Karnataka IAS Officer ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर मिली आखिरी लोकेशन
कर्नाटक के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के कथित तौर पर लापता होने और उनके परिवार तथा अन्य लोगों से संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार को मामले की जानकारी मिली है, लेकिन उनके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारी की आखिरी ‘लोकेशन’ केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली थी और मामले की जांच की जा रही है। गंगवार फिलहाल उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह 20 अगस्त से संपर्क में नहीं हैं और उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट बुक कराया था। खरगे ने संवाददाताओं से कहा, जानकारी कुछ दिन पहले मिली थी। उनके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। आज सुबह से मीडिया में भी इस संबंध में खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा, उनसे संपर्क के सभी माध्यम बंद हैं और वह उपलब्ध नहीं हैं। फिलहाल हमें जानकारी है कि उनकी आखिरी ‘लोकेशन’ केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिली थी। हवाई अड्डे से हमें कुछ जानकारी मिली है और हम इसकी जांच कर रहे हैं। जांच जारी है और आगे की कार्रवाई के बारे में बाद में फैसला किया जाएगा। वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारी गंगवार इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे। इस साल मार्च में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि उनके लापता होने की घटना को केपीएससी में उनके कार्यकाल के दौरान हुए घटनाक्रम से जोड़ने वाली खबरों की फिलहाल पुष्टि नहीं की जा सकती। एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केपीएससी के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित करने और उनके खिलाफ जांच शुरू करने की सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत से करने का फैसला किया है। साहूकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। उनकी बेटी का कथित तौर पर फर्जी आय प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए चयन किए जाने के मामले में उन पर भाई-भतीजावाद के भी आरोप हैं। खरगे ने कहा, राज्यपाल ने 13 जुलाई को उन्हें (साहूकार) निलंबित किया था, जिसके खिलाफ वह उच्च न्यायालय गए थे। अदालत ने राज्यपाल से सरकार की सहायता और सलाह के अनुसार फैसला करने को कहा था। मंत्रिमंडल ने कल इस मामले पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केपीएससी में भर्ती और उससे जुड़े बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के पूरे प्रकरण पर जनता में चर्चा हो रही है और इससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि लोग इस मामले में जवाब मांग रहे हैं और भाजपा की भूमिका तथा केपीएससी अध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मंत्री ने कहा, लोगों की भावनाओं को समझते हुए हमने राज्यपाल के पहले के निलंबन के फैसले के अनुरूप चलने का निर्णय लिया है और राज्यपाल को इसी आशय की सहायता और सलाह दी है। हमने पूरे मामले की जांच पर भी चर्चा की है। राज्यपाल ने साहूकार को 13 जुलाई को महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा नहीं करने और दुर्व्यवहार के आरोपों में निलंबित किया था। हालांकि, 18 अगस्त को उच्च न्यायालय ने उन्हें बहाल करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि राज्यपाल का फैसला मंत्रिमंडल की सहायता और सलाह के आधार पर नहीं लिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को केपीएससी, साहूकार, आयोग सदस्य शांता होसामणि और कुछ अन्य लोगों के परिसरों की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई थी।
BCI में अब आर-पार की लड़ाई! YR Sadashiva Reddy ने Manan Mishra से कहा: Bar को बेहतर चाहिए
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (BCI) के को-चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट YR सदाशिव रेड्डी ने चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग करते हुए कहा है कि बार इससे बेहतर की हकदार है। 'लाइव लॉ' की रिपोर्ट के मुताबिक, रेड्डी ने मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग के पीछे कई वजहें बताई हैं, जिनमें ₹150 करोड़ के फंड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल, परिवार के सदस्यों की नियुक्तियां और NALSAR के छात्रों के खिलाफ गैर-कानून कार्रवाई शामिल है। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant के प्रति बढ़ रही नाराजगी! NALSAR के बाद NLSIU Bengaluru के छात्रों ने भी जताया विरोध, BCI President Manan Kumar Mishra पर भी उठे सवाल रेड्डी ने अपने पत्र में कहा कि वह मिश्रा को विरोधी के तौर पर नहीं, बल्कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चुने हुए सदस्य और तीन दशकों से ज़्यादा समय से इस पेशे से जुड़े व्यक्ति के तौर पर लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुप रहने का मतलब होगा इस देश के वकीलों द्वारा मुझ पर जताए गए भरोसे को तोड़ना। रेड्डी ने मांग की है कि मिश्रा पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर इस्तीफा दे दें। उन्होंने पत्र में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने के लिए BCI की एक विशेष बैठक बुलाने और साथ ही BCI और BCI ट्रस्ट 'पर्ल फर्स्ट' के खातों का विशेष ऑडिट कराने की भी मांग की है। उन्होंने काउंसिल या उससे जुड़े किसी भी ट्रस्ट या संस्था द्वारा लॉ कॉलेजों, विश्वविद्यालयों या मैनेजमेंट से मिलने वाले योगदान, दान या भुगतान पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की और BCI की वेबसाइट पर पूरे स्टाफ की स्थिति को प्रकाशित करने को कहा। रेड्डी ने कहा कि मेरी आपसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मिश्रा के साथ काउंसिल में एक दशक तक काम किया है। उन्होंने कहा कि जब तक आप अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, तब तक यह संस्था उबर नहीं पाएगी और अपनी बात खत्म करते हुए कहा, इस देश का बार (वकील समुदाय) अपनी ही काउंसिल से जो कुछ अभी मिल रहा है, उससे कहीं बेहतर का हकदार है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप उन्हें वह मौका दें। इसे भी पढ़ें: Manan Kumar Mishra कौन हैं? NALSAR विवाद और CJP कैंपेन से सुर्खियों में BCI चेयरमैन मनन मिश्रा ने शुक्रवार को अपने इस्तीफ़े की मांग को खारिज कर दिया; इस मांग का समर्थन अभिजीत दिपके की 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने भी किया था। उनके ये बयान CJP द्वारा नई दिल्ली में BCI के सामने मिश्रा के इस्तीफ़े की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने और लीगल कॉकरोच (कानूनी कॉकरोच) को इसमें शामिल होने के लिए बुलाने के कुछ दिनों बाद आए हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भारत में पिछले आठ सालों से रह रहे एक कनाडाई नागरिक ने एयर पलूशन की वजह से दिल्ली और बेंगलुरु छोड़ने के बाद आखिरकार मिजोरम के आइजोल में बसने का फैसला किया है। शख्स का कहना है कि लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी ने उन्हें इस कदम को उठाने के लिए मजबूर कर दिया क्योंकि वे अपने बच्चों के सेहत के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी पोस्ट के बाद यह बहस छिड़ गई है कि आखिर भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों को साफ हवा की तलाश में अपना घर या शहर क्यों छोड़ना पड़ रहा है।साफ हवा की तलाश में छोड़ना पड़ा दिल्ली और बेंगलुरुकालेब फ्रिसेन नाम के इस कनाडाई शख्स ने बताया कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में होने वाले गंभीर वायु प्रदूषण के कारण उन्होंने सबसे पहले 2018 में दिल्ली छोड़ दी थी। इसके बाद वे यह सोचकर बेंगलुरु चले गए कि इसे भारत का 'गार्डन सिटी' कहा जाता है। उनका अनुभव रहा कि समय के साथ बेंगलुरु की हवा की गुणवत्ता भी लगातार खराब होती चली गई। इसके बाद वर्ष 2026 की शुरुआत में वे मिजोरम शिफ्ट हो गए। आइजोल में उनकी पत्नी का परिवार रहता है और दो बच्चों का पालन-पोषण भी उनके इस फैसले की एक बड़ी वजह बना।फ्रिसेन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, 'हम दो बच्चों की परवरिश कर रहे हैं और मेरा मानना है कि एक बच्चे को पालने के लिए पूरे समुदाय के सहयोग की जरूरत होती है। मुझे खुशी है कि मैं आइजोल शिफ्ट हो गया। मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था कि मेरे बच्चे अस्थमा के मरीज बन जाएं।'इसके साथ ही उन्होंने भारतीय महानगरों में रहने वाले लोगों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि मुझे इस बात का दुख है कि जो भारतीय महानगरों में रहने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें इस तरह रहना पड़ता है। उन्हें साफ हवा में सांस लेने के लिए पहाड़ों की तरफ नहीं भागना पड़ना चाहिए। India's air pollution has me on the move.I left Delhi in 2018 and shifted to Bengaluru (I was told it was the Garden City of India). One major reason was NCR's air pollution. I couldn't tolerate another PM2.5 999+ winter.Earlier in 2026, I moved to Mizoram. Bengaluru's air… https://t.co/m131RlKetp pic.twitter.com/5L6ObgjzZ7— Caleb (@caleb_friesen) August 21, 2026 पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएंइस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि आइजोल एक सपने जैसा लगता है दोस्त! वहीं एक दूसरे यूजर ने सवाल पूछा कि क्या यह कोई विज्ञापन है?इसके जवाब में फ्रिसेन ने स्पष्ट किया कि यह कोई पेड प्रमोशन नहीं है। उन्होंने समझाया कि वे भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर वीडियो बनाते हैं और उनके पोस्ट प्रायोजित नहीं होते हैं। एक अन्य यूजर ने आइजोल को एक हरा-भरा और सुंदर शहर बताया और विशेष रूप से इसके एयरपोर्ट पर उतरने के अनुभव की तारीफ की। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने प्रदूषण की समस्या का सरल समाधान देते हुए लिखा कि समाधान पहले से मौजूद है, पेड़ लगाओ।Naneghat Reverse Waterfall: प्रकृति का अनोखा अजूबा! इस झरने में नीचे नहीं बल्कि आसमान की ओर जा रहा पानी! हैरान कर देगा वायरल Video
Chandauli News: 1 सितंबर से रोज चलेगी दानापुर-बंगलूरू एक्सप्रेस
Danapur-Bengaluru Express to run daily starting September 1.
देश के कई राज्यों में एच1एन1 वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, केरल और मध्य प्रदेश में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है।
संसदीय समिति की बैठक में उठाए गए कर्नाटक के आदिवासी कल्याण से जुड़े मुद्दे : गोविंद करजोल
Bengaluru, 21 अगस्त . चित्रदुर्ग से BJP MP और कर्नाटक के पूर्व उपChief Minister गोविंद एम. करजोल ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण संबंधी संसदीय समिति की बैठक में कर्नाटक के आदिवासी समुदायों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. Friday को करजोल ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधिकारियों का ध्यान वन ... Read more
Bengaluru Airport से Domestic Travel होगा सस्ता, UDF Charges में बड़ी कटौती को मिली मंजूरी
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हवाई यात्रा करने वालों के लिए 1 सितंबर 2026 से शुल्क की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने हवाई अड्डे के लिए अगले पांच साल की शुल्क व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इसके तहत उड़ान भरने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के शुल्क में बड़ी कटौती की गई है, हालांकि पहली बार एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों से भी शुल्क लिया जाएगा। नई व्यवस्था में घरेलू उड़ान से जाने वाले यात्री को अब 300 रुपये का उपयोगकर्ता विकास शुल्क देना होगा। अभी यह शुल्क 550 रुपये है। यानी यात्रियों को 250 रुपये या करीब 45.5 प्रतिशत की राहत मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जाने वाले यात्रियों के लिए यह शुल्क 1500 रुपये से घटकर 997 रुपये हो जाएगा। इसमें करीब 33.5 प्रतिशत की कमी हुई है। वहीं, नई व्यवस्था में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी उपयोगकर्ता विकास शुल्क तय किया गया है। घरेलू यात्रियों से 125 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से 426 रुपये लिए जाएंगे। पहले पहुंचने वाले यात्रियों पर इस तरह का शुल्क नहीं था। ये दरें 1 सितंबर या उसके बाद जारी होने वाले टिकटों पर लागू होंगी। बता दें कि भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की चौथी शुल्क अवधि के लिए यह व्यवस्था मंजूर की है। हालांकि, निर्धारित शुल्क अधिकतम सीमा हैं और इन पर लागू कर अलग से देना होगा। नई व्यवस्था में कुछ यात्रियों को शुल्क से छूट भी दी गई है। दो साल से कम उम्र के बच्चे, राजनयिक पासपोर्ट धारक, ड्यूटी पर तैनात विमान कर्मचारी और कुछ सरकारी काम से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। एक ही टिकट पर 24 घंटे के भीतर आगे की यात्रा करने वाले पारगमन या स्थानांतरण यात्रियों को भी छूट दी गई है। गौरतलब है कि विमानों के उतरने से जुड़े शुल्क में भी बदलाव किया गया है। 1 सितंबर से घरेलू उड़ानों के लिए उतरने का शुल्क 325 रुपये प्रति मीट्रिक टन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 455 रुपये प्रति मीट्रिक टन होगा। हालांकि, 80 से कम सीटों की क्षमता वाले कुछ घरेलू विमानों, विमान प्रशिक्षण उड़ानों, हेलीकॉप्टर और सैन्य विमानों को निर्धारित शर्तों के तहत छूट मिलेगी। विमानों के खड़े रहने के मामले में पहले दो घंटे कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद निर्धारित दर के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। यात्री सुविधा से जुड़ी कुछ सेवाओं के लिए घरेलू यात्रियों पर 75 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर एक अमेरिकी डॉलर का शुल्क तय किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, नियामक ने नई विमान सेवाओं और नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन योजना मंजूर की है। इसके तहत नए या कम सेवा वाले मार्गों पर परिचालन शुरू करने वाली पात्र विमान कंपनियों को उतरने के शुल्क में छूट मिल सकती है। मालवाहक विमान सेवाओं को भी कुछ प्रोत्साहन दिए जाएंगे। बेंगलुरु एयरपोर्ट संचालक बीआईएएल के अनुसार, संशोधित दरें अगस्त 2029 तक लागू रहेंगी। इसके बाद टर्मिनल-2 के दूसरे चरण सहित प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति के आधार पर शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि बड़ी परियोजनाओं से जुड़े अतिरिक्त शुल्क तभी लागू होंगे, जब संबंधित ढांचा पूरा होकर इस्तेमाल में आ जाएगा और नियामक की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होगी। इस तरह नई व्यवस्था में एक तरफ प्रस्थान करने वाले यात्रियों को शुल्क में राहत मिली है, वहीं पहुंचने वाले यात्रियों पर नया शुल्क जुड़ा है। इसका वास्तविक असर यात्रियों के कुल हवाई किराये पर कितना पड़ेगा, यह विमान कंपनियों और टिकट में शामिल अन्य शुल्कों पर भी निर्भर करेगा।
कर्नाटक में लाखों परिवारों को राहत, विधानसभा में ‘बी’-खाता को ‘ए’ में बदलने का संशोधन विधेयक पास
Bengaluru, 21 अगस्त . राज्य Government ने उन लाखों परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनके पास कर्नाटक में पिछले तीन-चार दशकों से अनधिकृत लेआउट में प्लॉट और घर हैं, लेकिन वे कानूनी और प्रशासनिक अनिश्चितता में फंसे हुए थे क्योंकि उनकी संपत्तियों के लिए ‘बी-खाता’ रिकॉर्ड जारी किए गए थे. विधानसभा ने ‘कर्नाटक नगर ... Read more
Bengaluru, 21 अगस्त . कर्नाटक Government तटीय और मलनाड इलाकों के लिए व्यापक पर्यटन नीति तैयार कर रही है. ऊर्जा और पर्यटन मंत्री केजे जॉर्ज ने Friday को कहा कि इसका ड्राफ्ट 7 सितंबर तक तैयार होने की उम्मीद है. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों को सांप्रदायिक ... Read more
Bengaluru में कार से 9 करोड़ Cash जब्त, Income Tax विभाग ने एक को हिरासत में लिया
कर्नाटक की बेंगलुरु शहर पुलिस ने आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान में एक कार से नौ करोड़ रुपये की नकदी जब्त की। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह नकदी कार के जरिये बेंगलुरु से तमिलनाडु के होसुर ले जाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार, मामले के सिलसिले में सचिन (42) नाम के व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों से मिली सूचना के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन की पुलिस टीम ने 18 अगस्त को यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, केरलम के पंजीकरण संख्या वाली एक कार बेंगलुरु से तमिलनाडु के होसुर की ओर जा रही थी और उसमें अवैध रूप से नकदी ले जाई जा रही थी। आयकर विभाग की इकाई-22, बेंगलुरु के उपनिदेशक जगदीश से मिली सूचना के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस ने 18 अगस्त की रात करीब साढ़े 10 बजे होसुर रोड पर बेटल टोल से कुछ ही दूरी पर एक सिग्नल पर वाहन को रोक लिया। पुलिस ने बताया कि वाहन को थाने लाया गया और उसमें सवार दो लोगों को आयकर विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक सिटी खंड के पुलिस उपायुक्त एम. नारायण के अनुसार, वाहन की विस्तृत जांच में उसके अंदर छिपाकर रखी गई नौ करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। हिरासत में लिए गए लोगों में से एक की पहचान सचिन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसका संबंध तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित सिंधु ज्वेलर्स से बताया जा रहा है। नारायण ने बताया कि आयकर अधिकारियों ने पूछताछ के लिए सचिन को हिरासत में ले लिया है।
कर्नाटक : अपार्टमेंट मालिकों और निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा की पहल, विधानसभा में नया विधेयक पेश
Bengaluru, 21 अगस्त . कर्नाटक Government ने अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के हितों की रक्षा और उन्हें स्पष्ट कानूनी अधिकार देने के उद्देश्य से कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व एवं प्रबंधन) विधेयक, 2026 विधानसभा में पेश किया है. यह जानकारी Bengaluru विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने Friday को दी. विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए ... Read more
कर्नाटक : विधान परिषद में सत्तापक्ष का विपक्ष पर कार्यवाही बाधित करने का आरोप, कार्रवाई की मांग
Bengaluru, 21 अगस्त . कर्नाटक विधान परिषद के सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने परिषद के सभापति सलीम अहमद से शिकायत की है कि पिछले चार दिनों से विपक्षी सदस्यों के लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है. उनका कहना है कि इससे उन्हें जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का ... Read more
Bengaluru, 21 अगस्त . कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का लंबा इतिहास होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी शुरुआत 1948 के जीप घोटाले से हुई थी और अब यह कथित महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले तक पहुंच गई है. उन्होंने मंत्री बी. नागेंद्र ... Read more
बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी में कार से 9 करोड़ रुपये नकद जब्त, सर्राफ हिरासत में
Bengaluru, 21 अगस्त . इनकम टैक्स अधिकारियों ने Friday को Bengaluru की इलेक्ट्रॉनिक सिटी में वीरनसांद्रा सिग्नल के पास केरल में रजिस्टर्ड एक कार से करीब 9 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इलेक्ट्रॉनिक सिटी Police को गाड़ी में भारी मात्रा में कैश के गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन के बारे में जानकारी दी ... Read more
लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में युवक कामरान अहमद को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने आरोपी संतोष सिंह को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की लोकेशन सीडीआर और सर्विलांस के जरिए बेंगलुरु में मिली थी। इसके बाद आरोपी गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद 20 अगस्त को आरोपी को लखनऊ लाया गया।इंदिरानगर थाने में 15 अप्रैल 2024 को जेबा अंजुम पत ने तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया था कि उनका बेटा कामरान अहमद रुपयों के विवाद को लेकर संतोष सिंह और अमित यादव की लगातार गाली-गलौज, धमकी और मानसिक रूप से परेशान किए जाने से तनाव में था। जिसके बाद कामरान ने उकसाने पर आत्महत्या कर ली। अस्पताल में मां को बताई थी वजह जेबा अंजुम ने पुलिस को बताया था कि घटना से करीब एक सप्ताह पहले उनका बेटा काफी डरा और परेशान रहता था। पूछने पर उसने रुपयों को लेकर संतोष सिंह और अमित यादव द्वारा परेशान किए जाने की बात बताई थी। 10 अप्रैल 2024 की सुबह करीब 5 बजे कामरान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, इलाज के दौरान कामरान ने अपनी मां से कहा था कि उसने संतोष सिंह और अमित यादव की वजह से जहर खाया है। उसने यह भी बताया था कि उसने पहले ही एक पत्र लिखकर अपने कमरे में रखा है। इलाज के दौरान 10 अप्रैल को कामरान की मौत हो गई थी। दो साल से चल रही थी तलाश मुकदमा दर्ज होने के बाद इसकी विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सिंह ने शुरू की थी। उनके ट्रांसफर के बाद विवेचना एसआई आशीष कुमार पाण्डेय कर रहे हैं। जांच के दौरान सीडीआर और सर्विलांस की मदद से नामजद आरोपी संतोष सिंह की लोकेशन बेंगलुरु में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर वाराणसी के रहने वाले सचिन सिंह को गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आई।
कर्नाटक में 1,250 सरकारी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाए जाएंगे: मंत्री मधु बंगारप्पा
Bengaluru, 20 अगस्त . स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने Thursday को विधानसभा को सूचित किया कि कर्नाटक Government ने राज्य क्षेत्र योजना के तहत 2025-26 के दौरान राज्य भर के 1,250 Governmentी स्कूलों में 1,582 शौचालय बनाने का निर्णय लिया है. मंत्री प्रश्नकाल के दौरान हीरेकेरुड़ कांग्रेस विधायक यूबी बानाकर द्वारा उठाए ... Read more
Duleep Trophy:: BCCI ने दलीप ट्रॉफी फाइनल का वेन्यू बदला, अब बेंगलुरु की जगह यहां खेला जाएगा मैच
pc: navarashtra इंडियन क्रिकेट टीम अभी श्रीलंका में है, जबकि 2026-27 इंडियन डोमेस्टिक क्रिकेट सीज़न 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा, जबकि फ़ाइनल 6 सितंबर को खेला जाएगा। दलीप ट्रॉफी पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है। इस बीच, BCCI ने पहले शेड्यूल अनाउंस किया था, जिसके मुताबिक फ़ाइनल समेत सभी मैच बेंगलुरु के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में खेले जाने थे। हालांकि, फैंस मैच का मज़ा ले सकें, यह पक्का करने के लिए BCCI ने अब फ़ाइनल की जगह बदलकर चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम कर दी है। दोनों क्वार्टर फ़ाइनल मैच 23 अगस्त से शुरू होंगे, जिसमें पहला मैच ईस्ट ज़ोन और नॉर्थ ज़ोन के बीच होगा, जबकि दूसरा मैच नॉर्थ और वेस्ट ज़ोन की टीमों के बीच होगा। दलीप ट्रॉफी के सभी मैच लाइव टेलीकास्ट होंगे न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, दलीप ट्रॉफी फाइनल के वेन्यू में बदलाव की घोषणा करते हुए BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने एक बयान में कहा कि सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में दर्शकों की संख्या पर कुछ लिमिटेशन के कारण, फाइनल चेन्नई में कराने का फैसला किया गया है। दलीप ट्रॉफी हमारे घरेलू कैलेंडर में एक बड़ा फर्स्ट-क्लास टूर्नामेंट है और इसी वजह से, हम चाहते हैं कि फैंस को स्टेडियम में फाइनल देखने का मौका मिले। दलीप ट्रॉफी के सभी मैच लाइव टेलीकास्ट होंगे, जबकि एक क्वार्टर-फाइनल, एक सेमी-फाइनल और फाइनल मैच टीवी पर लाइव टेलीकास्ट होगा। वैभव सूर्यवंशी के खेल पर सबकी नज़रें इस बार दलीप ट्रॉफी में 15 साल के ओपनिंग बैट्समैन वैभव सूर्यवंशी पर फोकस रहेगा, जिन्हें ईस्ट ज़ोन टीम में शामिल किया गया है और उन्हें वाइस-कैप्टन की ज़िम्मेदारी भी दी गई है। ईशान किशन टीम की कप्तानी करेंगे। हालांकि, वैभव ने रेड बॉल से रेगुलर प्रैक्टिस करके टूर्नामेंट की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरे बड़े खिलाड़ियों में ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह और अर्शदीप सिंह पर सबकी नज़र रहेगी। ऋतुराज गायकवाड़ वेस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि तिलक वर्मा साउथ ज़ोन टीम की कप्तानी करेंगे। वहीं, रजत पाटीदार, जिन्होंने लगातार दो IPL सीज़न में RCB को जीत दिलाई, सेंट्रल ज़ोन टीम की कप्तानी कर रहे हैं। सबका ध्यान इस बात पर है कि इस बार दलीप ट्रॉफी कौन जीतेगा।
स्ट्राइड्स फार्मा साइंस के शेयरों में 20 अगस्त को पंख लग गए। एक समय शेयर 10.3 फीसदी तक चढ़कर 1,056 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:30 बजे शेयर 2.75 फीसदी चढ़कर 983.80 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में आज तेजी की वजह एक खबर है। कंपनी ने कहा है कि बेंगलुरु के उसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) का क्लियरेंस मिल गया है।Strides Pharma ने कहा है कि यूएसएफडीए ने बेंगलुरु के उसके प्लांट की 12 मई से 20 मई के बीच जांच की थी। उसने कहा है, कंपनी के रिस्पॉन्स और उठाए गए प्रिवेंटिव और करेक्टिव कदम के बाद यूएसएफडीए ने जांच के नतीजों को वॉलेंटरी एक्शन इंडिकेटेड (VAI) में रखा है और एस्टैब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट (EIR) इश्यू किया है। इसका मतलब है कि कंपनी के बेंगलुरु प्लांट को यूएसएफडी की क्लियरेंस मिल गई है।स्ट्राइड्स का बेंगलुरु प्लांट कंपनी के लिए काफी अहम है। कंपनी इस प्लांट में बने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट रेगुलेटेड और इंटरनेशनल मार्केट्स को करती है। इस प्लांट में कई तरह की दवाओं का उत्पादन होता है। इनमें टैबलेट्स, कैप्सूल्स और ओरल लिक्विड्स आते हैं। यह प्लांट कंपनी को मौजूदा प्रोडक्ट्स की सप्लाई बनाए रखने के साथ ही भविष्य के मौकों का फायदा उठाने में मदद करता है।जून तिमाही में स्ट्राइड्स फार्मा का प्रदर्शन शानदार रहा। इसका प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 57.5 फीसदी बढ़कर 157 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान रेवेन्यू 13 फीसदी बढ़कर 1,265.4 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की ग्रोथ को अमेरिका को छोड़ दूसरे बाजारों से अच्छा सपोर्ट मिला। EBITDA साल दर साल आधार पर 5.4 फीसदी बढ़कर 230 करोड़ रुपये हो गया।बीते एक साल में स्ट्राइड्स का शेयर 11.73 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी में 3.34 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि सेंसेक्स 5.40 फीसदी गिरा है। 20 अगस्त को शेयर बाजार में करीब 7 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटी। 12 बजे निफ्टी 0.58 फीसदी यानी 138 अंक चढ़कर 24,216 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 542 अंक चढ़कर 77,452 पर चल रहा था।
Gold Price Today: सोने की कीमतों में आई गिरावट, चांदी भी फिसली; जानें प्रमुख शहरों के ताजा भाव
सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी के खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वैश्विक बाजार से मिले कमजोर संकेतों और स्थानीय स्तर पर मांग में उतार-चढ़ाव के चलते आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही औद्योगिक मांग में सुस्ती के चलते चांदी के भाव में भी फिसलन देखने को मिली है। खुदरा बाजार में सोना सस्ता होने से आगामी त्योहारी और वैवाहिक सीजन के लिए आभूषण खरीदने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी का हालराष्ट्रीय स्तर पर आज 24 कैरेट शुद्ध सोने और 22 कैरेट जेवराती सोने दोनों की कीमतों में नरमी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरों और मुद्रास्फीति के दबाव के चलते कीमती धातुओं में मुनाफावसूली हावी रही, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा। चांदी की बात करें तो वायदा बाजार और हाजिर बाजार दोनों जगह बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे भाव फिसलकर नीचे आ गए।देश के 10 बड़े शहरों में सोने का ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में लगने वाले स्थानीय टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के कारण सोने के दामों में थोड़ा अंतर पाया जाता है। प्रमुख 10 महानगरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के औसत भाव इस प्रकार दर्ज किए गए:शहर22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)दिल्ली (Delhi)₹ 1,42,200₹ 1,55,120मुंबई (Mumbai)₹ 1,42,050₹ 1,54,970लखनऊ (Lucknow)₹ 1,42,050₹ 1,54,970कोलकाता (Kolkata)₹ 1,42,050₹ 1,54,970चेन्नई (Chennai)₹ 1,42,100₹ 1,55,020बेंगलुरु (Bengaluru)₹ 1,42,100₹ 1,55,020अहमदाबाद (Ahmedabad)₹ 1,42,100₹ 1,55,020जयपुर (Jaipur)₹ 1,42,050₹ 1,54,970हैदराबाद (Hyderabad)₹ 1,42,050₹ 1,54,970पटना (Patna)₹ 1,42,050₹ 1,54,970सोना खरीदते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यानयदि आप बाजार में सोने की खरीदारी करने जा रहे हैं, तो हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क वाले आभूषण ही खरीदें। गहनों पर हॉलमार्किंग (जैसे 22 कैरेट के लिए 916 शुद्धता) की पुष्टि अवश्य करें। इसके अलावा, दुकानों पर प्रदर्शित भाव आधार मूल्य होते हैं, जिनमें 3% जीएसटी और ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज अलग से जोड़े जाते हैं।
लालकुआं- बेंगलुरु स्पेशल अब 19 सितंबर से नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में चलेगी
भास्कर संवाददाता | बैतूल यात्रियों की सुविधा और बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए उत्तर पूर्व रेलवे ने लालकुआं जंक्शन- केएसआर बेंगलुरु सिटी के बीच चल रही स्पेशल ट्रेन को नियमित करने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 05073- 05074 अब 15302- 15301 लालकुआं जंक्शन- केएसआर बेंगलुरु सिटी- लालकुआं जंक्शन साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। नियमित संचालन 19 सितंबर 2026 से शुरू होगा। स्पेशल ट्रेन की तुलना में नियमित एक्सप्रेस होने पर यात्रियों को करीब 30% तक कम किराया देना होगा। ट्रेन 15302 शनिवार को लालकुआं जंक्शन से शाम 5.45 बजे रवाना होकर सोमवार दोपहर 3.25 बजे केएसआर बेंगलुरु सिटी पहुंचेगी। अगले दिन नागपुर में दोपहर 2.30 बजे पहुंचेगी। 2.35 बजे रवाना होगी। 26 सितंबर, 3 और 10 अक्टूबर को ट्रेन नहीं चलेगी। नागपुर मंडल में बैतूल, नागपुर, चंद्रपुर और बल्लारशाह स्टेशन पर ठहराव रहेगा। पूर्व मुख्य यातायात निरीक्षक, मध्य रेल, अशोक कटारे के अनुसार, स्पेशल ट्रेन की तुलना में नियमित एक्सप्रेस का किराया करीब 30% तक कम हो सकता है। बैतूल में ठहराव होने से जिले के यात्रियों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी। ट्रेन का ठहराव किच्छा, बहेड़ी, भोजीपुरा, इज्जतनगर, बरेली सिटी, बरेली जंक्शन, बदायूं, हाथरस सिटी, मथुरा कैंट, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, आगरा जंक्शन, ग्वालियर जंक्शन, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, बीना जंक्शन, रानी कमलापति जंक्शन, इटारसी जंक्शन, बैतूल, नागपुर जंक्शन, सेवाग्राम, चंद्रपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, महबूबाबाद, खम्मम, विजयवाड़ा जंक्शन, तेनाली जंक्शन, ओंगोल, नेल्लोर, गुडूर जंक्शन, रेणिगुंटा जंक्शन, काटपाड़ी जंक्शन, जोलारपेट्टई जंक्शन, कुप्पम, बंगारपेट जंक्शन, कृष्णराजपुरम और बेंगलुरु कैंट स्टेशन पर रहेगा।
कर्नाटक सरकार ने पात्र लाभार्थियों के लिए पेंशन जारी रखने का आदेश दिया
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक राजस्व विभाग ने Wednesday को ‘सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना’ के तहत उन पात्र लाभार्थियों की पेंशन जारी रखने का आदेश दिया, जिनकी सालाना आय वेरिफिकेशन के बाद 32,000 रुपए से 1,20,000 रुपए के बीच है. डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने इस फैसले के बारे में जानकारी देते ... Read more
BCCI ने दलीप ट्रॉफी फाइनल के वेन्यू में किया बदलाव, बेंगलुरु नहीं अब चेन्नई में होगा खिताबी मुकाबला
भारतीय घरेलू सीजन की शुरुआत इस बार 23 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी से होगी जिसके शेड्यूल का ऐलान बीसीसीआई ने पहले ही कर दिया था, जिसमें अब फाइनल मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में कराए जाने का फैसला लिया गया है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल का वेन्यू बदला, बेंगलुरु के बजाए चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा
भारत का 2026-27 घरेलू सत्र दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा, जिसका आयोजन 23 अगस्त से 10 सितंबर तक बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में किया जाना है। हालांकि फाइनल चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा।
कर्नाटक: सरकार ने विपक्षी दलों से विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का किया आग्रह
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक Government ने Wednesday को विधानसभा के दोनों पटलों पर विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वह अपना प्रदर्शन बंद करके चर्चा में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाए. दरअसल, विपक्षी दल योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति ... Read more
कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने पूर्व शिक्षा मंत्री बीसी नागेश को श्रद्धांजलि दी
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने Wednesday को पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीसी नागेश के निधन पर शोक व्यक्त किया. Chief Minister डीके शिवकुमार, उपChief Minister जी. परमेश्वर और भाजपा नेताओं ने पूर्व मंत्री के साथ अपने लंबे जुड़ाव और दोस्ती को याद किया और उनके योगदान की ... Read more
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक भाजपा विधायकों ने Wednesday को विधान सौधा में योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले के आरोपों के चलते हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. यह विरोध प्रदर्शन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई. विजयेंद्र और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक के ... Read more
नागेंद्र का विपक्ष पर आरोप, कहा- ‘दलित मंत्री बना तो मनुवादियों को तकलीफ’
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में भाजपा और जेडीएस द्वारा हंगामा किए जाने और आदिवासी कल्याण मामले में अपने इस्तीफे की मांग को लेकर मंत्री बी नागेंद्र ने Wednesday को विपक्ष की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उन्हें निशाना बना रहा है और “मनुवादी” किसी तरह एक दलित और आदिवासी नेता ... Read more
बैतूल से बेंगलुरु के लिए सीधी रेल सुविधा:19 सितंबर से होगा साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन
रेलवे ने बैतूल के यात्रियों को बड़ी सुविधा देते हुए लालकुआ जंक्शन से केएसआर बेंगलुरु सिटी के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में नियमित कर दिया है। ट्रेन संख्या 15302/15301 का नियमित संचालन सितंबर से शुरू होगा। ट्रेन का बैतूल स्टेशन पर महत्वपूर्ण ठहराव रहेगा। 19 सितंबर से शुरू होगी सेवा ट्रेन संख्या 15302 लालकुआ-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस 19 सितंबर से प्रत्येक शनिवार को लालकुआ जंक्शन से शाम 5:45 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन दोपहर 2:30 बजे नागपुर पहुंचेगी और 2:35 बजे आगे के लिए रवाना होगी। सोमवार दोपहर 3:25 बजे ट्रेन केएसआर बेंगलुरु सिटी पहुंचेगी। मंगलवार को बेंगलुरु से वापसी वापसी में ट्रेन संख्या 15301 बेंगलुरु-लालकुआ साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 सितंबर से प्रत्येक मंगलवार को सुबह 7:15 बजे बेंगलुरु से चलेगी। ट्रेन बुधवार सुबह 6:45 बजे नागपुर पहुंचेगी और 6:50 बजे रवाना होकर शुक्रवार सुबह 9:05 बजे लालकुआ पहुंचेगी। बैतूल समेत इन स्टेशनों पर ठहराव नागपुर मंडल में ट्रेन का ठहराव बैतूल के अलावा नागपुर, चंद्रपुर और बल्लारशाह में रहेगा। ट्रेन इटारसी, बैतूल, नागपुर, विजयवाड़ा, रेणिगुंटा, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, बंगारपेट और कृष्णराजपुरम समेत कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। कुछ तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन शुरुआती चरण में कुछ तारीखों पर ट्रेन का संचालन नहीं होगा। लालकुआ से 26 सितंबर, 3 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को तथा बेंगलुरु से 29 सितंबर, 6 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे के इस निर्णय से बैतूल और आसपास के यात्रियों को दक्षिण भारत, खासकर बेंगलुरु के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
कई बार बिजनेस शुरू करने के लिए बड़े ऑफिस, महंगे ऐप या लाखों रुपये की टेक्नोलॉजी की जरूरत नहीं होती। लोगों की रोज की जरूरत से जुड़ा कोई साधारण काम भी अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है। बेंगलुरु के एक नाई की कहानी इसी बात का उदाहरण बनकर सामने आई है।एक समय खुद बाल काटने का काम करने वाले इस शख्स ने आगे चलकर अपना सैलून शुरू किया और धीरे-धीरे कारोबार को बढ़ाकर चार आउटलेट तक पहुंचा दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई इस कहानी ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा, क्योंकि इसमें एक छोटे और आम दिखने वाले बिजनेस करके कमाई की बढ़ती संभावना दिखाई देती है। मालिक ने सीधे किसी बड़े बिजनेस या इन्वेस्टमेंट से शुरुआत नहीं की थी। वह पहले खुद नाई का काम करता था और इसी काम का एक्सपीरियंस लेकर आगे अपना सैलून शुरू किया। काम बढ़ने के साथ उसने कारोबार को भी बड़ा किया और अब उसके चार सैलून चलने की बात कही जा रही है। इससे यह भी पता चलता है कि किसी काम का एक्सपीरियंस आगे चलकर अपना बिजनेस खड़ा कर सकता है और उसके लिए ये फॉर्मूला अपना सकते है। 1. बिजनेस मॉडल (सैलून) सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, इस सैलून से महीने में करीब 2 लाख रुपये का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये तक बचने का दावा किया गया है। यानी रोज की जरूरत वाली सर्विस होने की वजह से सैलून का कारोबार लगातार कस्टमर पर डिपेंड रहकर चल सकता है। लेकिन कमाई का यह आंकड़ा हर महीने एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। 2. रेवेन्यू और प्रॉफिट Reddit यूजर के मुताबिक, उनकी दोस्त ने सैलून में काम करने वाले नाई से पूछा कि दुकान से मालिक की कितनी कमाई होती है। जवाब में बताया गया कि सैलून से हर महीने करीब ₹2 लाख का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद मालिक के पास करीब ₹80 हजार से ₹1 लाख तक बच सकते हैं। यानी कमाई सिर्फ हेयरकट से नहीं, बल्कि खर्चों को संभालकर और कस्टमर की संख्या बनाए रखकर होती है। 3. बिजनेस प्रैक्टिसऔर एक्सपेंसइस कहानी पर चर्चा करते हुए कई लोगों ने कहा कि रोज की जरूरत से जुड़े छोटे बिजनेस में अच्छी कमाई हो सकती है। हेयरकट और ग्रूमिंग ऐसी सर्विस हैं जिनकी लोगों को बार-बार जरूरत पड़ती है। इसी तरह चाय की दुकान, नाश्ते की दुकान या दूसरी लोकल सर्विस भी सही जगह और अच्छे कस्टमर बेस के साथ अच्छा बिजनेस कर सकती है। 4. बिजनेस एक्सपीरियंससैलून की कमाई सुनकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति इतनी ही कमाई आसानी से कर सकता है। दुकान खोलने के लिए जगह का किराया, फर्नीचर, मशीनें, स्टाफ, बिजली, सामान और शुरुआती महीनों का खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा अच्छी लोकेशन पर पहले से कई सैलून मौजूद हो सकते हैं, जिससे मुकाबला भी बढ़ जाता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने बड़े सैलून या फ्रैंचाइजी के लिए काफी ज्यादा शुरुआती इन्वेस्टमेंट की जरूरत होने की बात भी कही है। ध्यान देंयह जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट और यूजर्स के दावों पर आधारित है। इसे किसी बिजनेस की गारंटी या इस्वेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा के बेंगलुरु आवास पर ईडी की छापेमारी 26 घंटे से जारी
Bengaluru, 19 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार के डॉलर्स कॉलोनी स्थित आवास पर Wednesday को भी छापेमारी जारी रखी. यह छापेमारी Tuesday से चल रही है और अब तक करीब 26 घंटे हो चुके हैं. जानकारी के मुताबिक Tuesday देर रात तक तलाशी चली ... Read more
हरियाणा के चरखी दादरी निवासी सेना के हवलदार रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद हो गए। मंगलवार सुबह रवि ग्राउंड प्रैक्टिस के दौरान फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे, इस दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। रवि ने 2015 में मद्रास इंजीनियरिंग रेजिमेंट जॉइन की थी। उनकी ड्यूटी कश्मीर में चल रही थी, हालांकि कुछ दिनों से वे ट्रेनिंग के सिलसिले में बेंगलुरु में ही थे। रवि के परिवार में उनकी पत्नी और 8 वर्षीय बेटा है। रवि कासनी गांव के रहने वाले थे। सेना की ओर से शव यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2015 में भारतीय सेना में हुआ था चयन रवि प्रकाश 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अब उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि करीब 2 माह पहले वह घर से ड्यूटी पर गए थे। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहे थे। आज सुबह पीटी के दौरान उनका हार्ट फेल होने से निधन हो गया। 8 साल का बेटा, पत्नी होममेकर रविप्रकाश का बेटा देव 8 साल है। पत्नी सुनीता होममेकर हैं। पिता खेतीबाड़ी करते हैं जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। बड़ा भाई दिनेश भी खेती बाड़ी करता है। इसकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं। कल VIDEO कॉल पर बात हुई पिता का कहना है कि रवि की ट्रेनिंग का आज लास्ट दिन था। कल रात उसने वीडियो कॉल पर पत्नी, बेटे और पिता से बात की थी। बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि अब हवलदार बन जाऊंगा। हवलदार बनने के बाद वापस घर लौटना है। अब ट्रेनिंग सेंटर से मैसेज आया है, कागजी कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बुलाया है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
कोटा में गिरफ्तार हुए ठगी के मास्टरमाइंड, जोधपुर निवासी आरोपी मोहम्मद अशफाक ने बेंगलुरु के एक कॉल सेंटर से साइबर ठगी का तरीका सीखा था। इसके बाद वह भोपाल, इंदौर और मुंबई में इसी नेटवर्क से जुड़ा। जब उसे कमाई का रास्ता समझ में आ गया, तो उसने अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर कोटा में अपना पूरा सेटअप खड़ा कर दिया। साइबर फ्रॉड के मामले में पकड़े गए आरोपी ने कोटा में कॉल सेंटर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से यह एक सामान्य जॉब सेंटर जैसा नजर आता था, लेकिन अंदर बैठी लड़कियां रोजाना सैकड़ों लोगों को फोन कर उन्हें निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाती थीं। पोस्ट ग्रेजुएट है ठगी का मास्टरमाइंड डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- साइबर ठगी के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अशफाक (28) निवासी पालड़ी रनावता (थाना भोपालगढ़, जिला जोधपुर) सहित उसके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में आवेश (18) निवासी अशोक कॉलोनी के पास (बीकानेर), सैयद अली (24) निवासी डी-64, तेलियों का मोहल्ला, रूंखजवाना (जिला नागौर), जावेद अली (22) निवासी ग्राम रुण (थाना मूंडवा, जिला नागौर) और मजीद खान (35) निवासी ग्राम बिराई (तहसील बावड़ी, थाना खेड़ापा, जिला जोधपुर) शामिल हैं। ये सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 102 मोबाइल फोन, 11 लैपटॉप, डेस्कटॉप, हार्ड डिस्क, कई डायरियां व रजिस्टर और साइबर ठगी के 65 हजार रुपए सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बेंगलुरु से सीखा ठगी का ककहरा, कई शहरों में फैलाया जाल डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- ठगी का मास्टरमाइंड मोहम्मद अशफाक पोस्ट ग्रेजुएट है। उसने साल 2020-21 में बेंगलुरु के एक कॉल सेंटर में काम किया था, जहाँ उसने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड करना सीखा। इसके बाद उसने भोपाल के एक कॉल सेंटर में भी इसी तरह की ठगी की। कुछ समय इंदौर और मुंबई में रहकर भी उसने साइबर फ्रॉड से जुड़ा काम किया।इसके बाद उसने भोपाल में खुद का कॉल सेंटर शुरू किया, लेकिन पुलिस की पकड़ में आने के डर से वह करीब डेढ़ साल पहले कोटा आ गया। यहाँ आकर उसने दोबारा अपना पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया। प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क और गुमानपुरा में ऑफिस डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- कोटा आने के बाद आरोपी ने सबसे पहले स्थानीय प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क किया। इसके बाद उसने गुमानपुरा इलाके में रतलामी कचौरी सेंटर के पास 'उमेश सदन' में एक ऑफिस किराए पर लिया। आरोपी को पता था कि पुरुषों की आवाज़ पर फोन करने से लोग निवेश के लिए जल्दी तैयार नहीं होते, जबकि लड़कियों की आवाज़ में बातचीत होने पर सामने वाला आसानी से भरोसे में आ जाता है।इसी रणनीति के तहत उसने प्लेसमेंट एजेंसी और OLX के जरिए लड़कियों को नौकरी पर रखना शुरू किया। कॉल सेंटर में लड़कियों को सामान्य नौकरी (जैसे डेटा एंट्री या कस्टमर केयर) के नाम पर लाया जाता था, लेकिन बाद में उन्हें साइबर ठगी के काम में धकेल दिया जाता था। बोर्ड पर लिखे होते थे सवाल-जवाब, 7 दिन की ट्रेनिंग डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- आरोपी अशफाक खुद पहले कॉलिंग का काम कर चुका था, इसलिए उसे अच्छी तरह पता था कि ग्राहकों से किस तरह बात करनी है और उनके सवालों का जवाब किस अंदाज में देना है। कॉल सेंटर में बाकायदा एक बोर्ड लगाया गया था, जिस पर ग्राहकों द्वारा पूछे जाने वाले संभावित सवाल और उनके जवाब लिखे रहते थे। लड़कियों को ट्रेनिंग के दौरान समझाया जाता था कि बातचीत की शुरुआत कैसे करनी है, ग्राहक की आर्थिक स्थिति और निवेश में उसकी रुचि को कैसे भांपना है और उसे ट्रेडिंग के लिए कैसे राजी करना है। पुलिस के मुताबिक, करीब 7 दिन की कड़ी ट्रेनिंग के बाद लड़कियों को कॉलिंग के काम पर लगा दिया जाता था। लड़कियों के नाम की सिम खरीदी, उनके अकाउंट यूज किए पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोपी ने कॉल सेंटर में नौकरी पर रखी लड़कियों के नाम सिम खरीदी। पुलिस के अनुसार, इन सिम का इस्तेमाल आरोपी खुद करता था। आरोपी ने नौकरी पर रखी लड़कियों के बैंक खातों में भी पैसे डलवाए थे। अब पुलिस इन खातों में हुए लेन-देन और सिम कार्ड के इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। 52 लड़कियों के लिए कीपैड फोन, आरोपी के पास 6 मोबाइल कॉल सेंटर में लड़कियों को ग्राहकों से बातचीत के लिए 52 कीपैड मोबाइल फोन उपलब्ध करवाए गए थे। आरोपी खुद करीब 6 मोबाइल फोन ऑपरेट करता था। पुलिस अब इन मोबाइल और सिम कार्ड की कॉल डिटेल, संपर्क और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाल रही है। इससे नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। रोज 100 कॉल का टारगेट, 5 से 10 लोग जाल में फंसते लड़कियों को रोजाना करीब 100 लोगों को कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। इनमें से करीब 5 से 10 लोग निवेश के लिए तैयार हो जाते थे। आरोपी लोगों की जल्दी पैसा कमाने की चाहत को अपना हथियार बनाता था। कॉल के बाद लोगों को फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा जाता। इस वेबसाइट पर आईडी बनवाई जाती और फिर स्टॉक व फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर रकम जमा करवाई जाती। यानी पहले फोन पर भरोसा पैदा किया जाता, फिर फर्जी वेबसाइट दिखाई जाती और इसके बाद निवेश के नाम पर पैसा ट्रांसफर करवाया जाता। विदेशी डोमेन वाली फर्जी वेबसाइट, फर्जी सर्टिफिकेट आरोपी ने साइबर ठगी के लिए फर्जी वेबसाइट भी तैयार करवाई थी। वेबसाइट का डोमेन विदेश में रजिस्टर्ड बताया जा रहा है। आरोपी को उम्मीद थी कि विदेशी डोमेन होने के कारण पुलिस के लिए वेबसाइट और डोमेन से जुड़ी जानकारी हासिल करना आसान नहीं होगा। इतना ही नहीं लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने विदेशी फर्जी सर्टिफिकेट भी बनावा रखा था। जिसे अपनी वेबसाइट पर डाल रखा था। अब पुलिस वेबसाइट, डोमेन रजिस्ट्रेशन, सर्वर और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। 10 से 30% कमीशन पर बैंक खाते किराए पर लिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए आरोपी ने कई बैंक खाते किराए पर ले रखे थे। कुछ बैंक खाते खरीदे भी गए। आरोपी अकाउंट होल्डर के चेक, नेट बैंकिंग और एटीएम तक अपने पास रखता था। किराए पर लिए गए खातों के लिए 10 से 30 प्रतिशत तक कमीशन तय था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद अकाउंट होल्डर पैसा निकालता, अपना कमीशन काटता और बाकी रकम आरोपी को दे देता था। वहीं, खरीदे गए बैंक खातों को आरोपी खुद ऑपरेट करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसे कितने लोगों ने बैंक खाते उपलब्ध करवाए थे और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था। 2-3 लड़कियों को बनाया 'ट्रेनर', नई लड़कियों का करती थीं ब्रेनवॉश आरोपी ने कॉल सेंटर में काम करने वाली 2-3 लड़कियों को बाकी कर्मचारियों से अलग तरीके से तैयार किया था। इन्हें नई लड़कियों को काम समझाने और उन्हें साइबर ठगी के लिए मानसिक रूप से तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, एक लड़की पिछले करीब 5-6 महीने से आरोपी के साथ काम कर रही थी। काम सीखने के बाद वह खुद दूसरी लड़कियों को ट्रेनिंग देने लगी थी। इस तरह आरोपी ने कॉल सेंटर के अंदर ही एक छोटा ट्रेनिंग सिस्टम तैयार कर लिया था। आरोपी जॉब पर रखी लड़कियों को हर महीने 6 से 7 हजार रूपए महीना सैलरी देता था इसके अलावा ठगी की रकम पर भी अलग से कमीशन देता था। हर महीने 4 लाख से ज्यादा का खर्चा आरोपी ने गुमानपुरा में दो व छावनी इलाके में बिल्डिंग किराए पर ले रखी थी। तीनों का किराया 30-30 हजार रूपए बताया। तीनों जगह पर कॉल सेंटर चलाता था। इसके अलावा आरोपी ने बोरखेड़ा इलाके में नीलकंठ अपार्टमेंट में किराए से फ्लैट भी ले रखा था। जहां आरोपी अपनी पत्नी व तीन बेटियों के साथ रह रहा था। उसके रिश्तेदार भी उसी अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। आरोपी जॉब रखी गई 50 से ज्यादा लड़कियों को हर महीने 6-7 हजार रूपए सैलरी देता था। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी हर महीने 4 लाख से ज्यादा खर्च करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड होने की बात भी सामने आई है। इनमें एक इंदौर और दूसरा जोधपुर का बताया जा रहा है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें-कोटा में 3 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 5 गिरफ्तार:फर्जी वेबसाइट पर दिखाते थे लाखों का मुनाफा, 102 मोबाइल, 11 लैपटॉप जब्त
देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्रों की ओर से सीजेआई सूर्यकांत का बढ़ता विरोध हर किसी को चौंका रहा है क्योंकि देश के इतिहास में ऐसा घटनाक्रम पहले कभी देखने में नहीं आया। हम आपको बता दें कि हैदराबाद की NALSAR से उठी छात्रों की असहमति अब बेंगलुरु की NLSIU तक पहुंच गई है और देखते ही देखते यह मामला एक दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के विरोध से कहीं बड़ा बन गया है। इस समय स्थिति यह है कि कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र अब सीधे उन संस्थाओं और पदों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्हें कानून और न्याय की व्यवस्था का प्रहरी माना जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में CJI सूर्यकांत को लेकर छात्रों की नाराजगी, BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की विवादित कार्रवाई और उसके बाद छात्रों के पक्ष में खड़ी होती कानून की युवा पीढ़ी है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि दीक्षांत समारोह में कौन आएगा, बल्कि यह है कि क्या असहमति जताने वाले कानून के छात्रों को अपनी आवाज उठाने की कीमत अपने भविष्य से चुकानी पड़ेगी? हम आपको याद दिला दें कि विवाद की शुरुआत NALSAR के छात्रों की उस आपत्ति से हुई, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर असहमति जताई। छात्रों की नाराजगी का संबंध 20 जुलाई को संसद की ओर हुए छात्रों के मार्च और उस दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से था। छात्रों ने CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में उन्हीं मामलों में अदालत ने छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाई, वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा और स्वतंत्र जांच जैसे विकल्पों पर भी विचार किया। इसे भी पढ़ें: Manan Kumar Mishra कौन हैं? NALSAR विवाद और CJP कैंपेन से सुर्खियों में BCI चेयरमैन इस बीच CJI सूर्यकांत ने स्वयं स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने NALSAR का निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया तो उनके वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता। यानी जिस विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया, उसमें CJI की ओर से मुख्य अतिथि बनने की सहमति ही नहीं थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। असली तूफान तब आया जब इस छात्र विरोध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI कूद पड़ा। 13 अगस्त को BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का अधिवक्ता के रूप में नामांकन अगले आदेश तक रोक दिया जाए। BCI ने यह कदम उन छात्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जांच का हवाला देते हुए उठाया था। लेकिन यह आदेश कुछ ही घंटों में कानूनी बिरादरी और छात्रों के बीच भारी विरोध का कारण बन गया। सवाल उठा कि आखिर कुछ छात्रों के विरोध के जवाब में उनकी पूरी कक्षा के भविष्य को ही अधर में कैसे डाला जा सकता है? विरोध बढ़ा तो BCI को पीछे हटना पड़ा। संशोधित आदेश में कहा गया कि अधिकांश छात्र निर्दोष हैं और कुछ लोगों के कथित आचरण के लिए पूरी कक्षा को दंडित नहीं किया जा सकता। बाद में मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है और छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन माफी के बाद भी सबसे बड़ा सवाल वहीं खड़ा रहा कि क्या BCI को ऐसा आदेश देने का अधिकार था? यही वह बिंदु है जहां मामला महज विवाद से निकलकर कानून के दायरे में पहुंचता है। Advocates Act, 1961 के तहत BCI का काम कानूनी शिक्षा के मानक तय करना, अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण को नियंत्रित करना, अनुशासनात्मक व्यवस्था और राज्य बार काउंसिलों की निगरानी करना है। लेकिन अधिवक्ताओं के रूप में नामांकन राज्य बार काउंसिलों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में NALSAR के छात्रों का नामांकन रोकने का निर्देश BCI के अधिकार-क्षेत्र की सीमा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यहीं से विवाद ने एक नया रूप लिया। बेंगलुरु के NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने NALSAR के छात्रों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। 165 स्नातक छात्रों, 409 वर्तमान छात्रों और 128 पूर्व छात्रों सहित 700 से अधिक लोगों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने NALSAR के छात्रों और शिक्षकों के प्रति बिना शर्त समर्थन जताते हुए अपने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की उपस्थिति पर भी आपत्ति दर्ज कर दी। NLSIU के छात्रों ने BCI से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी की मांग की। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों की पहचान बताने के निर्देश को “विच-हंट” बताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर डर पैदा कर सकती है। उनका तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अपनी बात कहने का अधिकार देता है और किसी वैधानिक संस्था की शक्ति का इस्तेमाल असहमति दबाने के लिए नहीं किया जा सकता। छात्रों ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पुराने बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को लेकर उनकी कथित टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा ने कानूनी संस्थाओं में भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर, मनन कुमार मिश्रा ने अब छात्रों को देश के सबसे जागरूक और विवेकशील युवाओं में बताते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों को अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद यही है कि कानून पढ़ने वाले छात्र अब केवल कानून के दर्शक नहीं बने रहना चाहते। वे उस कानून को अपने ऊपर लागू होते हुए भी देख रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल भी पूछ रहे हैं। NALSAR से NLSIU तक पहुंची यह आवाज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के ये छात्र ही कल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षक और न्यायाधीश होंगे। यदि कानून के संस्थानों से जुड़े सवालों पर सवाल उठाना ही अनुशासनहीनता मान लिया जाएगा, तो लोकतंत्र में असहमति की जगह कहां बचेगी? उधर, BCI के लिए भी यह घटना आत्ममंथन का अवसर है। जिस संस्था पर देश में कानूनी पेशे के स्तर और अनुशासन को बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उससे यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वह अपनी हर कार्रवाई को स्पष्ट वैधानिक अधिकार और संस्थागत प्रक्रिया के आधार पर ही करे। NALSAR प्रकरण ने दिखा दिया है कि कानून की सबसे बड़ी ताकत उसका अधिकार नहीं, बल्कि उस अधिकार का संयमित और न्यायपूर्ण इस्तेमाल है। फिलहाल तस्वीर साफ है। एक तरफ देश की कानूनी व्यवस्था के शीर्ष पद हैं, दूसरी तरफ देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र। और इन छात्रों का संदेश भी उतना ही साफ है कि पद बड़ा हो सकता है, लेकिन संविधान उससे बड़ा है; संस्था शक्तिशाली हो सकती है, लेकिन कानून उससे ऊपर है। -नीरज कुमार दुबे
ये कैसी रईसी? 50-70 लाख की सैलरी भी नहीं बना पाएगी अमीर? बेंगलुरु के खर्च पर टेकी का वीडियो वायरल
बेंगलुरु में 50-70 लाख सालाना कमाने के बावजूद अमीर बनना मुश्किल है? टेक प्रोफेशनल अनमोल अग्रवाल के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
साउथ और हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने एक ही समय में कई राज्यों की मतदाता सूचियों में नाम रखने के गंभीर आरोपों के सिलसिले में उनके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किया
लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, जिन्हें अपने 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, वे हत्या वाले दिन बेंगलुरु के एक पब में पार्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी करने के बाद दर्शन उस शेड में गए, जहां कथित तौर पर रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया था और उनकी हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा भी रेणुकास्वामी पर हमले के दौरान शेड के अंदर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए थे। इसे भी पढ़ें: हम दिल दे चुके सनम की रिलीज को पूरे हुए 25 साल, भंसाली प्रोडक्शंस ने यादों की गलियों में टहलते हुए BTS वीडियो शेयर किया उन्होंने बताया कि रेणुकास्वामी की हत्या के बाद, तीन आरोपी बेंगलुरु के आरआर नगर में रिलायंस ट्रेंड्स की दुकान पर अपने कपड़े बदलने गए, क्योंकि उन्होंने जो कपड़े पहने थे, वे खून से सने हुए थे। सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन को फिर से बनाने के लिए उसी दुकान पर ले गई। अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए दर्शन को मैसूर ले जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, रेणुकास्वामी की सोने की चेन और बटुआ चित्रदुर्ग में आरोपी राघवेंद्र के घर पर मिले। आरोपी ने प्रशंसक की सोने की चेन भी छीन ली। इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha की शादी में शामिल नहीं होंगे Shatrughan Sinha? एक्ट्रेस की मां ने नराजगी की खबरों को किया कंफर्म, कबूल किया- वह नाराज है, लेकिन रेणुकास्वामी, एक ऑटोरिक्शा चालक और दर्शन के प्रशंसक क्लब का सदस्य, कथित तौर पर गौड़ा को अपमानजनक संदेश भेजने के बाद 8 जून को चित्रदुर्ग जिले से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसका शव बेंगलुरु में सुमनहल्ली ब्रिज के पास मिला। रेणुकास्वामी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया और बिजली के झटके दिए गए। कथित यातना का विवरण धनराज ने बताया, जिसे 16 जून को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में दर्शन और गौड़ा सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हाई-प्रोफाइल बेंगलुरु ड्रग्स केस में सशर्त जमानत के बाद हेमा जेल से रिहा
अभिनेत्री हेमा को शुक्रवार को सशर्त जमानत दी गई और जेल से रिहा कर दिया गया। अभिनेता ने गुरुवार को NDPS विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.......
मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान की मुलाकात 20 की उम्र में हुई और वे प्यार में पड़ गए। दिसंबर 1998 में उनकी शादी हुई और नवंबर 2002 में उनके पहले बच्चे अरहान का जन्म हुआ। 19 साल की शादी के बाद जब वे अलग हुए तो इंटरनेट पर इस जोड़े ने सबको चौंका दिया। मलाइका ने अपने शो मूविंग इन विद मलाइका में खुलासा किया था कि अरबाज को प्रपोज करने वाली वह खुद थीं और उन्होंने अरबाज से शादी सिर्फ इसलिए की क्योंकि वह अपने घर से बाहर निकलना चाहती थीं। कुछ साल पहले मलाइका ने बताया था कि कैसे उनका परिवार नहीं चाहता था कि वे तलाक लें। उन्होंने कहा “मुझे लगता है, सबकी पहली यही राय है कि मत करना। कोई आपको नहीं कहेगा कि, ‘हां, हां, प्लीज जाइए, करिए।’ यही पहली बात है, कि आप सोच समझकर यह फैसला लें। मैं भी इसी चीज से गुजरी हूं। मलाइका ने याद करते हुए कहा, “तलाक से एक रात पहले भी, मेरे परिवार ने मेरे साथ बैठकर मुझसे फिर पूछा, ‘क्या तुम निश्चित हो? क्या तुम अपने फैसले के बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हो?’ ये वे लोग हैं जो चिंता करते हैं और परवाह करते हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से ऐसा कहेंगे,” उन्होंने कथित तौर पर शो में कहा। उन्होंने आगे कहा: “हर कोई कहता था, ‘अगर तुम यह फैसला ले रही हो, तो हमें तुम पर वास्तव में गर्व है और हमारी नज़र में तुम एक मज़बूत महिला हो। इसलिए मेरे लिए, इस तरह से मुझे वह अतिरिक्त ताकत मिली जिसकी मुझे ज़रूरत थी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का हाल ही में, मलाइका और उनके बेटे अरहान खान ने शादी, सेक्स और रिश्ते पर चर्चा की, क्योंकि वे बाद के वॉडकास्ट, डंब बिरयानी के लिए एक मसालेदार बातचीत में लगे हुए थे। “देश जानना चाहता है कि माँ आप कब शादी कर रही हैं?” अरहान ने मलाइका से पूछा, इससे पहले उन्होंने कहा, “मुझे एक सटीक तारीख, एक जगह, एक गंतव्य और किससे शादी करनी है।” इस पर मलाइका ने कहा, “मेरे लिए मिर्ची खाना बेहतर है। मैं इसका जवाब नहीं दे सकती। मुझे नहीं पता कि इसका कोई जवाब है या नहीं। मुझे लगता है कि मैं अब अपनी सबसे अच्छी ज़िंदगी जी रही हूँ।” अरबाज खान अब मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी कर चुके हैं। उन्होंने दिसंबर 2023 में अरबाज की बहन अर्पिता के मुंबई स्थित घर पर शादी की। दूसरी ओर, मलाइका अभिनेता अर्जुन कपूर को डेट कर रही हैं। हालांकि, ऐसी अफवाहें हैं कि मलाइका और अर्जुन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।
तेलुगु अभिनेत्री हेमा को सोमवार को बेंगलुरु रेव पार्टी मामले में केंद्रीय अपराध शाखा द्वारा पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने सोमवार को हेमा को अपने कार्यालय में तलब किया था। सूत्रों ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनकर पूछताछकर्ताओं के समक्ष गवाही दी। चूंकि उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे, इसलिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसे भी पढ़ें: चंद्रमा की सुदूर सतह से पत्थर, मिट्टी के नमूने लेकर रवाना हुआ चीन का अंतरिक्षयान इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पास एक फार्महाउस में 19 मई को रेव पार्टी आयोजित की गई थी। 22 मई को शहर के बाहरी इलाके में आयोजित एक रेव पार्टी में कम से कम 86 लोगों में नशीली दवाओं के सेवन की पुष्टि हुई। छापेमारी ने उपस्थित लोगों में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं के सेवन की पुष्टि होने के कारण विवाद खड़ा कर दिया। कर्नाटक पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स डिवीजन द्वारा छापेमारी की गई रेव पार्टी में कई लोग शामिल हुए, जिनमें 73 पुरुष और 30 महिलाएं शामिल थीं, जिनमें दो तेलुगु अभिनेता भी शामिल थे। अभिनेत्री हेमा के अलावा, पार्टी में शामिल होने वाली दूसरी तेलुगु अभिनेत्री आशी रॉय थीं। इसे भी पढ़ें: Lok Sabha Election results 2024: Postal ballots क्या है, कौन कर सकता है इसका इस्तेमाल, कैसे होगी है गिणती? बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बताया कि रेव पार्टी में शामिल मेहमानों के खून के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए दयानंद ने कहा, 19 मई की रात को बेंगलुरु पुलिस की सीसीबी ने विशेष सूचना के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी के एक फार्महाउस पर छापा मारा। इस कार्यक्रम में करीब 100 लोग मौजूद थे, जहां से ड्रग्स और नशीले पदार्थ बरामद किए गए। 18 मई शाम 5 बजे से 19 मई सुबह 6 बजे के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को हैदराबाद के वासु नामक व्यक्ति द्वारा आयोजित जन्मदिन की पार्टी बताया जा रहा है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 1.5 करोड़ रुपये की कीमत की एमडीएमए (एक्स्टेसी) गोलियां, एमडीएमए क्रिस्टल, हाइड्रो कैनबिस, कोकीन, हाई-एंड कारें, डीजे उपकरण समेत साउंड और लाइटिंग जब्त की। Telugu actress Hema arrested by CCB after Bengaluru rave party probe. She appeared before CCB in Burqa. In May, the CCB issued notices to Hema including 16 people to appear for questioning in the case. Hema had allegedly tried to mislead the police by releasing a video stating… pic.twitter.com/CeJrUO5yjt — Mohammed Zubair (@zoo_bear) June 3, 2024 Actress #Hema has been arrested by the CCB Bangalore Police today. #Hema #REVPARTY #Hemaarrest #CCB #bangaloreraveparty #benguluru #celebrity #ccbpolice #bengalurupoilice #tollywoodactress #DrugsCase #Filmify #FilmifyTelugu pic.twitter.com/cMtZTXLI63 — Filmify Official (@FilmifyTelugu) June 3, 2024

