अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को लागू हुआ युद्धविराम फिलहाल बना हुआ है, लेकिन शाब्दिक नोक-झोंक और पूर्ववत तनावों के बीच उनकी बातचीत में प्रगति के संकेत भी मिल रहे हैं। अमेरिकी न्यूज़ पोर्टल एक्सिओस (Axios) के अनुसार, सबसे नई प्रगति यह है कि एक 'समझौता ज्ञापन' (मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) दोनों देशों के बीच विवाद के सभी प्रमुख मुद्दों को संबोधित करता है। वह कथित तौर पर सभी तरह की शत्रुता को अस्थायी रूप से रोकने तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित है। ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और अमेरिका द्वारा ज़ब्त ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना भी कथित तौर पर चर्चा का विषय है। अमेरिकी के सूत्रों के अनुसार, आशा है कि ईरान युद्धविराम की अवधि के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों के गुज़रने में मदद करेगा। कोई टोल (शुल्क) नहीं लिया जाएगा। जहाज़ों का यातायात जल्द ही 'युद्ध-पूर्व के स्तर' पर लौट जाएगा। किंतु, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह युद्धविराम कितने समय तक चलेगा। अमेरिकी सूत्रों ने 60 दिनों की अवधि की बात कही है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने सरकारी टेलीविज़न पर '30 से 60 दिनों की अवधि' का ज़िक्र किया। ईरान बारूदी सुरंगें हटाने के लिए भी तैयार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बिछाई गई बारूदी सुरंगें हटाने के लिए भी तैयार है। इसके बदले में, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नाकेबंदी हटा सकता है और ईरान को बिना किसी रोक-टोक के तेल निर्यात करने की अनुमति दे सकता है। किंतु, इस बारे में ईरान से आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। वहां की समाचार एजेंसी 'फ़ार्स' ने लिखा कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रने वाले जहाज़ों की संख्या को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस लाने पर सहमति जताई तो है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध से पहले जैसी 'मुक्त आवाजाही' की स्थिति फिर से बहाल हो गई है। इसलिए, ट्रंप के बयान को 'अधूरा' माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि वह वास्तविकता को नहीं दर्शाता। ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य ईरान ने कथित तौर पर वादा किया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। किंतु, उसके यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने के संबंध में बातचीत अभी होनी है। अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का भंडार भी चर्चा का विषय है; उसे ईरान से संभवतः हटाया जा सकता है। इसके बदले में, अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और उस की संपत्तियों को मुक्त करने की बात कही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 'कुछ प्रगति' की बात करते हुए, बहुत सावधानी भरी आशावादिता का स्वर अपनाया। उन्होंने संकेत दिया कि वे संभवतः कुछ ही दिनों के भीतर कोई सही घोषणा कर पाएंगे। दूसरी ओर, अमेरिका में टेक्सास राज्य के रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ ने X पर लिखाः अगर इसका नतीजा 'एक ऐसा ईरानी शासन देखने में आता है— जिसका नेतृत्व अभी भी वे इस्लामी कट्टरपंथी ही कर रहे हैं जो ''अमेरिका का नाश हो'' के नारे लगाते हैं— और जिसे अब अरबों डॉलर मिलते हैं, जो यूरेनियम को समृद्ध करने और परमाणु हथियार बनाने में सक्षम है और जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर प्रभावी रूप से नियंत्रण रखता है, तो यह एक विनाशकारी ग़लती होगी।' ईरानी राष्ट्रपति को अमेरिका पर विश्वास नहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने यथासंभव कूटनीतिक समाधान के प्रति अपनी तत्परता दिखाई, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन के प्रति तेहरान के गहरे अविश्वास पर ज़ोर भी दिया। उन्होने कहा, 'हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका के साथ पिछली वार्ताओं के अनुभवों ने हमें अत्यधिक सावधानी बरतने पर मज़बूर कर दिया है।' ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के महीनों बाद भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अभी भी बंद है। 'समझौता ज्ञापन' वाला समाचार आने से दो ही दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना था कि ईरान के साथ बातचीत उम्मीद से कहीं ज़्यादा मुश्किल साबित हो रही है। यदि कोई समझौता हो भी जाता है, तब भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य को निरापद बनाने के अभियान के समय अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की ज़रूरत पड़ेगी। होर्मुज़ जलडमरूमध्य लिए एक 'प्लान B' की वकालत स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग नगर में 22 मई को हुई नाटो (NATO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए, मार्को रूबियो ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक 'प्लान B' की वकालत की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ ऐसे किसी भी समझौते का, जिसमें इस जलडमरूमध्य को — जो वैश्विक तेल और गैस बाज़ार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है— फिर से खोलने का प्रावधान हो, हर कोई स्वागत ही करेगा। लेकिन, ईरान यदि इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से इनकार कर देता है और उस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने तथा वहां से गुज़रने के लिए टोल (शुल्क) लगाने पर अड़ा रहता है— तो एक 'प्लान B' की ज़रूरत पड़ेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व वाला एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन, वर्तमान टकराव खत्म होने के बाद के लिए एक संभावित नौसैनिक मिशन की तैयारी कर रहा है। साथ ही उनका कहना था कि 'तब भी हमें एक 'प्लान B' की ज़रूरत है, यदि कोई गोलीबारी शुरू कर दे, तो ऐसी स्थिति में आप जलडमरूमध्य को फिर से कैसे खोलेंगे?' उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह ज़रूरी तौर पर नाटो (NATO) का एक मिशन होना चाहिए या नहीं, 'लेकिन इसमें निश्चित रूप से वे नाटो देश शामिल होंगे जो अपना योगदान देने में सक्षम हैं।' रूबियो ने स्वीडन वाले अपने वक्तव्य में इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की मदद पर निर्भर नहीं है। उनके शब्दों में, 'संयुक्त राज्य अमेरिका यह कर सकता है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जिन्होंने इस तरह के काम में संभावित रूप से हिस्सा लेने में दिलचस्पी दिखाई — ऐसी नौबत यदि सचमुच आती है।' उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया। होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना विवाद का विषय अमेरिका और ईरान के बीच इस समय रुकी हुई बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना उनके बीच विवाद के मुख्य बिंदुओं में से एक है। युद्ध शुरू होने के बाद, ईरान ने धमकियां देकर और तेलवाही टैंकरों तथा मालवाही जहाज़ों पर गोलाबारी करके इस जलडमरूमध्य से होकर जहाज़ों की आवाजाही को काफी हद तक बंद कर दिया है। इसके जवाब में, अमेरिका ने भी अपनी तरफ से ईरानी बंदरगाहों की तरफ जहाजों की आवाजाही रोक रखी है। इस दोहरी नाकेबंदी के अलवा, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से हो कर जहाज़ों का आना-जाना तब तक इसलिए भी ख़तरे से खाली नहीं होगा, जब तक ईरान द्वारा जलडमरूमध्य की तलहटी में बिछाई गई विस्फोटक सुरंगों को ढूंढ-ढूंढ कर नष्ट नहीं कर दिया जाता। अमेरिका के लिए यह एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बन गया है। दैनिक 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, अमेरिकी नौसेना, ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों को हटाने में अभी शायद सक्षम नहीं है— न तो तेज़ी से और न ही अकेले। इस काम में यूरोपीय देशों के सहयोग की भी एक प्रमुख भूमिका हो सकती है। अनगिनत बारूदी सुरंगें, हटाने में छह महीने लग सकते हैं 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य की तलहटी में 'महाम,' 'सदाफ़,' 'MDM,' और 'EM-52' आदि नाम वाली अनगिनत बारूदी सुरंगें फैला रखी हैं। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को बंद दरवाज़े के पीछे दी गई एक ब्रीफ़िंग में, पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) ने कथित तौर पर कहा कि इन सुरंगों को हटाने के अभियान में छह महीने तक का समय लग सकता है। 'द टेलीग्राफ़' के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के पूर्व अधिकारी केविन आयर ने कहा, 'लगभग 518 वर्ग किलोमीटर का इलाका साफ़ करना होगा। यह बहुत बड़ा समुद्री विस्तार है।' इससे पता चलता है कि ऐसा कोई अभियान कितना जटिल और जोखिम भरा होगा। जिन नौसैनिक जहज़ों की सहायता से यह काम करना होगा, उनका अभी तक असली युद्ध की परिस्थितियों में परीक्षण तक नहीं हुआ है। एक अंदरूनी सूत्र ने 'द टेलीग्राफ' को बताया: 'गठबंधन के भीतर क्षमताओं का सबसे बड़ा हिस्सा यूरोपीय देशों के पास है।' अमेरिका के लिए यूरोपीय समर्थन अतीत के रूस-अमेरिकी 'शीत युद्ध' वाले समय के बाद के दौर में अमेरिका ने मुख्य रूप से विमान वाहक जहाज़ों, पनडुब्बियों और विध्वंसक जहाज़ों पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि कई यूरोपीय देशों ने बारूदी सुरंगों का पता लगाने की अपनी विशेष क्षमताओं को बनाए रखा। 'द टेलीग्राफ' के अनुसार, जर्मनी बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले अपने जहाज़ 'फुल्दा' को पहले ही तैनात कर चुका है। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन भी स्वचालित बारूदी सुरंग-खोजी जहाज़ और गोताखोर उपलब्ध करा रहा है, जबकि इटली बारूदी सुरंगें हटाने वाले जहाज़ भेज रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के दो जहाज— यूएस पायोनियर और यूएस चीफ़— पहले ही फ़ारस की खाड़ी की ओर रवाना हो चुके हैं। हालांकि, वहां पहुंचने के बाद उन्हें काफ़ी मदद की ज़रूरत पड़ सकती है। माना जाता है कि बारूदी सुरंगों संबंधी किसी संभावित सफ़ाई अभियान की स्थिति में अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगी देशों के साथ मिलकर ही कोई कदम उठाएगा। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी IEA की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ उपयोगी बातचीत की आशा में उस पर नए हमलों को फिलहाल रोक रखा है। यदि फिर से युद्ध भड़का तो कच्चे तेल की कीमतों में विस्फोटक बढ़ोतरी होनी तय है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर वह और अधिक तेल-भंडारों से तेल जारी करने के लिए तैयार है, लेकिन दीर्घकालिक नुकसान से बचने के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जल्द खोलना भी बेहद ज़रूरी है। ईरान के भौगोलिक नियंत्रण वाले इस 21 किलोमीटर चौड़े जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। IEA ने चेतावनी दी कि यदि हॉर्मुज जलडरूमध्य दोबारा नहीं खुला या ऊर्जा निर्यात के वैकल्पिक रास्ते नहीं बनाए गए, तो दुनिया तेल की आपूर्ति के और भी बड़े संकट में फंस सकती है। वैश्विक ऊर्जा संकट की सबसे गंभीर चेतावनी ऐसे में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के प्रमुख फ़ेथ बिरोल ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यातायात ठप होने से दुनिया के बाजारों से प्रतिदिन करीब 1.4 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति कम हो गई है। वैश्विक तेल भंडार तेजी से घट रहे हैं। मार्च में IEA और उसके 32 सदस्य देशों ने रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल बाज़ार में जारी किया था, लेकिन अब ये भंडार भी लगभग ख़त्म होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। फ़ेथ बिरोल ने चेतावनी दी कि हालत यदि सुधरी नहीं, तो जुलाई तक वैश्विक तेल बाज़ार ख़तरे की घंटी वाले ''रेड ज़ोन'' में पहुंच सकता है। ''रेड ज़ोन'' का अर्थ ऐसी स्थिति है, जब वैश्विक तेल आपूर्ति मांग के दबाव को संभालने में असमर्थ हो जाए। यानी, तेल भंडार इतने कम हो जाएं कि कोई भी अतिरिक्त बाधा आपूर्ति संकट और कीमतों में तेज़ उछाल पैदा कर दे। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें फिलहाल 104 से 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि ईरान युद्ध शुरू होने से पहले यह क़रीब 72 डॉलर प्रति बैरल थी। बिरोल पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि वर्तमान तेल संकट 1973, 1979 और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान आए तेल संकटों से भी ज्यादा गंभीर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार से प्रतिदिन 1.4 करोड़ बैरल तेल पहले ही ग़ायब हो चुका है। दोबारा युद्ध भड़का तो क्या होगा? मई की शुरुआत में कच्चे तेल की क़ीमतें 114 डॉलर तक पहुंची थीं। यदि युद्ध दोबारा भड़का तो क़ीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। IEA के अनुसार, 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 18.27 करोड़ बैरल तेल जारी किया गया था, लेकिन इस बार 40 करोड़ बैरल जारी करने के बावजूद संकट काबू में नहीं आ रहा है। बिरोल ने कहा कि इस भयावः स्थिति का सबसे अधिक असर गरीब देशों पर पड़ेगा, ख़ासकर अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में तो खाद्य संकट तक पैदा हो सकता है! कहने की आवश्यकता नहीं कि तब भारत में भी कुहराम मच जायेगा। किंतु, प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक अंध विरोधी तब भी तेल के अकाल के लिए उन्हें ही दोषी ठहराएंगे।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे के तीसरे दिन दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल का दीदार करने पहुंचे। उनके साथ पत्नी जेनेट डी. रूबियो, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल और भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी थे।
भारत-अमेरिका प्रस्तावित अनाज समझौता वापस लेने, नये बीज व केंद्रीय बिजली विधेयक वापस लेने समेत 14 सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य किसान सभा के बैनर तले किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के सचिव रामयतन सिंह कर रहे थे। कुछ देर के लिए प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट गेट का जाम कर दिया। वहीं समस्तीपुर- पटना मार्ग को भी लोगों ने जाम रखा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की संख्या अधिक देखने को मिली। किसान नेता बोले- अधिक टैक्स देने पर किसान बर्बाद हो जाएंगे कलेक्ट्रेट गेट पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ एक समझौता करने वाली है। जिसके तहत यहां से अनाज बाहरे भेजने के लिए किसानों को अधिक टैक्स देना होगा, जिससे यहां के किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के पूंजीपतियों को अरबों का कर्ज माफ कर दिया गया। लेकिन किसानों को छोटे-छोटे कर्ज के लिए परेशान किया जा रहा है। किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं। किसान नेता ने कहा कि नये बीज और बिजली केंद्रीय विधेयक को सरकार तुरंत वापस लें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कसान नेता रामचंद्र महतो ने कहा कि सीटू प्लस 50 फीसदी के आधार पर किसानों का सभी फसलों की खरीद की गारंटी सरकार करें। राजस्व महा अभियान के तहत किसानों से प्राप्त आवंदन के निस्पादन के पश्चाच ही फार्मर रजिस्ट्रेशन किसा जाय। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीम पर निवास करने वाले लोगों को उसे बास भूमि का बंदोबस्त किया जाय। इसके साथ सभी बरोजगार नौजवानों को रोजगार अथवा बेरोजगारी भत्ता दिया जाय। किसानों के साथ शहर में निकाला जुलूस इससे पहले किसानों ने शहर के बंगाली टोला स्थित जिला कार्यालय से जुलूस निकाला। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट गेट पहुंची। जहां पर लोगों ने किसान विरोधी सरकार की नारेबाजी की। कुछ देर के लिए कलेक्ट्रेट गेट के सामने खड़े होकर सभा को संबोधित किया। सभा के दौरान लोगों ने कहा कि देश व्यापी अभियान के तहत आज प्रदर्शन किया जा रहा है। सरकार इन लोगों की मांगों को नहीं माना जाता है कि उग्र आंदोलन करने के लिए किसान बाध्य होंगे। बाद में डीएम से मिलकर एक ज्ञापन भी लोगों सौंपा।
पत्नी संग ताजमहल पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, डायना बेंच पर खिंचवाई फोटो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को पत्नी जेनेट रूबियो के साथ आगरा के ताजमहल कर दीदार किया। इस दौरान दोनों ने डायना बेंच पर बैठकर फोटो भी खिंचवाए। मार्को और जेनेट 45 मिनट तक ताजमहल परिसर में घूमे। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ...
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार को जयपुर आएंगे। वे आमेर महल और सिटी पैलेस जाएंगे। इसके चलते आमेर महल को आज दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। मार्को रूबियो हाथी गांव भी जा सकते हैं। आमेर महल के जलेब चौक में उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया जाएगा। लोक कलाकार राजस्थानी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। फोक आर्टिस्ट घूमर, कालबेलिया और कच्ची घोड़ी नृत्य करेंगे। कठपुतली कलाकार भी कला को प्रदर्शित करेंगे। राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी उनकी अगवानी करेंगी। मार्को रूबियो दोपहर करीब 2 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एक दिन रुकने के बाद मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उधर, एयरपोर्ट से आमेर तक का मार्ग दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच कुछ घंटे बंद रहेगा। जेएलएन मार्ग, न्यूगेट, चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, हवामहल बाजार और सुभाष चौक से आमेर जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। इन मार्गों पर दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक आम गाड़ियों की आवाजाही जरूरत के अनुसार बंद की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट रूबियो जयपुर के फेमस हेरिटेज होटल रामबाग पैलेस में ठहरेंगे। होटल में खास तैयारियां की गई हैं। दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हाथी गांव में भी तैयारियां सूत्रों के अनुसार मार्को रूबियो के हाथी गांव जाने की भी संभावना है। इस संबंध में हाथी गांव में भी तैयारियां की जा रही हैं। यहां तालाब पर हाथी रहेंगे, इसके साथ ही हाथियों को फल खिलाने का भी प्लान किया जा रहा है। हाथी गांव विकास समिति के पदाधिकारियों के अनुसार विदेशी मेहमान का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। साथ ही राजस्थान में हाथियों के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जानकारी भी उन्हें दी जा सकती है। … ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले-भारत में मेरी पत्नी मुझसे बड़ी सेलिब्रिटी:वेंस ने परिवार समेत आमेर फोर्ट देखा; बेटी को गोद में लेकर घूमे जयपुर में रोड शो के बाद मोदी-मैक्रों ने चाय पी:जंतर-मंतर में गले मिले दोनों नेता, राजस्थान की कला-संस्कृति से रूबरू हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
अमेरिकी दूतावास में कार्यक्रम को ट्रंप ने वर्चुअली किया संबोधित, कहा- मोदी मेरे दोस्त हैं
समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्चुअल माध्यम से लाइव संबोधन दिया। अपने संदेश में उन्होंने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष स्नेह और विश्वास व्यक्त किया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुआ था। साथ ही कोई जवाब भी दाखिल नहीं किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई लिए जब पुकार लगाई तो पक्ष से कोई पेश ही नहीं हुआ। इसके बाद राहुल गांधी को कोर्ट में स्वयं या वकील के जरिए पेश होने का समन जारी किया गया था। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने राहुल गांधी को आज कोर्ट में तलब किया है। राहुल ने अमेरिका में भगवान राम को काल्पनिक कहा था राहुल गांधी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को काल्पनिक कहने का आरोप है। राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को 'पौराणिक' बताया था। उस युग पर बताई जाने वाली कहानियों को काल्पनिक कहा था। इस मामले में वकील हरिशंकर पांडेय ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। राहुल गांधी पिछली तारीख पर भी वाराणसी कोर्ट नहीं पहुंचे थे। इससे उनके मामले की सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब आज कोर्ट इस परिवार पर फिर सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिया है कि अगर आज राहुल गांधी उपस्थित नहीं होते हैं, तो आगे की संवैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वकील हरीशंकर की दलील एडवोकेट हरिशंकर शंकर पांडेय ने 12 मई, 2025 को याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी 21 अप्रैल को अमेरिका के बोस्टन गए थे। यहां पर ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ उनका एक सेशन था। कोर्ट में कहा- राहुल गांधी 'राम द्रोही' हैं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनकी सरकार ने राम मंदिर का विरोध किया और वह विदेश में जाकर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों और महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही। उन्होंने कोर्ट से राहुल के इन स्टेटमेंट पर केस दर्ज किया जाए। कोर्ट में याचिकाकर्ता की मेंटेनिबिलिटी (मानसिकता) पर पहले बहस होगी इसके बाद तय होगा कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं। हालांकि इससे पहले MP-MLA कोर्ट ने आवेदन देखने के बाद एडवोकेट को 16 मार्च डेट दी थी। कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व रख लिया और बाद में याचिका को खारिज कर दिया। 12 मई को पहली याचिका, फिर 26 सितंबर को रिवीजन पिटीशनहरिशंकर पांडेय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में परिवाद दायर किया था। सुनवाई बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने परिवाद को 12 मई, 2025 को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ हरिशंकर पांडेय ने 26 सितंबर को जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। राहुल ने कहा था- BJP का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वालाराहुल गांधी से पूछा गया था कि हिंदू राष्ट्रवाद के दौर में धर्मनिरपेक्ष राजनीति कैसी होनी चाहिए? क्या महात्मा गांधी के विचारों को इसके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा था- भारत के सभी महान सुधारक और विचारक, जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर बिना भेदभाव के रहे। ये लोग क्षमाशील, दयालु और सहिष्णु थे। लेकिन, भाजपा का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं, नफरत फैलाने वाला है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए… ‘कॉकरोच’ मैन बोला- यमुना मां को बचाना है, मथुरा में नदी साफ नहीं हुई तो जान दे दूंगा; मुझे धमकी दी जा रही ‘अपनी मां के खोने के बाद यमुनाजी ही मेरी मां हैं। उनकी दुर्दशा से बहुत दुखी हूं। मेरी मां कई सालों से बीमार हैं। मां यमुना को इन पार्टियों ने मुद्दा बना दिया है। यमुना में जहर घोला जा रहा। मेरा यह कॉकरोच रूप मां यमुना को इन गंदे नालों से मुक्ति दिलाएगा।’ यह कहना है दीपक शर्मा का, जो मथुरा में कॉकरोच बनकर नाचते हुए अफसरों के सामने पहुंचे थे। चर्चा में आने के बाद 23 मई को जब दैनिक भास्कर की टीम इनके पास पहुंची, तो नाले में प्रदर्शन कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो शनिवार से 4 दिन के दौरे पर भारत में हैं। आज यानी सोमवार को वह अपनी जीनेट रूबियो के साथ ताजमहल देखने आगरा पहुंच रहे हैं। वह करीब 1 घंटे तक ताजमहल परिसर में रहेंगे। इस दौरान गाइड नितिन गुप्ता उन्हें ताजमहल की जानकारी देंगे। इसके बाद वह जयपुर के रवाना हो जाएंगे। रविवार को एयरपोर्ट से लेकर ताजमहल तक सुरक्षा व्यवस्था और रूट का रिहर्सल किया गया। रिहर्सल के दौरान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी के जवान भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ मौजूद रहे। होटल अमर विलास में लंच करेंगेमार्को रूबियो विशेष विमान से खेरिया एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह सड़क मार्ग से ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित होटल अमर विलास जाएंगे। फिर वहां से ताजमहल जाएंगे। वह सुबह 9:45 बजे से 10:45 बजे तक ताजमहल में रहेंगे। ताजमहल देखने के बाद वह होटल अमर विलास में लंच करेंगे। इसके बाद दोपहर 12:50 बजे विशेष विमान से जयपुर के लिए रवाना होंगे। रूबियो के भारत दौरे की 4 तस्वीरें… भारत-अमेरिका में 1 साल से तनाव जारी रिपोर्ट के मुताबिक, रूबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पिछले साल के मध्य से भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया था। माना जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करना भी है। अब दिल्ली में रुबियो की बातचीत का सबसे बड़ा मकसद यही माना जा रहा है कि भारत यह समझ सके कि ट्रम्प सरकार एशिया में आगे क्या रणनीति अपनाने वाला है और चीन के साथ उसके रिश्तों की दिशा क्या होगी। पिछले साल ट्रम्प ने भारत पर भारी टैरिफ लगा दिए थे क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने से इनकार कर दिया था। ट्रम्प का दावा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया। अब नया तनाव पाकिस्तान को लेकर पैदा हुआ है। ट्रम्प हाल में पाकिस्तान के नेताओं की तारीफ कर चुके हैं और उन्हें ईरान युद्ध में मध्यस्थ बताने लगे हैं। इससे भारत में यह संदेश गया कि ट्रम्प सरकार पाकिस्तान को फिर महत्व देने लगा है। दिल्ली की गर्मी को लेकर मजाक किया शनिवार को दिल्ली की गर्मी पर मजाक करते हुए रुबियो ने कहा कि उन्होंने अपना भाषण छोटा रखने का फैसला किया क्योंकि यहां बहुत गर्मी है। रुबियो ने हंसते हुए कहा, “मैं यह भाषण छोटा रखना चाहता हूं क्योंकि यहां बहुत गर्मी है। मैं मियामी से आता हूं और वहां भी बहुत उमस और गर्मी होती है, लेकिन यहां की गर्मी तो अलग ही है। अभी कितना बजा है? अब तक तो मौसम थोड़ा ठंडा हो जाना चाहिए था!” -----------------------------ये खबर भी पढ़ें… भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी पर अमेरिकी विदेश मंत्री निराश:कहा- हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं, वे अमेरिका के नुमाइंदे नहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव के सवाल पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरे अमेरिकी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पढ़िए पूरी खबर
दिविज टोडी ने अमेरिका में जीता इंटरनेशनल साइंस अवॉर्ड
सिटी रिपोर्टर }जयपुर के दिविज टोडी ने अमेरिका में आयोजित 76वें रीजेनरॉन इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर में तीसरा ग्रैंड अवॉर्ड जीता। 60 देशों के 1700 विद्यार्थियों के बीच कक्षा 12 के दिविज ने ‘इकोफॉग’ प्रोजेक्ट से यह उपलब्धि हासिल की। यह तकनीक कम लागत में वायुमंडलीय नमी से पीने योग्य पानी तैयार कर सकती है। दिविज को ‘अर्थ प्राइज स्कॉलर’ के रूप में भी मान्यता मिली। साथ ही उन्हें स्टॉकहोम जूनियर वाटर प्राइज के लिए भारत के टॉप-25 छात्रों में चुना गया, जहां उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास में अपना शोध प्रस्तुत किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री आज आमेर में, 6 घंटे रूट डायवर्ट
जयपुर/आमेर | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार को जयपुर में आमेर महल का दौरा करेंगे। वीआईपी विजिट को देखते हुए प्रशासन ने आमेर महल आम जनता के लिए दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री दोपहर 3 बजे आमेर फोर्ट पहुंचेंगे। इससे पहले रविवार को सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने महल परिसर का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। जलेब चौक, दीवान-ए-आम, मुख्य प्रवेश द्वार और पर्यटक मार्गों पर कड़े सुरक्षा घेरे तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक कई मार्गों पर रूट डायवर्ट रहेगा। मार्को रूबियो के स्वागत के लिए जलेब चौक में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जहां उन्हें राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। इस दौरान प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आमेर महल में मौजूद रहेंगी।पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धीरेंद्र ने बताया कि उच्च स्तरीय सुरक्षा कारणों के चलते इन 4 घंटों की अवधि में महल के भीतर पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह दौरा राजस्थान पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 1-5 बजे से आमेर में नो-एंट्री
US President Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सरप्राइज कॉल में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर को अचानक फोन किया। तब गोर अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में थे। ट्रंप ने इस ...
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार को जयपुर आएंगे। वे आमेर महल और सिटी पैलेस जाएंगे। इसके चलते आमेर महल को सोमवार दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। मार्को रूबियो हाथी गांव भी जा सकते हैं। आमेर महल के जलेब चौक में उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया जाएगा। लोक कलाकार राजस्थानी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। घूमर, कालबेलिया और कच्ची घोडी नृत्य करते नजर आएंगे। कठपुतली कलाकार भी कला को प्रदर्शित करेंगे। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी उनकी अगवानी करेंगी। बता दें कि मार्को रूबियो सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एक दिन रूकने के बाद मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। आमेर महल पर्यटकों के लिए रहेगा बंद रूबियो जयपुर के फेमस हेरिटेज होटल रामबाग पैलेस में ठहरेंगे। यहां होटल में खास तैयारियां की गई हैं। दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हाथी गांव में भी तैयारियां सूत्रों के अनुसार मार्को रूबियो के हाथी गांव जाने की भी संभावना है। इस संबंध में हाथी गांव में भी तैयारियां की जा रही हैं। यहां तालाब पर हाथी रखे जाएंगे, इसके साथ ही हाथियों को फल खिलाने का भी प्लान किया जा रहा है, इसके लिए प्रशासन ने तैयारी भी कर रखी है। हाथी गांव विकास समिति के पदाधिकारियों के अनुसार विदेशी मेहमान का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा। साथ ही राजस्थान में हाथियों के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जानकारी भी उन्हें दी जा सकती है। दो दिन इन इलाकों मे ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी वहीं, जयपुर पुलिस ने 24 थाना इलाके में 25 व 26 मई को ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी। एडिशनल कमिश्नर योगेश दाधीच ने आदेश जारी कर ईस्ट जिले के सांगानेर, एयरपोर्ट, जवाहर सर्किल, मालवीय नगर, बजाज नगर, गांधी नगर, मोती डूंगरी, एसएमएस, जवाहर नगर, आदर्श नगर, ट्रांसपोर्ट नगर व लालकोठी, साउथ जिले से अशोक नगर, विधायकपुरी, नॉर्थ कोतवाली, माणक चौक, नाहरगढ़ रोड, संजय सर्किल, रामगंज, गलता गेट, सुभाष चौक, ब्रह्मपुरी, जयसिंहपुरा खोर व आमेर थाना इलाके में 25 व 26 मई को ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति और अमेरिका के उपराष्ट्रपति भी आ चुके जयपुर बता दें कि इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी जयपुर दौरे पर आ चुके हैं। दोनों का ही हाथियों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया था। एक्सपर्ट इस यात्रा को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। जयपुर की ऐतिहासिक धरोहर, राजस्थानी संस्कृति, लोक कला और मेहमाननवाजी को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरानी महासंघ का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मैक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वर्ल्ड कप टीमों को बेस कैंप के लिए FIFA से मंजूरी लेनी होती है मेहदी ताज ने कहा, 'वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी देशों को अपने बेस कैंप के लिए फीफा से मंजूरी लेनी होती है। सौभाग्य से फीफा और वर्ल्ड कप के अधिकारियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठकों के बाद हमारी टीम के बेस कैंप को अमेरिका से मैक्सिको में स्थानांतरित करने का हमारी मांग स्वीकार ली है।' ईरान का पहला मेच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100m में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में रेस पूरी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पढ़ें पूरी खबर
वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में शनिवार को राहुल गांधी द्वारा सिख समुदाय पर दिए गए बयान मामले में सुनवाया पूरी हो गयी।कोर्ट ने अगली तारीख 6 जून तय किया है। यह सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम की सिंह की अदालत में हुई। बता दें की तिलमापुर के रहने वाले नागेश्वर मिश्रा ने कोर्ट में राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में दिए गए बयान को भड़काऊ बताते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। कोर्ट ने 6 जून दी सुनवाई की तारीख, आ सकता है फैसला सिख समुदाय पर अमेरिका में टिप्पणी करने के बाद राहुल गांधी की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। हाईक्रोट से जहटके के बाद अब वाराणसी कोर्ट ने भी इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली है। 6 जून को अगली सुनवाई में इसपर फैसला आ सकता है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता को उपस्थित होने के लिए उनको नोटिस भेजी थी पर उनके अधिवक्ता उपस्थित नहीं हो सके जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। सितंबर 2024 में दिया था बयान सितंबर 2024 में राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में सिख समुदाय को लेकर की गयी टिप्पणी पर वाराणसी के सारनाथ थानाक्षेत्र के तिलमापुर के रहने वाले पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्रा ने एक परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने राहुल गांधी के इस कृत्य को अक्षम्य बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किये जाने की मांग की थी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए नीरज कुमार त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया था। जिला जज की अदालत में दर्ज की थी पुनरीक्षण याचिका इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई बाद 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका मंजूर कर ली और प्रार्थना पत्र पर फिर से सुनवाई करने का अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) एमपी-एमएलए को आदेश दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी लग चुका है झटका पुनरीक्षण याचिका मंजूर होने से असंतुष्ट कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा 26 अगस्त 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई बाद 26 सितंबर 2025 को राहुल गांधी की याचिका को निरस्त कर दिया। तत्पश्चात् इस लंबित प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) की अदालत में फिर से सुनवाई हुई थी।
तेहरान पर ट्रंप की नजर – ईरान के नक्शे में लहराया अमेरिकी झंडा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ट्रूथ सोशल पर अपने पोस्ट के जरिए अक्सर वह सुर्खियों में बने रहते हैं
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार को ताजमहल का दौरा करेंगे। तीन दिन के भारत दौरे पर आए रूबियो सुबह 9:30 बजे विशेष विमान से खेरिया स्थित एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे। वहां से उनका काफिला सीधे ताजमहल जाएगा। सुबह 10:05 बजे वह ताजमहल परिसर में प्रवेश करेंगे और करीब एक घंटे तक स्मारक में रहेंगे। इसके बाद वह आगरा से जयपुर रवाना हो जाएंगे। रूबियो के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। ताजमहल के अंदर उनके लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहेगा। हालांकि, उनके भ्रमण के दौरान भी ताजमहल पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से ताजमहल को अस्थायी रूप से बंद रखने का सुझाव दिया गया था, लेकिन नियमों का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ताजमहल केवल राष्ट्राध्यक्षों के दौरे के समय ही आम पर्यटकों के लिए बंद किया जाता है। शुक्रवार दोपहर विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन के बीच हुई बैठक के बाद ताजमहल को खुला रखने पर सहमति बनी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पर्यटकों की आवाजाही पर कुछ समय के लिए रोक-टोक और चेकिंग बढ़ सकती है। स्मारक के अंदर और आसपास सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री के दौरे से पहले अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की एडवांस टीम तीन बार आगरा आ चुकी है। टीम ने एयरपोर्ट से ताजमहल तक के पूरे रूट, पार्किंग, एंट्री पॉइंट और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। रविवार को खेरिया एयरफोर्स स्टेशन से ताजमहल तक सुरक्षा व्यवस्थाओं का फुल ड्रेस रिहर्सल भी किया जाएगा।
किशनगंज में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। मंगलवार को नई दरें लागू होने के बाद जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने वालों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही शहर के कई पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। नई कीमतों के अनुसार, किशनगंज में पेट्रोल अब 112.18 रुपये प्रति लीटर और डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले पेट्रोल 111.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.29 रुपये प्रति लीटर था। दोनों ईंधनों के दाम में लगभग एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहन चालकों में भी चिंता कीमतों में अचानक हुई इस वृद्धि से आम लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहन चालकों में भी चिंता बढ़ गई है। कई वाहन चालकों ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से उनका रोजमर्रा का खर्च और बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ने की आशंका है। पंपों पर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक, नई दरें लागू होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग तेल भरवाने पहुंचने लगे। कई पंपों पर शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ने का सीधा असर ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है, जिसका बोझ आम जनता को उठाना पड़ रहा है। ग्लोबल पॉलिटिकल सिचुएशन का सीधा असर भारतीय बाजार पर जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। यदि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। फिलहाल, बढ़ी हुई कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
25 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो जयपुर आ रहे हैं। रूबियो 25 मई को दोपहर 2 बजे जयपुर पहुंचेंगे और 26 मई सुबह 6.30 यहां से रवाना होंगे। इस दौरान वह आमेर महल सहित शहर के प्रमुख टूरिस्ट पैलेस का दौरा करेंगे। वह 25 मई को दोपहर 3 बजे आमेर महल पहुंचेंगे। यहां उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी उनका स्वागत करेंगी। आमेर महल के जलेब चौक में उनके स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखाने के लिए लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को भी तैयार किया जा रहा है। मार्को रूबियो के दौरे को लेकर जयपुर प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संभावित रूट और कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां होटल, पर्यटन स्थल और वीवीआईपी मूवमेंट वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। इसके अलावा ट्रैफिक मैनेजमेंट और आम जनता की आवाजाही को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मार्को रूबियो 24 से 26 मई तक भारत के अलग-अलग शहरों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनका नई दिल्ली, जयपुर, आगरा और कोलकाता जाने का कार्यक्रम है। भारत दौरे के दौरान वे कई अहम बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए आमेर महल सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई, लाइटिंग और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि दौरे के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दौरा जयपुर के पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है।
जयपुर के स्टूडेंट ने अमेरिका में जीता अवॉर्ड:60 से अधिक देशों के 1700 छात्रों ने हिस्सा लिया था
12वीं क्लास के छात्र दिविज टोडी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 76वें रीजेनरॉन इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर (आईएसईएफ) में तीसरा ग्रैंड अवार्ड जीतकर अंतरराष्ट्रीय ख्याति अर्जित की है। इस मेले को हाई स्कूल के छात्रों के लिए दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित विज्ञान और इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। अमेरिका में हर साल आयोजित होने वाला रीजेनरॉन आईएसईएफ विश्वभर के कुछ प्रतिभाशाली युवा शोधकर्ताओं को एक साथ लाता है, जिसमें फाइनल में पहुंचने वाले प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सैकड़ों संबद्ध विज्ञान मेलों के माध्यम से क्वालीफाई करते हैं। 2026 के संस्करण में 60 से अधिक देशों, क्षेत्रों और प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 1,700 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिसमें कुल पुरस्कार और छात्रवृत्तियां 7 मिलियन डॉलर से अधिक थीं। वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, दिविज को उनके इकोफॉग प्रोजेक्ट के लिए सम्मानित किया गया, जो शुष्क और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में मीठे पानी की कमी को दूर करने के लिए विकसित एक कोहरे से जल संचयन प्रणाली है। यह नवाचार एक उन्नत जाली-आधारित संरचना पर केंद्रित है जो वायुमंडलीय नमी से सीधे पीने योग्य पानी निकालने में सक्षम है। साथ ही यह कम लागत वाला है। इस परियोजना के लिए, दिविज को तीसरा ग्रैंड अवार्ड और लगभग ₹1.15 लाख की पुरस्कार राशि प्राप्त हुई, जिससे वह महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव वाले नवाचारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त छात्र शोधकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह में शामिल हो गए। दिविज को अर्थ प्राइज में अर्थ प्राइज स्कॉलर के रूप में मान्यता मिली और उन्हें स्टॉकहोम जूनियर वाटर प्राइज के लिए भारत के शीर्ष 25 छात्रों में चुना गया। उन्हें अपने इकोफॉग शोध के लिए जीनियस ओलंपियाड के फाइनलिस्ट के रूप में भी नामांकित किया गया था।
LIVE: दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियों, 2 बजे पीएम मोदी से मुलाकात
Latest News Today Live Updates in Hindi : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो शनिवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत पहुंचे। वे दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। पल पल की जानकारी...
अमेरिकी कार्रवाई के बाद समझौता चाहता है ईरान : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हाल में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान बातचीत करना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है और अमेरिका किसी भी हालत में उसे परमाणु हथियार बनाने नहीं देगा।
सम्राट सरकार में IAS-IPS अफसरों के तबादले का दौर जारी है। सीएम सम्राट चौधरी पसंद के अधिकारी को फील्ड में भेज रहे हैं। शुक्रवार को 10 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया गया। इससे पहले 16 IPS और 12 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर हुआ था। अब तक 23 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। 69 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी इधर से उधर हुए हैं। इस बीच खबर है कि बिहार में आईपीएस अधिकारियों की संख्या बढ़ने वाली है। अगले दो-से तीन सप्ताह में 6 अफसर बिहार पहुंचने वाले हैं। बिहार में कौन से नए IPS अधिकारी आने वाले हैं? वे अभी कहां हैं? बिहार आकर क्या करेंगे? पढ़िए रिपोर्ट…। बिहार पहुंच रहे हैं 6 नए IPS अफसर 2024 बैच के 6 नए IPS अफसर बिहार आ रहे हैं। इस वक्त वे SVPNPA (सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी) हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन सभी की ट्रेनिंग 26 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। 1. IPS विनय कुमार, तीन बार फेल होने पर बन गए थे इंजीनियर 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय कुमार हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने हिमाचल के जल शक्ति विभाग हमीरपुर में प्रोसेस इंजीनियर पद पर काम किया है। उनका घर बिलासपुर जिले के घुमारवीं के गाहर पंचायत में है। उनके परिवार के लोग लंबे समय से हमीरपुर के अणु में रह रहे हैं। विनय ने प्रारंभिक शिक्षा हमीरपुर जिले के निजी स्कूल से की। तीन बार फेल होने पर विनय ने हिमाचल प्रदेश सर्विस कमीशन की प्रोसेस इंजीनियर की परीक्षा पास की। फरवरी 2023 में जल शक्ति विभाग में नौकरी शुरू की थी। उन्होंने काम के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। दिन में सरकारी कामकाज निपटाते और देर रात तक पढ़ाई करते थे। चौथे प्रयास में सफलता मिली। 2. IPS नवनीत आनंद, 7वीं में थे तब पिता चल बसे 2024 बैच के IPS अधिकारी नवनीत आनंद बिहार के हैं। उनकी पढ़ाई-लिखाई राजस्थान और दिल्ली में हुई। नवनीत 7वीं क्लास में पढ़ रहे थे तब उनके पिता की मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद नवनीत पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाया और अधिकारी बने। नवनीत ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। कॉलेज पास करते ही सरकारी नौकरी के लिए उनका सिलेक्शन हो गया था। नवनीत ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी सेल्फ स्टडी के दम पर की। दो बार फेल हुए। इसके बाद भी निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दिया। तीसरे प्रयास में सफलता पाई थी। 3. IPS विजय राघव गोयल, मां का सपना पूरा करने को बने अधिकारी विजय राघव गोयल राजस्थान के बालोतरा के हैं। उनका परिवार बिजनेस से जुड़ा है। विजय की मां का सपना था कि बेटा अफसर बने। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी। 4 बार फेल होने के बाद 5वें प्रयास में IPS अधिकारी बने। विजय राघव ने प्रारंभिक शिक्षा बालोतरा शहर के प्राइवेट स्कूल से की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक में आईटीआई की थी। इसके बाद अमेरिका में नौकरी करने लगे थे। विदेश में जॉब करते हुए उनका मन मां का सपना पूरा नहीं करने के चलते बेचैन रहता था। उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की। कोरोना काल में दिल्ली और बाद में बालोतरा में रहकर पढ़ाई की। 2023 में सफलता मिली। 4. IPS मो. ताबिश हसन, अंचलाधिकारी के पद पर किया है काम 2024 बैच के IPS अधिकारी ताबिश हसन बिहार के मधेपुरा के हैं। इन्होंने बीटेक की पढ़ाई की है। IPS बनने से पहले वह मधेपुरा के पुरैनी में अंचलाधिकारी के पद पर पदस्थापित थे। दिन में अंचल ऑफिस जाकर काम करते और देर रात तक पढ़ते थे। विभागीय मीटिंग में जाने या घर से ऑफिस या कहीं और जाने के दौरान अपनी गाड़ी में पढ़ते रहते थे। 5. IPS कोशिंदर ने की है बीटेक की पढ़ाई कोशिंदर राजस्थान के झुंझुनू जिला के रसूलपुर अहिरान गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रामकुमार यादव है। कोशिंदर ने NIT कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बीटेक की डिग्री ली है। इन्होंने कॉलेज के दिनों से ही UPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। 6. IPS शुभम को दूसरे प्रयास में मिली थी सफलता शुभम मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के दोई गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा श्री विद्या मंदिर, पिलानी (राजस्थान) से पूरी की है। शुभम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से 'इतिहास और अर्थशास्त्र' में बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) की डिग्री ली है। दूसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की। अब IPS अफसरों ट्रेनिंग पैटर्न जानिए 1. ट्रेनिंग का सैंडविच पैटर्न-आईपीएस की ट्रेनिंग को जानबूझकर टुकड़ों में बांटा जाता है। इन्हें ग्रुप में ट्रेनिंग दी जाती है। इसके पीछे तर्क है कि ये वे किताबी ज्ञान और जमीनी हकीकत दोनों को समझ सकें। 2. फेज-1 की ट्रेनिंग- इस चरण में अधिकारी सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद में ट्रेनिंग लेते हैं। यहां बुनियादी इनडोर और आउटडोर ट्रेनिंग दी जाती है। 3. जिलों में ट्रेनिंग- IPS अफसरों को जिलों में भेजकर ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें पुलिसगिरी सिखाई जाती है। थाने से ट्रेनिंग की शुरुआत होती है। फेज-1 की ट्रेनिंग लेने के बाद अधिकारियों को जिलों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। यहां वे प्रशिक्षु (Probationer) या सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में थाने में काम और फील्ड वर्क का अनुभव लेते हैं। फेज-3- इस फेज में अधिकारी फिर से राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद लौटते हैं। जिलों में फील्ड ड्यूटी का अनुभव लेने के बाद, उन्हें अगले स्तर की ट्रेनिंग दी जाती है। अभी कितने अधिकारी ट्रेनिंग ले रहें मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के कुल 15 आईपीएस अधिकारी अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत SVPNPA हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रहे हैं। गृह विभाग के हालिया आदेशों के मुताबिक इसे दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। 1. मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP)- इसके तहत सीनियर अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। बिहार सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, बिहार कैडर के 10 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को 25 मई से 19 जून तक चलने वाले 27वें मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के 'फेज-3' के लिए भेजा जा रहा है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य इन अधिकारियों के प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को बढ़ाना है। 2. इंडक्शन ट्रेनिंग-इसके तहत प्रमोटेड अधिकारी- इसके अलावा, बिहार राज्य पुलिस सेवा (BPS) से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट हुए अधिकारी को ट्रेनिंग दी जाती है। अभी 2018 बैच के 5 आईपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्हें 48वें इंडक्शन कोर्स के तहत विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद अकादमी भेजा गया था। यह अब लौटने वाले हैं। पिछले 11 दिनों में 92 पुलिस अफसरों का तबादला यह प्रशासनिक फेरबदल तीन अलग-अलग चरणों में किया गया है। इसमें 23 आईपीएस और 69 डीएसपी का तबादला इधर-से-उधर किया गया। पहला चरण- यह बड़ा फेरबदल था। 10 मई 2026) को सम्राट सरकार ने अपने पहले बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत एक साथ 16 सीनियर आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी थी। दूसरा चरण- यह फेरबदल 5 दिन बाद 15 मई 2026 को किया गया। कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से गृह विभाग ने 2 और आईपीएस अधिकारियों का स्थानांतरण किया। इस दिन डीएसपी लेवल के अफसर भी इधर-से-उधर भेजे गए। 61 डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारियों का भी तबादला किया गया था। तीसरा चरण-इस फेर-बदल में पांच आईपीएस और 8 डीएसपी स्तर के अधिकारी बदले गए। 20 मई 2026 को यह तबादला किया गया। बिहार के पास कुल स्ट्रैंथ से 47 आईपीएस कम बिहार में IPS अधिकारियों की कमी है। यहां आईपीएस अफसरों की कुल स्ट्रैंथ 267 है। मौजूदा वक्त में 220 आईपीएस अफसर तैनात हैं। 47 IPS कम हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो आज से 26 मई तक भारत में
नई दिल्ली| हॉर्मुज संकट के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 23 मई से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। वे कोलकाता, आगरा, जयपुर, और नई दिल्ली जाएंगे। 26 मई को दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी, इसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे। बैठक में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री शामिल होंगे।
अमेरिका के गुरुद्वारा में मर्यादा उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग
अमृतसर| अमेरिका के फिलोडेल्फिया स्थित गुरुद्वारा साहिब में बीते 19 मई को गोलक के विवाद को लेकर सिख समुदाय के 2 गुटों में आपस में झगड़ा हो गया। इस दौरान बुलाई गई पुलिस जूतों समेत गुरुद्वारा साहिब में दाखिल हो गई। मर्यादा के इस उल्लंघन पर एसजीपीसी और दिल्ली कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके ने आपत्ति जताते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को पत्र लिख सख्त कार्रवाई की मांग की है। जीके ने कहा कि संगत और प्रबंधकों को यह मामला आपस में ही सुलझाना चाहिए था। गुरुघर में पुलिस के जाने से हुई बेअदबी के लिए खुद सिख समुदाय जिम्मेदार है। उन्होंने एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब से मांग की है कि इसका नोटिस लेते हुए मर्यादा तोड़ने वालों को तलब कर सख्त धार्मिक कार्रवाई की जाए।
तेल-गैस संकट पर ईरान और अमेरिका के समझौते से मिल सकती है राहत: एसपी वैद
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर आई खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई समझौता होता है तो यह सिर्फ अमेरिका, ईरान या मिडिल ईस्ट के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर होगी
अमेरिका से आएगा थ्री डी डोम:गोरखपुर की नक्षत्रशाला में लगेगा; 32.26 करोड़ है लागत
गोरखपुर की नक्षत्रशाला पूरी तरह से आधुनिक होगी। इसके लिए 32.26 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक थ्री डी डोम एवं अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण अमेरिका से डिस्पैच हो चुके हैं और जल्द ही गोरखपुर पहुंच जाएंगे। इस बदलाव के बाद नक्षत्रशाला में आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव होगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण एवं महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क का निर्माण किया जा रहा है। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने शुक्रवार को इस कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को पूरी गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आिकारियों ने बताया कि नक्षत्रशाला के अधुनिकीकरण के लिए थ्री डी डोम और उपकरण अमेरिका से जल्द ही यहां पहुंच जाएगा। महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 15 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। जुलाई 2024 में यह काम शुरू हुआ था। अगस्त 2026 में इसे पूरा करना है। अब तक 8 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। यहां प्राचीन भारतीय विज्ञान, इनोवेशन लैब, फन साइंस, स्पेस साइंस और आउटडोर साइंस गैलरियों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।नक्षत्रशाला परिसर में प्लांटर, रैप, सीढ़ी, टिकट घर और सोवेनिर शॉर का काम भी पूरा हो गया है। GDA उपाध्यक्ष ने डायनोटोरियम का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान बताया गया कि नक्षत्रशाला का भाग एक एव तीन का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एसी एवं चहारदिवारी का काम जारी है। अभियंताओं ने उन्हें बताया कि भाग दो के तहत थ्री डी डाम लगाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता किशन सिंह, अधिशासी अभियंता राकेश प्रताप आदि उपस्थित रहै।
पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ और मशहूर अमेरिकी टीवी होस्ट जिमी फॉलन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक पीड़ित की याचिका पर दोनों को समन जारी किया है। न्यूयॉर्क की जिला अदालत में दर्ज इस सिविल मुकदमे में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दिलजीत ने एक टीवी शो के दौरान कथित तौर पर दंगों को भड़काने का नारा देने वाले शख्स (अमिताभ बच्चन) के पैर छुए, जिससे पीड़ितों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अदालत ने दिलजीत और जिमी फॉलन को 21 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता मोहिंदर सिंह ने अदालत में दावा किया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान वह किसी तरह बच गए थे, लेकिन दिल्ली में भड़की इस हिंसा में उनके पिता की मौत हो गई थी। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए अमेरिकी संघीय अदालत की प्रक्रिया के तहत बचाव पक्ष (दिलजीत और जिमी) को नोटिस जारी कर 21 दिनों के भीतर अपना औपचारिक जवाब देने को कहा गया है। किस बात पर शुरू हुआ यह पूरा विवाद?शिकायत के मुताबिक, यह पूरा मामला अमेरिकी टेलीविजन शो 'द टुनाइट शो स्टारिंग जिमी फॉलन' से जुड़ा है। आरोप है कि इस शो के दौरान दिलजीत दोसांझ ने बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि साल 1984 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, तब कथित तौर पर अमिताभ बच्चन ने 'खून का बदला खून' का नारा दिया था, जिसके बाद सिख विरोधी हिंसा भड़की थी। याचिका में कहा गया है कि दिलजीत दोसांझ द्वारा सार्वजनिक मंच पर ऐसे व्यक्ति का सम्मान करने और पैर छूने से 1984 के दंगा पीड़ितों के जख्म फिर से हरे हो गए हैं और उनकी धार्मिक व व्यक्तिगत भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। चूंकि यह घटना जिमी फॉलन के शो पर हुई, इसलिए मेजबान को भी इसमें पक्षकार बनाया गया है। फिल्म 'जोगी' का भी हुआ जिक्र शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि दिलजीत दोसांझ 1984 की सिख विरोधी हिंसा के दर्द और इतिहास से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने साल 2022 में आई फिल्म 'जोगी' में मुख्य भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने खुद इस त्रासदी और नरसंहार के दृश्यों को पर्दे पर जिया था। ऐसे में उनका यह कदम पीड़ितों की भावनाओं की अनदेखी करना है। फिलहाल, दिलजीत इस मामले में अपने बचाव में अमेरिकी अदालत के सामने क्या पक्ष रखते हैं, यह आने वाले 21 दिनों में साफ हो जाएगा।
भारत की अध्यक्षता में 26 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाली ‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के शीर्ष राजनयिक शामिल होंगे। बैठक के दौरान सदस्य देश जुलाई 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
जयपुर की इनाया खान ने अमेरिका में आयोजित रोबोफेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में पहला स्थान हासिल किया है। इनाया ने जूनियर बिल्डिंग ब्रिजेस श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया है। अमेरिका के मिशिगन स्थित लॉरेंस टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतियोगिता में इनाया ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर घाना का प्रतिनिधित्व किया। अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई देशों की टीमों को पीछे छोड़ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इनाया खान की इस सफलता को भारत और घाना दोनों देशों के लिए गर्व की बात माना जा रहा है। कम उम्र में विश्वस्तरीय प्रतियोगिता जीतकर उन्होंने साबित किया कि मेहनत, आत्मविश्वास और बड़े सपनों के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बनी प्रेरणा इनाया की उपलब्धि विज्ञान, नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। उनकी सफलता से देश की कई बेटियों और युवा छात्रों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसेडर शकील खान ने बताया- इनाया खान महिला अधिकारिता विभाग और बाल विकास विभाग, जयपुर की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसेडर भी हैं। वे बालिका सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
ईरान से बातचीत को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री ने जताए सकारात्मक संकेत
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में “अच्छे संकेत” हैं। हालांकि, उन्होंने बहुत ज्यादा उम्मीद न रखने की चेतावनी दी और कहा कि अगर कूटनीति विफल हो जाती है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अभी भी दूसरे विकल्प हैं।
Top News 22 May : मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला पर फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। ईरान को जवाब देने में अमेरिका के आधुनिक मिसाइल इंटरसेप्टर का बड़ा भंडार खत्म हुआ। ट्रंप की नजर क्यूबा पर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता हुआ क्रूड। 22 मई की बड़ी ...
अमेरिका की पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर ही अंदर घुस गई। जिस जगह पुलिस वाले खड़े थे, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का पवित्र स्वरूप भी रखा हुआ था। इसका वीडियो सामने आते ही पंजाब में सिख संगठनों में गुस्सा है। उन्होंने इसे मर्यादा के उलट बताया है। पुलिस यहां गोलक को लेकर हुए विवाद के बाद आई थी। हालांकि इस बारे में अभी तक गुरुद्वारा कमेटी या अमेरिकी पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि अमेरिका में रहने वाले कुछ लोगों का दावा है कि जूते भी अमेरिकी पुलिस की यूनिफॉर्म का हिस्सा हैं। ऑन ड्यूटी होने पर वह इसे नहीं उतार सकते। वहीं SGPC ने इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से मामले की जांच करवाकर ऐसे हालात बनाने के दोषियों को तलब करने और उन पर कार्रवाई की मांग की है। जानिए क्या है पूरा मामला:- जानकारी के मुताबिक अमेरिका के फिलाडेल्फिया में गुरुद्वारा है। 19 मई को यहां पर गोलक में आए डॉलर और नोट गिने जा रहे थे। इस दौरान गिनती में अंतर को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि किसी ने फोन कर वहां अमेरिकी पुलिस बुला ली। पुलिस वाले सीधे गुरुद्वारे के अंदर आ गए। इस दौरान भी 2 पक्षों में वहां बहस होती दिखी। किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो रिकॉर्ड कर दिया। वीडियो में नजर आ रहा है कि जहां पर पुलिसकर्मी खड़ा है, वहीं पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप भी हैं। वहीं पास में ही डॉलर और नोट भी जमीन पर गिरे हुए हैं। इस दौरान अमेरिकी पुलिस का जवान लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने सिख मर्यादा के मुताबिक सिर भी नहीं ढका जबकि दूसरे ने टोपी पहन रखी थी। मनजीत जीके बोले- गोलक का झगड़ा निंदनीय, दूसरों को क्या कहेंगेदिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा- मैंने फिलाडेल्फिया का वीडियो देखा। यहां झगड़ा भी गोलक को लेकर हुआ। मैं समझता हूं कि इससे निंदनीय बात नहीं हो सकती कि गोलक का झगड़ा हो और उसके पीछे पुलिस आ जाए। पुलिस जूतों समेत नंगे सिर गुरुघर में आ जाती है। यही नहीं, श्री गुरू ग्रंथ साहिब के बिल्कुल आगे खड़ी हो जाती है, जहां हम माथा टेकते हैं। इस दौरान संगत उनसे गुजारिश करती है और प्रबंधक मौके से भाग जाते हैं। मुझे ये समझ नहीं आती, कि प्रबंधक गुरुघर के कस्टोडियन हैं। ये ऐसा काम क्यों करते हैं कि पुलिस अंदर आए। SGPC मेंबर बोले- सिख कौम की भावनाएं आहत हुईंइस बारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित गुरुद्वारा साहिब में पुलिस कर्मियों के जूते पहनकर आना दुखदाई और चिंताजनक है। इस वीडियो ने पूरी सिख कौम की भावनाओं को आहत किया है। गुरुद्वारा साहिब, जो श्रद्धा और मर्यादा का केंद्र होता है, वहां इस प्रकार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रेवाल ने कहा कि चाहे यह मामला गुरुद्वारे के प्रबंधन, गोलक या आपसी विवाद से जुड़ा हो, लेकिन गुरु साहिब की हजूरी में पुलिस का जूतों सहित खड़ा होना सिख परंपराओं और मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे हालात क्यों बने और इसके लिए जिम्मेदार लोग कौन हैं। उन्होंने संगत से भी सहयोग की अपील की, ताकि भविष्य में किसी भी गुरुद्वारा साहिब में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो और गुरुघर की मर्यादा हमेशा कायम रहे।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
अमेरिका में नौकरी और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर यमुनानगर के एक कारोबारी दंपती से करीब सवा करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि जगाधरी की एक महिला एजेंट ने पहले उसे और उसकी पत्नी को अमेरिका वर्क परमिट पर भेजने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे किस्तों में 97 लाख रुपये वसूल लिए। इस दौरान परिवार ने अपने सपने को पूरा करने के लिए पत्नी के जेवर तक बेच दिए, करीब दो एकड़ जमीन बेचनी पड़ी और लाखों रुपये का कर्ज भी लेना पड़ा। आरोप है कि इसके बाद महिला ने अपने एक परिचित के माध्यम से 17.50 लाख रुपये का निवेश करवाकर छह महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। जब वर्षों इंतजार के बाद भी न अमेरिका का वीजा मिला और न ही निवेश की रकम वापस हुई तो पीड़ित ने अपने कुल 1 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये और दस्तावेज वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला एजेंट और उसके सहयोगी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जमीन और पत्नी के जेवर बेचकर जुटाई रकम गांव पीरूवाला निवासी सुपिंदर सिंह ने बिलासपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बिलासपुर में खालसा एग्री इम्पेक्स के नाम से कारोबार करता है, जबकि उसकी पत्नी बुटीक संचालित करती है। कि करीब 10 साल पहले उसकी पहचान रजनी डांग उर्फ सोनू पत्नी हर्ष कुमार, निवासी सेक्टर-18, पार्क के नजदीक, हुडा जगाधरी, जिला यमुनानगर से हुई थी। रजनी डांग खुद को विदेश भेजने और रोजगार दिलाने का काम करने वाली बताती थी। पीड़ित के अनुसार रजनी डांग ने उसे और उसकी पत्नी को वर्क परमिट पर अमेरिका भेजने का झांसा दिया। इसके लिए उसने करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही और कहा कि रकम धीरे-धीरे जमा करवा दो, वीजा लगते ही दोनों को अमेरिका भेज दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर, करीब दो एकड़ जमीन बेचकर और कर्ज लेकर रजनी डांग को कुल 97 लाख रुपये नकद और अन्य माध्यमों से दिए, लेकिन इसके बावजूद उसे अमेरिका नहीं भेजा गया। टिंकू खान के पास निवेश करवाने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि रजनी डांग ने उसकी मुलाकात अपने परिचित कमरियाब उर्फ टिंकू खान, निवासी गांव कांसापुर से करवाई। रजनी ने दावा किया कि टिंकू खान लोगों की रकम निवेश कर कुछ ही महीनों में दोगुनी कर देता है। शिकायतकर्ता के अनुसार रजनी के कहने पर उसने टिंकू खान के पास 17 लाख 50 हजार रुपये निवेश किए। आरोप है कि रकम की सुरक्षा के नाम पर टिंकू खान ने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री भी उसे दिखाई और भरोसा दिलाया कि यदि रकम वापस नहीं की तो वह प्लॉट उसके नाम कर देगा। कोलकाता भेजा, लेकिन नहीं मिला वीजा सुपिन्दर सिंह ने बताया कि 2025 में रजनी डांग उसे और उसकी पत्नी को अमेरिका वीजा प्रक्रिया के लिए कोलकाता लेकर गई, लेकिन वहां उन्हें कोई वीजा नहीं मिला। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उसे रजनी डांग पर शक हुआ तो उसने अपने 97 लाख रुपये, टिंकू खान के पास निवेश करवाई गई 17.50 लाख रुपये और दस्तावेज वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद रजनी डांग भड़क गई और उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने, झूठे मुकदमों में फंसाने और महिलाओं से संबंधित झूठे केस दर्ज करवाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि रजनी ने कहा कि उसका मुंह बंद कराने के लिए वह अपने जानकार पुलिस अधिकारियों को लाखों रुपये तक दे सकती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टिंकू खान ने उसकी फर्म का 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक लिया था। बाद में उसने नकद रकम ले ली, लेकिन चेक वापस नहीं किया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से चेक वापस दिलाने की मांग भी की है। पुलिस ने आरोपी रजनी डांगी और कमरियाब उर्फ टिंकू खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की। उधर, अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने का प्रस्ताव पास हो गया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे कॉकरोच जनता पार्टी के बढ़ते फॉलोअर्स के बारे में बताएंगे... ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. PM मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की, वीडियो को इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन व्यूज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की। PM मेलोनी ने एक्स पर इस वीडियो को पोस्ट कर कहा- 'प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए गिफ्ट में बहुत-बहुत अच्छी टॉफी लेकर आए- मेलोडी। गिफ्ट के लिए थैंक्यू।' इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा बार देखा गया। वहीं एक्स पर भी इसे 74 लाख से ज्यादा व्यू मिले। PM मोदी ने मेलोडी टॉफी ही क्यों दी: सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के नामों को जोड़कर मेलोडी (Modi + Meloni=Melodi) शब्द काफी वायरल हो गया था। असल में मेलोनी और मोदी के नामों को जोड़कर लोगों ने मजाकिया और दोस्ताना अंदाज में मेलोडी कहना शुरू कर दिया था। राहुल ने PM मोदी को घेरा: कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में आर्थिक तूफान आ रहा है। देश में पेट्रोल की कमी, गैस की कमी, बिजनेस और फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। लेकिन PM मोदी इटली जाकर मेलोनी को मेलोडी टॉफी खिला रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास, ट्रम्प के 4 सांसदों ने उनके खिलाफ वोटिंग की अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास हो गया है। ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब अकेले ईरान के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई जारी नहीं रख पाएंगे। सीनेट में वोटिंग में ट्रम्प के 4 सांसदों ने ही उनके खिलाफ वोटिंग की। प्रस्ताव 50-47 वोटों से पास हुआ। अगर यह कानून बनता है, तो सरकार को युद्ध जारी रखने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। ट्रम्प ने ईरान पर बड़ा हमला टाला: ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने वाला था, लेकिन फिलहाल उसे रोक दिया गया है। क्योंकि कतर, सऊदी अरब और UAE ने हमला टालने की अपील की थी। उधर, ईरान ने साफ कहा कि यूरेनियम संवर्धन उसका अधिकार है और वह किसी दबाव में आकर समझौता नहीं करेगा। पूरी खबर पढ़ें... 3. राहुल के गद्दार वाले बयान पर BJP का पलटवार, नितिन नवीन ने कहा- राहुल देश की राजनीति दूषित कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गद्दार वाले बयान पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, जो उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दिखाता है। राहुल भारतीय राजनीति के राहु हैं, जो देश की राजनीति को दूषित करते हैं।' राहुल ने विवादित बयान दिया: कांग्रेस नेता ने रायबरेली में कहा, 'RSS के लोगों सुन लो। मैं कभी माफी नहीं मांगूगा और फिर कहता हूं: नरेंद्र मोदी-अमित शाह गद्दार हैं, क्योंकि उन्होंने संविधान पर हमला किया है।' राहुल ने आगे कहा कि जब RSS के कार्यकर्ता आपके सामने आएं तो उनसे खुलकर कहिएगा कि आपका प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संगठन गद्दार है। आपने हिंदुस्तान को बेचने का काम किया है। पूरी खबर पढ़ें... 4. CJI के बयान के विरोध में बनी कॉकरोच जनता पार्टी, इंस्टाग्राम पर 5 दिन में 60 लाख फॉलोअर्स CJI सूर्यकांत के कॉकरोच वाले बयान के विरोध में बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के 60 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने यह पार्टी बनाई है। X पर 1.26 लाख फॉलोअर्स हो गए हैं। पार्टी का नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ पार्टी ने महिलाओं को 50% आरक्षण, दलबदल पर 20 साल की पाबंदी जैसे वादों वाला मैनिफेस्टो भी जारी किया है। हालंकि, इंस्टाग्राम पर भाजपा के 87 लाख और कांग्रेस के 1.32 करोड़ फालोअर हैं। अब पूरा मामला पढ़िए: 5 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। CJI ने एक दिन बाद ही कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा। लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बना दी गई। पूरी खबर पढ़ें... 5. अखिलेश बोले- 90 दिन में 69 हजार शिक्षक भर्ती पूरी करेंगे, सरकार आई तो जातीय जनगणना कराएंगे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर बवाल पर कहा कि सत्ता में आने के 90 दिन के अंदर ही भर्ती प्रक्रिया पूरी करेंगे। कैंडिडेट्स की मदद कर उन्हें न्याय दिलाएंगे। सरकार में आते ही जातीय जनगणना करके दिखा देंगे। आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को देने का आरोप: दरअसल, 2019 में यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की परीक्षा करवाई थी। भर्ती में OBC कैटेगरी में टोटल 18,598 सीटें थीं, लेकिन OBC कैंडिडेट्स को सिर्फ 2,637 सीटें ही दी गईं। आरोप है कि इस भर्ती में आरक्षित वर्ग की सीटें दूसरों को दी गई हैं। हाईकोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाए थे। अखिलेश बोले- पीडीए की सीटों पर बड़ा घोटाला हुआ: सपा प्रमुख ने कहा कि OBC को 27% की जगह सिर्फ 3.86% ही रिजर्वेशन दिया गया। इसी तरह से SC कैंडिडेट्स को 21% की जगह 16.6% ही आरक्षण मिला। यानी पीडीए वर्ग के साथ 30% (20 हजार) सीटों का घोटाला हुआ। शर्मनाक बात यह है कि एसटी के 1133 पदों को तो खाली ही छोड़ दिया गया। पूरी खबर पढ़ें… 6. दक्षिण भारत में कम बारिश का अनुमान, अरब सागर में मानसून कमजोर करने वाला सिस्टम बना दक्षिण भारत में इस बार कम बारिश होने का अनुमान है। मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अरब सागर में बना नया सिस्टम मानसूनी हवाओं को कमजोर कर सकता है। इससे केरल समेत दक्षिण भारत में बारिश कम हो सकती है। अगले 7 दिन 10 राज्यों में गर्म हवाएं चलेंगी: एजेंसी ने यह भी कहा है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के 10 राज्यों में अगले एक हफ्ते तक सूखी-गर्म हवाएं चलेंगी। इस दौरान इन राज्यों में अधिकतम तापमान 45C या उससे ज्यादा रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दुल्हन लेने बुलडोजर से पहुंचा दूल्हा गाजा में युद्ध के बीच एक दूल्हा बुलडोजर पर सवार होकर दुल्हन को लेने पहुंचा। पेशे से कंस्ट्रक्शन व्हीकल ड्राइवर दूल्हे ने खास तौर पर बुलडोजर सजवाया था। मलबे और टूटी इमारतों के बीच लोगों ने डांस कर बारात का जश्न मनाया। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मकर राशि वालों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। कुंभ राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
इनाया अमेरिका में रोबोफेस्ट जुनियर वर्ल्ड चैंपियन बनीं
जयपुर| गुलाबी नगरी की इनाया खान ने अमेरिका के मिशिगन राज्य के साउथफील्ड स्थित लॉरेंस टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रतिष्ठित रोबोफेस्फ विश्व चैंपियनशिप-2026 में जुनियर बिल्डिंग ब्रिज श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। इनाया अंतरराष्ट्रीय मंच पर घाना का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी टीम को चैंपियन बनाया है। शकील ख़ान ने बताया कि इनाया खान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में राजस्थान सरकार की ब्रांड एम्बेसेडर भी हैं, जो बालिका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
ब्रुकलिन की 35 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर एलेनोर लुई की कहानी आज हर दूसरे शख्स की कहानी है। एलेनोर हर महीने ऐसे वीडियो गेम के लिए भुगतान कर रही हैं, जिसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। वह कहती हैं, ‘मैंने 5 साल से यह गेम नहीं खेला है। पर समझ नहीं आ रहा कि इससे पीछा कैसे छुड़ाऊं...।’ यह तो सिर्फ बानगी है। अगर आप क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट या यूपीआई की ऑटो-डेबिट हिस्ट्री खंगालेंगे, तो हैरान रह जाएंगे। वहां लंबी फेहरिस्त मिलेगी- स्ट्रीमिंग एप, क्लाउड स्टोरेज, ई-कॉमर्स साइट्स की प्राइम मेंबरशिप, जिम व फिटनेस एप्स और यहां तक कि आरओ मशीन भी... सबकुछ सब्सक्रिप्शन मॉडल पर आ गया है। और तो और अब ‘सब्सक्रिप्शन’ के अंदर भी एक और सब्सक्रिप्शन छिपा होता है। किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म का बेस पैक लीजिए, फिर उसमें बिना एड के कंटेंट या लाइव स्पोर्ट्स देखने के लिए ‘प्रीमियम’ का खर्च अलग। और यह याद रखने के लिए कि कौन सा रीचार्ज कब खत्म हो रहा है- सारे सब्सक्रिप्शन ट्रैक करने वाले एक और एप की मेंबरशिप लेनी पड़ती है। ब्रिटिश प्लेटफॉर्म ‘बैंगो’ की स्टडी के मुताबिक ब्रिटेन व अमेरिका में एक औसत व्यक्ति हर माह करीब 5,700 से 16 हजार रु. खर्च कर रहा है। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की रिपोर्ट के अनुसार सीधे ग्राहकों को सामान बेचने वाली 75% कंपनियां सब्सक्रिप्शन मॉडल अपना चुकी हैं। जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रो. गिल एपल कहते हैं, कंपनियां चालाकी से चीजें अलग-अलग बेचती हैं। जैसे दही खरीदें पर चम्मच सब्सक्रिप्शन पर लें। सामान्य रूप से यह संभव नहीं है, पर एप्स की दुनिया में यह आम है। इसका सबसे पेचीदा पहलू ‘कैंसिलेशन’ है। कंपनियों के एप्स में ‘सब्सक्राइब’ करना आसान होता है, पर उसे बंद करना बेहद कठिन। इसकी प्रक्रिया लंबी और उलझी होती है या कस्टमर केयर पर लंबा इंतजार करना पड़ता है। प्रो. एपल कहते हैं,‘अगली बार जब किसी एप पर ‘स्टार्ट सब्सक्रिप्शन’ पर क्लिक करें, तो ध्यान रखें- शुरुआत आसान दिखेगी, पर हर महीने कटने वाला छोटा हिस्सा कंपनियों को ताकतवर और आपको लाचार बना देगा।’ स्टेटमेंट का ऑडिट करें, सालाना के बजाय मंथली प्लान बेहतर अमेरिकी फाइनेंस एक्सपर्ट व ‘आई विल टीच यू टू बी रिच’ के लेखक रमित सेठी के अनुसार, सब्सक्रिप्शन के चक्रव्यूह से निकलने का सबसे प्रभावी तरीका सचेत होकर खर्च करना है। अपने बैंक स्टेटमेंट का ‘निर्दयी ऑडिट’ करें, जिस सेवा का इस्तेमाल 30 दिनों में नहीं किया है, उसे बिना सोचे तुरंत कैंसल कर देना चाहिए। किसी भी ‘फ्री ट्रायल’ के लिए साइन-अप करते ही उसे तुरंत कैंसल कर दें, ताकि ट्रायल अवधि का फायदा भी उठा सकें और भविष्य में भूलवश कटने वाले पैसों से भी बच जाएं। सालाना डिस्काउंट के बजाय मासिक प्लान बेहतर है क्योंकि हर महीने जेब से कटने वाला पैसा आपको सचेत रखता है।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
ईरान जंग ने तोड़ा नाटो और अमेरिका का रिश्ता
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह ईरान पर छिड़ी जंग को खत्म करने का ऐलान कर सकते हैं
अमेरिका ने चीन की एआई और रोबोट तकनीक से दी खतरे की चेतावनी
अमेरकी सांसदों और उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और स्वायत्त प्रणालियों में चीन की प्रगति एक बढ़ता हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा कर रही है
अमेरिका-इजरायल के 'खतरनाक' संपर्कों से भारत सावधान रहें
नेतन्याहू एक बहुत ही तिरस्कृत व्यक्ति हैं जिनके खिलाफ युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए संयुक्त राष्ट्र समर्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

