भास्कर अपडेट्स:फारूक अब्दुल्ला बोले- आर्टिकल 370 की बहाली नेशनल कॉन्फ्रेंस का मेन एजेंडा बनी रहेगी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आर्टिकल 370 की बहाली पार्टी का मेन एजेंडा बनी रहेगी। इस संघर्ष से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी हर हाल में जम्मू और कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। अब्दुल्ला सोमवार को मध्य कश्मीर के बडगाम में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू और कश्मीर में डुअल गवर्नमेंट सिस्टम केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए नुकसानदायक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करना जरूरी है ताकि एक चुनी हुई सरकार बिना किसी बेवजह की रुकावट के असरदार ढंग से काम कर सके और अहम फैसले ले सके। आज की बाकी बड़ी खबरें… लद्दाख में 5 नए जिलों को मंजूरी, अब 7 जिले हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 27 अप्रैल को 5 नए जिलों (नुब्रा, शम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास) के गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही केंद्रशासित प्रदेश में जिलों की संख्या 7 हो गई है। यह मांग लंबे समय से उठ रही थी। यह फैसला गृह मंत्रालय की पूर्व स्वीकृति के बाद लागू किया गया। नए जिले बनने से सरकारी सेवाएं लोगों तक जल्दी पहुंचेंगी और प्रशासनिक कामकाज आसान होगा।
लखीमपुर में कार ने कई बाइकों को रौंदा:लखनापुर के पास हादसे में 3 की मौत, आधा दर्जन घायल
लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार कार ने कई बाइकों को टक्कर मार दी। फरधान थाना क्षेत्र के लखनपुर चौराहे के पास हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कार सवार ने कई बाइकों को रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ घायलों के हाथ-पैर कटकर दूर जा गिरे। घटनास्थल पर फरधान थाना क्षेत्र की पुलिस नहीं पहुंची। हालांकि, नीमगांव थाना क्षेत्र की पीआरबी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों व राहगीरों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहुजन में भर्ती कराया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे में मृत और अन्य घायलों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। घायलों में आदर्श पुत्र राम सहोदर निवासी ग्राम बसरा, थाना नीमगांव और अनुज पुत्र विजय कुमार शामिल हैं, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। ये सभी फरधान थाना क्षेत्र के कैमासुर गांव में एक रिश्तेदारी में बारात से वापस अपने गांव बसरा लौट रहे थे, तभी लखनपुर के पास यह दुर्घटना हुई।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह (IAS) और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह के बीच चल रहा विवाद वैसे तो मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद कहने को शांत हो गया है। लेकिन अब अधिकारी और कर्मचारी के बीच की जंग खुलकर सामने आ गई है। पहले आईएएस अफसर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ ने मंत्री राकेश सिंह द्वारा अपमानित किए जाने की शिकायत आईएएस एसोसिएशन से की थी, वहीं अब स्मार्ट सिटी की ही एक महिला प्रशासनिक कार्यकारी, दिलप्रीत भल्ला ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर आईएएस अरविंद शाह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आईएएस अरविंद शाह ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि तू दो कौड़ी की कर्मचारी है। मैं किसी मंत्री की नहीं सुनता हूं। ऐसे हुई विवाद की शुरुआत शिकायतकर्ता दिलप्रीत भल्ला के अनुसार, स्मार्ट सिटी जबलपुर में सभी कर्मचारियों का वेतन महीने के पहले सप्ताह में आ जाता है। हालांकि, उनका मार्च 2026 का वेतन 10 अप्रैल 2026 तक बैंक खाते में जमा नहीं हुआ। जब उन्होंने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी रवि राव से पूछताछ की, तो उन्हें मौखिक रूप से बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद शाह के आदेश पर उनका वेतन रोका है। इसके बाद जब उन्होंने स्वयं CEO से वेतन भुगतान का निवेदन किया, तो शाह ने कथित तौर पर यह कहते हुए उन्हें अपमानित किया कि उन्होंने उन्हें कभी कार्यालय में काम करते नहीं देखा और उन्हें अभद्रतापूर्वक चैंबर से बाहर जाने का आदेश दिया। 22 अप्रैल की घटना, चैंबर में अपमान और मंत्री को चुनौती दी शपथ पत्र में 22 अप्रैल 2026 की घटना का सबसे गंभीर पहलू ये बताया गया है कि मंत्री राकेश सिंह के हस्तक्षेप के बाद जब CEO ने कर्मचारी को अपने चैंबर में बुलाया, तो वहां का माहौल और भी विवादित हो गया। आरोप है कि CEO ने महिला कर्मचारी से कहा कि ‘तू दो कौड़ी की कर्मचारी है और मैं एक IAS अधिकारी हूं।; उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी मंत्री की बात नहीं सुनते और न ही किसी के दबाव में काम करते हैं।' कर्मचारी का दावा है कि जब वह रोते हुए चैंबर से बाहर निकल रही थी, तब शाह ने मंत्री जी के लिए भी अपशब्दों (गाली) का प्रयोग किया और कहा कि मैं 'मंत्री को भी देख लूंगा।’ मंत्री के आवास पर बैठक और बिना माफी के खत्म हुआ संवाद घटना के बाद जब सिख समाज के वरिष्ठों ने मंत्री राकेश सिंह को अवगत कराया, तो उन्होंने अपने सरकारी आवास पर एक बैठक बुलाई। इस बैठक में जबलपुर कलेक्टर (चेयरमैन, स्मार्ट सिटी) राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी उपस्थित थे। मंत्री ने CEO अरविंद शाह को समझाइश दी कि एक IAS अधिकारी के नाते उन्हें महिला सहकर्मी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार और गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए थी। इस पर CEO ने स्वीकार किया कि उनकी भाषा गलत रही होगी, लेकिन उनका भाव गलत नहीं था। हालांकि, शपथ पत्र के अनुसार शाह ने न तो अपनी गलती के लिए माफी मांगी और न ही अपने व्यवहार पर कोई खेद प्रकट किया, जिससे पीड़ित कर्मचारी बेहद आहत और डरी हुई हैं। महिला कर्मचारी ने की कार्रवाई की मांग यह पूरा मामला 26 अप्रैल 2026 को नोटरी के समक्ष प्रस्तुत किए गए एक कानूनी शपथ पत्र के माध्यम से सामने आया है। 37 वर्षीय दिलप्रीत भल्ला ने शपथपूर्वक पुष्टि की है कि उनके द्वारा अरविंद शाह के विरुद्ध की गई यह शिकायत पूरी तरह सही है और यह किसी भी बाहरी प्रलोभन या दबाव में नहीं की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष और उचित कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में किसी भी कनिष्ठ महिला कर्मचारी या अन्य स्टाफ के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार दोबारा न हो । इस शिकायत की आधिकारिक कॉपी जबलपुर कलेक्टर को भी भेजी गई है। यह खबर भी पढ़ें… PWD मंत्री राकेश सिंह पर IAS को धमकाने के आरोप मध्यप्रदेश में मंत्री और आईएएस अधिकारी के बीच विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी के CEO और आईएएस अधिकारी अरविंद शाह को बंगले पर बुलाकर अपमानित कर धमकी दी। मामले को लेकर आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से कड़ी आपत्ति जताई है। मंत्री और जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह के बीच विवाद सुलझ गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालत या लोअर कोर्ट लिखने पर फिर आपत्ति जताई है और अपने रजिस्ट्री विभाग को आधिकारिक रिकॉर्ड और कार्यवाही में लोअर कोर्ट या कोर्ट बिलो जैसे शब्दों के उपयोग से बचने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इनके स्थान पर ट्रायल कोर्ट या संबंधित विशिष्ट अदालत के नाम का उपयोग किया जाना चाहिए। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने एससीएसटी एक्ट की एक आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने कहा कि लोअर कोर्ट जैसे शब्द सही कानूनी शब्दावली का प्रतिनिधित्व नहीं करते। हाईकोर्ट ने सखावत व अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का संदर्भ देते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने किसी भी अदालत को निचली अदालत कहना संवैधानिक लोकाचार के खिलाफ बताया है। साथ ही लोअर कोर्ट रिकॉर्ड की बजाय ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड शब्द का प्रयोग करने तथा अदालतों को उनके पदनाम जैसे विशेष एससी/एसटी कोर्ट) या ट्रायल कोर्ट के नाम से संबोधित करने को कहा गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी आयोजित करने और मांसाहार का सेवन कर अवशेषों को नदी में फेंकने के मामले में आरोपी दानिश सैफी व अन्य की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पांच मई की तारीख लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने दिया। यह मामला कोर्ट के समक्ष आया तो सुनवाई के लिए तारीख लगाने का अनुरोध किया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए पांच मई की तारीख लगा दी। गत 17 अप्रैल को कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामे के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। बता दें कि बीते मार्च माह में वाराणसी में गंगा नदी के बीच एक नाव पर इफ्तार पार्टी का वीडियो सामने आया था। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने 16 मार्च को वाराणसी के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि 15 मार्च को कुछ युवकों ने नाव पर इफ्तार के दौरान मांस खाया और हड्डियां व कचरा पवित्र नदी में फेंका, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। उसके बाद पुलिस ने आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जानिये क्या है मामला मामला 16 मार्च का बताया जा रहा है। वाराणसी में रमजान के दौरान पंचगंगा घाट के पास गंगा नदी में नाव पर कुछ लोगों ने इफ्तार पार्टी आयोजित की। आरोप है कि इस दौरान मांसाहारी भोजन किया गया और बचा हुआ खाना, हड्डियां और अन्य अवशेष नदी में फेंक दिए गए, जिससे गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को नुकसान पहुंचा। इफ्तार पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हंगामा मच गया। इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई। विभिन्न संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। इसके बाद कोतवाली थाने में भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर दानिश सैफी, आमिर कैफी, नूर इस्लाम समेत कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
बिजली संकट से त्रस्त लोगों ने बीती रात राजाजीपुरम पाल तिराहा उपकेंद्र पर हंगामा किया। उग्र भीड़ कंट्रोल रूम में घुस गई और लॉगशीट फाड़ दी। सूचना मिलते ही जूनियर इंजीनियर पुलिस टीम के साथ पहुंचे। इसके अलावा अलीगंज के पुरानिया उपकेंद्र के पास बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया। यहियागंज में केबल में फाल्ट होने के कारण कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।रहीमाबाद, मलिहाबाद, यहियागंज, राधाग्राम सहित कई इलाकों में बिजली कटौती व लो-वोल्टेज के कारण लोग परेशान रहे। बिजली नहीं आने से लोग हुए नाराज राजाजीपुरम पाल तिराहा उपकेंद्र बीती रात करीब 12 बजे बिजली गुल हो गई। इससे तिकोनिया, एसएमएस सहित आसपास के इलाकों में अंधेरा छा गया। इससे परेशान लोगों ने उपकेंद्र से लेकर टोल फ्री 1912 पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और उपकेंद्र पहुंच कर हंगामा किया। अलीगंज के पुरनिया उपकेंद्र के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय के पास रात 8.30 बजे बिजली की लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे बड़े इलाके में बिजली गुल हो गई। एफसीआई उपकेंद्र के तहत वादर खेड़ा, सूरजकुंड खेड़ा, आदर्श विहार कॉलोनी, पिंक सिटी सहित अन्य इलाको में बिजली गुल रही। वहीं शकुंतला मिश्रा उपकेंद्र के कुंदन विहार में तीन घंटे तक बिजली ठप रही। इससे लोगों को काफी दिक्कत हुई। राधाग्राम से रहीमाबाद तक बिजली संकट यहियागंज में तार जलने से रात 8.30 बजे बिजली गुल रही। शारदा नगर विस्तार उपकेंद्र के अंतर्गत चंद्रावल फीडर की अघोषित बिजली कटौती से बीती रात लोग परेशान रहे। राधाग्राम उपकेंद्र में बीती रात 12 बजे से 2.30 बजे तक बिजली गुल रही। इसके अलावा फैजुल्लागंज, दाउद नगर, त्रिवेणीनगर सहित कई इलाकों में बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। रहीमाबाद ट्रांसमिशन उपकेंद्र सुबह नौ बजे से 11.30 बजे तक बिजली बंद की। इससे रहीमाबाद, मलिहाबाद तहसील, माल सहित कई इलाके प्रभावित रहे। रहीमाबाद में सोमवार शाम करीब 04 बजे बिजली ठप हो गई। इससे जिन्दौर, गढ़ी, शेर नगर, गदिया खेड़ा, लालता खेड़ा, नत्थू खेड़ा सहित कई ईलाकों में बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को काफी दिक्कत हुई।
भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्टी पर रोक:जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश
भोपाल में 1 से 30 मई तक अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। आदेश उन्हीं अधिकारी-कर्मचारियों पर लागू होगा, जो जनगणना कार्य में लगे हैं। दरअसल, 1 मई से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और उनकी गिनती होना है, जो 30 मई तक चलेगा। इस कार्य में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हीं के लिए अवकाश वाला आदेश लागू होगा। सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित रहेंगेमकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित किए गए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी के यहां जरूरी पारवारिक कार्य है या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो उन्हें संबंधित कार्यालय प्रमुख की अनुमति लेना जरूरी होगा।
मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से 'न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)' और 'पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)' के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव 'ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन' (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।
उत्तराखंड और गुजरात की राह पर चलते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने सोमवार को इसके लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया है। यह कमेटी प्रदेश में विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे निजी कानूनों का अध्ययन कर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज को बनाया अध्यक्षसरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। जस्टिस रंजना देसाई ने ही उत्तराखंड में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व किया था। कमेटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल तैयार करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों से लेगी सुझाव यह समिति प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसमें आम जनता, धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों से भी सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। कमेटी के एजेंडे में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण, समानता और 'लिव-इन' संबंधों के रजिस्ट्रेशन जैसे संवेदनशील मुद्दे भी शामिल किए गए हैं। ये होंगे कमेटी के सदस्य: क्यों पड़ी कमेटी बनाने की जरूरत? सरकार के मुताबिक, वर्तमान में विवाह, उत्तराधिकार और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक कानून प्रभावी हैं। इन नियमों में एकरूपता न होने से कई बार विसंगतियां पैदा होती हैं। शासन का मानना है कि आधुनिक दौर में एक ऐसे संतुलित और व्यावहारिक कानूनी ढांचे की जरूरत है, जो सभी नागरिकों के लिए समान हो। इससे न केवल न्याय की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि कानूनी स्पष्टता भी बढ़ेगी। कमेटी के पास 3 बड़े 'टास्क' यह हाईपावर कमेटी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे तीन मुख्य काम सौंपे गए हैं। ' लिव-इन' रिलेशनशिप और बच्चों के हक पर खास फोकसआदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित कानून में 'लिव-इन' संबंधों के नियमन और उनके रजिस्ट्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पैदा होने वाले अधिकारों और दायित्वों को लेकर समिति ठोस सुझाव देगी। इसके अलावा, समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करना है। समिति इस बात का भी ख्याल रखेगी कि प्रस्तावित विधेयक का क्रियान्वयन (Implementation) सरल हो और भविष्य में कोई कानूनी जटिलता पैदा न हो।
ग्वालियर में एक साले को उसके ही जीजा ने चाकू से 24 वार किए हैं। घटना का एक VIDEO भी सामने आया है जिसमें जीजा सब्जी काटने वाला चाकू मारता हुआ दिख रहा है। चाकू पेट, गर्दन, पीठ व सीने पर लगा है। हमले में बहनोई, उसका भाई व पिता भी शामिल हैं। गंभीर हालत में घायल युवक को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना दो दिन पहले की है, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। घटना का एक वीडियो भी सोमवार को सामने आया है, जिसमें साले पर उसका जीजा चाकू मारता नजर आ रहा है। आखिर में वह उसे सड़क पर पड़ा छोड़कर बाइक लेकर भाग जाता है। घटना मेहरा कॉलोनी थाटीपुर की है। पुलिस ने जीजा-उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। देखिए युवक पर हमले की तस्वीरें… ऐसे समझिए पूरा मामलामुरैना निवासी देवेन्द्र रजक की बहन की शादी 4 साल पहले ग्वालियर के थाटीपुर मेहरा कॉलोनी में रहने वाले कृष्णा रजक के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही देवेन्द्र की बहन को उसका पति कृष्णा, देवर सोनू व ससुर रामअवतार परेशान करते थे। 25 अप्रैल को मुरैना से देवेन्द्र बहन की ससुराल बातचीत करने पहुंचा था, लेकिन उसके आते ही उसके बहनोई कृष्णा ने अभद्रता कर दी और पत्नी को भेजने से मना कर दिया। जिस पर वहां मुंहवाद शुरू हो गया। चाकू से ताबड़तोड़ किए वारदेवेन्द्र ने गाली गलौज की तो उसका बहनोई कृष्णा, उसका भाई सोनू व पिता रामअवतार नाराज हो गए। सबसे पहले बहनोई अंदर गया और सब्जी काटने वाला चाकू उठा लाया। इसके बाद वह देवेन्द्र पर टूट पड़ा। घायल पड़ा छोड़कर भाग गएसाले पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला करने के बाद जीजा कृष्णा रजक बाइक उठाकर भाग गया। उसका भाई सोनू व पिता वहां कुछ देर खड़े रहे, लेकिन उसके बाद वह भी वहां से भाग गए। कुछ स्थानीय लोगों की मदद से बहन ने घायल भाई को अस्पताल पहुंचाया है, जहां उसकी हालत गंभीर है।सीएसपी मुरार अतुल सोनी ने बताया कि युवक का गला रेत कर हत्या का प्रयास करने वाले उसके बहनोई कृष्णा और देवर सोनू को पकड़ लिया है। ससुर अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगी हुई है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
बुलंदशहर के खुर्जा नगर क्षेत्र में 25 अप्रैल की रात जन्मदिन पार्टी में चेहरे पर केक लगाने के विवाद और फायरिंग में तीन दोस्तों की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह ने इस मामले में फरार चल रहे आठ वांछित अभियुक्तों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। यह सनसनीखेज घटना सुभाष रोड पर हुई थी, जिसकी वजह चेहरे पर केक लगाने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। इस संबंध में थाना खुर्जा नगर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक 10 नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, सात नामजद और एक अन्य प्रकाश में आए आरोपी सहित कुल आठ अभियुक्त अभी भी फरार हैं। इनमें जीतू सैनी, रवि सैनी, अनुज, रिंकू, सौरभ उर्फ सीटू, मनीष यादव, सोनू और भारत सैनी शामिल हैं। ये सभी खुर्जा नगर क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं और लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था।
पारा @ 44.5 डिग्री... दिन में लू और रात में उमस
जिले में भीषण गर्मी के बाद अब उमस ने बेचैनी बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी से ऐसी स्थिति बनी है। जिससे उमस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं तापमान भी अपने उच्चतम स्तर पर बना हुआ है। इससे दिन में लू के साथ अब रात में भीषण उमस की स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि यह सिस्टम अगले तीन से चार दिन बना रहेगा। हवा के साथ आ रही नमी से आसमान में बादल छाएंगे। वहीं अंधड़ के साथ तेज गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के आसार हैं। बता दें कि सोमवार को दिन का तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह पूरे प्रदेश में तापमान का सबसे उच्च स्तर रहा। इसके पहले रविवार को तापमान 3 डिग्री गिरकर 42 पर आया था। लेकिन 24 घंटे में भी इसमें बढ़ोतरी हो गई। इससे लू और हीट वेव का अलर्ट बरकरार है। इस बीच उमस की स्थिति ने लोगों को परेशान कर दिया है। भीषण उमस और लू के अलर्ट के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवायजरी जारी की है। जिसमें लोगों को हर आधे घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने। मठा, नींबू पानी, आम पना, नारियल पानी और ओआरएस का घोल इस्तेमाल करने की सलाह दी है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होगी। पानी की मांग बढ़ी, एनीकट में सात फीट पानी मौजूद, है, दिक्कत नहीं भीषण गर्मी के बीच पानी की डिमांड भी बढ़ गई है। लेकिन शहर के लिए राहत की बात है कि मोहारा के शिवनाथ एनीकट में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में पानी मौजूद है। नगर निगम के जल विभाग ने बताया कि वर्तमान में एनीकट में 7 फीट पानी का भराव है। इससे अगले 15 दिन भी सप्लाई पर्याप्त मात्रा में होगी।
लखनऊ में मोबाइल और इंटरनेट की शुरुआत ने सरकारी कामकाज की दिशा बदल दी। देश में मोबाइल फोन 1995 में आया, जबकि लखनऊ में पहला मोबाइल कनेक्शन जुलाई 1996 में सूचना निदेशक के नाम जारी हुआ। इंटरनेट की शुरुआत भी यहीं से हुई, जब पहला कनेक्शन सूचना विभाग ने लिया। उस दौर में सूचना विभाग सरकार की आंख और कान माना जाता था, और आज भी तकनीक व लेखनी के मेल से इसकी भूमिका उतनी ही अहम बनी हुई है। ये बातें सूचना भवन ऑडिटोरियम में 'रिटायर्ड इन्फॉर्मेशन जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन' के पहले सम्मान समारोह में पूर्व सूचना निदेशक रोहित नंदन ने कहीं। कार्यक्रम में पूर्व सूचना निदेशक सुधेश ओझा, अजय उपाध्याय और पूर्व अपर निदेशक डॉक्टर अनिल पाठक भी मौजूद रहे। अहमियत को करीब से समझा रोहित नंदन तीन बार सूचना निदेशक पद संभालने वाले इकलौते अधिकारी रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह इस पद पर आना नहीं चाहते थे, लेकिन लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने इसकी अहमियत को करीब से समझा। उनके मुताबिक, सूचना विभाग सरकार की छवि गढ़ने का काम करता है और आम लोगों के मन में सकारात्मक छवि बनाना आसान नहीं होता। मोबाइल और इंटरनेट जैसी नई तकनीकें सबसे पहले इसी विभाग तक पहुंचती हैं, जो इसकी भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाती हैं। पूर्व मुख्य सचिव और चुनाव आयुक्त रहे अनूप चंद्र पांडेय ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कई बड़े पदों पर रहने के बावजूद सूचना निदेशक का कार्यकाल सबसे यादगार रहा। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बजट से जुड़ी एक प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज जानकारी पर विधानसभा में बहस हो गई थी और अंततः सरकार को विभाग की बात माननी पड़ी। इससे इस पद की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। एसोसिएशन की पत्रिका 'रिजवा' का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राघवेंद्र कुमार ने सूचना विभाग के कामों को सराहनीय बताया। इस दौरान एसोसिएशन की पत्रिका 'रिजवा' का विमोचन हुआ।रोहित नंदन को अशोक प्रियदर्शी स्मृति सूचना सम्मान और अनूप चंद्र पांडेय को उमेश कुमार सिंह चौहान स्मृति सम्मान दिया गया।साथ ही विभाग के कई अन्य पूर्व अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
लखनऊ में लोक संस्कृति को मिला मंच:लेखा परीक्षा विभाग ने शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम किया
लखनऊ में लेखा परीक्षा विभाग उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के सहयोग से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर स्थित मालवीय सभागार में लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुआ। मुनाल के कलाकारों ने विक्रम बिष्ट के संयोजन और निर्देशन में रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभाग के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। संयुक्त निदेशक नीरज कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। यशभारती ऋचा जोशी ने सरस्वती वंदना की समारोह की शुरुआत भरतनाट्यम शैली में गणेश वंदना से हुई, जिसने आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। इसके बाद विभा नौटियाल के निर्देशन में कृष्ण लीला और अवधी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। लोक गायिका यशभारती ऋचा जोशी ने सरस्वती वंदना, अभिनंदन गीत और बधाई गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।दमयंती नेगी, विनोद रावत, अनीता नेगी और विनीता नेगी ने 'झूमेलो' नृत्य के माध्यम से गढ़वाली लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, जिसकी सराहना की गई। नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भावुक कर दिया संगत में ललित भट्ट, अनिल गुड़िया और मोहन बिष्ट ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। अनुपम श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रस्तुत 'राम आएंगे' नृत्य नाटिका ने दर्शकों को भावुक कर खूब तालियां बटोरीं।कार्यक्रम का संचालन खलील खान और डॉ. मानसी बिष्ट ने किया। इस अवसर पर निर्देशक अनिल कुमार सोनी, शिप्रा सिंह, देवेंद्र कुमार, आशीष वाष्र्णेय और विनोद बंसल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
लखनऊ में सोमवार को 'गो सम्मान आवाहन अभियान' के तहत सदर तहसील में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गौ माता को राष्ट्र आराध्या घोषित करने और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। बड़ी संख्या में गो भक्तों ने एकजुट होकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगें रखीं। इस मौके पर गो भक्तों में उत्साह देखा गया। गो भक्त राम गौशाला, कुमारपुर और राजाजीपुरम से संकीर्तन करते हुए सदर तहसील पहुंचे। पूरे रास्ते भजन-कीर्तन और जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। राहगीरों ने भी इस आयोजन को देखा। गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति का आधार बताया इस अभियान में धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। वृंदावन धाम से आए महामंडलेश्वर रसराज महाराज, मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी और इस्कॉन लखनऊ के प्रमुख अपरिमेय दास महाराज ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। राम गौशाला के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप दुबे ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि जनजागरण का निरंतर प्रयास है। उन्होंने सरकार से सख्त कानून बनाकर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग दोहराई। गो सेवक अरविंद तिवारी, आशीष सिंह भदोरिया, अरविंद शर्मा, अंकित दुबे, गुड्डन मिश्रा, अमर राजपूत, ऋषभ राजपूत और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी इसमें भाग लिया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में संकट मोचन हनुमान मंदिर के ओमप्रकाश शास्त्री और भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। सभी वक्ताओं ने गौ संरक्षण को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी बताया।अंत में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सरकार से इस संबंध में जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की गई। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार, 27 अप्रैल को देशभर में व्यापक अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों तहसीलों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। यह अभियान बड़े जनआंदोलन के रूप में सामने आया, जिसमें विभिन्न वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। बेमेतरा की सभी तहसीलों में रैली, बड़ी संख्या में जुटे लोग बेमेतरा जिले की सभी तहसीलों में भी भव्य आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में गौभक्त, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक शामिल हुए। नगर में रैली निकालकर गौ संरक्षण और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर जागरूकता फैलाई गई। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसमें शामिल लोग तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे, जिन पर गौ संरक्षण से जुड़े संदेश लिखे थे। पूरे कार्यक्रम में आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का माहौल नजर आया। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गौवंश संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गौवंश के अस्तित्व पर संकट आ सकता है। गौ सेवक धीरज साहू ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमाता का दर्जा देने से गौ संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और समाज को जागरूकता का संदेश जाएगा। साजा नगर पंचायत अध्यक्ष हिमांशु वर्मा ने कहा कि गौ संरक्षण केवल आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। नगर स्तर पर इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी। तहसीलदार विनोद कुमार बंजारे ने बताया कि गौ सेवकों द्वारा राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे नियमानुसार आगे प्रेषित किया जाएगा।
झांसी में सोमवार को भीषण गर्मी के बाद रात को अचानक मौसम ने करवट ले ली। रात को बादल छा गए और रात 10:15 बजे तेज बारिश होने लगी। लगभग दस मिनट तक बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। अभी भी आसमान में बिजली कड़क रही है। इधर, सोमवार को अधिकतम तापमान सीजन में पहली बार 45 के पार पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 3.3 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा हैं। हालांकि बारिश होने से हल्की राहत मिली है।
इटावा में भीषण सड़क हादसा, पूर्व प्रधान की मौत:हादसे में चाचा गंभीर; डीसीएम ने बाइक में मारी टक्कर
इटावा के चौबिया क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में गंगापुर पंचायत के पूर्व प्रधान राजवीर की मौत हो गई, जबकि उनके चाचा महेश चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों बाइक से निमंत्रण में जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार डीसीएम ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने चौराहे पर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझाकर शव को मोर्चरी भेज दिया है। दुर्घटना कैसे हुजानकारी के अनुसार ग्राम गंगापुर निवासी महेश चंद्र अपने भतीजे राजवीर के साथ बाइक से लोहिया गांव जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक गंगापुरा चौराहे के पास पहुंची, बसरेहर की ओर से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर काफी दूर तक घिसट गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना चौबिया पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया गया। वहां डॉक्टरों ने राजवीर को मृत घोषित कर दिया, जबकि महेश चंद्र का इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया गया है कि दोनों ही गंगापुर पंचायत के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस कार्रवाई हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने चौराहे पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और जाम खुलवाया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बाइक और डीसीएम को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
रेलवे रोड पुलिस ने एक मकान पर छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। मौक़े से कई युवक और युवतियों को हिरासत में लिया गया है। पिछले काफी समय से क्षेत्र में इस गतिविधि से जुड़ी शिकायत मिल रही थी। उच्च अधिकारियों ने शिकायत का संज्ञान लेने के बाद कार्यवाही के निर्देश दिए। एक नजर डालते हैं घटना परमामला मोहल्ला भटीपुरा से जुड़ा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां एक घर में अनैतिक देह व्यापार का धंधा चल रहा है। इस मामले में पहले भी आला अफसरों से शिकायत की गई थी। सूचना मिलते ही सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने कई थानों की फोर्स के साथ उसे मकान पर दबिश डाल दी। पुलिस को देखते ही छुपाने लगे चेहरे जैसे ही पुलिस ने मकान का दरवाजा खुलवाया वैसे ही वहां खलबली मच गई। अंदर युवक और युवतियां मौजूद थे। इनमें कुछ आपत्तिजनक हालत में भी मिले। पुलिस को देखकर वह चेहरा छुपाने लगे। इसके बाद पुलिस ने पूरे मकान की तलाशी ली और वहां से दर्जन भर युवक व युवतियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। सात युवतिया और दो युवक हिरासत में पुलिस ने उस मकान से 7 युवतिया और दो युवकों को पकड़ा है। कुछ और लोग भी है लेकिन वह नाबालिग बताई जा रहे हैं। फिलहाल उनका अलग रखा गया है। पुलिस युवतियों के परिवार से संपर्क कर रही है ताकि उनको बुलाया जा सके। युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है। खबर जल्द अपडेट होगी...
लखनऊ की सरोजनी नगर विधानसभा सीट के लोगों ने भास्कर सर्वे में बोल्ड रिजल्ट दिया है। यहां के मौजूदा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को 91% लोगों ने पहली पसंद बताया है। साथ ही यह भी बताया है कि क्षेत्र के लिए भाजपा पार्टी ही अच्छी है। दूसरे नंबर की पार्टी सपा है, जिसे केवल 19% मत मिले हैं। तीसरे नंबर पर 3% मतों के साथ बसपा है। सरोजनी नगर सीट के लिए पार्टीवार देखें तो भाजपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह 91% मतों के साथ पहली पसंद हैं। वहीं, इनके सामने भाजपा की स्वाति सिंह को केवल 4% लोगों ने पसंद किया है। पार्टियों में भाजपा के सामने इस सीट पर सपा बहुत बौनी है। बसपा लखनऊ की सभी 9 सीटों की तरह यहां भी फिसड्डी पार्टी है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
लखनऊ की मोहनलालगंज विधानसभा सीट के लिए भाजपा विधायक अमरेश कुमार को जनता ने नकार दिया है। भास्कर के सर्वे में 70% जनता का मत है कि उन्हें विधायकी का टिकट नहीं मिलना चाहिए। वहीं, यह भी बताया है विधायक उन्हें भाजपा का ही चाहिए। इस सीट पर पार्टी के रूप में लोगों की पहली पसंद भाजपा और दूसरे नंबर पर सपा है, तीसरे नंबर पर बसपा है। मोहनलालगंज में पार्टीवार देखें तो भाजपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक अमरेश कुमार ही 36% मतों के साथ पहली पसंद हैं। वहीं, हंसराज गौतम को 31% लोगों ने अच्छा कैंडिडेट मानकर दूसरा स्थान दिया है। सपा की उम्मीदवारी के लिए अमरेश पुष्कर को 62% लोगों ने पहली पसंद बनाया। पार्टियों में बसपा 6% की पसंद के साथ तीसरी पार्टी रही। बसपा के लिए कैंडिडेट के रूप में देवेंद्र कुमार, राज बहादुर और अखिलेश अंबेडकर 28% मत के साथ संयुक्त रूप से तीनों लोग पहली पसंद हैं। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
मेरठ में सूने घर से लाखों का सामान चोरी:चोरों ने ताला तोड़कर नकदी व कीमती चीजें चुराईं
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया है। बिस्मिल्ला गार्डन कॉलोनी स्थित एक बंद घर का ताला तोड़कर चोर नकदी सहित लाखों रुपये का कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़िता शबनम अपने परिवार के साथ किसी काम से शहर से बाहर गई हुई थीं। इसी दौरान देर रात अज्ञात चोरों ने उनके घर को निशाना बनाया। चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और गैस सिलेंडर, एलसीडी टीवी, होम थिएटर, मोबाइल फोन सहित अन्य कीमती सामान और नकदी चोरी कर ली। जब परिवार वापस लौटा, तो घर का ताला टूटा मिला और अंदर का सारा सामान बिखरा हुआ था। चोरी की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में रात करीब एक बजे तीन से चार संदिग्ध युवक घर में घुसते और सामान ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। लोहियानगर थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इलाके में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
लखनऊ की मध्य विधानसभा सीट पर अब लोगों को विधायक के रूप में रविदास मेहरोत्रा नहीं चाहिए। भास्कर सर्वे में 72% जनता ने इन्हें नकार दिया। इनकी जगह सपा के ही नवीन धवन उर्फ बंटी को विधायक के रूप में पसंद किया गया है। लोगों को विधायक सपा से ही चाहिए। इस सीट पर पार्टी के रूप में लोगों की पहली पसंद सपा और दूसरे नंबर पर भाजपा है, तीसरे नंबर पर बसपा है। लखनऊ मध्य सीट के लिए पार्टीवार देखें तो सपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक रविदास मेहरोत्रा 30% मतों के साथ दूसरी पसंद हैं। वहीं, 56% लोगों ने नवीन धवन को रविदास मेहरोत्रा से अच्छा कैंडिडेट माना है। पार्टियों में भाजपा 44% मतों के साथ दूसरी और बसपा 1% लोगों की पसंद के साथ तीसरी पार्टी रही। भाजपा के लिए मनीष गुप्ता, अमित गुप्ता में से मनीष को 57% मत के साथ जनता ने पहली पसंद माना है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
गाजियाबाद में चचेरे भाई की चाकू मार कर हत्या:शराब के नशे में पेट में चाकू घोपा, पुलिस ने अरेस्ट किया
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में भूड़गढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया में आरिफ ने अपने साढूृ गुलफाम (40) की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शराब के नशे में आरोपी ने चाकू मार दिया। चाकू के हमले से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। वारदात सोमावर की शाम करीब 6 बजे हुई। युवक की मौत के बाद रात में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि आरोपी शराब के नशे में है, जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सब्जी बेचता था गुलफाम गुलफाम पुत्र एहसान सब्जी बेचता था। उसका अपने चचेरे भाई आरिफ पुत्र अनवर से सोमवार शाम को विवाद हुआ। आरिफ और गुलफाम चचेरे भाई के साथ रिश्ते में एक दूसरे के साढ़ू भी लगते थे। दोनों की पत्नी आपस में बहन हैं। गुलफाम सब्जी बेचता था। उसकी हत्या का आरोपी आरिफ मीट की दुकान चलाता है। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि मरने वाले युवक के परिवार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। उसी आधार पर आरोपी को रात में पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। अभी तक की जांच और पूछताछ में सामने आया है कि आरिफ ने शराब के नशे में अपने चचेरे भाई की हत्या की है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
लखनऊ में बच्चा खिलाने के बहाने किशोरी को घर बुलाया:देवर से कराया रेप, आरोपी महिला गिरफ्तार
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 15 साल की किशोरी को बच्चा खिलाने के बहाने घर बुलाकर उसके साथ रेप कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाली महिला ने रुपए का लालच देकर अपने देवर से किशोरी के साथ दुष्कर्म कराया। विरोध करने पर किशोरी की पिटाई भी की गई। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी देवर फरार है। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह ने बताया ठाकुरगंज क्षेत्र में रहने वाली समीरा उर्फ सहरीन के घर पास में रहने वाली 15 साल किशोरी का अक्सर आना-जाना था। रविवार को समीरा ने बच्चा खिलाने के बहाने किशोरी को अपने घर बुलाया। इसके बाद उसने अपने देवर दानिश को फोन कर किशोरी के घर पर होने की जानकारी दी। किशोरी को रुपए का लालच दिया कुछ ही देर में दानिश वहां पहुंच गया और किशोरी के साथ अश्लील हरकतें करने लगा। देवर ने किशोरी को रुपए का लालच दिया। जब उसने विरोध किया तो दानिश ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर किशोरी को बुरी तरह पीटा और गाली गलौज की। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया आरोपियों के चंगुल से छूटकर किशोरी घर पहुंची और अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद माँ ने ठाकुरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका देवर दानिश फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
लखनऊ की पश्चिमी विधानसभा सीट पर अब लोगों को विधायक के रूप में ओपी श्रीवास्तव नहीं चाहिए। भास्कर सर्वे में 69% जनता ने इन्हें नकार दिया। इनकी जगह रक्षामंत्री-सांसद राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को विधायक के रूप में पसंद किया गया है। लोगों को विधायक भाजपा से ही चाहिए। इस सीट पर पार्टी के रूप में लोगों की पहली पसंद भाजपा और दूसरे नंबर पर सपा है, तीसरे नंबर पर बसपा है। पूर्वी सीट के लिए पार्टीवार देखें तो भाजपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक ओपी श्रीवास्तव 23% मतों के साथ दूसरी पसंद हैं। वहीं, 52% लोगों ने नीरज सिंह को ओपी श्रीवास्तव से अच्छा कैंडिडेट माना है। पार्टियों में सपा 19% मतों के साथ दूसरी और बसपा 2% लोगों की पसंद के साथ तीसरी पार्टी रही। सपा के लिए डॉ. आशुतोष वर्मा, अनुराग भदौरिया में डॉ. आशुतोष को 34% मत के साथ पहली पसंद माना है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक-डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को जनता ने नकार दिया है। भास्कर के सर्वे में 69% जनता का मत है कि उन्हें अब विधायक नहीं रहना चाहिए। इस बार सपा का कैंडिडेट विधायक बने। इस सीट पर पार्टी के रूप में लोगों की पहली पसंद सपा और दूसरे नंबर पर भाजपा है, तीसरे नंबर पर बसपा है। कैंट में पार्टीवार देखें तो भाजपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक ब्रजेश पाठक ही 70% मतों के साथ पहली पसंद हैं। वहीं, अपर्णा यादव 10% मतों के साथ दूसरे नंबर रहीं। सपा से पवन मनोचा 39% लोगों ने पहली पसंद बनाया। वहीं, प्रदीप शर्मा को 35% लोगों ने पसंद कर दूसरी पसंद के रूप में सपोर्ट किया। पार्टियों में बसपा 1% की पसंद के साथ तीसरी पार्टी रही। बसपा के लिए कैंडिडेट के रूप में पहली पसंद भास्कर के बताए नाम नहीं रहे। दूसरी पसंद के रूप में सचिन धानुक और गंगाराम गौतम को संयुक्त रूप से 30% मत मिले हैं। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
लखनऊ की पश्चिमी विधानसभा सीट पर अब लोगों को विधायक के रूप में अरमान खान नहीं चाहिए। भास्कर सर्वे में 73% जनता ने इन्हें नकार दिया। इनकी जगह सपा के ही मोहम्मद रेहान को विधायक के रूप में पसंद किया गया है। लोगों को विधायक सपा से ही चाहिए। इस सीट पर पार्टी के रूप में लोगों की पहली पसंद सपा और दूसरे नंबर पर भाजपा है, तीसरे नंबर पर बसपा है। पश्चिमी सीट के लिए पार्टीवार देखें तो सपा की उम्मीदवारी के लिए मौजूदा विधायक अरमान खान 31% मतों के साथ दूसरी पसंद हैं। वहीं, 33% लोगों ने मोहम्मद रेहान को अरमान से अच्छा कैंडिडेट माना है। पार्टियों में भाजपा 33% मतों के साथ दूसरी और बसपा 3% लोगों की पसंद के साथ तीसरी पार्टी रही। भाजपा के लिए अंजनि श्रीवास्तव, कवि सौरभ श्रीवास्तव में अंजनि को 33% मत के साथ पहली पसंद माना है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए (क्लिक) करें।
सलूंबर के झल्लारा थाना क्षेत्र में एक बेकाबू ईको कार पुलिया ने नीचे गिर गई। हादसे में दो सगे भाईयों की मौत हो गई। जबकि 3 लोग घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया है। बेकाबू ईको कार पुलिया से नीचे गिरी झल्लारा थाने के एसआई नयनपाल ने बताया- सलूंबर के दौलपुरा, खरका और कराकला के एक समाज के पांच लोग एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बामनिया (सलूंबर) गए थे। शाम को लौटते समय बामनिया गांव के पास सलूंबर की ओर जाने वाले रास्ते पर एक पुलिया के पास ईको कार बेकाबू हो गई। बेकाबू कार पुलिया से पलटकर नीचे जा गिरी। दो सगे भाईयों की मौत हादसे में दौलपुरा निवासी सगे भाई नाथू नाथ (80), वकातनाथ (85) की मौके पर मौत हो गई। जबकि कराकला निवासी गौतम नाथ (85), ओंकारनाथ (70) और खरका निवासी रूपनाथ (75) घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस एसआई नयनपाल ने बताया- झल्लारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं दोनों भाईयों के शवों को सलूंबर जिला अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवाया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ….. यह खबर भी पढ़ें बीकानेर में बाइक सवार दो सगे भाइयों की मौत:गेहूं की कटाई कर खेत से घर लौटते समय ट्रक ने मारी टक्कर डिग्गी में नहाते दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत:गर्मी से राहत पाने उतरे थे पानी में, दलदल में ऐसे फंसे की भाई भी न बचा सके
KGMU में अब रोबोट से बदले जाएंगे घुटने:8 करोड़ के अमेरिकी रोबोट से होगी सर्जरी, जल्द होगा आगाज
KGMU में मरीजों को अत्याधुनिक इलाज मुहैया कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। अब यहां रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) की सुविधा शुरू होने जा रही है। आर्थोपैडिक्स विभाग में करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से अमेरिकी निर्मित रोबोट स्थापित कर दिया गया है। आर्थोपैडिक्स विभाग के ज्यादातर डॉक्टरों को रोबोटिक सर्जरी के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जा चुका है। बेहतर तरीके से हो सकेगा इलाज कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद ने बताया कि KGMU में पारंपरिक ओपन सर्जरी के जरिए घुटना प्रत्यारोपण किया जा रहा है, जिसमें एक ऑपरेशन पर करीब एक लाख 10 हजार रुपये का खर्च आता है। हर महीने यहां 70 से 80 मरीजों के घुटने बदले जा रहे हैं। रोबोटिक सर्जरी सभी मरीजों के लिए जरूरी नहीं होती। मरीज की स्थिति, हड्डी की बनावट और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए ही यह तय किया जाएगा। किसे रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन की जरूरत है। जिन मरीजों में अधिक सटीकता की आवश्यकता होगी, उन्हीं का चयन इस तकनीक के लिए किया जाएगा।
जयपुर के खुनागोरिया क्षेत्र में गहराते जल संकट को लेकर अभाव अभियोग प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष योगिता पंकज शर्मा ने सोमवार को जलदाय विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ विभाग के कार्यालय का घेराव किया। शर्मा ने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता (AEN), अधिशाषी अभियंता (XEN) व कनिष्ठ अभियंता (JEN) को खरी-खोटी सुनाते हुए क्षेत्र की बदहाल स्थिति से रूबरू कराया। चेतावनी देते हुए कहा- जनता की आंखों का हर आंसू हमारे सीने में चुभता है। जब तक खुनागोरिया की प्यास नहीं बुझेगी, हम चैन से नहीं बैठेंगे। योगिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनहित का यह मुद्दा उनके लिए सर्वोपरि है और यदि जल्द ही जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दबाव के बाद विभागीय अधिकारियों ने जल्द ही ठोस कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।
मुंगेली जिले के लोरमी में सोमवार दोपहर आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन पार्टी में प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक के खिलाफ था, जिन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है। आप कार्यकर्ता उनके घर बटहा (मुंगेली) पहुंचे और नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने घर की दीवार पर ‘गद्दार’ लिखकर अपना विरोध जताया। पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर विरोध की तस्वीरें पोस्ट की हैं। दरअसल, संदीप पाठक, जिनका सीधा संबंध छत्तीसगढ़ से रहा है और जिन्हें पार्टी का चुनावी ‘थिंक टैंक’ माना जाता रहा है। AAP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के तौर पर संदीप पाठक ने कई राज्यों में पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीति को आकार दिया। प्रदेश प्रभारी रहे संदीप पाठक छत्तीसगढ़ की राजनीति को करीब से समझते थे और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ थी। संदीप पाठक का छत्तीसगढ़ कनेक्शन एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले संदीप पाठक की पृष्ठभूमि छत्तीसगढ़ से जुड़ी है। मुंगेली जिले के बटहा गांव में रहने वाले किसान शिवकुमार पाठक के बड़े बेटे संदीप का जन्म 4 अक्टूबर 1979 को हुआ। परिवार में उनसे छोटे भाई प्रदीप पाठक और बहन प्रतिभा पाठक हैं। संदीप पाठक की शुरुआती पढ़ाई लोरमी क्षेत्र के गांव में ही हुई। इसके बाद वे छठी कक्षा से आगे की पढ़ाई के लिए बिलासपुर आ गए। यहां से उन्होंने विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और MSC पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव रिसर्च की ओर बढ़ा इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद और नेशनल केमिकल लेबोरेटरी, पुणे से आगे की शिक्षा प्राप्त की। फिर वे हैदराबाद और फिर उच्च अध्ययन के लिए ब्रिटेन चले गए। करीब 6 साल तक ब्रिटेन में रहकर उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से पीएचडी की डिग्री हासिल की। 2016 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। क्यों अहम है संदीप पाठक का जाना? साल 2016 में संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी पकड़ जल्द ही पार्टी के भीतर साफ दिखने लगी। खासकर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड बहुमत वाली जीत के पीछे उनकी रणनीति को अहम कारणों में गिना गया। इस सफलता के बाद पार्टी ने उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना। उसी साल दिसंबर में संदीप पाठक को पार्टी का राष्ट्रीय संगठन महासचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें पार्टी के प्रमुख निर्णय लेने वाले निकाय, यानी राजनीतिक मामलों की समिति का सदस्य भी बनाया गया, जहां से वे संगठन और चुनावी फैसलों में अहम भूमिका निभाते रहे। संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम नाम संदीप पाठक का है, क्योंकि उनका संगठनात्मक काम छत्तीसगढ़ तक फैला रहा है। AAP के विस्तार में उनका रोल राज्यों में रणनीति बनाने का रहा। छत्तीसगढ़ में AAP को खड़ा करने की शुरुआती कोशिशों में उनका योगदान माना जाता है। पाठक अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते थे। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी उनकी भूमिका अहम रही है। करीब एक साल पहले उन्हें पार्टी ने छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया था, जहां संगठन खड़ा करने और नए चेहरों को जोड़ने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने को राज्य में AAP के संगठनात्मक ढांचे के लिए झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब उनका बीजेपी में जाना, उस पूरी राजनीतिक लाइन को बदलने जैसा है। AAP के चुनावी रणनीतिकार थे पाठक आम आदमी पार्टी के भीतर संदीप पाठक की भूमिका सिर्फ एक सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें पार्टी का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP को मिली प्रचंड जीत के पीछे उनकी चुनावी रणनीति को केंद्रीय भूमिका में देखा गया। उम्मीदवार चयन से लेकर कैंपेन प्लानिंग, संसाधनों के प्रबंधन और ग्राउंड लेवल नेटवर्क खड़ा करने तक, पाठक ने पूरे चुनावी ढांचे को व्यवस्थित करने का काम किया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें गुजरात, गोवा समेत अन्य राज्यों में विस्तार की जिम्मेदारी भी सौंपी, जहां उन्होंने नए सिरे से संगठन खड़ा करने और स्थानीय स्तर पर कैडर विकसित करने पर जोर दिया। खास तौर पर उनका फोकस बूथ लेवल स्ट्रक्चर मजबूत करने पर रहा, जिसे किसी भी चुनाव में जीत की बुनियाद माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें AAP के भीतर इलेक्शन मशीन और सिस्टम का अहम हिस्सा कहा जाता रहा।
जिले में सोमवार रात कल्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे सकतरा गांव की रहने वाली वंदना वर्मा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें रात 9:30 बजे कल्दा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा है। तेज बारिश में भटकना पड़ा महिला के ससुर रामखिलावन के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई कर्मचारी। काफी देर तक मदद न मिलने के बाद एम्बुलेंस को वापस मोड़ना पड़ा। मजबूर होकर परिजन इस गंभीर स्थिति और खराब मौसम के बीच वंदना को 27 किलोमीटर दूर सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई है। जांच की बात कह रहे अधिकारी इस घटना के बाद पन्ना के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस बात की जांच कराएंगे कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला क्यों लगा था और स्टाफ ड्यूटी से गायब क्यों था।
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले किसान ने वीडियो बनाया था, जिसमें कहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा विधायक मुकेश टंडन की हत्या कराना चाह रहा है। पूर्व विधायक शशांक भार्गव पैसे भी नहीं दे रहे हैं। भार्वग कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी तेरे पैसे मिलेंगे। भार्गव की प्रताड़ना से तंग आ गया हूं। पूर्व विधायक मुझसे हत्या कराना चाह रहे हैं। बेटे ने भी दोहराए आरोप वहीं मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि- पिताजी पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन लीज पर लेकर खेती करते थे। पिता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, अब तक किसी लिखित सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच भी की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
यूपी के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह गौर की तबीयत का हाल लेने के लिए सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ KGMU पहुंचे। बीते चार दिन से पूर्व मंत्री का प्राइवेट वार्ड में इलाज चल रहा है। मेडिसिन और जनरल सर्जरी समेत दूसरे विभाग के डॉक्टर उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हैं। प्रयागराज निवासी नरेंद्र सिंह गौर भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। करीब चार दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवारीजनों ने उन्हें KGMU में भर्ती कराया। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ.दीपक भागचंदानी के निगरानी में उनका इलाज शुरू हुआ। उन्हें डायबिटीज, यूरीन और रीढ़ की हड्डी में परेशानी है।
इंदौर में पार्षद कमलेश कालरा की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में यह रिकॉर्डिंग सामने आई है। रिकॉर्डिंग में वह किसी व्यक्ति से दुकान के संबंध में बात कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद एक रिकॉर्डिंग ओर सामने आई, जिसमें वह कह रहे हैं कि मीडिया तक ये रिकॉर्डिंग कैसे पहुंची। रिकॉर्डिंग की बात करें तो इसमें वह और दूसरे व्यक्ति से बात कर रहे हैं। जिसमें किसी दुकान को लेकर चर्चा की जा रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में सामने आई रिकॉर्डिंग तीन अलग-अलग रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें पहली रिकॉर्डिंग में सामने वाला किसी विजय का नाम लेकर पार्षद से कर रहा है कि वह आपसे मिलना चाहते हैं। इसमें शाम को मिलने की बात पर पार्षद कहते हैं कि पार्षद हैं ना। कभी भी कुछ भी काम आ जाता है, तो उसी टाइम जाना पड़ता है। सामने वाले ने कहा कि वह कह रहे हैं कि एक दुकान खाली करा देंगे। ये वाली दुकान का जैसा भैया कहेंगे वैसा कर लेंगे। आधा किराया भैया को दे देंगे। वहीं सामने वाला पार्षद को कहता है कि आप तो इस दुकान की चॉबी ही ले लेना। वहीं, दूसरी रिकॉर्डिंग में ऐसे फोन पर बात मत कराया करो। सबसे तुम ही बात कर लिया करो। सामने वाला कहता है कि वह मेरी बात नहीं मानेंगे, इस पर पार्षद कहते हैं कि जेसीबी आएगी तब मान जाएंगे। वहीं, तीसरी रिकॉर्डिंग में वह कह रहे हैं कि बाजार में ये ऑडियो कैसे आ गई मीडिया के पास। मीडिया में चल रही है। तुम ऐसे करोगे तो कैसे काम चलेगा। ये हटवाओ। आरोपों को गलत बताया जब पार्षद कमलेश कालरा से बात की तो उन्होंने कहा कि विजय नामक व्यक्ति ने दो दुकानों पर कब्जा कर रखा था। आज कार्रवाई हुई है, जबकि आज वे इलाके में थे भी नहीं, वे कोर्ट में थे। उन्होंने लेन-देन के आरोप को भी गलत बताया है।
अयोध्या में राम नगरी में प्रशासन ने अवैध मीट दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया। नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, राम पथ और धर्मपथ जैसे प्रमुख इलाकों में औचक छापेमारी की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही मीट शॉप संचालकों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। टीम ने सहादतगंज और मकबरा क्षेत्रों में विशेष रूप से जांच की, जहां बिना लाइसेंस चल रही दुकानों को चिन्हित किया गया। जांच के दौरान कई दुकानों में लाइसेंस नहीं मिला। साफ-सफाई के मानकों का उल्लंघन पाया गया और मांस की गुणवत्ता भी संदिग्ध मिली। प्रशासन ने मौके पर ही सख्ती दिखाते हुए मकबरा क्षेत्र में 4 और सहादतगंज में 2 अवैध दुकानों को बंद करा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने कहा कि अयोध्या एक धार्मिक नगरी है, जहां श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही अवैध पोल्ट्री फार्मों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में नाबालिग लड़के से थाने में मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि भिवाड़ी फेस-3 थाने के पुलिसकर्मी 16 साल के लड़के को जबरन अपने साथ ले गए थे, उस समय लड़का पूरी तरह स्वस्थ था। अगले दिन थाना प्रभारी ने फोन कर बताया कि लड़के को प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया है और आधार कार्ड लेकर तुरंत पहुंचने को कहा। पुलिसवालों ने उसे इतना पीटा कि उसकी हालत बिगड़ गई थी। जब पिता अस्पताल पहुंचे तो लड़का बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद नाबालिग को जयपुर के निम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले को लेकर प्रदर्शन के बाद 26 अप्रैल को रात में थाना प्रभारी दारा सिंह समेत 4 पुलिसकर्मियों के खिलाफ SC/ST एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया । चोरी के आरोप में नाबालिग को घर से उठायानाबालिग के पिता ने थाने में दी शिकायत में आरोप लगाया कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे भिवाड़ी फेस-3 थाने से सिपाही गोपाल और अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। चोरी के आरोप में पुलिसकर्मी नाबालिग लड़के (16) को अपने साथ ले गए थे। जब पुलिसवाले नाबालिग लड़के को ले गए थे, तब वह पूरी तरह स्वस्थ था। बाद में चचेरे भाई को थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा का फोन आया। फोन पर नाबालिग लड़का रोते हुए मदद मांग रहा था और कह रहा था कि पुलिसकर्मी उसे बुरी तरह पीट रहे हैं। थाना प्रभारी ने फोन कर अस्पताल लाने के लिए कहानाबालिग के पिता ने शिकायत में कहा- 22 अप्रैल को सुबह मैं और चचेरा भाई थाने पहुंचे तो लड़के से मिलने नहीं दिया गया। उसी दिन दोपहर करीब 12:30 बजे थाना प्रभारी ने फोन कर बताया कि लड़के को भिवाड़ी के स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और आधार कार्ड लेकर तुरंत पहुंचने को कहा। पिता ने बताया- जब अस्पताल पहुंचे तो लड़का बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती था। डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए बड़े अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। इसके बाद उसे जयपुर के निम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज चल रहा है। पिता और चचेरे भाई ने अस्पताल में नाबालिग की हालत के वीडियो और फोटो लेने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया और वीडियो डिलीट करवा दिया। पिता ने आरोप लगाया कि यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश थी। SHO समेत कई पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोपनाबालिग के पिता ने थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा, सिपाही गोपाल, गोविंद, पवन यादव और अन्य पुलिसकर्मियों पर अवैध हिरासत, मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर देने का आरोप लगाया। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और नाबालिग का उचित मेडिकल कराने की मांग की, लेकिन शिकायत देने के बावजूद 26 अप्रैल की शाम तक मामला दर्ज नहीं किया गया। मामले को लेकर 27 अप्रैल की रात को परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। इसके बाद पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। इसके दबाव में एसएचओ समेत 4 पुलिसवालों के खिलाफ रविवार रात करीब 12 बजे मामला दर्ज किया गया। एसपी बोले- इलाज प्राथमिकता, जांच एएसपी को सौंपीभिवाड़ी एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा- नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है। उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है और भिवाड़ी फेस-3 थाना अधिकारी दारा सिंह खुद देखरेख कर रहे हैं। उन्होंने बताया - फिलहाल युवक के इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है। पूरे मामले की जांच एडिशनल एसपी अतुल साहू को सौंपी गई है। निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ….. ये खबर भी पढ़ें- भिवाड़ी पुलिस पर नाबालिग को टॉर्चर करने का आरोप:जयपुर के अस्पताल में भर्ती, पुलिसकर्मियों पर FIR की मांग; धरने पर बैठे कांग्रेस जिलाध्यक्ष
उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार
उज्जैन पुलिस ने एक ही दिन में तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देकर अपनी तत्परता का परिचय दिया। पुलिस ने फ्रीगंज से लापता हुई तीन साल की बच्ची को महज 25 मिनट में ढूंढ निकाला। इसके अतिरिक्त, तीन थाना क्षेत्रों से चार आरोपियों को अवैध चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया गया और एक जिला बदर आरोपी को भी पकड़ा है। उज्जैन में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सक्रिय है। सोमवार को सामने आईं इन तीन अलग-अलग घटनाओं में पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बाजार में लापता हो गई बच्ची पहली घटना फ्रीगंज बाजार से संबंधित है। देवासी नगरी निवासी वीरेंद्र सेन अपनी पत्नी के साथ खरीदारी कर रहे थे, तभी उनकी तीन वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ लोगों से पूछताछ कर तलाशी अभियान चलाया। महज 25 मिनट के भीतर बच्ची को वी-मार्ट शोरूम के पास सुरक्षित ढूंढ लिया और उसके परिजनों को सौंप दिया गया। धारदार चाकुओं के साथ आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई अवैध हथियारों के खिलाफ की गई। उज्जैन पुलिस ने चिमनगंज मंडी, माधवनगर और नीलगंगा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों से चार आरोपियों को धारदार चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घेराबंदी कर बदमाश मयूर को पकड़ा तीसरी बड़ी कार्रवाई नीलगंगा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर जिला बदर आरोपी मयूर उर्फ मयूरेष व्यास को गिरफ्तार किया। आरोपी जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में घूम रहा था। पूछताछ में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई, जिसके बाद उसके खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
सलूंबर जिले में भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्राइमरी से 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। 8वीं तक कक्षाओं का संचालन 11:30 बजे तक रहेगा जारी आदेश के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 से अगले आदेशों तक 8वीं तक की कक्षाओं का संचालन सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से छोटे बच्चों को लू और तेज गर्मी के प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह समय परिवर्तन केवल विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। विद्यालय के शेष कक्षाओं और स्टाफ का कार्य पूर्व निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही जारी रहेगा। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इस फैसले को अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए एक आवश्यक कदम माना जा रहा है।
जोधपुरर में कल नहीं आएगा पानी:29 और 30 अप्रैल का सप्लाई शेड्यूल भी बदलेगा, ये इलाके होंगे प्रभावित
जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों में रखरखाव और सफाई का काम किया जाएगा। इसके चलते, शहर के फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में कल पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इसलिए, जोधपुर में कायलाना, चोपसनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पाने वाले सभी इलाकों में 28 अप्रैल को होने वाली पानी की सप्लाई 29 अप्रैल को दी जाएगी। वहीं, 29 अप्रैल को होने वाली सप्लाई 30 अप्रैल को दी जाएगी। इन इलाकों में पानी सप्लाई के शेड्यूल में बदलाव जलदाय विभाग जोधपुर सिटी सर्कल के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया- झालामण्ड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े इलाकों में कल सुबह 10:00 बजे तक होने वाली पानी की सप्लाई सामान्य रूप से जारी रहेगी। इन इलाकों में सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, और पाल बाइपास व शिल्पग्राम के आसपास के इलाके शामिल हैं। हालांकि, इन इलाकों में 29 अप्रैल को होने वाली पानी की सप्लाई अब 30 अप्रैल को होगी, और 30 अप्रैल को होने वाली सप्लाई 1 मई को की जाएगी।
जीरन पुलिस ने एक स्कॉर्पियो से करीब 2 क्विंटल 61 किलो अवैध डोडाचूरा पकड़ा है। जब्त किए गए माल की कीमत करीब 9.60 लाख रुपए आंकी गई है। सोमवार को जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम घसुडी-चीताखेड़ा रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और नाकाबंदी तोड़कर भाग निकला। अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कार फरार पुलिस ने तुरंत स्कॉर्पियो का पीछा किया। कुछ दूर जाने पर हरनावदा पुलिया के पास तस्कर अपनी गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की तरफ भाग गया। जब पुलिस ने लावारिस खड़ी गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में डोडाचूरा भरा मिला। गाड़ी मालिक की तलाश जारी पुलिस ने चालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगा रही है, ताकि तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
बुरहानपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बच्चों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। कलेक्टर हर्ष सिंह ने नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसमें सरकारी, प्राइवेट, सीबीएसई, आईसीएसई और मदरसे सभी स्कूल शामिल हैं। आंगनवाड़ी में बच्चे नहीं आएंगी साहिकाएं घर जाकर बांटेंगी आहारगर्मी के असर को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों को भी आंशिक रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था 28 अप्रैल से 2 मई 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान बच्चों को मिलने वाला पोषण बंद नहीं होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं घर-घर जाकर या समूहों के माध्यम से बच्चों को नाश्ता, भोजन और टेक होम राशन (THR) उपलब्ध कराएंगी। साथ ही पोषण ट्रैकर ऐप में भी जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद नहीं रहेंगे। कार्यकर्ता और सहायिकाएं सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केंद्रों पर रहकर घर-घर संपर्क, रिकॉर्ड मेंटेन करने और अन्य जरूरी काम करती रहेंगी। कुल मिलाकर, गर्मी से राहत देने के लिए स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन बच्चों की पढ़ाई और पोषण दोनों को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं जारी रहेंगी।
एसओजी के आई अजयपाल लांबा अपने तीन दिवसीय दौरे को लेकर पाली पहुंचे। सुबह वे पुलिस लाइन पहुंचे। जहां उनके सामने गत दिनों मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र में कराड़ी गांव में हुई वृद्ध महिला की हत्या का सीन रिक्रिएट (डेमो) किया गया। इससे पहले उन्हें पुलिस लाइन पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन में मालखाने, एमओबी शाखा सहित अन्य शाखाओं का निरीक्षण किया। उसके बाद जिले भर के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान SP मोनिका सैन, एएसपी नरेन्द्रसिंह देवड़ा, सीओ सिटी मदनसिंह, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। आमजन घर पर लगाएं CCTV कैमरेप्रेस कांफ्रेंस में एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा- वारदात को खोलने में सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस की मदद लेने के लिए राज कॉप सिटीजन एप का यूज करें।
झांसी नगर निगम के सदन की बैठक हंगामे, तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच आखिरकार आम बजट पास होने के साथ खत्म हुई। करीब छह घंटे चली इस बैठक में जहां एक ओर पार्षदों ने शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को घेरा, वहीं दूसरी ओर मेयर ने कार्यवाही को नियंत्रित रखते हुए सभी प्रस्तावों को पारित कराया। 2 तस्वीरों में सदन की कार्यवाही देखें 6 घंटे तक चली बैठक, बजट को ध्वनिमत से मंजूरी मिली दोपहर 12 बजे शुरू हुई बैठक शाम 6 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता मेयर बिहारी लाल आर्य ने की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 490 करोड़ 62 लाख 87 हजार रुपये का बजट सदन में पेश किया, जिसे ध्वनिमत से सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। साथ ही यह भी तय किया गया कि अब नगर निगम की सदन बैठक हर दो महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की समीक्षा होती रहे। पार्षद ले आए ईंट, बोले भ्र्ष्टाचार हो रहा बैठक में कुल 13 प्रस्ताव रखे गए, जिन पर करीब पांच घंटे तक चर्चा चली। इस दौरान नगर आयुक्त आकांक्षा राणा और उनके अधीनस्थ अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कई सवालों पर वे पार्षदों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पेयजल संकट, नालियों का निर्माण, अतिक्रमण और नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जों जैसे मुद्दों पर सदन में कई बार माहौल गरमा गया। कुछ पार्षद तो भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ईंट और तस्वीरें तक लेकर पहुंचे, जिस पर मेयर ने जांच के निर्देश दिए। एक महीने में रखें जाएंगे पांच सौ सफाईकर्मी सफाई व्यवस्था को लेकर भी सदन में जोरदार बहस हुई। पार्षदों ने शहर में गंदगी की समस्या उठाई, जिस पर मेयर ने एक महीने के भीतर एजेंसी के माध्यम से 500 सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। हालांकि नगर आयुक्त ने इसमें तकनीकी अड़चनें बताईं, लेकिन मेयर ने साफ कहा कि बजट की कमी नहीं है और सफाई से कोई समझौता नहीं होगा। रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर टकराव बैठक के दूसरे सत्र में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बिना सदन की अनुमति के एक संस्था नई मूर्ति स्थापित कर रही है, जबकि वहां पहले से प्रतिमा मौजूद है। इस मुद्दे पर पार्षद सुलेमान अहमद मंसूरी और अन्य सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। मेयर ने स्पष्ट किया कि उन्हें महारानी की प्रतिमा से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि आपत्ति प्रक्रिया के उल्लंघन को लेकर है। उन्होंने नगर आयुक्त के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजने की बात कही, ताकि भविष्य में नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।कुल मिलाकर, हंगामे और आरोपों के बीच यह बैठक शहर के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों के साथ खत्म हुई, लेकिन साथ ही यह भी साफ हो गया कि जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम को अभी और जवाबदेह और सक्रिय होने की जरूरत है। ये आए प्रस्ताव, जो सर्वसम्मति से पास हुए ● मौजा नयागांव में 0.364 हेक्टेयर भूमि खेल के मैदान के लिए आरक्षित। ● मौजा बिजौली में 0.494 और 0.571 हेक्टेयर भूमि खेल मैदान के लिए आरक्षित। ● मौजा गढ़ियागांव में 0.125, 1.250 और 1.375 हेक्टेयर भूमि खेल मैदान के लिए आरक्षित। ● मौजा भगवंतपुरा में 0.287, 0.118 और 0.405 हेक्टेयर भूमि खेल मैदान के लिए आरक्षित। ● वार्ड नंबर 49 सतीश नगर रिफ्यूजी कॉलोनी में पूजा घर/गुरुद्वारा निर्माण के लिए नजूल भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान। ● महानगर के सभी वार्डों में एक-एक स्वागत द्वार बनाने और पार्कों में माली/चौकीदार की तैनाती का प्रावधान। ● गढ़ियागांव में बचपन डे-केयर सेंटर के लिए 3000 वर्गमीटर निशुल्क भूमि आवंटन। ● तालपुरा स्थित सुभाषचंद्र बोस पार्क के पास लेबर अड्डा निर्माण का प्रस्ताव। ● ट्रेड लाइसेंस की वर्तमान दरों में संशोधन और नए लाइसेंस लागू करने का प्रावधान। ● जनकार्य विभाग में तय समय पर तीन कार्य पूरे न करने वाले ठेकेदारों को आगे कार्य आवंटित न करने का प्रावधान। ● मौजा हंसारी, वार्ड नंबर 1 स्थित नगर निगम विवाह घर का दैनिक किराया 11 हजार से घटाकर 5100 रुपये किया गया।
अप्रैल के अंतिम दिनों में छतरपुर जिले में तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सोमवार को खजुराहो 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं, इसी जिले का नौगांव 45.5 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। खजुराहो में दर्ज यह तापमान पिछले 10 साल का रिकॉर्ड माना जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलने लगी थीं। दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा छा गया। जरूरी काम के अलावा लोग घरों से बाहर निकलने से बचते रहे। लू चलने से लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हुआ। रात में भी गर्मी का असरदिन के साथ रात में भी गर्मी कम नहीं हुई। न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिली। पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे थे, जिससे लोगों की नींद में परेशानी हुई। शाम करीब 6 बजे मौसम थोड़ा बदला। तेज हवाओं के साथ कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे थोड़ी देर के लिए राहत मिली। हालांकि, इससे गर्मी पूरी तरह कम नहीं हुई। बादल आने के बावजूद बारिश को लेकर स्थिति साफ नहीं है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच रहा। भोपाल और ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में 42.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जिले में कक्षा पांच तक के स्कूलों में छुट्टी घोषिततेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। हालांकि, बड़ी कक्षाओं के छात्रों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
डीग जिले में पारिवारिक विवाद के चलते महिला कुएं में कूद गई। उसे बचाने के लिए पति ने भी कुएं में छलांग लगा दी। अपने भाई को कुएं में कूदता देख छोटा भाई और बहन भी कूद गई। डूबने से दोनों भाइयों की मौत हो गई, जबकि ननद और भाभी की हालत नाजुक बनी हुई है। मामला जुरहरा थाने के बादीपुर गांव का सोमवार रात 9 बजे का है। स्थानीय निवासी जल सिंह ने बताया- गांव के रविंद्र (26) के घर में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस पर रविंद्र की पत्नी महिंद्रा नाराज होकर घर से चिल्लाते हुए भागी और 250 मीटर दूर कुएं में छलांग लगा दी। महिंद्रा को बचाने के लिए रविंद्र भी पीछे-पीछे भागा और कुएं में कूद गया। इनके पीछे रविंद्र का छोटा भाई तेजू (21) और बहन खुशबू भी कूद गई। शोर सुनकर ग्रामीण भी कुएं की तरफ भागे और चारों को रस्सी की मदद से बाहर निकाला। तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर चारों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद रविंद्र और तेजू को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिंद्रा और खुशबू को इलाज के लिए भर्ती कर लिया। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
बीजेपी के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा- आप लोगों (टोंकवासियों) ने एक बहरूपिया को विधायक बना दिया। आश्चर्य होता है कि वह टोंक का निवासी नहीं, टोंक तो बहुत दूर , वह राजस्थान का भी निवासी नहीं है। जो अपनी पार्टी के प्रति नहीं, अपने मुख्यमंत्री के प्रति नहीं, अपने कार्यकर्ताओं के प्रति नहीं। आपने न जाने किस प्रभाव में आकर अपना विधायक बना लिया। 'मैं उत्तर प्रदेश का भगोड़ा नहीं' मै तो सपने में भी नहीं सोचूंगा कि मैं राजस्थान के किसी सीट से विधायक बन जाऊं। मैं उत्तर प्रदेश का भगोड़ा नहीं हूं। मै उत्तर प्रदेश का मजबूत राजनेता हूं। उत्तर प्रदेश से राजनीति कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि ये कौनसी प्रथा बना ली कि किसी प्रदेश से कोई व्यक्ति को भेज दे तो आप उसे माला पहना देते हैं। एक समूह बनाकर उन्होंने आपको पैरों में डाल दिया। न जाने किस प्रभाव में आपने उसको विधायक बना दिया, जिसकी एक टांग कांग्रेस में और एक टांग न जाने कहां रहती है। बीजेपी के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल सोमवार को टोंक में थे। यहां से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने टोंक से 7 भाजपा कार्यालयों का उद्घाटन किया।
देवास में 17 अप्रैल को हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुरानी रंजिश के चलते हुई इस घटना में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल हो गया था। नाहर दरवाजा पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। यह घटना भवानी सागर क्षेत्र में हुई थी। गोली लगने से शुभम उर्फ लड्डू नाथ की मौत हो गई। वहीं, गौतम नाथ के पैर में दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज जारी है। झूठी कहानी रच पुलिस को गुमराह कियापुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने घटना को गुमराह करने और झूठी क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अपने ही साथी वरुण बाली के पैर में गोली मार दी थी। उनका मकसद मामले को दूसरी दिशा देना था। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश और थाना प्रभारी अमित सोलंकी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर पांच आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रितिक सिहोते (25), सिद्धार्थ उर्फ गट्टू सिहोते, वरुण बाली (24), मोनु सिहोते (34) और विपीन बाली (34) शामिल हैं। ये सभी देवास के भवानी सागर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देशी पिस्टल और दो डंडे भी जब्त किए हैं।
झज्जर में खेतों में लगी आग:रिहायशी इलाके तक पहुंची; पशु घरों से बाहर निकाले, फायर ब्रिगेड ने बुझाई
झज्जर जिले में डीघल के साथ लगते गांव धांधलान में रविवार रात को भीषण आग लग गई। आग पहले खेतों में लगी और तेज हवा के चलते फैलते हुए गांव की आबादी तक पहुंच गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। आग खेतों से बढ़ते-बढ़ते कई घरों के नजदीक पहुंच गई, जिसके चलते ग्रामीणों ने एहतियातन घरों से पशुओं को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि आग की लपटें कुछ घरों की खिड़कियों और दरवाजों तक पहुंच गईं तथा परदों ने भी आग पकड़ ली, जिन्हें लोगों ने तुरंत उखाड़कर बाहर फेंका। ग्रामीणों और दमकल कर्मियों की मदद से बड़ी मुश्किल से आग को रिहायशी क्षेत्र में फैलने से रोका गया। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया।
कार और बाइक टक्कर में युवक की मौत:ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागा, कुंडलपुर-पटेरा मार्ग पर हादसा
दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में कुंडलपुर-पटेरा मार्ग पर सोमवार रात कार और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक बाइक सवार युवक की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। टक्कर मारने के बाद कार चालक अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर भाग निकला। मृतक की पहचान 28 साल के चंद्रभान पटेल के रूप में हुई है। उनके साथ बाइक पर सवार 25 साल का अरविंद पटेल भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ है। दोनों युवक रमगढ़ा गांव के रहने वाले हैं और बाइक से दमोह की ओर अपने किसी रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। भीषण थी टक्कर टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों युवक हवा में उछलकर काफी दूर जा गिरे। हादसे में कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह चकनाचूर हो गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। पुलिस ने घायल अरविंद को तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फरार चालक की तलाश शुरू पटेरा थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि कार जबलपुर के प्रीतेश तिवारी के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आशुतोष ब्रह्मचारी को पाकिस्तान के नंबरों से कॉल और वॉयस मैसेज भेजकर AK-47 से गोली मारने और बम से उड़ाने की गंभीर धमकियां दी गईं है। धमकी देने वालों ने न सिर्फ शिकायतकर्ता और उनके सहयोगियों को निशाना बनाने की बात कही। साथ ही कहा- हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी। फोन करने वाले खुद को आतंकवादी शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ा बता रहे थे। दावा कर रहे थे कि उनके लोग भारत के कई जिलों में मौजूद हैं। धमकी देने वाले ने कहा- AK-47 से तेरी छाती में गोलियां भर देंगे। हमारे आदमी तुम्हारे जिलों में मौजूद हैं। तुझे कभी भी उड़ा देंगे। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने इस मामले को लेकर थाना कैंट में तहरीर दी है। उन्होंने कहा है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित पुलिस प्रशासन की होगी। अब पढ़िए पूरा मामलाआशुतोष ब्रह्मचारी के बताया- हाईकोर्ट के अंदर मौजूद रहने के दौरान बार-बार +92 से शुरू होने वाले पाकिस्तानी नंबरों से कॉल आईं। वॉयस मैसेज में कहा गया- तू मरेगा, तेरे साथ वाला भी मारेगा, हमें तेरी सारी लोकेशन आ रही है। हाई कोर्ट से निकलोगे तो कहीं से भी गोली बजेगी। अब तुझे इंशाअल्लाह अल्लाह के पास भेजेंगे। जितना हो बचा लेना अपने को और अपने साथ वाले को, हाईकोर्ट से बाहर निकलोगे तो गोली लगेगी। शंकराचार्य के खिलाफ मुकदमा वापसे लेने की बात कहींइसके अलावा उन्होंने व्हाट्सएप कॉल कर यह भी कहा- यदि तुम शंकराचार्य के खिलाफ सनातन यात्रा निकालोगे, तो यात्रा को कई जगह बम से उड़वा देंगे। हाई कोर्ट के जज को भी और सुप्रीम कोर्ट के जज को भी बम से उड़ा देंगे। तुमने जो सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा किया है, उसे वापस ले लो, नहीं तो तुम्हें और तुम्हारे साथ वालों को गोली मार देंगे। हमें पता है कि तुम मेरठ, मथुरा, इलाहाबाद और दिल्ली आते-जाते रहते हो। कहीं भी तुम्हें गोली मार देंगे। इस दौरान गंदी-गंदी गालियां देते हुए यह भी कहा- AK-47 से तेरी छाती में गोलियां भर देंगे। हमारे आदमी तुम्हारे जिलों में मौजूद हैं, हमने अपने आदमी जासूस के रूप में छोड़ रखे हैं। तुम्हें ट्रेन में भी उड़ा सकते हैं, तुम्हारी गाड़ी भी उड़वा सकते हैं। यदि तुमने या सुधांशु ने महाराणा प्रताप जयंती का कार्यक्रम करोगे, तो उसमें आग लगा देंगे। सुधांशु सोम को भी दी धमकीइसी प्रकार शाम मेरी धमकी के 10 मिनट बाद श्री कृष्ण सेना के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुधांशु सोम के व्हाट्सएप नंबर पर भी वॉयस एसएमएस भेजकर धमकी दी गई कि- हिंदुत्व के लिए जो तुम काम कर रहे हो, हाई कोर्ट से बाहर निकलोगे तो तुझे गोली लगेगी। मेरे पास तेरी सारी लोकेशन आ रही है। यदि आज बच गया तो अगली बार तुझे मारेंगे। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया से संबंधित धमकी भी दी गई। तुम्हारे पहले फेसबुक हमने हैक किए थे, फिर से हैक कर लेंगे और तुम्हारे सारे फेसबुक अकाउंट बंद कर देंगे। जिस जज ने मुकदमा दर्ज किया है, उसे भी बम से उड़ायेंगेधमकी देने वाले ने माननीय न्यायालय के न्यायाधीश विनोद चौरसिया का नाम लेकर भी गंभीर धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि- जिस जज ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है, उस जज विनोद चौरसिया को भी बम से उड़ा देंगे। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा- यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित पुलिस प्रशासन की होगी। हमारी मांग है ति तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोषियों की पहचान की जाए। उच्च न्यायालय परिसर एवं आवागमन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को सौंपी जाए। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराजआशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। अब जानिए शंकराचार्य के साथ आशुतोष महाराज का विवादप्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 27 फरवरी को हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की। तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अब पढ़िए शंकराचार्य ने आशुतोष महाराज पर हमले के बाद क्या कहा था?आशुतोष पर हमले के बाद शंकराचार्य ने रविवार को कहा था- ट्रेन का अटेंडेंट कह रहा है कि बाथरूम में गए तब तक तो ठीक थे, बाहर निकलने के बाद इनका यह हाल हो गया। बाहर आने के बाद किसने मार दिया बताइए। यह बनावट है, माहौल बनाने के लिए, सुरक्षा पाने के लिए। दूसरी बात- क्या भारत सरकार की रेल सुरक्षित नहीं रह गई है। आशुतोष हों या कोई और, अगर कोई टिकट लेकर यात्रा कर रहा है तो सुरक्षा में लगी जीआरपी कहां है, कैसे हमला हो जाएगा। इसका जवाब केंद्र को देना होगा। आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया है कि वो सबूत देने जा रहे थे, इसलिए हमला हुआ। इस पर कहा था कि निष्पक्ष जांच हो, दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए। जो शुरू से ही जांच के साथ है, वो हमला क्यों करवाएगा। हम तो यात्रा लेकर निकले हैं, हमें क्या पता वो कब कहां जा रहे हैं। ऐसे में हमारे ऊपर आरोप लगाने का मतलब सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है। यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है। --------------- ये भी पढ़ें… आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया:अविमुक्तेश्वरानंद अखिलेश यादव के गुरु, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत '21 लाख रुपए की लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।' यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया। आशुतोष रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…
फरीदाबाद के थाना सेंट्रल क्षेत्र में वाहनों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट तैयार करने वाले एक शातिर गिरोह का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के संबंध में तीन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान रोहित, नारायण और विक्रम के रूप में हुई है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के सिविल लाइंस निवासी और 'वेदपाल टूर एंड ट्रैवल्स' के मालिक वेदपाल ने पुलिस को शिकायत दी। जानिए कैसे हुआ खुलासा वेदपाल के पास करीब 15 वाहनों का बेड़ा है।अप्रैल 2025 में जब वेदपाल 2023 में खरीदी गई अपनी इनोवा कार का फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने आरटीओ कार्यालय गए। वहां उनकी मुलाकात रोहित से हुई। रोहित ने खुद को इस काम का विशेषज्ञ बताकर वेदपाल से गाड़ी के सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए और जल्द सर्टिफिकेट बनवाने का वादा किया। बंद हो चुकी कंपनी का जारी किया सर्टिफिकेट कुछ समय बाद रोहित ने 'करण ऑटोमोटिव कंपनी' के पोर्टल से जारी एक फिटनेस सर्टिफिकेट वेदपाल को थमा दिया। वेदपाल को संदेह हुआ। उन्होंने जांच की तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जिस कंपनी के नाम पर सर्टिफिकेट जारी किया गया था, वह काफी समय पहले ही सरकार को लाइसेंस सरेंडर कर चुकी थी। कंपनी के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि उनकी ओर से ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। पानीपत से जुड़े हैं गिरोह के तार पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे पानीपत निवासी नारायण और विक्रम की मुख्य भूमिका थी। इन दोनों ने रोहित के साथ मिलकर फर्जी पोर्टल या दस्तावेजों के जरिए यह जाली सर्टिफिकेट तैयार किया था। ऑरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश मामले के जांच अधिकारी समय सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयानों और प्राथमिक सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने वाहन स्वामियों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने वाहन स्वामियों को सतर्क रहने की सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत केंद्रों और सरकारी पोर्टलों के माध्यम से ही अपने वाहनों के दस्तावेज तैयार करवाएं।
लुधियाना में कांग्रेस नेता इंदरजीत सिंह इंदी की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। सोमवार को स्थानीय अदालत से रंगदारी से जुड़ी धाराओं में अंतरिम जमानत मिलने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने उन्हें BNS के तहत प्रिवेंटिव एक्शन में गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले दिन में डिवीजन नंबर 8 पुलिस ने 15 अप्रैल को दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (एग्रेवेटेड एक्सटॉर्शन) जोड़ दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने इंदी को अंतरिम जमानत देते हुए जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। मजदूर के बयान पर बढ़ी कार्रवाईयह नई धाराएं बिहार के दरभंगा निवासी मजदूर रामादिंकर मुखिया के बयान के आधार पर जोड़ी गईं। मुखिया ने बताया कि वह सग्गू चौक के पास ठेकेदार दिवेश सिंगला के साथ सड़क निर्माण कार्य में लगा हुआ था। उसके अनुसार, इंदरजीत सिंह इंदी मौके पर पहुंचे और उसे धमकाया। आरोपी ने ठेकेदार से मुनाफे में हिस्सा दिलाने का दबाव बनाया और इंकार करने पर टांगें तोड़ने की धमकी दी। पुलिस ने की पुष्टिएडीसीपी (सिटी-3) कंवलप्रीत सिंह ने मीडिया के समक्ष गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद भी इंदी को प्रिवेंटिव एक्शन के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्हें कल मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को निर्धारित है। पहले ही मिल चुकी थी अंतरिम जमानतइंदी के वकील एडवोकेट विजय महेंद्रू ने बताया कि पुलिस ने पहले BNS की धारा 115(2), 351(2), 351(3), 132 और 221 के तहत केस दर्ज किया था। 17 अप्रैल को स्थानीय अदालत ने इंदी को अंतरिम जमानत दे दी थी और जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। पुलिस पर सहयोग न करने का आरोपबचाव पक्ष का आरोप है कि उनका मुवक्किल कई बार खुद थाने जाकर जांच में शामिल होने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर उसे शामिल नहीं किया। इसके वीडियो सबूत भी मौजूद हैं।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव मंडल बैतूल पहुंचे। बालाघाट दौरे से लौटते समय मीडिया से बातचीत में उन्होंने धार्मिक मंचों से दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाए। दामोदर यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि है, इसलिए इसे संविधान की धरती के रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश को आडंबर और पाखंड का केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके विरोध में उनकी पार्टी ने प्रदेशव्यापी जागृति अभियान शुरू किया है। चार बच्चों वाले बयान पर दिया जवाबदमोदर ने धीरेन्द्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी निशाना साधा। यादव ने कहा कि जिस मंच से 'चार बच्चे पैदा करने' की बात की जा रही है, उसी विचारधारा से जुड़े लोग अविवाहित रहने की सलाह देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज को जिम्मेदारी भरा संदेश देना चाहिए और देशहित से जुड़ी बातें करनी चाहिए, जैसे युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना। दामोदर यादव ने छत्रपति महाराज को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी जाती, तब तक पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यादव ने कहा कि यदि जल्द माफी नहीं दी गई तो उनकी पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। यादव ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ साधु-संत एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। राजनीतिक संदर्भ में, दामोदर यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बात की गई थी, लेकिन अब धार्मिक मुद्दों को आगे बढ़ाकर मूल समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर 'दुकानें' चलाई जा रही हैं, जिन्हें बंद कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
बिलासपुर के मस्तूरी स्थित मल्हार कस्बे में 2000 साल पुराना एक ताम्रपत्र मिला है। इसका वजन 3 किलोग्राम से अधिक है। यह दुर्लभ ताम्रपत्र 'ज्ञान भारतम अभियान' के तहत स्थानीय निवासी संजीव पाण्डेय के घर से प्राप्त हुआ है। इस पर पुरानी ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लेख उत्कीर्ण हैं। यह ताम्रपत्र ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्राह्मी लिपि भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है, जिसका उपयोग मौर्य काल से कई शताब्दियों तक होता रहा है। पाली भाषा का संबंध मुख्यतः बौद्ध धर्म के साहित्य और शिक्षाओं से जुड़ा है, जिससे इस खोज का धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन काल में ऐसे ताम्रपत्रों का उपयोग भूमि दान, राजकीय आदेश या धार्मिक घोषणाओं के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में किया जाता था। इस ताम्रपत्र के वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत अध्ययन से उस काल की सामाजिक संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। संस्कृति मंत्रालय की पहल गांव गांव तक पहुंच रही ज्ञान भारतम अभियान के तहत यह खोज न केवल मल्हार क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को उजागर करती है, बल्कि शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकती है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् अभियान के तहत देश की प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में यह पहल गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को अपनी पुरानी पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और उन्हें सामने लाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, साहित्य, विज्ञान, चिकित्सा और दर्शन से जुड़े अमूल्य दस्तावेजों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है। विशेषज्ञों द्वारा पांडुलिपियों की पहचान कर उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को जयपुर पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला राजस्थान दौरा था, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं और आमजन में उत्साह देखने को मिला। जेडीए सर्किल पर कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगठनात्मक एकजुटता, अनुशासन और उत्साह स्पष्ट रूप से नजर आया। इस मौके पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ बोले- नितिन नबीन के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिली है। लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने पर दिया जोर इस मौके पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- राज्य सरकार केंद्र की नीतियों को प्रभावी रूप से लागू कर विकास को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष 2047 के विजन को साकार करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने ‘विकसित भारत और विकसित राजस्थान’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्वागत कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी को संगठन की मजबूती और क्षेत्र में बढ़ते जनसमर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
महू में चलती बाइक में लगी आग:युवक ने कूदकर बचाई जान, लोगों ने पानी डालकर पाया काबू
महू के किशनगंज थाना क्षेत्र में मेडिकैप्स चौराहे पर सोमवार रात करीब 9 बजे एक चलती बाइक में अचानक आग लग गई। इस घटना से सड़क पर हड़कंप मच गया, लेकिन बाइक चलाने वाले ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक आग के गोले में बदल गई। गनीमत रही कि जैसे ही बाइक से धुआं और लपटें उठीं, चालक तुरंत नीचे उतर गया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। लोगों ने बुझाने की कोशिश की चौराहे पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। आग लगने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट या इंजन में किसी तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष ने पीएम मोदी की रैली की समीक्षा की:मॉनिटरिंग टीम को 48 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश
हरदोई में क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा ने भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी रैली की सोमवार देर शाम अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने रैली प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। बैठक में अध्यक्ष ने प्रभारियों से भीड़ प्रबंधन, जनसंपर्क और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने रैली की संवेदनशीलता को देखते हुए मॉनिटरिंग टीम को अगले 48 घंटों तक विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया। अध्यक्ष ने सभी विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होना चाहिए ताकि किसी भी संभावित बाधा को समय रहते दूर किया जा सके। बैठक के अंत में, सभी पदाधिकारियों ने रैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प दोहराया। वर्चुअल बैठक में जिला पदाधिकारी, विधानसभा रैली संयोजक, मंडल अध्यक्ष/महामंत्री और मॉनिटरिंग टीम के सदस्य उपस्थित थे। मॉनिटरिंग टीम में सौरभ सिंह गौर, नीतू चंद्रा, निर्देश राजपूत, अविनाश पाण्डेय, प्रद्युम्न आनंद मिश्रा, अनुराग श्रीवास्तव, ऋतुराज त्रिपाठी, हर्ष सविता, अभिषेक चंदेल, आयुष कुमार सिंह, आशुतोष बाजपेई, मुकुल सिंह, चित्रांश गुप्ता, विनोद वर्मा, प्रखर अग्निहोत्री, अंशुमान मिश्रा, रजनीश गुप्ता, अभय दीक्षित, अभिषेक सिंह चौहान, अभिषेक सिंह, ऋषभ त्रिपाठी, देव गुप्ता, आदेश शुक्ला, रामजी गुप्ता, ओमवीर सिंह, शौर्य सिंह और अचल दीक्षित सहित अन्य कार्यकर्तागण शामिल थे।
सहारनपुर के फतेहपुर थाना क्षेत्र के चाऊपुर गांव से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ साल के एक मासूम बच्चे को नोचकर मार डाला। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है और लोगों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे का नाम लविश था, जिसकी उम्र महज आठ वर्ष थी। सोमवार शाम करीब छह बजे वह गांव के बाहर स्थित खेत में गेहूं की बालियां बीनने गया था। इसी दौरान उसे अकेला देखकर आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब तक आसपास के ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिलती और वे मौके पर पहुंचते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे पहले भी कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में डर का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दौसा कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने भूमि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, गिरदावरी, राजस्व रिकॉर्ड संधारण एवं लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्रों जैसे आमजन के बेसिक कार्यों को लंबित नहीं रखने और समय पर जारी करने पर जोर दिया। साथ ही, जनगणना कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करने एवं बजट घोषणा 2026-27 से संबंधित भूमि आवंटन के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था की समीक्षा गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने उपखंड अधिकारियों से पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए टैंकरों से जलापूर्ति की प्रस्तावित कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने हीट वेव के मद्देनजर आवश्यकता अनुसार टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, एडीएम दौसा अरविंद शर्मा, एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा सहित उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।
लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में गाड़ी चोरी करने वाले दो शातिर चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के पांच वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें दो ई-रिक्शा और तीन मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।पुलिस के मुताबिक 13 अप्रैल को प्रेमनगर आलमबाग निवासी नटवर लाल गौर ने घर के बाहर खड़े अपने ई-रिक्शा के चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं आशुतोष नगर शिवम पार्क निवासी सूरज वर्मा ने भी घर के बाहर खड़ी अपनी बाइक सीटी-100 चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में कृष्णानगर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके लीज चार टीमें लगाई गई। टीमों ने करीब 400 से 500 सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान की गई।सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आशाराम बापू मार्ग से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान रामादेवी कानपुर निवासी शैलेंद्र और बेगरिया दुबग्गा निवासी नितेश कुमार शाह के रूप में हुई। दोनों दिन में दुकानों में काम करते हैं और रात को चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। इनके पास से दो चोरी के वाहन बरामद हुए। पूछताछ और निशानदेही पर आरोपी नितेश के काशीराम कॉलोनी हंसखेड़ा स्थित किराए के मकान से तीन अन्य चोरी के वाहन भी बरामद किए गए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दो ई-रिक्शा और तीन मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि ये वाहन कृष्णानगर, मोहन रोड, हरदोई रोड और लालाबाग पुल क्षेत्र से अलग-अलग समय पर चोरी किए गए थे। दोनों महंगे शौक और मौज मस्ती के लिए चोरी की घटना को अंजाम देते थे। आरोपी शैलेन्द्र के खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में पहले से चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
झुंझुनूं में मौसम का मिजाज बदला::तेज आंधी के साथ धूल का गुबार छाया, हल्की बूंदाबांदी से मिली राहत
झुंझुनूं शहर में सोमवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की तपिश और उमस के बाद शाम करीब 6 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। देखते ही देखते हवाओं ने आंधी का रूप ले लिया, जिससे पूरे शहर में धूल की चादर बिछ गई। शाम 6 बजे शुरू हुई तेज आंधी के कारण दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई। आसमान में धूल ही धूल नजर आने लगी, जिसके चलते सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आंधी के बाद हल्की बूंदाबांदी, तापमान में गिरावट आंधी के करीब आधे घंटे बाद बादलों की गर्जना के साथ शहर के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। धूल भरी आंधी के बाद हुई इन फुहारों ने वातावरण में मौजूद मिट्टी को शांत किया और लोगों को गर्मी से आंशिक राहत दिलाई। बूंदाबांदी के चलते तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है और हवाओं में ठंडक घुल गई है। बिजली हुई गुल तेज आंधी को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने और लाइनों में फाल्ट आने की आशंका के चलते विभाग द्वारा एहतियातन बिजली कटौती की गई।
जैसलमेर के चूंधी गांव में सोमवार को भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए खेत में बनी डिग्गी में नहाने उतरे दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। परिजन सुरेंद्र (17) और वीरेंद्र (16) को जवाहिर हॉस्पिटल ले कर आए, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सदर थाना ASI मुकेश बीरा को परिजनों ने बताया कि दोनों पानी की डिग्गी में रोज नहाने जाते थे, लेकिन आज दलदल में फंस जाने से दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गहराई में जमी कीचड़ से बने दलदल में फंसे ASI मुकेश बीरा ने बताया कि चूंधी गांव के रहने वाले चचेरे भाई चार भाई सुरेंद्र और वीरेंद्र सोमवार दोपहर गर्मी से राहत पाने के लिए अपने खेत में बनी पानी की डिग्गी में नहाने उतरे थे। उनके साथ दो भाई मुकेश और रवि भी थे। जब चारों भई पानी में नहा रहे थे तभी सुरेंद्र और वीरेंद्र डिग्गी की गहराई में चले गए। जहां जमी कीचड़, गाद से बने दलदल में धंसते चले गए। मुकेश और रवि ने जब अपने भाइयों को डूबते देखा, तो अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश भी की। लेकिन दलदल से दोनों को बाहर नहीं खींच पाए। घबराकर मुकेश हादसे की जानकारी घरवालों को देने के लिए तुरंत गांव की ओर दौड़ा। एक का शव मिला दूसरे को दीवार तोड़कर निकाला सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन बदहवास हालत में डिग्गी पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद सुरेंद्र को पानी से बाहर निकाला गया। उसे तुरंत जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर नागरिक सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची थी। जबकि वीरेंद्र गहरे दलदल में पूरी तरह धंसने के कारण पानी की सतह पर दिखाई नहीं दे रहा था। तब ग्रामीणों ने डिग्गी की दीवार को एक तरफ से तोड़ दिया। पानी का बहाव कम होते ही वीरेंद्र का शव भी मिल गया। परिजन चमत्कार की उम्मीद में उसे भी हॉस्पिटल ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। घरवालों का सहारा छिना, गांव में पसरा मातम हादसे का शिकार हुए दोनों युवक भील समुदाय से थे और आपस में चचेरे भाई थे। एक ही दिन में परिवार के दो जवान बच्चों की मौत से परिजनों का रो–रोकर बुरा हाल है। वहीं इस घटना से गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दोनों के परिवारों का कहना है कि उनके बुढ़ापे का सहारा हमेशा के लिए छिन गया। घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। परिजनों ने दोनों का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को परिजनों को सौंप दिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग में लंबे समय से लंबित नियुक्तियों पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से हो रही देरी उसकी निष्क्रियता को दर्शाती है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ शम्स तबरेज द्वारा दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की जल्द नियुक्ति की मांग की गई है। कोर्ट ने जाहिर की नाराजगी अदालत ने बताया कि आयोग का कार्यकाल 2024 में समाप्त हो चुका है, लेकिन नए पदाधिकारियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई है। राज्य सरकार ने दलील दी कि नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के आदेश इस पर कोर्ट ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछली सुनवाई में भी यही बात कही गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं दिखी। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक नियुक्ति प्रक्रिया की पूरी स्थिति स्पष्ट की जाए। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है।
उदयपुर के एमबी अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक असाधारण और जटिल सर्जरी कर 32 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया। भीलवाड़ा निवासी युवक के सीने के आर-पार घुसे 9 इंच लंबे लोहे के पाइप को सफलतापूर्वक डॉक्टर्स की टीम ने निकाला। असल में भीलवाड़ा अस्पताल में 24 अप्रैल को एक केस आया कि एक युवक मोटरसाइकिल से एक ट्रक के पीछे चल रहा था। अचानक ब्रेक लगने से ट्रक में लदा लोहे का पाइप खिसककर युवक के सीने में घुस गया। पाइप इतना लंबा था कि मौके पर ही उसे कटर से काटना पड़ा। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण युवक को शॉक की स्थिति में अस्पताल लाया गया। एमबी अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुशल गहलोत द्वारा किए गए सीटी स्कैन में पता चला कि 4 सेमी मोटा पाइप पसलियां तोड़ते हुए फेफड़े को चीरकर गर्दन तक पहुंच गया था। इससे सबक्लेवियन धमनी और शिरा भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे फेफड़ों में भारी रक्तस्राव (हीमोथोरेक्स) हो गया था। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में टीम ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया। सावधानीपूर्वक सर्जरी कर एल आकार के पाइप को शरीर से निकाला गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं की मरम्मत (वैस्कुलर रिपेयर), फेफड़े का उपचार और टूटी पसलियों का पुनर्निर्माण किया गया। एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. उदिता नैथानी और डॉ. महेश सोमानी ने मरीज की नाजुक स्थिति में सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया। सर्जिकल टीम में डॉ. गिरीश, डॉ. ज्योतिद्रों और नर्सिंग अधिकारी संतोष पुरी गोस्वामी सहित ओटी व आईसीयू स्टाफ का अहम योगदान रहा। डाक्टर्स ने बताया कि सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति अब स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। वह सामान्य आहार भी लेने लगा है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया कि इस तरह के ‘इम्पेलमेंट इंजरी’ मामलों में मृत्यु दर बहुत अधिक होती है, लेकिन समय पर सही निर्णय और टीमवर्क से एक जीवन बचाया जा सका। चिकित्सकों ने बताया कि ऐसे हादसों में घाव पर दबाव डालना मददगार हो सकता है, लेकिन शरीर में घुसी वस्तु को कभी भी खुद निकालने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
हाईकोर्ट ने डिग्रीधारकों की याचिका खारिज की:जूनियर इंजीनियर भर्ती में डिप्लोमा ही मान्य योग्यता
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जूनियर इंजीनियर भर्ती में बीटेक और बीई डिग्रीधारकों को शामिल करने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब भर्ती विज्ञापन में केवल तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा को ही अनिवार्य योग्यता तय किया गया है, तो डिग्रीधारकों को स्वतः पात्र नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने ग्रेजुएट इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन सहित अन्य याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं ने 7 मार्च 2024 को जारी उस विज्ञापन को चुनौती दी थी, जिसमें सिर्फ डिप्लोमाधारकों को आवेदन की अनुमति दी गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डिग्री और डिप्लोमा दो अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं हैं। बिना किसी सरकारी शासनादेश के इन्हें समान नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती एजेंसी को योग्यता तय करने का अधिकार है और इसमें न्यायिक हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे डिप्लोमाधारकों से अधिक योग्य हैं, इसलिए उन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, लेकिन अदालत ने पाया कि वह मामला इस प्रकरण से अलग परिस्थितियों वाला था। अंततः अदालत ने कहा कि चूंकि डिग्री को डिप्लोमा के बराबर घोषित करने वाला कोई शासनादेश मौजूद नहीं है, इसलिए डिग्रीधारी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र नहीं हैं।
बुलंदशहर के शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र में रानऊ गांव के पास एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए। ये सभी लोग बुलंदशहर न्यायालय से तारीख कर ऑटो से वापस लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, ऑटो चालक ने सामने से आ रही एक अनियंत्रित कार को बचाने का प्रयास किया। इस दौरान ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद कार चालक अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे का शिकार हुए अधिकांश लोग शिकारपुर तहसील के खखूंडा गांव के निवासी हैं। मृतक की पहचान 60 वर्षीय कालीचरण पुत्र पंचम के रूप में हुई है, जिन्होंने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घायलों में खखूंडा गांव के चुन्नी सिंह (40), सुरजीत (65), सुंदर सिंह (55), मनवीर सिंह (60), मदनलाल (60), भानु प्रकाश (60) और महमूदपुर गांव के दीपक (27) शामिल हैं। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शिकारपुर में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही शिकारपुर थाना प्रभारी यज्ञ दत्त शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। थाना प्रभारी यज्ञ दत्त शर्मा ने बताया, सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
देवास के बीराखेड़ी क्षेत्र में सोमवार देर शाम ईंट भट्टों के पीछे स्थित नाले में एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही औद्योगिक थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नाले तक पहुंचने का रास्ता कठिन होने के कारण स्थानीय लोगों की मदद ली गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने लाठी-लकड़ियों की मदद से शव तक पहुंचकर रात करीब साढ़े आठ बजे उसे नाले से बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार शव करीब दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मौके पर मौजूद लोगों से शिनाख्ती कराई गई, लेकिन महिला की पहचान नहीं हो सकी। महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच बताई गई प्रारंभिक अनुमान के अनुसार महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। पानी में रहने के कारण शव फूल चुका था, जिससे पहचान और मुश्किल हो गई। औद्योगिक थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि महिला की पहचान के प्रयास जारी हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
आजमगढ़ डीएम रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार मे चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी चकबंदी अधिकारी नियमित रूप से कोर्ट में बैठना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोर्ट केस में डिस्पोजल की संख्या बढ़ाए। प्रक्रियाधीन चकबंदी ग्रामों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। सरायमोहन ग्राम के चकबंदी कार्य क़ो अगस्त माह के अंत तक पूर्ण करायें। इसके साथ ही ग्रामो में चल रहे चकबंदी कार्य का सभी एसओसी नियमित रूप से भ्रमण करें। और ग्रामो में बैठक कर ग्रामीणों की समस्याओं क़ो सुने और नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें। जिससे कि किसी ग्राम में किसी भी चकबंदी लेखपाल द्वारा चकबंदी कार्य में गड़बड़ी न करे। इसके साथ ही लापरवाह और गड़बड़ी करने वाले चकबंदी लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई भी करें। मई माह तक प्रेषित करें रिपोर्टडीएम ने निर्देश दिया कि धारा 52 के अंतर्गत ग्रामो में प्रक्रियाधीन कार्य को मई के प्रथम सप्ताह में पूर्ण कर रिपोर्ट प्रेषित करें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात चकबंदी लेखपाल के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष आईजीआरएस में जिन लेखपालों के विरुद्ध सबसे ज्यादा शिकायत आई है। उनमें से 5 लेखपालों को दूसरे तहसील में स्थानांतरित किया जाए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उपसंचालक चकबंदी रामकिशोर और समस्त एसओसी उपस्थित रहे।
इंदौर के भाजपा नेता अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बहुचर्चित इस केस में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद दोनों इस गंभीर आरोप से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए धारा 307 हटाने का महत्वपूर्ण निर्णय दिया। साथ ही पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप समाप्त हो गया। यह प्रकरण 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से संबंधित है। उस समय दर्ज मामले में हत्या के प्रयास की धारा शामिल नहीं थी। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस मामले में धारा 307 और धारा 149 जोड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे सेशन कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। राजनीतिक साजिश के आरोप अक्षय बम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश के तहत सामने लाया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन पर दबाव बनाकर मामला आगे बढ़ाया गया, जिससे उन्हें चुनावी प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ा। हाई कोर्ट से नहीं मिली थी राहत हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पहले बम की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मामले में बंदूक के उपयोग और गोली चलाने के आरोपों के आधार पर धारा 307 और 149 के तहत ट्रायल उचित है। शपथपत्र बना विवाद का केंद्र मामले में उस समय नया मोड़ आया जब अक्षय बम द्वारा दायर एक शपथपत्र में राजनीतिक साजिश के आरोप लगाए गए। बाद में यह शपथपत्र विवाद का कारण बना और बम ने अपनी पुरानी याचिका वापस लेकर नए सिरे से संशोधित याचिका दायर की। दो साल बाद मिली राहत करीब दो वर्षों तक चले कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस बहुचर्चित मामले को नया मोड़ दिया है। धारा 307 हटने के साथ ही बम परिवार को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम लग गया है।
अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र में महिला आयोग की एंट्री भी हो गई। कल यानी मंगलवार को महिला आयोग टीम NIT का विजिट करेगी। पिछले 2 माह में चार स्टूडेंट के सुसाइड करने में मामले में घिरे NIT प्रशासन से हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने भी जवाब मांगा है। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया कल NIT में आएंगी। माना यही जा रहा है कि महिला आयोग की टीम NIT की छात्रा दीक्षा दुबे के सुसाइड और सुसाइड अटेम्प्ट करने वाली छात्रा के मामले की जांच करने और कार्रवाई की समीक्षा करने के लिए पहुंच रही हैं। पिछले सप्ताह हुए प्रशासिनक बदलाव बता दें कि शनिवार को ही NIT के जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे (GA) को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी दिन NIT के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी का इस्तीफा भी मंजूर हो गया। तब NIT की ओर रातोंरात प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया। यह कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के दौरे के ठीक अगले दिन हुई थी। एनआईटी कुरुक्षेत्र में इस तरह चल रहा घटनाक्रम… 2026 में NIT में ये स्टूडेंट सुसाइड कर चुके 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी 19 वर्षीय अंगोद शिवा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद, 31 मार्च को नूंह जिले के घासैड़ा निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार ने भी आत्महत्या कर ली। पवन कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सेंकेड ईयर का छात्र था। फिर, 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर निवासी 22 वर्षीय प्रियांशु वर्मा, जो बीटेक के थर्ड ईयर का छात्र था, का शव हॉस्टल के कमरे में मिला। इसके बाद, 16 अप्रैल को बिहार के बक्सर की रहने वाली 19 वर्षीय दीक्षा दुबे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दीक्षा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस की छात्रा थी। दीक्षा दुबे की मौत के बाद, एक और छात्रा ने भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। इस छात्रा ने भी एनआईटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया था। छात्रों ने किया था हंगामा, हॉस्टल खाली करने के हुए थे आदेश दो महीने में ही सुसाइड के चार केस आने के बाद स्टूडेंट का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने रात भर हंगामा किया था। कई टीचर्स पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस और एनआईटी प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी बनाने और कुछ टीचर्स पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया था। आरोप है कि मामले में एक्शन लेने के बजाय कॉलेज प्रशासन चार मई तक छुट्टी घोषित कर दी थी। साथ ही हॉस्टल को तत्काल खाली करने के आदेश जारी कर दिए थे। छात्रों ने इसका विरोध जताते हुए आरोप लगाया था कि बच्चों को जांच से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया है। इसकी शिकायत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से भी की गई थी। शुक्रवार को जांच करने आई थी केंद्रीय मंत्रालय की टीम इसके बाद शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. विनित जोशी समेत पांच अधिकारियों की टीम ने NIT का दौरा किया था। टीम ने संस्थान में प्रशासनिक कामकाज, फैसलों और हाल के घटनाक्रम की जानकारी जुटाई थी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्रालय की टीम ने स्टूडेंट से बात की थी। इसमें सुसाइड करने वालों छात्र-छात्राओं, टीचर्स के व्यवहार, मिलने वाली सुविधाओं सहित कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई थी। टीम के जाने के बाद पहले जॉइंट रजिस्ट्रार को सस्पेंड किया गया, अब डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी को हटाने की कार्रवाई हुई। इस तरह लगातार विवादों में घिर रहा एनआईटी कुरुक्षेत्र… प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर लगा दी थी रोक 29 मार्च को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी थी। इससे पहले रजिस्ट्रार सामंत्रे को 15 मार्च के आसपास उनके पद से हटाकर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को रजिस्ट्रार नियुक्त किया था। मंत्रालय के आदेश के बाद अगले ही दिन बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि प्रो. विनोद मित्तल को नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया। भर्ती, प्रमोशन से लेकर वेकेंट पोस्ट की चल रही जांच असल में NIT में भर्ती, प्रमोशन, शिकायतें, रैंकिंग में आई गिरावट और वेकेंट पोस्ट को लेकर जांच कर रही है। इसके अलावा डायरेक्टर पर अपने होम स्टेट तेलंगाना से ज्यादा स्टाफ भर्ती का आरोप भी है। इन मामले की जांच के लिए मंत्रालय की ओर से रिव्यू कमेटी बनाई गई थी। इसी हफ्ते नेक के चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे की अगुआई में रिव्यू कमेटी ने 23 और 24 अप्रैल को दूसरी बार NIT का दौरा किया। इस टीम में VNIT नागपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष रिटायर्ड IAS एम. मदन गोपाल और MANIT भोपाल के डायरेक्टर प्रो. केके शुक्ला बतौर मेंबर शामिल हुए।
कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव 19 साल के सावन कुमार ने जेईई मेन में 99.1473246 पर्सेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब वह दो साल का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इसके कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई, जिससे चलने में कठिनाई होती है, अभी भी चलने में परेशानी होती है। इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा ली। कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए उसे कोटा में भेजने का निर्णय लिया। आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस लक्ष्यकोटा में सावन को कोचिंग संस्थान की तरफ से अस्सी फीसदी की रियायत मिली। सावन का कहना है कि यह सहयोग उनके लिए बेहद जरूरी साबित हुआ। अगर यह सहायता नहीं मिलती, तो उनके लिए उच्च स्तर की तैयारी करना संभव नहीं होता। किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न बनने दें। शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थानों, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली या आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं। परिवार ने किया मोटिवेटसावन ने बताया कि उनके जीवन में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। परिवार ने भी हमेशा सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे किसी तरह से पीछे हैं। चलने-फिरने में दिक्कत होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे सावन ने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।
जोधपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा- ईडब्ल्यूएस आरक्षण की जटिल शर्तों को समाप्त किया जाए और “राजस्थान मॉडल” को देशभर में लागू किया जाए। राठौड़ ने कहा- यह मुद्दा सामान्य वर्ग के गरीबों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा- वर्ष 2019 में दिए गए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का पूरा लाभ जटिल शर्तों के कारण पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 671 जातियां ओबीसी वर्ग में शामिल हैं, जबकि केंद्र स्तर पर उन्हें सामान्य वर्ग में रखा गया है। ऐसे में उन्हें ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षण का प्रावधान है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण में संशोधन और प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग को लेकर जोधपुर में सोमवार को विचार गोष्ठी एवं संगोष्ठी में उन्होंने यह कहा। कार्यक्रम में धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने प्रेस से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। शर्तें जटिल होने से लाभ सीमित धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पहले कार्यकाल में 14 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की थी। राठौड़ ने आरोप लगाया- मौजूदा केंद्र सरकार ने आरक्षण को 14 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया और शर्तें इतनी जटिल बना दीं कि लाभ सीमित हो गया। उन्होंने कहा- वर्ष 2020 में राजस्थान सरकार ने नियमों में शिथिलता देकर ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया को सरल बनाया, जिससे युवाओं को लाभ मिला। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया- जोधपुर में राज्य स्तर पर 7700 ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी हुए, जबकि केंद्र स्तर पर केवल 1646 प्रमाणपत्र बने। राठौड़ ने कहा कि देश के 8 राज्यों में ईडब्ल्यूएस की शर्तें सरल हो चुकी हैं, लेकिन केंद्र में अब भी जटिलता बनी हुई है। राजस्थान मॉडल लागू किया जाए धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने केंद्र सरकार से मांग की कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण की जटिल शर्तों को समाप्त किया जाए और “राजस्थान मॉडल” को देशभर में लागू किया जाए। इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर कांग्रेस नेता महेंद्र बिश्नोई, ओमकार वर्मा सहित विभिन्न समाजों के लोग उपस्थित रहे।
बुरहानपुर में 33-11 केवी आजाद नगर उपकेंद्र के रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 28 अप्रैल को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह मेंटेनेंस किया जाएगा। सुबह 8 बजे से 9:30 बजे तक, कुल डेढ़ घंटे के लिए विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे उपकेंद्र से निकलने वाले चार 11 केवी फीडर प्रभावित होंगे, जिनमें नागझिरी फीडर, आजाद नगर फीडर, गुजराती स्कूल प्रथम और गुजराती स्कूल द्वितीय फीडर शामिल हैं। इस बिजली कटौती से दो दर्जन से अधिक क्षेत्र प्रभावित होंगे। इनमें उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट, इतवारा, बंगड़ीवाला, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद, कड़वी बाजार, अख्तर कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, टीआईटी कॉलोनी, हनुमान साइजिंग, आलमगंज क्षेत्र, सिंधीपुरा गेट, आजाद नगर चौराहा, ग्रामीण क्षेत्र की एल लाइन, बड़ी मजार, लोहार मंडी, सोनार पट्टी, सिंधी धर्मशाला, गुजराती स्कूल, कांच मंदिर क्षेत्र, सरदार पटेल कॉलोनी और खैरखानी वार्ड शामिल हैं। सहायक यंत्री एचटी मेंटेनेंस रोहित भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।
भूपाल नोबल्स विद्या प्रचारिणी सभा के भौतिक कब्जा दिलाए जाने की मांग को लेकर मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान की जिला प्रशासन के साथ सोमवार को बैठक हुई। करीब 3 घंटे तक चली वार्ता के बाद संस्थान ने 28 अप्रैल को अपना प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने 2 दो दिन में इस संबंध में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। संस्थान अध्यक्ष बालूसिंह कानावत ने बताया कि प्रशासन ने हमारी मांगों पर गंभीरता दिखाते हुए 2 दिन में सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया है। समाधान नहीं होता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में आईजी गौरव श्रीवास्तव, एसपी डॉ अमृता दुहन, एडिशनल एसपी उमेश ओझा, कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एडीएम जितेन्द्र औझा सहित संस्थान पदाधिकारी मौजूद थे। चार्ज के लिए बनी है टकराव की स्थितिबता दें, पूर्व प्रबंधन का कार्यकाल 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बाद चुनाव होने थे लेकिन वर्तमान प्रबंधन द्वारा नए सदस्यों को जोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। ऐसे में जो सभा के सदस्य नहीं बन सके, वे कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सभा के प्रधान संरक्षक और अध्यक्ष विश्वराजसिंह मेवाड़ इस संबंध में निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसके बाद प्रधान संरक्षक ने एक एडहॉक कमेटी का गठन किया था, जिन्हें चार्ज लेकर ऑडिट कराने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन वर्तमान चार्ज संभाल रही कार्यकारिणी इसके लिए राजी नहीं है। ऐसे में एडहॉक कमेटी और पूर्व कार्यकारिणी में टकराव की स्थिति बनी हुई है।
जशपुर में परिसीमन को लेकर सियासी संग्राम तेज:विधायक विद्यावती सिदार का भाजपा पर सीधा हमला
जशपुरनगर में रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र की विधायक विद्यावती सिदार ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण का नहीं, बल्कि जनगणना प्रक्रिया पूरी होने से पहले 'पिछले दरवाजे' से परिसीमन करने के भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रयासों का विरोध कर रही है। विधायक सिदार जिला कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद से पारित होकर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून बन चुका है। भाजपा का आरोप निराधार:विधायक सिदारविधायक सिदार ने जोर देकर कहा कि महिलाओं को शासन-प्रशासन में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व देना कांग्रेस की हमेशा प्राथमिकता रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि देश को इंदिरा गांधी के रूप में पहली महिला प्रधानमंत्री, मीरा कुमार के रूप में पहली लोकसभा अध्यक्ष और विजय लक्ष्मी पंडित के रूप में पहली महिला राजदूत कांग्रेस ने ही दी है। ऐसे में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विधायक सिदार ने बीजेपी पर आरोप लगाए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विधायक सिदार ने आरोप लगाया कि हाल ही में लोकसभा में एनडीए ने प्रस्तुत किया गया नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पूरी तरह से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों से प्रेरित था।उन्होंने कहा कि लोकसभा में अपेक्षित परिणाम न मिलने के बाद प्रधानमंत्री सहित भाजपा और एनडीए के मंत्री व नेता कांग्रेस पर दोष मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश की जनता सब समझ रही है।राजीव गाँधी ने दिया था 33 प्रतिशत आरक्षण इस पत्रकारवार्ता में कांग्रेस की प्रदेश सचिव रत्ना पैंकरा भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार महिलाओं को पंचायती राज अधिनियम के माध्यम से 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दिया था। पैंकरा ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने स्वयं पंचायती राज अधिनियम में मिले आरक्षण के आधार पर पहली बार चुनाव लड़ा था।
प्राइवेट बस में आग लगी, 2 लोग जिंदा जले:भिवानी से हांसी जा रही थी बस; मिलकपुर गांव के पास हादसा
हरियाणा के हांसी में सोमवार देर शाम एक प्राइवेट बस में अचानक आग लग गई। जिसमें 2 लोग जिंदा जल गए। अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। बस भिवानी से हांसी की तरफ जा रही थी। मिलकपुर गांव के पास यह हादसा हुआ। कुछ ही देर में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
चंदौली जिले के सदर ब्लॉक स्थित बरठा गांव के एक पुराने प्राकृतिक तालाब को 'अमृत सरोवर' और 'उत्तरापथ अमृत वन वाटिका' के रूप में विकसित किया गया है। सोमवार शाम को प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और जिले के प्रभारी संजीव कुमार गोंड तथा राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने इसका लोकार्पण किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर जगत साई भी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गोंड ने इस दौरान बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को भ्रमण व मनोरंजन के लिए एक सुंदर स्थान प्रदान करने हेतु तालाब का पुनरुद्धार किया गया है। इस सरोवर के चारों ओर वॉकिंग ट्रैक, बेंच, हरियाली (गार्डन), सुलभ शौचालय और हाईटेक टिन शेड लगाए गए हैं। मंत्री ने आगे कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के पास होने के कारण यह स्थान दिल्ली से बंगाल और बिहार राज्यों के पर्यटकों के लिए एक पर्यटन स्थल बन सकेगा। उन्होंने बताया कि यह पहल 'अमृत सरोवर' मिशन के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य भूजल स्तर को बढ़ाना और गांव के पर्यावरण को सुंदर बनाना है। राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने इस परियोजना को जल संरक्षण, हरित वातावरण और प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित उत्तरापथ अमृत वन वाटिका क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित कर भूजल स्तर सुधारने में भी सहायक होगी। यह परियोजना स्वच्छता, सतत विकास और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
देवरिया में सोमवार को एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो जाने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगन के मौसम में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। जिन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध था, वहां सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। जिला मुख्यालय और आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर सोमवार सुबह से ही पेट्रोल नहीं था। इससे लोग पेट्रोल के लिए एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते रहे। 27 अप्रैल को लगन होने के कारण शादी-विवाह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिक थी, जिससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रही। शाम करीब 7 बजे खुखुंदू स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए सैकड़ों दोपहिया वाहनों का जमावड़ा लग गया। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। पंप पर व्यवस्थित लाइन न होने के कारण अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हर कोई पहले पेट्रोल भरवाने की कोशिश में था, जिससे कई बार आपसी कहासुनी और झड़प की स्थिति बन गई। परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोगों की पेट्रोल पंप कर्मचारियों से बहस हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में पेट्रोल वितरण दोबारा सुचारु किया गया। जिला पूर्ति अधिकारी संजय पांडे ने बताया कि बैतालपुर डिपो से पेट्रोल की निकासी प्रभावित होने के कारण जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी और सभी पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध हो जाएगा। फिलहाल, पेट्रोल की कमी से आम लोगों, खासकर शादी समारोह में शामिल होने वाले परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धार के आदर्श सड़क शहीद चौराहा पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि कार को नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार (क्रमांक MP 13 CB 3290) त्रिमूर्ति चौराहा से घोड़ा चौपाटी की ओर जा रही थी। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। हादसे के समय कार में चालक अकेला सवार था, जो देवास का निवासी बताया जा रहा है। वह धार में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक शराब के नशे में था, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और हादसा हो गया। टक्कर की तेज आवाज से मौके पर जुटे लोग टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। गनीमत रही कि चालक और राहगीर सभी सुरक्षित रहे और बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को संभाला। कुछ समय के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति रही, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।
गोरखपुर के विद्युत कर्मचारियों ने बिजली के निजीकरण के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशव्यापी आह्वान के साथ जुड़ते हुए कर्मचारियों ने विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर सरकार से निजीकरण की प्रक्रिया तुरंत वापस लेने की मांग की। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। उनका कहना है कि निजीकरण के बाद बिजली दरों में बढ़ोतरी तय है और ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। 500 दिन से जारी है आंदोलनकर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले करीब 500 दिनों से निजीकरण के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अब इस आंदोलन को किसानों और मजदूर संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिससे यह संघर्ष और व्यापक हो गया है। कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर की प्रीपेड व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही आंदोलन में शामिल कर्मचारियों पर हो रही कार्रवाई को भी तुरंत बंद करने की मांग की गई। जन-जागरण अभियान से बढ़ी सक्रियतासंघर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरण अभियान के तहत गोरखपुर समेत अन्य जिलों में लगातार सभाएं और बैठकें हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लोगों को निजीकरण के प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि 13 मई को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दिन कर्मचारी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन और तेज करने की चेतावनीसंघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ किया कि यह लड़ाई बिजली व्यवस्था, उपभोक्ताओं के हित और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगी।
गाजीपुर जनपद में स्व. निशा शर्मा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। कानपुर में विश्वकर्मा समाज और विभिन्न संगठनों ने इस घटना के विरोध में एकजुट होकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई है। विश्वकर्मा यूथ ब्रिगेड और समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पार्षद अर्पित यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सोमवार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार को दिया गया। ज्ञापन में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा दिए जाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज इस घटना को लेकर गंभीर है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान अखिल भारतीय विश्वकर्मा यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष रोहित विश्वकर्मा और छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष अनूप यादव सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोटपूतली में देर शाम को चली धूल भरी आंधी:शादी समारोहों में टेंट उड़े, एलईडी स्क्रीन गिरी
कोटपूतली और आसपास के गांवों में सोमवार शाम को धूल भरी आंधी ने शादी समारोहों में भारी व्यवधान डाला। अबूझ सावे पर हो रहे विवाह आयोजनों में अचानक मौसम बदलने से अफरा-तफरी मच गई और लाखों रुपए का नुकसान हुआ। शाम करीब 6:30 बजे क्षेत्र में अचानक तेज धूल भरी आंधी शुरू हो गई। इससे कई स्थानों पर टेंट व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तेज हवाओं के कारण टेंट के कपड़े फट गए, गद्दे भीग गए और लोहे के पाइप और फ्रेम मुड़ गए। फेमस फोटो स्टूडियो के मालिक शंकर लाल यादव ने बताया- आंधी से एलईडी स्क्रीन गिरने से नुकसान हुआ। मान्यवाली निवासी टेंट व्यवसायी महावीर यादव ने बताया- उनके टेंट का कपड़ा फट गया, गद्दे भीग गए और कई लोहे के पाइप व ट्रस्ट (फ्रेम) मुड़ गए। हलवाई दिलीप सिंह ने बताया कि शादियों में गैस सिलेंडर की कमी के कारण लकड़ी की भट्टियों पर खाना बनाया जा रहा था। आंधी के कारण काम रोकना पड़ा, जिससे भोजन तैयार करने में काफी परेशानी हुई। खुले में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया। विपिन खातोदीया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके बेटे की शादी के दौरान 'भात भरने' की रस्म चल रही थी, तभी अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। इस दौरान सभी लोग सुरक्षित रूप से मकान के अंदर चले गए, हालांकि तेज हवाओं के कारण टेंट का प्रवेशद्वार गिर गया।
कानपुर के सीपीसी रेलवे गोदाम में कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बढ़ते डेमरेज चार्ज और बदहाल बुनियादी ढांचे से परेशान व्यापारियों ने अब मोर्चा खोल दिया है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन निदेशक (डिप्टी सीटीएम) आकांशु गोविल से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने साफ कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो माल की आवक और भी कम हो जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि दो साल पहले तक गोदाम का कार्य समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यानी 16 घंटे था, जिसमें 8 घंटे की छूट मिलती थी। लेकिन इसे 24 घंटे किए जाने के बाद व्यापारियों पर डेमरेज और वारफेज चार्ज का भारी बोझ बढ़ गया है। ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि रात के समय काम न के बराबर होता है, फिर भी व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस कारण सीमेंट, फर्टिलाइजर और नमक का कारोबार ट्रकों की ओर शिफ्ट हो गया है, जिससे रेलवे का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। सड़कें और ड्रेनेज व्यवस्था ध्वस्तगोदाम के अंदर बुनियादी सुविधाओं की हालत भी बेहद खराब है। लोकल ट्रक सर्विस यूनियन के अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने बताया कि गेट नंबर-2 के बाहर बनी सड़क दो साल पहले ही खराब हो गई। निर्माण में इस्तेमाल किए गए स्लीपरों की फिनिशिंग सही न होने से ट्रकों के टायर लगातार फट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं हुआ, तो जलभराव के कारण ट्रकों का फंसना तय है। इसके अलावा नए शेड में पानी टपकने से सीमेंट जैसी सामग्री भीगकर खराब हो रही है। स्ट्रीट लाइटें गायब, आवारा जानवरों का डेराव्यापारियों ने सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता ने कहा कि गोदाम के अंदर लगी स्ट्रीट लाइटें चोरी हो चुकी हैं और आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे रात के समय काम करना जोखिम भरा हो गया है। इसके साथ ही मजदूरों और ड्राइवरों के लिए कैंटीन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई, ताकि उन्हें कम दाम पर भोजन मिल सके। स्टेशन निदेशक ने दिया कार्रवाई का आश्वासनव्यापारियों की तमाम शिकायतें सुनने के बाद स्टेशन निदेशक आकांशु गोविल ने भरोसा दिलाया कि गोदाम के अंदर की व्यवस्थाओं को जल्द सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 घंटे की शिफ्ट फिर से लागू करने की मांग का ज्ञापन उच्च अधिकारियों, डीआरएम प्रयागराज, को भेजा जाएगा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो व्यापार पर और बुरा असर पड़ सकता है।
प्रयागराज की सिविल लाइन्स पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम से संबंधित एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की। आरोपी की तलाश सिविल लाइन्स थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 133/2026 से संबंधित थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 326(जी) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4/6 के तहत पंजीकृत है। पुलिस को लंबे समय से इस वांछित अभियुक्त की तलाश थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। सिविल लाइन्स स्थित एक बिरयानी रेस्टोरेंट के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान 20 वर्षीय शांतनु भारतीया के रूप में हुई है, जो लल्लू भारतीया का पुत्र और सदर बाजार, आनंदबाग, थाना कैंट, प्रयागराज का निवासी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शांतनु भारतीया पर खतरनाक हथियार या विस्फोटक पदार्थ के उपयोग से संबंधित गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने इस गिरफ्तारी को मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि इस प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिविल लाइन्स पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
गोरखपुर में मंगलवार को रहेगा बिजली शटडाउन:अलग-अलग समय पर होगी कटौती, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
गोरखपुर में मंगलवार को सीएम ग्रीड योजना के तहत कार्य और उपकेंद्र पर तकनीकी सुधार के कारण राप्तीनगर और जगदीशपुर क्षेत्र में अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग ने प्रभावित इलाकों के उपभोक्ताओं को पहले से सतर्क रहने को कहा है। राप्तीनगर के प्रमुख फीडर 5 घंटे बंद रहेंगेउपखंड अधिकारी राप्तीनगर के अनुसार 33/11 KV उपकेंद्र राप्तीनगर ओल्ड से निकलने वाले 11 KV कृष्ण नगर, रंजनकी नगर, मोती पोखरा, पत्रकारपुर, राप्तीनगर फेस थर्ड और दूरदर्शन फीडर की बिजली आपूर्ति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। यह कटौती सीएम ग्रीड योजना के तहत लाइन और सिस्टम सुधार कार्य के चलते की जा रही है। जगदीशपुर में सीटी स्थापना के चलते 4 घंटे सप्लाई बाधितवहीं, जगदीशपुर उपकेंद्र पर करंट ट्रांसफॉर्मर (सीटी) लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके कारण दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं को सलाह, पहले से करें तैयारीबिजली विभाग ने कहा है कि निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्य पहले निपटा लें और पानी व अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से कर लें, ताकि असुविधा कम हो। विभाग ने सहयोग के लिए उपभोक्ताओं का धन्यवाद भी दिया है।
ग्वालियर नगर निगम की परिषद में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर हंगामा देखने को मिला। भाजपा के पार्षदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार सहित कांग्रेस के सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सदन में विरोध का अनोखा दृश्य दिखा। भाजपा की महिला पार्षद ने सभापति की कुर्सी पर बैठकर बैठक का संचालन किया। अन्य भाजपा पार्षद भी काले कपड़ों में मौजूद थे। यह विरोध प्रदर्शन नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक पत्र के बाद हुआ। भाजपा पार्षदों ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से संबंधित घटनाक्रम को लेकर निंदा प्रस्ताव पेश किया था। इसी प्रस्ताव के समर्थन में भाजपा ने यह विरोध जताया। पुरुष पार्षद काली टी-शर्ट और काली पट्टी बांधकर आए, जबकि महिला पार्षदों ने काली साड़ियां पहनीं। उनका कहना था कि यह मुद्दा महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से जुड़ा है। कांग्रेस का कोई पार्षद बैठक में नहीं इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कांग्रेस का बहिष्कार रहा। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार की कुर्सी खाली थी और कांग्रेस का कोई भी पार्षद बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। कांग्रेस ने इस विशेष बैठक का पूरी तरह बहिष्कार कर भाजपा के प्रस्ताव का विरोध किया। पिछली बैठक में महापौर और कांग्रेस पार्षदों ने भारी हंगामा किया था। ऐसे में, जब भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहती थी, तब कांग्रेस की अनुपस्थिति को एक सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

