...

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवारों ने भरा नामांकन, कुमारस्वामी बोले- जीत पक्की है

Bengaluru, 5 अक्टूबर . एनडीए उम्मीदवार के.एम. सुरेश और ए.पी. रंगनाथ ने Monday को कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई विजयेंद्र ने भरोसा जताया कि एनडीए चारों सीटें जीतेगा. दक्षिण-पूर्व ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार सुरेश और Bengaluru टीचर्स ... Read more

डेली किरण 5 Oct 2026 8:28 pm

कर्नाटक: बल्लारी में वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप, भाजपा नेता और चुनाव अधिकारियों पर एफआईआर

Bengaluru, 5 अक्टूबर . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बल्लारी सिटी विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट से 7,561 नाम हटाने की कोशिश करने के आरोप में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट-1 (बीएलए-1), बल्लारी सिटी कॉर्पोरेशन के एक पार्षद और तीन अन्य लोगों के खिलाफ Monday को First Information Report दर्ज की गई. यह ... Read more

डेली किरण 5 Oct 2026 5:23 pm

दिल्ली में रहकर बेंगलुरु में नौकरी! हर दूसरे हफ्ते फ्लाइट से ऑफिस जाने का आइडिया, खर्च जानकर चौंक जाएंगे

दिल्ली में रहकर बेंगलुरु में नौकरी! हर दूसरे हफ्ते फ्लाइट से ऑफिस जाने का आइडिया, खर्च जानकर चौंक जाएंगे

समाचार नामा 5 Oct 2026 5:00 pm

Video: न दिखावा, न बेवजह खर्च... बेंगलुरु के इस कपल ने बनाए 5 ऐसे Money Rules जो हर परिवार के काम आएंगे

पै सों को लेकर हर कोई अपनी तरह से प्लानिंग करता है, लेकिन बेंगलुरु के मेघा और शुभम ने परिवार के लिए कुछ ऐसे आसान नियम बनाए हैं, जो सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। दोनों फुल-टाइम नौकरी करते हैं और उनके परिवार में एक छोटा बच्चा और पेट डॉग भी है। इसके बावजूद वे खर्च, बचत और निवेश के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका फोकस सिर्फ ज्यादा पैसा जमा करने पर नहीं, बल्कि उस पैसे का सही इस्तेमाल करने पर है।वे दिखावे के लिए महंगी चीजें खरीदने के बजाय उन चीजों पर खर्च करना पसंद करते हैं, जो परिवार की जिंदगी को बेहतर बनाएं। साथ ही, वे घूमने-फिरने, सेहत और भविष्य के लिए निवेश को भी जरूरी मानते हैं। कपल ने अपने ऐसे ही पांच मनी रूल्स सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिन्हें लोग काफी प्रैक्टिकल बता रहे हैं।पहला नियम- दिखावे के लिए नहीं, अपनी खुशी के लिए खर्चकपल का पहला नियम है कि पैसा दूसरों को प्रभावित करने के लिए नहीं, अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए खर्च होना चाहिए। वे महंगी कार, ब्रांडेड कपड़े या सिर्फ दिखावे के लिए खरीदी जाने वाली चीजों पर पैसा खर्च करने से बचते हैं। वहीं, जिस घर और सोसाइटी में वे अपना ज्यादातर समय बिताते हैं, उसकी क्वालिटी को लेकर समझौता नहीं करते।दूसरा नियम- सामान से ज्यादा यादें जरूरीमेघा और शुभम के लिए नई चीजें खरीदने से ज्यादा जरूरी परिवार के साथ अच्छा समय बिताना है। उनका फोकस ऐसी यादें बनाने पर रहता है, जिन्हें बाद में याद किया जा सके। वे हर गर्मियों में एक इंटरनेशनल ट्रिप प्लान करते हैं। इसके अलावा सालभर में कई बार स्टेकेशन करते हैं और त्योहारों या जरूरत के समय माता-पिता से मिलने भी जाते हैं।तीसरा नियम- सेहत पर खर्च को निवेश मानते हैंकपल के लिए फिटनेस कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे अगले महीने से शुरू किया जाए। वे हेल्दी खाना, बेहतर प्रोडक्ट्स और जिम जैसी चीजों पर खर्च करने को जरूरी मानते हैं। उनका मानना है कि आज अपनी सेहत पर ध्यान देने से आगे चलकर बड़ी मेडिकल परेशानियों और भारी खर्च से बचा जा सकता है।चौथा नियम- हर साल बढ़ाएं निवेशमेघा और शुभम सिर्फ खर्च पर नजर नहीं रखते, बल्कि निवेश को भी लगातार बढ़ाने की कोशिश करते हैं। उनका लक्ष्य है कि हर साल उनका निवेश पिछले साल से ज्यादा हो। उनके लिए कार या दूसरी महंगी चीजों से ज्यादा अहम निवेश पोर्टफोलियो की बढ़ती रकम है। वे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करते हैं।पांचवां नियम- पैसों की जिम्मेदारी दोनों कीघर का खर्च सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। दोनों ने खर्चों को आपस में बांट रखा है। मेघा किराया, बिजली-पानी जैसे तय खर्च और घरेलू कर्मचारियों की सैलरी संभालती हैं। वहीं शुभम क्रेडिट कार्ड बिल, राशन और ट्रैवल से जुड़े खर्च देखते हैं। View this post on Instagram A post shared by Instagram (@instagram) लोगों को क्यों पसंद आई उनकी सोच?कपल ने अपने इन नियमों को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बताया कि ये कोई परफेक्ट फाइनेंशियल फॉर्मूला नहीं हैं, बल्कि उनके परिवार के लिए काम करने वाले तरीके हैं। लोगों को खास तौर पर यह बात पसंद आई कि वे दिखावे से ज्यादा अपनी जिंदगी, सेहत, परिवार और भविष्य को प्राथमिकता देते हैं। कई यूजर्स ने उनके खर्च बांटने के तरीके और 'इमेज नहीं, लाइफ पर खर्च' वाली सोच को काफी प्रैक्टिकल बताया।(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)मां से दूर विदेश में काम कर रहा था बेटा, फिर भी हर पल साथ; टेक प्रोफेशनल ने पुराने लैपटॉप से निकाला गजब जुगाड़

ज़ी न्यूज़ 5 Oct 2026 2:32 pm

‘गोल्ड मेडल जीतना खास पल’, एशियन गेम्स में टीम इंडिया के दमदार प्रदर्शन पर बोले वीवीएस लक्ष्मण

Bengaluru, 5 अक्टूबर . एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद India लौटने पर टूर्नामेंट में टीम इंडिया के हेड कोच की जिम्मेदारी निभाने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने टीम के जज्बे और चैंपियन वाली सोच की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात में भी खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और सफलतापूर्वक ... Read more

डेली किरण 5 Oct 2026 1:59 pm

एसआईआर विवाद: कर्नाटक के गृह मंत्री खड़गे ने फॉर्म-7 के गलत इस्तेमाल पर दी कार्रवाई की चेतावनी

Bengaluru, 5 अक्टूबर . कर्नाटक में एसआईआर मामले को लेकर सियासी पारा हाई है. इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने Monday को चेतावनी दी कि जो लोग योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए ‘फॉर्म-7’ का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. प्रियांक ... Read more

डेली किरण 5 Oct 2026 1:58 pm

'एक दिन की छुट्टी तो...!' बेंगलुरु के डॉक्टर ने बयां क‍िया दर्द

ऐसा लग रहा था कि अभी-अभी छुट्टी का दिन शुरू हुआ था, लेकिन फिर वापस से ऑफिस जाने का टाइम हो गया. क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? बेंगलरु के एक डॉक्टर ने अपनी शहरी जीवन की तुलना टियर-3 सिटी से की है.

आज तक 5 Oct 2026 12:46 pm

'कब निकलें कि जाम न मिले?' बेंगलुरु की महिला ने किया ट्रैफिक टाइमिंग का एक्सपेरिमेंट, फिर मिला गजब जवाब

बेंगलुरु में ट्रैफिक अब सिर्फ ऑफिस जाने और लौटने के समय की परेशानी नहीं रह गया है। शहर में किस वक्त सड़कें खाली मिलेंगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल होता जा रहा है। सुबह के व्यस्त समय के बाद दोपहर में भी सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लोगों का समय खा रही हैं। ऐसी ही स्थिति का सामना एक महिला को दोपहर 3:20 बजे करना पड़ा। उन्हें उम्मीद थी कि इस समय ट्रैफिक कुछ कम होगा, लेकिन सड़क पर हालात इसके बिल्कुल उलट थे।इसके बाद उन्होंने अपने सफर का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मजेदार अंदाज में कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक से बचने का सबसे अच्छा तरीका ऑफिस जाना ही छोड़ देना है। उनका यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई यूजर्स ने भी कमेंट में अपने ट्रैफिक अनुभव साझा किए और महिला की बात से सहमति जताई।3:20 बजे भी सड़क पर लगा लंबा जाममहिला की पहचान काव्या के तौर पर बताई गई है। उन्होंने इंस्टाग्राम अकाउंट @idli_dosai_bros पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह कार के अंदर बैठी दिखाई दे रही हैं और चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार नजर आ रही है।खास बात यह थी कि वीडियो दोपहर करीब 3:20 बजे का था। आमतौर पर इस समय को शाम के पीक आवर से पहले का माना जाता है, लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा लग रहा था जैसे ऑफिस छूटने का समय हो।ट्रैफिक से बचने के लिए किया ‘पूरा रिसर्च’काव्या ने बताया कि उन्होंने ऑफिस से निकलने के अलग-अलग समय आजमाकर यह समझने की कोशिश की कि आखिर किस वक्त बेंगलुरु की सड़कों पर कम ट्रैफिक मिलेगा। काफी कोशिशों के बाद उनका निष्कर्ष थोड़ा मजेदार लेकिन परेशान करने वाला था। उनके मुताबिक, ऑफिस से निकलने का सबसे अच्छा समय शायद ऑफिस से निकलना ही नहीं, बल्कि घर से काम करना है। उन्होंने लोगों से मजाकिया अंदाज में कहा कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ ही अपनाइए।तीन घंटे का समय, ईंधन और ऊर्जा गईवीडियो के साथ काव्या ने लिखा कि इस ट्रैफिक के कारण करीब 3 घंटे का समय, ऊर्जा और ईंधन बर्बाद हुआ। उनकी बात से यह साफ है कि शहर का ट्रैफिक सिर्फ सड़क पर खड़े रहने की परेशानी नहीं है, बल्कि रोजाना लोगों के समय और खर्च दोनों पर असर डाल रहा है। एक सामान्य ऑफिस कम्यूट को पूरा करने में जब घंटों लग जाएं, तो थकान और चिड़चिड़ापन होना भी स्वाभाविक है।सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- ‘बिल्कुल सही बात’काव्या का वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने कमेंट कर अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने बताया कि उन्होंने काम के घंटे सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक करके देखे और उनके मुताबिक यह काफी बेहतर टाइमिंग साबित हुई। एक अन्य यूजर ने काव्या की बात से सहमति जताते हुए लिखा कि वह इससे ज्यादा सहमत नहीं हो सकता। वहीं, एक शख्स ने पूरे मामले पर मजाक करते हुए लिखा कि आखिर ट्रैफिक इतना क्यों है, यह सवाल शायद सड़क पर खड़ी गाड़ियां भी एक-दूसरे से पूछ रही होंगी। View this post on Instagram A post shared by Instagram (@instagram) बेंगलुरु में ट्रैफिक बना रोजमर्रा की चुनौतीकाव्या का अनुभव भले ही एक व्यक्ति की कहानी हो, लेकिन यह बेंगलुरु में रोज सफर करने वाले हजारों लोगों की परेशानी को दिखाता है। जब दोपहर के समय भी सड़कें जाम से जूझने लगें, तो ऑफिस जाने और लौटने का सही समय चुनना वाकई मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि काव्या का ‘ऑफिस मत जाओ, घर से काम करो’ वाला मजाक सोशल मीडिया पर कई लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ लगा।डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।बुजुर्ग कपल ने मांगी साइड लोअर बर्थ, युवक ने कहा- ₹1,050 दो फिर मिलेगी सीट, वायरल पोस्ट ने छेड़ी बहस

ज़ी न्यूज़ 5 Oct 2026 9:49 am

8th Pay Commission: इस हफ्ते बेंगलुरु में 8वें वेतन आयोग की बड़ी बैठक, कर्मचारियों की सैलरी व पेंशन पर होंगी ये 5 बड़ी चर्चाएं

देश के लगभग 48.62 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67.85 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन संशोधन की प्रक्रिया को गति देने के लिए गठित 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) अब अपने सबसे अहम चरण में प्रवेश कर चुका है। देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख शहरों में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श पूरा करने के बाद आयोग की उच्चस्तरीय टीम इस हफ्ते कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में डेरा डालने जा रही है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आयोग के सदस्यों और दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों, रक्षा कर्मियों के संगठनों, रेलवे कर्मचारी महासंघों और पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशनों के बीच आमने-सामने विस्तृत बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे पहले आयोग लद्दाख, उत्तर प्रदेश (लखनऊ), चंडीगढ़, चेन्नई, पुडुचेरी और जयपुर जैसे शहरों में बैठकों का दौर पूरा कर चुका है। बेंगलुरु बैठक इसलिए भी सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद आयोग 22 और 23 अक्टूबर को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में वित्तीय और प्रशासनिक चर्चाओं को अंतिम रूप देने वाला है।1. फिटमेंट फैक्टर पर आर-पार की बात: 2.28 से लेकर 3.83 तक की मांगबेंगलुरु की इस दो दिवसीय बैठक का सबसे प्रमुख और बहुप्रतीक्षित एजेंडा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) का निर्धारण रहने वाला है। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। कर्मचारी संगठनों की शीर्ष संस्था नेशनल काउंसिल (JCM - Staff Side) और भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने आयोग के सामने 3.833 के उच्च फिटमेंट फैक्टर की आधिकारिक मांग रखी है। वहीं दूसरी ओर, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने इसे 4 गुना तक करने का सुझाव दिया है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों और सरकार के आर्थिक सलाहकारों के बीच 2.28 से लेकर 2.86 के व्यावहारिक फिटमेंट फैक्टर पर सहमति बनने की चर्चा जोरों पर है। बेंगलुरु बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधि विस्तृत प्रजेंटेशन के जरिए यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि पिछले एक दशक में बढ़ी महंगाई, जीवन-यापन की लागत और प्रति व्यक्ति आय में हुए इजाफे के अनुसार 3 गुना से अधिक का फिटमेंट फैक्टर ही न्यायसंगत होगा।2. न्यूनतम बेसिक सैलरी में बंपर इजाफा: ₹18,000 से सीधे ₹41,000 या ₹54,000?वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स लेवल 1 के तहत कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 प्रति माह निर्धारित है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष मजबूत दलील रखी है कि 15वें भारतीय श्रम सम्मेलन (ILC) के डॉ. एक्रोयड फॉर्मूले के अनुसार, जिसमें भोजन, कपड़ा, आवास और बच्चों की शिक्षा की न्यूनतम जरूरतों को शामिल किया जाता है, न्यूनतम वेतन कम से कम ₹41,000 से ₹54,000 के दायरे में होना चाहिए। कुछ प्रमुख यूनियनों ने इसे ₹69,000 तक ले जाने का प्रस्ताव भी सौंपा है। इसके अलावा, बीपीएमएस (BPMS) ने सुझाव दिया है कि सैलरी तय करते समय परिवार की इकाई को 3 सदस्यों से बढ़ाकर 5 सदस्य माना जाना चाहिए। इस हफ्ते बेंगलुरु में होने वाली वार्ता के दौरान आयोग विभिन्न वेतन स्तरों के अनुपात (Compression Ratio) और न्यूनतम से अधिकतम वेतन के बीच के अंतर को संतुलित करने पर यूनियनों से उनका अंतिम रुख जानेगा।3. पेंशन रिवीजन और न्यूनतम पेंशन: ₹9,000 से बढ़ाकर ₹20,500 करने की मांगबेंगलुरु की बैठक में पेंशनभोगियों (Pensioners) से जुड़े मसलों पर भी गहन समीक्षा होने जा रही है। सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत वर्तमान में न्यूनतम पेंशन ₹9,000 प्रति माह है। पेंशनर्स एसोसिएशनों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और बुढ़ापे की जरूरतों को देखते हुए न्यूनतम पेंशन को कम से कम ₹20,500 से ₹25,000 तक बढ़ाया जाना चाहिए। इसके साथ ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर चल रहे विवादों के बीच 10 वर्ष से अधिक सेवा वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन की गारंटी पर भी विचार-विमर्श होगा। पेंशनर्स यह भी मांग कर रहे हैं कि जिस तरह कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी फिटमेंट फैक्टर से संशोधित होती है, ठीक उसी फॉर्मूले से पुरानी पेंशन का भी संपूर्ण रिवीजन होना चाहिए।4. वार्षिक इंक्रीमेंट और पे-मैट्रिक्स लेवल्स का मर्जर: 3% से बढ़ाकर 6% का प्रस्ताववेतन वृद्धि की वार्षिक दर को लेकर कर्मचारी पक्ष एक बड़ा बदलाव चाहता है। मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को प्रति वर्ष 3 प्रतिशत का वार्षिक इंक्रीमेंट (Annual Increment) दिया जाता है। एनसी-जेसीएम (NC-JCM) ने आयोग को सौंपे अपने ड्राफ्ट में इसे दोगुना करते हुए 6 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट करने का मजबूत प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, मौजूदा 18 पे-मैट्रिक्स लेवल्स में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए लेवल्स के विलय (Merger) की मांग रखी गई है। इसमें लेवल 2 और 3, लेवल 4 और 5 तथा लेवल 9 और 10 को आपस में मर्ज करके लेवल 13 तक एक सरलीकृत और पारदर्शी यूनिफाइड पे-मैट्रिक्स बनाने की वकालत की गई है। इससे समान पद और समान जिम्मेदारी वाले कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता का विवाद हमेशा के लिए सुलझ सकता है।5. भत्तों की री-कैल्कुलेशन, 1 जनवरी 2026 से प्रभावी तारीख और भारी एरियरबेंगलुरु बैठक की पांचवीं सबसे बड़ी चर्चा भत्तों (Allowances) और एरियर (Arrears) के वित्तीय गणित से जुड़ी है। केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अधिसूचित किया था और आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समयसीमा (मई-जून 2027 तक) दी गई है। परंपरा के अनुसार वेतन आयोग की सिफारिशें 10 साल के चक्र पर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाती हैं। ऐसे में यदि आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने और सरकार द्वारा उसे लागू करने में 2027 तक का समय लगता है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से लेकर वास्तविक भुगतान तक का भारी एरियर मिलना तय है। पे-लेवल 6, 7 और 8 के कर्मियों के लिए यह एरियर ₹8 लाख से लेकर ₹17 लाख से भी अधिक पहुंच सकता है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) को नए मूल वेतन के साथ जोड़ने के नियमों पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।अंतिम रिपोर्ट और लागू होने की समयसीमा पर क्या है अपडेट?बेंगलुरु के बाद 22-23 अक्टूबर को मुंबई की बैठकों के समापन के साथ ही आयोग के क्षेत्रीय दौरों का मुख्य चरण पूरा हो जाएगा। इसके बाद आयोग प्राप्त सभी ज्ञापनों, वित्तीय अनुमानों और केंद्रीय बजट पर पड़ने वाले राजकोषीय प्रभाव का आकलन करने के लिए वित्त मंत्रालय के साथ आंतरिक बैठकों का दौर शुरू करेगा। हालांकि कर्मचारी संगठन रिपोर्ट को जल्द सौंपने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन आयोग की आधिकारिक 18 महीने की निर्धारित समयसीमा मई 2027 के आसपास समाप्त होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अधिसूचना में समय लगे, लेकिन नई वेतन संरचना 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों की जेब में मोटी रकम और एरियर का पहुंचना पूरी तरह सुनिश्चित है। इस हफ्ते बेंगलुरु में होने वाली बातचीत से निकलने वाले संकेत यह तय करेंगे कि आयोग का रुख कर्मचारियों की मांगों के प्रति कितना सकारात्मक रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Oct 2026 8:47 am

8th Pay Commission: इस हफ्ते बेंगलुरु में बड़ी बैठक, कर्मचारियों की सैलरी व पेंशन पर होंगी ये 5 बड़ी चर्चाएं!

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठकों की श्रृंखला में अगला सबसे बड़ा पड़ाव बेंगलुरु है। आयोग की टीम 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के दो दिवसीय दौरे पर रहेगी। बैठक में भाग लेने और अपनी मांगें रखने के लिए कर्मचारी संघों, एसोसिएशनों और पेंशनभोगी संगठनों को अधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 18 सितंबर तक आवेदन करने का समय दिया गया था। आयोग इस बैठक में प्रतिनिधिमंडलों और हितधारकों के साथ आमने-सामने की विस्तृत चर्चा करने जा रहा है।किन-किन बड़ी बातों पर होगी चर्चा?बेंगलुरु बैठक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठानों, आयकर और अन्य केंद्रीय विभागों के क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। चर्चा का मुख्य फोकस इन प्रमुख बिंदुओं पर रहेगा:वेतन और फिटमेंट फैक्टर: नए वेतनमान के तहत बेसिक पे का निर्धारण करने वाले फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम सहमति बनाना।पेंशन और रिटायरमेंट बेनिफिट्स: पेंशनभोगियों की पेंशन संशोधन, कम्यूटेशन अवधि घटाने और फैमिली पेंशन के नियमों को आसान बनाने पर मंथन।भत्ते: बेंगलुरु जैसे तेजी से बढ़ते और महंगे शहरों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल सुविधाओं में बढ़ोतरी पर चर्चा।वार्षिक वेतन वृद्धि: मौजूदा 3% सालाना वेतन वृद्धि दर की समीक्षा और इसे बढ़ाने की मांग।कार्य परिस्थितियां व पदोन्नति: कैडर पुनर्गठन और समयबद्ध पदोन्नति से जुड़े स्थानीय मुद्दे।कर्मचारी यूनियंस की मुख्य मांगेंकर्मचारी यूनियनों और नेशनल काउंसिल-जेसीएम (NC-JCM) की ओर से 8वें वेतन आयोग के समक्ष रखी जा रही प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:1. न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 करना: कर्मचारी संघों की मांग है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 प्रति माह किया जाए।2. 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग: बेसिक पे के रिवीजन के लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।3. 5-यूनिट फैमिली फॉर्मूला: न्यूनतम वेतन तय करने के लिए कर्मचारी और परिवार के साथ आश्रित माता-पिता को भी शामिल करते हुए '5-यूनिट फॉर्मूला' लागू करने की मांग।4. वार्षिक इंक्रीमेंट 6% हो: सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की जा रही है।5. कम्यूटेड पेंशन रीस्टोरेशन: कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 11 साल करने का प्रस्ताव।ये सभी आंकड़े और शर्तें फिलहाल कर्मचारी यूनियनों द्वारा रखी गई मांगें हैं। आयोग की सिफारिशों और सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही नई सैलरी और पेंशन की दरें तय होंगी।

ज़ी न्यूज़ 5 Oct 2026 8:34 am

भारत में चीनी कौंसल जनरल ने बेंगलुरु का दौरा किया

बीजिंग, 4 अक्टूबर . India में चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने 29 सितंबर को Bengaluru में अंतःविषयक स्वास्थ्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा किया और उप कुलपति लीना चंद्रन वाडिया आदि लोगों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया. कौंसल जनरल छिन च्ये ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीन और India ... Read more

डेली किरण 4 Oct 2026 6:33 pm

कैप्टन स्मित की बहादुरी को भी भाजपा ने इवेंट बना दिया : इमरान मसूद

New Delhi, 4 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Saturday को Bengaluru में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. कैप्टन स्मित मच्छार से लेकर एसआईआर विवाद और अखिलेश यादव के ‘एक्स’ पोस्ट पर उन्होंने खुलकर प्रतिक्रिया दी. कैप्टन स्मित मच्छार के साहस पर इमरान मसूद ... Read more

डेली किरण 4 Oct 2026 3:23 pm

दिपावली से पहले यात्रियों के सामने प्री-बुकिंग में संकट, बेंगलुरु से ग्वालियर 'नो-रूम', दिल्ली से शताब्दी-वंदे भारत का विकल्प

दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने ट्रेन टिकट की प्री-बुकिंग में ही संकट खड़ा हो गया है।

दैनिक जागरण 4 Oct 2026 12:09 pm

ट्रेन पकड़ने जा रही महिला को बेंगलुरु के ट्रैफिक ने रुलाया, बोली- जैसे जान बचाने के लिए भाग रहे हैं

बेंगलुरु में पीक ट्रैफिक और बारिश में एक महिला को 19 KM तय करने में 3 घंटे लगे. भारी ट्रैफिक जाम से जुड़ा एक्सपीरियंस महिला ने शेयर किया है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 11:37 am

Lake-Facing High-Rise Apartments in Uttarahalli, South Bengaluru: What Homebuyers Should Know

South Bengaluru has long been a preferred residential belt for families who want established neighbourhoods, schools, hospitals and daily conveniences within reach.

खास खबर 3 Oct 2026 6:25 pm

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक में बारिश की कमी और फसल के नुकसान के बारे में केंद्रीय टीम को दी जानकारी

Bengaluru, 3 अक्टूबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Saturday को केंद्र Government की एक उच्च-स्तरीय टीम के साथ बैठक की. यह टीम राज्य में बारिश की कमी और सूखे से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए कर्नाटक पहुंची है. Chief Minister के Governmentी आवास-सह-कार्यालय ‘कृष्णा’ में हुई बैठक में उपChief ... Read more

डेली किरण 3 Oct 2026 2:58 pm

फाउंडर का बड़ा खुलासा, क्यों चेन्नई छोड़ बेंगलुरु जाना साबित हुआ सबसे बेस्ट फैसला?

किसी कंपनी को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का असर उसके कामकाज के साथ-साथ फाउंडर की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। एग्रीटेक फाउंडर हरीश वरदराजन ने चेन्नई से बेंगलुरु शिफ्ट होने के एक साल बाद अपना एक्सपीरियंस शेयर किया। उनका कहना है कि इस बदलाव से उन्हें बिजनेस और प्राइवेट लाइफ, दोनों में फायदा मिला।वरदराजन ने LinkedIn पर बताया कि बेंगलुरु आने के बाद कस्टमर, इन्वेस्टर्स और स्टार्टअप से जुड़े लोगों तक पहुंच आसान हुई। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में काम करने की कॉस्ट कम रखने में मदद मिली। वह कहते है कि पिछले एक साल में बेंगलुरु उनकी उम्मीद से बेहतर रहा।उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में बेंगलुरु उनकी उम्मीद से बेहतर रहा। पिछले 10 साल में वह दुनिया के पांच शहरों में रह चुके हैं। उन्हें बेंगलुरु का मौसम भी काफी पसंद आया।उन्होंने अपनी पोस्ट में चेन्नई से बेंगलुरु शिफ्ट होने को अपने प्राइवेट और प्रोफेशनल लाइफ का सबसे अच्छा फैसला बताया। वह आगे कहते है कि बेंगलुरु में अच्छे और महंगे फलों का बड़ा बाजार है। इससे उनके एग्रीटेक बिजनेस को फायदा हुआ।वरदराजन की पोस्ट पर दूसरे फाउंडर्स ने भी अपने एक्सपीरियंस बताए। एक फाउंडर ने कहा कि मुंबई से बेंगलुरु आने के बाद उन्हें इम्प्लॉई हायरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कस्टमर्स और इन्वेस्टर्स तक पहुंच में फायदा मिला।एग्री और फूड बिजनेस के लिए नासिक भी अच्छा ऑप्शन है। यहां खेती के साथ फल और सब्जियों का बड़ा बाजार है और मौसम भी खेती के लिए सही है। वह कहते है कि बेंगलुरु में स्टार्टअप और इन्वेस्टमेंट के मौके ज्यादा हैं, लेकिन एग्री-बिजनेस के लिए नासिक भी काम का शहर हो सकता है।

मनी कण्ट्रोल 3 Oct 2026 2:53 pm

6 ग्राम का कंगन, 22 एकड़ की सोसाइटी और 2000 लोगों की भीड़… ऐसे वापस मिला खोया सोना

हैदराबाद की एक गेटेड कम्युनिटी में गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट मिलने की कहानी इन दिनों चर्चा में है। करीब 22 एकड़ में फैले इस रिहायशी परिसर में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला को तब परेशानी हुई, जब उनका 6-7 ग्राम का ब्रेसलेट अचानक गायब हो गया। उन्हें याद ही नहीं था कि आखिर ज्वेलरी कब और कहां गिरी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से मदद मांगी। इसके बाद CCTV फुटेज ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया। सिक्योरिटी कर्मचारियों ने उनके आने-जाने के रास्तों और कॉमन एरिया की फुटेज खंगाली और एक खास जगह को चिन्हित किया।खास बात यह थी कि वहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके बावजूद स्वाति और उनके पति ने रात में वहां पहुंचकर तलाश जारी रखी और आखिरकार घास में चमकता ब्रेसलेट मिल गया।6-7 ग्राम का ब्रेसलेट हुआ अचानक गायबहैदराबाद की कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि ब्रेसलेट करीब 6-7 ग्राम का था और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह कब और कहां गिरा। 16 अगस्त को जब उन्हें ब्रेसलेट हाथ में नहीं मिला, तो सबसे पहले उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से संपर्क किया। उन्होंने यह भी पता किया कि कहीं किसी निवासी ने ब्रेसलेट को सिक्योरिटी या लॉस्ट एंड फाउंड में तो जमा नहीं कराया है।एक वीडियो बना पूरी तलाश का सुरागजब शुरुआती कोशिशों से कुछ पता नहीं चला तो स्वाति ने अपने फोन में मौजूद पुराने फोटो और वीडियो खंगालने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें 15 अगस्त की सुबह का एक वीडियो मिला, जिसमें ब्रेसलेट उनकी कलाई पर साफ दिखाई दे रहा था। यह छोटा-सा सुराग सिक्योरिटी टीम के लिए बेहद काम का साबित हुआ। वीडियो को आधार बनाकर टीम ने स्वाति की उस दिन की गतिविधियों को CCTV में ट्रैक करना शुरू किया।CCTV ने जो दिखाया, वहीं से शुरू हुई असली खोजसिक्योरिटी कर्मचारियों ने सोसाइटी के अलग-अलग हिस्सों की फुटेज देखी। एंट्री और एग्जिट पॉइंट, लिफ्ट, लॉबी और कॉमन एरिया तक के कैमरों को खंगाला गया। काफी फुटेज देखने के बाद टीम को एक ऐसी जगह नजर आई, जहां संभावना थी कि स्वाति के वहां से गुजरने से कुछ सेकंड पहले ब्रेसलेट जमीन पर गिरा होगा। लेकिन समस्या यह थी कि उसी जगह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।2000 से ज्यादा लोगों के बीच कैसे मिलता ब्रेसलेट?जिस जगह ब्रेसलेट गिरने की आशंका थी, वहां दिनभर 2,000 से ज्यादा लोग आ-जा चुके थे। ऐसे में कुछ ग्राम का सोने का ब्रेसलेट घास में तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं था। फिर भी स्वाति और उनके पति ने हार नहीं मानी। रात में दोनों उसी जगह पहुंचे, जिसे CCTV फुटेज के आधार पर चिन्हित किया गया था।अंधेरे में चमकी उम्मीद की एक किरणरात में रोशनी के बीच घास में तलाश करते हुए अचानक उन्हें कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो वह वही गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट था। जिस ज्वेलरी को वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, वह आखिरकार मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम में CCTV और सिक्योरिटी टीम की तेजी ने अहम भूमिका निभाई। 22acres gated community లో ఒక bracelet పోతే...security, support from staff గురించి excellent video #Returning_NRIs feed ఇదిCCTV ఎక్కడెక్కడ ఉంటాయో చూడండి@HiHyderabad @ApnaSecbad https://t.co/JwclMWZKrM— Savoir Vivre (@InterferonEi) October 1, 2026 स्वाति ने सिक्योरिटी टीम को दिया पूरा श्रेयइस अनुभव के बाद स्वाति ने कहा कि गेटेड कम्युनिटी की अहमियत सिर्फ सुविधाओं और इमारतों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम, CCTV कैमरे और मदद के लिए मौजूद स्टाफ मुश्किल समय में बेहद काम आते हैं। उन्होंने माना कि अगर सिक्योरिटी टीम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती और CCTV फुटेज को इतनी बारीकी से ट्रैक नहीं किया होता, तो शायद उनका ब्रेसलेट हमेशा के लिए खो जाता।(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)Bengaluru: ट्रैफिक और महंगे किराए से अलग दिखा शहर का खूबसूरत चेहरा, चेन्नई के शख्स ने बताई दिल की बात

ज़ी न्यूज़ 3 Oct 2026 12:31 pm

कर्नाटक: बंगलूरू में सिलिंडर लीक से घर में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के छह लोग झुलसे; कैसे हुआ हादसा?

कर्नाटक: बंगलूरू में सिलिंडर लीक से घर में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के छह लोग झुलसे; कैसे हुआ हादसा?---Bengaluru House Fire: Family Members Including Children Injured in LPG Leak, News in Hindi

अमर उजाला 3 Oct 2026 10:46 am

Bengaluru: ट्रैफिक और महंगे किराए से अलग दिखा शहर का खूबसूरत चेहरा, चेन्नई के शख्स ने बताई दिल की बात

बेंगलुरु का नाम आते ही अक्सर ट्रैफिक जाम, महंगे किराए, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबे सफर की बातें होने लगती हैं। लेकिन करीब डेढ़ साल से कर्नाटक की राजधानी में रह रहे चेन्नई के एक शख्स ने शहर की ऐसी तस्वीर सामने रखी है, जिसे अक्सर चर्चाओं में जगह नहीं मिलती। उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई छोटी-छोटी चीजें गिनाईं, जिन्होंने उन्हें बेंगलुरु का मुरीद बना दिया।ट्रैफिक और समस्याओं के बीच दिखीं शहर की अच्छी बातेंReddit पर एक पोस्ट के जरिए इस शख्स ने लिखा कि बेंगलुरु को लेकर लोगों की कई शिकायतें जायज हैं, लेकिन शहर में ऐसी कई सुविधाएं भी हैं जिनकी लोग अक्सर अनदेखी कर देते हैं।अपने पोस्ट में उन्होंने बेंगलुरु की तुलना चेन्नई से करते हुए बताया कि शहर की कुछ सामान्य-सी लगने वाली चीजें उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान और बेहतर बनाती हैं।मोहल्लों के छोटे पार्क बने पसंदीदा ठिकानेबेंगलुरु के बड़े और मशहूर पार्कों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन इस चेन्नई निवासी को शहर के छोटे BBMP पार्क खास तौर पर पसंद आए।उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाकों के बीच बने इन छोटे पार्कों में पेड़, हरियाली और बैठने की जगह होती है। उनके लिए ये सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।₹80 का खाना याद आया तो पुरानी यादें ताजा हो गईंबेंगलुरु की Darshini और Udupi फूड कल्चर भी उन्हें काफी पसंद है। खासतौर पर कम कीमत में साफ-सुथरा शाकाहारी खाना मिलने की सुविधा ने उनका ध्यान खींचा।उन्होंने अपने इंटर्नशिप के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय महज ₹80 में मिलने वाला Udupi मील उनके लिए काफी मददगार साबित होता था। उनके मुताबिक, कम बजट में पेट भरने के लिए ऐसे विकल्प किसी राहत से कम नहीं थे।Weekend Trip के लिए बेंगलुरु की लोकेशन शानदारशहर की भौगोलिक स्थिति भी उन्हें पसंद आई। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और गोवा की ओर जाना आसान है।खास तौर पर KSRTC बस कनेक्टिविटी को उन्होंने बेहद उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, शहर में रहने वालों के लिए आसपास के राज्यों तक पहुंचने के कई सुविधाजनक विकल्प मौजूद हैं।₹30 की बस राइड ने खींचा ध्यानउनकी सबसे दिलचस्प बातों में से एक बेंगलुरु की बस सेवा को लेकर थी। उन्होंने 500-सीरीज बसों का जिक्र करते हुए बताया कि Outer Ring Road की ओर जाने के लिए उन्हें अक्सर AC बस मिल जाती है। जहां उनके कुछ साथी कैब या बाइक टैक्सी का सहारा लेते हैं, वहीं वह करीब ₹30 में बस से ऑफिस पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, इसमें surge pricing जैसी परेशानी भी नहीं होती।IT और पब्स से आगे भी है Bengaluruचेन्नई के इस शख्स ने शहर के मंदिरों और पारंपरिक बाजारों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि बेंगलुरु को अक्सर IT कंपनियों, कैफे और पब्स के लिए जाना जाता है, लेकिन शहर का एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पक्ष भी है। उनकी पोस्ट का मकसद भी इसी दूसरे पहलू को सामने लाना था। उन्होंने लोगों से शहर की समस्याओं के साथ-साथ उसकी अच्छी चीजों पर भी ध्यान देने की अपील की।Reddit पर लोगों ने भी की तारीफपोस्ट सामने आने के बाद कई Reddit यूजर्स ने इस सकारात्मक नजरिए की सराहना की। एक यूजर ने इसे बेंगलुरु की तारीफ से जुड़ी दुर्लभ पोस्ट बताया। कुछ लोगों ने शहर के मौसम और शाम की सैर का जिक्र किया, जबकि दूसरे यूजर्स ने KSRTC की कनेक्टिविटी को लेकर सहमति जताई। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि यही वह बेंगलुरु है, जिसे वह भी पसंद करता है। कुल मिलाकर, यह पोस्ट बेंगलुरु की उन छोटी-छोटी खूबियों पर रोशनी डालती है, जो बड़े ट्रैफिक जाम और महंगे किराए जैसी चर्चाओं के बीच अक्सर नजरों से ओझल हो जाती हैं।‘CM विजय को गले लगाना है...’ जंतर-मंतर सड़क पर लेटी महिला की अनोखी मांग, Video वायरल

ज़ी न्यूज़ 3 Oct 2026 10:30 am

दलितों को कर्नाटक में सुरक्षा नहीं मिल रही : नारायणस्वामी

Bengaluru, 2 अक्टूबर . पूर्व Union Minister ए. नारायणस्वामी ने Friday को आरोप लगाया कि कर्नाटक में दलितों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि यदि राज्य Government दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है तो Chief Minister डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को इस्तीफा दे देना चाहिए. ... Read more

डेली किरण 2 Oct 2026 3:03 pm

कांग्रेस का वोट चोरी का आरोप ‘राक्षस के मुंह से भगवद गीता’ सुनने जैसा : कुमारस्वामी

Bengaluru, 2 अक्टूबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Friday को कर्नाटक की कांग्रेस Government पर मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) के विरोध को लेकर पाखंड का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने खुद इस प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की थी. कुमारस्वामी ... Read more

डेली किरण 2 Oct 2026 1:33 pm

यूपी, बिहार , राजस्थान और एमपी वालों को नौकरी नहीं देंगे, बेंगलुरु की कंपनी के फैसले पर छिड़ी बहस

बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी ने यूपी, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश के पुरुषों को नौकरी नहीं देने का फैसला किया है। कंपनी के सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह ऐलान किया जिसके बाद इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 12:04 pm

बैंक अकाउंट में 20-30 लाख रुपये होने क्यों है जरूरी? बेंगलुरु की फाउंडर से जानिए चौंकाने वाला सच

बेंगलुरु में एक कंपनी की फाउंडर सिमरिधि मखीजा ने एक वीडियो मे बताया है कि नर्वस सिस्टम को 'रेगुलेट' करने के लिए बैंक अकाउंट में 20-30 लाख रुपये होना जरूरी है। जनिए क्या है दिमागी शांति और बैंक बेलेंस का कनेक्शन।

लाइव हिन्दुस्तान 7 Sep 2026 3:19 pm

शोध: समुद्र के पानी से निकलेगा यूरेनियम? आईआईएससी बंगलूरू ने खोजा इसे अलग करने का नया तरीका, कैसे करता है काम?

IISc Bengaluru: परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी यूरेनियम का बड़ा भंडार समुद्र में मौजूद है, लेकिन उसे निकालना चुनौतीपूर्ण है। आईआईएससी बंगलूरू के शोधकर्ताओं ने ऐसी झिल्ली विकसित की है, जो यूरेनियम आयनों को रोकती है।

अमर उजाला 7 Sep 2026 12:24 pm

प्रकाश राज पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, बेंगलुरु कोर्ट ने जारी किया तीसरा गैर-जमानती वारंट, जानें क्या है मामला?

साउथ और हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने एक ही समय में कई राज्यों की मतदाता सूचियों में नाम रखने के गंभीर आरोपों के सिलसिले में उनके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किया

वेब दुनिया 24 Jun 2026 12:04 pm

Darshan Thoogudeepa Arrested Case | अभिनेता दर्शन ने प्रशंसक की हत्या वाले दिन बेंगलुरु के पब में पार्टी की, सूत्रों से हुआ खुलासा

लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, जिन्हें अपने 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, वे हत्या वाले दिन बेंगलुरु के एक पब में पार्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी करने के बाद दर्शन उस शेड में गए, जहां कथित तौर पर रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया था और उनकी हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा भी रेणुकास्वामी पर हमले के दौरान शेड के अंदर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए थे। इसे भी पढ़ें: हम दिल दे चुके सनम की रिलीज को पूरे हुए 25 साल, भंसाली प्रोडक्शंस ने यादों की गलियों में टहलते हुए BTS वीडियो शेयर किया उन्होंने बताया कि रेणुकास्वामी की हत्या के बाद, तीन आरोपी बेंगलुरु के आरआर नगर में रिलायंस ट्रेंड्स की दुकान पर अपने कपड़े बदलने गए, क्योंकि उन्होंने जो कपड़े पहने थे, वे खून से सने हुए थे। सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन को फिर से बनाने के लिए उसी दुकान पर ले गई। अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए दर्शन को मैसूर ले जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, रेणुकास्वामी की सोने की चेन और बटुआ चित्रदुर्ग में आरोपी राघवेंद्र के घर पर मिले। आरोपी ने प्रशंसक की सोने की चेन भी छीन ली। इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha की शादी में शामिल नहीं होंगे Shatrughan Sinha? एक्ट्रेस की मां ने नराजगी की खबरों को किया कंफर्म, कबूल किया- वह नाराज है, लेकिन रेणुकास्वामी, एक ऑटोरिक्शा चालक और दर्शन के प्रशंसक क्लब का सदस्य, कथित तौर पर गौड़ा को अपमानजनक संदेश भेजने के बाद 8 जून को चित्रदुर्ग जिले से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसका शव बेंगलुरु में सुमनहल्ली ब्रिज के पास मिला। रेणुकास्वामी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया और बिजली के झटके दिए गए। कथित यातना का विवरण धनराज ने बताया, जिसे 16 जून को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में दर्शन और गौड़ा सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

प्रभासाक्षी 18 Jun 2024 4:11 pm

हाई-प्रोफाइल बेंगलुरु ड्रग्स केस में सशर्त जमानत के बाद हेमा जेल से रिहा

अभिनेत्री हेमा को शुक्रवार को सशर्त जमानत दी गई और जेल से रिहा कर दिया गया। अभिनेता ने गुरुवार को NDPS विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.......

मनोरंजन नामा 15 Jun 2024 2:00 pm

Arbaaz Khan के साथ बिताई गयी Malaika Arora की आखिरी रात का सच, दोनों के बीच क्या हुआ था? तलाक तक कैसे पहुंची थी बात

मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान की मुलाकात 20 की उम्र में हुई और वे प्यार में पड़ गए। दिसंबर 1998 में उनकी शादी हुई और नवंबर 2002 में उनके पहले बच्चे अरहान का जन्म हुआ। 19 साल की शादी के बाद जब वे अलग हुए तो इंटरनेट पर इस जोड़े ने सबको चौंका दिया। मलाइका ने अपने शो मूविंग इन विद मलाइका में खुलासा किया था कि अरबाज को प्रपोज करने वाली वह खुद थीं और उन्होंने अरबाज से शादी सिर्फ इसलिए की क्योंकि वह अपने घर से बाहर निकलना चाहती थीं। कुछ साल पहले मलाइका ने बताया था कि कैसे उनका परिवार नहीं चाहता था कि वे तलाक लें। उन्होंने कहा “मुझे लगता है, सबकी पहली यही राय है कि मत करना। कोई आपको नहीं कहेगा कि, ‘हां, हां, प्लीज जाइए, करिए।’ यही पहली बात है, कि आप सोच समझकर यह फैसला लें। मैं भी इसी चीज से गुजरी हूं। मलाइका ने याद करते हुए कहा, “तलाक से एक रात पहले भी, मेरे परिवार ने मेरे साथ बैठकर मुझसे फिर पूछा, ‘क्या तुम निश्चित हो? क्या तुम अपने फैसले के बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हो?’ ये वे लोग हैं जो चिंता करते हैं और परवाह करते हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से ऐसा कहेंगे,” उन्होंने कथित तौर पर शो में कहा। उन्होंने आगे कहा: “हर कोई कहता था, ‘अगर तुम यह फैसला ले रही हो, तो हमें तुम पर वास्तव में गर्व है और हमारी नज़र में तुम एक मज़बूत महिला हो। इसलिए मेरे लिए, इस तरह से मुझे वह अतिरिक्त ताकत मिली जिसकी मुझे ज़रूरत थी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का हाल ही में, मलाइका और उनके बेटे अरहान खान ने शादी, सेक्स और रिश्ते पर चर्चा की, क्योंकि वे बाद के वॉडकास्ट, डंब बिरयानी के लिए एक मसालेदार बातचीत में लगे हुए थे। “देश जानना चाहता है कि माँ आप कब शादी कर रही हैं?” अरहान ने मलाइका से पूछा, इससे पहले उन्होंने कहा, “मुझे एक सटीक तारीख, एक जगह, एक गंतव्य और किससे शादी करनी है।” इस पर मलाइका ने कहा, “मेरे लिए मिर्ची खाना बेहतर है। मैं इसका जवाब नहीं दे सकती। मुझे नहीं पता कि इसका कोई जवाब है या नहीं। मुझे लगता है कि मैं अब अपनी सबसे अच्छी ज़िंदगी जी रही हूँ।” अरबाज खान अब मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी कर चुके हैं। उन्होंने दिसंबर 2023 में अरबाज की बहन अर्पिता के मुंबई स्थित घर पर शादी की। दूसरी ओर, मलाइका अभिनेता अर्जुन कपूर को डेट कर रही हैं। हालांकि, ऐसी अफवाहें हैं कि मलाइका और अर्जुन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।

प्रभासाक्षी 4 Jun 2024 4:24 pm

वरुण धवन और नताशा दलाल के घर बेटी ने लिया जन्म दिया, डेविड धवन ने की पुष्टि | Watch Video

वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल ने बेटी को जन्म दिया है। डेविड धवन ने अस्पताल के बाहर मौजूद मीडिया को यह खबर दी। उन्हें अपने नए पिता वरुण के साथ देखा गया। जब पैपराज़ी ने डेविड से पूछा कि क्या वरुण और नताशा ने बेटी को जन्म दिया है, तो फ़िल्म निर्माता ने सिर हिलाकर हाँ कहा और कैमरामैन को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का इससे पहले बताया गया था कि नताशा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। सूत्र ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, नताशा इस सप्ताह बच्चे को जन्म देने वाली है। आज सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वरुण इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ रहें और उन्होंने सभी पेशेवर प्रतिबद्धताओं को बाद की तारीख़ के लिए टाल दिया है। इससे पहले आज, अभिनेता को मुंबई के एक अस्पताल के बाहर देखा गया। वह एक छोटा सा बैग लेकर अस्पताल परिसर से अपनी कार में निकलते हुए देखे गए। इसे भी पढ़ें: Siddharth Roy Kapur ने भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बायोपिक की घोषणा की वरुण धवन और उनकी फैशन डिजाइनर पत्नी नताशा दलाल ने अपने पहले बच्चे के आगमन की घोषणा करते हुए इंटरनेट पर हलचल मचा दी। पिछले साल मुंबई के एक क्लिनिक में जोड़े के देखे जाने की अटकलों के बावजूद, वरुण ने आधिकारिक तौर पर एक मार्मिक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से प्रशंसकों के साथ दिल को छू लेने वाली खबर साझा की। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वरुण धवन ने अपने लिविंग रूम से एक शांत मोनोक्रोम स्नैपशॉट पोस्ट किया। तस्वीर में, वरुण घुटनों के बल बैठे हैं और नताशा दलाल के हाथों को थामे हुए उनके बेबी बंप पर प्यार से किस कर रहे हैं। इस सुखद घोषणा के साथ ही दंपति ने आश्वासन दिया कि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, जो बढ़ते परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। तस्वीर में उनका पालतू कुत्ता भी सोफे पर आराम से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसकी नज़र कैमरे पर टिकी हुई है। वरुण धवन ने पोस्ट को कैप्शन दिया, हम गर्भवती हैं। आप सभी के आशीर्वाद और प्यार की ज़रूरत है। नताशा और वरुण बचपन के प्रेमी हैं। नताशा का दिल जीतने का वरुण का सफ़र पार्क में टहलना नहीं था। करीना कपूर खान के साथ उनके रेडियो शो पर एक स्पष्ट साक्षात्कार में, वरुण ने आश्चर्यजनक खुलासा किया कि नताशा ने कई बार उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। बॉलीवुड की हिट फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले अभिनेता ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के बारे में बताया जो अंततः प्यार में बदल गई। उन्होंने कहा पहली बार मैं नताशा से छठी कक्षा में मिला था। हम ग्यारहवीं या बारहवीं कक्षा तक दोस्त थे। हम बहुत करीबी दोस्त थे, वरुण ने साक्षात्कार के दौरान खुलासा किया। अपने शुरुआती स्कूल के दिनों को याद करते हुए, उन्होंने बास्केटबॉल कोर्ट पर एक यादगार मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, मुझे उसे देखना याद है, और, जब मैंने उसे उस दिन देखा, तो मुझे लगा कि मुझे उससे प्यार हो गया है। View this post on Instagram A post shared by F I L M Y G Y A N (@filmygyan)

प्रभासाक्षी 4 Jun 2024 8:51 am