झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र कार्तिक लड्ढा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध प्रस्तुति से जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्हें अमेरिका में आयोजित वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च में 'बेस्ट रिसर्च' और 'पीपुल्स चॉइस' श्रेणियों में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें दुनियाभर से 90 से ज्यादा शोधपत्रों का ऑनलाइन चयन किया गया था, जहां विभिन्न देशों के मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं ने अपने शोध प्रस्तुत किए। ऑनलाइन माध्यम से पेश किये शोध के निष्कर्षकार्तिक लड्ढा ने फ्लोराइडयुक्त पानी से संबंधित अपने शोध के निष्कर्ष ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत किए। उनके शोध की वैज्ञानिक गुणवत्ता, सामाजिक उपयोगिता और प्रभाव को देखते हुए इसे 2 अलग-अलग श्रेणियों में तीसरे स्थान से सम्मानित किया गया। यह शोध कार्य सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शकीला मुल्ला के मार्गदर्शन में पूरा किया गया था। छात्र कार्ति लड्ढा को दी बधाईइस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही डीन संजय पोरवाल ने छात्र कार्तिक लड्ढा को बधाई दी और उनके बेहतर कार्य की सराहना की। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण बताया है।इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों, विद्यार्थियों और जिलेवासियों ने कार्तिक लड्ढा और उनकी शोध मार्गदर्शक डॉ. शकीला मुल्ला को बधाई दी, इसे युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी बताया। फ्लोराइडयुक्त पानी पर किया था शोध11-12 जुलाई को हुए इस आयोजन में शोध का विषय झालावाड़ जिले के निकट स्थित मंडावर कस्बे में फ्लोराइड युक्त पेयजल के उपयोग और उसके आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ा था। अध्ययन में फ्लोराइड युक्त पानी के ज्यादा समय तक उपयोग से होने वाले संभावित स्वास्थ्य दुष्प्रभावों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया गया।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर कानपुर के एक्सपोर्ट कारोबार पर भी दिखने लगा है। शहर के करीब ₹250 करोड़ के एक्सपोर्ट ऑर्डर समुद्र में फंस गए हैं। करीब 15 दिन पहले खाड़ी देशों के लिए भेजे गए कंसाइनमेंट मौजूदा हालात के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। बीच समुद्र में ही कंटेनर रोक दिए गए हैं, कंपनियां अभी नहीं बता पा रहीं है कि कंटेनर का माल कब पहुंच सकेगा। मंगलवार रीजनल चेयरमैन कांउन्सिल आफ लेदर एक्सपोर्ट असद कमाल ईराकी ने 11.15 बजे बताया कि माल फंसने से क्रिसमस में तैयार किए जाने वाले उत्पाद पर भी असर पड़ेगा। इससे पहले माल फंसा था तो एक कंटेनर को मंगाने और भेजने की कीमतों पर इजाफा हुआ था। फिर से जिस एक कंटेनर के लिए हम 1500 डालर भुगतान करते थे, अब वहीं 4500 डालर तक का भुगतान करना पड़ रहा है। निर्यातकों के मुताबिक, फंसे कंसाइनमेंट में चमड़े के उत्पाद, टेक्सटाइल और खाद्य सामग्री शामिल हैं। सबसे ज्यादा चिंता खाद्य सामग्री को लेकर है। यदि जहाज लंबे समय तक समुद्र में रुके रहे तो माल समय पर नहीं पहुंचेगा और खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे भुगतान अटक सकता है और निर्यातकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। होर्मुज के हालत के कारण चिंता बढ़ीनिर्यातकों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए हालात और जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित हो रहा है। इसका असर साल के सबसे बड़े कारोबारी सीजन क्रिसमस मार्केट की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। यदि तनाव लंबा चला तो कोरोना काल जैसी सप्लाई चेन की दिक्कतें फिर सामने आ सकती हैं। जहाजों को फिलहाल रोकने के निर्देशनिर्यातकों के अनुसार, जीसीसी (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) देशों के लिए आवश्यक वस्तुओं समेत अन्य उत्पादों के कंसाइनमेंट पहले ही रवाना किए जा चुके थे। मौजूदा हालात को देखते हुए कई जहाजों को फिलहाल जहां हैं, वहीं रुकने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार हमलों की आशंका और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता के कारण नए एक्सपोर्ट ऑर्डरों पर भी फैसला लेना मुश्किल हो रहा है। इन देशों को होता है निर्यातकानपुर से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर, बहरीन समेत जीसीसी देशों के अलावा इजराइल और ईरान को भी विभिन्न उत्पादों का निर्यात किया जाता है। निर्यातकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा तो आने वाले दिनों में कारोबार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे बुधवार को होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भू-राजनीतिक हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए दावा किया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े मोजतबा खामेनेई अब 90 फीसदी तक खत्म हो चुके हैं। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि ईरान पहले ही अपनी नौसेना, वायुसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और शीर्ष सैन्य कमांडर्स को खो चुका है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता बुरी तरह पंगु हो गई है। हाल ही में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में मोजतबा की गैर-मौजूदगी को लेकर दुनिया भर में कयास लगाए जा रहे थे, और अब अमेरिकी हमलों व उनकी गंभीर चोटों की खबरों के बीच ट्रंप का यह बयान सामने आया है।होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर आमने-सामने अमेरिका और ईरानदोनों देशों के बीच जारी 60 दिवसीय अंतरिम समझौते का दौर लगभग आधा बीत चुका है, लेकिन स्थायी समाधान की बातचीत के बजाय खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोमवार को कई ठिकानों को निशाना बनाने की पुष्टि की, जिसमें रडार केंद्र और एयर डिफेंस उपकरण शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका के इन तमाम दावों को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह उनके नियंत्रण में है और वे किसी भी बाहरी सैन्य दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे।ट्रंप का एलान: होर्मुज में ईरान पर लागू होगी सख्त नाकेबंदीइस तनावपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए एलान किया है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ नाकेबंदी फिर से लागू करने जा रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सुरक्षित नौवहन व व्यापार के लिए वहां से गुजरने वाले अन्य वाणिज्यिक जहाजों पर 20 फीसदी तक का शुल्क या टैक्स लगाया जाएगा। इस नए घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियों के बीच युद्ध फिर से भड़कने की आशंकाएं काफी गहरी हो गई हैं।
नेपाल सीमा पर सोनौली बॉर्डर से एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेज के गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने समुद्री रास्ते से भारत आने का दावा किया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।
पंचकूला सेक्टर-26 स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर नकदी और कीमती सामान चोरी कर ले गए। परिवार अमेरिका में अपनी बेटी से मिलने गया हुआ था। घर की देखरेख की जिम्मेदारी रिश्तेदार को सौंपी गई थी। रिश्तेदार ने घर का टूटा ताला देखकर परिवार को चोरी की सूचना दी। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-26 के कुलदीप सिंह ने बताया कि वह BEL कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी पिछले 8 वर्षों से अमेरिका में नौकरी कर रही है। 11 मई 2026 को वह पत्नी और बेटे के साथ अमेरिका बेटी से मिलने चले गए थे। दूसरी बेटी 6 जून को भी अमेरिका पहुंच गई। घर की सुरक्षा और देखरेख के लिए मकान की चाबियां अपने बड़े साले उदयवीर सिंह को सौंप दी थीं। मुख्य गेट का टूटा मिला ताला उनके रिश्तेदार उदयवीर सिंह ने फोन कर बताया कि मकान का मुख्य ताला टूटा हुआ है। घर के दोनों कमरों की अलमारियां खुली पड़ी हैं और उनमें रखा सामान बिखरा हुआ है। स्टोर में रखी अलमारी भी खुली मिली। परिवार अमेरिका में होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि क्या-क्या सामान चोरी हुआ है। जब पूरे घर की जांच की गई, तो नकदी और अन्य कीमती सामान गायब मिला। चोर घर से करीब 1 लाख रुपए नकद, 5 साड़ियां, 2 सूट, एक लाख रुपए की कीमत वाले ब्नांडेड शूज 5 जोड़ी चोर ले गए। वहीं चोरी के समय महिला भी साथ थी, क्योंकि एक जोड़ी महिला की चप्पल घर में मिली हैं। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पंचकूला के चंडीमंदिर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। जांच में चोरी की पुष्टि होने पर चंडीमंदिर थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच भड़की युद्ध (US-Iran War 2026) की चिंगारी अब एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल चुकी है. दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन भी विनाशकारी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं. इस भीषण सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक ऐसा चौंकाने वाला बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया के भू-राजनीतिक (Geopolitical) और ऊर्जा बाजार के समीकरणों को हिलाकर रख दिया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ एलान कर दिया है कि अमेरिकी सेना दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में लेने जा रही है.फॉक्स न्यूज पर ट्रंप की कड़क चेतावनी: जहाजों से लेंगे सुरक्षा शुल्कअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज' (Fox News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ईरान को सीधी चुनौती देते हुए कहा:जलडमरूमध्य पर होगा अमेरिकी नियंत्रण: हम हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी और इसका पूरा नियंत्रण अपने हाथों में ले रहे हैं. हम हर हाल में इस अंतरराष्ट्रीय मार्ग की रक्षा करेंगे.सुरक्षा टैक्स वसूलने की तैयारी: ट्रंप ने खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की तरफ इशारा करते हुए एक और बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों और तेल के सुपरटैंकरों से सुरक्षा के बदले विशेष शुल्क (Protection Fee) भी वसूला जा सकता है.ईरान ने पीठ में घोंपा छुरा: ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक अंतरिम समझौता लगभग तय हो चुका था, लेकिन ईरान ने अचानक ड्रोन हमला करके उस समझौते की मर्यादा को पूरी तरह तोड़ दिया.ईरान का खाड़ी देशों पर हमला; अमेरिका ने तबाह किए तटीय ठिकानेदोनों महाशक्तियों के बीच छिड़ी इस जंग में खाड़ी के अन्य देश भी अनजाने में लपेटे में आ रहे हैं:ईरान का दावा: ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके साथ ही ओमान के रडार सिस्टम और जॉर्डन के 'प्रिंस हसन एयर बेस' के गोला-बारूद डिपो पर भी मिसाइलें दागी गई हैं. हालांकि, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन ने कहा है कि उनके अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के अधिकांश खतरों को हवा में ही नेस्तनाबूद कर दिया.अमेरिका का महा-पलटवार: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घातक लड़ाकू विमानों, नौसैनिक युद्धपोतों और ड्रोनों के जरिए ईरान के भीतर घुसकर बमबारी की है. इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल लॉन्च पैड और उनकी लड़ाकू छोटी नौकाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाहाकार; कच्चे तेल की कीमतों में 5% की उछालदुनिया भर के कुल कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा अकेले हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है.तेल संकट का डर: ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उनकी नौसेना ने इस रूट से गुजर रहे दो जहाजों पर चेतावनी के तौर पर फायरिंग की और उन्हें जबरन रोक दिया. वहीं अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी नौसैनिक सुरक्षा के साए में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अभी भी चालू है.बाजार में तेजी: इस सैन्य गतिरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है, जिससे ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम एक समय में 5% तक उछल गए और बाद में यह 3.5% की बढ़त पर टिका रहा. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के दामों में भी भारी तेजी देखी जा रही है.बैकचैनल कूटनीति सक्रिय; क्या टल जाएगा महायुद्ध?जमीन और समंदर पर बरसती मिसाइलों के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक राहत भरी खबर भी आ रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि वे युद्ध को और अधिक भड़कने से रोकने के लिए कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हालांकि, ईरान ने अमेरिका पर ही शांति के प्रयासों को कमजोर करने का ठीकरा फोड़ा है. अब देखना यह होगा कि कतर और ओमान की यह बैकचैनल कूटनीति इस नाजुक मोड़ पर युद्ध को रोक पाती है या नहीं.
सैमायरा मेहता ने अमेरिका के नेशनल स्पीच एंड डिबेट टूर्नामेंट में हासिल किया दूसरा स्थान
सैमायरा मेहता ने अमेरिका के प्रतिष्ठित नेशनल स्पीच एंड डिबेट टूर्नामेंट की ‘ओरिजिनल ऑरेटरी’ श्रेणी में पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। भारतीय मूल की सैमायरा के दादा उदयपुर में रहते हैं। बहुमुखी प्रतिभा की धनी सैमायरा बचपन से ही कोडिंग, एआई (AI) शोध और वक्तृत्व में सक्रिय रही हैं। उन्होंने बच्चों के लिए ‘कोडरबनीज’ कोडिंग गेम बनाया है और वे ‘थ्री एम यंग साइंटिस्ट चैलेंज’ की फाइनलिस्ट भी रही हैं। एआई हेल्थकेयर शोध में योगदान देने वाली सैमायरा अब जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और कंप्यूटेशनल मेडिसिन की उच्च शिक्षा लेंगी। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से मेवाड़ सहित पूरा देश गौरवान्वित है।
अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं
चीन के मिसाइल परीक्षण से अमेरिका के सहयोगी देशों की क्यों बढ़ी चिंता
प्रशांत महासागर क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सहयोगी देशों ने चीन के उस मिसाइल परीक्षण की कड़ी निंदा की है, जिसे बीजिंग ने एक ‘सामान्य’ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण बताया है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू करेगा और अब से खुद को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संरक्षक' के रूप में ...
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
ट्रंप का धमाका: अमेरिका बना 'होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने अमेरिका को 'होर्मुज स्ट्रेट का संरक्षक' बताया। साथ ही यहां से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूलने की बात कही
ईरान-अमेरिका के बीच ताजा हमलों ने खाड़ी देशों की चिंता फिर से बढ़ा दी है। कुवैत ने सोमवार को कहा कि उसकी सेना एयरस्पेस में ईरानी हवाई हमलों का सामना कर रही है। वहीं, बहरीन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, देश में सायरन बजा दिया गया है और लोगों से सबसे पास की सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की गई है। जॉर्डन ने भी कई ड्रोन को हवा में नष्ट करने का दावा किया।
ट्रंप का बड़ा दावा, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान फिर आमने-सामने
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह समुद्री मार्ग कमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। हालांकि, उनके इस दावे के ठीक उलट धरातल पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हवाई हमलों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रूट पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं।अमेरिका के नए हमलों से बढ़ी तनातनीट्रंप के दावों के बावजूद, पेंटागन ने पुष्टि की है कि होर्मुज के पास ईरान समर्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिकी सेना ने नए हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को सुरक्षित रखना और ईरानी आक्रामकता पर लगाम लगाना बताया गया है। वहीं, तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए इसे एक 'खतरनाक कदम' करार दिया है। जानकार मानते हैं कि ट्रंप का बयान घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को शांत रखने की एक कोशिश हो सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव गहराता जा रहा है।ग्लोबल सप्लाई चेन पर क्या होगा असर?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह रास्ता है जहाँ से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल की आपूर्ति होती है। यदि अमेरिका और ईरान का यह संघर्ष और आगे बढ़ा, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि वह जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन ईरान की ओर से दी गई धमकियां वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। तेल के दामों में होने वाली कोई भी बढ़ोत्तरी भारत सहित दुनिया भर के उन देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी खाड़ी मार्ग पर निर्भर हैं।निवेशकों और आम आदमी के लिए क्या है संकेत?वर्तमान में होर्मुज के आसपास की स्थिति 'हाई अलर्ट' पर है। जहां एक ओर अमेरिका सैन्य शक्ति के दम पर रास्ते को सुरक्षित करने का दावा कर रहा है, वहीं ईरान की आक्रामक नीति ने पूरे इलाके को एक बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों और कमोडिटी बाजार में आने वाली हलचल पर नजर रखें। आम आदमी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इन हवाई हमलों का असर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आता है, क्योंकि खाड़ी के देशों में अस्थिरता का सीधा कनेक्शन आम जनता की जेब से जुड़ा होता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर भड़का युद्ध! अमेरिका-ईरान के बीच सीधी भिड़ंत से खाड़ी देशों में खलबली
दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर एक बार फिर तनाव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर फिर से हवाई हमले किए हैं, जिससे मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब खाड़ी देशों की सीमाओं तक पहुंच गया है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और भू-राजनीतिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है, अब सीधे तौर पर युद्ध क्षेत्र में बदलता नजर आ रहा है।क्यों बढ़ रहा है होर्मुज पर तनाव?ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहा शीतयुद्ध अब खुले संघर्ष में बदल चुका है। ताजा हमलों के पीछे अमेरिकी सेना का तर्क है कि ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी संपत्ति और नौसैनिक बेड़ों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। वहीं, तेहरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार देते हुए कड़े जवाब की चेतावनी दी है। यह पूरा क्षेत्र न केवल तेल के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ग्लोबल सप्लाई चेन की 'धमनी' माना जाता है। किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ना तय है।खाड़ी देशों के लिए कितना बड़ा खतरा?यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देश इस बढ़ते तनाव को लेकर सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। यदि युद्ध और अधिक फैलता है, तो इन देशों के समुद्री व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से ठप हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर रूस-यूक्रेन युद्ध से भी कहीं ज्यादा घातक होगा। खाड़ी देशों ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा को हाई-अलर्ट पर रखा है और वे लगातार अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों के संपर्क में हैं ताकि संघर्ष को फैलने से रोका जा सके।क्या वैश्विक बाजारों में आएगी तेजी?बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच इस सीधी भिड़ंत का असर सीधे तौर पर क्रूड ऑयल के दामों पर दिखेगा। अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं। निवेशकों और आम नागरिकों के लिए आने वाला समय अनिश्चितताओं से भरा हो सकता है, क्योंकि युद्ध की यह आंच अब सीधे खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं तक पहुंच चुकी है, जिसका असर हम सभी की जेब पर पड़ेगा।
पानीपत जिले में अमेरिका भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी और युवक की जान जोखिम में डालने का एक मामला सामने आया है। आरोपी ट्रैवल एजेंट ने सीधे हवाई जहाज से अमेरिका भेजने का झांसा देकर पीड़ित परिवार से कुल 20 लाख 75 हजार रुपए ऐंठ लिए, लेकिन युवक को अवैध डंकी रूट से जंगलों और पहाड़ों के रास्ते पैदल चलने पर मजबूर किया। पीड़ित को 11 महीने अमेरिका की जेल में काटना पड़ा, जिसके बाद उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। पानीपत SP के आदेश पर आरोपी एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। 10 दिन में अमेरिका भेजने का दिया था झांसा पुलिस को दी गई शिकायत में समालखा के गांव मनाना निवासी निशांत ने बताया कि एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात पानीपत के सेक्टर-18 निवासी कथित एजेंट नरेश कुमार से हुई थी। नरेश ने निशांत को ऊंचे सपने दिखाए और दावा किया कि वह कोई ऐरा-गैरा एजेंट नहीं है और जंगलों के रास्ते नहीं, बल्कि सीधे 10 दिन के भीतर हवाई जहाज से उसे अमेरिका भेजकर वहां नौकरी, पीआर और लाखों की सैलरी दिलवाएगा। झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने कागजी कार्रवाई के नाम पर अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों से निकालकर कुल ₹20.75 लाख नकद आरोपी को दे दिए। कई सौ किलोमीटर पैदल सफर, रास्ते में मारपीट आरोपी ने 12 जून 2024 को निशांत को थाईलैंड की फ्लाइट में यह कहकर बिठाया कि वहां से कनेक्टिंग फ्लाइट है, लेकिन थाईलैंड पहुंचने पर पता चला कि उसके पास चाइना और गुयाना का वीजा है। आरोपी के आदमियों ने निशांत को गुयाना से अमेरिका के लिए कई सौ किलोमीटर तक हफ्तों-महीनों पैदल चलने पर मजबूर किया। रास्ते में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, पैसे छीन लिए गए और विरोध करने पर जंगलों में भूखा मारकर फेंकने की धमकी दी गई। मेक्सिको बॉर्डर से दीवार कुदवाई, 11 महीने जेल में रहा 25 अगस्त 2024 को आरोपी के गुर्गों ने सबूत मिटाने के लिए निशांत का फोन छीन लिया और मेक्सिको-अमेरिका बॉर्डर पर दीवार कुदाकर उसे जबरन अमेरिका में घुसा दिया। वहां घुसते ही अमेरिकी पुलिस ने उसे अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। टॉर्चर करने के बाद उसे 11 महीने जेल में रखा गया। इस दौरान भी आरोपी एजेंट ने युवक को जेल से छुड़ाने के नाम पर परिजनों से ₹1.15 लाख और ऐंठ लिए। 5 जुलाई 2025 को अमेरिकी सरकार ने निशांत को डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी भारत लौटने के बाद जब पीड़ित परिवार ने आरोपी नरेश कुमार से अपने पैसे वापस मांगे, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। अब आरोपी पीड़ित और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोपी का कहना है कि वह कई लोगों को रास्ते में ही मरवा चुका है और उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक है। आरोपी ने पीड़ित के घर बदमाश किस्म के युवकों को भेजकर उल्टा 12 लाख रुपए और देने का दबाव बनाया। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत के साथ बैंक ट्रांजैक्शन के विवरण और एक पेन ड्राइव (पेन ड्राइव में मौजूद रिकॉर्डिंग्स) सौंपी है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
चंडीगढ़ में सोमवार (13 जुलाई) को किसानों की बाइक रैली और प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के नेतृत्व में पंजाब के किसान मोहाली से बाइक रैली निकालकर सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी मैदान पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम दो ज्ञापन सौंपे जाएंगे। भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते, पानी और भूमि नीति समेत कई मांगों को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। आम लोगों की सुविधा के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा और कुछ जगहों पर आवाजाही भी सीमित रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट जरूर जांच लें। सभी जिलों के किसान शामिल होंगे बीकेयू (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि 13 जुलाई को होने वाली मोटरसाइकिल रैली में पंजाब के सभी जिलों से किसान शामिल होंगे। उन्होंने इसे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचकर अमेरिकी व्यापार समझौते, पंजाब के पानी और भूमि नीति समेत अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हालांकि, रैली में शामिल होने वाले किसानों की संख्या को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। 13 जुलाई को लोग हुए थे परेशान 11 जुलाई 2026 को विभिन्न किसान संगठनों ने सेक्टर-34 प्रदर्शनी मैदान में अमेरिकी व्यापार समझौते और भूमि नीति के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसान बसों के जरिए सेक्टर-34 पहुंचे थे और कार्यक्रम के बाद वापस लौट गए थे। हालांकि, प्रदर्शन के चलते लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से तैयारी कर रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अमेरिका ने ईरान पर फिर बड़ा हमला करते हुए 6 राज्यों में भीषण बमबारी की। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरी दिन भी ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी, ईरान-अमेरिका आमने-सामने
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी की है
Crude Oil Price 13 July 2026: पश्चिम एशिया (Middle East) में सीजफायर खत्म होने और अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा छिड़े भयंकर युद्ध का सीधा और बड़ा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ा है. हफ्ते के पहले दिन आज सोमवार 13 जुलाई 2026 को कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में जोरदार रॉकेट जैसी तेजी देखने को मिली है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 4% से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं.क्रूड ऑयल में आई इस भारी तेजी की मुख्य वजह दुनिया के सबसे रणनीतिक तेल मार्ग— स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच बढ़ा सैन्य तनाव है. साइप्रस के एक कमर्शियल मर्चेंट शिप पर हुए हमले के बाद भड़के अमेरिका ने ईरान के करीब 140 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है.क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस की कीमतों का ताजा गणितअंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में सोमवार सुबह से ही हाहाकार मचा हुआ है और कीमतें तेजी से ऊपर भाग रही हैं:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): सितंबर में एक्सपायर होने वाले कॉन्ट्रैक्ट के लिए ब्रेंट क्रूड 4% से अधिक की छलांग लगाकर $79 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहा है. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भी इसमें 5.5% की भारी बढ़त दर्ज की गई थी.WTI या US क्रूड वेरिएंट: अमेरिकी क्रूड वेरिएंट वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी तेज बढ़त के साथ $74 प्रति बैरल के निशान से ऊपर निकल गया है.यूरोपियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स: वीकेंड ब्रेक के बाद खुले यूरोपीय बाजार में नेचुरल गैस फ्यूचर्स (Natural Gas) की कीमतों में भी 2.5% की तेजी देखी गई है.बड़ा सस्पेंस: होर्मुज स्ट्रेट खुला है या पूरी तरह बंद?ग्लोबल एनर्जी सप्लाई (वैश्विक तेल आपूर्ति) का करीब 20% हिस्सा कंट्रोल करने वाले मुख्य जलमार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' को लेकर दोनों देशों के दावों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है:ईरान का दावा: ईरान की सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि यह इंटरनेशनल जलमार्ग अगली सूचना तक पूरी तरह बंद रहेगा और यहां से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं होगी.अमेरिका का खंडन: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US Central Command) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— होर्मुज स्ट्रेट उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी तौर पर इस इंटरनेशनल वॉटरवे से गुज़रना चाहते हैं. अमेरिकी सेना यहां नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.रविवार शाम को फिर हुआ हमला: अमेरिकी सेना ने साफ किया कि स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराने और उसे सबक सिखाने के लिए रविवार शाम 5 बजे (ईस्टर्न टाइम) हमलों का एक और नया दौर शुरू किया गया है.जमीन पर क्या है हकीकत? ठप हुआ समंदर का ट्रैफिकभले ही अमेरिका दावा कर रहा हो कि मार्ग खुला है, लेकिन युद्ध के खौफ से जहाजों ने इस रूट से दूरी बना ली है. जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) के मुताबिक, रविवार को इस मुख्य चोकपॉइंट से लगभग शून्य ट्रैफिक था. पूरे दिन में सिर्फ़ दो तेल प्रोडक्ट टैंकर इस चोकपॉइंट के पास आते देखे गए. हालांकि, JMIC ने राहत की बात यह बताई कि ओमान द्वारा कोऑर्डिनेट किया जाने वाला दक्षिणी वैकल्पिक रूट (Southern Route) जहाजों के लिए अभी भी खुला हुआ है.फ्रांस G7 समिट का MoU हुआ फेल, ईरान ने दी चेतावनीपिछले महीने फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका और ईरान दोनों ने एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते में युद्ध को रोकने और स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की बात शामिल थी. लेकिन हालिया हमलों ने इस शांति समझौते को ठंडे बस्ते में डाल दिया है.इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने शुक्रवार को ही चेतावनी दी थी कि अगर यह तनाव दोबारा भड़कता है, तो साल के आखिर तक वैश्विक तेल के भंडारों को फिर से बनाने (Restocking) की कोशिशों को भारी झटका लगेगा, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है.इधर, ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर और टॉप नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ ने वॉशिंगटन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि— अब एकतरफ़ा डील्स का ज़माना पूरी तरह खत्म हो चुका है. अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत शुरू होने से पहले वॉशिंगटन को होर्मुज़ ट्रांज़िट पर किए गए पुराने वादों को प्राथमिकता देनी होगी और ईरान से तेल एक्सपोर्ट (Oil Export) को पूरी तरह नॉर्मल करना होगा, तभी शांति संभव है.
पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक भीषण और पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है. सीजफायर (युद्धविराम) की मियाद खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक (Third Round of Airstrikes) शुरू कर दी है.एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के भीतर घुसकर उसके प्रमुख मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स, संवेदनशील परमाणु प्रतिष्ठानों के करीब मौजूद ठिकानों और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है. इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमनध्य (Strait of Hormuz) के पास गश्त लगा रही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कई सैन्य बोट्स और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया है. बता दें कि इससे पहले बुधवार और गुरुवार को भी अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की थी.मुजतबा खामेनेई की पहली हुंकार: पिता के खून का बदला जरूर लूंगाइस भीषण बमबारी के बीच ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद दुनिया के नाम अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी किया. उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगियों को खुली चुनौती देते हुए कहा, मैं अपने दिवंगत पिता के बेगुनाह खून की एक-एक बूंद का बदला जरूर लूंगा. यही हमारे पूरे देश की इच्छा और संकल्प है. ईरान इस अमेरिकी आक्रामकता के आगे घुटने नहीं टेकेगा.ईरान का पलटवार: खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागे ड्रोन-मिसाइलअमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में रविवार को ईरान की सेना (IRGC) ने भी खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में चौतरफा मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले (Drone Attacks) करने का दावा किया है, जिससे कुवैत, कतर और बहरीन जैसे देशों में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं:कुवैत में भारी तबाही का दावा: तेहरान (ईरान की राजधानी) का दावा है कि उसके विस्फोटक ड्रोनों ने कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना के पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Air Defense System), भारी गोला-बारूद के गोदामों और अमेरिकी रडार स्टेशनों को सीधे निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है.बहरीन में बजे एयर रेड सायरन: बहरीन में मौजूद अमेरिकी संचार और रडार सुविधाओं पर भी ईरानी मिसाइलें गिरने का दावा किया गया है. हमले के बाद बहरीन में आपातकालीन एयर रेड सायरन गूंज उठे और नागरिकों से तुरंत बंकरों व सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई.जॉर्डन और कतर पर हमला: आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सैन्य कैंपों की ओर कई घातक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. दूसरी ओर, कतर की सेना ने बयान जारी कर बताया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रही एक ईरानी मिसाइल को आसमान में ही (Intercept) मार गिराया.यूएई (UAE) में धमाके: संयुक्त अरब अमीरात ने भी पुष्टि की है कि उसका एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से आने वाले हवाई खतरों को रोकने में मुस्तैद है, और इस दौरान आसमान में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं.समंदर में भारतीय जहाज पर हमला; 10 नाविक बचाए गए, 1 लापताइस युद्ध की आंच अब अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और भारतीय नागरिकों तक भी पहुंच गई है. ओमान के तट (Oman Coast) के पास से गुजर रहे एक कमर्शियल मर्चेंट शिप 'GFS गैलेक्सी' (GFS Galaxy) पर भीषण हमला हुआ.भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस प्रभावित जहाज पर कुल 11 भारतीय नागरिक (नाविक) सवार थे. राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 10 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 1 भारतीय नाविक अभी भी गहरे समुद्र में लापता है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं. भारत सरकार ने इस मर्चेंट शिप पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है.
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष एक बार फिर विनाशकारी स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना और नौसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केशम द्वीप (Qeshm Island) को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हमला बोल दिया है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस जलमार्ग से जहाजों के आवागमन को 'असंभव' घोषित कर दिया है, जबकि अमेरिकी सैन्य कमान ने इस दावे को खारिज करते हुए वैश्विक नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की हुंकार भरी है।केशम द्वीप पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं: अमेरिकी सेंट्रल कमान ने 140 ईरानी ठिकानों को बनाया निशानाईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' (IRNA) ने द्वीप के स्थानीय गवर्नर के हवाले से पुष्टि की है कि रविवार दोपहर से अब तक अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा लगभग एक दर्जन मिसाइलें दागी गई हैं। फारस की खाड़ी के इस सबसे बड़े द्वीप, जहां लगभग 1,50,000 की आबादी निवास करती है, वहां हुए हमलों में एक नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की प्रारंभिक सूचना है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा एक वाणिज्यिक पोत (Commercial Vessel) पर किए गए हमले के जवाब में की गई है, जिसके तहत आईआरजीसी (IRGC) की मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और छोटी स्पीड बोट्स सहित लगभग 140 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया है।ईरान का ऐलान—'यातायात फिलहाल असंभव': पीजीएसए ने अमेरिकी गतिविधियों को ठहराया जिम्मेदारहोर्मुज जलडमरूमध्य के नए ट्रैफिक नियमों की निगरानी करने वाले ईरानी प्राधिकरण 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' (PGSA) ने वैश्विक जहाजों की आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पीजीएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की हालिया गैर-कानूनी और आक्रामक गतिविधियों के कारण होर्मुज में जहाजों का सुरक्षित आवागमन फिलहाल संभव नहीं है। ईरानी अथॉरिटी ने साफ किया है कि जब तक इस समुद्री क्षेत्र में पूर्ण स्थिरता और शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक जहाजों के प्रवेश पर पाबंदी लागू रहेगी।अमेरिका का पलटवार—'अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पूरी तरह खुला है': सेंटकॉम ने तैनात की नेवीईरानी प्रतिबंधों के विपरीत, अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया गया है। सेंटकॉम ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी रूप से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है। ईरानी आक्रामकता, उत्पीड़न और मनमाने बयानों के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत मुस्तैदी से तैनात हैं। अमेरिकी नेवी की देख-रेख वाले 'जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर' (JMIC) ने भी ओमान वाले दक्षिणी रास्ते के खुले होने की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने इस रूट पर अत्यधिक जोखिम होने की चेतावनी जारी की है।मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता: वैश्विक ऊर्जा और शिपिंग बाजारों में हड़कंपदोनों महाशक्तियों के परस्पर विरोधी दावों के बीच, वास्तविक समय में समुद्री जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी 'मरीन ट्रैफिक' (Marine Traffic) के लाइव सैटेलाइट डेटा ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। ईरान के आधिकारिक ऐलान के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले विशालकाय तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों की संख्या में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। चूंकि दुनिया के कुल कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की वैश्विक आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा इसी सकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए इस ताजा सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान-अमेरिका आमने-सामने
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान-अमेरिका ने परस्पर विरोधी दावे किये हैं, जिससे इसके खुलने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गयी है
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी अचल साहिब (जिला गुरदासपुर) द्वारा जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता के नेतृत्व में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक 'भारत बचाओ मोर्चा' द्वारा भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में घोषित देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक के दौरान रणनीति साझा करते हुए बताया गया कि आगामी 15 जुलाई को संगठन द्वारा एक विशाल देशव्यापी मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। इसके साथ ही, उसी दिन गुरदासपुर में मुख्य कृषि अधिकारी के कार्यालय के सामने एक विशेष रोष प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह प्रदर्शन इलाके में यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी के विरोध में आयोजित होगा, ताकि किसानों को आ रही दिक्कतों को दूर किया जा सके। 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर जुटेंगे किसान-मजदूर जोन अध्यक्ष डॉ. हरदीप सिंह मेहता ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 'भारत बचाओ मोर्चा' के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 21 जुलाई को गुरदासपुर जिले से बड़ी संख्या में किसान और मजदूर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली स्थित किसान घाट पर एकत्र होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का पुरजोर विरोध बैठक को संबोधित करते हुए जिला गुरदासपुर के अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल ने कहा कि संगठन भारत-अमेरिका कर-मुक्त व्यापार समझौते का हर स्तर पर कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने इस समझौते को पूरी तरह से किसान और मजदूर विरोधी करार दिया और कहा कि इससे देश के ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचेगा। कोर कमेटी के सदस्यों का किया गया सम्मान बैठक के समापन पर संगठन के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं और संघर्ष में योगदान के लिए जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह वैरोनंगल सहित कोर कमेटी के अन्य प्रमुख सदस्यों को धार्मिक चिन्ह 'सिरोपा' भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय किसान और मजदूर नेता मौजूद रहे।
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य एवं कूटनीतिक गतिरोध एक अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी सशस्त्र बलों को 'स्टैंडिंग ऑर्डर्स' (स्थायी आदेश) दे रखे हैं कि यदि ईरान उनकी हत्या करने या उन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो तेहरान पर अब तक का सबसे विनाशकारी सैन्य पलटवार किया जाए। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि 1,000 मिसाइलें इस वक्त पूरी तरह से तैयार हैं और उनका निशाना सीधे ईरान की ओर लॉक है।क्या वाकई काम करेगा 'डेड मैन्स स्विच'? अमेरिकी संविधान और विशेषज्ञों ने खोला राजडोनाल्ड ट्रंप के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई अमेरिकी राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कोई स्वचालित मिसाइल हमला शुरू हो सकता है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों और अमेरिकी संवैधानिक ढांचे के अनुसार, इस प्रकार का कोई भी डेड मैन्स स्विच (स्वचालित प्रतिशोध प्रणाली) व्यावहारिक या कानूनी तौर पर अस्तित्व में नहीं है। अमेरिकी कानून सेना को राष्ट्रपति की मृत्यु होते ही कंप्यूटर आधारित या स्वचालित रूप से युद्ध शुरू करने का अधिकार बिल्कुल नहीं देता है।राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में जेडी वेंस संभालेंगे कमान: ग्रैफ ने समझाया निरंतरता का नियमप्रसिद्ध इतिहासकार और सुरक्षा मामलों के लेखक गैरेट एम. ग्रैफ के अनुसार, अमेरिका के पास आपातकालीन स्थितियों और परमाणु खतरों से निपटने के लिए 'कंटिन्यूटी-ऑफ-गवर्नमेंट' (सरकार चलाने की निरंतरता) की बेहद विस्तृत नियमावली जरूर है, लेकिन वे योजनाएं भी किसी तकनीकी कंप्यूटर को मिसाइल दागने की स्वायत्तता नहीं देतीं। अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन और 'प्रेसिडेंशियल सक्सेशन एक्ट 1947' के तहत, यदि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कोई अनहोनी होती है, तो कमांडर-इन-चीफ की शक्तियां तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पास स्थानांतरित हो जाएंगी। इसके बाद यह पूरी तरह से जेडी वेंस के विवेक पर निर्भर करेगा कि वे ट्रंप के पूर्व-घोषित रणनीतिक फैसलों को लागू करते हैं या उन्हें पूरी तरह से खारिज कर देते हैं।मोजतबा खामेनेई का पलटवार: तेहरान में गूंजे प्रतिशोध के नारेट्रंप के इस आक्रामक बयान के कुछ ही घंटों के भीतर तेहरान से भी बेहद सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर आकर अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराया। मोजतबा ने कहा कि देश के सभी शहीदों के पवित्र खून का बदला लेना पूरे ईरानी राष्ट्र की सामूहिक इच्छा है और इसे निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा। तेहरान में हुए हालिया आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारे लिखे बैनर भी देखे गए, जिससे साफ है कि दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट चरम पर है।एयरफोर्स वन में अचानक बदलाव: तुर्की नाटो शिखर सम्मेलन के बाद सुरक्षा अलर्टइस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी वाशिंगटन में कई बड़े फेरबदल देखे जा रहे हैं। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी सुरक्षा बलों को ट्रंप के खिलाफ ईरान की एक नई और बेहद गंभीर साजिश के बारे में इनपुट दिए हैं। इसी खतरे के मद्देनजर, तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन से लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप कतर द्वारा उपहार में मिले अत्याधुनिक 400 मिलियन डॉलर के नए विमान के बजाय एक पुराने 'एयर फोर्स वन' (Air Force One) विमान से यात्रा करते हुए देखे गए। विशेषज्ञों के अनुसार, नए विमान में वह उन्नत मिसाइल डिटेक्शन और काउंटर-मेजर (मिसाइल रोधी प्रणाली) मौजूद नहीं थी जो सुरक्षा के लिहाज से पुराने सैन्य विमानों में होती है। यह सुरक्षात्मक समझौता ऐसे समय में किया गया है जब दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ युद्धविराम पूरी तरह से टूटने की कगार पर है।
पीएम मोदी 6 जुलाई की सुबह नई दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए निकले थे। फिर ऑस्ट्रेलिया होते हुए न्यूजीलैंड पहुंचे। वे 6 दिनों में 3 देशों का दौरा करके 12 जुलाई की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 144 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- इंडोनेशिया का जकार्ता। ये पीएम मोदी की चौथी इंडोनेशियाई यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दो दिन के टूर में उन्होंने इंडोनेशियाई संसद में भाषण दिया। दोनों देशों के बीच 14 समझौतों पर साइन हुए। इनमें 2 डील सबसे अहम हैं- 1. सबांग पोर्ट डीलभारत और इंडोनेशिया मिलकर सुमात्रा के उत्तर में सबांग पोर्ट डेवलप करेंगे। इंडोनेशिया ने मई 2018 में ही भारत को इसका न्योता दिया था। तब पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसके लिए ज्वॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला हुआ था। 2023 तक प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी भी हुई। अब समझौते पर साइन होने से काम आगे बढ़ पाएगा। सबांग समुद्र में गहरे पानी वाला पोर्ट है। ये 50 हजार टन के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को भी संभाल सकता है। पोर्ट में भारत कितना इन्वेस्टमेंट करेगा और ये कब तक पूरा होगा, अभी ये जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों ने अंडमान-निकोबार और इंडोनेशिया के आचे व सुमात्रा द्वीपों के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी सहमति जताई है। भारत के लिए डील के मायने 2. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की सप्लाईDRDO के तहत आने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ये एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम देगा। इंडोनेशिया ने पहले 10 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस की 12 मिसाइल्स की एक बैटरी लेने का प्रपोजल दिया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अनुमान हैं कि पूरी डील करीब 63 करोड़ डॉलर की हो सकती है। इसमें मिसाइल सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है। इस पैकेज में सरफेस-टू-सरफेस और एयर-लॉन्च्ड, यानी मिसाइल के दोनों सुपरसोनिक वैरिएंट शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 किलोमीटर है। ब्रह्मोस भारत के सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है। इंडोनेशिया भी अपने सुखोई-30 बेड़े में इसे इंटीग्रेट करेगा। इस डील के साथ फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, BDL और इंडोनेशियाई कंपनी 'रिपब्लिकॉर्प' के बीच भारत की एस्ट्रा Mk-1 एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का दूसरा पड़ाव था- ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न। वे यहां 8 और 9 जुलाई को रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी सालाना भारत-ऑस्ट्रेलिया समिट हुई। दोनों देशों के बीच 18 समझौते और घोषणाएं हुईं। इनमें दो डील सबसे अहम हैं- 1. यूरेनियम सप्लाई डीलभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में ‘सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ हुआ था। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई होनी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्लाई बेहद सीमित रखी। उसको चिंता थी कि यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। अब दोनों देशों ने उसी एग्रीमेंट को अमल में लाने के लिए 'एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेंट' पर साइन किए हैं। यानी अब ऑस्ट्रेलिया भारत को जरूरत भर का यूरेनियम एक्सपोर्ट करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये सप्लाई सिर्फ यूरेनियम के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, यानी बिजली वगैरह बनाने के लिए होगी। सप्लाई की निगरानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी, यानी IAEA करेगी। ऑस्ट्रेलिया किस कीमत पर और कितना यूरेनियम देगा, सप्लाई कब होगी, अभी ये डिटेल्स सामने नहीं आए हैं। भारत के लिए डील के मायने 2. क्रिटिकल मिनरल्स प्रोडक्शन भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लीथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसे ‘क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप’ कहा जा रहा है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लॉन्ग-टर्म ऑफटेक, रिफाइनिंग और वैल्यू-एडिशन के लिए निवेश की व्यवस्था तय हुई है। यानी दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मिनरल्स की सप्लाई में लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगी। कच्चे माल की खरीद के अलावा प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग भी मिलकर होगी। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव था- न्यूजीलैंड का ऑकलैंड। वे 10 और 11 जुलाई को यहां रहे। ये पिछले 40 सालों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इससे पहले 1986 में तब के पीएम राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद 10 समझौते और 8 इनिशिएटिव की घोषणा हुई। इनमें 2 चीजें सबसे अहम थीं- 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रोडमैप टू 2030मार्च 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पूरी हुई। 27 अप्रैल 2026 को इस पर औपचारिक साइन हुए। यानी ये डील मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले ही हो चुकी थी। अब इस यात्रा में इसे 'स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के लेवल पर अपग्रेड किया गया। यानी तय हुआ कि FTA जल्द ही लागू करने ट्रेड बढ़ाया जाएगा। साथ ही 'इंडिया-न्यूजीलैंड रोडमैप टू 2030' नाम का एक दस्तावेज जारी किया गया। इसके तहत दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, खेती, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में पार्टनरशिप बढ़ाएंगे। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करके करीब 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर, यानी 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। FTA के तहत भारत न्यूजीलैंड को केमिकल्स, प्रोसेसिंग फूड, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स वगैरह की सप्लाई करेगा। इस सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा। वही न्यूजीलैंड से कीवी सहित दूसरे फल, लकड़ी और क्रिटिकल्स मिनरल्स वगैरह आएंगे। एग्रीमेंट के तहत पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 % सामान पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। भारत के लिए डील के मायने 2. डिफेंस और मैरिटाइम पार्टनरशिपदोनों देशों ने डिफेंस में आपसी साझेदारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और जॉइंट नेवी एक्सरसाइज बढ़ाने पर सहमति जताई है।इसका मतलब है कि दोनों देशों की नेवी एक-दूसरे के पोर्ट और मैरीटाइम फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई 2026 की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं, पूरी खबर में पढ़िए…
मथुरा में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील और बिजली विभाग की अव्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। यह निर्णय रविवार दोपहर करीब 2 बजे बलदेव स्थित अवैरनी कैंप कार्यालय पर आयोजित एक बैठक में लिया गया। संगठन ने 14 जुलाई को चीफ इंजीनियर बिजली विभाग कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन और 15 जुलाई को गोवर्धन तथा महावन तहसील क्षेत्र में बाइक रैली निकालने का ऐलान किया है। राधेश्याम सिकरवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगरा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर, जिला अध्यक्ष संजय पाराशर और मंडल उपाध्यक्ष हरिपाल सिंह परिहार ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों, पशुपालकों और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह समझौता लागू होता है, तो भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। संगठन ने बताया कि वह गांव-गांव जाकर किसानों को इस डील के संभावित नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूक करेगा और बाइक रैली के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएगा। प्रदेश महासचिव सतीश, प्रदेश सचिव कुंतभोज, सोनवीर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष ओमवीर और तुलसीदास ने जोर देकर कहा कि सरकार को किसानों की राय लिए बिना ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने इसे देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए भी गंभीर खतरा बताया। बैठक में किसानों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंडल प्रवक्ता गौरव तोमर और जिला उपाध्यक्ष सोनवीर सिंह ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने बताया कि समय पर बिजली बिल नहीं बनाए जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो 14 जुलाई को चीफ इंजीनियर कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में योगेंद्र सिंह, महावीर सिंह, रामप्रकाश पुजारी, हरिओम सिंह परिहार, कन्हैया, पंचम सिंह, राजू, बच्चू, महेंद्र सिंह, बीरो, शिवकुमार, नरेश, धर्मवीर, प्रीतम, महाराज सिंह, प्रमोद, रामकुमार, रामशरण, छत्रसिंह, भरत, रिशाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिला अध्यक्ष संजय पाराशर ने किया।
अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, 5 देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले; बढ़ा तनाव
ईरान की IRGC ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में एयरबेस के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगर को नुकसान पहुंचा।
वेस्ट बैंक दौरे पर भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना का दावा, हथियारबंद इजरायली सेटलरों ने घेरा
रो खन्ना के अनुसार, उनका दल वेस्ट बैंक के एक फलस्तीनी गांव का दौरा कर रहा था। इस यात्रा का उद्देश्य स्थानीय निवासियों से मिलना और क्षेत्र में उनकी सुरक्षा तथा जीवन-स्थितियों के बारे में जानकारी लेना था।
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी सैन्य ...
अमेरिका के अटॉर्नी जसप्रीत सिंह ने श्री हरमंदर साहिब में टेका माथा
अमृतसर| अमेरिका के अटॉर्नी एट लॉ जसप्रीत सिंह ने परिवार सहित सचखंड श्री हरमंदर साहिब में माथा टेक कर सरबत के भले की अरदास की। इस दौरान जीएनडीयू के वीसी प्रो. डॉ. करमजीत सिंह भी मौजूद रहे। सूचना केंद्र में एसजीपीसी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, सचिव बलविंदर सिंह काहलवां व ओएसडी सतबीर सिंह ने जसप्रीत सिंह को हरमंदर साहिब का मॉडल देकर सम्मानित किया। भाई मेहता व वीसी डॉ. करमजीत ने कहा कि जसप्रीत सिंह द्वारा जीएनडीयू में सिख स्टडीज चेयर स्थापित करने में दिया सहयोग रिसर्च को नया आधार देगा।
मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) 2026 के उद्घाटन मैच में जब ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम की सपाट पिच पर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे थे, तब टेक्सास सुपर किंग्स (टीएसके) के 25 वर्षीय युवा सनसनी अमशी डी सिल्वा ने अपनी रफ्तार और धारदार बाउंसर से खलबली मचा दी। अपने अपेक्षाकृत छोटे कद और अनोखे बॉलिंग एक्शन के बावजूद अमशी अपनी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बल्लेबाजों को चौंका देते हैं। हालांकि, वे सिर्फ अपनी खतरनाक गेंदबाजी या मैदान पर चीते जैसी फुर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि उस भावुक कहानी के लिए भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के कैप से ऊपर अपने परिवार को चुना। अमशी मूल रूप से श्रीलंका के रहने वाले हैं और एक समय उन्हें वहां के सबसे होनहार तेज गेंदबाजों में गिना जाता था। अंडर-19 विश्व कप में वे अपनी टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जहां उन्होंने मथीशा पथिराना और दिलशान मदुशंका जैसे मौजूदा सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था। श्रीलंका ‘ए’ के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद हर क्रिकेट पंडित का मानना था कि अमशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखना सिर्फ समय की बात है। लेकिन अमशी की निजी जिंदगी में एक सूनापन था। उनके पिता 2008 में ही एक मिशनरी चैपलिन के रूप में अमेरिका चले गए थे, जबकि अमशी और उनकी मां परिस्थितियों के कारण श्रीलंका में ही रह गए। क्रिकेट के मैदान पर अमशी जितने आगे बढ़ रहे थे, उनका परिवार उतना ही दूर होता जा रहा था। अपने सपने का पीछा करने का सीधा मतलब था मां को पिता से लंबे समय तक अलग रखना। अंततः, इस युवा खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की महत्वाकांक्षा को पीछे छोड़कर परिवार को एक करने के लिए अमेरिका बसने का निस्वार्थ फैसला किया। अमेरिका में शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे। गुजारे के लिए उन्होंने इंडियाना के एक गैस स्टेशन (पेट्रोल पंप) पर लंबी शिफ्ट में काम किया। ऐसा लगा मानो उनका करियर खत्म हो गया है। तभी पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर एंजेलो परेरा ने नई उम्मीद जगाई। उन्होंने अमशी को टीएसके के अभ्यास सत्र में ट्रायल का मौका दिलाया। नेट्स में अपने पहले ही स्पैल में अमशी ने अपनी घातक यॉर्कर और बाउंसर से सबको हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टीएसके के ड्राफ्ट में 48 लाख रुपए का बड़ा अनुबंध दिला दिया। अपनी सटीक बाउंसर और ‘बैक-ऑफ़-द-हैंड स्लोअर’ गेंद के दम पर वे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं। अब अमेरिकी क्रिकेट में चर्चा है कि अमशी जल्द ही यूएसए की राष्ट्रीय जर्सी पहनेंगे।
अमेरिकी नागरिकता के पक्ष में फैसले से क्यों खुश हैं भारतीय
जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले ने अमेरिका में रह रहे भारतीय परिवारों की चिंताएं घटाई हैं। आखिर इस फैसले से प्रवासी भारतीयों को क्या फायदा होगा?
विदेश, खासकर अमेरिका (America) को लेकर अक्सर आम लोगों के मन में यह धारणा होती है कि वहां रहने वाला हर व्यक्ति बेहद आलीशान और आरामदायक जिंदगी जीता है. सोशल मीडिया पर महंगे घर, लग्जरी कारें और शानदार लाइफस्टाइल देखकर ऐसा लगता है कि वहां पैसों की कोई समस्या नहीं है. लेकिन इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रहा एक भावुक वीडियो इस सोच से बिल्कुल उलट अमेरिका की एक कड़वी और असली तस्वीर बयां कर रहा है. यह वीडियो एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का है, जो इस उम्र में भी एक सुपरमार्केट में नौकरी करने को मजबूर हैं.एक सवाल और दिल छू लेने वाला जवाब: 'मुझे भी बिल भरने हैं'यह वायरल वीडियो अमेरिका के एक प्रसिद्ध वॉलमार्ट (Walmart) स्टोर का है, जहां यह 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला पूरे मन से अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी वहां खरीदारी करने पहुंचे एक कंटेंट क्रिएटर ने उनके जज्बे को देखकर उनसे बातचीत शुरू की. जब शख्स ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि क्या वह सच में इस उम्र में भी काम कर रही हैं और क्या उनका ख्याल रखने वाला कोई नहीं है? तो महिला ने बिना किसी शिकायत या भावुकता के बेहद सामान्य लहजे में एक ऐसी बात कही जो दुनिया भर के लोगों के दिलों को छू गई. उन्होंने कहा, मुझे भी हर महीने अपने बिल भरने पड़ते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपको भरने होते हैं.नई कार का इंश्योरेंस बिल पड़ गया भारी, 500 की जगह आया $2,000 का फटकाबातचीत के दौरान बुजुर्ग महिला ने अपनी मौजूदा आर्थिक तंगी की असली वजह भी साझा की. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने आने-जाने के लिए एक नई कार खरीदी थी. उन्हें उम्मीद थी कि कार का इंश्योरेंस बिल लगभग 500 डॉलर के आसपास आएगा. लेकिन जब कंपनी की तरफ से वास्तविक बिल आया, तो वह पूरे 2,000 डॉलर (लगभग ₹1.65 लाख) का था. इतनी बड़ी रकम देखकर उनके होश उड़ गए. वह लगातार यही सोच रही थीं कि आखिर इस उम्र में वह इतना पैसा कहां से लाएं. इसी भारी-भरकम खर्च और रोजमर्रा के बिलों को चुकाने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी जारी रखने का फैसला किया.विकसित देशों का संघर्ष: रिटायरमेंट के बाद भी काम करने की मजबूरीयह वीडियो भारत और अन्य देशों में रहने वाले उन लोगों की आंखें खोलने वाला है जो सोचते हैं कि विदेशों में सब कुछ मुफ़्त या आसान है. हकीकत यह है कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में जीवन स्तर (Living Standard) जितना ऊंचा है, वहां का लाइफस्टाइल और रोजमर्रा का खर्च भी उतना ही महंगा है.बचत की कमी: अमेरिका में लाखों बुजुर्ग ऐसे हैं जिनकी जीवन भर की बचत इतनी नहीं होती कि वे बिना काम किए पूरी जिंदगी गुजार सकें.आर्थिक दबाव: वहां घर का किराया, बिजली-पानी, कार की किश्त, मेडिकल इंश्योरेंस और टैक्स इतने ज्यादा हैं कि अगर नियमित आमदनी रुक जाए, तो इंसान कर्ज के जाल में फंस सकता है. यही वजह है कि वहां बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट की उम्र पार करने के बाद भी काम करते दिखते हैं.मेहनत की कोई उम्र नहीं होती, वीडियो ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बड़ी बहसवीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर ने अंत में समाज को एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति को उसके काम के आधार पर छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए. चाहे कोई सुपरमार्केट में कैशियर हो, सफाई कर्मचारी हो या किसी बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस का अधिकारी—हर इंसान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पसीना बहा रहा है.सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद हजारों यूजर्स ने महिला के आत्मविश्वास और मुस्कुराते हुए काम करने के जज्बे की जमकर तारीफ की है. साथ ही, वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है. यह कहानी याद दिलाती है कि जिम्मेदारियां कभी-कभी उम्र से भी बड़ी हो जाती हैं और संघर्ष हर देश के आम नागरिक की जिंदगी का हिस्सा है.
मिडिल ईस्ट (Middle East) में भू-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गए हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच अमेरिका द्वारा ईरान के अहम सैन्य ठिकानों पर किए गए ड्रोन व मिसाइल हमलों और जवाब में ईरान द्वारा कतर, बहरीन व यूएई (UAE) में अमेरिकी ठिकानों को टारगेट किए जाने के बाद युद्ध की स्थिति बनी हुई है।पिछले दो दिनों से ईरान को भीषण हमले की धमकी दे रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सुर शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को अचानक बदलते नजर आए। ट्रंप अब सैन्य हमले की बात छोड़कर फिर से कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने इसका श्रेय ईरान के पाले में डाल दिया है।डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: सीजफायर खत्म, लेकिन बातचीत को तैयारअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान ने दोबारा बातचीत की टेबल पर लौटने की इच्छा जताई है। ईरान की इस पहल के बाद अमेरिका भी राजनयिक वार्ता के लिए तैयार है। हालांकि, ट्रंप ने यह पूरी तरह साफ कर दिया कि दोनों देशों के बीच पूर्व में हुआ अंतरिम सीजफायर (युद्ध विराम) अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है, लेकिन भविष्य में बड़े युद्ध को टालने के लिए बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका की उप राजदूत टैमी ब्रूस ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप क्षेत्र में स्थायी शांति चाहते हैं, लेकिन उन्होंने एक कड़ी शर्त भी रखी। ब्रूस ने कहा कि यदि ईरान समर्थित ताकतों द्वारा नागरिक ठिकानों या अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जहाजों (Commercial Ships) पर कोई भी हमला किया गया, तो अमेरिका उसका माकूल और आक्रामक जवाब देगा।इजरायल के पीएम नेतन्याहू की दो टूक: ईरान से जंग अभी खत्म नहीं हुईजहां एक तरफ अमेरिका बातचीत की वकालत कर रहा है, वहीं उसके सबसे करीबी सहयोगी इजरायल का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इजरायल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने इजराइली एयर फोर्स के एक कार्यक्रम में दो टूक कहा कि ईरान के साथ जारी यह महाजंग अभी खत्म नहीं हुई है।नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को न्यूक्लियर (परमाणु) हथियार हासिल नहीं करने देगा, चाहे कोई अंतरराष्ट्रीय समझौता हो या नहीं। उन्होंने दावा किया कि यदि इजरायल ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक न की होती, तो ईरान अब तक परमाणु बम बना चुका होता और देश हर आगामी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।ईरान का पलटवार: हमला हुआ तो इजरायल का अस्तित्व मिट जाएगाबेंजामिन नेतन्याहू की सीधी सैन्य धमकी के बाद ईरान ने भी बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलगदर ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के किसी भी परमाणु या रणनीतिक ठिकाने पर हमला हुआ, तो उसका ऐसा घातक जवाब दिया जाएगा जिसके बाद इजरायल को दुनिया की कोई ताकत नहीं बचा पाएगी।अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव से जुड़े 5 बड़े अंतरराष्ट्रीय अपडेट्स:अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें: अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन मित्र देशों की एयर डिफेंस प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है।रणनीतिक रेलवे ब्रिज पर हमला: ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी वायुसेना ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस की साझेदारी से बने एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक रेलवे पुल को क्रूज मिसाइल से उड़ा दिया है। ईरान ने इसे सीधा 'युद्ध अपराध' बताया है, जबकि पेंटागन ने इसे ईरान द्वारा अंतरिम शर्तों के उल्लंघन का नतीजा करार दिया।होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव बढ़ने के कारण दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही शुक्रवार को भी पूरी तरह ठप रही। वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में करीब 1% का उछाल दर्ज किया गया है।ईरान का 1 करोड़ बैरल तेल का इमरजेंसी एक्सपोर्ट: अमेरिका द्वारा दोबारा पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) लागू किए जाने के डर से ईरान ने एक ही रात के भीतर आनन-फानन में कम से कम 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल और फ्यूल ऑयल निर्यात के लिए विभिन्न गुप्त जहाजों के जरिए अंतरराष्ट्रीय रूट पर रवाना कर दिया है।लेबनान पर इजराइली ड्रोन स्ट्राइक: लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के मुताबिक, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह प्रांत में दो बड़े ड्रोन हमले किए हैं। ये हमले कफर रेमान और नबातियेह अल-फौका कस्बों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को देखकर किए गए, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।वैश्विक मध्यस्थता की कोशिशें तेजबीबीसी (BBC) की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल दो दिनों की सीधी सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों की ओर से गोलाबारी थमी हुई है। इस वैश्विक संकट को टालने और दोनों देशों को दोबारा 18 जून को हुए अंतरिम समझौते (MoU) के रास्ते पर लाने के लिए मध्यस्थ देश— कतर, मिस्र (Egypt) और पाकिस्तान पर्दे के पीछे से सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती से फोन पर वार्ता कर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के सेफ कॉरिडोर को तुरंत बहाल करने पर जोर दिया है।
नमस्कार, राम मंदिर के चढ़ावे में ₹500 के नोट घट गए। 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। उधर, कॉमेडियन राजपाल यादव को दोबारा जेल की सजा सुनाई गई है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे अमेरिका-ईरान के हमले रुकने की खबर बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. दो दिन बाद ईरान-अमेरिका ने हमले रोके, ट्रम्प बोले- ईरान ने बातचीत जारी रखने की मांग की ईरान और अमेरिका के बीच दो दिन चली सैन्य कार्रवाई के बाद फिलहाल हमले रुक गए हैं। अल जजीरा के मुताबिक, मध्यस्थता कर रहे देश दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है और अमेरिका इसके लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। इजराइल ने लेबनान पर ड्रोन अटैक किए: इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह प्रांत में दो और ड्रोन हमले किए हैं। एक हमला कफर रेमान और दूसरा नबातियेह अल-फौका कस्बे में हुआ। फिलहाल किसी के हताहत होने की भी खबर नहीं है। इजराइल ने ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देने की बात दोहराई। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है और जरूरत पड़ी तो फिर हमला करेंगे। पूरी खबर पढ़ें... 2. यूपी में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक बने, सरकार ने कहा- बड़े फैसले नहीं ले पाएंगे यूपी सरकार ने प्रधानों के बाद पहली बार अब सभी मौजूदा 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बना दिया है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार की शाम 7:30 बजे इसका आदेश जारी कर दिया। पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने बताया- जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार, 11 जुलाई को समाप्त हो रहा था। सामान्य तौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद जिलाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है, लेकिन सरकार के इस फैसले से अब ये अध्यक्ष आगामी पंचायत चुनाव होने तक अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे। हाईकोर्ट में पेंडिंग है प्रधानों का मामला: सरकार 826 ब्लॉक में ब्लॉक प्रमुखों को भी प्रशासक बनाने की तैयारी कर रही है। अगले हफ्ते इनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। सरकार ने इससे पहले 25 मई को ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। हालांकि, मामला हाईकोर्ट में लंबित है। पूरी खबर पढ़ें… 3. राममंदिर चढ़ावा चोरी- दान गिनने वाले 23 कर्मचारियों का इस्तीफा, चढ़ावे में ₹10-20 के नोट बढ़े, 500 के घटे राम मंदिर में दान गिनने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। सभी ने काम के बोझ का हवाला दिया। उनका कहना है कि चोरी की घटना के बाद दान में 10-20 रुपए के नोट बढ़ गए हैं, जिससे गिनती में ज्यादा वक्त लगता है। पहले 500 रुपए के नोट ज्यादा आते थे। सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को सुनवाई: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच 3 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाओं में जांच CBI को सौंपने और SIT के गठन की मांग की गई है। साथ ही, मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की भी मांग की गई है। पूरी खबर पढ़ें... 4. चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को जेल, ₹17.35 करोड़ चुकाने होंगे, पत्नी पर जुर्माना बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में से हर एक में उन्हें तीन महीने जेल की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जस्टिस स्वर्णकांता ने अफसरों से राजपाल को जेल भेजने के लिए कहा। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा- राजपाल यादव का रवैया संदिग्ध है। उन्हें अपना वादा निभाने और कंपनी का कर्ज वापस करने के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। एक्टर को अगले तीन महीने जेल में ही गुजारने होंगे। कानून कोई ऐसी पटकथा नहीं है, जिसे कोई अभिनेता अपनी इच्छा के मुताबिक बदल दे। क्या है पूरा मामला: साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद वे पैसा नहीं लौटा सके और उनके कई चेक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा। साल 2018 में उन्हें छह महीने की जेल की सजा मिली थी और 2026 में भी इस मामले में 12 दिन तिहाड़ जेल में रहे थे। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन महीने की जेल की सजा बरकरार रखी है। पूरी खबर पढ़ें... 5. सैटेलाइट इमेज में राजस्थान, गुजरात से बादल गायब, सुपर टायफून बावी से देश में धीमा पड़ेगा मानसून मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों में राजस्थान और गुजरात के ऊपर बादल कम दिखाई दिए। सैटेलाइट इमेज के मुताबिक, मध्य भारत में मानसून एक्टिव है, लेकिन राजस्थान, गुजरात और आसपास के इलाकों में बादल कम हैं। फिलीपींस के पास बना सुपर टायफून 'बावी' भी मानसून की रफ्तार पर असर डाल सकता है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश कम होने की आशंका है। मानसून ने पूरे देश को कवर किया: मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया। इसे पूरे देश को कवर करने में 38 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार 36 दिन में ही कवर कर लिया। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इस बार 4 जून मानसून केरल पहुंचा था। यूपी के सहारनपुर में शव कब्र से बाहर आए: यूपी में बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बिजनौर में मालन नदी उफान पर है। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे यहां 2 हादसों में चार लड़के नदी के तेज बहाव में बह गए। सहारनपुर में भारी बारिश की वजह से कब्रिस्तान की मिट्टी बह गई। कब्रों में दफन शव बहकर बाहर आ गए। पूरी खबर पढ़ें... 6. मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को फांसी की सजा, फिरोजाबाद में बच्चे की मां से शादी करना चाहता था फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे के हत्यारे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। युवक ने बच्चे को जमीन पर 8 बार पटक-पटक कर मार डाला था। वह एकतरफा प्यार में बच्चे की मां से शादी की जिद कर रहा था। बच्चे की मां के मना करने के बाद से युवक गुस्से में था। 30 मई को हुई थी बच्चे की हत्या: कोर्ट ने शुक्रवार को 2.45 बजे अपना फैसला सुनाया। बच्चे की हत्या 30 मई को शिकोहाबाद में हुई थी, जिसका सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें युवक बच्चे की हत्या करते हुए दिख रहा है। पुलिस ने हत्यारे के दोनों पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें… 7. इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारने का परफॉर्मेंस रिव्यू करेगा BCCI, गंभीर की कोचिंग, श्रेयस की कप्तानी पर सवाल इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद BCCI भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करेगा। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति और कप्तान श्रेयस अय्यर के कामकाज पर भी चर्चा होगी। बोर्ड यह जानना चाहता है कि टीम चयन और रणनीति में कहां कमी रही। गंभीर का एग्रीमेंट 2027 तक है। अय्यर हाल ही में कप्तान बनाए गए हैं। टी-20 सीरीज में भारत एक भी मैच नहीं जीत सका: भारतीय टीम को आयरलैंड दौरे में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। जबकि, टीम इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 0-3 से पिछड़ रही है। एक मैच नो रिजल्ट रहा था। एक दिन पहले टीम सीरीज के चौथे मैच में 9 विकेट से हार गई थी। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... रूस में पहली बार 2 रोबोट्स की शादी रूस में पहली बार दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स की सांकेतिक शादी हुई। एआई रोबोट रॉबर्ट और मटिल्डा ने एक-दूसरे को साथ निभाने के वचन दिए और वेडिंग ब्रेसलेट बदले। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों की डेली इनकम बेहतर होगी। सिंह राशि के लोगों को रुका पैसा मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… 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यमुनानगर के व्यासपुर थाना क्षेत्र में आढ़ती से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल गौरव उर्फ गोलू निवासी ताहरी तारपूर को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। इस केस में आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी गौरव को अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद व्यासपुर थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। गोल्डी बराड़ गैंग का नाम लेकर मांगी थी रंगदारी पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 को व्यासपुर थाना में अनाज मंडी के आढ़ती शिव कुमार ने शिकायत दी थी कि 19 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि उसके परिवार की पूरी जानकारी उनके पास है, यदि पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने 70 से 80 लाख रुपए में समझौता करने की भी बात कही। लगातार फोन कर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हरप्रीत उर्फ मनु और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और बाइक भी बरामद कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर उन स्थानों की भी पहचान कराई गई, जहां बैठकर रंगदारी की योजना बनाई गई थी। एक-एक कर कई आरोपी गिरफ्तार हुए मामले की जांच में पुलिस ने बाद में दीपेश शर्मा, प्रकाश रंजन उर्फ सन्नी (बिहार), युवराज सिंह, सतेंद्र कुमार और गुरमेज सिंह को भी गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ कर कई अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि मुख्य आरोपी गौरव पुलिस से बचकर विदेश भाग गया था। अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तारी पुलिस को हाल ही में इमिग्रेशन ब्यूरो से सूचना मिली कि गौरव उर्फ गोलू को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीन कुमार के नेतृत्व में व्यासपुर थाना की टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची और लुकआउट सर्कुलर के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका पासपोर्ट, अमेरिकी डॉलर, अस्थायी पिन वाला बैंक कार्ड, डेबिट कार्ड, दो बोर्डिंग पास और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया। सभी सामान को कब्जे में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। अब असलम और अन्य साथियों की तलाश पूछताछ के दौरान गौरव ने पुलिस को बताया कि उसे बरेली निवासी असलम ने व्यासपुर बुलाया था। इसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब असलम की तलाश में जुट गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनसे आरोपी लगातार संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी विदेश कैसे भागा, उसके रंगदारी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, फरार आरोपी कौन-कौन हैं, किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करवाने, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को वापस लेने तथा पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति के विरोध में आज पंजाब की दो किसान जत्थेबंदियां, भारतीय किसान यूनियन उगराहां और भारतीय किसान यूनियन डकौंदा (धनेर ग्रुप),चंडीगढ़ में संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इस धरने में शामिल होने के लिए मानसा जिले से बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचे हैं। किसान नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, मख्खन सिंह भैणी बाघा, बलजीत सिंह और जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करना, डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ रही कीमतों को वापस लेना तथा किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा करना शामिल है। यह प्रदर्शन केंद्र और पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद भारत में डीजल और पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। इससे किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। किसान नेता बोले- ट्रेड लागू होने से नुकसान होगा किसान नेताओं का कहना है कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होती है तो छोटे व्यापारियों, किसानों और मजदूरों को भारी नुकसान होगा। उनका आरोप है कि अमेरिका के उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर बिकेंगे, जिससे देश के स्थानीय व्यापार और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पहले लाई गई लैंड पूलिंग नीति को किसानों के विरोध के बाद वापस ले लिया गया था। हालांकि, अब सरकार दोबारा इस नीति को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में किसान बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे।
कैथल में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने कस्बा ढांड में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने भारत अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। इससे पूर्व बस स्टैंड के पास स्थित कार्यालय में युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना की अध्यक्षता में किसानों की बैठक हुई। इस दौरान यूनियन के आगामी कार्यक्रमों को लेकर रणनीति बनाई गई। युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि देश के किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से पिछले दिनों चंडीगढ़ में विभिन्न किसान, मजदूर, छात्र, युवा एवं सामाजिक संगठनों की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में देशभर के अनेक प्रमुख किसान संगठनों एवं संघर्षशील मंचों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सर्वसम्मति से इस मंच का नाम देश बचाओ मोर्चा रखा गया। व्यापार समझौता रद्द करने की मांग कसाना ने मांग की कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तत्काल रद्द किया जाए। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों की संपूर्ण कर्जमुक्ति सुनिश्चित की जाए। जल संरक्षण, जल प्रबंधन एवं राष्ट्रीय जल नीति को प्रभावी ढंग से लागू कर देश के जल संकट का स्थायी समाधान किया जाए। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी एवं सुनिश्चित मूल्य दिया जाए। 21 जुलाई को दिल्ली में आंदोलन कसाना ने कहा कि इन मांगों को लेकर देश बचाओ मोर्चा की ओर से 21 जुलाई 2026 को दिल्ली के किसान घाट पर एक दिवसीय विशाल देशव्यापी आंदोलन होगा। जिसमें देशभर से किसान, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी, युवा तथा विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में भाग लेंगे। आंदोलन की तैयारियों के तहत 15 जुलाई 2026 को पूरे देश में तहसील, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे तथा भारत के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि किसान 21 जुलाई 2026 को दिल्ली के किसान घाट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।
अगर आपके बच्चों की तस्वीरें, बैंक खातों के पासवर्ड और आपकी डिजिटल पहचान एक ही ‘की’ से सुरक्षित हो और वह किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो सब खतरे में पड़ सकता है। कॉमर्शियल एयरलाइन पायलट रेयान पेटिट के साथ ऐसा ही हुआ। विमानन क्षेत्र में काम करने वाले पेटिट जानते हैं कि सुरक्षा के लिए हमेशा कई स्तरों पर बैकअप होता है, पर डिजिटल दुनिया में उनकी सुरक्षा एक कमजोर कड़ी पर टिक गई थी। एक साधारण-सा टेक्स्ट मैसेज आया और उनकी पूरी डिजिटल पहचान उनसे छिन गई। पढ़िए उनकी कहानी और एक्सपर्ट से जानिए किन गलतियों से बचना चाहिए... मुझे गोल्डमैन साक्स एपल कार्ड पर एक संदिग्ध लेन-देन का ‘फ्रॉड अलर्ट’ मैसेज मिला। मैसेज में सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब देने को कहा गया था। सुरक्षा के लिए मैंने ‘ना’ लिखकर भेज दिया। कुछ ही मिनटों बाद कॉल आया। कॉलर आईडी पर एपल कार्ड सपोर्ट का नंबर दिख रहा था। मुझे शक नहीं हुआ, क्योंकि मैसेज भी उसी आधिकारिक i Message थ्रेड में एपल लोगो व ग्रे बबल के साथ आ रहे थे। कॉलर ने कहा कि मेरी पहचान सत्यापित करने के लिए कोड भेजा जा रहा है। जैसे ही कोड बताया, सब कुछ बदल गया। मैंने पहचान पूछी, तो उसने मेरा सोशल सिक्योरिटी नंबर व जन्मतिथि तक बता दी। तब लगा कि मैं ठगी का शिकार हो चुका हूं। आंखों के सामने मेरी पूरी डिजिटल दुनिया बिखरने लगी। मैं देख रहा था कि एपल वॉलेट से कैश एप, वीसा कार्ड और एपल कार्ड एक-एक करके गायब हो रहे थे। हैकर ने मेरे अकाउंट में अपना फोन नंबर जोड़ दिया और मेरा नंबर हटा दिया। कुछ ही देर बाद मैं अपने ही अकाउंट से बाहर हो गया। मेरा आईफोन रीसेट हो गया और बेकार डिवाइस बनकर रह गया। मैं बिना डिजिटल वॉलेट व पैसों के होनोलूलू पहुंचा। किसी तरह लैपटॉप पर वाई-फाई जोड़कर पत्नी को मैसेज किया। उन्होंने मेरे लिए उबर बुक की। एपल स्टोर पहुंचने पर पता चला कि हैकर ने फोन पर एक्टिवेशन लॉक लगा दिया है। पहचान व खरीद के सबूत दिखाने के बावजूद एपल कर्मचारी मदद नहीं कर सके। नुकसान सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं था। हैकर के हाथ मेरी एक लाख से ज्यादा फैमिली फोटो, पासवर्ड और मैसेज हिस्ट्री लग चुकी थी। उसने मेरे निवेश बेचकर नकदी निकाल ली। पत्नी को मेरे नाम पर मैसेज भेजकर हजारों डॉलर ठग लिए। मेरे अकाउंट खाली हो गए। स्मार्टवॉच का डेटा हटा दिया, इससे वह मुझे नहीं पहचान सकी। पुलिस भी मदद नहीं कर सकी।’- रेयान ऑथेंटिकेटर एप रखें साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट केविन मिटनिक सुझाव देते हैं,‘अपने डिजिटल वर्ल्ड की एक ‘मास्टर की’ न रखें। लॉगिन हैक होते ही बैंक, फोटो व डेटा खतरे में पड़ सकते हैं; सभी खाते अलग रखें। हार्डवेयर सिक्योरिटी की या ऑथेंटिकेटर एप इस्तेमाल करें, जिससे पासवर्ड व नंबर लीक होने पर भी अकाउंट सुरक्षित रहता है। कॉलर आईडी पर दिखने वाले नाम या नंबर पर भरोसा न करें। बैंक या संस्थान को कॉल करके जांच कर लें।
राजस्थान के मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता और शिवयोग आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी किताब 'द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी' को 2026 के प्रतिष्ठित नॉटिलस बुक अवार्ड में गोल्ड अवार्ड मिला है। पूर्वी अध्यात्म (स्पिरिचुअलिटी ऑफ ईस्टर्न थॉट) कैटेगरी में मिले इस सम्मान के बाद डॉ. ईशान शिवानंद का नाम उन वैश्विक हस्तियों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें पहले भी यह सम्मान मिल चुका है। इनमें दलाई लामा, मलाला युसुफजई और एकहार्ट टोले जैसे नाम शामिल हैं। बरसों की साधना पर आधारित है किताब बताया गया कि 'द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी' कोई सैद्धांतिक किताब नहीं, बल्कि डॉ. ईशान शिवानंद की वर्षों की साधना और अनुभवों पर आधारित संस्मरण है। उन्होंने यह ज्ञान अपने पिता और गुरु के सानिध्य में प्राप्त किया, जिसे बाद में उन्होंने 'योगा ऑफ इम्मोर्टल्स' पद्धति के रूप में विकसित किया। वैज्ञानिक शोध में भी मिली मान्यता डॉ. ईशान शिवानंद का दावा है कि उनकी 'योगा ऑफ इम्मोर्टल्स' पद्धति को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित शोधों में भी प्रभावी माना गया है। इसी ज्ञान और साधना को वह पिछले करीब 20 साल से शिवयोग कम्युनिटी के माध्यम से राजस्थान के लोगों तक पहुंचा रहे हैं। रिलीज होते ही बनी बेस्ट सेलर मई 2025 में प्रकाशित होने के बाद यह किताब 'यूएसए टुडे' की नेशनल बेस्ट सेलर बनी। भारत में भी यह अमेजन पर पहले ही सप्ताह में नंबर-1 पर पहुंच गई। फिलहाल यह किताब 15 देशों में उपलब्ध है और हिंदी व मराठी सहित सात भाषाओं में इसका अनुवाद हो चुका है।
कैथल जिले के कलायत में अज्ञात आरोपी ने खुद को युवक का दोस्त बताकर उससे 2 लाख 45 हजार रुपए हड़प लिए। आरोपी ने युवक को कॉल करके कहा कि उसके जानकार को अमेरिका से भारत आना है और रुपयों की जरूरत है। उसने दोस्त का जानकार समझकर आरोपी के खाते में रुपए भेज दिए। बाद में दोस्त का कॉल आया, तो धोखाधड़ी के बारे में पता लगा। इस संबंध में युवक ने साइबर थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कलायत में पेंट की दुकान वार्ड नंबर 1 सीता नगर कलायत के संजीव कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी कलायत में ही पेन्ट की दुकान है। गांव कोयल निवासी सतीश कुमार करीब 10 साल से उसका अच्छा दोस्त है, जिसकी गांव कोयल में हार्डवेयर ( प्लाई बोर्ड ) की दुकान है। छह जुलाई को सतीश कुमार का उसके पास फोन आया। जिसने बताया कि उनके गांव का प्रदीप पुनिया उसका अच्छा जानकार है, जो अमेरिका में गया हुआ है। उसको कुछ समय बाद भारत आना है और यहां आने के लिए रुपए की जरुरत है। आप प्रदीप के बताए गए एजेंट के खाते में 2 लाख 45 हजार रुपए भेज देना। दोस्त के कहने पर रुपए भेजे उसने सतीश कुमार के कहने पर अपने रुपए भेज दिए। उसके कुछ समय बाद सतीश कुमार का उसके पास फोन आया कि मेरे साथ फ्रॉड हो गया है। तब उसे पता चला कि अज्ञात आरोपी ने उसके दोस्त के नाम से कॉल करके उससे रुपए हड़प लिए। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस साइबर थाना के जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में सबसे बड़ी खबर गैंगस्टर लॉरेंस से जुड़ी रही। जिस पर अमेरिका ने हत्या की FIR दर्ज कर प्रत्यर्पण करने की बात कही। वहीं इसी मामले में होशियारपुर के एक SHO पर भी कार्रवाई की गाज गिर गई। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज' OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है (पढ़ें पूरी खबर) 2. लॉरेंस को अमेरिका ले जाएगी FBI, गोल्डी पर इनाम भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ अमेरिका में हत्या समेत कई आरोपों में केस दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका अब भारत से इन दोनों के प्रत्यर्पण की मांग करेगा। अमेरिका चाहता है कि उस पर केस चलाकर लॉरेंस को ग्लोबल क्रिमिनल नेटवर्क चलाने से रोका जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने यह बात अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भारत से जुड़े इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद कही। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने कनाडा की एजेंसियों के साथ मिलकर 7 देशों में ऑपरेशन हार्ड बॉल चलाया और 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा समेत अन्य आरोपियों पर 2023 में कनाडा में हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। आरोप सही साबित हुए तो इन्हें 10 साल से अधिक जेल हो सकती है। लॉरेंस का नाम इस हत्याकांड से पहली बार जोड़ा गया है। चार्जशीट के मुताबिक लॉरेंस भारत की जेल में रहते हुए भी नेटवर्क चलाता था। उसके सहयोगी अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में ड्रग तस्करी, रंगदारी और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। लॉरेंस अभी गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। FBI ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर (करीब 47 लाख रुपए) का इनाम घोषित किया है (पढ़ें पूरी खबर) 3. अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO सस्पेंड होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। इसमें भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया के खिलाफ अमेरिका में हत्या समेत कई मामलों में ट्रायल की बात कही गई। इसके बाद बुधवार को जालंधर रेंज के DIG नवीन ने SHO को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया। वहीं, गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि उनके नाम से अमेरिका से वीडियो वायरल हो रहा है। उनको इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। एजेंसी से बात करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। उनके किसी खाते में कभी कोई पैसा नहीं आया। ये आरोप निराधार हैं। अमेरिका के अटॉर्नी का वीडियो सामने आने के बाद अकाली नेता बिक्रम मजीठिया, कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने AAP सरकार को घेरा। (पढ़ें पूरी खबर) 4. नाके पर पुलिस से भिड़ने वाले 4 दिन चौराहे पर खड़े रहेंगे चंडीगढ़ नाके पर बवाल करने वाले 3 युवक आज सेक्टर-16 मटका चौक पर ट्रैफिक संभालते दिखे। तीनों हाथ में बैनर लिए हुए थे, जिस पर लिखा हुआ था डॉन्ट ड्रिक एंड डाइव। रविवार रात इन फॉर्च्यूनर सवार तीनों युवकों ने जमकर हंगामा किया था। इस दौरान दो युवक नशे में टल्ली थी। जिसके बाद पुलिस से भी भिड़ गए थे। उन्हें अरेस्ट कर अदालत में पेश किया गया। जिसमें कोर्ट ने आरोपी युवकों का दस हजार रुपए का जुर्माना लगाने के साथ सजा सुनाई थी। सभी का तीन महीने के लाइसेंस सस्पेंड और चार दिन तक रोजाना दो घंटे चौहरों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ट्रैफिक संभालने का आदेश दिया गया था। भास्कर से बातचीत में युवकों ने कहा कि हमने ड्रिंक की हुई थी। हमें नाके पर रोका गया था। वहीं यह सब हुआ। बाकी आपको पता ही है कि कानूनी औपचारिकताएं होती हैं। जब उनसे पूछा गया कि अदालत ने उन्हें सजा भी सुनाई है और उसके हाथ में जो तख्ती है, उस पर डॉन्ट ड्रिंक एंड ड्राइव लिखा है, इस पर वह क्या कहना चाहेंगे? इस पर एक युवक ने कहा, मैं यही कहना चाहूंगा कि ड्रिंक करके ड्राइव नहीं करनी चाहिए। इससे सिर्फ दूसरों का ही नहीं, अपना भी नुकसान हो सकता है। हम भी लोगों को इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं (पढ़ें पूरी खबर) 5. कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की चन्नी को दो-टूक पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही। 5 दिन के दौरे पर आए AICC प्रभारी भूपेश बघेल ने पूर्व CM चरणजीत चन्नी और उनके समर्थकों को दोटूक कह दिया है कि प्रधान बदलना गुड्डे-गुडि्डयों का खेल नहीं है। हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने कहा कि चन्नी के साथ उनकी बात हुई है। चन्नी अभी बाहर हैं। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि मैं सब के पास जाउंगा। बघेल का कहना है कि राजा वडिंग को 23 जिला प्रधानों का समर्थन है। मीटिंग में जिला प्रधान अपनी सहमति दे चुके हैं। बघेल का ये तल्ख रवैया तब माना जा रहा है, जब चन्नी गुट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हाईकमान को गुमराह किया। उन्हें गलत रिपोर्ट दी गई। इसी बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी तेवर दिखाते हुए कहा कि 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी के 22 में से 10 विधायक अलग हो गए और उसके बाद भी वो चुनाव में 92 जीत गए। अगर सीनियर लीडर पीछे रह गए तो नए लोग आएंगे। लोगों ने जो मन बना लिया है उसके साथ ही रहेंगे। उन्होंने चन्नी गुट का नाम लिए बगैर कहा कि आठ दस दिन देख लें। अगर उनकी अपील रिजेक्ट हो गई तो फिर से बात कर सकते हैं (पढ़ें पूरी खबर) 6. हरियाणा CM पंजाब के क्लब में कार्यक्रम कर घिरे लुधियाना के नामी सतलुज क्लब में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। क्लब के कुछ सदस्यों ने डीसी को लिखित शिकायत देकर क्लब परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मेंबर्स का कहना है कि सतलुज क्लब के नियमों के अनुसार यहां किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। दरअसल, 28 जून (रविवार) को एक भाजपा नेता ने सतलुज क्लब में प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण का आयोजन करवाया था। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। क्लब के सदस्यों का आरोप है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह राजनीतिक था, जबकि क्लब के संविधान के अनुसार परिसर में किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती। वहीं, भाजपा नेता का कहना है कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम का प्रसारण था, जिसे पीएमओ की ओर से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने क्लब में बुकिंग करवाई थी और निर्धारित भुगतान भी किया था (पढ़ें पूरी खबर) 7. SIR फॉर्म भरें, तभी मिलेगा मावां-धीयां योजना का लाभ CM भगवंत मान ने कहा कि मावा धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के खातों में राशि डाल दी गई है। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि इस समय मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। ऐसे में सभी को निर्धारित फॉर्म भरना होगा, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि फॉर्म नहीं भरा गया तो नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं रहेगा। यदि मतदाता सूची में नाम नहीं होगा तो मावा धीयां योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। SIR का फॉर्म जरूर भरें। अपना वोट बचाने के लिए फॉर्म भरना जरूरी है। यदि किसी तरह की मदद की जरूरत हो तो अपने स्थानीय वालंटियर से संपर्क करें। योजना के तहत जिन महिलाओं ने स्कीम के लिए 25 जून के बाद रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अब 1 अगस्त को 3 महीने की राशि जारी की जाएगी। उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि भेजी जाएगी। जबकि इससे पहले 25 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को 3 महीनों की राशि एडवांस भेजी जा चुकी है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, एहतियात बरतें लोग मौसम विभाग ने पंजाब-चंडीगढ़ में 8-9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अब केवल दो जिले ही शेष हैं। मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके असर से राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश रहने की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे मानसून को मजबूती मिलेगी और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है। 9. हाईकोर्ट बोला- गर्भावस्था में नौकरी से हटाना गलत पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गर्भावस्था के दौरान मेडिकल कारणों से छुट्टी लेने पर नौकरी से हटाई गई संविदा टीजीटी (साइंस) टीचर को बड़ी राहत दी है। अदालत ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि 4 सप्ताह के भीतर शिक्षिका को नया नियुक्ति पत्र जारी किया जाए और उसके बाद 2 सप्ताह के भीतर उन्हें दोबारा नौकरी पर जॉइन कराया जाए। महिला टीचर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के एक स्कूल में तैनात हैं। यह अंतरिम आदेश जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने महिला शिक्षिका की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। शिक्षिका ने 16 मार्च, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनकी संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 28 जनवरी 2027 को होगी। याचिका के अनुसार नौकरी के दौरान शिक्षिका को गर्भावस्था से जुड़ी मेडिकल दिक्कतें हुईं। डॉक्टरों ने उन्हें 9 महीने तक पूरी तरह बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इसके बाद उन्होंने 9 अक्टूबर 2025 को मेडिकल अवकाश के लिए आवेदन किया, लेकिन इस पर कोई फैसला लेने के बजाय 16 मार्च 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। बाद में 15 अप्रैल 2026 को उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. बकरियां बचाने पर पंजाबी वकील पर क्रिमिनल केस पंजाब के एक युवक पर कैलिफोर्निया में दो बकरियों की जान बचाने के मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कर दिया गया। जल्द मामले में कोर्ट ट्रायल शुरू होने जा रहा है। आरोपी की पहचान तजिंदर उर्फ ताज उप्पल के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया में वकील हैं और पशु अधिकारों से जुड़े अभियानों में एक्टिव रहते हैं। केस के बाद अब उनकी नौकरी और वकील के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है। घटना 27 मई 2025 को स्ट्रैटफोर्ड इलाके की है। यहां वेरा गोट डेयरी से कुछ पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं ने दो बकरी के बच्चों, फोबी और सीलिया को बाहर निकाला था। फार्म पर उनकी हालत ठीक नहीं थी। बाहर लाने के बाद डॉक्टरों ने जांच में उन्हें निमोनिया और आंखों की बीमारी से ग्रस्त पाया। इलाज के बाद दोनों बकरियां ठीक हो गईं, लेकिन इसके बाद बकरी फार्म चलाने वाली फर्म ने उप्पल सहित 4 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया। उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने प्राइवेट प्रॉपर्टी में ट्रेसपासिंग की और बकरियां चुरा लीं (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त
नई दिल्ली, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल कीमतों में बुधवार को 6 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने को माना जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा हमले के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर समाप्त हो गया है।
लखनऊ के ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल देने के साथ विश्वविद्यालय को कई नई सौगातें भी मिलीं। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा के लिए लोग अमेरिका जाते हैं, लेकिन दीक्षा के लिए भारत आते हैं। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 10 अत्याधुनिक फार्मेसी प्रयोगशालाओं, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए दो लिफ्ट और तीन विशेष शौचालय समेत कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। समारोह में 1246 विद्यार्थियों को डिग्री और 110 मेधावियों को 125 मेडल भी प्रदान गए। 5 तस्वीरें देखिए… ……….. 11वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव व्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया पर बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त एक्शन के दौरान भारत से जुड़े गैंगस्टर्स के 24 साथियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची थी। आरोपियों में रोहित गोदारा और अन्य सहयोगियों के नाम भी शामिल है। दोषी पाए जाने पर सभी को 10-10 साल की जेल हो सकती है। आरोप पत्र में बताया गया कि लॉरेंस भारत में जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को चलाता है और उसके सहयोगी भारत अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में टारगेट किलिंग और ड्रग तस्करी को अंजाम देते हैं। यूएस फेडरल सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वो जल्द ही भारतीय सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और इनकी मदद कर रहे एक्टिव पुलिस चीफ पुंदरप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। FBI ने और क्या खुलासे किए…. 50 जगह रेड, ड्रग्स-हथियार सीज अमेरिकी फेडरल अथॉरिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम खुलासे किए। बताया कि वे इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के खिलाफ कई सालों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच कर रहे थे। इसके तहत उन्होंने 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां यूएस, कनाडा और यूरोप में हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ 50 जगह रेड की गई, जिसके बाद हजार किलो नारकोटिक्स ड्रग्स और दर्जनों हथियार सीज किए गए हैं। गैंगस्टर लॉरेंस जेल से चला रहा गैंग यूएस फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे इंडियन बेस्ड क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन नेटवर्क को इंडिया की जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस हेड कर रहा है। नॉर्थ अमेरिका में इसके ऑपरेशन गोल्डी बराड़ लीड कर रहा था और यूरोप में सारा काम रोहित गोदारा द्वारा संभाला जा रहा था। माना जाता है कि इन तीनों गैंग लीडरों के बीच अब फूट पड़ गई है और ये एक-दूसरे के विरोधी बन चुके हैं, लेकिन यूएस अथॉरिटीज का कहना है कि ये तीनों अब तक मिलकर काम करते आए हैं। जग्गू भगवानपुरिया टारगेट किलिंग-ड्रग स्मगलिंग करता यूएस अथॉरिटीज ने आरोप पत्र में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का भी नाम भी जोड़ा है। बताया कि उसका गैंग भी नशा तस्करी और ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल है। ये सभी मिलकर पूरे नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में सिख समुदाय से वसूली, टारगेट किलिंग और ड्रग स्मगलिंग करते थे। जांच एजेंसियों ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इसमें भारत के भ्रष्ट पुलिस अफसरों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब के एक एक्टिव पुलिस चीफ जिसकी पहचान हुंदरप्रीत सिंह के रूप में हुई, उसका इस्तेमाल करके कैलिफोर्निया स्थित एक व्यक्ति से 4 लाख यूएस डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। उसका परिवार पंजाब में है और उसे धमकी दी गई थी कि पैसे न देने पर उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत एक्शन कनाडा की आरसीएमपी (RCMP) के चीफ ने भी बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत की गई है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय क्राइम नेटवर्क को खत्म किया जा सके। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि यूएस फेडरल सरकार की इस आधिकारिक मांग पर भारत सरकार का क्या रुख रहता है।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज
यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

