Gurugram News: अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक गंभीर, दिल्ली के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक गंभीर
Deoria News: लार-परासी-चकलाल मार्ग का दिल्ली से पहुंची टीम ने कराया कोर कट टेस्ट
लार-परासी-चकलाल मार्ग का दिल्ली से पहुंची टीम ने कराया कोर कट टेस्ट
Delhi NCR News: सड़क सुरक्षा व सीपीआर प्रशिक्षण पर हुई संगोष्ठी
सड़क सुरक्षा व सीपीआर प्रशिक्षण पर हुई संगोष्ठी
Basti News: रक्षाबंधन पर घर आना चुनाैती दिल्ली और मुंबई की ट्रेनें फुल
Coming home for Rakshabandhan is a challenge, Delhi and Mumbai trains are full.
Ballia News: दिल्ली रवाना हुई स्वाभिमान साइकिल यात्रा
Swabhiman Cycle Yatra sets off for Delhi.
Dehradun News: दिल्ली में प्रदर्शन के बाद दून में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग का बुलावा
आयोग कार्यालय में एसआईआर को लेकर वार्ता की जाएगी।
Ghaziabad News: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर स्क्रैप से भरा ट्रक पलटा, साइकिल सवार मजदूर की मौत
मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से मेरठ की तरफ जा रहा लोहे की स्क्रैप से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर भोजपुर टोल प्लाजा की सर्विस रोड पर पलट गया।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां: जब शहनाई ने चौखट लांघकर दुनिया के मंच पर अपनी जगह बनाई
New Delhi, 21 अगस्त . 21 अगस्त 2006… इस दिन एक ऐसी आवाज खामोश हो गई, जिसने शहनाई को सिर्फ एक वाद्य यंत्र नहीं रहने दिया. जिस शहनाई की धुन को कभी विवाह और पारंपरिक अवसरों तक सीमित माना जाता था, उसी शहनाई को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां ने कॉन्सर्ट हॉल से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक ... Read more
यूजीसी मामले में Supreme Court में सुनवाई, केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का समय
New Delhi, 20 अगस्त . यूजीसी से जुड़े मामले में Supreme Court में Thursday को अहम सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र Government को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है. सुनवाई के दौरान Government की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कोर्ट से ... Read more
दिल्ली मास्टर प्लान 2047: झुग्गियों में फ्लैट, प्रदूषण-ट्रैफिक से राहत और बेहतर सुविधाओं का खाका तैयार
धोखाधड़ी मामले में दिल्ली गए कोरबा के आठ पुलिसकर्मी निलंबित, बिना अनुमति हवाई यात्रा बनी वजह
कोरबा में 50 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपितों को पकड़ने दिल्ली गए आठ पुलिसकर्मियों को बिना अनुमति हवाई यात्रा करने पर निलंबित कर दिया गया है।
New Delhi, 20 अगस्त . भारतीय संगीत की दुनिया में 21 अगस्त वह तारीख है, जब सुर, साधना और शानदार आवाज का एक दौर खामोश हो गया. उस युग पुरुष का नाम पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर है, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान गायक और संगीतज्ञ थे. विष्णु दिगंबर पलुस्कर का जन्म 18 अगस्त 1872 ... Read more
भाजपा के पास नौजवानों को बताने के लिए कुछ नहीं: दानिश अली
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस नेता दानिश अली ने वंदे मातरम विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अधिवेशन में हमेशा वही दो छंद गाए जाते हैं जो गांधी, नेहरू, पटेल और टैगोर ने तय किए थे. दानिश अली ने भाजपा पर नौजवानों को गुमराह ... Read more
New Delhi, 20 अगस्त . India के Prime Minister Narendra Modi ने भारत-जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी परिकल्पना रखी. उन्होंने Thursday को India की आधिकारिक यात्रा पर आए जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोईजुमी के उनसे मुलाकात के दौरान यह बात कही. बैठक के दौरान Prime ... Read more
विमेंस डीपीएल: निशिका-तनीषा ने जड़े अर्धशतक, सुपरस्टार्स ने क्वींस को 29 रन से हराया
New Delhi, 20 अगस्त . साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स ने Thursday को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के शुरुआती मुकाबले में सेंट्रल दिल्ली क्वींस के खिलाफ 29 रन से बड़ी जीत हासिल की. पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स की टीम ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 156 ... Read more
‘मुस्लिम लीग की सोच से प्रभावित होकर कांग्रेस ने लिया फैसला,’ सीडब्ल्यूसी पर वीएचपी का हमला
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस वर्किंग कमेटी द्वारा वंदे मातरम के सिर्फ दो पद गाने के फैसले पर सियासत गरमा गई है. वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे 1937 की ‘मुस्लिम लीग की सोच’ से जोड़ा और कहा कि बाकी पदों में मंदिर, धर्म, दुर्गा जैसे शब्द होने के कारण कांग्रेस को ... Read more
विदेशी महिला पर्यटक दिल्ली मेट्रो की हुई दीवानी, बोली- लंदन से ज्यादा साफ-सुरक्षित
विदेशी महिला पर्यटक ने यूरोप की मेट्रो में छेड़छाड़ की घटनाओं का जिक्र किया. साथ ही अपील की महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसी ही पहल करनी चाहिए.
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग नियमों में सख्ती, यमुना कायाकल्प और अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास जैसे कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित हैं।
दिल्ली में एनकाउंटर, थार से भाग रहे भाऊ गैंग के दो शूटर घायल, दोनों तरफ से चलीं 14 राउंड गोलियां
दोनों शूटर थार गाड़ी से हरियाणा भागने की फिराक में थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन थार की एक लोडर गाड़ी से टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों आरोपी जंगल की तरफ भागे और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी।
New Delhi, 20 अगस्त . Supreme Court ने Thursday को संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत ‘खेल के अधिकार’ को मौलिक अधिकार के तौर पर मान्यता देने की मांग वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई की. याचिकाकर्ता डॉ. कनिष्क पांडे ने कोर्ट से आग्रह किया कि खेल तक पहुंच से जुड़े बड़े संवैधानिक सवाल ... Read more
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अपने आशियाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक बड़ा और किफायती अवसर सामने आया है। दिल्ली सीमा से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर हिंडन एयरपोर्ट (Hindon Airport) और साहिबाबाद-भोपुरा बेल्ट के प्राइम लोकेशन में 1 BHK और 2 BHK फ्लैट्स की नई अफोर्डेबल आवासीय श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। बढ़ती महंगाई और दिल्ली-एनसीआर में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच ₹24 लाख से शुरू होने वाले ये फ्लैट्स 7 साल (84 महीने) की आसान किस्त योजनाओं के साथ खरीदारों के लिए सबसे आकर्षक डील बनकर उभर रहे हैं।प्राइम लोकेशन और दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी का बड़ा फायदाइस आवासीय प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत इसकी भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) है। दिल्ली के दिलशाद गार्डन, सीमापुरी और आनंद विहार से बिल्कुल सटा यह क्षेत्र चंद मिनटों की ड्राइव पर दिल्ली से सीधा संपर्क जोड़ता है। दिलशाद गार्डन और शहीद नगर मेट्रो स्टेशन से सीधी पहुंच होने के कारण रोजाना दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यह दैनिक यात्रा को बेहद सुगम और समय की बचत करने वाला बनाता है। साथ ही हिंडन सिविल एयरपोर्ट से रीजनल कनेक्टिविटी के चलते आने वाले दिनों में इस पूरे क्षेत्र की कमर्शियल और रेजिडेंशियल वैल्यू में तेज उछाल देखा जा रहा है।₹24 लाख से शुरुआती कीमत और 7 साल का फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लानमध्यम वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में 1 BHK फ्लैट्स की शुरुआती कीमत ₹24 लाख तय की गई है, जबकि 2 BHK यूनिट्स को भी बेहद प्रतिस्पर्धी दरों पर पेश किया गया है। सबसे खास बात यह है कि खरीदारों पर एकमुश्त डाउन पेमेंट या भारी भरकम बैंक लोन की ईएमआई का एक साथ दबाव नहीं डाला जा रहा है। डेवलपर्स द्वारा 7 साल (84 महीनों) के आसान इंस्टॉलमेंट मॉडल की सुविधा दी गई है। इसके तहत मामूली बुकिंग राशि और टोकन अमाउंट के बाद बाकी बची राशि को हर महीने की सुविधाजनक किस्तों में चुकाया जा सकता है।आधुनिक सुविधाएं और गेटेड सोसाइटी का सुरक्षित माहौलसस्ते बजट के बावजूद इन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में आधुनिक जीवनशैली से जुड़े सभी बुनियादी और जरूरी फीचर्स शामिल किए गए हैं:24x7 थ्री-टियर सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, गार्ड्स और बूम बैरियर के साथ सुरक्षित गेटेड कैंपस।पावर बैकअप व 24 घंटे जलापूर्ति: निर्बाध बिजली और स्वच्छ पेयजल के लिए डेडिकेटेड पाइपलाइन व बोरवेल सिस्टम।पार्किंग और लिफ्ट की सुविधा: कवर्ड व ओपन टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर पार्किंग के साथ ऑटोमैटिक हाई-स्पीड लिफ्ट्स।ग्रीन एरिया और किड्स प्ले जोन: बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित पार्क, बुजुर्गों के लिए वॉकिंग ट्रैक और लैंडस्केप ग्रीन स्पेस।इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और एजुकेशन-हेल्थ हबप्रोजेक्ट के आसपास का सामाजिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह विकसित हो चुका है। कुछ ही किलोमीटर के दायरे में प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा जीटीबी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ईएसआई अस्पताल जैसे बड़े मेडिकल सेंटर 10 से 15 मिनट की दूरी पर हैं। स्थानीय बाजारों, सुपरमार्केट्स, बैंकों और एटीएम की चौबीसों घंटे उपलब्धता इस क्षेत्र को परिवार के साथ बसने के लिए एक आदर्श जगह बनाती है।निवेशकों के लिए किराये की मोटी कमाई और कैपिटल एप्रिसिएशनरियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली बॉर्डर और हिंडन एयरबेस के निकटवर्ती क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों के विस्तार के कारण रेंटल यील्ड (किराया आय) काफी मजबूत है। इस क्षेत्र में 1 BHK और 2 BHK फ्लैट्स की किराये पर मांग हमेशा बनी रहती है। ₹24 लाख के निवेश पर हर महीने ₹8,000 से ₹14,000 तक का किराया आसानी से हासिल किया जा सकता है। इसके अलावा, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और आगामी एलिवेटेड रोड कनेक्टिविटी के चलते अगले 3 से 5 वर्षों में प्रॉपर्टी के दामों में 30% से 50% तक के उछाल की प्रबल संभावना जताई जा रही है।खरीदते समय कानूनी जांच और जरूरी सलाहसस्ते फ्लैट्स की बुकिंग से पहले खरीदारों को कुछ महत्वपूर्ण बातों की पड़ताल जरूर कर लेनी चाहिए। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, फ्री-होल्ड स्टेटस, नक्शा अप्रूवल और जमीन के टाइटल क्लीयरेंस की पूरी जांच करें। किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले डेवलपर के क्रेडेंशियल्स, पजेशन टाइमलाइन और एग्रीमेंट टू सेल के नियमों को ध्यानपूर्वक समझ लें।
Delhi Master Plan 2047: देश की राजधानी दिल्ली के भविष्य को एक नई दिशा देने के लिए दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने इस महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान का अनावरण किया। इस मास्टर प्लान में मौजूदा निर्मित क्षेत्रों (ब्राउनफील्ड) के पुनर्विकास और नए क्षेत्रों (ग्रीनफील्ड) के विकास के लिए दो अलग-अलग योजना दृष्टिकोण अपनाए गए हैं। आइए जानते हैं दिल्ली मास्टर प्लान 2047 की वो 18 बड़ी बातें जो राजधानी की पूरी तस्वीर बदल कर रख देंगी।1- 40 लाख से अधिक नए किफायती घरभविष्य में सबके लिए घर हो, ये सपना दिल्ली मास्टर प्लान 2027 में देखा गया है। इसके लिए 40 लाख से अधिक नए किफायती मकान बनाए जाएंगे। इसके तहत ग्रुप हाउसिंग और डीडीए कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए न्यूनतम क्षेत्र की आवश्यकता को 40000 वर्ग मीटर से घटाकर 3000 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इससे करीब 7 लाख एक्स्ट्रा मकान बनेंगे। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन यानी मेट्रो कॉरिडोर के किनारे लगभग 18 लाख किफायती मकान बनेंगे।झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर के निवासियों के लिए इन-सिटू यानी वहीं पर पुनर्विकास के जरिए 17 लाख से अधिक लोगों को सम्मानजनक घर दिए जाएंगे। 5000 वर्ग मीटर या उससे बड़े औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के आवास के लिए 15% अतिरिक्त FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) मिलेगा। हाई डेंसिटी कॉरिडोर के पास भी किफायती घर बनेंगे। छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले समूहों के लिए किराये के मकानों को बढ़ावा देने के लिए 50% FAR प्रोत्साहन दिया जाएगा।2- लैंड पूलिंग नीति से 200 वर्ग किमी में नया शहरी विस्तारदिल्ली में लैंड पूलिंग नीति के तहत करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नया सुनियोजित शहरी विस्तार होगा। इससे करीब 12 लाख नए घर बनेंगे। इसमें 600 किमी लंबा सड़कों का नेटवर्क बनेगा। डीडीए खुद पहले ही 30 मीटर या उससे चौड़ी सड़कें बनाएगा। जमीन जुटाकर कम से कम 20 हेक्टेयर की योजनाओं के जरिए तेजी से विकास किया जाएगा। यूईआर-II के किनारे 250 मीटर चौड़े कॉरिडोर में 400 तक FAR के साथ हाई-डेंसिटी विकास होगा। गढ़ी खसरो और इब्राहिमपुर गांव का सेक्टर 8B पहला अधिसूचित सेक्टर बन गया है जो लागू होने के लिए तैयार है।3 - व्यापारिक और वाणिज्यिक स्थलों का कायाकल्पव्यापारिक केंद्रों का पुनर्विकास अब न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर के भूखंड पर प्रोत्साहन FAR के साथ करने की अनुमति होगी। इससे जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा 30 मीटर या उससे चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट के तहत ग्राउंड फ्लोर और स्टिल्ट वाले भवनों के पहले निचले फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी।4- उद्योगों को बढ़ावा और आधुनिक सुविधाएंऔद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक पार्क तैयार किए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े रिटेल स्टोर, ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग, को-वर्किंग स्पेस और डेटा सेंटर खोलने की अनुमति दी जाएगी ताकि नए स्टार्टअप और इनोवेशन को सपोर्ट मिल सके।5- दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षणदिल्ली की करीब 1500 धरोहरों और ऐतिहासिक संपत्तियों के संरक्षण के लिए कल्चरल रिसोर्स मैनेजमेंट प्लान बनाया जाएगा। ऐतिहासिक चरित्र को बनाए रखते हुए इन इमारतों का उपयोग होटल, म्यूजियम, ऑफिस, लाइब्रेरी और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए करने की सुविधा मिलेगी। पहली बार हेरिटेज इंसेंटिव के तहत 50 TDR की व्यवस्था शुरू की गई है।6- यमुना नदी का पुनरुद्धार और ग्रीन-ब्लू दिल्लीयमुना नदी के करीब 1700 हेक्टेयर में फैले बाढ़ के मैदानों (फ्लडप्लेन्स) के संरक्षण और पारिस्थितिक सुधार के लिए 13 बड़ी परियोजनाएं चलाई जाएंगी। इसके साथ ही यमुना के किनारे 52 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक विकसित किया जाएगा।7- नरेला बनेगा एजुकेशन हबनरेला को वर्ल्ड क्लास एजुकेशन हब के रूप में बदला जाएगा। इसके लिए 138 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई है, जहां सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज विकसित की जाएंगी।8- द्वारका बनेगा नया इंटरनेशनल इन्वेस्ट-हबद्वारका को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आईटी, स्टार्टअप्स, डेटा सेंटर और इंडस्ट्रियल पार्क जैसे भविष्य के उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।9- बेहतर और आसान परिवहन व्यवस्थायूनिफाइड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए 'यूनिफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी' बनाई जाएगी। मेट्रो, आरआरटीएस, बसों और पैदल चलने वालों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनेंगे। अंतर-राज्यीय और शहर के भीतर आवाजाही आसान करने के लिए UER-I, UER-II और UER-III का विस्तार होगा। इसके साथ ही पार्किंग की एकीकृत योजना और प्रबंधन के लिए नया फ्रेमवर्क लागू होगा।10- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सरल नियमव्यापार और जीवन को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन मंजूरी और सरल प्रक्रियाएं लागू की जाएंगी। नियमों को बेहद आसान बनाते हुए उपयोग की श्रेणियों को 133 से घटाकर सिर्फ 45 कर दिया गया है। इसके अलावा आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नेगेटिव लिस्ट दृष्टिकोण लागू किया गया है, जिससे अधिक लचीलापन मिलेगा।11- आसान पुनर्विकास रणनीतिप्लॉट-आधारित पुनर्विकास को बढ़ावा देने के लिए 4 हेक्टेयर जमीन की न्यूनतम आवश्यकता की शर्त हटा दी गई है। कम से कम 1000 वर्ग मीटर के भूखंडों पर उच्च FAR इंसेंटिव देकर कमर्शियल रिडेवलपमेंट को प्रोत्साहित किया जाएगा।12- 1511 अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण1511 अनधिकृत कॉलोनियों में बने आवासीय भवनों को 'जैसा है जहां है' के आधार पर नियमित किया जाएगा। इसके लिए किसी लेआउट प्लान की जरूरत नहीं होगी। इस प्रक्रिया के सरल होने से लगभग 45 लाख निवासियों को उनके मकानों का मालिकाना हक और सुरक्षा मिलेगी।13- 24x7 जीवंत और सुरक्षित शहरदिल्ली को सभी के लिए समावेशी, सुरक्षित और 24 घंटे (24x7) जीवंत शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विशेष कल्चरल सर्किट बनाए जाएंगे।14- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नेट जीरो डेवलपमेंटयमुना को साफ रखने और जल गुणवत्ता सुधारने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क का विस्तार होगा। ऊर्जा-कुशल इमारतों और कम कार्बन वाली शहरी योजना के जरिए नेट जीरो विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। छतों पर सोलर पैनल, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर रीसाइक्लिंग और कचरे से संसाधन बनाने की पहलों को लागू किया जाएगा।15- टेक्नोलॉजी से संचालित प्रशासनपारदर्शी, कुशल और डेटा-आधारित शहरी नियोजन के लिए जीआईएस आधारित प्लानिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा।16- पार्क कनेक्टर्स और ग्रीन कवर का विस्ताररीक्रिएशनल स्पेस तक लोगों के आसानी से जाने और यहां हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रीन कनेक्ट नेटवर्क तैयार होगा। अर्बन फॉरेस्ट (शहरी जंगल), बायोडायवर्सिटी पार्क और इकोलॉजिकल कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली के हरित क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा।17- मुख्य प्रशासनिक क्षेत्र का विकासराजधानी के प्रशासनिक और औपचारिक केंद्र को मजबूत किया जाएगा। कर्तव्य पथ का पुनरुद्धार कर उसे विश्वस्तरीय सार्वजनिक व सांस्कृतिक स्थल बनाया जाएगा। इसके साथ ही लगभग 1.25 लाख वर्ग मीटर में युगे युगीन राष्ट्रीय संग्रहालय बनाया जाएगा।18- लो डेंसिटी वाले क्षेत्रों का नियोजित विकासदिल्ली के सीमावर्ती गांवों और 23 अधिसूचित गांवों के करीब 150 वर्ग किलोमीटर के लो-डेंसिटी एरिया में सड़कों की कनेक्टिविटी के साथ आवासीय, मनोरंजक, जन-सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने वाला एक समान ढांचा लागू किया जाएगा।यह भी पढ़ें:दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार
दिल्ली में टीबी का कहर, 42 दिन में मिले 12 हजार से अधिक नए मरीज
दिल्ली में विशेष स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 42 दिनों में 12,078 नए टीबी मरीज सामने आए, जिनमें 42% एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी से पीड़ित थे। शहर में लगातार तीन वर्षों से टीबी के एक लाख से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं।
देश की राजधानी दिल्ली में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे मिडिल क्लास, नौकरीपेशा युवाओं और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राहत भरा बड़ा ऐलान किया है। केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए गए 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' (MPD 2047) में राजधानी के भीतर सस्ते और किफायती आवासों (Affordable Housing) की भारी किल्लत को समाप्त करने का महा-प्लान तैयार किया गया है। वर्ष 2047 तक दिल्ली की अनुमानित 3.2 करोड़ आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करीब 40 लाख नए घरों के निर्माण और पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। सीमित जमीन के भीतर अधिकतम रिहायशी क्षमता विकसित करने के लिए वर्टिकल ग्रोथ, लैंड पूलिंग और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को मुख्य आधार बनाया गया है।दिल्ली में क्यों पड़ी 40 लाख नए घरों की जरूरत?डीडीए के मास्टर प्लान 2047 के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली की जनसंख्या लगभग 2.4 करोड़ है, जो वर्ष 2047 तक बढ़कर 3.2 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है। 4.5 व्यक्तियों के औसत पारिवारिक आकार के आधार पर आने वाले दो दशकों में राजधानी को करीब 40 लाख अतिरिक्त रिहायशी इकाइयों (Dwelling Units) की दरकार होगी। पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट की आसमान छूती कीमतों और निजी बिल्डरों द्वारा केवल महंगे व लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने के कारण मध्यमवर्गीय परिवार दिल्ली से बाहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे थे। मास्टर प्लान 2047 इस पलायन को रोकने और दिल्ली के भीतर ही बजट फ्रेंडली घरों का बड़ा स्टॉक तैयार करने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा।स्मॉल-फॉर्मेट हाउसिंग: 25 से 60 वर्ग मीटर के बनेंगे बजट फ्लैट्समास्टर प्लान में मध्यम वर्ग और एकल परिवारों की क्रय शक्ति को ध्यान में रखते हुए 'स्मॉल फॉर्मेट हाउसिंग' (Small-Format Homes) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। इसके तहत सरकारी और निजी दोनों विकासकर्ताओं को 25 से 60 वर्ग मीटर (लगभग 270 से 645 वर्ग फीट) कारपेट एरिया वाले सुव्यवस्थित 1BHK और 2BHK कॉम्पैक्ट फ्लैट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। छोटे आकार के ये फ्लैट आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त होंगे और इनकी कुल लागत सीमित रखी जाएगी, ताकि पहली बार घर खरीदने वाले वेतनभोगी कर्मचारी और मध्यमवर्गीय परिवार आसानी से बैंक लोन के जरिए इन्हें खरीद सकें।मेट्रो स्टेशनों के पास TOD जोन: तैयार होंगे 18 लाख आधुनिक फ्लैटदिल्ली के 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर तक होने वाले विस्तृत मेट्रो नेटवर्क के दोनों ओर 'ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (TOD) जोन विकसित किए जाएंगे। मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर के 500 से 800 मीटर के दायरे में उच्च घनत्व वाले रिहायशी टॉवर खड़े किए जाएंगे, जिनसे अकेले 18 लाख से अधिक किफायती घर सृजित होंगे। इन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की खासियत यह होगी कि निवासियों को दफ्तर जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा; घर के ठीक नीचे मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल, वॉकवे और साइकिल ट्रैक उपलब्ध होंगे।लैंड पूलिंग मॉडल से 200 वर्ग किमी में बसेंगी नई टाउनशिपदिल्ली के बाहरी और ग्रामीण इलाकों—खासकर नरेला, बवाना, कंझावला, नजफगढ़ और रोहिणी एक्सटेंशन में लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए सुनियोजित शहरीकरण को गति दी जाएगी। करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले लैंड पूलिंग एरिया में 12 लाख नए आधुनिक घर बनाए जाएंगे। इस मॉडल में डीडीए पहले सड़क, बिजली, सीवरेज, जलापूर्ति और पार्क जैसी आधारभूत संरचनाएं (Infrastructure-First Approach) विकसित करेगा, जिसके बाद निजी कंसोर्टियम और बिल्डर्स बहुमंजिला हाउसिंग सोसायटियों का निर्माण करेंगे।पुरानी DDA सोसायटियों का कायाकल्प: नियमों में भारी ढील से 7 लाख नए घरमास्टर प्लान 2047 में 30 से 50 साल पुरानी जर्जर डीडीए सोसायटियों और को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों (CGHS) के इन-सीटू पुनर्विकास (Redevelopment) की राह भी आसान कर दी गई है।क्षेत्रफल सीमा में बड़ी छूट: पहले सोसायटियों के पुनर्विकास के लिए न्यूनतम 40,000 वर्ग मीटर जमीन की शर्त थी, जिसे घटाकर अब मात्र 3,000 वर्ग मीटर (या कम से कम 200 फ्लैट) कर दिया गया है।वर्टिकल ग्रोथ और अतिरिक्त फ्लैट: पीपीपी (PPP) मॉडल पर पुरानी सोसायटियों को तोड़कर लिफ्ट, अंडरग्राउंड पार्किंग और क्लब हाउस से लैस आधुनिक गगनचुंबी इमारतें बनेंगी। मौजूदा निवासियों को बड़े और नए फ्लैट मिलने के साथ-साथ बाजार में बिक्री के लिए करीब 7 लाख अतिरिक्त आवास इकाइयां तैयार होंगी।किराएदारों, छात्रों और गिग वर्कर्स के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंगदिल्ली में देश भर से आने वाले लाखों छात्रों, कामकाजी महिलाओं, प्रवासियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी मास्टर प्लान में विशेष प्रावधान किए गए हैं। निजी डेवलपर्स को 'अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स' (ARHCs), वर्किंग हॉस्टल्स और शेयर्ड डॉर्मिटरी बनाने के लिए 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की रियायत दी जाएगी। इसके अलावा 5,000 वर्ग मीटर से बड़े औद्योगिक भूखंडों पर कामगारों के आवास के लिए 15% अतिरिक्त एफएआर का लाभ मिलेगा। इससे प्रवासियों को कम किराए पर सुरक्षित और गरिमापूर्ण छत मिल सकेगी।'जहां झुग्गी वहीं मकान': 17 लाख झुग्गीवासियों को मिलेंगे पक्के फ्लैटमास्टर प्लान 2047 राजधानी को स्लम-फ्री बनाने के साथ-साथ गरीबों के अधिकारों को सुरक्षित करने की गारंटी देता है। शहर में स्थित जेजे क्लस्टर्स (झुग्गी बस्तियों) का उसी स्थान पर पुनर्विकास (In-Situ Slum Rehabilitation) किया जाएगा, जिससे 17 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को पक्के मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे झुग्गीवासियों को उनके कार्यक्षेत्र और बच्चों के स्कूलों के पास ही सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्का घर मिल सकेगा।
New Delhi, 20 अगस्त . बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर Thursday को थम गया. सिंधु को महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में चीन की वांग झी यी ने 21-11, 15-21, 21-17 से हराया. सिंधु अपने प्रदर्शन से निराश नजर आईं और उन्होंने हार के बाद कहा कि उन्हें थोड़ा और ... Read more
'बच्चों के लिए इंटरनेट मीडिया पर रोक लगाना केंद्र का काम', दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल को विनियमित करना या उस पर रोक लगाना केंद्र सरकार की नीति का विषय है। अदालत ने इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए केंद्र को इसे प्रतिवेदन के तौर पर विचार करने का निर्देश दिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने मोती नगर में कौशल एवं स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया
New Delhi, 20 अगस्त . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Thursday को मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में एक जन कौशल केंद्र और एक स्वयं स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया. दोनों केंद्र मदन लाल खुराना फाउंडेशन के प्रयासों से स्थापित किए गए हैं. Chief Minister ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को ... Read more
दिल्ली: शहर भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रिज में वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया
दिल्ली: शहर भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रिज में वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया
तो दिल्ली से करोड़ों के वकील आते… CM हेमंत सोरेन पर बुरी तरह भड़का JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने झारखंड हाई कोर्ट के फैसले के बाद कहा है कि कोर्ट रूम में सरकारी वकील चुप्पी साधे हुए थे। छात्र नेता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि यह सीधे तौर पर छात्रों के साथ धोखा है।
सीबीआई की कार्रवाई: संसद में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से ठगी, वर्षों बाद आरोपी गिरफ्तार
New Delhi, 20 अगस्त . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. यह अपराधी 2009 में संसद में नौकरी चाहने वाले एक उम्मीदवार से Lok Sabha सचिवालय का कर्मचारी बनकर 50,000 रुपए की रिश्वत लेने के मामले में शामिल था. इसी को लेकर सीबीआई ने एक ... Read more
न्याय के लिए जम्मू-कश्मीर जाने की जरूरत नहीं; लद्दाख में बैठेगी उच्च न्यायालय की एक बेंच
New Delhi, 20 अगस्त . न्याय पाने के लिए लद्दाख के लोगों को अब जम्मू-कश्मीर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यहां के लोगों को केंद्र Government ने बड़ी सौगात देते हुए तय किया है कि लद्दाख में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की एक बेंच स्थापित की जाएगी. इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ... Read more
दिल्ली-NCR में पेट्रोल-डीजल और CNG मालवाहक वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर बैन, अगले साल से नियम लागू
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक N1 मालवाहक वाहनों का पंजीकरण होगा, जिसका विस्तार NCR के अन्य शहरों में भी होगा।
दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग परिसर में अवैध निर्माण गिराया
नई दिल्ली। पाकिस्तान उच्चायोग के यहां चाणक्यपुरी स्थित परिसर से लगते अवैध निर्माण को गुरुवार को गिरा दिया गया। इसके अलावा आयोग के सामने सुरक्षा व्यवस्था के लिए लंबे समय से लगाए गए बेरिकेड और तारबंदी को भी हटा दिया गया है। उच्चायोग ने मूल परिसर से लगे क्षेत्र में अवैध निर्माण कर वीजा सेक्शन […] The post दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग परिसर में अवैध निर्माण गिराया appeared first on Sabguru News .
भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के लिए बड़ी जीत, रूस पर दुनिया को एकजुट होना चाहिए: लिथुआनिया की राजदूत
New Delhi, 20 अगस्त . India में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविचिएने ने रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-यूरोपीय संघ (इयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और महात्मा गांधी के विचारों पर लिथुआनिया के दृष्टिकोण को लेकर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि लिथुआनिया यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के लिए ... Read more
विवाद प्रिय गोपाल मंडल को लेगी कांग्रेस? जदयू के पूर्व विधायक का दावा- दिल्ली बात हो गई है
जदयू से निष्कासित पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने कहा कि वह कांग्रेस जॉइन करने वाले हैं, इस संबंध में दिल्ली तक के नेताओं से बात हो चुकी है। विवादों से जुड़े रहने वाले गोपाल मंडल ने 10 दिन पहले ही लालू-तेजस्वी की पार्टी राजद में जाने की बात कही थी।
New Delhi, 20 अगस्त . बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र Government ने Thursday को 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी शून्य शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी. इस कदम के जरिए Government की कोशिश कीमतों को नियंत्रण में रखना है. वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया कि टैरिफ रेट कोटा ... Read more
New Delhi, 20 अगस्त . भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने Thursday को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया को आसान करते हुए उन्हें अपने कस्टोडियन को डिजिटल हस्ताक्षर वाला पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) जमा करने की अनुमति दे दी. सेबी ने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत एफपीआई अपने कस्टोडियन को ... Read more
‘हर देश अपना इतिहास अपने नजरिए से लिखता है’, एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक जेएस राजपूत
New Delhi, 20 अगस्त . राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के पूर्व निदेशक जेएस राजपूत ने कहा कि संस्था को विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना चाहिए और आलोचना को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए. उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में एक मंत्री ने साफ कहा था कि संस्था के हित में न ... Read more
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अनुव्रत भवन में ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस’ (RAMP) योजना के तहत आयोजित ‘मेगा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार के दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) ने किया। इसमें 200 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। कारोबार का डिजिटल होना विकल्प नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘4-पी रिफॉर्म’ यानी पॉलिसी, प्रोसेस, परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य एमएसएमई को आधुनिक कौशल, तकनीक, वित्त और नए बाजारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कारोबार का डिजिटल होना अब विकल्प नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है। 30 हजार एमएसएमई को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र की RAMP योजना के तहत दिल्ली के लिए 49.74 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके माध्यम से जनवरी 2027 तक 30 हजार से अधिक एमएसएमई को आधुनिक कौशल और प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। वहीं, 10 हजार से अधिक कारोबारों को GEM और ONDC जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंच दिलाई जाएगी। बिना गारंटी 10 करोड़ तक ऋण की सुविधा रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना के तहत पात्र छोटे उद्यमों को बिना गारंटी 10 करोड़ रुपए तक ऋण उपलब्ध कराने में मदद की जा रही है। सरकार इस पर 95% तक क्रेडिट गारंटी देती है। 1 फरवरी 2026 के बाद चालू वित्त वर्ष में 10,505 गारंटियों के जरिए 4,806 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की जा चुकी है। बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही सरकार उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। करीब 500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि 700 करोड़ रुपए के कार्य पाइपलाइन में हैं। औद्योगिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड अधिकार देने की नीति पर भी काम चल रहा है।
कोलकाता होटल अग्निकांड: बांग्लादेशी नागरिकों की मौत पर भारत ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा
ढाका, 20 अगस्त . कोलकाता के एक होटल में आग लगने से बांग्लादेशी नागरिकों की मौत के मामले में India ने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. बांग्लादेश में India के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने Thursday को कहा कि New Delhi इस मामले में जो भी जरूरी कदम होगा, वह उठाएगी. ढाका सचिवालय में बांग्लादेश ... Read more
New Delhi, 20 अगस्त . आज भी लाखों युवाओं का सपना Governmentी नौकरी करने का होता है. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आपके हाथ से एक शानदार मौका निकलने वाला है. दरअसल, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड ने कैडमैटिक में विशेषज्ञता रखने वाले प्रशिक्षित मॉडलर्स से निश्चित अवधि के आधार पर कुल 22 ... Read more
बड़वानी में राजाधिराज भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का पारंपरिक शिव डोला इस वर्ष 31 अगस्त को नगर भ्रमण पर निकलेगा। सावन मास की समाप्ति पर आयोजित होने वाले इस 46वें आयोजन को लेकर श्रीरामकुल्लेश्वर शिव डोला उत्सव समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। देशभर से बुलाए गए कलाकार बढ़ाएंगे राजसी भव्यता समिति पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष दिल्ली की भव्य शिव बारात और नासिक के ढोल मुख्य आकर्षण होंगे। इसके अलावा देशी ढोल, आदिवासी नृत्य दल, भावेश डांस ग्रुप की प्रस्तुति, बजरंग व्यायामशाला का अखाड़ा प्रदर्शन और भजन मंडलियां चल समारोह को भव्य रूप देंगी। डेढ़ से दो करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति ने प्रस्तावित मंदिर निर्माण योजना की जानकारी भी दी। लगभग डेढ़ से दो करोड़ रुपए की लागत से भव्य मंदिर और 4 एकड़ परिसर का समग्र विकास किया जाएगा। मंदिर परिसर में 101 फीट ऊंची धर्मध्वजा स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए आमजन से मात्र 10 रुपए का सांकेतिक सहयोग लिया जाएगा। 12 ज्योतिर्लिंगों की मिट्टी और पवित्र नदियों के जल से बनेगा गर्भगृह मंदिर के गर्भगृह में देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की पवित्र मिट्टी तथा प्रमुख नदियों का जल विधि-विधान से स्थापित किया जाएगा। अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की मिट्टी और सरयू नदी का जल बड़वानी लाया जा चुका है। अनेक सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का रहेगा सहयोग इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए मां कालिका सेवा समिति, मां वैष्णो देवी मंदिर समिति, संकट मोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट, बजरंग व्यायामशाला, गायत्री परिवार सहित नगर की अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं लगातार समन्वय कर सहयोग कर रही हैं।
Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना ₹4300 चढ़ा, चांदी एक दिन में ₹10000 उछली
Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 20 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों को पंख लग गए। सोना 4,300 के उछाल के साथ 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का तीन महीने का सबसे ज्यादा प्राइस है। चांदी में भी जोरदार तेजी दिखी। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में कमजोरी बताई जा रही है।चांदी 10,000 रुपये के उछाल से 7 हफ्ते की उंचाई पर20 अगस्त को चांदी में 10,000 रुपये की जोरदार तेजी आई। इससे इसका भाव 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। यह बीते सात हफ्तों में चांदी का सबसे ज्यादा भाव है। इससे पहले 3 जुलाई को चांदी की कीमतें इस लेवल पर थीं। लंबे समय बाद सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी है।अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर से नरमी बुलियन को सपोर्टएचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, सोना गुरुवार को बीते दो महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। इसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी है। उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी दिखीअंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में नरमी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.95 फीसदी गिरकर 4,475 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर हल्की तेजी के साथ 67 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी दिखी। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।बेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल के पारएक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाया है। उधर, ईरान का कहना है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इस तनातनी की वजह से क्रूड की कीमतों में तेजी जारी है।यह भी पढ़ें:Gold Outlook: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से गोल्ड 4500 डॉलर के करीब, निवेशकों को क्या करना चाहिए?क्रूड में तेजी जारी रहने से महंगाई बढ़ने का डरअगर लंबे समय तक क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहती हैं तो इससे महंगाई बढ़ने का खतरा होगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इसका सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ेगा।
क्या एनएसई के शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेड कर सकते हैं?
New Delhi, 20 अगस्त . क्या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेड कर सकता है? यह सवाल उठने लगा है, क्योंकि रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एनएसई ‘परमिटिड टू ट्रेड’ (पीटीटी) रूट के जरिए अपने ही शेयर को एक्सचेंज पर ट्रेड कराने की योजना पर काम कर रहा ... Read more
क्या 2047 तक दिल्ली पूरी तरह बदलने वाली है? राजधानी के लिए जारी नए मास्टर प्लान में ऐसे कई बड़े ऐलान किए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में शहर की तस्वीर बदल सकते हैं. बढ़ती आबादी को देखते हुए लाखों नए घर बनाने की तैयारी है.
DDA ने Delhi Master Plan 2047 अधिसूचित किया, अवैध कॉलोनियों और झुग्गी पुनर्वास की योजना पेश
दिल्ली के नए मास्टर प्लान-2047 में अनधिकृत कॉलोनियों के क्षेत्र-आधारित पुनर्विकास का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में सड़कों, खुले स्थानों और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आसपास की बस्तियों को एक साथ विकसित किया जा सकेगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बृहस्पतिवार को इस योजना को अधिसूचित किया। इसमें पात्र अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए एक रूपरेखा दी गई है, जो मौजूदा नियमितीकरण प्रक्रिया के साथ-साथ चलेगी। इस रूपरेखा के तहत पुनर्विकास योजना किसी डेवलपर, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) या कॉलोनी अथवा कॉलोनियों के समूह के किसी हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकृत समूह द्वारा प्रस्तावित की जा सकेगी। ऐसी योजना के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल 2,000 वर्ग मीटर होगा। आसपास की कॉलोनियों या उनके कुछ हिस्सों को एकीकृत पुनर्विकास के लिए आपस में जोड़ा जा सकेगा। वहीं, ‘ग्रुप हाउसिंग’ के लिए अलग-अलग भूखंडों को भी मिलाया जा सकेगा। योजना के अनुसार, अधिसूचित अनधिकृत कॉलोनी के बाहर की आसपास की जमीन को भी उसके मालिकों की सहमति से योजना में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, ऐसी अतिरिक्त जमीन संबंधित कॉलोनी के चिन्हित क्षेत्रफल के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना में सड़क से जुड़ाव के लिए भी नियम तय किए गए हैं। पुनर्विकास वाले क्षेत्र का कम से कम नौ मीटर चौड़ी सड़क से सीधा जुड़ाव होना जरूरी होगा। जहां ऐसी सड़क उपलब्ध नहीं है, वहां जमीन मालिकों को इसके लिए जरूरी जमीन उपलब्ध करानी होगी। नई सड़क को कम से कम 12 मीटर चौड़ी मौजूदा सड़क से जोड़ना होगा। पुनर्विकास योजनाओं में अधिकतम 350 का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) अनुमत होगा। साथ ही, इनमें सार्वजनिक स्थानों और स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, पुलिस चौकी तथा बाल देखभाल केंद्र जैसी सुविधाओं के लिए भी जगह उपलब्ध करानी होगी। मास्टर प्लान के अनुसार, दिल्ली की करीब 85 प्रतिशत आबादी निम्न और मध्यम आय वर्ग से आती है। मास्टर प्लान में अनुमान लगाया गया है कि 2047 तक शहर को करीब 40 लाख अतिरिक्त आवासीय इकाइयों की जरूरत होगी। झुग्गी और झुग्गी-झोपड़ी (जेजे) बस्तियों के लिए योजना में तीन विकल्प दिए गए हैं, उसी स्थान पर मकानों का पुनर्निर्माण, लोगों को दूसरी जगह बसाना या मौजूदा क्षेत्र में सुधार करना। योजना के ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ सिद्धांत के तहत पात्र निवासियों को जहां संभव हो, उनकी मौजूदा बस्तियों में ही सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराया जाएगा। यानी, अगर किसी बस्ती का उसी स्थान पर पुनर्विकास किया जा सकता है, तो नए मकान मिलने से पहले वहां के निवासियों को किसी दूसरी जगह नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, यह विकल्प पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील जमीन, यमुना के बाढ़ क्षेत्र, जलाशयों, नालों, रेलवे के सुरक्षा क्षेत्र, सड़कों के लिए निर्धारित जमीन या चिन्हित सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन पर स्थित जेजे बस्तियों पर लागू नहीं होगा। अन्य स्थानों पर पात्र परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत विकसित किया जाएगा। योजना में इसके लिए न्यूनतम 2,000 वर्ग मीटर के भूखंड की जरूरत होगी। पुनर्वास और डेवलपर को आर्थिक लाभ देने वाले हिस्सों के लिए अधिकतम 500 का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) रखा गया है। योजना में पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे क्षेत्रों की बस्तियां मुआवजे या पुनर्वास के लिए पात्र नहीं होंगी। योजना में अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिए चिन्हित क्षेत्रों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आवास उपलब्ध कराने की अनिवार्यता से भी छूट दी गई है। ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ के तहत ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए प्रमुख सड़कों के किनारे पेड़, मिट्टी के टीले और तटबंध बनाकर हरित पट्टियां विकसित करने जैसे उपाय किए जाएंगे। दीर्घकालिक रणनीति में शोर कम करने के लिए सड़कों और फुटपाथों के डिजाइन तथा उनकी सतह में इस्तेमाल होने वाली सामग्री में बदलाव का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा, राजधानी में पर्यावरण की दृष्टि से दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। ये उपाय एमपीडी-2047 में बताई गई पर्यावरण संबंधी रणनीतियों का हिस्सा हैं। योजना में दिल्ली को ‘‘हरित, जलवायु के अनुकूल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी राजधानी’’ बनाने की परिकल्पना की गई है, जहां लोगों को बेहतर जीवन-यापन की सुविधाएं और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध हो। इस रणनीति के तहत दिल्ली सरकार द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक कार्ययोजना तैयार कर लागू की जाएगी। इसे समय-समय पर सरकार द्वारा जारी अन्य दिशा-निर्देशों के अनुरूप भी तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ में यमुना में गिरने वाले सभी 22 नालों के पानी को सीवेज ट्रीटमेंट, कृत्रिम आर्द्रभूमि (कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड्स) और जैव-उपचार (बायो-रिमेडिएशन) के जरिए रोककर उसे उपचारित करने की योजना है। यह यमुना और उसके बाढ़ क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए प्रस्तावित कई उपायों में शामिल है। इस योजना में नालों के रोके गए मार्गों को बहाल करने और उन्हें हरित क्षेत्रों तथा बाढ़ क्षेत्र से इस तरह जोड़ने का भी प्रस्ताव है कि लगातार पारिस्थितिक गलियारे विकसित किए जा सकें। योजना में यमुना और अन्य जलाशयों में बिना उपचारित सीवेज, गंदे पानी, औद्योगिक अपशिष्ट और ठोस कचरे के बहाव पर सख्त रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। ये उपाय ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ में शामिल ‘‘यमुना नदी और उसके बाढ़ क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए विशेष पहल’’ का हिस्सा हैं। योजना के मुताबिक, दिल्ली एक नदी से जुड़ा शहर है और इसका इतिहास व सांस्कृतिक स्वरूप यमुना तथा उसके बाढ़ क्षेत्र से गहराई से जुड़ा है।
‘वंदे मातरम’ पर छिड़ी सियासी बहस, विपक्षी दलों ने कहा- भाजपा राष्ट्रभक्ति नहीं सिखाए
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘वंदे मातरम’ के केवल दो पद गाए जाने के मुद्दे पर Political बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं ने इसे संवैधानिक परंपरा से जुड़ा फैसला बताया है. से बातचीत में कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि केवल दो पद गाने का फैसला कांग्रेस कार्यसमिति का ... Read more
New Delhi, 20 अगस्त . India की प्रमुख स्पिरिट्स कंपनियों में से एक रेडिको खेतान लिमिटेड ने अपने बेहद सफल ‘फ्लेवर ऑफ इंडिया’ पोर्टफोलियो में नया उत्पाद ‘मैजिक मोमेंट्स आम पन्ना’ लॉन्च करने की घोषणा की है. देश के सबसे पसंदीदा पेय पदार्थों में से एक से प्रेरित यह लॉन्च, India की समृद्ध स्वाद विरासत ... Read more
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक लगाना या पाबंदी लगाना पॉलिसी का मामला है और इसे सरकार पर ही छोड़ देना बेहतर है। जस्टिस वी कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने एक जनहित याचिका (PIL) का निपटारा किया। इस याचिका में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) के प्रसार को रोकने के उपाय करने की मांग की गई थी। बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार करेगी और याचिकाकर्ताओं के सुझावों तथा सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ समेत सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करने के बाद उचित फैसला लेगी। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि वह इन मुद्दों पर सरकार के फ़ैसले के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Delhi Women Safety: पिंक बसों में तैनात होंगे सुरक्षाकर्मी, LG ने 'शिष्टाचार स्क्वाड' को दिए कड़े निर्देश यह आदेश तीन साल के बच्चे की माँ कीर्ति दुआ और पीडियाट्रिशियन डॉ शरद गुप्ता की ओर से दायर एक PIL पर आया है। उन्होंने बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन कंटेंट, साइबर जोखिमों और सोशल मीडिया के ज़्यादा इस्तेमाल से बचाने के लिए मज़बूत सुरक्षा उपायों की माँग की थी। याचिकाकर्ताओं ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँच को सीमित करने और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से निपटने के लिए एक व्यापक रेगुलेटरी फ़्रेमवर्क बनाने के निर्देश माँगे थे। याचिका में बच्चों के यौन रूप से स्पष्ट और उम्र के हिसाब से अनुपयुक्त कंटेंट, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ऐसे फ़ीचर्स के संपर्क में आने को लेकर चिंता जताई गई थी, जिनसे इसकी लत लग सकती है। इसमें बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक सेहत पर ऐसे संपर्क के संभावित असर पर भी ज़ोर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: Master Plan 2047: Delhi CM Rekha Gupta का बड़ा एलान, 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर कमर्शियल गतिविधियों को मिली मंजूरी याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि हालाँकि भारत में ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा से निपटने के लिए कई कानूनी प्रावधान हैं - जिनमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट और प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ़्रॉम सेक्सुअल ऑफ़ेंसेज़ (POCSO) एक्ट शामिल हैं - फिर भी ज़्यादा मज़बूत और व्यापक तरीके से लागू करने और सुरक्षा उपायों की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: CBI ने 10 साल बाद दबोचा 'Proclaimed Offender' Jitendra Pathak, संसद में नौकरी के नाम पर की थी Fraud PIL में माँगे गए उपायों में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने वाली बाध्यकारी गाइडलाइंस या कानून, उम्र की पुष्टि करने वाले मज़बूत सिस्टम, माता-पिता की सहमति की ज़रूरत और नाबालिगों को हानिकारक कंटेंट तक पहुँचने से रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की ज़्यादा जवाबदेही शामिल थी। याचिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और CSAM से जुड़े अदालती फ़ैसलों का भी हवाला दिया गया, साथ ही दूसरे देशों में हुए रेगुलेटरी बदलावों का भी ज़िक्र किया गया, जहाँ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने वाले नाबालिगों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
Delhi Master Plan 2047:केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार, 20 अगस्त को 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि यह प्लान 'विकसित भारत' के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घरMPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्कफिलहाल, दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है।इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।यह भी पढ़ें:दिल्ली के रोहिणी में 'स्पेशल 26' जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल
दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नेशनल कैपिटल टेरिटरी में लागू की जा रही खास कम्युनिटी पुलिसिंग पहल, जन-कल्याणकारी प्लेटफॉर्म और सुरक्षा के खास उपायों का विस्तार से जायजा लिया गया। एक प्रेस नोट के अनुसार, बैठक में कमजोर वर्गों, खासकर बुजुर्गों और सफर करने वाली महिलाओं के लिए संस्थागत सहयोग को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। बैठक के दौरान, उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस के खास 'सीनियर सिटिजन मोबाइल एप्लिकेशन' के कामकाज, उसके इस्तेमाल और उसकी कार्यक्षमता की समीक्षा की। बुजुर्ग निवासियों के साथ नियमित संपर्क, रजिस्ट्रेशन और बीट-लेवल पर पुलिस के जुड़ाव का जायजा लेते हुए, उपराज्यपाल ने शिकायतों का तुरंत समाधान, मजबूत इमरजेंसी सहायता और स्थानीय पुलिस कर्मियों द्वारा नियमित रूप से मिलने-जुलने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि दिल्ली में रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा, भलाई और भरोसा सुनिश्चित किया जा सके। इसे भी पढ़ें: Congress का Election Commission बाहर धरना, उत्तराखंड SIR में गड़बड़ी का आरोप LG ने निर्देश दिए कि सीनियर सिटिज़न से जुड़ी संख्या का अच्छी तरह से दोबारा आकलन किया जाए और उसी के अनुसार मोबाइल एप्लीकेशन का दायरा बढ़ाया जाए। प्रेस बयान में कहा गया है कि समीक्षा बैठक में 'शिष्टाचार स्क्वाड' के कामकाज और ज़मीनी स्तर पर उनकी तैनाती की भी बारीकी से जांच की गई। इन स्क्वाड का काम ईव-टीज़िंग (छेड़छाड़) और सड़क पर होने वाली बदसलूकी को रोकना है, साथ ही शिक्षण संस्थानों, ट्रांज़िट हब और भीड़-भाड़ वाले बाज़ारों के आस-पास कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इसे भी पढ़ें: Master Plan 2047: Delhi CM Rekha Gupta का बड़ा एलान, 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर कमर्शियल गतिविधियों को मिली मंजूरी LG ने महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक सार्वजनिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखने, विशेष टीमों द्वारा सक्रिय रूप से गश्त करने और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख्त रवैया) अपनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इसके अलावा, बयान के अनुसार, LG ने 'पिंक बसों' के अंदर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती के बारे में जानकारी ली। महिलाओं की यात्रा सुरक्षा को लेकर अपनी पक्की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, LG ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था, दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में डर-मुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा अनुभव बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है। महिलाओं और सीनियर सिटिज़न के खिलाफ किसी भी अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की अपनी बात को दोहराते हुए, LG ने दिल्ली पुलिस से लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील रवैया अपनाने को कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर नागरिक पूरी आज़ादी, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ राजधानी में आ-जा सके।
New Delhi, 20 अगस्त . राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 11वीं-12वीं क्लास की राजनीति विज्ञान की किताबें बनाने वाली कमेटी का पुनर्गठन किया है. इस पर एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक जेएस राजपूत ने से खास बातचीत की है. नई टीम पर एनएसयूआई और विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर पूर्व निदेशक जेएस राजपूत ... Read more
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में राष्ट्रीय राजधानी के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें ग्रामीण इलाके, अनधिकृत कॉलोनियां और नियोजित क्षेत्र शामिल हैं, साथ ही समाज के सभी वर्गों के लिए आवास पर भी ध्यान दिया गया है। द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ दिल्ली मास्टर प्लान 2047 जारी करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली का 1,484 वर्ग किलोमीटर का भौगोलिक क्षेत्र कुछ सीमाएं तय करता है, लेकिन नई योजना इन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने का प्रयास करती है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Delhi NEET protest पर बनाई 5 सदस्यीय समिति, पुलिस कार्रवाई की होगी जांच गुप्ता ने कहा ,484 वर्ग किलोमीटर के दायरे में सिमटी दिल्ली की अपनी सीमाएं हैं। फिर भी, उन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, पूरे शहर के सर्वांगीण विकास - जिसमें ग्रामीण इलाके, अनधिकृत कॉलोनियां और नियोजित क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए मास्टर प्लान के तहत शहरी विकास की योजना बनाते समय राष्ट्रीय राजधानी में ट्रांसपोर्ट से होने वाले बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे को भी ध्यान में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की योजना में दिल्ली में ट्रांसपोर्ट से होने वाले बढ़ते प्रदूषण को भी ध्यान में रखा गया है। गुप्ता ने मास्टर प्लान 2047 की मुख्य विशेषताओं में से एक के तौर पर हाउसिंग का ज़िक्र किया और कहा कि इस प्लान का मकसद समाज के सभी वर्गों के लोगों को घर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा इस मास्टर प्लान की एक बड़ी खासियत समाज के सभी वर्गों के लिए घर की व्यवस्था करना है। इसे भी पढ़ें: Congress का Election Commission बाहर धरना, उत्तराखंड SIR में गड़बड़ी का आरोप उन्होंने दिल्ली में कमर्शियल गतिविधियों से जुड़ा एक अहम फ़ैसला भी सुनाया और कहा कि अब 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ़्लोर पर कमर्शियल कामकाज की इजाज़त होगी। मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कमर्शियल गतिविधियों को लेकर भी एक अहम फ़ैसला लिया गया है: अब दिल्ली में 30 मीटर चौड़ी सभी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ़्लोर पर कमर्शियल कामकाज की इजाज़त होगी। इससे पहले दिन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में राष्ट्रीय राजधानी की बढ़ती आबादी के लिए 30 से 40 लाख नए घर बनाने की योजना है, जिसमें मुख्य रूप से किफायती घरों पर ध्यान दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में दिल्ली की आबादी तेज़ी से बढ़ी है; यह 1991 में 94 लाख थी, जो 2001 में बढ़कर 1.38 करोड़ और 2021 में 2.12 करोड़ हो गई। अभी आबादी का अनुमान लगभग 2.40 करोड़ है और 2047 तक इसके 3.20 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। खट्टर ने कहा, चूंकि शहर का कुल क्षेत्रफल 1,483 वर्ग किलोमीटर ही है, इसलिए बढ़ती आबादी से जगह और बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे सुनियोजित शहरी विकास की ज़रूरत और बढ़ जाती है।
दिल्ली में कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा नीति में बदलाव
दिल्ली सरकार ने कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब, यदि छात्र तीसरी भाषा में असफल होते हैं, तो उन्हें कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। यह निर्णय छात्रों और उनके माता-पिता के लिए राहत का कारण बना है, जो पहले इस विषय में असफलता के कारण परीक्षा में बैठने की चिंता कर रहे थे। सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्रों को अन्य आवश्यक मानदंडों को पूरा करने पर कक्षा 10 में पदोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, नई नीति में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में पेश किया गया है।
Supreme Court ने Delhi NEET protest पर बनाई 5 सदस्यीय समिति, पुलिस कार्रवाई की होगी जांच
उच्चतम न्यायालय ने शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को पांच सदस्यीय एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया, जो हाल में राष्ट्रीय राजधानी में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादतियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा के आरोपों की जांच करेगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि इस समिति में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व डीजीपी एल. आर. बिश्नोई भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘इस एचपीईसी (उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति) का गठन कई तरह के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है जिनमें समिति के हर सदस्य की अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के साथ-साथ समिति की विविधता और अन्य कारक भी शामिल हैं। न्यायालय ने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि एचपीईसी की सिफारिशें इस अदालत के लिए बहुत मददगार साबित होंगी और समिति उन सभी मुद्दों का व्यापक आकलन करेगी, जिन पर गंभीरता से विचार किये जाने की जरूरत है।” शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि एचपीईसी द्वारा की जाने वाली जांच केवल एक बार की जाने वाली कवायद नहीं होगी। उसने समिति से कहा कि वह मामले से जुड़े मुद्दों का लगातार और समय-समय पर आकलन करती रहे तथा अपनी अंतरिम रिपोर्ट भी समय-समय पर प्रस्तुत करे। उच्चतम न्यायालय ने सिफारिश की कि एचपीईसी को कुछ मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देना चाहिए और इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा, उत्पीड़न और छेड़छाड़ की घटनाओं से संबंधित है। इसे भी पढ़ें: तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, रेप केस में 10 साल की सजा मिली थी कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर 20 जुलाई को दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला गया था और इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुई थीं। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारी नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अवैध ढांचे हटाए गए, वीडियो में जाने इस्लामाबाद की कार्रवाई के बाद भारत का कदम
Vedanta Aluminiumने IIT दिल्ली के सहयोग से ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए दो नए उन्नत धातु उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें कॉपर-डोप्ड अलॉय और वेदांता फाउंड्री अलॉय शामिल हैं, जो वाहनों को अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाएंगे।
दिल्ली के खराब मौसम से जयपुर एयरपोर्ट पर बढ़ी परेशानी, वीडियो में जाने 2 फ्लाइट डायवर्ट; अबू धाबी-दुबई जाने वाले यात्रियों का हंगामा
राजस्थान में आज 11 जिलों में बारिश का अलर्ट, वीडियो में जाने अगले दो दिन भी जारी रहेगा दौर; दिल्ली की 2 फ्लाइट जयपुर डायवर्ट
Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।CCTV में रिकॉर्ड हुई घटनाइलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।परिवार ने पुलिस से किया संपर्कइसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।शिकायतकर्ता के पिता कोWhatsApp पर मिला फर्जी नोटिसमामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।यह भी पढ़ें:Amrit Bharat Express: अहमदाबाद-भागलपुर 'अमृत भारत एक्सप्रेस' जल्द शुरू होगी, जानें- रूट, स्टॉपेज और पूरा टाइम टेबल
New Delhi, 20 अगस्त . युवाओं का सपना होता है कि वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में नौकरी करें. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आपके लिए एनआईटी-दिल्ली ने प्रोजेक्ट एसोसिएट सहित विभिन्न 8 खाली पदों पर नियुक्ति के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है. एनआईटी-दिल्ली की ओर से जारी ... Read more
केंद्र ने टेलीकॉम कंपनियों को दिए निर्देश, प्रति ग्राहक 9 सिम की उच्चतम सीमा को न पार करें
New Delhi, 20 अगस्त . केंद्र Government के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे प्रति ग्राहक नौ सिम की उच्चतम सीमा को किसी भी सब्सक्राइबर के लिए पार न करें. यह जानकारी Thursday को जारी आधिकारिक बयान में दी गई. Governmentी की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया ... Read more
Supreme Court को केंद्र ने बताया, UGC समानता विनियम 2026 पर पुनर्विचार जारी है
केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि शैक्षणिक परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने से संबंधित 2026 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समानता संबंधी नियमों पर पुनर्विचार किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने 29 जनवरी को निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 को फिलहाल स्थगित रखा जाए। इस मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया, ‘‘यह यूजीसी के विनियमों से संबंधित मामला है। इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है।’’ पीठ ने यूजीसी को चार सप्ताह के भीतर एक विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इसके बाद, यदि कोई जवाब देना चाहें तो दो सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) दाखिल कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi Student Protests: हिंसा और पुलिस ज्यादती की जांच करेगा SC का पैनल, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी संभालेंगे कमान उच्चतम न्यायालय 2026 के विनियमों की वैधता को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। उच्चतम न्यायालय ने 29 जनवरी को शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए यूजीसी के हालिया समानता नियमों पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यह प्रारूप प्रथम दृष्टया अस्पष्ट है, इसके बहुत व्यापक परिणाम हो सकते हैं तथा इसका प्रभाव खतरनाक रूप से समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है। शीर्ष अदालत ने 2026 विनियमों के खिलाफ दायर तीन याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा था। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ईडी को मिली शक्तियों से जुड़े 2022 के निर्णय पर पुनर्विचार सुनवाई करेगा पीठ ने कहा था, ‘‘हम अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए निर्देश देते हैं कि 2012 के विनियमन अगले आदेश तक लागू रहेंगे।’’ शुरुआत में, पीठ ने 2026 के विनियमों को लेकर चिंता व्यक्त की थी और विनियमन 3(1)(सी) के तहत जाति-आधारित भेदभाव की एक अलग परिकी आवश्यकता पर सवाल उठाया, जबकि विनियमन 3(1)(ई) पहले से ही भेदभाव की एक व्यापक परिप्रदान करता है। इसने यह सवाल भी खड़ा किया था कि रैगिंग को विनियमों के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है जबकि यह शैक्षणिक संस्थानों के भीतर उत्पीड़न का एक सामान्य स्वरूप है। पीठ ने कहा था कि विनियमों की प्रथम दृष्टया अस्पष्ट और दुरुपयोग संभावित प्रतीत होती है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने विनियमन 3(1)(सी) को चुनौती दी, जो जाति आधारित भेदभाव को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों के खिलाफ केवल जाति या जनजाति के आधार पर भेदभाव के रूप में परिभाषित करता है।
Weather Tomorrow: 21 अगस्त को कहां-कहां होगी बारिश? दिल्ली, यूपी और बिहार समेत इन राज्यों में अलर्ट जारी
दिल्ली एयरपोर्ट पर 68.53 लाख रुपये की नकदी बरामद, गुवाहाटी जा रहे दो यात्री आयकर विभाग को सौंपे गए
स्नेहल चौरसिया | नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पैसेंजर के पास से 68 लाख 53 हजार 500 रुपये का कैश पकड़ा है। दोनों पैसेंजर गुवाहाटी जा रहे थे और वहां से उन्हें अगरतला जाना था। व्यवहार पर शक के बाद शुरू हुई जांच जानकारी […]
प्रयागराज के नवाबगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश छैला बाबू सरोज को एसटीएफ की प्रयागराज फील्ड यूनिट ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ ने उसे 19 अगस्त की शाम करीब 6:40 बजे दिल्ली के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र स्थित वरिंदर कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के गेट के सामने सड़क से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय थाने में दाखिल कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर प्रयागराज लाया गया। चोरी-लूट की कई वारदातों में शामिल रहा आरोपी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बैरेज श्रृंगवेरपुर गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह एक संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना है। वर्ष 2025 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी और लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इन मामलों में प्रयागराज और आसपास के जिलों के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी पहले भी जेल जा चुका है। वर्ष 2026 में उसके और उसके एक साथी के खिलाफ नवाबगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। कंस्ट्रक्शन कंपनी परिसर में बनाया था ठिकाना एसटीएफ को सूचना मिली थी कि छैला बाबू सरोज दिल्ली में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में रह रहा है। इसके बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई और सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ प्रयागराज और प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अब उससे पूछताछ कर उसके गिरोह और अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
New Delhi, 20 अगस्त . जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और Police कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए Supreme Court ने पांच सदस्यीय हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है. यह समिति विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों के विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी ... Read more
समुद्री सुरक्षा से प्रशिक्षण तक, भारत-नाइजीरिया ने बढ़ाया नौसैनिक सहयोग
New Delhi, 20 अगस्त . India और नाइजीरिया के बीच नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नौसैनिक वार्ता की गई है. भारत-नाइजीरिया नौसेना उप-समूह की यह तीसरी बैठक थी. यह वार्ता 18 अगस्त से शुरू हुई 20 अगस्त तक New Delhi में आयोजित की गई. बैठक में दोनों देशों की नौसेनाओं ... Read more
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की पूजा, चालीसा भी गाया; बिहार में मंदिर बनाने का पहले ही हो चुका ऐलान
विवाद होने पर प्रेस क्लब ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रेस क्लब की तरफ से नहीं किया था। एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए हॉल किराए पर लिया था।
इस्मत चुगताई को कहा जाता था ‘लेडी चंगेज खां’, साहित्य के क्षेत्र में दिया अहम योगदान
New Delhi, 20 अगस्त . उर्दू साहित्य की बेबाक लेखिका इस्मत चुगताई की Saturday को 111वीं जयंती है. उनका जन्म 21 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हुआ था. उनको ‘इस्मत आपा’ के नाम से भी पुकारा जाता है. वे नारीवादी लेखिका रही हैं; प्रगतिशील लेखकों की सूची में उनका नाम आता ... Read more
यूरोप में बढ़ेगा जंगल की आग का खतरा, सदी के अंत तक 39 फीसदी अधिक क्षेत्र जलने का अनुमान
New Delhi, 20 अगस्त . यूरोप के कई देश जंगल की आग में झुलस रहे हैं. आने वाले दशकों में यूरोप के जंगलों में आग का खतरा और गंभीर हो सकता है और इसकी आशंका Thursday को प्रकाशित एक स्टडी में की गई है. जिसके मुताबिक वैश्विक तापमान वृद्धि को सीमित करने के बेहतर परिदृश्य ... Read more
दिल्ली में PAK उच्चायोग के बाहर बुलडोजर एक्शन, इस्लामाबाद की हरकत का दिया जवाब
कुछ दिनों पहले इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे सुरक्षा बैरिकेड्स और गाड़ियों की पार्किंग के लिए लगाए गए पोल को मनमाने ढंग से हटाया था. इस हरकत के जवाब में भारत सरकार ने 'जैसे को तैसा' (Tit-for-Tat) रुख अपनाते हुए कल देर रात नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की. दूतावास के पीछे वीजा सेक्शन के पास जो अस्थायी शेल्टर, टीन शेड, कंक्रीट की दीवारें और लोहे के फ्रेम बने थे, उन्हें जेसीबी (JCB) मशीन से पूरी तरह ढहा दिया गया. देखें...
कांग्रेस की बैठक में पेपर लीक, शिक्षा और परिसीमन के मुद्दों पर हुई चर्चा
New Delhi, 20 अगस्त . कांग्रेस की ऑफ-ब्रीफिंग में Thursday को कई मुद्दों पर चर्चा हुई. कांग्रेस संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में पेपर लीक से लेकर परिसीमन तक कई मुद्दे उठे. जयराम रमेश ने कहा कि पेपर लीक को लेकर राज्यों के अलग-अलग कानून हैं और केंद्र का अलग कानून ... Read more
New Delhi, 20 अगस्त . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Thursday को कांग्रेस पार्टी की ‘अत्यधिक तुष्टीकरण’ नीति की निंदा की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का ‘वंदे मातरम’ का केवल दो पद गाने का निर्णय विभाजन के बीज बोने वाली ऐतिहासिक भूल को दोहराने के समान है. उन्होंने कहा कि 1937 में कांग्रेस ... Read more
भारत के पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में दूसरी तिमाही में 102 प्रतिशत की जोरदार तेजी
New Delhi, 20 अगस्त . India के इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल (ईपीवी) बाजार में 2026 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 102 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई. यह वृद्धि पैसेंजर व्हीकल (पीवी) बाजार की कुल 26 प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक थी. यह जानकारी Thursday को जारी रिपोर्ट में दी गई. साइबरमीडिया रिसर्च ... Read more
Bulldozer Action Outside Pakistan High Commission: पाक दूतावास के बाहर चला बुलडोजर, भारत का बदला!
India Pakistan Conflict के बीच New Delhi में Pakistan High Commission के बाहर हुई कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। Pakistan High Commission के बाहर तय सीमा से बाहर बनी कथित अनधिकृत संरचनाओं और अतिक्रमण को संबंधित एजेंसियों ने हटा दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और पुलिस की ज्यादतियों के आरोपों की जांच के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) बनाई है। इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। यह कमेटी प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा के आरोपों की भी जांच करेगी और यह देखेगी कि अधिकारियों द्वारा बल का प्रयोग कानूनी और उचित था या नहीं। इस कमेटी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के पूर्व DGP एलआर बिश्नोई शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: RBI के लिए Digital Payments के बीच नकदी की मांग का अनुमान कठिन: SC Murmu सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह पैनल इसके सदस्यों की विशेषज्ञता, अनुभव और विविधता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कोर्ट ने भरोसा जताया कि पैनल की सिफारिशें मुद्दों का पूरी तरह से आकलन करने में कोर्ट की मदद करेंगी। खास बात यह है कि कोर्ट ने साफ़ किया कि HPC की जांच सिर्फ़ एक बार की प्रक्रिया नहीं होगी। यह मुद्दों का लगातार और समय-समय पर आकलन करेगी और कोर्ट को अंतरिम नतीजे सौंपेगी, जिससे कोर्ट ज़रूरी कदम उठा सके और ज़रूरत पड़ने पर निर्देश जारी कर सके।
गन्ने से इथेनॉल बनाने के फैसले पर बोले अरविंद केजरीवाल- 17 दिनों में 20 रुपए किलो महंगी हुई चीनी
New Delhi, 20 अगस्त . आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर केंद्र Government पर निशाना साधा. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गन्ने को इथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने के फैसले का असर अब चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने ... Read more
Samrat Choudhary की उपस्थिति में Bihar को मिला PMAY-G के तहत 11.18 लाख नए घरों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज प्रधानमंत्री आवास पर योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश, लाभुकों के बीच आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण तथा केंद्र सरकार द्वारा बिहार को आवंटित नए लक्ष्य से संबंधित कार्यक्रम में शामिल हुए। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पौधों में जल अर्पित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की उपलब्धियों, प्रगति एवं प्रमुख पहलों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभुकों को आवास की चाबी एवं नए चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार द्वारा बिहार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित लक्ष्य का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। इसे भी पढ़ें: Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। राज्य के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का यह कार्यक्रम बिहार को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 1986 से 2014 तक बिहार में मात्र 30 लाख पक्के मकान गरीब परिवारों के लिए बनाए गए थे। प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के गरीब परिवारों के लिए 50 लाख पक्के मकान बनाने का अलॉटमेंट किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 के सर्वे में चिन्हित 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के सहयोग से इन परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिला है। योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान में 40 प्रतिशत धनराशि बिहार सरकार द्वारा दी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2026-27 के लिए बिहार को 11 लाख 18 हजार 937 पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बिहार को 13,427 करोड़ रूपये की सहायता मिलेगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिन परिवारों को आज आवास की चाबी प्रदान की गई है, उनके सिर पर छत होने से उनके सपनों को नई ऊंचाई मिलेगी। अपना घर सुरक्षा और सम्मान देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। सभी जरूरतमंद लोगों तक विकास का लाभ पहुंचना चाहिए। सभी परिवारों का अपना पक्का मकान हो, तभी भारत विश्व में अग्रणी एवं विकसित बनेगा और बिहार समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सहयोग कार्यक्रम' लोगों को न्याय देने तथा पदाधिकारियों को सही रास्ता दिखाने वाला कार्यक्रम है। इसके तहत 30 दिनों के अंदर हर हाल में आवेदन का निष्पादन सुनिश्चित किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। 'सहयोग कार्यक्रम' के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। अब तक 9,500 पदाधिकारियों को प्रथम नोटिस, 950 पदाधिकारियों को द्वितीय नोटिस तथा 350 पदाधिकारियों को तृतीय नोटिस जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं, जिनमें 30 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। केंद्र सरकार से आग्रह है कि विशेष अभियान चलाकर नालंदा, बक्सर, भागलपुर, मोतिहारी जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हाट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से काफी मदद मिल रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से आग्रह है कि आप निरंतर बिहार आते रहें और बिहार को समृद्ध बनाने में पूरा सहयोग करें, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को और व्यवस्थित एवं विकसित किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिहार सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और 'सहयोग कार्यक्रम' की प्रशंसा करते हुए कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिये। उन्होंने बिहार में महिला सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों की संख्या में जीविका दीदियों की वार्षिक आमदनी एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री को हरितगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार तथा ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री डॉ श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी, लाभुक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
Nitish Mishra का बड़ा कदम, बिहार को AI में अग्रणी बनाने के लिए तायो एआई से MoU को मंजूरी
सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से राज्य में एक सशक्त एवं नवाचार-आधारित AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। इस दिशा में टायो (Taiyo) एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदान की गई है। नीतीश मिश्रा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विज़न के अनुरूप बिहार को तकनीक, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना हमारा संकल्प है। AI के प्रभावी उपयोग से सुशासन और विकास को नई गति देने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: AAP का आरोप: Delhi Voter List से बिहार-यूपी के प्रवासियों के नाम बड़े पैमाने पर हटाए गए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली परिवर्तनकारी तकनीक बन चुकी है। बिहार में AI की क्षमता का प्रभावी उपयोग करते हुए शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, परियोजना प्रबंधन एवं मानव संसाधन विकास को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने का लक्ष्य है। मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित MoU के माध्यम से AI तकनीक का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, योजना, अनुश्रवण एवं क्रियान्वयन में सरकार को तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि AI आधारित सार्वजनिक अवसंरचना डैशबोर्ड”(AI Enabled Public Infrastructure Dashboard )के माध्यम से परियोजनाओं में संभावित विलंब एवं लागत वृद्धि की पहचान के लिए Early Warning Indicators विकसित किए जाएंगे। इससे परियोजनाओं की समयबद्ध निगरानी के साथ-साथ सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Modi Cabinet Meeting: इधर विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने बड़े फैसले कर सबको हैरान कर दिया मंत्री ने कहा कि भू-स्थानिक आँकड़ों का मानचित्रण ( Geospatial Data Mapping, Demographic Data) एवं अन्य उपलब्ध डेटासेट का AI Tools के माध्यम से विश्लेषण कर सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नियोजन, निर्माण एवं अनुश्रवण” को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। नीतीश मिश्रा ने कहा कि AI आधारित तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन का क्षमता निर्माण भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस एवं AI के प्रभावी उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वहीं, राज्य के छात्रों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए AI एवं डेटा विश्लेषण”(Data Analytics) से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार में AI आधारित सुशासन, तकनीकी नवाचार, स्मार्ट सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। एक समय ग्रामीण और बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में गिने जाने वाले, जाट समाज में व्यापक जनाधार रखने वाले और राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में कांग्रेस की सत्ता का मजबूत स्तंभ रहे सज्जन कुमार की जिंदगी आखिरकार एक ऐसे मोड़ पर खत्म हुई, जिसे उनके राजनीतिक उत्थान और बाद के पतन की पूरी कहानी के रूप में देखा जा सकता है। सत्ता के शिखर से लेकर तिहाड़ जेल तक का उनका सफर इस कड़वे सच की याद दिलाता है कि बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है। हम आपको बता दें कि पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से उनकी मौत के कारण को लेकर तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। सज्जन कुमार अपने जीवन के अंतिम वर्षों में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में मिली उम्रकैद की सजा काट रहे थे। इसे भी पढ़ें: 1984 दंगा केस में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार की मौत, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में तोड़ा दम हम आपको बता दें कि सज्जन कुमार दिल्ली की राजनीति में 1970 के दशक से ही प्रभावशाली चेहरा बनकर उभरे थे। उन्होंने 1977 में पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और इसके बाद बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से तीन बार सांसद चुने गए। ग्रामीण दिल्ली और जाट बहुल इलाकों में उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती थी। 1980 के दशक में वह दिल्ली कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल थे। स्थानीय संगठन, ग्रामीण मतदाता और जाट समाज में उनके मजबूत आधार ने उन्हें कांग्रेस की राजनीति का बड़ा खिलाड़ी बना दिया था। एक समय ऐसा था जब बाहरी दिल्ली की राजनीति में सज्जन कुमार का नाम ही सत्ता और प्रभाव का पर्याय माना जाता था। लेकिन जिस राजनीतिक ताकत ने उन्हें दशकों तक प्रभावशाली बनाए रखा, वही ताकत 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपों और फिर लंबे कानूनी संघर्ष के सामने धीरे-धीरे कमजोर पड़ती चली गई। हम आपको याद दिला दें कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद देश, विशेषकर दिल्ली में सिख विरोधी हिंसा भड़क उठी थी। इसके पीछे ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद पैदा हुई परिस्थितियों को भी महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि के रूप में देखा गया था। दिल्ली में कई दिनों तक हिंसा का भयावह दौर चला था। सिखों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था। हजारों लोगों की जान गई। अलग-अलग आकलनों में मृतकों की संख्या अलग रही, लेकिन दिल्ली में 2,700 से अधिक सिखों के मारे जाने की पुष्टि हुई, जबकि देशभर में मृतकों की संख्या 3,000 से अधिक बताई गई। इसी हिंसा से जुड़े कई मामलों में सज्जन कुमार का नाम सामने आया। उन पर हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने, लोगों को उकसाने, आपराधिक साजिश और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने जैसे गंभीर आरोप लगे। अगले तीन दशकों से अधिक समय तक उनके खिलाफ मुकदमों का सिलसिला चलता रहा और कई मामलों में उन्हें कभी राहत मिली तो कभी कानूनी शिकंजा कसता गया। सज्जन कुमार के राजनीतिक और कानूनी जीवन का सबसे बड़ा मोड़ 17 दिसंबर 2018 को आया। दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के 2013 के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्हें बरी कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को 1984 के दंगों के दौरान दिल्ली के राज नगर पार्ट-1, पालम कॉलोनी में पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश और हिंसा के लिए उकसाने सहित गंभीर अपराधों का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अपने फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 की सिख विरोधी हिंसा को “मानवता के खिलाफ अपराध” तक करार दिया था। अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि सज्जन कुमार को अपने प्राकृतिक जीवन के शेष समय तक जेल में रहना होगा। यहीं से वह नेता, जो कभी दिल्ली की सत्ता के गलियारों में बेहद प्रभावशाली माना जाता था, तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। हम आपको यह भी बता दें कि 1984 के दंगों से जुड़े आरोपों के बावजूद कांग्रेस लंबे समय तक सज्जन कुमार के साथ खड़ी रही। वह पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाते रहे और वर्षों तक पार्टी की राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बने रहे। हालांकि समय के साथ राजनीतिक दबाव बढ़ता गया। 2009 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर को दिए गए चुनाव टिकट वापस ले लिए थे। इसके बाद सज्जन कुमार धीरे-धीरे पार्टी के भीतर हाशिये पर चले गए। 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही कांग्रेस के साथ उनका औपचारिक रिश्ता समाप्त हो गया। जिस पार्टी में वह कभी दिल्ली की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल थे, उसी पार्टी से उनका राजनीतिक सफर अंततः अलगाव और हाशिये पर खत्म हुआ। साथ ही 2018 की सजा सज्जन कुमार के खिलाफ अंतिम कानूनी कार्रवाई नहीं थी। फरवरी 2025 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 1984 के दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला सरस्वती विहार क्षेत्र में भीड़ के हमले से जुड़ा था, जिसमें पिता-पुत्र जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह को कथित रूप से जिंदा जलाकर मार दिए जाने का मामला सामने आया था। अभियोजन पक्ष ने सज्जन कुमार के लिए मृत्युदंड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य समेत अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। इस तरह सज्जन कुमार को 1984 की हिंसा से जुड़े अलग-अलग मामलों में एक से अधिक बार उम्रकैद की सजा मिली और वह जीवन के अंतिम समय तक तिहाड़ जेल में ही रहे। साथ ही इस वर्ष जनवरी में सज्जन कुमार को 1984 के दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी क्षेत्रों के हिंसा भड़काने के आरोप वाले दो अलग-अलग मामलों में दिल्ली की अदालत से बरी कर दिया गया था। लेकिन इन बरी होने के फैसलों से उनकी रिहाई का रास्ता नहीं खुला, क्योंकि वह अन्य मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। उनकी 2018 की दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ चुनौती भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित थी। यानी कानूनी लड़ाई के लंबे दौर में कुछ मामलों में उन्हें राहत जरूर मिली, लेकिन 1984 के दंगों से जुड़े अपराधों में हुई दोषसिद्धियों ने उनकी जिंदगी की दिशा पूरी तरह बदल दी। देखा जाये तो सज्जन कुमार का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति की उन कहानियों में शामिल हो गया है, जहां एक नेता का जनाधार और राजनीतिक प्रभाव लंबे समय तक उसे मजबूत बनाए रखता है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया अंततः दशकों पुराने मामलों तक पहुंचती है। 1977 में पार्षद से राजनीतिक शुरुआत करने वाला नेता तीन बार लोकसभा पहुंचा। बाहरी दिल्ली में उसका व्यापक जनाधार था, ग्रामीण और जाट बहुल क्षेत्रों में उसकी मजबूत पकड़ थी और वह कांग्रेस की दिल्ली इकाई का बड़ा चेहरा था। लेकिन 1984 की हिंसा का दाग उसके राजनीतिक कद से कहीं ज्यादा भारी साबित हुआ। करीब चार दशक तक चले मुकदमों, राजनीतिक विवादों, जनाक्रोश और कानूनी लड़ाइयों के बाद सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा मिली। कांग्रेस से उनका रिश्ता टूटा, राजनीतिक प्रभाव खत्म हुआ और जीवन के अंतिम वर्ष तिहाड़ जेल में बीते। देखा जाये तो 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन उस दौर का अंत है, जिसमें सज्जन कुमार कभी बाहरी दिल्ली की राजनीति के सबसे शक्तिशाली नेताओं में गिने जाते थे। लेकिन उनकी अंतिम पहचान एक ऐसे पूर्व कांग्रेस सांसद की बन गई, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहा था। सज्जन कुमार की कहानी सत्ता के शिखर से जेल की सलाखों तक पहुंचने की कहानी है। यह उस राजनीतिक प्रभाव की भी कहानी है, जो वर्षों तक कायम रहा, और उस न्यायिक संघर्ष की भी, जिसने दशकों बाद अपना फैसला सुनाया। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सत्ता कितनी भी बड़ी क्यों न हो, समय और कानून के सामने उसका प्रभाव हमेशा कायम नहीं रहता। सज्जन कुमार का जीवन और अंत इसी कड़वे सच की एक बड़ी राजनीतिक कहानी बनकर दर्ज हो गया। -नीरज कुमार दुबे
दिल्ली में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप्स, यहां क्यों लगी लंगूरों की आवाज़ निकालने वालों की ड्यूटी?
दिल्ली में 17 अगस्त से 23 अगस्त तक बैडमिंटन टूर्नामेंट BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप्स का आयोजन हो रहा है. इस दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र बंदरों को भगाने के लिए कुछ ख़ास लोगों की ड्यूटी लगी है.
बच्चे मोबाइल में ज्यादा उलझे हैं, फिजिकल एक्टिविटी जरूरी : सुप्रीम कोर्ट
New Delhi, 20 अगस्त . Supreme Court ने Thursday को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में ज्यादा उलझे हुए हैं. ऐसे में बच्चों के लिए शारीरिक गतिविधि यानी फिजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी है. कोर्ट खेलों को भारतीय संविधान के भाग 3, अनुच्छेद 21ए के तहत ... Read more
म्यूचुअल फंड्स एनएवी में गड़बड़ी के बाद एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने जारी किया बयान
New Delhi, 20 अगस्त . एचडीएफसी सिक्योरिटीज के निवेशकों को Thursday सुबह उस समय बड़ा झटका लगा, जब उनके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में अचानक भारी गिरावट दिखाई देने लगी. कई ग्राहकों ने शिकायत की कि उनके निवेश पर 30 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत तक का नुकसान दिख रहा है. हालांकि बाद में कंपनी ने ... Read more
दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड की ओर से मोदी चालीसा का पाठ किया गया। नरेंद्र मोदी का राम के रूप में पोस्टर भी लगाया गया। दरअसल, बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड पटना में मोदी का मंदिर बनाना चाहता है, इसे लेकर बोर्ड के सदस्यों ने आज प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मोदी चालीसा पढ़ी और मंदिर निर्माण को लेकर जानकारी दी। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मोदी चालीसा का पाठ होने के बाद क्लब का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि ये कार्यक्रम क्लब की ओर से आयोजित नहीं किया गया था। एक बाहरी संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का कहकर परिसर का हॉल किराए पर लिया था। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से आई कुछ तस्वीरें देखिए… मोदी चालीसा की किताब भी बांटी गई प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मोदी चालीसा का वीडियो भी सामने आया है। इसमें एक बड़े कटआउट के सामने धार्मिक तरीके से पूजा-अर्चना करते हुए लोग दिख रहे हैं। कटआउट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान श्रीराम के स्वरूप में प्रदर्शित किया गया है। कटआउट के सामने दीये जलाकर आरती उतारते हुए लोग भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में 'जय-जय मोदी, हर-हर मोदी' जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। इसी दौरान 'मोदी चालीसा' नाम की एक पुस्तिका का विमोचन और उसका सामूहिक पाठ भी किया गया है। बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की ओर से आयोजन ये आयोजन बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड की ओर से किया गया था। इसके सदस्य डॉ. राजन सिंह (ट्रांसजेंडर) की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें लिखा है कि कार्यक्रम में किन्नर समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान श्रीराम का अवतार बताते हुए उनके नाम पर प्रस्तावित भव्य मंदिर को लेकर अपनी बात रखी। किन्नर समुदाय हर गुरुवार को PM मोदी चालीसा करेंगे डॉ. राजन सिंह ने कहा, बिहार के पटना में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर भव्य मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। बिहार सरकार की ओर से मंदिर निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा। जब तक मंदिर निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक किन्नर समुदाय के लोग हर गुरुवार को भगवान नरेंद्र मोदी की चालीसा का पाठ करेंगे। कार्यक्रम में किन्नर महामंडलेश्वर श्री वैष्णवी किन्नर सेन विलियम्स ट्रांसजेंडर और नमः भारत समेत किन्नर समुदाय के कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान ‘ॐ नरेंद्र मोदी नमः’ मंत्र का जाप किया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूजा-अर्चना के साथ भव्य आरती भी की गई। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए… 'श्रीराम अवतार में होगी मोदी की मूर्ति, वो हमारे भगवान':किन्नर बोर्ड के उपाध्यक्ष बोले-सरकार के अप्रूवल का इंतजार; 5 एकड़ में बनेगा मंदिर, 112cr खर्च ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान श्रीराम के समान हैं। वे श्रीराम के अवतार हैं। नरेंद्र मोदी मेरे लिए आराध्य हैं और उनके खिलाफ किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी का किन्नर समाज विरोध करेगा।’ ये बातें बिहार सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राजन सिंह ने कही हैं। उन्होंने कहा कि पटना में करीब 5 एकड़ जमीन पर लगभग 112 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर बनाने की योजना है। इस मंदिर सोने की मूर्ति स्थापित करेंगे। पूरी खबर पढ़िए
गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को मिली मंजूरी, 27 अगस्त से शुरू होगी सेवा, जानें टाइमिंग और रूट
Gorakhpur-Delhi Amrit Bharat Express: रेलवे बोर्ड ने गोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस को ट्रेन नंबर 15095 और 15096 के तौर पर रेगुलर चलाने की मंजूरी दे दी है। हफ्ते में एक बार चलने वाली यह ट्रेन गोरखपुर से 27 अगस्त और दिल्ली से 28 अगस्त को शुरू होगी, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।यह प्रस्तावित ट्रेन गोरखपुर और दिल्ली के बीच सीधी रेल सेवा देगी और गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और दिल्ली में रुकेगी।ट्रेन नंबर 15095 गोरखपुर से दिल्ली के लिए चलेगी, जबकि 15096 वापसी की दिशा में चलेगी। इस सर्विस को साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस के तौर पर मंजूरी दी गई है।15095 गोरखपुर-दिल्ली: रात 10:45 बजे (गुरुवार) रवाना होगी, अगले दिन दोपहर 12:50 बजे पहुंचेगी।15096 दिल्ली-गोरखपुर: दोपहर 2:00 बजे (शुक्रवार) रवाना होगी, अगले दिन सुबह 6:25-6:30 बजे पहुंचेगी।यह नई सर्विस अमृत भारत नेटवर्क के बड़े विस्तार का हिस्सा है। रेलवे बोर्ड ने देश के अलग-अलग हिस्सों को कवर करने वाली 7 नई अमृत भारत एक्सप्रेस सर्विस को मंजूरी दी है। इन ट्रेनों को लंबी दूरी की सस्ती यात्रा सुविधा देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कैटेगरी की ट्रेनों में मुख्य रूप से नॉन-एसी कोच होते हैंगोरखपुर-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस दिल्ली पहुंचने से पहले उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इसके रूट में खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद शामिल हैं।यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले भारतीय रेलवे की आधिकारिक समय-सारणी या नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम को देख लेना चाहिए, क्योंकि रेलवे अधिकारी ट्रेन के रवाना होने और पहुंचने के समय में बदलाव कर सकते हैं। भारतीय रेलवे की आधिकारिक पैसेंजर इंक्वायरी सर्विस के जरिए यात्री ट्रेन की टाइमिंग, ट्रेन से जुड़ी जानकारी और रिजर्वेशन संबंधी सेवाएं देख सकते हैं।यह भी पढ़ें:कालका-शिमला हेरिटेज लाइन पर लैंडस्लाइड, 172 यात्री फंसे, फिर सेना ने संभाला मोर्चा
एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान
New Delhi, 20 अगस्त . स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बेसिक बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खातों से नकद निकासी की फीस में बदलाव किया है. अब खाताधारकों को एक निश्चित सीमा से अधिक बार निकासी करने पर 15 रुपए प्रति लेनदेन का भुगतान करना होगा. यह जानकारी बैंक की ओर से Thursday को दी ... Read more
IIT दिल्ली से पासआउट पटना के लड़के ने मेक्सिको में खड़ी कर दीं चार कंपनियां, कैसे किया ये कमाल
पटना के आईआईटी दिल्ली ग्रेजुएट विजीत सुमन ने उबर की नौकरी छोड़कर मेक्सिको सिटी में चार सफल कंपनियां खड़ी कीं। उन्होंने कैसे किया ये कमाल आइए जानते हैं।
New Delhi, 20 अगस्त . बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) के सेक्रेटरी जनरल थॉमस लुंड ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सुविधाओं और हालात की तारीफ की है. उन्होंने पहले हुए विवादों के बाद वेन्यू में तेजी से हुए बदलाव पर खुशी जाहिर की. छह महीने पहले, India के प्रमुख बैडमिंटन ... Read more
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