इंटरनेट डेस्क। ईरान नर एक बार फिर से अमेरिका ने हमला किया है। बस बीच ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से इजरायल और अमेरिका के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने इस्लामिक देशों के नेताओं से अपने असली दुश्मन को पहचानने और उसका सामना करने को कहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, खामेनेई ने तेहरान में आयोजित एक सम्मेलन में शामिल इस्लामिक देशों के धार्मिक नेताओं को लिखे पत्र में यह अपील की। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को सभी इस्लामिक देशों का दुश्मन बताया और कहा कि इस्लामिक देशों के शासकों को अपने असली दुश्मन को पहचानना चाहिए। मीडिया रिपोटर्स की माने तो छह महीने पहले अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले में खामेनेई के पिता और कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई थी। इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। युद्ध के दौरान ईरान ने पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही सीमित की। pc - aaj tak
अमेरिका ने फिर से कर दिया है ईरान पर हमला, दो रॉकेट लॉन्चर्स को बनाया निशाना
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच समझौता मूर्त रूप नहीं ले सका है। अमेरिका की ओर से करीब एक महीने बाद ईरान पर फिर से हमला किया गया है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया गया। लारक द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। अमेरिका से मिली जानकारी के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान यहां से होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी सेना ने की ओर से से हमले में कई सैनिक और नागरिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी हमले के कुछ समय बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया गया है। खबरों के मुताबिक, किंग हुसैन और अल-अजराक एयरबेस के तकनीकी एवं रखरखाव ढांचे और लड़ाकू विमानों की पोजिशन को निशाना बनाया गया। दूसरी और दावा किया जा रहा है कि जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। इस कारण महत्वपूर्ण है लारक द्वीप आपको बता दें कि लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के पास है और होर्मुज के ठीक बीच में स्थित है। ये समुद्री रास्ता विश्व के देशों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध से पहले विश्व के उपयेाग होने वाले करीब 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। PC:navbharattimes.indiatimes अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
भारत में तैयार होगी जैवलिन मिसाइल, अमेरिकी कंपनी संग टाटा की बड़ी डील
भारत में जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम की फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन की तैयारी शुरू हो गई है. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने जैवलिन जॉइंट वेंचर के साथ समझौता किया है. इस जॉइंट वेंचर में रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन शामिल हैं. समझौते के तहत भारत में मिसाइल के कंपोनेंट उत्पादन की क्षमता भी विकसित की जाएगी
अमेरिका में तीसरे कार्यकाल को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में दिखने लगा असमंजस
अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में तीसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा कई बार जता चुके डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से अब यह संकेत मिलने लगा है कि वह खुद भी इसकी संभावना को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। रिपब्लिकन नेता ट्रंप ने अपने हालिया भाषणों में जनवरी 2029 में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद की जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि वह घर पर बैठकर यह देखते हुए परेशान होंगे कि उनका उत्तराधिकारी उनकी उपलब्धियों का श्रेय ले रहा है। ट्रंप ने इस महीने न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आपका अगला राष्ट्रपति कहेगा, ‘मैंने कितना शानदार काम किया है।’’ किसी मौजूदा राष्ट्रपति का अपने पूर्व राष्ट्रपति बनने की बात करना राजनीतिक रूप से हमेशा संवेदनशील होता है लेकिन मध्यावधि चुनाव में अब केवल नौ सप्ताह बाकी हैं और ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के उस दौर में पहुंच रहे हैं, जब इस बात की चर्चा बढ़ेगी कि उनका प्रभाव अब जल्द ही समाप्त हो जाएगा। इसे भी पढ़ें: वेनेजुएला के तेल पर कब्जा, क्या है ट्रंप का 65 अरब बैरल वाला दांव? अपने बिना ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की कल्पना करने की बात रखना ट्रंप के रुख में एक उल्लेखनीय बदलाव है। वह अपने पहले कार्यकाल से ही और दूसरा कार्यकाल जीतने के लगभग तुरंत बाद से आठ साल से अधिक समय तक सत्ता में बने रहने की संभावना को खुला रखते आए हैं। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में संवैधानिक कानून के प्रोफेसर ब्रायन काल्ट ने कहा, ‘‘वे अलग-अलग बातें करते हैं और इससे उन्हें बाद में अपनी ही बातों का हवाला देकर परस्पर विरोधी दावों को भी सही ठहराने का मौका मिल जाता है।’’ काल्ट ने कहा कि ट्रंप बाद में यह कह सकते हैं, ‘‘मैंने तो साफ कर दिया था कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा’’ और अगर वह चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो यह भी कह सकते हैं, ‘‘मैंने कभी नहीं कहा था कि मैं नहीं लड़ूंगा।’’ ट्रंप ने हाल में पेनसिल्वेनिया में एक रैली में कहा, ‘‘अगला राष्ट्रपति जो भी होगा, वह बताएगा कि उसने कितना शानदार काम किया है और मैं घर पर बैठा रहूंगा और कहूंगा, ‘इस आदमी को देखो’, क्योंकि असल काम हमने किया था।’’ इसके एक सप्ताह बाद जॉर्जिया में ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद ‘‘मैं घर पर बैठा रहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘शायद मैं रो रहा होऊंगा।’’ ट्रंप ने इसके बाद मिशिगन में यह संकेत देकर एक बार फिर अनिश्चितता पैदा कर दी कि वह ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का कार्यालय) छोड़कर फ्लोरिडा लौटने के लिए शायद अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। उन्होंने ‘‘शायद’’ शब्द पर जोर देते हुए कहा, ‘‘ढाई साल में आपका शायद कोई और राष्ट्रपति होगा- शायद।’’ ट्रंप ने पिछले महीने भी ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन’ के रात्रिभोज को संबोधित करते हुए मजाक में कहा, ‘‘राष्ट्रपति के रूप में मेरे कार्यकाल की तरह दूसरी बार का कार्यकाल हमेशा बेहतर होता है और तीसरी बार तो उससे भी बेहतर होगा। मैं सिर्फ मजाक कर रहा हूं।’’ इसके बाद उन्होंने भाषण के अंत में ‘2028’ लिखी चुनावी अभियान वाली टोपी भी पहनी। अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें: अमेरिकी वित्त विभाग ने जी-20 बैठक की कवरेज से न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्लूमबर्ग के पत्रकारों को रोका इस संशोधन को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डेलानो रूजवेल्ट के चौथे कार्यकाल में निधन होने के छह साल बाद 1951 में मंजूरी दी गई थी।
अमेरिका से तनाव, चीन-रूस से नजदीकियां, SCO समिट में पीएम मोदी पर क्यों टिकी हैं दुनिया की निगाहें?
PM Modi SCO Summit 2026: साल 2026 के उत्तरार्ध में वैश्विक राजनीति एक बेहद संवेदनशील और बहु-आयामी संकटों के दौर से गुजर रही है। एक ओर जहाँ यूक्रेन-रूस संघर्ष, मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और इज़राइल-इरान टकराव जैसी वैश्विक महा-आपदाएँ वैश्विक आपूर्ति ...
Breaking News: अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, बदले में ईरान ने जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें
Breaking News: अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, बदले में ईरान ने जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किया मिसाइल हमला
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर से बेहद चरम पर पहुंच गया है. हालिया घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव काफी तेज हो गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिका द्वारा कुछ सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बड़ा कदम उठाया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए भीषण हमला किया है.
आतंकी साजिश में तिहाड़ में बंद अमेरिकी नागरिक, परिवार ने ट्रंप से लगाई रिहाई की गुहार
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक और पूर्व मर्सिनरी मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने अमेरिकी दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. परिवार का दावा है कि वैनडाइक को बुनियादी बंदी अधिकार नहीं मिल रहे और उसकी सेहत लगातार बिगड़ रही है. वैनडाइक को NIA ने मार्च में गिरफ्तार किया था और उस पर UAPA की धारा 18 के तहत मामला दर्ज है.
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा लारक द्वीप पर मौजूद ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। आफको बता दें कि तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है।ईरान ने सोमवार को दावा किया कि उसने संयुक्त अरब अमीरात स्थित अल मिन्हाद एयर बेस पर दर्जनों ड्रोन से हमला बोला है। ईरानी दावों के मुताबिक इस हमले में उन इलाकों को खास निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी सैनिक और उनके हेलीकॉप्टर तैनात थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान कहा है कि यह हमला लारक द्वीप पर अमेरिका द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के सीधे जवाब में किया गया है।लारक द्वीप पर अमेरिका का हमला और दोनों देशों के दावे के बारे में जानिएआपको बता दें कि इससे पहले अमरीकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी थी कि लारक द्वीप पर जिन दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया गया वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक बारूदी सुरंगें दागने की तैयारी कर रहे थे और उनसे एक बड़ा संकट बना हुआ था। दूसरी तरफ ईरान ने कहा है कि अमेरिकी स्ट्राइक में उसके कई लड़ाके और नागरिक मारे गए हैं, कई घायल भी हुए हैं। Says It Launched Drone Attack on Al Minhad Air Base in UAEIran’s regular army says it launched dozens of attack drones early Monday at Al Minhad Air Base, south of Dubai, targeting areas where U.S. forces and helicopters are stationed, according to Nournews.The… pic.twitter.com/EOmDWIXYQk— Drop Site (@DropSiteNews) August 31, 2026 जॉर्डन में दागीं मिसाइलें, राष्ट्रपति पेजेशकियान ने दी चेतावनीअमीरात के अल मिन्हाद बेस के अलावा ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है। वैसे जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसने वाली आठ ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने देश का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है लेकिन वह किसी भी आक्रामकता के सामने कभी भी चुप नहीं बैठेगा।
केरल की दो महिलाओं के शव घर लाने के लिए अमेरिकी कॉन्सल जनरल के संपर्क में हैं सुरेश गोपी
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी अमेरिका में भारत के कॉन्सल जनरल के लगातार संपर्क में हैं।
ईरानी सेना ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल मिनहाद एयर बेस पर हमले का दावा किया।
स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल होने पर डॉक्टर से सलाह लेना आम बात है, लेकिन अमेरिका में अब एक बड़ा वर्ग पहले एआई चैटबॉट का रुख कर रहा है। नई रिपोर्ट के मुताबिक, लोग बीमारी के लक्षण, इलाज, डॉक्टर की राय और लैब रिपोर्ट समझने...
अमेरिका भारत के साथ निवेश बढ़ाने के लिए इच्छुक: क्रिस पिलकर्टन (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
ऐशविले, 31 अगस्त . अमेरिका India के साथ निवेश संबंधों को और मजबूत करना चाहता है और भारतीय कंपनियों को उसके राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया को समझने और उसमें आगे बढ़ने में मदद करने के लिए भी तैयार है. यह बात अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेजरी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक ... Read more
ट्रंप बोले- अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप को किया तबाह
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खार्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर हमला कर IRGC के दो सैन्य लॉन्च सिस्टम को निशाना बनाया था।
खार्ग आईलैंड पर अमेरिका की कार्रवाई से बढ़ा तनाव! ईरान के सबसे अहम तेल केंद्र पर टिकी दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान का महत्वपूर्ण तेल केंद्र खार्ग आईलैंड “तबाह किया जा रहा है।” हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हो सकी और अमेरिकी प्रशासन की […] The post खार्ग आईलैंड पर अमेरिका की कार्रवाई से बढ़ा तनाव! ईरान के सबसे अहम तेल केंद्र पर टिकी दुनिया की नजर first appeared on Sanjeevni Today .
अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज के बाद जॉर्डन में अटैक
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने समुद्री माइन्स तैनात करने के खतरे का हवाला देते हुए ईरान के लारक द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया.
अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़ में 20 से ज्यादा लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी
अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़ में 20 से ज्यादा लोग लापता, राहत-बचाव अभियान जारी
अमेरिका में बाढ़ : ग्रैंड कैन्यन में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, 15 लोग अब भी लापता; फुटब्रिज बहे, पानी की सप्लाई प्रभावित
जी20 बैठक में भाग लेने अमेरिका के एशविल पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, 31 अगस्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक में भाग लेने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलाइना प्रांत के एशविल शहर पहुंच गई हैं। इस बैठक में पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। सीतारमण कनाडा से शुरू हुई अपनी नौ दिवसीय यात्रा के तहत 28 अगस्त से दो सितंबर तक अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने साउथ कैरोलाइना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को उनका स्वागत किया। सीतारमण शिकागो से एशविल पहुंचीं, जो वाशिंगटन से करीब 760 किलोमीटर दूर है। शिकागो में उन्होंने प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था और निजी क्षेत्र के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), अध्यक्षों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ब्लू रिज पर्वतमाला के बीच बसे एशविल में सोमवार और मंगलवार को जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक की मेजबानी कर रहे हैं। बेसेंट ने कहा, ‘‘जिस तरह (अमेरिका के) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी आर्थिक वृद्धि को फिर से गति दे रहे हैं और इसे इस प्रशासन के एजेंडे का प्रमुख हिस्सा बना रहे हैं, उसी तरह इस वर्ष जी20 के ‘फाइंसेस ट्रैक’ के मेजबान के रूप में हम भी आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दे रहे हैं।’’फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श के साथ एशविल पहुंचे बेसेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र के प्रमुख लोगों को एक मंच पर लाने के लिए उत्सुक है, ताकि इस बात पर जोर दिया जा सके कि अधिक मजबूत आर्थिक वृद्धि ‘‘न केवल संभव है, बल्कि आवश्यक भी है।’’जी20 बैठकों से इतर सीतारमण ने रविवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘3एम’ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्राउन से मुलाकात की। यह कंपनी उद्योग, श्रमिक सुरक्षा और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र में काम करती है। वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘बातचीत में भारत के साथ 3एम की भागीदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत अब केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं रह गया है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के लिए भी तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।’’मंत्रालय ने बताया कि सीतारमण और ब्राउन ने डेटा सुरक्षा एवं घरेलू उद्यमों में भारतीय प्रतिभाओं के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। सीतारमण ने कहा कि 3एम की क्षमताओं के जरिए भारत में स्थानीयकरण, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रौद्योगिकी विकास को और बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारतीय प्रतिभा और विनिर्माण क्षमताओं का क्षेत्रीय नवोन्मेषों के जरिये उपयोग करके घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक और एशिया-प्रशांत आपूर्ति शृंखलाओं की जरूरतें भी पूरी की जा सकती हैं। वित्त मंत्री ने भारत में 3एम के लगातार कायम भरोसे की सराहना की और अनुसंधान एवं विकास, उन्नत विनिर्माण तथा स्थानीय आपूर्ति शृंखला के विकास में और निवेश करने का सुझाव दिया। ब्राउन ने भारत में बड़ी संख्या में कुशल प्रतिभाओं की उपलब्धता की सराहना की और कहा कि देश में प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ स्थानीय बाजारों में भी कई अवसर मौजूद हैं। उन्होंने व्यापक सुधारों के तहत भारत सरकार से मिल रहे सहयोग की भी सराहना की।
संयुक्त राज्य अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) विभाग द्वारा CPT (Curricular Practical Training) को लेकर एक नया नीतिगत मेमो जारी किया गया है, जिसके बाद से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है। CPT वह माध्यम है जिसके जरिए अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्र अपनी डिग्री कोर्स के दौरान ही इंटर्नशिप या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। लेकिन ICE के इस नए मेमो ने इस पूरी प्रक्रिया को और अधिक कड़ा और पेचीदा बना दिया है, जिससे भारतीय छात्रों के करियर और उनकी कानूनी स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय इस विषय को लेकर लाखों छात्र सर्च कर रहे हैं कि आखिर इस नए बदलाव का उनकी पढ़ाई और जॉब करियर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइए इस विस्तृत लेख के जरिए अमेरिका में CPT के पूरे गणित को समझते हैं और जानते हैं कि ICE के इस नए मेमो में क्या-क्या खास बातें कही गई हैं।अमेरिका में CPT (कर्रिकलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) असल में क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि CPT क्या है और यह विदेशी छात्रों के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण होता है। जब कोई भारतीय छात्र अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन (मास्टर्स या बैचलर्स) के लिए एडमिशन लेता है, तो उसे अपने कोर्स के करिकुलम के हिस्से के रूप में इंटर्नशिप करने की अनुमति दी जाती है, जिसे CPT कहा जाता है। इसके जरिए छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान ही अमेरिकी कंपनियों में काम करके व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं और साथ ही कुछ पैसे भी कमाते हैं। यह विकल्प उन छात्रों के लिए जीवनरेखा की तरह होता है जो अपने खर्चों का एक हिस्सा खुद उठाने और अमेरिकी कॉर्पोरेट कल्चर को नजदीक से समझने की कोशिश करते हैं। पारंपरिक रूप से CPT को F-1 वीजा धारक छात्रों के लिए एक बेहद लचीली और मददगार व्यवस्था माना जाता रहा है, जिसके जरिए वे आगे चलकर OPT (Optional Practical Training) और H-1B वीजा की ओर कदम बढ़ाते हैं।ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने क्यों जारी किया नया मेमो?हाल ही में अमेरिकी एजेंसी ICE द्वारा जारी किए गए नए मेमो ने विदेशी छात्रों की नींद उड़ा दी है। इस मेमो का मुख्य उद्देश्य CPT के नियमों का कथित तौर पर हो रहे दुरुपयोग को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन का यह मानना है कि कुछ छात्र और विश्वविद्यालय CPT नियमों का अनुचित लाभ उठाकर पढ़ाई की आड़ में लंबे समय तक अमेरिका में अवैध रूप से काम करने के रास्ते तलाश रहे हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब विश्वविद्यालयों को CPT के अनुमोदन (Approval) के मामले में और अधिक कठोर नियमों का पालन करना होगा। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि CPT सीधे तौर पर छात्र के अकादमिक पाठ्यक्रम और डिग्री की अनिवार्य आवश्यकता से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल अंशकालिक नौकरी पाने का एक आसान जरिया। इस प्रशासनिक सख्ती के बाद से छात्रों में इस बात को लेकर अनिश्चितता का माहौल है कि क्या उनकी यूनिवर्सिटीज अब आसानी से CPT अप्रूव कर पाएंगी या नहीं।भारतीय छात्रों पर इस नए मेमो का क्या होगा सीधा असर?लोकल ऑप्टिमाइजेशन और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय के दृष्टिकोण से देखें तो अमेरिका में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय छात्रों के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अमेरिका में हर साल हजारों की संख्या में भारतीय छात्र कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, बिजनेस और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। इनमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने ट्यूशन फीस के कर्ज को चुकाने और अमेरिकी बाजार में फुल-टाइम जॉब पाने के लिए CPT और फिर OPT पर निर्भर रहता है। यदि ICE के नए नियमों के कारण CPT मिलना मुश्किल हो जाता है, या इसके घंटों (Hours) को सीमित कर दिया जाता है, तो भारतीय छात्रों की आर्थिक स्थिति और करियर प्लानिंग बुरी तरह चरमरा सकती है। जानकारों का मानना है कि छात्रों को अब पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने और अपनी यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस (ISO) के संपर्क में रहने की जरूरत है।आधुनिक Generative Engine Optimization और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स का परिदृश्यआधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, विदेश में शिक्षा, वीजा नियमों में बदलाव और करियर से जुड़ी ऐसी जटिल कानूनी खबरों को छात्र और उनके परिवार सबसे ज्यादा खोजते हैं। आज का डिजिटल युग यह मांग करता है कि किसी भी ग्लोबल पॉलिसी बदलाव को बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में समझाया जाए ताकि भ्रम की स्थिति पैदा न हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रेडिट (Reddit) और इमिग्रेशन फोरम्स पर इस समय CPT मेमो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जहाँ छात्र अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं। सही और तथ्यात्मक जानकारी समय पर मिलना हर उस छात्र के लिए बेहद जरूरी है जो अमेरिका में अपने सपनों को साकार करने की राह पर है।भारतीय छात्रों को अब किन सावधानियों और नियमों का रखना होगा ध्यान?इस बदलते हुए परिदृश्य में अमेरिका में पढ़ रहे या जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों को कुछ बेहद अहम बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले, अपने कोर्स के दौरान लिए जाने वाले CPT का पूरा दस्तावेजीकरण (Documentation) एकदम दुरुस्त रखें और यह सुनिश्चित करें कि आपका एम्प्लॉयर और आपकी यूनिवर्सिटी का कोर्स करिकुलम पूरी तरह से नियमों के दायरे में हो। किसी भी शॉर्टकट या संदिग्ध तरीके से CPT प्राप्त करने से बचें, क्योंकि अमेरिकी आव्रजन विभाग (USCIS और ICE) इस मामले में अब बहुत अधिक आक्रामक हो चुका है। अपनी यूनिवर्सिटी के कानूनी सलाहकारों से समय-समय पर परामर्श लेते रहें ताकि वीजा की स्थिति पर कोई आंच न आए।अमेरिकी शिक्षा और करियर की राह में आने वाली नई चुनौतियाँअंततः, अमेरिका में CPT को लेकर ICE द्वारा जारी किया गया यह मेमो इस बात की चेतावनी है कि अमेरिका में आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नियमों को लेकर प्रशासन अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई करना और वहां टिके रहना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है, इसके लिए उच्च स्तर की शैक्षणिक ईमानदारी और नियमों की सटीक समझ होना अनिवार्य है। यदि छात्र सही दिशा में योजना बनाकर चलेंगे और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे, तो वे इन नई बाधाओं को पार करते हुए अपने अमेरिकी सपने को जरूर पूरा कर पाएंगे, बशर्ते हर कदम बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ उठाया जाए।
अमेरिका ने करीब एक महीने बाद ईरान पर फिर किया हमला, होर्मुज स्ट्रेट के पास लारक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चर्स को बनाया निशाना
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर एक बार फिर से दक्षिण एशिया का सबसे संवेदनशील मुद्दा यानी कश्मीर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार वाशिंगटन से एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने पाकिस्तान के होश उड़ा दिए हैं और इस्लामाबाद के हुक्मरानों की नींद उड़ गई है। अमेरिका के जाने-माने रणनीतिकार और राजनीतिक विश्लेषक सर्जियो गोर (Sergio Gor) द्वारा कहे गए महज 7 शब्दों ने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय इन सात शब्दों के गहरे निहितार्थों को लेकर दुनिया भर में भारी सर्च ट्रेंड देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह बयान भारत की उस कूटनीतिक जीत की तस्दीक करता है जिसमें आतंकवाद और क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे पर वैश्विक समुदाय अब खुलकर भारत के पाले में खड़ा नजर आ रहा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर उन 7 शब्दों में ऐसा क्या था जिसने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है।सर्जियो गोर के वे 7 शब्द जिन्होंने पाकिस्तान में पैदा की बेचैनीहाल ही में अमेरिकी राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में उस वक्त अचानक गर्माहट आ गई जब सर्जियो गोर ने भारत और कश्मीर नीति को लेकर एक बेहद स्पष्ट और दो टूक बयान दिया। उनके द्वारा कहे गए चुनिंदा सात शब्दों ने यह साफ कर दिया कि अमेरिका अब कश्मीर के पुराने ढर्रे वाले मध्यस्थता के एजेंडे से पूरी तरह किनारा कर चुका है और भारत की संप्रभुता को तवज्जो दे रहा है। जैसे ही यह बयान पाकिस्तान की मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फ्लैश हुआ, वहां के रक्षा विश्लेषकों और राजनीतिक दलों में हाहाकार मच गया। पाकिस्तान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष के दखल की भीख मांगता रहा है, लेकिन वाशिंगटन से आए इस स्पष्ट संदेश ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया है।अमेरिकी कूटनीति में आया यह बड़ा बदलाव भारत के लिए क्यों है अहम?भारत की विदेश नीति की यह एक बहुत बड़ी और रणनीतिक सफलता के रूप में देखी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने जिस मजबूती के साथ दुनिया के सामने अपना पक्ष रखा है, उसने वैश्विक महाशक्तियों को अपनी पुरानी सोच बदलने पर मजबूर कर दिया है। सर्जियो गोर का यह बयान इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अमेरिका अब दक्षिण एशिया में भारत को एक मजबूत, भरोसेमंद और स्थिर रणनीतिक साझीदार के रूप में देखता है। लोकल ऑप्टिमाइजेशन और इंटरनेशनल रिलेशंस के जानकारों का कहना है कि जब अमेरिका जैसे देश के करीबी रणनीतिकार इस तरह की भाषा बोलते हैं, तो उसका सीधा असर संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर भी दिखाई देता है। भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अब पश्चिमी देशों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है।पाकिस्तान की बौखलाहट और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी घटती साखसर्जियो गोर के इस चर्चित बयान के बाद से पाकिस्तानी सरकार और सेना के भीतर जबरदस्त बौखलाहट देखने को मिल रही है। अपनी बदहाल अर्थव्यवस्था, आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अलगाव से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह बयान किसी बड़े झटके से कम नहीं है। दशकों से कश्मीर राग अलाप कर अपनी जनता का ध्यान भटकाने वाले पाकिस्तानी हुक्मरानों को अब यह समझ आ रहा है कि दुनिया का कोई भी बड़ा देश अब उनके झूठे प्रोपेगेंडा के झांसे में आने वाला नहीं है। पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका का झुकाव भारत के आर्थिक और सामरिक कद को देखते हुए पूरी तरह से बदल चुका है, और पाकिस्तान चाहकर भी इस भू-राजनीतिक हकीकत को बदल नहीं पा रहा है।जनरेशनल एआई सर्च और जियो-पॉलिटिकल एनालिटिक्स में क्यों ट्रेंड कर रहा है यह मुद्दा?आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की एल्गोरिदम के मुताबिक, वैश्विक राजनीति, कूटनीतिक बयानों और दो देशों के बीच के तनावपूर्ण संबंधों से जुड़ी खबरों को यूजर्स सबसे ज्यादा पढ़ना पसंद करते हैं। सर्जियो गोर के बयान के बाद एआई आधारित सर्च टूल्स पर यह सवाल सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है कि क्या अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर कश्मीर पर भारत के रुख का समर्थन कर दिया है? डिजिटल मीडिया रिपोर्ट्स और वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान भविष्य में भारत और अमेरिका के रक्षा तथा कूटनीतिक रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाएंगे, जबकि पाकिस्तान के रणनीतिक विकल्प दिन-प्रतिदिन पूरी तरह से सिमटते जा रहे हैं।भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और भविष्य के क्षेत्रीय समीकरणअंततः, सर्जियो गोर के इन 7 शब्दों ने यह साबित कर दिया है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता की धुरी अब पूरी तरह से बदल चुकी है। चीन और पाकिस्तान के नापाक गठजोड़ के खिलाफ भारत ने जिस रणनीतिक संयम और कूटनीतिक कौशल का परिचय दिया है, उसका लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है। आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सौदों, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और आतंकवाद के खात्मे को लेकर सहयोग और अधिक गहरा होने की पूरी संभावना है। पाकिस्तान के लिए अब यह बेहतर होगा कि वह अपनी पुरानी कश्मीर केंद्रित असफल नीतियों को छोड़कर अपने देश के भीतर आर्थिक सुधारों और आतंकवाद के खात्मे पर ध्यान दे, अन्यथा अंतरराष्ट्रीय पटल पर उसकी स्थिति और अधिक दयनीय होती चली जाएगी।
मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक और सीधे सैन्य टकराव के मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में स्थित लारक द्वीप (Larak Island) पर अमेरिकी वायुसेना ने भीषण एयरस्ट्राइक कर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के रॉकेट लॉन्चर्स को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिया है।इस अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान ने तीखा पलटवार करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध (Full-Scale War) का सायरन बज उठा है।लारक द्वीप पर अमेरिकी स्ट्राइक: क्या था पेंटागन का दावा?अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, खुफिया निगरानी में पाया गया था कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) लारक द्वीप के तटीय ठिकानों पर उन्नत मिसाइल और रॉकेट प्लेटफॉर्म तैनात कर रहे थे।अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने दावा किया कि इन प्लेटफॉर्मों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों के रास्ते में बाधा पहुंचाना और बारूदी सुरंगें बिछाने के अभियानों को कवर फायर देना था। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सटीक गाइडेड हथियारों (Precision-Guided Munitions) से हमला कर इन दोनों लॉन्चिंग पैड्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया।जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का जवाबी मिसाइल हमलालारक द्वीप पर हुए हमले के कुछ ही घंटों के भीतर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी सेना ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैनिकों की तैनाती वाले प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाते हुए कई सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।क्षेत्रीय सुरक्षा सूत्रों और जॉर्डन की सेना के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम (Patriot Missiles) ने अधिकांश मिसाइलों को आसमान में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइल हमलों के कारण बेस और उसके आसपास भारी सायरन बजने लगे और सैनिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी संप्रभुता और सामरिक द्वीपों पर अमेरिकी हमले जारी रहे, तो क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसके वैध निशाने पर होंगे।होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने का खतरालारक द्वीप पर हमला सीधे तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर हुआ है, जिसके माध्यम से दुनिया की कुल पेट्रोलियम और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों में हड़कंप मच गया है और कई बड़े तेल टैंकरों ने अपना रूट बदलने या सुरक्षित बंदरगाहों पर रुकने का फैसला किया है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह चोकपॉइंट कुछ दिनों के लिए भी बंद होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।वैश्विक कूटनीति में हलचल और शांति की अपीलअमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा सीधी भिड़ंत के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), यूरोपीय संघ और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। कतर, ओमान और स्विट्जरलैंड दोनों पक्षों के बीच तनाव घटाने के लिए बैकचैनल बातचीत शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं।सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) का दौर खत्म होकर अब सीधे हमलों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जो किसी भी समय एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। वैश्विक समुदाय की नजरें अब व्हाइट हाउस और तेहरान के अगले कदमों पर टिकी हैं।
ईरान से वित्तीय लेन-देन रोकने के लिए एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका: स्कॉट बेसेंट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के साथ वित्तीय लेन-देन पर लगाम कसने के लिए इस सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 सम्मेलन में बेसेंट दुनिया की प्रमुख और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिका के प्रयास में उनका सहयोग हासिल करने की कोशिश करेंगे। बेसेंट ने इन बैठकों से पहले एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो वित्तीय मोर्चे पर सख्त कार्रवाई होगी। हम लोगों को यह दिखा रहे हैं कि हमें पता है कि आप कौन हैं, आपको भी पता है कि आप कौन हैं और यह सब अब बंद होना चाहिए।’’बेसेंट ने हाल में एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य उन देशों पर दबाव बनाना है, जो पहले से ही अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के साथ अब भी कारोबार कर रहे हैं। ऐसे देशों से ईरान के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ने या फिर अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई का सामना करने को कहा गया है। वित्त विभाग ने इस अभियान के तहत शुक्रवार को पहली आधिकारिक कार्रवाई की। विभाग ने एक प्रस्तावित नियम जारी किया, जिसके अंतिम रूप लेने पर मिस्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक ‘बैंक मिस्र’ की संयुक्त अरब अमीरात स्थित शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच खत्म हो जाएगी। हालांकि, मिस्र के बैंक पर सीधे प्रतिबंध लगाने से बचते हुए ट्रंप प्रशासन ने यह संकेत दिया कि वह ईरान के साथ कारोबार करने वाले बड़े व्यापारिक साझेदारों पर प्रतिबंध लगाने से हिचक रहा है। इनमें चीन और भारत भी शामिल हैं, जिनके अधिकारियों के साथ बेसेंट इस सप्ताह बैठक करने वाले हैं। बेंसेंट ने कहा कि वह जी-20 बैठक में अपने चीनी समकक्षों से बातचीत करेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि बीजिंग द्वारा ईरान से लगातार तेल खरीदने के मद्देनजर उस पर प्रतिबंध लगाने समेत सभी विकल्प खुले हैं।
अमेरिका का ईरान के लारक द्वीप पर जोरदार हमला, ईरान ने जवाब में जॉर्डन पर मिसाइलें दागीं
लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के नजदीक स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के करीब और उसके मध्य हिस्से में आता है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने जी-20 बैठक की कवरेज से न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्लूमबर्ग के पत्रकारों को रोका
अमेरिका के वित्त विभाग ने कुछ पत्रकारों को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की वित्तीय बैठक को ‘कवर’ (किसी कार्यक्रम या घटना की मौके पर जाकर रिपोर्टिंग) करने से रोक दिया है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा मीडिया की पहुंच सीमित किए जाने का नया मामला है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बताया कि उसके और ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ एवं ‘ब्लूमबर्ग’ के पत्रकारों को उत्तरी कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के लिए मान्यता नहीं दी गई। वित्त विभाग ने इस फैसले का कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसका किसी विचारधारा या किसी खास दृष्टिकोण से कोई लेना-देना नहीं है।’’जिन पत्रकारों को बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया है, उनमें ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एलन रैपेपोर्ट भी शामिल हैं। वह 2017 से ऐसी बैठकों और वित्त विभाग को कवर करते रहे हैं। हालांकि, ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एक अन्य पत्रकार और बर्लिन ब्यूरो प्रमुख जिम टैंकर्सली को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक बयान में कहा कि अमेरिका में आयोजित किसी कार्यक्रम में अमेरिकी पत्रकारों को प्रवेश से वंचित करना ‘‘प्रशासन द्वारा स्वतंत्र पत्रकारिता को कमजोर करने की एक और चिंताजनक कोशिश’’ ही नहीं है, बल्कि ‘‘जनता की निगरानी से बचने का प्रयास’’ भी है। अखबार ने कहा, ‘‘ईरान में युद्ध, प्रतिबंध, बॉण्ड बाजार और महंगाई जैसे मुद्दे जी-20 के वित्त मंत्रियों के एजेंडे में हैं। ऐसे में इस बैठक का वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी जनता के लिए बहुत महत्व है। विशिष्ट पत्रकारों और पूरे समाचार संगठनों को बाहर रखना जनता के हित के खिलाफ है और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।’’‘ब्लूमबर्ग न्यूज’ ने कहा कि बैठक में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक ‘‘मीडिया की स्वतंत्रता और सार्वजनिक जवाबदेही को कमजोर करती है।’’वहीं, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बेसेंट जी-20 की इस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, जो शनिवार से मंगलवार तक चलेगी। इसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह तनाव सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है और कई बार अदालतों तक भी पहुंच चुका है। रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि उसका प्रेस कार्यालय अब गोपनीय क्षेत्र बन गया है, जहां पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। लारक हमले के बाद ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं।
सीतारमण ने शिकागो में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के राजकोषीय सुधार कार्यक्रम, भारत के आर्थिक लक्ष्यों तथा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौतों के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा की।
तेहरान, 31 अगस्त . ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने Monday को दावा किया कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी हवाई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से संयुक्त हमला किया है. यह कार्रवाई Sunday रात ईरान के लारक द्वीप पर हुए कथित अमेरिका-इजरायल हवाई हमले के जवाब में की गई है. ईरानी समाचार ... Read more
मध्य पूर्व में महीनों से सुलग रही जंग ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। लाल सागर और फारस की खाड़ी में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में स्थित लारक द्वीप पर बड़ा हवाई हमला बोला है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में सी-माइंस (समुद्री बारूदी सुरंगें) बिछाने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए की गई। इस हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने आक्रामक पलटवार करते हुए जॉर्डन में स्थित अमेरिकी वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दाग दिए।लारक द्वीप पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक: क्या था पेंटागन का मुख्य लक्ष्य?अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य टकराव में जो ठहराव था, वह इस हमले के साथ टूट गया है। अमेरिकी नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने पुष्टि की कि लारक द्वीप पर ईरानी सेना के दो प्रमुख रॉकेट लॉन्चरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। लारक द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर बंदर अब्बास के पास स्थित लगभग 49 वर्ग किलोमीटर का एक रणनीतिक द्वीप है, जहां से गुजरने वाले हर अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर पर सीधी नजर रखी जा सकती है।अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने दावा किया था कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्ग में सी-माइंस तैनात करने के लिए रॉकेट लॉन्चर तैयार कर रहे थे। पेंटागन ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने का काम पूरा होने के बाद किसी भी नई उकसावे वाली कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस स्ट्राइक के जरिए वाशिंगटन ने तेहरान को कड़ा संदेश दिया है कि जलमार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका सैन्य ताकत के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेगा।ईरान का भीषण पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल अटैकअमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान की ओर से सख्त प्रतिक्रिया आई। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने इस स्ट्राइक को एक 'घातक रणनीतिक भूल' करार दिया। तेहरान ने कुछ ही घंटों के भीतर जॉर्डन स्थित किंग हुसैन एयरबेस और अल-अजराक एयरबेस को निशाना बनाकर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।ईरानी सरकारी मीडिया (IRIB) ने दावा किया कि इन हमलों में अमेरिकी लड़ाकू विमानों की पोजिशन और मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि, जॉर्डन की सेना और अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम्स ने इनमें से अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। इस जवाबी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अब केवल खाड़ी क्षेत्र तक सीमित न रहकर पड़ोसी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी बुनियादी ढांचे को भी सीधे निशाना बनाने की क्षमता रखता है।वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप: कच्चे तेल के दाम $90 के पारइस ताजा सैन्य टकराव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कमोडिटी बाजारों पर पड़ा है। सोमवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड और यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड के दामों में करीब 2% से अधिक का तेज उछाल दर्ज किया गया, जिससे कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छूने लगीं।होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल पेट्रोलियम और एलएनजी (LNG) उपभोग का लगभग 20% हिस्सा ले जाने वाला सबसे अहम समुद्री मार्ग है। संघर्ष के कारण इस संकरे समुद्री गलियारे में वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन लगभग ठप पड़ गया है और इंश्योरेंस प्रीमियम आसमान छू रहे हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जलमार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है।छह महीने का संघर्ष: कूटनीतिक विफलता और आर्थिक नाकेबंदीअमेरिका और ईरान के बीच जारी वर्तमान युद्ध अब अपने सातवें महीने में प्रवेश कर रहा है। कतर, ओमान और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों द्वारा की गई कई दौर की शांति वार्ताएं बेनतीजा रही हैं। जहां एक तरफ वाशिंगटन ने 'डी-डे' प्रतिबंधों के जरिए ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने और आर्थिक नाकेबंदी तेज करने की रणनीति अपनाई है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान ने सैन्य प्रतिरोध और प्रॉक्सी नेटवर्क को मजबूत कर दबाव का सामना करने की रणनीति बनाई है। अमेरिकी सेना के आंतरिक हलकों में भी लंबी तैनाती और युद्ध सामग्री की खपत को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।भारत और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर क्या पड़ेगा असर?मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है:कच्चे तेल का आयात बिल: भारत अपनी घरेलू पेट्रोलियम जरूरतों का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। तेल की कीमतों में उछाल से भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव बन सकता है।मुद्रास्फीति और घरेलू ईंधन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी से घरेलू स्तर पर परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है, जिसका असर खाद्य वस्तुओं की महंगाई पर पड़ सकता है।प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों और मध्य पूर्व में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और स्थिरता भारत की विदेश नीति के लिए सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।व्यापारिक मार्ग और शिपिंग लागत: जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से चक्कर लगाकर भेजने के कारण निर्यात और आयात दोनों का मालभाड़ा (Freight Rate) काफी बढ़ चुका है।अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (AEO FAQs)प्र. 1: अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला क्यों किया?उत्तर: अमेरिकी सेना (CENTCOM) के अनुसार, लारक द्वीप पर ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट में सी-माइंस बिछाने के लिए रॉकेट लॉन्चर तैनात कर रही थी, जिसे नष्ट करने के लिए यह सटीक हवाई हमला किया गया।प्र. 2: ईरान ने जॉर्डन में किन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया?उत्तर: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन स्थित किंग हुसैन एयरबेस और अल-अजराक एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया।प्र. 3: होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?उत्तर: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त ऊर्जा चोकपॉइंट है, जिससे होकर वैश्विक पेट्रोलियम और एलएनजी व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को बनाया निशाना
अमेरिकी बलों ने रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया जो पिछले एक महीने में ईरान के खिलाफ अमेरिका की पहली सैन्य कार्रवाई है। छह महीने से अधिक समय से रुक-रुककर जारी युद्ध में कुछ समय से बनी शांति इस हमले के साथ ही भंग हो गई। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के बलों को होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट दागने और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी करते देखा गया था। अमेरिकी सेना ने जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम पिछले सप्ताह ही पूरा किया था। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार संस्थाओं ने जलडमरूमध्य में लारक द्वीप के पास विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की खबर दी। ईरान के सरकारी प्रसारक द्वारा प्रसारित एक बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि ‘‘हमारे कई लड़ाके और हमवतन शहीद एवं घायल हुए हैं।’’ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बाद में कुछ दृश्य दिखाते हुए दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। जॉर्डन के सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को नष्ट कर दिया। खुले तौर पर संघर्ष फिर से शुरू होना इस क्षेत्र के लिए खतरनाक होगा। ईरान 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहा है। अमेरिकी सेना ने इससे पहले 29 जुलाई को ईरान को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की थी। उस समय उसने तटीय निगरानी और रक्षा प्रतिष्ठानों समेत रिवोल्यूशनरी गार्ड के कई ठिकानों पर ‘‘भीषण हमले’’ करने की घोषणा की थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अगस्त को कहा था कि खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के आग्रह पर वह सेना को ईरान पर हमले फिलहाल रोकने का आदेश देंगे।
अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया, दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ा
वॉशिंगटन, 31 अगस्त . अमेरिकी सेना ने Sunday (स्थानीय समय) को ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो लॉन्चरों को निशाना बनाया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने यह जानकारी दी. हॉकिन्स ने कहा, “इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जवानों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट ... Read more
एशविले, 31 अगस्त . जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में हिस्सा लेने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Sunday (अमेरिकी स्थानीय समय) को अमेरिका के साउथ कैरोलिना पहुंचीं. इस बैठक में ग्लोबल ग्रोथ, आर्थिक असंतुलन, Governmentी कर्ज और ईरान संघर्ष के नतीजों पर चर्चा होगी. ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ... Read more
जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक: अमेरिका पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ग्लोबल ग्रोथ, सरकारी कर्ज और ईरान संघर्ष पर होगी चर्चा
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप (Larak Island) पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है।इस हमले सेफरवरी से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने की घोषणा की है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी हमले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह जुलाई के अंत के बाद ईरान पर अमेरिका का पहला बड़ा हमला है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने CBS News को बताया कि IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। BBC के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने देखा था कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?लारक द्वीप ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास के बिल्कुल करीब स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बीचों-बीच आता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों को लारक द्वीप के पास से होकर जाने और जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है।कुछ जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का शुल्क लिए जाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी को देखते हुए लारक द्वीप पर मौजूद लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।ईरान ने दी बदले की धमकीईरानी सेना IRGC ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा कीहै। इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक और घातक गलती बताया। IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस गलत आकलन की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुकानी पड़ेगी। ईरान की IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारक द्वीप पर हमला ड्रोन के जरिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकिदो अन्य घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमलाईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल-अजराक को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों के तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां भारी नुकसान हुआ है।हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में घुसी आठ मिसाइलों को रोक लिया है। जॉर्डन की सरकारीन्यूज एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये मिसाइलें सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थीं।ट्रंप ने दी थी समुद्री सुरंगों पर चेतावनीअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को या तो नष्ट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा किसी जहाज या नाव के जरिए नई सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के इस दावे को 'प्रचार और भ्रम फैलाने वाली बात' बताया है।ईरान पर बढ़ रहा आर्थिक दबावअमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिका ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया था। इनका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग करना तथा उसके सहयोगी देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इन प्रतिबंधों को पहले से जारी अमेरिकी आर्थिक दबाव का ही विस्तार बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष में असफल रहने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहमतेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल इस्तेमाल होने वाले तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य टकराव या समुद्रीट्रैफिक में रुकावट का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।छह महीने से जारी है ईरान युद्धअमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। इस संघर्ष के दौरानहोर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्रीट्रैफिक लगभग बंद हो गया था।अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई ने इस लंबे संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि होर्मुज में फिर से सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।ये भी पढ़ें- नेपाल बाढ़: त्रासदी से पहले टीचर ने बजाई 'खतरे की घंटी'! तुरंत खाली कराई स्कूल, बसें रुकवाईं और बचा ली 1,643 बच्चों की जान
US-Iran Conflict: अमेरिका के हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें; होर्मुज पर बढ़ा तनाव
होर्मुज में बारूद, जहाजों के लिए खतरा... अमेरिका ने अचानक ईरान पर क्यों गिराए बम?
अमेरिका ने कहा कि उसने ईरान के लाराक आईलैंड पर सीमित और सटीक स्ट्राइक इसलिए की, क्योंकि आईआरजीसी होर्मुज स्ट्रेट में फिर से समुद्री माइन बिछाने की तैयारी कर रही थी. ईरान ने इसे आक्रामक कार्रवाई बताया, हताहतों का दावा किया और जॉर्डन की तरफ मिसाइल-ड्रोन हमले किए.
अमेरिका का कई हफ्तों बाद ईरान पर बड़ा हमला: लाराक द्वीप पर दो सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
जॉर्डन की सेना ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस प्रणालियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमवार तड़के उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 8 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
अमेरिका ने लारक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया है। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।
फास्ट फैशन से दूरी: अमेरिका में खुद फ्लेक्स उगाकर कपड़े बना रहीं ईव ओग्डेन शब, क्यों चुना पुराना तरीका?
करनाल जिला में घरौंडा के गांव गुढ़ा गांव में 28 वर्षीय युवक का रास्ता रोककर हमला करने का मामला सामने आया है। युवक का आरोप है कि गांव में वॉलीबॉल खेलते समय हुई कहासुनी के बाद तीन युवकों ने उसका पीछा किया और मोटरसाइकिल के सामने बाइक अड़ाकर मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने गंडासी के उलटे हिस्से और लकड़ी के डंडे से वार किए तथा जान से मारने की धमकी दी। युवक को पहले सीएचसी घरौंडा और बाद में करनाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेलते समय हुई थी कहासुनी पुलिस को दिए बयान में गुढ़ा निवासी शिव चरण ने बताया कि वह 28 वर्ष का है और दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। वह तीन महीने पहले अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत आया था। उसके पिता ओम प्रकाश का वर्ष 2019 में निधन हो चुका है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव में वॉलीबॉल खेलते समय उसकी कई बार कृष, साहिल और रोहित के साथ कहासुनी हो चुकी थी। करीब एक सप्ताह पहले भी खेल के दौरान उसके और इन युवकों के बीच गाली-गलौच हुई थी। उसका आरोप है कि कृष अक्सर उसे नीचा दिखाने की कोशिश करता था। कल शाम करीब 6 बजे शिव चरण को कृष स्कूल के पास गली में मिला। आरोप है कि कृष ने दोबारा डिपोर्ट करवाने में परिवार का हाथ होने की बात कही। शिकायतकर्ता ने उसे इस बात के लिए आदमी देने की बात कही, जिस पर दोनों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इंस्टाग्राम पर फोन आया, रास्ते में बाइक रोकी बयान के अनुसार इसके बाद शिकायतकर्ता अपनी मोटरसाइकिल से पेट्रोल डलवाने के लिए गुढ़ा गैस प्लांट की तरफ चला गया। शाम करीब 6:30 बजे वह वापस गांव की ओर आ रहा था। पुलिया से कुछ पहले साहिल ने इंस्टाग्राम पर उसे कॉल किया और कथित तौर पर पूछा कि वह कहां है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रजवाहे से पीछे है और गांव की ओर आ रहा है। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद रोहित मोटरसाइकिल चला रहा था, साहिल बीच में और कृष पीछे बैठा था। तीनों ने सामने से आकर शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल के आगे अपनी बाइक अड़ा दी और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि साहिल के हाथ में गंडासी थी और उसने गंडासी के उलटे हिस्से से उसके कंधे पर वार किया। रोहित ने लकड़ी के डंडे से उसके सिर पर हमला किया, जबकि कृष ने लकड़ी के डंडे से उसकी बाईं बाजू पर वार किए। झगड़े के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की बात कही। शिव चरण के अनुसार कृष ने यह भी कहा कि कुछ दिन बाद उसका वीजा है और पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इलाज के बाद पुलिस ने केस किया दर्ज घटना के बाद शिकायतकर्ता को इलाज के लिए सीएचसी घरौंडा ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने के बाद उसे करनाल के विर्क अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने बताया कि हमले में उसकी बाईं बाजू में फ्रैक्चर हुआ है और सिर समेत शरीर पर कई चोटें आई हैं। उसने तीनों आरोपियों से भविष्य में भी खतरा बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। झगड़े की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल में घायल के ब्यान लेने के लिए पहुंची। पुलिस ने शिकायत के आधार पर घरौंडा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई राजकुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि कृष, साहिल और रोहित को नामजद किया गया है।
पटना में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU) के स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने कम लागत वाली तकनीक से छह नए मैग्नेटिक नैनोमेटेरियल्स विकसित किए हैं। इन नैनोमेटेरियल्स को तैयार करने में नींबू के रस का इस्तेमाल प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम के रूप में किया गया है। शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। नींबू के रस से तैयार किए गए नैनोपदार्थ यह शोध नैनोटेक्नोलॉजी सेंटर के प्रमुख डॉ. राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। इसमें एम.टेक. नैनोटेक्नोलॉजी के पूर्व विद्यार्थियों और तकनीकी टीम के सदस्यों अनुराधा मुस्कान, निशांत कुमार, मोनालिसा और प्रिंस कुमार ने सहयोग किया। शोधकर्ताओं ने दुर्लभ अर्थ एलिमेंट नियोडिमियम (Nd) से युक्त कोबाल्ट फेराइट चुंबकीय नैनोपदार्थ तैयार किए हैं। इनके निर्माण में नींबू के रस को हरित माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रक्रिया को पर्यावरण-अनुकूल और कम लागत वाली बनाया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और नैनोमेडिसिन में हो सकता है उपयोग शोध के दौरान तैयार किए गए नैनोपदार्थ में विशेष संरचनात्मक, चुंबकीय और फेरोइलेक्ट्रिक गुण पाए गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इन गुणों के कारण भविष्य में इनका इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ-साथ जैव-चिकित्सा और नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में किया जा सकता है। किसी पदार्थ की उपयोगिता उसकी आंतरिक और क्रिस्टलीय संरचना से काफी हद तक निर्धारित होती है। ऐसे में इन नई सामग्रियों के क्रिस्टलीय और अन्य वैज्ञानिक आंकड़े आगे के शोध के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ अध्ययन शोध की वैज्ञानिक नवीनता और संभावित उपयोगिता को देखते हुए इसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका Journal of Materials Science: Materials in Electronics में प्रकाशित किया गया है। शोध-पत्र में नियोडिमियम से युक्त कोबाल्ट फेराइट नैनोपदार्थों की संरचनात्मक स्थिरता, चुंबकीय और फेरोइलेक्ट्रिक गुणों का अध्ययन किया गया है। अमेरिका की ICDD ने दी वैज्ञानिक मान्यता शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। अमेरिका स्थित International Centre for Diffraction Data (ICDD) ने विकसित किए गए छह नैनोपदार्थों के क्रिस्टलीय आंकड़ों को अपने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक डेटाबेस में नई प्रविष्टियों के रूप में मान्यता दी है। इन आंकड़ों की समीक्षा अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के वैज्ञानिकों एवं संपादकीय विशेषज्ञों ने की। छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए उपयोगी होंगे आंकड़े इन छह नई क्रिस्टलीय संरचनाओं का अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस में शामिल होना शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन आंकड़ों की मदद से वैज्ञानिक इन सामग्रियों की पहचान, संरचना के अध्ययन और आगे के प्रयोग कर सकेंगे। इनका उपयोग स्नातक स्तर से लेकर पीएचडी, पोस्ट-डॉक्टोरल शोध और औद्योगिक तकनीकी विकास तक किया जा सकता है। बिहार के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उपलब्धि यह उपलब्धि बिहार के वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की बढ़ती शोध क्षमता को भी दर्शाती है। हरित नैनोप्रौद्योगिकी, चुंबकीय नैनोपदार्थ और उन्नत सामग्री के क्षेत्र में हुए इस शोध से आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के साथ बिहार की वैज्ञानिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है। AKU के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने शोध दल को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने शोधकर्ताओं को समाजोपयोगी और नवीन अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। शोध दल ने बिहार सरकार के शिक्षा विभाग और आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग एवं संस्थागत समर्थन के प्रति आभार जताया।
ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की तैयारी में अमेरिका, बैंक पर लगाएगा प्रतिबंध
ट्रंप प्रशासन ईरान से जुड़े लेनदेन पर इस हफ्ते एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर वित्तीय दबाव बढ़ाया जाएगा.
'यह तुम्हें महंगा पड़ेगा': अमेरिका में भारतीय ध्वज के अपमान पर भड़के रिजिजू; खालिस्तानियों को दिया दो-टूक जवाब
पश्चिम एशिया तनाव: अमेरिका के खिलाफ मुस्लिम एकता का आह्वान, खामेनेई ने किससे और क्यों की ऐसी अपील; हालात कैसे?
Hisar News: अमेरिका-कनाडा का वीजा लगवाने के नाम पर 25 लाख से अधिक हड़पे
अमेरिका-कनाडा का वर्क वीजा लगवाने के नाम पर नगथला निवासी व्यक्ति से 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी के आरोपी दिल्ली निवासी राहुल उर्फ रोहित बंसल को इकोनॉमिक सेल हिसार ने रविवार को गिरफ्तार किया।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से मोगा में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। धरने की अध्यक्षता यूनियन की जिला कमेटी के अध्यक्ष अमरजीत सिंह सैदो ने की। जिला महासचिव गुरमीत सिंह किशनपुरा, जिला वित्त सचिव बलोर सिंह घल्ल कलां और ब्लॉक मोगा-2 के अध्यक्ष इकबाल सिंह सिंघावाला ने भी संबोधित किया। किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित समझौता कॉरपोरेट समर्थक है। इससे फसलों के दाम गिरने, बेरोजगारी बढ़ने और छोटे उद्योगों के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि डेयरी फार्मिंग और मछली पालन पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। बड़ी संख्या में मौजूद रहे किसान नेता और कार्यकर्ता नेताओं ने इसे तीन कृषि कानूनों का बदला हुआ रूप बताते हुए कहा कि बड़ी अमेरिकी कंपनियों को इससे और अधिक छूट मिलेगी। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए बजट में प्रावधान, बड़ी कंपनियों और पूंजीपतियों पर अधिक टैक्स लगाने, आम लोगों पर टैक्स का बोझ घटाने तथा सरकारी संपत्तियों की बिक्री बंद करने की मांग की। धरने में बूटा सिंह भागीके, केवल कृष्ण बधनी, जगजीत सिंह बधनी, गुरचरण सिंह रामा, नछत्तर सिंह झंडे वाला सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सहारनपुर के मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है, तो मोहन भागवत ऐसे लोगों को अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करते?अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है। लेकिन इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने विचारों को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है, बल्कि संघ इसे व्यवहार में भी लागू करना चाहता है। दरअसल, शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, 'अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।' उन्होंने कहा कि वे खुद कोई धार्मिक विद्वान नहीं हैं। जिस समाज में वे काम करते हैं, उसकी परंपरा मानती है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है। सभी रास्ते ईश्वर तक जाते हैं। मदनी बोले- नफरत फैलाने वालों पर RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है? जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने और मस्जिदों, मदरसों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने वाले लोगों के खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है? अगर संगठन (RSS) की विचारधारा एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करती है। तो नफरत फैलाने वालों से स्पष्ट दूरी बनाना भी जरूरी है। केवल बयान या भाषण देने से किसी विचार की सच्चाई साबित नहीं होती, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। RSS कार्रवाई कर अपनी बात को साबित करे नफरत फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित किया जाना चाहिए कि एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात केवल विदेश में कही गई बात नहीं है। भारत किसी एक धर्म का देश नहीं है, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। उन्होंने संविधान में दिए गए समान अधिकारों की रक्षा को लेकर भी सवाल उठाया। मौलाना अरशद मदनी ने सवाल किया कि नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी? संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी? भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा जरूरी है। किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है। इसलिए उनके मुताबिक, एकता और भाईचारे की बात करने वाले संगठनों और नेताओं को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ उनकी वास्तविक कार्रवाई क्या है? ……………..ये खबर भी पढ़िए- यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया:IIT-IIM पास, 4 महीने से साइडलाइन थीं; अफसर पति भी इस्तीफा दे चुके हैं यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल (43) ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अभी वह लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव हैं। दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा भेज दिया। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। दिव्या मित्तल का अचानक इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियों में है। इस्तीफा क्यों दिया, यह स्पष्ट नहीं है। चर्चा है कि 4 महीने से वह साइडलाइन थीं। फील्ड पोस्टिंग चाहती थीं। 2013 बैच की दिव्या 13 साल से नौकरी कर रही थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची थी। IIT दिल्ली से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री लेने के बाद लंदन में नौकरी की। लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर वह वापस आईं। दो साल में दो बार UPSC क्लियर किया। पहली बार में IPS बनीं। फिर अगले साल IAS बन गईं। पढ़ें पूरी खबर
मछुआरा कुछ सेकंड के लिए हम्पबैक व्हेल के मुंह में फंसा, अमेरिका में दावा चर्चा में
मछुआरा कुछ सेकंड के लिए हम्पबैक व्हेल के मुंह में फंसा, अमेरिका में दावा चर्चा में
Ghost Town In Alabama: हंट्सविले में 22,000 स्क्वेयर फुट का ‘मिनी अमेरिका’, असली शहर जैसा अनुभव देता है यह अनोखी जगह
भारत ने अमेरिका और चीन के साथ आर्थिक साझेदारी में संतुलन बनाया
New Delhi, 30 अगस्त . India ने 2026 के दौरान अमेरिका और चीन दोनों के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी में संतुलन बनाने में सफलता हासिल की है. India ने 2025 में वॉशिंगटन के साथ बढ़े टैरिफ विवाद का बातचीत के जरिए समाधान किया है और 2020 के सीमा संघर्षों के बाद पहली बार चीनी पूंजी ... Read more
ट्रंप के टैरिफ की मोदी ने निकाली काट, बदली विदेश नीति; अमेरिकी अखबार भी करने लगा तारीफ
जर्मनी के साथ पनडुब्बी तकनीक और फ्रांस के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर सहमति बनी है। फ्रांस ने भारतीय छात्रों के लिए वीजा नियमों को भी आसान बनाया है।
अमेरिका: फ्लोरिडा के हाईवे पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग
फ्लोरिडा के सेब्रिंग के पास शनिवार की सुबह एक सेसना 172 विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। उड़ान के दौरान पायलट को इंजन में खराबी का सामना करना पड़ा था। जब विमान सड़क पर उतरा तो उसमें तीन लोग सवार थे। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। यह विमान फोर्ट मायर्स से सेब्रिंग …
अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सर्राफा कारोबारी सितंबर माह में उतार-चढ़ाव के एक और दौर के लिए तैयार हैं। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक भारत सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण और सेवा पीएमआई आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे। बीते सप्ताह सोने की कीमतों से 6,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Sonal Dinusha ने तोड़ा Joe Root का बड़ा रिकॉर्ड, India के खिलाफ 'Sweep Shot' से रचा नया इतिहास एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘आने वाला सप्ताह अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरा रहने की संभावना है, क्योंकि बाजार भागीदार सितंबर में फेडरल रिजर्व की नीति में बदलाव की संभावना को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।’’ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलिवरी वाला सोना वायदा पिछले सप्ताह 6,157 रुपये यानी 3.8 प्रतिशत गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि सितंबर अनुबंध वाली चांदी 9,893 रुपये यानी चार प्रतिशत टूटकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। त्रिवेदी ने कहा, ‘‘एमसीएक्स सोने में पिछले सप्ताह तेज गिरावट देखी गई, जो लगभग 1.63 लाख रुपये से गिरकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके चलते सप्ताह के ऊपरी स्तर से लगभग 6,000 रुपये से अधिक की गिरावट आई।’’ जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण के बाद शुक्रवार को बिकवाली का दबाव तेज हो गया, जिसमें मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति पर उनकी टिप्पणियों ने सर्राफा बाजारों में मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, कॉमेक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना वायदा 150.7 डॉलर यानी 3.2 प्रतिशत गिरकर 4,680.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी वायदा 2.56 डॉलर या 3.64 प्रतिशत गिरकर 67.78 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मेर ने कहा कि नए महीने में प्रवेश करते हुए बाजार अमेरिकी श्रम-बाजार संकेतकों पर बारीकी से नजर रखेगा, जिसमें गैर-कृषि पेरोल, बेरोजगारी के आंकड़े और एडीपी गैर-कृषि रोजगार परिवर्तन शामिल हैं, जो सितंबर की बैठक से पहले फेडरल रिजर्व के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Ahmedabad Airport पर 83.14 लाख की Gold Chain जब्त, शारजाह से आई महिला गिरफ्तार कारोबारी अमेरिका-ईरान संघर्ष पर नजर बनाए रखेंगे, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के घटनाक्रम कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रास्फीति के अनुमान को प्रभावित कर सकते हैं।
अमेरिका छोड़कर इजरायल लौटे नेतन्याहू के बेटे यायर, ईरान से था जान को खतरा?
इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने पुष्टि की है कि यायर नेतन्याहू को उनकी सुरक्षा टीम के साथ फ्लोरिडा से वापस लाया गया। एजेंसी के अनुसार, अधिकारियों ने आकलन किया कि उन्हें ईरान से खतरा है।
परिणीति चोपड़ा के बेटे नीर की पहली राखी हुई खास, अमेरिका से बहन मालती मैरी ने भेजी राखी
बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा के घर इन दिनों खुशियों का माहौल है। बीते वर्ष माता-पिता बने इस खूबसूरत जोड़े ने अपने बेटे 'नीर' का पहला रक्षाबंधन बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया। सात समंदर पार अमेरिका में बैठी परिणीति की बहन प्रियंका चोपड़ा की बेटी 'मालती मैरी चोपड़ा जोनस' ने अपने छोटे भाई नीर के लिए प्यार से भरी एक विशेष राखी भेजी। मासूम कलाई पर सजी विंटेज कार राखी परिणीति चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर इस खास मौके की एक बेहद प्यारी झलक फैंस के साथ साझा की। शेयर की गई तस्वीर में नन्हे नीर के छोटे कोमल हाथों में बंधी हुई राखी साफ नजर आ रही है। इस राखी का डिजाइन बेहद खास था, जिसमें एक क्यूट विंटेज कार बनी हुई थी। तस्वीर साझा करते हुए परिणीति ने बेटे नीर की ओर से लिखा, मेरी पहली राखी के लिए थैंक यू मालती दीदी! ढेर सारा प्यार, नीर। इस पोस्ट पर फैंस और बॉलीवुड हस्तियों ने जमकर प्यार लुटाया। प्रियंका चोपड़ा ने री-शेयर कर जताया प्यार ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा भी इस पारिवारिक प्रेम को देखकर खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने परिणीति की इस स्टोरी को अपने इंस्टाग्राम पर री-शेयर करते हुए लिखा, दीदी तुमसे बहुत प्यार करती है बेबी नीर। गौरतलब है कि नीर के जन्म के समय से ही प्रियंका और निक जोनस अपनी इस नई जिम्मेदारी और रिश्ते को लेकर बेहद खुश नजर आ रहे हैं। नीर के जन्म के तुरंत बाद भी प्रियंका, निक और मालती की तरफ से ढेरों उपहार और गुडिज भेजे गए थे, जिसकी तस्वीर शेयर करते हुए परिणीति ने लिखा था कि उनका बेटा अभी से बिगाड़ा जा रहा है। बता दें कि परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। लंबे समय तक अपने रिश्ते को मीडिया की नजरों से दूर रखने के बाद इस जोड़े ने मई 2023 में नई दिल्ली के कपूरथला हाउस में सगाई की थी। इसके बाद सितंबर 2023 में राजस्थान के उदयपुर स्थित 'द लीला पैलेस' में दोनों विवाह के बंधन में बंधे थे। शादी के करीब दो साल बाद, 19 अक्टूबर 2025 को दोनों ने अपने पहले बेटे का स्वागत किया। एक महीने बाद कपल ने अपने बेटे के नाम का खुलासा 'नीर' के रूप में किया, जिसका अर्थ होता है 'पवित्र, दिव्य और असीम जल'।
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
कुत्ते ने ‘नोटों की गड्डी’ को समझा खाना, मालिक को लगा लाखों का झटका—अमेरिका से हैरान करने वाली घटना
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में इस समय भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है, जिसने सीधे तौर पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. हाल ही में भारत के दौरे पर आए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक ऐसा बयान दे डाला है, जिसके बाद से इस्लामाबाद से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. सर्जियो गोर ने अपने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया, और उनके मुंह से निकले इन सात शब्दों ने पाकिस्तान की पुरानी और भारत-विरोधी बयानबाजी की पूरी हवा निकाल दी है. जैसे ही अमेरिकी राजनयिक का यह बयान सामने आया, वैसे ही पाकिस्तान के हुक्मरानों और विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अमेरिकी राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया. भू-राजनीतिक एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि दशकों के इतिहास में यह पहला मौका है जब अमेरिका के किसी शीर्ष अधिकारी ने क्षेत्रीय कूटनीति के बीच इतने स्पष्ट और बेबाक शब्दों में भारत की संप्रभुता का समर्थन किया है, जिससे पाकिस्तान समर्थित लॉबी पूरी तरह से सदमे में आ गई है.सर्जियो गोर के इस दौरे और बयान से क्यों बौखलाया हुआ है पाकिस्तानपाकिस्तान की हमेशा से यह कोशिश रही है कि कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता बनी रहे या फिर पश्चिमी देश इस पर कोई संदिग्ध रुख अपनाए रखें, ताकि वह वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ झूठा پروपेगैंडा फैला सके. लेकिन अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ अपनी बैठक के दौरान और सार्वजनिक मंच से जम्मू-कश्मीर की तारीफ करते हुए इसे भारत का अहम हिस्सा बताया, तो पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई. इस बयान के तुरंत बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में मौजूद अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स (प्रभारी राजनयिक) को तलब किया और एक औपचारिक डिमार्चे सौंपकर अपनी नाराजगी जाहिर की. पाकिस्तानी मीडिया और वहां के राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर मातम पसरा है कि जिस अमेरिका को वे अपना पारंपरिक मददगार मानते आए हैं, उसी महाशक्ति के एक शीर्ष दूत ने भारत के आंतरिक मामलों पर मुहर लगाकर उनकी कूटनीतिक चालों को धराशायी कर दिया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह घटनाक्रम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक मंच पर भारत का कद कितना मजबूत हो चुका है और अब दुनिया की महाशक्तियां भी पाकिस्तान के दबाव में आने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं.अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स की नजर में क्या बदलते वैश्विक समीकरणों के मायनेदुनियाभर के कूटनीतिक मामलों के जानकारों और वरिष्ठ राजनयिकों का यह मानना है कि सर्जियो गोर का यह बयान केवल एक साधारण टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में अमेरिका की बदलती हुई दीर्घकालिक नीति का एक बड़ा हिस्सा है. पूर्व राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका अब यह अच्छी तरह समझ चुका है कि भारत ही इस क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से उसका सबसे भरोसेमंद और मजबूत रणनीतिक साझीदार है. जब अमेरिकी दूत ने श्रीनगर की वादियों में पहुंचकर वहां के सुरक्षा सुधारों, विकास कार्यों और स्थानीय नेतृत्व की सराहना की, तो उन्होंने अलगाववादियों और पाकिस्तान के उस इकोसिस्टम को भी करारा जवाब दिया जो लंबे समय से कश्मीर की शांति को बाधित करने की फिराक में रहता था. इस दौरे के दौरान अमेरिकी दूत ने किसी भी अलगाववादी या भारत-विरोधी तत्वों से मिलने से पूरी तरह परहेज किया, जो अपने आप में एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव माना जा रहा है. यह इस बात को साबित करता है कि वाशिंगटन अब कश्मीर को लेकर पुरानी और निष्प्रभावी हो चुकी नीतियों से पूरी तरह बाहर निकल चुका है और भारत के साथ अपने रक्षा, व्यापारिक व रणनीतिक रिश्तों को सबसे ऊपर रख रहा है.भारत की मजबूत कूटनीति और वाशिंगटन के बदलते रुख का भविष्य पर असरपिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति ने वैश्विक स्तर पर जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उसने दुनिया के बड़े-बड़े देशों को भारत के राष्ट्रीय हितों के अनुकूल अपने रुख को बदलने पर मजबूर कर दिया है. कश्मीर के मुद्दे पर भारत का यह स्पष्ट स्टैंड हमेशा से रहा है कि यह देश का पूरी तरह से आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या दखलअंदाजी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के ताजा बयानों और दौरों ने इस भारतीय दावे पर एक प्रकार से अंतरराष्ट्रीय मुहर लगाने का काम किया है, जिससे भारत के घरेलू और विदेशी दोनों मोर्चों पर कूटनीतिक बढ़त हासिल हुई है. हालांकि भारत के भीतर कुछ विपक्षी दलों ने इस पर अपनी अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, लेकिन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो यह घटना पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ा कूटनीतिक झटका है जो अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में पूरी तरह अलग-थलग पड़ता जा रहा है. आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सौदों, तकनीकी साझेदारियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर आपसी सहयोग और अधिक प्रगाढ़ होने की पूरी उम्मीद है, और इस प्रकार के बयानों से यह साफ हो जाता है कि आतंकवाद और संप्रभुता के मुद्दों पर वैश्विक महाशक्तियां अब पूरी दृढ़ता के साथ भारत के साथ कंधे से कंधا मिलाकर खड़ी हैं.
अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जा जमाया, ट्रंप बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस साझेदारी के जरिए वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार से जुड़े उत्पादन पर अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस समझौते को दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है।
Donald Trump के लेक अमेरिका वाले आदेश पर कनाडा का पलटवार, Lake Ontario के तट पर लगाया नया बोर्ड
कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रमुख डग फोर्ड ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के जवाब में शनिवार को झील के तट पर एक विशाल बोर्ड लगाया जिस पर ‘लेक ओंटारियो। आज और हमेशा के लिए ’लिखा है। कनाडा की फुटबॉल टीम की जर्सी पहने फोर्ड ने ओंटारियो के ग्रिम्सबी के पास इस बोर्ड को प्रदर्शित किया और तस्वीरें खिंचवाई। इस बोर्ड पर यही संदेश फ्रांसीसी में भी लिखा गया है। ट्रंप ने अमेरिका की संघीय एजेंसियों को ‘‘लेक ओंटारियो’’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का निर्देश देते हुए शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके विरोध में कनाडा ने यह कदम उठाया। इसे भी पढ़ें: कोर्ट से ट्रंप प्रशासन को झटका, Israel-Gaza पर बोलने वालों को डिपोर्ट नहीं कर सकेंगे अमेरिकी प्रेजिडेंट शुल्क लगाने, कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की धमकियां देने और कनाडाई नेताओं पर निजी हमलों के बाद ट्रंप के इस कदम का कनाडा में काफी मजाक उड़ाया जा रहा है। फोर्ड ने कहा कि कनाडा और ओंटारियो अपने सम्मान तथा अधिकारों से बिल्कुल भी समझौता नहीं करेंगे। फोर्ड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप के जाने के बहुत बाद भी इसे ‘लेक ओंटारियो’ ही कहा जाएगा।’’ कनाडाई इतिहासकार रॉबर्ट बॉथवेल ने कहा कि ट्रंप का मकसद कनाडा पर नियंत्रण हासिल करना और अंततः उसे अमेरिका में मिलाना है।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उस कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताया है, जिसमें इजरायल के गाजा युद्ध की आलोचना करने और अन्य राजनीतिक विचार रखने वाले गैर-अमेरिकी नागरिकों को डिपोर्ट करने का मामला सामने आया था। कैलिफोर्निया के अमेरिकी जिला जज नोएल वाइज ने कहा कि सरकार की कार्रवाई से संविधान में मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (First Amendment) और कानूनी प्रक्रिया के अधिकार (Fifth Amendment) को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने डिपोर्टेशन की कार्रवाई में इस्तेमाल किए जा रहे कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया। स्टैनफोर्ड के छात्र अखबार को मिली बड़ी जीत यह फैसला स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र अखबार की ओर से दायर मुकदमे में आया। अखबार ने तर्क दिया था कि ट्रंप प्रशासन की डिपोर्टेशन नीतियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच डर का माहौल बन गया है। अखबार के मुताबिक, कई अंतरराष्ट्रीय छात्र सार्वजनिक तौर पर अपनी राय रखने से डर रहे थे, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि ऐसा करने पर उन्हें अमेरिका से बाहर भेजा जा सकता है। मुकदमा दायर करने वाली संस्था फायर (Foundation for Individual Rights and Expression) के वकील कॉनर फिट्जपैट्रिक ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में अभिव्यक्ति की आजादी सिर्फ उन लोगों के लिए नहीं है, जिनकी बात से सरकार सहमत हो। इसे भी पढ़ें: Trump की 'ऐतिहासिक' Venezuela Oil Deal, 65 अरब बैरल तेल पर US के नियंत्रण के क्या हैं मायने? अभिव्यक्ति और प्रेस की आजादी लोकतंत्र की नींव जज नोएल वाइज ने अपने फैसले में कहा कि भाषण और प्रेस की स्वतंत्रता अमेरिका के लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने सरकार की उन कार्रवाइयों का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल की कार्रवाई की आलोचना करने वाले लोगों के खिलाफ बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा। उन्होंने उन लोगों के खिलाफ सरकारी कार्रवाई का भी उल्लेख किया, जिन्होंने चार्ली किर्क की आलोचना की थी। चार्ली किर्क टर्निंग पॉइंट यूएसए के सह-संस्थापक थे और पिछले सितंबर में उनकी हत्या कर दी गई थी। आज या कल निशाना कोई भी बन सकता है जज वाइज ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ऐसे लोगों को निशाना बनाती रही जिनकी राय उसे पसंद नहीं है, तो आगे चलकर अमेरिका में कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में आ सकता है। उन्होंने कहा कि आज या कल उन लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है जो सिर्फ ऐसी राय रखते हैं, जिसे सरकार पसंद नहीं करती। जज ने कहा कि इस तरह की स्थिति संविधान की उस भावना के खिलाफ है, जो लोगों को खुलकर बोलने का अधिकार देती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की राय से किसी को बहुत ज्यादा असहमति हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद उसके अपनी बात कहने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Donald Trump warns Iran: सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई, Tehran पर US का दबाव और बढ़ा करीब एक साल पुराने फैसले की तरह ही है आदेश कैलिफोर्निया के इस फैसले में करीब एक साल पहले बोस्टन की एक संघीय अदालत के दिए गए फैसले जैसी ही बात कही गई है। उस मामले में भी अदालत ने माना था कि ट्रंप प्रशासन ने फिलिस्तीन के समर्थन और इजरायल की आलोचना करने के आधार पर गैर-अमेरिकी नागरिकों को डिपोर्ट करने की कोशिश करके संविधान का उल्लंघन किया था। इस फैसले से स्टैनफोर्ड के छात्र अखबार और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है, क्योंकि इससे राजनीतिक विचार रखने के कारण डिपोर्टेशन के डर से जुड़ी चिंताओं को राहत मिल सकती है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने अमेरिका में भारतीय समुदाय को किया संबोधित, कई सीईओ से की मुलाकात
शिकागो, 30 अगस्त . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने India के महावाणिज्य दूतावास के कार्यालय में अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय से बातचीत की और उन्हें संबोधित किया. Sunday को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण ने विदेशों में बसे भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें एक ऐसी ... Read more
अमेरिका में फिर गोलीबारी: साउथ कैरोलिना के पार्क में फायरिंग; एक पुलिस अधिकारी की मौत, दूसरा घायल
अमेरिका में फिर गोलीबारी: साउथ कैरोलिना के पार्क में फायरिंग; एक पुलिस अधिकारी की मौत, दूसरा घायल
‘पर्यावरण बचाना इंसानों की जिम्मेदारी’, अमेरिका में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
न्यूयॉर्क, 30 अगस्त . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि पर्यावरण और दुनिया को बचाए रखना इंसानों की जिम्मेदारी है. उन्होंने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित सार्वभौमिक एकता समारोह में विकास के ऐसे मॉडल की वकालत की है, जो प्रकृति को नष्ट किए बिना लोगों को समृद्ध ... Read more
'पर्यावरण बचाना इंसानों की जिम्मेदारी', अमेरिका में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
'पर्यावरण बचाना इंसानों की जिम्मेदारी', अमेरिका में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
ईरानी विदेश मंत्री का अमेरिका पर सीधा हमला, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हेरफेर का दावा
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक टकराव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में सुनियोजित हेरफेर करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी अपने आधिकारिक बयान में अराघची ने कहा कि ईरानी खुफिया तंत्र (Intelligence) के पास ऐसे पुख्ता इनपुट्स हैं जो दर्शाते हैं कि अमेरिकी सरकार के भीतर सक्रिय कुछ खास तत्व अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार की कीमतों को कृत्रिम रूप से प्रभावित करने का खेल खेल रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक, इस हेरफेर का मुख्य मकसद कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा निजी वित्तीय लाभ कमाना और अमेरिकी नेतृत्व को एक कभी न खत्म होने वाले नुकसानदेह युद्ध में उलझाए रखना है।मीडिया का इस्तेमाल और तेल की कीमतों को प्रभावित करने की साजिशअब्बास अराघची ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन के रणनीतिकार मुख्यधारा की मीडिया का इस्तेमाल कर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भ्रामक और मनगढ़ंत नैरेटिव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार में जानबूझकर डर, अनिश्चितता और सप्लाई संकट की खबरें फैलाई जाती हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव लाया जा सके। इस सुनियोजित प्रचार के जरिए वित्तीय बाजारों में सट्टेबाजी (Speculation) को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे ऊर्जा कंपनियों और उनसे जुड़े लॉबीस्ट्स को अरबों डॉलर का निजी मुनाफा होता है। अराघची ने स्पष्ट किया कि युद्ध और प्रतिबंधों का झूठा डर दिखाकर अमेरिकी नीतियों के पैरोकार अपने आर्थिक हितों को साधने में जुटे हैं।इजरायल समर्थक लॉबी पर युद्ध भड़काने और भ्रामक आकलन देने का आरोपईरानी विदेश मंत्री ने अपने हमले का दायरा बढ़ाते हुए इजरायल समर्थक लॉबी और थिंक टैंक्स को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इजरायल से जुड़े गुट अमेरिकी नीति निर्माताओं के सामने ईरान के खिलाफ युद्ध और सैन्य दबाव की 'गुलाबी और बेहद आशावादी तस्वीरें' (Rosy Assessments) पेश कर रहे हैं। इन समूहों का मकसद अमेरिका को यह यकीन दिलाना है कि ईरान पर सैन्य घेराबंदी और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों से वॉशिंगटन को त्वरित सफलता मिल जाएगी। अराघची ने चेतावनी दी कि यह आकलन पूरी तरह जमीनी हकीकत से परे है और इसके जरिए केवल सैन्य-औद्योगिक गठजोड़ को फायदा पहुंचाने के लिए एक असफल युद्ध को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है।अमेरिकी जनता पर पड़ा सीधा आर्थिक बोझ: गैस स्टेशनों पर महंगाई की मारअराघची ने रेखांकित किया कि वॉशिंगटन की इन भ्रामक नीतियों और ऊर्जा बाजार में की जा रही जोड़-तोड़ का सबसे भारी खामियाजा सामान्य अमेरिकी नागरिकों और उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों में कृत्रिम तेजी और अनिश्चितता के कारण अमेरिका के घरेलू बाजारों में पेट्रोल, डीजल, हीटिंग ऑयल और बिजली की दरें लगातार उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने पूरे देश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और खाद्य महंगाई को बढ़ा दिया है। ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, नीति निर्माताओं के निजी मुनाफे और गलत भू-राजनीतिक फैसलों की वास्तविक कीमत अमेरिकी करदाताओं को अपनी जेब से चुकानी पड़ रही है।होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गतिरोधयह कूटनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और फारस की खाड़ी में नौसैनिक व व्यापारिक तनाव चरम पर है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और भारी मात्रा में एलएनजी (LNG) का पारगमन इसी समुद्री मार्ग से होता है। अमेरिका द्वारा ईरानी तेल निर्यात पर नौसैनिक नाकेबंदी और वित्तीय प्रतिबंधों को कड़ा किए जाने के बाद ईरान ने भी अपनी समुद्री सीमाओं और पारगमन मार्गों पर कड़े सुरक्षा नियम लागू कर रखे हैं। जून में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए हुए सहमति पत्र (MoU) के बावजूद प्रतिबंध हटाने और व्यावहारिक कदमों के अभाव में बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। तेहरान का रुख स्पष्ट है कि ऊर्जा प्रवाह का सामान्यीकरण तभी संभव है जब अमेरिका जबरदस्ती और दबाव की नीति त्यागकर समझौते का सम्मान करे।कूटनीति का रास्ता अब भी खुला, लेकिन वॉशिंगटन को बदलना होगा रवैयाईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी प्रकार के तनाव को बेवजह बढ़ाने का इच्छुक नहीं है और कूटनीति की मेज पर वापसी अब भी पूरी तरह संभव है। हालांकि, इसके लिए उन्होंने अमेरिका के समक्ष बुनियादी शर्तें रखी हैं। अराघची के अनुसार, वॉशिंगटन को यह ऐतिहासिक सच्चाई समझनी होगी कि ईरान के स्वाभिमान और संप्रभुता के खिलाफ अत्यधिक दबाव की नीति कभी कारगर साबित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका वास्तविक समाधान चाहता है, तो उसे तेहरान के वैध अधिकारों को मान्यता देनी होगी, आपसी विश्वास बहाली के लिए ठोस कदम उठाने होंगे और ऊर्जा बाजार में अनुचित दखलअंदाजी बंद करनी होगी।
अमेरिका के साउथ कैरोलिना के पार्क में फायरिंग, एक पुलिस अधिकारी की मौत, दूसरा घायल
न्यूयॉर्क, 30 अगस्त . अमेरिका के साउथ कैरोलिना राज्य के कोलंबिया शहर में एक पार्क में हुई फायरिंग में एक Police अधिकारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा अधिकारी घायल हो गया. Police के मुताबिक, संदिग्ध हमलावर की भी मौत हो गई है. कोलंबिया Police विभाग के प्रमुख डब्ल्यूएच स्किप होलब्रुक ने इस घटना की ... Read more
'जो भी हिंदू ऐसा सोचता है...', अमेरिका में मुसलमानों से जुड़े सवाल पर क्या बोले RSS चीफ मोहन भागवत
मोहन भागवत ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, मेरा एक लेक्चर था, वहा मुस्लिम भाई भी मौजूद थे. उन्होंने मुझसे एक सवाल पूछा- 'आप एक हिंदू संगठन हैं, आप हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, तो हम मुसलमानों का क्या होगा?'
देश और क्षेत्र के हित में है अमेरिका के साथ शांति समझौता : ईरानी राष्ट्रपति
एक अलग बयान में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका और इजरायल से जुड़े एक 'आतंकी' समूह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान समूह के एक सदस्य को मार गिराया गया, जबकि छह अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का अमेरिका से दुनिया को संदेश, जानिए भाषण की बड़ी बातें
RSS Chief Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी कर्म भूमि के प्रति कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का मूल सिद्धांत विविधता में एकता ही है।
प. एशिया संघर्ष: अमेरिका से शांति समझौते पर पेजेशकियन का बड़ा बयान, बोले- नहीं चाहते युद्ध, लेकिन झुकेंगे नहीं iran-us-peace-deal-masoud-pezeshkian-middle-east-stability-war
अमेरिका के हाथ लगा वेनेजुएला का तेल खजाना, देखें US TOP-10
लंबे समय से वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नजर गढ़ाए अमेरिका को बड़ी कामयाबी मिली है. अमेरिका और वेनेजुएला के बीच 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर नियंत्रण से जुड़ा ऐतिहासिक समझौता हुआ है. इसकी जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है. ट्रंप के मुताबिक इस डील से अमेरिका के तेल भंडार में भारी इजाफा होगा और वैश्विक तेल आपूर्ति भी बढ़ेगी.
मोहन भागवत के अमेरिका दौरे की झलकियां: किन बातों पर आरएसएस प्रमुख का जोर, ओवैसी-कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या?
'अनेकता में एकता ही भारत का DNA'; अमेरिका की धरती से संघ प्रमुख मोहन भागवत का संदेश
RSS chief Mohan Bhagwat in New york: न्यूयॉर्क में लोगों को संबोधित कर रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत का डीएनए ही अनेकता में एकता के सिद्धांत पर है। वैश्विक एकता पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि हम भले ही अलग-अलग हों लेकिन मूल रूप से एक ही हैं।
अमेरिका में सेटल परिवार रिश्तेदार के यहां छोड़ गए थे कार, बेटे ने सर्किट हाउस गेट में ठोंकी
भास्कर संवाददाता | विदिशा अमेरिका यात्रा पर गए एक रिश्तेदार की भरोसे पर छोड़ी गई लग्जरी कार को दोस्तों के सामने रोब जमाने और फर्राटा भरने की चाहत ने शनिवार सुबह बड़े हादसे में तब्दील कर दिया। सुबह करीब 7 बजे दुर्गा नगर चौराहे पर अनियंत्रित हुई एक तेज रफ्तार कार सीधे सर्किट हाउस के बाउंड्री गेट से टकराकर उसमें जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। हालांकि ऐन मौके पर कार के सेफ्टी एयरबैग खुल जाने से बड़ा हादसा टल गया और कार चला रहा युवक बाल-बाल बच गया। कार विदिशा निवासी हर्ष झा की है। वे वर्तमान में अमेरिका प्रवास पर हैं। विदेश जाने से पहले वे अपनी कार की देखभाल के लिए उसे अपने रिश्तेदारों के पास छोड़ गए थे। प्रत्यक्षदर्शी बोले- लगा कोई नहीं बचेगा, फिर खुले एयरबैग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया किकार की रफ्तार काफी तेज थी। चौराहे के पास आते ही चालक कार पर से नियंत्रण खो बैठा और सीधे सर्किट हाउस के गेट से टकरा गया। कार की हालत देखकर लग रहा था कि अंदर सवार लोगों का बचना नामुमकिन है, लेकिन समय रहते एयरबैग खुलने के कारण किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
विदेश के समाचार: फलस्तीन समर्थक छात्रों का अमेरिकी वीजा रद्द नहीं होगा; अफ्रीकी देश नाइजर में सैनिक विद्रोह
नमस्कार, नेपाल में तबाही के कारण अबतक 680 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के लिए डील साइन की है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अबतक की सबसे बड़ी डील बताया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और बाढ़ के हालात हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी के मन की बात प्रोग्राम का 137वां एपिसोड आएगा। 2. पीएम मोदी उज्बेकिस्तान में द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. नेपाल बाढ़- 800 मीटर लंबा ग्लेशियर टूटने से तबाही हुई; मौत का आंकड़ा 680 पार, 287 भारतीयों समेत 3000 लापता 26 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आने की वजह ग्लेशियर का 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटना था। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इसे रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना करीब ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता नजर आया। ग्लेशियर टूटने के बाद बड़े पैमाने पर मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। इसके साथ भूस्खलन हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचाई। बीते तीन दिन में 680 से ज्यादा शव बरामद हो चुके हैं। 287 भारतीय अभी भी लापता: बाढ़ के कारण करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 287 भारतीय भी शामिल हैं। वही, 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बाढ़, 300M लंबा बड़ा पुल बहा; ओडिशा के तीन जिलों में 67,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित मध्यप्रदेश में लगातार बारिश से सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में 18 घंटे तक हुई लगातार बारिश के मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के जलस्तर ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा यहां रामघाट पूरी तरह डूब गया। टिकरिया डोंडा बांध भर जाने से आस-पास के गांव खाली कराए गए। बाढ़ के कारण मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर 2 फीट से ज्यादा पानी भर गया, जिसके कारण ट्रेनें रोकी गईं। 300 मीटर लंबा एक पुल भी बह गया। इधर, ओडिशा के तीन जिलों में 67,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बिहार में गंगा और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। यहां 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूबे हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश में 67 सड़कें बंद हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. 6 साल की बच्ची से रेप-हत्या करने वाला एनकाउंटर में ढेर, नोएडा पुलिस ने 24 घंटे में मार गिराया ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया। शनिवार शाम 5 बजे पुलिस आरोपी को हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कराने ले गई थी। वहां उसने छिपाई गई पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची 28 अगस्त (शुक्रवार) को बच्ची घर से अचानक लापता हो गई थी। घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। 5 टीमें बनाईं और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से जांच शुरू की। बोरी में भरकर लाश फेंकी: बच्ची के घरवालों ने 32 साल के बलराज को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वह बच्ची के चाचा के यहां किराए पर रहता था। सीसीटीवी में वह बोरी में बच्ची को ले जाता दिख रहा था। शनिवार दोपहर पुलिस ने बलराज को गिरफ्तार कर लिया था। घटना ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र की है। पूरी खबर पढ़ें… 4. अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया, ट्रम्प बोले- ये इतिहास की सबसे बड़ी डील अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। अमेरिकी के विदेश विभाग के मुताबिक, यहां से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। वहीं, भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के 40 साल के ऑयल इम्पोर्ट के बराबर है। वेनेजुएला में 300 अरब बैरल तेल मौजूद: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें… 5. ज्यादा शक्कर-तेल वाली खाने-पीने की चीजों पर लगेगी चेतावनी, पैकेट पर लाल रंग का षटकोण बनाया जाएगा अब खाने-पीने के पैकेट पर लाल निशान बना मिलेगा। इसका मतलब होगा कि इसमें मौजूद मटेरियल में नमक-शक्कर या सैचुरेटेड फैट की मात्रा लिमिट से ज्यादा है। यह लाल निशान षटकोण यानी हेक्सागोन के शेप का होगा। निशान के अलावा वार्निंग मैसेज भी लिखा होगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश किया है। इसका मकसद ऐसे फूड आइटम को लेकर लोगों को सावधान करना है। दरअसल, 3S एंड अवर हेल्थ सोसाइटी नाम के पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने याचिका लगाकर डिब्बा बंद या पैकेट वाले खाने पर अनिवार्य वार्निंग लेबल लगाने की मांग की है। दो फेज में लागू करने का प्रस्ताव फेज 1: उन प्रोडक्ट्स पर लाल लेबल लगेगा, जिनमें फैट, शुगर या साल्ट में से कोई भी 'दो या दो से अधिक' चीजें तय सीमा से ज्यादा होंगी। इसमें सभी अधिक मीठी कोल्ड ड्रिंक्स भी शामिल होंगी। फेज 2: दूसरे चरण में यह नियम उन प्रोडक्ट्स पर भी लागू हो जाएगा, जिनमें इनमें से कोई 'एक' चीज भी ज्यादा मात्रा में होगी। पूरी खबर पढ़ें... 6. राहुल गांधी ने प्रोजेक्टर पर खड़गे का भाषण दिखाया: कहा- हल्द्वानी में उनकी सभा के बाद मंच का शुद्धीकरण हुआ; प्रधानमंत्री दोषियों पर एक्शन लें राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धीकरण किया गया था। राहुल ने प्रोजेक्टर के जरिए पूरी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसा करने वालों पर एक्शन लें। राहुल ने कहा कि हजारों साल से इस देश में दलितों पर अत्याचार, हिंसा की गई है। संविधान में यह गैरकानूनी है। लेकिन आज भी स्कूल में दलित बच्चों से टॉयलेट साफ कराया जाता है। झाड़ू-पोछा लगवाया जाता है। यह हिंदुस्तान की रियलिटी है। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस के CLP टीकाराम जूली मंदिर जाते हैं, तो BJP और RSS के लोग उस मंदिर का शुद्धीकरण करवाते हैं। भाजपा के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री रहे जीतन राम मांझी जी जब एक मंदिर में गए, तो मंदिर का शुद्धीकरण किया गया। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. स्पोर्ट्स: नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर: ट्रेनिंग के दौरान टखने का लिगामेंट फटा, डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड अल्टीमेट चैंपियनशिप भी नहीं खेलेंगे (पूरी खबर पढ़ें) 2. महाराष्ट्र: बॉम्बे HC बोला-FDA अधिकारी खुद को भगवान समझते हैं क्या:न नियम पढ़ते- न कानून जानते, कार्रवाई कर देते; 5 रेस्टोरेंट को फूड लाइसेंस वापस मिले (पूरी खबर पढ़ें) 3. उत्तर प्रदेश: बच्ची से रेप-हत्या करने वाला एनकाउंटर में ढेर: नोएडा में बोरी में भरकर लाश फेंकी, 24 घंटे में पुलिस ने मार गिराया (पूरी खबर पढ़ें) 4. दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली के 3 सांसदों को फटकार लगाई: 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के घर शोक जताने पहुंचे थे नेता (पूरी खबर पढ़ें) 5. क्रिकेट: कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले: डेढ़ महीने सोचता रहा ऐसा कैसे हुआ; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: पीएम मोदी उज्बेकिस्तान पहुंचे, दो दिन का दौरा:कल किर्गिस्तान जाएंगे, SCO समिट में हिस्सा लेंगे; जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात संभव (पूरी खबर पढ़ें) 5. इंटरनेशनल: भागवत न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे: बोले- विश्व में कई तरह के संघर्ष, कृष्ण चेतना से ही शांति आ सकती है (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: छात्र परिषद कार्यक्रम- ममता बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज: आरोप- तय समय से ज्यादा प्रोग्राम चला; TMC समर्थकों ने रोड ब्लॉक किया, बैरिकेड हटाए (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा सिस्टम बदलने की तैयारी: नीलेकणि टास्क फोर्स ने लोगों से सुझाव मांगे; 13 सितंबर तक दे सकेंगे राय (पूरी खबर पढ़ें) 8. महाराष्ट्र: मुंबई में दूध ₹100 के पार, थोक भाव ₹9 बढ़ा: नई कीमत एक सितंबर से लागू; दही-पनीर के दाम भी बढ़ सकते हैं (पूरी खबर पढ़ें) 9. नेशनल: दिल्ली-एनसीआर में CNG ₹3.89 महंगी: कीमत ₹83 प्रति किलो से बढ़कर करीब ₹87 हुई; इस साल 5वीं बार बढ़े दाम (पूरी खबर पढ़ें) 10. एंटरटेंमेंट: इमरान हाशमी को हुआ स्वाइन फ्लू: H1N1 टेस्ट आया पॉजिटिव, बेंगलुरू शो कैंसिल; डॉक्टर्स ने आराम की सलाह दी, देखिए एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट (पूरी खबर पढ़ें) 11. एंटरटेंमेंट: सैफ अली खान पर हमले के आरोपी ने जुर्म कबूला: शरीफुल इस्लाम ने कोर्ट से नरमी की अपील की, पीठ में फंसा था चाकू का टुकड़ा (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पतंग के साथ हवा में उड़ा युवक महाराष्ट्र के सोलापुर में पतंग उड़ाते समय एक युवक भी हवा में उड़ गया। तेज हवा के झोंके से वह डोर के सहारे 25 से 30 फीट ऊपर पहुंचा। साथ मौजूद युवकों ने डोर खींचकर उसे नीचे उतारा। जिस पतंग के साथ वह उड़ा था, उस पर अजित पवार की तस्वीर और ‘मिस यू दादा’ लिखा था। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: 2015 में ऐसा क्या हुआ, कि अब नेपाल विदेशी सेनाओं की मदद नहीं लेना चाहता; क्या अकेले हजारों लापता लोग खोज पाएगा 2. स्पाई फाइल्स: इंदिरा की हत्या, 3 दिन बाद शुरू हुआ खतरनाक मिशन: घर में घुसकर पाकिस्तानी एजेंट को 9 गोलियां मारीं; विदेशी लेडी बनी भारतीय जासूस, पार्ट-1 3. आपका पैसा: टाइम पर EMI नहीं चुकाया तो क्या होगा: RBI ने रिकवरी रूल्स में किया बदलाव, जानिए अब बैंक आपके साथ क्या नहीं कर सकता 4. जरूरत की खबर: FDA ने रोकी धतूरे की ऑनलाइन बिक्री: जानिए यह कितना खतरनाक, अगर गलती से खा लिया तो तुरंत क्या करें 5. ग्राउंड रिपोर्ट: ‘आंखों के सामने कार बही, लगा अब हमारी बारी है’: लोग बोले- जिस पुल से आए, वो डूब गया; नेपाल से रेस्क्यू 106 भारतीयों की आपबीती 6. भास्कर एक्सक्लूसिव: योगी ने बिजली विभाग के चेयरमैन को लगाई फटकार:13000 बिजली कनेक्शन का पता ही नहीं, हर महीने करोड़ों वसूल रहा सिंडिकेट 7. भास्कर इंटरव्यू: असीम अरुण बोले- PDA से पहले अजगर-मजगर भी बना था:अखिलेश के सारे फॉर्मूले फेल होंगे; सत्ता मिली तब महापुरुषों का अपमान किया 8. ग्राउंड रिपोर्ट: डॉक्टर बोला- बहन को 22 साल में गर्भवती करवाया क्यों: रीवा में जच्चा-बच्चा की मौत पर शर्मनाक शब्द; रक्षाबंधन पर भाइयों ने किया अंतिम संस्कार 9. ग्राउंड रिपोर्ट: सुरंग के रास्ते सीधे पहुंचेंगे महाकाल लोक:91 करोड़ रुपए की टनल से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति; रेलवे लाइन से भी अंडरपास बनेगा 10. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: मर-चुके आदमी के नाम से करा दी रेपिस्ट की जमानत:राजस्थान में रैकेट, दलाल बोला-3 हजार में फर्जी जमानत; झूठी गवाही के 8 हजार लगेंगे 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: दृश्यम देखकर रची साजिश, प्रेमिका को मारकर खेत में दफनाया:तालाब-श्मशान में बॉडी ढूंढती रही पुलिस, 5 महीने बाद खुदाई में निकला कंकाल 12. बिहार फाइल्स: नवरुणा की अधूरी कहानी; मेहंदी लगाकर सोई, रात में गायब:नाले में मिला कंकाल, मां-बाप पर उठे सवाल, CID-CBI बता न पाई हत्यारा कौन 13. ग्राउंड रिपोर्ट: क्या 5 हजार करोड़ से बना सिक्सलेन पुल धंस रहा?:ब्रिज का मोदी करने वाले थे उद्घाटन, सपोर्ट में लगी रेत-मिट्टी ढही; जानिए कंपनी का तर्क? 14. भास्कर एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में मिला हिमालय के मानसून का पूरा रिकॉर्ड:4,200 साल पहले सूखा पड़ा; 2,600 साल पहले बारिश ने बदली जंगलों की तस्वीर ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों की प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की योजना सफल हो सकती है। कुंभ राशि वालों को अचानक आर्थिक फायदा होने की संभावना है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Noida News: ब्रिटेन, जापान और अमेरिका तक होगी एमएसएमई की पहुंच
MSMEs will gain access to Britain, Japan, and the US.
धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत एक है...अमेरिका में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
हमारा देश ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का दर्शन फॉलो करता है। हम ऐसे समाज में रहते हैं जो कहता है कि धर्म भले ही अलग हों, लेकिन मानवता एक है। यह बातें आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने अमेरिका में ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
'सामने दिख रही थी मौत, फिर हमने...', नेपाल बाढ़ में भारतीय-अमेरिकी जोड़े की ऐसे बची जान
भारतीय मूल के जोड़े अंजना राजा और पट्टाबिरामन वेंकटेसन नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ में बाल बाल बच गए. तिब्बत यात्रा के दौरान उनकी बस के पास पानी की विशाल दीवार आ गई, जिसे देखकर दोनों ने कूदकर 500 सीढ़ियां चढ़ीं और अपनी जान बचाई. रास्ते में उन्होंने पुलिस चौकी और घरों को बहते देखा. दोनों ने रात एक बकरी के बाड़े में गुजारी और अगले दिन हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाले गए.
भागवत के अमेरिका दौरे को भाजपा-वीएचपी ने बताया अहम, कहा- दुनिया तक पहुंचेगा संघ का संदेश
भागवत के अमेरिका दौरे को भाजपा-वीएचपी ने बताया अहम, कहा- दुनिया तक पहुंचेगा संघ का संदेश
ब्रह्मोस को मिला 6 बिलियन का महा ऑर्डर, सन्न हुआ अमेरिका
एक समय ऐसा भी आएगा जब दुनिया की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका के सबसे घातक पेट्रिएट मिसाइल सिस्टम को दुनिया डंप करना शुरू कर देगी और उसकी जगह चुनाव होगा भारत में बने आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल का। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है बल्कि हकीकत बन चुकी है। आज पूरी दुनिया भारत के स्वदेशी मिसाइल तकनीक की कायल हो चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब हमने अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता दिखाई तब शायद दुनिया को अंदाजा नहीं था कि भारत बहुत जल्द ग्लोबल डिफेंस मार्केट का पावर हाउस बनने वाला है। अब खबर आई है कि कई देशों ने अमेरिकी पेट्रियट सिस्टम की बजाय भारत की आकाश मिसाइल को अपना प्रेफरेबल विकल्प चुन लिया है। इसे भी पढ़ें: Kyiv के Bucha में रूसी हमले में 27 की मौत, 50 रिहायशी इमारतें हुईं क्षतिग्रस्त सिर्फ आकाश ही नहीं हमारी ब्रह्मोस की दहाड़ भी इतनी तेज है कि इसकी ऑर्डर बुक ने $6 बिलियन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। दरअसल दुनिया भर के डिफेंस जनरल्स और हालिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के एक पेट्रिएट मिसाइल इंटरसेप्टर को बनाने की लागत लगभग ₹60 करोड़ यानी कि 7 बिलियन आती है। अब इसके मुकाबले भारत की डीआरडीओ द्वारा तैयार आकाश मिसाइल को देखिए। इसे बनाने का खर्च मात्र 4 से ₹4.5 करोड़ यानी 0.5 मिलियन है। यानी सीधा-सीधा 14 गुना का अंतर। अब आप सोच रहे होंगे कि क्या सस्ती होने से क्वालिटी पर फर्क पड़ता है? तो जवाब है बिल्कुल नहीं। इसे भी पढ़ें: भारत के हाथ आया Javelin हथियार, अब दुश्मनों के टैंकों की खैर नहीं! America से हुआ बड़ा रक्षा सौदा आकाश मिसाइल सिस्टम सिर्फ एक मिसाइल नहीं बल्कि एक कंप्लीट इकोसिस्टम है। इसमें आधुनिक रडार, कमांड, कंट्रोल और लांचर शामिल है। यह लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, यूएईवी और क्रूज मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखता है। अब सवाल यह है कि आखिर दुनिया पेट्रियट को क्यों डिच कर रही है? देखिए इसकी एक बड़ी वजह हालिया वैश्विक युद्ध है। रूस यूक्रेन हो या इजराइल, ईरान संघर्ष हर जगह एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल अनप्रेसिडेंटेड लेवल पर हुआ है। अमेरिका की अपनी रिपोर्ट कहती है कि उनकी पेट्रियट इन्वेंटरी तेजी से खत्म हो रही है। ईरान के खिलाफ ही अमेरिका अपने 1500 से ज्यादा इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिकागो में अमेरिकी निवेशकों से कहा कि भारत निवेश के लिए सबसे उपयुक्त जगह है, जहां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़ा रिटर्न मिल सकता है।
अमेरिका से 60 जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल खरीदेगा भारत, फुटेज में देंखे 292 करोड़ की डील; जानें क्यों है खास
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और अपेक्षा से अधिक मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में इस सप्ताह दबाव बना रहा। सप्ताह भर के कारोबार में सोने की कीमतों में लगभग 1.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं चांदी में कमजोरी देखने को मिली।
वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अमेरिका का कब्जा, देखें वर्ल्ड न्यूज
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ उसके 65 अरब बैरल से ज़्यादा के तेल भंडार को नियंत्रित करने के लिए एक समझौता किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ये ऐतिहासिक डील अमेरिकी तेल भंडार को दोगुने से भी ज़्यादा कर देगा. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिका में इंटर्नशिप और नौकरी का रास्ता मुश्किल, भारतीय छात्रों को ट्रंप का झटका; CPT नियम सख्त
अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी का सपना देख रहे छात्रों के लिए बुरी खबर है। ट्रंप सरकार ने CPT इंटर्नशिप नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
American Center हमले के दोषी Aftab Ansari की जेल कोठरी से 3 फोन और नकदी बरामद
कोलकाता में 2002 में हुए अमेरिकन सेंटर हमले के मुख्य साजिशकर्ता एवं सजायाफ्ता आफताब अहमद अंसारी की जेल की कोठरी से तीन मोबाइल फोन, वाई-फाई उपकरण और 31,000 रुपये जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। यहां जेल में हुई इस बरामदगी के बाद अधिकारियों ने हेस्टिंग्स थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। अमेरिकन सेंटर हमला मामले में दोषी अंसारी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और वह कोठरी नंबर 14 में बंद है। अमेरिकन सेंटर में 22 जनवरी 2002 को मोटरसाइकिल सवार दो बंदूकधारियों द्वारा की गई गोलीबारी में पुलिस कांस्टेबलों सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हो गए थे। जेल के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि खुफिया जानकारी मिली थी कि अंसारी जेल के अंदर कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है और उसके पास इंटरनेट की सुविधा भी है जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारी ने कहा, ‘‘उसके कपड़ों और बिस्तरों से तीन मोबाइल फोन मिले, जबकि दो राउटर, एक वाई-फाई उपकरण, एक पेन ड्राइव और एक इयरफोन भी जब्त किया गया।’’अधिकारी ने बताया कि उसकी कोठरी से 31,000 रुपये भी बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अंसारी ने देश के बाहर अपने संपर्कों को फोन किए थे। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा जेल के अधीक्षक और मुख्य नियंत्रक को निलंबित किए जाने के कुछ महीनों बाद सामने आया है, जब कैदियों द्वारा परिसर के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में 15 मई को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि जेल के अंदर स्मार्टफोन सहित मोबाइल फोन का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है और जेल अधिकारियों का एक वर्ग इसमें संलिप्त है। शुभेंदु ने कहा था कि जेल अधिकारियों और कोलकाता पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान जेल परिसर से 23 मोबाइल फोन जब्त किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पूरे राज्य में आपराधिक नेटवर्क जेल के अंदर से ही संचालित किए जा रहे हैं। वर्षों से यह जारी है। इस भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं और इसे खत्म करने में समय लगेगा।
वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल, ट्रंप ने बताया ‘ऐतिहासिक’ डील;
वॉशिंगटन डीसी/काराकस, 29 अगस्त 2026 । अमेरिका ने वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल प्रमाणित तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करने वाली एक बड़ी डील का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता वेनेजुएला के 17 रणनीतिक तेल क्षेत्रों के विकास से जुड़ा है और इसमें करीब 100 अरब डॉलर के […] The post वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल, ट्रंप ने बताया ‘ऐतिहासिक’ डील; appeared first on Rashtriya Ujala .
Kolkata Jail में बंद American Center हमले के दोषी आफताब अंसारी से मिले मोबाइल और नकदी
कोलकाता में 2002 में हुए अमेरिकन सेंटर हमले के मुख्य साजिशकर्ता एवं सजायाफ्ता आफताब अहमद अंसारी की जेल की कोठरी से तीन मोबाइल फोन, वाई-फाई उपकरण और 31,000 रुपये जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। यहां जेल में हुई इस बरामदगी के बाद अधिकारियों ने हेस्टिंग्स थाने में मामला दर्ज कराया गया, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। अमेरिकन सेंटर हमला मामले में दोषी अंसारी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और वह कोठरी नंबर 14 में बंद है। जेल के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि खुफिया जानकारी मिली थी कि अंसारी जेल के अंदर कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है और उसके पास इंटरनेट की सुविधा भी है जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, ‘‘उसके कपड़ों और बिस्तरों से तीन मोबाइल फोन मिले, जबकि दो राउटर, एक वाई-फाई उपकरण, एक पेन ड्राइव और एक इयरफोन भी जब्त किया गया।’’ अधिकारी ने बताया कि उसकी कोठरी से 31,000 रुपये भी बरामद किए गए। इसे भी पढ़ें: CM Vijay का Puzhal Jail में Surprise Visit, कैदियों के कल्याण व सुविधाओं का लिया जायजा उन्होंने कहा कि जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या देश के बाहर अंसारी के संपर्कों पर फोन किए गए थे।
कोलकाता पुलिस ने अमेरिकन सेंटर हमले के मास्टरमाइंड की जेल कोठरी से 3 मोबाइल और नकद बरामद किए
पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जनवरी 2002 में कोलकाता में अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की सेल से एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन और कैश बरामद किए हैं।
बंगाली फिल्म ‘बोहरूपी: द गोल्डन डाकू’ ने रचा इतिहास, अमेरिका में 2 महीने पहले बुकिंग शुरू
‘बोहरूपी: द गोल्डन डाकू’ की अमेरिका में भारत रिलीज से दो महीने पहले एडवांस बुकिंग शुरू, बोस्टन और कनेक्टिकट में स्क्रीनिंग होगी।
भारत-चीन का नाम लेकर रूस का ऐलान, हिला अमेरिका!
रूसी विदेश मंत्री सरगई लावो ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने वाशिंगटन से लेकर मॉस्को तक हलचल मचा दी है। लावरोव ने उस पल का जिक्र किया जब रूस ने खुद हाथ बढ़ाकर नाटो का हिस्सा बनने की इच्छा जताई थी। आखिर अमेरिका ने रूस को गले लगाने से क्यों मना किया और आज दशकों बाद वही रूस क्यों कह रहा है कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे दिग्गज अब दुनिया की नई किस्मत लिख रहे हैं। दरअसल लावरोव ने अपने हालिया इंटरव्यू में उस ऐतिहासिक लम्हे को याद किया जब पुतिन ने क्लिंटन से कहा था कि अगर शीत युद्ध खत्म हो गया सोवियत संघ नहीं रहा तो फिर दूरियां क्यों हमें नाटो में क्यों नहीं लेते। लावरोव बताते हैं कि क्लिंटन ने उस वक्त एक ऐसी आवाज निकाली जिसे आम भाषा में झिझक या अनसुना कह सकते हैं। लावरोव का तर्क है कि पश्चिम कभी रूस को एक बराबर का खिलाड़ी नहीं मानना चाहता है। वे चाहते थे कि रूस एक कंट्रोलोल्ड पार्टनर बनकर रहे जो बस पश्चिम के आदेशों का पालन करें। यही वह मोड़ था जहां से आधुनिक दुश्मनी की नींव पड़ी। इसे भी पढ़ें: मुंह लटका कर वापस लौटे CIA चीफ, न्यूक्लियर टॉक फेल, अब क्या करेंगे पुतिन? खबर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अब आता है। लावरोव ने खुलकर कहा कि हम एक ऐसी युग बदलने वाली घटना के गवाह बन रहे हैं जो शायद सदियों में एक बार होती है। लावरोव के अनुसार भारत, चीन और ब्राजील की आर्थिक और राजनीतिक ताकत अब मल्टीपोलर रियलिटी बन चुकी है। अब भारत, चीन और ब्राजील के युग की बात करें तो सबसे पहले नाम आता है भारत के पावर का। लावरोव का भारत का नाम लेना बहुत महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि रूस अब पूरी तरह से ग्लोबल साउथ पर निर्भर है। भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और तेजी से बढ़ती जीडीपी ने पश्चिम के एकाधिकार को चुनौती दी है। चीन भी पीछे नहीं है। चीन की शक्ति की बात करें तो बीजिंग अब वाशिंगटन के सामने एक दीवार बनकर खड़ा है। ब्राजील की बात करें तो ब्राजील की भूमिका लैटिन अमेरिका में ब्राजील अब एक स्वतंत्र रूप में उभर रहा है। यानी लावो का साफ कहना है कि पश्चिम अब भी पुरानी मानसिकता में जी रहा है। वे दुनिया को अपने चश्मे से देखना चाहते हैं। लेकिन अब पैसा और पावर दोनों एशिया और दक्षिण अमेरिका की तरफ शिफ्ट हो चुके हैं। लावरो ने याद दिलाया कि रूस ने बार-बार यूरोप को समझाने की कोशिश की कि उनका इरादा हमला करना नहीं है। इसे भी पढ़ें: भारत पर हुआ दुनिया का सबसे बड़ा खुलासा, हिले कई देश! 22 जुलाई और 12 जुलाई को रूसी अधिकारियों ब्लादिस लाओ, मस्लेनिको और खुद लावरोम ने संदेश दिया कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन नेशनल इंटरेस्ट सबसे ऊपर होगा। रूस अब जूनियर पार्टनर बनकर मेज पर नहीं बैठेगा। अब भारत के लिए इसके क्या मायने हैं? यह समझना जरूरी है और यह समझना जरूरी है कि लावरूप का यह बयान भारत को वैश्विक राजनीति के सेंटर स्टेज पर खड़ा करता है। रूस जानता है कि पश्चिम की घेराबंदी को तोड़ने के लिए उसे भारत जैसे विश्वसनीय दोष की जरूरत है। भारत अब केवल एक बाजार नहीं बल्कि एक ऐसा देश है जो मॉस्को और वाशिंगटन के बीच संतुलन बना सके। लावरोव का बयान भारत की बढ़ती सॉफ्ट और हार्ड पावर का एक ग्लोबल समूह है। तो क्या क्लिंटन ने उस वक्त रूस को ठुकराकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली थी?
अमेरिका में इस गुजराती ने लाखों भारतीयों को बनाया करोड़पति, लेकिन खुद गरीबी में तोड़ा दम
kanji manchhu desai story: कानजी मनछू देसाई की वह अनसुनी दास्तान, जिसने लाखों भारतीयों की तकदीर बदली लेकिन खुद तन्हाई में दम तोड़ दिया.
अमेरिकी एयरक्राफ्ट पार्ट्स की रूस में तस्करी, फ्लोरिडा जूरी ने रूसी नागरिक को ठहराया दोषी
वॉशिंगटन, 29 अगस्त . अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि फ्लोरिडा में रहने वाले एक रूसी नागरिक को रूस और उसकी Governmentी एयरलाइन ‘एरोफ्लोट’ को 9,00,000 डॉलर से ज्यादा कीमत के अमेरिकी एयरक्राफ्ट पार्ट्स (हवाई जहाज के पुर्जे) गैर-कानूनी रूप से निर्यात करने का दोषी ठहराया गया है. फ्लोरिडा के दक्षिणी जिले की एक फेडरल ... Read more
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डब्ल्यूएसजे ने लिखा है, अब आरएसएस भारत से बाहर अपनी पहचान और विश्वसनीयता बनाने के मक़सद से एक अंतरराष्ट्रीय दौरे पर निकल रहा है, लेकिन अमेरिका में उसे विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
'ये महान अमेरिकी और बहादुर देशभक्त', ट्रंप ने की भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल की तारीफ, और क्या कहा? donald-trump-praises-indian-origin-nasa-astronaut-anil-menon-invites-oval-office
अमेरिका के हाथ लगा दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार! ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ किया ऐतिहासिक समझौता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को वेनेजुएला के साथ एक बड़े समझौते का एलान किया है। इसके तहत अमेरिका वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करेगा।
भारत खरीदेगा अमेरिका से 100 जेवलिन एंटी-टैंक मिसाइल, जानें क्या है इसकी खासियत
अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने इस समझौते को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध में परखे जा चुके जेवलिन एंटी-टैंक सिस्टम को खरीदने की योजना बना रहा है। उनके मुताबिक, इस सौदे से दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और संयुक्त उत्पादन की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने संघ प्रमुख भागवत के संदेश की प्रशंसा की
न्यूयॉर्क, 29 अगस्त . भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने साझा मानवता, जमीनी नेतृत्व और परिवार, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण के प्रति प्रवासी भारतीयों की जिम्मेदारी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के संदेश की प्रशंसा की. संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ धार्मिक नेताओं की बैठक में शामिल होने पर श्रोताओं ने कहा ... Read more
अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बड़ी तेल डील का दावा, ट्रंप बोले- सस्ती होगी एनर्जी और बढ़ेगी सप्लाई
अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बड़ी तेल डील का दावा, ट्रंप बोले- सस्ती होगी एनर्जी और बढ़ेगी सप्लाई
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ 'दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील' पर किया समझौताः ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर एक समझौता हुआ है।
अमेरिका ने की वेनेजुएला से तेल के लिए दुनिया की सबसे बड़ी डील, अब सस्ता होगा पेट्रोल!
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ एक ऐसा सौदा किया है, जिसके तहत इसे 6500 करोड़ बैरल से अधिक के प्रूवेन यानी मिल चुके तेल भंडार पर मेजॉरिटी कंट्रोल मिलेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तड़के यह दावा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस सौदे के बारे में ऐलान किया। ट्रंप ने दुनिया के इतिहास में इसे अब तक की सबसे बड़ी ऑयल डील कहा है और कहा कि इससे अमेरिका का तेल भंडार दोगुना से अधिक हो जाएगा। हालांकि उन्होंने समझौते की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया और यह भी स्पष्ट नहीं किया कि इसके बदले वेनेजुएला को क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सौदा अमेरिका और वेनेजुएला के बीच पहले से मजबूत होते संबंधों को और मजबूत करेगा।दावा: अमेरिका और वेनेजुएला, दोनों के लिए फायदे का सौदाट्रंप के अनुसार अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर निजी कंपनियों की साझेदारी के जरिए इस सौदे पर बातचीत की। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस समझौते को अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों के लिए बहुत बड़ी जीत बताया। ट्रंप कीके ऐलान के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व नाम Twitter) पर उन्होंने कहा कि इस समझौते से अमेरिका को स्थिर और कम लागत वाला तेल मिलेगा, तो वेनेजुएला में लगभग $10 हजार करोड़ के निजी निवेश, हजारों अच्छी सैलरी वाली नौकरियां और देश की अर्थव्यवस्था को फिर से ट्रैक पर लाने में मदद मिल सकती है।वेनेजुएला में बढ़ रहा अमेरिका का दखल!दोनों देशों के बीच यह समझौता वेनेजुएला में महीनों तक चली अमेरिका की गहरी दखलंदाजी के बाद हुआ है जोकि जनवरी में लंबे समय से राष्ट्रपति रहे निकोलस मादुरो को हटाए जाने और उनके पकड़े जाने के बाद शुरू हुई थी। मादुरो के उपराष्ट्रपति रहे रोड्रिगेज ने फिर अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर कमान संभाली और अमेरिका ने उनकी सरकार के साथ बेहतर साझेदारी की उम्मीद की। वेनेजुएला में दुनिया का सबसे बड़ा प्रूवेन तेल भंडार है, जिसका अनुमान लगभग 30 हजार करोड़ बैरल है।एक्सियोस ने गुरुवार को दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल के ऐसे 12 प्रोडक्टिव ऑयल फील्ड्स के बारे में बातचीत चल रही थी, जिनमें लगभग 9000 करोड़ बैरल का पक्का भंडार है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियां मालिकाना हक के बदले इन जगहों को डेवलर करेंगी, तो वेनेजुएला को तेल से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा मिलेगा। वेनेजुएला में अभी हर दिन लगभग 12.5 लाख बैरल कच्चा तेल निकलता है।खत्म हुआ इंतजार, जैक्सन होल की बैठक में अमेरिकी फेड ने महंगाई को लेकर जताई चिंता
अमेरिका में बनेगी पहली स्पेस एकेडमी, चांद-मंगल मिशन के लिए तैयार होंगे प्रोफेशनल्स
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में पहली 'यूएस स्पेस एकेडमी' स्थापित करने के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका उद्देश्य भविष्य के स्पेस मिशनों के लिए प्रोफेशनल्स तैयार करना है.
LIVE: पीएम मोदी उज्बेकिस्तान हुए रवाना, मोहन भागवत अमेरिका में एक कार्यक्रम को करेंगे संबोधित
LIVE: हॉकी दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती 29 अगस्त को देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है. इस अवसर पर पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति समेत तमाम दिग्गजों ने खेल दिवस की बधाई दी.
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ ‘दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील’ पर किया समझौताः ट्रंप
न्यूयॉर्क, 29 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर एक समझौता हुआ है. ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा, “अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील की है!” ट्रंप ने कहा कि निजी कंपनियों के साथ ... Read more
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ 'दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील' पर किया समझौताः ट्रंप
अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ 'दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील' पर किया समझौताः ट्रंप
भारतीय पेशेवरों पर संकट: अमेरिका में नौकरी गई तो 60 दिन की राहत हो सकती है खत्म, प्रस्ताव की समीक्षा पूरी donald-trump-us-administration-clears-plan-to-scrap-h1b-60-day-grace-period-indian-workers
केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman की छह दिवसीय अमेरिका यात्रा, G20 बैठक और निवेश पर रहेगा जोर
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कनाडा की अपनी तीन दिवसीय सफल यात्रा पूरी करने के बाद छह दिवसीय आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंच गई हैं। 2 सितंबर तक चलने वाली इस नौ दिवसीय संयुक्त विदेश यात्रा के दौरान वित्त मंत्री वैश्विक मंचों पर भारत का आर्थिक दृष्टिकोण रखेंगी और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेंगी। अपनी इस यात्रा के दौरान वह उत्तरी कैरोलिना में आयोजित G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी, साथ ही शिकागो और न्यूयॉर्क में दुनिया की शीर्ष कंपनियों के सीईओ, प्रमुख निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ गोलमेज बैठकों में हिस्सा लेकर भारत में निवेश के नए अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगी। सीतारमण कनाडा की तीन दिवसीय यात्रा के बाद बृहस्पतिवार को शिकागो के ओहारे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं। कनाडा में उन्होंने पहले ‘भारत-कनाडा आर्थिक एवं वित्तीय संवाद’ में भाग लिया था। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय दूतावास की उप प्रमुख नामग्या सी. खम्पा और शिकागो में भारत के महावाणिज्यदूत सोमनाथ घोष ने उनका स्वागत किया। सीतारमण कनाडा और अमेरिका की नौ दिवसीय संयुक्त यात्रा पर हैं, जो दो सितंबर को समाप्त होगी। आधिकारिक बयान में बताया गया कि शिकागो प्रवास के दौरान वित्त मंत्री प्रमुख निवेशकों के साथ एक गोलमेज बैठक में भाग लेंगी तथा निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगी। इन बैठकों में भारत में निवेश के अवसरों, देश के आर्थिक परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। सीतारमण शिकागो विश्वविद्यालय के ‘पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन’ का भी दौरा करेंगी जहां वह उद्यमिता, नवाचार, प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण तथा भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार और उद्यमिता तंत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगी। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री शिकागो में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करेंगी। सीतारमण उत्तरी कैरोलिना के एशविले में होने वाली जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। इस बैठक का आयोजन अमेरिका की अध्यक्षता में किया जा रहा है। बयान के मुताबिक, 31 अगस्त और एक सितंबर को प्रस्तावित यह बैठक जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों, केंद्रीय बैंक गवर्नर और वरिष्ठ आर्थिक अधिकारियों को प्रमुख वैश्विक आर्थिक एवं वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर लाएगी। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को जी-20 वित्त एवं केंद्रीय बैंक उप-प्रतिनिधियों की बैठक होगी। बयान में कहा गया है कि जी20 के वित्तीय कार्यक्षेत्र में भारत की भागीदारी वैश्विक आर्थिक वृद्धि और स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग तथा उभरती और विकसित अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में योगदान देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। इसके बाद सीतारमण न्यूयॉर्क जाएंगी, जहां वह प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक करेंगी। वह वित्त क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी करेंगी। इन बैठकों में निवेश के अवसरों, भारत के आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका के वित्तीय और संस्थागत संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी। न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा के दौरान सीतारमण ‘बैल रिंगिंग’ समारोह में शामिल होंगी, जिसकी मेजबानी नैस्डैक करेगा।‘बैल रिंगिंग’ समारोह शेयर बाजार से जुड़ी एक औपचारिक परंपरा है। किसी खास व्यक्ति, कंपनी या प्रतिनिधिमंडल को बाजार के महत्वपूर्ण अवसर पर बाजार शुरू होने या समाप्त होने की घंटी बजाने के लिए आमंत्रित किया जाता है। अमेरिका रवाना होने से पहले सीतारमण 25 अगस्त से शुरू हुई तीन दिवसीय कनाडा यात्रा पर थीं।
US Diplomats और उनके परिवार West Asia स्थित अमेरिकी दूतावासों में लौटने लगे
ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया स्थित अमेरिकी दूतावासों से हटाए गए राजनयिक और उनके कुछ परिजन अब धीरे-धीरे वापस जाना शुरू हो गए हैं। हालांकि, अधिकांश दूतावासों में अभी पूरी क्षमता के साथ कामकाज शुरू नहीं होगा लेकिन इस सप्ताह से अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कर्मचारियों की संख्या और अन्य प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है। यह बदलाव ईरान के प्रति ट्रंप प्रशासन की नीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं है। अमेरिका की नीति अब सैन्य कार्रवाई के बजाय मुख्य रूप से आर्थिक मोर्चे पर केंद्रित है। यह बदलाव मुख्यतः मानव संसाधन से जुड़े नियमों की कानूनी बाध्यताओं के कारण किए गए हैं। नियमों के तहत राजनयिकों को वेतन और पारिवारिक भत्तों के साथ एक निश्चित अवधि से अधिक समय तक उनके पद से बाहर नहीं रखा जा सकता। ईरान के साथ युद्ध के छह महीने पूरे होने के बीच शुक्रवार को कतर, कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावासों ने राजनयिकों के परिजनों को वापस लौटने की अनुमति देने की घोषणा की। हालांकि, कुवैत और बहरीन में यह अनुमति केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को दी गई है। इससे पहले इसी सप्ताह इजराइल में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के सभी परिजनों को वापस लौटने की अनुमति दी गई थी। लेबनान में कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों के 21 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को भी लौटने की अनुमति मिल गई है। युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया के पांच अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों से भी राजनयिकों और उनके परिवारों को हटने के आदेश दिए गए थे। इनमें से कुछ दूतावासों की स्थिति में भी जल्द बदलाव होने की संभावना है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं। फैसले लिए जाने के साथ ही हम उचित माध्यमों से इसकी जानकारी साझा करते रहेंगे।
हंट्सविले में 22,000 स्क्वेयर फुट में बसा ‘फर्जी शहर’, असली अमेरिका जैसा अनुभव देता है यह अनोखी दुनिया
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका और ईरान से बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र, 29 अगस्त . संयुक्त राष्ट्र की ओर से अमेरिका और ईरान से बातचीत को फिर से शुरू करने का आग्रह किया गया है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान से कूटनीति के जरिए विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से ... Read more
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका से भारत खरीदेगा Javelin मिसाइलें, 148 एंटी-टैंक सिस्टम की डील से बढ़ेगी सेना की ताकत
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि यह संस्था वर्षों से भारत के खिलाफ पक्षपातपूर्ण और मनगढ़ंत एजेंडा चला रही है। भारत की विविधतापूर्ण और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर ऐसी अविश्वसनीय संस्थाओं की टिप्पणियों का कोई औचित्य नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की प्रशंसा की
वाशिंगटन, 29 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनके दो साथियों की प्रशंसा की है. ट्रंप ने उन्हें ‘महान अमेरिकी, महान देशभक्त और बहादुर लोग’ बताया. साथ ही, President ट्रंप ने पृथ्वी पर लौटने के बाद उन्हें ओवल ऑफिस आने ... Read more
अमेरिका पहुंचीं वित्त मंत्री सीतारमण: जी-20 बैठक से निवेशकों तक पर होगी नजर, छह दिन के दौरे में और क्या-क्या? Finance Minister Sitharaman arrives in the US G-20 meeting to investor outreach what agenda six-day visit
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है. ट्रंप के मुताबिक इससे अमेरिकी तेल भंडार दोगुने से अधिक हो जाएंगे और पेट्रोल की कीमतों में कमी आने में मदद मिलेगी.
65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कब्जा?: ट्रंप का दावा- वेनेजुएला के साथ हुआ अब तक का सबसे बड़ा सौदा
65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कब्जा?: ट्रंप का दावा- वेनेजुएला के साथ हुआ अब तक का सबसे बड़ा सौदा
संघ प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका के दौरे पर हैं। इस बीच वहां मांग उठ रही हैं- RSS पर बैन लगे। यह मांग अमेरिकी सरकार का धार्मिक स्वतंत्रता आयोग USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद और कमिश्नर जीन मिल्स ने की है। मार्च में इसी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में भी RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश की थी। इस मांग का आधार क्या है, RSS पर क्या आरोप लगाए गए हैं और क्या ट्रम्प RSS पर बैन लगाएंगे; इसी पर आज का एक्सप्लेनर… सवाल-1: अमेरिका में RSS पर पाबंदी को लेकर कौन सवाल उठा रहा है? जवाब: मोहन भागवत 25 अगस्त से 19 दिन के विदेश दौरे पर हैं। पहला पड़ाव अमेरिका है, फिर कनाडा और ब्रिटेन। RSS पर प्रतिबंधों को लेकर तीन प्रमुख लोगों ने बयान दिए हैं- 19 अगस्त को USCIRF के कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा, 'RSS नेता भले ही भारतीय सरकार से जुड़े हों, लेकिन उन्हें अमेरिका में हाई-लेवल मीटिंग्स और डिप्लोमेसी में तरजीह नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के दोषी पाए गए RSS सदस्यों पर बैन लगाना चाहिए।' USCIRF के चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद ने भी कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं। ये एक ऐसा भारतीय संगठन है, जिससे जुड़े समूहों ने ईसाई और मुस्लिम समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत अमेरिका आ रहे हैं।' कमीशन की पूर्व चेयरपर्सन नादिन मेंजा ने भी अमेरिकी मैगजीन 'प्रोविडेंस' में लिखा, ‘भागवत जिस एकता और सद्भाव की बात करते हैं, वह संघ की जमीनी हरकतों से बिल्कुल अलग है। संघ के रवैये के लिए उसे बैन किया जाना चाहिए।’ सवाल-2: तो फिर इन बयानों का आधार क्या है और इसके पीछे की दलील क्या है? जवाब: RSS पर पाबंदी की बात मार्च 2026 से शुरू हुई। अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की। इसमें भारत से जुड़े 2 पन्ने हैं। इनमें 23 घटनाओं का जिक्र है- इन 10 प्रमुख घटनाओं के अलावा 13 और घटनाओं का जिक्र है, जिसमें 28 में से 12 राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानूनों, रेवरेंड फ्रैंकलिन ग्राहम का वीजा रद्द करने और गौ संरक्षण के नाम पर हत्या करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में USCIRF ने विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसकी सरकारों, हिंदू राष्ट्रवादी नेता और संगठन का जिक्र किया है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का सिर्फ एक जगह जिक्र है। वो भी Targeted Sanctions, यानी प्रतिबंध लगाने की सिफारिश के सेक्शन में। USCIRF का कहना है कि RSS की संपत्तियां जब्त कर लेनी चाहिए और उसके सदस्यों के अमेरिका आने पर रोक या वीजा रद्द कर देना चाहिए। सवाल-3: RSS पर बैन की मांग करने वाला ये USCIRF आखिर है क्या?जवाब: USCIRF की शुरुआत 3 दशक पहले हुई… आयोग बनने की कहानी आयोग का स्ट्रक्चर USCIRF में संसद के जरिए नियुक्त 9 कमिश्नर होते हैं, जो दोनों पार्टियों से होते हैं। एक कमिश्नर को चेयरमैन बनाया जाता है। फिलहाल पाकिस्तानी मूल के डॉ. आसिफ महमूद इसके चेयरमैन हैं। आयोग का काम आयोग की ताकत आयोग अपनी सालाना रिपोर्ट अमेरिकी विदेश मंत्रालय को सौंपता जरूर है, लेकिन खुद कोई कार्रवाई नहीं कर सकता, सिर्फ सिफारिशें देता है। सवाल-4: क्या वाकई अमेरिका में RSS पर बैन लग सकता है?जवाबः नहीं, फिलहाल ऐसा नहीं लगता। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं… सवाल-5: पाबंदी की इस मांग पर भारत सरकार और RSS का क्या रुख है?जवाबः भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF को पूर्वाग्रह से ग्रसित और जीरो भरोसे वाली संस्था बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 21 अगस्त को कहा, ‘USCIRF सालों से भारत के खिलाफ भ्रामक, गलत और भड़काऊ बयान देती रही है। हमें ऐसी संस्थाओं को नजरअंदाज करना चाहिए, क्योंकि ये अपने छिपे हुए एजेंडे के तहत काम करती हैं और इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।’ वहीं RSS ने फिलहाल इस पर कोई बात नहीं कही है। हालांकि 24 अगस्त को VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा, ‘USCIRF के मन में सनातन धर्म, हिंदू समाज और भारत के प्रति गहरी नफरत है। हाल में RSS के प्रति जो नफरत दिखाई है, वह हिंदूफोबिया से प्रेरित उसके जाने-पहचाने एजेंडे का एक हिस्सा है।’ मार्च में भारत के पूर्व जजों और अधिकारियों ने एक बयान जारी कर USCIRF रिपोर्ट को दिमागी तौर पर दिवालिया और स्वार्थी बताया था। 275 अफसरों ने इस बयान पर दस्तखत किए थे, जिसमें 25 रिटायर्ड जज, 10 राजदूतों समेत 119 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और 131 आर्म्ड फोर्सेस के अधिकारी थे। सवाल-6: USCIRF पर क्यों उठ रहे हैं सवाल, पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन?जवाबः USCIRF के मौजूदा चेयरमैन डॉ. आसिफ महमूद पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी हैं। वे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गुजरात जिले के खारियान गांव में जन्मे। उन्होंने कराची के सिंध मेडिकल कॉलेज से मेडिकल डिग्री ली, फिर 1990 के दशक के आखिर में अमेरिका चले गए। अमेरिका के कैलिफोर्निया में महमूद प्रैक्टिस करने लगे। बाद में अमेरिका की नागरिकता मिल गई। उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी से राजनीति भी की है। 2008 से 2016 तक डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में डेलिगेट रहे। 2022 में कैलिफोर्निया से अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। फिर 2024 में डेमोक्रेटिक हाउस माइनॉरिटी लीडर हाकीम जेफ्रीज ने उन्हें USCIRF में नियुक्त हुए। जुलाई 2026 में चेयरमैन चुने गए। 2019 में जब भारत सरकार ने आर्टिकल 370 हटाया, तब महमूद ने जम्मू-कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए अमेरिकी संसदीय सुनवाई कराने के लिए लॉबिंग की थी। महमूद ने कहा था, ‘कश्मीरी अकेले नहीं हैं। हम तब तक उनके साथ खड़े रहेंगे, जब तक कि उन सभी के मानवाधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते।’ महमूद पर सवाल उठते रहे हैं- --------------------------------ये भी पढ़ें- ‘मोहन भागवत का कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए नहीं’: आयोजक बोले- 16 धर्मों के लोग आएंगे, विरोध करने वाले भी आएं HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत…
नेपाल त्रासदी: डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाया मदद का दायरा, 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की
New Delhi, 28 अगस्त . विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अपनी मदद का दायरा बढ़ा रहा है, जिसके तहत तत्काल 150,000 अमेरिकी डॉलर की धनराशि जारी की गई है. आवश्यकता आकलन जारी रहने के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जारी किए जाने की उम्मीद है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने टेड्रोस ... Read more
जेवलिन मिसाइल डील पर विशेषज्ञ वाइल अव्वाद बोले- भारत के लिए अहम, लेकिन अमेरिका टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करे
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में 90 अमेरिकी नागरिक लापता, पांच सुरक्षित
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अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए के चीफ गुप्त यात्रा पर रूस क्यों गए थे?
रैटक्लिफ की मॉस्को यात्रा से जुड़े कई पेचीदा पहलू उन दो नेताओं के बीच असाधारण रिश्तों में एक दिलचस्प नया मोड़ लाते हैं, जो एक जैसी रणनीतिक उलझन का सामना कर रहे हैं और जो उनकी विरासत तय कर सकती है.
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को आरपी सिंह ने सराहा, जैवलिन डील का किया स्वागत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता आरपी सिंह ने विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रियाएं दी। भारत-अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों के तहत भारत द्वारा जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम खरीदने...
विदेश में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को जल्द मिल सकती है ऑनलाइन पासपोर्ट नवीनीकरण की सुविधा
वॉशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिकी विदेश विभाग ने विदेश में रहने वाले योग्य अमेरिकी नागरिकों को पूरी तरह ऑनलाइन पासपोर्ट नवीनीकरण (रिन्यूअल) की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा है. इसके लागू होने पर दूतावास या वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) में दो बार व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी. Friday को फेडरल रजिस्टर में ... Read more
अमेरिका, यूके और कनाडा में रहने वाले भारतीय नेपाल में बाढ़ के कारण लापता, परिवारों ने मदद की अपील की
New Delhi, 28 अगस्त . अमेरिका, यूके और कनाडा में रहने वाले भारतीय नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता हो गए हैं. ये लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे. उनके परिवारों ने दोनों देशों की Governmentों से मदद की अपील की है. Gujarat के सूरत के एक परिवार का संपर्क अपने ... Read more
New Delhi, 28 अगस्त . जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के ‘सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन’ (सीडीओई) और ‘नेल्सन मंडेला सेंटर फॉर पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन’ (एनएमसीपीसीआर) के सहयोग से आयोजित एक लेक्चर में वैश्विक शांति से जुड़े मुद्दों पर मुख्य रूप से चर्चा की गई. चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर साइमा सईद ने बताया कि ... Read more
अमेरिका से जैवलिन मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है भारत, इसकी ताकत क्या है? यहां जानिए
भारतीय सेना की ताकत और ज्यादा बढ़ने जा रही है। जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने सेना के लिए अमेरिका से जैवलिन एंटी टैंक टारगेटेड मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला किया है। आइए जानते हैं इसकी ताकत।
इंडियन आर्मी के पास होगी अमेरिका की घातक 'जैवलिन' मिसाइल, अकेला सैनिक ही पूरा टैंक कर देगा तबाह
भारत अपनी सीमाओं पर सेना की युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिका से जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदेगा।
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क इवेंट पर अमेरिका से भारत तक क्यों बवाल? देखें हल्ला बोल
RSS प्रमुुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में कार्यक्रम पर राजनीति गर्मा गई है. अखिलेश यादव ने मोहन भागवत के न्यूयॉर्क इवेंट पर 21 सवाल पूछे हैं. न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध कर चुके हैं. उधर, कर्नाटक में RSS के मार्च में हिस्सा लेने वाले 2 सरकारी टीचर सस्पेंड हुए हैं. सवाल है कि मोहन भागवत के न्यूयॉर्क इवेंट पर हंगामा क्यों बरपा है? देखें हल्ला बोल.
कपूरथला थाना सिटी पुलिस ने अमेरिका भेजने के नाम पर 35 लाख रुपए की ठगी के आरोप में एक ट्रेवल एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान कपूरथला के त्रिलोकी मोहल्ला निवासी शिंगारा सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत यह कार्रवाई की है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है। पुलिस को दी शिकायत में तरनतारन जिले के फतेहाबाद गांव निवासी भूपिंदर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में वह अमेरिका जाना चाहते थे। इसी दौरान कपूरथला के कोकलपुर गांव में रहने वाले उनके रिश्तेदारों के माध्यम से उनकी मुलाकात ट्रेवल एजेंट शिंगारा सिंह से हुई। एजेंट ने अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया शिकायतकर्ता के अनुसार, बातचीत के दौरान ट्रेवल एजेंट शिंगारा सिंह ने उन्हें अमेरिका भेजने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों को अमेरिका भेज चुका है। शिंगारा सिंह की बातों पर विश्वास करते हुए भूपिंदर सिंह ने अमेरिका जाने के लिए उससे बात तय कर ली। आरोप है कि ट्रेवल एजेंट ने अमेरिका भेजने के नाम पर भूपिंदर सिंह से कुल 35 लाख रुपए ले लिए। पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो उन्हें अमेरिका भेजा और न ही उनकी रकम वापस की। भूपिंदर सिंह ने कई बार आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टालता रहा। पुलिस थाने में शिकायत पर 13 लाख लौटाए इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस में शिकायत पहुंचने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर 13 लाख रुपए नकद वापस कर दिए, लेकिन शेष 22 लाख रुपये अभी तक वापस नहीं किए गए हैं। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना सिटी कपूरथला पुलिस ने ट्रेवल एजेंट शिंगारा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में आरोपी की भूमिका, लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोगा के धर्मकोट थाना क्षेत्र के गांव रेड़वां निवासी परमजीत सिंह के भाई और साले को वर्क परमिट पर अमेरिका भेजने का झांसा देकर 23 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर धर्मकोट पुलिस ने फिरोजपुर के गांव स्नेर निवासी ट्रैवल एजेंट गुरपरम सिंह और उसकी पत्नी वरिंदरजीत कौर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच थानेदार इंद्रजीत सिंह कर रहे हैं। परमजीत सिंह ने जिला पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2023 में उनकी मुलाकात आरोपी दंपति से हुई थी। वह अपने भाई जसवीर सिंह और साले बलविंदर सिंह को विदेश भेजना चाहते थे। आरोपियों ने दोनों को वर्क परमिट पर अमेरिका भेजने का भरोसा दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी शिकायतकर्ता के अनुसार, भरोसे में आकर उन्होंने आरोपियों को दोनों के जरूरी दस्तावेज और 23 लाख रुपए दे दिए। इसके बावजूद आरोपियों ने न तो जसवीर सिंह और न ही बलविंदर सिंह को अमेरिका भेजा। जब परमजीत सिंह ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी कथित तौर पर टालमटोल करते रहे और रकम वापस नहीं की। मामले की शिकायत मिलने के बाद एसपी ने डीएसपी स्पेशल क्राइम मोगा को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए और शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उनकी तलाश में पुलिस टीमों की ओर से छापेमारी की जा रही है।
तेहरान के खिलाफ दबाव कारगर नहीं, अमेरिका समझे बात तो कूटनीति संभव: ईरानी विदेश मंत्री
तेहरान, 28 अगस्त . ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने Friday को कहा कि अगर वाशिंगटन को यह एहसास हो जाए कि तेहरान के खिलाफ दबाव कारगर नहीं है, तो अमेरिका के साथ कूटनीति फिर से पटरी पर आ सकती है. ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट ... Read more
मोहन भागवत US-भारत संबंधों के हिमायती; RSS चीफ से मिलने के बाद बोलीं अमेरिकी निवेशक
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका के दौरे पर निवेश जगत के कई बड़े लोगों के साथ बैठक की है। इन्वेस्टर आशा जडेजा मोटवानी ने संघ प्रमुख के साथ बैठक के बारे में लिखा कि उन्हें भारतीय युवाओं पर पूरा भरोसा है। इसके अलावा संघ प्रमुख भारत और अमेरिका संबंधों के हिमायती हैं।
अमेरिका में भारतीय महिला निकिता गोदिशाला का कत्ल कर भागा, 8 महीने बाद आगरा से पकड़ा गया
निकिता के माता-पिता के अनुसार, शर्मा की नौकरी अगस्त-सितंबर 2025 के आसपास चली गई थी और उसके बाद उसने गोदिशाला और उसके परिवार के सदस्यों से पैसे उधार लिए थे.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि भारत युद्ध में परखी जा चुकी 'जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम' को खरीदने की योजना बना रहा है
भारत को मिला नया LPG साथी, अमेरिका-UAE के बाद ये देश बना तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर
अगस्त में अमेरिका, भारत को LPG भेजने वाला सबसे बड़ा सप्लायर रहा। अमेरिका ने अब तक 6,22,536 टन LPG भेजी है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 1,40,266 टन सप्लाई के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद अल्जीरिया तीसरे नंबर पर है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त . India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि India युद्ध में परखी जा चुकी ‘जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम’ को खरीदने की योजना बना रहा है. यह कदम अमेरिका-India रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा और दोनों देशों के बीच संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं के नए रास्ते खोलेगा. अमेरिकी ... Read more
भारत खरीदना चाहता है जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम, अमेरिकी दूत ने किया ऐलान; कितना घातक?
भारत अमेरिका से घातक एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ऐलान किया। जानिए Javelin की खासियत, टैंक को तबाह करने की क्षमता और भारत में संभावित को-प्रोडक्शन का पूरा मामला।
भारत खरीदेगा अमेरिका का घातक 'जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम', अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया दावा
भारत खरीदेगा दुनिया का सबसे खतरनाक एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम 'जैवलिन', क्यों खास है ये अमेरिकी हथियार
भारत अमेरिका से युद्ध में परखे जा चुके जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने की योजना बना रहा है।
नेशनल हेराल्ड मामले ने अमेरिका में मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया: सैम पित्रोदा (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
न्यूयॉर्क, 28 अगस्त . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने कहा है कि लंबे समय से चल रहे नेशनल हेराल्ड मामले ने अमेरिका में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि भले ही मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं, लेकिन इन आरोपों के कारण अमेरिकी बैंक उनसे सवाल ... Read more
यहूदी और इतालवी समुदायों के बाद अब न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के निशाने पर आए मोहन भागवत
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैचारिक गलियारों से इस समय एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने अमेरिका के सबसे बड़े महानगर न्यूयॉर्क से लेकर भारतीय राजनीतिक हलकों तक में हलचल मचा दी है। न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी एक बार फिर अपने बयानों और तीखे राजनीतिक रुख के चलते वैश्विक सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार उनके तीखे निशाने पर कोई स्थानीय अमेरिकी राजनेता या पश्चिमी हस्ती नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की हालिया अमेरिका यात्रा और वहां होने वाले कार्यक्रम हैं। अपने कड़े तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले जोहरान ममदानी इससे पहले यहूदी और इतालवी समुदायों से जुड़े मुद्दों और हस्तियों पर अपनी मुखर टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं, और अब उन्होंने सीधे तौर पर हिंदू संगठनों और आरएसएस प्रमुख के दौरे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रवासी भारतीयों, स्थानीय अमेरिकी राजनीतिक समूहों और वैचारिक संगठनों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिससे यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि इस तीखे विरोध के पीछे की गहरी राजनीतिक और सामाजिक वजहें क्या हैं।जोहरान ममदानी का राजनीतिक रुख और पिछला इतिहासन्यूजीलैंड में जन्मे और अपने वामपंथी तथा प्रगतिशील वैचारिक झुकाव के लिए जाने जाने वाले जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क की राजनीति में एक बेहद प्रभावशाली और मुखर चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपने छोटे से राजनीतिक सफर में कई ऐसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी है, जो अक्सर स्थापित व्यवस्था या विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक समूहों के साथ टकराव की स्थिति पैदा कर देते हैं। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नीतियों और बयानों के जरिए यहूदी समुदायों की नुमाइंदगी करने वाले संगठनों तथा इतालवी मूल के समूहों के साथ तीखे वैचारिक मतभेद मोल लिए थे। उनकी राजनीतिक शैली मुख्य रूप से पहचान की राजनीति (Identity Politics) और वैचारिक ध्रुवीकरण पर आधारित मानी जाती है, जिसके तहत वे अक्सर ऐसे विषयों को चुनते हैं जो मीडिया की सुर्खियों में आसानी से आ जाएं। अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा पर उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियां भी इसी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का एक हिस्सा मानी जा रही हैं, जिसका उद्देश्य प्रवासी समुदायों के एक वर्ग विशेष को प्रभावित करना है।मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा और संघ का वैचारिक विस्तारराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की इस महत्वपूर्ण विदेश यात्रा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में बसे लाखों प्रवासियों, हिंदू स्वयंसेवकों और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़ना तथा भारतीय संस्कृति, मूल्यों और दर्शन का प्रचार-प्रसार करना है। संघ लंबे समय से दुनिया भर में फैले भारतीय प्रवासियों के बीच सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहा है। अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों में जहां विभिन्न नस्लों और संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं, वहां भारतीय डायस्पोरा अपनी पहचान को बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों का आयोजन करता है। मोहन भागवत का यह दौरा संघ के वैचारिक दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर रखने और विदेशों में रहने वाले युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिसे दुनिया भर में रह रहे भारतीय समुदाय का भारी समर्थन भी मिल रहा है।मेयर के विरोध के पीछे के छिपे हुए राजनीतिक मायनेसवाल यह उठता है कि आखिर एक अमेरिकी शहर के मेयर को भारत के एक सांस्कृतिक संगठन के प्रमुख की यात्रा से क्या आपत्ति हो सकती है और इसके क्या निहितार्थ हैं? जानकारों का मानना है कि पश्चिमी देशों के कुछ खास राजनीतिक हलकों में दक्षिणपंथी विचारधारा या भारतीय सांस्कृतिक संगठनों के प्रति एक पूर्वाग्रहपूर्ण दृष्टिकोण काम करता है, जिसका फायदा स्थानीय नेता अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उठाते हैं। जोहरान ममदानी जैसे नेता अपने खास वोट बैंक को साधे रखने और वैचारिक रूप से ध्रुवीकृत बयानों के जरिए लाइमलाइट में बने रहने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं। वे मोहन भागवत की यात्रा को एक सांस्कृतिक संवाद के रूप में देखने के बजाय इसे राजनीतिक चश्मे से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि न्यूयॉर्क के स्थानीय चुनावों और नस्लीय समीकरणों में उन्हें इसका राजनीतिक लाभ मिल सके।प्रवासी भारतीयों की प्रतिक्रिया और स्थानीय समुदाय का रुखजोहरान ममदानी के इस बयान और विरोध के बाद न्यूयॉर्क और अमेरिका के अन्य हिस्सों में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय में भारी नाराजगी और रोष देखने को मिल रहा है। भारतीय मूल के लोगों का कहना है कि इस प्रकार के बयान न केवल सांस्कृतिक सहिष्णुता के खिलाफ हैं, बल्कि यह अमेरिका में रहने वाले शांतिप्रिय और कानून का पालन करने वाले हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करने का एक प्रयास हैं। स्थानीय हिंदू संगठनों और मंदिरों से जुड़े प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि मोहन भागवत की यात्रा पूरी तरह से सांस्कृतिक और वैचारिक संवाद के लिए है, जिसका किसी भी स्थानीय अमेरिकी नीति से कोई लेना-देना नहीं है। प्रवासी समुदाय अब संगठित होकर ऐसे बयानों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहा है और यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि अमेरिका की धरती पर किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत या राजनीति न फैलाई जा सके।भविष्य की राजनीति और वैश्विक कूटनीति पर इसका असरयह पूरा विवाद इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण है कि कैसे स्थानीय अमेरिकी राजनीति अब केवल घरेलू मुद्दों तक सीमित न रहकर वैश्विक घटनाओं और विचारों से भी तेजी से प्रभावित हो रही है। जब भी भारत से जुड़े किसी बड़े धार्मिक या वैचारिक व्यक्तित्व का दौरा पश्चिमी देशों में होता है, तो वहां की स्थानीय राजनीति में अपने समीकरण साधने वाले नेता तुरंत उस पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर देते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जोहरान ममदानी के इस रुख का न्यूयॉर्क की स्थानीय राजनीति पर क्या असर पड़ता है और क्या प्रवासी भारतीय एकजुट होकर इस वैचारिक चुनौती का राजनीतिक रूप से जवाब देते हैं या नहीं। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम एक बार फिर यह साबित करता है कि वैचारिक सरहदें अब मिट चुकी हैं और दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली घटना वैश्विक मंच पर एक बड़ी बहस का मुद्दा बन सकती है।
अमेरिका में विदेशी महिलाओं को मातृत्व सेवाएं बेचने वाले 'बर्थ टूरिज्म' बिजनेस की अब कांग्रेस जांच करेगी। इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया है, खासकर चीन और रूस से आने वाले यात्रियों को लेकर। इस मामले में फ्लोरिडा की एक कंपनी के अधिकारी को समन भी जारी किया गया है।
वाशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिका में विदेशी महिलाओं को मातृत्व सेवाएं बेचने वाले ‘बर्थ टूरिज्म’ बिजनेस की अब कांग्रेस जांच करेगी. इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला दिया गया है, खासकर चीन और रूस से आने वाले यात्रियों को लेकर. इस मामले में फ्लोरिडा की एक कंपनी के अधिकारी को समन भी ... Read more
अमेरिका में 'बर्थ टूरिज्म' पर कांग्रेस की जांच, चीन-रूस से आने वाली महिलाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला
भारतीय-अमेरिकी वोटर्स में मिडटर्म चुनाव से पहले दिखा उत्साह, डेमोक्रेट्स की ओर झुकाव
वाशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं में वोटिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और उनका झुकाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की तरफ है. एक सर्वे में यह बात सामने आई है. 2026 एशियन अमेरिकन वोटर सर्वे के मुताबिक, 92 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी रजिस्टर्ड वोटर्स ने नवंबर में वोट डालने ... Read more
'हम नहीं चाहते कि कनाडा अमेरिका के लिए कारें बनाए', ट्रंप ने टैरिफ लगाने की दी धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बनी कारों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
ट्रंप ने 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय सरकार को 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया है। उन्होंने इसके पीछे झील के आर्थिक महत्व और ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया।
नेपाल बाढ़: ट्रंप ने कहा- हर मदद को तैयार अमेरिका, भेजी पांच लाख डॉलर की आपातकालीन मदद
नेपाल बाढ़: ट्रंप ने कहा- हर मदद को तैयार अमेरिका, भेजी पांच लाख डॉलर की आपातकालीन मदद
Mohan Bhagwat के अमेरिकी इवेंट आयोजक का X Account निलंबित, Akhilesh ने साधा निशाना
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे एक संगठन का ‘एक्स’ अकाउंट निलंबित किए जाने पर बृहस्पतिवार को तंज कसा। उन्होंने कहा कि विदेशों में जब ‘‘गैर-पंजीकृत-भूमिगत’’ लोग उभरकर आएंगे तो उनके ‘एक्स’ अकाउंट निलंबित किए ही जाएंगे। भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत अमेरिका के न्यूयॉर्क में हैं और 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी) स्थित इन्फोसिस थिएटर में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। इस कार्यक्रम को अंतर-धार्मिक आयोजन बताया गया है, जिसमें वह विविध, बहुसांस्कृतिक और विभिन्न धर्मों के लोगों से संवाद करेंगे। अखिलेश ने ‘एक्स’ पर भागवत के कार्यक्रम के आयोजकों का अकाउंट निलंबित किए जाने से संबंधित एक खबर की तस्वीर साझा करते हुए कहा, ‘‘जब ‘अपंजीकृत-भूमिगत’ लोग विदेश में निकलते हैं तो उनके एक्स अकाउंट निलंबित होना ही है।’’ भागवत के कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (एएचईएडी) फोरम का ‘एक्स’ अकाउंट बुधवार को उपयोगकर्ताओं के लिए अनुपलब्ध हो गया था। संगठन ने बाद में कहा कि उसे लगता है कि अकाउंट संभवतः गलती से निलंबित किया गया है। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat ने New York में उद्योग जगत से की वार्ता, भारत-अमेरिका रिश्तों पर हुई चर्चा उसने विश्वास जताया कि उसका संचार लगातार ‘‘सार्वभौमिक शांति, एकता, सद्भाव तथा रचनात्मक अंतर-धार्मिक और अंतर-सांस्कृतिक संवाद’’ को बढ़ावा देता रहा है और यह ‘एक्स’ की नीतियों के अनुरूप है। आरएसएस और उसके नेताओं का नाम लिए बिना अक्सर उन पर निशाना साधने वाले अखिलेश ने ‘एक्स’ पर कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसे भारतीयों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि ‘स्वदेशी’ का नारा लगाने वाले लोग आखिर विदेश क्या लेने गए हैं। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav ने Shamli में Ankit Baliyan हत्याकांड पर BJP को घेरा सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘क्या वे विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) का अध्ययन करने गए हैं? क्या वे यह शोध करने गए हैं कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया क्यों गिर रहा है, या भारतीय किसानों को बर्बाद करने के लिए अमेरिकी डील में कुछ और जुड़वाने गए हैं?’’ अखिलेश ने आगे पूछा, ‘‘क्या वे वहां भी सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने गए हैं? क्या वे वहां अपने ‘अलगाववाद’ का प्रसार करने गए हैं या फिर अपनी विभाजनकारी ‘कुदाली’ विचारधारा के लिए जमीन तलाशने गए हैं? क्या वे शाखा का विस्तार करने गए हैं या भारत में बने अपने भवनों की आय के स्रोत को वैधानिक जांच से बचाने के लिए वकील तलाशने गए हैं?’’ भागवत की अमेरिकी यात्रा को लेकर जारी विवाद के बीच यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने ट्रंप प्रशासन से उनका वीजा रद्द करने की अपील की है। भारत ने यूएससीआईआरएफ के आरोपों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी आयोग को ‘‘विश्वसनीयता की कमी वाला पक्षपाती संगठन’’ करार दिया है।
Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे
भारत के सुमित नागल को अमेरिकी ओपन क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त आर्थर गिया के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया। नागल को फ्रांस के गीया ने 3-6, 6-7(4) से शिकस्त दी। इससे वह पहले दौर में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। क्वालीफाइंग ड्रॉ में शीर्ष वरीयता प्राप्त गिया ने महत्वपूर्ण मौकों का फायदा उठाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और दूसरे दौर में जगह बनाई। इस हार का मतलब है कि नागल लगातार सात ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं बना पाए हैं। नागल ने आखिरी बार किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में 2025 ऑस्ट्रेलियाई ओपन में हिस्सा लिया था जहां उन्हें पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी अब नागल का ध्यान भारत और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले महत्वपूर्ण डेविस कप मुकाबले पर होगा। इस मैच में जीत से भारत के पास डेविस कप फाइनल की शीर्ष आठ टीम में जगह बनाने का मौका होगा। इस सत्र में नागल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रोमानिया के तार्गु मुरेश में क्ले-कोर्ट चैलेंजर टूर्नामेंट जीतना रहा है।
ईरान के साथ युद्ध में पस्त हो गई अमेरिकी सेना? NATO को भी हो गई टेंशन; क्या है वजह
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से नाटो देशों को टेंशन हो गई है। अमेरिकी सेना को मिसाइलों के संकट का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि सबसे चिंताजनक कमी 'पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर' की है, जो रूस की तेज गति वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम हैं।
ट्रंप ने ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ किया, अमेरिका को बताया सबसे बड़ा संरक्षक
वॉशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने संघीय Government को ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का आदेश दिया है. उन्होंने इसके पीछे झील के आर्थिक महत्व और ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका का हवाला दिया. जारी किए गए एक्जीक्यूटिव आदेश में अमेरिकी आंतरिक मामलों के मंत्री ... Read more
ट्रंप ने 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' किया, अमेरिका को बताया सबसे बड़ा संरक्षक
ट्रंप ने 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' किया, अमेरिका को बताया सबसे बड़ा संरक्षक
Crisis over Trump mail-in voting US court stays order again will controversy escalate before midterm elections
‘हम नहीं चाहते कि कनाडा अमेरिका के लिए कारें बनाए’, ट्रंप ने टैरिफ लगाने की दी धमकी
वॉशिंगटन, 28 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बनी कारों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन नहीं चाहता कि कनाडा अमेरिकी बाजार के लिए कारों का निर्माण करे. ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम ... Read more
'हम नहीं चाहते कि कनाडा अमेरिका के लिए कारें बनाए', ट्रंप ने टैरिफ लगाने की दी धमकी
'हम नहीं चाहते कि कनाडा अमेरिका के लिए कारें बनाए', ट्रंप ने टैरिफ लगाने की दी धमकी
नायला की मोहिनी देवी के निधन से ‘मानवीय सेतु’ खत्म हो गया भारत-अमेरिका में कूटनीतिक रिश्तों से परे 26 साल पहले बना अनोखा ‘मानवीय सेतु’ हमेशा के लिए टूट गया है। जयपुर के नायला गांव से हर साल अमेरिका जाने वाला स्नेह का धागा अब थम गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भाई मानने वाली और उन्हें हर वर्ष राखी भेजने वाली मोहिनी देवी का इस साल मार्च में निधन हो गया। यह भावुक कहानी साल 2000 में शुरू हुई थी, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन नायला आए। नायला मोहिनी देवी का मायका था, जहां पति के साये से वंचित होने के बाद रह रही थीं। गांव वाले उन्हें ‘बुआजी’ बुलाते थे। इसी कारण गांव की तरफ से क्लिंटन को राखी बांधने का सौभाग्य मोहिनी देवी को मिला। जब क्लिंटन नायला पहुंचे, तो मोहिनी देवी ने रक्षासूत्र बांधकर इस पावन रिश्ते की नींव रखी। मोहिनी देवी हर साल क्लिंटन, उनकी पत्नी और बच्चों के लिए राखियां भेजती थीं। दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से होती हुई यह राखी व्हाइट हाउस तक का सफर तय करती थी। जवाब में क्लिंटन की ओर से भी मोहिनी देवी के लिए खास उपहार और पत्र आते थे। व्हाइट हाउस से भी आते थे गिफ्ट...जवाब में क्लिंटन की ओर से भी मोहिनी देवी के लिए खास उपहार और पत्र आते थे, जिनमें व्हाइट हाउस का विशेष बैज, पेन और बैग जैसी अनमोल यादें शामिल थीं। ‘न्यूयार्क टाइम्स’ समेत दुनिया भर के कई प्रमुख अखबारों में इस स्नेहपूर्ण रिश्ते की तस्वीरें छपीं, जिसके बाद जो भी अमेरिकी पर्यटक या अधिकारी जयपुर आते, वे मोहिनी देवी से मिलना नहीं भूलते थे। यह रिश्ता भाई-बहन के निश्छल प्रेम के साथ-साथ दिल के बेहद करीब था। साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जब बिल क्लिंटन की पत्नी हिलेरी क्लिंटन (जिन्हें मोहिनी देवी अपनी ‘भाभी’ मानती थीं) मैदान में उतरीं, तो उन्होंने उनकी जीत के लिए गांव में विशेष प्रार्थनाएं और अनुष्ठान किए थे। हालांकि, समय के साथ अमेरिका से पत्रों और उपहारों का आना भले ही कम हो गया, लेकिन मोहिनी देवी का अपने भाई के प्रति प्रेम कभी कम नहीं हुआ। वे पिछले वर्ष तक लगातार राखी भेजती रहीं। मार्च 2026 में मोहिनी देवी के अंतिम सांस लेने के साथ ही यह मानवीय सेतु सदा के लिए शांत हो गया। उनके बड़े बेटे शंकरलाल गुप्ता भावुक मन से कहते हैं, “मां के दो सगे भाई थे, लेकिन बिल क्लिंटन से उनका लगाव इतना गहरा था कि वे उन्हें भी अपने सगे भाई से कम नहीं मानती थीं। उन्हें इस बात पर बेहद गर्व था कि उनका एक भाई अमेरिका का राष्ट्रपति है।’ आज मोहिनी देवी भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके घर की अलमारी में सहेज कर रखे गए व्हाइट हाउस के वे उपहार और अखबारों की पीली पड़ चुकी कतरनें आज भी उस अटूट रिश्ते की गवाही दे रही हैं-एक ऐसा रिश्ता जो राजस्थान के एक छोटे से गांव से शुरू होकर दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति के दिल तक जाता था।
Moradabad News: मुरादाबाद के निर्यातकों को बड़ा लाभ... अब अमेरिका के साथ रुपये में होगा कारोबार
मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए अच्छी खबर है। अब अमेरिकी खरीदारों से निर्यात का भुगतान भारतीय रुपये में लिया जा सकेगा।
लखनऊ में रक्षाबंधन से पहले राखी बाजार सजे हुए हैं। अमेरिकन डायमंड और कैप्टन अमेरिका वाली राखियां खूब पसंद की जा रही हैं। रुद्राक्ष और भगवान शिव के त्रिनेत्र वाली राखियां भी डिमांड में हैं। बच्चों के लिए ‘भाई’ और ‘वीरा’ के साथ कैप्टन अमेरिका जैसे एनिमेशन हीरोज वाली राखियां बाजार में बिक रही हैं। बड़े भाइयों के लिए ढाई हजार रुपए तक की अमेरिकन डायमंड लगी राखी भी उपलब्ध है। शहर के अलग-अलग बाजारों में 10 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक की राखियां मिल रही हैं। अमेरिकन डायमंड राखी बनी पहली पसंद पत्रकारपुरम, गोमतीनगर, आशियाना, निरालानगर, हजरतगंज, चौक समेत लखनऊ के कई बाजारों में अमेरिकन डायमंड राखी की डिमांड सबसे ज्यादा है। करीब 400 रुपए से शुरू होने वाली अमेरिकन डायमंड राखी को कलाई पर बांधने के बाद यह डायमंड ज्वेलरी या ब्रेसलेट जैसी दिखाई देती है। प्रीमियम डिजाइन में इसकी कीमत 2500 रुपए तक पहुंच रही है। अलग-अलग स्टोन और डिजाइन वाली राखियों में ग्राहक अपनी पसंद के मुताबिक खरीदारी कर रहे हैं। सावन में रुद्राक्ष और त्रिनेत्र वाली राखी का ट्रेंड सावन के महीने का असर राखी के डिजाइन पर भी दिखाई दे रहा है। बाजार में रुद्राक्ष वाली राखी और भगवान शिव के त्रिनेत्र की आकृति वाली राखी की मांग बढ़ी है। दुकानदारों के मुताबिक बहनें ऐसी राखियां पसंद कर रही हैं, जिनमें भाई के लिए शुभकामना के साथ धार्मिक भाव भी जुड़ा हो। रुद्राक्ष वाली राखियों को खास तौर पर सावन के कारण पसंद किया जा रहा है। कैप्टन अमेरिका राखी युवाओं और बच्चों को पसंद दुकानदार आरिफ बताते हैं कि अमेरिकन डायमंड के साथ कैप्टन अमेरिका राखी भी इस बार बाजार में ट्रेंड में है। इसके फैंसी डिजाइन और चमकदार लुक के कारण युवा और बच्चे इसे पसंद कर रहे हैं। कुछ डिजाइन में स्टोन और मेटल का इस्तेमाल किया गया है, जिससे राखी कलाई पर ब्रेसलेट जैसी नजर आती है। बच्चों की राखी पर लिखा ‘भाई’ और ‘वीरा’ दुकानदार सानू बताते हैं कि बच्चों के लिए बाजार में ‘भाई’ और ‘वीरा’ लिखी राखियां सबसे अलग आकर्षण बनी हुई हैं। रंगीन स्टोन, फैंसी डिजाइन और चमकदार सजावट वाली इन राखियों को बच्चे खुद चुन रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक, बच्चों के लिए राखी खरीदने वाले परिवारों में इन डिजाइन की मांग लगातार बनी हुई है। 10 रुपए से 3000 रुपए तक की राखियां उपलब्ध लखनऊ में राखियों की कीमत डिजाइन और क्वालिटी के हिसाब से तय हो रही है। सामान्य राखियां 10 रुपए से शुरू हैं, जबकि स्पेशल डिजाइन कई सौ रुपए तक पहुंच रहे हैं। प्रीमियम अमेरिकन डायमंड राखी 2500 रुपए तक उपलब्ध है। दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन राखियों की खरीदारी बढ़ने से सामान्य राखियों की बिक्री पर बड़ा असर है, लेकिन खास डिजाइन वाली राखियों के लिए ग्राहक बाजार पहुंच रहे हैं।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने 25 देशों के कुल 605 नागरिकों को लापता कर दिया है, जिनमें सर्वाधिक 333 भारतीय शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन समेत कई देशों के नागरिक भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
देशभर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। उज्जैन में इस पर्व पर एक अनूठी परंपरा देखने को मिलती है। महाकाल मंदिर के पीछे स्थित बड़ा गणेश मंदिर में भगवान गणेश को भाई मानने वाली बहनें देश ही नहीं, विदेशों से भी राखियां भेजती हैं। मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, भोपाल, इंदौर के साथ अमेरिका, लंदन और हांगकांग से भी बहनों ने भगवान गणेश के लिए राखियां भेजी हैं। इस बार भगवान गणेश को 51 फीट की विशेष राखी भी अर्पित की जाएगी। महिलाएं भगवान गणेश को भाई मानकर उनके लिए राखी भेजने के साथ उनकी पत्नियों रिद्धि-सिद्धि को भाभी का दर्जा देती हैं। उनके लिए साड़ी और भगवान गणेश के वाहन मूषक के लिए आसन भी भेजे जाते हैं। रक्षाबंधन पर मंदिर में पहुंचने वाली इन राखियों को विधि-विधान से भगवान गणेश को अर्पित किया जाएगा। देश-विदेश से पहुंची राखियां महाकाल मंदिर के ठीक पीछे स्थित करीब 15 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा के कारण यह मंदिर बड़े गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में वर्षों से आने वाली कई महिला श्रद्धालु भगवान गणेश को अपना भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और रक्षाबंधन पर उनके लिए राखी भेजती हैं। पंडित अक्षत व्यास ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती को जगत माता-पिता माना जाता है। इसी भाव के चलते कई महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानती हैं। हर साल देश के अलग-अलग शहरों के साथ विदेशों से भी भगवान गणेश के लिए राखियां भेजी जाती हैं। इस बार मुंबई की राजकुमारी जैन ने सोने की गिन्नी वाली राखी भेजी है। इसके अलावा बेंगलुरु, राजस्थान, कोलकाता, भोपाल और इंदौर से भी राखियां मंदिर पहुंची हैं। अमेरिका और हांगकांग से भी बहनों ने राखियां भेजी हैं। इस बार भगवान गणेश को 51 फीट लंबी विशेष राखी अर्पित की जाएगी। रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी, मूषक के लिए आसन भगवान गणेश को भाई मानने वाली महिलाएं रक्षाबंधन पर सिर्फ उनके लिए राखी ही नहीं भेजतीं, बल्कि रिद्धि और सिद्धि को अपनी भाभी मानकर उनके लिए साड़ी भी भेजती हैं। वहीं भगवान गणेश के वाहन मूषक के लिए आसन भेजने की परंपरा भी है। 28 अगस्त को नहीं रहेगा भद्रा का साया श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। पंचांग गणना के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे से रात 9:25 बजे तक भद्रा रहेगी। इसके बाद 28 अगस्त की सुबह से पूरे दिन और प्रदोष काल में रक्षाबंधन पर्व मनाया जा सकेगा।
हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को आतंकी प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बदला लेने की धमकी दी है। इस संबंध में पन्नू ने एक वीडियो जारी किया है। पन्नू ने कहा कि लॉरेंस और गोल्डी बराड़ ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि कनाडा या अमेरिका की अदालतों में केस बंद होने के बावजूद वे खालसाई इंसाफ और सजा से नहीं बच पाएंगे। खालसाई इंसाफ की गोली उनके माथे पर लगेगी। वीडियो उस समय सामने आया है, जब दो दिन पहले गोल्डी बराड़ और अर्श डल्ला की इस मामले को लेकर कथित ऑडियो वायरल हुई थी। वीडियो में उसने लॉरेंस, गोल्डी बराड़, करण बराड़, अमनदीप सिंह, कमलप्रीत और करणप्रीत सिंह की तस्वीरें दिखाईं और उन पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। FBI ने पन्नू को जान का खतरा बताया पन्नू ने दावा किया कि उसे अपनी जान का खतरा है। उसके मुताबिक, आज FBI अधिकारियों ने उसे चेतावनी दी कि खतरा टलने तक वह यात्रा न करें। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो पहले एजेंसी को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया है। पन्नू ने बताया कि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने भी मंगलवार को फोन कर उसे चेतावनी दी थी। हालांकि, दोनों कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सामने आए कथित खतरे की साजिश को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की। इस संबंध में प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता रखने वाले पन्नू ने कहा कि उसे अमेरिका के ‘ड्यूटी टू वार्न’ कानून के तहत चेतावनी दी गई है। इस कानून के तहत अमेरिकी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियां हत्या, गंभीर शारीरिक नुकसान या अपहरण के विश्वसनीय और विशेष खतरे का पता चलने पर संबंधित व्यक्ति को सूचित करती हैं। अर्श डल्ला ने भी दी थी बदला लेने की धमकी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ द्वारा कथित तौर पर सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने का दावा किए जाने के कुछ घंटे बाद कनाडा में रह रहे अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला ने भी बदला लेने की धमकी दी थी। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में बराड़ ने निज्जर पर डल्ला को पनाह देने, हथियार और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने तथा युवाओं में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में डल्ला ने पंजाबी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करीब 15 मिनट का वीडियो जारी कर बराड़ के आरोपों को खारिज किया। डल्ला ने दावा किया कि हत्या से करीब एक साल पहले तक उसकी निज्जर से मुलाकात नहीं हुई थी। उसने निज्जर द्वारा उसे पैसे, पनाह या हथियार उपलब्ध कराने के आरोपों को भी नकार दिया। डल्ला और बराड़ दोनों ने एक-दूसरे पर खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगाया है।
आगरा के एकता थाना क्षेत्र कहरई में शंकर ग्रीन अपार्टमेंट में लिया था किराये पर फ्लैट।
Varanasi News: पांच दिनों में अमेरिका, दुबई और इंग्लैंड भेजी गईं 150 राखियां
150 Rakhis sent to America, Dubai, and England in five days.
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
अमेरिका में पूर्व प्रेमिका निकिता गोदिशाला की हत्या के आरोपित अर्जुन शर्मा को गैर-जमानती वारंट पर गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत ने उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया है, क्योंकि अमेरिका ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है।
मेटा को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वॉच टाइम कम करने के लिए डेली लिमिट और नाइट टाइम ब्लॉक जैसे फीचर लाने होंगे। अमेरिका के कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में 29 राज्यों की ओर से दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान यह निर्देश टेक कंपनी को दिए गए। कंपनी पर बच्चों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लत लगाने, उनकी सुरक्षा पर गुमराह करने और बिना सहमति डेटा जुटाने के आरोप थे। मेटा बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ के मामले को खत्म करने के लिए करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। बच्चों का डेटा चुराकर AI को ट्रेन करने का आरोप मेटा पर अमेरिका के राज्यों, स्कूलों और माता-पिता ने युवाओं में मानसिक तनाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कराए हैं। कंपनी ने माता-पिता को बिना बताए या उनकी मंजूरी लिए बिना बच्चों का पर्सनल डेटा जुटाया और उसका इस्तेमाल अपने मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई (AI) मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए किया। मेटा बोला- सोशल मीडिया की लत कोई बीमारी नहीं मेटा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। कंपनी का कहना था कि उसने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। मेटा ने कोर्ट में तर्क दिया कि वो यूजर्स को गुमराह नहीं कर रही है, क्योंकि 'सोशल मीडिया की लत' कोई मान्यता प्राप्त मानसिक बीमारी नहीं है। इस मामले में अमेरिका के राज्य मेटा से भारी-भरकम जुर्माने की मांग कर रहे थे। कोर्ट फाइलिंग के मुताबिक, कैलिफोर्निया और कोलोराडो जैसे राज्य मेटा पर करीब 133.48 लाख करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, राज्यों ने बाद में इस राशि को 19.07 लाख करोड़ रुपए के करीब बताया था। जुर्माने के अलावा राज्यों ने मुआवजे और बच्चों के नए अकाउंट बनाने पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की थी। एल्गोरिदम कैसे बनाता है लत? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम इस तरह बनाया जाता है कि यूजर ज्यादा से ज्यादा समय तक एप पर बना रहे और यही धीरे-धीरे लत में बदल जाता है। इसे कई रिसर्च और रिपोर्ट्स ने भी साबित किया है। इन टेक कंपनियों पर भी चल रहे हैं मुकदमे मेटा के अलावा स्नैपचैट, यूट्यूब (अल्फाबेट) और टिकटॉक (बाइटडांस) भी कई अदालतों में हजारों मुकदमों का सामना कर रही हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अपने एप्स में ऐसे फीचर्स जोड़े जो बच्चों और युवाओं को लत लगा रहे हैं। न्यू मेक्सिको और अन्य मामलों में मेटा की हार यह 1.59 लाख करोड़ रुपए का समझौता ऐसे समय में आया है, जब मेटा हाल ही में न्यू मेक्सिको राज्य में दायर एक लैंडमार्क मुकदमे के दोनों फेज में हार चुका है… इसके अलावा, मार्च में ही किसी व्यक्ति की याचिका पर आया पहला फैसला भी मेटा और गूगल के खिलाफ रहा। लॉस एंजिल्स की जूरी ने वादी कैली जीएम को डिप्रेशन और एंग्जाइटी के लिए इन कंपनियों को जिम्मेदार माना और संयुक्त रूप से 6 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। मेटा और गूगल ने इन फैसलों के खिलाफ अपील करने की बात कही है। फेडरल कोर्ट में सुनवाई के लिए तय पहले मामले में मेटा, स्नैप, अल्फाबेट और बाइटडांस- इन चारों कंपनियों ने समझौता कर लिया था। केंटकी के ब्रेथिट काउंटी स्कूल डिस्ट्रिक्ट द्वारा दायर इस केस में आरोप था कि ये एप्स छात्रों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके तहत स्कूल जिले को संयुक्त रूप से 27 मिलियन डॉलर मिलने तय हुए थे।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी दिग्गज गायिका और अभिनेत्री डॉली पार्टन का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद संगीत की दुनिया से लेकर अमेरिकी राजनीति तक शोक की लहर है। हर कोई उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी डॉली पार्टन को श्रद्धांजलि दी और उन्हें महान कलाकार बताया। ट्रंप ने उनके सम्मान में पूरे अमेरिका में एक हफ्ते तक अमेरिकी झंडे को आधा झुकाए रखने का आदेश दिया है।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के ड्राइवर के परिवार से 50 लाख रुपए का फ्रॉड हो गया। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर ट्रैवल एजेंट को अलग-अलग समय में किस्तों में यह रकम दी। एजेंट ने बेटे को लीगल तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया था, लेकिन उसने डंकी रूट के जरिए मेक्सिको पहुंचाया और वहां से अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल करा दिया। अमेरिका पहुंचते ही बॉर्डर पुलिस ने नवीन को पकड़ लिया और उसे करीब 14 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रहना पड़ा। दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया। इसके बाद परिवार को ठगी का पता चला। पंचायत में एजेंट ने एक महीने के भीतर 50 लाख रुपए लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन आरोप है कि समय सीमा पूरी होने के बाद उसने पैसे लौटाने के बजाय फोन उठाना बंद कर दिया। पानीपत के ओल्ड इंडस्ट्रियल थाने में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए शिकायत में क्या आरोप लगाए… सरकारी विभाग में ड्राइवर हैं राकेश गोहाना निवासी राकेश कुमार ने शिकायत में कहा कि वह हरियाणा सरकार के मिनिस्ट्री कार सेक्शन में बतौर ड्राइवर तैनात हैं। इस समय वह अंबाला कैंट स्थित शास्त्री कॉलोनी में मंत्री अनिल विज के आवास पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका छोटा बेटा नवीन वर्मा सीनियर मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और वह उच्च शिक्षा व रोजगार के लिए अमेरिका जाना चाहता था। साले के दोस्त ने पानीपत के ट्रैवल एजेंट से मिलवाया राकेश ने बताया कि उनके साले के दोस्त, जींद के पिल्लूखेड़ा निवासी मनोज कुमार ने उनकी मुलाकात पानीपत की गोपाल कॉलोनी निवासी ट्रैवल एजेंट कुलदीप से करवाई थी। पानीपत में हुई पहली मीटिंग में एजेंट कुलदीप ने नवीन को वैध तरीके से (बाय-एयर) कानूनी प्रक्रिया के जरिए अमेरिका पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इस सौदे के लिए कुल 40 लाख रुपए तय हुए। पहली मुलाकात में 5 लाख एडवांस दिए राकेश ने बताया कि बड़े बेटे प्रवीण वर्मा ने अपने दोस्त अमित की मौजूदगी में पहली ही मुलाकात में एजेंट कुलदीप को 5 लाख रुपए एडवांस दे दिए। अक्टूबर 2024 में एजेंट गोहाना स्थित उनके घर पहुंचा, जहां से वह नवीन का पासपोर्ट ले गया। इसके कुछ ही दिनों बाद पानीपत के सनौली रोड पर एजेंट को 10 लाख रुपए नकद थमा दिए गए। वीजा के नाम पर 8 लाख रुपए और लिए राकेश के मुताबिक, 19 अक्टूबर 2024 को वीजा लगवाने के नाम पर एजेंट कुलदीप और उसके साथी आशू ने 8 लाख रुपए की मांग की। बड़े बेटे प्रवीण और उसके दोस्त अमित पानीपत के होटल मिड टाउन पहुंचे, जहां प्रवीण की ID पर कमरा बुक हुआ था। वहां दोनों आरोपियों को 8 लाख रुपए कैश दिए गए। अलग-अलग खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाई राकेश ने बताया कि एजेंट के कहने पर दुबई में रह रहे लाडवा निवासी सिद्धार्थ गोयल के अकाउंट में 92,150 रुपए ऑनलाइन डलवाए गए। नवीन के खाते में 95,000 रुपए चार किस्तों में डलवाए गए। इसके अगले ही दिन सिद्धार्थ गोयल के खाते में 52,000 रुपए और 2,800 रुपए दोबारा ट्रांसफर करवाए गए। एजेंट कुलदीप अपने साथी सोनू रंधावा निवासी ब्यास, पंजाब के साथ गोहाना स्थित घर पहुंचा और 12 लाख रुपए कैश ले गया। पिहोवा में 10 लाख रुपए और दिलवाए राकेश के मुताबिक, 3 दिसंबर को एजेंट पीड़ित के बेटे प्रवीण को गाड़ी में बैठाकर कुरुक्षेत्र के पिहोवा ले गया और वहां किसी अनजान व्यक्ति को 10 लाख रुपए दिलवाए। 5 दिसंबर को गोहाना स्थित घर आकर 5 लाख रुपए और ले लिए गए। इसके बाद 5 नवंबर 2024 को नवीन को फ्रांस की फ्लाइट में बैठाया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर एजेंट कुलदीप ने उससे 95,000 रुपए और लिए। लीगल रास्ते के बजाय डंकी रूट से अमेरिका भेजने का आरोप राकेश ने कहा कि एजेंट ने परिजनों को यह कहकर गुमराह किया कि प्रोसीजर के तहत कुछ दिन बेटे से बात नहीं हो पाएगी। आरोप है कि एजेंट ने लीगल रास्ते के बजाय नवीन को अवैध तरीके से डंकी रूट से मेक्सिको पहुंचा दिया और वहां से बॉर्डर पार कराकर अमेरिका में अवैध घुसपैठ करवा दी। अमेरिका में दाखिल होते ही वहां की बॉर्डर पुलिस ने नवीन को पकड़ लिया। इसके बाद उसे 14 महीने तक अमेरिका के डिटेंशन सेंटर में जेल की सलाखों के पीछे अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ा। आखिरकार, दिसंबर 2025 में अमेरिकी सरकार ने उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया। डिपोर्ट होकर लौटने पर ठगी का पता चला राकेश ने बताया कि दिसंबर 2025 में जब बेटा बदहवास हालत में डिपोर्ट होकर घर लौटा तो ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद परिजनों ने एजेंट कुलदीप को दबोचा। बिरादरी की पंचायत बुलाई गई, जिसमें एजेंट ने 1 महीने के भीतर पूरे 50 लाख रुपए लौटाने का लिखित और मौखिक वादा किया। हालांकि, समय सीमा बीतते ही आरोपी अपनी बात से मुकर गया। उसने फोन उठाना बंद कर दिया और छिपने लगा। रुपए मांगने पर जान से मारने की धमकी का आरोप राकेश का आरोप है कि अब जब भी वे रुपए वापस मांगते हैं तो आरोपी कुलदीप, आशू, सोनू रंधावा और उनके साथी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपी अपनी ऊंची राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच का रौब दिखाते हुए पीड़ित परिवार को झूठे पुलिस केस में फंसाने की धमकियां भी दे रहा है।
नेशनल अवॉर्डी और गुलाबी मीनाकारी के मास्टर आर्टिजन कुंज बिहारी सिंह बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों से रक्षाबंधन के लिए कारीगर एक महीने पहले से इसकी तैयारी में जुट जाते हैं।
NRI कोटे से किसी भी स्कोर पर MBBS सीट दिलवा देंगे। 30 हजार आप इंडिया में हमें दे दीजिएगा। बाकी का 1 करोड़ अमेरिका, दुबई से कैंडिडेट के अकाउंट में डलवाएंगे। कोई नहीं कह पाएगा कि NRI नहीं है। मैं बिहार से हूं। एमपी में 11 साल से रह रहा हूं। अब तक 3 हजार से ज्यादा डॉक्टर बना चुका हूं। अपना नेटवर्क तो पूरे देश में फैला है। जहां जिस कॉलेज में बोलिएगा MBBS की सीट लॉक करा दूंगा। कोई भी ऐसा राज्य नहीं जहां अपनी सेटिंग से कॉलेज की सीट फिक्स न हो जाए। हम लोगों ने ऐसी नेटवर्किंग बनाई है, एक कॉल पर एडमिशन होता है। पैसा खर्च कीजिए किसी भी कोटे से सेट करा दूंगा। हम लोग ऐसे काम नहीं करते हैं, पैसा देकर पहले ही कॉलेजों से सीट होल्ड करा लेते हैं..। ऐसे दावे देश के अलग-अलग राज्यों में बैठे एजेंट्स कर रहे हैं जो MBBS की सीट बेच रहे हैं। हर एजेंट का कनेक्शन बिहार से है। बिहार के एजेंट्स ने पूरे देश में नेटवर्क मार्केटिंग की तरह अपना जाल फैला दिया है। ऑपरेशन MBBS पार्ट 3 में पढ़िए और देखिए बिहार के एजेंट्स ने देश में कैसे खड़ा किया MBBS की सीट बेचने वाला नेटवर्क..। भास्कर की इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम ने इन्वेस्टिगेशन के दौरान देश के 6 से अधिक राज्यों में बात की है। हर राज्य में MBBS सीट की डील करने वाला एजेंट्स बिहार का निकला। रिपोर्टर्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि देश के अलग-अलग राज्यों में कैसे नेटवर्क मार्केटिंग की तरह एजेंट्स ने अपना जाल फैलाया और कैसे MBBS की सीट बेच रहे हैं। इन्वेस्टिगेशन में सबसे बड़ा नाम प्रिंस का सामने आया जो बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है, लेकिन पूरे देश में अपना नेटवर्क खड़ा कर रखा है। वो खुद मध्य प्रदेश के भोपाल में रहता है, वहीं से MBBS की पूरी डील करता है। इनपुट मिला कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर वह अब तक 3000 से अधिक डॉक्टर बना चुका है, इसी कमाई से भोपाल में खुद हॉस्पिटल चलाता है। प्रिंस से मिलने भास्कर रिपोर्टर अंडर कवर बनकर 1100 किमी दूर भोपाल के सलैया पहुंचे। बातचीत में खुद प्रिंस ने ही पूरा खुलासा कर दिया। रिपोर्टर - मैं बिहार से आया हूं, एडमिशन के संबंध में बात करनी है। प्रिंस - बढ़िया है, हो जाएगा। अपना तो काम ही यही है, देश के किसी भी मेडिकल कॉलेज में जाइए अपना आदमी मिलेगा। रिपोर्टर - आप बिहार से भोपाल कैसे पहुंच गए।प्रिंस - मैने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, नौकरी नहीं लगी तो यही काम शुरू कर दिया। अब तक तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का डॉक्टरी में एडमिशन करा चुका हूं। रिपोर्टर - तब तो आपकी पूरी सेटिंग होगी?प्रिंस - एमपी और बिहार नहीं देश में कोई भी मेडिकल कॉलेज ऐसा नहीं है, जहां अपनी सेटिंग नहीं है। रिपोर्टर - आपके साथ तो बहुत लोग काम करने वाले होंगे?प्रिंस - पूरा नेटवर्क है, बिहार के लोग देश के हर राज्य में हैं, सब एक दूसरे से जुड़े हैं। MBBS एडमिशन के लिए हम लोगों की मार्केटिंग की पूरी चेन है। रिपोर्टर - स्टूडेंट्स का पता कैसे चलता है?प्रिंस - अलग-अलग शहरों में लोग हैं, स्टूडेंट्स की जानकारी जुटाते हैं, फिर नंबर और मार्क्स देखकर उन्हें आगे भेज देते हैं। हम लोग भी कैंडिडेट्स के इंटरेस्ट के हिसाब से उन्हें कॉलेज दिला देते हैं। रिपोर्टर - काउंसलिंग तो करानी ही पड़ती होगी?प्रिंस - प्रक्रिया तो सभी पूरी की जाती है, लेकिन कोटा तो अपना पहले से सेट करके रखा जाता है। कैंडिडेट्स के आधार पर डॉक्यूमेंट्स तैयार करा दिए जाते हैं। रिपोर्टर - इसमें तो बहुत लोगाें और बड़ी सेटिंग की जरूरत पड़ती होगी। प्रिंस - NRI डॉक्यूमेंट्स और कॉलेज तक पहुंचाने की प्रक्रिया में अलग-अलग लोग जुड़ते हैं। प्रिंस बोला- छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ में ही एडमिशन करवा दूंगा प्रिंस ने अंडर कवर रिपोर्टर्स से डील के दौरान MBBS सीट बेचने में कमाई का पैकेज भी बताया। प्रिंस ने दावा किया कि 220 नंबर पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए NRI कोटे से MBBS में एडमिशन का पैकेज करीब 1 से 1.5 करोड़ तक का है। हॉस्टल का खर्च अलग से देना होगा। प्रिंस ने छत्तीसगढ़ की सेटिंग का दावा करते हुए बताया कि वहां 1 करोड़ में ही MBBS में एडमिशन करा देंगे। प्रिंस का दावा है कि हर कोटे के लिए उसकी सेटिंग है। पहले से ही कॉलेज से सीट को लेकर डील हो जाती है। इसके बाद काउंसलिंग शुरू होते ही सीट की डीलिंग भी शुरू हो जाती है। किसी कैंडिडेट्स के परिवार में कोई NRI हो या ना हो, प्रिंस डॉक्यूमेंट्स से उसे NRI बनवा देगा। इतना ही नहीं NRI स्पॉन्सर की व्यवस्था भी प्रिंस खुद करता है। दावा किया कि स्टूडेंट यादव है तो यादव सरनेम वाला NRI स्पॉन्सर भी ढूंढकर दिया जाएगा। प्रिंस ने बताया कि कागजों में NRI स्पॉन्सर छात्र की पढ़ाई का खर्च उठाने वाला दिखेगा, जबकि असली पैसा छात्र का परिवार देगा। प्रिंस से डील करने के बाद हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम को प्रदीप का इनपुट मिला। प्रदीप बिहार के कटिहार का रहने वाला है, फिलहाल वो नोएडा में रहता है। प्रदीप के बारे में जानकारी मिली कि वो बिहार और यूपी के अधिकतर स्टूडेंट्स की कॉलेज में सेटिंग नोएडा में बैठकर करता है। प्रदीप का दावा- राजस्थान और बंगाल में सेटिंग भास्कर के अंडर कवर रिपोर्टर्स ने प्रदीप से दो स्टूडेंट्स के एडमिशन के लिए अलग-अलग डील की। हमने बताया कि 215 और 220 स्कोर वाले स्टूडेंट्स का MBBS में एडमिशन कराना है। प्रदीप ने भी वही रास्ता बताया जो बाकी एजेंट्स ने बताया। प्रदीप ने दावा किया कि MBBS में जितनी भी NRI कोटे की सीट होती है, हम लोग ही उसकी सेटिंग करते हैं। अगर कॉलेज एजेंट्स से अलग हो जाए तो ये सीट भर ही नहीं पाएंगी। प्रदीप ने दावा किया कि 215-220 नंबर पर एडमिशन के लिए राजस्थान और बंगाल में सेटिंग है। प्रदीप ने ऑल इंडिया काउंसलिंग के अलावा राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एडमिशन के विकल्प बताए। उसने दावा किया कि राजस्थान और बंगाल में NRI दस्तावेज नहीं होने के बावजूद एडमिशन का रास्ता निकाला जाता है। डेढ़ लाख रुपए में लिस्ट क्लियर करा देंगे, इसके बाद NRI डॉक्यूमेंट्स के लिए साढ़े 4 लाख रुपए लेंगे। इसके अलावा NRI के खाते से 10 लाख रुपए के बराबर अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर कराने और विदेशी लेनदेन पर करीब 2 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज लगने की बात भी कही। एजेंट्स की विदेशों में सेटिंग प्रदीप से बातचीत में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदीप के मुताबिक NRI कोटे में एडमिशन के लिए विदेश से पैसे का ट्रांजेक्शन दिखाना पड़ता है। कॉलेज में एडमिशन के बाद वह विदेश में बैठे अपने आदमियों से ट्रांजेक्शन कराएगा। अमेरिका से फंड ट्रांजेक्शन कराने का एक नया ट्रेंड भी सामने आया। प्रदीप ने बताया कि जितने भी एडमिशन NRI कोटे से होते हैं, इसमें फंड बाहर से ही आता है। प्रदीप ने बताया कि जितने भी एजेंट्स हैं, उनकी विदेशों में सेटिंग होती है। वह वहां से ही पैसे ट्रांसफर कॉलेज के खातों में कराते हैं। प्रदीप ने बताया कि स्टूडेंट्स की सीट सेट करने के लिए नीट स्कोर में सेटिंग से लेकर काउंसलिंग, NRI डॉक्यूमेंट्स लिस्ट में नाम और पैसे के लेनदेन तक की अलग-अलग व्यवस्था बनानी पड़ती है। प्रदीप से डील के दौरान ही निखिल यादव का मोबाइल नंबर मिला। निखिल बिहार के रक्सौल का रहने वाला है, लेकिन उसका नेटवर्क देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों तक फैला है। वह दिल्ली में बैठकर MBBS की सीट बेच रहा है। प्रदीप और निखिल ने डील के दौरान बिहार के कई एजेंटस के नाम लिए जो देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकर MBBS सीट की डील कर रहे हैं। इस तरह से एक एजेंट से दूसरे एजेंट तक पहुंचने पर नेटवर्क की एक और कड़ी सामने आई। निखिल का दावा- कॉलेज पहले ही कोटे वाली सीट बेच देते हैं कॉलेज से पहले ही हम लोगों की डील हो जाती है। कॉलेज पहले ही कोटे वाली सीट का रेट बता देते हैं। हम लोग उसका सौदा कर एडवांस देकर सीट होल्ड करा लेते हैं। इसके बाद एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स को भेज देते हैं। कॉलेज से हिसाब किताब बाद में हो जाता है स्टूडेंट एडमिशन के लिए आए तो उसे आगे कॉलेज तक ले जाने की व्यवस्था करा दी जाती है। जरूरत पड़ने पर दिल्ली से फ्लाइट से बेंगलुरु ले जाकर एडमिशन कराते हैं। MCC के NRI नियमों से हम लोगों को मदद मिलती है, इससे हम कम स्कोर के बाद भी स्टूडेंट्स को कोटे वाली सीट दिला देते हैं। बिहार और बंगाल में NRI दाखिले से जुड़े कुछ नियम और डॉक्यूमेंट्स स्पष्ट नहीं होने के कारण कॉलेजों से बातचीत में दिक्कत आ रही है। जबकि दूसरे राज्यों में प्रक्रिया पूरी तरह आसान है। बड़ी ही आसानी से हम एडमिशन की पहले से ही डील करके रखते हैं। हम लोगों के नेटवर्क में हर व्यक्ति का अपना-अपना काम तय है। कोई छात्र और उसके परिवार से संपर्क करता है, कोई NRI डॉक्यूमेंट्स बनवाता है तो कोई स्पॉन्सर फिक्स कर विदेश से पैसे का ट्रांजेक्शन करने की सेटिंग करता है। इसी में से कुछ को कॉलेज तक पहुंचाने और वहां बातचीत कराने की जिम्मेदारी दी जाती है। हैदराबाद से लेकर बंगाल तक सेटिंग निखिल ने तेलंगाना के हैदराबाद और पश्चिम बंगाल में एडमिशन कराने का दावा किया। उसने कहा, देश का कोई भी राज्य हो और वहां का कोई भी मेडिकल कॉलेज हो, सब कोई जानता है। निखिल का दावा है कि राजस्थान में तीसरे राउंड की काउंसलिंग में बड़ा ऑप्शन निकलेगा। कॉलेजों से लगातार बातचीत हो रही है। डीम्ड कॉलेजों में NRI और मैनेजमेंट सीटों को लेकर पहले से ही सेटिंग हो गई है। निखिल ने कहा कि किसी कॉलेज से सीधे फोन पर एडमिशन की बात नहीं होती। पहले काउंसलिंग, रजिस्ट्रेशन और NRI डॉक्यूमेंट्स की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद कैंडिडेट्स को कॉलेज ले जाकर संबंधित लोगों से आमने-सामने बातचीत करा दी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि कोई भी एजेंसी किसी को नहीं पकड़ पाए। ऐसा करने से कॉलेज और एजेंट्स दोनों सेफ होते हैं। निखिल का दावा है कि देश में फैले बिहार के एजेंट्स कोटे वाली सीट की पहले से ही डील कर लेते हैं। कोटे की जितनी भी सीट होती है वह सेटिंग से ही भरती है। अगर एजेंट्स हाथ नहीं डाले तो कॉलेज की सीटें खाली जाएंगी और कॉलेज एक्सपोज भी हो जाएंगे। सबसे अधिक डील NRI कोटे की होती है। इस कोटे से एडमिशन सबसे आसान होता है। एजेंट्स कॉलेज की फीस अलग से दिलवाते हैं, अपना कमीशन वह अलग से लेते हैं। हॉस्टल के करीब 2 लाख रुपए सालाना खर्च में भी एजेंट्स अपना कमीशन फिक्स कर लेते हैं। निखिल बोला- एडमिशन के पहले 35-40 लाख लगेंगे निखिल ने बताया कि कैंडिडेट्स के पैरेंट्स को पहले एडमिशन के बाद पहले साल कम से कम 35 से 40 लाख रुपए तैयार रखने पड़ते हैं। उसने कुछ कॉलेजों के लिए करीब 95 लाख रुपए के पैकेज का भी जिक्र किया। बातचीत में उसने हैदराबाद के महेश्वरा और राजा राजेश्वरी कॉलेज का नाम लिया। वहां हाल में उसने एक कैंडिडेट्स की बुकिंग और दूसरे की प्रक्रिया चलने का दावा किया। एक लड़की के लिए करीब 95 लाख रुपए के पैकेज में एडमिशन होने की बात भी कही। निखिल ने कहा कि वह केवल फोन पर कॉलेज का नंबर देकर कैंडिडेट्स को भेजने के बजाय खुद फ्लाइट से कॉलेज ले जाएगा और वहां संबंधित लोगों से आमने-सामने बातचीत कराएगा। एजेंट से एजेंट तक जुड़ती गई कड़ियां प्रिंस, प्रदीप और निखिल से बातचीत अलग-अलग जगहों पर हुई, लेकिन तीनों की बातचीत को जोड़ने पर एक जैसा तरीका सामने आया। पहले छात्र के नंबर और कैटेगरी की जानकारी ली जाती है। इसके बाद उसके लिए कॉलेज और कोटे का विकल्प बताया जाता है। NRI दस्तावेज नहीं होने पर स्पॉन्सर की व्यवस्था की बात होती है और फिर काउंसलिंग से लेकर कॉलेज तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने का दावा किया जाता है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में यह भी सामने आया कि यह काम सिर्फ एक एजेंट तक सीमित नहीं है। इसके लिए पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। नेटवर्क में शामिल अधिकतर लोग बिहार के हैं। बिहार से बच्चों की अधिक डिमांड होती है, इसलिए इस नेटवर्क में यूपी बिहार के एजेंट्स का सिक्का चलता है। कॉलेज भी उनके संपर्क में रहते हैं ताकि कोई सीट खाली नही जाए। इन्वेस्टिगेशन में यह भी साफ हो गया कि कहीं कोई एजेंट फंसे नहीं, इसका भी बहुत ख्याल रखा जाता है। इसलिए एक एजेंट दूसरे एजेंट का नंबर देता है और आगे की प्रक्रिया के लिए दूसरे एजेंट से बात कराई जाती है। यानी पूरा सिस्टम एक तरह से नेटवर्क मार्केटिंग चेन की तरह काम करता दिखाई देता है। एक तरफ ऐसे लोग हैं जो स्टूडेंट और उसके परिवार तक पहुंचते हैं। इसके बाद मार्क्स और बजट के हिसाब से एडमिशन का विकल्प बताया जाता है। फिर NRI डॉक्यूमेंट्स और स्पॉन्सर की व्यवस्था की बात करने वाला एजेंट सामने आता है। आगे काउंसलिंग और रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोग और आखिर में कॉलेज तक ले जाकर सीट और फीस पर बातचीत कराने का दावा करने वाले एजेंट जुड़ते हैं। कम नंबर वाले स्टूडेंटस को तलाशते हैं एजेंट हमारी इन्वेस्टिगेशन में एक और बात सामने आई वह कम स्कोर वाले स्टूडेंट्स पर टारगेट करने वाली थी। एजेंट्स का पूरा जोर कम नंबर वाले स्टूडेंट्स पर अधिक होता है। 215, 220 और इसके आसपास के नंबर बताए जाने पर एजेंटों ने अलग-अलग राज्यों और NRI कोटे के विकल्प बताने शुरू किए। इसके बाद बातचीत सीधे पैकेज और अतिरिक्त खर्च तक पहुंची। ऐसा इनपुट भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम को पहले ही मिला था, इसलिए रिपोटर्स अंडर कवर बनकर कम स्कोर वाले स्टूडेंट्स पर ही बात की। एजेंट प्रिंस ने 220 नंबर पर 1.10 से 1.20 करोड़ रुपए के पैकेज की बात की और एजेंट प्रदीप ने 215-220 नंबर वाले छात्रों के लिए राजस्थान और बंगाल में सेटिंग बताई। निखिल ने डॉक्यूमेंटस, सर्विस, काउंसलिंग और कॉलेज तक पहुंचाने की कड़ी को जोड़ा और पैकेज की जानकारी दी। एजेंट्स और कॉलेज की कड़ी बिहार से जुड़ी भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने बिहार, मध्य प्रदेश, बंगाल, राजस्थान, यूपी, दिल्ली में 50 से अधिक एजेंट्स से बात की है। इसमें 80 प्रतिशत बिहार के एजेंट्स निकले हैं। जो बिहार के रहने वाले नहीं हैं, वह बिहार के एजेंट्स के संपर्क में है। इन्वेस्टिगेशन में यह साफ हो गया कि देश में कहीं भी MBBS की सीट बिक रही है, इसमें बिहार के एजेंट्स शामिल हैं। इन्वेस्टिगेशन में यह भी पता चला कि जो एजेंट पहले बिहार में काम करते थे, वह अब देश के अलग-अलग राज्यों में सेट हो गए हैं। बिहार के रहने वाले 3 एजेंट प्रिंस, प्रदीप और निखिल ने राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में बड़ी सेटिंग होने का दावा किया है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में सामने आए एजेंट्स की बातचीत के आधार पर यह नेटवर्क एक ऐसे मार्केटिंग सिस्टम की तरह काम करता दिखाई देता है, जिसमें छात्र को पहले संभावित ग्राहक के तौर पर जोड़ा जाता है और फिर उसके नंबर, कैटेगरी और बजट के हिसाब से अलग-अलग विकल्प बताए जाते हैं। इसके बाद एजेंट से दूसरे एजेंट तक छात्र को पहुंचाने, NRI दस्तावेज और स्पॉन्सर की व्यवस्था करने तथा कॉलेज तक ले जाने की बात कही जाती है। एजेंट्स के दावों की पुष्टि अलग-अलग कॉलेजों या संबंधित संस्थानों से भी हुई है। हालांकि बातचीत में जिस तरह एक एजेंट से दूसरे एजेंट का नंबर मिलता गया और एडमिशन की पूरी प्रक्रिया अलग-अलग लोगों के जरिए संभालने की बात सामने आई, उससे इस नेटवर्क की आपसी कनेक्टिविटी का भी खुलासा होता है। बिहार के एजेंट प्रिंस, प्रदीप और निखिल से बातचीत के दौरान ही बंगाल में MBBS सीट के लिए नेटवर्क चलाने वाली मौसम का इनपुट मिला। वह पश्चिम बंगाल से काम करती है, जबकि मौसम पूर्णिया की रहने वाली है। मौसम ने दावा किया कि वह लंबे समय से बंगाल में रह रही है। मौसम से रिपोटर्स ने फोन पर बात की। NEET में 545 नंबर के स्कोर कार्ड के साथ रिपोर्टर्स ने बातचीत शुरु की। मौसम का दावा- राजस्थान और बंगाल के कॉलेज का नेटवर्क है मौसम ने कहा, देखिए 545 नंबर पर सामान्य तरीके से सरकारी मेडिकल कॉलेज एडमिशन मिलना मुश्किल है, लेकिन मेरे पास सरकारी कॉलेज में एडमिशन कराने का रास्ता है। इसके लिए फीस ज्यादा देनी होगी। कई कोटे हैं अपने पास। हम किसी न किसी कोटे से स्टूडेंट्स की सीट सेट करा देंगे। राजस्थान और बंगाल के सरकारी कॉलेज के लिए मेरे पास नेटवर्क है। दोनों स्टेट में काम हो जाएगा। सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेने के कई फायदे हैं, एडमिशन तो पूरा जुगाड़ से होगा, लेकिन इसका फायदा स्टूडेंट्स को आगे मिलेगा। इसी वजह से लोग सरकारी कॉलेज के लिए इतना पैसा खर्च करने को तैयार होते हैं। सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल से सेटिंग का दावा बिहार की रहने वाली और बंगाल में नेटवर्क चलाने वाली मौसम ने दावा किया कि उसकी सेटिंग सरकारी कॉलेजों में तगड़ी है। वह सीधा प्रिंसपल से डील करा देगी। मौसम ने कहा, आप बंगाल आइए एक लाख रुपए जमा कर दीजिए और फिर मैं प्रिंसपल से आमने-सामने डील करा दूंगी। इसके लिए कोलकाता आना पड़ेगा। रिपोर्टर ने पूछा कि क्या कॉलेज में जाकर सीधे बात होगी? मौसम ने कहा कि हां, कॉलेज में बैठकर बात हो सकती है। रिपोर्टर ने सवाल किया कि किस कॉलेज में बात होगी तो मौसम ने दावा किया कि राजस्थान के साथ पश्चिम बंगाल के कई सरकारी कॉलेजों में वह आमने-सामने बैठाकर डील करा देगी। मौसम ने राजस्थान और बंगाल के कई कॉलेजों का नाम लिया। मौसम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (कोलकाता), एसएसकेएम मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (कोलकाता), नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (कोलकाता) जैसे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन कराने का दावा किया। रिपोर्टर ने पूछा कि अगर हमें कॉलेज में जाकर देखना हो तो क्या करना होगा? मौसम ने कहा कि सरकारी कॉलेज में आम आदमी सीधे जाकर इस तरह बातचीत नहीं कर सकता। उसके मुताबिक पहले उनके ऑफिस आना होगा और वहां से कॉलेज में ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी। पहले MCC रजिस्ट्रेशन, फिर कॉलेज ले जाने की बात मौसम ने बातचीत में एक बात पर खास जोर दिया कि पहले MCC में रजिस्ट्रेशन करना होगा। उसने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती। रिपोर्टर ने पूछा कि क्या पहले कॉलेज में जाकर बात नहीं हो सकती? मौसम ने कहा कि पहले रजिस्ट्रेशन जरूरी है। उसके बाद ही कॉलेज में बात कराने का दावा किया। उसने यह भी कहा कि अगर रजिस्ट्रेशन करने में कोई परेशानी होती है तो उसका नेटवर्क फोन पर स्टेप-बाय-स्टेप मदद करेगा। कैफे जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की बात भी कही। बिहार के एजेंटस के देश में नेटवर्क एक्टिव होने का दावा रुपेश ने भी किया है। रुपेश पटना के बोरिंग रोड से एडमिशन की कड़ी जोड़ता है। कैंडिडेट्स बनकर अलग-अलग डेट्स में पहुंचे भास्कर के अंडर कवर रिपोर्टर्स से रूपेश ने एडमिशन के बहाने देश के कई राज्यों में सेटिंग का खुलासा किया। रूपेश का दावा- ब्लैक मनी लाइए, एडमिशन में खप जाएगी मेरा नेटवर्क बिहार के बाहर के मेडिकल कॉलेजों तक भी है। बैंगलुरु में भी अपना ऑफिस है। देश के किसी भी राज्य में एडमिशन चाहिए, यहां से ही सेटिंग हो जाएगी। कर्नाटक के निजी मेडिकल कॉलेजों में 213 से 250 अंक वाले स्टूडेंट्स के लिए करीब 1 करोड़ से 1.50 करोड़ रुपए तक के बजट में काम हो जाएगा। करीब 1.40 करोड़ रुपए के एडमिशन में 36 लाख रुपए कॉलेज फीस और करीब 40 लाख रुपए ब्लैक में देने होंगे। वहीं अगर 1.75 करोड़ रुपए के बजट में पहले साल करीब 84 लाख रुपए देने होंगे, जिसमें करीब 44 लाख रुपए कॉलेज फीस और करीब 40 लाख रुपए अलग से बलैक में देने होंगे। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, चेन्नई और पुडुचेरी में भी एडमिशन हो जाएगा। पश्चिम बंगाल में करीब 1.05 से 1.10 करोड़ रुपए, राजस्थान में करीब 1.05 करोड़ रुपए और हिमालयन मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 1.15 करोड़ रुपए का बजट हो सकता है। बैंक गारंटी से बचने के लिए 2 साल की फीस पहले लेने का दावा पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए रूपेश ने बैंक गारंटी की व्यवस्था भी बताई। कुछ कॉलेजों में फीस की बड़ी पैसे की बैंक गारंटी मांगी जाती है। परिवार के पास इतनी बड़ी बैंक गारंटी नहीं होने पर कॉलेज पहले ही दो साल की फीस लेने का विकल्प अपनाता है। ऐसे मामलों में आधिकारिक फीस के साथ और पैसों डिमांड की जाती है। जब उससे पूछा गया कि अतिरिक्त पैसे कॉलेज के नाम पर लिए जाते हैं या नहीं, तो रूपेश ने दावा किया कि मेडिकल कॉलेज सीधे तौर पर ऐसा पैसे नहीं लेते। उसके अनुसार, पैसा देने का तरीका अलग होता है और एजेंट के जरिए इसे मैनेज कराया जाता है। रूपेश ने यह भी दावा किया कि बेंगलुरु में उसका अपना ऑफिस है और एडमिशन से जुड़ी सारी व्यवस्था वहीं से कराई जाती है। रूपेश के इस खुलासे से बिहार के एजेंट्स के देश में फैले नेटवर्क का भी खुलासा हुआ। बिहार के एजेंट्स ने हर स्टेट में तैयार किए लोकल एजेंट्स इन्वेस्टिगेशन में यह सामने आया कि बिहार के एजेंट्स पूरे देश में फैले हैं। इन्वेंस्टिगेशन में यह भी खुलासा हुआ कि बिहार के रहने वाले एजेंट्स ने ही देश में कई लोकल एजेंट्स खडे किए हैं जो अलग-अलग राज्यों में MBBS की सीट बेच रहे हैं। लोकल एजेंट्स तैयार करने के पीछे बिहार के एजेंट्स की मंशा है कि उस स्टेट में उनका विरोध ना हो।
इंडो अमेरिकन पब्लिक स्कूल : छात्र परिषद ने ली शपथ
उदयपुर | इंडो अमेरिकन पब्लिक स्कूल में सत्र 2026- 27 के लिए विद्यालय छात्र परिषद का गठन एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य अतिथि विद्यालय प्राचार्या डॉ.रीनिका राय, डॉ.अतुल रावत ( 17 जेकेएल आर्मी) एवं डॉ. राजश्री गांधी अध्यक्ष राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंच रहे।
नमस्कार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जाति जनगणना के सवालों को लेकर पीएम मोदी को लेटर लिखा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा की हिजाब में स्कूल आने और क्लास लेने की याचिका खारिज कर दी। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर की रूस में सीक्रेट लैंडिंग के बारे में बताएंगे। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. राहुल-खड़गे की मोदी को चिट्ठी, लिखा- जाति जनगणना के सवाल बदलें, इसमें पिछड़ा वर्ग शब्द नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लेटर लिखा। इसमें जाति जनगणना में जातियों के नाम दर्ज करने और डेटा जुटाने के तरीके का विरोध किया और जनगणना में पूछे जाने वाले सवाल बदलने की मांग की है। दोनों ने कहा कि इसे बनाने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से सलाह ली जानी चाहिए। साथ ही जनगणना के सवालों में पिछड़ा वर्ग शब्द नहीं होने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे देश में ओबीसी आबादी का सही आंकड़ा सामने आने में परेशानी हो सकती है। तेलंगाना और बिहार जैसी प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। लेटर की 4 प्रमुख बातें… पूरी खबर पढ़ें... 2. इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- स्कूल में हिजाब पहनने की इजाजत नहीं, सेक्युलरिज्म के लिए यूनिफॉर्म जरूरी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूलों में हिजाब पहनने की इजाजत देने से इनकार किया। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की डिविजन बेंच ने कहा कि स्कूल में यूनिफॉर्म के नियम का पालन करना जरूरी है। बेंच ने नाबालिग छात्रा की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यूनिफॉर्म की बदौलत बिना किसी धार्मिक भेदभाव वाला माहौल बना रहता है और बच्चों में भी बराबरी की भावना रहती है। स्कूल की अपनी पहचान भी बनती है। हिजाब की अनुमित यूनिफॉर्म के विचार के खिलाफ बेंच ने कहा कि स्कूल में व्यक्तिगत आधार पर हिजाब पहनने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह यूनिफॉर्म के विचार के खिलाफ होगा। इससे स्कूल के अनुशासन को तय करने का अधिकार संस्थान के बजाय अलग-अलग छात्रों के हाथ में चला जाएगा। इसलिए कोई भी छात्र या छात्रा स्कूल के तय किए गए ड्रेस कोड को बदलने की जिद नहीं कर सकती। पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी में बुजुर्ग महिलाओं को रोडवेज बसों में यात्रा फ्री, योगी कैबिनेट में 24 प्रस्ताव पास रक्षाबंधन से पहले योगी सरकार ने प्रदेश की करीब एक करोड़ बुजुर्ग महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया। अब 60 साल के ऊपर की महिलाएं रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें स्पेशल स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे। मंगलवार शाम करीब 6 बजे सीएम योगी की कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हर महीने 22.50 करोड़ रुपए खर्च करेगी यूपी सरकार: महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के तहत यूपी सरकार हर महीने 22.50 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अनुमान है कि हर दिन 88,438 बुजुर्ग महिलाएं रोडवेज बसों से सफर करेंगी। यात्रा के दौरान स्मार्ट कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखाना होगा। 26 अगस्त से योजना की शुरुआत: सीएम योगी आज बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से खुद इस योजना की शुरुआत करेंगे। जिलों में इसके लिए प्रभारी मंत्री रहेंगे। वहीं, रक्षाबंधन के मौके पर रोडवेज बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगी। पूरी खबर पढ़ें 4. चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक पुलिस ने रोकी, गुस्साए संतों ने चंदा चोर के नारे लगाए अयोध्या में कारसेवकपुरम के पास मंगलवार को ओम आश्रम में राम मंदिर चढ़ावा चोरी और चंपत राय के खिलाफ चल रही संतों की बैठक को पुलिस ने रोक दिया। संतों का आरोप है कि बैठक के बीच पुलिस पहुंची और हम सभी को बाहर निकालकर आश्रम में ताला लगा दिया। इससे गुस्साए संतों ने ‘चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो’ के नारे लगाए। हालांकि, पुलिस का कहना है कि रोकने से पहले ही संत खुद आश्रम से बाहर निकल गए और नारेबाजी करने लगे। संतों का कहना है- चंदा चोरी के छोटे आरोपियों पर कार्रवाई की गई, जबकि बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है। जिला प्रशासन आरोपियों का साथ दे रहा है। वह नहीं चाहता कि आरोपी पकड़े जाएं। इसलिए संतों की बैठक नहीं होने दी जा रही है। पूरी खबर पढ़ें 5. पूर्व CDS बोले- पाकिस्तान की किराना हिल्स से टकराया था ड्रोन, वह टारगेट नहीं था, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उठे थे सवाल देश के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने बताया कि मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की न्यूक्लियर ठिकाने किराना हिल्स पर लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन गिरा था। पूर्व CDS ने कहा कि कभी-कभी सवाल उठता है कि क्या किराना हिल्स पर हमला हुआ था। दरसअल, हमने सरगोधा में कई 'लोइटरिंग मिशन' भेजे थे। किराना हिल्स सरगोधा से लगभग 10km नॉर्थ में है। इस ड्रोन का काम सरगोधा और उसके आस-पास मौजूद राडार को खोजना था। ड्रोन करीब 2 घंटे तक हवा में घूमता है पूर्व CDS ने कहा कि यह ड्रोन लगभग 2 घंटे तक हवा में घूमता है। अगर टारगेट नहीं मिलता, तो यह नीचे आकर टकरा जाता है। हो सकता है कि ऐसा ही कोई ड्रोन जाकर पहाड़ियों से टकराया हो। पाकिस्तानी मीडिया ने भी कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाई थीं जिनमें किराना हिल्स से धुआं निकलता दिख रहा था। पूरी खबर पढ़ें 6. अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसी के चीफ की रूस में सीक्रेट लैंडिंग, रूस बोला- हमें इसकी जानकारी नहीं अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ मॉस्को पहुंचे। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, वह अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर से मॉस्को गए और वहां अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। CIA चीफ बनने के बाद रैटक्लिफ की रूस की पहली यात्रा है। रैटक्लिफ के रूस दौरे की पहले कोई घोषणा नहीं की गई थी। अमेरिकी सैन्य विमान के मॉस्को पहुंचने के बाद उनकी यात्रा की खबर सामने आई। इससे पहले रूसी अधिकारियों ने कहा था कि उन्हें C-17 ग्लोबमास्टर की मॉस्को यात्रा की जानकारी नहीं है। अमेरिकी सरकार ने भी अभी इस दौरे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। अमेरिका से लातविया और फिर मॉस्को पहुंचा C-17 फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना का C-17 पहले अमेरिका से लातविया की राजधानी रीगा पहुंचा। इसके बाद विमान मंगलवार सुबह करीब 9 बजे मॉस्को के लिए रवाना हुआ और व्नुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा। यह विमान RCH4555 कॉल साइन से उड़ रहा था। इसकी उड़ान की एक खास बात यह थी कि विमान रूस के हवाई क्षेत्र से होकर मॉस्को पहुंचा। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें इस विमान की मॉस्को यात्रा की जानकारी नहीं थी। पूरी खबर पढ़ें... 7. गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए 3 फर्जी लोन एप, डेटा चोरी और भारी ब्याज वसूलने की शिकायत पर एक्शन गृह मंत्रालय की शिकायत पर गूगल ने 3 और फर्जी लोन एप होराइजन कैश सर्विस, मनी स्कोर मॉनिटर और जेलीक्रेडिट को प्ले स्टोर से हटा दिया। इस महीने में अब तक 9 ऐसे ठग एप्स बंद कराए जा चुके हैं। गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा टीम (I4C) ने 19 अगस्त को गूगल को नोटिस भेजकर इन एप को हटाने का कहा था। आरोप है कि ये एप कम ब्याज पर 5 मिनट में लोन देने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे। बाद में उनसे ज्यादा ब्याज और पेनाल्टी वसूलते थे। साथ ही यूजर-कंज्यूमर की निजी जानकारी भी चुराते थे। I4C और सरकारी नियम क्या हैं? I4C (साइबरक्राइम सेंटर): यह गृह मंत्रालय की एक खास टीम है, जिसका काम देश में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों को रोकना है। सरकारी नियम (IT Act 79): इसका मतलब है कि अगर सरकार किसी कंपनी को किसी गलत या खतरनाक एप के बारे में बताएगी, तो कंपनी को उसे तुरंत हटाना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट बोला-बांके बिहारी में चढ़ावा चोरी नहीं होने देंगे: एक-एक पैसा दानपेटी में डालें; श्रद्धालुओं का दिया दान भगवान के लिए (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: पूर्व वर्ल्ड स्नूकर चैंपियन बच्चों के यौन शोषण में दोषी:1993 से 2010 के बीच लड़की और लड़के से दुर्व्यवहार; स्नूकर संस्था ने सदस्यता खत्म की (पूरी खबर पढ़ें) 3. उत्तर प्रदेश: चंपत राय के खिलाफ संतों की बैठक पुलिस ने रोकी: आश्रम से निकालकर ताला लगाने का आरोप; गुस्साए संतों ने चंदा चोर के नारे लगाए (पूरी खबर पढ़ें) 4. महाराष्ट्र: 'आईफोन के लिए खुदकुशी की बात अफवाह': खाई हादसा का पीड़ित परिवार बोला- वो चाहता था परिवार साथ रहे, 3 की मौत हुई थी (पूरी खबर पढ़ें) 5. हरियाणा: दो महीने बाद फिर जेल से बाहर आया राम रहीम:लैंड क्रूजर-फॉर्च्यूनर के काफिले में सिरसा डेरे पहुंचा; 17वीं बार पैरोल-फरलो मिली (पूरी खबर पढ़ें) 6. क्रिकेट: सरफराज श्रीलंकाई कप्तान से बोले- यहां टाइमपास करने नहीं आया: चोटिल पंत की जगह जुरेल ने विकेटकीपिंग की, बारिश से दो बार खेल रुका; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स (पूरी खबर पढ़ें) 7. जम्मू-कश्मीर: शोपियां में 6 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार: हैंड ग्रेनेड और हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर बरामद; पुलवामा में भी 2 सहयोगी पकड़ाए (पूरी खबर पढ़ें) 8. पटना: छात्रों पर लाठीचार्ज, दौड़ाकर पीटा: पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, वाटर कैनन चली, CRPF से झड़प; TRE-4 एग्जाम में बदलाव की मांग (पूरी खबर पढ़ें) 9. महाराष्ट्र: क्या खिलाड़ियों को पता था उन्होंने कॉकरोच वाली चाय पी: हाईकोर्ट का मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से सवाल, रेस्टोरेंट में गंदगी का आरोप (पूरी खबर पढ़ें) 10. एंटरटेंमेंट: राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का सपोर्ट किया:बोले- महिलाओं की ऑनलाइन पुलिसिंग गलत, राखी एड में रिवीलिंग ड्रेस पहनने पर कंगना ने ट्रोल किया (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: संसद मार्च में पुलिस ज्यादती-जांच समिति दोबारा बनाने की मांग: सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल बोले- किसी ने शरारत की, यह कोर्ट राजनीतिक मंच नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 12. नेशनल: TMC सांसदों की अयोग्यता पर समयसीमा में फैसला लें स्पीकर:सुप्रीम कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया (पूरी खबर पढ़ें) 13. राजस्थान: 5-स्टार होटल का 5.74-लाख का बिल चुकाए बिना भागा टूरिस्ट: उदयपुर के उदय विलास में परिवार समेत ठहरा था दिल्ली का युवक (पूरी खबर पढ़ें) 14. क्रिकेट: वैभव सूर्यवंशी ने 4 गेंद में 2 विकेट लिए:दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की तरफ से गेंदबाजी की; बैटिंग में 8 रन ही बना सके (पूरी खबर पढ़ें) 15. मध्य प्रदेश: मंत्री शाह पर केस की परमिशन नहीं देगी MP सरकार: अफसरों को बाहर निकालकर कैबिनेट का फैसला; कर्नल सोफिया पर विवादित बयान दिया था (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... कूड़े के ढेर से चॉकलेट की लूट यूपी के कानपुर में लोग कूड़े के ढेर से एक्सपायरी चॉकलेट और टॉफियां लूटते नजर आए। बाइक सवार हो या कार सवार, लोगों ने वाहन रोड पर खड़े करके जितना हो सका, उतना सामान लूटा। घटना का वीडियो वायरल है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: क्या बांग्लादेश मक्का पैक्ट में शामिल होकर सऊदी-पाक-तुर्किये के साथ लड़ेगा; भारत के तीन तरफ से घिरने का खतरा 2. भास्कर इंटरव्यू: हाथ में तिरंगा था, तभी पैलेट गन चली:साहिल बोला- होश आया तो अस्पताल में था; शरीर में अब भी छर्रे, आंख से दिख नहीं रहा 3. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: ‘NEET-2027 की डील, 180 दिन कैंडिडेट दुबई रहेगा’:एजेंट बोला- Gen-Z आंदोलन के बाद सख्ती, एंबेसी से NRI डॉक्यूमेंट्स बनेंगे, कोई पकड़ेगा नहीं 4. भास्कर इंटरव्यू: हाथ में तिरंगा था, तभी पैलेट गन चली:साहिल बोला- होश आया तो अस्पताल में था; शरीर में अब भी छर्रे, आंख से दिख नहीं रहा 5. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: ‘NEET-2027 की डील, 180 दिन कैंडिडेट दुबई रहेगा’:एजेंट बोला- Gen-Z आंदोलन के बाद सख्ती, एंबेसी से NRI डॉक्यूमेंट्स बनेंगे, कोई पकड़ेगा नहीं 6. क्राइम फाइल्स: शादी का गिफ्ट बना मौत का पैकेट:होम थिएटर का स्विच दबाते ही दूल्हे और भाई की मौत, फिर…अचानक गायब हुआ संदिग्ध 7. भास्कर एक्सक्लूसिव: गैंगस्टर-लॉरेंस से मिलने के लिए 20-दिन भूखे रहे थे कैदी: हाई सिक्योरिटी जेल में ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं खूंखार क्रिमिनल, गर्लफ्रेंड से भी बात करते हैं 8. ग्राउंड रिपोर्ट: 'चारों तरफ समंदर, रेत... तेज धूप स्किन जलाती थी':काम, वेतन सब बदला था; 20 दिनों बाद दुबई से लौटे सीमांचल के लड़कों की आपबीती 9. ग्राउंड रिपोर्ट: गुरुग्राम में 300 परिवार घरों में कैद:सीवर के लिए गली खोदी, बरसात में दलदल बनी; लोग बोले-महिला-बच्चे फिसल रहे करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वाले नया बिजनेस शुरू करने से करने का बचें। मीन राशि वाले जोखिम वाले निवेश से बचें। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Panipat News: अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख की ठगी में एक साल कैद
अमेरिका भेजने के नाम पर 25 लाख की ठगी में एक साल कैद
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Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War
इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।
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जमुई की लक्ष्मी भार्गव ने मॉडलिंग की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नक्सल प्रभावित जमुई जिले के हरनाहा निवासी उमाकांत सिंह और विभा देवी की बेटी लक्ष्मी ने मिस रीना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 का खिताब जीता है। उन्होंने बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से आई प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह सफलता प्राप्त की। यह भव्य ग्रैंड फिनाले गुजरात के अहमदाबाद स्थित ईकेए एरिना में आयोजित किया गया था। ग्रैंड फिनाले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. लगातार सपोर्ट के लिए आभार व्यक्त किया इस जीत के साथ ही लक्ष्मी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है। वह वर्ष 2027 में बोलीविया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। खिताब जीतने के बाद लक्ष्मी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने इस सफर में परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। साल 2021 में बेस्ट स्माइल अवार्ड जीता लक्ष्मी ने कहा कि अब उनकी कोशिश अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की संस्कृति, आत्मविश्वास, खूबसूरती और मजबूती को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की होगी। लक्ष्मी का मॉडलिंग का सफर चुनौतियों भरा रहा है। करियर की शुरुआत में उन्हें सामाजिक सोच और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी उपलब्धियों की शुरुआत वर्ष 2021 में पटना में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से हुई, जहां उन्होंने बेस्ट स्माइल अवार्ड जीता। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी लक्ष्मी फरवरी 2022 में उन्होंने मिस बेतिया का खिताब अपने नाम किया और उसी वर्ष मिस टीन इंडिया सुपरमॉडल भी बनीं। वर्ष 2025 में लक्ष्मी ने मिस फेस ऑफ इंडिया का खिताब जीता और मिस साउथ एशिया यूनिवर्स प्रतियोगिता में सेकंड रनर अप रहीं। मिस रीना हिस्पानोअमेरिकाना इंडिया 2026 का खिताब जीतने के बाद अब उनकी निगाहें अंतरराष्ट्रीय मंच पर टिकी हैं। जमुई की इस बेटी की उपलब्धि से उनके परिवार, जिले और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।
Indian Students in US: अमेरिका में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट आई है। 2025-26 में पिछले साल के मुकाबले दाखिलों में 15 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
डोनाल्ड ट्रंप पिछले दिनों चीन की यात्रा कर चुके हैं और अब उन्होंने दावा किया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो सप्ताह के भीतर अमेरिका आने वाले हैं। सामने से दिख रहा है कि दोनों देशों के नेता बातचीत कर रहे हैं, उच्चस्तरीय संपर्क बनाए हुए हैं और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं तनाव को नियंत्रित करने का संदेश दे रही हैं। लेकिन इस कूटनीतिक मुस्कान के पीछे हकीकत बिल्कुल अलग है। वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच एक नया शीत युद्ध पूरी रफ्तार से चल रहा है और उससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि दोनों पक्ष भविष्य के संभावित युद्ध की तैयारी अभी से कर रहे हैं। हम आपको बता दें कि व्यापार, तकनीक, ताइवान, दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक में प्रभाव की लड़ाई अब कूटनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गयी है। चीन अपनी मिसाइल और हाइपरसोनिक ताकत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, जबकि अमेरिका प्रशांत महासागर के द्वीपों, सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों के नेटवर्क के जरिए बीजिंग को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है। यानी सामने बातचीत है, लेकिन पर्दे के पीछे युद्ध की शतरंज बिछ चुकी है। इसे भी पढ़ें: Russia में Jaishankar, China में Doval, Japan में Piyush Goyal ने संभाला मोर्चा, आखिर क्या है Modi का मिशन? चीन का नया हाइपरसोनिक दांव, अमेरिका की युद्ध मशीन पर सीधा निशाना इस उभरते टकराव में चीन का सबसे नया और सबसे खतरनाक कदम उसकी हाइपरसोनिक क्षमता से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक चीनी सेना ने ऐसे हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल विकसित किए हैं, जो हवा से हवा में मार करने वाले हथियार लॉन्च कर सकते हैं। यह क्षमता अमेरिका के उन महंगे और अत्यंत महत्वपूर्ण विमानों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, जो अब तक युद्धक्षेत्र से हजारों किलोमीटर दूर रहकर अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते थे। चीन का निशाना केवल किसी लड़ाकू विमान को गिराना नहीं है। उसकी रणनीति अमेरिका की पूरी एयर ऑपरेशन आर्किटेक्चर को चोट पहुंचाने की है। अमेरिकी टैंकर विमान, एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और E-4B Nightwatch जैसे उड़ते कमांड पोस्ट अमेरिका की सैन्य ताकत की रीढ़ हैं। टैंकर लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी तक पहुंच देते हैं, AWACS दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखता है और एयरबोर्न कमांड प्लेटफॉर्म युद्ध संचालन को नियंत्रित करते हैं। अगर चीन इन “दूर लेकिन निर्णायक” लक्ष्यों तक पहुंचने की क्षमता हासिल कर लेता है, तो अमेरिका की पूरी हवाई युद्ध प्रणाली दबाव में आ सकती है। चीन की मिसाइल ताकत का पैमाना भी इस खतरे को और गंभीर बनाता है। अमेरिकी आकलन के अनुसार चीन के पास 2024 तक कम से कम 3,150 बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 300 ग्राउंड लॉन्च्ड क्रूज मिसाइलें थीं। DF-17 से लॉन्च किया गया हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल लगभग 1,500 मील तक जा सकता है, जबकि DF-27 की अनुमानित रेंज लगभग 5,000 मील है। यानी चीन अब केवल अपने तटीय क्षेत्र की रक्षा की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूरस्थ ऑपरेशनल नेटवर्क को भी खतरे में लाने की क्षमता बढ़ा रहा है। हालांकि इस हथियार के इस्तेमाल की अपनी जटिलताएं भी हैं। हजारों किलोमीटर दूर उड़ते विमान को निशाना बनाने के लिए बेहद सटीक और लगातार अपडेट होने वाली टारगेटिंग जानकारी चाहिए। मिसाइल की लंबी “किल चेन” को बाधित किया जा सकता है और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च को परमाणु हमले के रूप में गलत समझे जाने का खतरा भी मौजूद है। लेकिन अगर चीन इन तकनीकी चुनौतियों को प्रभावी ढंग से पार कर लेता है, तो अमेरिका के लिए यह रणनीतिक सिरदर्द बन सकता है। अमेरिका की घेराबंदी, चीन का जवाब अमेरिका की रणनीति भी कम आक्रामक नहीं है। वॉशिंगटन प्रशांत क्षेत्र में जापान, ताइवान और फिलीपींस जैसे सहयोगियों के सहारे चीन को पहली द्वीप श्रृंखला के भीतर सीमित रखने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर गुआम, कैरोलाइन द्वीप और टिनियन जैसे ठिकाने अमेरिकी सैन्य अभियानों के महत्वपूर्ण लॉन्चपैड हैं। अमेरिका की योजना है कि छोटे-छोटे द्वीपों और ठिकानों पर अपनी सैन्य क्षमता को फैलाया जाए ताकि चीन के सामने एक ही बड़ा लक्ष्य न रहे, बल्कि उसे असंख्य ठिकानों और लॉन्च पोजीशन से जूझना पड़े। इन द्वीपों को समुद्र में किलों की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी है। NMESIS जैसे लगभग 300 किलोमीटर रेंज वाले हथियारों के जरिए चीन की नौसेना के लिए समुद्री इलाकों को खतरनाक बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके पीछे अंतरिक्ष, हवा, जमीन और समुद्र के नीचे तक फैला निगरानी नेटवर्क काम करेगा। लेकिन चीन भी इस अमेरिकी घेराबंदी को समझ चुका है। बीजिंग की रॉकेट फोर्स अब उन्हीं अमेरिकी एयरबेस और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रही है, जिनके सहारे वॉशिंगटन भविष्य के किसी संघर्ष में चीन पर दबाव बनाना चाहता है। यही इस नए हथियारों के मुकाबले की असली तस्वीर है। यानि अमेरिका चीन को द्वीपों से घेरना चाहता है, जबकि चीन मिसाइलों से उन द्वीपों और अमेरिकी ठिकानों को निशाने पर लेना चाहता है। ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात, लेकिन तनाव जस का तस इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि शी जिनपिंग दो सप्ताह में अमेरिका आ सकते हैं। ट्रंप ने अपने चीन दौरे और बीजिंग के ग्रेट हॉल का उल्लेख करते हुए व्हाइट हाउस परिसर में नए निर्माण, बॉलरूम और एक सैन्य परिसर की योजना का भी जिक्र किया। हालांकि जिनपिंग की प्रस्तावित यात्रा को लेकर चीन की ओर से उपलब्ध सामग्री में कोई अलग आधिकारिक घोषणा नहीं थी। यह संभावित मुलाकात दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने का संकेत जरूर है, लेकिन इससे रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिलते। ताइवान, व्यापार, तकनीक, दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक पर दोनों देशों के हित सीधे टकराते हैं। इसलिए कूटनीतिक बातचीत का एक उद्देश्य तनाव को नियंत्रित करना भी है, ताकि यह प्रतिस्पर्धा अनियंत्रित सैन्य टकराव में न बदल जाए। अमेरिका की सबसे बड़ी कमजोरी है खाली होते हथियार भंडार उधर, शिंगटन के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि जिस समय वह चीन के साथ संभावित लंबे संघर्ष की तैयारी कर रहा है, उसके हथियार भंडार पहले ही भारी दबाव में हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों ने बड़े पैमाने पर हथियार उपलब्ध कराए। इसके बाद ईरान के साथ संघर्ष ने प्रिसिजन हथियारों और एयर डिफेंस इंटरसेप्टर की मांग और बढ़ा दी। स्थिति इतनी गंभीर है कि अमेरिका के सामने अब केवल महंगे और अत्याधुनिक हथियारों का उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं माना जा रहा। कई सिस्टमों की उत्पादन अवधि तीन से चार साल तक हो सकती है। इसलिए अब “प्रिसाइज मास” की सोच पर जोर दिया जा रहा है। यानी बड़ी संख्या में सस्ते ड्रोन, सेंसर और ऐसे हथियार तैयार करना जिन्हें तेजी से बनाया जा सके और युद्ध में बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया जा सके। बहरहाल, ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकातें दुनिया को तनाव कम होने का संदेश दे सकती हैं, लेकिन जमीन पर अमेरिका और चीन दोनों भविष्य के संघर्ष के लिए अपनी-अपनी सैन्य मशीन को तैयार कर रहे हैं। चीन हाइपरसोनिक हथियारों और विशाल मिसाइल शक्ति से अमेरिकी सैन्य नेटवर्क की नसों पर वार करने की क्षमता विकसित कर रहा है। वहीं अमेरिका द्वीपों, गठबंधनों, पनडुब्बियों और फैले हुए सैन्य ठिकानों के जरिए चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है। अब सवाल यह उठता है कि बातचीत की मेज के पीछे दोनों महाशक्तियां जिस युद्ध की तैयारी कर रही हैं, अगर वह कभी वास्तविक संघर्ष में बदल गया तो प्रशांत महासागर में पहला वार कौन करेगा और कौन उसे सहने के लिए ज्यादा तैयार होगा? -नीरज कुमार दुबे
जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर किए जा रहे प्रयास आतंकियों को रास नहीं आ रहे।अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के बाद कथित तौर से कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी भरे पत्र से टारगेट किया गया है।
एस्प्रेसो से अमेरिकानो तक, जानें कैफे में मिलने वाली 5 ब्लैक कॉफी का स्वाद, ऑर्डर करना होगा आसान
किसी कैफे में जाकर अलग-अलग तरह की कॉफी को देखकर आप भी कंफ्यूज हो जाते हैं तो आपकी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हम यहां कैफे में मिलने वाली कुछ मुख्य ब्लैक कॉफी का स्वाद बता रहे हैं। जिसे जानने के बाद अगली बार ऑर्डर देना आसान हो जाएगा।
Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।
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अमेरिका के फॉल इनटेक में एडमिशन ले चुके अधिकतर भारतीय छात्रों के मन में एक ही सवाल उठता है- क्या वह पहुंचते ही पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अमेरिका में फीस और रहने-खाने के खर्च को देखते हुए छात्रों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि टॉप यूनिवर्सिटीज की सालाना फीस और रहने खाने का खर्चा करीब 50 से 60 लाख रुपए तक होता है। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्च 1.5 करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अमेरिका के F-1 स्टूडेंट वीज पर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पार्ट टाइम जॉब के नियम बेहद सख्त हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यहां तक कि डिपोर्टेशन तक का समय आ सकता है। ऐसे में हम इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय स्टूडेंट्स फर्स्ट सेमेस्टर में पार्ट-टाइम नौकरी कर सकते हैं और इसको लेकर क्या नियम हैं। इसे भी पढ़ें: क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट फर्स्ट ईयर में जॉब कर सकते हैं या नहीं USICS के नियमों क मुताबिक F-1 वीजा पर पहले पूरे अकेडमिक ईयर तक आप कैंपस के बाहर कोई नौकरी नहीं कर सकते हैं। USICS के नियमों में फर्स्ट सेमेस्टर वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई खास छूट नहीं दी गई है। कैंपस के बाहर किसी भी स्थिति में जॉब नहीं करना है। फर्स्ट ईयर छात्रों के पास ऑन कैंपस जॉब का ऑप्शन जरूर है। छात्र कैंपस के अंदर आराम से पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर में क्या करें अच्छी खबर यह है कि ऑन कैंपस जॉब के लिए आपको USCIS से अलग इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती है। इसको आपको फर्स्ट सेमेस्टर से ही शुरूकर सकते हैं। जब क्लास चल रही हो, तब आप सप्ताह में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप फुल टाइम यानी की सप्ताह में 40 घंटे काम कर सकते हैं। ऑन कैंपस जॉब का मतलब है, यूनिवर्सिटी के कैंपस पर होने वाला काम कैफेटेरिया में काम, लाइब्रेरी में असिस्टेंट, यूनिवर्सिटी बुकस्टोर में जॉब, या किसी प्रोफेसर के साथ रिसर्च असिस्टेंटशिप। यह जॉब कुछ मामलों में कैंपस के बाहर भी हो सकता है। बशर्ते वह जगह आपकी यूनिवर्सिटी से एजुकेशनली एफिलिएटेड हो। उसका सीधा संबंध आपकी पढ़ाई या यूनिवर्सिटी से हो। ऑन कैंपस जॉब के लिए क्लास शुरू होने से करीब 30 दिन पहले तक अप्लाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप फॉल इनटेक में अभी पहुंचे हैं। तो जल्द से जल्द अपने कैंपस जॉब पोर्टल या फिर इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑन कैंपस जॉब ढूंढ रहे हैं, या भविष्य में ऑफ-कैंपस काम के बारे में जानना चाहते हों। तो सबसे जरूरी काम है कि अपने DSO से बात करें। DSO आपकी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के मामलों को संभालने वाला अधिकारी होता है। वह आपको बताएगा कि कौन सी जॉब्स उपलब्ध हैं और आप उनके लिए एलिजिबल हैं या नहीं।
Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी
Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए
शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump
Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे
Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin
Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.
अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump
Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..
Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump
तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
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सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।
ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?
'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके
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अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?
अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद
अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.
'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति
प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.
विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति
जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।
'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा
ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.
भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला
भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.
पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका
ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता
पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।
ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला
ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks
ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.
क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…
Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख
ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'
अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10
बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.
अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.
ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक
अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?
अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर
अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.
अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10
अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक
ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.
अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल
अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.
ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें
बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.
अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट
अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?
पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...
विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत
कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।
विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने
ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10
ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में
वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।
दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।
अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more
भारत के आर्थिक विकास को रोकने के लिए अमेरिका सब कुछ करेगा
सूद के मुताबिक लैंडाऊ ने उस नई दिल्ली बैठक में कहा था, 'हमने चीन को एक बड़ी आर्थिक ताकत बनने में मदद करके गलती की।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम कैसे बिखर रहा है
ट्रंप इस समझौते से क्या चाहते हैं यह अपेक्षाकृत स्पष्ट है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य का फिर से खुलना ताकि ऊर्जा बाज़ार सुधरें और वे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता का दावा कर सकें।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर मंडराता इज़रायली खतरा!
वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक नाजुक कूटनीतिक सफलता सीधे लेबनान में इज़रायल की सैन्य आक्रामकता से टकरा गई है
अमेरिकी और यूरोपीय अमीर करते हैं धरती का सबसे ज्यादा नुकसान
एक नई रिसर्च से पता चला है कि दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले शीर्ष 10 फीसदी लोग पर्यावरण का सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं
अमेरिका-ईरान समझौता: शांति या अस्थायी विराम?
इस समझौते को संकट का अंत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान
इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
अमेरिका के सामने भारत इतना दब्बू पहले कभी नहीं रहा
आम तौर पर किसी देश का विदेश मंत्री भारत के दौरे पर आता है या भारत के विदेश मंत्री किसी देश के दौरे पर जाते हैं तो उनकी बात अपने समकक्ष से होती है।
पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!
नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।
अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप
क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।
राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स
'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।
रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता
रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।
अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज
एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...
'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय
इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...
बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...
मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो
नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह
फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...
भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट
67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...
अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी
हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...
मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...
Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...
बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम
Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...
अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला
प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.
अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस
Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा
कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024
'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा
जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल
अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.
क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल
दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।
Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

