अमेरिका में 50 साल बाद बनेगी नई तेल रिफाइनरी, 300 अरब डॉलर की परियोजना में रिलायंस का बड़ा निवेश
मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ 12 दिनों से चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 50 साल बाद अमेरिका में नई तेल रिफाइनरी बनने जा रही है। 300 अरब डॉलर की इस परियोजना में रिलायंस भी शामिल है। इससे अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन ...
Top News 11 March : अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। अमेरिका और इजराइल के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं। वहीं ईरान भी जमकर जवाबी हमले कर रहा है। युद्ध में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज ...
अमेरिका-इजरायल युद्ध विरुद्ध माले ने निकाला शांति मार्च
सिटी रिपोर्टर|बेतिया अमेरिका व इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के विरोध में भाकपा माले के नेताओं ने मंगलवार को शांति मार्च निकाला। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने अमेरिका–इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोक लगाने की अपील कर रहे थे। भाकपा माले के सुनील कुमार राव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की युद्धवादी नीतियां पूरी दुनिया में अस्थिरता और तबाही फैला रही हैं। ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई से आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। भाकपा माले ने ईरान की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है।
Iran US War : अमेरिका की खुली चेतावनी, ईरान पर आज होगा सबसे भीषण हमला, बॉम्बर्स भरेंगे उड़ान
अमेरिका इजराइल और ईरान युद्ध 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को बेहद कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि आज ...
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 11वां दिन है। इसी बीच छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए पश्चिम एशिया में मौजूद प्रदेश के नागरिकों की सहायता और समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। आदेश के मुताबिक लेखा अजगल्ले, लॉयजन अधिकारी, कार्यालय आवासीय आयुक्त, छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर कॉडिनेशन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में राज्य के नागरिकों को तुरंत मदद मिल सके। संपर्क के लिए जारी किए गए नंबर राज्य सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए नोडल अधिकारी के संपर्क के लिए नंबर जारी किए हैं। जरुरत पड़ने पर मोबाइल नंबर: 8349840582 कार्यालयीन नंबर 011-46156000 फैक्स नंबर: 011-46156030 पर संपर्क कर सकते है।
भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों में विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के आह्वान पर प्रदेशभर में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। सोनीपत जिले के गोहाना में भी किसानों ने प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और वहां भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दस्तावेज की कॉपी जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और किसानों ने कहा कि ज्ञापन पहले दिया जा चुका है। किसानों का कहना है कि यह समझौता भारतीय कृषि और किसानों के हितों के खिलाफ है, जिससे किसानों की आय पर नकारात्मक असर पड़ेगा। ट्रैक्टर मार्च निकालकर जताया विरोधभारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के नेतृत्व में किसानों ने गोहाना शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसान ट्रैक्टरों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद किसानों ने लघु सचिवालय पहुंचकर ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर विरोध जाहिर किया। किसानों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसान विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उत्तर भारत में तहसील स्तर पर विरोधभाकियू (चढूनी गुट) के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल और किसान नेता अक्षय नरवाल ने बताया कि उत्तर भारत के कई राज्यों में किसान संगठनों द्वारा तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। किसानों ने कई स्थानों पर ट्रैक्टर मार्च निकालकर ट्रेड डील की प्रतियां भी जलाने का काम किया है। ट्रेड डील से किसानों पर पड़ेगा असरकिसान नेताओं का कहना है कि भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील का भारतीय किसानों पर गंभीर असर पड़ेगा। उनका आरोप है कि यदि विदेश से सस्ता कृषि उत्पाद देश में आया तो भारतीय किसानों की फसलों के दाम गिर जाएंगे, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी। एमएसपी और धान खरीद को लेकर भी नाराजगीकिसान नेताओं ने कहा कि किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और कई जगहों पर किसानों को धान की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी पूरी तरह नहीं मिल रहा। मोटे धान की एमएसपी 2 हजार 379 रुपए प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद किसानों से कम दाम पर खरीद की जा रही है, जिसे उन्होंने बड़ा घोटाला बताया। बीज कानून का भी किया विरोधकिसानों ने सरकार द्वारा प्रस्तावित नए बीज कानून का भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे फैसलों से किसानों की आय बढ़ने की बजाय लगातार कम होती जा रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों को अनदेखा किया तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
फरवरी के अंत से शुरू हुए ईरान-अमेरिका संघर्ष ने मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंचा दिया है। मिसाइल हमलों, होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहे असर की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।
ईरान का ‘काला खजाना’ खर्ग द्वीप क्यों नहीं बना अमेरिका-इजराइल का निशाना? 90% तेल निर्यात यहीं से
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों से जारी भीषण युद्ध के बीच भी ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल टर्मिनल खर्ग द्वीप को निशाना नहीं बनाया गया है। यह द्वीप ईरान के लगभग 90% कच्चे तेल के निर्यात का केंद्र है और IRGC के लिए भी राजस्व का बड़ा स्रोत है। ...
अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब हल्का करना है। तनाव में काम बिगड़ता है, खुशी में टीम पूरी क्षमता से प्रदर्शन करती है।’ हारने के बाद शब्दों का काफी सोच-समझकर चयन करना चाहिए ब्राउन का मानना है कि एक लीडर के शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं, खासकर हार के बाद। कोच गुस्से में ऐसी बातें कह देते हैं जिनसे बाद में उन्हें पश्चाताप होता है। जब टीम जीते, तो खिलाड़ियों की तारीफ करें जबकि हार की जिम्मेदारी खुद लें। ब्राउन कहते हैं कि हार के बाद मीडिया या टीम से बात करते समय आपकी बॉडी लैंग्वेज मायने रखती है। आप निराश दिख सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण 1999 में टेक्सास बनाम टेक्सास ए एंड एम मैच से पहले ए एंड एम यूनिवर्सिटी में भीषण हादसा हुआ, जिसमें 12 छात्रों की मौत हो गई। ब्राउन ने टीम के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया और विरोधी के प्रति संवेदना व्यक्त की। टेक्सास मैच हार गया, लेकिन ब्राउन को मलाल नहीं था। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को संवेदनशील और भावनात्मक होना चाहिए। कई बार मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।’
ईरान ने अमेरिकी B‑2 बॉम्बर मार गिराया? नहीं, वायरल तस्वीर AI जनरेटेड है
एआई डिटेक्टर SynthID के मुताबिक यह तस्वीर Google AI की मदद से बनाई या एडिट की गई है. अन्य एआई डिटेक्शन टूल्स भी इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
वृंदा करात ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना:ईरान पर इजरायल-अमेरिका हमले पर भारत की चुप्पी पर सवाल उठाए
सीपीआईएम की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमले को गलत बताया है। उन्होंने इस मामले पर भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका दुनिया पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। वृंदा करात पाकुड़ जिले के महेशपुर में थीं, जहां वे दिल्ली में पार्टी द्वारा आयोजित होने वाली रैली के लिए निकाली गई यात्रा के तहत पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने ईरान पर हमले के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के कथित अपमान और अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। देश की विदेश नीति पूरी तरह से विफल: वृंदा करात उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान भारत का मित्र देश रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर मौन हैं। वृंदा करात ने आरोप लगाया कि देश की विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह तो अभी शुरुआत है। अभी आगे महंगाई और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को तेल खरीदने के लिए अमेरिका से अनुमति लेनी पड़ रही है, जो देश की संप्रभुता पर सवाल उठाता है। 'चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध पूरे देश में' मुख्य चुनाव आयुक्त को काला झंडा दिखाए जाने की घटना पर वृंदा करात ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध पूरे देश में उठ रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। इसके अतिरिक्त, वृंदा करात ने पाकुड़ जिले में कोयला उत्खनन में लगी कंपनी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी विस्थापितों को उचित सुविधाएं प्रदान नहीं कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें आवेदन भी सौंपे। इस अवसर पर पार्टी की ओर से प्रकाश विप्लव, शिवानी नहापाल, सुजित भट्टाचार्य, देवाशीष दत्त गुप्ता समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अमेरिकी राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन भाकियू घासी राम नैन के जिला प्रधान लाभ सिंह की अध्यक्षता में हिसार रोड स्थित पक्का मोर्चा पर किया गया। किसानों ने दोनों नेताओं पर दुनिया को जबरन युद्ध में धकेलने का प्रयास करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला फूंका। विश्व को जबरन युद्ध में धकेलने की कोशिश: लाभ सिंह इस दौरान केंद्र सरकार, अमेरिका और इजराइल के नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। जिला प्रधान लाभ सिंह ने बताया कि अमेरिका और इजराइल के नेताओं द्वारा पूरी दुनिया को जबरदस्ती युद्ध में धकेलने की कोशिश की जा रही है, जिसके विरोध में उनके पुतले जलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को जीवन जीने का अधिकार है। किसान नेताओं ने हरियाणा सरकार के हालिया बजट पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। लाभ सिंह ने कहा कि पिछले 11 साल से प्रदेश सरकार केवल घोषणाएं करती आ रही है, लेकिन उन पर अमल नहीं करती। उन्होंने इसे 'डाक के तीन पात' वाली स्थिति बताते हुए कहा कि सरकार घोषणाएं करने के बाद उन्हें भूल जाती है।
रामपुर के बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) से जुड़े किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार डील के विरोध में प्रदर्शन किया। मंगलवार को किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र सरकार से इस समझौते को तत्काल समाप्त करने की मांग की। मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे भाकियू (चढूनी) गुट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष हरदीप सिंह पड्ढा के नेतृत्व में हाईवे स्थित मन्नत गार्डन पर एकत्र हुए। बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। किसानों ने एक सभा आयोजित कर भारत-अमेरिका व्यापार डील को किसानों के हितों के विरुद्ध बताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर करीब 12 बजे किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर ट्रैक्टर मार्च के रूप में मुख्य चौराहे की ओर बढ़े। इस दौरान किसानों ने हाथों में झंडे और बैनर लेकर नारेबाजी की। मुख्य चौराहे पर पहुंचकर उन्होंने सरकार से इस डील को तुरंत रद्द करने की मांग दोहराई। जिलाध्यक्ष हरदीप सिंह पड्ढा ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील से विदेशी कृषि उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश के किसानों को नुकसान होगा। पड्ढा ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही इस व्यापार डील को वापस नहीं लिया, तो भारतीय किसान यूनियन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान अपने अधिकारों के लिए किसी भी स्तर तक संघर्ष करने को तैयार हैं। किसानों ने सरकार से ऐसी किसी भी नीति या समझौते से बचने का आग्रह किया, जिससे देश के किसानों की आजीविका प्रभावित हो। उन्होंने एकजुट होकर सरकार से किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। किसान नेताओं ने दोहराया कि यदि उनकी मांगें समय पर पूरी नहीं हुईं, तो उन्हें बड़े आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर बने चौलांग टोल प्लाजा पर खड़ी पिकअप में अर्टिगा कार घुस गई। जिससे कार सवार प्रिंसिपल मां और बेटे और पिकअप ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि पिकअप का क्लीनर गंभीर रूप से घायल है। हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ। हादसे के बाद टोल प्लाजा कर्मियों ने घायलों को गाड़ियों से बाहर निकाला। मृतकों में दसूहा के केएमएस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शबनम सैनी, उनका 18 वर्षीय बेटे तुषांत, पिकअप ड्राइवर राहुल उर्फ मिट्टू शामिल हैं। ड्राइवर भी गुरदासपुर का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल डॉ. शबनम अपने बेटे तुषांत के साथ अमेरिका से आई अपनी बेटी से मिलने जालंधर गई थीं। शाम को उनसे मिलकर घर वापस आ रही थीं। इसी दौरान हादसा हो गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पिकअप की लाइट न जलने से दिखी नहीं मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, रात होने के बावजूद गाड़ी की पार्किंग लाइट भी नहीं जल रही थी। इस दौरान पीछे से आई अर्टिगा कार ने जोरदार टक्कर मार दी। इसमें अर्टिगा सवार मां-बेटे और पिकअप ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि पिकअप का क्लीनर जख्मी हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो पिकअप पलट गई और अर्टिगा के आगे के हिस्से के परखचे उड़ गए। जालंधर जा रहा था पिकअप ड्राइवर उधर, पिकअप के घायल क्लीनर विलियम ने बताया कि वह गाड़ी खाली करके जालंधर से वापस लौट रहे थे। वह टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए रुक गए। इस दौरान अचानक गाड़ी के पीछे से आकर किसी वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी गाड़ी पलट गई और ड्राइवर राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जांच कर रही पुलिस टोल प्लाजा के कर्मचारी अमन ने बताया कि अचानक जोरदार टक्कर की आवाज सुनाई दी थी। आसपास देखा तो हादसा हो चुका था। उन्होंने अपने साथियों के साथ तुरंत वहां पहुंच घायलों को गाड़ियों से निकालने की कोशिश की। एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने बताया कि 9 बजे करीब हादसे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं।
जबलपुर में सोमवार देर रात सिया समुदाय के सैकड़ों महिला-पुरुष और बच्चे ईरान के सुप्रीमो रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में सड़क पर निकल आए। वे हाथों में खामेनेई की तस्वीरें व मोमबत्तियां लिए हुए थे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से अब खामेनेई निकलेगा। शिया-सुन्नी भाई-भाई, अल्लाह हू अकबर। बेलबाग, फूटाताल चौराहे से मुमताज बिल्डिंग तक किए गए इस प्रदर्शन में सिया समुदाय के लोगों में इजरायल और अमेरिका के प्रति गुस्सा भी साफतौर पर झलक रहा था। शिया समुदाय के लोगों ने इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हत्यारा बताया। अंजुमन निदा-ए-इस्लाम के बैनर तले निकाली गई करीब 2 किलोमीटर की रैली में सैकड़ों लोग शामिल थे। देश की राष्ट्रपति के नाम शिया समुदाय के लोगों ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शिया समुदाय के रहबर व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शहादत पर शिया समुदाय अन्य मुस्लिम समुदाय व समर्थकों द्वारा गहरी नाराजगी है। उन्होंने बताया कि यह घटना पूरी मानवता के विरोध है और अंतरराष्ट्रीय शांति के खिलाफ भी। जव्वार हुसैन जैदी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई युद्ध की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है, जिसकी हम लोग कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने बताया कि हम सभी भारत सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और अमेरिका-इजरायल पर दबाव बनाकर उस युद्ध को तुरंत रुकवाए, क्योंकि युद्ध में सदैव आम जनता का ही अहित होता है। युद्ध से कभी भी किसी देश का भला नहीं हुआ है। शिया समुदाय के लोगों ने अपील की है कि शांति बहाली की जाए। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और निर्दोषों की हत्या पर रोक लगाई जाए। शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि भारत विश्व गुरु है और अब उसे जिम्मेदारी निभानी चाहिए। खामेनेई का बदला चाहते हैं प्रदर्शनकारी सकीना फातिमा ने कहा कि हम लोग फिलिस्तीन, ईरान के गमजदा हैं, हम लोग खामेनेई का बदला चाहते हैं। लोग सोचते हैं कि खामेनेई चला जाएगा तो इस्लाम झुक जाएगा, लेकिन इस्लाम ना 1447 साल पहले झुका था और ना अब झुकेगा। इसके पहले मुसलमान में कभी एकता नहीं देखी गई. लेकिन खामेनेई ने कहा था कि शिया, सुन्नी भाई-भाई हैं। हम दुनिया को दिखा देंगे कि मुस्लिम आपस में नहीं लड़ता। खामेनेई के हत्यारे को कड़ी सजा मिले और डोनाल्ड ट्रंप को मौत के घाट उतारा जाए। सैयद उरोज अली ने बताया कि खामेनेई की शहादत इसलिए हुई है कि वह जुल्म के खिलाफ बोलते थे। फिलिस्तीन में मारे गए मुसलमान के लिए वह बोले थे। खामेनेई किसी एक मुसलमान के नहीं बल्कि सारे मुसलमान के लीडर थे, हम लोग भी उनके मिशन को आगे बढ़ाएंगे। किसी के ऊपर भी जुल्म होता हो तो बर्दाश्त नहीं करेंगे, वह चाहे सिया हो या सुन्नी हो, हिंदी हो, देवबंदी हो या सिख हो, हम जबलपुर के प्रशासन के शुक्रगुजार हैं कि जिन्होंने हमें जुलूस निकालने की इजाजत दी। शिया समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री से गुजारिश की है कि वह अमेरिका-इजरायल पर दवाब बनाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अब चुप ना रहें। हिंदुस्तान का 36 करोड़ मुसलमान प्रधानमंत्री के चेहरे की तरफ देख रहा है कि वह बोले ताकि देश का मुसलमान समझे कि वह उनकी तरफ है, मुसलमान की आवाज से अपनी आवाज मिला रहे हैं।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका में राजनीतिक विवाद
अमेरिका में गैसोलीन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच वहां के डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ चल रही जंग की कड़ी आलोचना की है
सीमावर्ती पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत एयर डिफेंस ब्रिगेड ने एक उच्च तीव्रता वाला 'फील्ड फायरिंग' युद्धाभ्यास संपन्न किया। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए आयोजित इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए हवाई खतरों, विशेषकर स्वायत्त (Autonomous) और स्वार्म ड्रोन्स (झुंड में हमला करने वाले ड्रोन्स) के खिलाफ अपनी सटीक मारक क्षमता को परखना था। ड्रोन और स्वार्म हमलों पर विशेष प्रहार आज के दौर में युद्ध का तरीका बदल चुका है। अब आमने-सामने की जंग के बजाय 'ड्रोन' और 'स्वार्म ड्रोन' (दर्जनों ड्रोन्स का झुंड) के हमले बढ़ गए हैं। पोकरण में हुए इस युद्धाभ्यास में सेना ने विशेष रूप से इन्ही खतरों से निपटने की तैयारी की। अभ्यास के दौरान जब काल्पनिक दुश्मन के ड्रोन्स ने भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, तो एयर डिफेंस की यूनिट्स ने अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जाम किया और फिर अपनी तोपों से सटीक निशाना लगाकर उन्हें मार गिराया। आधुनिक तकनीक का सफल समावेश युद्ध के मैदान में अब ड्रोन्स और रिमोट संचालित हथियारों का महत्व बढ़ गया है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने इस युद्धाभ्यास में ‘त्वरित तकनीक समावेशन’ पर विशेष बल दिया। अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक रडार प्रणालियों और मिसाइल डिफेंस यूनिट्स के बीच सटीक समन्वय का प्रदर्शन किया गया। सैनिकों ने बिजली की तेजी से कार्य करने वाली 'बैटल ड्रिल्स' के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी हवाई खतरे को पलक झपकते ही नष्ट किया जा सके। अभ्यास में शामिल आधुनिक हथियारों का जखीरा पोकरण की तपती रेत में आयोजित इस युद्धाभ्यास के दौरान कई घातक प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया, जो 'आर्मी एयर डिफेंस' की रीढ़ मानी जाती हैं: स्वचालित विमान भेदी तोपें (Anti-Aircraft Guns): वीडियो और तस्वीरों में सेना की 'L-70' जैसी उन्नत गन प्रणालियों को तैनात देखा गया। ये तोपें न केवल लड़ाकू विमानों, बल्कि अब आधुनिक युग के सबसे बड़े खतरे यानी 'ड्रोन' को भी गिराने में सक्षम हैं। इनकी विशेषता यह है कि इन्हें रडार के साथ जोड़ा जा सकता है, जिससे ये रात के अंधेरे में भी सटीक निशाना लगाती हैं। रडार और सर्विलांस सिस्टम: अभ्यास के दौरान उन्नत रडार सिस्टम का उपयोग किया गया जो कई किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के विमान या छोटे से छोटे ड्रोन की लोकेशन ट्रैक कर लेते हैं। ये रडार 'थर्ड आई' (तीसरी आँख) की तरह काम करते हैं, जो एक साथ कई लक्ष्यों की निगरानी कर सकते हैं। कंट्रोल और मिसाइल कंसोल: सेना के तकनीकी विशेषज्ञों ने हाई-टेक कंप्यूटर कंसोल के जरिए मिसाइल दागने और लक्ष्यों को भेदने की प्रक्रिया का सफल संचालन किया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे स्क्रीन पर लक्ष्य की पहचान होते ही सटीक कमांड के जरिए उसे हवा में ही नष्ट कर दिया जाता है। L-70 विमानभेदी (एंटी एयरक्राफ्ट) गन प्रणाली L-70 (एल-70) एक उन्नत विमानभेदी (Anti-Aircraft) गन प्रणाली है, जिसे भारतीय सेना ने आधुनिक हवाई खतरों, विशेषकर ड्रोन्स और मिसाइलों से निपटने के लिए व्यापक रूप से अपग्रेड किया है। मूल रूप से स्वीडिश कंपनी बोफोर्स द्वारा विकसित इस 40MM गन को भारत में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा आधुनिक बनाया गया है। L-70 गन की प्रमुख विशेषताएं: अचूक मारक क्षमता: यह गन प्रति मिनट लगभग 240 से 330 राउंड फायर करने में सक्षम है, जो इसे दुश्मन के हवाई हमलों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनाती है।प्रभावी रेंज: इसकी मारक क्षमता लगभग 3.5 से 4 किलोमीटर तक है, जहाँ यह ड्रोन्स, हेलीकॉप्टरों और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को सटीक निशाना बना सकती है।आधुनिक तकनीक: अपग्रेड के बाद इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, थर्मल इमेजर और लेजर रेंज फाइंडर जैसी तकनीकों को जोड़ा गया है। इससे यह रात के अंधेरे और खराब मौसम में भी लक्ष्यों को ट्रैक और नष्ट कर सकती है।ड्रोन किलर: हाल के ऑपरेशन्स (जैसे ऑपरेशन सिंदूर) में इसने दुश्मन के ड्रोन्स को गिराने में अपनी प्रभावशीलता साबित की है। इसमें अब ड्रोन जैमर जैसी सॉफ्ट-किल क्षमताएं भी एकीकृत की गई हैं।स्वचालित ट्रैकिंग: यह प्रणाली फ्लाई कैचर रडार और वीडियो ट्रेसिंग सिस्टम से लैस है, जिससे यह कई दिशाओं से आने वाले लक्ष्यों को पहचान कर निशाना साध सकती है। वर्तमान में, भारतीय सेना ने इन गनों को वास्तविक नियंत्रण रेखा जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अग्रिम मोर्चों पर तैनात किया है ताकि किसी भी हवाई घुसपैठ का माकूल जवाब दिया जा सके। मिशन रेडी रणनीति पर जोर सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि 'मिशन रेडी' (हमेशा तैयार) रहने की एक कड़ी है। जिस तरह से हाल के वैश्विक संघर्षों में हवाई युद्ध का स्वरूप बदला है, भारतीय सेना अपनी एयर डिफेंस क्षमताओं को और अधिक धार दे रही है ताकि देश की सीमाओं और आसमान पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित किया जा सके। इस युद्धाभ्यास ने सेना की उच्च परिचालन तत्परता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तकनीकी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है।
इजरायल-अमेरिका और ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब हरियाणा में दिखने लगा है। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोकने का फैसला किया है। अब ये सिलेंडर सिर्फ कॉलेजों और अस्पतालों को ही दिए जाएंगे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ये फैसला बस एहतियात के तौर पर किया गया है। जल्द ही सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी, इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट संचालकों के सामने संकट खड़ा होगा। दोपहर बाद आए आदेश एलपीजी गैस मुहैया कराने वाले कंपनियों ने सोमवार को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर देने से मना कर दिया। जिन गैस एजेंसियों ने सुबह से गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी थी, दोपहर को उन्हें कंपनियों के अधिकारियों ने रोक दिया। एजेंसी संचालकों की मानें, तो उन्हें कंपनियों की तरफ से आदेश मिला है कि आगामी आदेश तक व्यवसायिक गैस सिलेंडर का वितरण न किया जाए। इस फैसले के बाद से रेस्टोरेंट से लेकर रेहडियों तक खाद्य उत्पाद बनाने वाले कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए लिया फैसला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर यह फैसला कब तक लागू रहेगा, इस पर भी कोई स्पष्टता नहीं है, क्योंकि गैस कंपनियों से जो आदेश मिले हैं, उसमें आगामी आदेश तक के लिए रोक का जिक्र है। गैस एजेंसी के संचालकों का कहना है कि उन्हें कंपनी से आगामी आदेश तक व्यवसायिक सिलेंडर की सप्लाई बंद करने के आदेश मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये फैसला एहतियातन लिया गया है, इससे स्टॉक न हो सके। इन सिलेंडरों में गैस सप्लाई पर लगी रोक गैस एजेंसी के संचालकों की मानें, तो अभी तीन प्रकार के व्यवसायिक एलपीजी सिलिंडरों पर रोक लगाई है। इसमें 19 किलोग्राम, 35 किलोग्राम और 47.5 किलोग्राम का सिलिंडर शामिल है। इसकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। एलपीजी का प्रयोग घरेलू और व्यवसायिक ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रीज के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इंडस्ट्रीज के लिए 425 किलोग्राम का सिलिंडर एजेंसियों से सप्लाई होता है। एजेंसी संचालकों की मानें तो अभी तक इसकी सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में आज यमुनानगर शहर में किसानों द्वारा ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। भारतीय किसान यूनियन(चढूनी) के आह्वान पर जगाधरी ब्लॉक के किसान सुबह 10 बजे जगाधरी अनाज मंडी में अपने ट्रैक्टरों के साथ एकत्रित होंगे। वहां से शहर में प्रदर्शन करते हुए तहसील कार्यालय और डीसी कार्यालय तक मार्च करेंगे। किसानों ने बताया कि करीब 11 बजे डीसी कार्यालय के बाहर अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया जाएगा। 23 मार्च को पिपली अनाज मंडी में रैली किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए कृषि समझौते भारतीय किसानों के हित में नहीं हैं और इससे देश के छोटे किसानों पर गंभीर असर पड़ेगा। भाकियू जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना ने बताया कि अमेरिका में हजारों एकड़ जमीन वाले बड़े किसान हैं, जबकि भारत में अधिकांश किसान दो से तीन एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। ऐसे में अमेरिका से कृषि उत्पाद भारत में आने पर यहां के किसानों की फसल और आय पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसी के तहत 23 मार्च को पिपली अनाज मंडी में बड़ी किसान रैली आयोजित की जाएगी। गांव से ट्रैक्टर लेकर मंडी में पहुंचेंगे किसान रैली से पहले पूरे प्रदेश में ट्रैक्टर मार्च कर सरकार को जगाने और आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भाकियू नेताओं ने बताया कि ट्रैक्टर मार्च को लेकर जगाधरी ब्लॉक के कई गांवों कैल, रुला खेड़ी, हरीपुर, हरनौल, खेड़ा और मानकपुर में जाकर किसानों से अपील की गई है कि वे अपने ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में जगाधरी अनाज मंडी पहुंचें।
ईरान की सरकारी शिपिंग कंपनी के दो जहाज चीन के गाओलान पोर्ट से रवाना हुए हैं। भीषण जंग के बीच ईरान की तरफ बढ़ते जहाजों से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन पर ऐसा मिलिट्री केमिकल लदा हो सकता है, जो रॉकेट बनाने में इस्तेमाल होगा। अगर ऐसा हुआ तो ईरानी हमले जारी रह सकते हैं और जंग लंबी खींच सकती है। क्या वाकई इन जहाजों में रॉकेट बनाने का सामान, ईरान की मदद क्यों कर रहे जिनपिंग और क्या अमेरिका इन कंटेनर्स को रास्ते में ही उड़ा सकता है; भास्कर एक्सप्लेनर में 5 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: चीन से रवाना हुए ईरानी जहाजों में क्या लदा है? जवाब: ईरान की सरकारी कंपनी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स यानी IRISL के 2 जहाज- शब्दीस और बर्जिन चीन के गाओलान पोर्ट से रवाना हुए हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से इसकी पुष्टि हुई… सवाल-2: क्या अमेरिका इन जहाजों को ईरान तक पहुंचने देगा? जवाब: फिलहाल दोनों जहाज साउथ चाइना सी पार करके मलक्का स्ट्रेट के करीब पहुंच गए हैं… दोनों को ईरान पहुंचने के लिए होर्मुज स्ट्रेट पार करना होगा, जहां अमेरिकी और ईरानी बेड़े तैनात हैं। यहां हमले भी हो रहे हैं। वहीं, चाबहार पोर्ट पर भी हमले हुए हैं। हाल ही में बंदर अब्बास के आसपास काले धुएं के गुबार देखे गए हैं। इसके अलावा 4 मार्च को अमेरिकी नेवी की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को Mk-48 टॉरपीडो से डुबो दिया। ये फ्रिगेट युद्धक्षेत्र से करीब 3 हजार किमी दूर था और जंग में शामिल भी नहीं था। फिर भी ऐसा हुआ। अमेरिकी थिंकटैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में एशिया मैरीटाइम ट्रांसपिरेंसी इनिशिएटिव के डिप्टी डायरेक्टर हैरिसन प्रेटैट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से हॉर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है। पहले रोजाना औसतन 153 जहाज गुजरते थे, लेकिन 1 मार्च के बाद से ये आंकड़ा 13 हो गया है। चीन तक के दर्जनों जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हैं। यानी अगर शब्दीस और बर्जिन हॉर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़े तो अमेरिकी नेवी इन पर हमला कर सकती है। इस आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि अगर इन जहाजों पर लदा समान ईरान के लिए इतना अहम है तो फिर संभावना है कि IRGC की नेवल फ्लीट इन्हें एस्कॉर्ट करें। ऐसा हुआ तो अगले हफ्ते तक दोनों जहाज ईरानी बंदरगाहों तक सुरक्षित पहुंच सकते हैं। हाल ही में बंदर अब्बास पोर्ट की ओर जा रहे 3 ईरानी जहाजों- हमुना, अबियान और अर्जिन ने रास्ता बदला है। उन्होंने तय रास्तों से इतर खुले समुद्री रास्तों का इस्तेमाल किया। 7 मार्च को ये ईरान के पास मंडराते हुए दिखे। हालाकिं इसको लेकर अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट ‘पेंटागन’, ट्रेजरी डिपार्टमेंट और व्हाइट हाउस ने कोई बयान जारी नहीं किया है। सवाल-3: जंग के बीच ईरान को सोडियम परक्लोरेट क्यों दे रहा है चीन? जवाब: जंग के बीच में चीन की ओर से सोडियम परक्लोरेट की खेप ईरान भेजने के पीछे 4 बड़ी वजहें हो सकती हैं… अमेरिकी थिंकटैंक वाशिंगटन इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो ग्रांट रमली के मानते हैं कि चीन के लिए ईरान केवल एनर्जी सोर्स नहीं, बल्कि रणनीतिक ढाल भी है। अगर ईरान से तेल सप्लाई रुकी, तो चीन की निर्भरता सऊदी अरब या रूस पर बढ़ेगी। ऐसा चीन नहीं चाहता। सवाल-4: तो क्या चीन ने जंग में खुलकर ईरान का खेमा चुन लिया है? जवाब: अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले की चीन ने निंदा की थी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सीजफायर करने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की थी। ऐसे में चीनी खेप का ईरान के लिए रवाना होना सवाल उठता है कि क्या चीन खुलकर ईरान के साथ है? अमेरिकी थिंकटैंक कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में चाइना स्टडीज के सीनियर फेलो आइसैक कार्डन के मुताबिक, 'चीन इन जहाजों को कुछ और दिन पोर्ट पर रोक सकता था। उनकी वापसी में प्रशासनिक देरी कर सकता था। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। चीन सभी के सामने कहता है कि वो शांति चाहता है, लेकिन युद्ध के समय ऐसे फैसले ले रहा है।' ग्रांट रमली मानते हैं कि चीन ऐसा रुख असमान्य और साहसिक है। क्योंकि अभी ईरान खाड़ी देशों पर मिसाइले दाग रहा है। ऐसे समय में ईरान की मदद करने से चीन के अरब देशों से रिश्ते खराब होने की आशंका है। सवाल-5: आखिर चीन की मिडिल-ईस्ट को लेकर क्या स्ट्रैटजी है? जवाब: चीन की ज्यादा दिलचस्पी इसमें नहीं है कि ईरान की मौजूदा सत्ता बनी रहे। वो ईरान और मिडिल ईस्ट में अपने निवेश सुरक्षित रखना चाहता है। उसकी एनर्जी सप्लाई प्रभावित न हो। चीन का आधा तेल मिडिल ईस्ट से आता है। वो सउदी अरब, कुवैत, इराक, ईरान और UAE से तेल खरीदता है। चीन को चिंता है कि ईरान पूरे मिडिल ईस्ट में रीजनल वॉर छेड़ देगा। इससे खाड़ी देशों से आने वाला तेल प्रभावित होगा। यहां चीन का काफी निवेश है। ईरान के हमलों से इन्हें भी नुकसान होगा। इसके अलावा चीन ने खुद को दुनिया के समाने अमेरिका का ऑप्शन बताया है। दोनों का टकराव किसी से छिपी नहीं है। मिडिल-ईस्ट में चीन ने ईरान से रिश्ते इसलिए बनाए क्योंकि अमेरिका के बाकी अरब देशों से मजबूत हैं और ईरान उसके लिए सबसे बड़ी दिक्कत है। हालांकि चीन कभी खुलकर अमेरिका की निंदा नहीं करता, बल्कि उससे डिप्लोमैटिक रिश्ते बनाकर चलता है। अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन का दौरा करने वाले हैं। ईरान जंग के चलते अमेरिका की मिलिट्री और फंड्स मिडिल-ईस्ट में शिफ्ट हो गए हैं। चीन यही चाहता है। ब्रिटिश थिंकटैंक चैटम हाउस में मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका प्रोग्राम के असोसिएट फेलो अहमद अबूदू के मुताबिक, 'चीन, ईरान की मिसाइल और ड्रोन स्ट्रैटजी मजबूत करने के लिए जरूरी तकनीक साझा कर सकता है। वो अमेरिका और चीन के मौजूदा रिश्ते खराब किए बिना ईरान की मदद करना चाहता है, जिससे उसके लॉन्ग टर्म गोल पूरे हो सकें।' ------------- ईरान जंग से जुड़ी ये भी खबर पढ़िए… खामेनेई के बेटे को ईरान की कमान, कभी मुजतबा के मरने की दुआएं मांगी गईं; पिता क्यों नहीं बनाना चाहते थे सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे बेटे मुजतबा अब ईरान के सुप्रीम लीडर हैं। 17 साल की उम्र में जंग लड़ी, 30 की उम्र में मदरसा पढ़ने गए और 56 साल में ईरान के सर्वोच्च नेता बन गए। मुजतबा को ईरान की राजनीति का सबसे रहस्यमयी चेहरा कहा जाता है। पूरी खबर पढ़िए…
जहानाबाद में भाकपा माले का युद्ध विरोधी मार्च:अमेरिका के युद्ध और बढ़ती महंगाई पर जताया विरोध
जहानाबाद में भाकपा माले (CPI-ML) ने सोमवार को युद्ध के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च पार्टी कार्यालय से शुरू होकर काकै मोड़ तक गया, जहां इसे एक सभा में बदल दिया गया। इस विरोध मार्च में पार्टी के कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान पार्टी के सदस्य रामाधार शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए अमेरिका द्वारा पेट्रोलियम संसाधनों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे युद्ध को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को कई देशों का समर्थन भी मिल रहा है, जिससे वैश्विक स्थिति और अधिक चिंताजनक होती जा रही है। ''युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा'' रामाधार शर्मा ने कहा कि युद्ध का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। महंगाई लगातार बढ़ रही है और गैस सिलेंडर के दाम में भी लगभग 60 रुपये प्रति टंकी की बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना था कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रही तो पेट्रोल, डीजल सहित कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के खिलाफ कुछ भी बोलते नहीं दिख रहे हैं। इससे ऐसा लगता है कि उनका मौन समर्थन भी इस युद्ध के साथ है। ''अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा'' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका लगातार नियमों का उल्लंघन कर युद्ध कर रहा है, जैसे कि सैनिक अभ्यास से लौट रही टुकड़ी पर हमला, जिसमें कई सैनिकों की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि सभी देश मिलकर अमेरिका को इस युद्ध के खिलाफ एकजुट करें और युद्ध को बंद कराया जाए। विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने युद्ध के खिलाफ नारेबाजी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने की मांग की।
ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध में अमेरिका पानी की तरह पैसा बहा रहा है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका इस संघर्ष में हर दिन लगभग 891 मिलियन डॉलर (करीब 7,500 करोड़ रुपए) खर्च कर रहा है। वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल ...
5th Fleet पर ईरान के हमले में 21 US सैनिकों की मौत, कितना ताकतवर है अमेरिका का पांचवां बेड़ा
Iran Bahrain Attack: मध्य पूर्व (Middle East) से एक दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान ने बहरीन के मनामा में जुफेयर डिस्ट्रिक्ट स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भीषण मिसाइल हमला किया है, जिसमें 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत की खबर है। इस हमले के बाद ...
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भारतीय टीम को टी20 विश्व कप जीतने पर दी बधाई
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी है। सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, टी20 क्रिकेट विश्व कप में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई। अमेरिकी राजदूत विश्व कप में भारत और अमेरिका के बीच खेले गए मैच को देखने के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे थे। इस दौरान वह आईसीसी के अध्यक्ष जय शाह से भी मिले थे। शाह और सर्जियो ने एक-दूसरे से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं। भारत के खिलाफ अमेरिका का प्रदर्शन अच्छा रहा था। अमेरिका ने टीम इंडिया के 77 रनों पर 6 विकेट गिरा दिए थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे और यूएसए को 132 रन पर रोककर 29 रन से मैच जीता था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फाइनल मुकाबले की बात करें तो न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। संजू सैमसन के 89 रन, अभिषेक शर्मा के 52 रन, ईशान किशन के 54 रन और शिवम दुबे के नाबाद 26 रन की मदद से भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 255 रन बनाए थे। भारत के खिलाफ अमेरिका का प्रदर्शन अच्छा रहा था। अमेरिका ने टीम इंडिया के 77 रनों पर 6 विकेट गिरा दिए थे, लेकिन सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे और यूएसए को 132 रन पर रोककर 29 रन से मैच जीता था। Also Read: LIVE Cricket Score संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। Article Source: IANS
ईरान के नकली सैन्य उपकरणों ने अमेरिकी सेना के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। रबर के टैंकों और पेंट की गई विमान आकृतियों के जरिए ईरान ने करोड़ों की मिसाइलों को बेकार कर 'मिलिट्री डेकॉय' तकनीक का सफल प्रदर्शन किया। जानिए कैसे इन्फ्लेटेबल हथियारों और रणनीतिक छलावे से ईरान अपनी असली सैन्य शक्ति को दुश्मनों के हमलों से बचा रहा है।
S Jaishankar on US Iran War : ईरान अमेरिका के बीच जारी युद्ध पर राज्यसभा में बयान देते हुए विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 28 फरवरी से संकट शुरू हुआ। युद्ध में 2 भारतीयों की मौत, 1 घायल। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार गंभीर ...
LIVE: यूएई अमेरिकी सैनिक की मौत, बहरीन में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम खराब
Latest News Today Live Updates in Hindi : मोजतबा खामेनेई के ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद तेज हुआ अमेरिका इजराइल और ईरान युद्ध। दोनों ओर से तेज हुए हमले। यूएई में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इस बीच बहरीन में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम में ...
संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग को लेकर सपा समेत तमाम विपक्षी दलों ने हंगामा किया। जमकर नारेबाजी की। दरअसल, कांग्रेस समेत विपक्ष के 118 सांसदों ने 10 फरवरी को लोकसभा सचिवालय को साइन किया नोटिस सौंपा था। आरोप लगाया था कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। विपक्ष को पर्याप्त मौका नहीं दे रहे हैं। इस पर संसद भवन परिसर में मीडिया से बता करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- अभी फ्लोर लीडर्स की बैठक होगी, जिसके बाद तय होगा कि आगे कैसे बढ़ें। उन्होंने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा- हमारी विदेश नीति को भाजपा सरकार ने गिरवी रख दिया है। महंगाई बढ़ती जा रही है। हमारे जो लोग विदेश में फंसे हुए हैं उनके लिए भारत सरकार क्या कर रही है? सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा- लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव तो आ रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच जो जंग छिड़ी है, उसमें भारत कहां खड़ा है, हमारी नीति क्या कहती है, हमारा विदेश मंत्रालय क्या कह रहा है। जिस तरह से वह अभी भी अमेरिका के दबाव में काम कर रहा है, ऐसे कई जरूरी मुद्दे इस सेशन में उठेंगे। वहीं, भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा- इस बार हमें उम्मीद थी कि कुछ अच्छा होगा। विपक्ष प्रस्ताव तो लेकर आया है, अब देखते हैं क्या होता है। भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा- हमारा विश्वास, हमारी पार्टी का विश्वास, हमारे लोकसभा अध्यक्ष में है। विपक्ष को जो बोलना है, बोलता रहे। संसद में यूपी के सांसदों की पल-पल एक्टिविटी के अपडेट्स जानने के लिए स्क्रोल करिए-
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एच-1बी से जुड़ी घोषणा के खिलाफ एक एक डेमोक्रेटिक सांसद ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में विधेयक पेश किया है
मोजतबा बने ईरान के सुप्रीम लीडर, अमेरिका नाराज, इजराइल ने फिर धमकाया
ईरान ने सोमवार को सुप्रीम लीडर के पद पर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा के नाम का एलान कर दिया। मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने पर अमेरिका और इजराइल ने कड़ी नाराजगी जताई। ईजराइल से उन्हें जान से मारने की धमकी मिली हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध का नया मोड़, ईरान के भीषण हमले में अमेरिकी 'थाड' रक्षा प्रणाली को भारी नुकसान
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि जॉर्डन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर में स्थित कुछ महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को भी प्रभावित किया है।
ईरान के मिनाब शहर में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है
वैश्विक तेल बाजार स्थिर करने के लिए भारत से की तेल खरीद की बात: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने रविवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए भारत से उन रूसी तेल कार्गो को खरीदने को कहा, जो अभी चीन के रिफ़ाइनरियों पर अनलोड होने के लिए इंतजार कर रहे थे।
ईरान पर हमले का विरोध, वामपंथी दलों ने फूंके अमेरिका और इजराइल के राष्ट्रपतियों के पुतले
चार वामपंथी पार्टियों सीपीआई, सीपीआई(एम), आरएमपीआई और सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुतलीघर चौक में एकत्र होकर अमेरिका और इजराइल के राष्ट्रपतियों के पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने ईरान पर किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे विश्व शांति के लिए खतरा बताया है। इस दौरान अमरजीत सिंह आसल, रतन सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह मजीठा, सुच्चा सिंह अजनाला, जगतार सिंह करमपुरा, लखबीर सिंह निजामपुर, विजय कपूर, बहन दसविंदर कौर, कंवलजीत कौर और बलबीर सिंह मूधल ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के लोगों पर हमला किया है, जिसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और इससे महंगाई तथा बेरोजगारी में और बढ़ोतरी होगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भारत सरकार भी अमेरिकी नीतियों के प्रभाव में आकर देश की गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है, जिसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल और गैस का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में युद्ध के कारण इन वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होना तय है। नेताओं ने कहा कि इसका असर आम लोगों पर पहले ही दिखाई देने लगा है। सरकार द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर में 140 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ और बढ़ेगा। वक्ताओं ने युद्ध को तुरंत रोकने की मांग करते हुए कहा कि इसका असर पंजाब और हरियाणा के बासमती उत्पादक किसानों और व्यापारियों पर भी पड़ेगा, क्योंकि समुद्री रास्तों से होने वाला निर्यात प्रभावित हो सकता है। इस अवसर पर बलदेव सिंह वेरका, राजेश यादव, कुलवंत राय बावा, मंगल सिंह बासरके, सविंद्र सिंह मीरांकोट आदि मौजूद रहे।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला हमारा आत्मरक्षा का अधिकार: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला आत्मरक्षा के अधिकार का हिस्सा है
'ट्रंप को कीमत चुकानी पड़ेगी', ईरान के शीर्ष अधिकारी लारीजानी की अमेरिका को खुली चेतावनी
लारीजानी, जो ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी माने जाते हैं, ने कहा कि ईरान पर हुए हमलों को भुलाया नहीं जाएगा और देश अपनी रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, “हम अपने नेता और अपने लोगों के खून का बदला जरूर लेंगे। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
ईरान के परमाणु भंडार पर कब्जे की तैयारी?: अमेरिका-इस्राइल उतार सकता है विशेष बल, रिपोर्ट में दावा
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के परमाणु भंडार को सुरक्षित करने का यह संभावित मिशन मौजूदा युद्ध के अगले चरण में किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि अभी यह केवल एक रणनीतिक विकल्प के रूप में विचाराधीन है और इसे तभी लागू किया जाएगा जब युद्ध की परिस्थितियां उस दिशा में आगे बढ़ेंगी।
20 वी सदी के शुरुआती दौर में अमेरिका की कामकाजी महिलाओं के अधिकारों और समान वेतन और मताधिकारो के लिए अमेरिकन महिलाओं के द्वारा किया गया आंदोलनो से जुडा इतिहास है. इसकी शुरुआत 1908 मे अमेरिकन आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर शहर न्यूयॉर्क से हुई है. जिसे 1911 मे आंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली […]
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण रायसेन जिले में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत अचानक बढ़ गई है। युद्ध लंबा खिंचने की आशंका से लोग और किसान पेट्रोलियम पदार्थों का स्टॉक कर रहे हैं। जिले में प्रतिदिन 2 से 3 लाख लीटर की सामान्य खपत अब बढ़कर 4 से 5 लाख लीटर तक पहुंच गई है। किसान अपनी फसल कटाई के लिए डीजल की कमी से बचने के लिए ड्रमों में भरकर ले जा रहे हैं, जबकि आम नागरिक अपने वाहनों की टंकी फुल करवा रहे हैं। जिले में कुल 64 पेट्रोल पंप हैं, जहां वर्तमान में पेट्रोल 107.06 रुपए और डीजल 92.39 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इसी बीच, गैस सिलेंडर के दामों में भी 60 रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसकी मांग में भी इजाफा देखा गया है। प्रशासन ने कहा- पर्याप्त स्टॉक उपलब्धजिला प्रशासन ने आम जनता से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऑयल कंपनियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीजल, पेट्रोल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इनकी नियमित आपूर्ति जारी है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि किसी भी तरह की कमी या आपात स्थिति नहीं है। अतः डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी उपयोगकर्ता ग्राहकों से अपील की जाती है कि अनावश्यक डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी का स्टॉक न रखे वर्तमान में जरूरत एवं खपत अनुसार ही क्रय करें। जिले में डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की सप्लाई निर्बाध जारी है।
आरा से पूर्व बीजेपी सांसद राजकुमार सिंह ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा… दुनिया में भारत के स्तर को नरेंद्र मोदी की सरकार ने इतना नीचे गिरा दिया है जितना मैंने अपने 50 साल की सेवा में कभी नहीं देखा। हम रूस से तेल खरीदते रहे हैं क्योंकि रूसी तेल सस्ता है और रूस हमारा मित्र है। रूस-यूक्रेन लड़ाई का बहाना बनाकर अमेरिका ने भारत पर दबाव डाला कि रूस से तेल खरीदना बंद करे और अमेरिका से तेल खरीदे। यूरोप लगातार रूस से तेल और गैस खरीदता रहा है और अमेरिका ने कभी उस पर दबाव नहीं डाला कि वह इसे बंद करे या कम करे। खुद अमेरिका भी रूस से कई तरह का सामान खरीदता रहा है और उसे रोकने की बात नहीं करता है। भारत ने इस पर कोई सवाल नहीं उठाया। यह कमजोरी क्यों? अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ लगा दिया। अंतरराष्ट्रीय प्रथा के अनुसार भारत को भी अमेरिकी सामग्री, जिसमें डिजिटल सामग्री भी शामिल है, पर उतना ही टैरिफ लगाना चाहिए था। लेकिन भारत ने अमेरिका के नाजायज कदम के खिलाफ न कुछ कहा और न ही कोई जवाबी टैरिफ लगाया। इस कमजोरी का क्या कारण है? भारत 140 करोड़ आबादी का एक महान देश है। उसे किससे सामग्री खरीदनी है, इसके लिए किसी से इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है। परंतु खाड़ी युद्ध के बाद भारत को रूस से खरीदे जा रहे तेल की मात्रा बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो वह अमेरिका के पास अनुमति मांगने गया। पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए राजकुमार सिंह ने यह भी कहा कि भारत 140 करोड़ आबादी वाला एक महान देश है। उसे किस देश से सामान खरीदना है, इसके लिए किसी की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेकिन खाड़ी युद्ध के बाद जब भारत ने रूस से तेल खरीदने की मात्रा बढ़ाने की बात की, तो उसे अमेरिका से अनुमति मांगनी पड़ी। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या भारत अमेरिका के दबाव में काम कर रहा है। अगर इन आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो देश की गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि सप्लाई बंद होने वाली है। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। ये कहते हुए नरसिंहपुर के रहने वाले शैलेंद्र गुर्जर ट्रैक्टर में रखी पानी की दो बड़ी टंकियों की तरफ इशारा करते हैं। दरअसल, वो एक पेट्रोल पंप के बाहर खड़े हैं और इन टंकियों में डीजल भरवाने के लिए आए हैं। केवल शैलेंद्र ही नहीं बल्कि उनके गांव के और भी किसान पानी की टंकियां लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचे हैं। ये सबकुछ हुआ है सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह की वजह से। अफवाह ये है कि ईरान और इजराइल- अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल डीजल की किल्लत हो सकती है। इस अफवाह का असर एमपी के शहरी इलाकों में कम गांवों में ज्यादा दिख रहा है। कुछ जिलों में तो हालात इस कदर बेकाबू हुए कि खाद और राशन की तरह लाइन लगाकर डीजल बांटना पड़ा है। किसानों को डर है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा और सप्लाई बाधित हुई, तो उनकी गेहूं की फसल खेतों में ही बर्बाद हो जाएगी। हालांकि, सरकार और प्रशासन लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और यह संकट वास्तविक नहीं है। दैनिक भास्कर ने पेट्रोल पंपो पर पहुंच कर देखा कि क्या वाकई तेल की किल्लत है? या लोग डर के चलते पेट्रोल डीजल जरूरत से ज्यादा भरवा रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में क्या अंतर आया है और आने वाले समय में क्या स्थिति रहने की उम्मीद है? पढ़िए रिपोर्ट… अब सिलसिलेवार जानिए तीनों जिलों के हाल पिपरिया: किसानों का डर, खेती का काम ठप हो जाएगा नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में भारत पेट्रोल पंप पर किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच-पांच अतिरिक्त टंकियां लेकर पहुंच गए। भीड़ इतनी बढ़ गई कि पेट्रोल पंप संचालकों को व्यवस्था बनाने के लिए लोगों से लाइन लगवानी पड़ी। जैसे कभी खाद या सरकारी राशन की दुकानों पर बोरियां कतार में रखी जाती थीं, ठीक उसी तरह यहां लोगों ने अपनी टंकियां और ड्रम लाइन में लगा दिए। ताकि बारी-बारी से सबको ईंधन मिल सके। कई किसानों ने बताया कि उन्हें डर है कि अगर अचानक सप्लाई बंद हो गई तो खेती-किसानी का सारा काम ठप हो जाएगा। गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का यही मुख्य समय है, जिसमें ट्रैक्टर और बाकी मशीनों के लिए डीजल ही एकमात्र सहारा है। इसी डर से वे पहले से ही डीजल का भंडारण कर रहे हैं। किसानों के साथ-साथ आम बाइक सवार भी अपनी टंकियां फुल करवाते नजर आए। सीहोर-इछावर: जहां एक दिन में बिक गया चार गुना ईंधन अफवाह की आग सीहोर और इछावर क्षेत्र में भी तेजी से फैली। यहां के पेट्रोल पंपों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कार और बाइक चालक अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के साथ-साथ अतिरिक्त केन में भी पेट्रोल भरवाते दिखे। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, जिन पंपों पर सामान्य दिनों में अधिकतम 8 से 9 हजार लीटर की खपत होती थी, वहां एक ही दिन में 38 से 39 हजार लीटर तक की बिक्री दर्ज की गई। बताया जा रहा है कि आसपास के कुछ पेट्रोल पंपों के ड्राई होने की खबर सोशल मीडिया पर फैल गई, जिसके बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई और वे पंपों की ओर दौड़ पड़े। किसान बोला- एक लाख का डीजल ले रहा हूं, फसल का सवाल है नरसिंहपुर के रहने वाले किसान शैलेंद्र गुर्जर की कहानी इस डर और मजबूरी को और भी साफ करती है। वह अपने ट्रैक्टर में दो बड़ी टंकियां लेकर डीजल भरवाने पहुंचे थे। शैलेंद्र ने बताया कि युद्ध चल रहा है, इसलिए डीजल को लेकर अफवाह भी चल रही है कि कहीं सप्लाई बंद न हो जाए। अभी गेहूं कटने का समय आने वाला है, ऐसे में किसान को डीजल तो हर हाल में लगेगा ही। अगर उस समय डीजल नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएगा। इसी वजह से हम लोग पहले से ही डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, मेरे जैसे कई किसान हैं जो ड्रम और टंकियों में डीजल स्टॉक कर रहे हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।” शहर के लोग बोले- यह घबराहट बेवजह है हालांकि, भोपाल जैसे बड़े शहरों में हालात सामान्य बने हुए हैं। यहां के लोग इसे महज अफवाह मान रहे हैं। भोपाल में पेट्रोल भरवाने पहुंचे धनंजय सिंह ने कहा, 'डीजल-पेट्रोल के दामों को लेकर काफी अफवाहें आ रही हैं कि दाम बढ़ सकते हैं या सप्लाई रुक सकती है। लोग अपने मन से ही अतिरिक्त ईंधन भरवा रहे हैं। मेरे हिसाब से इस तरह से घबराना सही नहीं है। कोई ज्यादा से ज्यादा 10-20 लीटर ही स्टॉक कर सकता है, उसके बाद तो उसे वापस पंप पर आना ही पड़ेगा। प्रशासन बोला- पर्याप्त स्टॉक है, अफवाहों पर ध्यान न दें इन जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाह को देखते हुए सरकार और स्थानीय प्रशासन तुरंत ही हरकत में आए। पिपरिया में एसडीएम का आश्वासन: पिपरिया में स्थिति बिगड़ने की जानकारी मिलते ही एसडीएम आकिब खान ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया कि डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। नरसिंहपुर में आपूर्ति विभाग की मुस्तैदी: नरसिंहपुर जिला आपूर्ति अधिकारी देवेंद्र खोबरिया ने भी कहा कि जिले में ईंधन की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने की समीक्षा: मंत्रालय में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। अपर मुख्य सचिव (खाद्य) रश्मि अरुण शमी ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ऑयल कंपनियों ने भी पुष्टि की कि वर्तमान खपत के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ और एसोसिएशन? पेट्रोल पंप एसोसिएशन: पेट्रोल पंप एसोसिएशन से जुड़े संचालक नकुल शर्मा के अनुसार, ‘डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। सप्लाई नियमित चल रही है और ऊपर से भी स्टॉक कम होने की कोई सूचना नहीं है। यह सिर्फ ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाह का नतीजा है।’ अर्थशास्त्री की राय:इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हॉयर एजुकेशन, भोपाल के प्रोफेसर डॉ. महिपाल सिंह यादव का कहना है, 'खाड़ी देशों में तनाव का असर तेल बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सप्लाई तुरंत बंद हो जाएगी। भारत के पास पर्याप्त आयात विकल्प और भंडारण क्षमता है। पैनिक बाइंग अक्सर कृत्रिम कमी पैदा कर देती है, जबकि वास्तविक संकट होता ही नहीं है।
हर चीज हम औरतों पर नहीं छोड़ सकते। हमें लड़ना है, लेकिन हमारी सोसाइटी में महिलाओं के खिलाफ एक पूर्वाग्रह है। ये कहते हुए सत्या गोपालकृष्णन थोड़ी देर रुकती है फिर कहती है इसे दूर करने के लिए पूरे समाज को आगे आना होगा। सत्या गोपालकृष्णन अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। भोपाल से पढ़ी हैं लेकिन उन लोगों के लिए मिसाल है जो शारीरिक समस्याओं के चलते आगे बढ़ने का हौसला खो देते हैं। महज 12 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट के बाद सत्या दोनों पैरों से लाचार हो चुकी थी। वह कहती हैं कि मुझे एहसास हो गया था कि अब मेरी जिंदगी सामान्य नहीं रहेगी। मैंने खुद को हौसला दिया और आगे बढ़ती रही। ऐसी ही कहानी शिवानी और स्तुति की भी है, जो डाउन सिंड्रोम के साथ पैदा हुईं, मगर उन्होंने साबित किया कि शरीर तो केवल एक जरिया है। इंसान की असली ताकत आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने वाले जज्बे में होती है। विश्व महिला दिवस पर पढ़िए तीन महिलाओं की कहानी जिन्होंने अपने इसी जज्बे से जिंदगी की दुश्वारियों को मात दे दी। अब सिलसिलेवार जानिए तीनों की कहानी… 12 साल की उम्र में हादसा, 25 सर्जरी, 1 साल तक अस्पताल में भर्तीआज से 18 साल पहले, 12 साल की सत्या गोपालकृष्णन सुबह 6 बजे अपने घर से दूध लेने के लिए निकली थीं, जब एक तेज रफ्तार वैन उन पर पलट गई। यह हादसा इतना भयावह था कि इसने सत्या की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। उनका बायां हाथ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और रीढ़ की हड्डी में लगी गंभीर चोट के कारण उनके दोनों पांव हमेशा के लिए नाकाम हो गए। सत्या उस खौफनाक दिन को याद करते हुए बताती हैं, ‘मेरी 9 घंटे तक सर्जरी चली, 12-14 बार खून चढ़ाया गया और कुल 25 सर्जरियां हुईं। मैं लगभग एक साल तक अस्पताल के बिस्तर पर रही। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि मैं शायद कभी खुद से खाना भी नहीं खा पाऊंगी। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार ने एक चट्टान की तरह उनका साथ दिया। उनकी बहन ने उनकी देखभाल के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी। हादसे ने सत्या के तीन साल छीन लिए, लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ सका। कार को मॉडिफाइड किया, खुद चलाती हैंसत्या की शुरुआती ट्रेनिंग भोपाल के एक विशेष स्कूल 'आरुषि' से हुई, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने भोपाल से ही बी.कॉम किया और फिर हैदराबाद से कॉमर्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चली गईं। आज 30 साल की सत्या गोपालकृष्णन अमेरिका की प्रतिष्ठित ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में एन्वायरमेंटल इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं। वह अमेरिका के ओहियो कोलंबस में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होकर अकेले रहती हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में दिव्यांग लोगों के लिए सरकार ऐसी सुविधाएं मुहैया कराती है, जो उन्हें मुख्यधारा के वर्कफोर्स में शामिल होने में मदद करती हैं। कुछ साल पहले उन्होंने अपने लिए एक मॉडिफाइड कार खरीदी, जिसे वह खुद चलाकर कॉलेज पढ़ाने जाती हैं और अपने सारे काम करती हैं। पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण शोधसत्या ने अपनी अकादमिक योग्यता का उपयोग समाज की भलाई के लिए भी किया है। उन्होंने भारत के तटीय क्षेत्रों में उगने वाले मैंग्रोव वनों पर एक महत्वपूर्ण स्टडी की है। अपने शोध में उन्होंने पाया कि जिन क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में मैंग्रोव जंगल मौजूद हैं, वहां चक्रवात आने पर 7 प्रतिशत तक कम नुकसान होता है। यह स्टडी उन्होंने 1998 से 2025 तक देश के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में आए चक्रवातों का विश्लेषण करके की है। जो खुद से कपड़े नहीं पहन पाती थी, वो आज है कैफे की मैनेजरभोपाल के पंचशील नगर में रहने वाली 26 वर्षीय शिवानी सेन की कहानी दृढ़ संकल्प और पारिवारिक प्रेम की एक अद्भुत मिसाल है। शिवानी जब जन्मीं, तो डॉक्टरों ने बताया कि वह डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बहुत धीमी गति से होता है। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि शिवानी शायद कभी बोल भी नहीं पाएंगी। शिवानी की बड़ी बहन शशि बताती हैं, ‘समाज और यहां तक कि कुछ डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन हमारे परिवार ने हार नहीं मानी।’ परिवार ने शिवानी के पालन-पोषण के लिए हर संभव जानकारी जुटाई। इसी खोज ने उन्हें भोपाल के विश्वास स्कूल तक पहुंचाया, जहां जाकर शिवानी ने पहली बार खुद को स्वतंत्र महसूस किया। ‘आरुषि’ संस्थान ने बदल दी जिंदगीसाल 2013 में शिवानी का जुड़ाव 'आरुषि इंडिया' नामक एनजीओ से हुआ, जो उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। आरुषि के शिक्षक बताते हैं कि जब शिवानी यहां आई थीं, तो वह अपने रोजमर्रा के काम, जैसे खाना खाना या कपड़े पहनना भी खुद से नहीं कर पाती थीं। संस्थान ने सबसे पहले उन्हें दैनिक जीवन की गतिविधियां सिखाईं। ट्रेनिंग के दौरान ही शिवानी के अंदर छिपी प्रतिभाएं सामने आने लगीं। एक दिन उन्होंने अचानक ढोलक बजाना और गाना शुरू कर दिया। यहीं से पता चला कि उन्हें संगीत में गहरी रुचि है। इसके बाद उन्हें थिएटर, बेकरी, पॉटरी और कस्टमर अटेंड करने जैसी कई व्यावसायिक ट्रेनिंग दी गईं। एक रिजेक्शन और मजबूत वापसीसाल 2022 में शिवानी को प्रतिष्ठित ताज होटल में काम सीखने का अवसर मिला। वह लगभग 6 महीने से वहां काम कर रही थीं, लेकिन एक छोटी सी घटना ने उन्हें भावनात्मक रूप से तोड़ दिया। एक ग्राहक ने दूसरे वेटर को टिप दी, यह देखकर शिवानी ने भी मासूमियत से उसी ग्राहक से टिप मांग ली। ग्राहक ने इसकी शिकायत होटल प्रबंधन से कर दी। होटल के नियमों के कारण शिवानी को वहां से काम छोड़ना पड़ा। यह उनकी जिंदगी का पहला बड़ा रिजेक्शन था, जिसने उन्हें काफी उदास कर दिया। लेकिन सालों की मेहनत और आरुषि से मिले अनुशासन ने उन्हें टूटने नहीं दिया। साल 2025 में आरुषि की एक नई पहल ‘कैफे कोशिश’ ने उन्हें एक नया मंच दिया। आज शिवानी उसी कैफे की मैनेजर हैं और पूरी जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ अपना काम संभाल रही है। मेडिकल ट्रीटमेंट से होटल ताज के रिसेप्शन तक का सफरसाल 2002 में अहमदाबाद में जन्मी स्तुति दोशी की कहानी भी डाउन सिंड्रोम के खिलाफ एक अथक संघर्ष की कहानी है। उनके परिवार को जन्म के तुरंत बाद ही इस स्थिति का पता चल गया था, और उन्होंने बिना समय गंवाए मात्र 4 महीने की उम्र में ही स्तुति का इलाज शुरू करवा दिया। उनकी नियमित फिजियोथेरेपी कराई गई। स्तुति की कोई औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं हुई। साल 2019 में पिता के ट्रांसफर के बाद उनका परिवार भोपाल आ गया और यहां स्तुति का जुड़ाव 'आरुषि' से हुआ। आरुषि ने 2019 में होटल ताज के साथ एक कोलैबोरेशन किया, जिसके तहत स्तुति को वहां वर्कशॉप करने का मौका मिला। वह स्वभाव से ही बहुत जिज्ञासु थीं और हमेशा नई चीजें सीखना चाहती थीं। ताज की परमानेंट एम्प्लॉईउनकी लगन और सीखने की इच्छा ने होटल प्रबंधन को इतना प्रभावित किया कि आज वह ताज होटल की एक स्थायी कर्मचारी हैं। वह होटल के फ्रंट रिसेप्शन पर काम करती हैं और मेहमानों का स्वागत करती हैं। आरुषि आने के बाद स्तुति ने थिएटर भी शुरू किया और स्टेज पर अभिनय करने का आनंद लेने लगीं। मां के लिए बनी प्रेरणास्तुति की मां, फाल्गुनी बेन, पहले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, लेकिन उन्होंने स्तुति की देखभाल के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। वह बताती हैं, 'आज मेरी बेटी इतनी आत्मनिर्भर हो गई है कि वह मुझसे कहती है, 'मम्मी, अब तुम भी इंटरव्यू दो और काम करो'।' यह शब्द उस बेटी के हैं, जिसके भविष्य को लेकर कभी दुनिया आशंकित थी। आज वह न केवल अपने पैरों पर खड़ी है, बल्कि अपनी मां के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
भारत सरकार को ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध को रुकवाना चाहिए : सलमान खुर्शीद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने के लिए भारत सरकार को पहल करनी चाहिए
जिले के आदर्श ढूंढा गांव की 10 महिलाओं ने जीजी बाई स्वयं सहायता समूह बनाकर न सिर्फ अपनी किस्मत बदली है, बल्कि थार के पारंपरिक अनाज (बाजरे) को सात समंदर पार पहुंचा दिया है। ग्रामीण महिलाएं आज बाजरे (मिलेट) के बिस्कुट बनाकर लाखों रुपए कमा रही हैं। इनके बनाए कुकीज आज लंदन के कैफे से लेकर अमेरिका और जापान के बाजारों तक महक बिखेर रहे हैं। महिला समूह को हाई-टेक क्यूआर कोड पैकेजिंग के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर मिल रहे हैं। केयर्न के प्रोजेक्ट में मिला प्रशिक्षण, फिर शुरू किया काम 16 मई 2024 को केयर्न ऑयल एंड गैस के बाड़मेर उन्नति प्रोजेक्ट के सहयोग से महिलाओं ने प्रशिक्षण शुरू किया। शुरूआत में चुनौतियां कम नहीं थीं। इन महिलाओं के पास न ओवन था, न मिक्सर और न ही मार्केटिंग का कोई ज्ञान। महिलाओं को तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई। इन्हें हाइजीन, बेकिंग, पैकेजिंग और क्यूआर कोड आधारित मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी गई। समूह की हेमलता, धुड़ी, पुष्पा, लक्ष्मी, मीरा, कमला, निरमा, संगीता, सुशीला, प्रिया की टीम ने घर के शुद्ध घी, गुड़, इलायची, जीरा और ड्राई फ्रूट्स के साथ बाजरे के ग्लूटेन-फ्री कुकीज तैयार किए। इनमें किसी भी तरह के आर्टिफिशियल कलर या प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता। एक साल से भी कम समय में 150 किलो से ज्यादा कुकीज की बिक्री हुई, इससे समूह को 3 लाख रुपए से अधिक की कमाई हुई।
ट्रंप ने रक्षा मंत्री हेगसेथ को बताया शानदार, किया दावा- अमेरिकी सेना ने 42 ईरानी वॉरशिप डुबोए
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के हमलों से ईरान पस्त हो गया है और उसकी सेना को भारी नुकसान हुआ है
पटना में शनिवार को भाकपा-माले ने जीपीओ गोलंबर के पास शांति मार्च निकाला। ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोज लगाने की आवाज बुलंद की। CPIML MLC शशि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी अमेरिका के खिलाफ नारे लगा रहे थे। MLC शशि यादव ने कहा कि पूरे विश्व को जिस तरह से अमेरिका युद्ध में धकेल रहा है, उसी युद्ध के खिलाफ आज हम लोग शांति मार्च निकाल रहे हैं। दुनिया के लोग युद्ध नहीं बल्कि शांति चाहते हैं। कभी भी युद्ध से कोई भी मसला हल नहीं हुआ है। हम पीएम से मांग करते हैं कि वह अमेरिका के खिलाफ खड़े हो और उसे सबक सिखाएं। अमेरिका के शर्तों पर हमारे देश में चीजें लागू मत कीजिए। अमेरिका की दादागिरी भारत के अंदर नहीं चलेगी और हमारे प्रधानमंत्री इस दादागिरी के खिलाफ खड़े हो। ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे एप्स्टिन फाइल्स में जिस तरह से अमेरिका के लोगों का खुलासा हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए अमेरिका आज यह युद्ध पूरी दुनिया पर थोप रहा है। आज ईरान में कई बच्चे मारे जा रहे हैं उसी के खिलाफ हम लोग यह मार्च निकाल रहे हैं। हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं कहा कि हम अमन-चैन पसंद करने वाले लोग हैं। हम यहां मार्च इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका के सामने हमारा देश भी घुटने टेक रहा है। अमेरिका रोज-रोज नया आदेश जारी कर रहा है। पीएम मोदी अमेरिका के सामने घुटने टेक रहे हैं। यह हमें कहीं से भी बर्दाश्त नहीं है। इस युद्ध से भारत में भी काफी प्रभाव पड़ रहा है।
करीब 10 साल अमेरिका में रहकर गूगल में जॉब की, करोड़ों के पैकेज पर काम करने के बावजूद अपने देश की माटी की महक पीयूष कपूर को वापस खींच लाई। UPSC रिजल्ट्स में उन्हें 402वीं रैंक हासिल हुई। उनके पिता यश कपूर कहते हैं कि बेटे ने देश के साथ मेरा भी मान रखा। मुझे पूरा भरोसा हैं कि वह ईमानदारी से देश सेवा करेगा। UPSC रिजल्ट्स में क्वालीफाई करने वाले ऐसे ही कई मेधावियों से दैनिक भास्कर ने बातकर उनकी कहानी जानी। पढ़िए उनका सफरनामा... रायबरेली के विमल कुमार को ऑल इंडिया 107वीं रैंक मिली है। इन्होंने लखनऊ में रहकर तैयारी की। किसान पिता रामदेव और मां सियावती देवी के इस बेटे ने प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय से हासिल की। इसके बाद IIT दिल्ली से बीटेक किया। इससे पहले वर्ष 2024 में भी UPSC इंटरव्यू तक पहुंचे थे। उन्होंने UPSC की तैयारी में मेहनत और धैर्य को सबसे जरूरी बताया। उनका मंत्र है कि विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानें और खुद पर भरोसा बनाए रखें। पहले यूथ आइकॉन बने और अब UPSC क्वालीफाई किया लखनऊ की RML नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट रहे वनज विद्यान ने 278 रैंक हासिल की है। 2023 बैच के पास आउट स्टूडेंट के पिता डॉ. पंकज कुमार भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में तैनात हैं। मां वंदना रानी जापानी लैंग्वेज एक्सपर्ट हैं। इस साल 26 जनवरी को नेशनल यूथ आइकॉन के तौर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में बुलाया था। इससे पहले पिछले साल के विकसित भारत यंग लीडर कॉन्क्लेव के वे विनर रहे हैं। इसमें कुल 40 लाख युवा शामिल हुए थे। 2025 जनवरी में भारत मंडपम में आयोजित इस कॉन्क्लेव के दौरान पीएम से भी उनकी मुलाकात हुई, और 10 मिनट तक उन्हें पीएम के सामने प्रेजेंटेशन दिया था। मौजूदा समय वो सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से LLM भी किया। उसमें भी गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। डाक विभाग में ट्रेनिंग के दौरान भी करते रहे तैयारी लखनऊ के अलीगंज निवासी आदर्श पांडेय को 347वीं रैंक हासिल हुई है। आदर्श ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई लखनऊ पब्लिक स्कूल की जानकीपुरम ब्रांच से की। उसके बाद सिटी लॉ कॉलेज चिनहट से एलएलबी ऑनर्स किया। वह इससे पहले UPSC CSE-2024 भी पास कर चुके हैं। उसके बाद से भारतीय डाक सेवा में ट्रेनिंग ले रहे हैं। आदर्श का कहना है कि सेल्फ स्टडी और मजबूत योजना बनाकर कामयाबी हासिल की है। वह मूलरूप से अमेठी जिले के रहने वाले हैं। गूगल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को 402वीं रैंक लखनऊ के पीयूष कपूर ने 402वीं रैंक हासिल की है। पीयूष 10 साल से अमेरिका (USA) में गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। पीयूष ने बताया- गूगल में सीनियर लीडरशिप रोल निभाते हुए तैयारी के लिए समय निकालना बड़ी चुनौती थी। मैंने टाइम जोन के अंतर को अपनी ताकत बनाया। मैंने अपनी पूरी तैयारी को एक 'डेटा-ड्रिवन' प्रोजेक्ट की तरह मैनेज किया। सिलिकॉन वैली से प्रशासन की ओर एक सफल ग्लोबल करियर के बाद भी मेरे मन में हमेशा देश के लिए कुछ करने की इच्छा थी। इस सफर में मेरे पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी (से.नि.) अरुण कपूर और मां रुचि कपूर के साथ बड़े भाई आयुष कपूर मेरी ताकत और प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्हीं के प्रोत्साहन की वजह से मैं आज इस मुकाम पर पहुंच पाया हूं। अभ्युदय कोचिंग से तैयारी करके पूरा किया सपना गाजियाबाद के प्रताप विहार सेक्टर-12 की मानसी का सपना पांचवें प्रयास में पूरा हुआ। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची थीं। इस बार उनको ऑल इंडिया 444वीं रैंक मिली है। वह लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित अभ्युदय कोचिंग जॉइन कर तैयारी कर रही थीं। पिता अशोक कुमार प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं। मां शिवानी देवी गृहणी हैं। मानसी ने गाजियाबाद के ब्लूम पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से 2020 में कंप्यूटर साइंस में बीएससी ऑनर्स पास किया। उसके बाद से ही UPSC की तैयारी करनी शुरू की। कठिन हालातों में पाई सफलता मैनपुरी के छोटे से कस्बे से निकले सूरज तिवारी की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। एक भयानक ट्रेन हादसे ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने सपनों को ही अपना सहारा बना लिया। गाजियाबाद के दादरी में हुए हादसे में सूरज ने दोनों पैर, एक हाथ और बाएं हाथ की तीन उंगलियां खो दीं। कई महीनों तक अस्पताल में इलाज चला और घर लौटने के बाद भी तीन महीने तक बिस्तर पर रहना पड़ा। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। इसी बीच उन्होंने अपने भाई को भी खो दिया, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों ने उनके हौसले को कमजोर करने के बजाय और मजबूत कर दिया। सूरज ने तय कर लिया कि वह सिविल सेवा में जाकर अपनी पहचान बनाएंगे। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर सिर्फ तीन उंगलियों के सहारे यूपीएससी की तैयारी शुरू की। बिना कोचिंग के रोज 15 से 17 घंटे पढ़ाई कर उन्होंने कठिन परीक्षा का सामना किया। उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 2022 की यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 917वीं रैंक हासिल की। इसके आधार पर उनका चयन भारतीय सूचना सेवा में हुआ। आज सूरज तिवारी भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी के रूप में आकाशवाणी लखनऊ में तैनात हैं। मैनपुरी की कुरावली तहसील के मोहल्ला घरनाजपुर के रहने वाले सूरज एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता दर्जी का काम करते थे और छोटी सी दुकान से परिवार का गुजारा चलता था।
कांग्रेस ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया:देवास में ट्रंप का मुखौटा पहनकर मानव श्रृंखला बनाई
देवास शहर के इंदिरा गांधी प्रतिमा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक रूप से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुखौटा पहनकर अपना विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय फैसलों में अमेरिका पर अत्यधिक भरोसा कर रही है, जो देश के लिए उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि किसी भी डील से पहले देश के किसानों, व्यापारियों और आम जनता के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भारत देश के फैसले अमेरिका से लिए जा रहे हैं हमारे प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति की कठपुतली बन गए। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र की बिस्मिल्लाह कॉलोनी स्थित मस्जिद गरीब नवाज में ईरान के सुप्रीम लीडर रहबर-ए-मोअज्जम आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई की याद में जलसा-ए-शहादत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। सभा के दौरान इजराइल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए। बता दें कि ऐशबाग स्थित गरीब नवाज मस्जिद में यह कार्यक्रम शुक्रवार देर रात आयोजित किया गया था। मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी ने कहा, “आज दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मजलूमों और मासूमों के खून से रंगे हुए हैं। अल्लाह उन्हें गैरत दे।” भाषण के दौरान उन्होंने ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस दौरान सभा में मौजूद लोगों ने नारेबाजी करते हुए इजराइल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाए। “भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे” मौलाना हैदरी ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि हम भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे। इसी तालीम की वजह से आज दुनिया की सियासत और टेक्नोलॉजी में उनका असर दिखाई देता है।” उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भी तालीम के मैदान में आगे बढ़ना होगा, क्योंकि किसी भी कौम की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “1979 में जब ईरान में इंकलाब कामयाब हुआ तो वहां इल्म और तालीम पर जोर दिया गया। आज उसी तालीम की वजह से बड़े-बड़े सुपर पावर भी उससे खौफजदा नजर आते हैं।” उन्होंने नौजवानों से तालीम हासिल करने और समाज को मजबूत बनाने की अपील की। “मुसलमानों को टारगेट किए जाने की वजह हमारी बेइत्तहादी” सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “आज दुनिया में जिस मुल्क में भी मुसलमान हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है। इसकी एक वजह यह है कि हम मुतहिद नहीं हैं। अकीदे मुख्तलिफ हो सकते हैं, लेकिन इस्लाम सबका एक ही है।” उन्होंने कहा, “कोई नमाज हाथ बांधकर पढ़ता है, कोई हाथ खोलकर पढ़ता है और कोई अलग तरीके से पढ़ता है, लेकिन कुरान सबका एक है और रसूल भी सबके एक हैं। हमें आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए।” “जालिम के मुकाबले में खड़े होने वाले के साथ अल्लाह होता है” रिजवी ने कहा, “सैयद अली खामनेई वो मर्द-ए-मुजाहिद थे जो बड़ी-बड़ी सुपर पावर ताकतों के सामने खड़े रहे। उन्हें मालूम था कि जालिम के मुकाबले में जो खड़ा होता है, उसके साथ अल्लाह होता है। दुनिया किसी को कत्ल तो कर सकती है, लेकिन उसके मकसद को खत्म नहीं कर सकती।” “खामनेई ने उम्मत को एकता का पैगाम दिया” एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने कहा, “यह पूरे आलम के लिए गहरे गम और सदमे की बात है कि एक ऐसा काइद हमसे रुखसत हो गया, जिसने पूरी उम्मत को इत्तेहाद और इत्तेफाक का पैगाम दिया।” उन्होंने कहा, “सैयद अली खामनेई ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने हमेशा जालिम ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई और मजलूमों का साथ दिया। उनकी जिंदगी और उनका पैगाम आने वाली नस्लों के लिए भी मिसाल रहेगा।” कार्यक्रम के अंत में लोगों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश की। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में लगे अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत के शिया समुदाय में भी शोक की लहर है। भोपाल के करोंद स्थित शिया मस्जिद में रविवार को जोहर की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर
जौनपुर में शुक्रवार रात ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई की शहादत पर शोक व्यक्त करते हुए एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कैंडल मार्च सदर इमामबाड़ा से शुरू होकर ईदगाह परिसर में संपन्न हुआ। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर आयतुल्लाह अली ख़ामनेई को पूरी दुनिया के मजलूमों का रहनुमा बताया गया। वक्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की और शहीद रहबर के विचारों व संघर्ष को याद किया। मौलाना जैदी ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। मौलाना जैदी ने लोगों से संविधान के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराने और संबंधित देशों के उत्पादों का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट करने की अपील की। मार्च के समापन पर ईरान में शहीद हुए लोगों के लिए दुआ की गई।
ईरान के खिलाफ कार्रवाई अपने लक्ष्य की ओर, भविष्य के नेतृत्व पर नजर : अमेरिका
व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देश में हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं
ईरानी तेल नेटवर्क पर अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, 15 मिलियन डॉलर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू
अमेरिका ने एक बड़े कदम के तहत लगभग 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) से अधिक की रकम जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़े सैन्य नुकसान का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ने ईरान के सशस्त्र बलों को बहुत कमजोर कर दिया है और उसके सैन्य ढांचे को लगभग तबाह कर दिया है।
अमेरिका रूस पर तेल प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार
स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि मध्य-पूर्व संघर्ष के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए वॉशिंगटन रूस के तेल आपूर्ति पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दे सकता है
कानपुर में जुमा की नमाज के नमाजियों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ईरान के समर्थन में नारेबाजी करते हुए लोगों ने वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई को लेकर गम और गुस्सा जाहिर किया। नमाजियों ने इजराइल और अमेरिका के राष्ट्रपति के पोस्टर और दोनों देशों के झंडे मस्जिद की सीढ़ियों पर रख दिए और उनके ऊपर से गुजरते हुए अपना विरोध जताया। इस दौरान मस्जिद के बाहर पुलिस भी मौजूद रही। नमाज के बाद मुस्लिमों ने एकजुट होकर किया विरोध ग्वालटोली स्थित शिया जामा मस्जिद मकबरा में जुम्मे की नमाज से पहले मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में अमेरिका और इजरायल के झंडों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें लगा दीं। मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले और लौटने वाले नमाजियों ने इन तस्वीरों पर पैर रखकर गुजरते हुए अपना विरोध जताया, वहीं कई लोगों ने इन पर जूते-चप्पल चलाकर भी गुस्सा जाहिर किया। नमाज के बाद मस्जिदों में युद्ध के खात्मे और अमन-शांति के लिए खास दुआ की गई। इसके बाद लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की और हमलों को इंसानियत के खिलाफ बताया। प्रदर्शन में शिया मुस्लिमों के साथ हिंदू समाज के कुछ लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया को युद्ध की ओर धकेल रहा है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
ईरान के सर्वोच्च नेता और शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में विरोध प्रदर्शन हुआ। शिया बाहुल्य गांव भनौली में बड़ी संख्या में शिया मुसलमानों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ख़ामेनेई की तस्वीरें ले रखी थीं। यह विरोध प्रदर्शन ख़ामेनेई की मौत के बाद शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी। अमेठी के मुसाफिरखाना स्थित भनौली गांव में शिया समुदाय के लोगों ने इस घटना पर अपना दुख व्यक्त किया और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए। गांव की मस्जिद के बाहर सैकड़ों की संख्या में शिया समुदाय के लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने ख़ामेनेई की तस्वीर लेकर पूरे गांव में घूमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कहा, कितने ख़ामेनेई मारोगे, हर घर से ख़ामेनेई निकलेगा। इस विरोध प्रदर्शन में मोहम्मद आका, सिब्ते मोहम्मद, जोहर अब्बास, सलमान हैदर, मौलाना खादिम सहित कई लोग शामिल रहे।
सीवान शहर में ईरान के सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई से जुड़े मुद्दे पर एक जुलूस निकाला गया। प्रशासन से सशर्त अनुमति मिलने के बाद यह जुलूस पुरानी किला मैदान से शुरू होकर मखदूम सराय मोड़ होते हुए गोपालगंज मोड़ तक पहुंचा। इसमें मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर के साथ शामिल हुए।जुलूस के दौरान पूरे मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पुलिस पदाधिकारी व दंडाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। प्रशासन ने आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम के दौरान कोई भी भड़काऊ भाषण, अशोभनीय नारेबाजी या किसी समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधि नहीं होनी चाहिए।प्रशासन की कड़ी निगरानी में जुलूस निर्धारित मार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा और संपन्न हुआ। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी पुलिसकर्मी सक्रिय रहे, ताकि शहर में किसी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। अमेरिका और इजरायल के विरोध में की नारेबाजीहालांकि, जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति की तस्वीर को सड़कों पर घसीटा गया और अमेरिका व इजरायल के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।मौजूद कुछ लोगों और आयोजकों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। दरअसल, जुलूस निकालने के लिए प्रशासन से जो अनुमति ली गई थी, उसमें यह स्पष्ट शर्त थी कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और किसी प्रकार की नारेबाजी या भड़काऊ गतिविधि नहीं होगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच यह जुलूस अंततः शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण कोटा का परिवार दुबई में फंसा हुआ है। फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण वे लौट नहीं पा रहे हैं। कोटा में उनके परिजन चिंतित हैं। कोटा के बसंत विहार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश पतिरा, उनके भाई और बारां में ऑटोमोबाइल व्यापारी चित्रक पतिरा परिवार के साथ दुबई घूमने गए थे। दोनों परिवार 24 फरवरी को दुबई पहुंचे थे। भारत वापसी की फ्लाइट 1 मार्च को थी। इस बीच मिडिल ईस्ट में बने तनावपूर्ण हालात के कारण उनकी फ्लाइट अचानक कैंसिल हो गई। इससे राजेश का परिवार अबू धाबी में फंस गया। वहीं, दुबई में फंसे चित्रक पतिरा परिवार समेत गुरुवार देर रात अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंच गए। होटल में रुकने के पैसे भी नहीं बचे राजेश पतिरा फिलहाल परिवार के साथ अबू धाबी के एक होटल में ठहरे हुए हैं। उन्होंने कोटा में अपने परिजनों को एक वीडियो भेजा है। इसमें उन्होंने बताया कि मेरे साथ पत्नी रीना, बेटा हर्षित, बहू साक्षी, पोता साकशत मौजूद हैं। मुझे बीपी-शुगर की बीमारी है। लगातार होटल में रुकने के कारण अब रुपए भी नहीं बचे हैं। काफी दिक्कत आ रही है। राजेश पतिरा ने बताया- दुबई से भारत आने का सामान्य किराया पहले 22 से 35 हजार रुपए तक होता था। मौजूदा हालात में केवल बिजनेस क्लास के टिकट ही उपलब्ध हो रहे हैं। उसका किराया दो से ढाई लाख रुपए तक पहुंच गया है। इसके बावजूद इसकी कोई गारंटी नहीं है कि बुक की गई फ्लाइट जाएगी या आखिरी समय में कैंसिल हो जाएगी। वे वीडियो कॉल के जरिए परिजनों के संपर्क में हैं। लगातार फ्लाइट्स रद्द होने से उनकी भारत वापसी नहीं हो पा रही है। परिवार ने मदद की गुहार लगाई परिजनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी इस मामले की जानकारी दी गई है, ताकि फंसे हुए लोगों की जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। परिजनों को उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे। सभी लोग सुरक्षित घर लौट पाएंगे। … ये खबर भी पढ़ें… जयपुर एयरपोर्ट से खाड़ी देशों की 5 उड़ानें रद्द:मस्कट, अबू धाबी, शारजाह और दुबई जाने वाले पैसेंजर्स 7 दिन से परेशान; मिडिल ईस्ट युद्ध का असर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाले पैसेंजर्स को एक सप्ताह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मस्कट, अबू धाबी, शारजाह, दुबई जाने वाली 5 फ्लाइट शुक्रवार को भी कैंसिल हो गई। (पूरी खबर पढ़ें) अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध में फंसे जोधपुर के 120-लोग लौटे:दुबई में कथा सुनने गए थे; बोले- ब्लास्ट के बाद होटलवालों ने किराया बढ़ाया अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण दुबई में फंसे जोधपुर के 120 लोग लौट आए हैं। उन्होंने कहा- 28 फरवरी को ब्लास्ट के बाद डर गए थे। वापस आने दुबई एयरपोर्ट गए तो होटल जाने को बोला गया। हमारे पास पैसे भी खत्म हो रहे थे। वहीं होटल वालों ने भी किराया बढ़ा दिया था। (पूरी खबर पढ़ें)
अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, जिस पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे अमेरिकी ब्लैकमेल बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति बाहरी दबाव में तय नहीं होनी चाहिए।
भारत की संप्रभुता पर अमेरिका का हमला
अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद दिवंगत आयतुल्लाह अली खामनेई के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया कि यह हमला केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा
नर्मदापुरम। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की अफवाह के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित होने की आशंका से जिले में किसान और आम लोग चिंतित नजर आए। इसी डर के चलते पिपरिया और बनखेड़ी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर दोपहर से लेकर देर रात तक भारी भीड़ लगी रही। किसान और नागरिक पेट्रोल-डीजल का स्टॉक करने बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। कई लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर ईंधन भरवाते दिखाई दिए। लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे पहले से भंडारण करने में जुट गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारेंमंगलवारा बाजार स्थित आइल एंड जनरल स्टोर, बनखेड़ी रोड पर स्थित पालीवाल पेट्रोल पंप समेत अन्य पंपों पर भीड़ बढ़ गई। मंगलवारा बाजार में वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। पुराने बस स्टैंड के पेट्रोल पंप से मंगलवारा चौराहे तक वाहन फंस गए, वहीं दूसरी ओर ओवरब्रिज तक जाम लग गया। स्थिति संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। तहसीलदार वैभव बैरागी टीम के साथ पेट्रोल पंपों पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। उन्होंने कहा कि जिले में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कमी की कोई सूचना नहीं है, इसलिए अफवाहों से बचें। नियमों के खिलाफ ड्रमों में दिया जा रहा ईंधनपेट्रोल पंपों पर बड़े ड्रमों में पेट्रोल-डीजल देना नियमों के विरुद्ध है। आम तौर पर किसान सिंचाई कार्य के लिए सीमित मात्रा में ही डीजल ले जा सकते हैं। इसके बावजूद कई जगह पंप संचालक बड़े-बड़े ड्रम और केनों में पेट्रोल-डीजल देते नजर आए। इससे अफरातफरी का माहौल बनने की आशंका भी जताई जा रही है। प्रशासन ने कहा—अफवाहों पर ध्यान न देंजिला आपूर्ति अधिकारी रश्मि साहू ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। ईंधन की आपूर्ति लगातार और नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान खपत को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जिले की जरूरत के अनुसार एलपीजी गैस का भी पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोलियम पदार्थ खरीदें, अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल का भंडारण न करें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 7 राज्यों और 2 केंद्र शासित राज्यों का राज्यपाल और एलजी बदले। इसमें अमृतसर के रहने वाले तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल बनाया गया। वो एलजी विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे, जिन्हें अब लद्दाख का उप-राज्यपाल बनाया गया है। संधू भारत के वरिष्ठ राजनयिक रह चुके हैं। तरणजीत सिंह संधू का जन्म एक प्रतिष्ठित सिख परिवार में हुआ और उनके दादा तेजा सिंह समुंदरी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संस्थापकों में से एक माने जाते हैं। पढ़ाई की बात करें तो संधू ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और बाद में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से मास्टर डिग्री हासिल की। संधू ने पोलिटिक्स में भी कदम रखा था। आइए जानते हैं तरणजीत सिंह संधू के बारे में… 2024 में राजनीति में कदम रखा डिप्लोमैटिक करियर से रिटायर होने के बाद संधू ने राजनीति में कदम रखा और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से अमृतसर सीट से चुनाव भी लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिल सकी। दिल्ली के उप-राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी अब दिल्ली के उप-राज्यपाल के रूप में तरणजीत सिंह संधू के सामने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन, विकास और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां होगी।
रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी छूट; कांग्रेस बोली- 'यह अमेरिकी ब्लैकमेल कब तक चलेगा?'
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को घेर लिया, जब अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों...
ईरान पर इजराइल और अमेरिका के कथित हमलों के खिलाफ पंजाब के मलेरकोटला शहर में मुस्लिम महिलाओं ने रोष मार्च निकालकर विरोध जताया। इस दौरान महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर इजराइल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। रोष मार्च में शामिल महिलाओं ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और क्षेत्र में शांति की कामना की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान पर किए जा रहे हमले मानवता के खिलाफ हैं और इससे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और हिंसा को रोकने की मांग की। रोष मार्च के दौरान महिलाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर मार्च निकाला और ईरान के प्रति एकजुटता व्यक्त की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं शामिल हुईं। इससे पहले भी मलेरकोटला में ईरान के समर्थन में कई प्रदर्शन हो चुके हैं। हाल ही में शहर के अनेक लोग सड़कों पर उतर आए थे और ईरान के पक्ष में प्रदर्शन करते हुए इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की थी। मलेरकोटला में लगातार हो रहे इन प्रदर्शनों से साफ है कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय में गहरा रोष है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अन्याय और युद्ध के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई।
फाजिल्का में पंजाब स्टूडेंट यूनियन (पीएसयू) के छात्र-छात्राओं ने बार्डर रोड पर स्थित सरकारी एमआर कॉलेज के बाहर अमेरिका द्वारा किए जा रहे हमले और भारत के साथ हुई व्यापारिक समझौते का विराध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका और अमेरिका पर विभिन्न देशों पर हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने भारत सरकार से अमेरिका के साथ किए गए व्यापारिक समझौतों को रद्द करने की मांग की। पीएसयू के जिला प्रमुख आदित्य ने कहा कि अमेरिका, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, फलस्तीन, वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों पर हमले कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉर्पोरेट घरानों का विकास कर रहे हैं, जिसके तहत अमेरिका के साथ डेयरी, कृषि और मेडिकल उत्पादों के व्यापार का समझौता किया गया है। अमेरिका खाद्यान्न का विरोध, हमलों की निंदा आदित्य ने कहा कि अगर अमेरिका से अनाज भारत आएगा तो भारतीय किसानों का क्या होगा। उन्होंने अमेरिका द्वारा अपनी ताकत दिखाने के लिए किए जा रहे हमलों की निंदा की और युद्ध को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थी सिर्फ छात्रवृत्ति या कॉलेज के मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आ रहे हैं। हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई प्रदर्शनकारियों ने ईरान में अमेरिकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत सरकार से अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौतों को रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज छठा दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के कारण मिडिल ईस्ट के देशों में भारत के लिए उड़ान सेवा प्रभावित हुई है। हालांकि बीते 2 दिन में हालात आंशिक रूप से सुधरे हैं। एयरलाइन स्पाइसजेट ने गुरुवार को कहा कि UAE से भारत आने वाली स्पेशल फ्लाइट्स शुरू की गई हैं। दुबई-फुजैराह से दिल्ली-मुंबई के लिए ज्यादा फ्लाइट्स शेयड्यूल की गई हैं। एयरलाइन के मुताबिक आज दुबई से मुंबई के लिए SG 9014 और फुजैरा से मुंबई के लिए SG 9036 उड़ान चलेंगी। फुजैरा से दिल्ली के लिए SG 9006, SG 9082 और SG 9085 और फुजैरा से मुंबई के लिए SG 9087 और SG 9089 उड़ानें भी ऑपरेट की जा रही हैं। इधर, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन हुए। 1 मार्च से आज लगातार पांचवे दिन श्रीनगर में लाल चौक पर बैरिकेडिंग है, सुरक्षाबल की तैनाती है। गलियों के बाहर तार फैंसिंग की गई है। 6 मार्च को भी फुजैराह से मुंबई के लिए एक्ट्रा फ्लाइट्स स्पाइसजेट ने 6 मार्च को भी फुजैराह से मुंबई और दिल्ली के लिए कई अतिरिक्त उड़ानें तय की हैं। 7 मार्च को फुजैराह से मुंबई के लिए एक स्पेशनल फ्लाइट ऑपरेट की जाएगी। एअर इंडिया बोला- भारतीय को वापस लाने का काम जारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने कहा- 28 फरवरी या उससे पहले बुक टिकट वाले यात्री अपनी उड़ान मुफ्त में रीशेड्यूल करा सकते हैं या टिकट कैंसिल करके पूरा रिफंड ले सकते हैं। कंपनी ने कहा कि हमारी मिडिल ईस्ट के हालातों पर नजर बनी हुई है। दुबई और जेद्दा से फ्लाइट ऑपरेट की जा रही हैं। वहां फंसे भारतीय लाने की कोशिशें जारी हैं। कोलकाता से दुबई की फ्लाइट शुरू हुई इस बीच 4 दिन बंद पड़ी कोलकाता-दुबई की उड़ानें आज से दोबारा शुरू की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट गुरुवार सुबह एयरपोर्ट पर लैंड हुई। इसमें 130 यात्री थे। बोइंग 737 मैक्स वाला यह प्लेन यहां से 55 यात्रियों को लेकर दुबई रवाना हुआ।
सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से इसकी शुरूआत की है। उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होलीइस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। महादेव की होली की 3 तस्वीरें देखिए… पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होलीमहादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेशपंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वानपंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।
ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच कहां करें निवेश? यूबीएस ने दी बड़ी सलाह
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण पिछले कुछ दिनों से वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है, उसे सबसे ज्यादा चिंता डॉलर की है। इसी कारण वह दुनिया के ऑयल पर कब्जा करना चाहता है। जहां-जहां तेल है, वहां किसी न किसी तरह दखल दे रहा है। दुनिया में अमेरिका जहां भी लड़ाई लड़ रहा है, चाहे वह वेनेजुएला हो, ईरान हो या भारत को धमकाने की बात हो। यह सब डॉलर को बचाने के लिए हो रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए विश्व में तनाव बढ़ाया जा रहा है। बघेल ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को बचाने के लिए दुनिया में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं पाएंगे और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा वाला भी बिल्कुल नहीं बच पाएगा। होली मिलन कार्यक्रम से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ? दरअसल, मंगलवार को भिलाई के अजंता पैलेस में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इजराइल-इरान जंग को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी टिप्पणी की। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग 56 इंच सीना और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, उनके मुंह से आज एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे कुछ तो बोलें, लेकिन अभी पूरी तरह मौन हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मौनमोहन सिंह कहा जाता था, लेकिन जब वे बोलते थे तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती थी। अभी प्रधानमंत्री की आवाज ही नहीं सुनाई दे रही है। भूपेश बघेल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग शुरू होने की आशंका है। जब-जब पीएम मिडिल ईस्ट गए तब-तब गड़बड़ी हुई भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जाते हैं, तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। पिछली बार जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात गए थे और फाइटर जेट का स्वागत कर रहे थे, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी। पूर्व सीएम ने हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे के दौरान गले मिलने की तस्वीरें आईं और इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को ‘फादरलैंड’ और भारत को ‘मदरलैंड’ बताया गया। जिस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता है। घर-घर सिंदूर भिजवाने के बाद से बिगड़ा अलाइमेंट भूपेश बघेल ने नरेंद्र मोदी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए कथित ऑपरेशन सिंदूर के तहत घर-घर सिंदूर भेजे जाने की चर्चा हुई थी। सिंदूर आमतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में बेटियों या महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है, लेकिन इसे सभी घरों में भेजे जाने पर विरोध हुआ और बाद में यह पहल बंद करनी पड़ी। उसी समय से उनका ‘अलाइनमेंट’ गड़बड़ा गया और वह गड़बड़ी आज तक जारी है। ताम्रध्वज साहू की ली चुटकी, असहज हो गए पूर्व गृहमंत्री भूपेश बघेल ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डीजल-पेट्रोल संकट पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता बंद कर दिया और जहाजों की आवाजाही रुक गई, तो देश में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास 4-5 पेट्रोल पंप हैं, उन्होंने अभी से 2-3 पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इसके बाद ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए। एपस्टीन फाइल क्या है दरअसल उन दस्तावेजों, फोटो और रिकॉर्ड का संग्रह है जो अमेरिकी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़े हैं। एपस्टीन पर बच्चों के साथ यौन शोषण और अवैध गतिविधियों का आरोप था। ये फाइलें उसके खिलाफ चल रही जांच, कोर्ट के दस्तावेज और गवाहों के बयान रखती हैं। इस विवाद का कारण यह है कि इन फाइलों में कई बड़े और प्रसिद्ध लोगों के नाम भी आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि फाइलों को पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ अभी भी बंद हैं। इसके चलते मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस और अफ़वाहें फैल रही हैं। सच यह है कि फाइलों में किसी का नाम होना सीधे तौर पर अपराध साबित नहीं करता। लेकिन इन दस्तावेज़ों के होने से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत संवेदनशील बन गया है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर '#MeToo' लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की।…………………….. भूपेश बघेल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… विधानसभा में भूपेश ने चूहे-धान पर गाया फाग,VIDEO: कहा- मुसवा बिन घोटाला न होए विष्णु, दे-दे बुलउवा, बीजेपी बोली- पकड़ागे-धरागे मुसवा मन रे होली को 5 दिन बचे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गाते हुए सरकार पर चुटकी ली। उन्होंने गीत में कवर्धा की उस चर्चित घटना का जिक्र किया, जिसमें चूहों द्वारा 7 करोड़ का धान खराब किए जाने की बात सामने आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
नमस्कार, कल की बड़ी खबर भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका के हमले की है। जिसमें 80 से ज्यादा सैनिक मारे गए। दूसरी खबर बिहार से है, जहां नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. नेपाल में आम चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 2025 में GEN-Z प्रदर्शन के बाद यह पहला चुनाव है। 2. टी-20 वर्ल्डकप में दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। कल की बड़ी खबरें... 1. भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला, श्रीलंका के पास डुबो दिया अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के पांच दिन हो गए हैं। अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 80 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया। फरवरी में भारत आया था ईरानी जहाज: जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स... अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,045 हो गई है। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई के लिए बुधवार रात होने वाला समारोह टाल दिया गया है। ईरान के खिलाफ युद्ध से इजराइल को हर हफ्ते 2.9 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। ईरानी मंत्री बोले- ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी परमाणु बातचीत के बीच हमला करके डिप्लोमेसी के साथ धोखा किया है। पूरी खबर पढ़ें... 2. नीतीश CM पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं, बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार शाम इसे लेकर सीएम आवास पर अहम बैठक हुई। इसमें संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। पार्टी नेता नहीं चाहते कि नीतीश जाएं: बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं। वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। अंतिम फैसला नीतीश कुमार को लेना है। नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों पर रिएक्शन चिराग पासवान ने कहा, 'ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है। पप्पू यादव बोले- जब जनादेश नीतीश जी को CM बनाए रखने के लिए आया था तो 3 महीने में BJP उसका हरण क्यों कर रही है। पूरी खबर पढ़ें... 3. भारत में CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं, कतर में गैस उत्पादन बंद मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट में प्रोडक्शन रोक चुका है। भारत में 40% सप्लाई घटी: भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। पूरी खबर पढ़ें... 4. इजराइल-ईरान जंग,भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया, जेद्दा से 200 यात्री आए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें भारतीय नागरिकों के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मंगलवार देर रात जेद्दा, दुबई से कई भारतीय दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुए। जंग के चलते एयरस्पेस पूरी तरह बंद: युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिए हैं। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द की हैं। इससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 5. UP में होली खेलने के बहाने पत्नी की हत्या की, मुखौटा पहनकर घर में घुसा, प्रेमी पर तेजाब फेंका शाहजहांपुर में होली के दिन पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसके प्रेमी पर तेजाब फेंक दिया। उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। उसने चेहरे पर मुखौटा पहना हुआ था। वारदात के दौरान मारपीट में पति खुद भी अधमरा हो गया। पुलिस के मुताबिक, महिला का पति से दो साल से तलाक का केस चल रहा था। तब से वह पति से अलग रह रही थी। बीते 6 महीने से अपने प्रेमी के साथ अलग किराए के मकान में लिव-इन में रह रही थी। बुधवार सुबह 6 बजे पति होली खेलने के बहाने महिला के घर पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें… 6. न्यूजीलैंड दूसरी बार टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में, फिन एलन ने सबसे तेज शतक लगाया न्यूजीलैंड ने दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में एंट्री कर ली है। टीम ने बुधवार को पहले सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया। टीम पहली बार 2021 के फाइनल में पहुंची थी। मैच के हाईलाइट्स: कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में कीवियों के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 169 रन बनाए। न्यूजीलैंड ने 170 रन का टारगेट 12.5 ओवर में एक विकेट पर चेज कर लिया। एलन का सबसे तेज शतक: फिन एलन ने 33 बॉल पर 100 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बैटर क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा। गेल ने 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ 47 बॉल पर शतक लगाया था। पूरी खबर पढ़ें... 7. सोना ₹4923 सस्ता, ₹1.62 लाख पर आया; चांदी एक दिन में 18 हजार रुपए सस्ती हुई 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,923 रुपए घटकर ₹1.62 लाख पर आ गया है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 18,501 रुपए गिरकर ₹2.71 लाख पर आ गई है। इससे पहले सोमवार को इसकी कीमत 2.89 लाख रुपए प्रति किलो थी। 34 दिन में 13 हजार गिरा: इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2026 को सोने की दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 13,573 रुपए सस्ता हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... मथुरा की 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली मथुरा में 150 साल पुरानी जूता-चप्पल मार होली खेली गई। इस अनूठी होली में बड़े-बुजुर्ग अपने से छोटों को जूता या चप्पल मारकर आशीर्वाद देते हैं। इसे अपमान नहीं, बल्कि स्नेह, शुभकामना और संस्कारों का प्रतीक माना जाता है। ये परंपरा अंग्रेजों के अत्याचारों के विरोध में शुरू हुई थी। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- भारत के पास 45 दिन का तेल रिजर्व मौजूद, ईरान जंग इससे ज्यादा चली तो क्या होगा; क्या कोई बैक-अप ऑप्शन है 2. भास्कर एक्सप्लेनर- तुर्किये से आई ‘गुजिया’ होली का हिस्सा कैसे बनी:भांग, रंग और पिचकारी की भी अनोखी कहानी; ब्रिटिशर्स कैसे मनाते थे होली 3. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स- नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां: US में नौकरों जैसा सलूक किया, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली 4. नेपाल से भास्कर- चुनाव में फेक वीडियो, PM मोदी-अमिताभ बच्चन मांग रहे वोट: इस बार बालेन सरकार के आसार, बहुमत लायक सीटें किसी को नहीं 5. रिलेशनशिप एडवाइज- हसबैंड को होली खेलना पसंद नहीं: मुझे रंगों से बहुत प्यार है, क्या करूं, अपना मन मार लूं या पति से झगड़ा करूं? करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे
भारतीय किसान यूनियन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं
अमेरिका का विश्व में आतंक, फायदा केवल पाकिस्तान को!
युद्ध में हत्याएं नहीं होती। हत्या होती है आतंकवाद में। जो अमेरिका सबसे ज्यादा आतंकवाद के खिलाफ बात करता है वही अब सबसे बड़ा आतंकवादी बन कर दिखा रहा है
ललित सुरजन की कलम से - अमेरिका: पूंजीवाद की शतरंजी चालें
विश्व राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों को शायद पता हो कि कार्टर के चुनाव मैदान में उतरने से कुछ वर्ष पहले अमेरिका में ट्राइलेटरल कमीशन नामक एक संस्था स्थापित हुई थी
कपास के किसानों का उदाहरण हमारे सामने है, जहां आयात शुल्क हटाने से घरेलू कीमतों में भारी गिरावट आई और किसान संकट में घिर गए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अप्रत्याशित विजेता हैं राहुल गांधी
मोदी सरकार ने व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश किया है, जो 30 ट्रिलियन डालर के अमेरिकी बाजार में खास पहुंच की रणनीतिगत और आर्थिक मूल्य को दिखाता है।
भारत को कमजोर करने वाला अमेरिकी व्यापार समझौता
व्यापार समझौते के बदले में अमेरिका के आदेशों के आगे भारत झुक गया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के किसानों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार में उनके मंत्री और वफादार विशेषज्ञों को जनता को यह समझाने में बहुत दिक्कत हो रही है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारत को क्या-क्या बड़े फायदे हो रहे हैं
विवादित हो सकते हैं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के वायदे
महीनों की बातचीत और अनिश्चितताओं के बाद पिछले सप्ताहांत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले हिस्से के सम्पन्न होने पर जो उत्साह था
अमेरिका से व्यापार समझौते में सब गोलमाल!
अमेरिका से व्यापार समझौते पर मोदी सरकार बड़ी कामयाबी की डींगे हांक रही है, लेकिन धरातल पर नजर आ रहा है कि वह हारी हुई लड़ाई लड़ रही है।
मिशन-500 या कूटनीतिक आत्मसमर्पण? भारत-अमेरिका डील के अनकहे पहलू
मैंने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार वार्ता पर लगातार पांच आलेख लिखे—जो विभिन्न समाचार पत्रों में समय-समय पर प्रकाशित हुए
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को लेकर भ्रम की स्थिति
- नित्य चक्रवर्ती किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन जिस तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने सोशल मीडिया पर ऐसा किया, उससे बड़ा भ्रम पैदा हो गया है। नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया है, जिसके तहत उन्होंने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए दंडात्मक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बदले में भारत कुछ अमेरिकी सामान पर अपने टैरिफ कम करेगा, अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, और रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, मोदी ने लिखा कि वह टैरिफ में कमी से 'खुश' हैं, लेकिन उन्होंने विवरण नहीं दिया, जिसमें यह भी शामिल नहीं था कि क्या उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा जैसा कि ट्रंप ने दावा किया था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि व्यापार समझौता अंतिम रूप से तय हो गया है। मोदी ने लिखा, 'जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी लाभकारी सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं।' मोदी ने यह भी नहीं बताया जो ट्रंप ने कहा कि भारत '500अरब डॉलर से अधिक अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला, और कई अन्य उत्पादों के अलावा, अमेरिकी सामान खरीदने के लिए बहुत उच्च स्तर पर प्रतिबद्ध है,' और यह कि भारत 'संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य पर लाने के लिए आगे बढ़ेगा।' फोन पर बातचीत के बाद अमेरिकी और भारतीय नेताओं द्वारा जारी किए गए बयानों के लहजे में एक ध्यान देने योग्य अंतर था। नई दिल्ली में भाजपा और सरकारी हलकों में काफी उत्साह था। हर कोई भारतीय सरकार की तरफ से विस्तृत जानकारी की उम्मीद कर रहा था, लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। यहां तक कि अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक में भी, मोदी ने अधिक विवरण नहीं दिया, सिवाय इसके कि भारत की ओर से धैर्य रखने का फल मिला। सटीक स्थिति क्या है? सरकारी सूत्र वाशिंगटन से अधिक विवरण की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ नहीं बता रहे हैं। यह स्पष्ट है कि ट्रंप ने मौजूदा 50 प्रतिशत जिसमें 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है, के मुकाबले पारस्परिक व्यापार दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप के अनुसार, यह तुरंत प्रभाव से लागू होता है। अगर ऐसा है, तो यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है, जबकि इसके मुकाबले चीन 37 प्रतिशत, वियतनाम 20 प्रतिशत, बांग्लादेश 20 प्रतिशत और यहां तक कि पाकिस्तान भी 19 प्रतिशत पर है। लेकिन भारत ने अमेरिका को सोयाबीन, डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों के सेक्टर में क्या रियायतें दीं? क्या मोदी ने रूस से सस्ते दाम पर भी तेल का सारा आयात बंद करने पर सहमति दे दी है? पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से खनिज तेल का आयात इंपोर्ट बंद कर दिया है, लेकिन आयातप्रतिस्पर्धी मूल्य के आधार पर हो रहा था। असल में, अभी भी, अन्तरराष्ट्रीय खनिज तेल व्यापार सूत्रों के अनुसार, रूसी कच्चा तेल अमेरिकी कच्चे तेल की तुलना में16डॉलर सस्ता है। अगर भारत रूसी तेल का पूरा आयात बंद कर देता है, तो भारत को यह अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी। क्या मोदी सच में इसके लिए सहमत हो गए हैं? अगर वह सहमत हो गए हैं, तो उन्हें सामने आकर यह बात खुलकर बतानी चाहिए। आजकल किसी भी व्यापारिक समझौते में हमेशा लेन-देन होता है। इसलिए, अमेरिका से ऐसी रियायतें पाने के लिए भारत की तरफ से कुछ रियायतें देने में कुछ भी गलत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के लिए भारत के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि भारत, वह भारत है, जो एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और जिसमें 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है, जो चीन को भी पीछे छोड़ देगी। मोदी 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वह ट्रंप के कहने पर राष्ट्रीय हितों का बलिदान नहीं कर सकते। सवाल यह है कि क्या ट्रंप की शर्तों पर सहमत होते हुए भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी? अगर डील हो गई है, तो प्रधानमंत्री की यह बड़ी ज़िम्मेदारी है कि वह डील के बारे में विस्तार से बताएं। या, अगर यह अभी तक फाइनल नहीं हुई है और 18 प्रतिशत टैरिफ सिर्फ एक फ्रेमवर्क है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए। ट्रंप अपने ट्रूथ सोशल पर और भी बहुत कुछ कहते रहेंगे। अगर नरेंद्र मोदी असली स्थिति नहीं बताते हैं, तो वे बातें बिना चुनौती के बनी रहेंगी। यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लगातार व्यापार समझौते - एक जिसे 'सभी ट्रेड डील्स की जननी' कहा जा रहा है और दूसरा भारतीय सामान पर टैरिफ को 18 प्रतिशत तक कम करने वाला यह समझौता-से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की व्यापक उम्मीद है, जिससे एक दशक में निर्यात में संभावित 150अरब डालर की वृद्धि होगी, ऐसा सरकार के करीबी विशेषज्ञ कहते हैं। ये समझौते टैरिफ कम करेंगे और बाज़ार की बाधाओं को आसान बनाएंगे, साथ ही भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बढ़ावा देंगे, जिसमें श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर भी शामिल है। हालांकि, भारत चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त के ज़्यादा समय तक बने रहने की उम्मीद नहीं कर सकता, क्योंकि ट्रंप इस साल अप्रैल में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को अन्तिम रूप देने के लिए चीन जा रहे हैं और चीन के लिए टैरिफ दर निश्चित रूप से 20प्रतिशत से कम हो जाएगा। यह यूरोपीय यूनियन के 15 प्रतिशत या यूनाइटेड किंगडम के 10प्रतिशत के स्तर पर हो सकता है। इसलिए भारत को बहुत जल्द चीन के मुकाबले अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त को भूलना होगा। 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ ने कई चीज़ों पर असर डाला है। इनमें स्टील, टेक्सटाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। उदाहरण के लिए, टैरिफ के बाद अमेरिका को स्टील की शिपमेंट में 40 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सेक्टर पुन: सुधार की ओर जा रहा है और यह इस चरण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत मददगार होगा। यह देखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके कुल असर का मूल्यांकन करने से पहले भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को आखिरकार उसके अन्तिम स्वरूप में आधिकारिक तौर पर कैसे पेश किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ युद्ध से ज़्यादा फ़ायदा उठा रहे हैं शी
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटिश प्रधान मंत्री कीर स्टारमर के बीच गुरुवार, 29 जनवरी को बीजिंग में हुई मीटिंग खास मायने रखती है
ललित सुरजन की कलम से - क्या अमेरिका भारत का दोस्त है?
दक्षिण अमेरिका के अधिकतर देश अभी हाल तक 'बनाना रिपब्लिक' के रूप में जाने जाते थे
बंदूक की नोक पर अमेरिकी राजनयिकता विश्व व्यवस्था को दे रही चुनौती
राज्य-प्रायोजित समुद्री डकैती के क्षेत्र पारंपरिक लाल सागर, ओमान की खाड़ी, सोमाली बेसिन से लेकर काला सागर और अब अटलांटिक तक फैल रहे हैं
ईरान में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में आर्थिक संकट से भड़का आंदोलन अब सत्ता के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुका है
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला और राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साउथ के लिए खतरा
वेनेजुएला पर अमेरिका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है
वेनेज़ुएला संकटः अमेरिकी निरंकुशता और वैश्विक कानूनों का हनन
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था वास्तव में नियम-कानूनों से संचालित होती है या फिर ताकतवर राष्ट्रों की इच्छा ही वैश्विक न्याय का नया मानदंड बन चुकी है। निश्चित तौर पर वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला महाशक्तियों ... Read more
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला दुनिया भर के लिए चेतावनी
यह गुंडों जैसी हरकत है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी बेडरुम से घसीट कर बाहर निकालना और उठा कर ले जाना
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के दिल्ली दौरे से आया व्यापार समझौता वार्ता में निर्णायक मोड़
अमेरिका को भारत के शिपमेंट मुख्य रूप से खुशबूदार बासमती किस्म के होते हैं, जो खास उपभोक्ता वर्ग और ऐसे बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।
अमेरिकी टूरिस्ट के उदयपुर की झील में शौच का दावा झूठा, वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला ऑस्ट्रेलिया की Ellie-Jean Coffey हैं. यह वीडियो उदयपुर का नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक के Kimberley क्षेत्र का है.
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

