जस्टिस काटजू जून 2026 के US-ईरान MOU, परमाणु निरीक्षणों को लेकर विरोधाभासी दावों और इस बात की पड़ताल करते हैं कि शांति की नाज़ुक प्रक्रिया क्यों विफल हो सकती है।
नमस्कार, ईरान ने इस्लामाबाद समझौते को अमेरिका की हार बताया है। उधर, एअर इंडिया का विमान गलती से पाकिस्तान एयरस्पेस में घुस गया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे वैभव सूर्यवंशी के चेंजिंग रूम को लेकर आई खबर के बारे में बताएंगे.... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान बोला- इस्लामाबाद समझौता अमेरिका की हार, हमने अपनी शर्तों पर डील की ईरान ने कहा कि ‘इस्लामाबाद समझौता’ अमेरिका की हार साबित हुआ है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बाघेर गालिबाफ ने दावा किया कि यह समझौता किसी दबाव या मजबूरी का नतीजा नहीं था, बल्कि हमने इसे अपनी शर्तों पर माना है। ट्रम्प बोले- ईरान ने पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति को इज्जत दी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि कई दशकों में पहली बार ईरान अमेरिका और उसके राष्ट्रपति को इतनी इज्जत दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान इस समय कमजोर स्थिति में है और समझौते के लिए लगभग हर शर्त मानने को तैयार है। खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए PM मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है। 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका हमले में खामेनेई की मौत हुई थी। जंग के कारण टला अंतिम संस्कार अब 4 जुलाई से शुरू होगा। 9 जुलाई को उन्हें मशहद की इमाम रजा दरगाह में दफनाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा, तकनीकी खराबी से रास्ता भटका एअर इंडिया की एक फ्लाइट गलती से पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गई। 22 जून की रात दिल्ली से अमृतसर जा रही एअर इंडिया की AI-321 फ्लाइट उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। इसी दौरान विमान तय रूट से भटककर पाकिस्तान के एयरस्पेस में पहुंच गया। पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोल की चेतावनी के बाद पायलट ने यू-टर्न लिया। अमृतसर एयरपोर्ट पर भारी ट्रैफिक के कारण लैंडिंग नहीं हो सकी और विमान को वापस दिल्ली लौटना पड़ा। यात्रियों को करीब 4 घंटे की देरी झेलनी पड़ी। पाकिस्तान की फ्लाइट भारतीय एयरस्पेस में घुसी थी: इससे पहले 12 जून को पाकिस्तान की भी पैसेंजर फ्लाइट फ्लाई जिन्ना-9P514 खराब मौसम के कारण भारतीय एयरस्पेस में घुस आई थी। लाहौर एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद फ्लाइट रास्ता भटक गई थी। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी का अंदेशा होते ही फ्लाइट को वापस पाकिस्तानी एयरस्पेस में लाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 3. राममंदिर चढ़ावा चोरी- SIT रिपोर्ट में 17 आरोपी, टिन्नू के पास मिलीं दानपात्रों की चाबियां अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। जांच के दौरान SIT टीम को दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। SIT ने 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदली। इनमें चंपत राय के करीबी फूलकांत मिश्रा भी शामिल हैं। उनके पास 3 लग्जरी कारें हैं, जिनकी कुल कीमत 25 लाख रुपए है। अब तक ₹2 करोड़ की बरामदगी: चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है। ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था। हालांकि, सोना कितना है, यह अभी कन्फर्म नहीं है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 4. स्वामी प्रसाद का विवादित बयान, श्रीराम में ताकत नहीं, वह अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पाए यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को भगवान राम को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने गाजीपुर में कहा- अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया। मौर्य ने कहा- छोटा बंदर सूर्य को निगल गया: इतना ही नहीं, पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता खत्म करने के लिए हम पढ़ाई करते हैं? भगवान बुद्ध कहते हैं कि कोई भी बात किसी ग्रंथ में लिखी है, इसीलिए नहीं मानो। पहले उसे अपने दिमाग की कसौटी पर कसो। अगर खरा उतरे, तभी मानो। भगवान राम दूसरों का भला कैसे करेंगे: राम मंदिर से करोड़ों रुपए लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? यह सवाल उठता है। पूरी खबर पढ़ें… 5. मानसून MP पहुंचा, 9 दिन लेट एंट्री, दिन में पूरा राज्य कवर करेगा मध्य प्रदेश-गुजरात में 9 दिन की देरी से मानसून की एंट्री हुई। दोनों राज्यों में मानसून आने की सामान्य तारीख 15 जून रहती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अगले 4 दिन में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। इसी के साथ मानसून ने अब देश के 22 राज्यों को कवर कर दिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से 3 लापता: अरुणाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से तेज बारिश जारी है। कीयी पन्योर जिले में याजाली सर्किल के नीपको प्रोजेक्ट कॉलोनी में बाढ़ आ गई। घटना में 3 लोग लापता हुए हैं। 18 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। फ्रांस में हीटवेव से 58 मौतें: फ्रांस में गर्मी के कारण 58 लोगों की मौत हो गई। हीटवेव के चलते फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। फ्रांस ही नहीं यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। स्पेन, इटली और ब्रिटेन समेत 14 देशों में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है। पूरी खबर पढ़ें... 6. वैभव के लिए इंग्लैंड में अलग चेंजिंग रूम होगा, टीम मीटिंग और खेल के दौरान ही सीनियर्स साथ रहेंगे वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम इस्तेमाल करेंगे। यह फैसला ICC और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की अंडर-16 खिलाड़ियों से जुड़ी सेफगार्डिंग पॉलिसी के तहत लिया गया है। हालांकि, सूर्यवंशी मैचों के दौरान भारतीय प्लेयर्स के साथ रह सकेंगे और टीम मीटिंग्स का भी हिस्सा होंगे। ऐसे नियम क्यों बने: खेलों में चाइल्ड सेफगार्डिंग नियम अचानक नहीं बने। सालों तक खेल अकादमियों, ड्रेसिंग रूम और ट्रेनिंग सेंटरों में नाबालिग खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना के कई मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद फीफा, इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी को 'लॉकर रूम बैन' और 'नो 1-ऑन-1' जैसे सख्त नियम बनाने पड़े। पूरी खबर पढ़ें... ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुनिया में सबसे तेज चिल्लाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के 58 साल के जोसेफ मैकग्रेल-बेटअप ने सबसे तेज चीखने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उनकी आवाज 122.4 डेसीबल मापी गई, जो उड़ान भरते जेट विमान की आवाज के बराबर मानी जाती है। यह रिकॉर्ड बनाने के लिए जोसेफ को 7 बार कोशिश करनी पड़ी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मकर राशि वालों के बिजनेस में कॉन्टैक्ट मजबूत होंगे। धनु राशि के नौकरीपेशा लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में आज रात जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। इक्वाडोर इंटरनेशनल फुटबॉल में जर्मनी को कभी हरा नहीं पाया है। मैच रात 1:30 बजे से न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं तुर्की की भिड़ंत अमेरिका से सुबह 7:30 बजे से होगी। तुर्की इस टूर्नामेंट में अब तक एक भी गोल नहीं दाग सका है। कुल 6 मुकाबले खेले जाएंगे। ये सभी मैच भारतीय समयानुसार 26 जून को होंगे। मैच-55: आइवरी कोस्ट को नॉकआउट के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरुरत ग्रुप-E में शामिल कोटे डी आइवर 3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। उसे अगले दौर में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है। वहीं 1 अंक के साथ टेबल में सबसे नीचे चल रही कुरासाओ को हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच यह पहला इंटरनेशनल मुकाबला होगा। कुरासाओ को मिडफील्डर ताहित चोंग से करिश्मे की उम्मीद होगी। वहीं आइवरी कोस्ट की टीम अनुभवी मिडफील्डर फ्रैंक केसी के खेल पर निर्भर होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कुरासाओ: रूम, ब्रीनत, फ्लोरानस, गारी, ओबिसपो, फोंविले, चोंग, कोमेनेनसिया, एल बाकुना, जे बाकुना, लोकाडिया। आइवरी कोस्ट: वाई फोफाना, जी दोउ, कोसोनौ, अग्बादौ, कोनान, संगारे, केसी, औलाई, दियालो, बोनी, डियोमंडे। मैच-56: जर्मनी के खिलाफ इक्वाडोर को जीतना ही होगा सुपर-32 में जगह बना चुकी जर्मनी का सामना इक्वाडोर से होगा। जर्मनी 2 मैचों में 6 अंकों के साथ ग्रुप-E में टॉप पर है। वहीं इक्वाडोर सिर्फ 1 अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे नॉकआउट की उम्मीदें कायम रखने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना होगा। दोनों देशों के बीच 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। दोनों बार जर्मनी ने जीत दर्ज की है। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की दूसरी भिड़ंत होगी। 2006 विश्व कप में जर्मनी ने इक्वाडोर को 3-0 से हराया था। इक्वाडोर को अपने स्टार फॉरवर्ड एनर वैलेंसिया से गोल की उम्मीद होगी। वहीं जर्मनी के लिए फॉर्म में चल रहे विंगर जमाल मुसियाला अटैकिंग खेल दिखा सकते हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इक्वाडोर: डोमिंगुएज, प्रेसियाडो, टोरेस, पैचो, हिंकापी, फ्रेंको, ग्रुएजो, एम कैसिडो, पाज, वैलेंसिया, रोड्रिगेज। जर्मनी: न्यूर, किमिश, रुडिगर, टाह, मितलस्टाट, एंड्रीच, क्रूस, साने, मुसियाला, विर्ट्ज, हावेर्ट्ज। मैच-57: स्वीडन से ड्रा खेलते ही नॉकआउट में पहुंचेगा जापान ग्रुप-F में शामिल जापान 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं स्वीडन 3 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। जापान की टीम अगर यह मैच ड्रॉ भी खेल लेती है तो वह नॉकआउट में पहुंच जाएगी। वहीं स्वीडन को आगे बढ़ने के लिए जीत की दरकार है। वर्ल्ड कप में दोनों देशों के बीच यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों के बीच अब तक 2 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। जापान ने 1 मैच जीता है, जबकि 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। जापान को अपने स्टार स्ट्राइकर अयासे उएदा से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं स्वीडन की नजरें इन-फॉर्म फॉरवर्ड अलेक्जेंडर इसाक पर टिकी रहेंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: जापान: सुजुकी, इताकुरा, तानिगुची, माचिदा, डोआन, एंडो, मोरीता, मिनामाइनो, कामादा, कुबो, उएदा। स्वीडन: ओल्सन, लिंडेलोफ, Hइएन, लेगरबीलके, गुदमुंडसन, अयारी, निग्रेन, कार्लस्ट्रोम, बर्नहार्डसन, ग्योकेरेस, इसाक। मैच-58: टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी ट्यूनीशिया का नीदरलैंड से मुकाबला नीदरलैंड और ट्यूनीशिया ग्रुप-F में शामिल हैं। लगातार दो हार के साथ ट्यूनीशिया टूर्नामेंट से पहले ही बाहर हो चुकी है। दूसरी ओर नीदरलैंड 4 अंकों के साथ टॉप पर है। दोनों देशों के बीच कुल 3 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। नीदरलैंड ने 1 मैच जीता है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप में दोनों की यह पहली भिड़ंत होगी। नीदरलैंड की उम्मीदें उनके स्टार फॉरवर्ड मेम्फिस डेपे पर टिकी होंगी। वहीं ट्यूनीशिया को कप्तान यूसुफ मषाकनी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ट्यूनीशिया: बेन सईद, वालरी, मेरियाह, तल्बी, अब्दी, स्केरी, लैदौनी, रफिया, बेन रमाने, अचौरी, मषाकनी। नीदरलैंड: वर्ब्रूगेन, डमफ्रीज, डी विलेज, वैन डिज्क, एके, शाउटन, रीजेंडर्स, सिमंस, विज्नल्डम, गाकपो, डेपे। मैच-59: मेजबान अमेरिका को चुनौती देगा तुर्की ग्रुप-D में शामिल अमेरिका लगातार 2 जीत के साथ नॉकआउट में जगह बना चुका है। वह 6 अंकों के साथ ग्रुप में पहले स्थान पर है। वहीं तुर्की लगातार 2 हार के साथ बाहर हो चुकी है। वह टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सकी है। दोनों के बीच सिर्फ 1 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। इसमें तुर्की ने 2-1 से जीत हासिल की थी। वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की यह पहली भिड़ंत होगी। अमेरिका को मेन स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन से गोल की उम्मीद होगी। वहीं तुर्की अपने युवा स्टार अरदा गुलर पर निर्भर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: तुर्की: ओजर, चेलिक, सोयुनकु, डेमिरल, एलमाली, युक्सेक, कोकचू, गुलर, अकटुरकोग्लू, यिल्दिज, यिल्माज। अमेरिका: टर्नर, स्काली, रिचर्ड्स, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, मूसाह, पुलिसिक, बालोगुन, वेआ। मैच-60: पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया में जीतने वाली टीम नॉकआउट खेलेगी ग्रुप-D में पराग्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच अहम मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास नॉकआउट में पहुंचने का यह आखिरी मौका है। दोनों टीमों अभी 3-3 अंक पर है। यह मैच जीतने वाली टीम सीधे नॉकआउट के लिए क्वालिफाई कर जाएगी। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 5 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने 2 जीते हैं और 3 मैच ड्रॉ रहे हैं। वर्ल्ड कप के इतिहास में यह दोनों की पहली भिड़ंत होगी। पराग्वे को युवा फॉरवर्ड जूलियो एनसिसो से बड़ी उम्मीदें होंगी। वहीं ऑस्ट्रेलिया को अपने कप्तान और अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान से बेहतरीन प्रदर्शन की जरुरत होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: पराग्वे: मोरिनीगो, वेलास्केज़, बाल्बुएना, अल्डरेटे, एस्पिनोज़ा, क्युबास, विलासांती, रोमेरो, अल्मिरोन, एनसिसो, सानाब्रिया। ऑस्ट्रेलिया: रयान, एटकिंसन, सुतार, बर्गस, रोल्स, बकस, इरविन, मेटकाफ, गुडविन, येंगी, बोरेल।
ईरान शांति वार्ता: कतर और पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिका में उठे सवाल, सीनेटरों ने जताई चिंता
अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटरों ने ईरान के साथ युद्धविराम बातचीत में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाए
अमेरिका-ईरान; ट्रम्प की शर्त ईरान को अस्वीकारिय तेल पर 60 दिनों की छूट
वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी उच्चस्तरीय वार्ताओं दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ विषयों पर मतभेद अभी भी बरकरार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका द्वारा जारी की जा रही धनराशि एक विशेष एस्क्रो खाते में रखी जाएगी और उसका उपयोग मुख्य रूप […]
भाई की मौत के बाद अकेली पड़ी मां की देखभाल के लिए अमेरिका जाने के प्रयास में लगी मोहाली की महिला एजेंटों के धोखे शिकार हो गई। 40 लाख रुपए देने के बाद उसे एक साल जेल काटनी पड़ी फिर उसे डिपोर्ट कर दिया गया। उन्होंने पुलिस में शिकायत की है। पुलिस एजेटों की गिरफ्तारी मे लगी है। मोहाली के एक ट्रैवल एजेंट द्वारा कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर 40 लाख रुपये की मोटी रकम लिया। लेकिन एजेंट ने महिला को कानूनी वीजा दिलवाने के बजाय 'डंकी रूट' (अवैध सीमा पार मार्ग) के जरिए अमेरिका की सीमा में धकेल दिया। यहां उसे अमेरिकी सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। करीब एक साल तक अमेरिकी हिरासत केंद्र (जेल) में प्रताड़ना झेलने के बाद अब महिला को भारत डिपोर्ट (वापस भेजना) कर दिया गया है। मां के पास जाने की मजबूरी का आरोपी ने उठाया फायदा पीड़िता मनदीप कौर ने मोहाली पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उनकी मां साल 2017 से अमेरिका में रह रही हैं। वर्ष 2021 में मनदीप के भाई की अचानक मौत हो गई, जिसके बाद से उनकी मां की तबीयत लगातार खराब रहने लगी। मां की देखभाल और उनके पास जाने के लिए मनदीप भी किसी भी तरह अमेरिका जाना चाहती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात खरड़ के इको टावर (सन्नी एन्क्लेव) निवासी प्रदीप कुमार से हुई। प्रदीप ने खुद को एक बड़ा इमिग्रेशन (विदेश भेजने वाला) कंसलटेंट बताया और मनदीप को पूरी तरह कानूनी और सुरक्षित तरीके से अमेरिका भेजने का पक्का भरोसा दिया। 35 लाख से शुरू हुई बात 45 लाख पर तय हुई, 40 लाख एडवांस दिए पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी प्रदीप कुमार ने शुरुआत में इस काम के लिए 35 लाख रुपये का कुल खर्च बताया था। लेकिन बाद में उसने वीजा प्रक्रियाओं और कागजी दिक्कतों का बहाना बनाकर इस रकम को बढ़ाकर 45 लाख रुपये कर दिया। दोनों के बीच सौदा तय होने के बाद नवंबर 2024 में मनदीप कौर ने आरोपी प्रदीप को 40 लाख रुपये नकद (कैश) एडवांस के तौर पर दे दिए। तय हुआ था कि बाकी बचे 5 लाख रुपये अमेरिका पहुंचने के बाद दिए जाएंगे। दिल्ली से स्पेन, मेक्सिको और फिर जंगलों के रास्ते अवैध एंट्री पैसे ऐंठने के बाद आरोपी एजेंट ने मनदीप को दिल्ली से फ्लाइट के जरिए पहले स्पेन और फिर वहां से मेक्सिको भेज दिया। मेक्सिको पहुंचने पर जब मनदीप को अजीब रास्तों और हालात को देखकर संदेह हुआ कि उसे अवैध तरीके से भेजा जा रहा है, तो उसने एजेंट से बात की। लेकिन शातिर आरोपी ने उसे मीठी बातों में फंसाया और सब कुछ ठीक होने का भरोसा देकर यात्रा जारी रखने को कहा। अमेरिका के बॉर्डर पर ही हो गई गिरफ्तारी आखिरकार, मनदीप कौर को मेक्सिको-अमेरिका सीमा पर तस्करों के जरिए जंगलों और खतरनाक रास्तों से पैदल ही अमेरिका की सीमा में दाखिल करा दिया गया। वहां कदम रखते ही मुस्तैद अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल (US Border Patrol) ने उसे अवैध रूप से सीमा पार करने के आरोप में तुरंत गिरफ्तार कर लिया। लगभग एक साल तक अमेरिकी हिरासत में मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। एसएसपी (SSP) के आदेश पर आरोपी एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज भारत लौटने के बाद पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। जांच के बाद एसएसपी मोहाली द्वारा 22 जून 2026 को सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। एसएसपी के निर्देशों के बाद मोहाली पुलिस ने आरोपी एजेंट प्रदीप कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420) और पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR)दर्ज कर ली है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस 'डंकी रैकेट' में और कौन-कौन से एजेंट शामिल हैं।
कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ में 'अमेरिकन कोचिंग एंड लाइब्रेरी' में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये के कंप्यूटर, एसी और किताबें जलकर राख हो गईं। आग लगने के समय लाइब्रेरी में छात्रों की अनुपस्थिति के कारण बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि आग लगने का मुख्य कारण एसी में हुआ शॉर्ट सर्किट था। एसी से निकली चिंगारियां नीचे रखी कॉपियों और किताबों पर गिरीं, जिससे आग पूरी लाइब्रेरी में फैल गई। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… बिना NOC और फायर सेफ्टी मानकों के हो रहा था संचालित जांच में सामने आया है कि 100 छात्रों की क्षमता वाला यह संस्थान बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और फायर सेफ्टी मानकों के संचालित हो रहा था। संचालक ने सरकार को देय अग्निशमन शुल्क भी नहीं चुकाया था। मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद, कैमूर क्षेत्र के सभी छोटे-बड़े कोचिंग संस्थानों, मॉल्स और व्यावसायिक भवनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदकोट के कोटकपूरा में भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने आज भाजपा नेत्री और पूर्व प्रदेश सचिव सुनीता गर्ग के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का कड़ा विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की। भाकियू क्रांतिकारी के प्रांतीय उपाध्यक्ष सूरजभान और जिला प्रधान जसविंदर सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से देश के विभिन्न वर्गों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते से खेती-किसानी, कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों और छोटे कारोबारों को भारी नुकसान होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और रोजगार के अवसर भी कम होंगे। समझौते के खिलाफ देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे इस मौके पर किसान नेता सूरजभान व जसविंदर सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि समझौते पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते को लागू किया गया तो किसान देशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। समझौते संबंधी विपक्षी पार्टियां गुमराह कर रही है उधर इस संबंध में भाजपा नेत्री सुनीता गर्ग ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अभी तक हुआ ही नहीं है और विपक्षी दलों द्वारा लोगों को गुमराह करने के लिए गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई समझौता होता है तो भारत के प्रत्येक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।
वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही समझौता वार्ता पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी बयान दिया है। डोभाल ने इस संभावित अंतरराष्ट्रीय समझौते का विश्लेषण करते हुए संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां और पाबंदियों में ढील भारत के लिए हर मोर्चे पर गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि भारत इस क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक हिस्सेदार है।क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और एनर्जी सिक्योरिटी को मिलेगी मजबूती भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की आपूर्ति के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर रहता है। अजीत डोभाल के इस बयान के बाद आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक बाजार में ईरानी तेल की वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है। यह स्थिति भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था, महंगाई पर नियंत्रण और देश की समग्र ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को एक बहुत बड़ी और सीधी राहत प्रदान करेगी।चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट और लोकल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार इस समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और भारत के महत्वाकांक्षी चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट (Chabahar Port Project) पर पड़ने वाला है। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से सीधे ईरान के चाबहार तक होने वाले व्यापारिक रूट को इस डील के बाद एक नया बूस्ट मिलेगा। भौगोलिक और क्षेत्रीय ऑप्टिमाइजेशन (Geographical Optimization) के लिहाज से यह भारत को पाकिस्तान को बाईपास करते हुए सीधे मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ने का सबसे सुगम रास्ता देगा। डोभाल के इस रुख से साफ है कि पाबंदियां हटने के बाद भारत चाबहार में अपने निवेश और स्थानीय कनेक्टिविटी नेटवर्क को रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाएगा।एआई युग और बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों में भारत की रणनीतिक बढ़त आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए देश अपनी रणनीतिक नीतियां तैयार कर रहे हैं, भारत का यह रुख बेहद सधा हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच संतुलन बनाने की भारत की यह कूटनीति आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड रूट्स को भी सुरक्षित करेगी। सुरक्षा और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि अजीत डोभाल का यह बयान भारत की उस मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का प्रतीक है, जो बिना किसी वैश्विक दबाव के देश के आर्थिक हितों और तकनीकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखती है।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सुपरकंप्यूटिंग की महाजंग में चीन ने सुपरपावर अमेरिका को एक बहुत बड़ा और करारा झटका दिया है। टेक जगत से आ रही इस समय की सबसे बड़ी खबर के मुताबिक, चीन द्वारा विकसित किया गया नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' (LineShine) आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे तेज और सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर घोषित कर दिया गया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही चीन ने अमेरिका के सबसे एडवांस सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वैश्विक स्तर पर तकनीक के इस बड़े उलटफेर ने दोनों देशों के बीच जारी टेक-वॉर (Tech War) को एक बिल्कुल नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।अभूतपूर्व स्पीड और गणना क्षमता से दुनिया दंग चीन का यह नया सुपरकंप्यूटर 'लाइनशाइन' आधुनिक विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। इसकी कम्प्यूटेशनल क्षमता और डेटा प्रोसेसिंग स्पीड इतनी अविश्वसनीय है कि यह महज कुछ ही सेकेंड्स में उन बेहद जटिल गणितीय गणनाओं और वैज्ञानिक रिसर्च से जुड़े डेटा को प्रोसेस कर सकता है, जिन्हें करने में सामान्य कंप्यूटरों को हजारों साल लग जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि 'लाइनशाइन' की इस तूफानी रफ्तार की बदौलत मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने, अंतरिक्ष विज्ञान की खोजों, गहरे समुद्र के रहस्यों को सुलझाने और बेहद जटिल बायो-मेडिकल रिसर्च के काम में क्रांतिकारी तेजी देखने को मिलेगी।जेनरेटिव एआई और आधुनिक टेक के नए युग की शुरुआत इस सुपरकंप्यूटर को पूरी तरह से भविष्य की आधुनिक जरूरतों जैसे कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Generative AI), डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 'लाइनशाइन' की मदद से चीन अब और अधिक एडवांस एआई मॉडल्स, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और अगली पीढ़ी की अत्याधुनिक मिलिट्री टेक्नोलॉजी को तेजी से विकसित कर सकेगा। जानकारों का मानना है कि यह सुपरकंप्यूटर वैश्विक एआई रेस (AI Race) और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में चीन को बाकी सभी देशों की तुलना में एक बेहद मजबूत और रणनीतिक बढ़त दिलाने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।वैश्विक टेक समीकरणों और क्षेत्रीय धाक पर बड़ा असर चीन की इस तकनीकी छलांग का सीधा असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Asia-Pacific Region) सहित पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक और तकनीकी समीकरणों पर पड़ने वाला है। इस लोकल और ग्लोबल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह हार्डवेयर और चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ चुका है। अमेरिका लंबे समय से सुपरकंप्यूटिंग की टॉप लिस्ट में पहले पायदान पर काबिज था, लेकिन चीन के 'लाइनशाइन' के इस जोरदार धमाके ने अमेरिकी टेक कंपनियों और वाशिंगटन के नीति निर्माताओं को अपनी तकनीकी रणनीतियों पर दोबारा गहराई से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।
24 जुलाई से पहले महाडील! भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगी मुहर, होने वाला है बड़ा धमाका
ग्लोबल इकॉनमी और वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (ट्रेड डील) अब अपने बिल्कुल आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। दोनों देशों के शीर्ष नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बीच कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 24 जुलाई से पहले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह महाडील न केवल दोनों महाशक्तियों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को भी पूरी तरह से री-शेप करने की क्षमता रखती है।प्रमुख भारतीय सेक्टर्स और निर्यात को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट इस व्यापक व्यापार समझौते के लागू होने से भारतीय निर्यातकों और घरेलू उद्योगों को अमेरिकी बाजार में बहुत बड़ी और आसान पहुंच मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से भारत के कपड़ा (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों से जुड़े क्षेत्रों को इस डील से सीधा और सबसे बड़ा फायदा पहुंचेगा। अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों पर लगने वाली कुछ प्रमुख ड्यूटियों और टैरिफ में कटौती की संभावना है, जिससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत अभियान को वैश्विक मंच पर एक नई रफ्तार देने वाला साबित होगा।लोकल मैन्युफैक्चरिंग हब्स और क्षेत्रीय रोजगार में आएगी भारी तेजी इस मेगा ट्रेड डील का सबसे सकारात्मक असर भारत के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Hubs) और स्थानीय विनिर्माण केंद्रों पर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर्स में अमेरिकी डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन गतिविधियों में भारी तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से जुड़े युवाओं के लिए लाखों की संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भौगोलिक ऑप्टिमाइजेशन भारत के हर राज्य को सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्लोबल ट्रेड रूट से जोड़ने का काम करेगा।एआई और डिजिटल ट्रेड के नए दौर में दोनों देश बढ़ाएंगे कदम आधुनिक दौर की तकनीकी जरूरतों और जेनरेटिव एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस समझौते में डिजिटल ट्रेड, डेटा सिक्योरिटी और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को लेकर भी बेहद खास प्रावधान किए गए हैं। भारत और अमेरिका तकनीकी ट्रांसफर और रिसर्च के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों का यह आधुनिक कदम भविष्य की जनरेटिव इंजन प्रौद्योगिकियों और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे दोनों देश मिलकर चीन जैसी वैश्विक आर्थिक शक्तियों के एकाधिकार को चुनौती दे सकें।
क्या कोई एथलीट अपनी सबसे अहम रेस से ठीक पहले भारी-भरकम फास्ट फूड खाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना सकता है? 20 साल के अमेरिकी एथलीट जैकॉब थार्प ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। ऑबर्न यूनिवर्सिटी के इस युवा छात्र ने 110 मीटर स्प्रिंट हर्डल को महज 12.75 सेकंड में पूरा कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। अपनी शानदार जीत के साथ-साथ जैकॉब अपने अनोखे प्री-रेस रूटीन के लिए भी चर्चा में हैं। रेस से पहले उनका फिक्स मील है: दो चीजबर्गर, लार्ज फ्रेंच फ्राइज और चिकन नगेट्स। यूजीन (ओरेगन) में आयोजित NCAA चैम्पियनशिप में जैकॉब ने यह ऐतिहासिक कारनामा किया। उन्होंने 2012 में बेल्जियम में एरीस मेरिट द्वारा बनाए गए पुराने रिकॉर्ड को 0.05 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में आने से पहले जैकॉब का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13.01 सेकंड था। अपने समय में 0.26 सेकंड का सुधार लाकर उन्होंने दुनिया को चौंका दिया है। जैकॉब अब दुनिया भर में मशहूर हो चुके हैं, लेकिन उनका असली लक्ष्य अभी बाकी है। उनकी नजर अब 2027 के बीजिंग वर्ल्ड चैम्पियनशिप और 2028 के लॉस एंजिलिस ओलिंपिक पर है। जैकॉब अपनी रिकॉर्ड-ब्रेकिंग रेस का वीडियो 15 बार देख चुके हैं ताकि यह समझ सकें कि और कहां समय बचाया जा सकता है। जैकॉब का मानना है कि रेस की आखिरी 3 बाधाओं पर सबसे ज्यादा फोकस की जरूरत होती है। वे कहते हैं, ‘जब आप इतनी तेज दौड़ रहे होते हैं, तो बाधाएं बहुत जल्दी सामने आती हैं और आपका शरीर धीमा होना चाहता है। लेकिन आपको एक ‘कामिकेज पायलट’ की तरह खतरे की ओर बिना डरे हमला करते रहना होता है।’ जैकॉब के माता-पिता बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। शुरुआत में जैकॉब भी बास्केटबॉल और ट्रैक दोनों में हाथ आजमाते थे, लेकिन बाद में उन्होंने सिर्फ दौड़ने को अपना करियर चुना। बतौर अंधविश्वास शुरू किया था फास्ट फूड खाना जैकॉब अपनी हर बड़ी रेस से पहले मैकडॉनल्ड्स का फास्ट फूड खाते हैं। यह कोई शौक नहीं, बल्कि उनका एक अंधविश्वास (सुपरस्टिशन) बन चुका है। हाई स्कूल के दौरान स्टेट चैम्पियनशिप में उन्होंने यही मील खाया था और जीत हासिल की थी। तब से हर बड़े इवेंट से पहले वे इसी डाइट को फॉलो कर रहे हैं। उनके कोच केन हार्नडेन (जिम्बाब्वे के दो बार के ओलिम्पियन) को शुरुआत में यह बिल्कुल पसंद नहीं था। लेकिन जैकॉब कहते हैं, ‘अगर कोई चीज काम कर रही है, तो उसे बदलने की क्या जरूरत है। जब आप किसी चीज से जीतते हैं, तो उसी पर टिके रहना बेहतर है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वार्ता के दौरान ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितकाल तक निरीक्षण की अनुमति देने पर सहमति जताई है। उनके अनुसार, यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
वीजा, मास्टरकार्ड, एप्पल पे और गूगल पे जैसे अमेरिकी पेमेंट सिस्टम को चुनौती देगा ईयू
वीजा, मास्टरकार्ड, एप्पल पे और गूगल पे, इन भुगतान प्रणालियों अमेरिकी टेक कंपनियां नियंत्रित करती हैं. यूरोपीय संघ, अपने डिजिटल यूरो से इस सिस्टम को चुनौती देने जा रहा है
वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक कोशिशों और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार, २४ जून २०२६ को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और ज्यादा फिसल गए।फरवरी के अंत में शुरू हुए इस बड़े सैन्य संघर्ष के दौरान कच्चा तेल जिस रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था, वहां से अब इसकी कीमतों में एक-तिहाई (३३% से अधिक) की भारी गिरावट आ चुकी है।कच्चे तेल का ताजा भाव: ब्रेंट क्रूड $७६ और WTI $७२ के करीब फिसलावैश्विक बाजारों में दोनों प्रमुख बेंचमार्क फ्यूचर्स लाल निशान (Negative Zone) में कारोबार कर रहे हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाने वाला अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स पिछले सत्र में १.१% टूटने के बाद आज फिर ०.४५% गिरकर $७६.७३ प्रति बैरल पर आ गया है।यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI Crude): अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स भी आज ०.४८% की गिरावट के साथ $७२.८६ प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है।तेल की कीमतों में गिरावट के ४ मुख्य कारण (Global Developments)वैश्विक कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल की कीमतों पर दबाव और आपूर्ति (Supply) बढ़ने के पीछे निम्नलिखित चार बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक घटनाक्रम जिम्मेदार हैं:१. अमेरिका-ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीतवाशिंगटन और तेहरान के बीच फरवरी से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए शुरुआती मोर्चे पर सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। हालांकि यह बातचीत काफी लंबी खिंचने की उम्मीद है, लेकिन डिप्लोमैटिक प्रोसेस के तहत अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल खरीदने की छूट (Waiver) दे दी है। इस छूट के मिलते ही ईरानी एक्सपोर्टर्स एक बार फिर एशिया के बड़े रिफाइनिंग देशों के साथ व्यापारिक रूप से जुड़ गए हैं, जिससे बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ गई है।२. होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग एक्टिविटी हुई नॉर्मलदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' से अब जहाजों और ऑयल टैंकर्स की आवाजाही पूरी तरह सामान्य हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) को सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज सुरक्षित बाहर निकल आए हैं। जहाज मालिकों का भरोसा इतना बढ़ा है कि वे अब अपने सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम को लगातार एक्टिव रख रहे हैं।३. खाड़ी देशों ने युद्ध स्तर पर बढ़ाया प्रोडक्शनफारस की खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देश बाजार में अपना एक्सपोर्ट फिर से स्थापित करने के लिए तेजी से उत्पादन बढ़ा रहे हैं:यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE): इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक, यूएई ने युद्ध से पहले के अपने प्रोडक्शन लेवल का ८५% हिस्सा दोबारा हासिल कर लिया है।कुवैत और इराक: कुवैत ने तेल सप्लाई को लेकर लगाए गए अपने सभी 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure - आपातकालीन प्रतिबंध) उपायों को वापस ले लिया है, जबकि इराक भी लगातार उत्पादन में बढ़ोतरी कर रहा है।४. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीनेट से चुनौतीअमेरिकी घरेलू राजनीति में भी इस युद्ध को लेकर बड़ा उलटफेर हुआ है। रिपब्लिकन-कंट्रोल्ड सीनेट ने ईरान के साथ चल रही इस सैन्य लड़ाई में अमेरिकी दखल को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि इस सिंबॉलिक (प्रतीकात्मक) कदम से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की मुख्य नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह साफ दिखाता है कि इस मिलिट्री कैंपेन के लिए अमेरिका के भीतर राजनीतिक और घरेलू सपोर्ट बेहद सीमित है।आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?कच्चे तेल के बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट के प्रशासन को कंट्रोल करने वाले नए एग्रीमेंट का क्या नतीजा निकलता है। बाजार में इस बात की मामूली चिंता जरूर है कि तेहरान इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त ट्रांजिट चार्ज (अतिरिक्त फीस) लगा सकता है। यदि यह बातचीत भी सुलझ जाती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।
बागी हुए ट्रंप के सांसद, अमेरिकी सीनेट में ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने ईरान जंग के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। 50-48 वोटों से मंजूर हुए इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया है। इससे पहले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में भी इस ...
निर्मला सीतारमण और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और नए विकास अवसरों पर चर्चा की।
लेबनान से नहीं हटेंगे इजरायली सैनिक, अमेरिका-ईरान शांति समझौते से इजरायल को किस बात का डर
पश्चिम एशिया में शांति की बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गहरी चिंता में डाल दिया है। हाल ही में हुए 14-सूत्रीय समझौते (MoU) के बाद जहां दुनिया उम्मीद कर रही है कि तनाव कम होगा, वहीं इजरायल को लग रहा है कि यह समझौता लेबनान में ईरान और उसके सहयोगी हिजबुल्लाह को नई ताकत दे सकता है। इसी आशंका के चलते नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि इजरायली सेना तब तक दक्षिणी लेबनान से नहीं हटेगी जब तक उन्हें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूदगी जरूरी महसूस होगी।क्या है विवाद की जड़?फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक नए कूटनीतिक मोड़ पर है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ताजा समझौता ज्ञापन (MoU) में युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने की बात कही गई है। हालांकि, इजरायल इसे एक खतरे के रूप में देख रहा है। इजरायली सरकार को शक है कि इस समझौते की आड़ में वाशिंगटन लेबनान में ईरान के प्रभाव को अनजाने में मजबूत कर रहा है, जो भविष्य में इजरायल की सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।इजरायल को सता रहा है इन तीन बड़े खतरों का डरइजरायली रणनीतिकारों और सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह समझौता इजरायल की सैन्य क्षमता को सीमित कर सकता है:सैन्य कार्रवाई पर लगाम: अब तक इजरायल हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जब चाहे हमला करने को स्वतंत्र था। उन्हें डर है कि अब वाशिंगटन हर हमले पर आपत्ति दर्ज कराएगा और इजरायल की 'ऑपरेशनल फ्रीडम' खत्म हो जाएगी।सैनिकों की वापसी का दबाव: ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि ट्रंप प्रशासन इजरायल पर दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने का दबाव बना सकता है, जिसे नेतन्याहू मानने को तैयार नहीं हैं।हिजबुल्लाह को संजीवनी: इजरायल का मानना है कि यह समझौता हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी संयुक्त प्रयासों को कमजोर कर रहा है, जिससे आतंकी संगठन को फिर से संगठित होने का मौका मिल सकता है।'बीबी' की बढ़ती बेचैनीसूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू—जिन्हें इजरायल में प्यार से 'बीबी' कहा जाता है—इस समझौते को लेकर बेहद परेशान हैं। इजरायल का तर्क है कि इस अंतरिम समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से ज्यादा खतरनाक 'लेबनान वाला हिस्सा' है। इजरायली सरकार का मानना है कि अमेरिका और ईरान की यह नजदीकी न केवल सुरक्षा संतुलन को बिगाड़ रही है, बल्कि इससे इजरायल की भविष्य की सुरक्षा रणनीति भी दांव पर लग गई है। अब देखना यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन इजरायल के इन संदेहों को दूर कर पाएगा या नेतन्याहू अपनी सुरक्षा नीतियों पर अडिग रहेंगे।
अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के 'अलेक्जेंडर हाई स्कूल' से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल की 25 वर्षीय बायोलॉजी शिक्षिका मारिस निकोल्स पर एक नाबालिग छात्र के साथ शारीरिक संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस की नई रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसमें शिक्षिका के खिलाफ छात्रों की ब्लैकमेलिंग का एंगल भी सामने आया है।क्लोजेट और कार में बनाए शारीरिक संबंधपुलिस रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका मारिस निकोल्स पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल के क्लासरूम के एक क्लोजेट (स्टोर रूम) में और बाद में अपनी गाड़ी के अंदर छात्र के साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं। निकोल्स स्कूल की फुटबॉल टीम की ऑपरेशंस मैनेजर भी थीं, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने कथित तौर पर छात्र से नजदीकियां बढ़ाईं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि शिक्षिका ने छात्रों को कई आपत्तिजनक संदेश और वीडियो भेजे थे, जो बाद में पूरी तरह से अनियंत्रित हो गए।वीडियो लीक का डर और छात्रों की 'ब्लैकमेलिंग'मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब शिक्षिका का एक प्राइवेट वीडियो छात्रों के बीच वायरल हो गया। इसके बाद स्कूल के कुछ अन्य छात्रों ने निकोल्स को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। छात्रों ने शिक्षिका पर दबाव डाला कि यदि उन्हें परीक्षा में बेहतर ग्रेड (नंबर) नहीं दिए गए, तो वे उनके 'ओनलीफैंस' (OnlyFans) अकाउंट के आपत्तिजनक वीडियो लीक कर देंगे। इस ब्लैकमेलिंग के चलते मामला और भी गंभीर हो गया और अंततः पुलिस तक पहुंच गया।कानूनी कार्रवाई और अदालती रोकपुलिस ने इस मामले में अब तक 27 अलग-अलग वारंट जारी किए हैं। मारिस निकोल्स पर सबूतों से छेड़छाड़, बाल शोषण और एक स्कूल कर्मचारी द्वारा अनुचित शारीरिक संबंध बनाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल निकोल्स जमानत पर बाहर हैं, लेकिन अदालत ने कड़ी शर्तें लागू की हैं। उन्हें अपनी बेटी के अलावा किसी भी अन्य नाबालिग से मिलने की अनुमति नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने उनके 17 वर्षीय भाई से मिलने की अपील की है, जिस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है, जिसने स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जींद जिले के जुलाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न मांगों को लेकर जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसानों और आम जनता के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाना तहसील को उपमंडल का दर्जा मिलने के बावजूद लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई हैं। तहसील कार्यालय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल उन्होंने तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया, जिससे लोगों को अपने कार्य करवाने में परेशानी हो रही है। नरेंद्र ढांडा ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील का भी विरोध किया। उन्होंने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे देश के किसानों को नुकसान होगा। भाकियू ने सरकार से इस प्रस्तावित ट्रेड डील को तुरंत वापस लेने और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। विभिन्न मांगो को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन धरने के दौरान किसान नेताओं ने रवि आजाद से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने मांग की कि किसान नेता रवि आजाद का नार्को टेस्ट करवाया जाए और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करवाई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। धरने के बाद, भाकियू का प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम होशियार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा। इस अवसर पर कुलवंत लाठर, सुमित लाठर, नरेंद्र लाठर, कप्तान सिंह और बिजेंद्र मलिक सहित कई किसान मौजूद रहे।
अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार मुनाफा (Trade Surplus) 40% तक गिर चुका है। इस बीच वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अगले हफ्ते अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात करेंगे। कहा जा रहा है कि इस ...
ईरान युद्ध में इजराइल और महाशक्ति अमेरिका से भी ज्यादा भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। यह बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक हकीकत तब सामने आई है, जब भारत इस विनाशकारी जंग में किसी भी तरह से शामिल नहीं है। सोमवार (22 जून, 2026) को कतर के रास लाफान पर हुए एक भीषण हमले में 12 भारतीय कामगारों की मौत हो गई, जिसके बाद इस युद्ध की चपेट में आकर मरने वाले बेकसूर भारतीयों की कुल संख्या 25 पर पहुंच गई है। वहीं, अगर जंग में सीधे तौर पर शामिल देशों की बात करें, तो इस लड़ाई में अब तक अमेरिका के 13 और इजराइल के 24 नागरिक मारे गए हैं। इस युद्ध की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इजराइल के हमलों से अब तक सबसे ज्यादा लेबनान के 4 हजार और ईरान के 3600 लोग मारे जा चुके हैं।इस खाड़ी युद्ध की शुरुआत इसी साल 28 फरवरी को हुई थी। इन चंद महीनों की जंग में ईरान को बहुत बड़े झटके लगे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से लेकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर और ईरान सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी जैसे शीर्ष नेताओं की इस युद्ध में हत्या की जा चुकी है।कब और कहां कितने भारतीयों ने गंवाई अपनी जान?कतर के रास लाफान में हुए ताजा हमले में 12 भारतीयों की मौत के अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भी भारत के 6 नागरिक मारे गए हैं। होर्मुज में हुए एक अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जिस पर भारत सरकार ने अमेरिका के खिलाफ बेहद कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। खुद भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री को फोन कर इस पर कड़ा विरोध और प्रतिरोध दर्ज कराया था। इसके अलावा कतर में ही पिछले दिनों हुए एक अन्य हमले में एक भारतीय की मौत हुई थी, जबकि एक भारतीय की मौत कुवैत में ईरानी हमले के दौरान हुई थी। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी भारतीय नागरिक इस युद्ध का शिकार बन चुके हैं। इन सब को मिलाकर अब तक कुल 25 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है।युद्ध में इजराइल और अमेरिका से ज्यादा भारतीय क्यों मारे गए?बिना किसी दुश्मनी और बिना युद्ध में शामिल हुए भारतीयों की इतनी बड़ी तादाद में मौत के पीछे तीन सबसे मुख्य और जमीनी कारण हैं:कुवैत और यूएई पर अंधाधुंध हमले और इजराइली बंकर: ईरान ने इस जंग के दौरान इजराइल से कहीं ज्यादा कुवैत और यूएई के इलाकों को निशाना बनाया है। इजराइल पर ईरान ने सिर्फ शुरुआत में ही कुछ बड़े अटैक किए थे, जिसमें कुछ इजराइली नागरिक मारे गए। इसके तुरंत बाद इजराइल ने अपने सभी नागरिकों को बेहद सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकरों में शिफ्ट कर दिया, जिसके कारण ईरान इजराइल के नागरिकों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया। दूसरी तरफ, दूरदर्शी अमेरिका ने जंग छिड़ने के संकेत मिलते ही अपने नागरिकों को खाड़ी देशों से वापस बुला लिया था, इसलिए जंग में सिर्फ अमेरिकी सैनिक ही हताहत हुए हैं।खाड़ी देशों में प्रवासियों की भारी तादाद: खाड़ी (Gulf) के देशों में भारतीय मूल के लोगों की आबादी बहुत बड़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब में करीब 27 लाख और यूएई में 43 लाख भारतीय रहते हैं। इसी तरह कुवैत में 10 लाख और कतर में 8 लाख प्रवासी भारतीय कार्यरत हैं। कतर का रास लाफान जहां सोमवार को हमला हुआ, वह एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और वहां भारी संख्या में भारतीय मजदूर और इंजीनियर काम करते हैं, जो सीधे तौर पर इस हमले की चपेट में आ गए।होर्मुज में फंसे जहाजों पर भारतीय क्रू मेंबर्स: होर्मुज की खाड़ी में जो व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं, उनमें काम करने वाले अधिकांश कामगार और नाविक भारतीय ही हैं। हालिया डेटा के अनुसार, इस डेंजर जोन में फंसे लगभग 550 जहाजों पर 18 हजार से ज्यादा भारतीय कामगार मौजूद हैं। जब भी इन जहाजों पर हवाई या मिसाइल हमले होते हैं, तो वहां तैनात भारतीय इसकी चपेट में आ जाते हैं।बेकसूर भारतीयों की इन मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है?इस खाड़ी युद्ध में मारे गए कुल भारतीयों में से आधे से अधिक लोगों की मौत सीधे तौर पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से हुई है। वहीं, 3 भारतीयों की मौत अमेरिकी सेना के हमले में हुई। अमेरिका ने इसी महीने की शुरुआत में होर्मुज की नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया था, जिसमें भारतीय सवार थे। इसके विपरीत रास लाफान, कुवैत और कतर के रिहायशी व औद्योगिक इलाकों में जो भारतीय मारे गए हैं, वो ईरान के हमलों का शिकार हुए हैं। हालांकि, वैश्विक दबाव के बीच दोनों ही देशों (अमेरिका और ईरान) ने सफाई देते हुए कहा है कि ये मौतें सक्रिय युद्ध क्षेत्र (War Zone) में होने के कारण हुई हैं, यानी किसी भी भारतीय को जानबूझकर या टारगेट करके नहीं मारा गया है।
अमेरिका ने वादा तो कर दिया, पर ईरान को 300 अरब डॉलर देगा कौन? खाड़ी जा रहे मार्को रुबियो देंगे जवाब!
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक वित्तीय बाजारों के गलियारों से इस वक्त एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वॉशिंगटन से लेकर मध्य पूर्व (Middle East) तक इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि क्या अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर (करीब 25 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम फंड सौंपने की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस की तरफ से इस सिलसिले में कुछ बड़े संकेत तो दिए गए हैं, लेकिन इस वक्त सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि आर्थिक मोर्चे पर खुद कई चुनौतियों से जूझ रहा अमेरिका आखिर इतनी बड़ी रकम लाएगा कहां से? इस बीच अमेरिकी विदेश नीति के अहम सिपहसालार मार्को रुबियो का अचानक खाड़ी देशों (Gulf Countries) का दौरा करना इस पूरी मिस्ट्री को और गहरा कर रहा है। माना जा रहा है कि इस महा-डील की असली चाबी रुबियो के इसी दौरे में छिपी हुई है।इस सीक्रेट महा-डील के पीछे का पूरा बैकग्राउंड क्या हैएक वरिष्ठ रणनीतिक रिपोर्टर की नजर से अगर इस पूरे घटनाक्रम को देखें, तो यह मामला ईरान पर लगे पुराने प्रतिबंधों, तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय फ्रीज किए गए एसेट्स (जब्त संपत्तियों) से जुड़ा हुआ है। अमेरिका और पश्चिमी देशों ने लंबे समय से ईरान के अरबों डॉलर विदेशी बैंकों में फ्रीज कर रखे हैं। अब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को साधने और खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापित करने के नाम पर इस फंड को कुछ शर्तों के साथ रिलीज करने का एक खाका तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस वादे को जमीन पर उतारना इतना आसान नहीं है। अमेरिकी संसद (Congress) के भीतर ही इस बात को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है कि आतंकवाद को फंड करने के आरोपी देश को इतनी बड़ी वित्तीय राहत कैसे दी जा सकती है।मार्को रुबियो का खाड़ी दौरा और मध्य पूर्व का नया समीकरणइस पूरी गुत्थी को सुलझाने के लिए अमेरिकी सीनेटर और विदेश नीति के दिग्गज मार्को रुबियो इस समय खाड़ी देशों के बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरे पर हैं। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे अमीर देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ रुबियो की बंद कमरों में होने वाली बैठकों का मुख्य एजेंडा यही है कि ईरान से जुड़ी इस वित्तीय डील की गारंटी कौन लेगा। जानकारों का कहना है कि अमेरिका खुद अपनी जेब से यह पैसा देने के बजाय खाड़ी देशों के जरिए एक ऐसा त्रिकोणीय वित्तीय ढांचा (Triangular Financial Framework) तैयार करना चाहता है, जिससे ईरान को तेल सप्लाई और क्षेत्रीय सुरक्षा के बदले यह रकम किस्तों में मिल सके। मार्को रुबियो इस दौरे में खाड़ी के सुल्तानों को इस बात के लिए राजी करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।भारत समेत वैश्विक बाजारों पर इस फैसले का क्या होगा असरअगर यह 300 अरब डॉलर की डील किसी भी तरह से परवान चढ़ती है, तो इसका सीधा और गहरा असर वैश्विक तेल बाजार (Crude Oil Market) पर पड़ने वाला है। ईरान के पास तेल का विशाल भंडार है और वित्तीय पाबंदियां हटने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई तेजी से बढ़ेगी, जिससे तेल की कीमतें धड़ाम से गिर सकती हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत की खबर साबित हो सकती है, क्योंकि इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होने और महंगाई से राहत मिलने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, जब तक मार्को रुबियो के इस दौरे का कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आता, तब तक अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इस सबसे बड़े सस्पेंस पर सट्टेबाजी का दौर जारी रहेगा।
रोहतक में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुटने टेककर देश के हितों को दांव पर लगा दिया है। ऐसा पहले किसी पीएम ने नहीं किया। नरेंद्र मोदी देश के सबसे डरपोक व झुके हुए प्रधानमंत्री साबित हुए है। अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा ने दो तिहाई बहुमत पाने के लिए पूरे देश में सांसदों को खरीदने की मंडी लगा दी है। सरकार गिरने के डर से भाजपा लोकतांत्रित तरीके को छोड़कर तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। पैसे व फोर्स का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। रामलला के घर से चोरी करके सांसदों को खरीदा जा रहा है। अनुराग ढांडा ने एक माह के लिए मांगी ईडी आप प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि ईडी व सीबीआई के बल पर भाजपा सांसदों को तोड़ने का काम कर रही है। एक माह के लिए आम आदमी पार्टी को ईडी दिलवा दो, भाजपा का पटका पहनने वाला भी कोई नहीं दिखेगा। 2014 में जैसे दिल्ली में भाजपा के विजय रथ को रोका था, वैसे ही अब पंजाब भी रोका जाएगा। भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ सेटिंग अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की भाजपा के साथ लांग टर्म सेटिंग है। इसलिए भाजपा जनता पर कोई अन्याय करती रहे, भूपेंद्र हुड्डा अपने एसी कमरे से बाहर नहीं निलकते। पूरे हरियाणा में एक ही चर्चा चल रही है कि जब तक भूप्पी, तब तक बीजेपी। जब तब भूपेंद्र हुड्डा कांग्रेस के नेता व विपक्ष के नेता बने रहेंगे, तब तक हरियाणा में भाजपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। भाजपा से मिलकर सरकार चला रहे भूपेंद्र हुड्डा अनुराग ढांडा ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा की सरकार में हिस्सेदारी है। भूपेंद्र हुड्डा तो भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे है। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस और सरकार चलाने में नायब सिंह सैनी विफल साबित हुए है। नायब सैनी 90 प्रतिशत समय हरियाणा से बाहर रहते हैं और विपक्ष उसे रोकने में नाकाम है। भाजपा पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ाने में लगी अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अल्पमत सरकार बनाने के लिए सीटें दी, दूसरे दलों के सहारे सरकार बनाई। अब भाजपा जनता से वोट लेने की बताय पिछले दरवाजे से बहुमत बढ़ा रही है। दो तिहाई बहुमत करके संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सांसदों की खरीद फरोख्त करके संविधान बदलने का प्रयास कर रहे, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। भाजपा राज में राम मंदिर में हुई चोरीअनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार के 12 साल में राम मंदिर के अंदर चोरी हुई। इतने पेपर लीक करवा दिए, जितने कांग्रेस राज में भी नहीं हुए। राज्यों से पैसो इकट्ठा करके केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिससे सांसदों की खरीद फरोख्त हो रही है। यह भाजपा की उवलब्धियां है।
अमेरिका जारी करेगा ईरान के 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड –तेल बिक्री पर भी बड़ी राहत
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दूसरे दिन; दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। इसी क्रम में अमेरिका ने ईरान के लगभग 12 अरब डॉलर के फ्रीज़ हुए फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके साथ ही ईरान […]
किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंके जाएंगे। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा: पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।
कैथल में आज भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की ओर से शहर में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों द्वारा भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया जाएगा। जिलेभर के किसान करनाल रोड स्थित सर छोटूराम चौक पर सुबह 10 बजे से लेकर 11 बजे तक इकट्ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक जाएंगे। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों को सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। कहा-ट्रेड डील किसानों के लिए खतरा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा भारत अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जिस प्रकार जानकारी सामने आ रही है यह समझौता देश के किसानों, पशुपालकों, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, उद्योग व भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इससे किसानों की खेती के खतरा आने वाला है और किसान बिलकुल खत्म हो जाएगा। जैसे पहले भी भारत में कम्पनियां आई थी और सब कुछ उनके उपर ही निर्भर था। एमएसपी को खत्म करने का आरोप उसी प्रकार से अब अगर ट्रेड डील लागू होगी तो अमेरिका की गेहूं, चावल, दाल, मक्का, दूध और सब्जियां अमेरिका से आएंगी। ऐसे में भारत के किसान जो छोटी जोत के किसान हैं, वे खुद खेती नहीं कर सकेंगे। ट्रेड डील लागू करके केंद्र सरकार MSP खत्म करना चाहती है। इससे भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। इस डील से आगे आने वाले समय में अमेरिका अपनी मनमर्जी से रेट निर्धारित करेगा और महंगे दामों में उत्पाद बेचेगा। इसलिए किसान संगठनों ने पहले ही ट्रेड डील का विरोध करने फैसला लिया हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रदर्शन में भाग लें।
नमस्कार, यूपी की राजधानी लखनऊ में एक इमारत में आग लग गई, जिससे 15 लोगों की मौत हो गई। उधर, अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटा दिया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे उद्धव के 6 सांसदों के शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की खबर बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. लखनऊ की कोचिंग में आग, 15 मौतें, इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स; बचने के लिए बाथरूम में छिपे यूपी की राजधानी लखनऊ में एक इमारत में आग लग गई। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर में कोचिंग सेंटर था। आग फैलते ही छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। जान बचाने के लिए जयंत नाम का एक बच्चा पहले फ्लोर से कूद गया, वहीं 5 लोग तारों के सहारे लटककर नीचे उतरे। AC में ब्लास्ट से हादसा: यूपी सरकार के मंत्री एके शर्मा ने बताया कि बेसमेंट में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग लगी और धुआं फैल गया। फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार को तोड़ा, जिससे शव निकाले हैं। CM योगी अपना अलीगढ़ दौरा छोड़कर वापस लखनऊ लौट गए। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। कहा- इस घटना में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... 2. अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया, अगले 60 दिन भारत भी खरीद सकता है अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। यह छूट अगले 60 दिन यानी 21 अगस्त तक लागू रहेगी। अब भारत समेत कई देश फिर से ईरानी तेल खरीद सकेंगे। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। ईरान में फिर तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बिना रोक-टोक आवाजाही बनाए रखने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही ईरान UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर्स को दोबारा देश में काम करने की मंजूरी देने पर भी सहमति जताई है। पूरी खबर पढ़ें... 3. उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल, 4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में फिर बगावत हो गई। 9 में से 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। बागी सांसदों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बैठक की। इसके बाद पार्टी बदलने का ऐलान किया। अब लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 13 हो गई है, जबकि उद्धव गुट के पास सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 3 अहम बातें... पूरी खबर पढ़ें... 4. राम मंदिर का चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारी हटाए, CCTV कैमरे बढ़ाए गए अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले 40 कर्मचारियों को सोमवार को हटा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को ड्यूटी में लगाया गया है। हटाए गए कर्मचारियों को दूसरी जगह ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा गणनास्थल पर तीन CCTV बढ़ाए गए हैं। अब CCTV की संख्या 4 हो गई है। धर्म सेना अध्यक्ष का मोदी को लेटर: धर्म सेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। वहीं चढ़ावा चोरी मामले में SIT अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट CM योगी को आज सौंप सकती है। पूरी खबर पढ़ें... 5. पाकिस्तान की भारत को धमकी, रक्षामंत्री बोले- पानी रोका तो जंग शुरू कर देंगे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। आसिफ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी के प्रवाह में भारत दखल दे रहा है और हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में इस मामले में क्या नए घटनाक्रम हुए हैं, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था: अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें... 6. छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, झारखंड में बिजली गिरने से 11 मरे छत्तीसगढ़ में मानसून ने दंतेवाड़ा के रास्ते दस्तक दे दी है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिली। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून से 5 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत 12 राज्यों में मानसून पहुंच सकता है। इधर, झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन महिलाएं और 10 साल की एक बच्ची शामिल है। जून सबसे सूखा महीना: 126 साल के इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून बीत रहा है। 21 जून तक 57.4 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 42.2% कम है। इससे पहले 2009 में पूरे जून में कोटे से 49% कम बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इससे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में खेती पर बुरा असर पड़ा था। पूरी खबर पढ़ें... 7. कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका, 13 की मौत, इनमें कई भारतीय-पाकिस्तानी भी शामिल कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में विस्फोट हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। भारतीय नागरिकों की सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। प्लांट 2 दिन पहले दोबारा शुरू हुआ था: अल-काबी ने कहा कि यह एक हादसा था। इसमें किसी साजिश या जानबूझकर की गई हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे के कारणों की शुरू कर दी गई है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... हमशक्ल की वजह से 17 साल जेल में काटे अमेरिका में रिचर्ड एंथनी जोन्स को अपने हमशक्ल की वजह से 17 साल जेल में काटने पड़े। गवाहों ने गलत पहचान के आधार पर उन्हें लूट का दोषी बताया था। बाद में पता चला कि उसी इलाके में उनका हमशक्ल भी रहता था। सजा रद्द होने के बाद उन्हें 11 लाख डॉलर यानी करीब 9 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। पूरी खबर पढ़ें... भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों के प्रॉपर्टी और सरकारी कामों में सफलता मिलने के योग हैं। मकर राशि वालों के लिए निवेश से लाभ की स्थिति बनेगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
स्विट्जरलैंड वार्ता के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, ईरानी तेल निर्यात को अगस्त तक मिली राहत
अमेरिका ने सोमवार को ईरानी तेल के निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में अगस्त तक के लिए ढील दे दी
फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में रोष मार्च निकालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय अमेरिका के दबाव में आकर देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से पहले भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते का विरोध किया जा चुका है। देश भर में पुतले फूंकने की चेतावनी इसके अलावा देशभर के जिला मुख्यालयों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई थी कि किसानों और आम लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेता ने यह भी मांग की कि विदेशों से आयात होने वाले कृषि और अन्य उत्पादों पर उचित आयात शुल्क लगाया जाए ताकि भारतीय किसानों और उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। 23 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा-डल्लेवाल डल्लेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से 23 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखने और देश के किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा की मांग को बुलंद करेंगे।
अमेरिका-ईरान वार्ता में निकले बड़े नतीजे, जानें क्या है 60 दिनों का 'पीस रोडमैप'
स्विट्जरलैंड के बर्न में आयोजित 'लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन' (Lake Lucerne Summit) के नतीजे सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त धमकियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वार्ता से वॉकआउट करने जैसे नाटकीय घटनाक्रमों के बावजूद, अंततः अमेरिका और ईरान ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते की नींव रख दी है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता ने दुनिया को राहत की सांस दी है।ट्रंप की सख्त चेतावनी और ईरानी टीम का वॉकआउटशांति वार्ता के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को चेतावनी दी। ट्रंप ने लेबनान में ईरान समर्थित गुटों द्वारा फैलाई जा रही अराजकता को रोकने की बात कही और धमकी दी कि यदि ईरान नहीं माना, तो अमेरिका पिछले हमलों से भी अधिक खतरनाक हमला करेगा। तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने ईरानी नेगोशिएटिंग टीम को लेकर कथित तौर पर कड़ी टिप्पणी की, जिसके जवाब में ईरानी टीम वार्ता स्थल छोड़कर बाहर चली गई थी। हालांकि, कतर और पाकिस्तान के राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से बातचीत को संभाला और सोमवार तड़के तक इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया।शांति समझौते के मुख्य बिंदु: किन मुद्दों पर बनी सहमति?इस वार्ता के जरिए दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है:60 दिनों का डेडलाइन: दोनों देशों ने अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। इसके लिए तकनीकी वार्ताएं तुरंत शुरू की जाएंगी।होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव को टालने के लिए दोनों देशों ने एक 'डायरेक्ट कम्युनिकेशन लाइन' स्थापित करने पर सहमति जताई है, ताकि वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।स्पेशल सेल का गठन: अमेरिका, ईरान और लेबनान के बीच एक स्पेशल सेल बनाया जाएगा, जिसका एकमात्र काम लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करना और युद्धविराम का सख्ती से पालन कराना होगा।निगरानी समिति: समझौते को लागू करने और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों से जुड़े मामलों पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय राजनीतिक समिति का गठन किया गया है।प्रतिबंधों में ढील और ईरान को मिली बड़ी राहतईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। समझौते के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया गया है, नाकाबंदी में ढील दी गई है और ईरान की कुछ जब्त संपत्तियों को जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही, ईरान के लिए एक बड़े पुनर्निर्माण और विकास योजना की भी घोषणा की गई है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।क्या यह शांति स्थायी है?यद्यपि दोनों पक्ष युद्धविराम और प्रतिबंधों में ढील पर सहमत हुए हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख अभी भी बना हुआ है। 'लेक ल्यूसर्न' शिखर सम्मेलन ने एक खिड़की तो खोली है, लेकिन इसकी असल परीक्षा लेबनान में शांति बनाए रखने और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर होने वाली भविष्य की तकनीकी वार्ताओं में होगी। कतर और पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे शांति मिशन में निर्णायक
वर्ल्ड कप 2026 में ईरान के साथ भेदभाव? अमेरिकी वीज़ा प्रतिबंधों पर उठे सवाल
FIFA World Cup 2026 में ईरान ने खुद को ‘सबसे ज़्यादा दबाई गई टीम’ बताया। वीज़ा प्रतिबंध, सुरक्षा जांच और खेल के राजनीतिकरण पर उठे गंभीर सवाल
अमेरिका ने भारत के लिए 482 मिलियन डॉलर के सपोर्ट पैकेज को दी मंजूरी
नई दिल्ली, अमेरिका ने भारत के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के लिए लगभग 482.2 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपए) के रखरखाव और सपोर्ट पैकेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भारत और अमेरिका के घरों के बीच एक ऐसा चौंकाने वाला अंतर बताया है जिसे सुनकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। महिला ने दोनों देशों में अपार्टमेंट कल्चर और रहने के तौर-तरीकों की तुलना करते हुए निर्माण सामग्री (Construction Material) और रोजमर्रा के आराम से जुड़े कुछ बेहद दिलचस्प और जमीनी अंतर साझा किए हैं।'भारत के अपार्टमेंट्स में मिलती है गजब की शांति और प्राइवेसी'वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी महिला ने बताया कि भारत में रहने के दौरान जो सबसे बड़ी और अच्छी चीज उसने महसूस की, वो थी वहां मिलने वाली शांति और प्राइवेसी। उसने कहा कि भारत में ज्यादातर अपार्टमेंट्स और हाईराइज बिल्डिंग्स मजबूत कंक्रीट से बनाई जाती हैं। यह कंक्रीट कई इंच मोटा होता है, जिसकी वजह से पड़ोसियों की आवाज एक घर से दूसरे घर में जाना लगभग नामुमकिन होता है। मोटी कंक्रीट की दीवारों और मजबूत फर्श के कारण घरों के बीच आने-जाने वाला शोर (Sound Pollution) पूरी तरह रुक जाता है। यही वजह है कि भारत के घनी आबादी वाले अपार्टमेंट्स में रहने के बावजूद लोग अंदर एक बेहद शांत और सुकून भरे माहौल का आनंद ले सकते हैं।अमेरिका वापस लौटते ही महिला को लगा तगड़ा झटकाअपने देश वापस लौटने के अनुभव को साझा करते हुए महिला ने कहा, मैं कुछ महीने पहले जब अमेरिका वापस आई, तो मैं यहां का सिस्टम भूल ही चुकी थी। अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने का अनुभव आवाज के मामले में बेहद डरावना और अलग है। अमेरिका में हम अपने अपार्टमेंट्स कंक्रीट के बजाय बेहद कमजोर और हल्के मटीरियल से बनाते हैं, जिसे देखकर मुझे एक बड़ा झटका लगा। महिला ने बताया कि अब हालत यह है कि वह सुबह-सुबह अपने पड़ोसियों की बातचीत और कदमों की आवाज से जाग जाती है।आखिर क्यों खोखले और कमजोर होते हैं अमेरिका के घर?समस्या सिर्फ पड़ोसियों की आवाज तक सीमित नहीं है, महिला के मुताबिक घर के अंदर रहने पर भी बाहर सड़क का शोर साफ सुनाई देता है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा तकनीकी कारण है। अमेरिका में ज्यादातर कम और मध्यम ऊंचाई वाले अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स कंक्रीट के बजाय लकड़ी के फ्रेम (Wood Framing) और बेहद हल्के मटीरियल से बनाए जाते हैं। निर्माण का यह तरीका बेहद तेज और सस्ता होता है, जिससे वहां के बिल्डर्स और डेवलपर्स घरों की मांग को कम लागत में आसानी से पूरा कर लेते हैं, लेकिन इसमें साउंड इंसुलेशन (Sound Insulation) और प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है।अमेरिका में घर लेने वालों को महिला ने दी ये खास सलाहवीडियो के अंत में महिला ने उन लोगों को एक बहुत ही काम की सलाह दी है जो आने वाले समय में अमेरिका में शिफ्ट होने या वहां अपार्टमेंट लेने की सोच रहे हैं। महिला ने कहा, अगर आप अमेरिका के किसी अपार्टमेंट में रहने का मन बना रहे हैं, तो कृपया पहले ही मानसिक रूप से तैयार रहें कि वहां आपको शांति की कमी खल सकती है। मैं बस आपको एक जरूरी जानकारी दे रही हूं। इस वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि घर का मतलब सिर्फ उसका बड़ा साइज या लग्जरी सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, सेहत और मानसिक शांति को तय करती है।
अमेरिका और ईरान समझौते के बीच घटीं आपूर्ति की चिंताएं
नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज गिरावट दर्ज की गई।
60 दिनों में समझौते पर सहमत अमेरिका-ईरान
२१ जून; स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई उच्चस्तरीय वार्ता के पहले दिन सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। वार्ता के मध्यस्थ पाकिस्तान और क़तर ने बताया कि दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक साझा रोडमैप पर सहमति व्यक्त की है। इसके साथ ही […]
ट्रंप की धमकी से बिगड़ा माहौल, सिर्फ 80 मिनट ही चली अमेरिका-ईरान वार्ता
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गलीबाफ ने वार्ता के दौरान ट्रंप की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी धमकियों का तेहरान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और ईरान अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकती है अंतिम मंजूरी, इस हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम डील पर अहम चर्चा होगी।
US Iran News in Hindi : स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता मात्र 80 मिनट में खत्म हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े हमले की धमकी दी। इस पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य को धमकाने से कोई ...
अमेरिका का बदला रुख: ईरान को कुछ मिसाइल रखने की मिल सकती है अनुमति
ट्रंप प्रशासन ने रविवार को संकेत दिया कि भविष्य में होने वाले किसी समझौते के तहत ईरान को सीमित संख्या में मिसाइलें रखने की अनुमति दी जा सकती है
ईरान को बैंकिंग छूट – अमेरिकी राजनीति में मचा घमासान
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बन रहे नए कूटनीतिक समझौते के तहत ईरान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेच सकेगा
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत और अमेरिका इस हफ्ते मंत्रियों के स्तर पर व्यापार वार्ता करेंगे। दोनों देश अगले महीने टैरिफ से जुड़ी एक अहम समय-सीमा से पहले प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं।
6 अरब डॉलर के बदले अमेरिका ने ईरान के सामने रखी 'परमाणु' शर्त! जानें डील की पूरी इनसाइड स्टोरी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव और युद्ध के हालातों के बीच अब शांति की एक नई उम्मीद जागी है। दोनों देशों के बीच हुए शुरुआती समझौते के बाद अब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ऐतिहासिक आमने-सामने की वार्ता शुरू होने जा रही है। इस अहम बैठक के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी टीम के साथ स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं, वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी वहां डेरा डाल दिया है। इस कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। आइए समझते हैं कि आखिर अमेरिका इस वार्ता में ईरान से क्या चाहता है और इस डील के मायने क्या हैं।6 अरब डॉलर का फंड और परमाणु ठिकानों की शर्तकूटनीतिक जानकारों के अनुसार, लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक के कारण यह शांति वार्ता पहले टल गई थी, लेकिन अब पहले चरण की बातचीत में अमेरिका अपना सबसे बड़ा दांव चलने जा रहा है। अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान उसे अपने उन संवेदनशील परमाणु स्थलों (Nuclear Sites) का निरीक्षण करने की अनुमति दे, जहां पूर्व में अमेरिकी बमबारी हुई थी। अगर ईरान इस शर्त को मानकर अमेरिकी प्रतिनिधियों को वहां जाने का रास्ता देता है, तो इसके बदले में अमेरिका ईरान का फ्रीज किया हुआ 6 अरब डॉलर का भारी-भरकम फंड तुरंत रिलीज कर सकता है। लगभग चार महीने से जारी छद्म युद्ध को रोकने के लिए इस डील के तकनीकी पहलुओं पर बर्गेनस्टॉक में फाइनल मुहर लगनी है।इजरायल की धमकी और 60 दिनों का अल्टीमेटमअमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए 60 दिनों का बेहद अहम समय तय किया गया है। हालांकि, इस शांति वार्ता पर इजरायल के कड़े रुख का खतरा लगातार मंडरा रहा है। इजरायल ने साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका-ईरान के बीच हो रही इस डील को मान्यता नहीं देता है। इजरायल का कहना है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान और उसके समर्थित गुटों पर स्वतंत्र रूप से सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह आजाद है।ईरान की 'पावरफुल' टीम में कौन-कौन है शामिल?अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सैन्य झड़पें कम करने की कोशिशों के बाद ईरान ने भी अपनी कूटनीतिक ताकत झोंक दी है। स्विट्जरलैंड पहुंची ईरानी टीम का नेतृत्व वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ कर रहे हैं। इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ-साथ केंद्रीय बैंक और तेल क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद हैं, जो आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और फंड बहाली पर मोलभाव करेंगे।'होर्मुज' की चेतावनी के बावजूद नहीं रुकी बातचीतइस बहुप्रतीक्षित वार्ता से ठीक एक दिन पहले तनाव तब और बढ़ गया था, जब ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान कर दिया था। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने आरोप लगाया था कि लेबनान में इजरायल के लगातार हमले और अमेरिका की 'बदनीयती' युद्ध रोकने के वादों का खुला उल्लंघन है। ईरानी स्टेट टीवी ने चेतावनी दी थी कि अगर आक्रामकता जारी रही तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, इस भारी कड़वाहट और बयानबाजी के बावजूद दोनों देश वार्ता की मेज पर आ गए हैं, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
शेयर बाजार का हाल: कच्चा तेल,अमेरिका-ईरान वार्ता और आर्थिक डेटा तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अलगा हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता और घरेलू आर्थिक डेटा जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर आउटपुट, पीएमआई और फॉरेक्स डेटा से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
60 दिन या टोल टैक्स! ट्रंप की नई धमकी से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, होर्मुज में अब वसूली करेगा अमेरिका
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के साथ अंतिम और स्थायी शांति समझौता नहीं हुआ, तो वाशिंगटन (अमेरिका) खुद कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों पर अपना समुद्री टोल टैक्स लगा देगा। ट्रंप की इस अप्रत्याशित धमकी के बाद वैश्विक तेल बाजार और कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।घरेलू दबाव के आगे झुके ट्रंप? अंतरिम समझौते की शर्तों पर खड़े हुए सवालदरअसल, हाल ही में अमेरिका और तेहरान (ईरान) के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत केवल दो महीने (60 दिन) के लिए इस रणनीतिक समुद्री रूट से बिना किसी टैक्स या बाधा के व्यापारिक जहाजों को आने-जाने की खुली छूट दी गई थी।इसी बात को लेकर अमेरिका के भीतर ही ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव तेजी से बढ़ रहा था। आलोचकों का कहना था कि इस छूट से ईरान को फायदा हो रहा है। घरेलू स्तर पर घिरने के बाद ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह कड़ा रुख अख्तियार किया है और 60 दिन का अल्टीमेटम दे डाला है।अमेरिका बनेगा 'गार्जियन एंजेल': ट्रंप बोले— सेना के खर्च की भरपाई के लिए वसूलेंगे टैक्सकैंप डेविड से सोशल मीडिया पर जारी एक बेहद आक्रामक बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी रणनीति साफ की। उन्होंने घरेलू और वैश्विक चिंताओं को शांत करने की कोशिश करते हुए स्पष्ट कर दिया कि 60 दिनों की इस समयसीमा के दौरान या इसके खत्म होने के बाद किसी भी अन्य देश (विशेषकर ईरान) को इस रूट पर समुद्री टैक्स वसूलने की इजाजत कतई नहीं दी जाएगी। अगर टैक्स लिया भी जाएगा, तो वह पैसा सीधे अमेरिका के खाते में आएगा।ट्रंप ने इस संभावित अमेरिकी टोल टैक्स को सही ठहराते हुए एक अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना मिडिल ईस्ट के देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए एक 'गार्जियन एंजेल' (रक्षक) की तरह काम करती है और उन्हें सुरक्षा देती है। इसलिए, अमेरिकी सेना द्वारा दी जा रही इन सेवाओं के बदले अतीत में हुए और भविष्य में होने वाले भारी-भरकम ऑपरेशनल खर्च की भरपाई इसी टैक्स के जरिए की जाएगी।स्विट्जरलैंड में महामंथन: पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में परमाणु वार्ताट्रंप की यह अचानक आई धमकी ऐसे समय में आई है जब स्विट्जरलैंड में बेहद नाजुक और संवेदनशील दौर की कूटनीतिक बातचीत शुरू होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल वार्ता में पाकिस्तान और कतर मुख्य मध्यस्थ (मिडिएटर) की भूमिका निभा रहे हैं, जो दोनों महाशक्तियों को एक मेज पर लाने की कोशिश में जुटे हैं।इस गुप्त और महत्वपूर्ण बातचीत का मुख्य मकसद एक व्यापक परमाणु समझौते को अंतिम रूप देना और क्षेत्र में युद्ध के तनाव को कम करना है। इस बातचीत को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बागेर कलीबाफ सहित कई बड़े वैश्विक नेता इस महामंथन के लिए यूरोप पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रंप की टोल टैक्स वाली शर्त ने वार्ता की राह कठिन कर दी है।लेबनान हमले का बहाना बनाकर ईरान ने दी थी रास्ता ब्लॉक करने की धमकीआपको बता दें कि इस अंतरिम समझौते की मजबूती पर पहले दिन से ही सवाल उठ रहे थे। हाल ही में लेबनान में हुए इजरायली सैन्य हमलों का हवाला देते हुए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड ने शुरू में होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया था।ईरान ने वाशिंगटन पर अपने कूटनीतिक वादों से मुकरने और सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया था। तेहरान का तर्क था कि शुरुआती समझौते की पहली शर्त के तहत सभी मोर्चों पर तुरंत दुश्मनी और जंग रुकनी चाहिए थी, जो कि नहीं हुआ।आर्थिक मोर्चे पर क्या दांव पर लगा है? अरब देशों की बढ़ी टेंशनईरान की इस तीखी बयानबाजी और नाकेबंदी की धमकी के बावजूद, वाशिंगटन ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर ईरान के संप्रभु अधिकार के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि पश्चिमी देशों की नौसेना की कड़ी निगरानी में होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात पूरी तरह सुचारू रूप से चल रहा है। इस कूटनीतिक विवाद के तुरंत बाद भी दर्जनों विशाल व्यापारिक जहाज लाखों बैरल कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरे हैं।हालांकि, खाड़ी के अरब देश (Gulf Countries) किसी भी ऐसे नए समुद्री नियम या अमेरिकी टोल टैक्स के सख्त खिलाफ हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो या तेल का परिवहन महंगा हो जाए। ऐसे में ट्रंप द्वारा टैक्स लगाने की इस नई शर्त ने स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत को और उलझा दिया है। अब वैश्विक राजनयिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे दुनिया को एक बड़े आर्थिक व ऊर्जा संकट से भी बचाएं और अमेरिका की इस आक्रामक मांग का कोई बीच का रास्ता भी निकालें।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस स्विट्जरलैंड के लिए हुए रवाना, ईरान के साथ अगले चरण की होगी वार्ता
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड के दौरे पर रवाना हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ होने वाली बैठक से तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा आगे बढ़ सकेगी
फाजिल्का जिले के गांव लाधुका निवासी एक युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 42 लाख 60 हजार रुपये की कथित ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपियों ने वैध वीजा पर अमेरिका भेजने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में युवक को अवैध तरीके से सीमा पार करवाई गई, जहां उसे अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। सजा पूरी करने के बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। सदर थाना फाजिल्का के एसएचओ हरदेव सिंह बेदी ने बताया कि नरेश सिंह पुत्र काला सिंह निवासी लाधुका की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता काला सिंह ने उसे अमेरिका भेजने के लिए गुरजंट सिंह और मंगत सिंह को 42 लाख 60 हजार रुपये दिए थे। आरोपियों ने तीन महीने के भीतर अमेरिका भेजने का वादा किया था। नरेश सिंह के अनुसार, आरोपियों ने उसे वैध तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में उसे विभिन्न देशों के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका पहुंचाया गया। उसने आरोप लगाया कि गुरजंट सिंह का भाई अमेरिका में रहता है और उसी के माध्यम से उसे विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। अमेरिका के जेल में रहा पीड़ित शिकायत में कहा गया है कि एजेंटों और तथाकथित “डंकरों” की मदद से उसे जंगलों और अन्य देशों के रास्तों से होते हुए मैक्सिको के पिएद्रास नेग्रास क्षेत्र से अमेरिका के ईगल पास, टेक्सास में नदी पार कर अवैध रूप से दाखिल करवाया गया। अमेरिका पहुंचने के तुरंत बाद उसे वहां की बॉर्डर पेट्रोल एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे जेल भेजा गया और टेक्सास की अदालत में पेश किया गया, जहां गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने के आरोप में 14 दिन की सजा सुनाई गई। सजा पूरी होने के बाद उसे इमिग्रेशन कैंप में रखा गया और करीब पांच महीने बाद भारत वापस डिपोर्ट कर दिया गया। नरेश सिंह का आरोप है कि भारत लौटने के बाद उसने और उसके परिवार ने आरोपियों से रकम वापस मांगने का प्रयास किया। इस संबंध में पंचायत भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने गुरजंट सिंह और मंगत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
25 साल से इंटरनेट पर कुछ भी ढूंढने का तरीका लगभग एक जैसा रहा है। जब भी किसी प्रोडक्ट, फ्लाइट टिकट या किसी खबर की जानकारी चाहिए होती है, हमें गूगल पर जाकर सर्च करना पड़ता है। कई बार लोग किसी सेल का इंतजार करते हैं, स्टॉक में वापस आने वाले प्रोडक्ट के लिए वेबसाइट रिफ्रेश करते रहते हैं या किसी खास विषय पर लगातार अपडेट देखते रहते हैं। अब गूगल इस पूरी प्रक्रिया को बदलना चाहता है। कंपनी ने सर्च एजेंट्स नाम का नया एआई फीचर पेश किया। यह ऐसा डिजिटल एजेंट है, जो आपके लिए 24 घंटे इंटरनेट पर नजर रखता है। यूजर्स के लिए चार फायदे 1. कोई प्रोडक्ट स्टॉक में आते ही अपडेट देता है मान लीजिए आप किसी लिमिटेड एडिशन किताब या नए स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं। एआई को सिर्फ ये प्रॉम्प्ट दीजिए कि यह प्रोडक्ट भारत में उपलब्ध होते ही आपको अपडेट करे। जैसे ही वह स्टॉक में आएगा, गूगल आपको अलर्ट भेज देगा। 2. फ्लाइट सस्ती होते ही मिलेगा नोटिफिकेशन अगर आप किसी शहर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एआई को बता सकते हैं कि टिकट का किराया कम होने पर जानकारी दे। एआई लगातार अलग-अलग वेबसाइट्स पर कीमतें देखता रहेगा। 3. खबर पर लगातार अपडेट करेगा परीक्षा से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो इंटरनेट पर नई जानकारी के आधार पर इससे जुड़े अपडेट देता रहेगा। 4. प्रॉपर्टी या रेंट पर घर लेने में भी मदद करेगा अभी हर प्रॉपर्टी वेबसाइट पर जाकर बजट, लोकेशन और दूसरे फिल्टर दोबारा भरने पड़ते हैं। सर्च एजेंट में अपनी जरूरत एक बार बताने के बाद एआई वेबसाइट्स पर उसी आधार पर नए विकल्प मिलने पर सूचना देगा। ऐसे काम करेगा सर्च एजेंट अभी तक गूगल पर कोई सवाल पूछने पर यूजर्स को सर्च रिजल्ट, वेबसाइट्स के लिंक और एआई ओवरव्यू दिखाई देता है। अगर विस्तार से जानकारी चाहिए तो एआई मोड का इस्तेमाल करना पड़ता है। सर्च एजेंट्स के साथ यह तरीका बदल जाएगा। यूजर एआई मोड में जाकर सिर्फ एक बार अपनी जरूरत बताएगा। इसके बाद एआई बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट स्कैन करता रहेगा। जैसे ही उससे जुड़ी कोई नई जानकारी मिलेगी, वह खुद नोटिफिकेशन भेज देगा। इस्तेमाल कैसे करेंगे? एआई मोड खोलिए व अपनी जरूरत लिखिए। उदाहरण के लिए... मुझे दिल्ली से टोक्यो जाना है। इसकी फ्लाइट जैसी ही सस्ती हो, तो मुझे अपडेट कीजिए... यानी जितना स्पष्ट निर्देश देंगे, उतने बेहतर परिणाम देगा। जल्द सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा - शुरुआत में अमेरिका में उपलब्ध है। - इसका इस्तेमाल केवल गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर कर सकते हैं। - जल्द ही इसे एआई प्रो सब्सक्राइबर्स के लिए भी जारी किया जाएगा।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली
मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
दोनों पक्षों को लगना चाहिए कि वे जीत गए, तभी अमेरिका-ईरान समझौता टिक पाएगा : शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के टिके रहने के लिए दोनों पक्षों को यह महसूस होना चाहिए कि वे जीत गए हैं
अमेरिका के वर्जीनिया में 19 वर्षीय पंजाबी छात्र ने अपने ही परिवार को गोलियां से भून दिया। युवक ने पहले माता-पिता को शूट किया और फिर नानी पर फायर कर दिया। जबकि बड़ा भाई बाल-बाल बच गया। वारदात के बाद आरोपी की पिस्टल जाम हो गई। युवक तुरंत गाड़ी लेकर भागा और तभी उसका एक्सिडेंट हो गया। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, युवक का परिवार पंजाब के नवाशहर का है। जहां मातम छाया है। पुलिस के अनुसार, उसके भाई की शिकायत के बाद ही उन्होंने आरोपी को घेरकर पकड़ा। हालांकि, आरोपी ने फायरिंग क्यों की, इसका पता लगाया जा रहा है। जांच में अभी तक आरोपी ने कुछ नहीं बताया। अब जानिए पूरा मामला… यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास का छात्र का आरोपी पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, वारदात 17 जून की रात अमेरिका के वर्जीनिया स्थित स्कैनोन विलेज में हुई। आरोपी गौरव चोपड़ा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास रियो ग्रांडे वैली का छात्र है। उसने अचानक अपने ही घर में परिवार के सदस्यों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। मा-बाप और नानी के सिर में गोली मारी आरोपी गौरव ने अपनी मां कमलेश रानी (46), पिता सीता राम (56) और नानी महेंद्र कौर (73) के सिर में गोलियां मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उसने अपने बड़े भाई सजन (21) को भी निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन वह किस्मत से बच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गौरव मौके से फरार हो गया। कार का एक्सीडेंट होने के बाद पकड़ा गया आरोपी वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय काउंटी शेरिफ ऑफिस की पुलिस ने तुरंत आरोपी की तलाश शुरू की। भागने की कोशिश में गौरव की कार का एक्सीडेंट हो गया और पुलिस के मुताबिक उसकी पिस्टल भी जाम हो गई। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। गौरव पर 'कैपिटल मर्डर' के चार गंभीर आरोप लगाए गए हैं और उसे बिना जमानत जेल में रखा गया है। 5 महीने पहले पंजाब आए थे पंजाब के नवाशहर के गांव लखपुर में परिवार का पैतृक घर है। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गयाहै। मृतक सीता राम का 'पाम व्यू' इलाके में बिजनेस था। गांव में रहने वाले मृतक के चचेरे भाई मक्खन सिंह ने बताया कि पूरा परिवार लगभग 20-30 साल से अमेरिका में रह रहा था। अभी करीब 5 महीने पहले ही सीता राम, उनकी पत्नी और दोनों बेटे के साथ गांव घूमने आए थे। अभी तक हत्या की वजह सामने नहीं आई मक्खन सिंह के अनुसार, उन्हें विदेश से किसी परिचित का फोन आया था जिसके बाद उन्हें इस सामूहिक हत्याकांड का पता चला। हालांकि, अभी तक परिवार को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर गौरव ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। अमेरिकी पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के बाद हत्या के कारण का पता चल पाएगा।
री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के तीन दिन पहले (21 जून) राजस्थान के भीलवाड़ा से पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले स्टूडेंट को पकड़ा है। आरोपी स्टूडेंट बैन टेलीग्राम एप के जरिए डील करता था। आरोपी टेलीग्राम का इस्तेमाल अमेरिका के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए कर रहा था। उसके टेलीग्राम चैनल का नाम पेपर माफिया है। दिल्ली से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने आरोपी 19 साल के आकाश चौधरी को गुरुवार (18 जून) देर रात 1 बजे शहर के पटेल नगर से उसके घर से गिरफ्तार किया है। जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश चौधरी जयपुर में कॉम्पिटिशन की तैयारी कर रहा है। उसके टेलीग्राम चैनल पर 52 मेंबर हैं। दावा है कि वो री-नीट के फर्जी पेपर चार-चार हजार रुपए में बेच रहा था। पैसे क्यू आर कोड भेजकर अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं, जबकि उसके नेटवर्क, बैंक लेन-देन और ठगी के शिकार लोगों की जांच जारी है। एस-मेक पोर्टल से मिली सूचना प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया - भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति पेपर लीक के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहा है। इसके साथ ही डीएसटी को भी इनपुट मिला कि पटेल नगर स्थित एक मकान में रह रहा युवक ऑनलाइन माध्यम से री-नीट परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहा है। अमेरिकी नेटवर्क का इस्तेमाल ताड़ा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां रहने वाले 19 वर्षीय आकाश चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से चैनल बना रखा था। वह USA के वीपीएन नंबर और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए टेलीग्राम संचालित कर रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, नीट की एक किताब और अन्य दस्तावेज बरामद किए। नीट की किताब के पन्नों को स्कैन कर डमी पेपर तैयार करता था और उन्हें असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों को भेजता था। परिवार चूरू का, 25 साल से भीलवाड़ा में रह रहा आकाश चौधरी मूल रूप से चूरू जिले के रावतसर क्षेत्र से जुड़े परिवार का है। उसका परिवार करीब 25 साल पहले रोजगार के लिए भीलवाड़ा आया था और पटेल नगर विस्तार में बस गया। आकाश ने भीलवाड़ा में पढ़ाई करने के बाद 12वीं पास की और वर्तमान में जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह दो दिन पहले ही जयपुर से भीलवाड़ा लौटा था। मोबाइल जब्त, नेटवर्क और लेन-देन की जांच जारी थाना प्रभारी सुनील ताड़ा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पेपर बेचने, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और बैंक खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई, खातों में कितना पैसा ट्रांसफर हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है। पेपर लीक के कारण 3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। नीट परीक्षा को लेकर टेलीग्राम पर लगी रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है। …. NEET पेपरलीक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. नीट पेपरलीक का आरोपी पूर्व बीजेपी पदाधिकारी निकला:कांग्रेसी बोले- भाजपा और माफियाओं के बीच क्या रिश्ता है? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा-हमारा कार्यकर्ता नहीं नीट-2026 पेपर लीक मामले में जमवारामगढ़ (जयपुर) से पकड़े गए दो भाइयों में एक भाजपा युवा मोर्चा का पदाधिकारी रह चुका है। बीजेपी से संबंध होने पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पूरी खबर पढ़िए 2. NEET पेपर लीक- 'गेस पेपर' बनाकर 10 राज्यों में बेचा:120+ सवाल हूबहू मिले, परीक्षा से 3 सप्ताह पहले माफियाओं के पास पहुंचा पेपर भास्कर को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था। माफिया ने पेपर लीक को छिपाने के लिए इसे 'गेस पेपर' का नाम दिया। पूरी खबर पढ़िए
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
AI स्टार्टअप कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने सबसे एडवांस AI मॉडल्स 'क्लाउड फेबल 5' और 'मिथॉस 5' को दुनियाभर में बंद कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला अमेरिकी सरकार के उस आदेश के बाद लिया है, जिसमें विदेशी नागरिकों के लिए इन मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगाने को कहा गया था। अब भारतीयों समेत कोई भी गैर-अमेरिकी नागरिक इनका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसके पीछे नेशनल सिक्योरिटी और साइबर हमलों के खतरे का हवाला दिया है। यह पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर या चिप्स के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। जेलब्रेक के जरिए साइबर हमले का डर अमेरिकी सरकार को डर है कि इन एडवांस AI मॉडल के जरिए सुरक्षा घेरे को 'जेलब्रेक' यानी डिजिटल जेल को बाईपास किया जा सकता है। ऐसा होने पर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर सिस्टम्स में कमियां ढूंढने, सरकारी डेटा हैक करने या बैंकिंग सिस्टम और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े साइबर हमले करने के लिए किया जा सकता है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेजॉन के रिसर्चर्स ने एक टेस्टिंग के दौरान कुछ खास प्रॉम्प्ट्स का इस्तेमाल करके एंथ्रोपिक के मॉडल से सॉफ्टवेयर की कुछ कमियां निकलवा ली थीं। इसकी जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग को दी गई, जिसके तुरंत बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया। कंपनी बोली- पाबंदी का फैसला गलत इस मामले पर एंथ्रोपिक का कहना है कि सरकार का यह फैसला एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा है। कंपनी के मुताबिक, जो कमियां पाई गई थीं, वे बहुत सीमित थीं और वैसी कमियां बाजार में मौजूद दूसरे पब्लिक AI मॉडल्स भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए इतने बड़े पैमाने पर पूरी दुनिया में बैन लगाना सही नहीं है। कंपनी ने बताया कि लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और ब्रिटेन के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी, तब किसी को ऐसा कोई बड़ा खतरा नहीं मिला था। कंपनी अब सरकार से बातचीत कर रही है ताकि इस एक्सेस को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। तब तक यूजर्स कंपनी के बाकी पुराने AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के साथ पहले से चल रहा था विवाद एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच पिछले कुछ महीनों से तनाव चल रहा है। दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को डोमेस्टिक सर्विलांस (घरेलू जासूसी) और पूरी तरह से ऑटोमैटिक चलने वाले हथियारों में अपने AI मॉडल का इस्तेमाल करने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पेंटागन ने एंथ्रोपिक को 'सप्लाई-चेन रिस्क' की लिस्ट में डाल दिया था। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब कंपनी शेयर बाजार में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है, जिससे उसकी मार्केट वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 92 लाख करोड़ रुपए) आंकी जा रही है। जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू बोले- ग्लोबलाइजेशन अब खत्म अब तक अमेरिका का ध्यान सिर्फ AI चिप्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को दूसरे देशों (विशेषकर चीन) तक पहुंचने से रोकने पर था। लेकिन सॉफ्टवेयर पर लगे इस नए बैन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय टेक कंपनी जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस फैसले पर चिंता जताते हुए इसे भारत के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है। वेम्बू ने कहा कि अब ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है। भारत को अब विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहने के बजाय तेजी से अपनी खुद की सॉवरेन AI क्षमताएं डेवलप करनी चाहिए और ओपन-सोर्स मॉडल्स को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कोई भी देश कभी भी अपनी टेक्नोलॉजी का एक्सेस बंद कर सकता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'जेलब्रेक' और 'सॉवरेन AI'? जेलब्रेक: AI मॉडल्स में कुछ सुरक्षा नियम सेट किए जाते हैं, ताकि वे बम बनाना, साइबर हमला करना या अवैध काम सिखाने जैसी जानकारियां न दें। जब कोई हैकर या यूजर चालाकी से इन नियमों को तोड़कर AI से प्रतिबंधित जानकारी निकलवा लेता है, तो उसे 'जेलब्रेक' कहते हैं। सॉवरेन AI: किसी देश की ओर से खुद के डेटा, इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिकों की मदद से तैयार किया गया घरेलू AI सिस्टम। इस पर किसी बाहरी देश या विदेशी कंपनी का नियंत्रण नहीं होता। ------------ ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

