'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' जैसा नारा देकर सत्ता में आए ट्रंप, विदेशी अप्रवासियों और डंकी रूट से अमेरिका पहुंचे, लोगों पर बेहद सख्ती से पेश आ रहे हैं. सड़कों पर आईसीई गार्ड्स उतारकर दहशत फैला चुके ट्रंप ने 300 लोगों को घर भेजने के लिए 362 करोड़ फूंक दिए. यह खुलासा होते ही विपक्षी दल डेमोक्रेट्स के नेता राशन-पानी लेकर उनके ऊपर चढ़ गए.
T20 वर्ल्ड कप में अमेरिका की ऐतिहासिक जीत, नीदरलैंड को दी करारी शिकस्त, हरमीत सिंह बने मैच के हीरो
यूएसए और नीदरैलंड के बीच खेले गए 21वें मुकाबले में अमेरिका ने जबरदस्त जीत हासिल की. इसी के साथ यूएसए ने टी20 विश्व कप में अपनी सबसे बड़ी जीत भी हासिल करने का रिकॉर्ड कायम कर लिया है. जीत के हीरो रहे हरमीत सिंह ने 4 विकेट चटकाए.
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में वासु होटल में मामूली कहासुनी में युवक को गोली मारने के मामले में शामिल दूसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कैथल के नैना धौंस गांव के गुरदेव सिंह और उसके भाई हिम्मत सिंह की बगल में कमरे में ठहरे महफूज उर्फ कशिश के साथ तेज आवाज में स्पीकर पर गाने बजाने को लेकर बहस हुई थी। हिम्मत सिंह अमेरिका से डिपोर्ट है और गनमैन का सगा भाई है। कशिश (21) निवासी गोपी विहार कॉलोनी शाहाबाद ने पुलिस को बताया कि वह मोहड़ी की फैक्ट्री में पैकिंग का काम करता है। 9 फरवरी की रात करीब 8 बजे मैं, मुन्ना, कुणाल और अमन फैक्ट्री पहुंचे थे। अमन की तबीयत खराब हुई, तो हम दवा लेने के बाद वासु होटल में कमरा किराए पर लेकर सो गए थे। तेज आवाज में बजाया स्पीकर होटल के बगल वाले कमरे में 2 लड़के ठहरे हुए थे, वे तेज आवाज में स्पीकर चला रहे थे। रात करीब 12:15 बजे हमने उनसे कहा कि भाई स्पीकर बंद कर दो, हमें सुबह काम पर जाना है, लेकिन वे नहीं माने, बोले कि हमने भी किराए के पैसे दिए हैं। मैंने फिर कहा कि मान जाओ, लेकिन वे बहस करने लगे। रिवॉल्वर उठाकर मार दी गोली इसी दौरान एक लड़का अंदर गया और रिवॉल्वर लेकर बाहर आया, जिसने आते ही उसने मेरे पेट में गोली मार दी। साथ ही धमकी देते हुए फरार हो गया। गोली लगते ही मैं नीचे गिर गया। मेरे दोस्तों ने मुझे उठाया और उसे सीएचसी शाहाबाद ले गए। वहां डॉक्टर ने मरहम-पट्टी की और एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया। आदेश अस्पताल में चल रहा इलाज वहां से सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में हालत ज्यादा खराब हो गई, तो घरवालों ने मुझे कुरुक्षेत्र प्राइवेट अस्पताल कुरुक्षेत्र में भर्ती करा दिया। यहां से भी घरवाले उसे शाहाबाद के आदेश मेडिकल अस्पताल ले आए। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। दोनों भाइयों को भेजा जेल- SHO थाना शाहाबाद के SHO जगदीश टामक ने बताया कि 10 फरवरी को पुलिस ने आरोपी गनमैन गुरदेव सिंह को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लिया था। उससे वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद की गई। अब उसके भाई हिम्मत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट के ऑर्डर से दोनों को जेल भेज दिया है। अमेरिका से डिपोर्ट होकर आया दूसरा आरोपी SHO जगदीश टामक ने बताया कि दोनों आरोपी आपस में सगे भाई है। हिम्मत सिंह गांव से अपने भाई गुरदेव सिंह से मिलने के लिए शाहाबाद आया था। दोनों भाई होटल में कमरा लेकर पार्टी करने आए थे। पिछले साल ही हिम्मत सिंह अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस इंडिया आया था।
रोहतक पीजीआईएमएस में आर्थोपेडिक विभाग की तरफ से 44वें आर्थोपेडिक एसोसिएशन ऑफ नार्थ जोन का 13 से 15 फरवरी तक किया जा रहा है, जिसमें नार्थ इंडिया के सभी राज्यों से आर्थो के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हो रहे हैं। साथ ही अमेरिका व इंग्लैंड के डॉक्टर भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। पीजीआई आर्थोपेडिक विभाग के हेड डॉ. रूप सिंह ने बताया कि पीजीआई में 11 साल बाद 44वें आर्थोपेडिक एसोसिएशन ऑफ नार्थ जोन सेमिनार का आयोजन किया गया है, जिसमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, जम्मू एंड कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के आर्थो से जुड़े डॉक्टर शामिल हो रहे हैं। यह एक वार्षिक इवेंट है, जो इस बार पीजीआई में हैं। 500 से अधिक प्रतिनिधि पहुंचे डॉ. रूप सिंह ने बताया कि सेमिनार में 500 से अधिक डेलीगेट्स भाग ले रहे है। नेशनल फैकल्टी स्टूडेंट को ज्ञान देने के लिए पहुंची है। वहीं 250 स्टूडेंट ने अपनी रिसर्च दी है, जिन्हें तीन दिनों में पेश किया जाएगा। साथ ही 6 वर्कशाप भी करवा रहे है, जिनमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दे रहे है। आर्थोपेडिट विभाग के फाउंडर सदस्य देंगे लेक्चर डॉ. रूप सिंह ने बताया कि सेमिनार के दौरान युवा डॉक्टरों को मरीज के ऊपर एडवांस ट्रेनिंग दे रहे है। साथ ही आर्थोपेडिट विभाग के फाउंडर सदस्य पीएस मैणी का लेक्चर करवा रहे है। यह एक साझा कार्यक्रम है, जिसमें एक दूसरे के साथ विचारों को साझा करेंगे। वर्कशाप में तीन विषयों पर दे रहे ट्रेनिंग डॉ. रूप सिंह ने बताया कि सेमिनार के दौरान तीन विषयों पर ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें रीड की हड्डी की सर्जरी, घुटनों की रिपेयरिंग व घुटने बदलने को लेकर ट्रेनिंग दे रहे हैं। रोबोटिक सर्जरी के ऊपर अभी ट्रेनिंग नहीं दे रहे, क्योंकि पहले स्टूडेंट को बेसिक ट्रेनिंग दे रहे हैं। अमेरिका व इंग्लैंड से पहुंचे डॉक्टर डॉ. अजय देवगन ने बताया कि मुंबई से डॉ. आनंद जोशी व डॉ. रोशन सेमिनार में पहुंचे है, जबकि अमेरिका से डॉ. दिलीप सेन गुप्ता व इंग्लैंड से डॉ. अशोक गोयल आए है। सेमिनार की थीम एक्सप्रेस एजुकेट इवॉल्व रखा गया है। जब तक आपस में मिलकर चीजों को साझा नहीं करेंगे, तब तक रिसर्च नहीं कर सकते, इसलिए सेमिनार आयोजित किया है।
US LNG Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (US-India Trade Deal) होने जा रही है. इस डील को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं. एक पक्ष इस डील के नुकसान गिना रहा है, ये कह रहा है कि सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए तो वहीं दूसरा पक्ष डील के फायदे गिना रहा है.
US Iran tensions: अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिया है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.
सुपौल में गुरुवार शाम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ में राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के लोहियानगर चौक पर राजद किसान प्रकोष्ठ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहन यादव ने किया। इसमें बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। व्यापार समझौता किसानों के हितों के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मोहन यादव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए घातक साबित होगा। उनके अनुसार इस समझौते से विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा और स्थानीय उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना चर्चा, पारदर्शिता और विशेषज्ञों की राय लिए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। “किसान पहले ही महंगाई, डीजल–खाद की बढ़ती कीमत और फसल का उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में विदेशी व्यापार को प्राथमिकता देने वाले फैसले उनकी स्थिति को और कमजोर कर देंगे। शर्तें सार्वजनिक करने की मांग राजद नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह व्यापार समझौते की शर्तें सार्वजनिक करे और किसान संगठनों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ व्यापक चर्चा करे। उनका कहना था कि फैसला लेने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक होनी चाहिए और इससे प्रभावित होने वाले वर्गों की राय को महत्व दिया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा, सरकार की आर्थिक नीतियों का भार सीधे ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है, जिससे किसान और छोटे उद्यमी दोनों प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों को बढ़ावा दे रही है जबकि देश की आत्मनिर्भर कृषि और घरेलू बाजार को नुकसान पहुंच रहा है। ‘जरूरत पड़ी तो चरणबद्ध आंदोलन’ प्रदर्शन में शामिल अन्य वक्ताओं ने कहा कि केंद्र के आर्थिक फैसलों से आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यापार समझौता वापस नहीं लिया गया, तो राजद चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेगा और जिले से लेकर राजधानी तक विरोध की आवाज उठाई जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के बजाय ऐसे फैसले किए जा रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हानि पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी रखेगी। पुतला दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में राजद नेताओं ने कहा कि किसानों और आम जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक केंद्र सरकार अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं करती, विरोध जारी रहेगा।
Fitch on India GDP: भारत ने बीते 6 सालों में 9 ट्रेड डील्स की है, जिसमें 5 एफटीए साइन किए हैं. दो बड़ी डीलों के बाद से भारत की इकोनॉमी को लेकर रेटिंग एजेंसियों के अपने अनुमानों में बदलाव कर दिए हैं.
Share Market Crash: शेयर बाजार नए डर के साये में है. मार्केट में AI का नया डर हावी हो गया है. कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन भी ये डर बाजार में बिकवाली की वजह बना. शुक्रवार, 13 फरवरी को भी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर बुरी तरह से क्रैश हो गए.
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, कुल 90 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू साफ। IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर, TCS और Infosys के शेयर टूटे। जानें गिरावट की वजह और आगे क्या हो सकता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर राहुल गांधी का हमला तेज, कहा- किसानों के हितों से किसी कीमत पर समझौता नहीं
सत्तापक्ष की ओर से हो रही आलोचनाओं के बावजूद राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि चाहे उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए या उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के लिए एक युवक ने दे दी अपनी बलि
Pouria Hamidi Iran suicide: ईरान के एक युवक ने, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प को संबोधित एक वीडियो संदेश पोस्ट करने के बाद, शुक्रवार 6 फ़रवरी के दिन आत्महत्या कर ली। अपने वीडियो में, पूरिया हामिदी नाम के इस युवक ने अमेरिकी प्रशासन से ईरान के साथ ...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
कैरेबियन सागर में टकराए अमेरिकी नौसेना के जहाज, दो नाविक घायल, समंदर में कैसे हुआ हादसा?
बीते दिन कैरेबियन सागर में अमेरिका ने वेनेजुएला के कई तेल टैंकर को कब्जे में लिया था. इसके साथ ही यहां पर मिलिट्री फोर्स को बढ़ा दिया था. अब कैरिबियन सागर में दो नेवी जहाजों की कड़ी टक्कर हो गई,यह हादसा ईंधन भरने (रिफ्यूलिंग) के दौरान हुआ, इस घटना की वजह से दो नाविक घायल हो गए हैं.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आप का प्रदर्शन, बोले- किसानों और व्यापारियों के साथ धोखा
भास्कर न्यूज| जालंधर केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में किए गए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) ने मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को आप ट्रेड विंग और किसान विंग के पदाधिकारियों ने भगवान वाल्मीकि चौक पर जिला स्तरीय रोष प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह समझौता पूंजीवादी सोच से प्रेरित है और इससे छोटे व्यापारियों व किसानों की कमर टूट जाएगी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ट्रेड विंग के जिला प्रधान इंदरवंश सिंह चड्ढा और अश्वनी कोहली ने कहा कि यह समझौता 1947 के पहले के दौर की याद दिलाता है, जब विदेशी ताकतों के इशारे पर फैसले होते थे। प्रदेश सचिव हरविंदरपाल सिंह मनोचा ने कहा कि इस समझौते का सीधा लाभ केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिलेगा। किसान विंग के प्रधान नरवेल सिंह कंग ने कहा कि देश का किसान पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में विदेशी व्यापार समझौतों से स्थानीय कृषि बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इस मौके पर डॉ. अमित शर्मा, नवनीत सिंह जुनेजा, अजयेश शर्मा, नरेंद्र सिंह, चंदन सिंगला, मनविंदर सिंह विर्दी समेत अन्य मौजूद रहे।
DNA: ट्रंप भले खलीफा को कितना भी डराएं-धमकाएं. लेकिन सच ये है कि वो आजकल अपनों से ही हार रहे हैं. टैरिफ को हथियार बनाकर अपने ही करीबी देशों के खिलाफ इस्तेमाल करने वाले ट्रंप को अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव से करारा झटका लगा है.
ट्रेड डील पर राहुल-गोयल की तकरार, अमेरिकी टैरिफ के दावों पर जुबानी जंग
राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इसे किसानों के खिलाफ बताया, वहीं पियूष गोयल ने अमेरिकी कपास टैरिफ को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया।
Why AI girlfriends craze in US: AI पार्टनर को लेकर दुनिया भर में क्रेज बढ़ता जा रहा है. लेकिन हैरत की बात ये है कि अमेरिका में जहां AI गर्लफ्रेंड बनाने के लिए दीवानगी है. वहीं चीन में AI बॉयफ्रेंड का चलन तेजी से बढ़ रहा है. सवाल है कि दोनों मुल्कों में एआई पार्टनर का अलग-अलग क्रेज क्यों है?
Kirti Vardhan Singh: सरकार की तरफ से पिछले हफ्ते बताया था कि 2025 में अब तक 3800 से अधिक भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है. इनमें से 3414 लोगों को वॉशिंगटन के जरिए भेजा गया है.
कैमूर के भभुआ में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने एकता चौक पर केंद्र सरकार तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कथित समझौते को किसानों के लिए 'घातक' बताया। राजद नेता अजीत सिंह ने मौके पर कहा कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो समझौता किया है, वह देशहित के खिलाफ है और इसकी पूरी जानकारी जनता से छिपाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे किसानों को भारी नुकसान होगा। भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई सिंह ने विशेष रूप से कृषि उत्पादों पर अमेरिकी वस्तुओं को शून्य प्रतिशत टैरिफ देने और भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक कर लगाने की आशंका जताई। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसान बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे और उनकी आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस समझौते को तत्काल वापस लेने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में बिरजू पटेल, रविंदर सिंह, सुनील यादव, सुरेश कुमार, रामचंद्र बिंद और बिरेंद्र पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए।
संभल के बहजोई स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा, जिसमें समझौता रद्द करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समझौता रद्द नहीं किया गया तो 2020-21 की तरह बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनपाल यादव के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे यह प्रदर्शन हुआ। किसानों ने इस व्यापार समझौते को किसान विरोधी कदम बताया। उनका तर्क है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी, मशीनरी और बड़े कोऑपरेटिव फार्म मॉडल पर आधारित है। किसानों ने आशंका जताई कि यदि भारत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद और दालों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती अमेरिकी फसलें भारतीय बाजारों में आ जाएंगी। इससे भारतीय किसान, जो पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं, प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। किसानों का कहना है कि यह समझौता ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा आघात करेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य आत्मनिर्भरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इसके अतिरिक्त, भारत के किसान आज भी अपनी पारंपरिक बीज संचय और संरक्षण पर निर्भर हैं। बीज कंपनियों के हाथों में नियंत्रण आने से भारतीय किसान अपनी पारंपरिक बीज स्वतंत्रता खो देंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने इस समझौते को किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले भारत सरकार अमेरिकी सामान पर 70-80 प्रतिशत टैरिफ लगाती थी, जबकि अब यह केवल 18 प्रतिशत रह गया है, जिस पर सरकार खुशी मना रही है। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख किसानों में देशराज सिंह यादव, महीदेव सिंह, युसूफ अली, डॉ. शुभम चौधरी, महेश यादव, अमर सिंह, प्रवेश यादव, नरेश शर्मा, सतेंद्र शर्मा, राजपाल सिंह, रामनिवास, उदयवीर सिंह, अमरपाल यादव, कृष्ण गोपाल, राजू यादव, तेजपाल सिंह, रामवीर सिंह यादव और जसवीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
बक्सर में राजद ने मोदी-ट्रंप का पुतला फूंका:भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आंबेडकर चौक पर प्रदर्शन
बक्सर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने गुरुवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन शहर के अंबेडकर चौक पर आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर किसान और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील देश के हितों के खिलाफ है और कृषि व्यवस्था तथा छोटे किसानों के लिए हानिकारक साबित होगी। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने कहा कि राजद हमेशा किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विदेशी ताकतों के दबाव में ऐसे निर्णय ले रही है, जिससे देश के किसानों की आजीविका खतरे में पड़ रही है। यादव ने घोषणा की कि पार्टी इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाएगी। किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बबलू यादव ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने करीबी उद्योगपतियों के फायदे के लिए फैसले ले रहे हैं, जबकि किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है। यादव ने कहा कि अमेरिका के दबाव में लिया गया यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से ट्रेड डील वापस लेने की मांग की। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राजद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारत और अमेरिका के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को किसानों के लिए 'घातक' बताया है। पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ गुरदासपुर के हनुमान चौक पर प्रदर्शन किया और भारत बंद का समर्थन किया। AAP के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस व्यापारिक समझौते के विरोध में हनुमान चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। वे हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे और समझौते के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भारत भूषण बोले- व्यापारिक समझौते से भारतीय कृषि तबाह इस अवसर पर पार्टी के ट्रेड विंग के जिला चेयरमैन सिमरजीत सिंह साब और मार्केट कमेटी के चेयरमैन भारत भूषण शर्मा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह व्यापारिक समझौता भारतीय कृषि को पूरी तरह तबाह कर देगा। नेताओं ने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका को डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों को भारत के बाजारों में बेचने के लिए कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इससे अमेरिकी उत्पाद सस्ते होकर भारतीय बाजार में आएंगे। इसके विपरीत, यदि भारतीय व्यापारी अपने उत्पाद अमेरिका में बेचना चाहते हैं, तो उन्हें कम से कम 18 प्रतिशत टैक्स चुकाना होगा।AAP नेताओं ने जोर देकर कहा कि इस समझौते से भारत को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि देशवासियों को आर्थिक नुकसान ही उठाना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि अमेरिका के दबाव में किया गया यह समझौता जल्द से जल्द रद्द किया जाए।
रूस ने WhatsApp पर लगाया पूरी तरह से बैन, अमेरिकी दादागिरी का दिया करारा जवाब
रूस में WhatsApp को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। 11 फरवरी को WhatsApp ने बताया कि रूसी सरकार ने उसके सर्विसेज पर “फुल ब्लॉक” लागू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम सरकार द्वारा समर्थित एक नए “सुपर ऐप” Max को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। ...
महोबा कलेक्ट्रेट में किसानों ने केंद्र सरकार और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन ने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में सनातन परंपरा के अनुसार शंख बजाकर प्रदर्शन की शुरुआत की। उनका कहना था कि संकट के समय शंखनाद कर आर-पार की लड़ाई का आगाज किया जाता है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। किसान नेताओं बृजेंद्र कुमार, वेदप्रकाश नायक, माधुरी दीक्षित, अशोक राजपूत और मुहम्मद कमर ने आरोप लगाया कि यह समझौता गुपचुप तरीके से किया जा रहा है। इसमें किसानों की सहमति नहीं ली गई और न ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। किसानों का तर्क है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी और मशीनीकृत कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। यदि भारत सोयाबीन, मक्का और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती विदेशी उपज भारतीय मंडियों में भर जाएगी, जिससे छोटे भारतीय किसान तबाह हो जाएंगे। ज्ञापन में विशेष रूप से डेयरी सेक्टर पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की चेतावनी दी गई है। किसानों का कहना है कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था दुग्ध उत्पादन पर निर्भर है, और अमेरिकी उत्पादों के आयात से लाखों परिवार प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था पर भी खतरा मंडरा रहा है। किसानों को यह भी डर है कि अमेरिकी कंपनियाँ पेटेंट के माध्यम से बीजों पर नियंत्रण कर लेंगी, जिससे किसान अपनी पारंपरिक बीज स्वतंत्रता खो देंगे। भारतीय किसान यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता केवल व्यापार का नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्वायत्तता का प्रश्न है। किसानों ने मांग की है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। बड़ी संख्या में मौजूद इन अन्नदाताओं के आक्रोश ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो यह शंखनाद दिल्ली की सीमाओं तक फिर से सुनाई देगा।
केंद्र सरकार की तरफ से अप्रैल 2026 से 4 श्रम संहिताओं को लागू किए जाने के फैसले के खिलाफ देशभर में विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को भिलाई इस्पात संयत्र के मुख्य मार्ग पर 7 यूनियनों ने एक साथ आंदोलन किया। इस दौरान मार्ग को रोककर युनियन नेताओं ने अपना विरोध जताया। दरअसल, 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र फेडरेशनों और उद्योग आधारित ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों का आरोप है कि, ये श्रम कानून मजदूर विरोधी है। इनके लागू होने से संगठित और असंगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिरता खत्म हो जाएगी। मोदी सरकार ने सरेंडर किया, हमर लेबर कोड रद्द करवा कर ही रहेंगे- एक्टू सेंट्रल ऑफ स्टील वर्कर्स एक्टू के महासचिव विजेंद्र तिवारी ने कहा कि, भारत-अमेरिका डील में मोदी सरकार ने जिस तरह सरेंडर किया है, इस डील को हम रद्द करने की मांग कर रहे है। यह आंदोलन पूरे देश में चल रहा है। इस हड़ताल को सभी संगठन का समर्थन मिल रहा है। हम चाहते हैं चार लेबर कोड रद्द हो। ठेका प्रथा रद्द किया जाए। निजीकरण बंद हो। देशभर में जिस तरह नफरत फैलाया जा हा है, धार्मिक उन्माद फैलाया जा रहा है, लोगों को बांटा जा रहा है, ये सब बंद होना चाहिए। लेबर कोड मजदूर को गुलाम बनाने वाला- एटक भिलाई स्टील मजदूर सभा एटक के महासचिव विनोद कुमार सोनी ने कहा कि, ट्रेड यूनियनों के अनुसार नए लेबर कोड लागू होने पर कार्य अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे तक की जा सकेगी। महिला कर्मचारियों को भी रात्रि पाली में बुलाने का अधिकार प्रबंधन को मिल जाएगा। बिना सूचना के एक दिन अनुपस्थित रहने पर 8 दिन का वेतन काटे जाने का प्रावधान होगा। यह लेबर कोड मजदूरों को पूरी तरह से गुलाम बना देगा। फैक्ट्री एक्ट में भी बदलाव कर दिया। अब कोई परमानेंट नौकरी नहीं मिलेगी, भविष्य भी सुरक्षित नहीं- लोईमू लोईमू यूनियन के जनरल सेक्रेटेरी सुरेंद्र मोहंती ने कहा कि नए नियमों के मुताबिक 300 से कम कर्मचारियों वाले कारखानों को फैक्ट्री एक्ट के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा, जिससे स्थाई आदेश लागू नहीं होंगे और ले-ऑफ के लिए सरकारी अनुमति की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यूनियनों का कहना है कि स्थाई नौकरियों समाप्त हो जाएगी। 11 प्वाइंट पर लड़ाई लड़ रही यूनियन भिलाई में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू, लोईमू, स्टील वकर्स यूनियन संयुक्त रुप से आंदोलन कर रही है। इन सभी यूनियनों ने यह भी मुद्दा उठाया कि सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) कर्मियों का 2017 से लंबित वेतन समझौता अब तक पूरा नहीं हुआ है और 39 महीने के एरियर भुगतान पर भी संकट है। इसके अलावा यूनियनों ने चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने, सेल कर्मियों का वेतन समझौता पूरा करने, सार्वजनिक उपक्रमों और खदानों के निजीकरण पर रोक लगाने, स्थाई भर्ती सुनिश्चित करने तथा सभी श्रमिकों के लिए 26 हजार रुपए प्रतिमाह राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन लागू करने समेत 11 मुद्दों पर अपनी मांग रखी है।
भारत–अमेरिका कृषि समझौते के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय लखनऊ में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। “मेरा खेत – मेरा अधिकार” के नारे के साथ भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान धरना-प्रदर्शन जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठ गए हैं। वह डीएम विशाख जी. का इंतजार कर रहे हैं। उन्हीं को केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का ज्ञापन देंगे। उनका कहना है कि हम लोग गांव इतनी दूर आ गए और डीएम साहब कमरे से नहीं निकल पा रहे हैं। हम उन्हें अपना ज्ञापन देकर ही यहां से लौटेंगे। 2 तस्वीरें देखिए… प्रदर्शन के पल-पल अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
हालिया सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से संकेत मिले हैं कि कतर स्थित अल-उदीद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को मोबाइल लॉन्चरों पर तैनात किया गया है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के साथ सबसे बड़ी गद्दारी: कुलदीप धालीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की वकालत कर रहे पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर जोरदार हमला बोला है
नमस्कार, कल की बड़ी खबर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि वो यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। वहीं, दूसरी बड़ी खबर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों से कुकर्म करने के आरोप को लेकर है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने माना- एपस्टीन से 3-4 मुलाकातें हुईं, मीटिंग प्रोफेशनल थी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। यह बातचीत पूरी तरह से प्रोफेशनल थी, जो इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और दूसरे इंटरनेशनल कामों से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि इन मीटिंग्स का किसी भी तरह की गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था। पुरी ने कहा;- जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी। राहुल ने संसद में नाम लिया था: कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में एपस्टीन फाइल्स को लेकर पुरी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था- अनिल अंबानी को जेल क्यों नहीं हुई? क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं जानता हूं कि उनको एपस्टीन से किसने मिलवाया था। हरदीप पुरी भी जानते हैं कि किसने मिलवाया था। पढ़ें पूरी खबर... 2. राहुल ने कहा- सरकार ने भारत माता को बेचा, रिजिजू बोले- कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो बेच सके लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बजट पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने इंडिया-US ट्रेड डील के जरिए भारत माता को बेच दिया है। यह पूरी तरह सरेंडर है। अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। हमारा फैसला प्रधानमंत्री नहीं करेंगे। राहुल गांधी ने फिर दोहराया;- PM मोदी डरे हुए हैं, क्योंकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है। अमेरिका में अडाणी के खिलाफ केस चल रहा है। इसी वजह से PM मोदी ने डरकर ट्रम्प से समझौता कर लिया और भारत माता को बेच दिया। अब पढ़िए सरकार का बयान: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा, 'कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ, जो देश को बेच सके और कोई खरीद सके।' वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेसी कहते हैं कि मोदी ने सरेंडर कर दिया। लेकिन हकीकत ये है कि भारत को कांग्रेस ने बेचा। पढ़ें पूरी खबर... 3. UP सरकार ने 2027 चुनाव से पहले आखिरी बजट पेश किया, महिलाओं पर फोकस यूपी सरकार ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को अपना आखिरी बजट पेश किया। इसमें महिलाओं पर फोकस रहा। करीब 9 लाख 12 हजार करोड़ के बजट में सिर्फ महिलाओं की अलग-अलग योजनाओं पर 18 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। लड़कियों के लिए 12 नए ITI खुलेंगे: सिर्फ महिलाओं के लिए 12 नए आईटीआई खुलेंगे। बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 10 लाख रोजगार देने, 14 नए मेडिकल कॉलेज, 3 यूनिवर्सिटी खोलने जैसे कई बड़े एलान किए। पढ़ें पूरी खबर… 4. अविमुक्तेश्वरानंद पर में 20 बच्चों से कुकर्म के आरोप, रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों ने 20 से ज्यादा बच्चों के साथ कुकर्म किया है। आशुतोष ने कहा कि गुरुकुल की आड़ में वह बाल उत्पीड़न करते हैं। अपने आरोपों की पुष्टि के लिए उन्होंने 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया है। अब 20 फरवरी को दोनों पक्षों के वकील कोर्ट में पेश होंगे। शंकराचार्य ने सभी आरोप खारिज किए: अविमुक्तेश्वरानंद ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- हमने कोर्ट में सारे साक्ष्य दिए हैं। हमें न्यायपालिका पर भरोसा है। जबसे हमने गोमाता की रक्षा के लिए आवाज उठानी शुरू की, तब से सरकार और कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आ रहा। पढ़ें पूरी खबर... 5. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले- अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल किया, मतलब निकलने पर टॉयलेट पेपर की तरह फेंका पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा कि अमेरिका ने अपने फायदे के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और काम निकलने के बाद उसे टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया। उन्होंने यह भी माना कि पाकिस्तान का आतंकी इतिहास रहा है। आज देश में जो आतंकवाद है, वह उनकी गलतियों का ही नतीजा है। पाकिस्तानी रक्षामंत्री ने ऐसा बयान क्यों दिया: आसिफ का यह बयान उस समय आया जब संसद ने इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में हुए हमले के खिलाफ निंदा का प्रस्ताव पास किया। 6 फरवरी को नमाज के दौरान हुए इस आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई और 169 लोग घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है। पढ़ें पूरी खबर... 6. राष्ट्रगान से पहले गाया जाएगा वंदे मातरम, सभी 6 पैरा गाना जरूरी अब राष्ट्रगान से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। इसके लिए केंद्र ने नए आदेश जारी किए हैं। अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान सभी को खड़े होना होगा। वहीं, अब इसके 2 की जगह सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। सिनेमाघरों को छूट: अब सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। हालांकि, सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम’ बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ₹1.5 करोड़ की उधारी लेने के लिए दंडवत यात्रा छत्तीसगढ़ में एक व्यापारी मनोज देवांगन ने 1.5 करोड़ की उधारी वसूलने के लिए दंडवत यात्रा शुरू की है। वो कर्जदारों और भगवान की तस्वीरें रथ में लगाकर गली-गली जाकर पैसे मांग रहे हैं। उनका कहना है कि सपने में मां काली ने भरोसा दिलाया कि ऐसा करने पर पैसे वापस मिल जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज धनु राशि वालों की इनकम के सोर्स बढ़ सकते हैं। मकर राशि के लोग जल्दबाजी से बचें। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
US-Iran War:इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू जब इजरायल से अमेरिका के लिए निकले थे तो उन्होंने साफ साफ कहा था कि इस दौरे में सबसे प्रमुख ईरान का मुद्दा होगा. और वॉशिंगटन में उतरने के बाद नेतन्याहू ने सबसे पहले डॉनल्ड ट्रंप के उन दूतों से मुलाकात की, जो ओमान में ईरान से समझौते की बातचीत में अमेरिकी वार्ताकार थे.
Venezuela Oil to India: भारत रूस से कच्चा तेल खरीदेगा या नहीं इसे लेकर साफ तस्वीर अब तक नहीं आई है. अमेरिका ने ट्रेड डील के लिए भारत के सामने शर्ते रखी है कि वो रूस से तेल नहीं खरीदेगा.
अब अमेरिका की 'लाइफलाइन' बनेगा भारत; India-US Trade Deal के बाद वॉशिंगटन से आई बड़ी खबर
भारत-US ट्रेड डील के बाद आई सबसे बड़ी खबर! अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने भारत को चीन का सबसे मजबूत विकल्प और अमेरिकी कंपनियों का नया मैन्युफैक्चरिंग हब बताया। जानें कैसे भारत की युवा शक्ति और विनिर्माण क्षमता अमेरिका की सप्लाई चेन को देगी नया सहारा और क्यों टेस्ला-ऐप्पल जैसी कंपनियां अब भारत को मान रही हैं अपना नया बिजनेस अड्डा।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है। आसिफ ने अमेरिका के साथ पाकिस्तान के पुराने रिश्तों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने इस्लामाबाद का इस्तेमाल एक ...
फतेहाबाद जिले में पुलिस की प्रेरणा से एक युवा की जिंदगी बदल गई है। टोहाना के गांव रत्ता खेड़ा निवासी सोनू सिंह, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, अब इटली में सम्मानजनक जिंदगी जी रहे हैं। उनकी यह कहानी अन्य युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है। सोनू सिंह का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। मात्र 10 वर्ष की आयु में उनके पिता का निधन हो गया। पिता की मौत के बाद उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। इस वजह से चौथी क्लास के बाद ही उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए सोनू ने बाइक रिपेयरिंग का काम सीखा। अपनी मेहनत से उसने टोहाना में खुद की वर्कशॉप बनाकर अपनी पहचान बनाई। गलत संगत में पड़ने पर नशा शुरू किया साल 2019 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने उनकी आर्थिक बदहाली में डाल दिया। कामकाज ठप होने से मानसिक तनाव बढ़ने लगा। इसी दौरान गलत संगत में पड़ने के कारण वह नशे की गिरफ्त में आ गया। शुरुआत में तनाव से राहत के लिए नशा करना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे यह एक लत बन गई। बाइक रिपेयरिग का धंधा ठप हुआ नशे की लत ने उसे इस तरह गिरफ्त में ले लिया कि उसका बाइक रिपेयरिंग का धंधा भी ठप हो गया। बेहतर भविष्य की तलाश में उन्होंने 'डंकी रूट' के माध्यम से विदेश जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें डिपोर्ट कर वापस भेज दिया गया। लगातार असफलताओं और नशे की गिरफ्त ने उनके जीवन को लगभग तोड़ दिया था। परिजनों ने पुलिस को सुनाई आपबीती इसी बीच फतेहाबाद SP सिद्धांत जैन के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की जानकारी गांव तक पहुंची। सोनू के परिजनों ने थाना शहर पुलिस के माध्यम से अपनी व्यथा SP तक पहुंचाई। इलाज और सलाह से सुधरी सोनू की हालत SP ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लिया और नशा मुक्ति टीम प्रभारी सुन्दर लाल को गांव भेजकर परिवार और सोनू से संपर्क स्थापित कराया। नशा मुक्ति टीम ने सलाह और इलाज के जरिये के सोनू का मनोबल बढ़ाया। उसे परिवार जैसा स्नेह और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का विश्वास दिया गया। अब सोनू इटली में खुशहाल जिंदगी जी रहा है।
लुधियाना जिले के जगराओं में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर शुक्रवार को अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ गांवों में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बसुवाल और कांऊके कलां गांवों में हुए इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाकर अपना विरोध जताया। बता दे कि यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान किसानों ने पंजाब सरकार पर पुलिस अत्याचार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। शाही गुलामी की ओर धकेल रहा एग्रीमेंट वहीं किसान नेताओं तरसेम सिंह बसुवाल और कीर्ति किसान यूनियन पंजाब के नेता करमजीत सिंह कांऊके ने आरोप लगाया कि यह ट्रेड एग्रीमेंट देश को एक बार फिर शाही गुलामी की ओर धकेल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के तहत लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के अमेरिकी कृषि उत्पाद, जिनमें खेती का सामान, फल और दूध से जुड़े उत्पाद शामिल हैं, भारतीय बाजार पर कब्जा कर लेंगे। किसानों ने लगाए सरकार पर आरोप इससे देश के किसानों को भारी नुकसान होगा।किसान नेताओं ने मोदी सरकार पर किसानों के साथ बड़ा धोखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने मनरेगा को खत्म करने, लेबर कोड लागू करने और चिप वाले स्मार्ट मीटर लगाने जैसे फैसलों को आम मेहनतकश वर्ग के लिए घातक बताया। शनिवार को मजदूर रैली का आयोजन प्रदर्शन में मौजूद किसानों और मजदूरों ने उगराहां जत्थेबंदी के मजदूरों पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्याचार के खिलाफ भी विरोध दर्ज करवाया।किसान नेता कुंडा सिंह ने बताया कि संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर शनिवार को बस स्टैंड जगराओं में एक मजदूर रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।
भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष ने अमेरिकी भारत के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन की ओर से आज सभी जिला और डीसी मुख्यालयों पर विशाल मार्च निकाला गया। इस दौरान किसानों ने मोदी और ट्रंप के पुतले फूंके और सरकार विरोधी नारे लगाए। मीडिया से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के किसानों, डेयरी किसानों, छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुककर देश के हितों से समझौता किया है। किसान नेताओं के अनुसार, जो सरकार खुद को 'विश्व गुरु' बताती थी, वह आज अमेरिका के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर चुकी है। किसान नेता बोले- किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा किसान नेताओं जसविंदर सिंह और पलविंदर सिंह ने यह भी कहा कि इस समझौते को लेकर देश की जनता को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। पहले अमेरिका के अधिकारियों के ट्वीट के माध्यम से ही इस डील का खुलासा हुआ। सरकार दावा कर रही है कि सोयाबीन को बाहर रखा गया है, लेकिन हकीकत यह है कि सोयाबीन तेल और मक्के से जुड़े उत्पाद बड़े पैमाने पर आयात किए जाएंगे। जिससे देश का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका के किसानों के पास सैकड़ों एकड़ जमीन है और उन्हें करोड़ों रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत का किसान औसतन एक से डेढ़ एकड़ जमीन का मालिक है और उसे 12 हजार रुपये की सहायता भी सही ढंग से नहीं मिलती। ऐसे हालात में भारतीय किसान अमेरिकी किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि यह ट्रेड डील रद्द नहीं की गई तो आने वाले दिनों में भाजपा सरकार के खिलाफ देशभर में बड़ा और तीखा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुतला दहन केवल शुरुआत है और जल्द ही यह संघर्ष जनआंदोलन का रूप लेकर सरकार को घेर लेगा।
US-India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच संबंध हर बदलते दिन के साथ बदल रहे हैं. अमेरिका ने पहले 50 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर ट्रेड डील की बातचीत को बीच में ही बंद कर दिया, रूसी तेल पर नाराजगी दिखाई.
पंजाब सरकार द्वारा अपराध पर नियंत्रण के लिए ऑपरेशन प्रहार-2 शुरू किए जाने के बावजूद राज्य में लगातार हो रही जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाएं लोगों में डर पैदा कर रही हैं। व्यापारी, खिलाड़ी और युवा पहले ही असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं, वहीं अब यह बढ़ती कानून-व्यवस्था की चिंता एनआरआई परिवारों को भी पंजाब आने से रोक रही है। ऐसा ही एक मामला गोराया क्षेत्र के बारा गांव से सामने आया है, जहां अमेरिका में बसे एक एनआरआई परिवार ने अपने पैतृक गांव आने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। 11 फरवरी को आना था गांव, उससे पहले घर पर हमला स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बारा गांव के मूल निवासी और अमेरिकी नागरिक कुलवंत सिंह कांटा सहोता अपने परिवार के साथ 11 फरवरी को पंजाब आने वाले थे। लेकिन यात्रा से कुछ दिन पहले ही उनके पैतृक घर पर तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद परिवार में भय का माहौल बन गया और उन्होंने सुरक्षा कारणों से पंजाब आने का फैसला रद्द कर दिया। बाइक सवार दो हमलावरों ने की तोड़फोड़ गांव के एक पूर्व पंचायत सदस्य और घर की देखरेख करने वाले युवक ने बताया कि दो हमलावर बाइक पर आए और घर की खिड़कियों के शीशे तथा वेंटिलेटर का कांच तोड़कर मौके से फरार हो गए। इस घर में पिछले कई वर्षों से एक प्रवासी मजदूर रह रहा है। घटना की CCTV फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हमलावर तोड़फोड़ करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। पहले भी बनाया गया था निशाना केयरटेकर ने खुलासा किया कि, यह पहली बार नहीं है जब इस परिवार को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी पुलिस ने इसी एनआरआई पर हमले की साजिश का खुलासा किया था। पुलिस जांच में जुटी मामले की शिकायत गोराया पुलिस में दर्ज करवाई गई है। शिकायत के आधार पर चौकी धुलेटा के इंचार्ज सुखविंदर पाल सिंह ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस मामले में कोई धमकी भरी कॉल या फिर जबरन वसूली की मांग सामने नहीं आई है, लेकिन जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है। एनआरआई में बढ़ती चिंता इस घटना के बाद पंजाब में एनआरआई परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बढ़ते अपराध और असुरक्षा का माहौल राज्य की छवि पर भी असर डाल रहा है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी पहले तथ्य पत्र में कहा गया था कि भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कुछ खाद्य व कृषि वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेगा या समाप्त करेगा। सूची में सूखे अनाज, लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, फल और नट्स, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और वाइन जैसे उत्पाद शामिल बताए गए थे।
क्या सोशल मीडिया बच्चों को बना रहा है ‘आदी’? अमेरिका में इंस्टाग्राम और यूट्यूब के खिलाफ मुकदमा
अमेरिका के लॉस एंजेलिस में इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ एक बहुचर्चित मुकदमा चल रहा है, जिसमें आरोप है कि इन प्लेटफार्मों के एल्गोरिदम और फीचर बच्चों में लत जैसी प्रवृत्ति पैदा करते हैं।
ट्रेड वार के बीच ट्रंप की नई चेतावनी, नहीं खुलने देंगे अमेरिका-कनाडा ब्रिज
करीब ढाई किलोमीटर लंबे गार्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। यह पुल डेट्राइट (मिशिगन) को विंडसर (ओंटारियो) से जोड़ेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 4.7 अरब डॉलर बताई जा रही है।
फौजी पति के पास गई भिवानी की महिला लापता:मां को बोला दामाद- वह अमेरिका चली गई; 8 महीने पहले शादी हुई
भिवानी जिले के एक गांव निवासी महिला ने अपनी बेटी के संदिग्ध हालात में लापता होने की शिकायत बहल थाना पुलिस को दी है। महिला ने इस मामले में अपने दामाद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद श्रीगंगानगर में रह रही थी बेटी तोशाम तहसील के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि उसकी बेटी की शादी 28 मई 2025 को भारतीय सेना में तैनात युवक से हुई थी। शादी के बाद दोनों श्रीगंगानगर स्थित सेना के क्वार्टर में रह रहे थे। कुछ दिन पहले दामाद छुट्टी पर घर आया और बेटी के सभी सोने-चांदी के गहने अपने साथ ले गया। पूछने पर उसने कहा कि सेना क्षेत्र में गहने पहनने की अनुमति नहीं है और चोरी का डर रहता है, इसलिए गहने घर पर सुरक्षित रखेगा। 26 जनवरी के बाद नहीं हुई बात, फोन बंद मिला महिला ने बताया कि उसकी बेटी से आखिरी बार 26 जनवरी की सुबह करीब साढ़े 9 बजे बात हुई थी। इसके बाद बेटी से कोई संपर्क नहीं हो पाया। जब भी फोन किया गया, मोबाइल बंद मिला। वहीं दामाद से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उसने फोन नहीं उठाया। 29 जनवरी को जब बात हुई तो उसने कहा कि बेटी उसकी जिम्मेदारी है और सुरक्षित है। रेजिमेंट से आया फोन, दामाद ने दी संदिग्ध जानकारी महिला ने बताया कि कुछ दिन बाद दामाद की रेजिमेंट से फोन आया कि वह छुट्टी पर जा रहा है क्योंकि उसके पिता की तबीयत खराब है। जब रेजिमेंट के अधिकारियों ने उसकी पत्नी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह अमेरिका चली गई है। जब अधिकारियों ने सबूत मांगा तो वह कोई प्रमाण नहीं दे सका। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को स्थानीय पुलिस में शिकायत देने की सलाह दी। पुलिस ने शुरू की जांच महिला ने बहल थाना पुलिस को शिकायत देकर बेटी का पता लगाने की गुहार लगाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस दामाद और उसके परिजनों से पूछताछ कर रही है और लापता महिला की तलाश में जुटी हुई है।
हरियाणा के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया जा रहा है। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उसको हिरासत में लेने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात कर दी गई है। मोटा पर हत्या, रंगदारी और लूट जैसे गंभीर अपराधों के 20 से ज्यादा मामले हैं। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और विदेश में बैठकर अपने नेटवर्क के जरिए गैंग ऑपरेट कर रहा था गैंगस्टर मोटा की गिरफ्तारी के बाद बुधवार दोपहर STF द्वारा गुरुग्राम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी जाएगी। सोमबीर कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का भाई है और रोहतक जिले का रहने वाला है। वे लंबे समय से हरियाणा और आसपास के इलाकों में अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। दोनों भाई कई बार जेल जा चुके हैं 10 फरवरी को डिपोर्ट हरियाणा पुलिस के आग्रह पर सीबीआई ने एक साल पहले 11 फरवरी, 2025 को इंटरपोल के जरिए मोटा के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था। सीबीआई ने मोटा की लोकेशन पता लगाने और उसे भारत लाने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसियों के साथ कोआर्डिनेशन किया। इसके बाद सीबीआई, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से मोस्ट वांटेड भगोड़े सोमवीर मोटा को 10 फरवरी को अमेरिका से डिपोर्ट कराया गया। गैंगस्टर काला जठेड़ी का करीबी सोमबीर और अनिल छिप्पी गैंगस्टर काला जठेड़ी के करीबी हैं। इनका नाम साल 2009 में करौर में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में सामने आया था। इस मामले में काला जठेड़ी समेत सात लोगों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
भारत और US के जॉइंट स्टेटमेंट में दालों के इंपोर्ट का कोई जिक्र नहीं था. भारत ने कहा है कि एक बार जब टैरिफ पर क्लैरिटी मिल जाएगी, तो देखेंगे कि US से दालों की सोर्सिंग बढ़ानी है या नहीं.
रूट 66 हो या लिंकन हाईवे, अमेरिका की एक पहचान अच्छी सड़कों वाले देश के रूप में भी है। जल्द ही आप बिहार में भी अमेरिका जैसी सड़कों पर फर्राटा भर सकेंगे। राज्य में ऐसे 5 एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। 6 लेन वाले इन एक्सप्रेस वे पर 1 km दूर से मोड़ नजर आएगा। आप 120 km/h की रफ्तार से कार दौड़ा पाएंगे। सभी एक्सप्रेस वे की कनेक्टिविटी पटना से होगी। बिहार के किसी भी कोने से आप तीन घंटे में राजधानी पटना पहुंच जाएंगे। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए बिहार में किन 5 एक्सप्रेस वे का निर्माण चल रहा है। ये किन जिलों से गुजरेंगे। इनकी खासियत क्या है। 1- आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे यह बिहार का पहला उत्तर-दक्षिण एक्सप्रेस वे होगा। 225 km लंबा यह एक्सप्रेस वे उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ेगा। औरंगाबाद के आमस से शुरू होकर दरभंगा तक जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे 6 जिलों (गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा) से गुजरेगा। इससे राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्सों से देश के बाकी हिस्सों तक माल ढुलाई में आसानी होगी। 2- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे 520 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगा। यह एक साथ तीन राज्यों को एक सूत्र में बांधेगा। इससे नेपाल के साथ लगी सीमा तक पहुंच आसान होगी। एक्सप्रेस वे गंडक और कोसी नदी पर अतिरिक्त ब्रीज के सहारे सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। यह एक्सप्रेस वे बिहार के 9 जिलों (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया और किशनगंज) से होकर गुजरेगा। अगले चार साल में बनकर तैयार होगा। राज्य में इसकी लंबाई करीब 416 किलोमीटर होगी। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल के हाईवे को नई कनेक्टिविटी मिलेगी। पश्चिम चंपारण या किशनगंज से पटना जाना हो तो आपको मुजफ्फरपुर आना होगा। इसके बाद मुजफ्फरपुर से पटना आने वाली सड़क इस्तेमाल करनी होगी। इस एक्सप्रेस वे से सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम (माता सीता की जन्मस्थली) जाना आसान होगा। 3- वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे करीब 700 km लंबा यह एक्सप्रेस वे बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तीनों राज्यों को कोलकाता पोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे सामानों को निर्यात करना आसान होगा। बिहार में एक्सप्रेस वे की लंबाई करीब 121.70 km होगी। यह चार जिलों (कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जी) से गुजरेगा। इससे बिहार के लोगों को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने में आसानी होगी। समय कम लगेगा। इसका एलानमेंट मौजूदा जीटी रोड के 20-30 किलोमीटर दक्षिण से होकर गुजर रहा है। इस की खासियत मोस्ट अंडर डेवलप्ड और नक्सल प्रभावित इलाकों को कनेक्टिविटी देना है। बिहार सरकार इसके किनारे चार आर्थिक जोन बना रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे से मां मुंडेश्वरी मंदिर, गुप्त धाम, दुर्गावती जलाशय, मां तारा चंडी धाम और सूर्य देव मंदिर तक पहुंचना आसान होगा। इससे डोभी, औरंगाबाद और सासाराम से तीन शाखाएं निकालने का प्रस्ताव है। ये सड़कें एक्सप्रेस वे को पटना से जोड़ेंगी। 4. रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे करीब 650 km लंबे इस एक्सप्रेस वे का 407 km लंबा हिस्सा बिहार से गुजरेगा। यह बिहार के रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ेगा। इससे समुद्र के रास्ते हल्दिया पोर्ट आने वाले सामान को नेपाल ले जाना आसान होगा। बिहार को पोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आयात-निर्यात में आसानी होगी। उद्योग लगेंगे। यह एक्सप्रेस वे बिहार के 11 जिलों (पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका) से गुजरेगा। इस परियोजना के तहत बेगूसराय और मुंगेर (सूर्यगढ़ा के पास) के बीच गंगा नदी पर 6-लेन पुल बनाया जाएगा। 5. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे यह एक्सप्रेस-वे राजधानी पटना को उत्तर-पूर्वी बिहार के प्रमुख शहर पूर्णिया से जोड़ेगा। इसके बनने से सीमांचल क्षेत्र से पटना आने में लगने वाला समय सिर्फ तीन घंटे रह जाएगा। नीतीश सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के किसी भी कोने से पटना आने में लगने वाला समय 5 घंटे से कम होना चाहिए। 282 km लंबा यह एक्सप्रेस बिहार के 7 जिलों (सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया) से गुजरेगा। यह सारण के दिघवारा से शुरू होगा। वैशाली के मीरनगर, बिदुपुर और देसरी जैसे क्षेत्रों से गुजरेगा। इसके बाद समस्तीपुर के सरायरंजन और रोसड़ा जैसे महत्वपूर्ण प्रखंडों को कवर करेगा। सराय रंजन मंत्री विजय चौधरी का क्षेत्र है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान और हायाघाट से आगे चलकर सहरसा में इन करेगा। कोसी के कहरा होते हुए मधेपुरा और इसके बाद पूर्णिया पहुंचेगा। राजधानी पटना से जुड़ेंगे सभी 5 एक्सप्रेस वे ऊपर बताए गए सभी 5 एक्सप्रेस वे पटना से कनेक्ट होंगे। इसके लिए कनेक्टिंग एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। राजधानी के चारों ओर रिंग रोड पर काम चल रहा है। इसके लिए गंगा नदी पर दो बड़े ब्रिज बनाए जा रहे हैं। 120 km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां बिहार में बनने वाले सभी एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी। इनका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि 150 km/h की रफ्तार से गाड़ी चल सके। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए गति सीमा 120 km/h रखी जाएगी। 1 km दूर से दिख जाएगी मोड़ नए एक्सप्रेस वे पर विजिबिलिटी का ख्याल रखा जा रहा है। कोशिश है कि एक्सप्रेस वे सीधी लाइन में गुजरे। पथ निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 1 km दूर से ही मोड़ दिख जाएगी। कंटेनर को एक लेन से दूसरे लेन में जाने के लिए विशेष इंतजाम होंगे। सिक्स लेन पर यह इंतजाम रहेगा कि कंटेनर यू टर्न के दौरान कम से कम 1km दूर से दिख जाए। हादसे कम करने पर पूरा ध्यान है। सिक्स लेन पर कोई रेड लाइट और स्टॉप नहीं होगा। शहर, बाजार, गांव के पास एलिवेशन अपनाया जाएगा। क्यों खास हैं अमेरिका के हाईवे? आकार के मामले में अमेरिका दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। 1956 में राष्ट्रपति आइजनहावर के समय यहां इंटरस्टेट हाईवे सिस्टम शुरू किया गया था। इसके तहत लंबी-चौड़ी सड़कें बनाई गईं। सड़कों को स्पीड, सुरक्षा और डिफेंस के लिए डिजाइन किया गया था। शुरू में करीब 66 हजार किलोमीटर तक ऐसे हाई वे बनाए गए। इन सड़कों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। अमेरिका के आर्थिक महाशक्ति बनने के पीछे एक बड़ी वजह यहां की सड़कों को भी माना जाता है। यू.एस. रूट- 20 अमेरिका का सबसे लंबा (5415 km) हाई वे है। यह 12 राज्यों से गुजरता है। बोस्टन से मैसाचुसेट्स, न्यूपोर्ट और ओरेगन तक जाता है। यहां सबसे ज्यादा स्पीड लिमिट (136 kh/h) टेक्सास स्टेट हाईवे-130 पर है। पैन-अमेरिकन हाईवे उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका को जोड़ने वाले हाई वे का नेटवर्क है। इसकी कुल लंबाई लगभग 30,600 किमी है।
पीएम मोदी ने ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के मुकाबले ‘मेक इंडिया ग्रेट’ की सोच को मजबूती दी : जाखड़
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ ने इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर देश और पंजाब के लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नेशनल लेवल पर कांग्रेस और पंजाब में आप नेता इस डील को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि यह समझौता देश के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए भविष्य के नए रास्ते खोलता है। सुनील जाखड़ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति के कारण वैश्विक व्यापार असमंजस में था। ऐसे हालातों में 50 प्रतिशत तक टैरिफ के खतरे के बीच भारत के लिए विकास की राह बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इस चुनौती को अवसर में बदला और ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के मुकाबले ‘मेक इंडिया ग्रेट’ की सोच को मजबूती दी। उन्होंने कहा कि भारत ने किसी के सामने झुककर कोई सौदा नहीं किया, बल्कि स्पष्ट रूप से ‘इंडिया फर्स्ट’ की नीति अपनाई। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है और इस डील से भारत के लिए व्यापार, इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग के नए दरवाजे खुले हैं। जाखड़ ने किसानों के हितों को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि यह डील खेती के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में है। उन्होंने दावा किया कि 90 से 95 प्रतिशत कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा गया है और गेहूं-धान तक सीमित खेती से आगे बढ़कर एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट के नए अवसर तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस डील से एमएसएमई सेक्टर, टेक्सटाइल, दवा उद्योग और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं उन्होंने किसानों यूनियन नेताओं को भी अपील की कि वह 12 फरवरी से जो संघर्ष करने जा रहे है, वह उसे न करे। अगर उनके मन में किसी तरह की कोई आशंकाए है तो बताएं, हर आशंकाओं को वह दूर करेंगे। भाजपा हर मुद्दे पर बातचीत कर समाधान निकालने को तैयार है। जाखड़ ने कहा कि इंडिया-अमेरिका डील प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं के लिए रोजगार, उद्योगों के लिए विस्तार और किसानों के लिए सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी। उन्होंने इसे देश के आर्थिक भविष्य के लिए “सबसे बेहतरीन समाधान” करार दिया और लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रम और राजनीतिक गुमराही का शिकार न बनें। उन्होंने कहा कि अमेरिका में टेक्सटाइल सेक्टर का बाजार 345 बिलियन डॉलर का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 5 प्रतिशत है, जबकि चीन की हिस्सेदारी 25 से 35 प्रतिशत रही है। अब जब हमें चीन की तुलना में कम टैरिफ पर इस बाजार तक पहुंच मिलेगी, तो इससे हमारे टेक्सटाइल उद्योगों को सीधा लाभ होगा और पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग को भी इसका फायदा पहुंचेगा, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी होगा। पाकिस्तान के साथ व्यापार खोलने के मुद्दे पर जाखड़ ने कहा कि जब पड़ोसी देश आतंकवाद, हथियार और नशे की तस्करी का गढ़ बना हुआ है, तब उसके साथ व्यापार की बात करना अव्यावहारिक है। सिर्फ बॉर्डर खोलने से देश की तरक्की नहीं होगी, बल्कि मजबूत आर्थिक नीतियों और सुरक्षित व्यापारिक ढांचे की जरूरत है।
पाकिस्तान ने 32 रनों से दी संयुक्त राज्य अमेरिका को मात
PAKvsUSA साहिबजादा फरहान (73) और बाबर आजम (46) की शानदार पारियों के बाद उस्मान तारिक (तीन विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत पाकिस्तान ने टी-20 विश्वकप के 12वें मुकाबले अमेरिका को 32 रनों से हरा दिया।
अमेरिका की कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत एक्सपर्ट टोंक के सरकारी स्कूल में पहुंचे और विद्यार्थियों को खास टिप्स दिए। मंगलवार को जिले की दूनी तहसील में पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में इंटरनेशनल एक्सपर्ट लेक्चर कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के तहत अमेरिका के ब्रोशहिल शहर में इंटेल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बडोली निवासी अनिरुद्ध सिंह ने छात्र-छात्राओं से बात की। उन्हें अपनी पढ़ाई से लेकर अमेरिकी कंपनी में काम करने तक के अनुभव साझा किए। अनिरुद्ध सिंह ने बताया- ग्रामीण क्षेत्र से कठिन परिश्रम के साथ पढ़ाई कर नवोदय विद्यालय से 12वीं उत्तीर्ण की। फिर मुंबई से बीटेक किया। अमेरिका से एमटेक की पढ़ाई और पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके बाद अमेरिका में ही इंटेल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम मिल गया। उन्होंने कहा-विषम परिस्थितियों में अपने आप को ढाल कर अनुशासित जीवन और कठिन परिश्रम से व्यक्ति कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। उन्होंने भारतीय परिवेश एवं अमेरिकी परिवेश का तुलनात्मक विश्लेषण व्याख्यान में प्रस्तुत किया। शहरी संकुल प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी एवं प्रधानाचार्य कैलाश वर्मा, पीएम प्रभारी सुरेन्द्र सिंह नरूका ने बताया- पीएम श्री योजना अंतर्गत राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत प्रतिवर्ष एक राष्ट्रीय और एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ का व्याख्यान होता है। इसी के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। व्याख्यान से पूर्व विद्यालय परिवार के द्वारा राजस्थानी परंपरा के अनुसार माला और साफा पहनाकर सिंह का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनिरुद्ध सिंह की माता महात्मा गांधी विद्यालय की शिक्षिका भगवती अजमेरा, पिता टोकरावास प्रधानाचार्य रघुवीर सिंह,उप प्रधानाचार्य सीमा शेर,महावीर प्रसाद बडगूजर, अशोक शर्मा, अतुल भारद्वाज गिरधारी लाल शर्मा,लादू लाल मीणा सहित विद्यालय स्टाफ एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
हर साल सड़कों पर बिखरता खून, टूटते परिवार और कुछ मिनटों की देरी में चली जाती अनगिनत जानें- राजस्थान की सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि दर्दनाक हकीकत हैं। इन्हीं हादसों में “गोल्डन ऑवर” की अहमियत समझाते हुए जोधपुर में जन्मे और वर्तमान में अमेरिका में सर्जन के रूप में सेवाएं दे रहे डॉ. दिनेश व्यास ने एक ऐसी उपयोगी पुस्तक लिखी है, जो हादसे के वक्त सही प्राथमिक उपचार सिखाती है। यह किताब विशेष रूप से पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ के लिए तैयार की गई है, लेकिन इसकी भाषा और तरीके इतने सरल हैं कि आम नागरिक भी इसे पढ़कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें पुस्तक के बारे में साइंटिफिक पब्लिशर्स के डायरेक्टर तनय शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें, उसे किस सावधानी के साथ अस्पताल तक ले जाया जाए। इसके अलावा विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक को पढ़कर न सिर्फ पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मचारी, नर्स बल्कि आमजन भी इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी एक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। पुस्तक में लिखे तरीके अपनाकर रोके जा सकते हैं सड़क हादसे इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना होने के बाद किस प्रकार से घायल को संभाले, उनकी कैसे मदद करें। कई बार सड़क हादसे में हड्डी टूट जाती है, ऐसे में घायल व्यक्ति को कैसे सहारा दें और उसका प्राथमिक उपचार कैसे करें। इसके अलावा भी इस पुस्तक में कई कारगर तरीकों के बारे में लिखा गया है। जिसे अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को रोका जा सकता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई है। स्कूल-कॉलेज में इस बुक को पढ़ाने की मांग कई बार लोग असमय ही मौत का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में इस बुक को अब राजस्थान के अलावा केंद्र सरकार से भी मांग की गई है, कि इसे अलग-अलग संस्थाओं और प्रदेश की सरकारी स्कूल कॉलेज और पुलिस विभाग सहित महत्वपूर्ण विभागों में पढ़ाई जाए। उन्हें बताया जाए कि किस प्रकार से घायल का प्राथमिक उपचार किया जा सके। घायल को समय पर इलाज मिले तो बच सकती है जान इस पुस्तक को लिखने के पीछे का उद्देश्य क्या है, इसे लेकर डॉ. दिनेश व्यास ने बताया कि यदि सड़क दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति दिखे तो उसकी हम किस प्रकार से मदद करें। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। इस पुस्तक को साइंटिफिक पब्लिशर्स की ओर से प्रकाशित किया गया है और उसे साइंटिफिक पब्लिशर्स की वेबसाइट के अलावा अमेजॉन से भी प्राप्त किया जा सकता है। गडकरी ने भी लोकसभा में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर दी थी जानकारी बता दें कि, सड़क हादसों के लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक साल पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि देश में सड़क हादसों की संख्या को देखकर कई बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्हें अपना मुंह छुपाना पड़ता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। हाल ही में उन्होंने दिसंबर में सड़क हादसों को लेकर संसद में जानकारी दी। राज्यसभा में उन्होंने बताया था कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66 % मौतें युवाओं (18 से 34) साल की होती है। गडकरी ने बताया था कि उनका मंत्रालय अब राज्यों को आधुनिक एंबुलेंस देने की योजना बना रही है। इसके तहत एंबुलेंस हादसे की जगह पर 10 मिनट के भीतर पहुंचेगी। उन्होंने आईआईएम की एक स्टडी का भी हवाला दिया। बताया कि यदि घायलों को समय पर इलाज मिल जाए तो 50 हजार जिंदगियां बच सकती है।
अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते में टैरिफ घटाया गया, कपड़ा उद्योग को बड़ी राहत
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह समझौता अप्रैल 2025 से चल रही करीब नौ महीने की बातचीत का परिणाम है। युनूस के अनुसार, अमेरिका ने ऐसी व्यवस्था पर सहमति दी है जिसके तहत अमेरिकी कपास और सिंथेटिक फाइबर से बने बांग्लादेशी परिधानों पर कोई जवाबी टैरिफ नहीं लगाया जाएगा।
Cuba Fuel Shortage:ट्रंप द्वारा क्यूबा की तेल आपूर्ति पर सख्ती के बाद देश में ईंधन संकट गहरा गया है. विमानन ईंधन की कमी के चलते एयर कनाडा ने क्यूबा के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं.
अमेरिका में गणतंत्र दिवस पर राजस्थान की कालबेलिया कला का प्रदर्शन करने वाली फेमस लोक कलाकार सेनू सपेरा को सोमवार को जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अपने चैंबर में सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस पर जोधपुर-फलोदी दोनों जिलों में सेनू के नाम को लेकर कॉल किया गया था, लेकिन अमेरिकी टूर की वजह से उन्हें ये सम्मान बाद में मिला। सेनू की कर्मभूमि जोधपुर और जन्मभूमि फलोदी (पहले ओसियां का पली गांव) दोनों जगह प्रशासन ने उनका सम्मान किया। फलोदी में विधायक पब्बा राम बिश्नोई की सिफारिश पर कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सम्मान दिया, जो सुमन कालबेलिया ने लिया। जोधपुर में राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत की सिफारिश पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाना था, लेकिन अमेरिका में होने के कारण उन्हें अब कलेक्टर ने सम्मान दिया। इस दौरान ADM सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित और सामान्य प्रशासन विभाग के चंद्र प्रकाश गुर्जर भी मौजूद रहे। दुनिया भर में कालबेलिया का डंका पारंपरिक नृत्य में माहिर सेनू देश-विदेश घूमकर राजस्थान की संस्कृति फैला रही हैं। उन्होंने अमेरिका के ग्वाटेमाला में गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुति दी। इस दौरान अमेरिका इवेंट में अलसी सपेरा, पिंटू कालबेलिया, दिलीप नाथ, ओमनाथ, गोविंद सोलंकी, कासिम खान, साबिर, अलाउद्दीन और अयूब खान भी थे। इस मौके सेनू ने कहा कि जिले के इतिहास में पहली बार किसी कलाकार को दो जिलों से एक साथ सम्मान मिलना गर्व की बात है। उसके लिए जिला प्रशासन ओर जनप्रतिनिधियों का आभार।
टी-20 वर्ल्ड कप का 12वां मैच आज पाकिस्तान और अमेरिका के बीच कोलंबो के SSC स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7 बजे शुरू होगा, जिसका टॉस 6.30 बजे होना है। ग्रुप-ए में यह दोनों टीमों का दूसरा मैच रहेगा। पाकिस्तान ने नीदरलैंड के खिलाफ पहला मैच 20वें ओवर में जीता था। वहीं अमेरिका ने होम टीम भारत को चैलेंज देने के बाद 29 रन से करीबी मुकाबला गंवा दिया था। वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हरा चुका USA टी-20 क्रिकेट में दोनों टीमें एक ही बार भिड़ी हैं। 2024 के वर्ल्ड कप में दोनों ग्रैंड प्रैरी स्टेडियम में आमने-सामने हुई थीं। जहां पाकिस्तान से मिले 160 रन के टारगेट के सामने अमेरिका ने भी 159 रन बनाकर मैच टाई करा लिया था। फिर सुपर ओवर में इसे जीत भी लिया था। इसी मैच को जीतकर अमेरिका ने पाकिस्तान को बाहर किया और सुपर-8 स्टेज में एंट्री की थी। अयूब पाकिस्तान के टॉप रन स्कोरर पाकिस्तान के लिए ओपनर सईम अयूब ने 2024 के बाद सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उनके नाम 1129 रन हैं। वहीं लेफ्ट आर्म पेसर शाहीन शाह अफरीदी 65 विकेट लेकर टीम के टॉप गेंदबाज बने हुए हैं। हरमीत सिंह अमेरिका के टॉप गेंदबाज 2024 के बाद अमेरिका के लिए ओपनर एंड्रीज गौस ने सबसे ज्यादा 757 रन बनाए हैं। 81 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा। वहीं लेफ्ट आर्म स्पिनर हरमीत सिंह 26 विकेट लेकर टीम के टॉप गेंदबाज हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा था। पिच रिपोर्ट SSC कोलंबो की पिच स्पिन के लिए मददगार है। यहां बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल है। पहली पारी में 150 से ज्यादा रन बनाना विनिंग टोटल होता है। पिछले मुकाबले में नीदरलैंड ने भी 147 रन बनाने के बाद पाकिस्तान के खिलाफ फाइट दिखाई थी। वेदर कंडीशन मंगलवार को कोलंबो के 10% हिस्सों में बारिश की संभावना है। मैच शाम को शुरू होगा, लेकिन यहां ओस नहीं आती। इसलिए टॉस जीतकर टीमें पहले बैटिंग ही चुनेगी। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 पाकिस्तान: सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, सलमान आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन अफरीदी, सलमान मिर्जा और अबरार अहमद। अमेरिका: एंड्रीज गौस, साईतेजा मुक्कामाला, मोनांक पटेल (कप्तान और विकेटकीपर), मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शाल्कविक, अली खान और सौरभ नेत्रवलकर।
क्रिकेट की दुनिया का पुराना स्ट्रक्चर बदल रहा है। अब वो दौर गया जब बड़ी टीमें एसोसिएट देशों को नेट प्रैक्टिस समझकर मैदान पर उतरती थीं। टी-20 वर्ल्ड कप के शुरुआती 3 दिनों ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट के 'एलीट क्लब' में अब खौफ का माहौल है। नेपाल ने इंग्लैंड के पसीने छुड़ा दिए, नीदरलैंड ने पाकिस्तान की धड़कनें बढ़ा दीं और अमेरिका ने तो टीम इंडिया तक को चुनौती दे डाली। आज एक बार फिर अमेरिका का सामना पाकिस्तान से है, और यकीन मानिए, दबाव पाकिस्तान पर ज्यादा होगा। 1. नेपाल ने इंग्लैंड को डराया फीस कम, हौसले बुलंद जब नेपाल की टीम 2022 की वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड के सामने उतरी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि मुकाबला आखिरी ओवर तक जाएगा। दुनिया की सबसे महंगी लीग खेलने वाले इंग्लिश खिलाड़ियों के सामने नेपाल के वे खिलाड़ी थे, जिनकी मैच फीस इंग्लैंड के खिलाड़ियों के एक दिन के नाश्ते के बराबर भी नहीं है। नेपाली प्लेयर्स को एक टी-20 मैच के महज 3500 रुपए मिलते हैं, वहीं इंग्लिश प्लेयर्स एक टी-20 खेलकर 4.50 लाख रुपए कमाते हैं। इतना ही नहीं, नेपाल में एनुअल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल टॉप प्लेयर को एक साल के 7.50 लाख रुपए ही मिलते हैं। इससे ज्यादा तो इंग्लिश प्लेयर्स 2 टी-20 खेलकर कमा लेते हैं। 2. पाकिस्तान को हराने के करीब पहुंचा नीदरलैंड: अब ये 'उलटफेर' नहीं नीदरलैंड को अब 'छोटा' कहना बंद करना होगा। यह वही टीम है जिसने 2022 के वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका और 2009 में इंग्लैंड को हराया था। पाकिस्तान के खिलाफ मौजूदा वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच में भी टीम ऐसे ही कारनामे के करीब पहुंच गई थी। कोलंबो में पहले बैटिंग करते हुए नीदरलैंड ने 147 रन बनाए। पाकिस्तान ने एक समय 98 रन पर 2 ही विकेट गंवाए थे, लेकिन नीदरलैंड ने कमबैक किया और स्कोर 100/5 कर दिया। आखिरी ओवरों में टीम से फहीम अशरफ का कैच छूट गया, जिन्होंने 3 छक्के लगाकर 20वें ओवर में पाकिस्तान को 3 विकेट से करीबी जीत दिला दी। 3. अमेरिका ने 'होम टीम' इंडिया को चौंकाया: पाकिस्तान को हरा चुके अमेरिका (USA) इस समय वर्ल्ड क्रिकेट का नया 'जायंट किलर' बनकर उभर रहा है। टीम ने 2024 में पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराकर उन्हें ग्रुप स्टेज से ही बाहर कर दिया था। फिर सुपर-8 में एंट्री की और 2026 के ICC टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया। भारत के खिलाफ ओपनिंग मुकाबले में टीम ने बेहतरीन फील्ड प्लेसमेंट और स्ट्रैटजी अपनाकर पावरप्ले में ही 4 विकेट गिरा दिए। मीडियम पेसर शैडली वान शाल्कविक ने 4 विकेट लिए और भारतीय बैटिंग को तेजी से रन नहीं बनाने दिए। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फिफ्टी लगाकर भारत को किसी तरह 160 के पार पहुंचाया। जिस कारण टीम 29 रन से मुकाबला जीत सकी। एसोसिएट देश इतना अच्छा कैसे खेल रहे हैं? अच्छा खेल रहे, लेकिन जीत क्यों नहीं पा रहे? नेपाल, नीदरलैंड और अमेरिका ने खेल तो दिल जीतने वाला दिखाया, लेकिन फिनिशिंग लाइन पार करने में चूक गए। इसके पीछे 'प्रेशर हैंडलिंग' मुख्य वजह है। आज साख बचाने उतरेगा पाकिस्तान वर्ल्ड कप में आज शाम 7 बजे से पाकिस्तान और अमेरिका के बीच ग्रुप-ए का मैच खेला जाएगा। पाकिस्तान ने जहां नीदरलैंड के खिलाफ करीबी मैच जीता, वहीं अमेरिका को भारत के खिलाफ 29 रन की हार मिली। अमेरिका ने पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराया था, अगर टीम इस बार भी उन्हें हराती है तो पाकिस्तान के सुपर-8 में पहुंचने के चांस कम हो जाएंगे।
'मॉल जाओ तो लगता है पाकिस्तान घूम रहे' अमेरिका में बदल गई 'डेमोग्राफी'? ट्रंप के सांसद ने उठाया सवाल
ट्रंप के करीबी और अमेरिकी सांसद ब्रैंडम गिल के एक बयान ने अमेरिका में तूफान मचा दिया है. अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ब्रैंडम का कहना है कि अमेरिका के शहरों में घूमते हुए ऐसा लगता है, जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं.
अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने के फैसले पर हस्ताक्षर के बाद भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम ट्रेड डील हुई है। इस समझौते से देशभर में सकारात्मक माहौल बना है, खासकर टेक्सटाइल और आर्टिजन उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसका सीधा लाभ बिहार के भागलपुर सिल्क उद्योग को मिलने की उम्मीद है, जहां हजारों बुनकर और कारीगर सिल्क उत्पादन से जुड़े हैं। टैरिफ हटाने से भागलपुरी सिल्क को मिलेगा बढ़ावा ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए टैरिफ को हटाने का यह निर्णय भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इस डील से विशेष रूप से भागलपुरी सिल्क जैसे पारंपरिक भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे। भागलपुर के बुनकर से एक्सपोर्टर बने जियाउर्रहमान ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल का सकारात्मक परिणाम बताया। रहमान ने कहा कि अमेरिकी बाजार में भागलपुरी सिल्क और टेक्सटाइल उत्पादों की अपनी एक अलग पहचान है। वहां के ग्राहक भागलपुर के कारीगरों द्वारा तैयार की गई बारीक कारीगरी और पारंपरिक हुनर को पसंद करते हैं। जियाउर्रहमान के अनुसार, भागलपुर की सिल्क इंडस्ट्री केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कला और परंपरा का प्रतीक है। यहां तैयार होने वाले सिल्क उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और फिनिशिंग विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी है। अमेरिकी बाजार में भागलपुरी सिल्क की बढ़ेगी मांग, बुनकरों को होगा फायदा उनका दावा है कि ऐसी बारीकी और पारंपरिक कला दुनिया के किसी अन्य हिस्से में आसानी से देखने को नहीं मिलती, यही वजह है कि विदेशी बाजारों में भागलपुरी सिल्क की मांग लगातार बनी रहती है। टैरिफ हटने और अंतरिम ट्रेड डील के प्रभाव से अमेरिकी बाजार में भारतीय सिल्क उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी। इससे निर्यात कारोबार को गति मिलेगी, जिससे भागलपुर के सिल्क उद्योग को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और निर्यात से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और उद्योग जगत मिलकर इस अवसर का सही उपयोग करते हैं, तो आने वाले समय में भागलपुर सिल्क को वैश्विक बाजार में और व्यापक पहचान मिल सकती है। इससे न केवल भागलपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि बिहार के पारंपरिक उद्योगों को भी नई दिशा मिलेगी।
अखिल भारतीय किसान महासभा ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश की खेती और किसानों के लिए नुकसानदेह बताते हुए इसे “तबाही का दस्तावेज” करार दिया है। सोमवार को शहर के अंबेडकर पार्क में आयोजित धरना-प्रदर्शन में संगठन के नेताओं ने संयुक्त रूप से इस समझौते का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा की केंद्रीय कमेटी सदस्य एवं सीवान जिला अध्यक्ष जयनाथ यादव, राज्य उपाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। बिहार में चार कृषि रोडमैप बनाए गएउन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में चार कृषि रोडमैप बनाए गए, परंतु उनका लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर नहरों का निर्माण होने के बावजूद उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है और सरकारी नलकूप भी बंद पड़े हैं, जिसके कारण किसानों को महंगे डीजल और निजी बोरिंग के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन प्रभावित किसानों को अभी तक पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। किसान आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे उन्होंने आरोप लगाया कि धान और गेहूं की सरकारी खरीद भी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है, जिससे लगभग 80 प्रतिशत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिचौलिये कम कीमत पर धान खरीदकर पैक्स के माध्यम से बेच रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं। फसलों के आयात का रास्ता खुल सकताकिसान नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समझौते के तहत जीएम बीज और जीएम फसलों के आयात का रास्ता खुल सकता है, जिसका देश की कृषि व्यवस्था और जन-जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारतीय उत्पाद अमेरिका भेजे जाएंगे तो उन पर अधिक टैक्स लगेगा, जबकि अमेरिकी उत्पादों के भारत में आयात पर कर में छूट दी जा रही है, जो देश के किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 12 फरवरी को जिला मुख्यालय के गांधी पार्क में किसान महापंचायत और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में विकासखंड पूरा बाजार से सैकड़ों किसान शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा एडवोकेट ने विकासखंड परिसर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह व्यापारिक समझौता भारत के किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार अपने किसानों को भारत की तुलना में 267 गुना अधिक सब्सिडी देती है, जिससे उनकी लागत कम हो जाती है। वर्मा ने आगे कहा कि भारत में जीरो टैरिफ होने के कारण अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर बिकेंगे। इसके विपरीत, भारतीय उत्पादों की लागत अधिक होने के बावजूद वे महंगे दामों पर नहीं बिक पाएंगे, जिससे देश का किसान कंगाल हो जाएगा। घनश्याम वर्मा ने मांग की कि भारत सरकार को सबसे पहले भारतीय किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य और अमेरिका के बराबर सब्सिडी व सुविधाएं देकर उन्हें अमेरिका से मुकाबला करने के लिए तैयार करना चाहिए, उसके बाद ही कोई समझौता करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार भारतीय कृषि को घाटे का सौदा बनाकर किसानों को कृषि भूमि बेचने पर मजबूर करना चाहती है, ताकि पूंजीपतियों को कृषि भूमि और सस्ता श्रम उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे होने नहीं दिया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गांव कमेटियों को सशक्त करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से आंदोलन करना आवश्यक है। उन्होंने 12 फरवरी को गांधी पार्क (निकट रोडवेज) में होने वाली पंचायत और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। इस पंचायत को जिला उपाध्यक्ष भागीरथी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पूरा रामवचन भारती, ब्लॉक अध्यक्ष माया जगदीश यादव, विवेक पटेल, पंकज सिंह, राम सिधार यादव, राजाराम यादव, बनवारी लाल, सरोज वर्मा, संगीता देवी और शीला देवी सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
अमेरिका के कैलिफोर्निया में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले करनाल जिला के कोयर गांव के विशाल का 7 महीने बाद अमेरिका में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार करवाया गया। डीएनए मैच प्रक्रिया में इतना ज्यादा समय लगा। डीएनए मैच होने के बाद शव मिला और अब उसका दाह संस्कार किया गया। क्या था मामला...अमेरिका के कैलिफोर्निया में 23 जून 2025 की रात को सड़क हादसे में हरियाणा के दो दोस्तों की मौत हो गई थी। जिसमें काेयर गांव का विशाल और कैथल के सिरसल गांव का अरूण जांगड़ा उर्फ रोमी शामिल थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब दोनों युवक अपनी जगुआर कार से घूमने जा रहे थे। कार की रफ्तार तेज थी, जो बेकाबू होकर पलट गई। फिर पलटी खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। ट्रक से टक्कर लगते ही कार में आग लग गई, जिसमें दोनों युवक जिंदा जल गए। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद दोनों को निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अमेरिका में 7 फरवरी को हुआ अंतिम संस्कार, डीएनए में लगा टाइमअमेरिका के हिसाब से 7 फरवरी और इंडिया के हिसाब से 8 फरवरी को 7 महीने बाद अमेरिका में ही विशाल का अंतिम संस्कार हुआ। अमेरिका में समाजसेवी डा. जसबीर लोहान यूएसए ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आखिर इतना समय क्यों लगा? उन्होंने शोकसभा के दौरान दुख जताया और परमात्मा से विशाल की आत्मका की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने शोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि विशाल का शरीर 90 प्रतिशत जला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पहचान न होने की वजह से बॉडी नहीं मिल पा रही थी। मुझे भी करीब 6 महीने बाद पता चला कि बॉडी नहीं मिली है और न ही संस्कार हुआ है। इसके बाद मैने संबंधित डिपार्टमेंट से बात की और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी इसमें शामिल हुआ। उन्होंने यही बात कही कि विशाल की पहचान नहीं हुई है तो बॉडी कैसे दे? इसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद लीगल तरीके से इंडिया से विशाल के परिजन का सैंपल मंगवाया गया और उसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया हुई। डीएनए मैच होने के बाद बॉडी हमें मिली है अौर अब उसका दाह संस्कार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि सड़कों पर किसी भी तरह की लापरवाही न बरते, क्योंकि आप विदेश में है और हादसो के दौरान किस तरह की दिक्कतें आती है वे सबके सामने है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए हादसा कैसे हुआ...स्टडी वीजा पर कनाडा गया युवक, फिर अमेरिका पहुंचा: जानकारी के मुताबिक कैथल के पुंडरी क्षेत्र के गांव सिरसल का अरुण जांगड़ा उर्फ रोमी (24) 2 साल पहले टूरिस्ट वीजा पर कनाडा गया था। हालांकि बाद में वह कनाडा से अमेरिका शिफ्ट हो गया। जहां वह ट्रक चलाने लगा। वहां उसकी दोस्ती करनाल के कोयर गांव के रहने वाले विशाल (22) से हुई। विशाल की एक बहन भी है। कार से घूमने निकले थे दोनों युवक युवक के परिजनों के मुताबिक 23 जून की रात को दोनों कार से घूमने निकले थे। उनकी कार की स्पीड तेज थी। इस वजह से रास्ते में उनकी कार बेकाबू हो गई। वह सड़क पर ही पलट गई और पलटियां खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। दोनों युवक अंदर ही फंस गए। पुलिस-फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक मौत हुई कार में आग लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड भी आ गई। उन्होंने तुरंत कार में लगी आग बुझाई और दोनों युवकों का अंदर से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पहचान होने पर दोनों युवकों के परिवारों को जानकारी दी गई। यहां जानिए दोनों युवकों के बारे मेंएक एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था रोमीरोमी गरीब परिवार से था। उसके पिता चिनाई का काम करते हैं। परिवार में मां और एक छोटा भाई भी है। रोमी अभी अविवाहित था। परिवार के मुताबिक, रोमी ने कनाडा जाने के लिए एक एकड़ जमीन बेची थी। इसके बाद वह टूरिस्ट वीजा पर कनाडा चला गया। वहां कुछ दिन काम किया। थोड़ा सा पैसा इकट्ठा होने के बाद उसने कनाडा में ही रहने वाले अपने जानकार लोगों से कुछ और उधार लिया, जिसके बाद वह अमेरिका चला गया। रोमी अमेरिका में ट्रक चलाता था, जिससे होने वाली कमाई से पैसे घर भेजता था। एक किला जमीन बेच डंकी रास्ते से अमेरिका गया विशालहादसे के बाद कोयर गांव निवासी सुमित ने बताया था कि उसके चाचा का लड़का विशाल 2022 में डंकी रास्ते अमेरिका गया था। पिता कर्म सिंह पहले खेती का काम करते थे, लेकिन अब काफी समय से बीमार चल रहे है। इस कारण चार किले जमीन को ठेके पर दिया हुआ था। विशाल को अमेरिका भेजने के लिए चाचा ने एक किला जमीन बेची थी। इसके अलावा करीब 14 से 15 लाख रुपए रिश्तेदारों से कर्ज उठाया था। विशाल के बहन और मामा विदेश में रहते हैविशाल जब छोटा था तो उसकी मां का निधन हो गया था। पिता और बड़ी बहन ने ही उसे पाला। उसकी बहन की शादी करनाल में हुई है, जो अब अपने पति के साथ पुर्तगाल में रहती है। विशाल के मामा के पास भी यूके की सिटीजनशिप है। परिवार के मुताबिक, विशाल भी ट्रक ही चलाता था। एक साथ रहते थे दोनों, काम से घर लौट रहे थेसुमित ने बताया कि विशाल और उसका दोस्त रोमी ट्रक छोड़कर अपनी जगुआर कार से फ्रिजनों में घर आ रहे थे। इसी दौरान ट्रक से उनकी कार की टक्कर हो गई। इसमें कार में सवार विशाल और रोमी जिंदा जल गए।रोमी के पिता के मुताबिक, परिवार ने यह सोचकर उसे विदेश भेजा था कि यहां खेती-बाड़ी के सहारे केवल गुजर बसर हो सकती है, वहां जाकर बेटा परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन हुआ इसके विपरीत। परिवार को नहीं पता था कि हादसे से उनके अरमानों पर पानी फिर जाएगा।
अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन ने न सिर्फ टैरिफ दर को 50% से घटाकर 18% किया है, बल्कि रूस से तेल इम्पोर्ट के कारण पेनल्टी के रूप में लगाए गए 25% टैरिफ को वापस करने का भी फैसला लिया है। इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीद है। वाइट हाउस से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 27 अगस्त 2025 से लेकर 6 फरवरी 2026 के बीच अमेरिका द्वारा किए गए जिन इम्पोर्ट पर यह पेनल्टी लगी थी, उनका रिफंड दिया जाएगा। यह रिफंड अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत जारी किया जाएगा। भारतीय निर्यातकों को कितना रिफंड मिलेगा, ये अभी तय नहीं है। क्योंकि रिफंड की राशि अमेरिकी इम्पोर्टर को दी जाएगी, फिर वे भारतीय एक्सपोर्टर के साथ बातचीत करके इस राशि का बंटवारा करेंगे। ₹40 हजार करोड़ की राहत मिलने की उम्मीदसवाल: अमेरिका से कितना रिफंड वापस मिल सकता है? जवाब: US ट्रेजरी के अनुसार अमेरिका ने विदेश से आयातित वस्तुओं पर 2024 में 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका के आयात में भारत की हिस्सेदारी 3.5% है। भारत से अमेरिकी निर्यात का 60% हिस्सा टैरिफ दायरे में। इस हिसाब से देखें तो अब तक अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाकर करीब 4 अरब डॉलर (40 हजार करोड़ रुपए) अतिरिक्त वसूले हैं। यही राशि रिफंड होगी, जिसमें भारतीय कारोबारियों को भी हिस्सा मिलेगा। भारत पर नजर के लिए टास्क फोर्स गठित ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते के ढांचे के अनुसार भारत रूस से तेल का आयात दोबारा शुरू न करे, इस पर निगरानी रखने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीन मंत्रियों की एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। इस समिति को लगता है कि भारत ने रूस से तेल का इम्पोर्ट दोबारा शुरू कर दिया है, तो वह राष्ट्रपति ट्रम्प को दोबारा 25% पेनल्टी लगाने और अन्य कार्रवाई करने के लिए सिफारिश कर सकती है। कृषि मंत्री ने बताया, कहां-कहां एंट्री नहीं दी? ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी उत्पाद ट्रेड डील में शामिल नहीं है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि अमेरिका को किन चीजों पर टैरिफ छूट नहीं दी है और किन चीजों को भारत में एंट्री नहीं दी गई है। बिना छिलके वाले अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, संतरा, अंगूर, नीबू और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां भारत में प्रवेश नहीं करेंगी। पीयूष गोयल बोले- ट्रेड डील से किसानों की आय बढ़ेगी अमेरिका से ट्रेड डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि यह लेन-देन का मामला है। अगर मैं कुछ भी नहीं दूंगा, तो अपने किसानों के लिए अमेरिका में बाजार कैसे खोलूंगा? अमेरिकी बाजार खुलने से हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। अगर कोई कहता है कि दो पन्नों के संयुक्त बयान में सुरक्षा नहीं है, तो वो गुमराह कर रहा है। अभी कई बातों पर स्पष्टता बाकी है। अब भारत उन देशों में शामिल, जिन पर सबसे कम टैरिफ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने NDTV से बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा- कुछ तकनीकी कागजों पर अगले कुछ दिनों में दस्तखत होंगे, लेकिन डील लगभग तय है। गोर ने कहा- यह टैरिफ समझौता प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच कई सालों से चली आ रही मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम है। पहले भारत पर काफी ज्यादा टैरिफ लगता था, लेकिन अब भारत उन देशों में आ गया है जिन पर कम टैरिफ है। राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रम्प और मोदी की दोस्ती इस डील को पूरा करने में सबसे बड़ी वजह बनी। गोर ने कहा कि अमेरिका और भारत के रिश्तों में बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। इस व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों का अगला दौर शुरू होगा। इस बीच व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि अमेरिका, भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया वह एक्स्ट्रा टैरिफ हटा देगा, जो रूस से तेल खरीदने के बदले सजा के तौर पर लगाया गया था। रूस बोला- भारत ने तेल खरीद रोकने पर कुछ नहीं कहा रूस ने मंगलवार को कहा कि भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसमें यह कहा गया हो कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करने जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के प्रवक्ता रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस, भारत को लेकर ट्रम्प की टिप्पणियों का विश्लेषण कर रहा है। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का फैसला कर लिया है, तो उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आया है। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी: ट्रम्प बोले- भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा ट्रम्प ने 1 फरवरी को ही भारत को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। ट्रम्प ने दावा किया था कि भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीदने का सौदा कर लिया है। यह बयान ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी से एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया था। इसके बाद ट्रम्प ने 2 फरवरी को कहा था, “हमने पहले ही एक डील कर ली है। भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, ईरान से नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ इस सौदे का कांसेप्ट तय हो चुका है। ट्रम्प के मुताबिक, चीन भी अगर चाहे तो वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। पूरी खबर पढ़ें… ………………………… यह खबर भी पढ़ें… भारत पर अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ खत्म: पीयूष गोयल बोले- अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी, किसानों-मछुआरों को बड़ा फायदा होगा कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 7 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की तारीफ की थी। उन्होंने बताया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे, जबकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…
रोहतक में कर्मचारियों व सभी संगठनों के मुद्दों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए किसान सभा ने कमर कस ली है। अखिल भारतीय किसान सभा ने राज्य स्तरीय मीटिंग करके आंदोलन की रूपरेखा को तैयार किया और हर वर्ग से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत अमेरिकी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ, जिससे किसानों की फसल को नहीं खरीदा जाएगा। अमेरिका के लोगों को भारत में कृषि व्यापार करने की छुट दी गई है। साथ ही अमेरिका ने कहा है कि रूस से भारत तेल नहीं खरीदेगा, इसके लिए निगरानी कमेटी बनाई जाएगी। कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट का तेल के व्यापार से क्या लेना देना है। अगर रूस से तेल भारत खरीदेगा तो अमेरिका अपना टैरिफ फिर बढ़ा देगा। इससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा देखने को मिल रहा है। इंद्रजीत सिंह ने पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के कई जिलों में किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज व गिरफ्तारियों की निंदा की । अमेरिका अपनी शर्तों पर कर रहा समझौताकिसान सभा के प्रदेश महासचिव सुमित दलाल ने भारत अमेरिका मुक्त व्यापार समझौतों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी शर्तो पर भारत के साथ समझौते कर रहा है। मोदी सरकार ट्रंप और अमरीकी हितों के आगे समर्पण करते हुए भारत के किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और देश के कृषि मंत्री भारत के किसानों ओर आम जनता को झूठ बोल कर गुमराह कर रहे है। वाणिज्य मंत्री झूठ का कर रहे प्रचारसुमित दलाल ने कहा कि डेयरी उत्पाद पहले ही यूके, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों का हिस्सा हैं और ताजा खुलासों ने यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया कि वाणिज्य मंत्री जानबूझकर झूठ का प्रचार कर रहे हैं और किसानों व पूरे देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत शुल्क लेना और भारत द्वारा शून्य शुल्क कर देना मुक्त व्यापार नहीं है। पशु आहार बाजार पर अमेरिकी कंपनियों का होगा कब्जासुमित दलाल ने कहा कि पशु आहार बाज़ार पर अमेरिकी कंपनियों का पूर्ण एकाधिकार स्थापित हो जाएगा। अमेरिका पहले से ही मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें भारत को निर्यात कर रहा है। अमेरिकी गेहूं 18.50 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से निर्यात किया जा रहा है। यदि इसे भारतीय बाजारों में खुलकर आने दिया तो यह भारतीय किसानों को तबाह कर देगा। 24 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होगी राष्ट्रीय बैठक सुमित दलाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक 24 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होने जा रही है, जिसमें तमाम मुद्दों को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही सरकार के खिलाफ देशभर में बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई जाएगी, जिससे कृषि पर आए संकट को रोका जा सके।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के एक युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक करीब 7 साल पहले अपने परिवार के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका के कैलिफोर्निया गया था। वहां वो ट्रक ड्राइवर का काम करता था। बीते शुक्रवार जैसे ही वो ट्रक लेकर टेक्सास पहुंचा, उसका ट्रक पंचर होने के बाद बेकाबू होकर खड़ी ट्रेन से टकरा गया। घटना के वक्त वो ट्रक में अकेला ही था। एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल होने के बाद वो काफी देर बीच सड़क तड़पता रहा। बाद में किसी ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी। लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुका था। अब अमेरिकी पुलिस घटना की जांच कर रही है। युवक का करीब 6 महीने का बेटा भी है, जो अपनी मां के साथ कैलिफोर्निया में रह रहा है। परिवार अमेरिका में ही उनका अंतिम संस्कार करेगा। इधर, बेटे की मौत की खबर से पूरे गांव कुम्हार माजरा में मातम पसरा हुआ है। अब जानिए पूरा मामला… बहन और बहनोई भी अमेरिका में संदीप की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में डूबा है। परिवार को 6 फरवरी को बेटे की मौत की सूचना मिली। संदीप की बहन और बहनोई भी अमेरिका में रहते हैं। संदीप की पत्नी और बेटा भी अमेरिका में रहते हैं। इसलिए परिवार का कहना है कि संदीप का अंतिम संस्कार अमेरिका में ही किया जाएगा। बेटे-पोते की आवाज सुनने के लिए उठाया फोन संदीप की मां अमरजीत कौर ने बताया कि उन्होंने बेटे और पोते की आवाज सुनने की उम्मीद में फोन उठाया था, लेकिन सामने यह खबर आ गई। मैं तो दोनों की आवाज सुनने को भी तरस गई। गांव कुम्हार माजरा में जैसे ही संदीप की मौत की खबर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं।
सिरसा लोकसभा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव व पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस समझौते के कुछ प्रावधान भारतीय किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और घरेलू उद्योगों को असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति में खड़ा कर सकते हैं। मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि, यदि अमेरिकी कृषि, खाद्य और औद्योगिक उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को व्यापक रूप से खोला जाता है, जबकि भारतीय निर्यात पर उच्च टैरिफ (शुल्क) और अन्य गैर-शुल्क बाधाएं बनी रहती हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देश की कृषि अर्थव्यवस्था, कुटीर उद्योगों और रोजगार पर पड़ सकता है। असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं रोजगार क्षेत्र सैलजा ने कहा कि विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रबड़, रसायन तथा कारीगर उत्पाद जैसे क्षेत्र, जो बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, इस प्रकार की असमान शर्तों से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए समझौते में कौन-कौन से ठोस सुरक्षा प्रावधान (सेफगार्ड) शामिल किए गए हैं। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता समानता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए। संसद और देश की जनता के समक्ष इस व्यापार समझौते का पूर्ण विवरण रखा जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और लघु उद्योगों के हितों से किसी प्रकार का समझौता न हो।
पंजाब बीजेपी के प्रधान सुनील जाखड़ ने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने साफ किया है कि इसमें देश और पंजाब के किसानों का पूरा ख्याल रखा गया है। वहीं, इस बहाने उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की तरफ से कल से इस संबंध में अच्छा या बुरा कोई बयान नहीं आया है। सीएम अपने वीजा के चक्कर में लगे हैं। वह वीजा कैंसिल होने से सदमे में हैं। जबकि कांग्रेस में मुख्यमंत्री कुर्सी की रेस में जो थोड़े पीछे समझे जा रहे हैं, उन्होंने एक-दो बयान जरूर दिए हैं। वहीं, उन्होंने दो आईएएस अधिकारियों के सस्पेंड होने पर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में गृहमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आयरन फ्रेम फॉर डेमोक्रेसी है। मैं पहले हिंदुस्तानी फिर किसान बीजेपी प्रधान ने कहा कि इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील में पंजाब के किसान, मजदूर व इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत सरकार को बधाई देना बनता है। हमारे लिए कई तरह के संशय थे, लेकिन भारत सरकार ने जिस तरह मसले को हल किया, विपक्ष के नेताओं को तारीफ करनी चाहिए थी। बहुत सारे खतरे दूर हुए हैं। जाखड़ ने कहा, “मैं पहले हिंदुस्तानी, फिर पंजाबी हूं और उसके बाद किसान हूं।” अमेरिका जिस तरह की सब्सिडी किसानों को देता है, उस वजह से हमारे किसानों में डर था, लेकिन हर चीज पर सरकार ने पहरा दिया। इसके बावजूद विपक्ष का कोई बयान नहीं आया। सीएम का भी कोई बयान नहीं आया। शायद वह अपने वीजा के चक्कर में हैं। कांग्रेस की सारी लीडरशिप चुप है। एक-आधा आवाज उठाता है, वह भी वही हैं जो ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की रेस में खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। उनके एक-दो बयान आए हैं, जबकि सीएम या आम आदमी पार्टी का कोई बयान नहीं आया है। सीएम कल से वीजा रद्द होने से सदमें में है। IAS को सस्पेंड करने का केंद्र संज्ञान ले जाखड़ ने सवाल उठाया कि कल रात दो आईएएस अफसरों को सस्पेंड किया गया है। किस काम के लिए उन्हें सस्पेंड किया गया है? क्या इसलिए कि वे सरकार की मनमानी लेनदेन में एग्री नहीं थे? ब्यूरोक्रेसी आयरन फ्रेम ऑफ डेमोक्रेसी है। टेलीफोन तो आंगनवाड़ी वर्करों को ले रहे थे, लेकिन लेनदेन की सौदेबाजी पर हामी न भरने से यह सब कुछ हुआ। केंद्र सरकार को इस मामले में स्टैंड लेना चाहिए। यह चीज बहुत ही दुखद है। इस आयरन फ्रेम को आम आदमी पार्टी की करप्शन वाली जंग नहीं लगनी चाहिए। वे लोग, जो डेढ़-डेढ़ या दो साल की सजा काटकर यहां आए हैं, वे तय करेंगे हमारे इस स्टील फ्रेम का फ्यूचर—यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं गृहमंत्री से मांग करता हूं कि इन अफसरों की एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल फाइल मंगवाई जाए। चीफ सेक्रेटरी और चीफ मिनिस्टर को जिम्मेदार ठहराया जाए। वहीं, उन्होंने कहा कि सरकार तो बाहर वाले चला रहे हैं, सीएम तो बस चेहरा हैं। संसद में क्यों नहीं उठाएं सवाल जाखड़ ने कहा कि पंजाब के सांसदों पर भी सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि संसद के अंदर उन्होंने पंजाब का कोई मुद्दा नहीं उठाया। संसद की बैठकों में सिर्फ बैठे रहे। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि गैंगस्टरों ने ऑपरेशन प्रहार के बाद पुलिस अधिकारियों के बाहर बैठे बच्चों को धमकियां दीं, इसके बाद अधिकारियों ने डीजीपी से मीटिंग की- इस पर जाखड़ ने कहा कि उनके ध्यान में इस तरह का मामला आया है। अगर यह सच है, तो फिर पंजाब में क्या हालात हैं? क्या फिर केजरीवाल के पास अधिकार है कि इस तरह पंजाब की सरकार चलाए?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच हुई डील के बाद विपक्ष वेंटिलेटर पर चला गया है। विपक्ष को आशंका थी कि डील के बाद शोर शराबा करने का मौका मिलेगा, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता के चलते वे वेंटिलेटर पर हैं। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक संवाद करते हुए यह ट्रेड डील की गई है। डिप्लोमेसी मतलब राष्ट्र प्रथम, डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में भारतीय कदम बढ़ाने लिए ट्रेड डील बड़ा आधार है। भारतीय कृषि और किसान की सारी चिंताओं का समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह डील हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है। चौहान ने मीडिया से कहा कि हमारे किसानों की मूल ताकत कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखा गया है। भारतीय कृषि और किसान को सर्वोपरि रखा गया है। शिवराज ने कहा कि यूपीए के सरकार में भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी और अब हम तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर तेजी से अग्रसर हैं। भारतीय किसानों को नुकसान हो, ऐसा कोई उत्पाद संबंध नहीं किया गया है। सभी ऐसी वस्तुओं को समझौते के बाहर रखा गया है। इन उत्पादों को नहीं होगा कोई नुकसान केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग जैसे उत्पादों पर टैरिफ में कोई छूट नहीं दी गई। हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहना चाहिए, वह सब के सब सुरक्षित रहेंगे, इस चिंता का ध्यान रखा गया है। अमेरिका के लिए नहीं खोला गया है। अनाज, आटा, चावल, बाजारा इत्यादि आलू, प्याज, मटर, मशरूम, दलहन, स्ट्रॉबेरी जैसे अमेरिकी कृषि उत्पादन भारत नहीं आएंगे। इसके अलावा डब्बा बंद सब्जियां भी भारत नहीं आएंगे। बटर, ऑयल, पनीर, चीज इनको भारत में एंट्री नहीं मिलेगी। कृषि और डेयरी उत्पादों के अलावा इस लिस्ट में कई मसाले भी सम्मिलित हैं। भारत अमेरिका से काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी और अन्य पाउडर मसाले नहीं मंगवाएगा। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा लेकिन अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादन को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कृषि क्षेत्र में कई उत्पादों पर 50% से घटकर शून्य किया है। अमेरिका में हमारे कई मसालों का बड़ी मात्रा में निर्यात होता है। चाय, काफी, नारियल, नारियल का तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति, एवोकाडो केला, अमरूद, आम, पपीता, अनानास, मशरूम जैसे कुछ अनाज भी सम्मिलित हैं। भारतीय कृषि बाजार में अगर ऐसा कोई उत्पाद आता है तो उनको टैरिफ में जाना पड़ेगा। समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष कर युवाओं के सपनों को ऊंची उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। 18% टेक्सटाइल के निर्यात को एक नई गति और दिशा मिलेगी और टेक्सटाइल के निर्यात का मतलब है किसानों को भी फायदा। विशेष कर कपास उत्पादक किसान टेक्सटाइल, गेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंटस इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई को ढेर सारे बिजनेस के नए अवसर मिलेंगे।
नर्मदापुरम संयुक्त किसान (गैर-राजनीतिक) मोर्चा कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा निकाल रहा है। यह यात्रा 24 फरवरी को नर्मदापुरम जिले में पहुंचेगी। किसान नेताओं के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य किसानों के मुद्दों को देशभर में उजागर करना है और उनकी आवाज को सरकार तक पहुँचाना है। यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी यात्रा 7 फरवरी को कन्याकुमारी से एक विशाल जनसभा के साथ शुरू हुई। इसे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रवाना किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के किसान नेता मौजूद रहे, जिनमें जगजीत सिंह डल्लेवाल (पंजाब), क्क्रुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक), पी. आर. पांड्यंन और पी. अय्यकन्नू (तमिलनाडु), अभिमन्यु कोहाड़ (हरियाणा), और इंदरजीत पन्नीवाला (राजस्थान) शामिल थे। अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते पर चिंता यात्रा के दौरान किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया।जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर नॉन-टैरिफ प्रतिबंध हटने से भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल जाएगा और इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा। शांताकुमार ने अमेरिका में किसानों को मिलने वाली भारी सब्सिडी और भारत में कम सहायता का मुद्दा उठाया। किसानों की प्रमुख मांग: MSP गारंटी कानून पी. अय्यकन्नू ने बताया कि एमएसपी गारंटी कानून किसानों की प्रमुख मांग है और इसे लागू करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही किसान नेता बाजारों में उचित मूल्य और फसलों की सुरक्षा की बात भी उठाते रहे। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के जिला प्रवक्ता केशव साहू ने बताया कि यात्रा 18 फरवरी 2026 को नर्मदापुरम जिले में प्रवेश करेगी। सुखतवा से आने के बाद जिलेभर में यात्रा के कार्यक्रम होंगे और किसानों द्वारा इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर अमेरिका की तरफ से जारी भारत के मैप से जुड़ी रही। इसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया गया है। दूसरी बड़ी खबर RSS के प्रोग्राम में सलमान खान के पहुंचने की रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया भारत-US डील के बाद ट्रम्प प्रशासन ने भारत का नक्शा जारी किया है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और चीन के कब्जे वाला इलाका अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इससे पहले अमेरिका कई नक्शों में PoK को अलग रंग या डॉटेड लाइन्स से दिखाता था। अब PoK और अक्साई चिन का इतिहास पढ़िए जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) भारत का अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने इसे भारत में विलय किया था। पाकिस्तान का इस पर अवैध कब्जा है और भारत इसे वापस लेने की बात करता है। अक्साई चिन लद्दाख के पूर्वोत्तर में स्थित लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का ऊंचा और बंजर क्षेत्र है। 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत-शिनजियांग सड़क बनाई, जिसका भारत ने विरोध किया। यह विवाद 1962 के युद्ध का मुख्य कारण बना और तब से अक्साई चिन चीन के कब्जे में है। पढ़ें पूरी खबर... 3. एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की चैट सामने आई, सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की 2017-19 की चैट सामने आई है। इसमें बिजनेस के साथ महिलाओं पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को एक लंबी, गोरी स्वीडिश लड़की का ऑफर दिया। इस पर अनिल ने कहा कि इसका इंतजाम कीजिए। रिकॉर्ड दिखाते हैं कि दोनों पेरिस और न्यूयॉर्क में मिले थे। एपस्टीन ने अंबानी से पूछा- आपकी फेवरेट हीरोइन कौन: एपस्टीन ने अनिल अंबानी से पूछा कि आपकी फेवरेट हीरोइन कौन हैं। इस पर अंबानी ने हॉलीवुड अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन का जिक्र किया। मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क गए थे, तब एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया था। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी और उनका यौन शोषण करता था। वह पार्टियां करता था, जिनमें बड़े नेता और सेलिब्रिटी शामिल होते थे और लड़कियों का शोषण होता था। इन मामलों में ट्रम्प और बिल गेट्स जैसे नाम भी सामने आए। 2019 में एपस्टीन जेल में मौत हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा, बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. T-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत से शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया; कप्तान सूर्या की फिफ्टी भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने अमेरिका को 29 रन से हराया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने टॉस हारकर बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 162 रन बनाए। लेकिन अमेरिकी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। मैच के हाईलाइट्स: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 बॉल पर नाबाद 84 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तानी करते हुए 8वां अर्धशतक लगाया है। इतना ही नहीं, सूर्या ने बतौर कप्तान टी-20 इंटरनेशनल में एक हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। अमेरिका की ओर से शुभम रंजने और संजय कृष्णमूर्ति ने 37-37 रन बनाए। जबकि मिलिंद कुमार ने 34 रन स्कोर किए। भारत से मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर... 5. मायावती बोलीं- कमर कस लीजिए, पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सभी को SIR और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक्टिव रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- अब समय कम बचा है, ऐसे में सभी को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। आपको पता होगा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे, भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए प्रोग्राम में सलमान खान पहुंचे। वे फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे और RSS चीफ मोहन भागवत का भाषण सुना। इस दौरान भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला हर कोई हिंदू है। हिंदू एक विशिष्ट समुदाय का नाम नहीं है। हिंदू संज्ञा नहीं, बल्कि एक विशेषण है और यह शब्द बाहर से आया है। पहले के जमाने में विदेशी भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को हिंदू कहते थे। भागवत के स्पीच की 2 बड़ी बातें... RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई RSS के प्रधानमंत्री हैं। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है, वह संघ की नहीं है। हालांकि, संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स को ₹20 की रिश्वत के लिए 4 साल की सजा, निर्दोष साबित होते ही उसकी मौत गुजरात के बाबूभाई प्रजापति को 20 रुपए की रिश्वत लेने के झूठे केस में 4 साल की सजा मिली। वे इसके खिलाफ 30 साल तक गुजरात हाईकोर्ट के चक्कर लगाते रहे। वहीं, 4 फरवरी को जैसे ही हाईकोर्ट ने उन्हें बेगुनाह साबित किया, अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को काम में मेहनत का फायदा मिलेगा। तुला राशि वालों की कमाई में सुधार का संकेत है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
अमेरिकी टैरिफ के उतार-चढ़ाव को लेकर छिड़ी वैश्विक बहस के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. महेंद्र सिंह ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी कामयाबी बताया है। शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब डॉ. सिंह ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक दबाव से लेकर घरेलू सियासी घमासान तक हर मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ किया कि जो टैरिफ अमेरिका ने बेतहाशा बढ़ाया था, उसे मोदी सरकार ने बातचीत के दम पर नीचे लाकर देश को बड़ी राहत दी है। टैरिफ 50 हुआ, अब 18 पर सिमटाअमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए डॉ. महेंद्र सिंह ने स्पष्ट आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया था। यह भारतीय व्यापार के लिए बड़ा संकट था, लेकिन केंद्र सरकार के कड़े रुख और कूटनीति का असर है कि अब यह घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है। उन्होंने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया। यूजीसी के सवाल पर बचते नजर आए नेताजीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब यूजीसी के नए नियमों में हुए बदलावों और उस पर बढ़ते विवाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो डॉ. महेंद्र सिंह रक्षात्मक नजर आए। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर सीधा जवाब देने के बजाय दूरी बनाना ही बेहतर समझा। उन्होंने बस इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है। कोर्ट का हवाला देकर उन्होंने यूजीसी के बदलावों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। अखिलेश पर पलटवार: दंगों के दौर वाले अब विकास पर बोल रहेसपा मुखिया अखिलेश यादव के हमलों पर तीखा तंज कसते हुए डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि अखिलेश के राज में उत्तर प्रदेश कंगाल हो गया था और 125 से ज्यादा दंगे हुए थे। आज जब प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तो विपक्ष को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में केवल 'जंगलराज' था, जबकि भाजपा ने कानून का राज स्थापित किया है। सर्किट हाउस में जुटा भाजपा का कुनबाइस प्रेस वार्ता में डॉ. महेंद्र सिंह के साथ बरेली भाजपा की पूरी फौज खड़ी नजर आई। मंच पर सांसद छत्रपाल गंगवार, मंत्री डॉ. अरुण कुमार, मेयर डॉ. उमेश गौतम और विधायक संजीव अग्रवाल समेत जिले के तमाम बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
लुइसियाना से ग्रीनलैंड तक: जानें कैसे 13 राज्यों का अमेरिका बना 50 राज्यों का सुपरपावर
पिछले लगभग दो सौ वर्षों में अमेरिका ने कभी खरीद के जरिए, कभी युद्ध के माध्यम से और कभी राजनीतिक दबाव बनाकर अपने क्षेत्रफल का लगातार विस्तार किया। आज का 50 राज्यों वाला संयुक्त राज्य अमेरिका कभी केवल 13 उपनिवेशों तक सीमित था।
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
भारत-अमेरिका विवाद में क्वाड का भविष्य दांव पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पसंदीदा समूह क्वाड की सुरक्षा वार्ता हेतु नई दिल्ली में इस साल के अन्त तक प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन-2025 अब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव, जिसमें व्यापार और राजनीतिक दोनों मुद्दे शामिल हैं
अमेरिका को दुनिया को परमाणु संकट की ओर धकेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती
29 अक्टूबर को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि 'अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग (पेंटागन) को समान आधार पर हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

