नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। सीएम के घर पर जनसुनवाई के दौरान उन पर हुए हमले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ है कि जिस दिन उन पर हमला हुआ उस दिन उनके घर यानी कैंप कार्यालय पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने बताया कि, घटना वाले दिन सीएम के कैंप कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। गवाह ने यह भी कहा उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि घटना किसी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुई थी या नहीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत गर्ग की अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह अनिल अग्रवाल का बयान दर्ज किया गया। अनिल जन सुनवाई के दौरान कैंप कार्यालय में सेक्शन अधिकारी के पद पर मौजूद थे। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप राणा ने उनका मुख्य परीक्षण किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सिद्धांत मलिक ने क्रॉस क्वेश्चन किया।अनिल ने कोर्ट को बताया घटना वाले दिन वह मौके पर मौजूद थे और सीएम के साथ जनसुनवाई के दौरान दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सीसीटीवी नहीं चल रहे इसकी जानकारी सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी उन्होंने कहा सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और इसकी सूचना देना सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी थी। हमले के संबंध में उन्होंने कहा, मैंने यह नहीं देखा कि आरोपियों ने सीएम को कब थप्पड़ मारा। जब मैंने देखा तब आरोपी सीएम की गर्दन दबा रहा था। मामले में अगली गवाही 24 जुलाई को दर्ज की जाएगी। सुनवाई के दौरान आरोपी राजेशभाई खीमजीभाई सकारिया को कोर्ट में पेश किया गया। उसने आरोप लगाया कि चार मई को जेल के दो अधिकारियों ने उसे बंद कर पीटा था। उसके अधिवक्ता ने इस संबंध में अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। वहीं, सह-आरोपी तहसीन रजा शेख के धन और आधार कार्ड की रिहाई के लिए भी एक आवेदन दायर किया गया। मामले के दोनों आरोपी राजेश भाई और तहसीन ने इससे पहले जेल में अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया था। उन्होंने अदालत को बताया था कि अन्य कैदी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। उनके परिवारों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोपियों ने अलग बैरक और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी, जिस पर अदालत ने जेल प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक चुनाव की प्रगति और आगामी बड़े कार्यक्रमों के बारे में बताया। कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के संगठन विस्तार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ठीक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में संगठन चुनाव सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा आंतरिक लोकतंत्र, नैतिक मूल्यों और संगठनात्मक पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 32 जिलों में चुनाव संपन्न, सदस्यता का आंकड़ा 22 लाख पार चुनाव का ब्यौरा देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि अब तक बिहार के 32 जिलों में जिला अध्यक्षों का चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न करा लिया गया है। जिन शेष जिलों में चुनाव किन्हीं कारणों से बाकी हैं, वहां सर्वसम्मति से जिला अध्यक्षों के मनोनयन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है। पार्टी के बढ़ते जनाधार पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि जिन जिलों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां पार्टी के प्राथमिक सदस्यों की संख्या लगभग 22 लाख तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का सीधा प्रमाण है कि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। शेष बचे सभी जिलों में जैसे ही प्रक्रिया पूर्ण होगी, अंतिम रूप से कुल सदस्य संख्या की आधिकारिक जानकारी भी सार्वजनिक कर दी जाएगी। 07 जून को पटना में चुना जाएगा नया प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि बिहार के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु नामांकन की प्रक्रिया 6 जून 2026 को संपन्न होगी। इसके ठीक अगले दिन, यानी 7 जून 2026 को पटना के ऐतिहासिक रविन्द्र भवन में एक भव्य राज्य स्तरीय अधिवेशन और राज्य परिषद सदस्यों व डेलिगेट्स की बैठक बुलाई गई है। इसी महाधिवेशन में लोकतांत्रिक तरीके से पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर बिहार भर के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 13 जून को नई दिल्ली में होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिहार में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कदम आगे बढ़ाएगी। कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए 13 जून 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय परिषद की बैठक और राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। इसी राष्ट्रीय महाधिवेशन के मंच से पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव भी संपन्न होगा, जिसमें देश भर से आए पार्टी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के 92 कॉलोनियों को 'ओ (O)-जोन' से हटाने की दिशा में प्रयासरत है। शुक्रवार को दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की 92 कॉलोनियों को 'ओ-जोन' से हटाने के लिए शुरू किए गए अभियान को लेकर शुक्रवार को सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की। सांसद रामवीर सिंह ने कहा इन कॉलोनियों को 2008 में नियमित किया जा चुका है। अब इन्हें ओ-जोन से हटाया जाए, ताकि यहां के लोगों को भी मालिकाना हक मिल सके। इससे इस ओ-जोन में रहने वाले 15 लाख लोग प्रभावित है। सीएम ने इस मामले में केंद्र सरकार तथा डीडीए से बात करने का आश्वासन दिया है। मई 2008 में नियमित की गई थी कॉलोनियां बिधूड़ी ने बताया दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र में बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के 3 वार्ड- मीठापुर, जैतपुर और हरिनगर में 45 कालोनियां हैं। इसके अलावा नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्रों में भी ऐसी कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों को 24 मई 2008 को दिल्ली और केंद्र सरकार ने नियमित कर दिया था। सरकार ने यहां की आरडब्ल्यूए को प्रोविजनल रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट भी जारी कर दिए थे, लेकिन फिर अचानक ही 8 मार्च 2010 को इन कॉलोनियों को दिल्ली और केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने एफ जोन से ओ-जोन में डाल दिया। जब यहां के लोगों ने इस पर विरोध जताया तो 28 सितंबर 2013 को डीडीए ने इन कॉलोनियों को वापस एफ-जोन में डालने का नोटिस जारी किया, लेकिन एनजीटी में एक मामला लंबित होने के कारण इस आदेश पर रोक लगा दी गई। 2015 में इन कॉलोनियों पर फैसला नहीं हो पाया बिधूड़ी ने कहा वह मामला 2015 में समाप्त हो गया था, लेकिन इन कॉलोनियों पर फैसला नहीं हो पाया। यहां तक कि डीडीए द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी ने भी कॉलोनियों के पक्ष में ही फैसला दिया। एक्सपर्ट कमेटी ने कहा कि इन कॉलोनियों से यमुना के पानी की गुणवत्ता या नदी के बहाव पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। बिधूड़ी ने सीएम को बताया इन कॉलोनियों को ओ-जोन से हटाने के लिए डीडीए ने 28 सितंबर 2013 को जो नोटिस जारी किया था, उसका नोटिफिकेशन जारी किया जाए, ताकि इन कॉलोनियों के लोगों को भी उसी तरह मालिकाना हक मिल सके, जैसे सरकार द्वारा हाल ही में मंजूर की गई कॉलोनियों में दिया जा रहा है। ये सभी कॉलोनियां खेतीबाड़ी की निजी जमीन पर बनी हुई हैं और इनमें 15 लाख से अधिक लोग रहते हैं।
नई दिल्ली। मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत और साकेत में बिल्डिंग गिरने की घटना पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को घेरा है। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इसे भाजपा की चार इंजन वाली सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का नतीजा बताते हुए सीएम रेखा गुप्ता और मेयर प्रवेश वाही से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। मीडिया से बातचीत के दौरान अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते चेतावनियों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा, अगर गोवा अग्निकांड के बाद भाजपा सरकार ने चेताया होता और फायर सेफ्टी ऑडिट किया होता, तो ये जानलेवा हादसे रोके जा सकते थे। नारंग बोले- देश की छवि पर गहरा असर पड़ा कहा कि, भाजपा के चुनिंदा नेताओं और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते दिल्ली में कहीं इमारतें गिर रही हैं, तो कहीं लोग आग में झुलस रहे हैं। नारंग ने इस घटना को अत्यंत शर्मनाक बताते हुए कहा कि 21 मृतकों में से 18 विदेशी नागरिक थे, जिससे देश की छवि पर भी गहरा असर पड़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, लोगों की मौत की कीमत पर अपनी जेब भरने वाले भाजपाइयों को अब शर्म आनी चाहिए। सत्ता में बैठे लोगों में यदि थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत अपना पद छोड़ देना चाहिए।
नई दिल्ली। दिल्ली के एलजी सरदार टीएस संधू ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं के लिए सुरक्षा उपायों का रिव्यू करने के लिए दिल्ली सरकार के सेक्रेटरी-कम-कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट), डीटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। एलजी संधू ने इस बात पर जोर दिया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसान होने के साथ-साथ, ट्रांजिट स्टेशनों और बस स्टॉप से आखिरी डेस्टिनेशन तक महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो। एलजी ने कहा पिंक स्मार्ट कार्ड पहल के रोल आउट और सीसीटीवी डिप्लॉयमेंट, पैनिक बटन, कंट्रोल सेंटर के ऑपरेशन, बस मार्शल की डिप्लॉयमेंट और बस ऑपरेशन में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति का रिव्यू किया। एलजी ने इस बात पर जोर दिया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा न केवल बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों में यात्रा करते समय सुनिश्चित की जानी चाहिए, साथ ही स्टेशन, डिपो या बस स्टैंड पर उतरने के बाद उनके घर तक भी यात्रा सुनिश्चित की जानी चाहिए। गोशाला बनाने के लिए 99 साल के लिए लीज पर दी जमीन एलजी ने नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सुंगरपुर गांव में 99 साल के लिए गोशाला बनाने के लिए ग्राम सभा की 28 बीघा और 05 बिस्वा जमीन देने को मंजूरी दे दी है। यह जमीन दिल्ली सरकार के डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की एनिमल हस्बेंड्री यूनिट को दी जाएगी, जो यहां गोशाला बनाएगी। एक रुपए के टोकन लाइसेंस फीस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्कीम को मिलेगी जमीन दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्कीम को बड़ा बढ़ावा देते हुए, एलजी ने बाहरी नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के मंगेशपुर और साउथ डिस्ट्रिक्ट के फतेहपुर बेरी के आउटलाइन गांवों में ऐसी नई फैसिलिटी बनाने के लिए ग्राम सभा की जमीन अलॉट करने को मंज़ूरी दे दी है। इसके लिए सिर्फ 1 रुपए की टोकन लाइसेंस फीस देनी होगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अमेरिका से उड़ान भर चुके हैं। उन्होंने X पर लिखा- भारत के लिए निकल गया हूं। मैं अपना भविष्य संविधान के हाथों में छोड़ता हूं। जय भीम। 20 दिन पहले चीफ जस्टिस के बयान से पैदा हुआ एक व्यंगात्मक ऑनलाइन कैंपेन, जिसने कुछ घंटों में बीजेपी से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स जुटा लिए। अब इंटरनेट से निकलकर सड़क पर उतरने जा रहा है। आगे क्या होगा, जमीन पर कुछ कर पाएंगे या सरकार कैम्पेन कुचल देगी; लोगों के मन में उठ रहे 9 जरूरी सवालों के जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या वाकई इंटरनेट से निकल सड़क पर उतरने वाले हैं कॉकरोच? जवाबः हां। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 1 जून को एक वीडियो में बताया, '6 जून की सुबह मैं दिल्ली आ रहा हूं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने। आप सभी एयरपोर्ट आकर मुझसे मिलें। हम सब मिलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे।' 3 जून को कॉकरोच पार्टी ने दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें खोजी पत्रकार सौरव दास, IIT कानपुर से पढ़े और मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म ‘मैकिन्से एंड कंपनी’ में काम कर चुके आशुतोष रांका, पॉलिटिकल रिसर्चर और फिल्ममेकर विजेता दहिया पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर शामिल हुए। 4 जून को अभिजीत ने X पर एक और वीडियो जारी करते हुए समर्थकों को एयरपोर्ट आने से मना किया। दीपके ने कहा, ‘मैं खुद पुलिस स्टेशन आऊंगा और फिर हम सब वहां से जंतर-मंतर के लिए बढ़ेंगे, क्योंकि इतने लोगों के एयरपोर्ट पर इकट्ठा होने से जनता और सुरक्षा बलों को असुविधा होगी।’ सवाल-2: ये लोग सड़क पर उतरकर चाहते क्या हैं? जवाबः कॉकरोच पार्टी की सबसे बड़ी मांग है केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दीपके ने X पर जारी वीडियो में कहा, 'NEET का एग्जाम रद्द होने से 5 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया। CBSE, CUET और SSC जैसे एग्जाम में गड़बड़ी से लाखों बच्चे प्रभावित हुए। इसे लेकर देश के अलग-अलग शहरों में आंदोलन हुए, फिर भी प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया। इस देश में सरकार की जवाबदेही नहीं रह गई है। ऐसा कब तक चलेगा?’ CJP मुख्य प्रवक्ता सौरव दास का भी कहना है कि प्रधान के इस्तीफे के लिए वेबसाइट पर डाली गई पिटीशन का अब तक 8 लाख से ज्यादा लोग समर्थन कर चुके हैं, जो साबित करते हैं कि स्टूडेंट्स का गुस्सा अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका है। सवाल-3: क्या दिल्ली में प्रोटेस्ट करने की अनुमति मिलेगी? जवाबः अनुमति मिलने की उम्मीद कम है। संविधान के आर्टिकल 19 के तहत, 'सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण और बिना किसी हथियार के इकट्ठा होने का अधिकार है।' दिल्ली का जंतर-मंतर प्रदर्शन की नियत जगह है। हालांकि कानूनी अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस से 7 दिन पहले लिखित परमिशन लेनी पड़ती है। दिल्ली पुलिस की गाइडलाइंस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही होना चाहिए। अस्थायी तंबू नहीं लगाए जा सकते। एक दिन में 1,000 से ज्यादा लोग हिस्सा नहीं ले सकते।' जबकि CJP की तरफ से अभिजीत 6 जून को प्रोटेस्ट के दिन ही पुलिस से इसकी अनुमति लेने जाएंगे। प्रोटेस्ट में काफी भीड़ होने का अनुमान है। प्रवक्ता विजेता दहिया ने परमिशन न लेने को पार्टी की स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, ‘इस शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के पीछे लोगों की भावनाएं हैं। लोग अभिजीत के साथ जुड़े हैं। इसीलिए हमने तय किया कि अभिजीत खुद पुलिस से मिलकर परमिशन मांगेंगे। हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमें अनुमति देगा।’ अगर अभिजीत और उनके साथ जुटे लोग बिना परमिशन प्रोटेस्ट कोशिश करते हैं, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। अगर प्रशासन को अव्यवस्था फैलने के संकेत मिलते हैं, तो वो प्रोटेस्ट वाली जगह पर BNSS की धारा 163 लागू कर सकता है। पुरानी CrPC में इसे धारा 144 कहते थे। इसके तहत पुलिस 5 या लोगों को इकठ्ठा होने पर रोक लगा सकती है। ये रोक 60 दिन तक लागू रह सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में कहा था कि बड़े विरोध प्रदर्शनों में खुफिया इनपुट्स के आधार पर भी इस तरह के आदेश दे सकती है और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है। सवाल-4: क्या राजनीतिक पार्टी बनाने का भी इरादा है, उसके लिए क्या-क्या करना होगा? जवाबः अभिजीत ने शुरुआत में कहा था कि उनका कोई राजनीतिक पार्टी बनाने का इरादा नहीं है। हालांकि अब जिस तरह जमीन पर प्रदर्शन की तैयारी है, प्रवक्ता नियुक्त किए गए, प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही और जाने-माने लोग जुड़ रहे हैं, उससे राजनीतिक पार्टी के संकेत मिलते हैं। राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 29 (A) के तहत पार्टी बनाने के ऐलान से 30 दिनों के अंदर चुनाव आयोग में आवेदन देना होता है। पार्टी में कम से कम 100 भारतीय मेंबर होने चाहिए। पार्टी का संविधान, संगठन बनाने की प्रक्रिया, पद पाने वाले लोगों के कार्यकाल वगैरह के बारे में भी बताना होता है। एक पेच ये भी है कि हरियाणा में पानीपत के रहने वाले वकील सुधीर जाखर ने खुद को CJP का राष्ट्रीय संयोजक बताते हुए 25 मई को इसे पार्टी के तौर पर रजिस्टर करने के लिए चुनाव आयोग में अप्लाई किया था। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था, 'जब दीपके ने भारत आने से इनकार किया, तो हमें लगा कि कोई और इसका रजिस्ट्रेशन करवाकर दुरुपयोग करता है, इससे पूरा आंदोलन बेकार हो जाएगा। इसलिए हमने खुद इसका निर्णय लिया।' हालांकि इस पर अभिजीत का कोई बयान नहीं आया है। सवाल-5: राजनीतिक पार्टी बन गई, तो क्या चुनाव निशान ‘कॉकरोच’ मिलेगा? जवाबः फिलहाल कॉकरोच चुनाव निशान किसी को नहीं मिल सकता। दरअसल, चुनाव आयोग के इलेक्शन सिंबल रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट ऑर्डर, 1968 के तहत नई रजिस्टर्ड पार्टियों को ‘फ्री सिंबल लिस्ट’ से चुनाव निशान मिलता है। इसमें लैंडलाइन फोन, लैपटॉप, टीवी, ताला-चाबी, फूलगोभी, साबुनदानी और स्टेपलर जैसे 200 से ज्यादा सिंबल हैं। 1991 से चुनाव आयोग ने पक्षी या जानवरों से जुड़े सिंबल देने बंद कर दिए हैं। कॉकरोच को कीट की श्रेणी में रखा जाता है। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इसे आधिकारिक तौर पर जानवरों में रखा जाएगा या नहीं। CJP ने अपने सिंबल में मोबाइल फोन की स्क्रीन के अंदर एक कोचरोच दिखाया था। अगर वे मोबाइल फोन का सिंबल मांगते हैं, तो भी मुश्किल है, क्योंकि मोबाइल फोन ‘फ्री सिंबल’ की लिस्ट में नहीं है। सवाल-6: क्या अभिजीत दीपके ही इसके प्रेसिडेंट बनेंगे, उनकी कहानी क्या है? जवाबः अभी तक CJP का चेहरा अभिजीत दीपके हैं। उनके भारत आने को लेकर हो रही तैयारियां और CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ये साफ है कि आगे भी अभिजीत ही मुख्य भूमिका में होंगे। 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। अभिजीत AAP के IT सेल के चीफ अंकित लाल को रिपोर्ट करते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर अभिजीत X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। सवाल-7: जेन-जी के अलावा CJP से कौन-से बड़े चेहरे जुड़े, कहीं से फंडिंग भी मिल रही? जवाबः 6 जून को CJP के प्रोटेस्ट में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी… सोनम वांगचुक, शिक्षाविद: वांगचुक ने 2 जून को X पर वीडियो जारी करके कहा, 'मैं CJP के आंदोलन से जुड़ने आ रहा हूं। CJP वाले देशप्रेमी लोग हैं, आप भी उनके साथ जुड़ना चाहिए।’ प्रकाश राज, फिल्म अभिनेता: अभिनेता प्रकाश राज ने X पर लिखा, ‘मैं शूटिंग के लिए फिलहाल दिल्ली से बहुत दूर हूं, लेकिन फिर भी मैं CJP के आंदोलन में पहुंचे की पूरी कोशिश करूंगा।’ अमित जोगी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अध्यक्ष: छत्तीसगढ़ के पहले CM अजीत जोगी के बेटे और JCC अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा, 'छत्तीसगढ़ में कॉकरोच को झेंगुरा कहते हैं और जंतर-मंतर पर झेंगुरा पहुंच रहा है। हम CJP को समर्थन देने वालीं देश की पहली पार्टी बनेंगे।’ इसके अलावा एक्टर अतुल कुलकर्णी, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI की अध्यक्ष आइशे घोष भी प्रोटेस्ट में शामिल होंगी। अभी तक CJP की फंडिंग के कोई सोर्स का भी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। 3 जून को प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘हमें फंडिंग की जरूरत क्यों पड़ेगी? हमारे पीछे जो पार्टी का पोस्टर लगा है, वो 200 रुपए का है, लोग प्रोटेस्ट में अपने खर्चे पर आ सकते हैं। ये नैरेटिव आंदोलन को भटकाने के लिए खड़ा किया जा रहा है।’ CJP की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, ‘पार्टी पूरी तरह कम्युनिटी फंडिंग यानी आंदोलन से जुड़े लोगों से मिले पैसों पर काम करती है। किसी राजनीतिक संगठन या प्राइवेट कंपनी से डोनेशन नहीं लेगी।’ सवाल-8: कॉकरोच पार्टी को लेकर सरकार का रुख क्या है? जवाबः अभिजीत और उनकी CJP पर आरोप हैं कि उनके पीछे एंटी नेशनल ताकतें और विदेशी फंडिंग है। भारतीय खुफिया एजेंसी IB ने CJP के पहले X हैंडल को ब्लॉक करने का इनपुट दिया था। इसमें कहा गया, ‘हैंडल का भड़काऊ कॉन्टेंट देश के युवाओं के बीच फैल रहा था। इससे देश की नेशनल सिक्योरिटी को खतरा हो सकता था।’ इसके बाद सरकार ने X को भारत में CJP के हैंडल पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। 22 मई को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने X पर लिखा था, ‘अभिजीत को बोस्टन जाने के लिए किसने पैसा दिया? क्या सोरोस फाउंडेशन उनके रहने-खाने का खर्च उठा रहा है? क्या विपक्षी दल देश को तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों से मदद ले रहे हैं?’ ऐसे में सरकार 6 जून के प्रोटेस्ट को नहीं होने देना चाहेगी। प्रशासन नियमों का हवाला दे सकता है। न मानने पर या हिंसा की स्थिति में अभिजीत और साथियों को हिरासत में भी लिया जा सकता है। हालांकि इससे कॉकरोच पार्टी के पक्ष में सहानुभूति की लहर उठने का खतरा है।एक विकल्प ये भी है कि सरकार प्रोटेस्ट होने दे और कॉकरोच पार्टी को एक सटायर मूवमेंट की तरह ही ट्रीट करे, जिससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होने वाला। सवाल-9: क्या ऐसी किसी पार्टी के लिए फिलहाल भारत की राजनीति में जगह है? जवाबः कॉकरोच पार्टी के उभार की टाइमिंग और मुद्दे इसे मौजूदा राजनीति में प्रासंगिक बनाते हैं। पॉलिटिक एनालिस्ट योगेंद्र यादव कहते हैं, 'देश के भीतर एक छटपटाहट है। जब सरकार संस्थाओं पर कब्जा कर लेती है और पूर्णसत्ता स्थापित करती है, तब विद्रोह अनपेक्षित जगहों से पैदा होता है। जैसे- 1971 में इंदिरा गांधी की भारी जीत के बाद 1974 में जयप्रकाश आंदोलन हुआ। 2009 में कांग्रेस की जीत के बाद 2011 में अन्ना आंदोलन और 2019 में पीएम मोदी के दूसरी बार सत्ता में आने के 2 साल बाद किसान आंदोलन हुआ।’ वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहते हैं, ‘युवा निराश है, इसीलिए इससे जुड़ रहा है। उम्मीद है कि इसके पीछे जो लोग हैं, वो इस एनर्जी को मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में लाने का रास्ता निकाल लेंगे या फिर अपने वोट के जरिए बदलाव की आवाज बनेंगे।’ *****रिसर्च - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 दिन में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा, इंस्टा पर डेढ़ करोड़+ फॉलोअर्स; ये सिर्फ मजाक है या बदलाव की आहट BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
नई दिल्ली। दिल्ली एलजी और सीएम के आदेश पर अवैध रूप से निर्माण कर बनाए गई दुकानों और होटलों पर बुलडोजर की कार्रवाई एमसीडी ने शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत और मालवीय नगर में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत मामले के बाद शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण दिल्ली हौज खास विलेज और सैदुलाजाब में अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा सीलिंग अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई सअनधिकृत निर्माणों और आवासीय क्षेत्रों में चल रहे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान का हिस्सा है। एमसीडी के द्वारा सीलिंग और तोड़फोड़ की शुरू की गई कार्रवाई पर स्थानीय व्यापारियों ने इस अभियान पर चिंता जताई है। जबकि एमसीडी के कमिश्नर संजीव खिरवार का कहना है कि यह बिल्डिंग बायलॉज लागू करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। एलजी और सीएम के आदेश पर सभी अवैध रूप से बने संपत्तियों पर तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध निर्माण ने सड़कों को सकरा बना दिया है शुक्रवार को जिस गली में ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट हैं, उस गली में अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों पर भी बुलडोजर चलाया गया। वहीं, वीनस-इन नाम के एक होटल को सील कर दिया गया। दरअसल, घटना वाले दिन यह मामला सामने आया था कि फुटपाथ पर कब्जा कर सड़कों पर अतिक्रमण करके लोगों ने संकरा बना दिया गया है। इस कारण गली में फायर ब्रिगेड की गाड़ी या एम्बुलेंस को जाने का भी पर्याप्त रास्ता नहीं मिल पा रहा है। एमसीडी के अधिकारियों का कहना है सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत में हुई किरकिरी के बाद एमसीडी ने इलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने की बात कही है। इलाके में चिह्नित 42 मामलों पर कार्रवाई होगी। इसमें जो मामले सीलिंग की जरूरत है सीलिंग होगी और अगर ध्वस्त करने की जरूरत है तो निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। इतना ही नहीं इलाके में खिड़की एक्सटेंशन समेत दूसरे इलाके जहां अवैध निर्माण की ज्यादा संभावना रहती है वहां सघनता से जांच अभियान चलेगा। ऐसे इलाकों के लिए सर्वे की टीम बना दी गई है जो अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी और फिर कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के एक होटल में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश फायर सर्विस मुख्यालय अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को हरदोई में सुरक्षा व्यवस्थाएं पुख्ता करने के लिए एक बड़ा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) महेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों में अचानक छापेमारी की गई। अभियान के दौरान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्वयं सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का निरीक्षण किया। जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम अधूरे पाए गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग ऐसे होटलों और रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी करेगा, ताकि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित कर सकें। चेकिंग के साथ-साथ, फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों को सही तरीके से संचालित करने, अन्य सुरक्षा उपकरणों का त्वरित उपयोग करने और आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा खाली रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह ने बताया, इस चेकिंग अभियान के दौरान जहां भी कमियां मिली हैं, उन सभी होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को उन्हें तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रतिष्ठानों में लगे अग्निशमन यंत्रों की गहनता से जांच की गई है। सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ अग्निशमन अधिकारी शिवराम सिंह यादव और फायर सर्विस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से नियम विरुद्ध चल रहे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकने के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रेवाड़ी प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला उपायुक्त (डीसी) ने बिना फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के चल रहे होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों को सील करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद संबंधित संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीसी ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों सहित पूरे शहर में विशेष सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। NOC की जांच करने में जुटी टीम जानकारी के अनुसार रेवाड़ी शहर में कई होटल, कोचिंग सेंटर और अस्पताल ऐसे हैं। जिनके पास फायर सेफ्टी का NOC नहीं है। प्रशासन इन सभी स्थानों की जांच कर रहा है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। शहर में सैकड़ों की संख्या में बेसमेंट में कैफे और जिम भी चलाए जा रहे हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा है। कोचिंग सेंटर में पहले लग चुकी आग उल्लेखनीय है कि ब्रास मार्केट स्थित एक कोचिंग सेंटर में पहले भी आग लग चुकी है। जिसके बावजूद सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया था। डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी पक्षपात के पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा करने और जो भी संस्थान फायर सेफ्टी मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तुरंत सील करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की आमजन से अपील दिल्ली में हुई अग्निकांड की घटना के बाद जिले में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी आग में 21 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ से अधिक सदस्य भी शामिल थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाने से बचें जहां फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम न हो।
नई दिल्ली। मालवीय नगर में होटल में हुए अग्निकांड के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एमसीडी आयुक्त को पत्र लिखकर राजधानी में विशेष फायर सेफ्टी अनुपालन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह हादसा इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्र में सत्य शर्मा ने एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी श्रेणी की इमारतों का प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण कराने और फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन की जांच सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने भवन विभाग के साथ समन्वय कर उन भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैंए जहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, अवैध निर्माण हैं या जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। तीन दिन में मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट सत्य शर्मा ने मालवीय नगर अग्निकांड की विस्तृत जांच रिपोर्ट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने को भी कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में भवन की स्थिति, स्वामित्व संबंधी जानकारी, फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन की स्थिति तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या जिम्मेदारी का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। घटना के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है। फायर सेफ्टी मानकों की होगी व्यापक समीक्षा विशेष अभियान के तहत दिल्लीभर में विभिन्न श्रेणी की इमारतों की जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, चेयरपर्सन के निर्देशों के अनुसार व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जहां भी फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन मिलेगाए वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली। देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग नेटवर्क की शुरुआत की है। इस पहल के तहत संस्थानों के बीच छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने और उच्च शिक्षा के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आईआईटी दिल्ली परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और विभिन्न एनआईटी के निदेशक शामिल हुए। इस दौरान 18 एनआईटी के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें एनआईटी राउरकेला, वारंगल, तिरुचिरापल्ली, कालीकट, जालंधर, कुरुक्षेत्र, इलाहाबाद, जयपुर, भोपाल और नागपुर समेत कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं। मेधावी छात्रों को मिलेगा आईआईटी दिल्ली में पढ़ने का मौका नई व्यवस्था के तहत भागीदार एनआईटी के मेधावी स्नातक छात्र अपने अंतिम वर्ष में विशेष एक्सचेंज स्टूडेंट के रूप में आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई और रिसर्च कर सकेंगे। वहीं स्नातकोत्तर छात्रों को भी रिसर्च इमर्शन और अकादमिक सहयोग का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा के बिना एमटेकए एमएस (रिसर्च) और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश का अवसर दिया जाएगा। क्रेडिट ट्रांसफर से कम होगा डिग्री पूरा करने का समय सहयोग ढांचे में क्रेडिट ट्रांसफर और क्रेडिट शेयरिंग की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इससे छात्र अपने संस्थान और आईआईटी दिल्ली दोनों जगह पढ़ाई कर प्राप्त क्रेडिट का उपयोग कर सकेंगे। इससे उच्च डिग्री पूरी करने में लगने वाला समय कम होगा और शैक्षणिक गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि यह पहल संस्थान-केंद्रित विकास से आगे बढ़कर सहयोग आधारित राष्ट्रीय उच्च शिक्षा मॉडल की दिशा में कदम है।
दिल्ली: लोधी रोड पर सीवर के काम के दौरान श्मशान घाट की दीवार गिरी; एक की मौत, दो घायल
लोधी रोड पर दयानंद श्मशान घाट की दीवार सीवर लाइन के लिए चल रही खुदाई के दौरान गिर गई, जिससे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी का पहला शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली पहुंचने से अभिजीत दीपके ने दिया यह बड़ा संदेश?
Cockroach Janta Party : अमेरिका में पढ़ाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस बीच सीजेपी ने लोगों से एयरपोर्ट पर नहीं आने की अपील की
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह तन्नू से मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन बैठक में हरियाणा, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा दिल्ली में चल रहे पानी के संकट पर भी चर्चा हुई। अभी हरियाणा दिल्ली को 1000 क्यूसक पानी दे रहा है, इससे दिल्ली में जल संकट के बीच बड़ी राहत पहुंची है। सूत्रों के अनुसार बैठक में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बुनियादी ढांचा विकास, जल प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे। दिल्ली के बढ़ते शहरीकरण पर भी चर्चा हरियाणा सरकार पहले से ही विजन-2047, शहरी अवसंरचना विस्तार और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर काम कर रही है, जबकि दिल्ली प्रशासन भी शहरी सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय, निवेश आकर्षित करने, परिवहन नेटवर्क और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली-हरियाणा के बीच बढ़ेगा सहयोग हाल के महीनों में मुख्यमंत्री नायब सैनी विभिन्न अंतरराज्यीय विषयों, विशेषकर जल संसाधन, निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को हरियाणा और दिल्ली प्रशासन के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम मान रहे हैं। हालांकि बैठक के बाद कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन इसे दोनों प्रशासनिक इकाइयों के बीच संवाद और समन्वय मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे और निर्माण कंपनी विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड व यूरो-एशियन कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन इवरास्कॉन (जेवी) के बीच चल रहे संविदात्मक विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। जस्टिस अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ की ओर से पारित आदेश में कहा कि पक्षकार पहले अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान प्रक्रिया का पालन करेंगे और तब तक रेलवे द्वारा प्रस्तावित 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज की कार्रवाई प्रभावी नहीं होगी। याचिकाकर्ता कंपनी ने मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत याचिका दायर कर रेलवे को बैंक गारंटी भुनाने तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई से रोकने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि अनुबंध के तहत विवाद समाधान के लिए पहले सुलह और उसके बाद डिस्प्यूट्स एडजुडिकेशन बोर्ड (डीएबी) की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए रेलवे की कार्रवाई अनुचित होगी। रेलवे का तर्क-समय से पहले लगाई याचिका सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से यह तर्क रखा गया कि याचिका समय से पूर्व दायर की गई है, क्योंकि अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान तंत्र अभी पूरा नहीं हुआ है। रेलवे ने यह भी कहा कि डीएबी को विवादों पर निर्णय देने का अधिकार है और पहले उसी मंच का उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिए विवादों के निस्तारण के आदेश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट के समक्ष सहमति बनी कि विवाद समाधान प्रक्रिया डीएबी के स्तर से आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट ने इस सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्देश दिया कि अनुबंध में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विवादों का निस्तारण किया जाए और पक्षकार अपने अन्य कानूनी अधिकार सुरक्षित रखेंगे। निर्माण कंपनी को राहत हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि डीएबी द्वारा निर्णय दिए जाने तक रेलवे की ओर से जारी 12 और 13 मई 2026 की उन संचार प्रक्रियाओं पर अमल नहीं किया जाएगा, जिनके तहत लगभग 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज लगाने की बात कही गई थी।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में पूर्व विधायक अभय कुमार धीरज ओझा को नोटिस जारी किया है। यह मामला भाजपा नेता और दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता आलोक पांडेय द्वारा दायर किया गया था। कोर्ट ने इस मौखिक मानहानि परिवाद पर संज्ञान लिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है। कोर्ट के आदेशानुसार, पूर्व विधायक को इस तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। यह प्रकरण रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के करमाही गांव निवासी आलोक पांडेय से संबंधित है, जो भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। परिवादी आलोक पांडेय ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष 21 अक्टूबर को पूर्व विधायक अभय कुमार धीरज ओझा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक लाइव प्रसारण के दौरान उनके खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। पांडेय के अनुसार, इस वीडियो क्लिप के जरिए उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। आलोक पांडेय ने इस मामले को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में परिवाद दायर किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद इसे स्वीकार करते हुए आरोपी पक्ष को नोटिस जारी किया। परिवादी ने बताया कि वाद दायर होने के बाद संबंधित वीडियो क्लिप फेसबुक से हटा दी गई थी, लेकिन पूर्व विधायक की ओर से अभी तक कोई माफी नहीं मांगी गई है। कोर्ट के निर्देश के बाद, इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। इस दौरान दोनों पक्षों की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
दिल्ली के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रायबरेली का अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने शहर के होटल और रेस्टोरेंटों में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों में लगे फायर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, उनकी स्थिति और मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। कई जगहों पर कमियां मिलने पर मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों को दिया गया आग से बचाव और रेस्क्यू प्रशिक्षण जांच के दौरान होटल व रेस्टोरेंट स्टाफ को आग लगने की स्थिति में प्राथमिक कार्रवाई, सुरक्षित निकासी और फायर उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। 24 घंटे में सुधार के निर्देश, न मानने पर होगी कार्रवाई मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सभी प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य हैं। जिन जगहों पर कमी मिली है, उन्हें 24 घंटे के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर नोटिस और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी आग में जान गंवाने वाले 21 लोगों में एक अफ्रीकी कपल भी शामिल था। बचाव दल को उनके शव बाथरूम में मिले, जहां दोनों एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे। महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था और महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कपल पास के अस्पताल में IVF ट्रीटमेंट करा रहा था। आग में जान गंवाने वाली 61 साल की लाइबेरियाई महिला जेनजे एन. रोलैंड के शव की पहचान भी कर ली गई है। महिला के बीमार पति पहले से मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। एक रिश्तेदार ने AIIMS मोर्चरी पहुंचकर महिला के शव की पहचान की। होटल मालिक पूछताछ में बोला- दिल्ली में सब चलता है हादसे के मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी। इस पर उसने कहा- ‘दिल्ली में सब चलता है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे। पूरी दिल्ली में इनके कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था। बजाज ने पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाला खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, आग लगने के दौरान बजाज अपनी कार से जलती हुई इमारत के पास से गुजरा था। आरोपी ने बताया कि वह डर के कारण भाग गया था। उसने किसी की मदद नहीं की और पूरे दिन शहर में इधर-उधर घूमता रहा। 5 मंजिला होटल के ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग, रास्ता बंद हो गया था फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी थी। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय हैं। विदेशियों में 9 अफ्रीकी देशों के नागरिक थे। दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक ने बताया कि यह ग्राउंड+पांच मंजिला इमारत थी। आने-जाने के लिए सिर्फ एक सीढ़ी थी। सभी खिड़कियां सील कर दी गई थीं, जिससे अंदर फंसे लोगों के पास बचने के बहुत कम मौके थे। फायर अधिकारी के अनुसार आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी। आने-जाने का एकमात्र रास्ता ब्लॉक हो गया था। धुआं तेजी से ऊपर के फ्लोर तक फैल गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। हादसा होने की 5 बड़ी वजह दिल्ली अग्निकांड की 5 तस्वीरें… दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 तक हुए हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए हैं। ---------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट: दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की ओर से चलाई जा रही पिंक बस सेवा का चयन प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए बिहार सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता माना जा रहा है। स्कॉच ग्रुप की ओर से आयोजित बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद पिंक बस परियोजना को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान 20 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 108वें स्कॉच समिट के दौरान दिया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू हुई थी सेवा पिंक बस सेवा की शुरुआत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह सेवा बिहार के कई प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए भरोसेमंद परिवहन माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 100 पिंक बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों का इस्तेमाल रोज बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी महिलाएं, सरकारी और निजी क्षेत्र की कर्मचारी और अन्य महिला यात्री कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सेवा में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित माहौल उपलब्ध हो सके। यही वजह है कि कम समय में पिंक बस सेवा ने महिला यात्रियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है स्कॉच अवार्ड स्कॉच अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार सुशासन, नवाचार, जनसेवा, सामाजिक विकास और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और संगठनों को दिया जाता है। बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है परिवहन सचिव राज कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिंक बस सेवा का स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए चयन बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह पुरस्कार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बिहार में जनहित और महिला हितैषी परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिंक बस सेवा को मिला यह सम्मान परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की पूरी टीम के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। आने वाले समय में भी नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करता रहेगा। राष्ट्रीय मंच पर चमकेगा बिहार का मॉडल यह सम्मान केवल परिवहन विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है। 20 जून को नई दिल्ली में होने वाले स्कॉच समिट में जब बिहार की इस परियोजना को सम्मानित किया जाएगा, तब यह राज्य के लिए गौरव का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगा। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को लेकर शुरू की गई यह पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल (49) का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित उनके फ्लैट में मिला। वह फ्लैट में अकेली रहती थीं। उनकी बहन ने बताया कि सुबह से उनका फोन नहीं लग रहा था। फ्लैट बाहर से बंद मिलने पर उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो देवोस्मिता मृत अवस्था में पड़ी थीं। सूचना मिलने पर पुलिस, क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली मेयर के ईमेल पर बम धमाके की धमकी, पुलिस जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर गुरुवार को धमकी भरा मैसेज आया। ईमेल में दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में विस्फोट होने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने मेयर ऑफिस सहित पूरी इमारत, कॉमन एरिया और पार्किंग की तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस की तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में इसे अफवाह फैलाने की कोशिश माना जा रहा है।
दिल्ली के होटल अग्निकांड में बोकारो की सुरभि की मौत, तीसरी मंजिल पर थी
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होजरानी इलाके के पांच मंजिला होटल में 3 जून को लगी भीषण आग में बोकारो के जैनामोड़ निवासी सुरभि बरनवाल (25) की दम घुटने से मौत हो गई। गुरुवार को उसका शव पैतृक आवास पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को चपेट में ले लिया। तीसरी मंजिल पर ठहरी सुरभि धुएं और आग के बीच फंस गईं। परिजनों ने बताया कि वह मुंबई की एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थीं। कंपनी के काम से वह 1 जून को मुंबई से दिल्ली आई थीं। कंपनी का मुख्यालय घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर मालवीय नगर में ही है। 2 जून की रात ड्यूटी पूरी करने के बाद वह होटल लौटी थीं। अगली सुबह ऑफिस जाने की तैयारी के दौरान यह हादसा हो गया। पिता रमेश बरनवाल ने बताया कि घटना से करीब 10 मिनट पहले उनकी बेटी से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। -शेष पेज 9 पर दिल्ली में सब चलता है नई दिल्ली | दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ गेस्ट हाउस में भीषण आग से 21 लोगों की मौत के मुख्य आरोपी और मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी। इस पर उसने कहा- ‘दिल्ली में सब चलता है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे। पूरी दिल्ली में इनके कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था। लाइसेंस रद्द करने की तैयारी {एमसीडी ने हौजरानी के 12 बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (BB) होटलों के लाइसेंस रद्द करने के लिए पर्यटन विभाग को पत्र लिखने का फैसला किया। इधर, दिल्ली में 21 मौतों के लिए जिम्मेदार होटल मालिक बोला- आरोपी लवकेश
धर्मेंद्र समदानी | चित्तौड़गढ़ दिल्ली मेट्रो में इंजीनियर नगरी निवासी 37 वर्षीय गौरवकांत गर्ग ने पैतृक गांव में हरियाली की नई पहचान बनाई है। प्रकृति प्रेम के चलते उन्होंने विभिन्न संस्थाओं और टीमों के सहयोग से 8 वर्षों में करीब 5 हजार पौधे लगवाए। नौकरी लगने के बाद यह अभियान कुछ समय के लिए थम गया, लेकिन वर्ष 2018 में बेटी के जन्म पर पौधारोपण से जुड़ा एक लेख पढ़कर उन्होंने फिर से इसकी शुरुआत की। गौरव ने नगरी में स्वच्छ हरीभरी सेवा समिति का गठन किया, जिसके माध्यम से अब तक करीब 1 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं, दिल्ली में वे गौरव ग्रीन आर्मी नामक 10 सदस्यीय टीम के साथ पर्यावरण संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, जयपुर, बारां, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ सहित कई क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान चलाए गए हैं। टीम के सदस्य सप्ताह में दो बार पौधों की निगरानी करते हैं, जरूरत पड़ने पर पानी देते हैं और ट्री गार्ड लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी का परिणाम है कि लगाए गए करीब 75 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं। गौरव ने दिल्ली के फ्लैट में छोटी नर्सरी भी बनाई। जिसमें विलुप्त हो रही पौध प्रजातियां तैयार की जा रही हैं। प्लास्टिक निस्तारण पर भी काम कर रहे हैं। घर का प्लास्टिक वेस्ट बाहर नहीं जाने देते। दोनों बच्चों के साथ मिलकर इको ब्रिक्स बनाते हैं। स्कूलों और मंचों पर इको ब्रिक्स के लिए लोगों को जोड़ते हैं। नगरी में गौरव की 15 सदस्यीय टीम ने पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 31 मई को सम्मेलन कर जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों के 35 से अधिक पर्यावरण व प्रकृति प्रेमी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। मुख्य अतिथि पदमश्री लक्ष्मणसिंह व पारिस्थितिकी वैज्ञानिक सुनील दुबे ने वर्षा, देशी पादप प्रजातियों और जैव विविधता संरक्षण को प्रकृति सेवा का प्रभावी माध्यम बताकर जागरूक किया। घर में भी नवाचार : दिल्ली के फ्लैट में छोटी नर्सरी बनाई, प्लास्टिक वेस्ट से इको ब्रिक्स भी बनाते हैं
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल फ्लोरिश स्टे में लगी आग की लपटों ने गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले अग्रवाल परिवार की खुशियों को सदा के लिए राख के ढेर में बदल दिया। एक ही झटके में परिवार की तीन पीढ़ियां खत्म हो गईं। श्मशान घाट पर जब एक साथ पांच चिताएं सजीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। इस पूरे हृदयविदारक हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य राधेश्याम अग्रवाल (70 वर्ष) से जुड़ा है। वे अभी भी साकेत के मैक्स अस्पताल के ICU में वेंटिलेटर पर भर्ती है। इसी बुजुर्ग पिता की तीमारदारी और देखभाल के लिए विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और दोनों बेटियों जीविशा व वारिया के साथ दिल्ली के उस बदकिस्मत होटल में ठहरे हुए थे, ताकि वे अस्पताल के नजदीक रह सकें। राधेश्याम अभी तक इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि जिस बेटे, बहू, पत्नी और पोतियों के सहारे वे जी रहे थे, उनका अब इस दुनिया में नामोनिशान नहीं बचा है। अस्पताल के सन्नाटे से बेखबर, बुजुर्ग पिता के जीवन का पूरा संसार बाहर उजड़ चुका है। यह दुख और भी बड़ा इसलिए हो जाता है कि इन पांचों के अलावा तीन रिश्तेदार भी इस अग्निकांड की भेंट चढ़ गए, जिनमें राजस्थान निवासी जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) और मामा अशोक पंसारी भी शामिल है। ये तीनों भी राधेश्याम को देखने दिल्ली आए थे और परिवार संग ही होटल में ठहरे थे। पांच चिताओं से बिखर गया प्रेम बंसल का लाड-प्यार तर्जनी के पिता प्रेम बंसल गुरुग्राम के सेक्टर-102 स्थित अडानी टावर सोसाइटी में रहते हैं और बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं। वह अपनी बेटी और नातिनों पर जान छिड़कते थे। नातिनों को प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। उन्होंने अपनी लाडली बेटी तर्जनी और दामाद विवेक को सेक्टर-46 की आलीशान कोठी गिफ्ट में दी थी, जहां यह परिवार रहता था। इतना ही नहीं, उन्होंने दोनों नातिनों के सुरक्षित भविष्य के लिए उनके नाम पर भी एक-एक फ्लैट भी करवा रखा था। मगर, काल का कहर देखिए कि बेटी-दामाद को गिफ्ट की गई आलीशान कोठी आज सूनी पड़ी है। जिन नातियों के नाम फ्लैट किए गए थे, वे अब इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं। रिश्तेदारों ने कांपते हाथों से दी चिताओं को मुखाग्नि सेक्टर-32 के मुक्तिधाम श्मशान में जब एक साथ पांच शव पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। एक के बाद एक पांच चिताएं कतार में लगाई गईं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि परंपरा और नियति के फेर में रिश्तेदारों ने बेहद भारी मन और कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। विवेक अग्रवाल को उनके चचेरे भाई अभय अग्रवाल, भौतिक अग्रवाल, नितिन, मृणाल और आरुष ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। तर्जनी अग्रवाल के अंतिम संस्कार की रस्म उनके सगे भाई अंशुल बंसल ने पूरी की। विवेक की मां प्रेमलता की चिता को श्याम अग्रवाल, महेंद्र, विक्रम, राजेंद्र और दीपक ने मुखाग्नि दी, जबकि दोनों मासूम बेटियों को उनके चचेरे भाई कुनाल, आरुष और हर्ष ने मुखाग्नि देकर हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन कर दिया। विवेक ने बेटी को दिल्ली आने से मना किया था चचेरे भाई वेंक्टेश अग्रवाल ने बताया कि जीविशा बेंगलुरु में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रही थी। गुरुवार को उसकी एक महत्वपूर्ण परीक्षा थी। जब उसे पता चला कि उसके दादाजी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं, तो उसने आने इच्छा जताई, लेकिन पिता विवेक ने उसे फोन पर साफ मना कर दिया था। विवेक ने कहा था कि मात्र एक दिन के लिए बेंगलुरु से दिल्ली आना और फिर परीक्षा के लिए तुरंत वापस लौटना बहुत थकान भरा होगा। उन्होंने जीविशा को बेंगलुरु में ही रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा था, लेकिन वह अपने दादाजी को देखने की जिद अड़ गई थी। असके बाद विवेक ने आने-जाने की फ्लाइट की टिकट करवा दी थी। मामा बोले- जिसे पाला-पोसा, उसी का अंतिम संस्कार करना पड़ा तर्जनी के मामा अजय गुप्ता से भास्कर रिपोर्टर ने बात की। उन्होंने कहा- जिस भांजी को अपने हाथों से पाला-पोसा, उसकी शादी की, आज उसी का अंतिम संस्कार भी अपने हाथों से करना पड़ा। इससे बड़ी बदकिस्मती क्या होगी। अब हमारे पास बचा ही क्या है। जीना तो पड़ेगा, लेकिन जीने की वजह चली गई। तर्जनी के कजन भाई अंकुश गुप्ता ने भास्कर से कहा कि परिवार के सभी लोगों की मौत हो गई। घर में दीया जलाने वाला भी कोई नहीं बचा। परिवार मौसा जी को देखने गया था। मौसा जी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनके साथ गए परिवार के बाकी सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे। अग्रवाल परिवार के तीन रिश्तदार भी चढ़े अग्निकांड की भेंट… सीए के ससुर ने बताई इस दर्दनाक हादसे की कहानी… बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है : ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई थी। तीन दिन पहले यानि मंगलवार को विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राधेश्याम को देखने ही परिवार दिल्ली गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है। होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी : प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। विवेक ने होटल में रूम लिए, बड़ी बेटी बेंगलुरु से आई : विवेक ने होटल में दो कमरे बुक किए थे। उनकी बड़ी बेटी 12वीं करने के बाद बीटेक करने के लिए बेंगलुरु रहती थी। उसे कल ही दादा से मिलने के लिए बुलाया गया था। वो फ्लाइट से पहुंची थी। छोटी बेटी 11वीं क्लास में है। सभी मौतें 70 से 85 फीसदी तक झुलसने या दम घुटने से हुई। 10 तस्वीरों में देखिए दिल्ली होटल फ्लोरिश स्टे अग्निकांड … ---------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली- होटल में आग से 21 मौतें, मालिक हिरासत में:मरने वालों में 11 विदेशी, 8 राजस्थान-हरियाणा के; होटल की फायर NOC नहीं थीं दिल्ली होटल अग्निकांड-गुरुग्राम के CA का पूरा परिवार जिंदा जला:5 फैमिली मेंबर, 3 रिश्तेदार मारे गए; बीमार पिता को देखने आए थे
नई दिल्ली। ईस्ट जिले के न्यू अशोक नगर थाना इलाके में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान देवोस्मिता पॉल (45) के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया महिला के सिर पर किसी भारी चीज से हमला कर हत्या की गई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला शव डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया गुरुवार दोपहर करीब 02.35 बजे न्यू अशोक नगर थाना पुलिस को एक महिला से पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और उसका शव दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट के अंदर पड़ा है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां कॉल करने वाली महिला देवरती पॉल (49) मिली। उसने पुलिस को बताया उसकी बहन देवोस्मिता (शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर) फ्लैट में अकेली रह रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट सुबह से ही बाहर से बंद था और मृतका बार-बार किए जा रहे फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दे रही थी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत किसी अनहोनी की आशंका होने पर शिकायतकर्ता ने ताला तोड़कर फ्लैट खोला और अपनी बहन को अपार्टमेंट के अंदर मृत पाया। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम व फोरेंसिक टीम की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के हर्ष विहार थाना इलाके में स्थित मंडोली जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मलकीत सिंह (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मलकीत, आजादपुर के लाल बाग इलाके में परिवार के साथ रहता था। हत्या और आर्म्स एक्ट के केस वह हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में विचाराधीन बंदी के तौर पर मंडोली जेल में बंद था। उसके खिलाफ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब थाने में हत्या का मामला दर्ज है, जबकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने हर्ष विहार पुलिस को सूचना दी कि मंडोली जेल से एक कैदी को गंभीर और बेहोशी की हालत में उपचार के लिए लाया गया था। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नईदिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा अनधिकृत निर्माणों और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। सरकार ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि मालवीय नगर अग्निकांड के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी भवन मालिक, अधिकारी अथवा अन्य दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम का कहना है कि राजधानी में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा मानकों के अनुपालन, प्रभावी निगरानी व्यवस्था और जवाबदेह तंत्र सहित सभी पहलुओं पर समग्र रूप से काम करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके और दिल्ली को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। घटना के पीछे रही कमियों की गंभीरता से जांच होगी दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाली बैठक में दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, डीडीए, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सीएम ने कहा है कि मालवीय नगर के एक गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग की घटना के पीछे रही कमियों की गंभीरता से जांच की जाएगी और जिसकी भी जवाबदेही बनती है, उसे निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि राजधानी में अवैध संपत्तियों, बिना अनुमति संचालित हो रहे होटलों एवं गेस्ट हाउसों तथा उन सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो अग्नि सुरक्षा नियमों और भवन उपविधियों (बिल्डिंग बायलॉज) का उल्लंघन कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि इस मामले में विभिन्न विभागों से विस्तृत जानकारी ले रही हैं और ऐसे हादसों के कारणों के साथ-साथ संबंधित विभागों तथा अधिकारियों की जवाबदेही भी तय कर रही हैं।
नई दिल्ली। हेड कांस्टेबल दिनेश यादव ने बताया मालवीय नगर हादसे में पीसीआर कॉल होने के बाद वे अपने सहयोगी रामपाल के साथ मौके पर पहुंचे। रास्ते में जाम लगने के बाद वह करीब 250 मीटर तक दौड़कर मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद वे सीढ़ियों की मदद से छत तक पहुंचे और मुक्का मार मार कर उन्होंनें खिड़कियों के शीशे तोड़े। इस दौरान उनके कांच घुस गया। खून से लथपथ होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और इमारत में फंसे पांच लोगों को अकेले सुरक्षित बाहर निकाला। उनके पैर में भी कांच लगा था। इस दौरान कुछ लोग छत से भी नीचे कूदे थे। उन्हें बचाने के दौरान तारों में लगी आग की वजह से रामपाल भी घायल हुए। उन्होंने आगे बताया एक इमारत में एक नाइजीरियन महिला अपनी बेटी के साथ थी। उन्होंने बाथरूम की खिड़की से बाहर निकाला। खिड़की बाथरूम में काफी ऊपर थी। महिला ने एक बार उन्हें कहा था कि बेटा मेरी बेटी को बचा लो और तुम चले जाओ यहां से, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और महिला को अपने कंधे पर बैठाकर और बाल्टी पर खड़े होकर उन्हें बाहर निकाला। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामानों के बीच से लोगों को निकला वहीं दमकल विभाग के साथ बिल्डिंग के अंदर हेड कांस्टेबल करतार भी घुस गए। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामान के बीच वह लोगों को गोद में उठाकर बाहर लगा रहे थे। गर्म चीजें लगने से वह भी घायल हो गए। इसके बाद भी स्टाफ ने हार नहीं मानी और लोगों की सुरक्षा में जुटे रहे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया आग लगने के बाद नेब सराय थाने का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने बताया वे हार नहीं माने। इमारत में आग लगने के बाद बराबर में एक खड़े बिजली के खंबे में आग लगी गई। जिसके बाद तार टूटकर नीचे जमीन पर गिरने लगे। इसके बाद भी ऊपर से कूद रहे लोगों की वे मदद में जुट रहे। आग विकराल हुई तो उन्हें पीछे हटना पड़ा
दिल्ली सचिवालय में साल 2026 की कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सीएम रेखा ने गुप्ता कावंड समिति और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की दिशा में सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी समितियों को आवश्यक दस्तावेजों और वार्षिक ऑडिट संबंधी औपचारिकताओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। सिंगल विंडो व्यवस्था की सराहना राजस्व विभाग ने बैठक में सीएम के समक्ष जानकारी दी कि पिछले वर्ष दिल्ली में 308 कांवड़ शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया था। पिछले वर्ष पहली बार कांवड़ समितियों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया था। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी, अधिकांश समस्याओं का समाधान हुआ और कांवड़ समितियों ने इस पहल की सराहना की। सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर जोर बैठक में पिछले वर्ष सामने आई चुनौतियों और सुझावों की भी समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने मोबाइल शौचालयों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने, 247 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था, गैस सिलेंडरों की निर्बाध उपलब्धता, समयबद्ध होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाने तथा वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने का सुझाव दिया। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पिछले वर्ष जलभराव की समस्या सामने आई थी, वहां ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुधार कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। 247 स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा पर बल सीएम ने कांवड़ शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दिन और रात दोनों समय इलाज की सुविधा मिल सके। बैठक में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर तैनाती और दुर्घटना रोकथाम से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने प्रमुख प्रवेश स्थलों पर स्वागत द्वार, पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं के स्वागत की अन्य व्यवस्थाओं की भी पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए। ये अधिकारी मीटिंग में हुए शामिल बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और अन्य संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारियां पेश कीं।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के करावल नगर स्थित प्रकाश विहार इलाके में बुधवार शाम दिल्ली-लोनी सीमा पर बना एक चार मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि पड़ोस के दो मकानों को मामूली नुकसान पहुंचा है। पुलिस अधिकारी ने बताया मकान मालिक पशुपाल ने करीब पांच वर्ष पहले 25 गज के प्लॉट पर यह चार मंजिला इमारत बनाई थी। भूतल पर उनकी मैकेनिक की दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर किराएदार रहते थे। पिछले करीब दो माह से उत्तर प्रदेश प्रशासन क्षेत्र में नाले के निर्माण के लिए खुदाई करा रहा है। चार दिन पहले क्षतिग्रस्त हुआ था पिलर बताया गया कि चार दिन पहले जेसीबी से खुदाई के दौरान मकान का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद इमारत में दरारें पड़ने लगीं और वह एक ओर झुक गई। खतरे को देखते हुए पशुपाल ने पहले ही किराएदारों से मकान खाली करा लिया था। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मकान में दरारें तेजी से बढ़ने लगीं। एहतियातन आसपास के लोगों को वहां से हटा दिया गया। शाम करीब पौने सात बजे मकान अचानक जमींदोज हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, डीडीएमए और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बाद में सड़क पर फैले मलबे को हटाया गया। मकान गिरने का वीडियो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अभियान:होटलों और रेस्टोरेंटों में अग्निशमन उपकरणों की जांच
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अग्निशमन विभाग ने होटलों और रेस्टोरेंटों पर विशेष अभियान चलाया है। गुरुवार को सर्विस स्टेशन प्रभारी अनुज कुमार सिंह के निर्देशन में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। इस अभियान के तहत विशेष रूप से होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की सक्रियता या निष्क्रियता की पड़ताल की गई। बेसमेंट में किसी भी ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण की भी गहन जांच की गई। विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को अपने उपकरणों को सक्रिय रखने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व से पानी की सप्लाई और अन्य सभी अग्नि सुरक्षा बिंदुओं की भी जांच की गई। दिल्ली अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में होटल और रेस्टोरेंटों पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। मैनपुरी में यह अभियान अगले सात दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान फायरमैन सौरभ और यादवेंद्र भी जांच दल में शामिल रहे। होटल राइस होटल आरबी होटल एस आर पी कई रेस्टोरेंट और होटलों की भी जांच की गई।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे ‘बी एंड बी’ होटल में हुए अग्निकांड में बोकारो की श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि की मौत हो गई। वो जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली की रहने वाली थी। गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर पैतृक आवास लाया गया, जिससे परिवार और स्थानीय लोग शोक में डूब गए। घर की इकलौती बेटी थी श्रुतिका श्रुतिका, रमेश कुमार बरनवाल की इकलौती पुत्री थीं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-2026) की छात्रा थी। वह अक्सर प्रोजेक्ट जमा करने के लिए मुंबई से दिल्ली आया करती थी। इस बार श्रुतिका राविवर को दिल्ली आई थी और बुधवार को उसकी ट्रेन से वापसी की टिकट थी। घटना 3 जून की सुबह की है, जब श्रुतिका अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। इसी दौरान होटल में आग लग गई। आग लगने से अफरातफरी मच गई और श्रुतिका ने अपनी मां से मदद के लिए गुहार लगाई। बातचीत के दौरान उसका मोबाइल गिर गया और कॉल कट हो गया, जिसके बाद उससे संपर्क टूट गया। मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली परिजनों ने दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और अन्य निजी अस्पतालों में श्रुतिका की तलाश की। बाद में उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। कुछ देर बाद श्रुतिका की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, आग की लपटें तेजी से नीचे से ऊपर की ओर फैलीं और तीसरे फ्लोर तक पहुंच गईं, जिससे श्रुतिका को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शव की पहचान में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नई दिल्ली। मालवीय नगर इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत और 35 लोगों को घायल होने के बाद दिल्ली के उप-राज्यपाल तरणजीत संधू ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार और अन्य अधिकारियों के साथ गुरुवार को हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। बैठक में मजबूत शहरी गवर्नेंस, बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और दिल्ली में बेहतर स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए एक बड़े एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। एलजी संधु ने कमिश्नर संजीव खिरवार को बिना नक्शा पास किए अवैध रूप से बन रहे निर्माणों पर सीलिंग, तोड़फोड़ कड़ी कार्रवाई के लिए एक बड़े एक्शन प्लान को लागू करने का आदेश दिया। एलजी बोले- म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर होंगे जिम्मेदार एलजी ने एमसीडी से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने को कहा जो बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन/एक्सपेंशन पर सजा दें और सभी म्युनिसिपल जोन में पूरी तरह से इंस्टीट्यूशनल जवाबदेही तय करें, जिसे जल्द से जल्द उनके सेक्रेटेरिएट को पेश किया जाए। एलजी संधू ने कहा कि एमसीडी अप्रूव्ड बिल्डिंग ब्लूप्रिंट या स्टैंडर्ड सेफ्टी कोड का उल्लंघन करने वाले गैर-कानूनी रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल वर्टिकल एक्सपेंशन की पहचान करने, जोनल अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म, लोकल इंजीनियर, टेक्निकल स्टाफ और म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी अनदेखे गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन या चल रहे अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से करें लागू : संधू एलजी तरनजीत संधू ने गैर-कानूनी स्ट्रक्चरल एक्सपेंशन को रोकने के लिए एमसीडी के कमिश्नर संजीव को बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करने को कहा। एलजी ने एमसडी को को बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन से निर्णायक रूप से निपटने के लिए एक टाइम-बाउंड स्ट्रैटेजी लागू करने का निर्देश दिया।
दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद बाराबंकी का फायर सर्विस विभाग सतर्क हो गया है। जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिला अग्निशमन अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस अभियान के तहत शहर के होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा उपकरणों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फायर विभाग की टीम ने होटल प्रबंधन और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। जिला अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई गईं, वहां संबंधित प्रबंधन को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। फायर विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि जिले के सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत और 35 घायल हो गए। इस हादसे घायल लोगों से दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में मुलाकात की। इस दौरान सीएम करीब आधा घंटा तक अग्निकांड के पीड़ित मरीजों के साथ उनके स्वास्थ्य और हालचाल जाना। उन्होंने घायलों के परिजनों को भी सांत्वना दी। सीएम ने इस मौके पर पर मुआवजे का भी ऐलान किया। सीएम गुप्ता ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 10 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपए के मुआवजा राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही सीएम के आदेश पर मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही सीएम ने कहा है कि दिल्ली सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति मिलने की प्रार्थना करते हैं। हर संभव मदद करेगी दिल्ली सरकार: विधायक वहीं मालवीय नगर विधानसभा से विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा आज मालवीय नगर इलाके में हुए अग्निकांड में घायल मरीजों से मिलने के लिए अस्पताल दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पहुंची थी। उन्होंने सभी घायलों से मुलाकात किया है। इसके साथ ही उन्हें हर संभव दिल्ली सरकार से जो भी मदद है, उसे पूरा करने का आश्वासन दिया है। उपाध्याय ने कहा अभी तक मैक्स अस्पताल में 17 मरीज भर्ती है, कुछ को छुट्टी दे दिया गया है। पहले से अब मरीजों की स्थिति बहुत सही है और सभी मरीज खतरे से बाहर है। उपाघ्याय ने कहा कि भगवान ने चाहा तो सब जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे, इनमें अधिकतर विदेशी नागरिक है। उनके परिजनों को भी सूचना दिया जा रहा है।
'6 जून को क्या होने वाला है?' CJP के अभिजीत दीपके ने बढ़ाया सस्पेंस, दिल्ली प्लान पर अब भी कई सवाल
सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि, उनके इस प्लान ...
दिल्ली में खराब मौसम और कम विजिबिलिटी का असर एयर ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। मौसम बिगड़ने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कई विमानों की लैंडिंग प्रभावित हुई, जिसके चलते कुछ फ्लाइट्स को होल्ड पर रखा गया, जबकि कई फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इसी कड़ी में अब तक चार फ्लाइट्स जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारी गई हैं। दरअसल, कोलकाता से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6358 को दिल्ली में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर डायवर्ट किया गया। वहीं अमृतसर से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-422 को भी जयपुर भेजा गया। इसके अलावा फूकेट (थाईलैंड) से दिल्ली आ रही इंडिगो की इंटरनेशनल फ्लाइट 6E-1074 और मस्कट (ओमान) से दिल्ली आ रही ओमान एयर की फ्लाइट WY-245 को भी जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट्स की आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ रहा है। कई फ्लाइट्स को हवा में होल्ड पर रखा गया, जबकि कुछ विमानों को ईंधन और परिचालन कारणों को देखते हुए नजदीकी एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट किया गया। जयपुर एयरपोर्ट पर अचानक बढ़ी फ्लाइट मूवमेंट के चलते एयरपोर्ट प्रबंधन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल अलर्ट मोड पर हैं। डायवर्ट होकर आने वाली फ्लाइट्स के पैसेंजर्स को एयरलाइंस की ओर से आगे की यात्रा को लेकर जरूरी जानकारी दी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में खराब मौसम का दौर जारी रहने से अगले कुछ घंटों तक हवाई सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। ऐसे में जयपुर सहित अन्य नजदीकी एयरपोर्ट्स पर भी और फ्लाइट्स डायवर्ट किए जाने की संभावना बनी हुई है।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की ओर से 5 जून को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, व्यापार संगठनों, उद्यमियों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पीएचडीसीसीआई के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ चैप्टर्स के साथ-साथ रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। जानिए क्या होगा समारोह में समारोह के दौरान ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ: विज़न, इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें आर्थिक विकास, निवेश के अवसर, नई तकनीकों के उपयोग, उद्योगों में नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। पीएचडीसीसीआई पंजाब के चेयर करण गिल्होत्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठकर विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम की चेयर हिमानी अरोड़ा ने कहा कि उद्योगों की प्रगति के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है। यह कार्यक्रम दोनों पक्षों को एक-दूसरे के विचार समझने और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर देगा। पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने कहा कि इस तरह के आयोजन निवेश को बढ़ावा देने, नई संभावनाएं तलाशने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का भी अवसर मिलेगा।
दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब पूरे मध्यप्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जबलपुर शहर में भी लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई होटल, गोदाम और व्यावसायिक भवन अब भी अग्नि सुरक्षा मानकों से दूर हैं। कई इमारतों में फायर सिस्टम ही नहीं है और जहां लगे भी हैं, वहां उनके समय पर काम करने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जबलपुर के 50 प्रतिशत से अधिक होटल संकरे इलाकों में संचालित हो रहे हैं, जहां आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो सकता है। नेशनल बिल्डिंग कोड और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार नगरीय सीमा में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई या 500 वर्गमीटर से बड़े भवनों और होटलों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है, लेकिन छोटे और मझोले होटल संचालक इस नियम की आड़ लेकर पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं कर रहे हैं। शहर के कई इलाके अब फायर हॉट-स्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं। मदनमहल, गंगासागर, गुलौआ और गुरंदी बाजार क्षेत्रों में लकड़ी और प्लाईवुड के बड़े कारखाने संचालित हो रहे हैं। वहीं मालवीय चौक, गोल बाजार, उखरी और दमोह नाका जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टायर गोदाम मौजूद हैं, जहां आग लगने की स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। नगर निगम जबलपुर का दावा है कि इस वर्ष अब तक करीब 350 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। महापौर का कहना है कि फायर विभाग की टीम लगातार बड़े भवनों और संस्थानों की जांच कर रही है और फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जमीनी स्तर पर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। जबलपुर में वर्तमान स्थिति की बात करें तो शहर में 150 से अधिक होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें 7 होटल ऐसे हैं जिनमें 100 से ज्यादा कमरे हैं, करीब 50 होटल 30 से 40 कमरों वाले हैं, जबकि 100 से अधिक छोटे होटल 10 से 30 कमरों के बीच संचालित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फायर ऑडिट और सुरक्षा इंतजामों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड के बाद अब कानपुर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस हादसे से सबक लेते हुए डीजी फायर के निर्देश पर पूरे सूबे में होटल, बार, गेस्ट हाउस, लॉज और मॉल्स की सघन चेकिंग का महाअभियान शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में शहर के घंटाघर इलाके से फायर ब्रिगेड की टीम ने औचक निरीक्षण की शुरुआत की है। 11 फायर स्टेशनों की टीमें मैदान में, बारीकी से हो रही जांच कानपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा ने बताया कि, दिल्ली की घटना बेहद दुखद थी, जिसमें कई मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी को देखते हुए डीजी महोदय के आदेश पर यह अभियान शुरू किया गया है, जो अब आगे भी लगातार जारी रहेगा। 17 होटल चिन्हित, बिजली और पर्यटन विभाग को भी लिखा पत्रसीएफओ दीपक शर्मा ने खुद घंटाघर क्षेत्र के कई भीड़भाड़ वाले होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही देखने को मिली।सीएफओ ने सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही दिन ऐसे 17 होटलों को चिन्हित कर लिया है, जहां कमियां पाई गई हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही फायर विभाग ने विद्युत सुरक्षा और पर्यटन विभाग को भी इन लापरवाह होटलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है। अधिकारियों का साफ कहना है,कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। कानपुर जनपद के सभी 11 फायर स्टेशनों की टीमों को अपने-अपने इलाकों में एक्टिव कर दिया गया है। फायरकर्मी हर छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट में पहुंचकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को टटोल रहे हैं। सिर्फ उपकरण देखना काफी नहीं है। स्टाफ को चलाना आता है या नहीं। इस अभियान के दौरान फायर विभाग की टीमें केवल कागजी कोरम पूरा नहीं कर रही हैं, बल्कि जमीन पर उतरकर एक-एक चीज की बारीकी से जांच कर रही हैं:
पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सूबे की कमान संभालने के बाद पहली बार दिल्ली दौरा किया। केवल सिंह ढिल्लों दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। ढिल्लों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान, कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल व दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार ढिल्लों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलने का कार्यक्रम है। नागरिकों की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने अर्जुन राम मेघवाल को पंजाब की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमांत राज्य है, इसलिए यहां की शांति और नागरिकों की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ढिल्लों ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने की दिशा में केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मांगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ढिल्लों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पंजाब में कानून व्यवस्था सुधारने और राज्य को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव मदद करेगी। शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक में केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के ग्रामीण इलाकों में केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण और किसान कल्याण कार्यक्रमों को तेजी से लागू करने पर जोर दिया। शिवराज सिंह ने पंजाब में भाजपा की नई टीम को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय मंत्री से पंजाब की खेतीबाड़ी को आगे बढ़ाने में हरसंभव मदद करने की अपील की। राष्ट्रीय अध्यक्ष और अमित शाह से भी होंगी मुलाकातें सूत्रों के अनुसार, केवल सिंह ढिल्लों का यह दिल्ली दौरा सियासी लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी केंद्रीय नेतृत्व से पहली औपचारिक मुलाकात है। इस दौरान वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भी मिलेंगे। पंजाब भाजपा में नई जान फूंकने की तैयारी केवल सिंह ढिल्लों का यह दौरा पंजाब भाजपा को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सियासी जानकारों का कहना है कि ढिल्लों का लंबा अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके अच्छे संबंध पंजाब में भाजपा को मजबूत करने में कारगर साबित होंगे। जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की तैयारी ढिल्लों का फोकस आगामी चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने, पंजाब के हितों की आवाज केंद्र तक पहुंचाने और सूबे के प्रमुख मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने पर है। पंजाब में किसान आंदोलन के बाद भाजपा की छवि सुधारने, युवाओं और किसानों को जोड़ने तथा कांग्रेस और आप के बीच तीसरा विकल्प बनने की कोशिश तेज हो गई है।
राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश कोटे की तीन सीटों पर 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। फिलहाल, इनमें से दो पर बीजेपी जबकि एक पर कांग्रेस का कब्जा है। बीजेपी से केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सांसद हैं। वहीं, कांग्रेस की एक सीट पर दिग्विजय सिंह दूसरी बार के सांसद हैं। दिग्विजय सिंह इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में इस सीट के लिए कैंडिडेट को लेकर दिल्ली में पार्टी नेताओं के बीच मंथन चल रहा है। आज गुरुवार को भी अलग-अलग दौर की बैठकें जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक, दो दिन के भीतर पार्टी उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सभी दावेदारों ने बीते कई दिन से दिल्ली में डेरा डाल रखा है। इधर, भोपाल में विधायकों से कोरे नामांकन फॉर्म पर बतौर प्रस्तावक दस्तखत कराने शुरू कर दिए गए हैं। भोपाल में शनिवार को विधायक दल की बैठक भोपाल स्थित प्रदेश मुख्यालय में शनिवार शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक दल के मुख्य सचेतक सोहन बाल्मीकि विधायकों से राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव के लिए BJP उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। बीजेपी की तरफ से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान अगले 3-4 दिन में होने की पूरी संभावना है। पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व को संभावित उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट सौंप दी है। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के मालवीय नगर इलाके के एक होटल में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की जान चली गई। अपने एक बीमार रिश्तेदार की देखरेख के लिए गुरुग्राम से दिल्ली आए अग्रवाल परिवार के ये सदस्य होटल फ्लोरिश स्टे गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। यह होटल मैक्स […] The post दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की मौत appeared first on Sabguru News .
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 20 से ज्यादा लोग झुलस गए। इस पर अब कांग्रेस ने वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को घेरा है। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि, राज्य में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं। पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसे ही धराशायी है। इस बात को वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री को समझना चाहिए। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में भर्ती डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने आगे कहा कि, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही CAG के रिपोर्ट के मुताबिक, ICU में भर्ती है। ऐसे में इस तरह के लापरवाही से अब मरीज जाए तो जाए कहां। बिहार में जहां एक ओर रेफर सिस्टम को सुधारने की बात हो रही है। जहां अस्पताल को बताया जा रहा है कि किस तरीके से काम कीजिए, ऐसे में इतनी बड़ी घटना अस्पताल में घटित हो जाती है। आखिर अस्पताल प्रशासन को एनओसी किसने दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने जताया दुख मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आगजनी की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दुख जताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। इस हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने बताया कि, जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा एवं उपचार के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत के कार्य युद्धस्तर पर चलाने के आदेश भी दिये गए हैं। इस दुखद घटना की जांच होगी। जिम्मेवारी तय होगी। उन्होंने आगे लिखा कि, ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करें। शॉर्ट सर्किट से लगी आग, एसी में हुआ ब्लास्ट यह हादसा बुधवार रात करीब 3 बजे हुआ। आग शॉर्ट सर्किट से लगी। इसके बाद ICU में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ। इसकी वजह से आग तेजी से फैली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड अस्पताल पहुंची और आग पर काबू पाया। लोगों ने मौके से स्टाफ के गायब होने का आरोप लगाया। परिजन अपने मरीजों को स्ट्रैचर से बाहर ले जाते दिखे। ICU वार्ड 5वीं फ्लोर पर है, जिसकी वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आई। दमकलकर्मियों ने ICU और अस्पताल के दूसरे वार्डों में फंसे मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला। तीन मृतकों की पहचान हो गई है, जिनमें, गीता देवी, चंचला कुमारी, 57 साल के उदय कुमार, 30 साल के शशांक कुमार शामिल हैं। एक की पहचान नहीं हो पाई है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतारा हवारा ने अपनी बीमार बुजुर्ग मां की देखभाल के लिए पैरोल याचिका दायर की हुई है। इस पर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने आज सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली के डायरेक्टर जनरल (प्रिजन) को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दिल्ली जेल प्रशासन की ओर से जवाब न आने पर अदालत ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 6 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी। दोबारा आतंकी संगठन से जुड़ सकते हैं हवारा इससे पहले सीबीआई ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए उसकी रिहाई का विरोध किया। एजेंसी ने कहा कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है तो उसके फरार होने और दोबारा आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। सीबीआई ने कहा कि वह पहले भी जेल से फरार हो चुका है। वर्ष 2004 में हवारा और उसके साथियों ने सुरंग खोदकर बुरैल जेल से फरार होने में सफलता हासिल की थी। हवारा का बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठनों से संबंध हालांकि उसे करीब एक साल बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था। हवारा का संबंध बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकी संगठनों से रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे किसी भी सूरत में पैरोल नहीं दी जानी चाहिए।
ED की प्रेस रिलीज वापसी से FIITJEE को राहत:दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामला शांत
FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स और अधिकारियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित एक प्रेस रिली वापिस लिए जाने पर मामले में नया मोड़ आ गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक आदेश पारित किया, जिसमें यह नोट किया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 26.04.2025 को जारी की गई उस प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस ले लिया है, जिसमें FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स पर आरोप लगाए गए थे। विवादित प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस लेना FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स के इस लगातार रुख को सही साबित करता है कि आरोप बेबुनियाद थे और उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं था। याचिकाकर्ताओं द्वारा ED की प्रेस रिलीज़ को चुनौती याचिकाकर्ताओं (FIITJEE) ने ED के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस द्वारा 26.04.2025 को जारी की गई उस प्रेस रिलीज़ को चुनौती दी थी - जो अब विवादित है - जिसे FIITJEE के नोएडा और दिल्ली ऑफिसों तथा कुछ डायरेक्टर्स और अधिकारियों के आवासों पर तलाशी के बाद जारी किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि प्रेस रिलीज़ दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक थी, तथा अवैध और मनगढ़ंत अनुमानों पर आधारित थी; इसमें बिना किसी उचित औचित्य या सबूत के विभिन्न प्रकार की अटकलें और आरोप शामिल थे। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि प्रेस रिलीज़ एक प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट पर आधारित होने का दावा करती थी, जबकि ऐसी कोई रिपोर्ट मौजूद ही नहीं थी। प्रतिवादी का बयान और “प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट” पर स्पष्टीकरण इसके बाद, प्रतिवादी के वकील ने इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा कि क्या वे प्रेस रिलीज़ में संशोधन करेंगे या मामले का निपटारा उसके गुण-दोष के आधार पर करवाएंगे। यह उल्लेखनीय है कि, ज़ब्त की गई सामग्री के प्राथमिक विश्लेषण पर आधारित होने का दावा करने के बावजूद, प्रतिवादी ने माननीय कोर्ट के समक्ष यह स्वीकार किया कि ऐसी कोई प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट मौजूद नहीं थी, और वे प्रथम दृष्टया आरोपों को साबित करने में विफल रहे। इसके परिणामस्वरूप, 06.05.2026 को, दिल्ली हाई कोर्ट ने यह नोट किया कि प्रतिवादी के वकील को विवादित प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस लेने के निर्देश प्राप्त हो गए थे। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मौखिक रूप से यह भी टिप्पणी की कि प्रतिवादी ने प्रेस विज्ञप्ति को वापस लेकर उन गंभीर परिणामों को टाल दिया है, जो तब उत्पन्न हो सकते थे, यदि न्यायालय को मामले के गुण-दोष के आधार पर कोई आदेश पारित करने के लिए विवश होना पड़ता।
दिल्ली पुलिस ने अपहरण मामले में 8 साल से फरार अपराधी को रोहिणी इलाके से किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 2018 के एक अपहरण के मामले में फरार चले रहे एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि आरोपी कई सालों से ट्रायल से बच रहा था। वह रोहिणी इलाके में छिपा हुआ था, जहां से द्वारका जिले की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली के गेस्टहाउस में आग लगने पर लोग क्यों नहीं भाग सके
गेस्ट हाउस में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती पड़ताल में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और निर्माण से जुड़ी गडबड़ियों के संकेत मिले हैं। मरने वालों में 9 भारतीय और 12 ...
अवैध पार्किंग के खिलाफ एमसीडी और दिल्ली पुलिस का संयुक्त अभियान शुरू, मल्टी-लेवल सुविधाओं पर जोर
दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या और सड़क किनारे लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। गुरुवार से राजधानी के चुने हुए मल्टी-लेवल पार्किंग स्थानों के आस-पास यह जागरूकता और सख्ती वाला अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद लोगों को जिम्मेदारी से पार्किंग करने की आदत डालना है, ताकि सड़कें साफ और ट्रैफिक सुगम बने।
LIVE: दिल्ली में आज से फायर सेफ्टी अभियान, लवकेश बजाज की कोर्ट में पेशी
Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली के मालवीय नगर में 21 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। उसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। राजधानी में आज से फायर सेफ्टी अभियान भी शुरू हो रहा है। पल पल की ...
नमस्कार, दिल्ली में एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। इनमें 19 विदेशी नागरिक हैं। उधर, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्टी टूट गई है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइली PM नेतन्याहू को गाली क्यों दी... ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत, इनमें 11 विदेशी नागरिक दिल्ली के फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 11 विदेशी नागरिक हैं, जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग होटल के रेस्टोरेंट में लगी और ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई। तीसरी-चौथी मंजिल से कूदे लोग: हादसे के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे। 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। खबर से जुड़े अहम अपडेट्स... पूरी खबर पढ़ें... 2. ममता की TMC टूटी, 58 विधायकों ने अलग गुट बनाया, ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) का 28 साल के इतिहास में पहली बार औपचारिक तौर पर विभाजन हो गया। 58 बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र सौंपा। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी भी दे दी है। जावेद खान, संदीपन साहा और सिउली साहा को उपनेता जबकि अखरुज्जमान को चीफ व्हिप बनाया गया है। पूरा मामला समझिए: अभी तक विधानसभा स्पीकर और ममता बनर्जी का कोई बयान नहीं आया है। ममता के पास अब 22 विधायकों का समर्थन है। TMC ने 294 सीटों में से 80 सीटें जीती थीं। यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब नेता विपक्ष के चयन से जुड़े प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगने के बाद ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से बाहर कर दिया गया था। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा;- ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं। उनसे मांग है कि वे मुख्य सलाहकार की तरह पार्टी का नेतृत्व करती रहें। ममता ने पार्टी कमेटियां भंग कीं: पार्टी के भीतर बगावत के बीच ममता बनर्जी ने राज्य की सभी कमेटियों और फ्रंटल संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी अब पूरे संगठन का पुनर्गठन करेगी। अब विधानसभा में असली दल कौन है: विधायक दल और राजनीतिक पार्टी अलग-अलग चीजें हैं। स्पीकर केवल विधानसभा के भीतर विधायक दल के नेता और व्हिप को मान्यता देते हैं। वे राजनीतिक पार्टी पर कोई फैसला नहीं ले सकते हैं। चुनाव आयोग और कोर्ट इसे तय करता है। पूरी खबर पढ़ें... 3. गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे का हत्यारा एनकाउंटर में ढेर, कटरा गैंग ने रंगदारी न देने पर मारा था गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के आरोपी कमलेश चौधरी बिंद को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। स्वाट टीम प्रभारी रोहित मिश्रा को भी गोली लगी। मुठभेड़ बुधवार देर शाम शहर मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर कुर्था में हुई। कमलेश पर एक लाख का इनाम था: वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्ण ने मंगलवार को चारों नामजद आरोपियों पर इनाम घोषित किया था। मुख्य आरोपी शंकर पांडे और कमलेश चौधरी बिंद पर 1 लाख रुपए, जबकि अन्य दो आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम है। होटल से निकलते ही विनीत को 4 गोली मारी थीं: 29 मई की रात कमलेश बिंद ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे चार गोली मारी गई थीं। हमला उस वक्त हुआ था, जब विनीत होटल से घर के लिए निकल रहे थे। इस हत्या की प्लानिंग वॉट्सएप ग्रुप ‘कटरा गैंग’ पर हुई थी। एक करोड़ की रंगदारी न देने पर विनीत की हत्या की गई थी। हत्या में शामिल शंकर पांडेय, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी फरार हैं। शंकर पांडेय मुख्य आरोपी है। वह कटरा गैंग चलाता है। पूरी खबर पढ़ें… 4. प्रयागराज में युवक ने प्रॉपर्टी के लिए माता-पिता, बहन को मारा था, फिर दोस्त ने उसे ही मार डाला प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। मां-बाप और बहन की हत्या बेटे अभिषेक ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे। इसके बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इस दौरान दोस्त ने बेटे की हत्या कर दी। दुकान के बाहर ताला लगाकर भागा दोस्त: वारदात के बाद बेटे के दोस्त ने दुकान में बाहर से ताला लगाया और गहने लेकर भाग गया। पुलिस ने आरोपी दोस्त सनी गुप्ता को हिरासत में लिया है। वह चाय की दुकान लगाता है। उसके पास से लूटे हुए गहने भी बरामद हुए हैं। प्रॉपर्टी से बेदखल करने से नाराज था बेटा: जांच में सामने आया कि कारोबारी ने साल-2022 में बेटे को प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था। इससे वह नाराज था। वहीं आरोपी सनी गुप्ता ने मीडिया से कहा- जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह मेरा क्या होगा। हमने कोई अपराध नहीं किया। उसी ने मुझे उकसाया और बुलाया। उसने अपने मां-बाप का कत्ल किया। हम दोनों सोना-चांदी लेकर नीचे आए। उसने कहा था कि मुझे भी हिस्सा देगा, लेकिन नहीं दिया। तभी मैंने उसकी हत्या कर दी। पूरी खबर पढ़ें… 5. यूपी में मक्के का दाम 175 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया, कैदियों की मौत पर 5 लाख तक मुआवजा मिलेगा यूपी में योगी सरकार ने बुधवार को मक्के का दाम 175 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। अब किसानों को एक क्विंटल मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपए मिलेगा। 18 शहरों में 1725 AC इलेक्ट्रिक बस चलाई जाएंगी। कैदी के सुसाइड पर परिवार को 3 लाख मुआवजा मिलेगा: प्रदेश में 5 नई जेल बनेंगी। जेल में झगड़े या इलाज के कमी में चलते कैदी की मौत पर उसके परिवार को 5 लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। कैदी की आत्महत्या के मामले में आश्रितों को 3 लाख रुपए की मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकारी वकीलों का मानदेय और मासिक भत्ते बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। सीएम योगी ने कैबिनेट मीटिंग में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कुल 25 प्रस्ताव पेश हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… 6. डीके शिवकुमार कर्नाटक CM बने, संविधान हाथ में लेकर शपथ; जी परमेश्वर उपमुख्यमंत्री बने डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान वे हाथ में संविधान रखे हुए थे। उन्हें 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। जी परमेश्वर ने नए डिप्टी चीफ मिनिस्टर पद की शपथ ली। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें पूर्व सीएम सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी शामिल हैं। प्रोग्राम में राहुल-खड़गे शामिल हुए: शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए। सिद्धारमैया ने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। वे 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री रहे। पूरी खबर पढ़ें... 7. ट्रम्प ने माना- नेतन्याहू को फोन पर गाली दी थी, कहा- उस वक्त परेशान था अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने माना है कि उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर गाली दी थी। उन्हें ‘*** पागल’ कहा था। एक पॉडकास्ट में ट्रम्प ने कहा कि इजराइल के लेबनान पर हो रहे हमले से मैं परेशान था। हालांकि, ट्रम्प ने आगे कहा कि वह नेतन्याहू की इज्जत करते हैं और उनके साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। ईरानी हमले में भारतीय की मौत: कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हुए। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर है। इसके अलावा ईरान ने बहरीन की ओर भी मिसाइल और ड्रोन दागे। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... सेंट्रल जेल देखने की चाहत में पत्नी पर तान दिया तमंचा यूपी के इटावा में सेंट्रल जेल देखने की चाहत में कोमल सिंह ने शराब के नशे में पत्नी संगीता पर तमंचा तान दिया। बाद में वह अवैध हथियार लेकर घूमता मिला, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले उरई जेल जा चुका है, अब सेंट्रल जेल देखना चाहता था। हालांकि, पुलिस ने उसे सेंट्रल जेल नहीं भेजा भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने में सफलता मिलेगी। कन्या राशि वालों को नए ऑर्डर और अनुबंध मिल सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
खाकी में प्रदेश का दम:देश भर में 147 आईपीएस बने; राजस्थान के 20, दिल्ली और यूपी के बाद सबसे अधिक
सिविल सेवा परीक्षा-2024 के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा के लिए जारी कैडर आवंटन सूची में राजस्थान के युवाओं ने जोरदार दम दिखाया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राजस्थान के 20 युवा आईपीएस बने हैं। देश में 147 युवा आईपीएस बने हैं, इनमें राजस्थान का आंकड़ा 13% है। पिछले साल 200 में से 25 आईपीएस बने थे। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान की सफलता राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी की संस्कृति दर्शाती है। दिलचस्प है कि राजस्थान के चयनित 20 युवाओं में से केवल एक अभ्यर्थी सुखराम को मूल कैडर मिला है। राजस्थान को मिले सिर्फ 2 आईपीएस राजस्थान कैडर को दो आईपीएस मिले हैं। इनमें महाराष्ट्र के तेजस्वी देशपांडे और राजस्थान के सुखराम। गौरतलब है कि राजस्थान में आईपीएस का कैडर 222 का है और इसमें से 210 पद भरे हुए हैं। सबसे अधिक यूपी से 32 और दिल्ली से 22 आईपीएस अफसर बने हैं। 5 साल में प्रदेश से 111 आईपीएस, मिले 33 देशभर में फैला राजस्थान का प्रतिनिधित्व आदित्य आचार्य और अक्षत मंडीवाल को यूपी, सुखराम को राजस्थान, रोनक अशाराम को आंध्र प्रदेश, मोना जाखड़ को गुजरात, रविंद्र खोजा और दीपक चौधरी को पश्चिम बंगाल, मनोज महरिया को एजीएमयूटी, मनीष मीणा को मध्य प्रदेश, साक्षी नागर और धर्म सिंह मीणा को महाराष्ट्र, राहुल मीणा को कर्नाटक, सागर को तमिलनाडु, साहिल मीणा को बिहार, हर्ष डाबरिया को तेलंगाना, आशीष मीणा को ओडिशा, रविराज सत्तावन को असम-मेघालय, ललित जरेड़ा को मणिपुर, कर्मवीर नरवाड़िया को झारखंड और अजय बागड़ी को नागालैंड मिला है।
प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीतिक तैयारियां पूरी हो गई हैं, राज्यसभा प्रत्याशियों के नामों को लेकर बुधवार को दिल्ली से लेकर भोपाल तक राजनीतिक हलचल रही। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली से भोपाल वापसी के बाद माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने संभावित नामों पर प्रदेश नेतृत्व से अंतिम चर्चा कर सिलेक्टेड नामों की जानकारी दे दी है। अगले एक-दो दिन में इसकी अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के जरिए पार्टी आगामी संगठनात्मक प्राथमिकताओं को साधने जा रही है। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष के दिल्ली दौरों के बाद अब गेंद पूरी तरह केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के पाले में है। माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों में दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही पार्टी अपने अधिकृत नामों का ऐलान कर देगी। दो दिन से खंडेलवाल का दिल्ली में डेरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूश गोयल समेत कई पार्टी पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। आधिकारिक तौर पर यह मुलाकात विकास कार्यों को लेकर थी, लेकिन माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव की रणनीति और प्रदेश संगठन के इनपुट पर सीएम से चर्चा की है। इससे ठीक पहले, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दो दिनों तक दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। वे वहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में मध्यप्रदेश संगठन की ओर से तैयार जमीनी फीडबैक, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों का पूरा खाका केंद्रीय आलाकमान के सामने रखा गया। राष्ट्रीय नेतृत्व से अहम दिशा-निर्देश लेने के बाद प्रदेशाध्यक्ष बुधवार को वापस भोपाल लौट आए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस में दावों की होड़, 5 जून को होगा दिल्ली में होगा फैसला राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस खेमे में दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल के नामों की चर्चा पहले से थी, लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम चर्चा में आ गया है। इस बीच, उम्मीदवारों के चयन को लेकर 5 जून को दिल्ली में एक बड़ी और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मप्र के दिग्गज नेताओं के साथ मंथन करेंगे। बैठक में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दिल्ली पहुंच रहे हैं। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुसार, फिलहाल नामों की कोई अंतिम सूची तैयार नहीं हुई है।
दिल्ली के होटल हादसे के बाद भोपाल के होटलों और रेस्टोरेंट की फायर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में करीब 2000 होटल हैं, जिनमें लगभग 1300 में रेस्टोरेंट और किचन संचालित हैं। भास्कर ने बुधवार को करीब 15 होटल-रेस्त्रां में आग से बचाव का बंदोबस्त देखा तो यहां केवल 1 से 3 फायर एक्सटिंग्विशर मिले। नियम के मुताबिक हर 30 मीटर पर एक फायर एक्सटिंग्विशर होना चाहिए। कई जगह दूसरा निकास नहीं मिला, जबकि कई रेस्टोरेंट और किचन बेसमेंट में संचालित पाए गए। सबसे बड़ी बात यह है कि फायर एनओसी के नियम होने के बावजूद नगर निगम के पास सीधे कार्रवाई का अधिकार नहीं है। जिन होटलों में रोज सैकड़ों लोग ठहरते हैं, वहां गैस सिलेंडर, किचन उपकरण और बिजली के भारी उपयोग के बावजूद स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं। निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल के मुताबिक 15 मीटर से ऊंची इमारत, 500 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट या 50 से अधिक कमरों वाले होटल के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। मध्य प्रदेश में स्वतंत्र फायर एक्ट लागू नहीं है, इसलिए जुर्माना या सख्त कार्रवाई का अधिकार नहीं है। नगर निगम बोला- स्वतंत्र फायर एक्ट नहीं, इसलिए सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते बेसमेंट में तीन बड़े किचन, सुरक्षा इंतजाम नहींशाम 5:14 बजे: 7 नंबर स्थित बीडीए कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में शंकर होटल, सागर गैरे और शर्मा विष्णु फास्ट फूड के किचन संचालित मिले। आगजनी की स्थिति में पूरी बिल्डिंग प्रभावित हो सकती है, जबकि फायर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। बेसमेंट में बापू की कुटिया, ऊपर सैकड़ों दुकानेंशाम 4:49 बजे: एमपी नगर स्थित ज्योति कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में बापू की कुटिया रेस्टोरेंट है। यहां आग लगने पर मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दुकानों को खतरा हो सकता है। यहां फायर सुरक्षा के नाम पर केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। फायर एग्जिट पूछा तो पीछे मिली सिर्फ दीवारशाम 4.30 बजे: भारत टॉकीज स्थित 38 कमरों वाले ग्रैंड होटल में दो फ्लोर पर केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। फायर एग्जिट के बारे में पूछने पर पीछे रास्ता बताया गया, लेकिन मौके पर वहां दीवार मिली। बाहर की ओर न सीढ़ी थी और न निकासी का कोई रास्ता। नीचे नाला गुजर रहा था। फायर सुरक्षा चाहिए तो महंगे होटल में जाओशाम 4.15 बजे: हमीदिया रोड की संकरी गली में बने 22 कमरों वाले होटल गोपी पैलेस में एक फायर एक्सटिंग्विशर मिला, जो 16 मई को एक्सपायर हो चुका था। एंट्री और एग्जिट के लिए एक ही गेट है। फायर सेफ्टी पर सवाल पूछने पर रिसेप्शनिस्ट बोला- बेहतर सुरक्षा चाहिए तो महंगे होटल में जाओ। बेसमेंट में होटल-किचन सबसे ज्यादा खतरनाकभास्कर की पड़ताल में कई होटल और रेस्टोरेंट बेसमेंट में संचालित मिले। नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोरेज के लिए किया जा सकता है। बेसमेंट में होटल, रेस्टोरेंट या किचन चलाने की अनुमति नहीं है। यदि बेसमेंट का क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर या अधिक है तो स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य है। अधिकारियों के मुताबिक आग लगने की स्थिति में बेसमेंट से बाहर निकलना सबसे मुश्किल होता है, जिससे पूरी बिल्डिंग खतरे में पड़ जाती है। टीम भेजकर जांच कराएंगेनिगम समय-समय पर होटल और रेस्टोरेंट में फायर सुरक्षा इंतजामों की जांच कराता है। यदि कहीं बिना एनओसी होटल या रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।-संस्कृति जैन, कमिश्नर, नगर निगम
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग से गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार जिंदा जल गया। परिवार के पांचों सदस्यों की मौत ने पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों तक को बड़ा झटका दिया है। हादसे में सीए विवेक से लेकर उसकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, बेटी जिविशा और वारिया की जान चली गई। सभी बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने दिल्ली पहुंचे थे। जान गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल इंश्योरेंस देखो कंपनी में फाइनेंशियल हेड थे। वहीं, पत्नी तर्जनी अग्रवाल पेशेवर रूप से इवेंट मैनेजमेंट का काम संभालती थीं। साथ ही वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ भी चलाती थीं। तर्जनी ने अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में 'मिसेज इंडिया' का नामी खिताब अपने नाम किया था। उनके करीबियों के मुताबिक तर्जनी जितनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में अनुशासित थीं, उतनी ही अपने परिवार से अटैच थीं। तर्जनी मॉडलिंग भी करती थी और रैंप वॉक भी। वहीं, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल को अब तक इस बात की भनक भी नहीं है कि उनकी लंबी उम्र की दुआएं मांगने वाले उनके जिगर के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेक के पिता दिल्ली मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हीं का हाल जानने सीए अपनी मां, पत्नी व दो बेटियों संग दिल्ली आए थे। उनके मौसा-मौसी व मामा राजस्थान से आए थे। ये लोग होटल में ठहरे थे। सुबह ब्रेकफास्ट के वक्त होटल में आग लगी और सभी जिंदा जल गए। मॉडल पत्नी और CA पति के PHOTOS अग्रवाल परिवार के बारे में जानिए… पोतियां का दादा से बेहद लगाव था, एक बेंगलुरु से मिलने आई विवेक ने अपने बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था। बेंगलुरु में बीटेक कर रही उसकी बड़ी बेटी जीविशा को दादा के बीमार होने का पता चला तो वो फ्लाइट पकड़कर सीधे दिल्ली आ गई। मंगलवार को वो अस्पताल के पास ही स्थित मालवीय नगर के एक होटल में रुके थे। पोतियां जीविशा और वारिया दादा को देखकर आई थी। इन्हें परिवार में प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। दोनों पोतियों समेत पूरा परिवार बुजुर्ग राधेश्याम के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहा था, लेकिन अचानक लगी आग ने मिसेज इंडिया तर्जनी अग्रवाल समेत परिवार के पांच लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सूनी पड़ी कोठी, पड़ोसियों की आंखें नम हादसे के बाद से गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है और मुख्य गेट बंद हैं। पड़ोसियों का कहना है कि विवेक बेहद शालीन, हंसमुख और मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले इंसान थे। पूरा सेक्टर इस बात से सदमे में है कि जो हंसता-खेलता परिवार दो दिन पहले अपनी गाड़ी से दिल्ली गया था, उसका एक सदस्य भी जिंदा नहीं बचा। ‘बेटियों को बचा लो...’, आखिरी कॉल और फिर पसरा सन्नाटा आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो कमरे के भीतर से विवेक अग्रवाल ने बदहवास हालत में अपने मामा के बेटे को फोन मिलाया। उन्होंने रोते हुए कहा, हम चारों तरफ से भीषण आग में फंस गए हैं, दम घुट रहा है... बस हमारी बेटियों को कैसे भी करके बचा लो! जब तक उसका भाई कोटला से आया, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था। यह विवेक की जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। आज होगा अंतिम संस्कार दिल्ली में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके पैतृक निवास सेक्टर-46 लाया जाएगा। चूंकि परिवार के लगभग सभी मुख्य सदस्यों की इस हादसे में मृत्यु हो चुकी है, इसलिए गुरुग्राम में मौजूद उनके अन्य रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं। शवों के गुरुग्राम पहुंचने के तुरंत बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सीए के ससुर ने बताई इस दर्दनाक हादसे की कहानी… बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई है। दो दिन पहले विवेक के पित राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है। होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। मामाजी किशनगंज से आए थे जबकि मौसा-मौसी अजमेर से आए थे। मामा मार्बल कारोबारी और मौसा रिटायर्ड बैंक अधिकारी अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी मौसा जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) के साथ मंगलवार शाम 7 बजे अजमेर से किशनगढ़ गए। फिर किशनगढ़ से दिल्ली गए थे। किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कॉलोनी निवासी मार्बल व्यापारी और विवेक के मामा अशोक पंसारी भी उनके साथ थे। जवरी लाल के पड़ोसी और दोस्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कमला अग्रवाल का 1 जून को जन्मदिन था। जवरी लाल ने इसे सभी के साथ मनाया था। 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल ने 1 जून को पत्नी कमला का जन्मदिन मनाया था। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा सचिन अग्रवाल अमेरिका में गूगल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह 5 साल से पत्नी और बच्चे के साथ अमेरिका में ही रह रहा है। बेटी दीपा की शादी साल 2012 में हनुमानगढ़ में हुई थी। वह जयपुर में रह रही है। हादसे की सूचना पर दीपा दिल्ली पहुंच गई। वहीं सचिन भी अमेरिका से निकल चुका है।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर लापरवाही सामने आ रही हैं। पुलिस ने बुधवार देर रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को बताया है कि होटल का काम दूसरे लोग संभालते थे। सूत्रों के मुताबिक, बजाज ने बताया कि वह खुद होटल की निगरानी नहीं करता था। उसने होटल के मैनेजमेंट, बिलिंग और अकाउंट्स का काम किसी और व्यक्ति को दिया था। उसने यह भी कहा कि होटल में कमरे बड़े करने और अन्य बदलावों की सलाह भी किसी अन्य व्यक्ति ने दी थी। बजाज ने दावा किया कि सलाह देने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था- होटल में ये सारे मॉडिफिकेशन नॉर्मल हैं और दिल्ली में सब चलता है। बजाज ने यह भी माना है कि होटल के पास फायर NOC नहीं थी। पुलिस अब निर्माण संबंधी मंजूरियों, बिजली कनेक्शन और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 विदेशी और 11 भारतीय नागरिक हैं। गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार आग में जल गया। विवेक ने आग के बीच एक रिश्तेदार को फोन पर कहा था- भाई, शायद हम बच नहीं पाएंगे। DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, 15 लोग ICU में भर्ती हादसे के वक्त होटल में कितने लोग थे यह पता नहीं चल सका है। फायर सर्विस, पुलिस व स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया था। AIIMS दिल्ली के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में दो महिलाओं और एक पुरुष को मृत लाया गया। तीनों करीब 40 साल के थे। पहचान अभी नहीं हो पाई है। मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को ले जाया गया, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट होगा। 15 लोग ICU में भर्ती हैं। इनमें 8 वेंटिलेटर पर हैं। रेस्क्यू के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मृतकों में CA के परिवार के 8 लोग, 9 अफ्रीकी नागरिक सील खिड़कियां, एंट्री-एग्जिट एक, बचने का मौका नहीं मिला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत इस होटल को 6 कमरों की मंजूरी थी, लेकिन 5 मंजिलाें पर 25 से अधिक कमरे बना लिए। होटल में आने-जाने का एक ही रास्ता था। होटल की अधिकांश खिड़कियां बंद या सील थीं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग ग्राउंड फ्लोर की सीढ़ियों के पास रखे सामान से शुरू हुई और कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। इससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान होटल में LPG सिलेंडर भी मिले। चीखें सुनकर किसी ने गद्दे बिछा दिए, किसी ने खिड़कियां तोड़ीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी। सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। हालांकि इसकी जांच जारी है। फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले स्थानीय लोग बचाव में जुट गए थे। होटल के सामने कंबल-गद्दे की दुकान चलाने वाले अरमान ने दुकान से सभी नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दी थीं। अरमान ने कहा, होटल की ऊपरी मंजिल से कई लोग इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली। कई लोगों ने कांच तोड़े, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर निकले। स्थानीय युवक अफजल, शाहरुख, अनीस, आमिर और वसीम ने कम से कम 10 लोगों को CPR भी दी। अस्पताल में पिता से मिलने आए थे CA विवेक और परिवार गुरुग्राम के CA विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल पिछले कई दिनों से पास के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें देखने के लिए परिवार के सदस्य दिल्ली आए थे और होटल फ्लरिश स्टे में दो कमरे बुक किए थे। हादसे में विवेक की मां, पत्नी, दोनों बेटियां, मामा अशोक गोयल, मौसी कमला और उनके पति जवरी लाल की भी मौत हो गई। विवेक की बड़ी बेटी जीविषा एक दिन पहले ही बेंगलुरु से अपने दादा से मिलने दिल्ली पहुंची थी। हादसे के बाद परिवार में केवल विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल ही जीवित बचे हैं, जो अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। विवेक के ससुर प्रेम बंसल ने बताया कि बेटी ने मदद के लिए फोन भी किया था, लेकिन कुछ ही देर में पूरा परिवार आग की चपेट में आ गया। हाई कोर्ट ने जनवरी में मांगा था एक्शन प्लान, अब हादसा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में दावा किया गया है कि राजधानी में करीब 1000 लाइसेंसी होटल और गेस्ट हाउस हैं, लेकिन केवल 52 के पास वैध फायर NOC है। इस साल 7 जनवरी को कोर्ट ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और एनडीएमसी को फायर सेफ्टी पर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया था। याची अधिवक्ता अर्पित भार्गव का कहना था कि बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस जरूरी अग्नि सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। सुनवाई के करीब 5 महीने बाद अब हादसा हो गया है। अधिकारियों ने बताया, जिस होटल में आग लगी उसका नक्शा नहीं था। दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए है। ---------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नीचें लपटें, रास्ता जाम, चौथी मंजिल से कूदे लोग: एंबुलेंस लेट हुई तो घायलों को कंधे पर उठाकर दौड़े लोग; दिल्ली हादसे की 12 PHOTOS दिल्ली होटल अग्निकांड में राजस्थान के 3 लोगों की मौत:अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार से मिलने गए थे; 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन
दिल्ली अग्निकांड के बाद लखनऊ में अलर्ट:290 होटलों का दोबारा होगा सेफ्टी ऑडिट
लखनऊ में दिल्ली में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के करीब 290 होटलों का दोबारा सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला किया है। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो अगले 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ऑडिट के दौरान फायर सेफ्टी, भवन मानकों, विद्युत व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जाएगी। संयुक्त टीम में एलडीए, पीडब्ल्यूडी, आवास विकास, पुलिस, दमकल विभाग, आबकारी विभाग और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। जल्द ही इस अभियान के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। फायर और बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल प्रथमेश कुमार ने कहा कि एलडीए केवल भवन के नक्शे को मंजूरी देता है, जबकि विद्युत वायरिंग की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रमाणित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्युत एजेंसियों की होती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के फायर एनओसी और विद्युत संबंधी मंजूरियां जारी कर दी जाती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि फायर सेफ्टी मानकों और बिजली के लोड की वास्तविक जांच किए बिना एनओसी जारी होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमकल विभाग और विद्युत नियामक संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है। 15 दिन में रिपोर्ट, खामियां मिलने पर कार्रवाई एलडीए के मुताबिक, संयुक्त टीम होटल भवनों में आपात निकास, फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, वायरिंग, बिजली लोड और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जिन प्रतिष्ठानों में खामियां मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद लखनऊ में शुरू हुई यह कवायद बड़े हादसों की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
Delhi fire : दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग, 21 लोगों की मौत, होटल मालिक लवकेश बजाज पकड़ा गया
दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित 'फ्लॉरिश स्टे' होटल और 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' की इमारत में लगी भीषण अग्निकांड से 21 लोगों की मौत हो गई।जबकि कई अन्य घायल हो गए। होटल के मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया गया है। वह हादसे के बाद से ही फरार चल रहा था। ...
हांसी में हांसी-दिल्ली नेशनल हाईवे पर बुधवार को एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर सवार किसान की मौत हो गई। बांडा हेड़ी के निकट एक तेज रफ्तार कैंटर ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी थी। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर सवार किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। मृतक की पहचान झज्जर जिले के गांव ढराणा निवासी 51 वर्षीय जोध सिंह पुत्र केहू राम के रूप में हुई है। बास चौकी से एएसआई रवि ने बताया कि जोध सिंह हांसी से अपने गांव की ओर ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। हादसे के बाद कैंटर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद घायल जोध सिंह को हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, जोध सिंह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। हादसे के बाद कैंटर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार चालक की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
मालवीय नगर आग हादसे के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस, फरार होटल मालिक को पकड़ने के लिए दी दबिश
दिल्ली के मालवीय नगर में बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्तरां में आग लगने की घटना में 21 लोगों की जान चली गई। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को होटल मालिक को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों से आए नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग नगर निगम, पुलिस, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मामलों की विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश कार्यक्रम के दौरान नगर निगम से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिकों की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं शिक्षा से जुड़े एक मामले में एक महिला ने अपने बच्चों की पढ़ाई में आ रही परेशानियों की जानकारी दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा। सरकार और जनता के बीच संवाद का मजबूत मंच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक मामले का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। फ्लरिश इन गेस्ट हाउस घटना वाली जगह से 100 मीटर दूर है। इसमें बेसमेंट के अंदर 5 कमरे और किचन है। यहां कोई फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिला और ना ही वेंटिलेशन का इंतजाम है। ग्रीन रेजीडेंसी होटल की 3 तस्वीरें… इतना संकरा बेसमेंट कि एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है इसके बेसमेंट में एंट्री और एग्जिट के लिए एक संकरा सा गेट है, जिसमें एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है। इमरजेंसी एग्जिट का इंतजाम नहीं है। एक व्यक्ति के आने-जाने लायक कॉरिडोर है और इसी से कमरों में जाने का रास्ता है। बेसमेंट के ऊपर 3 फ्लोर हैं। हर फ्लोर पर 6-6 कमरे हैं। हर फ्लोर के बाहर दो-दो फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं, लेकिन ये किस हाल में हैं, ये कंफर्म नहीं। ऊपर के फ्लोर पर भी वेंटिलेशन नहीं है। विंडो में फिक्स ग्लास लगे हुए हैं, जिसे इमरजेंसी में तोड़ने के सिवाय भागने का कोई रास्ता नहीं है। पूरा होटल खाली पड़ा था। अंदर कोई स्टाफ नहीं मिला। होटल के एक कमरे में रुके बुजुर्ग मिले, लेकिन वो बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हुए। होटल का मालिक फरार फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होने के बाद लवकेश बजाज के घर पहुंची थी। लेकिन, वहां कोई नहीं मिला। पुलिस बजाज की तलाश में जुटी हुई है। अब फ्लरिश स्टे होटल में आग की 3 तस्वीरें… ----------------- दिल्ली होटल हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत: इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं। जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं। मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। पूरी खबर पढ़ें… आग से बचने पांचवीं मंजिल से कूदे लोग:कुछ चिल्लाते रहे, कुछ ने खिड़की तोड़कर जान बचाई; दिल्ली हादसे की 13 PHOTOS दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। बताया गया कि आग नीचे बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट में लगी थी। इसके बाद आग ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। पूरी खबर पढ़ें… दिल्ली की होटल में आग पर वर्ल्ड मीडिया:अलजजीरा ने लिखा- भारतीय इमारतों में सुरक्षा इंतजाम नहीं दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के साथ बवाना विधानसभा क्षेत्र में 47.26 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में कंझावला रोड ड्रेन परियोजना (पंजाब स्वीट्स से रोहिणी सेक्टर.21/22 डिवाइडिंग रोड तक) और रोहिणी सेक्टर 20 एवं 21 ग्रामीण पुनरुद्धार परियोजना प्रमुख हैं। कैबिनेट मंत्री का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी, नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। जल्द आएंगी 60 करोड़ की नई परियोजनाएं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रविन्द्र ने कहा, बवाना विधानसभा दिल्ली देहात का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बवाना तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में क्षेत्र में करीब 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त विकास परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे आधारभूत ढांचा और मजबूत होगा तथा लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
फरीदाबाद में मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए जीएसटी चोरी के संदेह में 19 कमर्शियल वाहनों को पकड़कर जीएसटी विभाग के हवाले कर दिया। वाहनों में लदे परचून के सामान के दस्तावेजों और बिलों की जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई मुख्यमंत्री उड़न दस्ता को सूचना मिली थी कि दिल्ली से परचून और अन्य व्यावसायिक सामान लेकर कई वाहन फरीदाबाद के रास्ते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर जाते हैं। आरोप था कि इन वाहनों में लदे सामान के पास पूरे और वैध दस्तावेज नहीं होते, जिससे जीएसटी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उड़न दस्ते ने सुबह के समय सीकरी नाका पुलिस चौकी के पास विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की गई। 19 वाहनों को लिया गया कब्जे में जांच के दौरान कुल 19 कमर्शियल वाहनों को जीएसटी चोरी के संदेह में रोका गया। मौके पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर वाहन चालकों द्वारा प्रस्तुत बिलों और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच कराई गई। सामान का होगा भौतिक सत्यापन अधिकारियों के अनुसार सभी वाहनों का चालान कर उन्हें आगे की जांच के लिए जीएसटी विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। अब वाहनों में लदे सामान का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और बिलों में दर्ज विवरण से उसका मिलान किया जाएगा। यदि जांच में कर चोरी या दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित पक्षों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। कर चोरी पर सख्ती जारी सीएम फ्लाइंग डीएसपी मनीष सहगल ने बताया कि , सीएम फ्लाइंग और जीएसटी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई का मुख्य मकसद टैक्स चोरी को रोकना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि राजस्व चोरी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में लगी आग में गुरुग्राम के सेक्टर 46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल के परिवार के छह सदस्य लापता हैं। वे अपने परिवार के साथ दिल्ली स्थित मैक्स अस्पताल में पिता को देखने के लिए गए थे। उनके पिता का वहां पर कुछ दिनों से इलाज चल रहा था। विवेक अग्रवाल के साथ उनकी मां, पत्नी, दो बेटियां, मामा और मौसी इसके साथ ही उनके मौसा भी हादसे के समय वहीं मौजूद थे, लेकिन अभी उनका कोई पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि पिता को देखने के बाद सभी लोग रेस्टोरेंट में नाश्ता करने के लिए गए थे। इसी दौरान उसमें आग लग गई। हादसे में इन सभी छह लोगों की मौत की सूचना है, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। घर पर सन्नाटा, कोई कुछ नहीं बता रहा फिलहाल विवेक अग्रवाल के सेक्टर-46 स्थित घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर रहा है। विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। विवेक अग्रवाल के अलावा उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, बड़ी बेटी एंजल अग्रवाल, छोटी बेटी पर्ल, मामा अशोक गोयल और मौसी कमला के बारे में फिलहाल कोई सूचना नहीं है। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं……………
गुरुग्राम में गन प्वाइंट पर एक फिनटेक कंपनी के कलेक्शन मैनेजर से 25 लाख रुपए लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपियों पर पुलिस द्वारा 05-05 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। इनके कब्जे से वारदात में प्रयोग एक बाइक, एक पिस्टल और छह लाख 52 हजार रुपए की नगदी बरामद की है। आरोपियों की पहचान आकिब खान उर्फ सानू निवासी जसवंत नगर इटावा (उत्तर-प्रदेश)वर्तमान में पटौदी चौक, हरी नागर उर्फ पवन निवासी गांव कुथोंडा जिला जालौन (उत्तर-प्रदेश) वर्तमान मेंरेलवे कॉलोनी बसई और संजय अनुरागी उर्फ संजू निवासी गांव बारी छतरपुर (मध्य-प्रदेश) वर्तमान में कादीपुर में रहने वाले के रूप में हुई है। पार्क अस्पताल के पास की लूट 29 अप्रैल को एक फिनटेक कंपनी द्वारा शिकायत दी गई कि उनकी कंपनी के कलेक्शन मैनेजर से बाइक पर आए तीन व्यक्तियों द्वारा हथियार के बल पर लगभग 25 लाख रुपए लूट लिए गए हैं। इस शिकायत के आधार पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया था। जिसकी जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-31 टीम को सौंपी गई। दिल्ली लूट में गए थे जेल क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच करते हुए सीडी इंटरनेशनल स्कूल फाजिलपुर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी संजय व हरी नागर वर्ष 2024 में दिल्ली में इसी प्रकार से 65 लाख रुपए की डकैती की वारदात को अंजाम देने में शामिल थे। जिस संबंध में आरोपी जेल भी जा चुके हैं। आरोपियों को पहले से ही पता था फाइनेक कंपनी द्वारा इसी प्रकार से रुपए कलेक्शन किया जाता है। इसके बाद आरोपियों ने रैकी की और इस वारदात को अंजाम दिया था। तीनों पर पहले भी केस दर्ज एसीपी क्राइम नवीन ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि आरोपी आकिब खान पर चोरी, शस्त्र अधिनियम के तहत चार केस पहले से दर्ज हैं। जबकि हरी नागर पर चोरी, शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत छह केस और आरोपी संजय अनुरागी पर शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत एक केस दिल्ली में दर्ज हैं। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग हुई 01 बाइक, 01 पिस्टल व 06 लाख 52 हजार रुपए की नगदी बरामद की गई है। इस वारदात की योजना में शामिल एक आरोपी पुष्पेंद्र अनुरागी को चार मई को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसके कब्जे से चार लाख रुपये व एक मोबाइल बरामद किया गया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने जा रही है। इसी कड़ी में बिहार भाजपा ने भी 5 जून से 21 जून तक राज्यव्यापी कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित करने का फैसला किया है। विश्वास, विकास और कल्याण के 12 वर्ष के थीम पर आधारित यह अभियान बूथ स्तर तक चलाया जाएगा। ईसके जरिए केंद्र सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली से खाका लेकर लौटे संजय सरावगी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी दिल्ली दौरे से लौटे हैं। दिल्ली में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक कर पूरे अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। संजय सरावगी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बैठक कर कार्यक्रम की विस्तार से रूपरेखा की जानकारी की और ओर एजेंडा लेकर वापस पटना लौटे है। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बैठक के बाद बिहार में कार्यक्रमों के संचालन का विस्तृत एजेंडा तैयार किया गया है। पार्टी ने छोटे कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी कर ली है। 5 जून से 21 जून तक चलेगा विशेष अभियान भाजपा का यह अभियान 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू होगा और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर समाप्त होगा। इन 17 दिनों के दौरान राज्य के सभी जिलों, मंडलों और बूथों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान अभियान की शुरुआत 5 जून को वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान के साथ होगी। पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण करेंगे और स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। प्रगति पथ यात्रा और विकसित भारत संकल्प सम्मेलन 8 जून से 14 जून तक प्रगति पथ यात्रा और विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता को दी जाएगी। 52 संगठनात्मक जिलों में होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा ने बिहार के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को मीडिया और जनता के सामने रखा जाएगा। जनसंपर्क अभियान के जरिए प्रमुख नागरिकों से संवाद 8 जून से 12 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, चिकित्सकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देंगे। कार्यक्रम का खास पहलू यह है कि पहले जहां सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा जानकारी दी जाती थी वहीं इस बार लोगों के घर तक पहुंच कर पूरी उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी। 10 जून को मनाया जाएगा विशेष उत्सव प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 10 जून को विशेष उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।जनकल्याण शिविर और योजना पंजीकरण अभियान पूरे सप्ताह राज्यभर में जनकल्याण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभुकों का पंजीकरण भी कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदर्शनी, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बूथ स्तर तक पहुंचेगा अभियान भाजपा ने इस बार अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने की रणनीति बनाई है। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे। साथ ही स्थानीय विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जनता के बीच उपलब्धियों को ले जाने पर जोर भाजपा का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, किसानों, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य इन उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचाना तथा सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना है।
लुधियाना से पूर्व सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोक दी है। बिट्टू ने कहा कि मैंने अपनी अटैचियां पैक करके गाड़ियों में रख दी हैं। अब पूरे पंजाब में काम करेंगे। बिट्टू ने कहा- मैं 17 साल से दिल्ली में हूं लेकिन अब विधानसभा में आकर सीधे पंजाब की जनता की सेवा करना चाहता हूं। बिट्टू के इस बयान को भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जिसमें पंजाब में 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी ग्राउंड लेवल पर प्लानिंग कर रही है। बिट्टू कांग्रेस से 2 बार सांसद रह चुके हैं। पहली बार उन्होंने आनंदपुर साहिब और दूसरी बार लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीता। हालांकि 2024 में वह लुधियाना से चुनाव हार गए। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू की 2 अहम बातें:- लुधियाना से चुनाव लड़ने की संभावनाराज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद बिट्टू के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है। चूंकि वे पहले लुधियाना से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका पुराना आधार है, इसलिए राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे लुधियाना की ही किसी सीट से विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी की इच्छा रख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे पूरी तरह से पार्टी के अनुशासन और आदेश के मुताबिक ही आगे का कदम उठाएंगे। प्रधान न बनाकर भाजपा दे चुकी झटकारवनीत बिट्टू को पंजाब में भाजपा का बड़ा सिख चेहरा माना जा रहा है। यह भी चर्चा थी कि अगर सुनील जाखड़ को हटाकर नया प्रधान बनाया जाएगा तो उनमें रवनीत बिट्टू भी दावेदार होंगे। खासकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिट्ट को खूब प्रमोट कर रहे थे। हालांकि भाजपा ने केवल ढिल्लों को प्रधान बना दिया। हालांकि पंजाब में अगर किसी सूरत में भाजपा की सरकार बने तो बिट्टू CM चेहरा हो सकते हैं।
दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में भीषण आग, 21 लोगों की मौत; कई घायल, बचाव अभियान जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग सुबह के समय अचानक रेस्टोरेंट में भड़की और कुछ ही देर में पूरे परिसर में फैल गई। आग लगने के कारण इमारत के भीतर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। बिल्डिंग से अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई। रेस्क्यू जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच तोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई। यहां फ्लोरिश स्टे होटल संचालित होता था। आग लगने की 2 तस्वीरें… जान बचाने की जद्दोजहद, 3 तस्वीरें… आग बुझाने, रेस्क्यू की तस्वीरें…
नालंदा में माहुरी हॉल्ट के पास बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान भोजपुर के सिन्हा थाना क्षेत्र छीने गांव निवासी रंजन प्रसाद के बेटे अजय कुमार प्रसाद (27) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अजय दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में मजदूरी का काम करता था। पिछले 5 महीने से वहीं था। 2020 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो बेटे भी हैं। एक की उम्र 5 और दूसरे की 3 साल है। मृतक के चचेरे भाई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अजय से घरवालों की आखिरी बातचीत 27 मई को हुई थी। उस वक्त अजय ने बताया था कि उसे कंपनी से छुट्टी नहीं मिल पाई है, जिसके कारण वह अपने भांजे के मुंडन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेगा। अजय अचानक आरा के बजाय नालंदा कैसे और क्यों पहुंच गया, यह परिजनों के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। देर रात सिलाव पुलिस से अजय की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन नालंदा पहुंचे। मामला सिलाव थाना क्षेत्र का है। पहचान पत्र से हुई शिनाख्त सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका था। पुलिस ने मृतक की जेब की तलाशी ली, जिसमें मिले पहचान पत्र के आधार पर उसकी शिनाख्त अजय कुमार के रूप में की गई और तुरंत परिजनों को दूरभाष पर इसकी सूचना दी गई। ट्रेन से गिरने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि घटनास्थल और शव की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया मामला चलती ट्रेन से गिरकर मौत का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में इस रूट पर सफर कर रहा था।
दिल्ली की दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने मई महीने में लापता और अपहृत 124 लोगों को उनके परिवारों से वापस मिलाया है। लापता और अपहृत व्यक्तियों की रिपोर्ट मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यह सफलता हासिल की है। इस तरह इस साल 31 मई तक दिल्ली पुलिस ने कुल 673 लोगों को परिवारों से मिलाया है।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे हादसा: दौड़ती वोल्वो बनी आग का गोला
उत्तराखंड में हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब देहरादून से दिल्ली और जयपुर जा रही एक वोल्वो बस में अचानक आग लग गयी
दिल्ली के साकेत में 30 मई को हुए बिल्डिंग हादसे में नया खुलासा हुआ है। गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक करमवीर ने पुलिस को बताया कि वह बिल्डिंग की चार मंजिलों से हर महीने करीब 10 लाख रुपये कमा रहा था। हर मंजिल करीब 2.5 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर दी गई थी। जांच में पता चला है कि बिल्डिंग गिरने के समय दो और मंजिलों का निर्माण चल रहा था। सूत्रों ने बताया कि करमवीर ने नए फ्लोर के बारे में खरीदारों और निवेशकों से पहले ही बात कर ली थी। जिनसे उसे हर महीने 5 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद थी। हालांकि नए फ्लोर बनने से पहले ही 30 मई को चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 71 साल के मकान मालिक करमवीर को अरेस्ट किया। मलबे से कई बिजली मीटर, सभी आरोपी के नाम पर मंगलवार को मलबा हटाने के काम के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई बिजली के मीटर जब्त किए। जो करमवीर के नाम पर रजिस्टर्ड थे। इन्हें सबूत के तौर पर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये मीटर मकान मालिक के खिलाफ अहम सबूत साबित होंगे। पुलिस ने उन किराएदारों और रहने वालों से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। जिन्होंने बिल्डिंग में फ्लैट किराए पर लिए थे। कई लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, क्योंकि जांचकर्ता यह जानकारी जुटाना चाहते हैं कि निर्माण कब शुरू हुआ था, बिल्डिंग में कितने लोग रह रहे थे और क्या बिल्डिंग गिरने से पहले रहने वालों ने उसमें किसी तरह की कमजोरी के बारे में शिकायत की थी। बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं, बिल्डर फरार सूत्रों ने बताया कि पुलिस को अब तक इस बिल्डिंग का कोई एप्रूव्ड नक्शा नहीं मिल पाया है। अगर यह साबित हो जाता है कि बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं था या उसका निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। तो हादसो का जिम्मेदार सिर्फ मकान मालिक नहीं होगा। बल्कि उस बिल्डर को भी पकड़ा जाएगा जिसने यह बिल्डिंग बनाई। इस बीच, फरार चल रहे बिल्डर मनीष का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसकी आखिरी लोकेशन देहरादून में मिली थी, और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम वहां भेजी गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि मनीष की गिरफ्तारी से निर्माण प्रक्रिया, मंजूरियों और बिल्डिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन के बारे में और भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। 3 तस्वीरों में पूरा घटनाक्रम… 30 मई: शाम 6:00 बजे बिल्डिंग गिरी 31 मई: बिल्डिंग गिरने के बाद मलबा पड़ा 31 मई: NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया
अन्नामलाई ने भाजपा के शीर्ष नेताओं से की मुलाकात, तमिलनाडु प्रमुख भी 3 जून को दिल्ली पहुंचेंगे
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बैठकें कीं
गोपालगंज की 4 किशोरी सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर रातों-रात मशहूर होने की चाहत में घर से भाग गई। किशोरियों को पुलिस ने दिल्ली और लखनऊ से सकुशल बरामद कर लिया है। नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई इन लड़कियों को पुलिस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी सर्विलांस की मदद से खोज निकाला। इस मामले में कुल पांच किशोरियां लापता हुई थीं। यह पूरा मामला पिछले शनिवार का है। पांच लड़कियां स्कूल जाने का बहाना बनाकर घर से निकली थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। चिंतित परिजनों ने तत्काल नगर थाना को सूचना दी और पांचों की बरामदगी के लिए लिखित आवेदन दिया। सीवान रेलवे स्टेशन से एक लड़की हुई बरामद सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पहले एक किशोरी को सीवान रेलवे स्टेशन से बरामद किया। बरामद हुई किशोरी से मिली जानकारी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर, पुलिस की एक विशेष टीम को बाकी चार लड़कियों की तलाश में बिहार से बाहर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद, तीन किशोरियों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से और एक किशोरी को देश की राजधानी दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जिनमें से एक किशोरी ने अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर ली है। पैसों की कमी के कारण भटकी बरामद किशोरियों ने पुलिस को बताया कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रसिद्ध होना चाहती थीं। इसी ग्लैमर की दुनिया के आकर्षण में आकर उन्होंने घर छोड़ने का कदम उठाया था। हालांकि, बिना किसी ठोस योजना और पैसों की कमी के कारण वे महानगरों में जाकर भटक गईं। पुलिस कप्तान ने इस सफलता पर टीम की सराहना की है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों और उनके व्यवहार पर कड़ी नजर रखें, ताकि बच्चे किसी भी तरह के भटकाव का शिकार न हों। सभी बरामद किशोरियों को मेडिकल काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सोनीपत में सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। दिल्ली नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार युवकों ने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया। घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचने के बाद बहालगढ़ थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो चालक और छत पर बैठे युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुखबिर के माध्यम से पुलिस को मिली वीडियो पुलिस के अनुसार 1 जून की रात करीब 11:10 बजे बहालगढ़ चौक पर एएसआई अनिल अपनी टीम के साथ गश्त पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक मुखबिर के माध्यम से वीडियो प्राप्त हुई। वीडियो में दिखाई दिया कि काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी नंबर DL7CX-4277 दिल्ली से पानीपत की ओर जा रही थी। गाड़ी की छत पर दो युवक बैठे हुए थे जबकि चालक वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। सेक्टर-7 फ्लाईओवर पर किया खतरनाक स्टंट प्राथमिक जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो चालक सेक्टर-7 फ्लाईओवर से गुजरते समय वाहन को तेज गति और गफलत से चला रहा था। वहीं गाड़ी की छत पर बैठे युवक बिना किसी सुरक्षा के सफर कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस तरह की हरकत से न केवल वाहन सवारों की जान को खतरा था बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती थी। वीडियो के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा वीडियो मिलने के बाद एएसआई अनिल ने तहरीर तैयार कर बहालगढ़ थाना भेजी। तहरीर के आधार पर थाना बहालगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी चालक और गाड़ी की छत पर बैठे अज्ञात युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 और 281 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों को सौंप दी गई है। पुलिस स्कॉर्पियो वाहन के मालिक और उसमें सवार युवकों की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। यातायात नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही न करें। वाहन की छत पर बैठकर सफर करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।
मुजफ्फरपुर, सहरसा, मुंगेर, बगहा और सुपौल से दिल्ली, मुंबई व कोलकाता जैसे बड़े शहर जाना आसान होने वाला है। इन छोटे शहरों से महानगरों के बीच सीधी विमान सेवा शुरू होने वाली है। बिहार के हर कोने से 2 से 3 घंटे में दिल्ली और मुंबई जा सकेंगे। भारत सरकार के उड़ान योजना के तहत बिहार के 5 जिलों में एयरपोर्ट बन रहे हैं। इन्हें 5 साल में तैयार करना है। इसके बाद लंच दिल्ली में और डिनर सहरसा में करना संभव होगा। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या हो रहा है? 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले किन जिलों से विमान सेवा शुरू होगी? बिहार सरकार अगले 5 साल में घरेलू उड़ानों को 10 गुना बढ़ाने जा रही है। राज्य में रोज करीब 150 विमान टेकऑफ और लैंडिंग करते हैं। इसे 5 साल में बढ़ाकर 1500 करने की तैयारी है। नवगठित एविएशन डिपार्टमेंट की मानें तो बिहार के 5 जिलों में अगले 5 साल में घरेलू उड़ान सेवा शुरू होगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बिहार में छोटे आकार के विमानों को उड़ाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। पहले चरण में 5 जिलों में एयरपोर्ट विकसित कर स्थानीय उड़ानें शुरू की जा रही हैं। इसके लिए बिहार सरकार और विमानन कंपनी स्पिरिट एयर के बीच करार हुआ है। ये शहर हैं… 1- मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट पर खर्च होंगे 72 करोड़ रुपए भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) ने मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन लायक बनाने के लिए दो चरणों में टेंडर जारी किए हैं। 2- सहरसा एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी AAI ने 21 अप्रैल 2026 को सहरसा एयरपोर्ट पर सिविल निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किया था। काम आगे बढ़ गया है। पहले चरण में 35.14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 3. मुंगेर एयरपोर्ट पर रात में भी उतर सकेंगे विमान मुंगेर के साफियाबाद एयरपोर्ट को बड़े हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां रात में भी विमान लैंडिंग कर सकेंगे। यह योजना उड़ान स्कीम के तहत 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने की सरकार की पहल का हिस्सा है। 4- वाल्मीकि नगर में टाइगर थीम पर टर्मिनल बनेगा, लैंड करेंगे फाइटर जेट्स पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जाना आसान होगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 5- बीरपुर में 88 एकड़ जमीन पर बन रहा एयरपोर्ट सुपौल जिले का बीरपुर शहर नेपाल से लगा है। यहां आधुनिक क्षेत्रीय एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। यह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण रणनीतिक, पर्यटन और आपदा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। क्या है उड़ान योजना, जिसके तहत बन रहे जिलों में एयरपोर्ट? उड़ान योजना भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे अक्टूबर 2016 में शुरू किया गया था। लक्ष्य छोटे और मध्यम आकार के शहरों को हवाई सेवा से जोड़ना और आम नागरिकों के लिए हवाई सफर सस्ता व सुलभ बनाना है। इस योजना के तहत 1 घंटे की उड़ान (लगभग 500 km दूरी) के लिए हवाई किराये की ऊपरी सीमा लगभग 2,500 रुपए तय की गई है। उद्देश्य यह तय करना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला आम इंसान भी हवाई जहाज में सफर कर सके। भारत के कई ऐसे शहर हैं जहां हवाई पट्टियां तो हैं, लेकिन वहां से कोई कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलती है। इन्हीं छोटी हवाई पट्टियों को अपग्रेड करके नए एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। छोटे शहरों तक फ्लाइट ऑपरेट करने वाले एयरलाइंस को सरकार देती है मदद छोटे शहरों तक उड़ान भरने पर शुरुआत में विमानन कंपनियों को घाटा न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उन्हें आर्थिक सहायता देती हैं। इसे VGF (Viability Gap Funding) कहा जाता है। इसके बदले में एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट की कम से कम 50% सीटें रियायती (सस्ती) दरों पर बेचनी होती है। इस योजना के तहत हेलिकॉप्टर और 19 सीट के छोटे विमानों के संचालन को मंजूरी दी गई है। बिहार में उड़ान भरेंगे आइलैंडर BN2T-4S-STOL और किंग एयर 250 विमान उड़ान योजना के तहत विकसित किए जा रहे एयरपोर्ट के लिए छोटे आकार के टर्बोप्रॉप इंजन वाले विमान उड़ान भरेंगे। ये विमान छोटे रनवे से टेक ऑफ और लैंडिंग कर सकते हैं। बिहार में आइलैंडर BN2T-4S-STOL और किंग एयर 250 विमान जैसे विमान उड़ान भरेंगे। आइलैंडर में 8 तो किंग एयर 250 में 6 यात्रियों के लिए जगह होती है। भारत सरकार की कंपनी HAL (Hindustan Aeronautics Limited) डोर्नियर 228 नाम का टर्बोप्रॉप इंजन वाला विमान बनाती है। इसका इस्तेमाल उड़ान योजना के तहत छोटे एयरपोर्ट तक हवाई सेवा देने में हो रहा है। इसमें 17 से 19 यात्रियों के बैठने की जगह होती है। सीएम सम्राट चौधरी ने क्या निर्देश दिया था? सीएम सम्राट चौधरी ने 19 मई को नागर विमानन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों के साथ पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार व क्षमता वृद्धि को लेकर बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बिहार में नागरिक उड्डयन का तेजी से विकास हो रहा है। हमलोगों का उद्देश्य अगले 5 साल में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुणा बढ़ाना है। राज्य सरकार सभी जिलों में एयर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। सिविल विमानन विभाग राज्य में हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और समावेशी विकास को लेकर विस्तृत योजना पर तेजी से काम करे। पूर्वी भारत में बिहार को क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित करने के लिए काम करना है।
दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि नाबालिग आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चले: डीसीपी
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की अमर कॉलोनी में एक किशोर की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (अपराध शाखा) हर्ष इंदोरा ने कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी, जो कि एक नाबालिग है, उस पर अदालत में एक वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में राज्य को माह का सौर अभियान सर्वाधिक वेंडर पंजीयन श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 4 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके लिए राज्य को राष्ट्रीय पहचान मिली है। एक माह में 86 नए वेंडर हुए पंजीकृत भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजकर सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। राज्य ने एक माह में 86 नए वेंडर पंजीकृत कर यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे कुल पंजीकृत वेंडरों की संख्या बढ़कर 1222 हो गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 1 जून 2026 तक राज्य में 1.93 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 61,700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 1.32 लाख से अधिक स्थापना कार्य प्रगति पर हैं। योजना के तहत 16 हजार उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है तथा हजारों हितग्राहियों को केंद्र और राज्य सरकार से अनुदान राशि भी प्राप्त हुई है।
नई दिल्ली। द्वारका जिले के बिंदापुर इलाके में पिता को अपशब्द कहने से नाराज एक नाबालिग लड़के ने अपने साथियों के साथ मिलकर 24 वर्षीय युवक की डंडों और लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सोनू कुमार (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़ा है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। बालिग आरोपियों की पहचान नमेश पांडेय उर्फ अमन (22), चिराग उर्फ अमन (20) के रूप में हुई है। उपचार के दौरान हुई युवक की मौत पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी के मुताबिक, मृतक सोनू कुमार, मोहन गार्डन इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि द्वारका मोड़ स्थित केडी बैंक्वेट हॉल के पास कुछ युवकों ने एक युवक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सोनू को तत्काल इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद बिंदापुर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है।
पहली बार भारत की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान! दिल्ली में खेली जाएगी 3 मैचों की टी20 सीरीज
भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट रिश्तों में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) पहली बार भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करने जा रहा है। खास बात यह है कि यह सीरीज भारत में ही खेली जाएगी, लेकिन आधिकारिक तौर पर मेजबान अफगानिस्तान रहेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जा सकती है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुकाबले 13, 16 और 19 सितंबर को आयोजित किए जाएंगे। हालांकि अभी तक इस सीरीज का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत दौरे के बदले में बीसीसीआई से रिटर्न सीरीज का अनुरोध किया था। इसी महीने भारत अफगानिस्तान की मेजबानी करने वाला है, जिसमें एकमात्र टेस्ट मैच और तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दोनों बोर्डों के बीच टी20 सीरीज को लेकर सहमति बनी है। बीसीसीआई पहले भी आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे जैसे देशों की क्रिकेट को मजबूत करने के लिए भारतीय टीम को वहां सीरीज खेलने भेजता रहा है। इसी तरह अफगानिस्तान क्रिकेट को भी सहयोग देने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। अफगानिस्तान पहले भी भारत में अपनी घरेलू सीरीज आयोजित कर चुका है। साल 2017 में उसने ग्रेटर नोएडा में आयरलैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज खेली थी। इसके बाद 2018 में देहरादून में बांग्लादेश की मेजबानी की थी। वहीं 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रेटर नोएडा में खेला जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच बारिश और खराब आउटफील्ड के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया था। भारत जैसी बड़ी क्रिकेट टीम की मेजबानी करना अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकता है। भारतीय टीम जहां भी खेलती है, वहां दर्शकों और प्रसारण से जुड़ी कमाई में बड़ा इजाफा होता है। ऐसे में यह सीरीज अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए आर्थिक और प्रतिष्ठा दोनों लिहाज से काफी अहम साबित हो सकती है। Also Read: LIVE Cricket Score गौरतलब है कि यह टी20 सीरीज एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले खेली जाएगी। एशियन गेम्स का आयोजन 23 सितंबर से शुरू होना है, ऐसे में इस सीरीज को दोनों टीमों की तैयारियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण देखा जा सकता है।
दिल्ली में साउथ ईस्ट जिले के अमर कॉलोनी थाना इलाके में गत 26 मई को साईं कुमार को गोली मार दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। वहीं मृतक के परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा है। वहीं एक नाबालिग अभी भी इस मामले में फरार है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। बता दें कि साउथ ईस्ट जिले के अमर कॉलोनी इलाके के एक रेस्तरां में एक 17 वर्षीय किशोर के सिर में गोली मारने का मामला सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच को भी जिम्मा सौंपा गया। टीम ने गुप्त सूचना के बाद नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा। इस संबंध में किशोरी ने पुलिस को बताया था कि वह अपने दोस्त के साथ रेस्तरां में बैठी थी। तभी वहां मौजूद लड़कों में से एक ने उसकी बगल वाली कुर्सी के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। साईं ने इस पर आपत्ति जताई तो वह लड़का साईं को घूरने लगा। साईं ने किशोरी से कहा कि वह जल्दी से खाना खत्म कर वहां से निकल जाए। इस बीच आरोपी भी कुछ देर के लिए वहां से चले गए, लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे वापस लौट आए। जिस लड़के ने साईं को गाली दी थी, उसने साई के सिर के पीछे गोली मारी थी। इसके बाद वे फरार हो गए।
आगामी मानसून में दिल्ली वालों को जलभराव से बचाने के लिए दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजीव खिरवार खुद सड़कों पर उतरे। कमिश्नर ने सिटी एसपी जोन के किशनगंज रेलवे अंडर ब्रिज पदम नगर और शास्त्री नगर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सबसे पहले कमिश्नर किशनगंज अंडरब्रिज पहुंचे, जो हर साल बारिश में डूब जाता है। वहां उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम देख अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद उन्होंने पदम नगर की सड़क संख्या-10 के बड़े नाले से गाद (सिल्ट) हटाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सड़कों की क्वालिटी जांची, डीसी को जिम्मेदारी शास्त्री नगर के एम और ई ब्लॉक में सड़क निर्माण का निरीक्षण करते हुए कमिश्नर ने साफ किया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने पर सीधे इंजीनियर जिम्मेदार होंगे। दौरे में उनके साथ सिटी एसपी जोन की उपायुक्त कनिका और प्रमुख अभियंता पीसी मीणा मौजूद रहे। आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा, नागरिकों को जलभराव से राहत देना निगम की प्राथमिकता है। जल निकासी तंत्र की कार्यप्रणाली में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी विभाग आपसी समन्वय से मानसून पूर्व की तैयारियां समय से पहले पूरी करें। दौरे के बाद ड्रेनेज विभाग में हड़कंप है। किशनगंज अंडर ब्रिज पर जलभराव रोकने के लिए 24 घंटे मॉनिटरिंग टीम तैनात करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पंचकूला में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। हिमाचल-दिल्ली राज्यों से आने वाले वाहन ड्राइवरों की शिकायतों के बाद ट्रैफिक विंग में तैनात सभी एसपीओ और होमगार्ड जवानों को हटाकर अन्य स्थानों पर तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पंचकूला से होकर प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों के हजारों वाहन गुजरते हैं। पिछले कुछ समय से ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों और सुझावों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ट्रैफिक ड्यूटी में लगे सभी एसपीओ और होमगार्ड कर्मियों का तबादला किया जाएगा। सड़क सुरक्षा से जुड़े उल्लंघनों पर रहेगा फोकस पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब कार्रवाई का मुख्य फोकस सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर नियम उल्लंघनों पर रहेगा। विशेष रूप से ड्रिंक एंड ड्राइव, ट्रिपल राइडिंग, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और वाहनों पर अवैध ब्लैक फिल्म लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य आम वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना और दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। रिश्वत मांगने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने स्पष्ट किया कि वाहन जांच के दौरान यदि कोई पुलिस कर्मचारी वाहन ड्राइवरों से दुर्व्यवहार करता है, रिश्वत मांगता है या अनुचित लाभ लेने की कोशिश करता है तो इसकी शिकायत सीधे हेल्पलाइन नंबर 9115777026 पर की जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता की पहचान भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिल्ली से संचालित एक वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां रुककर मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश गिरफ्तार किए गए। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश मुकेश घायल हो गया। दूसरे बदमाश को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी मुकेश ठाकुर और अमित कश्यप के रूप में हुई है। ये बदमाश बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरते थे और वहीं से मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत तथा आसपास के जनपदों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी की गई मोटरसाइकिलों को या तो बेच दिया जाता था या फिर अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, तीन मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक पेटीएम मशीन, दो मोटरसाइकिलें, फर्जी नंबर प्लेट और 11,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद होंडा साइन मोटरसाइकिल कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी की गई थी, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने में किया जाता था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में ट्रांसपोर्ट ऑफिस के व्हीकल इंस्पेक्शन यूनिट, व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का औचक नीरिक्षण किया। इस दौरान सीएम ने नागरिक सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया और अधिकारियों से नागरिक सुविधाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सीएम ने ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। लचर व्यवस्था के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई। हर साल 90 हजार वाहनों की जांच की क्षमता विकसित होगी अधिकारियों ने बताया नए स्टेशन में एक समय में 5 वाहनों की जांच की जा सकेगी और प्रतिवर्ष 80 से 90 हजार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता विकसित होगी। निरीक्षण के दौरान सीएम ने परियोजना के डिजाइन, क्षमता, जल निकासी व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने कहा दिल्ली के लोग दफ्तरों में सुविधा के लिए आते हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर सेवा सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो, जहां कमी मिलेगी, वहां सुधार होगा और जहां लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय होगी।
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट मारियो वोइग्ट और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से सचिवालय में मुलाकात की। इस बैठक में भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। सीएम रेखा गुप्ता ने जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट (सीएम) मारियो वोइग्ट इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दिल्ली और थुरिंगिया के बीच तकनीकी साझाकरण, सतत विकास और युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद सार्थक और दूरगामी चर्चा हुई। भारत-जर्मनी साझेदारी में दिल्ली का अहम योगदान बैठक के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने भारत और जर्मनी के प्रगाढ़ होते रिश्तों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। इन 5 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
दिल्ली के पूर्व मंत्री एवं AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई है। पिछले दिनों जनकपुरी में एक बच्ची के साथ रेप के मामले में एक एडवोकेट प्रवीण नारायण की शिकायत पर सौरभ भारद्वाज के खिलाफ जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में अभी तक भारद्वाज की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पॉक्सो अधिनियम की धारा 23(4), किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 और बीएनएस की धारा 72 के तहत जनकपुरी थाना पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उजागर की पहचान एडवोकेट ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 11 मई 2026 को सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। जिसमें एक नाबालिग रेप पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर करने वाली जानकारी और स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किए। शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट में बच्चे के नाम और अन्य विवरणों का उल्लेख था, जिससे उसकी पहचान सामने आ सकती थी। एडवोकेट का आरोप है कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे बच्चे और उसके परिवार की निजता और मानसिक सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायत में कहा गया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है और ऐसा न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
नॉर्थ ईस्ट जिले के न्यू उस्मानपुर थाना इलाके में स्थित भगत सिंह कॉलोनी में एक युवक की उसके दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान ललित (26) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। ललित ब्रह्मपुरी इलाके में परिवार के साथ रहता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। दोस्तों ने ही वारदात को दिया अंजाम डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि मंगलवार तड़के न्यू उस्मानपुर में चाकू मारने के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भगत सिंह कॉलोनी पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस को एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ मिला। पुलिस उसे लेकर अस्पताल गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ललित ब्रह्मपुरी इलाके में परिवार के साथ रहता था। परिवार में माता पिता के अलावा अन्य सदस्य हैं। ललित बाजार में टेबल लगाने का काम करता था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ललित के दोस्त ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम और एफएसएल की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।
नई दिल्ली। मुकुंदपुर इलाके में सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद पूरी इमारत ढह गई। हादसे के दौरान अंदर काम कर रहे 10 लोग मलबे में दब गए। धमाका होते ही मौके पर अफरा तफरी मच गई। मलबे में दबे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। हादसे के वक्त पड़ोसी मौके पर पहुंचे और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने लगे। इसी बीच पुलिस व दमकल विभाग, एनडीआरएफ, डीडीएमए व अन्य राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। शुरुआती जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि गैस रिफिलिंग के दौरान हादसा हुआ है। पुलिस मामला दर्ज कर हादसे का कारण पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्थानीय निवासी समर ने बताया हादसे के वक्त वह अपने घर में था और उसकी छोटी बहन बाथरूम में थी। सुबह जोरदार धमाका हुआ। वह दौड़कर बाहर आया तो उसने देखा कि बाहर धुआं ही धुआं है। कुछ देर बाद धुआं हटा तो पता चला कि सामने वाली इमारत गिर गई है। लोग मदद के लिए आगे आए। धमाके की आवाज से वह बुरी तरह डर गए थे। धमाके बाद हिला पूरा घर अनमोल ने बताया इमारत में कुछ माह पहले पांच-छह किराएदार रहते थे। वह खाली करके चले गए थे। इमारत में बर्तन पॉलिश करने, चार्जर बनाने और अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का काम होता था। गैस रिफिलिंग की कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन लोग इन लोगों गैस रिफिलिंग का काम बंद नहीं किया। सुबह वह अपने दोस्त के साथ बैठकर घर में बात कर रहे थे। इसी दौरान धमाका हुआ तो उनका पूरा घर हिल गया। वह बाहर आए तो देखा कि बराबर वाला मकान पूरी तरह गिर गया है। पिछले 10-15 सालों से चल रही थी फैक्ट्री स्थानीय निवासी मनोज ने बताया यह फैक्ट्री पिछले 10-15 सालों से चल रही थी। यहां पर लोग रहते थे नहीं, वे केवल काम करने के लिए आते थे। इस मकान मालिक कांता सिंह उर्फ बबलू के यहां दो मकान है। दोनों मकानों में फैक्ट्रियां चलती है। पहले यहां पर पाउडर का काम होता था, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती थी। लगातार शिकायत के बाद पाउडर का काम बंद हुआ था। मौत के मुंह पर बैठी थी पूरी गली हादसे के बाद मौके पर टीमें पहुंच गई। जांच के दौरान टीमों को मकान के अंदर करीब एक दर्जन सिलेंडर रखे हुए मिले। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सिलेंडरों का क्या काम था। अगर हादसे के वक्त सभी सिलेंडर भरे हुए होते तो पूरी गली तबाह हो जाती।

