IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां रहेगा मानसून का सबसे ज्यादा असर।
DU में हॉस्टल पाना नहीं होगा आसान: जानें क्या हैं आवंटन के नए कड़े नियम और मेरिट का गणित
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिला मिलने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—एक सुरक्षित और किफायती हॉस्टल हासिल करना! देश-विदेश से आने वाले लाखों स्टूडेंट्स के बीच हॉस्टल की सीमित सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में सिर्फ अच्छे अंक होना ही काफी नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी के कड़े नियमों और प्राथमिकताओं को समझना भी बेहद जरूरी है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से पूरी प्रक्रिया और नियमों को आसान भाषा में समझते हैं।मेरिट और घर की दूरी: हॉस्टल मिलने के दो सबसे बड़े आधारदिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में कमरों का आवंटन मुख्य रूप से दो प्रमुख पैमानों पर निर्भर करता है—आपकी अकादमिक मेरिट (Academic Merit) और घर की दूरी (Distance from Delhi)।यूनिवर्सिटी के नियमानुसार, जिन छात्रों के नाम प्रवेश परीक्षा या कट-ऑफ (CUET/Merit) की लिस्ट में टॉप पर होते हैं, उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर (NCT) के निवासी छात्रों को हॉस्टल अलॉट नहीं किया जाता। अभ्यर्थी का घर दिल्ली से जितना अधिक दूर होगा, उसके हॉस्टल मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।कैसे होती है आवेदन प्रक्रिया और चयन की स्टेज?कॉलेज में एडमिशन कंफर्म होने के बाद छात्रों को संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी हॉस्टल की आधिकारिक वेबसाइट/कार्यालय से हॉस्टल फॉर्म भरना होता है।शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): आपके अंकों और श्रेणी (UR, OBC, SC, ST, PwD, EWS) के आधार पर पहली ड्राफ्ट मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।इंटरव्यू और वेरिफिकेशन (Interview & Verification): शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को हॉस्टल एडमिशन कमेटी (प्रॉवोस्ट/वार्डन) के सामने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।लोकल गार्जियन का होना अनिवार्य: दिल्ली में रहने वाले एक अधिकृत 'लोकल गार्जियन' (Local Guardian) की जानकारी देना फॉर्म में अनिवार्य है, जो किसी भी आपात स्थिति में जवाबदेह हों।सीमित सीटें और बैकअप प्लान का ध्यान रखना क्यों जरूरी?डीयू के पास छात्रों की कुल संख्या की तुलना में हॉस्टल सीटें काफी सीमित हैं। उदाहरण के लिए, किसी एक कोर्स या कैटेगरी के हिस्से में महज 2 से 5 सीटें ही आती हैं। ऐसे में अगर किसी कारणवश मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आता है, तो छात्रों को पहले से ही कैंपस के आसपास (जैसे नॉर्थ या साउथ कैंपस) पेइंग गेस्ट (PG) या शेयरिंग फ्लैट्स का विकल्प तलाश कर रखना चाहिए। इसलिए, समय रहते सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना ही हॉस्टल पाने की संभावनाओं को मजबूत बनाता है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत एक 14 वर्षीय लापता किशोर को बरामद किया है। किशोर 22 जुलाई से अपने घर से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दिल्ली के कंझावला थाने में दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ को रेल मदद के जरिए सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 02564 के एस-1 कोच की बर्थ नंबर 71 पर एक नाबालिग अकेले यात्रा कर रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ट्रेन में पहुंची और फोटो के आधार पर किशोर की पहचान कर उसे सुरक्षित कानपुर सेंट्रल स्थित आरपीएफ पोस्ट ले आई। परिजनों की डांट से नाराज होकर घर से निकला था आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने पूछताछ की तो किशोर ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चला आया था। परिवार के लोग उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए अक्सर समझाते और डांटते थे। इसके बाद आरपीएफ ने उसके पिता से संपर्क किया, जिन्होंने 22 जुलाई को बेटे के घर से लापता होने की पुष्टि की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा पुष्टि होने के बाद गुरुवार को दिल्ली के कंझावला थाने से उपनिरीक्षक पावेल और हेड कांस्टेबल दिनेश कानपुर पहुंचे। उन्होंने गुमशुदगी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज आरपीएफ को उपलब्ध कराए। सभी दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन करने के बाद आरपीएफ ने किशोर को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, भटके या लापता बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कानपुर सेंट्रल पर की गई यह कार्रवाई इसी अभियान की एक सफल कड़ी है।
लखनऊ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को भीम आर्मी से जुड़े छात्रों और पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में धरना दे रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया। देखिए 3 तस्वीारें… प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे आंदोलन के साथ वे पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन का भी समर्थन जताया और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल तैनात, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया प्रदर्शन को देखते हुए बाबा साहेब आंबेडकर प्रतिमा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीम आर्मी से जुड़े कई छात्रों और पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए ईको गार्डन भेज दिया, जहां उन्हें धरना स्थल पर रखा गया।
कांग्रेस ने दिल्ली में पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और छात्रों के मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, कांग्रेस जिला कार्यालय पर लाठी-डंडे लेकर कार्यकर्ता तैनात रहे, क्योंकि कार्यालय के घेराव की सूचना थी। कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों और अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए कथित बर्बर व्यवहार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले को जूतों से रौंदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने इस अवसर पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने तानाशाही की सभी हदें पार कर दी हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर मोदी सरकार और आरएसएस की चुप्पी को भी उजागर किया। जियाउर्रहमान ने भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों से गुलामी से बाहर निकलकर छात्रों के समर्थन में आने का आह्वान किया। जियाउर्रहमान ने दावा किया कि जनता ही सांसद और विधायक बनाती है, और 2027 तथा 2029 के चुनावों में भाजपा का सफाया तय है। उन्होंने यह भी कहा कि बुलंदशहर जिले के कांग्रेसी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के अलावा प्रशांत बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, साजिद गाजी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी, आशु कुरैशी, सुरेंद्र उपाध्याय, शुभम कौशिक और साहिल सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म 'CJP' (Citizens for Justice ...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज वीरवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन, सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सुबह करीब साढे 10 बजे लोग कन्हैया साहिब चौक पर इकट्ठा हुए, जिसके बाद करीब 11 बजे लघु सचिवालय की तरफ बढ़ना शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे जाम की स्थिति पैदा हो गए। इस तरफ की सड़क को बंद करके वन-वे ट्रैफिक चलाया गया। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग किसान व अन्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने बताया कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग भाकियू टिकेत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी कीं, जिससे कई छात्र-युवा घायल हो गए। इस घटना से पूरे देश में युवाओं और किसानों में रोष है। सर्व समाज मोर्चा की राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
हरियाणा में NEET पेपर लीक, दिल्ली में लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के समर्थन में आज भी कई जगह धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। धरनों पर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। रोजाना हरियाणा से सुबह की ट्रेनों और बसों में जंतर-मंतर पर लोग जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी विरोध -प्रदर्शनों को देखते हुए मैदान में आ गए हैं। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज गुरुग्राम में कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भी बाकि जिलों में विपक्षी दल प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। बता दें कि कल भी हरियाणा में बड़े स्तर पर युवाओं व विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया था। पंचकूला में कांग्रेस नेताओं व वर्करों ने भाजपा कार्यालय पंचकमल का घेराव किया था और यहां करीब आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया था। हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें:-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीएल पुनिया ने दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। पुनिया ने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए। पीएल पुनिया ने बताया कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर छात्रों की आवाज उठाई थी। उन्होंने लाखों छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनके भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार से समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनिया ने जोर दिया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी के साथ शर्मनाक व्यवहार राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में लेना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए व्यवहार को बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पीएल पुनिया ने चेतावनी दी कि आज का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नौजवान जिस दिशा में जाएगा, सत्ता का रुख भी उसी दिशा में बदलेगा।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में दिल्ली विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट दोनों पर रोक लगाए जाने के कारण बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर यात्री भटकते नजर आए और दिल्ली जाने के लिए उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो और बसों का लेना पड़ा सहारा बहादुरगढ़ की ग्रीन लाइन पर रोजाना करीब 50 हजार से अधिक यात्री दिल्ली की ओर आते-जाते हैं। मेट्रो सेवा के जरिए नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बुधवार का सफर मुश्किल भरा रहा। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के बाद कई यात्रियों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का सहारा लेना पड़ा। इससे सड़क मार्ग पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और कई जगह ट्रैफिक का दबाव भी देखने को मिला। द्वारका मोड़ से लेकर दिल्ली तक परेशानी सुबह के समय बहादुरगढ़ के सिटी पार्क, बस स्टैंड और अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने के लिए निकले यात्रियों को रास्ते में ही मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में यात्री सड़क मार्ग की ओर चले गए। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों ने भी यात्रियों से दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त किराया लिया। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लगा। मेट्रो से रोजाना दिल्ली जाने वाली महिला कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो सेवा बंद होने की वजह से उन्हें वैकल्पिक साधनों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले से मेट्रो बंद होने की जानकारी होती, तो वे घर से निकलने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते। डीएमआरसी और पुलिस की स्थिति पर नजर डीएमआरसी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेट्रो संपत्ति समेत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद बंद किए गए स्टेशनों को दोबारा खोलने की आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। तब तक यात्रियों को दिल्ली की ओर यात्रा करने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी गई है। विरोध प्रदर्शन के बीच मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का सीधा असर बहादुरगढ़ के उन हजारों यात्रियों पर पड़ा, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। मेट्रो के पहिए थमते ही यात्रियों को सड़क पर उतरना पड़ा। दिल्ली का सफर उनके लिए परेशानी और अतिरिक्त समय वाला साबित हुआ।
2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सजा सुनाई जाएगी। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में 6 साल बाद 13 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। एडीशनल सेशन जज प्रवीण सिंह की कोर्ट ने 11 में से 6 आरोपी बरी कर दिए थे। वहीं नाजिम, काशिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया था। हिंसाग्रस्त इलाके के नाले में मिला था अंकित का शव यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था, तभी लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन सुबह पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया था। रविंदर कुमार का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ताहिर हुसैन के ऑफिस में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को नाले में फेंक दिया गया। मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था। 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा 23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। 26 फरवरी तक चले दंगों में 53 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। मरने वालों में 38 मुसलमान और 15 हिंदू थे। करीब 800 दुकानें जला दी गईं। 500 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। भास्कर नॉलेज… ताहिर ने पैरोल पर जेल से बाहर आकर लड़ा था 2025 का विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने जीत दर्ज की थी, जबकि ताहिर हुसैन तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें करीब 33 हजार वोट मिले थे। चुनाव प्रचार के लिए ताहिर कस्टडी पैरोल पर बाहर आए थे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिकता का फैसला निष्पक्ष प्रक्रिया से हो: गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला रद्द, दोबारा सुनवाई होगी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के 27 लोगों को विदेशी घोषित करने से जुड़े मामलों में गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले रद्द कर दिए। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता या विदेशी होने का फैसला निष्पक्ष, कानूनी और उचित प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली में लाठीचार्ज का कोंडागांव में हुआ विरोध, पीएम का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज | कोंडागांव छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर बुधवार को जिला युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कोंडागांव ने दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। पुराना बस स्टैंड में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी हुई। पुतला दहन किया गया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग ने कहा कि दिल्ली में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों का बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, महिलाओं और छात्रों के कपड़े फाड़ना, पथराव करना लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। छात्रों की आवाज डंडे के बल पर दबाने का हर प्रयास निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में कोंडागांव में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के सम्मान, अधिकार, न्याय की लड़ाई में आवाज उठाई। केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार छात्र विरोधी है। शिक्षा, रोजगार, हक की मांग करने वाले छात्रों पर लाठी चलवाना तानाशाही है। दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुई घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। जायज़ मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों की बात सुनने की जरूरत है। संवाद से समाधान निकालने की जरूरत है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा, एनएसयूआई इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुतला दहन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के महेन्द्र नेताम, जिला महामंत्री जीपी यादव, कोषाध्यक्ष हरमोहन सिंह कोहली, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी, प्रदेश सचिव सकुर खान, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमा देवांगन, कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन आदि मौजूद रहे।
रामपुर के दिल्ली-लखनऊ हाईवे-24 पर रेडिको खेतान फैक्ट्री के सामने बुधवार रात करीब 10 बजे दो टेंपो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दोनों टेंपो चालकों समेत पांच लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मृतक की पहचान कराने और उसके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घायलों में मूंढापांडे थाना क्षेत्र के खबड़िया निवासी विशाल, एक टेंपो चालक तथा अन्य यात्री शामिल हैं। एक अन्य टेंपो चालक की पहचान शहजादनगर थाना क्षेत्र के ककरोआ निवासी अनिल के रूप में हुई है। दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि तीन अन्य का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद घायल महिला यात्री वालेश (30) ने आरोप लगाया कि एक टेंपो चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था, जिसकी लापरवाही से दुर्घटना हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दावे की जांच की जा रही है और मेडिकल जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओंकार सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
पीलीभीत में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की एक युवती ने आरोप लगाया है कि बीसलपुर के एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया। शादी के बाद युवक की असली पहचान सामने आने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बीसलपुर थाना क्षेत्र में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध बनाए और शादी कर ली। विवाह के बाद जब उसे युवक की वास्तविक पहचान का पता चला तो विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे ससुराल से निकाल दिया गया। पीड़िता बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है और दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हुए हिंदू नाम बताया और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। युवक उसे छोड़कर चला गया पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद आरोपी उसे अपने गांव, थाना बीसलपुर क्षेत्र, लेकर पहुंचा। यहां आने पर उसे युवक की वास्तविक धार्मिक पहचान की जानकारी हुई। खुद को धोखे का शिकार महसूस करने पर उसने इसका विरोध किया और अपने परिजनों को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे छोड़कर चला गया। परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत युवती का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की, प्रताड़ित किया और घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने बीसलपुर थाने पहुंचकर आरोपी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। बीसलपुर के थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने बुधवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और पटना में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में था। एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना के नेतृत्व में बुधवार शाम करीब 4 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से थाना चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पैदल मार्च थाना चौक पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पटना में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से छात्रों के प्रति अपनाए गए रवैये पर पुनर्विचार करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस पूरे क्षेत्र में तैनात रही। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन की मौजूदगी में ट्रैफिक थाना पुलिस भी मुस्तैद रही। पुलिस की सतर्कता के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग और बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। एमएसयू ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करती है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने और छात्र आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 41 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। निगम आयुक्त की मंजूरी से जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत छह वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, छह अधिकारियों का तबादला किया गया है और 29 अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई तैनाती दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना, संपत्ति कर व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिक सेवाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। एमसीडी के सहायक आयुक्त गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। निगम अब संपत्ति कर के दायरे का विस्तार करने और जोन स्तर पर जवाबदेही तय करने की रणनीति पर काम कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत कुंदन कुमार को सिविल लाइंस जोन के साथ संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साहिल ग्रोवर दक्षिण जोन के साथ करोल बाग जोन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे, जबकि मनस्वी चौधरी केंद्रीय क्षेत्र के साथ केशवपुरम जोन की जिम्मेदारी देखेंगी। राकेश कुमार को कार्मिक, प्रशिक्षण और डीसी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, एच. कश्यप और के.के. बर्मन को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। दूसरे आदेश के तहत छह प्रशासनिक अधिकारियों और सहायक निर्धारक एवं कलेक्टरों का तबादला किया गया है। 29 अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-9 में तदर्थ पदोन्नति देकर विभिन्न जोनों और मुख्यालय में तैनात किया गया है। इनकी नियुक्ति शाहदरा, करोल बाग, सतर्कता, कानून और इंजीनियरिंग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में की गई है।
दिल्ली में आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एमसीडी के केशवपुरम जोन की टीम ने शाहदरा नॉर्थ और रोहिणी ज़ोन की टीमों के साथ मिलकर पश्चिम विहार और उसके आसपास के इलाकों में एक विशेष कैटल-कैचिंग (मवेशी पकड़ो) अभियान चलाया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान सड़कों पर घूम रहे 17 आवारा मवेशियों को पकड़ा गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। आवारा पशुओं के कारण सड़कों पर अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है] जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम प्रशासन का कहना है, दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित
सीकर में दिल्ली के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार को लेकर प्रदर्शन किया गया। छात्र संगठन SFI, संयुक्त किसान मोर्चा और सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन हुए। SFI ने 23 जुलाई से बड़े आंदोलन की चेतावनी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। SFI का प्रदर्शन, कल से करेंगे बड़ा आंदोलन शेखावाटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते हुए SFI के जिलाध्यक्ष महिपाल गुर्जर और राजू बिजारणियां ने कहा कि केंद्र सरकार स्टूडेंट्स की आवाज को दबाने का काम कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। इतने बड़े आंदोलन के बावजूद सरकार चुप होकर बैठी है। अब सीकर में आंदोलन की गति तेज होगी। अब ये आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 23 जुलाई से बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसमें दिल्ली जंतर-मंतर की तरह रात जगो-देश जगाओ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि अब दिल्ली की तर्ज पर सीकर में 23 जुलाई से आंदोलन शुरू होगा। केंद्र सरकार के रेलवे विभाग का घेराव किया जाएगा। 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे SFI कार्यकर्ताओं के साथ स्टूडेंट्स रेलवे स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। 24 जुलाई को स्टूडेंट्स स्ट्राइक होगी, जिसमें कोचिंग के स्टूडेंट्स से भी शामिल होने की अपील की गई है। 24 जुलाई की रात में कल्याण सर्किल पर दिल्ली जंतर-मंतर की तरह ‘रात जगो-देश जगाओ’ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। किसानों ने निकाली आक्रोश रैली संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों और मजदूरों ने आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर PM नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक पेमाराम ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों और देश की कृषि व्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होगा। दिल्ली के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। आज देश के स्टूडेंट्स, किसान और पशुपालक सड़कों पर आने को मजबूर हो गया है। सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में आज जाटिया बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। निवर्तमान सभापति जीवण खां व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक राजेंद्र पारीक ने केंद्र सरकार अब दमनकारी नीति पर उतर आई है। देश की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसजनों ने दिल्ली में राहुल गांधी और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार करने पर भारी आक्रोश जताया। विधायक पारीक ने कहा कि स्टूडेंट्स की आवाज को दबाया तो देशभर में उग्र आंदोलन होंगे।
डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी, आंसू गैस और पत्थरों के साथ उनपर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर उनकी कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। लड़कियों पर गलत तरीके से गलत जगह डंडा मारना, बिना नेमप्लेट की वर्दी, कई के पास तो वर्दी भी नहीं। कार्रवाई के चार तरह के वीडियोज का हमने कानून की कसौटी पर एनालिसिस किया है… 1. प्रदर्शनकारी लड़कियों को गलत तरीके से पीटना ये कुछ रिकॉर्डेड मामले हैं। लड़कियों ने मीडिया कैमरों पर बताया कि पुरुष सुरक्षाकर्मी लाठियां चलाते हुए गालियां दे रहे थे। अभिजीत दीपके ने दावा किया की दिल्ली पुलिस के पुरुष अफसर ने एक लड़की के कपड़े फाड़े और उसकी छाती पर पैर देकर पीटा है। नियम-कानून क्या है? 2. ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों के नेमप्लेट गायब थे प्रदर्शनकारियों पर डंडे चलाने वाले दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों ने अपने नाम वाले बैज नहीं पहने थे। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए ऐसे कई वीडियोज बनाए हैं। RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत ने मीडिया से कहा, ‘हम कुछ प्रोटेक्टिव गियर पहनते हैं, जिसकी वजह से नेमटैग गिर सकते हैं। ये किसी के पैर के नीचे आ सकते हैं। हमें अपने नाम का सम्मान रखना होता है, इसलिए बैज निकाल देते हैं।’ दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दैनिक भास्कर से कहा कि ऐसी स्थिति में नेमप्लेट टूट जाती है। ये जानबूझकर नहीं किया गया है। नियम-कानून क्या है? 3. बिना वर्दी के प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले कौन थे नियम-कानून क्या है? 4. जरूरत से बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल अगर ये दावे सही हुए तो ऐसा पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक स्टन गन (शॉक बैटन) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। नियम-कानून क्या हैं? दैनिक भास्कर के सवालों पर दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि ये सब एकतरफा कहानियां हैं, जो पुलिस के खिलाफ नैरेटिव बना रही हैं। सब कुछ सीसीटीवी पर कैद है, वीडियोग्राफी कराई गई है, इसलिए कोई छिप नहीं सकता। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के साथ ही बर्बरता का मुद्दा उठाया। तर्क दिया कि पुलिस की सख्ती की वीडियो सबूत मौजूद है। हालांकि CJI सूर्यकांत ने सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास देखने का समय नहीं है।' प्रदर्शनकारियों से मारपीट के आरोपों वाली याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड, जैसे CCTV और अन्य फुटेज, सुरक्षित रखने को कहा है। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस. राजू ने कहा कि याचिकाओं का मकसद पब्लिसिटी पाना था।इस पर हाईकोर्ट ने पूछा, आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका है? ***** डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में इस्तेमाल सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। ये विजुअल्स कॉकरोच जनता पार्टी, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों द्वारा पोस्ट किए गए हैं। दैनिक भास्कर इनकी टाइमिंग, लोकेशन और सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। स्टोरी में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों (प्रदर्शनकारी, CJP प्रवक्ता वगैरह) के दावे हैं। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर न जाकर, पीएम आवास क्यों पहुंचे राहुल गांधी:क्या CJP का प्रोटेस्ट हाइजैक करने की कोशिश, आगे क्या होगा 21 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ पैदल ही पीएम मोदी के आवास की तरफ चल दिए। न पुलिस को खबर थी, न मीडिया को। हालांकि 3 घंटे 20 मिनट बाद ही पुलिस ने बलपूर्वक राहुल-प्रियंका को उठाकर धरना खत्म करा दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित कांग्रेस आंदोलन से पहले असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस इलेक्शन कमेटी हरियाणा के सदस्य राकेश तंवर को बुधवार सुबह उनके पृथला स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। गदपुरी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई दिल्ली में छात्र आंदोलन के समर्थन और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध को रोकने के लिए की। बुधवार सुबह भारी संख्या में पुलिस बल राकेश तंवर के पृथला स्थित आवास पर पहुंचा। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई और किसी भी धरना-प्रदर्शन अथवा आंदोलन में शामिल होने पर रोक लगा दी गई। कांग्रेस कार्यकताओं ने जताई नाराजगी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। हालांकि, राकेश तंवर ने सभी से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की सलाह दी। गौरतलब है कि राकेश तंवर ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाकर छात्र आंदोलन का समर्थन करेंगे। साथ ही, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज कराएंगे। लाठियों का सहारा ले रही सरकार : तंवर तंवर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब छात्रों के सवालों से जवाब नहीं बनता, तब सत्ता लाठियों और गिरफ्तारियों का सहारा लेने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवाद करने के बजाय विरोध की हर आवाज को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाते रहे हैं। तंवर के अनुसार, राहुल गांधी की छात्र हितैषी सोच और युवाओं के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से घबराई सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है।
हांसी में दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जबकि पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को डिटेन किया गया। सदर थाना और शहर थाना पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की गतिविधियों पर रोक लगाई। पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को गोसाई गेट स्थित सैनी के आवास पर ही हिरासत में लिया गया, ताकि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। इन नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में हांसी विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राहुल मक्कड़, नलवा विधानसभा से प्रत्याशी रहे अनिल मान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमन शर्मा, हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा, नारनौंद से युवा कांग्रेस हल्का अध्यक्ष प्रमोद कुहाड़, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष (हांसी) राहुल सिवाच और हिसार ग्रामीण यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष सोविन भाटला शामिल हैं। हालांकि, नारनौंद के कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे और कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है और विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए नेताओं को नज़रबंद व डिटेन किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन में कील वाली लाठी के असली वीडियो को 'फेक' बताया
बूम ने पाया कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर छोटे आईं.
मैनपुरी के लोकमाता अहिल्याबाई होलकर किसान सेवा संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के जंतर-मंतर जा रहा था। पुलिस ने गोलाबाजार स्थित कैंप कार्यालय पहुंचकर यह कार्रवाई की। संगठन के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव शत्रुघ्न पाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का विरोध दर्ज कराया है। राष्ट्रीय प्रमुख लखमी चंद बघेल ने पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। शत्रुघ्न पाल ने घोषणा की है कि 23 जुलाई को सुबह 10 बजे मैनपुरी के जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों को इस दौरान उपस्थित रहने का आह्वान किया है। पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए गए लोगों में लखमी चंद बघेल, शत्रुघ्न पाल, दयाराम पाल, शीतल पाल पेरियार, पंकज पाल, धर्मेंद्र पाल, कौशल बघेल मैनपुरिया, संतोष राजपूत, सतीश पाल और शिवनाथ पाल शामिल हैं।
दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी के घरने प्रदर्शन की गूंज बुधवार मध्यप्रदेश विधानसभा में सुनाई दी। नीट परीक्षा सहित मध्य प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने ...
नरसिंहपुर जिले के सुभाष पार्क के पास बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र नेता मुकुल तिवारी ने इस दौरान बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से संबंधित हैं। तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मुकुल तिवारी ने 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई लाठीचार्ज की घटना पर गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और इस आंदोलन का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाया और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई की अपील की। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
मैहर में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एसडीएम दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और बाद में एसडीएम दिव्या पटेल को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन छात्रों और किसानों से जुड़ी समस्याओं सहित कई मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लगाए बैरिकेड हटाने को लेकर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति काबू में रही और कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जारी रखा। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बार-बार होते पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं के खिलाफ किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। वर्चुअल जुड़े राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमकर हुई नारेबाजी भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया और राहुल गांधी के साथ हुए बर्ताव की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में उठाईं ये प्रमुख मांगें राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस ने छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच, महंगाई पर लगाम, युवाओं को रोजगार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किसानों की समस्याओं के हल की मांग रखी। मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर सीएसपी महेंद्र सिंह, आरआई नृपेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी और बदेरा थाना प्रभारी अभिषेक सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
भिवानी में बुधवार को दिल्ली में नीट परीक्षा लीक के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी को डिटेन करने के खिलाफ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस दौरान कांग्रेसी चौधरी सुरेंद्र सिंह पार्क के सामने एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए वह लघु सचिवालय तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने लघु सचिवालय का गेट बंद करके कांग्रेसियों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। जबकि कांग्रेस अंदर जाने की बात कर रहे थे। इसको लेकर हंगामा होता रहा और माहौल गर्म रहा। लेकिन पुलिस ने कांग्रेसियों को अंदर घुसने नहीं दिया। एसडीएम ने बाहर आकर लिया ज्ञापन इसके बाद एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे। कांग्रेसियों ने गेट खुलवाकर अंदर आकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। लेकिन बात नहीं मानी तो एसडीएम ही बाहर चले गए। इस दौरान बरसात का पानी लघु सचिवालय के गेट के बाहर भरा हुआ था। इसी जमा पानी में एसडीएम को खड़े करके ज्ञापन दिया गया। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी एवं शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने किया। युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठियां बरसाई- कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी एवं शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि जिस प्रकार से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले 18-19 वर्ष तक के युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठियां बरसाई गई, उससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार तानाशाही और अहंकार की पराकाष्ठा पार कर चुकी है। इसे देश के युवाओं के भविष्य और उनके सपनों की रत्ती भर भी परवाह नहीं है। भाजपा सरकार पेपर लीक और भ्रष्टाचार का एक ऐसा जहरीला कॉकटेल तैयार कर रही है, जिसने लाखों होनहार युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। भाजपा का स्पष्ट एजेंडा देश के युवाओं को अनपढ़ और बेरोजगार रखकर भारत को दशकों पीछे धकेलना है, लेकिन कांग्रेस इस घटिया और क्रूर साजिश को कभी कामयाब नहीं होने देगी। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम पर गाज गिरनी चाहिए अनिरूद्ध चौधरी और प्रदीप गुलिया जोगी ने मांग की कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम पर गाज गिरनी चाहिए। जोगी ने कहा कि इस पूरे घोटाले और युवाओं के दमन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक नाकामी की बलि देश के बेकसूर युवाओं को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। पीएम आवास के बाहर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर अनिरूद्ध चौधरी एवं प्रदीप गुलिया ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जब इस देश में नेता प्रतिपक्ष तक को जनहित और युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाने का हक नहीं दिया जा रहा। जब मुख्य विपक्षी नेता को असंवैधानिक तरीके से हिरासत में ठोंक दिया जाता है, तो इस अहंकारी भाजपा सरकार के सामने एक आम नागरिक की हैसियत ही क्या रह जाती है। भाजपा का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।
जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने रोहतक जिले में महम के गांव भैणी चंद्रपाल में जनसंपर्क अभियान के दौरान दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने घोषणा की कि इस घटना के विरोध में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के कार्यकर्ता हरियाणा के प्रत्येक जिले में धरना प्रदर्शन करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने डंडों में कीलें लगाकर उन्हें पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए। उन्होंने इस कार्रवाई को अन्याय करार दिया। बुलावा आने पर जाएंगे दिल्ली : दिग्विजय दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जेजेपी ने फैसला किया है कि पार्टी कार्यकर्ता हरियाणा के सभी जिलों में धरना देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली से बुलावा आने पर वे वहां भी पहुंचेंगे। चौटाला ने जनता से अपील की कि वे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज सुबह हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला दिल्ली में सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया। दिग्विजय चौटाला ने सरकार की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसे सोनम वांगचुक कोई देशद्रोही हों।
दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में उज्जैन में धरना:शाम को कैंडल मार्च, 25 जुलाई को विशाल प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उज्जैन में प्रदर्शन किया गया। यह धरना टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के सामने आयोजित हुआ। भीम आर्मी और आर्य समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील आस्ते के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों का समर्थन किया। सुनील आस्ते ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज पर देशव्यापी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। आस्ते ने कहा कि उज्जैन का यह आंदोलन दिल्ली के छात्रों के समर्थन में है और न्याय मिलने तक जारी रहेगा। उनकी मांगों में नीट के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और उन्हें शहीद का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने बताया कि भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। यह धरना भीम आर्मी दिवस से शुरू हुआ है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा। आस्ते ने यह भी बताया कि देर शाम नीट परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों की याद में एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक शामिल होंगे। आंदोलन के अगले चरण के तहत 25 जुलाई को उज्जैन में एक विशाल मार्च निकालने की योजना है। यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगा, जहां राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। धरना स्थल पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने 'जय भीम' और 'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' के नारे लगाए। उन्होंने हाथों में संविधान की पुस्तकें भी ले रखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।
रांची पहुंची दिल्ली की सियासत की आग: राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भड़की राजनीतिक सरगर्मी की आग अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच चुकी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हिरासत और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रांची में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब उग्र प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन प्रदर्शन को संभालते हुए कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।सड़क पर उतरी कांग्रेस, जमकर हुई नारेबाजी और प्रदर्शनराहुल गांधी की हिरासत के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राजधानी रांची में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों और बल का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। रांची की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था भी काफी हद तक प्रभावित हुई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प, कई नेता हिरासत मेंप्रदर्शन के दौरान जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तयशुदा मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।झारखंड की राजनीति में गरमाया माहौल, आगे क्या होगी रणनीतिदिल्ली से लेकर रांची तक सुलग रही इस राजनीतिक चिंगारी ने आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे दिए हैं। विपक्षी दल इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार देते हुए पूरे राज्य में आंदोलन को और तेज करने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का मानना है कि कानून का पालन करना हर नागरिक और दल की जिम्मेदारी है। रांची में हुई इस गिरफ्तारी और उग्र प्रदर्शन के बाद से शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा में कई युवा घायल हो गए थे। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है और सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए हैं।अखिलेश यादव ने बताया क्यों नहीं ले रही सरकार इस्तीफाअखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी सरकार चाहकर भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं ले सकती है। सपा प्रमुख ने इसके पीछे बड़ा कारण बताते हुए कहा कि यदि एक मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो सरकार के कई अंदरूनी और बड़े राज खुल सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का दबाव और डर ही सरकार को कोई कड़ा कदम उठाने से रोक रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि व्यवस्था के भीतर कई परतें छिपाई जा रही हैं।पुलिस कार्रवाई की तुलना हिटलरशाही से कीछात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए अखिलेश यादव ने इसकी तुलना हिटलर के शासनकाल से कर दी। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से आए युवाओं के साथ जिस तरह का अमानवीय बर्ताव किया गया है, वैसा तानाशाही दौर में ही देखा जाता है। लोकतंत्र में इस तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जा सकती है, जहां युवाओं के सिर फोड़े जा रहे हैं और उन पर अत्याचार किया जा रहा है।
दिल्ली के जंतर मंतर में सोनम वांगचुक के धरने में शामिल होने जा रहे 2 युवक यूपी के अलीगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे की सूचना पर परिजन अलीगढ़ पहुंच गए हैं। दोनों युवक सीतापुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर ब्लॉक के ग्राम आरा निवासी दीपक सिंह (26) और उसका साथी सुरेश सिंह (26) नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में सोनम वांगचुक के धरने में शामिल होने के लिए 18 जुलाई को निकले थे। दोनों पल्सर बाइक से दिल्ली के लिए रवाना हुए। वे यूपी के रास्ते दिल्ली जा रहे थे। अलीगढ़ में हादसा, एक युवक की मौत बाइक सवार दोनों युवक अलीगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में दीपक सिंह की मौत हो गई, वहीं सुरेश सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। अलीगढ़ की पुलिस ने युवकों के पास मिले पहचान पत्र के आधार पर सीतापुर थाने को मामले की सूचना दी। सीतापुर पुलिस ने आरा के सरपंच अजीत तिर्की के माध्यम से परिजनों को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन अलीगढ़ रवाना हो गए हैं। दिल्ली जाने से पहले सोनम वांग्चुक के समर्थन में किया था पोस्ट युवकों ने दिल्ली रवाना होने के पूर्व सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के प्रदर्शन को समर्थन करते हुए पोस्ट में लिखा था कि हमारे सपने बिकाऊ नहीं हैं, हम न्याय लेकर रहेंगे। युवकों ने राधापुर, सरगुजा से बाइक से प्रस्थान का समय 18 जुलाई की रात 11 बजे का बताया था। दोनों युवक पल्सर बाइक से दिल्ली रवाना हुए थे। हादसे की सूचना मिलने पर गांव में शोक है। सीतापुर पुलिस ने बताया कि हादसे की सूचना मिली थी, परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को यमुनानगर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले जगाधरी अनाज मंडी गेट पर करीब एक घंटे तक धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को लाठियों और चप्पलों से पीटते हुए आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में कांग्रेसी लघु सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त प्रीति के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्र-युवा मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की। लाठीचार्ज को बताया अधिकारों का हनन कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कहा कि देशभर में छात्र-छात्राएं परीक्षा अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और भर्ती में देरी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस युवाओं की आवाज के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करेगी। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें, परीक्षा एवं भर्ती संबंधी मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए तथा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं। साथ ही छात्रों के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए उनकी लोकतांत्रिक मांगों पर न्यायोचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्र-युवाओं की आवाज उठा रहे हैं और पार्टी आगे भी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर झुकिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारनौल सचिवालय में धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की गई। और इसे दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन : सत्यवीर सत्यवीर झुकिया ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई कार्रवाई से लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। झुकिया ने बताया कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक विफलताओं के कारण देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है। ज्ञापन में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की गिरफ्तारी की भी निंदा की गई। झुकिया ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई को छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के निकट शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अनेक सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायकों को गिरफ्तार करने की निंदा उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में चंडीगढ़ स्थित राजभवन का घेराव करने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा कांग्रेस विधायकों को भी गिरफ्तार किया गया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न बताया गया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से कई मांगें की गईं। इनमें परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने अथवा उन्हें पद से हटाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा कराने तथा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मामलों को वापस लेकर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई समाप्त करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में यह नेता रहे शामिल इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राव होशियार सिंह, जसवंत सहरावत, कवींद्र एडवोकेट, डॉ. धीरज शर्मा और एससी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सहित तोताराम कोहली एडवोकेट,मंजीत यादव,नारनौल ब्लॉक अध्यक्ष मनपाल यादव,अटेली ब्लॉक अध्यक्ष सुमेर सिंह,सीमा ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर यादव,निजामपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार,नांगल चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम यादव,महेंद्रगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष तेजपाल प्रजापति,महासचिव प्रो. राजवीर यादव, उपाध्यक्ष सुमेर चेयरमैन,डॉ. तरुण यादव,प्रदीप सरपंच आनावास,शाम सुंदर सोनी,नंदलाल,सुमित चौधरी, वीरभान,भगवान सिंह,डॉ. राजवती सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमों ने कांग्रेस नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए उनके घरों में नजरबंद किया जाए। पुलिस की कार्रवाई के चलते कई नेताओं को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया, जिससे जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, ओल्ड फरीदाबाद से कांग्रेस नेता लखन सिंगला, एनआईटी से वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतवीर डागर, पूर्व विधायक नीरज शर्मा तथा बल्लभगढ़ के कांग्रेस नेता मनोज अग्रवाल समेत कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों पर सुबह से ही पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। जैसे ही नेताओं ने दिल्ली के लिए निकलने की तैयारी की, पुलिस ने उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। नेता बोले बिना बताए रोका कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे दिल्ली में पार्टी के एक निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोक दिया। नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रशासन ने बाधित किया है। पुलिस बोलीं- सुरक्षा को लेकर किया वहीं पुलिस जांच अधिकारी विष्णु मित्र अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की बात कही है।
दिल्ली के बाद पटना तक पहुंचा छात्र आंदोलन: AISA के प्रदर्शन में पुलिस से झड़प, आंसू गैस और लाठीचार्ज
प्रदर्शन की शुरुआत पटना के जेपी गोलंबर से हुई, जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शनकारी दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मार्च निकाल रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की और वापस लौटने की अपील की।
उच्च शिक्षा और ग्लोबल एनालिटिक्स फर्म 'QS' (Quacquarelli Symonds) ने साल 2027 के लिए दुनिया भर के बेहतरीन स्टूडेंट शहरों की ताजा रैंकिंग (QS Best Student Cities 2027) जारी कर दी है। इस नई लिस्ट में भारत के लिए बेहद गर्व और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ने भारत में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि देश की राजधानी नई दिल्ली ने दुनिया भर के छात्रों के लिए 'सबसे किफायती शहर' (Most Affordable City) होने का गौरव अपने नाम किया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।मुंबई ने मारी बाजी, भारत में बनी नंबर-1 स्टूडेंट सिटीक्यूएस की इस ताजा वैश्विक सूची में मुंबई ने शानदार छलांग लगाते हुए पिछले साल की 98वीं रैंक से सुधरकर सीधे 91वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही मुंबई देश का सर्वोच्च रैंकिंग वाला (Highest-Ranked Student Destination) शहर बन गया है। मुंबई की इस सफलता के पीछे यहां के बेहतरीन शिक्षण संस्थान, मजबूत एम्प्लॉयर एक्टिविटी (नियोक्ताओं के बीच graduates की मांग) और रोजगार के बेहतर अवसर हैं। वैश्विक स्तर पर कंपनियों और रिक्रूटर्स के बीच भारतीय युवाओं की बढ़ती स्वीकार्यता ने मुंबई की इस रैंकिंग को और मजबूत किया है।दुनिया में सबसे सस्ती पढ़ाई: दिल्ली ने मारी बाजीबात अगर खर्च और बजट की हो, तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। QS रैंकिंग 2027 के अनुसार, दिल्ली को दुनिया भर में छात्रों के रहने और पढ़ाई के लिए सबसे किफायती शहर (Most Affordable City globally) घोषित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए औसत ट्यूशन फीस सालाना करीब 2,700 अमेरिकी डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपये) है, जो दुनिया के दूसरे बड़े ग्लोबल एजुकेशन हब के मुकाबले बेहद कम है। कम खर्च और बेहतरीन करियर संभावनाओं के दम पर दिल्ली ने ग्लोबल लिस्ट में 99वीं रैंक हासिल की है।भारत के अन्य शहरों का कैसा रहा प्रदर्शन?इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में मुंबई और दिल्ली के अलावा देश के अन्य प्रमुख महानगरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। चेन्नई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पायदान की छलांग लगाई है और वह 123वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, दूसरी ओर बेंगलुरु एकमात्र ऐसा भारतीय शहर रहा जिसे इस बार थोड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा और वह फिसलकर 114वें स्थान पर आ गया। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय शहरों का यह सुधार देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में तेजी से हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के मामले में अभी हमें और लंबी दूरी तय करनी है।
बहराइच में बुधवार दोपहर सरदार पटेल सेवा समिति के सदस्यों ने दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा की। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश पर जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शन के समापन के बाद, समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेजा। इस दौरान अनिल पटेल, अखिल कुमार, अनूप पटेल, मनोज सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बाद मुरादाबाद पुलिस ने जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस दिल्ली आने-जाने वाले छात्रों और युवाओं की गतिविधियों पर नजर रख रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में मुरादाबाद के कुछ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए हैं। 20 जुलाई को हुए बवाल और पुलिस कार्रवाई के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर नजर एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) समेत अन्य खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट जुटा रही हैं। यह भी निगरानी की जा रही है कि जिले में प्रदर्शन के समर्थन या विरोध में कहीं धरना, जुलूस या प्रदर्शन की तैयारी तो नहीं हो रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी थाना प्रभारियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी बोले- कानून व्यवस्था से समझौता नहीं एसएसपी सतपाल अंतिल ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा जिले में डबवाली पुलिस ने नीट परीक्षा और छात्र मुद्दों पर दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई देर रात की गई, जब नेता दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़ ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात करीब 12 बजे पुलिस की दो गाड़ियां उनके आवास पर पहुंचीं। इन नेताओं को किया गया नजरबंद पुलिस ने पार्षद समनदीप बराड़, पूर्व हलका प्रधान शगन बराड़, भूपिंदर सिंह बंटी, विक्की भाटी और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्हें नजरबंद किया गया है। जग्गा सिंह बराड़ ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने चार नामजद और तीन अन्य कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाया। बराड़ ने तत्काल सांसद कुमारी सैलजा को फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत के छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यहां देखें फोटो… भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप जग्गा सिंह बराड़ ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा और छात्रों व जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। बराड़ का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के कार्यकर्ताओं को जबरन अपने वाहनों में बैठाया और उन्हें उनके घरों के भीतर ही नजरबंद कर दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें भी पुलिस निगरानी में नजरबंद किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
रायबरेली में भाकपा (माले) का प्रदर्शन:दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में DM को सौंपा ज्ञापन
रायबरेली में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। विजय विद्रोही के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन भाकपा (माले) नेता विजय विद्रोही के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजय विद्रोही ने दिल्ली की घटना को 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक शर्मनाक अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में निहत्थे छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पुलिस के हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। विद्रोही ने दिल्ली पुलिस के इस रवैये को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की पुलिस पहले से ही इस तरह की कार्रवाई के लिए जानी जाती है, और अब दिल्ली पुलिस भी उसी राह पर चल पड़ी है। भाकपा (माले) नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का रवैया आम जनता के खिलाफ हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
उन्नाव में बुधवार को सपा ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश यादव और पूर्व सांसद अन्नू टंडन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता डीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और बाद में उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई। सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी और जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है जैसे नारे शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देकर छात्रों की आवाज उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की थी। सपा नेताओं का आरोप है कि बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिसके विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्नाव में भी इसी क्रम में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने डीएम कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद पुलिस ने सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से पुलिस लाइन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की कोई सूचना नहीं मिली। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
सीजेपी प्रदर्शन का 33वां दिन: दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार ने फिर भेजा बातचीत का प्रस्ताव
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के 33वें दिन 16 मेट्रो स्टेशन बंद रहे। सरकार ने दूसरी बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जबकि पश्चिम बंगाल से 2,000 CRPF जवान दिल्ली बुलाए गए हैं। पुलिस कार्रवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई होगी।
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध के चलते दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 16 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के निर्देशों पर आज जिला कांग्रेस कमेटी हिसार द्वारा लघु सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। दोपहर 1:15 बजे होने वाले इस प्रदर्शन के जरिए देश भर के छात्रों व युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई जाएगी। जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया की अध्यक्षता में होने वाले प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिशों का विरोध करना है। राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने बताया कि धरने के उपरांत जिला प्रशासन एवं उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, ब्लॉक अध्यक्षों सहित युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI, किसान मोर्चा और सेवा दल जैसे सभी प्रमुख अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
औरंगाबाद में बुधवार की सुबह सड़क हादसे में नवजात समेत 5 लोग घायल हो गए। सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से कार टकरा गई। सभी दिल्ली से नवजात का इलाज कराकर घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस-एंबुलेंस पुहंची। घायलों को सीएचसी मदनपुर पुहंचाया। जहां से मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गयाजी रेफर कर दिया गया। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र में एनएच-19 नगमतिया मोड़ के पास की है। ये लोग हुए घायल घायलों की पहचान नवादा जिले के हुलासगंज निवासी विनय कुमार सिंह के बेटे रिशु राज, डिहरी नवादा निवासी जितेंद्र सिंह की पत्नी तेशमणी देवी, हुलासगंज निवासी स्वर्गीय रामाशिष शर्मा के बेटे विनय शर्मा और डिहरी नवादा निवासी जितेंद्र सिंह के बेटे रोहित कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने कार को जब्त किया नवजात शिशु जन्म के बाद बीमार हो गया था। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया था। दिल्ली में इलाज कराने के बाद परिवार के लोग वापस लौट रहे थे। मदनपुर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने संसद तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। फिलहाल, मामलों की जांच जारी है।
वैश्विक बाजार में मची उथल-पुथल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) पर देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह की तैयारियों के बीच सोने की कीमतों में मिला-जुला रुख बना हुआ है। सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देख रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।विभिन्न कैरट के आधार पर सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)भारतीय बाजार में आज अलग-अलग शुद्धता (Purity) के हिसाब से सोने के औसत भाव इस प्रकार हैं:24 कैरट सोना (99.9% शुद्ध): 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,44,380 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।22 कैरट सोना (91.6% शुद्ध): ज्वैलरी बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,360 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है।18 कैरट सोना (75% शुद्ध): 18 कैरेट सोने का रेट ₹1,08,320 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।(नोट: ऊपर दिए गए दामों में लोकल टैक्स, मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी (GST) शामिल नहीं हैं, इसलिए आपके शहर के ज्वैलर के पास इन भावों में थोड़ा अंतर हो सकता है।)देश के प्रमुख शहरों में 24K और 22K सोने के रेट (प्रति 10 ग्राम)शहर22 कैरट (22K) सोने का भाव24 कैरट (24K) सोने का भावदिल्ली (Delhi)₹1,32,360₹1,44,380मुंबई (Mumbai)₹1,32,250₹1,44,270कोलकाता (Kolkata)₹1,32,250₹1,44,270चेन्नई (Chennai)₹1,32,360₹1,44,380बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,32,250₹1,44,270अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,32,300₹1,44,320सोना खरीदते समय इन 3 बातों का जरूर रखें ध्यानहॉलमार्क (BIS Hallmarking) जरूर जांचें: सोना खरीदते समय उस पर बीआईएस हॉलमार्क का निशान और 6 अंकों का एचयूआईडी (HUID) नंबर जरूर देखें। 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।मेकिंग चार्ज और टैक्स का हिसाब लें: आभूषण खरीदते समय सोने के मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% जीएसटी का बिल अलग से जरूर बनवाएं।पक्का बिल मांगें: भविष्य में सोने को बेचने या एक्सचेंज करने में आसानी के लिए ज्वैलर से पक्का जीएसटी बिल लेना न भूलें।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार रात नर्मदापुरम में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस के कार्यकर्ता रात करीब 9 बजे तेज बारिश के बीच आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर जुटे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस्तीफे की मांग कीयुवा नेता सिराज खान ने कहा कि जिन युवाओं के दम पर भाजपा सत्ता में आई थी, वही युवा अब 2029 में सरकार को जवाब देंगे। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) का दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 33 दिनों से प्रदर्शन जारी है। उनका कहना है कि 28 जून से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं और उनका इलाज मेदांता अस्पताल, दिल्ली में चल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम में भी कांग्रेस ने बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन किया। यह लोग रहे प्रदर्शन में मौजूदप्रदर्शन में नगर कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश बाथरे, अनोखी राजोरिया, धर्मेंद्र तिवारी, फैजान उल हक, गुलाम मुस्तफा, अमित खत्री, सिराज खान, आफरीद, तुकाराम यादव, आजाद भाटिया सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक एवं शिक्षा के विभिन्न मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली कूच से पहले आज कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया। शुरू में कुछ देर हाउस अरेस्ट किया गया। जब लोगों के घर आने का पता चला तो पुलिस उनको अपने साथ ले गई। इसके अलावा दिल्ली कूच कर रहे युवा कांग्रेस नेताओं को डबवाली पुलिस द्वारा देर रात हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया गया। राहुल गांधी की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद आक्रोशित कांग्रेस नेता दिल्ली जाने की तैयारी में थे। इससे पहले पुलिस उनके घर पहुंच गई और काफी कांग्रेस नेता व समर्थकों को हिरासत कर लिया तो किसी को हाउस अरेस्ट कर लिया। इसका पता चलते ही कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो जारी कर दिया और कहा, सरकार छात्रों की आवाज नहीं दबा सकती और इसका जानकारी सांसद कुमारी सैलजा को फोन पर दी। जग्गा सिंह बराड़ ने वीडियो में कहा, सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 12 बजे पुलिस की दो गाड़ियां उनके आवास पर पहुंची। उस समय वे अपने पार्षद भतीजे समनदीप बराड़ तथा अन्य युवा कांग्रेस साथियों के साथ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने समनदीप बराड़, पूर्व हल्का प्रधान शगन बराड़, भूपिंदर सिंह बंटी, विक्की भाटी तथा अन्य कार्यकर्ताओं को अपने साथ ले जाकर नजरबंद कर दिया। पुलिस ने सख्ती बढाई इसके चलते सिरसा और डबवाली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। टोल प्लाजा पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है और रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। किसान नेताओं को दिल्ली कूच के लिए जाने से रोका जा रहा है। पंजाब से सटे बॉर्डर एरिया में भी पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। सांसद सैलजा को बताते हुए कहा, पुलिस ले जा रही है जग्गा सिंह बराड़ ने इस पूरी पुलिस कार्रवाई का वीडियो बनाकर दावा किया कि पुलिस चार नामजद और तीन अन्य कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाकर ले गई। बराड़ बोले, इस बारे में सांसद कुमारी सैलजा को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें भी पुलिस निगरानी में नजरबंद किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
खगड़िया में मंगलवार देर शाम दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन हुआ। खगड़िया जिला युवा कांग्रेस ने शहर में आक्रोश मार्च निकाला और प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। मार्च में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने को लोकतंत्र की भावना के विपरीत बताया। 'मांगों को सुनने के बजाय किया गया लाठीचार्ज' युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नवीन कुमार ने इस दौरान कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। नवीन कुमार ने बताया कि राहुल गांधी घायल छात्रों से अस्पताल में मिलने गए थे। बाद में उन्होंने छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोकतांत्रिक मूल्यों और विपक्ष की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। जनता के मुद्दों को उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी नवीन कुमार ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी जनता के मुद्दों को उठाना और सरकार से जवाब मांगना है। उन्होंने सरकार से दमन की नीति छोड़ने, छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने और शिक्षा व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों की लगातार अनदेखी की गई, तो युवा कांग्रेस लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता फूलचंद यादव, विक्की कुमार, सौरभ कुमार, इशरत प्रवीण, रोशन चंद्रवंशी, सुमित बाबा, दीपक, छोटू, रतन यादव, रौशन, प्रेम, रंजीत शंकर सहित बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
Top News 22 July : पीएम ऑफिस के पास धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रिहा किया। दिल्ली में झड़प के बाद गुरुवारा बना घायल प्रदर्शनकारियों का सहारा। छात्र आंदोलन पर पहली बार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान, कहा-राहुल गांधी छात्रों का ...
लखनऊ में मंगलवार शाम से रात तक सपा-कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेसी और सपाई सड़कों पर उतरे। विधानभवन, जनभवन और हजरतगंज चौराहे के पास शाम 7 बजे से रात करीब 12 बजे तक जोरदार प्रदर्शन किया। 15-15, 20-20 के समूह में सपाई प्रदर्शन करने पहुंचे। उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने उन्हें घसीटकर ईको गार्डन ले गई। चोट लगने के कारण 4 कार्यकर्ताओं को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके पहले शाम को जनभवन का घेराव करने आ रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने करीब 10 किलोमीटर दूर बीकेटी क्षेत्र में हिरासत में ले लिया। उन्हें ईको गार्डन ले जाकर छोड़ा। अजय राय को हिरासत में लिए जाने के 1 घंटे के बाद कांग्रेस शहर कमेटी के अध्यक्ष शहजाद आलम और अन्य कार्यकर्ता जनभवन पहुंचे। जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने उन्हें टांगकर और घसीटकर बसों में बैठाया। इसके बाद ईको गार्डन ले जाकर छोड़ा। सपा के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… सपा प्रदेश अध्यक्ष हिरासत में लिए गए दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल विधानसभा पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। पुलिस ने उन्हें वहां से हिरासत में लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा के कार्यकर्ता हजरतगंज चौराहे पहुंचे गए और नारेबाजी करने लगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह, राम सिंह राणा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को अटल चौक से हिरासत में लिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस में काफी नोंकझोंक हुई जिसमें प्रदर्शनकारी के कपड़े फट गए। जनभवन पर भी सपाइयों ने किया प्रदर्शन रात लगभग 8:15 बजे बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जनभवन पहुंच गए । इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की। इसके बाद सपा के कार्यकर्ता जमीन पर लेट गए। सपा नेता पूजा शुक्ला समेत तमाम कार्यकर्ताओं को पुलिस घसीटते हुए बस में ले गई। प्रदर्शन के दौरान काफी धक्का मुक्की और नोकझोंक हुई। कई कार्यकर्ताओं की बिगड़ी तबियत सपा नेता अतुल ने बताया कि पुलिस ने बर्बरता पूर्वक पीटा है। जिसमें महेंद्र यादव, कांची, नवनीत और शिवा जी को गंभीर चोट आई है। उनका सिविल अस्पताल में काफी देर तक इलाज चला है। कई साथियों की स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें लंबे इलाज की जरूरत पड़ेगी। इन सब के बावजूद ये लड़ाई जारी रहेगी। कपड़ा फाड़ने का आरोप लगाया सपा नेता पूजा शुक्ला को पुलिस घसीटते हुए ले गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग प्रदर्शन करने आए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदतमीजी की। कपड़े फाड़े गए। यह पहली बार नहीं हुआ है। हमेशा यही होता है। पुलिस हमारे कपड़े फाड़ रही है और हम इन्हीं के बच्चों की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस के प्रदर्शन की 4 तस्वीरें… अब पढ़िए कांग्रेस का प्रदर्शन… 'दिल्ली में राहुल गांधी और लखनऊ में हम लोग कर रहे संघर्ष' कांग्रेस कार्यकर्तओं ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर शहजाद ने कहा कि लगातार यह सरकार छात्रों के अधिकारों का हनन कर रही है। सोमवार कुछ इस तरह से दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठी बरसाई गई उन्हें चोट पहुंचाई गई यह बेहद शर्मनाक। हमारे नेता राहुल गांधी दिल्ली में यह लड़ाई लड़ रहे हैं और हम तमाम कार्यकर्ता लखनऊ में छात्रों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 'छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है' प्रदर्शन में शामिल रवि ने कहा कि वह एक छात्र हैं। छात्रों के हितों के मुद्दों पर आज जन भवन घेरने आए हैं। NEET की परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। सरकार के खराब रवैया की वजह से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। हम लोग किसी भी हाल में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते हैं। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा। कांग्रेस नेता आर्यन मिश्रा और कांग्रेस के सदस्य अचानक जनभवन पहुंच गए। भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीएम मोदी की तस्वीर पर स्याही डाली। आर्य ने कहा कि इस सरकार ने छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। इसलिए हम तस्वीर पर स्याही डाल रहे हैं। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे नेता राहुल गांधी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। हम भी उनके साथ लड़ाई में शामिल हैं। ----------------- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ में मूसलाधार बारिश, फ्लाईओवरों के नीचे छिपे लोग:3 दिन से हो रही है बरसात; कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव लखनऊ के कई इलाकों में मंगलवार रात करीब 9 बजे मूसलाधार बारिश हुई। इसके पहले सुबह से दोपहर तक झमाझम बारिश हुई थी। दोपहर में धूप निकली। सोमवार को रातभर बरसात हुई। कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई है। पूरी खबर पढ़ें
दिल्ली पुलिस की शाहदरा स्पेशल स्टाफ ने फर्जी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर, दो फर्जी मार्कशीट और दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, 30 जून को सूचना मिली थी कि शाहदरा का रहने वाला नवनीत त्यागी फर्जी सर्टिफिकेट और मार्कशीट तैयार कर बेचता है। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने एक जवान को ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क कराया। आरोपी को व्हाट्सऐप पर फोटो, 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड भेजकर फर्जी 12वीं की मार्कशीट बनवाने की बात की गई। इसके बाद पुलिस ने शाहदरा के जीटी रोड स्थित विकास मॉल के पास छापा मारकर नवनीत त्यागी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 10वीं और 12वीं की दो फर्जी मार्कशीट मिलीं। पूछताछ में दो अन्य आरोपी सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी के नाम सामने आए। दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि तीनों ने करीब 100 से 150 फर्जी 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट और मार्कशीट बेचने की बात कबूल की है। वे एक दस्तावेज के बदले 5 हजार से 10 हजार रुपए लेते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी 'ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान' के समाप्त हो चुके रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग कर पिछली तारीखों के सर्टिफिकेट और मार्कशीट जारी कर रहे थे। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली के हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में सजेगी 2,500 दुर्लभ कलाकृतियों की प्रदर्शनी, 23 जुलाई को गैलरी का उद्घाटन दिल्ली के संस्कृति केंद्र में रखी करीब 2,500 दुर्लभ कलाकृतियों को अब हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम में बनाई गई नई गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा। 'संस्कृति म्यूजियम: एवरीडे आर्ट एंड इंडियन टेक्सटाइल्स' नाम की इस गैलरी का उद्घाटन 23 जुलाई को होगा। आम लोग 1 अगस्त से इसे देख सकेंगे। इस प्रदर्शनी में 19वीं सदी का टाइगर मास्क, अविभाजित भारत की दुर्लभ साड़ियां, ढाका की जामदानी, पंजाब की फुलकारी, गुजरात की पाटन पटोला (डबल इकत), खिलौने, लोटे, दीपक, पानदान, गहनों के बॉक्स और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई ऐतिहासिक सामान शामिल हैं। यह संग्रह उद्योगपति ओ. पी. जैन ने 1970 के दशक से जुटाना शुरू किया था। उन्होंने 2023 में अपनी ज्यादातर निजी संग्रह सामग्री इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दी थी। इसके बाद कलाकृतियों के संरक्षण और मरम्मत का काम किया गया। अब इन्हें अगले पांच सालों के लिए हुमायूं टॉम्ब म्यूजियम की नई गैलरी में रखा जाएगा। म्यूजियम परिसर में तमिलनाडु की अय्यनार टेराकोटा परंपरा के विशाल घोड़े और हाथी भी लगाए गए हैं। संस्कृति केंद्र का पुराना लकड़ी का नक्काशीदार प्रवेश द्वार भी यहां स्थापित किया गया है।
लद्दाख के मुद्दों और छात्रों के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली पुलिस की टीमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से यहां लेकर पहुंचीं। अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां हरियाणा और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों को भी चेकिंग के बाद ही अस्पताल में प्रवेश दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने वांगचुक से बातचीत की पहल की है। मंगलवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने ICU-8 में भर्ती वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। फिलहाल अस्पताल की ओर से वांगचुक का कोई हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीनियर डॉक्टर सुशील कटारिया की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। अब जानिए थ्री लेयर सिक्योरिटी में क्या… गुरुग्राम में कांग्रेस नेताओं को किया हाउस अरेस्ट सोनम वांगचुक के गुरुग्राम शिफ्ट होने का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। वांगचुक के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन या उनसे मुलाकात की आशंका को देखते हुए पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर समेत 10 से अधिक वरिष्ठ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस ने इन सभी नेताओं को लिखित नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेदांता हॉस्पिटल की ओर मार्च या प्रदर्शन नहीं करने की सख्त हिदायत दी है।
मा योजना से जुड़े मरीजों का अब दिल्ली-हरियाणा के बड़े अस्पतालों में भी 25 लाख तक मुफ्त इलाज होगा
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जिले के मरीजों को दिल्ली व हरियाणा के बड़े अस्पतालों में 25 लाख रुपए तक फ्री इलाज की सुविधा मिलेगी। हर महीने जिले से बड़ी संख्या में मरीज हार्ट, कैंसर, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद व गुजरात के अस्पतालों में इलाज कराने जाते हैं। पहले दूसरे राज्यों में इलाज के लिए जाने पर खर्च खुद वहन करना पड़ता था। अब राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की व्यवस्था लागू कर दी है। इससे जिले के पात्र परिवार राज्य से बाहर भी 25 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज करा पाएंगे। अब इस योजना में दिल्ली के 184 और हरियाणा के 1366 अस्पताल शामिल हो चुके हैं। पीएमजेवाई से संबद्ध बड़े अस्पतालों में इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। इनमें सीधे भर्ती होकर योजना के माध्यम से मुफ्त इलाज ले सकते हैं। इस योजना में 2179 उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें हार्ट बायपास, कैंसर, डायलिसिस, अंग प्रत्यारोपण का इलाज कवर किया गया है। हार्ट केयर में हार्ट स्टेंटिंग व बायपास सर्जरी शामिल है। कैंसर केयर में कीमोथेरेपी व कैंसर सर्जरी शामिल है। नेफ्रोलॉजी में किडनी ट्रांसप्लांट व डायलिसिस शामिल है। जनरल सर्जरी भी है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में जिले में वर्तमान में 3.89 लाख परिवार शामिल हैं। इससे पहले 4.16 लाख परिवार शामिल थे। लेकिन विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी कम होने के कारण इसमें गिरावट आई। जिले में 38 सरकारी और 43 प्राइवेट अस्पताल जुड़े हुए हैं। इनमें सरकारी अस्पतालों में 6 हजार और प्राइवेट अस्पतालों में 4500 टीआईडी हर महीने जनरेट हो रही हैं। इस योजना का नया सॉफ्टवेयर इसी महीने जारी होगा। प्रदेश से बाहर इलाज के लिए जनाधार कार्ड लेकर जाना होगा।
नीट पेपर लीक प्रकरण के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की चिंगारी मंगलवार को उदयपुर तक पहुंच गई। सोनम वांगचुक की रिहाई, नीट परीक्षार्थियों को न्याय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए सैकड़ों छात्र-छात्राएं व युवा नेता नगर निगम परिसर (टाउनहॉल) उदयपुर में जुटे। सोशल मीडिया पर आह्वान के तहत जुटे युवाओं ने भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, वंदे मारतम्, धमेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे कई घंटों तक लगाए। प्रदर्शनकारी युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस की समझाइश पर युवाओं ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है, लोकतंत्र में इसे सहन नहीं किया जा सकता है। दिल्ली आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे वापस लिए जाएं। प्रदर्शन के दौरान उस समय गहमागहमी बढ़ गई, जब स्थानीय एक युवक मौके पर पहुंचा और उसने धरना-प्रदर्शन का विरोध किया। इस युवक का कहना था कि यदि इस मंच का उपयोग सनातन धर्म के विरुद्ध नारेबाजी या धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए किया गया, तो वह इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। मौके पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद प्रदर्शन दोबारा शांतिपूर्ण ढंग से फिर शुरू हुआ। युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोनम वांगचुक और छात्रों से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। सोशल मीडिया पर दो ग्रुप बनाए, 2100 युवा जुड़े और मैदान में उतरे उदयपुर में अचानक हुए छात्र आंदोलन की स्क्रिप्ट सोमवार यानी एक दिन पहली ही लिखी गई। युवा नेता चिराग खंडेलवाल व हृदयांशू जैन सहित 12 युवाओं ने सोशल मीडिया पर दो ग्रुप बनाए। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक एक ग्रुप में 1600 से अधिक और दूसरे ग्रुप में 600 से अधिक युवा जुड़ गए। चिराग ने सोशल मीडिया से अपील की कि सोनम वांगचुक की रिहाई, नीट परीक्षार्थियों को न्याय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग के लिए मंगलवार को टाउनहॉल पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। इसमें सिर्फ तीन नारे- भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, वंदे मातरम् ही लगाए जाएंगे। इस अपील के जारी होते ही टाउनहॉल पर छात्रों-युवाओं के दोपहर 2 बजे से जुटने का क्रम शुरू हुआ, जो शाम 7 बजे तक भीड़ में तब्दील हो गया। कांग्रेस भी सड़कों पर उतरी, प्रदर्शन कर फूंका पुतला, दी गिरफ्तारियां केंद्र सरकार पर कथित तानाशाही रवैये, लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने और दिल्ली में छात्र आंदोलन पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आह्वान पर शहर एवं देहात जिला कांग्रेस कमेटी के साझे में कार्यकर्ता चेतक सर्कल पर एकत्र हुए। शहर जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ और देहात जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा के नेतृत्व में इस प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार पर हठधर्मिता और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने के बजाय विपक्ष की आवाज कुचलने में लगी है। नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे सांसदों के खिलाफ भी दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ सहित कई कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं। जिलाध्यक्ष राठौड़ ने नेता विपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे आदि की गिरफ्तारी पर भी आक्रोश व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार को तानाशाह बताया। प्रदर्शन में ये नेता हुए शामिल विरोध प्रदर्शन के दौरान आरपीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, विवेक कटारा, ओबीसी महिला विंग राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य कामिनी गुर्जर, संगठन महामंत्री अरुण टांक, कौशल नागदा, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, उपाध्यक्ष राजीव सुवालका, दलपत सिंह चुंडावत, मोहम्मद अयूब, महामंत्री मोहसिन खान, राजेश जैन, सुनील रॉजर्स, चंदा सुवालका, डॉ. संजीव राजपुरोहित, मंडल अध्यक्ष यशवंत जोशी, ऋतुराज मिश्रा, श्याम सुंदर गुर्जर आदि मौजूद रहे।
मप्र विधानसभा का मानसून सत्र:दिल्ली के प्रदर्शन पर मध्य प्रदेश में सियासत गर्म...
मप्र विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा गूंजा। संसदीय कार्य व नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अग्निशमन विधेयक पर जब अपनी बात रख रहे थे तो अचानक विपक्ष के विधायकों ने नीट पर हंगामा शुरू कर दिया। विधायक भंवर सिंह शेखावत बोले कि नीट पेपर लीक मामले में आंदोलन कर रहे छात्रों पर सरकार ने बर्बरता दिखाई है। इस पर कैलाश विजयवर्गीय बोले कि यह राज्य का विषय नहीं है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मामला मप्र का भी है। पीड़ितों में यहां के बच्चे शामिल हैं। बाद में बोले कि विजयवर्गीय ने बच्चों को कीड़ा कहा है, वे मांफी मांगें। इसके जवाब में विजयवर्गीय बोले कि नीट परीक्षा में शुरुआती स्तर पर कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं, लेकिन सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोबारा परीक्षा कराई, बड़ी संख्या में छात्रों का प्रवेश भी हो चुका है। उन्होंने इसे प्रायोजित आंदोलन कहा। इस जवाब से सदन में चर्चा की अनुमति नहीं मिलने से नाराज नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। जब कांग्रेस विधायक बाहर चले गए तो विजयवर्गीय ने कहा कि यह आंदोलन गलत है। मैं इसकी निंदा करता हूं। नाटक में सांप्रदायिकता सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी कांग्रेस ने यूसीसी के विरोध में सांकेतिक नाटक का मंचन किया। इसमें भाजपा, आरएसएस और अभाविप के रूप में तीन विधायक लेट गए। इसके बाद सिंघार ने कहा कि यह प्रदेश के मुद्दों पर नहीं जागते हैं। भाजपा सरकार और आरएसएस युवाओं, छात्रों, किसानों और जनहित के मुद्दों पर निष्क्रिय रहते हैं, लेकिन जैसे ही इन्हें हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और भारत-पाकिस्तान जैसे सांप्रदायिक मुद्दे दिखाई या सुनाई देते हैं तो तुरंत जागकर सक्रिय हो जाते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी, नारेबाजी की सदन से बाहर आने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सभी कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में बने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। मोदी व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारे लगाए। यहां सिंघार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की मांग को यह कहकर खारिज कर दिया गया कि यह राज्य का विषय नहीं है। उन्होंने इसे छात्रों के साथ मजाक बताया। सिंघार ने कहा कि जब तक सरकार इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के चेंबर के बाहर धरना जारी रखेंगे। हालांकि इन्हें उठाने के लिए मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय समेत दूसरे नेता आए, लेकिन कांग्रेस विधायक जमे रहे। एकतरफा पास हुए 4 बिल कांग्रेस के बहिर्गमन के कारण चार विधेयक पर एक तरफा चर्चा हुई। इसमें मप्र ईज ऑफ डूइंग विधेयक, मप्र उपकर संशोधन विधेयक, धन्वंतरि स्वास्थ्य विवि विधेयक और मप्र वेट संशोधन विधेयक शामिल हैं। इन चारों बिलों पर भाजपा के एक-एक विधायक ने अपना मत रखा और इसे पास कर दिया गया, जबकि तीन विधेयक जिसमें मप्र राजमार्ग संशोधन, मप्र अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक पर कांग्रेस के विधायकों ने भी मत रखा। कई बिंदुओं पर विरोध जताया। फायरमैन की वर्दी में भाजपा विधायक जबलपुर उत्तर से भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय फायरमैन की वर्दी पहनकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने फायर सेफ्टी एक्ट लाए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का आभार व्यक्त किया। साथ ही लोगों से फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की। साल 2026-27 का 7765.06 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पेश वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 7,765.06 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण के लिए 58.07 करोड़ और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 101 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सबसे अधिक 3,000 करोड़ रुपए नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के लिए दिए गए हैं। गृह विभाग के तहत इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के लिए 98.83 करोड़, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 58.32 करोड़ तथा एनडीआरएफ से प्राप्त 397.54 करोड़ रुपए राजस्व विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।
राहुल गांधी के समर्थन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। मंगलवार रात विरोध करने पहुंचे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकभवन के गेट तक बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। बता दें कि नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में पीएम आवास के बाहर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेता धरने पर बैठे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। देशभर में कांग्रेस इसी का विरोध कर रही है। दिल्ली में हुए प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी शामिल हुए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने हमारे सीनियर नेताओं के साथ मुझे भी बस में बैठा लिया है। एयरपोर्ट की तरफ कहीं लेकर जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने मेरा एक जूता भी ले लिया है। पहले देखें तस्वीरें… कांग्रेस की मांग क्या है पूरा मामला नीट परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा सुधारों को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन कर रही है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर है। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन कर रही है। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकभवन के गेट तक बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद वहां धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। 'जब तक न्याय नहीं, तब तक विरोध जारी' पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा- कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। बच्चों पर लाठीचार्ज हो रहा है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। वहीं, कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने कहा, जब तक बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा, हम विरोध करते रहेंगे। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर- नीट पेपर लीक मामले में NSUI का प्रदर्शन: खून से लिखा- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, सोनम वांगचुक के समर्थन में अनशन पर सामाजिक कार्यकर्ता छत्तीसगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं ने प्रदर्शन किया। रायपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक का विरोध जताया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों से जुड़े युवा धरने में शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया शिफ्ट, अनशन जारी रखने का ऐलान
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में मंगलवार शाम सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के अलावा पार्टी सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है
ओडिशा के भुवनेश्वर से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का एक विमान मंगलवार को हादसे का शिकार होते बच गया। पैंसेंजर्स ने बताया कि एयर इंडिया की भुवनेश्वर-दिल्ली फ्लाइट नं. IX1058 ने दोपहर 3.30 बजे उड़ान भरी थी। लेकिन करीब 30 मिनट बाद ही प्लेन हवा में डगमगाने लगा। इस दौरान फ्लाइट में बैठे 150 से ज्यादा पैसेंजर डर गए। पैसेंजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि पायलट ने मुश्किल से प्लेन को संभाला। उसने प्लेन की स्पीड बढ़ा दी। फ्लाइट दिल्ली की बजाय हरियाणा के चरखी दादरी की तरफ चली गई थी। बाद में उसे घुमाकर वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली पहुंच गई थी। हालांकि, एयर इंडिया की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आधे घंटे पहले ही पहुंच गई थी दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहने वाले स्पर्श सिंगल ने बताया कि वे प्राइवेट बैंक में सेल्समैन हैं। वे 14 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी गए थे। यहां भगवान के दर्शन और यात्रा में शामिल होने के बाद आज मंगलवार को वापस आ रहे थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे उनकी भुवनेश्वर से दिल्ली की फ्लाइट (IX1058) थी। शुरुआत में सबकुछ ठीकठाक रहा, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फ्लाइट में हलचल होने लगी। प्लेन जोर से हिलने लगा। प्लेन में पैसेंजर्स की चीख-पुकार मच गई थी। वहीं, एक महिला तो बेहोश हो गई थी। इसी दौरान पायलट ने प्लेन संभालने के लिए उसकी स्पीड बढ़ा दी थी। इसी के चलते फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हो गई थी। हम लोगों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… 30 हजार फीट पर प्लेन की खिड़की टूटी:पैसेंजर का सिर-कंधा बाहर निकले, पत्नी ने बचाया, दोनों पैर पकड़े रही ग्रीस के आकाश में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर एक फ्लाइट की खिड़की टूट जाने से बड़ा हादसा टल गया। उस खिड़की के नजदीक बैठे 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पास बैठी पत्नी ने बचाया। जैसे ही वह विंडो से बाहर निकलने लगे, उनकी पत्नी ने जोर से दोनों पैर पकड़ लिए। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार रात करीब 9 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने यह धरना शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी दल कथित तौर पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। गाजीपुर में धरने के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को जनता की आवाज उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। धरनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था।
राजगढ़ जिले में फर्जी शिक्षा बोर्ड के नाम पर 10वीं और 12वीं की परीक्षा कराकर नकली अंकसूची और प्रमाण-पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों सरकारी मान्यता नहीं रखने वाले बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली के नाम पर विद्यार्थियों का पंजीयन करते थे, अपने स्कूल में परीक्षा आयोजित कराते थे और बाद में फर्जी अंकसूची व प्रमाण-पत्र देकर रुपए वसूलते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी प्रमाण-पत्र पाने वाले विद्यार्थियों की जानकारी जुटा रही है। एसपी अमित तोलानी ने बताया कि मामले का खुलासा ग्राम नाटाराम निवासी कुमेरसिंह भिलाला की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी गायत्री भिलाला को जीनियस कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर के संचालक कुनाल मेवाड़े ने 10वीं और 12वीं की अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं। इन दस्तावेजों पर बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली का नाम दर्ज था। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी। वहां से स्पष्ट हुआ कि इस नाम का कोई भी शिक्षा बोर्ड सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कुनाल मेवाड़े को हिरासत में लेकर पूछताछ की। भाई के स्कूल में होती थीं परीक्षाएं पूछताछ में सामने आया कि कुनाल मेवाड़े फर्जी बोर्ड की वेबसाइट पर विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीयन करता था। इसके बाद उसके भाई राजू मेवाड़े के पूर्वी विद्या निकेतन स्कूल में परीक्षाएं आयोजित कराई जाती थीं। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को फर्जी अंकसूची और प्रमाण-पत्र जारी कर दिए जाते थे। पुलिस ने राजू मेवाड़े (47) और कुनाल मेवाड़े (41) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस फर्जी बोर्ड के माध्यम से अब तक कितने विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी किए गए, कितनी राशि वसूली गई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में मंगलवार को सपा विधायक नसीम सोलंकी और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी जंतर-मंतर पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और अभिजीत दीपके से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का विरोध जताया। नसीम सोलंकी ने कहा कि सोमवार को छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह गलत था। उन्होंने कहा, हमारे भी बच्चे हैं, उनका भी भविष्य है। छात्रों की इस लड़ाई में हम भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आईं छात्रों पर लाठियां चलने की तस्वीरें चिंताजनक हैं और ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की तस्वीरें देखने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। इरफान ने कहा कि पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी सोमवार को छात्रों के समर्थन में पहुंची थीं, इसलिए वह भी छात्रों के समर्थन में आए हैं। वहीं, मंगलवार को कानपुर-बुंदेलखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर भी जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि महिला कांग्रेस 33% आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली पहुंच रही है और अगर कोई रोक सके तो रोक ले। मंगलवार शाम को करिश्मा ठाकुर ने केंद्र सरकार से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में आक्रोश मार्च निकाला। युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह और मजहर साहिल के नेतृत्व में निकले मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर रमेश चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निंदा की गई। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' सभा को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, मजहर साहिल ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाकर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों पर विचार करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घायल छात्रों के इलाज की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही घायल छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आक्रोश मार्च में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष भीम सिंह चौहान, ऋषभ सिंह, विवेक यादव, गोविंद यादव, बाबर खान, साकिब हसन, रवि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार शाम मंदसौर एनएसयूआई कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांधी चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचा दिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। गांधी चौराहे पर प्रदर्शन की तैयारी के दौरान पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष ऋतिक पटेल, वर्तमान जिलाध्यक्ष मंथन धनोतिया, आदर्श जोशी, अमन टेलर, राहुल सिंह, राघव शक्तावत, दुर्गाशंकर धाकड़, ओमप्रकाश ररोतिया, अरबाज मंसूरी, समीर मंसूरी और निहाल डाया सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचाया। कोतवाली के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। इस दौरान जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गए। मौके पर पहुंचे सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने नेताओं से चर्चा कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। रिहाई के बाद फिर गांधी चौराहे पर सत्याग्रह सभी कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद राहुल गांधी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा गांधी चौराहे पर एकत्र हुए। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सत्याग्रह किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेता मनजीत सिंह मनी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी आधार के उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि छात्र आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार संवेदनशील नहीं है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पुलिस बोली- बिना अनुमति नहीं दी जा सकती थी इजाजत सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से गांधी चौराहे पर पुतला दहन की सूचना मिली थी। चूंकि गांधी चौराहा शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, इसलिए वहां बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला दहन की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को समझाइश देने के बाद आश्वासन मिलने पर सभी को रिहा कर दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी संगठन को सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति का पालन करना होगा।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान केरल के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ को मंगलवार शाम दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद छात्र आंदोलन ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
विदिशा के गांधी चौक नीमताल पर मंगलवार को महिला ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में धरना दिया। महिला का सिर मुंडा हुआ था और उसके हाथ में विरोध से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। वह केंद्र सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांग रही थी। धरना देने वाली महिला की पहचान रायपुरा नई बस्ती निवासी शिवानी अहिरवार के रूप में हुई है। वह शहर के एक निजी होटल में कार्यरत हैं। शिवानी ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई दुखद है। उनके अनुसार, छात्र देश का भविष्य हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। सिर मुंडवाने के बारे में शिवानी ने बताया कि यह उन्होंने स्वयं कराया है। हालांकि, इसके पीछे उन्होंने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। समझाइश के बाद हड़ताल खत्म कीमुख्य चौराहे पर धरने की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला पुलिस की मौजूदगी में शिवानी से धरना-प्रदर्शन की अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके पास कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं थी। इस दौरान चौराहे पर लोगों की भीड़ भी जुटने लगी। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें समझाया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर धरना देने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गांधी चौक शहर का व्यस्त चौराहा है और यहां दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। उन्हें बिना अनुमति प्रदर्शन से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। समझाइश के बाद शिवानी ने अपना धरना समाप्त कर दिया और घर लौट गईं। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि शिवानी अहिरवार रायपुरा नई बस्ती की निवासी हैं और होटल रॉयल पैलेस में काम करती हैं। उनके पति भी नौकरी करते हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि शिवानी के पास धरना देने की अनुमति नहीं थी। भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें समझाइश दी गई, जिसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से धरना समाप्त कर दिया।
फिरोजाबाद में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर शाम सुभाष चंद्र बोस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित विपक्षी नेताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और घटना की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले विपक्षी नेताओं के साथ किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है, जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। धरने में कमलेश यादव, धनु यादव, राजकुमार राठौर और छूटन भाई समेत बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में गोंडा में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार देर शाम अंबेडकर चौराहा स्थित जिलाधिकारी गेट पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है। देखिए 2 तस्वीरें… जंतर-मंतर पर युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े अखिलेश यादव दिल्ली के जंतर मंतर पर लाखों युवाओं की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा था। दिल्ली पुलिस ने इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद गोंडा में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, नगर सीओ योगेंद्र सिंह और नगर थाना प्रभारी बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल अंबेडकर चौराहा पर तैनात रहा। सपा कार्यकर्ता बोले- जब तक अखिलेश की रिहाई नहीं होगी प्रदर्शन जारी रहेगा सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सपा नेताओं ने अपनी मांग दोहराई कि जब तक उनके नेता की रिहाई नहीं होती, प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सपा प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू, लालचंद गौतम, छात्र नेता सिद्धार्थ सिंह और देवेंद्र प्रताप सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
कोरबा में मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर शहर और ग्रामीण युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक, निहारिका में शाम 5 बजे प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो और नीट पेपर लीक की सीबीआई जांच हो जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ था। हालांकि, जैसे ही कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला जलाने का प्रयास किया, पुलिस ने उसे बुझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झूमा-झटकी हुई। बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई और पुतला दहन किया गया। केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उनका आरोप था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार चुप है और आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज कराया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि युवा कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है। दोषियों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक युवा कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व मंत्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद इस आंदोलन में कोरबा के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश पंकज और युवा कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष विकास सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की गूंज अब पंजाब में भी सुनाई देने लगी है। इस बर्बर कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को जालंधर के ऐतिहासिक डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर भारतीय मूलवासी मुक्ति मोर्चा (BM3) के बैनर तले विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा प्रदर्शन में संगठन के प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भारी संख्या में शिरकत की। संवैधानिक अधिकारों की हत्या का आरोप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मोर्चा के मुख्य नेताओं ने जंतर-मंतर की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस तरह से बल प्रयोग करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की हत्या है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग एक स्वस्थ लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार संवाद कायम करने के बजाय लाठियों के दम पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय कमेटी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही निर्दोष छात्रों पर लाठियां भांजने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। छात्रों को प्रताड़ित करने के बजाय केंद्र सरकार तुरंत उनसे वार्ता करे और उनकी सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान निकाले।
शिवपुरी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार शाम बड़ी संख्या में छात्र शहर के माधव चौक पर एकत्र हुए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लिए नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि दिल्ली में अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। छात्रों ने जानकारी दी कि उन्हें शिवपुरी में बड़े स्तर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इसके चलते उन्होंने निर्णय लिया है कि जब तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा, तब तक वे प्रतिदिन शाम को माधव चौक पर कुछ घंटों के लिए शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। छात्रों ने यह भी सुनिश्चित किया कि उनके प्रदर्शन से आम जनता और यातायात को कोई परेशानी नहीं होगी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। युवाओं ने तख्तियां लेकर नारे लगाए और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और शिवाजी स्टेडियम के आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भीड़, पुलिस बैरिकेडिंग और आंसू गैस ...
लखनऊ में मंगलवार शाम से रात तक सपा और कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ। दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में लखनऊ में सपाई सड़कों पर उतरे। विधानभवन और जनभवन के पास से पुलिस उन्हें घसीटकर ईको गार्डन ले गई। इसके पहले दिल्ली में राहुल गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के प्रदर्शन के समर्थन में जनभवन का घेराव करने आ रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने करीब 10 किलोमीटर दूर बीकेटी क्षेत्र में हिरासत में ले लिया।उन्हें ईको गार्डन ले जाकर छोड़ा। अजय राय को हिरासत में लिए जाने के 1 घंटे के बाद कांग्रेस शहर कमेटी के अध्यक्ष शहजाद आलम और अन्य कार्यकर्ता जनभवन पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ईको गार्डन ले गई। कांग्रेस के प्रदर्शन की 4 तस्वीरें… सपा के प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए… 'दिल्ली में राहुल गांधी और लखनऊ में हम लोग कर रहे संघर्ष' प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर शहजाद ने कहा कि लगातार यह सरकार छात्रों के अधिकारों का हनन कर रही है। सोमवार कुछ इस तरह से दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता पूर्वक लाठी बरसाई गई उन्हें चोट पहुंचाई गई यह बेहद शर्मनाक। हमारे नेता राहुल गांधी दिल्ली में यह लड़ाई लड़ रहे हैं और हम तमाम कार्यकर्ता लखनऊ में छात्रों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 'छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है' प्रदर्शन में शामिल रवि ने कहा कि वह एक छात्र हैं। छात्रों के हितों के मुद्दों पर आज जन भवन घेरने आए हैं। NEET की परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें। सरकार के खराब रवैया की वजह से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। हम लोग किसी भी हाल में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते हैं। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा। कांग्रेस नेता आर्यन मिश्रा और कांग्रेस के सदस्य अचानक जनभवन पहुंच गए। भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीएम मोदी की तस्वीर पर स्याही डाली। आर्य ने कहा कि इस सरकार ने छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। इसलिए हम तस्वीर पर स्याही डाल रहे हैं। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारे नेता राहुल गांधी लगातार संघर्ष कर रहे हैं। हम भी उनके साथ लड़ाई में शामिल हैं।
विद्यार्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कांग्रेस पार्टी ने कड़ी निंदा की है। भिवानी में कांग्रेस के ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष करण सिंह गोठड़ा ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। गोठड़ा ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख रहे युवाओं और छात्राओं की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया। तानाशाही रवैया अपना रही सरकार : गोठड़ा उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यदि छात्र अपनी शिक्षा, रोजगार और अन्य अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह उनकी समस्याओं का समाधान करे, न कि उन पर बल प्रयोग करे। करण सिंह गोठड़ा ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को विद्यार्थियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कांग्रेस नेता ने सरकार से पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों पर हुई इस कार्रवाई ने प्रदेशभर के युवाओं और अभिभावकों में गहरा रोष पैदा कर दिया है। गोठड़ा ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई और दमनकारी रवैया जारी रहा, तो कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते हुए मंगलवार को फरीदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर रही। राजधानी से सटे सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर व्यापक जांच अभियान चलाया। सीमावर्ती क्षेत्रों में छह से अधिक स्थानों पर नाकाबंदी कर दिल्ली की ओर जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की जांच की गई। विशेष रूप से राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के झंडे या बैनर लगे वाहनों को रोककर पूछताछ की गई। सीमाओं पर दिनभर चला सघन चेकिंग अभियान पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की टीमों ने सुबह से ही दिल्ली जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर मोर्चा संभाल लिया। इस दौरान कार, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कंटेनर और अन्य बड़े वाहनों की भी बारीकी से जांच की गई। वाहन चालकों से यात्रा का उद्देश्य, गंतव्य और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जानकारी ली गई। संगठनों के झंडे लगे वाहनों पर रही विशेष नजर जिन वाहनों पर किसी राजनीतिक दल, सामाजिक संस्था या किसान संगठन के झंडे, बैनर या नारे लगे मिले, उन्हें विशेष रूप से रोककर पूछताछ की गई। जिन लोगों के दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल होने की आशंका जताई गई, उन्हें आवश्यक पूछताछ के बाद आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। कुछ लोगों को वापस लौटने की सलाह भी दी गई। इन छह प्रमुख स्थानों पर रही पुलिस की नाकाबंदी पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे स्थित दुर्गा बिल्डर एमसीडी टोल, सराय ख्वाजा टोल, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज के पास, सूरजकुंड-प्रह्लादपुर मार्ग, इस्माइलपुर-जैतपुर मार्ग और बसंतपुर पुस्ता रोड सहित दिल्ली से जुड़े प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की जांच की। आवागमन करने वाले लोगों को उठानी पड़ी परेशानी फरीदाबाद और दिल्ली के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार और व्यापार के सिलसिले में आवाजाही करते हैं। जिले की करीब 30 हजार औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लाखों कर्मचारी भी दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आते-जाते हैं। ऐसे में दिनभर चली सघन चेकिंग के कारण कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा। कई नेताओं को घरों में ही रखा गया सूत्रों के अनुसार, एहतियात के तौर पर जिले के कई राजनीतिक दलों के नेताओं को उनके आवासों पर ही पुलिस निगरानी में रखा गया। जिन नेताओं के दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना थी, उनके घरों के बाहर सुबह से पुलिसकर्मी तैनात रहे। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई सूची जारी नहीं की गई। शांति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह पूरा अभियान एहतियात के तौर पर चलाया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर महेंद्रगढ़ जिले से काफी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार को दिल्ली पहुंचीं। वहां पर कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती यादव के नेतृत्व में महिलाओं ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी के नेतृत्व में आयोजित चलो संसद आंदोलन में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला आरक्षण आज और अभी लागू करो तथा 33 प्रतिशत हमारा अधिकार है जैसे नारों के साथ अपनी मांग बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की आधी आबादी को उसका संवैधानिक अधिकार अब और अधिक समय तक नहीं टाला जाना चाहिए। समान भागीदारी मिले महिलाओं ने संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी और उनका संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित होगा। आरक्षण लागू करने की मांग मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, लेकिन महिलाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखा और महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई। पीछे नहीं हटने वाली इस अवसर पर डॉ. राजवती यादव ने कहा कि महिलाओं का यह आंदोलन केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समान अधिकार, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि देशभर से महिलाओं की एकजुटता इस बात का प्रमाण है कि अब महिलाएं अपने 33 प्रतिशत संवैधानिक अधिकार के लिए पीछे हटने वाली नहीं हैं। ये रही मौजूद उन्होंने कहा कि जब तक महिला आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। इस आंदोलन को सफल बनाने में संतोष, बिमला, रेखा, किरण, पूनम, कमला, शशि, मायावती और कल्पना सहित महेंद्रगढ़ महिला कांग्रेस की कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर किसानों के दिल्ली कूच से जुड़ी रही। पंजाब के किसानों ने आज सुबह भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच शुरू किया। हालांकि, दोपहर करीब 3 बजे इसे टाल दिया गया और किसान शंभू बॉर्डर से लौटने लगे। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. किसानों का धरना खत्म, 2 मांगों पर सहमति बनी पंजाब के किसानों ने मंगलवार (21 जुलाई) को अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील के विरोध में शुरू किया दिल्ली कूच स्थागित कर दिया है। शंभू और खनौरी बॉर्डर भी बैरिकेडिंग हटाकर खोल दिए गए हैं। दोपहर 3 बजे के बाद किसान शंभू बॉर्डर से लौटने लगे। किसान नेता दिलबाग सिंह दिराजके ने कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ मीटिंग हुई। इसमें अरेस्ट किए गए किसान नेताओं को छोड़ने और केंद्र सरकार से मीटिंग की मांग थी, जिसमें दोनों मांगों पर सहमति बन गई। इसलिए अब धरना स्थगित कर दिया है। किसान सुबह ही दिल्ली जाने के लिए पटियाला-अंबाला के शंभू बॉर्डर और संगरूर-जींद के खनौरी बॉर्डर पहुंच गए थे। इसका पता चलते ही हरियाणा पुलिस ने दोनों बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें सील कर दिया। ऐसे में किसान आगे नहीं जा सके। हरियाणा की तरफ से दोनों बॉर्डरों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। वहां JCB भी लगा दी गई थी, ताकि अगर वहां कोई टेंपरेरी या परमानेंट जगह बनाने की कोशिश की जाए तो उसे हटाया जा सके। इसे देखते हुए पंजाब के किसान वहीं बैठ गए। ऐसे में वहां पर पक्का मोर्चा लगाने की तैयारी की जा रही थी। किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के संयोजक सरवण पंधेर ने इसकी अगुआई की। किसानों की भीड़ को देखते हुए अंबाला पुलिस ने धारा 163 लागू कर दी। पढ़ें पूरी खबर… 2. फिरोजपुर-जम्मू ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम, 17 अरेस्ट पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फिरोजपुर से जम्मू जाने वाली ट्रेन में IED लगाकर बड़े विस्फोट की साजिश भी रची थी। पुलिस ने समय रहते इस साजिश को विफल कर दिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल व मैगजीन और एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड इकबाल सिंह उर्फ रवि ढालीवाल है, जो वर्तमान में ब्रिटेन (UK) में रह रहा है। इसके अलावा मोगा के सदर थाना परिसर में 8 जुलाई को हुए लो-इंटेंसिटी ग्रेनेड धमाके के मामले में भी इन्हीं आरोपियों की भूमिका थी। फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले विजय ने मोगा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पढ़ें पूरी खबर… 3. मानसून सत्र 3 अगस्त से, कैबिनेट मीटिंग में बनी स्ट्रेटजी पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। यह 10 अगस्त तक चलेगा। इसकी जानकारी मंगलवार को CM भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने कहा कि सत्र में कई आर्डिनेंस आएंगे। इससे पहले AAP सरकार ने कैबिनेट मीटिंग की, जिसमें मानसून सत्र की तारीखों को मंजूरी दी गई। आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल का यह आखिरी मानसून सत्र होगा। विधानसभा सत्र में जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 में संशोधन लाने का एजेंडा लगभग तय माना जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CM ने कैबिनेट मीटिंग में मंजूर हुई एक और योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने प्रत्येक परिवार को भोजन सुरक्षा देने के लिए एतिहासिक फैसला लिया है। सीएम ने कहा कि 10 लाख नए राशन कार्ड बन रहे हैं। इनमें किसी के नाम जुड़वाने हैं तो जुड़वा पाएंगे। वेबसाइट पर जाकर आप खुद को रजिस्ट्रर कर सकते है। इसमें किसी तरह की सिफारिश नहीं चलेगी। पढ़ें पूरी खबर… 4. लवमैरिज से नाराज परिजन ने बेटी को मार डाला, लड़का भाग निकला फरीदकोट में अपने ही गांव के लड़के से लवमैरिज करने पर 20 साल की लड़की की हत्या कर दी गई। लड़की के परिजन ने लड़की को तेजधार हथियार से काटा। इसके बाद उसके शव को खेतों में फेंक दिया। मंगलवार सुबह उसकी लाश खेतों में कंटीली फेंसिंग के पास पड़ी मिली। बताया जा रहा है कि करीब ढाई महीने पहले ही लड़की ने लवमैरिज की थी। इसके बाद वह लड़के के साथ गांव छोड़कर बठिंडा चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। सोमवार को लड़की के परिजन ने दोनों को मिलने के बहाने बुलाया था। यही मौका देखकर परिजन ने लड़की को काट दिया। जबकि, लड़का किसी तरह भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने ऑनर किलिंग के इस केस में लड़की के परिजन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। हालांकि, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर… 5. कांग्रेस की मीटिंग से पहले चन्नी का VIDEO वायरल पंजाब कांग्रेस की आज (21 जुलाई) को दिल्ली में प्रभारी भूपेश बघेल से मीटिंग से पहले बागी गुट के नेता पूर्व CM व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो नई दिल्ली में संसद परिसर का है। वीडियो में दिख रहा है कि कांग्रेस के सीनियर नेताओं की तरफ से चन्नी को पूरी तरह इग्नोर किया गया है। वीडियो में राहुल गांधी प्रियंका गांधी से बात कर रहे हैं। उनके साथ पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद हैं। इसी दौरान चरणजीत चन्नी आते हैं, लेकिन वह राहुल गांधी के पास नहीं आते। वह पीछे की तरफ मंडराते रहते हैं। आखिर में अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला के साथ खड़े हो जाते हैं। हालांकि, इस दौरान राहुल गांधी व प्रियंका गांधी चन्नी की तरफ देखते तक नहीं हैं। आखिर में चन्नी सांसद औजला के साथ बात करने लगते हैं। माना जा रहा है कि ये वीडियो सोमवार, 20 जुलाई को मानसून सेशन के पहले दिन का है, लेकिन इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पढ़ें पूरी खबर… 6. शादी के ढाई महीने बाद NRI दूल्हे की मौत, पत्नी ने दवाइयां खाते पकड़ा था ‘अगर हमें पता होता कि दूल्हा कैंसर का मरीज है, तो हम कभी अपनी बेटी की शादी नहीं करते। इतनी बड़ी बात लड़के के परिजनों ने हमसे छिपाई।’ ये कहना है होशियारपुर की रहने वाली युवती की मां का, जिसके दामाद की कैंसर से शादी के ढाई महीने बाद ही मौत हो गई। मां ने कहा कि बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा भेजा था, जहां पढ़ाई के बाद उसे नौकरी भी मिल गई। इसी बीच अमेरिका में रहने वाले एक NRI परिवार की ओर से रिश्ता आया। हमें लगा कि बेटी के लिए अच्छा रिश्ता मिल गया है, क्योंकि हमारे पति और लड़के के पिता भी पंजाब पुलिस में हैं, लेकिन यहीं से उनकी खुशियों पर ग्रहण लगना शुरू हो गया। बेटी ने शादी के 20 दिन बाद जब पति को रोज दवाइयां खाते देखा तो उसने पूछा, लेकिन दामाद ने कहा कि उसे जिम में चोट लग गई थी। जब इवाइयों के नाम ऑनलाइन चेक किए, तो पता चला कि वे कैंसर की दवाइयां थीं। इसके बाद परिवार ने ससुराल पक्ष से सवाल किया, लेकिन उन्होंने बीमारी से इनकार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर… 7. 9वीं के छात्र को पीटा, टीचर बोला- मुझे डोरेमोन कह रहा था लुधियाना के प्राइवेट BVM स्कूल में टीचर ने 9वीं कक्षा के छात्र की पिटाई कर दी। आरोप है कि टीचर ने छात्र को स्कूल की लैब में ले जाकर बंद कर दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। पिटाई के बाद घर पहुंचने पर बच्चे की हालत बिगड़ गई। परिजन के अनुसार, उसके पेशाब (यूरिन) में खून आने लगा, जिसके बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें टीचर छात्र को पीटता दिख रहा है। पुलिस के मुताबिक, बच्चा क्लास में शरारत कर रहा था। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि टीचर को 10 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। उससे इस मारपीट के लिए जवाब भी मांगा गया है। टीचर से बात भी की गई थी, जिसमें उसने बताया है कि बच्चे उसे डोरेमोन बुला रहे थे। गुस्से में उसने बच्चे को पीट दिया। पढ़ें पूरी खबर… 8. CJP के समर्थन में उतरे पंजाब के कांग्रेसी सांसद पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और पीएम के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में पीएम आवास के पास धरना दिया। इसमें पंजाब से कांग्रेस सांसद चरणजीत चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा, राजा वडिंग समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस चन्नी को घसीटते हुए बस तक ले गई, इस दौरान उन्होंने नारे लगाए- जब-जब मोदी डरता है, तब-तब पुलिस को आगे करता है, BJP का ये आतंकवाद है, सरकार छात्रों की नहीं सुनती है। वहीं रंधावा और राजा वडिंग के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस नेताओं ने पीएम और गृहमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाए। कांग्रेस का यह प्रदर्शन बेहद सीक्रेट रहा। राहुल समेत सभी नेता कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर से पीएम आवास तक पैदल मार्च करके पहुंचे। जब ये लोग 100 मीटर दूर थे तब मीडिया को जानकारी दी गई। पढ़ें पूरी खबर… खबर विदेश से… 9. ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी ड्राइवर पर थूका, पत्नी गुलाम बनाने की धमकी ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी बोलने पर ट्रक ड्राइवर पर थूक दिया गया। रेडियो पर पत्नियों को गुलाम बनाकर बेचने और बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ABC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ड्राइवरों को पगड़ी पहनने और आपस में पंजाबी में बात करने पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियन ट्रकिंग एसोसिएशन (ATA) और नेशनल हेवी व्हीकल रेगुलेटर (NHVR) ने इस तरह के व्यवहार की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मानसिक तनाव ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इससे उनका ध्यान बंटता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा के ठीक बाद ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बर्क ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों और ट्रकों के अंदर इस्तेमाल होने वाले सीबी रेडियो पर भारतीय ड्राइवरों को निशाना बनाना एक कड़वी सच्चाई है। पढ़ें पूरी खबर… खबर जरा हटके… 10. पुलिस बीट बॉक्स पर वेंडर का कब्जा, गन्ने अंदर रख ताला लगाया चंडीगढ़ से अतिक्रमण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-41 स्थित कृष्णा मार्केट के सामने बने पुलिस बीट बॉक्स पर एक वेंडर ने कब्जा कर लिया। आरोप है कि वेंडर पुलिस बीट बॉक्स के अंदर अपना सामान रखता है और बाहर से ताला लगाकर चला जाता है। यह बीट बॉक्स पहले पुलिस के इस्तेमाल में था, लेकिन लंबे समय से इसका उपयोग नहीं किया जा रहा। इसी का फायदा उठाकर गन्ने का रस बेचने वाले वेंडर ने उस पर कब्जा कर लिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद थाना-39 पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसे लेकर थाना-39 के प्रभारी इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने पुलिस बीट बॉक्स पर कब्जा कर उस पर निजी ताला लगाया है तो यह गलत है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर… (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
कासगंज में मंगलवार को जनपद न्यायालय कासगंज में अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट, चेयरमैन जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दिल्ली पुलिस कार्रवाई की निंदा की। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने 20 जुलाई को हुए इस कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सत्येन्द्र पाल सिंह बैस ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई को अनुचित बताया और कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। बैस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और आमजन की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि देश के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस दौरान राकेश मिश्रा, प्रमोद सक्सेना, कमल कुमार सिंह यादव, फिरोज खान, मुकीम, जितिन मौर्य, अब्दुल मावूद, अश्वनी कुमार, चंद्रशेखर यादव, हेमंत भारद्वाज, सत्यम शर्मा, अंजुम राहत, आशीष चौहान, मोहम्मद खालिद, शादाब, नेम सिंह, दिनेश वर्मा, संजय कुमार, मनीष और मोहित बघेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बर्गर विवाद में घिरे अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है। पार्टी ने मंगलवार को X पर पोस्ट कर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी की टीम पर पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आए विजेता दहिया के वीडियो बेहद असंवेदनशील हैं। उनका यह व्यवहार पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने उन्हें सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से भी मुक्त कर दिया है। विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। सोमवार को दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान एक मेट्रो स्टेशन पर उनका बर्गर खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उनका एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह कार में बर्गर खाते हुए कहते नजर आए, प्रदर्शन में शामिल होना मेरी नौकरी है क्या? आपने मुझे चुना है क्या? इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया। अब जानिए दहिया ने क्या सफाई दी… भूख लगी थी, इसलिए बर्गर खाया सोमवार को विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने सफाई देते हुए कहा, मैं दो रातों से लगातार आंदोलन में मौजूद था और संसद मार्च में भी शामिल हुआ था। मुझे लगा कि मार्च समाप्त हो गया है, इसलिए मैं नहाने के लिए घर जा रहा था। रास्ते में मुझे भूख लगी, इसलिए मैं बर्गर खाने के लिए रुक गया। कोई भी इंसान भूख लगने पर खाना खाता है। मुझे भी भूख लगी थी, इसलिए मैंने बर्गर खाया। वीडियो को गलत तरीके से पेश किया दहिया ने यह भी कहा, आंदोलन के दौरान मेरी टीम के कई सदस्यों के साथ पुलिस ने मारपीट की। मेरे एक साथी के सिर में चोट लगी, दूसरे कार्यकर्ता को थप्पड़ मारा गया और उन पर स्याही फेंकी गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया गया। जो लोग आंदोलन में मौजूद थे, वे जानते हैं कि मैं लगातार प्रदर्शन का हिस्सा था। फिल्ममेकर हैं विजेता दहिया सोनीपत के रहने वाले विजेता दहिया राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक, फिल्ममेकर और कंटेंट क्रिएटर हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग (बीटेक) की पढ़ाई की है, लेकिन बाद में राजनीति और समसामयिक विषयों पर रिसर्च, लेखन और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण को अपना करियर बनाया। सोशल मीडिया पर वह राजनीति, इतिहास और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े वीडियो और विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। जून 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने उन्हें अपने आधिकारिक प्रवक्ताओं में शामिल किया था। पार्टी के मीडिया पक्ष को रखने और विभिन्न आंदोलनों में संगठन का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। हालांकि, संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते हुए वायरल वीडियो और उसके बाद दिए गए विवादित बयानों के चलते वह विवादों में आ गए। ध्रुव राठी के साथ काम कर चुके विजेता दहिया ने दैनिक भास्कर को बताया था कि मैं अब तक दो किताबें लिख चुका हूं। इनमें 'पावर ऑफ यूनिवर्स' और 'टू हेल विद दैट जॉब' शामिल हैं। हिंदी में पब्लिश मेरी बुक 'भाड़ में जाए नौकरी' मेरे जीवन के अनुभवों, करियर में किए गए बदलावों और सोच-समझकर लिए गए फैसलों पर आधारित है। करीब 275 पन्नों की इस किताब में मैंने अपने संघर्ष, आत्ममंथन और जीवन के विभिन्न पड़ावों को साझा किया है। मैंने यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ करीब पांच साल तक रिचसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम किया। इस दौरान मुझे जनसंचार, राजनीतिक विश्लेषण और बड़े स्तर पर कंटेंट निर्माण का अनुभव मिला। फिलहाल मैं फ्रीलांस आधार पर काम कर रहा हूं और ध्रुव राठी के अलावा अन्य लोगों के लिए भी रिसर्च और कंटेंट तैयार करता हूं।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 34 किलो 490 ग्राम गांजा बरामद किया है। टीम ने एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस ने महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्लेटफॉर्म-1 पर चेकिंग के दौरान पकड़ी गई महिला मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार के नेतृत्व में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम प्लेटफॉर्म नंबर-1 स्थित पार्सल लोडिंग एरिया में संदिग्ध यात्रियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो ट्रॉली बैग के साथ घूम रही एक महिला संदिग्ध दिखाई दी। तलाशी लेने पर दोनों बैगों से 34 किलो 490 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भुवनेश्वर से दिल्ली ले जा रही थी गांजे की खेप पूछताछ में महिला ने अपना नाम अमीना निवासी लोनी, गाजियाबाद बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह गांजे की खेप भुवनेश्वर से लेकर दिल्ली जा रही थी और कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। महिला के साथ मिली किशोरी, चाइल्ड हेल्पलाइन को दी सूचना कार्रवाई के दौरान महिला के साथ करीब 14 वर्ष की एक किशोरी भी मिली। महिला उसके बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सकी। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने किशोरी से अलग पूछताछ की और उसके परिजनों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना देकर किशोरी को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच शुरू जीआरपी ने महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस महिला के आपराधिक इतिहास, गांजे की सप्लाई चेन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। मामले में बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली में पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए। इसमें पंजाब से कांग्रेस सांसद चरणजीत चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस चन्नी को घसीटते हुए बस तक ले गई, इस दौरान उन्होंने नारे लगाए- जब-जब मोदी डरता है, तब-तब पुलिस को आगे करता है, BJP का ये आतंकवाद है, सरकार छात्रों की नहीं सुनती है। वहीं रंधावा और राजा वडिंग के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस नेताओं ने पीएम और गृहमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाए। कांग्रेस का यह प्रदर्शन बेहद सीक्रेट रहा। राहुल समेत सभी नेता कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के घर से पीएम आवास तक पैदल मार्च करके पहुंचे। जब ये लोग 100 मीटर दूर थे तब मीडिया को जानकारी दी गई। राहुल गांधी के साथ CJP के समर्थन में दिए जा रहे धरने में पंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पटियाला के सांसद धर्मवीर गांधी, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह व अन्य धरने में शामिल हुए। कुछ किलोमीटर दूर जाकर छोड़े दिल्ली पुलिस ने जिन सांसदों को पीएम हाउस के बाहर से डिटेन किया उन्हें कुछ किलोमीटर दूर जाकर छोड़ दिया। पंजाब के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का कहना है कि पुलिस ने उनको धक्के मारे और जबरन उठाकर ले गई। उनका कहना है कि पुलिस ने ऐसा व्यवहार उनके साथ किया तो बच्चों के साथ कैसे किया होगा। सरकार की जिम्मेदारी सिस्टम ठीक करना- रंधावा रंधावा ने कहा कि मोदी देश को बर्बाद करने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक हुआ है, इससे बच्चों को परेशानी हुई है। वह शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं, तो उन्हें दे देना चाहिए। रंधावा ने कहा कि भाजपा बार-बार कांग्रेस के समय की बात करती है। इसका मतलब यह नहीं है कि पहले जो हुआ अब उसे ठीक नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार की जिम्मेदारी है सिस्टम को ठीक करना। सरकार बच्चों की बात नहीं सुन रही: बाजवा एलओपी प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार बच्चों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि या तो गृहमंत्री के साथ मीटिंग होती या शिक्षा मंत्री के साथ होती। उन्होंने कहा कि नड्डा के साथ मीटिंग करने का क्या औचित्य है। उनका कहना है कि सरकार दरअसल बच्चों से बात ही नहीं कर रही है। खड़गे के आवास पर बनी सीक्रेट प्लानिंग जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से पीएम आवास तक मार्च निकालने और धरना देने की सीक्रेट प्लानिंग की थी। आज (21 जुलाई) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का 84वां जन्मदिन है। रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस सांसदों को खड़गे का जन्मदिन मनाने के लिए उनके आवास पर बुलाया गया। जब सब वहां एकत्र हुए, तभी वहां तय किया गया कि पीएम आवास तक मार्च करते हुए जाएंगे और पीएम के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना देंगे। ************* ये खबर भी पढ़ें: पंजाब के मंत्री ने बताया जंतर-मंतर का हाल: CJP के प्रदर्शन पर बैंस बोले- दिल्ली पुलिस बर्बरता को तत्पर, युवाओं ने भी पत्थर फेंके पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद मार्च में शामिल हुए। वहां से उन्होंने एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन स्थल के हालात साझा किए और आंदोलन का समर्थन किया। (पढ़ें पूरी खबर)
हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला बॉर्डर को हरियाणा पुलिस ने पूरी तरह सील कर दिया है। किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के मद्देनजर यहां भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिसके कारण वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फिलहाल बॉर्डर पर किसी भी किसान की मौजूदगी नहीं है, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण आम राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात प्रशासन के अनुसार, किसान संगठनों ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) के विरोध में आज दिल्ली कूच का आह्वान किया है। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के डॉक्टरों का मानना है कि उनकी जारी भूख हड़ताल के कारण उन्हें निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश डी. […] The post दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .
कंगना रनौत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता थी। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान संसद भवन के बाहर की स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही थी, जिसका असर अंदर मौजूद सांसदों पर भी पड़ा।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने एक ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दिल्ली के रहने वाले दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना सेक्टर-93 चौकी क्षेत्र में प्रेरणा सोसायटी के पास हुई। बताया गया कि कार सवार दोस्त सोहना रोड के एक क्लब से रातभर फुटबॉल का फाइनल मैच देखकर दिल्ली लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, आगे चल रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक लेन बदली और इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रही तेज रफ्तार आई-10 कार सीधे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक तेज आवाज आई और आई-10 कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद कार में सवार लोग बुरी तरह फंस गए, जिससे उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मरने वाले दोनों दिल्ली के, दोस्त अस्पताल में भर्ती राहगीरों ने पुलिस की मदद से कार में सवार तीनों लोगों को निकालकर तुरंत द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर (वाणी विहार) निवासी दीपांक मलिक (20) और विजय विहार निवासी सक्षम सचदेवा (21) के रूप में हुई है। जबकि वाणी विहार की रहने वाली प्रगति वशिष्ठ गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सक्षम सचदेवा चला रहा था कार हादसे के वक्त कार सक्षम सचदेवा चला रहे थे। हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। सेक्टर-93 चौकी पुलिस ने मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। बताया गया कि सक्षम और प्रगति इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करते थे। वहीं दीपांक मलिक पानीपत के एक कॉलेज से कंप्यूटर साइंस (बीटेक थर्ड ईयर) की पढ़ाई कर रहे थे। गुरुग्राम में मैच देखकर दिल्ली जा रहे थे मृतक सक्षम के रिश्तेदार मोहित सचदेवा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीनों दोस्त सोहना रोड स्थित एक क्लब में बड़ी स्क्रीन पर फुटबॉल विश्व कप का फाइनल देखने आए थे। मैच खत्म होने के बाद सुबह जब वे दिल्ली वापस लौट रहे थे, तभी द्वारका एक्सप्रेसवे के मेन रोड पर परीना टावर के पास एक बेकाबू ट्रक उनकी कार के सामने आ गया और ड्राइवर ने अचानक ब्रेक दबा दिए।

