डिजिटल समाचार स्रोत

...

FIFA वर्ल्ड कप- अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला:जीतने वाली टीम ग्रुप में टॉप पर पहुंचेगी; 5 बार की चैंपियन ब्राजील का हैती से मैच

FIFA वर्ल्ड कप में आज रात अमेरिका का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा। यह मैच रात 12:30 बजे से सिएटल स्टेडियम में खेला जाएगा। ग्रुप-D में शामिल दोनों टीमों ने अपना पहला मुकाबला जीता था। इनके 3-3 पॉइंट्स हैं। यह मैच जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंचेगी। दूसरा मुकाबला 3:30 बजे से स्कॉटलैंड और मोरक्को के बीच बोस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद पांच बार की चैंपियन ब्राजील और हैती फिलाडेल्फिया स्टेडियम में सुबह 6 बजे से भिड़ेंगे। दिन का आखिरी मुकाबला सुबह 8:30 बजे से तुर्की और पराग्वे के बीच सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सभी मैच भारतीय समयानुसार 19 जून को खेले जाएंगे। मैच-29: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच बराबरी का मुकाबला अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-D में शामिल है। दोनों टीमों के बीच कुल 3 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इनमें से दोनों टीमों ने 1-1 मैच जीता है। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। अमेरिका को अपने कप्तान और स्टार फॉरवर्ड क्रिस्टियन पुलिसिक और इन-फॉर्म स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन से गोल की उम्मीद होगी। वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रायन और मिडफील्डर जैक्सन इरविन से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: टर्नर, डेस्ट, रिचर्ड्स, रॉबिन्सन, स्केली, एडम्स, मैकेनी, रेयना, वीह, बालोगुन, पुलिसिक। ऑस्ट्रेलिया: रायन, गेरिया, सूटर, बर्गस, बोस, लेकी, इरविन, मेटकाफ, इरनकुंडा, माबिल, ह्रुस्टिक। मैच-30: 1998 वर्ल्ड कप में मोरक्को ने स्कॉटलैंड को हराया था मोरक्को और स्कॉटलैंड ग्रुप-C में शामिल है। दोनों टीमें दूसरी बार वर्ल्ड कप में टकराएंगी। इससे पहले 1998 के वर्ल्ड कप में मोरक्को ने स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया था। स्कॉटलैंड की टीम का दारोमदार मिडफील्डर स्कॉट मैकटॉमिने और जॉन मैक्गिन पर होगा। वहीं मोरक्को की नजरें रियल मैड्रिड के स्टार विंगर ब्राहिम डियाज और पीएसजी के स्टार डिफेंडर अशरफ हकीमी के खेल पर रहेंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: स्कॉटलैंड: गन, हेनली, हेंड्री, पोर्टियस, रॉलस्टन, मैकटॉमिने, गिलमोर, रॉबर्टसन, मैक्गिन, क्रिस्टी, शैंकलैंड। मोरक्को: बूनू, हकीमी, अगुएर्ड, डियोप, माजराउई, अमराबात, औनाही, साइबारी, डियाज, अल काबी, एजलजौली। मैच-31: हैती के खिलाफ जीत की राह पर लौटेगा ब्राजील? ब्राजील और हैती ग्रुप-C में शामिल है। दोनों टीमें के बीच 2 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ही बार ब्राजील ने जीत दर्ज की है। आखिरी बार दोनों टीमें 2016 के कोपा अमेरिका कप में भिड़ी थीं, जहां ब्राजील ने हैती को 7-1 के बड़े अंतर से हराया था। वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। ब्राजील को रियल मैड्रिड के स्टार विंगर विनीसियस जूनियर, राफिन्हा और फॉरवर्ड माथियस कुन्हा से आक्रामक खेल की उम्मीद होगी। वहीं हैती की पूरी उम्मीदें उनके कप्तान और गोलकीपर जॉनी प्लेसाइड और मिडफील्डर जीन-रिकनर बेलगार्डे पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: ब्राजील: एलिसन, डैनिलो, मार्विनहोस, गैब्रिएल, एलेक्स सैंड्रो, गुइमारेस, फैबिन्हो, राफिन्हा, विनीसियस जूनियर, लुइज हेनरिक, माथियस कुन्हा। हैती: प्लेसाइड, एक्सपीरियंस, अदे, डेलक्रिक्स, आर्कस, बेलगार्डे, जैक्स, प्रोविडेंस, कैसिमिर, डीडसन, इसिडोर। मैच-32: तुर्की और पराग्वे के लिए करो या मरो की सिचुएशन तुर्की और पराग्वे ग्रुप-D में शामिल हैं। दोनों टीमें अपना पहला मैच हारकर ग्रुप में आखिरी दो पायदान पर हैं। इनके लिए यह मैच करो या मरो का होगा। तुर्की और पराग्वे के बीच सिर्फ 1 इंटरनेशनल मैच खेला गया है। यह मुकाबला ड्रॉ रहा था। वर्ल्ड कप के मंच पर दोनों टीमें पहली बार टकराएंगी। तुर्की को कप्तान हाकान चालहानोग्लू और युवा आर्डा गुलर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं पराग्वे की नजरें स्टार विंगर मिगुएल अल्मिरोन और जूनियर अलोंसो के अनुभव पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: तुर्की: चाकिर, चेलिक, डेमिरल, बारदाकची, कादियोग्लू, चालहानोग्लू, ओजकैन, यिल्माज, गुलर, यिल्दिज, अकटुरकोग्लू। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, गोमेज़, अलोंसो, आल्डरेटे, सोसा, कुबास, अल्मिरोन, डी. गोमेज, एनसिसो, सानाब्रिया।

दैनिक भास्कर 19 Jun 2026 4:30 am

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिकी जांच, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल तेज

अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के खिलाफ कथित मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जांच उन आरोपों पर केंद्रित है जिनमें दावा किया ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 11:53 pm

PM मोदी-ट्रंप बैठक का असर, अंतिम चरण में पहुंचा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Interim Bilateral Trade Agreement) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 11:23 pm

अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत:बिजनौर में कलेक्ट्रेट पर कम्युनिस्ट पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बिजनौर में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (CPM) के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की गई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ता जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा हमला है। अमेरिकी सरकार 'नाकाबंदी' का उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज पर हमले जारी रखने की धमकी दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी प्रशासन की इन कार्रवाइयों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में मुक्त आवाजाही के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका एक 'अपराधी' की तरह व्यवहार कर रहा है, जो पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपने की कोशिश कर रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर स्वतंत्र विदेश नीति से पीछे हटकर अमेरिका की 'जूनियर पार्टनर' बनने और अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि ईरान और पश्चिम एशिया पर अमेरिकी हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ऊर्जा की लागत बढ़ी है और उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हुई है। कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के एक महत्वपूर्ण देश के रूप में भारत को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ खड़े होने के लिए ग्लोबल साउथ की आवाजों का नेतृत्व करना चाहिए। केंद्र सरकार से यह भी मांग की गई कि मारे गए नाविकों के परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन में फरीद अहमद, शफाफत मोहम्मद, इसरार, तुलाराम, इंदु कुमार शर्मा, अखलाक मोहम्मद, सुहैल सलीम, राम अवतार सिंह, जयपाल सिंह, प्रवीण सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 1:11 pm

अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

देशबन्धु 18 Jun 2026 1:00 pm

कीमती धातुओं पर अमेरिकी फेड के फैसले का असर, सिल्वर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।

देशबन्धु 18 Jun 2026 12:48 pm

Top News 18 June: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, भारत के लिए ट्रंप का बड़ा बयान, फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की जीत

Top News 18 June : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्‍ट्रपति पजशकियान के डील साइन करते ही अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से जारी युद्ध खत्म हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट। फ्रांस में ट्रंप ने पीएम मोदी से वादा किया कि भारत पर ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 8:00 am

अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति समझौता, युद्ध खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

US Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते (MoU) पर दस्तखत हो गए हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान पेरिस के वर्साय पैलेस में इस दस्तावेज पर साइन ...

वेब दुनिया 18 Jun 2026 7:39 am

अमेरिकी कार्रवाई और पेपर लीक के विरोध में चुटिया में मौन प्रदर्शन

रांची| अमेरिका द्वारा तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की हत्या और केंद्र सरकार की कथित चुप्पी के विरोध में चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति ने इंदिरा गांधी चौक पर काली पट्टी बांधकर मौन प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि किसी पिता का अपने जवान बेटे की अर्थी को कंधा देना मानवीय जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी है, प्रदर्शनकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही, नीट परीक्षा पेपल लीक कांड और 20 छात्र-छात्राओं की आत्महत्या का उल्लेख कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 5:30 am

भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका साथ खड़ा होगा: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर भारत पर कभी हमला होता है तो अमेरिका उसकी मदद करेगा। भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं।

देशबन्धु 18 Jun 2026 5:26 am

मोदी पेरिस पहुंचे, भारतीयों मूल के लोगों ने स्वागत किया:G7 समिट में ट्रम्प बोले- मोदी के रहते भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका साथ खड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार) पेरिस पहुंचे। वे रात 12 बजे फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित दो दिवसीय G7 समिट में शामिल होने के बाद रवाना हुए थे। पेरिस में होटल के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया और बच्चों को दुलारा भी। पीएम गुरुवार शाम Vivatech 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। एक दिन पहले मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। पीएम मोदी और ट्रम्प गर्मजोशी से मिले। ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। अब मोदी-ट्रम्प मुलाकात की तस्वीर यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है Vivatech Vivatech यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है, जहां दुनियाभर की नई इंडस्ट्रीज, टेक्निक कंपनियां, इंवेस्टर और एक्सपर्ट नई टेक्निक और इनोवेशन का डिस्प्ले करते हैं। मुख्य तौर पर आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप और उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, भविष्य की उभरती तकनीकों पर उन पर चर्चा करते हैं। यहां भारत का राष्ट्रीय मंडप (इंडिया पैवेलियन) भी स्थापित किया गया है, जहां देश के स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का आज अंतिम दिन है। मोदी 13-14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में थे। इसके बाद 14 से 16 तक स्लोवाकिया में रहे। वहां से लौटकर एवियन में G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नहीं 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी। मोदी ने दोनों दिन भारतीय की मौत का मुद्दा उठाया पीएम मोदी ने G7 समिट में 16 जून और 17 जून दोनों ही दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिट के पहले दिन मंगलवार को आउटरीच सेशन में कहा था कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई भारतीयों ने जान गंवाई है और वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है। G7 समिट में कई वर्ल्ड लीडर्स से पीएम की मुलाकात और चर्चा G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शामिल थे। इन नेताओं के साथ हुई बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। 14-16 जून: मोदी का स्लोवाकिया दौरा, सवोच्च नागरिक सम्मान मिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया के दौरे पर रहे थे। 15 जून को उन्हें स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया था। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया था। सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने X पोस्ट में लिखा - वह इसके लिए स्लोवाकिया की सरकार और वहां के लोगों के आभारी हैं। यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का है और इसे भारत-स्लोवाकिया की मजबूत एवं स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हैं। इससे पहले मोदी और स्लोवाकियन पीएम रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय डिफेंस और ट्रेड डील हुई थी। ब्रातिस्लावा के महल में स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात के बाद मोदी ने फिको को भारत आने का न्योता भी दिया था। भारत और स्लोवाकिया ने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला किया। दोनों देशों के बीच प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पूरी खबर पढ़ें… 13 से 14 जून: पीएम मोदी का फ्रांस दौरा, पहला फेज 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक हुई थी। दोनों देशों के बीच 13 बड़े समझौते हुए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्पेस और शिक्षा पर बात हुई थी। दोनों देशों ने अगले 5 साल में आपसी व्यापार को दोगुना करने के लिए एक हाई-लेवल सिस्टम और इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग की शुरुआत की। इससे पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स ने हिस्सा लिया। प्रोग्राम के बाद राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी को नीस के पास स्थित विला केरीलोस घुमाने ले गए थे। यह फ्रांस की प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। मैक्रों ने यहां पीएम के साथ सेल्फी ली थी। पूरी खबर पढ़ें… भारत G7 में गेस्ट नेशन, पीएम 7वीं बार शामिल हुए भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। आमतौर पर भारत के प्रधानमंत्री को समिट का न्यौता मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 से 2013 के बीच पांच बार G7 (पहले G8) समिट में हिस्सा लिया था। PM मोदी को पहली बार 2019 में फ्रांस के बियारिट्ज में आयोजित G7 समिट में आमंत्रित किया गया था। 2020 में अमेरिका को मेजबानी करनी थी, लेकिन उसने तब समिट रद्द कर दी। इसके बाद 2021 में ब्रिटेन की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन में PM मोदी वर्चुअली शामिल हुए। इसके अलावा मोदी 2022 में जर्मनी, 2023 में जापान, 2024 में इटली और 2025 में कनाडा में आयोजित G7 समिट में शामिल हुए। G7 क्या है, इसमें कौन-कौन से देश हैं? G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’, दुनिया के उन 7 देशों का समूह है, जिन्हें दुनिया की 'मॉडर्न इकोनॉमी' वाला देश कहा जाता है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के जुड़ने के बाद यह G7 बन गया। 1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद उसे समूह से बाहर कर दिया गया। इसके बाद यह फिर से G7 कहलाने लगा। …………. यह खबरें भी पढ़ें… फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम: पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया> फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 18 Jun 2026 4:01 am

अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?

इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।

देशबन्धु 18 Jun 2026 3:00 am

G7 Summit में Donald Trump का बड़ा बयान- अगर भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका मदद के लिए खड़ा होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत के प्रति मजबूत समर्थन जताते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका उसकी मदद के लिए खड़ा होगा। ट्रंप का यह बयान फ्रांस में आयोजित 52वें G7 शिखर ...

वेब दुनिया 17 Jun 2026 10:27 pm

कैलिफोर्निया में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नफरत पर चिंता, हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने राज्य आयोग से लगाई गुहार

प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एडवोकेसी समूह हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने कैलिफोर्निया में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नफरत पर चिंता जताई है। एचएएफ ने स्टेट ऑफ हेट कमीशन से राज्य में बढ़ते एंटी-हिंदू गतिविधियों पर ध्यान देने और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

देशबन्धु 17 Jun 2026 7:39 pm

होर्मुज में बढ़ी जहाजों की आवाजाही, ईरान के तीन तेल टैंकरों ने अमेरिकी नाकेबंदी को किया पार

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मैरीटाइम एनालिसिस फर्म विंडवर्ड ने बताया कि मंगलवार को 14 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे, जो इस महीने का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। जो इस महीने का अब तक का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है। इस बढ़ोतरी को शिपिंग कंपनियों के बीच धीरे-धीरे लौटते भरोसे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:54 pm

अमेरिका में बंद कमरे में मिली हरियाणवी युवक की डेडबाॉडी:2 एकड़ जमीन बेच डंकी रूट से गया, कहा था-सारे कर्ज उतार दूंगा; परिवार का इकलौता बेटा

हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत हो गई। युवक अमेरिा के सैक्रामेंटो शहर में एक स्टोर पर जॉब करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर रूप पर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया। नाइट शिफ्ट शुरु होने से पहले उसके दोस्त उसे लेने पहुंचे तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर युवक को बेसुध हालत में पड़ा देख उनके होश उड़ गए। दोस्तों ने तुरंत उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोस्तों ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक, युवक दो साल पहले दो एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह अमेरिका चला गया था। मौत से दो दिन पहले परिवार की उससे बात हुई थी। युवक ने कहा था- चिंता ना करों, सारे कर्ज उतार दूंगा। बेटे की मौत से परिजन सदमे में है। उन्होंने परिवार ने सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से बेटे के शव को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि बेटे को देश की मिट्‌टी नसीब हो सके। युवक के भारत से अमेरिका तक सफर की पूरी कहानी… युवक सुपनदीप के परिवार ने बताईं ये बातें… 5 महीने में करनाल के 6 लोगों की विदेश में मौत करनाल से कई बच्चे विदेश पढ़ने या परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाते हैं। कोई कनाडा तो कोई अमेरिका जाता है। मगर, बीते 6 महीनों में ही विदेशों में सात युवकों की मौत से राज्य और परिवारों को बड़ा झटका लगा है। ताजा मामला युवक सुपनदीप का है। इससे पहले छह युवकों की भी बीमारी, हादसों में मौत हो चुकी है। 14 दिन पहले ही अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के शिव कॉलोनी निवासी प्रवीन (40) की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दो महीने पहले बसंत विहार निवासी युवक की रूस में मौत हो गई। युवक टूरिस्ट वीजा पर 16 मार्च को विदेश गया था। परिवार को उसकी मौत की सूचना वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से मिली। बताया जा रहा है कि युवक की गिरने से मौत हुई। इसी तरह टेक्सास शहर में फूड स्टोर में लगी आग में जिंदा जलकर करनाल के ही गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह (22) की मौत हो गई थी। दो महीने पहले ही घोघगड़ीपुर गांव के एक 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। वहीं, कैमला गांव के युवक मुकेश कुमार की स्पेन में 5 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई। इन्द्री के गांव समौरा के चेतक शर्मा की भी अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। --------------------------------- यह भी पढ़ें- करनाल के युवक की अमेरिका में गोली मारकर हत्या:मौत से 3 घंटे पहले परिवार से वीडियो कॉल की, ₹60 लाख खर्च कर गया था करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। घटना के बाद वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 3:50 pm

मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले अमेरिका का बड़ा फैसला: सैन्य कमांड से हटा 'इंडो' शब्द, फिर हुआ 'US पैसिफिक कमांड'

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले अमेरिकी रक्षा विभाग ने घोषणा की है कि उसका सबसे बड़ा सैन्य कमांड 'इंडो-पैसिफिक कमांड' से 'इंडो' शब्द हटा रहा है। उसने अपना पुराना नाम 'यूएस पैसिफिक कमांड' फिर ...

वेब दुनिया 17 Jun 2026 3:45 pm

अमेरिका में एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट धामी का जोरदार स्वागत:धार्मिक व शैक्षणिक कार्यों के लिए स्थानीय सिख संगठनों और संगतों से मांगा सहयोग

अमेरिका दौरे पर गए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का विभिन्न गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंधकों और संगतों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। यह प्रतिनिधिमंडल एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचा है। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कैलिफोर्निया के लैथरॉप स्थित दल बाबा बिधीचंद जी संप्रदा के पड़ाव, दमदमी टकसाल के प्रबंधन वाले गुरुद्वारा गुरमति प्रकाश मंटीका तथा फ्रेस्नो स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश सहित कई धार्मिक स्थलों पर माथा टेका और संगतों के साथ विचार साझा किए। इस अवसर पर स्थानीय प्रबंधकों ने एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विरक, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, सदस्य भाई राजिंदर सिंह महिता, ओएसडी सतबीर सिंह और सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को विशेष रूप से सम्मानित किया। फ्रेस्नो के गुरुद्वारा गुरु नानक प्रकाश में संगत को संबोधित करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि विदेशों में बसे सिख समुदाय ने अपनी मेहनत, समर्पण और गुरु घर के प्रति अटूट श्रद्धा से पूरी दुनिया में सिख पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि एसजीपीसी सिख धर्म के प्रचार-प्रसार, गुरमत सिद्धांतों के प्रसार और युवाओं को अपने विरसे से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लैथरॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट धामी ने बाबा अवतार सिंह सुरसिंह वालों की अगुवाई में दल बाबा बिधीचंद संप्रदा द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने यूबा सिटी में स्थापित किए जा रहे प्रेस और धर्म प्रचार केंद्र के लिए स्थानीय सिख संगठनों और संगतों से सहयोग की अपील भी की। स्थानीय सिख नेताओं ने एसजीपीसी द्वारा धार्मिक, पंथक और शैक्षणिक क्षेत्रों में की जा रही सेवाओं की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 12:57 pm

ईरान-अमेरिका शांति समझौते की दिशा में बड़ा कदम, शुक्रवार से अंतिम समझौते पर शुरू होगी वार्ता : ईरानी विदेश मंत्री

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष के बाद अब शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है

देशबन्धु 17 Jun 2026 9:35 am

अमेरिका में बिका MLA हॉस्टल का फर्नीचर केस:विधानसभा विशेष कमेटी की जांच शुरू, चंडीगढ़ से मांगा रिकॉर्ड, 2002 तक यूटी के पास थी देखरेख

चंडीगढ़ में विधानसभा (पंजाब और हरियाणा विधानसभा), एमएलए हॉस्टल और अन्य सरकारी संस्थानों से हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका में बिक्री होने का मामला और गहरा गया है। इस मामले में अब पंजाब विधानसभा ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए जहां हाउस कमेटी को अधिकार दिए गए हैं। विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि नीलाम हुआ फर्नीचर किसकी कस्टडी में था। चंडीगढ़ प्रशासन से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। क्योंकि 2002 तक हास्टल की देखरेख यूटी के पास था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था। विधानसभा स्पीकर ने इस बारे में क्या बताया, तीन प्वाइंटों में जानें 1. कमेटी को दिए जांच के अधिकार : विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि हाउस की कमेटी को अधिकार दिया गया है कि इसकी जांच की जाए। 2. 2002 में पंजाब को मिले राइट : एक हाई लेवल मीटिंग में मैंने खुद चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि पिछले दिनों जो फर्नीचर अमेरिका में नीलाम हुआ है, वह किसकी कस्टडी में था। क्योंकि 2002 तक एमएलए हॉस्टल व एमएलए फ्लैट के सारे इंतजाम यूटी प्रशासन देखता रहा है। 2002 के बाद यह जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पंजाब को मिली थी। वहां पर अब कोई भी विरासती फर्नीचर नहीं है। 3. फर्नीचर बाहर जाने की गुजाइंश नहीं : हालांकि विरासती फर्नीचर चंडीगढ़ के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों, यहां तक कि थानों में भी पड़ा है। उसकी इन्वेंटरी बनाई गई है। ऐसे में अब फर्नीचर बाहर जाने की गुंजाइश नहीं है। यह 2002 से पहले ही बाहर गया है। इसलिए पत्र लिखा गया है। कानून मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। 59 लाख से अधिक में बिका फर्नीचर जून 2026 में, अमेरिका के शिकागो में स्थित एक नीलामी घर में पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़े हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की गई। नीलामी में हेरिटेज कुर्सियों का एक जोड़ा और चार लो-स्टूल (कम ऊंचाई वाले स्टूल) बेचे गए। फर्नीचर की कीमत करीब 72,720 अमेरिकी डॉलर (यानी 59 लाख रुपये से अधिक) थी। नीलाम कुर्सियों पर बकायदा इन्वेंट्री मार्किंग “MLA (H) PB/1/B-11” लिखी हुई थी। इससे पहले सितंबर 2025 में फ्रांस के पेरिस में एक ऑक्शन हाउस द्वारा पियरे जेनरेट द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की 16 वस्तुओं की नीलामी की गई थी। यह पूरा फर्नीचर करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये में बिका था। पुलिस की कहानी पड़ी, आरोपी हुए बरीहेरिटेज फर्नीचर विदेशों में बिकने के मामले काफी समय से आते रहे हैं। साल 2022 में चंडीगढ़ जिला अदालत में हेरिटेज फर्नीचर चोरी से जुड़ा मामला चल रहा था, लेकिन पुलिस की कमजोर पैरवी और सबूतों की कमी के कारण 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। पुलिस कोर्ट में चोरी की कड़ियों और रिकवरी को पूरी तरह साबित करने में विफल रही थी। हालांकि जांच के दौरान कई बार आरोपियों के तार मुंबई के कबाड़ तस्करों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़े पाए गए, जो चंडीगढ़ के सुरक्षाकर्मियों या कर्मचारियों की मिलीभगत से सामान चुराकर विदेशों में शिप कर देते थे। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2011 में ही चंडीगढ़ के इन हेरिटेज सामानों के निर्यात, बिक्री और मूवमेंट पर सख्त प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद चोरी का सिलसिला पूरी तरह नहीं थम सका है।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 9:15 am

गुरुग्राम में 'पीस डॉग' आलोका से मिलने उमड़ी भीड़:बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका में 3,700 किमी की पैदल यात्रा की, इंस्टाग्राम पर 4.82 लाख फॉलोअर

गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में अनूठे शांतिदूत 'पीस डॉग' आलोका से मिलने के लिए बड़ी संख्या में पशु प्रेमी, एक्टिविस्ट और प्रशंसक पहुंचे। यहां वॉक फॉर पीस द्वारा एक विशेष 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। होटल के हॉल में मौजूद प्रशंसक आलोका की असीम शांति को देखकर दंग रह गए। कार्यक्रम में आए लोगों ने उसे सहलाया, उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और भिक्षुओं से उसकी जीवन यात्रा के अनुभव सुने। दो दिन पहले दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी उनसे मुलाकात की थी। आलोका ने बौद्ध भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इंस्टाग्राम पर 4.82 लाख फॉलोअर आलोका कोई साधारण कुत्ता नहीं है, बल्कि भारतीय नस्ल (परिया) का एक ऐसा डॉग है, जिसकी कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। लगभग चार वर्ष के आलोका के माथे पर कुदरती तौर पर दिल के आकार का एक सफेद निशान है, जो उसकी पहचान और शांत स्वभाव को और खास बनाता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आलोका के 4.82 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उसकी हर शांति यात्रा को लाइव मैप के जरिए ट्रैक करते हैं। कोलकत्ता से बौद्ध भिक्षुओं के साथ शुरू हुआ सफर मूल रूप से कोलकत्ता की सड़कों पर लावारिस घूमने वाले इस बेघर डॉग का जीवन साल 2022 में पूरी तरह बदल गया। तब भारत और बोधगया की शांति यात्रा पर आए बौद्ध भिक्षुओं के एक दल के पीछे यह कुत्ता खुद-ब-खुद चलने लगा था। भिक्षुओं के अनुसार अपनी भारत यात्रा के दौरान इस बेनाम कुत्ते ने बिना किसी स्वार्थ या लालच के लगातार 100 से अधिक दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और शहरों की खाक छानी। एक्सीडेंट में घायल हुआ, लेकिन साथ नहीं छोड़ा यात्रा के दौरान वह एक कार दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही वह फिर से भिक्षुओं के शांत काफिले में शामिल हो गया। उसकी इसी अटूट निष्ठा और शांतिपूर्ण व्यवहार को देखकर वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु वेनरेबल भिक्खु पन्नाकारा ने उसे गोद ले लिया और उसे पालि भाषा का नाम 'आलोका' दिया, जिसका अर्थ होता है 'प्रकाश' या 'रोशनी'। अमेरिका में 3,700 किमी की ऐतिहासिक पदयात्रा भारत के बाद भिक्षु आलोका को अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां वह आधिकारिक तौर पर 'वॉक फॉर पीस' अभियान का मुख्य चेहरा बन गया। अक्टूबर 2025 में टेक्सास से शुरू हुई इस वैश्विक शांति यात्रा के तहत आलोका ने भिक्षुओं के साथ अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए लगभग 3,700 किलोमीटर (2,300 मील) की पैदल यात्रा पूरी की। बर्फीली ठंड, कठिन रास्तों और थका देने वाले सफर में भी आलोका की शांति और धैर्य ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। गुरुग्राम में उमड़े लोग हाल ही में भारत लौटने पर नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी से मुलाकात करने के बाद आलोका गुरुग्राम पहुंचा। गुरुग्राम में आयोजित 'मीट एंड ग्रीट' कार्यक्रम पूरी तरह से शांति और मौन ऊर्जा से भरा रहा। भिक्षु पन्नाकारा के मुताबिक इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल आलोका की प्रसिद्धि का जश्न मनाना नहीं, बल्कि समाज में बेसहारा और स्थानीय जानवरों के प्रति दयाभाव जगाना है। भिक्षुओं ने मंच से संदेश दिया कि शांति की शुरुआत हमारे दिलों से और समाज के सबसे कमजोर जीवों की रक्षा से होती है। आलोका बिना बोले ही दुनिया को यह सिखा रहा है कि अगर सही प्यार और गरिमा मिले, तो सड़कों पर रहने वाला एक मामूली जीव भी दुनिया को मानवता और सह-अस्तित्व का सबसे बड़ा पाठ पढ़ा सकता है। भिक्षु पन्नाकारा के बिना, अलोका का जीवन बहुत अलग होता। उनकी सच्ची करुणा ने उन सीढ़ियों का काम किया जिन्होंने उसके पूरे अस्तित्व को ऊपर उठाया।

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 9:13 am

अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष 'पायलट जोन'

मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं

देशबन्धु 17 Jun 2026 7:10 am

अमेरिका ने ईरान जंग में हर मिनट ₹6 करोड़ लुटाए:क्या 28 लाख करोड़ हर्जाना और देना पड़ेगा; आखिर ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ये जंग

अमेरिका को ईरान जंग का हर सेकेंड 10 लाख रुपए का पड़ा। रोजाना करीब 9,400 करोड़ रुपए। 107 दिन बाद जंग खत्म करके भी मुसीबत नहीं टली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान को हर्जाने के तौर पर 28 लाख करोड़ रुपए और देने पड़ सकते हैं।ट्रम्प को कितनी महंगी पड़ी ईरान जंग; 8 ग्राफिक्स में देखिए… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा -------- ये खबर भी पढ़िए… अमेरिका-ईरान जंग में कौन जीता, क्या पाकिस्तान नहीं, कतर ने करवाई डील, पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा; 7 सवालों में पूरी कहानी 107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 17 Jun 2026 5:20 am

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगा नौसैनिक प्रतिबंध हटाया: ईरान उप विदेश मंत्री

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगाया नौसैनिक प्रतिबंध हटा लिया है। तेहरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने कहा, “शुरुआत से ही हम इस बात पर जोर दे रहे थे कि प्रतिबंध हटना चाहिए

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:44 pm

EU-US Trade Deal को European Parliament की हरी झंडी, कई अमेरिकी सामानों पर खत्म होगा टैरिफ

यूरोपीय संसद ने उन दो कानूनों को अंतिम मंज़ूरी दे दी, जिनका मकसद अगस्त 2025 के EU-US संयुक्त बयान के तहत अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ के व्यापार समझौते को लागू करना है। इन कानूनों में टैरिफ में कटौती के साथ-साथ यूरोपीय उद्योगों और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उपाय भी शामिल हैं। यूरोपीय संसद की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यूरोपीय संसद के सदस्यों (MEPs) ने औद्योगिक और कृषि-खाद्य आयात से जुड़े मुख्य नियम का समर्थन किया। इसके पक्ष में 440 और विपक्ष में 151 वोट पड़े, जबकि 50 सदस्य वोटिंग से दूर रहे। यह कानून अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों पर टैरिफ खत्म करता है और अमेरिका के कई तरह के सीफ़ूड और कृषि उत्पादों को बाज़ार में प्राथमिकता के साथ पहुँच प्रदान करता है। एक दूसरे नियम को 444 वोटों के समर्थन और 152 वोटों के विरोध के साथ मंज़ूरी मिली (54 सदस्य वोटिंग से दूर रहे)। यह नियम अमेरिका से लॉबस्टर के टैरिफ-मुक्त आयात की सुविधा को बढ़ाता है और इसमें प्रोसेस्ड लॉबस्टर उत्पादों को भी शामिल करता है। इसे भी पढ़ें: पहले हंसे, फिर पिया पानी और ऐसे अमेरिका-यूरोप को डुबो आए जयशंकर, हिले सारे पत्रकार संसद ने कहा कि दोनों प्रस्तावों पर पहले ही संसद और काउंसिल के वार्ताकारों के बीच सहमति बन चुकी थी, और यूरोपीय आयोग के मूल प्रस्तावों को और मज़बूत करने के लिए उनमें कई संशोधन भी किए गए थे। इस कानून में शामिल मुख्य प्रावधानों में से एक सनसेट क्लॉज़ है, जिसके तहत इंडस्ट्रियल और एग्री-फूड इंपोर्ट से जुड़े नियम 31 दिसंबर, 2029 को खत्म हो जाएंगे, जब तक कि उन्हें रिन्यू न किया जाए। यूरोपीय आयोग को 30 जून, 2029 तक EU के उद्योगों, खेती, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों और तीसरे देशों के साथ व्यापार के तरीकों पर इस नियम के असर का व्यापक मूल्यांकन करना होगा। अगर सही समझा जाए, तो इस समीक्षा के साथ नियम को आगे बढ़ाने का कानूनी प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: 2 देशों ने हिंदी में मोदी पर किया बड़ा ऐलान, पूरी दुनिया हैरान! यह कानून स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों पर US के टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को भी दूर करता है। यूरोपीय संसद ने ध्यान दिलाया कि अमेरिका ने अगस्त 2025 में टैरिफ के दायरे में आने वाले स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों की लिस्ट में 407 प्रोडक्ट कैटेगरी जोड़ी थीं, जिससे व्यापार में अनिश्चितता पैदा हुई। हाल ही में मंज़ूर किए गए उपायों के तहत, अगर अमेरिका 31 दिसंबर, 2026 तक EU के स्टील और एल्युमीनियम से बनी चीज़ों पर 15 प्रतिशत से ज़्यादा टैरिफ दरें लागू रखता है, तो आयोग के पास टैरिफ में दी गई रियायतों को रोकने का अधिकार होगा। इसे भी पढ़ें: मोदी ने पकड़ी अमेरिका के कई खतरनाक लोगों की गर्दन! दुनिया हैरान आयोग 1 दिसंबर, 2026 तक इन प्रोडक्ट्स पर टैरिफ के तौर-तरीकों के बारे में यूरोपीय संसद और काउंसिल को एक रिपोर्ट भी सौंपेगा। इसके अलावा, अगर अमेरिका उन EU एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहता है, जिन्हें 24 फरवरी, 2026 तक 15 प्रतिशत की ऑल-इनक्लूसिव टैरिफ सीमा का फ़ायदा मिल रहा था, तो आयोग टैरिफ रियायतों को रोक सकता है। रिलीज़ में कहा गया है, अगर अमेरिका उन EU एक्सपोर्ट्स पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रहता है, जिन्हें 24 फरवरी, 2026 तक 15% की ऑल-इनक्लूसिव टैरिफ सीमा का फ़ायदा मिल रहा था, तो आयोग टैरिफ रियायतों को रोक सकेगा।

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 6:00 pm

जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका दिखा अलग थलग, दुनिया जता रही मोदी पर भरोसा

जी-7 शिखर सम्मेलन इस बार वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और व्यापार का मंच नहीं बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था का आईना प्रतीत हुआ। फ्रांस में आयोजित इस सम्मेलन में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहुंचे तो उनके सामने वह यूरोप खड़ा था जो अब आंख मूंदकर वॉशिंगटन के पीछे चलने को तैयार नहीं दिखता। लंबे समय तक टैरिफ की धमकियां, कूटनीतिक दबाव, सार्वजनिक अपमान और अचानक फैसलों का सामना करने के बाद अब यूरोपीय देशों ने यह मान लिया है कि ट्रंप बदलती अमेरिकी सोच का स्थायी चेहरा हैं। यही कारण है कि इस बार जी-7 सम्मेलन पर सबसे गहरी छाया अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ती दूरी की रही। देखा जाये तो ईरान युद्ध के बाद पैदा हुई वैश्विक बेचैनी ने इस सम्मेलन को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। युद्धविराम की घोषणा के बावजूद तेल बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, महंगाई को लेकर चिंता गहरा रही है और दुनिया की अर्थव्यवस्था फिर अनिश्चितता के मोड में पहुंचती दिखाई दे रही है। ट्रंप इस सम्मेलन में यह साबित करने पहुंचे कि उनकी आक्रामक और टकराव वाली विदेश नीति परिणाम दे रही है। वह चाहते हैं कि दुनिया अमेरिकी प्राथमिकताओं को स्वीकार करे, चाहे मामला व्यापार का हो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का, सुरक्षा का या फिर चीन को घेरने की रणनीति का। लेकिन इस बार यूरोप का स्वर बदला हुआ है। वह अमेरिका के साथ तो रहना चाहता है, मगर उसकी हर बात पर सिर झुकाने को तैयार नहीं है। इसे भी पढ़ें: France पहुंचे PM Modi, G7 Summit में वैश्विक चुनौतियों पर दुनिया को दिखाएंगे रास्ता देखा जाये तो यूरोप के भीतर यह बदलाव अचानक नहीं आया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्षों से यूरोप की रणनीतिक स्वायत्तता की वकालत करते रहे हैं। उनका तर्क साफ है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए हमेशा अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहे मैक्रों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह ऐसा समय है जब अमेरिकी, रूसी और चीनी नेतृत्व यूरोप के हितों के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है। इसलिए यूरोप को अब जागना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। हालांकि मैक्रों की रणनीति केवल विरोध की नहीं है। उन्होंने ट्रंप के साथ निजी संबंध बनाए रखने की भी भरपूर कोशिश की है। कभी एफिल टावर पर भोज, कभी सैन्य परेड में विशेष सम्मान और कभी नोट्रे डेम कैथेड्रल के पुनरोद्धार समारोह में आमंत्रण देकर उन्होंने ट्रंप को साधने की कोशिश की है। लेकिन ईरान युद्ध और ग्रीनलैंड विवाद के बाद यूरोप में ट्रंप विरोध चरम पर पहुंच गया। एक समय तो हालात ऐसे बन गए थे कि यूरोपीय नेताओं को लगने लगा कि ट्रंप डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए अमेरिकी सेना भेज सकते हैं। यह केवल एक भू-राजनीतिक विवाद नहीं था, बल्कि उस भरोसे के टूटने का प्रतीक था जिस पर दशकों से अटलांटिक गठबंधन टिका हुआ था। दरअसल, ग्रीनलैंड प्रकरण ने यूरोप को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं नाटो की सबसे बड़ी सैन्य ताकत ही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा न बन जाए। यही कारण है कि अब यूरोपीय देशों में यह बहस तेज हो गई है कि अगर अमेरिका हर वैश्विक संकट में नेतृत्व नहीं करता या करना नहीं चाहता, तो आगे की दुनिया कैसी होगी। इस चिंता ने नाटो और अटलांटिक गठबंधन की नींव तक को हिला दिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी इस बार दबाव में दिखे। घरेलू राजनीति में चुनौती झेल रहे स्टारमर को ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन न करने के कारण ट्रंप की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ब्रिटेन का मजाक उड़ाया और उसे असहयोगी तक कह दिया। नतीजा यह हुआ कि ब्रेक्जिट के बाद अमेरिका के और करीब जाने की कोशिश कर रहा ब्रिटेन अब फिर यूरोप की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जिन्हें कभी ट्रंप का स्वाभाविक सहयोगी माना जाता था, वह भी अब दूरी बनाती नजर आ रही हैं। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची इस सम्मेलन में पहली बार शामिल हुईं और उन्होंने अमेरिका, यूरोप तथा पश्चिम एशिया के बीच संवाद की कड़ी बनने की कोशिश की। साफ है कि दुनिया अब केवल अमेरिकी नेतृत्व पर निर्भर रहने की बजाय बहुध्रुवीय संतुलन की तरफ बढ़ रही है। देखा जाये तो ट्रंप की सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि वह निजी कूटनीति को सार्वजनिक तमाशे में बदल देते हैं। पिछले वर्ष नाटो प्रमुख मार्क रुटे के निजी संदेश सार्वजनिक कर उन्होंने यह दिखा दिया था कि यूरोपीय नेता निजी तौर पर अमेरिका के दबाव को स्वीकार करते हैं, भले ही सार्वजनिक मंचों पर विरोध का अभिनय करें। इस कारण अब यूरोपीय नेताओं के लिए संतुलन साधना और मुश्किल हो गया है। उन्हें अपने मतदाताओं को भी संतुष्ट रखना है और अमेरिका से रिश्ते भी नहीं बिगाड़ने हैं। इसी उथल पुथल के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस सम्मेलन में विशेष महत्व रखती है। जब पश्चिमी दुनिया भीतर से विभाजित दिखाई दे रही है, तब भारत एक ऐसे संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है जिस पर हर शक्ति केंद्र भरोसा करना चाहता है। मोदी ने रूस और अमेरिका दोनों से संबंध बनाए रखे, पश्चिम एशिया के संकटों में संतुलन साधा और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से उठाया। यही वजह है कि आज दुनिया भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि स्थिर नेतृत्व वाली निर्णायक शक्ति के रूप में देख रही है। देखा जाये तो मोदी की कूटनीति की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्होंने भारत को किसी एक खेमे में सीमित नहीं होने दिया। अमेरिका से रणनीतिक साझेदारी भी कायम रखी और रूस के साथ पुराने रिश्ते भी नहीं टूटने दिए। पश्चिम एशिया में भारत की स्वीकार्यता बनी रही और यूरोप के साथ आर्थिक तथा तकनीकी सहयोग भी लगातार बढ़ता गया। जी-7 जैसे मंचों पर मोदी की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत केंद्र में आ चुका है। जब दुनिया अविश्वास, टकराव और अनिश्चितता से जूझ रही है, तब भारत संवाद, संतुलन और स्थिरता का चेहरा बनकर उभरा है। यही प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। बहरहाल, जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि गहरे मतभेदों और पश्चिमी देशों के भीतर बढ़ती अविश्वास की राजनीति के बावजूद संवाद की प्रक्रिया टूटी नहीं। ईरान संकट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैदा हुए तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाओं और यूक्रेन युद्ध की लंबी खिंचती स्थिति के बीच सदस्य देशों ने कम से कम इस बात पर सहमति दिखाई कि बहुपक्षीय सहयोग को जिंदा रखना जरूरी है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक आर्थिक असंतुलन, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा और विकासशील देशों के कर्ज संकट जैसे मुद्दों पर साझा चर्चा आगे बढ़ी। यूरोप ने अपनी सामरिक स्वायत्तता का स्वर बुलंद किया, जबकि अमेरिका ने भी यह संकेत दिया कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों में अधिक भागीदारी निभानी होगी। भारत, ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की भागीदारी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ग्लोबल साउथ को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों की आकांक्षाओं को मजबूती से उठाकर भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत किया। हालांकि सम्मेलन कई अहम मुद्दों पर ठोस नतीजे देने में विफल भी रहा। यूक्रेन युद्ध को लेकर कोई निर्णायक रोडमैप सामने नहीं आया, चीन को लेकर पश्चिमी देशों के भीतर मतभेद बने रहे और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषय को जानबूझकर पीछे कर दिया गया ताकि अमेरिका और यूरोप के बीच टकराव नहीं बढ़े। ईरान समझौते पर भी स्पष्टता का अभाव रहा और ट्रंप की आक्रामक शैली के कारण साझा घोषणापत्र को लेकर एकजुटता कमजोर दिखाई दी। कुल मिलाकर यह सम्मेलन उपलब्धियों से अधिक बदलती विश्व राजनीति के अंतर्विरोधों का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां संवाद तो जारी रहा लेकिन भरोसे का संकट अब भी गहराता दिखाई दिया। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:59 pm

कैथल में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध:BKU चढूनी ग्रुप ने मीटिंग की; समझौते को निरस्त करने की मांग

कैथल में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ग्रुप की जिला स्तरीय बैठक ढांड गांव के बस स्टैंड स्थित कार्यालय में हुई। बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया गया और इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि आगामी 25 जून को चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-35 किसान भवन में पूरे देश के किसान, मजदूर व नौजवान संगठनों की बैठक होगी। इसमें भारी संख्या में जिले से किसान पहुंचेंगे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि 25 जून को होने वाली बैठक में पूरे प्रदेश से किसानों को पहुंचने का निमंत्रण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान, मजदूर, छोटा व्यापारी और आम नागरिक एक बड़े खतरे के सामने खड़ा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील केवल व्यापार का समझौता नहीं उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील केवल व्यापार का समझौता नहीं है, बल्कि यह देश की खेती, खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता पर सीधा हमला है। अगर यह ट्रेड डील लागू होती है तो अमेरिका और अन्य देशों के बड़े-बड़े कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे। सरकारें इसे विकास और व्यापार बढ़ाने का नाम देंगी, लेकिन इसका सबसे बड़ा नुकसान भारत के किसानों को होगा। किसान पहले ही कर्ज के बोझ से जूझ रहा है विक्रम कसाना ने कहा कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, कम कीमत और कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। ऐसे में विदेशी कंपनियों और कृषि उत्पादों को खुली छूट देना किसानों को बर्बादी की ओर धकेलने जैसा है। किसान केवल अपनी फसल नहीं बचा रहा, बल्कि देश की खाद्य संप्रभुता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। आम जनता से एकजुट होने की अपील कसाना ने कहा कि यदि खेती और बाजार पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कब्जा हो गया तो किसान अपनी जमीन पर मजदूर बनकर रह जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों, मजदूर संगठनों, व्यापारिक संगठनों और आम जनता को इस मुद्दे पर एकजुट होना होगा। यह लड़ाई किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य की लड़ाई है। इसके लिए देश के हर जिले के गांव-गांव में ट्रेड डील के खिलाफ अभियान चलाया जाए तथा सरकार पर दबाव बनाया जाए कि किसी भी हालत में किसान विरोधी ट्रेड डील स्वीकार न की जाए।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 1:59 pm

ईरानी फुटबॉल टीम बोली-हमें तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया:मैच के तुरंत बाद मेक्सिको जाना पड़ा, सुरक्षा जांच में भी परेशान किया जा रहा

अमेरिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप खेल रहे ईरान के हेड कोच आमिर घालेनोई ने कहा कि टीम को मैच के तुरंत बाद अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने का आदेश दिया गया। इससे खिलाड़ियों की रिकवरी प्रभावित हुई। घालेनोई ने बताया, ‘हमारा प्लान कैलिफोर्निया में रात बिताने के बाद अगले दिन दोपहर में तिजुआना (मेक्सिको) स्थित बेस कैंप लौटने का था। लेकिन हमें मैच के बाद सभी को तुरंत निकलने को कहा गया। टीम को आराम करने तक का समय तक नहीं दिया गया। हमें मैच के तुरंत बाद लौटना पड़ा।' मंगलवार सुबह लॉस एंजिलिस में ईरान का मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ। ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया था। सोफी स्टेडियम में मैच के दौरान ईरानी फैंस मौजूद रहे। हालांकि, स्टेडियम के बाहर ईरानी सरकार के विरोध में प्रदर्शन भी हुए। कप्तान तारेमी बोले- हमारे लिए सब कुछ बेहद मुश्किल मैच के बाद ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने ट्रैवल अरेंजमेंट्स पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तिजुआना से लॉस एंजिल्स पहुंचने में टीम को करीब पांच घंटे लगे। जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह सफर काफी छोटा माना जाता है। सुरक्षा जांच और अन्य प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। कप्तान ने कहा- 'टीम को फीफा से ज्यादा सहयोग की उम्मीद थी। इस समय हमारे लिए सब कुछ बेहद मुश्किल हो गया है।' वीजा विवाद से पहले ही प्रभावित रही तैयारी ईरानी फुटबॉल टीम की तैयारियां पहले से कई समस्याओं से घिरी रही है। अमेरिका ने ईरान फुटबॉल महासंघ के कुछ अधिकारियों, सहयोगी स्टाफ और मीडिया प्रतिनिधियों को वीजा नहीं दिए जाने के कारण टीम का सपोर्ट सिस्टम भी प्रभावित हुआ है। ईरान ने अमेरिका में बेस कैंप बनाने के बजाय मेक्सिको के तिजुआना को अपना ठिकाना बनाया है। इससे हर अमेरिकी मैच के लिए अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है। अब बेल्जियम-मिस्र जैसी मजबूत टीमों से मैच ईरान को अब ग्रुप स्टेज में बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्रॉ के बाद टीम पर अगले दोनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। ईरान ग्रुप-जी की पॉइंट्स टेबल में नंबर-2 पर है… ----------------------------------------------- ईरानी की फुटबॉल टीम से जुड़ी यें खबरें भी पढ़िए… 1. ईरानी ने न्यूजीलैंड को पहली जीत से रोका लॉस एंजिलिस में ईरान ने न्यूजीलैंड की फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली वर्ल्ड कप जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों के बीच का मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। न्यूजीलैंड से एलिजाह जस्ट ने दो गोल किए। वे वर्ल्ड कप के एक ही मैच में एक से अधिक गोल करने वाले न्यूजीलैंड के पहले खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले मिस्र और बेल्जियम का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। पढ़ें पूरी खबर 2. फुटबॉल वर्ल्डकप के बीच ईरानी ट्रेनिंग-बेस के बाहर शव मिला फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरान फुटबॉल टीम के ट्रेनिंग बेस के पास कार से शव मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्टेडियम के बाहर खड़ी कार की डिक्की से शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 1:54 pm

अमेरिका-ईरान डील मानने से इजराइल का साफ इनकार, 300 अरब डॉलर के फंड पर ट्रंप के बयान से मचा बवाल

US Iran Peace Deal : अमेरिका और ईरान में भले ही एमओयू पर हस्ताक्षर हो गए हो लेकिन डील पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राह आसान नहीं है। अमेरिका और ईरान अभी भी एक दूसरे को धमकी देने से बाज नहीं आ रहे हैं। इधर लेबनान और ईरान को लेकर इजराइल के ...

वेब दुनिया 16 Jun 2026 10:55 am

टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद आग का गोला बना अमेरिकी B-52 बॉम्बर, कैलिफोर्निया में 8 लोगों की दर्दनाक मौत

अमेरिका के दक्षिण कैलिफोर्निया में बी-52 बमवर्षक विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार 8 लोगों की मौत हो गई। एडवर्डस एयरबेस से विमान ने उड़ान भरी थी। लेकिन टेकऑफ के तुरंत बाद वह दुर्घटना का शिकार हो गया।

वेब दुनिया 16 Jun 2026 8:25 am

अमेरिका से आज भारत पहुंचा युवक का शव:5 साल पहले डंकी रूट से गया था, ट्रक खाई में गिरने से मौत

करनाल जिले के पाढा गांव के युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत के बाद अब उसका शव मंगलवार अल सुबह दिल्ली ऐयरपोर्ट पर पहुंच गया। जिसके बाद सुबह कागजी कार्रवाई के बाद परिजन मृतक के शव को ऐयरपोर्ट से एम्बुलेंस के जरिए गांव में लेकर आएंगे। परिवार लंबे समय से शव को भारत लाने के प्रयास में लगा हुआ था। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 9 बजे शव गांव पहुंचेगा, जिसके बाद गांव की शिवपुरी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव पाढा निवासी 27 वर्षीय अंकित की करीब 2 हफ्ते पहले अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार गहरे सदमे में चला गया था। अंकित वहां ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था और अपने बड़े भाई के साथ रह रहा था। डंकी रूट से पहुंचा था अमेरिका, 40 लाख हुए खर्च अंकित के पिता सत्यवान कालीरमन गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। परिजनों के अनुसार अंकित करीब 5 साल पहले डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था, जिस पर लगभग 40 लाख रुपए खर्च हुए थे। विदेश पहुंचने के बाद उसने ट्रक चलाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर ली। उसने वहां अपना मकान भी ले लिया था। भाई के साथ रहता था, परिवार की जिम्मेदारी संभाली अंकित का बड़ा भाई पहले सेना में था, लेकिन 6-7 साल पहले वह भी अमेरिका चला गया और ट्रक चलाने लगा। बाद में उसने अंकित को भी अपने पास बुला लिया। दोनों भाई अमेरिका में साथ रहते थे। परिवार के लोगों ने बताया कि अंकित ने खुद को स्थापित करने के बाद घर की जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दी थीं। ट्रक खाई में गिरा, मौके पर हुई मौत जानकारी के अनुसार हादसे वाले दिन अंकित ट्रक लेकर जा रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। हादसा इतना गंभीर था कि अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर वहां की स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव लाया गया भारत हादसे के बाद परिवार और प्रशासन ने मिलकर शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब अंकित का शव गांव पहुंच रहा है। गांव में अंतिम दर्शन के बाद शिवपुरी में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 16 Jun 2026 7:30 am

ईरान-अमेरिका समझौते पर इजरायल की नाराजगी, सुरक्षा जोखिमों को लेकर विवाद

इजरायल के नेता अमेर‍िका और ईरान के बीच हुए समझौते के पक्ष में नहीं द‍िख रहे हैं। इजरायली नेताओं ने ईरान के साथ अमेरि‍का के समझौते की कड़ी आलोचना की है

देशबन्धु 16 Jun 2026 4:10 am

अमेरिका-ईरान जंग पर ब्रेकथ्रू, MoU साइन लेकिन ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीनों से जारी जंग को रोकने के लिए दोनों देशों ने एक अहम समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं

देशबन्धु 15 Jun 2026 11:19 pm

आज का एक्सप्लेनर:अमेरिका-ईरान जंग में कौन जीता, क्या पाकिस्तान नहीं, कतर ने करवाई डील, पेट्रोल-डीजल कब सस्ता होगा; 7 सवालों में पूरी कहानी

107 दिनों की तबाही के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान जंग खत्म करने को राजी हैं। रविवार को ट्रम्प ने लिखा- समझौता हो गया। ईरान ने भी बयान जारी किया। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों देश MoU पर साइन करेंगे। अंदरखाने कैसे हुई ये डील, इसमें क्या-क्या शर्तें हैं, आखिर कौन जीता ये जंग और अब आगे क्या होगा; ऐसे 7 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: क्या अमेरिका और ईरान में वाकई जंग खत्म हो गई है? जवाबः 14 जून की देर रात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहजाब शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ऐलान किया, 'अमेरिका और ईरान में शांति समझौता हो गया है। दोनों देश लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन बंद करने के लिए तैयार हो गए हैं।' थोड़ी देर बाद ट्रम्प ने भी एक पोस्ट से जरिए कंफर्म किया, 'ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ ईरान की तरफ से भी पुष्टि की गई कि दोनों पक्षों ने एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU फाइनल कर लिया है। इससे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटेगी और मौजूदा सीजफायर आगे बढ़ेगा। हालांकि इस घोषणा को ‘जंग का अंत’ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। इसकी तीन बड़ी वजहें हैं… पहली- खुद ट्रंप का बयान: ट्रम्प का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध रोकने का समझौता हो गया है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। अगर परमाणु कार्यक्रम पर समझौते से अमेरिका संतुष्ट नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाएगा। दूसरी- इजराइल का रवैयाः समझौते की घोषणा से कुछ घंटे पहले इजराइल ने लेबनान पर बमबारी की। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाने के संकेत दिए हैं। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने अमेरिका-ईरान पीस डील पर कड़ी नाराजगी जताई है। तीसरी- ईरान की शर्तेंः ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि ये डील कायम रखने के लिए अमेरिका को तीन कदम उठाने होंगे- 1. नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, 2. युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, 3. ईरान के फ्रीज्ड फंड जारी करना। जेनेवा में 19 जून को MoU पर साइन होंगे। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प या उप राष्ट्रपति जेडी वांस, समझौते पर डिजिटल साइन करेंगे। इसके बाद अगले 60 दिनों तक कई दौर की बातचीत होगी और फाइनल एग्रीमेंट तय किया जाएगा। सवाल-2: पाकिस्तान या कतर, अंदरखाने ये डील किसने कराई? जवाबः जंग शुरू होने के बाद सुलह कराने की कमान सबसे पहले पाकिस्तान ने संभाली, लेकिन आखिरी दौर में बाजी कतर के हाथ आ गई… दिल्ली स्थित थिंक टैंक ऑब्जर्वर्स रिसर्च फाउंडेशन यानी ORF में मिडिल ईस्ट से जुड़े मामलों के एक्सपर्ट कबीर तनेजा बताते हैं, ‘इस समझौते में कतर की एंट्री आर्थिक वजहों से हुई। मसलन- आने वाले दिनों में ईरान फंड्स की मांग करता है, तो ये कतर से ही ट्रांसफर किए जाएंगे। क्योंकि ईरान के फ्रीज फंड का बड़ा हिस्सा कतर के बैंकों में बंद है। अगर ट्रम्प खुद अमेरिका के हवाले से फंड्स भेजेंगे, तो अमेरिका की स्थिति कमजोर दिखेगी।’ डिफेंस एनालिस्ट नितिन ए. गोखले का आकलन है कि पाकिस्तान के पास इतना दम या भरोसा नहीं था कि वह दोनों पक्षों को समझौते के करीब ला सके। आखिरकार कतर की दखल से ही डील मुमकिन हुई। हालांकि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एसोसिएट रिसर्चर डॉ. यासिर अली मिर्जा इसे किसी एक देश की जीत मानने से इनकार करते हैं। उनके मुताबिक यह डील पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब और ओमान के साझा प्रयासों का नतीजा है। सवाल-3: इस समझौते में दोनों देश किन-किन बातों पर राजी हुए हैं?जवाबः आधिकारिक तौर से अभी शांति समझौते की शर्तें जारी नहीं की गई है। लेकिन ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर और ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शांति के लिए 14 पॉइंट का लेखा तैयार किया गया हैं- सवाल-4: आखिरकार इस जंग में कौन जीता? जवाबः समझौते की शर्तों और बयानों से तो इस जंग में ईरान का पलड़ा भारी दिख रहा है… ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने डील की घोषणा के बाद कहा, 'दुश्मन ने अपने नापाक इरादों को पूरा करने के लिए हम पर हमला किया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया और हमने जंग में बड़ी जीत हासिल की।' दूसरी तरफ ट्रम्प ने डील का ऐलान करते हुए जंग में जीत का कोई जिक्र नहीं किया। जबकि कुछ हफ्तों पहले तक वो ईरान को नेस्तनाबूद करने का दावा कर रहे थे। सवाल-5: इजराइल इस डील से खुश है या नाराज? जवाबः शुरुआती प्रतिक्रियाओं में इजराइल इस डील से नाखुश दिख रहा है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने कहा है कि अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल बंधा हुआ नहीं है। कबीर तनेजा मानते हैं कि इजराइल के लिए ये डील बुरी खबर है। उसने ट्रम्प के बार–बार कहने के बाद भी लेबनान पर हमले नहीं रोके थे। 14 और 15 जून को भी इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में कई मिसाइलें दागीं। हालांकि इजराइल को एक बड़ी बढ़त भी मिल रही है। लेबनान की करीब 2,000 वर्ग किमी जमीन पर अब इजराइल का कब्जा है। पहले इजराइल कहता था कि उसका टारगेट सिर्फ लितानी नदी तक हिजबुल्ला लड़ाकों को खत्म करना है। लेकिन अब वो नदी पार कर लेबनान के दक्षिणी शहर नबातीह तक पहुंच गया है। इजराइल ने साफ कर दिया है कि इस जंग के दौरान उसने जो भी जमीन कब्जाई है, वह नहीं लौटाएगा। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी सरकार की नीति स्पष्ट है। सेना इन इलाकों में बनी रहेगी ताकि इजराइल की सीमाओं और वहां रहने वाले लोगों को जिहादी गुटों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि इन सुरक्षा क्षेत्रों से स्थानीय निवासियों को हटाया जाएगा और जमीन के ऊपर तथा नीचे मौजूद सभी आतंकी ढांचों को नष्ट किया जाएगा। सीमा से सटे गांवों में जिन घरों का इस्तेमाल आतंकी ठिकानों के रूप में हुआ, उन्हें भी ध्वस्त किया जाएगा। काट्स ने कहा कि नेतन्याहू ने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भी साफ कर दी है। उन्होंने खुद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से इस मुद्दे पर बात की है। सवाल-6: इस डील का भारत समेत दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? जवाबः होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में ईंधन का जो संकट पैदा हुआ था, उससे निजाद मिलेगी… हालांकि JNU में फॉरेन अफेयर्स के प्रोफेसर राजन कुमार कहते हैं, ‘जंग रुकती है, तो तेल के दाम पहले जैसे होने में 6-9 महीने लग सकते हैं। बड़ी तेल कंपनियां अक्सर पहले से तय कॉन्ट्रैक्ट पर तेल खरीदती-बेचती हैं। कई बार 3-6 महीने पहले ही यह तय हो जाता है कि कितना तेल खरीदना है और किस कीमत पर खरीदना है।’ यासिर अली मिर्जा बताते हैं, ‘जंग रुकने से ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिलेगी और भारत और ईरान के बनाए चाबहार बंदरगाह पर व्यापार बढ़ेगा। इससे भारतीय सामान सीधे ईरान, अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच सकेगा। हालांकि, इसका असर दिखने में अभी समय लगेगा।’ सवाल-7: क्या यह डील टिकेगी? टूटने का सबसे बड़ा खतरा क्या है? जवाबः डील टूटने के 3 बड़े खतरे हैं- हालांकि यासिर अली मिर्जा मानते हैं कि मौजूदा डील फाइनल एग्रीमेंट में बदलेगी और जंग खत्म होगी, क्योंकि दोनों देश इस समय जंग आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। ईरान को जंग से इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भारी नुकसान हुआ है। वो चाहेगा कि उसके फंड्स रिलीज हों और नुकसान की भरपाई हो। ---------- ये खबर भी पढ़िए… पापा के कहने पर 'किलर' बने:5 बच्चे पैदा करने की जिद में 3 शादियां; ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ, 80वें जन्मदिन पर पूरा एनालिसिस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कमोबेश हर रोज दुनिया को अपनी बातों और हरकतों से हैरान करते हैं। वो खुद भी कहते हैं कि मेरा अनुमान लगाना नामुमकिन है। हालांकि जब उनके बर्ताव, हरकतों और बयानों को साथ जोड़कर देखते हैं, तो एक पैटर्न नजर आता है कि आखिर ट्रम्प क्या और क्यों सोचते हैं? पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 4:28 pm

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

अमेरिका-ईरान शांति समझौते से कच्चा तेल 4% टूटा, पेट्रोल-डीजल के दाम घटने की बढ़ी उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। जानिए इसका भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।

देशबन्धु 15 Jun 2026 8:10 am

अमेरिका से निर्यात घटा, पर हमने नए बाजार तलाशे:ट्रम्प टैरिफ के बावजूद मप्र का निर्यात 4 फीसदी बढ़ा

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ के कारण बढ़ी व्यापारिक अनिश्चितताओं का असर मध्य प्रदेश के निर्यात पर भी दिखाई दिया। प्रदेश के सबसे बड़े निर्यात बाजार अमेरिका की हिस्सेदारी एक साल में 20.4% से घटकर 19.4% रह गई। इसके बावजूद निर्यातकों ने चीन, जर्मनी, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे नए बाजारों में मांग बढ़ाकर नुकसान की भरपाई कर ली। नतीजा यह रहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मप्र का निर्यात 4% बढ़कर 68,837 करोड़ रु. पहुंच गया। पिछले वर्ष यह 66,218 करोड़ रुपए था। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार- प्रदेश के निर्यात में इंदौर संभाग की हिस्सेदारी 50.5% रही। इंदौर से 34,654 करोड़ रु. का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष के 32,580 करोड़ रु. की तुलना में 6% अधिक है। भोपाल 13,807 करोड़ रु. और उज्जैन 9,204 करोड़ रु. के निर्यात के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। देश के कुल वस्तु निर्यात में मप्र की हिस्सेदारी 1.8% रही और पिछले साल की तरह 13वें स्थान पर बना हुआ है। फीयो के एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुविध शाह के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद मप्र का निर्यात बढ़ा है। फार्मा समेत कई क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन रहा और नए बाजारों में मांग बढ़ने से निर्यात को सहारा मिला। फार्मा बना प्रदेश में सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र, हिस्सेदारी 19.2%प्रदेश से 147 प्रकार की वस्तुओं का निर्यात होता है। इनमें सबसे अधिक 19.2% हिस्सेदारी दवाइयों की रही। कॉटन यार्न और गारमेंट का हिस्सा 10% रहा, जबकि मशीनरी उत्पाद 6% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा ऑयल मील, बासमती चावल, चावल और एल्युमिनियम उत्पादों की भी अच्छी मांग रही।

दैनिक भास्कर 15 Jun 2026 5:30 am

अमेरिका में हुआ राजस्थान फाउंडेशन के न्यूयॉर्क चैप्टर का उद्घाटन:बिजनेस और IT प्रोफेशनल जुड़े, राजस्थानी प्रवासी परिवारों ने शिरकत की

अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर में राजस्थान सरकार राजस्थान फाउंडेशन के नए चैप्टर का उद्घाटन किया गया। मैनहटन के होटल उत्सव में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में अमेरिका में निवासरत राजस्थानी प्रवासी परिवारों ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तोर पर भारत से उत्तर प्रदेश देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और राजस्थान फाउंडेशन के प्रवासी कॉर्डिनेटर नवनीत राजपुरोहित सम्मिलित हुए । चैप्टर प्रेसिडेंट पूर्णिया वोरिया ने बताया कि “अमेरिका में राजस्थानी प्रवासी बहुत अधिक संख्या में विभिन उद्योग , व्यवसाय एवं IT प्रोफेशनल इत्यादि से जुड़े हुए है। इन सभी प्रवासियों के लिए राजस्थान फाउंडेशन कमिश्नर मनीषा अरोड़ा के साथ समन्वय बनाकर आगे कार्य करेंगे । न्यूयॉर्क चैप्टर कि नव गठित कार्यकारिणी में प्रतिष्ठित उद्योगपति हरिदास कोटावाला, कैलाश रावत , कैलाश झालानी, विश्व विख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डा.समीन शर्मा , यूरोलॉजिस्ट डा. सशी शाह , नाविक ग्रुप के फाउंडर नवीन शाह शामिल है जो भविष्य में इस चैप्टर के माध्यम से राजस्थानी प्रवासी परिवारों को राजस्थान से जोड़ने का कार्य करेंगे । कार्यक्रम में भारत के अमेरिका में डिप्टी काउंसल जनरल भारत सरकार विशाल हर्ष एवं काउंसल जनरल ( व्यापार ) राजलक्ष्मी कदम का भी आतिथ्य रहा । नवनीत राजपुरोहित ने अपने उद्बोधन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का धन्यवाद देते हुए उनके द्वारा गत दो से अधिक वर्षों में किस तरह प्रवासी परिवारों के लिए विभिन योजनाओं के माध्यम से युगांतकारी कार्य किया गया है वह बताया। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने राज्य में अब पानी , बिजली , इत्यादि सभी संसाधनों कि आवक विभिन उद्यमों के लिए सुनिश्चित कर दी है एवं राजस्थान हर व्यवसाय और इंडस्ट्री के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है । अमेरिका के सभी प्रवासी परिवारों ने हर वर्ष 10 दिसंबर को प्रवासी दिवस एवं उनके विकास और कार्य के लिए एक विशेष अतिरिक्त विभाग “DORA” बनाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया ।

दैनिक भास्कर 14 Jun 2026 11:13 pm

अमेरिका और ईरान के शांति समझौते की उम्मीद के बीच बाजार में तेजी

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर निवेशकों में बढ़ते भरोसे और ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में आई गिरावट।

देशबन्धु 13 Jun 2026 1:02 pm

अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम

जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,

देशबन्धु 9 Jun 2026 3:20 am

अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा

आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।

देशबन्धु 3 Jun 2026 3:10 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप पर महाभियोग लगाने की मांग तेज

यह केवल विचारधारा की बात भी नहीं है। यह इस बारे में नहीं है कि कोई प्रशासन की व्यापक नीतियों का समर्थन करता है या विरोध।

देशबन्धु 10 Apr 2026 3:00 am

ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं

देशबन्धु 2 Apr 2026 3:35 am

अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें

नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

देशबन्धु 14 Mar 2026 3:00 am

भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला

अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा

देशबन्धु 6 Mar 2026 8:36 am

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे

भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:41 am

अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!

युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है

देशबन्धु 2 Mar 2026 8:38 am

ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें

विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी

देशबन्धु 26 Feb 2026 2:49 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : क्या 'श्वेेत क्रांति' की आड़ में 'जीएम फसलों' का पिछला दरवाजा खुल रहा है?

कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए

देशबन्धु 25 Feb 2026 4:40 am

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am