Sirmour News: अमेरिका के साथ कृषि समझौते के विरोध में किसानों और मजदूरों ने किया प्रदर्शन
अमेरिका के साथ किए गए कृषि समझौते और चार लेबर कोड के विरोध में सोमवार को हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने रद्द किए 1.75 लाख से ज्यादा वीजा
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लापरवाही से गाड़ी चलाने से लेकर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराधों में शामिल विदेशी नागरिकों के 1.75 लाख से अधिक वीजा रद्द किए गए हैं. ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है.
अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब: होर्मुज के कारण तेल कीमतों में उछाल; फेडरल रिजर्व पर दबाव घटा
Yamuna Nagar News: भारत-अमेरिका डील का विरोध कर रहे 250 किसानों को हिरासत में लेकर छोड़ा
भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया।
Udham Singh Nagar News: अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम
अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में सांकेतिक चक्का जाम
अमेरिकी राजदूत गोर की विदेश सचिव मिस्री और मिलिंद देवड़ा से मुलाकात, यूएस-भारत साझेदारी पर हुई चर्चा
New Delhi, 10 अगस्त . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने Monday को विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की. इसके अलावा, गोर और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा की भी मीटिंग हुई. गोर ने जानकारी दी कि राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा के साथ भारत-अमेरिका साझेदारी को लेकर चर्चा की. अमेरिकी राजदूत गोर ने ... Read more
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ में चीन ने अद्वितीय लाभ प्रदर्शित किए: अमेरिकी मीडिया
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की दौड़ में चीन ने अद्वितीय लाभ प्रदर्शित किए: अमेरिकी मीडिया
Global Oil Crisis: होर्मुज संकट से $84 के पार पहुंचा Brent Crude, ईरान-अमेरिका में बढ़ी तकरार
तेल की कीमतों में सोमवार सुबह एक बार फिर तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ी हुई है। सबसे ज्यादा नजर होर्मुज स्ट्रेट पर है, जहां से तेल की आवाजाही फिर शुरू होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है। इसी अनिश्चितता के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम एक प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए हैं। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे भारतीय समय के अनुसार ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.32 प्रतिशत बढ़कर 84.65 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.99 डॉलर प्रति बैरल रही। हालांकि, इससे पहले पिछले सप्ताह दोनों प्रमुख तेल मानकों में सात प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी। उस समय उम्मीद थी कि ईरान और ओमान के बीच समझौता हो सकता है और इसके बाद होर्मुज स्ट्रेटसे जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेटदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब पांचवीं तेल आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती थी। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ता है और कीमतों में तेजी आने का खतरा बढ़ जाता है। मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच समुद्री रास्ते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि ओमान के साथ समझौता अंतिम दौर में है। इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेटसे जहाजों के लिए नए समुद्री रास्ते तय किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि इन रास्तों का इस्तेमाल तभी शुरू होगा, जब अमेरिका उसकी कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार करेगा। ईरान की मांगों में मुआवजा, प्रतिबंधों को हटाना और अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकी खत्म करना शामिल है। दोनों देशों के बीच फिलहाल सीधी बातचीत नहीं हो रही है। अराघची के मुताबिक, ईरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपने संदेश पहुंचा रहा है। उनका कहना है कि जब तक अमेरिका जून में हुए अंतरिम समझौते का पालन नहीं करता, तब तक सीधे बातचीत की स्थिति नहीं बन सकती है। इस बीच क्षेत्र में तेल से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हमला करने का दावा किया। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने रिफाइनरी में आग लगने की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, आग लगने की वजह के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई है। बता दें कि हूती विद्रोही लाल सागर और अदन की खाड़ी के आसपास भी जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं। यह इलाका भी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार और तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। पिछले महीने हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की थी। उसने इसे यमन में हूतियों पर सऊदी दबाव का जवाब बताया था। सऊदी अरब इन आरोपों से इनकार करता है और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। उधर, संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी ने बताया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से उसके 15 जहाज होर्मुज स्ट्रेटसे गुजरते समय हमलों की चपेट में आ चुके हैं। इन घटनाओं ने तेल की सुरक्षित आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि तेल बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है, लेकिन मौजूदा कीमतें युद्ध के शुरुआती दौर में देखे गए 126 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से काफी नीचे हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि होर्मुज स्ट्रेटकब दोबारा पूरी तरह खुलेगा और ईरान, ओमान तथा अमेरिका के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। इन घटनाक्रमों के कारण आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहने की आशंका जताई जा रही है।
'रूस तो बहाना अमेरिका का असली निशाना है भारत...'ट्रंप के 100% टैरिफ बिल को लेकर विशेषज्ञों का बड़ा खुलासा
अमेरिका के कोलंबिया में जबरदस्त भूकंप, रिक्टर स्केल पर 6.8 तीव्रता रिकॉर्ड
कोलंबिया में ज़ोरदार भूकंप आया। US जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने शुरुआती तौर पर इसकी तीव्रता 7.4 मापी। USGS के मुताबिक, भूकंप 12:34 UTC यानी सुबह करीब 7:34 बजे (स्थानीय समय) कोलंबिया के चोको डिपार्टमेंट में सैन होज़े डेल पाल्मार से लगभग 5 किलोमीटर पूर्व में आया। यह ज़मीन से लगभग 107 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। हालांकि, US सुनामी वॉर्निंग सिस्टम ने भूकंप की तीव्रता अलग मापी और इसे 7.1 बताया। सिस्टम ने कहा कि कोलंबिया में भूकंप आने के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। भूकंप के झटके कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए, जिनमें भूकंप के केंद्र (एपीसेंटर) से दूर के इलाके भी शामिल थे। शुरुआती रिपोर्टों से यह भी पता चला कि झटके कोलंबिया के बाहर, वेनेजुएला की सीमा की ओर भी महसूस किए गए। इसे भी पढ़ें: Colombia में नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के अगले दिन Car Bomb विस्फोट कोलंबिया दक्षिण अमेरिका के सबसे ज़्यादा भूकंप-संवेदनशील देशों में से एक है। कई टेक्टोनिक प्लेट बाउंड्री और बड़े फॉल्ट सिस्टम के पास होने के कारण, देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप आ सकते हैं। कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस का कहना है कि देश में 100 से ज़्यादा विनाशकारी भूकंप दर्ज किए गए हैं, खासकर एंडियन क्षेत्र, ईस्टर्न कॉर्डिलेरा की पूर्वी तलहटी और प्रशांत क्षेत्र में। इस देश ने अतीत में कई शक्तिशाली भूकंपों का सामना किया है। इनमें से सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक 1979 में दक्षिण-पश्चिमी कोलंबिया के टुमाको के पास आया 8 तीव्रता का भूकंप था।
अमेरिकी लेबर मार्केट में 'शोर' या संकट? जुलाई में गई 23000 नौकरियां फिर भी बेरोजगारी दर में गिरावट
अमेरिकी श्रम बाजार में जुलाई 2026 के आंकड़े विरोधाभासी रहे, जहां 23,000 नौकरियां कम हुईं, वहीं बेरोजगारी दर घटकर 4.1% पर आ गई।
ये इंस्टाग्राम स्टोरी देखिए… ये मोहतरमा हैं अमेरिकी सांसद अलेक्जेंड्रिया। एग्स फ्रीजिंग का होर्मोनल इजेंक्शन लगा रही हैं। कहती हैं- व्यस्त राजनीतिक करियर के बीच मैंने ये फैसला अपने जीवन पर कंट्रोल पाने के लिए लिया, ताकि जब चाहे परिवार शुरू कर सकूं। 36 साल की अलेक्जेंड्रिया 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार हो सकती हैं। आखिर एग फ्रीजिंग क्यों कराती हैं महिलाएं, इससे बच्चे कैसे पैदा होते हैं और क्या हैं इसके फायदे-नुकसान; आज के एक्सप्लेनर में सभी जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: एग फ्रीजिंग क्या है और ये कैसे होता है? जवाब: एक सामान्य महिला पूरी जिंदगी में 400 से 500 अंडे प्रोड्यूस करती है। बढ़ती उम्र के साथ इन एग्स की क्वालिटी खराब होती जाती है और महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावना भी कम हो जाती है। इसलिए महिलाएं कम उम्र में ही अपने स्वस्थ अंडे फ्रीज करा लेती हैं, जिससे उम्र बढ़ने के बाद भी प्रेग्नेंसी में दिक्कत न हो। असल में महिलओं की ओवरी यानी अंडाशय में छोटे-छोटे अविकसित अंडे होते हैं। इन्हें इंजेक्शन देकर विकसित किया जाता है। फिर सर्जरी के जरिए निकालकर फ्रीज कर दिया जाता है। इसे ही एग फ्रीजिंग या 'ऊसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन’ कहते हैं। सवाल-2: फ्रीज किए गए एग से बच्चे कैसे पैदा होते हैं? जवाब: जब भी महिला प्रेग्नेंट होना चाहती है, इन अंडों को लैब में स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करके भ्रूण बनाकर महिला के गर्भाशय यानी यूटेरस में इम्प्लांट कर दिया जाता है। प्रक्रिया के ४ अहम स्टेप्स… भारत में 2021 के असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एक्ट, यानी ART एक्ट के अनुसार अधिकतम 10 साल के लिए एज फ्रीजिंग करवाई जा सकती है। दुनियाभर में अलग-अलग नियम हैं। सवाल-3: किन महिलाओं के लिए एग फ्रीजिंग सबसे मुफीद होती है? जवाब: ART एक्ट के नियमों के तहत 21 से 50 साल की उम्र तक की कोई महिला अपने एग्स फ्रीज करवा सकती है। पिछले कुछ सालों में भारत समेत दुनियाभर में एग फ्रीजिंग का ट्रेंड बढ़ रहा है। खासकर, 2020 में कोरोना के बाद, जब फैमिली प्लानिंग पर खुलकर बात की जाने लगी। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ऑफ अकाउंटिंग एंड रिपोर्टिंग यानी ISAR की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 2022 से 2024 के बीच एग फ्रीजिंग कराने वाली महिलाओं की संख्या 50% तक बढ़ी है। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. दीप्ति गुप्ता बताती हैं कि एग फ्रीजिंग उन महिलाओं के लिए वरदान है, जिनमें प्राकृतिक रूप से स्पर्म फर्टिलाइजेशन नहीं हो पाता या किसी और वजह से वह बच्चा कंसीव नहीं कर पातीं। वे महिलाएं, जिन्हें कैंसर है या फिर जो ज्यादा उम्र में मां बनना चाहती हैं, वह एग फ्रीजिंग के जरिए ऐसा कर सकती हैं। कई वुमेन सेलिब्रिटीज ‘एग फ्रीजिंग’ इसलिए अपना रही हैं, ताकि अभी उन्हें करियर से ब्रेक न लेना पड़े और वह जब चाहें तब मां बन सकें। यंग वर्किंग प्रोफेशनल महिलाओं के बीच यह चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। सुपरस्टार रामचरण की पत्नी उपासना ने पिछले दिनों कहा था- ‘महिलाओं के लिए सबसे बड़ा इंश्योरेंस अपने अंडे फ्रीज करना है। इससे वे अपनी मर्जी से तय कर सकती हैं कि शादी और बच्चे कब करने हैं।' सानिया मिर्जा ने भी अपने एग फ्रीज कराने का खुलासा करते हुए कहा था- ये लाइफ का सबसे अच्छा फैसला है और सभी महिलाओं को एग फ्रीजिंग कराना चाहिए। सवाल-4: अमेरिकी सांसद अलेक्जेंड्रिया एग फ्रीज क्यों करवा रही हैं? जवाब: अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने एग फ्रीजिंग की प्रोसेस शुरू करते हुए बताया… सवाल-5: एग फ्रीजिंग में कितना खर्च आता है? जवाब: भारत में एग फ्रीजिंग में 1 से 2 लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है। हालांकि, इसकी फाइनल कॉस्ट कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। जैसे- आपने कौन-सा क्लिनिक चुना है, कितने समय के लिए एग स्टोर करना चाहते हैं और इस दौरान डॉक्टर आपको किस तरह की एडिशनल दवाएं देते हैं। इस प्रोसेस में कई एक्स्ट्रा चार्जेस भी होते हैं। जैसे- सवाल-6: क्या एग फ्रीजिंग के कुछ नुकसान भी होते हैं? जवाब: एक्सपर्ट एग फ्रीजिंग को आम तौर पर एक ‘सेफ प्रोसेस’ बताते हैं, लेकिन कुछ मामलों में परेशानी भी हो सकती है। फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. मीरा शाह बताती हैं… 2023 में अमेरिकन सिंगर केशा ने बताया कि उन्हें गंभीर कॉम्प्लिकेशन्स हुए। हॉर्मोन इंजेक्शन से ओवरी सूज गई और दर्द असहनीय था। उन्होंने महिलाओं को इससे बचने की सलाह दी। 2023 में ब्रिटिश टीवी स्टार विकी पैटिसन ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘हॉर्मोन इंजेक्शन से पेट बहुत सूज गया, सिर्फ 3 एग्स ही यूजेबल निकले, जिससे मैं मानसिक रूप से टूट गई थी।’ ------------ ये खबर भी पढ़िए… दुनिया में ऐसा क्या होने जा रहा कि अरबपति बच्चे चीनी भाषा सीख रहे; ट्रम्प की पोती, मस्क के बेटे तक शामिल दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क का एक पोस्ट वायरल है। वो लिखते हैं- मेरा बेटा मैंडरिन (चाइनीज भाषा) सीख रहा है। मई 2026 में मस्क अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ चीन दौरे पर गए, तब भी उनका 6 साल का बेटा चीन की पारंपरिक कढ़ाई वाली जैकेट पहने साथ दिखा था। पूरी खबर पढ़िए…
24 साल की एक लड़की की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में 24 साल की एक महिला ने अपनी जिंदगी के पिछले कुछ सालों के सफर के बारे में बताया है। महिला ने अमेरिका में पढ़ाई से लेकर मैनहैटन में नौकरी करने और कम उम्र में एजुकेशन लोन चुकाने तक के कई बड़े पड़ावों के बारे में बताया है। वायरल वीडियो में महिला ने बताया कि 20 साल की उम्र में लिया गया एक फैसला उनके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क में अपना करियर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने एजुकेशन लोन चुकाया और अकेले कई देशों की यात्रा भी की। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।6 महीने में चुकाया लोनमहिला ने बताया कि अमेरिका में फाइनेंस की मास्टर डिग्री करने के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद, 22 साल की होने से पहले उन्हें मैनहैटन में फाइनेंशियल एनालिस्ट की नौकरी मिल गई। महिला ने इस मौके को अपनी मेहनत का बड़ा नतीजा और सपने के पूरा होने जैसा बताया। वीडियो में महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के महज छह महीने के भीतर ही उन्होंने अपना पूरा स्टूडेंट लोन चुका दिया था। Brilliant Girl Komal Khandelwal - Took a Rs 45 Lakh Loan & Did Her Masters in Finance in USA, Got a Job in Manhattan, Paid off her Loan, Travelled the World and Now at Age 24 she's returning to Indiapic.twitter.com/WCRUz1i8VH— Rosy (@rose_k01) August 9, 2026 अब भारत लौटने का किया फैसलाइसके अलावा, उन्होंने अपनी कमाई से अकेले 10 देशों की यात्रा करने की बात भी बताई। उनके मुताबिक, कम उम्र में ही उन्होंने अपने खर्च खुद संभालना शुरू कर दिया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं। 24 साल की उम्र में महिला अब अपनी जिंदगी का अगला पड़ाव शुरू करने जा रही हैं। अमेरिका में करीब चार साल बिताने और मैनहैटन में काम करने के बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पढ़ाई पूरी करने के साथ नौकरी की, यात्रा की और अपने करियर को आगे बढ़ाया। अब अमेरिका के अनुभवों के बाद वह भारत में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं।लोगों ने दिए रिएक्शनसोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने महिला की कहानी को प्रेरणादायक बताया और कहा कि कम उम्र में भी सही फैसले लेकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। लोगों का मानना था कि अगर इंसान मेहनत करने और नए मौके आजमाने का साहस रखता है, तो उम्र उसके रास्ते में बड़ी रुकावट नहीं बनती।(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)
सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा समझौते को ईरान ने माना अमेरिका विरोधी
ईरान के मुताबिक हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ रक्षा समझौता 'अमेरिका विरोधी' है। सोमवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा ये 'सोच में बदलाव का संकेत' है।
ईरान ने साफ किया रुख, अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी जारी रही तो होर्मुज फिर से नहीं खुलेगा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला जाएगा।
अमेरिकी दबाव से ईरान रियायत देने को मजबूर होगा: अमेरिकी डिप्लोमैट माइक वॉल्ट्ज
वाशिंगटन, 10 अगस्त . संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज को लगता है कि आर्थिक दबाव ईरान को झुकने पर मजबूर कर देगा. उनका दावा है कि बातचीत की मेज पर रियायतें देने के लिए तेहरान मजबूर हो जाएगा. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की आर्थिक रणनीति को उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था पर ... Read more
बच्चों को एडिक्ट बना रहा सोशल मीडिया, US में Meta की मुश्किलें बढ़ीं; अमेरिकी कर रहे बैन की मांग
अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्त सरकारी नियंत्रण और 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एज-वेरिफिकेशन की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही बैन की मांग कर रहे हैं…
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान और उसके सहयोगी गुटों के साथ लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसे हालात ने दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमेरिका के सैन्य रक्षा तंत्र पर गहरा दबाव बना दिया है। सतह से देखने पर अमेरिकी सेना बेहद आधुनिक और अजेय नजर आती है, लेकिन हालिया सैन्य अभियानों में मिसाइलों के भारी इस्तेमाल ने पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मुख्यालय) की एक बड़ी कमजोरी को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों और रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान के साथ यह टकराव लंबे समय तक चलता है, तो अमेरिका के सामने उन्नत मिसाइलों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर की भारी किल्लत खड़ी हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इस संघर्ष में अब तक कितनी मिसाइलें दागी जा चुकी हैं और अमेरिका को अपने भंडारों को फिर से भरने में कितना समय लगेगा।ईरानी हमलों को रोकने में खर्च हुईं अरबों डॉलर की कीमती मिसाइलेंलाल सागर (Red Sea) में हूती विद्रोहियों के ड्रोन व मिसाइल हमलों से जहाजों की सुरक्षा करने और ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को नाकाम करने के लिए अमेरिकी नौसेना और वायुसेना को भारी मात्रा में अपने उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस सिस्टम, एसएम-2 (SM-2), एसएम-3 (SM-3) और एसएम-6 (SM-6) जैसी बेहद कीमती इंटरसेप्टर मिसाइलों को दागा है। एक-एक एसएम-3 मिसाइल की कीमत लगभग 9 से 12 मिलियन डॉलर (करीब 75 से 100 करोड़ रुपये) होती है।कुछ ही महीनों के भीतर अमेरिका ने अपने उस वार्षिक मिसाइल स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर दिया है, जिसे बनाने में सालों का समय लगा था। इसके अलावा, ईरान समर्थित ठिकानों पर सटीक हमले (प्रिसीजन स्ट्राइक) करने के लिए टॉमहॉक (Tomahawk) क्रूज मिसाइलों और गाइडेड बमों का भी अत्यधिक प्रयोग किया गया है। इतने बड़े पैमाने पर मिसाइलों की खपत ने अमेरिकी रक्षा थिंक-टैंकों की नींद उड़ा दी है।कितनी मिसाइलें बची हैं और क्यों खाली हो रहा है अमेरिकी भंडार?यद्यपि पेंटागन सुरक्षा कारणों से अपने सटीक मिसाइल भंडारों (शस्त्रागार) के आंकड़े सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की रक्षा समितियों की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अमेरिका का 'क्रिटिकल म्यूनिशन स्टॉक' (महत्वपूर्ण हथियारों का भंडार) खतरनाक रूप से निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि अमेरिका पिछले कुछ सालों से एक साथ कई मोर्चों पर हथियारों की आपूर्ति कर रहा है।यूक्रेन-रूस युद्ध में यूक्रेन की मदद, ताइवान को सैन्य सहायता और अब मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष के कारण अमेरिकी रक्षा भंडार पर तिहरा दबाव पड़ा है। विशेष रूप से एसएम-3 और पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का बचा हुआ स्टॉक अब इतना सीमित हो गया है कि यदि एशिया-प्रशांत क्षेत्र (उदा. चीन के खिलाफ) में कोई नया युद्ध छिड़ता है, तो अमेरिका के लिए एक साथ दो बड़े मोर्चों को संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।नया मिसाइल स्टॉक तैयार करने में आखिर कितने साल लगेंगे?अमेरिकी सेना के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय उनका सुस्त 'डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस' (रक्षा उत्पादन ढांचा) है। शीत युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका ने अपने रक्षा कारखानों की संख्या कम कर दी थी। आधुनिक मिसाइलें बेहद जटिल होती हैं, जिनमें उच्च तकनीक वाले सेमीकंडक्टर्स, विशेष रॉकेट मोटर्स और दुर्लभ रसायनों की आवश्यकता होती है।सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि जितने बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागी गई हैं, उनकी भरपाई करने और शस्त्रागार को युद्ध-पूर्व वाले स्तर पर लाने में अमेरिका को कम से कम 3 से 5 साल का लंबा समय लगेगा। वर्तमान में लॉकहीड मार्टिन और रेथियॉन जैसी प्रमुख अमेरिकी रक्षा कंपनियां प्रति वर्ष केवल कुछ सौ पैट्रियट और टॉमहॉक मिसाइलों का ही उत्पादन कर पाती हैं। रक्षा उत्पादन की इस धीमी गति ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक से लैस होने के बावजूद, लंबे समय तक चलने वाले भीषण युद्ध में अमेरिका के पास हथियारों की तत्काल आपूर्ति करने की क्षमता सीमित है।
एशिया में ईरान और रूस के दांवपेंच से निपटने के लिए या फिर अमेरिका और चीन की शह पर पहले पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच और अब तुर्किये के साथ भी मक्का में जो रक्षा समझौते हुए हैं, उसके दृष्टिगत भारतवासियों के दिलोदिमाग में बस एक ही सवाल कौंध रहा है कि क्या कथित 'इस्लामिक नाटो' से भारत की कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ेंगी? क्या इससे निपटने में रूस-ईरान से रक्षा सम्बन्धों को और मजबूती दी जानी चाहिए? या फिर अमेरिका या चीन या फिर दोनों के इशारे पर हुए इस गठबंधन के पीछे कोई परोक्ष चाल तो नहीं है? तो जवाब होगा कि हाँ—भारत की कूटनीतिक चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं, लेकिन इसे अभी सीधे-सीधे “इस्लामिक NATO” कहना जल्दबाजी होगी। दरअसल, गत 7 अगस्त 2026 को मक्का में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने एक संयुक्त रक्षा समझौता किया है, जिसमें एक पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। यह पहले के सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते का विस्तार है। लिहाजा भारत के लिए असली चिंता यह है कि- इसे भी पढ़ें: तीन तिगाड़ा काम...पाक-सऊदी-तुर्किये की यारी क्या भारत पर पड़ेगी भारी? 'सुन्नी NATO' से हम कितने मजबूत, इस रिपोर्ट में जानें पहली, पाकिस्तान को नया रणनीतिक ऑक्सीजन मिल सकता है: पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता, तुर्किये के पास मजबूत रक्षा उद्योग/सैन्य क्षमता और सऊदी अरब के पास वित्तीय व ऊर्जा शक्ति है। इन तीनों का संयोजन पाकिस्तान को भारत के मुकाबले कूटनीतिक और सैन्य दबाव बनाने के नए साधन दे सकता है। दूसरा, तुर्किये का शामिल होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्किये ने कई बार इस्लामाबाद के पक्ष में राजनीतिक रुख अपनाया है। अब यदि वह किसी औपचारिक सामूहिक रक्षा व्यवस्था का हिस्सा है, तो भविष्य के भारत-पाकिस्तान संकट में उसका वजन और बढ़ सकता है। तीसरा, सऊदी अरब को पाकिस्तान का “स्थायी सैन्य सहयोगी” मान लेना भी गलत होगा: रियाद के भारत के साथ बड़े आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक हित हैं। इसलिए सऊदी नेतृत्व के लिए पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग और भारत के साथ रणनीतिक संबंध—दोनों को साथ लेकर चलना संभवतः अधिक उपयोगी है। यक्ष प्रश्न : क्या इसके पीछे रूस विरोधी अमेरिका की चाल हो सकती है? जवाब: संभावना को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन अभी इसका प्रमाण नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जनवरी 2026 में ही रणनीतिक विश्लेषण में यह कहा जा रहा था कि तुर्किये इस तरह के गठबंधन का इस्तेमाल NATO के भीतर अपनी bargaining power बढ़ाने और “hedging” के लिए कर सकता है। चूंकि अमेरिका के लिए ऐसा ढांचा कुछ परिस्थितियों में उपयोगी भी हो सकता है, क्योंकि ईरान के विरुद्ध क्षेत्रीय deterrence बढ़ाना, पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य बोझ कम करना, सऊदी सुरक्षा को वैकल्पिक रूप से मजबूत करना, तुर्किये को पश्चिमी सुरक्षा ढांचे से पूरी तरह दूर जाने से रोकना और पाकिस्तान को चीन के पूर्ण प्रभाव में जाने से रोकना उसका असली मकसद है। इसलिए इसे “अमेरिका के खिलाफ गठबंधन” मानना उतना ही गलत होगा जितना इसे निश्चित रूप से “अमेरिकी परियोजना” मान लेना। सुलगता सवाल: और जहाँ तक चीन की बात है? यहाँ मामला और दिलचस्प है। जवाब: चीन के पाकिस्तान के साथ अत्यंत गहरे रक्षा संबंध हैं और सऊदी अरब के साथ उसके आर्थिक संबंध लगातार बढ़े हैं। यदि यह त्रिकोण आगे चलकर विस्तृत होता है, तो बीजिंग को पश्चिम एशिया–पाकिस्तान–हिंद महासागर के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। लेकिन चीन के लिए भी समस्या है: सऊदी अरब अमेरिका से पूरी तरह अलग नहीं होना चाहता और तुर्किये NATO का सदस्य है। इसलिए इसे अभी चीन-नेतृत्व वाला गठबंधन कहना वास्तविकता से आगे निकलना होगा। # आखिर भारत को किस बात से सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए? मेरे आकलन में “इस्लामिक NATO” शब्द से ज्यादा महत्वपूर्ण इसके संभावित नेटवर्क प्रभाव हैं। यदि भविष्य में इसमें कतर, अजरबैजान, मिस्र या अन्य मुस्लिम-बहुल देश किसी रूप में जुड़ते हैं, तो तस्वीर बदल सकती है। मई में पाकिस्तान की ओर से तुर्किये और कतर के संभावित जुड़ाव की बात भी सामने आई थी। तब भारत को तीन मोर्चों पर चुनौती मिल सकती है: पश्चिम एशिया → पाकिस्तान → तुर्किये, यानी पाकिस्तान को पहली बार भारत के विरुद्ध केवल द्विपक्षीय नहीं बल्कि बहु-देशीय कूटनीतिक समर्थन तंत्र बनाने का अवसर मिल सकता है। लेकिन भारत की स्थिति भी कमजोर नहीं है, क्योंकि भारत को प्रतिक्रिया में किसी “anti-Islamic bloc” में जाने की जरूरत नहीं है। उलटे भारत की ताकत उसकी multi-alignment diplomacy है। चूंकि भारत को एक साथ सऊदी अरब और UAE से रणनीतिक संबंध है, इजरायल से रक्षा एवं तकनीकी सहयोग है, मिस्र और ग्रीस से समुद्री सहयोग है, ईरान से चाबहार संपर्क है, अमेरिका से Indo-Pacific साझेदारी है, रूस से रक्षा संबंध है और खाड़ी देशों में विशाल भारतीय प्रवासी समुदाय है, जिसका लाभ भारत को उठाना चाहिए। यही भारत का सबसे बड़ा जवाब होगा—किसी एक धुरी में शामिल होना नहीं, बल्कि इतनी मजबूत बहुध्रुवीय स्थिति बनाना कि कोई धुरी भारत को घेर न सके। निष्कर्षत: यह कहा जा सकता है कि अभी इसे “भारत को घेरने की साजिश” कहना अतिशयोक्ति होगी। लेकिन पाकिस्तान–तुर्किये–सऊदी रक्षा समझौता भारत के लिए एक वास्तविक strategic signal जरूर है। और सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि “इसके पीछे अमेरिका है या चीन?”, बल्कि यह है कि क्या दोनों महाशक्तियाँ अपने-अपने हित के लिए इस नए क्षेत्रीय समीकरण का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगी? इसकी संभावना काफी अधिक है। और एक महत्वपूर्ण बात: इस गठबंधन को “इस्लामिक NATO” कहना स्वयं इन देशों की आधिकारिक भाषा नहीं है; विश्लेषकों ने भी इस लेबल को भ्रामक बताया है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
दक्षिण कोरिया: सफेद फॉस्फोरस लीक की सूचना पर अमेरिकी सेना से संपर्क नहीं कर सका प्योंगटेक
सोल, 10 अगस्त . दक्षिण कोरिया के प्योंगटेक शहर ने पिछले महीने ओसान एयर बेस पर कथित सफेद फॉस्फोरस रिसाव को लेकर नया खुलासा किया गया है. सोल के अनुसार अमेरिकी सेना से संपर्क करने के लिए तीन बार हॉटलाइन पर फोन किया गया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. शहर के अधिकारियों ने Monday ... Read more
अमेरिका में बंद होगा फेसबुक और इंस्टा? मेटा के विरोध में लोग
अमेरिका में फेसबुक और इंस्टाग्राम के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है. दरअसल सोशल मीडिया की लत लोगों को तेजी से लग रही है. एक सर्वे में ये आया है कि ज्यादातर अमेरिकी सोशल मीडिया पर रेस्ट्रिक्शन चाहते हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकेबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है
युद्ध जितना लंबा चलेगा उतना ही अमेरिका को होगा नुकसान, हार चुके हैं राष्ट्रपति: डेमोक्रेटिक सीनेटर
युद्ध जितना लंबा चलेगा उतना ही अमेरिका को होगा नुकसान, हार चुके हैं राष्ट्रपति: डेमोक्रेटिक सीनेटर
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इस आंदोलन के तहत देशभर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ मानसा के माल गोदाम में भी बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष जताया। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा शुरू किए गए 'जेल भरो आंदोलन' का हिस्सा है। मानसा में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में राम सिंह, राजविंदर सिंह, कृष्ण चौहान, कुलविंदर सिंह, लखबीर सिंह और मक्खन सिंह सहित कई प्रमुख किसान-मजबूर नेता शामिल हुए। ट्रेड डील से कृषि और डेयरी क्षेत्र पर मंडराया संकट प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश में किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग पहले से ही गंभीर आर्थिक मंदी का सामना कर रहे हैं। ऐसे संकट के समय में केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की जा रही ट्रेड डील से देश का आम नागरिक और उत्पादक बुरी तरह प्रभावित होगा। किसान नेताओं ने गंभीर आशंका व्यक्त की कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो डेयरी कारोबार, मछली पालन और कृषि क्षेत्र पर इसका सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। छोटे और स्थानीय कारोबारियों का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर पहुंच जाएगा। किसान नेताओं का कहना है कि यदि केंद्र सरकार ने समय रहते अमेरिका के साथ इस ट्रेड डील को रद्द नहीं किया, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र एवं तेज किया जाएगा। कर्मचारियों की लंबित मांगें भी प्रमुखता से उठीं प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन केवल भारत-अमेरिका ट्रेड डील तक सीमित नहीं है। वे लंबे समय से लंबित अपनी अन्य बुनियादी मांगों को लेकर भी सरकार के खिलाफ संघर्षरत हैं। इन मांगों में प्रमुख रूप से सभी विभागों में कार्यरत अस्थाई कर्मियों को स्थायी रोजगार देना। कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के अधिकार को बहाल करना। मजदूर व कर्मचारी वर्ग की अन्य जायज मांगों को तुरंत पूरा करना। रोष मार्च निकालकर देंगे गिरफ्तारी माल गोदाम में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की है कि वे अपनी मांगों के समर्थन में शहर में एक विशाल रोष मार्च निकालेंगे। रोष मार्च के समापन पर किसान और मजदूर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर अपनी गिरफ्तारी देंगे। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार को जनविरोधी नीतियों को वापस लेना ही होगा।
Gold का भाव अब युद्ध से नहीं बल्कि अमेरिकी Fed के फैसलों और ब्याज दरों से होगा तय
सोने की कीमतों और भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच पारंपरिक संबंध बदल रहा है तथा मुद्रास्फीति, ब्याज दरें और मौद्रिक नीति सर्राफा कीमतों को प्रभावित करने वाले अधिक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरे हैं। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल)) की एच1 2026 प्रेशियस मेटल्स रिपोर्ट के अनुसार, चालू वर्ष की पहली छमाही में यह स्पष्ट हुआ कि केवल भू-राजनीतिक जोखिम सोने में तेजी बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। निवेशक अब संघर्षों का आकलन इस आधार पर अधिक कर रहे हैं कि उनका मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर क्या असर पड़ता है। एमओएफएसएल में जिंस शोध प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा, 2026 की पहली छमाही ने दिखाया कि युद्ध और सोने के बीच संबंध अब पहले की तुलना में अधिक परिस्थितियों पर निर्भर हो गया है। उन्होंने कहा कि बाजार अब केवल भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि यह देख रहा है कि उनका मुद्रास्फीति, वास्तविक ब्याज दरों और मौद्रिक नीति की अपेक्षाओं पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसे भी पढ़ें: Jaipur Police ने पुरानी इमारत का सोना चांदी हड़पने के आरोप में 5 लोगों को किया गिरफ्तार दमानी ने कहा कि ऊंचे बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) सोने के लिए सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरी। इससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की पारंपरिक मांग पर भी असर पड़ा, जबकि भू-राजनीतिक तनाव ऊंचे स्तर पर बने रहे। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में नीतिगत अनिश्चितता, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से सोने की कीमतों को मजबूती मिली। इसे भी पढ़ें: IGI Airport पर जब्त हुआ 869 ग्राम सोना, खिलौने वाले स्कूटर के टायरों में छिपाकर लाया था यात्री रिपोर्ट में कहा गया कि बाद में शुल्क बढ़ने से उत्पादन लागत और मुद्रास्फीति की अपेक्षाएं बढ़ीं। इससे लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंका मजबूत हुई और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों की वास्तविक प्रतिफल तथा डॉलर में तेजी आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष भी इस बदलते रुख का उदाहरण है। संघर्ष बढ़ने पर शुरुआती दौर में सोने की मांग बढ़ी, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ी और मौद्रिक नीति में ढील की उम्मीद कमजोर हुई। इससे सोने की तेजी सीमित रही और बाद में कीमतों में सुधार आया। रिपोर्ट में कहा गया, शुल्क अब केवल आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम नहीं रह गए हैं, बल्कि वे मुद्रास्फीति बढ़ाने वाली ताकत बन गए हैं। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Budget पेश, TVK सरकार महिलाओं को देगी सोना, नवजात को अंगूठी और पशु रिपोर्ट के अनुसार, आगे भी मुद्रास्फीति का रुख, फेडरल रिजर्व के संकेत, वैश्विक नकदी की उपलब्धता, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, ईटीएफ में निवेश और सट्टा निवेश सोने और चांदी की कीमतों के प्रमुख चालक बने रहेंगे।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ जेल भरो आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर आज 10 अगस्त को सभी संगठन एकजुट होना शुरू हो गए हैं। इसे लेकर सभी संगठनों ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम में पड़ाव डाल दिया हुआ है और धरना प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध किया जा रहा है। इस आंदोलन में किसान यूनियन से किसान नेता जसवीर भाटी, हरजिंद्र सिंह, दिवान सहारण भूपेंद्र सिंह वैदवाला, सफाई कर्मचारी यूनियन, आशा वर्कर यूनियन, आंगनवाड़ी वर्कर, बिजली कर्मचारी यूनियन व अन्य सामाजिक संगठन समर्थन करने पहुंचे। संगठन नेताओं ने मंच से संबोधन में कहा, सरकार बहकाने का काम कर रही है। किसान को हर फसल बेचने पर नुकसान उठाना पड़ रहा है और यूरिया के लिए लिमिट कर दी है। कॉरपोरेट से ज्यादा टैक्स दे रहे बाद में किसान को मिलती नहीं और महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। फसल के पूरे दाम नहीं मिलते। फिर सरकार कहती है कि टैक्स पेयर का पैसा आप पर खर्च नहीं होगा। किसान-मजदूर और देश की आधी आबादी इन कॉरपोरेट से ज्यादा टैक्स दे रही है। देश की एक प्रतिशत कारपोरेट वाले 40 प्रतिशत धन पर कब्जा किए हुए हैं। संयुक्त मोर्चा बोला-नीतियों को आगे बढ़ा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार देश के किसानों और मजदूरों को प्रभावित करने वाली नीतियों को लगातार आगे बढ़ा रही है। सरकार द्वारा अमेरिका सहित अन्य विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में बढ़ाए जा रहे कदमों से भारतीय कृषि और किसानों के हितों पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
नेपाल से सबसे ज्यादा चीनी नागरिक हुए डिपोर्ट, अमेरिकी भी पीछे नहीं; देखें लिस्ट - Jagran
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पूरी दुनिया इस वक्त भारत और रूस की यारी से हैरान है और हैरानी भी क्यों ना हो भारत और रूस ने एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए हैं जिसने दुनिया की महाशक्ति अमेरिका और भारत के पड़ोस में भारत को आंख दिखाने वाले चीन को हर बार चौकाया है और इसमें व्लादमीर पुतिन ने हमेशा भारत का साथ दिया है। अब वाशिंगटन के पेंटागन में हड़कंप है जो ट्रंप की रातों की नींद उड़ा चुकी है और इस्लामिक नाटो के मुल्क भी सन्न रह गए हैं। क्योंकि पुतिन ने भारत के साथ मिलकर वो सुपर प्लान एक्टिवेट कर दिया है जिसे अमेरिका या चीन अपना सबसे बुरा सपना मानते थे। जब पश्चिमी देशों ने समंदर में घेराबंदी की, जब रूस के खिलाफ बिल पास किए गए तो पुतिन ने पन्नों पर नहीं बल्कि जमीन के सीने पर अपनी ताकत दिखा दी। इसे भी पढ़ें: देश को America के हाथों गिरवी रख रहे PM Modi, Trump की गुलामी क्यों: Kejriwal का बड़ा हमला रूस से सीधे भारत तक एक ऐसी डायरेक्ट रेल लाइन का ऐलान जो अमेरिका के हर प्रतिबंध को कचरे के डिब्बे में डाल देगी। यह सिर्फ एक रेल मार्ग नहीं है। यह अमेरिका के ग्लोबल दबदबे की अर्थी है। दरअसल अमेरिका ने सोचा था कि वो होर्मुज को ब्लॉक कर देगा। ब्लैक सी में रूस को फंसा देगा और भारत की तेल सप्लाई काटकर दिल्ली को घुटने पर ले आएगा। लेकिन पुतिन ने कहा शतरंज के असली खिलाड़ी हम भी हैं और रूसी उप प्रधानमंत्री मरात खुसनो लीन का वो एक बयान कि भारत तक पहुंचने के लिए कोई भी रास्ता मंजूर है। दरअसल अमेरिका के लिए खुला युद्ध है यह और इसका मतलब है कि अब रूस को तुर्की के बास्फोरस या अमेरिका के चहेते किसी भी समुद्री रास्ते की परवाह नहीं है। वह पटरियों से सीधे हिंद महासागर के सीने पर उतरेगा और भारत को ताकत देगा। अब यहां सबसे बड़ा धमाका है इस्लामिक मुल्कों का एंगल। एक तरफ पूरी मिडिल ईस्ट ईरान और इजराइल की जंग में जल रहा है तो दूसरी तरफ पुतिन तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत के लिए रास्ता बना रहे हैं। यह भारत की कूटनीति का वो प्रचंड रूप है जिसे देखकर पूरी दुनिया दंग है। इसे भी पढ़ें: Kyiv क्षेत्र में Russia के हमले से चार लोगों की मौत, बेलग्रेड पहुंचे जेलेंस्की रूस का सस्ता तेल, गैस और कोयला जब इन इस्लामिक देशों को चीरता हुआ भारत पहुंचेगा तो अमेरिका का इंडोपेसिफिक वाला पूरा प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह इस्लामिक नाटो और पश्चिमी गठबंधन के बीच भारत का वो धमाका है जिसकी गूंज अब दशकों तक सुनाई देगी। भारत ने अमेरिका को ठेंगा दिखाकर रूस से 55% तेल खरीदना शुरू कर दिया है। 2030 तक भारत और रूस 100 अरब डॉलर का व्यापार करने वाले हैं। अमेरिका ने तेल के जहाजों पर बैन लगाया तब पुतिन ने ट्रेन की पटरिया बिछाने की तैयारी कर ली। एक बार यह रेल मार्ग शुरू हुआ तो समंदर में तैनात अमेरिकी जंगी जहाज सिर्फ धुआं फकेंगे और रूस की ऊर्जा शक्ति सीधे भारत के कारखानों को दहाड़ने की ताकत देगी। यह सुपर पावर भारत और महाशक्ति रूस का वो गठबंधन है जिसने पश्चिमी दुनिया की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें: Russia हिंद महासागर तक rail network बनाने का इच्छुक: Deputy PM Marat Khusnullin जब मॉस्को से चली ट्रेन सीधे मुंबई-दिल्ली स्टेशन पर रुकेगी तो क्या होगा? तब डॉलर की दादागिरी खत्म हो जाएगी। तब समुद्री लुटेरों का डर खत्म हो जाएगा और तब खत्म हो जाएगा अमेरिका का वो घमंड कि वो किसी भी देश की सप्लाई लाइन काट सकता है। चीन भी इस रेल मार्ग के पीछे खड़ा है क्योंकि उसे पता है कि अगर यह रूट बन गया तो अमेरिका का वर्चस्व हमेशा हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।
अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन बिल 2026 को लेकर फैली गलतफहमियों का खंडन किया।
Yash Toxic: अमेरिका में रिलीज से पहले ही छाया यश की 'टॉक्सिक' का क्रेज, एडवांस बुकिंग में शानदार रिस्पॉन्स, जानें टिकट की कीमत
तेजस के लिए अमेरिकी इंजन आने में हुई देरी तो DRDO ने पलट दी बाजी
DRDO नया कावेरी 2.0 इंजन लेकर आया है. 55-60kN ड्राई और 90-100kN आफ्टरबर्नर थ्रस्ट के साथ यह GE F404 इंजन की जगह लेगा. वजन घटाया गया है. तेजस और घातक यूसीएवी में इस्तेमाल होगा.
'FCRA पर मिसगाइड मत करो', राज्यसभा MP ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को लिखी चिट्ठी
FCRA पर सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं यह अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं.
'FCRA पर मिसगाइड मत करो', राज्यसभा MP ने अमेरिकी MP को लिखी चिट्ठी
FCRA पर सियासी बवाल के बीच राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने अमेरिकी सांसद रिले मूर को खत लिखा है. अपनी चिट्ठी में सुजीत कुमार ने लिखा कि भारत के एक सांसद के रूप में मैं यह अपना कर्तव्य समझता हूं कि आपके बयानों में FCRA बिल को लेकर उठाए गए चिंताओं और आशंकाओं को दूर करूं.
भारतीय राजदूत ने अमेरिकी सांसद को दिया जवाब, FCRA बिल पर गिनाए 5 ‘भ्रम’ और बताई सच्चाई
FCRA Amendment Bill को लेकर अमेरिकी सांसद के आरोपों के बीच भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पांच प्रमुख भ्रमों पर सफाई दी और भारत का पक्ष रखा।
अमेरिका में कई राज्यों में खाने-पीने की चीजों से जुड़ी बीमारियां फैलीं, एनआईएच ने जताई चिंता
वॉशिंगटन, 10 अगस्त . अमेरिका की हेल्थ एजेंसियां कई राज्यों में लेट्यूस (सलाद पत्ता), मीट, पोल्ट्री, अंडे और ताजी उपज से जुड़ी बीमारियों के फैलने और उनमें गंदगी या संक्रमण के खतरों की जांच कर रही हैं. वहीं, देश के टॉप मेडिकल रिसर्च अधिकारी ने Sunday को ग्राहकों को खाने-पीने की चीजों की सुरक्षा के ... Read more
ट्रंप के लिए खतरे की घंटी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के 65% चांस, हारे तो नहीं कर सकेंगे मनमानी
ट्रंप के लिए खतरे की घंटी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हार के 65% चांस, हारे तो नहीं कर सकेंगे मनमानी
न्यूक्लियर डील के बिना युद्ध खत्म करने की तैयारी में ट्रंप? होर्मुज खोलनेकी रखी शर्त, जानें अमेरिका का नया प्लान
FCRA बिल में खास धर्म को बनाया जाएगा निशाना? भारत ने अमेरिका की 5 गलतफहमियों पर दिया जवाब
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने विदेशों से मिलने वाले चंदे के नियमों में बदलाव वाले FCRA संशोधन बिल, 2026 को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों पर जवाब दिया है.
भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को यमुनानगर में किसानों ने जेल भरो आंदोलन किया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 11 बजे जगाधरी अनाज मंडी के गेट पर एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की। आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मंडी गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। किसानों की गिरफ्तारी के लिए तीन सरकारी बसें भी मौके पर मंगवाई गई थीं। डेढ़ घंटा चला प्रदर्शन करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान किसान मंडी गेट पर ही बैठे रहे और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की। पुलिसकर्मी गिरफ्तारी दर्ज करने के लिए कागजात लेकर मौके पर बैठे रहे। किसान एक-एक करके पुलिस के पास पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बसों में बैठाकर मौके से ले गई। ट्रेड डील से छोटे किसानों पर पड़ेगा असर किसान नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होने की स्थिति में छोटे और मध्यम किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो सकता है। इसका असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र भी प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मौजूदा नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं। गुर्जर ने कहा कि किसानों की मांग है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने कहा कि सोमवार को देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जेल भरो आंदोलन किया गया है। यमुनानगर में भी किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी गिरफ्तारी दी है। गिरफ्तारी के लिए पहले से तैयार था प्रशासन किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से अलर्ट था। मंडी गेट पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तीन सरकारी बसें भी मौके पर खड़ी कराई गई थीं। पुलिस ने किसानों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया के लिए मौके पर ही दस्तावेज तैयार किए। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद किसानों को बसों में बैठाकर ले जाया गया। सुभाष गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसान परेशान और बर्बाद हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो किसान आंदोलन को और व्यापक करने की रणनीति तैयार करेंगे।
अमेरिका में गोलीबारी की वारदातों से दहशत: शिकागो में 3 की मौत, नॉर्थ कैरोलिना में एक परिवार पर टूटा कहर
US Iran Conflict Update: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने वाशिंगटन को किसी भी तरह के जमीनी सैन्य हमले के खिलाफ सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। ईरान की सेना ने स्पष्ट किया है कि उसकी सीमाएं पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और अगर अमेरिकी सैनिक ईरान में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें कड़ा और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा।वहीं दूसरी ओर, सैन्य चेतावनियों के बावजूद मध्यस्थ देशों के जरिए दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत जारी है।'हम उन्हें काटकर अलग कर देंगे': ईरानी जनरल की सीधी चेतावनीईरान की थल सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहांशाही ने देश की सीमाओं पर जवानों की युद्ध तैयारियों का जिक्र करते हुए अमेरिका को कड़ा संदेश दिया।उन्होंने कहा, 'अगर किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी ने ईरान की धरती पर कदम रखा, तो हम उन्हें काटकर अलग कर देंगे।'जनरल जहांशाही ने जोर देकर कहा कि ईरानी बल दुश्मन की हर हरकत और संभावित खतरे पर पैनी नजर रख रहे हैं और किसी भी दुस्साहस का माकूल और आक्रामक जवाब दिया जाएगा।अमेरिका के साथ सीधी बातचीत बंद, मध्यस्थों के जरिए हो रहा मैसेज ट्रांसफरसैन्य मोर्चे पर जारी तल्खी के बीच कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने साफ किया कि वाशिंगटन के साथ कोई भी सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' के उल्लंघन को बंद नहीं करता और हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।कई मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच संदेशों के आदान-प्रदान और बातचीत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य पर ओमान के साथ डील करीबदुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को लेकर कानूनी और तकनीकी फ्रेमवर्क पर बातचीत अंतिम चरण में है।विदेश मंत्री अराघची के अनुसार, ओमान के साथ ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम और जहाजों के नए रूट तय करने को लेकर समझौता होने वाला है। पुराना रूट अब ईरान को स्वीकार्य नहीं है।ईरान ने स्पष्ट किया है कि केवल ओमान के साथ समझौता होने से होर्मुज जलडमरूमध्य अपने आप नहीं खुलेगा। इसके लिए अमेरिका द्वारा किए गए उल्लंघनों की भरपाई और अन्य शर्तों का पूरा होना जरूरी है।ओमान-ईरान बातचीत में प्रगति, नाकाबंदी हटाने का संकेतअमेरिकी प्रशासन ने भी माना है कि ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, जैसे ही वाणिज्यिक जहाजों की बिना किसी रुकावट के आवाजाही बहाल करने वाले समझौते की घोषणा होगी, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अपनी समुद्री नाकाबंदी को हटा देगा।इस समझौते से क्षेत्र में वाणिज्यिक नौवहन बहाल होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के निर्यात में आ रही रुकावटों के दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अमेरिका में गर्लफ्रेंड की हत्या का आरोपी भारतीय छात्र जर्मनी में गिरफ्तार, भारत भागने की थी तैयारी
अमेरिका के एरिजोना में गर्लफ्रेंड की हत्या के आरोपी भारतीय छात्र वरुण बाचिगारी को जर्मनी में गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर हत्या और अपहरण के गंभीर आरोप हैं।
Iran School Attack Aftermath: अमेरिकी हमले में मिनाब के स्कूल में मारे गए थे 120 बच्चे, शिक्षिका का दर्द छलका
'भारत में बंद नहीं हो रहे NGO', अमेरिका के 'भ्रम' पर भारत ने दिखाया आईना
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक 2026 को लेकर उठ रहे सवालों पर ‘मिथ बनाम रियलिटी’ के जरिए भारत का पक्ष रखा. उन्होंने विदेशी फंडिंग, एनजीओ की संपत्ति, धार्मिक संस्थानों और समुदायों को लेकर चल रही चर्चाओं पर सफाई देते हुए कहा कि बिल का मकसद पारदर्शिता और बेहतर नियमन है.
वॉशिंगटन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के डायरेक्टर डॉ. जे भट्टाचार्य ने रविवार को अमेरिकी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को स्टैंडर्ड टीके लगवाएं, जिनमें खसरे से बचाव का टीका भी शामिल है, क्योंकि अमेरिका में पिछले 35 सालों में खसरे के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
अमेरिका में ऐसा क्या है कि भारतीय वापस नहीं आना चाहते?
अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय युवक का कहना है कि विदेश में बसने की सबसे बड़ी वजह सिर्फ अच्छी सैलरी नहीं, बल्कि बेहतर 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' है. उन्होंने अपने घर के आसपास की सुविधाएं दिखाते हुए बताया कि आखिर क्यों कई लोग भारत लौटने से पहले दो बार सोचते हैं.
अमेरिका में भारतीय राजदूत ने बताया कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय देशों में पहले से ही ऐसे कानून लागू हैं। ऐसे में भारत कोई अलग कानून नहीं ला रहा है। यह कानून विदेशी फंड के बेहतर मैनेजमेंट के लिए है।
Indian student arrested in Germany for girlfriend’s murder in Arizona, News in Hindi - Indian Student Arrested: जर्मनी में भारतीय छात्र गिरफ्तार, अमेरिका के एरिजोना में प्रेमिका की हत्या का आरोप
नेतन्याहू ने खारिज की ट्रंप की 15-सूत्रीय गाजा शांति योजना, अमेरिका से मतभेद खुले
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को एक बयान में अमेरिका समर्थित 15-सूत्रीय गाजा शांति योजना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। इसी के साथ नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच के मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा कि वे इजराइल की कमजोरी और […]
अमेरिका ने ईरानी ब्लॉकेड किया और सख्त, 55 जहाजों का बदला रास्ता
अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने रविवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में तैनात 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान नाकेबंदी को सख्ती से लागू करते हुए 55 व्यावसायिक जहाजों को रिडायरेक्ट किया है, दो को निष्क्रिय कर दिया है और दो अन्य पर चढ़कर जांच की है.
भारत और अमेरिका की नौसेनाएं आज से कोच्चि में आतंकवाद और बारूदी सुरंगों से निपटने के लिए एक विशेष संयुक्त अभ्यास शुरू कर रही हैं।
गर्लफ्रेंड की हत्या कर अमेरिका से जर्मनी भागा भारतीय छात्र, गिरफ्तार
एरिजोना में 19 वर्षीय प्रेमिका जुलिसा रूबी सालाजार की गला घोंटकर हत्या करने के आरोपी 20 वर्षीय भारतीय छात्र वरुण बचीगारी को जर्मनी के बर्लिन एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी वारदात के बाद अमेरिका से भारत भागने की फिराक में था.
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सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
मुज्तबा खामेनेई का नया वीडियो जारी कर ईरान ने कैसे बढ़ाई अमेरिका की टेंशन? समझिए - India TV Hindi
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मुज्तबा खामेनेई का नया वीडियो जारी कर ईरान ने कैसे बढ़ाई अमेरिका की टेंशन? समझिए
मुज्तबा खामेनेई का एक नया वीडियो जारी किया गया, जिसमें वह 28 फरवरी के बाद अब नजर आए हैं। इसको लेकर दुनियाभर में खलबली मच गई है। जानें अगर मुज्तबा खामेनेई सेहतमंद हैं, जैसा कि वीडियो में दिख रहा है तो यह अमेरिका की टेंशन कैसे बढ़ा सकता है।
ईरान के राष्ट्रपति ने अयातुल्लाह खामेनेई से की मुलाकात, अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चर्चा
नई दिल्ली, 9 अगस्त . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने अपने President कार्यकाल के तीसरे साल की शुरुआत में इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा होसैनी खामेनेई से मुलाकात की. इस बैठक में ईरान आर्थिक, सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा हुई. इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपार्ट के अनुसार, नेता के ... Read more
होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के बदले ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं ये छह शर्तें - BBC
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भारत-अमेरिका की नौसेनाएं करेंगी समुद्र में छिपे विस्फोटकों से निपटने का अभ्यास
भारत-अमेरिका की नौसेनाएं करेंगी समुद्र में छिपे विस्फोटकों से निपटने का अभ्यास
अमेरिकी महिला का भारतीय दुल्हन लुक बना सोशल मीडिया सेंसेशन, वीडियो ने जीता दिल
अमेरिकी महिला का भारतीय दुल्हन लुक बना सोशल मीडिया सेंसेशन, वीडियो ने जीता दिल
ईरान ने ठुकराई अमेरिका से बातचीत, तेहरान ने रखी बड़ी शर्त, अब क्या करेंगे ट्रंप?
ईरान ने अमेरिका के साथ तत्काल बातचीत फिर से शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जब तक वाशिंगटन मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के उल्लंघन पर ध्यान नहीं देता और मुआवजा नहीं देता, तब तक तेहरान वार्ता की मेज पर नहीं लौटेगा।
क्या अमेरिका ने किया ईरान का परमाणु कार्यक्रम तबाह? देखें दुनिया आजतक
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है. साथ ही ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमता को भी नुकसान पहुंचने की बात कही. अमेरिका अब ईरान में लंबे दौर के बदलावों पर नजर बनाए हुए है.
हथियारों और गोला-बारूद का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ा रहा अमेरिका, महायुद्ध की तैयारी या कुछ और?
उप रक्षा मंत्री स्टीव फीनबर्ग ने कहा कि वर्षों तक चलने वाली विकास और उत्पादन प्रक्रिया अब स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका को कार्यक्रमों की समयसीमा में भारी तेजी लाने के साथ उत्पादन क्षमता का तत्काल विस्तार करना होगा।
मार्केट आउटलुक: पहली तिमाही के नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगा शेयर बाजार का रुझान
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। इस बीच इजरायल ने बड़ा कदम उठाया है। इजरायली सैन्य बलों ने सभी मिलिट्री छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर नए बड़े हमले की तैयारी कर सकते हैं।
अमेरिकी बच्चे पुलिस से नहीं घबराते, बल्कि दोस्त की तरह करते हैं भरोसा! पार्क में पुलिसकर्मी के साथ दिखा दिल छू लेने वाला नजारा
अमेरिका: यूटा में जंगल की आग बुझाते समय क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर
अमेरिका के यूटा में जंगल की आग बुझाते समय दुर्घटनाग्रस्त हुए दो हेलीकॉप्टर पायलटों की मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि अधिकारियों ने शनिवार को की। सेवियर काउंटी शेरिफ के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब उनका सिकोरस्की स्काईक्रेन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो पायलटों की मौत हो गई। यह हेलीकॉप्टर उन हेलीकॉप्टरों में शामिल था …
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, ...
अमेरिका में भारतीयों पर एक और संकट! नौकरी गई तो 60 दिन की मोहलत भी खत्म कर सकता है ट्रंप प्रशासन
अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट वीजा पर काम करने वाले विदेशी नागरिकों को मौजूदा नियमों के तहत नौकरी खत्म होने के बाद 60 दिनों तक अमेरिका में रुककर नई नौकरी तलाशने का अवसर मिलता है। इस अवधि का इस्तेमाल वे नया नियोक्ता खोजने और अपनी इमिग्रेशन स्थिति को बनाए रखने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कर सकते हैं।
अमेरिका में पंडित जी का आलीशान ठिकाना देख रह जाएंगे दंग, घर के बाहर लग्जरी कारें और अंदर शाही सुविधाएं, VIDEO वायरल
कैसे खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट? अमेरिका के सामने ईरान ने रख दी अपनी अहम शर्तें, जानिए क्या-क्या?
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर अमेरिका के सामने अपनी मुख्य मांगें रख दी हैं। इसमें सबसे प्रमुख अमेरिका को ईरान के साथ हुए युद्ध का हर्जाना देने की मांग की गई है। इन मांगों पर अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है।
रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ सकता है भारी? अमेरिका के 100% टैरिफ प्लान से बढ़ी चिंता|
रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 100% टैरिफ बिल से भारत और अमेरिका के संबंधों पर प्रभाव पड़ रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा, लेकिन ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी सीनेट में रूस प्रतिबंध विधेयक हुआ पास, देखें US TOP-10
अमेरिकी सीनेट ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को आसानी से पास कर दिया है. सीनेट ने इसे 86-11 से मंजूरी दी. इस विधेयक में रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदारों जैसे चीन और भारत को दंडित करने की बात कही गई है. ये विधेयक राष्ट्रपति ट्रंप को रूस के तेल और गैस के टॉप-5 आयातक देशों से आने वाले सामान पर 100% टैरिफ लगाने की अनुमति देता है.
मध्य पूर्व में अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बावजूद ईरान ने कूटनीतिक समाधान की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने दुनिया के सामने तेहरान का रुख स्पष्ट करते हुए शांति का रास्ता खुला रखने की बात कही है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने आधिकारिक बयानों और वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत में जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी दबाव या जबरन आत्मसमर्पण के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्र में स्थायी शांति चाहते हैं, तो उन्हें ईरान के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करना होगा और भविष्य में किसी भी सैन्य आक्रामकता को रोकने के लिए ठोस शर्तें माननी होंगी।शांति वार्ता के लिए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की तीन प्रमुख शर्तेंईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने युद्ध समाप्त करने और शांति वार्ता शुरू करने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं। पहली शर्त के तहत अमेरिका और पश्चिमी देशों को ईरान के वैध राष्ट्रीय एवं व्यापारिक अधिकारों को औपचारिक रूप से मान्यता देनी होगी। दूसरी प्रमुख शर्त में अमेरिकी और इजराइली हमलों के कारण ईरान को हुए भारी ढांचागत व आर्थिक नुकसान के लिए उचित मुआवजे (Reparations) के भुगतान की मांग शामिल है। इसके अलावा, तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण शर्त भविष्य में ईरान की संप्रभुता पर किसी भी प्रकार की सैन्य आक्रामकता को रोकने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय गारंटी (Firm International Guarantees) की है। पेज़ेश्कियान ने स्पष्ट किया कि जब तक इन मूलभूत शर्तों पर सहमति नहीं बनती, तब तक कोई भी स्थायी शांति समझौता संभव नहीं होगा।'न सरेंडर करेंगे, न शांति से पीछे हटेंगे': तेहरान की दोहरी रणनीतिईरान के सरकारी प्रसारण चैनल पर बोलते हुए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपनी सरकार और सशस्त्र बलों के बीच पूर्ण समन्वय का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में जीवित रहने और संप्रभुता बनाए रखने के लिए यह जानना जरूरी है कि कब लड़ना है और कब शांति का रास्ता चुनना है। पेज़ेश्कियान ने उन दावों को भी खारिज किया जिसमें ईरान के भीतर नेतृत्व स्तर पर मतभेद की बात कही जा रही थी। उन्होंने साफ किया कि कूटनीतिक समझौते की पहल देश के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से की गई है। तेहरान का मानना है कि यदि अमेरिका समझौते से पीछे हटता है या अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है, तो ईरान भी अपनी ओर से सैन्य जवाब देने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।ग्लोबल एनर्जी मार्केट और वैश्विक राजनीति पर प्रभावअमेरिका और ईरान के बीच जारी इस तनातनी ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को झकझोर कर रख दिया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और मध्य पूर्व के समुद्री मार्गों पर तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पेज़ेश्कियान का यह बयान अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है। अमेरिका जहां एक ओर सैन्य बल का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लंबे युद्ध से बचने के कूटनीतिक विकल्प भी तलाश रहा है। ऐसे में ईरान द्वारा रखी गई ये शर्तें आने वाले दिनों में होने वाली अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के रुख को तय करेंगी।
ईरान युद्ध और अमेरिका की लाचारियां
आज सूरत यह है कि ट्रंप ने अमेरिका को ऐसे युद्ध में उलझा रखा है, जिससे अमेरिका की कमजोरियां रोज-ब-रोज दुनिया के सामने उजागर हो रही हैं।
स्कारबोरो रीफ पर चीन की 'चाल' से भड़का अमेरिका, कहा- फिलीपींस के साथ हैं
अमेरिका ने स्कारबोरो रीफ पर चीन के राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व स्थापित करने के कदम को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. अमेरिका का कहना है कि इस कदम से फिलीपींस के पारंपरिक मत्स्य पालन क्षेत्रों में मछुआरों की पहुंच मुश्किल हो जाएगी. अमेरिका ने इसे 2016 के मध्यस्थता फैसले का उल्लंघन भी करार दिया है.
अगर अमेरिका भरोसा बनाए तो ईरान शांति का रास्ता अपनाएगा: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन
तेहरान, 9 अगस्त . ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ हाल ही में हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन समझौते (एमओयू) के तहत शांति के रास्ते पर चलता रहेगा, बशर्ते वाशिंगटन भरोसे का माहौल बनाने में मदद करे. पेजेश्कियन ने Saturday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान एमओयू के ... Read more
H-1B Visa News: अमेरिका में नौकरी गंवाने के बाद तुरंत देश छोड़ना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी सरकार वीजा को लेकर 60 दिनों के ग्रेस पीरियड को समाप्त करने पर विचार कर रही है। यह वह समय है, जिसके भीतर नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रहकर नई नौकरी खोजने की सहूलियत मिलती है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव DHS (डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी) ने दिया है और फिलहाल व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट (OMB) इस पर विचार कर रहा है। अभी इस पर कोई फैसला नहीं है और प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक भी नहीं हुई है। हालांकि अगर यह लागू होती है तो नौकरी जाने के बाद विदेशी एंप्लॉयीज के पास नई नौकरी खोजने या अपने इमिग्रेशन स्टेटस को बनाए रखने के लिए काफी कम समय मिल सकता है।क्या है 60-दिनों का ग्रेस पीरियड60-दिनों के ग्रेस पीरियड की सुविधा 2017 में मिलनी शुरू हुई थी ताकि कुछ विदेशी एंप्लॉयीज को अचानक नौकरी चले जाने की स्थिति में थोड़ा समय मिल सके। मौजूदा नियमों के अनुसार एलिजिबल वर्कर्स नौकरी खत्म होने के बाद आम तौर पर लगातार 60 दिनों तक या फिर वीजा पीरियड, जो भी पहले हो, तक अमेरिका में रह सकते हैं। इस दौरान वे नई नौकरी तलाश सकते हैं, नए एंप्लॉयर के साथ नौकरी हासिल कर सकते हैं, अपना इमिग्रेशन स्टेटस बदलने की कोशिश कर सकते हैं और अमेरिका में कानूनी रूप से रहने के लिए दूसरे विकल्प तलाश सकते हैं। ग्रेस पीरियड के इस नियम से अमेरिका में पहले से मौजूद फॉरेन वर्कर्स को नई नौकरी देने में एंप्लॉयर्स को भी सुविधा मिलती है।भारतीयों पर अधिक असर क्यों?अभी ग्रेस पीरियड हटाने की बात सिर्फ प्रस्ताव में है लेकिन अगर यह लागू होता है तो भारतीय प्रोफेशनल्स पर इसका गंभीर असर हो सकता है क्योंकि एच-1बी वीजा पर अमेरिका में काम करने वालों में भारतीयों की बड़ी हिस्सेदारी है। USCIS (यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज) के मुताबिक वित्त वर्ष 2024 में जितनी एच-1बी याचिका को मंजूरी दी गई थी, उसमें से करीब 71% तो भारत में जन्मे लोगों के थे। अमेरिका में 52 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग हैं। ऐसे में एंप्लॉयमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन रूल्स में बदलाव का असर बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है, खासतौर पर टेक्नोलॉजी जैसी इंडस्ट्री में, जहां जॉब स्विचिंग और लेऑफ होते रहते हैं।अमेरिका में जन्म लेने भर से नहीं मिलेगी नागरिकता! ट्रंप ने साइन किए 2 बड़े आदेश...जानें किसपर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
यूक्रेन ने इंटरसेप्टर मिसाइलों की हर महीने सप्लाई के लिए अमेरिका के साथ समझौता किया : जेलेंस्की
कीव, 9 अगस्त . यूक्रेन ने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की हर महीने सप्लाई को लेकर अमेरिका के साथ एक समझौता किया है. हालांकि, यूक्रेनी President वोलोडिमिर जेलेंस्की का हवाला देते हुए उक्रिनफॉर्म समाचार एजेंसी ने Saturday को बताया कि यह सप्लाई अभी भी अपर्याप्त है. बेलग्रेड में पत्रकारों से बात ... Read more
'शर्तें मानेगा अमेरिका, तभी खुलेगा होर्मुज': IRGC की चेतावनी; ओमान से समझौते के कितने करीब ईरान?
'शर्तें मानेगा अमेरिका, तभी खुलेगा होर्मुज': IRGC की चेतावनी; ओमान से समझौते के कितने करीब ईरान?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी को किया फोन, रणनीतिक संबंधों और ट्रेड डील पर हुई चर्चा
PM Modi JD Vance Call:
जब अमेरिका ने दूसरा परमाणु बम गिराया, ऐसे खत्म हुआ था सेकंड वर्ल्ड वॉर
आज के दिन ही अमेरिका ने जापान पर दूसरा परमाणु बम गिराया था. इसके बाद जापान बिन शर्त आत्मसमर्पण को तैयार हो गया. इस तरह से दूसरा विश्वयुद्ध खत्म हुआ था.
भागलपुर के सुप्रियो मुखर्जी की बंगाली लघु फिल्म 'प्रायश्चित्त' रिलीज के लिए तैयार है, जो मां-बेटे के भावनात्मक रिश्ते और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित है। वहीं, कहलगांव की अदिति अरोड़ा का राष्ट्रीय संगीत ऑडिशन के पहले राउंड के लिए चयन हुआ है, जिससे भागलपुर का मान बढ़ा है।
100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ से गिरेगा भारत का निर्यात, रूस से तेल खरीद का उठाना पड़ेगा खामियाजा
अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में भारत सहित पांच देशों के उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगने से जुड़ा विधेयक पारित होने पर जीटीआरआई ने भारतीय निर्यात को झटका लगने की आशंका जताई है। विदित हो कि अमेरिका भारतीय माल का सबसे बड़ा बाजार है।
होर्मुज में अमेरिका की धौंस: CENTCOM का दावा- 53 जहाजों के रूट बदलवाए; तेल-गैस सप्लाई के लिए नया प्लान क्या?--CENTCOM Says 53 Commercial Vessels Redirected Amid US Blockade Against Iran
US: स्कारबोरो रीफ पर चीन की नई चाल से बढ़ा तनाव? अमेरिका ने किया विरोध, फिलीपींस के मछुआरों पर क्या होगा असर?--US Rejects China Scarborough Reef Nature Reserve Plan, Backs Philippines
World News: अमेरिका में ICE बॉडी कैमरा फुटेज नीति पर विवाद; होर्मुज में CENTCOM का दबदबा, जहाजों का मार्ग बदला
Bhadohi News: अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ को लेकर कालीन उद्यमी चिंतित
Carpet entrepreneurs concerned about additional US tariffs
सुधर जाए अमेरिका, ईरान ने दे डाली खुली धमकी; होर्मुज खोलने को लेकर क्या बोला
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अमेरिका जब तक अपने व्यवहार में सुधार नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। इस नए रुख के साथ ईरान ने जलमार्ग और वहां होने वाले आवागमन को लेकर किसी समझौते के लिए बातचीत को प्रभावित करने वाली नई शर्तें रख दी हैं।
अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ से भारतीय निर्यातकों, खासकर कानपुर के उद्यमियों को भारी झटका लगा है। इससे निर्यात लागत बढ़ने और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा घटने से वे नए बाजारों की तलाश में हैं।
New Delhi, 8 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi को Saturday को अमेरिका के उपPresident जेडी वेंस का फोन आया. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की. Prime Minister मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके पुत्र के ... Read more
अमेरिका के टैरिफ पर केंद्र की विदेश नीति फेल, दोस्ती से रिश्ते मजबूत नहीं होते: सुलता देव
New Delhi, 8 अगस्त . बीजू जनता दल (बीजेडी) की सांसद सुलता देव ने अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे टैरिफ, ई20 पेट्रोल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी, महिला आरक्षण, राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और एफसीआरए संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र Government पर कई सवाल उठाए. उन्होंने अमेरिका टैरिफ के मुद्दे ... Read more
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार देर रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक सामरिक साझेदारी को प्रमुख क्षेत्रों में और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
PM मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से फोन पर की बात, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री दफ्तर के मुताबिक, पीएम मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके बेटे के जन्म पर हार्दिक बधाई भी दी.
जेडी वेंस ने PM मोदी से की बात, भारत-अमेरिका सहयोग पर हुई अहम चर्चा; पीएम ने वेंस को बधाई भी दी
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने PM मोदी से फोन पर बात की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन कॉल आया।
पीएम मोदी के पास आया अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन, किस मुद्दे पर हुई चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच अहम बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन आया था।
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ट्रंप के दामाद माइकल बोलस निजी दौरे के लिए कोच्चि पहुंचे, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी साथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलस निजी दौरे पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ कोच्चि पहुंचे।
चीन-अमेरिका को टक्कर देने की तैयारी, छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए एक्शन में भारत सरकार
भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास में तेजी ला रहा है और फ्रांस के नेतृत्व वाले 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' कार्यक्रम में शामिल होने की कोशिश कर रहा है।
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ईरान ने बताया कैसे खुलेगा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज', अमेरिका के सामने रखीं कई कड़ी शर्तें
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं, जिनमें धमकी और सैन्य कार्रवाई रोकना, नाकेबंदी हटाना, सैनिक वापस बुलाना, युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाना और जमी हुई संपत्तियां जारी करना शामिल है। इस बीच जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी हैं।
होर्मुज डील के करीब ईरान, फिर भी अमेरिका के सामने रखीं ये सख्त शर्तें
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि सिर्फ शिपिंग रूट पर समझौते से रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा. ईरान ने अमेरिका से हमले रोकने, प्रतिबंध हटाने, विदेशी सेनाओं की वापसी और जब्त संपत्ति लौटाने जैसी मांगें रखी हैं.
होर्मुज स्ट्रेट पर डील करीब है, अमेरिका से तनाव के बीच क्या बोला ईरान?
अराघची ने जून में साइन किए गए अब खत्म हो चुके मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का जिक्र करते हुए कहा कि स्ट्रेट को खोलना दूसरी शर्तों पर निर्भर है, जिसमें इस्लामाबाद एग्रीमेंट के अमेरिका के उल्लंघन के लिए मुआवजा भी शामिल है।
अमेरिका में 2 साल के बच्चे की पढ़ाई का खर्च इतना ज्यादा? Preschool फीस का VIDEO देख भारतीय भी रह गए हैरान
यूपीआई पेमेंट को लेकर इस विधेयक पर छिड़ी बहस, अमेरिकी दबाव का क्यों लग रहा आरोप - BBC
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अमेरिकी टैरिफ का झटका: क्या सुरक्षित है आपका निवेश? जानें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के तरीके
The US Senate's new tariff bill on Russian oil buyers could impact Indian markets.
अमेरिका के नए टैरिफ बिल से भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को लेकर चिंता : औद्योगिक संगठन
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले को लेकर शनिवार को एक औद्योगिक संगठन ने चिंता जाहिर की। संगठन ने कहा कि अमेरिकी सीनेट ने प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को रूसी ऊर्जा के शीर्ष आयातकों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इससे भारत से इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को लेकर चिंता बढ़ गई है।
'अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को रणनीतिक कदम उठाने की जरूरत', विशेषज्ञ ने किया आगाह
अमेरिकी सीनेट के नए 'रूस प्रतिबंध विधेयक' से भारत-अमेरिका संबंधों पर चिंताएं बढ़ी हैं, जिसमें रूसी तेल आयात पर 100% टैरिफ का प्रावधान है।
अमेरिका का अतिरिक्त टैक्स प्रावधान, भारत के लिए चुनौती : विदेशी मामलों के एक्सपर्ट महेश सचदेव
अमेरिका का अतिरिक्त टैक्स प्रावधान, भारत के लिए चुनौती : विदेशी मामलों के एक्सपर्ट महेश सचदेव
न्यूयॉर्क/नुउक, 8 अगस्त अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर जारी दावों के बीच एक अमेरिकी तेल कंपनी ने इस रणनीतिक आर्कटिक द्वीप में तेल की खोज के लिए ड्रिलिंग की तैयारी शुरू कर दी है. खास बात यह है कि ग्रीनलैंड की Government ने कहा है कि कंपनी को अभी ड्रिलिंग की ... Read more
केरल: कोच्चि में सीएम सतीशन ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से की मुलाकात
कोच्चि, 8 अगस्त . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने Saturday को कोच्चि में India में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की. इस बैठक में केरल के मुख्य सचिव और राज्य Government के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान केरल और अमेरिका के बीच आपसी हितों के ... Read more
यूपीआई पेमेंट को लेकर छिड़ी बहस, जानकार क्यों कह रहे अमेरिकी दबाव में बदला जा रहा क़ानून
सरकार यूपीआई पेमेंट से जुड़ा एक बिल लेकर आई है. व्यापार से जुड़े एक थिंक टैंक का कहना है कि सरकार को अपनी नीति किसी के दबाव में नहीं बदलनी चाहिए. बीजेपी ने इन दावों का खंडन किया है.
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
कैलिफोर्निया में दीवाली की छुट्टी का कानून हुआ रद्द, कोर्ट ने बताया अमेरिकी संविधान के खिलाफ
अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से एक बड़ी और चौंकाने वाली कानूनी खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने दीपावली (Diwali) के पावन पर्व को आधिकारिक राज्य अवकाश बनाने वाले कानून को असंवैधानिक करार देते हुए पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद से प्रवासी भारतीयों और स्थानीय समुदाय के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि यह कदम किसी भी तरह से दिवाली के सांस्कृतिक या धार्मिक महत्व के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा के लिए उठाया गया है।कोर्ट ने बताया क्यों रद्द हुआ दीवाली अवकाश का कानून?अमेरिकी न्यायपालिका के अनुसार, इस फैसले के पीछे मुख्य आधार अमेरिकी संविधान में निहित 'धर्म और राज्य के पृथक्करण' (Separation of Church and State) का सिद्धांत है। अदालत का साफ तौर पर यह मानना है कि यदि सरकार किसी एक विशिष्ट धार्मिक पर्व या त्योहार को आधिकारिक सरकारी अवकाश का दर्जा देती है, तो इसे कानून की नजर में किसी एक विशेष धर्म के प्रति सरकारी समर्थन के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रावधान अमेरिकी संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत है, जिसके चलते इस कानून को कानूनी कसौटी पर खरा न उतरने के कारण रद्द करना पड़ा।सांस्कृतिक महत्व और कानूनी नियमों के बीच उलझनकैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में भारतीय और एशियाई समुदाय के लोग निवास करते हैं, जिनके लिए दिवाली का त्योहार अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लास का प्रतीक है। राज्य में दिवाली को आधिकारिक अवकाश घोषित किए जाने से प्रवासी भारतीयों में काफी खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों और धार्मिक तटस्थता के नियमों के चलते यह मामला अदालत तक पहुंच गया। न्यायालय ने भले ही इस विशेष अवकाश के कानून को रद्द कर दिया हो, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग पारंपरिक रूप से इस त्योहार को धूमधाम से मनाने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।
अमेरिका से भारतीय प्रवासियों को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। टेक्सास के ह्यूस्टन में रहने वाली भारतीय मूल की बायोमेडिकल इंजीनियर और कुचिपुड़ी नृत्यांगना साधना गुल्लापुडी सोशल मीडिया पर अचानक विवादों के घेरे में आ गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा उन पर लंबे समय से स्टूडेंट वीजा (F-1 Visa) नियमों का उल्लंघन करने और अवैध रूप से काम करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस मामले में ह्यूस्टन के अमेरिकी अटॉर्नी ने हस्तक्षेप करते हुए इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद और किसने लगाए हैं ये आरोप।सोशल मीडिया पर लगे वीजा फ्रॉड और अवैध रूप से काम करने के आरोपपूरा मामला तब शुरू हुआ जब 'साइबरग्रीन09' नामक एक 'एक्स' यूजर ने साधना गुल्लापुडी को निशाना बनाते हुए पोस्ट शेयर किया। आरोप लगाया गया कि साधना साल 2014 से लगातार स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में रह रही हैं और वीजा नियमों के विपरीत वहां डांसर तथा कैश ट्यूटर के रूप में काम कर रही हैं। यूजर ने उनके डांस वीडियो शेयर करते हुए यह दावा किया कि वह पिछले 12 सालों से विभिन्न प्रोग्रामों में दाखिला लेकर वीजा नियमों का खेल खेल रही हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई और इस पर तीखी बहस छिड़ गई।अमेरिकी अटॉर्नी और खुद साधना ने दी सफाईमामला तूल पकड़ने के बाद ह्यूस्टन के जाने-माने वकील आरोन रिट्ज ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि साधना गुल्लापुडी छात्र वीजा पर नहीं हैं, बल्कि वह एक प्राकृतिक अमेरिकी नागरिक (Naturalized US Citizen) हैं। अटॉर्नी ने कहा कि हालांकि वीजा धोखाधड़ी जैसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, लेकिन यदि किसी ने कोई कानून नहीं तोड़ा है, तो अमेरिका में उनका स्वागत है। वहीं, इन झूठे आरोपों से आहत साधना गुल्लापुडी ने इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले कुछ दिन उनके और उनके परिवार के लिए बेहद मानसिक तनाव भरे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अनुमति के बिना उनके कंटेंट को सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक दावों के साथ शेयर किया गया है और उन्होंने लोगों से ऐसे पोस्ट्स को रिपोर्ट करने की अपील की है।आरोपी यूजर का निकला पाकिस्तान कनेक्शनइस पूरे विवाद के बीच जब ऑनलाइन यूजर्स ने उस 'एक्स' अकाउंट की छानबीन की जिसने यह अफवाह फैलाई थी, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि 'साइबरग्रीन09' नाम का वह अकाउंट असल में पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है। उस अकाउंट के बायो के मुताबिक वह पाकिस्तानी अभिनेता हमजा सोहेल का एक 'फैन अकाउंट' है, जो अक्सर भारत-विरोधी और भ्रामक बयानबाजी के लिए जाना जाता है। जब सोशल मीडिया पर भारतीय और अमेरिकी यूजर्स ने इस ट्रोल अकाउंट को आड़े हाथों लेना शुरू किया, तो डर के मारे उस यूजर ने कुछ ही समय के लिए अपनी प्रोफाइल को प्राइवेट भी कर लिया। फिलहाल इस घटना के बाद विदेशी धरती पर रह रहे भारतीयों की ऑनलाइन सुरक्षा और फर्जी प्रोपेगैंडا को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।
दीवार में छोटे विजय का किरदार निभाकर यानी अमिताभ बच्चन के बचपन का रोल कर उन्होंने खूब पॉपुलैरिटी हासिल की.
अमेरिका के नए बिल से क्या भारत पर लगेगा 100% टैरिफ?
अमेरिकी संसद ने रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया बिल पारित किया है, जिसके तहत उन देशों पर 100% टैरिफ लगाया जा सकेगा जो रूस के साथ व्यापार करते हैं। इस बिल में ईरान पर बढ़ाए गए प्रतिबंध भी शामिल हैं।...
पिछले कुछ हफ्तों में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई प्रमुख सलाहकारों के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि ईरान के साथ टकराव को और बढ़ाने वाले सैन्य विकल्प उल्टा असर डाल सकते हैं।
भारत पर 100% टैरिफ लगाने निकले ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सांसदों ने ही खोल दिया मोर्चा
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अमेरिकी योजना अब खुद अमेरिका में राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है
अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल
अमेरिका से लौटी महिला की पोस्ट वायरल, भारत की सैलरी पर उठाए सवाल
भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ बिल पास
वॉशिंगटन डीसी , 08 अगस्त 2026 । अमेरिकी सीनेट ने रूस पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से एक अहम प्रतिबंध विधेयक को मंजूरी दे दी है। 86-11 वोटों से पास हुए इस बिल में रूस से बड़े पैमाने पर ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को देने का […] The post भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, अमेरिकी सीनेट में रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ बिल पास appeared first on Rashtriya Ujala .
अमेरिका में पढ़ाई का सपना महंगा और मुश्किल, भारतीय छात्रों के F-1 वीजा में 62% गिरावट
अमेरिका जाने वाले छात्रों और अन्य अप्रवासियों के लिए वीजा प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा सख्त हुई है। आवेदकों के दस्तावेजों, यात्रा इतिहास और अन्य जानकारियों की अधिक गहराई से जांच की जा रही है। इससे आवेदन प्रक्रिया लंबी होने के साथ मंजूरी में देरी भी हो रही है।
यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने और वैश्विक स्तर पर हथियारों की सप्लाई चेन प्रभावित होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पश्चिमी देशों और खासकर अमेरिका के पास आधुनिक हथियारों और गोला-बारूद के कम होते जखीरे को भांपते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे अपने लिए एक बड़ा रणनीतिक मौका मान लिया है। खुफिया रिपोर्ट्स और रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रूसी सेना अब केवल यूक्रेन तक सीमित न रहकर सीधे तौर पर नाटो (NATO) गठबंधन के देशों को निशाना बनाने या सैन्य दबाव बढ़ाने की बड़ी तैयारी कर रही है। इस संभावित खतरे ने यूरोपीय देशों और अमेरिकी पेंटागन की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यदि मास्को ने ऐसा कोई भी कदम उठाया, तो यह सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध जैसी विभीषण स्थिति को न्योता दे सकता है।अमेरिकी सैन्य भंडारों में भारी गिरावट और रूस की आक्रामक रणनीतिपिछले कुछ वर्षों में यूक्रेन को अंधाधुंध सैन्य सहायता और हथियार भेजने के कारण अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के अपने डिफेंस रिजर्व में भारी कमी दर्ज की गई है। पेंटागन के भीतर इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि यदि एक साथ दो मोर्चों पर संघर्ष की स्थिति बनती है, तो अमेरिकी सेना के पास जरूरी हथियारों और मिसाइलों का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। रूसी खुफिया तंत्र और राष्ट्रपति पुतिन इस कमजोरी को बेहद बारीकी से भांप चुके हैं। मॉस्को की यह सोची-समझी रणनीति है कि पश्चिमी देशों के कमजोर होते रक्षा बुनियादी ढांचे का फायदा उठाकर अपनी शर्तों पर पूर्वी यूरोप में सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदला जाए, जिससे नाटो की एकजुटता को सीधे तौर पर चुनौती मिल सके।नाटो देशों की बढ़ी धुकधुकी और वैश्विक सुरक्षा पर इसके गंभीर परिणामपूर्वी यूरोप और बाल्टिक देशों की सीमाओं पर रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को देखते हुए नाटो मुख्यालय में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। स्थानीय सुरक्षा विश्लेषकों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों का मानना है कि यदि रूस कोई भी दुस्साहस करता है, तो नाटो का आर्टिकल-5 एक्टिवेट हो सकता है, जिसके परिणाम पूरी मानवता के लिए विनाशकारी साबित होंगे। जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक एआई सर्च पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक स्तर पर इस समय परमाणु हथियारों के खतरे, नाटो-रूस संघर्ष और अमेरिकी रक्षा भंडारों की स्थिति को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। कुल मिलाकर, हथियारों की कमी के इस दौर में पुतिन का यह आक्रामक रुख दुनिया को एक बेहद खतरनाक और अनिश्चित मोड़ पर लाकर खड़ा कर रहा है।
ईरान जंग के लिए पूरी तरह तैयार, लेकिन पीछे हट रहा अमेरिका; अपनी साख बचाने में जुटे पेंटागन के जनरल
मध्य पूर्व में सुलग रहे तनाव के बीच एक बार फिर वैश्विक महाशक्ति अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार का परिदृश्य बेहद चौंकाने वाला है। खुफिया रिपोर्ट्स और क्षेत्रीय जानकारों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि तेहरान किसी भी पूर्ण पैमाने पर युद्ध के लिए पूरी तरह से मानसिक और सैन्य रूप से तैयार बैठा है, जबकि अमेरिकी खेमे में अनिश्चितता और पीछे हटने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। पेंटागन और अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के सामने इस समय सबसे बड़ा संकट अपनी वैश्विक साख और सैन्य प्रतिष्ठा को बचाने का है। अमेरिकी जनरलों और रणनीतिकारों को यह अच्छी तरह समझ आ चुका है कि मौजूदा हालात में किसी भी बड़ी जंग में कूदना वाशिंगटन के लिए भारी आर्थिक और सामरिक नुकसान का सौदा साबित हो सकता है, जिससे दुनिया भर में उनकी नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।पेंटागन की बढ़ी मुश्किलें और अमेरिकी जनरलों की कूटनीतिक मजबूरीपारंपरिक तौर पर अपनी आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए पहचानी जाने वाली अमेरिकी सेना इस बार क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के कड़े तेवर देखकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। मध्य एशिया और खाड़ी देशों के मोर्चे पर तैनात अमेरिकी जनरलों और रक्षा अधिकारियों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि टकराव ज्यादा बढ़ा, तो रणनीतिक ठिकानों और समुद्री मार्गों पर उनके हितों को भारी क्षति पहुंच सकती है। जानकारों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी अब इस बात को लेकर मंथन तेज हो गया है कि बिना किसी ठोस और दूरगामी परिणाम के अनिश्चितकालीन सैन्य संघर्ष में उलझना देशहित में नहीं है। यही कारण है कि अमेरिकी जनरल कूटनीतिक चैनलों के जरिए तनाव को कम करने और अपनी इज्जत बचाते हुए पीछे हटने के रास्ते तलाशने में जुटे हुए हैं।ईरान का आक्रामक रुख और वैश्विक भू-राजनीति पर इसका असरदूसरी ओर, पश्चिमी दबावों के बावजूद ईरानी नेतृत्व और वहां की सेना ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए साफ कर दिया है कि वे किसी भी आक्रमण का माकूल जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। स्थानीय बाजारों, अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और वैश्विक कूटनीति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के गतिरोध से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक स्तर पर अब सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान और डिफेंस पोस्टर्स की समीक्षा को लेकर सर्च बढ़ रही है। कुल मिलाकर, ईरान के कड़े तेवरों ने अमेरिकी सैन्य साख को जो चुनौती दी है, उसने वाशिंगटन के रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है और पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस संकट से किस तरह बाहर निकलता है।
भारत पर 100% टैरिफ लगाने की जिद पर अमेरिका में ही फूटा गुस्सा, रैंड पॉल बने ढाल
भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की वकालत करने वाले अमेरिकी राजनीतिक गलियारों के भीतर ही अब इस फैसले के खिलाफ तीखा विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल ने भारत जैसे रणनीतिक और मजबूत साझीदार देश पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा करार दिया है। उनका यह बेबाक बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब वैश्विक व्यापार मंचों पर अमेरिका की नीतियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं और घरेलू स्तर पर भी अर्थशास्त्री इस तरह के आक्रामक ट्रेड वॉर के बुरे परिणामों को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। सीनेटर पॉल ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के कड़े और गैर-व्यावहारिक आयात शुल्क लगाने से अंततः अमेरिकी उपभोक्ताओं और स्थानीय व्यवसायों को ही भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।व्यापार युद्ध की नीतियों पर अमेरिकी संसद में क्यों गरमाई सियासतभारत और अमेरिका के बीच आपसी व्यापारिक संबंध दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक धूरियों में गिने जाते हैं, लेकिन कुछ अमेरिकी नेताओं द्वारा दंडात्मक और भारी-भरकम टैरिफ थोपने की जिद ने वाशिंगटन की सियासत को गरमा दिया है। सीनेटर रैंड पॉल ने खुलकर तर्क दिया है कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापारिक अड़ंगे पैदा करने से चीन जैसे प्रतिस्पर्धियों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है, जो अमेरिका के दीर्घकालिक हितों के बिल्कुल खिलाफ है। जानकारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आक्रामक बयानों से घरेलू बाजार में सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और आयातित वस्तुओं के दाम आसमान छूने लग सकते हैं, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा बोझ पड़ेगा।आपसी सहयोग और ग्लोबल मार्केट पर क्या पड़ेगा इसका असरस्थानीय बाजारों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि भारत पर अत्यधिक टैक्स या टैरिफ लगाने के किसी भी कदम से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक एआई सर्च पैटर्न्स के अनुसार भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में अब सहयोग और सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, न कि संरक्षणवादी नीतियों पर। सीनेटर रैंड पॉल की यह तीखी प्रतिक्रिया इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच भी अब इस बात पर गहरी चिंता है कि अत्यधिक दबाव वाली व्यापार नीतियां अमेरिकी हितों को सुरक्षित करने के बजाय देश को आर्थिक मोर्चे पर और ज्यादा कमजोर कर सकती हैं।
चीन-अमेरिका को देगा टक्कर, भारत बनाएगा 6th जेनरेशन फाइटर जेट
भारत रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम FCAS में शामिल होने की ठोस कोशिश शुरू कर दी है. साथ में ब्रिटेन-इटली-जापान के GCAP का भी आकलन हो रहा है.
अमेरिका में भारतीय मूल की महिला पर बड़ा आरोप, US अटॉर्नी ने कहा-
भारतीय मूल की महिला साधना गोल्लापुडी को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब एक अलग मोड़ ले चुका है। महिला पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित तौर पर गलत तरीके से स्टूडेंट वीजा नियमों के उल्लंघन और अमेरिका में लंबे समय तक रहने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, उनके वकील ने […] The post अमेरिका में भारतीय मूल की महिला पर बड़ा आरोप, US अटॉर्नी ने कहा- ‘वह अमेरिकी नागरिक है’ first appeared on Sanjeevni Today .
रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा भारी? अमेरिकी सीनेट ने पास किया नया बिल, 100% टैरिफ का प्रावधान
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी सीनेट ने नए Russia Sanctions Bill को मंजूरी दी है, जिसमें 100% तक टैरिफ का प्रावधान है।
अमेरिकी सीनेट ने पास किया ये बिल, भारत समेत इन देशों पर 100 फ़ीसदी टैरिफ़ का प्रावधान - BBC
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ईरान अमेरिका से बातचीत के पक्ष में, लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे: राष्ट्रपति पेजेश्कियन
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बातचीत जारी रखने के देश के वादे को फिर से दोहराया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
अमेरिकी सीनेट ने रूस सैंक्शन बिल पारित कर दिया है। इससे भारत जैसे देशों के लिए परेशानी बढ़ जाएगी, जो रूस से क्रूड ऑयल खरीदते हैं। अमेरिकी सरकार के इस बिल का मकसद उन देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाना है, जो रूस से सस्ता क्रूड ऑयल इंपोर्ट करते हैं। भारत के अलावा चीन भी अमेरिकी सरकार के इस बिल के निशाने पर है।इस बिल के समर्थन में 86 सासंदों ने वोट दिएइस बिल का नाम Lindsey O Graham Sactioning Russia and Iran Act, 2026 है। यह बिल अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में 86-11 वोट से पारित हो गया। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन 5 देशों के गुड्स पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा, जो रूस से ऑयल एंड गैस का इंपोर्ट करते हैं।अबहाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पेश होगा यह बिलअब यह बिल मंजूरी के लिए हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पेश होगा। 31 अगस्त को सदन की बैठक होने वाली है। अमेरिका शुरू से देशों के रूस से क्रूड ऑयल और गैस खरीदने के खिलाफ रहा है। खासकर ट्रंप की ऐसे देशों पर टेढ़ी नजर रही हैं। उनका मानना है कि रूस कई देशों को डिस्काउंट पर क्रूड ऑयल और गैस बेचता है। फिर वह इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए करता है।भारत के अलावा इन 4 देशों के लिए मुसीबत पैदा करेगा यह बिलरूस और यूक्रेन की लड़ाई बीते चार साल से ज्यादा समय से जारी है। रूस के यूक्रेन पर हमले शुरू करने के बाद अमेरिकी सहित यूरोपीय देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। लेकिन, उनका ज्यादा फायदा नहीं हुआ है। रूस और यूक्रेन की लड़ाई आज भी जारी है। अभी रूस से सबसे ज्यादा तेल और गैस खरीदने वाले देशों में भारत के अलावा चीन, अजरबाइजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं।इन सासंदों ने तैयार किया है 100 फीसदी टैरिफ वाला यह बिलइस बिल को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लूमेंथाल ने तैयार किया। 11 जुलाई को ग्राहम की कीव की यात्रा के दौरान अचानक मौत हो गई। इसके बाद अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के नेताओं ने नए उत्साह को इस बिल को पारित कराने की कोशिशें शुरू की। हालांकि, कुछ डेमोक्रेट्स सासंदों का कहना है कि इस बिल के कानून बन जाने पर ट्रंप को नया टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा।जुलाई में भारत ने 50 फीसदी क्रूड का इंपोर्ट रूस से कियाइस बिल का पारित होना इंडिया के लिए अच्छी खबर नहीं है। इसकी वजह यह है कि इंडिया रूस से क्रूड ऑयल खरीदता है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के डेटा के मुताबिक, जुलाई में रूस से भारत का क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बढ़कर 27.8 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) पहुंच गया। यह जून के मुकाबले 1.5 फीसदी ज्यादा है।यह भी पढ़ें:'किसी भी पल उनकी मौत हो सकती है': इजरायली मीडिया का दावा, मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीरयह बिल भारत की मुसीबत काफी ज्यादा बढ़ा सकता हैभारत के क्रूड ऑयल के कुल इंपोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा हो गई है। जुलाई में भारत ने कुल 49.6 लाख बीपीडी क्रूड खरीदा। पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ने के बीच भारत ने रूस से क्रूड का इंपोर्ट बढ़ाया है। अमेरिका के नए कानून से भारत के लिए मुसीबत बढ़ सकती है।
'सरकार की विदेश नीति की नाकामी': अमेरिकी बिल को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला; कांग्रेस और AAP ने क्या कहा?
अमेरिकी सीनेट ने पास किया ये बिल, भारत समेत इन देशों पर 100 फ़ीसदी टैरिफ़ का प्रावधान
भारत को अमेरिका ने दो महीने के लिए रूस से तेल ख़रीदने की छूट दी थी लेकिन अब चीज़ें फिर से बदलती दिख रही हैं.
कोलंबिया में नई दक्षिणपंथी सरकार को अमेरिका का पूरा समर्थन, 1 अरब डॉलर की मदद का ऐलान
वाशिंगटन/बोगोटा, 8 अगस्त . कोलंबिया को उसका नया President मिल चुका है. इसके साथ ही अमेरिका और इस दक्षिण अमेरिकी देश के बीच एक नया अध्याय शुरू होता दिखाई दे रहा है. President डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले दक्षिणपंथी नेता अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला के President पद संभालने के तुरंत बाद अमेरिकी प्रशासन ... Read more
UPI पर चार्ज जरूरी या मजबूरी, अमेरिका तो नहीं कर रहा कोई खेल?
MDR Why?: बैंक और फिनटेक कंपनियों को करोड़ों UPI ट्रांजेक्शन संभालने के लिए सर्वर और साइबर सुरक्षा पर बहुत बड़ा खर्च करना पड़ता है. MDR जीरो होने के कारण इन कंपनियों और बैंकों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हुआ है.
उर्स-ए-रजवी: बरेलवी उलमा बोले- अमेरिका-ईरान की जंग सियासी है; बेटियों की तालीम और तरबियत पर जोर
उर्स-ए-रजवी में आयोजित तहफ्फुज मजहब ओ मसलक कॉन्फ्रेंस में बेटियों की तालीम और तरबियत पर जोर
चीनी मूल के गिरोह बने वैश्विक खतरा, अमेरिका का दावा-ऑनलाइन ठगी से 12.5 अरब डॉलर का नुकसान
विदेशों में चल रहे ऑनलाइन ठगी केंद्रों की वजह से हर साल अमेरिकियों को अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है,
रूस के सस्ते तेल पर अमेरिका की नजर, 100% टैरिफ लगा तो भारत में बढ़ेगी पेट्रोल की कीमत 120 रूपए के पार जा सकता है भाव
अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों (तेल और प्राकृतिक गैस) को खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक (Bill) पास कर दिया है। 86-11 के भारी बहुमत से पारित इस बिल के दायरे में भारत और चीन जैसे बड़े देश भी सीधे तौर पर आ सकते हैं। बिल के समर्थकों का तर्क है कि रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देश अप्रत्यक्ष रूप से मॉस्को को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए फंड दे रहे हैं। इस बिल का नाम बदलकर 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' कर दिया गया है और अब इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी संसद का निचला सदन) में भेजा जाएगा। ग्राहम एक रिपब्लिकन सीनेटर थे जिनका 11 जुलाई को निधन हो गया था; उन्होंने यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर प्रतिबंध लगाने की पुरजोर वकालत की थी। हालांकि, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस पर वोटिंग सितंबर में ही होगी क्योंकि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। AFP के अनुसार, सीनेट की विदेश संबंध समिति के चेयरमैन रिपब्लिकन जिम रिस्क ने कहा, इससे रूस बातचीत की मेज पर आ सकता है और यह संघर्ष खत्म हो सकता है। इसका ऐसा निर्णायक असर होगा जो युद्ध के मैदान में हासिल होने वाले नतीजों से कहीं ज़्यादा होगा। इससे पुतिन की युद्ध मशीन को चलाने वाले कैश का फ्लो रुक जाएगा। क्या बिल का निशाना भारत और चीन हैं? इस बिल का निशाना रूस का एनर्जी सेक्टर है और यह ट्रंप प्रशासन को रूस से होने वाले आयात (जिसमें गैस और तेल शामिल हैं) पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की इजाज़त देगा। यह US को रूसी कच्चे तेल के पांच बड़े आयातकों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की भी इजाज़त देता है। फिलहाल, रूसी तेल और गैस के पांच मुख्य आयातक चीन, भारत, अज़रबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया हैं। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina Press Conference | शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की कोई भूमिका नहीं, FCRA कानून पर अमेरिका को MEA का दोटूक जवाब एनर्जी सेक्टर के अलावा, यह बिल रूसी नेताओं और अधिकारियों (जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं), साथ ही रईस कारोबारियों (ओलिगार्क्स) और वित्तीय संस्थानों को भी निशाना बनाएगा। यह 'ईरान सैंक्शन एक्ट ऑफ 1996' की समय-सीमा को भी 2031 तक बढ़ा देगा; यह कानून उन कंपनियों को दंडित करता है जो ईरान के एनर्जी सेक्टर में निवेश करती हैं। इसे भी पढ़ें: Gajendra Singh Shekhawat बोले: BRICS देश केवल आर्थिक नहीं, साझा संस्कृति से जुड़े हैं हालांकि, डेमोक्रेट्स ने इस बिल की आलोचना की है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर टैरिफ का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर करने का आरोप लगाया है। न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, डेमोक्रेट कांग्रेस सदस्य ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर ने कहा, हम यूक्रेन का समर्थन करने और रूस के लगातार गैर-कानूनी युद्ध के लिए उसे सज़ा देने की दिशा में सीनेट में अपने सहयोगियों की तत्काल कोशिशों का स्वागत करते हैं, लेकिन यह बिल उन लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाएगा। इसके बजाय, यह राष्ट्रपति ट्रंप को रूस को जवाबदेह ठहराने से बचने और अपने विनाशकारी व्यापार युद्धों में और अधिक टैरिफ लगाने की छूट देगा, जिसका खामियाजा अमेरिकियों को भुगतना पड़ेगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस, अमेरिकी नेताओं द्वारा भारतीय FCRA कानून की आलोचना, सोमालिया-पाकिस्तान रक्षा समझौते और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। जायसवाल ने कहा, एक प्राइवेट मीडिया संस्था के कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी, और सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती, ख़ासकर बांग्लादेश की विधिवत चुनी हुई सरकार के बारे में। यह स्पष्टीकरण हसीना की वर्चुअल मीडिया बातचीत के भारत और बांग्लादेश दोनों जगह चर्चा का विषय बनने के दो दिन बाद आया है। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Mysuru Expressway Horrific Accident | बिदादी के पास KSRTC बस पलटी, ड्राइवर-कंडक्टर की मौत, 20 यात्री घायल शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का संकल्प लिया बुधवार (5 अगस्त) को केवल ऑडियो वाली वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटना चाहती हैं, भले ही उन्हें जेल या मौत की सज़ा का सामना करना पड़ सकता है। 5 अगस्त, 2024 को सरकार विरोधी बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश छोड़ने के बाद मीडिया के साथ अपनी पहली बातचीत में, हसीना ने कहा कि वह लोकतंत्र बहाल करने और देश को उस रास्ते पर वापस लाने के लिए दृढ़ हैं जिसे उन्होंने सही रास्ता बताया। भारत ने FCRA क़ानून पर आलोचना को खारिज किया फ़ॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) पर अमेरिकी सांसद की आलोचना का जवाब देते हुए, MEA ने कहा कि भारतीय संसद द्वारा पारित क़ानून पूरी तरह से आंतरिक मामला है। जायसवाल ने ज़ोर देकर कहा कि घरेलू क़ानून बनाने और उनमें संशोधन करने का अधिकार केवल भारत की संसद के पास है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सहित कई देशों में विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाले नियम हैं। उन्होंने कहा, हमने FCRA पर टिप्पणियाँ देखी हैं। भारत से जुड़े विधायी मामले हमारे आंतरिक मामले हैं जिन पर देश की संसद फ़ैसला लेती है। मैं यह भी बताना चाहूँगा कि अमेरिका सहित कई देश विदेशी फ़ंड के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। इसे भी पढ़ें: गृह राज्य उत्तराखंड में घर बनाना चाहते हैं Rishabh Pant! CM Pushkar Singh Dhami से ट्वीट कर मांगी मदद MEA नई रक्षा साझेदारियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है MEA ने क्षेत्र में उभरते रक्षा सहयोग पर भी टिप्पणी की, जिसमें सोमालिया और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित रक्षा समझौता भी शामिल है। इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर, जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है, लेकिन उन्होंने इस पर और कोई टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, हम सोमालिया और उस दूसरे देश के बीच हो रहे घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। मुझे बस इतना ही कहना है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय रक्षा समझौते से जुड़े घटनाक्रम पर भी नज़र रख रहा है। यह भी एक ऐसा घटनाक्रम है जिस पर हम बारीकी से नज़र रख रहे हैं, और हम आपको इसकी जानकारी देते रहेंगे। अफ्रीका के साथ साझेदारी के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई गई अफ्रीकी देशों के साथ भारत के जुड़ाव पर ज़ोर देते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश इस महाद्वीप के साथ अपनी साझेदारी को बहुत महत्व देता है। अफ्रीका दिवस समारोह के बारे में बात करते हुए, जायसवाल ने कहा कि भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने पुराने संबंधों को फिर से मज़बूत करने के लिए हर साल यह दिन मनाता है। उन्होंने कहा, हाँ, यह एक बड़ा समारोह था। हर साल, हम अफ्रीका के साथ अपनी एकजुटता, समर्थन और साझेदारी को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। इस बार, विदेश मंत्री अफ्रीका दिवस समारोह में शामिल हुए। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों के लिए सरकार ने समर्थन का भरोसा दिलाया क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीय झंडे वाले जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय मिशन, ज़रूरत पड़ने पर समय पर सहायता प्रदान करने के लिए शिपिंग मंत्रालय, समुद्री अधिकारियों और स्थानीय सरकारों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशन कई महीनों से नाविकों और ज़रूरतमंद अन्य भारतीय नागरिकों की मदद के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से निर्बाध आवाजाही के लिए भारत की मांग को दोहराया और सभी पक्षों से नागरिक बुनियादी ढांचे, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाने से बचने का आग्रह किया। हमारे जहाजों और नाविकों की सुरक्षा एक बहुत महत्वपूर्ण विषय है, और हम इस मुद्दे को उच्च प्राथमिकता देते हैं। खाड़ी क्षेत्र में हमारे मिशन शिपिंग मंत्रालय, उन देशों के समुद्री अधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि जब भी हमारे नाविकों या भारतीय झंडे वाले जहाजों को सहायता की आवश्यकता हो, तो वे उसे प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा, असल में, वे 24/7 हेल्पलाइन चला रहे हैं ताकि जिन्हें भी मदद की ज़रूरत हो – सिर्फ़ समुद्री कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि दूसरों को भी – वे उनसे संपर्क कर सकें। ये 24/7 हेल्पलाइन पिछले कई महीनों से चल रही हैं और आगे भी चलती रहेंगी। साथ ही, हम पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग मंत्रालय और स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से सुरक्षित और बिना रुकावट के आवाजाही और व्यापार के निर्बाध प्रवाह की मांग करते रहते हैं। हम सभी पक्षों से यह भी अपील करते हैं कि वे आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे, नागरिकों, व्यावसायिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों को निशाना बनाने से बचें। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
भारत ने रूस से खरीदा सबसे ज्यादा तेल, चिढ़ा अमेरिका, 100% टैरिफ लगाएगा!
अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल खरीदारों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को पास कर दिया है, जिसका भारत-चीन जैसे प्रमुख खरीदारों पर असर हो सकता है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर भारत रूस से कितना तेल खरीदता है?
वॉशिंगटन। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने दबाव बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी सीनेट ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले भारत, […]
अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने को लेकर क्या बोले ट्रंप? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. ट्रंप ने माना कि अमेरिकी सेना के पास कुछ हथियारों का भंडार सीमित है. हालांकि कई अन्य हथियार पर्याप्त मात्रा में मौजूद है. उन्होनें कहा कि पैटरिएट और टमहक मिसाइलों के उत्पादन के लिए नए रक्षा संयंत्र बनाए जा रहे है.
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका ने एक बार फिर से भारत को झटका दिया है। जानकारी के अनुसार अमेरिका में सीनेट ने लंबे समय से लंबित रूस की तेल और गैस बिक्री पर लगने वाले प्रतिबंधों से संबंधित विधेयक (बिल) को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक से संबंधित कानून लागू होने का सर्वाधिक असर भारत, चीन, जापान और यूरोप के कुछ देशों पर पड़ सकता है। इन देशों के माल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकेंगे। इस विधेयक के प्रस्तावकों में रिपब्लिकन पार्टी के दिग्गज सांसद दिवंगत लिंडसे ग्राहम भी शामिल थे। इस विधेयक को सितंबर में प्रतिनिधि सभा में पेश किए जाने की संभावना है। वहां से पारित होने के बाद यह विधेयक राष्ट्रपति के पास जाएगा और उनके हस्ताक्षर के बाद ये प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। ग्राहम यूक्रेन के कट्टर समर्थक अमेरिकी नेता थे। इस विधेयक के जरिये रूस पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य साढ़े चार वर्ष से यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है जिससे वह समझौते के लिए बाध्य हो। रूस पर प्रतिबंध के समर्थन में 86 वोट और विरोध में 11 वोट पड़े। इस प्रतिबंध के लागू होने का व्यापक असर रूस के साथ ही भारत और चीन पर पड़ेगा। भारत यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात कर रहा है। यह आयात प्रतिदिन 20 लाख बैरल से ज्यादा तेल का है। ईरान युद्ध छिड़ने के बाद भारत रूस से गैस का भी आयात कर रहा है। pc- opindia.com, government.economictimes, deccanchronicle.com
भारत पर 100% टैरिफ की तैयारी? रूस-ईरान से तेल खरीद पर अमेरिका का बड़ा वार, सीनेट में बिल पास
रूस-ईरान से तेल खरीद पर भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी सीनेट ने इस संबंध में बिल को मंजूरी दे दी है। अगर कांग्रेस से भी इस बिल को मंजूरी मिल जाती है तो इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका रूस-ईरान ...
अमेरिका के यूटा में जंगल की आग बुझाते समय हेलीकॉप्टर हुआ क्रैश, दो लोग लापता
राज्य की इंटर-एजेंसी पब्लिक इन्फॉर्मेशन एजेंसी 'यूटा फायर इंफो' के अनुसार 27 जुलाई को बिजली गिरने से लगी जंगल की आग ने अब तक 1,05,000 एकड़ यानी करीब 425 वर्ग किमी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। आग पर अब तक 19 फीसदी काबू पाया जा सका है।
अमेरिका का बड़ा एक्शन! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, भारत समेत 5 देश निशाने पर
रूस से दोस्ती की भारत को मिलेगी सजा? आखिरकार अमेरिकी संसद में पास हो गया टैरिफ वाला बिल
रूस से तेल खरीदने वाले टॉप-5 के देशों को रोकने के लिए अमेरिका ने टैरिफ का हथियार निकाला है। भारत और चीन समेत दुनिया के टॉप-5 देशों पर अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है। इसके लिए अमेरिकी सीनेट से एक बिल पास किया गया है।
नमस्कार, अमेरिका भारत पर 100% टैरिफ लगाने जा रहा है। सीनेट में इससे जुड़ा बिल पास हुआ। NEET-UG 2026 पेपर लीक में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें जो आरोप लगाए गए उनका दैनिक भास्कर ने 2 महीने पहले ही खुलासा कर दिया था। राहुल गांधी ने कहा E-20 पेट्रोल दाल में काला नहीं बल्कि काली दाल है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास, रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, बाद में 100% किया गया। बिल का मकसद रूस की कमाई कम करना: बिल का मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। बिल के तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पहले भारत ने पिछले महीने आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा: जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा रूस से आया। मई के मुकाबले जून में करीब 39% की बढ़ोतरी हुई। पूरी खबर पढ़ें... 2. CBI बोली- NEET पेपर लीक साजिश महीनों पहले हुई, NTA एक्सपर्ट्स पेपर तैयार करते समय सवाल याद कर लेते थे NEET-UG 2026 पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। NTA के एक्सपर्ट्स ने पेपर तैयार करने के दौरान ही सवाल याद कर लिए थे। NTA की टॉप अथॉरिटी ने दो महीने पहले ही भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि सालों से जो लोग हमारे साथ काम कर रहे थे, उन्होंने ही पेपर लीक कर दिए। शुक्रवार को CBI की दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट की जानकारी सामने आई, जो 28 जुलाई को दाखिल की गई थी। इसके मुताबिक, एक्सपर्ट्स NTA ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाते थे। CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें NTA के तीन एक्सपर्ट्स शामिल हैं। आरोप है कि तीनों ने पेपर तैयार करने और मॉडरेशन के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर लीक किए, जिन्हें टेलीग्राम, वॉट्सएप, PDF और अन्य डिजिटल माध्यमों से फैलाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 3. जेल में बंद अतीक के दोनों बेटे बाहर आएंगे, कल जनाजे में शामिल होंगे; अबान जिस कार में था, उसके 16 चालान माफिया अतीक अहमद के जेल में बंद दोनों बेटे अली और उमर छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार दोपहर साढ़े 3 बजे दोनों भाइयों को पैरोल दे दी। उमर लखनऊ और अली झांसी जेल में बंद है। अबान को प्रयागराज में आज शनिवार रात 8 बजे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा- ‘अतीक के कर्मों की सजा उसका परिवार भुगत रहा है। दो बच्चे मर गए। दो जेल में है। बीवी फरार है। ईश्वर सजा दे रहा है।’ अबान की कार के 16 चालान, इनमें 6 ओवरस्पीड के: अबान जिस क्रेटा कार (UP70 FW 2432) में बैठा था। परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के मुताबिक, साल 2022 से 2026 के बीच 16 चालान हुए। इनमें 6 चालान ओवरस्पीड के हैं। कार का आखिरी बार चालान 27 जून, 2026 को हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… 4. योगी बोले- बरेली का दंगाई मौलाना जेल में नाक रगड़ रहा, कह रहा साहब जान बख्श दो, पहले सम्मानित होता था सीएम योगी ने शुक्रवार को अंबेडकरनगर में कहा- संभल में सपा के जिस गुंडे ने दंगा कराया। सरकार उसे घुटनों पर लाकर नाक रगड़वा रही। बरेली का एक मौलाना दंगे कराता था। आज वह गुंडा जेल में है। कह रहा है कि छोड़ दो, गलती हो गई। पहले उसे सीएम आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। योगी ने अंबेडकरनगर के जलालपुर, आलापुर और टांडा विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार को 706.81 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। योगी ने विधानसभा सत्र पर कहा- सपा के लोगों ने विधानसभा नहीं चलने दी। हो-हल्ला करने लगे। उनके लोगों ने कोहराम मचाया। हमने बजट में सामाजिक विभूतियों को सम्मानित करने की योजना बनाई थी। पूरी खबर पढ़ें… 5. CM विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ली, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था, CM बनने के 3 महीने बाद केस खत्म तमिलनाडु के CM विजय की पत्नी संगीता ने चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में दाखिल तलाक की अर्जी वापस ली है। शुक्रवार को इस केस के सुनवाई थी, इसमें वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुईं। जज ने करीब 15 मिनट तक उनसे पूछताछ की और फिर अर्जी स्वीकार करते हुए तलाक का केस खत्म कर दिया। संगीता के विजय पर आरोप 1. संगीता ने फरवरी 2026 में तलाक की अर्जी दायर की थी। आरोप लगाया विजय का एक एक्ट्रेस से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है। उन्हें इसकी जानकारी 2021 में लगी। 2. संगीता ने विजय पर मानसिक प्रताड़ित करने, भावनात्मक रूप से दूर होने, अपमानजनक व्यवहार करने और ऐसी परिस्थितियां पैदा करने का आरोप लगाया, जिससे दोनों को एक ही घर में अलग रहना पड़ा। एक्ट्रेस तृषा से जुड़ा विजय का नाम विजय का एक्ट्रेस तृषा से नाम जोड़ा जाता है। हालांकि, दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। 10 मई को तृषा विजय के तमिलनाडु मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं थीं। 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। पूरी खबर पढ़ें... 6. राहुल ने कार की टंकी खोली, E20-पेट्रोल पर सवाल उठाए, कहा- ये कार-स्कूटर खराब कर रहा राहुल गांधी ने X पर 53 सेकेंड का वीडियो शेयर किया, जिसमें E-20 पेट्रोल पर सवाल उठाए। उन्होंने एक कार के पेट्रोल टैंक का ढक्कन खोला, अंदर झांका और कहा- नॉर्मली हम कहते हैं कि दाल में काला है, लेकिन यहां पूरी दाल ही काली है। इस समय देश में करप्शन की लाइन लगी है। उनमें से एक E20 ईंधन का मामला है। इसके चलते लोगों की कार और स्कूटर खराब हो रहे हैं। यह लोगों के जीवन को प्रभावित करने के साथ उनकी जेब से पैसे भी चुरा रहा है। राहुल ने जो कार दिखाई, वह E20 वाली: राहुल ने जो कार दिखाई, वो किस कंपनी की है और उसका मॉडल क्या है। इसकी जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि राहुल जब पेट्रोल टंकी खोलते नजर आए तब ढक्कन में E20 लिखा नजर आया। भारत में E20 पेट्रोल का विरोध क्यों: देश में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. डाबर के '100% प्योर' दावे वाले प्रोडक्ट्स पर बैन टला: FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें डाबर कंपनी के '100% प्योर', '100% नेचुरल' और '100% ऑर्गेनिक' जैसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री तुरंत रोकने को कहा था। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जानें क्या कहता है FSSAI का 'क्लेम्स रेगुलेशन'? शो-कॉज नोटिस अनिवार्य: खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार, अगर FSSAI को किसी प्रोडक्ट के विज्ञापन या क्लेम पर आपत्ति होती है, तो पहले फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस देना होता है। सिंगल बनाम मल्टी-इन्ग्रीडिएंट: FSSAI का मानना है कि प्रोसेस्ड या मल्टी-इन्ग्रीडिएंट फूड में '100% Pure' लिखना गलत है, जबकि कंपनियां तर्क देती हैं कि शहद या शुद्ध नारियल पानी जैसे प्राकृतिक प्रोडक्ट्स में यह दावा जायज है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: सरकार बोली– Meta डीपफेक और प्रोपेगैंडा कंटेंट तेजी से हटाए: कंपनी ने माना उनके सिस्टम में कमियां, काम के तरीके में बदलाव की जरूरत (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: क्या आप बैटमैन हैं, राहुल ने इंस्टाग्राम पर दिया जवाब: पसंदीदा BJP नेता का नाम बताया, कहा- आधी रात को आए PM के वीडियो सबसे अच्छे थे (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: थाईलैंड- 9वीं के छात्र ने 8 लोगों की हत्या की:घर में दादा-दादी को मारा, फिर स्कूल में फायरिंग की; बाद में आत्महत्या की (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: बोफोर्स केस 40 साल बाद बंद: सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी याचिका खारिज की, घोटाले के आरोप से राजीव गांधी 1989 का चुनाव हारे थे (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: पीएम की एनडीए के 45 नए सांसदों के साथ बैठक: इनमें TMC और उद्धव गुट के बागी सांसद भी थे; कहा- चिंता करने की जरूरत नहीं, हम साथ हैं (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट बोला- सांसद अंडे फेंके जाने से डरते हैं: स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां झेलीं, महुआ मोइत्रा की हेट स्पीच से जुड़ी याचिका खारिज की (पूरी खबर पढ़ें) 9. मौसम: दिल्ली-NCR में तेज बारिश, कई इलाकों में ट्रैफिक जाम:यूपी के 30 गांवों में बाढ़, उत्तराखंड में बद्रीनाथ-गंगोत्री हाईवे बंद (पूरी खबर पढ़ें) 10. उत्तर प्रदेश: BJP विधायक बोले-अतीक के गुनाहों की सजा परिवार भुगत रहा: जेल में बंद माफिया के दोनों बेटे बाहर आएंगे, भाई के जनाजे में शामिल होंगे (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: मैगी विवाद में दुकानदारों पर लगे सभी क्रिमिनल केस हटे: हाईकोर्ट बोला- लैब जांच में लेड लिमिट में मिला, अब केस का कोई आधार नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 12. इंटरनेशनल: हूती विद्रोहियों का यमन और सऊदी अरब पर हमला: यमन के 58 सैनिकों की मौत, सऊदी में 11 घायल, कई जगह आग लगी (पूरी खबर पढ़ें) 13. पटना: एक्सीडेंट में युवक की मौत पर बवाल, 10 गाड़ियां फूंकीं: ट्रैफिक पुलिस चौकी जलाई, हाईवे जाम; 9 थानों की फोर्स मौके पर (पूरी खबर पढ़ें) 14. पश्चिम बंगाल: मिथुन चक्रवर्ती की सर्जरी हुई: हाथ में लगी प्लेट निकाली गई, सीएम शुभेंदु ने अस्पताल जाकर हालचाल लिया (पूरी खबर पढ़ें) 15. महाराष्ट्र: 'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी': सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म (पूरी खबर पढ़ें) 16. असम: बाढ़ पीड़ितों के 500 घर बनवाएंगे सलमान खान: एक्टर रणदीप हुड्डा भी राहत कार्य में लगे, भूमि पेडनेकर ने प्रभावित इलाकों में पहुंची (पूरी खबर पढ़ें) 17. यूपी की कांवड़: 95 साल की दादी को लेकर 35 पोते निकले: 9 महीने की बेटी को कांवड़ पर रखकर चला पिता, 7 साल की शिवन्या बोलीं- शिव की शक्ति है (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... कुएं में समुद्र जैसी लहरें उठीं गुजरात के मोरबी में 18 फीट गहरे एक कुएं के पानी में अचानक समुद्र जैसी लहरें उठने लगीं। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग की भीड़ जुटी। प्रशासन और जियोलॉजिस्ट की टीम इसकी जांच कर रही है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: क्या चर्च-मस्जिद की संपत्ति जब्त होगी, FCRA बिल पर अमेरिका तक में हंगामा; सरकार दुविधा में, क्या पास करा पाएगी 2. भास्कर इंटरव्यू: बृजभूषण बोले- संसद जरूर लौटूंगा, चरित्र हत्या की कोशिश हुई: प्रियंका को बरगलाया; यौन शोषण नहीं, मामला 'गुड-बैड टच' का था 3. संसद सत्र: सदन के बाहर बारिश में विपक्ष का प्रदर्शन, अंदर नारेबाजी:रिजिजू बोले- सरकार चर्चा से नहीं भाग रही, विपक्ष चलने दे सदन 4. जरूरत की खबर: स्कूलों के बाहर जंक फूड पर बैन: बच्चों को अनहेल्दी खाने से कैसे रोकें, हेल्दी ईटिंग हैबिट सिखाने के 8 टिप्स 5. मेंटल हेल्थ: बुढ़ापे में बीमारी का डर: मामूली दर्द भी हार्ट अटैक लगता है, टेस्ट में कुछ नहीं आता, लेकिन डर नहीं जाता, क्या करूं 6. कानपुर एक्सप्रेस: वे की बदहाली पर बड़े अफसर बचे, छोटे नपे: जिम्मेदारों ने आंखें मूंदकर फाइलें पास कीं, फील्ड पर गए ही नहीं 7. भास्कर एक्सक्लूसिव: तनाव वाले युवाओं को इंस्टाग्राम पर मिल रही सुसाइड पोस्ट:मेडिकल कॉलेज की स्टडी में खुलासा; 63.5% पोस्ट दिखा रहीं ‘खुदकुशी का रास्ता’ 8. राजस्थान में कमजोर मानसून से 246 बांध खाली:1.16-करोड़ लोगों की लाइफलाइन बीसलपुर में 1 इंच भी पानी नहीं आया, 23 जिलों में सूखे जैसे हालात 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: 5 लोगों की हत्या में 40 आरोपी कैसे हुए बरी?:आरोपी पक्ष की 4 दलीलें पड़ी भारी, CBI के तर्क कहां कमजोर पड़े; पढ़ें पूरी बहस 10. भास्कर एक्सक्लूसिव: बिहार में डेवलपमेंट स्पीड स्लो-14,000 करोड़ के 13 प्रोजेक्ट लेट:मोदी से जिसका उद्घाटन कराना था, वो समय से पूरा नहीं, सिक्स लेन पुल-एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: 'भरत तिवारी को 5 अलग-अलग पुलिसकर्मियों ने मारी थी गोली':हेडक्वार्टर को झूठी रिपोर्ट देकर बुलाई STF; सुप्रीम कोर्ट के वकील के 5 दावे करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृश्चिक राशि के लोगों के कारोबार में अच्छा मुनाफा होगा। कुंभ राशि वालों को विदेश जाने से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
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FIR registered in Deoband against American citizen Maulana Mufti Yasir Nadeem.
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विदेशों में बेहतर भविष्य और रोजी-रोटी की तलाश में जाने वाले पंजाब के नौजवानों से जुड़ी दुखद खबरों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सात समंदर पार से पंजाबी युवकों की अकाल मौत की खबरें सामने आती हैं, जो उनके परिवारों के सपनों को पल भर में चकनाचूर कर देती हैं। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला अमेरिका से सामने आया है। इसमें पंजाब के पटियाला जिले के रहने वाले 24 वर्षीय युवक खुशकरनदीप सिंह की अमेरिका के कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। खुशकरनदीप पांच साल पहले अमेरिका गया था और वहां ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। 30 जुलाई के बाद से परिजनों का उससे संपर्क कट गया था और फोन बंद आ रहा था। परिवार की शिकायत पर कैलिफोर्निया पुलिस द्वारा शुरू की गई खोजबीन के दौरान उसका शव एक सुनसान और जंगली इलाके से बरामद हुआ। शुरुआती जांच के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गाड़ी में सफर के दौरान उसे निशाना बनाया। पुलिस मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश और हत्या के कारणों की जांच में जुट गई है। पांच साल पहले संजोए थे अमेरिका जाने के सपनेखुशकरनदीप करीब पांच साल पहले अपने सुनहरे भविष्य की आस में अमेरिका गया था। वहां वह कैलिफोर्निया राज्य में एक ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करके अपना और अपने परिवार का जीवन संवारने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसकी हत्या की खबर से परिवार का पूरा सपना चकनाचूर हो गया। 30 जुलाई से टूटा था परिवार का संपर्कपरिजनों के अनुसार, खुशकरनदीप से उनकी आखिरी बार बात जुलाई के अंत में हुई थी। 30 जुलाई के बाद से अचानक उसका अपने परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजनों ने जब भी उससे बात करने की कोशिश की, उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आता रहा। कई दिनों तक कोई खबर न मिलने पर भारत में बैठा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से घबरा गया। जंगल से बरामद हुई लाश, पुलिस जांच में जुटीजब खुशकरनदीप से संपर्क के सारे रास्ते बंद हो गए, तो परेशान परिजनों ने अमेरिका स्थित स्थानीय पुलिस और कैलिफोर्निया में रहने वाले जान-पहचान के लोगों से मदद की गुहार लगाई। परिवार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कैलिफोर्निया पुलिस ने लापता युवक की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया। सघन छानबीन के बाद पुलिस को खुशकरनदीप का शव एक सुनसान और झाड़ियों वाले जंगली इलाके से बरामद हुआ। अमेरिकी पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि खुशकरनदीप सिंह को उस वक्त निशाना बनाया गया जब वह अपनी गाड़ी में सफर कर रहा था। हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और उसके बाद शव को सुनसान जगह फेंक दिया गया। परिवार में पसरा मातम, इंसाफ की गुहारहालांकि, इस जघन्य हत्या के पीछे का असली कारण क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। कैलिफोर्निया पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है। उधर, जैसे ही खुशकरनदीप की मौत की खबर पटियाला स्थित उसके पैतृक गांव अतला पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हंसते-खेलते बेटे की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की आंखें नम हैं और ग्रामीण सरकार से खुशकरनदीप के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द पंजाब लाने तथा दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में पिछले पांच महीनों से जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। ईरान ने दावा किया है कि वह ओमान के मध्यस्थता वाले 'होर्मुज़ समझौते' (Hormuz Deal) के बेहद करीब पहुंच गया है। इस समझौते का मकसद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और एलएनजी (LNG) आपूर्ति मार्ग—'होर्मुज़ जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz)—को जहाजों के आवागमन के लिए फिर से खोलना है। हालांकि, तेहरान को अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वाशिंगटन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इसी बीच, ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ़ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर थिएटर डिप्लोमेसी (दिखावे की कूटनीति) करने का आरोप लगाया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो खाड़ी (Gulf) को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और जिसके एक तरफ ओमान और संयुक्त अरब अमीरात तथा दूसरी तरफ ईरान है, मध्य पूर्व में तनाव का एक बड़ा केंद्र बन गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सामान्य समय में दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति इसी रास्ते से की जाती है। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच घालीबाफ़ ने क्या कहा अपने X अकाउंट पर, घालीबाफ़ ने तनाव बढ़ाने की ट्रंप की बार-बार दी जा रही धमकियों पर निशाना साधा और कहा, बड़ा हमला होने वाला है... यह बात बार-बार दोहराई जा रही है। धौंस जमाना, वादे तोड़ना और फ़र्ज़ी ख़बरों का इस्तेमाल करना एक नाकाम रणनीति है। तथ्यों को स्वीकार करें और अपने वादे पूरे करें। उन्होंने कहा, हमें और ज़्यादा दिखावे की ज़रूरत नहीं है। होरमुज़ डील की मौजूदा स्थिति ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ होरमुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होरमुज़) को फिर से खोलने का समझौता लगभग तय हो चुका है। दोनों देशों ने इस अहम जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाज़ों के रास्तों के लिए कोऑर्डिनेट्स (निर्देशांक) पर सहमति की पुष्टि की है। इस प्रस्ताव पर अमेरिका की ओर से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है। हालांकि ट्रंप ने कहा है कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता जल्द ही हो जाएगा, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार ज़ोर देकर कहा है कि वे कभी भी इस बात के लिए सहमत नहीं होंगे कि ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग तक पहुँच का नियंत्रण ईरान के पास हो। ईरान के एक सांसद ने फार्स न्यूज़ एजेंसी को बताया कि एक संसदीय समिति एक शुरुआती बिल की समीक्षा कर रही है। इस बिल में होरमुज़ जलडमरूमध्य से अमेरिका, इज़राइल और अन्य दुश्मन माने जाने वाले देशों के जहाज़ों के गुज़रने पर रोक लगाने और प्रस्तावित प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर कार्गो (सामान) की कीमत का 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। इसे भी पढ़ें: Independence Day पर Lal Qila से गूँजेगा Vande Mataram, राष्ट्रगीत को मिला ऐतिहासिक संवैधानिक सम्मान होरमुज़ डील से हर पक्ष क्या चाहता है रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने वाले जहाज़ों के कार्गो की कीमत का 5 से 7 प्रतिशत शुल्क लेना चाहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान लगभग 3 प्रतिशत शुल्क पर बातचीत कर रहा है, जबकि वाशिंगटन कोई शुल्क नहीं चाहता है। इस समझौते से ईरान को जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले ट्रैफ़िक पर अधिकार मिल जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि फरवरी में अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में तेहरान के पक्ष में बड़ा बदलाव आया है। युद्ध से पहले, यह जलडमरूमध्य सभी जहाज़ों के लिए बिना किसी शुल्क के खुला रहता था। खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी इस बीच, पाँच सूत्रों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि अगर उसके क्षेत्र पर अमेरिका का कोई नया हमला होता है, तो वह पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढाँचे के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करेगा। तेहरान वाशिंगटन के करीबी क्षेत्रीय सहयोगियों को धमकाकर सैन्य कार्रवाई की कीमत बढ़ाना चाहता है। खाड़ी क्षेत्र के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया, ईरान की चेतावनी स्पष्ट थी: अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया, तो वे खाड़ी के ऊर्जा केंद्रों और अन्य क्षेत्रीय ठिकानों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई करेंगे। ईरान इस क्षेत्र में वाशिंगटन के सहयोगियों के ख़िलाफ़ मिसाइलों और ड्रोनों से जवाबी हमले कर रहा है और साथ ही अपनी अनुमति के बिना जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले व्यावसायिक जहाज़ों को भी निशाना बना रहा है। ट्रंप की धमकी लास वेगास में एक रैली में समर्थकों को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने कूटनीति को प्राथमिकता दी। ट्रंप ने कहा मैं समझौता करना पसंद करूँगा क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता। ट्रंप ने कहा, मैं लोगों को मारना नहीं चाहता, लेकिन किसी न किसी मोड़ पर हमें ऐसा करना ही पड़ेगा। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के युद्ध शुरू करने के बाद से ईरान में 3,400 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि अमेरिका के 18 सैन्य कर्मियों की मौत की खबर है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
अमेरिका की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव! चीन-रूस के बढ़ते तनाव के बीच छोटे एटम बम के इस्तेमाल की तैयारी
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (सीएनडब्ल्यूजी) के 'प्रथम पिलर' वर्किंग ग्रुप की बैठक की। इस बैठक में भारत और अमेरिका की कई एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
ड्रग्स-रोधी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एनसीबी ने की भारत-अमेरिका काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की बैठक
मेरठ निवासी आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त रह चुके असित सिंह के क्रेडिट कार्ड का डेटा चुराकर किराए पर कार्ड देने वाली विदेशी कंपनी को भुगतान किया गया। पुलिस ने साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है।
अमेरिका जाने का सपना हुआ मुश्किल? ट्रंप के फैसले से भारतीयों को बड़ा झटका, 62 फीसदी घटे वीजा
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इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा (Meta) को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक अदालत ने मेटा को अपने सोशल मीडिया मंचों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए 56.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4,700 करोड़ से अधिक) का भुगतान करने का आदेश दिया है।न्यायाधीश ब्रायन बीडशाइड ने बृहस्पतिवार देर रात यह फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार, इस भारी राशि का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 42 करोड़ डॉलर युवाओं के मानसिक उपचार से जुड़ी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा। वहीं, शेष राशि अगले पांच वर्षों में बाल सुरक्षा, जागरूकता, रोकथाम और जांच सेवाओं पर लगाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: FCRA Amendment Bill 2026 | द्रमुक सांसद पी. विल्सन और ईसाई नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, कानून वापस लेने की मांग मुकदमे के पहले चरण में अदालत ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना लगाया था। अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उपलब्ध जानकारी छिपाई।अभियोजकों ने मुकदमे के दूसरे चरण में न्यायाधीश से मेटा के कामकाज में बुनियादी बदलाव करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को लत लगाने वाले ‘फीचर’ पर अंकुश लगाना, उम्र के सत्यापन की व्यवस्था में सुधार करना और स्वतः लागू होने वाली निजता संबंधी व्यवस्थाओं तथा कड़ी निगरानी के जरिये बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। इसे भी पढ़ें: पिता की कब्र के पास दफनाया जाएगा अतीक अहमद का लाडला, सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत अदालत ने कहा कि बच्चों की निजता से संबंधित संघीय कानून मेटा को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु सत्यापन उपकरण लागू करने से रोकते हैं।अदालत ने कहा कि बाल ऑनलाइन निजता संरक्षण अधिनियम यानी ‘सीओपीपीए’ के कारण वह मेटा को बच्चों से निजी जानकारी देने या आयु सत्यापन के उद्देश्य से इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर स्वतः नजर रखने के लिए कहने का आदेश नहीं दे सकती।अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की उम्र सत्यापित करने का आदेश केवल मेटा को देना और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को इससे बाहर रखना कंपनी के लिए ‘‘अनुचित और अत्यधिक नुकसानदेह’’ होगा। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
US President Trump signs new orders to limit birthright citizenship - US: जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर डोनाल्ड ट्रंप का नया वार, 'बर्थ टूरिज्म' रोकने के लिए दो आदेश जारी
बिहार म्यूजियम के आज 11 साल हो गए हैं। साल 2015 में सीएम नीतीश कुमार ने इसका उद्धाटन किया था। करोड़ों की लागत से बनी यह म्यूजियम ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से सुसज्जित है। आज इसका स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इसे लेकर खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस अवसर पर कलाकार राजेश राम की विशेष कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती: रीट्रेसिंग मेमोरीज ऑफ बॉयहुड' प्रदर्शित किए जाएंगे। पटना म्यूजियम में अमेरिका से वापस लाई गई मिथिला पेंटिंग के 101 दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी 'द टाइमलेस आर्ट ऑफ मिथिला' सबसे खास आकर्षण होगी। 6 अक्टूबर तक प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि इस मौके पर देश के नामचीन और कालजयी कलाकारों की चुनिंदा कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। बिहार म्यूजियम में 7 अगस्त से 6 अक्टूबर तक देश के प्रमुख कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। पटना म्यूजियम में 7 अगस्त से 20 सितंबर तक मिथिला पेंटिंग की दुर्लभ प्रदर्शनी आयोजित होगी। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जोड़ना है। अमेरिका से लौटी दुर्लभ मिथिला पेंटिंग्स होंगी प्रदर्शित संग्रहालय प्रशासन के अनुसार, 1970 के दशक में मिथिला पेंटिंग की 100 से अधिक कलाकृतियां अमेरिका चली गई थीं। अब इन्हें बिहार वापस लेकर आया गया है। वहीं, कला प्रदर्शनी 'कागज की कश्ती' आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में उनकी चुनिंदा मूर्तियां और कलाकृतियां प्रदर्शित होंगी। आयोजन के दौरान कलाकार स्वयं भी मौजूद रहेंगे और आगंतुकों को अपनी कला, उसकी तकनीक और बारीकियों के बारे में जानकारी देंगे।
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Mirzapur News: सावन में चूड़ियों की खनक से बाजार गुलजार, अमेरिकन डायमंड डिजाइन की बढ़ी मांग
Markets buzz with the clinking sound of bangles during Sawan; demand for American Diamond designs rises
Meta और भारत सरकार के बीच बढ़ी तकरार! 'भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून', एल्गोरिदम को लेकर बड़ा विवाद
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
पंजाब विधानसभा में मनरेगा फंड पर गरमाई बहस, स्पीकर ने अमेरिका और इथेनॉल पर कसा तंज
पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मनरेगा फंड, दूषित पेयजल, राशन वितरण और सीवरेज बिल के मुद्दों पर सरकार घिरी। स्पीकर की इथेनॉल संबंधी टिप्पणी चर्चा का केंद्र रही।
नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के 78वें स्थापना दिवस पर भावुक हुए सीईसी, उद्यमियों को बताया शहर का भविष्य।
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से नई दिल्ली में मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, यह बैठक 30 मिनट से अधिक समय तक चली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत ईडी ने आरोपियों की 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क (अटैच) की हैं। इनमें हरियाणा, दिल्ली और गोवा में स्थित कई लग्जरी फार्महाउस और आलीशान विला शामिल हैं। इस मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) से मिले इनपुट के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद शुरू हुई थी। FBI के इनपुट पर शुरू हुई थी कार्रवाई यह मामला तब सामने आया, जब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भारतीय एजेंसियों के साथ अहम इनपुट साझा किए। इसके आधार पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। जांच में सामने आया कि भारत से संचालित एक कथित अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे करोड़ों डॉलर की साइबर ठगी की जा रही थी। 36 कर्मचारियों के साथ चल रहा था 'अवैध' खेल ईडी जांच में सामने आया कि Digikaps – The Future of Digital नाम से एक कथित अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। इस सेंटर में करीब 36 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें जिगर अहमद, यश खुराना, इंद्रजीत सिंह भाली और निखिल शर्मा शामिल थे। पूरे नेटवर्क का संचालन और निगरानी जॉनी, दक्षे सेठी और गौरव वर्मा कर रहे थे। ऐसे बनाते थे अमेरिकी नागरिकों को शिकार गिरोह कथित तौर पर बेहद सुनियोजित तरीके से अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को टेक्निकल सपोर्ट से जुड़ा प्रतिनिधि बताकर लोगों को झांसे में लेते और उनकी निजी व गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे अमेरिकी कर विभाग (IRS) की ओर से कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ितों पर दबाव बनाते थे। आरोप है कि इस डर का फायदा उठाकर उनसे रकम क्रिप्टो खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। काली कमाई से खरीदीं संपत्तियां और विला जांच के अनुसार, कथित ठगी से हासिल रकम को पहले क्रिप्टो वॉलेट के जरिए 'Bliss Infraproperties LLP' समेत अन्य कथित शेल (फर्जी) कंपनियों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इस धन को वैध दिखाने के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश किया जाता था। ईडी के मुताबिक, गिरोह के मुख्य आरोपी जॉनी उर्फ जॉनी त्यागी, दक्षे सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा ने कथित तौर पर इसी रकम से हरियाणा, दिल्ली और गोवा में महंगी अचल संपत्तियां, फार्महाउस और आलीशान विला खरीदे। छापेमारी में मिली थी भारी नकदी और दस्तावेज इससे पहले जनवरी व फरवरी 2026 में ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कई डिजिटल उपकरण, 34 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। मामले में आगे की कार्रवाई जारी जांच में मिले दस्तावेजों से आरोपियों की भारत और विदेश में बड़ी संपत्तियों का पता चला। फिलहाल ईडी ने 187.13 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
अमेरिका में भारत से ₹30 हजार सस्ता होगा iPhone 18 Pro Max, कहां से खरीदने में फायदा
अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कानपुर शहर के पॉश इलाकों में अमेरिकन, मलयेशियाई गांजा-चरस की होम डिलीवरी हो रही है। तस्कर डार्क वेब के जरिये खेप मंगवा कर तिलकनगर, स्वरूपनगर, आर्यनगर, सिविल लाइंस जैसे पाॅश इलाकों में खपा रहे हैं।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
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अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
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पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
भारत अमेरिका को पछाड़ दुनिया का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला सोलर एनर्जी मार्केट बना
नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में स्थापित सोलर एनर्जी क्षमता 2014 में सिर्फ 3 गीगावाट से बढ़कर 30 जून, 2026 तक 162.15 गीगावाट के स्तर पर पहुंच गई है, जो देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई।
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

