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जयपुर का पूर्व बॉक्सिंग कोच गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में गिरफ्तार, वीडियो में जाने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है नाम

जयपुर का पूर्व बॉक्सिंग कोच गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में गिरफ्तार, वीडियो में जाने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है नाम

समाचार नामा 7 Nov 2026 9:50 pm

ट्रंप को चुनावी झटके से हमारे प्रति अमेरिका का रवैया यकायक बदल नहीं जाएगा: श्याम सरन

पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन का कहना है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की हार से भारत के प्रति अमेरिका का रवैया तुरंत नहीं बदलेगा।

जागरण 7 Nov 2026 9:33 pm

अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हरि बॉक्सर हिरासत में, भारत लाने की प्रक्रिया शुरू

jaipur, 7 नवंबर . Rajasthan Police की संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता मिली है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के…

डेली किरण 7 Nov 2026 8:28 pm

ईरान ने अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव, वीडियो में जाने बातचीत से पहले रखीं 7 शर्तें; होर्मुज खोलने पर भी अड़ा

ईरान ने अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव, वीडियो में जाने बातचीत से पहले रखीं 7 शर्तें; होर्मुज खोलने पर भी अड़ा

समाचार नामा 7 Nov 2026 7:20 pm

अमेरिका ने ईरान के क़ेसम द्वीप पर किया हमला, ट्रंप ने की पुष्टि

अमेरिकी सेना ने क़ेसम द्वीप पर एयर डिफेंस सिस्टम को बनाया निशाना, मिडटर्म चुनाव के झटके के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की।

प्रातःकाल 7 Nov 2026 6:23 pm

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर हैरी बॉक्सर को अमेरिका से भारत लाने में लग सकते हैं कई महीने

New Delhi, 7 नवंबर . लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात शूटर हैरी बॉक्सर (हरिचंद जाट) का India प्रत्यर्पण होने में कई महीने लग सकते हैं. हैरी को अमेरिका…

डेली किरण 7 Nov 2026 6:08 pm

पलाना कला को मॉडल गांव बनाने की पहल, अमेरिकी एनआरआई सर्वजय माधव प्रभु ने जताई गांव गोद लेने की इच्छा

राजस्थान के पलाना कला गांव को मॉडल गांव बनाने की पहल शुरू हुई। न्यू नवद्वीप धाम टेक्सास के संस्थापक सर्वजय माधव प्रभु जी ने गांव को गोद लेने की इच्छा जताई। धनतेरस पर सर्वे और विकास कार्ययोजना की शुरुआत भी की गई।

प्रातःकाल 7 Nov 2026 5:02 pm

अमेरिका सोच भी नहीं सकता, हमारे पास ऐसे हथियार हैं- ईरान का दावा

ईरान के IRGC ने दावा किया कि अमेरिका उनके शाहेद-136 ड्रोन की नकल कर रहा है. मिसाइल, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने शक्ति संतुलन और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया.

आज तक 7 Nov 2026 5:02 pm

*लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य हरि बॉक्सर अमेरिका में डिटेन, भारत लाने की कार्रवाई जारी*

उप महानिरीक्षक पुलिस (एटीएस, इंटरपोल लाइजनिंग ऑफिसर) योगेश यादव के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में उप अधीक्षक रविन्द्र प्रताप और निरीक्षक सुनील जांगिड़, मनीष शर्मा व रामविलास विश्नोई की ऑपरेशनल टीम ने आसूचना और सोर्स से सूचनाएं जुटाईं।

खास खबर 7 Nov 2026 4:32 pm

Iran America War: अमेरिका ने Qeshm Island पर दागीं मिसाइलें, ईरान हमले का तुरंत लिया बदला | Trump

अमेरिका ने ईरान के क़ेसम द्वीप पर सीमित सैन्य हमला किया है। ट्रंप ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने की पुष्टि की है। यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा और ट्रंप ने माना कि ईरान युद्ध ने चुनावी नुकसान में भूमिका निभाई

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 4:21 pm

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका: गैंगस्टर हरि बॉक्सर अमेरिका में डिटेन, भारत लाने की तैयारी

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य हरिचन्द जाट उर्फ हरि बॉक्सर अमेरिका में डिटेन किया गया है। राजस्थान पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल के जरिए करीब 5 देशों में 14 बार रेफरेंस भेजे थे। अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।

प्रातःकाल 7 Nov 2026 4:17 pm

अमेरिका में पकड़ा गया हरियाणा का मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हैरी बॉक्सर, लॉरेंस बिश्नोई का है करीबी

हरियाणा का मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका के कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया है।

दैनिक जागरण 7 Nov 2026 3:06 pm

अमेरिका के बोस्टन में भारतीय छात्रा लापता, रात में कमरे से निकली थी टहलने

पुलिस को आशंका है कि वह कार्सन बीच या हार्बर पॉइंट इलाके में गई हो सकती हैं। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए लोगों से जानकारी शेयर करने की अपील की है। किसी को भी श्रीजा के बारे में जानकारी मिलने पर 911 बता सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 3:00 pm

लॉरेंस का करीबी हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ा गया; चंडीगढ़ में गैंगवार, हत्या और रंगदारी मामलों में जुड़ा है नाम

गैंगवार, हत्या और करोड़ों की रंगदारी मामलों में चंडीगढ़ पुलिस के लिए सिरदर्दी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ा गया। हैरी को लॉरेंस बिश्नोई का करीबी माना जाता है।

जागरण 7 Nov 2026 1:47 pm

डोनाल्ड ट्रंप 'मिस्टर वीटो': अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद कड़े तेवर

डेमोक्रेटिक पार्टी के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने संवैधानिक वीटो शक्ति का संकेत दिया है।

प्रातःकाल 7 Nov 2026 1:30 pm

अमेरिका में पकड़ा गया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हैरी बॉक्सर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग से लेकर सलमान खान को धमकी देने तक कई मामलों में आरोपी

अमेरिका में पकड़ा गया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हैरी बॉक्सर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग से लेकर सलमान खान को धमकी देने तक कई मामलों में आरोपी

समाचार नामा 7 Nov 2026 1:25 pm

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों से क्या ट्रंप कमज़ोर पड़ जाएंगे? - द लेंस

इन नतीजों को ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उनके नेतृत्व और नीतियों पर जनता के फ़ैसले के तौर पर देखा जा रहा है.

बीबीसी हिंदी 7 Nov 2026 1:11 pm

यूपी से अमेरिकी राजनीति तक: कड़ाके की ठंड में घर-घर जाकर मांगे वोट, सबा हैदर ने बताया कैसे जीता चुनाव?

यूपी से अमेरिकी राजनीति तक: कड़ाके की ठंड में घर-घर जाकर मांगे वोट, सबा हैदर ने बताया कैसे जीता चुनाव? From UP to American politics Campaigning door-to-door freezing cold Saba Haider reveals how she won election

अमर उजाला 7 Nov 2026 12:34 pm

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका, अमेरिका में पकड़ा गया गैंगस्टर हैरी बॉक्सर

नई दिल्ली, 07 नवंबर 2026 | लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में पकड़े जाने की खबर सामने आई है। इस कार्रवाई को गैंग के नेटवर्क के खिलाफ अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हैरी बॉक्सर का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अपराधों और आपराधिक गतिविधियों के संदर्भ में सामने […] The post लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका, अमेरिका में पकड़ा गया गैंगस्टर हैरी बॉक्सर appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 7 Nov 2026 12:33 pm

अमेरिका में पकड़ा गया लॉरेंस बिश्नोई का करीबी हैरी बॉक्सर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने के बाद वह चर्चा में आया था। अमेरिकी एजेंसियों की इस कार्रवाई को भारत में वांछित गैंगस्टरों के खिलाफ अहम कदम माना जा रहा […] The post अमेरिका में पकड़ा गया लॉरेंस बिश्नोई का करीबी हैरी बॉक्सर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 7 Nov 2026 12:31 pm

Harry Boxer Arrest: कौन है लॉरेंस बिश्नोई का साथी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर? रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले में अमेरिका में गिरफ्तार

Harry Boxer Arrest: अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को शनिवार (6 नवंबर) को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर हत्या, धमकी देने और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हैरी बॉक्सर मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के लिए जिम्मेदार होने का दावा कर चुका है। इस घटना के बाद, उसने सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो मैसेज के जरिए कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों को धमकियां भी दी थीं। उसकी यह गिरफ्तारी, अमेरिका में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया के पकड़े जाने के कुछ दिनों बाद हुई है।माना जाता है कि हैरी बॉक्सर मुख्य रूप से अमेरिका से ही अपना काम चलाता है। इससे पहले भी उसका नाम बॉलीवुड हस्तियों फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी और अभिनेता रणवीर सिंह को फिरौती के लिए धमकी देने के मामलों से जुड़ चुका है। हाल ही की एक घटना में, अभिनेता तुषार कपूर को कथित तौर पर फिरौती के लिए कॉल और वॉयस नोट मिले, जिनमें बॉक्सर और लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।रोहित शेट्टी को धमकियांरोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग के बाद कई ऑडियो मैसेज सामने आए थे, जिनमें फिल्म निर्माता को गैंग के कामों में दखल न देने की धमकी दी गई थी। ऐसे ही एक ऑडियो मैसेज में खुद को 'अर्जुन बिश्नोई' बताने वाले एक व्यक्ति ने हैरी बॉक्सर और शुभम लोणकर का नाम लिया और फायरिंग की जिम्मेदारी ली। मैसेज में कहा गया कि यह हमला तो बस एक छोटा सा ट्रेलर है। साथ ही गैंग के विरोधियों का साथ देने वालों को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल साबरमती जेल में बंद है। उसने 1998 के काले हिरण (ब्लैकबक) शिकार मामले में कथित भूमिका के लिए बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के प्रति अपनी दुश्मनी सार्वजनिक रूप से जाहिर की है।कौन है हैरी बॉक्सर?हैरी बॉक्सर (Harry Boxer) लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा एक कथित कुख्यात गैंगस्टर है। उसका असली नाम हरि चंद जाट (Hari Chand Jaat) बताया जाता है। उसे हरी बॉक्सर के नाम से भी जाना जाता है। वह राजस्थान का रहने वाला है। पिछले कुछ समय से अमेरिका में रहकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां संचालित करने के आरोपों में चर्चा में रहा है। 'India Today' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने हैरी बॉक्सर की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से उसके खिलाफ की जा रही कार्रवाई के बीच हुई बताई गई है। हालांकि, भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और हिरासत की विस्तृत परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।किन मामलों में आया नाम?हैरी बॉक्सर का नाम कई चर्चित मामलों में सामने आया है:-1. कपिल शर्मा: कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो में बॉलीवुड को धमकी दी गई थी।2. सलमान खान: सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को धमकी देने का आरोप लगा।3. रणवीर सिंह: फरवरी 2026 में रणवीर सिंह के मैनेजर को कथित तौर पर 20 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली।4. रोहित शेट्टी: मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा भी है।लॉरेंस बिश्नोई गैंग में उसकी भूमिका क्या है?जांच एजेंसियों के मुताबिक, हैरी बॉक्सर विदेश में रहकर गैंग के लिए कथित तौर पर रंगदारी, धमकी और आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क संभालने वाले लोगों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सामने आए कई आरोपों और सोशल मीडिया पर किए गए दावों की जांच जारी रही है।

ज़ी न्यूज़ 7 Nov 2026 12:28 pm

गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ा गया:जयपुर में बॉक्सिंग कोच रह चुका, बॉलीवुड एक्टर-डायरेक्टर को धमकी दे चुका, लॉरेंस गैंग से जुड़ा था

जयपुर में बॉक्सिंग कोच रह चुके गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिकी एजेंसी ICE ने कैलिफोर्निया में पकड़ लिया है। हैरी बॉक्सर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था। हैरी अमेरिका में रहकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग चला रहा था। उस पर हत्या, रंगदारी और धमकी देने समेत कई आपराधिक मामले दर्ज है। हैरी बॉक्सर ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा एक्टर सलमान खान, कपिल शर्मा और रणवीर सिंह समेत बॉलीवुड की कई हस्तियों को धमकाने के आरोप भी उस पर लगे हैं। हैरी बॉक्सर कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर-नारायणपुर का रहने वाला है। हैरी जयपुर में रहकर बॉक्सिंग की ट्रेनिंग लेता था। यहां बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम कर चुका है। इसी दौरान उसकी मुलाकात बदमाशों से हुई। धीरे-धीरे वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ गया। राजस्थान के कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी मांगता रहा हैरी बॉक्सर विदेश में बैठकर राजस्थान के कारोबारियों को फोन और वॉट्सएप के जरिए धमकी देकर रंगदारी मांगता रहा है। जयपुर के नारायण विहार के रहने वाले बिजनेसमैन ने उसके खिलाफ मामला दर्ज करा रखा है। जयपुर पुलिस और राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) उसके स्थानीय नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई करती रही है। पुलिस ने उसके इशारे पर रंगदारी वसूलने वाले कई गुर्गों को भी गिरफ्तार किया था। पहले हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया भी पकड़े गए अमेरिका में हैरी बॉक्सर से पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भी हिरासत में लिया जा चुका है। दोनों भारत में कई आपराधिक मामलों में वांछित है। विदेश में रहकर आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ भारतीय एजेंसियां भी लगातार कार्रवाई कर रही हैं। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) व एटीएस के प्रमुख ADG दिनेश एमएन ने बताया कि हैरी बॉक्सर के खिलाफ राजस्थान और पंजाब में जबरन वसूली, हत्या के प्रयास जैसे 10 से ज्यादा मामले दर्ज है। ज्यादातर मामले आरोपी पर रंगदारी के है। ये भी पढ़ें… बेटा फिल्म स्टार को धमका रहा, परिवार रो रहा:हैरी बॉक्सर का छोटा भाई बोला- 3 रात से सोया नहीं, पुलिस परेशान करती है

दैनिक भास्कर 7 Nov 2026 12:27 pm

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका! करीबी हैरी बॉक्सर को अमेरिका में पकड़ा, कभी जयपुर में था बॉक्सिंग कोच

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिश्नोई गैंग के मुख्य सिंडिकेट और रंगदारी के नेटवर्क को संभालने वाले हैरी बॉक्सर की हिरासत को भारतीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। अब उसे भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 12:23 pm

अमेरिका पहुंचने के कुछ घंटों में गायब हो गए बीमारी के लक्षण, मुंबई की एंटरप्रेन्योर ने बताई पूरी कहानी

मुंबई की एंटरप्रेन्योर करिश्मा मेहता ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की फाउंडर हैं, जिन्होंने साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22 मिनट का इंटरव्यू लेकर सुर्खियां बटोरी थीं. उस वक्त वे 27 साल की थीं.

NDTV इंडिया 7 Nov 2026 12:21 pm

ईरान ने अमेरिका को भेजा 7 शर्तों वाला नया परमाणु प्रस्ताव, संपत्ति लौटाने और युद्ध के नुकसान की भरपाई की मांग; होर्मुज खोलने पर भी रखी शर्त

ईरान ने अमेरिका को भेजा 7 शर्तों वाला नया परमाणु प्रस्ताव, संपत्ति लौटाने और युद्ध के नुकसान की भरपाई की मांग; होर्मुज खोलने पर भी रखी शर्त

समाचार नामा 7 Nov 2026 12:17 pm

Illinois General Assembly चुनाव में जीतीं Saba Haider, बोलीं विभाजन की जगह बुनियादी मुद्दों को चुन रहे अमेरिकी

नयी दिल्ली, सात नवंबर उत्तर प्रदेश की मूल निवासी और अब इलिनोइ जनरल असेंबली के लिए चुनी गईं डेमोक्रेट सबा हैदर ने कहा है कि उनकी जीत यह दर्शाती है कि अमेरिका में मतदाता तेजी से विभाजनकारी राजनीति के बजाय स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और पर्यावरण जैसी रोजमर्रा की चिंताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। पीटीआई वीडियो’ के साथ साक्षात्कार में अपनी जीत पर बात करते हुए हैदर ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता उन उम्मीदवारों को अधिक समर्थन दे रहे हैं जो सभी समुदायों के परिवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाते हैं। हैदर, जो 20 साल पहले अमेरिका आई थीं, ने कहा, अगर उम्मीदवार रोजमर्रा के बुनियादी मुद्दों (किचन टेबल इश्यूज) के बारे में बात कर रहे हैं, तो लोग उस पर ध्यान दे रहे हैं। लोग उन्हें सुन रहे हैं, उनसे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं, और उन उम्मीदवारों को वोट दे रहे हैं जो ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं जो उनके परिवारों को प्रभावित करते हैं, जो उनके बच्चों के जीवन को प्रभावित करते हैं। कई भारतीय-अमेरिकियों ने ऐसा ही किया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई प्रतिनिधियों की बढ़ती मौजूदगी की सराहना की। हैदर (42) ने कहा कि उन्होंने अपनी जीत का जश्न परिवार, दोस्तों, कार्यकर्ताओं और अपनी प्रचार टीम के सदस्यों के साथ मनाया। हैदर ने कहा, जैसे ही अमेरिका में दिन खत्म हुआ, भारत में मौजूद रिश्तेदारों के फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से लेकर इलिनोइ में एक निर्वाचित प्रतिनिधि तक का यह सफर शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया, चुनाव अभियान के दौरान शिकागो के उपनगरों में हजारों घरों के दरवाजे खटखटाने पड़े, और जनवरी-मार्च के प्राइमरी सीजन के दौरान तापमान अक्सर शून्य से नीचे रहता था। कभी-कभी तो मुझे अपनी उंगलियों और पैर के अंगूठों का अहसास तक नहीं होता था। सामान्य तापमान में वापस आने में ही मुझे एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता था। अन्य दक्षिण एशियाई उम्मीदवारों के चुने जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने 27 वर्षीय नबीला सैयद का उदाहरण दिया, जिन्होंने एक रिकॉर्ड तोड़ मुकाबले में इलिनोइ सीनेट की सीट पर जीत हासिल की थी। हैदर ने इसे अमेरिकी राजनीति में हो रही प्रगति का एक उदाहरण बताया। हैदर ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समुदायों की चिंताओं को सुना जाए, और साथ ही उन्हें विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों के बीच गठबंधन भी बनाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 12:13 pm

अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा हैरी बॉक्सर हिरासत में, बॉलीवुड हस्तियों को धमकाने का आरोप

रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने और सलमान खान, रणवीर सिंह व कपिल शर्मा समेत कई सितारों को धमकी देने के मामले में चर्चा में रहा गैंगस्टर

देशबन्धु 7 Nov 2026 12:01 pm

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे से भारत-अमेरिका रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?

मध्यावधि चुनाव में डॉनल्ड ट्रंप को मिले चुनावी झटके से भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद तो जगी है.

देशबन्धु 7 Nov 2026 11:56 am

Lawrence Bishnoi Gang को बड़ा झटका: अमेरिका में पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर Harry Boxer, जल्द भारत प्रत्यर्पण की तैयारी

विदेश की धरती से भारत में खौफ का साम्राज्य चलाने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग को एक और करारा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी के तहत बिश्नोई गैंग के बेहद खास और अहम सदस्य हैरी 'बॉक्सर' को अमेरिका में हिरासत में ले लिया गया है। भारत में रंगदारी, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली (Extortion) के दर्जनों मामलों में वांछित 'बॉक्सर' लंबे समय से अमेरिकी सरजमीं पर बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले पुख्ता और सटीक इनपुट के आधार पर अमेरिकी आव्रजन व सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार रात उसे कैलिफोर्निया से दबोच लिया। अधिकारियों के अनुसार, 'बॉक्सर' गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी था और अमेरिका से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। उसने सोशल मीडिया और ऑडियो मैसेज के जरिए बॉलीवुड से जुड़े कई लोगों को धमकियां भी दी थीं। इस साल फरवरी में मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी 'बॉक्सर' ने ली थी। वहां पांच राउंड फायरिंग हुई थी, लेकिन सुरक्षा गार्ड के पुलिस को सतर्क कर देने के कारण कोई घायल नहीं हुआ। बाद में, पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। ऐसी भी आशंका थी कि 'बॉक्सर' के गुर्गों ने अभिनेता तुषार कपूर को धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस संभावना को खारिज कर दिया, क्योंकि धमकी भरे ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज 'बॉक्सर' की आवाज के नमूने से मेल नहीं खाती थी। विदेश से 'बॉक्सर' का जबरन वसूली नेटवर्क 'बॉक्सर' का असली नाम हरिचंद जाट है। अधिकारियों ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसुर इलाके का रहने वाला है। जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी, जिसके कारण उसे 'बॉक्सर' उपनाम मिला। अपराध की दुनिया में आने से पहले, उसने बॉक्सिंग कोच के रूप में काम किया था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की थी। यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब विदेश गया, लेकिन पुलिस को शक है कि वह एक बड़ा नेटवर्क चलाता था और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कामकाज में अहम भूमिका निभाता था। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है। कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे में हुई फायरिंग की घटना में भी उसका नाम आया था। अब भारतीय एजेंसियां, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की मदद से उसे भारत वापस लाने (प्रत्यर्पण) के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगी। इस साल जनवरी में, शरण के लिए आवेदन करने के बाद बॉक्सर को कुछ समय के लिए हिरासत में भी रखा गया था। हालाँकि, बाद में अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी।

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 11:39 am

लॉरेंस गैंग से जुड़ा गैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में पकड़ाया:रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी, सलमान-कपिल को भी धमकाने का आरोप

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी एजेंसी ICE ने उसे कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया है। हैरी अमेरिका में रहकर गैंग की गतिविधियां चला रहा था। उस पर हत्या और रंगदारी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हैरी ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। इसके अलावा हैरी पर सलमान खान और कपिल शर्मा समेत अन्य बॉलीवुड हस्तियों को धमकी देने का भी आरोप है। इससे पहले गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को भी अमेरिका में हिरासत में लिया गया था। ये दोनों भारत में कई आपराधिक मामलों में वांछित हैं। हैरी बॉक्सर पर रणवीर-गुरु रंधावा को भी धमकी देने का आरोप हैरी बॉक्सर पर बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को धमकी देने के आरोप हैं। इनमें अभिनेता रणवीर सिंह भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैरी ने रणवीर के मैनेजर को वॉइस नोट भेजकर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके अलावा, पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को भी धमकी मिलने का मामला सामने आया था। एक वायरल कथित ऑडियो में सलमान खान से नजदीकियों के चलते गुरु के दिल्ली स्थित जिम पर फायरिंग कराने का दावा किया गया था। वहीं, कॉमेडियन कपिल शर्मा का कनाडा स्थित कैफे भी फायरिंग की घटना का निशाना बन चुका है। 3 नवंबर: तुषार कपूर से धमकाकर मांगे ₹5 करोड़ बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर को लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर के नाम से फोन कर 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, तुषार ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की, जिसके बाद जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम ने कॉल की रिकॉर्डिंग का हैरी बॉक्सर के आधिकारिक ऑडियो सैंपल से मिलान किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आवाजें मेल नहीं खातीं।

दैनिक भास्कर 7 Nov 2026 11:24 am

अमेरिका में हिरासत में लिया गया लॉरेंस बिश्नोई का करीबी हैरी बॉक्सर, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी

हरियाणा के मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है और उस पर हत्या, धमकी व जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं।

जागरण 7 Nov 2026 11:17 am

अमेरिका में गिरफ्तार हुआ भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हैरी बॉक्सर

भारत के सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुका और देश के सबसे खतरनाक मोस्ट वांटेड गैंग्सटरों में शुमार हैरी बॉक्सर को आखिरकार यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) में हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल का नतीजा बताई जा रही है। हैरी बॉक्सर का असली नाम हरि चंद जाट है और वह देश छोड़कर विदेश से ही अपने आपराधिक साम्राज्य का संचालन कर रहा था। हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों की पुलिस को इसकी लंबे समय से तलाश थी। अमेरिका में इसके पकड़े जाने के बाद भारतीय खुफिया और जांच एजेंसियों ने राहत की सांस ली है और अब इसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया गया है।लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है खतरनाक नेटवर्क और रंगदारी का खेलजांच एजेंसियों के मुताबिक, हैरी बॉक्सर कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बेहद करीबी गुर्गों में से एक है। वह विदेश में बैठकर भारत के बड़े व्यापारियों, कारोबारियों और मशहूर हस्तियों को निशाना बनाकर फिरौती और रंगदारी वसूलने का रैकेट चला रहा था। लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के साथ मिलकर उसने देश के कई राज्यों में अपनी जड़ें मजबूत कर ली थीं। विदेशों में बैठकर आपराधिक वारसातों की रूपरेखा तैयार करना और अपने शार्प शूटर्स के जरिए भारत में सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देना उसका मुख्य काम बन चुका था। भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसके इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की जुगत में लगी हुई थीं और अमेरिकी अधिकारियों को उसके ठिकानों से जुड़े पुख्ता सबूत सौंपे गए थे।बॉलीवुड फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग से जुड़े हैं गहरे तारहैरी बॉक्सर का नाम तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया जब देश के जाने-माने फिल्म निर्देशक और निर्माता रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित आवास के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी खुले तौर पर हैरी बॉक्सर ने ही ली थी, जिसके बाद से मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसियों की नींद उड़ गई थी। बॉलीवुड गलियारों में इस हमले के बाद हड़कंप मच गया था और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही देश की तमाम बड़ी सुरक्षा एजेंसियां और आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS/STF) इस गैंगस्टर की हर एक गतिविधि पर बारीक नजर बनाए हुए थे।हरियाणा के मोस्ट वांटेड से लेकर अमेरिकी हिरासत तक का सफरमूल रूप से हरियाणा का रहने वाला हैरी बॉक्सर कभी खेल की दुनिया से जुड़ा था और जयपुर में बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम कर चुका था, लेकिन बाद में अपराध की दुनिया के दलदल में ऐसा उतरा कि जुर्म का एक बड़ा पर्याय बन गया। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन वसूली और रंगदारी के दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। हरियाणा पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस ने उस पर भारी इनाम घोषित कर रखा था और वह राज्य के सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शीर्ष पर था। भारत से फरार होने के बाद वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और अमेरिकी धरती का इस्तेमाल करके अपने काले कारोबार को चला रहा था। अब अमेरिकी एजेंसियों द्वारा उसकी डिटेंशन के बाद भारत की कानूनी और सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसे देश की धरती पर लाकर कानून के कठघरे में खड़ा करने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 11:17 am

अमेरिका-ईरान तनाव खत्म कराने में जुटे जेडी वेंस: कतर-पाकिस्तान के साथ गुप्त कूटनीतिक पहल, क्या निकलेगा हल?

अमेरिका-ईरान तनाव खत्म कराने में जुटे जेडी वेंस: कतर-पाकिस्तान के साथ गुप्त कूटनीतिक पहल, क्या निकलेगा हल?---JD Vance Leads Quiet Diplomatic Push for New Iran Deal, Report Says

अमर उजाला 7 Nov 2026 11:13 am

अमेरिका में गूंजा दिवाली का जश्न! Trump ने मनाई दिवाली!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दिवाली का त्योहार मनाया. ओवल ऑफिस में दीया जलाकर उन्होंने इस खास समारोह की शुरुआत की. इस मौके पर भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा समेत कई भारतीय-अमेरिकी अधिकारी, कारोबारी और बड़ी कंपनियों के प्रमुख मौजूद रहे. कार्यक्रम में उद्यमी विशाल गोंडल ने ट्रंप को हनुमान चालीसा भेंट की. व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा 2003 से चली आ रही है.

आज तक 7 Nov 2026 11:08 am

बिश्नोई गैंग: अमेरिका में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर हिरासत में, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी

बिश्नोई गैंग: अमेरिका में गैंगस्टर हैरी बॉक्सर हिरासत में, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की ली थी जिम्मेदारी lawrence-bishnoi-gangster-harry-boxer-detained-us-rohit-shetty-house-firing-delhi-police-sources

अमर उजाला 7 Nov 2026 10:59 am

अमेरिका के बोस्टन में तेलंगाना की 23 वर्षीय छात्रा श्रीजा रेड्डी लापता: शाम को टहलने निकली और नहीं लौटी

उच्च शिक्षा का सपना लेकर सात समंदर पार संयुक्त राज्य अमेरिका गई भारत की एक और होनहार बेटी के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य की राजधानी बोस्टन में पढ़ाई कर रही तेलंगाना की 23 वर्षीय छात्रा श्रीजा रेड्डी पिछले पांच दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हैं। मिली जानकारी के अनुसार, श्रीजा शाम के समय अपने अपार्टमेंट से रोजाना की तरह सामान्य वॉक यानी टहलने के लिए बाहर निकली थीं, जिसके बाद से वे वापस अपने कमरे पर नहीं लौटीं। उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही बोस्टन पुलिस विभाग हरकत में आ गया है और पूरे इलाके में उनकी तलाश के लिए एक औपचारिक सर्च ऑपरेशन और पब्लिक अलर्ट जारी किया गया है।श्रीजा के इस तरह अचानक गायब हो जाने से अमेरिका में रह रहे भारतीय छात्र समुदाय और प्रवासी भारतीयों के बीच गहरी चिंता और बेचैनी फैल गई है। बोस्टन जैसे बड़े और व्यस्त शहर में एक भारतीय छात्रा का लगातार कई दिनों तक कोई सुराग न मिलना कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय जांच एजेंसियों ने उनके संभावित रूट, फोन के अंतिम नेटवर्क टावर और नजदीकी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस ने शहर के नागरिकों और स्थानीय समुदाय से अपील की है कि यदि किसी को भी श्रीजा के बारे में कोई सुराग मिले तो वे तुरंत आपातकालीन नंबरों पर इसकी सूचना साझा करें।नलगोंडा के शब्दुल्लापुरम गांव की रहने वाली हैं श्रीजा, डेढ़ साल पहले उच्च शिक्षा के लिए गई थीं अमेरिकालापता छात्रा की पहचान श्रीजा रेड्डी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना के नलगोंडा जिले के कनागल मंडल अंतर्गत आने वाले शब्दुल्लापुरम गांव की निवासी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीजा बेहद मेधावी छात्रा रही हैं। अपने उज्ज्वल भविष्य और करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले अमेरिका का रुख किया था। बोस्टन के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के साथ-साथ वे अपने खर्चों को पूरा करने और अनुभव हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर एक पार्ट-टाइम नौकरी भी कर रही थीं।श्रीजा के पिता कोया यदागिरी रेड्डी ने तेलंगाना में मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी असहनीय पीड़ा साझा की। उन्होंने भारी मन से बताया कि उनकी बेटी पिछले डेढ़ साल से बोस्टन में रहकर पूरी लगन से पढ़ाई कर रही थी। कुछ ही महीने पहले वह छुट्टियों में भारत आई थी और नलगोंडा में अपने माता-पिता और परिजनों के साथ एक पूरा महीना बिताकर वापस अमेरिका लौटी थी। उस समय किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि अमेरिका लौटने के कुछ ही समय बाद ऐसा भयानक दिन देखना पड़ेगा। परिवार के अनुसार, श्रीजा बेहद अनुशासित और जिम्मेदार लड़की है और वह बिना बताए कभी कहीं नहीं जाती थी।2 नवंबर की शाम एक किलोमीटर दूर तक चलने के बाद कटी संपर्क की डोर, काले रंग की जैकेट में देखी गई थीं आखिरी बारश्रीजा के पिता द्वारा दर्ज कराई गई जानकारी और दोस्तों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा रही है। 2 नवंबर को श्रीजा सामान्य दिनों की तरह कॉलेज गई थीं। अपनी कक्षाएं समाप्त करने के बाद वे दोपहर में अपने कमरे पर सुरक्षित वापस लौटीं। शाम के समय उन्होंने थोड़ा तरोताजा होने के लिए बाहर टहलने जाने का फैसला किया। कमरे से निकलते समय उन्होंने काले रंग की विंटर जैकेट और नीली जींस पहन रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, वे अपने कमरे से लगभग एक किलोमीटर दूर तक पैदल चली थीं, लेकिन उसके बाद से उनकी कोई खबर नहीं मिली।शाम बीतने और रात गहराने के बाद जब श्रीजा अपने कमरे पर वापस नहीं पहुंचीं, तो उनके साथ रहने वाले अन्य साथियों ने उन्हें फोन लगाना शुरू किया, लेकिन उनका मोबाइल फोन पूरी तरह बंद आ रहा था। दोस्तों ने आसपास के इलाकों, पार्कों और परिचितों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। अगले दिन यानी 3 नवंबर को स्थानीय स्तर पर बोस्टन पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई। इसके बाद 4 नवंबर को बोस्टन पुलिस विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक तौर पर गुमशुदगी का अलर्ट जारी किया और जनता से उनकी तलाश में मदद की गुहार लगाई।कार्सन बीच और हार्बर पॉइंट के तटीय इलाके में तलाश तेज, भारतीय दूतावास और ताना (TANA) से साधा गया संपर्कबोस्टन पुलिस के जांच अधिकारियों का मानना है कि श्रीजा की अंतिम गतिविधियां कार्सन बीच (Carson Beach) या हार्बर पॉइंट (Harbor Point) के आसपास के तटीय इलाकों में केंद्रित हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि यह इलाका उनके रहने के स्थान से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस दल समुद्र तट के आसपास के रास्तों, पार्कों और पैदल मार्गों पर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। हालांकि कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई पुख्ता सुराग हाथ न लगने से आशंकाएं लगातार गहराती जा रही हैं।इधर भारत में मामला सामने आने के बाद तेलंगाना सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। तेलंगाना के सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री तथा नलगोंडा के स्थानीय विधायक कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप किया है। मंत्री ने नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय और न्यूयॉर्क व बोस्टन में कार्यरत भारतीय महावाणिज्य दूतावास के शीर्ष राजनयिकों से सीधा संपर्क साधा है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वे अमेरिकी विदेश विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर खोजबीन अभियान को और तेज कराएं। इसके अलावा, अमेरिका में सक्रिय सबसे बड़े तेलुगु प्रवासी संगठन 'तेलुगु एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका' (TANA) के पदाधिकारियों से भी संपर्क किया गया है ताकि वहां का स्थानीय भारतीय समुदाय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर हर संभव मदद पहुंचा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 10:56 am

मिडटर्म चुनाव में हार के बाद चौतरफा घिरे डोनाल्ड ट्रंप: पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो सौदों की जांच करेंगे डेमोक्रेट्स

संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्यावधि चुनाव 2026 (US Midterm Elections) के आधिकारिक नतीजे सामने आने के बाद वाशिंगटन के सत्ता के गलियारों में अभूतपूर्व उथल-पुथल शुरू हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन और दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बढ़ते दबदबे ने पूर्व राष्ट्रपति और 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) आंदोलन के सर्वेसर्वा डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक ढाल को पूरी तरह कमजोर कर दिया है। चुनावी नतीजों ने न केवल रिपब्लिकन पार्टी के कद्दावर नेताओं और टेक्सास के दिग्गज सीनेटर टेड क्रूज जैसे चेहरों का मनोबल तोड़ दिया है, बल्कि उन तमाम अरबपति कॉर्पोरेट दिग्गजों की रातों की नींद उड़ा दी है जो अब तक ट्रंप की छत्रछाया में अपने कारोबारी साम्राज्य को सींच रहे थे। ट्रंप अक्सर सार्वजनिक मंचों से यह दावा करते नहीं थकते थे कि सिलिकॉन वैली के शीर्ष सीईओ और दुनिया के सबसे रसूखदार उद्योगपति उनके आगे-पीछे केवल इसलिए चक्कर काटते हैं ताकि उन्हें सरकारी नीतियों में सीधी रियायतें और राहत मिल सके। लेकिन चुनाव में सत्ता संतुलन बदलते ही यह साफ हो गया है कि ट्रंप के साथ नजदीकी अब इन कॉर्पोरेट घरानों के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक और कानूनी नुकसान साबित होने वाली है।प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में नियंत्रण हासिल करते ही डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष सांसदों ने ट्रंप प्रशासन और उनके कार्यकाल से जुड़े तमाम संदिग्ध नीतिगत फैसलों, वित्तीय हेराफेरी और सत्ता के दुरुपयोग की व्यापक संसदीय जांच (Congressional Investigations) शुरू करने का औपचारिक बिगुल फूंक दिया है। वॉशिंगटन में कानून के जानकारों का मानना है कि आने वाले दो साल अमेरिकी राजनीति में तीखे कानूनी संघर्ष और संसदीय सम्मनों के गवाह बनेंगे। हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ वरिष्ठ रणनीतिकारों ने यह आगाह भी किया है कि इन जांचों का मकसद राजनीतिक बदले की भावना से परे निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का पालन कराना होना चाहिए ताकि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर कोई आंच न आए। इस बदले हुए माहौल ने कैपिटल हिल से लेकर व्हाइट हाउस तक एक नई कानूनी जंग की जमीन तैयार कर दी है।हाउस ओवरसाइट कमेटी का नेतृत्व संभालेंगे रॉबर्ट गार्सिया, पाकिस्तान से जुड़े क्रिप्टो नेटवर्क सहित 4 बड़े मोर्चों पर होगी घेराबंदीकांग्रेस में बहुमत हासिल करने के बाद कैलिफोर्निया से आने वाले आक्रामक डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया के अत्यंत शक्तिशाली 'हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमेटी' का नया अध्यक्ष बनने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है। रॉबर्ट गार्सिया ने कमान संभालने से पहले ही जांच के चार सबसे बड़े और संवेदनशील कार्यक्षेत्र तय कर लिए हैं, जो सीधे तौर पर ट्रंप परिवार की वित्तीय जड़ों पर चोट करेंगे। इसमें सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मामला डोनाल्ड ट्रंप के पारिवारिक व्यापारिक सौदों की परतें खोलना है। जांच एजेंसी की नजरें विशेष रूप से उस रहस्यमयी क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क और विदेशी फंड फ्लो पर टिकी हैं, जिसके तार पाकिस्तान और अन्य विदेशी संस्थाओं से सीधे जुड़े होने के पुख्ता आरोप हैं। यह जांच इस बात की तह तक जाएगी कि क्या ट्रंप परिवार के निजी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स और विदेशी प्रोजेक्ट्स के जरिए गैरकानूनी वित्तीय लाभ उठाए गए और इसके बदले अमेरिकी नीतियों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।इसके अलावा गार्सिया की कमेटी तीन अन्य प्रमुख मामलों पर पूरी ताकत से वार करने जा रही है। दूसरा मुख्य बिंदु कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार और राजनीतिक घूसखोरी की गहन पड़ताल है, जिसके तहत उन सौदों की स्क्रूटनी होगी जिनमें बड़े उद्योगपतियों को अरबों डॉलर के सरकारी ठेके और नीतिगत छूटें दी गईं। तीसरा गंभीर मामला डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) द्वारा प्रवासियों और सीमावर्ती इलाकों में किए गए कथित मानवाधिकार हनन और अमानवीय दुर्व्यवहार से जुड़ा है। वहीं चौथा और सबसे विस्फोटक बिंदु कुख्यात जेफ्री एपस्टीन की संवेदनशील फाइलों और दस्तावेजों की सार्वजनिक समीक्षा से संबंधित है, जिसमें कई रसूखदार राजनीतिक और व्यापारिक हस्तियों के शामिल होने के संकेत मिलते रहे हैं। इन चार जांचों के जरिए डेमोक्रेट्स ट्रंप और उनके पूरे वित्तीय नेटवर्क को कानूनी कठघरे में खड़ा करने की अचूक योजना बना चुके हैं।अरबपति एलन मस्क के लिए भारी पड़ेंगे अगले दो साल, संसदीय सुनवाइयों और सम्मनों के काटने पड़ सकते हैं चक्करट्रंप के सबसे प्रमुख और आक्रामक कॉर्पोरेट समर्थकों में दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला व स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क का नाम सबसे ऊपर है। डेमोक्रेट्स की इस चुनावी विजय के बाद मस्क के लिए आने वाले दो साल अत्यंत जटिल, तनावपूर्ण और कानूनी अड़चनों से भरे साबित होने वाले हैं। व्यापारिक विश्लेषकों का मानना है कि मस्क को आने वाले महीनों में अपने व्यावसायिक कामकाज छोड़कर वाशिंगटन में संसदीय समितियों की मैराथन सुनवाइयों में गवाही देने के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ सकते हैं। उनके सरकारी अनुबंधों, डिफेंस स्पेस प्रोजेक्ट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के नीतिगत फैसलों को लेकर अब डेमोक्रेटिक सांसदों की तीखी सवालों की बौछार का सामना करना पड़ेगा।मध्यावधि चुनाव के दौरान एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी और उससे जुड़ी पोलिटिकल एक्शन कमेटियों (PACs) को सत्ता में वापस लाने के लिए अपनी तिजोरी का मुंह पूरी तरह खोल दिया था। संघीय चुनाव आयोग के नवीनतम वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, मस्क ने इस चुनाव में अकेले 445 मिलियन डॉलर (लगभग 3700 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि पानी की तरह बहा दी। यह खगोलीय राशि एलन मस्क को अमेरिकी राजनीतिक इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत राजनीतिक दानदाता (Biggest Individual Donor) साबित करती है। मस्क ने जिस तरह खुलेआम रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में आर्थिक और सोशल मीडिया ताकत झोंकी थी, उसने डेमोक्रेटिक खेमे में उनके प्रति गहरी नाराजगी पैदा कर दी थी। अब जब राजनीतिक पासा पलट चुका है, तो मस्क का यही कॉर्पोरेट दांव उनके वैश्विक कारोबार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है।445 मिलियन डॉलर के निवेश पर 3 जीत और 40 हार, टेक्सास में मस्क के चहेते केन पैक्सटन को मिली करारी शिकस्तअरबों रुपये का भारी चुनावी निवेश करने के बावजूद नतीजों के मोर्चे पर एलन मस्क को बेहद शर्मनाक राजनीतिक विफलता का मुंह देखना पड़ा है। चुनावी आंकड़ों की सूक्ष्म समीक्षा यह चौंकाने वाला सच उजागर करती है कि मस्क ने जिन 43 रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार किया और भारी फंडिंग की, उनमें से केवल 3 उम्मीदवार ही किसी तरह अपनी सीट बचा पाए, जबकि 40 उम्मीदवारों को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी तरह अमेरिकी सीनेट की प्रतिष्ठा की लड़ाई में मस्क ने जिन 7 रिपब्लिकन सीनेटर प्रत्याशियों पर दांव लगाया था, उनमें से 6 प्रत्याशी चुनाव हार गए। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का यह 'स्ट्राइक रेट' यह साबित करने के लिए काफी है कि अमेरिकी मतदाताओं ने अरबपतियों के धनबल के प्रभाव को सिरे से खारिज कर दिया।इस पूरे चुनाव में मस्क के लिए सबसे शर्मनाक और करारा झटका टेक्सास राज्य से लगा, जहां टेस्ला की गीगाफैक्ट्री और स्पेसएक्स के विशाल लॉन्च पैड सहित उनके सबसे बड़े व्यावसायिक हित स्थापित हैं। टेक्सास में अपने प्रभाव को सुरक्षित रखने के लिए मस्क ने विवादित रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन को जिताने के लिए अकेले 230 मिलियन डॉलर (लगभग 1900 करोड़ रुपये) का भारी बजट झोंक दिया था। लेकिन इन तमाम विज्ञापनों और आर्थिक जोर-आजमाइश के बावजूद जमीनी स्तर पर मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया। युवा डेमोक्रेटिक नेता जेम्स तालारिको ने एक ऐतिहासिक मुकाबले में केन पैक्सटन को भारी मतों से पराजित कर दिया। टेक्सास में मस्क के इस सबसे महंगे राजनीतिक प्रोजेक्ट का ध्वस्त होना यह स्पष्ट करता है कि पैसे की ताकत जमीनी जनमत के सामने बेअसर साबित हुई है, और अब ट्रंप-मस्क की यह जोड़ी वाशिंगटन के नए शक्ति संतुलन के सामने बैकफुट पर आ चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 10:53 am

ट्रंप : पेरिस से भी बड़ा होगा अमेरिकी एयर शो

वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित पूर्व स्पेस शटल लैंडिंग सुविधा केंद्र पर एक विशाल एयरोस्पेस प्रदर्शनी स्थल बनाने की योजना पेश की है। उन्होंने वादा किया कि लगभग दो वर्षों के भीतर तैयार होगा और यहां होने वाला शो 'पेरिस एयर शो' से भी बेहतर होगा।

देशबन्धु 7 Nov 2026 10:52 am

लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गैंगस्टर हैरी बॉक्सर को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया, हरियाणा का है मोस्ट वांटेड

लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ी बड़ी खबर है। उसके गैंग को अमेरिका से ऑपरेट करने वाले हैरी बॉक्सर को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। बाद में उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया।

खबर इंडिया टीवी 7 Nov 2026 10:39 am

चीन की नौसेना ने अमेरिका को भी दे दी टेंशन, समंदर में रोज उतर पड़ते हैं 100 जहाज

चीन की नौसेना अब अमेरिका को भी टेंशन देने लगी है। चीनी जहाजों का बेड़ा अमेरिका से भी बड़ा हो गया है जिनमें से 100 जहाज रेग्युलर समंदर में रहते हैं। चीन लगातार नए पोत भी विकसित कर रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 10:35 am

सबा हैदरः ग़ाज़ियाबाद और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अमेरिकी राजनीति में कदम रखने तक का सफ़र

बीस साल पहले अमेरिका जाकर बसने वाली सबा हैदर ने मुद्दों के आधार पर राजनीति में अपना कदम बढ़ाया और जीत हासिल की.

बीबीसी हिंदी 7 Nov 2026 9:58 am

समंदर में चीन का बढ़ा दबदबा, हर दिन 100 जहाजों की हलचल से अमेरिका परेशान

US के लिए चीन की नौसेना की बढ़ती ताकत बड़ी रणनीतिक चुनौती बन रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के करीब 100 नौसैनिक जहाज हर दिन एशिया के समुद्री इलाकों में सक्रिय रहते हैं. चीन के पास 400 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं. ताइवान, दक्षिण चीन सागर और जापान के आसपास उसकी बढ़ती गतिविधियों ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ा दी है.

आज तक 7 Nov 2026 9:45 am

Meghan Markle के पिता Thomas Markle अमेरिका में गिरफ्तार, बाल यौन शोषण सामग्री रखने का आरोप

टाम्पा (अमेरिका), सात नवंबर (एपी) ब्रिटेन के प्रिंस हैरी की पत्नी और डचेस ऑफ ससेक्स मेघन के अलग रह रहे 82 वर्षीय पिता थॉमस मार्कल सीनियर को शुक्रवार को फ्लोरिडा के एक बुजुर्ग देखभाल केंद्र से गिरफ्तार किया गया। उन पर कैलिफोर्निया स्थित स्टोरेज यूनिट में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री रखने का आरोप है। ब्रिटिश टैब्लॉयड अखबार द डेली मेल की ओर से पोस्ट किए गए वीडियो के मुताबिक, थॉमस मार्कल को हथकड़ी लगाकर व्हीलचेयर पर एंबुलेंस से ले जाया गया। इस दौरान संघीय एजेंट भी उनके साथ थे। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के प्रथम सहायक अटॉर्नी बिल एस्ली ने बताया कि मार्कल की गिरफ्तारी से पहले लॉस एंजिलिस क्षेत्र में स्थित स्टोरेज यूनिट (किराये के कमरे) से करीब 78 वस्तुएं जब्त की गई थीं। इनमें स्लाइड, फिल्म निगेटिव और किताबें शामिल थीं, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी आपत्तिजनक तस्वीरें थीं। अदालत में दाखिल एफबीआई के हलफनामे के मुताबिक, कुछ तस्वीरों में मार्कल बच्चों के साथ दिखाई देते हैं। एस्ली ने कहा, ‘‘ये आरोप बेहद गंभीर हैं और हम संघीय कानून के तहत मार्कल के खिलाफ पूरी सख्ती से मुकदमा चलाएंगे।’’अदालत की ओर से नियुक्त उनके वकील की टिप्पणी के लिए फोन और ईमेल के जरिये संपर्क किया गया, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। पोल्क काउंटी में गिरफ्तारी के बाद मार्कल को टाम्पा की संघीय अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की शर्त पर वापस वरिष्ठ नागरिक देखभाल केंद्र भेज दिया गया। अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज लिंडसे ग्रिफिन ने उनकी मनोचिकित्सकीय जांच कराने का भी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि संभव है कि मार्कल अदालती कार्यवाही को समझने या अपने वकील की उचित तरीके से मदद करने में सक्षम न हों। मार्कल की गिरफ्तारी से पहले ब्रिटेन के एक अन्य टैब्लॉयड अखबार द सन ने खबर दी थी कि मेघन के सौतेले भाई को फिलीपीन स्थित उनके पिता के घर की सफाई के दौरान बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी तस्वीरों का एक संग्रह मिला था। इस खोज के बाद लॉस एंजिलिस क्षेत्र में स्थित दो स्टोरेज यूनिट के बारे में जानकारी मिली। मार्कल ने वर्ष 2008 से ये यूनिट किराये पर ले रखी थीं। एस्ली ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) को बताया कि जब्त की गई सामग्री के आधार पर अमेरिका में किसी पीड़ित के होने का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, मामले की जांच जारी है। अमेरिकी नागरिक मेघन अमेरिकी टेलीविजन ड्रामा सूट्स में अभिनय कर चुकी हैं। उन्होंने 2018 में विंडसर कैसल में प्रिंस हैरी से शादी की थी। हाल ही में मेघन ने कहा था कि उनके पिता के पूर्व आवास से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी तस्वीरों का संग्रह मिलने के आरोपों से वह बेहद परेशान हैं। शुक्रवार को मेघन के प्रतिनिधि की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। बकिंघम पैलेस की ओर से भी गिरफ्तारी पर कोई बयान दिए जाने की उम्मीद नहीं है।

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 9:43 am

ईरान के परमाणु राज से उठेगा पर्दा? जानकारी देने वालों को अरबपति बना देगा अमेरिका!

ईरान किसी भी हाल ही में अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता नहीं करना चाहता है। वहीं अमेरिका इसे लेकर अड़ा हुआ है। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद भी बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकल रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 9:42 am

White House Diwali Celebration | व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मनाई दिवाली, भारतीय-अमेरिकी दिग्गजों के संग जलाए दीये

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक कार्यालय 'ओवल ऑफिस' में भारतीय मूल के प्रमुख अधिकारियों, उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट दिग्गजों के साथ भव्य रूप से दिवाली का त्योहार मनाया। शुक्रवार को आयोजित इस विशेष समारोह में भारत और अमेरिका के बीच मजबूत सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों की झलक साफ तौर पर देखने को मिली। समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पारंपरिक दीप प्रज्वलित कर की। इस पावन अवसर पर अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा सहित प्रौद्योगिकी, प्रशासन और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा, जाने-माने शेफ विकास खन्ना, उद्यमी विशाल गोंडल, आईबीएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरविंद कृष्णा, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के संजय मेहरोत्रा, संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल और अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के निदेशक जय भट्टाचार्य भी शुक्रवार को आयोजित समारोह में मौजूद थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने दीप जलाकर समारोह की शुरुआत की। इस दौरान विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सामाजिक सुरक्षा प्रशासन के उप आयुक्त अर्जुन मोदी समेत कुछ चुनिंदा लोग मौजूद थे। समारोह में धल्ला ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष एवं सीईओ रूबी धल्ला, नैक सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ राजीव शर्मा, केशवम डीसी के अध्यक्ष विश्वजीत मल्लमपति और राष्ट्रपति के अतिथि हेतलकुमार पटेल भी शामिल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में आयोजनों के प्रबंधन और संचालन से जुड़े अशर अरविंद चड्ढा भी इस समारोह में मौजूद थे। जीओक्यूआईआई टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एवं सीईओ विशाल गोंडल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ओवल ऑफिस में साझा रोशनी का एक यादगार पल। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दिवाली मनाना मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्हें हनुमान चालीसा की एक प्रति भेंट कर मुझे गर्व महसूस हुआ। यह तुलसीदास द्वारा रचित भगवान हनुमान की स्तुति है, जिसका पाठ हमारे समुदाय के लाखों लोग साहस, भक्ति और शक्ति प्राप्त करने के लिए करते हैं। समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए गोंडल ने कहा कि जब दीप जलाए जा रहे थे, तब उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मित्रता तथा अंधकार पर प्रकाश की जीत के लिए प्रार्थना की। राष्ट्रपति द्वारा दिवाली मनाए जाने की परंपरा की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 2003 में की थी। शुरुआत में ये समारोह ज्यादातर ‘आइजनहावर एक्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग’ में आयोजित किए जाते थे, जिनमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्य और भारतीय राजनयिक शामिल होते थे। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा 2009 में ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में दीप जलाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने ‘ईस्ट रूम’ में आयोजित एक समारोह के दौरान दीप प्रज्वलित किया था। इसके बाद से ‘व्हाइट हाउस’ के अलग-अलग हिस्सों में दीप प्रज्वलन समारोह आयोजित किए जाते रहे हैं। इनमें ‘ओवल ऑफिस’ और ‘रूजवेल्ट रूम’ भी शामिल हैं। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 9:26 am

पेरिस से भी बड़ा होगा अमेरिकी एयर शो : ट्रंप

वाशिंगटन, 7 नवंबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित पूर्व स्पेस शटल लैंडिंग सुविधा केंद्र पर एक विशाल एयरोस्पेस प्रदर्शनी स्थल बनाने की योजना पेश की…

डेली किरण 7 Nov 2026 8:43 am

ईरान के परमाणु ठिकाने की जानकारी दो, इनाम में 2 करोड़ डॉलर ले जाओ; अमेरिका ने खोल दिया खजाना, समझौते पर ट्रंप

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने बड़ा दांव चला है. परमाणु ठिकानों, उपकरणों और वैज्ञानिकों की जानकारी देने वालों को 20 मिलियन डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की गई है. क्या यह कदम अमेरिका-ईरान तनाव के नए चैप्टर की शुरुआत है?

NDTV इंडिया 7 Nov 2026 8:37 am

ट्रंप ने मिलर को बनाया व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ, सूसी की लेंगे जगह

मिलर दोनों ट्रंप प्रशासनों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। आव्रजन और घरेलू नीतियों पर उनके प्रभाव ने उन्हें अमेरिकी राजनीति में एक प्रमुख और विवादास्पद चेहरा बना दिया है।

खास खबर 7 Nov 2026 8:26 am

ईरान पर अमेरिका का फिर हमला: एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह, कतर ने परमाणु वार्ता के लिए रखा नया प्रस्ताव

ईरान पर अमेरिका का फिर हमला: एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह, कतर ने परमाणु वार्ता के लिए रखा नया प्रस्ताव---US Carries Out Fresh Strikes on Iran as Qatar Pushes New Nuclear Deal Proposals

अमर उजाला 7 Nov 2026 8:06 am

ट्रंप की पार्टी की हार से भारत-अमेरिका रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार जीत हासिल की है। पार्टी ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन सरकार के कामकाज पर उनके कार्यकाल के बाकी समय ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 8:04 am

ईरान से बातचीत कर रहा है अमेरिका, प्रतिबंधों के जरिए वित्तीय नेटवर्क पर भी शिकंजा

वाशिंगटन, 7 नवंबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान के साथ अमेरिका बातचीत कर रहा है और ये पहले से जारी…

डेली किरण 7 Nov 2026 7:43 am

बिजनेस ट्रिप पर भारत आए अमेरिकी नागरिक की संदिग्ध हालत में मौत, हैदराबाद के होटल रूम में मिला शव

शुरुआती जानकारी के अनुसार, ली होटल की 12वीं मंजिल पर स्थित कमरा संख्या 1218 में ठहरे हुए थे. 4 नवंबर की शाम से उन्होंने फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया था. उनसे बार-बार संपर्क करने की कोशिश नाकाम रहने पर होटल कर्मचारियों को शक हुआ.

NDTV इंडिया 7 Nov 2026 7:14 am

कौन हैं प्रोफेसर अश्विनी सूद, IIT कानपुर से बीटेक के बाद अमेरिका में पढ़े, अब इंटरनेशनल लेवल पर डंका

एचबीटीयू के स्कूल ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. अश्विनी सूद को Marquis Who’s Who की पुस्तक ‘Who’s Who in the World’ में शामिल किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Nov 2026 7:06 am

यूपी: अमेरिकी डॉलर दिखाकर ठगी और लूट, तीन गिरफ्तार, तीन नोट भी मिले; चार नवंबर को दंपती से छिनैती हुई थी

अमेरिकी डॉलर दिखाकर धोखाधड़ी और लूट करने वाले तीन अभियुक्तों को लालपुर पांडेयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 46,005 रुपये नकद, 60 अमेरिकी डॉलर और घटना में प्रयुक्त दो बाइकें बरामद की हैं।

अमर उजाला 7 Nov 2026 6:46 am

जब रूजवेल्ट चौथी बार अमेरिका के प्रेसिडेंट बने, फिर नियम ही बदल गया

आज के दिन ही अमेरिका में कोई शख्स लगातार चौथी बार राष्ट्रपति बना था. इनका नाम था फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट. इनके बाद फिर कोई दोबारा दो टर्म से ज्यादा राष्ट्रपति नहीं बन पाए.

आज तक 7 Nov 2026 6:44 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: रोहित खन्ना की जीत से अमेरिका में कांगड़ा के चर्चे, पूर्वजों का तहसील चौक में है मकान

भारतीय मूल के रोहित(रो) खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव फिर जीत लिया है।

अमर उजाला 7 Nov 2026 5:30 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: एरिजोना में 60 साल बाद बदली सत्ता की तस्वीर, डेमोक्रेट्स का तीनों बड़े पदों पर कब्जा

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: एरिजोना में 60 साल बाद बदली सत्ता की तस्वीर, डेमोक्रेट्स का तीनों बड़े पदों पर कब्जा- US Midterm Elections Political landscape in Arizona shifts after 60 years Democrats secure all major positions

अमर उजाला 7 Nov 2026 4:22 am

अमेरिका: भारतवंशी नित्या को यूं ही नहीं मिली सफलता, कभी सरकारी अफसर ने कहा था- जूते और राजनीति बाहर छोड़कर आना

अमेरिका: भारतवंशी नित्या को यूं ही नहीं मिली सफलता, कभी सरकारी अफसर ने कहा था- जूते और राजनीति बाहर छोड़कर आना- Kerala born Nitya Raman became Mayor of Los Angeles government official once told her Leave your shoes outside

अमर उजाला 7 Nov 2026 2:02 am

बाल यौन शोषण सामग्री विवाद: मेगन के 82 वर्षीय पिता थॉमस मर्कल गिरफ्तार, अमेरिका में लगे आरोप कितने गंभीर?

बाल यौन शोषण सामग्री विवाद: मेगन के 82 वर्षीयपिता थॉमस मर्कल गिरफ्तार, अमेरिका में लगे आरोप कितने गंभीर?

अमर उजाला 7 Nov 2026 1:20 am

एक मंच पर आएंगे रूस-चीन-अमेरिका: ट्रंप-जिनपिंग और पुतिन पर ड्रैगन ने क्या संकेत दिए; कब-कहां मुलाकात की कवायद?

एक मंच पर आएंगे रूस-चीन-अमेरिका: ट्रंप-जिनपिंग और पुतिन पर ड्रैगन ने क्या संकेत दिए; कब-कहां मुलाकात की कवायद?- Xi Jinping Donald Trump and Putin might appear same platform China hint find out when meeting could take place

अमर उजाला 7 Nov 2026 1:14 am

अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल की बेटियों का परचम, सबा हैदर और नित्या रमन ने जीता चुनाव

भारतीय मूल की सबा हैदर ने इलिनाय राज्य की प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता, जबकि नित्या रमन लास एंजेलिस की मेयर बनीं।

जागरण 6 Nov 2026 11:45 pm

अमेरिका की उड़ानों के लिए एअर इंडिया ने बदला रूट: समय में 4 घंटे की कटौती, फ्यूल भी बचेगा

एअर इंडिया ने अमेरिका के न्यूयॉर्क और नेवार्क के लिए अपनी सीधी उड़ानों हेतु इराक के हवाई क्षेत्र का उपयोग शुरू किया है।

जागरण 6 Nov 2026 11:34 pm

Strait of Hormuz फिर से खोल देंगे, माननी होंगी हमारी 7 शर्तें, ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है कि फिर से हमला हुआ तो अंजाम बुरा होगा। ईरान ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का एकमात्र तरीका यह है कि अमेरिका ईरान की सात शर्तों को मान ले।

खबर इंडिया टीवी 6 Nov 2026 11:22 pm

दिल्ली प्रदूषण के बीच कैसे साफ हवा में रहती है ये अमेरिकी महिला, वीडियो बनाकर दिखाया ये सीक्रेट

दिल्ली प्रदूषण के बीच कैसे साफ हवा में रहती है ये अमेरिकी महिला, वीडियो बनाकर दिखाया ये सीक्रेट

समाचार नामा 6 Nov 2026 11:00 pm

ईरान का दावा: केशम द्वीप के ऊपर 16वां अमेरिकी एमक्‍यू-1 ड्रोन मार गिराया

ईरान का दावा: केशम द्वीप के ऊपर 16वां अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन मार गिराया

समाचार नामा 6 Nov 2026 10:57 pm

अमेरिका में मंदिरों पर चुप्पी, भारत को गुरुद्वारों पर नसीहत; USCIRF की टिप्पणी पर उठे सवाल

दुनिया भर में धार्मिक आजादी की निगरानी करने वाली अमेरिकी एजेंसी USCIRF ने भारत में गुरुद्वारों पर हमले और धार्मिक नेताओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

जागरण 6 Nov 2026 10:43 pm

ईरानी सेना ने होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने रखी 7 शर्तें

ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा घोषित सात शर्तों का जिक्र करते हुए, सेना के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलने का यही एकमात्र रास्ता है.

NDTV इंडिया 6 Nov 2026 9:22 pm

अमेरिका और ईरान में जल्द हो सकती है सुलह, कतर की मध्यस्थता में चल रही बातचीत

मध्यपूर्व से जल्द अच्छी खबर आ सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। कतर की मध्यस्थता में सुलह की बातचीत चल रही है। ईरान अब अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े उन मुद्दों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार होता दिख रहा है, जिन पर पहले बातचीत की गुंजाइश नहीं थी। मामले की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के मुताबिक, ईरान कतर की ओर से पेश किए गए अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।ईरान के रुख में बदलाव से सुलह की उम्मीद बढ़ीइस मुद्दे पर ईरान की ओर से किसी तरह की रियायत शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो सकती है। जून में अंतरिम शांति समझौता टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच सुलह हो जाती है तो यह पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर होगी।डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर के बीच हुई बातचीतअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कतर के नेता से फोन पर बातचीत की। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के ऑफिस के मुताबिक, दोनों नेताओं ने युद्धरत पक्षों के बीच मतभेद दूर करने और संघर्ष खत्म करने के लिए व्यापक समझौता कराने की कतर की कोशिशों पर चर्चा की। शुक्रवार को हुई इस बातचीत को युद्ध खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कतर इस पूरे मामले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।फरवरी के अंत में शुरू हुई थी यूएस और ईरान की लड़ाईअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फरवरी के अंत में ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ा। ऊर्जा कीमतों में तेजी आई और दुनिया भर में महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं। युद्ध खत्म करने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना भी शामिल है।सुलह के लिए कतर के प्रस्तावों पर विचार कर रहा ईरानडोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से कहते रहे हैं कि इस युद्ध का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। दूसरी ओर, ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की परमाणु गतिविधियों की वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।यह भी पढ़ें: Delhi Metro: दिवाली पर बदल गई दिल्ली मेट्रो की टाइमिंग, जानें कब मिलेगी पहली और आखिरी ट्रेनईरान के रुख में बदलाव से शांति समझौते के लिए रास्ता खुल सकता हैमाना जा रहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ज्यादा पारदर्शिता बरतने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी से जुड़े प्रस्तावों पर सहमत होता है, तो शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल ईरान की ओर से कतर के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

ज़ी न्यूज़ 6 Nov 2026 7:27 pm

अमेरिका दौरे पर जाएंगे राहुल गांधी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्रों से करेंगे संवाद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी 16 से 19 नवंबर तक अमेरिका दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह 17 नवंबर को कोलंबिया यूनिवर्सिटी और 18 नवंबर को यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में छात्रों से बातचीत कर सकते हैं. उनके पिछले विदेश दौरों और अमेरिका में दिए बयानों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच विवाद होता रहा है.

आज तक 6 Nov 2026 7:12 pm

मिडटर्म चुनाव में ट्रंप हुए फुस्स, अब पटरी पर आएंगे भारत-अमेरिका के रिश्ते? शशि थरूर क्या बोले

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मिडटर्म चुनाव में हार के बाद अमेरिका और भारत के संबंधों पर टिप्पणी की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप की पार्टी की हार के बाद भी यह सोचना गलत है कि दोनों देशों के संबंध सुधरेंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Nov 2026 6:38 pm

भरतपुर की डॉ. रंगोली श्रीवास्तव का अमेरिका में चयन, बाल कैंसर अनुसंधान पर रखेंगी प्रस्तुति

भरतपुर की डॉ. रंगोली श्रीवास्तव का अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय नेचर कॉन्फ्रेंस के लिए चयन हुआ है। 10 से 12 नवंबर 2026 तक मेम्फिस में आयोजित सम्मेलन में वह बच्चों के कैंसर पर अनुसंधान और नवाचार से जुड़ी प्रस्तुति देंगी।

प्रातःकाल 6 Nov 2026 6:33 pm

ईरान ने अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव, बातचीत से पहले रखीं 7 शर्तें

तेहरान/वॉशिंगटन , 06 नवंबर 2026 | अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक हल निकालने की एक और कोशिश सामने आई है। ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को परमाणु मुद्दे पर नया प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रस्ताव पर बातचीत तभी आगे बढ़ेगी, […] The post ईरान ने अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव, बातचीत से पहले रखीं 7 शर्तें appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 6 Nov 2026 6:20 pm

अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प की पार्टी की हार के बाद मस्क को बड़ा झटका, वीडियो में जाने 4400 करोड़ लगाए फिर भी नहीं बचा पाए रिपब्लिकन की साख

अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प की पार्टी की हार के बाद मस्क को बड़ा झटका, वीडियो में जाने 4400 करोड़ लगाए फिर भी नहीं बचा पाए रिपब्लिकन की साख

समाचार नामा 6 Nov 2026 5:59 pm

CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप, वीडियो में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- अभिजीत को अमेरिका और आशुतोष को पाकिस्तान से मिल रहे पैसे; क्राइम ब्रांच ने 4 घंटे की पूछताछ

CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप, वीडियो में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले- अभिजीत को अमेरिका और आशुतोष को पाकिस्तान से मिल रहे पैसे; क्राइम ब्रांच ने 4 घंटे की पूछताछ

समाचार नामा 6 Nov 2026 5:58 pm

ईरान पर फिर बरसेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप की चेतावनी- हमले के लिए पूरी तरह तैयार, कतर के जरिए आया नया प्रस्ताव

Iran-US Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका को लगता है कि आगे सैन्य कार्रवाई की जरूरत है तो उसकी सेनाएं हमले फिर से शुरू करने के ...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 5:16 pm

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव सर्वे: हर उम्र और वर्ग में डेमोक्रेट्स का बढ़ा जनाधार, रिपब्लिकन पार्टी को लगभग सभी समूहों में नुकसान

इस विस्तृत अध्ययन से साफ होता है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में लगभग हर उम्र, नस्ल और सामाजिक वर्ग के मतदाताओं का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर रहा है।

देशबन्धु 6 Nov 2026 4:12 pm

अमेरिकी चुनावी हार के बाद ट्रंप प्रशासन में फेरबदल की अटकलें, रक्षा मंत्री हेगसेथ पर चल सकता है महाभियोग

हेगसेथ को लेकर आलोचकों का आरोप है कि उन्होंने ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए प्रेरित किया, लेकिन युद्ध से बाहर निकलने की स्पष्ट योजना नहीं बनाई। केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने उनसे इस्तीफे की मांग की है।

देशबन्धु 6 Nov 2026 3:38 pm

US-Iran Tension: ईरान पर फिर हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप की सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक, युद्ध बढ़ने पर इकोनॉमी को हो सकता है बड़ा नुकसान

US-Iran Tension: ईरान पर फिर हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप की सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक, युद्ध बढ़ने पर इकोनॉमी को हो सकता है बड़ा नुकसान

समाचार नामा 6 Nov 2026 3:20 pm

अमेरिका में तेलंगाना की छात्रा लापता, 2 नवंबर से नहीं मिला कोई सुराग

अमेरिका के बोस्टन में तेलंगाना की 23 वर्षीय छात्रा कोया श्रीजा रेड्डी 2 नवंबर की रात से लापता है. उस रात वो घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटी. अब बोस्टन पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 6 Nov 2026 2:19 pm

अमेरिका के राष्ट्रपति भवन में गूंजेगी दिवाली की खास गूंज

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने जा रहे हैं. शुक्रवार को ओवल ऑफिस में आयोजित समारोह में वह पारंपरिक तरीके से दीप जलाएंगे. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में दिवाली मनाने की पुरानी परंपरा आगे बढ़ेगी. इसकी शुरुआत जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में हुई थी. बराक ओबामा 2009 में व्हाइट हाउस में दीया जलाने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे.

आज तक 6 Nov 2026 1:42 pm

अमेरिका: कोलाराडो में अधाधुंध फायरिंग में अधिकारी की मौत और तीन घायल

अमेरिका के लेकवुड में गुरुवार शाम एक संदिग्ध हमलावर और पुलिस के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई, जबकि तीन अन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में संदिग्ध हमलावर भी मारा गया। पुलिस प्रवक्ता जॉन रोमेरो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में …

इंडियन लेटर 6 Nov 2026 1:36 pm

अमेरिका को ईरान का अल्टीमेटम: 'ये 7 शर्तें पूरी हों तभी होगी बात', होर्मुज स्ट्रेट खोलने से भी साफ इनकार

अमेरिका को ईरान का अल्टीमेटम: 'ये 7 शर्तें पूरी हों तभी होगी बात', होर्मुज स्ट्रेट खोलने से भी साफ इनकार

समाचार नामा 6 Nov 2026 1:35 pm

नित्या रमन लॉस एंजेलस की मेयर चुनी जाने वालीं पहली भारतीय-अमेरिकी बनीं

भारतीय मूल की नित्या रमन ने लॉस एंजेलस मेयर चुनाव में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। केरल में जन्मीं रमन इस अमेरिकी शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनने जा रही हैं।

वेब दुनिया 6 Nov 2026 1:26 pm

अमेरिका में पत्नी की हत्या का खौफनाक कबूलनामा, आरी से काटकर शव के टुकड़े कचरे में फेंके

वर्जीनिया: अमेरिका में भारतीय मूल के एक शख्स ने अपनी पत्नी की मौत के बाद उसके शव को आरी और चाकू से काटकर कचरे में फेंकने की बात अदालत में स्वीकार की है। हालांकि, आरोपी ने पत्नी की हत्या करने से इनकार किया है। उसका दावा है कि पत्नी ने आत्महत्या की थी और वह […] The post अमेरिका में पत्नी की हत्या का खौफनाक कबूलनामा, आरी से काटकर शव के टुकड़े कचरे में फेंके first appeared on Sanjeevni Today .

संजीवनी टुडे 6 Nov 2026 1:21 pm

अमेरिका में गिरावट की आंधी ने एशियाई बाजारों को भी चपेट में लिया, भारत को छोड़ पूरे एशिया में कोहराम, Kospi 8% फिसला

अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट की आंधी ने शुक्रवार 6 नवंबर को एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया। भारत को छोड़ बाकी सभी एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स KOSPI शुरुआती कारोबार में करीब 9 फीसदी तक टूट गया। गिरावट इतनी तेज थी कि कोरिया एक्सचेंज को 20 मिनट के लिए कारोबार रोकना पड़ा। वहीं, जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है।दक्षिण कोरिया, जापान सहित सभी बाजारों के सूचकांक फिसलेKOSPI शुरुआती कारोबार में 8.8 फीसदी तक गिरकर 5,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। यह करीब नौ महीने का निचला स्तर है। इसके बाद इंडेक्स में कुछ रिकवरी आई। भारतीय समय के मुताबिक, 12:15 बजे यह 6.19 फीसदी गिरकर 5,050 पर चल रहा था। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 5.27 फीसदी गिरकर 57,858.61 पर आ गया। हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स 0.77 फीसदी गिरकर 24,607.21 पर आ गया, जबकि MSCI Asia Pacific Index करीब 3 फीसदी नीचे था।दक्षिण कोरिया में Samsung और SK Hynix के शेयरों में भारी बिकवालीएशियाई बाजारों में गिरावट की सबसे ज्यादा मार सेमीकंडक्टर कंपनियों पर पड़ी। दक्षिण कोरिया की चिप बनाने वाली कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। शुरुआती कारोबार में Samsung Electronics के शेयर करीब 10 फीसदी और SK Hynix के शेयर 13 फीसदी तक टूट गए। बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि दोनों शेयरों पर कारोबार की शुरुआत में अस्थायी ट्रेडिंग प्रतिबंध लगाना पड़ा।जापान की Kioxia का शेयर 14 फीसदी तक फिसलाजापान की सेमीकंडक्टर कंपनी Kioxia के शेयर 14 फीसदी तक गिर गए। वहीं, ताइवान की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) के शेयरों में 8.5 फीसदी की गिरावट आई। AI कंपनियों में बड़े निवेश के लिए पहचानी जाने वाली जापान की SoftBank Group के शेयर भी 11 फीसदी लुढ़क गए। बाजार में बिकवाली का असर सिर्फ टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण कोरिया की ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। Hyundai Motor के शेयर 6.9 फीसदी और Kia के शेयर 4 फीसदी टूट गए। बैटरी निर्माता LG Energy Solution के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट आई।अमेरिकी चुनाव नतीजों से बढ़ी AI सेक्टर को लेकर चिंताएशियाई बाजारों में इस गिरावट के पीछे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद निवेशकों को आशंका है कि अमेरिका में AI कंपनियों पर नियामकीय निगरानी बढ़ सकती है। इसके अलावा डेटा सेंटर के निर्माण और विस्तार पर भी सख्ती की आशंका है। निवेशकों को डर है कि अगर AI कंपनियों पर नियम सख्त होते हैं और डेटा सेंटर में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो सेमीकंडक्टर चिप और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर दुनिया भर में हो रहे भारी-भरकम निवेश से भविष्य में पर्याप्त कमाई होगी या नहीं, इसे लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है।यह भी पढ़ें: अमेरिकी शेयर बाजारों में हाहाकार, नैस्डेक क्रैश, Nvidia 10 फीसदी फिसला, जानिए क्या है पूरा मामलादक्षिण कोरिया के बाजारों में चिप बनाने वाले शेयरों से आई थी तेजीदक्षिण कोरिया का बाजार इस बदलाव से ज्यादा प्रभावित हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ समय में KOSPI की तेजी में सेमीकंडक्टर कंपनियों की बड़ी भूमिका रही है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और AI से जुड़ी मांग के कारण Samsung Electronics और SK Hynix जैसे शेयरों में जोरदार तेजी आई थी। जून में अपने शिखर तक पहुंचने से पहले KOSPI ने साल भर में करीब तीन गुना की बढ़त दर्ज की थी। अब AI निवेश को लेकर बढ़ती आशंकाओं के कारण बाजार में तेज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

मनी कण्ट्रोल 6 Nov 2026 12:23 pm

अमेरिका में एक खतरनाक बीमारी का तेजी से फैलना

अमेरिका में H5N1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका के पोल्ट्री फार्मों में H5N1 बर्ड फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में 13.2 लाख (1.32 मिलियन) पक्षी इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। सबसे बड़ा प्रकोप इलिनोइस के क्लिंटन काउंटी में […] The post अमेरिका में एक खतरनाक बीमारी का तेजी से फैलना…. appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 6 Nov 2026 12:09 pm

अमेरिकी चुनाव नतीजों पर चिदंबरम का तंज: कहा- नफरत पर भारी पड़ा उदारवाद, सहिष्णुता की हुई जीत; दुनिया ले सबक

अमेरिकी चुनाव नतीजों पर चिदंबरम का तंज: कहा- नफरत पर भारी पड़ा उदारवाद, सहिष्णुता की हुई जीत; दुनिया ले सबक---US Midterm Elections: P Chidambaram Says Liberalism and Tolerance Triumphed

अमर उजाला 6 Nov 2026 11:57 am

बुलंदशहर की सबा हैदर ने अमेरिकी चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत,

नोएडा , 06 नवंबर 2026 | उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से ताल्लुक रखने वाली सबा हैदर ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने इलिनॉयस राज्य के 84वें डिस्ट्रिक्ट से स्टेट रिप्रेजेंटेटिव का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार सबा ने रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी […] The post बुलंदशहर की सबा हैदर ने अमेरिकी चुनाव में दर्ज की ऐतिहासिक जीत, appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 6 Nov 2026 11:49 am

अमेरिकी शेयर बाजारों में हाहाकार, नैस्डेक क्रैश, Nvidia 10 फीसदी फिसला, जानिए क्या है पूरा मामला

अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को हाहाकार मच गया। बाजार के सभी प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट आई। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इनवेस्टर्स ने ओल्ड इकोनॉमी, डेटा सेंटर्स से लेकर एआई से जुड़ी कंपनियों में भारी बिकवाली की। अप्रैल 2025 के बाद यह एक दिन में अमेरिकी बाजार में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। इसका असर 6 नवंबर को एशियाई बाजारों पर भी दिखा।इस वजह से डरकर इनवेस्टर्स ने की बिकवालीअनुमान है कि अगले साल जनवरी से अमेरिकी कांग्रेंस के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिवि और सीनेट में डेमोक्रेट्स का दबदबा होगा। इसका असर एआई और डेटा सेटर्स में निवेश पर पड़ेगा। अमेरिकी बाजारों में पिछले एक-दो साल में आई जबर्दस्त तेजी में इन कंपनियों के शेयरों का बड़ा हाथ है। 5 नवंबर यानी गुरुवार को चिप बनाने वाली कंपनियों, एआई कंपनियों सहित छोटे-बड़े ज्यादातर शेयरों में बिकवाली दिखी। लेकिन, एआई और चिप शेयरों पर ज्यादा दबाव दिखा।बाजार के सभी प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावटDow Jones Industrial Average 1,800 अंकों से ज्यादा टूट गया। इस गिरावट से इंडेक्स ने एक दिन पहले की करीब 1,500 अंकों की पूरी बढ़त गंवा दी। Dow Jones के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इंडेक्स अब अपने रिकॉर्ड हाई से 6 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर Nasdaq Composite पर भी दिखा।Intel का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा फिसलाकई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। इंटेल का शेयर 10.49 फीसदी क्रैश कर गया। एनवीडिया का शेयर 9.23 फीसदी लुढ़का। सिस्को सिस्टम्स का शेयर 7.62 फिसला। गोल्डमैन सैक्स में 6.42 फीसदी, अल्फाबेट में 4.21 फीसदी, जेपी मॉर्गन चेज में 4.17 फीसदी और माइक्रोसॉफ्ट में 3.57 फीसदी की गिरावट आई।नैस्डेक अब टेक्निकल करेक्शन में आयानैस्डेक कंपोजिट गुरुवार को 5.5 फीसदी टूट गया। इसके साथ ही Nasdaq ने टेक्निकल करेक्शन में प्रवेश कर लिया है। टेक्निकल करेक्शन का मतलब है कि किसी इंडेक्स में उसके हालिया उच्च स्तर से 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आना। इससे सेंटीमेंट निगेटिव हो जाता है। S&P 500 इंडेक्स में भी 4.4 फीसदी की गिरावट आई। यह इंडेक्स भी अपने शिखर से 6 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है। S&P 500 के सभी 11 सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए।Nasdaq 100 में 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावटटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के कारण Nasdaq 100 इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा गिर गया। मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद यह इस इंडेक्स में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। गुरुवार की बिकवाली में Nasdaq 100 की मार्केट कैप से करीब 2.3 लाख करोड़ डॉलर साफ हो गए। यह इंडेक्स के इतिहास में एक दिन में मार्केट वैल्यू में आई सबसे बड़ी गिरावट है।Nasdaq 100 अपने पीक से 16 फीसदी नीचेNasdaq 100 अब अपने शिखर से करीब 16 फीसदी नीचे है और बेयर मार्केट के करीब पहुंच रहा है। आमतौर पर किसी इंडेक्स में उसके उच्च स्तर से 20 फीसदी की गिरावट को बेयर मार्केट माना जाता है। बाजार में गिरावट का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। स्मॉलकैप शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला Russell 2000 इंडेक्स भी गुरुवार को 4.5 फीसदी से ज्यादा टूट गया। इस गिरावट के साथ यह भी टेक्निकल करेक्शन के दायरे में आ गया।यह भी पढ़ें: Share Market Rally: धनतेरस पर Sensex में झमाझम 1000 अंकों की रिकवरी, 4 वजहों से लौटी रौनक लेकिन डर का कांटा 16 के पारसेमीकंडक्टर शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवालीसेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली और भी ज्यादा गहरी रही। Philadelphia Semiconductor Index (SOX) गुरुवार को 12 फीसदी गिर गया। मार्च 2020 के बाद इस इंडेक्स की यह सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है। यह इंडेक्स 22 जून 2026 को बने अपने शिखर से अब करीब 38 फीसदी नीचे आ चुका है। इस तरह यह बेयर मार्केट में काफी अंदर चला गया है।

ज़ी न्यूज़ 6 Nov 2026 11:34 am

US Midterm Election: चुनाव में हार के बाद ट्रंप का फूटा गुस्सा, बोले- बेईमान हैं अमेरिकी चुनाव; शेयर बाजार गिरने के लिए डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदार

US Midterm Election: चुनाव में हार के बाद ट्रंप का फूटा गुस्सा, बोले- बेईमान हैं अमेरिकी चुनाव; शेयर बाजार गिरने के लिए डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदार

समाचार नामा 6 Nov 2026 11:30 am

गुरुग्राम में अमेरिकन एक्सप्रेस के सीनियर कर्मचारी से आईफोन छीना:दोस्तों का इंतजार कर रहा था; विरोध पर धारदार चीज से चेहरे पर वार

गुरुग्राम में बेखौफ बदमाशों ने सेक्टर-29 अमेरिकन एक्सप्रेस कंपनी के सीनियर कस्टमर केयर प्रोफेशनल वैभव वर्मा से उनका एप्पल आईफोन 17 मोबाइल छीन लिया। वह जगुवार वाइन्स के पास अपने दोस्तों का इंतजार करते वक्त मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने उसके मोबाइल पर झपट्‌टा मारा और चोट पहुंचाते हुए फरार हो गए। आरोपियों ने हेलमेट पहन रखा था। मोबाइल में वैभव का प्रोफेशनल और पर्सनल डेटा है, जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से जागुआर वाइंस, हुडा जिमखाना क्लब और आस-पास की दुकानों और आसपास की सड़कों के सीसीटीवी फुटेज चेक करने की अपील की है। जिमखाना क्लब के पास दोस्तों का इंतजार कर रहे थे पुलिस को दी शिकायत में सिविल लाइन निवासी वैभव वर्मा ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई रोहित सोनी से मिलने के लिए अपने पिता आनंद कुमार, भाई वेदांत वर्मा और अपनी माता सुमन देवी के साथ अपनी कार से इरेओ द ग्रैंड आर्क, सेक्टर-58 गए थे। लौटते समय पिता ने उन्हें रात करीब 10:25 बजे हुडा जिमखाना क्लब के पास, जागुआर वाइंस के सामने सेक्टर-29 में छोड़ दिया। इसके बाद वहां वे अपने दोस्त तनिष्क नारंग और हर्षित का इंतजार कर रहा था। हेलमेट पहनकर बाइक पर आए बदमाश रात लगभग 10:32 बजे, जब वह अपने मोबाइल से अपने दोस्त तनिष्क नारंग से बात कर रहा था, तभी बाइक पर सवार दो अज्ञात व्यक्ति उसकी तरफ आए। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था और उनके चेहरे दिखाई नहीं दे रहे थे। उनमें से एक ने अचानक उसका एप्पल आईफोन 17 मोबाइल छीन लिया। स्नेचिंग के दौरान चोट पहुंचाई स्नेचिंग के दौरान आरोपियों में से एक ने किसी नुकीली और धारदार वस्तु का इस्तेमाल किया जिससे मेरे चेहरे पर चोट आई, जिसका निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके बाद दोनों आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से वे बाइक का नंबर नोट नहीं कर सके। राहगीर की बाइक से पीछा किया उसने आरोपियों का पीछा करने की कोशिश की और पास के एक राहगीर की बाइक पर लिफ्ट लेकर मदद ली। हालांकि हम उन्हें पकड़ नहीं सके। फिर राहगीर के मोबाइल से अपने पिता से संपर्क किया और उन्हें घटना की जानकारी दी। जिस पर परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद भाई वेदांत वर्मा ने अपने मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम नंबर112 पर कॉल किया और पुलिस को घटना की सूचना दी। मोबाइल में कंपनी और पर्सनल डेटा जिस पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी शिकायत सुनकर चोट की तस्वीरें लीं। उन्होंने बताया कि जियो कस्टमर केयर से संपर्क किया है और अपने सिम को ब्लॉक करवाया। उन्होंने कहा कि चोरी हुए मोबाइल में महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी है, जिसमें मेरे व्यक्तिगत खातों और बैंकिंग से संबंधित जानकारी तक पहुंच शामिल है। इस बात की गंभीर आशंका है कि आरोपी व्यक्ति ऐसी जानकारी का दुरुपयोग कर सकते हैं या उस तक पहुंच सकते हैं, जिससे वित्तीय नुकसान और मेरी निजता को नुकसान हो सकता है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की वैभव की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आसपास सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 11:24 am

US Stock Market Crash: अमेरिकी बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक दिन में डूबे 236 लाख करोड़ रुपये; एशियाई बाजार भी धड़ाम

US Stock Market Crash: अमेरिकी बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, एक दिन में डूबे 236 लाख करोड़ रुपये; एशियाई बाजार भी धड़ाम

समाचार नामा 6 Nov 2026 11:20 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में हार के बाद ट्रंप के लिए ईरान पर कड़े कदम उठाना पड़ी बड़ी चुनौती, कूटनीतिक रास्ते और ऊर्जा संकट के बीच घिरा प्रशासन

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक समीकरणों के पटल पर इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर एक बेहद बड़ी और गंभीर रिपोर्ट सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सामने हाल ही में संपन्न हुए मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) में पार्टी को मिली करारी हार के बाद एक बहुत बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है। पिछले आठ महीनों से ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष और उसके घरेलू राजनीतिक तथा आर्थिक दुष्परिणामों के चलते अब अमेरिकी प्रशासन के लिए ईरान के खिलाफ कोई भी नया या बड़ा कदम उठाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। चुनाव परिणामों में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत और संसद में बदले समीकरणों के बाद कूटनीतिक रास्ते भी काफी हद तक सीमित नजर आ रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस चुनाव परिणाम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने किस तरह की कूटनीतिक और आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।चुनाव में हार के बाद ट्रंप ने स्वीकार किया, पेट्रोल-डीजल की महंगाई और युद्ध बना पार्टी की हार की मुख्य वजहहाल ही में हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को जिन गंभीर राजनीतिक परिणामों का सामना करना पड़ा है, उसके पीछे ईरान के साथ चल रहा लंबा युद्ध और देश में आसमान छूती महंगाई को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि इस सैन्य संघर्ष के कारण अमेरिका में पेट्रोल और ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया, जिससे आम मतदाता काफी आहत और नाराज थे।हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कदम उठाना बेहद आवश्यक था। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे देश हित में ऐसे कड़े फैसले दोबारा लेने से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन दूसरी तरफ, एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मतदाता सर्वेक्षण के आंकड़े यह बताते हैं कि करीब 60 प्रतिशत अमेरिकी मतदाताओं ने ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई को गलत फैसला करार दिया है और लगभग इतनी ही बड़ी संख्या में लोगों ने देश में बढ़ रही ईंधन की कीमतों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।ईरान पर बड़े सैन्य हमलों के विकल्प और गहराता वैश्विक ऊर्जा संकटविशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के सामने इस समय बहुत सीमित और जोखिम भरे विकल्प ही बचे हैं। पेंटागन और व्हाइट हाउस के सामने मौजूदा सैन्य कार्रवाई को और अधिक तीव्र करने, ईरान के तेल निर्यात पर पूरी तरह नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) जारी रखने, उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों पर लक्षित हमले करने या फिर ईरानी बुनियादी ढांचे को तहस-नहस करने के विकल्प मौजूद हैं।परंतु इन तमाम आक्रामक विकल्पों के साथ सबसे बड़ा खतरा यह जुड़ा हुआ है कि यदि ईरान पर और अधिक बड़े सैन्य हमले किए जाते हैं, तो इससे पूरी दुनिया में एक विकराल वैश्विक ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) गहरा सकता है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से दुनिया भर के बाजारों में अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है, जिसका सीधा असर अमेरिका के घरेलू बाजार और आम जनता की जेब पर पड़ेगा। यही वजह है कि राजनीतिक दबाव के चलते ट्रंप प्रशासन के लिए अब कोई भी नया सैन्य कदम उठाना तलवार की धार पर चलने जैसा हो गया है।ईरानी कमांडर इस्माइल गानी की अमेरिका को खुली चेतावनी, जलडमरूमध्य पर मंडराया खतराएक तरफ जहां अमेरिका घरेलू और राजनीतिक मोर्चे पर दबाव का सामना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान की तरफ से भी आक्रामक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल गानी (Esmail Gani) ने अमेरिका को बेहद कड़ी चेतावनी दी है।ईरानी कमांडर ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि वाशिंगटन प्रशासन ने इस युद्ध में किसी भी प्रकार का 'जुआ खेलने जैसी हरकतें' या दुस्साहस जारी रखा, तो अमेरिका को इसके बहुत गंभीर और विनाशकारी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों—होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb) का हवाला देते हुए अमेरिका को आगाह किया है कि इन दोनों रणनीतिक समुद्री रास्तों पर अमेरिकी जहाजों और वैश्विक व्यापार के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी की जा सकती हैं।इन तमाम जटिल परिस्थितियों के बीच, घरेलू चुनावों में हार, जनता का बढ़ता आक्रोश, कूटनीतिक रास्तों के बंद होने के संकेत और ईरान की तरफ से मिल रही सैन्य धमकियों ने मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राह को बेहद कठिन बना दिया है। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि व्हाइट हाउस इस भू-राजनीतिक दलदल से बाहर निकलने के लिए कौन सा नया कूटनीतिक या रणनीतिक रास्ता अख्तियार करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:16 am

'जरूरत पड़ी तो ईरान के बाकी हिस्सों को भी तबाह कर दूंगा...': अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजा धमकी से दुनिया भर में मची सनसनी

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, वैश्विक सुरक्षा और मध्य पूर्व के सुलगते हालात से इस वक्त एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से चले आ रहे तनावपूर्ण संघर्ष में एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए एक नई और कड़ी चेतावनी जारी की है। वाशिंगटन में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि कूटनीतिक मोर्चे पर बात नहीं बनी और जरूरत पड़ी, तो वे ईरान के बाकी बचे हिस्सों को भी पूरी तरह से तबाह और बर्बाद कर देंगे। उनके इस ताजा बयान के सामने आते ही वैश्विक राजनीति के गलियारों में खलबली मच गई है और दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के बीच इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका एक बार फिर ईरान पर किसी बड़े और विनाशकारी सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ट्रंप के इस बयान के पीछे के राजनीतिक मायने और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां क्या हैं।मध्यावधि चुनावों में हार के बाद भी ट्रंप के रुख में कोई नरमी नहीं, ईरान पर बड़े हमले के संकेतअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह ताजा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में संपन्न हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) में उनकी पार्टी को कुछ सीटों पर असफलता का सामना करना पड़ा है। चुनाव परिणामों में मिली हार के बाद विश्लेषकों का मानना था कि शायद ट्रंप प्रशासन अपनी विदेश नीति और मध्य पूर्व के युद्ध को लेकर कुछ नरमी बरतेगा, लेकिन ट्रंप ने अपने इन बयानों से यह साफ कर दिया है कि वे अपने आक्रामक रणनीतिक रुख से पीछे हटने वाले बिल्कुल नहीं हैं।व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन इस इस्लामिक देश के खिलाफ और अधिक कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और यदि तेहरान ने अमेरिकी शर्तों के अनुसार खुद को नहीं बदला, तो अमेरिकी सैन्य मशीनरी एक बार फिर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर सकती है। ट्रंप के इस तेवर ने यह साबित कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहा यह आठ महीने पुराना सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है।तेहरान बिना अमेरिकी मंजूरी के नहीं बढ़ा सकता अपना परमाणु कार्यक्रमअपने इस आक्रामक संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) का भी कड़ाई से जिक्र किया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि तेहरान किसी भी परिस्थिति में अमेरिका और पश्चिमी देशों की अनुमति या सहमति के बिना अपने परमाणु कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ा सकता है।ट्रंप ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए ईरान के बढ़ते परमाणु मंसूबों पर लगाम कसना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि हालांकि वे किसी भी देश में अनावश्यक तबाही या जनजीवन के नुकसान से बचना पसंद करेंगे, लेकिन यदि मजबूरी हुई और ईरान ने अमेरिका की बात नहीं मानी, तो वे अपने फैसलों को लागू करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाएंगे। ट्रंप के इन शब्दों ने यह संकेत दे दिया है कि परमाणु समझौते या प्रतिबंधों के मुद्दे पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच की खाई पाटी नहीं जा सकी है।ओवल ऑफिस में सफाई: अगर संभव हो तो देश बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन...पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इस सैन्य नीति पर सफाई देने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो सके तो वे नहीं चाहेंगे कि ईरान जैसे देश के बाकी हिस्सों को इस तरह से बर्बाद किया जाए। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी पुरानी आक्रामक शैली में चेतावनी देते हुए कहा कि हालात को देखते हुए हो सकता है कि उन्हें ऐसा करना ही पड़े।ट्रंप ने मीडिया से मुखातिब होते हुए यहां तक कह दिया कि जनता और दुनिया को बहुत जल्द इस बात का पता चल जाएगा कि अमेरिका इस दिशा में क्या और किस तरह की नई कार्रवाई करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह अनिश्चितता और आक्रामकता ईरान के साथ-साथ पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजारों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनती जा रही है।घरेलू मोर्चे पर बढ़ रही है आलोचना, महंगाई और ईंधन की कीमतें बनी ट्रंप के लिए मुसीबतएक तरफ जहां राष्ट्रपति ट्रंप विदेश नीति में अपनी ताकत का लोहा मनवाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू मोर्चे पर उनकी इस ईरान नीति को लेकर तीखी आलोचनाओं का दौर भी शुरू हो गया है। अमेरिका-ईरान के बीच पिछले आठ महीनों से चल रहे इस महंगे और तनावपूर्ण संघर्ष के कारण अमेरिकी मतदाताओं के एक बड़े वर्ग में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में संपन्न हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने का एक बहुत बड़ा कारण देश में बढ़ती महंगाई और ईंधन (Fuel) की आसमान छूती कीमतें हैं। युद्ध और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे आम अमेरिकी नागरिकों की जेब पर भारी असर पड़ा है। जनता के इसी असंतोष के चलते विपक्षी दल राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान नीति को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।इससे पहले भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान वाशिंगटन की शर्तों के अनुसार किसी समझोते या संधि के लिए तैयार नहीं होता है, तो चुनावों के ठीक बाद ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमलों का नया दौर फिर से शुरू किया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि कतर के माध्यम से ईरान द्वारा भेजे गए हालिया शांति प्रस्ताव और अमेरिका की इस आक्रामक धमकी के बीच कूटनीति का कौन सा नया पन्ना खुलता है, और क्या दुनिया एक नए युद्ध की विभीषिका से बच पाएगी या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:14 am

ट्रंप की धमकी के बीच ईरान का बड़ा कदम: अमेरिका को भेजे गए परमाणु प्रस्ताव में रखी गईं सात कड़ी शर्तें, क्या थमेगा युद्ध

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के पटल पर इस समय पश्चिम एशिया से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को पूरी तरह तबाह कर देने की कड़ी चेतावनियों के बीच, अब तेहरान की तरफ से एक नया कूटनीतिक दांव खेला गया है। ईरान ने खाड़ी देश कतर के माध्यम से अमेरिका को एक परमाणु प्रस्ताव भेजा है, जिसमें युद्ध विराम और कूटनीतिक बातचीत शुरू करने के लिए कुल सात शर्तें रखी गई हैं। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद से ही वैश्विक बाजार से लेकर कूटनीतिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है। हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या इन शर्तों के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण तनाव थमेगा या फिर टकराव का दायरा और अधिक बढ़ेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल सच्चाई और कूटनीतिक समीकरण क्या हैं।कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचा ईरान का परमाणु प्रस्ताव, वाशिंगटन कर रहा है समीक्षासमाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के साथ जारी गतिरोध को खत्म करने और कूटनीति के रास्ते तलाशने के लिए एक औपचारिक परमाणु प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव सीधे तौर पर न भेजकर खाड़ी के प्रमुख मध्यस्थ देश कतर के जरिए वाशिंगटन तक पहुंचाया गया है।प्रस्ताव मिलने की पुष्टि करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका इस प्रस्ताव का अध्ययन और समीक्षा कर रहा है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की तरफ से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक और अंतिम प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के कड़े रुख के बीच यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच संवाद का एक नया जरिया बन सकता है।क्या हैं ईरान की वो सात शर्तें? जिन पर टिका है होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्यईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उनकी सात प्रमुख शर्तों को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर लेता, तब तक न तो कोई सार्थक वार्ता होगी और न ही सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को खोला जाएगा।रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इन सात शर्तों में मुख्य रूप से ये मांगें शामिल हैं:लेबनान और अन्य क्षेत्रों में चल रही सैन्य शत्रुता व हमलों को पूरी तरह समाप्त करना।ईरानी बंदरगाहों और जलक्षेत्र पर से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को तत्काल हटाना।ईरान पर लगाए गए तमाम आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को खत्म करना।विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति को तुरंत बहाल करना और जारी करना।मध्य पूर्व क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और दखलंदाजी को कम करना।युद्ध और संघर्ष की वजह से ईरान को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजे का भुगतान।ईरानी संप्रभुता वाले क्षेत्र पर भविष्य में किसी भी प्रकार के अमेरिकी सैन्य हमलों को पूरी तरह रोकना।अमेरिका का कड़ा रुख और वैश्विक कूटनीति की चुनौतियांएक तरफ जहां ईरान ने अपनी शर्तों का कड़ा पहरा लगा दिया है, वहीं दूसरी तरफ वाशिंगटन का यह रुख रहा है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को किसी भी शुरुआती या प्राथमिकता वाली बातचीत का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी यह चाहते हैं कि ईरान अपने यूरेमीयन संवर्द्धन और परमाणु गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाए, जबकि तेहरान पहले प्रतिबंधों से राहत और अपनी शर्तों को पूरा करवाने पर अड़ा हुआ है।अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान इन सात शर्तों के जाल को सुलझाने में नाकाम रहते हैं, तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है। फिलहाल, दुनिया भर की निगाहें कतर की मध्यस्थता और वाशिंगटन के अगले कदम पर टिकी हैं कि अमेरिका इन शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:11 am

अमेरिकी मिडटर्म नतीजों से नहीं बदलेगी ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी, समझिए पूरा गणित

मिडटर्म चुनावों के बाद एच-1बी वीजा और आव्रजन नीतियों में तुरंत बदलाव की उम्मीद करना गलत है. चूंकि कई नीतियां कार्यकारी और प्रशासनिक आदेशों के जरिए लागू की गई हैं, इसलिए कांग्रेस का बदला हुआ समीकरण उन्हें स्वतः समाप्त नहीं कर सकता.

आज तक 6 Nov 2026 10:06 am

अब बच्चे वर्चुअल तरीके से खोल सकेंगे पुराना मोबाइल:समझ सकेंगे ई-कचरे का खतरा, बीकानेर की मोनिका ने अमेरिका में बनाया खास मॉड्यूल

पुराना मोबाइल खराब होने पर हम उसे कबाड़ समझकर फेंक देते हैं, लेकिन यही मोबाइल अब बच्चों को पर्यावरण बचाने का सबक सिखाएगा। बीकानेर की मोनिका स्वामी ने अमेरिका में ऐसा इंटरेक्टिव मॉड्यूल तैयार किया है, जिसके जरिए बच्चे वर्चुअल तरीके से मोबाइल खोलकर उसके अंदर लगे पुर्जों और सर्किट बोर्ड को समझ सकेंगे। साथ ही जान सकेंगे कि ई-कचरा पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाता है और इससे बचने के लिए क्या विकल्प अपनाए जा सकते हैं। इस काम के लिए मोनिका स्वामी को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला है। अमेरिका की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी, बोस्टन में काम करने वालीं मोनिका स्वामी और उनकी सहयोगी नरगेस पोरजाफारियन ने IEEE फ्यूचर टेक एक्सप्लोर चैलेंज कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था। इस उपलब्धि के लिए दोनों को 7,500 डॉलर का पुरस्कार मिला। यह प्रोजेक्ट 15 से 17 साल के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है। क्या है मोनिका का नया काम? मोनिका ने एक इंटरेक्टिव मॉड्यूल तैयार किया है, जिसे कोई भी बच्चा अपने मोबाइल या लैपटॉप पर खोलकर देख सकता है। इसे देखते हुए वह पुराने मोबाइल को खोल सकता है और उसके अंदर लगी चिप्स के बारे में जानकारी ले सकता है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को न केवल ई-कचरे के नुकसान बताना है, बल्कि तकनीक के माध्यम से यह समझने का अवसर देना भी है कि मोबाइल फोन के अंदर क्या होता है। इसमें विद्यार्थी वर्चुअल तरीके से स्मार्टफोन को खोलकर उसके अलग-अलग पुर्जों और सर्किट बोर्ड को समझ सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें बताया जाएगा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले सर्किट बोर्ड पर्यावरण के लिए चुनौती क्यों बनते हैं। सर्किट बोर्ड का ऑप्शन भी समझाएगा मॉड्यूल आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले सर्किट बोर्ड में FR4 नाम का ऐसा पदार्थ होता है, जो आसानी से ऑर्गेनिक तरीके से नष्ट नहीं होता। परियोजना में इसके विकल्प के तौर पर सेलुलोज और लिग्निन जैसे जैव-आधारित पदार्थों की संभावनाओं को समझाया गया है। इसकी खास बात यह है कि इसमें बायोपॉलिमर से तैयार सर्किट बोर्ड का एक काम करने वाला प्रोटोटाइप भी शामिल है। इसके जरिए स्टूडेंट्स समझ सकेंगे कि टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल सर्किट बोर्ड कैसे बनाए जा सकते हैं और इंजीनियरिंग में ऐसे विकल्पों को अपनाने की क्या चुनौतियां हैं। जानें स्टूडेंट्स को कैसे मिलेगा फायदा यह एक इंटरेक्टिव एजुकेशनल मॉड्यूल है। इसमें वर्चुअल स्मार्टफोन डिसमेंटलिंग, संवाद और अलग-अलग परिस्थितियों के सिमुलेशन के जरिए पढ़ाया जाएगा। यानी स्टूडेंट्स केवल जानकारी पढ़ेंगे नहीं, बल्कि गतिविधियों के माध्यम से सीखेंगे। इससे उन्हें ई-कचरे की ग्लोबल समस्या को अपने रोजमर्रा के जीवन से जोड़ने में मदद मिलेगी। मोनिका स्वामी का उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स खुद देखें कि फोन फेंकने के बाद उसके पुर्जों का क्या होता है। जब बच्चे वर्चुअल तरीके से फोन खोलते हैं और बायोडिग्रेडेबल सर्किट बोर्ड को समझते हैं, तो वे ई-कचरे की समस्या को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। यह काम मोनिका और नरगेस ने प्रो. रविंदर दहिया के मार्गदर्शन में नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी की बेंडेबल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज (BEST) लैब में किया है। प्रो. दहिया के अनुसार, लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स का इस्तेमाल कम करना नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स को पर्यावरण के लिहाज से और सुरक्षित बनाना है।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 10:04 am

शिवानी कुमारी से पंगा लेना अमेरिकी इन्फ्लुएंसर को पड़ा भारी! मार्विन अची के 1 लाख फॉलोअर्स घटे, कालिख से बनाई थी मूंछ

शिवानी कुमारी से पंगा लेना अमेरिकी इन्फ्लुएंसर को पड़ा भारी! मार्विन अची के 1 लाख फॉलोअर्स घटे, कालिख से बनाई थी मूंछ

समाचार नामा 6 Nov 2026 9:47 am

'मैं अब अरब से ज्यादा हिंदुस्तानी हूं', अमेरिका के नए सांसद अब्दुल ने खोले अपने 'देसी' राज

अमेरिका के नए सीनेटर अब्दुल अल-सईद का 'देसी' कनेक्शन वायरल हो रहा है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं अब अरब से ज्यादा हिंदुस्तानी हूं।' साउथ इंडियन परिवार के दामाद अब्दुल की लव स्टोरी, भारत से उनका खास नाता, सब जानिए।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Nov 2026 9:05 am

अमेरिका मिड टर्म इलेक्शन में 6 पंजाबी जीते:ज्योत जॉर्जिया असेंबली में पहले सिख मेंबर; पूजा टेक्सस में भारतीय मूल की पहली महिला सदस्य बनीं

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में पंजाबी मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया। 3 नवंबर को हुए इन चुनावों में संसद से लेकर राज्यों की विधानसभाओं तक पंजाबी उम्मीदवारों ने बड़ी कामयाबी हासिल की। जहां रो खन्ना, मानका ढींगरा, रणजीव पुरी और अश कालरा जैसे बड़े नेताओं ने फिर से चुनाव जीतकर अपनी सीटें बचाए रखीं, वहीं ज्योत सिंह और पूजा सेठी जैसे नए चेहरों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ज्योत सिंह जॉर्जिया की असेंबली में पहुंचने वाले पहले सिख और भारतीय-अमेरिकी बने हैं, जबकि पूजा सेठी ने टेक्सस में पहली भारतीय-अमेरिकी महिला विधायक बनकर इतिहास रचा है। ये सभी विजेता नेता डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं। यह नतीजे अमेरिका की राजनीति में पंजाबी और भारतीय समुदाय के बढ़ते प्रभाव को साफ दिखाते हैं। अमेरिका में मिड टर्म चुनाव जीते पंजाबियों के बारे में जानिए… रो खन्ना-डेमोक्रेटिक पार्टी: कैलिफोर्निया के 17वें कॉग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी संसद के लिए फिर से चुने गए हैं। इन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार रितेश टंडन को हराकर करीब 71% वोट हासिल किए। फिलाडेल्फिया में पंजाबी आप्रवासी परिवार में जन्मे रो खन्ना पेशे से वकील और अर्थशास्त्री हैं। ओबामा सरकार के समय वे अमेरिका के वाणिज्य विभाग में उप सहायक सचिव रह चुके हैं और 2020 में बर्नी सैंडर्स के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के सह-अध्यक्ष भी थे। मानका ढींगरा-डेमोक्रेटिक पार्टी: वाशिंगटन राज्य सीनेट के 45वें जिले से दोबारा सीनेटर चुनी गई हैं। वे सीनेट में डिप्टी मेजॉरिटी लीडर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। पेशे से वकील हैं और अमेरिका में सरकारी वकील रह चुकी हैं। मानका पहली बार 2017 में विशेष चुनाव जीतकर सीनेट पहुंची थीं। इन्होंने मुख्य रूप से कानून व्यवस्था के सुधार, घरेलू हिंसा रोकने और मानसिक स्वास्थ्य नीतियों पर काम किया है। ज्योत सिंह-डेमोक्रेटिक पार्टी: जॉर्जिया राज्य के हाउस डिस्ट्रिक्ट 97 से रिपब्लिकन उम्मीदवार यासीन मोगाजी को पछाड़कर 68% वोटों के साथ जीत हासिल की। येल यूनिवर्सिटी से पढ़े सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार मामलों के पैरोकार ज्योत सिंह जॉर्जिया असेंबली के लिए चुने जाने वाले पहले सिख और पहले भारतीय-अमेरिकी बने हैं। एक आम पंजाबी परिवार से आने वाले सिंह ने सरकारी स्कूलों की फंडिंग, परिवारों को आर्थिक मदद और वोटिंग अधिकारों के मुद्दों पर चुनाव लड़ा। रणजीव पुरी-डेमोक्रेटिक पार्टी: मिशिगन राज्य के डिस्ट्रिक्ट 24 से 65% से अधिक वोट हासिल कर स्टेट हाउस में अपनी सीट बरकरार रखी। मिशिगन हाउस में माइनॉरिटी लीडर के पद पर तैनात पुरी राज्य स्तर की राजनीति में शीर्ष सिख अमेरिकी नेताओं में शामिल हैं। इन्होंने गन कल्चर पर रोक लगाने और साफ-सुथरी हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काफी काम किया है। पूजा सेठी-डेमोक्रेटिक पार्टी: टेक्सस के 47वें जिले से लगभग 66% वोट हासिल कर टेक्सस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सीट जीती। इन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार जेनिफर मुश्थलेर को हराया। इमिग्रेशन वकील और टेक्सस विधायिका की पूर्व अधिकारी रहीं पूजा सेठी टेक्सस असेंबली के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनी हैं। इनका चुनाव प्रचार स्कूलों को आर्थिक सहायता, गन सेफ्टी और नस्लभेद के विरोध पर आधारित था। अश कालड़ा-डेमोक्रेटिक पार्टी: कैलिफोर्निया स्टेट असेंबली के 25वें जिले से रिपब्लिकन उम्मीदवार हिम्मत सिंह बैणीवाल को हराकर लगभग 72% वोटों के साथ दोबारा चुने गए। 2016 में पहली बार चुनाव जीतने वाले अश कालरा कैलिफोर्निया राज्य की असेंबली में कदम रखने वाले पहले भारतीय मूल के नेता थे।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 9:00 am

नित्या रमन लॉस एंजिल्स की मेयर चुनी जाने वालीं पहली भारतीय-अमेरिकी बनीं

वाशिंगटन, 6 नवंबर . केरल में जन्मीं नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर का चुनाव जीत लिया है. वह इस शहर का नेतृत्व करने के लिए चुनी…

डेली किरण 6 Nov 2026 8:58 am

धनतेरस पर बनारस की गुलाबी मीनाकारी की बढ़ी मांग:अमेरिका, जापान, कनाडा और जर्मनी तक पहुंची काशी की कला, 20 हजार तक की गणेश प्रतिमाएं

धनतेरस पर बाजार में सोने-चांदी के साथ बनारस की पारंपरिक गुलाबी मीनाकारी की चमक भी बढ़ गई है। लोग इस बार गुलाबी मीनाकारी से बनी गणेश प्रतिमाओं, श्रीमूर्तियों और चांदी के गहनों की खरीदारी कर रहे हैं। बनारस की यह पारंपरिक कला अब देश के अलग-अलग राज्यों के साथ अमेरिका, जापान, कनाडा और जर्मनी तक पहुंच चुकी है। धनतेरस के मौके पर बाजार में 2 हजार से 20 हजार रुपए तक की गणेश प्रतिमाएं और 2 हजार से 2 लाख रुपए तक के चांदी के गहने उपलब्ध हैं। कारीगरों के मुताबिक, इस बार विदेशों से भी व्यक्तिगत ऑर्डर मिल रहे हैं। देखें तस्वीरें…. विदेशों से सीधे मिल रहे व्यक्तिगत ऑर्डर बनारस के गुलाबी मीनाकारी कारीगर रवीश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से उनके पास ऑर्डर आते हैं। अमेरिका, कनाडा, जापान और जर्मनी के ग्राहक भी सीधे संपर्क कर गणपति की मूर्तियां और गहने बनवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे किसी विदेशी शोरूम को सामान की सप्लाई नहीं करते, बल्कि ग्राहकों के व्यक्तिगत ऑर्डर पर उत्पाद तैयार करके भेजते हैं। पहले विदेशों से ऐसे ऑर्डर कम आते थे, लेकिन अब मांग लगातार बढ़ रही है। इस महीने करीब 20 लाख रुपए के गहने ग्राहकों को दे चुके हैं। उनके पास 2 हजार से 2 लाख रुपए तक के चांदी के गहने और 2 हजार से 20 हजार रुपए तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। पीएम मोदी ने कमला हैरिस को भेंट किया था गुलाबी मीनाकारी का शतरंज सेट रवीश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उनके हाथों से तैयार गुलाबी मीनाकारी के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उपहार के रूप में दिए जा चुके हैं। उनके बनाए गुलाबी मीनाकारी वाले शतरंज सेट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की तत्कालीन उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को भेंट किया था। वहीं, जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनके हाथों से तैयार ब्रोच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को उपहार में दिया गया था। इसके अलावा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई प्रतिष्ठित लोगों को भी गुलाबी मीनाकारी से बने उपहार भेंट किए जा चुके हैं। कारीगर का कहना है कि ऐसे उपहारों से बनारस की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। फ्रांस की कलाकार को पसंद आई बनारस की मीनाकारी दुकान पर गुलाबी मीनाकारी की कला देखने पहुंचीं फ्रांस की कलाकार सिलेमिस्ट ने बताया कि यह कला उनकी अपनी कला से काफी मिलती-जुलती है। इसमें भी पहले रंग भरे जाते हैं और फिर आग की मदद से उन्हें पकाया जाता है। रंग भरने और उन्हें आग से तैयार करने की प्रक्रिया उन्हें काफी पसंद आई। उन्होंने बनारस की इस पारंपरिक कला की सराहना की। मुगलकाल में गहनों के पीछे शुरू हुई थी गुलाबी मीनाकारी कारीगर रवीश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी की शुरुआत मुगलकाल में हुई थी। उस समय कुंदन से जड़े हार पीछे की तरफ से सादे होते थे। महारानियों ने इच्छा जताई कि गहनों के पिछले हिस्से पर भी कलाकारी होनी चाहिए। इसके बाद गहनों के पीछे मीनाकारी करने की परंपरा शुरू हुई। उन्होंने बताया कि इस कला में शीशे को पिघलाकर उसमें अलग-अलग रंगों के ऑक्साइड मिलाए जाते हैं। इससे रंग तैयार होते हैं। फिर ब्रश की मदद से सोने और चांदी की प्लेट पर डिजाइन बनाए जाते हैं। इसके बाद इन्हें आग में तपाया जाता है, जिससे रंग धातु पर पक्के हो जाते हैं। हालांकि, अब गुलाबी मीनाकारी केवल गहनों के पिछले हिस्से तक सीमित नहीं है। कारीगर गहनों के सामने वाले हिस्से पर भी यह कलाकारी कर रहे हैं, जिसे ग्राहक खूब पसंद कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 8:57 am

'इतिहास के बुरे दिनों में से एक': चुनाव बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट, ट्रंप ने किसे ठहराया जिम्मेदार?

चुनाव बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट: ट्रंप ने बताया इतिहास के बुरे दिनों में से एक; किसे ठहराया जिम्मेदार?

अमर उजाला 6 Nov 2026 8:55 am

ट्रंप को डबल झटका: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद भारतीय मूल की हरमीत ढिल्लों का इस्तीफा, छोड़ा अहम पद

ट्रंप को डबल झटका: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में हार के बाद भारतीय मूल की हरमीत ढिल्लों का इस्तीफा, छोड़ा अहम पद--Indian-Origin Harmeet Dhillon Resigns as US Civil Rights Chief After Midterm Elections

अमर उजाला 6 Nov 2026 8:46 am

मिडटर्म चुनाव में हार के बाद अमेरिकी शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों के 2.5 ट्रिलियन डॉलर डूबे, क्या बोले ट्रंप?

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद शेयर बाजार इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक से गुजरा। निवेशकों के 2.5 ट्रिलियन डॉलर डूबे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस गिरावट के लिए डमोक्रेट्स को ...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 8:39 am

Share Market Crash: अमेरिका समेत दुनियाभर के बाजार धड़ाम, इन 3 वजहों से भारतीय बाजार में कमजोरी के संकेत, क्‍या AI बबल फूटेगा?

AI और सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली से अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट आई. नैस्डैक 5.5% और एसएंडपी 500 करीब 4.4% टूटा. जानें भारतीय शेयर बाजार पर इसका क्या असर हो सकता है.

NDTV इंडिया 6 Nov 2026 8:36 am

भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से दिया इस्तीफा, बोलीं- चुनाव से पहले ही लिया था फैसला

भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग से दिया इस्तीफा, बोलीं- चुनाव से पहले ही लिया था फैसला

समाचार नामा 6 Nov 2026 8:32 am

अमेरिकी चुनाव नतीजे: ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश से नई दिल्ली को कुछ राहत मिली, क्या भारत के लिए कुछ बदलेगा?

अमेरिकी चुनाव नतीजे: ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश से नई दिल्ली को कुछ राहत मिली, क्या भारत के लिए कुछ बदलेगा?

अमर उजाला 6 Nov 2026 8:28 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे ट्रंप की तानाशाही के खिलाफ स्पष्ट जनादेश

ट्रंप अब एक जटिल राजनीतिक स्थिति का सामना कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान, उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे याद रखें कि हर मतपत्र पर वही उम्मीदवार हैं

देशबन्धु 6 Nov 2026 7:43 am

ट्रंप की एक मिस्टेक... फिर, इस वेपन कॉम्बो से अमेरिका को मारेगा ईरान

अमेरिका से दोबारा युद्ध होने पर ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों, शाहेद ड्रोन, अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों, समुद्री माइंस और क्षेत्रीय सहयोगियों के जरिए जवाब दे सकता है. उसकी रणनीति अमेरिकी सेना को लंबे संघर्ष में उलझाकर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने की होगी.

आज तक 6 Nov 2026 7:32 am

अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन: ट्रंप की पार्टी की हार का दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार को ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई से जोड़कर देखा जा रहा है. इस नतीजे का रूस, चीन, यूक्रेन और मिडिल ईस्ट पर क्या असर पड़ सकता है?

बीबीसी हिंदी 6 Nov 2026 6:22 am

अमेरिकी शेयर बाजार में सुनामी, एक ही झटके में स्वाहा हुए लाखों करोड़ रुपये

अमेरिकी शेयर बाजार में AI कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. नैस्डैक-100 की बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में एक ही दिन में 2.5 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई.

आज तक 6 Nov 2026 6:16 am

शिवानी से पंगा लेकर अमेरिकी-इन्फ्लुएंसर ने गंवाए 1 लाख फॉलोअर्स:यूपी की लड़की बोली- मेरे पैसे से घूमा, फिर मुझे ही बदनाम कर दिया

औरैया की इन्फ्लुएंसर शिवानी कुमारी से पंगा लेने वाले अमेरिकी इन्फ्लुएंसर मार्विन अची ने 1 लाख फॉलोअर्स गंवा दिए हैं। शिवानी ने बुंदेलखंड की पारंपरिक 'टेसू-झांझी' प्रथा के दौरान उनके चेहरे पर कालिख से मूंछ बनाई थी। मार्विन ने इसको अपमान बताया। शिवानी का मजाक उड़ाते हुए कई वीडियो पोस्ट किए। इसके बाद शिवानी ने दैनिक भास्कर से कहा- मार्विन को भारत घुमाने के लिए मैंने हजारों रुपए खर्च किए, लेकिन उन्होंने मुझे बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पढ़िए उन्होंने सच्चाई उजागर करते हुए क्या-कुछ कहा… शिवानी कहती हैं- मार्विन अची फिटनेस मॉडल हैं, वो भारत आना चाहते थे। पिछले साल उन्होंने खुद मुझे मैसेज किया था। कहा था कि उन्हें हमारा ग्रामीण रहन-सहन और संस्कृति बहुत पसंद है। वे इसे करीब से देखना और समझना चाहते हैं। हमने उनका स्वागत किया। मार्विन पहली बार जुलाई, 2025 में भारत आए थे। तब 2 दिन तक हमारे गांव अरियारी में ठहरे। इस दौरान हमने उनकी खूब खातिरदारी की थी। उन्हें चूल्हे पर बना देसी खाना खिलाया और पूरा गांव घुमाया। फिर वो अपने घर अमेरिका के टेक्सास लौट गए थे। इसके बाद हम सोशल मीडिया पर कनेक्ट रहे। फिर दूसरी बार सितंबर, 2026 में वो भारत आए। शिवानी बोलीं- मार्विन समय से पहले भारत आए शिवानी बताती हैं- जब मार्विन पहली बार हमारे गांव आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि 10 मिलियन फॉलोअर्स होने के बाद ही दोबारा आएंगे। लेकिन, वो समय से पहले भारत आ गए। इस बार भारत आने पर उन्हें सोशल मीडिया पर काफी फायदा हुआ। जब मार्विन भारत आए थे, तब उनके 50 लाख फॉलोअर्स थे। भारत से लौटते समय 60 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे। मेरे साथ बनाए गए उनके कई वीडियो वायरल हुए। इनमें एक वीडियो ऐसा भी था, जिसमें मैं उन्हें अपने हाथों से खाना खिला रही थी। इस वीडियो को 8.7 करोड़ व्यूज मिले थे। शायद यही वजह थी कि उन्होंने वादा 10 मिलियन फॉलोअर का किया था, लेकिन वो सितंबर में ही भारत आ गए थे। इस बार उनके साथ एक लड़की भी थी, जिसका नाम फर्नेंडा था। अपने खर्च पर जैसलमेर-ऋषिकेश घुमाया शिवानी कहती हैं- मार्विन के आने पर हमने उन्हें जैसलमेर घुमाने का प्लान बनाया। कानपुर से लेकर जैसलमेर तक का पूरा खर्च हमने उठाया। वहां ऊंट की सवारी से लेकर खाना बनाने तक के कई रील शूट हुए, जिन पर करोड़ों व्यूज आए। जैसलमेर के बाद पूरी टीम ऋषिकेश गई, जहां का सारा इंतजाम और खर्च भी मैंने ही संभाला। उस समय तक लगा ही नहीं कि कुछ विवाद जैसा भी हो सकता है। हमने पूछा कि 'टेसू-झांझी' प्रथा में ऐसा क्या हुआ कि मार्विन नाराज हो गए? जवाब में शिवानी कहती हैं- ऋषिकेश और दिल्ली घूमने के बाद हम 21 अक्टूबर को अपने गांव लौटे। दशहरे के बाद बुंदेलखंड में 6 दिनों तक 'टेसू-झांझी' मनाने की परंपरा है। इसमें गुड्डे को टेसू और दीपक वाली मटकी को झांझी कहा जाता है। दोनों का प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ उनका विसर्जन किया जाता है। ‘मैंने मार्विन को दुपट्‌टे से ढका, जिससे उन्हें अपमान जैसा न लगे’ मार्विन ने खुद कहा था- मुझे भी ये त्योहार मनाना है। देखना है कि लोग इसको कैसे मनाते हैं? 26 अक्टूबर को टेंट सजवाया गया और करीब 200 लोगों के खाने का इंतजाम किया गया था। इसके बाद टेसू के रूप में मार्विन को सजाया गया था। हमारी परंपरा में टेसू की मूंछ को गर्व का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हमने उनके चेहरे पर काले रंग से मूंछ बनाई और माथे पर टीका लगाया। इस दौरान गांव के लोग कीचड़ और धूल भी फेंकते हैं। इसी वजह से हमने मार्विन का सिर दुपट्टे से ढक दिया था, जिससे कहीं उनके सम्मान को कोई ठेस न पहुंचे। आप उस समय के वीडियो देख सकते हैं, मार्विन खूब मस्ती करते हुए दिख रहे थे। कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए। गुवाहाटी पहुंचते ही बदले सुर, कहा- मेरी बेइज्जती कर दी 27 अक्टूबर की सुबह मार्विन को कानपुर एयरपोर्ट छोड़ा, जहां से वह गुवाहाटी रवाना हो गए। लेकिन, रात 11 बजे मार्विन का मैसेज आया कि मेरे वीडियो पर लोग खराब कमेंट्स कर रहे हैं। मेरा अपमान किया गया है। शिवानी की टीम ने उन्हें समझाने की कोशिश की। बताया कि ये बुंदेलखंड की परंपरा है, कोई अपमान नहीं। लेकिन, मार्विन ने कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड कर दिया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कल्चर के नाम पर उनका जानबूझकर अपमान किया गया है। इसके बाद उन्होंने शिवानी के चेहरे पर कालिख लगाने वाले और रोने का नाटक करने वाले कई चिढ़ाने वाले वीडियो पोस्ट किए। शिवानी ने किया अनफॉलो, घटने लगे मार्विन के फॉलोअर्स शिवानी कहती हैं- मार्विन को मैं अपना सच्चा दोस्त मानने लगी थी। वो मेरे भाई की तरह था। लेकिन, ऐसे रवैये से मुझे बहुत दुख हुआ। मैंने मार्विन को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया। एक वीडियो पोस्ट करके अपनी बात रखी। मुझे अंदाजा नहीं था, लेकिन मेरे अनफॉलो करते ही इंडियन फैंस ने मार्विन को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने तो अनफॉलो भी कर दिया। मार्विन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कितने फॉलोअर घटे, ये हमें सोशल ब्लेड की वेबसाइट से पता चला। आंकड़ों के मुताबिक, यह भी सामने आया कि भारत आने से पहले मार्विन के फॉलोअर तेजी से घट रहे थे। लेकिन, वो यहां घूमने आए थे। वीडियो बनाकर अपने अकाउंट पर पोस्ट किए, तो उनके फॉलोअर बढ़ने लगे। यही वजह है कि वो समय से पहले आए और करीब इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन और यूट्यूब पर 4 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बढ़ा ले गए थे। लेकिन, शिवानी के साथ उनके विवाद से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। एक्सपर्ट बोले- ये फाइट बनावटी नहीं क्या ये पब्लिसिटी स्टंट है, व्यूज के लिए सब कुछ हो रहा है? शिवानी कहती हैं- नहीं… ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। सोशल मीडिया एक्सपर्ट से भी यही सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा- ये विवाद बनावटी नहीं है। एक हफ्ते से ज्यादा टाइम गुजर जाने के बाद भी दोनों ओर से कमेंट्स जारी हैं। मार्विन को लगातार फॉलोअर्स का नुकसान हो रहा है, जो किसी पब्लिसिटी स्टंट का हिस्सा नहीं हो सकता। मार्विन विदेशी हैं और वे भारतीय परंपराओं को नहीं समझकर इसे अपमान मान बैठे हैं। खर्चे के सवाल पर एक्सपर्ट्स कहते हैं- विदेशी इन्फ्लुएंसर भारत आने-जाने का टिकट खुद कराते हैं। लेकिन भारत में उनका रुकना, घूमना और खाना-पीना मेजबान इन्फ्लुएंसर ही संभालते हैं। इसके बदले भारतीय इन्फ्लुएंसर को भी कंटेंट और व्यूज के जरिए यूट्यूब व फेसबुक से लाखों रुपए की कमाई होती है। अगर ये विवाद लंबा चला, तो मार्विन को और नुकसान भी हाे सकता है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- श्रद्धा ने मॉडल को धमकाया-अफसर से अकेले में मिलना होगा, लड़की को 7 दिन कमरे में बंद रखा मॉडल श्रद्धा एक लड़की पर बड़े अफसर के साथ एक रात बिताने के लिए दबाव बना रही थी। लड़की के मना करने के बाद श्रद्धा ने उसके साथ वो किया, जिसे सोचकर लड़की आज भी सिहर जाती है। दैनिक भास्कर ने लड़की और उसके दोस्त से बात की। सिलसिलेवार पूरी कहानी पढ़िए…

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 3:34 am

Amroha News: अमेरिका के चुनाव में चमका अमरोहा का सितारा निखिल ने रिपब्लिकन प्रत्याशी को दी शिकस्त

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में अमरोहा के मंडी धनौरा के मूल निवासी डॉ. निखिल गोयल ने परचम लहराया है।

अमर उजाला 6 Nov 2026 2:24 am

पराग्वे के राष्ट्रपति पेना का इस्तीफा: डिजिटल बैंक यूएनओ डूबा, जनता का पैसा फंसा; दक्षिण अमेरिकी देश में संकट

पराग्वे के राष्ट्रपति पेना का इस्तीफा: डिजिटल बैंक यूएनओ डूबा, जनता का पैसा फंसा; दक्षिण अमेरिकी देश में संकट

अमर उजाला 6 Nov 2026 1:20 am

जंग के बीच ईरान के संपर्क में था अमेरिका?: 100 से ज्यादा लोगों को भेजा तेहरान, कैसे हुआ मामले का खुलासा?

जंग के बीच ईरान के संपर्क में था अमेरिका?: 100 से ज्यादा लोगों को भेजा तेहरान, कैसे हुआ मामले का खुलासा?- US in contact with Iran amidst conflict Over 100 people sent to Tehran how did this come to light

अमर उजाला 6 Nov 2026 1:20 am

Abdul El-Sayed Wins: अमेरिका के पहले Muslim Senator की पत्नी Sarah Jukaku का भारत से क्या रिश्ता?

हिजाब और पर्दे का बाकायदा तौर पर एहतेराम करने करने वाली ये महिला कौन हैं..दुनिया भर में लोग सोशल मीडिया पर इनके बारे में जानना चाह रहे हैं...लेकिन इन खातून के इतने चर्चे क्यों इस पर बात करने से पहले ये जान लीजिए...

लाइव हिन्दुस्तान 5 Nov 2026 11:08 pm

अमेरिका में अब्दुल की जीत पर ओवैसी क्यों इतने खुश? देखें विशेष

अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. उन्हें लग रहा है कि अमेरिका के अब्दुल की जीत पर वो ऐसा नैरेटिव बुनेंगे कि यूपी का 'अब्दुल' यानी, मुस्लिम वोटर सेट हो जाएगा. ओवैसी कह रहे हैं कि अमेरिका में अब्दुल सीनेटर बन रहा है. यूपी में भी विधायक और नेता बनेगा. देखें विशेष.

आज तक 5 Nov 2026 9:54 pm

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली स्थित दूतावास में मनाई दिवाली, दी शुभकामनाएं

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली स्थित दूतावास में मनाई दिवाली, दी शुभकामनाएं

समाचार नामा 5 Nov 2026 9:45 pm

विदेशी पूंजी प्रवाह और शेयर बाजार में तेजी से संभला Rupee, अमेरिकी डॉलर के सामने 94.41 पर बंद

मुंबई, पांच नवंबर रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की तेजी के साथ 94.41 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी कोषों के भारी निवेश से रुपये में यह तेजी आई है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में तेज सुधार के बाद अब इसमें निकट अवधि में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख से भी निवेशकों की धारणा को मजबूती मिली। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.36 पर खुला और कारोबार के दौरान लुढ़ककर 94.57 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक आ गया। हालांकि, अंतिम घंटे में रुपये ने कुछ नुकसान की भरपाई की और 94.32 प्रति डॉलर तक मजबूत हो गया। अंत में यह 94.41 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से पांच पैसे की तेजी है। रुपया बुधवार को 29 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.46 पर बंद हुआ था। कोटक नियो में जिंस एवं मुद्रा शोध प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा, ‘‘कई कारक रुपये के पक्ष में हैं। भारत के कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र में निवेश की वापसी के दौर से अलग नजर आने के कारण विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है। अमेरिका में राजनीतिक अनिश्चितता से डॉलर पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत में हर एक डॉलर की गिरावट से भारत की आयात लागत कम हो सकता है।’’इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत फिसलकर 101.50 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 2,008.61 अंक उछलकर 79,310.01 अंक जबकि निफ्टी 576 अंक चढ़कर 24,536.60 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.38 प्रतिशत चढ़कर 95.93 डॉलर प्रति बैरल हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

प्रभासाक्षी 5 Nov 2026 9:23 pm

अमेरिकी नागरिकों से ठगी के तार चंडीगढ़ तक जुड़े:एक गिरफ्तार, काला घोड़ा रेस्टोरेंट को मिले ₹23.19 लाख, 549 लोगों से हड़पे ₹261 करोड़

अमेरिका के 549 नागरिकों से 261 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के तार चंडीगढ़ तक जुड़े मिले हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम में से 23.19 लाख रुपए सेक्टर-26 स्थित काला घोड़ा रेस्टोरेंट को ट्रांसफर किए गए। इस मामले में रेस्टोरेंट का संचालन करने वाली कंपनी में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले चेतन मुंजाल को ईडी ने 3 अन्य आरोपियों के साथ हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चेतन मुंजाल के अलावा हर्षिल नयनभाई रावल, जसवंत सिंह और प्रणव पिथाड़िया शामिल हैं। चारों को हैदराबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अब तक 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले ईडी विकास निमार, ताराचंद निमार और मोहम्मद इरफान अंसारी को गिरफ्तार कर चुकी है। लॉरेंस गैंग से भी जुड़ा नाम चेतन मुंजाल का नाम सामने आने के बाद चंडीगढ़ की राजनीति में भी हलचल है। वह शहर के बड़े नेताओं का करीबी बताया जाता है और एक बड़ी राजनीतिक पार्टी से संबंध रखता है। उसका नाम लॉरेंस गैंग से भी जोड़ा जाता रहा है। करीब 8 साल पहले सेक्टर-26 के एफबार में भाजपा नेता सहदेव सलारिया की जन्मदिन पार्टी के दौरान गोली चलने के मामले में भी चेतन पकड़ा गया था। ईडी के मुताबिक, चेतन अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह को संरक्षण दिलवाता था। सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर डराते ईडी की जांच में सामने आया कि गिरोह भारत से फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। पहले उन्हें उनके बैंक खातों में फर्जी खरीदारी या संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद आरोपी खुद को अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए), डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस, फेडरल ट्रेड कमीशन और डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी का अधिकारी बताकर फोन करते थे। आरोपी फर्जी पहचान पत्र, बैज, सरकारी पत्र और कोर्ट के दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे। पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की धमकी देकर उनसे नकदी और सोना लिया जाता था। इसके लिए गिरोह के सदस्य पीड़ितों के पास भेजे जाते थे। कई लोगों से कूरियर के जरिए नकदी मंगवाई जाती थी, जबकि कुछ से म्यूल बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी। दुबई-हांगकांग तक पहुंचाई ठगी की रकम ईडी के मुताबिक, इस नेटवर्क ने 6,463 अमेरिकी फोन नंबरों पर संपर्क किया और 549 नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया। इनमें अधिकतर बुजुर्ग थे। आरोपियों ने 27.39 मिलियन डॉलर यानी करीब 261 करोड़ रुपए की ठगी की। इस रकम का लेनदेन अमेरिका के 15 बैंकों के 397 खातों के जरिए हुआ। ठगी की रकम दुबई और हांगकांग तक पहुंचाई गई। काला घोड़ा रेस्टोरेंट की कंपनी में 25% हिस्सेदारी जांच में सेक्टर-26 स्थित काला घोड़ा रेस्टोरेंट का नाम भी सामने आया है। चेतन मुंजाल इस रेस्टोरेंट को चलाने वाली कंपनी रबदित्ता कॉरपोरेट्स में 25 प्रतिशत का मालिक है। ईडी के अनुसार, ठगी से अर्जित रकम में से 23.19 लाख रुपए रेस्टोरेंट को ट्रांसफर किए गए थे।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 8:35 pm

जयपुर से जुड़ीं फ्लोरिडा से जीतीं भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य की जड़ें, प्रवासी भारतीयों में खुशी की लहर

jaipur, 5 नवंबर . हाल ही में हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (मिड टर्म इलेक्शन) में जीत के बाद, पिया डांडिया, जिनका परिवार मूल रूप से jaipur से जुड़ा…

डेली किरण 5 Nov 2026 8:33 pm

अमेरिका के नागरिकों से 261 करोड़ की ठगी, चंडीगढ़ के बड़े नेताओं का करीबी चेतन मुंजाल हैदराबाद से गिरफ्तार

ईडी ने अमेरिकी नागरिकों से 261 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। चंडीगढ़ के बड़े नेताओं के करीबी चेतन मुंजाल सहित चार आरोपितों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है।

जागरण 5 Nov 2026 8:07 pm

'वे बहुत विनम्र इंसान हैं', अमेरिकी मिडटर्म में अब्दुल अल-सैयद की जीत पर कर्नाटक के भटकल में मना जश्न

अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद के पहले मुस्लिम सीनेटर चुने जाने का जश्न भारत के कर्नाटक के भटकल में भी मनाया जा रहा है, जहां उनकी पत्नी सारा का परिवार रहता है।

जागरण 5 Nov 2026 7:55 pm

अमेरिका में अब्दुल की जीत से गदगद ओवैसी पर भड़के यूजर्स

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सयद की जीत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस जीत को उत्तर प्रदेश की सियासत से जोड़ते हुए एक पोस्ट […]

पांचजन्य 5 Nov 2026 7:13 pm

महंगी मिसाइलों का किफायती तोड़, कैसे काम करता है ग्लाइड बम; अमेरिका और भारत का प्लान तैयार

यूक्रेन संकट ने महंगे हथियारों पर निर्भरता की कमी उजागर की है, जिसके चलते दुनिया भर की वायु सेनाएं अब मिसाइलों के किफायती विकल्प, ग्लाइड बमों पर काम कर रही हैं।

जागरण 5 Nov 2026 7:05 pm

कॉकरोच पार्टी को पाक-अमेरिका से पैसा? क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका ने दिया ये जवाब

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अमेरिका और पाकिस्तान से फंडिंग मिलने के आरोपों ने नया सियासी मोड़ ले लिया है। केंद्रीय मंत

वन इंडिया 5 Nov 2026 6:52 pm

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से उनकी ही पार्टी के लोग क्यों नाराज? ईरान से लेकर यूक्रेन युद्ध पर घिरे

अब हेगसेथ से ईरान के अलावा यूक्रेन को लेकर उनकी नीति और लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में कथित नशीली दवाओं की तस्करी करने वाली नावों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमलों को लेकर सवाल-जवाब हो सकते हैं.

NDTV इंडिया 5 Nov 2026 6:27 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या बुरी तरह हारकर भी ट्रम्प का कुछ नहीं बिगड़ेगा; अमेरिकी राष्ट्रपति के पास ऐसी कौन-सी 'अल्टीमेट पावर', उससे क्या-क्या कर सकते हैं

अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में हार के बाद ट्रम्प ने कहा- ‘मेरे पास सबसे बड़ी पावर है VETO, अगर जरूरी लगा तो संसद में बहुमत पाने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी के कानून पर वीटो लगाकर उसे रिजेक्ट कर सकता हूं।’ आखिर वीटोपावर से क्या-क्या कर सकते हैं ट्रम्प, क्या विपक्षी दल बहुमत के बाद भी ट्रम्प को नहीं रोक पाएंगे, आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: चुनाव हारने के बाद भी सबसे ताकतवर क्यों हैं ट्रम्प?जवाब: अमेरिका में राष्ट्रपति और संसद के चुनाव अलग-अलग होते हैं। राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल का होता है, जबकि संसद के बड़े सदन- 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' के सभी 435 सदस्यों का चुनाव और दूसरे सदन ‘सीनेट’ के करीब एक-तिहाई सदस्यों का चुनाव हर 2 साल में होता है। इन्हीं संसदीय चुनावों को मिडटर्म कहते हैं। अगर मिडटर्म में राष्ट्रपति की पार्टी हार जाए, तो भी राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहते हैं। ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की हार के बावजूद ट्रम्प का पद और उनकी ताकतें जनवरी 2029 तक बनी रहेंगी। इन ताकतों में सबसे खास है वीटो पावर… 3 नवंबर को इंटरव्यू में ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र किया- स्लॉटर केस। उन्होंने कहा, 'हमने ये केस जीता है, इससे प्रेसिडेंट को वो अल्टीमेट पावर मिली, जो पहले कभी नहीं थी।’ दरअसल, अमेरिका में फेडरल गवर्नमेंट, यानी केंद्रीय सरकार की करीब 24 रेगुलेटरी एजेंसियां और आयोग हैं, जो इंडिपेंडेंट संस्थाओं की तरह काम करती हैं। जैसे- फेडरल ट्रेड कमीशन, FTC और नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड, NLRB वगैरह। 1935 से प्रेसिडेंट इन संस्थाओं के अध्यक्ष या सदस्यों को बिना कानूनी आधार के मनमर्जी से नहीं हटा सकते। हालांकि मार्च 2025 में ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य और FTC की कमिश्नर रेबेका स्लॉटर को पद से हटा दिया। इस मामले में जून 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी 6-3 के बहुमत से ट्रम्प के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि संविधान से राष्ट्रपति को इसकी ताकत मिलती है। फैसले से असहमत जजों ने कहा था कि इस फैसले स्वतंत्र संस्थाएं सिर्फ काम करने वाली एजेंसी बन कर रह जाएंगी। प्रेसिडेंट के हाथ में बहुत बड़ी ताकत आ जाएगी। 3 नवंबर को ट्रम्प ने इंटरव्यू में कहा है कि संसद में विपक्ष की मजबूती के बावजूद, वो अपने एजेंडे के तहत ही काम करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और वीटो पावर से उनको इसका अधिकार है, भले ही कांग्रेस उन्हें रोकने की कोशिश करे। सवाल-2: तो इन सब ताकतों से ट्रम्प क्या-क्या कर सकते हैं? जवाब: ट्रम्प 3 तरह के काम कर सकते हैं… 1. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर सकते हैं 2. विदेश नीति में भूमिका, जंग से जुड़े फैसले ले सकते हैं 3. सरकारी विभागों, एजेंसियों, अधिकारियों पर कंट्रोल कर सकते हैं सवाल-3: तो क्या टैरिफ वॉर और ईरान जंग से भी ट्रम्प को नहीं रोका जा सकता?जवाब: अब तक दोनों मामलों में संसद के विरोध के बावजूद ट्रम्प अपनी मनमर्जी चलाने में सफल रहे हैं, यही स्थिति आगे भी जारी रह सकती है… टैरिफ कानूनी तौर पर सही या नहीं, कोर्ट में सुनवाई जारी ट्रम्प को जंग छेड़ने का अधिकार, संसद के विरोध के बावजूद अड़े रहे सवाल-4: फिर ट्रम्प को रोकने के लिए डेमोक्रेट्स के पास क्या रास्ते बाकी? जवाब: विपक्ष के पास 2 तरह के ऑप्शन हैं…. 1. ट्रम्प की निगरानी, जांच और उनके कामकाज पर कंट्रोल की कोशिश 2. ट्रम्प की संवैधानिक ताकत कमजोर करने या उन्हें हटाने की कोशिश सबसे संभावित स्थिति है कि ट्रम्प के पद पर रहने तक अगले दो साल संसद और ट्रम्प को कुछ मुद्दों पर आपसी समझौते से सरकार चलानी होगी। क्योंकि अगर बजट जैसे मुद्दों पर ट्रम्प वीटो कर दें, तो विभागों को होने वाली फंडिंग रुक जाएगी और शटडाउन जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। ट्रंप ने कहा है, ‘ये प्रोसेस ऐसे ही काम करेगा। पहले, आप कुछ महीने वीटो करते हैं और फिर वे आकर कहते हैं- हमें एक डील करनी है।' ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प का बहुमत छिना, क्या 84 साल की सबसे बड़ी हार होगी; आखिर क्यों नाराज हैं अमेरिकी, क्या महंगी पड़ी ईरान जंग अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में 5 नवंबर की सुबह 8 बजे तक के नतीजे देखें, तो ट्रम्प 84 साल की सबसे बड़ी हार की तरफ बढ़ रहे हैं। उनकी पार्टी अमेरिकी संसद के लोअर हाउस में पिछले चुनाव से रिकॉर्ड 71 सीटें पीछे है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 6:24 pm

'द नेक्स्ट ओबामा'... कौन हैं जॉन ओसॉफ जिन्हें कहा जा रहा भविष्य का अमेरिकी राष्ट्रपति!

डेमोक्रेटिक पार्टी के उभरते हुए सितारे जॉन ओसॉफ ने जॉर्जिया सीनेट सीट पर अपना कब्जा कायम रखा है. इसके बाद 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उनके उतरने की अटकलें तेज हो गई हैं. आखिर ओसॉफ़ कौन हैं, और लोग उन्हें अगला बराक ओबामा क्यों कह रहे हैं?

आज तक 5 Nov 2026 6:23 pm

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव नतीजों का भारतीय शेयर बाजार पर असर, सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी

अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन और रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटकों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई है और दलाल स्ट्रीट पर रौनक लौट आई है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही बढ़त दर्ज की गई है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी बढ़ने से भारतीय बाजार को नया हौसला मिला है.

आज तक 5 Nov 2026 6:13 pm

अमेरिका में अब्दुल बने सीनेटर, यूपी की राजनीति में शुरू हुआ सियासी घमासान

अमेरिका के मिशिगन में डॉक्टर अब्दुल अल सैयद ने चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रचा है. वे अमेरिकी सीनेट के लिए निर्वाचित होने वाले पहले मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं. हालांकि, अमेरिका के इस नए सीनेटर की चर्चा अब भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में खूब हो रही है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अब्दुल की जीत का उदाहरण देकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है.

आज तक 5 Nov 2026 6:08 pm

ज्ञानेश, फ्लाइट पकड़ कर अमेरिका निकलो, महुआ मोइत्रा बोलीं- जाकर दो साल ट्रंप को सलाह दो

ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा ने ज्ञानेश कुमार को सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सत्ता में आते ही ज्ञानेश कुमार को जेल भेजा जाएगा। इससे अच्छा है कि वह अमेरिका जाकर डोनाल्ड ट्रंप की मदद करें।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Nov 2026 5:59 pm

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में हार के बाद ट्रंप के पास अब कितनी शक्ति? वीटो पावर कैसे बनेगा 'ब्रह्मास्त्र'

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत ने वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है। इससे कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स को बड़ा बहुमत मिल गया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टकराव की स्थिति बन गई है।

खबर इंडिया टीवी 5 Nov 2026 5:42 pm

अमेरिका-पाकिस्तान से CJP को मिली फंडिंग? रांका ने दिया जवाब

सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिक्य शिंदे से क्राइम ब्रांच की पूछताछ खत्म हुई. बाहर आने के बाद रांका ने जांच में सहयोग दोहराया और विदेशी फंडिंग के आरोपों पर जितेंद्र सिंह से जवाब मांगते हुए वोट चोरी, पेपर लीक और बेरोजगारी के सवाल उठाए.

आज तक 5 Nov 2026 5:32 pm

अमेरिका का अगला राष्ट्रपति बनने के लिए क्या ट्रंप से 'बागी' हो गए जेडी वेंस?

भी की स्थिति में ये लग रहा कि वेंस ईरान युद्ध से खुद को दूर दिखाना चाहते हैं, जिससे 2028 के चुनाव में इसका कोई असर नहीं दिखे. वहीं ट्रंप के पास ईरान युद्ध पर तुरंत यूटर्न लेना अभी मुश्किल लग रहा है.

NDTV इंडिया 5 Nov 2026 5:21 pm

जापान पहुंचा भारतीय युद्धपोत, भारत-जापान-अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दिखाएंगे समुद्री ताकत

जापान पहुंचा भारतीय युद्धपोत, भारत-जापान-अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दिखाएंगे समुद्री ताकत

समाचार नामा 5 Nov 2026 4:26 pm

अमेरिका से लेकर ओमान तक इन 4 टीमों ने किया विश्वकप क्वालिफयर के लिए क्वालिफाय

संयुक्त राज्य अमेरिका, स्कॉटलैंड नीदरलैंड्स और ओमान ने अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामिबिया में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए खेले जाने वाले क्वालिफायर के लिए अंतिम 4 में क्वालिफाय कर लिया है।

वेब दुनिया 5 Nov 2026 4:24 pm

मेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के पतन पर जेडी वेंस के बयान से मचा सियासी भूचाल, जूनियर ट्रंप का आया बड़ा रिएक्शन

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, अमेरिकी महाशक्ति के आंतरिक गलियारों और शीर्ष नेतृत्व की नीतियों को लेकर इस वक्त दुनिया भर की राजनीति में एक बहुत ही सनसनीखेज और बड़ा भूचाल आया हुआ है। अमेरिका में हाल ही में संपन्न हुए मिडटर्म चुनावों (Midterm Elections) के परिणामों ने सत्तारूढ़ खेमे और रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) की नींद उड़ा दी है। इन चुनावों में पार्टी को जो करारी हार का सामना करना पड़ा है, उसके बाद अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में मंथन का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच, देश के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने पार्टी की इस चौंकाने वाली हार के लिए सीधे तौर पर ईरान युद्ध (Iran War) और उससे जुड़ी विदेश नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। जेडी वेंस के इस बयान के सामने आते ही अमेरिकी प्रशासन के भीतर खलबली मच गई है, और स्थिति तब और अधिक रोचक हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर (Donald Trump Jr.) ने भी वेंस के इस बयान का खुला समर्थन करते हुए अपनी मुहर लगा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि अमेरिकी राजनीति के शीर्ष स्तर पर चल रहे इस घमासान के पीछे की पूरी कहानी क्या है और इसके क्या दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार और जेडी वेंस का तीखा विश्लेषणकिसी भी देश की राजनीति में मिडटर्म चुनाव मौजूदा सरकार के कामकाज और नीतियों पर जनता का सीधा जनमत माने जाते हैं। अमेरिका में हुए ताजा मिडटर्म चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाली रिपब्लिकन पार्टी को एक बहुत बड़े झटके का सामना करना पड़ा है, जिससे पार्टी के भीतर गहरी चिंता व्याप्त हो गई है। चुनावों के नतीजे आने के बाद से ही हार के कारणों की समीक्षा की जा रही थी, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जिस बेबाकी और स्पष्टता के साथ इस पराजय का ठीकरा विदेश नीति और युद्ध पर फोड़ा है, उसने सभी को हैरान कर दिया है।जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक कई सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए अपनी पार्टी की हार के असली कारणों पर से पर्दा उठाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को यह हार किसी और वजह से नहीं, बल्कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष, देश में बेकाबू होती महंगाई और मतदाताओं के मन में विदेश नीति को लेकर उपजी गहरी चिंताओं को समय रहते दूर न कर पाने के कारण उठानी पड़ी है। वेंस के इस आक्रामक विश्लेषण ने व्हाइट हाउस और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को दुनिया के सामने लाकर रख दिया है।हम इस युद्ध की वजह से हारे हैं...: सोशल मीडिया पर जेडी वेंस के कड़े और बेबाक बोलअपनी पोस्ट में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए लिखा, हमारी हार का असली कारण यह युद्ध है। कल रात खुद राष्ट्रपति ने भी इसी बात को स्वीकार किया था। वेंस ने अपनी बात को और अधिक गहराई से रखते हुए आगे लिखा कि यदि कोई राजनेता या विश्लेषक यह तर्क देना चाहता है कि यह सब रणनीतिक रूप से जायज था, और आने वाले छह सालों के लिए सीनेट (Senate) में अपनी सीटें गंवा देना इस नीति की एक छोटी सी कीमत थी, तो वे ऐसा मान सकते हैं। लेकिन उनका मानना था कि सच्चाई से मुंह चुराने के बजाय इस बात को ईमानदारी से स्वीकार करना चाहिए कि जमीन पर जनता का मूड क्या था।वेंस ने तल्ख लहजे में कहा कि आज देश का हर नागरिक और पार्टी का हर कार्यकर्ता यह अच्छी तरह जानता है कि आखिर हम किन कारणों से चुनाव हारे हैं, और अब देश की दिशा तय करने या आगे की रणनीति पर कोई भी ईमानदार चर्चा इसी कड़वी सच्चाई से शुरू होनी चाहिए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे निराश होने के बजाय अपनी इस ऊर्जा और नाराजगी को सही दिशा दें ताकि भविष्य में देश हित में ऐसे नेताओं को चुना जा सके जिनकी सोच आम जनता और राष्ट्र की वास्तविक प्राथमिकताओं से मेल खाती हो।डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का बड़ा रिएक्शन: जेडी वेंस के समर्थन में उतरे राष्ट्रपति के बेटेजेडी वेंस द्वारा सोशल मीडिया पर ईरान युद्ध और पार्टी की हार को लेकर दिए गए इस विस्फोटक बयान के ठीक एक घंटे बाद, अमेरिकी राजनीतिक हलकों में उस वक्त भूचाल आ गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर (Donald Trump Jr.) ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।ट्रंप जूनियर ने जेडी वेंस के उस पोस्ट को तुरंत रीपोस्ट (Repost) किया और उसके समर्थन में लिखा, इसकी हर एक बात बिल्कुल सही है। राष्ट्रपति के परिवार और उनके करीबी खेमे से आए इस खुले समर्थन ने यह साबित कर दिया कि व्हाइट हाउस के अंदर भी ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष और उसकी वजह से घरेलू मोर्चे पर चुकानी पड़ रही राजनीतिक कीमत को लेकर गंभीर मतभेद और चिंताएं मौजूद हैं। इस घटनाक्रम ने अमेरिका के आंतरिक राजनीतिक समीकरणों को एक नया मोड़ दे दिया है।घरेलू महंगाई और विदेश नीति का अंतर्विरोध बना हार की मुख्य वजहराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में मतदाताओं ने मुख्य रूप से महंगाई (Inflation), अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल और विदेशी युद्धों में देश के संसाधनों के बेवजह झोंके जाने को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया है। जेडी वेंस और ट्रंप जूनियर जैसे नेताओं का यह मानना कि युद्ध की नीतियों ने पार्टी का जनाधार कमजोर किया है, आने वाले समय में अमेरिकी विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस आंतरिक दबाव और चुनावी झटके के बाद अपनी रणनीति में किस प्रकार के बदलाव करता है। क्या अमेरिका ईरान के साथ चल रहे अपने सैन्य टकराव को सीमित करने की दिशा में कोई कदम उठाएगा या फिर घरेलू राजनीतिक दबाव के चलते नीतियों में फेरबदल किया जाएगा? फिलहाल, जेडी वेंस के इन तीखे बयानों ने अमेरिकी राजनीति की दिशा और दशा पर बहस छेड़ दी है, और आने वाले दिनों में इसके भू-राजनीतिक परिणाम दूरगामी साबित हो सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Nov 2026 4:21 pm

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद भारतीय शेयर बाजार उछला

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गए.

देशबन्धु 5 Nov 2026 4:19 pm

'यूक्रेन युद्ध ने खोल दी हमारी आंखें, ड्रोन के मामले में अमेरिका से बहुत आगे निकल गया यूक्रेन'

वैश्विक रक्षा रणनीतियों, आधुनिक सैन्य तकनीकों और महाशक्तियों की सैन्य तैयारियों को लेकर दुनिया के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका के रक्षा विभाग यानी पेंटागन (Pentagon) के टेक्नोलॉजी चीफ एमिल माइकल ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर यह खुलकर स्वीकार किया है कि अमेरिका आधुनिक ड्रोन युद्ध (Drone Warfare) के बदलते स्वरूप और उसकी अनिश्चितताओं के लिए पूरी तरह तैयार नहीं था। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे भीषण युद्ध ने अमेरिकी सैन्य तैयारियों की पोल खोल दी है और यह साबित कर दिया है कि कम लागत वाले ड्रोन तकनीक के मामले में यूक्रेन ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी पीछे छोड़ दिया है। इस खुलासे के बाद से अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों के बीच हड़कंप मच गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि पेंटागन के इस शीर्ष अधिकारी ने वॉल स्ट्रीट जर्नल टेक कॉन्फ्रेंस के दौरान और क्या-क्या बड़े खुलासे किए हैं और भविष्य के युद्धक्षेत्रों को लेकर अमेरिका की क्या नई चिंताएं सामने आ रही हैं।हम आधुनिक ड्रोन युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे: पेंटागन के टेक्नोलॉजी चीफ की दो टूक स्वीकारोक्तिकैलिफोर्निया के नापा में आयोजित प्रतिष्ठित वॉल स्ट्रीट जर्नल टेक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पेंटागन के टेक्नोलॉजी चीफ एमिल माइकल ने बेहद बेबाकी से स्वीकार किया कि अमेरिका को इस बात का कभी अंदाजा ही नहीं था कि आधुनिक संघर्षों में कमर्शियल और छोटे ड्रोन युद्ध की दिशा को पूरी तरह से बदल देंगे। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने अमेरिका को पूरी तरह से चौंका दिया है, क्योंकि अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने कभी इस स्तर के ड्रोन युद्ध की कल्पना ही नहीं की थी।माइकल ने यह भी माना कि हालांकि अमेरिका ने युद्ध के शुरुआती दौर से ही यूक्रेन को भारी सैन्य और आर्थिक सहायता प्रदान की है, लेकिन कई मौकों पर यूक्रेनी सेना को युद्ध के मैदान की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी तकनीक खुद ही विकसित करनी पड़ी, क्योंकि अमेरिकी रक्षा भंडार में वे तकनीकें उपलब्ध ही नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, हमने यूक्रेन की हरसंभव मदद की, लेकिन उन्हें युद्ध क्षेत्र में जिस तरह की मारक क्षमता और ड्रोन समाधानों की आवश्यकता थी, उसे उन्होंने खुद ही ईजाद किया क्योंकि हमारे पास उस वक्त वह तकनीक मौजूद नहीं थी।ड्रोन उत्पादन के भारी अंतर ने खोली पोल: अमेरिका के पास 5 लाख, तो यूक्रेन बना रहा करोड़ों ड्रोनपेंटागन के टेक्नोलॉजी चीफ ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए अमेरिका और युद्धग्रस्त यूक्रेन की निर्माण क्षमताओं के बीच के भारी अंतर को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि पिछली अमेरिकी सरकार के कार्यकाल के दौरान अमेरिकी रक्षा उद्योगों ने लगभग 1,000 ड्रोन का निर्माण किया था, जिसे बढ़ाकर अब करीब 500,000 (पांच लाख) ड्रोन के भंडार तक पहुंचाया गया है।लेकिन, जब इसकी तुलना यूक्रेन के उत्पादन से की जाती है, तो यह आंकड़ा बहुत छोटा नजर आता है। रूस के साथ चल रहे इस भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन अकेला इस साल लगभग 80 से 100 लाख (यानी 8 से 10 मिलियन) ड्रोन बनाने का भारी-भरकम अनुमान लगा रहा है। कम लागत और बड़े पैमाने पर ड्रोन के इस अंधाधुंध उत्पादन ने यूक्रेन को युद्ध के मैदान में एक बेहद मजबूत बढ़त दिलाई है, जिसे अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ भी अब स्वीकार कर रहे हैं।भविष्य के युद्धक्षेत्रों का अध्ययन कर रहा है पेंटागन, स्पेसएक्स और एलन मस्क भी शामिलरूस-यूक्रेन युद्ध से मिले कड़े सबक के बाद पेंटागन अब भविष्य के युद्धों की रणनीति को सिरे से बदलने में जुट गया है। माइकल ने जानकारी दी कि रक्षा विभाग के अंतर्गत 'प्रोजेक्ट मेरिडियन' (Project Meridian) नामक एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यह जांच करना है कि आने वाले समय में युद्ध किस प्रकार के हो सकते हैं, जिसमें जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) और अंतरिक्ष (स्पेस) में होने वाले संभावित संघर्ष भी शामिल हैं।इस अति-महत्वपूर्ण पहल में अमेरिका के निजी तकनीक जगत की बड़ी हस्तियों को भी जोड़ा गया है। स्पेसएक्स (SpaceX) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क (Elon Musk) और एंडुरिल इंडस्ट्रीज के संस्थापक पामर लकी जैसे दिग्गज उद्योगपति इस दिशा में रक्षा विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि अमेरिका भविष्य की हर सामरिक चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम बन सके।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टारगेटिंग को लेकर अमेरिकी सतर्कताभले ही अमेरिकी सेना तेजी से सस्ते और स्वायत्त (Autonomous) प्रणालियों की ओर बढ़ रही है, लेकिन एमिल माइकल ने स्पष्ट किया कि युद्ध के मैदान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर पेंटागन अभी भी बहुत अधिक सतर्कता बरत रहा है। उन्होंने बताया कि आज भी सैन्य हमलों और लक्ष्य (Target) तय करने की प्रक्रिया में एआई के बजाय पारंपरिक खुफिया रिपोर्टों (Intelligence Reports), उपग्रह से मिली तस्वीरों (Satellite Images) और इंसानी जांच (Human Verification) को ही सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है। एआई टारगेटिंग के मामले में अमेरिका अभी शुरुआती दौर में ही है और मानवीय निर्णय की महत्ता सर्वोपरि है।इसके अलावा, वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दौड़ पर बात करते हुए माइकल ने दावा किया कि अमेरिका अभी भी चीन से इस मामले में आगे है। उनके अनुसार, अमेरिका के पास अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स और विशाल डेटा-सेंटर क्षमता की जो ताकत है, वह उसे बीजिंग पर बढ़त दिलाती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चीन और अमेरिका के बीच एआई के विकास को लेकर मुकाबला बेहद कड़ा है और दोनों देशों के बीच फासला बहुत कम रह गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Nov 2026 4:18 pm

अमेरिकी चुनाव : डेमोक्रेटिक पार्टी की 100 से अधिक महिलाएं जीतीं

वाशिंगटन, अमेरिका की वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेता और प्रतिनिधि सभा की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की 100 से अधिक महिलाओं के निर्वाचित होने पर खुशी जताई है। उन्होंने इसे अमेरिकी राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण पड़ाव करार दिया है।

देशबन्धु 5 Nov 2026 2:45 pm

अमेरिका: मोंटाना गवर्नर मेंशन में पहली बार मनी दीपावली, बॉलीवुड के गानों पर झूमे लोग

अमेरिका: मोंटाना गवर्नर मेंशन में पहली बार मनी दीपावली, बॉलीवुड के गानों पर झूमे लोग

समाचार नामा 5 Nov 2026 2:34 pm

Iran: खामेनेई की अमेरिका को चेतावनी, कोई नया सैन्य हमला होता है, तो ईरान इसका पहले से ज्यादा कड़ा जवाब देगा

इंटरनेट डेस्क। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार के बाद अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर कोई नया सैन्य हमला होता है, तो ईरान इसका पहले से कहीं कड़ा जवाब देगा। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद ईरान ने अपने तीखे बयानों को और तेज कर दिया है। खबरों की माने तो मुजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान सभी क्षेत्रों में खुद को मजबूत करना जारी रखेगा, ताकि वह किसी के भी किसी हमले का सामना कर सके। ईरानी नेता ने कहा कि ईरान के प्रति अमेरिका का शत्रुतापूर्ण रवैया नहीं बदलेगा, चाहे अमेरिका में ट्रंप हारें या जीतें। उन्होंने उन लोगों को कहा कि किसी तरह की गलतफहमी ना पालें जो मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद अमेरिकी नीति में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी वैश्विक प्रभुत्व में गिरावट का जिक्र किया। उनका तर्क था कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव खो रहा है। pc- india tv hindi

राजस्थान खबरे 5 Nov 2026 2:18 pm

राहुल गांधी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत:FIR वाली याचिका खारिज, अमेरिका में बोले थे- क्या सिख को भारत में पगड़ी-कड़ा पहनने का अधिकार है

अमेरिका दौरे के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए कथित बयान के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने नागेश्वर मिश्रा और अन्य की याचिका पर यह फैसला सुनाया। राहुल के जिस बयान पर विवाद, उसे हूबहू पढ़िए... राहुल ने कहा था- सिखों को चिंता है कि क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे 10 सितंबर, 2024 को अमेरिका में राहुल ने कहा था- भारत में सिख समुदाय के बीच इस बात की चिंता है कि उन्हें पगड़ी, कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या नहीं? क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे? ये चिंता सिर्फ सिखों की नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है। देश सबका है, यह BJP नहीं मानती। भारत एक संघ है। संविधान में साफ लिखा है। भारत एक संघ राज्य है, जिसमें विभिन्न इतिहास, परंपराएं, संगीत और नृत्य शामिल हैं। BJP कहती है कि ये संघ नहीं है, ये अलग है। RSS भारत को नहीं समझती। RSS कहती है कि कुछ राज्य दूसरे राज्यों से कमतर हैं। कुछ भाषाएं दूसरी भाषाओं से, कुछ धर्म दूसरे धर्मों से, कुछ समुदाय दूसरे समुदाय से कम हैं। हर राज्य का अपना इतिहास, परंपरा है। RSS की विचारधारा में तमिल, मराठी, बंगाली, मणिपुरी हैं, ये कमतर भाषाएं हैं। इसी बात पर लड़ाई है। RSS भारत को नहीं समझती। जानिए पूरा मामलावाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने राहुल के बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में FIR दर्ज कराने के लिए शिकायत दी थी, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। इस पर उन्होंने अदालत में केस दाखिल किया। मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए केस खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है। यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने एमपी/एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। जिसे 21 जुलाई 2025 को अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। जो खारिज हो गई। परिणाम स्वरूप पुनः एसीजेएम चतुर्थ वाराणसी के यहां सुनवाई हुई। एसीजेएम नीरज त्रिपाठी ने पुनः यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना का समय और तिथि-नहीं दी गई है। इसके बाद नागेश्वर मिश्र ने पुनः एडीजे पंचम के यहां निगरानी दाखिल की। MP/MLA कोर्ट में लिखित जवाब दे चुके हैं राहुल गांधीराहुल गांधी ने 25 अगस्त को एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष दायर लिखित जवाब दाखिल किया था। कहा था- नागेश्वर मिश्रा द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका राजनीति से प्रेरित है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने खुद को 'सच्चा देशभक्त' बताते हुए कहा- सिख समुदाय सहित सभी धर्मों और समुदायों के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। उनकी टिप्पणी वास्तव में सिख समुदाय के हित में और उनके योगदान को उजागर करने के लिए थी। राहुल गांधी ने तर्क दिया था- अमेरिका यात्रा के दौरान दिया गया बयान विशेष समुदाय (सिखों) पर पूरे विश्व में हो रहे अत्याचारों के संबंध में है, जो सिख समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सिख समुदाय के सम्मान और उनके हित में दिया गया। बयान भारत के बाहर दिया गया, इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे सिख समुदाय का अपमान हुआ हो। या उक्त समुदाय के किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंची हो। राहुल ने लिखा कि उनके खिलाफ कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता। भारत के बाहर किए गए कथित अपराध के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 208 में यह प्रावधान है कि केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना भारत में ऐसे किसी अपराध की जांच या सुनवाई नहीं की जा सकती।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 2:04 pm

भारत के लिए ट्रम्प से ज्यादा खतरनाक है डेमोक्रेट्स!

अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रम्प को मिले चुनावी झटकों और डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़ती ताकत के बीच भारत के लिए यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि वाशिंगटन का रुख उसके प्रति नरम पड़ जाएगा। भारत की नीतियों की आलोचना करने में डेमोक्रेटिक सांसद भी पीछे नहीं ...

वेब दुनिया 5 Nov 2026 1:43 pm

अमेरिकी क्रिकेट को बचाने के लिए बड़ा कदम: 3 नए डायरेक्टर्स के हाथ में कमान, मिलेगी 30 करोड़ की फंडिंग

अमेरिकी क्रिकेट को बचाने के लिए बड़ा कदम: 3 नए डायरेक्टर्स के हाथ में कमान, मिलेगी 30 करोड़ की फंडिंग

समाचार नामा 5 Nov 2026 1:30 pm

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत भारत के लिए क्यों खास

अन्तरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक गलियारों में अमेरिका के मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) के चौंकाने वाले नतीजों ने एक नया भूचाल ला दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में बहुमत हासिल कर लिया है और संसद की कमान अपने हाथों में ले ली है। इस चुनावी हार के साथ ही वाशिंगटन में अब 'विभाजित सरकार' (Divided Government) की स्थिति बन गई है, जहां व्हाइट हाउस पर तो ट्रंप का कब्जा है, लेकिन कानून बनाने, बजट पारित करने और प्रशासनिक फैसलों पर नजर रखने की चाबी डेमोक्रेट्स के पास आ गई है। इस राजनीतिक उलटफेर का सबसे बड़ा प्रभाव अब अमेरिका की विदेश नीतियों पर पड़ेगा, जिसे भारत के नजरिए से बेहद राहत भरा और कूटनीतिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है।अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का कब्जा: ट्रंप के आक्रामक एजेंडे पर कसेगी लगामडेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा संसद की कमान संभालते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन एकतरफा और आक्रामक फैसलों पर ब्रेक लगना तय है, जो वे अपने 'अमेरिका फर्स्ट' (MAGA) एजेंडे के तहत लागू कर रहे थे। संसद पर नियंत्रण मिलने के बाद डेमोक्रेट्स अब ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियों, टैरिफ (शुल्क) दरों, अप्रवासन कानूनों और रक्षा बजट की कड़ी विधायी जांच (Congressional Scrutiny) कर सकेंगे। अमेरिकी संविधान के तहत कोई भी बड़ा टैक्स संशोधन या बजटीय आवंटन बिना प्रतिनिधि सभा की मंजूरी के पास नहीं हो सकता। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप को अब अपनी मनचाही नीतियां पास कराने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ कूटनीतिक समझौता करने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल कम होगा और नीतिगत स्थिरता आएगी।भारतीय आईटी प्रोफेश्नल्स और H-1B वीजा धारकों के लिए राहत के संकेतभारत और भारतीय पेशेवरों के लिए इस चुनावी नतीजे की सबसे बड़ी और सीधी खुशखबरी अप्रवासन (Immigration) के मोर्चे पर देखने को मिल सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पद संभालते ही H-1B वीजा आवेदनों पर भारी भरकम 1 लाख डॉलर की फीस लगाने और आव्रजन नियमों को कड़ा करने जैसे सख्त कदम उठाए थे। अब संसद में बहुमत हासिल कर चुके डेमोक्रेट्स ट्रंप के इन आक्रामक फैसलों पर न्यायिक और संसदीय जवाबदेही तय करेंगे। चूंकि अमेरिकी टेक कंपनियां (जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल) भारतीय आईटी टैलेंट पर अत्यधिक निर्भर हैं, इसलिए डेमोक्रेट्स का रुख भारतीय पेशेवरों और भारतीय आईटी कंपनियों के पक्ष में रहने की उम्मीद है, जिससे लाखों भारतीय युवाओं के अमेरिकी सपनों को नई जीवनशैली और सुरक्षा मिलेगी।टैरिफ वॉर और वैश्विक व्यापार में नरमी: भारतीय निर्यातकों को मिलेगा बड़ा फायदाव्यापार और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप की अचानक टैरिफ बढ़ाने और दंडात्मक शुल्क लगाने की आदत ने भारतीय निर्यातकों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत तक के पारस्परिक टैरिफ लगाने के प्रस्तावों से व्यापार वार्ताएं लगभग ठप पड़ी हुई थीं। अब डेमोक्रेट्स के संसद पर काबिज होने के बाद ट्रंप के लिए मनमाने ढंग से टैरिफ थोपना आसान नहीं रहेगा। अमेरिकी संसद द्वारा व्यापारिक नियमों की होने वाली निष्पक्ष समीक्षा से भारत के कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो पार्ट्स और आईटी सेवाओं जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को एक पूर्व-अनुमानित और स्थिर माहौल मिलेगा, जिससे भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को नया बल प्राप्त होगा।रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद पर भारत पर कम होगा अमेरिकी दबाववैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीति के मोर्चे पर भारत लंबे समय से रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल का आयात कर रहा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर रूसी तेल न खरीदने और प्रतिबंधों का पालन करने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और कच्चे तेल के दामों में आई ताजा अंतरराष्ट्रीय गिरावट के बाद भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक स्वायत्तता और कूटनीतिक स्पेस मिलेगा। डेमोक्रेट्स का मुख्य ध्यान घरेलू स्तर पर महंगाई और रहने की लागत (Cost of Living) को नियंत्रित करने पर रहेगा, जिसके चलते भारत पर रूसी तेल को लेकर आक्रामक कूटनीतिक हमले काफी हद तक कम हो जाएंगे।रक्षा साझेदारी में निरंतरता और चीन के खिलाफ रणनीतिक मजबूतीयद्यपि व्यापार और आव्रजन पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन भारत के साथ सामरिक और रक्षा संबंधों (Strategic & Defence Partnership) को लेकर वाशिंगटन में दोनों दलों की एक राय रही है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को संतुलित करने के लिए क्वाड (QUAD) और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी (iCET) जैसे महत्वपूर्ण रक्षा मंचों पर अमेरिका भारत का साथ निभाता रहेगा। कुल मिलाकर, अमेरिका में ट्रंप के एकाधिकार को चुनौती मिलने से भारत के लिए द्विपक्षीय वार्ताओं का पलड़ा मजबूत हुआ है, जिससे भारत एक संतुलित और आत्मविश्वास से भरी कूटनीति के साथ अपनी अर्थव्यवस्था और सामरिक हितों को आगे बढ़ा सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Nov 2026 1:26 pm

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की 100 से अधिक महिलाएं जीतीं, पूर्व स्पीकर पेलोसी ने जताई खुशी

वाशिंगटन, 5 नवंबर . अमेरिका की वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेता और प्रतिनिधि सभा की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की 100 से अधिक महिलाओं…

डेली किरण 5 Nov 2026 1:18 pm

सिवाय मेरे उन्हें और कोई दूसरा... अमेरिका के पहले मुस्लिम सेनेटर बने अब्दुल अल सैयद की भारतवंशी पत्नी सारा का वीडियो वायरल!

Sarah Jukaku: 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में पहले मुस्लिम सीनेटर के रूप में अब्दुल अल-सैयद की जीत ने कर्नाटक के एक छोटे से गांव को चर्चा में ला दिया है। इसकी वजह उनकी पत्नी डॉ. सारा जकाकू हैं, जिनका परिवार मूल रूप से भटकल का रहने वाला है, जो मंगलुरु से लगभग 140 किमी दूर है।'यूएसए टुडे' के अनुसार पेशे से मनोचिकित्सक डॉ. जकाकू की मुलाकात अब्दुल अल-सैयद से तब हुई थी, जब वे दोनों मिशिगन विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। छात्रों के प्रकाशन 'द मिशिगन डेली' के एक लेख के मुताबिक जब अब्दुल अल-सैयद अपने पहले साल (फ्रेशमैन) में थे, तब उनकी सगाई हो गई थी और 2006 में उन्होंने शादी कर ली। इस साल वे अल-सैयद के मध्यावधि चुनाव अभियान में भी सक्रिय रूप से शामिल थीं।US मध्यावधि चुनाव 2026एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने अपने और अपने पति के रिश्ते के बारे में बात की थी। डॉ. जुकाकू ने कहा कि मेरे अलावा उन्हें कोई नहीं बताता कि क्या करना है। उनके पिता जुकाकू तैयब, जो एक नेफ्रोलॉजिस्ट (गुर्दा रोग विशेषज्ञ) हैं, भटकल में पले-बढ़े और MBBS पूरा करने के बाद अमेरिका चले गए थे। उनके दादा जुकाकू शम्सुद्दीन एक जाने-माने वकील और शिक्षाविद थे। उन्होंने जामखंडी रियासत (जो आज कर्नाटक के बागलकोट जिले में है) के मुख्यमंत्री बी.डी. जत्ती की सरकार में वित्त उप-मंत्री के रूप में काम किया था।डॉ. सारा का जन्म और पालन-पोषण मिशिगन में हुआ है। उन्होंने 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स से अपनी मेडिकल डिग्री हासिल की, जिसके बाद उन्होंने मनोरोग विज्ञान (साइकियाट्री) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। “Give it up for the REAL physician in the family!”Dr. Sarah Jukaku, the wife of Dr. Abdul El-Sayed, surprised the crowd by delivering her first public speech during the U.S. Senate candidate’s final rally before Election Day in Michigan. https://t.co/iD3rO8xHNH— Muslim Girl (@muslimgirl) November 3, 2026 बागलकोट के निवासियों ने अब्दुल अल-सैयद को बधाई दी है। उनकी जीत अमेरिका में आई उस 'ब्लूनामी' (डेमोक्रेटिक लहर) के दौरान हुई, जिसने कई 'रूबी रेड' (रिपब्लिकन) राज्यों को अपने प्रभाव में ले लिया। वहां के एक निवासी ने 'अमेरिकन बाजार' को बताया हम उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जुकाकू परिवार का कोई सदस्य अमेरिका में इतने महत्वपूर्ण पद के लिए चुनाव लड़ रहा है।इस कपल की शादी को दो दशक से ज्यादा समय हो चुका है। इस दौरान अब्दुल अल-सैयद ने दक्षिण भारतीय संस्कृति के साथ अपने जुड़ाव के बारे में मजाकिया अंदाज में बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- देखिए... मेरी शादी एक दक्षिण भारतीय परिवार में 20 साल पहले हुई थी... अब मैं पूरी तरह से इसमें घुल-मिल गया हूं। सच कहूं तो शायद मैं अरब होने से ज्यादा भारतीय हूं। पत्रकारों के साथ एक अन्य बातचीत में अल-सैयद ने कहा कि वह देसी महिलाओं से घिरे हुए हैं... मेरी दो देसी बेटियां एमाली और सेरीन हैं। एक देसी पत्नी हैं।

ज़ी न्यूज़ 5 Nov 2026 1:05 pm

‘अमेरिका और चीन कांग्रेस को स्पॉन्सर कर रहे’, भाजपा नेता ने सीजेपी पर भी लगाए गंभीर आरोप

हैदराबाद, 5 नवंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को कथित रूप से विदेशी फंडिंग मिलने का दावा किया है. भाजपा की…

डेली किरण 5 Nov 2026 12:53 pm

ममदानी, अब्दुल, ट्रंप के दो सबसे बड़े सियासी दुश्मन

अमेरिकी राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दक्षिणपंथी प्राथमिकताओं और सख्त नीतियों के बीच दो प्रमुख मुस्लिम नेताओं—ज़ोहराम ममदानी और अब्दुल मलिक (तथा अमेरिकी स्थानीय राजनीति में असर रखने वाले अन्य मुस्लिम प्रतिनिधि)—की भूमिका बेहद अहम बनकर उभरी है। न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले ज़ोहराम ममदानी और समुदाय को संगठित करने वाले मुस्लिम नेता अब्दुल अमेरिकी प्रशासन के लिए एक बड़ी सियासी चुनौती पेश कर रहे हैं। इन नेताओं ने न केवल कामकाजी वर्ग, प्रवासियों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को मजबूती से उठाया है, बल्कि ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) एजेंडे के सामने एक मजबूत और संगठित प्रगतिशील विकल्प भी खड़ा कर दिया है।अमेरिकी राजनीति में मुस्लिम नेतृत्व का उभार और ट्रंप प्रशासन की चिंताएंअमेरिका में लंबे समय से रूढ़िवादी और रिपब्लिकन राजनीति का दबदबा रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जनसांख्यिकीय और सामाजिक बदलावों ने बड़े शहरों की राजनीति का पासा पलट दिया है। ज़ोहराम ममदानी, जिन्होंने न्यूयॉर्क शहर की मेयर/स्थानीय चुनाव में अपनी नीतियों के दम पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की, वे प्रगतिशील और लोकतांत्रिक समाजवादियों का एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। ममदानी की राजनीति का मुख्य केंद्र अफोर्डेबिलिटी यानी आम लोगों के लिए रहने की लागत को कम करना, मुफ्त सार्वजनिक परिवहन देना और कामकाजी वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना रहा है। वहीं, इमाम अब्दुल मलिक मुजाहिद जैसे प्रभावशाली सामुदायिक नेता मुस्लिम समुदाय को नागरिक अधिकारों, मीडिया सहभागिता और राजनीतिक सक्रियता के प्रति एकजुट कर रहे हैं। इन दोनों नेताओं का यह उभार ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी वैचारिक और जमीनी चुनौती बन गया है।आर्थिक असमानता और अफोर्डेबिलिटी पर ट्रंप के एजेंडे को सीधी चुनौतीडोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक आधार हमेशा से कामकाजी वर्ग के उन लोगों पर टिका रहा है जो आर्थिक तंगी और महंगाई से परेशान थे। लेकिन ज़ोहराम ममदानी ने ट्रंप के इसी वोट बैंक की नस पकड़कर राजनीति की दिशा बदल दी। ममदानी का मानना है कि ट्रंप के मतदाता केवल आर्थिक कारणों से उनकी ओर झुके थे, और यदि उन्हें सस्ती आवास सुविधा, उचित मजदूरी और बेहतर जनसुविधाएं दी जाएं तो वे प्रगतिशील राजनीति के साथ आ सकते हैं। ममदानी ने न्यूयॉर्क में टैक्स ढांचे को सुदृढ़ करने और अमीरों पर अधिक कर लगाकर आम जनता को राहत देने की नीति की वकालत की है। यह मॉडल सीधे तौर पर ट्रंप की कॉर्पोरेट-समर्थक और कर-कटौती वाली नीतियों पर प्रहार करता है, जिससे रिपब्लिकन खेमे में खलबली मच गई है।अप्रवासन, मुस्लिम अधिकारों और मानवाधिकारों के मोर्चे पर घेराबंदीट्रंप प्रशासन की सख्त अप्रवासन नीतियों, बॉडर सीलिंग और 'मुस्लिम बैन' जैसे पूर्व फैसलों के खिलाफ ये नेता एक अभेद्य दीवार बनकर खड़े हुए हैं। इमाम अब्दुल और साउंड विज़न जैसे संगठनों के माध्यम से अमेरिकी मुस्लिम समुदाय में कानूनी जागरूकता और नागरिक सहभागिता बढ़ाई जा रही है। जब भी वाशिंगटन से प्रवासियों या मुस्लिम समुदाय को लक्षित करने वाली कोई नीति सामने आती है, तो ये नेता स्थानीय स्तर पर अदालती लड़ाइयों, विरोध प्रदर्शनों और मीडिया अभियानों के जरिए सरकार को बैकफुट पर धकेल देते हैं। ममदानी ने भी न्यूयॉर्क में आव्रजन प्रवर्तन की सख्त नीतियों के खिलाफ खड़े होकर प्रवासियों को शरण देने और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम किया है, जिससे ट्रंप की केंद्रीय नीतियों को स्थानीय स्तर पर लागू करना मुश्किल हो रहा है।जमीनी गठबंधन और युवा-अल्पसंख्यक वोट बैंक की गोलबंदीइन नेताओं की सबसे बड़ी ताकत इनका जमीनी नेटवर्क है। ये केवल भाषणबाज़ी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्होंने अश्वेत, हिस्पैनिक, एशियाई और युवा मतदाताओं का एक बहुसांस्कृतिक गठबंधन तैयार किया है। 18 से 29 वर्ष के युवा मतदाताओं और कामकाजी प्रवासियों के बीच इनकी बढ़ती लोकप्रियता ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका का भविष्य अधिक विविधतापूर्ण और प्रगतिशील नीतियों पर आधारित होने वाला है। जब स्थानीय स्तर पर इस तरह का मजबूत गठबंधन बनता है, तो राष्ट्रपति पद की केंद्रीय ताकतें भी पंगु महसूस करने लगती हैं, क्योंकि शहरों और राज्यों के प्रशासन को चलाए बिना केंद्रीय नीतियां सफल नहीं हो सकतीं।क्या वाशिंगटन की नीतियों को बदलने पर मजबूर कर देंगे ये नेता?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममदानी और अब्दुल जैसे नेताओं की बढ़ती पैठ से अमेरिकी कांग्रेस और राष्ट्रपति भवन को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। यद्यपि ट्रंप प्रशासन केंद्रीय स्तर पर अपनी नीतियां लागू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों में इन नेताओं का बढ़ता प्रभाव ट्रंप की प्राथमिकताओं में सीधी सेंध लगा रहा है। यदि यह गति बनी रहती है, तो आगामी मध्यावधि और राष्ट्रीय चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Nov 2026 12:53 pm

'अमेरिका और चीन कांग्रेस को स्पॉन्सर कर रहे', भाजपा नेता ने सीजेपी पर भी लगाए गंभीर आरोप

'अमेरिका और चीन कांग्रेस को स्पॉन्सर कर रहे', भाजपा नेता ने सीजेपी पर भी लगाए गंभीर आरोप

समाचार नामा 5 Nov 2026 12:48 pm

अमेरिकी क्रिकेट को दिवालियापन से निकालने की तैयारी शुरु:तीन स्वतंत्र डायरेक्टर संभालेंगे कमान; ACE ने करीब 30 करोड़ रुपए तक फंडिंग का भरोसा दिया

अमेरिका क्रिकेट को दिवालियापन से बाहर निकालने की तैयारी शुरू हो गई है। कोर्ट नियुक्त ट्रस्टी मार्क डेनिस ने बोर्ड के लिए तीन स्वतंत्र डायरेक्टर के नाम प्रस्तावित किए हैं। इनमें सेलिना कैंग, पैट्रिक सिंगलटन और नॉर्मन वेन शामिल हैं। नई टीम ICC से निलंबित सदस्यता बहाल कराने और अमेरिकी क्रिकेट में प्रशासनिक स्थिरता लाने की जिम्मेदारी संभालेगी। यह प्रस्ताव USA क्रिकेट के रिऑर्गेनाइजेशन प्लान का हिस्सा है, जिसे अमेरिकी बैंकरप्सी कोर्ट में दाखिल किया गया है। मेजर लीग क्रिकेट (MLC) की मालिक कंपनी अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेज (ACE) ने भी संगठन को चलाने के लिए 29 करोड़ 68 लाख रुपए तक की अतिरिक्त फंडिंग देने का भरोसा दिया है। जनवरी 2027 में कोर्ट की मंजूरी मिलने की उम्मीद कोर्ट नियुक्त ट्रस्टी मार्क डेनिस ने 15 जनवरी 2027 के आसपास रिऑर्गेनाइजेशन प्लान की सुनवाई कराने का अनुरोध किया है। यह सुनवाई अधिकतम 22 जनवरी तक हो सकती है। फंडिंग व्यवस्था के लिए 29 जनवरी तक कोर्ट की मंजूरी जरूरी है। प्लान को मंजूरी मिलने और सभी शर्तें पूरी होने के बाद तीनों नए डायरेक्टर पद संभाल सकते हैं। उसी समय USA क्रिकेट के मौजूदा बोर्ड के सभी सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। नए डायरेक्टर के चयन की प्रक्रिया पर ICC और अमेरिकी ओलिंपिक एवं पैरालिंपिक समिति (USOPC) ने भी नजर रखी है। USA क्रिकेट और ACE के बीच चल रहा विवाद दरअसल, USA क्रिकेट और ACE के बीच लंबे समय से कमर्शियल समझौते को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष 2019 के शुरुआती समझौते की शर्तों के अनुरूप नया करार नहीं कर पाए थे। इसी मतभेद ने संगठन के प्रशासनिक संकट को और बढ़ाया। अब नए बोर्ड को ACE के साथ मिलकर ऐसा समझौता करना होगा, जो ICC की पहले उठाई गई आपत्तियों को भी दूर करे। ICC सस्पेंशन के दौरान भी जारी रहेगी फंडिंग 2028 ओलिंपिक तक बिना चुनाव के चल सकता है बोर्ड नए संविधान के तहत USA क्रिकेट के बोर्ड में 9 से 11 डायरेक्टर हो सकते हैं। इसमें खिलाड़ियों के प्रतिनिधियों के पास कम से कम 33.3% वोटिंग अधिकार होंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, ICC की सदस्यता बहाल होने तक स्वतंत्र डायरेक्टर के पास बोर्ड की कमान रह सकती है। ऐसे में 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक तक सामान्य सदस्यों के बीच चुनाव कराए बिना भी संगठन चल सकता है। हालांकि, दस्तावेजों में चुनाव कराने पर रोक नहीं लगाई गई है और न ही इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय की गई है। पहले भी प्रशासनिक विवादों में फंस चुका है अमेरिका क्रिकेट अमेरिकी क्रिकेट का प्रशासनिक संकट नया नहीं है। USA क्रिकेट से पहले यहां यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका क्रिकेट एसोसिएशन (USACA) काम करती थी। उसे 2005 से 2015 के बीच तीन बार ICC ने निलंबित किया था। 2017 में ICC ने उसे बाहर कर दिया। इसके बाद USA क्रिकेट का गठन किया गया, लेकिन कुछ सालों में संगठन में फिर प्रशासनिक विवाद शुरू हो गए। सितंबर 2025 में ICC ने उसकी सदस्यता निलंबित कर दी। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन, क्रिकेट वेन्यू भी तैयार प्रशासनिक विवादों के बीच अमेरिकी टीम ने मैदान पर अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम ने तीन साल तक चले अभियान के बाद वर्ल्ड कप लीग-2 का खिताब जीता। वहीं देश में प्रोफेशनल क्रिकेट का विस्तार भी हो रहा है। लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स ने पोमोना में नया क्रिकेट वेन्यू तैयार किया है, जहां 2028 ओलिंपिक के क्रिकेट मुकाबले होने हैं। वहीं, वॉशिंगटन फ्रीडम ने मैरीलैंड के फ्रेडरिक में 10 हजार दर्शकों की क्षमता वाला निजी क्रिकेट स्टेडियम बनाने का काम शुरू किया है। ---------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आज 38 साल के हुए विराट कोहली:सुरेश रैना बोले- एक बार का किंग, हमेशा किंग; दिनेश कार्तिक की पोस्ट- आपकी फिटनेस का जवाब नहीं विराट कोहली गुरुवार को 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर कई क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर बधाईयां दी हैं। इनमें शिखर धवन, रवि शास्त्री, सुरेश रैना, दिनेश कार्तिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 12:34 pm

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बाद ट्रंप पर बढ़ा राजनीतिक दबाव, भारत के लिए कम हुआ टैरिफ झटकों का जोखिम : रिपोर्ट

New Delhi, 5 नवंबर . अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का एकीकृत नियंत्रण समाप्त होने से India के लिए अमेरिका के साथ व्यापार…

डेली किरण 5 Nov 2026 12:18 pm

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद कच्चे तेल में गिरावट, भारत को राहत की उम्मीद

तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए अहम है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। कच्चा तेल भारत के प्रमुख आयातों में शामिल है और इसके दाम बढ़ने से आयात बिल, चालू खाते और घरेलू महंगाई पर दबाव बढ़ता है।

देशबन्धु 5 Nov 2026 12:16 pm

ईरान और अमेरिकी सैन्य अभियानों पर पेंटागन की जवाबदेही तय करने की मांग

वाशिंगटन, अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद एडम स्मिथ ने ईरान संघर्ष, लैटिन अमेरिका में अमेरिकी सैन्य अभियानों और निजी कंपनियों को दिए जा रहे रक्षा ठेकों को लेकर पेंटागन की कड़ी निगरानी की मांग की है।

देशबन्धु 5 Nov 2026 12:05 pm

अमेरिका ने ईरान के साथ कथित संबंधों को लेकर भारत और तुर्की की कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए

अमेरिका ने ईरान के साथ कथित संबंधों को लेकर भारत और तुर्की की कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका ने भारत में रहने वाले सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति के साथ-साथ, सुनील कुमार शर्मा से जुड़ी नौ इकाइयों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने इस दंपति पर […] The post अमेरिका ने ईरान के साथ कथित संबंधों को लेकर भारत और तुर्की की कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए appeared first on Shahernama | Latest News, Articles, Analysis, Local, National, World .

शहरनामा 5 Nov 2026 12:04 pm

मिडटर्म चुनाव नतीजों का अमेरिका के साथ रिश्तों पर असर नहीं: दक्षिण कोरियाई प्रधानमंत्री

सोल, 5 नवंबर . Prime Minister हान सियोंग-सूक ने Thursday को कहा कि मिडटर्म चुनाव के नतीजों से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संबंधों में बदलाव की संभावना…

डेली किरण 5 Nov 2026 12:03 pm

'आज POTUS कल LOTUS', अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है, जहां विपक्षी दलों ने इसे बीजेपी के भविष्य से जोड़ा है।

जागरण 5 Nov 2026 11:47 am

LIVE: अभिजीत दीपके को अमेरिका, आशुतोष रांका को पाकिस्तान से मिल रही फंडिंग-केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का दावा

LIVE: ग्रेटर नोएडा वेस्ट का 700 मीटर लंबा गौर चौक अंडरपास 5 नवंबर से तीन दिन के लिए ट्रायल रन के लिए खोल दिया गया है. इस दौरान सुरक्षा, साइनेज, लाइटिंग, जल निकासी और ट्रैफिक प्रबंधन की जांच की जाएगी, जिससे खामियां दूर की जा सकें.

NDTV इंडिया 5 Nov 2026 11:31 am

अल-सैयद का 'हबीबी जेडी वेंस', हिजाब में इल्हान का डांस- अमेरिका चुनाव में इन 7 मुस्लिम नेताओं ने बनाया इतिहास

अमेरिका की जनता ने दिखा दिया है कि यह लोकतंत्र सभी के लिए है, यहां विभाजनकारी राजनीति के लिए जगह नहीं है. इन मुस्लिम उम्मीदवारों ने इलाज, मकान, इमिग्रेशन, नागरिक अधिकार और इजरायल-फिलिस्तीन पर अमेरिका की नीति जैसे मुद्दों पर मिडटर्म चुनाव लड़ा था.

NDTV इंडिया 5 Nov 2026 11:29 am

जर्मन : अमेरिका-इजरायल हमले को बताया सही

तेहरान, तेहरान ने जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के उस बयान पर सख्त ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने ईरान पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का बचाव किया था। गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे 'शर्मनाक और निम्न स्तर का बयान' करार दिया।

देशबन्धु 5 Nov 2026 11:28 am

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में करारी हार के बाद अब ट्रंप का क्या होगा?

डेमोक्रेट्स ने अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट जीतकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया. इस नतीजे से ट्रंप के आखिरी 2 वर्षों में जांच, बजट, ईरान युद्ध, नियुक्तियों और वीटो पर तीखा टकराव बढ़ सकता है.

आज तक 5 Nov 2026 11:22 am

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद गिरा कच्चा तेल का दाम

नई दिल्ली, वैश्विक कच्चे तेल बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई भी 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत और ईरान के साथ संभावित तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों पर भारी दबाव डाला है।

देशबन्धु 5 Nov 2026 11:20 am

जर्मन विदेश मंत्री ने अमेरिका-इजरायल हमले को बताया सही, तेहरान बोला- शर्मनाक बयान

तेहरान ने जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के उस बयान पर सख्त ऐतराज जताया है जिसमें उन्होंने ईरान पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का बचाव किया था। गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे 'शर्मनाक और निम्न स्तर का बयान' करार दिया।

खास खबर 5 Nov 2026 11:19 am

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: हार के बाद ट्रंप की विदेश नीति पर संकट; अब ईरान, इस्राइल और यूक्रेन पर क्या पड़ेगा असर?

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: हार के बाद ट्रंप की विदेश नीति पर संकट; अब ईरान, इस्राइल और यूक्रेन पर क्या पड़ेगा असर?--What Trump Midterm Election Setback Could Mean for Iran, Israel and Ukraine

अमर उजाला 5 Nov 2026 10:40 am

अमेरिकी चुनाव के बाद एलन मस्क को झटका, हार के बाद डेमोक्रेट्स के निशाने पर उनका बिजनेस साम्राज्य

मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों और टेक्सास में पार्टी की पकड़ मजबूत रखने के लिए करीब 50 करोड़ डॉलर खर्च किए। यह रकम लगभग 4,700 करोड़ रुपये के बराबर बताई गई है। इसके बावजूद चुनाव में डेमोक्रेट्स को सफलता मिली और उन्होंने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल किया।

देशबन्धु 5 Nov 2026 10:28 am

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,388 अंक उछला

कारोबार के शुरुआती दौर में करीब 2,099 शेयर बढ़त में थे, जबकि 397 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 107 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। रुपये में भी मजबूती दिखाई दी और शुरुआती कारोबार में वह डॉलर के मुकाबले 14 पैसे चढ़कर 94.32 पर पहुंच गया।

देशबन्धु 5 Nov 2026 10:00 am

चुनावी हार के बाद ट्रंप कर सकते हैं बड़ा फेरबदल: रुबियो की जगह लेंगे सर्जियो गोर? अमेरिकी मीडिया में बड़ा दावा

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद सर्जियो गोर को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, ट्रंप के करीबी का नाम चीफ ऑफ स्टाफ पद की दौड़ में: रिपोर्ट

अमर उजाला 5 Nov 2026 9:47 am

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: भारतीय मूल के नेताओं ने रचा इतिहास, 30 सीट जीतीं; कई राज्यों में डेमोक्रेट्स को मजबूती

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: भारतीय मूल के नेताओं ने रचा इतिहास, 30 सीट जीतीं; कई राज्यों में डेमोक्रेट्स को मजबूती---Indian Americans Shine in US Midterm Elections: 30 Win State Legislative Seats, Democrats Make Major Gains

अमर उजाला 5 Nov 2026 8:44 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों के बाद ईरान में जश्न, तेहरान में ट्रंप-नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन; पोस्टर जलाए

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों के बाद ईरान में जश्न, तेहरान में ट्रंप-नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन; पोस्टर जलाए---Republican Party Midterm Election Loss Sparks Protest in Tehran, Demonstrators Burn Trump and Netanyahu Banner

अमर उजाला 5 Nov 2026 7:55 am

US Midterm Election: अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशियों की जीत, विवेक रामास्वामी गवर्नर का चुनाव हारे

US Midterm Election: अमेरिकी संसद में 5 भारतवंशियों की जीत, विवेक रामास्वामी गवर्नर का चुनाव हारे

समाचार नामा 5 Nov 2026 7:46 am

अमेरिका: प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद पर हकीम जेफ्रीज ने ठोकी दावेदारी, अगर चुने गए तो रच देंगे इतिहास

अमेरिका: प्रतिनिधि सभा के स्पीकर पद पर हकीम जेफ्रीज ने ठोकी दावेदारी, अगर चुने गए तो रच देंगे इतिहास

अमर उजाला 5 Nov 2026 7:45 am

अमेरिका के वॉशिंगटन में घर के अंदर भीषण गोलीबारी, शेरिफ विभाग के एक डिप्टी की मौत, दूसरे की हालत नाजुक; मुठभेड़ में संदिग्ध भी मारा गया

अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के स्पैंगल इलाके में एक घर में भीषण गोलीबारी हुई। इस घटना में शेरिफ विभाग के एक डिप्टी की मौत हो गई, जबकि दूसरे डिप्टी की बचने की उम्मीद नहीं है।

खबर इंडिया टीवी 5 Nov 2026 7:30 am

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: चेन्नई में जन्मीं प्रमिला छठी बार जीतीं, कांग्रेस में इकलौती पूर्व H-1B वीजा धारक

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: चेन्नई में जन्मीं प्रमिला जयपाल ने छठी बार दर्ज की जीत, कांग्रेस में इकलौती पूर्व H-1B वीजा धारक Chennai-born Pramila Jayapal, only ex-H-1B holder in Congress, wins sixth term

अमर उजाला 5 Nov 2026 7:29 am

जालंधर: अमेरिका के जॉर्जिया में इतिहास रचने वाले पहले दस्तारधारी सिख विधायक बने जोत सिंह, अकाल तख्त ने दी बधाई

अमेरिका में भारतीय और सिख समुदाय के लिए गर्व का एक ऐतिहासिक अवसर सामने आया है।

अमर उजाला 5 Nov 2026 6:46 am

बदलते समीकरण: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप को झटका, अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है दूरगामी प्रभाव

बदलते समीकरण: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में ट्रंप को झटका, अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है दूरगामी प्रभाव us-midterm-election-republican-defeat-trump-global-politics-india-us-trade-relations

अमर उजाला 5 Nov 2026 6:25 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ट्रंप ने माना हार की वजह ईरान युद्ध, व्हाइट हाउस ने कहा- नेवर सरेंडर; किसे दिया संदेश?

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: रिपब्लिकन पार्टी की हार, व्हाइट हाउस ने साझा की ट्रंप की तस्वीर; लिखा- नेवर सरेंडर white-house-never-surrender-post-trump-republican-defeat-us-midterm-elections

अमर उजाला 5 Nov 2026 5:54 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:सभी अग्निवीर परमानेंट सैनिक बन सकेंगे; अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में हारे ट्रम्प; योगी बोले- सपा के बबुआ को समझाइए

नमस्कार, अब सभी अग्निवीरों को परमानेंट सैनिक बनने का मौका मिलेगा। 8 महीने से बंद होर्मुज का रास्ता अब भारत के लिए खुल गया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे जानिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री को लेकर क्या बयान दिया। ⏰आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर नजर रहेगी… कल की बड़ी खबरें… 1. अब सभी अग्निवीर परमानेंट सैनिक बन सकेंगे, सर्विस भी 4 से बढ़ाकर 6 साल; अभी 25% को पक्की नौकरी, बाकी बाहर होते थे अग्निवीर अब 4 नहीं, 6 साल तक नौकरी कर सकेंगे। इसके बाद वे सेना में बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। पास हुए, तो परमानेंट कमीशन भी मिलेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को यह ऐलान किया। इससे तीनों सेनाओं में तैनात करीब 3.18 लाख अग्निवीरों को फायदा होगा। दो साल की अतिरिक्त नौकरी में अग्निवीरों को बढ़ी हुई सैलरी-भत्ते मिलेंगे। इससे पहले हर बैच के 25% को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक बनाने और बाकी 75% को चार साल की सर्विस के बाद फोर्स छोड़ने का प्रावधान था। एयरफोर्स ने पहले बैच के 712 अग्निवीरों को परमानेंट किया पिछले महीने एयरफोर्स ने अपने पहले अग्निवीर बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का फैसला किया था। पूरी खबर पढ़ें… 2. योगी बोले- राहुल का धुआं निकला, नितिन नवीन ने कहा- उनका लॉन्चिंग पैड ही खराब यूपी में बुधवार को भाजपा ने गोरखपुर, कानपुर और प्रयागराज में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली निकाली। गोरखपुर में योगी ने राहुल-अखिलेश पर कहा- दोनों लड़कों की जोड़ी हारने के बाद बहाना ढूंढ़ती है। योगी ने कहा- राहुल-अखिलेश कभी EVM तो कभी SIR को दोषी ठहराते हैं। कांग्रेस राहुल को कितनी बार लॉन्च करेगी? उनका धुआं निकल चुका है। सपा के बबुआ को समझाइए, लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- जिस लॉचिंग पैड की चर्चा मुख्यमंत्री जी आप कर रहे थे, उसका केवल रॉकेट ही नहीं खराब है। उसका लॉचिंग पैड भी खराब है, जो ऐसे-ऐसे नेता को पैदा करता है। पूरी खबर पढ़ें… 3. अखिलेश बोले- धीरेंद्र शास्त्री को नहीं आने देना चाहिए, कृष्ण-राम का अपमान किया सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान कृष्ण और राम पर दिए बयान पर निशाना साधा। उन्होंने बुधवार को नाम लिए बिना सोशल मीडिया पर लिखा- इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं। अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में। अखिलेश ने लिखा- लगता है, यूपी में किसी बाहरी के इशारे पर किसी की राजनीतिक-धार्मिक सत्ता को चुनौती देने का काम हो रहा है। आपस की टकराहट में सियासी लोग भगवान को क्यों ला रहे हैं। वहीं, सपा की मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग भी की। पूरी खबर पढ़ें… 4. होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने देगा ईरान, 8 महीने से बंद था रास्ता; इसी रूट से 40% कच्चा तेल मंगाता है भारत ईरान ने भारत समेत चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की छूट दी है। करीब 8 महीने, 28 फरवरी से इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पर पाबंदियां लगी हुई थीं। भारत के लिए क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। इसमें से करीब 40% तेल होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों से भारत आने वाले तेल के लिए यह अहम रास्ता है। अगर भारत रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है, तो इसमें करीब 20 लाख बैरल तेल होर्मुज के रास्ते आता है। ऐसे में इस रास्ते पर पाबंदी लगने से भारत की तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। होर्मुज सिर्फ कच्चे तेल के लिए ही जरूरी नहीं है। भारत खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में LNG यानी प्राकृतिक गैस और LPG यानी रसोई गैस भी मंगाता है। इनकी सप्लाई के लिए भी यह रास्ता अहम है। पूरी खबर पढ़ें… 5. ट्रम्प दोनों सदनों में मिडटर्म इलेक्शन हारे, डेमोक्रेट्स को बहुमत; अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बनेंगे अब्दुल अल-सैयद अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन को हार मिली है। जानिए स्थिति… हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 139 सीटें जीती हैं। सीनेट सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं। गवर्नर कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है। अमेरिकी इतिहास में पहला मुस्लिम सीनेटर 25 अक्टूबर को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रम्प ने कहा था, मैं यहां एक जिहादी और मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य को अमेरिकी सीनेटर बनने से रोकने आया हूं। उन्होंने अब्दुल अल सैयद पर निशाना साधा था। अब वही अब्दुल अल सैयद मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर जीते। अब वे अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बन गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. सुप्रीम कोर्ट बोला- दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव से रोकना गलत, कानून पर विचार की जरूरत सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दो से ज्यादा बच्चे होने पर चुनाव लड़ने से रोकने वाले कानून अब प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। कोर्ट ने बताया कि भारत की कुल प्रजनन दर 2003 में 3 थी, जो अब घटकर 1.9 रह गई है। दरअसल, 2.1 की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट रेट माना जाता है। इससे कम प्रजनन दर का मतलब है कि एक पीढ़ी अपनी जगह अगली पीढ़ी को पूरी तरह नहीं ले पाएगी। कोर्ट ने कहा कि प्रजनन दर में गिरावट से बुजुर्गों की आबादी बढ़ सकती है और कामकाजी लोगों की संख्या घट सकती है। इन बदलावों को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 7. कोहली ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड, वनडे रनचेज में सबसे ज्यादा रन भारत ने ऑकलैंड में खेले गए पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से हरा दिया। विराट कोहली लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सबसे 8741 रन बना लिए हैं। जो सचिन तेंदुलकर के 8720 रन से ज्यादा हैं।कोहली ने पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की विराट कोहली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में 1,971 रन पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली है। दोनों बल्लेबाज इस मामले में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं। कोहली के नंबर-3 पर 13 हजार रन पूरे कोहली वनडे में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 13 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। नंबर-3 पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने इस पोजिशन पर 12,662 रन बनाए हैं। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: CJI बोले- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम कटा, तो घबराएं नहीं: हम मामला सुन रहे हैं; एक दिन पहले चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 भरने को कहा (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: CEC ज्ञानेश पर 20 साल पुराने आरोप की जांच होगी: केरलम में ₹2 करोड़ रिश्वत मांगने का आरोप, यहां 10 साल बाद कांग्रेस सरकार बनी है (पूरी खबर पढ़ें) 3. बिजनेस: माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब कॉस्ट कटिंग की राह पर गूगल:5 देशों में कर्मचारियों को पैसे लेकर नौकरी छोड़ने का ऑफर; AI पर भारी खर्च से बजट बिगड़ा (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: देश में 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनेंगी: बिजली स्टोर करने की क्षमता बढ़ाने के लिए 14,500 करोड़ रुपए मंजूर (पूरी खबर पढ़ें) 5. पंजाब: राहुल गांधी ने PM को बहस की चुनौती दी:बोले- मोदी देशद्रोही, 1 साल में निपट जाएगी सरकार; पंजाब में कत्ल करना फैशन बना (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... दिवाली पर कर्मचारियों को आईफोन गिफ्ट दिल्ली की एक कंपनी ने दिवाली पर कर्मचारियों को मिठाई नहीं, सीधे आईफोन-16 गिफ्ट कर दिए. हर डेस्क पर रिबन से सजे फोन के बॉक्स रखे थे. वीडियो वायरल हुआ तो लोग पूछने लगे- भाई, नौकरी मिलेगी क्या? पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: ट्रम्प का बहुमत छिना, क्या 84 साल की सबसे बड़ी हार होगी; आखिर क्यों नाराज हैं अमेरिकी, क्या महंगी पड़ी ईरान जंग 2. भास्कर एक्सप्लेनर: ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हारे, क्या बीच कार्यकाल कुर्सी छिनेगी: भारत पर कितना असर, क्या अब ईरान जंग भी खत्म हो जाएगी 3. तब्बू @55: पिता ने छोड़ा साथ, प्यार भी अधूरा रहा:दिल टूटने के बाद चुनी अकेली जिंदगी, बोलीं- गलत पार्टनर से बेहतर है सिंगल रहना 4. जरूरत की खबर: दिवाली का त्योहार पेट्स की मुसीबत: पेट्स में डर के 8 संकेत, उन्हें पटाखों के शोर से बचाएं, ये 9 बातें ध्यान रखें 5. रिलेशनशिप एडवाइज: इस दिवाली ससुराल नहीं जाना: अपने घर पर अकेले त्योहार मनाना था, लेकिन घरवाले मुंह फुलाकर बैठ गए, मैं क्या करूं करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें… ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज आज का राशिफल… सिंह वालों को बड़ा ऑर्डर मिल सकता है, कन्या वालों की रुकी इनकम शुरू होने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:39 am

जयपुर की बेटी पिया डांडिया अमेरिका में बनीं सांसद, फ्लोरिडा से चुनाव जीता

जयपुर से पारिवारिक रिश्ता रखने वाली भारतीय मूल की पिया डांडिया अमेरिका में प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया। एपी ने 3 नवंबर की रात उनकी जीत घोषित की। फ्लोरिडा के चुनाव विभाग के रिकॉर्ड में भी पिया डांडिया इसी सीट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में दर्ज हैं। डांडिया को 1,50,907 यानी 51.92%, जबकि असकर को 1,39,747 यानी 48.08% मत मिले। पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ, लेकिन उनके परिवार की जड़ें जयपुर से जुड़ी हैं। उनके माता-पिता 1980 के दशक में जयपुर से अमेरिका जाकर बसे थे। पिता डॉ. रोहित डांडिया ने जयपुर में मेडिकल की पढ़ाई की थी। मां भारती डांडिया ने राजस्थान विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में मास्टर्स किया था। अमेरिका जाने के बाद भारती ने फ्लोरिडा के जुपिटर में मोंटेसरी स्कूल शुरू किया। पिया ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की। बाद में वह हाई स्कूल प्रिंसिपल बनीं। इसके बाद उनका चयन व्हाइट हाउस फेलो के रूप में हुआ और उन्होंने अमेरिकी शिक्षा विभाग व डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल में काम किया। बाद में टेक कंपनी एप्पल में पब्लिक सेक्टर से जुड़े काम की जिम्मेदारी संभाली।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:30 am

ट्रम्प ने जिसे जिहादी बोला, वो सांसद बन गया:अमेरिकी सीनेट में पहली बार कैसे पहुंचा कोई मुस्लिम, अब्दुल अल-सैयद की कहानी

'अगर तुम ब्लैक या यहूदी हो और अब्दुल को वोट देते हो, तो तुम पागल हो। वो एक जिहादी है। वो खतरनाक और हिंसक जिहादी है।' ये शब्द अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हैं, जो उन्होंने अब्दुल अल-सैयद के बारे में कहे थे। मिडटर्म चुनाव नतीजों में 52% से ज्यादा मतों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। मिस्र से आए प्रवासियों के बेटे हैं सैयद 42 साल के अब्दुल पेशे से डॉक्टर और महामारी विशेषज्ञ हैं। 1970 के दशक में उनके माता-पिता मिस्र से अमेरिका आए थे। साउथ मिशिगन के डेट्रॉयट शहर में 31 अक्टूबर 1984 को सैयद का जन्म हुआ। 3 साल के हुए, तो माता-पिता का तलाक हो गया। उन्हें पिता और सौतेली मां ने पाला। अब्दुल ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल साइंस की पढ़ाई की। एपिडेमियोलॉजी, यानी महामारी विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भी रहे। फिर वे पब्लिक सर्विस में आ गए और 2015 में 30 साल की उम्र में ‘डेट्रॉयट हेल्थ डिपार्टमेंट’ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने। 2018 में मिशिगन का गवर्नर बनना चाहते थे, लेकिन पार्टी के दूसरे कैंडिडेट को मौका मिला। अब्दुल सैयद का प्लान राजनीति में आने का नहीं था। उनकी चुनावी वेबसाइट के मुताबिक वे चुनाव इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि, ‘खराब पॉलिटिक्स अमेरिकी लोगों को बीमार कर रही है। अमेरिका में जिंदगी इतनी मुश्किल नहीं होनी चाहिए।’ जिहाद, आतंकवाद और मुस्लिम ब्रदरहुड को समर्थन के आरोप लगे प्रचार के दौरान ट्रम्प ने सैयद को जिहादी और आतंकवादियों का समर्थन करने वाला बताया। टेक्सास से रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने तो चेतावनी दी कि अगर अब्दुल सैयद सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी में जाते हैं, तो अमेरिकी मारे जाएंगे। विपक्षी उम्मीदवार माइक रॉजर्स ने सवाल उठाए कि सैयद अमेरिका के पक्ष में है या आतंकवादी समूहों के। दरअसल, सैयद की बहन इमान अब्देलहादी ने 2012 में एक सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया था कि उनकी मां 70 के दशक में मिस्र के संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़कर एक्टिविज्म करती थीं। तलाक के बाद सैयद की मां मिसौरी स्टेट चली गई थीं और इस्लामिक अमेरिकन रिलीफ एजेंसी (IARA) के साथ बतौर नर्स काम करने लगीं थीं। 2004 में FBI ने आतंकवादियों से संबंध के शक में IARA पर छापा मारा, तब सैयद की मां से भी पूछताछ हुई थी। रिपब्लिकन पार्टी ने इस मुद्दे को भी चुनाव में घसीटा। सफाई में सैयद ने कहा था कि उन्हें उनकी मां ने नहीं बल्कि पिता और सौतेली मां ने पाला है। उनका मुस्लिम ब्रदरहुड से कोई लेना देना नहीं है। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने 15 अक्टूबर की रैली में लोगों से कहा, 'आप उस छोटे से धूर्त व्यक्ति से बेहतर के हकदार हैं। उसे अपना मुंह बंद रखना चाहिए और उस देश के प्रति थोड़ी कृतज्ञता दिखानी चाहिए जिसने उसे सब कुछ दिया है।' 4 नवंबर को नतीजे आए, तो सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रॉजर्स को हरा दिया। विक्ट्री स्पीच में जेडी वेंस को जवाब देते हुए कहा, ‘जेडी हबीबी, मजेदार विडंबना है कि आपको मुझे शपथ दिलानी होगी।’ दरअसल, अमेरिका में सीनेटर्स की शपथ उप राष्ट्रपति कराते हैं। 2 दिन पहले अपनी ही पार्टी के नेता विरोध में गए अमेरिकी चुनाव में उम्मीदवार बनने से पहले पार्टी के उम्मीदवारों के बीच भी चुनाव होते हैं। अगस्त 2026 में सैयद चार बार की सांसद हेली स्टीवन्स को 15,000 वोटों से हराकर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बने। हेली ने सैयद को हराने के लिए 4.2 करोड़ डॉलर से ज्यादा खर्च किए थे। मिडटर्म चुनाव प्रचार के आखिरी रविवार को हेली स्टीवन्स, रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रॉजर्स के साथ चर्च पहुंची और कहा, 'मैं उस व्यक्ति के साथ आई हूं, जिसे मैं अमेरिकी सीनेट के चुनाव में वोट देने वाली हूं।' प्रचार के आखिरी दिनों में हेली के इस कदम से सैयद को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही थी। जीत के बाद सैयद ने दावा किया है कि उन्हें चुनाव में हराने के लिए अपनी पार्टी के लोगों ने ही 70 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किए हैं। अमेरिका में दो वजहों से कोई मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर अब तक सीनेट नहीं पहुंचा था… फिर सैयद ने जीतकर इतिहास कैसे बना दिया? इसकी 3 प्रमुख वजहे हैं… 1. आम जरूरतों और टैक्स के पैसों को मुद्दा बनाया 2. धार्मिक टिप्पणियों का काउंटर 3. डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर --------- ये खबर भी पढ़िए… ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हारे, क्या बीच कार्यकाल कुर्सी छिनेगी:भारत पर कितना असर, क्या अब ईरान जंग भी खत्म हो जाएगी अमेरिका के राष्ट्रपतियों को एक श्राप मिला हुआ है। नाम है- मिडटर्म कर्स। पिछले 20 में से 18 बार, यानी 90% मिडटर्म चुनाव मौजूदा राष्ट्रपति की पार्टी हारी है। डोनाल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं सके। अमेरिका में कल, यानी 3 नवंबर को मिडटर्म वोटिंग हुई थी, आज गिनती जारी है। अब तक के नतीजों में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी हार रही है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:02 am

इंदौर से दुनिया तक पहुंचेगी MP की दवाएं:फार्मा एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी, देश में पांचवें नंबर पर मध्य प्रदेश; अमेरिका में भारतीय दवाओं की ज्यादा वैल्यू

एमपी का फार्मा उद्योग अब घरेलू कारोबार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में है। प्रदेश पहले ही फार्मास्यूटिकल एक्सपोर्ट में देश में पांचवें स्थान पर है, लेकिन इंदौर, पीथमपुर और उज्जैन जैसे औद्योगिक केंद्रों की मौजूदा क्षमता को देखते हुए निर्यात की संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं। इसके लिए उद्योगों ने निर्यात की राह में आने वाली सरकारी प्रक्रियाओं और लागत संबंधी बाधाओं को दूर करने की मांग की है। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (PHARMEXCIL), उद्योग संगठनों और सरकारी विभागों के बीच हुई बैठक में उद्योगपतियों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें निर्यात के लिए NOC की प्रक्रिया सरल करना, सब्सिडी की शर्तों में राहत देना और मध्य प्रदेश में आधुनिक फार्मा पार्क विकसित करना शामिल है। इन मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए उद्योगों की ओर से मेमोरेंडम तैयार किया जा रहा है। उद्योगों का मानना है कि इन बाधाओं के दूर होने से मालवा क्षेत्र की फार्मा कंपनियां विदेशी बाजारों में कारोबार बढ़ा सकेंगी। इसका लाभ दवा निर्माण के साथ कच्चे माल, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के क्षेत्र में भी मिल सकता है। देश में पांचवें नंबर पर MP, मालवा बना फार्मा हब फार्मेक्सिल के सीओए मेंबर अमित चावला ने बताया कि मध्य प्रदेश फार्मास्यूटिकल एक्सपोर्ट में देश में पांचवें स्थान पर है। प्रदेश का फार्मा उद्योग मुख्य रूप से मालवा क्षेत्र में केंद्रित है। इंदौर में करीब 50 फार्मा फैक्ट्रियां हैं, जबकि पीथमपुर में इनकी संख्या इससे भी अधिक है। उज्जैन में भी दवा निर्माण की कई इकाइयां संचालित हैं। इन क्षेत्रों में दवा उत्पादन के साथ कच्चे माल, पैकेजिंग और सप्लाई से जुड़ा कारोबार भी विकसित हुआ है। उद्योगों के सामने अब चुनौती उत्पादन बढ़ाने से ज्यादा विदेशी बाजारों तक आसान पहुंच बनाने की है। खासकर MSME कंपनियों को निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं में राहत मिलने से नई इकाइयां भी अंतरराष्ट्रीय कारोबार शुरू कर सकती हैं। NOC की जटिल प्रक्रिया से MSME परेशान फार्मा उद्योगों की सबसे बड़ी मांग निर्यात के लिए जरूरी NOC प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान बनाने की है। विशेष रूप से नियंत्रित श्रेणी की दवाओं के कारोबार में अलग-अलग विभागों की अनुमतियों की जरूरत पड़ती है। उद्योगपतियों का कहना है कि दस्तावेजी औपचारिकताओं और मंजूरी में लगने वाले समय से कारोबार प्रभावित होता है। बड़ी कंपनियों के पास इन प्रक्रियाओं के लिए अलग संसाधन होते हैं, लेकिन छोटी इकाइयों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और परेशानी का कारण बनता है। उद्योग चाहते हैं कि NOC की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो, ताकि कंपनियां विदेशी खरीदारों के ऑर्डर समय पर पूरे कर सकें और नए बाजारों में कारोबार बढ़ाने की बेहतर योजना बना सकें। सब्सिडी की शर्तें व्यावहारिक हों तो बढ़ेंगे निर्यातक इंदौर में सप्ताहभर पहले हुई फार्मेक्सिल की बैठक में देशभर के फार्मा उद्योग प्रतिनिधियों ने निर्यात बढ़ाने के अवसरों और कारोबार में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, उत्पाद रजिस्ट्रेशन, प्रमाणन और विदेशी बाजारों में कारोबार विकसित करने की लागत पर भी बात हुई। अमित चावला ने बताया कि इन प्रक्रियाओं पर होने वाला खर्च MSME इकाइयों के लिए बड़ी चुनौती है। उद्योगपतियों ने निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की सब्सिडी संबंधी शर्तों को व्यावहारिक बनाने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक छोटी कंपनियां इनका लाभ ले सकें। PHARMEXCIL की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी भी उद्योगों को दी गई। DGFT के अधिकारियों ने निर्यात संबंधी प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में बताया, ताकि कंपनियां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें। अमेरिका वैल्यू में आगे, अफ्रीका में बड़ी मांग भारतीय दवाओं के निर्यात में अमेरिका मूल्य के लिहाज से सबसे बड़ा बाजार है, जबकि मात्रा के लिहाज से अफ्रीकी देशों में भारतीय दवाओं की बड़ी मांग है। इंदौर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से भी अफ्रीकी देशों को दवाओं का निर्यात किया जाता है। ऐसे में मालवा की कंपनियों के लिए इन बाजारों में विस्तार की संभावनाएं हैं। अलग-अलग देशों में दवाओं के आयात और बिक्री के नियम अलग होते हैं। कहीं उत्पाद रजिस्ट्रेशन जरूरी है तो कहीं गुणवत्ता प्रमाणन और विशेष दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। उद्योगों को इन प्रक्रियाओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे विदेशी बाजारों की जरूरतों के अनुरूप कारोबार कर सकें। नारकोटिक दवाओं के निर्यात की प्रक्रिया भी अहम नारकोटिक और नियंत्रित श्रेणी की दवाओं के निर्यात के लिए विशेष अनुमति और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। इस विषय पर CBN विभाग के अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को जानकारी दी। उद्योगों के लिए यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन दवाओं के निर्यात में सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक नियामकीय औपचारिकताएं होती हैं। प्रक्रिया स्पष्ट होने से कंपनियां नियमों के अनुरूप निर्यात की योजना बना सकेंगी। फार्मा पार्क बने तो कम होगी उत्पादन लागत मध्य प्रदेश में आधुनिक फार्मा पार्क विकसित करना उद्योगों की एक और प्रमुख मांग है। उद्योगपतियों का कहना है कि फार्मा पार्क में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), निर्बाध बिजली और अन्य जरूरी औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हर छोटी इकाई के लिए अलग से आधुनिक सुविधाएं विकसित करना महंगा होता है। यदि साझा सुविधाएं उपलब्ध हों और बिजली व कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडाइज्ड दरों पर मिले, तो उत्पादन लागत घट सकती है। इससे प्रदेश की कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजे जा चुके हैं सुझाव उद्योगों की समस्याओं और अपेक्षाओं को शामिल करते हुए एक मेमोरेंडम तैयार किया जा रहा है, जिसे केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा। इससे पहले भी उद्योग संगठनों की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को प्री-बजट सुझाव भेजे जा चुके हैं। इस पहल में लघु उद्योग भारती के हिमांशु शाह, मध्य प्रदेश स्मॉल स्केल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, बेसिक ड्रग डीलर्स एसोसिएशन और फेडरेशन ऑफ फार्मा एंटरप्रेन्योर्स से जुड़े प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, DGFT के अभिषेक शर्मा, CDSCO के नवनीत सिंह, IAS मनोज पुष्प, हिमांशु शाह, अमित चावला, जेपी मूलचंदानी और अजय सिंह दासुंदी सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। इंदौर-पीथमपुर के लिए क्यों अहम है एक्सपोर्ट फार्मा निर्यात बढ़ने का फायदा केवल दवा निर्माता कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे कच्चे माल, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े कारोबार को भी गति मिल सकती है। उत्पादन बढ़ने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मध्य प्रदेश के पास पहले से मजबूत फार्मा औद्योगिक आधार है। अब NOC की प्रक्रिया में राहत, सब्सिडी का लाभ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने से इस क्षमता को वैश्विक कारोबार में बदलने का रास्ता खुल सकता है। मालवा की दवा कंपनियों के लिए अगला लक्ष्य अमेरिका और अफ्रीका जैसे विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में पकड़ाई अबॉर्शन किट, 3 राज्यों में नेटवर्क इंदौर में 2 महीने पहले गर्भपात की दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ाया था। तब से औषधि विभाग इस मामले की लिंक तलाशने में जुटा हुआ है। जब्त दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अब मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश की कई फर्में विभाग के रडार पर आ गई हैं। विभाग अब इन सभी संदिग्ध फर्मों का वेरिफिकेशन कर रहा है। पड़ताल की जा रही है कि ये दवाएं कहां से खरीदी गई थीं और आगे किन-किन दुकानों को बेची गईं।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:00 am

रूस-यूक्रेन युद्ध होगा खत्म?: एक हफ्ते के भीतर अमेरिका समेत तीनों देशों करेंगे बातचीत, जेलेंस्की ने दी जानकारी

रूस-यूक्रेन युद्ध होगा खत्म?: एक हफ्ते के भीतर अमेरिका समेत तीनों देशों करेंगे बातचीत, क्या बोले जेलेंस्की? ukraine-us-russia-trilateral-talks-on-to-end-war-within-week-zelenskyy-witkoff-kushner

अमर उजाला 5 Nov 2026 4:28 am

ईरान को तेल प्रतिबंधों से बचाने का आरोप: अमेरिका ने भारतीय दंपती पर लगाया बैन, स्कॉट बेसेंट ने दी चेतावनी

ईरान को तेल प्रतिबंधों से बचाने का आरोप: अमेरिका ने भारतीय दंपती पर लगाया बैन, स्कॉट बेसेंट ने दी चेतावनी us-sanctions-indian-couple-companies-maritime-fraud-iran-oil-trade-Scott-Bessent-warns

अमर उजाला 5 Nov 2026 4:21 am

Aligarh News: एएमयू की पूर्व छात्रा सबा हैदर ने अमेरिका में जीता चुनाव

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की पूर्व छात्रा सबा हैदर ने अमेरिका के इलिनॉय राज्य में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट-84 सीट पर 71.8 प्रतिशत मत हासिल कर रिपब्लिकन प्रत्याशी ब्रायन स्कूबा को हराया।

अमर उजाला 5 Nov 2026 2:53 am

Ghaziabad News: गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर ने अमेरिकी चुनाव में दर्ज की जीत

गाजियाबाद की बेटी सबा हैदर ने अमेरिकी चुनाव में दर्ज की जीत

अमर उजाला 5 Nov 2026 1:56 am

अमेरिकी जनता ने ट्रंप को वादा तोड़ने की दी सजा, मिडटर्म हार की तीन सबसे बड़ी वजहें

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी सीनेट और हाउस में बहुमत खो चुकी है। ट्रंप ने ईरान युद्ध को इस हार की वजह के रूप में स्वीकार किया है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस युद्ध से पीछे नहीं हटेंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Nov 2026 1:31 am

वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिका के मियामी में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत और दो गंभीर रूप से घायल

वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिका के मियामी में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत और दो गंभीर रूप से घायल world-news-updates-hindi-us-helicopter-crash-bangladesh-gaza-war-israel-pakistan-us-syria-Afghanistan TTP

अमर उजाला 5 Nov 2026 1:29 am

गोलीबारी से दहला अमेरिका: फ्लोरिडा में सिटीबैंक के ऑफिस कॉम्प्लेक्स में फायरिंग, संदिग्ध समेत दो की मौत

गोलीबारी से दहला अमेरिका: फ्लोरिडा में सिटीबैंक के ऑफिस कॉम्प्लेक्स में फायरिंग, संदिग्ध समेत दो की मौत florida-tampa-citibank-office-complex-shooting-two-dead-suspect

अमर उजाला 5 Nov 2026 1:21 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों पर खामेनेई की दो टूक, कहा- समझौते की उम्मीद करना बड़ी भूल, हम नहीं बदलेगें रुख

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: नतीजों पर खामेनेई की दो टूक, कहा- समझौते की उम्मीद करना बड़ी भूल, हम नहीं बदलेगें रुख Mojtaba-khamenei-says-us-midterm-results-will-not-change-irans-stance-defense-policy

अमर उजाला 5 Nov 2026 1:20 am

बढ़ती परेशानियों से बदलने लगा अमेरिकियों का मन

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की शुरुआत 1787 में हुई थी। इसका मुख्य मकसद राष्ट्रपति पर नियंत्रण करना रहा है। कांग्रेस के दोनों सदनों के साथ ही वहां जिन 36 राज्यों के गवर्नर-चुनाव हुए हैं, उनमें से अधिकांश में ट्रंप की पार्टी हार गई है…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 11:13 pm

अमेरिकी चुनावों का साफ संदेश

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी हार अप्रत्याशित है। निस्संदेह, चुनाव-पूर्व ऐसे संकेत मिल रहे थे, जिनसे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि मतदाताओं का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में है, पर इतनी…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 11:07 pm

Abdul El-Sayed Wins: अमेरिका के पहले Muslim Senator बन रचा इतिहास|Midterm Election Results |Trump

अब तक इंशा अल्लाह कहा करते थे लेकिन अब कहेंगे अलहमदुल्लिलाह...जी हां ये बात अमेरिका में गूंजी है जिसे दुनिया ने सुना है और उस शख्स की जुबान से जिसे अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रंप ने जिहादी, अब्दुल तास्सुब करने वाला..नफरती ना जाने क्या क्या कहा था…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 11:04 pm

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिड टर्म चुनाव में पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को ठहराया जिम्मेदार, इजरायल का भी किया जिक्र

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की मध्यावधि हार के लिए ईरान में चल रहे युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है।

खबर इंडिया टीवी 4 Nov 2026 11:03 pm

अमेरिका में डेमोक्रेट्स की बड़ी लहर, ट्रंप के मजबूत गढ़ों में भी मिली जीत; कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा

चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी का दोनों सदनों पर नियंत्रण था, लेकिन डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने देशभर में बढ़त हासिल की। उन्हें उन राज्यों में भी सफलता मिली, जहां परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का प्रभाव रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 10:58 pm

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव हारते ही ट्रंप से नाराज हुए जेडी वेंस? बोले- ईरान युद्ध ही हार का कारण

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को मिडटर्म में पार्टी के बुरे हालातों का कारण बताया। उन्होंने कहा कि 2024 में डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने वाले कई मतदाताओं ने इस बार पार्टी को वोट नहीं किया।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 10:54 pm

US Election में Democratic Party की जीत से Elon Musk को झटका, Tesla शेयर गिरे

अमेरिका की राजनीति में आए बड़े बदलाव का असर अब दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव जिताने के लिए भारी रकम खर्च करने वाले मस्क को इस बार बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और संसद के दोनों सदनों पर उसकी पकड़ बनने के बाद मस्क की कारोबारी दुनिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में करीब 50 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। टेक्सास उनके लिए खास अहमियत रखता है, क्योंकि यह उनके निजी निवास के साथ टेस्ला और उनकी दूसरी बड़ी कंपनियों के कामकाज का प्रमुख केंद्र भी है। इस राज्य में रिपब्लिकन पार्टी की पकड़ बनाए रखने के लिए उन्होंने खुलकर प्रचार किया था। इससे पहले 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जिताने के लिए भी मस्क ने 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रकम खर्च की थी। मंगलवार को मतदान शुरू होने से पहले मस्क ने अपने समर्थकों से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की थी। हालांकि, चुनाव के नतीजे उनकी उम्मीदों के उलट रहे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में जीत हासिल की और टेक्सास में जीना हिनोजोसा ने ग्रेग एबॉट को हराकर राज्य की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर बनने का रास्ता साफ किया। बताया जा रहा है कि 30 साल से अधिक समय बाद टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी की यह बड़ी वापसी है। चुनाव से पहले ही खबरें सामने आई थीं कि डेमोक्रेटिक पार्टी जीतने पर मस्क के कारोबारी साम्राज्य की गहन जांच शुरू कर सकती है। इसी बीच मस्क ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक रिपोर्ट का जवाब देते हुए तीखी चेतावनी दी। रिपोर्ट में कहा गया था कि संसद में बहुमत मिलने के बाद डेमोक्रेटिक सांसद मस्क के खिलाफ जांच शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इस पर मस्क ने लिखा कि जो लोग उनसे टकराव मोल लेंगे, उन्हें समझना चाहिए कि वह असली फैसले लेने वालों तक पहुंचेंगे, सिर्फ उनके इशारे पर काम करने वालों तक सीमित नहीं रहेंगे। चुनावी नतीजों का असर शेयर बाजार में भी दिखा। कारोबार शुरू होने से पहले स्पेसएक्स के शेयर 3.8 प्रतिशत और टेस्ला के शेयर 3.6 प्रतिशत तक गिर गए। दोनों कंपनियों का प्रदर्शन व्यापक बाजार से कमजोर रहा। जानकारों के मुताबिक, अगर सरकारी मंजूरियों में देरी होती है तो मस्क की योजनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर आंकड़ा केंद्रों के निर्माण से जुड़ी मंजूरियों में देरी स्पेसएक्स के लिए चुनौती बन सकती है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित शेयर बाजार प्रवेश से पहले निवेशकों के सामने 28.5 लाख करोड़ डॉलर के संभावित बाजार का जिक्र किया था। डेमोक्रेटिक सांसद पहले भी मस्क को लेकर कई मुद्दों पर सवाल उठा चुके हैं। इनमें यूक्रेन की सैन्य संचार व्यवस्था के लिए उपग्रह सेवाओं पर लगाई गई सीमाएं, सरकारी दक्षता विभाग के नेतृत्व में संघीय नौकरियों में बड़ी कटौती और उनकी कंपनियों को मिलने वाले सरकारी ठेके व आर्थिक सहायता शामिल हैं। चुनावी जीत के बाद प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति के आने वाले अध्यक्ष रॉबर्ट गार्सिया ने ट्रंप, उनके परिवार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “वकील कर लीजिए।” यह समिति सरकार के कामकाज पर नजर रखती है। इसे गवाहों को बुलाने, सरकारी दस्तावेज मांगने और कानूनी आदेश के जरिए जानकारी हासिल करने का अधिकार है। ऐसे में आने वाले समय में मस्क की कंपनियों और उनके सरकारी संबंधों की जांच अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकती है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 10:53 pm

अमेरिका में अब्दुल एल-सैयद की जीत का जिक्र कर ओवैसी बोले-यूपी में भी 'अब्दुल' बनेगा नेता

अमेरिका में अब्दुल एल-सैयद की जीत का जिक्र कर ओवैसी बोले-यूपी में भी 'अब्दुल' बनेगा नेता

समाचार नामा 4 Nov 2026 8:14 pm

जयपुर की पिया डांडिया अमेरिका में बनीं सांसद:एप्पल कंपनी-व्हाइट हाउस में कर चुकीं काम; पिता ने SMS मेडिकल कॉलेज से किया था MBBS

जयपुर मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका के मिड टर्म इलेक्शन में यूएस कांग्रेस (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) का चुनाव जीत लिया है। पिया ने फ्लोरिडा से डेमाक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार से सांसद बनी हैं। पिया डांडिया को 51.89% वोट मिले। वहीं हारने वाली रि​पब्लिक पार्टी के प्रत्याशी केसी असकर को 48.11% वोट मिले। पिया यह चुनाव जीतकर अमेरिका की राजनीति में चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। वे चुनाव जीतने के बाद फ्लोरिडा से 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करेंगी। फ्लोरिडा से चुनाव जीतने वाली पिया भारतीय मूल की पहली महिला बन गई हैं। व्हाइट हाउस फेलो के रूप में पिया काम कर चुकी हैं। वहीं एप्पल कंपनी में भी कुछ समय काम किया। पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया पेशे से डॉक्टर हैं। रोहित डांडिया ने जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था। 1980 में जयपुर से अमेरिका जाकर बसे पिता, पिया का जन्म अमेरिका में ही हुआ पिया डांडिया का परिवार जयपुर मूल का है। उनके कई रिश्तेदार और परिवार के लोग जयपुर में रहते हैं। उनके माता-पिता साल 1980 में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गए थे। पिया का जन्म अमेरिका में ही हुआ। पिता रोहित डांडिया की गिनती प्रतिष्ठित डॉक्टरों में होती है। मां के मोंटेसरी स्कूल में पढ़ीं पिया पिया की मां शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। उनकी मां ने जुपिटर शहर में मोंटेसरी स्कूल की शुरुआत की। पिया की शुरुआती शिक्षा मां के स्कूल से हुई। वे खुद भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़ीं। पिया रिश्तेदारों से मिलने आती थीं जयपुर पिया अमेरिका में पली-पढ़ीं, लेकिन उनका जयपुर से जुड़ाव रहा है। माता-पिता उन्हें छुट्टियों में जयपुर रिश्तेदारों से मिलने भेजते थे। कॉलेज टाइम तक वे जयपुर में अपने रिश्तेदारों से मिलने आती रही हैं। 28 साल की उम्र में ​अपने स्कूल की फाउंडर ​प्रिंसिपल बनीं पिया डांडिया ने हार्लेम में कम इनकम वाले परिवारों के बच्चों के लिए हाई स्कूल शुरू किया। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार- पिया 28 साल की उम्र में अपने स्कूल की फाउंडर प्रिंसिपल बन गई थीं। वे व्हाइट हाउस फेलो के रूप में काम कर चुकी हैं। एप्पल कंपनी में भी कुछ समय काम किया। स्कूल चलाते हुए ही वे डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ीं। उनके स्कूल से पासआउट स्टूडेंट्स को अच्छे कॉलेजों में एडमिशन मिलता रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 7:49 pm

सत्ता बदली है, नीयत नहीं...; अमेरिकी चुनाव पर मोजतबा खामेनेई की दो टूक

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका में सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, तेहरान के प्रति वाशिंगटन की दुश्मनी नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद भी अमेरिकी रवैये में बदलाव नहीं होगा…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 7:43 pm

आज का एक्सप्लेनर:ट्रम्प का बहुमत छिना, क्या 84 साल की सबसे बड़ी हार होगी; आखिर क्यों नाराज हैं अमेरिकी, क्या महंगी पड़ी ईरान जंग

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में 4 नवंबर की शाम 5 बजे तक के नतीजे देखें, तो ट्रम्प 84 साल की सबसे बड़ी हार की तरफ बढ़ रहे हैं। उनकी पार्टी अमेरिकी संसद के लोअर हाउस में पिछले चुनाव से रिकॉर्ड 79 सीटें पीछे है। ये पिछले 22 मिडटर्म चुनावों में किसी राष्ट्रपति का सबसे बड़ा घाटा है। हालांकि ये फाइनल नतीजे नहीं हैं, गिनती जारी है। आखिर ट्रम्प इतनी बुरी तरह क्यों हार रहे, क्या राष्ट्रपति की कुर्सी और हनक छिन सकती है, अमेरिका और बाकी दुनिया के लिए इसके क्या मायने, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: मिडटर्म में ट्रम्प की हार कितनी बड़ी है? जवाबः अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल का होता है। इसी कार्यकाल के ठीक बीच, यानी दो साल बाद अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ के चुनाव होते हैं, इन्हें मिडटर्म इलेक्शन कहा जाता है। 3 नवंबर को मिडटर्म वोटिंग हुई थी और 4 नवंबर को नतीजे आ रहे हैं… हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में ट्रम्प ने 79 सीटें गंवाई सीनेट में ट्रम्प की पार्टी ने 7 सीटें गंवाई 84 सालों में किसी राष्ट्रपति को मिड टर्म में मिली सबसे बड़ी हार हो सकती है… सवाल-2: आखिर इतनी बुरी तरह क्यों हारे ट्रम्प, अमेरिकी अपने राष्ट्रपति से खुश क्यों नहीं? जवाबः 4 बड़ी वजहें हैं…1. बढ़ती महंगाई, कॉस्ट ऑफ लिविंग पर ट्रम्प से परेशान थे 71% अमेरिकी 2. ट्रम्प के ईरान जंग लड़ने के फैसले से 65% अमेरिकी नाखुश 3. ट्रम्प पर गलत तरीके से पैसा कमाने, निजी फायदे के आरोप ट्रम्प पर कई वित्तीय मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। डेमोक्रेट्स ने लगातार इन मुद्दों को उठाया… 4. लैटिन वोटरों की नाराजगी, ट्रम्प को मिला समर्थन घटा सवाल-3: इस हार से ट्रम्प की कुर्सी और सरकार पर कितना खतरा? जवाबः अमेरिका में राष्ट्रपति की शक्तियां और नियुक्ति संविधान के जरिए होती है, न कि सिर्फ संसद में बहुमत से। इसलिए मिडटर्म हारने से उनके पद पर फौरन कोई खतरा नहीं है। उनकी कई ताकतें भी बरकरार रहेंगी, जैसे- एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करना, कांग्रेस के किसी भी बिल पर वीटो करना, विदेश नीति और सैन्य कार्रवाइयों पर फैसले लेना। ट्रम्प के वीटो को पलटने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई वोट चाहिए, जो मौजूदा हालात में मुश्किल है। हालांकि अमेरिकी कांग्रेस का काम कानून बनाने के अलावा सरकार की निगरानी करना भी है। चुनाव से पहले रिपब्लिकन्स के पास संसद में बहुमत होने से ट्रम्प कानून बनाने से लेकर बजट मंजूर करने तक सारे फैसले अपनी मर्जी से ले रहे थे। लेकिन अब हाउस और सीनेट दोनों विपक्षी डेमोक्रेट्स के हाथ में आने से ट्रम्प की 3 बड़ी ताकतें छिन जाएंगी… 1. समन और जांच करने की ताकत: हाउस की ओवरसाइट, ज्यूडिशियरी, इंटेलिजेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कमेटियों के अध्यक्ष डेमोक्रेट्स बनेंगे। ये लोग किसी को भी सबपोना, यानी कानूनी समन भेजकर हाजिर होने और सबूत पेश करने के लिए मजबूर कर सकते हैं। अब ये पद छिनने से ट्रम्प की निगरानी बढ़ेगी। ट्रम्प के करीबियों और सरकारी अफसरों से जुड़ी जांचें शुरू हो सकती हैं। 2. सरकारी खजाने पर कंट्रोल: अमेरिका में बजट या टैक्स से जुड़े प्रस्ताव पास करने का अधिकार हाउस को है। ऐसे में ट्रम्प और डेमोक्रेट्स के बीच सरकारी खर्चों को लेकर खींचतान बढ़ सकती है। सरकारी कामकाज ठप पड़ सकता है। 3. पसंदीदा नियुक्तियां करना: सीनेट ही नए जजों, कैबिनेट मंत्रियों और अन्य अधिकारियों की नियुक्तियों को मंजूरी देती है। डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से ट्रम्प की पसंदीदा नियुक्तियों पर ब्रेक लग सकता है। ट्रम्प की अपनी पार्टी पर पकड़ कमजोर हो सकती है। ट्रम्प का यह दूसरा कार्यकाल है। कानूनन वे तीसरी बार राष्ट्रपति नहीं बन सकते। अगले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए कुछ रिपब्लिकन नेता ट्रम्प से दूरी बना सकते हैं। ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग का भी खतरा है। वे 2019 और 2021 में 2 बार महाभियोग झेल चुके हैं। डेमोक्रेट्स तीसरी बार भी महाभियोग ला सकते हैं। ट्रम्प भी कह चुके हैं कि अगर रिपब्लिकन नहीं जीते तो वे (डेमोक्रेट्स) महाभियोग में फंसाने की कोई वजह ढूंढ लेंगे। सवाल-4: भारत समेत बाकी दुनिया के लिए ये नतीजे क्या असर डालेंगे? जवाबः ईरान जंग के दौरान दुनिया में तेल के दाम 35 डॉलर बढ़कर करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने के चलते सप्लाई चेन में रुकावटें हैं। यूरोपीय देशों, सहित लगभग पूरी दुनिया में सामान की कीमतें बढ़ी हैं। अब अगर ईरान जंग रुकती है, तो ग्लोबल इकॉनमी दोबारा पटरी पर आती हुई दिख सकती है। मिडटर्म के नतीजों से ईरान जंग तुरंत खत्म होने की संभावना कम है, क्योंकि अमेरिकी संविधान के तहत मिलिट्री ऑपरेशन्स के आखिरी फैसले राष्ट्रपति ही लेते हैं। वे ही सेना के 'कमांडर-इन-चीफ' हैं, लेकिन डेमोक्रेट्स जंग खत्म करने के लिए ट्रम्प पर दबाव बना सकते हैं। अमेरिका में जंग के एलान और सेना के फंड का अधिकार संसद के पास है। डेमोक्रेट बहुमत वाली संसद बजट को रोक सकती है या सैन्य खर्च पर कड़ी शर्तें लगा सकती है। डेमोक्रेट्स वॉर पावर्स एक्ट के तहत ट्रम्प से बिना संसदीय मंजूरी के 9 महीने से जारी मिलिट्री ऑपरेशन्स का हिसाब भी मांग सकते हैं। वहीं भारत से अमेरिका के रिश्ते ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही बिगड़ने लगे थे। ट्रम्प ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया। रूस से तेल खरीदने पर बार-बार बैन की धमकी दी। 2025-26 में 4800 से ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट किया। H-1B वीजा नियमों में कड़ाई की। इसके अलावा ट्रम्प ने 100 से ज्यादा बार कहा कि उन्होंने भारत-पाक सीजफायर कराया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ट्रम्प और अमेरिका ने पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ाईं। वहीं भारत-अमेरिका ट्रेड डील भी आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। अमेरिकी थिंकटैंक कार्नेगी एंडाउमेंट के साउथ एशिया प्रोग्राम के डायरेक्टर मिलन वैष्णव मानते हैं कि ट्रम्प का कमजोर पड़ना भारत के हित में होगा, क्योंकि जिस तरह मौजूदा प्रशासन ने भारत के साथ रिश्ते बनाएं हैं, उससे कई डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसद नाराज हैं। वे मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी में विश्वास रखते हैं। हालांकि साउथ एशिया एनालिस्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं कि भारत के मामले में ट्रम्प की नीति नहीं बदलेगी। वो बाकी दोनों सालअमेरिकी फायदे के हिसाब से चलेंगे। वे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स के जरिए ‘अमेरिका फर्स्ट’ की पॉलिसी बरकरार रखेंगे। ----------- ये खबर भी पढ़िए… क्या अब इजराइल में मुस्लिमों का दबदबा होगा; नेतन्याहू बहुमत से 8 सीट पीछे, अरब पार्टियां कैसे बनीं किंगमेकर इजराइल में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिल रहा है। सत्ताधारी पीएम नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत से 8 सीटें पीछे और विपक्षी नेता आइजेनकोट का गठबंधन 13 सीटें पीछे रह गया। 19 सीटें जीत रहीं अरब पार्टियां, इजराइल में किंग मेकर की भूमिका में हैं। नतीजों की घोषणा 4 नवंबर को होगी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 7:13 pm

मिस्र से रिश्ता, कर्नाटक का दामाद, ट्रंप की नींद उड़ाने वाले अमेरिका के अब्दुल की कहानी!

अमेरिका ने अपना पहला मुस्लिम सीनेटर चुना है। डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद ने 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों में मिशिगन सीनेट सीट जीतकर इतिहास रच दिया है। इन चुनावों में पूरे देश में 'ब्लू वेव' (डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर) देखने को मिली। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका कर्नाटक से भी संबंध है। उनकी पत्नी, डॉ. सारा जुकाकू, पूर्व मैसूर राज्य सरकार के एक पूर्व मंत्री की पोती हैं। सारा का परिवार कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल से ताल्लुक रखता है, जो मंगलुरु से लगभग 140 किमी उत्तर में स्थित एक तटीय शहर है। उनके दादा, जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू, एक जाने-माने वकील, शिक्षाविद और राजनेता थे। उन्होंने 1950 के दशक में तत्कालीन मैसूर राज्य सरकार में उप-वित्त मंत्री के रूप में काम किया था। संदर्भ के लिए, मैसूर राज्य का गठन तब हुआ था जब 1950 में मैसूर साम्राज्य को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया था। 1 नवंबर 1956 को 'राज्य पुनर्गठन अधिनियम' (States Reorganisation Act) के तहत इसका विस्तार किया गया और नवंबर 1973 में आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: US ने फिर हमले किए तो Middle East में और व्यापक होगा युद्ध, Iran की कड़ी चेतावनी जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू कौन थे? जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू भटकल के एक जाने-माने वकील और सार्वजनिक हस्ती थे, जो नवायात मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे। यह एक प्राचीन मुस्लिम व्यापारी समुदाय है, जो मुख्य रूप से अरब प्रायद्वीप, ईरान और इराक से आया था और पिछले 600 वर्षों के दौरान दक्षिण भारत के तटीय शहरों में बस गया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, शम्सुद्दीन अपने समुदाय के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की और बाद में मंत्री चुने गए। वे 1946 में बॉम्बे लेजिस्लेटिव असेंबली (विधान सभा) के लिए चुने गए थे। बाद में, उन्होंने मैसूर लेजिस्लेटिव असेंबली में होन्नावर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 1957 तथा 1962 के चुनाव जीते। 1958 में, वे मुख्यमंत्री बी.डी. जत्ती के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त उप-मंत्री बने। इसके बाद, उन्होंने मुख्यमंत्री एस. निजलिंगप्पा के कार्यकाल में बिजली उप-मंत्री के रूप में भी काम किया। 10 अक्टूबर को अमेरिकन बाज़ार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शम्सुद्दीन के गृहनगर भटकल के लोगों का मानना ​​है कि भटकल और उसके आस-पास के इलाकों में बिजली और अन्य ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने में उनका बड़ा योगदान था। वे 'अंजुमन हामी-ए-मुस्लिमीन' नामक एक चैरिटेबल ट्रस्ट से भी गहराई से जुड़े हुए थे, जो इस शहर में शिक्षण संस्थान चलाता है। भटकल के रहने वाले इंजीनियर मोहम्मद तनवीर कसरकोड़, जो इस परिवार के इतिहास के बारे में जानते हैं, ने 'अमेरिकन बाज़ार' को बताया कि शम्सुद्दीन उस दौर में वकील बने थे, जब शिक्षा तक पहुँच बहुत सीमित थी। कई दशकों तक, भटकल का एक प्रमुख चौराहा 'शम्सुद्दीन सर्कल' के नाम से जाना जाता था, जो उन्हीं के नाम पर रखा गया था। हालाँकि, सड़क विकास कार्य के दौरान इस चौराहे पर बनी संरचना को बाद में हटा दिया गया, लेकिन इसका नाम आज भी पूर्व मंत्री के साथ जुड़ा हुआ है। 52 वर्ष की आयु में शम्सुद्दीन का निधन हो गया। उनके परिवार में छह बेटियाँ और चार बेटे थे। बाद में उनका परिवार भारत के अलग-अलग हिस्सों में चला गया, जिनमें से कई सदस्य बेंगलुरु में बस गए। इसे भी पढ़ें: Cabinet ने सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए VISTAR योजना को दी मंजूरी भटकल से अमेरिका तक शम्सुद्दीन के बेटों में से एक, डॉ. जुकाकू एस. तैयब, उन लोगों में शामिल थे जो बेहतर मौकों की तलाश में भटकल से बाहर चले गए थे। नेफ्रोलॉजिस्ट (गुर्दा रोग विशेषज्ञ) तैयब ने 1976 में बैंगलोर मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, 1980 के दशक में अमेरिका जाने से पहले उन्होंने सऊदी अरब में काम किया था। उन्होंने 1984 से 1987 के बीच मिशिगन के बॉन सेकर्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन में अपनी रेजीडेंसी पूरी की, और उसके बाद 1987 से 1989 तक हेनरी फोर्ड अस्पताल में नेफरोलॉजी फेलोशिप की। इसके बाद उन्होंने डेट्रॉइट इलाके में अपनी मेडिकल प्रैक्टिस शुरू की। सारा का जन्म और पालन-पोषण मिशिगन में एक भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ था। भले ही वह अमेरिका में पली-बढ़ीं, लेकिन उनके पिता ने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि उनके बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहें; इसके लिए वे उन्हें बेंगलुरु और भटकल लेकर जाते थे। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, परिवार का कूर्ग से भी जुड़ाव रहा, जबकि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य बाद में बेंगलुरु में बस गए। इसे भी पढ़ें: Kanika Kapoor का बड़ा फैसला, पति Gautam Hathiramani से शादी के चार साल बाद हुईं अलग सारा जुकाकू और अब्दुल अल-सैयद की मुलाकात कैसे हुई? सारा ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में पढ़ाई की, जहाँ उनकी मुलाकात अल-सैयद से हुई। दोनों यूनिवर्सिटी के 'मुस्लिम स्टूडेंट्स एसोसिएशन' से जुड़े हुए थे और मई 2006 में उन्होंने शादी कर ली। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, जब सारा और अल-सैयद की शादी हुई, तब सारा 19 साल की थीं और अल-सैयद 21 साल के थे। सारा ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की पढ़ाई की और 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के 'वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स' से मेडिकल की डिग्री हासिल की। ​​इस प्रकाशन के अनुसार, बाद में उन्होंने मनोरोग विज्ञान (साइकियाट्री) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया और 'यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन हेल्थ' में मनोरोग विभाग में एक नेतृत्वकारी पद पर भी रहीं। अल-सैयद ने अपनी पत्नी की भारतीय विरासत से अपने जुड़ाव के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 6:33 pm

Punjab Mandi Bhav Today: आटा-दाल के भाव जारी, अमेरिकी चुनाव के झटके से चमका सर्राफा बाजार, सोना-चांदी के दाम चढ़े

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की पार्टी की हार से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे वैश्विक और भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी आसमान छूने लगे हैं।

जागरण 4 Nov 2026 6:18 pm

अमेरिका के इस शहर में पूरी पुलिस फोर्स ने दिया इस्तीफा, चीफ बोले- अब यहां काम करना मुमकिन नहीं

चीफ लामार बन का आरोप है कि सिटी हॉल के अधिकारियों ने अपने निजी पैसों से जीपीएस ट्रैकर खरीदा और उनकी जानकारी के बिना उनके निजी ट्रक में फिट कर दिया। इसकी जानकारी न तो सिटी काउंसिल को थी और न ही उनके वरिष्ठ अधिकारियों को।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 6:08 pm

US मिडटर्म इलेक्शन रिजल्ट पर ईरान ने जताई खुशी, कहा- अमेरिकी जनता ने युद्ध को नकारा

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्श रिजल्ट पर ईरान खुशी जताई है और कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के खिलाफ अपना संदेश दे दिया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक्स पर यह रिएक्शन पोस्ट किया।

खबर इंडिया टीवी 4 Nov 2026 5:45 pm

राजस्थानी कारोबारियों को मिलेगा अमेरिकी बाजार में व्यापार के अवसर:इंडिया-यूएसए बिजनेस-इन्वेस्टमेंट डायलॉग समिट में शामिल हुए न्यूयॉर्क सिटी के पूर्व डिप्टी कमिश्नर

जयपुर के कारोबारियों को अब अमेरिकी बाजार में अपने प्रोडक्ट बेचने और बिजनेस बढ़ाने के नए मौके मिल सकेंगे। इसे लेकर दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के राजस्थान चैप्टर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में इंडिया-यूएसए बिजनेस एवं इन्वेस्टमेंट डायलॉग 2026 आयोजित किया गया। इसमें भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश और बिजनेस पार्टनरशिप की संभावनाओं पर चर्चा हुई। न्यूयॉर्क के बाजार में एंट्री के बताए तरीके कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी सामुदायिक नेता और न्यूयॉर्क सिटी के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (ट्रेड, इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन) दिलीप चौहान मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने राजस्थान के कारोबारियों को न्यूयॉर्क के बाजार में एंट्री, बिजनेस नेटवर्किंग और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कारोबारी अपने प्रोडक्ट को अमेरिकी बाजार तक कैसे पहुंचा सकते हैं और वहां अपना कारोबार कैसे बढ़ा सकते हैं। डिक्की के पदाधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में डिक्की के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ग्लोबल अलायंस कन्वीनर संजीव डांगी, राजस्थान चैप्टर के अध्यक्ष देवकीनंदन गोधा, उपाध्यक्ष निमेश बाबा और पूर्व अध्यक्ष अंकित बाबरवाल मौजूद रहे। इसके अलावा डिम्पी तंवर, अनिल गोठवाल, चिमनलाल वर्मा, चंद्रम भूकीम, जयवीर सिंह और सचिन कपूर सहित बड़ी संख्या में कारोबारी शामिल हुए। डिक्की पदाधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से राजस्थान और अमेरिका के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ेंगे और यहां के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए मौके मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:07 pm

US Midterm Elections: Indian American Candidates का क्या हाल? Vivek Ramaswami। Pia Dandiya। Trump

US Midterm Elections 2026 में भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को बड़ा झटका लगा है। डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के बावजूद विवेक ओहायो के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 4:00 pm

अमेरिका में जीती फिलिस्तीनी हिजाब वाली महिला, मुंह दिखाने लायक नहीं रहे ट्रंप

अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन से पहले ट्रंप खूब चिल्लाए थे। फ्रांस के खूब उदाहरण दिए थे। इटली हो, फ्रांस हो, अल्बेनिया हो, यूरोप के तमाम वो देश जिन देशों ने ओपन बॉर्डर पॉलिसी अपनाई थी, जहां इलीगल इमीग्रेंट्स आए थे और जिस तरीके से पिछले 21 सितंबर से लगातार फ्रांस जल रहा है। मतलब डेढ़ महीने के आसपास । उन लोगों का तमाम तरीके से हर लहजे में हर तरीके से उदाहरण दिया कि अगर ये मुस्लिम इमीग्रेंट्स आते हैं किसी विदेश में तो ये आपका वहां तबाही लेकर आते हैं। मेरी जो पॉलिसी है जिस तरीके से मैं इललीगल इमीग्रेंट्स को देश से वापस भेज रहा हूं उनकी तारीफ होनी चाहिए और उनके अगर आप अमेरिका में भी इस तरीके से आने देंगे तो यहां भी आपको वही सब देखने को मिलेगा जो यूरोप में देखने को मिला, फ्रांस इटली में देखने को मिला। लेकिन इस मिड टर्म इलेक्शन में यह सारा चुनाव प्रचार ट्रंप के लिए कोई काम नहीं आया। वहां एक फिलिस्तीन मूल की महिला जो हिजाब पहनकर चुनाव लड़ रही थी। मतलब ट्रंप ने ये कहा था कि आप इस तरीके से चुनाव को लेकर चलिए। आप चुनाव में इस तरीके से वोट करिएगा। यह मानकर कि हर सीट पर ट्रंप चुनाव लड़ रहे हैं। तो ऐसे में क्या यह मान लिया जाए कि अब कवास ने आपका डोनाल्ड ट्रंप को चुनावी मैदान में हरा दिया है। इसे भी पढ़ें: अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएंगे...अमेरिका में अल सैयद की जीत पर ओवैसी ने UP के मुस्लमानों को दिया बड़ा मैसज अमेरिका की मदद से अमेरिका की फंडिंग से अमेरिका के हथियारों से अमेरिका की टेक्नोलॉजी से अमेरिका के साथ से उस अमेरिका में फिलिस्तीन मूल की एक महिला सांसद चुनकर आती है विधायिका का हिस्सा हो जाती है जबकि वो इससे पहले अमेरिका के द्वारा इजराइल को फंडिंग दी जाती थी गाज़ा के लिए उसका विरोध कर चुकी हैं। उसके बावजूद लोगों ने अगर वोट किया है तो मतलब अमेरिका में यह मुद्दा नहीं है इललीगल इमीग्रेंट्स का या फिर मुस्लिम्स का। जोहरान ममदानी भी इससे पहले चुनाव जीत चुके हैं। इसे भी पढ़ें: लागत दक्षता से Bayer CropScience का मुनाफा बढ़ा, CFO विनीत जिंदल ने दी जानकारी कौन है ये एबर कवास ये न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट डिस्ट्रिक्ट 12 की सीट पर इन्होंने जीत हासिल की है। जीत के बाद कवास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हमने इतिहास रच दिया फर्स्ट पैलेस्तीनियन इेड इन न्यूयॉर्क स्टेट। ब्रुकलिन की रहने वाली 34 वर्षीय फिलिस्तीनी अमेरिकी अब कवास ने 74.3% वोट हासिल किए। मतलब रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार हानखोट को बड़े अंतर से नहीं बल्कि बहुत बड़े अंतर से उन्होंने हराने का काम किया है। कवास ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरा ममदानी और सेनेटर बरनी सेंडर्स के समर्थन के प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल की थी और राज्य की दावेदारी पक्की की थी। अमेरिका में ये प्राइमरी चुनाव क्या होता है? जिस तरीके से अमेरिका में सिर्फ मुख्य तौर पर दो पार्टी चुनाव लड़ती है। एक डेमोक्रेट एक रिपब्लिकन। अब इसे इस तरीके से ले लीजिए जैसे वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ते हैं और बीजेपी में ही कुछ और उम्मीदवार भी ऐसे हैं जो वाराणसी सीट से चुनाव लड़ना चाहती है। तो पार्टी सबको चुनाव लड़ने के लिए कह देती है कि सब लड़िए। उसके लिए प्राइमरी इलेक्शन होता है। प्राइमरी इलेक्शन में लोग वोट करते हैं या फिर लोगों की पसंद लोगों से पूछा जाता है आप किसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं? तो उसे ही चुनाव लड़ाया जाता है। यहां हो सकता है कि जिस सीट से इन्होंने चुनाव लड़ा जब प्राइमरी इलेक्शन करवाना पड़ा तो मतलब और लोग भी यहां डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे होंगे और उन सबके ऊपर मतलब जोहरान ममदानी का भी इन्हें समर्थन मिला तब जाकर इन्हें टिकट मिला और ये चुनाव में जीती हैं।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 3:53 pm

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, मुस्लिम उम्मीदवारों ने रचा इतिहास; अब्दुल एल-सईद बने पहले मुस्लिम सीनेटर

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, मुस्लिम उम्मीदवारों ने रचा इतिहास; अब्दुल एल-सईद बने पहले मुस्लिम सीनेटर

समाचार नामा 4 Nov 2026 3:50 pm

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ब्लैक, नेटिव, लैटिन और LGBTQ लीडर्स की ऐतिहासिक जीत, ट्रंप निराशा

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में कई उम्मीदवारों ने लंबे समय से चली आ रही दीवारें तोड़ी हैं। गवर्नर और सीनेट की रेस में ब्लैक, वनवासी, लैटिन और LGBTQ लीडर्स ने बड़ी जीत हासिल की है। डेमोक्रेट्स की कई उम्मीदवारों ने इतिहास रचा है, तो कुछ रिपब्लिकन ने भी। लेकिन, असल में यह मिडटर्म चुनाव ट्रंप के […]

पांचजन्य 4 Nov 2026 3:28 pm

अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के 3 चेहरों का जलवा, जीत के बाद क्यों हो रही इनकी चर्चा?

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की पहचान और ताकत लगातार बढ़ रही है। इसका असर अब वहां की राजनीति में भी दिखाई दे रहा है। 2026 के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के तीन नेताओं ने जीत हासिल की। इनमें पिया डांडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर शामिल हैं। इनकी जीत से भारतीय समुदाय […]

पांचजन्य 4 Nov 2026 2:56 pm

कैथल की युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत:40 लाख रुपए लगाकर विदेश गया, ट्रक चलाता था

कैथल के गांव प्योदा के करीब 35 वर्षीय युवक भीम गिल की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह करीब सात साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और कमाई करने के उद्देश्य से अमेरिका गया था। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए करीब 40 लाख रुपए खर्च किए थे। अब परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली है। संजीव की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सात साल पहले अमेरिका गया था भीम परिजनों के अनुसार, भीम करीब सात साल से अमेरिका में रह रहा था और डंकी के रास्ते गया था। वह कैलिफोर्निया के फ्रिजनों में रहता था। वहां पर गाड़ी चलाने का काम करता था। 27 अक्टूबर को अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। साथ रहने वाले लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों और सामाजिक संस्थाओं ने सरकार तथा अन्य संस्थाओं से संजीव का शव भारत लाने में सहयोग करने की अपील की है। विदेश भेजने में खर्च किए थे 45 लाख रुपए भीम के बड़े भाई सुखबीर सिंह ने बताया कि उसे अमेरिका भेजने के लिए परिवार ने करीब 40 लाख रुपए खर्च किए थे। इस रकम का इंतजाम करने के लिए कुछ पैसे जानकारों से भी उधार लिए गए थे। परिवार ने करीब एक एकड़ जमीन गिरवी भी रखी थी। परिवार को उम्मीद थी कि संजीव वहां कमाई करके घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया पीछे परिजनों के अनुसार, भीम शादीशुदा था। उसके परिवार में उसकी मां, पिता, पत्नी और एक बेटा, दो बहने और एक भाई हैं। परिवार खेती बाड़ी करता है। परिजनों ने सरकार और सामाजिक संस्थाओं से भीम का शव भारत लाने तथा परिवार की मदद करने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 2:35 pm

अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएंगे...अमेरिका में अल सैयद की जीत पर ओवैसी ने UP के मुस्लमानों को दिया बड़ा मैसज

अमेरिका के मिशिगन सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुलरहमान मोहम्मद अल-सैयद ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिकी उच्च सदन (सीनेट) के सदस्य बनने वाले पहले मुस्लिम हैं। इस ऐतिहासिक नतीजे का असर भारत के सियासी गलियारों में भी दिखा, जहाँ AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समाज को एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। ओवैसी ने अमेरिकी राजनीति के इस बदलाव की मिसाल देते हुए यूपी के अल्पसंख्यकों को अपनी संगठित राजनीतिक ताकत और हिस्सेदारी बढ़ाने की नसीहत दी। मिशिगन में एक 'अब्दुल' जीत गया है; अब उत्तर प्रदेश के 'अब्दुल' को अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करनी होगी। संघियों ने 'अब्दुल' शब्द को एक ताने के रूप में इस्तेमाल करने की बहुत कोशिश की है। अब समय आ गया है कि हम दिखा दें कि 'अब्दुल' अल्लाह के सिवा किसी के सामने नहीं झुकता। अब हम और नमाज़ की चटाई नहीं बिछाएंगे। इसे भी पढ़ें: अमेरिका का इतिहास बदल देंगे 'अब्दुल', ट्रंप के लिए क्यों बना ये नाक का सवाल, कैसे हो गया बड़ा खेल! अब्दुल अल-सैयद कौन हैं? अल-सैयद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की और रोड्स स्कॉलर के तौर पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। ​​सैयद ने सारा जकाकू से शादी की है, जिनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। सैयद खुद को पूंजीवादी (कैपिटलिस्ट) मानते हैं। उनका चुनाव अभियान मुख्य रूप से जीवन-यापन की लागत और अन्य मुद्दों पर केंद्रित था, और वे पिछले साल न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी के चुनाव अभियान से प्रभावित थे। उन्होंने सभी के लिए मेडिकेयर इज़राइल को दी जाने वाली सैन्य सहायता को खत्म करने और चुनाव वित्तपोषण (कैंपेन फाइनेंस) में सुधार जैसे मुद्दों पर प्रचार किया। मिशिगन के डेमोक्रेटिक गवर्नर पद के प्राइमरी चुनाव में 20 प्रतिशत से अधिक के अंतर से हारने के सात साल बाद, सैयद ने फिर से राजनीति में कदम रखा है। 2018 में गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में ग्रेचेन व्हिटमर से हारने के बाद, सैयद राजनीति से दूर हो गए थे। इस दौरान उन्होंने एक पॉडकास्ट शुरू किया, एक किताब लिखी और यूट्यूब तथा टेलीविजन पर नियमित रूप से दिखाई देने लगे। इसे भी पढ़ें: श्रीनगर सांसद Aga Ruhullah Mehdi ने लोकसभा और National Conference दोनों छोड़ी भारतीय-अमेरिकी पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीता भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराया। मंगलवार को घोषित US मध्यावधि चुनाव के नतीजों के अनुसार, पूर्व हाई स्कूल प्रिंसिपल डंडिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि असकर को 49.1 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। उनके चुनाव अभियान की वेबसाइट के मुताबिक, डंडिया पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं। उन्होंने अपने करियर में हाई स्कूल प्रिंसिपल, पॉलिसी लीडर और टेक्नोलॉजी इनोवेटर के रूप में काम करते हुए समुदायों को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया है। फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं डंडिया ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक हाई स्कूल के प्रिंसिपल के तौर पर काम किया। बाद में उन्होंने एक ऐसा हाई स्कूल शुरू किया, जिसका मकसद कम आय वाले परिवारों के छात्रों के लिए अवसरों को बेहतर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद करना था। चुनाव अभियान की वेबसाइट के अनुसार, इस स्कूल के सभी ग्रेजुएट्स को कॉलेज में दाखिला मिला, जबकि यहां के 86 प्रतिशत छात्र कम आय वाले परिवारों से आते थे। डंडिया 28 साल की उम्र में इस स्कूल की फाउंडिंग प्रिंसिपल बनीं, जिससे वह देश की सबसे कम उम्र की हाई स्कूल प्रिंसिपलों में से एक बन गईं।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 2:24 pm

वरिष्ठ चिकित्सक वीरेंन्द्र वर्मा को अमेरिका से किया गया सम्मानित:इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और मरीजों की सेवा में समर्पण के लिए चयन

राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक वीरेंन्द्र वर्मा को अमेरिका संस्था की ओर से सम्मानित किया गया है। चिकित्सा जगत से जुड़ी यह गौरवशाली खबर सामने आने के बाद चिकित्सा जगत में हर्ष का माहौल है। इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और मरीजों की सेवा में समर्पण के लिए डॉ. वीरेन्द्र वर्मा को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संगठन अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन् ने फेलोशिप प्रदान की है। चिकित्सा पेशे के उच्चतम मानकों का प्रतिनिधित्व करते हैंACP मुख्यालय की ओर से जारी बधाई पत्र में कहा गया है कि यह उपलब्धि आपके उत्कृष्टता के प्रति समर्पण, असाधारण रोगी देखभाल और इंटरनल मेडिसिन में नेतृत्व को दर्शाती है। संस्थान ने कहा कि डॉ. वीरेन्द्र वर्मा अब उन चुनिंदा चिकित्सकों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गए हैं जो चिकित्सा पेशे के उच्चतम मानकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। शिक्षा, रिसर्च, क्लिनिकल केयर और सामाजिक सेवा में असाधारण योगदान के लिएइस सम्मान के बाद डॉ. वर्मा अब अपने नाम के आगे FACP Fellow of the American College of Physicians की उपाधि लगा सकेंगे, जो दुनियाभर में सम्मान और विशेषज्ञता का प्रतीक मानी जाती है। यह उपाधि केवल उन्हीं डॉक्टरों को दी जाती है जिन्होंने शिक्षा, रिसर्च, क्लिनिकल केयर और सामाजिक सेवा में असाधारण योगदान दिया हो। पूर्वांचल और भारत के लिए गर्व का विषय है,अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन्स दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिटी संगठन है, जिसका मुख्यालय अमेरिका में है।डॉ. वीरेन्द्र वर्मा की इस उपलब्धि पर चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत बल्कि पूरे पूर्वांचल और भारत के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करता है कि अयोध्या के चिकित्सक वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 1:54 pm

'अब दरी नहीं बिछाएंगे...', अमेरिका में अब्दुल की जीत पर ओवैसी ने यूपी के मुस्लमानों को दिया बड़ा मैसेज

ओवैसी ने अपने पोस्ट में लिखा कि, एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।ओवैसी का ये बयान अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल एल-सयद ने जीत हासिल करने के बाद आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 1:45 pm

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेटिक की जीत के बाद भी क्यों खुश हैं ट्रंप, क्या है वीटो पावर जिसका किया जिक्र

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: डेमोक्रेटिक की जीत के बाद भी क्यों खुश हैं ट्रंप, क्या है वीटो पावर जिसका किया जिक्र--US Mid-Term Election Democrats Take Control of Senate and House as Trump Warns of Veto Powers

अमर उजाला 4 Nov 2026 12:48 pm

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को झटका, डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस में बहुमत हासिल किया

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। इस चुनाव में सभी सीटों पर मतदान हुआ। शुरुआती चुनावी रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी 226 सीटों पर आगे दिखाई दी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 136 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी।

देशबन्धु 4 Nov 2026 12:35 pm

एच-1बी वीजा की लड़ाई : सुहास सुब्रमण्यम अमेरिकी कांग्रेस में दूसरी बार निर्वाचित

वाशिंगटन, भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम मंगलवार को वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दूसरी बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए। तमिल मूल के चिकित्सक माता-पिता के बेटे सुहास की मां बेंगलुरु से हैं, जबकि उनके पिता चेन्नई और सिकंदराबाद में पले-बढ़े हैं।

देशबन्धु 4 Nov 2026 12:35 pm

एक्सप्लेनर: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में फिर क्यों असफल हुई राष्ट्रपति की पार्टी, बीते चार चुनाव का इतिहास क्या?

अमेरिका के बीते चार मध्यावधि चुनावों (2010, 2014, 2018, 2022) के नतीजों का पूरा विश्लेषण। जानें प्रतिनिधि सभा, सीनेट में सीटों के नफा-नुकसान और राष्ट्रपति की अप्रूवल रेटिंग का क्या असर रहा।

अमर उजाला 4 Nov 2026 11:53 am

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ट्रंप की पार्टी की हार के भारत के लिए क्या मायने, कैसे सस्ता हो सकता है पेट्रोल?

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ट्रंप की पार्टी की हार के भारत के लिए क्या मायने, कैसे सस्ता हो सकता है पेट्रोल?---US Midterm Elections 2026: How Trump Party Loss Could Impact India, Oil Prices, H-1B Visa and Pakistan

अमर उजाला 4 Nov 2026 11:31 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:वोटिंग से पहले अमेरिका का ईरान पर हमला; राहुल PM से बोले- बहस कीजिए; अखिलेश बोले- बिना चुनाव लड़े सीएम बनूंगा

नमस्कार, अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग हुई, लेकिन इसके कुछ घंटे पहले अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि प्रदर्शन सिर्फ एक का नहीं, बल्कि सभी का अधिकार है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे पढ़िए, राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एकबार फिर बहस की चुनौती दी। ⏰आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर नजर रहेगी… 1. भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे ऑकलैंड में खेला जाएगा। 2. अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजे आएंगे। कल की बड़ी खबरें… 1. मिड टर्म की वोटिंग से पहले अमेरिका का ईरान पर हमला, केश्म द्वीप पर 5 धमाके; ईरान का दावा- 2 अमेरिकी जासूसी मार गिराए अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग हुई। इसके कुछ घंटे पहले अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। ईरान के अहम इलाके केश्म द्वीप को निशाना बनाया। यहां पांच जोरदार धमाके हुए। बंदर लेंगेह शहर में विस्फोट हुए। ईरानी मीडिया ने धमाकों के पीछे अमेरिका या इजराइल का हाथ होने की पुष्टि नहीं की है। हालांकि उसने दावा किया कि हमने अमेरिका के दो MQM-170 जासूसी ड्रोन मार गिराए हैं। मिड टर्म चुनाव क्या हैं… पूरी खबर पढ़ें… 2. सुप्रीम कोर्ट बोला- एक जगह अनिश्चितकाल तक धरना नहीं दे सकते, रोजगार-कारोबार का ध्यान रखना भी जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अक्टूबर में हुए CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा… कोई भी संगठन प्रदर्शन के लिए किसी सार्वजनिक जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं कर सकता। प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों पर भी एक तय समय-सीमा होनी चाहिए, ताकि दूसरे संगठनों को भी अपनी बात रखने का मौका मिल सके। आप हमेशा के लिए किसी जगह पर कब्जा नहीं कर सकते। वहां किसान, पत्रकार, मजदूर और दूसरे प्रदर्शनकारी कहां जाएंगे? सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार है। CJP को एक दिन की अनुमति मिली, 17 दिन तक बैठे रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दिल्ली पुलिस की ओर से कहा- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए सिर्फ एक दिन की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 17 दिन तक वहां बैठे रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 3. योगी ने लखनऊ में मुफ्त गैस सिलेंडर बांटे, कहा- महिला-किसानों के लिए स्पेशल पैकेज लाएंगे सीएम योगी ने मंगलवार को उज्ज्वला योजना की 1.89 करोड़ महिला लाभार्थियों को दिवाली का तोहफा दिया। लोकभवन में मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर के लिए 1500 करोड़ की सब्सिडी बांटी। योगी ने कहा कि, बाढ़-बारिश और सूखा से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सरकार इस नुकसान का मुआवजा दे रही है। किसानों के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान- सीएम ने कहा सरकार तीन करोड़ किसान परिवारों के लिए जल्द ही एक अलग विशेष आर्थिक पैकेज लेकर आएगी। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी सरकार एक बड़ा पैकेज ला रही है। पूरी खबर पढ़ें… 4. अखिलेश बोले- विधानसभा चुनाव न लड़ना मेरे लिए शुभ है, सीधे मुख्यमंत्री बनूंगा सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को काशी से यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। दैनिक भास्कर के सवाल पर उन्होंने कहा- मैं मानता हूं कि काशी के लोग बड़े धार्मिक हैं। शुभ समय क्या है या खराब समय क्या है, उन चीजों का बहुत ज्ञान रखते हैं। अखिलेश बोले- लोकसभा से आकर शपथ लूंगा: हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते। इसलिए वही काम करेंगे जो हमारे लिए शुभ होगा। उन्होंने पूछा- पिछली बार कहां से मुख्यमंत्री बना था बताओ? लोकसभा से… इसलिए लोकसभा से आकर सीधे शपथ लूंगा। विधान परिषद की सदस्यता लेकर सीएम बने थे अखिलेश: 15 मार्च, 2012 को अखिलेश पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। उस वक्त वे कन्नौज से सांसद थे। उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर विधान परिषद की सदस्यता ली थी। पूरी खबर पढ़ें… 5. राहुल बोले- मोदी जी देश विरोधी कौन, बहस कीजिए; शाह ने कहा- हम तैयार, संसद चलने दीजिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एकबार फिर पीएम मोदी को बहस का चैलेंज दिया। उनके वीडियो पोस्ट की 3 बातें… 1. मोदी जी 24 घंटे हो गए, मैंने आपको चैलेंज दिया है, आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है, किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ। 2. देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत। फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर सवाल उठेंगे। 3. US डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडाणी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन - ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत। शाह बोले- सरकार हर चर्चा के लिए तैयार राहुल के बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, संसद चलने दो। हम विशेष सत्र बुलाकर SIR पर चर्चा के लिए तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. नेपाल में लैंडिंग के दौरान 2 हेलिकॉप्टर टकराए; भारतीय पर्यटक की मौत, न्यूजीलैंड का नागरिक और दोनों पायलट जख्मी नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में दो हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान टकरा गए। हादसे में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि न्यूजीलैंड का एक भारतीय मूल का नागरिक और दोनों पायलट घायल हो गए। हादसा सोलुखुम्बु जिले के फेरीचे हेलीपैड पर हुआ। यहां फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर उतरने की कोशिश कर रहे थे। तभी दोनों हेलिकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए। हेलिकॉप्टर सर्विस का सेंटर है फेरीचे हेलीपैड फेरीचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर (14,340 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हेलिकॉप्टर सर्विस का सेंटर है। यहां से पर्वतारोहियों और ट्रेकिंग पर आने वाले पर्यटकों को मदद पहुंचाई जाती है। पूरी खबर पढ़ें… 7. वनडे वर्ल्ड कप 2027: भारत-पाक मैच के टिकटों की मांग फाइनल से ज्यादा; 34 हजार सीट, रजिस्ट्रेशन 84 लाख अगले साल साउथ अफ्रीका में वनडे वर्ल्ड कप होना है। 10 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान का मैच जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा। स्टेडियम की क्षमता केवल 34 हजार दर्शकों की है, लेकिन मैच टिकट्स के 84 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इस मैच के लिए उपलब्ध सीटों के मुकाबले करीब 247 गुना ज्यादा आवेदन आए हैं। टिकटों की मांग के मामले में भारत-पाकिस्तान मुकाबला पहले नंबर पर है। ICC के मुताबिक, 1 नवंबर को इसी स्टेडियम में होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल के लिए 79,00,944 रजिट्रेशन हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: इंडिगो फ्लाइट में इमरजेंसी दरवाजे से छेड़छाड़: दिल्ली से पुणे जा रहा था प्लेन, लीवर छूने पर अलार्म बजा; यात्री पर केस दर्ज (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: इजराइल को हथियार खरीदने के लिए अमेरिका पैसे नहीं देगा:ट्रम्प बोले- उन्हें अब जरूरत नहीं; चुनाव में विरोधियों ने फिजूलखर्चे पर सवाल उठाए थे (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: मोदी बोले-पहले गरीबी खत्म करने के वादे होते थे: अब जमीनी स्तर पर काम हो रहा; ₹21 हजार करोड़ की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: भारत ने पहली बार एक लॉन्चर से 2 मिसाइलें दागीं:500km दूर 2 टारगेट तबाह, टेस्ट सफल; पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात होगी (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: नाम ड्रॉफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं, फॉर्म-6 भरें:चुनाव आयोग बोला- केस नहीं होगा, दोबारा जुड़वाएं; SIR में 30 राज्यों के 13 करोड़ नाम कटे (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके… चीन में रोबोट संभाल रहे ट्रैफिक चीन में अब रोबोट ट्रैफिक संभालने लगे हैं। ये वाहनों और पैदल चलने वालों पर नजर रखते हैं। नियम तोड़ने वालों को चेतावनी देते हैं। रोबोट्स पर पानी और बारिश का असर भी नहीं होता है। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: पायलट नतालिया बोलीं- हमारे पास वक्त नहीं; मिसाइल की तरह जमीन से कैसे टकराया जेट, आखिरी पलों की रिकॉर्डिंग से क्या पता चला 2. भास्कर एक्सक्लूसिव: बेटा जेल में, पाकिस्तान से फोन आया-100 डॉलर भेजो: खाने में एक कप चावल, कद्दू का जूस; भारत के लड़के-लड़कियां कंबोडिया में बंद 3. फिजिकल हेल्थ: खाने के बाद घंटों पचता नहीं है खाना: हो सकता है गैस्ट्रोपेरेसिस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, इलाज, बचाव के 10 टिप्स 4. जरूरत की खबर: दिवाली से पहले घर की डीप क्लीनिंग:वो 21 छिपे कोने, जहां दिखती नहीं है धूल, हर कोने की सफाई के आसान टिप्स 5. भास्कर इंटरव्यू: 'पंचायत' फेम आसिफ खान हुए भावुक: ‘बिग बॉस’ में थे, तब दोस्त की हार्ट अटैक से हुई मौत; बोले- पिता को भी ऐसे खोया था करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें… ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज आज का राशिफल… कुंभ राशि वालों की प्रॉपर्टी डील होगी और कन्या राशि के लोगों की तरक्की के योग बनेंगे जानिए आज का राशिफल…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:41 am

अमेरिका, चीन और एआई: दोनों देशों को नए खतरे का एहसास है, बाकी दुनिया के आर्थिक रिश्तों में भी आ रहा बदलाव

एआई के दौर में अमेरिका-चीन की नई जंग: अब ड्रोन, रोबोट और रेयर अर्थ्स तय करेंगे दुनिया की आर्थिक ताकत- New US-China Rivalry in Age of AI Drones Robots and Rare Earths Will Now Determine Global Economic Power

अमर उजाला 4 Nov 2026 5:41 am

Hathras News: हर मोबाइल तक पहुंचा अमेरिकी सर्वर पर बना साइबर फ्रॉड लिंक

साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका अपनाया है। व्हाट्सएप के जरिये लोगों को दो हजार रुपये मिलने का लालच देकर एक संदिग्ध लिंक भेजा जा रहा है।

अमर उजाला 4 Nov 2026 2:44 am

अमेरिका में आज मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग: संसद की 470 सीटों पर होगा मतदान, वीडियो में जाने ट्रम्प की प्रतिष्ठा दांव पर; बहुमत गंवाया तो मुश्किलें बढ़ेंगी

अमेरिका में आज मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग: संसद की 470 सीटों पर होगा मतदान, वीडियो में जाने ट्रम्प की प्रतिष्ठा दांव पर; बहुमत गंवाया तो मुश्किलें बढ़ेंगी

समाचार नामा 3 Nov 2026 6:40 pm

खुलासों की अफसर, अमेरिका का NASA छोड़ 5वें प्रयास में बनीं IPS, यूपी की लेडी सिंघम को गृहमंत्री पदक

तेज तर्रार आईपीएस अफसर अनुकृति को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक के लिए चुना गया है। वह 100 करोड़ रुपये से अधिक के अंतर्राज्यीय फर्जी बीमा घोटाले का खुलासा कर देश भर में चर्चा में आई थीं।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Nov 2026 3:52 pm

अमेरिका में भारतीय कितने समय तक रह सकते हैं? मिडटर्म चुनाव पर टिकी नजर

अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल करने और अपने सुनहरे भविष्य का सपना संजोकर समंदर पार जाने वाले भारतीय छात्रों और पेशेवर प्रवासियों के लिए यह वक्त बेहद असमंजस और चिंता से भरा हुआ है। अमेरिका में छात्र और एक्सचेंज विजिटर वीजा पर रहने वाले भारतीय नागरिक अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि वे आखिर कानूनी तौर पर देश में कितने लंबे समय तक रुक सकेंगे। इस बीच, अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में चल रहे घटनाक्रम और आगामी मिडटर्म चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि अमेरिका के कड़े होते आव्रजन (इमिग्रेशन) ढांचे और बहुचर्चित 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' (D/S) नियम का भविष्य क्या होगा। राजनीतिक बदलावों और अदालती फैसलों के बीच यह मुद्दा अब भारतीय छात्रों के लिए सबसे बड़ी बहस बन चुका है।#1. क्या है 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' (D/S) नियम और क्यों मची है हलचल?पारंपरिक रूप से अमेरिका में F-1 (छात्र) और J-1 (एक्सचेंज विजिटर) वीजाधारकों को 'Duration of Status' (D/S) के तहत प्रवेश मिलता रहा है। इसका मतलब यह होता था कि जब तक छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है या वैध प्रोग्राम में बना हुआ है, तब तक उसे अमेरिकी धरती पर रहने के लिए बार-बार वीजा अवधि बढ़वाने की चिंता नहीं करनी पड़ती थी। हालांकि, अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा इस व्यवस्था को बदलकर एक निश्चित अवधि (Fixed Period of Admission) में तब्दील करने के प्रस्ताव और कानूनी दांवपेंचों ने छात्रों की नींद उड़ा दी है। इस नियम के तहत छात्रों के ठहरने की अवधि को अधिकतम चार साल या कोर्स की अवधि तक सीमित करने की बात है, जिसके बाद उन्हें हर बार यूएसिस (USCIS) से एक्सटेंशन लेना पड़ेगा। हालांकि, अदालती आदेशों और प्रारंभिक रोक के कारण फिलहाल पुराना ढांचा ही बरकरार है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।#1. अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के नतीजों पर टिकी भारतीय प्रवासियों और छात्रों की निगाहेंअमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव केवल घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका सीधा असर देश की इमिग्रेशन पॉलिसी और विदेशी छात्रों के जीवन पर पड़ता है। कांग्रेस (संसद) और प्रशासनिक पदों के समीकरण तय करेंगे कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के प्रति रुख नरम होगा या फिर नियमों को और अधिक कड़ा किया जाएगा। भारतीय समुदाय और छात्र संगठन अमेरिकी सांसदों की नीतियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि संसद के पास वीजा कैप, ग्रीन कार्ड बैकलॉग और छात्रों के अधिकारों से जुड़े कानूनों में बदलाव करने की पूरी शक्ति होती है। यदि चुनाव परिणामों के बाद संसद में सत्ता संतुलन बदलता है, तो आव्रजन सुधारों की दिशा भी पूरी तरह से बदल सकती है।#1. भारतीय छात्रों के भविष्य पर मंडराता अनिश्चितता का बादल और कानूनी चुनौतियांनए संभावित नियमों के विरोध में विभिन्न अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कानूनी संगठनों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिसके चलते फिलहाल फिक्सड स्टे वाले नियमों के क्रियान्वयन पर कानूनी रोक लगी हुई है। इसके बावजूद छात्रों में डर का माहौल है कि यदि आने वाले दिनों में राजनीतिक दबाव के चलते ये नियम सख्ती से लागू होते हैं, तो उन्हें हर छोटे बदलाव के लिए भारी प्रशासनिक शुल्क और लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना होगा। जानकारों का कहना है कि जो भारतीय छात्र अमेरिका में रहकर आगे की पढ़ाई, रिसर्च या ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) करने की सोच रहे हैं, उन्हें वहां के राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम से पूरी तरह अपडेट रहना चाहिए।#1. अमेरिका जाने वाले युवाओं के लिए कूटनीतिक और व्यावहारिक सलाहमौजूदा हालात को देखते हुए शिक्षा विशेषज्ञों और इमिग्रेशन वकीलों ने भारतीय छात्रों को सलाह दी है कि वे अपनी यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस (ISO) के संपर्क में रहें और अपने सभी दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त रखें। अमेरिका की घरेलू राजनीति और मिडटर्म चुनावों के बाद आने वाले विधायी परिणाम इस बात की तस्दीक करेंगे कि विदेशी नागरिकों और छात्रों के लिए अमेरिकी धरती पर टिके रहना कितना आसान या कठिन होने वाला है। फिलहाल हर किसी की नजरें चुनाव के नतीजों और अदालती फैसलों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि आने वाले समय में 'अमेरिकन ड्रीम' की राह कितनी सुगम होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Nov 2026 2:03 pm

Trump के अच्छे या बुरे दिन आने वाले हैं? भारत से कितना अलग है अमेरिका का मिडटर्म चुनाव, नतीजों के बाद क्या-क्या बदलने वाला है

जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के सामने आ चुका है उनका सबसे बड़ा सियासी इम्तिहान—अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शंस! सवाल सिर्फ संसद में बहुमत का नहीं, बल्कि यह तय होने का है कि अगले दो साल ट्रंप वाइट हाउस से हुक्म चलाएंगे या फिर वॉशिंगटन में उनके हर फैसले पर ब्रेक लग जाएगा। राष्ट्रपति चार साल के लिए चुना जाता है, लेकिन अमेरिकी संसद हर दो साल में जनता की अदालत में खड़ी होती है। ट्रंप के चार साल के कार्यकाल के ठीक आधे रास्ते पर होने वाले इस चुनाव का असली गणित क्या है, और यह नतीजे कैसे तय करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति की दिशा? ऐसे में नवंबर 2026 में होने वाले ये जो उनके चुनाव हो रहे हैं कार्यकाल के बीच में हो रहे हैं और इसलिए उसे हम मिड टर्म चुनाव कहा जा रहा है। इन चुनाव में क्या-क्या दांव पर है? अमेरिकी संसद के दो सदन होते हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव को प्रतिनिधि सभा और सीनेट को उच्च सदन कहा जाता है। मिड टर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान होते हैं। वहीं सीनेट की कुल 100 सीटों में से इस बार 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर के भी चुनाव किए जा रहे हैं। प्रतिनिधि सभा के सदस्यों का कार्यकाल 2 साल का ही होता है। इसलिए इनकी सभी सीटों पर हर 2 साल में चुनाव होता है। जबकि दूसरी तरफ जिन हम 100 सेनेटर्स की बात कर रहे थे वो सेनेटर्स का कार्यकाल छ साल का होता है। सीनेट की सभी सीटों पर एक साथ चुनाव भी नहीं होता बल्कि हर 2 साल में करीब 1/3 सीटों पर मतदान होता रहता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan में अमेरिकी कंपनियों का LNG प्रोजेक्ट पर 4.4 अरब डॉलर निवेश का प्लान क्या ट्रंप विदेश नीति सेना से जुड़े फैसले इस चुनाव के बाद ले पाएंगे सवाल का जवाब है हां। अमेरिकी राष्ट्रपति सेना के सर्वोच्च कमांडर होते हैं। कमांडर इन चीफ मिड टर्म चुनाव में हार के बाद भी ट्रंप के पास सेना का नेतृत्व करने, विदेश विदेशी देशों के साथ बातचीत करने, कई विदेश नीति संबंधी फैसले लेने का उनके पास अधिकार होगा। हालांकि पेच भी है। युद्ध की घोषणा, सैन्य खर्च, रक्षा बजट जैसे महत्वपूर्ण मामलों में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए बड़े सैन्य अभियान और लंबे समय तक चलने वाली नीतियों में जो संसद है वो वहां से उनका विरोध हो सकता है जिससे वो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इसे भी पढ़ें: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के ठिकानों पर किए रक्षात्मक हमले, मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले गरमाई भू-राजनीति 2 साल में चुनाव क्यों हो जाता है? अमेरिका की जो चुनाव व्यवस्था है वह इस तरह बनाई गई है कि जनता को हर 2 साल में अपने प्रतिनिधियों के कामकाज पर राय देने का मौका मिल जाए। प्रतिनिधि सभा के सदस्य केवल 2 साल के लिए चुने जाते हैं ताकि वह लगातार अपने मतदाताओं के प्रति जवाबदेह बने रहे। सीनेट में स्थिरता बनाए रखने के लिए सदस्यों का कार्यकाल छ साल रखा गया और चुनाव अलग-अलग चरणों में होते हैं। इससे संसद में एक साथ बड़े बदलाव की संभावना जो है वो कम रहती है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका में वोटिंग डे, मिड टर्म चुनाव में बड़ा उलटफेर! ट्रंप का क्या होगा? ट्रंप के लिए अब क्यों खास है? अगर रिपब्लिकन पार्टी बहुमत बरकरार रखती है तो ट्रंप के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना आसान होगा। यानी कि जिस हौकने के अंदाज में ट्रंप अमेरिका में बातचीत करते हैं वो तेवर उनके जारी रह सकते हैं। लेकिन अगर यहां झटका लग गया तो ट्रंप के तेवर में नरमी आएगी। काम कराने के लिए कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के आगे हाथपांव जोड़ने पड़ सकते हैं। लेकिन अगर डेमोक्रेटिक पार्टी जो है वो प्रतिनिधि सभा या सीनेट में बहुमत हासिल कर लेती है तो ट्रंप के कई फैसले जैसे कि विधाई प्रस्ताव को रोकने उसमें बदलाव करने की उसकी ताकत बढ़ जाती है। संसद की समितियां सरकारी कामकाज की जांच कर सकती हैं और प्रशासन से जवाब मांग सकती हैं। हालांकि मिड टर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार का मतलब यह नहीं होगा कि ट्रंप को राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़े। अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव अलग से होता है और राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल का होता है। संसद में बहुमत गवाने से राष्ट्रपति अपने पद से नहीं हटते हैं। इसे भी पढ़ें: सींग को इस तरह उखाड़...क़ेशम द्वीप पर मिसाइल अटैक, ईरान से भी आ गया तगड़ा जवाब क्या चुनाव पर लागू हो सकता है राष्ट्रीय आपातकाल? अमेरिका में 2026 के मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों के बीच एक और बेहद संवेदनशील परिदृश्य की चर्चा हो रही है—देश में नेशनल इमरजेंसी (राष्ट्रीय आपातकाल) की घोषणा। डोनाल्ड ट्रंप के कुछ सहयोगियों ने कथित चुनावी धांधली या विदेशी दखल का हवाला देकर राष्ट्रीय आपातकाल लगाने का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि इसके जरिए मतों की गिनती में संघीय सरकार की सीधी भागीदारी, जिसमें अनिवार्य रूप से हाथों से गिनती (Hand counts) कराना शामिल है, को सही ठहराया जा सकता है। खुद ट्रंप ने भी एक साक्षात्कार में इस विकल्प पर कहा था कि वे किसी भी चीज़ से न तो इनकार कर रहे हैं और न ही उसे स्वीकार कर रहे हैं। आशंका है कि चुनावों के दौरान या नतीजों के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी का हवाला देते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी जाए, ताकि संघीय प्रशासन सीधे तौर पर वोटों की गिनती और प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में ले सके। भारत और अमेरिका के चुनाव की व्यवस्था में क्या अंतर है? भारत और अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़ा अंतर है। भारत में लोकसभा चुनाव आमतौर पर 5 साल में होते हैं। प्रधानमंत्री और उनकी सरकार लोकसभा में बहुमत पर निर्भर करती है। अगर सरकार लोकसभा में बहुमत खो देती है तो उसे सत्ता छोड़नी पड़ती है। वहीं अमेरिका में जो राष्ट्रपति और संसद है उसके चुनाव अलग-अलग होते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव 4 साल में होता है। जबकि कांग्रेस के चुनाव हर 2 साल में होते हैं। इसलिए अगर राष्ट्रपति की पार्टी संसद में बहुमत खो देती है, तब भी राष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा कर सकता है। भारत की राज्यसभा की तरह अमेरिकी सीनेट भी एक स्थाई सदन है। इस इन जो सभी सदस्य का कार्यकाल जो है वो यहां एक साथ खत्म नहीं हो जाता। भारत में भी राज्यसभा के जो सदस्य हैं उनका कार्यकाल छ साल का होता है। अमेरिका में भी सेनेटरों का कार्यकाल भी जो है वो छ साल का होता है। दोनों जगह हर दो-दो साल में करीब 1/3 सदस्यों का कार्यकाल पूरा होता रहता है और रीइलेक्शंस वहां पे होते रहते हैं।

प्रभासाक्षी 3 Nov 2026 12:57 pm

रणबीर कपूर की 'रामायण' ने एडवांस बुकिंग में मचाया धमाल, भारत से लेकर अमेरिका तक दिखा फिल्म का जलवा

रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट वन' रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। भारत में फिल्म की एडवांस बुकिंग 73.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हिंदी वर्जन के साथ 3D और प्रीमियम फॉर्मेट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अमेरिका में ...

वेब दुनिया 3 Nov 2026 12:03 pm

अमेरिका में नगर कीर्तन में हिंसा:2 गुटों में फायरिंग-चाकूबाजी, तलवारें भी चलीं, 2 लोग घायल, संदिग्ध हिरासत में

अमेरिका के कैलिफोर्निया में नगर कीर्तन के दौरान हिंसा की 2 घटनाएं हुईं। सटर काउंटी में आयोजित 47वें वार्षिक नगर कीर्तन में शनिवार को फायरिंग हुई। वहीं रविवार को चाकूबाजी में 2 लोग घायल हो गए। युवकों ने तलवारों और भालों से भीड़ पर हमला कर दिया। पुलिस ने चाकूबाजी करने के मामले में सैक्रामेंटो निवासी दविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं, फायरिंग मामले में एक संदिग्ध की पहचान की गई है। सटर काउंटी शेरिफ कार्यालय दोनों घटनाओं के आपस में जुड़े होने की जांच कर रहा है। कैलिफोर्निया में हिंसा की तस्वीरें, देखिए … दोनों मामलों में क्या हुआ, जानिए… दोनों घटनाओं के संबंध की जांच कर रही पुलिससटर काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, दोनों मामलों की जांच जारी है। जांचकर्ता सिख गुरुद्वारे के प्रबंधन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि घटनाओं में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। --------- ये भी पढ़ें गुरबाणी पर AI की मनगढ़ंत पंक्तियों से अकाल तख्त चिंतित:जत्थेदार गड़गज बोले-प्रमाणित प्लेटफॉर्म बनाएंगे; सिख इतिहास की गलत जानकारी दे रहा चैटबॉट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए गुरबाणी की गलत जानकारी और मनगढ़ंत पंक्तियां प्रसारित होने पर श्री अकाल तख्त साहिब ने चिंता जताई है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि एआई चैटबॉट्स गुरबाणी, सिख इतिहास और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी कई बार गलत जानकारी दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 3 Nov 2026 11:16 am

Iran America War Update: अमेरिका से Nuclear वाली धमकी पर China के Wang Yi ने क्या कहा?

Iran America War Update: अमेरिका से Nuclear वाली धमकी पर China के Wang Yi ने क्या कहा? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Nov 2026 10:49 am

अमेरिका: ट्रंप के दूसरे टर्म पर जनमत की परीक्षा आज, राष्ट्रपति के सुर में दिखी हताशा

अमेरिका: ट्रंप के दूसरे टर्म पर जनमत की परीक्षा आज, राष्ट्रपति के सुर में दिखी हताशा

समाचार नामा 3 Nov 2026 9:28 am

इंडो अमेरिकन पब्लिक स्कूल में मनाया गया दीपावली उत्सव, जरूरतमंदों को बांटे वस्त्र

उदयपुर | इंडो अमेरिकन पब्लिक स्कूल में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान जरूरतमंदों को वस्त्र, मिठाई और पटाखे वितरित किए गए। विद्यार्थियों ने सुंदर रंगोलियां बनाईं और पारंपरिक वेशभूषा में डांडिया रास किया। प्राचार्या डॉ. रीनिका राय ने कहा कि दीपावली जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां फैलाने का अवसर है। संस्थापक डॉ. गणेश हड़पावत, ट्रस्ट अध्यक्ष मोहित नागौरी और सचिव शुभम कोठारी ने सभी को शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 3 Nov 2026 5:30 am

अमेरिका मध्यावधि चुनाव: प्रचार में ट्रंप का आखिरी दांव; एक और मौके का जिक्र क्यों? 127 वादों की सूची में क्या?

अमेरिका मध्यावधि चुनाव: प्रचार में ट्रंप का आखिरी दांव; एक और मौके का जिक्र क्यों? 127 वादों की सूची में क्या?- US Midterm Elections Trump final gambit campaign trail mention another chance And what his list 127 promises

अमर उजाला 3 Nov 2026 4:24 am

Kaithal News: 45 लाख खर्च कर डंकी रूट से गए थे अमेरिका, हार्ट अटैक से मौत

Spent 4.5 million (45 lakh) to reach America via the 'donkey route'; died of a heart attack.

अमर उजाला 3 Nov 2026 1:30 am

हीरा कारोबारी अशोक संचेती को कौटिल्य पुरस्कार:भारतीय-अमेरिकी समुदाय के समारोह में किया सम्मानित, डॉ. समीन शर्मा रहे गाला चेयर

राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (राना) के संरक्षक सदस्य, हीरा व्यवसायी और समाजसेवी अशोक कुमार संचेती को न्यूयॉर्क में प्रतिष्ठित कौटिल्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एसोसिएशन ऑफ इंडियंस इन अमेरिका (एआईए) नेशनल के बिजनेस काउंसिल अवॉर्ड्स समारोह में यह सम्मान दिया गया। एसोसिएशन ऑफ इंडियंस इन अमेरिका (एआईए) नेशनल के बिजनेस काउंसिल अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन 1 नवंबर को लॉन्ग आइलैंड स्थित क्रेस्ट हॉलो कंट्री क्लब में हुआ। समारोह में राना के अन्य संरक्षक सदस्य और विश्वविख्यात इंटरवेंशनल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. समीन शर्मा इस आयोजन के गाला चेयर रहे। राना अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने संचेती को मिले सम्मान और डॉ. शर्मा की भूमिका को पूरे राना परिवार के लिए गर्व का विषय बताया। न्यूयॉर्क में आयोजित समारोह में 5 हस्तियों को मिला कौटिल्य पुरस्कार इस वर्ष कौटिल्य पुरस्कार से सम्मानित 5 हस्तियों में पायनियर जेम्स एलएलसी के अध्यक्ष अशोक कुमार संचेती, पीएंडजी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलेट नॉर्थ अमेरिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज भल्ला, क्रिस्पर थेरेप्यूटिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. समर्थ कुलकर्णी, एक्वस के अध्यक्ष अरविंद मेलिगेरी और वेल्स फार्गो एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक याकूब मैथ्यू शामिल रहे। भारतीय विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली संस्था है एआईए 20 अगस्त 1967 को स्थापित एसोसिएशन ऑफ इंडियंस इन अमेरिका (एआईए) अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों का सबसे पुराना राष्ट्रीय संगठन है। करीब छह दशकों से यह संस्था भारतीय विरासत, संस्कृति, शिक्षा और समाजसेवा को बढ़ावा देने के साथ भारतीय-अमेरिकी समुदाय को एकजुट करने में भूमिका निभा रही है। समारोह में राना के संरक्षक सदस्यों, पदाधिकारियों और निदेशक मंडल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। राना अध्यक्ष प्रेम भंडारी के साथ संरक्षक सदस्य के.के. मेहता, डॉ. नरिंदर कुकर और हरिदास कोटेवाला उपस्थित रहे। राना के प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डॉ. शरद कोठारी, सचिव रवि जारगढ़, कोषाध्यक्ष नीलम मोदी, संयुक्त सचिव अमित सराफ और अमित शोरवाला तथा निदेशक मंडल के सदस्य दीप चोपड़ा और नितिन धारीवाल शामिल थे। नीलम मोदी एआईए नेशनल की राष्ट्रीय सचिव भी हैं। उन्होंने समारोह में बैंक्वेट चेयर की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा बृहद न्यूयॉर्क सीनियर्स के अध्यक्ष अजय पटेल, जयपुर फुट यूएसए के कोषाध्यक्ष एवं समारोह के आयोजन अध्यक्ष हरीश ठक्कर और जयपुर फुट यूएसए से निक गर्ग भी मौजूद रहे। अक्षय पात्र को न्यूयॉर्क लाने में निभाई थी अहम भूमिका अशोक संचेती जयपुर फुट यूएसए के सलाहकार भी हैं। वे लंबे समय से परोपकार और समाजसेवा से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2006 में राना की ओर से आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी सम्मेलन के दौरान अक्षय पात्र को न्यूयॉर्क लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्हें मिले कौटिल्य पुरस्कार को राना परिवार ने विशेष गौरव का विषय बताया। प्रेम भंडारी बोले- पूरे राना परिवार के लिए गर्व का क्षण दैनिक भास्कर से बातचीत में राना अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि अशोक संचेती को प्रतिष्ठित कौटिल्य पुरस्कार मिलना और डॉ. समीन शर्मा का आयोजन का गाला चेयर होना पूरे राना परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सभी पांच पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। साथ ही परोपकार, समाजसेवा और भारतीय प्रवासी संस्थाओं को सशक्त बनाने में राना सदस्यों के निरंतर योगदान की सराहना की। भंडारी ने डॉ. नरिंदर कुकर के एआईए के साथ लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि “एआईए उनके डीएनए में है।” उन्होंने एआईए नेशनल की अध्यक्ष नीलिमा मदान को भी बधाई दी। आयोजन टीम में नीलम मोदी, हरीश ठक्कर, कल्पना पटेल और गोबिंद भतीजा सहित सभी सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की।

दैनिक भास्कर 2 Nov 2026 10:13 pm

US Midterm Elections 2026: Donald Trump की अग्निपरीक्षा, अमेरिका में 2 साल में चुनाव क्यों होते हैं?

अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन होने जा रहे हैं... और इस चुनाव पर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, भारत समेत पूरी दुनिया की नजर है...

लाइव हिन्दुस्तान 2 Nov 2026 8:44 pm

रणथंभौर में विदेशी पर्यटकों की एक दिन में 19,500 बुकिंग:नए साल की सफारी के लिए यूके पहले, अमेरिका दूसरे, ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर

नए साल 2027 की सफारी के लिए रणथंभौर में पहले ही दिन रिकॉर्ड बुकिंग हुई। 1 नवंबर को एडवांस बुकिंग शुरू होते ही देश-विदेश के 46,500 पर्यटकों ने टिकट बुक करा लिए। इनमें 19,500 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। सबसे ज्यादा बुकिंग ब्रिटेन से हुई। बुकिंग रिपोर्ट के अनुसार, खबर लिखे जाने तक करीब 46,500 पर्यटकों ने सफारी टिकट बुक कराए। इनमें 27 हजार भारतीय और 19,500 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, पोलैंड, रोमानिया, आर्मेनिया और जॉर्जिया सहित कई देशों के पर्यटकों ने रणथंभौर के आधिकारिक बुकिंग पोर्टल से सीधे टिकट बुक कराए। खास बात यह है कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता के बावजूद पर्यटकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। एक जनवरी की बुकिंग को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह बुकिंग के आंकड़ों में 1 जनवरी 2027 पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा। पर्यटकों में करीब 60 प्रतिशत पुरुष और 40 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं, 41 से 60 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत रही। बाकी पर्यटकों में बच्चे और 25 वर्ष तक के युवा शामिल हैं। विदेशी पर्यटकों की बुकिंग में भी कई बदलाव देखने को मिले। फ्रांस से आने वाले पर्यटकों की हिस्सेदारी में 0.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, पर्यटकों की संख्या के मामले में इटली और स्विट्जरलैंड ने कनाडा को पीछे छोड़ दिया। विदेशी पर्यटकों की बुकिंग में यूनाइटेड किंगडम पहले, अमेरिका दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहे। तकनीक और वन्यजीव संरक्षण का संगम रणथंभौर में आधुनिक तकनीक के जरिए पर्यटन प्रबंधन को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है। रियल टाइम मॉनिटरिंग, GPS डेटा और पर्यटकों के फीडबैक के माध्यम से सफारी संचालन को प्रभावी बनाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नए साल की एडवांस बुकिंग में मिले रिकॉर्ड रिस्पॉन्स ने एक बार फिर साबित किया है कि रणथंभौर की पहचान केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में अपनी खास जगह रखता है।

दैनिक भास्कर 2 Nov 2026 4:46 pm

कैथल के युवक की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत:9 साल पहले ₹45 लाख खर्च कर गया; 2 बच्चों का पिता था

कैथल के गांव रसीना निवासी करीब 40 वर्षीय संजीव की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह करीब नौ साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और कमाई करने के उद्देश्य से अमेरिका गया था। अब परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली है। संजीव की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। 9 साल पहले अमेरिका गया था संजीव परिजनों के अनुसार, संजीव करीब नौ-दस साल से अमेरिका में रह रहा था और डंकी के रास्ते गया था। वह कैलिफोर्निया में गाड़ी चलाने का काम करता था और वहां की नागरिकता भी प्राप्त कर चुका था। 28 अक्टूबर को अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। साथ रहने वाले लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों और सामाजिक संस्थाओं ने सरकार तथा अन्य संस्थाओं से संजीव का शव भारत लाने में सहयोग करने की अपील की है। विदेश भेजने में खर्च किए थे 45 लाख रुपए संजीव के चचेरे भाई राजेश ने बताया कि उसे अमेरिका भेजने के लिए परिवार ने करीब 45 लाख रुपए खर्च किए थे। इस रकम का इंतजाम करने के लिए कुछ पैसे जानकारों से भी उधार लिए गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि संजीव वहां कमाई करके घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया पीछे परिजनों के अनुसार, संजीव शादीशुदा था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। पहले परिवार खेती करता था, लेकिन संजीव को विदेश भेजने के लिए जमीन बेच दी गई थी। परिजनों ने सरकार और सामाजिक संस्थाओं से संजीव का शव भारत लाने तथा परिवार की मदद करने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 2 Nov 2026 4:36 pm

अनंत सिंह के होने वाले दामाद अमेरिका में रहते हैं, बेटी शिवांगी की शादी के लिए यूपी से आया टेंट

अनंत सिंह की बेटी शिवांगी सिंह की शादी इसी साल 25 नवंबर को होने वाली है। कहा जा रहा है कि करीब 10 बीघे में शादी की तैयारियां चल रही हैं। शिवांगी सिंह की शादी में विशाल टेंट-पंडाल लगाने के लिए मऊ से लोग आए हैं तो वहीं अनंत सिंह के दामाद यानी दूल्हे राजा भी विदेश से आ रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Nov 2026 12:20 pm

अमेरिका से आएगा अनंत सिंह का दामाद, 10 बीघा में होगी बेटी शिवांगी की शाही शादी; कौन हैं ऋषिकेश?

मोकामा विधायक अनंत सिंह की छोटी बेटी शिवांगी सिंह की शादी 25 नवंबर को उनके पैतृक गांव लदमा में होने जा रही है। अमेरिका में रहने वाले ऋषिकेश कुमार से तय हुई यह शादी 10 बीघा जमीन पर भव्य तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें घुड़दौड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

जागरण 2 Nov 2026 9:09 am

अमेरिका के प्रतिष्ठित-संस्थान में चीन के बाद सबसे अधिक भारतीय:ग्लोबल उड़ान; IIT ही नहीं, MIT तक में कोटा की धाक, 9 साल में 18 को प्रवेश

आईआईटी की तैयारी के लिए देशभर में पहचान बना चुका कोटा अब दुनिया के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों तक भी अपनी प्रतिभा पहुंचा रहा है। यहां कोचिंग करने वाले विद्यार्थी सिर्फ देश की शीर्ष इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में ही सफलता नहीं पा रहे, बल्कि अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) जैसे वैश्विक संस्थानों में भी जगह बना रहे हैं। पिछले 9 शैक्षणिक वर्षों (2017-18 से 2025-26) में कोटा कोचिंग से जुड़े 18 स्टूडेंट्स को एमआईटी में प्रवेश मिला है। 2025-26 में रुद्र पेठानी और कनिष्क जैन को प्रवेश मिला। जेईई एडवांस्ड टॉपर चित्रांग मुरदिया और सतवत जगवानी ने भी एमआईटी में प्रवेश लिया। एमआईटी में 286 भारतीय: वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार एमआईटी में भारत के 286 विद्यार्थी पढ़ रहे थे। इनमें 16 अंडरग्रेजुएट और 242 ग्रेजुएट विद्यार्थी थे। शेष रिसर्च कर रहे थे। चीन के बाद एमआईटी में सबसे अधिक विद्यार्थी भारत के हैं। सबसे अधिक विद्यार्थी अमेरिका और ब्रिटेन से आते हैं। अकादमिक के साथ रचनात्मकता व नेतृत्व क्षमता भी आंकते हैं: एमआईटी में प्रवेश के लिए गणित-विज्ञान की मजबूत समझ, कठिन समस्याएं सुलझाने की क्षमता और नई खोजों की जिज्ञासा परखी जाती है। रचनात्मकता, नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक समस्याओं के समाधान में रुचि को महत्व मिलता है। एसएटी-एसीटी स्कोर और विद्यार्थी की प्रोफाइल भी चयन का आधार हैं। रिसर्च, आकर्षक सैलरी पैकेज एमआईटी में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, एआई, स्पेस, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में शोध व नई तकनीक विकसित करने के अवसर मिलते हैं। संस्थान स्कॉलरशिप देता है। अमेरिकी कंपनियों में आकर्षक सैलरी पैकेज मिलते हैं।

दैनिक भास्कर 2 Nov 2026 5:30 am

Iran Attack US Air Base: अमेरिका के तबाही का सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा! | Trump | Mojtaba

Iran Attack US Air Base: अमेरिका के तबाही का सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा! | Trump | Mojtaba

लाइव हिन्दुस्तान 1 Nov 2026 11:00 pm

आंदोलनकारियों को भाजपा-कांग्रेस ने देशद्रोही-अमेरिकी एजेंट तक कहा:उन्हीं के संघर्ष से दिल्ली तक पहुंची मांग, 48 साल पहले ही अलग हो जाता छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ आज अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। 1 नवंबर 2000 को अलग राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया, लेकिन इसके पीछे कई दशकों का संघर्ष छिपा है। अलग राज्य के लिए लड़ने वाले आंदोलनकारियों को भाजपा और कांग्रेस के लोग देशद्रोही और अमेरिका का एजेंट तक कहते थे। आंदोलनकारियों को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ीं। वे जेल गए, सरकारों के सामने अपनी मांग रखी और गांवों से लेकर दिल्ली तक आंदोलन किया। आज राज्य स्थापना दिवस के मौके पर हम आपको उन आंदोलनकारियों के संघर्ष की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने अलग छत्तीसगढ़ का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा आंदोलन में लगा दिया। छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के महासचिव दीनदयाल वर्मा बताते हैं कि अलग राज्य की मांग को संगठित रूप देने में छत्तीसगढ़ी समाज की अहम भूमिका रही। 16 मई 1965 को छत्तीसगढ़ी समाज की स्थापना हुई। इसी साल रायपुर के आरडी तिवारी स्कूल में पहला छत्तीसगढ़ी सम्मेलन हुआ। यहीं से अलग छत्तीसगढ़ राज्य की मांग को लेकर आंदोलन ने संगठित रूप लेना शुरू किया। इस रिपोर्ट में पढ़िए राज्य निर्माण आंदोलन का संघर्ष, 48 साल पहले दिल्ली के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई ऐतिहासिक बैठक, जिसने अलग राज्य की मांग को नई दिशा दी और संसद घेराव की कहानी… आंदोलनकारियों को कहते थे देशद्रोही और अमेरिका का एजेंट छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के महासचिव दीनदयाल वर्मा बताते हैं कि छत्तीसगढ़ी समाज 1965 से शोषण के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। शुरुआत में आंदोलन सीमित स्तर पर था, लेकिन 1970 के बाद इसकी आवाज गांवों और शहरों तक पहुंचने लगी। 1979 तक आंदोलन ने प्रदेशव्यापी रूप ले लिया। गांव, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर रैलियां निकाली गईं। लोगों में अलग राज्य की मांग को लेकर जागरूकता बढ़ी। दीनदयाल वर्मा बताते हैं कि उस समय आंदोलनकारियों को कई तरह के विरोध का सामना करना पड़ता था। मध्यप्रदेश से अलग छत्तीसगढ़ राज्य की मांग उठाने पर भाजपा और कांग्रेस के लोग उन्हें देशद्रोही और अमेरिका का एजेंट तक कहते थे। इसके बावजूद आंदोलनकारी अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटे। 1965 से की थी अलग राज्य बनाने की मांग छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष (संगठन) अनिल दुबे ने बताया कि 16 मई 1965 को छत्तीसगढ़ी समाज की स्थापना हुई थी। इसी साल रायपुर के आरडी तिवारी स्कूल में पहला छत्तीसगढ़ी सम्मेलन हुआ। यहीं से अलग छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आंदोलन की शुरुआत हुई। इसके बाद 1967 में रायपुर के ईदगाह भाटा में बड़ा सम्मेलन हुआ। आचार्य नरेंद्र दुबे और रामानंद शुक्ला के नेतृत्व में अलग राज्य की मांग के समर्थन में 5 हजार हस्ताक्षर जुटाए गए। हर गांव और मुख्यालय में धरने और रैलियां होती रहीं। रायपुर से दिल्ली तक गए जेल, संसद और विधानसभा में प्रदर्शन अनिल दुबे बताते हैं कि छत्तीसगढ़ी समाज के लोगों ने शोषण के खिलाफ संघर्ष किया। आंदोलन की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु से मिली। वे छात्र जीवन से ही इस आंदोलन से जुड़ गए थे। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान उन्हें रायपुर, भोपाल और दिल्ली की जेल तक जाना पड़ा। संसद और विधानसभा के सामने भी प्रदर्शन किए गए। कई आंदोलनों में उन्हें पहली पंक्ति में शामिल होने का अवसर मिला। 1978 में रायपुर में निकाली गई थी बड़ी रैली छत्तीसगढ़ समाज पार्टी के अध्यक्ष जीपी चंद्राकर बताते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का आंदोलन जोर पकड़ रहा था। इसी दौरान 23 अक्टूबर 1978 को रायपुर में अलग छत्तीसगढ़ राज्य की मांग को लेकर ऐतिहासिक रैली निकाली गई। PMO से मिलने दिल्ली गए छत्तीसगढ़ी समाज के 15 सदस्य जीपी चंद्राकर बताते हैं कि पहले राज्य निर्माण की मांग को लेकर समाज की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया था। यह ज्ञापन आगे तत्कालीन गृह मंत्री विद्या चरण शुक्ल के पास पहुंचा, लेकिन उन्होंने अलग राज्य की मांग पर ध्यान नहीं दिया। इसके कारण मांग आगे नहीं बढ़ सकी। जीपी चंद्राकर के मुताबिक, 1978 में रैली के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम फिर ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से दिल्ली आने का बुलावा मिला। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी समाज के अध्यक्ष और 15 प्रतिनिधि 2 दिसंबर को तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई से अलग राज्य के मुद्दे पर बात करने दिल्ली गए थे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आचार्य नरेंद्र दुबे कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने उन्हें विशेष सम्मान दिया। आचार्य नरेंद्र दुबे स्वतंत्रता सेनानी थे और इमरजेंसी के दौरान MISA के तहत जेल में बंद रहे थे। प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए सिर्फ 15 मिनट का समय दिया गया था। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत मास्टर प्लान दिखाया। इसमें छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाने, सिंचाई क्षमता बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने और रोजगार पैदा करने की योजनाएं शामिल थीं। आंकड़ों और तर्कों ने PM को प्रभावित किया बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने आंकड़ों के साथ बताया कि मध्यप्रदेश के राजस्व में छत्तीसगढ़ क्षेत्र का बड़ा योगदान है, लेकिन विकास के लिए यहां अनुपात के हिसाब से हिस्सा नहीं मिलता। संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद छत्तीसगढ़ लगातार पिछड़ रहा है। इन बातों का प्रधानमंत्री पर असर पड़ा। पूरी चर्चा सुनने के बाद मोरारजी देसाई ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ राज्य की मांग के समर्थन में हैं। अगर मध्यप्रदेश सरकार अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित कर देती है, तो केंद्र सरकार इसमें देरी नहीं करेगी। आंदोलनकारियों के मुताबिक यह पहली बार था जब किसी प्रधानमंत्री ने अलग राज्य की मांग पर सार्वजनिक रूप से सकारात्मक रुख दिखाया। यह आंदोलनकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि थी। इससे पूरे प्रदेश में आंदोलन को नई ऊर्जा और भरोसा मिला। 48 साल पहले ही बन जाता छत्तीसगढ़ राज्य जीपी चंद्राकर बताते हैं कि जब प्रतिनिधिमंडल ने इस बारे में मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा को पत्र लिखा, तो उन्होंने अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनाने से मना कर दिया। यह राज्य निर्माण की राह में बड़ी रुकावट बन गया। चंद्राकर के मुताबिक, छत्तीसगढ़ी समाज की दलीलों से प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई इतने प्रभावित हुए थे कि वे छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने के लिए हस्ताक्षर करने को तैयार थे, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों के चलते ऐसा नहीं हो सका। बाद में मोरारजी देसाई की सरकार भी गिर गई। उनका कहना है कि अगर राजनीतिक अड़चनें नहीं आतीं, तो छत्तीसगढ़ आज से 48 साल पहले ही अलग राज्य बन गया होता। जुलाई 2000 में किया संसद का घेराव अनिल दुबे बताते हैं कि 1970 के बाद छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का आंदोलन जनक्रांति का रूप लेने लगा। हर गांव और मुख्यालय में धरने और रैलियों का सिलसिला चलता रहा। 1978 में रायपुर के जयस्तंभ चौक पर हुई रैली में 10 हजार से 15 हजार लोग शामिल हुए थे। 1979 में छत्तीसगढ़ी वाहिनी का गठन किया गया। इसके बाद भोपाल विधानसभा से लेकर दिल्ली में संसद तक घेराव और विरोध प्रदर्शन किए गए। छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी के नेतृत्व में 24 जुलाई 2000 को संसद का घेराव किया गया। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे और संसद भवन के सामने प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री सचिवालय और लोकसभा सचिवालय तक ज्ञापन सौंपे। उस दिन उन्होंने 36 घंटे में छत्तीसगढ़ राज्य गठन की घोषणा करने की मांग रखी। इस आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही। आंदोलनकारियों के मुताबिक, सामूहिक संघर्ष और लगातार उठाई गई मांगों के बाद आखिरकार तीन महीने बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना। 10 तस्वीरों में देखिए छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ी समाज का आंदोलन और संघर्ष-

दैनिक भास्कर 1 Nov 2026 3:48 pm

सहार के प्रभात बाजपेयी को गृह मंत्री पदक मिलेगा:लाल किला विस्फोट और तहव्वुर राणा मामले की जांच की; अमेरिका से राणा के प्रत्यर्पण में भी भूमिका निभाई

औरैया जिले के सहार कस्बे के निवासी और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार बाजपेयी को गृह मंत्री पदक से सम्मानित जाएगा। उन्हें आपराधिक मामलों की जांच में सराहनीय काम के लिए यह पदक मिला। लाल किला विस्फोट मामले की जांच और अमेरिका से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की कार्रवाई में उनकी भूमिका रही। बाजपेयी ने 2010 में एनआईए में काम शुरू किया था। इसके बाद वे देश में सामने आए कई हाई-प्रोफाइल आतंकवादी मामलों की जांच से जुड़े रहे। लाल किला विस्फोट और तहव्वुर राणा मामले में उन्होंने जांच अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। एनआईए में रहते हुए उन्होंने आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मामलों की जांच की। जांच क्षमता और मामलों की तह तक पहुंचने के प्रयासों के आधार पर उन्हें गृह मंत्री पदक के लिए चुना गया। फिलहाल प्रभात कुमार बाजपेयी अफ्रीका में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनएमआईएस) में सेवाएं दे रहे हैं। सहार के लोगों ने उनके सम्मान पर खुशी जताई है।

दैनिक भास्कर 1 Nov 2026 2:23 pm

अमेरिका के मिशिगन में हरियाणा दिवस की धूम:पारंपरिक वेशभूषा, खानपान और सांस्कृतिक विरासत की दिखी झलक, दिवाली मिलन पर्व भी मनाया

हरियाणा एसोसिएशन ऑफ अमेरिका-मिशिगन (HAA-MI) की ओर से अमेरिका के मिशिगन में हरियाणा दिवस और दिवाली मिलन का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणवी संस्कृति, परंपराओं, खानपान और आपसी भाईचारे की शानदार झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में अमेरिका में रहने वाले हरियाणवी परिवारों के अलावा भारतीय समुदाय के लोगों ने भी भाग लिया। समारोह में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागी पारंपरिक भारतीय और हरियाणवी वेशभूषा में पहुंचे। कार्यक्रम में हरियाणा के पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। आयोजन का उद्देश्य विदेश में रह रहे हरियाणवी परिवारों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखना तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराना रहा। हरियाणवी समुदाय एकजुट इस अवसर पर HAA-MI के अध्यक्ष एवं महेंद्रगढ़ के माजरा कलां गांव निवासी रवि यादव ने कहा कि अमेरिका में हरियाणवी समुदाय को एकजुट रखना, अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखना और सामुदायिक सेवा करना संगठन की प्राथमिकता है। वहीं, बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर आयोजकों ने कहा कि HAA-MI लगातार मिशिगन में हरियाणवी परिवारों को एक मंच पर लाने और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। विभिन्न त्योहारों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर दिया जाता है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार जताया। एसोसिएशन ने भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दैनिक भास्कर 1 Nov 2026 11:51 am

American YouTuber Marvin Achi ने Indian YouTuber Shivani Kumari पर लगाए गंभीर आरोप

American YouTuber Marvin Achi ने Indian YouTuber Shivani Kumari पर लगाए गंभीर आरोप

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 10:54 pm

अमेरिका में कंप्यूटर साइंस से छात्रों का मोहभंग: दो साल में दाखिले 18% घटे, एआई से बढ़ा नौकरियों पर खतरा

AI Impact On Jobs: एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब अमेरिका में छात्रों के करियर चुनाव पर भी दिख रहा है। कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दो साल के भीतर छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 27.1% घट गई है।

अमर उजाला 30 Oct 2026 9:23 am

करवा चौथ पर चांद को तरसीं प्रीति जिंटा, अमेरिका में बादलों ने बढ़ाई मुश्किल

करवा चौथ पर अमेरिका में प्रीति जिंटा ने पति जीन गुडइनफ के लिए व्रत रखा, लेकिन बादलों के कारण उन्हें चांद नहीं दिखा. जानिए, सोशल मीडिया पर उन्होंने क्या पूछा और फैंस ने कैसे मजेदार जवाब दिए.

आज तक 29 Oct 2026 4:20 pm

Mecca Pact In Iran के बीच ईरान ने अमेरिका के दोस्त Saudi को क्यों घेरा? Khalid bin Salman | MBS

मीटिंग में ईरान ने पूछा है कि अमेरिका के साथ उसके जो डायलॉग चले हैं..जिसके विरोध में रहा है सऊदी अरब...उस पर सवाल अब ईरान ने उठाए हैं...गौरतलब है कि जब 40 दिनों की जंग के बाद इस्लामाबाद में जब एमओयू साइन हुआ था तो उस समय सऊदी अरब,यूएई,बहरीन जैसे मुल्कों ने इसका विरोध किया था

लाइव हिन्दुस्तान 29 Oct 2026 10:48 am

Robert Downey Jr और Chris Evans का भारतीय फैंस को दिवाली सरप्राइज! अमेरिका से एक दिन पहले भारत में रिलीज होगी Avengers: Doomsday

रोशनी के महापर्व दिवाली के खास अवसर पर मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के भारतीय प्रशंसकों को हॉलीवुड से एक बहुत बड़ा और अद्भुत सरप्राइज मिला है। मार्वल के दो सबसे पसंदीदा सुपरस्टार्स- रॉबर्ट डाउनी जूनियर और क्रिस इवांस ने भारतीय दर्शकों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही, एक विशेष वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने यह घोषणा भी की है कि उनकी बहुप्रतीक्षित ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एवेंजर्स: डूम्सडे' (Avengers: Doomsday) अमेरिका से पूरे एक दिन पहले भारत के सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 17 दिसंबर 2026 को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अमेरिका में यह फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होगी, जिसका मतलब है कि भारतीय दर्शकों को इस शानदार सुपरहीरो फिल्म को देखने का मौका पहले मिल जाएगा। एक खास वीडियो संदेश में, डाउनी जूनियर और इवांस ने भारतीय फैंस को शुभकामनाएं दीं और रोशनी के इस त्योहार की तुलना फिल्म की कहानी से की। अभिनेताओं ने कहा, नमस्ते भारत! दिवाली के बारे में हमें जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि यह एक अध्याय के खत्म होने और दूसरे की शुरुआत का प्रतीक है। हम इस बारे में काफी कुछ जानते हैं, बस फर्क इतना है कि यहां अंधेरे से रोशनी की ओर जाने के बजाय, शायद मामला कुछ उल्टा है! आप सभी को दिवाली की शुभकामनाएं! 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में मिलते हैं! यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब मार्वल की इस आने वाली फिल्म को लेकर काफी उत्साह है। इस फिल्म में मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के कई ऐसे किरदार एक साथ नजर आएंगे, जिन्हें फैंस बहुत पसंद करते हैं। भारत में फिल्म की जल्दी रिलीज होने से इसे लेकर लोगों का उत्साह और भी बढ़ेगा, क्योंकि यह इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित हॉलीवुड फिल्मों में से एक है। 'एवेंजर्स: डूम्सडे' के बारे में सब कुछ 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में तीन अलग-अलग यूनिवर्स के हीरो एक साथ आएंगे। उन्हें एक ऐसे बड़े खतरे का सामना करना होगा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। रॉबर्ट डाउनी जूनियर, जो पहले मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में टोनी स्टार्क (आयरन मैन) का किरदार निभा चुके हैं, अब इस फ्रेंचाइजी में एक खतरनाक विलेन 'डॉक्टर डूम' के रूप में वापसी करेंगे। वहीं, क्रिस इवांस एक बार फिर स्टीव रोजर्स (पूर्व कैप्टन अमेरिका) की भूमिका में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन एंथनी और जो रूसो ने किया है, जो इससे पहले 'एवेंजर्स: इन्फिनिटी वॉर' और 'एवेंजर्स: एंडगेम' जैसी मार्वल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म को केविन फीगी, लुई डी'एस्पोसिटो और जोनाथन श्वार्ट्ज ने प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म की स्टार कास्ट में क्रिस हेम्सवर्थ, पेड्रो पास्कल, पॉल रड, एंथनी मैकी, फ्लोरेंस प्यू, वैनेसा किर्बी, एबॉन मॉस-बैचराच, वायट रसेल, चैनिंग टेटम, सिमु लियू, इयान मैककेलेन, हेली एटवेल, टॉम हिडलेस्टन, जेम्स मार्सडेन, पैट्रिक स्टीवर्ट, जोसेफ क्विन, सेबेस्टियन स्टेन, डेविड हार्बर, लेटिशिया राइट, लुईस पुलमैन, केल्सी ग्रामर, कैथरीन न्यूटन, डैनी रामिरेज़, विंस्टन ड्यूक, एलन कमिंग, हन्ना जॉन-कामेन, रेबेका रोमिजन, एलेक्स लिविनाली, मेबेल कैडेना और टेनोच ह्यूर्टा मेजिया शामिल हैं। 'एवेंजर्स: डूम्सडे' 17 दिसंबर 2026 को भारतीय सिनेमाघरों में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी। यह फिल्म मार्वल स्टूडियोज के 'इनफिनिटी विजन' सहित कई प्रीमियम फॉर्मेट्स में भी उपलब्ध होगी। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 28 Oct 2026 4:22 pm

क्या अमेरिका से खत्म हो जाएगा AI का नामोनिशान? जानिए क्या है 'सुपर इंटेलिजेंस' का पूरा सच!

अब तक पूरी दुनिया की जुबान पर एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम का शब्द चढ़ चुका है। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एआई का नाम बदलकर एसआई यानी सुपर इंटेलिजेंस कर दिया है। यानी अब वो चाहते हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ना कहा जाए क्योंकि ये आर्टिफिशियल नहीं है। इसका नाम होना चाहिए सुपर इंटेलिजेंस। वो कहते हैं कि आर्टिफिशियल नहीं बल्कि सुपर इंटेलिजेंस चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी संबंधित संघीय सरकारी दस्तावेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और AI शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने मीडिया आउटलेट द वॉल स्ट्रीट जर्नल पर सवाल उठाए और तर्क दिया कि इस उन्नत तकनीक की क्षमताओं को दर्शाने के लिए ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द अधिक सटीक है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा द वॉल स्ट्रीट जर्नल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)—जो कि एक बेहद खराब और गलत नाम है। उसको SI (सुपर इंटेलिजेंस) कहना कब शुरू करेगा? यह वही नाम है जिसे लगभग हर कोई इस्तेमाल कर रहा है या जल्द ही करने वाला है। उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में लिखा हम बहुत जल्द इसके गलत और भ्रामक होने की वजह से सभी प्रासंगिक दस्तावेजों और अन्य सभी जगहों पर ‘AI/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शब्द के इस्तेमाल को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह से प्रतिबंधित (BAN) करने जा रहे हैं। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। कार्यकारी आदेश में शब्दावली बदलने का निर्देश दिया गया है ट्रम्प की यह घोषणा, 30 सितंबर को उनके द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के बाद आई है, जिसका शीर्षक है सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत। इस आदेश में संघीय विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे आधिकारिक संचार और कामकाज में, जहाँ कानूनी रूप से अनुमति हो, =आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जगह सुपर इंटेलिजेंस (SI) शब्द का इस्तेमाल करें। इन नए शब्दों का उपयोग सरकारी पत्राचार, सार्वजनिक संचार, आधिकारिक वेबसाइटों, रिपोर्टों और प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में किया जाना है। पहले से जारी नियमों, सरकारी अनुबंधों, अनुदानों और ऐतिहासिक अभिलेखीय दस्तावेजों में पीछे की तारीख से कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ट्रम्प 'AI' शब्द को क्यों बदलना चाहते हैं? इस कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि तकनीक में हुई प्रगति अब उस मूल ढांचे से कहीं आगे निकल गई है, जिसका इस्तेमाल 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को परिभाषित करने के लिए किया जाता था। इसमें तर्क दिया गया है कि आज के उन्नत सिस्टम केवल मानवीय बुद्धिमत्ता के कुछ पहलुओं की नकल करने या उन्हें स्वचालित (ऑटोमेट) करने से कहीं अधिक काम करते हैं। आदेश के अनुसार, ये सिस्टम विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में मानवीय रचनात्मकता और क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द इन विकासों को बेहतर ढंग से दर्शाता है। एक नई कानूनी परिभाषा का भी प्रस्ताव रखा गया है। इस आदेश के तहत, राष्ट्रपति के विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहायक को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस के सामने प्रस्तावित कानूनी भाषा पेश करने के लिए कहा गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य 'सुपर इंटेलिजेंस' की एक आधिकारिक कानूनी परिभाषा तय करना और मौजूदा कानूनों में बदलाव की सिफारिश करना है। ट्रंप ने प्रमुख टेक लीडर्स से मुलाकात की यह कदम तब उठाया गया जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रमुख टेक्नोलॉजी अधिकारियों के साथ तकनीकी विकास और एडवांस्ड सिस्टम के सुरक्षित विकास पर चर्चा की। इस चर्चा में शामिल टेक लीडर्स में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग शामिल थे। ट्रंप ने इस सेक्टर की ग्रोथ को अभूतपूर्व बताया, जबकि इंडस्ट्री लीडर्स ने सहयोग और सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। शब्दावली में प्रस्तावित यह बदलाव, अमेरिकी सरकार द्वारा अपने संघीय कार्यों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को परिभाषित करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव लाएगा। क्या इस रिब्रांडिंग के बाद इसके वास्तविक खतरे टल जाएंगे क्या गारंटी है कि यह जो सुपर इंटेलिजेंस है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है यह बनाए गए हमारे जो नियम हैं उन्हें नहीं तोड़ेगा? यह कंपनियों का डाटा चोरी नहीं करेगा? क्या गारंटी है कि इसका गलत इस्तेमाल नहीं होगा? क्या गारंटी है कि यह सुपर इंटेलिजेंस या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपके और हमारे जो पासवर्ड्स हैं उन्हें नहीं चुरा लेगा? यह कुछ भी कर सकता है। किसी की भी हैकिंग कर सकता है। कहीं भी जाकर चोरी कर सकता है। कोई भी डाटा निकाल सकता है। अब इस पर नजर कौन रखेगा? और हमारे ऊपर और आपके ऊपर तो एक कानून है जिसके तहत हम काम करते हैं। अगर हम उस कानून को तोड़ते हैं तो अदालत में हम पर मुकदमा चल सकता है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगर कुछ करता है तो किस पर मुकदमा चलेगा? अगर एक सेल्फ ड्राइविंग कार किसी की दुर्घटना कर देती है किसी के साथ तो फिर जब ड्राइवर ही नहीं है तो आप मुकदमा किस पर चलाएंगे?

प्रभासाक्षी 28 Oct 2026 1:00 pm

विचार: अमेरिकी जनता के समक्ष बड़े निर्णय की घड़ी

मध्यावधि चुनावों में बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका के लोग डोनल्ड ट्रंप के दौर में जारी पतन से अपने देश को बचाने का प्रयास करेंगे।

जागरण 27 Oct 2026 10:31 pm

इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती

इधर अमेरिका, उधर चीन: महाशक्तियों की दुश्मनी भी उतनी ही खतरनाक है, जितनी कि उनकी दोस्ती

अमर उजाला 27 Oct 2026 3:20 am

Iran America War: ईरान के पास Father of all Bombs,अमेरिका को सीधी धमकी से उठे सवाल| Trump

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लाइव हिन्दुस्तान 26 Oct 2026 9:10 pm

X पोस्ट लाइक करके यूजर को भेज सकेंगे $1 टिप:मस्क ने अमेरिका के लिए ‘X मनी’ टिपिंग फीचर का ऐलान किया; जानिए कैसे काम करेगा

इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के लिए एक नए फीचर का ऐलान किया है। इसके तहत यूजर लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी भी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर टिप के तौर पर भेज सकेंगे। यह ट्रांजैक्शन X के पेमेंट प्लेटफॉर्म 'X मनी' के जरिए पूरा होगा। यह फीचर अभी सिर्फ अमेरिका के X यूजर्स के लिए ही होगा। मस्क ने X पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'हम X मनी के जरिए किसी को भी $1 भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस का ऑप्शन जोड़ रहे हैं।' कैसे काम करेगा $1 टिपिंग सिस्टम? इस नए सिस्टम में किसी पोस्ट के क्रिएटर को पैसे भेजने के लिए यूजर को सिर्फ लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए 1 डॉलर सीधे यूजर के अकाउंट से ट्रांसफर हो जाएगा। यह फीचर यूजर्स को बिना किसी अलग पेमेंट प्रोसेस में जाए सीधे क्रिएटर को सपोर्ट करने का आसान तरीका देता है। हालांकि, X ने अभी तक इसके रोलआउट की तारीख या एलिजिबिलिटी की शर्तों का खुलासा नहीं किया है। कंपनी ने यह भी साफ नहीं किया है कि डिफॉल्ट $1 की रकम को बदला जा सकेगा या नहीं, या भविष्य में एडिशनल पेमेंट ऑप्शन मिलेंगे या नहीं। क्या है X मनी और इसके फीचर्स? X मनी की शुरुआत अमेरिका में जुलाई 2026 में हुई थी। यह सर्विस यूजर्स को पीयर-टू-पीयर (P2P) यानी पर्सन-टू-पर्सन मनी ट्रांसफर, डिपॉजिट अकाउंट्स और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड की सुविधा देती है। यह सर्विस पूरी तरह से 'क्रॉस रिवर बैंक' के बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है। यानी X मनी खुद एक बैंक नहीं है, बल्कि एक फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मिलने वाला डेबिट कार्ड एपल पे से भी कनेक्ट हो जाता है। साथ ही, एलिजिबल डिपॉजिट्स पर ब्याज और खरीदारी पर कैशबेक जैसे फायदे भी मिलते हैं। X को 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ एक सोशल नेटवर्किंग साइट न रखकर एक 'एवरीथिंग एप' बनाना चाहते हैं, जहां मैसेजिंग, सोशल मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज एक साथ मिल सकें। X मनी का यह $1 टिपिंग फीचर उसी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। अगर यह बड़े पैमाने पर लागू होता है, तो इससे क्रिएटर्स को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी लॉन्च करने या भारतीय यूजर्स के लिए $1 टिपिंग फीचर अवेलेबल कराने को लेकर अब तक कोई ऑफिशियल तारीख या ऐलान नहीं किया है। भारत के पास पहले से ही UPI बेस्ड एक मजबूत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम मौजूद है। ऐसे में अगर X मनी भारत में आता है, तो इसे देश के नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल यह फीचर केवल अमेरिकी बाजार पर फोकस है। क्या होता है 'एवरीथिंग एप'? 'एवरीथिंग एप' या 'सुपर एप' उस डिजिटल प्लेटफॉर्म को कहते हैं, जहां एक ही एप्लिकेशन में सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल वॉलेट, शॉपिंग, कैब बुकिंग और बैंकिंग जैसी तमाम सर्विसेज एक साथ मिलती हैं। चीन का 'वीचैट'इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इलॉन मस्क X को इसी तर्ज पर दुनिया का सबसे बड़ा सुपर एप बनाना चाहते हैं। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी स्टार्टअप का पारे से सोना बनाने का दावा:क्या हीरे की तरह सस्ता होगा गोल्ड; पहले भी 2 बार लैब में कोशिश हो चुकी सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्ट-अप है मैराथन फ्यूजन। दावा है कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने प्रयोग में कुल कितना सोना बनाया है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सच में बाजार में बेचने लायक सोना बन भी पाएगा? 'द अटलांटिक' के मुताबिक, यह कोई नया विचार नहीं है। इसके पहले भी 2 बार लैब में सोना बनाने की कोशिश हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 25 Oct 2026 8:28 pm

अमेरिकी स्टार्टअप का पारे से सोना बनाने का दावा:क्या हीरे की तरह सस्ता होगा गोल्ड; पहले भी 2 बार लैब में कोशिश हो चुकी

सैन फ्रांसिस्को का एक स्टार्ट-अप है मैराथन फ्यूजन। दावा है कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसने प्रयोग में कुल कितना सोना बनाया है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या सच में बाजार में बेचने लायक सोना बन भी पाएगा? 'द अटलांटिक' के मुताबिक, यह कोई नया विचार नहीं है। इसके पहले भी 2 बार लैब में सोना बनाने की कोशिश हो चुकी है। 10 आसान सवाल-जवाब में समझते हैं मैराथन फ्यूजन के दावे का पूरा सच…. सवाल 1: मैराथन फ्यूजन ने क्या दावा किया है? जवाब: मैराथन फ्यूजन ने कहा कि उसने पारे को सोने में बदल दिया है। दावा है कि उसकी यह उपलब्धि CERN के पिछले रिकॉर्ड से 10 गुना बेहतर है। कंपनी ने कहा कि अब, हम रिकॉर्ड बिजली/ऊर्जा पैदा करने के लिए सैन फ्रांसिस्को में एक फ्यूजन रिएक्टर बना रहे हैं। CERN दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु प्रयोगशाला है, जहां ब्रह्मांड के मूलभूत कणों और नियमों पर रिसर्च की जाती है। CERN ने भी अपने 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' में लेड कणों की टक्कर के दौरान अनजाने में सोना बनाया था, लेकिन वह बेहद मामूली मात्रा में बना था। सवाल 2: मैराथन फ्यूजन असल में सोना क्यों बनाना चाहता है? जवाब: सोना बनाना मैराथन फ्यूजन का मुख्य बिजनेस नहीं है, बल्कि यह एक साइड बिजनेस जैसा है। न्यूक्लियर फ्यूजन ऊर्जा का एक बेहद साफ और असीमित स्रोत है जो भविष्य में कोयले-पेट्रोल की जगह ले सकता है, लेकिन यह तकनीक बहुत ज्यादा महंगी है। कंपनी के को-फाउंडर एडम रुतकोव्स्की के अनुसार, फ्यूजन के दौरान बनने वाले सोने से जो करोड़ों डॉलर मिलेंगे, उससे फ्यूजन के भारी-भरकम खर्चों की भरपाई की जा सकेगी। हर धातु या तत्व की अपनी एक पहचान होती है, जो उसके केंद्र में मौजूद प्रोटॉन की संख्या से तय होती है। पारे के केंद्र में 80 प्रोटॉन होते हैं। वहीं सोने के केंद्र में 79 प्रोटॉन होते हैं। यानी अगर पारे में से सिर्फ 1 प्रोटॉन कम कर दिया जाए, तो वह अपने आप सोना बन जाएगा। सवाल 3: पारे से सोना बनाने की प्रक्रिया क्या है? जवाब: स्टेप 1- कंपनी फ्यूजन रिएक्शन के दौरान बेहद तेज रफ्तार वाले न्यूट्रॉन्स की बौछार पारे के ऊपर करती है। तेज रफ्तार न्यूट्रॉन पारे के परमाणु से टकराता है और उसके अंदर से न्यूट्रॉन को बाहर निकाल देता है। इससे पारा बदलकर 'मरकरी-197' नाम के एक अस्थायी और रेडियोएक्टिव रूप में आ जाता है। स्टेप 2- मरकरी-197 का यह रूप ज्यादा देर ऐसे नहीं रह सकता। लगभग 64 घंटे के अंदर यह खुद को शांत करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन सोख लेता है। इलेक्ट्रॉन सोखते ही पारे के अंदर का एक प्रोटॉन बदलकर न्यूट्रॉन बन जाता है। इससे प्रोटॉन की संख्या 80 से घटकर 79 रह जाती है। सवाल 4: न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक क्या है और यह काम कैसे करती है? जवाब: न्यूक्लियर फ्यूजन बिल्कुल वही प्रक्रिया है जिससे सूरज लगातार ऊर्जा पैदा करता है। इसमें दो परमाणुओं जैसे हाइड्रोजन के आइसोटोप्स को बहुत तेज तापमान और दबाव में आपस में जोड़ा जाता है। इस जुड़ाव से बहुत भारी मात्रा में साफ-सुथरी ऊर्जा पैदा होती है। सवाल 5: क्या विज्ञान की मदद से पहले भी लैब में सोना बनाया गया है? जवाब: सवाल 6: तकनीक सफल होती है, तो एक प्लांट में कितना सोना बन सकता है? जवाब: मैराथन फ्यूजन के 2025 के रिसर्च पेपर के मुताबिक, 1 गीगावाट थर्मल पावर वाले कॉमर्शियल फ्यूजन प्लांट से सालाना करीब 2 टन सोना बनाया जा सकता है। सवाल 7: इस प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी तकनीकी रुकावटें क्या हैं? जवाब: इसके सामने 2 बड़ी रुकावटें हैं: सवाल 8: इतिहास में पारस पत्थर का क्या रहस्य रहा है? जवाब: 2,000 सालों से इंसान धातुओं को सोने में बदलने का सपना देखता आया है। ऐसा माना जाता रहा है कि एक ऐसा जादुई पत्थर है जो किसी भी धातु को छूते ही सोना बना सकता है। 1782 में ब्रिटिश केमिस्ट जेम्स प्राइस ने जादुई पाउडर से पारे को सोना बनाने का दावा किया। जब वैज्ञानिकों के सामने इसका डेमो मांगा गया, तो उन्होंने जहर पीकर जान दे दी। वहीं, 20वीं सदी में रुडोल्फ हंटर ने सूरज के नियमों से रोज हजारों डॉलर का सोना बनाने का दावा किया, पर साबित करने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। सवाल 9: अन्य वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मैराथन के इस दावे पर क्या कह रहे हैं? जवाब: सवाल 10: क्या लैब-मेड गोल्ड से बाजार में सोने की कीमतें गिर जाएंगी? जवाब: कृत्रिम हीरे की तरह सोना बनाना सस्ता नहीं है। 2025 में दुनिया की खदानों से 3,672 टन सोना निकाला गया था। दुनिया में कुल 2,22,600 टन माइन्ड सोना पहले से मौजूद है। मैराथन के अनुमानित 2 टन सालाना उत्पादन से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें… स्टारलिंक बोली-हम 5 सालों से भारत में काम कर रहे: हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार, मंजूरी मिलने का इंतजार इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने कहा है कि वह भारत में हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान शेयर करते हुए बताया कि वह पिछले 5 सालों से भारतीय रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 25 Oct 2026 3:21 pm

विचार: अमेरिका के समक्ष अडिग रहे भारत

यदि अमेरिका चाहता है कि भारत उसके ऊर्जा हितों की रक्षा में सहायक बने तो उसे भी भारतीय हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशील होना होगा।

जागरण 24 Oct 2026 9:10 pm

Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei

Hormuz Strait में Iran ने उड़ाए दो अमेरिकी सुपरटैंकर! | Iran US War | Trump | Mojtaba Khamenei Iran America War के बीच Strait of Hormuz से जुड़ा बड़ा दावा सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 5:14 pm

ईरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी, नए हमले का देंगे कड़ा जवाब

ईरान की अंडरग्राउंड ड्रोन फैक्ट्री से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एक बड़ा संदेश जारी किया गया है. ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हाफ ने इस सीक्रेट ड्रोन फैक्ट्री का दौरा कर अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान पर कोई नया सैन्य हमला हुआ, तो अमेरिका और इजरायल को एक नहीं बल्कि कई सरप्राइज हमलों का सामना करना पड़ेगा.

आज तक 24 Oct 2026 1:56 pm

विचार: अमेरिका में बढ़ता हिंदूफोबिया

अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंदू मंदिरों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई है

जागरण 23 Oct 2026 11:18 pm

IIT के बाद अमेरिका से किया MBA, 6 साल बाद छोड़ी एप्पल की नौकरी, अब AI से करेंगी जैसी माइग्रेन जैसी बीमारियों की पहचान

हर आईआईटीएन का सपना होता है कि वह दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनी में काम करे। भारतीय मूल की प्रणीता पुजारी ने भी ऐसा ही किया। आईआईटी कानपुर से पढ़ाई करने के बाद अमेरिका में एमबीए किया। फिर उन्होंने फ्लिपकार्ट और अमेजॉन के साथ अपने करियर की शुरुआत की

लाइव हिन्दुस्तान 23 Oct 2026 8:57 am

भारतीय कंपनियों पर पाबंदी से अमेरिका को भी नुकसान

चुनाव नजदीक आते ही राजनेता लुभावनी घोषणाएं करते हैं। रियायतों का ढेर लगाते हैं। समर्थकों का भरोसा बनाए रखने के वास्ते उनकी पसंद के फैसले लेते हैं

देशबन्धु 23 Oct 2026 7:50 am

आईआईटी के बाद अमेरिका से PhD, अब AI चिप्स की हीट कम करने की तैयारी, कंपनी को मिले 80 करोड़ रुपये

आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास ने अपनी रिसर्च को ही बिजनेस आइडिया बनाया है। उनके एआई स्टार्टअप को करीब 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 3:33 pm

अमेरिका में कंट्रोल, मुंबई में फायरिंग... टाइगर श्रॉफ गोली कांड में बिश्नोई गैंग का नाम

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए और 17 साल के एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया. जांच में लारेंस बिश्नोई गैंग का नाम और अमेरिका से उसका कंट्रोल होने की बात सामने आने से बॉलीवुड को धमकाकर उगाही के आरोप फिर केंद्र में हैं.

आज तक 19 Oct 2026 12:38 pm

Iran America War: अमेरिका बना रहा MOAB से हमले का प्लान,ईरान का पलटवार क्या होगा?|Trump

इस बार भी सुगबुगाहट बढ़ रही है कि अमेरिका ईरान पर बहुत तगड़ा अटैक करने जा रहा है...ये हमला न्यूक्लियर तो नहीं होगा..लेकिन उससे कम भी नहीं होगा...क्यों की अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम्बस का इस्तेमाल करेगा और ईरान इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 17 Oct 2026 11:41 pm

विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं

जागरण 16 Oct 2026 11:33 pm

अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर रामायण का धमाका, टूटेगा धुरंधर 2 का रिकॉर्ड?

रामायण फिल्म के एक ट्रेलर ने अमेरिकी ऑडियंस में कैसा भौकाल मचाया है, इसकी एक झलक अब देखने मिल गई है. बीते दिन फिल्म की प्री-सेल एडवांस बुकिंग की शुरुआत हुई, और इसने खुलते ही धमाका कर दिया है.

आज तक 16 Oct 2026 5:26 pm

विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।

जागरण 15 Oct 2026 11:23 pm

अमेरिकी नागरिकता वाले अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस, CEC के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई

बॉलीवुड स्टार आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद मिली है। यह नोटिस उन्हें तब मिला, जब उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इमरान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित इस प्रदर्शन में भाग लिया था। इस प्रदर्शन के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने अभिनेता को हिरासत में भी लिया था। CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिली जानकारी के अनुसार, इमरान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद उन्होंने भारत में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, जो उन्हें भारत में रहने और काम करने की अनुमति देता है। हाल ही में हुए विवाद के बाद अक्टूबर 2026 में उनकी नागरिकता की स्थिति चर्चा में आ गई। 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान खान को हिरासत में लिया इससे पहले, 10 अक्टूबर को बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। इमरान को 10 अक्टूबर 2026 को शाम 5:20 बजे हिरासत में लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पुलिस वैन के अंदर से एक तस्वीर साझा की और कैप्शन में लिखा, लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। इमरान खान के अलावा, उनके चचेरे भाई और 'मेड इन हेवन' के अभिनेता ज़ैन खान को भी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस घटना के बारे में एक मज़ेदार अंदाज़ में जानकारी साझा की। हिरासत में लिए जाने से पहले, 'दिल्ली बेली' के अभिनेता ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, मेरी कोई मांगें नहीं हैं। मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है—और लोगों की आवाज़ को क्यों दबाया जा रहा है। बस इसीलिए मैं यहां हूं। मैं ऐसी स्थिति में नहीं हूं कि किसी के सामने कोई मांग रख सकूं। और न ही मैं किसी संगठन से जुड़ा हूं। मैं यहां बस एक प्रतिनिधि के तौर पर आया हूं। यह विरोध प्रदर्शन 'हम भारत के लोग' (We, the People of India) के बैनर तले आयोजित किया गया था। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में दोपहर 3:30 बजे इसका कार्यक्रम तय था। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी, बैरिकेड्स लगा दिए और कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। साथ ही, प्रदर्शन में हिस्सा लेने आ रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। View this post on Instagram A post shared by Imran Khan (@imrankhan)

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 11:46 am

ट्रेड डील पर बड़ी उम्मीद, इसी हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता किसी निष्कर्ष के करीब पहुंच रही है.

आज तक 14 Oct 2026 6:00 am

रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका

रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 11:13 pm

अमेरिकी विरोधाभास

विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:43 pm

अमेरिकी सरकार के नए आदेश के बाद यूनिवर्सिटी ने बंद की लॉ एक्सटर्नशिप

अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे और भविष्य में वहां जाने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी और निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क परमिट और ऑफ-कैंपस ट्रेनिंग से जुड़े नियमों में हाल ही में किए गए कड़े बदलावों और नए दिशानिर्देशों के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल (HLS) ने बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय जेडी (J.D.) छात्रों के लिए अपनी सभी 13 लॉ एक्सटर्नशिप क्लिनिक प्रोग्राम्स में काम करने की मंजूरी (वर्क ऑथराइजेशन) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर पड़ा है, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या भी अच्छी-खासी है। अमेरिकी सरकार द्वारा करिकुलम प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (CPT) के नियमों को सख्त किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी को कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है, जिससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी लॉ फर्मों, सरकारी एजेंसियों और गैर-लाभकारी संगठनों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करने के रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।अमेरिकी सरकार के कड़े नियम और CPT वर्क ऑथराइजेशन पर लगा ब्रेकअमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी और शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नए फेडरल गाइडलाइन के अनुसार, विदेशी छात्रों को ऑफ-कैंपस वर्क परमिट यानी सीपीटी (Curricular Practical Training) देने के मानकों को बेहद कड़ा कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को केवल उन्हीं वर्क प्रोग्राम्स में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है जो उनके डिग्री पाठ्यक्रम के लिए पूरी तरह से अनिवार्य हों। हार्वर्ड लॉ स्कूल में एक्सटर्नशिप क्लिनिक एक वैकल्पिक यानी इलेक्टिव कोर्स का हिस्सा थे, जिसके कारण नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों को इन क्लिनिक्स में काम करने के लिए ऑथराइजेशन देना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता था। इस कड़े रुख के बाद हार्वर्ड लॉ स्कूल ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को 13 प्रमुख एक्सटर्नशिप प्रोग्राम्स से बाहर रखने का फैसला लिया है। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह स्पष्ट किया है कि एलएलएम (LL.M.) प्रोग्राम के छात्रों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जेडी (J.D.) डिग्री ले रहे भारतीय व अंतरराष्ट्रीय छात्र इससे सीधे प्रभावित हुए हैं।भारतीय छात्रों के करियर पर बड़ा असर और प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस का संकटअमेरिका में कानून की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक्सटर्नशिप केवल क्रेडिट हासिल करने का जरिया नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से वे अमेरिकी कानूनी प्रणाली, शीर्ष अदालतों, बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट कंपनियों और मानवाधिकार संगठनों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्राप्त करते थे। हार्वर्ड के इस फैसले के बाद भारतीय छात्रों को अब केवल यूनिवर्सिटी के इन-हाउस (ऑन-कैंपस) क्लिनिकल प्रोग्राम्स तक ही सीमित रहना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रैक्टिकल अनुभव के बिना अमेरिकी जॉब मार्केट में प्रवेश करना और पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां वर्क वीजा (H-1B) हासिल करना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। जो छात्र प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ऑप्टेशनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) का इस्तेमाल करेंगे, उनका पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क टाइम कोटा समय से पहले ही खत्म हो जाएगा, जिससे उनका करियर प्लान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है।अमेरिकी नीतियों में बदलाव और वैश्विक उच्च शिक्षा का बदलता परिदृश्यपिछले कुछ समय से अमेरिकी प्रशासन द्वारा छात्र वीजा (F-1 वीजा) और उससे जुड़ी रोजगार नीतियों में लगातार सख्ती बरती जा रही है। केवल हार्वर्ड ही नहीं, बल्कि अमेरिका की कई अन्य प्रमुख यूनिवर्सिटीज़ भी इन नए फेडरल नियमों की वजह से अपने इंटरनेशनल स्टूडेंट प्रोग्राम्स और वर्क परमिट पॉलिसी में बदलाव करने पर मजबूर हो रही हैं। इस स्थिति ने वैश्विक स्तर पर पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के मन में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। लाखों रुपये की फीस और भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अमेरिका पढ़ने जाने वाले छात्रों के सामने अब पढ़ाई के साथ-साथ वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अमेरिकी नीतियां इसी तरह सख्त होती रहीं, तो भारतीय छात्र अमेरिका के बजाय ब्रिटेन, कनाडा या यूरोप के अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 2:39 pm

दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियां, विश्वसनीयता; खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप

दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप

अमर उजाला 12 Oct 2026 9:27 am

अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिन जिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली

अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली

अमर उजाला 12 Oct 2026 9:20 am

Houthis Attack on Riyadh Airport: Saudi पर बड़ा हमला, अमेरिकी सहित 12 की मौत, 300 घायल | Yemen War

Saudi Arabia Riyadh Airport Attack ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। रियाद के King Khalid International Airport पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की खबर है

लाइव हिन्दुस्तान 11 Oct 2026 1:37 pm

Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war

Iran attack on US Base का वीडियो देखिए, इधर-उधर भागते दिखे अमेरिकी सैनिक | Iran America war

लाइव हिन्दुस्तान 10 Oct 2026 11:01 pm

अमेरिका को जाएं भूल: इन 5 देशों में जॉब के बाद आसानी से मिल जाता है PR

विदेशों में जाकर नौकरी करने और वहां बसने का सपना देखने वाले भारतीय युवाओं के लिए अमेरिका (USA) अब इकलौता विकल्प नहीं रह गया है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के कड़े वीजा नियमों, ग्रीन कार्ड के लिए दशकों लंबे इंतजार और अनिश्चितताओं के चलते भारतीय प्रोफेशनल्स अब दुनिया के दूसरे देशों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आपका भी सपना विदेश में जाकर काम करने और वहां की परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करने का है, तो आपको अमेरिका के बजाय दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों पर नजर डालनी चाहिए जहां नौकरी मिलने के बाद बेहद आसानी से और पारदर्शी नियमों के तहत पीआर मिल जाती है। आज के इस विशेष आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 5 शानदार देशों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं जो भारतीय युवाओं और स्किल्ड वर्कर्स के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।कनाडा: भारतीय युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय और आसान पीआर प्रक्रिया वाला देशविदेशों में बसने की चाह रखने वाले भारतीयों की सूची में कनाडा (Canada) हमेशा से शीर्ष पर रहा है। एक्सप्रेस एंट्री (Express Entry) सिस्टम और प्रोविंशियल नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) जैसी बेहतरीन नीतियों के चलते कनाडा में स्किल्ड वर्कर्स के लिए पीआर हासिल करना काफी सुगम माना जाता है। यदि आपके पास अच्छा वर्क एक्सपीरियंस, अंग्रेजी या फ्रेंच भाषा में अच्छी पकड़ और उच्च शिक्षा है, तो आप कम समय में कनाडा की परमानेंट रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं। हालांकि हाल के दिनों में वहां कुछ नियमों में बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए कनाडा आज भी दुनिया का सबसे पसंदीदा और भारतीय-अनुकूल देश बना हुआ है।जर्मनी: यूरोप का पावरहाउस जहां टैलेंटेड प्रोफेशनल्स के लिए तेजी से खुल रहे हैं पीआर के द्वारयूरोप की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था और औद्योगिक केंद्र जर्मनी (Germany) ने हाल के वर्षों में विदेशी कामगारों के लिए अपने दरवाजे बहुत ज्यादा खोल दिए हैं। भारत जैसे देशों से कुशल इंजीनियरों, आईटी एक्सपर्ट्स, डॉक्टरों और तकनीकी विशेषज्ञों की भारी मांग को देखते हुए जर्मनी ने 'ऑपर्चुनिटी कार्ड' (Chancenkarte) और 'यूूरोपीय ब्लू कार्ड' (EU Blue Card) जैसी कई क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं। जर्मनी के नए आप्रवासन कानूनों के अनुसार, यदि आप वहां नौकरी पा लेते हैं और जर्मन भाषा का बुनियादी ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, तो आप बहुत ही कम वर्षों में स्थाई निवास (Permanent Residency) के लिए पात्र बन जाते हैं। उच्च जीवन स्तर और मजबूत सामाजिक सुरक्षा के कारण भारतीय प्रोफेशनल्स के बीच जर्मनी तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है।ऑस्ट्रेलिया: प्वॉइंट-बेस्ड सिस्टम के जरिए पीआर पाने का बेहतरीन और सुनहरा मौकाअपनी खूबसूरत जीवनशैली, बेहतरीन जलवायु और उच्च वेतनमान के लिए पहचाना जाने वाला ऑस्ट्रेलिया (Australia) भी भारतीय युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। ऑस्ट्रेलिया का इमीग्रेशन सिस्टम पूरी तरह से प्वॉइंट-बेस्ड (Points-Based System) है, जहां आपकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी दक्षता (PTE/IELTS) और कार्य अनुभव के आधार पर अंक दिए जाते हैं। यदि आपकी स्किल्स ऑस्ट्रेलिया की 'स्किल ऑक्यूपेशन लिस्ट' (Skilled Occupation List) में शामिल हैं, तो आप स्वतंत्र स्किल्ड वीजा के माध्यम से सीधे पीआर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्रीय इलाकों (Regional Areas) में पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं को पीआर हासिल करने में अतिरिक्त लाभ और प्राथमिकता मिलती है।न्यूजीलैंड: वर्क-टू-रेसिडेंसी पाथवे के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर भविष्य की गारंटीप्रकृति की गोद में बसे शांत और विकसित देश न्यूजीलैंड (New Zealand) ने स्किल्ड माइग्रेंट्स के लिए अपनी नीतियों को काफी सरल और आकर्षक बना दिया है। न्यूजीलैंड सरकार की 'ग्रीन लिस्ट' (Green List) और 'वर्क-टू-रेसिडेंसी' (Work to Residence) पाथवे के तहत यदि आप निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी या कृषि क्षेत्र में कुशल नौकरी प्राप्त कर लेते हैं, तो आपको बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे रेजिडेंसी मिलने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। न्यूजीलैंड में काम करने वाले भारतीयों को न केवल बेहतरीन वर्क-लाइफ बैलेंस मिलता है, बल्कि वहां का सुरक्षित और प्रगतिशील माहौल परिवार के साथ बसने के लिए आदर्श माना जाता है।यूनाइटेड किंगडम (UK): स्किल्ड वर्कर वीजा के जरिए ब्रिटिश पीआर पाने का आसान रास्तापारंपरिक रूप से भारतीयों के पसंदीदा देशों में शामिल यूके ने ब्रेक्जिट के बाद से अपनी वीजा प्रणाली में बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं। यूके का 'स्किल्ड वर्कर वीजा' (Skilled Worker Visa) उन सभी भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है जो ब्रिटेन में करियर बनाना चाहते हैं। स्वास्थ्य सेवा (NHS), सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, फाइनेंस और अकादमिक क्षेत्रों में कुशल कामगारों की भारी मांग है। यूके के नियमों के अनुसार, यदि आप लगातार 5 वर्षों तक वैध वर्क वीजा पर वहां नौकरी करते हैं और न्यूनतम आय के मानदंडों को पूरा करते हैं, तो आप ब्रिटेन में सेटेलमेंट (Indefinite Leave to Remain) यानी पीआर के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं। अमेरिका के मुकाबले यूके में पीआर की राह काफी स्पष्ट और व्यवस्थित है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Oct 2026 1:48 pm

संपादकीय: अमेरिकी अहंकार

अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आईटी कंपनियों को स्थायी निवास कार्यक्रम से बाहर करने और वीजा नियमों को सख्त करने को भारत विरोधी और अहंकारी बताया गया है

जागरण 10 Oct 2026 12:14 am

हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच

हितों से समझौता नहीं: व्यापार घाटे से टैरिफ तक, भारत-अमेरिका समझौते की राह में कई पेच

अमर उजाला 7 Oct 2026 7:25 am

Iran US War: ईरान ने दागी Sayyad-3 मिसाइल, क्या अमेरिकी एयरक्राफ्ट था निशाने पर? | Trump | Mojtaba

ईरान ने अचानक ऐसी मिसाइल दागी कि अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है...क्योंकि जिस जगह से यह मिसाइल चली, वहां कुछ मिनट पहले अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान देखे गए थे.

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 8:49 pm

Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei

Iran US War Update: अमेरिका ने भेजे 10,000 सैनिक, सामने तैयार बैठा ईरान | Trump | Mojtaba Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 3 Oct 2026 2:59 pm

Iran America war में ईरान ने अमेरिका को Middle East से ही खदेड़ दिया? Prof Peter Kuznik का बड़ा दावा

मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) की भू-राजनीति में पिछले कुछ समय से चल रही उथल-पुथल अब एक नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। वैश्विक मामलों के जानकारों और रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में दशकों से चला आ रहा अमेरिकी दबदबा अब धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है

लाइव हिन्दुस्तान 3 Oct 2026 11:03 am

US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा!

बोरिया-बिस्तर समेट भागी अमेरिकी सेना,अब Iran के रजिस्टेंस का दबदबा! असली मुद्दा ये है कि इराक में मुकीम सबसे बड़ी फोर्स हशदुशशाबी के लिए ये नाजुक और इम्तेहान की घड़ी है...वो इसलिए क्यों कि अमेरिका और इजरायल किसी भी सूरत में इराक में ईरान हिमायती इन फोर्सेस का खात्मा चाहते हैं..

लाइव हिन्दुस्तान 30 Sep 2026 9:19 pm

US Troops Withdrawal From Iraq: बोरिया-बिस्तर समेट क्यों भागी अमेरिकी सेना! Trump। Iran। Middle East

Iran America War के बीच Iraq से क्यों निकल रही US की फोर्सेस,अब कौन हावी?| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 30 Sep 2026 4:45 pm

विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत

अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।

जागरण 29 Sep 2026 12:18 am

अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते

एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।

देशबन्धु 28 Sep 2026 3:10 am

Iran America War में IRGC ने Hormuz Strait में उड़ाया अमेरिकी सुरक्षा में तैनात जहाज | Trump

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य गतिविधियों से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सुरक्षा घेरे में चल रहे जहाजों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। एक तेल टैंकर के प्रभावित होने की भी प्रारंभिक सूचना है

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 12:28 pm

टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका

टकराव से सबक: चीन-अमेरिका संवाद जरूरी, दोनों महाशक्तियों के लिए एक मौका

अमर उजाला 25 Sep 2026 7:35 am

विचार: घटता जा रहा है अमेरिका का कद

चिनफिंग और ट्रंप, दोनों ही इस समय द्विपक्षीय तनाव की तपिश घटाने तथा संबंधों में स्थायित्व लाने के पक्षधर प्रतीत होते हैं। आशा है कि यह स्थिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई जैसी तकनीक के संदर्भ में सीमित ही सही, किंतु किसी सार्थक प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।

जागरण 24 Sep 2026 11:41 pm

विचार: अमेरिकी वर्चस्व थोपने वाला रवैया

संयुक्त राष्ट्र के मंच से ट्रंप के संबोधन ने यही दर्शाया कि अमेरिका अपने मित्र राष्ट्रों एवं प्रतिद्वंद्वियों पर रणनीतिक दबाव और बढ़ा सकता है।

जागरण 24 Sep 2026 12:06 am

एक्सप्लेनर: शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा और एआई का मुकाबला, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में कौन कितना आगे?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच, दोनों महाशक्तियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बादशाहत को लेकर होड़ मची है।

अमर उजाला 23 Sep 2026 6:14 am

Iran Tehran Rally: सड़कों पर हथियार लेकर उतरा जनसैलाब, अमेरिका-इजरायल को खुला चैलेंज! | Trump

एक तरफ युद्ध चल रहा है, दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर लाखों लोगों की भीड़ है… हाथों में ईरान का झंडा है… सैन्य वर्दी पहने लोग हैं… ड्रोन और हथियारों का प्रदर्शन हो रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 20 Sep 2026 4:52 pm

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

Houthis Saudi Arabia War के बीच धोखा खाकर भी अमेरिका के साथ क्यों सऊदी?| MBS |Trump| Yemen| Iran

लाइव हिन्दुस्तान 19 Sep 2026 11:34 pm

अमेरिका की नई पैंतरेबाजी से डरने की जरूरत नहीं

विश्व राजनीति में शक्ति केवल सैन्य क्षमता या आर्थिक आकार से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि कोई महाशक्ति अपने प्रभाव का इस्तेमाल किस प्रकार करती है। आज अमेरिका की व्यापार एवं प्रतिबंध नीति इसी कसौटी पर बहस के केंद्र में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ... Read more

अजमेरनामा 18 Sep 2026 10:25 pm

अमेरिकी टैरिफ से डरने की जरूरत नहीं

जिस बात के कयास लगाए जा रहे थे, आखिरकार वही हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया ऐंड ईरान ऐक्ट’ को मंजूर कर लिया है। वहां की सीनेट, यानी ऊपरी सदन ….

लाइव हिन्दुस्तान 17 Sep 2026 11:31 pm

कर्नाटक की नकल कर रहे ट्रंप? CM बोले- अमेरिका तक कॉपी हो रहा कांग्रेस मॉडल

CM डीके शिवकुमार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 5000 डॉलर देने के प्रस्ताव को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं से जोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में भी कांग्रेस मॉडल की नकल हो रही है. शिवकुमार ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार ने पहले कर्नाटक की योजनाओं को अपनाया था. अब ट्रंप भी इसी मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 6:03 pm

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

ब्रिक्स की कामयाबी काबिलियत का प्रमाण: अमेरिकी नीति विशेषज्ञ एलिसा की राय- दुनिया भारत के लिए जगह बना रही है

अमर उजाला 14 Sep 2026 10:09 am

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump

Iran US War: अमेरिकी सैनिकों पर हमले में ईरान की मदद चीन ने की? सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा | trump हाल ही में ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फक अल-सलती एयरबेस पर भीषण मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भारी नुकसान पहुंचा और कई घायल सैनिकों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट करना पड़ा

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 10:15 am

Iran US War: अमेरिकी जहाजों का शिकार करेगी Electro-Optical Camera वाली Ballistic Missile। Hormuz

अमेरिका जिस तरह की जुर्रत फारस की खाड़ी में अंजाम दे रहा है उसके बाद से ईरान का पारा चढ़ा हुआ है...वो भी दनादन अमेरिकी एसेट्स और मिडिल ईस्ट में उसके ठिकानों पर हावी है...अब तो ईरान के हथियारों का जादुई बक्सा भी खुलता चला जा रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 11 Sep 2026 10:44 am

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न | Hormuz| Trump

IRGC Captures US submarine के बाद ईरान का बड़ा दावा.अमेरिका सन्न

लाइव हिन्दुस्तान 9 Sep 2026 9:20 pm

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान| Trump | IRGC

Iran attack US base के घबराया अमेरिका,खित्ते से निकलने का खुफिया प्लान

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 9:11 pm

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump

Iran America War Update: ईरान ने Gulf of Oman में अमेरिकी जंगी बेड़े पर दाग दी मिसाइल| Trump असली तबाही मच गई है...अमेरिकी जंगी बेड़े फारस के समुंदर से भाग रहे हैं...ईरान ने वो कर दिया..जो बरसों से किसी और के करने की हिम्मत नहीं हुई थी…

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 7:37 pm

Donald Trump's Approval Rating का बुरा हाल, Reuters/Ipsos के सर्वे में डेटा आया सामने | Iran US War

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता ने अमेरिकी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। नवंबर 2026 में होने वाले मिड-टर्म चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे संकेत दे रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 11:12 am

द बोनस मार्केट अपडेट: अमेरिकी-ईरान तनाव से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स 188 अंक टूटा; निफ्टी भी फिसला

7 सितंबर 2026 को अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 188 अंक और निफ्टी 63 अंक नीचे आया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से निवेशक चिंतित हैं।

अमर उजाला 7 Sep 2026 9:35 am

Iran America War Update ईरान ने अमेरिका पर किया हमला, भड़के Donald Trump लगे खिसियाने !

Iran America War के बीच Gulf Countries के समुद्री इलाकों में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 6 Sep 2026 3:56 pm

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Iran America War: IRGC ने Khyber Shikan Missile से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हालत खराब की|Trump

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:35 am

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला | Middle East

Iran Attack On Kuwait: ईरान का American Strike के खिलाफ Kuwait US Base हमला

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:04 am

अमेरिका के मिनियापोलिस में गोलीबारी से दहशत, देखें दुनिया की बड़ी खबरें

अमेरिका में मिनियापोलिस के पॉश इलाके में बुधवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई...एक रिहायशी इमारत में अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई...संदिग्ध हमलावर भी ढेर हो गया...गोलीबारी में मिनियापोलिस पुलिस के कम से कम दो अधिकारी भी घायल हो गए...पूरे इलाके में एफबीआई समेत सुरक्षाबलों की भारी तादाद में तैनाती देखी गई. देखें...

आज तक 3 Sep 2026 5:44 pm

अमेरिका का बदला! ईरान के दो तेल टैंकर उड़ाए, सैन्य ठिकानों को भी बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान के दो सरकारी तेल टैंकरों पर मिसाइलें दाग दी हैं और 100 सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. ये हमले होर्मुज में अमेरिकी कमर्शियल जहाजों पर हमलों के जवाब में किए गए हैं. ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोल दिया है.

आज तक 2 Sep 2026 11:12 am

'फिल्में अमेरिका में ही बनें', डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, हॉलीवुड की बिगड़ी हालत

हॉलीवुड की घटती हालत पर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा प्लान बताया है. ट्रंप फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए फेडरल टैक्स इंसेंटिव चाहते हैं, ताकि नौकरियां अमेरिका लौटें.

आज तक 2 Sep 2026 8:46 am

Iran America War Update: अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का पलटवार, दागी मिसाइलें | Oman | Trump | Hormuz

अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय शहरों पर ताबड़तोड़ हमले किए जाने के महज कुछ ही देर बाद, ईरान ने ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे अमेरिकी युद्धपोतों पर एंटी-शिप मिसाइलों से बड़ा पलटवार कर दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 11:52 pm

Iran Attack on American Bases के बाद Jordan से हटाए UA Attack Helicopter? | Trump। Hormuz

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब फारस की खाड़ी से लेकर जॉर्डन तक पहुंचता नजर आ रहा है। लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान की ओर से कथित बैलिस्टिक मिसाइल जवाबी कार्रवाई की खबरों ने पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 7:32 pm

अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!

हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।

देशबन्धु 1 Sep 2026 3:21 am

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

Iran America War:अमेरिका ने ईरान के Larak Island क्यों डाली बुरी नजर,अंदर की कहानी| Trump

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:59 pm

जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी

एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।

जागरण 26 Aug 2026 11:19 pm

Houthi Attack Saudi Arabia: हूतियों ने सऊदी के American Abrams Tank की निकाली हवा | Yemen War

इस वीडियो में जानिए कि कैसे एक छोटे से 6 पंखों वाले (Hexacopter) ड्रोन ने $1 करोड़ डॉलर (लगभग 80-85 करोड़ रुपये) की कीमत वाले अमेरिकी M1A2S Abrams Tank को सिर्फ एक मोर्टार शैल से तबाह कर दिया। युद्ध का मैदान अब पूरी तरह बदल चुका है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:17 pm

Hormuz Strait Update News: Trump के दावे में ईरान ने रख दी शर्त, क्या मानेगा अमेरिका | Iran US War

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ता नजर आ रहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 3:53 pm

Iran America War Update: Hormuz पर Trump के दावे पर भड़का Iran, अमेरिका को दे डाली धमकी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान ने भी दो टूक जवाब दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को खोलने पर सहमति नहीं होगी

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 11:40 pm

Trump ने CEC Gyanesh Kumar की तारीफ की, Congress बोली- तुरंत ले जाओ अमेरिका | EVM | Pawan Khera

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ.. ऐसे में विपक्ष ने फौरन घेर लिया. कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाना चाहिए

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 7:52 pm

शाहरुख की ‘स्वदेश’ का असर, अमेरिका से लौटे अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके ने बताया कि शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेश’ ने उन्हें अमेरिका से भारत लौटकर अपने गांव के लिए काम करने को प्रेरित किया. हिंगोली में उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया. युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई थी.

आज तक 17 Aug 2026 8:36 pm

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे|Trump

Iran America War में अमेरिका के MQ9 Reaper drone का भारी नुकसान,कीमत सुनकर हैरान रह जाएंगे

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:25 pm

Iran America War Update: ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान | Trump | Putin

Iran America War Update:ईरान के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर Russia से बड़ा ऐलान|Trump | Putin अमेरिका के इस खतरनाक प्लान की भनक रूसी एजेंसियों को लग चुकी है...तभी रुस से एक बेहद सख्त धमकी आई है जो अमेरिका को भी परेशान कर रही होगी.

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:31 pm

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water System Hack, ईरान से क्या कनेक्शन?| Trump

Iran US War Update: 7 अमेरिकी राज्यों का Water system हैक,ईरान कनेक्शन क्या?| Trump ईरान अमेरिका जंग...हथियारों से तो लड़ी ही जा रही है..लेकिन खुफिया तौर पर भी बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो अमेरिका रुस कोल्डवॉर की याद दिलाता है..

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 9:55 am

Mecca Joint Defense Agreement के पीछे अमेरिका की चाल, अंदर की खबर Turkiye | Saudi | Iran | Trump

तीन ताकतवर मुस्लिम देश अमेरिका के हाथ की कठपुतली बन गए और दुनिया इसे डील समझती रही....चर्चा जोर शोर से जारी है कि इस्लामिक नाटो के पीछे अमेरिका की चाल है...और पाकिस्तान मिडिल ईस्ट के टेंशन में बुरा घसीटा गया है..अब इसमें अमेरिका की मर्जी से कई और देश जुड़ेंगे

लाइव हिन्दुस्तान 11 Aug 2026 8:09 pm

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

सुधर जाए अमेरिका... ईरान ने खुली धमकी देकर होर्मुज पर रखी 4 शर्तें!

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है! ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी सेना वापस नहीं बुलाता और धमकियां देना बंद नहीं करता, 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को नहीं खोला जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Aug 2026 8:55 pm

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के जनरल की चेतावनी! 'अमेरिका अगर जंग से नहीं निकला तो...' सीक्रेट मीटिंग में क्या हुआ?

समाचार नामा 8 Aug 2026 6:10 pm

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

'बातचीत जारी रहेगी, लेकिन आत्मसमर्पण नहीं करेंगे': पेजेशकियन की अमेरिका को धमकी; होर्मुज के पास दो धमाके

अमर उजाला 8 Aug 2026 9:38 am

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

अमेरिका में टैरिफ पर बड़ा फैसला! सरकार को लौटाने पड़े लाखों करोड़ रुपये, जानिए क्या कस्टमर को मिलेगा लाभ ?

समाचार नामा 6 Aug 2026 6:00 pm

अमेरिका को मिलेगा दूसरा ममदानी? जीते तो अब्दुल होंगे पहले मुस्लिम सांसद

अब्दुल अल-सईद की डेमोक्रेटिक सीनेट प्राइमरी में जीत ने अमेरिकी राजनीति में प्रोग्रेसिव धड़े को नई ताकत दी है. मुस्लिम और मिस्र मूल के अब्दुल अब नवंबर में रिपब्लिकन माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में होंगे. माना जा रहा है कि वह अमेरिका के लिए दूसरे जोहरान ममदानी साबित हो सकते हैं.

आज तक 6 Aug 2026 1:55 pm

'आधे इंडियन-आधे अमेरिकन', जुड़वा बच्चों को भारतीय संस्कार दे रहीं प्रीति

प्रीति जिंटा सालों बाद बॉलीवुड में अपना कमबैक करने जा रही हैं. एक्ट्रेस ने अपने कमबैक पर बात की है. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्रायोरिटी उनके बच्चे और पति हैं.

आज तक 6 Aug 2026 9:04 am

विचार: हर मोर्चे पर नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति

जून में शांति को लेकर दोनों देशों के बीच बनी सहमति भी इसी व्याख्यात्मक मतभेद के कारण टूट गई थी। ट्रंप सरकार की अब तक की घोषणाओं ने दुनिया को होर्मुज जलमार्ग पर गतिरोध, यूरोप में जारी युद्ध और गाजा में अधूरी शांति दी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:32 pm

'होर्मुज स्ट्रेट खुला', ईरान-ओमान में वार्ता के बीच अमेरिकी सेना का दावा

ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी समुद्री रास्ता सभी कारोबारी जहाजों के लिए खुला है, जबकि ईरान और ओमान के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने को लेकर बातचीत और मोलभाव में प्रगति हुई है.

आज तक 5 Aug 2026 6:36 am

भारत के FCRA बिल पर ट्रंप के सांसद को लगी मिर्ची, बोले- ये ईसाइयों पर हमला

भारत के प्रस्तावित FCRA संशोधन पर अब अमेरिकी राजनीति से भी प्रतिक्रिया आने लगी है. रिपब्लिकन सांसद राइली मूर ने इसे ईसाई समुदाय पर 'सीधा हमला' बताते हुए चेतावनी दी कि यह भारत-अमेरिका संबंधों में विवाद का मुद्दा बन सकता है. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है.

आज तक 5 Aug 2026 2:01 am

पाकिस्तान से मुंह मोड़ता अमेरिका

ईरान युद्ध को रोकने के लिए जो नए प्रयास शुरू किए गए हैं, क्या उससे पाकिस्तान को बाहर कर दिया गया है? यह सवाल इसलिए उठा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ नई शांति-वार्ता का जिक्र करते…

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 11:12 pm

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

Iran Attacks US Bases से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान,170 फौजियों के सिर पर चोट| Trump | Khamenei

लाइव हिन्दुस्तान 4 Aug 2026 10:47 pm

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

अमेरिका के ट्रैफिक जाम का वीडियो वायरल! भारतीय युवक बोला- यहां शांति है, भारत में तो हंगामा हो जाता

समाचार नामा 4 Aug 2026 9:30 pm

पाकिस्तान को ट्रंप ने दिखाया ठेंगा... अमेरिका-ईरान वार्ता से मुनीर-शहबाज बाहर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में शामिल देशों का जिक्र करते हुए सऊदी अरब, यूएई और कतर के नाम लिए, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, जबकि इससे पहले रिटायर्ड जनरल जैक कीन पाकिस्तान और कतर पर ईरान के पक्ष में झुकाव रखने का आरोप लगा चुके थे.

आज तक 4 Aug 2026 10:04 am

अमेरिका और ईरान के बीच क्या फिर होगी बातचीत? देखें US TOP-10

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरु होगी. ट्रंप के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान की अपील के बाद अमेरिका ने प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है. उन्होनें दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत होगी. वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वार्ता आखिरी चरण में है.

आज तक 4 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-ईरान वार्ता में होर्मुज खोलने पर फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि आगामी बातचीत उसके लिए आखिरी मौका होगी। उन्होंने बताया कि एक-दो दिनों में दोनों देशों के बीच वार्ता शुरू हो सकती है, जिसका पहला लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और बाद में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करना है।

आज तक 4 Aug 2026 8:14 am

ईरान की चेतावनी, होर्मुज में दूसरा पासेज बना तो अमेरिकी युद्धपोत पर होगा हमला

ईरान के वरिष्ठ सलाहकार मोहसिन रेजाई ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में तय रास्ते से अलग कोई दूसरा पासेज बनाने के लिए अगर अमेरिकी युद्धपोत तैनात किए गए तो ईरान उन्हें निशाना बनाएगा, जबकि डोनाल्ड ट्रंप इसी बीच तेहरान के साथ बातचीत शुरू होने का दावा कर रहे हैं.

आज तक 4 Aug 2026 7:27 am

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट

ईरान-अमेरिका युद्ध पूरी दुनिया को निगल जाएगा?: ट्रंप की रणनीति पर उठे सवाल, बढ़ा वैश्विक संकट-US-Iran Conflict Trigger a Global War Questions Over Trump Strategy and Rising Global Risks

अमर उजाला 4 Aug 2026 5:37 am

ट्रंप के नए टैरिफ पर अमेरिका में बवाल! 25 राज्यों ने किया केस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए सीमा शुल्क (टैरिफ) को लेकर अमेरिका में विवाद बढ़ गया है. 25 राज्यों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले को नजरअंदाज कर जबरदस्ती नया टैरिफ लगा रही है. कई राज्यों ने इसे अवैध करार दिया है.

आज तक 4 Aug 2026 2:38 am

क्या ईरान पर काम करेगी नई अमेरिकी रणनीति

ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को रोकने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैसला किसी बड़े क्रांतिकारी बदलाव का संकेत नहीं है। अलबत्ता, यह इस संकट के एक ही चक्र में घूमते रहने का संकेत जरूर दे रहा है…

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 10:57 pm

Iran America War: Trump के No War वाले बयान पर Iran ने लिए मजे, अमेरिकी राष्ट्रपति को बताया मूर्ख

ईरान पर बड़े सैन्य हमले की धमकी देने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीछे हटने के फैसले पर तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए उनका मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया था

लाइव हिन्दुस्तान 3 Aug 2026 1:07 pm

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर! ट्रंप की वॉर्निंग के बाद ईरान बोला- 'US ने हिमाकत की तो....'

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:25 am

अमेरिका में रेस्टोरेंट के बाहर अंधाधुंध गोलीबारी, देखें US TOP-10

बड़ी अमेरिका के इडाहो से है,. जहां एक रेस्स्रां में गोलीबारी हुई है, जिसमें संदिग्ध हमलावर समेत तीन लोगों की मौत हो गई. और कम से कम दो अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस चीफ ने कहा कि अधिकारी अब हमलावर की पहचान करने और घटना की मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे है.

आज तक 3 Aug 2026 8:50 am

अमेरिका में ट्रंप की पकड़ ढीली? अर्थव्यवस्था पर घटा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप पर आए नए सर्वे में उनकी ताकत और कमजोरियों दोनों की तस्वीर दिखी है. रिपोर्ट बताती है कि किन मुद्दों पर उन्हें झटका लगा और किस मुद्दे पर अब भी उनका दबदबा कायम है.

आज तक 3 Aug 2026 12:07 am

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध रोकने में जुटा सऊदी: क्राउन प्रिंस ने अमेरिका भेजा रक्षा मंत्री

सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन किया है. सऊदी अरब की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट में किसी भी तरह शांति और स्थिरता बनी रहे. साथ ही रक्षा मंत्री को दूत बनाकर व्हाइट हाउस भी भेजा गया है.

आज तक 2 Aug 2026 9:34 pm

ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला अमेरिका का इडाहो, देखें दुनिया आजतक

अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए. इडाहो में भीड़भाड़ वाले शॉपिंग एरिया के एक रेस्टोरेंट में ये वारदात हुई. हमलावर भी मारा गया. पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 2 Aug 2026 5:47 pm

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

US vs Iran War: तुरंत Middle East छोड़ दें अमेरिकी नागरिक! Donald Trump ने क्यों सता रहा डर?

लाइव हिन्दुस्तान 2 Aug 2026 1:34 pm

अमेरिका के एक शॉपिंग एरिया में हुई गोलीबारी, हमलावर ढेर

अमेरिका में Gun Violence का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.इडाहो राज्य स्थित ट्विन फॉल्स के एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में 1 अगस्त की दोपहर एक सिरफिरे ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी. इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कई लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 9:58 am

अमेरिका-इजरायल के निशाने पर ईरान के कौन-से इलाके? देखें US TOP-10

अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए हमलों की तैयारी कर रहे है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये हमले वीकेंड तक जारी रह सकते है. ईरान के पावर प्लांटस और ऑयर रिफाइनरीज को निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों का फाइनल र्डर नहीं दिया है.

आज तक 2 Aug 2026 8:40 am

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद? देखें दुनिया आजतक

ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान पर नए हमलों की तैयारी को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय है. कुछ अधिकारी ईरान पर अधिक कार्रवाई के पक्ष में है जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे कदम से तनाव और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है.

आज तक 2 Aug 2026 8:27 am

अमेरिका के शॉपिंग सेंटर में अंधाधुंध गोलीबारी, 3 लोगों की मौत और कई घायल

अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स में शनिवार को एक व्यस्त शॉपिंग इलाके में गोलीबारी की घटना सामने आई. हमलावर ने एक कमर्शियल एरिया में लोगों पर फायरिंग कर दी, जिसमें 3 लोगों के मारे जाने की आशंका है.

आज तक 2 Aug 2026 6:46 am

मिडिल ईस्ट में बढ़ा खतरा! अमेरिका ने अपने नागरिकों को जारी की चेतावनी

मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने लोगों से सतर्क रहने, यात्रा को लेकर सावधानी बरतने और हालात पर नजर रखने की सलाह दी है.

आज तक 1 Aug 2026 11:31 pm

ईरानी हमले से बहरीन में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान, देखें तस्वीरें

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरान के हालिया हमलों की तस्वीर आई है. इन हमलों में अमेरिकी अड्डों पर धमाके की तस्वीर सामने आई है जिसमें बड़ा धमाका होता हुआ दिखाई दे रहा है. ये अटैक एक ड्रोन के जरिए ईरान ने किया. देखें वीडियो.

आज तक 1 Aug 2026 10:04 pm

अमेरिका में F-35B स्टील्थ फाइटर जेट क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट

अमेरिका के सैन डिएगो में मरीन कॉर्प्स के F-35B स्टील्थ फाइटर जेट का मिरामार एयर बेस के पास क्रैश हो गया. पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गया. मौके पर दमकल और बचाव दल सक्रिय थे और आग पर काबू पाया गया. इस हादसे को 'क्लास ए मिसहैप' घोषित किया गया है.

आज तक 1 Aug 2026 5:23 am

पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया सबसे बड़ा धोखा, क्या US करेगा पलटवार?

पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने वाशिंगटन से लेकर इस्लामाबाद तक हड़कंप मचा दिया है. खुफिया सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, चीन से ईरान को भेजी जा रही 400 आधुनिक एयर डिफेंस मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की खेप किसी और रास्ते से नहीं... बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से होकर गुजर रही है! ये खबर सुनकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पैरों तले की जमीन खिसक गई है. देखें...

आज तक 31 Jul 2026 11:15 pm

विचार: अमेरिका से भी सतर्क रहने की जरूरत

कोई बड़ी घटना होने से पहले इन्हें कभी पकड़ा नहीं जाता था और बाद में पकड़े भी गए तो सरकार बड़े आराम से उन्हें बच निकलने देती थी।

जागरण 31 Jul 2026 10:49 pm

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

विदेश जाने का सपना देखने वालों के लिए जरूरी VIDEO! अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया की लाइफस्टाइल की असली तस्वीर आई सामने

समाचार नामा 31 Jul 2026 10:10 pm

ईरानी ठिकानों पर किस कदर टूटा अमेरिकी कहर, देखें US Top-10

ईरान पर ताजा हमलों में अमेरिका ने 2 दर्जन से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में IRGC के सैन्य ठिकाने और निगरानी केंद्र निशाना बने. 2 घंटे तक जारी हमलों को लेकर अमेरिकी CENTCOM ने मध्य-पूर्व में अपने मिलिट्री बेस पर हुए ईरानी अटैक का पलटवार बताया. देखें यूएस टॉप-10.

आज तक 31 Jul 2026 6:09 pm

अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता संदेह में

वाशिंगटन और रियाद के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित असैन्य परमाणु समझौते को अमेरिकी अप्रसार नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में प्रचारित किया गया था।

देशबन्धु 28 Jul 2026 3:10 am

चौंकाने वाली रिपोर्ट: उम्र बढ़ी लेकिन स्वस्थ रहने के साल नहीं, अमेरिकी नागरिक बीमारी के साथ गुजार रहे 14 वर्ष

दुनियाभर में लोग पहले के मुकाबले ज्यादा लंबी उम्र जी रहे हैं, लेकिन इन बढ़े हुए वर्षों का बड़ा हिस्सा लोग बीमारी और शारीरिक परेशानियों के साथ बिता रहे हैं। यह बात 'द लैंसेट पब्लिक हेल्थ' में प्रकाशित अध्ययन 'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) में सामने आई है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 10:22 am

अमेरिका-ईरान टकराव और विश्व शांति की नई चुनौती

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद बड़ी कठिनाई से बना संघर्ष विराम अपनी निर्धारित अवधि पूरी करने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है। ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए ताजा हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की भीषण बमबारी ने एक बार फिर पूरी दुनिया को ... Read more

अजमेरनामा 13 Jul 2026 10:32 pm

मशहूर अमेरिकी सिंगर ओलिवर ट्री का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन, 5 और लोगों की गई गान

इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने अनूठे संगीत और अतरंगी अंदाज के लिए दुनिया भर में मशहूर 32 वर्षीय अमेरिकी सिंगर-सॉन्गराइटर ओलिवर ट्री की ब्राजील में एक भीषण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है। इस हादसे में ओलिवर के ...

वेब दुनिया 15 Jun 2026 12:05 pm

राम चरण की 'पेड्डी' ने नॉर्थ अमेरिका में रचा इतिहास, 4 घंटे में किया इतने डॉलर का प्री-सेल्स

'पेड्डी', भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, जिसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और जिसे वृद्धि सिनेमाज और मैत्री मूवी मेकर्स का साथ मिला है। इस फिल्म में राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म ने 4 जून 2026 को अपनी ...

वेब दुनिया 8 May 2026 2:15 pm

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अबू धाबी में फंसी ईशा गुप्ता सुरक्षित लौटीं, बोलीं सब डरे थे, लेकिन किसी ने अफरा-तफरी नहीं मचाई

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के दौरान अभिनेत्री ईशा गुप्ता अबू धाबी में फंस गई थीं। एयरपोर्ट बंद होने और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच उन्होंने भयावह हालात देखे। सुरक्षित लौटने के बाद ईशा ने यूएई प्रशासन और भारत सरकार का आभार जताया।

वेब दुनिया 3 Mar 2026 3:13 pm

रणवीर सिंह ने रचा इतिहास, नॉर्थ अमेरिका में यह रिकॉर्ड बनाने वाले बने पहले भारतीय अभिनेता

रणवीर सिंह ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है और ऐसा कारनामा कर दिखाया है जो आज तक कोई भी भारतीय अभिनेता नहीं कर पाया। वह अब नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाई करने वाली तीन फिल्मों वाले अकेले भारतीय अभिनेता बन गए हैं।

वेब दुनिया 19 Dec 2025 4:51 pm

अमेरिका में खुली 'बाहुबली द एपिक' की बुकिंग, सभी प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट्स में होगी रिलीज

एसएस राजामौली की बाहुबली फ्रैंचाइज़ी पहली और सबसे बड़ी अखिल भारतीय फिल्म है जिसने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया और इतिहास रचा। दुनिया भर के दर्शकों द्वारा पसंद की गई इस महाकाव्य गाथा ने न केवल दिलों पर कब्ज़ा किया, बल्कि बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड भी ...

वेब दुनिया 16 Oct 2025 4:34 pm

'किंग' के सेट पर एक्शन करते वक्त घायल हुए शाहरुख खान, इलाज के लिए अमेरिका रवाना!

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शाहरुख अपनी अगली फिल्म 'किंग' की शूटिंग के दौरान घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि एक एक्शन सीन करने के दौरान उन्हें चोट लग गई है, जिसके बाद शाहरुख को तुरंत इलाज के लिए भेजा गया।

वेब दुनिया 19 Jul 2025 1:38 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

द बंगाल फाइल्स के अमेरिका में होंगे 10 बड़े प्रीमियर, विवेक रंजन अग्निहोत्री ने रखी अपनी राय

इंडियन सिनेमा के सबसे साहसी फिल्ममेकर्स में से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने बेबाक अंदाज और दबी हुई सच्चाइयों को सामने लाने वाले कहानी कहने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। 'द ताशकंद फाइल्स' और ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद अब वह अपनी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2025 2:06 pm

तनिष्ठा चटर्जी को हुआ स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर, बेटी को भेजा अमेरिका, बोलीं- लाइफ में सबकुछ बिखर सा गया...

बॉलीवुड एक्ट्रेस और फिल्ममेकर तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। तनिष्ठा ने कुछ समय पहले ही अपने पिता को खोया था और अब वो कैंसर की शिकार हो गई हैं। तनिष्ठा को स्टेज 4 ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। एक्ट्रेस को कैंसर के बारे में चार महीने ...

वेब दुनिया 11 Jun 2025 2:37 pm

मोनाली ठाकुर ने की अमेरिका टूर की घोषणा, इन शहरों में करेंगी लाइव शो

नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली सिंगर मोनाली ठाकुर आज देश की सबसे पसंदीदा आवाज़ों में से एक हैं। उनकी गायकी में ऐसा जादू है जो हर किसी के दिल को छू जाता है, फिर चाहे वो फिल्मी गाना हो, लाइव शो हो या कोई कॉन्सर्ट। मोनाली की सुरीली आवाज़ हर बार सुनने वालों के ...

वेब दुनिया 25 May 2025 4:18 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सिनेमा टैरिफ के विरोध के साथ शुरू हुआ 78वां कान फिल्म समारोह

फिल्मकार क्वेंतिन तारंतीनों ने दुनिया भर से आए फिल्मी हस्तियों की उपस्थिति में ग्रैंड थिएटर लूमिएर में 78वें कान फिल्म समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे 78वें कान फिल्म समारोह के शुभारंभ की घोषणा कर रहे हैं। राबर्ट डिनिरो ...

वेब दुनिया 15 May 2025 11:36 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

9/11 हमले के बाद पुलिस ने तान दी थी सुनील शेट्टी पर बंदूक, एक्टर ने बताया अमेरिका में हुआ खौफनाक किस्सा

बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी ने अपनी दमदार अदाकारी से दुनियाभर में पहचान बनाई है। लेकिन इतनी लोकप्रियता के बावजूद भी सुनील शे्टी को बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने 2001 में अमेरिका में हुए अपने एक ...

वेब दुनिया 1 Mar 2025 11:33 am

भारतीय-अमेरिकी संगीतकार और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, देखिए विनर्स की पूरी लिस्ट

67वें ग्रैमी अवॉर्ड्स के विनर का ऐलान हो गया है। इस इवेंट का आयोजन लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में क्रिप्टो टाउन एरिना में हुआ। ट्रेवर नोआ ने ग्रैमी अवॉर्ड्स 2025 को होस्ट किया। भारतीय-अमेरिकी गायिका और उद्यमी चंद्रिका टंडन ने एल्बम 'त्रिवेणी' के लिए ...

वेब दुनिया 3 Feb 2025 10:49 am

अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च ना‍गरिक पुरस्कार से सम्मानित हुए टॉम क्रूज, हॉलीवुड स्टार ने जताई खुशी

हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की दुनियाभर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। टॉम क्रूज अपनी फिल्मों में जबरदस्त एक्शन सीन्स के लिए जाने जाते हैं। वह खतरनाक से खतरनाक स्टंट सीन खुद ही करते हैं। वहीं अब टॉम क्रूज को अमेरिकी नौसेना के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से ...

वेब दुनिया 18 Dec 2024 1:21 pm

मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन, अमेरिका में ली अंतिम सांस

मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की पहली पत्नी हेलेना ल्यूक का निधन हो गया है। उन्होंने अमेरिका में आखिरी सांस ली। हेलेना के निधन की खबर मशहूर डांसर और एक्ट्रेस कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। खबरों ...

वेब दुनिया 4 Nov 2024 11:15 am

जूनियर एनटीआर की देवरा : पार्ट 1 का दुनियाभर में बेसब्री से इंतजार, अमेरिका में टिकट वेबसाइट हुई क्रैश

Devara Part 1 advance booking: साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की फिल्म 'देवरा : पार्ट 1' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के जरिए जाह्नवी कपूर भी साउथ इंडस्ट्री में कदम रखने जा रही हैं। 'देवरा : पार्ट 1' की रिलीज में अब केवल एक महीना बचा ...

वेब दुनिया 28 Aug 2024 12:08 pm

बचपन से एक्टर बनना चाहते थे सैफ अली खान, अमेरिका से पढ़ाई पूरी करने के बाद रखा इंडस्ट्री में कदम

Saif Ali Khan Birthday: बॉलीवुड के अभिनेता सैफ अली खान 54 वर्ष के हो गए हैं। 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में जन्में सैफ अली खान को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनकी मां शर्मिला टैगोर फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी अभिनेत्री रही जबकि पिता नवाब पटौदी ...

वेब दुनिया 16 Aug 2024 5:51 pm

अमेरिका में प्रभास की फिल्म 'कल्कि' का रिलीज से पहले जलवा, देखें मूवी मसाला

प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन स्टारर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज है. हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, फिल्म अमेरिका में एडवांस बुकिंग के मामले में रिकॉर्ड बना रही है. देखें 'मूवी मसाला'.

आज तक 14 Jun 2024 10:30 am

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वाली Arshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल कि खड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

अमेरिकाज गॉट टैलेंट में जम्मू की रहने वालीArshiya Sharma ने बजाय डंका, किया ऐसा कमाल किखड़े होकर तालियां बजाने लगे जजेस

समाचार नामा 3 Jun 2024 11:00 pm

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

Cannes में स्क्रीनिंग के बाद विवादों में घिरी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प की बायोपिक, फिल्म के इस सीन पर मचा हंगामा

समाचार नामा 21 May 2024 4:41 pm

American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा

कियारा आडवाणी शनिवार को कान्स फिल्म फेस्टिवल से इतर एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनके खूबसूरत पिंक और ब्लैक गाउन के अलावा कुछ और भी था जिसने सबका ध्यान खींचा। रेड सी फिल्म फाउंडेशन के वीमेन इन सिनेमा गाला डिनर के रेड कार्पेट पर मीडिया को दिया गया उनका एक साक्षात्कार ऑनलाइन सामने आया है। इसमें कियारा को कान्स में पहली बार बोलने के बारे में दिखाया गया है, लेकिन उनका नया लहजा थोड़ा ध्यान भटकाने वाला है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival 2024 | पंजाबी गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने कान्स डेब्यू में सफेद पंजाबी सूट-सलवार में बिखेरा जलवा कियारा का ताज़ा लहजा? कियारा वीडियो में कहती हैं कि इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना 'बहुत ही विनम्र' है, खासकर जब वह एक अभिनेता के रूप में 10 साल पूरे कर रही हैं। वह कहती हैं, यह बहुत खास पल पर भी आता है। उनके विशेष रूप से 'बहुत' और 'पर' कहने के अमेरिकी तरीके ने प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया कि क्या वह एक नया उच्चारण करने का प्रयास कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: वोट डालने पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, एक्ट्रेस का दिखा बेबी बंप, पर वह भीड़ से खुद को छुपाती दिखी | Viral Video ट्विटर क्या कहता है? एक व्यक्ति ने ट्विटर पर भविष्यवाणी की, “बॉलीवुड ट्विटर आपके उच्चारण के बारे में बात करने आ रहा है… भागो, कियारा भागो।” और निश्चित रूप से, ऐसा हुआ। मंच पर कई ट्वीट्स में कियारा के नए लहजे पर हैरानी जताई गई। एक प्रशंसक ने लिखा, मैं उससे प्यार करता हूं, लेकिन वह लहजा क्यों। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “इसकी तुलना में उनका अपना उच्चारण वास्तव में अच्छा है।” एक अन्य व्यक्ति ने पूछा, भारतीय लहजा किसी भी तरह से बुरा या अपमानजनक नहीं है, फिर इन लोगों ने इसे क्यों नहीं चुना और पूरी चीज़ को बर्बाद कर दिया। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा “क्या कियारा आडवाणी सोचती हैं कि जब वह इस तरह की बातें करती हैं तो वह किम कार्दशियन हैं? कृपया उस ऐंठन वाले लहजे को रोकें। आप इसके लिए कूल या मजाकिया नहीं हैं। कियारा इससे पहले वेरायटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुई थीं। उन्होंने अपने करियर और फिल्मों के बारे में बात की, मनोरंजन उद्योग की अन्य महिलाओं के एक पैनल में शामिल हुईं। कान्स और कियारा पर कान्स फिल्म महोत्सव मंगलवार रात क्वेंटिन डुपिएक्स के ले ड्यूक्सिएम एक्ट (द सेकेंड एक्ट) के विश्व प्रीमियर के साथ शुरू हुआ, जिसमें ली सेडौक्स, विंसेंट लिंडन, लुइस गैरेल और राफेल क्वेनार्ड ने अभिनय किया। कियारा राम चरण-स्टारर गेम चेंजर में दिखाई देने की तैयारी कर रही हैं, जो एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर है। तेलुगु फिल्म जल्द ही स्क्रीन पर आने के लिए तैयार है। वह ऋतिक रोशन-स्टारर वॉर 2 में वाईआरएफ जासूस ब्रह्मांड में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं, जिसमें आरआरआर स्टार जूनियर एनटीआर भी होंगे। इसके अलावा कियारा के पास डॉन 3 भी है, जिसमें वह रणवीर सिंह के साथ अभिनय करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो टॉक्सिक में यश के साथ आडवाणी भी नजर आएंगे। Kiara Advani's accent pic.twitter.com/A5WFyGzdkC — bebo (@bollypopgossip) May 19, 2024

प्रभासाक्षी 20 May 2024 4:44 pm

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

'अगर मैं अमेरिका का जासूस होता तो...' जान की बाजी लगाने पर भी रवीन्द्र कौशिक को नहीं मिला सम्मान, आखिरी चिट्ठी में बयां किया था दर्द

समाचार नामा 19 May 2024 10:00 pm

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा Goldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टर को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहाGoldy Brar के शूटआउट का CCTV फुटेज, गैंगस्टरको लेकरअमेरिकी पुलिस ने किया बड़ा दावा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 3:00 pm

जिंदा है Sidhu Moose Wala की ह्त्या करने वाला Goldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

जिंदा हैSidhu Moose Wala की ह्त्या करने वालाGoldy Brar! मास्टरमाइंड को लेकर अमेरिकी पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

मनोरंजन नामा 2 May 2024 2:41 pm

कौन है Grammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

कौन हैGrammys और Oscar जीतने वाले मशहूर हॉलीवुड अमेरिकन आइकॉन Frank Sinatra? बायोपिक में ये फेमस एक्टर निभाएगा लीड रोल

समाचार नामा 20 Apr 2024 4:46 pm

अमेरिका में रची गई साजिश! सलमान खान के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा?

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई फायरिंग मामले को लेकर अब अपडेट सामने आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शूटिंग में इस्तेमाल बाइक को कुछ दिन पहले रायगढ़ के एक शोरूम से खरीदी थी. मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं. देखें.

आज तक 15 Apr 2024 3:04 pm

क्या सच में अमेरिका में रहती है दिलजीत की पत्नी-बेटा? मॉडल ने खोली पोल

दिलजीत दोसांझ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी प्रोटेक्टिव रहे हैं. दिलजीत ने हाल ही में अपने पेरेंट्स के साथ रिलेशंस को लेकर खुलासा किया, जिसने सबको हैरानी में डाल दिया था. हालांकि वह अपनी पत्नी और बच्चे के बारे में अटकलों पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उनके एक दोस्त ने हाल ही में दावा किया कि दिलजीत शादीशुदा हैं और उनका एक बेटा भी है.

न्यूज़18 12 Apr 2024 10:59 am

शादीशुदा हैं Diljit Dosanjh! करीबी दोस्त ने किया खुलासा, इंडो-अमेरिकन है उनकी पत्नी, आखिर क्यों छुपाई एक्टर ने शादी की खबरें?

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ नेटफ्लिक्स और इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला के लिए तैयारी कर रहे हैं। फिल्म 12 अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रसारित होगी। द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट, जिसमें गुमनामी के तहत उनके करीबी दोस्तों के उद्धरण शामिल हैं, से पता चलता है कि दिलजीत दोसांझ वास्तव में शादीशुदा हैं। एक इंडो-अमेरिकन महिला के साथ उनकी शादी हुई थी और उनका एक बेटा भी है। प्रकाशन में अभिनेता की प्रोफ़ाइल में लिखा है, एक अत्यंत निजी व्यक्ति, उनके परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी है लेकिन दोस्तों का कहना है कि उसकी पत्नी एक अमेरिकी-भारतीय है और उनका एक बेटा है, और उनके माता-पिता लुधियाना में रहते हैं। दिलजीत दोसांझ , जो अमर सिंह चमकीला की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं, ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता ने उन्हें 11 साल की उम्र में लुधियाना में एक रिश्तेदार के साथ रहने के लिए भेज दिया था। दिलजीत ने रणवीर इलाहाबादिया से बात करते हुए कहा “मैं ग्यारह साल का था जब मैंने अपना घर छोड़ दिया और अपने मामाजी के साथ रहने लगा। मैं अपना गाँव छोड़कर शहर आ गया। मैं लुधियाना शिफ्ट हो गया। उन्होंने कहा 'उसे मेरे साथ शहर भेज दो' और मेरे माता-पिता ने कहा 'हां, उसे ले जाओ।' मेरे माता-पिता ने मुझसे पूछा भी नहीं। इसे भी पढ़ें: Thor फेम Chris Hemsworth के फैंस के लिए खुशखबरी! Furiosa-Mad Max में योद्धा के अवतार में दिखे जबरदस्त, जानें फिल्म कब होगी रिलीज उड़ता पंजाब के अभिनेता ने कहा कि हालांकि इस फैसले से उनके माता-पिता के साथ उनके रिश्ते में तनाव आ गया है, लेकिन वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। दिलजीत ने खुलासा किया “मैं एक छोटे से कमरे में अकेला रहता था। मैं बस स्कूल जाता था और वापस आ जाता था, वहां कोई टीवी नहीं था। मेरे पास बहुत समय था. इसके अलावा, उस समय हमारे पास मोबाइल फोन नहीं थे, यहां तक कि अगर मुझे घर पर फोन करना होता था या अपने माता-पिता का फोन रिसीव करना होता था, तो इसके लिए हमें पैसे खर्च करने पड़ते थे। इसलिए मैं अपने परिवार से दूर होने लगा। इसे भी पढ़ें: 'Ramayana' के लिए Ranbir Kapoor ले रहे हैं जमकर ट्रेनिंग, गांव में कभी साइकिलिंग तो कभी जॉगिंग करते दिखे एक्टर | VIDEO गायक ने कहा “मैं अपनी माँ का बहुत सम्मान करता हूँ। मेरे पिता बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने यह भी नहीं पूछा कि मैंने किस स्कूल में पढ़ाई की है। लेकिन मेरा उनसे नाता टूट गया।

प्रभासाक्षी 9 Apr 2024 4:35 pm

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च, ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

Marvel 1943: Rise Of Hydra का धमाकेदार ट्रेलर हुआ लॉन्च,ब्लैक पैंथर और कैप्टन अमेरिका में छिड़ी घमासान जंग

मनोरंजन नामा 21 Mar 2024 9:09 am