महीनों की कड़ी मेहनत, लगातार इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब किसी प्रोफेशनल को नौकरी का मनपसंद ऑफर मिलता है, तो वह पल किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं होता। लेकिन दिल्ली की एक महिला प्रोफेशनल के लिए यह खुशी 24 घंटे भी नहीं टिक सकी। जॉइनिंग से ठीक पहले उन्होंने कंपनी से सिर्फ कुछ बुनियादी सवाल पूछे और एक लिखित ऑफर लेटर की मांग की, जिसके अगले ही दिन कंपनी ने उनका जॉब ऑफर तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।यह पूरा हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर सामने आया है, जहां महिला के पति ने इस पूरी घटना को विस्तार से साझा किया। पोस्ट के अनुसार, उनकी पत्नी दिल्ली-एनसीआर में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस (GIS) और आर्किटेक्चर सेक्टर में नौकरी तलाश रही थीं। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें फाइनल सिलेक्ट किया, लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने हर किसी को हैरान कर दिया। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक महिला की कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के कॉरपोरेट वर्क कल्चर (Corporate Work Culture) के उस काले सच को दिखाती है जहां कंपनियां पारदर्शिता से बचती हैं।पहली बार कम सैलरी मिलने पर ठुकरा दिया था ऑफररेडिट पोस्ट के मुताबिक, इस नौकरी के लिए महिला का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। शुरुआत में कंपनी ने उनकी उम्मीद से लगभग आधी सैलरी का ऑफर दिया था। साथ ही एचआर ने यह अजीब शर्त रखी कि पहले तीन महीने इसी कम पैकेज पर काम शुरू कर दीजिए, उसके बाद परफॉर्मेंस देखकर सैलरी बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। महिला को यह प्रस्ताव प्रोफेशनल नहीं लगा और उन्होंने साफ मना कर दिया।कुछ समय बीतने के बाद कंपनी ने उनसे दोबारा संपर्क किया और इस बार एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट पर काम करने का ऑफर दिया। महिला ने पेशेवर तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया। कोटेशन देखने के बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का नया प्रस्ताव लेकर आई। इस बार सैलरी पहले से काफी बेहतर थी और महिला की उम्मीद के मुताबिक थी, इसलिए उन्होंने इस नौकरी को स्वीकार करने का मन बना लिया।जॉइनिंग से पहले सामने आईं 10 घंटे काम और वीकेंड ड्यूटी जैसी नई शर्तेंफोन पर हुई बातचीत के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जॉइनिंग से पहले किसी भी तरह का लिखित ऑफर लेटर जारी नहीं किया जाएगा। महिला से सीधे सोमवार को ऑफिस पहुंचकर काम शुरू करने को कहा गया। इतना ही नहीं, मौखिक बातचीत में कंपनी ने कुछ नई शर्तें भी सामने रखीं:रोजाना कम से कम 10 घंटे ऑफिस में काम करना अनिवार्य होगा।हफ्ते में पांच दिन पूरी तरह ऑफिस आना होगा।काम के दबाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर वीकेंड (शनिवार-रविवार) में भी घर से काम करना पड़ सकता है।महिला ने इन शर्तों पर न तो कोई विवाद किया और न ही नौकरी छोड़ी। उन्होंने बेहद शालीनता से सिर्फ इतना कहा कि वे काम शुरू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें जॉइनिंग से पहले एक लिखित ऑफर लेटर (Written Offer Letter) चाहिए। उन्होंने मांग की कि सैलरी स्ट्रक्चर, प्रोबेशन पीरियड की शर्तें और काम के घंटों की जानकारी लिखित रूप में ईमेल पर साझा की जाए, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न हो।लिखित में जानकारी मांगते ही एचआर ने पलट दिया फैसलामहिला की इस बेहद जायज और प्रोफेशनल मांग के बाद जो जवाब आया, उसने उन्हें और उनके परिवार को पूरी तरह चौंका दिया। अगले ही दिन कंपनी के एचआर (HR) विभाग की ओर से एक ईमेल आया, जिसमें साफ लिखा था कि उनका नौकरी का ऑफर वापस लिया जा रहा है।एचआर ने अपने आधिकारिक ईमेल में तर्क दिया कि जॉइनिंग और काम के घंटों को लेकर हुई चर्चा के बाद कंपनी को ऐसा महसूस हुआ कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत अपेक्षाएं कंपनी की कार्यशैली और जरूरतों से मेल नहीं खाती हैं। इसी वजह से इस ऑफर को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है। महिला के लिए यह काफी निराशाजनक था क्योंकि उन्होंने सिर्फ वही दस्तावेज मांगा था, जो किसी भी वैध नौकरी का सबसे बुनियादी हिस्सा होता है।सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, लोगों ने बताया बड़ा 'रेड फ्लैग'जैसे ही यह पोस्ट रेडिट पर वायरल हुई, हजारों कामकाजी प्रोफेशनल्स महिला के समर्थन में उतर आए और कंपनी के रवैये की जमकर आलोचना शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने कमेंट करते हुए लिखा कि नौकरी शुरू करने से पहले लिखित ऑफर लेटर मांगना या काम के स्पष्ट घंटों की जानकारी लेना किसी भी कर्मचारी का कानूनी और बुनियादी अधिकार है।कई अनुभवी यूजर्स ने इसे एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) बताया और कहा कि अच्छा हुआ कि महिला ने ऐसी कंपनी जॉइन नहीं की, क्योंकि जो कंपनी शुरुआत में ही लिखित दस्तावेज देने से भाग रही है, वह आगे चलकर सैलरी रोकने या बिना पैसे दिए एक्स्ट्रा काम कराने जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती थी। लोगों का यह भी मानना था कि कंपनी शायद किसी ऐसे कर्मचारी की तलाश में थी, जो बिना कोई सवाल पूछे उनकी हर मनमानी शर्त को चुपचाप स्वीकार कर ले।क्या जॉइनिंग से पहले ऑफर लेटर मांगना गलत है?इस पूरी घटना ने देश के जॉब मार्केट में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या रोजगार की शर्तें स्पष्ट करना गुनाह है? वर्कप्लेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कर्मचारी को यह जानने का 100% अधिकार है कि वह किन नियमों के तहत अपनी सेवाएं देने जा रहा है।लिखित ऑफर लेटर सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं होता, बल्कि यह एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों के कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को सुरक्षित करता है। इसके बिना काम शुरू करना पूरी तरह से जोखिम भरा है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने भी महिला के स्टैंड को पूरी तरह सही ठहराया है, क्योंकि शुरुआत में पारदर्शिता न होने पर आगे चलकर विवाद होना तय होता है।
बॉलीवुड के दिग्गज कमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के लिए कानूनी मोर्चे से एक बेहद बुरी खबर आ रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) के एक पुराने मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अभिनेता को बहुत बड़ा झटका दिया है। अदालत ने इस मामले में राजपाल यादव को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को न सिर्फ बरकरार रखा है, बल्कि उनके कानूनी आचरण और व्यवहार को भी बेहद संदिग्ध बताया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि राजपाल यादव को तुरंत हिरासत में लेकर दोबारा जेल भेजा जाए।यह मामला पिछले कई सालों से अदालत में चल रहा है और इस ताजा आदेश के बाद अभिनेता की मुश्किलें एक बार फिर काफी ज्यादा बढ़ती हुई नजर आ रही हैं।आखिर क्या है राजपाल यादव से जुड़ा यह पूरा विवाद?इस पूरे कानूनी विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उस वक्त राजपाल यादव बतौर डायरेक्टर अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म 'अता पता लापता' (Ata Pata Laapata) बना रहे थे। इस फिल्म के निर्माण और बजट के लिए राजपाल यादव ने दिल्ली की एक कंपनी 'M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड' से करीब 5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन (उधार) लिया था।हालांकि, रिलीज होने के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई और राजपाल यादव भारी घाटे में आ गए। फिल्म के डूबने के बाद जब वे कंपनी के पैसे समय पर नहीं चुका पाए और उनके द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए, तो यह मामला एक लंबी और पेचीदा कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गया।2018 से चल रहा है सजा का सिलसिला, वादे निभाने में रहे नाकामइस मामले में कानूनी कार्रवाई के बाद अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस के जुर्म में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी करार दिया था। तब अदालत ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस सजा को सही माना, जिसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।जून 2024 में हाई कोर्ट ने मानवीय आधार पर उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी और उन्हें ब्याज समेत लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज चुकाने के लिए ईमानदार और सच्चे कदम उठाने की मोहलत दी थी। हालांकि, वे पैसे चुकाने के अपने वादों को पूरा करने में बार-बार नाकाम रहे। इसी के चलते इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था।मेरे पास पैसे नहीं हैं... इमोशनल होकर तिहाड़ जेल पहुंचे थे अभिनेताअदालत के आदेश के बाद सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने मीडिया पोर्टल 'बॉलीवुड हंगामा' से बातचीत में बेहद भावुक बयान दिया था। उन्होंने निराशा जाहिर करते हुए कहा था, सर, मैं अब क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं और मुझे आगे कोई और उपाय दिखाई नहीं दे रहा है। सरेंडर करने के बाद पुलिस ने उन्हें दिल्ली की हाई-सिक्योरिटी वाली तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में डाल दिया था।हालांकि, इस मुश्किल समय में फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकार और दोस्त राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर आगे आए थे। बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, सलमान खान, सोनू सूद और गुरमीत चौधरी जैसे बड़े सितारों ने उन्हें आर्थिक मदद देने का फैसला किया था और इंडस्ट्री के अन्य लोगों से भी मदद की अपील की थी। कई सिंगर्स और फिल्ममेकर्स ने उन्हें अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में कास्ट करते हुए एडवांस पेमेंट भी दी थी, जिसके बाद बीते 16 फरवरी को उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन अब हाईकोर्ट के ताजा फैसले ने उन्हें एक बार फिर जेल की दहलीज पर ला खड़ा किया है।
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है। आगामी 1 अगस्त से दिल्ली में मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अगर महिलाओं ने तय समय-सीमा के भीतर अपना नया 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया, तो वे 1 अगस्त से इस फ्री बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अब इस योजना के लिए स्मार्ट कार्ड को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला लिया है।एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस नए कार्ड को बनवाने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। महिलाओं को जागरूक करने और जल्द से जल्द कार्ड बनवाने के लिए डीटीसी ने बसों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत बस कंडक्टर और अधिकारी यात्रा कर रही महिलाओं को 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के लिए तुरंत आवेदन करने की सलाह दे रहे हैं।1 अगस्त से पेपर टिकट बंद, बस में चढ़ते ही करना होगा कार्ड 'टैप'दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने अपने आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा है, 1 अगस्त से बसों में मिलने वाले पेपर-बेस्ड (कागज वाले) पिंक टिकट की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। नए नियम के तहत पिंक टिकट सिर्फ उन्हीं महिला यात्रियों को जारी किए जाएंगे, जिनके पास एक वैलिड 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड होगा। बस में सफर शुरू करते समय महिलाओं को इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर यह कार्ड टैप करना अनिवार्य होगा।परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को डिजिटल और हाई-टेक बनाने के लिए मौजूदा कागजी टिकट सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म करके पूरी तरह स्मार्ट कार्ड-बेस्ड ट्रांजिट सिस्टम में बदला जा रहा है। जिन महिलाओं के पास यह कार्ड उपलब्ध होगा, वे पहले की तरह ही योजना के नियमों के अनुसार मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती रहेंगी।बिना कार्ड के सफर करने पर जेब से देना होगा पूरा किरायाअगर कोई महिला यात्री 1 अगस्त के बाद बिना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड के डीटीसी या DoT (क्लस्टर) बसों में यात्रा करती है, तो उसे कोई मुफ्त पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में महिला यात्रियों को एक सामान्य यात्री की तरह दूरी के हिसाब से लागू किराया चुकाकर साधारण टिकट खरीदना होगा।इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने पूरी दिल्ली में 50 ऑथराइज्ड सेंटर (अधिकृत केंद्र) बनाए हैं। सभी योग्य महिलाएं परिवहन विभाग और डीटीसी द्वारा निर्धारित इन काउंटरों पर जाकर बेहद आसानी से अपना 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड प्राप्त कर सकती हैं।जुलाई के आखिर तक 13 लाख कार्ड बांटने का बड़ा लक्ष्यदिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक पूरे शहर में लगभग 11 लाख 'पिंक सहेली' स्मार्ट कार्ड बांटे जा चुके हैं। सरकार ने जुलाई के आखिर तक इस संख्या को 13 लाख तक पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। जैसे ही यह लक्ष्य पूरा होगा, अगस्त की शुरुआत से ही इस डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। दिल्ली की महिला यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ और परेशानी से बचने के लिए नजदीकी केंद्र पर जाकर तुरंत अपना कार्ड रीन्यू या नया अप्लाई कर लें।
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। शनिवार, 11 जुलाई को दिल्ली के कई प्रमुख और वीआईपी इलाकों में कई घंटों तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित रहने वाली है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह कटौती बिजली ग्रिड में किसी खराबी या तकनीकी फॉल्ट की वजह से नहीं हो रही है, बल्कि मानसून के सीजन को देखते हुए जरूरी मेंटेनेंस (रखरखाव) और पावर सिस्टम अपग्रेड करने के लिए की जा रही है।दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली प्रमुख कंपनी बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सब-स्टेशनों के रखरखाव से जुड़े जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते शनिवार को अलग-अलग समय पर विभिन्न डिवीजनों के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में पावर कट की समस्या रहेगी। बिजली विभाग ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे इस तय शेड्यूल के हिसाब से ही अपने दिनभर के जरूरी कामों की योजना बनाएं और बिजली कटौती से पहले पानी भरने जैसे आवश्यक इंतजाम कर लें।द्वारका, नजफगढ़ और छतरपुर डिवीजन का शेड्यूलबीएसईएस द्वारा जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, दिल्ली के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बिजली की कटौती कुछ इस प्रकार रहेगी:पालम डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक-P राज नगर एक्सटेंशन और सेक्टर-8, द्वारका के आसपास के इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है।मोहन गार्डन: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक ब्लॉक C, सेवक पार्क, द्वारका के क्षेत्रों में करीब तीन घंटे का पावर कट रहने की संभावना है।नजफगढ़ डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक कंगनहेड़ी गांव और इससे जुड़े ग्रामीण इलाकों में बिजली की घोषित कटौती रहेगी।छतरपुर डिवीजन: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक राजपुर खुर्द एक्सटेंशन, छतरपुर के रिहायशी इलाकों में लोगों को पावर कट का सामना करना पड़ सकता है।टैगोर गार्डन और खानपुर डिवीजन में भी बंद रहेगी सप्लाईमध्य और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भी कुछ प्रमुख पॉकेट्स में मेंटेनेंस का काम तेजी से चलेगा, जिसकी समय-सीमा नीचे दी गई है:टैगोर गार्डन डिवीजन: सुबह 11:07 बजे से दोपहर 02:07 बजे तक ब्लॉक S, ख्याला, विष्णु गार्डन और नजदीकी कॉलोनियों में करीब तीन घंटे तक बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 1): सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक ब्लॉक C, विश्वकर्मा कॉलोनी, पुलपेह्लादपुर और खानपुर गांव के आंतरिक हिस्सों में बिजली कटौती रहने वाली है।खानपुर डिवीजन (शिफ्ट 2): दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक पॉकेट C, दुग्गल कॉलोनी, खानपुर और जे जे कॉलोनी दुग्गल कॉलोनी के रिहायशी मकानों में बिजली की आवाजाही प्रभावित रहेगी।गर्मी और उमस के इस मौसम में अचानक होने वाली परेशानी से बचने के लिए उपभोक्ता बीएसईएस के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक ऐप के जरिए भी अपने फीडर की लाइव लोकेशन और मेंटेनेंस से जुड़ी ताजा जानकारियां हासिल कर सकते हैं।
दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से अलग होकर गत वर्ष 17 मई को मुकेश गोयल के नेतृत्व में गठित हुई इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया। गोयल ने गुरुवार को दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष 16 निगम पार्षदों वाली इन्द्रप्रस्थ विकास […] The post दिल्ली में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय, नगर निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 139 appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (नेशनल जूलॉजिकल पार्क) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। चिड़ियाघर में 7 जुलाई को तीन नन्हे एशियाई शेर के शावकों का जन्म हुआ है। ये शावक शेरनी ‘महागौरी' और शेर ‘महेश्वर' की संतान हैं। इस जोड़ी ने लगातार दूसरे साल सफल प्रजनन कर लुप्तप्राय एशियाई शेरों के संरक्षण में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इससे पहले 2025 में भी इस जोड़ी ने दो शावकों 'कार्तिक' और 'करणी' को जन्म दिया था। एशियाई शेर बढ़कर 9 हुए इन तीन नए मेहमानों के आने से चिड़ियाघर में एशियाई शेरों का कुनबा 6 से बढ़कर अब 9 हो गया है। प्रशासन के मुताबिक, शेरनी और नवजात शावकों को फिलहाल विशेष प्रसूति कक्ष (मेटरनिटी वार्ड) में चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। शुरुआती दिनों में उनके बेहतर विकास के लिए पूरी तरह शांत माहौल दिया जा रहा है। लगातार मिल रही इस सफलता से चिड़ियाघर प्रशासन बेहद उत्साहित है।
दिल्ली की हवा को साफ और सेहतमंद बनाने के लिए दिल्ली सरकार और वर्ल्ड बैंक ने हाथ मिलाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) के तहत आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंप दी। पर्यावरण विभाग की यह महत्वाकांक्षी सात वर्षीय परियोजना (सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक) वर्ल्ड बैंक और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के सहयोग से राजधानी के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है, जिसमें से 65 फीसदी रकम वर्ल्ड बैंक लोन के रूप में देगा, जबकि बाकी 35 फीसदी राशि दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी। सीएम बोलीं- सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्कशॉप में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड पॉल प्रोसी सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दो प्रमुख स्तंभों (पिलर्स) पर काम करेगा मेगा प्रोजेक्ट: एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत: वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाई जाएगी। इसके अलावा अत्याधुनिक एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क, डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रदूषण के स्रोतों पर सीधा प्रहार: प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारणों को खत्म करने पर फोकस होगा। इसके तहत पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने, सड़क व निर्माण स्थलों की धूल पर नियंत्रण और कचरा प्रबंधन में सुधार जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली विधानसभा परिसर में शुक्रवार को भव्य समारोह में संस्कृत महाकाव्य 'मंगल महर्षि चरितम्' का विमोचन किया गया। विधानसभा ब्यूरो के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता शामिल हुए। इस महाकाव्य का संपादन संस्कृत व हिंदी के प्रख्यात विद्वान परशुराम शर्मा ने किया है, जो आगामी 1 अगस्त से अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना है। इसकी तार्किक और व्याकरणिक संरचना आधुनिक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषाओं से असाधारण समानता रखती है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के इस वर्तमान युग में संस्कृत की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने नई पीढ़ी से देश की इस अनमोल शास्त्रीय विरासत के संरक्षण का आह्वान किया।
फरीदाबाद के एनआईटी-5 क्षेत्र स्थित एक होटल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने होटल के कमरे के अंदर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। युवक एक विवाहित महिला के साथ होटल में पहुंचा था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद युवक ने यह कदम उठाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान 22 वर्षीय मुरारी के रूप में हुई है। वह मूल रुप से बिहार का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहता है। होटल में उसके साथ मौजूद महिला बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 की रहने वाली है। महिला बोली- दोनों एक-दूसरे को ढाई साल से जानते हैं महिला ने बताया कि वह भी मूल रूप से बिहार की रहने वाली है, शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। दोनों पिछले करीब ढाई साल से एक-दूसरे को जानते हैं और दोनों निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। महिला के अनुसार, युवक काफी समय से उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। इसी विषय पर बातचीत करने के लिए दोनों होटल में मिले थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। चुन्नी टूटने के कारण नीचे गिरा महिला का कहना है कि विवाद के बाद युवक ने चुन्नी से फांसी लगाने की कोशिश की। उसने युवक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। फंदा युवक के गले में फंस गया, लेकिन वजन अधिक होने के कारण चुन्नी टूट गई और युवक नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से उसे चोट भी आई। घटना के बाद घबराई महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एनआईटी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। गंभीर हालत में दिल्ली रेफर एनआईटी थाना के एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को होटल के अंदर एक युवक द्वारा फांसी लगाने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो युवक कमरे के अंदर जमीन पर घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि युवक होटल में एक महिला के साथ आया था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली सरकार राजधानी के घनी आबादी वाले और तंग गलियों वाले इलाकों में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत दिल्ली में पुरानी ‘ग्रामीण सेवा' की तर्ज पर अब 7-सीटर इलेक्ट्रिक वैन चलाने का प्रस्ताव है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। इसके लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और ऑपरेटरों से सुझाव (फीडबैक) मांगे जाएंगे। इन इलाकों को मिलेगा फायदा यह सेवा मुख्य रूप से उन अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और संकरे रास्तों वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, जहां बड़ी सार्वजनिक बसें नहीं पहुंच पाती हैं। यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल (EV आधारित) और किफायती शेयर्ड मोबिलिटी मॉडल होगा, जिसका किराया आम जनता के लिए बेहद कम रखने का प्रयास किया जाएगा। मेट्रो और मुख्य बस रूटों से जुड़ेंगे रिहायशी इलाके यह कोई पॉइंट-टू-पॉइंट टैक्सी सर्विस नहीं होगी, बल्कि एक फीडर सर्विस के रूप में काम करेगी। इसके जरिए मेट्रो स्टेशनों, मुख्य बस रूटों और अंदरूनी रिहायशी इलाकों के बीच कई पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट्स बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आने-जाने में आसानी हो। बढ़ते ई-रिक्शा पर लगेगी लगाम अधिकारियों का मानना है कि एक व्यवस्थित परमिट-आधारित व्यवस्था होने से सड़कों पर अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे ई-रिक्शा की संख्या को रेगुलेट (नियंत्रित) करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, पैरा-ट्रांसिट (छोटे वाहनों) का यह इलेक्ट्रिफिकेशन न केवल लोगों को सुरक्षित और किफायती सफर देगा, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा। यह पहल दिल्ली सरकार की नई 'ईवी पॉलिसी 2026' के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुकूल है।
नई दिल्ली। महिलाओं के द्वारा बसों में मुफ्त यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर दिया है। 1 अगस्त से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर करने के लिए महिलाओं के पास ‘पिंक सहेली कार्ड' अनिवार्य कर दिया गया है। डीटीसी ने कहा है कि दिल्ली में महिलाओं के लिए एक अगस्त से 'पिंक सहेली कार्ड' के बिना बस सेवा मुफ्त नहीं होगी। यानी महिलाएं 1 अगस्त से इस कार्ड के बिना मुफ्त बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। सरकार ने पिंक टिकट व्यवस्था समाप्त की रेखा गुप्ता सरकार मौजूदा कागजी पिंक टिकट व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर रही है। डीटीसी के ताजा सर्कुलर के मुताबिक, कागजी पिंक टिकट अब सिर्फ 31 जुलाई तक ही जारी किए जाएंगे। सर्कुलर में जानकारी दी गई है कि 1 अगस्त 2026 से जिस महिला के पास पिंक सहेली कार्ड होगा उन्हें ही मुफ्त यात्रा की छूट मिलेगी। महिलाओं को डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट सिस्टम (डिम्टस) क्लस्टर बसों में एंट्री के वक्त कार्ड को टैप करना होगा। सर्कुलर के मुताबिक, बिना स्मार्ट कार्ड यात्रा करने वाली महिलाओं को 31 जुलाई के बाद पिंक टिकट जारी नहीं किया जाएगा और उन्हें टिकट खरीदना होगा।
हरियाणा के नारनौल में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल की मारपीट के बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले इस मामले में मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस ने हत्या की धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण और सन्नी, निवासी गांव धौलेड़ा, थाना निजामपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाला बाइक भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। छुट्टियों में घर आया हुआ था पुलिस के अनुसार, मृतक सुनील कुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था और 14 जून को छुट्टी पर अपने गांव धौलेड़ा आया हुआ था। अगले दिन 15 जून को उसकी पत्नी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि सुनील कुमार कालिया नांगल क्षेत्र में नहर के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा है। 2 व्यक्तियों पर लगा था मारपीट का आरोप सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान सुनील कुमार ने बताया कि उसके साथ गए दो व्यक्तियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की थी। इसके आधार पर उसकी पत्नी की शिकायत पर थाना निजामपुर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने बाद में हत्या की धाराएं जोड़ीं इलाज के दौरान सुनील कुमार की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं और जांच के दौरान नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी बोले- जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी पुलिस अधीक्षक दीपक ने कहा कि जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने बैंक फ्रॉड मामले में दायर उनकी अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा को बरकरार रखा गया है। राजेंद्र भारती को बैंक ...
यमुनानगर के व्यासपुर थाना क्षेत्र में आढ़ती से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के चर्चित मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों में शामिल गौरव उर्फ गोलू निवासी ताहरी तारपूर को पुलिस ने करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। इस केस में आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी गौरव को अमेरिका से डिपोर्ट होते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद व्यासपुर थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यमुनानगर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने पर पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन का रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हथियार, फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी। गोल्डी बराड़ गैंग का नाम लेकर मांगी थी रंगदारी पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2024 को व्यासपुर थाना में अनाज मंडी के आढ़ती शिव कुमार ने शिकायत दी थी कि 19 दिसंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। आरोपी ने कहा कि उसके परिवार की पूरी जानकारी उनके पास है, यदि पैसे नहीं दिए गए तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में आरोपियों ने 70 से 80 लाख रुपए में समझौता करने की भी बात कही। लगातार फोन कर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। तकनीकी जांच से खुली पूरी साजिश व्यासपुर थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने सबसे पहले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली। जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हरप्रीत उर्फ मनु और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने रंगदारी की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किए गए। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार और बाइक भी बरामद कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर उन स्थानों की भी पहचान कराई गई, जहां बैठकर रंगदारी की योजना बनाई गई थी। एक-एक कर कई आरोपी गिरफ्तार हुए मामले की जांच में पुलिस ने बाद में दीपेश शर्मा, प्रकाश रंजन उर्फ सन्नी (बिहार), युवराज सिंह, सतेंद्र कुमार और गुरमेज सिंह को भी गिरफ्तार किया। इन सभी से पूछताछ कर कई अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दो नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि मुख्य आरोपी गौरव पुलिस से बचकर विदेश भाग गया था। अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा, एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तारी पुलिस को हाल ही में इमिग्रेशन ब्यूरो से सूचना मिली कि गौरव उर्फ गोलू को अमेरिका से डिपोर्ट कर दिल्ली लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एएसआई प्रवीन कुमार के नेतृत्व में व्यासपुर थाना की टीम इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची और लुकआउट सर्कुलर के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से उसका पासपोर्ट, अमेरिकी डॉलर, अस्थायी पिन वाला बैंक कार्ड, डेबिट कार्ड, दो बोर्डिंग पास और एयर इंडिया का टिकट बरामद किया। सभी सामान को कब्जे में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। अब असलम और अन्य साथियों की तलाश पूछताछ के दौरान गौरव ने पुलिस को बताया कि उसे बरेली निवासी असलम ने व्यासपुर बुलाया था। इसके बाद वह इस गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब असलम की तलाश में जुट गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश के उन लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जिनसे आरोपी लगातार संपर्क में था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी विदेश कैसे भागा, उसके रंगदारी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, फरार आरोपी कौन-कौन हैं, किन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
रेवाड़ी के हंस नगर में पूर्व सैनिक की बेटी तन्नु के शव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव टांकड़ी में किया जाएगा। घर में हुए धमाके में झुलसी तन्नु की 4 दिन बाद गुरुवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। शव आज दिल्ली से सीधे गांव पहुंचेगा। 25 नवंबर को तन्नु की शादी होनी थी। परिवार ने बेटी की शादी की तैयारियां शुरू कर दी थी। जो परिवार बेटी को डोली में बैठाने का सपना देख रहा था। हादसे ने उसी परिवार को अपने कंधों पर बेटी की अर्थी उठाने के लिए विवश कर दिया। बीते रविवार शाम को प्रेस करते समय अचानक हुए धमाके में तन्नु बूरी तरह से झुलस गई थी। जिसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने रोहतक पीजीआई रेफर किया। बताया जाता है कि बेड नहीं होने की बात कहते हुए रोहतक से तन्नु को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया। जहां वीरवार शाम करीब 5 बजे 4 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद तन्नु जिंदगी की जंग हार गई। 5 लोग झुलसे, कारण पता नहीं मूलरूप से गांव टांकड़ी निवासी पूर्व सैनिक सतबीर चौहान परिवार के साथ हंस नगर में रहते हैं। रविवार शाम बेटी के प्रेस करते समय अचानक घर में धमाका हुआ। जिससे बेटी तन्नु के साथ खुद सतबीर चौहान, पत्नी मधु, छोटी बच्ची खुशी और पड़ोसी सीआरपीएफ के जवान जयभगवान सहित 5 लोग झुलस गए थे। धमाके में झुलसे सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां से तन्नु को रोहतक और बाकी को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया। धकामे के कारण घर के दरवाजे, खिड़की और दीवार पर लगी टाइलें टूट गई। दीवार और फर्श पर दरारे आई और जले हुए शीशे के टुकड़े सामने गली के तरफ बने मकान की दीवार पर चिपके मिले। घर में रखे 3 गैस सिलेंडर, प्रेस, फ्रीज और खड़ी बाइक को कोई नुकसान नहीं हुआ। जिस कारण अभी तक धमाके के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, चेक बाउंस केस में सजा बरकरार रहेगी
दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के सभी सात मामलों में तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए अभिनेता को कुल तीन महीने की ही सजा भुगतनी होगी।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के 7 मामलों में से हर एक में उन्हें तीन महीने जेल की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जस्टिस स्वर्णकांता ने अफसरों से राजपाल को जेल भेजने के लिए कहा। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा- राजपाल यादव का रवैया संदिग्ध है। उन्हें अपना वादा निभाने और कंपनी का कर्ज वापस करने के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। एक्टर को अगले तीन महीने जेल में ही गुजारने होंगे। कोर्ट का आदेश- 7 करोड़ 35 लाख रुपए चुकाएं कोर्ट ने कहा कि एक्टर को हर मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपए देना होगा। यानी कुल 7 करोड़ 35 लाख रुपए चुकाने होंगे। जज ने साफ किया कि एक्टर करीब 2 करोड़ रुपए पहले ही दे चुके हैं, इस राशि को एडजस्ट किया जाएगा। पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। राजपाल ने कहा था- पांच बार जेल जाने को तैयार, लेकिन एक पैसा नहीं दूंगा दिल्ली हाईकोर्ट में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पेश वकील अवनीश सिक्का ने बताया- राजपाल यादव की ओर से दायर सभी 21 याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं। सेशंस कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इस मामले में राजपाल यादव की पत्नी राधा राजपाल यादव भी आरोपी थीं। कोर्ट ने उन्हें हर मामले में 5 लाख रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया है। फैसला सुनाए जाने के दौरान राजपाल यादव के वकील ने उन्हें प्रोबेशन (राहत) देने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राजपाल यादव ने पहले भी कई बार अदालत से किए गए वादों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने यह भी माना कि अंतिम सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था, “मैं पांच बार जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन एक पैसा भी नहीं दूंगा।” फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिया था लोन राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म 'अता पता लापता' बनाने का फैसला किया था। फिल्म बनाने के लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया। साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजा अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। राजपाल को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपाल जून 2024 में हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। राजपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। 12 दिन जेल में बिताने के बाद 17 फरवरी को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी। शाहजहांपुर के बच्चों ने भेजा था गुल्लक का पैसा, राजपाल मिलने भी आए राजपाल यादव की मदद के लिए फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियां आगे आई थीं। सबसे पहले अभिनेता सोनू सूद ने मदद की बात कही थी। बिहार की सीएम रहे लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया था। शाहजहांपुर में गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के बच्चों ने राजपाल की मदद के लिए अपने गुल्लक तोड़ दी थी। करीब 10 हजार रुपए भेजे थे। एक महीने पहले जब राजपाल यादव शाहजहांपुर आए तो वे उन बच्चों से मिलने भी पहुंचे थे। ------------------- यह खबर भी पढ़ें… झांसी में 7 साल की बच्ची से रेप:हाथी दिखाने के बहाने युवक ले गया, दुष्कर्म के बाद छोड़कर भागा, लोगों ने चप्पलों से पीटा झांसी में एक युवक ने घर से 100 मीटर दूरी पर रहने वाली 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे के करीब वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार के पीछे बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। पढ़ें पूरी खबर…
राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में जाना होगा जेल
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव को शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने चेक बाउंड के कई मामलों में उनकी सजा बरकरार रखी है। अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें फिर जेल जाना होगा।
मोहाली के लालड़ू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते आईटीआई चौक के पास शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार के सामने अचानक आवारा पशु आ जाने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में लुधियाना के रहने वाले 23 वर्षीय जिम संचालक मनजोत सिंह और कार चालक रवि की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग सुरक्षित बच गए। पुलिस ने मामले में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली जाते समय तड़के हुआ हादसा मृतक जिम संचालक मनजोत सिंह के पिता अमरपाल सिंह (निवासी बीआरएस नगर, लुधियाना) ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा मनजोत गुरुवार रात करीब 11:45 बजे अपने दोस्त आकाश वर्मा, सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे और चालक रवि कुमार के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह जब गाड़ी लालड़ू के आईटीआई चौक के पास पहुंची, तो अचानक एक आवारा पशु सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक रवि कुमार ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। दो लोग सुरक्षित, परिजनों ने कहा- 'यह महज एक दुर्घटना' हादसे की सूचना मिलने के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें मनजोत सिंह और चालक रवि कुमार की मौत की खबर मिली। कार में सवार मनजोत के दोस्त आकाश वर्मा को मामूली चोटें आई हैं, जबकि सुरक्षा गार्ड राजीव कुमार पांडे पूरी तरह सुरक्षित हैं। मृतक मनजोत सिंह के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना थी और इसमें किसी भी व्यक्ति की कोई लापरवाही नहीं थी। उन्होंने किसी के भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से इनकार किया है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
'सतलुज' विवाद : फिल्म का विरोध करने वाले वकील को जान से मारने की धमकी, दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज
नई दिल्ली, दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने कहा है कि फिल्म का विरोध करने और इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर जांच एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपए जुटाए गए। एजेंसी का यह भी दावा है कि इस फंड की एंट्री और उसका मैनेजमेंट रामगोपाल अग्रवाल के जरिए किया जाता था। EOW के मुताबिक, यह रकम बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी, जिसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए दिल्ली भेजी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। कांग्रेस भवन पहुंचती थी कथित घोटाले की रकम EOW ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दावा किया है कि कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था। जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। EOW का दावा है कि इस राशि का संग्रहण, प्रबंधन और उपयोग रामगोपाल अग्रवाल ने किया। कारोबारियों ने पैसा देने की बात बयान में स्वीकारी जांच एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन भेजे गए। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। 8 राज्यों में रहे, मंदिरों में कराई पूजा शुरुआती पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल ने बताया कि रायपुर छोड़ने के बाद वे ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत 8 राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों पर दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। जांच एजेंसी का कहना है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में बने रहे। आयकर छापे से खुला मामला EOW के मुताबिक, 30 जून 2022 को कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट पर आयकर विभाग की छापेमारी में बरामद डायरी और दस्तावेजों से अवैध कोल लेवी के लेन-देन का खुलासा हुआ था। इन्हीं दस्तावेजों में रामगोपाल अग्रवाल का नाम सामने आया। बाद में ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, 8 जुलाई 2026 उन्होंने सरेंडर कर दिया। 9 जुलाई को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। 17 जुलाई तक रिमांड, आगे और गिरफ्तारी संभव EOW ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 9 दिन की रिमांड मंजूर कर ली। अब रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा कि पूछताछ के बाद कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। वहीं, ED भी इस मामले में आगे अलग कार्रवाई की तैयारी कर रही है। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 17 जुलाई तक EOW की रिमांड में रहेंगे रामगोपाल अग्रवाल: शराब-कोल लेवी घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप; कल कांग्रेस करेगी प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी रामगोपाल अग्रवाल ने 3 साल बाद सरेंडर किया। रामगोपाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष थे। उन पर घोटाले का पैसा राजीव भवन मंगवाने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट
देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ दिल्ली-एनसीआर समेत 18 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी, कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित।
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के एक डबल डेकर बस के ट्रक से टकरा जाने से बड़ा सड़क हादसा हो गया। दुर्घटना में करीब 15 यात्री घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर है। सभी गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। हादसा शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तालग्राम थाना क्षेत्र में हुआ। दिल्ली से गोरखपुर जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। यूपीडा टीम ने चलाया राहत एवं बचाव अभियान घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। हादसे में घायल 15 यात्रियों में से आठ की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। ये यात्री गंभीर रूप से घायल गंभीर घायलों में संत कबीर नगर के बुड़ी बलहार निवासी 10 वर्षीय रितिक, 15 वर्षीय शिवम, हनुमान यादव और सुनीता यादव शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के सेलम निवासी 25 वर्षीय गोकुल, गोरखपुर के मनीराम निवासी 25 वर्षीय सौभाग्य पांडे, 19 वर्षीय अभिषेक तथा मेरठ की समर कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय इंतजार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच शुरू पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने के कारण हादसा होना सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मंदसौर जिले की अफजलपुर थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने देश के विभिन्न शहरों से पांच गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से सकुशल मिलाया है। इस कार्रवाई से पांच परिवारों में खुशी लौट आई है। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन तलाश के आधार पर कार्रवाई की। 5 जुलाई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालक को 9 जुलाई को भोपाल से बरामद किया गया। इसी तरह, 27 जून को लापता हुए एक अन्य बालक को भी 9 जुलाई को अहमदाबाद से दस्तयाब किया गया। अन्य मामलों में, 6 जुलाई को गुम हुई एक बालिका को 8 जुलाई को उज्जैन से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया। 19 मई को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले में एक बालिका को दिल्ली से खोजकर 8 जुलाई को उसके परिवार के हवाले किया गया। इसके अतिरिक्त, 26 जून को लापता हुई एक अन्य बालिका को 7 जुलाई को रतलाम से दस्तयाब कर सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया। गुरुवार देर शाम थाना प्रभारी हरीश मालवीय ने बताया कि अफजलपुर थाना पुलिस ने सभी मामलों में गुमशुदगी दर्ज कर विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी इनपुट के आधार पर लगातार तलाश अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सभी पांच गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। एसपी विनोद कुमार मीना ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलेभर में गुम हुए बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह सफलता इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गुमशुदा बच्चों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून ($South-West Monsoon$) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसने पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई 2026 को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'हाई अलर्ट' जारी किया है।आईएमडी के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, हालांकि जुलाई के पूरे महीने में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) से थोड़ी कम यानी लगभग 94% रहने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर (Local Level) होने वाली मूसलाधार बारिश शहरों में जलभराव (Waterlogging), बाढ़ और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं देश भर का विस्तृत राज्यवार मौसम बुलेटिन।दिल्ली-एनसीआर: अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?दिल्ली और इसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।क्या कहते हैं वैज्ञानिक: आईएमडी दिल्ली के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नरेश यादव के अनुसार, एक्टिव मानसून ट्रफ के चलते दिल्ली में आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।शुक्रवार का अलर्ट: शुक्रवार (10 जुलाई) को दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं, जिसके लिए विभाग ने 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 34C से 36C के बीच रहने का अनुमान है।शनिवार का पूर्वानुमान: शनिवार को भी हल्की बारिश जारी रह सकती है, हालांकि इसके लिए कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।उत्तराखंड में 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट; पहाड़ों पर सफर न करने की सलाहपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक अत्यंत भीषण बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। कई संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में कम समय में अत्यधिक वर्षा (Cloud Burst जैसी स्थिति) होने की संभावना है।10 जुलाई का रेड अलर्ट: कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों समेत उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में आज 'रेड अलर्ट' (Red Alert) प्रभावी रहेगा। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।ऑरेंज अलर्ट: राज्य के बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल और राजधानी देहरादून समेत कई मध्य पर्वतीय जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया गया है। भूस्खलन (Landslide) के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को पहाड़ों की यात्रा टालने की हिदायत दी गई है।आगे का हाल: 10 से 13 जुलाई तक राज्य के शेष अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' रहेगा। अगले 5 से 6 दिनों तक पूरे सूबे में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।राज्यवार देश के मौसम का विस्तृत हाल1. उत्तरी भारतउत्तराखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 10 जुलाई को इन सभी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP) के इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।2. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारतबिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मानसून के पैर पूरी तरह जम चुके हैं।बिजली गिरने का खतरा: पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कई जिलों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) का तांडव देखने को मिल सकता है।तेज हवाएं: हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। इस दौरान 30 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड) में भी भारी बारिश की चेतावनी है।3. पश्चिमी भारतराजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में मानसून की मिश्रित स्थिति बनी हुई है।भारी बारिश: पूर्वी राजस्थान, गुजरात के तटीय इलाकों और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की संभावना है। मुंबई और मायानगरी के आसपास के इलाकों में भी मानसून सक्रिय है।सूखे जैसी स्थिति: पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कुछ आंतरिक हिस्सों में बारिश काफी कम देखी जा रही है, जिससे वहां तापमान सामान्य से ऊंचा बना रहेगा।4. मध्य भारतमध्य प्रदेश (MP) और छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है।5. दक्षिणी भारतदक्षिण के राज्यों केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मानसून का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। चेन्नई जैसे बड़े महानगरों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए तटीय इलाकों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
लुधियाना जिले के जगराओं के पास स्थित गांव गगड़ा निवासी भारतीय सेना के जवान नायक टी.एस. सिकंदर सिंह (33) का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जवान के असामयिक निधन की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां शोक की लहर दौड़ गई। वह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियों को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार उनका शव आज सुबह दिल्ली से उनके पैतृक गांव पहुंचेगा और उसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिजनों के मुताबिक अंतिम संस्कार का समय सुबह दस बजे रखा गया है। वह भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री (5 Sikh LI) में तैनात थे। सिकंदर सिंह ने 16 साल देश की सेवा की करीब 16 वर्ष पहले सिकंदर सिंह एक बेहद साधारण मजदूर परिवार से निकलकर भारतीय सेना भर्ती हुआ। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। कठिन परिस्थितियों और अभावों का सामना करते हुए उन्होंने सेना में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। अपनी यूनिट और साथियों के बीच वह अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े थे सिकंदर सिकंदर सिंह अपने परिवार के मुख्य स्तंभ थे और कम उम्र से ही उन्होंने बड़ी जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के नाते सिकंदर सिंह ने बहुत ही कम उम्र में पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संबल दिया था। पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उन्होंने घर की जिम्मेदारियों को उठाया। मासूम बेटियों के सिर से उठा साया करीब पांच वर्ष पहले ही सिकंदर सिंह का विवाह हुआ था। हंसता-खेलता परिवार अभी खुशियों की नई शुरुआत ही कर रहा था कि अचानक आए इस वज्रपात ने सब कुछ उजाड़ दिया। सिकंदर सिंह के अचानक चले जाने से उनकी पत्नी का सुहाग उजड़ गया है। वहीं, उनकी दो बेहद मासूम बेटियां हैं जिनके सिर से पिता का साया चले गया।
दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिन बारिश के आसार, शुक्रवार के लिए आईएमडी का येलो अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिस वजह से लोगों को जलभराव, यातायात और ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ रहा है
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने, धूल रोकने के उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने और शहरी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने की लगातार कोशिशों के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक खास निरीक्षण अभियान चलाया।
दिल्ली: मशहूर गायक मीका सिंह ने उपराज्यपाल टीएस संधू से की मुलाकात
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने लोक निवास में लोकप्रिय पार्श्व गायक और संगीतकार मीका सिंह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने राष्ट्रीय राजधानी के रचनात्मक परिदृश्य से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
मानसून ने गुरुवार (9 जुलाई 2026) को आधिकारिक तौर पर पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है। इसके साथ ही देश के लगभग सभी राज्यों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव, अंडमान-निकोबार, लद्दाख और तमिलनाडु में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी मानसून मेहरबान रहा है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड) और बिहार में शुरुआती चरण में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है।इस बीच, आईएमडी (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए वेदर बुलेटिन जारी करते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 18 राज्यों में भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और तीव्र आंधी का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं शुक्रवार को आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज।आखिर क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश में दो बड़ी मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) एक साथ सक्रिय हैं:निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area): उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक बेहद स्पष्ट लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है, जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भारी नमी खींच रहा है।मानसून ट्रफ (Monsoon Trough): मानसून की अक्षीय रेखा (Trough Line) इस समय उत्तरी राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक फैली हुई है, जिससे मध्य और उत्तर भारत में बादलों का भारी जमावड़ा है।इन 18 राज्यों में 85 KM की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनीमौसम विभाग ने शुक्रवार (10 जुलाई) को देश के 18 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं।तूफान की रफ्तार: इन राज्यों में बारिश के दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चल सकती है।ओले गिरने का अलर्ट: आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओले (Hailstorm) भी गिर सकते हैं। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा है।प्रमुख राज्यों और महानगरों के मौसम का विस्तृत हाल1. दिल्ली-एनसीआर (Delhi Weather)राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को 95% बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान 70 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।तापमान: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33C और न्यूनतम तापमान 27C रहने की उम्मीद है।कहाँ हुई कितनी बारिश: पिछले 24 घंटों में दिल्ली के तुखमीरपुर (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) में सबसे ज्यादा 6.3 इंच (160 मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मयूर विहार में 103 मिमी, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 90 मिमी, महरौली में 86 मिमी और सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।2. उत्तर प्रदेश (UP Weather)यूपी के अधिकांश हिस्सों में चक्रवाती हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बांदा, बिजनौर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बरेली, बहराइच, सीतापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी और आजमगढ़ में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और भारी बारिश की चेतावनी है।विशेष नोट (लखनऊ): राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मौसम इसके विपरीत रहेगा। लखनऊ में आसमान साफ रहने की उम्मीद है, जहां अधिकतम तापमान 33C और न्यूनतम तापमान 28C तक रह सकता है।3. बिहार (Bihar Weather)बिहार के लिए 10 और 11 जुलाई को आकाशीय बिजली (Lightening) का तांडव देखने को मिल सकता है। गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, पटना, सारण, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, कटिहार और किशनगंज में भारी बारिश का अलर्ट है।तापमान: पटना में बारिश के चलते उमस से राहत मिलेगी। यहां अधिकतम तापमान 31C और न्यूनतम तापमान 28C के आसपास रहेगा।4. झारखंड (Jharkhand Weather)झारखंड के हजारीबाग, रामगढ़, जामताड़ा, बोकारो, रांची, सिमडेगा, गिरिडीह, सरायकेला, दुमका, गुमला, खूंटी, धनबाद, देवघर और जमशेदपुर में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रांची में अधिकतम तापमान 28C और न्यूनतम तापमान 24C तक गिरेगा।5. पश्चिम बंगाल (West Bengal Weather)झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, अलीपुरद्वार, नादिया, मालदा, हुगली, कूचबिहार और कालिम्पोंग में शुक्रवार और शनिवार को गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। कोलकाता में अधिकतम तापमान 32C और न्यूनतम तापमान 28C रहने का अनुमान है।6. उत्तराखंड (Uttarakhand Weather)पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन (Landslide) और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी देहरादून में मौसम ठंडा रहेगा, जहाँ अधिकतम तापमान 26C और न्यूनतम तापमान 23C तक रहने की उम्मीद है।
पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य (आर्किटेक्चरल) विरासत को उसके मूल गौरव के साथ पुनर्जीवित करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने पुरानी दिल्ली के संरक्षण और कायाकल्प के उद्देश्य से गठित 'शाहजहानाबाद री-डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' (SRDC) का नाम बदलकर अब इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (Indraprastha Heritage Redevelopment Corporation - IVPN) कर दिया है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस निगम के माध्यम से पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक और पारंपरिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए उसे विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने की एक व्यापक और गंभीर पहल शुरू हो चुकी है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई सालाना बैठक; लिए गए कई बड़े फैसलेइंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN) की चेयरपर्सन व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में निगम की एक हाई-लेवल सालाना बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहरी विकास मंत्री और निगम के उपाध्यक्ष आशीष सूद, मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार सहित तमाम संबंधित विभागों के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। बैठक में पुरानी दिल्ली के ओवरऑल पुनर्विकास, हेरिटेज कंजर्वेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार किए गए, जिसमें ऐतिहासिक चांदनी चौक के पुनर्विकास को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है।चांदनी चौक का गौरव लौटेगा: व्यापारियों और पर्यटकों के हितों का समन्वयमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि चांदनी चौक बाजार का डिजाइन इस तरह से रि-डेवलप किया जाए, जिससे उसका 350 साल पुराना ऐतिहासिक स्वरूप और सांस्कृतिक गरिमा स्पष्ट रूप से दिखाई दे।नागरिक सुविधाएं: चांदनी चौक में प्रतिदिन आने वाले लाखों खरीदारों और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक और साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय (टॉयलेट ब्लॉक्स) विकसित किए जाएंगे।व्यापारिक संतुलन: बैठक में स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का पूरा ध्यान रखने पर जोर दिया गया। सीएम ने कहा कि चांदनी चौक का वजूद यहाँ के बाजारों से ही है, इसलिए हेरिटेज संरक्षण और व्यापारिक गतिविधियों के बीच एक सटीक संतुलन स्थापित किया जाएगा।पर्यटक कंट्रोल रूम व पार्किंग: देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के मार्गदर्शन और सुरक्षा के लिए बाजार में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। साथ ही, इलाके को जाम-मुक्त करने के लिए व्यवस्थित पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया गया।टाउन हॉल, जामा मस्जिद और हनुमान मंदिर का होगा सुंदरीकरणपुरानी दिल्ली के पुनर्विकास का दायरा केवल चांदनी चौक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कई अन्य ऐतिहासिक केंद्रों को भी जोड़ा गया है:टाउन हॉल (Town Hall): ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए सीएम ने निर्देश दिया कि इसका एक मुख्य प्रवेश और निकास (Entry/Exit) द्वार सीधे चांदनी चौक की ओर खोला जाए, ताकि यह इमारत एक प्रमुख विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सके।यमुना बाजार हनुमान मंदिर: परियोजना के तहत यमुना बाजार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर और उसके पीछे के पूरे क्षेत्र के विकास का एक विस्तृत ब्लू प्रिंट (Detailed Project Report) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।जामा मस्जिद व ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन: जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग (SPM Marg) के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास की नई कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं।7.12 वर्ग किलोमीटर में फैला है इतिहास का खजानाबैठक में अधिकारियों ने दिल्ली के ऐतिहासिक महत्व के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पुरानी दिल्ली लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैली हुई है। 350 साल से भी अधिक पुराने इस जीवंत शहर के अंदर:1 विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site - लाल किला)10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक (National Protected Monuments)10 राज्य संरक्षित स्मारक (State Protected Monuments)700 से अधिक स्थानीय स्तर पर अधिसूचित विरासत स्थल मौजूद हैं।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंत में कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत सिर्फ हमारी सांस्कृतिक पहचान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर भी है। विकास कार्य इस तरह किए जा रहे हैं जिससे पुरानी दिल्ली एक विश्वस्तरीय हेरिटेज हब के रूप में अपनी नई वैश्विक पहचान बना सके।
देशभर में मानसून की मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। उत्तर से लेकर पश्चिम तक, भारत के कई राज्य इस समय भीषण जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन (Landslide) की चपेट में हैं। मैदानों में गलियां दलदल और सड़कें समंदर बन चुकी हैं, तो पहाड़ों में दरकते ग्लेशियर और मलबे इंसानी जिंदगी को लील रहे हैं। बड़े-बड़े महानगरों को पेरिस और लंदन बनाने के दावे करने वाले प्रशासन की पोल महज कुछ घंटों की बारिश ने खोल दी है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर मुंबई और गुजरात के सूरत तक करोड़ों लोगों की जिंदगी बेतरतीब बहते पानी के भरोसे छूट गई है।दिल्ली-एनसीआर का बुरा हाल: 4 मंजिला इमारत गिरी, बालकनी ढहीदेश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा-गाजियाबाद में आसमानी आफत ने जनजीवन थाम दिया है।गाजियाबाद (वसुंधरा व इंदिरापुरम): वसुंधरा इलाके में भारी बारिश के चलते सड़क धंसने से एक कार अचानक 'पाताल लोक' की तरह जमीन के अंदर समा गई, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इंदिरापुरम की सड़कें स्विमिंग पूल बन चुकी हैं, जहाँ NH-24 पर पैदल चलने वाले लोग कमर तक पानी में डूबकर जाने को मजबूर हैं।दिल्ली की लाचारी: जहांगीरपुरी में डीटीसी बसों के अंदर तक पानी भर गया, वहीं संगम विहार की सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं। रोहिणी सेक्टर-16 में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां भारी बारिश के चलते एक 4 मंजिला निर्माणाधीन इमारत भरभराकर ढह गई। मलबे में दबने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद हालात का जायजा लेने जमीनी निरीक्षण पर उतरीं।गुरुग्राम का हादसा: साइबर सिटी गुरुग्राम में सड़कों पर जलभराव के बीच एक हाईराइज सोसाइटी की पूरी बालकनी अचानक नीचे गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था।पश्चिमी और उत्तर प्रदेश: अस्पतालों और मंदिरों में घुसा पानीदिल्ली से आगे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़, मेरठ और मथुरा में भी मानसून ने हाहाकार मचाया है। मेरठ के एक नामी अस्पताल के वार्डों में पानी घुस गया, जहां कर्मचारी वाइपर से पानी साफ करते नजर आए। वहीं, मथुरा-वृंदावन में विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के मुख्य रास्तों और बाजारों में कई फीट गंदा पानी भर गया, जिससे देश-विदेश से आए श्रद्धालु बेहद दयनीय स्थिति में दर्शन करने को मजबूर हैं। सहारनपुर में उफनती नदी के तेज बहाव में बहे दो बाइक सवारों को स्थानीय लोगों ने देवदूत बनकर बचाया।महाराष्ट्र: पातालगंगा नदी उफनी, बह गए 3000 एलपीजी सिलेंडरमहाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की पनवेल तहसील से एक बेहद हैरान करने वाला और खतरनाक मंजर सामने आया है। भारी बारिश के कारण यहाँ की पातालगंगा नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ का पानी सीधे HPCL पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के अंदर घुस गया। बाढ़ के तेज बहाव के कारण प्लांट में रखे करीब 3,000 कमर्शियल और डोमेस्टिक गैस सिलेंडर नदी में बह गए।नदी में तैरते हजारों सिलेंडरों को देखने के लिए किनारे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई लोग जान जोखिम में डालकर बहते सिलेंडरों को लूटने के लिए पानी में कूद पड़े। प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि इन सिलेंडरों में अत्यधिक ज्वलनशील गैस हो सकती है, इसलिए इन्हें छूने या घर ले जाने का प्रयास बिल्कुल न करें, यह जानलेवा साबित हो सकता है।गुजरात: सूरत में 400 mm बारिश, 100 टेक्सटाइल मार्केट डूबेडायमंड और कपड़ा नगरी सूरत की सूरत इस बारिश ने पूरी तरह बिगाड़ दी है। शहर में पिछले 48 घंटों के भीतर 400 मिलीमीटर (mm) से ज्यादा की मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। रिहायशी इलाकों से लेकर पेट्रोल पंप और बीआरटीएस बस स्टैंड पानी में समा चुके हैं। हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमों को बोट (नाव) लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा है, जिन्होंने अब तक 300 से अधिक लोगों का सफल रेस्क्यू किया है।इस आपदा का सबसे बड़ा आर्थिक झटका सूरत के कपड़ा उद्योग को लगा है। शहर के करीब 100 टेक्सटाइल मार्केट के बेसमेंट पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। इसके चलते व्यापारियों की बेसमेंट में रखीं करोड़ों रुपये की कीमती साड़ियां, लहंगे और ड्रेस मटेरियल पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, व्यापारियों को हजारों करोड़ रुपये का व्यापारिक नुकसान हुआ है।पहाड़ों में तबाही: पांगी और टिहरी में लैंडस्लाइड, वैष्णो देवी मार्ग प्रभावितमैदानों की यह लाचारी पहाड़ों पर पहुंचकर और अधिक खौफनाक रूप अख्तियार कर रही है:हिमाचल प्रदेश: पांगी इलाके में एक विशालकाय पहाड़ का हिस्सा ताश के पत्तों की तरह टूटकर मुख्य हाईवे पर आ गिरा। समय रहते ट्रैफिक रुका होने के कारण कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।उत्तराखंड (टिहरी): टिहरी में भीषण लैंडस्लाइड के चलते पहाड़ से भारी मलबा नीचे गिरा, जिसकी चपेट में आकर एक पुरानी खाली इमारत जमींदोज हो गई। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहले ही आसपास की दुकानें खाली करा ली थीं।जम्मू-कश्मीर (वैष्णो देवी): माता वैष्णो देवी भवन के मुख्य मार्ग पर भी भूस्खलन हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर चलने वाले बैटरी चालित ऑटो पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है, हालांकि पैदल यात्रियों को सावधानी के साथ जाने की अनुमति दी जा रही है।मौसम वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में यह पानी और रुलाएगा। मानसून की यह भयावह रफ्तार भारत के अनियोजित ड्रेनेज सिस्टम और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है।
फरीदाबाद में बृहस्पतिवार देर शाम शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सराय टोल प्लाजा के पास हुई, जहां दिल्ली की ओर से फरीदाबाद आ रही एक निशान मैग्नाइट कार में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को तुरंत सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से फरीदाबाद आ रहा था कार सवार कार मालिक फरीदाबाद जिला कोर्ट में वकील हैं। वह अपनी निशान मैग्नाइट कार में अकेले सवार होकर दिल्ली से फरीदाबाद आ रहे थे। कार से धुआं निकलता देख उन्होंने तुरंत वाहन रोक दिया। कुछ ही क्षणों में कार आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही सराय टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मचारियों ने फायर सिलेंडरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया और साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-31 फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। एटीएम में मशीन कंट्रोल पैनल लगी आग इसी दौरान दूसरी घटना एनआईटी-5 स्थित गांधी कॉलोनी में आईटीआई के पास लगे एक्सिस बैंक के एटीएम में सामने आई। एटीएम की एमसी (मशीन कंट्रोल पैनल) में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत आग बुझाने में जुट गए। लोगों की सतर्कता के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। सेक्टर-31 फायर स्टेशन के अधिकारी विनय कौशिक ने बताया कि कार में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर भेजी गई थी। प्रारंभिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार गांव स्थित राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में ‘सक्षम’ कार्यक्रम के तहत शिक्षा और तकनीक से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ किया। लाडली फाउंडेशन द्वारा हनीवेल टेक्नोलॉजी के CSR सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत AI इंटीग्रेटेड स्मार्ट स्कूल टॉयलेट, STEM इनोवेशन लैब, आधुनिक कंप्यूटर लैब, स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और छात्राओं के स्वास्थ्य से जुड़े विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए। सीएम ने कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव आधुनिक, वैज्ञानिक और तकनीक आधारित शिक्षा से तैयार होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा दिल्ली सरकार भी सरकारी स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक ढांचा विकसित कर रही है। AI स्मार्ट टॉयलेट, STEM लैब, डिजिटल क्लासरूम और कंप्यूटर लैब का उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान AI आधारित स्मार्ट स्कूल टॉयलेट का उद्घाटन किया गया। सेंसर आधारित निगरानी, स्वच्छता मॉनिटरिंग और जल संरक्षण जैसी सुविधाओं से लैस ये स्मार्ट टॉयलेट छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। सीएम ने कहा कि बेहतर स्वच्छता सुविधाएं बालिकाओं की नियमित स्कूल उपस्थिति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यालय में स्थापित STEM इनोवेशन लैब में छात्राओं को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्पेस साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी भविष्य की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक कंप्यूटर लैब के जरिए डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। 5 छात्राओं को स्पेस साइंस कार्यक्रम के लिए हवाई यात्रा टिकट दिए कार्यक्रम के तहत करीब 3 हजार छात्राओं के लिए स्वास्थ्य पहल भी शुरू की गई। इसमें मेडिकल चेकअप, नेत्र परीक्षण, जरूरतमंद छात्राओं को नि:शुल्क चश्मे, डिवार्मिंग अभियान और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सत्र शामिल हैं। सीएम ने STEM लैब में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 5 छात्राओं को अमेरिका के अलबामा स्थित यूएस स्पेस एंड रॉकेट सेंटर में आयोजित स्पेस साइंस कार्यक्रम के लिए चयनित होने पर बधाई दी और उन्हें हवाई यात्रा टिकट प्रदान किए। इस अवसर पर सीएम ने शालीमार बाग में बिजली अवसंरचना के आधुनिकीकरण की परियोजना का शुभारंभ किया। साथ ही नगर निगम के 137 इलेक्ट्रिक प्राइमरी वेस्ट कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
रेवाड़ी के हंस नगर में बीते रविवार शाम हुए धमाके में गंभीर रूप से झुलसी 25 वर्षीय तन्नु की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। तन्नु ने गुरुवार शाम करीब पांच बजे चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। हादसे में वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गई थी। उसकी शादी 25 नवंबर को तय थी और परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं। अब उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तन्नु का शव शुक्रवार को रेवाड़ी लाए जाने की संभावना है। रेवाड़ी से रोहतक और फिर दिल्ली किया था रेफर हादसे के तुरंत बाद तन्नु को रेवाड़ी के अस्पताल से रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसी दिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। वहीं उसके पिता एवं पूर्व सैनिक सतबीर चौहान, माता मधु, छोटी बच्ची खुशी और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान का भी इलाज चल रहा है। तन्नु की हालत शुरू से ही सबसे अधिक गंभीर बनी हुई थी। कपड़े प्रेस करते समय हुआ था धमाका जानकारी के अनुसार, रविवार शाम पूर्व सैनिक सतबीर चौहान अपने पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान के साथ घर पर बैठे थे। घर में उनकी पत्नी मधु, बेटी तन्नु और छोटी बच्ची खुशी भी मौजूद थीं। तन्नु ने उस दिन ट्यूशन पढ़ाने के लिए बच्चों को बुलाया हुआ था। बच्चों के आने से पहले वह कमरे में कपड़े प्रेस कर रही थी। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य कमरे की ओर दौड़े, लेकिन वे भी इसकी चपेट में आकर झुलस गए। हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए थे, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। 4 दिन बाद भी धमाके की वजह साफ नहीं घटना के बाद पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया है और वहां 24 घंटे पुलिस की तैनाती की गई है। फॉरेंसिक टीम और संबंधित एजेंसियां भी मामले की जांच कर चुकी हैं, लेकिन चार दिन बाद भी धमाके की वास्तविक वजह सामने नहीं आ सकी है। गैस सिलेंडर सुरक्षित, जांच रिपोर्ट का इंतजार धमाके के बाद घर में रखे तीन गैस सिलेंडर, फ्रिज और बाइक पूरी तरह सुरक्षित मिले, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पीएनजी गैस रिसाव को संभावित कारण माना है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा। वहीं, आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में परिवार और स्थानीय लोग भी धमाके के वास्तविक कारण सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
नई दिल्ली। इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (आईएबीएफ) द्वारा आयोजित प्रो बॉक्सिंग लीग (पीबीएल) के तीसरे दिन तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में रोमांच अपने चरम पर रहा। देशभर से आए मुक्केबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया। सांसद मनोज तिवारी ने प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और कहा कि ऐसे आयोजन बॉक्सिंग को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रतियोगिता का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर आईएबीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र, पूर्व महापौर जयप्रकाश, शैलेश पांडे, राकेश ठाकरान सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री लखन पटेल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। जाब फाइटर्स और मध्य महा योद्धा के बीच टक्कर डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि प्रो बॉक्सिंग लीग भारतीय मुक्केबाजों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने लीग के सफल आयोजन में सभी फ्रेंचाइजी और सहयोगियों की भूमिका की भी सराहना की। तीसरे दिन के पहले मुकाबले में पंजाब फाइटर्स और मध्य महा योद्धा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। दोनों टीमों ने चार-चार बाउट जीतकर मुकाबला 4-4 से बराबरी पर समाप्त किया। वहीं दूसरे मुकाबले में आंध्र वॉरियर्स ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ईस्टर्न टाइगर्स को 5-3 से हराकर अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। फाइनल मुकाबले पर टिकी निगाहें तीसरे दिन के मुकाबलों के बाद पंजाब फाइटर्स और मध्य महा योद्धा 9-9 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर हैं। आंध्र वॉरियर्स 8 अंकों के साथ तीसरे और ईस्टर्न टाइगर्स 6 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और खिलाड़ियों के भव्य प्रवेश ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दिया। अब सभी खेल प्रेमियों की निगाहें 10 जुलाई को होने वाले बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां प्रो बॉक्सिंग लीग के पहले संस्करण के विजेता का फैसला होगा।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा जंक्शन बनाने जा रही है। इस महायोजना के तहत दिल्ली से देश के अलग-अलग कोनों को जोड़ने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का खाका तैयार किया गया है। केंद्रीय बजट में सात प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, जिस पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की तैयारी में है।दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रूट: यूपी के इन शहरों की चमकेगी किस्मतप्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। यह आधुनिक रूट दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और न्यू भदोही होते हुए सीधे वाराणसी पहुंचेगी। इतना ही नहीं, लखनऊ को सीधे रामनगरी अयोध्या से जोड़ने के लिए भी 124 से 135 किलोमीटर लंबा एक अलग हाई-स्पीड लिंक बनाने का शानदार प्लान है।देश का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट: दिल्ली से सिलीगुड़ी सिर्फ 6 घंटे मेंयह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल रूट बनने जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। पहले से तय दिल्ली-वाराणसी लाइन को अब आगे बढ़ाकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा। लगभग 1705 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, यूपी के बाद बिहार के बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) से होकर गुजरेगा। इस रूट पर ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज 6 घंटे में पूरा हो जाएगा, जबकि दिल्ली से लखनऊ सिर्फ 2 घंटे 10 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट की दूरी पर रह जाएगा।दिल्ली से मुंबई का सफर भी होगा आसानदूसरा बड़ा कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के रास्ते सीधे आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ेगा। इस रूट पर सफर करने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे। इसके तहत द्वारका, बिजवासन, गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, किशनगढ़ (अजमेर), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद) जैसे स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।दिल्ली से कटरा: माता वैष्णो देवी के दर्शन होंगे बेहद आसानधार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली-अमृतसर कॉरिडोर का भी प्लान तैयार है। यह रूट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। भविष्य में इसे जालंधर से पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा तक विस्तार दिया जाएगा, जिससे वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और दिल्ली से अमृतसर की दूरी घटकर महज दो घंटे रह जाएगी।
दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसके समग्र पुनर्विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉरपोरेशन का नाम बदलकर अब इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (आईवीपीएन) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक नागरिक सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे से जोड़ना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में निगम की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, प्रबंध निदेशक संदीप कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुनर्विकास की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की। बैठक में चांदनी चौक के पुनर्विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बाजार का डिजाइन उसकी ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक स्वरूप के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही प्रतिदिन आने वाले लाखों लोगों की सुविधा के लिए आधुनिक सार्वजनिक शौचालय, बेहतर नागरिक सुविधाएं और व्यवस्थित पार्किंग विकसित की जाए। चांदनी चौक पर बनेगा प्रवेश और निकास द्वार मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक टाउन हॉल के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए चांदनी चौक की ओर से नया प्रवेश और निकास द्वार विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि यह इमारत प्रमुख विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास के दौरान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि चांदनी चौक की पहचान उसके पारंपरिक बाजारों से जुड़ी हुई है। बैठक में पर्यटकों की सुविधा के लिए चांदनी चौक में समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने, यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर और आसपास के क्षेत्र के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने तथा जामा मस्जिद क्षेत्र और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग के सौंदर्यीकरण की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। विरासत संरक्षण विशेषज्ञों से लिया जाएगा सहयोग : सूद शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पुनर्विकास केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना में इतिहासकारों, विरासत संरक्षण विशेषज्ञों और स्थापत्य विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक और स्थापत्य पहचान सुरक्षित रहे तथा आधुनिक सुविधाओं का संतुलित विकास हो सके। अधिकारियों के अनुसार, करीब 7.12 वर्ग किलोमीटर में फैली 350 वर्ष से अधिक पुरानी दिल्ली में एक विश्व धरोहर स्थल, 10 राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक, 10 राज्य संरक्षित स्मारक और 700 से अधिक स्थानीय विरासत स्थल हैं। प्रतिदिन लाखों पर्यटक, श्रद्धालु और व्यापारी यहां पहुंचते हैं। सरकार का मानना है कि सुनियोजित पुनर्विकास से विरासत संरक्षण के साथ व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव धौलेड़ा निवासी दिल्ली पुलिस में कार्यरत कांस्टेबल सुनील कुमार की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन सप्ताह पहले हुई मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हुई है। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों के अनुसार, 14 जून को सुनील कुमार घर आया हुआ था। उसी दिन वह घर से कहीं चला गया। अगले दिन वह संदिग्ध परिस्थितियों में घायल अवस्था में कालिया नांगल क्षेत्र के पास मिला। सूचना मिलने पर परिजन उन्हें मौके से लेकर आए। बाद में होश आने पर सुनील ने बताया कि वह गांव के ही कुछ लोगों के साथ गया था, जहां उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। आज तोड़ दिया दम शिकायत के अनुसार, घायल को पहले नारनौल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत होने पर 17 जून को जयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। तब से उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान उसको घर लेकर आ गए थे। मगर फिर से उसकी तबियत खराब हो गई। जिस पर उसको नागरिक अस्पताल लाए तो डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने दी हुई है शिकायत मृतक की पत्नी पिंकी ने पहले ही निजामपुर थाने में शिकायत देकर गांव के दो लोगों पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। परिजनों ने की कार्रवाई की मांग अब सुनील कुमार की मौत के बाद परिजनों का कहना है कि उनकी मृत्यु मारपीट में लगी चोटों के कारण हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले में हत्या की धारा जोड़कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। हत्या का होगा मामला दर्ज इस बारे में निजामपुर थाना प्रभारी धर्म सिंह ने बताया कि 14 जून को सुनील कुमार घर से चला गया था। जिसकी सूचना हमें 17 जून को मिली। 14 को घर से गायब होने के बाद सुनील कुमार ने अपने दोस्त सन्नी व प्रवीण निवासी धोलेड़ा के साथ शराब पी है। नदी में छोड़ गए इसके बाद उनका झगड़ा हुआ। इसके बाद उन्होंने इसको कालिया की नांगल नदी में छोड़ दिया। 15 को उसने किसी के फोन से उसकी पत्नी के पास फोन कराया कि सुनील कुमार यहां पर पड़ा हुआ है। इसको ले जाओ। जिसके बाद उसका लड़का व एक अन्य उसको लेकर घर आ गए। वहां पर तबियत खराब होने पर इसको प्राइवेट अस्पताल लेकर आए। वहां से उसको इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। उसकी पत्नी ने इस बारे में शिकायत की थी। जिसके बाद मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब उसकी मौत हो गई है। जिसके बाद अब पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच करेगी।
दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के रोहिणी सेक्टर-16 में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत के ढ़हने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर को बचा लिया गया। बचाव अभियान बुधवार की शाम से अभी तक जारी है। मलबे से तीन शव बरामद किये गये और मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी […] The post दिल्ली के रोहिणी में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
LIVE: भारी बारिश से दिल्ली की पानी-पानी, रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत
Latest News Today Live Updates in Hindi : रात भर हुई बारिश से दिल्ली NCR में कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर गया। रोहिणी में इमारत गिरने से 4 की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आज भी 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पल पल भी जानकारी...
बरेली में गुरुवार तड़के एक स्लीपर बस हाईवे पर बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। राहत की बात यह रही कि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसा गुरुवार सुबह करीब 4 बजे सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास हुआ। बस दिल्ली से पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बस पलटते ही मची चीख-पुकार पुलिस के मुताबिक, प्राइवेट स्लीपर बस दिल्ली से यात्रियों को लेकर पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। जब बस सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास पहुंची, तभी वह अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 50 से अधिक यात्री सवार थे। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश यात्री बस में सो रहे थे। अचानक बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और पुरुष चीखने-चिल्लाने लगे। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस और एंबुलेंस ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। सभी घायलों को एंबुलेंस से अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। बस को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का 75 से 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा : नितिन गडकरी
कोटा। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना में लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपए की लागत से 75 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। गडकरी बुधवार देर शाम कोटा के गोपालपुरा मण्डाना में आमसभा को संबोधित […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का 75 से 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा : नितिन गडकरी appeared first on Sabguru News .
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और भारतमाला परियोजनाएं राजस्थान के विकास को देगी नई गति : भजनलाल शर्मा
कोटा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित की जा रही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे एवं भारतमाला जैसी महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाएं राजस्थान के विकास को नई गति प्रदान करेंगी। शर्मा बुधवार देर शाम कोटा के गोपालपुरा मण्डाना में आमसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और भारतमाला परियोजनाएं राजस्थान के विकास को देगी नई गति : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को बुधवार को बूंदी के लबान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की खराब स्थिति का सामना करना पड़ा। हाड़ौती के विकास को गति देने के उद्देश्य से पहुंचे गडकरी ने एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों की शिकायतें मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उनके साथ थे। मिनी बस से उतरकर तीनों नेताओं ने करीब 100 फीट सड़क पर पैदल चलकर स्थिति का जायजा लिया। एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे थे और उनमें पानी भरा हुआ था। सीएम शर्मा ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को उंगली से इशारा करते हुए सड़क के गड्ढे दिखाए। स्थिति देखकर गडकरी ने गंभीरता से कहा, यह वाकई गंभीर समस्या है। इसे पूरी तरह दिखवाएंगे और ठीक करवाएंगे। निर्धारित समय से देरी से पहुंचने के कारण केंद्रीय मंत्री यहां प्रस्तावित जनसभा को संबोधित नहीं कर सके। तकनीकी खामियों को जल्द ठीक किया जाएगानिरीक्षण के बाद जैसे ही नेता मिनी बस में बैठे, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। लोगों ने गडकरी से कहा, साहब! हमें आपसे बहुत उम्मीदें हैं। यह हाईवे हमारे लिए सपनों की सड़क जैसा है, लेकिन निर्माण में लापरवाही के कारण यह आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आज सुबह ही यहां 2 भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें एक व्यक्ति की जान चली गई। जनता की बात सुनकर गडकरी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण के दौरान हुई तकनीकी खामियों को तत्काल ठीक किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि अगले 2 साल में यह सड़क पूरी तरह परफेक्ट और सुरक्षित हो जाएगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर और हीराल नागर भी मौजूद रहे। लबान में इस तरह रही 40 मिनट की हलचल हेलिकॉप्टर की हवा से उड़ी बैरिकेडिंग, मची अफरा-तफरीकार्यक्रम के दौरान तेज हवा और बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम 4:59 बजे सीएम के हेलिकॉप्टर के लैंड करते समय पंखों की तेज हवा से वीआईपी बैरिकेडिंग उड़ गई। इसमें 2-3 भाजपा कार्यकर्ता गिर भी गए। सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। काले कपड़े, शर्ट और गमछे पहनने पर रोक थी। विरोध की आशंका में इन्हें गेट पर ही जमा करवाया गया। बिरला बोले- 14 जिलों के लिए जीवनरेखा बनेगा एक्सप्रेसवेलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 8 लेन का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे NHAI की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। यह राजस्थान के 14 जिलों के लिए विकास की नई जीवनरेखा साबित होगा। इससे यात्रा का समय और परिवहन लागत घटेगी, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को गति मिलेगी। यह 5 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश को जोड़ेगा। दोनों ओर बनी बाउंड्री वॉल से आवारा पशुओं की दुर्घटनाएं भी कम होंगी। सुरक्षा रेलिंग में फंसकर फटा कुर्तास्वागत के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा का कुर्ता सुरक्षा रेलिंग में फंसकर फट गया। वहीं लोकसभा अध्यक्ष के निजी पुलिस अधिकारी अंकित जैन का ड्राइवर हड़बड़ी में गाड़ी छोड़ गया। अंकित जैन को दौड़कर गाड़ी पकड़नी पड़ी। सीएम ने हेलीपैड के पास खनिज, राजीविका और कृषि विभाग के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
दिल्ली में बड़ा हादसा! रोहिणी में इमारत गिरी, 3 की दर्दनाक मौत
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 इलाके में एक इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) ने इसकी पुष्टि की है।
बिहार के बड़े शहरों के बीच अब हाई-स्पीड रैपिड रेल दौड़ेगी।अब पटना से गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा जैसे प्रमुख शहरों के बीच हाई-स्पीड रैपिड रेल चलेगी। सरकार ने कुल चार रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने पर मंजूरी दी है। इस फैसले से शहरों के बीच सफर का समय लगभग दो-तिहाई कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस योजना समेत कुल 22 एजेंडों पर मुहर लगी। क्या है रैपिड रेल और क्यों खास है रैपिड रेल एक सेमी हाई-स्पीड यात्री ट्रेन सेवा है। इसे दो बड़े शहरों के बीच की दूरी को बहुत कम समय में तय करने के लिए बनाया जाता है। इसका सफल उदाहरण दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ ट्रेन है, जहां 82 किमी का सफर मात्र 55 मिनट में पूरा होता है। बिहार में भी इसी तर्ज पर शहरों को आपस में जोड़ा जाएगा। चार रैपिड रेल कॉरिडोर बनेगाचार रैपिड रेल कॉरिडोर में पटना-गयाजी कॉरिडोर, पटना एयरपोर्ट-बेगूसराय कॉरिडोर, पटना-हाजीपुर-प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर और पटना एयरपोर्ट-आरा कॉरिडोर शामिल हैं। इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के शुरू होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का काफी समय बचेगा। इस महापरियोजना का खाका खींचने का जिम्मा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया है। निगम इन चारों रूटों के लिए ‘अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट’ और ‘डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (डीपीआर) तैयार करेगा। इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ की राशि मंजूर की है। एनसीआरटीसी यह आकलन करेगा कि किन रूटों पर कौन सा सिस्टम सबसे किफायती होगा और पटरियां अंडरग्राउंड होंगी या एलिवेटेड। दिल्ली-NCR की तर्ज पर जुड़ेंगे शहररैपिड रेल प्रोजेक्ट केवल एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं है, बल्कि यह बिहार के सुनियोजित शहरी विकास की नींव है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब ’ग्रेटर पटना’ का सपना साकार होगा। इससे सैटेलाइट टाउनशिप विकसित होंगे, जिससे पटना पर आबादी का दबाव कम होगा। यह प्रणाली छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को सुरक्षित और तीव्र कनेक्टिविटी देगी, जिससे राज्य की जीडीपी में भी उछाल आने की उम्मीद है। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन खरीदेगी सरकार पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए राज्य सरकार जमीन अधिग्रहित करेगी। इन टाउनशिप में सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बैठक में किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 154 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति मिली। राज्य सरकार ने 2030 तक सभी सरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज, नया सस्पेंडेड स्लैब बनाने और पूरे पुल की मरम्मत के लिए 126.25 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। AERO अधिकारियों को मिलेगा मानदेय राज्य सरकार ने वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण और तैयारी के कार्य में लगे 1,351 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को हर साल 25 हजार रुपए मानदेय देने का फैसला किया है। इसके लिए 3.37 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राज्य के 243 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) को अब 30 हजार रुपये वार्षिक मानदेय मिलेगा। इस पर 72.90 लाख रुपये खर्च करने की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है। इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर की होगी नियुक्ति राज्य के 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक की पढ़ाई के लिए 76 नए शिक्षकों के पद (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर) सृजित करने की मंजूरी दी गई। ======================= ये खबर भी पढ़ें… बैकफुट पर सरकार-स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों में टैक्स नहीं: 24 घंटे में सम्राट गवर्मेंट ने बदला फैसला; कमर्शियल गाड़ियों को 21 SH पर देना होगा टोल बिहार सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बैकफुट पर आ गई है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने साफ कर दिया कि प्राइवेट गाड़ियों से स्टेट हाईवे पर टैक्स नहीं लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार देर रात कोटा से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रास्ते दौसा होकर जयपुर लौटे। जयपुर जाते समय लालसोट क्षेत्र के अमराबाद रेस्ट एरिया पर उनका काफिला कुछ देर के लिए रुका। इस दौरान विधायक रामबिलास मीणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विधायक से कुछ देर बातचीत भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला भांडारेज व बांदीकुई क्षेत्र से होकर जयपुर के लिए रवाना हो गया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे एक्सप्रेस-वे पर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कलेक्टर डॉ. सौम्या झा और एसपी पीयूष दीक्षित समेत आला प्रशासनिक अधिकारी प्रोटोकॉल ड्यूटी में तैनात रहे। गौरतलब है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के चलते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा पहुंचे थे। वहां उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया और लबान में आयोजित कार्यक्रम में भी भाग लिया।
भोपाल से दिल्ली और मुंबई के लिए 1 अगस्त से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें; रोज 6 फ्लाइट
राजा भोज एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को 1 अगस्त से नया विकल्प मिलेगा। एयर इंडिया एक्सप्रेस भोपाल से नियमित परिचालन शुरू करेगी और दिल्ली व मुंबई के लिए प्रतिदिन छह उड़ानों का संचालन करेगी। एयर इंडिया समूह के पुनर्गठन के तहत भोपाल से संचालित एयर इंडिया की अधिकांश घरेलू उड़ानें अब एयर इंडिया एक्सप्रेस के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। हालांकि, दिल्ली-भोपाल-दिल्ली सेक्टर की सुबह की उड़ान (एआई-1705/एआई-1886) का संचालन पहले की तरह एयर इंडिया ही करेगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी उड़ानें आधुनिक एयरबस ए320 नियो विमान से संचालित होंगी। नए शेड्यूल के बाद यात्रियों को दिल्ली और मुंबई के लिए दिनभर में अलग-अलग समय पर यात्रा के अधिक विकल्प मिलेंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इससे भोपाल की घरेलू हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। बुकिंग भी शुरूएयर इंडिया एक्सप्रेस ने इन उड़ानों की के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी है। यात्री एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से टिकट बुक करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान अब केवल ‘माइंस’ से नहीं, बल्कि ‘माइंड्स’ से भी बननी चाहिए। राज्य ने देश को सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक पूंजी भी दी है। अब जरूरत रिसोर्स के साथ रिसर्च, खनन के साथ इनोवेशन और सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि समावेशी व व्यापक विकास पर जोर देने की है। उन्होंने कहा कि देश का औद्योगिक विकास, झारखंड के औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को भी समान महत्व देना होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली में झारखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट, गूगल समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि झारखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था में मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप झारखंड को तैयार करने के लिए अपने सुझाव दिए। नई नीतियों पर मांगे सुझावकार्यक्रम में झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के सामने प्रस्तुत किए गए। इन नीतियों को अधिक प्रभावी और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए। निवेश और साझेदारी पर संवादकार्यक्रम के दौरान सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी-टू-जी) संवाद भी हुआ। इसमें झारखंड में आईटी, एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश तथा साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर सरकार ऐसी नीति तैयार करेगी, जो निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार सृजन और समावेशी विकास को भी गति देंगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अल-फलाह ट्रस्ट केस में जवाद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिकाएं ट्रांसफर कीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को अल-फलाह ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी जवाद अहमद सिद्दीकी की दो अंतरिम जमानत याचिकाओं को जस्टिस सौरभ बनर्जी की बेंच को ट्रांसफर करने का आदेश दिया
नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया, राजस्थान में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को बूंदी जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया।
अलवर जिले के रैणी थाना क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मांस से भरे एक कंटेनर को पुलिस ने कब्जे में लिया है। गोरक्षकों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनर को रैणी थाने ले आई। गोरक्षकों ने कंटेनर में रखे मांस के प्रतिबंधित होने की आशंका जताते हुए इसकी पशु चिकित्सा विभाग से जाँच कराने की माँग की। इसके बाद पुलिस ने पशु चिकित्सा अधिकारी को थाने बुलाकर मांस के नमूने लिए और जांच के लिए भेज दिए। रैणी थाना प्रभारी बने सिंह ने बताया- पुलिस को सूचना मिली थी कि हाईवे पर एक संदिग्ध कंटेनर को गोरक्षकों ने रुकवा रखा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और कंटेनर को थाने लाकर कार्रवाई शुरू की। कंटेनर चालक ने पुलिस को परिवहन संबंधी दस्तावेज और बिल प्रस्तुत किए, जिनमें कंटेनर में भैंस का मांस (बफेलो मीट) होना दर्शाया गया है। प्रारंभिक जांच में दस्तावेज सही मिले हैं, लेकिन पुलिस ने एहतियात के तौर पर मांस के सैंपल लैब भिजवा दिए हैं। थाना प्रभारी ने बताया - फॉरेंसिक और पशु चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंटेनर में रखा मांस किस पशु का है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।
दिल्ली समाचार:दिल्ली में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब गंभीर यातायात नियम तोड़ने वालों को सिर्फ चालान भरने या ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होने की सजा ही नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, लाइसेंस बहाल कराने के लिए उन्हें अनिवार्य रूप से दो दिन का प्रशिक्षण और परामर्श भी पूरा करना होगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने इस नई व्यवस्था की लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अंतिम मंजूरी के बाद इसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से लागू किया जाएगा।क्या बात क्या बात?परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले यातायात नियमों के उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता था, लेकिन बाद में इस अवधि को बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया। इसके बावजूद, कई चालकों के व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। विभाग के रिकॉर्ड से ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं जहां एक ही चालक ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया, जुर्माना भरा और लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी वही गलती दोहराई।सुधार पर भी जोर देने का निर्णय लिया गयाइस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अब दंड के साथ-साथ सुधार पर भी जोर देने का निर्णय लिया है। नई प्रणाली के तहत, ड्राइवरों को अपना लाइसेंस बहाल करवाने से पहले दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य होगा। इस कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञ सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों, दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों और एक जिम्मेदार चालक की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। लापरवाही से गाड़ी चलाने के संभावित खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए परामर्श भी दिया जाएगा।सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण?दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 ड्राइविंग लाइसेंस गंभीर यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए निलंबित किए जाते हैं। इनमें तेज गति से वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत साइड पर वाहन चलाना और खतरनाक मोड़ लेना शामिल हैं। विशेष रूप से, गलत दिशा में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसे सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण माना जाता है।सिफारिशें लगातार प्राप्त हो रही हैंदिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन का यह चलन केवल राजधानी तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली के लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अन्य राज्यों से भी सिफारिशें प्राप्त हो रही हैं। उदाहरण के लिए, पुलिस रिपोर्टों और अदालती आदेशों के आधार पर राजस्थान से औसतन 6 से 7 मामले प्रतिदिन दिल्ली भेजे जाते हैं, और विभाग उन पर आगे की कार्रवाई करता है।यातायात प्रशिक्षण केंद्र शुरू कर दिए गए हैं।इस बीच, यातायात पुलिस जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चला रही है। एक महीने तक चलने वाले जन जागरूकता अभियान के तहत, शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक स्कूल शुरू किए गए हैं। चालकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और ज़िम्मेदार ड्राइविंग के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नियमों के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।यातायात दुर्घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं।परिवहन विभाग का मानना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ मानवीय लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। विशेष रूप से, सड़क के गलत साइड पर गाड़ी चलाना और तेज़ गति से वाहन चलाना जैसी गलतियाँ अक्सर जानलेवा साबित हो सकती हैं। नई प्रशिक्षण और परामर्श प्रणाली से चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और राजधानी की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।
नई दिल्ली। द्वारका जिले के एक्सप्रेस वे टनल में रोडरेज के चलते एक टैक्सी ड्राइवर ने अन्य कार सवार युवक पर डंडे से हमला कर दिया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स दूसरे शख्स पर डंडे से हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। कापसहेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में वीडियो के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कॉलर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है और टैक्सी ड्राइवर की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई वारदात डीसीपी कुशाल पाल सिंह ने बताया मंगलवार शाम करीब 7:44 बजे कापसहेड़ा पुलिस थाने को द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई एक घटना के बारे में पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने आरोप लगाया कि उसकी वैगनआर कार और एक सफेद मारुति अर्टिगा टैक्सी के बीच मामूली टक्कर हो गई। इस पर टैक्सी ड्राइवर ने डंडे से उस पर हमला करने की कोशिश की। बचाव में कॉलर ने टैक्सी ड्राइवर को धक्का दिया, जिससे वह एक एक अन्य कार (किआ सेल्टोस) से टकराकर गिर गया। इसको लेकर गाड़ी को मामूली नुकसान पहुंचा। किआ सेल्टोस के मालिक ने उससे मुआवजे की मांग करते हुए कॉलर को रोक लिया, जबकि टैक्सी ड्राइवर मौके से भाग गया। आपसी सहमति से सुलझा लिया मामला मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। कॉलर ने उन्हें बताया कि टैक्सी ड्राइवर पहले ही भाग चुका था। कॉलर और किआ सेल्टोस के मालिक ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। पुलिस को मौके पर कोई क्षतिग्रस्त कार और घायल व्यक्ति नहीं मिला। पूछताछ करने पर कॉलर ने बताया कि वह घर पहुंच चुका है, मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है और वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता। पुलिस टैक्सी चालक की तलाश कर रही है।
टेलीविजन होस्ट और एक्टर मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का बुधवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। वे 76 वर्ष की थीं। मनीष पॉल की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद खबर की पुष्टि की है। बयान में प्रशंसकों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है। हालांकि, परिवार की तरफ से अभी तक उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। मनीष अपनी मां के बेहद करीब थे और अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें साझा करते रहते थे। मनीष की टीम ने जारी किया बयानमनीष पॉल की टीम ने बयान जारी कर बताया कि एक्टर की मां का दिल्ली में देहांत हो गया है। टीम ने कहा कि बहुत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मनीष पॉल की मां का आज दिल्ली में निधन हो गया है। हम आप सभी से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करते हैं। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लोग मनीष और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। मां के साथ था खास रिश्तामनीष पॉल अपनी मां उर्मिल पॉल के बहुत करीब थे। वे अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी मां के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर करते थे। साल 2022 में अपनी मां के जन्मदिन पर मनीष ने एक भावुक पोस्ट लिखा था। उन्होंने मां के साथ फोटो शेयर कर जीवन के प्रति उनका नजरिया बदलने के लिए धन्यवाद दिया था। मनीष ने लिखा था कि मुझे 'बिंदास' रहना सिखाने के लिए आपका शुक्रिया। उर्मिल पॉल के परिवार में उनके पति जगमोहन पॉल, बेटी ज्योति पॉल मोहन और दो बेटे मनीष पॉल और विवेक पॉल हैं। रेडियो जॉकी से की थी करियर की शुरुआतमनीष पॉल ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो जॉकी (आरजे) और वीडियो जॉकी (वीजे) के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग, होस्टिंग और स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने टेलीविजन पर 'राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी', 'शशश...फिर कोई है' और 'घर-घर में' जैसे कई लोकप्रिय शोज में काम किया। उन्होंने फिल्मों में छोटे रोल से शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2013 में आई फिल्म 'मिकी वायरस' से उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने एक कंप्यूटर हैकर मिकी का किरदार निभाया था। मनीष पॉल के हालिया प्रोजेक्ट्समनीष पॉल को भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय होस्ट में से एक माना जाता है। उन्होंने 'सा रे गा मा पा छोटे उस्ताद', 'झलक दिखला जा', 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स' और 'नच बलिये' जैसे कई बड़े रियलिटी शोज को होस्ट किया है। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और एंकरिंग के लिए वे जाने जाते हैं। मनीष ने संयुक्ता पॉल से शादी की है। हाल ही में वे वरुण धवन के साथ फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में नजर आए थे।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी को देश की अग्रणी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सिटी बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को नई ईवी नीति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले चार वर्षों में राजधानी में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या मौजूदा करीब 9 हजार से बढ़ाकर 32 हजार तक पहुंचाई जाए। बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार केवल स्टेशनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पर्याप्त बिजली आपूर्ति, उपयुक्त स्थान और आधुनिक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली अवसंरचना मजबूत करने और सोलर आधारित चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस हों नए चार्जिंग स्टेशन : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए कि नए चार्जिंग स्टेशन फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस हों और मौजूदा स्लो चार्जिंग स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाए। साथ ही, ऐसे चार्जिंग हब विकसित किए जाएं जहां बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों। बैठक में चार्जिंग स्टेशनों के लिए संभावित स्थानों पर भी चर्चा हुई। सरकार दिल्ली मेट्रो की पार्किंग, मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे उपलब्ध जगह, नगर निगम पार्किंग, डीडीए बाजारों, प्रमुख मॉल, रेलवे स्टेशनों, सरकारी परिसरों और बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम करेगी, ताकि लोगों को घर और कार्यस्थल के आसपास आसानी से चार्जिंग सुविधा मिल सके। DMRC और DDA से समन्वय बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा। उपलब्ध भूमि और मौजूदा अवसंरचना का बेहतर उपयोग कर तेजी से चार्जिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित एजेंसियों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द अमल शुरू किया जाए, ताकि दिल्ली स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
दिल्ली सरकार ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) के जरिए संपत्तियों के हस्तांतरण में स्टांप ड्यूटी चोरी और धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी सब-रजिस्ट्रारों को जीपीए से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। नए दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई मामलों में संपत्ति की बिक्री और मालिकाना हक हस्तांतरण जैसे प्रावधानों वाले दस्तावेजों को केवल जीपीए बताकर नाममात्र की स्टांप ड्यूटी पर पंजीकृत कराया जाता है। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान होता है और धोखाधड़ी की आशंका बढ़ती है। सरकार अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। जीपीए दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच अब सब-रजिस्ट्रार प्रत्येक जीपीए दस्तावेज की बारीकी से जांच करेंगे। यह देखा जाएगा कि दस्तावेज में धन के लेन-देन, संपत्ति का कब्जा सौंपने, अपरिवर्तनीय (इररेवोकेबल) जीपीए या संपत्ति को बेचने, उपहार देने, ट्रांसफर करने अथवा बंधक रखने जैसे स्थायी अधिकार तो शामिल नहीं हैं। यदि ऐसे प्रावधान मिलते हैं तो दस्तावेज की अलग से जांच होगी। ब्लड रिलेशन से बाहर मामलों में मंजूरी जरूरी माता-पिता, पति-पत्नी, बेटा, बेटी, भाई और बहन के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में निष्पादित जीपीए को सब-रजिस्ट्रार सीधे पंजीकृत नहीं कर सकेंगे। ऐसे सभी मामलों को स्टांप शुल्क निर्धारण (एडजडिकेशन) के लिए संबंधित कलेक्टर ऑफ स्टांप के पास भेजना अनिवार्य होगा। 30 दिन में फैसला, उल्लंघन पर कार्रवाई कलेक्टर ऑफ स्टांप को 30 दिनों के भीतर यह तय करना होगा कि संबंधित दस्तावेज सामान्य जीपीए है या उस पर बिक्री पत्र (कन्वेयंस डीड) के बराबर स्टांप शुल्क लगेगा। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि अधिकतम तीन महीने तक बढ़ाई जा सकेगी। आदेश और निर्धारित स्टांप शुल्क के बिना पंजीकरण नहीं होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले सब-रजिस्ट्रारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी बनेगा सरकार प्रत्येक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में ऐसे मामलों का अलग रिकॉर्ड रखेगी और मासिक रिपोर्ट तैयार होगी। साथ ही, एक महीने के भीतर ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकारी राजस्व सुरक्षित होगा और आम नागरिक भी संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी से बच सकेंगे।
नई दिल्ली। देशव्यापी स्वच्छता अभियान के तहत दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भाटी वार्ड में मेगा सैनिटेशन ड्राइव चलाकर धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की व्यापक सफाई कराई। अभियान के दौरान प्रसिद्ध शमी धाम मंदिर परिसर, आसपास की सड़कें, गलियां, पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाया गया तथा पूरे इलाके को साफ-सुथरा बनाया गया। अभियान की अगुवाई दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने की। वे स्वयं झाड़ू लेकर सफाई अभियान में शामिल हुए। उनके साथ असिस्टेंट कमिश्नर, स्वच्छता निरीक्षक, निगम अधिकारी और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों ने क्षेत्र में सफाई कार्य किया। इस दौरान स्थानीय लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया गया। नियमित सफाई एमसीडी की प्राथमिकता : डिप्टी कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने कहा कि धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई एमसीडी की प्राथमिकता है। ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसके स्थायी परिणाम मिल सकते हैं। शमी धाम मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे सफाई व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। अधिकारियों के अनुसार, एमसीडी आने वाले दिनों में भी विभिन्न वार्डों में इसी तरह के विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करेगी।
पंजाब कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान और बगावती सुरों पर आलाकमान ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि पंजाब में लीडरशिप को लेकर किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के 'राजा' बने रहेंगे। दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद आए इस फैसले ने जहां विरोधी गुट के हौसले पस्त कर दिए हैं, वहीं राजा वड़िंग के समर्थकों में जश्न का माहौल है।पंजाब में लगातार मिल रही चुनावी चुनौतियों और नेताओं की आपसी बयानबाजी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हाईकमान राज्य इकाई में कोई बड़ा फेरबदल कर सकता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ शब्दों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का पूरा फोकस आगामी रणनीतियों पर है, न कि आंतरिक गुटबाजी को हवा देने पर।सिद्धू और वड़िंग गुट में आर-पार! क्यों सुलग रही थी पंजाब कांग्रेस की सियासत?पंजाब कांग्रेस में कलह कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से राजा वड़िंग और नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बयानबाजी तेज हो गई थी। विरोधी खेमे का तर्क था कि राज्य में पार्टी को नए और आक्रामक चेहरे की जरूरत है। इस खींचतान के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली दरबार में डेरा डाल दिया था।नेताओं को उम्मीद थी कि प्रभारी बदलने के बाद पंजाब संगठन के ढांचे में भी बदलाव होगा। हालांकि, भूपेश बघेल ने सभी असंतुष्ट नेताओं की क्लास लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना सही है, लेकिन पार्टी लाइन से बाहर जाकर अनुशासन तोड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कड़े रुख के बाद साफ है कि आलाकमान राजा वड़िंग के सांगठनिक काम और उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा जता रहा है।भूपेश बघेल का 'मिशन पंजाब': गुटबाजी खत्म करने के लिए बनाया नया 'पावर प्लान'पंजाब का प्रभार संभालते ही भूपेश बघेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरी हुई कांग्रेस को एक मंच पर लाना था। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई बंद कमरे की बैठक में बघेल ने दोटूक कहा, पार्टी एक व्यक्ति से नहीं, संगठन से चलती है। जिन्हें राजा वड़िंग के नेतृत्व से दिक्कत है, वे अपनी शिकायत सीधे मुझसे करें, न कि मीडिया के सामने जाकर तमाशा बनाएं।इस फैसले के जरिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के कैडर को एक मजबूत संदेश दिया है कि लीडरशिप पूरी तरह स्थिर है। अब राजा वड़िंग के पास संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने की पूरी छूट होगी। जानकारों का मानना है कि इस कड़े फैसले से पंजाब कांग्रेस का आंतरिक क्लेश कुछ समय के लिए शांत जरूर हो सकता है, लेकिन असंतुष्ट गुट की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
पलवल में कैंप थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के सहयोग से तीन माह पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। दो नशा तस्कर दोस्तों ने पैसों के लेनदेन को लेकर दिल्ली में हत्या कर शव को कैंप थाना क्षेत्र में फेंका था। कैंप थाना पुलिस ने हत्या के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि 7 अप्रैल को कैंप थाना अंतर्गत पन्ना विहार कॉलोनी के एक खाली प्लॉट में एक युवक का लहूलुहान शव मिला था। व्यक्ति के सिर, शरीर और पैरों पर तेजधार हथियार के गहरे जख्म थे। कॉलोनी निवासी हिमांशु की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में हुआ खुलासा दिल्ली सीआईए रोहिणी टीम ने 11 जून को हथियारों की तस्करी के आरोप में दिल्ली के शाहबाद डेरी निवासी सुजीत उर्फ साधु और राजा बाबू उर्फ करण को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने जब आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने साथी की हत्या कर शव को पलवल में फेंकने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिल्ली के नजफगढ़ के प्रेम नगर निवासी रूप सिंह की हत्या की थी। रुपए हड़पने पर किया था मर्डर पुलिस पूछताछ में सुजीत और राजा बाबू ने बताया कि वे गांजा बेचने का धंधा करते हैं। मृतक रूप सिंह उनके लिए ओडिशा से गांजा लाने का काम करता था। मार्च 2026 में आरोपी सुजीत ने रूप सिंह को गांजा लाने के लिए 60 हजार रुपए दिए थे, जिसे रूप सिंह ने हड़प लिया था। इसी रंजिश के चलते 6 अप्रैल को आरोपियों ने रूप सिंह को तुगलकाबाद पुराने किले के पास एक पार्क में बुलाया। वहां पैसों को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने बीयर की बोतल और चाकू से हमला कर रूप सिंह को लहूलुहान कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हेलमेट लगा स्कूटी पर पलवल लाए थे शव आरोपियों ने कबूला कि वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से साजिस रची और बेहोशी की हालत में लहुलुहान रुप सिंह को उसी की स्कूटी पर रात के अंधेरे में बीच में हेलमेट लगाकर बिठाया और पलवल तक मृत अवस्था में ले आए। पलवल के अगवानपुर गांव केपास गंदे नाले पर स्थित पन्ना कॉलोनी में खाली प्लाट में शव को फेंककर फरार हो गए। आरोपी मृतक की जेब से उसके मोबाइल फोन व 700 रुपये भी निकाल कर अपने साथ ले गए।
पानीपत के एक निजी अस्पताल के खिलाफ झूठी गवाही, वीडियो और दस्तावेज तैयार करवाने के षड्यंत्र के तहत 73 साल की एक बुजुर्ग महिला का उसकी मर्जी के खिलाफ अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने स्वास्थ्य जांच और अल्ट्रासाउंड का झांसा देकर बुजुर्ग महिला को पहले हरिद्वार और फिर दिल्ली बंधक बनाकर रखा। इस पूरी साजिश का खुलासा तब हुआ] जब डरी-सहमी बुजुर्ग महिला ने रेवाड़ी जाकर अपने बेटे को पूरी आपबीती सुनाई। सेक्टर-29 थाना पुलिस ने पीड़ित बेटे की शिकायत पर नामजद महिला एजेंट शिल्पा और उसके साथी रविन्द्र गुलिया के खिलाफ अपहरण व जबरन डराने-धमकाने का केस दर्ज कर लिया है। इलाज के बहाने घर से ले गए थे आरोपी थाना सेक्टर-29 पानीपत पुलिस को दी गई शिकायत में गांव बिहोली के रामफल ने बताया कि उनकी 73 वर्षीय माता छन्नो देवी सेना की ECHS योजना की लाभार्थी हैं। गत 11 जून को आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा उनकी मां को घर से पानीपत के आयुष्मान भव अस्पताल में इलाज कराने की बात कहकर लेकर आए थे। 13 जून को रामफल अपनी मां से मिलने अस्पताल के कमरा नंबर 10 में गया, जहां वे दाखिल थी। अल्ट्रासाउंड की बात कहकर किया गायब शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह 15 जून को दोबारा अस्पताल पहुंचा, तो उसे बताया गया कि उसकी मां को अल्ट्रासाउंड के लिए दूसरे अस्पताल ले जाया गया है। जब 2-3 घंटे तक वे वापस नहीं लौटीं, तो रामफल को शक हुआ। अस्पताल में दोबारा कड़ाई से पूछने पर पता चला कि बुजुर्ग महिला वहां दाखिल ही नहीं थीं। घबराए बेटे ने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर कॉल की। पुलिस की दखल के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शिल्पा और रविंद्र गुलिया बुजुर्ग महिला को अपने साथ हरिद्वार ले गए हैं। जब फोन पर संपर्क किया गया, तो आरोपियों ने कहा कि वे कल सुबह तक उन्हें वापस ले आएंगे। इसके बाद 16 जून की रात को आरोपी बुजुर्ग महिला को थाने लेकर पहुंचे, जहां से बेटा उन्हें घर ले आया। डरा-धमकाकर हरिद्वार और दिल्ली में रखा घर आने के बाद बुजुर्ग महिला इतनी डरी और सहमी हुई थी कि उसने कुछ नहीं बताया। उसका मन बहलाने के लिए उसकी बेटी उषा देवी उसे अपनी ससुराल रेवाड़ी ले गई। जब 4 जुलाई को रामफल अपनी मां से मिलने रेवाड़ी गया, तो बुजुर्ग मां ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। कोरे कागजों पर लगवाया अंगूठा बुजुर्ग महिला ने बताया कि रविंद्र गुलिया और शिल्पा उसे उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन हरिद्वार और दिल्ली लेकर गए थे, जहां उन्हें डराया-धमकाया गया था। महिला ने खुलासा किया कि इस अपहरण की वारदात से करीब 8-10 दिन पहले भी आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनसे कुछ कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया था और एक वीडियो भी बनाई थी। आरोपियों ने अपनी मर्जी के अनुसार बुजुर्ग महिला से एक अस्पताल के खिलाफ जबरन झूठे बयान दिलवाए थे। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस यही नहीं, आरोपियों ने बाद में पीड़ित के गांव आकर भी बुजुर्ग महिला को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित बेटे रामफल की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी रविंद्र गुलिया और शिल्पा के खिलाफ BNS की धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मानसून सक्रिय हो गया है। अगले सप्ताह तक तेज बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट के आसार हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। कोटा जिले के सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के एक्सप्रेस-वे जालिमपुरा इंटरचेंज के पास आज सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना सुबह 4 बजे की है। सभी यात्री उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे थे। ये यात्री 26 सीटर वाली वाली टूरिस्ट मिनी बस से आ रहे थे। बस सड़क किनारे रुकी हुई थी, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में उत्तरप्रदेश के बागपत निवासी चरण सिंह (50) की इलाज के दौरान हॉस्पिटल में मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायल हैं। घायलों में ओम वीर पुत्र नकली (47) निवासी तुगाना, जिला बागपत,उत्तर प्रदेश, उषा बिष्ट (50) पत्नी भगत सिंह बिष्ट निवासी रामनगर, पिरुमड, गुड्डी (35) पत्नी महेश निवासी दिल्ली शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल चार से पांच यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। टोल एंबुलेंस के कंपाउंडर दीपक शर्मा ने बताया कि हादसा सुबह 4 बजे हुआ। बस में दिल्ली जल बोर्ड के कर्मचारी यात्रा कर रहे थे। गुड्डी के नाक और सर में चोट आई है, जबकि उषा बिष्ट के पैर में फैक्चर हुआ है, ओमवीर के दोनों पैरों में फैक्चर है। ओमवीर हलवाई का काम करते हैं। सुल्तानपुर थाना अधिकारी दौलत साहू ने बताया कि सुबह 4:00 बजे लगभग सूचना मिली की एक डंपर ने मिनी बस को टक्कर मार दी मौके पर पहुंचे सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा एमबीएस हॉस्पिटल भर्ती करवाया वहीं एक व्यक्ति चरण सिंह उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी की मौत हो गई। यह सभी अलग-अलग परिवार के हैं। हादसे के बाद कुछ देर के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारु कराया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निरीक्षण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। --- ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लग गई। हादसे में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है।SP पीयूष दीक्षित ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी। स्लीपर बस में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। (पूरी खबर पढ़ें)
इटावा में बुधवार सुबह करीब 5 बजे बनारस से दिल्ली जा रही प्राइवेट दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में बस चालक और कंडक्टर की मौके पर मौत हो गई। करीब दो दर्जन से अधिक यात्री घायल है। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। घटना आगरा कानपुर नेशनल हाईवे 19 पर आईटीआई चौराहा थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुई है। बताया जा रहा है सरिया लदे खराब ट्रक में पीछे से बस जा घुसी। आनन फानन में सभी घायलों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल इटावा में भर्ती करवाया गया है। दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया गया है। परिवार को सूचना दे दी गयी है। दोनों मृतकों की पहचान 35 वर्षीय प्रेम बस चालक और कंडक्टर 22 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है। यात्रियों ने बताया कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक को नींद आ गई थी। डॉक्टर राहुल बाबू ने बताया कि पुलिस और एंबुलेस के माध्यम से कई घायलों को लाया गया था। जिसमें बस का ड्राइवर और कंडक्टर मृत अवस्था में थे, जिनको मोर्चरी में रखवाया गया है। वहीं दो दर्जन से अधिक यात्री घायल है, जिनका लगातार उपचार किया जा रहा है। घायलों के अनुसार बस चालक को झपकी आने के चलते यह बस खराब खड़े ट्रक में घुस गई। देखें हादसे की 4 तस्वीरें… घायल यात्रियों ने बताया कि बस चालक ज्यादा एक्सपर्ट नहीं लग रहा था, खराब ट्रक के पास धीरे चलने के संकेत लगे थे लेकिन बस चालक कंडक्टर नींद के होनें के कारण जब तक कुछ समझ पाते तब तक बस ट्रक में घुस गई थी। हादसा इतनी जोरदार था कि बस में चीखपुकार मच गई। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया घटना की जानकारी मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यात्रियों ने बताया कि बस चालक तेज रफ्तार में था और उसको नींद आने के चलते हादसा हुआ, इस हादसे में बस चालक और कंडक्टर की मौत हो गई है। उनकी पहचान कर ली गई है परिवार को सूचना भेजी गई है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है। बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा। प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे 'शीशमहल' नाम दिया था। केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें... CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए। 2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
दौसा बस हादसे के बाद नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का लेंगे जायजा
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करेंगे। यह दौरा राजस्थान के दौसा जिले में बस और ट्रेलर की भीषण टक्कर और आग लगने की घटना के कुछ दिनों बाद हो रहा है, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे।
भिंड के राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल भारतीय सेना के जवान अरविंद वर्मा आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान 6 जुलाई को उनका निधन हो गया। मंगलवार शाम जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव उदोतपुरा पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय अरविंद वर्मा, स्वर्गीय भंवर सिंह वर्मा के पुत्र थे और करीब 14 वर्ष से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। वह 28 मार्च को अवकाश लेकर अपने गांव आए थे। इसी दौरान बाइक से अपने साले के घर ग्वालियर जाते समय एनएच-719 पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। हादसे के बाद उन्हें पहले ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। वहां कई दिनों तक इलाज चला, लेकिन 6 जुलाई को उन्होंने अंतिम सांस ले ली। अरविंद वर्मा अपने पीछे पत्नी, चार वर्षीय पुत्र और डेढ़ वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं। मंगलवार देर शाम करीब साढ़े पांच बजे उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार पहुंचे। जवान के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने दिवंगत सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सैन्य सलामी दी। इस दौरान पूरे वातावरण में 'भारत माता की जय' और 'अमर रहे' के गगनभेदी नारे गूंज उठे। सैन्य सम्मान के बाद जवान के मासूम बेटे ने मुखाग्नि देकर अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इसके साथ ही पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वैश्विक स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ, निवेशक और अर्थशास्त्री भाग लेंगे। 9 जुलाई को आयोजित विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दौरान नीतियों पर विस्तृत चर्चा होगी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने सुझाव साझा करेंगे, जिससे नीति को और बेहतर बनाया जा सके। झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जाएदरअसल, झारखंड में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण नीतियों का ड्राफ्ट जारी किया है। उद्योग निदेशालय की ओर से झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति-2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का प्रारूप सार्वजनिक किया गया है। इन नीतियों के माध्यम से राज्य में निवेश के अवसरों को बढ़ाने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य है कि बदलती वैश्विक और घरेलू औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नीतियों को तैयार कर झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया जाए। सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध है ड्राफ्ट राज्य सरकार ने इन दोनों नीतियों पर उद्योग जगत, विशेषज्ञों, निवेशकों और आम नागरिकों से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। इसके लिए दोनों नीतियों का विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। सरकार का मानना है कि व्यापक विचार-विमर्श और विभिन्न हितधारकों के सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने से यह अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बन सकेगी। उद्योगपतियों की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नीति तैयार करने से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा और नए उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। एमओयू पर हस्ताक्षर की संभावना सरकार को उम्मीद है कि इस परामर्श कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के जरिए झारखंड को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। इन बड़ी कंपनियों के साथ होगी चर्चा बैठक में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआई माइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया और कैपजेमिनी इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और ग्रासिम इंडस्ट्रीज सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों तथा विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इन नीतियों पर भी निर्णय की है संभावना विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग में यूरोपीय कंपनियों के लिए एक विशेष कोषांग (सेल) स्थापित करने की भी योजना है। इसके माध्यम से विदेशी निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नई नीतियों में खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष फोकस रहेगा। ईवी नीति में मिल सकती हैं नई रियायतें प्रस्तावित संशोधनों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश सब्सिडी को और आकर्षक बनाए जाने की संभावना है। मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और हरित ऊर्जा उपकरणों पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के साथ भूमि आवंटन पर अधिकतम लीज प्रीमियम में छूट पर भी विचार किया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा फूड एंड फीड प्रोसेसिंग नीति में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संशोधन किए जाने की संभावना है। विशेषकर जनजातीय विकास परियोजना क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को प्लांट एवं मशीनरी, तकनीकी सिविल कार्यों और मेगा परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग का पुनर्गठन किया गया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) का पुनर्गठन किया है
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में 6 केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्रियों से मेट्रो, ई-बस, पेयजल प्रोजेक्ट, ऊर्जा, कृषि, हाईवे और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों ने मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार के कामकाज की सराहना भी की। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम विकास चौपालों के नवाचार के लिए सीएम की सराहना की। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान में ग्राम विकास चौपालों की पहल की सराहना की। केंद्रीय खाद्य एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ हुई बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने और आधुनिक वेयरहाउस बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम योजना और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री की केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल के साथ प्रदेश में ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने, ई-बस सेवाएं बढ़ाने और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर चर्चा हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ जल जीवन मिशन, यमुना जल परियोजना और राम जल सेतु लिंक परियोजना समेत राज्य की जल योजनाओं की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर बातचीत हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी विकास से जुड़े मुद्दों और केंद्र-राज्य समन्वय पर चर्चा की। इससे पहले सोमवार सीएम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की।
कई महत्वपूर्ण नीतियों के प्रारूप और पोर्टल्स की लॉन्चिंग व एमओयू होंगे झारखंड सरकार राज्य को निवेश, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली के होटल ताज में बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। वे दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस आयोजन में उद्योग जगत से मिले सुझावों के आधार पर नई औद्योगिक, आईटी, एआई और पर्यटन नीतियों को अंतिम रूप देने की दिशा तय होगी। कार्यक्रम के दौरान कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू भी होने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और पर्यटन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य राज्य की नई विकास नीतियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। जिन नीतियों की अवधि समाप्त हो रही है, उन्हें नए सुझावों के आधार पर संशोधित किया जाएगा। जबकि नई नीतियों में भी उद्योग जगत की अनुशंसाओं को शामिल किया जाएगा। सरकार राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों की तुलना में अधिक आकर्षक नीति तैयार करने पर काम कर रही है। साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए उद्योग विभाग में विशेष कोषांग बनाने की प्रक्रिया भी जारी है। पहले दिन आईटी-एआई, दूसरे दिन निवेश व पर्यटन पर चर्चा, मुख्यमंत्री रखेंगे राज्य का डिजिटल रोडमैपबुधवार को पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी पार्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल निवेश पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद सरकार और आईटी कंपनियों के बीच बी-टू-जी संवाद आयोजित किया जाएगा। दिन का समापन ‘झारखंड में एआई का भविष्य’ विषय पर विशेष सत्र से होगा। वहीं, गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता करेंगे। दूसरे दिन निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन पर विस्तृत चर्चा होगी। राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन कई बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। कार्यक्रम का समापन झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुति से होगा। आईटी, एआई, पर्यटन और निवेश पर रहेगा विशेष फोकससम्मेलन में झारखंड एआई पॉलिसी, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल्स पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा होगी। खनन, आधारभूत संरचना, इस्पात, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी मंथन होगा। यह आयोजन राज्य के विजन-2050 को गति देने और पिछले वर्ष दावोस में हुए वैश्विक निवेश संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गूगल, एक्सेंचर, आईबीएम समेत प्रमुख कंपनियां होंगी शामिलजानकारी के मुताबिक, सरकार आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, गूगल, अोरेकल, माइक्रोसॉफ्ट, विप्रो, एचसीएल, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, आईबीएम इंडिया, कैपजेमिनी इंडिया के साथ कई विषयों पर मंथन करेगी। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, अदाणी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मेक माई िट्रप, रेडिशन, इज माई ट्रिप के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे।
ग्वालियर में देश के चर्चित व रॉयल राजघरानों में शुमार सिंधिया राजघराने का दशकों पुराना संपत्ति विवाद अब महा-समझौता की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। समझौता प्रस्ताव में सिंधिया राजघराने के मुखिया व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं (राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा व अन्य) के बीच अरबों रुपए की शाही विरासतों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन चुकी है। तमाम दौर की पारिवारिक बैठकों के बाद समझौते का अंतिम मसौदा तैयार कर लिया गया है, जिस पर अब सिर्फ कानूनी मुहर लगना शेष है। इसके लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से ग्वालियर जिला न्यायालय में आवेदन भी पेश कर दिया गया है, जिस पर 8 जुलाई 2026 को बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इस ऐतिहासिक महा-समझौते के लागू होते ही दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर की अदालतों में वर्षों से लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमों का हमेशा के लिए पटाक्षेप हो जाएगा। क्या है समझौते का मूल मंत्र? 'जो जहां काबिज, वो संपत्ति उसी की' राजघराने के सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, इस समझौते का आधार बेहद व्यावहारिक और आपसी कड़वाहट को खत्म करने वाला रखा गया है। सिर्फ महल नहीं... ट्रस्ट और कंपनियों में बंटी है पूरी रियासत सिंधिया राजपरिवार की अधिकांश संपत्तियां सीधे किसी व्यक्ति के नाम न होकर 1970 के दशक से 'सर जयाजीराव ट्रस्ट' और 'कृष्ण माधव ट्रस्ट' जैसी संस्थाओं के अधीन हैं। वहीं, दिल्ली की 'सिंधिया पॉटरीज' की जमीन पर बनी तीन आलीशान कोठियों में तीनों बुआएं (वसुंधरा, यशोधरा और ऊषा राजे) निवास करती हैं। पूर्व के पारिवारिक बंटवारे में माधवराव सिंधिया को मिली 'सिंधिया इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (SIPL)' की कमान वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया संभाल रहे हैं। राजमाता का 'पन्ने का शिवलिंग' अब ज्योतिरादित्य के पास इस पूरे संपत्ति बंटवारे में सबसे भावुक और आध्यात्मिक पहलू पन्ने (रत्न) का 'दिव्य शिवलिंग' है। यह वही बेशकीमती और चमत्कारी शिवलिंग है जिसे राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने आजीवन अपने पास रखा और वे प्रतिदिन सुबह इसकी विशेष आराधना करती थीं। वर्तमान में यह पवित्र शिवलिंग राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया के पास सुरक्षित है। हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुख्ता सूत्रों का दावा है कि नए समझौते के तहत यह ऐतिहासिक और राजमाता की सबसे प्रिय धरोहर अब उनके पोते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में आने जा रही है। इन दिग्गजों के बीच होगा समझौता महा-समझौता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा, यशोधरा राजे सिंधिया, कनिका देवी, प्रतिमा देवी और चित्रांगदा राजे के बीच होने जा रहा है। बुआओं की ओर से अगले सप्ताह कोर्ट में आवेदन दाखिल होने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट इस पर अपनी अंतिम सील लगा देगा। सबसे ज्यादा मुकदमे मुंबई की अदालतों में लंबित हैं, जबकि ग्वालियर में भी 5 केस चल रहे हैं, जो अब वापस ले लिए जाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2025-26 में स्कूली शिक्षा के मामले में चंडीगढ़ ने देशभर में बाजी मारी है और वह टॉप पर रहा है। वहीं पंजाब, केरल, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। क्या है PGI 2.0 और कैसे तय होते हैं ग्रेड? इस बार राज्यों को कोई फिक्स रैंक देने के बजाय अलग-अलग 'ग्रेड्स' यानी परफॉर्मेंस बैंड में बांटा गया है। इसका फायदा यह है कि एक जैसी परफॉर्मेंस वाले कई राज्य एक ही बैंड में आ सकते हैं, जिससे हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ता है। यह इंडेक्स कुल 70 इंडिकेटर्स (संकेतकों) आधारित है, जिन्हें 2 मुख्य कैटेगरी (आउटकम और गवर्नेंस-मैनेजमेंट) के तहत 6 डोमेन में परखा गया है, इनमें लर्निंग आउटकम और क्वालिटी, एक्सेस (पहुंच), इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं, इक्विटी (समानता), गवर्नेंस प्रोसेस और टीचर्स एजुकेशन और ट्रेनिंग शामिल है। टॉप पर चंडीगढ़, 'उत्कर्ष' और 'उत्तम-1' में कोई नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के ग्रेडिंग सिस्टम का नामकरण कुछ इस तरह किया गया है उत्कर्ष: 90% से ज्यादा स्कोर (कोई भी राज्य/UT इस तक नहीं पहुंच सका) उत्तम-1: 81 से 90% (इस कैटेगरी में भी कोई राज्य नहीं) उत्तम-2: 71 से 80% (खाली रहा) उत्तम-3: 61 से 70% (सिर्फ चंडीगढ़ इस कैटेगरी में जगह बना पाया, इसलिए वह टॉप पर है) बाकी राज्यों का हाल: दूसरे नंबर पर रहने वाले पंजाब, दिल्ली, केरल और दादरा-नगर हवेली 'प्रचेश्टा-1' (51-60%) कैटेगरी में रहे। वहीं, सबसे निचले पायदानों यानी आकांक्षी-1 और आकांक्षी-2 में भी कोई राज्य नहीं है। जिलों का रिपोर्ट कार्ड (PGI-D): किसने किया सुधार? जिलों की ग्रेडिंग (PGI-D) कुल 600 अंकों और 70 इंडिकेटर्स पर की गई है, जिन्हें 11 अलग-अलग डोमेन (जैसे डिजिटल लर्निंग, स्कूल सेफ्टी, फंड यूटिलाइजेशन) में बांटा गया था। देश के 462 जिलों ने अपने आउटकम स्कोर में सुधार किया है, जिनमें से 50 जिलों ने अपना ग्रेड लेवल भी सुधारा है। देश के कुल 19 जिलों ने 70% से ज्यादा स्कोर कर 'उत्तम-2' ग्रेड हासिल किया है। 2024-25 में ऐसे जिलों की संख्या 16 थी। कहां के कितने जिले टॉप पर? पंजाब: 7 जिले दिल्ली: 4 जिले केरल: 3 जिले महाराष्ट्र: 2 जिले चंडीगढ़, दीव और हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): 1-1 जिला
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने लगभग 3 वर्षों से रिक्त पड़े दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) का पुनर्गठन कर दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत आयोग में एक अध्यक्ष और 4 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। अधिसूचना के अनुसार ओम प्रकाश व्यास को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं राहुल गौतम, कुंदन कंसकार, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को सदस्य बनाया गया है। सभी नियुक्तियां संबंधित पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी। आयु सीमा पूरी होते ही कार्यकाल समाप्त सरकार के अनुसार आयोग का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। हालांकि अध्यक्ष के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष और सदस्यों के लिए 60 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि कार्यकाल के दौरान आयु सीमा पूरी हो जाती है तो उसी दिन उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। नियुक्तियां बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008 और गृह मंत्रालय की अधिसूचना के तहत की गई हैं। बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर बचपन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने विश्वास जताया कि आयोग का नया नेतृत्व संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार दोपहर बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे लबान इंटरचेंज से कोटा तक निर्माण कार्य की गुणवत्ता का आकलन करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलिकॉप्टर से लबान इंटरचेंज पहुंचेंगे। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला खातौली के कार्यक्रम से सड़क मार्ग द्वारा लबान इंटरचेंज आएंगे। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री गडकरी, मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष एक साथ सड़क मार्ग से कोटा तक एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान दरा टनल का भी जायजा लिया जाएगा। खामिया मिली तो निर्माण एजेंसियों पर होगी कार्रवाईसूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेस-वे निर्माण में सामने आई खामियों और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। यदि निरीक्षण में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस संभावित कार्रवाई को देखते हुए संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों में दिनभर हलचल बनी रही। निरीक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। लबान इंटरचेंज पर हेलिकॉप्टर उतरने की व्यवस्था, अस्थायी हेलीपैड, स्वागत पंडाल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भाजपा कार्यकर्ता भी एक्सप्रेस-वे पर केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत करेंगे।भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन मीणा ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
प्रयागराज में मंगलवार को 50 लाख रुपए की नकली नोटों जैसी गड्डियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया गया। आरोपी दिल्ली से कोलकाता जा रहा था। उसके बैग से 500-500 रुपए के नोटों जैसी दिखने वाली 10 गड्डियां बरामद हुईं। कार्रवाई प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली से ऐसी गड्डियां लेकर कोलकाता पहुंचाता था। इसके बदले उसे 20 हजार रुपए मिलते थे। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई जीआरपी प्रभारी अकलेश कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक संदिग्ध युवक बैग लेकर घूम रहा है। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। युवक को हिरासत में लेकर उसके बैग की तलाशी ली गई। ऊपर-नीचे असली नोट, बीच में सफेद कागज तलाशी के दौरान बैग से 500-500 रुपए के नोटों जैसी दिखने वाली 10 गड्डियां मिलीं। इनकी अंकित कीमत 50 लाख रुपए थी। जांच में पता चला कि हर गड्डी के ऊपर और नीचे असली 500 रुपए का नोट लगाया गया था। बीच में सफेद कागज भरे गए थे। पूरी गड्डी को पारदर्शी प्लास्टिक से पैक किया गया था, ताकि वह असली नोटों की गड्डी लगे। दिल्ली से कोलकाता पहुंचाता था गड्डियां गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय रामनिवास के रूप में हुई। वह राजस्थान के बीकानेर जिले का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक व्यक्ति उसे ये गड्डियां देता था। वह उन्हें कोलकाता पहुंचाता था। इसके बदले उसे 20 हजार रुपए मिलते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह गड्डियां देने और लेने वाले लोगों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस उसके मोबाइल की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 50 लाख रुपये के नकली नोटों की गड्डियों के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली से कोलकाता जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह ट्रेनों के माध्यम से फर्जी नोटों की गड्डियां पहुंचाने का काम करता था। जीआरपी प्रयागराज के जीआरपी प्रभारी अकलेश कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक संदिग्ध युवक बैग के साथ घूम रहा है। जिसके बाद RPF और GRP ने टीम के साथ उसको हिरासत में लिया। जांच के दौरान पुलिस ने युवक के नीले रंग के बैग की तलाशी ली। बैग से 500-500 रुपये के नोटों जैसी दिखने वाली 10 गड्डियों के बंडल बरामद हुए, जिनकी कुल अंकित कीमत 50 लाख रुपये थी। पुलिस जांच में पता चला कि प्रत्येक गड्डी के ऊपर और नीचे असली 500 रुपये के नोट लगाए गए थे, जबकि नकली नोटो के बंडल में बीच में सफेद कागज भीभरे थे। पूरे बंडलों को सफेद पारदर्शी प्लास्टिक से पैक किया गया था, ताकि पहली नजर में वे असली नोटों की गड्डियां प्रतीत हों। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनिवास (20 वर्ष) पुत्र सईराम, निवासी ग्राम गजरूप देसर, थाना नापासर, जिला बीकानेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति ये गड्डियां सौंपता था, जिन्हें वह कोलकाता पहुंचाता था। इस काम के बदले उसे 20 हजार रुपये मिलते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि वह गड्डियां लेने और पहुंचाने वाले लोगों को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानता। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब उसके मोबाइल से इस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के पंचकूला डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर ( DRO) जोगिंद्र शर्मा को ACB ने पर्ल्स ग्रुप केस में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की जांच में सामने आया कि घोटाले में जोगिंद्र शर्मा के हिस्से 2.4 करोड़ रुपए आए है। उसने यह कैश दिल्ली, मनाली और भिवानी में छिपा रखा है। एसीबी के मुताबिक, कोर्ट से डीआरओ का 7 दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। अब उससे पूछताछ में छिपाई गई रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। यह भी पता चला है कि उसका मोबाइल आठ माह से बंद है, जो उसने राजस्थान के सालासर में अपने रिश्तेदारों के पास मोबाइल छिपाया हुआ है। टीम उसे भी बरामद करेगी। इसके अलावा टीम जोगिंद्र शर्मा के भिवानी के कुड़ल गांव के रहने वाले रिश्तेदारों नवीन और दिनेश की भूमिका जांच करेगी। साथ ही इस मामले में पूर्व में अरेस्ट किए गए तहसीलदार संजय सिंगला के आमने-सामने बैठाकर भी उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि पता लगाया जाएगा कि इसमें और कौन सरकारी कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। क्या है पर्ल्स ग्रुप केस, जिसमें हुई डीआरओ की गिरफ्तारी एसीबी के अनुसार 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री नंबर 1491 और 1492 दर्ज की गईं। इनमें सुरमुख सिंह ने कुनाल छिलाना और सौरभ के नाम कुल 17.55 एकड़ जमीन करीब 4.20 करोड़ रुपए में बेचना दिखाया गया। इसके बाद 9 जनवरी को इंतकाल दर्ज हुआ और 17 जनवरी को कानूनगो व तहसीलदार की ओर से मंजूर भी कर दिया गया। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि इससे पहले भी संबंधित जमीन को लेकर शिकायतें और पत्राचार हुए थे। SDM पंचकूला ने तहसीलदार रायपुररानी विक्रम सिंगला से स्पष्टीकरण मांगा था। इसी बीच हिसार निवासी एक शिकायतकर्ता ने भी ऐसी जमीनों की बिक्री रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर अनदेखी की। हिसार के व्यक्ति का कहना था कि पर्ल्स ग्रुप से जुड़ी इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती थी, क्योंकि इस जमीन पर लोढा कमीशन की स्टे लगाया गया था। 3 पाइंट में जानिए कैसे पकड़ में आया DRO… ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला में तहसीलदार गिरफ्तार:कोर्ट स्टे के बाद भी 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री की; हांसी के व्यक्ति ने खरीदी हरियाणा में पंचकूला जिले के रायपुर रानी तहसीलदार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गिरफ्तार किया है। तहसीलदार विक्रम सिंगला पर आरोप है कि उन्होंने 17 बीघा जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री करा दी। (पूरी खबर पढ़ें)
झारखंड को देश के डिजिटल और तकनीकी मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कमर कस ली है। राज्य में तकनीकी क्रांति और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से सीएम हेमंत सोरेन देश की राजधानी नई दिल्ली में झारखंड का महत्वाकांक्षी 'डिजिटल रोडमैप' पेश करने जा रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश-विदेश की दिग्गज तकनीकी कंपनियों और निवेशकों को आमंत्रित किया गया है, जिसके बाद राज्य में भारी निवेश आने की उम्मीद है।रांची आईटी पार्क बनेगा पूर्वोत्तर भारत का नया टेक हबइस डिजिटल रोडमैप का सबसे बड़ा आकर्षण 'रांची आईटी पार्क' (Ranchi IT Park) प्रोजेक्ट है। राजधानी रांची के पास अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किए जा रहे इस हाई-टेक पार्क का उद्देश्य वैश्विक आईटी कंपनियों, बीपीओ और डेटा सेंटर्स को आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री इस मंच से देश के बड़े उद्योगपतियों के सामने रांची आईटी पार्क का पूरा खाका रखेंगे और उन्हें झारखंड में अपने ऑफिस खोलने के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और विशेष रियायतों का भरोसा देंगे।ड्राफ्ट एआई पॉलिसी लाने वाला अग्रणी राज्य बनेगा झारखंडतकनीकी दुनिया में तेजी से पैर पसार रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार अपनी नई 'ड्राफ्ट एआई पॉलिसी' (Draft AI Policy) भी पेश करने वाली है। इस नीति के तहत राज्य प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, युवाओं को एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों में कुशल बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे ताकि झारखंड के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।रोजगार के लाखों नए अवसरों पर नजरराजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस डिजिटल रोडमैप से झारखंड की छवि केवल एक खनिज प्रधान राज्य से बदलकर एक मॉडर्न टेक-फ्रेंडली राज्य के रूप में उभरेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस पहल से न केवल स्थानीय स्तर पर लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, बल्कि राज्य से होने वाले ब्रेन ड्रेन (प्रतिभा पलायन) को भी रोका जा सकेगा।
नई दिल्ली। राजधानी में नागरिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने निगरानी और जवाबदेही बढ़ा दी है। इसी क्रम में एमसीडी कमिश्नर ने मंगलवार को साउथ जोन के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने वार्डों की गलियों, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों का दौरा कर सफाई व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। जहां भी कमियां मिलीं, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए गए। किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं : कमिश्नर कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और अन्य नागरिकों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से आरडब्ल्यूए और स्थानीय संगठनों के सहयोग से व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल औपचारिक निरीक्षण करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक सुधार सुनिश्चित करना है। नियमित मॉनिटरिंग के जरिए सभी कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाएगी, ताकि नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध सुविधाएं मिल सकें।
नई दिल्ली। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत दिल्ली में ‘मिशन 70 लाख पौधारोपण’ की शुरुआत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। उन्होंने राष्ट्रपति अंगरक्षक परिसर स्थित सेंट्रल रिज और नानकपुरा रिज में पौधारोपण के बाद आर.के. पुरम के सेंट्रल पार्क में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अभियान और दिल्ली रिज ईको रेस्टोरेशन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का पूरक मानते हुए दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ और मिशन लाइफ अभियान से प्रेरित होकर राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य सीएम ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। अभियान के तहत 12 लाख से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा, ताकि हर परिवार पर्यावरण संरक्षण से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष 22,236 करोड़ रुपये का ग्रीन बजट भी निर्धारित किया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले चार वर्षों में 6,303 हेक्टेयर रिज क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन, शीशम सहित स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष, झाड़ियां और बांस शामिल होंगे। प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए उसके संरक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री ने कहा कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि उनका संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि आज 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई, जिसके बाद दिल्ली में ईवी बसों की संख्या बढ़कर 4,800 हो गई है, जो देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक ईवी बस फ्लीट है।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से बदला मौसम, नोएडा-गाजियाबाद में मिली राहत; अगले 5 दिन बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून की झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। IMD ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे NCR में 9 जुलाई तक येलो अलर्ट और अगले पांच दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया।
दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 8 जुलाई को एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक (पीडी) गजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गडकरी दिल्ली से कार द्वारा रवाना होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के रास्ते कोटा-रतलाम तक पहुंचेंगे। दोपहर करीब 2 बजे दौसा जिले से गुजरेंगे। इस दौरान वे बस अग्निकांड घटनास्थल का जायजा ले सकते हैं। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे मेंटिनेन्स, निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्थाओं और कोटा में मुकुंदरा हिल्स स्थित दरा टनल का जायजा लेंगे। इसके बाद एमपी-गुजरात राज्यों में भी जायजा लेंगे। तैयारियों में जुटा NHAI मंत्री के प्रस्तावित दौरे की सूचना मिलते ही एनएचएआई और संबंधित अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों ने निरीक्षण को देखते हुए एक्सप्रेस-वे पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि हाल ही में दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हुई थी। इस हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठे हैं। हाईवे पर हुए हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दौसा बस-अग्निकांड: 'मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब':किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे अचानक सोकर उठे थे, झटका लगा और बच्ची का सिर आगे टकराया। मैंने देखा मेरे पति वहां नहीं थे। (पढ़ें पूरी खबर) राजस्थान- बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले:MLA बोले- इमरजेंसी गेट नहीं खुला; दावा- डिक्की में भरे थे सिगरेट के बॉक्स राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर… बस में लोगों का मांस तक जल गया, हड्डियां बची:पैर पकड़कर पति को ढूंढने की गुहार लगाती रही पत्नी; देखिए दौसा बस अग्निकांड की तस्वीरें दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गई। मिनटों में ही दोनों वाहनों में आग लग गई। बस में सो रहे यात्रियों में भगदड़ मच गई। लोग चिल्लाने लगे भागो-भागो आग लग गई है। जान बचाने के लिए लोग उतरकर भागने लगे, लेकिन कुछ लोग अंदर फंस गए। देखते ही देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पर्यावरण और वन संरक्षण के लिहाज से अहम फैसला सुनाते हुए अधिसूचित जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों से 10 किलोमीटर के दायरे में आरा मिलों पर लगी रोक को बरकरार रखा है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने इस मामले में दायर 19 याचिकाएं खारिज कर दीं और राज्य सरकार की 25 सितंबर 2025 की अधिसूचना को वैध ठहराया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है और यहां दिल्ली जैसा प्रदूषण नहीं चाहिए। दरअसल, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम, 1984 की धारा 5(1) के तहत 25 सितंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर अधिसूचित जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों से हवाई दूरी के 10 किलोमीटर के दायरे को तीन सालों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया था। इसके बाद वन विभाग ने इस क्षेत्र में संचालित आरा मिलों को बंद करने और उनके लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। आरा मिल संचालकों ने फैसले को दी थी चुनौती शाही ट्रेडर्स, अग्रवाल सॉ मिल, पटेल सॉ मिल समेत कई आरा मिल संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनकी आरा मिलें 12 दिसंबर 1996 से पहले से वैध लाइसेंस के साथ संचालित हो रही हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुल्पद मामले के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि पुरानी और वैध मिलों को इस तरह बंद करना उचित नहीं है। कोर्ट ने 10 किमी बफर जोन को बताया तार्किक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से तय किए गए 10 किलोमीटर के बफर जोन को पूरी तरह तार्किक और उचित माना। कोर्ट ने कहा कि वन क्षेत्रों के चारों ओर एक निश्चित सुरक्षा दायरा तय करना पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। आदेश में यह भी कहा गया कि औद्योगिक क्षेत्रों और नगर पालिका तथा नगर निगम की सीमाओं को पहले ही इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। पर्यावरण संरक्षण को कारोबार पर दी प्राथमिकता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वन संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और प्रदूषण नियंत्रण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत के अनुसार, जंगलों के आसपास लकड़ी आधारित गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि अवैध कटाई, पर्यावरणीय दबाव और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर रोक लगाई जा सके। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी 19 याचिकाएं खारिज कर राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया। आरा मिलों पर रोक रहेगी जारी हाईकोर्ट के फैसले के बाद अधिसूचित जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली आरा मिलों के संचालन और उनके लाइसेंस के नवीनीकरण पर लगी रोक बरकरार रहेगी। इस फैसले को राज्य में वन संरक्षण और पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण न्यायिक समर्थन माना जा रहा है।
नई दिल्ली।भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के 650 करोड़ रुपए के दवा घोटाले को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी ने एलएनजेपी अस्पताल के बाहर मौन प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने लंबी मानव शृंखला बनाई और सबके हाथ में सीएम रेखा गुप्ता और पूर्व डीजीएचएस डॉ. वत्सला अग्रवाल का फोटो लगे प्लेकार्ड थे। इसके जरिए आम आदमी पार्टी नेता ने भाजपा से पूछा कि यह रिश्ता क्या कहलाता है? इस दौरान पार्टी ने डॉ. वत्सला अग्रवाल और मुख्यमंत्री के बीच के रिश्तों की जांच करने तथा मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा कह रही है कि डॉ. वत्सला अग्रवाल ने डीजीएचएस में 650 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। लेकिन डॉ. वत्सला अग्रवाल को डीजीएचएस किसने नियुक्त किया? रेखा गुप्ता सरकार ने ही सारे नियमों को ताक पर रखकर और सीनियर्स की अनदेखी कर उन्हें नियुक्त किया था। उनके खिलाफ विजिलेंस की जांच चलने के बावजूद उनकी नियुक्ति की गई। रेखा गुप्ता सरकार ने ही बदले नियम : सौरभ भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रेखा गुप्ता की सरकार ने नियम बदले और कहा कि कोई भी अस्पताल सीधे खरीदारी नहीं करेगा, बल्कि सारी खरीद वत्सला अग्रवाल की सीपीए के जरिए होगी। यह फैसला रेखा गुप्ता सरकार ने ही किया था। इसलिए अब रेखा गुप्ता सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि वत्सला अग्रवाल के साथ उनका आखिर क्या रिश्ता है जो उन पर इतनी मेहरबानी की गई? सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि दिल्ली में 650 करोड़ रुपए का यह बड़ा स्वास्थ्य घोटाला हुआ है। लेकिन एसीबी ने जानबूझकर इसके मास्टरमाइंड को एक महीने तक गिरफ्तार नहीं किया और उसे आसानी से जर्मनी भागने दिया गया। हम लगातार यह बात कहते रहे और प्रेस वार्ता करके राजीव रंगीला की गिरफ्तारी की मांग भी करते रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उसे गिरफ्तार नहीं किया। सीएम ने ही डॉ. वत्सला को डीजीएचएस बनाया : भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम सिर्फ रेखा गुप्ता और वत्सला अग्रवाल का हैंड आउट लेकर आए हैं और पूछ रहे हैं कि ये रिश्ता क्या कहलाता है? उन्होंने कहा कि 650 करोड़ रुपए का घोटाला हो गया और कहा जा रहा है कि वत्सला अग्रवाल ने 650 करोड़ का घोटाला किया है। लेकिन वत्सला अग्रवाल को डीजीएचएस रेखा गुप्ता ने लगाया था। वह सबसे सीनियर नहीं थीं, फिर भी सभी सीनियर्स को दरकिनार करके उन्हें डीजीएचएस सीएम रेखा गुप्ता ने ही बनाया। उनके खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही थी, फिर भी उन्हें डीजीएचएस बनाया गया। रेखा गुप्ता की सरकार ने सारे अस्पतालों से शक्तियां छीनकर एक डीजीएचएस के हाथ में दे दीं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सारा का सारा षड्यंत्र तो रेखा गुप्ता की सरकार ने रचा और खुद वत्सला अग्रवाल को उस पद पर बैठाया और अब कह रही हैं कि उन्होंने 650 करोड़ रुपए का घोटाला कर दिया। एसीबी की एफआईआर में मुख्य मास्टरमाइंड राजीव रंगीला जर्मनी भाग गया। क्या एसीबी और दिल्ली सरकार सो रही थी? जबकि मैंने तो 10 दिन पहले ही प्रेस वार्ता करके पूछा था कि राजीव रंगीला, जिसका नाम एफआईआर में 30 जगह है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? अब सरकार इसलिए चुप है क्योंकि 650 करोड़ रुपए खा लिए और मुख्य आरोपी को देश से भगा दिया। राजीव रंगीला को जर्मनी से पकड़कर लाने की मांग सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी मांग है कि राजीव रंगीला को जर्मनी से पकड़कर लाया जाए ताकि वह बताए कि 650 करोड़ रुपए की बंदरबांट में किन-किन राजनेताओं को हिस्सा दिया गया है। हर्ष मल्होत्रा कहते हैं कि जांच पूरी नहीं हुई है, लेकिन अगर जांच पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने मुख्य आरोपी को जर्मनी क्यों भागने दिया? अब जांच कभी पूरी नहीं होगी। हर्ष मल्होत्रा यही कहते रहेंगे कि जांच चल रही है, क्योंकि जिससे जांच करनी थी उसे तो हर्ष मल्होत्रा की सरकार की एसीबी ने जर्मनी भगा दिया। उधर, बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि एसीबी ने खुद माना है कि 650 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। 400 करोड़ की दवाइयां 100 करोड़ में खरीदी जानी चाहिए थीं, यानी 300 करोड़ लूट लिए गए। 2.5 लाख की मशीन 17 लाख में खरीदी गई। बाजार का रेट क्या है और इन्होंने किस रेट में खरीदा, यह सब सामने है। लेकिन एफआईआर होने के बाद भी कॉन्ट्रैक्टर राजीव रंगीला क्यों नहीं पकड़ा गया? क्या उसे भी विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह भगा दिया गया? एफआईआर केवल इसलिए की गई ताकि लूट का हिस्सा मुख्यमंत्री समेत सभी लोगों तक पहुंच सके। अगर यह सरकार ईमानदार होती तो मुख्यमंत्री का इस्तीफा ले लेतीं। किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं है कि वह ऐसा टेंडर कर ले। यह घोटाला बिना मंत्री और मुख्यमंत्री की मिलीभगत के नहीं हो सकता। ढाई रुपए का ओआरएस 15 रुपए में खरीदा : कुलदीप कुमार वहीं, कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार के 650 करोड़ रुपए वाले स्वास्थ्य घोटाले में 2.5 रुपए का ओआरएस का पैकेट 15 रुपए में खरीदा गया और जो चादर एम्स ने 150 रुपए में खरीदी, उसे दिल्ली सरकार ने 450 रुपए में खरीदा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बताना चाहिए कि उन्होंने इतने जूनियर ऑफिसर डॉ. वत्सला अग्रवाल को डीजीएचएस की कमान क्यों दी और यह किसकी सिफारिश पर हुआ? कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा की सरकार ने पिछले डेढ़ साल में गरीबों की दवाइयां खा लीं, ओआरएस का घोल खा लिया और 650 करोड़ रुपए का भारी घोटाला कर दिया। यह सरकार आम आदमी का सब कुछ डकार गई। हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। आरोप- दिल्ली के लोगों को नहीं मिल रही दवा मुख्यमंत्री और मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, वरना अगर वे कुर्सी पर बैठे रहेंगे तो इस जांच को प्रभावित करेंगे। इस पूरे मामले और उनके रिश्तों की जांच होनी चाहिए और इन लोगों को तुरंत उठाकर जेल में डाला जाना चाहिए। अगर आज दिल्ली के लोगों को अस्पताल में दवाइयां नहीं मिल रही हैं या उनके टेस्ट बंद हो गए हैं, तो इसकी वजह रेखा गुप्ता का 650 करोड़ रुपए का यह घोटाला है। 400 करोड़ की लोकल परचेज में से 300 करोड़ रुपए कमीशन के तौर पर बांटे गए हैं। मॉडल टाउन के पूर्व विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कहा कि 650 करोड़ रुपए का दवा घोटाला उस अधिकारी के नेतृत्व में हुआ जिसे खुद मुख्यमंत्री ने खुद नियुक्त किया था। ये रिश्ता क्या कहलाता है? वह 15 डॉक्टरों से जूनियर थीं, फिर भी उन्हें डीजीएचएस बनाया गया। अस्पतालों की खरीद करने की पावर छीनकर डीजीएचएस को दे दी गई और सारे नियम-कानून बदलकर घोटाला करने का माहौल तैयार किया गया। जब घोटाला सामने आया, तो छोटे-छोटे लोगों पर कार्रवाई करके मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को देश से भगा दिया गया ताकि बड़े राजनेताओं, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का राज न खुल जाए। जिस तरह अयोध्या में लूट के मामले में छोटे लोगों पर कार्रवाई कर लीपापोती की गई, वैसा ही यहां भी किया जा रहा है।
दिल्ली हाई कोर्ट अभिषेक शर्मा के 'पर्सनैलिटी राइट्स' मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को करेगी
दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा द्वारा दाखिल पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) के प्रोटेक्शन (सुरक्षा) की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी है। हाई कोर्ट ने कहा कि मानहानि (डिफेमेशन) और परसनैलिटी राइट्स के बीच एक बहुत पतली रेखा है। मानहानि से संबंधित विषय-वस्तु में व्यक्तित्व अधिकारों का तत्व भी शामिल हो सकता है। जस्टिस ज्योति सिंह ने मामले की थोड़ी देर सुनवाई की, लेकिन यह पता चलने के बाद कि शर्मा ने फाइल किए गए केस के साथ उल्लंघन करने वाले यूआरएल के स्क्रीनशॉट नहीं लगाए गए थे, सुनवाई टाल दी गई। न्यायालय ने संबंधित मटीरियल की जांच किए बिना कोई ऑर्डर पास करने से मना कर दिया। न्यायालय ने अभिषेक शर्मा के वकील को निर्देश दिया कि वह एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें, जिसमें विवादित कंटेंट से संबंधित स्क्रीनशॉट लगाए जाएं, जो अर्जी में दी गई लिस्ट से मेल खाती हो। मामले पर अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। मेटा की तरफ से वकील वरुण पाठक ने कोर्ट को बताया कि शर्मा के दिए गए आठ यूआरएल में से दो एक्सेस नहीं हो रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि एक यूआरएल में पैपराजी का अपलोड किया हुआ कंटेंट है और हो सकता है कि उसमें पर्सनैलिटी राइट्स शामिल न हों। हालांकि, शर्मा के वकील ने कहा कि अपलोड एआई से बना था। उन्होंने कहा कि एक पोस्ट में उनकी मैनेजर को उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया था। न्यायालय ने अभिषेक शर्मा के वकील को निर्देश दिया कि वह एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करें, जिसमें विवादित कंटेंट से संबंधित स्क्रीनशॉट लगाए जाएं, जो अर्जी में दी गई लिस्ट से मेल खाती हो। मामले पर अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। Also Read: LIVE Cricket Score टी20 विश्व कप 2026 में चैंपियन रही भारतीय टीम का हिस्सा रहे अभिषेक शर्मा फिलहाल टीम इंडिया के साथ इंग्लैंड में हैं और 5 टी20 मैचों की सीरीज का हिस्सा हैं। Article Source: IANS
लुधियाना बीआरएस नगर के रहने वाले डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ने दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अरूणा आसफ अली अस्पताल में सुसाइड कर दिया। डॉ सिमरप्रीत सिंह दिल्ली के अस्पताल में 3 साल से एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम कर रहे थे। डॉ. सिमरप्रीत सिंह आनंद की उम्र 35 साल है और उसने ड्यूटी रूम में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दे दी। डॉ सिमरप्रीत ने सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उन्होंने अपनी मौत का कारण प्रेमिका से शादी न होना लिखा है। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि जिससे मैं प्यार करता हूं, उससे मेरे माता पिता मेरी शादी नहीं करनें देंगे क्योंकि हमारी कास्ट मैच नहीं करती है। सुसाइड नोट में ही डॉ सिमरप्रीत सिंह ने लिखा है कि मेरा सारा सामान मेरी प्रेमिका को दिया जाए। उन्होंने उसमें बाकायदा अपनी प्रेमिका डॉक्टर का नाम भी खिला है। इस घटना ने लुधियाना में रहने वाले उनके परिवार—पिता हरप्रीत सिंह आनंद, मां और बड़े भाई—को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसकी शिकायत दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में दी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और आज मेडिकल बोर्ड के जरिए उनके शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। मौत की तैयारी: खुद लगवाया कैनुला उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया के अनुसार, डॉ. सिमरप्रीत 4-5 जुलाई की रात 8 बजे से नाइट ड्यूटी पर थे। शनिवार शाम जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने काफी थके हुए होने और तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद उन्होंने खुद रात 10 बजे अपने टेक्निकल असिस्टेंट को कहकर अपने बाएं हाथ में कैनुला लगवाया था, यह कहकर कि उन्हें कुछ दवाएं लेनी हैं। डॉ. सिमरप्रीत ने एमबीबीएस के बाद एनेस्थीसिया में एमडी किया था और उन्हें अच्छी तरह पता था कि इस दवा की कितनी डोज जानलेवा हो सकती है। सुबह करीब 9 बजे तक जब ड्यूटी रूम (नंबर-109) का दरवाजा अंदर से नहीं खुला, तो उसे तोड़ा गया। अंदर डॉ. सिमरप्रीत बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला क्राइम टीम और FSL रोहिणी को कमरे से इस्तेमाल की हुई सिरिंज और दवाओं की खाली शीशियां मिली हैं। 'कास्ट अलग थी, घर वाले राजी नहीं थे' कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक काले रंग का बैग मिला, जिसमें से एक डायरी और 3 पन्ने का सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस सुसाइड नोट ने आत्महत्या के पीछे की पूरी कहानी खोल दी। डॉ. सिमरप्रीत ने लिखा है कि उनका इसी अस्पताल में पिछले 2 साल से काम कर रही डॉक्टर के साथ प्रेम प्रसंग था, जो मध्य प्रदेश के जबलपुर की रहने वाली हैं। सुसाइड नोट के मुताबिक, दोनों की जाति (Cast) अलग-अलग होने के कारण उनके परिवार वाले इस शादी के लिए राजी नहीं थे। इसी मानसिक तनाव और प्यार के अधूरे रह जाने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि अपनी आत्महत्या के लिए वह खुद जिम्मेदार हैं। आखिरी ख्वाहिश:मेरा सामान मेरी प्रेमिका को सौंपना डॉ. सिमरप्रीत ने अपनी डायरी और सुसाइड नोट में एक भावुक आखिरी ख्वाहिश भी लिखी है। उन्होंने विस्तार से पूरी कहानी बताते हुए लिखा है कि उनकी मौत के बाद उनका सारा सामान उनकी डॉक्टर प्रेमिका के हवाले कर दिया जाए। फिलहाल सिविल लाइंस पुलिस ने पीसीआर कॉल (नंबर 25A) के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट व डायरी को कब्जे में लेकर मामले की हर एंगल से गहराई से जांच कर रही है। आज होने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक और तकनीकी पुष्टि हो जाएगी।

