डिजिटल समाचार स्रोत

...

हापुड़ में किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया:अमेरिका ट्रेड डील समेत 11 मांगों पर डीएम को सौंपा ज्ञापन

हापुड़ में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों और किसान नेताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन तीन घंटे तक चला, जिसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। गन्ना बकाया भुगतान की मांग संगठन के जिलाध्यक्ष जीते चौहान के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के लिए कानून बनाने पर जोर दिया गया। किसानों ने अमेरिका के साथ किसी भी ऐसी व्यापारिक डील का विरोध किया, जिससे भारतीय किसानों के हितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका हो। ज्ञापन में खेती की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए किसानों और मजदूरों के लिए संपूर्ण कर्जमाफी और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों की सहमति को अनिवार्य बनाने, बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने और जनपद में सर्किल रेट बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सिंभावली और बृजनाथपुर चीनी मिलों पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को ब्याज सहित जल्द कराने की मांग की गई। किसानों ने आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान, बिजली विभाग की मनमानी, स्मार्ट मीटर के नाम पर बढ़ाए गए कनेक्शन शुल्क, तथा खाद एवं यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी जैसे मुद्दों को भी उठाया। ज्ञापन में अवैध खनन, प्रतिबंधित पेड़ों के कटान और डग्गामार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई। गंगा एक्सप्रेस-वे से संबंधित खामियों को दूर करने की मांग भी की गई। इसमें सर्विस रोड पर स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर लगाने, अंडरपास में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने और अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराने की मांग शामिल थी। जिलाध्यक्ष जीते चौहान ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो संगठन भविष्य में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान दिनेश त्यागी, कुशलपाल आर्य, धनवीर शास्त्री, बबली त्यागी, रिजवान, अनिल मिश्रा समेत अन्य लोग शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 5:39 pm

कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर 4 किमी लंबा जाम लगा:किसान नेता बाले-भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कोई समझौता नहीं; अफवाहों से बचें, किसानों को छोड़ा गया

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसान मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट की ओर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पुलिस प्रशासन ने किसानों को रास्ते में रोककर हिरासत में लिया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी किसानों का धन्यवाद भी किया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में सोनीपत और दिल्ली प्रशासन किसान घाट पर प्रस्तावित किसान प्रदर्शन को लेकर मंगलवार को पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दी। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली से लगने वाले हरियाणा के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। ट्रेड डील को लेकर अफवाहें फैलाने का लगाया आरोप सत्यवान नरवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार और किसान संगठनों के बीच किसी भी प्रकार की सहमति नहीं बनी है और न ही किसानों की कोई मांग मानी गई है। उन्होंने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने की अपील की। शाम तक वाहनों की संख्या हुई कम सोनीपत के कुंडली और सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर किसानों की राजधानी में एंट्री रोकी गई। शाम होते-होते नेशनल हाईवे-44 पर लंबा जाम लग गया। लेकिन कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर वाहनों की संख्या कम हो गई। वहीं सोनीपत के गोहाना क्षेत्र से दिल्ली जा रहे किसानों को भी रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की सख्ती का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई दिया। करीबन 3 बजे तक कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर लंबी वाहनों की कतारें लगी रही। नेशनल हाईवे पर करीब चार से पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। सामान्य दिनों में पांच मिनट में तय होने वाला सफर लोगों को 30 से 35 मिनट में पूरा करना पड़ा। कई वाहनों के चालान काटे गए इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कई वाहनों की जांच की और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए। वहीं, किसान संगठनों के नेताओं को बॉर्डर पर ही रोककर हिरासत में लिया गया और पुलिस वाहनों के माध्यम से विभिन्न थानों में भेज दिया गया और सहमति बनने के बाद शाम को किसानों को छोड़ दिया गया। कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर कड़ी बैरिकेडिंग, दिल्ली में एंट्री पर रोक दिल्ली के सिंघु और कुंडली बॉर्डर पर सुबह से ही दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात रहीं। दोनों सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। किसानों के दिल्ली पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने हर वाहन की गहन जांच की। किसानों के वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और कई किसान नेताओं को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के कारण सिंघु बॉर्डर पूरी तरह सील रहा, जिससे सर्विस रोड और मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं वाहनों की लंबी लाइनों, लोगों को हुई परेशानी पुलिस की नाकेबंदी का सबसे अधिक असर नेशनल हाईवे पर देखने को मिला। सुबह से ही ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब चार से पांच किलोमीटर तक जाम की स्थिति बनी रही। आम दिनों में पांच मिनट में पार होने वाला कुंडली-सिंघु बॉर्डर का रास्ता लोगों को 30 से 35 मिनट में तय करना पड़ा। भारी वाहनों के साथ-साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों को बॉर्डर पर किया डिटेन दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से दिल्ली की ओर जा रहे 10 से अधिक किसानों को बॉर्डर पर हिरासत में लिया। इस दौरान उत्तर प्रदेश भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष की गाड़ी को भी रोककर उन्हें डिटेन किया गया। हिरासत में लिए गए किसानों को पुलिस कैब और अन्य वाहनों के जरिए संबंधित थानों में भेज दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी और किसी भी समूह को दिल्ली की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी। गोहाना में 40 से 50 किसान हिरासत में लिए उधर, गोहाना क्षेत्र से किसान संगठनों के सदस्य दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। गांव बड़ोता के पास पहले से तैनात हरियाणा पुलिस ने किसानों के वाहनों को रोक लिया। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई, लेकिन किसानों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद करीब 40 से 50 किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों के माध्यम से गोहाना सदर थाना ले जाया गया। किसानों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप गोहाना सदर थाना में हिरासत में रखे गए किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। किसानों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार को भी सीमित कर रही है। उनका आरोप था कि पहले छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की गई और अब किसानों को भी आंदोलन करने से रोका जा रहा है। एसीपी बोले- पूरी निगरानी की जा रही है एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव के मद्देनजर कुंडली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। पूरी निगरानी रखी जा रही है कि कोई असमाजिक तत्व दिल्ली में एंट्री न कर पाएं। वाहनों को चैक किया जा रहा है। गुरनाम सिंह चढ़ूनी और अन्य किसान नेताओं को किया गया रिहा उन्होंने बताया कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित अन्य नेताओं को पुलिस द्वारा रिहा कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े अगले कदमों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। देश बचाओ मोर्चा के बयान के बाद होगा अगला फैसला किसान नेता सत्यवान नरवाल ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा पूरे देश के किसान संगठनों का साझा मंच है और अभी तक इस मंच की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मोर्चे की ओर से कोई आधिकारिक स्टेटमेंट आएगी, उसके बाद ही आंदोलन की आगामी रणनीति और निर्णय की घोषणा की जाएगी। सरकार से अब तक कोई समझौता नहीं भाकियू (चढ़ूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष ने दोहराया कि फिलहाल सरकार और किसान संगठनों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक किसी भी समझौते की बात करना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 4:20 pm

गाजियाबाद में पुलिस से भिड़े किसान:धक्का-मुक्की कर बैरिकेडिंग तोड़ी; अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध करने दिल्ली जा रहे थे

गाजियाबाद में पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। किसान आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए और बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। 20 मिनट तक मौके पर गहमा-गहमी का माहौल रहा। बाद में अधिकारियों ने किसानों को शांत कराया। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में देशभर के किसानों ने मंगलवार को दिल्ली के किसान घाट तक कूच का ऐलान किया था। इसी प्रदर्शन में शामिल होने यूपी के किसान भी दिल्ली जा रहे थे। इसे देखते हुए दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस किसानों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। पहले प्रदर्शन की 3 तस्वीरें एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर/ट्रैफिक राज करन नैयर ने बताया- दिल्ली से सटे यूपी गेट और लोनी समेत 6 बॉर्डर हैं। सभी पॉइंट पर अलग-अलग पुलिस फोर्स तैनात की गई है। यातायात व्यवस्था बाधित न हो, इसलिए यातायात को सुचारू तरह से चलाया जा रहा है। जो किसान आए थे, उन्हें भी समझा-बुझाकर कुछ देर बाद वापस गाड़ियों से भेज दिया गया। यूपी गेट और अलग-अलग स्थानों पर पुलिस के 700 जवान तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक एसीपी, 3 इंस्पेक्टर और एक एडिशनल डीसीपी को अलग से जिम्मेदारी दी गई है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें- मां-पिता ने डांटा तो 2 बेटों ने पीट-पीटकर मार डाला:गाजियाबाद में पिता को गिराकर पीटा, बचाने आई मां पर लात घूसे बरसाए यूपी के गाजियाबाद में 2 बेटों ने मां और पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार रात 11 बजे दोनों बेटे झगड़ा कर रहे थे। माता-पिता ने उन्हें डांट लगाई तो भड़क गए। गुस्से में माता-पिता को लात-घूसों से पीटा, फिर डंडे से ताबड़तोड़ वार करके अधमरा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 2:58 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान प्रदर्शन:पीलीभीत में बोले- जरूरत पड़ी तो फिर घेरेंगे दिल्ली

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने समझौते को कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और मांगें पूरी नहीं होने पर दोबारा दिल्ली कूच की चेतावनी दी। किसानों का आरोप है कि प्रस्तावित व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी क्षेत्र और छोटे किसानों को तबाह कर देगा। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र को विदेशी कॉरपोरेट कंपनियों के लिए खोलना देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है। उनका तर्क है कि अत्यधिक सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात से देशी किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसानों ने मांग की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित ऐसे सभी समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए, जो देश की खाद्य सुरक्षा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेयू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह (गोगी) ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, यह प्रदर्शन ट्रेड डील और किसानों की अनदेखी के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर है। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और संगठन का आदेश मिला, तो किसान एक बार फिर दिल्ली का रुख करेंगे और उसे घेरेंगे। इसके लिए हमारे वाहन, घोड़े और ट्रैक्टर पूरी तरह से तैयार हैं।ज्ञापन में ट्रेड डील को रद्द करने के अलावा कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। इनमें सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग (C2+50) के तहत एमएसपी की कानूनी गारंटी, गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल करना, बिजली बिल 2025 और स्मार्ट मीटर वापस लेना, उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाना और पीलीभीत की स्थानीय समस्याओं का समाधान करना शामिल है।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 1:17 pm

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू बॉर्डर सील; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के किसान दिल्ली कूच के लिए रवाना हुए। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोका। किसान समझौता रद्द करने और महापंचायत की मांग पर अड़े हैं।

देशबन्धु 21 Jul 2026 10:24 am

FBI Most Wanted List: अमेरिका में भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह पर एफबीआई का शिकंजा! अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट में नाम दर्ज, मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल

अमेरिका की शीर्ष संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने एक भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह (Harmanveer Singh) को अपनी मोस्ट वांटेड (Most Wanted) अपराधियों की सूची में शामिल किया है। हरमनवीर पर अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच फैले एक विशाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह (Transnational Drug Trafficking Syndicate) का हिस्सा होने और भारी मात्रा में कोकीन व मेथेमफेटामाइन जैसे प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो उत्तर अमेरिका में सक्रिय भारतीय और कनाडाई मूल के संगठित अपराध नेटवर्क पर एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।कनाडा का 'रविंदर ढांडा संगठित अपराध समूह' और ड्रग सिंडिकेटएफबीआई द्वारा जारी आधिकारिक वारंट और रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय हरमनवीर सिंह कनाडा के वैंकूवर में स्थित 'द रविंदर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप' (The Ravinder Dhanda Organized Crime Group) नामक आपराधिक गिरोह के लिए काम करता है:अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: यह आपराधिक सिंडिकेट अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच फैले ड्रग कार्टेलों के साथ मिलकर काम करता है।मेथेमफेटामाइन और कोकीन की स्मगलिंग: इस नेटवर्क पर मेक्सिको से भारी मात्रा में कोकीन और मेथेमफेटामाइन (Methamphetamine) जैसे घातक ड्रग्स अमेरिका और कनाडा में गैर-कानूनी तरीके से सप्लाई करने का आरोप है।कैलिफोर्निया कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट: कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने हरमनवीर सिंह के खिलाफ प्रतिबंधित पदार्थों के वितरण, निर्यात और साजिश की गंभीर धाराओं के तहत संघीय गिरफ्तारी वारंट (Federal Arrest Warrant) जारी किया है।एफबीआई ने जारी की हुलिया और पहचान पत्रएफबीआई के 'क्रिमिनल एंटरप्राइज इन्वेस्टिगेशंस' विभाग ने हरमनवीर सिंह का पूरा विवरण और पहचान पत्र साझा करते हुए आम जनता और सुरक्षा एजेंसियों से अलर्ट रहने की अपील की है:जन्म तिथि और नागरिकता: 26 सितंबर 1994, भारतीय नागरिकता।शारीरिक बनावट: कद 5 फीट 7 इंच, काला बाल और आंखें, वजन लगभग 190 पाउंड।नाम और उपनाम: जांच एजेंसियों के अनुसार, वह नाम और पहचान बदलकर अलग-अलग इलाकों में छिपने का काम करता है।संगठित अपराध और भारत-कनाडा लिंक पर फिर गरमाई राजनीतिहाल के वर्षों में कनाडा और अमेरिका में भारतीय मूल के युवाओं और कनाडाई-पंजाबी सिंडिकेट्स द्वारा ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली (Extortion) जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। एफबीआई द्वारा इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और भारतीय नागरिक पर मोस्ट वांटेड वारंट जारी करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार अपराध (Transnational Crime) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।एफबीआई ने स्पष्ट किया है कि हरमनवीर सिंह के ठिकाने की जानकारी देने वाले या उसे पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षा और इनाम दिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:08 am

China Secret Space Mission Alarms US: चीन के नए सीक्रेट स्पेस मिशन से उड़े अमेरिका के होश! अंतरिक्ष में दबदबा खोने का सताने लगा डर; जानिए ड्रैगन की 'स्पेस प्लेन' चाल

अंतरिक्ष (Space) की असीम गहराइयों में सुपरपावर्स के बीच वर्चस्व की नई जंग छिड़ चुकी है। चीन के एक नए और बेहद गोपनीय स्पेस मिशन— सीक्रेट रीयूजेबल स्पेस प्लेन (Shenlong ) और उसकी ऑर्बिटल गतिविधियों ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) और अमेरिकी स्पेस फोर्स (US Space Force) की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अमेरिका को डर सताने लगा है कि यदि चीन की यह रफ्तार जारी रही, तो वह बहुत जल्द अंतरिक्ष में अमेरिका के दशकों पुराने एकछत्र दबदबे को खत्म कर देगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो उपग्रहों को ट्रैक करने वाले विशेषज्ञों और यूएस स्पेस कमांड ने चीन द्वारा पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में बिना किसी पूर्व सूचना के रहस्यमयी ऑब्जेक्ट्स (Mysterious Objects) छोड़ने और सिग्नल ट्रांसफर करने पर गहरी चिंता जताई है।चीन के सीक्रेट स्पेस प्लेन ने क्यों बढ़ाई अमेरिका की टेंशन?चीन का यह स्पेस प्लेन देखने में अमेरिका के मशहूर एक्स-37बी (US Space Force X-37B) जैसा ही एक मानव रहित रीयूजेबल स्पेसक्राफ्ट है:अंतरिक्ष में रहस्यमयी गतिविधियां: हालिया मिशन के दौरान चीन के इस स्पेस प्लेन ने कक्षा में लंबे समय तक चक्कर लगाते हुए कुछ अज्ञात पेलोड और स्मॉल सैटेलाइट्स छोड़े हैं, जो अमेरिकी सैन्य उपग्रहों के करीब मंडराते देखे गए हैं।एंटी-सैटेलाइट और सर्विलांस क्षमता: पेंटागन के जनरलों का मानना है कि चीन इस गुप्त मिशन के जरिए 'काउंटर-स्पेस' तकनीकों का परीक्षण कर रहा है—जैसे कि युद्ध की स्थिति में दुश्मन के सैटेलाइट्स को जाम करना, सिग्नल इंटरसेप्ट करना या उन्हें नष्ट करना।उत्तर अमेरिका के ऊपर सिग्नल बीमिंग: सैटेलाइट ट्रैकर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब यह चीनी यान उत्तरी अमेरिका के ऊपर से गुजरता है, तो यह जमीन पर मजबूत सिग्नल भेजता है, जिससे खुफिया जासूसी की आशंका गहरा गई है।अमेरिका खो सकता है अपना दबदबा - US स्पेस फोर्स की चेतावनीअमेरिकी स्पेस कमांड के शीर्ष अधिकारियों ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम (Chinese Space Program) केवल वैज्ञानिक खोजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सैन्य बढ़त हासिल करना है:स्पेस रेस में चीन की छलांग: चीन ने अपना खुद का 'तिआंगोंग' (Tiangong) स्पेस स्टेशन स्थापित कर लिया है और वह 2030 तक चंद्रमा पर इंसानों को भेजने और लूनर बेस बनाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है।सस्ते और फास्ट-टैप लॉन्च: चीन हर साल दर्जनों वाणिज्यिक व सैन्य उपग्रहों को कक्षा में स्थापित कर रहा है, जिससे अंतरिक्षीय निगरानी क्षमता में अमेरिका और चीन का अंतर बहुत तेजी से घट गया है।क्या शुरू हो चुकी है 'स्पेस वॉर' की नई होड़?विशेषज्ञों का कहना है कि जहां अमेरिका स्पेसएक्स (SpaceX Starshield) और नासा के जरिए अपनी बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं चीन अपने रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में झोंक रहा है। अंतरिक्ष का यह ध्रुवीकरण भविष्य में भू-राजनीतिक (Geopolitical) संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Jul 2026 10:00 am

यमुनानगर से महापंचायत के लिए किसानों का जत्था रवाना:दिल्ली में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध; बोले- बैरिकेडिंग तोड़कर पहुंचेंगे

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ आज दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित देशव्यापी महापंचायत में शामिल होने के लिए यमुनानगर से किसानों का जत्था सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गया। रवाना होने से पहले किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई है और किसानों को रास्ते में रोका जा रहा है। इसके बावजूद किसान बैरिकेडिंग तोड़कर किसी भी कीमत पर किसान घाट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन शांतिपूर्ण रहने का दावा भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुदियाना ने बताया कि यमुनानगर के विभिन्न गांवों से किसान दिल्ली के लिए कूच कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि देशभर से हजारों किसान किसान घाट पर पहुंचकर अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और गिरफ्तार किसान नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी। संजू गुदियाना ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ किसान रात को ही दिल्ली हुए रवाना संजू के अनुसार हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस द्वारा वाहनों की जांच की जा रही है और किसानों को भी रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की गई, जिसके चलते कई नेता सोमवार-मंगलवार की रात ही अपने घरों से निकलकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन बैरिकेडिंग कर किसानों का रास्ता रोकता है, तब भी किसान पीछे नहीं हटेंगे। सभी किसान एकजुट होकर किसी भी स्थिति में किसान घाट पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करेंगे। किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:37 am

पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच, शंभू-खनौरी बॉर्डर सील:अमेरिका से ट्रेड डील का विरोध; हरियाणा पुलिस ने रूट डायवर्ट किया

अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में पंजाब के किसानों ने आज दिल्ली कूच का ऐलान किया है। इसके लिए शंभू बॉर्डर पर भारी संख्या में पंजाब के किसान इकट्‌ठे हुए हैं। इसे देखते हुए हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर बंद कर दिया है। बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेड्स लगाने के साथ जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई हैं, ताकि किसानों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। प्रदर्शन की अगुआई किसान नेता सरवण पंधेर कर रहे हैं। किसान नेता तेजबीर सिंह ने बताया कि शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा वाले किसान जैसे कि पिहोवा, अंबाला, कुरुक्षेत्र वाले दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। पंजाब वाले शंभू बॉर्डर पर आएंगे। उन्होंने कहा कि खनौरी वाला रास्ता भी बंद कर दिया गया है। आज हमारा दिल्ली में प्रोग्राम 12 से चार बजे तक है। ऐसे में जो स्टेज से आदेश आए। उसका पालन करना है। किसान नेताओं ने कहा कि हरियाणा के सीएम रोज पंजाब में आकर रैलियां करते हैं। किसानों को दिल्ली से जाने रोकने का ये तरीका ठीक नहीं है। उधर, अंबाला पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें। शंभू बॉर्डर पर पहुंचे किसानों और बैरिकेडिंग की PHOTOS… किसानों के दिल्ली कूच के पल-पल अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 8:19 am

अमेरिकी सैनिक को नुकसान पहुंचाया तो ईरान को भुगतना होगा कई गुना अंजाम: ट्रंप

'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व' में तैनात अमेरिकी सेना के दो सक्रिय सैनिकों की जॉर्डन में मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्‍त चेतावनी जारी की है

देशबन्धु 21 Jul 2026 7:50 am

अमेरिका-भारत ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन आज:सोनीपत से छिप-छिपाकर किसान नेता दिल्ली के लिए रवाना; बॉर्डर पर सख्ती

अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ आज मंगलवार को दिल्ली में किसानों का बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है। देशभर से किसान दिल्ली के किसान घाट पहुंच रहे हैं। वहीं सोनीपत जिले में भी आंदोलन को लेकर सोमवार रात से ही हलचल तेज हो गई। कई किसान नेता देर रात अपने घरों से निकलकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस कई नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश कर रही थी, जिसके चलते कई नेता पहले ही घर छोड़कर निकल गए। वहीं हरियाणा में दिल्ली बॉर्डर पर भी पुलिस ने सख्ती की है और बॉर्डर पर वाहन चालकों से पूछताछ के बाद ही जाने दिया जा रहा है। किसानों को भी रोका जा रहा है। दिल्ली कूच के लिए रात से ही तैयारियां शुरू किसान संगठनों के अनुसार, दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सोनीपत समेत हरियाणा के विभिन्न जिलों से किसान देर रात और मंगलवार तड़के ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। किसान नेताओं का कहना है कि किसी भी स्थिति में वे किसान घाट पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होंगे। इन मुद्दों को लेकर हो रहा है आंदोलन किसानों का कहना है कि अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील से देश के किसानों के हित प्रभावित होंगे। उनका आरोप है कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में मुश्किलें आएगी। साथ ही किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का भी किसान संगठन विरोध कर रहे हैं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। हिरासत की कोशिश का आरोप दिल्ली कूच से पहले सोनीपत में पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की गई। इसी आशंका के चलते कई नेता रविवार रात से ही अपने घरों से निकल गए और सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। गोहाना में भी हुआ था हाईवे जाम दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सोमवार को गोहाना के गांव रूखी चौक पर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और अन्य किसान संगठनों ने रोहतक-पानीपत हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। किसानों ने अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील और गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में किसानों ने दिल्ली कूच की तैयारियों को देखते हुए जाम समाप्त कर दिया। दिल्ली के प्रदर्शन पर सभी की नजरें आज दिल्ली में होने वाले किसान प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसान संगठनों ने बड़ी संख्या में किसानों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। वहीं सरकार और पुलिस की रणनीति पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2026 7:36 am

सोनीपत में किसानों ने रोहतक-पानीपत हाईवे जाम किया:भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन, चढ़ूनी की गिरफ्तारी पर भड़के; बाद में रोड से हटे

सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में रविवार को किसान संगठनों ने अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। किसानों ने गांव रूखी चौक के पास रोहतक-पानीपत हाईवे पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में किसान नेताओं ने 21 जुलाई को दिल्ली में प्रस्तावित महाप्रदर्शन की तैयारियों का हवाला देते हुए जाम समाप्त कर दिया और सभी किसानों से दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। गांव रूखी चौक पर किसानों ने लगाया जाम भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) और अन्य किसान संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान गांव रूखी चौक पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने रोहतक-पानीपत हाईवे पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील का विरोध किसानों ने कहा कि अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते से कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। इसी मुद्दे को लेकर देशभर के किसान 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। गुरनाम चढ़ूनी की गिरफ्तारी पर जताया रोष प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चढ़ूनी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। हाईवे पर भारी पुलिस बल रहा तैनात किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव रूखी चौक और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी और कानून-व्यवस्था कायम रखी। दिल्ली कूच की तैयारी के चलते खोला जाम कुछ समय तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसान नेताओं ने घोषणा की कि 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले बड़े आंदोलन की तैयारियों को देखते हुए फिलहाल हाईवे जाम खत्म किया जा रहा है। इसके बाद किसानों ने सड़क खाली कर दी और यातायात सामान्य दिखा। दिल्ली आंदोलन में शामिल होने का किया आह्वान किसान नेताओं ने प्रदेशभर के किसानों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर किसान घाट पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि फ्री ट्रेड डील और किसान नेताओं पर की जा रही कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना जरूरी है। सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें गोहाना में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब किसानों की नजरें 21 जुलाई को दिल्ली में होने वाले आंदोलन और सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज करने के संकेत भी किसान नेताओं ने दिए हैं।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 6:27 pm

अमेरिका-ईरान जंग में फंसा पाकिस्तान: 'मध्यस्थ' बनने चला था इस्लामाबाद, अब 'बलि का बकरा' बनने की नौबत

अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में जंग छिड़ने के बाद पाकिस्तान की 'चीफ मीडिएटर' यानी मुख्य मध्यस्थ वाली छवि पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। हफ्तों की भारी कूटनीतिक दौड़-धूप और दिखावे के बाद भी नाजुक सीजफायर टूट चुका है, जिससे पाकिस्तान को गहरा धक्का लगा है। बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तेहरान के हमलों और वॉशिंगटन के खौफनाक पलटावर के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर का तंत्र असहाय नजर आ रहा है। इस्लामाबाद अब कूटनीति के ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां वह मध्यस्थ बनने के बजाय दोनों तरफ से घिरकर 'फॉल गाई' यानी बलि का बकरा बनने की स्थिति में पहुंच गया है।कागजी शेर साबित हुआ इस्लामाबाद MoU: दोनों महाशक्तियों ने समझौतों को किया खारिजतनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान द्वारा तैयार कराया गया तथाकथित 'इस्लामाबाद MoU' अब महज कागजी शेर साबित हो रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए हमलों की पाकिस्तान ने निंदा जरूर की, लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के आक्रामक रुख के आगे उसकी एक न चली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि वे अब ईरान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौते के मूड में नहीं हैं। इस कड़े रुख के बाद पाकिस्तान की शांति वार्ता आयोजित करने की सभी कोशिशें पूरी तरह बेअसर हो चुकी हैं।विशेषज्ञों की चेतावनी: शांति वार्ता विफल होने पर पाकिस्तान के सिर फूटेगा ठीकराअमेरिका स्थित अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने आगाह किया है कि अगर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पूरी तरह नाकाम होती है, तो इसका सारा दोष पाकिस्तान के सिर मढ़ दिया जाएगा। कुगेलमैन के अनुसार, पाकिस्तान पर अनुभवहीनता और बिना किसी ठोस आधार के विफल वार्ताओं को बढ़ावा देने का आरोप लग सकता है। सीजफायर टूटने के महज एक महीने के भीतर इस्लामाबाद की वैश्विक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है, जिससे उसे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गंभीर कूटनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।रणनीतिक गफलत में फंसा इस्लामाबाद: होर्मुज स्ट्रेट पर टिका ईरान का कड़ा रुखतेहरान के सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च के निदेशक जावेद हेरान-निया का मानना है कि 'इस्लामाबाद MoU' कभी भी मुख्य विवादों को सुलझाने के लिए नहीं बना था। यह केवल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अस्थायी रूप से खोलने और युद्ध टालने का एक तात्कालिक जरिया था। ईरान होर्मुज पर अपने रणनीतिक नियंत्रण को बेहद अहम मानता है और वह इसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहता। जब तक वाशिंगटन और तेहरान के बीच रणनीतिक शक्ति संतुलन खुद नहीं बदलता, तब तक पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश की भूमिका बिल्कुल सीमित रहेगी।शहबाज और असीम मुनीर के पास विकल्प खत्म: अमेरिका और ईरान दोनों पर निर्भरता बनी मजबूरीगल्फ इंटरनेशनल फोरम की कार्यकारी निदेशक दानिया थाफर के अनुसार, हालिया मिसाइल हमलों और आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के पास कूटनीतिक पैंतरेबाज़ी की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। पाकिस्तान अपनी आर्थिक और राजनीतिक जरूरतों के लिए अमेरिका और खाड़ी देशों दोनों पर अत्यधिक निर्भर है। लेकिन इस समय चूंकि ईरान और अमेरिका दोनों ही एक-दूसरे को नष्ट करने वाले दौर (Escalation Phase) में पहुंच चुके हैं, इसलिए तनाव कम करने या दोनों को बातचीत की टेबल पर लाने में पाकिस्तान पूरी तरह नाकाम और लाचार साबित हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 6:00 pm

Middle East War: जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद ईरान पर भयंकर बमबारी, 50 की मौत; होर्मुज स्ट्रेट बंद

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब तक के सबसे खतरनाक और चरम स्तर पर पहुंच गया है। जॉर्डन में बने अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए घातक हमले में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि के बाद वॉशिंगटन ने ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार, 20 जुलाई की सुबह ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों और लड़ाकू विमानों से ताबड़तोड़ बमबारी की। इस भीषण अमेरिकी हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 517 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।अमेरिकी एयरस्ट्राइक से दहला ईरान: परमाणु अड्डे और आईआरजीसी के सैन्य ठिकाने तबाहअमेरिकी सेना द्वारा जारी की गई फुटेज के अनुसार, यह हमला समुद्र और हवा दोनों ओर से बेहद सटीक रणनीति के तहत किया गया। सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर बताया कि हमले का मुख्य लक्ष्य ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल व ड्रोन भंडारण परिसरों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त करना था। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने उसके एक निर्माणाधीन परमाणु प्रतिष्ठान को भी निशाना बनाया है, जिसके बाद तेहरान ने अमेरिका को इसके बेहद गंभीर अंजाम भुगतने की सीधी धमकी दी है।रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज फिर से ठप: वैश्विक ऊर्जा संकट का बड़ा खतरा मंडरायादोनों देशों के बीच पिछले महीने हुई अंतरिम शांति डील अब पूरी तरह से निष्प्रभावी हो चुकी है और दोनों ही पक्षों ने समझौतों को मानने से इनकार कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और आगजनी के बाद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने जहाजों को बारूदी सुरंग वाले रास्ते पर धकेला। दुनिया के प्रमुख तेल आपूर्ति मार्ग के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर भारी ऊर्जा संकट का खतरा गहरा गया है।खाड़ी देशों में रेड अलर्ट: कुवैत, बहरीन और इजरायल में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिवअमेरिका और ईरान की इस सीधी जंग की चपेट में खाड़ी देश भी आ गए हैं। ईरान की ओर से खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे जा रहे हैं। कुवैत के एक महत्वपूर्ण पावर जनरेशन और वॉटर डिजैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया है, जिसके बाद कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्टिवेट कर दिया है। उधर इजरायल ने भी चेतावनी जारी की है कि जॉर्डन की दिशा से दागी गई ईरानी मिसाइलें उसके क्षेत्र को भी प्रभावित कर सकती हैं।युद्ध में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत, जंग और भीषण होने के आसारअमेरिकी रक्षा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जॉर्डन में हुए हालिया हमले के बाद अब तक इस संघर्ष में कुल 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है, जबकि 430 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह बड़ी सैन्य कार्रवाई जॉर्डन में मारे गए अपने जवानों का बदला लेने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की आक्रामक पकड़ को कमजोर करने के लिए की गई है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलते इस घटनाक्रम से विश्व स्तर पर कूटनीतिक तनाव उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 5:59 pm

कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 4:05 pm

महायुद्ध की दहलीज पर अमेरिका और ईरान, मिडिल ईस्ट में घातक हमलों से दहला इलाका

पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा अमेरिका और ईरान का तनाव अब पूरी तरह से एक विनाशकारी युद्ध के रूप में तब्दील हो चुका है। दोनों ही महाशक्तियों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने सबसे घातक और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और ईरानी समर्थित गुटों के रणनीतिक केंद्रों पर लगातार रॉकेट, मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। युद्ध का यह नया चरण इतना आक्रामक है कि इसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की आहट तेज हो गई है।निर्दोष और बेकसूर देश बन रहे निशाना: वैश्विक सप्लाई चेन तबाहइस युद्ध की सबसे भयावह बात यह है कि इसका शिकार अब वे देश और क्षेत्र भी बन रहे हैं, जिनका इस भू-राजनीतिक दुश्मनी से कोई वास्ता नहीं है। ईरान और अमेरिका की इस जंग के कारण लाल सागर (Red Sea) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गए हैं। वाणिज्यिक जहाजों और कार्गो शिप्स पर हो रहे लगातार घातक हमलों की वजह से कई एशियाई और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और खाद्यान्न की सप्लाई रुकने से उन देशों में भी महंगाई और भुखमरी का खतरा मंडराने लगा है जो इस युद्ध में पूरी तरह तटस्थ थे।घातक हवाई हमलों से टूटी कमर: सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसानपेंटागन और ईरानी सैन्य कमांडरों की ओर से जारी बयानों के मुताबिक, दोनों पक्षों को इस टकराव में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जहां एक तरफ अमेरिका ने ईरान के तेल डिपो, अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर्स और कमांड पोस्टों को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक और सैन्य कमर तोड़ने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी ड्रोन हमलों ने अमेरिकी गठबंधन सेना के कई महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस भीषण गोलाबारी और बमबारी के कारण स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है और बड़े पैमाने पर मानवीय संकट खड़ा हो गया है।भारत सहित पूरी दुनिया पर क्या होगा इसका सीधा असर?इस युद्ध के खतरनाक दौर में पहुंचने का सीधा असर भारत सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई अनियंत्रित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और उनकी आजीविका पर भी इस संकट के काले बादल मंडरा रहे हैं, जिसने नई दिल्ली की चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 2:33 pm

ईरानी हमलों की आहट से सहमा अमेरिका! ट्रंप ने कतर से फाइटर जेट्स हटाने के दिए निर्देश

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इंटेलिजेंस इनपुट और खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों पर बड़े और भीषण मिसाइल व ड्रोन हमलों की आशंका जताई गई है। इस संभावित खतरे को देखते हुए वॉशिंगटन और पेंटागन में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने खाड़ी देशों में मौजूद अपने सभी बेस और सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे इस पूरे रीजन में युद्ध जैसी गंभीर स्थिति बन गई है।राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा एक्शन: कतर एयरबेस से हटाए जा रहे हैं अमेरिकी लड़ाकू विमानहालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना वक्त गंवाए एक बेहद आपातकालीन और बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। कतर में स्थित अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस, जो मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र माना जाता है, वहां से अमेरिकी फाइटर जेट्स और भारी बमवर्षक विमानों को तेजी से हटाकर सुरक्षित और रणनीतिक रूप से सुरक्षित ठिकानों पर ट्रांसफर किया जा रहा है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान की मिसाइल रेंज से अपने सबसे महंगे और घातक हवाई हथियारों को दूर रखना चाहता है ताकि किसी भी संभावित हमले में नुकसान को कम से कम किया जा सके।50,000 अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर: पेंटागन ने कसी कमरविमानों की शिफ्टिंग के साथ-साथ अमेरिका ने जमीनी मोर्चे पर भी अपनी किलेबंदी बेहद मजबूत कर दी है। मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों जैसे इराक, सीरिया, कुवैत और बहरीन में तैनात लगभग 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को कॉम्बैट रेडी यानी हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रख दिया गया है। एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें पैट्रियट मिसाइल डिफेंस शामिल है, को एक्टिवेट कर दिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) सीधे तौर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सैनिकों को किसी भी आक्रामक कार्रवाई का तुरंत और आक्रामक जवाब देने की पूरी छूट दे दी गई है।वैश्विक बाजारों और भारत पर क्या होगा इसका असर?अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सीधे टकराव का सीधा और बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर जा सकती हैं। भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है। इसके अलावा, खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी नई दिल्ली में चिंताएं बढ़ गई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 2:32 pm

शेयर बाजार में हाहाकार: अमेरिका-ईरान युद्ध से सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा, कच्चा तेल 90 डॉलर के पार

Share Market 20 July : अमेरिका ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी की वजह से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले।

वेब दुनिया 20 Jul 2026 10:49 am

Middle East War Row: ईरान के भीषण हमले से दहला कुवैत, प्रमुख पावर और वाटर फिल्टर प्लांट में लगी भीषण आग, एक भारतीय की मौत; भड़के अमेरिका ने तेहरान पर तेज की एयरस्ट्राइक

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष ने अब एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की आग में अब क्षेत्र के अन्य शांतिप्रिय देश भी झुलसने लगे हैं। सोमवार को ईरान ने कुवैत के एक प्रमुख 'बिजली और जल अलवणीकरण संयंत्र' (Water Desalination & Power Plant) को निशाना बनाकर एक भीषण आत्मघाती हमला किया। इस सुनियोजित हमले के कारण कुवैत के इस बेहद महत्वपूर्ण एनर्जी हब में भयंकर आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयां पूरी तरह तबाह हो गईं। दुखद बात यह है कि इस हमले में प्लांट में काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले इस हमले ने पूरे रेगिस्तानी देश में पीने के पानी और बिजली का एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।कुवैत का 90% पानी सप्लाई ठप होने की कगार परकुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, ईरान की ओर से किए गए इस ड्रोन और मिसाइल हमले ने उनके सबसे संवेदनशील बुनियादी ढांचे को चोट पहुंचाई है। रेगिस्तानी देश होने के कारण कुवैत अपनी पीने के पानी की लगभग 90 प्रतिशत जरूरतों के लिए समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले इसी 'डिसैलिनेशन प्रोसेस' पर निर्भर रहता है। हमले के बाद प्लांट में लगी भीषण आग पर काबू तो पा लिया गया है, लेकिन बिजली और पानी की कई मुख्य यूनिट्स के क्षतिग्रस्त होने से देश में हाहाकार मच गया है। कुवैती अधिकारी फिलहाल नुकसान का आकलन करने और प्लांट को आंशिक रूप से फिर से चालू करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी के बाद तेहरान पर भीषण एयरस्ट्राइकईरान की इस आक्रामक हरकत के बाद अमेरिकी सेना भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार सुबह अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और उसके रणनीतिक ठिकानों पर अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई अहम पुलों, सैन्य साइटों और एक प्रमुख बंदरगाह पर बने 'पोर्ट कंट्रोल टावर' को हवाई हमलों में पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया है।यह भीषण कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तेहरान को दी गई उस कड़ी चेतावनी का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि यदि ईरान वैश्विक तेल मार्ग 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) और क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।हॉर्मुज संकट से दुनिया भर में बढ़े कच्चे तेल के दामईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस आमने-सामने के युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से बंद होने के खतरे ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। दुनिया का एक बड़ा तेल निर्यात इसी समुद्री रास्ते से होता है, जिस पर ईरान ने नए सेवा शुल्क और सख्त नियम लगाकर खलबली मचा दी है। इस सुरक्षा संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है, जिससे भारत सहित कई विकासशील देशों पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों ने तुरंत संयम नहीं बरता, तो यह संघर्ष एक पूर्ण वैश्विक युद्ध में बदल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 10:09 am

'मेरा भारत महान!' अमेरिका के सुपरमार्केट में हरी मिर्च का दाम देखकर उड़े भारतीय महिला के होश, वीडियो शेयर कर बोली— 'यहाँ मिर्च खरीदना मतलब सोना-चांदी खरीदना'

भारत में जब भी हम किसी सब्जी मंडी या ठेले वाले से आलू, प्याज या अन्य सब्जियां खरीदते हैं, तो आखिर में झोले में थोड़ी सी हरी मिर्च और धनिया मुफ्त में डलवाना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार जैसा होता है। सब्जीवाले भी हंसकर चार-पांच मिर्च मुफ्त में डाल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी हरी मिर्च के लिए विदेशों में आपको कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है, जो अमेरिका के एक सुपरमार्केट में सिर्फ चंद हरी मिर्च की कीमत देखकर पूरी तरह हैरान रह गई। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वायरल वीडियो भारत और अमेरिका के बीच न सिर्फ रहन-सहन बल्कि रोजमर्रा के खर्चों के बड़े अंतर को बयां करता है।114 ग्राम मिर्च का पैकेट देखकर थमी महिला की नजरेंवायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक भारतीय महिला अमेरिका के एक बड़े सुपरमार्केट में सब्जियां खरीदने पहुंचती है। वहां जब वह घूमते हुए हरी मिर्च के सेक्शन में जाती है, तो उसकी नजर एक छोटे से प्लास्टिक डिब्बे (पैकेट) पर पड़ती है। पैकेट पर लिखी कीमत को देखते ही महिला हैरान रह जाती है और तुरंत अपना कैमरा निकालकर इस वाकये को रिकॉर्ड करने लगती है। महिला वीडियो में बताती है कि अमेरिका में हरी मिर्च खरीदना किसी सोना या चांदी खरीदने जैसा महंगा काम है। उसने पैकेट का वजन दिखाते हुए बताया कि महज 114 ग्राम के इस छोटे से डिब्बे में मुश्किल से 12 से 13 मिर्च ही मौजूद हैं, लेकिन इसका दाम सुनकर किसी भी भारतीय के होश उड़ जाएंगे।भारतीय रुपए में करीब 3500 रुपए किलो बिक रही है मिर्चमहिला ने वीडियो में आगे कैलकुलेशन करके दिखाया कि इस 114 ग्राम के छोटे से पैकेट की कीमत करीब 400 रुपए (भारतीय मुद्रा के अनुसार) बैठती है। अगर इस हिसाब से 1 किलो हरी मिर्च की कीमत का अंदाजा लगाया जाए, तो अमेरिका में यह लगभग 3500 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच जाती है। महिला कहती है कि भारत में इतनी मिर्च तो सब्जी वाले थैले में ऐसे ही बिना पैसे लिए डाल देते हैं, जबकि यहां इसके लिए ₹400 का नोट ढीला करना पड़ रहा है। यही वजह है कि यह वीडियो अपलोड होते ही कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया और इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।सोशल मीडिया पर छिड़ी महंगाई बनाम कमाई की बहसइस वीडियो के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में भारतीय यूजर्स की तरफ से बेहद मजेदार और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर ने गर्व से कमेंट करते हुए लिखा, इसीलिए तो कहते हैं- मेरा भारत महान! हमारे यहां ₹20 में पाव भर (250 ग्राम) मिर्च मिल जाती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, इस भाव को देखकर तो लगता है कि अब अमेरिका जाकर मिर्च की खेती ही शुरू कर देनी चाहिए।हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस तुलना को पूरी तरह सही नहीं माना और व्यावहारिक पक्ष रखते हुए लिखा कि अमेरिका में लोगों की इनकम और सैलरी भी उसी हिसाब से डॉलर में काफी ज्यादा होती है, इसलिए भारतीय रुपए में सीधे करेंसी कन्वर्ट करके कीमतों की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। इसके अलावा विदेशों में पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लेबर कॉस्ट और कोल्ड स्टोरेज का खर्च ज्यादा होने के कारण भी भारत की तुलना में सब्जियां काफी महंगी बिकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 9:40 am

US Politics News: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस चौथी बार बने पिता, भारतवंशी पत्नी उषा वेंस ने दिया बेटे को जन्म; 156 साल के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा अनोखा वाकया

वाशिंगटन/लखनऊ। अमेरिकी राजनीति के शीर्ष गलियारों और व्हाइट हाउस से एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। ज़ी न्यूज़ (Zee News) की एक विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) और उनकी भारतवंशी पत्नी व सेकंड लेडी उषा वेंस (Usha Vance) के घर चौथी बार बच्चे की किलकारी गूंजी है। उषा वेंस ने रविवार, 19 जुलाई 2026 की सुबह वाशिंगटन के पास मैरीलैंड स्थित वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। वेंस दंपत्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है।यह जन्म केवल वेंस परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अमेरिकी राजनीतिक इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गया है。 अमेरिका के 156 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब कार्यकाल के दौरान पद पर बने रहते हुए (Sitting Vice President) किसी उपराष्ट्रपति के घर बच्चे का जन्म हुआ हो।'एलेक नील वेंस' रखा गया नाम, वेंस ने कहा- 'बच्चे और मां दोनों स्वस्थ हैं'उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने आधिकारिक पोस्ट में नवजात शिशु के नाम का खुलासा करते हुए लिखा:हम यह साझा करते हुए बेहद रोमांचित हैं कि आज सुबह हमारे बेटे एलेक नील वेंस (Alec Neel Vance) का जन्म हुआ है। उषा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ और खुश हैं। हमारे बाकी तीन बच्चे अपने नन्हे छोटे भाई से मिलने के लिए बेहद उत्साहित और आनंदित हैं।इसके साथ ही उन्होंने वाल्टर रीड मेडिकल सेंटर के सैन्य डॉक्टरों और व्हाइट हाउस मेडिकल यूनिट की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उषा और बच्चे की बेहतरीन देखभाल की।156 साल पुराना इतिहास: 1870 में आखिरी बार हुआ था ऐसा दुर्लभ संयोगव्हाइट हाउस हिस्टोरिकल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, यह अमेरिकी राजनीति में बेहद दुर्लभ घटना है:शायलर कोलफैक्स का रिकॉर्ड: इससे पहले साल 1870 में तत्कालीन राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल के दौरान उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स जूनियर (Schuyler Colfax Jr.) की दूसरी पत्नी एलेन वेड ने बेटे शायलर कोलफैक्स III को जन्म दिया था।1.5 सदी का इंतजार: उसके बाद से आज तक (156 वर्षों में) किसी भी उपराष्ट्रपति को पद पर रहते हुए संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ था, जिसे अब 2026 में जेडी और उषा वेंस की जोड़ी ने एक नए इतिहास में बदल दिया है।चार बच्चों का पूरा परिवार, प्राइवेसी के लिए वाशिंगटन से दूर रहने का फैसलाआपको बता दें कि 41 वर्षीय जेडी वेंस वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के सबसे युवा और प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। येल लॉ स्कूल के दौरान अपनी सहपाठी रहीं 40 वर्षीय उषा वेंस (भारतीय प्रवासियों की बेटी) से उन्होंने साल 2014 में शादी की थी। इस नए मेहमान 'एलेक नील' के आने के बाद अब उनके परिवार में चार बच्चे हो गए हैं—जिनमें दो बड़े बेटे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और एक बेटी मिराबेल रोज (4 वर्ष) शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक, वाशिंगटन डीसी की राजनीतिक चकाचौंध और सुरक्षा घेरे के बीच अपने बच्चों को एक सामान्य और शांत जीवन (Normalcy) देने के लिए वेंस परिवार ने ग्रामीण उत्तरी वर्जीनिया के मिडिलबर्ग इलाके में एक घर लीज पर लिया है। हालांकि उपराष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान 'नेवल ऑब्जर्वेटरी' ही रहेगा, लेकिन बच्चों की परवरिश के लिए वे इस नए आशियाने का उपयोग करेंगे। इस बीच, रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों के ही शीर्ष नेताओं ने वेंस परिवार को इस नए आगमन और ऐतिहासिक रिकॉर्ड के लिए बधाई संदेश भेजे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 8:37 am

अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात किया ईरान पर हमला : सेंट्रल कमांड

ईरान के खिलाफ अमेरिकी की सैन्य कार्रवाई लगातार 9वें दिन जारी रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का एक नया दौर शुरू हुआ है

देशबन्धु 20 Jul 2026 8:22 am

फुटबॉल वर्ल्डकप फाइनल- स्पेन Vs अर्जेंटीना:स्पेन के यमाल गोल करने से चूके; अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प मैच देखने पहुंचे

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जा रहा है। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। स्पेन के लामिन यमाल 5वें मिनट में गोल करने से चूक गए। इसके बाद अर्जेंटीना के मेसी ने अटैक किया। हालांकि वे गोल नहीं कर सके। स्पेन 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने उतरेगा। दूसरी ओर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के पास चौथी बार ट्रॉफी जीतने और लगातार दूसरा वर्ल्ड कप अपने नाम करने का मौका होगा। जीत दर्ज करने पर अर्जेंटीना की टीम इटली (1938) और ब्राजील (1962) के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ने 6-6 मैच जीते हैं और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। वर्ल्ड कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई है। 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं पिछली भिड़ंत 2018 के दोस्ताना मैच में हुई थी, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से मात दी थी। क्लोजिंग सेरेमनी की 5 फोटोज… दोनों टीमों की स्टार्टिंग-11 स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, एमेरिक लापोर्टे, पाउ क्यूबार्सी, मार्क कुकुरेला, फाबियान रुइज, एलेक्स बाएना, रोड्री (कप्तान), दानी ओल्मो, लामिन यामाल, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिसांद्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, रोड्रिगो डी पॉल, निको गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडेज, जूलियन अल्वारेज, लियोनेल मेसी (कप्तान)।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2026 12:08 am

लगातार आठवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले, हाई अलर्ट पर 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि मध्य पूर्व में तैनात 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमलों का एक और दौर पूरा कर लिया है।

देशबन्धु 20 Jul 2026 12:04 am

ईरान पर अमेरिका के लगातार आठवें दिन हवाई हमले, पश्चिम एशिया में 50 हजार सैनिक हाई अलर्ट पर, भारी तबाही की तैयारी

अमेरिकी कार्रवाई उस हमले के बाद तेज हुई, जिसमें जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया गया था। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से की गई सीधी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों की मौत का एक बड़ा मामला है।

देशबन्धु 19 Jul 2026 3:20 pm

पहली तिमाही के नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से तय होगा शेयर बाजार का रुझान

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला कारोबारी हफ्ता काफी अहम होने वाला है। घरेलू आर्थिक आंकड़े जैसे पीएमआई, अमेरिका-ईरान तनाव और वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजे बाजार की चाल निर्धारित करेंगे।

देशबन्धु 19 Jul 2026 1:52 pm

भारत-अमेरिका व्यापार-समझौते के विरोध में कल-पंजाब से दिल्ली-रवाना होंगी सैकड़ों-बसें:21 जुलाई को किसान घाट पर महा रैली

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महा रैली को लेकर पंजाब के किसानों और मजदूरों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब से सैकड़ों बसें किसानों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगी। किसान मजदूर मोर्चा, ए.के.एम., बी.के.यू. एकता संघर्ष समेत कई किसान संगठनों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे। अमृतसर और गुरदासपुर जिले के किसान ब्यास में कल सुबह 11 बजे तक एकत्र होंगे, जबकि तरनतारन जिले के किसान गोइंदवाल साहिब में जुटेंगे। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी किसानों के लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। पंधेर ने दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते में मक्का, सोयाबीन, कपास, ड्राई फ्रूट, सेब, नाशपाती और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं। उनके मुताबिक, इसे व्यापक व्यापार समझौता बताया जा रहा है, लेकिन व्यापकता के नाम पर कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई वस्तुएं इसमें शामिल हो सकती हैं। उन्होंने पंजाब के युवाओं, किसानों और मजदूरों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। पंधेर ने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों से भी किसान दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को होने वाला यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन शाम 4 बजे समाप्त होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों को दिल्ली जाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से न रोका जाए।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 1:22 pm

अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी, बंदर अब्बास और केशम द्वीप में यूएस ने किए कई धमाके

ईरान के हमले में पहली बार दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी सेना ने शनिवार को कहा कि उसने सैनिकों के मारे जाने के जवाब में ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।

देशबन्धु 19 Jul 2026 1:16 pm

अमेरिका से लौटी इंजीनियर की पत्नी, बेटी की कस्टडी मांगी:पति से बात करना किया बंद; पीहर वाले घर आकर ले गए थे गहने

जयपुर में सॉफ्टेवयर इंजीनियर की पत्नी शादी के 8 साल बाद अचानक पीहर चली गई। उसके कुछ समय बाद रिश्तेदार की शादी में जाने के बहाने ससुराल से गहने भी मंगवा लिए। इसके बाद पत्नी (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) जॉब के लिए अमेरिका चली गई। करीब 2 साल बाद इंडिया लौटी, लेकिन ससुराल नहीं आई। पति से बात करना भी बंद कर दिया। फिर 8 साल की बेटी की कस्टडी के लिए केस कर ससुराल पक्ष को नोटिस भिजवा दिया। यही नहीं, जिन गहनों को उसके मायके वाले हड़प चुके थे, उनको मांगने का भी नोटिस में जिक्र कर दिया। नोटिस मिलने के बाद 17 जुलाई को ससुर (पति के पिता) ने बिंदायका पुलिस थाने में बहू के पिता और उसके चाचा के खिलाफ गहने हड़पने की FIR दर्ज करवाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की 2014 में कराई थी शादी बिंदायका थाने के ASI बाबूलाल ने बताया- 65 वर्षीय बुजुर्ग ने थाने में FIR दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनके सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की शादी बेंगलुरु (कर्नाटक) निवासी युवती से साल 2014 में हुई थी। वह भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। शादी के करीब 8 साल बाद उनकी बहू अचानक पीहर चली गई। 8 दिसंबर 2023 को बहू के पिता और चाचा जयपुर आए। विद्याधर नगर में एक शादी में शामिल होने की कहकर उनके घर पर ही रुक गए। उस दौरान उनकी बहू बेंगलुरु में पीहर में ही थी। बहू के गहने लेने जयपुर आए थे पिता और चाचा ससुर ने रिपोर्ट में बताया कि जयपुर स्थित उनके घर पर बातचीत के दौरान बहू के पिता और चाचा ने 21 जनवरी 2024 को सिकंदराबाद (तेलंगाना) में परिवार में शादी होना बताया। शादी में बहू के भी जाने की बात बताई। दोनों ने अलमारी में रखी बहू की ज्वेलरी के साथ-साथ हमारे पैतृक गहने भी शादी में पहनने के लिए मांगे। उन्होंने बहू के अच्छे व्यवहार और संबंधों के चलते रिश्तेदार की शादी में पहनने के लिए गहने निकालकर उन्हें दे दिए। बाद में पता चला कि सिकंदराबाद में हुई शादी में बहू की मम्मी ने उन गहनों को पहना था। अमेरिका से लौटने पर भेजा नोटिस इसके बाद जॉब के सिलसिले में बहू मासूम बेटी के साथ अमेरिका चली गई। करीब 2 साल अमेरिका में रहने के बाद मार्च 2026 में बहू के इंडिया लौटने का पता चला। रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल 2026 को बेंगलुरु कोर्ट से उन्हें एक नोटिस मिला। नोटिस से पता चला कि बहू ने बेटी की कस्टडी के लिए बेंगलुरु कोर्ट में केस फाइल कर रखा है। मायके वाले ने जो गहने लिए थे, उसका भी झूठा हवाला दिया है कि वह अभी भी उनके (ससुराल वालों के) पास है। गहने मांगे तो लौटाने से किया इनकार इसका पता चलने पर पीड़ित परिवार ने बहू के मायके वालों से कॉन्टैक्ट कर गहने मांगे, तो उन्होंने गहने लौटाने से मना कर दिया। इन गहनों में सोने का रानीहार, मंगलसूत्र, कमरबंद, बाजूबंद, हथफूल, सात अंगूठी, दो कड़े, दो चूड़ी, चेन-पेंडेंट सेट, कान की जोड़ियां, टीका और अन्य सोने के गहने शामिल हैं। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 10:18 am

US-Iran War Update: जॉर्डन बेस पर ईरानी हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, बौखलाए अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर भीषण हवाई हमला, कुवैत में पानी का संकट

वाशिंगटन/तेहरान/लखनऊ। मध्य पूर्व (Middle East) में जारी अमेरिका और ईरान का युद्ध अब अपने सबसे खौफनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान द्वारा किए गए सीधे ड्रोन और मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद यह पहला मौका है जब ईरान की सीधी गोलीबारी में अमेरिकी जवानों की जान गई है। इस घटना से बौखलाए अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को कई गुना तेज कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने ईरान के कुख्यात 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) को सजा देने के लिए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पास सिरिक के निकट तड़के 1:30 बजे भीषण हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे बड़े मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की ईरान की क्षमता को पूरी तरह ध्वस्त करना है।कुवैत में तबाही: डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला, पीने के पानी का संकटअमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान और उसके सहयोगी विद्रोही गुटों (Axis of Resistance) ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार को ईरान ने रेगिस्तानी देश कुवैत पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिससे वहां के एक प्रमुख ऑयल फैसिलिटी सेंटर और 'वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट' (खारे पानी को मीठा बनाने वाला संयंत्र) को भारी नुकसान पहुंचा है। दो दिनों के भीतर कुवैत के पानी के प्लांट पर यह दूसरा बड़ा हमला है। कुवैत अपनी जरूरत का 90% पीने का पानी इसी तकनीक से हासिल करता है। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई और कई बिजली उत्पादन इकाइयां ठप हो गईं, जिससे पूरे कुवैत में पीने के पानी और बिजली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए कुवैत ने आपातकाल लागू कर कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया था।इराक और जॉर्डन में भी मिसाइल और ड्रोन युद्ध, बहरीन-सऊदी में बजे सायरनइस युद्ध की लपटें अब पूरे मध्य पूर्व में फैल चुकी हैं। इराक के अर्ध-स्वायत्त उत्तरी कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में रविवार तड़के आसमान धमाकों से गूंज उठा। यहां कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के बेस पर हुए ड्रोन हमले में 8 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद इराकी एयर डिफेंस ने कई हमलावर ड्रोनों को मार गिराया। वहीं पड़ोसी देश जॉर्डन ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी सीमा में घुस रही कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी अरब और बहरीन में दिन भर हवाई हमलों के सायरन बजते रहे, जिससे वहां के नागरिकों में दहशत का माहौल है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी ने ईरान की इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उसे आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए 'युद्ध अपराध' (War Crimes) का दोषी ठहराया है।खामेनेई की 'कभी न भूलने वाले सबक' की चेतावनी, अंतरिम डील टूटीअमेरिकी सेना द्वारा अपने जवानों की मौत की पुष्टि करने से ठीक पहले ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले नहीं रोके गए, तो वाशिंगटन को 'कभी न भूलने वाले सबक' सिखाए जाएंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी पर घोषणा की है कि अमेरिका द्वारा प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन के बाद तेहरान ने एक महीने पहले हुई उस 'अंतरिम डील' को पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया है, जिसका मकसद युद्ध को स्थायी रूप से रोकना था। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 16 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 430 से अधिक घायल हुए हैं। बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ग्लोबल ट्रैवल अलर्ट जारी कर दिया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर मंदी के बादल मंडराने लगे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 19 Jul 2026 9:47 am

अमेरिका का ईरान पर नया हमला, IRGC की गोलीबारी में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को जॉर्डन में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से की गई गोलीबारी में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। अमेरिका ने अभी तक मारे गए और ...

वेब दुनिया 19 Jul 2026 8:08 am

जॉर्डन में ईरानी हमला: दो अमेरिकी सैनिक ढेर, खाड़ी में दहशत

पश्चिम एशिया में चार महीने से जारी संघर्ष और भीषण होता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने शनिवार को पुष्टि की कि जॉर्डन में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला करते हुए उनके दो सैनिक मारे गए हैं

देशबन्धु 19 Jul 2026 6:56 am

वर्ल्ड कप फाइनल में 12वीं बार यूरोप Vs लैटिन अमेरिका:अर्जेंटीना जीता तो 64 साल बाद कोई टीम लगातार दो खिताब जीतेगी

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में यह 23वां फाइनल होगा। 12वीं बार फाइनल मुकाबला यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीम के बीच होने जा रहा है। इससे पहले इन दोनों महाद्वीपों की टीमों के बीच हुए 11 फाइनल में 8 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने खिताब जीता। यूरोप की टीम 3 बार ही टाइटल जीत पाई। इतिहास का एक और पहलू अर्जेंटीना के फेवर में है। इससे पहले यूरोप के बाहर 11 वर्ल्ड कप हुए। इनमें से 9 बार लैटिन अमेरिकी टीम चैंपियन बनी। यूरोप की टीमें सिर्फ दो बार ही खिताब जीत पाई।हालांकि, इससे स्पेन का दावा कमजोर नहीं होता। यूरोप की जिन दो टीमों ने यूरोप से बाहर वर्ल्ड कप जीता उसमें एक स्पेन भी है। स्पेन ने 2010 में साउथ अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता था। वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़े 5 रोचक फैक्ट्स 1. वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सिर्फ दो महाद्वीपों में बंटी 1930 से 2022 तक खेले गए 22 वर्ल्ड कप में सिर्फ यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें ही चैंपियन बनी हैं। यूरोप ने पांच देशों के दम पर 12 और लैटिन अमेरिका ने तीन देशों के दम पर 10 खिताब जीते हैं। यानी 96 साल में कोई एशियाई, अफ्रीकी या उत्तरी अमेरिकी टीम वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी। 2. यूरोप के बाहर वर्ल्ड कप... तो लैटिन अमेरिका का दबदबा यूरोप के बाहर अब तक 11 वर्ल्ड कप हुए हैं। इनमें 9 बार लैटिन अमेरिकी और सिर्फ 2 बार यूरोपीय टीम चैंपियन बनी है। स्पेन (2010) और जर्मनी (2014) ही यूरोप की ऐसी टीमें हैं जिन्होंने यूरोप के बाहर हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता है। 3. अर्जेंटीना के पास 64 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। टीम ने 2022 में कतर में तीसरा वर्ल्ड कप जीता था। अगर वह न्यू जर्सी में स्पेन को हराकर खिताब बचाने में सफल रहती है, तो 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। अब तक सिर्फ दो देशों ने अपने विश्व कप खिताब का सफल बचाव किया है। इटली ने 1934 और 1938, जबकि ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो बार ट्रॉफी जीती थी। 4. स्पेन ने पहला वर्ल्ड कप यूरोप के बाहर ही जीता था स्पेन ने अपना इकलौता वर्ल्ड कप 2010 में साउथ अफ्रीका में जीता था। अब उसके सामने दूसरी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ गैर-यूरोपीय धरती पर लैटिन अमेरिका के लंबे वर्चस्व को चुनौती देने का मौका है। स्पेन का वर्ल्ड कप सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2010 के खिताब के बाद टीम 2014, 2018 और 2022 में नॉकआउट से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं अर्जेंटीना पिछले चार वर्ल्ड कप में तीन बार सेमीफाइनल और दो बार फाइनल खेल चुका है। 5. फाइनल के आंकड़े किसके पक्ष में? वर्ल्ड कप इतिहास में यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें 11 बार फाइनल में आमने-सामने आई हैं। इनमें लैटिन अमेरिका ने 8 और यूरोप ने 3 बार जीत दर्ज की है। जर्मनी सबसे ज्यादा 8 फाइनल खेलने वाली टीम है, लेकिन सबसे सफल टीम ब्राजील है, जिसने सात फाइनल में पांच बार ट्रॉफी जीती। अर्जेंटीना 2026 का फाइनल खेलते ही सातवीं बार खिताबी मुकाबले में उतरेगा।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 5:38 am

अमेरिका में हाहाकार! ईरान से टकराव के बीच कुदरत की मार से झुलसा US, भड़के ट्रंप ने अब कनाडा को दी बड़ी धमकी

वैश्विक महाशक्ति अमेरिका इस समय एक साथ कई मोर्चों पर गंभीर संकटों से घिरा हुआ है। एक तरफ जहां व्हाइट हाउस और पेंटागन में ईरान के खिलाफ सैन्य रणनीति और संभावित युद्ध को लेकर बड़े स्तर पर मंथन चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ खुद अमेरिका के भीतर प्रकृति ने भयंकर तबाही मचा रखी है। देश के कई राज्य जहां एक ओर विनाशकारी बाढ़ और मूसलाधार बारिश में पूरी तरह डूब चुके हैं, तो वहीं दूसरी ओर सैकड़ों एकड़ में फैली जंगलों की आग (वाइल्डफायर) ने पूरे आसमान को काले और जहरीले धुएं से पाट दिया है। इस घरेलू आपातकाल और पर्यावरण संकट से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपनी भड़ास पड़ोसी देश कनाडा पर निकाली है और उसे सीधे तौर पर आर्थिक प्रतिबंध यानी एडिशनल टैरिफ लगाने की खुली चेतावनी दे दी है।जहरीले धुएं से घुट रहा है अमेरिकी शहरों का दम, जारी हुआ अलर्टदरअसल, इस समय कनाडा के जंगलों में लगी भीषण आग का खतरनाक और दूषित धुआं तेजी से सीमाओं को पार कर अमेरिका के आसमान पर छा गया है। न्यूयॉर्क, शिकागो, डेट्रॉइट और वाशिंगटन डीसी जैसे अमेरिका के सबसे बड़े और प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता (AQI) बेहद खतरनाक और जानलेवा स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके कारण करोड़ों लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सख्त हिदायत दी गई है। नासा (NASA) और मौसम विज्ञानियों की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा की तरफ से आ रहे इस 'प्रदूषण के आक्रमण' ने अमेरिका के 20 से अधिक राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया है। न्यूयॉर्क में होने वाले आगामी बड़े आयोजनों और आम जनजीवन पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है, जिसने अमेरिकी प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है।'कनाडा की लापरवाही का हर्जाना भुगतेगा व्यापार' - ट्रंप का बड़ा बयानइस संकट पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लिया। ट्रंप ने कहा कि कनाडा अपने जंगलों का सही तरीके से रखरखाव करने में पूरी तरह नाकाम रहा है और उसकी इस 'जानबूझकर की गई लापरवाही' के कारण अमेरिकी नागरिकों के फेफड़े इसकी भारी कीमत चुका रहे हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस प्रदूषण के कारण अमेरिका को जो अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो रहा है, उसे कनाडा से वसूला जाएगा और इस खर्च को कनाडा से आने वाले सामानों पर लगने वाले मौजूदा टैरिफ में जोड़ दिया जाएगा। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक युद्ध (Trade War) छिड़ने के आसार और तेज हो गए हैं।भीषण बाढ़ और जलवायु परिवर्तन की दोहरी मार से बेहाल USकनाडा की ओर से आ रहे धुएं के अलावा अमेरिका खुद आंतरिक रूप से कुदरती कहर का सामना कर रहा है। अमेरिका के कई हिस्सों में अचानक आई फ्लैश फ्लड (Flash Floods) और अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे रिहायशी इलाके, सबवे और बेसमेंट पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। इस मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण पूरा उत्तरी अमेरिका इस समय भीषण सूखे, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और अप्रत्याशित तूफानों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में जब राष्ट्रपति का पूरा ध्यान मिडिल ईस्ट और ईरान नीति पर होना चाहिए था, घरेलू मोर्चे पर पैदा हुए इस प्राकृतिक और आर्थिक संकट ने ट्रंप प्रशासन की राजनीतिक प्राथमिकताओं को बदलने पर मजबूर कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Jul 2026 2:19 pm

ईरान के समुद्री निगरानी नेटवर्क पर अमेरिकी अटैक, व्यावसायिक जहाजों की निगरानी में बड़ी बाधा

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि उसकी सेना ने ईरान के चाबहार स्थित शहीद कलांतरी बंदरगाह के एक निगरानी टावर को नष्ट कर दिया है

देशबन्धु 18 Jul 2026 7:20 am

फतेहाबाद में किसानों ने फूंका पीएम मोदी का पुतला:प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, बोले- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा विपरीत असर

फतेहाबाद जिले के जाखल में मजदूर किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों ने भारत- अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। गांव मुनदलिया के सरपंच निर्मल सिंह की अध्यक्षता में तलवाड़ा, साधनवास, चांदपुरा और मुनदलिया सहित कई गांवों में किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरपंच निर्मल सिंह मुनदलिया ने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों के विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी नीतियों से कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। किसान संगठनों से व्यापक चर्चा करने की मांग मुनदलिया ने सरकार से किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और कृषि से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले किसान संगठनों से व्यापक चर्चा करने की अपील की। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई और किसान हितों के खिलाफ निर्णय लिए गए, तो मजदूर किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने सरकार से किसान हितों की रक्षा करने और ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस मौके पर सरपंच निर्मल सिंह मुनदलिया के साथ तारा सिंह, गोरा सिंह, कुलदीप सिंह, देसराज सिंह, जगतार सिंह, सुखा सिंह सहित अनेक किसान और मजदूर साथी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 1:38 pm

अमेरिका को टक्कर देने आया चीन का AI मॉडल:किमी K3 में इंसानों जैसी आंखें और दिमाग; कोडिंग और रिसर्च मिनटों में करेगा

चीनी कंपनी मूनशॉट AI ने अपना नया AI मॉडल किमी K3 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला दुनिया का पहला ओपन मॉडल है। इसमें 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो दी गई है। पिछले मॉडल किमी K2 की तुलना में इसकी स्केलिंग दक्षता करीब 2.5 गुना बेहतर है। इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए एआई मॉडल एक इंसानी दिमाग की तरह है, जिसे एक बहुत बड़ी परीक्षा की तैयारी करनी है। 1. पैरामीटर्स क्या हैं? पैरामीटर्स को आप एआई का 'अनुभव' मान सकते हैं। एक बच्चा जब बड़ा होता है, तो वह जितनी ज्यादा बातें सीखता है, उसका दिमाग उतना ही तेज चलता है। एआई की दुनिया में जिस मॉडल के पास जितने ज्यादा पैरामीटर्स होते हैं, वह उतना ही समझदार माना जाता है। 28 लाख करोड़ पैरामीटर्स होने का मतलब है कि इस मॉडल का दिमाग बेहद विशाल है और यह बहुत ही पेचीदा और मुश्किल सवालों को इंसानों की तरह समझकर हल कर सकता है। 2. 3T क्लास क्या है? यहां 'T' का मतलब है ट्रिलियन। चूंकि इस मॉडल में 2.8 ट्रिलियन पैरामीटर्स हैं, जो कि 3 ट्रिलियन (3.0T) के बेहद करीब है, इसलिए इसे '3T क्लास' का मॉडल कहा गया है। एआई की दुनिया में 3T क्लास में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतने बड़े मॉडल अब तक सिर्फ अमेरिका की ओपन एआई जैसी चुनिंदा कंपनियों के पास ही थे। 3. 1 मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो क्या है? कॉन्टेक्स्ट विंडो का मतलब है एआई की 'याददाश्त' या एक बार में पढ़ने की क्षमता। जब आप एआई से चैट करते हैं, तो वह एक बार में कितना लंबा पैराग्राफ या दस्तावेज याद रख सकता है, यही उसकी कॉन्टेक्स्ट विंडो है। उदाहरण: एक आम एआई मॉडल को अगर आप 5-10 पन्ने देंगे, तो वह उसे पढ़ लेगा, लेकिन पूरी किताब देने पर उसके हाथ-पैर फूल जाएंगे। किमी K3 की 10 लाख टोकन की क्षमता का मतलब है कि आप इसे पूरी की पूरी मोटी किताब, हजारों लाइनों का कंप्यूटर कोड या साल भर की बैंक स्टेटमेंट एक साथ दे दीजिए; यह एक सेकंड में उस पूरी जानकारी को दिमाग में रखकर आपको उसका सटीक विश्लेषण करके दे देगा। 4. स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर होने का क्या मतलब है? 'स्केलिंग दक्षता 2.5 गुना बेहतर' होने का मतलब है कि मूनशॉट कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर को इतना कुशल बना दिया है कि यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले ढाई गुना कम कंप्यूटर पावर और खर्चे में, उससे कहीं ज्यादा तेजी से और बड़ा काम कर सकता है। 5. 'ओपन मॉडल' होने का क्या फायदा है? अब तक अमेरिका की कंपनियां अपने इतने बड़े मॉडल्स को छुपाकर रखती हैं। इसे क्लोज्ड मॉडल कहते हैं। वे सिर्फ आपको इस्तेमाल करने देती हैं, लेकिन यह नहीं बतातीं कि इसे अंदर से कैसे बनाया गया है। चीन की कंपनी ने इसे 'ओपन मॉडल' रखा है। इसका मतलब है कि वह इस शक्तिशाली दिमाग की 'ब्लूप्रिंट' दुनिया भर के सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और वैज्ञानिकों के लिए मुफ्त या खुले तौर पर जारी कर देगी। इससे दुनिया का कोई भी आम इंजीनियर इस एआई को लेकर अपने हिसाब से बदल सकता है, नया ऐप बना सकता है या अपने काम में इस्तेमाल कर सकता है। मूनशॉट 27 जुलाई को ओपन करेगा अपना सीक्रेट फॉर्मूला मूनशॉट AI ने ब्लॉग में बताया कि Kimi K3 को 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' पर बनाया गया है। इसमें नेटिव विजन क्षमताएं भी हैं। यह मॉडल कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग जैसे जटिल कामों के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इसके फुल मॉडल वेट्स 27 जुलाई तक जारी कर दिए जाएंगे। 1. 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' क्या है? उदाहरण से समझिए: जब आप कोई बहुत मोटी किताब पढ़ते हैं, तो क्या आप हर एक शब्द पर बराबर ध्यान देते हैं? नहीं। आपका दिमाग केवल मुख्य शब्दों और जरूरी लाइनों पर 'अटेंशन' देता है और फालतू शब्दों को छोड़ देता है। फायदा: मूनशॉट AI ने 'किमी डेल्टा अटेंशन' और 'अटेंशन रेजिड्यूल्स' नाम का जो नया फॉर्मूला बनाया है, वह इस एआई को यही सुपर पावर देता है। जब आप इसे बहुत बड़ा काम या लाखों शब्दों की फाइल देते हैं, तो यह तकनीक एआई के दिमाग को भटकने नहीं देती। यह केवल सबसे जरूरी पॉइंट पर फोकस करती है और पुरानी पढ़ी हुई बातों का 'असर' (रेजिड्यूल्स) दिमाग में बनाए रखती है। इससे एआई बिना थके और बिना गलती किए बहुत तेजी से काम कर लेता है। 2. ‘नेटिव विजन क्षमताएं’ क्या हैं? उदाहरण से समझिए: पहले के एआई सिर्फ टेक्स्ट समझ सकते थे। अगर आप उन्हें फोटो दिखाते, तो उन्हें पहले उस फोटो को शब्दों में बदलना पड़ता था, तब वो समझ पाते थे। लेकिन 'नेटिव विजन' का मतलब है कि Kimi K3 के पास देखने की क्षमता है। फायदा: आप इसे कोई फोटो, कोई पेचीदा ग्राफ, मेडिकल स्कैन (जैसे एक्स-रे या एमआरआई) या कोई वीडियो दिखाएंगे, तो यह उसे इंसानी आंखों की तरह देखकर तुरंत समझ जाएगा और उस पर आपके सवालों के जवाब दे देगा। 3. कोडिंग, नॉलेज वर्क और रीजनिंग का क्या मतलब है? कंपनी का कहना है कि यह मॉडल तीन बड़े काम करेगा: लॉन्ग-होराइजन कोडिंग : इसका मतलब सिर्फ छोटा-मोटा कोड लिखना नहीं है। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तरह एक साथ हजारों लाइनों का पूरा का पूरा बड़ा कंप्यूटर प्रोग्राम या ऐप खुद लिख सकता है और उसमें कमियां ढूंढकर ठीक कर सकता है। नॉलेज वर्क: यह रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों और बड़े वकीलों की तरह काम कर सकता है। सालों पुरानी फाइलों को खंगालना, बड़े कानूनी मामलों का विश्लेषण करना या किसी विषय पर पूरी रिसर्च रिपोर्ट तैयार करना इसके लिए चुटकियों का काम है। रीजनिंग: इसका मतलब है 'सोचने-समझने और तर्क करने की क्षमता'। यह सिर्फ रटी-रटाई बातें नहीं बताएगा, बल्कि इंसानों की तरह गणित के मुश्किल सवालों या बिजनेस की उलझनों में 'अगर-मगर' लगाकर सही फैसला लेने में मदद करेगा। अमेरिका के लेटेस्ट AI मॉडल्स से पीछे है Kimi K3 कंपनी ने माना कि Kimi K3 का प्रदर्शन अमेरिका के क्लॉड फेबल 5 और GPT 5.6 Sol जैसे मॉडल्स से पीछे है। हालांकि, कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने अमेरिका के पुराने मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। मूनशॉट AI को चीनी कंपनी अलीबाबा और टेनसेंट का समर्थन हासिल है। चीनी फर्मों ने 24 हजार फर्जी अकाउंट बनाकर चुराया डेटा इसी बीच, अमेरिकी कंपनियों ने चीनी फर्मों के सस्ते में मॉडल जारी करने पर चिंता जताई है। एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया है कि डीपसीक, मूनशॉट और मिनीमैक्स ने उनके मॉडल की क्षमताओं को अवैध रूप से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाए। एंथ्रोपिक के मुताबिक, करीब 24,000 फर्जी खातों से 1.6 करोड़ बार क्लॉड का इस्तेमाल किया गया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 12:41 pm

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध:राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की बैठक; 'देश बचाओ मोर्चा' का ऐलान

बड़वानी जनपद की ग्राम पंचायत रेहगून के गवलाबेड़ी गांव में गुरुवार देर रात राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने 'देश बचाओ मोर्चा' के तहत बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर किसानों और युवाओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और युवा शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौता लागू होने पर कृषि, दुग्ध उत्पादन, सोयाबीन, मक्का, कपास और फल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका दावा था कि इससे छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका प्रभावित होगी तथा विदेशी कंपनियों की बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी। समझौते को बताया किसान हितों के खिलाफ राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश संगठन महामंत्री गोपाल पाटीदार ने प्रस्तावित समझौते को किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उन्होंने किसानों से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया। आंदोलन तेज करने की चेतावनी मालवा-निमाड़ प्रांत अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि यदि सरकार ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेगा। प्रांत उपाध्यक्ष कैलाश पाटीदार और किशोर पाटीदार ने भी किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। युवाओं ने ली सदस्यता, आंदोलन से जुड़ने का संकल्प बैठक के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ की सदस्यता ग्रहण की और 'देश बचाओ आंदोलन' से जुड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को खरगौन जिला अध्यक्ष संतोष यादव, तहसील अध्यक्ष सुखदेव पाटीदार और जिला कोषाध्यक्ष माधव यादव ने भी संबोधित किया। अंत में उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 12:14 pm

महादेव सट्टे की 1,175 करोड़ कमाई से खरीदी अमेरिकी-सॉफ्टवेयर कंपनी:पूर्व भाजपा MLA के बेटे विकास गर्ग ने दुबई-मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाया ब्लैक-मनी

महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी का आरोप है कि सट्टे से कमाए गए पैसे को पहले कई शेल (फर्जी) कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए घुमाया गया। इसके लिए Foreign Portfolio Investment (FPI), Foreign Direct Investment (FDI) जैसे निवेश माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इसी पैसे को लिस्टेड कंपनियों में लगाया गया। 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc खरीदी गई। अवैध पैसों को दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाया गया। दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने मंगलवार को विकास गर्ग को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी रिमांड मंजूर कर दी। पहले सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, फिर सामने आया नया नेटवर्क प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, शुरुआती जांच महादेव ऐप के जरिए सट्टे से हुई कमाई और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया। इसी दौरान स्काई एक्सचेंज नाम के नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके जरिए महादेव ऐप का पैसा कई निवेश माध्यमों में लगाया जा रहा था। पान्डेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास गर्ग ने हरीशंकर टिबरेवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से महादेव ऐप से कमाए गए पैसे को भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया। दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में बनाई कंपनियां ED एडवोकेट सौरभ पान्डेय ने बताया कि अवैध धन को FDI, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट, सिक्योर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बॉन्ड्स के जरिए खपाया गया। इसके लिए विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर कराईं और उन्हीं के माध्यम से निवेश किया। हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी बताया ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को स्काई एक्सचेंज के कथित संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने स्वीकार किया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने करीब 765.77 करोड़ रुपए गर्ग से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे। यह पैसा कई विदेशी कंपनियों के जरिए घुमाकर भारत लाया गया और बाद में वैध कारोबारी निवेश के रूप में दिखाया गया। EBIX खरीदने में लगाया गया सट्टे का पैसा ईडी का आरोप है कि, इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. को खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग की कंपनी Eraaya Lifespaces Ltd. ने अमेरिका की दिवालिया अदालत (Bankruptcy Court) की प्रक्रिया के जरिए अगस्त 2024 में करीब 1,175 करोड़ रुपए में EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी। EBIX खरीदने के लिए पैसा कहां से आया? ईडी के मुताबिक विकास गर्ग ने पूछताछ में बताया कि EBIX खरीदने के लिए कई स्रोतों से रकम जुटाई गई। 300 करोड़ रुपए Vikas Lifecare Ltd. से करीब 250 करोड़ रुपए Qualified Institutional Placement से करीब 665 करोड़ रुपए Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए विदेशी निवेशकों से जुटाए। ईडी का आरोप है कि FCCBs के जरिए जुटाए गए पूरे 665 करोड़ रुपए वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल ने विदेशी कंपनियों के जरिए भेजे थे। एजेंसी का कहना है कि इसी रकम का बड़ा हिस्सा बाद में EBIX खरीदने में इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड में क्या मिला? ED जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces के QIP एस्क्रो खाते में 248.50 करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों से आए। बाद में यह रकम कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर EBIX अधिग्रहण में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा जून और जुलाई 2024 के दौरान Vikas Lifecare Ltd. से 292.41 करोड़ रुपए EBIX को भेजे गए। कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में इन्हें लोन, एडवांस और निवेश के रूप में दर्ज किया गया। 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच 10 जुलाई को ED ने प्रेस नोट जारी कर संपत्ति अचैटमेंट की जानकारी दी है। ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर 765.77 करोड़ रुपए को अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है। EBIX में Eraaya Lifespaces की 893.03 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी 47.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। कुल अटैचमेंट 940.77 करोड़ रुपए का है। ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए अवैध धन को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए वैध बनाने के लिए तैयार किया गया था। एजेंसी अब विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल, विदेशी निवेश और अन्य आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बयानों में विरोधाभास, इसलिए हुई गिरफ्तारी ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई बार वे पेश हुए, कई बार नहीं आए। पूछताछ के दौरान उनके अलग-अलग बयानों में विरोधाभास मिला और नए साक्ष्य भी सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की पूछताछ आवश्यक मानते हुए दिल्ली में उन्हें गिरफ्तार किया गया। सुनील भंडारी और अमित सारोगी के बयान भी बने सबूत ईडी ने अपने केस में कारोबारी सुनील भंडारी और कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर अमित सारोगी के बयानों का भी हवाला दिया है। एजेंसी के मुताबिक, सुनील भंडारी ने पूछताछ में बताया कि वह कमीशन लेकर FPI, Preferential Allotment और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए सूचीबद्ध कंपनियों में पैसा लगवाता था। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग और हरीशंकर टिंबरेवाल मिलकर शेल कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए सट्टे का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे। कौन है विकास गर्ग विकास गर्ग सिर्फ EBIX के चेयरमैन ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवार से भी संबंध रखते हैं। वह दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और त्रिनगर से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक डॉ. नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। भाजपा के बड़े लीडर्स के साथ उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर है। .,………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… भूपेश बोले- महादेव ऐप भाजपा का 'सट्टा विंग': 450 करोड़ महीने की कमाई, बंदरबांट पर विवाद हुआ, इसलिए 'टॉप बॉस' ने विकास को अरेस्ट करवाया महादेव ऑनलाइन सट्टा केस में आरोपी कारोबारी विकास गर्ग को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। 14 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंपा। स्पेशल कोर्ट ने विकास को 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 12:29 pm

पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:लुधियाना में लुटेरों ने युवक को पीटा, फिर एक्टिवा छीनी; अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टरों पर कार्रवाई

लुधियाना के डाबा थाना इलाके में रात के समय हुई एक्टिवा लूट की वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है। घटना स्टार रोड स्थित वर्मा बर्तन स्टोर के सामने की है। यहां तीन बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट की और उसकी नई एक्टिवा लूटकर फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो CCTV में कैद हो गया है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि रात के समय एक युवक लाल शर्ट पहनकर अपनी एक्टिवा सड़क किनारे खड़ी किए हुए था। तभी सामने से एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचते हैं और उसकी एक्टिवा के पास बाइक रोक देते हैं। बाइक रुकते ही पीछे बैठे दोनों बदमाश तुरंत नीचे उतर जाते हैं और युवक पर हमला कर देते हैं। इसके बाद तीनों मिलकर उसके साथ मारपीट करते हैं। धक्का-मुक्की के दौरान युवक पीछे की ओर गिरता है और उसकी एक्टिवा भी जमीन पर गिर जाती है। वीडियो में बदमाशों की आवाज भी सुनाई दे रही है। वे गाली-गलौज करते हुए चिल्लाते हैं- भाग ले... ले जा यार। अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टरों पर कार्रवाई पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा स्थित राइट हैंड नितिश कौशल के खिलाफ FBI ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरदासपुर निवासी नितिश कौशल को जग्गू गैंग को कनाडा में ऑपरेट करने के आरोपों के चलते मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया गया है। वहीं, 'ऑपरेशन हार्ड बाल' के तहत पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डॉलर (61.60 करोड़ रुपए ) की संपत्ति सीज करने के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश 15 जुलाई को दिए गए। FBI ने 'ऑपरेशन हार्ड बाल' के तहत भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा पर ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन चलाने का आरोप है। उस पर अमेरिका-कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 8:48 am

पंजाब: अमेरिकी वीजा धोखाधड़ी मामले में ईडी ने जालंधर की अदालत में दाखिल की चार्जशीट

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिकी वीजा धोखाधड़ी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब के जालंधर स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है

देशबन्धु 16 Jul 2026 6:34 am

ट्रंप के आने से अमेरिका में ट्रक ड्राइवर नहीं, स्किल्ड युवाओं की ज्यादा डिमांड

भास्कर न्यूज | जालंधर करीब 15 साल बाद पंजाब पहुंचे अमेरिका के वरिष्ठ अटॉर्नी डॉ. जसप्रीत सिंह ने कहा कि अमेरिका में रोजगार और इमिग्रेशन का पूरा परिदृश्य बदल चुका है। कानूनी सेवाओं में योगदान के लिए पिछले दिनों उन्हें गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की तरफ से मानद (ऑनरेरी) डॉक्ट्रेट से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपनी शिक्षा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय और पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से प्राप्त की है। डॉ. जसप्रीत ने कहा पहले पंजाब के युवा 10वीं-12वीं के बाद विदेश जाकर ट्रक ड्राइविंग को सबसे आसान करियर मानते थे। अब यह ट्रेंड तेजी से खत्म हो रहा है। अमेरिका में अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि प्रमाणित स्किल वाले युवाओं की जरूरत है। डॉ. जसप्रीत सिंह ने कहा कि अमेरिका और कनाडा में पिछले एक साल से रिवर्स माइग्रेशन देखने को मिल रही है। अमेरिका की नई नीतियों के कारण बॉर्डर पार करना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप शाशन साल 2028 तक है इसलिए तब तक वहां की नीतियों में सख्ती बनी रहने की संभावना है, इसलिए विदेश जाने की तैयारी करने वाले युवाओं को पुराने अनुभवों के बजाय वर्तमान हालात को समझकर निर्णय लेना चाहिए। डॉ. जसप्रीत सिंह पिछले 28 वर्षों से अमेरिका में कानूनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में 18 जूनियर वकीलों की टीम काम करती है और उनके 15 हजार से अधिक क्लाइंट हैं। उनका दावा है कि उन्होंने 10 हजार से अधिक लोगों को अमेरिका में स्थायी कानूनी दर्जा दिलाने में मदद की है। वह अमेरिका के 18 प्रमुख गुरुद्वारा साहिबों के कानूनी सलाहकार भी हैं। अमेरिका से आए जसप्रीत सिंह अटॉर्नी ऑफ लॉ। नियमों का सबसे कम उल्लंघन पंजाबी ट्रक ड्राइवरों ने किया, सख्त कार्रवाई से ड्राइवर भी हुए प्रभावित डॉ. जसप्रीत सिंह ने बताया कि अमेरिका में करीब 54 हजार ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस समाप्त किए गए हैं। उन्होंने 30 जून को 300 से अधिक ट्रक ड्राइवरों के साथ बैठक की थी। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के अनुसार पंजाबी ट्रक ड्राइवरों ने नियमों का सबसे कम उल्लंघन किया, लेकिन कार्रवाई का असर उन पर भी पड़ा। इसके चलते अब बड़ी संख्या में पंजाबी ट्रक ड्राइवर उबर, गैस स्टेशन, कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। पंजाब में बदलना होगा स्टडी पैटर्न उन्होंने कहा अब केवल सोशल मीडिया या यू ट्यूब देखकर कोई स्किल सीख लेना पर्याप्त नहीं है। अमेरिका में रोजगार के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। पंजाब सरकार, विश्वविद्यालयों और स्कूलों को युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक स्किल्ड बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार रिपेयर वर्क, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, फैक्ट्री ऑपरेशन, कंस्ट्रक्शन, प्लंबिंग, कारपेंट्री, मशीन ऑपरेशन और अन्य तकनीकी ट्रेड आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। पंजाब के राज्यपाल तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ बैठक में भी यही सुझाव रखा कि पंजाब के युवाओं को पारंपरिक सोच से बाहर निकालकर अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरत के तहत प्रशिक्षित किया जाए।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 5:32 am

अमेरिका-कनाडा में 2 पंजाबी गैंगस्टर पर कार्रवाई:ढांडा की 61 करोड़ की प्रापर्टी होगी सीज, नितिश कौशल को मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाला

पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के कनाडा बैठे राइट हैंड पर FBI ने एक और कार्रवाई की है। जग्गू गैंग को कनाडा में आपरेट कर रहे गुरदासपुर के नितिश कौशल को मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाल दिया है।इसी तरह से आपरेशन हार्ड बाल में नाम आने के बाद पंजाबी मूल के गैंगस्टर रविंदर सिंह ढांडा की करीब 6.4 मिलियन डालर (61.60 करोड़) की प्रापर्टी सीज करने का आदेश दिया है।दोनों के खिलाफ कार्रवाई के ये आदेश 15 जुलाई को दिए गए हैं। अमेरिकी एजेंसी FBI ने आपरेशन हार्ड बाल में भारत आधारित अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स पर कार्रवाई तेज कर दी है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन का कथित सरगना है।यूनाइटेड स्टेट और कनाडा सीमा के जरिए सैकड़ों किलो कोकीन और मेथाम्फेटामाइन की तस्करी करने के आरोप में उसे 7 जुलाई 2026 को ब्रिटिश कोलंबिया में गिरफ्तार किया गया था। अब उसके खिलाफ प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चल रही है। ब्रिटिश कोलंबिया सरकार उसकी करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टीज को सिविल फॉरफीचर के तहत जब्त करने की तैयारी कर रही है। भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश पर हत्या सहित कई केसबता दें कि इसी ऑपरेशन हार्ड बाल के तहत भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नितिश कौशल को FBI ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर मोस्ट वांटेड लिस्ट में डाल दिया है। कौशल भारतीय जेल में बंद जग्गू के सिंडेगेट को कनाडा में संभालता है। उस पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप हैं। FBI ने उसे खतरनाक बताते हुए जानकारी देने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की है। आपरेशन हार्ड बाल में लारेंस, ढांडा और जग्गू की गैंग पर भी कार्रवाईएफबीआई ने आपरेशन हार्ड बाल चलाकर कुल 37 आरोपियों पर कार्रवाई की थी। इसमें गैंगस्टर लारेंस, जग्गू भगवानपुरिया और ढांडा का नेटवर्क भी शामिल हैं। 24 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 10 फरार हैं। यह कार्रवाई US, कनाडा और यूरोप की एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से की गई थी। इसमें 1 हजार किलो से ज्यादा ड्रग्स, हथियार और नकदी जब्त हुई। अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि जेल से ऑपरेट होने वाले ये गैंग भारतीयों को निशाना बना रहे थे।

दैनिक भास्कर 16 Jul 2026 5:31 am

कालका में सड़कों पर उतरे किसान संगठन:मोटरसाइकिल मार्च निकाला, भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, तहसीलदार को दिया मांग पत्र

पंचकूला जिले के कालका में देश बचाओ मोर्चा और किसान संगठनों ने बुधवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों और किसानों ने कालका तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसानों ने भाग लिया। मोटरसाइकिल मार्च सेक्टर 30 हुड्डा के समीप गांव सूरजपुर से शुरू हुआ। यह काफिला करनपुर, खेड़ावाली, जटा माजरी और चरनिया से होते हुए कालका तहसील पहुंचा। कालका तहसील कार्यालय पर की नारेबाजी कालका तहसील पहुंचकर किसानों ने ट्रेड डील के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रस्तावित ट्रेड डील को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी ऐसी ट्रेड डील को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे देश के किसानों, मजदूरों और कृषि व्यवस्था को नुकसान पहुंचे। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि यह समझौता भारतीय कृषि, डेयरी क्षेत्र और छोटे व्यापारियों के हितों के खिलाफ है और इससे इन क्षेत्रों को भारी नुकसान होगा। कुलदीप सिंह ने यह भी बताया कि यदि सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया, तो 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर देश बचाओ मोर्चा से बातचीत करना चाहती है, तो संगठन इसके लिए तैयार है।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 8:01 pm

डबवाली में किसान नेताओं ने किया प्रदर्शन:बाइक रैली निकाली, भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, प्रस्तावित समझौते को रद्द करने की मांग

सिरसा जिले के डबवाली तहसील परिसर में बुधवार को देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मोटरसाइकिल रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मांगपत्र सौंपकर प्रस्तावित डील को तत्काल रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए तहसील परिसर पहुंची। किसानों ने एकजुट होकर कहा कि यदि यह ट्रेड डील लागू होती है, तो इसका सबसे अधिक नुकसान देश के किसानों, पशुपालकों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को होगा। किसानों का तर्क था कि विदेशी कंपनियों और अमेरिकी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में बढ़ावा मिलने से देश के किसानों की उपज को उचित मूल्य नहीं मिलेगा। इससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। अमेरिका के साथ डील से प्रभावित होगी खेतीबाड़ी- व्यवसाय : भाटी राष्ट्रीय किसान संगठन के नेता जसवीर सिंह भाटी ने रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां करोड़ों परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद, डेयरी उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री भारतीय बाजार में आने लगी, तो देश के किसानों का दूध, गेहूं, धान, मक्का, दालें, फल-सब्जियां और मछली पालन जैसे व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित होंगे। भाटी ने बताया कि किसान पहले से ही बढ़ती लागत, प्राकृतिक आपदाओं और फसलों के कम दाम से परेशान हैं। ऐसे में यह ट्रेड डील किसानों के लिए आर्थिक संकट को और गहरा कर देगी। कृषि विशेषज्ञों, किसान संगठनों से चर्चा किए जाने की मांग उन्होंने मांग की कि सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसानों, कृषि विशेषज्ञों और किसान संगठनों से व्यापक चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की चिंताओं की अनदेखी की, तो देशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के नेता मिट्ठू कंबोज ने कहा कि सरकार को ऐसी किसी भी डील को स्वीकार नहीं करना चाहिए जिससे भारतीय किसानों के हित प्रभावित हों। उन्होंने मांग की कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को तुरंत रद्द किया जाए और ऐसी नीति बनाई जाए जिससे देश के किसानों, पशुपालकों और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रदर्शन में यह किसान नेता रहे शामिल प्रदर्शन में राष्ट्रीय किसान संगठन से जसवीर सिंह भाटी, परमजीत सिंह, प्रितपाल सिंह और राजेश, हरियाणा किसान एकता डबवाली से संगठन के उपाध्यक्ष गुरपाल सिंह मांगियाना, संतोख सिंह खालसा, जगदीप सिंह, बालकरण सिंह और खुशदीप सिंह हैबूआना शामिल रहे। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से गुरमेल सिंह, गुरतेज सिंह, वकील सिंह सहित अनेक किसान नेताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। वहीं पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति से मिट्ठू कंबोज, देवेंद्र सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे। किसान नेताओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के अंत में किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से मांगपत्र सौंपते हुए सरकार से अपील की कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लागू करने से पहले किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों के विपरीत कोई फैसला लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एकजुट होकर कृषि और किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 7:29 pm

पानीपत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:टोल प्लाजा पर किसानों ने किया प्रदर्शन, बोले- छोटे व्यापारियों, उद्यमियों हो जाएंगे खत्म

पानीपत जिले में मालपुर किसान मजदूर यूनियन के सदस्यों ने डाहर टोल प्लाजा पर इकट्ठा होकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। किसानों ने पानीपत के जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्र सरकार से इस व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की गई। इस अवसर पर मालपुर किसान मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सोनू मालपुरिया ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ जिस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली है, वह छोटे किसानों, व्यापारियों, पशुपालन और पोल्ट्री उद्योगों सहित अन्य छोटे कामगारों को खत्म कर देगा। देश के छोटे किसानों-मजदूरों को खत्म कर देगी ड्रेड डील- सोनू मालपुरिया ने तर्क दिया कि जिस तरह जियो कंपनी ने शुरुआत में मुफ्त सेवाएं देकर अन्य कंपनियों को बाजार से बाहर कर दिया और बाद में कीमतें बढ़ा दीं, उसी तरह यह ट्रेड डील भी देश के छोटे किसानों, मजदूरों, पोल्ट्री और पशुपालन उद्योगों को खत्म कर देगी। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इसके बाद अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में महंगे दामों पर बेचे जाएंगे, जिससे आम गरीब और मध्यम वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यूनियन ने सरकार से इस डील को तत्काल रद्द करने की मांग की है, चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 2:26 pm

बागपत में किसानों ने भारत-अमेरिका FTA का विरोध किया:समझौता रद्द करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा

बागपत में भारतीय किसान यूनियन (स्वतंत्रता संग्राम) के भारत बचाओ मोर्चा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें समझौते को रद्द करने की मांग की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कादिर प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि यह समझौता देश के किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों के हितों के प्रतिकूल है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यदि एफटीए को वर्तमान स्वरूप में लागू किया जाता है, तो विदेशी कंपनियों के सस्ते कृषि और औद्योगिक उत्पाद भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर प्रवेश करेंगे। इससे भारतीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और छोटे उद्योगों के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। किसानों के अनुसार, इसका सीधा असर रोजगार, आजीविका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत बचाओ मोर्चा ने सरकार से प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, व्यापारी संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। संगठन ने भारतीय कृषि, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, एमएसएमई और लघु उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीतियां बनाने की भी मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत बचाओ मोर्चा लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 1:16 pm

भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने की मांग:जौनपुर में किसान संगठन ने PM के नाम सौंपा ज्ञापन

जौनपुर में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में 'देश बचाओ मोर्चा' ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। संगठन ने इस समझौते को किसानों, खेत मजदूरों और देश की आर्थिक संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा बताया है। जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के पशुपालकों, छोटे व्यापारियों, लघु उद्योगों तथा खाद्य एवं आर्थिक संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। संगठन ने इस समझौते को किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया है और स्पष्ट किया है कि इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। 'देश बचाओ मोर्चा' ने भारत सरकार से इस मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है, ताकि देश के किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस मांग की अनदेखी करती है, तो देशभर में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 12:46 pm

डूंगरपुर के डॉक्टर की अमेरिका से मेक्सिको जाते समय मौत:क्रूज पर हार्ट अटैक से तोड़ा दम, पत्नी के साथ घूमने गए थे

डूंगरपुर के आर्थोपेडिक डॉक्टर अनिल बनवीर की मंगलवार को अमेरिका से मेक्सिको के बीच क्रूज पर मौत हो गई। वे अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ घूमने के लिए गए थे। क्रूज से दोनों अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। अचानक हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कईं सालों तक डूंगरपुर और सागवाड़ा के सरकारी अस्पताल में मरीजों की सेवाएं दी। रिटायरमेंट के बाद भी वे एक निजी अस्पताल में मरीजों को देखते थे। डॉ. बनवीर की मौत के बाद डूंगरपुर में शोक की लहर है। समुद्र के बीच क्रूज पर हुई मौतडूंगरपुर के जाने माने आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. अनिल बनवीर (75) और उनकी पत्नी डॉ. निशा बनवीर दोनों ही 9 जुलाई से घूमने के लिए विदेश गए थे। मंगलवार को वे और उनकी पत्नी दोनों ही क्रूज से अमेरिका से मेक्सिको जा रहे थे। समुद्र के बीच में ही उनकी हृदय गति रुक गई। क्रूज पर डॉक्टरों ने जांच भी की, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थीं। रिटायरमेंट के बाद भी निजी अस्पताल में दे रहे थे सेवाएंये खबर डूंगरपुर आई तो चिकित्सा महकमे के साथ ही उनसे इलाज ले रहे मरीजों और लोगों में शोक की लहर छा गई। उन्होंने कई सालों तक डूंगरपुर जिला अस्पताल और फिर सागवाड़ा अस्पताल में मरीजों का इलाज किया। वे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी भी रहे। 13 साल पहले रिटायरमेंट के बाद भी वे निजी अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। बेटा-बहू भी लंदन में है डॉक्टरउनका बेटा डॉ. सौमित्र बनवीर और बहू डॉ. उपासना बनवीर भी लंदन में डॉक्टर है। जबकि बेटी शौकिता ठाकुर अपने पति कुणाल ठाकुर के साथ कनाडा में रहती है। बेटा और बेटी दोनों के ही विदेशों में होने से उनका अंतिम संस्कार कहा होगा ये अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। डूंगरपुर जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. कांतिलाल मेघवाल ने बताया कि उनकी मौत से चिकित्सा से जुड़े तमाम लोगों में शोक की लहर है। भारत विकास परिषद तिलक शाखा के अध्यक्ष मुकेश श्रीमाल ने भी डॉ. बनवीर के निधन पर शोक जताया है 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थेडॉ. बनवीर ने पोलियो करेक्शन के 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन किए थे। इस कारण कई दिव्यांग फिर चलने फिरने लगे थे। वे आर्थोपेडिक डॉक्टर होने के साथ ही समाजसेवा के कामों में भी जुड़े रहे। वे नारायण सेवा संस्थान, महावीर इंटरनेशनल जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं से भी जुड़े थे। उन्होंने डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा और कई जगहों पर पोलियो करेक्शन के करीब 20 हजार से ज्यादा ऑपरेशन भी किए। इससे जन्मजात चलने फिरने की परेशानी से जूझ रहे लोग फिर से चलने लगे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 10:31 am

पंजाब में किसानों की बाइक रैली आज:भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध; नेता बोले- फैसला नहीं बदला तो होगा बड़ा आंदोलन

भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश में मोटरसाइकिल मार्च आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि देश का किसान और मजदूर वर्ग भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का विरोध करता है। पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की जाएंगी। कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं सरवन सिंह पंधेर ने दावा किया कि भारत कृषि उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर देश है। उन्होंने कहा कि देश में अनाज, दालें, फल, सब्जियां, फूल और तिलहन समेत अधिकांश आवश्यक कृषि उत्पादों का पर्याप्त उत्पादन होता है। ऐसे में विदेशों से कृषि उत्पादों के आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। समझौता वापस न होने पर बड़े किसान आंदोलन की चेतावनी पंधेर ने देशवासियों से अपील की कि वे आज होने वाले मोटरसाइकिल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 7:50 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

अमेरिकी कॉमर्शियल पायलट बोले- डिजिटल वर्ल्ड में हड़बड़ी न दिखाएं:सिर्फ टेक्स्ट मैसेज से छिनी पहचान; आंखों के सामने पैसा जाता रहा, कुछ न कर सका

अगर आपके बच्चों की तस्वीरें, बैंक खातों के पासवर्ड और आपकी डिजिटल पहचान एक ही ‘की’ से सुरक्षित हो और वह किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो सब खतरे में पड़ सकता है। कॉमर्शियल एयरलाइन पायलट रेयान पेटिट के साथ ऐसा ही हुआ। विमानन क्षेत्र में काम करने वाले पेटिट जानते हैं कि सुरक्षा के लिए हमेशा कई स्तरों पर बैकअप होता है, पर डिजिटल दुनिया में उनकी सुरक्षा एक कमजोर कड़ी पर टिक गई थी। एक साधारण-सा टेक्स्ट मैसेज आया और उनकी पूरी डिजिटल पहचान उनसे छिन गई। पढ़िए उनकी कहानी और एक्सपर्ट से जानिए किन गलतियों से बचना चाहिए... मुझे गोल्डमैन साक्स एपल कार्ड पर एक संदिग्ध लेन-देन का ‘फ्रॉड अलर्ट’ मैसेज मिला। मैसेज में सिर्फ ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब देने को कहा गया था। सुरक्षा के लिए मैंने ‘ना’ लिखकर भेज दिया। कुछ ही मिनटों बाद कॉल आया। कॉलर आईडी पर एपल कार्ड सपोर्ट का नंबर दिख रहा था। मुझे शक नहीं हुआ, क्योंकि मैसेज भी उसी आधिकारिक i Message थ्रेड में एपल लोगो व ग्रे बबल के साथ आ रहे थे। कॉलर ने कहा कि मेरी पहचान सत्यापित करने के लिए कोड भेजा जा रहा है। जैसे ही कोड बताया, सब कुछ बदल गया। मैंने पहचान पूछी, तो उसने मेरा सोशल सिक्योरिटी नंबर व जन्मतिथि तक बता दी। तब लगा कि मैं ठगी का शिकार हो चुका हूं। आंखों के सामने मेरी पूरी डिजिटल दुनिया बिखरने लगी। मैं देख रहा था कि एपल वॉलेट से कैश एप, वीसा कार्ड और एपल कार्ड एक-एक करके गायब हो रहे थे। हैकर ने मेरे अकाउंट में अपना फोन नंबर जोड़ दिया और मेरा नंबर हटा दिया। कुछ ही देर बाद मैं अपने ही अकाउंट से बाहर हो गया। मेरा आईफोन रीसेट हो गया और बेकार डिवाइस बनकर रह गया। मैं बिना डिजिटल वॉलेट व पैसों के होनोलूलू पहुंचा। किसी तरह लैपटॉप पर वाई-फाई जोड़कर पत्नी को मैसेज किया। उन्होंने मेरे लिए उबर बुक की। एपल स्टोर पहुंचने पर पता चला कि हैकर ने फोन पर एक्टिवेशन लॉक लगा दिया है। पहचान व खरीद के सबूत दिखाने के बावजूद एपल कर्मचारी मदद नहीं कर सके। नुकसान सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं था। हैकर के हाथ मेरी एक लाख से ज्यादा फैमिली फोटो, पासवर्ड और मैसेज हिस्ट्री लग चुकी थी। उसने मेरे निवेश बेचकर नकदी निकाल ली। पत्नी को मेरे नाम पर मैसेज भेजकर हजारों डॉलर ठग लिए। मेरे अकाउंट खाली हो गए। स्मार्टवॉच का डेटा हटा दिया, इससे वह मुझे नहीं पहचान सकी। पुलिस भी मदद नहीं कर सकी।’- रेयान ऑथेंटिकेटर एप रखें साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट केविन मिटनिक सुझाव देते हैं,‘अपने डिजिटल वर्ल्ड की एक ‘मास्टर की’ न रखें। लॉगिन हैक होते ही बैंक, फोटो व डेटा खतरे में पड़ सकते हैं; सभी खाते अलग रखें। हार्डवेयर सिक्योरिटी की या ऑथेंटिकेटर एप इस्तेमाल करें, जिससे पासवर्ड व नंबर लीक होने पर भी अकाउंट सुरक्षित रहता है। कॉलर आईडी पर दिखने वाले नाम या नंबर पर भरोसा न करें। बैंक या संस्थान को कॉल करके जांच कर लें।

दैनिक भास्कर 9 Jul 2026 1:42 pm

भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा

सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:30 am

अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है

ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।

देशबन्धु 30 Jun 2026 3:00 am

अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान

एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:59 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं

देशबन्धु 2 Apr 2026 3:35 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am