'F-35 सबको नहीं देता अमेरिका, जिसपे भरोसा करते हैं...', जेट डील पर क्या बोले सर्जियो गोर
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि F-35 सिर्फ भरोसेमंद साझेदारों को ही दिए जाते हैं. भारत क्वॉड का महत्वपूर्ण सहयोगी है. हाल में युद्धाभ्यास और तरंग शक्ति में अमेरिकी सैनिक और F-35 आए. यह भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत दिखाता है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी भारत यात्रा के समापन पर कहा कि आर्थिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग से भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हुए हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ‘अंतिम चरण’ में, जल्द पूरी हो सकती है बातचीत: जयशंकर
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ‘अंतिम चरण’ में, जल्द पूरी हो सकती है बातचीत: जयशंकर
US के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका-इजरायल?
अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की रणनीति तैयार की है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों ने साझा युद्धाभ्यास भी तेज कर दिया है ताकि ईरान पर संभावित कार्रवाई का पूर्वाभ्यास किया जा सके. इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है. दूसरी तरफ, भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को पूरी तरह से स्वदेशी बनाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है.
भारत अब अमेरिका और यूरोप के बजाय अफ्रीका और आसियान देशों में अपना निर्यात तेजी से बढ़ा रहा है। अफ्रीका में चीन के प्रभुत्व को चुनौती देते हुए, भारत ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और मिस्र जैसे देशों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।
अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले की बनाई योजना, न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद अमेरिका और इजरायल, ईरान पर फिर से बड़ा सैन्य हमला करने की योजना बना चुके हैं. इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले उच्च पदस्थ अमेरिकी अधिकारियों और रक्षा मामलों के जानकारों के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों ने एक छोटे लेकिन बेहद तीव्र और घातक सैन्य अभियान यानी 'शॉर्ट शार्प ऑपरेशन' की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है.
300 बाइसन से हजारों का झुंड! अमेरिका में जानवरों ने बचाई संकटग्रस्त प्रेयरी, 30 साल में बदल गई प्रकृति की तस्वीर
सऊदी छोड़ भागने लगे अमेरिकी, क्या ट्रंप भांप गए हूतियों का बड़ा प्लान?
यमन के हूती विद्रोही अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर इस कदर भारी पड़ रहे हैं कि वहां मौजूद अमेरिका भी घबरा गया है। मीडिया रिपोर्ट दावा कर रही है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एंबेसी से अपने एंप्लाइज और उनकी फैमिली को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का हुक्म दे दिया है। जिस तरह हूतियों से उलझकर सऊदी अरब की रुसवाई हो रही है, उससे अमेरिका को खतशा पैदा हो गया है कि कहीं हूती उसके ठिकानों पर मारना शुरू ना कर दें। अभी तक अमेरिका हूती सऊदी जंग में सीधे नहीं उतरा है और यमन में हूतियों से भिड़ने का उसका पुराना अनुभव बहुत ही खराब रहा है। हूती लड़ाकों ने सऊदी के एयरपोर्ट, तेल फैसिलिटी और बुनियादी ढांचे पर खूब मिसाइल और ड्रोन मारे हैं। बुधवार को हुए ताजा हमलों में तीन लोगों की मौत हुई है। इसमें दम्माम के इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर हमला और एक तेल फैसिलिटी पर किया गया ड्रोन अटैक शामिल है। बताया जा रहा है कि आगे आने वाली जंग के मद्देनजर अमेरिका ने सऊदी के साथ-साथ अपनी दूसरी एंबेसी के एंप्लाइजस को भी यूएई, जॉर्डन, क़तर और बहरीन से भी जाने का आदेश दिया है। हालांकि बाद में अमेरिकी स्पोक पर्सन टॉमी पिगाट ने सऊदी दूतावास के कर्मचारियों को हटाए जाने के आदेश की तस्दीक की है। हालांकि पिगॉट ने साफ किया है कि यह आदेश केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनकी फैमिली के सदस्यों पर लागू होता है जिनकी मौजूदगी की जरूरत नहीं है। यानी वो एंप्लई और फैमिली जो वहां गैर जरूरी तौर पर मौजूद है और उन्हें सऊदी से हटाया जा रहा है और वापस अमेरिका भेजा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Yemen के Taiz शहर में Houthi हमला, रिहायशी इलाके में दो किशोरियों की मौत अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने के पीछे सऊदी अरब में हुतियों के आम लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का हवाला दिया गया है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि हालात तेजी से और ज्यादा गंभीर रूप ले सकते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिका के इशारे और एक्शन बता रहे हैं कि अंसारुल्लाह सऊदी अरब पर और तगड़े हमले कर सकते हैं। इतना ही नहीं सऊदी अरब के सरहदी प्रांतों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ब्राज़लियाई जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि यमन के अंसारुल्लाह बाहर से हमला करके सऊदी नहीं जीतेंगे। तुम्हें अंदर के लोग ही सौंप देंगे। दरअसल नजरान, जिजान और असीर ये तीन प्रांत 1934 से पहले यमन का हिस्सा हुआ करते थे। 1934 में सऊदी और यमन में जंग हुई थी। यमन हार गया। सऊदी ने ब्रिटिश की मदद से तीन इलाके छीन लिए। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि आज भी वहां के लोग खुद को यमनी मानते हैं। सऊदी नहीं। इसे भी पढ़ें: यमन के Shabwa में Houthi मिसाइल हमले में 73 की मौत, 200 से अधिक रंगरूट घायल जर्नलिस्ट पेपे का दावा है कि सऊदी के सरहदी इलाकों से लेकर यमन में यह चर्चा चल पड़ी है कि वह अपना हिस्सा सऊदी अरब से वापस लेकर रहेंगे। अगर ऐसा हो गया तो सऊदी किंगडम को बहुत बड़ा झटका होगा। हाल ही के दिनों में जारी अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी सऊदी हवाई अड्डे का इस्तेमाल करने के लिए खास अनुमति की जरूरत होगी। हूती लड़ाकों ने बार-बार रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया है और गंभीर हमले के बाद यह एयरपोर्ट 10 अक्टूबर से बंद था। हालांकि बुधवार को सीमित संख्या में सऊदी एयरलाइंस की उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हुआ। बावजूद इसके लुफथानसा और एयर फ्रांस जैसी अहम एयरलाइंस ने नवंबर के मध्य तक अपनी उड़ाने रद्द कर दी हैं। हूतियों के साथ जंग लेकर सऊदी अरब बुरी तरह फंस गया है। यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताई को हूतियों ने घेर लिया है। जिसके लिए सऊदी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। 27 शहर रणनीतिक रूप से भी होती और सऊदी समर्थित सेना के लिए महत्वपूर्ण है। मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में अंसारुल्लाह यानी होती लड़ाकों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल सऊदी अरब समर्थित सेना पर भारी नहीं पड़ रहे बल्कि पूरे यमन के युद्ध क्षेत्र का नक्शा बदलने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यमन के तीसरे सबसे बड़े और ऐतिहासिक शहर ताईच को हूतियों ने चारों तरफ से लोहे के शिकंजे की तरह घेर लिया। ताईच की इस चौतरफा घेराबंदी के बाद यमन की रियाद समर्थित कठपुतली सरकार और उसके आका सऊदी अरब के पसीने छूटने लगे। ताईच कोई साधारण शहर नहीं है बल्कि यह यमन के दक्षिणी पहाड़ी इलाके का वह अंतिम अभैद्य किला माना जाता है जिसके पार सीधे अदन और बाब अल मंदेब स्टेट का जरूरी रास्ता जाता है। अगर हूतियों का परचम ताइज पर पूरी तरह लहरा जाता है तो यह सऊदी गठबंधन के लिए एक ऐसी करारी और शर्मनाक पराजय बन जाएगी जिसने उसका पूरा सैन्य ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढहाने में कामयाबी पा जाएगा। सऊदी अरब के लाखों करोड़ों डॉलर के बारूद और हवाई हमलों को धता बताते हुए हूतियों ने दक्षिण पश्चिम यमन में अपनी पकड़ को इतना मजबूत कर लिया कि ताई से अदन को जोड़ने वाला लगभग 200 किमी लंबा सप्लाई रूट पूरी तरीके से कट चुका है।
ट्रम्प से उलझना जेलेंस्की को पड़ा भारी? अमेरिकी प्रतिनिधियों ने बंद कमरे में लगाई फटकार, रूस को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका की मुस्लिम सांसद इल्हान उमर को लग रहा डर! घर पर छापेमारी के बाद बदलेंगी ठिकाना
अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने आव्रजन दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी की जांच के तहत घर पर संघीय एजेंसियों की छापेमारी के बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते वॉशिंगटन स्थित अपना घर छोड़ने का फैसला किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की डिमांड पर क्या बोले गूगल के CEO सुंदर पिचाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क और कनाडा के बीच स्थित ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया था। ट्रंप के साइन किए हुए कार्यकारी आदेश के बाद गूगल ने भी ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ कर दिया।लेकिन अब ट्रंप चाहते हैं कि उनके नाम पर एक पूरे महासागर का नाम …
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान, देखें US Top-10
भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते को करने के काफी करीब हैं. जो पहले हुए समझौतों से काफी अलग होगा. वहीं, भारत और अमेरिका के रिश्तों को नए सिरे से गढ़ने की कोशिशों के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत के दौर पर हैं. रूबियो जामनगर पहुंचे. जहां उन्होंने दुनिया की सबसे बडी तेल रिफायनरी कॉम्पलेक्स का दौरा किया. अमेरिका की अन्य प्रमुख खबरें.
आतंकवाद पर अमेरिका-भारत की चिंताएं एक जैसी, PAK से रिश्ते पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ता किसी भी तरह भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है और वॉशिंगटन और नई दिल्ली आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं रखते हैं।
पाकिस्तान से दोस्ती भारत की कीमत पर नहीं; आतंकवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्री का दो टूक
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आतंकवाद को लेकर अमेरिका और भारत दोनों की चिंताएं एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है। आतंकवाद पर हमारी और भारत की चिंताएं एक जैसी हैं।
भारत की कीमत पर नहीं...आते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने जो कहा, पाकिस्तान को हिला डाला
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन के करीबी रिश्ते भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को लेकर दोनों देशों की चिंताएं एक जैसी हैं। रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली, दोनों की आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं हैं। भारत के दौरे पर आए रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में ये बातें कहीं। यह वही होटल है जिसे 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था। वे एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तान के साथ उसके करीबी रिश्ते, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को कमजोर न करें। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए वाशिंगटन के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान सहित दुनिया भर के देशों के साथ संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ लगातार जुड़ाव रहने से, विभिन्न मुद्दों पर लिए जाने वाले उनके फैसलों पर वाशिंगटन का प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि इससे हमें, उम्मीद है, विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर अधिक प्रभाव डालने का मौका मिल सकता है। रुबियो ने यह भी सुझाव दिया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ वाशिंगटन के संबंध, इन पड़ोसी देशों के बीच तनाव को एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Mukesh Ambani के कारोबारी सामर्थ्य का अचानक मुरीद क्यों हुआ अमेरिका? Marco Rubio ने Jamnagar Refinery में क्या क्या देखा? उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को काफी पुरानी बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी संबंध बेहतर हुए हैं, जिससे वाशिंगटन को दोनों पक्षों के साथ जुड़ने का मौका मिला है। रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि अमेरिका तनाव कम करने और इसे एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद करने के लिए तैयार है, क्योंकि वाशिंगटन इन पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच तनाव को अच्छी तरह समझा जा सकता है। अमेरिका एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई युद्ध हो।
क्या अमेरिका-ईरान में सुलह करा पाएगा पाकिस्तान? देखें कूटनीति
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को बहुत कड़ा संदेश भेजा है- संवर्धित यूरेनियम यानी Enriched Uranium का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं जाएगा! और तेहरान की तरफ से यह संदेश किसे मिला? पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर को, जो ईरान और अमेरिका के बीच बंद पड़ी बातचीत को फिर से शुरू कराने की उम्मीद लेकर तेहरान पहुंचे हैं. पाकिस्तान बेशक दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह दो कट्टर दुश्मनों को बातचीत की मेज पर ला सकता है. कूटनीति में आज बात करेंगे असीम मुनीर के तेहरान दौरे, ईरान- अमेरिका परमाणु तनातनी और पाकिस्तान के इस नए कूटनीतिक दांव की.
सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर ड्रोन हमले, 3 की मौत; भारतीय समेत कई घायल, अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश
पंजाब के रोमांच महाजन की न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ी दुर्घटना में मौत के बाद, 22 अक्टूबर को 'रोमांच लॉ' पर मतदान होगा, जिसका उद्देश्य जून 2028 तक शहर में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाना है।
गुजरात स्थित जामनगर में बुधवार को एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसके मायने किसी औद्योगिक दौरे से कहीं ज्यादा बड़े हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनरी देखने पहुंचे, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी तथा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने उनका स्वागत किया। उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। सवाल यह है कि अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने दिल्ली के बजाय जामनगर को इतना महत्व क्यों दिया? जवाब है तेल, ऊर्जा सुरक्षा, वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव। हम आपको बता दें कि जामनगर में रुबियो को केवल रिफाइनरी की विशाल मशीनें और अत्याधुनिक तकनीक नहीं दिखाई गई, बल्कि रिलायंस के उस औद्योगिक सामर्थ्य से भी परिचित कराया गया, जिसकी जरूरत आज अमेरिका को भी महसूस हो रही है। कंपनी के मुताबिक, अंबानी ने उन्हें रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के अलावा निर्माणाधीन डेटा सेंटरों और चरणबद्ध तरीके से शुरू हो रही न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों की जानकारी दी। बातचीत में पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, मजबूत सप्लाई चेन और डेटा सेंटरों के लिए भरोसेमंद बिजली की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल रहे। यानी चर्चा सिर्फ तेल खरीदने-बेचने की नहीं, बल्कि ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य की भी थी। इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए आखिर जामनगर में ऐसा क्या है? हम आपको बता दें कि जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की संयुक्त कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 14 लाख बैरल है। इसमें 1999 में शुरू हुई पहली रिफाइनरी और 2008 में चालू हुई निर्यात-केंद्रित दूसरी रिफाइनरी शामिल हैं। रिलायंस के मुताबिक, यह कॉम्प्लेक्स 216 से अधिक प्रकार के कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत भारी और अधिक सल्फर वाले कच्चे तेल को भी उपयोगी पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने की क्षमता है। यही क्षमता इसे अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से अहम बनाती है। वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल दुनिया की हर रिफाइनरी आसानी से संसाधित नहीं कर सकती। लेकिन रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी इस मामले में विशिष्ट क्षमता रखती है। अमेरिका की वेनेजुएला-केंद्रित तेल रणनीति और वहां से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशों के बीच रिलायंस एक महत्वपूर्ण संभावित साझेदार बनकर उभरी है। रुबियो ने साफ कहा कि रिलायंस के पास वेनेजुएला समेत पश्चिमी देशों में निकलने वाले भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की खास क्षमता है। यही वजह है कि अमेरिका रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के नए रास्ते तलाश रहा है। अनुमानों के मुताबिक, अक्टूबर में रिलायंस हर दिन वेनेजुएला से करीब 3.5 लाख से 3.7 लाख बैरल कच्चा तेल मंगा सकती है। इससे साफ है कि वेनेजुएला के तेल को इस्तेमाल करने की अमेरिकी रणनीति में जामनगर रिफाइनरी की भूमिका बेहद अहम हो सकती है। अमेरिका की परेशानी और रिलायंस की अहमियत इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा पहलू अमेरिकी घरेलू अर्थव्यवस्था है। अमेरिका में डीजल की कीमतों में उछाल और ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर भारी दबाव है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले महंगे ईंधन का मुद्दा राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। रिलायंस इस तस्वीर में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जामनगर से डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन सहित बड़ी मात्रा में रिफाइंड उत्पाद दुनिया भर में भेजे जाते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में जामनगर से 2.166 करोड़ टन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात हुआ। इसमें 98.1 लाख टन डीजल, 61.4 लाख टन पेट्रोल और 20.6 लाख टन जेट ईंधन शामिल था। यूरोप इन उत्पादों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय बाजार रहा। साथ ही अमेरिका के लिए रिलायंस की अहमियत सिर्फ उसकी रिफाइनरी तक सीमित नहीं है। भारत में अमेरिकी गैस की बढ़ती मांग भी इसकी बड़ी वजह है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, पिछले एक साल में भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है। यानी अब भारत को एलपीजी सप्लाई करने वाला अमेरिका सबसे बड़ा देश बन गया है। अमेरिका में अंबानी का निवेश भी चर्चा के केंद्र में इसके अलावा, रुबियो के दौरे के पीछे एक और बड़ा आर्थिक पहलू है। ट्रंप प्रशासन अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन और रोजगार वापस लाने की नीति को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश करता रहा है। इसी सिलसिले में टेक्सास के पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविल में प्रस्तावित नई तेल रिफाइनरी में रिलायंस की भागीदारी को खास महत्व दिया जा रहा है। अमेरिका में करीब पांच दशकों बाद लगने जा रही इस प्रमुख नई रिफाइनरी पर लगभग 3 से 4 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। इसकी सालाना प्रसंस्करण क्षमता करीब 6 करोड़ बैरल अमेरिकी कच्चे तेल की होगी। रिलायंस ने इसके उत्पादन का बड़ा हिस्सा खरीदने के लिए 20 साल का समझौता किया है और इसके 2029 के आसपास परिचालन शुरू करने की उम्मीद है। रूस का तेल, यूक्रेन युद्ध और भारत पर अमेरिकी दबाव रिलायंस की अहमियत का तीसरा पहलू रूस-यूक्रेन युद्ध है। 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी तेल का बड़ा खरीदार बनकर उभरा और रिलायंस ने भी रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाया। कंपनी के तेल स्रोतों में रूस की हिस्सेदारी 2022 से पहले लगभग 3 प्रतिशत थी, जो 2025 में बढ़कर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गई। रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर ट्रंप प्रशासन ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ का दबाव बनाया। इसके बाद रिलायंस ने रूसी कच्चे तेल का आयात घटाया। रुबियो ने स्वीकार किया कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है, लेकिन रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना तुरंत बंद करना आसान नहीं है। उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार भी बताया। अमेरिकी मीडिया की नजर में यह दौरा क्यों खास है? उधर, अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस दौरे को सिर्फ एक कारोबारी मुलाकात के तौर पर नहीं देख रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि रिलायंस अमेरिका के कई अहम हितों से जुड़ी हुई है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता कम करे, वेनेजुएला के तेल का ज्यादा इस्तेमाल हो, ईंधन की कीमतों पर काबू पाया जा सके और अमेरिकी कंपनियों में निवेश बढ़े। इन सभी मुद्दों पर रिलायंस की भूमिका अहम हो सकती है। अंबानी बनाम मस्क: अमेरिकी हितों की एक और पेचीदगी दिलचस्प बात यह है कि जहां ट्रंप प्रशासन रिलायंस के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है, वहीं ट्रंप के करीबी एलन मस्क का रिलायंस से टकराव भी सामने आया है। मस्क की कंपनी स्टारलिंक भारत में परिचालन लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रही है। मस्क ने आरोप लगाया कि भारत में जियो को फायदा पहुंचाने के लिए स्टारलिंक के प्रवेश में बाधाएं डाली जा रही हैं। रिलायंस ने जवाब दिया कि उसे प्रतिस्पर्धा से कभी डर नहीं लगा और वह घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय निवेश एवं नवाचार का स्वागत करने वाले भारत में विकसित हुई है। देखा जाये तो यही विरोधाभास इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है। अमेरिका के कारोबारी और राजनीतिक हित हर मुद्दे पर एक जैसे नहीं हैं, लेकिन ऊर्जा के मोर्चे पर रिलायंस की क्षमता वॉशिंगटन को उसके साथ बातचीत के लिए प्रेरित कर रही है। कुल मिलाकर देखें तो जामनगर में मार्को रुबियो का दौरा भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी के कारोबारी सामर्थ्य का भी बड़ा संकेत है। दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल अमेरिका के विदेश मंत्री का भारत आकर किसी उद्योगपति के साथ ऊर्जा और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करना अपने आप में खास है। इससे पता चलता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में रिलायंस की क्षमता और जामनगर रिफाइनरी की अहमियत को अमेरिका भी गंभीरता से लेता है। रिलायंस ने भी अपने बयान में कहा है कि इस दौरे के दौरान पारंपरिक और नई ऊर्जा के क्षेत्र में कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं, सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति, आधुनिक तकनीक और मजबूत सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। कंपनी ने अमेरिकी कंपनियों के साथ तकनीक, इंजीनियरिंग और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे। बहरहाल, जामनगर से निकला संदेश साफ है कि भारत की औद्योगिक ताकत और मुकेश अंबानी की कारोबारी क्षमता को अमेरिका भी नजरअंदाज नहीं कर सकता। अमेरिकी विदेश मंत्री का किसी भारतीय उद्योगपति से मिलने के लिए उसके औद्योगिक परिसर तक पहुंचना इस बात को रेखांकित करता है कि वैश्विक ऊर्जा की राजनीति में रिलायंस की भूमिका कितनी अहम हो गई है। यह सिर्फ अंबानी की कारोबारी सफलता की कहानी नहीं, बल्कि भारत की उस बढ़ती ताकत का भी संकेत है, जिसके साथ अमेरिका अपने ऊर्जा और आर्थिक हितों को जोड़कर देख रहा है। -नीरज कुमार दुबे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- ईरान के साथ नहीं चल रही बातचीत, जल्द होने वाला है कुछ बड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। इसके साथ ही बहुत जल्द ही कुछ होने वाला है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क 'न्यूजनेशन' की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन से बात करते हुए, जब ट्रंप से तेहरान के साथ ...
हम अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तैयार: क्रेमलिन
मास्को, 22 अक्टूबर . मास्को पहुंचे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी President व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई. क्रेमलिन…
अमेरिका-यूक्रेन : त्रिपक्षीय शांति वार्ता को तैयार
मास्को, मास्को पहुंचे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में तीन घंटे लंबी बातचीत हुई। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रूस ने त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जता दी है और इसका आयोजन नवंबर के शुरुआत में हो सकता है।
'टेक कंपनियां नफरत से कमा रहीं मुनाफा': हिंदू विरोधी गतिविधियों पर भड़के अमेरिकी सांसद, एफबीआई से क्या कहा? us lawmaker raja krishnamoorthi slams big tech anti india hate social media
रूस पर चौंकाया...भारत पहुंचते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने किया बड़ा धमाका, सब हैरान!
ट्रंप की बेतुकी बहनबाजी को लेकर जिस तरह से भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास पैदा हो रही थी अब उसमें अचानक से ऐसा बदलाव आया है कि पूरी दुनिया हैरान हो गई है। क्योंकि जो ट्रंप अपने मन मुताबिक डील फाइनल कराने के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वह टेरिफ को हथियार बना रहे थे। लेकिन अचानक से ट्रंप के ऐसे तेवर बदले कि उन्होंने एक तरह से भारत के आगे सरेंडर कर दिया। दरअसल भारत से रिश्ते सुधारने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए ट्रंप ने अपनी टीम उतार दी है। इसी टीम में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी शामिल हैं जो अपनी पत्नी के साथ दो दिन के भारत दौरे पर आए। लेकिन जैसे ही वह भारत की धरती पर उतरे और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले तो उन्होंने धमाकेदार बयान देकर सबको चौंका दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को रिफाइनिंग के मामले में महाशक्ति बताते हुए वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में उसकी अहम भूमिका पर जोर दिया है। इसे भी पढ़ें: अभी के लिए, हमें रुकना होगा...यूक्रेन का 25% हिस्सा रूस को सौंपने के लिए तैयार जेलेंस्की! रूबियों ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और कुछ ही मुद्दों का समाधान बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अच्छी खबर सामने आ सकती है और दोनों देश समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत की तरफ से रूसी तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा व्यक्त की है जो कि एक समझदारी भरा कदम है। इसे एक दिन में रातोंरात करना आसान नहीं है। यह सिर्फ रूसी तेल का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा स्रोतों और विविध बनाने की इच्छा के बारे में और हमें लगता है कि हम इसकी ऊर्जा जरूरतों के कुछ स्रोतों की आपूर्ति कर सकते हैं। दरअसल रूबियों की यात्रा को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच रूसी तेल की खरीद और टेरिफ को लेकर अहम बातचीत चल रही है। अमेरिकी टेरिफ और बाजार तक पहुंच को लेकर महीनों से बातचीत अटकी हुई थी। भारत की रूस से कच्चे तेल की खरीद अमेरिका के साथ रिश्तों में तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टेरिफ लगाने की संभावना जताई थी। इसे भी पढ़ें: भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश लेकिन हाल ही में ट्रंप ने रूस से तेल और गैस की खरीद से जुड़े मामलों में भारत को टेरिफ से बड़ी राहत देते हुए अतिरिक्त टेरिफ या नए 100% वाले टेरिफ पर छूट का ऐलान किया था। लेकिन अब रूबियों ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर गंभीर हैं और बातचीत को जल्द नतीजे तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर साफ है कि अमेरिका भारत से डील करने के पूरे मूड में है।
भारत-अमेरिका की मीटिंग में अचानक पहुंचा UAE, फिर हुआ बड़ा खेल! चौंके मुस्लिम देश
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में जो दिखता है जरूरी नहीं कि वही हकीकत हो असली खेल अक्सर पर्दे के पीछे चलता है। कैमरों के सामने बयान दिए जाते हैं। गर्मजशी के साथ हाथ मिलाए जाते हैं और समझौतों की बातें कही जाती हैं। लेकिन पर्दे के पीछे रणनीतिक हितों, दबाव और सौदेबाजी का खेल चलता है। कुल मिलाकर कूटनीत शतरंज की वह बिसात है जहां हर चाल दिखाई नहीं देती और हर खामोशी का मतलब भी एक जैसा नहीं होता। कूटनीत का असली खेल बयानों में नहीं बल्कि उन फैसलों में छिपा होता है जो दुनिया को दिखाई नहीं देते। ऐसा ही कुछ मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुंबई में भारत और अमेरिका के बीच अहम बातचीत हुई। जिस वक्त दुनिया भर में अमेरिका के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की मीटिंग की खबर चर्चाओं में थी। ठीक उसी दौरान अचानक से यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला की एंट्री ने सबको चौंका दिया। इसे भी पढ़ें: Marco Rubio ने भारत में विरोध प्रदर्शनों को बताया आंतरिक मामला, UN experts पर कसा तंज चौंकना इसलिए भी लाजमी है क्योंकि मीटिंग अमेरिका और भारत के बीच चल रही थी तो यूएई अचानक इस मीटिंग में कैसे पहुंच गया? इसके पीछे की क्या वजह है कि अमेरिका, भारत, यूएई ने कोई बड़ा गेम प्लान बनाया है? दरअसल वैसे तीनों देशों के नेताओं के बीच जो त्रिपक्षीय बैठक हुई उसमें ऊर्जा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई। लेकिन यूएई का मीटिंग में शामिल होने का इसलिए भी अहम है क्योंकि मिडिल ईस्ट में इस वक्त तनाव चल रहा है। यूएई फिलहाल रूस के बाद भारत के बड़े और सबसे रणनीतिक कच्चे तेल के सप्लायरों में से एक है। विदेश मंत्री ए जयशंकर ने एक हफ्ते में दूसरी बार यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला के साथ बातचीत की। जयशंकर ने खाड़ी की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए बातचीत और कूटनीति के जरिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। इसके अलावा सऊदी अरब में होती हमलों से पैदा हुई स्थिति और मुझ से जहाजों की आवाजाही और भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हमलों के मुद्दे को उठाया गया। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: कभी Pakistan पर सख्त कार्रवाई चाहते थे Marco Rubio, अब उसी की पैरवी कर रहे हैं! सीनेटर से विदेश मंत्री बनते ही क्यों बदल गये सुर? जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद भारत आए थे। फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद ने एआई इंपैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया था। इसके अलावा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई की आठवीं यात्रा की थी। भारत और यूएई के बीच संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। दोनों देशों ने फरवरी 2022 में बड़ा आर्थिक साझेदारी समझौता सीईपीए पर हस्ताक्षर किए थे। जिससे द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। ऊर्जा रक्षा तकनीक और 35 लाख से ज्यादा भारतीयों के प्रवासी जुड़ाव के मामले में दोनों देश घनिष्ठ साझेदार हैं। ऐसे में यूएई के विदेश मंत्री का भारत आना वो भी अमेरिका के विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान तो यह खास हो जाता है। कहा जा रहा है कि तीनों देशों के नेताओं के बीच मिडिल ईस्ट पर तनाव के मुद्दे के साथ ही कच्चे तेल को लेकर बातचीत हुई है। जिसका असर जल्द देखने को मिल सकता है। उधर अमेरिका भी भारत के साथ फाइनल डील की बात कह चुका है।
यूपी: अमेरिकी सांसद जेसन स्मिथ ने परिवार संग निहारा ताजमहल, सूर्योदय की सुनहरी छटा ने मोहा मन
अमेरिकी सांसद ने परिवार संग किया ताज का दीदार।
ईरान पर नए हमले की तैयारी में अमेरिका: ट्रंप बोले- कोई बातचीत नहीं हो रही, तेहरान के साथ जल्द कुछ होने वाला है US preparing new strike Iran Trump says no talks are taking place, something is set happen with Tehran soon.
अमेरिकी डाक सेवा : 20 मिलियन नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप
वाशिंगटन, अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने अपने नए 'दिवाली फॉरएवर' स्टांप की 20 मिलियन प्रतियां छापी हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, यह संख्या सामान्य से थोड़ी ज्यादा है क्योंकि भारतीय समुदाय की ओर से इस स्टांप के लिए काफी जोरदार मांग और समर्थन मिला था। इस नए स्टांप का अनावरण बुधवार (स्थानीय समयानुसार) वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में किया गया।
रूस : अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को बिना शर्त रिहा किया
वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस ने अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को उनके अनुरोध पर रिहा किया है। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करते समय हबर्ड की रिहाई का मुद्दा उठाया था और रूस ने बिना किसी शर्त के उन्हें छोड़ दिया।
अमेरिकी डाक सेवा ने छापे 20 मिलियन नए ‘दिवाली फॉरएवर’ स्टांप
वाशिंगटन, 22 अक्टूबर . अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) ने अपने नए ‘दिवाली फॉरएवर’ स्टांप की 20 मिलियन प्रतियां छापी हैं. एक अधिकारी के मुताबिक, यह संख्या सामान्य से…
Google की रोबोटैक्सी पर अमेरिका में मचा बवाल, क्या इस चीनी कार में छिपा है कोई बड़ा खतरा?
Google की Waymo चीन से इलेक्ट्रिक वैन मंगाकर अमेरिका में अपनी ड्राइवरलेस टैक्सी सेवा का विस्तार कर रही है, जिस पर अमेरिकी नेताओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं।
अमेरिका- यूरोप में हड़कंप, बंद की सरकारी वेबसाइट, तुरंत करें ये काम
PHP Kya Hai? अमेरिका, यूरोप और दुनिया के कई देशों में PHP में पाए गए बग के चलते हड़कंप मच गया. कई देशों ने अपनी सरकारी वेबसाइट को बंद करने का ऐलान कर दिया. इसके बाद AI की मदद से बग डिटेक्ट किया और अब कंपनी ने इस संबंध में अपडेट जारी किया कर दिया है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
पश्चिम एशिया संकट: अमेरिका के ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ के जवाब में ईरान की धमकी, क्या फिर बिगड़ने वाले हैं हालात?us israel iran strike plans Father of All Bombs
अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटी का Phd हॉल्डर 2 साल से बेरोजगार, 2300 कंपनियों ने किया रिजेक्ट
क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2027 की लिस्ट में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी 27वें नंबर पर है. यहां से पढ़ाई करके भी जैक वीस को कहीं जॉब नहीं मिली है. अब वो माता-पिता के घर में बने बेसमेंट में रह रहे हैं.
अमेरिका के डाक टिकट पर सजी भारतीय रंगोली, 10 साल बाद दिवाली पर फिर हुआ ऐसा- खुद देखिए फोटो
यह दूसरी बार है जब USPS ने दिवाली के मौके पर कोई डाक टिकट जारी किया है. इससे पहले 2016 में भी ऐसा ही एक टिकट जारी किया गया था.
यूएस: दिवाली के रंगों से सजा खास अमेरिकी डाक टिकट, ह्यूस्टन की कलाकार की रंगोली की खूबसूरत कलाकृति को मिली जगह usps releases diwali rangoli stamp washington sangeeta bhutada vinay mohan kwatra
पश्चिम एशिया में फिर भड़केगी जंग?: खामेनेई ने गालिबाफ से की मुलाकात, अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की दी चेतावनी Will war flare up again in West Asia?: Khamenei meets Ghalibaf, warns the US of retaliatory action
अमेरिका में मेटा पर 2.35 लाख करोड़ का जुर्माना, डोनाल्ड ट्रंप के 2016 चुनाव से जुड़ा है मामला
अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को 25 अरब डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया है। जूरी ने माना कि डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़े इस मामले में एक राजनीतिक परामर्श ...
खाड़ी में फिर छिड़ेगा युद्ध? अमेरिका और इजरायल ईरान पर बड़े हमले की कर रहे तैयारी, जल्द करेंगे अटैक
खाड़ी में फिर बड़े युद्ध की आहट तेज होती जा रही है। अमेरिका और इजरायल फिर साथ मिलकर ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं। इजरायल में मिड टर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमला हो सकता है।
ईरान की अमेरिका को दो टूक: एक ग्राम भी एनरिच्ड यूरेनियम बाहर नहीं भेजेंगे, वीडियो में जाने 7 शर्तें पूरी होने तक बातचीत से इनकार
मार्को रूबियो का बयान: पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, वीडियो में जाने अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी
ईरान पर मंडराया जंगी खतरा! मिड टर्म इलेक्शन के बाद नए हमले की तैयारी में इजरायल-अमेरिका
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकानों पर छोटे व तीव्र सैन्य हमले की योजना बना रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि नया हमला होने पर वह खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाएगा.
सऊदी अरब में बढ़ा सुरक्षा संकट: एयरपोर्ट पर हमले में एक की मौत, अमेरिकी नागरिकों के लिए क्या है एडवाइजरी? Escalating security crisis in Saudi Arabia: One dead in airport attack; what is the advisory for US citizens?
अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस आने का दिया आदेश
अमेरिका ने सऊदी अरब में मौजूद अपने सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस आने का दिया आदेश
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत, कई घायल; अमेरिका ने गैर-जरूरी स्टाफ को लौटने को कहा
सऊदी अरब के पूर्वी शहर दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई
सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर भीषण हमला, एक की मौत, 8 लोग घायल, अमेरिका ने जारी किया आदेश - India TV Hindi
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सऊदी अरब में लगातार बढ़ते हूती ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को देश से निकलने का आदेश दिया है. दमाम एयरपोर्ट और तेल क्षेत्रों पर भी हमले हुए हैं.
न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में हादसे का शिकार हुए पठानकोट निवासी रोमांच महाजन के नाम पर अमेरिका में बना नया कानून 'रोमांच लॉ' आज पास हो जाएगा। न्यूयॉर्क में घोड़ों से चलने वाली गाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने के लिए प्रस्तावित विधेयक, जिसे पहले राइडर लॉ के नाम से जाना जाता था अब रोमांच की स्मृति में रोमांच लॉ कहलाएगा। इसके बाद रोमांच पहले भारतीय होंगे, जिनके नाम पर अमेरिका में कानून बनेगा। बता दें, पठानकोट से परिवार सहित अमेरिका घूमने गए 18 साल के रोमांच महाजन न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में जिस बग्गी में बैठे थे, उसका घोड़ा बिदक गया और बग्गी सहित भाग गया। रोमांच की मां प्रिया बग्गी से गिर गईं। मां को बचाने के लिए रोमांच ने भी छलांग लगा दी। हादसे में प्रिया को हल्की चोटें आईं, लेकिन रोमांच के सिर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से न्यूयॉर्क की कई संस्थाएं और नेता सामने आए और राइडर लॉ को रोमांच के नाम पर रखकर पास करने की मांग ने जोर पकड़ा। स्थानीय मेयर जोहरान ममदानी और नगर परिषद अध्यक्ष जूली मेनिन इस विधेयक पर सहमत हुए। रोमांच के पिता दीपक बताते हैं कि गुरुवार को भारतीय समयानुसार रात 8 बजे सिटी काउंसिल में रैली होगी। रोमांच की याद में मौन रखा जाएगा और फिर 23 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे यह कानून पास होगा। इसके बाद राइडर लॉ को रोमांच लॉ के नाम से जाना जाएगा। क्या है रोमांच लॉ? जिसका बदला गया नाम यह विधेयक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में है। इसके तहत घोड़ा-बग्गी चालकों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाएगी। इस उद्योग को समाप्त कर दिया जाएगा। हाल ही में सिटी काउंसिल की स्वास्थ्य समिति की सुनवाई के दौरान रोमांच के परिवार और एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को सहित कई समर्थकों ने हिस्सा लिया। काउंसिल की स्पीकर जूली मेनिन इस प्रतिबंध का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने वाली पहली सिटिंग स्पीकर बन गई हैं। 51 में से 32 काउंसिल सदस्यों ने इस विधेयक पर सहमति दी है। 70% न्यूयॉर्क निवासी प्रतिबंध के पक्ष में सर्वेक्षणों के अनुसार, न्यूयॉर्क के 70% नागरिक घोड़ा-बग्गी उद्योग को बंद करने के पक्ष में हैं। घोड़ों को भीषण गर्मी और ठंड में कंक्रीट की सड़कों पर दौड़ना पड़ता है, जिससे वे सांस और पैरों की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं। गाड़ियों के धुएं और हादसों के कारण कई घोड़ों और इंसानों की जान जा चुकी है। ट्री ऑफ लाइफ पर नाम लिखवाने वाले भी पहले भारतीय रोमांच महाजन को अमेरिका में मरणोपरांत बड़ा सम्मान मिला है। PETA ने अपने मुख्यालय स्थित 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल में रोमांच की स्मृति में एक विशेष पत्ती समर्पित करने का फैसला किया है। दुनिया की सबसे बड़ी पशु अधिकार संस्था पेटा (पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) द्वारा यह विशेष सम्मान पाने वाले रोमांच पहले भारतीय हैं। रोमांच के पिता दीपक महाजन ने बताया कि PETA का 'ट्री ऑफ लाइफ' मेमोरियल वर्जीनिया स्थित उसके मुख्यालय (सैम साइमन सेंटर) में स्थापित है। यह उन नायकों और दयालु आत्माओं को याद करता है, जिन्होंने जानवरों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। रोमांच के नाम की पत्ती पर लिखा होगा, “रोमांच महाजन की प्यारी याद में- पशुओं का एक फरिश्ता।” पठानकोट स्थित रोमांच के घर में माता-पिता उनके कमरे में इस स्मारक पट्टिका की एक प्रति लगाने जा रहे हैं। पिता दीपक बोले- देश के लिए गर्व की बात दीपक महाजन ने कहा कि भले ही इस हादसे ने उन्हें कभी खत्म न होने वाला दर्द दिया है, लेकिन सरकारों और संस्थाओं की ओर से बरती जा रही संजीदगी से कई लोगों की जान बच जाएगी। रोमांच के हादसे के बाद मिस्र, बॉम्बे, बेल्जियम, स्पेन, इटली और पराग्वे में घोड़ा-गाड़ी पर प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा, PETA के 'ट्री ऑफ लाइफ' में पहले भारतीय के नाम का जुड़ना और अमेरिका में पहले भारतीय के नाम पर कानून 'रोमांच लॉ' बनना हर देशवासी के लिए गर्व की बात है। अब जानिए पूरा मामला…
बर्लिन में भारत का दूसरा दांव: क्याअमेरिका के टैरिफ झटकों का जवाब यूरोप में,अब तक की कोशिशों से क्या मिला?
अमेरिका मध्यावधि चुनाव: रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार पर ₹26 हजार करोड़ खर्च; क्या बहुमत बचा पाएंगे ट्रंप?---US Midterm Elections: Trump-Linked Groups Spend $277 Million on Republican Campaigns
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta को अमेरिका में डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। न्यू मैक्सिको के एक जज ने कंपनी पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है।
Kanpur News: अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
अमेरिकी कारोबारियों के साथ निर्यातकों की बातचीत फिर शुरु
मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध का खतरा? दूतावासों से कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में अमेरिका
अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपने कुछ दूतावासों से कर्मचारियों और उनके परिवारों को हटाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम यमन में ईरान समर्थित हूती मिलिशिया के साथ फिर से संघर्ष शुरू होने की आशंका के बीच उठाया जा रहा है.
खत्म होने वाला है रूस-यूक्रेन युद्ध? अमेरिका और कीव से बातचीत को तैयार पुतिन
क्रेमलिन ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका और यूक्रेन के साथ तीन-तरफा बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गुजरात के जामनगर में स्वागत किया। जामनगर में दुनिया ...
एनसीबी की जांच में झारखंड के ड्रग्स नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तार सामने आए हैं, जिसमें थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया था।
मोहाली जिले के जीरकपुर के एक व्यक्ति से अमेरिका में बैठे कुछ लोगों के साथ मिलकर 80 लाख 65 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बादल कॉलोनी निवासी सुखदेव शर्मा की शिकायत पर पूनम शर्मा और अन्य आरोपियों पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने 20 लाख 24 हजार 650 रुपए बरामद कर लिए हैं। सुखदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि, आरोपी पूनम शर्मा ने अमेरिका में बैठे कुछ विदेशी अपराधियों के साथ मिलकर ठगी का नेटवर्क बनाया था। इसके तहत 300 लीटर 'मनीहोट बेकुम लिक्विड' की सप्लाई का सौदा हुआ था। इसकी कीमत दो लाख रुपए प्रति लीटर तय थी और 65 हजार रुपए एडवांस दिए गए थे। इसके बाद बाकी रुपए दिए गए। साइबर हेल्पलाइन नंबर पर की थी शिकायत इंस्पेक्टर गौरव बंस ने बताया कि सुखदेव शर्मा ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस बाकी 60 लाख 40 हजार 350 रुपए बरामद करने और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में निवेश ना करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने 2027 सीजन से पहले लीग की नई टीम शुरु करने के लिए अमेरिकी कंपनी ट्रू नॉर्थ स्पोर्ट्स (TNS) वेंचर्स के साथ समझौता किया था। अब बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट और संसाधनों पर फोकस करने का फैसला किया है। मेजर लीग क्रिकेट में न्यूजीलैंड के कई खिलाड़ी खेलते रहे हैं। इनमें रचिन रवींद्र, फिन एलन, डेवोन कॉनवे, टिम सेफर्ट और लॉकी फर्ग्यूसन शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2025 में पार्टनरशिप की घोषणा की थी न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अप्रैल 2025 में TNS वेंचर्स के साथ पार्टनरशिप की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत बोर्ड को 2027 में MLC की दो नई टीमों में से एक को शुरू करने और संचालित करने में मदद करनी थी। इसके लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट को हाई-परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल सपोर्ट देना था। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा- अभी सही समय नहीं न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO ज्योफ एलॉट ने कहा कि उन्हें इस पार्टनरशिप के उद्देश्य और महत्वकांक्षा पर भरोसा है। अमेरिकी बाजार में क्रिकेट के विस्तार की काफी संभावनाएं हैं, लेकिन आगे के आकलन के बाद बोर्ड को लगता है कि फिलहाल इस दिशा में आगे बढ़ने का सही समय नहीं है। एलॉट ने TNS और MLC के सह-संस्थापक समीर मेहता और विजय श्रीनिवासन का अवसर तलाशने में मदद करने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड क्रिकेट भविष्य में भी उनके साथ संपर्क बनाए रखेगा। न्यूजीलैंड की प्रस्तावित टी-20 लीग भी टाली गई न्यूजीलैंड की प्रस्तावित पुरुष और महिला टी-20 लीग NZ20 की शुरुआत भी टाल दी गई है। यह लीग मौजूदा सुपर स्मैश की जगह लेगी। पहले इसे जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी शुरुआत दिसंबर 2027 तक के लिए टाल दी गई है। --------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार छठी टी-20 सीरीज जीतने का मौका 2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। पूरी खबर पढ़ें…
ईरान पर होगा बड़ा हमला, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर बनाया तगड़ा प्लान!
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल एक साथ मिलकर फिर से बड़ा हमला कर सकते हैं. वैसे तो डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिकी मिड टर्म चुनावों के बाद ईरान पर फिर से हमला हो सकता है. लेकिन अब उनके रक्षा मंत्री अचानक इजरायल पहुंच गए हैं और हमले की आशंका कई गुना बढ़ गई है.
अमेरिका: इलिनोइस मंदिर हमले की साजिश पर 105 सांसदों का FBI को पत्र
ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पर हमले की साजिश की हेट क्राइम एंगल से जांच की मांग, 19 वर्षीय नियो-नाजी आरोपी गिरफ्तार।
अब न्यू मेक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका करना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ‘न्यू मेक्सिको’ का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ करने की सलाह दी है। इसे लेकर अब सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप ने सोमवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘न्यू मेक्सिको को तुरंत अपना नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ कर लेना चाहिए। हम मैक्सिको नहीं हैं, हम ‘यूनाइटेड स्टेट्स …
अराघची का दावा, ‘अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध’
तेहरान, 21 अक्टूबर . ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान के प्रस्ताव को मान लिया है और इसके साथ…
अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
अराघची का दावा, 'अमेरिका ने ईरान के एक प्रस्ताव पर भरी हामी, कुछ शर्तें जोड़ने का किया अनुरोध'
रूस में 4 साल से क्यों कैद था अमेरिकी नागरिक? रिहाई के लिए ट्रंप ने भी लगाया था पूरा जोर
रूस ने 4 साल से अधिक समय से हिरासत में रहे अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया। उनकी रिहाई में डोनाल्ड ट्रंप की पुतिन से बातचीत और अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों की अहम भूमिका मानी जा रही है।
भारत की ट्रेन में 26 लाख का टिकट लेकर चढ़े अमेरिकी यूट्यूबर, बोले- पूरी दुनिया में ऐसी चीज नहीं देखी
मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर कपल कारा और नेट ने भारत की सबसे महंगी ट्रेन 'महाराजा एक्सप्रेस' में 26 लाख रुपये का शाही सफर तय किया. मुंबई से दिल्ली के इस 7 दिनों के सफर में उन्हें पर्सनल सुइट, बाथटब और 500 से अधिक लजीज व्यंजनों का यादगार अनुभव मिला.
न चेक होता है फोन, न देखते हैं टीचर, इस तरह होता है अमेरिका में एग्जाम!
अमेरिका में हायर एजुकेशन का सोच रहे हैं. तो बता दें कि अमेरिका में पढ़ाई का तरीका भारत से बिल्कुल अलग है. सोशल मीडिया पर एक भारतीय मूल की छात्र ने पोस्ट वहां पर पढ़ाई से जुड़ा बड़ा दावा किया है, चलिए जानते हैं इसके बारे में.
आईआईटी के बाद अमेरिका से PhD, अब AI चिप्स की हीट कम करने की तैयारी, कंपनी को मिले 80 करोड़ रुपये
आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास ने अपनी रिसर्च को ही बिजनेस आइडिया बनाया है। उनके एआई स्टार्टअप को करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।
'भारत की कीमत पर नहीं बनेंगे अमेरिका-पाक संबंध', रूबियो ने दिलाया भरोसा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे पर कहा कि अमेरिका के पाकिस्तान और चीन के साथ संबंध भारत की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने शीत युद्ध के दौर से तुलना करते हुए कहा कि अब दुनिया बदल चुकी है।
Iran-US: होर्मुज की शर्तें पूरी होगी तभी करेंगे अमेरिका के साथ बात, ईरान की आसिम मुनीर को दो टूक
इंटरनेट डेस्क। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर सख्त रूख अपना लिया है। तेहरान ने मंगलवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से साफ कहा कि उसकी मांगें पूरी होने तक वाशिंगटन से कोई बातचीत नहीं होगी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो ईरानी मीडिया की इस खबर से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है। ईरानी समाचार माध्यम नूरन्यूज के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तेहरान में मुनीर के साथ मुलाकात के दौरान मध्यस्थता के प्रयासों और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की। ईरान के आधिकारिक बयान के अनुसार, मुनीर ने संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ से भी मुलाकात की। गलीबाफ ने कहा कि जब तक अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ईरान की ओर से पिछले महीने रखी गई सात शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक वह तेहरान का भरोसा नहीं जीत सकता। pc- jagran
फ्रांस में बढ़ती महंगाई, लचर शिक्षा व्यवस्था से तंग आकर नागरिक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए हैं। बड़ी बात यह है कि सड़कों पर कैप्टन अमेरिका, बैटमैन और स्पाइडर-मैन के कॉस्ट्यूम में लोग पुलिस के सामने डटे हुए नजर आए।
ईरान ने बातचीत को लेकर अमेरिका के सामने रख दी हैं सात शर्तें, कहा- अपना एक ग्राम एनरिच्ड यूरेनियम…
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। अब ईरान की ओर से बड़ा बयान आया है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी मोहसिन रजाई ने अब बोल दिया कि ईरान अपना एक ग्राम एनरिच्ड यूरेनियम भी किसी दूसरे देश नहीं भेजेगा। खबरों के अनुसार, रजाई ने कहा कि जब तक अमेरिका भरोसा जीतने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता और ईरान की सभी शर्तें नहीं मानता, तब तक बातचीत नहीं होगी। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी इस संबंध में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बोल दिया कि अमेरिका तब तक ईरान का भरोसा नहीं जीत सकता, जब तक वह उसकी सात शर्तें पूरी नहीं करता। ये शर्तें पिछले महीने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए रखी गई थीं। ईरान की प्रमुख शर्तों उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना शामिल है। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी बोल चुके हैं कि हथियार बनाने के लिए आवश्यक स्तर के करीब पहुंच चुके एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। ईरान का परमाणु कार्यक्रम है विवाद का प्रमुख कारण आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। इसी की वजह से समझौता नहीं हो पा रहा है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बोल चुके हैं कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता में ठोस कमी करनी होगी। PC: jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में उनकी मां की सरकार गिराने में अमेरिका की भूमिका थी। उन्होंने USAID के जरिए 50 मिलियन डॉलर की कथित फंडिंग का दावा किया, हालांकि इसके समर्थन में सबूत पेश नहीं किए।
अमेरिकी परीक्षा प्रणाली: बिना सख्ती और इनविजिलेटर के कैसे होती हैं परीक्षाएं?
भारतीय छात्रा ताविशी जातरेले ने सोशल मीडिया पर अमेरिका की परीक्षा व्यवस्था और वहां के अकादमिक भरोसे के अपने अनुभव साझा किए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान: पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, इसलिए बातचीत जरूरी; ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा अमेरिका
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'पाकिस्तान से रिश्ते रखने ही होंगे', मार्को रुबियो ने बताया क्यों अमेरिका नहीं तोड़ सकता नाता
अमेरिकी विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ राजनयिक रास्ते खुले रखने से वाशिंगटन को भारत की चिंताओं को सीधे उनके सामने उठाने का अवसर मिलता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है? - BBC
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?
डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने पिछले साल नवंबर में जामनगर का दौरा किया था, जबकि उनकी बेटी इवांका ट्रंप और उनके पति जेरेड कुशनर ने 2024 में जामनगर में अंबानी के बेटे अनंत की शादी से पहले आयोजित भव्य तीन दिवसीय समारोह में हिस्सा लिया था.
'हमारे यहां हर रोज प्रोटेस्ट', भारत में विरोध प्रदर्शनों पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर मीडिया ने सवाल किया, तो वे इस पर कुछ सीधा बोलने के बजाय बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और चुनाव होते हैं.
'बांग्लादेश में तख्तापलट के लिए अमेरिका ने खर्च किए अरबों रुपये', हसीना के बेटे का सनसनीखेज दावा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के पीछे अमेरिका का हाथ होने का उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया है। उन्होंने बाइडेन प्रशासन और USAID पर 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग का दावा किया।
युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
सोल, दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य अभियान नियंत्रण (ओपकॉन) सौंपने की प्रक्रिया को लेकर अमेरिका सतर्कता बरत रहा है। उसके मुताबिक दोनों देशों के बीच तय शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा खतरों का स्वरूप पहले की तुलना में तेजी से बदल रहा है।
दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन सैन्य कमान सौंपने पर अमेरिका सतर्क
यह लेख वैश्विक सीमेंट उत्पादन और शीर्ष 10 उत्पादक देशों पर प्रकाश डालता है, जिसमें चीन सबसे बड़ा और भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत की बढ़ती आबादी, शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे की माँग के कारण सीमेंट उद्योग में महत्वपूर्ण विकास की संभावनाएँ हैं।
2026 अमेरिकी चुनाव और डोनाल्ड ट्रंप का सियासी संकट: अप्रूवल रेटिंग में रिकॉर्ड गिरावट
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। जैसे-जैसे वोटिंग की तारीख करीब आ रही है, वाशिंगटन की सत्ता का माहौल बेहद तनावपूर्ण होता जा रहा है। हाल ही में सामने आए रॉयटर्स/इप्सोस, वाशिंगटन पोस्ट और एबीसी न्यूज के प्रमुख जनमत सर्वेक्षणों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग रसातल में गिरकर महज 31 से 33 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ पहुंची है। अमेरिकी जनता के बीच बढ़ता यह असंतोष न केवल व्हाइट हाउस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, बल्कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत को भी गंभीर खतरे में डाल चुका है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के पास बढ़त हासिल करने का सबसे मजबूत मौका है, जहां वे कांग्रेस बैलेट पर 12 अंकों की बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं।पहला बड़ा मुद्दा: अनियंत्रित महंगाई और जीवन यापन की बेकाबू लागतअमेरिकी मतदाताओं के बीच इस समय सबसे बड़ा और जलता हुआ मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई दर (Cost of Living) है। लगभग आठ में से दस पंजीकृत मतदाताओं का मानना है कि दैनिक जीवन की जरूरतें, खाद्य पदार्थ, ईंधन और मकान का किराया उनके बजट की सीमा पार कर चुका है। सर्वेक्षणों के अनुसार, करीब 68 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन और महंगाई से निपटने के तरीकों से पूरी तरह असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन द्वारा घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए लागू की गई टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार में आ रहे झटकों के कारण रोजमर्रा की चीजों की कीमतें उम्मीद से काफी अधिक बढ़ गई हैं। मध्यवर्ग और मजदूर वर्ग की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है, जिससे खुद रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक भी अपनी सरकार से नाराज होकर विकल्प की तलाश कर रहे हैं।दूसरा बड़ा मुद्दा: विदेश नीति की नाकामी और मध्य पूर्व युद्ध का खिंचावडोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान यह वादा किया था कि वे वैश्विक दौर के किसी भी युद्ध को महज कुछ हफ्तों में खत्म करवा देंगे। हालांकि, मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष और अंतर्राष्ट्रीय मोर्चों पर जारी अनिश्चितता थमने का नाम नहीं ले रही है। इस लंबे खिंचते विवाद ने न केवल वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों को भड़का दिया है, बल्कि अमेरिकी करदाताओं का भारी पैसा भी इस सैन्य अभियान में खर्च हो रहा है। युद्ध में बढ़ती अमेरिकी संलिप्तता और राष्ट्रपति के वादों में विरोधाभास के चलते विदेश नीति के मोर्चे पर ट्रंप की विश्वसनीयता को करारा झटका लगा है।तीसरा बड़ा मुद्दा: श्रम बाजार की सुस्ती और नीतिगत ढांचागत बदलाव की मांगअमेरिका के घरेलू बाजार में सुस्त रोजगार वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतों ने जनता के बीच व्यवस्था के प्रति असंतोष को और ज्यादा गहरा कर दिया है। सर्वेक्षण बताते हैं कि लगभग आधे अमेरिकी नागरिक अब देश की दिशा में बुनियादी और बड़े बदलाव (Substantial Change) की मांग कर रहे हैं। जब मतदाता बुनियादी स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षित भविष्य को लेकर आशंकित महसूस करते हैं, तो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए सत्ता बचा पाना लगभग असंभव हो जाता है। इन तीनों आर्थिक, कूटनीतिक और सामाजिक संकटों का सीधा असर चुनाव नतीजों पर पड़ने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है।
भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे भारत का आंतरिक मामला बताया।
Gold Price Outlook: बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने की कीमतों में और गिरावट का अनुमान लगाया है, जो 2026 तक $3,700 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर की मजबूती और लंबी तेजी के बाद करेक्शन के कारण सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम से भी नीचे जा सकता है।
'भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बहुत करीब', ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत एक व्यापक व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं. यह समझौता पहले हुए करारों से अलग होगा और इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. बातचीत एडवांस स्टेज में है और भारत ने अपने कृषि व डेयरी क्षेत्रों के हितों को सुरक्षित रखा है.
Mumbai , 21 अक्टूबर . India दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने India में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी…
अमेरिकी बैठक में भारतीय डॉ. का व्याख्यान, डॉ. चरणजीत सिंह की उपलब्धि पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने खुशी जताई
मुंबई से जामनगर रवाना हुए रूबियो: ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री, एजेंडा में और क्या? US-Secretary-of-State-marco-rubio-jamnagar-visit-india-us-energy-cooperation-trade-deal
एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शनों में विदेशी कनेक्शन?: सिंघम की फंडिंग पर अमेरिकी जांच, रिपोर्ट में भारत का भी जिक्र
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
'पहले के समझौतों से अलग होगा', भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के काफी करीब हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और आपसी संबंधों पर चर्चा हो रही है.
रूस के हमलों के बीच अमेरिकी दूत से मिले जेलेंस्की, यूक्रेन पर समझौते का दबाव बढ़ा रहे डोनाल्ड ट्रंप
जेलेंस्की ने मंगलवार को बताया कि रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से संबंधित खुफिया जानकारी और पूर्व चेतावनी साझा करने की व्यवस्था दोबारा शुरू हो गई है। उन्होंने इसके लिए अमेरिका का आभार जताया।
Iran Nuclear Deal: अमेरिका के सामने झुका नहीं ईरान, बोला- एक ग्राम यूरेनियम भी विदेश नहीं भेजेंगे
Iran Nuclear Deal: अमेरिका के सामने झुका नहीं ईरान, बोला- एक ग्राम यूरेनियम भी विदेश नहीं भेजेंगे
हमारी एंबेसी बस पार्टी ही कर रही है, भारत दौरे पर ऐसा क्यों बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो?
रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और परमाणु सहयोग में प्रगति की सराहना की है। मुंबई में अमेरिकी दूतावास में एक कार्यक्रम के दौरान उनका एक बयान काफी वायरल हो रहा है। क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
‘मरने के बाद जिंदा हुई 74 वर्षीय महिला’: अमेरिका से हैरान करने वाला मामला, अंतिम संस्कार गृह में चला सांसों का पता
जयपुर: फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी, 10 गिरफ्तार; 12 लैपटॉप जब्त
राजस्थान पुलिस ने जयपुर के भांकरोटा में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया, जहां से अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Gift Nifty Indicator:GIFT निफ्टी के संकेतों को देखते हुए सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। पिछले सत्र में आई भारी बिकवाली के बाद अब बाजार में वापसी (रिकवरी) देखने को मिल सकती है। सुबह 8:30 बजे GIFT निफ्टी फ्यूचर्स 23,012.5 पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 के लिए एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। सोमवार को निफ्टी 50, 22,888.95 पर बंद हुआ था। मंगलवार को छुट्टी के कारण बाजार बंद थे।अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर उम्मीदें भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दे सकती हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेटवर्क18 को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कुछ ही हफ्तों में फाइनल हो सकता है, क्योंकि अब बातचीत केवल तकनीकी बारीकियों तक सीमित रह गई है।एंकर निवेशकों की मजबूत मांग के बाद, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का IPO आज सुबह 10 बजे से आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन के वास्ते खुल जाएगा। कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए हैं।सोमवार को निफ्टी 50 और BSE सेंसेक्स, दोनों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। ऐसा तब हुआ जब निजी क्षेत्र के बैंकों - HDFC बैंक और एक्सिस बैंक - ने सितंबर तिमाही में कम नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) की रिपोर्ट दी।एशियाई बाजारों में तेजीवैश्विक स्तर पर, एशियाई बाजारों में तेजी रही, जिसमें दक्षिण कोरियाई शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वॉल स्ट्रीट पर, हेल्थकेयर शेयरों में आई तेजी से डॉव जोन्स और S&P 500 सूचकांक ऊपर चढ़े, जबकि टेक शेयरों में मामूली गिरावट के कारण नैस्डैक सूचकांक थोड़ा नीचे आ गया।घरेलू बाजार को भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों से सहारा मिल सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों के भरोसे पर दबाव डाल सकती है, जिससे बाजार में लगातार रिकवरी आना मुश्किल हो सकता है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शनमंगलवार, 20 अक्टूबर को वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। वहीं, विस्तारित कारोबार (extended trading) में स्टॉक फ्यूचर्स में तेजी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने तिमाही नतीजों की एक श्रृंखला का आकलन किया, जिनमें से अधिकांश बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेजनियमित सत्र के दौरान डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से अधिक की तेजी आई। इसमें 3M कंपनी के शेयरों में आई तेजी का बड़ा योगदान रहा, क्योंकि कंपनी ने मजबूत नतीजे पेश किए और अपने मुनाफे के अनुमान (profit outlook) को बढ़ा दिया। डॉव में लगभग 2% का भारांक (weighting) रखने वाला यह शेयर कारोबार बंद होने तक करीब 5% चढ़ गया।इंडेक्स पर क्या हो रणनीतिLKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा ने कहा कि 3 अगस्त के हाई से 8 अक्टूबर के लो तक मापने पर, 23,186 के स्तर (जो 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल है) के पास सेलिंग प्रेशर दिखा, जिससे निफ्टी में एक लंबी बियरिश कैंडलस्टिक बनी।भुवा ने कहा, इंडेक्स ने 23,000 के अहम सपोर्ट लेवल को भी तोड़ दिया है, जो लगातार कमजोरी का संकेत है। इसका अगला सपोर्ट 22,800–22,820 के आसपास है, जो इसके डेली 20-SMA के करीब है। अगर यह 22,650–22,700 के नीचे जाता है, तो सेलिंग प्रेशर और बढ़ सकता है। इंडेक्स ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए; उनके लिए 22,800 एक अहम सपोर्ट है, जबकि 23,000–23,186 रेजिस्टेंस का काम करेगा। 'मीन-रिवर्जन रैली' के दौरान बनाई गई लॉन्ग पोजीशन की समीक्षा की जानी चाहिए, खासकर अगर इंडेक्स 22,600 के स्तर के नीचे चला जाता है।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
सोना 700 रुपये और चांदी 1800 रुपये टूटी, बुलियन मार्केट की निगाह अमेरिका के मध्यावधि चुनाव पर
अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट दबाव में दिख रहा है। दरअसल अमेरिका में नवंबर में होने जा रहे मध्यावधि चुनाव बुलियन की चाल तय कर रहे है। मध्यावधि चुनाव में विपरीत परिणामों की आहट भांपकर ट्रंप प्रशासन घबराया हुआ है।
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कानपुर के डॉ. चरणजीत सिंह ने अमेरिका में दिया व्याख्यान, प्रोस्टेट कैंसर की उन्नत इमेजिंग पर साझा की विशेषज्ञता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे में बताई पाकिस्तान की अहमियत - BBC
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: ट्रंप ने दिए जल्द डील होने के संकेत, कहा- पहले हुए करारों से होगी बिल्कुल अलग india-us-trade-deal-donald-trump-says-pretty-close-will-be-different-from-earlier-pacts-marco-rubio-jaishankar
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे में बताई पाकिस्तान की अहमियत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसके साथ हमें संबंध बनाए रखने होंगे. रुबियो ने इस मामले में भारत और ईरान के संबंधों का भी हवाला दिया.
'हिंदू मंदिर में हमले की साजिश की हेट क्राइम के रूप में हो जांच', अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी
इलिनोइस के ऑरोरा में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 19 वर्षीय बंदूकधारी द्वारा गोलीबारी की कोशिश के बाद 100 से अधिक अमेरिकी सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल को एक पत्र लिखा है. सांसदों ने इस घटना की जांच फेडरल हेट क्राइम के रूप में करने की मांग की है.
इलिनोइस हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश, 105 अमेरिकी लॉ मेकर्स ने एफबीआई जांच की मांग की
वाशिंगटन, 21 अक्टूबर . अमेरिका के इलिनोइस में एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कोशिश के मामले में 105 अमेरिकी लॉ मेकर्स ने एफबीआई (फेडरल ब्यूरो ऑफ…
अमेरिका: धोखाधड़ी की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम, ट्रंप का बड़ा एलान; क्या है योजना और कितनी मिलेगी धनराशि? trump vance announce whistleblower programme against fraud
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के काफी नजदीक, ट्रंप बोले- काफी अलग होंगे ये समझौते
इस महीने की शुरुआत में पीयूष गोयल ने व्यापार समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए मिल्वौकी और वाशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी।
ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि उनका देश क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता (Mediation) के अपने राजनयिक प्रयासों को निरंतर जारी रखेगा।
अमेरिका सैन्य क्षेत्र में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करना चाहता है: रक्षा मंत्री हेगसेथ
अमेरिका सैन्य क्षेत्र में 1.5 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करना चाहता है: रक्षा मंत्री हेगसेथ
Marco Rubio on Pakistan: अमेरिका ने पाकिस्तान से बातचीत को बताया जरूरी, भारत की सुरक्षा चिंताओं का भी किया जिक्र
भारत पर अचानक नरम क्यों पड़ा अमेरिका? वेनेजुएला का तेल और रिलायंस की रिफाइनरी है असली वजह
अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा संबंध मजबूत करने की दिशा में क्यों दिलचस्पी दिखा रहा है? मार्को रुबियो ने वेनेजुएला के तेल को रिफाइन करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज से बातचीत की पुष्टि की है।
भारतीय प्रवासियों की ताकत: अमेरिका में भारतवंशियों का सवा लाख करोड़ का निवेश; कितना रोजगार सृजन किया?
अमेरिका ने हेपेटाइटिस बी के नए इलाज को दी मंजूरी, मरीज एंटीवायरल दवा लेना कर सकेंगे बंद
अमेरिका ने हेपेटाइटिस बी के नए इलाज को दी मंजूरी, मरीज एंटीवायरल दवा लेना कर सकेंगे बंद
इलिनॉय मंदिर पर हमले की साजिश: 'हेट क्राइम मानकर करें जांच', 105 अमेरिकी सांसदों ने एफबीआई को लिखा पत्र us-lawmakers-fbi-hate-crime-probe-illinois-hindu-temple-attack
Asian Market Today: अमेरिकी AI कंपनियों की शानदार कमाई से एशियाई बाजारों में तेजी,Kospi 3.6% तक उछला
Asian Market Today: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में आई बढ़त का असर एशियाई बाजारों पर दिखा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कुछ बड़ी कंपनियों की शानदार कमाई ने निवेशकों का टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रति उत्साह फिर से जगा दिया है।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरिया और जापान सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 3.62% उछल गया। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के बाजार में हाल ही में एक IPO की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जिससे अब बाजार ने जोरदार वापसी की है। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.76% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.12% की बढ़त दर्ज की गई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 0.5% ऊपर रहा।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सूचकांकों के लिए एक सकारात्मक (हरे निशान में) शुरुआत का अनुमान जताया है।इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन भी शुरू होने जा रहा है। बाजार के जानकारों ने इसे 'सभी IPO की जननी' (Mother of all IPOs) करार दिया है, क्योंकि उम्मीद है कि यह देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। करेंसी मार्केट में, जापानी येन 158.29 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6746 प्रति डॉलर पर बना रहा।अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) फ्यूचर्स 0.7% ऊपर चढ़े। वहीं, स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान करीब 7% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं।सुपर माइक्रो कंप्यूटर (Super Micro Computer) ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और पोस्ट-मार्केट ट्रेडिंग में 15% की तेजी दर्ज की, जिससे AI-इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों को बढ़ावा मिला। दूसरी ओर, नेटफ्लिक्स (Netflix) के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि कंपनी ने भविष्य के लिए निराशाजनक अनुमान (forecast) जारी किया है।स्पेसएक्स (SpaceX) की इस तेजी के पीछे एलन मस्क की सैटेलाइट, रॉकेट और AI कंपनी का शानदार प्रदर्शन रहा। सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए कंपनी ने 4.4 अरब डॉलर की नेट इनकम दर्ज की, जबकि इसका रेवेन्यू एक साल पहले की तुलना में 161% बढ़ गया है।इसके अलावा, मस्क ने बताया कि स्पेसएक्स और टेस्ला ने संभावित विलय (merger) की संभावना तलाशने के लिए विशेष कमेटियां बनाई हैं। यह कदम अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट गठबंधन की दिशा में एक शुरुआती पहल है।पिछले हफ्ते AI वैल्यूएशन और फाइनेंसिंग को लेकर चिंताओं के कारण टेक्नोलॉजी शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव आया था, लेकिन हालिया नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अब निवेशकों की नज़र कंपनियों के आने वाले नतीजों पर है। वे यह देखना चाहेंगे कि क्या विकास के आंकड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश को सही ठहराते हैं।इस बीच, मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद, एशियाई बाज़ार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतों में आई तेज़ी बनी रही। मंगलवार को ट्रेडर्स अमेरिका-ईरान युद्ध को खत्म करने की कोशिशों से जुड़ी अलग-अलग खबरों का आकलन कर रहे थे। एशियाई बाज़ार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 109.52 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% की बढ़त के साथ 98.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।बॉन्ड बाजार में, न्यूयॉर्क सत्र के दौरान लॉन्ग-टर्म US ट्रेज़री का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसका असर डॉलर पर पड़ा। इस साल अब तक US ट्रेज़री यील्ड पर तेल की कीमतों का काफी असर रहा है, लेकिन पिछले हफ्ते बॉन्ड निवेशकों ने कच्चे तेल की कीमतों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि AI निवेश से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
अमेरिकी नंबरों से राजस्थान में चला रहा था तस्करी का नेटवर्क, 20 हजार का इनामी गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ जिले में नाकाबंदी तोड़कर अफीम डोडा चूरा से भरी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हुआ 20 हजार रुपए का इनामी तस्कर करीब ढाई साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
अमेरिका: एआई निवेश से मिल रहा अर्थव्यवस्था को सहारा, रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी; आम लोगों की जेब पर कितना असर?
ईरान के चीफ सिक्यूरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को अपना फैसला सुनाया। रेजाई ने कहा-ईरान एक ग्राम भी यूरेनियम देश के बाहर नहीं जाएगा। पाकिस्तान अमेरिका की पैरवी कर रहा है।
चीन की पांच कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध: गूगल के पूर्व इंजीनियर से क्या है कनेक्शन, बीजिंग ने जताई नाराजगी?
भारत-अमेरिका Trade Deal जल्द संभव, Marco Rubio ने ऊर्जा और रक्षा खरीद बढ़ाने पर दिया जोर
(फोटो के साथ)मुंबई/नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर भारत और अमेरिका अपने संबंधों में मौजूदा कड़वाहट के बावजूद मंगलवार को ऊर्जा एवं रक्षा सहयोग का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़े, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नयी दिल्ली से ऊर्जा व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी प्रौद्योगिकियों तथा प्रणालियों की खरीद में इजाफा करने की अपील की। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के पांच महीने से भी कम समय में अपनी दूसरी भारत यात्रा के लिए मुंबई पहुंचने के कुछ ही समय बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूबियो के साथ व्यापक बातचीत की मेजबानी की। यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब अमेरिका की अप्रत्याशित व्यापार नीतियों और कड़े होते आव्रजन नियमों को लेकर द्विपक्षीय संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और इसे जल्द पूरा करने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक से पहले रूबियो ने भारत को ‘रिफाइनिंग महाशक्ति’ करार दिया और देश में अधिक वेनेजुएलाई कच्चे तेल के प्रसंस्करण की वकालत की। अमेरिकी विदेश मंत्री के बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व वाली जामनगर रिफाइनरी का दौरा करने का कार्यक्रम है। रूबियो ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि “कुछ ही वस्तुओं” पर काम पूरा होना बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर “जल्द ही” मुहर लग जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि हम एक समझौते के क्रियान्वयन के बिना जितना करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं। मुझे लगता है कि कुछ ही मुद्दे बाकी हैं, जिन्हें अंतिम रूप देना है। इसलिए मुझे लगता है कि यह जल्द ही हो जाएगा -- हमें उम्मीद है और ऐसा होना भी चाहिए -- और उम्मीद है कि हम काफी जल्द कुछ अच्छी खबर की घोषणा कर सकेंगे। और शायद इसके बाद नेता इस पर हस्ताक्षर कर सकें।”बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने और रूबियो ने “हमारे संबंधों को और आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया गया।”अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि दोनों विदेश मंत्रियों (रूबियो और जयशंकर) ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम भी शामिल थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रूबियो ने इस बात को दोहराया कि अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने से भारत की आपूर्ति शृंखला में विविधता लाने में एक क्रांतिकारी भूमिका निभाई जा सकती है, साथ ही इससे भारत की बड़ी उपभोक्ता मांग को पूरा करने में भी मदद मिल सकती है। विभाग ने कहा, ‘‘उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग में हाल ही में हुई प्रगति की सराहना भी की और अमेरिकी प्रौद्योगिकी एवं प्रणालियों की खरीद बढ़ाने का समर्थन किया, जिससे हमारे दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है।”देर शाम जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की तथा व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूबियो की यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की निरंतर गति को दर्शाती है और यह इस बात को भी रेखांकित करती है कि दोनों पक्ष 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका संबंधों को और आगे बढ़ाने को कितना महत्व देते हैं। जयशंकर के साथ बातचीत से पहले रूबियो ने ताज स्मारक का दौरा किया और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के पीड़ितों को पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों सहित कई लोग मारे गए थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मुंबई में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और मैंने ऊर्जा सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग पर चर्चा की और साथ ही अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व को दोहराया।’’भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि रूबियो और जयशंकर के बीच रक्षा, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और व्यापार के क्षेत्र में अमेरिका-भारत सहयोग को गहरा करने पर “सार्थक चर्चाएं” हुईं, क्योंकि “हम अपनी द्विपक्षीय साझेदारी में बेजोड़ गति को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।” बैठक के दौरान गोर भी मौजूद थे। मीडिया से अपनी संक्षिप्त बातचीत में रूबियो ने इस सवाल का भी जवाब दिया कि क्या अमेरिकी प्रशासन पिछले साल भारत द्वारा खरीदे गए रूसी तेल की मात्रा और इसमें कमी लाने के उसके प्रयासों को लेकर नयी दिल्ली से नाराज था। उन्होंने कहा, “भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा ‘पोर्टफोलियो’ में विविधता लाने की इच्छा जताई है, जो एक समझदारी भरा कदम है। ऐसा रातों-रात कर पाना आसान नहीं है।”रूबियो ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि उन्होंने इस दिशा में काफी अच्छी प्रगति की है और यह देखकर हमें खुशी है। लेकिन आखिरकार बात सिर्फ रूसी तेल की नहीं है; बल्कि यह भारत की अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा के बारे में है और हमें लगता है कि हम भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक स्रोत बन सकते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने वेनेजुएला और अन्य देशों के बारे में चर्चा की है और मुझे लगता है कि विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो वाले मजबूत सहयोगी होना हमारे हित में है।”अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की तेल प्रसंस्करण क्षमताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, भारत एक रिफाइनिंग महाशक्ति है। उसके पास भारी कच्चे तेल का प्रसंस्करण करने की क्षमता है। उसने अतीत में ऐसा किया है और मुझे लगता है कि जैसे-जैसे वेनेजुएला का तेल अधिक मात्रा में बाजार में आएगा, वह ऐसा फिर कर सकता है। रूबियो ने कहा, वेनेजुएला में उनके पहले से ही तेल पट्टे मौजूद हैं, जिनका उपयोग करके वे खुद अधिक उत्पादन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मैं आपसे यह दावा नहीं कर रहा हूं कि दुनिया भर में हो रही कुछ घटनाओं के कारण पैदा होने वाली कमी को अकेले वेनेजुएला पूरा कर सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि समय के साथ यह निश्चित रूप से ऐसा कर सकता है और अल्पावधि में यह निश्चित रूप से मदद कर सकता है। शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रिफाइनरी के अपने दौरे से जुड़े एक सवाल का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा, “ऊर्जा का संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा से है। देश ऊर्जा के लिए युद्ध लड़ते हैं; ऊर्जा की कमी के कारण अर्थव्यवस्थाएं ढह जाती हैं। हम एक ऐसी कंपनी के पास जाने वाले हैं, जिसके पास रिफाइनिंग की अपार क्षमता है। इस बारे में उनसे बात करना पूरी तरह तर्कसंगत है।”मीडिया से बातचीत के दौरान रूबियो ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और सऊदी अरब में ऊर्जा पाइपलाइन पर हूती विद्रोहियों के हमलों सहित कई भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों को डीजल की कमी से जूझना पड़ा है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और रूसी तेल के पांच सबसे बड़े खरीदारों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर लगे कुछ प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक समझौते की भी घोषणा की, जिसके तहत सैकड़ों हजार टन रूसी डीजल को विश्व बाजार में जारी किया जाएगा। रूबियो और जयशंकर ने आतंकवादी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज होटल में 26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमें आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से मुकाबला करने में अपनी मजबूत साझेदारी जारी रखनी चाहिए।”पिछले साल अमेरिका द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने और ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को कम करने में अपनी भूमिका के दावे किए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में काफी गिरावट आई थी। ट्रंप के इन दावों पर भारतीय अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अमेरिका की नयी आव्रजन नीति और एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया। इसके अलावा, जब अमेरिका ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो जैसी प्रमुख वैश्विक और भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रीन-कार्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम को सीमित करने का फैसला किया, तो दोनों देशों के संबंधों में और अधिक तनाव आ गया।
शांति प्रस्ताव...: ईरान-अमेरिका में इस हफ्ते सहमति संभव, छह अरब डॉलर के फंड में मिल सकती है रियायत?
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एक्सप्लेनर: मार्को रूबियो के दौरे में क्यों शामिल है जामनगर, रिलायंस की रिफाइनरी में अमेरिका के लिए ऐसा क्या?
'एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं भेजेंगे', अमेरिका के सामने ईरान की कड़ी शर्त
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए कड़ी शर्त रखी है. उसने साफ कहा है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा. ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से भरोसा बहाली के कदम और उसकी सभी शर्तें पूरी किए बिना बातचीत शुरू नहीं होगी.
Jind News: अमेरिका भेजने के नाम पर 49.46 लाख ठगे, युवक को बंधक बनाकर पीटा और करंट लगाया
इस दौरान जयदीप को बंधक बनाकर पीटा, करंट लगाया गया और खाना-पीना तक नहीं दिया।
Hisar News: अमेरिका में चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीत बढ़ाया देश का मान
अमेरिका के लास वेगास में 14 से 18 अक्तूबर तक आयोजित अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में मिर्चपुर की शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती अकादमी के पहलवान चंद्र मोहन ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
ब्रिटेन में अमेरिकी एयरबेस पर हमले की साजिश! ईरान की मदद के शक में 2 गिरफ्तार
ब्रिटेन में ईरान की खुफिया सेवा की मदद करने के शक में दो लोगों को दोबारा गिरफ्तार किया गया है. दोनों पर RAF Fairford स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश में मदद करने का शक है.
भारत दौरे पर आए अमेरिकी के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तारीफ की है। रुबियो ने भारत को शक्तिशाली बताया है। रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच भारत, अमेरिका और यूएई के विदेश मंत्रियों ने मुंबई में त्रिपक्षीय बैठक की। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध रखने और साझा आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) को अंतिम रूप देने के 'बेहद करीब' पहुंच चुके हैं। रुबियो के अनुसार, दोनों देशों के वार्ताकारों ने ज्यादातर विवादित और जटिल मुद्दों को सुलझा लिया है और अब केवल कुछ सीमित तकनीकी पहलुओं को ही अंतिम रूप दिया जाना शेष है। इस बयान के बाद दोनों देशों के कारोबारी गलियारों और वैश्विक बाजारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि यह डील एशिया-प्रशांत और वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरणों को नई दिशा दे सकती है।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने आधिकारिक भारत दौरे के दौरान मुंबई में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों से गहन चर्चा की है। उन्होंने कहा कि हालांकि व्यापार समझौतों की तकनीकी वार्ता सीधे तौर पर विदेश विभाग के दायरे में नहीं आती, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वे खुद इस रणनीतिक डील की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रुबियो ने दो टूक शब्दों में कहा कि दोनों पक्ष उतने करीब पहुंच चुके हैं जितना किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने से ठीक पहले हो सकते हैं, और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही दोनों देश दुनिया के सामने इस बड़ी खुशखबरी की घोषणा कर इसे औपचारिक रूप से साइन करेंगे।ट्रेड डील के इतने करीब पहुंचे दोनों देश: सिर्फ कुछ चुनिंदा मुद्दे बाकीमार्को रुबियो ने व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति का ब्योरा देते हुए बताया कि दोनों देशों की टीमें पिछले कई महीनों से कानूनी ड्राफ्टिंग और क्लॉज-बाय-क्लॉज समीक्षा पर काम कर रही हैं। दोनों पक्षों का मुख्य उद्देश्य टैरिफ (आयात शुल्क) में पारस्परिक कटौती करना, रणनीतिक सामानों और सेवाओं के लिए बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना और गैर-टैरिफ बाधाओं को समाप्त करना है।व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, समझौते का पहला चरण (First Tranche) लगभग तैयार हो चुका है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों, विशेषकर कृषि, डेयरी और चुनिंदा औद्योगिक उत्पादों पर दोनों देशों के घरेलू हितों को संतुलित करने के लिए अंतिम बातचीत चल रही है। रुबियो ने भरोसा जताया कि इन बचे हुए मुद्दों पर भी सहमति बन जाएगी, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वस्तुओं और सेवाओं के प्रवाह में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिलेगी।'भूगोल एक हकीकत है': रूसी तेल और वैश्विक ऊर्जा संकट पर रुबियो का रुखभारत के साथ ट्रेड डील की बात करते हुए मार्को रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और भारत की ऊर्जा जरूरतों पर अमेरिकी प्रशासन का नजरिया भी साफ किया। उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा छूट (National Security Waivers) या प्रतिबंधों से जुड़े नीतिगत फैसले लेते हैं, तो कई जटिल वैश्विक कारकों को ध्यान में रखा जाता है। रुबियो ने यथार्थवादी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'भूगोल एक सच्चाई है' और दुनिया के कुछ देशों के लिए रातों-रात ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना संभव नहीं होता।उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति, कीमतों में स्थिरता और पश्चिम एशिया (हॉर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर) में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा प्रवाह को सुरक्षित रखना पहली प्राथमिकता है। अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में रूसी तेल खरीद पर प्रस्तावित भारी टैरिफ से जुड़े कदमों की समीक्षा के लिए समय लिया है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और साझेदार देशों पर नकारात्मक असर न पड़े। रुबियो ने भारत को अमेरिका का अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बताते हुए कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने का प्रयास किया है और अमेरिका नई दिल्ली की चिंताओं को पूरी तरह समझता है।भारत को बताया 'रिफाइनिंग सुपरपावर', जामनगर दौरे पर नजरेंअमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की खुलकर सराहना करते हुए इसे 'रिफाइनिंग सुपरपावर' (Refining Superpower) करार दिया। भारत दौरे के तहत उनका गुजरात के जामनगर जाने का भी कार्यक्रम है, जहां दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स स्थित है। अमेरिकी पक्ष का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल (Heavy Crude) और अन्य स्रोतों के प्रसंस्करण में भारतीय रिफाइनरियां एक अहम संतुलनकारी भूमिका निभा सकती हैं।जामनगर में ऊर्जा बुनियादी ढांचे के अवलोकन और भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गजों के साथ होने वाली बैठकों से भारत और अमेरिका के बीच केवल पारंपरिक व्यापार ही नहीं, बल्कि पेट्रोकेमिकल्स, एलएनजी (LNG) और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी बड़े दीर्घकालिक समझौतों की जमीन तैयार होगी।द्विपक्षीय व्यापार में नया उछाल और भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलने वाले फायदेयदि भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता जल्द औपचारिक रूप ले लेता है, तो इसके भारतीय निर्यातकों, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और सेवा क्षेत्र के लिए व्यापक सकारात्मक परिणाम होंगे। वर्तमान में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। डील के जरिए भारतीय कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स, जेम्स एंड ज्वैलरी और आईटी सेवाओं को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी लाभ मिलने की उम्मीद है।दूसरी ओर, अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत के तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और ऊर्जा उपकरणों के निर्यात की राह और अधिक सुगम होगी। साथ ही, चीन पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की अत्यधिक निर्भरता को कम करने (De-risking/China+1 Strategy) की दिशा में यह ट्रेड पैक्ट दोनों लोकतांत्रिक देशों को एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा घेरा प्रदान करेगा।जल्द हो सकता है आधिकारिक हस्ताक्षर समारोहराजनयिक सूत्रों के अनुसार, मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) की सुरक्षा स्थिति और व्यापार समझौते के अंतिम प्रारूप पर विस्तार से सहमति बन चुकी है। दोनों देशों के व्यापार मंत्रालयों द्वारा अंतिम कानूनी ड्राफ्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर इसकी औपचारिक घोषणा और हस्ताक्षर का कार्यक्रम तय किया जाएगा। रुबियो का यह आशावादी बयान स्पष्ट संकेत देता है कि दशकों से लंबित भारत-अमेरिका व्यापक व्यापार समझौता अब अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुका है।
Marco Rubio Jamnagar Refinery: गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी के दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने कंपनी की रिफाइनिंग क्षमताओं की जमकर तारीफ की है। नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि रिलायंस ग्लोबल एनर्जी सेक्टर में एक बेहद महत्वपूर्ण प्लेयर है और उनका दौरा वेनेजुएला तथा पश्चिमी गोलार्ध से कच्चे तेल के आयात और प्रसंस्करण को बढ़ाने पर केंद्रित होगा।'रिलायंस के पास रिफाइनिंग की असाधारण क्षमता'बुधवार को जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी का दौरा करने जा रहे अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'रिलायंस एक बेहद महत्वपूर्ण कंपनी है। उसके पास कच्चे तेल को रिफाइन करने की असाधारण क्षमता है।' रुबियो ने ये भी कहा कि रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमताएं भारत को अपनी ऊर्जा आपूर्ति को विविध बनाने में बड़ी मदद कर सकती हैं।वेनेजुएला के कच्चे तेल पर रिलायंस के साथ सहयोग का बड़ा प्लानरुबियो ने कहा कि वेनेजुएला में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ रहा है और भारत का इतिहास रहा है कि वह वेनेजुएला के भारी और उच्च-सल्फर तेल को आसानी से रिफाइन कर लेता है।उन्होंने स्पष्ट किया, 'पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले तेल को जब भारत में रिफाइन किया जाता है, तो यह भारत के लिए भी फायदेमंद है और हमारे लिए भी।' अमेरिकी विदेश मंत्री ने अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में रिलायंस के मौजूदा निवेश और रिफाइनिंग क्षमताओं की भी सराहना की।जामनगर में है दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्सरिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है, जिसकी कच्चा तेल प्रसंस्करण क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रति दिन है।इस कॉम्प्लेक्स में दो बड़ी रिफाइनरी शामिल हैं, जो वेनेजुएला द्वारा उत्पादित भारी और उच्च-सल्फर ग्रेड जैसे जटिल कच्चे तेल को भी आसानी से प्रोसेस करने में सक्षम हैं।'बस कुछ हफ्तों की बात...', भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेतDisclaimer: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
Marco Rubio Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ ट्रेड डील, रूस से तेल खरीदने, पाकिस्तान, ईरान और क्वाड जैसे अहम मुद्दों पर बात की। नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार है। इसे पूरा होने में महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्ते लगने की उम्मीद है।रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास आपसी संबंध मजबूत करने के असाधारण अवसर हैं।रुबियो ने रूस से तेल खरीद, पाकिस्तान में आतंकवाद और ईरान युद्ध के बारे में भी बात की।भारत-अमेरिका ट्रेड डीलरुबियो ने कहा कि ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है। कुछ तकनीकी मुद्दों को सुलझाना और समझौते की भाषा को अंतिम रूप देना बाकी है। उनके मुताबिक, घोषणा से पहले जरूरी है कि दोनों देश हर शर्त पर सहमत हों। उन्हें उम्मीद है कि डील कुछ हफ्तों में पूरी हो जाएगी।भारत को दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि किसी भी ट्रेड डील का मकसद मौजूदा स्थिति से बेहतर शर्तें हासिल करना होता है। लेकिन इससे भी जरूरी है कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते लंबे समय तक टिकाऊ रहें।उन्होंने कहा कि हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं। भारत अपने हितों की रक्षा करेगा और अमेरिका भी ऐसा ही करेगा। लेकिन दोस्ती और सहयोग की वजह से दोनों देश मतभेदों को सुलझा सकते हैं। रुबियो के मुताबिक, समझौता ऐसा होना चाहिए, जो कुल मिलाकर दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो।रूस से तेल खरीदने पर भारत की स्थिति समझते हैं रुबियोअमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की बात करता है, जबकि खुद भी रूस से डीजल खरीद रहा है। इस सवाल पर रुबियो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और इसे खत्म करना जरूरी है। लेकिन रूस पर प्रतिबंधों का असर सिर्फ उसी देश पर नहीं पड़ता। रूस के साथ कारोबार करने वाले दूसरे देशों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने दो चुनौतियां हैं। पहली, रूस पर दबाव बनाना, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर आए। दूसरी, यह देखना कि इस दबाव का असर दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ रहा है।रुबियो के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के हितों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है। उन्होंने माना कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव है। उम्मीद जताई कि ट्रेड डील और बातचीत से मतभेद कम हो सकते हैं।अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरतअमेरिका के इलिनॉय स्टेट में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश और भारतीयों के खिलाफ नफरत के सवाल पर रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ऐसी घटनाओं से पूरी तरह अछूता नहीं है। हर समाज में कुछ लोग अज्ञानता और नफरत के कारण गलत काम करते हैं।हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत व्यापक स्तर पर फैली हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ आसपास के लोग भी पीड़ितों के समर्थन में खड़े होते हैं।रुबियो ने विस्कॉन्सिन में सिख समुदाय के साथ हुई एक भयावह घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, नेताओं को ऐसी नफरत को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, न ही उसका बचाव करना चाहिए या उसे नजरअंदाज करना चाहिए।पाकिस्तान पर अमेरिकी नीतिपाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ है। हालांकि, विदेश मंत्री के तौर पर उन्हें उन देशों के साथ भी संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं।राहुल जोशी ने उन्हें याद दिलाया कि 2025 में अमेरिकी सीनेटर रहते हुए रुबियो ने पाकिस्तान को अमेरिकी सुरक्षा सहायता रोकने से जुड़ा विधेयक लाने की बात कही थी, अगर वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देता है। उनसे पूछा गया कि क्या अब उनकी नीति बदल गई है।रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से भी अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने इसकी तुलना भारत के ईरान के साथ संबंधों से की। उनके मुताबिक, भारत को भी ईरान के नेताओं से बातचीत करनी पड़ती है, भले ही कुछ मुद्दों पर मतभेद हों।रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने से अमेरिका को उन मुद्दों पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता है। इससे आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद भी की जा सकती है।ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर तनावईरान के साथ संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों को लेकर रुबियो ने कहा कि ईरान की सरकार के साथ समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने ईरान की तुलना नाजी जर्मनी से की और आरोप लगाया कि ईरान व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है। और ऐसे नाविकों की जान खतरे में डाल रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।रुबियो ने कहा कि अमेरिका हर रात समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं। इससे जहाजों को नुकसान होता है और लोगों की जान भी जाती है।उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि समुद्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। इसी वजह से इन हमलों में कई भारतीयों की भी जान गई है। उन्होंने ईरान से ऐसे हमले रोकने की अपील की।क्वाड की बैठक साल के अंत से पहलेरुबियो ने उम्मीद जताई कि क्वाड देशों के नेताओं की बैठक इस साल के अंत से पहले होगी। उन्होंने बताया कि बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान आयोजित करने पर सहमति बनी है। हालांकि, तारीख अभी तय नहीं हुई है।क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक क्वाड से जुड़ी थी, जिसमें जयशंकर भी शामिल थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सात या आठ बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने अटलांटा में G20 के दौरान एक और बैठक होने की जानकारी भी दी।रुबियो के मुताबिक, क्वाड अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है। इसके तहत ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगली शिखर बैठक में भी ऐसे फैसलों और उनके नतीजों की घोषणा होनी चाहिए, जिनका वास्तविक असर दिखाई दे।जयशंकर के साथ रिश्तों की तारीफरुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक में जयशंकर शामिल थे। इसके बाद दोनों कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। जयशंकर चार बार अमेरिका भी गए हैं। दोनों की मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय बैठकों और सम्मेलनों में भी हुई हैं।रुबियो ने कहा कि जब भी दोनों किसी बैठक या कार्यक्रम के लिए एक ही शहर में होते हैं, तो मिलने का समय जरूर निकालते हैं। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में दोनों के बीच मजबूत कामकाजी रिश्ता बना है। इससे कई संवेदनशील और मुश्किल मुद्दों को संभालने में मदद मिली है।जामनगर में रिलायंस से मुलाकात क्यों?रुबियो ने अपनी जामनगर यात्रा को रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा सहयोग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रिलायंस के पास कच्चे तेल को उपयोगी उत्पादों में बदलने की असाधारण क्षमता है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम बताया।रुबियो के मुताबिक, रिलायंस भारत को ऊर्जा आपूर्ति के अलग-अलग स्रोतों से जोड़ने में मदद कर सकती है। उन्होंने वेनेजुएला के तेल का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, वेनेजुएला अपना तेल उत्पादन बढ़ा रहा है और भारत लंबे समय से इस तरह के कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि रिलायंस ने अमेरिका में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया है। रुबियो ने कहा कि जामनगर में कंपनी के कामकाज को देखने और उसके अधिकारियों से बातचीत करने का मकसद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशना है।उन्होंने कहा कि खास तौर पर पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल को रिफाइन करने में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे भारत को ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्प मिलेंगे और अमेरिका को भी लाभ होगा।'बस कुछ हफ्तों की बात...', भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित विदेश जाने से पहले क्रिप्टोकरेंसी का काम करते थे। उन्हें अमेरिका भेजने के लिए उनके पिता को पैतृक मकान तक बेचना पड़ा था।
भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए साझा हितों का विस्तार जरूरी: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए साझा हितों का विस्तार करना जरूरी है...
'आतंकवाद पर जीरो टालरेंस जरूरी', जयशंकर का अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो को दोटूक संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से कहा कि भारत अपने साझेदारों से आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की अपेक्षा करता है।
भारत-अमेरिका साझेदारी तय करेगी 21वीं सदी की दिशा : मार्को रुबियो
भारत-अमेरिका साझेदारी तय करेगी 21वीं सदी की दिशा : मार्को रुबियो
16 साल से ‘मरा हुआ’ मान रही थी पुलिस, जिंदा निकला शातिर यौन अपराधी, अमेरिका में हैरान करने वाला खुलासा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण बढ़ावा दे सकता है: टीसीसी प्रमुख
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण बढ़ावा दे सकता है: टीसीसी प्रमुख
अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने गई भारतीय छात्रा, बताया किस चीज से सबसे ज्यादा हैरान हुई
अमेरिका में पढ़ रही भारतीय छात्रा ने वहां की एग्जाम सिस्टम को लेकर अपना अनुभव साझा किया. साथ ही छात्रा ने भारत में IIT की तुलना हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की है.
New Delhi, 20 अक्टूबर . ट्रेड एंड इकोनॉमिक काउंसिल के अध्यक्ष जॉन कवुलिच ने Tuesday को कहा कि India और अमेरिका के बीच व्यापार का दायरा बहुत बड़ा…
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द लगेगी मुहर? मार्को रुबियो ने दिए बड़े संकेत
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ होने वाली बैठक से पहले दोनों देशों के बीच सहयोग और आगे की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। उनके इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी।उन्होंने यूक्रेन युद्ध, अमेरिका के हथियार नियंत्रण से जुड़े मामलों और रूस से तेल खरीदने को लेकर जारी चर्चाओं जैसे विषयों पर चर्चा की। इन मुद्दों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।पॉजिटिव नतीजे देखने को मिलेगालंबे समय से चर्चा में चल रहे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय समझौते की स्थिति पर बात करते हुए मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौते पर बातचीत नहीं करता है। उन्होंने कहा, ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत की जिम्मेदारी विदेश विभाग की नहीं है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में हमारी अहम भूमिका है। मैं और मेरे काउंटरपार्ट, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर इस समझौते को लेकर काफी गंभीर हैं। हम इसे पूरा करने के बेहद करीब हैं। मेरा मानना है कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अब केवल कुछ मुद्दों पर काम करना बाकी है, इसलिए इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।उन्होंने आगे कहा कि, हम चाहते हैं कि जल्द ही इस बारे में अच्छी खबर सामने आए और इसके बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएं। हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में इस दिशा में पॉजिटिव नतीजे देखने को मिलेंगे।रिलायंस के साथ होगी बैठकइसके अलावा, उन्होंने बताया कि अमेरिकी डेलीगेशन वेनेजुएला में तेल उत्पादन को लेकर रिलायंस के साथ बैठक करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी पेट्रोलियम खरीद के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में काफी प्रगति की है, जिसे उन्होंने एक समझदारी भरा कदम बताया।ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने में भारत की भूमिका पर बात करते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि, भारत तेल रिफाइनिंग के मामले में काफी मजबूत है। उन्होंने बताया कि भारत के पास भारी कच्चे तेल को साफ करने और उससे उपयोगी ईंधन बनाने की क्षमता है और वह पहले भी ऐसा कर चुका है। रुबियो के मुताबिक, वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बढ़ने पर भारत इसका इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत के पास वेनेजुएला में पहले से ही तेल उत्पादन से जुड़े अधिकार हैं, जिनकी मदद से वह वहां अपना तेल उत्पादन बढ़ा सकता है।मार्को रुबियो ने तेल को लेकर क्या कहाउन्होंने आगे कहा, ये सभी सकारात्मक बातें हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि दुनिया भर में चल रही घटनाओं के कारण तेल की आपूर्ति में जो कमी आ सकती है, उसे केवल वेनेजुएला ही पूरा कर सकता है। लेकिन मेरा मानना है कि लंबे समय में वेनेजुएला इसमें अहम योगदान दे सकता है और कम समय में भी कुछ राहत पहुंचा सकता है। यह उन मुद्दों में से एक है, जिन पर हम चर्चा करेंगे। भारत के साथ इस विषय पर पहले भी बातचीत हो चुकी है और वह इसके लिए तैयार नजर आ रहा है। भारत इस दिशा में आगे बढ़ने को इच्छुक है, हालांकि पाबंदियों से जुड़ी कुछ बाधाएं सामने आ सकती हैं, जिनका हमें समाधान निकालना होगा।दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनानाअपने भारत दौरे के महत्व पर बात करते हुए मार्को रुबियो ने कहा कि, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस साल चार बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि, अमेरिका के लिए भारत एक अहम व्यापारिक और कारोबारी साझेदार है। रुबियो ने दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और क्वाड में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत को अमेरिका का मजबूत रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों को भारत के अधिक दौरे करने चाहिए।यूक्रेन को लेकर क्या कहाइसके अलावा, मार्को रुबियो ने यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के हथियार नियंत्रण से जुड़े अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिनमें कहा गया था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी रक्षा प्रणाली इस्तेमाल करने वाले सहयोगी देशों को यूक्रेन के लिए पैट्रियट मिसाइलें भेजने की मंजूरी रोक दी थी, रुबियो ने कहा कि यूक्रेन को जानबूझकर किसी भी तरह की मदद से वंचित नहीं किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप उन आरोपों से नाराज थे, जिनमें कहा जा रहा था कि उनके फैसलों से यूक्रेन की स्थिति कमजोर हो रही है।इसके अलावा, मार्को रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर चीन, रूस और अमेरिका के बीच हथियारों पर नियंत्रण को लेकर सहमति बनती है, तो यह पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक कदम होगा। उन्होंने संकेत दिया कि इन तीनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ने से वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
अमेरिकी और यूएई समकक्ष के साथ एस जयशंकर ने की त्रिपक्षीय बैठक
Mumbai , 20 अक्टूबर . यूएई के उप Prime Minister और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो और India के विदेश…
'अंतिम चरण में भारत-अमेरिका ट्रेड डील,' मुंबई में बोले रुबियो- जल्द होगी घोषणा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में कहा कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं, जिसकी घोषणा जल्द होगी।
अमेरिका और भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब : मार्को रूबियो
अमेरिका और भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब : मार्को रूबियो
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में 7 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म को अमेरिका में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आने वाले दिनों में कमाई बढ़ने वाली है।
मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जयशंकर के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता पर नजर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार समझौते, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक पर चर्चा हुई। यात्रा के दौरान 26/11 पीड़ितों को श्रद्धांजलि और गुजरात के जामनगर दौरे का कार्यक्रम भी है।
भारत और अमेरिका का अहम साझेदारी
मुंबई, अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने मंगलवार को भारत को यूएसए के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील जल्द होगी।
भारत अमेरिका का अहम आर्थिक साझेदारी, जल्द होगी ट्रेड डील- मार्को रुबियो
अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने मंगलवार को भारत को यूएसए के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील जल्द होगी।
भारत अमेरिका का अहम आर्थिक साझेदारी, जल्द होगी ट्रेड डील: मार्को रुबियो
भारत अमेरिका का अहम आर्थिक साझेदारी, जल्द होगी ट्रेड डील: मार्को रुबियो
भारत को बताया ‘Refining Superpower’! अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान, वेनेजुएला के तेल पर रिलायंस से होगी चर्चा
अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रियों की मुंबई में हुई मुलाकात, ट्रेड डील पर आया बड़ा अपडेट
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे। द्विपक्षीय बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से भी बातचीत की।
'न्यू मैक्सिको का नाम न्यू अमेरिका...', ट्रंप ने कहा- इससे इनकम बढ़ेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यू मैक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका करने की मांग फिर उठाई है. उनका दावा है कि इससे राज्य में घरों की कीमतें और लोगों की इनकम बढ़ेगी. हालांकि, राज्य की डेमोक्रेटिक गवर्नर ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.
BREAKING: भारत से अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने का बड़ा षड्यंत्र! मुंबई के शख्स का कनेक्शन आया सामने; हर पोस्ट के मिलते थे $15
Ramayana Advance Bookings: रणबीर कपूर और यश की फिल्म Ramayana: Rise of a Legend रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर चर्चा बटोर रही है। भगवान राम और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर देखने के लिए दर्शकों में उत्सुकता है, जिसका असर विदेशों में एडवांस बुकिंग पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में टिकटों की बिक्री से लाखों डॉलर जुटा लिए हैं। खास बात यह है कि कुल विदेशी एडवांस बुकिंग में अमेरिका और कनाडा की सबसे बड़ी हिस्सेदारी बताई जा रही है। अब भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत को लेकर भी कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं।ट्रेड जगत में पहले दिन 100 करोड़ रुपये तक की कमाई की चर्चा है, हालांकि इसकी असली तस्वीर रिलीज के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल सभी की नजर भारत में एडवांस बुकिंग और फिल्म को मिलने वाले शुरुआती रिस्पॉन्स पर टिकी है।विदेशों में एडवांस बुकिंग से जुटाए $7.71 लाखट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में एडवांस टिकट बिक्री से करीब 7.71 लाख डॉलर जुटाए हैं। Films Discourse के आंकड़ों और The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी उत्तरी अमेरिका की है। कुल विदेशी प्री-सेल्स में अमेरिका और कनाडा का योगदान लगभग 72 फीसदी बताया गया है।अमेरिका और कनाडा में सबसे ज्यादा डिमांडफिल्म की एडवांस बुकिंग में उत्तरी अमेरिका सबसे आगे है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और कनाडा में करीब 5.58 लाख डॉलर के टिकट बिक चुके हैं। वहीं, ब्रिटेन में लगभग 1.41 लाख डॉलर और ऑस्ट्रेलिया में करीब 72 हजार डॉलर की एडवांस बुकिंग हुई है।ये आंकड़े बताते हैं कि रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर विदेशी बाजारों में दिलचस्पी बनी हुई है।प्रीमियर शो के लिए भी बिके हजारों टिकटअमेरिका में फिल्म के प्रीमियर शो 4 नवंबर को होंगे, जबकि इसकी आधिकारिक रिलीज 5 नवंबर को निर्धारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रीमियर के लिए करीब 10,800 टिकट बिक चुके हैं, जिनसे लगभग 2.10 लाख डॉलर की कमाई हुई है। कनाडा को मिलाकर प्रीमियर की एडवांस बुकिंग 2.50 लाख डॉलर से ज्यादा बताई गई है।भारत में एडवांस बुकिंग पर नजररिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में फिल्म की एडवांस बुकिंग 20 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। ट्रेड जगत में चर्चा है कि फिल्म पहले दिन 100 करोड़ रुपये तक कमा सकती है। हालांकि, यह महज अनुमान है और वास्तविक कमाई रिलीज के बाद ही सामने आएगी।IMAX स्क्रीन पर ‘Godzilla’ से मुकाबलाविदेशों में फिल्म को IMAX फॉर्मेट में रिलीज करने की भी उम्मीद है। हालांकि, अमेरिका में 6 नवंबर को रिलीज होने वाली Godzilla: Minus Zero से इसे प्रीमियम स्क्रीन के लिए मुकाबला करना पड़ सकता है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। अब देखना होगा कि विदेशी बाजारों में मिल रही शुरुआती दिलचस्पी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कितनी बड़ी ओपनिंग में बदलती है।पहले भी अंडरवर्ल्ड के निशाने में पर रहे हैं बॉलीवुड सितारे, टाइगर श्रॉफ ही नहीं सलमान खान समेत इन स्टार्स ने भी झेले हैं हमले
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान सख्त, आईआरजीसी ने 54वां अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराने का किया दावा
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान सख्त, आईआरजीसी ने 54वां अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन मार गिराने का किया दावा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वह आज मुंबई पहुंचे हैं। रुबियो, एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह जामनगर भी जाएंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, जयशंकर से करेंगे अहम बातचीत
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी जेनेट रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। मुंबई हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र सरकार के संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और एआई मंत्री आशीष शेलार ने उनका स्वागत किया।
अमेरिकी नागरिकों से जयपुर में बैठकर करोड़ों रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा किया है। भांकरोटा इलाके में साइबर फ्रॉड गैंग के खोले फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर पुलिस ने रेड डाली। आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस ने मामले में 2 युवतियों सहित 10 जनों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपियों से 19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- अमेरिकी नागरिकों से ठगी मामले में आरोपी हर्ष चौहान (27) निवासी झज्जर हरियाणा, कृष्ण (28) गांव बक्सा असम, आकाशी लाबा (30) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल, खोजा (27) निवासी मेलयूरी नागालैंड, केवी (24) निवासी मेलयूरी नागालैंड, निशांत (24) निवासी गुरुग्राम हरियाणा, रविंद्र कुमार (31) महेंद्रगढ़ हरियाणा, अंकित (24) निवासी झज्जर हरियाणा और दिया गुरुजी (25) निवासी दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल व लिशीनी (25) निवासी सेनापति मणिपुर को अरेस्ट किया है। संचालित हो रहा था ठगी का नेटवर्क पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के बैंक अकाउंट्स की गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके लिए भांकरोटा इलाके में फेक टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर बनाकर गिरोह काम कर रहा था। कॉल सेंटर में कार्यरत व्यक्ति X-Lite सॉफ्टवेयर और TFN नंबरों के माध्यम से अमेरिकी लोगों से संपर्क करते थे। आईफोन में तकनीकी समस्या आने पर उसका समाधान करने के नाम पर ग्राहकों को बातचीत में उलझाया जाता था। उनसे सहायता के नाम पर शुल्क वसूला जाता था। बैंक खातों की ले लेते थे जानकारी गिरोह में शामिल एक युवती बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बातचीत करती थी। उन्हें विश्वास में लेकर उनके बैंक खातों से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके बाद बैंक खातों की जानकारी टेलीग्राम ग्रुप में शेयर की जाती थी। गिरोह के संचालक इन जानकारियों का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाल लेते थे। अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। मामले में गिरोह के संचालकों, नेटवर्क तथा ठगी की रकम के संबंध में जांच की जा रही है।
अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोह का पर्दाफाश, 10 व्यक्तियों को किया डिटे
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल एवं स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में जयपुर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर होगी चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो दो दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे हैं. उनके साथ पत्नी और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत के अलावा रुबियो 26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे.
संकट बड़ा है... अब क्या करेंगे ट्रंप? 1982 के बाद अमेरिका में हुआ कुछ ऐसा
Donald Trump New Tension: ईरान युद्ध लगातार अमेरिका पर भारी पड़ता जा रहा है और डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाली एक और खबर आ गई है. US के रणनीतिक भंडार में कच्चे तेल का रिजर्व 1982 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आ गया है.
एलन मस्क बांटेंगे 1 लाख करोड़ रुपये! अमेरिका के हर बच्चे को मिलेगा, जानें पूरा मामला
एलन मस्क बच्चे को 1 लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान कर रहे हैं, आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने नेतन्याहू से इजरायल में की सीक्रेट मुलाकात
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Elon Musk का बड़ा ऐलान! अमेरिका के हर बच्चे को देंगे SpaceX का शेयर, ट्रम्प ने कहा- धन्यवाद दोस्त
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Daily Voice : IT शेयरों में हालिया तेजी भले ही अभी किसी टिकाऊ रिकवरी का संकेत न हो,लेकिन हर उछाल पर आईटी शेयरों में बिकवाली की एकतरफा रणनीति अपनाना भी जल्दबाजी हो सकती है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजे बाजारों के लिए एक ट्रिगर का काम कर सकते हैं,लेकिन इस बात की संभावना कम है कि केवल इसी वजह से बाजार में कोई बड़ी तेजी या कच्चे तेल में भारी गिरावट आएगी। ये बातें अल्फएक्यूरेट एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक और संस्थापक राजेश कोठारी ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत में कही हैं।उन्होंने आगे कहा कि आईटी शेयरों में आई हालिया तेजी पॉजिटिव संकेत है लेकिन निवेशकों को अभी यह नहीं मान लेना चाहिए कि इस सेक्टर में टिकाऊ तेजी की शुरुआत हो गई है। पोर्टफोलियो में कोई बदलाव करने से पहले तेल सप्लाई की स्थिति,डॉलर,बॉन्ड यील्ड और कॉर्पोरेट अर्निंग पर नजर रखने की जरूरत है।आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरतराजेश कोठारी के मुताबिक IT शेयरों में हालिया तेजी उत्साहजनक है,लेकिन इसे एक टिकाऊ तेजी मान लेने में सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी इंडस्ट्री की अर्निंग आउटलुक से मेल खाती है या यह सिर्फ 'ओवरसोल्ड'लेवल्स से आई खरीदारी है? हमें आईटी में तीन बातों पर नजर रखने की जरूरत है:मांग की स्थिति: विशेष रूप से अमेरिका और यूरोप में टाले जा सकने वाला टेक्नोलॉजी खर्च (discretionary technology spending)अहम बना हुआ है। बेहतर सौदे हासिल करने का नतीजा रेवेन्यू ग्रोथ के रूप में दिखना चाहिए।AI से बदलाव और अवसर: AI कमाई के नए स्रोत पैदा कर सकता है, लेकिन यह पारंपरिक बिलिंग मॉडल को भी बदल सकता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।वैल्यूएशन और अर्निंग आउटलुक: भारी तेजी के बाद, जिन शेयरों की कीमत उनकी कमाई की संभावनाओं से आगे निकल गई है, उनमें मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखने को मिल सकती है।राजेश कोठारी का मानना है कि आईटी सेक्टर में तेजी आने पर हर शेयर बेच देने की रणनीति जल्दबाजी हो सकती है, लेकिन इस तेजी के पीछे भागना भी कोई समझदारी नहीं है। आईटी में उन कंपनियों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर हो रही हैं, जिनके ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध हैं और जिनके पास AI से कमाई करने के ठोस मौके हैं। ऐसी कंपनियों से दूर रहने की जरूरत है जो अभी भी कमजोर मांग से जूझ रही हैं।क्या आप कंजम्पशन सेक्टर को लेकर सतर्क हैं? कंजम्पशन डिमांड और इससे जुड़े शेयरों पर आपकी क्या राय है?राजेश कोठारी ने कहा कि कंजम्पशन सेक्टर को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने के बजाय,चुनिंदा रुख अपनाना पसंद करेंगे। जरूरी चीजों पर होने वाले खर्च और गैर-जरूरी (वैकल्पिक) चीजों पर होने वाले खर्च के बीच का अंतर समझना जरूरी है। कई 'फास्ट फ्रीक्वेंसी' डेटा इंडिकेटर कंजम्पशन ट्रेंड में सुधार दिखा रहे हैं (जैसे रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, टू-व्हीलर की बिक्री में बढ़ोतरी, आदि)।इस सेक्टर में ऐसी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जिनके पास मजबूत ब्रांड, अच्छा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, कीमतों को तय करने की ताकत, अच्छी बैलेंस शीट और सही वैल्यूएशन हों। वैकल्पिक उपभोग (discretionary consumption) के सेक्टर में केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर निर्भर रहने के बजाय, बिक्री की मात्रा (volume) में बढ़त के संकेतों पर भी नजर रखने की जरूरत है।क्या आप आने वाले समय में 'अल नीनो' (El Nio) को बड़ा जोखिम मानते हैं? इसका महंगाई, ग्रामीण मांग और भारत के विकास पर क्या असर पड़ सकता है?इसके जवाब उन्होंने कहा कि 'अल नीनो' एक जोखिम तो है,लेकिन इसे देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि भारत के विकास का पूरा आउटलुक ही खराब हो जाएगा। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले फसल उत्पादन, जलाशयों के जल-स्तर, खाने-पीने की चीजों की कीमतों के रुझान और ग्रामीण मांग के इंडीकेटरों पर नजर रखने की जरूरत है।Q2FY27 में बैंकों के नतीजे कैसे रह सकते है? क्या इनके मौजूदा वैल्यूएशन अच्छे लग रहे है या इन स्तरों से आगे बढ़ने की गुंजाइश सीमित है?इसके जवाब में राजेश कोठारी ने कहा कि बैंक शेयरों का प्रदर्शन उत्साहजनक है। ज़्यादातर बैंकों ने लोन वितरण (डिस्बर्समेंट) में अच्छी बढ़ोतरी और मज़बूत एसेट क्वालिटी की जानकारी दी है। अच्छे बैंकों में मध्यम अवधि के नजरिए निवेश के अच्छे मौके दिख रहे हैं लेकिन वैल्यूएशन के नजरिए से चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।ऐसे बैंकों पर फोकस करने की सलाह होगी जिनकी अर्निंग ग्रोथ को टिकाऊ कोर इनकम,अच्छी एसेट क्वालिटी और मजबूत फंडिंग फ्रेंचाइजी का सपोर्ट हासिल हो। अगले दो से तीन तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की स्थिति कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहनी चाहिए।दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदारडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
अमेरिका: 2 भारतीय नागरिकों पर चुनावी धोखाधड़ी का आरोप
अमेरिका के कैलिफोर्निया में चुनाव में धोखाधड़ी करने के आरोप में 28 ग्रीन कार्ड धारकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इन 28 विदेशी नागरिकों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। जिन दो भारतीयों पर आरोप लगे हैं, उनकी पहचान 30 वर्षीय अमनदीप कौर और 67 वर्षीय कमलेश …
जेडी वेंस : अमेरिका की नौकरियां अमेरिकी नागरिकों को मिलनी चाहिए
वाशिंगटन, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों के रोजगार के अवसर प्रभावित हों, ट्रंप प्रशासन ऐसी किसी भी व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कंपनियों से कहा कि वीजा कार्यक्रमों का इस्तेमाल करके स्थानीय कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों को न रखें।
अमेरिका : होर्मुज स्ट्रेट से ईरानी तेल निर्यात लगभग रोक दिया
वाशिंगटन, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते ईरान के तेल निर्यात को प्रभावी रूप से रोक दिया है, जबकि दूसरे देशों का करोड़ों बैरल कच्चा तेल अब भी वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है।
'हम मैक्सिको नहीं, अमेरिका हैं': ट्रंप ने दोहराई न्यू मैक्सिको का नाम बदलने की मांग, कहा- बढ़ेगी प्रतिष्ठा us-president-donald-trump-new-mexico-name-change-new-america-gulf-of-america
2024 में उनकी शेख हसीना की सरकार को गिराने वाले विरोध-प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका: साजीब वाजेद जॉय
2024 में उनकी शेख हसीना की सरकार को गिराने वाले विरोध-प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका: साजीब वाजेद जॉय
क्या अमेरिका में रहकर भारत में चला सकती हैं बिजनेस? सारिका ने बताया सच
आप कोई युवा घर से अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए निकलता है, तो उसे में कई तरह के सवाल होते हैं. आखिर वह यह कदम क्यों उठा रहा है या वह अपने शहर में रहकर कुछ नहीं कर सकता है? लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सारिका इन अमेरिका अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे कंफर्ट जोन को छोड़कर वह अमेरिका में शिफ्ट हो गई हैं.
'मैं सिर्फ अमेरिकी...', नेतन्याहू को समर्थन देने से जेडी वेंस का इनकार
जेडी वेंस ने बेंजामिन नेतन्याहू की चुनावी दावेदारी का समर्थन करने से इनकार करते हुए अमेरिकी उम्मीदवारों पर ध्यान देने की बात कही. डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के बाद आया यह बयान इजरायली चुनाव पर दोनों नेताओं के सार्वजनिक रुख का अंतर दिखाता है.
मार्को रूबियो : अमेरिकी विदेश मंत्री आज पहुचेंगे भारत; ऊर्जा, व्यापार और रक्षा समेत इन मुद्दों पर होगी चर्चा us secretary of state marco rubio three day india visit S Jaishankar mumbai
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलीबारी की घटना ने संगठित अपराध पर सवाल उठाए हैं। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधों की जांच चल रही है।
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित आशियाना गार्डन में मंगलवार सुबह हादसे में 77 वर्षीय रमेश प्रसाद श्रीवास्तव की मौत हो गई। वह अपने फ्लैट की छत पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हलचल मच गई। सूचना मिलने पर सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच शुरू की। हालांकि, बुजुर्ग किन परिस्थितियों में छत से नीचे गिरे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पत्नी के साथ रहते थे बुजुर्ग रमेश प्रसाद श्रीवास्तव आशियाना गार्डन स्थित फ्लैट में अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनका बेटा अमेरिका में रहता है, जबकि बेटी बेंगलुरु में रहती है। हादसे की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। घटना के बाद परिवार के लोगों का बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि बुजुर्ग का संतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह सोनारी थाना के एएसआई दिवाकर कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बुजुर्ग किन हालात में छत से नीचे गिरे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
अमेरिका: सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने बढ़ते ध्रुवीकरण पर जताई चिंता, अल्पसंख्यकों पर हुए हमले को लेकर क्या कहा? Congressman raja krishnamoorthi expresses concern over us polarization
मस्क का बड़ा तोहफा: अमेरिकी बच्चों को देंगे स्पेसएक्स के शेयर, ट्रंप ने जताया आभार; क्या है ट्रंप अकाउंट्स? elon musk spacex shares us children trump accounts
अमेरिका मध्यावधि चुनाव: चंदे में डेमोक्रेट आगे, ट्रंप की पार्टी को मस्क का सहारा; क्या है पैसों का पूरा खेल?
किशनगंज शहर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अनुमान के मुताबिक, शहर के पूजा पंडालों में मां का आशीर्वाद लेने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सुबह से देर रात तक पंडालों में लोगों के आने-जाने का सिलसिला जारी है। मां के जयकारों और आकर्षक सजावट के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। फ्लोरिडा के स्वामीनारायण मंदिर की प्रतिकृति देखने पहुंच रहे लोग शहर के ऐतिहासिक रूईधासा मैदान के पास स्थित रूईधासा टाउन क्लब की दुर्गा पूजा इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है। मंदिर जैसी बनावट और आकर्षक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लोग मां दुर्गा के दर्शन के साथ पंडाल की खूबसूरती निहार रहे हैं और तस्वीरें भी ले रहे हैं। मनोरंजन क्लब से बड़ी कोठी तक पूजा की धूम रूईधासा टाउन क्लब के अलावा मनोरंजन क्लब, रोलबाग, डुमरिया, धर्मगंज, गांधी घाट, माधव नगर और बड़ी कोठी सहित शहर के विभिन्न इलाकों में भी दुर्गा पूजा की रौनक है। इन स्थानों पर बने आकर्षक पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। गांधी चौक पर भी लोगों की अच्छी-खासी आवाजाही देखने को मिल रही है। शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठते हैं पंडाल शहर के प्रमुख पूजा स्थलों पर लोग परिवार और बच्चों के साथ मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। शाम होते ही पंडालों की आकर्षक रोशनी और सजावट शहर की खूबसूरती बढ़ा देती है। पूजा स्थलों के आसपास चहल-पहल बढ़ने से दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर है। आस्था के साथ मेल-मिलाप का भी पर्व किशनगंज में दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक उत्सव का भी प्रतीक है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बने भव्य पंडाल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। शहरवासियों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पूजा पंडालों का भ्रमण करने और मां का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और मां के जयकारों से पूरे शहर का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र: आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका और क्यूबा आमने-सामने, वोट से पहले समर्थन जुटाने की कोशिश
रूस के आगे यूक्रेन क्यों हुआ बेबस? पुतिन ने चीन और अमेरिका पर डाली युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी
रूस के आगे यूक्रेन बेबस दिखाई दे रहा है। रूस ने यूक्रेन पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं जिन्हें रोकने में यूक्रेन नाकाम हो रहा है। दूसरी ओर पुतिन ने चीन और अमेरिका पर युद्ध खत्म करने की जिम्मेदारी डाल दी है।
अमेरिका ने ईरान को जिस 'मदर ऑफ़ ऑल बॉम्ब्स' की धमकी दी, वो कितना ख़तरनाक है? - BBC
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मार्को रूबियो ने बताया क्यों अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए टाला: उज्बेकिस्तान
ताशकंद, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो के मुताबिक, उनका देश दुनिया के हर हिस्से में अपने कारोबार और कंपनियों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर चाहता है।
मोगा जिले के गांव डाला के मूल निवासी गुरिंदर सिंह गिल पर अमेरिका के कैलिफोर्निया (सैक्रामेंटो) में अपनी पत्नी जैस्मीन गिल की नृशंस हत्या करने और सबूत मिटाने की नियत से शव को जलाने का संगीन आरोप लगा है। अमेरिकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गुरिंदर गिल को गिरफ्तार कर लिया है। जैस्मीन और गुरिंदर की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी और दोनों का सात महीने का एक छोटा बच्चा भी है। तलाक को लेकर चल रहा था विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरिंदर और जैस्मीन कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में रह रहे थे। पिछले कुछ समय से दोनों के बीच तलाक को लेकर अनबन और विवाद चल रहा था। जैस्मीन के अचानक लापता होने पर उसके चचेरे भाई ने अमेरिकी पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले की जांच के दौरान जब पुलिस ने पति गुरिंदर गिल से सख्ती से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस के अनुसार, गुरिंदर ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपराध को छिपाने के उद्देश्य से उसके शव को आग के हवाले कर दिया था। पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन नेता की बेटी थीं जैस्मीन मृतका जैस्मीन गिल 'पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन' के नेता जगतार सिंह जलाजण और लुधियाना के डीएमसी (DMC) अस्पताल की सेवानिवृत्त कर्मचारी सुखविंदर कौर रानी की बेटी थीं। परिवारजनों ने बताया कि जैस्मीन की अस्थियां अमेरिका से पंजाब लाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, सात महीने के मासूम बच्चे को फिलहाल अमेरिकी सरकार के बाल कल्याण विभाग की देखरेख में रखा गया है। विदेश में पत्नी की हत्या की दूसरी दिल दहला देने वाली वारदात निहाल सिंह वाला हलके के निवासियों के अनुसार, विदेश में अपने ही क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा पत्नी की हत्या किए जाने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पूर्व, हलका निहाल सिंह वाला के गांव भागीके निवासी केवल सिंह ने बेल्जियम में अपनी पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े करके नदी में बहा दिए थे। उस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करीब 10 साल बाद हुआ था, जिसमें अदालत ने आरोपी केवल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब इस नई वारदात ने एक बार फिर पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
अमेरिका में कंट्रोल, मुंबई में फायरिंग... टाइगर श्रॉफ गोली कांड में बिश्नोई गैंग का नाम
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए और 17 साल के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया. जांच में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम और अमेरिका से उसका कंट्रोल होने की बात सामने आने से बॉलीवुड को धमकाकर उगाही के आरोप फिर केंद्र में हैं.
गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ ‘जग्गू भगवानपुरिया’ की पत्नी अमनदीप कौर पंजाब के सीमावर्ती हलके डेरा बाबा नानक से चुनाव लड़ेंगी। अमेरिका से 3 दिन पहले लौटीं अमनदीप ने 18 अक्टूबर को हलके के गांव सर्फकोट में विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की। हालांकि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं बताया। जग्गू भगवानपुरिया इस समय असम की सिलचर सेंट्रल जेल में बंद है। अमेरिका में डेंटल की पढ़ाई और वहां की जिंदगी छोड़कर लौटीं अमनदीप ने कहा कि वह डेरा बाबा नानक की ‘बेटी भी हैं और बहू भी’। इसलिए अपने हलके और घर की सेवा करना उनका नैतिक फर्ज है। उन्होंने कहा कि अब वह स्थायी रूप से यहीं रहकर जनता के बीच काम करेंगी। पति पर लगे गैंगस्टर के ठप्पे को लेकर उन्होंने भावुक होते हुए कहा- वे जग्गू नहीं, जगदीप सिंह अठवाल हैं। कोई भी मां के पेट से गैंगस्टर पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनके पति को एक आम इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए और गैंगस्टर का टैग खत्म होना चाहिए। अमनदीप कौर ने ये बड़ी बातें कही…. जग्गू भगवानपुरिया पर 128 से अधिक केस गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया पर पंजाब और अन्य राज्यों में 128 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, फिरौती, जबरन वसूली, नशा तस्करी और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामले शामिल हैं। वह पंजाबी सिंहग सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी आरोपी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 12 मामले दर्ज हैं। जग्गू साल 2015 से जेल में बंद है और वर्तमान में असम की सिलचर सेंट्रल जेल में है। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब की पॉलिटिक्स में गैंगस्टर्स की कहानी: AAP में सेखों की एंट्री पर विपक्ष मुद्दा बना रहा; जानिए किन गैंगस्टरों ने रखा राजनीति में कदम पंजाब की राजनीति में गैंगस्टरों का दबदबा लंबे समय से रहा है। गैंगस्टर्स को राजनीतिक दलों और नेताओं का सीधा संरक्षण मिलता रहा। जसविंदर सिंह भुल्लर जैसे कई गैंगस्टर राजनीति में आए, जबकि जग्गू भगवानपुरिया जैसों ने अपने परिवार को आगे किया। हालांकि, पंजाब की राजनीति में गैंगस्टर या उनके करीबी कोई बड़ा चुनाव नहीं जीते। (पढ़ें पूरी खबर)
आगरा देश के कुल जूता निर्यात में करीब 28 से 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है और यहां से सालाना लगभग 5,000 करोड़ रुपये के फुटवियर विदेश भेजे जाते हैं।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अमेरिका की वाशिंगटन डिजिटल यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता रमेश राव पायलट का अभिनंदन किया गया। रविवार को यादव धर्मशाला में आयोजित समारोह में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें सम्मानित किया। रमेश राव पायलट पिछले 21 वर्षों से सामाजिक और धार्मिक कार्यों के माध्यम से लोगों की सेवा कर रहे हैं। वक्ताओं ने उनकी उपलब्धि को महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया और कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में उनका योगदान दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। समारोह में महेंद्रगढ़ के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दे भी उठाए गए। इनमें महेंद्रगढ़ में जिला मुख्यालय स्थापित करने, औद्योगिक विकास के लिए आईएमटी बनाने और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। समारोह की मुख्य अतिथि साध्वी पुष्पा शास्त्री रहीं, जबकि यादव सभा के कनवीनर प्राचार्य लालचंद यादव ने अध्यक्षता की। 21 साल से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रमेश राव पायलट यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के साथ पत्रकार और लेखक के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों की समस्याएं उठाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति के सामाजिक योगदान को सम्मान मिलने से दूसरे लोगों को भी जनहित के कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। महेंद्रगढ़ के विकास के लिए एकजुट होने की अपील रमेश राव पायलट ने अभिनंदन समारोह में पहुंचे सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के लिए लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना होगा। उन्होंने जिला मुख्यालय, आईएमटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज की मांग को प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि इन मुद्दों को पूरा कराने के लिए जनसहयोग से व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि महेंद्रगढ़ क्षेत्र का विकास हो और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump
इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…
London में Dhruv Rathee और Washington में 6 अमेरिकी सांसदों ने थामी भारत विरोधी अभियान की कमान
भारत के अंदरूनी मामलों में टांग अड़ाने और दुनिया भर में भारत को कटघरे में खड़ा करने का खेल एक बार फिर शुरू हो गया है। अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलाइब, एलेनॉर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वे भारत दौरे पर छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और कथित हिरासतों का मुद्दा उठाएं। यहां सवाल उठता है कि भारत को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने निकले इन सांसदों को आखिर किसने हक दिया कि वे हमारे देश के आंतरिक मामलों में दखल दें? भारत की समस्याओं पर इतनी चिंता दिखाने वाले इन नेताओं से यह भी पूछा जाना चाहिए कि उनकी यह चिंता चुनिंदा मुद्दों पर ही क्यों जागती है और भारत के मामले में वे हर बार उंगली उठाने के लिए सबसे आगे क्यों खड़े नजर आते हैं? साथ ही सवाल यह भी उठता है कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र पर उंगली उठाने वाले इन जनप्रतिनिधियों की अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय आचरण की पड़ताल कौन करेगा? वैसे यह कोई पहला अवसर नहीं है जब इन अमेरिकी नेताओं ने भारत की नीतियों पर सवाल उठाए हों। प्रमिला जयपाल ने 2019 में भी जम्मू-कश्मीर में संचार प्रतिबंधों और हिरासतों को लेकर भारत से जवाब मांगा था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उस समय उनके आकलन को अनुचित बताते हुए उनसे मुलाकात करने तक में रुचि नहीं दिखाई थी। अप्रैल 2022 में इल्हान उमर के पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के दौरे पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे देश की संप्रभुता से जुड़ा मामला बताया था। इल्हान उमर का तो अक्सर भारत विरोधी रवैया सामने आता ही रहता है। इसे भी पढ़ें: Dhruv Rathee ने 'वोट चोरी' के खिलाफ लंदन में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की; कहा- अब 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने' का समय आ गया है सवाल उठता है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठीक से समझे बिना विदेशी दबाव बनाने की यह राजनीति आखिर क्यों चल रही है? क्या किसी राजनीतिक दल या किसी संगठन के आंदोलन के दौरान लगाये गये आरोपों को ही सच मानकर भारत को कटघरे में खड़ा कर देना इन सांसदों का नया शगल बन गया है? अगर इन्हें वाकई लोकतंत्र और नागरिकों की आजादी की इतनी चिंता है, तो यह चिंता हर देश के मामले में एक जैसी क्यों नहीं दिखती? आखिर भारत के मामले में ही इनका लोकतांत्रिक प्रेम क्यों उमड़ने लगता है? क्या भारत को नसीहत देना और उसके आंतरिक मामलों में दखल देना ही इनकी राजनीति का असली मकसद है? अब बात ध्रुव राठी की। जर्मनी में रहने वाले इस यूट्यूबर ने लंदन पहुंचकर पार्लियामेंट चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट 18 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने भारत में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही है और विदेशों में लोगों से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है। यहां सवाल उठता है कि अगर ध्रुव राठी के पास वोट चोरी के सबूत थे तो वह उन्होंने अपने भारत दौरे के दौरान पुलिस या कोर्ट को क्यों नहीं दिये? क्यों वह वापस विदेश भाग गये? हर बात पर विदेशों में ढिंढोरा पीटना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की चुनावी व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश करना आखिर किस बात का संकेत है? चुनावी प्रक्रिया से शिकायत होना अलग बात है, लेकिन अपनी राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए पूरी चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाना और दुनिया भर में भारत के लोकतंत्र की साख पर बट्टा लगाने की कोशिश करना अलग बात है। देखा जाये तो आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को सबूतों के दम पर साबित करना ही असली कसौटी है! सवाल यह भी है कि ध्रुव राठी आखिर विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ इतना बड़ा अभियान किसके दम पर चला रहे हैं? लंदन में प्रदर्शन, विदेशी मंचों पर भारत को घेरने की कोशिश और देश की राजनीति को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की मुहिम, क्या यह सब महज संयोग है, या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? विदेशी फंडिंग के आरोपों को झुठलाने वाले ध्रुव राठी को बताना चाहिए कि इस पूरे अभियान का पैसा कहां से आ रहा है, इसे कौन चला रहा है और इसके पीछे किसके हित जुड़े हैं? आखिर कौन है जो भारत की छवि को विदेशों में नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अभियानों को ताकत दे रहा है? साथ ही लंदन में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में भारतीयों का मैदान में उतरना उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए कि विदेशों में रहने वाले भारतीय कोई उनके इशारे पर चलने वाली भीड़ नहीं हैं। इस देश से प्यार करने वाले लाखों भारतीय दुनिया के किसी भी कोने में हों, तिरंगा उठाना और अपनी सरकार के समर्थन में आवाज बुलंद करना जानते हैं। भारत के खिलाफ नारे लगाने वाले ही लोकतंत्र के ठेकेदार नहीं हैं; भारत के समर्थन में खड़े होने वालों को भी अपनी बात कहने का पूरा हक है। करोड़ों भारतीयों के वोट से बनी सरकार का फैसला विदेशों में बैठे कुछ लोगों के शोर-शराबे से नहीं बदला जा सकता। भारत किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह फैसला भारत की जनता करेगी, कोई विदेशी ताकत नहीं! इसके अलावा, यह भी बड़ी हैरानी की बात है कि संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं को भारत के मामलों में दखल देने की इतनी जल्दी रहती है कि वे किसी भी आरोप पर चिंता जताने से पहले पूरी सच्चाई जानने की जहमत तक नहीं उठातीं! 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान हिरासतों की खबरों पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चिंता जताई, तो भारत ने भी साफ-साफ जवाब दे दिया कि देश के आंतरिक मामलों में इस तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भी भारत ने इन टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपने संविधान, स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र प्रेस का हवाला दिया। सवाल यह है कि मानवाधिकारों की दुहाई देने वाली इन वैश्विक संस्थाओं को दुनिया के हर मामले में एक जैसी तत्परता क्यों नहीं दिखती? भारत के मामले में बिना पूरी तस्वीर समझे बयान देने की जल्दी और दूसरे मामलों में चुप्पी...आखिर यह दोहरा रवैया कब तक चलेगा? जब संस्थाएं चुनिंदा मुद्दों पर ही जागेंगी और अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग तराजू रखेंगी, तो उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे ही। यही रवैया उनकी विश्वसनीयता को कमजोर करता है और दुनिया भर में लोगों के मन में यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ये संस्थाएं सचमुच मानवाधिकारों की रक्षा कर रही हैं या चुनिंदा राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का जरिया बनती जा रही हैं? उधर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं पर बिना पूरी जानकारी के उंगली उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भारत कोई ऐसा देश नहीं है कि कोई भी विदेशी संस्था या नेता उठे और बिना सोचे-समझे हमें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने लगे! भारत के अपने कानून हैं, अपनी अदालतें हैं और अपना संवैधानिक ढांचा है। लिहाजा, भारत पर सवाल उठाने वालों को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए, फिर बयानबाजी करनी चाहिए। भारत को बदनाम करने की कोशिश करने वालों को यह समझना होगा कि हर आरोप पर जवाब मिलेगा और तथ्यों के दम पर मिलेगा। बहरहाल, जो लोग सत्ता पलटने का ख्वाब देख रहे हैं उन्हें भी समझना होगा कि भारत की ताकत किसी एक सरकार में नहीं, बल्कि उस करोड़ों भारतीयों के जनादेश में है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव मजबूत की है। इस देश को न विदेशी मंचों पर बैठकर भाषण देने वाले कुछ नेता चला सकते हैं, न सोशल मीडिया पर शोर मचाकर खुद को लोकतंत्र का सबसे बड़ा रखवाला बताने वाले लोग! भारत की छवि को झूठे आरोपों, आधी-अधूरी जानकारी और राजनीतिक एजेंडे के सहारे चोट पहुंचाने का सपना देखने वालों को समझना होगा कि भारत कोई कमजोर देश नहीं, जिसकी साख चंद बयानों से मिटा दी जाए। भारत पर उंगली उठाने से पहले अपने तथ्यों की जांच करो, आरोप लगाने से पहले सबूत जुटाओ और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने से पहले यह समझो कि भारत का भविष्य तय करने का अधिकार भारतीय जनता के पास है, किसी विदेशी नेता या सोशल मीडिया के स्वयंभू विशेषज्ञ के पास नहीं! सवाल पूछने हैं तो पूछिए, लेकिन सवालों की आड़ में देश की संस्थाओं को बदनाम करने का ठेका मत लीजिए। क्योंकि भारत की असली ताकत तिरंगे के नीचे खड़े करोड़ों लोगों का विश्वास, स्वाभिमान और अपने देश का फैसला खुद करने का अधिकार है। -नीरज कुमार दुबे
कैलिफोर्निया में पंजाब मूल की भारतीय महिला जैस्मीन औजला गिल की हत्या का मामला सामने आया है। उसके जले हुए अवशेष मिलने के बाद पति गुरिंदर गिल को गिरफ्तार किया गया है।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा पाकिस्तान पर दिए बयान को लेकर आज सीकर में कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध जताया गया। कांग्रेसियों ने करीब 1 घंटे तक मदन राठौड़ के पुतले को कलेक्ट्रेट के बाहर पेड़ पर रस्सी से लटकाए रखा। इसके बाद पुतला दहन किया। कांग्रेस ने बीजेपी से मदन राठौड़ का इस्तीफा लेकर उन्हें फांसी देने की मांग की है। दरअसल बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित सेमिनार में पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दिया था। मदन राठौड़ ने कहा था- अगर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट का मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए। उस समय जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं है। हां, मैं यह कहता हूं कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला ने कहा कि एक तरफ तो भारतीय जनता पार्टी और उनकी सरकार पाकिस्तान के लोगों को आंख दिखाने की बात करते हैं। लेकिन मदन राठौड़ के बयान ने बता दिया है कि बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मदन राठौड़ का जो बयान है उसके लिए पार्टी उनसे इस्तीफा ले और उन्हें फांसी की सजा दे। क्योंकि मदन राठौड़ का यह बयान भारत देश और भारत के शहीदों का भी अपमान है।
करनाल जिले के असंध क्षेत्र के गांव बल्लाह निवासी 21 वर्षीय अनिल कुमार मान का शव 15 दिन बाद अमेरिका से उसके पैतृक गांव पहुंचा। बेटे का शव घर पहुंचते ही परिजन बिलख-बिलखकर रोने लगे। परिवार को बेटे के अंतिम दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। आर्थिक तंगी के कारण शव भारत लाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे में अमेरिका में रह रहे गांव के युवकों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने लाखों रुपए जुटाए और शव भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करवाई। शनिवार को गांव की शिवपुरी में अनिल का अंतिम संस्कार किया गया। पिता ऋषिपाल ने बेटे को मुखाग्नि दी। 4 अक्टूबर को अमेरिका में बिगड़ी थी तबीयत जानकारी के अनुसार, अनिल की 4 अक्टूबर को अमेरिका में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की सबसे बड़ी चिंता बेटे के शव को भारत लाने की थी, ताकि वे उसका अंतिम दर्शन कर सकें। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजनों ने सरकार से भी मदद की गुहार लगाई थी। बेटे के भविष्य के लिए बेच दी थी जमीन अनिल कुमार मान ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने सपने पूरे करने के लिए उसने अमेरिका जाने का फैसला किया था। पिता ऋषिपाल ने बेटे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपनी जमीन बेच दी और कर्ज भी लिया। करीब 45 लाख रुपए खर्च कर अनिल को डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया था। कई महीने का सफर तय करने के बाद वह अमेरिका पहुंचा और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर वहां रहने लगा था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा विदेश में मेहनत कर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, लेकिन उसकी अचानक मौत से सभी सपने अधूरे रह गए। दो परिवारों का इकलौता चिराग था अनिल अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। वहीं, ऋषिपाल के भाई रामपाल की भी एक ही बेटी है। ऐसे में अनिल दोनों परिवारों के लिए इकलौता चिराग था। उसकी मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शव पहुंचने पर परिवार के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में शिवपुरी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दुख की घड़ी में गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। अमेरिका में रहने वाले युवकों ने की मदद परिवार के पास शव भारत लाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में अमेरिका में काम करने वाले गांव के युवकों ने आर्थिक सहयोग किया। उन्होंने लाखों रुपए एकत्रित कर शव को भारत लाने के प्रयास किए, जिसके बाद अनिल का शव गांव पहुंच सका। परिवार ने बेटे का अंतिम संस्कार कर उसे अंतिम विदाई दी।
जमशेदपुर में दुर्गा पूजा के दौरान ढाक की थाप और धुनुची नृत्य भक्तिमय माहौल बनाते हैं। कलाकार बापी मनोज सिंह जैसे ढाकी अपनी कला से उत्सव की रौनक बढ़ाते हुए देश-विदेश में भी प्रस्तुति दे चुके हैं।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैक्रामेंटो में पंजाबी मूल के युवक ने पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए दावा किया कि अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ICE के एजेंट उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर चले गए हैं। इसी बीच पुलिस एल्डोराडो काउंटी में महिला की जली हुई लाश मिली। फॉरेंसिक जांच और DNA रिपोर्ट से उसकी पहचान जैसमीन गिल के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने 16 अक्टूबर को पति गुरिंदर को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस अब हत्या के कारणों का पता लगा रही है। 30 सितंबर को आखिरी बार घर पर देखी गई जैसमीन जैसमीन गिल को आखिरी बार 30 सितंबर को सैक्रामेंटो स्थित उनके घर पर देखा गया था। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। 4 अक्टूबर को उनके चचेरे भाई ने पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। पति ने कहा- डाक चेक करते समय ICE एजेंट ले गए शुरुआती पूछताछ में गुरिंदर गिल ने पुलिस को बताया कि जैसमीन घर के बाहर लगे मेलबॉक्स में डाक चेक कर रही थीं। इसी दौरान ICE के एजेंट आए और उन्हें हिरासत में लेकर चले गए। पुलिस को गुरिंदर की बात पर शक हुआ। अधिकारियों ने जब ICE एजेंसी से संपर्क किया, तो एजेंसी ने ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जली हुई लाश मिली, DNA जांच से हुई पहचान जैसमीन के लापता होने के बीच 1 अक्टूबर को एल्डोराडो काउंटी में पुलिस को एक जली हुई लाश मिली। फॉरेंसिक जांच और DNA रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि लाश जैसमीन गिल की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में गुरिंदर की भूमिका की जांच तेज कर दी। जांच के दौरान उसके बयानों में कई विरोधाभास भी सामने आए। तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर विवाद जांच में सामने आया कि गुरिंदर और जैसमीन के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। दोनों के बीच तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर अदालत में कानूनी विवाद चल रहा था। पुलिस इस विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है। आरोपी गिरफ्तार, दो ठिकानों पर छापेमारी पुलिस ने गुरिंदर गिल को गिरफ्तार कर सैक्रामेंटो काउंटी की मुख्य जेल भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़े दो ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत जुटाए। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। *********** ये खबर भी पढ़ें: झोटा-हत्याकांड, केमिस्ट 2 साल से कत्ल की फिराक में था: चौबीसों घंटे पिस्टल अपने पास रखता; अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता कह गोलियां मारी इसने मुझे बहुत तंग कर रखा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता, आज इसे जान से मार दूंगा…पत्नी नीलम गर्ग को फोन पर ये कहकर मानसा में केमिस्ट अश्विनी कुमार ने नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या कर दी। आर्म्स लाइसेंस मिलते ही पिस्टल खरीदने के बाद पिछले 2 साल से ही अश्विनी ने झोटा की हत्या का प्लान बना लिया था। वह चौबीसों घंटे पिस्टल अपने पास रखता था। यहां तक कि रात को भी उसे सिराहने पास रखकर सोता था। (पढ़ें पूरी खबर)
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
कैथल में पंजाब के तीन आरोपियों ने एक युवक को अमेरिका भेजने के नाम पर 37 लाख रुपए हड़प लिए। रुपए लेने के बाद आरोपियों ने उसे विदेश नहीं भेजा। जब उसने आरोपियों से मिलकर रुपए वापस मांगे तो मुख्यारोपी ने पिस्तौल दिखाते हुए कहा कि हमारे तो बहुत बड़े बड़े गैंगस्टरों के साथ रिश्ते हैं और अगर पैसे मांगने दोबारा घर पर आए तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इस संबंध में पीड़ित युवक ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 55 लाख रुपए में विदेश भेजने की बात कही गांव कोलेखां निवासी नरेश कुमार ने कलायत थाना में दी शिकायत में बताया कि वह विदेश जाना चाहता था। इस संबंध में उसने कलायत में गांव सानेवाल जिला लुधियाना पंजाब निवासी कुलविंदर सिंह से बातचीत की। कुलविंदर ने उसे 55 लाख रुपए में अमेरिका भेजने की बात कही। आरोपी ने 35 लाख रुपए पहले मांगे और 20 लाख रुपए अमेरिका पहुंचने के बाद देने के लिए कहा। दिसंबर 2023 में आरोपी ने उसे 16 लाख 50 हजार रुपए देने के लिए कहा और उसे शुगर मिल के पास अपने कार्यालय में बुला लिया। वहां पर कुलविंदर व उसकी पत्नी जसप्रीत कौर आए और 6 लाख 50 हजार रुपए ले कर चले गए। उसे भरोसा दिलाया कि बस जल्दी ही अमेरिका भेज देंगे। रुपए लेकर बोले- आपका काम नहीं बन सकता कुछ समय बाद आरोपियों ने उससे 10 लाख 50 हजार रुपए नरवाना बिजली बोर्ड के पास ले लिए। अगले दिन कुलविंदर व उसके पिता हरबंस सिंह उसके पास आए और 8 लाख रुपए लेकर चले गए। उसने आरोपियों को अलग अलग समय के 35 लाख रुपए दे दिए। एक जनवरी 2024 को आरोपी ने उससे 2 लाख रुपए डॉलर में बदलने के लिए मांगे। उसने वह रकम भी आरोपियों को दे दी। काफी समय बीतने के बाद उसने आरोपियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि काम नहीं बन रहा, इसलिए उसके पैसे वापस कर देंगे। रुपए मांगने पर दी जान से मारने की धमकी आरोपियों ने उसे ढाई-ढाई लाख रुपए के दो चैक दिए, जो बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपियों ने उसकी कॉल उठानी बंद कर दी। बाद में रुपए मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। ऐसा करके आरोपियों ने उसके साथ 37 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?
रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.
एफबीआई का मोस्ट वांटेड ठग मनजीत सिंह बेदी, जिसे सितंबर में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था, अब अमेरिका लौट गया है। उस पर अमेरिकी खाद्य सहायता योजना में 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है।
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)
ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.
रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका
रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप
अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।
दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War
Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है
Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war
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अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR
विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है
मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग कभी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के करीबी थे। 2021 में फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प का अकाउंट बंद कर दिए, तो उन्होंने जुकरबर्ग को जेल भेजने की धमकी दी थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जुकरबर्ग ने ट्रम्प से रिश्ते सुधार लिए हैं। अब जुकरबर्ग का प्रभाव AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े फैसलों में भी दिख रहा है। AI सुरक्षा समझौते का मसौदा तैयार करने में उनका बड़ा रोल है। जुकरबर्ग ने ट्रम्प से बिगड़े रिश्ते कैसे सुधारे 2021 में अमेरिकी संसद पर हमले के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प के अकाउंट्स पर रोक लगा दी थी। कंपनी को आशंका थी कि ट्रम्प की पोस्ट से हिंसा और बढ़ सकती है। इस फैसले से ट्रम्प नाराज हो गए। उन्होंने जुकरबर्ग पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और उन्हें उम्रकैद तक की धमकी दी। दोनों के रिश्ते सुधरने की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई। पेंसिल्वेनिया की एक चुनावी रैली में ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ। इस घटना के बाद जुकरबर्ग ने कहा कि गोली लगने के बाद ट्रम्प का उठकर हाथ लहराना उनके जीवन में देखी गई सबसे शानदार चीजों में से एक था। जुकरबर्ग की इस तारीफ के कुछ हफ्ते बाद ट्रम्प ने भी उनके प्रति नरम रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अब वे जुकरबर्ग को पहले से ज्यादा पसंद करते हैं। ट्रम्प के करीब आने के लिए क्या-क्या किया? ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जुकरबर्ग ने उनसे रिश्ते सुधारने के लिए कई कदम उठाए। ट्रम्प से नजदीकी का जुकरबर्ग को फायदा मिला ट्रम्प और जुकरबर्ग की बढ़ती नजदीकी का असर सरकारी फैसलों पर भी दिख रहा है। जुकरबर्ग ने एनवीडिया के CEO जेंसन हुआंग के साथ मिलकर AI सुरक्षा समझौते का शुरुआती मसौदा तैयार किया। पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रम्प और टेक कंपनियों के प्रमुखों की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया। समझौते का मकसद AI के लिए मानक तय करना, उन्हें लागू करना और उनकी जांच कराना है। जुकरबर्ग का मानना है कि AI की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को तकनीकी सुधारों से दूर किया जा सकता है। हालांकि, यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसमें कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ट्रम्प से दोस्ती आगे चलकर भारी भी पड़ सकती है CNN के मुताबिक जुकरबर्ग को ट्रम्प के करीब आने का फायदा मिल रहा है, लेकिन इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर नवंबर में डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद में बहुमत मिलता है या 2028 में उसका राष्ट्रपति बनता है, तो मेटा को कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है। पिछले महीने डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने मेटा को लैटर लिखकर पूछा कि कंपनी ने रिपब्लिकन संगठनों और ट्रम्प की पसंदीदा परियोजनाओं को कितना पैसा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा ने ट्रम्प को खुश रखने के लिए भारी रकम खर्च की और अब उसे इसका फायदा मिल रहा है। ट्रम्प के कुछ पुराने सहयोगी भी जुकरबर्ग पर भरोसा नहीं करते। उन्हें लगता है कि जुकरबर्ग की बदली हुई राजनीति के पीछे कोई विचारधारा नहीं, बल्कि अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। यानी जुकरबर्ग ने कभी जिस ट्रम्प से टकराव मोल लिया था, आज उसी के साथ मिलकर AI के भविष्य से जुड़े फैसलों में भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन यह दोस्ती कितनी टिकेगी, इसका फैसला आने वाले चुनाव और अमेरिकी राजनीति का रुख करेगा। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 2 लाख भारतवंशी वोटर्स के नाम कटे: मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प को हार का डर; 2024 में 65% ने विपक्ष को वोट दिया था अमेरिका की वोटर लिस्ट से 2 लाख भारतीय मूल के वोटर्स का नाम कट गया है। इन लोगों के नाम उन 26 राज्यों में काटे गए हैं, जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की सरकार है। पूरी खबर पढ़ें…
H-1B विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव
दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे।
एच-1बी विवाद पर माइक्रोसॉफ्ट ने दी सफाई, अमेरिका की कार्रवाई के बीच किया अपनी नीतियों का बचाव
वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एच-1बी वीजा के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा है कि पिछले वित्तीय वर्ष में उसके लगभग 6,000 आवेदनों में से 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों से संबंधित थे। यह बयान तब सामने आया, जब ट्रंप प्रशासन ने एक प्रमुख रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी श्रमिकों को स्पॉन्सर करने की कंपनी की क्षमता को निलंबित कर दिया था।
आलू भुजिया के मसालों से ठीक हुआ अस्थमा? अमेरिकी शख्स का दावा, भारतीय खाने को बताया फायदेमंद
भारतीय मसालों और खाने के कई फायदे आपने सुने होंगे लेकिन क्या कभी पैकेट वाली आलू भुजिया को अस्थमा के इलाज के लिए खाया है। अमेरिकन शख्स सैम ने वीडियो में आलू भुजिया के पैकेट की फोटो दिखाई और उसमें लिखे मसालों को अस्थमा-एलर्जी का इलाज बताया। चलिए पूरी स्टोरी जानते हैं।
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच
'तब आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति बुलाएंगे', बिहार के छात्र ने छोड़ा अमेरिका, फिर सच कर दिखाया सपना
“मेरे अंदर के बिहारी ने कहा, ‘मैं तब वापस आऊंगा जब आपके राष्ट्रपति मुझे बुलाएंगे’”: जब शरद सागर ने भारत में काम करने के लिए अमेरिका छोड़ा, तो लोग हंसे, लेकिन उन्होंने भविष्य को सच कर दिखाया।
Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba
ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei
Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है
अमेरिका में भारतवंशी छात्रों का कमाल, बनाया ऐसा कॉफी पॉड कि कचरा ही नहीं बचेगा
अमेरिका के छात्रों आदित्य हेरेकर और करण वर्मा ने बायोडिग्रेडेबल कॉफी पॉड Naturista बनाया है। करीब 200 प्रोटोटाइप के बाद तैयार इस इनोवेशन ने एक चैलेंज में 25 हजार डॉलर का पुरस्कार जीता। जानिए कैसे बना यह अनोखा कॉफी कैप्सूल।
पीसीएस 2025 के साक्षात्कार के तीसरे दिन एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि अमेरिका में चीन के राष्ट्रपति का स्वागत करने ट्रंप क्यों गए और उनका स्वागत क्यों हुआ।
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!
बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..
US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East
Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
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अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है
अमेरिकी नागरिकों से 72 लाख डॉलर की ठगी: अहमदाबाद से चल रहे अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट का भंडाफोड़
सीबीआई ने अहमदाबाद से संचालित अवैध कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 72.1 लाख डॉलर (60 करोड़ रुपये से अधिक) की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को यूएस अटॉर्नी और एफटीसी जैसे अमेरिकी संघीय अधिकारी बताकर पीड़ितों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में फंसाने का डर दिखाते थे और बैंक खातों से रकम निकालकर सोना खरीदने व कूरियर को सौंपने के लिए मजबूर करते थे। डिजिटल साक्ष्य जब्त कर एजेंसी पूरे सिंडिकेट की जांच कर रही है।
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका
नेताओं के हेल्दी खानपान के बारे में तो बहुत सुना होगा लेकिन क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाइट जानते हैं। जिन चीजों को अनहेल्दी समझकर खाने से इनकार किया जाता है, उसी डाइट कोक, बर्गर, पिज्जा को खाकर राष्ट्रपति करते हैं बड़े-बड़े फैसलें।
विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद
चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।
CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामी उजागर करने वाले 19 वर्षीय एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर सम्मानित किया गया है।
विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया
संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।
हार्वर्ड-स्टैनफर्ड नहीं... MIT है अमेरिकी नंबर वन कॉलेज, जानिए आइवी लीग कॉलेजों की रैंक
यूएस न्यूज बेस्ट कॉलेज 2027 रैंकिंग में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) ने प्रिंसटन के 15 साल के वर्चस्व को खत्म कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। सभी 8 आइवी लीग कॉलेज लिस्ट में शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।
Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump
एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran
अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं
विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more
अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं
जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….
कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल
CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.
ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump
Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा
Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz
अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump
IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC
Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump
Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…
Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला
7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।
Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !
Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East
Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला
अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...
अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.
'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत
हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.
Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz
अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है
Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

