कर्नाटक के हुलिमावु में ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मारपीट, आरोपी गिरफ्तार
Bengaluru, 17 अगस्त . कर्नाटक के हुलिमावु ट्रैफिक Police स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल के साथ मारपीट करने के आरोप में Police ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना Sunday दोपहर 3 बजे बी.जी. रोड के गोट्टिगेरे जंक्शन पर हुई. Police कॉन्स्टेबल अरुण मंजप्पा बडागौद्रा उस समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे. तभी ... Read more
New Delhi, 17 अगस्त . India के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में 2026 की दूसरी तिमाही में किराए में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है. इस दौरान स्पेस की मांग भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट के आसपास रही है. यह जानकारी Monday को जारी एक रिपोर्ट में दी गई. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ... Read more
SC से Rahul Gandhi को बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में HC की सुनवाई रोकी
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में कार्यवाही आगे न बढ़ाए। सुप्रीम कोर्ट ने CBI और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) को यह भी निर्देश दिया कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी के खिलाफ मामले के संबंध में हाई कोर्ट के सामने कोई रिपोर्ट पेश न करें। इसे भी पढ़ें: CJI Suryakant Clarification: 'Cockroach' टिप्पणी पर बोले प्रधान न्यायाधीश, कहा- Social Media पर फैलाया भ्रम चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने गांधी की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिबल की दलीलों पर गौर किया और कर्नाटक के रहने वाले एस. विग्नेश शिशिर (जिन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था) के साथ-साथ CBI और ED को भी नोटिस जारी किए। यह बेंच इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की जांच करना चाहता है क्योंकि एक अदालत ने निर्देश जारी किए थे, जिससे जांच एजेंसियों के काम करने के तरीके पर सवाल उठे थे। सुनवाई के दौरान, बेंच ने प्राकृतिक न्याय के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ऐसी कार्यवाही के दौरान अदालतों से निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन करने की उम्मीद की जाती है। जब CBI ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की जांच करने पर आपत्ति जताई, तो बेंच ने एजेंसी के रुख पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि अगर CBI ने खुद से यह प्रक्रिया शुरू नहीं की थी और हाई कोर्ट के निर्देशों के कारण ऐसा किया था, तो सुप्रीम कोर्ट को उन हालात की जांच करने का अधिकार है जिनमें वे निर्देश जारी किए गए थे। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant के प्रति बढ़ रही नाराजगी! NALSAR के बाद NLSIU Bengaluru के छात्रों ने भी जताया विरोध, BCI President Manan Kumar Mishra पर भी उठे सवाल बेंच ने कहा कि अगर आपने इसे खुद (suo motu) शुरू नहीं किया है, तो हमें इसकी जांच करने दें। साथ ही, बेंच ने कहा कि अगर किसी एजेंसी को कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया था, तो सुप्रीम कोर्ट को उस चुनौती पर सुनवाई करनी चाहिए। यह विवाद कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही कार्यवाही से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने उन आरोपों की जांच की मांग की थी जिनमें कहा गया था कि गांधी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bengaluru में 35 साल के व्यक्ति और 4 वर्षीय बेटे का शव संदिग्ध हालत में मिला
बेंगलुरु के चिक्काबनवारा इलाके में सोमवार सुबह 35 वर्षीय एक व्यक्ति और उसके चार वर्षीय बेटे के शव उनके घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान निजी कंपनी में काम करने वाले अभिनंदन और उनके चार वर्षीय बेटे के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभिनंदन अपनी पत्नी और बेटे के साथ उस घर में रहते थे, जहां यह घटना हुई। मामले का पता तब चला जब उनकी पत्नी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि वे एक रिश्तेदार के घर गए थे और रविवार शाम घर लौटे थे। सोमवार सुबह जब वह उठीं तो उन्होंने अपने पति और बेटे को बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दोनों के शव मिले। शवों पर चाकू से वार के निशान या कोई बड़ी चोट नहीं थी, हालांकि शरीर पर मामूली चोट के निशान पाए गए। अधिकारी ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम जांच के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस ने कहा कि मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्रों की ओर से सीजेआई सूर्यकांत का बढ़ता विरोध हर किसी को चौंका रहा है क्योंकि देश के इतिहास में ऐसा घटनाक्रम पहले कभी देखने में नहीं आया। हम आपको बता दें कि हैदराबाद की NALSAR से उठी छात्रों की असहमति अब बेंगलुरु की NLSIU तक पहुंच गई है और देखते ही देखते यह मामला एक दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के विरोध से कहीं बड़ा बन गया है। इस समय स्थिति यह है कि कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र अब सीधे उन संस्थाओं और पदों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्हें कानून और न्याय की व्यवस्था का प्रहरी माना जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में CJI सूर्यकांत को लेकर छात्रों की नाराजगी, BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की विवादित कार्रवाई और उसके बाद छात्रों के पक्ष में खड़ी होती कानून की युवा पीढ़ी है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि दीक्षांत समारोह में कौन आएगा, बल्कि यह है कि क्या असहमति जताने वाले कानून के छात्रों को अपनी आवाज उठाने की कीमत अपने भविष्य से चुकानी पड़ेगी? हम आपको याद दिला दें कि विवाद की शुरुआत NALSAR के छात्रों की उस आपत्ति से हुई, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर असहमति जताई। छात्रों की नाराजगी का संबंध 20 जुलाई को संसद की ओर हुए छात्रों के मार्च और उस दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से था। छात्रों ने CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में उन्हीं मामलों में अदालत ने छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाई, वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा और स्वतंत्र जांच जैसे विकल्पों पर भी विचार किया। इसे भी पढ़ें: Manan Kumar Mishra कौन हैं? NALSAR विवाद और CJP कैंपेन से सुर्खियों में BCI चेयरमैन इस बीच CJI सूर्यकांत ने स्वयं स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने NALSAR का निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया तो उनके वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता। यानी जिस विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया, उसमें CJI की ओर से मुख्य अतिथि बनने की सहमति ही नहीं थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। असली तूफान तब आया जब इस छात्र विरोध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI कूद पड़ा। 13 अगस्त को BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का अधिवक्ता के रूप में नामांकन अगले आदेश तक रोक दिया जाए। BCI ने यह कदम उन छात्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जांच का हवाला देते हुए उठाया था। लेकिन यह आदेश कुछ ही घंटों में कानूनी बिरादरी और छात्रों के बीच भारी विरोध का कारण बन गया। सवाल उठा कि आखिर कुछ छात्रों के विरोध के जवाब में उनकी पूरी कक्षा के भविष्य को ही अधर में कैसे डाला जा सकता है? विरोध बढ़ा तो BCI को पीछे हटना पड़ा। संशोधित आदेश में कहा गया कि अधिकांश छात्र निर्दोष हैं और कुछ लोगों के कथित आचरण के लिए पूरी कक्षा को दंडित नहीं किया जा सकता। बाद में मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है और छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन माफी के बाद भी सबसे बड़ा सवाल वहीं खड़ा रहा कि क्या BCI को ऐसा आदेश देने का अधिकार था? यही वह बिंदु है जहां मामला महज विवाद से निकलकर कानून के दायरे में पहुंचता है। Advocates Act, 1961 के तहत BCI का काम कानूनी शिक्षा के मानक तय करना, अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण को नियंत्रित करना, अनुशासनात्मक व्यवस्था और राज्य बार काउंसिलों की निगरानी करना है। लेकिन अधिवक्ताओं के रूप में नामांकन राज्य बार काउंसिलों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में NALSAR के छात्रों का नामांकन रोकने का निर्देश BCI के अधिकार-क्षेत्र की सीमा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यहीं से विवाद ने एक नया रूप लिया। बेंगलुरु के NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने NALSAR के छात्रों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। 165 स्नातक छात्रों, 409 वर्तमान छात्रों और 128 पूर्व छात्रों सहित 700 से अधिक लोगों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने NALSAR के छात्रों और शिक्षकों के प्रति बिना शर्त समर्थन जताते हुए अपने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की उपस्थिति पर भी आपत्ति दर्ज कर दी। NLSIU के छात्रों ने BCI से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी की मांग की। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों की पहचान बताने के निर्देश को “विच-हंट” बताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर डर पैदा कर सकती है। उनका तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अपनी बात कहने का अधिकार देता है और किसी वैधानिक संस्था की शक्ति का इस्तेमाल असहमति दबाने के लिए नहीं किया जा सकता। छात्रों ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पुराने बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को लेकर उनकी कथित टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा ने कानूनी संस्थाओं में भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर, मनन कुमार मिश्रा ने अब छात्रों को देश के सबसे जागरूक और विवेकशील युवाओं में बताते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों को अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद यही है कि कानून पढ़ने वाले छात्र अब केवल कानून के दर्शक नहीं बने रहना चाहते। वे उस कानून को अपने ऊपर लागू होते हुए भी देख रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल भी पूछ रहे हैं। NALSAR से NLSIU तक पहुंची यह आवाज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के ये छात्र ही कल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षक और न्यायाधीश होंगे। यदि कानून के संस्थानों से जुड़े सवालों पर सवाल उठाना ही अनुशासनहीनता मान लिया जाएगा, तो लोकतंत्र में असहमति की जगह कहां बचेगी? उधर, BCI के लिए भी यह घटना आत्ममंथन का अवसर है। जिस संस्था पर देश में कानूनी पेशे के स्तर और अनुशासन को बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उससे यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वह अपनी हर कार्रवाई को स्पष्ट वैधानिक अधिकार और संस्थागत प्रक्रिया के आधार पर ही करे। NALSAR प्रकरण ने दिखा दिया है कि कानून की सबसे बड़ी ताकत उसका अधिकार नहीं, बल्कि उस अधिकार का संयमित और न्यायपूर्ण इस्तेमाल है। फिलहाल तस्वीर साफ है। एक तरफ देश की कानूनी व्यवस्था के शीर्ष पद हैं, दूसरी तरफ देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र। और इन छात्रों का संदेश भी उतना ही साफ है कि पद बड़ा हो सकता है, लेकिन संविधान उससे बड़ा है; संस्था शक्तिशाली हो सकती है, लेकिन कानून उससे ऊपर है। -नीरज कुमार दुबे
कर्नाटक के बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कुछ युवकों ने एक महिला ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर पर गंदे कमेंट्स और धक्का-मुक्की की.
कर्नाटक के गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर चिंता जताई
Bengaluru, 16 अगस्त . कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को राज्य के महत्वाकांक्षी योजनाओं में हो रही देरी के लिए पत्र लिखा है. गर्वनर ने अपने पत्र में Bengaluru-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (बीएमआईसी/एनआईसी) प्रोजेक्ट और बिदादी में प्रस्तावित ग्रेटर Bengaluru इंटीग्रेटेड टाउनशिप (जीबीआईटी) को लेकर चिंता जताई है. इस ... Read more
VIDEO: 3BHK फ्लैट और 2.53 लाख का खर्च! बेंगलुरु शिफ्टिंग पर इस कपल का बिल देखकर उड़ जाएंगे होश
बेंगलुरु में 3BHK किराए पर लेना कोई आसान काम नहीं है. सोशल मीडिया पर इन दिनों इसी से जुड़ा एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक कपल ने शिफ्टिंग का पूरा बजट शेयर कर इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है.
प्रेग्नेंसी के बीच बेंगलुरु के लिए रवाना दीपिका, दिखा बेबी बंप
बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का वेलकम करने जा रहे हैं. इसी साल अप्रैल में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी देने के बाद से ही दीपिका मीडिया की चमक-धमक से काफी हद तक दूरी बनाए हुए हैं.
लड़के की थी 2 लाख रुपये सैलरी, शादी से पहले लड़की ने पूछा ऐसा सवाल, हो गया तुरंत रिजेक्ट
Bengaluru Woman Rejects Groom: शादी के बाद क्या नौकरी छोड़ दोगी? 2 लाख कमाने वाले लड़के ने जब पूछा यह सवाल, तो लड़की ने फ्रेंच फ्राइज खाते-खाते दिया ऐसा करारा जवाब कि होश उड़ गए.
बंगाल: बेंगलुरु में टीटीपी संदिग्ध की मां का दावा, उसका बेटा बेगुनाह
कोलकाता, 15 अगस्त . तहरीक-ए-तालिबान Pakistan (टीटीपी) से कथित संबंध के आरोप में Bengaluru में गिरफ्तार किए गए आसफुल मलिक की मां ने Saturday को दावा किया कि उनका बेटा बेगुनाह है, जबकि Police का कहना है कि उसे बोम्मासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया से हिरासत में लिया गया था. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले ... Read more
कर्नाटक: गदग रेप और गैर कानूनी गर्भपात मामले में पुलिस की कार्रवाई, डॉक्टर समेत सात लोग गिरफ्तार
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक Police ने Saturday को गदग जिले में मानसिक रूप से कमजोर महिला के कथित रेप और उसके बाद उसकी प्रेग्नेंसी को गैर-कानूनी तरीके से खत्म करने के मामले में एक डॉक्टर और एक स्टाफ नर्स समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सिकंदर बेपारी, ... Read more
गुटखा प्रतिबंध का आदेश वापस नहीं लिया गया: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक Government द्वारा राज्य में गुटखा पर प्रतिबंध वापस लेने की अफवाहों के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने Saturday को स्पष्ट किया कि Government ने केवल निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है और इसे वापस नहीं लिया गया है. Bengaluru ... Read more
कर्नाटक : मुठभेड़ में तीन शिकारी मारे गए, सीएम शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के दिए आदेश
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक के चामराजनगर जिले में Saturday को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के शाग्या वन क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मुठभेड़ में तीन शिकारियों की मौत हो गई. इस घटना से मृतकों के परिवारों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया. Chief Minister डीके शिवकुमार ने घटना की मजिस्ट्रेट से ... Read more
1 करोड़ की सैलरी फिर भी नहीं मिली खुशी! बेंगलुरु के टेकी ने बताया, ₹20 हजार की नौकरी में क्यों था ज्यादा सुकून
PAK Army से बदला लेने की साजिश? बेंगलुरु में TTP से जुड़े संदिग्ध को पुलिस ने किया गिरफ्तार
PAK Army से बदला लेने की साजिश? बेंगलुरु में TTP से जुड़े संदिग्ध को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Bengaluru में TTP का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तानी सेना के खिलाफ साजिश का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
ध्वजारोहण के बाद कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार बोले, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी सरकार
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने Saturday को राज्य की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कर्नाटक भर में शांति, सद्भाव और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत Bengaluru स्थित अपने सदाशिवनगर आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद ... Read more
बेंगलुरु पुलिस ने आसफुल मलिक नामक युवक को आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता और संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों के आरोप में हिरासत में लिया है।
पाकिस्तानी सेना से बदला लेने की साजिश, बेंगलुरु से TTP का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार
पाकिस्तानी सेना से बदला लेने की साजिश रचने वाला TTP का संदिग्ध आतंकी आसफ़ूल मल्लिक को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह टीटीपी का संदिग्ध आतंकी बताया जा रहा है। जानें पुलिस ने क्या बताया है?
बंगाल का युवक बेंगलुरु में गिरफ्तार, अफगानिस्तान जाकर लड़ना चाहता था पाकिस्तान से
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मलिक का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी जांच की। फोन से असाफूल मलिक और इमरान हैदर के बीच की गई चैट, कई वॉयस कॉल के रिकॉर्ड्स और ऑडियो मैसेज बरामद हुए हैं।
दबाव और चुनौतियों के बीच तालिबान के 5 साल, आज कैसे मना रहा अपना 'आजादी दिवस'?
तालिबान सरकार शनिवार को अफगानिस्तान में अपने शासन के पाँच वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है। एक तरफ जहाँ प्रशासन देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा की सराहना कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आलोचक दैनिक जीवन के सभी क्षेत्रों में लगातार कड़े होते प्रतिबंधों की निंदा कर रहे हैं। इस सप्ताह राजधानी काबुल में 'इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान' के चमकीले सफेद झंडे लगाए गए हैं, जहाँ दीवारों पर नए भित्तिचित्रों (म्यूरल्स) पर लिखा है: स्वतंत्रता गरिमा, गर्व और पहचान का प्रतीक है। प्रशासन एक क्रिकेट मैच और अन्य खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा—जिनमें लड़कियों और महिलाओं के शामिल होने पर प्रतिबंध है। वहीं, तालिबान विद्रोहियों के शहर में दाखिल होने के ठीक पाँच साल पूरे होने के मौके पर उनके समर्थकों के जुटने की उम्मीद है। अमेरिकी नेतृत्व वाले सैनिकों की अव्यवस्थित वापसी के बाद पूरे अफगानिस्तान में एक तीव्र सैन्य अभियान चलाते हुए, तालिबान ने बिना किसी विरोध के सरकारी बलों को सत्ता से बेदखल कर राजधानी पर कब्जा कर लिया था। इसे भी पढ़ें: Taliban के 5 साल के राज में कितना बदला Afghanistan? बंदूकधारियों की Diplomacy देखकर दुनिया हैरान इस हफ़्ते विदेशी सेनाओं द्वारा छोड़ी गई कुछ गाड़ियाँ प्रदर्शनी के लिए रखी गईं, जिनमें धूल भरे पैरों के निशान वाली और फेयरी लाइट्स से सजी एक हमवी (Humvee) भी शामिल थी। झंडे बेचने वाले वेंडरों के अलावा, यूनिवर्सिटी के छात्र पीरूज़ मिर्ज़ाई ने कहा कि सरकार सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और बिज़नेस करने वालों के लिए बहुत सारे मौके लेकर आई है। 20 साल के छात्र ने AFP को बताया, युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नौकरियां ज़्यादा नहीं हैं। सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस महीने कहा कि अधिकारी अर्थव्यवस्था की नींव रख रहे हैं और इसके लिए धैर्य की ज़रूरत है। पिछले तीन सालों में पड़ोसी देशों ईरान और पाकिस्तान से 60 लाख से ज़्यादा अफ़गानों के आने की वजह से प्रति व्यक्ति GDP में गिरावट आई है, जबकि वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि वास्तविक विकास दर 4.8 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru में TTP से जुड़ा संदिग्ध असाफुल मलिक हुआ गिरफ्तार, FIR दर्ज हालांकि तालिबान अधिकारियों ने यूरोप समेत कई देशों के साथ संबंध बनाए हैं, लेकिन उनकी सरकार को अभी भी सिर्फ़ रूस ने ही मान्यता दी है। पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ संबंध बहुत खराब हो गए हैं और इस साल दोनों देशों के बीच युद्ध भी हुआ। इससे अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट और गहरा गया, जबकि वहां के लोग पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मदद में कटौती की मार झेल रहे थे। कुछ देशों ने तालिबान प्रशासन के साथ अपने संबंध सीमित रखने का फ़ैसला किया है, जब तक कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात नहीं बदलते। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वहां के लोग बहुत गंभीर नुकसान झेल रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) की मानवाधिकार निदेशक फ़ियोना फ़्रेज़र ने AFP को बताया कि लोगों को दम घोंटू पाबंदियों का सामना करना पड़ा है, जो उनके रोज़मर्रा के जीवन और मानवाधिकारों के लगभग हर पहलू में दखल देती हैं।
Bengaluru में TTP से जुड़ा संदिग्ध असाफुल मलिक हुआ गिरफ्तार, FIR दर्ज
बेंगलुरु पुलिस ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के एक सदस्य के साथ मिलकर इस संगठन में शामिल होने तथा पाकिस्तान की सेना एवं भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रचने के आरोप में पश्चिम बंगाल के 25 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि असाफुल मलिक पाकिस्तान की सेना पर हमला करने की कथित साजिश रच रहा है, जिसके बाद उसे 11 अगस्त को बोम्मासंद्रा औद्योगिक क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, मलिक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था। पुलिस ने कहा कि जिगानी निवासी मलिक अफगानिस्तान के रहने वाले टीटीपी सदस्य इमरान अहिंदर के संपर्क में फेसबुक के जरिए आया था। विज्ञप्ति के मुताबिक, मलिक पाकिस्तान में मस्जिदों और लोगों पर पाकिस्तान की सेना के कथित अत्याचारों तथा इजराइल-फलस्तीन संघर्ष में इजराइल को उसके कथित समर्थन से नाराज था। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘उक्त संगठन में शामिल होने तथा पाकिस्तान की सेना एवं यहां भी बदला लेने के इरादे से उसने इमरान अहिंदर की मदद ली, पासपोर्ट बनवाया और अफगानिस्तान जाने के लिए वीजा का आवेदन किया। हालांकि, कुछ कारणों से वह अफगानिस्तान नहीं जा सका।’’पुलिस ने कहा कि मलिक के मोबाइल फोन से ऐसे संदेश और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जिनसे पाकिस्तान की सेना से बदला लेने की उसकी कथित मंशा का पता चलता है। पुलिस के अनुसार, मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। हेब्बागोडी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा आतंकवादी कृत्य की साजिश रचने, उकसाने, प्रयास करने, उसका समर्थन करने, भड़काने या जानबूझकर उसमें मदद करने से संबंधित है। मलिक बेंगलुरु के जिगानी में एपीसी सर्किल के पास रहता था, जबकि उसका स्थायी पता पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नौपार गांव का है।
गुजरात: अहमदाबाद स्टेशन पर दो नाबालिग लड़कियां बचाई गईं, दो आरोपी गिरफ्तार
Ahmedabad, 14 अगस्त . रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) Ahmedabad ने Friday को जोधपुर से कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाई गई दो नाबालिग लड़कियों को Ahmedabad रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया. इस मामले में Bengaluru ले जाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है. Police ने डिजिटल सबूतों और जोधपुर ... Read more
त्रिपुरा: बेंगलुरु से लापता नाबालिग लड़की को बचाया गया, आरोपी गिरफ्तार
अगरतला, 14 अगस्त . दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम की एक नाबालिग लड़की को Bengaluru से सुरक्षित बचा लिया गया है और Police उसे वापस राज्य ले आई है. वहीं, First Information Report में नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों ने Friday को यह जानकारी दी. एक Police अधिकारी ने बताया कि ... Read more
Bengaluru, 14 अगस्त . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया है कि राज्य Government गुटखा पर प्रतिबंध लगाने के कदम के जरिए किसानों और सुपारी उत्पादकों के हितों पर चोट करने की कोशिश कर रही है. इससे पूरे राज्य के किसानों में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है. Friday को ... Read more
Bengaluru, 14 अगस्त . कर्नाटक के भाजपा विधायक बी सुरेश गौड़ा की बेटी पर भीम अमावस्या के अवसर पर मंदिर में ड्यूटी पर तैनात एक महिला Police सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. यह घटना Wednesday को मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टन तालुक के अराठी उक्कड़ा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिंह ... Read more
कर्नाटक सरकार गुटखा पर लगे बैन के आदेश को वापस लेने पर कर रही विचार
Bengaluru, 14 अगस्त . सूत्रों ने Friday को पुष्टि की कि कर्नाटक Government गुटखा पर लगाए गए बैन के आदेश को कुछ ही दिनों में वापस लेने पर विचार कर रही है. सभी पार्टियों के विधायकों ने इस बैन का कड़ा विरोध किया था और राज्य के कई जिलों में सुपारी उगाने वाले किसानों पर ... Read more
भाजपा ने बेंगलुरु में प्रस्तावित पार्किंग शुल्क का किया विरोध, कहा- दिवालिया हो गई है कांग्रेस सरकार
Bengaluru, 14 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने Friday को राज्य Government के उस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया, जिसमें रिहायशी मकानों के सामने सड़कों पर कार पार्क करने के लिए शुल्क और जुर्माना लगाने की बात कही गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से ... Read more
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु नायडु से मुलाकात की। सांसद ने पूर्णिया एयरपोर्ट से मुंबई और बेंगलुरु के बीच सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्णिया से दोनों शहरों के बीच फ्लाइट शुरू होने जा रही हैं।
अब सड़क पर पार्किंग भी फ्री नहीं: घर के बाहर कार पार्क की तो देने होंगे 25 हजार; नियमों का ड्राफ्ट तैयार- On-street parking in Bengaluru is no longer free Parking car outside home will incur 25000 fee rules draft
बिहार से बेंगलुरु तक बांग्लादेशियों को बसा रहा था शहाबुद्दीन, एनआईए खंगाल रही घुसपैठ का नेटवर्क
एनआईए ने इस मामले को लेकर बीते तीन जुलाई को एक केस दर्ज किया है। इससे पहले इस मामले में बीते 27 मई को पश्चिम बंगाल के बोंगांव थाने में स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें शहाबुद्दीन मंडल और उसके 6 सहयोगियों को आरोपित बनाया गया था।
बेंगलुरु की हाड़ी पर ट्रेकिंग करने गए इंदौर निवासी अद्वैत उपाध्याय की तलाश जारी है। पांच दिन बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका, जबकि उसने मंगेतर से कहा था कि वह दिन में लौटक आएगा। उसकी तलाश में पुलिस, ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी भी जुटे है।
बेंगलुरु के शांताला पॉइंट से लापता हुए इंदौर निवासी इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने उसकी तलाश में ड्रोन और खोजी श्वान की मदद ली, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली।
ये कैसी रईसी? 50-70 लाख की सैलरी भी नहीं बना पाएगी अमीर? बेंगलुरु के खर्च पर टेकी का वीडियो वायरल
बेंगलुरु में 50-70 लाख सालाना कमाने के बावजूद अमीर बनना मुश्किल है? टेक प्रोफेशनल अनमोल अग्रवाल के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
साउथ और हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने एक ही समय में कई राज्यों की मतदाता सूचियों में नाम रखने के गंभीर आरोपों के सिलसिले में उनके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किया
लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, जिन्हें अपने 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, वे हत्या वाले दिन बेंगलुरु के एक पब में पार्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी करने के बाद दर्शन उस शेड में गए, जहां कथित तौर पर रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया था और उनकी हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा भी रेणुकास्वामी पर हमले के दौरान शेड के अंदर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए थे। इसे भी पढ़ें: हम दिल दे चुके सनम की रिलीज को पूरे हुए 25 साल, भंसाली प्रोडक्शंस ने यादों की गलियों में टहलते हुए BTS वीडियो शेयर किया उन्होंने बताया कि रेणुकास्वामी की हत्या के बाद, तीन आरोपी बेंगलुरु के आरआर नगर में रिलायंस ट्रेंड्स की दुकान पर अपने कपड़े बदलने गए, क्योंकि उन्होंने जो कपड़े पहने थे, वे खून से सने हुए थे। सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन को फिर से बनाने के लिए उसी दुकान पर ले गई। अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए दर्शन को मैसूर ले जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, रेणुकास्वामी की सोने की चेन और बटुआ चित्रदुर्ग में आरोपी राघवेंद्र के घर पर मिले। आरोपी ने प्रशंसक की सोने की चेन भी छीन ली। इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha की शादी में शामिल नहीं होंगे Shatrughan Sinha? एक्ट्रेस की मां ने नराजगी की खबरों को किया कंफर्म, कबूल किया- वह नाराज है, लेकिन रेणुकास्वामी, एक ऑटोरिक्शा चालक और दर्शन के प्रशंसक क्लब का सदस्य, कथित तौर पर गौड़ा को अपमानजनक संदेश भेजने के बाद 8 जून को चित्रदुर्ग जिले से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसका शव बेंगलुरु में सुमनहल्ली ब्रिज के पास मिला। रेणुकास्वामी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया और बिजली के झटके दिए गए। कथित यातना का विवरण धनराज ने बताया, जिसे 16 जून को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में दर्शन और गौड़ा सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हाई-प्रोफाइल बेंगलुरु ड्रग्स केस में सशर्त जमानत के बाद हेमा जेल से रिहा
अभिनेत्री हेमा को शुक्रवार को सशर्त जमानत दी गई और जेल से रिहा कर दिया गया। अभिनेता ने गुरुवार को NDPS विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.......
वरुण धवन और नताशा दलाल के घर बेटी ने लिया जन्म दिया, डेविड धवन ने की पुष्टि | Watch Video
वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल ने बेटी को जन्म दिया है। डेविड धवन ने अस्पताल के बाहर मौजूद मीडिया को यह खबर दी। उन्हें अपने नए पिता वरुण के साथ देखा गया। जब पैपराज़ी ने डेविड से पूछा कि क्या वरुण और नताशा ने बेटी को जन्म दिया है, तो फ़िल्म निर्माता ने सिर हिलाकर हाँ कहा और कैमरामैन को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का इससे पहले बताया गया था कि नताशा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। सूत्र ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, नताशा इस सप्ताह बच्चे को जन्म देने वाली है। आज सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वरुण इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ रहें और उन्होंने सभी पेशेवर प्रतिबद्धताओं को बाद की तारीख़ के लिए टाल दिया है। इससे पहले आज, अभिनेता को मुंबई के एक अस्पताल के बाहर देखा गया। वह एक छोटा सा बैग लेकर अस्पताल परिसर से अपनी कार में निकलते हुए देखे गए। इसे भी पढ़ें: Siddharth Roy Kapur ने भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बायोपिक की घोषणा की वरुण धवन और उनकी फैशन डिजाइनर पत्नी नताशा दलाल ने अपने पहले बच्चे के आगमन की घोषणा करते हुए इंटरनेट पर हलचल मचा दी। पिछले साल मुंबई के एक क्लिनिक में जोड़े के देखे जाने की अटकलों के बावजूद, वरुण ने आधिकारिक तौर पर एक मार्मिक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से प्रशंसकों के साथ दिल को छू लेने वाली खबर साझा की। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वरुण धवन ने अपने लिविंग रूम से एक शांत मोनोक्रोम स्नैपशॉट पोस्ट किया। तस्वीर में, वरुण घुटनों के बल बैठे हैं और नताशा दलाल के हाथों को थामे हुए उनके बेबी बंप पर प्यार से किस कर रहे हैं। इस सुखद घोषणा के साथ ही दंपति ने आश्वासन दिया कि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, जो बढ़ते परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। तस्वीर में उनका पालतू कुत्ता भी सोफे पर आराम से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसकी नज़र कैमरे पर टिकी हुई है। वरुण धवन ने पोस्ट को कैप्शन दिया, हम गर्भवती हैं। आप सभी के आशीर्वाद और प्यार की ज़रूरत है। नताशा और वरुण बचपन के प्रेमी हैं। नताशा का दिल जीतने का वरुण का सफ़र पार्क में टहलना नहीं था। करीना कपूर खान के साथ उनके रेडियो शो पर एक स्पष्ट साक्षात्कार में, वरुण ने आश्चर्यजनक खुलासा किया कि नताशा ने कई बार उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। बॉलीवुड की हिट फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले अभिनेता ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के बारे में बताया जो अंततः प्यार में बदल गई। उन्होंने कहा पहली बार मैं नताशा से छठी कक्षा में मिला था। हम ग्यारहवीं या बारहवीं कक्षा तक दोस्त थे। हम बहुत करीबी दोस्त थे, वरुण ने साक्षात्कार के दौरान खुलासा किया। अपने शुरुआती स्कूल के दिनों को याद करते हुए, उन्होंने बास्केटबॉल कोर्ट पर एक यादगार मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, मुझे उसे देखना याद है, और, जब मैंने उसे उस दिन देखा, तो मुझे लगा कि मुझे उससे प्यार हो गया है। View this post on Instagram A post shared by F I L M Y G Y A N (@filmygyan)
तेलुगु अभिनेत्री हेमा को सोमवार को बेंगलुरु रेव पार्टी मामले में केंद्रीय अपराध शाखा द्वारा पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने सोमवार को हेमा को अपने कार्यालय में तलब किया था। सूत्रों ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनकर पूछताछकर्ताओं के समक्ष गवाही दी। चूंकि उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे, इसलिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसे भी पढ़ें: चंद्रमा की सुदूर सतह से पत्थर, मिट्टी के नमूने लेकर रवाना हुआ चीन का अंतरिक्षयान इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पास एक फार्महाउस में 19 मई को रेव पार्टी आयोजित की गई थी। 22 मई को शहर के बाहरी इलाके में आयोजित एक रेव पार्टी में कम से कम 86 लोगों में नशीली दवाओं के सेवन की पुष्टि हुई। छापेमारी ने उपस्थित लोगों में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं के सेवन की पुष्टि होने के कारण विवाद खड़ा कर दिया। कर्नाटक पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स डिवीजन द्वारा छापेमारी की गई रेव पार्टी में कई लोग शामिल हुए, जिनमें 73 पुरुष और 30 महिलाएं शामिल थीं, जिनमें दो तेलुगु अभिनेता भी शामिल थे। अभिनेत्री हेमा के अलावा, पार्टी में शामिल होने वाली दूसरी तेलुगु अभिनेत्री आशी रॉय थीं। इसे भी पढ़ें: Lok Sabha Election results 2024: Postal ballots क्या है, कौन कर सकता है इसका इस्तेमाल, कैसे होगी है गिणती? बेंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बताया कि रेव पार्टी में शामिल मेहमानों के खून के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए दयानंद ने कहा, 19 मई की रात को बेंगलुरु पुलिस की सीसीबी ने विशेष सूचना के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी के एक फार्महाउस पर छापा मारा। इस कार्यक्रम में करीब 100 लोग मौजूद थे, जहां से ड्रग्स और नशीले पदार्थ बरामद किए गए। 18 मई शाम 5 बजे से 19 मई सुबह 6 बजे के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को हैदराबाद के वासु नामक व्यक्ति द्वारा आयोजित जन्मदिन की पार्टी बताया जा रहा है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 1.5 करोड़ रुपये की कीमत की एमडीएमए (एक्स्टेसी) गोलियां, एमडीएमए क्रिस्टल, हाइड्रो कैनबिस, कोकीन, हाई-एंड कारें, डीजे उपकरण समेत साउंड और लाइटिंग जब्त की। Telugu actress Hema arrested by CCB after Bengaluru rave party probe. She appeared before CCB in Burqa. In May, the CCB issued notices to Hema including 16 people to appear for questioning in the case. Hema had allegedly tried to mislead the police by releasing a video stating… pic.twitter.com/CeJrUO5yjt — Mohammed Zubair (@zoo_bear) June 3, 2024 Actress #Hema has been arrested by the CCB Bangalore Police today. #Hema #REVPARTY #Hemaarrest #CCB #bangaloreraveparty #benguluru #celebrity #ccbpolice #bengalurupoilice #tollywoodactress #DrugsCase #Filmify #FilmifyTelugu pic.twitter.com/cMtZTXLI63 — Filmify Official (@FilmifyTelugu) June 3, 2024

