मथुरा में रविवार रात करीब 2 बजे बाल कथा वाचक अभिनव अरोड़ा की डस्टर कार में अचानक आग लग गई। उस समय वे अपने माता-पिता और बहन के साथ वृंदावन से कार से दिल्ली जा रहे थे। कार जैसे ही यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची। उसके अंदर से तेज धुआं निकलने लगा। धुंआ निकलते देख कार रोकी गई। सभी लोग उसके अंदर से तुरंत बाहर आ गए। कार धूं-धूं कर जलने लगी। उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर पहुंची। उसके बाद आधे घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में कार पूरी तरह से जल गई। घटना सुरीर थाना क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला कार से परिवार समेत दिल्ली से जा रहे थे पुलिस के अनुसार- कथा वाचक अभिनव अरोड़ा रविवार रात में अपनी डस्टर कार से वृंदावन से दिल्ली जा रहे थे। कार अभिनव अरोड़ा के पिता तरुण अरोरा चला रहे थे। रात 2 बजे के करीब कार जैसे ही यमुना एक्सप्रेसवे पर माइल स्टोन-84 के पास पहुंची। इंजन से तेज धुंआ निकलने लगा। पिता ने फौरन कार को साइड में लगाया। उसके बाद सभी लोग जल्दी से सुरक्षित बाहर निकल आए। पिता ने सुरीर थाना क्षेत्र की पुलिस को फोन करके घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के थोड़ी देर के अंदर ही पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम को लेकर मौके पर पहुंच गई। तब तक आग ने कार को पूरी तरह से चपेट में ले लिया था। वो धूं-धूं कर जलने लगी। आधे घंटे में बुझाई आग फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। आग से ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थी। कार को जलते देख सड़क से गुजर रहे लोग खड़े होकर वीडियो बनाने लगे। पुलिस ने लोगों को समझाकर वहां से हटाया।करीब आधे घंटे लगे तब जाकर आग पर पाया जा सका। तब तक कार पूरी तरह से जल चुकी थी। दूसरी गाड़ी से दिल्ली भेजा गया पुलिस ने फोन करके दूसरी गाड़ी बुलाई। उसमें अभिनव अरोड़ा के परिवार को बिठाया गया। उसके बाद उन्हें सुरक्षित दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार - अभिनव के परिजन ने बताया कि दो दिन के अंदर उनके परिवार के साथ दो हादसे हो चुके हैं। हालांकि दोनों घटनाओं में उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पहला हादसा 11 जुलाई की रात दिल्ली से वृंदावन जाते समय हुआ। जबकि दूसरा हादसा 12 जुलाई की रात वृंदावन से दिल्ली लौटते समय हुआ। दोनों घटनाओं में गाड़ियां जली हैं। कौन हैं अभिनव अरोड़ा?अभिनव अरोड़ा लेखक तरुण राज के बेटे हैं। दिल्ली में रहते हैं और एक प्राइवेट स्कूल में 5वीं के छात्र हैं। 10 साल के अभिनव अरोड़ा भगवान कृष्ण और राम की भक्ति करते हुए अक्सर वीडियो में दिखाई देते हैं। अभिनव के इंस्टाग्राम पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। -------------------------ये खबर भी पढ़ें गोरखपुर में कपल से बदसलूकी, विरोध करने पर मारपीट, VIDEO:कार से देर रात घूमने निकले थे; होटल में जॉब करते हैं गोरखपुर में गुरुवार रात करीब 11:20 बजे कार से घूम रहे एक कपल से बाइक सवार युवकों ने मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ अभद्रता की, युवक के साथ मारपीट की और कार का शीशा भी तोड़ दिया। घटना कैंट थाना क्षेत्र के रामगढ़ताल रिंग रोड के पास की है। पढ़िए पूरी खबर
दिल्ली-भोपाल शताब्दी ट्रेन में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने पर आईआरसीटीसी ने कैटरर पर जुर्माना लगाया
शनिवार को नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने के बाद भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने एक कैटरिंग सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने बदरपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीमें बाकी आरोपियों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खेमे को राहुल गांधी के विदेश से लौटने का इंतजार है। चन्नी खेमा पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर राहुल गांधी के सामने अपनी बात रखेगा। चन्नी खेमे में से चरणजीत सिंह चन्नी खुद व सुखजिंदर सिंह रंधावा राहुल गांधी से मीटिंग लेने के लिए दिल्ली के नेताओं से संपर्क साध चुके हैं। पार्टी दिल्ली बैठे एक शीर्ष नेता ने चन्नी गुट को आश्वास्त कर दिया है कि उनकी राहुल गांधी से मीटिंग जरूर करवाई जाएगी। चरणजीत सिंह चन्नी खेमा पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से पहले राहुल गांधी को मिलने की योजना तैयार कर दी है ताकि वो पंजाब में कांग्रेस की ग्राउंड रिएलिटी के बारे में राहुल गांधी को अवगत कराएंगे चन्नी खेमे ने स्पष्ट कर दिया कि पंजाब के मामले में अब सीधे राहुल गांधी से ही बात करेंगे। चन्नी गुट का दावा है कि उनके साथ 94 हलकों से जीते हारे कांग्रेस नेता, विधायकों व सांसदों का समर्थन है। प्रभारी बघेल की रिपोर्ट से पहले काउंटर प्लानिंग कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब की गुटबाजी सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को 6 दिनों के दौरे पर भेजा था, लेकिन चन्नी खेमे का मानना है कि यह दौरा पूरी तरह एकतरफा रहा। आरोप है कि बघेल सिर्फ राजा वड़िंग के करीबियों से मिलते रहे। यही वजह है कि चन्नी खेमा अब एक बड़ी रणनीति के तहत काम कर रहा है। उनकी कोशिश है कि भूपेश बघेल अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपें, उससे पहले ही वे खुद राहुल गांधी से मुलाकात कर लें। वे हाईकमान को बताना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और सीनियर नेता मौजूदा लीडरशिप से कितने नाराज हैं। हिस्ट्री रिपीट, अब चन्नी के पीछे सब एकजुट पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी हमेशा से रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह का पंजाब कांग्रेस पर लंबे समय तक होल्ड रहा। वो तीन बार प्रधान व दो बार मुख्यमंत्री रहे। अमरिंदर सिंह के रहते हुए कांग्रेस में गुटबाजी रही लेकिन उनके सामने नेता खुलकर बोल नहीं पाते थे। 2021 में नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ पार्टी में मोर्चा खोला तो पंजाब कांग्रेस के ज्यादातर लीडर उनके पीछे खड़े हो गए। कांग्रेस हाईकमान ने कैप्टन को हटा दिया लेकिन सीएम सिद्धू के बजाय चरणजीत सिंह चन्नी को बना दिया। कांग्रेस में गुटबाजी की हिस्ट्री फिर से रिपीट हो रही है। अब राजा वडिंग को हटाने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी के पीछे पंजाब कांग्रेस के सभी बड़े नेता खड़े हो गए। अब देखना होगा कि हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव में आकर नेतृत्व परिवर्तन करता है या चन्नी खेमे को बैरंग लौटा देगा।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीच कनेक्टिविटी को एक नई और हाई-स्पीड रफ्तार मिलने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आगरा और ग्वालियर के बीच 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra-Gwalior Expressway) तैयार किया जा रहा है.यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल इन तीन राज्यों के बीच व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के कीमती समय और ईंधन की भी भारी बचत करेगा.2.5 घंटे का सफर मात्र 75 मिनट में होगा पूरावर्तमान में यदि कोई व्यक्ति आगरा से ग्वालियर की यात्रा करता है, तो उसे धौलपुर (राजस्थान) और मुरैना (मध्य प्रदेश) के संकरे रास्तों और भारी शहरी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके कारण इस सफर में 2.5 से 3 घंटे का लंबा समय बर्बाद हो जाता है.120 की रफ्तार से फर्राटा: इस नए 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, गाड़ियां बिना किसी रुकावट के 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.दूरी आधी रह जाएगी: एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा से ग्वालियर के बीच की यह दूरी घटकर महज 75 से 80 मिनट (करीब सवा घंटा) में सिमट जाएगी.आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रूट मैप और संरचनायह एक्सप्रेसवे बेहद अनूठी संरचना और भविष्य की जरूरतों (Future Expansion) को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है:शुरुआत और अंत: यह नया हाईवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव (बाईपास) पर जाकर समाप्त होगा.8 लेन तक विस्तार संभव: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले समय में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आसानी से 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा.पुल और फ्लाईओवर: 88 किलोमीटर के इस पैच में यात्रा को सुगम बनाने के लिए 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 बड़े फ्लाईओवर और 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा रहा है.वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान (Chabal Eco-System):एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा संवेदनशील चंबल क्षेत्र से गुजरता है. इसलिए, चंबल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी (Chambal Wildlife Sanctuary) के पास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष 'ग्रीन बेल्ट' और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अत्याधुनिक अंडरपास (Animal Underpasses) बनाए जाएंगे ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा रूट; जानिए बजटइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग ₹4,613 करोड़ की भारी लागत आने का अनुमान है.चंबल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर इसे मुरैना के पास प्रस्तावित 'चंबल एक्सप्रेसवे' से भी इंटरकनेक्ट किया जाएगा.कोटा-दिल्ली-मुंबई रूट: इस जुड़ाव के कारण यात्रियों को राजस्थान के कोटा के रास्ते सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर चढ़ने की सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे उत्तर से पश्चिम भारत का सफर बेहद सुगम हो जाएगा.कब तक पूरा होगा काम और क्या होगा फायदा?एनएचएआई (NHAI) के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए 93% से अधिक भूमि का अधिग्रहण (Land Acquisition) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में आगरा के कुछ गिने-चुने पॉकेट्स में मुआवजे की रकम को लेकर स्थानीय किसानों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरा करके वर्ष 2027-2028 तक इसे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए.टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेमचेंजर साबित होने वाला है. आगरा में ताजमहल (Taj Mahal) देखने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब महज सवा घंटे में ग्वालियर के ऐतिहासिक किलों, महलों और सिंधिया संग्रहालय का दीदार करने आसानी से आ-जा सकेंगे, जिससे पूरे बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को एक नई संजीवनी मिलेगी.
Top News 13 July : अमेरिका और ईरान भीषण जंग जारी। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुंची। बैंकॉक के पब में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में ईवी वाहनों पर सब्सिडी नियमों में बड़ा बदलाव। निक सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन का पुरुष ...
दिल्ली के नेहरू पैलेस की तर्ज पर लगेगा स्मार्ट गाइडेंस सिस्टम
भास्कर न्यूज | अम्बाला बाजारों में जाम की स्थिति से निपटने के लिए बनी कैंट की मल्टी लेवल पार्किंग जल्द ही मेट्रो सिटीज की तरह हाइटेक होने जा रही है। नगर परिषद यहां करीब 80 लाख रुपए की लागत से स्मार्ट पार्किंग गाइडेंस सिस्टम लगाने जा रहा है, जिसकी योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस नए डिजिटल सिस्टम के आने से पर्ची कटवाने को लेकर होने वाले विवाद तो खत्म होंगे ही, साथ ही सिफारिश के दम पर मुफ्त में गाड़ी खड़ी करने वालों पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी, जिससे नगर परिषद की आमदनी बढ़ेगी। {एंट्री पर ही दिखेगा स्पेस: दिल्ली के नेहरू पैलेस की तर्ज पर पार्किंग के हर फ्लोर पर गाइडेंस डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। सेंसर सिस्टम की मदद से वाहन चालकों को एंट्री करते ही पता चलेगा किस फ्लोर पर कितनी गाड़ियों की जगह खाली है। {बिना स्कैन नहीं खुलेगा बैरियर: पार्किंग में एंट्री के वक्त बारकोड जनरेट होगा। वापसी में जब वाहन चालक इस बारकोड को स्कैन कर डिजिटल भुगतान करेगा, तभी बूम बैरियर खुलेगा। इमरजेंसी के लिए केवल कर्मचारियों के पास ही एक विशेष बारकोड जनरेट करने का अधिकार होगा। ^आधुनिकता के आधार पर मल्टीलेवल पार्किंग को विकसित किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सकें। इस नई योजना को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा। -देवेंद्र नरवाल, ईओ, नगर परिषद, अम्बाला कैंट।
5 से रानीखेत एक्सप्रेस दिल्ली होकर नहीं आएगी
उत्तर रेलवे के दिल्ली यार्ड में तकनीकी कार्य के लिए लिए जा रहे ट्रैफिक ब्लॉक के कारण काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। इसके तहत ट्रेन 5 से 7 अगस्त तक परिवर्तित मार्ग से संचालित की जाएगी। इस अवधि में ट्रेन दिल्ली स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार तकनीकी कार्य के चलते ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस 5 से 7 अगस्त तक काठगोदाम से प्रस्थान करने पर निर्धारित मार्ग के बजाय गाजियाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली सराय मार्ग से संचालित होगी। इस अवधि में ट्रेन का दिल्ली स्टेशन पर ठहराव नहीं होगा।
ट्विशा केस:एम्स दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट मिली, अब साक्ष्यों की कड़ी जोड़ रही सीबीआई
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद सीबीआई की जांच नए चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड ने घटनास्थल से जब्त जिम बेल्ट और ट्विशा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों से जुड़े पहलुओं का परीक्षण किया है। अब सीबीआई पड़ताल कर रही है कि मेडिकल बोर्ड की टिप्पणियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य एक-दूसरे की कितनी पुष्टि करते हैं। सीबीआई को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। जांच एजेंसी इसका अध्ययन कर रही है। अधिकारियों का फोकस मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक कड़ी तैयार करने पर है। यदि मेडिकल बोर्ड की टिप्पणियां भौतिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों से मेल खाती हैं तो अब तक बयानों और घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा होगी। डिजिटल साक्ष्यों का भी हो रहा विश्लेषण: सीबीआई ट्विशा के मोबाइल फोन और लैपटॉप से डिलीट डेटा रिकवर कर रही है। चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं एम्स भोपाल के पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से पूछताछ में मिले बयानों का भी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है।
दिल्ली की 1,511 अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को जल्द ही उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिल सकता है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं, ताकि वर्षों से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार मिल सके। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री उदय (PM-उदय) योजना को तेजी से लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता मांगी है। सरकार का कहना है कि इससे योजना को गति मिलेगी और लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी। शहरी विकास कोष के तहत राशि जारी करने की मांग मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 6 अप्रैल 2026 को अधिसूचित नए नियमों के बाद अब कॉलोनियों को ‘जैसी स्थिति है, उसी आधार पर’ नियमित किया जा रहा है। जिससे संपत्ति अधिकार मिलने का रास्ता बेहद आसान और पारदर्शी हो गया है। इस राशि का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में होगा। दिल्ली सरकार ने केंद्र से यह राशि शहरी विकास कोष (UDF) के तहत जारी करने की मांग की है।
दिल्ली के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। 'पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता' (SASCI) योजना के तहत दिल्ली सरकार की 28 प्रमुख विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 1,647 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार द्वारा अपने स्तर पर पूंजीगत निवेश बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र ने 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी स्वीकृत किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को दिल्ली के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के इस सहयोग से राजधानी में सार्वजनिक सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी और बुनियादी विकास को नई गति मिलेगी। इन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिलेगी गति स्वीकृत की गई 28 परियोजनाओं में दिल्ली के यातायात और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो: मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को गति दी जाएगी। बारापुला कॉरिडोर: एलिवेटेड बारापुला कॉरिडोर के काम में तेजी आएगी। करावल नगर फ्लाईओवर: इस क्षेत्र में जाम से बड़ी राहत मिलेगी। ईवी चार्जिंग नेटवर्क: डीटीसी (DTC) बस डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। सड़क सुधार: राजधानी की कई अहम सड़कों के जीर्णोद्धार और मजबूतीकरण की योजनाएं इसमें शामिल हैं।
पंचकूला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक सेल ने कोकीन तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस दौरान एक नाइजीरियन नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह पिछले लगभग 5 वर्षों से दिल्ली से ट्राइसिटी में कोकीन की सप्लाई कर रहा था। डीसीपी क्राइम एवं ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल को 17 जून 2024 को सूचना मिली थी। इसके आधार पर पीर मुछल्ला निवासी अंचित उर्फ चिंटू को सेक्टर-26 स्थित हर्बल पार्क के पास से उसकी एक्सयूवी-500 कार सहित गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 43 ग्राम कोकीन की 87 नशीली गोलियां बरामद हुईं। इस संबंध में थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। निशानदेही पर दिल्ली से पकड़ा नाइजीरियन पूछताछ में अंचित उर्फ चिंटू ने खुलासा किया कि उसने यह कोकीन पीर मुछल्ला निवासी अजय के कहने पर दिल्ली के विकासपुरी क्षेत्र से एक नाइजीरियाई नागरिक से खरीदी थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले अजय को गिरफ्तार किया। अजय से मिली सूचना के बाद पुलिस ने दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र में रहने वाले नाइजीरियाई नागरिक अजा ओग्बोना को भी गिरफ्तार कर लिया। बिजनेस वीजा पर भारत आया था आरोपी पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के अनुसार, जांच में सामने आया है कि नाइजीरियाई आरोपी अजा ओग्बोना वर्ष 2018 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। वह कपड़ों और जूतों के कारोबार की आड़ में पिछले करीब 5 वर्षों से कोकीन की तस्करी कर रहा था। आरोपी को आज अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
केंद्र ने दिल्ली की द्वारका सुरंग और उत्तर प्रदेश के कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी। 14,115 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार को नई गति देंगी।
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार को सुबह 10 बजे करीब एक युवक मालगाड़ी की चपेट में आ गया। नीम करोली रेलवे स्टेशन के पास हुई इस घटना में युवक की हाथ की दो उंगलियां कट गईं। गंभीर रूप से घायल युवक को लोहिया अस्पताल में करीब 12 बजे उसे भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान अंकित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बहराइच जनपद के छतर थारी का निवासी बताया जा रहा है, हालांकि अंकित ने खुद को गोरखपुर जनपद का निवासी बताया है। अंकित दिल्ली जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था, लेकिन गलती से कानपुर में गलत ट्रेन में बैठ गया और फर्रुखाबाद पहुंच गया। जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वह एक स्टेशन पर उतर गया और पैदल चलने लगा। कुछ दूर चलने के बाद थकान के कारण वह रेलवे ट्रैक के किनारे ही लेट गया। इसी दौरान एक मालगाड़ी आई और वह उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसके हाथ की दो उंगलियां कट गईं। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अंकित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद ले गई। वहां से उसे बेहतर उपचार के लिए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। दरोगा लक्ष्मण सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में युवक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में आज महिला कांग्रेस की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। वहीं महिलाओं को आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले बैठक कर जिला प्रधान डा. राजवती ने आगामी 21 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले 'चलो संसद' अभियान के बारे में बताया। बैठक के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान, मिस्ड कॉल अभियान और हस्ताक्षर अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान महिलाओं ने संसद से पारित महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग की। सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी डॉ. राजवती यादव ने कहा कि देश की आधी आबादी को उसका संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व अब और अधिक समय तक नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि संसद से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। पूरे देश में चल रहा अभियान यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व और हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी के मार्गदर्शन में पूरे देश और प्रदेश में महिलाओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। 21 जुलाई को जाएंगे दिल्ली इसी कड़ी में 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित 'चलो संसद' कार्यक्रम में हजारों महिलाएं अपनी लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करेंगी। डॉ. राजवती ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले से भी बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली पहुंचकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने की मांग करेंगी। उन्होंने महिलाओं, युवतियों और जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता मोनिका, संतोष सहित अन्य महिला कार्यकर्ता और मातृशक्ति मौजूद रहीं।
नूंह जिले में पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी की 6 बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों में 5 स्प्लेंडर और एक यामाहा आर-15 शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये बाइक नूंह, गुरुग्राम और दिल्ली से चुराई गई थीं। इससे आरोपी के अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिजवान उर्फ रिज्जू पुत्र ईशाक निवासी अडबर, थाना सदर नूंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे पहले एक चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। इंजन और चेसिस नंबर की जांच से पता चला कि यह बाइक गुरुग्राम के खेड़की दौला थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। गुरुग्राम और दिल्ली से चोरी का 4 बाइक इसके बाद दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में रिजवान ने कई अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 5 और चोरी की बाइक बरामद की गईं। जांच में यह भी पता चला कि बरामद 6 बाइकों में से 2 नूंह से, 2 गुरुग्राम से और 2 दिल्ली से चोरी की गई थीं। इन सभी का संबंध संबंधित थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से है। बरामद बाइकों को पुलिस ने कब्जे में लिया जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले इन वारदातों को अंजाम देता था या वह किसी संगठित वाहन चोर गिरोह का हिस्सा है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि चोरी की इन बाइकों को कहां और किसके माध्यम से बेचा जाना था। फिलहाल, सभी बरामद बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से और पूछताछ में वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशानों का गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क से मेल खाने की बात सामने आई है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 11 पेज की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। रिपोर्ट की अनुपालन प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम करने के साथ घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। बताया जा रहा है कि हिस्टोपैथोलॉजिकल और अन्य लैब जांच में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मौजूद निशानों और ट्विशा की गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता पाई गई है। रिपोर्ट तैयार करने से पहले विशेषज्ञों ने करीब एक महीने तक विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षण और फॉरेंसिक विश्लेषण किए। रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, CBI करेगी जांच में इस्तेमाल दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने सभी संभावित पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर निष्कर्ष तैयार किए हैं। कोर्ट के निर्देशों के चलते रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था दूसरा पोस्टमॉर्टम 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती जांच और पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद परिजन ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद दिल्ली AIIMSसे दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने और बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए गए। दूसरा पोस्टमॉर्टम क्यों कराना पड़ा? पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी। इसी कारण मौत के कारण और इस्तेमाल हुई सामग्री को लेकर कई सवाल बने रहे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। अब यह अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई की जांच में अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मानी जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही कोर्ट में पेशी बता दें कि गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के महिला बंदी वार्ड में बंद हैं, जबकि समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल के 'बी' खंड स्थित बिल्डिंग सेंटर में न्यायिक हिरासत में है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर 2 जून को जेल भेजा गया था, तब से उनकी हर सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई जा रही है। केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्विशा केस- CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई:सास-पति के सामने सीन रीक्रिएट, अबॉर्शन की सलाह देने वाली डॉक्टर से पूछताछ होगी ट्विशा केस-CBI के सवालों से घबराईं पूर्व जज गिरिबाला सिंह:एंग्जाइटी-घबराहट की शिकायत की; सीसीटीवी, बॉडी पर चोटों के निशान को लेकर जवाब तलब
रायसेन जिले के बरेली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई चोरी नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में अंतरराज्यीय पारदी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी कपिल गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस फरार गैंग सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की रात दाम मिल मोहल्ला निवासी राजेंद्र वर्मा के घर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। इस घटना के बाद बरेली थाने में नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गुना में दबिश देकर पुलिस ने पकड़ाजांच के दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम को गुना भेजा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से लगातार दबिश देकर खेजड़ा चक निवासी मुरार पिता कालू पारदी और रॉकी पिता भंवरलाल पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में गैंग के अन्य सदस्य टोनी उर्फ डेविड पारदी, कीमतीलाल पारदी और अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुरार के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रॉकी पर हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में राजस्थान सीमा के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले प्राथमिक उपचार दिलाया गया और घर ले जाया गया, लेकिन अगले दिन तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस ने शव को नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान महेंद्रगढ़ जिले के गांव नांगल काठा निवासी करीब 55 वर्षीय रामौतार उर्फ महाश्य के रूप में हुई है। दिल्ली में करते थे नौकरी परिजनों के अनुसार, रामौतार दिल्ली में एक डेयरी पर कार्यरत था। वह बीते दिन अपने गांव नांगल काठा आया हुआ था। वहां से वह पैदल राजस्थान सीमा स्थित गांव दुलोठ अहीर में अपने भाई की सीमेंट की दुकान पर जा रहा था। अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर इसी दौरान भालोठ और दुलोठ के बीच किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने उनके पास मिले आधार कार्ड के जरिए परिजनों को सूचना दी। निंबी ले गए डॉक्टर के पास सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें उपचार के लिए राजस्थान के निंबी गांव में एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां प्राथमिक उपचार और पट्टी की गई। इसके बाद उन्हें घर ले आया गया। रात को तबियत हुई खराब परिजनों ने बताया कि रात के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। सुबह हालत अधिक गंभीर होने पर उन्हें दोबारा डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। राजस्थान पुलिस ने की कार्रवाई घटना की सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का नारनौल के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है।
शाहरुख खान ने खरीदी दिल्ली की पुश्तैनी बिल्डिंग, बचपन से शादी तक की यादें अब एक ही छत के नीचे
रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख खान ने पंचशील पार्क स्थित इस भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल करीब 37 करोड़ रुपये में खरीदी हैं। इसके साथ ही अब पूरी तीन मंजिला इमारत उनके स्वामित्व में आ गई है। बताया जाता है कि यह संपत्ति लगभग 10,800 वर्ग फुट क्षेत्र में फैली हुई है।
यूपी-बिहार में भारी वर्षा का दौर, दिल्ली-मुंबई समेत कई राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा है, जबकि मुंबई में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।
बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव के दिन अब ज्यादा नहीं रह गए हैं। इसलिए भाजपा की तैयारियां जोरों पर है। पहले घोषित कैंडिडेट अभिषेक सिन्हा ने नाम वापस लेने का ऐलान कर दिया। पार्टी ने उनकी जगह नीरज सिन्हा को नया उम्मीदवार बनाया है। बांकीपुर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का विधानसभा क्षेत्र रहा है। इसलिए इस चुनाव को उनकी प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भले ही वे इन दिनों दिल्ली में हैं, लेकिन चुनाव की पूरी मॉनिटरिंग वहीं से कर रहे हैं। नितिन मंडल अध्यक्ष, बूथ प्रभारियों और कोर टीम के नेताओं से फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क में हैं। चुनावी फीडबैक के आधार पर रणनीति भी तय हो रही है। बीजेपी ने चुनाव प्रचार को पूरी तरह माइक्रो मैनेजमेंट के आधार पर चलाने का फैसला किया है। किस नेता को किस वार्ड, मोहल्ले और किस समय प्रचार करना है, इसकी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। उम्मीदवार के साथ रोड शो, जनसंपर्क, नुक्कड़ सभा और स्थानीय बैठकों का पूरा कैलेंडर तैयार किया गया है ताकि प्रचार में कोई खाली जगह न रहे। बीजेपी की सबसे बड़ी रणनीति अब बूथ प्रबंधन को मजबूत करना है। बांकीपुर विधानसभा के सभी 422 बूथों के लिए अलग-अलग जिम्मेदार नेताओं की नियुक्ति की गई है। इनमें विधायक, सांसद, जिला और मंडल पदाधिकारी सहित संगठन के अनुभवी कार्यकर्ता शामिल हैं। डैमैज कंट्रोल के मोड में पार्टी हर प्रभारी को मतदान के दिन अपने बूथ पर अधिकतम समर्थकों को दोपहर तक मतदान केंद्र तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। पार्टी का मानना है कि यदि अपने पारंपरिक वोटरों का अधिक से अधिक मतदान कर लिया गया तो उम्मीदवार बदलने से राजनीतिक चुनौती का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीदवार बदलने के बाद बीजेपी अब पूरी तरह डैमेज कंट्रोल मोड में है। युवा उम्मीदवार, संगठन आधारित प्रचार, दिल्ली से सीधे चुनाव संचालन, वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी और बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए पार्टी बांकीपुर में चुनावी मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। उम्मीदवारी वापसी पर बीजेपी का बचाव पार्टी के भीतर यह संदेश भी प्रमुखता से दिया जा रहा है कि अभिषेक बंटी की उम्मीदवारी मजबूरी में वापस ली गई ताकि भविष्य में किसी भी तरह का राजनीतिक विवाद या पुराने मामलों को लेकर विपक्ष को हमला करने का मौका न मिले। बीजेपी यह भी प्रचारित कर रही है कि उम्मीदवार बदलने के बावजूद पार्टी ने किसी बड़े चेहरे को नहीं बल्कि बूथ स्तर पर लंबे समय तक काम करने वाले युवा कार्यकर्ता को टिकट देकर संगठन सर्वोपरि होने का संदेश दिया है। नीरज को दोस्त-सहपाठी बताकर प्रचार करने की रणनीति बीजेपी ने चुनाव प्रचार की नई रणनीति में युवाओं को सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया है। पार्टी के प्रचारकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे नीरज सिन्हा को क्षेत्र का अपना साथी, मित्र और सहपाठी बताकर मतदाताओं तक पहुंचें। इसके साथ ही यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद पार्टी ने जानबूझकर युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है। मोहल्ला स्तर पर छोटी बैठकों, घर-घर संपर्क और सोशल मीडिया के जरिए भी इसी संदेश को मजबूत किया जा रहा है। युवा चेहरे से राजनीतिक संदेश देने की तैयारी उम्मीदवार बदलने के बाद बीजेपी अब पूरी ताकत के साथ यह संदेश देने में जुट गई है कि पार्टी में केवल बड़े नेताओं या प्रभावशाली चेहरों को ही नहीं बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। पार्टी नए उम्मीदवार नीरज सिन्हा को एक साधारण कार्यकर्ता, मंडल स्तर से संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले युवा चेहरे और संगठन के समर्पित सिपाही के रूप में पेश कर रही है। बीजेपी का मानना है कि इससे युवाओं और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा कि मेहनत करने वालों को पार्टी सम्मान देती है। कैंडिडेट घोषणा के 24 घंटे अंदर नामांकन वापस बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बदलने का फैसला भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से बड़ी चुनौती बन गया है। पार्टी ने पहले अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन घोषणा के महज 24 घंटे के भीतर उनका नामांकन वापस लेने का फैसला लिया गया। इसके तुरंत बाद बीजेपी ने नीरज सिन्हा को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया। हालांकि पार्टी ने तेजी से नया उम्मीदवार उतारकर नुकसान की भरपाई की कोशिश की लेकिन इस घटनाक्रम ने विपक्ष को बीजेपी पर सवाल उठाने का बड़ा अवसर दे दिया। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और आरजेडी लगातार इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी के निर्णय पर निशाना साध रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस में पिछले 5 दिनों तक चले सियासी घटनाक्रम का सबसे बड़ा नतीजा न तो राजा वड़िंग की जीत है और न ही चरणजीत सिंह चन्नी की हार। असली बदलाव यह है कि पार्टी के भीतर फैसलों का केंद्र पहले से ज्यादा दिल्ली हो गया है। चन्नी खेमे ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग रखी, वड़िंग अपने पद पर कायम रहे, लेकिन अंतिम फैसला किसी गुट ने नहीं, बल्कि हाईकमान ने लिया। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर साफ कर दिया कि सभी नेताओं की राय दिल्ली तक जाएगी और टिकट जीतने की क्षमता के आधार पर तय होंगे। साथ ही यह भी साफ हो गया कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो इस पूरे घटनाक्रम ने हाईकमान की भूमिका और मजबूत कर दी है। जबकि, पंजाब के नेताओं की अगली राजनीतिक लड़ाई अब दिल्ली में प्रभाव बनाने की होगी। वड़िंग को क्या मिला: कुर्सी बची, लेकिन परीक्षा अभी बाकी पिछले एक सप्ताह से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी रही। इसके बावजूद हाईकमान ने 23 जिला अध्यक्ष राजा वड़िंग के गुट के होने की वजह से नेतृत्व परिवर्तन से इनकार कर दिया। इससे राजा वड़िंग को तत्काल राहत मिली और उनका संगठनात्मक अधिकार बरकरार रहा। हालांकि, इस विवाद ने यह भी दिखा दिया कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल मौजूद हैं। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना और यह साबित करना होगी कि मौजूदा नेतृत्व में कांग्रेस 2027 का चुनाव मजबूती से लड़ सकती है। चन्नी को क्या मिला: बात सुनी गई, राजनीतिक वजन भी दिखा पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी नेतृत्व परिवर्तन नहीं करा सके, लेकिन यह जरूर साबित कर दिया कि उन्हें नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। उनकी नाराजगी के बाद अलग बैठक हुई, उनके तर्क सुने गए और प्रभारी ने भरोसा दिया कि पूरी रिपोर्ट हाईकमान तक जाएगी। इससे यह संदेश गया कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी अब भी सबसे प्रभावशाली नेताओं में हैं। खासकर, करीब 32% दलित वोट बैंक को कांग्रेस नाराज नहीं करना चाहती। हालांकि, चन्नी को भी यह स्पष्ट संकेत मिला कि केवल राजनीतिक दबाव से संगठनात्मक फैसले नहीं बदलेंगे। हाईकमान सबसे ताकतवर कैसे हुआ? इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ केंद्रीय नेतृत्व को मिला। एक तरफ वड़िंग अपने समर्थकों के साथ थे, दूसरी तरफ चन्नी और रंधावा नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे। लेकिन, अंतिम फैसला न चंडीगढ़ में हुआ और न किसी गुट के दबाव में। सभी पक्षों को अपनी बात हाईकमान तक पहुंचानी पड़ी। इससे साफ संकेत गया कि पंजाब कांग्रेस में संगठन, टिकट और बड़े राजनीतिक फैसलों की अंतिम चाभी अब भी दिल्ली के पास ही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और मजबूत कर दी है। भूपेश बघेल नए पावर सेंटर क्यों बने? 5 दिनों के पूरे घटनाक्रम में सबसे सक्रिय भूमिका पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रही। उन्होंने पहले नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। फिर असंतुष्ट खेमे की बैठक की और अंत में दोनों पक्षों को एक संदेश दिया कि अंतिम रिपोर्ट हाईकमान के पास जाएगी। टिकट वितरण, नेताओं के प्रदर्शन, संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों का फीडबैक अब उनके जरिए ही दिल्ली पहुंचेगा। ऐसे में पंजाब कांग्रेस में फिलहाल नेताओं और हाईकमान के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उनकी भूमिका उभरती दिखाई दे रही है। अब नेताओं की दिल्ली दौड़ क्यों बढ़ेगी? बैठक के बाद यह लगभग साफ हो गया कि 2027 की तैयारी में सबसे अहम फैसले, जैसे; टिकट, संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति, दिल्ली में तय होंगे। ऐसे में विधायक, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, टिकट के दावेदार और विभिन्न गुटों के नेता अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता का संदेश पहले प्रभारी और फिर हाईकमान तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में पंजाब से दिल्ली की राजनीतिक आवाजाही और लॉबिंग पहले से ज्यादा बढ़ सकती है। इसके राजनीतिक मायने क्या? 5 दिन पहले यह लड़ाई वड़िंग बनाम चन्नी के रूप में शुरू हुई थी। 5 दिन बाद तस्वीर बदल चुकी है। वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहे, चन्नी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में सफल रहे, लेकिन सबसे मजबूत होकर उभरा हाईकमान। अब पंजाब कांग्रेस की अगली बड़ी लड़ाई सार्वजनिक बयानबाजी से ज्यादा दिल्ली में राजनीतिक प्रभाव बनाने की होगी। टिकट से लेकर चुनावी रणनीति तक, हर बड़ा फैसला उसी दरवाजे से निकलेगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस के बागी गुट की मीटिंग में गर्मागर्मी, चन्नी बोले- वड़िंग कुर्सी छोड़ें, रंधावा बोले- कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए पंजाब कांग्रेस में बगावत के बीच AICC के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को चंडीगढ़ में बागी गुट से 2 घंटे मीटिंग की। इसमें हर वक्त माहौल गर्माया रहा। 3 सांसदों व 9 MLA वाले बागी गुट ने साफ कर दिया कि वह मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग की अगुआई में काम नहीं कर सकते। पढ़ें पूरी खबर…
भारतीय स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल टीम स्वीडन में आयोजित होने वाले गोथिया कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गई है। नई दिल्ली स्थित स्वीडन दूतावास में आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह में धमतरी के खिलाड़ी सत्यांशु दीप को छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने पर सम्मानित किया गया। विदाई समारोह का आयोजन स्पेशल ओलंपिक्स भारत, स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़, एसकेएफ इंडिया और स्वीडन दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान भारतीय टीम के 10 विशेष खिलाड़ियों, हेड कोच, असिस्टेंट कोच और टीम अधिकारियों का सम्मान किया गया। खिलाड़ियों को मिली पूरी टीम किट समारोह में खिलाड़ियों को आधिकारिक जर्सी, ट्रैवल बैग, ट्रॉली सूटकेस, स्पोर्ट्स शूज़, ग्लव्स और अन्य खेल सामग्री सहित पूरी टीम किट प्रदान की गई। 12 से 18 जुलाई तक होगा टूर्नामेंट भारतीय टीम 11 जुलाई को नई दिल्ली से स्वीडन के गोथेनबर्ग के लिए रवाना हुई। 12 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाले स्पेशल ओलंपिक गोथिया कप में टीम भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। धमतरी और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ के माध्यम से चयनित सत्यांशु दीप का भारतीय टीम में चयन धमतरी और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा बनी है। कई राज्यों के खिलाड़ी टीम में शामिल भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ के सत्यांशु दीप के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और बिहार के खिलाड़ी शामिल हैं। समारोह में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि भारतीय टीम स्वीडन में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी।
बागपत पुलिस ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया। करीब तीन घंटे चले इस अभियान में 20 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए। इनमें दो वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे, जिन पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के काठा गांव के पास टोल प्लाजा पर चलाया गया। इस दौरान दिल्ली से देहरादून की ओर जा रहे वाहनों की सघन तलाशी ली गई। सीओ सुकन्या शर्मा और ट्रैफिक इंस्पेक्टर नोवेंद्र सिरोही ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस चेकिंग अभियान का नेतृत्व किया। अभियान के दौरान शराब पीकर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे दो चालकों के चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर प्लेट, काली फिल्म वाले शीशे, ओवरस्पीडिंग और बिना सीट बेल्ट ड्राइव जैसे विभिन्न ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 18 अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई। यह चेकिंग अभियान शनिवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ और रात 9 बजे तक चला। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और सख्त हिदायत दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा उद्यान मार्ग पर निर्मित हाई-टेक, डिजिटल एवं अत्याधुनिक लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपीएन) सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण शनिवार को किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ इस हाई-टेक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है। राष्ट्र-निर्माण और देश को वैभव दिलाने वाली तमाम गतिविधियों का मूल ज्ञान और विवेक में है, जो सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे अपने जीवन में पढ़ने की आदत जरूर डालें, क्योंकि पढ़ने से अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाता है। सोचने से पहले पढ़ना जरूरी: शाह अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान सभागार में लिखे एक वाक्य 'बोलने से पहले सोचना चाहिए' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वाक्य बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए कि आखिर सोचना क्या है। यह संस्कार हमें सिर्फ पुस्तकालय से ही मिल सकता है। अलादिन के चिराग से वेदों-उपनिषदों तक का सफर गृह मंत्री ने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका बचपन जिस छोटे कस्बे में बीता, वहां एक समृद्ध पुस्तकालय था। उस लाइब्रेरी ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बचपन में अलादिन और जादुई चिराग, अलीबाबा और चालीस चोर और सिंदबाद की यात्रा जैसी कहानियां पढ़ते-पढ़ते मेरी अध्ययन यात्रा कब वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, मुझे पता ही नहीं चला। हर शुक्रवार गांव में पहुंचती है बच्चों की पसंद की किताब अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में किए गए एक सफल प्रयोग को दिल्ली में भी दोहराने की बात कही। उन्होंने बताया उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग हर गांव में 3 से 4 हजार पुस्तकों वाली लाइब्रेरी खोली गई है। इन सभी को मुख्य डिजिटल पुस्तकालय से लिंक किया गया है, जहां सवा लाख से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। ग्रामीण बच्चों तक किताबें पहुंचाने के लिए 4 मोबाइल वैन चलाई जा रही हैं। बच्चे जिस किताब की डिमांड पर्ची पर लिखकर देते हैं, उसे हर शुक्रवार उनके गांव में डिलीवर कर दिया जाता है। दिल्ली सरकार और लाइब्रेरी स्टाफ को गृहमंत्री का टास्क गृहमंत्री ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वे दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में डिजिटल रूप से लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने जेपीएन पुस्तकालय के स्टाफ से कहा कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क करें और युवाओं को यहां आकर पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र, परिषद सदस्य डीपी सिंह और एनडीएमसी के सचिव राहुल सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
कैथल में सिविल अस्पताल में शनिवार को उस समय अफरा तफरी मच गई, जब हरियाणा रोडवेज का एक ड्राइवर सवारियों से भरी बस को लेकर अंदर दाखिल हो गया। बस को अस्पताल में देखकर स्टाफ चौंक गया और कारण पूछा। पता चला कि दिल्ली से कैथल आ रही बस से हाईवे पर टकराकर बाइक सवार भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। ड्राइवर और कंडक्टर ने जैसे ही हादसे को देखा तो तुरंत बस रोकी और सवारियों के साथ ही अस्पताल लेकर पहुंचा गया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ तुरंत एक्शन मोड़ में आया और घायल भाई-बहन को बस से उतारकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया। ड्राइवर और कंडक्टर की इस सूझबूझ की वहां मौजूद लोगों से सराहना की। कैसे हुआ घटनाक्रम, बस ड्राइवर-कंडक्टर ने बताई ये बातें… दोनों भाई-बहन की की हालत ठीक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बस को कैथल ही आना था, इसलिए दोनों को पहले अस्पताल में दाखिल करवाया और फिर बस स्टैंड पर गई। दोनों भाई बहन को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। थोड़ी बहुत चोटें लगी हैं। अब दोनों की हालत में सुधार है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
झांसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस के डी-3 कोच की एक स्प्रिंग टूटने का मामला सामने आया है। शनिवार को वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर जांच के दौरान खराबी की पुष्टि हुई। हालांकि कोच ट्रेन के बीच में लगा होने के कारण उसे मौके पर बदला नहीं जा सका। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन को सुरक्षित गति से चलाने के निर्देश देकर नई दिल्ली के लिए रवाना कर दिया। झांसी पहुंचने से पहले मिली खराबी की सूचना ट्रेन संख्या 12279 ताज एक्सप्रेस शनिवार सुबह 6:55 बजे नई दिल्ली से झांसी के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान डी-3 कोच में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। झांसी पहुंचने से पहले इसी कोच की झटके कम करने वाली एक स्प्रिंग टूट गई। इसकी जानकारी रेल कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों को दी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर कैरिज एंड वैगन विभाग की टीम ने कोच का निरीक्षण किया। जांच में स्प्रिंग टूटने की पुष्टि हुई, लेकिन कोच ट्रेन के बीच में लगा होने के कारण उसे तत्काल हटाकर दूसरा कोच लगाना संभव नहीं था। यात्रियों में फैली चिंता, कर्मचारियों ने किया आश्वस्त कोच की जांच होते देख कुछ यात्रियों को लगा कि कोई बड़ी तकनीकी खराबी हो गई है। इससे कुछ देर के लिए चिंता का माहौल बन गया। रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को बताया कि यह सामान्य तकनीकी खराबी है और इससे सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है। इसके बाद यात्री शांत हुए। निरीक्षण पूरा होने के बाद ताज एक्सप्रेस को सुरक्षित गति से चलाने के निर्देश दिए गए। ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 3:10 बजे के बजाय 3:16 बजे झांसी स्टेशन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। रेलवे बोला- अधिक भार से टूट जाती हैं स्प्रिंग मंडल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कई बार अधिक भार के कारण कोच की स्प्रिंग टूट जाती है। यह सामान्य तकनीकी समस्या है और इससे यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि कोई गंभीर तकनीकी खराबी होती है तो संबंधित कोच को बदल दिया जाता है। इस मामले में ट्रेन को पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित गति से रवाना किया गया।
मिर्जापुर में ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण और पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी के प्रयासों से उत्तर प्रदेश सरकार के पुरातत्व विभाग के निर्देश पर दिल्ली से एक विशेषज्ञ आर्किटेक्ट्स टीम ने घंटाघर का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने इसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने घंटाघर की संरचना, वास्तुकला और इसके मूल स्वरूप से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य घंटाघर को उसके ऐतिहासिक और मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करना है।नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने बताया कि घंटाघर जिले की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसे संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। केसरी ने यह भी उल्लेख किया कि जनसहयोग से निर्मित इस धरोहर के संरक्षण के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी शहर के गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें। अध्यक्ष केसरी ने विश्वास व्यक्त किया कि डीपीआर तैयार होने के बाद पुनरुद्धार कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 11 जुलाई यानी आज 5 घंटे में दो एक्सीडेंट हो गए, जिनमें एक ड्राइवर की मौत हो गई। एक ड्राइवर का पैर फ्रेक्चर हो गया। दोनो घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्र की है। दोनों ट्रक व ट्रेलर ड्राइवर मुंबई से दिल्ली जा रहे थे। पहली घटना बूढ़ादीत थाना क्षेत्र की है। मंडावरा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 360.6 की है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे ट्रक नंबर RJ34GA4377 का टायर फट गया। ट्रक एक्सप्रेसवे पर खड़ा था। इसी दौरान मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा कंटेनर NL01Q4582 पीछे से खड़े ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से कडी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानपुर पहुंचाया गया। हादसे में कंटेनर ड्राइवर फखरुद्दीन पुत्र नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर एक ओर कराया। आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर की टक्कर दूसरी घटना दोपहर 4 बजे सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास की है। यहां आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर भिड़ गया। ट्रेलर ड्राइवर शंकर मीणा निवासी निमली, सवाई माधोपुर,मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा था। ड्राइवर ने बताया कि वो नॉर्मल स्पीड से चला रहा था। तभी आगे चल रहे ट्रक ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। अचानक ब्रेक लगने से वह ट्रेलर को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रक से जा भिड़ा। हादसे की सूचना पर एक्सप्रेस-वे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल ड्राइवर को सुल्तानपुर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोटा रैफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके और हॉस्पिटल पहुंची। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया था निरीक्षण बता दें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 जून बुधवार को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर 550 किमी का सफर किया। इस दौरान उन्होंने एक्सप्रेस वे की स्थिति व सुरक्षा मानकों,सड़क की गुणवत्ता, गड्ढों, पेचवर्क और खराब अलाइनमेंट का जायजा लिया। --- ये खबर भी पढ़िए - गडकरी बोले-2 साल में दिल्ली से मुंबई 12-घंटे में पहुंचेंगे:जो बोलेंगे वह करके दिखाएंगे, यही हमारी पहचान; कोटा से इटावा तक अटल एक्सप्रेसवे बनेगा खबर पढ़े
दिल्ली रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेंद्र त्रिपाठी शनिवार को जाखल जंक्शन का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया। डीआरएम ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि रेलवे में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआरएम ने स्टेशन परिसर में टिकट आरक्षण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए स्टेशन पर कोच डिस्प्ले प्रणाली को बेहतर बनाने तथा अन्य यात्री सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। रेलवे कॉलोनी में भी जांची सफाई व्यवस्था इसके साथ ही स्टेशन परिसर और रेलवे कॉलोनी में नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर-1 और 2 का दौरा कर यात्री सुविधाओं, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रेलवे कॉलोनी में पहुंचकर सफाई व्यवस्था और चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के आदेश दिए। पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्टेशन परिसर में स्थित फर्स्ट क्लास एसी हॉल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे नियमानुसार कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से उपलब्ध कराकर लोगों को रोजगार और आय का अवसर दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रेलवे की उपलब्ध संपत्तियों का बेहतर उपयोग होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग भी की निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन के रखरखाव, स्वच्छता, निर्माण कार्यों की प्रगति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्थानीय भाजपा नेताओं और समाजसेवियों ने मंडल रेल प्रबंधक पुष्पेंद्र त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर जाखल की लंबे समय से लंबित रेल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने का कार्य जल्द शुरू करने तथा तलवाड़ा रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन अंडरपास को जल्द चालू कराने की मांग की, ताकि यातायात की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
दिल्ली को पानी के संकट से उबारने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के 75 सीएम श्री (CM SHRI) स्कूलों में वर्षा जल संचयन बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच हुआ है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल के तहत इस पूरी परियोजना को सपोर्ट कर रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से चुनिंदा स्कूलों में छतों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली बनाई जाएगी। इससे न केवल बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकेगा, बल्कि भूजल स्तर को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों में बढ़ेगी जागरूकता इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। इसके तहत स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों के बीच पानी बचाने और उसके सही उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। एक हरित और जल-सुरक्षित दिल्ली की ओर कदम यह एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक परियोजना) है। इस पहल की सफलता के बाद आने वाले समय में दिल्ली के अन्य सभी सरकारी और नगर निगम (MCD) के स्कूलों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जो दिल्ली को अधिक हरित और जल-सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले की गहन तलाशी ली। इस दौरान, कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
मन्नत के मालिक शाहरुख खान ने दिल्ली में खरीदा अपना पहला आशियाना, इतने करोड़ में हुई डील
शाहरुख खान भले ही आज मुंबई के आलीशान बंगले 'मन्नत' में रहते हों और दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में गिने जाते हों, लेकिन उनका दिल आज भी देश की राजधानी दिल्ली के लिए धड़कता है। शाहरुख खान के पास देश-दुनिया में कई लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं। शाहरुख खान ने ...
दिल्ली से भोपाल आ रही 12002 नई दिल्ली–रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में शनिवार सुबह यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायरी ब्रेड परोसने का मामला सामने आया। C-4 कोच के करीब 74 यात्रियों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी को ऐसी ब्रेड दी गई जिसकी यूज बाय डेट 10 जुलाई 2026 थी। ज्यादातर यात्री ब्रेड खा चुके थे। इसके बाद पैकेट पर तारीख देखकर ट्रेन में फूड पॉयजनिंग की आशंका हुई। यात्रियों का कहना है कि यह मामला केवल एक कोच तक सीमित नहीं था। कोच के बाहर रखे कैटरिंग पैकेट्स में भी उसी तारीख वाली ब्रेड मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि एक्सपायरी ब्रेड ट्रेन के कई कोचों में यात्रियों को परोसी गई होगी। घटना के बाद कई यात्रियों ने रेल मदद ऐप और ऑनलाइन उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कमीशन) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। ब्रेड खाने के बाद चली एक्सपायरी डेट का पता दिल्ली से भोपाल जा रहे यात्री सीनियर एनालिस्ट प्रणव ने बताया कि सुबह सभी यात्रियों को नाश्ते में ब्रेड दी गई थी। अधिकांश लोग उसे खा चुके थे। तभी पीछे बैठे एक यात्री ने पैकेट पर अंकित 'यूज़ बाय' डेट देखकर बताया कि ब्रेड की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कराई। एक अन्य यात्री अशोक कालिया ने बताया कि उन्हें भी नाश्ते में इसी तारीख वाली ब्रेड दी गई। उनका कहना था कि यदि आज यह लापरवाही सामने आई है तो यह कहना मुश्किल है कि पहले कितनी बार यात्रियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री परोसी गई होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रेलवे की खानपान व्यवस्था पर यात्रियों के भरोसे को कमजोर करती हैं। ITCTC अधिकारी ने नॉर्दर्न रेलवे पर डाली जिम्मेदारी मामले में आईआरसीटीसी के रीजनल अधिकारी मनोरंजन बिनकर ने कहा कि यह नॉर्दर्न रेलवे की ट्रेन है और इसका खाना वहीं से लोड किया जाता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जांच या कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। रेलवे व्यवस्था के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन और ऑनबोर्ड कैटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित रेलवे जोन के पास होती है। फिलहाल यात्रियों की शिकायत के बाद मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। यात्रियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रेलवे की खानपान व्यवस्था की गुणवत्ता जांच मजबूत करने की मांग की है। एक दिन पहले भी शताब्दी के खाने पर उठे थे सवाल 10 जुलाई को भी 12001 शताब्दी एक्सप्रेस (भोपाल से दिल्ली) में यात्रा कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्री, आईआरसीटीसी और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए भोजन की क्वालिटी और क्वांटिटी पर सवाल उठाए थे। यात्री ने आरोप लगाया था कि किराया तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन कैटरर ने खाने की मात्रा भी कम कर दी है। लगातार दो दिनों में शताब्दी के खानपान को लेकर सामने आई शिकायतों ने कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली से भोपाल आ रही 12002 नई दिल्ली–रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में शनिवार सुबह यात्रियों को नाश्ते के साथ एक्सपायरी ब्रेड परोसने का मामला सामने आया। C-4 कोच के करीब 74 यात्रियों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे, को ऐसी ब्रेड दी गई जिसकी 'यूज़ बाय' तारीख 10 जुलाई 2026 थी। अधिकांश यात्री ब्रेड खा चुके थे, जिसके बाद पैकेट पर तारीख देखकर ट्रेन में फूड पॉयजनिंग की आशंका फैल गई। यात्रियों का कहना है कि यह मामला केवल एक कोच तक सीमित नहीं था। कोच के बाहर रखे कैटरिंग पैकेट्स में भी उसी तारीख वाली ब्रेड मिली, जिससे आशंका जताई जा रही है कि एक्सपायरी ब्रेड ट्रेन के कई कोचों में यात्रियों को परोसी गई होगी। घटना के बाद कई यात्रियों ने रेल मदद ऐप के साथ-साथ ऑनलाइन उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कमीशन) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। ब्रेड खाने के बाद चली एक्सपायरी डेट का पता दिल्ली से भोपाल जा रहे यात्री सीनियर एनालिस्ट प्रणव ने बताया कि सुबह सभी यात्रियों को नाश्ते में ब्रेड दी गई थी। अधिकांश लोग उसे खा चुके थे, तभी पीछे बैठे एक यात्री ने पैकेट पर अंकित 'यूज़ बाय' डेट देखकर बताया कि ब्रेड की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कराई। एक अन्य यात्री अशोक कालिया ने बताया कि उन्हें भी नाश्ते में इसी तारीख वाली ब्रेड दी गई। उनका कहना था कि यदि आज यह लापरवाही सामने आई है तो यह कहना मुश्किल है कि पहले कितनी बार यात्रियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री परोसी गई होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रेलवे की खानपान व्यवस्था पर यात्रियों के भरोसे को कमजोर करती हैं। आईआरसीटीसी अधिकारी ने नॉर्दर्न रेलवे पर डाली जिम्मेदारी मामले में जब आईआरसीटीसी के रीजनल अधिकारी मनोरंजन बिनकर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह नॉर्दर्न रेलवे की ट्रेन है और इसका खाना वहीं से लोड किया जाता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जांच या कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। रेलवे व्यवस्था के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन और ऑनबोर्ड कैटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित रेलवे जोन के पास होती है। फिलहाल यात्रियों की शिकायत के बाद मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। यात्रियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रेलवे की खानपान व्यवस्था की गुणवत्ता जांच को और मजबूत करने की मांग की है। एक दिन पहले भी शताब्दी के खाने पर उठे थे सवाल गौरतलब है कि 10 जुलाई को भी 12001 शताब्दी एक्सप्रेस (भोपाल से दिल्ली) में यात्रा कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्री, आईआरसीटीसी और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए भोजन की क्वालिटी के साथ क्वांटिटी पर सवाल उठाए थे। यात्री ने आरोप लगाया था कि किराया तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन कैटरर ने खाने की मात्रा भी कम कर दी है। लगातार दो दिनों में शताब्दी के खानपान को लेकर सामने आई शिकायतों ने कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अगर आप आज अपने घर या दुकान के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा रेट जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए घरेलू और कमर्शियल दोनों ही गैस सिलेंडरों के दाम अपडेट कर दिए हैं. बीते जून महीने में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से जुलाई में भी कीमतें उसी स्तर पर बनी हुई हैं. वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, वहीं फरीदाबाद (हरियाणा) में इसकी कीमत ₹943.50 तय की गई है.घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 KG) के आज के दामविभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स (वैट) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से देश के अलग-अलग शहरों में कीमतें भिन्न होती हैं. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली: ₹942.00नोएडा: ₹939.50मुंबई: ₹941.50लखनऊ: ₹979.50कोलकाता: ₹968.00चेन्नई: ₹957.50जयपुर: ₹945.50पटना: ₹1,031.50चंडीगढ़: ₹951.50असम: ₹991.00दुकानदारों के लिए: 19 KG कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतेंकमर्शियल गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल करने वाले रेस्तरां और दुकानदारों के लिए भी आज की कीमतें जारी कर दी गई हैं. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के प्रमुख शहरों के रेट नीचे दिए गए हैं:दिल्ली व नोएडा: ₹2,930.00हरियाणा: ₹2,932.00मुंबई: ₹2,885.50लखनऊ: ₹3,052.50कोलकाता: ₹3,081.50चेन्नई: ₹3,106.00जयपुर: ₹2,957.50पटना: ₹3,227.00हर महीने क्यों घटते-बढ़ते हैं एलपीजी के दाम?आमतौर पर तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव में इसे महीने के बीच में भी बदला जा सकता है. एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल व एलपीजी की दर, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, माल ढुलाई की लागत और राज्यों के स्थानीय टैक्स (Local Taxes) के आधार पर तय होती हैं.उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को बड़ी राहत: सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर पर ₹300 की बंपर सब्सिडी देना जारी रख रही है, जो सीधे उनके लिंक किए गए बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है.
हर दिन की शुरुआत देश में सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह ठीक 6 बजे देश की दिग्गज तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए ईंधन की ताजा दरें जारी कर दी हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की उठापटक और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर ये दाम तय होते हैं. चूंकि ईंधन के दाम आम आदमी की जेब से लेकर फल-सब्जी और ट्रांसपोर्टेशन की लागत पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले आज का रेट जान लेना बेहद जरूरी है.देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेटभारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सरकारी टैक्स (VAT) और माल ढुलाई की लागत अलग होने के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80मई 2022 से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होने के बावजूद भारतीय बाजार में पिछले दो वर्षों से ईंधन के दाम तुलनात्मक रूप से स्थिर हैं. दरअसल, मई 2022 में केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा एक्साइज ड्यूटी व वैट में की गई भारी कटौती के बाद से तेल कंपनियों ने कीमतों को एक दायरे में रखा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े झटकों से राहत मिली हुई है.किन 4 बड़े कारणों से तय होता है आपकी गाड़ी के ईंधन का दाम?क्रूड ऑयल की कीमत: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में इसके रेट बढ़ते ही भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है.डॉलर बनाम रुपया: अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की खरीदारी डॉलर में होती है. अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों को आयात के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है.सरकारी टैक्स का बोझ: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट (VAT) मिलकर खुदरा मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा बनाते हैं.मांग और रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करने की लागत और त्योहारों या मौसम के अनुसार बाजार में ईंधन की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है.सिर्फ एक SMS से अपने फोन पर पाएं आज का लाइव रेटअगर आप बिना इंटरनेट के भी अपने शहर का सटीक भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने एसएमएस (SMS) के जरिए बेहद आसान सुविधा दे रखी है:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP टाइप करें और 9224992249 पर भेज दें.BPCL: अपने मोबाइल से RSP लिखकर 9223112222 पर सेंड करें.HPCL: मोबाइल के मैसेज बॉक्स में HP Price लिखें और इसे 9222201122 पर भेज दें.
रेवाड़ी में शनिवार सुबह डंपर से टक्कर के बाद कैंटर में आग लग गई। जिससे कैंटर धूं-धूंकर जला, जबकि सुरक्षित बच गए। हादसा सुबह दिल्ली- जयपुर हाईवे पर धारूहेड़ा में सावरियां होटल के पास हुआ। दोनों दिल्ली से जयपुर की तरफ जा रहे थे। सूचना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
दिल्ली-यूपी समेत 20 राज्यों में भारी बारिश और 80 KMPH की रफ्तार से आंधी का कहर, रहें सावधान
उत्तर भारत समेत पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अपने चरम रूप में पहुंच चुका है, जिससे जहां एक तरफ भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आसमानी आफत का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 की सुबह एक बेहद संवेदनशील और व्यापक मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कुल 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी-तूफान का ऑरेंज व रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन प्रभावित क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और व्यापक स्तर पर वज्रपात (Lightning Strikes) होने की गंभीर आशंका है।उत्तर और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा तबाही के आसार: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का बड़ा खतरामौसम विशेषज्ञों द्वारा जारी ताजा उपग्रहीय आंकड़ों के मुताबिक, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय बेहद सक्रिय स्थिति में है, जिसका सबसे घातक असर उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा, समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने तथा किसानों को खुले आसमान के नीचे खेतों में काम न करने की विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का वेदर अपडेट: गिरेगा पारा, बादलों की आवाजाही रहेगी जारीदेश की राजधानी दिल्ली और समूचे उत्तर प्रदेश (UP) के निवासियों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी से लेकर पूर्वी यूपी के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर चलता रहेगा। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर भारत का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे बना रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में भारी बारिश के साथ बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई है।देश के इन 20 राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट: देखें पूरी सूचीमौसम केंद्र ने जिन 20 राज्यों को अगले 24 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों के कुछ विशिष्ट जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है।अगले 24 घंटों का संभावित वेदर फोरकास्ट: हल्की से मध्यम और मूसलाधार बारिश का अनुमानमौसम की संभावित गतिविधियों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होगी। इसके साथ ही, कोंकण एवं गोवा, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गर्जना के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
रेवाड़ी के हंस नगर में धमाके के मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। धमाके में झुलसी तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। तन्नु की मां मधु ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह रसोई में बर्तन रखने गई थी। धमाके की आवाज सुनकर वापस लौटी, तो पूरा घर आग का गोला बन चुका था। जिससे तन्नु व दो वर्षीय भतीजी के साथ मेरे पति सतबीर चौहान और पड़ोसी जयभगवान बुरी तरह से झुलस गए। हादसा आईजीएल की टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन खुली रखने से जमा हुई गैस के कारण हुआ है। इससे पहले पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस रिसाव को माना था। जिस पर आईजीएल के अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे। अब आईजीएल कर्मचारियों पर केस दर्ज होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। सारा घर बना आग का गोला मैं मधु पत्नी सतबीर चौहान गली नंबर-3 हंस नगर रेवाड़ी एक घरेलू महिला हूं। 5 जुलाई को मैं गेट के बाहर चारपाई पर बैठे अपने पति सतबीर चौहान और कुर्सी पर बैठे जयभगवान के चाय पीने के बाद बर्तन रखने रसोई में गई। मैं रसोई में बर्तन धो रही थी। अचानक जोरदार धमाके की आवाज हुई। सारा घर आग का गोला बन गया। जब मेरी बेटी तन्नु ने भाई आकाश की कंपनी ड्रेस को प्रेस करने के लिए स्विच ऑन किया, तभी धमाका हुआ। मेरी लड़की काफी मात्रा में जल गई। पति सतबीर का मुंह, हाथ और पैर व पड़ोसी जयभगवान का हाथ, पैर और मुंह जल गया। चारपाई पर सो रही मेरी 2 वर्षीय भतीजी के मुंह, हाथ, पैर जल गए। मैने भागकर आग बुझाने की कोशिश की, तो मेरे भी हाथ जल गए। मैं जोर से चिल्लाई, तो सभी पड़ोसी इकट्ठा हो गए। उन्होंने भागकर आग बुझाई। मुझे, मेरे पति, बेटी, भतीजी और पड़ोसी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया। हादसे कुछ समय पहले मेरे पति कह रहे थे कि मेन गेट पर गैस की बदबू आ रही है। यह हादसा IGL की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) गेस टेस्टिंग व पाइप लाइन खुली होने के कारण घर के अंदर काफी मात्रा में गैस जमा होने से हुआ है। यह आईजीएल कंपनी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। गांव में बेटी का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के पैतृक गांव टांकड़ी में बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार किया। हादसे में झुसली तन्नु की गुरुवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मंगनी के बाद परिवार ने 25 नवंबर को तन्नु की शादी तय की हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार तन्नु 90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। पूर्व सैनिक सतबीर चौहान 70, जयभगवान 60 और 2 वर्षीय बच्ची 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। जानिए क्या था मामला रेवाड़ी के हंस नगर में 5 जुलाई की शाम पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के घर में धमाका हुआ था। धमाके में पूर्व सैनिक के अलावा बेटी तन्नु, पत्नी मधु, दो वर्षीय बच्ची और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान झुलस गए थे। जिन्हें ट्रॉमा में भर्ती करवाया गया। जहां से डॉक्टरों ने सभी को रेफर कर दिया। धमाके में झुसली तन्नु की वीरवार शाम दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। धकामे से घर के दरवाजे, खिड़की, दीवार और उसमें लगी टाइलें टूट गई। जले हुए शीशे के टुकड़े सामने गली के तरफ बने मकान की दीवार पर चिपके मिले। घर में रखे 3 गैस सिलेंडर, प्रेस, फ्रीज और खड़ी बाइक को कोई नुकसान नहीं हुआ। जिससे धमाके के कारणों पर रहस्य बना हुआ था। कहीं से पीएनजी लीकेज से ब्लॉस्ट- डीएसपी धमाके के बाद 6 जून को पुलिस का अधिकारिक ब्यान सामने आया था। डीएसपी सुरेंद्र श्योरण ने वीडियो जारी कर कहा था कि 4:30 बजे धमाके की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में आया है कि आसपास कहीं से पीएनजी लीकेज से ब्लॉस्ट हुआ है। हमारी फारेसिंक टीम ने जांच की है। आईजीएल के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल चन्नी गुट की शर्तों के आधार पर उनके साथ आज बैठक करेंगे। ये बैठक चंडीगढ़ में विधायक राणा गुरजीत सिंह के घर पर होगी। इस बैठक में पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के साथ सांसद सुखजिंदर रंधावा और राणा गुरजीत शामिल होंगे। बताया जा रहा कि मीटिंग सुबह 10 बजे शुरू होगी बैठक से भूपेश बघेल ने चन्नी गुट को दो टूक संदेश दे दिया कि सीमा लांघी तो सख्त कार्रवाई होगी। भूपेश बघेल का मीटिंग से पहले इस तरह की चेतावनी देना कहीं न कहीं चन्नी गुट पर प्रेशर बनाने की एक सुनियोजित रणनीति है। बघेल ने राजा वड़िंग को भी कह दिया कि वो चन्नी गुट के साथ अकेले बैठक करेंगे। चन्नी गुट ने स्पष्ट किया है कि हाईकमान को मिलने से पहले वो भूपेश बघेल के साथ बैठक में अपनी बात रखेंगे और उसके बाद दिल्ली में हाईकमान के साथ मीटिंग करेंगे। चन्नी गुट को राहुल गांधी के विदेश दौरे से वापस आने का इंतजार है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि चरणजीत सिंह चन्नी को साइड लाइन करना कांग्रेस हाईकमान के लिए आसान नहीं है। चन्नी पंजाब में इस समय दलित वर्ग में सबसे बड़े नेता हैं और उनके साथ दलित वोट बैंक है। कांग्रेस हाईकमान भी वोटों के गणित को देखते हुए चन्नी को साइड करने की स्थिति में नहीं है। मीटिंग से दूर रहेंगे राजा वड़िंगभूपेश बघेल ने प्रताप सिंह बाजवा के साथ हुई पहली मीटिंग के अलावा हर बैठक में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को साथ रखा। चन्नी गुट ने बघेल के साथ बैठक करने से पहले इसीलिए शर्त रखी कि वो वड़िंग को मीटिंग में लेकर न आएं। बघेल ने भी वड़िंग को साफ कह दिया कि वो चन्नी गुट के साथ होने वाली बैठक में अकेले जाएंगे ताकि सभी विवादित मुद्दों पर खुलकर बात हो सके। बघेल का मानना है कि यदि इस वन-टू-वन बैठक में कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय निकलकर सामने आता है और चन्नी गुट के नेता आगे राजा वड़िंग के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए सहमत हो जाते हैं, तभी वड़िंग को मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाएंगे। आज ही हाईकमान को सौंपेंगे रिपोर्टभूपेश बघेल ने साफ किया है कि वे आज इस पूरी बातचीत और बैठक के दौर को खत्म करने के तुरंत बाद दिल्ली चले जाएंगे। दिल्ली दरबार में पेश होकर वे पंजाब के सभी गुटों की नाराजगी, उनकी शर्तें और सांगठनिक हालातों की एक 'सीक्रेट' रिपोर्ट हाईकमान के सामने रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बघेल की इस चंडीगढ़ यात्रा और चन्नी गुट को दी गई सीधी चेतावनी से साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के भीतर या तो कोई बड़ा समझौता होने वाला है या फिर अनुशासन तोड़ने वाले बड़े नेताओं पर हाईकमान की गाज गिरने वाली है। अब पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा… --------- ये खबर भी पढ़ें…. हाईकमान की चन्नी गुट को दोटूक, राहुल पर शर्तें नहीं थोप सकते, प्रधान वड़िंग ही रहेंगे पंजाब के पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी को हाईकमान ने स्पष्ट संदेश दिया गया कि वह राहुल गांधी पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकते हैं। हाईकमान चन्नी, रंधावा और राणा गुरजीत की बात सुनेगा। लेकिन इनके दबाव के कारण नियुक्तियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद भूपेश बघेल विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे सीधे राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल को दिया जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)
बॉलिवुड अभिनेता शाहरुख खान दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क स्थित उस पूरी बिल्डिंग के अकेले मालिक बन गए हैं, जहां उन्होंने शादी के बाद अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी। एक्टर के पास इस रिहायशी प्रॉपर्टी का बेसमेंट और पहला फ्लोर पहले से था। अब उन्होंने इसके दूसरे और तीसरे फ्लोर को भी खरीद लिया है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहरुख ने इन अतिरिक्त फ्लोर के लिए करीब 37 करोड़ रुपए चुकाए हैं। यह घर शाहरुख और गौरी खान के लिए बेहद खास है, क्योंकि 1991 में शादी के बाद मुंबई शिफ्ट होने से पहले वे इसी घर में रहते थे। देखें शाहरुख-गौरी के घर की तस्वीरें 37 करोड़ रुपए में पूरी हुई यह डीलयह प्रॉपर्टी दक्षिण दिल्ली के सबसे महंगे रिहायशी इलाकों में से एक पंचशील पार्क में स्थित है। यह पूरा प्लॉट करीब 1,200 स्क्वायर यार्ड (लगभग 10,800 स्क्वायर फीट) में फैला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इस नए सौदे की कीमत करीब 37 करोड़ रुपए तय की गई है, जिसमें जमीन की कीमत लगभग 34,260 रुपए प्रति स्क्वायर फीट आंकी गई है। इस नए अधिग्रहण के बाद अब पूरी बिल्डिंग का मालिकाना हक आधिकारिक तौर पर शाहरुख खान के पास आ गया है। घर से जुड़ी हैं शादी के बाद की यादेंशाहरुख खान और गौरी खान की शादी 25 अक्टूबर 1991 को हुई थी। उनकी शादी तीन अलग-अलग रीति-रिवाजों से हुई थी, जिसमें कोर्ट मैरिज, पारंपरिक हिंदू शादी और निकाह शामिल था। शादी के तुरंत बाद यह कपल इसी घर में रहने लगा था। इसके कुछ समय बाद शाहरुख फिल्मों में फुल-टाइम करियर बनाने के लिए मुंबई शिफ्ट हो गए थे। यही वजह है कि इस घर से दोनों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। गौरी खान ने खुद डिजाइन किया है घरगौरी खान ने एक पुराने इंटरव्यू में इस घर के महत्व के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे दिल्ली से हैं और उन्होंने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा यहीं बिताया है। इसलिए वे अपनी मां के घर के पास एक ऐसा घर खरीदना और डिजाइन करना चाहती थीं, जहां परिवार की सारी यादें एक छत के नीचे रह सकें। गौरी के मुताबिक, इस घर का हर कोना उन्हें बच्चों के बड़े होने के अलग-अलग दौर की याद दिलाता है। घर में बनाई है 'नॉस्टैल्जिया वॉल'गौरी खान ने बताया था कि घर में एक 'नॉस्टैल्जिया वॉल' यानी यादों की दीवार बनाई गई है, जहां बच्चों के बचपन की चीजें रखी हैं। इस दीवार पर सुहाना के मेकअप ब्रश, आर्यन का बैडमिंटन रैकेट, अबराम का पहला बर्थडे गिफ्ट और शाहरुख के बनाए आर्टवर्क लगे हैं। इसके अलावा शाहरुख की तरफ से मिले कुछ खूबसूरत एंटिक्स और पोस्टकार्ड भी इस दीवार पर फ्रेम करके लगाए गए हैं। गौरी ने इसे घर का अपना सबसे पसंदीदा कोना बताया था। ये खबर भी पढ़ें सलमान का परिवार नए मकान में शिफ्ट होगा!:क्या लॉरेंस गैंग की फायरिंग के बाद गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ेंगे; यहां 1974 से रह रहे एक्टर सलमान खान और उनका परिवार मुंबई के बांद्रा इलाके में नया घर बनवाने जा रहा है। ऐसा दावा हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सलमान का परिवार गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ देगा। पूरी खबर पढ़ें
उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। यीडा के मुताबिक, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले बेहद महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway) के लिए जमीन खरीदने का काम सुपरफास्ट स्पीड से आगे बढ़ रहा है।प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले 16 गांवों की कुल 740 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई है, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत जमीन किसानों की आपसी सहमति से (Direct Purchase) खरीदी जा चुकी है। वहीं, शेष बची भूमि के अधिग्रहण (Land Acquisition) की कानूनी प्रक्रिया भी अब अपने अंतिम चरणों में पहुंच गई है।भव्य इंटरचेंज से आसान होगा हवाई यात्रियों का सफरदोनों बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में निर्बाध रूप से जोड़ने के लिए एक बेहद आधुनिक और भव्य इंटरचेंज (Interchange) का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए यीडा ने भाईपुर, ब्रह्मनानपुर और मेहंदीपुर बांगर गांवों की जमीन खरीदने की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है।यह नया इंटरचेंज जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच तीसरा सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु (Connectivity Point) साबित होगा। इस इंटरचेंज और लिंक रोड के निर्माण के लिए सरकार ने 1209 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य यह है कि लिंक एक्सप्रेसवे और इंटरचेंज दोनों का निर्माण कार्य एक साथ शुरू किया जा सके ताकि प्रोजेक्ट में कोई देरी न हो।क्या है इस मेगा प्रोजेक्ट की मुख्य खासियत?यह नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:कुल लंबाई: यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 73.4 किलोमीटर लंबा होगा।चौड़ाई का ढांचा: मुख्य एक्सप्रेसवे की चौड़ाई 80 मीटर तय की गई है, जिसके दोनों ओर स्थानीय यातायात के लिए चौड़ी सर्विस रोड (Service Roads) बनाई जाएंगी। सर्विस रोड को मिलाकर इसकी कुल चौड़ाई 130 मीटर तक हो जाएगी।कनेक्टिविटी प्वाइंट: यह लिंक मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर वाले प्वाइंट (जीरो प्वाइंट से दूरी) पर आकर सीधे जुड़ेगा।इस रूट के पूरी तरह चालू हो जाने से अलीगढ़, मथुरा, आगरा और मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के कई प्रमुख जिले सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट हो जाएंगे।मास्टर प्लान 2041 के तहत बढ़ रहा है 'लैंड बैंक'यमुना प्राधिकरण का विजन सिर्फ इस लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी तक ही सीमित नहीं है। भविष्य की औद्योगिक और आवासीय योजनाओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2041 (Master Plan 2041) पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसके तहत प्राधिकरण अपने 'लैंड बैंक' (Land Bank) को लगातार बड़ा कर रहा है। इसी कड़ी में यीडा द्वारा सेक्टर 5, 7, 8 और 8-एफ में भी किसानों से आपसी सहमति के आधार पर बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद की जा रही है।व्यापार और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावाप्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जमीन खरीद का काम पूरी गति से जारी है और जल्द ही शत-प्रतिशत भूमि पर कब्जा ले लिया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे के तैयार होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई और व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों, दैनिक यात्रियों और देश-विदेश से आने वाले हवाई यात्रियों के लिए भी सफर का समय आधा रह जाएगा और यात्रा बेहद सुविधाजनक हो जाएगी।
हिंदी सिनेमा जगत के सबसे पसंदीदा और दिग्गज विलेन सह कॉमेडी कलाकारों में शुमार अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सालों पुराने चेक बाउंस के सात अलग-अलग मामलों में अभिनेता को एक बड़ा झटका देते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई जेल की सजा को पूरी तरह बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत के फैसले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अभिनेता राजपाल यादव के कोर्ट में रहे आचरण (Behavior) को बेहद संदिग्ध बताया। कोर्ट ने आदेश दिया कि उनके खिलाफ दर्ज सभी सातों मामलों की सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिसके तहत उन्हें बची हुई 3 महीने की साधारण जेल की सजा काटनी होगी। हालांकि, माननीय न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए राजपाल यादव को इस कड़े फैसले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती देने के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय भी दिया है।7 मामलों में ₹7.35 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना, शिकायतकर्ता को मिलेंगे पैसेअदालत ने केवल जेल की सजा ही बरकरार नहीं रखी है, बल्कि अभिनेता पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोंका है। इस तरह कुल मिलाकर सातों मामलों में राजपाल यादव पर 7.35 करोड़ रुपये का कुल भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।हाई कोर्ट के अंतिम लिखित आदेश के मुताबिक, प्रत्येक केस से वसूल की जाने वाली 1 करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपए की बड़ी राशि सीधे शिकायतकर्ता कंपनी को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी, जबकि शेष 25-25 हजार रुपए प्रति केस अदालती प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार के खजाने में जमा कराए जाएंगे।2010 में शुरू हुआ था विवाद: फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिया था ₹5 करोड़ का कर्जराजपाल यादव आज भी अपनी लाजवाब कॉमिक टाइमिंग और बेमिसाल अभिनय की बदौलत करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं। भूल भुलैया के 'नटवर' से लेकर कई फिल्मों के छोटे-छोटे किरदारों को उन्होंने अमर बना दिया। लेकिन उनकी वास्तविक जिंदगी का यह कानूनी विवाद बॉलीवुड में फिल्म निर्माण से जुड़े वित्तीय जोखिमों की एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश करता है।इस पूरे विवाद की स्क्रिप्ट साल 2010 में लिखी गई थी, जब राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर-प्रड्यूसर अपनी महत्वाकांक्षी स्पोर्ट्स-कॉमेडी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने का फैसला किया था। फिल्म के निर्माण और बजट के लिए उन्होंने दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी 'मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से 5 करोड़ रुपये का बिजनेस लोन (कर्ज) लिया था। साल 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप (Flop) साबित हुई। नतीजा यह रहा कि अभिनेता तय समय सीमा के भीतर कर्ज की मूल रकम वापस नहीं कर सके।कैसे चेक बाउंस बना एक गंभीर आपराधिक मुकदमा?समय बीतने के साथ-साथ इस 5 करोड़ के कर्ज पर ब्याज और पेनल्टी जुड़ती चली गई, जिससे कुल बकाया राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। कर्ज की अदायगी के लिए राजपाल यादव और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी पत्नी के नाम से भी मुरली प्रोजेक्ट्स को कई चेक जारी किए गए। लेकिन जब कंपनी ने इन चेकों को क्लियरेंस के लिए बैंक में लगाया, तो खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने (Insufficient Funds) के कारण सारे चेक एक-एक करके बाउंस हो गए।इसके बाद लोन देने वाली कंपनी ने अभिनेता और उनकी पत्नी के खिलाफ Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत सात अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज करा दिए। आपको बता दें कि भारतीय कानून के तहत वैध देनदारी को चुकाने के लिए दिया गया चेक अगर बाउंस हो जाता है, तो यह केवल सिविल डिफ़ॉल्ट नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक अपराध (Criminal Offense) माना जाता है, जिसमें कठोर कारावास और चेक राशि का दोगुना तक जुर्माना लगाने का सख्त प्रावधान है।निचली अदालत से हाई कोर्ट तक का लंबा कानूनी सफर (2018 से 2026)अप्रैल 2018: दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर राजपाल यादव और उनकी पत्नी को दोषी करार देते हुए अभिनेता को 6 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी।साल 2019: सेशन कोर्ट (सत्र न्यायालय) ने भी मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए उनकी अपील खारिज कर दी, जिसके बाद राजपाल यादव ने राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।2019 से 2026 तक: पिछले कई वर्षों की लंबी सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने और बकाया पैसे किस्तों में चुकाने के कई अंतरिम मौके दिए। लेकिन कोर्ट में किए गए वादे और समझौते की शर्तें बार-बार टूटने के कारण आखिरकार हाई कोर्ट ने उनके प्रति कड़ा रुख अपनाया।'सर क्या करूं, मेरे पास पैसे नहीं हैं...' कोर्ट में भावुक हुए अभिनेता10 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के अंतिम क्षणों में जब कोर्ट ने सजा पर मुहर लगाई, तो अभिनेता राजपाल यादव बेहद भावुक और असहाय नजर आए। उन्होंने बेहद भारी मन से कोर्ट रूम में जज के सामने कहा, सर, अब मैं क्या करूं? मेरे पास सच में पैसे नहीं हैं। मुझे इसके अलावा आगे कोई दूसरा उपाय नहीं सूझ रहा है। अभिनेता का यह बयान साफ करता है कि यह मामला अब केवल एक अदालती लड़ाई नहीं, बल्कि उनके जीवन के बेहद गंभीर आर्थिक और व्यक्तिगत संकट से जुड़ चुका है।विशेषज्ञों का मानना है कि राजपाल यादव का यह केस बॉलीवुड के उन सभी छोटे निर्माताओं और कलाकारों के लिए एक बड़ा सबक है जो बिना सही वित्तीय प्रबंधन और रिस्क असेसमेंट के बड़े कर्ज लेकर फिल्में बनाने के जोखिम में कूद पड़ते हैं। फिलहाल, हाई कोर्ट के इस अंतिम आदेश के बाद राजपाल यादव को जेल जाना पड़ सकता है, लेकिन उनके पास अंतिम कानूनी उम्मीद के तौर पर अगले 60 दिनों के भीतर देश की सबसे बड़ी अदालत 'सुप्रीम कोर्ट' में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने का विकल्प खुला हुआ है।
महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है। आगामी 1 अगस्त से दिल्ली में मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर महिलाओं ने तय समय-सीमा के भीतर अपना नया 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया, तो वे 1 अगस्त से इस फ्री बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अब इस योजना के लिए स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला लिया है।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस नए कार्ड को बनवाने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। महिलाओं को जागरूक करने और जल्द से जल्द कार्ड बनवाने के लिए डीटीसी ने बसों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस कंडक्टर और अधिकारी यात्रा कर रही महिलाओं को 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के लिए तुरंत आवेदन करने की सलाह दे रहे हैं।1 अगस्त से पेपर टिकट बंद, बस में चढ़ते ही करना होगा कार्ड 'टैप'दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा है, 1 अगस्त से बसों में मिलने वाले पेपर-बेस्ड (कागज वाले) पिंक टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत पिंक टिकट सिर्फ उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास एक वैलिड 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड होगा। बस में सफर शुरू करते समय महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर यह कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए मौजूदा कागजी टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करके पूरी तरह स्मार्ट कार्ड-बेस्ड ट्रांजिट सिस्टम में बदला जा रहा है। जिन महिलाओं के पास यह कार्ड उपलब्ध होगा, वे पहले की तरह ही योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती रहेंगी।बिना कार्ड के सफर करने पर जेब से देना होगा पूरा किरायाअगर कोई महिला यात्री 1 अगस्त के बाद बिना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के डीटीसी या DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करती है, तो उसे कोई मुफ्त पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को एक सामान्य यात्री की तरह दूरी के हिसाब से लागू किराया चुकाकर साधारण टिकट खरीदना होगा।इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में 50 ऑथराइज्ड सेंटर (अधिकृत केंद्र) बनाए हैं। सभी योग्य महिलाएं परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा निर्धारित इन काउंटरों पर जाकर बेहद आसानी से अपना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।जुलाई के आखिर तक 13 लाख कार्ड बांटने का बड़ा लक्ष्यदिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पूरे शहर में लगभग 11 लाख 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार ने जुलाई के आखिर तक इस संख्या को 13 लाख तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, अगस्त की शुरुआत से ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। दिल्ली की महिला यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए नजदीकी केंद्र पर जाकर तुरंत अपना कार्ड रीन्यू या नया अप्लाई कर लें।
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। शनिवार, 11 जुलाई को दिल्ली के कई प्रमुख और वीआईपी इलाकों में कई घंटों तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित रहने वाली है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कटौती बिजली ग्रिड में किसी खराबी या तकनीकी फॉल्ट की वजह से नहीं हो रही है, बल्कि मानसून के सीजन को देखते हुए जरूरी मेंटेनेंस (रखरखाव) और पावर सिस्टम अपग्रेड करने के लिए की जा रही है।दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनी बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सब-स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते शनिवार को अलग-अलग समय पर विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में पावर कट की समस्या रहेगी। बिजली विभाग ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे इस तय शेड्यूल के हिसाब से ही अपने दिनभर के जरूरी कामों की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले पानी भरने जैसे आवश्यक इंतजाम कर लें।द्वारका, नजफगढ़ और छतरपुर डिवीजन का शेड्यूलबीएसईएस द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बिजली की कटौती कुछ इस प्रकार रहेगी:पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक-P राज नगर एक्सटेंशन और सेक्टर-8, द्वारका के आसपास के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है।मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक ब्लॉक C, सेवक पार्क, द्वारका के क्षेत्रों में करीब तीन घंटे का पावर कट रहने की संभावना है।नजफगढ़ डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक कंगनहेड़ी गांव और इससे जुड़े ग्रामीण इलाकों में बिजली की घोषित कटौती रहेगी।छतरपुर डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक राजपुर खुर्द एक्सटेंशन, छतरपुर के रिहायशी इलाकों में लोगों को पावर कट का सामना करना पड़ सकता है।टैगोर गार्डन और खानपुर डिवीजन में भी बंद रहेगी सप्लाईमध्य और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भी कुछ प्रमुख पॉकेट्स में मेंटेनेंस का काम तेजी से चलेगा, जिसकी समय-सीमा नीचे दी गई है:टैगोर गार्डन डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 02:07 बजे तक ब्लॉक S, ख्याला, विष्णु गार्डन और नजदीकी कॉलोनियों में करीब तीन घंटे तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 1): सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक C, विश्वकर्मा कॉलोनी, पुलपेह्लादपुर और खानपुर गांव के आंतरिक हिस्सों में बिजली कटौती रहने वाली है।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 2): दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक पॉकेट C, दुग्गल कॉलोनी, खानपुर और जे जे कॉलोनी दुग्गल कॉलोनी के रिहायशी मकानों में बिजली की आवाजाही प्रभावित रहेगी।गर्मी और उमस के इस मौसम में अचानक होने वाली परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ता बीएसईएस के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक ऐप के जरिए भी अपने फीडर की लाइव लोकेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी ताजा जानकारियां हासिल कर सकते हैं।
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में अगले साल (2027 में) होने वाले दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव से पहले राजधानी की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर बनाई गई इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में औपचारिक विलय हो गया। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने IVP संयोजक मुकेश गोयल, हेमचंद गोयल समेत 16 पार्षदों का पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। AAP में खोखली बयानबाजी मिली : मुकेश गोयल मुकेश गोयल ने कहा कि, हम इस उम्मीद में आम आदमी पार्टी में गए थे कि दिल्ली का विकास होगा, लेकिन वहां सिर्फ विवाद और खोखली बयानबाजी मिली। उन्होंने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और निगम में भाजपा के आने के बाद से विकास कार्यों में तेजी आई है, इसीलिए पूरी पार्टी ने विलय का सर्वसम्मति से फैसला किया।
नई दिल्ली। दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (नेशनल जूलॉजिकल पार्क) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। चिड़ियाघर में 7 जुलाई को तीन नन्हे एशियाई शेर के शावकों का जन्म हुआ है। ये शावक शेरनी ‘महागौरी' और शेर ‘महेश्वर' की संतान हैं। इस जोड़ी ने लगातार दूसरे साल सफल प्रजनन कर लुप्तप्राय एशियाई शेरों के संरक्षण में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इससे पहले 2025 में भी इस जोड़ी ने दो शावकों 'कार्तिक' और 'करणी' को जन्म दिया था। एशियाई शेर बढ़कर 9 हुए इन तीन नए मेहमानों के आने से चिड़ियाघर में एशियाई शेरों का कुनबा 6 से बढ़कर अब 9 हो गया है। प्रशासन के मुताबिक, शेरनी और नवजात शावकों को फिलहाल विशेष प्रसूति कक्ष (मेटरनिटी वार्ड) में चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। शुरुआती दिनों में उनके बेहतर विकास के लिए पूरी तरह शांत माहौल दिया जा रहा है। लगातार मिल रही इस सफलता से चिड़ियाघर प्रशासन बेहद उत्साहित है।
दिल्ली की हवा को साफ और सेहतमंद बनाने के लिए दिल्ली सरकार और वर्ल्ड बैंक ने हाथ मिलाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) के तहत आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंप दी। पर्यावरण विभाग की यह महत्वाकांक्षी सात वर्षीय परियोजना (सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक) वर्ल्ड बैंक और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के सहयोग से राजधानी के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है, जिसमें से 65 फीसदी रकम वर्ल्ड बैंक लोन के रूप में देगा, जबकि बाकी 35 फीसदी राशि दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी। सीएम बोलीं- सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्कशॉप में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड पॉल प्रोसी सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दो प्रमुख स्तंभों (पिलर्स) पर काम करेगा मेगा प्रोजेक्ट: एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत: वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाई जाएगी। इसके अलावा अत्याधुनिक एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क, डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रदूषण के स्रोतों पर सीधा प्रहार: प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारणों को खत्म करने पर फोकस होगा। इसके तहत पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने, सड़क व निर्माण स्थलों की धूल पर नियंत्रण और कचरा प्रबंधन में सुधार जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली विधानसभा परिसर में शुक्रवार को भव्य समारोह में संस्कृत महाकाव्य 'मंगल महर्षि चरितम्' का विमोचन किया गया। विधानसभा ब्यूरो के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता शामिल हुए। इस महाकाव्य का संपादन संस्कृत व हिंदी के प्रख्यात विद्वान परशुराम शर्मा ने किया है, जो आगामी 1 अगस्त से अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना है। इसकी तार्किक और व्याकरणिक संरचना आधुनिक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषाओं से असाधारण समानता रखती है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के इस वर्तमान युग में संस्कृत की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने नई पीढ़ी से देश की इस अनमोल शास्त्रीय विरासत के संरक्षण का आह्वान किया।
दिल्ली सरकार राजधानी के घनी आबादी वाले और तंग गलियों वाले इलाकों में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत दिल्ली में पुरानी ‘ग्रामीण सेवा' की तर्ज पर अब 7-सीटर इलेक्ट्रिक वैन चलाने का प्रस्ताव है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। इसके लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और ऑपरेटरों से सुझाव (फीडबैक) मांगे जाएंगे। इन इलाकों को मिलेगा फायदा यह सेवा मुख्य रूप से उन अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और संकरे रास्तों वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, जहां बड़ी सार्वजनिक बसें नहीं पहुंच पाती हैं। यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल (EV आधारित) और किफायती शेयर्ड मोबिलिटी मॉडल होगा, जिसका किराया आम जनता के लिए बेहद कम रखने का प्रयास किया जाएगा। मेट्रो और मुख्य बस रूटों से जुड़ेंगे रिहायशी इलाके यह कोई पॉइंट-टू-पॉइंट टैक्सी सर्विस नहीं होगी, बल्कि एक फीडर सर्विस के रूप में काम करेगी। इसके जरिए मेट्रो स्टेशनों, मुख्य बस रूटों और अंदरूनी रिहायशी इलाकों के बीच कई पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट्स बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आने-जाने में आसानी हो। बढ़ते ई-रिक्शा पर लगेगी लगाम अधिकारियों का मानना है कि एक व्यवस्थित परमिट-आधारित व्यवस्था होने से सड़कों पर अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे ई-रिक्शा की संख्या को रेगुलेट (नियंत्रित) करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, पैरा-ट्रांसिट (छोटे वाहनों) का यह इलेक्ट्रिफिकेशन न केवल लोगों को सुरक्षित और किफायती सफर देगा, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा। यह पहल दिल्ली सरकार की नई 'ईवी पॉलिसी 2026' के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुकूल है।
नई दिल्ली। महिलाओं के द्वारा बसों में मुफ्त यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर दिया है। 1 अगस्त से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर करने के लिए महिलाओं के पास ‘पिंक सहेली कार्ड' अनिवार्य कर दिया गया है। डीटीसी ने कहा है कि दिल्ली में महिलाओं के लिए एक अगस्त से 'पिंक सहेली कार्ड' के बिना बस सेवा मुफ्त नहीं होगी। यानी महिलाएं 1 अगस्त से इस कार्ड के बिना मुफ्त बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। सरकार ने पिंक टिकट व्यवस्था समाप्त की रेखा गुप्ता सरकार मौजूदा कागजी पिंक टिकट व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर रही है। डीटीसी के ताजा सर्कुलर के मुताबिक, कागजी पिंक टिकट अब सिर्फ 31 जुलाई तक ही जारी किए जाएंगे। सर्कुलर में जानकारी दी गई है कि 1 अगस्त 2026 से जिस महिला के पास पिंक सहेली कार्ड होगा उन्हें ही मुफ्त यात्रा की छूट मिलेगी। महिलाओं को डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट सिस्टम (डिम्टस) क्लस्टर बसों में एंट्री के वक्त कार्ड को टैप करना होगा। सर्कुलर के मुताबिक, बिना स्मार्ट कार्ड यात्रा करने वाली महिलाओं को 31 जुलाई के बाद पिंक टिकट जारी नहीं किया जाएगा और उन्हें टिकट खरीदना होगा।
हरियाणा के नारनौल में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल की मारपीट के बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले इस मामले में मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस ने हत्या की धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण और सन्नी, निवासी गांव धौलेड़ा, थाना निजामपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाला बाइक भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। छुट्टियों में घर आया हुआ था पुलिस के अनुसार, मृतक सुनील कुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था और 14 जून को छुट्टी पर अपने गांव धौलेड़ा आया हुआ था। अगले दिन 15 जून को उसकी पत्नी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि सुनील कुमार कालिया नांगल क्षेत्र में नहर के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा है। 2 व्यक्तियों पर लगा था मारपीट का आरोप सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान सुनील कुमार ने बताया कि उसके साथ गए दो व्यक्तियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की थी। इसके आधार पर उसकी पत्नी की शिकायत पर थाना निजामपुर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने बाद में हत्या की धाराएं जोड़ीं इलाज के दौरान सुनील कुमार की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं और जांच के दौरान नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी बोले- जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी पुलिस अधीक्षक दीपक ने कहा कि जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा गया है। राजेंद्र भारती को बैंक ...
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाले आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) के लिए जूडो प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे दिल्ली के दो होनहार जूडो खिलाड़ी तुनेका मान और हर्ष अपनी अंतिम तैयारियों और कड़े अभ्यास के लिए गुरदासपुर पहुंच गए हैं। यहां कुछ दिनों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की बारीकियों पर पसीना बहाने और प्रैक्टिस करने के बाद दोनों सीधे स्कॉटलैंड के लिए उड़ान भरेंगे। पदक के प्रबल दावेदार हैं तुनेका और हर्ष गुरदासपुर पहुंचे दोनों ही खिलाड़ी भारतीय दल में पदक के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माने जा रहे हैं। तुनेका मान 78 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगी। तुनेका सात बार की नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का लंबा अनुभव है। वहीं हर्ष 60 किलोग्राम भार वर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। हर्ष ने नेशनल चैंपियनशिप में लगातार तीन बार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी धाक जमाई है। गुरदासपुर के लाल और एएसआई करणजीत सिंह भी दिखाएंगे दम दिल्ली के इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के अलावा, खुद गुरदासपुर के रहने वाले करणजीत सिंह मान ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई कर पंजाब और देश का नाम रोशन किया है। करणजीत सिंह मान वर्तमान में पंजाब पुलिस में एएसआई (ASI) के पद पर तैनात हैं और वह भी भारतीय जूडो टीम के साथ ग्लासगो में दमखम दिखाते नजर आएंगे। ग्लासगो में 24 जुलाई से सजेगा महाकुंभ, 14 भारतीय खिलाड़ी शामिल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का महाकुंभ 24 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने जा रहा है। इस बार भारतीय जूडो दल में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 14 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी शामिल किए गए हैं, जो पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैट पर उतरेंगे। खिलाड़ियों से गोल्ड की उम्मीद शहीद भगत सिंह जूडो क्लब गुरदासपुर के डायरेक्टर अमरजीत शास्त्री ने तीनों खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तुनेका, हर्ष और हमारे स्थानीय खिलाड़ी करणजीत सिंह की फॉर्म बेहतरीन है। गुरदासपुर में उनका यह अभ्यास सत्र उनके स्टेमिना और तकनीक को और निखारेगा। हमें पूरा भरोसा है कि भारतीय जूडो टीम इस बार ग्लासगो में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और देश की झोली में रिकॉर्ड मेडल डालेगी।
यमुनानगर के व्यासपुर थाना क्षेत्र में आढ़ती से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल गौरव उर्फ गोलू निवासी ताहरी तारपूर को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। इस केस में आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी गौरव को अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद व्यासपुर थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। गोल्डी बराड़ गैंग का नाम लेकर मांगी थी रंगदारी पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 को व्यासपुर थाना में अनाज मंडी के आढ़ती शिव कुमार ने शिकायत दी थी कि 19 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि उसके परिवार की पूरी जानकारी उनके पास है, यदि पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने 70 से 80 लाख रुपए में समझौता करने की भी बात कही। लगातार फोन कर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हरप्रीत उर्फ मनु और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और बाइक भी बरामद कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर उन स्थानों की भी पहचान कराई गई, जहां बैठकर रंगदारी की योजना बनाई गई थी। एक-एक कर कई आरोपी गिरफ्तार हुए मामले की जांच में पुलिस ने बाद में दीपेश शर्मा, प्रकाश रंजन उर्फ सन्नी (बिहार), युवराज सिंह, सतेंद्र कुमार और गुरमेज सिंह को भी गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ कर कई अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि मुख्य आरोपी गौरव पुलिस से बचकर विदेश भाग गया था। अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तारी पुलिस को हाल ही में इमिग्रेशन ब्यूरो से सूचना मिली कि गौरव उर्फ गोलू को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीन कुमार के नेतृत्व में व्यासपुर थाना की टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची और लुकआउट सर्कुलर के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका पासपोर्ट, अमेरिकी डॉलर, अस्थायी पिन वाला बैंक कार्ड, डेबिट कार्ड, दो बोर्डिंग पास और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया। सभी सामान को कब्जे में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। अब असलम और अन्य साथियों की तलाश पूछताछ के दौरान गौरव ने पुलिस को बताया कि उसे बरेली निवासी असलम ने व्यासपुर बुलाया था। इसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब असलम की तलाश में जुट गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनसे आरोपी लगातार संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी विदेश कैसे भागा, उसके रंगदारी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, फरार आरोपी कौन-कौन हैं, किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
रेवाड़ी के हंस नगर में पूर्व सैनिक की बेटी तन्नु के शव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव टांकड़ी में किया जाएगा। घर में हुए धमाके में झुलसी तन्नु की 4 दिन बाद गुरुवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। शव आज दिल्ली से सीधे गांव पहुंचेगा। 25 नवंबर को तन्नु की शादी होनी थी। परिवार ने बेटी की शादी की तैयारियां शुरू कर दी थी। जो परिवार बेटी को डोली में बैठाने का सपना देख रहा था। हादसे ने उसी परिवार को अपने कंधों पर बेटी की अर्थी उठाने के लिए विवश कर दिया। बीते रविवार शाम को प्रेस करते समय अचानक हुए धमाके में तन्नु बूरी तरह से झुलस गई थी। जिसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने रोहतक पीजीआई रेफर किया। बताया जाता है कि बेड नहीं होने की बात कहते हुए रोहतक से तन्नु को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया। जहां वीरवार शाम करीब 5 बजे 4 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद तन्नु जिंदगी की जंग हार गई। 5 लोग झुलसे, कारण पता नहीं मूलरूप से गांव टांकड़ी निवासी पूर्व सैनिक सतबीर चौहान परिवार के साथ हंस नगर में रहते हैं। रविवार शाम बेटी के प्रेस करते समय अचानक घर में धमाका हुआ। जिससे बेटी तन्नु के साथ खुद सतबीर चौहान, पत्नी मधु, छोटी बच्ची खुशी और पड़ोसी सीआरपीएफ के जवान जयभगवान सहित 5 लोग झुलस गए थे। धमाके में झुलसे सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां से तन्नु को रोहतक और बाकी को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। धकामे के कारण घर के दरवाजे, खिड़की और दीवार पर लगी टाइलें टूट गई। दीवार और फर्श पर दरारे आई और जले हुए शीशे के टुकड़े सामने गली के तरफ बने मकान की दीवार पर चिपके मिले। घर में रखे 3 गैस सिलेंडर, प्रेस, फ्रीज और खड़ी बाइक को कोई नुकसान नहीं हुआ। जिस कारण अभी तक धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, चेक बाउंस केस में सजा बरकरार रहेगी
दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के सभी सात मामलों में तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए अभिनेता को कुल तीन महीने की ही सजा भुगतनी होगी।
राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में जाना होगा जेल
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव को शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चेक बाउंड के कई मामलों में उनकी सजा बरकरार रखी है। अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें फिर जेल जाना होगा।
मोहाली के लालड़ू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते आईटीआई चौक के पास शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार के सामने अचानक आवारा पशु आ जाने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में लुधियाना के रहने वाले 23 वर्षीय जिम संचालक मनजोत सिंह और कार चालक रवि की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग सुरक्षित बच गए। पुलिस ने मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली जाते समय तड़के हुआ हादसा मृतक जिम संचालक मनजोत सिंह के पिता अमरपाल सिंह (निवासी बीआरएस नगर, लुधियाना) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा मनजोत गुरुवार रात करीब 11:45 बजे अपने दोस्त आकाश वर्मा, सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे और चालक रवि कुमार के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह जब गाड़ी लालड़ू के आईटीआई चौक के पास पहुंची, तो अचानक एक आवारा पशु सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक रवि कुमार ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। दो लोग सुरक्षित, परिजनों ने कहा- 'यह महज एक दुर्घटना' हादसे की सूचना मिलने के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें मनजोत सिंह और चालक रवि कुमार की मौत की खबर मिली। कार में सवार मनजोत के दोस्त आकाश वर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जबकि सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। मृतक मनजोत सिंह के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी और इसमें किसी भी व्यक्ति की कोई लापरवाही नहीं थी। उन्होंने किसी के भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार किया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
'सतलुज' विवाद : फिल्म का विरोध करने वाले वकील को जान से मारने की धमकी, दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज
नई दिल्ली, दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने कहा है कि फिल्म का विरोध करने और इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर जांच एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपए जुटाए गए। एजेंसी का यह भी दावा है कि इस फंड की एंट्री और उसका मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के जरिए किया जाता था। EOW के मुताबिक, यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी, जिसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। कांग्रेस भवन पहुंचती थी कथित घोटाले की रकम EOW ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दावा किया है कि कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था। जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। EOW का दावा है कि इस राशि का संग्रहण, प्रबंधन और उपयोग रामगोपाल अग्रवाल ने किया। कारोबारियों ने पैसा देने की बात बयान में स्वीकारी जांच एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन भेजे गए। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। 8 राज्यों में रहे, मंदिरों में कराई पूजा शुरुआती पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। जांच एजेंसी का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे। आयकर छापे से खुला मामला EOW के मुताबिक, 30 जून 2022 को कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट पर आयकर विभाग की छापेमारी में बरामद डायरी और दस्तावेजों से अवैध कोल लेवी के लेन-देन का खुलासा हुआ था। इन्हीं दस्तावेजों में रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया। बाद में ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, 8 जुलाई 2026 उन्होंने सरेंडर कर दिया। 9 जुलाई को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। 17 जुलाई तक रिमांड, आगे और गिरफ्तारी संभव EOW ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 9 दिन की रिमांड मंजूर कर ली। अब रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा कि पूछताछ के बाद कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। वहीं, ED भी इस मामले में आगे अलग कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 17 जुलाई तक EOW की रिमांड में रहेंगे रामगोपाल अग्रवाल: शराब-कोल लेवी घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप; कल कांग्रेस करेगी प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल ने 3 साल बाद सरेंडर किया। रामगोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष थे। उन पर घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
समस्तीपुर रेलवे मंडल के यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ट्रेनों में चल रही भीड़ को देखते हुए मंडल से चल रही 7 जोड़ी समर स्पेशल ट्रेन के परिचालन फेर में विस्तार किया है। परिचालन अवधि में विस्तार किए जाने से ट्रेनों में हो रही अतिरिक्त भीड़ से लोगों को राहत मिलेगी। रेलवे मंडल प्रशासन की ओर गुरुवार देर रात जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन अवधि विस्तार 31 जुलाई तक कर दिया गया है। जिससे गर्मी के मौसम में विभिन्न जगहों पर घूमने के लिए निकले लोगों को राहत मिलेगी। इन ट्रेनों के परिचालन का अवधि का विस्तार गाड़ी संख्या 02563 बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल अब 31 जुलाई तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 02564 नई दिल्ली-बरौनी क्लोन स्पेशल एक अगस्त तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 02569 दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल 31 जुलाई तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 02570 नई दिल्ली-दरभंगा क्लोन स्पेशल 01 अगस्त तक प्रतिदिन चलेगी। गाड़ी संख्या 05219 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 05220 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल 01 अगस्त तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार को चलेगी। रेलवे ने जारी किया शेड्यूल गाड़ी संख्या 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 02 अगस्त तक प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल 28 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल 30 जुलाई तक प्रत्येक गुरूवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 09045 उधना-मधुबनी विहार स्पेशल 26 जुलाई तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 09046 मधुबनी-उधना विहार स्पेशल 27 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 09047 उधना-झंझारपुर स्पेशल 26 जुलाई तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। गाड़ी संख्या 09048 झंझारपुर-उधना स्पेशल 27 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी।
देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट
देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित।
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के एक डबल डेकर बस के ट्रक से टकरा जाने से बड़ा सड़क हादसा हो गया। दुर्घटना में करीब 15 यात्री घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर है। सभी गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। हादसा शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तालग्राम थाना क्षेत्र में हुआ। दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यूपीडा टीम ने चलाया राहत एवं बचाव अभियान घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। हादसे में घायल 15 यात्रियों में से आठ की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। ये यात्री गंभीर रूप से घायल गंभीर घायलों में संत कबीर नगर के बुड़ी बलहार निवासी 10 वर्षीय रितिक, 15 वर्षीय शिवम, हनुमान यादव और सुनीता यादव शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के सेलम निवासी 25 वर्षीय गोकुल, गोरखपुर के मनीराम निवासी 25 वर्षीय सौभाग्य पांडे, 19 वर्षीय अभिषेक तथा मेरठ की समर कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय इंतजार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने के कारण हादसा होना सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मंदसौर जिले की अफजलपुर थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने देश के विभिन्न शहरों से पांच गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से सकुशल मिलाया है। इस कार्रवाई से पांच परिवारों में खुशी लौट आई है। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन तलाश के आधार पर कार्रवाई की। 5 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालक को 9 जुलाई को भोपाल से बरामद किया गया। इसी तरह, 27 जून को लापता हुए एक अन्य बालक को भी 9 जुलाई को अहमदाबाद से दस्तयाब किया गया। अन्य मामलों में, 6 जुलाई को गुम हुई एक बालिका को 8 जुलाई को उज्जैन से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। 19 मई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालिका को दिल्ली से खोजकर 8 जुलाई को उसके परिवार के हवाले किया गया। इसके अतिरिक्त, 26 जून को लापता हुई एक अन्य बालिका को 7 जुलाई को रतलाम से दस्तयाब कर सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार देर शाम थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि अफजलपुर थाना पुलिस ने सभी मामलों में गुमशुदगी दर्ज कर विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर लगातार तलाश अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सभी पांच गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। एसपी विनोद कुमार मीना ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलेभर में गुम हुए बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह सफलता इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
लुधियाना जिले के जगराओं के पास स्थित गांव गगड़ा निवासी भारतीय सेना के जवान नायक टी.एस. सिकंदर सिंह (33) का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जवान के असामयिक निधन की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। वह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार उनका शव आज सुबह दिल्ली से उनके पैतृक गांव पहुंचेगा और उसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों के मुताबिक अंतिम संस्कार का समय सुबह दस बजे रखा गया है। वह भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री (5 Sikh LI) में तैनात थे। सिकंदर सिंह ने 16 साल देश की सेवा की करीब 16 वर्ष पहले सिकंदर सिंह एक बेहद साधारण मजदूर परिवार से निकलकर भारतीय सेना भर्ती हुआ। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कठिन परिस्थितियों और अभावों का सामना करते हुए उन्होंने सेना में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। अपनी यूनिट और साथियों के बीच वह अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े थे सिकंदर सिकंदर सिंह अपने परिवार के मुख्य स्तंभ थे और कम उम्र से ही उन्होंने बड़ी जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते सिकंदर सिंह ने बहुत ही कम उम्र में पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संबल दिया था। पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने घर की जिम्मेदारियों को उठाया। मासूम बेटियों के सिर से उठा साया करीब पांच वर्ष पहले ही सिकंदर सिंह का विवाह हुआ था। हंसता-खेलता परिवार अभी खुशियों की नई शुरुआत ही कर रहा था कि अचानक आए इस वज्रपात ने सब कुछ उजाड़ दिया। सिकंदर सिंह के अचानक चले जाने से उनकी पत्नी का सुहाग उजड़ गया है। वहीं, उनकी दो बेहद मासूम बेटियां हैं जिनके सिर से पिता का साया चले गया।
दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिन बारिश के आसार, शुक्रवार के लिए आईएमडी का येलो अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिस वजह से लोगों को जलभराव, यातायात और ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ रहा है
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने, धूल रोकने के उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने और शहरी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने की लगातार कोशिशों के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक खास निरीक्षण अभियान चलाया।
दिल्ली की ईवी नीति : क्या स्वच्छ हवा की राह इलेक्ट्रिक होगी?
राष्ट्रीय प्रयासों के समानांतर अनेक राज्यों ने अपनी-अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां बनाई हैं।
फरीदाबाद में बृहस्पतिवार देर शाम शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सराय टोल प्लाजा के पास हुई, जहां दिल्ली की ओर से फरीदाबाद आ रही एक निशान मैग्नाइट कार में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से फरीदाबाद आ रहा था कार सवार कार मालिक फरीदाबाद जिला कोर्ट में वकील हैं। वह अपनी निशान मैग्नाइट कार में अकेले सवार होकर दिल्ली से फरीदाबाद आ रहे थे। कार से धुआं निकलता देख उन्होंने तुरंत वाहन रोक दिया। कुछ ही क्षणों में कार आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही सराय टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों ने फायर सिलेंडरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया और साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-31 फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। एटीएम में मशीन कंट्रोल पैनल लगी आग इसी दौरान दूसरी घटना एनआईटी-5 स्थित गांधी कॉलोनी में आईटीआई के पास लगे एक्सिस बैंक के एटीएम में सामने आई। एटीएम की एमसी (मशीन कंट्रोल पैनल) में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत आग बुझाने में जुट गए। लोगों की सतर्कता के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सेक्टर-31 फायर स्टेशन के अधिकारी विनय कौशिक ने बताया कि कार में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार गांव स्थित राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में ‘सक्षम’ कार्यक्रम के तहत शिक्षा और तकनीक से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया। लाडली फाउंडेशन द्वारा हनीवेल टेक्नोलॉजी के CSR सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत AI इंटीग्रेटेड स्मार्ट स्कूल टॉयलेट, STEM इनोवेशन लैब, आधुनिक कंप्यूटर लैब, स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और छात्राओं के स्वास्थ्य से जुड़े विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए। सीएम ने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव आधुनिक, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित शिक्षा से तैयार होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा दिल्ली सरकार भी सरकारी स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक ढांचा विकसित कर रही है। AI स्मार्ट टॉयलेट, STEM लैब, डिजिटल क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान AI आधारित स्मार्ट स्कूल टॉयलेट का उद्घाटन किया गया। सेंसर आधारित निगरानी, स्वच्छता मॉनिटरिंग और जल संरक्षण जैसी सुविधाओं से लैस ये स्मार्ट टॉयलेट छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। सीएम ने कहा कि बेहतर स्वच्छता सुविधाएं बालिकाओं की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यालय में स्थापित STEM इनोवेशन लैब में छात्राओं को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्पेस साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी भविष्य की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक कंप्यूटर लैब के जरिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। 5 छात्राओं को स्पेस साइंस कार्यक्रम के लिए हवाई यात्रा टिकट दिए कार्यक्रम के तहत करीब 3 हजार छात्राओं के लिए स्वास्थ्य पहल भी शुरू की गई। इसमें मेडिकल चेकअप, नेत्र परीक्षण, जरूरतमंद छात्राओं को नि:शुल्क चश्मे, डिवार्मिंग अभियान और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र शामिल हैं। सीएम ने STEM लैब में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 छात्राओं को अमेरिका के अलबामा स्थित यूएस स्पेस एंड रॉकेट सेंटर में आयोजित स्पेस साइंस कार्यक्रम के लिए चयनित होने पर बधाई दी और उन्हें हवाई यात्रा टिकट प्रदान किए। इस अवसर पर सीएम ने शालीमार बाग में बिजली अवसंरचना के आधुनिकीकरण की परियोजना का शुभारंभ किया। साथ ही नगर निगम के 137 इलेक्ट्रिक प्राइमरी वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
रेवाड़ी के हंस नगर में बीते रविवार शाम हुए धमाके में गंभीर रूप से झुलसी 25 वर्षीय तन्नु की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। तन्नु ने गुरुवार शाम करीब पांच बजे चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। हादसे में वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गई थी। उसकी शादी 25 नवंबर को तय थी और परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं। अब उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तन्नु का शव शुक्रवार को रेवाड़ी लाए जाने की संभावना है। रेवाड़ी से रोहतक और फिर दिल्ली किया था रेफर हादसे के तुरंत बाद तन्नु को रेवाड़ी के अस्पताल से रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसी दिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। वहीं उसके पिता एवं पूर्व सैनिक सतबीर चौहान, माता मधु, छोटी बच्ची खुशी और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान का भी इलाज चल रहा है। तन्नु की हालत शुरू से ही सबसे अधिक गंभीर बनी हुई थी। कपड़े प्रेस करते समय हुआ था धमाका जानकारी के अनुसार, रविवार शाम पूर्व सैनिक सतबीर चौहान अपने पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान के साथ घर पर बैठे थे। घर में उनकी पत्नी मधु, बेटी तन्नु और छोटी बच्ची खुशी भी मौजूद थीं। तन्नु ने उस दिन ट्यूशन पढ़ाने के लिए बच्चों को बुलाया हुआ था। बच्चों के आने से पहले वह कमरे में कपड़े प्रेस कर रही थी। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे की ओर दौड़े, लेकिन वे भी इसकी चपेट में आकर झुलस गए। हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए थे, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 4 दिन बाद भी धमाके की वजह साफ नहीं घटना के बाद पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया है और वहां 24 घंटे पुलिस की तैनाती की गई है। फॉरेंसिक टीम और संबंधित एजेंसियां भी मामले की जांच कर चुकी हैं, लेकिन चार दिन बाद भी धमाके की वास्तविक वजह सामने नहीं आ सकी है। गैस सिलेंडर सुरक्षित, जांच रिपोर्ट का इंतजार धमाके के बाद घर में रखे तीन गैस सिलेंडर, फ्रिज और बाइक पूरी तरह सुरक्षित मिले, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पीएनजी गैस रिसाव को संभावित कारण माना है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा। वहीं, आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में परिवार और स्थानीय लोग भी धमाके के वास्तविक कारण सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
सोनीपत जिला पुलिस की क्राइम यूनिट खरखौदा की टीम ने एक शातिर अपराधी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोनीपत के गांव बरोना निवासी पवन उर्फ मोना के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि, 8 जुलाई 2026 को मुख्य सिपाही कप्तान के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बरोना बाईपास खरखौदा पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पवन उर्फ मोना बरोना के सरकारी स्कूल के पास अवैध हथियार के साथ खड़ा है। छापेमारी कर किया अरेस्ट सूचना को पुख्ता मानकर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की और संदिग्ध परिस्थितियों में खड़े युवक को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी पवन उर्फ मोना के पास से एक देसी पिस्तौल और उसकी मैगजीन से 32 बोर के दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी के पास हथियार का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ थाना खरखौदा में शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई केस जांच टीम के मुख्य सिपाही विकास ने बताया कि आरोपी पवन उर्फ मोना का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर सोनीपत और दिल्ली में हत्या (धारा 302), हत्या के प्रयास (धारा 307) और जबरन वसूली (धारा 386, 387) जैसी संगीन धाराओं के तहत कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्राइम यूनिट खरखौदा ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसके समग्र पुनर्विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर अब इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे से जोड़ना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में निगम की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, प्रबंध निदेशक संदीप कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुनर्विकास की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की। बैठक में चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाजार का डिजाइन उसकी ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक स्वरूप के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही प्रतिदिन आने वाले लाखों लोगों की सुविधा के लिए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, बेहतर नागरिक सुविधाएं और व्यवस्थित पार्किंग विकसित की जाए। चांदनी चौक पर बनेगा प्रवेश और निकास द्वार मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए चांदनी चौक की ओर से नया प्रवेश और निकास द्वार विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि यह इमारत प्रमुख विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास के दौरान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि चांदनी चौक की पहचान उसके पारंपरिक बाजारों से जुड़ी हुई है। बैठक में पर्यटकों की सुविधा के लिए चांदनी चौक में समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने, यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और आसपास के क्षेत्र के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने तथा जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। विरासत संरक्षण विशेषज्ञों से लिया जाएगा सहयोग : सूद शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पुनर्विकास केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना में इतिहासकारों, विरासत संरक्षण विशेषज्ञों और स्थापत्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक और स्थापत्य पहचान सुरक्षित रहे तथा आधुनिक सुविधाओं का संतुलित विकास हो सके। अधिकारियों के अनुसार, करीब 7.12 वर्ग किलोमीटर में फैली 350 वर्ष से अधिक पुरानी दिल्ली में एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय विरासत स्थल हैं। प्रतिदिन लाखों पर्यटक, श्रद्धालु और व्यापारी यहां पहुंचते हैं। सरकार का मानना है कि सुनियोजित पुनर्विकास से विरासत संरक्षण के साथ व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव धौलेड़ा निवासी दिल्ली पुलिस में कार्यरत कांस्टेबल सुनील कुमार की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन सप्ताह पहले हुई मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हुई है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों के अनुसार, 14 जून को सुनील कुमार घर आया हुआ था। उसी दिन वह घर से कहीं चला गया। अगले दिन वह संदिग्ध परिस्थितियों में घायल अवस्था में कालिया नांगल क्षेत्र के पास मिला। सूचना मिलने पर परिजन उन्हें मौके से लेकर आए। बाद में होश आने पर सुनील ने बताया कि वह गांव के ही कुछ लोगों के साथ गया था, जहां उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। आज तोड़ दिया दम शिकायत के अनुसार, घायल को पहले नारनौल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत होने पर 17 जून को जयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। तब से उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान उसको घर लेकर आ गए थे। मगर फिर से उसकी तबियत खराब हो गई। जिस पर उसको नागरिक अस्पताल लाए तो डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने दी हुई है शिकायत मृतक की पत्नी पिंकी ने पहले ही निजामपुर थाने में शिकायत देकर गांव के दो लोगों पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। परिजनों ने की कार्रवाई की मांग अब सुनील कुमार की मौत के बाद परिजनों का कहना है कि उनकी मृत्यु मारपीट में लगी चोटों के कारण हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले में हत्या की धारा जोड़कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हत्या का होगा मामला दर्ज इस बारे में निजामपुर थाना प्रभारी धर्म सिंह ने बताया कि 14 जून को सुनील कुमार घर से चला गया था। जिसकी सूचना हमें 17 जून को मिली। 14 को घर से गायब होने के बाद सुनील कुमार ने अपने दोस्त सन्नी व प्रवीण निवासी धोलेड़ा के साथ शराब पी है। नदी में छोड़ गए इसके बाद उनका झगड़ा हुआ। इसके बाद उन्होंने इसको कालिया की नांगल नदी में छोड़ दिया। 15 को उसने किसी के फोन से उसकी पत्नी के पास फोन कराया कि सुनील कुमार यहां पर पड़ा हुआ है। इसको ले जाओ। जिसके बाद उसका लड़का व एक अन्य उसको लेकर घर आ गए। वहां पर तबियत खराब होने पर इसको प्राइवेट अस्पताल लेकर आए। वहां से उसको इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। उसकी पत्नी ने इस बारे में शिकायत की थी। जिसके बाद मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब उसकी मौत हो गई है। जिसके बाद अब पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच करेगी।
बरेली में गुरुवार तड़के एक स्लीपर बस हाईवे पर बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। राहत की बात यह रही कि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसा गुरुवार सुबह करीब 4 बजे सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास हुआ। बस दिल्ली से पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बस पलटते ही मची चीख-पुकार पुलिस के मुताबिक, प्राइवेट स्लीपर बस दिल्ली से यात्रियों को लेकर पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। जब बस सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास पहुंची, तभी वह अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 50 से अधिक यात्री सवार थे। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश यात्री बस में सो रहे थे। अचानक बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और पुरुष चीखने-चिल्लाने लगे। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस और एंबुलेंस ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। सभी घायलों को एंबुलेंस से अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। बस को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को बुधवार को बूंदी के लबान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की खराब स्थिति का सामना करना पड़ा। हाड़ौती के विकास को गति देने के उद्देश्य से पहुंचे गडकरी ने एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों की शिकायतें मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उनके साथ थे। मिनी बस से उतरकर तीनों नेताओं ने करीब 100 फीट सड़क पर पैदल चलकर स्थिति का जायजा लिया। एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे थे और उनमें पानी भरा हुआ था। सीएम शर्मा ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को उंगली से इशारा करते हुए सड़क के गड्ढे दिखाए। स्थिति देखकर गडकरी ने गंभीरता से कहा, यह वाकई गंभीर समस्या है। इसे पूरी तरह दिखवाएंगे और ठीक करवाएंगे। निर्धारित समय से देरी से पहुंचने के कारण केंद्रीय मंत्री यहां प्रस्तावित जनसभा को संबोधित नहीं कर सके। तकनीकी खामियों को जल्द ठीक किया जाएगानिरीक्षण के बाद जैसे ही नेता मिनी बस में बैठे, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने गडकरी से कहा, साहब! हमें आपसे बहुत उम्मीदें हैं। यह हाईवे हमारे लिए सपनों की सड़क जैसा है, लेकिन निर्माण में लापरवाही के कारण यह आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आज सुबह ही यहां 2 भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें एक व्यक्ति की जान चली गई। जनता की बात सुनकर गडकरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण के दौरान हुई तकनीकी खामियों को तत्काल ठीक किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि अगले 2 साल में यह सड़क पूरी तरह परफेक्ट और सुरक्षित हो जाएगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर और हीराल नागर भी मौजूद रहे। लबान में इस तरह रही 40 मिनट की हलचल हेलिकॉप्टर की हवा से उड़ी बैरिकेडिंग, मची अफरा-तफरीकार्यक्रम के दौरान तेज हवा और बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम 4:59 बजे सीएम के हेलिकॉप्टर के लैंड करते समय पंखों की तेज हवा से वीआईपी बैरिकेडिंग उड़ गई। इसमें 2-3 भाजपा कार्यकर्ता गिर भी गए। सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। काले कपड़े, शर्ट और गमछे पहनने पर रोक थी। विरोध की आशंका में इन्हें गेट पर ही जमा करवाया गया। बिरला बोले- 14 जिलों के लिए जीवनरेखा बनेगा एक्सप्रेसवेलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 8 लेन का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे NHAI की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। यह राजस्थान के 14 जिलों के लिए विकास की नई जीवनरेखा साबित होगा। इससे यात्रा का समय और परिवहन लागत घटेगी, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को गति मिलेगी। यह 5 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश को जोड़ेगा। दोनों ओर बनी बाउंड्री वॉल से आवारा पशुओं की दुर्घटनाएं भी कम होंगी। सुरक्षा रेलिंग में फंसकर फटा कुर्तास्वागत के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा का कुर्ता सुरक्षा रेलिंग में फंसकर फट गया। वहीं लोकसभा अध्यक्ष के निजी पुलिस अधिकारी अंकित जैन का ड्राइवर हड़बड़ी में गाड़ी छोड़ गया। अंकित जैन को दौड़कर गाड़ी पकड़नी पड़ी। सीएम ने हेलीपैड के पास खनिज, राजीविका और कृषि विभाग के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
दिल्ली में बड़ा हादसा! रोहिणी में इमारत गिरी, 3 की दर्दनाक मौत
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 इलाके में एक इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) ने इसकी पुष्टि की है।
बिहार के बड़े शहरों के बीच अब हाई-स्पीड रैपिड रेल दौड़ेगी।अब पटना से गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा जैसे प्रमुख शहरों के बीच हाई-स्पीड रैपिड रेल चलेगी। सरकार ने कुल चार रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने पर मंजूरी दी है। इस फैसले से शहरों के बीच सफर का समय लगभग दो-तिहाई कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस योजना समेत कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगी। क्या है रैपिड रेल और क्यों खास है रैपिड रेल एक सेमी हाई-स्पीड यात्री ट्रेन सेवा है। इसे दो बड़े शहरों के बीच की दूरी को बहुत कम समय में तय करने के लिए बनाया जाता है। इसका सफल उदाहरण दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ ट्रेन है, जहां 82 किमी का सफर मात्र 55 मिनट में पूरा होता है। बिहार में भी इसी तर्ज पर शहरों को आपस में जोड़ा जाएगा। चार रैपिड रेल कॉरिडोर बनेगाचार रैपिड रेल कॉरिडोर में पटना-गयाजी कॉरिडोर, पटना एयरपोर्ट-बेगूसराय कॉरिडोर, पटना-हाजीपुर-प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर और पटना एयरपोर्ट-आरा कॉरिडोर शामिल हैं। इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के शुरू होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का काफी समय बचेगा। इस महापरियोजना का खाका खींचने का जिम्मा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया है। निगम इन चारों रूटों के लिए ‘अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट’ और ‘डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (डीपीआर) तैयार करेगा। इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ की राशि मंजूर की है। एनसीआरटीसी यह आकलन करेगा कि किन रूटों पर कौन सा सिस्टम सबसे किफायती होगा और पटरियां अंडरग्राउंड होंगी या एलिवेटेड। दिल्ली-NCR की तर्ज पर जुड़ेंगे शहररैपिड रेल प्रोजेक्ट केवल एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं है, बल्कि यह बिहार के सुनियोजित शहरी विकास की नींव है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब ’ग्रेटर पटना’ का सपना साकार होगा। इससे सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होंगे, जिससे पटना पर आबादी का दबाव कम होगा। यह प्रणाली छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को सुरक्षित और तीव्र कनेक्टिविटी देगी, जिससे राज्य की जीडीपी में भी उछाल आने की उम्मीद है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन खरीदेगी सरकार पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए राज्य सरकार जमीन अधिग्रहित करेगी। इन टाउनशिप में सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बैठक में किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 154 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति मिली। राज्य सरकार ने 2030 तक सभी सरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज, नया सस्पेंडेड स्लैब बनाने और पूरे पुल की मरम्मत के लिए 126.25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। AERO अधिकारियों को मिलेगा मानदेय राज्य सरकार ने वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण और तैयारी के कार्य में लगे 1,351 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को हर साल 25 हजार रुपए मानदेय देने का फैसला किया है। इसके लिए 3.37 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राज्य के 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) को अब 30 हजार रुपये वार्षिक मानदेय मिलेगा। इस पर 72.90 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर की होगी नियुक्ति राज्य के 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक की पढ़ाई के लिए 76 नए शिक्षकों के पद (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर) सृजित करने की मंजूरी दी गई। ======================= ये खबर भी पढ़ें… बैकफुट पर सरकार-स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों में टैक्स नहीं: 24 घंटे में सम्राट गवर्मेंट ने बदला फैसला; कमर्शियल गाड़ियों को 21 SH पर देना होगा टोल बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बैकफुट पर आ गई है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने साफ कर दिया कि प्राइवेट गाड़ियों से स्टेट हाईवे पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार देर रात कोटा से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रास्ते दौसा होकर जयपुर लौटे। जयपुर जाते समय लालसोट क्षेत्र के अमराबाद रेस्ट एरिया पर उनका काफिला कुछ देर के लिए रुका। इस दौरान विधायक रामबिलास मीणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विधायक से कुछ देर बातचीत भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला भांडारेज व बांदीकुई क्षेत्र से होकर जयपुर के लिए रवाना हो गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे एक्सप्रेस-वे पर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कलेक्टर डॉ. सौम्या झा और एसपी पीयूष दीक्षित समेत आला प्रशासनिक अधिकारी प्रोटोकॉल ड्यूटी में तैनात रहे। गौरतलब है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के चलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा पहुंचे थे। वहां उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया और लबान में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया।
भोपाल से दिल्ली और मुंबई के लिए 1 अगस्त से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें; रोज 6 फ्लाइट
राजा भोज एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को 1 अगस्त से नया विकल्प मिलेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस भोपाल से नियमित परिचालन शुरू करेगी और दिल्ली व मुंबई के लिए प्रतिदिन छह उड़ानों का संचालन करेगी। एयर इंडिया समूह के पुनर्गठन के तहत भोपाल से संचालित एयर इंडिया की अधिकांश घरेलू उड़ानें अब एयर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। हालांकि, दिल्ली-भोपाल-दिल्ली सेक्टर की सुबह की उड़ान (एआई-1705/एआई-1886) का संचालन पहले की तरह एयर इंडिया ही करेगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी उड़ानें आधुनिक एयरबस ए320 नियो विमान से संचालित होंगी। नए शेड्यूल के बाद यात्रियों को दिल्ली और मुंबई के लिए दिनभर में अलग-अलग समय पर यात्रा के अधिक विकल्प मिलेंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इससे भोपाल की घरेलू हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। बुकिंग भी शुरूएयर इंडिया एक्सप्रेस ने इन उड़ानों की के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी है। यात्री एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से टिकट बुक करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल ‘माइंस’ से नहीं, बल्कि ‘माइंड्स’ से भी बननी चाहिए। राज्य ने देश को सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब जरूरत रिसोर्स के साथ रिसर्च, खनन के साथ इनोवेशन और सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि समावेशी व व्यापक विकास पर जोर देने की है। उन्होंने कहा कि देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली में झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट, गूगल समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप झारखंड को तैयार करने के लिए अपने सुझाव दिए। नई नीतियों पर मांगे सुझावकार्यक्रम में झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के सामने प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों को अधिक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए। निवेश और साझेदारी पर संवादकार्यक्रम के दौरान सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी-टू-जी) संवाद भी हुआ। इसमें झारखंड में आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश तथा साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीति तैयार करेगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति देंगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट केस में जवाद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाएं ट्रांसफर कीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की दो अंतरिम जमानत याचिकाओं को जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच को ट्रांसफर करने का आदेश दिया
नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया, राजस्थान में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को बूंदी जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया।

