाने के कारण संदेश टावर तक ठीक से नहीं गया। इसी गलतफहमी के चलते एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने यात्री विमान को भी टेकऑफ की हरी झंडी दे दी, जिससे यह गंभीर स्थिति पैदा हो गई।व्हाइट हाउस और मरीन कॉर्प्स ने क्या दी प्रतिक्रियाइस घटना के सामने आने के बाद व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी प्रकार का सीधा खतरा नहीं था। उन्होंने बयान दिया कि 'मरीन वन' दुनिया के सबसे कुशल और बेहतरीन पायलटों द्वारा उड़ाया जाता है और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित थे। इसके अलावा अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता कैप्टन जैकब सग ने भी किसी बड़ी चूक से इनकार करते हुए इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया और कहा कि टावर की तरफ से हेलिकॉप्टर क्रू को न तो रुकने का निर्देश मिला था और न ही मार्ग बदलने को कहा गया था।जनवरी 2025 के भयानक विमान हादसे की ताजा हुईं यादेंइस ताजा घटना ने अमेरिका में पिछले साल जनवरी 2025 में हुए उस खौफनाक हादसे की यादें ताजा कर दी हैं, जब रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट के पास ही एक आर्मी 'ब्लैक हॉक' हेलिकॉप्टर और यात्री विमान आपस में टकरा गए थे। उस भीषण दुर्घटना में 67 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इस क्षेत्र में हवाई यातायात के नियमों को बेहद कड़ा कर दिया था। पिछली दुर्घटना की जांच में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया था कि पेंटागन और रीगन कंट्रोल टावर को जोड़ने वाली हॉटलाइन तीन साल से अधिक समय से खराब पड़ी थी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Aug 2026 5:20 pm

अमेरिका को मिला पहला मुस्लिम सीनेटर, ख़ुशी जताते हुए ट्रंप बोले- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

अमेरिका को मिला पहलामुस्लिम सीनेटर, ख़ुशी जताते हुए ट्रंप बोले- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

समाचार नामा 6 Aug 2026 4:40 pm

अमेरिका में मुस्लिम उम्मीदवार की जीत पर खुश हुए ट्रंप, कहा- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'

अमेरिका के मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में अब्दुल एल-सैयद ने हेली स्टीवंस को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छी खबर बताया और एल-सैयद पर तीखा हमला बोला।

खबर इंडिया टीवी 6 Aug 2026 4:08 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

अमेरिकी आर्मी ने GPS जाम किया और विमान हुआ क्रैश, खुलासे से हड़कंप

अमेरिका में हाल ही में एक विमान हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी. अब अलग अलग रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान GPS Jamming की गई थी. विमान हादसे की वजह इसे भी बताया जा रहा है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और कैसे टेक्नोलॉजी लोगों के मौत का कारण भी बन सकती है.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 1:40 pm

पंजाब विधानसभा में मनरेगा फंड पर गरमाई बहस, स्पीकर ने अमेरिका और इथेनॉल पर कसा तंज

पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मनरेगा फंड, दूषित पेयजल, राशन वितरण और सीवरेज बिल के मुद्दों पर सरकार घिरी। स्पीकर की इथेनॉल संबंधी टिप्पणी चर्चा का केंद्र रही।

जागरण 6 Aug 2026 12:42 pm

Hormuz पर धरी रह गई अमेरिका की हसरतें, ईरान-ओमान में डील डन!

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सैन्य टकराव ने कुछ हफ्तों पहले पूरी दुनिया की सांसे रोक दी थी। ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले जवाब में ईरान की मिसाइल कारवाई और फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्टेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से ग्लोबल तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई थी। लाखों बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हुई। कई कमर्शियल जहाजों ने अपना रोड बदल लिया और दुनिया भर में आशंका जताई जाने लगी थी कि अगर यह संकट लंबा चला तो उर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ेगा। लेकिन अब इसी हुरमूस को लेकर एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान और ओमान ने स्टेट ऑफ हुरमूस के लिए एक नए शिपिंग मॉडल पर एक सहमति बना ली है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच नए समुद्री कॉरिडोर के भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स पर सहमति बन चुकी है और अब संयुक्त बयान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Hormuz Strait जल्द खुलने के आसार, Donald Trump बोले- Iran से समझौता नहीं हुआ तो होगा 'बड़ा प्रहार' ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता स्माइल बगई ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। जबकि ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम गरीबादी ने कहा कि वार्ता बुनियादी समझौतेों तक पहुंच चुकी है और प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक फारस की खाली में प्रवेश करने वाले कमर्शियल जहाजों का मुख्य मार्ग ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इससे तेरान को खाली में आने वाले जहाजों की निगरानी करने का अधिकार मिलेगा। वर्तमान व्यवस्था में जहाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शिपिंग लेन का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें ना तो ईरान और ना ही ओमान से अलग से अनुमति लेने की जरूरत होती है। नए मॉडल के तहत मौजूदा अस्थाई शिपिंग लेनों को धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा। इनमें ईरान के लहराक द्वीप के पास का उत्तरी मार्ग और ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाला दक्षिणी मार्ग शामिल है। इनकी जगह एक नया कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसका अधिकांश हिस्सा ईरानी समुद्री सीमा में और शेष हिस्सा ओमान के समुद्री क्षेत्र में होगा। इसे भी पढ़ें: बहुत मुश्किल...Mojtaba Khamenei को लेकर ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने क्या बड़ा खुलासा किया? फाइनल ड्रॉफ्ट तैयार दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ईरान और ओमान के बातचीत करने वालों ने जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को फिर से खोलने के लिए समझौते का ड्राफ़्ट तैयार कर लिया है और वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं। माना जाता है कि युद्ध की शुरुआती कार्रवाई में खामेनेई घायल हो गए थे और तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। बातचीत की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने इस संभावित समझौते को जलडमरूमध्य को लेकर चल रहे विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया। उन्होंने कहा कि यह जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस समझौते से जुड़ा है, जिसका मकसद लड़ाई खत्म करना और जलमार्ग को फिर से खोलना था, लेकिन वह समझौता अंततः विफल हो गया था। निजी बातचीत के बारे में बताने के लिए नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले अधिकारियों ने कहा कि यह संभावित समझौता अमेरिका और ईरान के लिए तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता साफ़ करेगा। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज़ ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फ़ारस की खाड़ी में प्रवेश करेंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा देने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फ़ीस ली जाएगी।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 12:26 pm

UP: 'मुन्ना, हम अमेरिका नहीं आएंगे' मां की एक बात ने बदल दी जिंदगी, CEC ज्ञानेश कुमार ने सुनाया भावुक संस्मरण

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के 78वें स्थापना दिवस पर भावुक हुए सीईसी, उद्यमियों को बताया शहर का भविष्य।

अमर उजाला 6 Aug 2026 11:21 am

रहने लायक नहीं बचेंगे अमेरिका के कई शहर, लाखों लोग करेंगे पलायन

जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के आशियाने और जेब पर सीधा हमला बनने जा रहा है. ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि अगले 30 सालों में यानी वर्ष 2055 तक मौसम की मार के कारण अमेरिकी रियल एस्टेट बाजार को करीब $1.47 ट्रिलियन (लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर) का भारी नुकसान झेलना पड़ेगा.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 10:52 am

टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

टैरिफ के पैसे वापस करेगा अमेरिका! ट्रंप के फैसले से भारतीय कंपनियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

समाचार नामा 6 Aug 2026 10:45 am

Donald Trump का टैरिफ बम अमेरिका पर ही पड़ा भारी!

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 100 अरब डॉलर का टैरिफ रिफंड किया गया है. हालांकि इस फैसले पर विवाद भी बढ़ गया है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि राहत कंपनियों को मिली, जबकि बढ़ी कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं ने झेला.

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 10:44 am

अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी

अमेरिका जाने की है तैयारी?: जान लें USCIS का नया नियम, वरना अधूरा आवेदन पड़ सकता है भारी- Planning to go to US Know new USCIS rule otherwise an incomplete application could cost you dearly

अमर उजाला 6 Aug 2026 10:41 am

Iran-Oman Shipping Agreement | होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान और ओमान में बड़ी डील! क्या अमेरिका के साथ खत्म होगा दशकों पुराना तनाव?

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और ओमान 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस मार्ग को पूरी तरह खोलने का अंतिम निर्णय तीसरे पक्षों—विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका—के रुख पर निर्भर करेगा। जाहिर है, उनका इशारा अमेरिका (US) की तरफ है, जो मानता है कि यह रणनीतिक जलमार्ग सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। 28 फरवरी को मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज़ पर ईरान का असल नियंत्रण है, लेकिन उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ओमान के साथ डील का ड्राफ्ट साइन होने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट को फिर से खोलने का समझौता 'जल्द ही' होने वाला है। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती AFP ने बघाई के हवाले से कहा, दोनों पक्षों ने रूट के भौगोलिक को-ऑर्डिनेट (स्थान की जानकारी) पर सहमति बना ली है और अगर कुछ तीसरे पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा नहीं डालते हैं, तो दोनों देशों का संयुक्त बयान - जिसमें मुख्य बातें और सहमति के बिंदु शामिल हैं - भी अंतिम समीक्षा और ड्राफ्टिंग के चरण में है। उन्होंने आगे कहा, होर्मुज़ स्ट्रेट को असुरक्षित बनाने वाले कारक अभी भी अमेरिका की तरफ से मौजूद हैं, खासकर नौसैनिक नाकेबंदी और ईरान व उसके हितों के खिलाफ अन्य आक्रामक और धमकी भरे कदम। होर्मुज़ का महत्व दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा कच्चा तेल होर्मुज़ से होकर गुजरता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन का संतुलन बनाए रखने के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन लगभग पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, जिससे अमेरिका पर अपने सैन्य अभियानों को खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका का बड़ा झटका! भारतीय छात्रों के छात्र वीजा में 62% की भारी गिरावट, पढ़ाई और नौकरी के सपनों पर फिरा पानी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड बुधवार को 80 डॉलर प्रति बैरल पर रहा, जो संघर्ष शुरू होने के बाद बढ़ी कीमतों के स्तर से कम था। क्या होर्मुज़ डील संघर्ष को खत्म कर सकती है? AP द्वारा बताए गए क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि ओमान के साथ डील के ड्राफ्ट के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई की मंजूरी की जरूरत होगी, जिन्हें इस साल की शुरुआत में उनके पिता और पूर्ववर्ती अयातुल्ला अली खमेनेई की मौत के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। हालांकि, उन्होंने इस डील को होर्मुज़ को लेकर विवाद का एक अस्थायी समाधान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील उस समझौते से जुड़ी है जिस पर अमेरिका और ईरान ने जून में साइन किए थे, लेकिन बाद में दोनों देशों के बीच एक-दूसरे पर हमले फिर से शुरू होने के कारण वह समझौता टूट गया था। हालांकि, उनका कहना था कि इस संभावित डील से अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता भी साफ होगा। इससे पहले, उन्होंने कहा था कि संभावित समझौते के तहत जहाज ईरान के कंट्रोल वाले रास्ते से फारस की खाड़ी में आएंगे और ओमान के कंट्रोल वाले रास्ते से बाहर निकलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा देने और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सर्विस फीस ली जाएगी। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि ईरान का फीस लेना समझौते के खिलाफ है और होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 9:36 am

अमेरिका का बड़ा झटका! भारतीय छात्रों के छात्र वीजा में 62% की भारी गिरावट, पढ़ाई और नौकरी के सपनों पर फिरा पानी

अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद नौकरी का सपना देखने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों—विशेषकर भारतीयों—के लिए आंकड़े चिंताजनक संकेत दे रहे हैं। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए जाने वाले अमेरिकी छात्र वीजा (F-1 Visa) में 62 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही, पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में अस्थायी रोजगार देने वाले 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की गई है। छात्र वीजा के आंकड़ों में बड़ा अंतर सीआईएस (CIS) के वरिष्ठ कानूनी फेलो जॉर्ज फिशमैन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में मई से अगस्त की मुख्य अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि नए शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकांश F-1 वीजा इसी दौरान जारी किए जाते हैं। भारतीय छात्र: अमेरिका ने 2024 में भारतीयों को 58,694 छात्र वीजा जारी किए थे, जो 2025 में 62% घटकर महज 22,149 रह गए। चीनी छात्र: चीन के छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34% की कमी आई है। 2024 में चीनी छात्रों को 61,075 वीजा मिले थे, जो 2025 में घटकर 40,034 हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी छात्रों को जारी किए गए वीजा में भी 34 प्रतिशत की कमी आई। वर्ष 2025 में चीन के छात्रों को 40,034 वीजा जारी किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 61,075 थी। इसी तरह, अमेरिका ने 2025 में भारतीय नागरिकों को 22,149 छात्र वीजा जारी किए, जबकि 2024 में यह संख्या 58,694 थी।अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (आईआईई) की वार्षिक जनगणना के अनुसार, 2024-25 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के उच्च शिक्षा संस्थानों में 11,77,766 विदेशी छात्र अध्ययनरत थे। इसे भी पढ़ें: Meta ने PM Modi का वीडियो हटाने पर मांगी माफी, ग्लोबल अफेयर्स चीफ Joel Kaplan ने स्वीकारी गलती इनमें 3,63,019 छात्र भारत और 2,65,919 छात्र चीन से थे। दोनों देशों के छात्र मिलाकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत थे। रिपोर्ट में आईआईई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका में पढ़ रहे 10 लाख से अधिक विदेशी छात्रों में से 2,94,253 छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ओपीटी कार्यक्रम के तहत अमेरिका में काम कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ओपीटी कार्यक्रम के तहत काम कर रहे छात्रों में 49 प्रतिशत (1,43,740) भारतीय थे, जबकि 21 प्रतिशत (61,981) छात्र चीन से थे। फिशमैन ने कहा, ‘‘मैं ओपीटी कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा नहीं भी होता है, तो भी भारत और चीन से आने वाले ओपीटी कार्यक्रम के छात्रों की संख्या कम करने से अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे क्योंकि ओपीटी प्रतिभागियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इन्हीं दोनों देशों के छात्रों की है।’’ सीआईएस की रिपोर्ट में तुलना के लिए मई से अगस्त की अवधि को आधार बनाया गया है, क्योंकि आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए एफ-1 छात्र वीजा का अधिकांश हिस्सा इसी अवधि में जारी किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय नागरिकों को जारी किए गए 77 प्रतिशत एफ-1 वीजा और चीनी नागरिकों को जारी किए गए 76 प्रतिशत एफ-1 वीजा मई से अगस्त के बीच ही जारी किए गए थे। OPT कार्यक्रम खत्म करने की वकालत क्यों? रिपोर्ट के लेखक जॉर्ज फिशमैन का मानना है कि OPT कार्यक्रम को बंद करने या इसमें कटौती करने से स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को फायदा होगा। जॉर्ज फिशमैन ने कहा, मैं ओपीटी (OPT) कार्यक्रम को समाप्त करने की वकालत करता रहा हूं ताकि अमेरिकी छात्रों और कर्मचारियों के वेतन तथा रोजगार के अवसरों की रक्षा की जा सके। इसे भी पढ़ें: Biocon का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में 53.36% बढ़कर 136.8 करोड़ रुपये पहुंचा उन्होंने आगे कहा कि यदि इस योजना को पूरी तरह बंद नहीं भी किया जाता है, तब भी भारत और चीन से आने वाले OPT प्रतिभागियों की संख्या सीमित करने से अमेरिकी कार्यबल पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव कम होंगे, क्योंकि इस योजना में सबसे बड़ा हिस्सा इन्हीं दो देशों के स्नातकों का है।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 9:30 am

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

चेतावनी लेबल का असर: लैटिन अमेरिकी देशों में घटी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री, किन उत्पादों की मांग कम?

चेतावनी लेबल का असर: लैटिन अमेरिकी देशों में घटी हानिकारक खाद्य पदार्थों की बिक्री, किन उत्पादों की मांग घटी?

अमर उजाला 6 Aug 2026 8:47 am

'होर्मुज शिपिंग रूट पर ओमान के साथ समझौता हो गया है', अमेरिका से तनातनी के बीच ईरान का दावा - Jagran

'होर्मुज शिपिंग रूट पर ओमान के साथ समझौता हो गया है', अमेरिका से तनातनी के बीच ईरान का दावा Jagran ट्रम्प बोले- ईरान ने कहा आइए बात करते हैं: अगले 48 घंटे में स्थिति साफ हो जाएगी, ईरान बोला- अमेरिका से कोई ... Dainik Bhaskar ईरान-ओमान की डील पक्की, होर्मुज पार करने का अब देना होगा टैक्स? Aaj Tak News जरूरत पड़ी तो अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाएंगे : ईरान, International Hindi News Hindustan ’48 घंटे में सब साफ हो जाएगा’, ईरान-अमेरिका तनाव पर बड़ा अपडेट, ट्रंप बोले- होर्मुज जल मार्ग जल्द खुलेगा Jansatta

गूगल न्यूज़ 6 Aug 2026 7:46 am

US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा

US China Trade War: ड्रोन को लेकर चीन का बड़ा दांव, छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध; व्यापारिक तनाव फिर बढ़ा---China Tightens Drone Export Controls and Blacklists Six US Companies in Response to Trade Curbs

अमर उजाला 6 Aug 2026 7:36 am

West Asia: ईरान-ओमान ने समझौते का मसौदा तैयार किया, खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार; अमेरिका का रूख क्या?

West Asia: ईरान-ओमान ने समझौते का मसौदा तैयार किया, खामेनेई की अंतिम मंजूरी का इंतजार; अमेरिका का रूख क्या?

अमर उजाला 6 Aug 2026 6:50 am

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से की मुलाकात, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, यह बैठक 30 मिनट से अधिक समय तक चली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

देशबन्धु 6 Aug 2026 5:20 am

युद्ध थमने के बढ़े आसार: ट्रंप ने कहा- अच्छी चल रही वार्ता, अमेरिका ने IRGC से जुड़ी तीन कंपनियों से बैन हटाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से अच्छी बातचीत का दावा किया है, जिसके बाद IRGC से जुड़ी तीन कंपनियों से प्रतिबंध हटाए गए हैं।

जागरण 5 Aug 2026 11:40 pm

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

ट्रंप के टैरिफ का चीन ने दिया करारा जवाब, 6 अमेरिकी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट; ड्रोन एक्सपोर्ट के नियम भी किए कड़े

चीन ने ट्रंप की तरफ से लगाए गए हाल के टैरिफ का जवाब दिया है और अमेरिका की 6 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही, ड्रोन एक्सपोर्ट के नियम भी कड़े कर दिए हैं।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:05 pm

आंखें बंद कर क्यों बैठे ट्रंप? भारत के खिलाफ अमेरिका में चल रही क्या प्लानिंग

कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ऑफिस में आंखें बंद करके बैठे थे और ईसाई धर्मुगुरु उन्हें आशीर्वाद दे रहे थे। खुद को सेक्युलर बोलने वाले अमेरिका ने पहली बार दुनिया को दिखा दिया कि देश ईसाई राष्ट्रवादी चला रहे हैं। लेकिन अब अमेरिका यही ईसाई राष्ट्रवाद भारत पर थोपना चाहता है। अमेरिका भारत पर बहुत अजीब हमले की तैयारी कर रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका भारत को ईसाई बहुल देश बनाना चाहता है? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि डॉनल्ड ट्रंप की पार्टी के एक नेता रायली मूर ने खुलकर भारत को धमकी दी है। रायली मूर ने भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट यानी एफसीआरए कानून में संशोधनों की आलोचना कर दी है। हैरानी की बात देखिए कि यह तो भारत का कानून है लेकिन इसका विरोध अमेरिका की संसद में शुरू हो गया है। इसे भी पढ़ें: Chai Par Sameeksha: PM ने गाली देने वालों को किया माफ, क्या Gen Z भी अब मोदी मोदी के नारे लगाएंगे? भारत तो एफसीआरए कानून में संशोधन इसलिए ला रहा है ताकि एनजीओ और ईसाई मिशनरी विदेशी पैसे का इस्तेमाल भारत में धर्मांतरण रैकेट चलाने के लिए ना कर पाएं। भारत की विकास परियोजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को रोकने के लिए ना कर पाएं। विदेशी पैसे का इस्तेमाल एनजीओ और ईसाई मिशनरी भारत में इमीग्रेशन, अबॉर्शन और होमोसेक्सुअलिटी जैसे मुद्दों को सही ठहराने के लिए करते हैं। भारतीय लोगों की आस्थाओं और संस्कृति पर प्रहार करने के लिए करते हैं। यह सभी वो मुद्दे हैं जो भारत के विकास और भारत की हिंदू पहचान को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाते हैं। लेकिन अब भारत ऐसा नहीं होने देगा। शायद इसीलिए अमेरिका डर गया है। शायद इसीलिए रैली मूर झूठी खबरें फैलाते हुए एफसीआरए संशोधनों को ईसाई समुदाय पर हमला बता रहे हैं। चेतावनी दे रहे हैं कि भारत अमेरिका के संबंधों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। यह संशोधन तो धर्मांतरण को रोकने के लिए है। हिंदुओं को बचाने के लिए है। ईसाइयों का तो इससे कुछ लेना देना नहीं है। यह ठीक वैसा ही नैरेटिव है जो सीएए कानून के दौरान फैलाया गया था। इसे भी पढ़ें: FCRA Bill पर US MP Riley Moore ने जताई चिंता, द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ने की कही बात सीएए कानून को भी मुस्लिम विरोधी बता दिया गया था। जबकि मुसलमानों का उस कानून से कुछ लेना देना नहीं था। वो कानून भी हिंदुओं की रक्षा के लिए लाया गया था। क्या आप जानते हैं कि अमेरिका और यूरोप से आने वाले पैसे का इस्तेमाल एनजीओ और ईसाई मिशनरी किस तरह से करते हैं? उसका एक उदाहरण देख लीजिए। आदिवासी रीति-रिवाजों को मानने वाले नागालैंड, मिजोरम और मेघालय जैसे राज्य आज ईसाई बहुसंख्यक हो गए हैं। पिछले 2 सालों में पंजाब में 3.5 लाख से ज्यादा लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi से मिले Kiren Rijiju; संसद गतिरोध खत्म करने में मांगा सहयोग पंजाब के तरन-तारन में ईसाइयों की आबादी 102% की रफ्तार से बढ़ी है। झारखंड और छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों में जमकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है। कुछ समय पहले एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें दावा किया गया कि भारत सरकार के बाद कैथोलिक चर्च भारत में जमीन का दूसरा सबसे बड़ा मालिक है जिसके पास पूरे देश में लगभग 70 मिलियन हेक्टेयर यानी 172 मिलियन एकड़ जमीन है। आपको क्या लगता है यह सब कुछ किस पैसे से किया गया है? यह पैसा अमेरिकी डीप स्टेट का है। भारत को तेजी से ईसाई बहुसंख्यक देश बनाने की तैयारी की जा रही है। हैरानी की बात देखिए कि अमेरिका में खुद फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट नाम का एक कानून है जो दूसरे देशों से आने वाले विदेशी प्रभाव, धर्म परिवर्तन और प्रोपोगेंडा के लिए मिलने वाले पैसे पर रोक लगाता है। यानी अमेरिका अपने देश में तो धर्मांतरण पर रोक लगा रहा है लेकिन भारत के हिंदुओं को ईसाई बना रहा है। शायद इसीलिए रायली मूर एफसीआरए कानून का विरोध कर रहे हैं। शायद इसीलिए पहली बार अमेरिका की डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियां इतिहास में पहली बार एक साथ आई हैं और एफसीआरए संशोधनों का विरोध कर रही हैं। रायली मूर ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अमेरिका हमेशा एक ईसाई देश रहेगा।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 7:55 pm

5 महीने की लड़ाई ने बदला समीकरण! ईरान युद्ध में अमेरिका के मिसाइल स्टॉक खाली, लम्बा चला युद्ध तो क्या करेंगे ट्रंप

5 महीने की लड़ाई ने बदला समीकरण! ईरान युद्ध में अमेरिका के मिसाइल स्टॉक खाली, लम्बा चला युद्ध तो क्या करेंगे ट्रंप

समाचार नामा 5 Aug 2026 6:10 pm

US-China Trade War: ट्रंप के नए टैरिफ पर चीन का पलटवार, 6 अमेरिकी कंपनियों को किया Blacklist और Drone Export पर लगाई रोक

चीन ने बुधवार को अमेरिका के खिलाफ कई आर्थिक जवाबी कदम उठाए। उसने छह अमेरिकी कंपनियों को प्रतिबंधों वाली ब्लैकलिस्ट में डाल दिया और वॉशिंगटन भेजे जाने वाले ड्रोन के एक्सपोर्ट पर पाबंदियां और कड़ी कर दीं। यह कदम अमेरिका द्वारा जबरन मजदूरी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नए व्यापार प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है। ये जवाबी कदम तब उठाए गए जब वॉशिंगटन ने बीजिंग और 50 से ज़्यादा अन्य देशों पर नए टैरिफ लगाए। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार से जुड़ी व्यापक नीति का हिस्सा था; उनका तर्क था कि वॉशिंगटन के लिए अनुचित व्यापार घाटे को ठीक करने के लिए ऐसा करना ज़रूरी था। इन कदमों का जवाब देते हुए, चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के इन कदमों से चीन के जायज़ अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुँचता है। इसे भी पढ़ें: Iran से संघर्ष के चलते अमेरिका की अत्याधुनिक Missiles लगभग खत्म, खाली मिसाइल भंडार देखकर Trump परेशान प्रवक्ता ने आगे कहा इसके जवाब में चीन केवल ज़रूरी जवाबी कदम ही उठा सकता है, जिसमें अमेरिका को ड्रोन और उनके मुख्य पुर्ज़ों व टेक्नोलॉजी के निर्यात पर नियंत्रण को और कड़ा करना शामिल है। अपनी कार्रवाई की रणनीति के तहत, वाणिज्य मंत्रालय ने घरेलू सर्टिफ़िकेशन संस्थाओं द्वारा की जाने वाली फ़ैक्ट्री फ़ॉलो-अप जाँच को रोक दिया, अमेरिकी कंप्लायंस टेस्टिंग फ़र्मों को ब्लैकलिस्ट कर दिया, और ऑफ़िस कॉपियर व प्रिंटर के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा जाँच शुरू कर दी। इसे भी पढ़ें: BRICS Pay: 90 बिलियन का झटका, अमेरिका से भयंकर भिड़ गया चीन बीजिंग ने छह अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध भी लगाए, जिनमें बायोटेक्नोलॉजी फ़र्म 'एप्लाइड डीएनए साइंसेज़' और जियोसाइंस रिसर्च कंपनी 'स्ट्रेटम रिज़र्वोयर' शामिल हैं। इन प्रतिबंधों के तहत चीनी लोगों और संगठनों को इन कंपनियों के साथ संबंधित लेन-देन, सहयोग या अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोक दिया गया है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 5:54 pm

THAAD से पैट्रियोट तक भारी तबाही: ईरान युद्ध के बीच क्या सचमुच खत्म हो गया अमेरिका का डिफेंस स्टॉक

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य संघर्ष ने मध्य पूर्व (Middle East) में एक ऐसा महायुद्ध छेड़ दिया है, जिसकी भीषणता ने खुद अमेरिकी रक्षा तंत्र को सकते में डाल दिया है। इस जंग को लंबा खिंचते देख अब अमेरिका की सैन्य ताकत और उसकी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के स्टॉक पर बहुत बड़े संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में अमेरिकी सेना के तरकश के कई अहम तीर खाली हो चुके हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या आधुनिक युद्धक हथियारों की यह कमी अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व पर भारी पड़ने वाली है।THAAD के 80 और पैट्रियोट के 50 प्रतिशत इंटरसेप्टर खत्म, हथियारों का भंडार हुआ खालीसीएनएन की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के हवाले से यह खुलासा हुआ है कि ईरान के साथ जारी इस लंबे युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना ने अपने बेहद मारक और आधुनिक 'थाड' (THAAD) एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लगभग 80 प्रतिशत इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर डाला है। इसके साथ ही, देश की सुरक्षा का मुख्य आधार माने जाने वाले 'पैट्रियोट' (Patriot) इंटरसेप्टर का भी करीब 50 प्रतिशत स्टॉक पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। इससे पहले शुरुआती दौर के हमलों में ही अमेरिकी सेना अपनी लगभग 30 प्रतिशत टोमाहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइलों को भी झोंक चुकी है। रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि हथियारों के इस भारी क्षरण ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है।व्हाइट हाउस ने खारिज किए दावे, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बेस की सुरक्षा पर बढ़ी चिंताविशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डे पूरी तरह से इन्हीं एयर डिफेंस सिस्टम्स की सुरक्षा पर निर्भर हैं, और ऐसे में स्टॉक का खतरनाक स्तर तक कम होना अमेरिकी सैनिकों के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुमान के अनुसार, युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 2,200 पैट्रियोट और 452 थाड मिसाइलें मौजूद थीं, जो अब काफी हद तक घट चुकी हैं। हालांकि, इन गंभीर चेतावनियों के सामने आने के बावजूद व्हाइट हाउस ने गोला-बारूद की कमी की इन तमाम रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना के पास राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यकता से अधिक और पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद का सुरक्षित भंडार मौजूद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 5:31 pm

अमेरिका में नौकरी करना होगा और महंगा, H-1B रिन्यूअल फीस बढ़ाने का प्रस्ताव, भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

ट्रंप प्रशासन अमेरिका में H-1B और L-1 वर्क वीजा की अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया को अधिक खर्चीला बनाने की तैयारी में है। अगर यह होता है तो इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर ही पड़ने वाला है।

दैनिक जागरण 5 Aug 2026 12:52 pm

थाड और पैट्रियट मिसाइलें चट कर गया ईरान, ट्रंप का गोदाम खाली; अमेरिका में हथियारों की भारी कंगाली

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और ईरान के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका की सैन्य साजो-सामान से जुड़ी पोल खुलती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ रक्षा करने और उसके हमलों को नाकाम करने में अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम 'थाड' (THAAD) और 'पैट्रियट' (Patriot) मिसाइलों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया है, जिसके चलते अमेरिकी रक्षा भंडारों में इन खतरनाक मिसाइलों का भारी अकाल पड़ गया है और ट्रंप प्रशासन के सामने हथियारों की जबरदस्त कंगाली खड़ी हो गई है।जानकारों का कहना है कि ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया गुटों द्वारा दागे गए ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों को अपने सबसे महंगे और अत्याधुनिक डिफेंस इंटरसेप्टर्स का लगातार इस्तेमाल करना पड़ा है। एक के बाद एक लगातार होने वाले इन हमलों से निपटने की प्रक्रिया में अमेरिकी रक्षा गोदामों में रखी करोड़ों डॉलर की ये मिसाइलें तेजी से खत्म हो गई हैं। स्थिति यह हो गई है कि रक्षा उत्पादन की धीमी रफ्तार के मुकाबले खपत कई गुना ज्यादा बढ़ चुकी है, जिससे पेंटागन की नींद उड़ी हुई है।इस हथियारों की किल्लत का सबसे बड़ा असर अमेरिकी वैश्विक सैन्य रणनीति पर पड़ता दिख रहा है। पेंटागन के रणनीतिकारों के सामने अब यह गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि यदि आने वाले दिनों में दुनिया के किसी अन्य हिस्से में कोई नया भू-राजनीतिक विवाद या युद्ध छिड़ जाता है, तो अमेरिकी सेना अपनी रक्षा कैसे करेगी। अमेरिका के रक्षा कारखाने और हथियार निर्माता कंपनियां दिन-रात प्रोडक्शन बढ़ाने में जुटी हैं, लेकिन जिस तेजी से युद्ध के मैदान में मिसाइलें खर्च हो रही हैं, उस हिसाब से नए हथियारों की आपूर्ति करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।पश्चिम एशिया के इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ सैनिकों और बंदूकों का खेल नहीं, बल्कि अत्यधिक खर्चीले और तकनीकी एयर डिफेंस सिस्टम्स की जंग बन चुका है। ईरान के रणनीतिक दबाव ने अमेरिका के अजेय माने जाने वाले रक्षा भंडारों को खाली करने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले समय में अमेरिकी प्रशासन के लिए अपने डिफेंस रिजर्व को दोबारा भरना और हथियारों की इस बड़ी कंगाली से निपटना सबसे बड़ी प्राथमिकता रहने वाली है, जिसका असर अमेरिकी रक्षा बजट और विदेश नीतियों पर भी साफ दिखाई देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:49 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गोल्फ कोर्स के पास मंडराया खतरा, कार से हथियार समेत संदिग्ध गिरफ्तार

अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित गोल्फ कोर्स के बेहद करीब एक संदिग्ध व्यक्ति को सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि संदिग्ध की कार से एक घातक गन और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना ने एक बार फिर देश के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही सीक्रेट सर्विस (Secret Service) और स्थानीय पुलिस के अमले ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और पूरे इलाके को अपने घेरे में ले लिया। आरोपी की गाड़ी की तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को हथियार और कुछ अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, जिसके आधार पर उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ के दौरान फेडरल एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस शख्स की मंशा क्या थी और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या सुनियोजित हमले का प्लान तो नहीं था।गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ते रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों और रैलियों के दौरान पहले भी उन पर कई बार जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा 'रेड अलर्ट' पर रखा जाता है। ताजा घटना के बाद से व्हाइट हाउस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गहरी समीक्षा शुरू हो गई है ताकि राष्ट्रपति की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न बचे।इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद से अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने में जुटी हैं कि संदिग्ध व्यक्ति उस संवेदनशील इलाके तक कैसे पहुंचा और क्या उसके तार किसी स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय संगठन से जुड़े हुए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और सीक्रेट सर्विस मिलकर संयुक्त रूप से आगे की जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं ताकि इस संभावित बड़े खतरे के हर पहलू का पर्दाफाश किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Aug 2026 12:48 pm

साइबर ठगों की ₹187 करोड़ की संपत्ति कुर्क:जालंधर ED की कार्रवाई, अमेरिकी नागरिकों को बनाया निशाना; FBI से मिला इनपुट

जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत ईडी ने आरोपियों की 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क (अटैच) की हैं। इनमें हरियाणा, दिल्ली और गोवा में स्थित कई लग्जरी फार्महाउस और आलीशान विला शामिल हैं। इस मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) से मिले इनपुट के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुई थी। FBI के इनपुट पर शुरू हुई थी कार्रवाई यह मामला तब सामने आया, जब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारतीय एजेंसियों के साथ अहम इनपुट साझा किए। इसके आधार पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। जांच में सामने आया कि भारत से संचालित एक कथित अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों डॉलर की साइबर ठगी की जा रही थी। 36 कर्मचारियों के साथ चल रहा था 'अवैध' खेल ईडी जांच में सामने आया कि Digikaps – The Future of Digital नाम से एक कथित अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। इस सेंटर में करीब 36 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंद्रजीत सिंह भाली और निखिल शर्मा शामिल थे। पूरे नेटवर्क का संचालन और निगरानी जॉनी, दक्षे सेठी और गौरव वर्मा कर रहे थे। ऐसे बनाते थे अमेरिकी नागरिकों को शिकार गिरोह कथित तौर पर बेहद सुनियोजित तरीके से अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को टेक्निकल सपोर्ट से जुड़ा प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में लेते और उनकी निजी व गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे अमेरिकी कर विभाग (IRS) की ओर से कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों पर दबाव बनाते थे। आरोप है कि इस डर का फायदा उठाकर उनसे रकम क्रिप्टो खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। काली कमाई से खरीदीं संपत्तियां और विला जांच के अनुसार, कथित ठगी से हासिल रकम को पहले क्रिप्टो वॉलेट के जरिए 'Bliss Infraproperties LLP' समेत अन्य कथित शेल (फर्जी) कंपनियों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इस धन को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश किया जाता था। ईडी के मुताबिक, गिरोह के मुख्य आरोपी जॉनी उर्फ जॉनी त्यागी, दक्षे सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा ने कथित तौर पर इसी रकम से हरियाणा, दिल्ली और गोवा में महंगी अचल संपत्तियां, फार्महाउस और आलीशान विला खरीदे। छापेमारी में मिली थी भारी नकदी और दस्तावेज इससे पहले जनवरी व फरवरी 2026 में ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण, 34 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। मामले में आगे की कार्रवाई जारी जांच में मिले दस्तावेजों से आरोपियों की भारत और विदेश में बड़ी संपत्तियों का पता चला। फिलहाल ईडी ने 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 11:52 am

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?

अमर उजाला 5 Aug 2026 11:27 am

Iran से संघर्ष के चलते अमेरिका की अत्याधुनिक Missiles लगभग खत्म, खाली मिसाइल भंडार देखकर Trump परेशान

ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य अभियान ने दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति की उस कमजोरी को उजागर कर दिया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक मुश्किल मानी जाती थी। अमेरिकी सेना के लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाले अत्याधुनिक मिसाइल भंडार तेजी से खाली हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, पेंटागन के कई वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य सूत्रों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के पास मौजूद कई अहम मिसाइल प्रणालियों का स्टॉक खतरनाक स्तर तक घट चुका है। यह स्थिति केवल ईरान युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडो-पैसिफिक में चीन जैसे महाशक्ति प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अमेरिका की भविष्य की सैन्य तैयारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सेना ने अपने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) और नई पीढ़ी की प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (PrSM) का लगभग पूरा परिचालन भंडार इस्तेमाल कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि इन लंबी दूरी की सटीक मारक मिसाइलों का वर्चुअली ऑल यानी लगभग पूरा स्टॉक खर्च हो चुका है। हालांकि पेंटागन ने शेष संख्या सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह स्वीकार किया गया है कि सेंट्रल कमांड को अपने अभियान जारी रखने के लिए दुनिया के अन्य अमेरिकी सैन्य भंडारों से मिसाइलें मंगानी पड़ीं। इसे भी पढ़ें: Donald Trump प्रशासन ने US में Brazil की राजदूत मारिया लुइजा का वीजा रद्द किया युद्ध के दौरान केवल आक्रामक हथियार ही नहीं, बल्कि रक्षात्मक मिसाइलों का भंडार भी तेजी से घटा है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका अपने THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) इंटरसेप्टरों का लगभग 80 प्रतिशत और पैट्रियट इंटरसेप्टरों का लगभग आधा इस्तेमाल कर चुका है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (CSIS) के अनुमान के अनुसार युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 452 THAAD और 2,200 Patriot इंटरसेप्टर थे। इसी अवधि में अमेरिकी नौसेना और अन्य बलों ने अपने वैश्विक टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल भंडार का भी लगभग आधा हिस्सा खर्च कर दिया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ये वही हथियार हैं जिन पर अमेरिका चीन जैसे तकनीकी रूप से सक्षम प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ युद्ध की स्थिति में सबसे अधिक निर्भर करता है। चीन की बहुस्तरीय और अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली के कारण पारंपरिक लड़ाकू विमानों के जरिए गहरे हमले करना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। ऐसे में ATACMS और PrSM जैसी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलें अमेरिकी युद्धनीति की रीढ़ हैं। यदि इनका भंडार सीमित हो जाता है, तो इंडो-पैसिफिक में अमेरिका की प्रतिरोधक क्षमता और त्वरित जवाबी कार्रवाई की शक्ति दोनों कमजोर पड़ सकती हैं। यही वजह है कि पेंटागन के भीतर इस बात पर गंभीर बहस छिड़ी हुई है कि ईरान के खिलाफ अभियान को कितने समय तक जारी रखा जाए। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह किया है कि यदि मौजूदा गति से मिसाइलों का इस्तेमाल जारी रहा, तो अमेरिका किसी दूसरे बड़े सैन्य संकट के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं रहेगा। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने ईरानी ठिकानों पर मानव चालित लड़ाकू विमानों को भेजने की बजाय लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले को प्राथमिकता दी, ताकि पायलटों को जोखिम से बचाया जा सके। लेकिन इसी रणनीति ने अत्याधुनिक मिसाइल भंडार पर भारी दबाव डाल दिया। इस बीच, अमेरिका का रक्षा उद्योग उत्पादन बढ़ाने की कोशिश में जुटा है। लॉकहीड मार्टिन ATACMS के स्थान पर नई PrSM मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा रही है। हालांकि PrSM अपेक्षाकृत नई प्रणाली है, इसलिए उसका उत्पादन अभी सीमित है। अमेरिकी सेना ने भविष्य के लिए बड़े ऑर्डर जरूर दिए हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड उत्पादन भी लंबे और उच्च तीव्रता वाले युद्ध में खर्च हुए हथियारों की भरपाई इतनी तेजी से नहीं कर सकता। राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस लगातार इन चिंताओं को खारिज कर रहे हैं। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के पास दुनिया के किसी भी देश से कहीं अधिक हथियार हैं और जरूरत से ज्यादा गोला बारूद मौजूद है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल और व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने भी कहा है कि अमेरिकी सेना के पास राष्ट्रपति के सभी रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सैन्य क्षमता और गहरा हथियार भंडार मौजूद है। इसके बावजूद घटनाक्रम अलग तस्वीर पेश करता है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सप्ताह ट्रंप ने ईरान पर बड़े पैमाने पर प्रस्तावित हमले को अंतिम क्षणों में रोक दिया। आधिकारिक तौर पर इसका कारण खाड़ी देशों की चिंता और ऊर्जा ढांचे पर संभावित ईरानी जवाबी हमला बताया गया, लेकिन अमेरिकी मीडिया के अनुसार हथियारों के घटते भंडार और लंबा युद्ध झेलने की क्षमता भी इस फैसले के पीछे एक अहम कारक थी। इसी बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बेहद अच्छी बातचीत चल रही है, जबकि ईरान सार्वजनिक रूप से इससे इंकार करता रहा है। दूसरी ओर, एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए अंतरिम समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। देखा जाये तो ईरान युद्ध ने एक बड़ा सबक दिया है कि आधुनिक युद्ध केवल तकनीक या सैन्य शक्ति का नहीं, बल्कि सतत हथियार उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक क्षमता का भी संघर्ष है। यदि दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति को एक क्षेत्रीय युद्ध के दौरान अपने वैश्विक मिसाइल भंडार से हथियार खींचने पड़ रहे हैं, तो यह भविष्य के बहु-मोर्चीय संघर्षों के लिए गंभीर चेतावनी है। बहरहाल, ऐसा लग रहा है कि चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों के साथ संभावित समानांतर संकट की स्थिति में अमेरिका को अपने संसाधनों का विभाजन करना पड़ सकता है। इससे उसकी वैश्विक सैन्य विश्वसनीयता, सहयोगी देशों का भरोसा और प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, बीजिंग जैसे प्रतिद्वंद्वी इस घटनाक्रम का बारीकी से अध्ययन करेंगे और इसे अमेरिकी सैन्य क्षमता की सीमाओं के संकेत के रूप में देख सकते हैं। ऐसे में यह संकट केवल मिसाइलों की कमी का नहीं, बल्कि अमेरिकी वैश्विक सैन्य रणनीति, रक्षा उत्पादन मॉडल और दीर्घकालिक युद्ध क्षमता की वास्तविक परीक्षा बन चुका है।

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 11:14 am

अमेरिका में भारत से ₹30 हजार सस्ता होगा iPhone 18 Pro Max, कहां से खरीदने में फायदा

अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 10:33 am

FCRA पर अमेरिकी सांसद ने उठाए सवाल तो VHP ने दिया करारा जवाब

एफसीआरए में प्रस्तावित बदलावों पर अमेरिकी सांसद राइली मूर ने दावा किया कि इससे चर्च, धार्मिक चैरिटी, स्कूल और हेल्थकेयर संस्थानों पर सरकार की पकड़ बढ़ सकती है, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद के विनोद बंसल ने एक्स पर उनसे पूछा कि नियमों की किस धारा में ऐसा प्रावधान है.

आज तक 5 Aug 2026 10:13 am

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका

FCRA: भारत में एफसीआरए संशोधन पर अमेरिकी सांसद को क्यों लगा मिर्ची? बोले- संबंधों पर असर पड़ने की आशंका why-us-congressman-riley-moore-concern-over-fcra-amendment-bill-india

अमर उजाला 5 Aug 2026 10:02 am

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमेरिका में भारतीय समुदाय का सम्मान: मैसाचुसेट्स ने 15 अगस्त को घोषित किया 'भारत दिवस', गवर्नर ने क्या कहा?

अमर उजाला 5 Aug 2026 9:37 am

Biz Updates: अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर; मुंबई पुलिस के वेतन में गड़बड़ी, ₹6.41 करोड़ का पेरोल घोटाला

Biz Updates: अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर; मुंबई पुलिस के वेतन में गड़बड़ी, ₹6.41 करोड़ का पेरोल घोटाला

ज़ी न्यूज़ 5 Aug 2026 9:20 am

Kanpur: डार्क वेब से मंगवा रहे अमेरिकन और मलयेशियाई गांजा-चरस, पॉश इलाकों में फैला है तस्करों का जाल, रिपोर्ट

कानपुर शहर के पॉश इलाकों में अमेरिकन, मलयेशियाई गांजा-चरस की होम डिलीवरी हो रही है। तस्कर डार्क वेब के जरिये खेप मंगवा कर तिलकनगर, स्वरूपनगर, आर्यनगर, सिविल लाइंस जैसे पाॅश इलाकों में खपा रहे हैं।

अमर उजाला 5 Aug 2026 9:01 am

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

भारत सरकार FCRA बिल ला रही है, लेकिन दिक्कत अमेरिका को हो रही है। इसी क्रम में अमेरिका के एक सांसद रिले मूर ने भारत के विदेशी योगदान नियम यानी FCRA में प्रस्तावित बदलावों की आलोचना की। उनका आरोप है कि ये बदलाव सरकार को चर्च और धार्मिक चैरिटी के प्रबंधन पर कब्जा करने का […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 8:45 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! क्या Strait of Hormuz फिर खुलेगा? जानें ईरान-अमेरिका तनाव की लेटेस्ट अपडेट

समाचार नामा 5 Aug 2026 8:15 am

अमेरिकी राष्ट्रपति पर फिर हमले की साजिश! ट्रंप के फंडरेजर कार्यक्रम से पहले संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए हथियार

गिरफ्तार किया गया संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल की फोटो और वीडियो ले रहा था। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस की टीम संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर रही है।

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 8:11 am

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमेरिका: डेमोक्रेटिक पार्टी से शैनन टेलर, रिपब्लिकन से जॉन मैकगायर उम्मीदवार; आम चुनाव में किससे होगी टक्कर?

अमर उजाला 5 Aug 2026 8:00 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! Strait of Hormuz खोलेगा ईरान? जानें लेटेस्ट अपडेट

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खोलने के लिए तैयार नहीं हो रहा। वहींं, पता चला है कि अमेरिका के पास लंबी दूरी की मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं। अब आगे क्या होगा?

खबर इंडिया टीवी 5 Aug 2026 7:28 am

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! Strait of Hormuz खोलेगा ईरान? जानें लेटेस्ट अपडेट - India TV Hindi

अमेरिका के पास घातक मिसाइलें खत्म! Strait of Hormuz खोलेगा ईरान? जानें लेटेस्ट अपडेट India TV Hindi होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान किससे कर रहा है बात? BBC होर्मुज पर ईरान से आज समझौता संभव: अमेरिकी वित्त मंत्री, International Hindi News Hindustan हॉर्मुज जलडमरूमध्य से 1,000 से ज्यादा जहाजों को सुरक्षित पार कराया: अमेरिकी सेना DD News हॉर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का बड़ा दावा. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जल्द ही पूरी तरह खुल सकता है. उन्होंने दावा किया कि इस जलमार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और ईरान की बाते facebook.com

ज़ी न्यूज़ 5 Aug 2026 7:28 am

बिगड़ जाएंगे US संग रिश्ते… FCRA संशोधन को लेकर अमेरिकी सांसद ने भारत को दी चेतावनी

विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी समूहों का कहना है कि यह विधेयक सरकार को विदेशी फंडिंग पर निर्भर संस्थाओं पर अत्यधिक कंट्रोल देता है। अब इस बिल पर अमेरिकी सांसद का बयान सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Aug 2026 7:13 am

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच तेल कंपनियों ने कमाया 93 अरब डॉलर का मुनाफा, जलवायु संकट भी चरम पर

हमेशा एक बात कही जाती है कि ‘वॉर इज अ ब्लडी बिजनेस’। रूस यूक्रेन युद्ध के बाद अब ईरान अमेरिका युद्ध में भी साबित हो चुकी है। ऐसा इसलिए कि ईरान संघर्ष के दौरान तेल कीमतें बढ़ने और जलवायु संकट से जुड़ी गर्मी की लहरों के बीच दुनिया की आठ बड़ी तेल कंपनियों ने अप्रैल […]

पांचजन्य 5 Aug 2026 6:31 am

अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने की मांग

भास्कर न्यूज | जालंधर जमहूरी किसान सभा पंजाब की राज्य बैठक डॉ. सतनाम सिंह अजनाला की अध्यक्षता में शहीद सरवण सिंह चीमा भवन, गढ़ा में हुई। इसमें पंजाब किसान यूनियन के साथ एकता और आगामी गतिविधियों को गति देने का निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि 20-21 सितंबर को जालंधर में होने वाले देश-स्तरीय डेलिगेट इजलास की तैयारी के लिए 9 अगस्त को देश भगत यादगार हाल, जालंधर में संयुक्त जनरल बॉडी बैठक होगी। राज्य महासचिव कुलवंत सिंह संधू ने बताया कि 10 अगस्त को कॉर्पोरेट घरानों की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 'कॉर्पोरेट भारत छोड़ो' का पुरजोर नारा बुलंद किया जाएगा और अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई जाएगी। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 1 सितंबर से चंडीगढ़ में अनिश्चितकालीन पक्का मोर्चा (लगातार धरना) शुरू करने का फैसला लिया गया है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। प्रेस सचिव हरनेक सिंह गुज्जरवाल ने कहा कि किसान-मजदूर संगठनों की इस ऐतिहासिक एकता से केंद्र की भाजपा और पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की वादाखिलाफी व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी। बैठक में कुलवंत सिंह संधू, हरनेक सिंह गुज्जरवाल, रघवीर सिंह बैनीपाल, परगट सिंह जामाराय, हरप्रीत सिंह बुटारी, रेशम सिंह फैलोके, मनजीत सिंह बग्गू, दर्शन सिंह बेलूमाजरा, ऊधम सिंह संगरूर, सुखमिंदर सिंह धालीवाल, अमरीक सिंह फफड़े भाईके और मेजर सिंह खुरलापुर मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 6:03 am

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश जारी, समझौते के मसौदे पर चल रही है बातचीत: माजिद अल अंसारी

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश अभी जारी है। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के मसौदे पर बातचीत चल रही है और क्षेत्रीय मध्यस्थ तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए काम कर रहे हैं

देशबन्धु 5 Aug 2026 5:18 am

अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे भारत-अमेरिका, विदेश मंत्रालय ने कहा- बस अंतिम रूप दिया जाना बाकी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं और कुछ मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

जागरण 5 Aug 2026 2:12 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

Faridabad News: ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा

International freight rates rise due to Iran-US tensions.

अमर उजाला 5 Aug 2026 1:43 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

ईरान से पंगा ले फंस गए ट्रंप? अमेरिका का हथियार स्टॉक ही खत्म; मिसाइलों का भारी टोटा

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग पांच महीने से युद्ध जारी है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सैन्य बलों ने इस दौरान अपनी लगभग सभी सबसे सटीक और महत्वपूर्ण लंबी दूरी की मिसाइलें खर्च कर दी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:07 pm

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

ईरान से जंग अमेरिका पर पड़ रही भारी! मिसाइलों का स्टॉक तेजी से घटा, अब क्या करेंगे ट्रंप

समाचार नामा 4 Aug 2026 8:05 pm

ट्रंप की कसम, ईरान को मिटा देंगे, अब अमेरिका करेगा भयंकर बमबारी

ईरान ने वो कर दिया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी के आत्मघाती ड्रोंस ने कुवैत में बने अमेरिकी मिलिट्री बेस पर सीधा हमला बोल दिया है। यही नहीं ओमान के समंदर में एक और मालवाहक जहाज को मिसाइल से उड़ाने की कोशिश हुई है। इस घटना के बाद वाइट हाउस से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान आया है जिसने ईरान के माथे पर पसीना ला दिया। ट्रंप ने दो टूक कह दिया है ईरान के पास समझौते का यह आखिरी मौका है। वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो अमेरिका टोटल मिलिट्री डिस्ट्रक्शन यानी ईरान का नामोनिशान मिटाने वाली कारवाई करेगा। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है एक तरफ ट्रंप कह रहे हैं कि डील की बातचीत चल रही है। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने सीना तान कर कह दिया हम अमेरिका से कोई बात नहीं कर रहे। इसे भी पढ़ें: मध्यस्थ ही संदिग्ध...अमेरिका-ईरान डील में पाकिस्तान OUT, ट्रंप को सऊदी पर भरोसा यह बातचीत फेल हो गई तो क्या अमेरिका ईरान पर बम बरसाएगा और इस लड़ाई से आपकी और हमारी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा? ईरान के खतरनाक शाहिद 136 सुसाइड ड्रोंस ने कुवैत में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर उड़ान बढ़ी। गनीमत यह रही कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन ड्रोंस को हवा में ही मार गिराया। लेकिन इसका मलबा जब नीचे गिरा तो अमेरिकी कैंपों में हड़कंप मच गया। अभी दुनिया इस हमले की कड़ियां जोड़ ही रही थी कि ओमान के तट से 20 समुद्री मील दूर होमज स्टेट में एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल से हमला हो गया। शक की सुई सीधे ईरान पर है क्योंकि यह पूरा इलाका ईरान के दबदबे वाला है। इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप गुस्से से लाल है। ट्रंप ने दावा किया कि वह शुक्रवार को ही ईरान पर एक बड़ा हमला करने वाले थे। लेकिन ईरान की तरफ से आए शांति के संकेतों के बाद उन्होंने प्लान टाल दिया था। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान तुरंत न्यूक्लियर डील पर साइन करे और समंदर का रास्ता जहाजों के लिए हमेशा खुला रखे। इसे भी पढ़ें: US-Iran युद्ध के बीच भारत का बड़ा एक्शन, अचानक तेहरान में नियुक्त किया अपना नया राजदूत लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कह दिया है हम अमेरिका से कोई डायरेक्ट बात नहीं कर रहे। जो भी बात हो रही है वो ओमान के जरिए सिर्फ समंदर के रास्ते को मैनेज करने के लिए हो रही। इतना ही नहीं ईरान के सांसदों ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके देश पर एक भी बम गिराया तो पूरे मिडिल ईस्ट में फैले अमेरिकी ठिकानों को श्मशान बना देंगे और सऊदी अरब व यूएई के तेल कुओं को आग लगा देंगे।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:33 pm

Pakistan-Iran Diplomacy: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Islamabad बना मध्यस्थ, Ishaq Dar ने अरागची को भेजा न्योता

पाकिस्तान ने ईरान के साथ अपने राजनयिक संपर्क बढ़ा दिए हैं। विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची को बातचीत के लिए जल्द से जल्द इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच संपर्क को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि क्षेत्रीय सहयोगियों की अपील के बाद उन्होंने ईरान के खिलाफ तय सैन्य हमले रद्द कर दिए थे। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से ईरान और अमेरिका के बीच एक अहम राजनयिक कड़ी बने रहने की इस्लामाबाद की कोशिश झलकती है, भले ही पाकिस्तान ने – जैसा कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया – काफी हद तक कम प्रोफ़ाइल बनाए रखी है। इस न्योते पर ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इसे भी पढ़ें: Pakistan की स्थिति West Indies के खिलाफ टेस्ट में मजबूत सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार (@MIshaqDar50) ने आज ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची से बात की। उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में बिगड़ते हालात भी शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री (डार) ने विदेश मंत्री अरागची को अपनी सुविधानुसार जल्द से जल्द पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया। इसके अलावा, खबर है कि नेशनल असsembly के स्पीकर अयाज सादिक ने अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद बागेर घालीबाफ को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है। अरागची और घालीबाफ, दोनों ने हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसे भी पढ़ें: आखिर चाहता क्या है पाकिस्तान? बॉर्डर के पास 250 तोपें लेकर उतरी मुनीर की सेना पाकिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया हालिया कोशिशों के ज़रिए पाकिस्तान एक भरोसेमंद मध्यस्थ के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब कूटनीतिक कोशिशें कमज़ोर हैं और खाड़ी क्षेत्र में एक और सैन्य टकराव का खतरा बना हुआ है। अधिकारी ने कहा कि तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान अभी काफी हद तक खामोश है। उन्होंने आगे कहा मैं आपको बता दूं... पर्दे के पीछे कूटनीतिक बातचीत जारी है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 4:31 pm

पाकिस्तान ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका! ईरान-अमेरिका वार्ता की मध्यस्थता से हुआ बाहर, अब कौन कराएगा डील?

पाकिस्तान ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका! ईरान-अमेरिका वार्ता की मध्यस्थता से हुआ बाहर, अब कौन कराएगा डील?

समाचार नामा 4 Aug 2026 3:20 pm

ईरान को हराने के लिए नई रणनीति बनाने में जुटा अमेरिका, दुनियाभर के विशेषज्ञों से मांगे जा रहे सुझाव

ईरान को हराने के लिए नई रणनीति बनाने में जुटा अमेरिका, दुनियाभर के विशेषज्ञों से मांगे जा रहे सुझाव

समाचार नामा 4 Aug 2026 2:34 pm

मध्यस्थ ही संदिग्ध...अमेरिका-ईरान डील में पाकिस्तान OUT, ट्रंप को सऊदी पर भरोसा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने वाले अमेरिका के एक रिटायर्ड जनरल और डिफेंस एनालिस्ट ने पाकिस्तान और कतर पर आरोप लगाया है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ के तौर पर उनकी भूमिका प्रभावित रही है। उनका आरोप है कि दोनों देश अमेरिका के बजाय ईरान का पक्ष लेते हैं। रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान और कतर को चुनने से ईरान के साथ अमेरिका की कूटनीति पर असर पड़ा है और इससे तेहरान के इरादों को समझने में गलतफहमी पैदा हुई है। कीन की ये टिप्पणियां तब आई हैं जब ट्रंप ने तेहरान के साथ कूटनीतिक कोशिशों को फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर बड़े सैन्य हमले की योजना को रोकने का फैसला किया है। इसे भी पढ़ें: सर्जियो गोर काट रहे थे बांग्लादेश के चक्कर, तभी रूस ने ली धमाकेदार एंट्री, भारत का नाम लेकर किया सबसे बड़ा ऐलान कीन 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ़ वॉर' के चेयरमैन हैं, 'सेक्रेटरी ऑफ़ डिफेंस पॉलिसी बोर्ड' के सदस्य हैं, चार अमेरिकी रक्षा मंत्रियों को सलाह दे चुके हैं और 'नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी' पर 2018 और 2022 के कांग्रेसनल कमीशन में भी काम कर चुके हैं। कीन ने कहा मिडिल ईस्ट में हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियों और सभी संबंधित पक्षों को यह अच्छी तरह पता है कि पाकिस्तान और कतर की स्थिति संदिग्ध है, क्योंकि वे अमेरिका के बजाय ईरान का पक्ष लेते हैं। यह बात पुरानी है, कोई नई नहीं। फिर भी, वे ही मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि ईरान के असली इरादों के बारे में अमेरिका को गुमराह करने में उनके प्रभाव की भी भूमिका रही है। रिटायर्ड जनरल ने सऊदी अरब के रवैये की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि रियाद ने बार-बार वॉशिंगटन को ईरान के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह दी थी। कीन के मुताबिक, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस और एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाज़त देने से इनकार कर दिया और तर्क दिया कि ऐसा ऑपरेशन सफल नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Donald Trump के हाथ से निकल गई ये जंग? ईरान ने फिर ठोका अमेरिका का MQ-9 उन्होंने आगे दावा किया कि सऊदी अरब ने लगातार अमेरिका को ईरान के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया। कीन ने कहा सऊदी अरब मध्य पूर्व क्षेत्र को ईरान की आक्रामकता से मुक्त कराने के लिए कोई कुर्बानी देने को तैयार नहीं है। यही वह सच्चाई है जो हम यहां होते हुए देख रहे हैं। कीन ने यह भी आरोप लगाया कि सऊदी अरब ईरान का सामना करने का बोझ अमेरिका और इज़राइल पर डालना चाहता था, जबकि वह खुद अपने तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान या जान-माल के नुकसान का जोखिम नहीं उठाना चाहता था।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 1:51 pm

Avengers: Endgame का रिकॉर्ड तोड़कर Spider-Man ने उत्तरी अमेरिका में रची इतिहास

लॉस एंजिलिस, चार अगस्त (एपी) फिल्म स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे ने उत्तरी अमेरिका में शुरुआती सप्ताहांत की टिकट बिक्री के मामले में एवेंजर्स: एंडगेम का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोनी पिक्चर्स ने बताया कि अमेरिका और कनाडा के सिनेमाघरों में पहले सप्ताहांत में फिल्म की 36 करोड़ अमेरिकी डॉलर की टिकट बिकी हैं, जो उत्तरी अमेरिका में किसी भी फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी शुरुआती सप्ताहांत की कमाई है। सोनी ने रविवार को अनुमान लगाया था कि 4,487 सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई यह फिल्म पहले सप्ताहांत में लगभग 35.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई करेगी, जो वर्ष 2019 में एवेंजर्स: एंडगेम द्वारा बनाए गए 35.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड से थोड़ा पीछे होती। लेकिन, अभिनेता टॉम हॉलैंड अभिनीत स्पाइडर-मैन शृंखला की चौथी फिल्म ने रविवार को उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और अंततः एवेंजर्स: एंडगेम का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। सोनी पिक्चर्स मोशन पिक्चर ग्रुप के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम रोथमैन ने सोमवार को जारी बयान में कहा, ‘‘रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं, लेकिन जब तक यह रिकॉर्ड हमारे नाम रहेगा, हमें इस पर गर्व रहेगा।’’ एवेंजर्स: एंडगेम से पहले किसी भी फिल्म ने उत्तरी अमेरिका में शुरुआती सप्ताहांत में 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई नहीं की थी। इससे पहले एवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर ने वर्ष 2018 में 25.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर और स्टार वार्स: द फोर्स अवेकेन्स ने वर्ष 2015 में 24.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर की शुरुआती कमाई की थी। कोविड-19 महामारी के दौरान दिसंबर 2021 में रिलीज हुई टॉम हॉलैंड की तीसरी स्पाइडर-मैन फिल्म नो वे होम ने शुरुआती सप्ताहांत में 26 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की थी और बाद में दुनिया भर में 190 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया था। स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे और द ओडिसी की शानदार कमाई ने अमेरिका और कनाडा के सिनेमाघरों के लिए भी रिकॉर्ड सप्ताहांत दर्ज कराया। इन दोनों फिल्मों में टॉम हॉलैंड, ज़ेंडाया और जॉन बर्नथल ने अभिनय किया है। बॉक्स ऑफिस विश्लेषण संस्था रेनट्रैक के अनुसार, इस वर्ष अब तक अमेरिका और कनाडा के घरेलू बॉक्स ऑफिस पर टिकट बिक्री 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है और कुल टिकट बिक्री 6.2 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक पहुंच गई है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 1:32 pm

Donald Trump के हाथ से निकल गई ये जंग? ईरान ने फिर ठोका अमेरिका का MQ-9

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसने हॉर्मोज जलडमरूमध्य के ऊपर ओढ़ रहे एक अमेरिकी एमकेाइन रिपड ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी संकेत दिए हैं कि होमोस जलडम मध्य को लेकर उसकी रणनीति में बदलाव हो सकता है। लेकिन फिलहाल वह इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलने के पक्ष में नहीं है। इन घटनाओं ने पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का दावा, ईरान के पास समझौता करने और अमेरिकी हमलों से बचने का आखिरी मौका आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया प्लेटफार्म सिपाह न्यूज़ के अनुसार अमेरिकी एम99 रिपेर ड्रोन को हॉर्मोज जलडमरूमध्य के ऊपर तैनात ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन ने किस स्थान से उड़ान भरी थी। एम9 रिपर ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से अमेरिकी वायुसेना निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए करती है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के बाद से तेहरान लगातार अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को चुनौती देता रहा है। ईरानी मीडिया का दावा है कि अब तक 30 से ज्यादा एम क्यूाइन रिपोन गिराए गए हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आरागची ने होमस जलडमरू मध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ जलडम मध्य के प्रबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच नए शिपिंग रूट को लेकर सहमति बनने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। इसे भी पढ़ें: UKMTO ने ओमान तट पर मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल हमले की शुरू की जांच ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी संकेत दिए हैं कि संबंध में जल्द ही कोई औपचारिक समझौता हो सकता है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी नए समुद्री मार्ग पर सहमति बनने का अर्थ यह नहीं होगा कि हुरम जलडम्र मध्य को पूरी तरह खोल दिया जाए। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और मौजूदा हालात को देखते हुए जलडू मंदिर में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। यानी नए शिपिंग रूट की व्यवस्था के बावजूद ईरान अपने रणनीतिक विकल्प अपने हाथ में रखना चाहता है। फिलहाल ईरान ने एक और एम9 रिपब ड्रोन को मार गिराया है। अब देखना यह होगा कि अमेरिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। यमन के ईरान हिमायती अंसारुल्लाह या हूती ने जिस तरह सऊदी के सेंशंस के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए लाल सागर पर सऊदी के लिए कंप्लीट ब्लॉकेट लगा दिया है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 12:13 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! कुवैत में अमेरिकी ठिकाने को बनाया निशाना, ट्रंप बोले - 'समझौते का आखिरी मौका'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! कुवैत में अमेरिकी ठिकाने को बनाया निशाना, ट्रंप बोले - 'समझौते का आखिरी मौका'

समाचार नामा 4 Aug 2026 11:20 am

Narinder Singh समेत 25 लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई

सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, चार अगस्त अमेरिका में पहचान संबंधी जानकारी में कथित फर्जीवाड़े से लेकर हत्या के प्रयास और बाल यौन शोषण जैसे आरोपों वाले मामलों में भारतीय मूल के एक व्यक्ति सहित 25 लोगों की नागरिकता रद्द की जा रही है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने 65 वर्षीय नरिंदर सिंह के खिलाफ डेलावेयर जिला न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। उन पर अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लेने का आरोप है। न्याय मंत्रालय के मुताबिक सिंह ने 1996 में अमेरिका में प्रवेश के लिए गलत पहचान का इस्तेमाल किया और एक मई, 2008 को अमेरिका के नागरिक बन गए। शिकायत में उनके कई गलत बयानों और गैर-कानूनी कामों का जिक्र करते हुए सात आरोप लगाए गए हैं। जिन 25 लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कार्यवाही शुरू की गई है उनमें पाकिस्तानी मूल के दो लोग – जिया मुराद भट्टी और मोहम्मद वासिफ भी शामिल हैं। उन पर पहचान से जुड़ी गलत जानकारी देने के आरोप हैं। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने सोमवार को एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका की नागरिकता हमारे देश के सर्वोच्च विशेषाधिकारों में से एक है और इसे वैध तरीके एवं ईमानदारी से ही हासिल किया जाना चाहिए।’’ब्लांश ने कहा, ‘‘आज दर्ज की गई शिकायतों में आरोप है कि इन लोगों ने धोखाधड़ी से, तथ्यों को छिपाकर या गैर-कानूनी तरीके से नागरिकता हासिल की। ​​इसमें हिंसक अपराध, बच्चों के खिलाफ यौन अपराध, फर्जी पहचान और नागरिकता के लिए अयोग्य ठहराने वाली अन्य बातें छिपाना शामिल है।’’ये शिकायतें 20 जुलाई से तीन अगस्त के बीच दर्ज की गई हैं। नागरिकता पाने वाले इन लोगों में 17 देशों जैसे कि पाकिस्तान, मोल्दोवा, भारत, मेक्सिको, कोलंबिया, नाइजीरिया, लाइबेरिया, घाना, जमैका, ताइवान, होंडुरास, कैमरून, जॉर्डन, क्यूबा, ​​अल साल्वाडोर, हैती और स्वीडन के लोग शामिल हैं। ब्लांश ने कहा, ‘‘आज की ये कार्रवाई मंत्रालय के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी समन्वित कोशिश है, लेकिन यह तो बस शुरुआत है। न्याय मंत्रालय नागरिकता प्रक्रिया की शुचिता और अमेरिकी लोगों की रक्षा के लिए हर उपलब्ध तरीके का इस्तेमाल करना जारी रखेगा।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 11:13 am

ईरान का कुवैत में अमेरिकी बेस पर हमला, ओमान तट पर जहाज निशाने पर

मंगलवार सुबह कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को कम से कम तीन ड्रोन से निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह हमला ईरान की आईआरजीसी से जुड़ा था।

देशबन्धु 4 Aug 2026 10:43 am

US New Tariffs Row: भारत समेत 60 देशों पर नए टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का भारी विरोध, 25 अमेरिकी राज्यों ने ठोका मुकदमा

US New Tariffs Row: डेमोक्रेटिक पार्टी शासित 25 अमेरिकी राज्यों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले को अदालत में चुनौती दी है, जिसके तहत अमेरिका के कुल आयात में 99.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए आयात शुल्क (टैरिफ) लगाए गए हैं। अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी पर पर्याप्त कार्रवाई न होने का हवाला देते हुए पिछले महीने इन 60 देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक के नए आयात शुल्क लगाए थे।ये शुल्क 24 जुलाई को समाप्त हो चुके 10 प्रतिशत के ग्लोबल इंपोर्ट ड्यूटी के स्थान पर लागू किए गए हैं। राज्यों का तर्क है कि व्हाइट हाउस जबरन मजदूरीसे जुड़ी चिंताओं का गलत इस्तेमाल करके एक बड़े टैरिफ सिस्टम को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहा है। जबकि इस साल की शुरुआत में उसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में हार का सामना करना पड़ा था।इन 25 राज्यों ने कई देशों पर फिर से शुल्क लागू करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ सोमवार 3 अगस्त को अमेरिकी इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट का रुख किया। राज्यों का तर्क है कि इस कदम से पूरे देश में उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर लागत का बोझ बढ़ेगा। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटीटिया जेम्स, गर्वनर कैथी होचुल और डेमोक्रेटिक राज्यों के इस समूह ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय से इन शुल्कों को अवैध घोषित करने का अनुरोध किया है।जेम्स ने एक बयान में कहा, सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद भी प्रशासन (ट्रंप) एक बार फिर नए शुल्कों के जरिए परिवारों और कारोबारों पर अवैध रूप से अतिरिक्त कर का बोझ डालने की कोशिश कर रहा है। भारत उन 17 देशों में शामिल है, जिन पर अमेरिका ने 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। इससे पहले भारत पर 12.5 प्रतिशत शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव था। भारत को यह राहत 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद मिली।बयान में कहा गया कि प्रशासन दावा कर रहा है कि वह वैश्विक व्यापार में बंधुआ मजदूरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत कार्रवाई कर रहा है। याचिका में दलील दी गई कि यह वास्तव में उन व्यापक आयात शुल्कों को दोबारा लागू करने का एक बहाना भर है, जिन्हें लागू करने के प्रशासन के पूर्व प्रयास विफल हो चुके हैं।याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने धारा 301 के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल ने कहा, प्रशासन इसे किसी भी तरह उचित ठहराने की कोशिश करे। लेकिन कानून और हमारा संविधान स्पष्ट करता है कि राष्ट्रपति को अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी देश पर व्यापक शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।25 राज्यों में से 23 में डेमोक्रेटिक गवर्नरन्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमे में शामिल 25 राज्यों में से 23 में डेमोक्रेटिक गवर्नर हैं। जबकि नेवादा और वरमोंट में रिपब्लिकन गवर्नर हैं। कोर्ट में हार के बाद प्रशासन ने सेक्शन 301 का रास्ता अपनाया ट्रंप ने पहले 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' के तहत बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाए थे। उनका तर्क था कि अमेरिका का लगातार बना हुआ व्यापार घाटा एक राष्ट्रीय आपातकाल के बराबर है।हालांकि, फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि यह कानून राष्ट्रपति को ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है। इसके चलते प्रशासन को उस व्यवस्था के तहत वसूले गए शुल्क (ड्यूटी) वापस करने पड़े। इसके बाद व्हाइट हाउस ने कुछ समय के लिए 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया, जो 24 जुलाई को खत्म हो गया।इसके बाद 'ट्रेड एक्ट 1974' के सेक्शन 301 के तहत मौजूदा शुल्क लागू किए गए। ट्रंप प्रशासन ने इन नए शुल्कों को सही ठहराने के लिए इसी प्रावधान का इस्तेमाल किया। उनका तर्क था कि प्रभावित देश जबरन मजदूरी (forced labour) से बने सामान के आयात को रोकने में नाकाम रहे हैं।व्हाइट हाउस ने टैरिफ का बचाव कियाट्रंप प्रशासन ने इस मुकदमे को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि ये टैरिफ कानूनी रूप से पूरी तरह सही हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, अमेरिका अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल उन अनुचित कार्यों, नीतियों और प्रथाओं को खत्म करने के लिए कर रहा है जो अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालते हैं।उन्होंने आगे कहा, किसी विदेशी देश का जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक न लगाना और उसे प्रभावी ढंग से लागू न कर पाना अनुचित है। इससे अमेरिकी व्यापार और अमेरिकी श्रमिकों पर बोझ पड़ता है। इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल से ही सेक्शन 301 के तहत लगाए गए टैरिफ कानूनी रूप से मजबूत हथियार साबित हुए हैं और अभी भी हैं।ये भी पढ़ें- Bankipur By-Election Results: बांकीपुर में BJP का किला ढहा! प्रशांत किशोर की जीत से बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चाट्रंप ने ऊंचे टैरिफ का बचाव करते हुए इसे अपने आर्थिक एजेंडे का एक अहम हिस्सा बताया है। उनका तर्क है कि इससे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को फिर से बढ़ावा मिलेगा, घरेलू श्रमिकों की सुरक्षा होगी और व्यापार वार्ता में वाशिंगटन को बेहतर स्थिति मिलेगी।

ज़ी न्यूज़ 4 Aug 2026 10:31 am

डील या टोटल सरेंडर: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दिया अल्टीमेटम, होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का किया बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने आक्रामक रुख को और अधिक तेज करते हुए तेहरान को 'डील या टोटल सरेंडर' का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। सोमवार को एक तीखे बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पर्दे के पीछे निजी तौर पर बातचीत के लिए उत्सुक रहते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इसका खंडन कर रहे हैं। ट्रंप के इस ताजा और आक्रामक बयान से मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।ईरानी नेतृत्व का दोहरा चरित्र और गुप्त बातचीत का दावाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि ईरानी नेता बेहद दोहरा चरित्र अपना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक तरफ जहां गुप्त माध्यमों से बातचीत की गुहार लगाई जाती है और बैठकें तय होती हैं, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक रूप से यह ढिंढोरा पीटा जाता है कि वे अमेरिका के साथ किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं और केवल ओमान के जरिए ही संवाद हो रहा है। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान को दुनिया के किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इस मामले पर वाशिंगटन का रुख पूरी तरह से स्पष्ट और अडिग है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का पूर्ण दबदबाईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण किए जाने के दावों को खारिज करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह महज खोखली बयानबाजी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नौसेना और सख्त नाकेबंदी का पूरी तरह से नियंत्रण है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी अनुमति के बिना ईरान के अंदर कोई भी माल न तो आ सकेगा और न ही बाहर जा सकेगा। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक ईरान पूरी तरह से समर्पण नहीं करता या कोई मजबूत कूटनीतिक डील नहीं होती, तब तक अमेरिका का आर्थिक और सैन्य शिकंजा यूं ही कसा रहेगा।कूटनीति के बीच तीखे बयानों से गरमाया मध्य पूर्व का राजनीतिक माहौलविशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है जब विभिन्न बिचौलियों के माध्यम से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चैनलों को खुला रखने की कोशिशें चल रही थीं। हालांकि, सार्वजनिक तौर पर लगातार आ रहे तीखे और आक्रामक बयानों ने शांति वार्ताओं की उम्मीदों को झटका दिया है। ट्रंप के इस रुख ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ईरान पर अपनी अधिकतम दबाव की नीति को और अधिक कड़ाई से लागू करने के मूड में है, जिससे आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Aug 2026 10:17 am

भारत पर नए टैरिफ लगाकर घर में घिरे डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के 25 राज्यों ने यूएस कोर्ट में ठोका मुकदमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत समेत दुनिया के कई देशों पर नए टैरिफ थोपा जाना अब खुद उनके लिए गले की फांस बनता जा रहा है। अमेरिका के 25 राज्यों के एक मजबूत गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन के इस विवादास्पद फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए न्यूयॉर्क स्थित यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में आधिकारिक रूप से मुकदमा दर्ज करा दिया है। राज्यों का आरोप है कि व्हाइट हाउस कानून का गलत इस्तेमाल करके अमेरिकी नागरिकों, परिवारों और व्यवसायों पर गैर-कानूनी तरीके से कर का बोझ डाल रहा है। इस कानूनी शिकंजे के बाद ट्रंप प्रशासन देश के भीतर ही चौतरफा घिरता नजर आ रहा है।60 से अधिक व्यापारिक साझेदारों पर लगाया गया है अतिरिक्त करबता दें कि इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने भारत समेत अपने करीब 60 ट्रेड पार्टनर्स पर 10 से 12.5 फीसदी तक का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का बड़ा ऐलान किया था। ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि यह कदम उन देशों के खिलाफ उठाया गया है जो बंधुआ मजदूरी से बने सामानों के निर्यात को रोकने के लिए पुख्ता कदम नहीं उठा रहे हैं। हालांकि, इस प्रस्ताव के तहत शुरुआती चर्चा में भारत पर 12.5% टैक्स लगाने की बात थी, जिसे बाद में घटाकर 10% कर दिया गया था। साथ ही, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं को इस दायरे से बाहर रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद घरेलू स्तर पर भारी विरोध शुरू हो गया है।'1974 के ट्रेड एक्ट के नाम पर कानूनी नियमों की हो रही अनदेखी'मुकदमा दायर करने वाले अमेरिकी राज्यों ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत लागू किए गए इन नए शुल्कों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि धारा 301 का इस्तेमाल किसी विशिष्ट देश या कंपनी की व्यापारिक नीतियों की जांच के लिए किया जाता है, न कि सभी अमेरिकी आयातों पर एकमुश्त भारी टैरिफ थोपने के लिए। राज्यों का यह भी कहना है कि सामान्य तौर पर एक साल में पूरी होने वाली जटिल जांच प्रक्रिया को महज़ ढाई महीने में ही जल्दबाजी में पूरा दिखा दिया गया, जो पूरी तरह से संदिग्ध और बहानेबाजी है।सुप्रीम कोर्ट से पहले भी कई कानूनी लड़ाइयां हार चुके हैं ट्रंपयह पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी टैक्स नीतियों को लेकर अदालती लड़ाई का सामना करना पड़ रहा हो। इससे पहले इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए ट्रंप के शुल्कों को असंवैधानिक करार दिया था। सर्वोच्च अदालत से करारा झटका मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन ने ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत वैश्विक टैरिफ लगाने की कोशिश की, जिसे भी अदालतों ने गैर-कानूनी ठहरा दिया। अब धारा 301 का सहारा लेने के बाद 25 राज्यों के इस बड़े कानूनी दांव ने ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें और अधिक बढ़ा दी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Aug 2026 10:10 am

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

US Tariff Lawsuit | भारत समेत 60 देशों पर ट्रंप के नए टैरिफ का मामला फिर पहुंचा कोर्ट, अमेरिका के 25 राज्यों ने दायर किया मुकदमा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों को लेकर अमेरिका के भीतर ही बड़ा कानूनी और राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले अमेरिका के 25 राज्यों के एक समूह ने सोमवार को अदालत का रुख किया है। इन राज्यों ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) समेत 60 व्यापारिक साझेदार देशों (Trading Partner Countries) से होने वाले आयात पर लगाए गए नए टैरिफ को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है। राज्यों का तर्क है कि ट्रंप प्रशासन इसी तरह के कदमों पर कोर्ट के कई फैसलों के बावजूद एक बार फिर अपनी कानूनी सीमा से बाहर जाकर काम कर रहा है। न्यूयॉर्क में US कोर्ट ऑफ़ इंटरनेशनल ट्रेड में दायर इस मुकदमे में 10% से 12.5% ​​तक के उन टैरिफ को निशाना बनाया गया है, जो पिछले महीने ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत लागू हुए थे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये ड्यूटी उन देशों के खिलाफ हैं जो जबरन मजदूरी से बने सामान के एक्सपोर्ट को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में नाकाम रहे हैं। यह मामला ट्रंप की टैरिफ स्ट्रैटेजी की नई परीक्षा है, जो US कोर्ट में बार-बार झटके लगने के बावजूद कायम रही है। US राज्यों का कहना है कि ट्रंप कोर्ट के फैसलों को नहीं मान रहे हैं यह मुकदमा ओरेगन और न्यूयॉर्क समेत 25 राज्यों ने दायर किया है, जिनके गवर्नर या अटॉर्नी जनरल डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं। राज्यों का तर्क है कि ट्रंप एक अलग कानूनी आधार का इस्तेमाल करके उन बड़े इम्पोर्ट टैक्स को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें कोर्ट पहले ही गैर-कानूनी करार दे चुका है। शिकायत के अनुसार, धारा 301 का इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से अनुचित व्यापार प्रथाओं के आरोपी खास देशों या उद्योगों को निशाना बनाने के लिए किया गया है - न कि लगभग सभी US इम्पोर्ट पर व्यापक टैरिफ लगाने के लिए। शिकायत में यह भी तर्क दिया गया है कि प्रशासन जबरन मजदूरी का बहाना बनाकर उन टैरिफ को फिर से लागू कर रहा है जिन्हें कोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने एक बयान में कहा, हर कदम पर हारने के बावजूद, ट्रंप एक बार फिर कामकाजी परिवारों और ओरेगन के स्थानीय व्यवसायों के लिए और अधिक मुश्किलें पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। नए टैरिफ 60 ट्रेडिंग पार्टनर देशों पर लागू विवादित टैरिफ की घोषणा 24 जुलाई को की गई थी और ये यूरोपीय संघ और भारत समेत 60 ट्रेडिंग पार्टनर देशों से होने वाले इम्पोर्ट पर लागू होते हैं। कुछ देशों को कड़े नियम लागू करने के बाद कम टैरिफ दरें मिलीं। उदाहरण के लिए, प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, भारत के लिए टैरिफ दर 12.5% ​​से घटाकर 10% कर दी गई। कुछ खास प्रोडक्ट्स, जैसे तेल, नैचुरल गैस, फर्टिलाइज़र और US-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत ड्यूटी-फ्री सुविधा पाने वाले सामानों को नए टैरिफ से छूट दी गई। इसे भी पढ़ें: भारत में कई WhatsApp Accounts अचानक हुए 24 घंटे के लिए ब्लॉक, रिव्यू में जाने से यूजर्स परेशान, कंपनी ने दी सफाई नए टैरिफ का ऐलान करते हुए US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने इस कदम का बचाव किया। अमेरिका में लगभग एक सदी से ज़बरदस्ती मज़दूरी से बने सामान के इंपोर्ट पर रोक है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है; अब हमारे ट्रेडिंग पार्टनर्स के लिए भी ऐसा ही करने का समय आ गया है। ट्रंप ने एक नई कानूनी रणनीति अपनाई ये टैरिफ ट्रंप के आर्थिक एजेंडा के मुख्य स्तंभों में से एक को बचाने की उनकी नई कोशिश है, क्योंकि इससे पहले के उपायों को कानूनी तौर पर काफी झटके लगे थे। इस साल की शुरुआत में, US सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) राष्ट्रपति को बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है, जिससे ट्रंप की एक अहम ट्रेड पहल रद्द हो गई। इसके जवाब में, ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत दुनिया भर में अस्थायी टैरिफ लगाए। बाद में US कोर्ट ऑफ़ इंटरनेशनल ट्रेड ने उन लेवी को भी गैर-कानूनी करार दिया, हालांकि प्रशासन की अपील के दौरान वे लागू रहे। इसे भी पढ़ें: Ramayana की रिलीज से पहले स्पेशल स्क्रीन की मांग, श्री रामलीला महासंघ ने निर्माताओं को लिखा पत्र, विरोध प्रदर्शन की दी चेतावनी कानूनी चुनौतियों के कारण उन विकल्पों के बाद, प्रशासन ने अब ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 का रुख किया है, एक ऐसा कानून जिसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से विदेशी सरकारों की अनुचित या भेदभावपूर्ण व्यापार प्रथाओं का जवाब देने के लिए किया जाता है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान चीन पर टैरिफ लगाने के लिए इसी प्रावधान का इस्तेमाल किया था, और वे उपाय कानूनी चुनौतियों में टिके रहे क्योंकि वे किसी खास देश को टारगेट करके लगाए गए थे। कोर्ट से बार-बार झटके मिलने के बावजूद ट्रंप US मैन्युफैक्चरिंग को फिर से शुरू करने और ग्लोबल ट्रेड को नया रूप देने के लिए टैरिफ को एक बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते रहे हैं। पिछले साल, उन्होंने तर्क दिया था कि अमेरिका का लंबे समय से चला आ रहा ट्रेड डेफिसिट एक राष्ट्रीय आपातकाल है, और आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लगभग हर देश से होने वाले इंपोर्ट पर टैरिफ लगाए, हालांकि बाद में कोर्ट ने उन उपायों पर रोक लगा दी। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 9:46 am

Iran US Conflict | अमेरिकी सेना को ईरान पर 'नए और अनोखे' तरीकों से हमले की सलाह, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के पास किसी समझौते पर पहुँचने का यह आखिरी मौका है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत जारी है, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दावों को खारिज किया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान को सबक सिखाने और उस पर दबाव बनाने के लिए गैर-पारंपरिक और अपरंपरागत रणनीतियों पर विचार करना शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें: भारत में कई WhatsApp Accounts अचानक हुए 24 घंटे के लिए ब्लॉक, रिव्यू में जाने से यूजर्स परेशान, कंपनी ने दी सफाई व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के अनुरोध पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने वाशिंगटन के साथ बातचीत के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन ट्रंप ने जोर देकर कहा कि चर्चा चल रही है। ट्रंप ने कहा, हम अभी बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, यह उनके लिए एक अच्छे समझौते पर हस्ताक्षर करने का आखिरी मौका है। मैं उन्हें कड़ी कार्रवाई से पहले हर संभव आखिरी मौका देना चाहता हूँ। CENTCOM ने ईरान पर कार्रवाई के लिए 'नए और अनोखे' विचारों की मांग की इस बीच, खबर है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर दबाव बनाने के नए तरीकों के लिए सैन्य विश्लेषकों से नए विचारों की मांग की है। इसे भी पढ़ें: FSSAI का Dabur India पर बड़ा एक्शन! '100% शुद्ध' और 'ऑर्गेनिक' के गुमराह करने वाले दावों पर लगी रोक, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, CENTCOM की खुफिया शाखा के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते एक ईमेल भेजा था जिसमें कर्मचारियों से ईरान पर दबाव बनाने और उसे दंडित करने के नए, अनोखे और अपरंपरागत तरीकों का प्रस्ताव देने को कहा गया था। क्राउडसोर्सिंग-शैली के इस अनुरोध को अमेरिकी सेना के लिए एक असामान्य कदम माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन अपने विकल्पों पर फिर से विचार कर रहा है क्योंकि वह ईरान को वाशिंगटन की शर्तों पर समझौते के लिए मजबूर करना चाहता है। मामले से परिचित एक दूसरे सूत्र ने CNN को बताया कि CENTCOM सभी उपलब्ध विकल्पों की समीक्षा कर रहा है और उसने अपनी मौजूदा रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिमोथी हॉकिन्स ने CNN को दिए एक बयान में कहा, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का नए और अनोखे तरीकों से सोचने और काम करने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने आगे कहा, खासकर एडमिरल कूपर, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के उच्चतम स्तर को हासिल करने के लिए रैंक की परवाह किए बिना हमारी बेहतरीन टीम के सदस्यों से संपर्क करते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम पर फोकस ट्रंप के अनुसार, चर्चा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से निपटने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक जलमार्ग सचमुच कल तक फिर से खुल सकता है, जबकि ईरान के परमाणु-मुक्त होने की प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है। अमेरिका और ईरान 28 फरवरी से ही संघर्ष में उलझे हुए हैं, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ अचानक हमले किए थे। हालांकि बीच-बीच में हुई कूटनीतिक कोशिशों से कुछ समय के लिए शांति रही है, लेकिन टकराव जारी है। ईरान के पास अब भी एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार है और वह इस इलाके में अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने की क्षमता रखता है। होर्मुज में कार्गो जहाज पर हमला एक नई घटना में, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी, UK मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने मंगलवार सुबह बताया कि ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते समय एक अज्ञात कार्गो जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल (किसी अज्ञात चीज़) से हमला हुआ। एजेंसी ने कहा कि अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने जहाज की पहचान या संभावित नुकसान या हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 9:36 am

ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, मुश्किल में फंसे ट्रंप, तेहरान ओमान की हुई दोस्ती, युद्ध लेगा U-turn?

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी फिर बढ़ गई है। ईरान ने अमेरिका से बात करने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं, ट्रंप अपने ही देश में मुश्किलों में फंस गए हैं। ईरान और ओमान की दोस्ती बढ़ी, क्या युद्ध लेगा यू-टर्न?

खबर इंडिया टीवी 4 Aug 2026 9:14 am

ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, मुश्किल में फंसे ट्रंप, तेहरान ओमान की हुई दोस्ती, युद्ध लेगा U-turn? - India TV Hindi

ईरान और अमेरिका में बढ़ा तनाव, मुश्किल में फंसे ट्रंप, तेहरान ओमान की हुई दोस्ती, युद्ध लेगा U-turn? India TV Hindi ट्रम्प बोले- ईरान समझौता करे या सरेंडर: होर्मुज हमारे कंट्रोल में, अमेरिकी नौसेना की इजाजत के बिना कोई जहाज... Dainik Bhaskar 'डील या फिर सरेंडर', भड़के ट्रंप बोले- बातचीत पर ईरान का दोहरा रवैया AajTak 'क्रिएटिव बनें और कुछ नया सोचें', ईरान पर हमले के लिए US आर्मी ने दिए सैनिकों को टिप्स Jagran विश्व युद्ध जैसे अटैक का था प्लान- ट्रंप की वॉर्निंग, ईरान बोला- US ने हिमाकत की तो... ABP News

ज़ी न्यूज़ 4 Aug 2026 9:14 am

भारत समेत 60 देशों पर लगाए टैरिफ को कोर्ट में चुनौती, 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप पर किया मुकद्दमा

भारत समेत 60 देशों पर लगाए टैरिफ को कोर्ट में चुनौती, 25 अमेरिकी राज्यों ने ट्रंप पर किया मुकद्दमा

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:00 am

Donald Trump के नए आयात शुल्क के खिलाफ 25 अमेरिकी राज्यों ने खटखटाई अदालत

सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, चार अगस्त डेमोक्रेटिक पार्टी शासित 25 अमेरिकी राज्यों के एक समूह ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले को अदालत में चुनौती दी है, जिसके तहत अमेरिका के कुल आयात में 99.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए आयात शुल्क लगाए गए हैं। अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी पर पर्याप्त कार्रवाई न होने का हवाला देते हुए पिछले महीने इन 60 देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक के नए आयात शुल्क लगाए थे। ये शुल्क 24 जुलाई को समाप्त हो चुके 10 प्रतिशत के वैश्विक आयात शुल्क के स्थान पर लागू किए गए हैं। इन 25 राज्यों ने कई देशों पर फिर से शुल्क लागू करने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ सोमवार को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय का रुख किया। राज्यों का तर्क है कि इस कदम से पूरे देश में उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर लागत का बोझ बढ़ेगा। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटीटिया जेम्स, गर्वनर कैथी होचुल और डेमोक्रेटिक राज्यों के इस समूह ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय से इन शुल्कों को अवैध घोषित करने का अनुरोध किया है। जेम्स ने एक बयान में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय में हार के बाद भी प्रशासन (ट्रंप) एक बार फिर नए शुल्कों के जरिए परिवारों और कारोबारों पर अवैध रूप से अतिरिक्त कर का बोझ डालने की कोशिश कर रहा है।’’भारत उन 17 देशों में शामिल है, जिन पर अमेरिका ने 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। इससे पहले भारत पर 12.5 प्रतिशत शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव था। भारत को यह राहत 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन कर बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद मिली। बयान में कहा गया कि प्रशासन दावा कर रहा है कि वह वैश्विक व्यापार में बंधुआ मजदूरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत कार्रवाई कर रहा है। याचिका में दलील दी गई कि यह वास्तव में उन व्यापक आयात शुल्कों को दोबारा लागू करने का एक बहाना भर है, जिन्हें लागू करने के प्रशासन के पूर्व प्रयास विफल हो चुके हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन ने धारा 301 के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘‘प्रशासन इसे किसी भी तरह उचित ठहराने की कोशिश करे, लेकिन कानून और हमारा संविधान स्पष्ट करता है कि राष्ट्रपति को अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी देश पर व्यापक शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 8:53 am

H-1B Visa Renewal: अमेरिका में नौकरी करने वाले भारतीयों को लग सकता है बड़ा झटका, बढ़ सकती है रिन्यूअल फीस

H-1B Visa Renewal: अमेरिका में नौकरी करने वाले भारतीयों को लग सकता है बड़ा झटका, बढ़ सकती है रिन्यूअल फीस

समाचार नामा 4 Aug 2026 8:43 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

भारत पर नए टैरिफ लगाकर बुरे फंसे ट्रंप, अमेरिका के 25 राज्यों ने ठोक दिया मुकदमा

ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि ये टैरिफ उन देशों पर लगाए गए हैं जो बंधुआ मजदूरी से बने सामान के निर्यात को रोकने के लिए कदम नहीं उठा रहे हैं। हालांकि राज्यों का कहना है कि यह टैरिफ लगाने का एक बहाना है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 8:09 am

Donald Trump का दावा, ईरान के पास समझौता करने और अमेरिकी हमलों से बचने का आखिरी मौका

वाशिंगटन, तीन अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित नयी वार्ता तेहरान के लिए समझौता करने और अमेरिका के हमलों से बचने का आखिरी मौका है। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में बातचीत शुरू होगी, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की चिंताओं का समाधान निकालने का रास्ता तैयार होगा। राष्ट्रपति ने कहा, “पहला चरण जलडमरूमध्य को खोलने का है। दूसरा चरण परमाणु निरस्त्रीकरण का है।”ट्रंप ने कहा कि “इसमें थोड़ा समय लगेगा।”ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे सहयोगी खाड़ी देशों के आग्रह पर ईरान पर नए और बड़े हमले का आदेश देने का फैसला फिलहाल टाल दिया।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 7:35 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच लंबित मुद्दों पर स्टील निभाएंगी अहम भूमिका : विदेश मंत्री चो ह्यून

सोल। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सोल में नई अमेरिकी राजदूत मिशेल स्टील, वॉशिंगटन तक अपनी 'सीधी पहुंच' का उपयोग करते हुए दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाएंगी। योनहाप न्यूज टीवी को दिए इंटरव्यू में चो ने कहा, मुझे उम्मीद है कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच लंबित मुद्दों पर विभिन्न स्तरों पर बातचीत होगी। कहा जाता है कि राजदूत की वॉशिंगटन तक सीधी पहुंच है, इसलिए मुझे उम्मीद है कि हम इसका इस्तेमाल दोनों देशों के रिश्तों में मौजूद कठिन मुद्दों को सुलझाने के लिए कर सकेंगे। योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक, मिशेल स्टील गुरुवार को दक्षिण कोरिया पहुंचीं और उन्होंने अपना पदभार संभाल लिया। यह पद पिछले साल जनवरी से खाली पड़ा हुआ था। चो ह्यून मंगलवार को स्टील से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने वाले हैं, जब वह विदेश मंत्रालय को अपने नियुक्ति पत्रों की प्रति सौंपेंगी। स्टील का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब सोल और वॉशिंगटन के बीच सुरक्षा और आर्थिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित हैं। इनमें अमेरिका में दक्षिण कोरिया के निवेश संबंधी वादे और अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी कूपांग इंक के खिलाफ सोल की नियामक कार्रवाई को लेकर पैदा हुआ तनाव भी शामिल है। यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर डेटा लीक के बाद की गई थी। इसके अलावा, चो ने कहा कि उन्हें पता है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी 'जल्द ही' साउथ कोरिया जाएंगे। उनकी अप्रैल में हुई उत्तर कोरिया की यात्रा पर चर्चा होने की उम्मीद है। कोरिया नेशनल डिप्लोमैटिक अकादमी में हाल ही में हुए डेटा लीक के बारे में, जिसमें दक्षिण कोरिया के लगभग सभी राजनयिकों की निजी जानकारी उजागर होने की आशंका है, चो ने कहा कि विदेश मंत्रालय कड़े कदम उठाने की योजना बना रहा है। इनमें भविष्य में हैकिंग रोकने के लिए मजबूत फायरवॉल तैयार करना भी शामिल है। पिछले महीने दक्षिण कोरिया की अमेरिका में राजदूत कांग क्यूंग-वा ने मिशेल स्टील से मुलाकात के दौरान उनसे दोनों देशों के गठबंधन को एक 'नई ऊंचाई' तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया था। कांग और स्टील की मुलाकात 21 जुलाई को हुई थी, जब स्टील सोल के लिए रवाना होने वाली थीं। स्टील 30 जुलाई (कोरिया समयानुसार) को सोल पहुंचीं। उस समय दोनों देशों के सामने कई साझा जिम्मेदारियां थीं, जिनमें पिछले वर्ष हुए सुरक्षा, व्यापार और निवेश संबंधी द्विपक्षीय समझौतों को लागू करना भी शामिल है।

देशबन्धु 4 Aug 2026 5:54 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

Auraiya News: सावन में फिरोजाबादी और अमेरिकन डायमंड की चूड़ियों की मांग

सावन में फिरोजाबादी और अमेरिकन डायमंड की चूड़ियों की मांग

अमर उजाला 4 Aug 2026 1:50 am

तेल कंपनियों पर बिफरे ट्रंप: शवोन के CEO को अमेरिकी राष्ट्रपति की खरी-खरी, क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

तेल कंपनियों पर बिफरे ट्रंप: शवोन के CEO को अमेरिकी राष्ट्रपति की खरी-खरी, क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?--Trump Slams Chevron CEO, Demands Immediate Fuel Price Cuts Amid Rising Oil Costs

अमर उजाला 4 Aug 2026 12:20 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर भेज दिया ब्राजील, 34 लाख रुपये भी ठगे; 4 एजेंटों पर केस दर्ज

पानीपत में स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने के नाम पर 34.50 लाख रुपये की ठगी और मानव तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपितों सोनू, बिल्लू, रोबिन और आशीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता व इमिग्रेशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जागरण 3 Aug 2026 10:17 pm

डील या टोटल सरेंडर… ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम; होर्मुज पर अमेरिकी कंट्रोल का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए डील या टोटल सरेंडर का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि वे निजी तौर पर बातचीत चाहते हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से इनकार करते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:12 pm

ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटा अमेरिका? ट्रंप के फैसले के पीछे क्या थे रणनीतिक और राजनीतिक कारण

ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटा अमेरिका? ट्रंप के फैसले के पीछे क्या थे रणनीतिक और राजनीतिक कारण

समाचार नामा 3 Aug 2026 6:50 pm

अमेरिकी क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर लगा 8 साल का बैन, जानिए क्या है का मामला

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) के क्रिकेटर बोडुगम अखिलेश रेड्डी पर सभी तरह के क्रिकेट से आठ साल का बैन लगा दिया गया है, जिन्हें एंटी-करप्शन ट्रिब्यूनल ने एंटी-करप्शन कोड के तीन नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है। 26 वर्षीय रेड्डी पर ये कार्रवाई संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने वाले अबू धाबी टी10 टूर्नामेंट के 2025 एडिशन से जुड़ी भ्रष्ट गतिविधियों के कारण की गई है। आईसीसी को एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इस लीग के लिए 'डेजिग्नेटेड एंटी-करप्शन ऑफिशियल' (डीएसीओ) के तौर पर नियुक्त किया था। आईसीसी के मुताबिक, रेड्डी का आठ साल का सस्पेंशन 21 नवंबर 2025 से लागू माना जाएगा, जब उन्हें पहली बार अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया था। ट्रिब्यूनल की औपचारिक कार्रवाई के बाद, रेड्डी को एंटी-करप्शन कोड के तहत तीन मुख्य नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। आईसीसी ने सोमवार को अपने बयान में कहा, आर्टिकल 2.1.1: एडीटी10 2025 में मुकाबलों के नतीजे, प्रगति, आचरण या किसी अन्य पहलू को फिक्स करने, उसकी साजिश रचने या गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करना, या किसी भी तरह से फिक्सिंग या साजिश या गलत तरीके से प्रभावित करने के समझौते या प्रयास में शामिल होना। आर्टिकल 2.1.4: किसी दूसरे खिलाड़ी को एडीटी10 2025 के एक या ज्यादा मैचों में कोड के आर्टिकल 2.1.1 का उल्लंघन करने के लिए उकसाना, बहकाना, लालच देना, निर्देश देना, मनाना, बढ़ावा देना या जानबूझकर मदद करना (या ऐसा करने की कोशिश करना)। आर्टिकल 2.4.7: मोबाइल डिवाइस से डेटा और मैसेज डिलीट करके डीएसीओ की जांच में बाधा डालना, जो डीएसीओ की जांच के लिए अहम हो सकते थे। ये आरोप 19 नवंबर 2025 की सुबह एस्पिन स्टैलियंस के शुरुआती मैच से ठीक पहले एक होटल के कमरे में हुई एक घटना से जुड़े हैं। ट्रिब्यूनल ने पाया कि रेड्डी ने टीम के एक साथी खिलाड़ी ('प्लेयर ए' के तौर पर पहचाने गए) से संपर्क किया और टीम मैनेजमेंट के कहने पर बॉलिंग करते समय अतिरिक्त रन देने के लिए कहा। जब 'प्लेयर ए' ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और मामले की जानकारी आईसीसी एंटी-करप्शन यूनिट (एसीयू) को दी, तो उन्हें मैच से ठीक पहले शुरुआती प्लेइंग इलेवन से हटा दिया गया। तीसरे आरोप के संबंध में, रेड्डी ने स्वीकार किया है कि उन्होंने 19 नवंबर की सुबह 'प्लेयर ए' के साथ हुए व्हाट्सएप टेक्स्ट मैसेज और कॉल लॉग को खुद डिलीट किया था। ये आरोप 19 नवंबर 2025 की सुबह एस्पिन स्टैलियंस के शुरुआती मैच से ठीक पहले एक होटल के कमरे में हुई एक घटना से जुड़े हैं। ट्रिब्यूनल ने पाया कि रेड्डी ने टीम के एक साथी खिलाड़ी ('प्लेयर ए' के तौर पर पहचाने गए) से संपर्क किया और टीम मैनेजमेंट के कहने पर बॉलिंग करते समय अतिरिक्त रन देने के लिए कहा। Also Read: LIVE Cricket Score ये सजा माइकल जे. बेलॉफ केसी (चेयर), जस्टिस केट ओ'रीगन और लॉयड म्हीशी वाली तीन-सदस्यीय ट्रिब्यूनल की लंबी सुनवाई के बाद सुनाई गईं। रेड्डी ने नॉर्थ अमेरिका टी20 कप में केमैन आइलैंड्स के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था, उन्होंने यूएसए के लिए चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में एक विकेट हासिल किया है। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 3 Aug 2026 4:56 pm

अमेरिकी क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर लगा 8 साल का बैन

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) के क्रिकेटर बोडुगम अखिलेश रेड्डी पर सभी तरह के क्रिकेट से आठ साल का बैन लगा दिया गया है, जिन्हें एंटी-करप्शन ट्रिब्यूनल ने एंटी-करप्शन कोड के तीन नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया है।

खास खबर 3 Aug 2026 4:54 pm

ICC ने अमेरिकी क्रिकेटर पर ठोका 8 साल का बैन, लगे हैं मैच फिक्सिंग से जुड़े 3 बड़े आरोप

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने अमेरिका के क्रिकेटर बोडुगुम अखिलेश रेड्डी पर 8 साल का बैन लगाया है। यह बैन 21 नवंबर 2025 से माना जाएगा, जब खिलाड़ी को पहली बार अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया था।

खबर इंडिया टीवी 3 Aug 2026 4:36 pm

ट्रम्प का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच आज से शुरू होगी वार्ता, वीडियो में जाने बड़े हमले को टालने की कही बात

ट्रम्प का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच आज से शुरू होगी वार्ता, वीडियो में जाने बड़े हमले को टालने की कही बात

समाचार नामा 3 Aug 2026 4:31 pm

अमेरिका के क्रिकेटर अखिलेश रेड्डी पर 8 साल का बैन:आबू धाबी T10 लीग में फिक्सिंग की कोशिश और सबूत मिटाने का दोषी पाया गया

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के एंटी-करप्शन ट्रिब्यूनल ने अमेरिका के क्रिकेटर बोदुगुम अखिलेश रेड्डी पर क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से 8 साल का प्रतिबंध लगाया है। ट्रिब्यूनल ने उन्हें आबू धाबी T10 लीग 2025 के दौरान मैच फिक्सिंग की कोशिश, दूसरे खिलाड़ी को फिक्सिंग के लिए उकसाने और जांच के दौरान मोबाइल से सबूत मिटाने का दोषी पाया। यह प्रतिबंध 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा, जब उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। ICC के मुताबिक, मामले की जांच एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की ओर से नियुक्त ICC के एंटी-करप्शन अधिकारियों (DACO) ने की थी। अमेरिका के लिए खेल चुके हैं 4 टी-20 मैच 26 साल के बोदुगुम अखिलेश रेड्डी ने अमेरिका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 4 टी20 मैच खेले हैं। उन्होंने नॉर्थ अमेरिका टी20 कप में केमैन आइलैंड्स के खिलाफ अमेरिका के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। एक बल्लेबाज और पार्ट-टाइम गेंदबाज के रूप में खेलने वाले अखिलेश के नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 1 विकेट दर्ज है। आबू धाबी T10 लीग में ICC की क्या भूमिका है? आबू धाबी T10 लीग का आयोजन एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) करता है। टूर्नामेंट में भ्रष्टाचार रोधी नियमों को लागू करने और उनकी निगरानी की जिम्मेदारी आईसीसी के एंटी-करप्शन अधिकारियों (DACO) को सौंपी गई है। इसी अधिकार के तहत इस मामले की जांच और सुनवाई की गई। ------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम का भारत दौरा:भारतीय मूल के नील पटेल को 16 सदस्यीय टीम में मिली जगह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अगले महीने होने वाले भारत दौरे के लिए 16 सदस्यीय अंडर-19 पुरुष टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में भारतीय मूल के न्यू साउथ वेल्स के खिलाड़ी नील पटेल को भी शामिल किया गया है। यह टीम भारत के खिलाफ राजकोट और अहमदाबाद में पांच मैचों की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज खेलेगी। पूरी खबर

दैनिक भास्कर 3 Aug 2026 3:02 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

पानीपत में अमेरिका के स्टडी वीजा के नाम पर 35 लाख की ठगी, युवक को डंकी रूट से भेजा

पानीपत में एक युवक को स्टडी वीजा पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी की गई और उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया।

जागरण 3 Aug 2026 12:37 pm

'गले लगाया और छुरा घोंप दिया'... PAK मंत्री का ट्रंप पर बड़ा हमला, अमेरिका को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

'गले लगाया और छुरा घोंप दिया'... PAK मंत्री का ट्रंप पर बड़ा हमला, अमेरिका को लेकर किया चौंकाने वाला दावा

समाचार नामा 3 Aug 2026 12:10 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में कैसे हुई पढ़ाई? अभिजीत दिपके ने दिया जवाब

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने अमेरिका में हुई अपनी पढ़ाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. उनका कहना है कि उनकी पढ़ाई का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरा हुआ था.

आज तक 3 Aug 2026 9:17 am

रूस के भीषण हमलों के बाद जेलेंस्की की अमेरिका-यूरोप से गुहार, बोले- पैट्रियट मिसाइलें गोदामों में नहीं, यूक्रेन भेजिए

रूस के भीषण हमलों के बाद जेलेंस्की की अमेरिका-यूरोप से गुहार, बोले- पैट्रियट मिसाइलें गोदामों में नहीं, यूक्रेन भेजिए

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:05 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

US Iran News: ट्रंप बोले- जल्द होगी अमेरिका और ईरान की बैठक, होर्मुज संकट खत्म करने और न्यूक्लियर डील पर होगी चर्चा

US Iran News: ट्रंप बोले- जल्द होगी अमेरिका और ईरान की बैठक, होर्मुज संकट खत्म करने और न्यूक्लियर डील पर होगी चर्चा

समाचार नामा 3 Aug 2026 8:40 am

ट्रम्प का दावा- ईरान पर बड़ा सैन्य हमला टला, समझौते के प्रस्ताव के बाद अमेरिका ने बदला फैसला

ट्रम्प का दावा- ईरान पर बड़ा सैन्य हमला टला, समझौते के प्रस्ताव के बाद अमेरिका ने बदला फैसला

समाचार नामा 3 Aug 2026 8:30 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की विदेशों में नहीं रुक रही नीलामी,13 अगस्त को अमेरिका में 8 आइटम की लगेगी बोली

अमेरिका में 13 अगस्त को चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की फिर नीलामी हो रही है, जिसमें पियरे जेनरेट के 8 आइटम शामिल हैं। अधिवक्ता अजय जग्गा ने विदेश मंत्री को पत्र लिखकर नीलामी रोकने और वस्तुओं को वापस लाने के लिए कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है।

जागरण 2 Aug 2026 6:37 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

अमेरिका भेजने के नाम पर 87 लाख की ठगी, पति-पत्नी के लिए सपनों का सफर बना धोखे का जाल; मोहाली में FIR

दंपती को अमेरिका भेजने के नाम पर दो ट्रैवल एजेंटों ने 87 लाख रुपये की ठगी की। मोहाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर अंबाला के एजेंटों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जागरण 2 Aug 2026 5:39 pm

भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना

नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।

समाचार नामा 2 Aug 2026 4:21 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

Kanpur News: टैरिफ... अब सौ प्रतिशत पर असमंजस, बड़े आर्डर नहीं दे रहे अमेरिकी खरीदार

अमेरिका ने ट्रेड डील की बातचीत के बीच एक बार फिर रूस से तेल खरीद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है।

अमर उजाला 2 Aug 2026 2:19 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

अमेरिका में नशा तस्करी में हरियाणा का युवक गिरफ्तार, वीडियो वायरल होते ही पिता ने तोड़ा दम

पानीपत के तामशाबाद गांव के वीरेंद्र को अमेरिका में नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वायरल वीडियो से पिता रणबीर को हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।

जागरण 1 Aug 2026 10:17 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

पानीपत में अमेरिका से लौटे युवक ने शिक्षण संस्थान के चेयरमैन से मांगी 7 करोड़ की रंगदारी, एक गलती ने पहुंचा दी जेल

पुलिस ने पानीपत में एक शिक्षण संस्थान के चेयरमैन से 7 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जागरण 1 Aug 2026 3:56 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल 98 डॉलर पार:कतर से LNG सप्लाई भी अटकने की आशंका; महंगाई बढ़ सकती है

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड आज 23 जुलाई को 4% बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों में सबसे ज्यादा है। वहीं अमेरिकी क्रूड भी 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत में महंगाई बढ़ सकती है। कच्चे तेल के महंगे होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के फ्यूल मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। अगर लंबे समय तक क्रूड महंगा बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर हमला, हूतियों ने नाकेबंदी का ऐलान किया तेल की कीमतों में अचानक आए इस उछाल की बड़ी वजह पश्चिम एशिया का बिगड़ता माहौल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के साथ अब यह विवाद फारसी खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला कर दिया है। यह हमला हुती ग्रुप की ओर से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा करने के ठीक एक दिन बाद हुआ है, जिससे ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तेल कंपनियों के शेयर 2.5% तक टूटे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है… भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका रहती है। अक्टूबर तक LNG सप्लाई अटकने के आसार ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतर एनर्जी मिड-अक्टूबर तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के शिपमेंट पर 'फोर्स मैज्योर' को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कतर ने जून में ही एशिया और यूरोप के कुछ ग्राहकों को सूचित किया था कि अगस्त और सितंबर के कार्गो रद्द रहेंगे। अगर यह पाबंदी अक्टूबर तक खिंचती है, तो सर्दियां शुरू होने से पहले गैस का ग्लोबल संकट और गहरा सकता है, क्योंकि यूरोप और एशियाई देश सीमित LNG सप्लाई के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे। सेंसेक्स 364 और निफ्टी 127 अंक गिरी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का भारी दबाव बन गया है। 23 जुलाई को सेंसेक्स 364 अंक की गिरावट के साथ 76,391 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 127 अंक की गिरावट रही, ये 23,870 पर बंद हुआ। रियल्टी, एनर्जी और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा बिकवाली रही। मई में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है। आगे क्या? पश्चिम एशिया में अगर यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर सकती हैं। इससे आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार, खासकर बैंकिंग, ऑटो और पेंट कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सोना ₹274 बढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा: 4 दिन में ₹4,398 महंगा हो चुका, चांदी आज ₹360 चढ़कर ₹2.26 लाख पर पहुंची सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 23 जुलाई को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 360 रुपए बढ़कर 2.26 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 274 रुपए चढ़कर 1.46 लाख रुपए पर पहुंच गया है। 4 दिन में सोना 4,398 रुपए और 10,346 रुपए चांदी महंगी हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:52 pm

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!

वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है

देशबन्धु 23 Jun 2026 2:06 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

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