कन्नौज के ढिपारी गांव से दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवक अंकित शाक्य की मां ने पुलिस के दावों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के पास न तो कोई कार या प्लॉट है और न ही उसका पाकिस्तान से कोई संबंध है। दिल्ली पुलिस ने अंकित को पाकिस्तानी साइबर ठगों के गिरोह में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के ढिपारी गांव निवासी अजब सिंह शाक्य के बड़े बेटे अंकित शाक्य को दिल्ली पुलिस ने 16 दिन पहले गांव से गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि अंकित पाकिस्तानी साइबर ठगों के गिरोह का हिस्सा है और उसने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। दैनिक भास्कर की टीम बुधवार को ढिपारी गांव पहुंची, जहां अंकित की मां मंजू देवी ने कैमरे के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अंकित पहले छिबरामऊ में एक पैथोलॉजी में काम करता था। शादी के बाद कम वेतन में घर चलाना मुश्किल होने पर वह नोएडा चला गया और वहां 'मदर-सन' कंपनी में काम करने लगा। इसी कंपनी में अंकित का छोटा भाई अंशुल भी कार्यरत है। मंजू देवी ने बताया कि अंकित का डेढ़ साल का बेटा है, जिसके पालन-पोषण के लिए वह दो महीने पहले गांव लौट आया था। वह दोबारा पैथोलॉजी में काम शुरू करने की तैयारी में था। इसी बीच, 1 जून को दिल्ली पुलिस उनके गांव आई और अंकित को पकड़ ले गई। परिवार ने जब रोकने और कारण पूछने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें डांटा। इसके बाद अंकित के पिता ने उसके बारे में पता लगाना शुरू किया और प्रेमपुर चौकी पहुंचे, जहां से उन्हें अंकित के दिल्ली पुलिस की हिरासत में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने बताया कि अंकित जेल में है। मां मंजू देवी ने दिल्ली पुलिस के इस दावे को भी खारिज किया कि अंकित के पास लग्जरी कार और प्लॉट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार को आवास योजना का लाभ मिला था, जिससे उन्होंने एक मकान बनवाया है, जबकि इससे पहले वे झोपड़ी में रहते थे।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस में बुधवार को ओपन हाउस सेशन-2026 की शुरुआत हुई। पहले ही दिन 100 से अधिक छात्राओं और उनके अभिभावकों ने कॉलेज परिसर पहुंचकर दाखिला प्रक्रिया, कोर्स स्ट्रक्चर और प्रेफरेंस शीट भरने की बारीकियां समझीं। 17 जून से शुरू हुआ यह चार दिवसीय कार्यक्रम 22 जून तक चलेगा। अब तक 700 से अधिक छात्र-छात्राएं इसके लिए पंजीकरण करा चुके हैं। द्वारका से आए अभिभावक कुंदन सिंह किरौला ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि डीयू की जटिल प्रवेश प्रक्रिया से पहले आयोजित यह ओपन हाउस विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। सत्र के दौरान प्राचार्य प्रो. बिजयलक्ष्मी नंदा और डॉ. नंदिनी दत्ता ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने सीयूईटी आधारित प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन और विभिन्न करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। कॉलेज की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह ओपन डे के दौरान छात्राओं ने पुस्तकालय, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और स्मार्ट कक्षाओं का भ्रमण किया। मिरांडा हाउस की पूर्व छात्रा मोहिता अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संस्थान ने उनके व्यक्तित्व और करियर को नई दिशा दी। वर्तमान छात्राओं ने भी कैंपस लाइफ, इंटर्नशिप, शोध अवसरों और छात्र गतिविधियों की जानकारी दी। कॉलेज की सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल को देखकर कई छात्राओं ने अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोए। आगामी सत्रों में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी मिरांडा हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
गुरुग्राम में हाई प्रोफाइल पार्टियों में इंटरनेशनल ड्रग की सप्लाई करने के मामले का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच सेक्टर-39 की टीम एक आरोपी को अरेस्ट किया है। पुलिस ने शहर के पॉश इलाके सिकंदरपुर के पास स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास से शातिर ड्रग तस्कर को पकड़ा। आरोपी के कब्जे से अंतरराष्ट्रीय स्तर की महंगी ड्रग एमडीएमए और कोकीन बरामद हुई है, जिसे रेव पार्टियों और क्लबों में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 14.67 ग्राम अंतरराष्ट्रीय स्तर की ड्रग एमडीएमए (MDMA) और 6.27 ग्राम प्रतिबंधित कोकीन बरामद की है। बरामद की गई इन ड्रग्स की बाजार में कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने डीएलएफ फेज-1 थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। पॉश इलाके से पकड़ा पकड़े गए आरोपी की पहचान 33 वर्षीय तौफीक के रूप में हुई है। वह नूंह जिले के बैंसी गांव का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर पेट्रोल पंप के पास एक युवक संदिग्ध हालत में नशीले पदार्थों की पुड़िया बेचने की फिराक में खड़ा है। सिकंदरपुर के आसपास का सारा पॉश इलाका है और पास में की क्लब भी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एमडीएमए और कोकीन की पुड़ियां बरामद हुईं। 70 हजार में दिल्ली से लाया था खेप प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपी तौफीक ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने कुबूल किया कि वह यह अवैध मादक पदार्थ दिल्ली के एक सप्लायर से करीब 70 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। वह पहले भी कई बार ड्रग खरीदकर लाया था और क्लबों में आने वाले युवकों को मोटे मुनाफे पर बेच चुका है। पुड़िया बनाकर बेचने का प्लान उसका प्लान इस ड्रग की छोटी-छोटी पुड़िया (डोज) बनाकर गुरुग्राम के रईस युवाओं और पार्टियों में आने वाले ग्राहकों को महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाने है। हालांकि, वह इस बार वह अपने मंसूबे को अंजाम दे पाता, उससे पहले ही पुलिस ने उसे धर दबोचा। नेटवर्क को खंगाल रही है पुलिस पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि तौफीक दिल्ली में किसके संपर्क में था और गुरुग्राम में वह किन-किन लोगों को यह ड्रग्स सप्लाई करने वाला था। पुलिस आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। उसके मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। जिनकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस गहनता से जांच कर रही पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इस अवैध कारोबार में कुछ अन्य बड़े सप्लायर और स्थानीय पेडलर्स भी शामिल हो सकते हैं। आरोपी से उसके अन्य साथियों और ड्रग्स नेटवर्क के विभिन्न पहलुओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मामले की गहनता से जांच जारी है और जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लुधियाना में डीसी ऑफिस, नगर निगम ऑफिस और रेलवे लाइन को मानव बम से उड़ाने की धमकी भरी मेल आई है। मेल खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से सीधे पुलिस कमिश्नर व सीनियर प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई। मेल आने के बाद पुलिस व प्रशासन ने डीसी दफ्तर, नगर निगम दफ्तर में हर आने जाने वाले पर नजर रखनी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मेल पहले भी आई थी। हालांकि तब भी कुछ नहीं निकला था। फिर भी प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जानकारी के अनुसार प्रशासन को 17 जून, 2026 को सुबह करीब 9:34 बजे मेल मिली। ईमेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी' का सदस्य बताया है। ईमेल में बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली बातें लिखी गई हैं। इस ईमेल के बाद लुधियाना मेयर दफ्तर, डीसी कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि यह ईमेल कहां से जनरेट हुआ है और इसके पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ है या वाकई कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। इनबॉक्स में प्राप्त हुआ धमकी भरा ईमेल अधिकारियों के मुताबिक, यह धमकी भरा ईमेल लुधियाना के उपायुक्त (DC) कार्यालय और नगर निगम के आधिकारिक इनबॉक्स में प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने दावा किया है कि सरकारी परिसरों के भीतर बम प्लांट किए गए हैं, जो किसी भी समय फट सकते हैं। धमकी मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से तुरंत कदम उठाते हुए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमों को तैनात कर दिया। टीमों ने डीसी दफ्तर और नगर निगम मुख्यालय के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। हालांकि, शुरुआती जांच और तलाशी में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस साइबर सेल की जांच शुरू लुधियाना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में एक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की साइबर सेल टीम अब उस आईपी एड्रेस और ईमेल डोमेन को ट्रैक करने में जुट गई है, जिसके जरिए यह फर्जी ईमेल भेजा गया था। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने के इरादे से यह शरारत की गई है। आरोपी का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां यह पहली बार नहीं है जब लुधियाना के इन मुख्य सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया गया है। हाल के महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों, हवाई अड्डों और सरकारी इमारतों को मिलने वाली फर्जी बम धमकियों के सिलसिले के बीच लुधियाना में भी ऐसी धमकियां पहले मिल चुकी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक (घबराएं) न हों, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन को मिली मेल में लिखी अहम बातें… मेयर और DC ऑफिस पर फिदायीन हमला: आज दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर और डीसी ऑफिस को 'मानव बम' से उड़ाने की धमकी दी गई थी। CM भगवंत मान को निशाना बनाने का दावा: ईमेल में लिखा गया है कि 2027 तक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पूर्व सीएम बेअंत सिंह की तरह आत्मघाती हमला किया जाएगा। रेलवे ट्रैक और आम जनता को चेतावनी: ईमेल में साफ लिखा गया है कि 18 जून से 30 सितंबर के बीच अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला के रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जाएगा। भेजने वाले ने खुलेआम चेतावनी दी है अपने बच्चे बचाओ, कोई भी 18 जून से 30 सितंबर के बीच दिल्ली वाली रेल से सफर न करे। गृह मंत्री अमित शाह को धमकी: ईमेल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने और हरदीप सिंह निज्जर की मौत का बदला लेने की बात भी कही गई है।
रेलवे ने बढ़ते यात्रीभार को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए दो प्रमुख ट्रेनों में डिब्बों की स्थायी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 1 जुलाई से लागू होगी, जिससे यात्रियों ट्रेनों में अधिक सीटें उपलब्ध होंगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार अजमेर-दिल्ली सराय-अजमेर शताब्दी रेलसेवा (12065/12066) में 1 जुलाई से एक अतिरिक्त एसी चेयर कार डिब्बा जोड़ा जाएगा। इसके बाद इस ट्रेन में 3 वातानुकूलित कुर्सीयान, 17 द्वितीय कुर्सीयान, 1 पावरकार एवं 1 गार्ड डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे। इसी प्रकार जयपुर-दिल्ली सराय-जयपुर डबल डेकर ट्रेन (12985/12986) में भी 1 जुलाई से एक अतिरिक्त एग्जीक्यूटिव वातानुकूलित कुर्सीयान डिब्बा स्थायी रूप से जोड़ा जाएगा। इसके बाद इस ट्रेन में 2 एग्जीक्यूटिव वातानुकूलित कुर्सीयान, 13 वातानुकूलित कुर्सीयान तथा 2 पावरकार सहित कुल 17 डिब्बे संचालित होंगे। रेलवे के इस निर्णय से दोनों ट्रेनों में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी तथा सीटों की उपलब्धता बढ़ने से वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने हाईकोर्ट चतुर्थश्रेणी, ग्राम सेवक, अध्यापक, आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले। शिकायत के अनुसार रकम लेने के बाद न तो किसी की नौकरी लगवाई गई और न ही पैसे लौटाए गए। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने योगेश पारीक और उसकी पत्नी बिंदिया पारीक के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नयाबास निवासी महेशचंद शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार योगेश पारीक और बिंदिया पारीक ने वर्षों तक लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। आरोप है कि दंपती खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताकर अभ्यर्थियों का विश्वास जीतता था। शिकायत में कहा गया है कि नौकरी के नाम पर लाखों रुपये लेने के बावजूद किसी भी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी के लिए प्रति व्यक्ति 2.50 लाख रुपये, ग्राम सेवक के लिए 4 लाख रुपये और अध्यापक भर्ती के लिए 3 लाख रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम सीधे अपने खातों में लेने के बजाय आरोपियों ने परिचित लोगों के बैंक खातों का उपयोग किया ताकि लेन-देन पर संदेह न हो। महेशचंद शर्मा ने बताया कि उसके खाते में रकम जमा कराने से उसने मना किया था, लेकिन इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों ने आरोपियों के कहने पर उसके खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में आरोपियों के निर्देश पर वही रकम उनके खातों में भेज दी गई। शिकायत के अनुसार उपेंद्र और हेमसिंह ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में नौकरी के नाम पर ढाई-ढाई लाख रुपये जमा कराए। जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो उन्हें बताया गया कि उनका नाम वेटिंग सूची में है। इसके बाद आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस में नौकरी दिलाने का नया झांसा देकर उनसे अतिरिक्त राशि भी ली गई। उपेंद्र से आयकर विभाग में नौकरी के नाम पर 3 लाख रुपये और हेमसिंह से दिल्ली पुलिस में नौकरी के नाम पर 1 लाख रुपये लिए गए। इसी तरह नवीन और मनदीप से ग्राम सेवक भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर चार-चार लाख रुपये लिए गए, जिनमें कुछ राशि नकद और कुछ ऑनलाइन ली गई। वहीं निक्की और पूजा से अध्यापक भर्ती में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर लाखों रुपये वसूले गए। शिकायतकर्ता के अनुसार अक्टूबर 2023 में भी आरोपियों ने ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच विभिन्न लोगों से प्राप्त राशि में से कुल 14 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों तक पहुंचाए गए। बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं। आरोप है कि रकम लेने के बाद अभ्यर्थियों को लगातार आश्वासन देकर टालते रहे, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही रुपये वापस किए गए। आरोपी योगेश पारीक खुद को एटीएम कैश मैनेजमेंट कंपनी का प्रतिनिधि बताता हैं,और पत्नी बिंदिया पारीक एक एनजीओं चलाती हैं,आरोपी हैं दंपत्ति युवाओं से ठगी करके BMW कार से घूम रहे हैं। इस मामले में योगेश पारीक का कहना हैं की मेरे किसी भी नौकरी से कोई लेना देना नहीं हैं,मेरे व मेरी पत्नी की तरफ से कोई नौकरी लगाने के नाम पर पैसा नहीं लिया गया।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम से पहले एप पर अस्थायी रोक लगाई गई है। कोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को सरकार की तरफ से टेलीग्राम पर बैन की जानकारी दी थी। यह रोक 22 जून 2026 तक लागू रहेगी। टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर भी 30 जून तक बंद किया गया है। टेलीग्राम CEO ने सरकार के फैसले की आलोचना करते की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स को सजा मिली है, न कि उन लोगों को जिन्होंने पेपर लीक की थी। इस बैन से कुछ भी नहीं रुकेगा। लीक करने वाले दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे। गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से टेलीग्राम हटाया देश में पहली बार किसी एप को पेपर लीक की आशंका के कारण बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस एप का इस्तेमाल पेपर लीक की अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए कर रहे थे। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि ‘कोई विकल्प’ नहीं बचा था, क्योंकि जालसाज इसका दुरुपयोग कर रहे थे। सरकार के आदेश पर गूगल और एप्पल ने प्ले स्टोर से भी टेलीग्राम एप हटा दिया है। 3 सवाल-जवाब में जानिए, टेलीग्राम पर बैन क्यों लगा 12 जून: रीएग्जाम 3:15 घंटे का होगा, 4 रफ वर्क शीट मिलेंगी NTA ने NEET-UG रीएग्जाम में कुछ बदलाव किए हैं। 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। -------------------------- नीट पेपर लीक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नीट री-एग्जाम का पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी: 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स से लाखों वसूले; राजस्थान-बिहार से 3 आरोपी गिरफ्तार अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नीट-यूजी के री-एग्जाम से पहले ऑनलाइन पेपर दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम और अन्य परीक्षाओं के पेपर दिलाने का झांसा देकर 1000 से ज्यादा स्टूडेंट्स और पेरेंट्स से लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
आरा शहर में मंगलवार को लापता होने के चौथे दिन निजी कातिब की लाश मिली है। वे घर से दिल्ली जाने के लिए निकले थे। शव काफी सड़ चुका है। कीड़े भी लग गए थे। मामले की सूचना पर टाउन थानाध्यक्ष देवराज राय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामला टाउन थाना क्षेत्र के अमीर टोला धनुपरा का है। बताया जा रहा कि मृतक वार्ड नंबर-35 के रहने वाले चितरंजन प्रसाद का बेटा अनुज कुमार है। जो पेशे से कातिब था। आरा के रजिस्ट्री ऑफिस में काम करता था। मृतक के भाई अंकित कुमार ने कहा कि शनिवार दोपहर वो घर से दिल्ली जाने के लिए बोलकर निकला था। हमें लगा कि अनुज दिल्ली गया होगा। उसका मोबाइल भी बंद था। इस बीच ग्रामीण ने लाश देखी। आधार कार्ड से हुई पहचान घटनास्थल पर पड़े मोबाइल, पर्स में आधार कार्ड और कपड़े को देखकर उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम सदर अस्पताल में करवाया। दूसरी तरफ मृतक के भाई अंकित कुमार ने किसी भी व्यक्ति पर किसी प्रकार की कोई आशंका या आरोप नहीं लगाया है। साथ ही उसने अपने भाई के किसी भी व्यक्ति से किसी भी प्रकार की दुश्मनी और विवाद की बातों से साफ इनकार किया है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हालांकि मृतक की मौत कैसे हुई। इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मृतक को नशे की लत थी और वह नशा करता था। बहरहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि मृतक अपने चार भाइयों में तीसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां सुनीता देवी व तीन भाई अंकुश कुमार, अंकित कुमार और विवेक कुमार है। उसकी मां सुनीता देवी और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में पिहोवा के हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर अरुणाय गांव के पास कार लूटकांड में पुलिस का हेड कांस्टेबल भी शामिल रहा। आरोपी की पहचान कैथल जिले के जखौली गांव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी अजय को पूंडरी के पास से गिरफ्तार किया था। आरोपी दिल्ली पुलिस में तैनात है। हालांकि पुलिस ने अभी उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उसके रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी। आरोपी हेड कांस्टेबाल अजय कार लूट मामले की प्लानिंग बनाने में शामिल था। मामले में पुलिस अब तक 7 आरोपी पकड़ चुकी है। लूट, मर्डर और रंगदारी के लिए बनाया गैंग पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लूट, मर्डर और रंगदारी को अंजाम देने के लिए अपना गैंग बनाया था। मुख्य आरोपी विशाल निवासी कर्ण विहार करनाल और निखिल उर्फ नकुल निवासी ढांड जिला कैथल ने जर्मनी में रहते हुए गैंग बनानी शुरू कर दी थी। निखिल करीब एक माह पहले, जबकि विशाल 6 जून को जर्मनी से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था। अंबाला के टैक्सी ड्राइवर को बनाया निशाना 12 जून की रात गैंग ने अंबाला के टैक्सी ड्राइवर मंजीत कुमार को निशाना बनाया। मंजीत ने बताया कि रात करीब साढ़े 8 बजे अंबाला के टैक्सी स्टैंड पर 4 युवक उसके पास आए और कैथल जाने के लिए उसकी होंडा सिटी कार किराए पर बुक की। रात करीब 9:40 बजे गाड़ी पिहोवा में नेशनल हाईवे-152 पर अरुणाय कट के पास पहुंची। बाथरूम करने के बहाने रुकवाई गाड़ी आरोपियों ने पेशाब करने का बहाना बनाकर कार रुकवा ली। जैसे ही गाड़ी रुकी, आगे बैठे युवक ने उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया। बदमाशों ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा। जान के डर से ड्राइवर कार से उतर गया। इसके बाद पीछे बैठे एक युवक ने ड्राइविंग सीट संभाली और चारों आरोपी कार लेकर फरार हो गए। जाते समय वे ड्राइवर का मोबाइल फोन भी साथ ले गए। हिसार के बरवाला से मिली गाड़ी इंचार्ज मनदीप कुमार ने बताया कि आरोपी गाड़ी को लेकर हिसार के बरवाला पहुंचे। यहां ड्राइवर से गाड़ी कंट्रोल नहीं हुई और गाड़ी खेत में उतर गई। इसके बाद आरोपी गाड़ी को खेत में ही छोड़कर फरार हो गए। लूटकांड में विशाल, लविश निवासी किठाणा जिला कैथल, कमलजीत सिंह उर्फ कमली और रोहित कुमार निवासी कुराली जिला मोहाली पंजाब शामिल थे। 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने 6 आरोपियों गिरफ्तार कर लिया। इनमें निखिल उर्फ नकुल निवासी ढांड, अभिषेक निवासी कसान, अजय निवासी जखौली जिला कैथल, जसकरण निवासी सिंगपुरा, कमलजीत सिंह उर्फ कमली निवासी सिंगपुरा और रोहित कुमार निवासी कुराली जिला मोहाली को पहले पकड़ लिया था। निखिल ने लूट की वारदात की योजना बनाई थी और हथियार दिए थे। एनकाउंटर में विशाल-लविश पकड़े पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह CIA-2 को सूचना मिली कि विशाल और लविश पिहोवा एरिया में मौजूद हैं। टीम ने मुर्तजापुर गांव के पास घेराबंदी की। यहां खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पुलिस वाहन में लगी, जबकि दूसरी गोली एक पुलिसकर्मी के बेहद करीब से निकल गई। विशाल की टांग में लगी गोली जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस दौरान विशाल के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी लविश मौके पर ही पकड़ लिया गया। घायल विशाल को इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हथियार और 4 खाली खोल बरामद किए।
दिल्ली-NCR, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की सक्रियता से मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
हरियाणा के IDFC बैंक घोटाले में बंद पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी सुरेंद्र जैन को उनकी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए अदालत से बड़ी राहत मिली है। पंचकूला की अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने के बजाय पुलिस सुरक्षा में शादी समारोह में शामिल होने की अनुमति प्रदान की है। इस दौरान वह पूरी तरह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। पंचकूला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने 15 जून को यह आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को न तो जमानत पर रिहा माना जाएगा और न ही इसे पैरोल अथवा फरलो का लाभ माना जाएगा। वह पूरे समय पुलिस की निगरानी में रहेगा। भांजी की शादी का दिया हवाला आवेदन में बताया गया कि सुरेंद्र जैन की भांजी दीपिका का विवाह 3 जुलाई को होना है। शादी से जुड़े कार्यक्रम 2 जुलाई से शुरू होंगे। दिल्ली के गाजीपुर स्थित पार्टी हॉल में 2 जुलाई को 'मांढा' की रस्म होगी, जबकि रोहतक में 3 जुलाई को बारात का स्वागत और 4 जुलाई को विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। परिवार की ओर से सभी बुकिंग पहले ही कराई जा चुकी हैं और ये गैर-वापसी योग्य हैं। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सुरेंद्र जैन अपनी भांजी के इकलौते मामा हैं और पारिवारिक रस्मों के निर्वहन के लिए उनकी मौजूदगी आवश्यक है। कोर्ट में क्या रखीं दलीलें व ऑर्डर:::
देश के 9 राज्यों में प्री मानसून एक्टिव है। एमपी समेत 9 राज्यों में बारिश हो रही है। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को बारिश और तेज हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान सामान्य से 6C तक कम दर्ज किया गया, जिससे यह जून का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग ने 21 जून तक बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई है। वहीं राजस्थान के सीकर, बीकानेर में बारिश हुई। श्रीगंगानगर में धूल का गुबार छा गया। हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। पानी और कचरा दुकानों में घुस गया। मानसून की बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ चुका है। हालांकि मानसून तेलंगाना के भद्राचलम में 6 दिन से अटका हुआ है। इस वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है। नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर पहुंच चुका है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की खबरें… 10 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दर्ज किया गया। यहां पारा 43C रहा। वहीं यूपी के बांदा और प्रयागराज में 42.6C, एमपी के खजुराहो 42.2C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.2C और ओडिशा के बौध में 42.6C रहा। अगले दो दिन के मौसम का हाल 18 जून: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 19 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
करनाल में 155.21 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब पांच बजे सेक्टर-13 स्थित एक कारोबारी के घर और लक्कड़ मार्केट में कार्यालय पर छापेमारी की गई। टीम ने कई घंटों तक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही शहर में हलचल मच गई और पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। सुबह 5 बजे पहुंची टीम, कई घंटों तक चली जांचप्रवर्तन निदेशालय की चंडीगढ़ जोनल यूनिट की टीम मंगलवार सुबह करीब पांच बजे सेक्टर-13 स्थित लकड़ कारोबारी अशोक मित्तल के आवास और लक्कड़ मार्केट स्थित उनके कार्यालय पहुंची। टीम के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश कर बैंकिंग दस्तावेज, कंपनी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजातों की गहन जांच शुरू की, जो कई घंटों तक चली। महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा मामलाबताया जा रहा है कि यह कार्रवाई महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग केस में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला बैंकिंग प्रणाली में हेरफेर और विदेशी लेन-देन से जुड़ा हुआ है। इस केस में अशोक मित्तल के अलावा सौरभ ढींगरा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य संबंधित लोग भी जांच के दायरे में हैं। हरियाणा, दिल्ली और गोवा में 11 ठिकानों पर रेडईडी ने केवल करनाल ही नहीं बल्कि हरियाणा, दिल्ली और गोवा में कुल 11 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। एजेंसी के मुताबिक यह सभी स्थान महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े व्यक्तियों और उनके कारोबारी नेटवर्क से संबंधित हैं। इस कार्रवाई को एक बड़े नेटवर्क की जांच के तौर पर देखा जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल और हार्ड डिस्क खंगालेसूत्रों के अनुसार करनाल स्थित परिसरों में बैंकिंग रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेज, संपत्तियों का ब्यौरा, डिजिटल डेटा, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन की जांच की गई। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में भी लिए हैं। अब इन सभी साक्ष्यों का विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा। सीबीआई की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांचयह पूरा मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। सीबीआई ने महेश टिंबर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में हेरफेर का आरोपजांच एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने बैंकिंग प्रणाली में गड़बड़ी कर विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट में अनधिकृत बदलाव करवाए। ये बदलाव बैंक के स्विफ्ट सिस्टम के माध्यम से किए गए, लेकिन बैंक के कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म फिनेकल में उनकी सही एंट्री नहीं की गई। इससे बैंक रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पैदा हुआ। बैंकों को 155.21 करोड़ का नुकसानईडी के अनुसार इस कथित हेरफेर के जरिए लेटर ऑफ क्रेडिट की सीमा बढ़ाई गई, जिससे तत्कालीन ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और अन्य बैंकों के कंसोर्टियम को करीब 155.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रकम को अलग-अलग खातों, कंपनियों और संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया हो सकता है। फोरेंसिक जांच होगी, आगे कार्रवाई संभवतलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का अब फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा। अगर जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों से पूछताछ, संपत्ति जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। एजेंसी अब पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझने में जुटी है। पुराना जीएसटी मामला भी फिर चर्चा मेंमंगलवार की कार्रवाई के बाद अशोक मित्तल एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए हैं। इसके साथ ही करीब दो साल पहले सामने आए 134 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी चोरी मामले की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। उस मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी और वे कुछ समय तक जेल में रहे थे। पंचकूला से गिरफ्तारी, बाद में मिली जमानतजानकारी के अनुसार जीएसटी चोरी मामले में कार्रवाई के दौरान अशोक मित्तल को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। बाद में वे कई महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि उस मामले में जीएसटी बकाया की रिकवरी के लिए उनकी संपत्तियों को भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। नीलामी में रिश्तेदार ने खरीदा मकानआरोप है कि सेक्टर-13 स्थित जिस मकान की नीलामी हुई थी, उसे सौरभ ढींगरा ने करीब 1.89 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह मामला उस समय भी शहर में काफी चर्चा में रहा था और अब एक बार फिर सामने आने से लोगों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बाजारों में भी हलचल, दुकानों पर पहुंचे अधिकारीमंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान करनाल के व्यापारिक क्षेत्रों में भी हलचल देखने को मिली। शिकायतकर्ता अनिल अरोड़ा का दावा है कि जांच एजेंसियों के अधिकारी कर्ण गेट मार्केट और सराफा बाजार में स्थित कुछ दुकानों तक भी पहुंचे थे। सूचना मिलते ही संबंधित दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से चले गए। कारोबारी नेटवर्क पर एजेंसियों का फोकससूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां अब केवल बैंक घोटाले तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे जुड़े पूरे कारोबारी नेटवर्क, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं। करनाल के अलावा अन्य राज्यों में मौजूद संपर्कों और निवेश की भी पड़ताल की जा रही है। शहर में दिनभर चर्चा का माहौलसुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई की सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दिनभर बाजारों और व्यापारिक हलकों में इस छापेमारी को लेकर चर्चाओं का दौर चलता रहा। आने वाले दिनों में जांच के नए खुलासों पर सबकी नजर बनी हुई है।
दिल्ली-राजस्थान को मिलेगा अतिरिक्त पानी, किशाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच बनी सहमति
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना के पुनर्जीवीकरण के बारे में वर्षों से लंबित 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर संबंधित राज्यों में सहमति बन गई
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की वित्तीय स्थिति में ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया है। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के गठन के बाद निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में निगम की कुल आय में 2,142.31 करोड़ रुपए यानी 17.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सत्या शर्मा ने कहा कि पहले एमसीडी अक्सर आर्थिक संकट और संसाधनों की कमी का रोना रोती थी, लेकिन अब स्पष्ट है कि समस्या धन की नहीं, बल्कि प्रबंधन की थी। उन्होंने बताया कि निगम का आंतरिक राजस्व 9,400.20 करोड़ से बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। संपत्ति कर से 3,113.07 करोड़ की इनकम संपत्ति कर-3,113.07 करोड़ रुपए, संपत्ति हस्तांतरण शुल्क- 3,758.59 करोड़ रुपए, विज्ञापन- 441.30 करोड़ रुपए (22.82 प्रतिशत की वृद्धि) सिविक सेंटर लीज 182.71 करोड़ रुपए (142.87 प्रतिशत की वृद्धि) अर्जित किए। सत्या शर्मा ने कहा, भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और प्रबंधन प्रभावी हो, तो किसी भी संस्था को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। अब हमारा लक्ष्य इस राजस्व का उपयोग दिल्लीवासियों को विश्व स्तरीय नागरिक सुविधाएं देने में करना है। सत्या शर्मा ने कहा कि अब निगम सफाई व्यवस्था, लैंडफिल साइटों के निस्तारण और पार्कों के विकास जैसे कार्यों में पहले से अधिक गति लाएगा
नई दिल्ली। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र स्थित नेहरू विहार में कारोबारी मोहम्मद राशिद (40) की गोली मारकर हत्या किए जाने का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में तीन हमलावर स्कूटी पर सवार होकर वारदात स्थल पर पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। पहचान छिपाने के लिए सभी ने हेलमेट पहन रखा था। वीडियो के अनुसार, हमलावरों की स्कूटी एक पानी के प्लांट के पास आकर रुकी। इसके बाद दो बदमाश नीचे उतरे और मोहम्मद राशिद पर बेहद नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। भागते समय हमलावरों ने की फायरिंग बताया जा रहा है कि भागते समय उन्होंने इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवा में भी फायरिंग की। मामले में नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि राशिद या उसके परिवार का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं पाया गया है। पुलिस के अनुसार, मोहम्मद राशिद के खिलाफ जबरन वसूली, गंभीर चोट पहुंचाने, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज थे। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। मामले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वारदात की पूरी कहानी दयालपुर थाना इलाके में सोमवार शाम रंगदारी देने से इंकार करने पर मोहम्मद राशिद (40) पर कई गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने 12 से 15 राउंड गोलियां चलाई और वह फरार हो गए। राशिद के सिर, चेहरे और सीने में करीब 10 गोलियां लगी। सोमवार शाम करीब 6.10 बजे वह शेरपुर चौक स्थित अपनी ऑटो की एजेंसी से घर के पास ही मौजूद पानी के प्लांट पर पहुंचा। इस बीच बाइक सवार होकर आए तीन बदमाशों ने बेहद नजदीक से उस पर कई राउंड गोलियां चला दीं।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खिरवार ने मंगलवार को केशवपुरम जोन में विकास कार्यों और स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान परशुराम चौक से लेकर अशोक विहार तक आयुक्त ने जमीनी हकीकत परखी और अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी जल निकासी कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त संजीव खिरवार ने शालीमार गांव और परशुराम चौक जैसे कूड़ा संवेदनशील स्थलों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में गंदगी का नामोनिशान नहीं होना चाहिए। पीतमपुरा में निर्माणाधीन कंपेक्टर स्टेशन और सड़कों के कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान नागरिकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए और काम की गुणवत्ता में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम आयुक्त बोले- समय से पूरे हों सभी कार्य मानसून को देखते हुए पंप हाउस और नालों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, अशोक विहार में एनसीएपी के तहत चल रहे सड़क निर्माण पर संतोष जताते हुए उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। उन्होंने कहा, दिल्ली नगर निगम नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वच्छता अवसंरचना को मजबूत बनाने तथा विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शहर के समग्र शहरी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। आयुक्त ने अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा है, ताकि दिल्ली के निवासियों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
हरियाणा एसटीएफ यूनिट अंबाला ने यमुनानगर में एक कार सेल-परचेज व्यवसायी की हत्या की साजिश रचने के मामले में कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर सचिन की पत्नी एवं गैंग की सक्रिय सदस्य ममता रानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को भारत लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया और बाद में कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। एसटीएफ अंबाला द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ममता रानी पत्नी गैंगस्टर सचिन, निवासी गांव धनौरा, थाना इंद्री, जिला करनाल है। उसकी गिरफ्तारी को विदेशी धरती से संचालित आपराधिक नेटवर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यमुनानगर में पकड़े गए थे शूटर 15 मार्च को थाना छप्पर पुलिस ने गैंग से जुड़े चार आरोपियों राहुल, विशाल सैनी, विनोद और शुभम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि आरोपी यमुनानगर के एक कार सेल-परचेज व्यवसायी की हत्या की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल, मैगजीन, जिंदा कारतूस तथा वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली दो बाइक बरामद की थीं। जांच के दौरान एक आरोपी के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने पर विदेश चली गई थी एसटीएफ के अनुसार, मामले के गहन जांच के दौरान ममता रानी की संलिप्तता उजागर हुई। जांच एजेंसी का कहना कि ममता गैंग को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध करवा रही थी तथा गैंग की आपराधिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग कर रही थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से विदेश चली गई थी। लगातार तकनीकी एवं मानवीय सूचना संकलन और गहन जांच के आधार पर एसटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और भारत लौटते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। रूस में बैठकर गैंग चला रहा है सचिन जांच एजेंसियों के अनुसार, ममता रानी का पति गैंगस्टर सचिन लंबे समय से रूस में रह रहा है और एक कुख्यात गैंग से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वह विदेश में बैठकर गैंग की गतिविधियों का संचालन कर रहा है तथा वित्तीय लेन-देन और आपराधिक योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एसटीएफ का मानना है कि मार्च में कार कारोबारी की हत्या की साजिश भी सचिन ने विदेश में रहकर रची थी और उसके निर्देशों पर गैंग के सदस्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे। एसटीएफ अंबाला के अनुसार ममता रानी की गिरफ्तारी गैंग के वित्तीय एवं लॉजिस्टिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रिमांड के दौरान गैंग की फंडिंग, स्थानीय सहयोगियों, हवाला या अन्य वित्तीय माध्यमों तथा विदेश से संचालित नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक कंपनी के इंजीनियर का करीब 10 लाख रुपए से भरा सूटकेस गायब हो गया। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस सक्रिय हो गई और 2 से 3 घंटे के भीतर सूटकेस को बरामद कर लिया है। दरअसल, जिंदल कंपनी में इंजीनियर पद पर कार्यरत राजीव खन्ना दिल्ली से ग्वालियर के लिए गतिमान एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे। वे ट्रेन के कोच नंबर सी-8 की सीट नंबर 30 पर यात्रा कर रहे थे। उनके पास एक सूटकेस था, जिसमें करीब 10 लाख रुपए नकद रखे हुए थे। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद जब वे ट्रेन से उतरे तो उन्हें ध्यान आया कि उनका सूटकेस गायब है। सूटकेस में बड़ी रकम होने के कारण राजीव खन्ना घबरा गए और तत्काल जीआरपी बीजी थाना पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और ट्रेन में मौजूद स्टाफ तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। ट्रेन में ही रह गया था सूटकेस जांच में पता चला कि सूटकेस ट्रेन में ही रह गया था। संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर ट्रेन की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच के दौरान ग्वालियर और दतिया के बीच ट्रेन में ही सूटकेस सुरक्षित मिल गया। पुलिस ने सूटकेस को अपने कब्जे में लेकर उसकी पुष्टि कराई और बाद में राजीव खन्ना को सौंप दिया। करीब 10 लाख रुपए से भरा सूटकेस सुरक्षित वापस मिलने के बाद राजीव खन्ना के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने पुलिस और रेलवे अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था।
किशाऊ बांध परियोजना को लेकर पिछले 8 वर्षों से चला आ रहा वित्तीय विवाद अब खत्म हो गया है। केंद्र सरकार की पहल और हिमाचल सरकार की पैरवी के बाद परियोजना के बिजली कंपोनेंट पर आने वाली करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत को अब लाभान्वित राज्य वहन करेंगे। इससे हिमाचल पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज (मंगललार को) नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय मीटिंग में सीएम सुक्खू ने हिमाचल के हितों को मजबूती से रखा। इसमें भारत सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्यों दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा द्वारा हिमाचल के हिस्से के बिजली कंपोनेंट की लागत वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति दी। यानी जिन राज्यों को किशाऊ बांध से पानी मिलना है, वहीं राज्य हिमाचल के बिजली कंपोनेंट का खर्च उठाएंगे। हिमाचल को बिजली से 600 करोड़ सालाना का फायदा: CM बता दें कि करीब 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से प्रस्तावित 422 मेगावाट क्षमता की यह परियोजना टौंस नदी पर हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर प्रस्तावित है। परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश को बिजली हिस्सेदारी के तौर पर हर साल करीब 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी। CM सुक्खू ने दावा किया कि इससे करीब 600 करोड़ रुपए सालाना की हिमाचल को आय होगी। परियोजना प्रभावित हिमाचल पर वित्तीय बोझ डालना गलत: सुक्खू मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि परियोजना से विस्थापन का सबसे अधिक असर हिमाचल प्रदेश पर पड़ेगा। ऐसे में राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में हिमाचल के योगदान को देखते हुए राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने परियोजना के लिए हिमाचल के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सीमित संसाधनों को देखते हुए इसे स्वीकार नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब परियोजना के जल घटक के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है तो विद्युत घटक में भी इसी तरह की सहायता मिलनी चाहिए थी। सीएम ने हिमाचल के अधिकारों की जीत बताया मुख्यमंत्री ने इसे हिमाचल के अधिकारों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बिजली परियोजनाओं में राज्य के वैध अधिकार, लंबित बकाया राशि और अन्य हितों की लड़ाई लगातार जारी रखेगी। बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, हिमाचल के मुख्य सचिव केके पंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति भी मौजूद रहे।
Puducherry तट पर दफ्न 400 साल पुराना राज़, डेनिश जहाज़ 'Oresund' के लिए ASI का Mega Mission
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) और डेनमार्क के नेशनल म्यूज़ियम ने ऐतिहासिक डेनिश जहाज़ 'ओरेसंड' की संयुक्त रूप से पानी के नीचे पुरातात्विक जांच करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जहाज़ 1619 में आज के पुडुचेरी में कराइकल के पास समुद्र तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह समझौता सोमवार को किया गया। यह पानी के नीचे सांस्कृतिक विरासत पर रिसर्च को आगे बढ़ाने और भारत-डेनमार्क के बीच एकेडमिक सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इसका मकसद वैज्ञानिक और बिना नुकसान पहुँचाने वाले (non-invasive) पानी के नीचे पुरातात्विक सर्वे के ज़रिए जहाज़ के अवशेषों का पता लगाना, उनका दस्तावेज़ीकरण करना और उनका अध्ययन करना है। यह प्रोजेक्ट ASI की अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग और डेनमार्क के नेशनल म्यूज़ियम के 'न्योर्ड – सेंटर फॉर मैरीटाइम एंड अंडरवाटर कल्चरल हेरिटेज' के समुद्री विरासत विशेषज्ञों द्वारा मिलकर चलाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Delhi Airport पर 'अपमान' के बाद बढ़ा Diplomatic विवाद, Zahid Rahman बोले- 'यह तत्काल विरोध था' इंडो-डैनिश विरासत वाला ऐतिहासिक डूबा हुआ जहाज़ समुद्री इतिहास में 'ओरेसंड' (Oresund) जहाज़ का एक खास स्थान है, क्योंकि यह भारत पहुँचने वाला पहला डैनिश जहाज़ माना जाता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि भारतीय जलक्षेत्र में पहुँचने के कुछ ही समय बाद, यह जहाज़ दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कोरोमंडल तट पर कराइकल के पास डूब गया। पुरातत्वविद् और इतिहासकार इस डूबे हुए जहाज़ को एक बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर मानते हैं। इससे सत्रहवीं सदी की शुरुआत के समुद्री व्यापार, नौवहन, जहाज़ बनाने के तरीकों और डेनमार्क व भारत के बीच पहले सीधे समुद्री संपर्कों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस जाँच से उन व्यापक व्यापारिक नेटवर्कों के बारे में पता चल सकता है जिन्होंने यूरोप को हिंद महासागर क्षेत्र से जोड़ा था। यह वह दौर था जब वैश्विक व्यापार का विस्तार हो रहा था और औपनिवेशिक समुद्री अभियान चलाए जा रहे थे। इसे भी पढ़ें: G7 Summit से पहले Mark Carney का बड़ा बयान, बोले- दुनिया में बजा India का डंका MoU की शर्तों के तहत, यह प्रोजेक्ट एडवांस्ड साइंटिफिक तरीकों और रिमोट-सेंसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एक व्यापक नॉन-इनवेसिव (बिना खुदाई वाला) आर्कियोलॉजिकल सर्वे करने पर फोकस करेगा। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि रिसर्चर समुद्र के तल और उससे जुड़ी सांस्कृतिक चीज़ों को कम से कम नुकसान पहुँचाते हुए, डूबे हुए जहाज़ के संभावित अवशेषों की पहचान करने के लिए अत्याधुनिक अंडरवाटर सर्वे तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे। ASI की अंडरवाटर विंग के लिए पहला ग्लोबल सहयोग यह प्रोजेक्ट ASI की अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह किसी अंतरराष्ट्रीय संस्थान के साथ उसका पहला सहयोगी आर्कियोलॉजिकल प्रोजेक्ट है। अधिकारियों ने कहा कि इस पार्टनरशिप से समुद्री पुरातत्व के क्षेत्र में रिसर्च की क्षमताएँ बढ़ने, ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने और संस्थागत सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है। इस मौके पर बोलते हुए, ASI के डायरेक्टर जनरल श्री यदुबीर सिंह रावत ने इस समझौते को भारत और डेनमार्क के बीच एकेडमिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राजधानी दिल्ली में तापमान बढ़ने के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की 13 जून तक की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, चिकनगुनिया के 9 मरीज भी सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए निगम प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है। मलेरिया रोधी अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। एमसीडी के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि घरेलू स्तर पर मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे कूलर, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। साथ ही बुखार, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए एमसीडी की सख्ती - मच्छरों के प्रजनन की स्थिति मिलने पर अब तक 34,480 कानूनी नोटिस जारी। - लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ 3,926 अभियोग दर्ज किए गए। - दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छिड़काव अभियान तेज किया गया। - 228 स्थानों पर मच्छरों के लार्वा को खाने वाली मछलियों का उपयोग किया जा रहा है। - स्वास्थ्य विभाग और निगम की टीमें लगातार निगरानी एवं जांच में जुटी हैं।
मंदसौर जिले की सीतामऊ पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक हरियाणा पासिंग आयशर ट्रक से भारी मात्रा में डोडाचूरा बरामद किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक में करीब 15 क्विंटल डोडाचूरा प्याज के कट्टों की आड़ में छिपाकर ले जाया जा रहा था। हालांकि, बरामद मादक पदार्थ की आधिकारिक मात्रा का खुलासा अभी नहीं किया गया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर सीतामऊ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से पहले ट्रक को रोका। तलाशी लेने पर प्याज के कट्टों के नीचे बड़ी मात्रा में डोडाचूरा छिपा हुआ मिला। पुलिस ने मौके से ट्रक जब्त कर लिया है और उसमें सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस इस मामले में तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और मादक पदार्थ की सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटा रही है। बता दें कि मंदसौर जिला लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए जाना जाता है। पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम देने का प्रयास करते रहे हैं। प्याज की आड़ में डोडाचूरा छिपाकर ले जाने का यह मामला भी तस्करों की ऐसी ही एक कोशिश का उदाहरण है, जिसे सीतामऊ पुलिस ने विफल कर दिया। फिलहाल मौके पर कार्रवाई चल रही है आगामी कुछ देर में पुलिस द्वारा जप्त किए गए मादक पदार्थ की मात्रा की आधिकारिक पुष्टि और यह डोडाचूरा कहां से कहां ले जाया जा रहा था इसका खुलासा किया जाएगा।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कर (टैक्स) प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ट्रेड एंड टैक्स विभाग के माध्यम से जीएसटी प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दो सप्ताह का व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि आधुनिक कर प्रशासन केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, कानून, जांच, विश्लेषण और जनसेवा का समन्वित तंत्र बन चुका है। ऐसे में अधिकारियों का नियमित क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (एनएसीआईएन) के सहयोग से आयोजित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 26 जून तक चलेगा। प्रतिदिन तीन सत्रों में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत करना है। जीएसटी नेटवर्क पर होगा व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जीएसटी नेटवर्क पर रिटर्न फाइलिंग, पंजीकरण, संशोधन, निरस्तीकरण, पुनर्बहाली, बैक ऑफिस संचालन, हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण तंत्र का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही जांच, पूछताछ, बयान दर्ज करने, तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी और डिजिटल जांच उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी जाएगी। अनुशासनहीनता पर हो सकती है प्रशासनिक कार्रवाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहने, देर से पहुंचने, बीच में सत्र छोड़ने या निर्देशों का पालन नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिल्ली के जीएसटी प्रशासन को अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम और परिणामोन्मुख बनाएगा।
Money Laundering पर ED का बड़ा एक्शन, Delhi-Goa समेत 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को दिल्ली, हरियाणा और गोवा में 11 जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का कथित तौर पर गलत तरीके से नुकसान पहुँचाने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले के सिलसिले में की गई। ईडी के चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफ़िस ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के ख़िलाफ़ जांच के सिलसिले में हरियाणा के करनाल, दिल्ली और गोवा में अशोक मित्तल, सौरभ ढींगरा, भरत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य लोगों से जुड़ी जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया। इसे भी पढ़ें: Abhishek Banerjee की दोहरी घेराबंदी: 11 घंटे ED की पूछताछ, फिर Speaker की 2 घंटे की डेडलाइन यह मामला सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, उसके डायरेक्टरों और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के तहत दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। ईडी के अनुसार, आरोपी ने 'फिनाकल' (Finacle) में बिना किसी संबंधित एंट्री के, कथित तौर पर अनधिकृत SWIFT बदलावों के ज़रिए 'फॉरेन लेटर्स ऑफ़ क्रेडिट' (FLCs) की राशि को धोखाधड़ी से बढ़ा दिया। इससे ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स और कंसोर्टियम बैंकों को लगभग ₹155.21 करोड़ का कथित तौर पर गलत नुकसान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोपी लोगों के खिलाफ मिली कुछ जानकारियों के आधार पर, पुलिस के साथ मिलकर मंगलवार सुबह से ही छापेमारी की जा रही है।
दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर अचानक बड़ी संख्या में किसान आ गए। करीब डेढ़ घंटे तक रेलवे फाटक को बंद नहीं करने दिया। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 से 3 बजे तक किसानों की भीड़ रेलवे लाइन से निकलती रही। कुछ युवा और किसानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन-मालगाड़ी इस लाइन से नहीं गुजरी। दोपहर करीब सवा तीन बजे अवध एक्सप्रेस बिना किसी रुकावट के निकली। मामला सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी इलाके के खंडीप रेलवे स्टेशन के पास का है। पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किसान 5 जून से आंदोलनरत हैं। मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूटा और वह ट्रैक पर आ गए। बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। सुबह किसान रैली के रूप में खंडीप में धरनास्थल पहुंचे। महस्वा, रैला सहित आसपास के गांवों से किसान बड़ी संख्या में इसमें शामिल हुए। उधर, सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों से बात कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। किसानों के आंदोलन की PHOTOS… धरना स्थल पर महिलाएं भी पहुंचीं हजारों किसान और महिलाएं रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचीं। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है। ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आंदोलन को तेज करने की चेतावनी किसानों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।
गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कई दिनों तक राहत के आसार, हल्की बारिश और तेज हवाओं से सुहावना रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से फिलहाल राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
चित्रकूट में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष चिल्ड्रन थिएटर वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उनमें आत्मविश्वास विकसित करना है। इस कार्यशाला में दिव्यांग बच्चों के साथ सामान्य बच्चों को भी शामिल किया गया है, जो समावेशी शिक्षा और सामाजिक सहभागिता का संदेश देता है। कार्यशाला के दौरान बच्चों को अभिनय, संगीत, चित्रकला, वॉइस एवं स्पीच, मंच संचालन और रंगमंच की बारीकियों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एनएसडी के अनुभवी प्रशिक्षक उन्हें केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक व्यवहार की भी शिक्षा दे रहे हैं। प्रशिक्षण में बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। इस वर्कशॉप की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें शबरी के राम विषय पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति तैयार की जा रही है। इस नाटक में दिव्यांग बालिकाएं भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाएंगी और अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। प्रशिक्षकों का मानना है कि कला के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास जगाने का यह प्रयास सफल होता दिख रहा है। प्रशिक्षकों के अनुसार, लगभग एक माह के प्रशिक्षण के बाद बच्चों में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। जो बच्चे पहले झिझक के कारण खुलकर बात नहीं कर पाते थे, वे अब मंच पर निडर होकर संवाद बोल रहे हैं और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। इस सकारात्मक बदलाव से अभिभावकों के चेहरों पर भी खुशी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। कार्यशाला के अगले चरण में, 17 जून को ग्रामोदय विश्वविद्यालय में नाटक का अंतिम रिहर्सल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद, 21 और 22 जून को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में चित्रकूट के 39 बच्चे अपनी प्रस्तुति देंगे। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली यह प्रस्तुति बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ एक नई पहचान बनाने का भी अवसर प्रदान करेगी। आयोजकों का कहना है कि यह पहल दिव्यांग बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
हरियाणा में बिश्नोई परिवार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। 15 दिन के अंदर-अंदर तीसरी बार कुलदीप बिश्नोई और नायब सैनी गर्मजोशी से मिले हैं। सोमवार रात को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ आवास पर कुलदीप बिश्नोई पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार व समर्थकों के साथ पहुंचे। नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी भी साथ रही। दोनों परिवारों ने एक साथ डिनर भी किया। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी शेयर की। इससे पहले मुख्यमंत्री 3 जून को दिल्ली में कुलदीप बिश्नोई के घर चाय पीने पहुंचे थे। इसके बाद चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हिसार के आदमपुर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ऐसे में सैनी और कुलदीप की नजदीकियां हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह पार्टी में संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें… BJP सांसद रेखा शर्मा के बयान से नाराज हो गए थे कुलदीप भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 24 अप्रैल को पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे। इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया, कई जगह शिकायतें और FIR की मांग उठी। विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने माफी मांग ली थी। साथ ही कहा था कि मेरे शब्दों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा को माफ कर दिया था। कुलदीप ने कहा था-मैं बड़ा फैसला लेने वाला था दरअसल, 3 जून को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी हिसार के आदमपुर पहुंचे थे। बिश्नोई परिवार की ओर से आदमपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए थे। उन्होंने समाधि स्थल की परिक्रमा की थी। कार्यक्रम के बाद कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने पिता चौधरी भजनलाल को लेकर दिए गए बयान से आहत था और इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने वाला था। भाजपा सांसद रेखा शर्मा का माफी वाला वीडियो मुझे दो दिन पहले ही मिल गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने तुरंत उन्हें माफ नहीं किया। सरकार में 18 साल से पद से दूर बिश्नोई परिवार इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार से बिश्नोई परिवार एक बार फिर सत्ता सुख से दूर हो गया है। अगर रणजीत चौटाला चुनाव जीतते तो उनका बिजली मंत्री का पद भव्य को मिल सकता था। मगर रणजीत की हार ने भव्य बिश्नोई को मंत्री पद से दूर कर दिया। हरियाणा में बिश्नोई परिवार 18 साल से सरकार में पद से बाहर है। 2005 से 2008 तक भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा के डिप्टी सीएम पद पर रहे। इसके बाद निजी कारणों से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद से आज तक बिश्नोई परिवार को सरकार में कोई पद नहीं मिला है। 2005 में भजनलाल की अगुवाई में कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत से आई मगर भजनलाल को मुख्यमंत्री ना बनाकर कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी। डैमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस ने चंद्रमोहन को डिप्टी सीएम का पद दे दिया था।
दिल्ली में आज (16 जून) कांग्रेस हाईकमान पंजाब को लेकर रणनीति तैयार करेगा। पार्टी द्वारा तैनात तीनों ऑब्जर्वर पंजाब के नेताओं से मुलाकात कर फीडबैक लेंगे, जिसके बाद वे अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। ऐसे में पहले से चल रही चर्चाएं, जिनमें पंजाब कांग्रेस प्रधान से लेकर CLP नेता तक बदलने की संभावना जताई जा रही थी, इस फीडबैक रिपोर्ट को और भी अहम बना देती हैं। इसलिए गठित किया आब्जर्वर पंजाब कांग्रेस में राज्य इकाई के भीतर जारी गुटबाजी को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने 11 जून को बड़ा कदम उठाया था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को पंजाब का ऑब्जर्वर नियुक्त किया था। साथ ही यह तय किया गया कि पंजाब के मौजूदा हालात पर नेताओं से फीडबैक लिया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अब ऐसे फीड बैक लिया जाएगा इसी सिलसिले में तीन सदस्यीय पैनल ने दिल्ली में सांसदों, मौजूदा व पूर्व विधायकों तथा जिला अध्यक्षों के साथ तीन दिवसीय वन-टू-वन (आमने-सामने) बैठकें और सुनवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में सात सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला अध्यक्षों से बातचीत की जाएगी।
देवास में भागवत कथा के दौरान महिला की सोने की चेन चोरी की जांच में पुलिस ने धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नेचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सभी 7 सदस्यों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है। इनमें 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 156 ग्राम वजनी 9 सोने की चेन, एक लग्जरी कार, 6 मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 50 लाख रुपए का माल बरामद किया है। देवास एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि 10 जून को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सरोज अग्रवाल की सोने की चेन चोरी हो गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी पहले करीब 500 मीटर पैदल चले, फिर ऑटो से दो किलोमीटर दूर हाइवे पहुंचे, जहां उनकी लग्जरी कार खड़ी थी। इसके बाद वे शहर छोड़कर निकल गए। श्रद्धालु बनकर पहुंचतीं और भीड़ बढ़ते ही करती थीं वारदात पुलिस के अनुसार गिरोह की महिला सदस्य कथा, प्रवचन, शोभायात्रा और मेलों में आम श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं। आरती और प्रसाद वितरण के दौरान भीड़ बढ़ते ही महिलाओं के गले से चेन पार कर देती थीं। गिरोह के पुरुष सदस्य रेकी, परिवहन और चोरी का माल ठिकाने लगाने का काम संभालते थे। लग्जरी कारों से सफर करने के कारण आयोजनों में उन पर किसी को शक भी नहीं होता था। एक सप्ताह में 5 शहरों में 9 वारदातें प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने 3 से 10 जून के बीच आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, भेड़ाघाट (जबलपुर) और देवास में 9 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों के मोबाइल फोन से देशभर में होने वाले धार्मिक आयोजनों की सूची भी मिली है। पुलिस अब अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ यह जानकारी साझा कर रही है। गिरोह की सरगना जया पति शिवराज (55) है। सभी आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं और दक्षिण दिल्ली के मदनगीर क्षेत्र में रह रहे थे। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर श्रद्धालु बरतें सावधानी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भारी भीड़ का फायदा उठाकर ऐसे बाहरी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। हमारी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महंगे आभूषण पहनने से बचें और अपने सामान के प्रति खुद भी विशेष सतर्कता बरतें। -पुनीत गेहलोद, एसपी, देवास
हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी इन दिनों पति वीर साहू के साथ चल रही फैमिली डिस्प्यूट के चलते सुर्खियों में है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी सपना चौधरी की बातों में यहीं टीस देखने को मिली। मंच पर उन्होंने हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ गाना गाने से इनकार करते हुए कह दिया- आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही है। हालांकि, उन्होंने ये बात मजाकिया अंदाज में कही, जिसे सुनकर मंच पर मौजूद कलाकार और दर्शक मुस्कुराने लगे। मगर, मासूम शर्मा सिर नीचे झुकाए खड़े दिखाई दिए। दिल्ली मंच की घटना को उनके पति से चल रहे विवाद से ही जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब सपना ने पुरुषों को लेकर पब्लिक मंच से कुछ कहा है। इससे पहले एक पॉडकास्ट में वे पुरुषों और महिलाओं के रिश्तों को लेकर बेबाक राय रख चुकी हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में बहुत कम ऐसे पुरुष हैं, जिनमें सच्चा प्यार, भावना, शिद्दत और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने यह कहा था कि मर्द के पास केवल इगो है, जबकि महिलाओं में अपार क्षमता और सहनशीलता होती है। औरतों में इतनी गहराई है कि एक मर्द बाहर मुंह मार के आएगा और औरत से कहेगा कि मैं तुझे प्यार करता हूं तो औरतें फिर भी उसे कहेंगी, चल कोई बात नहीं आजा। उन्होंने यह भी कहा था कि मर्द ऐसा बिल्कुल नहीं कह सकता। मासूस शर्मा के साथ सपना चौधरी के 2 PHOTOS… अब पढ़िए सपना चौधरी ने कार्यक्रम में क्या-क्या कहा… मंच पर पहुंचते ही बोलीं- दिमाग कहीं ओर जा रहा है सपना चौधरी ने मंच संभालते हुए कहा कि आज यहां स्टूडियो में पहुंची हूं तो सामने देख रही हूं, लेकिन दिमाग कहीं ओर जा रहा है और उधर देख रही हूं तो दिमाग कहीं ओर जा रहा है। इसके बाद उन्होंने सभी को राम-राम और नमस्ते कहा। पूछा कि सब ठीक हो ना, खुश हो ना। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में लोगों से पूछा कि किसी को जलन हो रही है क्या? फिर दोबारा सवाल दोहराते हुए कहा कि हो रही है या नहीं? कलाकारों के सामने कहा- मैं गाना भी गाना जानती हूं कार्यक्रम में हरियाणा के कई प्रसिद्ध कलाकार मौजूद थे। मंच संचालन कर रहे हरियाणवी कलाकार जगबीर राठी ने सभी कलाकारों को एक साथ गीत गाने के लिए मंच पर बुलाया। इस दौरान सपना चौधरी ने कहा कि वह आज सभी कलाकारों का यह भ्रम भी दूर करना चाहती हैं कि वह सिर्फ डांस ही नहीं बल्कि गाना भी गाना जानती हैं। उन्होंने कहा कि बोल तेरे मीठे-मीठे गीत उन्हें बेहद पसंद है और वह इसे आज खुद गाएंगी। इस पर जगबीर राठी ने कहा कि गीत की शुरुआत वह करेंगे तो सपना चौधरी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि खत्म मैं करूंगी। आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही जब गीत के दौरान जगबीर राठी ने कहा कि मासूम शर्मा इसमें और ज्यादा सुर लगाएंगे और उन्हें सपना चौधरी के करीब आकर गाने के लिए कहा, तभी माहौल अचानक दिलचस्प हो गया। जैसे ही संगीत बजना शुरू हुआ, सपना चौधरी ने हंसते हुए कहा, “आजकल मेरी आदमियों के साथ बन नहीं रही है।” उनकी इस टिप्पणी के बाद मंच पर मौजूद कलाकार और दर्शक मुस्कुराने लगे। कलाकारों ने इसे एक साथ दो लोगों पर किया गया कटाक्ष माना। कुछ लोगों का मानना था कि सपना ने एक तरफ अपने पति वीर साहू की ओर इशारा किया तो दूसरी तरफ मजाकिया अंदाज में मासूम शर्मा को भी निशाने पर ले लिया। 'मका डट जाओ', कलाकारों पर भी किया तंज बाद में सपना चौधरी के साथ सभी कलाकारों ने मिलकर बोल तेरे मीठे-मीठे गीत प्रस्तुत किया। गीत के दौरान सपना चौधरी पूरी तरह संगीत में डूबी नजर आईं। जब गीत की पंक्तियां आईं… रात ने नींद ना आवे, आवे सपने आवे, या दुनिया दुश्मन दिखे, मन्ने अपने ना भावे…रूह मेरी भटकी-भटकी, तेरे पे अटकी-अटकी...। गीत समाप्त होने के बाद सपना चौधरी ने कहा, मका डट जाओ, शांति से गा लो। आज सारा ही टैलेंट दिखाओगे क्या, सारे ही घुसे जा रहे हैं। उनकी इस बात पर मंच और दर्शकों के बीच ठहाके गूंज उठे। पुराने गानों का जिक्र कर बोलीं- ये मेरे जीवन का हिस्सा हैं सपना चौधरी ने कहा कि वह देशभर में काफी शो करती हैं और कुछ गीत उनके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंखों का काजल, बोल तेरे मीठे-मीठे, चेतक, इंग्लिश मीडियम और तू चीज लाजवाब है जैसे गीतों की मांग आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले उनके कार्यक्रमों में आती है। सपना ने बताया कि इन गीतों को रिलीज हुए करीब 12 से 13 साल हो चुके हैं, लेकिन लोगों का प्यार आज भी वैसा ही बना हुआ है। कलाकारों को परिवार से भी ज्यादा समय देने की बात कहीसपना चौधरी ने मंच से कहा कि हम अपने भाई-बहन और माता-पिता को भी उतना समय नहीं दे पाते, जितना कलाकार एक-दूसरे के साथ बिताते हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी ही हूं, मुझे आज याद करो, कल याद करो या बुढ़ापे में याद करो, मैं तब भी ऐसी ही रहूंगी। सपना चौधरी ने भावुक अंदाज में कहा कि गाने हिट हों या न हों, उन्हें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह लोगों के बीच जाकर यह कहना चाहती हैं कि उन्हें अपने चाहने वालों की जरूरत है और उनके लिए वही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। पॉडकास्ट में भी मर्दों को लेकर खुलकर रख चुकी हैं राय मंच से आजकल मेरी मर्दों के साथ नहीं बन रही कहने से पहले भी सपना चौधरी एक पॉडकास्ट में पुरुषों और महिलाओं के रिश्तों को लेकर बेबाक राय रख चुकी हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में बहुत कम ऐसे पुरुष हैं, जिनमें सच्चा प्यार, भावना, शिद्दत और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा था कि मर्द के पास केवल इगो है, जबकि महिलाओं में अपार क्षमता और सहनशीलता होती है। सपना ने उदाहरण देते हुए कहा था कि लक्ष्मी चाहिए तो लक्ष्मी माता के पास जाइए, शक्ति चाहिए तो दुर्गा मां के पास जाइए और ज्ञान चाहिए तो सरस्वती मां के पास जाइए, क्योंकि महिलाओं में सब कुछ मौजूद है। औरतों में इतनी गहराई है कि एक मर्द बाहर मुंह मार के आएगा और औरत से कहेगा कि मैं तुझे प्यार करता हूं तो औरतें फिर भी उसे कहेंगी, चल कोई बात नहीं आजा। उन्होंने अपने पॉडकास्ट के दौरान यह भी कहा था कि मर्द ऐसा बिल्कुल नहीं कह सकता। ----------------------------------------- सपना-वीर साहू विवाद के ये खबरें भी पढ़ें…. 'शादी के बाद सपना चौधरी पर बंदिशें लगीं':हरियाणवी सिंगर बोला-वीर साहू ने बैन किए थे 8 कलाकार; डांसर की पोस्ट-आई डोंट बिलिव इन रिवेंज फैमिली-डिस्प्यूट के बीच सपना चौधरी ने पति पर जताया प्यार:रील बनाकर लिखा- मन्ने तेरे पै मर लेन दें; 2 दिन पहले कोर्ट से सिक्योरिटी मांगी सपना चौधरी-वीर साहू के विवाद की 4 वजह:डिफरेंट स्टारडम, लाइफ स्टाइल का मेन रोल, पहली एनिवर्सरी पर दिखी थी दूरी; कोर्ट ने दूर रहने का कहा हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी
देश के 9 राज्यों में प्री मानसून एक्टिव है। राजस्थान समेत 9 राज्यों में बारिश हो रही है। यूपी के बदायूं में सोमवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। मथुरा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और मेरठ ममें तेज बारिश हुई। तेज आंधी में एक बड़ा पेड़ चलते ऑटो पर गिर गया। हादसे में ऑटो सवार युवती की मौत हो गई, जबकि चालक घायल हो गया। इधर, राजस्थान के चूरू, झुंझुनू और सीकर में सोमवार दोपहर रेत का बवंडर उठा। चुरू में कुछ मिनटों में पूरा शहर धूल से भर गया। दिन में अंधेरे जैसी स्थिति हो गई। कोटपूतली-बहरोड़ में पहले बवंडर आया और फिर बारिश हुई। झुंझुनूं में गर्मी के चलते प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बेहोश हो गए। वे अचानक सड़क पर गिर गए। पूर्व मंत्री ने हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। पंजाब के पठानकोट में एक कच्चे घर की दीवार गिर गई, जिससे एक व्यक्ति, उसकी बहन और दो बच्चे मलबे में दबने से घायल हो गए। दिल्ली के कई इलाकों में भी धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। इसके बाद तेज बारिश भी हुई। पालम मौसम केंद्र पर दोपहर 2:30 बजे हवा की रफ्तार 92kmph घंटा दर्ज की गई। मानसून की बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ चुका है। हालांकि मानसून दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर पहुंच चुका है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 12 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया। यहां पारा 43.4C रहा। वहीं एमपी के खजुराहो 42.6C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42C, ओडिशा के बौध में 42.5C, महाराष्ट्र के वर्धा में 41.5C, बिहार के शेखपुरा में 41.5C, राजस्थान के फलोदी में 42.8C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 17 जून: 18 जून:
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर टीम ने यह छापेमारी की। जहां भैंसो के तबेले में संचालित की जा रही 2 अचार फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर करीब 3400 किलो अचार नष्ट कराया है। यह अचार वेस्ट यूपी के अलावा एनसीआर और दिल्ली में सप्लाई होता था। यह अचार 200 रुपये से लेकर 400 रुपये किलो तक बेचा जाता जाता था। सैंपल लेकर लैब भेजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले शनि बाजार स्थित पवन सिंह की अचार फैक्ट्री पर पहुंची। जांच के दौरान 20 ड्रमों में रखा करीब 1000 किलो आम और नींबू का अचार सड़ा-गला और खाने योग्य नहीं पाया गया। मौके पर ही पूरे अचार को नष्ट कराया गया। इसके अलावा 180 किलो मिक्स अचार और करीब 8800 किलो नमक को भी जब्त किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मिक्स अचार, मसाले लगे आम के अचार और नमक के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं। इसके बाद टीम ने मास्टर पार्क स्थित राहुल अचार वाले की इकाई पर कार्रवाई की। यहां 10 ड्रमों में रखा करीब 2000 किलो नींबू का अचार और 400 किलो मिक्स अचार खराब हालत में मिला। सभी अचार के 6-6 नमूने लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का रिटायर्ड दरोगा की फैक्ट्री अधिकारियों के बताया कि अचार से तेज बदबू आ रही थी और उसे साफ-सफाई के मानकों के विपरीत रखा गया था। विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया। यहां से नींबू अचार, मिक्स अचार और सिरके के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन परिसरों में अचार तैयार किया जा रहा था, वहां भैंसों का तबेला चल रहा था, इनमें दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड दरोगा का नाम भी सामने आया। खाद्य सामग्री तैयार और भंडारित किए जाने पर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसे दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड दरोगा ही देखरेख कर रहे थे। सैंपल लिए पूरी जांच की जा रही खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय का कहना है कि आम जनता तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी कारोबारी को नियमों की अनदेखी कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग इनसे जुड़े हैं उनकी भी जांच की जा रही है। डीएम के आदेश पर छापा डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर यह छापा मारा गया। डीएम ने गोपनीय सूचना मिली थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अधिकारी आशुतोष राया का कहना है कि इस अचार को नष्ट किया जाएगा। इसे अभी सील नहीं किया जाएगा। यह कब से चल रही थी इसकी जांच की जा रही है। अभी तक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
मंदसौर में अर्हम् ध्यान योग के प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के चातुर्मास संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से ‘गुरुवर भक्ति श्रृंखला’ का विशेष आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर शालीमार बाग, दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदसौर पहुंचे और गुरुवर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पिछले आठ माह से संचालित इस श्रृंखला के तहत गुरु भक्तों ने विभिन्न स्थानों पर जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल सहित पूजन के आठों द्रव्य भक्तिभाव के साथ अर्पित किए थे। मंदसौर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने गुरुवर के समक्ष अर्घ्य समर्पित कर अपने संकल्प को पूर्ण किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। शालीमार बाग, दिल्ली से आए धर्मावलंबियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज को विभिन्न प्रकार की विशेष धार्मिक सामग्री भी भेंट की गई। अपने प्रवचन में मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्य, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में आध्यात्मिकता और सदाचार को अपनाकर ही वास्तविक सुख एवं शांति प्राप्त की जा सकती है। दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने बताया कि आगामी 21 जून को मंदसौर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सानिध्य में होगा, जिसमें सभी समाजों और सभी धर्मों के लोगों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने जिलेवासियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जल्द ही ‘एक पेड़ मां के नाम - दिल्ली मेगा वृक्षारोपण अभियान 2026’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए जाने की संभावना है। सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सीएम ने अभियान की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जनभागीदारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वृक्षारोपण लक्ष्य और विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा हुई। बैठक में पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भावना को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली में एक बड़े जन-आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। उन्होंने बताया अभियान का पहला चरण 22 जून को डिजिटल लॉन्च के रूप में होगा, जिसमें ई-फॉरेस्ट ग्रीन ड्राइव पोर्टल और आधिकारिक वीडियो जारी किया जाएगा। इसके बाद 22 जून से 4 जुलाई तक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। तीन चरणों में चलेगा वृक्षारोपण अभियान,… अभियान का दूसरा चरण जुलाई के पहले सप्ताह में मेगा रिज वृक्षारोपण कार्यक्रम के रूप में होगा। इसमें सेंट्रल रिज, साउथ सेंट्रल रिज और अन्य क्षेत्रों में करीब 2.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। तीसरा और सबसे बड़ा चरण जुलाई के मध्य में रोहिणी के स्वर्ण जयंती पार्क में होगा, जहां 51 लाइव लोकेशनों से जुड़कर लगभग 11 हजार लोग एक साथ पौधारोपण करेंगे। यह अभियान 70 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी नागरिक भागीदारी,...नागरिक ई-फॉरेस्ट ग्रीन ड्राइव पोर्टल पर पंजीकरण कर मुफ्त पौधे प्राप्त कर सकेंगे। इसके जरिए पौधारोपण स्लॉट बुकिंग, जियो-टैगिंग, लाइव ट्रैकिंग और ‘पर्यावरण रक्षक’ ई-प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं मिलेंगी। ‘वृक्ष रथ’ से घर-घर पहुंचेगा अभियान,...मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘वृक्ष रथ’ के माध्यम से कॉलोनियों, स्कूलों और आरडब्ल्यूए तक मुफ्त पौधे पहुंचाए जाएंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को ‘पर्यावरण रक्षक’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि दिल्ली को हरित राजधानी बनाने का एक बड़ा जन-आंदोलन है, जिसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बालाघाट के सरेखा रेलवे ओवरब्रिज पर सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार का एक हिस्सा पूरी तरह पिचक गया, लेकिन गनीमत यह रही कि कार चला रहे युवक की जान बाल-बाल बच गई। हादसे के ठीक बाद ओवरब्रिज पर राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। दिल्ली से सामान खाली कर लौट रहा था ट्रक यह दुर्घटना सरेखा रेलवे ओवरब्रिज के टर्निंग पॉइंट पर उस समय हुई, जब दोनों वाहन एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने कार को ड्राइवर साइड से टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना में शामिल ट्रक (RJ11GC4950) हरियाणा के मेवात का है। यह ट्रक दिल्ली से खाने-पीने का सामान लेकर बालाघाट आया था। सामान खाली करने के बाद ट्रक चालक लुकमान (21) निवासी मेवात गाड़ी लेकर गोंदिया की तरफ वापस लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया। परिवार को लेने गोंदिया जा रहा था कार चालक कार (MP50CA0128) के चालक आशीष उर्फ मोंटी सोनवाने ने बताया कि वह बैहर रोड वार्ड नंबर 3 के रहने वाले हैं। वे अपने परिवार को लेने के लिए कार से गोंदिया जा रहे थे। हादसे के बाद कार चालक ने ट्रक मालिक से गाड़ी के नुकसान के मुआवजे की मांग की है। दोनों वाहनों को क्रेन से हटाया घटना की खबर मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से रास्ते से हटाकर ग्रामीण थाने में खड़ा करवाया और जाम खुलवाया। पुलिस दोनों चालकों को थाने ले आई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नई दिल्ली में वेस्ट जिले के राजौरी गार्डन थाना इलाके में स्थित रघुबीर नगर में एक पिता अपने सोते हुए करीब 2 साल के बेटे पर बाल्टी भरकर पानी डाल दिया। इसके साथ उसने बच्चे की मां को गालियां दी। मासूम के ऊपर जैसे ही पानी गिरता है, वह उठकर रोने लगता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस तुरंत एक्शन मोड़ में आ गई। जांच में पुलिस को पता चला कि वीडियो में मासूम पर पानी डालने वाला शख्स उसका पिता है। वह पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने युवक को पुनर्वास केंद्र में उपचार के लिए भर्ती करवा दिया है। 'मासूम के साथ किसी तरह की हिंसा नहीं की गई' डीसीपी एचवी स्वामी ने बताया वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स अरुण (30) है। वह पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर का रहने वाला है। अरुण का पिछले लंबे समय से उसकी पत्नी से विवाद चल रहा था। हाल ही में उसका तलाक भी हुआ है। तलाक के बाद वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया जांच के दौरान पता चला कि अरुण द्वारा मासूम के साथ किसी तरह की हिंसा नहीं की गई है, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों और युवक की मानसिक स्थिति से जुड़ा हुआ था। मासूम पूरी तरह सुरक्षित है और उसे उसकी मां को सौंप दिया गया है। वहीं अरुण को इलाज और परामर्श के लिए एक पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की जा रही है। पुलिस ने बच्चे की मां से भी संपर्क किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मां की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दी जाती है, तो उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में नए आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर दिल्ली के मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद कमलजीत सहरावत, यूआईडीएआई के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस मौके पर एलजी ने कहा तकनीक आधारित सुधारों से शासन अधिक पारदर्शी और सुलभ हुआ है। आधार अब डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा बन चुका है, जिससे डीबीटी और वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी और अन्य डिजिटल सेवाओं ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और जनता का भरोसा बढ़ाया है। विकासपुरी केंद्र दिल्ली में नागरिक सेवाओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट समय पर कराने की भी अपील की। आधार सेवाएं होंगी और आसान,...मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नए केंद्र से पश्चिमी दिल्ली के लोगों को आधार सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। नामांकन और अपडेट जैसी सुविधाएं अब नजदीक ही मिलेंगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में आधार अहम,...उन्होंने कहा कि आधार जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण है। आयुष्मान भारत कार्ड के जरिए हजारों परिवारों को कैशलेस इलाज का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली रेल पुलिस ने चलती ट्रेन में चोरी के मामले में फरार चल रहे ₹20 हजार के इनामी आरोपी मोहम्मद सैफ अली की गिरफ्तारी के लिए मधुबनी में छापेमारी की। सोमवार को नगर थाना पुलिस के सहयोग से शहर के कोतवाली चौक स्थित उसके पैतृक घर पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। घर पर चिपकाया गया न्यायालय का नोटिस छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर पर न्यायालय का नोटिस चस्पा किया। साथ ही परिजनों को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द दिल्ली न्यायालय में उपस्थित हों। पुलिस ने न्यायालय के आदेशों का पालन करने की चेतावनी भी दी है। चलती ट्रेन में चोरी का है मामला दिल्ली रेल पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एसआई बनवारी लाल ने बताया कि आरोपी मोहम्मद सैफ अली, मोहम्मद फूल हसन का पुत्र है और मधुबनी के कोतवाली चौक का निवासी है। उसके खिलाफ दिल्ली में चलती ट्रेन में चोरी करने का मामला दर्ज है। 21 अप्रैल की घटना के बाद से फरार पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 21 अप्रैल को चलती ट्रेन में एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उस पर ₹20 हजार का इनाम घोषित किया है। स्थानीय पुलिस की मदद से हुई कार्रवाई दिल्ली रेल पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने पैतृक घर मधुबनी में छिपा हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर टीम मधुबनी पहुंची और नगर थाना पुलिस की सहायता से छापेमारी की गई। गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
बाढ़-सुरक्षित और पर्यावरणीय रूप से सशक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की स्टेटस रिव्यू बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने यमुना पुनर्जीवन (रिजुविनेशन) से जुड़ी विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि यमुना फ्लडप्लेन से संबंधित सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाए। एलजी ने कहा यमुना दिल्ली की पारिस्थितिक जीवनरेखा (इकोलॉजिकल लाइफलाइन) होने के साथ-साथ शहरी लचीलापन (अर्बन रेजिलिएंस) का भी महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए बाढ़ प्रबंधन, नदी पुनरुद्धार, भूजल रिचार्ज और पर्यावरणीय स्थिरता को एकीकृत, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए। फ्लडप्लेन से हटाया गया हजारों टन कचरा… बैठक में अधिकारियों ने बताया यमुना फ्लडप्लेन के लगभग 1,700 हेक्टेयर क्षेत्र में रेस्टोरेशन और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के कार्य पूरे किए गए हैं। इसके तहत करीब 88,574 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरा तथा 4,998 मीट्रिक टन नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) हटाया गया है। साथ ही लगभग 1,425 एकड़ फ्लडप्लेन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्स्थापित किया गया है। बाढ़ रेजिलिएंस बढ़ाने के लिए 35 वेटलैंड विकसित… डीडीए ने बताया कि पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक देशी पेड़ लगाए गए हैं तथा 1 करोड़ से अधिक नदी तटीय घास एवं वेटलैंड प्रजातियों को फ्लडप्लेन इकोसिस्टम में शामिल किया गया है। इसके अलावा पूरे नदी कॉरिडोर में 35 वेटलैंड विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 1,420 मिलियन लीटर पानी संग्रहण क्षमता है। इससे भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण की प्राकृतिक क्षमता मजबूत होगी। उजाड़ क्षेत्रों को बनाया गया जीवंत सार्वजनिक स्थल… एलजी ने नदी कॉरिडोर के किनारे विकसित किए गए प्रमुख इकोलॉजिकल डेस्टिनेशनों की भी समीक्षा की। इनमें असिता, बांसेरा, अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क, यमुना वनस्थली, कालिंदी अविरल और यमुना वाटिका शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने पहले उपेक्षित और कम उपयोग वाले क्षेत्रों को जीवंत सार्वजनिक स्थलों और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक परिसंपत्तियों में बदल दिया है। 32 ऐतिहासिक घाटों के पुनरुद्धार पर जोर… दिल्ली की ऐतिहासिक नदी पहचान को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एलजी संधू ने यमुना बाज़ार क्षेत्र में स्थित 32 ऐतिहासिक घाटों के संरक्षण और पुनर्विकास पर विशेष जोर दिया। डीडीए ने उन्हें इस संबंध में आईएनटीएसीएच द्वारा तैयार अध्ययन की जानकारी दी। अध्ययन में संरक्षण कार्य, लैंडस्केपिंग, पैदल यात्री कनेक्टिविटी और आगंतुक सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है, ताकि विरासत संरक्षण और रिवर फ्रंट विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। छह माह में शुरू होगा घाटों के पुनरुद्धार का काम… डीडीए ने एलजी को बताया कि यमुना बाज़ार पुनर्विकास परियोजना को संबंधित एजेंसियों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पर एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और अगले छह महीनों के भीतर पुनरुद्धार एवं पुनर्विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएं। उन्होंने समयसीमा के कड़ाई से पालन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
खैरथल-तिजारा में निर्माणधीन प्लांट में टंकी की दीवार गिर गई जिसमें 4 वर्षीय एक बच्ची की दबने से मौत हो गई। हादसे में तीन बच्चों सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल गए। टंकी का निर्माण पांच दिन पहले ही पूरा हुआ था। घटना भिवाड़ी में दोपहर 1:30 बजे की है। मृतका की पहचान बिहार निवासी हेमंत शर्मा की 4 वर्षीय पुत्री मीनू के रूप में हुई है। यह प्रोजेक्ट हाईटेक कंपोनेंट बिल्डर द्वारा कराया जा रहा है, जहां लगभग 400 से 500 मजदूर काम कर रहे हैं। भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया- भिवाड़ी के पुराना समतल रोड़ औद्योगिक क्षेत्र में जैगवार कंपनी के प्लांट में काम चल रहा था। पांच दिन पहले ही प्लांट में पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। टंकी की भराव क्षमता करीब 2000 लीटर थी। सोमवार को प्लांट में इस दौरान पानी की टंकी पर कुछ मजदुरों के बच्चे नहाने गए हुए थे अचानक से टंकी दीवार भरभराकर बच्चों के उपर आ गिरी। मलबे में करीब 6 बच्चें दब गए जिनमें से मीनु की इलाज के दौरान मौत हो गई। भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया- अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। निजी गोपीनाथ अस्पताल में भर्ती कराया सभी घायलों को भिवाड़ी के निजी गोपीनाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीनू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल ज्योतिष और शिवम को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है, जबकि बाकी तीनों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। नहाते समय हुआ हादसा बच्ची के पिता हेमंत शर्मा ने बताया- उनकी पत्नी अरुणा, बेटी मीनू और 5 वर्षीय बेटा ज्योतिष टंकी के पास नहा रहे थे, तभी दीवार गिर गई। हादसे में 12 वर्षीय शिवम, 40 वर्षीय श्रीमणि और 25 वर्षीय जीतू भी घायल हुए हैं। पिता ने बताया- कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आदमी आकर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कंपनी की तरफ से इलाजा करवाया जा रहा है। मजदूरों ने लापरवाही का आरोप लगाया निर्माण साइट पर काम कर रहे मजदूरों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि टंकी का निर्माण मात्र पांच दिन पहले ही पूरा हुआ था और दीवार कच्ची थी। इसके बावजूद उसमें करीब 5 से 6 हजार लीटर पानी भर दिया गया, जिससे पानी के दबाव को दीवार सहन नहीं कर पाई और ढह गई। स्थानीय प्रशासन और मजदूर यूनियनों की ओर से मामले की गहन जांच की मांग की जा रही है। शव भिवाड़ी जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया मृतका मीनू का शव भिवाड़ी जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है, जिसका पोस्टमार्टम परिजनों की मौजूदगी में कराया जाएगा।
नई दिल्ली में साउथ-वेस्ट जिले के सागरपुर थाना क्षेत्र स्थित एएस मल्टी किडनी अस्पताल में रविवार रात शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अस्पताल स्टाफ, पुलिस और दमकलकर्मियों की मदद से अस्पताल में भर्ती 15 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण अस्पताल के बिजली मीटर और इलेक्ट्रिक जंक्शन बॉक्स में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीसीपी अमित गोयल ने बताया रविवार रात करीब 10:27 बजे सागरपुर थाना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए विजय एंक्लेव स्थित ए.एस. मल्टी किडनी अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसएचओ समेत 15 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा दमकल विभाग, पीसीआर और कैट्स एंबुलेंस की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। बेसमेंट में लगे बिजली मीटर और जंक्शन बॉक्स में शॉर्ट सर्किट जांच में पता चला कि आग अस्पताल के भूतल पर लगे बिजली मीटर और इलेक्ट्रिक जंक्शन बॉक्स में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था। इसके बाद दमकलकर्मियों ने आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। दमकल विभाग के पीआरओ राजेंद्र अटवाल ने बताया कि रात 10:25 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही तीन वाटर टेंडर, एक वाटर बाउजर और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ टीमों को मौके पर रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने करीब 15 मिनट के भीतर रात 10:40 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस को मथुरा-वृंदावन तक चलाने की मांग को लेकर चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी आगे आए हैं। उन्होंने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को बाकायदा एक पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द विचार करने का आग्रह किया है। मेयर सौरभ जोशी ने अपने पत्र में कहा है कि चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर करीब 3:15 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच जाती है। वापसी की यात्रा शुरू करने से पहले यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन पर करीब 4 घंटे तक खड़ी रहती है। अगर इस खाली समय का सही इस्तेमाल किया जाए, तो ट्रेन आसानी से मथुरा-वृंदावन का चक्कर लगाकर वापस दिल्ली आ सकती है। इससे रेलवे के संसाधनों का भी पूरा इस्तेमाल होगा। मेयर द्वारा लिखे पत्र की कॉपी श्रद्धालुओं को क्यों है इसकी जरूरत? 3 बड़े कारण नो चेंज, नो टेंशन: अभी चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों से मथुरा-वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं को या तो दिल्ली में ट्रेन बदलनी पड़ती है या फिर सड़क मार्ग से लंबा सफर तय करना पड़ता है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह काफी थकाऊ होता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: हर साल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ से लाखों की संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण की नगरी जाते हैं। सीधी ट्रेन होने से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। समय और पैसे की बचत: शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेन के विस्तार से सफर न सिर्फ आरामदायक होगा, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी। “भगवान कृष्ण की भूमि के लिए सीधी और आरामदायक कनेक्टिविटी” मेयर ने कहा कि इस विस्तार से देश के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थलों में से एक के लिए सीधी, आरामदायक और समय की बचत करने वाली कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही मौजूदा रेलवे संसाधनों का भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। मुझे उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड जनहित में इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। अब इस संबंध में रेलवे को फैसला लेना है मेयर के इस प्रस्ताव के बाद अब गेंद रेलवे मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के पाले में है। अगर रेलवे इस रूट की व्यवहार्यता (Feasibility Study) को हरी झंडी दे देता है, तो आने वाले दिनों में चंडीगढ़ और आसपास के लोगों का मथुरा-वृंदावन जाना बेहद आसान हो जाएगा। स्थानीय निवासियों और धार्मिक संगठनों ने मेयर की इस पहल का स्वागत किया है।
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून की सुबह हुए भीषण अग्निकांड में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस दिन भीषण विस्फोट हुआ, उसी दिन सुबह करीब चार बजे दिल्ली से बारूद और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जयपुर पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा सामान चार बंद लोडिंग टेम्पो में भरकर लाया गया था। हाल ही में पकड़ी गई चार अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में सामान उतारा गया था। कट्टे और अन्य सामग्री खाली करने के तुरंत बाद चारों टेम्पो वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। इन चार फैक्ट्रियों में उतरा था सामान 9 जून की सुबह तलाई क्षेत्र में जहां ब्लास्ट हुआ, दाउद नगर में दो फैक्ट्रियों और आईशा नगर स्थित फैक्ट्री में पटाखे बनाने का सामान और बारूद उतारा गया था।। सबसे ज्यादा माल दाउद नगर स्थित फैक्ट्रियों में उतारा गया था। फिरोज वैगनआर कार के साथ एस्कॉर्ट करते हुए फैक्ट्री तक लेकर आया था टेम्पो जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे वाली फिरोज की फैक्ट्री में सबसे कम बारूद उतारा गया था। यहां कुल 25 कट्टे बारूद के उतारे गए थे। इसके अलावा पटाखों में इस्तेमाल होने वाली नलकियों के कार्टन भी इसी फैक्ट्री में खाली किए गए थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इन चारों लोडिंग वाहनों को फिरोज अपनी वैगनआर कार के साथ एस्कॉर्ट करते हुए फैक्ट्री तक लेकर आया था। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां दिल्ली से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन, परिवहन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही हैं। एफएसएल जांच में भी सामने आए अहम संकेत जांच एजेंसियों को आशंका है कि खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी या फिर किसी की स्मोकिंग से उठी चिंगारी से बारूद ने आग पकड़ी होगी। अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं। पुलिस की जांच अब इन बिंदुओं पर केंद्रित थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई ने बताया- पूरे मामले की सेस्टिंविट को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है। मामले में जल्द कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़िए… 8 लोगों की मौत के आरोपी की दिल्ली-जयपुर में प्रॉपर्टी:कभी मजदूरी करता था, आज 5 राज्यों में फैक्ट्रियां, पिता बोले- मेरा बेटा गायब अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में नाबालिग भी काम करते मिले:जहां 8 लोग जिंदा जले, वहां बारूद का अवैध कारोबार करने वालों की तस्वीरें सामने आईं कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भगवतगढ़ के पास सोमवार सुबह त्रिलोकपुरा अंडरपास में मिर्ची से भरा ट्रक नीचे गिर गया। हादसे में वाहन में सवार महाराष्ट्र के जलगांव निवासी सोनू शेख (24) पुत्र आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अयान गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह 6 बजे मिली दुर्घटना की सूचनाभगवतगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी दीपक शर्मा ने बताया - सोमवार सुबह करीब 6 बजे सूचना मिली कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर त्रिलोकपुरा अंडरपास के पास मिर्ची से भरा केंटर नीचे गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से केंटर को अंडरपास से हटवाया गया। एक युवक की मौत, दूसरा जिला अस्पताल में भर्तीहादसे में केंटर में सवार सोनू शेख निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अयान निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल सवाई माधोपुर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों को दी सूचना, जांच जारीपुलिस ने मृतक के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के सवाई माधोपुर पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव उन्हें सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
देशभर में मौसम ने बदला रुख। मानसून ओडिशा और झारखंड से आगे बढ़ चुका है, जबकि दिल्ली-NCR में शाम को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट और महाराष्ट्र में हीटवेव की चेतावनी जारी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार दुर्घटना:एक बच्चे की मौत, कई घायल; पुलिस क्षेत्राधिकार पर असमंजस
कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। मेहंदी माइनर के पास शाम करीब 7:30 बजे एक कार अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 70 वर्षीय बुजुर्ग सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल था। हादसे में बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है। एक महिला भी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है, जबकि दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही दीगोद और सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एक्सप्रेसवे एंबुलेंस और दीगोद एंबुलेंस की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पहले कोटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार बूंदी जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र की है। कार सवारों की पहचान विजय शर्मा, कमलेश दाधीच, नदेश दाधीच और बांके बिहारी के रूप में हुई है। मृतक बच्चा भी इन्हीं के साथ यात्रा कर रहा था। एक्सप्रेसवे एंबुलेंस के कंपाउंडर आलोक सुमन ने हादसे की पुष्टि कllरते हुए बताया कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। दीगोद एंबुलेंस के पायलट जितेंद्र मीणा और ईएमटी वीरेंद्र फुलवारिया ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया। हादसे के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। दीगोद और सुल्तानपुर दोनों थानों की पुलिस दुर्घटना स्थल को अपने क्षेत्र से बाहर बता रही है। हालांकि, दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन देर रात तक किसी थाने द्वारा औपचारिक कार्रवाई नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस क्षेत्राधिकार स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रगतिशील किसान:40 दिन में तैयार हो जाती जुगनी, छठ पूजा तक दिल्ली में मिलती है अच्छी कीमत
कोटपूतली जिले के विराटनगर में मेढ़ के सताना गांव के अभिमन्युसिंह शेखावत खेत से सालभर कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र में जुगनी बोने वाले वे पहले किसान बताए जाते हैं। जुगनी की सप्लाई दिल्ली में करते हैं। 32 साल के अभिमन्यु ने रीलें व वीडियो देखकर खेती के नए-नए तरीके सीखे। शेखावत एयरपोर्ट पर कस्टमर सर्विस एजेंट थे। कोरोनाकाल में गांव लौट गए। इससे पहले खेती रिश्तेदार संभाल रहे थे। क्षेत्र में जुगनी की खेती कोई जानता नहीं था। तब चौमूं मंडी से बीज लाकर 5 बीघा में बोई। पहले साल खर्चा निकालकर पांच लाख चालीस हजार का फायदा हुआ। जुगनी की बड़ी खपत दिल्ली की आजादपुर मंडी में होती है। वहां भी दीपावली के बाद आने वाली डाला छठ तक ही बिकती है। इसके अधिकांश खरीदार बिहार से हैं, जो छठ मनाने चले जाते हैं तो जुगनी की बिक्री कम हो जाती है। दूसरा हमारे यहां की जुगनी को दिल्ली में तब तक अच्छा भाव मिलता है, जब तक कि रतलाम की जुगनी वहां न आने लगे। अभिमन्यु ने फसल चक्र इस तरह बनाया कि जुगनी छठ से पहले ही पूरी हो जाए। यह फसल 35-40 दिन में तैयार होती है और 40 दिन ही चलती है। उन्हें देखकर मेड़ क्षेत्र के 15-20 किसान जुगनी बोने लगे हैं। अभिमन्युसिंह 16 बीघा खेत में जुगनी के अलावा देसी टिंडा, बैंगन, मिर्च, मटर, गेहूं भी बोते हैं। फसल चक्र ऐसा बना रखा है कि एक के बाद दूसरी फसल आने लग जाती है। जुगनी में मच्छर का प्रकोप ज्यादा होता है। बेड पर मल्च बनाकर बुआई से खरपतवार नहीं लगती। मल्च का एक छेद छोड़कर बोने से पौधे को बढ़वार की जगह मिल जाती है। सूखे 15 किलो गोबर में 5 किलो पशुओं को खिलाने वाला गुड़, 1 किलो बेसन, 500 ग्राम पीसा धतूरा, एक लीटर गो मूत्र का मिश्रण 200 लीटर ड्रम में पानी के साथ मिलाकर बीस दिन तक रखते हैं। ड्रम को टाट से ढंक देते हैं। बीस दिन बाद छानकर ड्रिप में देने से जड़ें बढ़ती हैं। मच्छर दूर करने के लिए पुरानी छाछ में तांबे का बर्तन पंद्रह से बीस दिन रखें, ऊपर की पचास ग्राम छाछ निकालकर पंद्रह लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें तो जुगनी में मच्छर, लट का प्रकोप कम हो जाता है। ज्यादा पानी देने से होने वाले जड़ गांठ रोग के उपचार में जड़ों में हींग का पानी, नीला थोथा डालना कारगर होता है।
सरहद के बच्चों की कला का दिल्ली में दिखेगा जादू बाल रंगमंच कार्यशाला में प्रतिभाओं को मिला अवसर
भास्कर न्यूज| जैसलमेर सीमावर्ती जैसलमेर जिले में पहली बार बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई उड़ान मिल रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और इंडियन ऑयल के संयुक्त सहयोग से स्थानीय सेंटपॉल विद्यालय में बच्चों के लिए एक महीने की निशुल्क बाल रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रंगमंच की विद्या से जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और रचनात्मक सोच का समग्र विकास करना है। इसके माध्यम से बच्चे समाज और दुनिया को एक नए और सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना सीख रहे हैं। कार्यशाला का निर्देशन एनएसडी के 2012 बैच के स्नातक नरेशपाल सिंह चौहान कर रहे हैं, जबकि सह निर्देशन की जिम्मेदारी 2023 बैच की स्नातक निकिता भारती संभाल रही हैं। एनएसडी और इंडियन ऑयल की इस पहल का लक्ष्य उन बच्चों तक कला और रंगमंच की पहुंच बनाना है। जिन्हें आमतौर पर ऐसे बेहतरीन अवसर सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। कार्यशाला समन्वयक मानव व्यास ने बताया कि प्रशिक्षण में कई तरह की रचनात्मक व शारीरिक गतिविधियां शामिल की गई हैं। इनमें 10 सेकंड ऑब्जेक्ट से बच्चों में कल्पना शक्ति व टीमवर्क, शरीर के अंगों द्वारा नेतृत्व से शारीरिक सजगता तथा पास द क्लैप व जिप जैप जूम जैसी गतिविधियों से एकाग्रता और फोकस को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा मानव गांठ से समस्या समाधान क्षमता और दर्पण अभ्यास के जरिए बच्चों में कमाल की अवलोकन क्षमता का विकास किया जा रहा है। कार्यशाला में बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए एनएसडी की राष्ट्रीय समन्वयक गौरी देवल तथा अतिरिक्त राष्ट्रीय समन्वयक सेहज कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। एक महीने के इस कड़े और अनूठे प्रशिक्षण के बाद अंतिम कड़ी के रूप में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नाटक का भव्य मंचन आगामी 18 जून को जैसलमेर में किया जाएगा। इसके बाद यही प्रतिभावान बच्चे 22 जून को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के मंच पर अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।
कोटपूतली जिले के विराटनगर में मेढ़ के सताना गांव के अभिमन्युसिंह शेखावत खेत से सालभर कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र में जुगनी बोने वाले वे पहले किसान बताए जाते हैं। जुगनी की सप्लाई दिल्ली में करते हैं। 32 साल के अभिमन्यु ने रीलें व वीडियो देखकर खेती के नए-नए तरीके सीखे। शेखावत एयरपोर्ट पर कस्टमर सर्विस एजेंट थे। कोरोनाकाल में गांव लौट गए। इससे पहले खेती रिश्तेदार संभाल रहे थे। उन दिनों क्षेत्र में जुगनी की खेती कोई जानता नहीं था। तब चौमूं मंडी से बीज लाकर 5 बीघा में बोई। पांच लाख चालीस हजार का फायदा पहले साल खर्चा निकालकर पांच लाख चालीस हजार का फायदा हुआ। जुगनी की बड़ी खपत दिल्ली की आजादपुर मंडी में होती है। वहां भी दीपावली के बाद आने वाली डाला छठ तक ही बिकती है। इसके अधिकांश खरीदार बिहार से हैं, जो छठ मनाने चले जाते हैं तो जुगनी की बिक्री कम हो जाती है। दूसरा हमारे यहां की जुगनी को दिल्ली में तब तक अच्छा भाव मिलता है, जब तक कि रतलाम की जुगनी वहां न आने लगे। अभिमन्यु ने फसल चक्र इस तरह बनाया कि जुगनी छठ से पहले ही पूरी हो जाए। यह फसल 35-40 दिन में तैयार होती है और 40 दिन ही चलती है। उन्हें देखकर मेड़ क्षेत्र के 15-20 किसान जुगनी बोने लगे हैं। अभिमन्युसिंह 16 बीघा खेत में जुगनी के अलावा देसी टिंडा, बैंगन, मिर्च, मटर, गेहूं भी बोते हैं। फसल चक्र ऐसा बना रखा है कि एक के बाद दूसरी फसल आने लग जाती है। जुगनी फसल का बचाव जुगनी में मच्छर का प्रकोप ज्यादा होता है। बेड पर मल्च बनाकर बुआई से खरपतवार नहीं लगती। मल्च का एक छेद छोड़कर बोने से पौधे को बढ़वार की जगह मिल जाती है। सूखे 15 किलो गोबर में 5 किलो पशुओं को खिलाने वाला गुड़, 1 किलो बेसन, 500 ग्राम पीसा धतूरा, एक लीटर गो मूत्र का मिश्रण 200 लीटर ड्रम में पानी के साथ मिलाकर बीस दिन तक रखते हैं। ड्रम को टाट से ढंक देते हैं। बीस दिन बाद छानकर ड्रिप में देने से जड़ें बढ़ती हैं। मच्छर दूर करने के लिए पुरानी छाछ में तांबे का बर्तन पंद्रह से बीस दिन रखें, ऊपर की पचास ग्राम छाछ निकालकर पंद्रह लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें तो जुगनी में मच्छर, लट का प्रकोप कम हो जाता है। ज्यादा पानी देने से होने वाले जड़ गांठ रोग के उपचार में जड़ों में हींग का पानी, नीला थोथा डालना कारगर होता है।
डीग के बहुचर्चित संजय हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज गौड़ ने मृतक की पत्नी पूनम और उसके प्रेमी रामप्रताप गुर्जर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 80-80 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने माना कि दोनों ने अवैध संबंधों के चलते संजय की हत्या की साजिश रची, उसकी हत्या की और शव को छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। लापता होने की रिपोर्ट से खुला था मामला मामला अगस्त 2023 का है। नरेना चौथ निवासी मनीराम ने खोह थाने में अपने पुत्र संजय के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने संजय की पत्नी पूनम और सीआरपीएफ में तैनात रामप्रताप गुर्जर के बीच अवैध संबंध होने की बात बताते हुए दोनों पर संदेह जताया था। मनीराम ने आशंका व्यक्त की थी कि दोनों ने मिलकर संजय को दिल्ली बुलाया और उसकी हत्या कर दी। पूछताछ में कबूला हत्या का राज पुलिस जांच के दौरान पूनम और रामप्रताप से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने संजय की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद शव को अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र स्थित एक खेत में गाड़ दिया था, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें। निशानदेही पर बरामद हुआ शव आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खेत से संजय का शव बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश तथा साक्ष्य छिपाने के आरोपों में कोर्ट में चालान पेश किया। 22 गवाह और 39 दस्तावेजी साक्ष्य बने आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान जिला लोक अभियोजक राकेश खंडेलवाल ने अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा 39 दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों के आधार पर हत्या की साजिश, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों को प्रमाणित किया। अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने रामप्रताप गुर्जर निवासी मेहताला (बानसूर, अलवर) और पूनम निवासी नरेना चौथ को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 80-80 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। कोर्ट के इस फैसले को अभियोजन पक्ष ने न्याय की महत्वपूर्ण जीत बताया है।
गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित गांव तलहेटा में रविवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकालकर क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण में जेनुद्दीनपुर-तलहेटा गोल चक्कर पर पिछले 6 माह से चल रहे धरने को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह ट्रैक्टर यात्रा आयोजित की गई। किसानों ने आसपास के 8 से 10 गांवों में पहुंचकर लोगों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। इसमें भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल रहे। जमीन ले ली, सुविधा दी नहीं किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान हमारी जमीनें तो अधिग्रहित कर ली गईं, लेकिन क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और आवागमन की सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जैनुद्दीनपुर-तलहेटा गोल चक्कर पर सुरक्षित उतार-चढ़ाव की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को निकाली गई ट्रैक्टर यात्रा तलहेटा से शुरू होकर भटजन, पलोता, शकूरपुर, भूड़गढ़ी, मंढिया, तोड़ी तथा अन्य गांवों से होकर गुजरी। इस दौरान किसानों ने ग्रामीणों को आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराया और क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होने की अपील की। अब अफसरों को घेरेंगे किसानों का कहना था कि यदि जनता का समर्थन मिला तो उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक और मजबूती से पहुंचेगी। किसान नेता कुलदीप त्यागी ने कहा कि सरकार को किसानों की जमीन तो चाहिए, लेकिन किसानों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए कोई अधिकारी आगे नहीं आता। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कल से हरिद्वार जाएंगे किसान किसानों ने बताया कि बताया कि 15, 16, 17 और 18 जून को किसान प्रतिनिधि हरिद्वार में आयोजित चिंतन शिविर में भाग लेने जाएंगे। वहां आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। शिविर से लौटने के बाद क्षेत्र में एक विशाल किसान रैली आयोजित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मोदीनगर तहसील का घेराव भी किया जाएगा। यह रहे मौजूद ट्रैक्टर यात्रा के दौरान अंकित, सुबोध, रामकुमार मास्टर, ऋषि प्रधान, दिनेश त्यागी, नरेश, राजेंद्र सेठ, अमन, बिजेंद्र, नेत्रपाल, मनीराम, प्रताप, राम पंडित, मोनू कांटे, वीरेंद्र, सुंदर, प्रमोद, गज्जू, नेपाल, नरेंद्र, सुरेश मास्टर, टीटू, रमेश, मुकेश बाबू, आशुतोष, राधे, सतबीर, पप्पू सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री एवं बवाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने आज पूठखुर्द गांव में दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के फंड से लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं के तहत गांव में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, सीसी पेवमेंट (CC Pavement) निर्माण, आरसीसी (RCC) नालियों के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से पूठखुर्द और आसपास के इलाकों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय निवासियों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत होने से लोगों के दैनिक जीवन, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ा सुधार आएगा। समग्र विकास और बेहतर जीवन स्तर पर ध्यान इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के माध्यम से दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पूठखुर्द में शुरू किए गए ये कार्य केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गांव के समग्र विकास, बेहतर जीवन स्तर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। 24 घंटे में बवाना को मिली ₹30 करोड़ की योजनाएं विधायक रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते कल ही बवाना विधानसभा क्षेत्र के दीप विहार में लगभग 20 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था, और आज पूठखुर्द में 10 करोड़ रुपए के कार्यों की शुरुआत हुई है। यह दर्शाता है कि हमारी सरकार बवाना के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में ये कार्य जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे और क्षेत्र की जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बहरोड़ क्षेत्र के जटगांवड़ा निवासी हेड कॉन्स्टेबल अनिल यादव (39) का सड़क हादसे में निधन हो गया। अनिल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात थे। रविवार को उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। जहां पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अनिल यादव के बड़े बेटे आदित्य यादव (19) ने पिता को मुखाग्नि दी। सड़क हादसे में हुआ निधन दिल्ली पुलिस के एएसआई सुरेंद्र यादव ने बताया- हेड कॉन्स्टेबल अनिल यादव शनिवार शाम 5:30 बजे दिल्ली के रिंग रोड स्थित आईएसबीटी कश्मीरी गेट क्षेत्र में शांति वन से चंदगीराम अखाड़ा जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान हनुमान मंदिर की तरफ से आ रही एक स्कूटी ने अनिल को जोरदार टक्कर मार दी। इससे अनिल सड़क पर गिर गए। इस दौरान पीछे से आ रहे लोडिंग टेंपो ने उन्हें कुचल दिया। स्कूटी सवार फरार, लोडिंग टेंपो जब्त हादसे के बाद अनिल को गंभीर हालत में ट्रोमा सेंटर लेकर जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कूटी सवार मौके से फरार हो गए। जबकि लोडिंग टेंपो को पुलिस ने जब्त कर लिया। रविवार दोपहर 2 बजे अनिल का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। अनिल यादव परिवार के इकलौते बेटे थे। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। अनिल यादव की मां कमलेश देवी चलने में असमर्थ थीं। इस पर परिवार के लोग अंतिम दर्शन के लिए उन्हें शव के पास लेकर पहुंचे। बेटे के शव को देखकर मां बेसुध हो गईं। शिक्षा विभाग से रिटायर हैं पिता अनिल यादव के परिवार में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी, दो बेटे आदित्य (19) और छोटा बेटा दीपांशु (17) हैं। उनके पिता लालाराम यादव शिक्षा विभाग से सेवानिवृत हैं। अनिल यादव तीन बहनों के इकलौते भाई थे। दिल्ली पुलिस से जवानों ने दी सलामी अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली पुलिस के जवानों ने अनिल यादव को सलामी दी। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी आईपीएस अधिकारी निशांत गुप्ता, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अशोक कुमार, एएसआई सुरेंद्र यादव, भाजपा नेता मोहित यादव, एडवोकेट बस्तीराम यादव, कांग्रेस नेता डॉ. आरसी यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस जवानों ने सलामी देकर दिवंगत हेड कांस्टेबल को अंतिम विदाई दी। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। … यह खबर भी पढ़ें सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव पंचतत्व में विलीन:पार्थिव देह देख बिलख पड़ी पत्नी, तोड़ी चूड़ियां; जवानों ने हवाई फायर कर दी सलामीॉ कोटपूतली-बहरोड़ के गांव गंडाला निवासी सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव का मणिपुर के इम्फाल में ड्यूटी के दौरान 9 दिसंबर को निधन हो गया था। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को पैतृक गांव गंडाला पहुंची, जहां शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति को देख पत्नी उषा देवी बिलख पड़ी और पार्थिव देह पर अपनी चूड़ियां तोड़ी। वहीं, बेटे निवेश को रिश्तेदारों ने ढांढस बंधाया। (पढ़ें पूरी खबर)
हरदा में रविवार दोपहर दिल्ली से मुंबई की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को घटनास्थल से उठाकर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह ग्राम उड़ा के पास डाउन ट्रैक के खंभा नंबर 672 के पास यह शव देखा गया। मृतक की उम्र 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि मृतक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान राधेश्याम पिता रमेश शर्मा (46) निवासी ईशापुर कतरा, भरतपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। वह बेंगलुरु में टाइल्स लगाने का काम करता था। राधेश्याम के छोटे भाई दीनदयाल शर्मा, जो भुसावल में काम करते हैं, सहित परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के आने के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका है कि मृतक ट्रेन से गिर गया था। बताया जा रहा है कि ट्रेन से गिरने के बाद वह करीब दो सौ मीटर तक घिसड़ता चला गया, जिससे रास्ते में पेड़ों की टहनियां भी टूट गईं। राधेश्याम अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
कैथल के सीवन में यातायात पुलिस ने एक बुलेट बाइक पर पटाखे बजाकर हुड़दंग करने वाले राइडर का 20 हजार 500 रुपए का चालान काट दिया। बाइक का राइडर शहर के तंग गलियों सहित मुख्य बाजार में पटाखे बजाते हुए घूम रहा था, जिसे आमजन को परेशानी हो रही थी। पुलिस ने चालान करने के बाद बाइक को इंपाउंड कर लिया और थाने ले गई। नाका लगाकर चैकिंग शुरू की बता दें कि सीवान में कई दिनों से ऐसे मामले सामने आ रहे थे। जब बाइक सवार हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे थे। इसकी सूचना दुकानदारों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मुख्य मार्ग पर नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान चीका का एक युवक दिल्ली नंबर की बुलेट बाइक पर पटाखे बजाते हुए आ रहा था। टीम ने उसे रोका और दस्तावेज दिखाने के लिए कहा। बाइक राइडर कोई भी कागज पेश नहीं कर सका। ऐसे में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाइक का साढ़े 20 हजार रुपए का चालान कर इंपाउंड कर लिया। इसके अलावा अन्य बाइक राइडरों और चार पहिया वाहन ड्राइवरों को भी चेतावनी दी कि अगर नियमों के विरुद्ध चलेंगे और वाहनों में अनावश्यक मोडिफिकेशन करवाएंगे तो उनके वाहनों का या तो चालान किया जाएगा। अगर दस्तावेज भी नहीं मिले तो इंपाउंड कर लिया जाएगा। दुकानदारों ने प्रशंसा की ट्रैफिक थाना एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस के पास हुड़दंगबाजी करने वालों की शिकायतें पहुंच रही थी। इस पर टीम ने नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू की और बुलेट बाइक का साढ़े 20 हजार का चालान कर दिया। उन्होंने दोपहिया और चार पहिया वाहनों को चालकों को चेतावनी दी कि अगर नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। सीवन के दुकानदारों ने पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की और साथ में अपील भी की नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
VIDEO: केएल राहुल ने कवर्स के ऊपर मारा गज़ब का छक्का, शॉट देखकर गौतम गंभीर भी रह गए दंग
भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार (13 जून) को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैचमें अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। भारत की इस जीत में कप्तान शुभमन गिल ने अहम भूमिका निभाते हुए नाबाद अर्द्धशतक लगाया लेकिन अंत में केएल राहुल ने चौके-छक्के लगाकरगिल का काम आसान किया और मैच को जल्दी खत्म कर दिया। राहुल नंबर पांच की पोज़िशन पर खेलने आए। उस समय भारत का स्कोर 142/3 था और उन्हें 7.3 ओवर में 53 रनों की ज़रूरत थी। दूसरे छोर पर गिल 70 रन पर खेल रहे थे लेकिन यहां से राहुल ने मोर्चा संभाला और19 गेंदों पर 39 रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। राहुल के बल्ले से इस दौरान 4 चौके और 3 छक्के भी देखने को मिले।इन 3 में से एक छक्का तो ऐसा था जिसे देखकर हेड कोच गौतम गंभीर भी दंग रह गए। ये छक्का ज़िया उर रहमान शरीफ़ी के 22वें ओवर की आखिरी गेंद पर देखने को मिला। शरीफ़ी ने राहुल को एक फ़ुलऔर ऑफ़-स्टंप के बाहर गेंद डाली जिसके लिए राहुल ने पहले से ही पोजिशन बना लीथी।राहुल ने इस गेंद को कवर्स के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया। राहुल का ये शॉट देखने के बाद गंभीर ने जिस तरह से अपने बैटिंग कोच सितांशु कोटक की ओर देखा, उससे सब कुछ साफ़ हो गया कि वो इस शॉट से कितने इम्प्रेस थे। Wait for GG’s reaction to Rahul’s six over covers pic.twitter.com/EkozSlGyQL — Delhi Capitals (@DelhiCapitals) June 13, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score बता दें कि राहुल वनडे क्रिकेट में शानदार फॉर्म में नजर आए हैं और नंबर पांच को तो जैसे उन्होंने अपना ही बना लिया है। वो नंबर पांचकी पोज़िशन पर दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं। 2023 से उन्होंने 22 पारियों में 74.53 की औसत से 969 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। तब से राहुल से बेहतर औसत के साथ किसी ने भी इतने रन नहीं बनाए हैं। ऐसे में अगर राहुल इसी फॉर्म को आगे भी जारी रखते हैं तो अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले ये भारतीय टीम के लिए अच्छा साइन होगा।
दिल्ली के तुगलकाबाद में 12 जून को पांच मंजिला इमारत में लगी आग में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की जांच की। जिसमें एक नाबालिग लड़की आग लगने से पहले अंदर जाते दिखी, जैसे ही वह बाहर आई धमाका हो गया। पुलिस ने CCTV वीडियो के आधार पर नाबालिग को पकड़ा। उसने कबूल किया कि गोविंद पुरी के गिरीनगर की रहने वाली सरिता (27) ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया था। आरोप है कि सरिता ने उसे पेट्रोल और माचिस दी थी ताकि वह पैसे के विवाद को लेकर पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी में आग लगा सके। सरिता दो अन्य आरोपी निरंजन (33) और उसके भाई राजकुमार (27) के कहने पर यह सब कर रही थी। तीनों ने कथित तौर पर निजी दुश्मनी निकालने के लिए आग लगाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने चारों को अरेस्ट कर लिया है। इस हादसे में 3 लोगों की जान चली गई थी। 2 मिनट में आग लगाकर भागी नाबालिग, 3 तस्वीरें… हादसे में 6 लोग बचाए गए थे, ताला काटकर रेस्क्यू बिल्डिंग में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक युवक और दो महिलाएं हैं। 6 लोगों को बचाया गया था। आग पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी। धीरे-धीरे आग पांच मंजिला बिल्डिंग में फैल गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने छत का ताला काटकर लोगों को बचाया। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, गुरुवार देर रात 2:35 बजे से 2:37 बजे के बीच इमरजेंसी कॉल मिलीं। इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की खबर मिलने के बाद फायर फाइटर्स ने रेस्क्यू शुरू किया। 3:45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। 12 जून को आग लगने के बाद रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… रात- 2:35 बजे आग, फायर ब्रिगेड सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची रात- 2:45 बजे, रेस्क्यू टीम ने छत पर दरवाजे का लॉक तोड़ा रात- 3:00 बजे, छत के रास्ते दो लड़कियों को बचाया गया रात- 3:05 बजे, कुछ लोगों को साड़ी की मदद से नीचे उतारा गया रात- 3:15 बजे, आग पर काबू पाया गया, गाड़ियां पूरी तरह जल गईं चश्मदीद बोलीं थीं- गाड़ियां एक-एक करके ब्लास्ट हुईं एक चश्मदीद ने बताया कि, हम लोग पड़ोस में रहते हैं। आग लगने की खबर मिलते ही वहां पहुंचे तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी गाड़ियों में एक-एक करके ब्लास्ट हो रहा था। हमने पानी का इस्तेमाल करके आग बुझाई। हमने पीछे की तरफ से भी लोगों को बचाया। उन्हें नीचे उतारने के लिए साड़ियों का इस्तेमाल किया और लड़कियों को बाहर निकालने के लिए पीछे की सुरक्षा ग्रिल काटी। बिलडिंग में कुल 9 परिवार रहते हैं कुछ बाहर गए थे। घटना के वक्त करीब 20-22 लोग इमारत में रहे होंगे। अब मैप में समझिए कहां हुआ था हादसा --------------------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट:दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। पूरी खबर पढ़ें
फरीदाबाद में रविवार देर रात तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। बल्लभगढ़ से दिल्ली की ओर जा रही एक आई 20 कार बड़खल फ्लाईओवर पर भीषण हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए, लेकिन गनीमत रही कि ड्राइवर की जान बच गई और किसी अन्य व्यक्ति को भी चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 1:15 बजे बल्लभगढ़ से दिल्ली जाने वाले हाईवे पर बड़खल फ्लाईओवर के पास हुआ। दिल्ली नंबर की आई 20 कार में आशीष नामक युवक सवार था, जो पलवल की तरफ से दिल्ली जा रहा था। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर पर पहुंचने के दौरान उसका ध्यान भटक गया। इसी बीच उसने सड़क पर चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया और कार ट्रक से टकरा गई। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बने डिवाइडर से जा टकराई। कार के सभी एयरबैग खुल गए कार ने दो पलटियां खाईं, जिससे गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार के सभी एयरबैग खुल गए और आगे का पूरा हिस्सा बुरी तरह टूट गया। यहां तक कि इंजन के कुछ हिस्से भी निकलकर हाईवे पर बिखर गए। हादसे के बाद ड्राइवर आशीष कार के अंदर फंस गया था। मौके से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत मदद करते हुए उसे बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि ड्राइवर को केवल हल्की चोटें आईं। इसके बाद वह कार से अपना बैग निकालकर वहां से चला गया और मौके पर नहीं रुका। कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद सेक्टर-19 पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे सूचना मिली थी कि बड़खल फ्लाईओवर पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां केवल राहगीर मौजूद थे और कार मालिक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वाहन की स्थिति देखकर साफ लग रहा था कि हादसा बेहद भीषण था। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। चालक के सामने आने के बाद ही हादसे के सही कारणों का पता चल सकेगा।
हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित पिज्जा शॉप के बाहर शनिवार देर रात एक युवक से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कई युवक एक अन्य युवक को लात-घूंसों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। लात-घूंसों से युवक की पिटाई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात डोमिनो पिज्जा शॉप के बाहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद कुछ युवकों ने एक युवक पर हमला कर दिया। मारपीट की यह पूरी घटना किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो का संज्ञान लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले युवकों की पहचान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है- थाना प्रभारी निरीक्षक, मनीष चौहान
दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टेज होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता शमिया चौधरी ने कहा कि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में दूतावास में 1.8 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया। ANI से बातचीत में शमिया ने कहा कि हमें बताया गया था कि शव को मुफ्त में बांग्लादेश भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूतावास में हमसे ₹1.80 लाख लिए गए। मैं जानना चाहती हूं कि जब मुफ्त भेजने का वादा किया गया था तो पैसे क्यों लिए गए। शमिया बोलीं- मुझे लगा था मैं जिंदा नहीं बचूंगी शमिया ने बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 302 में थीं। कमरे में पांच लोग मौजूद थे। उन्होंने ने कहा सुबह करीब 8 बजे आग लगी। उस वक्त मुझे लगा कि मैं बच नहीं पाऊंगी। ऐसा महसूस हो रहा था कि जिंदगी खत्म होने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की मदद से उनका कुछ सामान वापस मिल गया है, हालांकि कई सामान अब भी लापता हैं। CM रेखा गुप्ता ने बचावकर्मियों को किया सम्मानित उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत के सईदुलाजाब भवन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बचाव कार्य में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया गया। लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी को भी विशेष सम्मान दिया गया। आग में 23 लोगों की मौत हुई थी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में 3 जून की सुबह आग लगी थी। आग में मरनों वालों की संख्या 23 हो गई है। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। हादसा होने की 5 बड़ी वजह ----------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल:रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-अलवर हाईवे (एनएच-248ए) पर रविवार सुबह करीब 8 बजे एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना आकेड़ा थाना क्षेत्र में हुई। हादसा उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ऑटो की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। ऑटो में छह लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मृतकों-घायलों की पहचान कराने में जुटी पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य पांच घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऑटो ड्राइवर गांव मेवली का निवासी है। घायलों में टाई गांव के दो युवक और मध्य प्रदेश के दो व्यक्ति शामिल हैं। मृतक की पहचान दिलशाद पुत्र जुबेर निवासी शाहपुर घाघस नगीना के रूप में हुई है। पुलिस घायलों की पहचान कराने में जुटी है। कार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलने पर आकेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार स्विफ्ट कार ड्राइवर की तलाश जारी है और पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इस हादसे ने दिल्ली-अलवर रोड पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
संगरूर में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक और एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) की टीम ने राहगीरों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। टीम में एएसआई शमशेर सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह तथा कांस्टेबल जसप्रीत सिंह ने हादसे का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की एक टोयोटा हाइराइडर कार (DL14CJ1807) दिल्ली से आ रही थी। तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़ा था ट्रक गांव फग्गूवाला के पास हाईवे पर तकनीकी खराबी के कारण खड़े एक ट्रक (HR64A 5487) से कार पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार तीनों लोग वाहन में फंस गए। मशक्कत के बाद घायलों को निकाला एसएसएफ टीम ने राहगीरों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। हादसे में कार चालक प्रिंस कुमार (27) निवासी बुद्ध नगर जिला गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माहीरा पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली ने सिविल अस्पताल भवानीगढ़ पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। लोगों की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही SSF टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। टीम ने बताया कि कार में सवार युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं माहिरा नाम की युवती ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे में घायल सानिया नाम की युवती को SSF टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवानीगढ़ में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया हादसे के बाद हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया गया, ताकि यातायात सुचारु किया जा सके। मामले की सूचना थाना भवानीगढ़ पुलिस को दी गई। ड्यूटी ऑफिसर एएसआई गुरदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और जांच के बाद बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिल्ली के तुगलकाबाद में टीकेडी एक्सटेंशन की गली नंबर 1 में स्थित बिल्डिंग में शुक्रवार देर रात आग लगने से तीन लोगों की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक बिल्डिंग में आग लगाई गई थी, जिससे ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई थी। इस अग्निकांड में 7-8 मोटरसाइकिलें और कारें जल गईं थी। दिल्ली अग्निशमन विभाग को शुक्रवार देर रात 2:27 बजे सूचना मिली और तब आग बुझाने का काम शुरू किया गया था।
दक्षिण दिल्ली के फ्लाईओवर के पास रेस्तरां में लगी आग, बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचाया गया
दक्षिण दिल्ली में कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के पास स्थित एक रेस्तरां में रविवार सुबह आग लग गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस ने बड़े स्तर पर बचाव और आग बुझाने का अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचा लिया गया और घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को यमुना नदी पर पहुंची। यहां पर उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर श्रमदान किया और यमुना से गंदगी को साफ किया।मुख्यमंत्री ने स्वयं गीता कॉलोनी के यमुना तट पर पहुंचकर की सफाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही यमुना का स्वच्छ, निर्मल और अविरल स्वरूप लौटेगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। यहां देखें फोटो…
“दक्षिण दिल्ली रेस्तरां में आग” : बुजुर्ग महिला सुरक्षित, दमकल की 9 गाड़ियां तैनात
दक्षिण दिल्ली में कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के पास स्थित एक रेस्तरां में रविवार सुबह आग लग गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस ने बड़े स्तर पर बचाव और आग बुझाने का अभियान चलाया
PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी केवल इवेंट और मैनेजमेंट की पार्टी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। बीजेपी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वहां तक तो ठीक है लेकिन राज्यपाल भी जा रहे हैं। दरअसल गोविंद सिंह डोटासरा सीकर आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। जहां उन्होंने यह बात कही। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी इवेंट,मैनेजमेंट की पार्टी है,काम इनको करना नहीं है। 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया यह तो बताओ? किस बात को लेकर उनके 12 साल के कार्यकाल पूर्ण होने के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार 20 दिन शहरों में कैंप लगवाने की बात कर रही है। पहले भी कैंप लगवाए क्या हुआ? लोगों की कितनी समस्याओं का समाधान हुआ? हमारी सरकार की तुलना में आज लोगों को 5 गुना महंगे पट्टे मिल रहे हैं। हमने 5-5 रुपए में लोगों को पट्टे दिए गए। बिजली और पानी से जुड़ी कितनी समस्याओं का समाधान हुआ। इन पर चर्चा करने वाला कोई भी नहीं है। बीजेपी सरकार ने आते ही कहा था कि कांग्रेस सरकार ने 10 लाख पट्टे जारी कर दिए। हम इनकी जांच करवाएंगे। जांच भी करवा ली,क्या हुआ। यह लोग एक-एक नगरपालिका और नगर परिषद में 10-10 पट्टे भी नहीं दे पाए हैं। 20 दिन के लिए क्या ही अभियान होगा। बीजेपी सरकार में जब पहले प्रशासन शहरों के संग अभियान चला तब प्रभारी मंत्री संजय शर्मा नीमकाथाना गए,सीकर आए लेकिन शिविर में कर्मचारी नहीं मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा लेकिन कोई एक्शन हुआ ही नहीं। आज हर वर्ग परेशान हो चुका है। दिन में 20-20 बार बिजली की कटौती हो रही है। किसानों के साथ लगातार अन्याय हो ही रहा है। मंत्री के साथ चलने वाले लोग इतना बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे हैं। फिर कहते हैं कि हम तो किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वह तो समझ में आता है लेकिन राज्यपाल जा रहे हैं। कृषि मंत्री इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं जा रहा। बीजेपी की अंतरकलह से लोग परेशान है। मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। राजस्थान के लिए दिल्ली से एक पैसा लेकर नहीं आए। प्रदेश के हालात बड़े गंभीर है। जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से हटाने के बाद सुसाइड मामले पर डोटासरा ने कहा कि हमारी कांग्रेस की सरकार के समय संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का नियम बना था। बीजेपी गवर्नमेंट नई नौकरी तो दे नहीं रही लेकिन संविदा कर्मचारियों को निकाल रही है। जिससे परेशान होकर लोग सुसाइड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भरतपुर में देव दर्शन के लिए तो समय मिल जाता है लेकिन युवाओं को पूछने के लिए समय नहीं है। कोटा में प्रसूताओं की मौत हो गई,बीकानेर में किडनियां फेल हो गई। स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि नाचते-गाते आई थी क्या। यह जो असंवेदन रवैया है सरकार और मंत्रियों का उससे लोग परेशान हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 17 जून को राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं। जो कोटा में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। नीट के पेपर जो लगातार आउट हुए,स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया,इसके अलावा अन्य भी कई परेशानियों से स्टूडेंट्स घिरे हुए हैं। इन्हीं बातों को लेकर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे। राहुल गांधी स्टूडेंट्स से उनकी व्यक्तिगत समस्याएं पूछेंगे कि वह किस तरीके की परेशानी झेल रहे हैं। इसके अलावा देश में युवाओं की क्या समस्याएं हैं। जो कोचिंग में रहते हैं उनको क्या प्रॉब्लम आती है। मोदी सरकार से युवाओं को क्या अपेक्षा थी और कहां विफल रह गए।
जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत का आरोपी फिरोज कभी खुद पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दिल्ली-एनसीआरर में पटाखे बैन होने के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उसने न केवल जयपुर, बल्कि 5 अलग-अलग राज्यों में पटाखों की अवैध फैक्ट्रियां खोलीं। अग्निकांड के बाद से फरार फिरोज का दिल्ली में आलीशान 3 मंजिला बंगला है। जयपुर में भी उसने प्रॉपर्टी खरीद रखी थी। फिरोज के साथ मिलकर पटाखा फैक्ट्रियों के दम पर जयपुर के दोनों भाई कय्यूम और याकूब भी मालामाल हो गए थे। दोनों भाईयों का प्लान राजनीति में एंट्री करने का भी था। जयपुर में फिरोज ने कय्यूम और याकूब ही नहीं वसीम और अकील को भी फैक्ट्री खुलवाकर दी। अकेले खोह नागोरियान इलाके में पुलिस को 20 अवैध फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी में सामने आया है कि इन सबको कच्चा माल (बारूद) फिरोज ही सप्लाई करता था। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- अग्निकांड के मास्टरमाइंड चेहरों की कहानी… 12वीं पास है मास्टरमाइंड फिरोज फिरोज खान (33) मूलरूप से यूपी के गाजियाबाद का रहने वाला है। आरोपी का पिता कुछ साल पहले ही दिल्ली में शिफ्ट हुआ था। आरोपी ने 12वीं करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दिल्ली में ही एक पटाखा फैक्ट्री में काम किया करता था। दिल्ली-एनसीआर में जब पटाखों पर बैन लगा तो फिरोज का काम छूट गया था। इसके बाद उसने एनसीआर से बाहर खुद की फैक्ट्री लगाने की सोची। जयपुर से शुरू किया बारूद का कारोबार दिल्ली निवासी फिरोज लगभग 6 साल पहले 2020 में जयपुर में पटाखे बनाने की फैक्ट्री खोलने के मकसद से आया था। उसकी पहली मुलाकात कय्यूम से हुई। उसने कय्यूम को बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी ओर दो बच्चे हैं। किराये का मकान चाहिए, जिसके बाद कय्यूम ने फिरोज को अपने करीम नगर वाले मकान पर किरायेदार रख लिया। कुछ महीने रहने के बाद फिरोज ने कय्यूम को पटाखा फैक्ट्री डालने का प्लान समझाया। कय्यूम राजी हुआ और फिरोज के साथ मिल कर पटाखे बनाने के लिए मजदूरों की व्यवस्था करने लगा। फिरोज ने दिल्ली से ही अपने कुछ पुराने साथियों को यहां बुला लिया। देखते ही देखते काम इतना बढ़ गया कि जगह कम पड़ने लगी। इसके बाद कय्यूम, उसके छोटे भाई याकूब और फिरोज ने मिलकर आसपास के इलाकों में और मकानों को किराए पर लेकर गोदाम बनाए। वहां मजदूरों से पटाखे तैयार करवाने लगे। फिरोज अपनी पर्सनल कार से दिल्ली से कच्चा माल (बारूद) जयपुर लेकर आता। कय्यूम उस बारूद से अपनी फैक्ट्री में अलग-अलग पटाखे तैयार करवाता था। इसके बाद फिरोज तैयार माल की अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करता था। फिरोज का दिल्ली में 3 मंजिला मकान, पिता बोला- मेरा बेटा गायब अग्निकांड की जांच कर रही टीम बारूद सप्लाई करने वाले और मास्टरमाइंड फिरोज खान के दिल्ली स्थित घर पहुंची तो वो मौके से गायब था। उसने वहां 3 मंजिला आलिशान मकान बना रखा है। वहां पुलिस टीम को उसका पिता मिला। फिरोज के पिता ने पुलिस टीम को बताया कि उसका बेटा 3 दिन से गायब है। उसका मोबाइल फोन भी बंद है। बिना बताए वह पहले भी घर से गायब रहता था। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके घर और ऑफिस से कई दस्तावेज मिले हैं, जिससे उसके पटाखों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। 5 राज्यों में फैक्ट्री, गिरफ्तारी के बाद होगा खुलासा पुलिस को जांच में फिरोज की जयपुर सहित हरियाणा, यूपी में सहित 5 राज्यों में पटाखा फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी के अनुसार आबादी क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर या किराए पर लेकर स्थानीय लोगों को ही नौकरी पर रखते थे, ताकि आसपास का कोई भी व्यक्ति सवाल नहीं उठाए। जयपुर में खरीदी प्रॉपर्टी, दस्तावेजों में मिली फिरोज की तस्वीर कय्यूम और याकूब ने अपनी फैक्ट्री फिरोज को किराए पर दे रखी थी। जब पुलिस टीम ने कय्यूम के घर पर सर्च किया तो मौके पर अमरनाथ गृह निर्माण विकास प्रा.लि की एक स्लिप मिली। इससे पता चला कि फिरोज खान ने यहां करीम नगर में 53 गज का प्लॉट भी खरीद रखा था। इस रसीद में पहली बार मास्टरमाइंड फिरोज की फोटो पुलिस के हाथ लगी। मजदूरों को जलते देख छोड़कर भागा कय्यूम इस पूरे मामले में पुलिस ने अभी तक केवल एक आरोपी सलमान कुरैशी (32) पुत्र कमालुद्दीन कुरैशी निवासी खोह नागोरियान को गिरफ्तार किया है। सलमान ने ही मुख्य आरोपी कय्यूम को भगाने में मदद की थी। रिमांड पर लेने के बाद हुई पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि 9 जून मंगलवार की सुबह जब फैक्ट्री में जब हादसा हुआ, तब मुख्य आरोपी कय्यूम खान 500 मीटर की दूरी पर खड़ा था। जैसे ही आग लगने की जानकारी कय्यूम के भतीजे सलमान कुरैशी को मिली, वह कय्यूम को बाइक से लेकर मौके पर पहुंचा। मजदूरों को जलता हुआ बाहर आते देख कय्यूम इतना घबरा गया कि उसका बीपी डाउन हो गया। सलमान ने कय्यूम को एक कार में डाला और उसे लेकर घर पहुंचा। यहां बीपी की दवाई लेने के बाद कय्यूम ने घर से बैग पैक किया। घरवालों को नसीहत दी कि जब तक वह नहीं आता किसी को घर में नहीं घुसने देना। किसी से कोई बात मत करना। इसके बाद सलमान कय्यूम को लेकर सिंधी कैंप पहुंचा और दिल्ली जाने वाली बस में उसे बिठा दिया। तब से कय्यूम के साथ-साथ उसका सगा भाई याकूब भी गायब है। शातिर आरोपियों ने सोशल आईडी कर दी डिलीट दोनों सगे भाइयों की तलाश में टीमें निरंतर छापे मारी कर रही है। जांच टीम दिल्ली, यूपी, जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में दोनों को सर्च कर रही है। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी याकूब खुद के नाम से एक फेसबुक पेज चलाता है। घटना के बाद उसने सबसे पहले अपना एफबी एकाउंट डिलीट किया, हालांकि पुलिस पेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया पेज से उसके कनेक्शन की जानकारी मिल सकती है। राजनीति में एंट्री करना चाहते थे दोनों भाई अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और जमीनों की सौदेबाजी से कय्यूम और याकूब ने खूब पैसा कमा लिया था। दोनों भाई राजनीति में उतरने का प्लान बना रहे थे। यही कारण है कि वह पिछले कुछ सालों से राजनीति से जुड़े लोगों के नजदीकियां बढ़ा दी थी। अपने इलाके में अपनी रसूख और दबदबा दिखाने के लिए आरोपियों ने कई राजनेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हुए बड़े-बड़े पोस्टर-होर्डिंग्स लगा रखे थे। मृतकों के परिजनों ने नहीं दी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट इस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत होने के बावजूद किसी भी मृतक के परिवार ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई शिकायत नहीं दी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट अलोक सिंघल ने बताया कि आज तक पीड़ित परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली। पुलिस ने प्रयास किया लेकिन कोई सामने नहीं आया, जिसके बाद बीट कॉन्स्टेबल के नाम से तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 4 एफआईआर और दर्ज कर ली हैं। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें 5 राज्यों में दबिश दे रही हैं। जहां अग्निकांड, उसके आसपास 20 गोदाम-फैक्ट्रियां जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में निरंतर सर्च कर रही है,सर्च के दौरान पुलिस टीम ने करीब 20 गोदामों को चिन्हित कर उन्हें सील किया है। हैरानी का बात तो यह है कि गोदाम के पास रहने वाले किसी भी व्यक्ति ने गोदाम से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा नहीं की, ना ही बताया कि गोदाम में क्या रखा है और यहां पर क्या काम होता है।पुलिस ने संदिग्ध गोदामों की जांच करने के बाद उन्हें सील कर दिया है। एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि हर वह मकान जिस पर ताला मिला वह पुलिस के लिए संदेश पैदा कर रहा है। आरएसी के जवानों के साथ मिलकर संदिग्ध कॉलोनियों में सर्च किया है। ड्रोन की मदद भी इस में ले रहे हैं। आरोपियों और पुलिस गठजोड़ की हो रही जांच एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय सिंह ने बताया कि उनकी जांच के कई पॉइंट हैं, जिस पर काम किया जा रहा है। बीट कांस्टेबल से लेकर सीआई की इस पूरे घटनाक्रम में क्या लापरवाही रही, हर बिंदू पर जांच हो रही है। …. पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़िए… अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में नाबालिग भी काम करते मिले:जहां 8 लोग जिंदा जले, वहां बारूद का अवैध कारोबार करने वालों की तस्वीरें सामने आईं कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
दिल्ली के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण केंद्र ने संभाला
नई दिल्ली|केंद्र ने शनिवार को दिल्ली में 15.20 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। जयपुर पोलो ग्राउंड दिल्ली के लुटियंस इलाके में है। 1930 के आसपास यह दिल्ली पोलो क्लब को मिला। बाद में इसका संचालन आईपीए ने संभाला।
20 को दिल्ली धरने में जरूर जाएंगे : तुषार
विक्की कुमार | अमृतसर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके शहर पहुंचे। गोल्डन गेट पर सीजेपी के प्रदर्शन के लिए 700 लोगों की मंजूरी आप प्रवक्ता ने ली थी मगर 300 युवा भी नहीं पहुंचे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिए धरने में बुजुर्गों, ईटीटी टीचर्स, आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय पार्षद भी पहुंचे। सीजेपी फाउंडर दीपके की गाड़ी में आप' के प्रवक्ता शिशवीर शर्मा साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इतना ही नहीं उनकी स्टेज पर दीपके के साथ यूथ विंग के जिला वाइस प्रधान जेएस राहुल भी साथ थे। हैरानी की बात यह रही कि इस धरने में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों जैसे लुधियाना, बटाला, गुरदासपुर और यहां तक कि झारखंड से भी युवा पहुंचे थे। वहीं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर भी बड़ी संख्या में कैमरे चमकाते नजर आए। दीपके के गोल्डन गेट पर पहुंचने पर एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर मौके पर पहुंची और अचानक रुट ही बदल दिया। शहर के अंदर एंटर करने वाले वाहनों का ट्रैफिक दर्शन सिंह एवेन्यू की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। अचानक रूट बदलने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दों पर शुरू आंदोलन में अचानक आप वर्करों और पार्षदों की एंट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि क्या इस छात्र आंदोलन को पर्दे के पीछे से कोई राजनीतिक सपोर्ट मिल रहा है? दबी जुबान में लोगों ने कहा कि दीपके को स्पष्ट करके जाना चाहिए कि सीजेपी किसी भी पार्टी की कोई बी टीम तो नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो पंजाब के लोग उन्हें सिरे से नकार देंगे। लुधियाना से सीजेपी के समर्थन में पहुंचे अर्शदीप सिंह का कहना था कि नीट और सीबीएसई स्टूडेंट्स के साथ धोखा हुआ है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लेना चाहिए, क्योंकि उनकी वजह से बच्चों के भविष्य खराब हुए है। मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। झारखंड से पहुंचे तुषार अभिराज का कहना था कि कॉकरोच जनता पार्टी ने स्टूडेंटस के मुद्दों को उठाया है। अगर उनकी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने दीपके की ओर से 20 जून को दिल्ली मे ं लगाए जाने वाले मोर्चे को भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 20 को जरुर वहां जाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अमृतसर में शहीद भगत सिंह की तस्वीर लेकर पहुंचे। वहीं इससे पहले दिल्ली में बाबा साहेब की तस्वीर हाथ में लेकर पहुंचे थे। सीजेपी की ओर से इस प्रदर्शन के लिए बकायदा परमिशन ली गई थी। प्रशासन ने शाम 4 से 7 बजे तक केवल 700 लोगों के इकट्ठा होने की मंजूरी दी थी। सबसे बड़ी बात यह कि प्रशासन ने स्टेज लगाने की परमिशन नहीं दी थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर स्टेज तैयार कर लिया गया। पुलिस ने परमिशन में यही कहा था कि वह सिर्फ गाड़ी से ही अपना भाषण देंगे। वहीं दीपके ने पंजाब सरकार और पुलिस से अपने काफिले के लिए एस्कॉर्ट गाड़ी और विशेष सुरक्षा की मांग की थी जिसे प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया। वहीं वीआईपी सुरक्षा न मिलने के बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
मेरठ में एक सीरियाई महिला को संदिग्ध मानकर पुलिस ने घंटों तक थाने में बैठाए रखा। महिला मेडिकल वीजा पर भारत आई थी। वह लगातार अपनी पहचान और भारत आने का उद्देश्य बताती रही, लेकिन पुलिस और अन्य एजेंसियां उसके दस्तावेजों की जांच में जुटी रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जांच प्रक्रिया पूरी हुई और महिला को दिल्ली भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, नौचंदी थाना क्षेत्र में एक मस्जिद के पास एक विदेशी महिला हाथ में मदद की अपील वाला पोस्टर लेकर घूम रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे संदिग्ध परिस्थितियों में देखकर पुलिस को सूचना दी। नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सीरिया की निवासी है और अपने पति के इलाज के लिए मेडिकल वीजा पर भारत आई है। उसके पास वैध पासपोर्ट, मेडिकल वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी थे। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और भारत में उसकी उपस्थिति के संबंध में विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, महिला को कई घंटों तक थाने में रखा गया। इस दौरान वह दिल्ली पहुंचाने और सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाती रही। पुलिस और संबंधित एजेंसियां उसके दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ में व्यस्त रहीं। बाद में यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। जांच में सामने आया कि महिला अपने पति के उपचार के लिए भारत आई थी। उसके पति के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए उसे भारत आने की सलाह दी गई थी। आर्थिक तंगी के कारण महिला सहायता की तलाश में थी। इसी क्रम में, किसी व्यक्ति के कहने पर वह दिल्ली से मेरठ पहुंच गई और लोगों से मदद मांगने लगी। सभी आवश्यक औपचारिकताएं और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शनिवार को महिला को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि विदेशी महिला मिलने की सूचना पर पुलिस ने नियमानुसार पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया था। जांच में महिला के मेडिकल वीजा पर भारत आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे दिल्ली भेज दिया गया।
जयपुर से दिल्ली जा रहे एक परिवार के 4 लोगों की हरियाणा के नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। फिरोजपुर झिरका सदर थाना क्षेत्र में बघौला के पास शनिवार सुबह उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे घुस गया और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस, NHAI की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस कर्मी मौके पर पहुंचे। टीम ने कार के दरवाजों और शीशों को काटकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक 4 लोगों की सांसें थम चुकी थी। मरने वालों में मां, बेटा और बेटी शामिल है। चौथा मृतक भी इसी परिवार से जुड़ा है। हादसे में परिवार का मुखिया और 4 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक इलाज के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर्स के अनुसार, दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। नूंह में हुए हादसे के PHOTOS… अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कारजानकारी के अनुसार जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही हुंडई अल्काजार कार सुबह करीब 6:35 बजे एक्सप्रेसवे के 64/170 किलोमीटर पॉइंट पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। केले से भरा ट्रक सुबह 6:24 बजे वहां आकर खड़ा हुआ था। इसके बाद 11 मिनट बाद ही कार उससे टकरा गई। चार की मौत, दो गंभीर रूप से घायलहादसे में पूनम (37) पत्नी जवाहर, खुशी (16) पुत्री जवाहर, डूग्गी (12) पुत्र जवाहर निवासी शिव कुंडा की तलाई, नाटाटा रोड, आमेर थाना, जयपुर और केशव (26) निवासी कोटपूतली की मौके पर ही मौत हो गई। पूनम के पति जवाहर (55) और बेटा चेतन (3.5) गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में मां-बेटा, बेटी और रिश्तेदार शामिलपरिजनों के अनुसार, जवाहर की पूनम से दूसरी शादी हुई थी। केशव इनका रिश्तेदार है, जो जयपुर में ही किराए के मकान में रहकर नर्सिंग की तैयारी कर रहा था। करीब 15 दिन पहले पूनम के पिता का कैंसर के कारण निधन हुआ था। भाई बोला- रात को बहन और परिवार से बात हुई थीमृतका पूनम के भाई सोमजाद निवासी धौलपुर ने बताया- शुक्रवार रात मेरी बहन और परिवार से बात हुई थी। उस समय सभी जयपुर में थे और सामान्य बातचीत हुई थी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे थाने से फोन आया कि परिवार का एक्सीडेंट हो गया है। ------------ एक्सीडेंट की ये खबर भी पढ़ें ड्राइवर को झपकी आई, दो बसें टकराई, 3 की मौत:36 घायल, परिवार के लोग गंगाजी स्नान के लिए जा रहे थे सोरोंजी दो बसों की आमने-सामने की टक्कर में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भरतपुर से प्राइवेट बस से परिवार के 40 लोग गंगाजी स्नान के लिए सोरोंजी जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के कासगंज में शनिवार सुबह 4 बजे हादसा हुआ। ड्राइवर को झपकी आने से एक्सीडेंट होने की आशंका जताई जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर और शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट (55) को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर शनिवार को लखनऊ में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पुलिस के मुताबिक, विरामखंड निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर जांच के बाद जनवरी 2026 में गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई पुलिस आरोप है कि तारा सिंह बिष्ट और उसके सहयोगियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक अनरजिस्टर्ड प्लांट को रजिस्टर्ड दिखाते हुए बिजली विभाग से तथ्य छिपाकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा उसी के आधार पर बिजली कनेक्शन हासिल कर उसका उपयोग किया।मामले में धारा जालसाजी, धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसके बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस टीम ने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर दिल्ली पुलिस के सहयोग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चाणक्यपुरी स्थित उत्तराखंड निवास के रिसेप्शन से तारा सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया। हिस्ट्रीशीटर है आरोपी, 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार तारा सिंह बिष्ट गोमतीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, कब्जा, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोमतीनगर, चिनहट, वजीरगंज, महानगर, हुसैनगंज और गोमतीनगर विस्तार थाने के मामले शामिल हैं।
जींद जिले के नरवाना में सिरसा ब्रांच नहर पर दिल्ली-बठिंडा रेलवे मार्ग पर नए पुल के निर्माण कार्य के कारण शनिवार को रेल यातायात 9 घंटे तक प्रभावित रहा। रेलवे ने पुराने पुल को हटाकर नए पुल की स्लैब लॉन्चिंग का कार्य किया। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा और कई ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिरसा ब्रांच नहर पर ट्रेन संचालन के लिए नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। शनिवार को पुल की स्लैब लॉन्चिंग का महत्वपूर्ण चरण पूरा किया गया, जिसके लिए रेलवे ट्रैक पर यातायात अस्थायी रूप से रोका गया था। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शनिवार देर शाम तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो जाएगा। ब्रिटिश काल में हुआ था पुराने पुल का निर्माण जिस पुराने पुल को हटाया गया है, उसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुआ था। लंबे समय तक उपयोग के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। तकनीकी जांच के बाद रेलवे विभाग ने इसे अनुपयोगी घोषित कर दिया था। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुराने पुल के स्थान पर एक नया और आधुनिक पुल बनाया जा रहा है। रेलवे विभाग ने बताया कि नया पुल तैयार होने के बाद इस मार्ग पर रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। विभाग ने निर्माण कार्य के दौरान हुई अस्थायी असुविधा के लिए यात्रियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों को विश्वास है कि नए पुल के निर्माण से भविष्य में इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात सुरक्षित और बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा।
सहरसा में कार ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर, 4 घायल:दिल्ली से छुट्टी में आई थी किशोरी, हालत गंभीर; CCTV
सहरसा शहर में तेज रफ्तार वाहन की लापरवाही से बड़ा सड़क हादसा हो गया। गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर के पास शुक्रवार शाम तेज गति से आ रही चारपहिया गाड़ी ने एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा पर सवार 13 साल के किशोरी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज शहर के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। वहीं, शनिवार को इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार वाहन के ई-रिक्शा को टक्कर मारने की पूरी घटना कैद हो गई है। पलभर में तेज रफ्तार गाड़ी ने मारी टक्कर घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। शहर के गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर (यूबीएन के सामने) के पास एक चारपहिया वाहन तेज रफ्तार से आ रहा था। इसी दौरान सड़क पर जा रहे ई-रिक्शा में उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से आई थी किशोरी घायल किशोरी की पहचान 13 साल के रामरता कुमारी के रूप में हुई है। वह अपने पिता सुनील शर्मा के साथ ई-रिक्शा से जा रही थी। परिजनों ने बताया कि रामरता गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से सहरसा आई हुई थी और अपनी मौसी सास के यहां ठहरी थी। शुक्रवार को वह अपने माता-पिता के साथ ई-रिक्शा से सुपौल स्थित अपने ननिहाल जाने के लिए निकली थी। इसके लिए वे सुपर मार्केट बस स्टैंड जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गांधी पथ के पास हादसा हो गया। ई-रिक्शा में सवार थे चार लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय ई-रिक्शा में कुल चार लोग सवार थे। तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने पीछे से या साइड से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया। घटना में रामरता कुमारी के अलावा उसके पिता 40 साल सुनील शर्मा और ई-रिक्शा चालक 25 वर्षीय अबरार उद्दीन भी घायल हो गए। अबरार उद्दीन सहरसा बस्ती के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बच्ची की हालत गंभीर, अस्पताल में चल रहा इलाज स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को शहर के नजदीक स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार किशोरी रामरता की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है। शनिवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने टक्कर मारी। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मालिक रवि यादव, निवासी किशनगंज हैं, जबकि वाहन अंकेश यादव चला रहा था। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। यह दुर्घटना थाना सदर फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बघौला के पास हुई, जब जयपुर से दिल्ली जा रही एक अल्काजार हुंडई कार सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर से पीछे से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवक, 15 वर्षीय लड़की और 10-12 वर्षीय बालक शामिल हैं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 55 वर्षीय व्यक्ति और 4 साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायलों की हालत नाजुक, जयपुर रेफर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि घायलों में 55 वर्षीय जवाहर लाल पुत्र मूलचंद और चार वर्षीय बच्चे अक्षय कुमार निवासी मेवली, सवाय माधोपुर, राजस्थान के रुप में हुई है। घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें नल्हड़ मेडिकल कालेज से जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आयशर कैंटर सुबह करीब 6:24 बजे एक्सप्रेस-वे के 64/170 किलोमीटर प्वाइंट पर खड़ा हुआ था। इसके लगभग 11 मिनट बाद, सुबह 6:35 बजे तेज रफ्तार अल्काजार कार उसके पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए थे। पुलिस ने गाड़ी से बाहर निकाले मृतक और घायल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों और शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और यह भी पड़ताल की जा रही है कि आयशर कैंटर एक्सप्रेस-वे पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
दिल्ली के एक होटल और रोहतक की मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार अब बड़े और प्रमुख शहरों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाने जा रही है। इसको लेकर 500 से 800 वायरलेस सेट की खरीद की जाएगी। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें भी आएगी। दरअसल, हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण लगातार हो रहे हैं। प्रदेश का फायर विभाग इस हिसाब से अपडेट नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश जिलों में ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर तक उपलब्ध नहीं हैं और कई बार आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से वाहन मंगाने पड़ते हैं। जल्द खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण अग्निशमन विभाग के निदेशक आईएफएस शेखर विद्यार्थी के अनुसार विभाग में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है। विभाग प्रदेशभर के फायर स्टेशनों पर वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 500 से 800 वायरलेस उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा फायर सूट, कंबी टूल और अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे ताकि अग्निशमन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की तैयारी विभाग ने 16 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें विभिन्न ऊंचाई क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं, 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 90 मीटर क्षमता वाले प्लेटफॉर्म, 70 मीटर, 68 मीटर, 55 मीटर और 42 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर, फोम टेंडर और वाटर मिस्ट सिस्टम। हालांकि इनकी खरीद की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर है और फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करीब 3831 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1852 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में बढ़ते शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दमकल वाहनों की भी कमी प्रदेश में वर्तमान में करीब 485 फायर वाहन उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 671 वाहनों की बताई जा रही है। यानी विभाग को अभी भी लगभग 186 अतिरिक्त वाहनों की जरूरत है। संसाधनों की कमी के कारण कई बार किसी बड़े अग्निकांड के दौरान पड़ोसी जिलों से सहायता लेनी पड़ती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऊंची इमारतों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और अन्य शहरी जिलों में सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। लेकिन आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं।विभाग के पास वर्तमान में ऐसी सीमित मशीनें हैं, जो लगभग 137 फीट तक पहुंच सकती हैं। वहीं गुरुग्राम में कई इमारतें 500 फीट तक ऊंची हैं। आपात स्थिति में विभाग को डीएलएफ की 295 फीट ऊंची मशीन जैसी निजी संसाधनों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ क्षेत्र में केवल एक-एक हाइड्रोलिक लैडर उपलब्ध होने के कारण बड़े हादसों की स्थिति में प्रतिक्रिया समय बढ़ सकता है। दूसरे जिलों से बुलानी पड़ती हैं गाड़ियां कई जिलों में संसाधनों की कमी इतनी है कि बड़ी आग लगने पर अन्य जिलों से फायर वाहन बुलाने पड़ते हैं। इससे आग पर नियंत्रण पाने में देरी होती है। कई मामलों में वाहनों को 10 से 15 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करके मौके पर पहुंचना पड़ता है, जिससे शुरुआती गोल्डन टाइम प्रभावित होता है।
दिल्ली की 8 उड़ानें लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट:खराब मौसम के कारण उतरीं, ज्यादातर फ्लाइट इंडिगो की
दिल्ली में शुक्रवार देर रात अचानक मौसम खराब होने से हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं। खराब दृश्यता और प्रतिकूल मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान संचालन बाधित हो गया। इसके चलते विभिन्न शहरों से दिल्ली जा रही 8 उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट किया गया। मौसम सामान्य होने के बाद सभी विमानों को उनके गंतव्य दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में देर रात मौसम बिगड़ने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने कई विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया, जिनमें से आठ उड़ानें लखनऊ पहुंचीं। डेढ़ से पौने दो घंटे की देरी से दोबारा टेकऑफ डायवर्ट की गई उड़ानों में सबसे पहले एअर इंडिया की आंध्र प्रदेश से दिल्ली जा रही उड़ान एआई-2904 रात 12 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरी। इसमें 156 यात्री सवार थे। मौसम सामान्य होने पर इसे रात 1:42 बजे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इसके बाद अहमदाबाद से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई-932 रात 12:18 बजे लखनऊ पहुंची, जिसमें 230 यात्री थे। यह उड़ान रात 1:52 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। ज्यादातर फ्लाइट रात 12 बजे के बाद आईं इसी क्रम में एअर इंडिया एक्सप्रेस की पटना-दिल्ली उड़ान आईएक्स-1029 रात 12:32 बजे, एयर इंडिया की उड़ीसा-दिल्ली उड़ान एआई-1847 रात 12:59 बजे और इंडिगो की मंगलौर-दिल्ली उड़ान 6ई-6457 रात 1:06 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरीं। मौसम में सुधार के बाद इन विमानों को भी दिल्ली भेजा गया। कजाकिस्तान से दिल्ली आ रही एयर अस्ताना की उड़ान केसी-963 रात 1:12 बजे और नासिक से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई-6636 रात 1:20 बजे लखनऊ में उतरीं। इसके अतिरिक्त, स्पाइसजेट की पटना-दिल्ली उड़ान एसजी-2478 को भी रात 1:37 बजे लखनऊ डायवर्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था। दिल्ली में मौसम सुधरने के बाद सभी उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया और यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए सफलतापूर्वक रवाना कर दिया गया।
दिल्ली में प्रतिकूल मौसम के चलते शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के कुल आठ उड़ानों को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीसीएसआईए), लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एयरलाइनों ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए, जिससे सभी उड़ानों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सका। आधी रात से तड़के तक पहुंचीं उड़ानें दिल्ली जाने वाली इंडिगो की अहमदाबाद-दिल्ली उड़ान सबसे पहले रात 12:08 बजे लखनऊ पहुंची। इसके बाद वाराणसी-दिल्ली, पटना-दिल्ली, भुवनेश्वर-दिल्ली, मंगलुरु-दिल्ली, अल्माटी-दिल्ली, किशनगढ़-दिल्ली और पटना-दिल्ली सेक्टर की अन्य उड़ानों को भी मौसम खराब होने के कारण लखनऊ में उतारा गया। अधिकांश उड़ानें बाद में दिल्ली रवाना डायवर्ट की गई सात उड़ानों को मौसम में सुधार और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की पटना-दिल्ली उड़ान से 23 यात्रियों ने स्वेच्छा से अपनी यात्रा स्थगित कर दी, जबकि इंडिगो की किशनगढ़-दिल्ली उड़ान से तीन यात्री लखनऊ में उतर गए। स्पाइसजेट की उड़ान रद्द, यात्रियों के ठहरने का इंतजाम पटना से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट की उड़ान एसजी-2478 को भी लखनऊ डायवर्ट किया गया, लेकिन बाद में यह उड़ान रद्द कर दी गई। एयरलाइन की ओर से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने संभाली स्थिति एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार सभी डायवर्ट उड़ानों का सुरक्षित संचालन किया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित एयरलाइनों ने समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं। दिल्ली में मौसम सामान्य होने के बाद अधिकांश उड़ानें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गईं।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होने वाली राष्ट्रीय अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे। आज नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। अध्यक्ष पद के लिए केवल उपेंद्र कुशवाहा का ही नामांकन हुआ है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इसके बाद दोपहर एक बजे कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा का निर्विरोध चुनाव पर राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण भले ही उपेंद्र कुशवाहा का अध्यक्ष बनना महज औपचारिकता रह गया हो लेकिन उनके सामने पार्टी को मजबूत करने की बड़ी चुनौती खड़ी है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा इस समय संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कठिन दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में कुशवाहा की परीक्षा लेने वाले हैं। दीपक प्रकाश को लेकर बढ़ी राजनीतिक मुश्किल उपेंद्र कुशवाहा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर खड़े हुए राजनीतिक हालात हैं। विधान परिषद चुनाव में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके मंत्री पद से इस्तीफे की संभावना बढ़ गई है। इससे न केवल कुशवाहा की राजनीतिक ताकत पर असर पड़ सकता है, बल्कि पार्टी के भीतर भी नए समीकरण बनने की संभावना है। इसे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विधायकों की नाराजगी से बढ़ा दबाव 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन बेटे को मंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया। कई विधायक पहले से ही नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। कुछ नेताओं ने बगावती तेवर भी अपना लिए हैं। ऐसे में पार्टी को एकजुट बनाए रखना और नाराज नेताओं को मनाना उपेंद्र कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती होगी। संगठन बचाने और भविष्य तय करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के कंधों पर पार्टी को टूटने से बचाने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही उन्हें यह भी साबित करना होगा कि बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रासंगिकता अभी भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में उनके फैसले तय करेंगे कि पार्टी राजनीतिक रूप से नई ताकत हासिल करती है या फिर चुनौतियों के बोझ तले और कमजोर होती है। सबकी नजर कुशवाहा के अगले कदम पर निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उपेंद्र कुशवाहा कौन से संगठनात्मक और राजनीतिक फैसले लेते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। पार्टी में बढ़ती असंतुष्टि को कैसे संभालते हैं, सहयोगियों और विधायकों को किस तरह साथ रखते हैं और बिहार की राजनीति में अपनी भूमिका को कैसे पुनर्स्थापित करते हैं, यही उनके नए कार्यकाल की सबसे बड़ी कसौटी होगी। फिलहाल, अध्यक्ष पद की ताजपोशी तय है, लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होने वाली है। NDA में सम्मानजनक हिस्सेदारी बनाए रखना भी चुनौती राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए का हिस्सा है, लेकिन हाल के दिनों में गठबंधन के भीतर उसकी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी चर्चा होती रही है। विधान परिषद चुनाव में उनकी हार और राजनीतिक निर्णयों में घटती भूमिका को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठे हैं। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा को यह भी साबित करना होगा कि एनडीए में उनकी पार्टी की भूमिका केवल सहयोगी दल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बिहार की राजनीति में प्रभावी हिस्सेदारी रखने वाली ताकत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद असली परीक्षा शुरू दिल्ली में होने वाला चुनाव भले ही औपचारिक हो, लेकिन उसके बाद शुरू होने वाला कार्यकाल उपेंद्र कुशवाहा के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। बेटे के राजनीतिक भविष्य, नाराज विधायकों को साधने, संगठन को मजबूत करने और NDA में अपनी भूमिका को प्रभावी बनाए रखने जैसे कई मोर्चों पर उन्हें एक साथ काम करना होगा। ऐसे में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी असली परीक्षा अब शुरू होने वाली है। एक समय था जब उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के सबसे करीबी थे। लेकिन लगातार राजनीतिक हालातों में बदलाव ने उपेंद्र कुशवाहा को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है कि अगर मजबूत और सकारात्मक फैसले नहीं लेंगे तो पार्टी की मुश्किल बढ़ सकती है।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति और 3 केंद्रीय मंत्रियों से मिले राज्यपाल कटारिया
उदयपुर| पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ सिलसिलेवार उच्च स्तरीय बैठकें कर पंजाब, चंडीगढ़ सहित राजस्थान से जुड़े कई अहम विकास एजेंडों को आगे बढ़ाया। कटारिया ने सबसे पहले उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट कर जनहित के मुद्दों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इसके बाद संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर ली कॉर्बुसिए द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित ग्रेड-1 हेरिटेज गवर्नमेंट म्यूजियम और आर्ट गैलरी के जीर्णोद्धार के लिए ‘म्यूजियम ग्रांट स्कीम’ के तहत विशेष सहयोग मांगा, ताकि इसके बेशकीमती संग्रह को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दिलाने के लिए कटारिया ने खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के सामने सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक इंटरनेशनल मल्टी-पर्पस इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा। चंडीगढ़ में नवंबर 2026 में होने वाली दूसरी अंतरराष्ट्रीय मैराथन, एशियन रिले चैंपियनशिप 2027 और 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2027 की मेजबानी पर चर्चा कर पंजाब और चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की वकालत की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। अंत में, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक में कटारिया ने न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों की चिंताओं को दूर करने के क्रम में उदयपुर बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया।
आदिवासी अंचल मेवाड़-वागड़ के लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की 44 वर्षों से लंबित मांग अब दिल्ली के गलियारों में गूंज उठी है। उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर बार एसोसिएशन उदयपुर और मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचा। इस मिशन को गति देने के लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने खुद कमान संभाली। राज्यपाल कटारिया के विशेष आग्रह पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने समय नियत किया। इसके बाद राज्यपाल स्वयं पंजाब से दिल्ली पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल के साथ विधि मंत्री के निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। वकीलों ने 5वीं अनुसूची के प्रावधानों और अन्य राज्यों के मॉडल से रखी मजबूत दावेदारी जोधपुर की 300 किमी की दूरी बढ़ा रही बोझबार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकृपा शर्मा व मनीष शर्मा बताते हैं कि उदयपुर संभाग के सुदूर जिलों जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ से हाईकोर्ट जोधपुर की दूरी 300 से 350 किलोमीटर से भी अधिक है। एक गरीब आदिवासी या किसान को अपनी जमानत या अपील की सुनवाई के लिए जोधपुर जाने-आने, वहां ठहरने और भोजन पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति बन गई है। इसके मानसून के दौरान और मजबूत होने की संभावना है। एल नीनो के कारण भारत में मानसूनी बारिश सामान्य से कम हो सकती है। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले गिरे। दिल्ली-NCR में खराब मौसम के कारण 4 फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एमपी के श्योपुर जिले में आज आंधी-बारिश में एक ही परिवार के 3 लोगों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। यूपी के सहारनपुर में बारिश से सड़कें डूब गईं। पानी घरों में घुस गया। शामली में नगर पालिका, अस्पतालों में कमर तक पानी भर गया। हापुड़ और हाथरस में आंधी से पेड़ और पोल उखड़ गए। उत्तराखंड के 4 जिलों में शुक्रवार सुबह से बारिश हुई। वहीं, चमोली के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई है। देश में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में इसकी एंट्री हो गई।। अगले 3 दिन में मानसून के छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एंट्री करने की संभावना है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 9 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की तस्वीरें… 6 राज्यों में पारा 40C पार राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में शुक्रवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। यहां पारा 44.2C रहा। वहीं महाराष्ट्र के वर्धा और अकोला में 43.5C और तेलंगाना के आदिलाबाद में 43.2C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 14 जून: 15 जून:

