मूंडवा से दिल्ली जा रहे तमिलनाडु के यात्री को बस में आया हार्ट अटैक, इलाज के दौरान मौत
भास्कर न्यूज। डीडवाना मूंडवा से दिल्ली की ओर रोडवेज बस में सफर कर रहे एक यात्री की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दस्तावेजों के आधार पर शिनाख्त हो सकी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रविचंद्र (46) पुत्र राजवेलू निवासी 96 वस्तम नगर तमिलनाडु के रूप में हुई है। रविचंद्र मूंडवा से दिल्ली जा रहे थे, तभी यात्रा के दौरान बस में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अटैक आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही बस स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत डीडवाना के राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने मृतक के पास मिले दस्तावेजों व मोबाइल के जरिए तमिलनाडु में उनके परिजनों को सूचना दी। परिजनों के आने तक शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया था। शुक्रवार को परिजनों के डीडवाना पहुंचने के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और पंचनामा तैयार कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
कटरा-नई दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन 27 को चलेगी
लुधियाना| नई दिल्ली में उत्तर रेलवे ने रेल यात्रियों की सुविधा और गर्मी के मौसम में अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी कटरा–नई दिल्ली–श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए विशेष ट्रेन संख्या 04678/04677 चलाने का निर्णय लिया है। कटरा से नई दिल्ली जाने वाली 04678 श्री माता वैष्णों देवी कटरा से 09:40 पर प्रस्थान कर पठानकोट कैंट, जालंधर कैंट, लुधियाना जं., अंबाला कैंट और पानीपत जं. होते हुए नई दिल्ली 21:40 पर पहुंचेगी। वापसी में 04677 नई दिल्ली से 23:45 पर रवाना होकर पानीपत जं., अंबाला कैंट, लुधियाना जं., जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट होते हुए श्री माता वैष्णो देवी कटरा पहुंचेगी।
छात्र आंदोलन के समर्थन में सब-इंस्पेक्टर के इस्तीफे का वायरल दावा फर्जी : दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक व्यक्ति के वीडियो में किए गए दावों को गलत बताया। इस वीडियो में व्यक्ति ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए सब इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ दी है।
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली हाईकोर्ट बोला- नाम में राम होने से जरूरी नहीं कि व्यक्ति भगवान राम जैसा हो
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति का नाम उसके चरित्र या आचरण को तय नहीं करता। नाम से ज्यादा इंसान के कर्म मायने रखते हैं। कोर्ट ने कहा कि उत्तर भारत में बच्चों का नाम राम रखना आम है और कई मुस्लिमों के नाम में मोहम्मद भी होता है, लेकिन सिर्फ नाम से किसी की शख्सियत तय नहीं होती। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कलयुग में कोई भी रामचंदर जरूरी नहीं कि भगवान राम जैसा हो। कोर्ट ने मामले में 13 साल की लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहे रामचंदर को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी का जुर्म साबित करने में नाकाम रहा और गवाहियों में भारी विरोधाभास हैं, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। अभियोजन के मुताबिक अप्रैल 2006 में लड़की गायब हुई थी और बाद में उसे आरोपी रामचंदर के साथ बरामद किया गया था। आरोपी का दावा था कि लड़की अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी और वह बालिग थी। पीड़िता ने अदालत में कहा कि वह आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती। आज की अन्य बड़ी खबरें… ममता की तृणमूल पर एफआईआर दर्ज, कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया था कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन के आरोप में कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 21 जुलाई को कैथेड्रल रोड पर आयोजित इस रैली के लिए कोर्ट ने अधिकतम 2,500 लोगों की अनुमति दी थी और सड़क की एक लेन ट्रैफिक के लिए चालू रखने का निर्देश दिया था। इस सीमा से ज्यादा भीड़ जुटने के कारण सड़क की दोनों लेन पूरी तरह बंद हो गईं। के. श्रीकर रेड्डी कतर में भारत के नए राजदूत नियुक्त वरिष्ठ राजनयिक के. श्रीकर रेड्डी को कतर में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को उनकी नियुक्ति की घोषणा की। भारतीय विदेश सेवा के 2001 बैच के अधिकारी रेड्डी फिलहाल अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्यदूत के रूप में कार्यरत हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह जल्द ही दोहा में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। रेड्डी कतर में मौजूदा भारतीय राजदूत विपुल का स्थान लेंगे। नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारत और कतर के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश तथा प्रवासी भारतीयों से जुड़े संबंध महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
नीट पेपर लीक में गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP ने 3 मांगें और परीक्षा सुधार के 5 सुझाव रखे हैं। सरकार इन पर चर्चा कर रही है। शनिवार दोपहर 3.30 बजे तीसरे दौर की बैठक होगी। जिसमें सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपना पक्ष बताएगी। सीजेपी ने सरकार से कहा हैकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा। प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजन को 1-1 करोड़ मुआवजा और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस खत्म करने की दो मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दी है। हालांकि, सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं, सरकार के सूत्रों के अनुसार, 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि पद छोड़ना सबसे आसान काम होगा और यह जिम्मेदारी से भागने के बराबर होगा। हम काम करके दिखाएंगे।’ इधर, प्रदर्शन के चलते दिल्ली सरकार ने पुलिस की सलाह पर वीकेंड तक सभी शराब दुकानें रात 8 बजे बंद करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को भी बिना सूचना के दुकानें समय से पहले बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को वापस लौटना पड़ा। जंतर-मंतर समेत शुक्रवार को देशभर में हुए प्रदर्शन की तस्वीरें… दिल्ली में आज से 2 बदलाव… पिछले 5 दिन में क्या-क्या हुआ, यहां पढ़ें… 24 जुलाई- सरकार-CJP में दूसरे दौर की बातचीत; वांगचुक का अनशन खत्म 23 जुलाई- कॉकरोच जनता पार्टी बोली- सरकार बात करने जंतर-मंतर आए 22 जुलाई- सोनम वांगचुक बोले- सरकार से भरोसा मिला तो अनशन तोडूंगा 21 जुलाई- अभिजीत दीपके बोले- बात करना है तो सरकार खुद जंतर-मंतर आए 20 जुलाई- CJP का संसद मार्च, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई सिर फूटे जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाएं…
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और परीक्षा सुधारों को लेकर लगातार जारी छात्रों का आंदोलन अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गया है। गत 20 जुलाई को संसद मार्च ('चलो संसद') के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार, 27 जुलाई 2026 को सुनवाई करने की सहमति दे दी है।सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकीलों ने रखा पक्षशुक्रवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले को मेंशन किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान और गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत का ध्यान छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता की ओर आकर्षित किया।वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ से तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा:पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा सख्त और हिंसक बल प्रयोग किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं रोजाना हो रही हैं। ऐसे में पुलिस और आम छात्रों के बीच सिर्फ अदालत ही सुरक्षा का सहारा है।अदालत को सूचित किया गया कि रजिस्ट्री की ओर से याचिकाओं को नंबर आवंटित कर दिए गए हैं, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।क्या हुआ था 20 जुलाई की झड़प में?गौरतलब है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।इस झड़प में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। छात्रों की प्रमुख मांग है कि:नीट परीक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पारदर्शिता और कड़े सुधार लाए जाएं।पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।दिल्ली हाई कोर्ट में भी जारी है सुनवाईइससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी 20 जुलाई की घटना को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियोग्राफी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।अब देखना यह होगा कि 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले और पुलिस की कार्रवाई पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।
दिल्ली पुलिस की सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी : प्रतिबंधित क्षेत्रों में यात्रा से बचें
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा को देखते हुए नागरिकों और डिजिटल सेवा प्रदाताओं के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है
अयोध्या में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रताप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में नीट परीक्षा की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र सभा और सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने रास्ते में रोक लिया इधर, समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव पंडित समरजीत को शुक्रवार दोपहर दिल्ली रवाना होने के दौरान पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा मामले में निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। समरजीत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिन में जांच पूरी कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। उन्होंने सरकार से जांच की प्रगति सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
कोटा में सरकारी टीचर से रेप करने के करीब 5 साल पुराने मामले में पॉस्को कोर्ट (3) ने फैसला सुनाया है। न्यायाधीश घनश्याम शर्मा ने दिल्ली के द्वारका जिला निवासी दोषी वकील को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। दोषी वकील ने सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता टीचर से संपर्क किया। महिला टीचर का ट्रांसफर कराने और उससे शादी करने का झांसा देकर रेप किया। इस मामले में पीड़िता ने 35 पेज की गवाही दी। ट्रांसफर कराने के नाम पर लिए डेढ़ लाख रुपए पॉस्को कोर्ट 3 के एडवोकेट महेश भंडारी ने बताया- महिला सरकारी टीचर के पति की मौत हो चुकी थी। साल 2017 में दिल्ली निवासी दोषी वकील और पीड़िता सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए। दोनों एक-दूसरे से फोन पर बात करने लगे। दोषी ने वकील व प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए खुद को अविवाहित बताया। पीड़िता को शादी करने का प्रस्ताव दिया। इससे पीड़िता दोषी वकील के प्रेमजाल में फंसती चली गई। इस बीच वकील ने पीड़िता का ट्रांसफर करवाने के नाम पर अक्टूबर 2018 में डेढ़ लाख रुपए लिए। साथ ही पीड़िता के दिव्यांग भाई को नौकरी लगवाने का झांसा देकर 2 लाख ऐंठ लिए। गर्भ निरोधक दवाइयां भी खिलाई दोषी वकील ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता को गर्भ निरोधक दवाइयां खिलाई। बाद में पता चला कि दोषी वकील पहले से ही शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता है। इसके बाद 11 नवंबर 2020 को पीड़िता ने सिटी एसपी को शिकायत दी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। मामला महिला उत्पीड़न कोर्ट से पॉस्को कोर्ट (3) में ट्रांसफर हुआ। कोर्ट में 9 गवाहों के बयान करवाए और 38 दस्तावेज पेश किए गए।
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रहे कथित पेपर लीक और नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर शुक्रवार, 24 जुलाई को पठानकोट में जिला यूथ कांग्रेस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। लगातार हो रही धांधलियों से रात-दिन मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का परीक्षाओं और व्यवस्था से विश्वास उठ रहा है। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की अपनी मांग को दोहराया। पेपर रद्द होने या विवाद में फंसने के कारण लाखों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है, जिससे उनके समय, मेहनत और आर्थिक संसाधनों का भारी नुकसान होता है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक इस पूरे मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक पीड़ित छात्रों को सच्चा न्याय मिलना असंभव है। दिल्ली में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की निंदा इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई (लाठीचार्ज) की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय की आवाज उठाने वाले शांतिपूर्ण छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से तानाशाही और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से लड़ती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में इस जन-आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और आम लोगों पर बीती 20 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज जलालाबाद में व्यापक रोष प्रदर्शन देखने को मिला। 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन' (AISF) और 'ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन' (AIYF) के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं ने स्थानीय गर्ल्स कॉलेज में एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया और पूरे शहर में एक विशाल रोष मार्च निकाला। यह प्रदर्शन देशव्यापी आह्वान के तहत जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मिनी जंतर-मंतर बनाकर आयोजित किया गया था। इस रोष मार्च और प्रदर्शन का नेतृत्व AISF के प्रदेश अध्यक्ष रमन धर्मूवाला, जिला सचिव स्टालिन लामोचड़, जिला परिषद सदस्य मनजिंदर कौर बग्गे के, सर्व भारतीय नौजवान सभा के नेता सोना धुन्नकियां तथा धर्मेंद्र मुरकवाला ने संयुक्त रूप से किया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। गर्ल्स कॉलेज से एसडीएम कार्यालय तक गूंजे नारे स्थानीय गर्ल्स कॉलेज में एकत्रित हुई छात्राओं और युवाओं ने दिल्ली पुलिस व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कॉलेज परिसर से लेकर एसडीएम (SDM) कार्यालय जलालाबाद तक एक विशाल रोष मार्च निकाला गया, जिसमें युवाओं का आक्रोश साफ देखने को मिला। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवा नेताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। शिक्षा के लगातार हो रहे व्यवसायीकरण और निजीकरण को तुरंत रोका जाए। संसद में एक विशेष कानून पारित कर देश के सभी युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार की कानूनी गारंटी तय की जाए।
कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक युवक का शव रेलवे ट्रैक के पास संदेहास्पद स्थिति में मिला। यह घटना कोडरमा-मधुपुर रेल मार्ग पर नावाडीह स्टेशन से लगभग 100 मीटर दूर रेलवे ब्रिज के पास हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम नावाडीह गांव के कुछ बच्चे रेलवे पुल के पास खेल रहे थे। खेलते समय उनकी नजर रेलवे ट्रैक पर पड़ी, जहां उन्होंने एक युवक को गिरा हुआ देखा। बच्चों ने तुरंत आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ दिन पहले बेंगलुरु से लौटा था गांव शव की शिनाख्त मरकच्चो पश्चिमी मोहल्ला निवासी बबलू गोस्वामी के रूप में की गई है। मृतक के भाई विक्रम गोस्वामी ने बताया कि बबलू अभी हाल ही में बेंगलुरू से अपने गांव वापस लौटा था। उन्होंने बताया कि बबलू शराब का काफी ज्यादा सेवन किया करता था। इसको लेकर घर में आए दिन विवाद होते रहता था। उसने बताया कि तीन दिन पूर्व भी बबलू का उसकी पत्नी के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद उसके ससुराल के लोग उसके घर आए और समझौता कर मामले को शांत करवाया था। उसने बताया कि बबलू को उसके ससुर ने दिल्ली जाने के लिए किराए के लिए 1 हजार रुपाए भी दिया था। बीते बुधवार को ही बबलू दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकला था। इधर, शुक्रवार को उसकी यह खबर सुनकर पूरा परिवार स्तब्ध है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों को तलाशने में जुटी हुई है। दोनों कान से काफी खून बह रहा था ग्रामीणों ने देखा कि युवक मृत अवस्था में रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा था। उसके दोनों कान से काफी खून बह रहा था। इस स्थिति को देखकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि युवक की मौत किसी ट्रेन से गिरने के कारण हुई होगी। वहीं, कुछ अन्य लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं, उनका कहना है कि युवक की हत्या कर शव को रेलवे दुर्घटना का रूप देने के लिए यहां फेंका गया हो सकता है।
सावन माह में हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर दिल्ली पहुंचने वाले शिवभक्त कांवड़ियों के स्वागत और उनकी सुविधाओं के लिए दिल्ली सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। दिल्ली सरकार का संकल्प है कि राजधानी में आने वाला प्रत्येक शिवभक्त स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और अपनत्व से घिरा हुआ महसूस करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियों में सेवा भाव और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर होगा भव्य स्वागतसरकार कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली के प्रमुख प्रवेश मार्गों और कांवड़ मार्गों पर स्वागत द्वार बनाएगी। शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की व्यवस्था भी की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं भी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर कांवड़ियों का स्वागत करेंगी। कांवड़ समितियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टमकांवड़ समितियों को अनुमति और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की गई है। इससे समितियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। शिविरों में 24 घंटे रहेंगी सुविधाएंमुख्यमंत्री ने कांवड़ शिविरों में 24 घंटे सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में पर्याप्त संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल शौचालय लगाए जाएंगे, जिनकी नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होगी। इसके अलावा, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती की जाएगी, ताकि दिन-रात चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रह सकें। स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और बारिश के दौरान जलभराव से निपटने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, ताकि यह यात्रा श्रद्धा, सेवा और सुचारु व्यवस्थाओं के साथ संपन्न हो सके।
दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) के जरिए जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान कर रही है। 216 लोग ऐसे मिले हैं जिनका पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। इनमें वेस्ट दिल्ली, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली, साउथ दिल्ली और बाकी अन्य जिलों के हैं। सूत्रों के मुताबिक, वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, सीसीटीवी फुटेज की FCR से जांच करने पर इन क्रिमिनल्स की पहचान हुई। जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी। कई वीडियोज ऐसे भी आए थे, जिनमें फोर्सेस पर भी हमला हुआ। फोर्सेस पर गलत बल प्रयोग के आरोप भी लगे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की फुटेज और फोटो जांच रहा है। इस बीच, रैपिड एक्शन फोर्स ने भी जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पेलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन में शामिल संदिग्धों की फोटोज पुलिस के किसी अधिकारी पर एक्शन नहीं दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर देवेश कुमार श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर से कहा कि CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस के किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसी पुलिस कर्मचारी या अधिकारी को सस्पेंड करने या विभागीय कार्रवाई करने की सोशल मीडिया पर आई खबर गलत है। पुलिस की तरफ से लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की गई। जितने पुलिस ऑफिशियल घायल हुए थे इनमें ज्यादातर को अब अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। उनकी अब ड्यूटी भी लगाई जा रही है। RAF पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच करेगी रैपिड एक्शन फोर्स ने दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि RAF यह जांचेगी कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान RAF की टीमों ने क्या कार्रवाई की और किन परिस्थितियों में जवानों पर हमला हुआ। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर RAF जवानों की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इनमें कुछ वीडियो में जवानों को बंदूक और लाठी का इस्तेमाल करते तथा लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। वहीं कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा RAF जवानों को घेरकर उन पर हमला करते हुए भी दिखाया गया है। 20 जुलाई: संसद मार्च में पुलिस का लाठीचार्ज कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। सुबह 8 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर मार्च किया। आंदोलनकारी जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक होते हुए संसद के करीब पहुंचे। संसद में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई, मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी भी घायल हुए थे। ये खबर भी पढ़ें… पैलेट्स से जख्मी इरशाद से बोले नड्डा-प्रदर्शन में क्यों गए: जवान ने बंदूक तानी 25 साल के इरशाद शेख दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एडमिट हैं। चेहरे और आंख पर जख्म के निशान हैं। गुरुग्राम में नौकरी करने वाले इरशाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट में गए थे। तभी पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली पुलिस फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FCR) से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने वालों की पहचान कर रही है। इस दौरान प्रोटेस्ट साइट पर ऐसे आरोपियों की जानकारी मिली है जो पहले से ही दिल्ली पुलिस के क्रिमिनल रिकॉर्ड में दर्ज है। कुल 216 आरोपियों को FCR से पहचाना गया है। इनमें सबसे ज्यादा 26 वेस्ट दिल्ली से है। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से 23, साउथ दिल्ली से 22 और अन्य जिलों के हैं। दैनिक भास्कर को दिल्ली पुलिस आधिकारिक सूत्रों से पता चला वायरल सोशल मीडिया पोस्ट, सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जिसके आधार पर इनके चेहरे पुलिस रिकॉर्ड में भी मिले हैं। इस आधार पर दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि कई क्रिमिनल भी प्रोटेस्ट में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने इनकी पहचान फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से की। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA)के प्रस्तावित समझौते के विरोध में शुक्रवार को करनाल सहित हरियाणा और पंजाब के किसान संगठनों ने ‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से करनाल लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर न किए जाएं और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकार लगातार कमजोर किए जा रहे हैं। किसानों और आम लोगों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अवसर तक नहीं दिया जा रहा। उनका आरोप था कि विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बॉर्डर पर रोकने के लगाए आरोप किसान नेताओं ने बताया कि जब वे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के किसान घाट की ओर बढ़ रहे थे, तब हरियाणा पुलिस और प्रशासन ने बस्तारा टोल प्लाजा, शंभू बॉर्डर समेत कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। किसानों का आरोप है कि उनके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया, जिससे उनके शांतिपूर्ण आंदोलन में बाधा उत्पन्न हुई। सस्ते विदेशी उत्पादों से बढ़ेगा संकट किसान नेताओं ने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हुआ तो अमेरिका के सस्ते कृषि उत्पाद, डेयरी उत्पाद और मेवे भारतीय बाजारों में बड़ी मात्रा में आएंगे। अखिल किसान महासभा के राज्य प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि इससे भारतीय किसानों की फसलों को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। साथ ही कृषि लागत बढ़ेगी और छोटे व मध्यम किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं। किसानों ने सरकार से इस समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की। युवाओं के आंदोलन को दिया समर्थन प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का भी खुलकर समर्थन किया। रतन मान ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं के साथ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संसद में चिंताओं को मजबूती से उठाएं उन्होंने कहा कि किसान संगठन युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं और जरूरत पड़ी, तो संयुक्त किसान नेतृत्व के आह्वान पर दोबारा दिल्ली कूच किया जाएगा। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय मंत्री एवं करनाल के सांसद मनोहर लाल खट्टर से अपील की, कि वे संसद में किसानों की चिंताओं को मजबूती से उठाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिना किसानों के हितों को ध्यान में रखे इस तरह की ट्रेड डील पर कोई भी फैसला नहीं लिया जाना चाहिए।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पलवल जिले में भी धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। दिल्ली के आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में शहर के देवीलाल पार्क में शुक्रवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष गौतम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन दोषियों को अभी तक सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की आवाज नहीं सुन रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि देश का युवा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, समय पर भर्ती और सुरक्षित भविष्य की मांग कर रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही, दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अन्य मांगों को भी तुरंत मानने की अपील की। इस दौरान भीम आर्मी के जिला प्रभारी नेमचंद, जिला कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक और जिला सचिव खेमचंद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और दिल्ली में स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज के विरोध में मध्य प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन जारी हैं। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर युवा धरने पर बैठे हैं। बारिश भी इनका जोश ठंडा नहीं कर पा रही है। इनका कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बड़वानी में प्रदर्शनकारी प्लास्टिक शीट से अस्थायी शेड बनाकर उसके नीचे बैठे हैं। वे मंच पर संविधान की कॉपी और महापुरुषों की तस्वीरों को रखकर विरोध जता रहे हैं। इनकी तीन प्रमुख मांगों में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराना और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल हैं। श्योपुर में समस्त छात्र शक्ति के बैनर तले बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने पीजी कॉलेज से रैली निकाली। वे चार किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां करीब दो घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा। बैतूल के अंबेडकर चौक पर युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। ऑडिटोरियम में छात्रों की क्रमिक भूख हड़ताल भी जारी है। देखिए, तस्वीरें… प्रदर्शन के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…
दिल्ली में प्रदर्शनकारी युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भिवानी में प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की। पीपल ऑफ भिवानी के बैनर तले भिवानी के हुडा पार्क में युवा, विद्यार्थी एवं जागरूक नागरिकों ने एकत्र होकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज एवं दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने डीसी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि पीपल ऑफ भिवानी किसी भी राजनीतिक दल या राजनीतिक एजेंडे से जुड़ा संगठन नहीं है। यह भिवानी के उन युवाओं की एक पहल है, जो इस मुद्दे पर चल रहे विभिन्न राजनीतिक संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा नहीं बनना चाहते। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्ष परीक्षाएं तथा युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकारप्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता लोकेश तथा विशाल सैनी ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे युवाओं के साथ बल प्रयोग किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों ने लाखों विद्यार्थियों का विश्वास कमजोर किया है। ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता युवाओं की बात सुनना और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करना होना चाहिए, न कि उनकी आवाज को दबाना। शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्माजलवायु कार्यकर्ता लोकेश भिवानी तथा विशाल सैनी ने कहा “हम दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुए दमन की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। हमारी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि देश के विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही स्थापित करने की है।” कलाकार सोनू रोंझिया ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। इस दौरान मीनाक्षी, मोनू कश्यप, आयुष नांगल, कविता सोलंकी, आयुष दहिया व राहुल भिवानी आदि शामिल रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों, युवाओं के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पलवल जिले की ट्रेड यूनियनों और सर्व कर्मचारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देवीलाल पार्क में आयोजित किया गया और केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों के समाधान की मांग की गई। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जितेंद्र तेवतिया, सीटू जिला प्रधान रामरति चौहान और किसान सभा जिला प्रधान रूप राम तेवतिया ने की। संचालन रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव हरीशचंद्र वर्मा ने किया। प्रदर्शनकारियों ने देवीलाल पार्क से आगरा चौक तक जुलूस भी निकाला। वक्ता बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन स्वीकार नहीं किसान सभा जिला प्रधान रूप राम तेवतिया और सीटू जिला प्रधान राम रति चौहान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज तथा आंसू गैस का प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन स्वीकार्य नहीं है और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास लोकतंत्र की मूल भावना पर हमला है। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जितेंद्र तेवतिया और किसान मोर्चा व किसान सभा के नेता धर्मचंद ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे व्यापार का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय छात्रों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। लाठीचार्ज के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग आंदोलनकारियों ने मांग की कि जंतर-मंतर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नई शिक्षा नीति (एनईपी) की वापसी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसे समाप्त करना और एक देश–एक परीक्षा जैसी व्यवस्था को लागू न करना शामिल है। मुआवजा दिए जाने की मांग उन्होंने मांग की कि, पेपर लीक के कारण जिन छात्रों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा उनके आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि ऐसी नीतियां शिक्षा में समान अवसरों को कमजोर करती हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं। प्रदर्शनकारियों ने देवीलाल पार्क से आगरा चौक तक जुलूस भी निकाला। प्रदर्शन को संबोधित करने वालों में सीटू जिला सचिव उर्मिला रावत, सर्व कर्मचारी संघ के सचिव हरेंद्र देशवाल, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नेता मास्टर बलजीत सिंह शास्त्री, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के श्रीपाल सिंह भाटी तथा बबली सैनी, योगेश शर्मा, देवी सिंह सहजवाल, राजकुमार डागर, सुधीर डागर, सुबेदार सुधीर डागर, राजकुमार, डॉ. रघुवीर सिंह व समय राम कुंडू सहित अन्य शामिल थे।
दिल्ली में जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मद्देनज़र फरीदाबाद पुलिस ने राजधानी से लगने वाली सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बदरपुर बॉर्डर सहित सभी प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स पर पुलिस ने 24 घंटे के लिए विशेष नाकाबंदी की गई है। दिल्ली की ओर जाने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की सघन जांच की जा रही है, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। बदरपुर बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मी वाहनों को रोक कर उनकी डिग्गी, केबिन और अन्य हिस्सों की तलाशी ले रहे हैं। दोपहिया वाहनों से लेकर कार, टैक्सी, बस और मालवाहक वाहनों तक की जांच की जा रही है। पुलिस का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या आपत्तिजनक सामान दिल्ली की ओर न ले जाया जा सके और आंदोलन की आड़ में कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके। इन 6 प्रमुख स्थानों पर पुलिस की नाकाबंदी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे स्थित दुर्गा बिल्डर एमसीडी टोल, सराय ख्वाजा टोल, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज के पास, सूरजकुंड-प्रह्लादपुर मार्ग, इस्माइलपुर-जैतपुर मार्ग और बसंतपुर पुस्ता रोड सहित दिल्ली से जुड़े प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की जांच की गई। लोगों की सुरक्षा को लेकर नाकाबांदी पुलिस एसएसआई संजय कुमार ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा सकता है। बॉर्डर पर सीसीटीवी कैमरों और पुलिस टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, सुरक्षा जांच के कारण कुछ स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी जरूर हुई, लेकिन यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार ट्रैफिक का संचालन भी करते रहे।
देश के सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में इन दिनों भारी राजनीतिक और वैचारिक जंग छिड़ गई है। परीक्षा प्रणालियों और हालिया प्रशासनिक सुधारों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रुख पर विश्वविद्यालय पूरी तरह से दो गुटों में बंट गया है। एक तरफ जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ बड़े और प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों व शिक्षक संघों ने शिक्षा मंत्री की नीतियों और सुधारवादी कदमों का खुला समर्थन किया है, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख छात्र संगठनों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कैंपस में विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना पूरी तरह जारी रहेगा।कुछ कॉलेजों ने क्यों किया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का समर्थनविश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों और कई कॉलेज काउंसिलों की तरफ से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में एक सकारात्मक सुर देखने को मिला है। समर्थन करने वाले कॉलेजों का तर्क है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाने और तकनीकी बदलावों को लागू करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे लंबी अवधि में छात्रों के हित में हैं। इन कॉलेजों के प्रबंधकों का मानना है कि परीक्षा सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली यूनिवर्सिटी की वैश्विक रैंकिंग और शैक्षणिक स्तर में बड़ा सुधार होगा। इसी वजह से वे सरकार के इन फैसलों के साथ मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं।छात्र संगठनों का आर-पार का मूड, कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था सख्तदूसरी तरफ, वामपंथी और अन्य विपक्षी विचारधारा वाले छात्र संगठनों ने इस समर्थन को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। छात्र नेताओं का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के हालिया फैसले आम छात्रों के हितों के खिलाफ हैं और इससे शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। कैंपस में सुबह से ही भारी नारेबाजी और पोस्टर वॉर का दौर शुरू हो गया है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी प्रशासनिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। दिल्ली के नॉर्थ और साउथ दोनों ही कैंपस में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है।संवाद या टकराव: दिल्ली यूनिवर्सिटी में आगे क्या होगाइस कूटनीतिक और वैचारिक खींचतान के बीच आम छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा भी मंडराने लगा है। अकादमिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई सकारात्मक संवाद (Dialogue) स्थापित नहीं हुआ, तो यह टकराव आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को एक मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है ताकि कैंपस के शांत और शैक्षणिक माहौल को दोबारा बहाल किया जा सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्रालय और यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारी इस सुलगते विवाद को शांत करने के लिए क्या बीच का रास्ता निकालते हैं।
दिल्ली में Gen-Z का ‘मीम वार’, NEET लीक के खिलाफ सड़कों पर शेयर हुआ क्रिएटिविटी और ह्यूमर का डोज
जंतर-मंतर और दिल्ली की सड़कों पर आमतौर पर गंभीर और भारी-भरकम नारों वाली रैलियां देखने को मिलती हैं, लेकिन नीट (NEET) विवाद को लेकर जब Gen-Z छात्र सड़कों पर उतरे, तो विरोध का अंदाज बिल्कुल बदल गया। रोष वही था, गुस्सा उतना ही गहरा, लेकिन अपनी बात कहने ...
पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिए जाने के कुछ ही घंटों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऐसे कोर्ट का गठन कर अनु ग्रोवर बालिगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित […] The post पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट appeared first on Sabguru News .
बागपत में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता बिल्लू प्रधान को शुक्रवार को पुलिस ने उनके कार्यालय पर रोक दिया। वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। बिल्लू प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई को सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित अन्याय हो रहा है और समाजवादी पार्टी उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि वह दिल्ली जाकर छात्रों का समर्थन करना चाहते थे और सपा उनके संघर्ष के साथ है। जानकारी के अनुसार, बिल्लू प्रधान के दिल्ली रवाना होने की सूचना मिलने पर पुलिस उनके कार्यालय पहुंची और उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। फिलहाल पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता समर्थन जता रहे हैं।
फिरोजाबाद शहर में कई जगहों पर 'दिल्ली चलो' और नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के समर्थन वाले पोस्टर पाए गए। आर्यनगर, गांधी पार्क और अटल पार्क जैसे क्षेत्रों में इन पोस्टरों के मिलने से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सबसे अधिक चर्चा आर्यनगर में नगर विधायक मनीष असीजा के आवास के पास पोस्टर लगाए जाने को लेकर रही। सूचना मिलते ही सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सभी पोस्टर हटवा दिए। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। जांच के लिए कई स्थानों के डीवीआर भी कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की, लेकिन पोस्टर लगाने वालों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पोस्टर चस्पा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि किसी के बहकावे में ना आएं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान दें। असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर-दिल्ली हाईवे पर गुरुवार देर रात अर्द्धनग्न हालत में एक युवक का शव पड़ा मिला। कंधे-कमर का मांस निकले होने के साथ ही वह खून से लथपथ हालत में पड़ा था। पुलिस को कुछ ही दूरी पर बाइक के टूटे पार्ट्स भी बिखरे मिले। दौलतपुरा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस मृतक की पहचान के साथ ही हिट एण्ड रन और मर्डर एंगल को लेकर जांच कर रही है। कंधे और कमर का मांस ज्यादा फटा SHO (दौलतपुरा) महेन्द्र सिंह ने बताया- दौलतपुरा में अप्पू घर के पास हाईव व सिविस लाइन के बीच में अर्द्धनग्न हालत में लहूलुहान युवक पड़ा था। रात करीब 2 बजे सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हाईव पर खून से लथपथ हालत में युवक पड़ा हुआ था। उसके शरीर पर अण्डरगारमेंट के अलावा कुछ नहीं था। कंधे और कमर का मांस बहुत ज्यादा फटा हुआ था। घटनास्थल की जांच करने पर बाइक के टूटे पार्ट्स भी बिखरे हुए मिले।। पुलिस ने तुरंत लहूलुहान हालत में उसे कांवटिया हॉस्पिटल भिजवाया। डॉक्टर्स ने चेक कर उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया। एक्सीडेंट या मर्डर पुुलिस ने FSL टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि मृतक की उम्र करीब 35 साल है। उसके सीने और हाथ पर टैटू गुदा हुआ है। प्रथमदृष्टया मृतक अच्छे परिवार का होना प्रतीत होता है। कपड़े गायब होने पर मर्डर का शक कपड़े गायब होने व बाइक के टूटे पार्ट्स को लेकर हत्या का शक जताया जा रहा है। किसी वाहन से टक्कर मारकर हत्या को एक्सीडेंट दिखाने का प्रयास किया गया हो। पुलिस मृतक की पहचान के साथ ही जांच में जुट गई है।
IMD ने दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटे में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना, गुजरात और असम में बाढ़ का खतरा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एम/एस संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ शुक्रवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।
छतरपुर में छात्रों ने गुरुवार रात को एक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में चलाया जा रहा है। शहर के कॉलेज चौराहे पर विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। अभियान का नेतृत्व कर रहे सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान लगातार जारी रहेगा। जिलेभर के हजारों छात्र-छात्राओं से हस्ताक्षर करवाकर एक मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। शर्मा ने दिल्ली में अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। सत्येंद्र शर्मा ने नीट पेपर लीक मामले पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मामले ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। अभियान के पहले दिन ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज चौराहे पर पहुंचकर बैनर पर हस्ताक्षर किए और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
संभल जिले में शादी के महज ढाई महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दंपती शादी के बाद दिल्ली में रहकर गोलगप्पे बेचते थे और तीन दिन पहले ही गांव लौटे थे। घटना गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के दुबारी कलां गांव की है। यहां के रहने वाले कुलदीप कुमार की शादी 2 मई को अलीगढ़ जिले के दादों थाना क्षेत्र के अजमानठेर गांव निवासी भगवान दास की 22 वर्षीय बेटी भूरी से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे कुलदीप अपनी ननिहाल कपड़ों का थैला लेने गया था। इस दौरान उसने कई बार पत्नी को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। दोपहर करीब 12 बजे जब वह घर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखा तो भूरी फंदे से लटकी हुई थी। डॉक्टर ने मृत घोषित किया कुलदीप ने तत्काल पत्नी को फंदे से नीचे उतारा और गांव के एक डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शाम तक मृतका के मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुंच गए। तीन दिन पहले ही गांव लौटे थे परिजनों ने बताया कि शादी के बाद दोनों दिल्ली में रहकर गोलगप्पे बेचने का काम करते थे। तीन दिन पहले ही वे मनौना धाम और कादराबाद स्थित कालिका देवी मंदिर के दर्शन के लिए गांव आए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना की सूचना पर थाना प्रभारी धीरज सिंह और नायब तहसीलदार उदयवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इस मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट क्षेत्र में कानून व्यवस्था को खराब करने की कोशिश का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया अकाउंट पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के मामले में साइबर थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह एफआईआर सोशल मीडिया के तीन अकाउंट संचालकों के खिलाफ दर्ज की गई है। इस तरह का किया गया पोस्टपुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई को सोशल इंस्टाग्राम अकाउंट जंतर-मंतर लाइव 24 सच की बात जेन जेड के नाम से एक भ्रामक वीडियो पोस्टम किया गया। उसके टाइटल में लिखा कि नोएडा में क्या हो रहा है। सेक्टर-63 में 45 हजार से अधिक श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसको लेकर सेक्टर-63 और चिल्ला बॉर्डर पर यातायात प्रभावित हो रहा है, जबकि राज्य सरकार ने मांगों के अनुसार वेतन में वृद्धि कर दी है, लेकिन कुछ समूह अब भी इसे हवा देकर कानून व्यवस्था खराब करने में जुटे हैं। दूसरे पोस्ट में लिखा कि पुलिस ने की अभद्रता वर्तमान में कोई भी आंदोलन नोएडा में नहीं चल रहा है। पुलिस ने इस पोस्ट को फर्जी और भ्रामक बताया है। इसे कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश माना है। वहीं, दूसरी एफआईआर इंस्टाग्राम अकाउंट चर्चा जंक्शन न्यूज और एक्स पर बने ट्रूथफुल क्रिटिकल नामक अकाउंट के खिलाफ के खिलाफ की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि दोनों अकाउंट के जरिये एक वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो पोस्ट करने के बाद टाइटल लिखा है कि कथित वीडियो में पुलिसर्मियों द्वारा आम लोगों के साथ अभद्र और कठोर व्यवहार दिखाया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। वीडियो कब का है, किस घटना से जुड़ा है और पूरा घटनाक्रम क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने माना सुनियोजित साजिश क्या पुलिस की कार्रवाई उचित थी या मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों से टिप्पणी भी करने के लिए कहा। पुलिस ने वीडियो वायरल करने के पीछे सुनियोजित साजिश माना है। ताकि भ्रामक नैरेटिव तैयार कर लोगों को भड़काया जा सके। पुलिस सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
शादी-विवाह का सीजन समाप्त होते ही जौनपुर से महानगरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबी दूरी की लगभग सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच गई है। अगस्त माह में भी टिकट मिलने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है। जौनपुर जिले से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए कानपुर, दिल्ली, नोएडा, मुंबई, सूरत और गुजरात जैसे शहरों में काम करते हैं। शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर आए लोग अब वापस अपने कार्यस्थलों पर लौटना चाहते हैं, लेकिन ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तत्काल टिकट भी नहीं बन रहा सहारा सीटों की कमी के चलते यात्रियों के पास तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। हालांकि, आरक्षण केंद्रों पर लंबी कतार लगने के बावजूद शुरुआती दो-तीन यात्रियों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहा है। अधिकांश यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। 15 सितंबर के बाद मिल सकती है राहत बक्शा निवासी दिनेश सिंह और बदलापुर निवासी भोलानाथ यादव ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि अगस्त में मुंबई जाने वाली ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाएगा, लेकिन अब भी सभी ट्रेनें फुल चल रही हैं। वहीं, जौनपुर के आरक्षण प्रभारी सुनील मिश्रा ने बताया कि लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह बुक हैं। उनके अनुसार, 15 सितंबर के बाद ही कुछ ट्रेनों में सीटें उपलब्ध होने की संभावना है।
CJP Protest : दिल्ली में आज भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद, इन 3 स्टेशनों पर जारी रहेगी इंटरचेंज की सुविधा
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से 17 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। मेट्रो प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे इस दौरान मेट्रो के बजाय बस, ...
यात्रीगण कृपया ध्यान दें: दिल्ली में 17 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर है
छात्रों पर कार्रवाई की अफवाह फैलाने पर दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को दी नसीहत
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से कहा कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आधी रात के बाद संभावित कार्रवाई को लेकर अपुष्ट जानकारी और अफवाहें फैलाने से बचें। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, दिल्ली पुलिस की आज रात चल रहे प्रदर्शन पर कोई कार्रवाई करने की योजना नहीं है, जैसा कि बताया जा रहा है। आपसे अनुरोध है कि किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी को फैलाने या साझा करने से बचें। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन का एक पत्र साझा किया था, जिसमें कनॉट प्लेस के सभी दुकानदारों से गुरुवार शाम 6:30 बजे तक अपनी दुकानें बंद करने को कहा गया था। इस पत्र को साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। बड़ी संख्या में एम्बुलेंस तैनात हैं। क्या सरकार आज फिर जंतर-मंतर पर अपने ही बच्चों पर बेरहमी से हमला करने जा रही है? इससे पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों को जवाब देना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास और भारतीय संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर उन्होंने क्या हासिल किया और वे इस मुद्दे पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा, आज देश का विपक्ष किसी राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि केवल व्यक्तित्व-आधारित दलों का समूह बनकर रह गया है, जिन्हें पिछले 12 वर्षों से जनता लगातार खारिज करती रही है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पराजित और निराश नेता हैं। इनमें से किसी का भी छात्र राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा है, लेकिन आज वे छात्र राजनीति में राजनीतिक फायदा तलाश रहे हैं। इसी बीच, छात्रों के परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे से जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि केंद्रीय गृह सचिव इस बात से संतुष्ट हैं कि जन व्यवस्था बनाए रखने और किसी अपराध के लिए उकसावे को रोकने के हित में यह कदम उठाना जरूरी है। अब इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 24 घंटों में सीजेपी से बातचीत के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। जितेंद्र सिंह ने आईएएनएस से कहा कि केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से पूरी विनम्रता के साथ संपर्क किया है और उन्हें बताया है कि गतिरोध खत्म करने का एकमात्र रचनात्मक रास्ता बातचीत है। उन्होंने कहा, हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हमने पिछले 24 घंटों में कम से कम चार बार उनसे संपर्क किया है। हम चाहते हैं कि वे सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों, जिसमें नीट का मुद्दा भी शामिल है।
सीजेपी प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस अलर्ट, 400 से अधिक पाकिस्तानी अकाउंट्स किए ब्लॉक
दिल्ली में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने नोटिस किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ गलत जानकारी साझा करने की कोशिश हो रही है
दिल्ली में राहुल पर कार्रवाई के विरोध में PM का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज | सिरपुर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं सांसदों के साथ कथित अलोकतांत्रिक और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सांकरा ने विरोध-प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राजा देवेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांकरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा विपक्षी नेताओं के प्रति निष्पक्ष व्यवहार की मांग की। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सभी मंडलों से मांगी तत्काल सूचना, दिल्ली जाने वालों पर विशेष फोकस
देशभर में छात्र गतिविधियों को लेकर रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) सतीश कुमार के निर्देश पर सभी जोनल रेलवे को भेजे गए आंतरिक संदेश में कहा गया है कि किसी भी स्टेशन पर छात्रों की असामान्य आवाजाही या बड़ी संख्या में जमावड़ा दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल मुख्यालय को भेजी जाए। विशेष रूप से दिल्ली की ओर जाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने इस मामले को ‘मोस्ट इम्पोर्टेंट’ और ‘टॉप प्रायोरिटी’ श्रेणी में रखने को कहा है। सभी जोन अपने-अपने मंडलों से लगातार फीडबैक लेकर नियमित अपडेट भेजेंगे। जयपुर से रोजाना दिल्ली जाने वाली 12 ट्रेनों पर नजर रहेगी इस निर्देश का असर जयपुर मंडल पर भी रहेगा। जयपुर जंक्शन, गांधीनगर जयपुर, दुर्गापुरा, बांदीकुई, अलवर और फुलेरा सहित प्रमुख स्टेशनों पर यदि छात्रों की संगठित गतिविधि या असामान्य भीड़ नजर आती है तो इसकी सूचना तत्काल मुख्यालय भेजनी होगी। जयपुर मंडल के अधिकारियों को भी सभी स्टेशनों से नियमित फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं। जयपुर से रोजाना करीब 12 ट्रेनें दिल्ली जाती हैं, जिनसे आरक्षित और अनारक्षित मिलाकर 22 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। वहीं, सप्ताहभर में जयपुर से दिल्ली के लिए 39 दैनिक और साप्ताहिक ट्रेनें संचालित होती हैं। इसी प्रकार प्रदेशभर के अलग-अलग स्टेशनों से रोजाना 45-50 ट्रेन दिल्ली के लिए जाती हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की गाड़ी पर चढ़े निहंग सामने आए हैं। उन्होंने बताया है कि उन्होंने पुलिस की गाड़ी पर कब्जा नहीं किया था, बल्कि पुलिस ने उनसे खुद मदद मांगी थी। पुलिस की गाड़ी पर कब्जे को आरोपों को खारिज करते हुए निहंगों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए वे गाड़ी पर बैठे थे। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे अपनी दो-तीन गाड़ियां वहां से निकालने में मदद करने को कहा था। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच निहंगों का पुलिस की गाड़ी पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह चर्चा थी कि निहंगों ने पुलिस की गाड़ी हाईजैक कर ली है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान निहंग गुरुवार को CJP समर्थकों से भी भिड़ गए थे। सोशल मीडिया पर लोगों ने ये रिएक्शन दिए निहंगों ने बुधवार रात की ये 3 बातें बताईं… निहंगों के पुलिस गाड़ी के साथ ये वीडियो वायरल हुए CJP समर्थकों से भिड़े निहंग दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को CJP समर्थकों और निहंगों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया। झड़प किस बात को लेकर हुई, इसका पता अभी नहीं लगा। पंजाबियों ने लगाया चादर-कंबल का लंगर CJP 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वहीं खाना-सोना हो रहा है। बुधवार देर रात पंजाब के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पंजाबियों ने खाने का लंगर लगाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चादर, कंबल और चटाइयां भी बांटी। भजन गायक कन्हैया मित्तल ने Gen-Z के लिए गाना गाया भजन गायक कन्हैया मित्तल ने CJP के धरने पर एक गीत लॉन्च किया। उन्होंने गीत के जरिए CJP के नेताओं पर भी सवाल खड़े किए। कन्हैया मित्तल ने गीत के जरिए कटाक्ष किया और कहा कि देश के Gen-Z को भड़काकर दिल्ली बुलाया जा रहा और उन्हें उकसाया जा रहा है। नेता खुद बर्गर खा रहे हैं और युवाओं को डंडे खाने के लिए आगे किया जा रहा है। यही नहीं, मित्तल ने अपने गीत के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जब पेपर लीक हुआ था तो उस समय वहां किसकी सरकार थी? पंजाब में आए दिन कर्मचारियों पर पुलिस लाठियां चला रही है। वहां किसी की सरकार है। निहंगों को देख छात्रा बोली- जान आ गई मंगलवार देर शाम 7 बजे ब्लू फोर्स निहंगों की टीम जंतर-मंतर पर पहुंची थी। उन्हें देखकर प्रदर्शनकारियों में उत्साह दिखा। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने निहंग को देखकर कहा, “हमारे अंदर जो जान आ गई है न, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।” एक निहंग ने कहा कि आपको जब भी हमारी जरूरत पड़ेगी, हम आपके साथ हैं। बहुत बढ़िया है कि आप डटे हुए हो। आतंकी पन्नू बोला- तख्तापलट होकर रहेगा इस आंदोलन में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की भी एंट्री हुई। उसने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उससे CJP के नेताओं के साथ जूम मीटिंग की है। इसमें आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। वीडियो में पन्नू कह रहा है - आज जूम मीटिंग में CJP और मैंने जो ऐलान किया है, उसे याद रखो। दिल्ली को और मोदी को गिराना है। मोदी की हुकूमत का तख्ता पलट किया जाएगा। यह पक्का हल नहीं है। इसका पक्का हल भारत का विघटन करना है, भारत को तोड़ना है। आतंकी पन्नू का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। हालांकि, इसमें कही बातों की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों-निहंगों में झड़प:बहस के साथ धक्का-मुक्की हुई; कन्हैया मित्तल ने जेन-जी पर गाया गाना दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और निहंगों के बीच झड़प हो गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने हालात को नियंत्रित कर लिया। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार शाम हिसार जिले के उकलाना में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की। कैंडल मार्च की शुरुआत अंबेडकर भवन से हुई, जहां बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा और नागरिक एकत्रित हुए। इसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्वक मार्च निकाला गया, जो मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सामाजिक कार्यकर्ता कामरेड मिया सिंह बिठमड़ा ने कहा कि हाल के दिनों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की। बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि यदि छात्रों की मांगों को लेकर 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कैंडल मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार शाम मुरैना में भी छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। शाम करीब 5:30 बजे छात्रों ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।इस रैली की विधिवत कोई परमिशन नहीं ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने मांग रखी कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी छात्रों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। रैली के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को 20 जुलाई को भगदड़ में घायल हुई 21 वर्षीय युवती की सेहत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उसकी हालत स्थिर है और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उस युवती की मेडिकल हालत के बारे में जानकारी देते […] The post दिल्ली पुलिस ने घायल 21 वर्षीय प्रदर्शनकारी युवती के मौत के दावों को किया खारिज appeared first on Sabguru News .
प्रयागराज में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर गुरुवार को दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने आजाद पार्क में प्रतिवाद सभा आयोजित की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाकर और देशभक्ति के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभा की शुरुआत चंद्रशेखर आजाद तुम जिंदा हो हमारे संकल्पों में और इंकलाब जिंदाबाद जैसे नारों से हुई। प्रदर्शनकारियों ने पटना (बिहार) और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। दिशा छात्र संगठन की प्रतिनिधि निधि ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद शोषण-मुक्त समाज का सपना देखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। निधि ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। नौजवान भारत सभा के प्रशांत ने कहा कि देशभर से दिल्ली पहुंचे छात्रों और युवाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं। हालांकि, उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती बरती गई। प्रशांत ने छात्रों के इस आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बताया। प्रतिवाद सभा के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाते हुए शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे आजादी के सेनानियों के आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा, रोजगार और न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज, सांसदों की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी युवजन सभा कानपुर महानगर के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल गुरुवार शाम 7:30 बजे समाप्त हो गई। नजरबंद होने के कारण अर्पित त्रिवेदी ने अपने आवास पर ही यह हड़ताल की थी। हड़ताल समाप्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हनुमंत विहार थाने पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। भूख हड़ताल का समापन समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष (कानपुर देहात) वीरसेन यादव ने अर्पित त्रिवेदी को जूस पिलाकर कराया। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों और सांसदों के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। त्रिवेदी ने आगे कहा कि असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनभावनाओं के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। इस अवसर पर विनोद यादव, अभिजीत गुप्ता, रामा यादव, सत्यम पांडे, केशव यादव, हिमांशु तिवारी, संजय यादव, संतोष पांडे, प्रवीन मिश्रा, भानु प्रताप, रमेश यादव, केके मिश्रा, शिवम जायसवाल, सूरज चौहान, रोहित दीक्षित, अनिल सोनकर, शिव सिंह, सत्यम त्रिवेदी, अजय प्रजापति, दक्ष यादव और रोहित निगम सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली
कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश
नई दिल्ली। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यहां के सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तराओं सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गुरुवार शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों […] The post दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज अब भिंड तक पहुंच गई है। गुरुवार शाम भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित अवंतीबाई प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर अब देश के विभिन्न हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भिंड में भी आंदोलन की शुरुआत की गई है। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया चंबल संभाग अध्यक्ष देशराज धरिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को पारदर्शी जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी देशराज धरिया ने कहा कि यह आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा और उसी के अनुसार आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं। पुलिस ...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और इसके पीछे की सियासत को कार्टूनिस्ट ने कैसे देखा। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनैल इमेज पर क्लिक करें।
मध्य प्रदेश में बने उत्पाद नई दिल्ली में बिकेंगे। अगले महीने होने वाले भारतीय व्यापार महोत्सव-2026 में एमपी के हस्तशिल्प, एमएसएमई, जनजातीय उत्पादों को भी मंच मिलेगा। यह आयोजन कैट यानी, कान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स करेगा। इसे लेकर गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सुनील जैन, संदीप गोधा, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा मौजूद थे। इस दौरान बैठक भी हुई। इसमें जिलाध्यक्ष शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) और कैट के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 होगा। यह भारत का पहला एवं सबसे बड़ा स्वदेशी व्यापार महोत्सव होगा। जिसमें देशभर के उद्योग, व्यापार, एमएसएमईएस, स्टार्टअप, जीआई उत्पाद, हस्तशिल्प एवं निवेश के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। एमपी को मिले बेहतर मंचअध्यक्ष शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव में मध्य प्रदेश सरकार भी अपने चार से पांच स्टॉल लगाएगी। ताकि, प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा और सशक्त मंच प्राप्त हो सके। अपर मुख्य सचिव मंडलोई ने शासन की सहभागिता पर सकारात्मक आश्वासन दिया और राज्य के विभिन्न विभागों के माध्यम से महोत्सव में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की। आगामी चरण में महोत्सव की आयोजन समिति द्वारा विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए जाने पर भी सकारात्मक सहमति जताई गई।
जींद जिले के जुलाना में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को गतौली गांव के युवाओं ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की कड़ी निंदा की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। बातचीत से समस्या का समाधान किए जाने की मांग युवाओं ने मांग की कि देश के युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई से। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
दिल्ली के जंतर मंतर में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलन करने वाले छात्र ने अपने बदन पर तिरंगा लपेट लिया। वीडियो देखने के लिए ऊपर वीडियो के थंबनैल पर क्लिक करें।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को दी शाबासी:संसद मार्च के दौरान मारपीट का विरोध कर रहे बाद पुलिस
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को शाबासी दी। तालियां बजाते हुए लगाते हुए स्टूडेंट ने वेल डन के नारे लगाए। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान सामने ही खड़े रहे। खबर का वीडियो देखने के लिए ऊपर लगे इमेज पर क्लिक करें…
दिल्ली में मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को समस्तीपुर में छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एसएफआई, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, किसान मोर्चा के संयुक्त बैनर तले लोगों ने शहर में जुलूस निकाला और डीआरएम कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर के लिए छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय गेट के सामने बैठकर धरना भी दिया। छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। पुलिस के साथ सादे वर्दी में आए गुंडों ने छात्रों के साथ मारपीट की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा के सीनियर नेता मनोज गुप्ता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस आंदोलन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ ही सादे कपड़ों में आए गुंडों ने आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की। वहां मौजूद छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मनोज गुप्ता ने कहा कि लाठीचार्ज में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई हो। आज पूरे देश में लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार के मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नहीं तो आंदोलन और तेज करेंगे’ अखिल भारतीय महिला जनवादी समिति की राज्य सचिव नीलम देवी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया है, उनसे अभद्र व्यवहार किया गया है। छात्राओं के साथ मारपीट और उनसे अभद्रता भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है, सरकार तत्काल दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। नीलम देवी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपना इस्तीफा दें, नहीं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में जुलूस निकाला गया, जो अलग-अलग रास्तों से गुजरकर डीआरएम कार्यालय तक पहुंचा। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में भी छात्रों और समाजसेवियों ने विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और अपनी मांगें रखीं। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन की गूंज के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी आवाज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। पृथ्वीपुर में छात्रों और समाजसेवियों ने दिल्ली के छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए रैली निकाली। रैली में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और न्याय के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की कथित गिरफ्तारी का भी विरोध जताया। दिल्ली की घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पृथ्वीपुर की यह रैली भी शामिल है।
भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...
दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब बैतूल तक पहुंच गया है। गुरुवार को जिले में विभिन्न संगठनों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किए। जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) और अन्य सामाजिक संगठनों ने जिला ऑडिटोरियम परिसर में धरना और क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। वहीं, कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। जिला ऑडिटोरियम में जयस के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में लगभग 150 लोग शामिल हुए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र राघव कुमरे ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। जयस जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे, ऋतिक परते, महेश उइके, दर्शन बुंदेले और दिलीप पंडराम सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया। कहा- सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहींप्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। दूसरी ओर, कांग्रेस ने जिला उपाध्यक्ष हर्षवर्धन धोटे और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नई दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं और छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। उच्चस्तरीय कार्रवाई की मांग कीकांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर बल प्रयोग पर रोक लगाई जाए, छात्रों की शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाए, तथा लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इन दोनों संगठनों के आंदोलनों से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को बैतूल के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
दिल्ली छात्र आंदोलन के समर्थन में अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर के वाडिया पार्क में दो घंटे का मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार गायब हैं। सत्र की शुरुआती दिनों से ही वो चर्चा के विषय बन गए हैं। बुधवार को बीजेपी के एक विधायक ने तंज कसते हुए कहा- ‘क्या तेजस्वी अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं।' गुरुवार को सदन में कृषि मंत्री ने भी पूछा- नेता प्रतिपक्ष कहां है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में विपक्ष के विधायकों से पूछा- आपका नेता कहां हैं। उनकी अनुपस्थिति की जानकारी सदन को क्यों नहीं दी गई। कल मानसून सत्र का अंतिम दिन है, लेकिन पूरे सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष सदन में नजर नहीं आए। विजय सिन्हा बोले- सदन को बताना चाहिए, तेजस्वी कहां हैं सदन की कार्यवाही के दौरान विजय सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा सर्वोपरि होती है। यदि नेता प्रतिपक्ष किसी कारणवश सदन में उपस्थित नहीं हैं, तो इसकी जानकारी सदन को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या तेजस्वी यादव बीमार हैं, किसी पारिवारिक कारण से बाहर हैं या किसी अन्य वजह से अनुपस्थित हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए। लोकतंत्र में बंधुआ मजदूर जैसी मानसिकता खत्म होनी चाहिए और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। RJD विधायक ने पलटवार करते हुए पूछा निशांत कहां है विजय सिन्हा के सवाल पर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कहां हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘निशांत कुमार सदन के सदस्य नहीं हैं, जबकि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं और उनकी अनुपस्थिति का सवाल अलग है।’ अध्यक्ष ने भी पूछा- जानकारी है तो सदन को बताइए विधानसभा अध्यक्ष ने कुमार सर्वजीत से कहा कि यदि उन्हें जानकारी है तो सदन को बताया जाए। नेता प्रतिपक्ष कहां हैं। इस पर कुमार सर्वजीत ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबीयत ठीक नहीं है और उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है। इसी कारण तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। हालांकि विजय सिन्हा ने फिर कहा कि सदन को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित हैं और उनकी अनुपस्थिति का वास्तविक कारण क्या है। यूरोप दौरे के बाद भी मानसून सत्र से रहे दूर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव हाल ही में 10 दिनों के यूरोप दौरे पर थे। इसी वजह से पार्टी का 30वां स्थापना दिवस 5 जुलाई के बजाय 1 जुलाई को आयोजित किया गया था। 5 जुलाई को तेजस्वी यादव ने यूरोप से पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधित किया था। इसके बाद 20 जुलाई से शुरू हुए बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में वह अब तक शामिल नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सत्तापक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि राजद की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बीजेपी विधायक बैधनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष के सदन में नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हैं। वो अपने पद का निर्वाहन नहीं कर पा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बिहार के विकास में अपना योगदान छोड़कर अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे हैं। या कहीं बैठकर चेन की बंसी बजा रहे हैं। बीजेपी विधायक ने संवैधानिक दायित्व पर उठाया सवाल बुधवार को बिहार विधानसभा के अंदर बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि नेता प्रतिपक्ष विकसित बिहार के संकल्प में योगदान देने के बजाय अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कराने गए हैं या कहीं आराम कर रहे हैं। इसका जवाब जनता को बताना चाहिए। जदयू ने पूछा-क्या अमेरिका-ईरान युद्ध सुलझाने गए हैं जदयू के प्रवक्ता और MLC नीरज कुमार ने कहा कि किस ग्रह पर हैं, इसकी जानकारी राजद को भी नहीं है। अब नई बात यह सुनने को मिल रही है कि उनकी आत्मा सदन में प्रवेश कर गई है। यह दावा राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने किया है। आत्मा कैसे पहुंच गई, इसका मैकेनिज्म हमें समझ में नहीं आ रहा है।
IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां रहेगा मानसून का सबसे ज्यादा असर।
मधुबनी में गुरुवार को छात्र-युवाओं ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार के विरोध में आयोजित किया गया था। मार्च सुबह 11 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ। यह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वाटसन स्कूल परिसर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक के निकट एक सभा के साथ समाप्त हुआ। इसका नेतृत्व आलोक देवराज, मयंक कुमार, राजा जी, सुरेंद्र चौधरी, संजय राम और अवधेश ऋषि ने किया। इस दौरान छात्र-युवाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए आलोक देवराज, मयंक कुमार और सुरेंद्र चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर की गई कार्रवाई लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि छात्र-युवा अपने अधिकार, रोजगार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दमनकारी कार्रवाई से छात्र आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज और मजबूती से उठाई जाएगी। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करना शामिल है। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग रोकने और दिल्ली तथा पटना में हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की। अंत में, नेताओं ने छात्र-युवा एकता बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
DU में हॉस्टल पाना नहीं होगा आसान: जानें क्या हैं आवंटन के नए कड़े नियम और मेरिट का गणित
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिला मिलने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—एक सुरक्षित और किफायती हॉस्टल हासिल करना! देश-विदेश से आने वाले लाखों स्टूडेंट्स के बीच हॉस्टल की सीमित सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में सिर्फ अच्छे अंक होना ही काफी नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी के कड़े नियमों और प्राथमिकताओं को समझना भी बेहद जरूरी है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से पूरी प्रक्रिया और नियमों को आसान भाषा में समझते हैं।मेरिट और घर की दूरी: हॉस्टल मिलने के दो सबसे बड़े आधारदिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में कमरों का आवंटन मुख्य रूप से दो प्रमुख पैमानों पर निर्भर करता है—आपकी अकादमिक मेरिट (Academic Merit) और घर की दूरी (Distance from Delhi)।यूनिवर्सिटी के नियमानुसार, जिन छात्रों के नाम प्रवेश परीक्षा या कट-ऑफ (CUET/Merit) की लिस्ट में टॉप पर होते हैं, उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर (NCT) के निवासी छात्रों को हॉस्टल अलॉट नहीं किया जाता। अभ्यर्थी का घर दिल्ली से जितना अधिक दूर होगा, उसके हॉस्टल मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।कैसे होती है आवेदन प्रक्रिया और चयन की स्टेज?कॉलेज में एडमिशन कंफर्म होने के बाद छात्रों को संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी हॉस्टल की आधिकारिक वेबसाइट/कार्यालय से हॉस्टल फॉर्म भरना होता है।शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): आपके अंकों और श्रेणी (UR, OBC, SC, ST, PwD, EWS) के आधार पर पहली ड्राफ्ट मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।इंटरव्यू और वेरिफिकेशन (Interview & Verification): शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को हॉस्टल एडमिशन कमेटी (प्रॉवोस्ट/वार्डन) के सामने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।लोकल गार्जियन का होना अनिवार्य: दिल्ली में रहने वाले एक अधिकृत 'लोकल गार्जियन' (Local Guardian) की जानकारी देना फॉर्म में अनिवार्य है, जो किसी भी आपात स्थिति में जवाबदेह हों।सीमित सीटें और बैकअप प्लान का ध्यान रखना क्यों जरूरी?डीयू के पास छात्रों की कुल संख्या की तुलना में हॉस्टल सीटें काफी सीमित हैं। उदाहरण के लिए, किसी एक कोर्स या कैटेगरी के हिस्से में महज 2 से 5 सीटें ही आती हैं। ऐसे में अगर किसी कारणवश मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आता है, तो छात्रों को पहले से ही कैंपस के आसपास (जैसे नॉर्थ या साउथ कैंपस) पेइंग गेस्ट (PG) या शेयरिंग फ्लैट्स का विकल्प तलाश कर रखना चाहिए। इसलिए, समय रहते सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना ही हॉस्टल पाने की संभावनाओं को मजबूत बनाता है।
अपने ही जवान गुलाम थे। उन्होंने गोली मारी थी। अब में सिर्फ फर्क इतना है। आपने लाठी मारी है। हम तो शहीद हैं। हर युग में जन्म लेंगे। तुम क्या सोचते हो हम मर जाएंगे? तुम हमारे नौकर हो। हम तुम्हारे मालिक हैं। हर युग में जन्म लेके तुम्हारी औकात बताएंगे। ये शब्द मऊगंज के 38 वर्षीय किसान अनिल सिंह के हैं, जो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद उन्होंने कहे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे करीब 40 लाख लोग देख चुके हैं। नई गढ़ी ब्लॉक के मझिगवां निवासी अनिल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने 17 जुलाई को दिल्ली गए थे। वे अभी वहीं हैं। परिवार उनके लौटने और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, लेकिन उनके संघर्ष पर गर्व भी जता रहा है। दैनिक भास्कर की टीम मझिगवां पहुंची, पढ़िए रिपोर्ट…. पत्नी से कहा- छात्रों के भविष्य के लिए जा रहा हूं… अनिल किसान परिवार से हैं। उन्होंने दसवीं तक पढ़ाई की और खेती-किसानी से जुड़ गए। परिवार के अनुसार, वे बचपन से जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। घर पर पिता भोला सिंह, पत्नी ज्योति सिंह और दो बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। अनिल ने घर से निकलते समय पत्नी से कहा था कि वे छात्रों के भविष्य और नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा पत्नी ज्योति सिंह ने बताया- वह हमेशा देश और समाज की सेवा की बात करते हैं। बच्चों के भविष्य और शिक्षा को लेकर भी बहुत चिंतित रहते हैं। आज सुबह उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा कि अभी इसी सेवा में लगा हूं, आने में थोड़ा समय लगेगा। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा। अनिल का छह वर्षीय बेटा श्रेयांश पहली और चार वर्षीय बेटी अंशिका एलकेजी में पढ़ती है। अनिल बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। पिता बोले- बेटा देश के लिए लड़ने गया है पिता भोला सिंह ने कहा- मेरा बेटा पहले से ही संघर्ष करने वाला रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़ा रहता था। वह देश के लिए लड़ने गया है। पुलिस ने मेरे बेटे को मारा, यह अच्छा नहीं किया। मुझे अपने बेटे पर गर्व है। बेटी बोली- पापा को पुलिस वालों ने मारा चार वर्षीय बेटी अंशिका ने कहा- मेरे पापा दिल्ली गए हैं। मेरी उनसे बात हुई है। पापा ने कहा है कि मैं आऊंगा। पापा को पुलिस वालों ने मारा है। मैंने उनकी फोटो भी देखी है। भतीजी खुशी सिंह बघेल और गांव के लोगों ने भी अनिल के साहस पर गर्व जताते हुए कहा कि वे छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं। गांव वाले बोले- अनिल ने मझिगवां का नाम रोशन किया पड़ोस में रहने वाली शुभप्रीत सिंह ने कहा कि किसान परिवार का बेटा अपने छोटे बच्चों और पत्नी को छोड़कर दिल्ली गया है। वह छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है। अनिल के साहस पर पूरे गांव को गर्व है। सुमन सिंह ने कहा कि छात्रों के लिए इतनी दूर जाकर आंदोलन में शामिल होना युवाओं के लिए प्रेरणा है। नरेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जिन लोगों की गलती है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मां बोली- समाज और देश हित में गया है बेटा मां शिवेंद्री सिंह ने कहा- बेटा अपने परिवार या बाल-बच्चों के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के हित में जनता के संकट दूर करने के लिए लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह घर पर रहता था, तब भी निरंतर जनसेवा में ही लगा रहता था। बेटे की इस निस्वार्थ सेवा भावना पर उन्हें बेहद गर्व है। अनिल की मां ने एक लाइन की कविता में पीएम मोदी और भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपनी बोली में कहा- मोदी जी तेल बेचत बेचत बेच लिया पूरा संसार, अब मोदी खून पिअय लागे अब कुछ कहा न जाय... 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई थी झड़प सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। बाद में पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। घटना में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए। सीजेपी ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। ----------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… वांगचुक बोले- 25 दिन बीते, अभी भी जिंदा हूं:सरकार से भरोसा मिला तो आज ही अनशन तोडूंगा;जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का धरना जारी सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो मैसेज जारी किया। सोनम ने कहा- अनशन को 25 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक जिंदा हूं। कुछ सांसद मुझसे मिलने आए, उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मुझे अगर सरकार की तरफ से भरोसा मिले तो मै आज ही अनशन खत्म करने को तैयार हूं। बस सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करे।’ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल रहे वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है। यहीं उनका इलाज चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत एक 14 वर्षीय लापता किशोर को बरामद किया है। किशोर 22 जुलाई से अपने घर से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दिल्ली के कंझावला थाने में दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ को रेल मदद के जरिए सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 02564 के एस-1 कोच की बर्थ नंबर 71 पर एक नाबालिग अकेले यात्रा कर रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ट्रेन में पहुंची और फोटो के आधार पर किशोर की पहचान कर उसे सुरक्षित कानपुर सेंट्रल स्थित आरपीएफ पोस्ट ले आई। परिजनों की डांट से नाराज होकर घर से निकला था आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने पूछताछ की तो किशोर ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चला आया था। परिवार के लोग उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए अक्सर समझाते और डांटते थे। इसके बाद आरपीएफ ने उसके पिता से संपर्क किया, जिन्होंने 22 जुलाई को बेटे के घर से लापता होने की पुष्टि की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा पुष्टि होने के बाद गुरुवार को दिल्ली के कंझावला थाने से उपनिरीक्षक पावेल और हेड कांस्टेबल दिनेश कानपुर पहुंचे। उन्होंने गुमशुदगी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज आरपीएफ को उपलब्ध कराए। सभी दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन करने के बाद आरपीएफ ने किशोर को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, भटके या लापता बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कानपुर सेंट्रल पर की गई यह कार्रवाई इसी अभियान की एक सफल कड़ी है।
लखनऊ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को भीम आर्मी से जुड़े छात्रों और पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में धरना दे रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया। देखिए 3 तस्वीारें… प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे आंदोलन के साथ वे पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन का भी समर्थन जताया और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल तैनात, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया प्रदर्शन को देखते हुए बाबा साहेब आंबेडकर प्रतिमा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीम आर्मी से जुड़े कई छात्रों और पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए ईको गार्डन भेज दिया, जहां उन्हें धरना स्थल पर रखा गया।
कांग्रेस ने दिल्ली में पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी और छात्रों के मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में डीएवी कॉलेज पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, कांग्रेस जिला कार्यालय पर लाठी-डंडे लेकर कार्यकर्ता तैनात रहे, क्योंकि कार्यालय के घेराव की सूचना थी। कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों और अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए कथित बर्बर व्यवहार पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धर्मेंद्र प्रधान के पुतले को जूतों से रौंदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने इस अवसर पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने तानाशाही की सभी हदें पार कर दी हैं। जियाउर्रहमान ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ किए गए क्रूरतापूर्ण व्यवहार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर मोदी सरकार और आरएसएस की चुप्पी को भी उजागर किया। जियाउर्रहमान ने भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों से गुलामी से बाहर निकलकर छात्रों के समर्थन में आने का आह्वान किया। जियाउर्रहमान ने दावा किया कि जनता ही सांसद और विधायक बनाती है, और 2027 तथा 2029 के चुनावों में भाजपा का सफाया तय है। उन्होंने यह भी कहा कि बुलंदशहर जिले के कांग्रेसी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के अलावा प्रशांत बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, साजिद गाजी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन वशिष्ठ, नईम मंसूरी, आशु कुरैशी, सुरेंद्र उपाध्याय, शुभम कौशिक और साहिल सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म 'CJP' (Citizens for Justice ...
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर के छात्र-युवा राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से छात्र, युवा और नर्सिंग छात्र शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शन नीलम पार्क में होगा। आंदोलन के दौरान बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाएं, परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार, मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े, सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध और विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठाई जाएगी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। बड़ी संख्या में युवाओं के आने का दावा आंदोलन का नेतृत्व मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के पदाधिकारी करेंगे। आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-युवा और नर्सिंग छात्र भोपाल पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन में व्यापक भागीदारी रहने की उम्मीद है। पुलिस ने चौकसी बढ़ाई मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेटिंग कर दी है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। विपरीत परिस्थिति से निपटने के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज वीरवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन, सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सुबह करीब साढे 10 बजे लोग कन्हैया साहिब चौक पर इकट्ठा हुए, जिसके बाद करीब 11 बजे लघु सचिवालय की तरफ बढ़ना शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे जाम की स्थिति पैदा हो गए। इस तरफ की सड़क को बंद करके वन-वे ट्रैफिक चलाया गया। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग किसान व अन्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने बताया कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग भाकियू टिकेत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी कीं, जिससे कई छात्र-युवा घायल हो गए। इस घटना से पूरे देश में युवाओं और किसानों में रोष है। सर्व समाज मोर्चा की राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीएल पुनिया ने दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। पुनिया ने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए। पीएल पुनिया ने बताया कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर छात्रों की आवाज उठाई थी। उन्होंने लाखों छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनके भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार से समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनिया ने जोर दिया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी के साथ शर्मनाक व्यवहार राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में लेना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए व्यवहार को बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पीएल पुनिया ने चेतावनी दी कि आज का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नौजवान जिस दिशा में जाएगा, सत्ता का रुख भी उसी दिशा में बदलेगा।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में दिल्ली विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट दोनों पर रोक लगाए जाने के कारण बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर यात्री भटकते नजर आए और दिल्ली जाने के लिए उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो और बसों का लेना पड़ा सहारा बहादुरगढ़ की ग्रीन लाइन पर रोजाना करीब 50 हजार से अधिक यात्री दिल्ली की ओर आते-जाते हैं। मेट्रो सेवा के जरिए नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बुधवार का सफर मुश्किल भरा रहा। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के बाद कई यात्रियों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का सहारा लेना पड़ा। इससे सड़क मार्ग पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और कई जगह ट्रैफिक का दबाव भी देखने को मिला। द्वारका मोड़ से लेकर दिल्ली तक परेशानी सुबह के समय बहादुरगढ़ के सिटी पार्क, बस स्टैंड और अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने के लिए निकले यात्रियों को रास्ते में ही मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में यात्री सड़क मार्ग की ओर चले गए। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों ने भी यात्रियों से दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त किराया लिया। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लगा। मेट्रो से रोजाना दिल्ली जाने वाली महिला कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो सेवा बंद होने की वजह से उन्हें वैकल्पिक साधनों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले से मेट्रो बंद होने की जानकारी होती, तो वे घर से निकलने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते। डीएमआरसी और पुलिस की स्थिति पर नजर डीएमआरसी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेट्रो संपत्ति समेत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद बंद किए गए स्टेशनों को दोबारा खोलने की आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। तब तक यात्रियों को दिल्ली की ओर यात्रा करने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी गई है। विरोध प्रदर्शन के बीच मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का सीधा असर बहादुरगढ़ के उन हजारों यात्रियों पर पड़ा, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। मेट्रो के पहिए थमते ही यात्रियों को सड़क पर उतरना पड़ा। दिल्ली का सफर उनके लिए परेशानी और अतिरिक्त समय वाला साबित हुआ।
2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सजा सुनाई जाएगी। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में 6 साल बाद 13 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। एडीशनल सेशन जज प्रवीण सिंह की कोर्ट ने 11 में से 6 आरोपी बरी कर दिए थे। वहीं नाजिम, काशिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया था। हिंसाग्रस्त इलाके के नाले में मिला था अंकित का शव यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था, तभी लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन सुबह पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया था। रविंदर कुमार का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ताहिर हुसैन के ऑफिस में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को नाले में फेंक दिया गया। मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था। 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा 23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। 26 फरवरी तक चले दंगों में 53 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। मरने वालों में 38 मुसलमान और 15 हिंदू थे। करीब 800 दुकानें जला दी गईं। 500 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। भास्कर नॉलेज… ताहिर ने पैरोल पर जेल से बाहर आकर लड़ा था 2025 का विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने जीत दर्ज की थी, जबकि ताहिर हुसैन तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें करीब 33 हजार वोट मिले थे। चुनाव प्रचार के लिए ताहिर कस्टडी पैरोल पर बाहर आए थे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिकता का फैसला निष्पक्ष प्रक्रिया से हो: गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला रद्द, दोबारा सुनवाई होगी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के 27 लोगों को विदेशी घोषित करने से जुड़े मामलों में गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले रद्द कर दिए। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता या विदेशी होने का फैसला निष्पक्ष, कानूनी और उचित प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली में लाठीचार्ज का कोंडागांव में हुआ विरोध, पीएम का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज | कोंडागांव छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर बुधवार को जिला युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कोंडागांव ने दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। पुराना बस स्टैंड में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी हुई। पुतला दहन किया गया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग ने कहा कि दिल्ली में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों का बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, महिलाओं और छात्रों के कपड़े फाड़ना, पथराव करना लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। छात्रों की आवाज डंडे के बल पर दबाने का हर प्रयास निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में कोंडागांव में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के सम्मान, अधिकार, न्याय की लड़ाई में आवाज उठाई। केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार छात्र विरोधी है। शिक्षा, रोजगार, हक की मांग करने वाले छात्रों पर लाठी चलवाना तानाशाही है। दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुई घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। जायज़ मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों की बात सुनने की जरूरत है। संवाद से समाधान निकालने की जरूरत है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा, एनएसयूआई इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुतला दहन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के महेन्द्र नेताम, जिला महामंत्री जीपी यादव, कोषाध्यक्ष हरमोहन सिंह कोहली, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी, प्रदेश सचिव सकुर खान, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमा देवांगन, कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन आदि मौजूद रहे।
रामपुर के दिल्ली-लखनऊ हाईवे-24 पर रेडिको खेतान फैक्ट्री के सामने बुधवार रात करीब 10 बजे दो टेंपो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दोनों टेंपो चालकों समेत पांच लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मृतक की पहचान कराने और उसके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घायलों में मूंढापांडे थाना क्षेत्र के खबड़िया निवासी विशाल, एक टेंपो चालक तथा अन्य यात्री शामिल हैं। एक अन्य टेंपो चालक की पहचान शहजादनगर थाना क्षेत्र के ककरोआ निवासी अनिल के रूप में हुई है। दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि तीन अन्य का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद घायल महिला यात्री वालेश (30) ने आरोप लगाया कि एक टेंपो चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था, जिसकी लापरवाही से दुर्घटना हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दावे की जांच की जा रही है और मेडिकल जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओंकार सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से किया इनकार, घायल प्रदर्शनकारी ने क्या कहा
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए शेख इरशाद मंसूरी ने बूम को बताया कि उनके शरीर में पैलेट गन के पार्टिकल धंसने से कई गहरे घाव हो गए.
पीलीभीत में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की एक युवती ने आरोप लगाया है कि बीसलपुर के एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया। शादी के बाद युवक की असली पहचान सामने आने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बीसलपुर थाना क्षेत्र में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध बनाए और शादी कर ली। विवाह के बाद जब उसे युवक की वास्तविक पहचान का पता चला तो विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे ससुराल से निकाल दिया गया। पीड़िता बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है और दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हुए हिंदू नाम बताया और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। युवक उसे छोड़कर चला गया पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद आरोपी उसे अपने गांव, थाना बीसलपुर क्षेत्र, लेकर पहुंचा। यहां आने पर उसे युवक की वास्तविक धार्मिक पहचान की जानकारी हुई। खुद को धोखे का शिकार महसूस करने पर उसने इसका विरोध किया और अपने परिजनों को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे छोड़कर चला गया। परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत युवती का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की, प्रताड़ित किया और घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने बीसलपुर थाने पहुंचकर आरोपी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। बीसलपुर के थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 41 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। निगम आयुक्त की मंजूरी से जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत छह वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, छह अधिकारियों का तबादला किया गया है और 29 अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई तैनाती दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना, संपत्ति कर व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिक सेवाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। एमसीडी के सहायक आयुक्त गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। निगम अब संपत्ति कर के दायरे का विस्तार करने और जोन स्तर पर जवाबदेही तय करने की रणनीति पर काम कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत कुंदन कुमार को सिविल लाइंस जोन के साथ संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साहिल ग्रोवर दक्षिण जोन के साथ करोल बाग जोन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे, जबकि मनस्वी चौधरी केंद्रीय क्षेत्र के साथ केशवपुरम जोन की जिम्मेदारी देखेंगी। राकेश कुमार को कार्मिक, प्रशिक्षण और डीसी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, एच. कश्यप और के.के. बर्मन को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। दूसरे आदेश के तहत छह प्रशासनिक अधिकारियों और सहायक निर्धारक एवं कलेक्टरों का तबादला किया गया है। 29 अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-9 में तदर्थ पदोन्नति देकर विभिन्न जोनों और मुख्यालय में तैनात किया गया है। इनकी नियुक्ति शाहदरा, करोल बाग, सतर्कता, कानून और इंजीनियरिंग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में की गई है।
दिल्ली में आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एमसीडी के केशवपुरम जोन की टीम ने शाहदरा नॉर्थ और रोहिणी ज़ोन की टीमों के साथ मिलकर पश्चिम विहार और उसके आसपास के इलाकों में एक विशेष कैटल-कैचिंग (मवेशी पकड़ो) अभियान चलाया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान सड़कों पर घूम रहे 17 आवारा मवेशियों को पकड़ा गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। आवारा पशुओं के कारण सड़कों पर अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है] जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम प्रशासन का कहना है, दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित
सीकर में दिल्ली के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार को लेकर प्रदर्शन किया गया। छात्र संगठन SFI, संयुक्त किसान मोर्चा और सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन हुए। SFI ने 23 जुलाई से बड़े आंदोलन की चेतावनी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। SFI का प्रदर्शन, कल से करेंगे बड़ा आंदोलन शेखावाटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते हुए SFI के जिलाध्यक्ष महिपाल गुर्जर और राजू बिजारणियां ने कहा कि केंद्र सरकार स्टूडेंट्स की आवाज को दबाने का काम कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। इतने बड़े आंदोलन के बावजूद सरकार चुप होकर बैठी है। अब सीकर में आंदोलन की गति तेज होगी। अब ये आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 23 जुलाई से बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसमें दिल्ली जंतर-मंतर की तरह रात जगो-देश जगाओ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि अब दिल्ली की तर्ज पर सीकर में 23 जुलाई से आंदोलन शुरू होगा। केंद्र सरकार के रेलवे विभाग का घेराव किया जाएगा। 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे SFI कार्यकर्ताओं के साथ स्टूडेंट्स रेलवे स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। 24 जुलाई को स्टूडेंट्स स्ट्राइक होगी, जिसमें कोचिंग के स्टूडेंट्स से भी शामिल होने की अपील की गई है। 24 जुलाई की रात में कल्याण सर्किल पर दिल्ली जंतर-मंतर की तरह ‘रात जगो-देश जगाओ’ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। किसानों ने निकाली आक्रोश रैली संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों और मजदूरों ने आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर PM नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक पेमाराम ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों और देश की कृषि व्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होगा। दिल्ली के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। आज देश के स्टूडेंट्स, किसान और पशुपालक सड़कों पर आने को मजबूर हो गया है। सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में आज जाटिया बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। निवर्तमान सभापति जीवण खां व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक राजेंद्र पारीक ने केंद्र सरकार अब दमनकारी नीति पर उतर आई है। देश की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसजनों ने दिल्ली में राहुल गांधी और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार करने पर भारी आक्रोश जताया। विधायक पारीक ने कहा कि स्टूडेंट्स की आवाज को दबाया तो देशभर में उग्र आंदोलन होंगे।
डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी, आंसू गैस और पत्थरों के साथ उनपर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर उनकी कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। लड़कियों पर गलत तरीके से गलत जगह डंडा मारना, बिना नेमप्लेट की वर्दी, कई के पास तो वर्दी भी नहीं। कार्रवाई के चार तरह के वीडियोज का हमने कानून की कसौटी पर एनालिसिस किया है… 1. प्रदर्शनकारी लड़कियों को गलत तरीके से पीटना ये कुछ रिकॉर्डेड मामले हैं। लड़कियों ने मीडिया कैमरों पर बताया कि पुरुष सुरक्षाकर्मी लाठियां चलाते हुए गालियां दे रहे थे। अभिजीत दीपके ने दावा किया की दिल्ली पुलिस के पुरुष अफसर ने एक लड़की के कपड़े फाड़े और उसकी छाती पर पैर देकर पीटा है। नियम-कानून क्या है? 2. ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों के नेमप्लेट गायब थे प्रदर्शनकारियों पर डंडे चलाने वाले दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों ने अपने नाम वाले बैज नहीं पहने थे। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए ऐसे कई वीडियोज बनाए हैं। RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत ने मीडिया से कहा, ‘हम कुछ प्रोटेक्टिव गियर पहनते हैं, जिसकी वजह से नेमटैग गिर सकते हैं। ये किसी के पैर के नीचे आ सकते हैं। हमें अपने नाम का सम्मान रखना होता है, इसलिए बैज निकाल देते हैं।’ दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दैनिक भास्कर से कहा कि ऐसी स्थिति में नेमप्लेट टूट जाती है। ये जानबूझकर नहीं किया गया है। नियम-कानून क्या है? 3. बिना वर्दी के प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले कौन थे नियम-कानून क्या है? 4. जरूरत से बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल अगर ये दावे सही हुए तो ऐसा पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक स्टन गन (शॉक बैटन) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। नियम-कानून क्या हैं? दैनिक भास्कर के सवालों पर दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि ये सब एकतरफा कहानियां हैं, जो पुलिस के खिलाफ नैरेटिव बना रही हैं। सब कुछ सीसीटीवी पर कैद है, वीडियोग्राफी कराई गई है, इसलिए कोई छिप नहीं सकता। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के साथ ही बर्बरता का मुद्दा उठाया। तर्क दिया कि पुलिस की सख्ती की वीडियो सबूत मौजूद है। हालांकि CJI सूर्यकांत ने सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास देखने का समय नहीं है।' प्रदर्शनकारियों से मारपीट के आरोपों वाली याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड, जैसे CCTV और अन्य फुटेज, सुरक्षित रखने को कहा है। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस. राजू ने कहा कि याचिकाओं का मकसद पब्लिसिटी पाना था।इस पर हाईकोर्ट ने पूछा, आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका है? ***** डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में इस्तेमाल सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। ये विजुअल्स कॉकरोच जनता पार्टी, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों द्वारा पोस्ट किए गए हैं। दैनिक भास्कर इनकी टाइमिंग, लोकेशन और सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। स्टोरी में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों (प्रदर्शनकारी, CJP प्रवक्ता वगैरह) के दावे हैं। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर न जाकर, पीएम आवास क्यों पहुंचे राहुल गांधी:क्या CJP का प्रोटेस्ट हाइजैक करने की कोशिश, आगे क्या होगा 21 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ पैदल ही पीएम मोदी के आवास की तरफ चल दिए। न पुलिस को खबर थी, न मीडिया को। हालांकि 3 घंटे 20 मिनट बाद ही पुलिस ने बलपूर्वक राहुल-प्रियंका को उठाकर धरना खत्म करा दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित कांग्रेस आंदोलन से पहले असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस इलेक्शन कमेटी हरियाणा के सदस्य राकेश तंवर को बुधवार सुबह उनके पृथला स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। गदपुरी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई दिल्ली में छात्र आंदोलन के समर्थन और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी सहित अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध को रोकने के लिए की। बुधवार सुबह भारी संख्या में पुलिस बल राकेश तंवर के पृथला स्थित आवास पर पहुंचा। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई और किसी भी धरना-प्रदर्शन अथवा आंदोलन में शामिल होने पर रोक लगा दी गई। कांग्रेस कार्यकताओं ने जताई नाराजगी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। हालांकि, राकेश तंवर ने सभी से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की सलाह दी। गौरतलब है कि राकेश तंवर ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाकर छात्र आंदोलन का समर्थन करेंगे। साथ ही, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज कराएंगे। लाठियों का सहारा ले रही सरकार : तंवर तंवर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब छात्रों के सवालों से जवाब नहीं बनता, तब सत्ता लाठियों और गिरफ्तारियों का सहारा लेने लगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवाद करने के बजाय विरोध की हर आवाज को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाते रहे हैं। तंवर के अनुसार, राहुल गांधी की छात्र हितैषी सोच और युवाओं के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से घबराई सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है।
हांसी में दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जबकि पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को डिटेन किया गया। सदर थाना और शहर थाना पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की गतिविधियों पर रोक लगाई। पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को गोसाई गेट स्थित सैनी के आवास पर ही हिरासत में लिया गया, ताकि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। इन नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में हांसी विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राहुल मक्कड़, नलवा विधानसभा से प्रत्याशी रहे अनिल मान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमन शर्मा, हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा, नारनौंद से युवा कांग्रेस हल्का अध्यक्ष प्रमोद कुहाड़, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष (हांसी) राहुल सिवाच और हिसार ग्रामीण यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष सोविन भाटला शामिल हैं। हालांकि, नारनौंद के कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे और कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है और विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए नेताओं को नज़रबंद व डिटेन किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापठक को खत्म करने के लिए दिल्ली में बैठक चल रही है। बैठक पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने बुलाई है। पहले यह मीटिंग मंगलवार को होनी थी लेकिन प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने के कारण बैठक नहीं हो पाई। बैठक कांग्रेस मुख्यालय में हो रही है। इसमें प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत, राजकुमार वेरका, अमर सिंह व अन्य कई नेता बैठक के लिए पहुंच चुके हैं। गुटबाजी के बाद राजा वड़िंग व चरणजीत सिंह चन्नी पहली बार किसी बैठक में आमने-सामने होंगे। हाईकमान के बड़े नेता भी होंगे बैठक में शामिल राहुल गांधी समेत कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि हाईकमान के कुछ बड़े नेता भी बैठक में शामिल होंगे। बैठक में इलेक्शन कंपेन कमेटी, कोर कमेटी, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी और मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों को बुलाया गया है। इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्षों को भी बलुाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन में कील वाली लाठी के असली वीडियो को 'फेक' बताया
बूम ने पाया कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर छोटे आईं.
मैनपुरी के लोकमाता अहिल्याबाई होलकर किसान सेवा संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के जंतर-मंतर जा रहा था। पुलिस ने गोलाबाजार स्थित कैंप कार्यालय पहुंचकर यह कार्रवाई की। संगठन के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव शत्रुघ्न पाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का विरोध दर्ज कराया है। राष्ट्रीय प्रमुख लखमी चंद बघेल ने पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। शत्रुघ्न पाल ने घोषणा की है कि 23 जुलाई को सुबह 10 बजे मैनपुरी के जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों को इस दौरान उपस्थित रहने का आह्वान किया है। पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए गए लोगों में लखमी चंद बघेल, शत्रुघ्न पाल, दयाराम पाल, शीतल पाल पेरियार, पंकज पाल, धर्मेंद्र पाल, कौशल बघेल मैनपुरिया, संतोष राजपूत, सतीश पाल और शिवनाथ पाल शामिल हैं।
दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी के घरने प्रदर्शन की गूंज बुधवार मध्यप्रदेश विधानसभा में सुनाई दी। नीट परीक्षा सहित मध्य प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने ...
नरसिंहपुर जिले के सुभाष पार्क के पास बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र नेता मुकुल तिवारी ने इस दौरान बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से संबंधित हैं। तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मुकुल तिवारी ने 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई लाठीचार्ज की घटना पर गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और इस आंदोलन का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाया और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई की अपील की। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
मैहर में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एसडीएम दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और बाद में एसडीएम दिव्या पटेल को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन छात्रों और किसानों से जुड़ी समस्याओं सहित कई मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लगाए बैरिकेड हटाने को लेकर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति काबू में रही और कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जारी रखा। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बार-बार होते पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं के खिलाफ किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। वर्चुअल जुड़े राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमकर हुई नारेबाजी भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया और राहुल गांधी के साथ हुए बर्ताव की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में उठाईं ये प्रमुख मांगें राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस ने छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच, महंगाई पर लगाम, युवाओं को रोजगार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किसानों की समस्याओं के हल की मांग रखी। मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर सीएसपी महेंद्र सिंह, आरआई नृपेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी और बदेरा थाना प्रभारी अभिषेक सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन खत्म कर दिया।

