कॉकरोच जनता पार्टी का पहला शक्ति प्रदर्शन, दिल्ली पहुंचने से अभिजीत दीपके ने दिया यह बड़ा संदेश?
Cockroach Janta Party : अमेरिका में पढ़ाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस बीच सीजेपी ने लोगों से एयरपोर्ट पर नहीं आने की अपील की
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह तन्नू से मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन बैठक में हरियाणा, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा दिल्ली में चल रहे पानी के संकट पर भी चर्चा हुई। अभी हरियाणा दिल्ली को 1000 क्यूसक पानी दे रहा है, इससे दिल्ली में जल संकट के बीच बड़ी राहत पहुंची है। सूत्रों के अनुसार बैठक में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बुनियादी ढांचा विकास, जल प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे। दिल्ली के बढ़ते शहरीकरण पर भी चर्चा हरियाणा सरकार पहले से ही विजन-2047, शहरी अवसंरचना विस्तार और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर काम कर रही है, जबकि दिल्ली प्रशासन भी शहरी सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय, निवेश आकर्षित करने, परिवहन नेटवर्क और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली-हरियाणा के बीच बढ़ेगा सहयोग हाल के महीनों में मुख्यमंत्री नायब सैनी विभिन्न अंतरराज्यीय विषयों, विशेषकर जल संसाधन, निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को हरियाणा और दिल्ली प्रशासन के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम मान रहे हैं। हालांकि बैठक के बाद कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन इसे दोनों प्रशासनिक इकाइयों के बीच संवाद और समन्वय मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित एक ढाबे पर खाना खाने पहुंचे युवकों और ढाबा कर्मचारियों के बीच बिल को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद ढाबे के 20 से 30 कर्मचारियों ने मिलकर 3 युवकों के साथ मारपीट की, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने ढाबा मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात में खाना खाने पहुंचे थे युवक दिल्ली के नरेला के रहने वाले अभिनव और पंकज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे अपने साथी सागर के साथ कुंडली स्थित रसोई ढाबा पर खाना खाने गए थे। खाना खाने के बाद जब वे बिल चुकाने पहुंचे तो उन्होंने बिल में लगाए गए अतिरिक्त चार्ज को कम करने की बात कही। काउंटर पर शुरू हुई कहासुनी शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिल को लेकर बात करने पर काउंटर मैनेजर ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इसी दौरान ढाबे के अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंच गए और उनसे बहस करने लगे। कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। डंडों और बर्तनों से हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ढाबे के करीब 20 से 30 कर्मचारियों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान डंडों और ढाबे में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का भी इस्तेमाल किया गया। इस हमले में सागर नामक युवक को गंभीर चोटें आईं, जबकि अभिनव और पंकज भी घायल हो गए। अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद घायल सागर को कुंडली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं अभिनव और पंकज का भी मेडिकल कराया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास मौजूद है। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद घायलों की मेडिकल रिपोर्ट हासिल की गई। अभिनव और पंकज की एमएलआर थाने में पेश की गई, जबकि सागर की मेडिकल रिपोर्ट अस्पताल से प्राप्त हुई। डॉक्टरों ने सागर की चोटों को गंभीर श्रेणी में माना है। कई धाराओं में केस दर्ज मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। थाना कुंडली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 190, 191(3), 115(2), 117(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी दिक्कत के कारण देरी से दर्ज हुई FIR पुलिस ने बताया कि शिकायत पहले प्राप्त हो गई थी, लेकिन सीसीटीएनएस सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण मुकदमा बाद में दर्ज किया गया। अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे और निर्माण कंपनी विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड व यूरो-एशियन कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन इवरास्कॉन (जेवी) के बीच चल रहे संविदात्मक विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। जस्टिस अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ की ओर से पारित आदेश में कहा कि पक्षकार पहले अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान प्रक्रिया का पालन करेंगे और तब तक रेलवे द्वारा प्रस्तावित 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज की कार्रवाई प्रभावी नहीं होगी। याचिकाकर्ता कंपनी ने मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत याचिका दायर कर रेलवे को बैंक गारंटी भुनाने तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई से रोकने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि अनुबंध के तहत विवाद समाधान के लिए पहले सुलह और उसके बाद डिस्प्यूट्स एडजुडिकेशन बोर्ड (डीएबी) की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए रेलवे की कार्रवाई अनुचित होगी। रेलवे का तर्क-समय से पहले लगाई याचिका सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से यह तर्क रखा गया कि याचिका समय से पूर्व दायर की गई है, क्योंकि अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान तंत्र अभी पूरा नहीं हुआ है। रेलवे ने यह भी कहा कि डीएबी को विवादों पर निर्णय देने का अधिकार है और पहले उसी मंच का उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिए विवादों के निस्तारण के आदेश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट के समक्ष सहमति बनी कि विवाद समाधान प्रक्रिया डीएबी के स्तर से आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट ने इस सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्देश दिया कि अनुबंध में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विवादों का निस्तारण किया जाए और पक्षकार अपने अन्य कानूनी अधिकार सुरक्षित रखेंगे। निर्माण कंपनी को राहत हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि डीएबी द्वारा निर्णय दिए जाने तक रेलवे की ओर से जारी 12 और 13 मई 2026 की उन संचार प्रक्रियाओं पर अमल नहीं किया जाएगा, जिनके तहत लगभग 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज लगाने की बात कही गई थी।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में पूर्व विधायक अभय कुमार धीरज ओझा को नोटिस जारी किया है। यह मामला भाजपा नेता और दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता आलोक पांडेय द्वारा दायर किया गया था। कोर्ट ने इस मौखिक मानहानि परिवाद पर संज्ञान लिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है। कोर्ट के आदेशानुसार, पूर्व विधायक को इस तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। यह प्रकरण रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के करमाही गांव निवासी आलोक पांडेय से संबंधित है, जो भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। परिवादी आलोक पांडेय ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष 21 अक्टूबर को पूर्व विधायक अभय कुमार धीरज ओझा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक लाइव प्रसारण के दौरान उनके खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां की थीं। पांडेय के अनुसार, इस वीडियो क्लिप के जरिए उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। आलोक पांडेय ने इस मामले को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में परिवाद दायर किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद इसे स्वीकार करते हुए आरोपी पक्ष को नोटिस जारी किया। परिवादी ने बताया कि वाद दायर होने के बाद संबंधित वीडियो क्लिप फेसबुक से हटा दी गई थी, लेकिन पूर्व विधायक की ओर से अभी तक कोई माफी नहीं मांगी गई है। कोर्ट के निर्देश के बाद, इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। इस दौरान दोनों पक्षों की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
दिल्ली के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रायबरेली का अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने शहर के होटल और रेस्टोरेंटों में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान टीम ने प्रतिष्ठानों में लगे फायर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, उनकी स्थिति और मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। कई जगहों पर कमियां मिलने पर मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों को दिया गया आग से बचाव और रेस्क्यू प्रशिक्षण जांच के दौरान होटल व रेस्टोरेंट स्टाफ को आग लगने की स्थिति में प्राथमिक कार्रवाई, सुरक्षित निकासी और फायर उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि आपात स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। 24 घंटे में सुधार के निर्देश, न मानने पर होगी कार्रवाई मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि सभी प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य हैं। जिन जगहों पर कमी मिली है, उन्हें 24 घंटे के भीतर सुधार के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन न करने पर नोटिस और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की ओर से चलाई जा रही पिंक बस सेवा का चयन प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए किया गया है। यह सम्मान महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए बिहार सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता माना जा रहा है। स्कॉच ग्रुप की ओर से आयोजित बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद पिंक बस परियोजना को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान 20 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 108वें स्कॉच समिट के दौरान दिया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को केंद्र में रखकर शुरू हुई थी सेवा पिंक बस सेवा की शुरुआत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। आज यह सेवा बिहार के कई प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए भरोसेमंद परिवहन माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, भागलपुर और पूर्णिया में कुल 100 पिंक बसें चलाई जा रही हैं। इन बसों का इस्तेमाल रोज बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी महिलाएं, सरकारी और निजी क्षेत्र की कर्मचारी और अन्य महिला यात्री कर रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सेवा में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिससे उन्हें सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित माहौल उपलब्ध हो सके। यही वजह है कि कम समय में पिंक बस सेवा ने महिला यात्रियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। देश के प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल है स्कॉच अवार्ड स्कॉच अवार्ड देश के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है। यह पुरस्कार सुशासन, नवाचार, जनसेवा, सामाजिक विकास और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और संगठनों को दिया जाता है। बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है परिवहन सचिव राज कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिंक बस सेवा का स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए चयन बिहार के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह पुरस्कार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बिहार में जनहित और महिला हितैषी परिवहन सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। पिंक बस सेवा को मिला यह सम्मान परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की पूरी टीम के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। आने वाले समय में भी नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग निरंतर प्रयास करता रहेगा। राष्ट्रीय मंच पर चमकेगा बिहार का मॉडल यह सम्मान केवल परिवहन विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति भी है। 20 जून को नई दिल्ली में होने वाले स्कॉच समिट में जब बिहार की इस परियोजना को सम्मानित किया जाएगा, तब यह राज्य के लिए गौरव का एक और महत्वपूर्ण अवसर होगा। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को लेकर शुरू की गई यह पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल (49) का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित उनके फ्लैट में मिला। वह फ्लैट में अकेली रहती थीं। उनकी बहन ने बताया कि सुबह से उनका फोन नहीं लग रहा था। फ्लैट बाहर से बंद मिलने पर उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो देवोस्मिता मृत अवस्था में पड़ी थीं। सूचना मिलने पर पुलिस, क्राइम टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली मेयर के ईमेल पर बम धमाके की धमकी, पुलिस जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर गुरुवार को धमकी भरा मैसेज आया। ईमेल में दिल्ली और आसपास के कुछ इलाकों में विस्फोट होने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने मेयर ऑफिस सहित पूरी इमारत, कॉमन एरिया और पार्किंग की तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस की तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में इसे अफवाह फैलाने की कोशिश माना जा रहा है।
दिल्ली के होटल अग्निकांड में बोकारो की सुरभि की मौत, तीसरी मंजिल पर थी
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होजरानी इलाके के पांच मंजिला होटल में 3 जून को लगी भीषण आग में बोकारो के जैनामोड़ निवासी सुरभि बरनवाल (25) की दम घुटने से मौत हो गई। गुरुवार को उसका शव पैतृक आवास पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट से आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को चपेट में ले लिया। तीसरी मंजिल पर ठहरी सुरभि धुएं और आग के बीच फंस गईं। परिजनों ने बताया कि वह मुंबई की एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थीं। कंपनी के काम से वह 1 जून को मुंबई से दिल्ली आई थीं। कंपनी का मुख्यालय घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर मालवीय नगर में ही है। 2 जून की रात ड्यूटी पूरी करने के बाद वह होटल लौटी थीं। अगली सुबह ऑफिस जाने की तैयारी के दौरान यह हादसा हो गया। पिता रमेश बरनवाल ने बताया कि घटना से करीब 10 मिनट पहले उनकी बेटी से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। -शेष पेज 9 पर दिल्ली में सब चलता है नई दिल्ली | दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ गेस्ट हाउस में भीषण आग से 21 लोगों की मौत के मुख्य आरोपी और मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी। इस पर उसने कहा- ‘दिल्ली में सब चलता है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे। पूरी दिल्ली में इनके कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था। लाइसेंस रद्द करने की तैयारी {एमसीडी ने हौजरानी के 12 बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (BB) होटलों के लाइसेंस रद्द करने के लिए पर्यटन विभाग को पत्र लिखने का फैसला किया। इधर, दिल्ली में 21 मौतों के लिए जिम्मेदार होटल मालिक बोला- आरोपी लवकेश
धर्मेंद्र समदानी | चित्तौड़गढ़ दिल्ली मेट्रो में इंजीनियर नगरी निवासी 37 वर्षीय गौरवकांत गर्ग ने पैतृक गांव में हरियाली की नई पहचान बनाई है। प्रकृति प्रेम के चलते उन्होंने विभिन्न संस्थाओं और टीमों के सहयोग से 8 वर्षों में करीब 5 हजार पौधे लगवाए। नौकरी लगने के बाद यह अभियान कुछ समय के लिए थम गया, लेकिन वर्ष 2018 में बेटी के जन्म पर पौधारोपण से जुड़ा एक लेख पढ़कर उन्होंने फिर से इसकी शुरुआत की। गौरव ने नगरी में स्वच्छ हरीभरी सेवा समिति का गठन किया, जिसके माध्यम से अब तक करीब 1 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं, दिल्ली में वे गौरव ग्रीन आर्मी नामक 10 सदस्यीय टीम के साथ पर्यावरण संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, जयपुर, बारां, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ सहित कई क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान चलाए गए हैं। टीम के सदस्य सप्ताह में दो बार पौधों की निगरानी करते हैं, जरूरत पड़ने पर पानी देते हैं और ट्री गार्ड लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी का परिणाम है कि लगाए गए करीब 75 प्रतिशत पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं। गौरव ने दिल्ली के फ्लैट में छोटी नर्सरी भी बनाई। जिसमें विलुप्त हो रही पौध प्रजातियां तैयार की जा रही हैं। प्लास्टिक निस्तारण पर भी काम कर रहे हैं। घर का प्लास्टिक वेस्ट बाहर नहीं जाने देते। दोनों बच्चों के साथ मिलकर इको ब्रिक्स बनाते हैं। स्कूलों और मंचों पर इको ब्रिक्स के लिए लोगों को जोड़ते हैं। नगरी में गौरव की 15 सदस्यीय टीम ने पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 31 मई को सम्मेलन कर जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों के 35 से अधिक पर्यावरण व प्रकृति प्रेमी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। मुख्य अतिथि पदमश्री लक्ष्मणसिंह व पारिस्थितिकी वैज्ञानिक सुनील दुबे ने वर्षा, देशी पादप प्रजातियों और जैव विविधता संरक्षण को प्रकृति सेवा का प्रभावी माध्यम बताकर जागरूक किया। घर में भी नवाचार : दिल्ली के फ्लैट में छोटी नर्सरी बनाई, प्लास्टिक वेस्ट से इको ब्रिक्स भी बनाते हैं
रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत मामले में भोपाल कोर्ट में गुरुवार को नया आवेदन लगाया गया है। आवेदन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की कोर्ट में लगा था। एडवोकेट अंकुर पांडे ने बताया कि ट्विशा के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट जरूरी है। कोर्ट ने परिजनों के आवेदन स्वीकार कर नगर निगम जन्म-मृत्यु शाखा, एम्स दिल्ली-भोपाल और सीबीआई को नोटिस जारी कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में जवाब मांगा है। परिजनों ने ई-मेल से निगम से मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए संपर्क किया था। निगम ने इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट जरूरी बताई, जिसके बाद कोर्ट में आवेदन लगाया गया। कोर्ट ने भारतीय डाक से नोटिस भेजे हैं, जबकि सीबीआई ने मौके पर ही नोटिस रिसीव कर लिया। क्यों जरूरी डेथ सर्टिफिकेट एडवोकेट पांडे ने बताया कि केस से जुड़े जरूरी दस्तावेज जांच एजेंसी को देने हैं। इनके लिए डेथ सर्टिफिकेट और पीएम रिपोर्ट जरूरी है। मौत के 22 दिन बाद दोनों चीजें नहीं होने से परेशानियां आ रही हैं।
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल फ्लोरिश स्टे में लगी आग की लपटों ने गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले अग्रवाल परिवार की खुशियों को सदा के लिए राख के ढेर में बदल दिया। एक ही झटके में परिवार की तीन पीढ़ियां खत्म हो गईं। श्मशान घाट पर जब एक साथ पांच चिताएं सजीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। इस पूरे हृदयविदारक हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य राधेश्याम अग्रवाल (70 वर्ष) से जुड़ा है। वे अभी भी साकेत के मैक्स अस्पताल के ICU में वेंटिलेटर पर भर्ती है। इसी बुजुर्ग पिता की तीमारदारी और देखभाल के लिए विवेक अग्रवाल अपनी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और दोनों बेटियों जीविशा व वारिया के साथ दिल्ली के उस बदकिस्मत होटल में ठहरे हुए थे, ताकि वे अस्पताल के नजदीक रह सकें। राधेश्याम अभी तक इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि जिस बेटे, बहू, पत्नी और पोतियों के सहारे वे जी रहे थे, उनका अब इस दुनिया में नामोनिशान नहीं बचा है। अस्पताल के सन्नाटे से बेखबर, बुजुर्ग पिता के जीवन का पूरा संसार बाहर उजड़ चुका है। यह दुख और भी बड़ा इसलिए हो जाता है कि इन पांचों के अलावा तीन रिश्तेदार भी इस अग्निकांड की भेंट चढ़ गए, जिनमें राजस्थान निवासी जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) और मामा अशोक पंसारी भी शामिल है। ये तीनों भी राधेश्याम को देखने दिल्ली आए थे और परिवार संग ही होटल में ठहरे थे। पांच चिताओं से बिखर गया प्रेम बंसल का लाड-प्यार तर्जनी के पिता प्रेम बंसल गुरुग्राम के सेक्टर-102 स्थित अडानी टावर सोसाइटी में रहते हैं और बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं। वह अपनी बेटी और नातिनों पर जान छिड़कते थे। नातिनों को प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। उन्होंने अपनी लाडली बेटी तर्जनी और दामाद विवेक को सेक्टर-46 की आलीशान कोठी गिफ्ट में दी थी, जहां यह परिवार रहता था। इतना ही नहीं, उन्होंने दोनों नातिनों के सुरक्षित भविष्य के लिए उनके नाम पर भी एक-एक फ्लैट भी करवा रखा था। मगर, काल का कहर देखिए कि बेटी-दामाद को गिफ्ट की गई आलीशान कोठी आज सूनी पड़ी है। जिन नातियों के नाम फ्लैट किए गए थे, वे अब इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं। रिश्तेदारों ने कांपते हाथों से दी चिताओं को मुखाग्नि सेक्टर-32 के मुक्तिधाम श्मशान में जब एक साथ पांच शव पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। एक के बाद एक पांच चिताएं कतार में लगाई गईं। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि परंपरा और नियति के फेर में रिश्तेदारों ने बेहद भारी मन और कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। विवेक अग्रवाल को उनके चचेरे भाई अभय अग्रवाल, भौतिक अग्रवाल, नितिन, मृणाल और आरुष ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। तर्जनी अग्रवाल के अंतिम संस्कार की रस्म उनके सगे भाई अंशुल बंसल ने पूरी की। विवेक की मां प्रेमलता की चिता को श्याम अग्रवाल, महेंद्र, विक्रम, राजेंद्र और दीपक ने मुखाग्नि दी, जबकि दोनों मासूम बेटियों को उनके चचेरे भाई कुनाल, आरुष और हर्ष ने मुखाग्नि देकर हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन कर दिया। विवेक ने बेटी को दिल्ली आने से मना किया था चचेरे भाई वेंक्टेश अग्रवाल ने बताया कि जीविशा बेंगलुरु में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रही थी। गुरुवार को उसकी एक महत्वपूर्ण परीक्षा थी। जब उसे पता चला कि उसके दादाजी दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं, तो उसने आने इच्छा जताई, लेकिन पिता विवेक ने उसे फोन पर साफ मना कर दिया था। विवेक ने कहा था कि मात्र एक दिन के लिए बेंगलुरु से दिल्ली आना और फिर परीक्षा के लिए तुरंत वापस लौटना बहुत थकान भरा होगा। उन्होंने जीविशा को बेंगलुरु में ही रहकर पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा था, लेकिन वह अपने दादाजी को देखने की जिद अड़ गई थी। असके बाद विवेक ने आने-जाने की फ्लाइट की टिकट करवा दी थी। मामा बोले- जिसे पाला-पोसा, उसी का अंतिम संस्कार करना पड़ा तर्जनी के मामा अजय गुप्ता से भास्कर रिपोर्टर ने बात की। उन्होंने कहा- जिस भांजी को अपने हाथों से पाला-पोसा, उसकी शादी की, आज उसी का अंतिम संस्कार भी अपने हाथों से करना पड़ा। इससे बड़ी बदकिस्मती क्या होगी। अब हमारे पास बचा ही क्या है। जीना तो पड़ेगा, लेकिन जीने की वजह चली गई। तर्जनी के कजन भाई अंकुश गुप्ता ने भास्कर से कहा कि परिवार के सभी लोगों की मौत हो गई। घर में दीया जलाने वाला भी कोई नहीं बचा। परिवार मौसा जी को देखने गया था। मौसा जी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनके साथ गए परिवार के बाकी सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे। अग्रवाल परिवार के तीन रिश्तदार भी चढ़े अग्निकांड की भेंट… सीए के ससुर ने बताई इस दर्दनाक हादसे की कहानी… बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है : ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई थी। तीन दिन पहले यानि मंगलवार को विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राधेश्याम को देखने ही परिवार दिल्ली गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है। होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी : प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। विवेक ने होटल में रूम लिए, बड़ी बेटी बेंगलुरु से आई : विवेक ने होटल में दो कमरे बुक किए थे। उनकी बड़ी बेटी 12वीं करने के बाद बीटेक करने के लिए बेंगलुरु रहती थी। उसे कल ही दादा से मिलने के लिए बुलाया गया था। वो फ्लाइट से पहुंची थी। छोटी बेटी 11वीं क्लास में है। सभी मौतें 70 से 85 फीसदी तक झुलसने या दम घुटने से हुई। 10 तस्वीरों में देखिए दिल्ली होटल फ्लोरिश स्टे अग्निकांड … ---------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली- होटल में आग से 21 मौतें, मालिक हिरासत में:मरने वालों में 11 विदेशी, 8 राजस्थान-हरियाणा के; होटल की फायर NOC नहीं थीं दिल्ली होटल अग्निकांड-गुरुग्राम के CA का पूरा परिवार जिंदा जला:5 फैमिली मेंबर, 3 रिश्तेदार मारे गए; बीमार पिता को देखने आए थे
नई दिल्ली। ईस्ट जिले के न्यू अशोक नगर थाना इलाके में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की घर में घुसकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान देवोस्मिता पॉल (45) के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया महिला के सिर पर किसी भारी चीज से हमला कर हत्या की गई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में मिला शव डीसीपी राजीव कुमार रावल ने बताया गुरुवार दोपहर करीब 02.35 बजे न्यू अशोक नगर थाना पुलिस को एक महिला से पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने बताया उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और उसका शव दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट के अंदर पड़ा है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जहां कॉल करने वाली महिला देवरती पॉल (49) मिली। उसने पुलिस को बताया उसकी बहन देवोस्मिता (शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर) फ्लैट में अकेली रह रही थी। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट सुबह से ही बाहर से बंद था और मृतका बार-बार किए जा रहे फोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दे रही थी। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत किसी अनहोनी की आशंका होने पर शिकायतकर्ता ने ताला तोड़कर फ्लैट खोला और अपनी बहन को अपार्टमेंट के अंदर मृत पाया। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम व फोरेंसिक टीम की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के हर्ष विहार थाना इलाके में स्थित मंडोली जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मलकीत सिंह (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मलकीत, आजादपुर के लाल बाग इलाके में परिवार के साथ रहता था। हत्या और आर्म्स एक्ट के केस वह हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में विचाराधीन बंदी के तौर पर मंडोली जेल में बंद था। उसके खिलाफ पंजाब के फतेहगढ़ साहिब थाने में हत्या का मामला दर्ज है, जबकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने हर्ष विहार पुलिस को सूचना दी कि मंडोली जेल से एक कैदी को गंभीर और बेहोशी की हालत में उपचार के लिए लाया गया था। अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नई दिल्ली। हेड कांस्टेबल दिनेश यादव ने बताया मालवीय नगर हादसे में पीसीआर कॉल होने के बाद वे अपने सहयोगी रामपाल के साथ मौके पर पहुंचे। रास्ते में जाम लगने के बाद वह करीब 250 मीटर तक दौड़कर मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद वे सीढ़ियों की मदद से छत तक पहुंचे और मुक्का मार मार कर उन्होंनें खिड़कियों के शीशे तोड़े। इस दौरान उनके कांच घुस गया। खून से लथपथ होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और इमारत में फंसे पांच लोगों को अकेले सुरक्षित बाहर निकाला। उनके पैर में भी कांच लगा था। इस दौरान कुछ लोग छत से भी नीचे कूदे थे। उन्हें बचाने के दौरान तारों में लगी आग की वजह से रामपाल भी घायल हुए। उन्होंने आगे बताया एक इमारत में एक नाइजीरियन महिला अपनी बेटी के साथ थी। उन्होंने बाथरूम की खिड़की से बाहर निकाला। खिड़की बाथरूम में काफी ऊपर थी। महिला ने एक बार उन्हें कहा था कि बेटा मेरी बेटी को बचा लो और तुम चले जाओ यहां से, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और महिला को अपने कंधे पर बैठाकर और बाल्टी पर खड़े होकर उन्हें बाहर निकाला। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामानों के बीच से लोगों को निकला वहीं दमकल विभाग के साथ बिल्डिंग के अंदर हेड कांस्टेबल करतार भी घुस गए। गर्म सीढ़ियां और जले हुए सामान के बीच वह लोगों को गोद में उठाकर बाहर लगा रहे थे। गर्म चीजें लगने से वह भी घायल हो गए। इसके बाद भी स्टाफ ने हार नहीं मानी और लोगों की सुरक्षा में जुटे रहे। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया आग लगने के बाद नेब सराय थाने का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने बताया वे हार नहीं माने। इमारत में आग लगने के बाद बराबर में एक खड़े बिजली के खंबे में आग लगी गई। जिसके बाद तार टूटकर नीचे जमीन पर गिरने लगे। इसके बाद भी ऊपर से कूद रहे लोगों की वे मदद में जुट रहे। आग विकराल हुई तो उन्हें पीछे हटना पड़ा
दिल्ली सचिवालय में साल 2026 की कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सीएम रेखा ने गुप्ता कावंड समिति और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की दिशा में सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी समितियों को आवश्यक दस्तावेजों और वार्षिक ऑडिट संबंधी औपचारिकताओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। सिंगल विंडो व्यवस्था की सराहना राजस्व विभाग ने बैठक में सीएम के समक्ष जानकारी दी कि पिछले वर्ष दिल्ली में 308 कांवड़ शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया था। पिछले वर्ष पहली बार कांवड़ समितियों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया था। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी, अधिकांश समस्याओं का समाधान हुआ और कांवड़ समितियों ने इस पहल की सराहना की। सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर जोर बैठक में पिछले वर्ष सामने आई चुनौतियों और सुझावों की भी समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने मोबाइल शौचालयों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने, 247 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था, गैस सिलेंडरों की निर्बाध उपलब्धता, समयबद्ध होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाने तथा वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने का सुझाव दिया। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पिछले वर्ष जलभराव की समस्या सामने आई थी, वहां ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुधार कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। 247 स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा पर बल सीएम ने कांवड़ शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दिन और रात दोनों समय इलाज की सुविधा मिल सके। बैठक में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर तैनाती और दुर्घटना रोकथाम से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने प्रमुख प्रवेश स्थलों पर स्वागत द्वार, पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं के स्वागत की अन्य व्यवस्थाओं की भी पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए। ये अधिकारी मीटिंग में हुए शामिल बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और अन्य संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारियां पेश कीं।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के करावल नगर स्थित प्रकाश विहार इलाके में बुधवार शाम दिल्ली-लोनी सीमा पर बना एक चार मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मकान खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि पड़ोस के दो मकानों को मामूली नुकसान पहुंचा है। पुलिस अधिकारी ने बताया मकान मालिक पशुपाल ने करीब पांच वर्ष पहले 25 गज के प्लॉट पर यह चार मंजिला इमारत बनाई थी। भूतल पर उनकी मैकेनिक की दुकान थी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर किराएदार रहते थे। पिछले करीब दो माह से उत्तर प्रदेश प्रशासन क्षेत्र में नाले के निर्माण के लिए खुदाई करा रहा है। चार दिन पहले क्षतिग्रस्त हुआ था पिलर बताया गया कि चार दिन पहले जेसीबी से खुदाई के दौरान मकान का एक पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद इमारत में दरारें पड़ने लगीं और वह एक ओर झुक गई। खतरे को देखते हुए पशुपाल ने पहले ही किराएदारों से मकान खाली करा लिया था। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे मकान में दरारें तेजी से बढ़ने लगीं। एहतियातन आसपास के लोगों को वहां से हटा दिया गया। शाम करीब पौने सात बजे मकान अचानक जमींदोज हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, डीडीएमए और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बाद में सड़क पर फैले मलबे को हटाया गया। मकान गिरने का वीडियो आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अभियान:होटलों और रेस्टोरेंटों में अग्निशमन उपकरणों की जांच
दिल्ली अग्निकांड के बाद मैनपुरी में अग्निशमन विभाग ने होटलों और रेस्टोरेंटों पर विशेष अभियान चलाया है। गुरुवार को सर्विस स्टेशन प्रभारी अनुज कुमार सिंह के निर्देशन में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। इस अभियान के तहत विशेष रूप से होटलों में लगे अग्निशमन उपकरणों की सक्रियता या निष्क्रियता की पड़ताल की गई। बेसमेंट में किसी भी ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण की भी गहन जांच की गई। विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को अपने उपकरणों को सक्रिय रखने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व से पानी की सप्लाई और अन्य सभी अग्नि सुरक्षा बिंदुओं की भी जांच की गई। दिल्ली अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में होटल और रेस्टोरेंटों पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। मैनपुरी में यह अभियान अगले सात दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान फायरमैन सौरभ और यादवेंद्र भी जांच दल में शामिल रहे। होटल राइस होटल आरबी होटल एस आर पी कई रेस्टोरेंट और होटलों की भी जांच की गई।
NH-22 पर दिल्ली नंबर की स्कॉर्पियो पलटी:चालक समेत दो लोग फरार, पुलिस ने वाहन जब्त किया
सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-22 पर गुरुवार को एक दिल्ली नंबर की स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना डुमरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई। दुर्घटना के बाद वाहन का अगला शीशा टूट गया, जिससे सड़क पर कांच बिखर गया और कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। तेज रफ्तार अनियंत्रित स्कॉर्पियो पलटी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो का नंबर डीएल-4सीएनबी-9095 है। वाहन में चालक सहित दो लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के बीचोंबीच पलट गई। हादसे के तुरंत बाद चालक और दूसरा सवार मौके से फरार हो गए। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को जब्त घटना की सूचना मिलते ही डुमरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। वाहन को सड़क से हटाने की कार्रवाई की गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस फरार हुए चालक और दूसरे व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह एक गंभीर हादसा था, हालांकि इसमें किसी अन्य वाहन या राहगीर के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार लोगों की तलाश जारी है।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे ‘बी एंड बी’ होटल में हुए अग्निकांड में बोकारो की श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि की मौत हो गई। वो जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली की रहने वाली थी। गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर पैतृक आवास लाया गया, जिससे परिवार और स्थानीय लोग शोक में डूब गए। घर की इकलौती बेटी थी श्रुतिका श्रुतिका, रमेश कुमार बरनवाल की इकलौती पुत्री थीं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-2026) की छात्रा थी। वह अक्सर प्रोजेक्ट जमा करने के लिए मुंबई से दिल्ली आया करती थी। इस बार श्रुतिका राविवर को दिल्ली आई थी और बुधवार को उसकी ट्रेन से वापसी की टिकट थी। घटना 3 जून की सुबह की है, जब श्रुतिका अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। इसी दौरान होटल में आग लग गई। आग लगने से अफरातफरी मच गई और श्रुतिका ने अपनी मां से मदद के लिए गुहार लगाई। बातचीत के दौरान उसका मोबाइल गिर गया और कॉल कट हो गया, जिसके बाद उससे संपर्क टूट गया। मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली परिजनों ने दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और अन्य निजी अस्पतालों में श्रुतिका की तलाश की। बाद में उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। कुछ देर बाद श्रुतिका की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, आग की लपटें तेजी से नीचे से ऊपर की ओर फैलीं और तीसरे फ्लोर तक पहुंच गईं, जिससे श्रुतिका को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शव की पहचान में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
नई दिल्ली। मालवीय नगर इलाके में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत और 35 लोगों को घायल होने के बाद दिल्ली के उप-राज्यपाल तरणजीत संधू ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार और अन्य अधिकारियों के साथ गुरुवार को हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। बैठक में मजबूत शहरी गवर्नेंस, बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर और दिल्ली में बेहतर स्ट्रक्चरल सेफ्टी के लिए एक बड़े एक्शन प्लान पर चर्चा हुई। एलजी संधु ने कमिश्नर संजीव खिरवार को बिना नक्शा पास किए अवैध रूप से बन रहे निर्माणों पर सीलिंग, तोड़फोड़ कड़ी कार्रवाई के लिए एक बड़े एक्शन प्लान को लागू करने का आदेश दिया। एलजी बोले- म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर होंगे जिम्मेदार एलजी ने एमसीडी से रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने को कहा जो बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन/एक्सपेंशन पर सजा दें और सभी म्युनिसिपल जोन में पूरी तरह से इंस्टीट्यूशनल जवाबदेही तय करें, जिसे जल्द से जल्द उनके सेक्रेटेरिएट को पेश किया जाए। एलजी संधू ने कहा कि एमसीडी अप्रूव्ड बिल्डिंग ब्लूप्रिंट या स्टैंडर्ड सेफ्टी कोड का उल्लंघन करने वाले गैर-कानूनी रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल वर्टिकल एक्सपेंशन की पहचान करने, जोनल अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म, लोकल इंजीनियर, टेक्निकल स्टाफ और म्युनिसिपल ओवरसाइट ऑफिसर अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में किसी भी अनदेखे गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन या चल रहे अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्शन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से करें लागू : संधू एलजी तरनजीत संधू ने गैर-कानूनी स्ट्रक्चरल एक्सपेंशन को रोकने के लिए एमसीडी के कमिश्नर संजीव को बिल्डिंग बायलॉज को सख्ती से लागू करने को कहा। एलजी ने एमसडी को को बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन से निर्णायक रूप से निपटने के लिए एक टाइम-बाउंड स्ट्रैटेजी लागू करने का निर्देश दिया।
दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद बाराबंकी का फायर सर्विस विभाग सतर्क हो गया है। जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। जिला अग्निशमन अधिकारी राहुल कुमार अपनी टीम के साथ विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस अभियान के तहत शहर के होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य सुरक्षा उपकरणों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फायर विभाग की टीम ने होटल प्रबंधन और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। जिला अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई गईं, वहां संबंधित प्रबंधन को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। फायर विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि जिले के सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
'6 जून को क्या होने वाला है?' CJP के अभिजीत दीपके ने बढ़ाया सस्पेंस, दिल्ली प्लान पर अब भी कई सवाल
सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। हालांकि, उनके इस प्लान ...
दिल्ली में खराब मौसम और कम विजिबिलिटी का असर एयर ट्रैफिक पर भी देखने को मिला। मौसम बिगड़ने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर कई विमानों की लैंडिंग प्रभावित हुई, जिसके चलते कुछ फ्लाइट्स को होल्ड पर रखा गया, जबकि कई फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट करना पड़ा। इसी कड़ी में अब तक चार फ्लाइट्स जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारी गई हैं। दरअसल, कोलकाता से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-6358 को दिल्ली में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर जयपुर डायवर्ट किया गया। वहीं अमृतसर से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-422 को भी जयपुर भेजा गया। इसके अलावा फूकेट (थाईलैंड) से दिल्ली आ रही इंडिगो की इंटरनेशनल फ्लाइट 6E-1074 और मस्कट (ओमान) से दिल्ली आ रही ओमान एयर की फ्लाइट WY-245 को भी जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट्स की आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ रहा है। कई फ्लाइट्स को हवा में होल्ड पर रखा गया, जबकि कुछ विमानों को ईंधन और परिचालन कारणों को देखते हुए नजदीकी एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट किया गया। जयपुर एयरपोर्ट पर अचानक बढ़ी फ्लाइट मूवमेंट के चलते एयरपोर्ट प्रबंधन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल अलर्ट मोड पर हैं। डायवर्ट होकर आने वाली फ्लाइट्स के पैसेंजर्स को एयरलाइंस की ओर से आगे की यात्रा को लेकर जरूरी जानकारी दी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में खराब मौसम का दौर जारी रहने से अगले कुछ घंटों तक हवाई सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। ऐसे में जयपुर सहित अन्य नजदीकी एयरपोर्ट्स पर भी और फ्लाइट्स डायवर्ट किए जाने की संभावना बनी हुई है।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की ओर से 5 जून को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, व्यापार संगठनों, उद्यमियों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पीएचडीसीसीआई के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ चैप्टर्स के साथ-साथ रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करना तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। जानिए क्या होगा समारोह में समारोह के दौरान ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ: विज़न, इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें आर्थिक विकास, निवेश के अवसर, नई तकनीकों के उपयोग, उद्योगों में नवाचार और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि अपने विचार साझा करेंगे। पीएचडीसीसीआई पंजाब के चेयर करण गिल्होत्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठकर विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम की चेयर हिमानी अरोड़ा ने कहा कि उद्योगों की प्रगति के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत सहयोग जरूरी है। यह कार्यक्रम दोनों पक्षों को एक-दूसरे के विचार समझने और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर देगा। पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने कहा कि इस तरह के आयोजन निवेश को बढ़ावा देने, नई संभावनाएं तलाशने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का भी अवसर मिलेगा।
दिल्ली में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब पूरे मध्यप्रदेश में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जबलपुर शहर में भी लगातार आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर के कई होटल, गोदाम और व्यावसायिक भवन अब भी अग्नि सुरक्षा मानकों से दूर हैं। कई इमारतों में फायर सिस्टम ही नहीं है और जहां लगे भी हैं, वहां उनके समय पर काम करने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जबलपुर के 50 प्रतिशत से अधिक होटल संकरे इलाकों में संचालित हो रहे हैं, जहां आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो सकता है। नेशनल बिल्डिंग कोड और अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार नगरीय सीमा में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई या 500 वर्गमीटर से बड़े भवनों और होटलों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है, लेकिन छोटे और मझोले होटल संचालक इस नियम की आड़ लेकर पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं कर रहे हैं। शहर के कई इलाके अब फायर हॉट-स्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं। मदनमहल, गंगासागर, गुलौआ और गुरंदी बाजार क्षेत्रों में लकड़ी और प्लाईवुड के बड़े कारखाने संचालित हो रहे हैं। वहीं मालवीय चौक, गोल बाजार, उखरी और दमोह नाका जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर टायर गोदाम मौजूद हैं, जहां आग लगने की स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। नगर निगम जबलपुर का दावा है कि इस वर्ष अब तक करीब 350 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। महापौर का कहना है कि फायर विभाग की टीम लगातार बड़े भवनों और संस्थानों की जांच कर रही है और फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जमीनी स्तर पर हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। जबलपुर में वर्तमान स्थिति की बात करें तो शहर में 150 से अधिक होटल संचालित हो रहे हैं। इनमें 7 होटल ऐसे हैं जिनमें 100 से ज्यादा कमरे हैं, करीब 50 होटल 30 से 40 कमरों वाले हैं, जबकि 100 से अधिक छोटे होटल 10 से 30 कमरों के बीच संचालित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फायर ऑडिट और सुरक्षा इंतजामों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
दिल्ली होटल अग्निकांड : लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड में
Delhi Hotel Fire : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लेरिश स्टेज में आग से 21 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी लवकेश बजाज को साकेत कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा।
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक होटल अग्निकांड के बाद अब कानपुर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इस हादसे से सबक लेते हुए डीजी फायर के निर्देश पर पूरे सूबे में होटल, बार, गेस्ट हाउस, लॉज और मॉल्स की सघन चेकिंग का महाअभियान शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में शहर के घंटाघर इलाके से फायर ब्रिगेड की टीम ने औचक निरीक्षण की शुरुआत की है। 11 फायर स्टेशनों की टीमें मैदान में, बारीकी से हो रही जांच कानपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा ने बताया कि, दिल्ली की घटना बेहद दुखद थी, जिसमें कई मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी को देखते हुए डीजी महोदय के आदेश पर यह अभियान शुरू किया गया है, जो अब आगे भी लगातार जारी रहेगा। 17 होटल चिन्हित, बिजली और पर्यटन विभाग को भी लिखा पत्रसीएफओ दीपक शर्मा ने खुद घंटाघर क्षेत्र के कई भीड़भाड़ वाले होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही देखने को मिली।सीएफओ ने सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही दिन ऐसे 17 होटलों को चिन्हित कर लिया है, जहां कमियां पाई गई हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही फायर विभाग ने विद्युत सुरक्षा और पर्यटन विभाग को भी इन लापरवाह होटलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है। अधिकारियों का साफ कहना है,कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। कानपुर जनपद के सभी 11 फायर स्टेशनों की टीमों को अपने-अपने इलाकों में एक्टिव कर दिया गया है। फायरकर्मी हर छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंट में पहुंचकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को टटोल रहे हैं। सिर्फ उपकरण देखना काफी नहीं है। स्टाफ को चलाना आता है या नहीं। इस अभियान के दौरान फायर विभाग की टीमें केवल कागजी कोरम पूरा नहीं कर रही हैं, बल्कि जमीन पर उतरकर एक-एक चीज की बारीकी से जांच कर रही हैं:
पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सूबे की कमान संभालने के बाद पहली बार दिल्ली दौरा किया। केवल सिंह ढिल्लों दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। ढिल्लों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान, कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन मेघवाल व दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार ढिल्लों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलने का कार्यक्रम है। नागरिकों की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने अर्जुन राम मेघवाल को पंजाब की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमांत राज्य है, इसलिए यहां की शांति और नागरिकों की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ढिल्लों ने कानून व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध पर अंकुश लगाने और युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने की दिशा में केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मांगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ढिल्लों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पंजाब में कानून व्यवस्था सुधारने और राज्य को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव मदद करेगी। शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक में केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के ग्रामीण इलाकों में केंद्र की योजनाओं जैसे पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण और किसान कल्याण कार्यक्रमों को तेजी से लागू करने पर जोर दिया। शिवराज सिंह ने पंजाब में भाजपा की नई टीम को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय मंत्री से पंजाब की खेतीबाड़ी को आगे बढ़ाने में हरसंभव मदद करने की अपील की। राष्ट्रीय अध्यक्ष और अमित शाह से भी होंगी मुलाकातें सूत्रों के अनुसार, केवल सिंह ढिल्लों का यह दिल्ली दौरा सियासी लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी केंद्रीय नेतृत्व से पहली औपचारिक मुलाकात है। इस दौरान वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भी मिलेंगे। पंजाब भाजपा में नई जान फूंकने की तैयारी केवल सिंह ढिल्लों का यह दौरा पंजाब भाजपा को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सियासी जानकारों का कहना है कि ढिल्लों का लंबा अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके अच्छे संबंध पंजाब में भाजपा को मजबूत करने में कारगर साबित होंगे। जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की तैयारी ढिल्लों का फोकस आगामी चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने, पंजाब के हितों की आवाज केंद्र तक पहुंचाने और सूबे के प्रमुख मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने पर है। पंजाब में किसान आंदोलन के बाद भाजपा की छवि सुधारने, युवाओं और किसानों को जोड़ने तथा कांग्रेस और आप के बीच तीसरा विकल्प बनने की कोशिश तेज हो गई है।
राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश कोटे की तीन सीटों पर 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। फिलहाल, इनमें से दो पर बीजेपी जबकि एक पर कांग्रेस का कब्जा है। बीजेपी से केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सांसद हैं। वहीं, कांग्रेस की एक सीट पर दिग्विजय सिंह दूसरी बार के सांसद हैं। दिग्विजय सिंह इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में इस सीट के लिए कैंडिडेट को लेकर दिल्ली में पार्टी नेताओं के बीच मंथन चल रहा है। आज गुरुवार को भी अलग-अलग दौर की बैठकें जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक, दो दिन के भीतर पार्टी उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सभी दावेदारों ने बीते कई दिन से दिल्ली में डेरा डाल रखा है। इधर, भोपाल में विधायकों से कोरे नामांकन फॉर्म पर बतौर प्रस्तावक दस्तखत कराने शुरू कर दिए गए हैं। भोपाल में शनिवार को विधायक दल की बैठक भोपाल स्थित प्रदेश मुख्यालय में शनिवार शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधायक दल के मुख्य सचेतक सोहन बाल्मीकि विधायकों से राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा करेंगे। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव के लिए BJP उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। बीजेपी की तरफ से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान अगले 3-4 दिन में होने की पूरी संभावना है। पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई ने केंद्रीय नेतृत्व को संभावित उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट सौंप दी है। पढ़ें पूरी खबर…
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 20 से ज्यादा लोग झुलस गए। इस पर अब कांग्रेस ने वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को घेरा है। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि, राज्य में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं। पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसे ही धराशायी है। इस बात को वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री को समझना चाहिए। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में भर्ती डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने आगे कहा कि, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही CAG के रिपोर्ट के मुताबिक, ICU में भर्ती है। ऐसे में इस तरह के लापरवाही से अब मरीज जाए तो जाए कहां। बिहार में जहां एक ओर रेफर सिस्टम को सुधारने की बात हो रही है। जहां अस्पताल को बताया जा रहा है कि किस तरीके से काम कीजिए, ऐसे में इतनी बड़ी घटना अस्पताल में घटित हो जाती है। आखिर अस्पताल प्रशासन को एनओसी किसने दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने जताया दुख मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आगजनी की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दुख जताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। इस हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उन्होंने बताया कि, जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा एवं उपचार के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत के कार्य युद्धस्तर पर चलाने के आदेश भी दिये गए हैं। इस दुखद घटना की जांच होगी। जिम्मेवारी तय होगी। उन्होंने आगे लिखा कि, ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करें। शॉर्ट सर्किट से लगी आग, एसी में हुआ ब्लास्ट यह हादसा बुधवार रात करीब 3 बजे हुआ। आग शॉर्ट सर्किट से लगी। इसके बाद ICU में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ। इसकी वजह से आग तेजी से फैली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड अस्पताल पहुंची और आग पर काबू पाया। लोगों ने मौके से स्टाफ के गायब होने का आरोप लगाया। परिजन अपने मरीजों को स्ट्रैचर से बाहर ले जाते दिखे। ICU वार्ड 5वीं फ्लोर पर है, जिसकी वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आई। दमकलकर्मियों ने ICU और अस्पताल के दूसरे वार्डों में फंसे मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला। तीन मृतकों की पहचान हो गई है, जिनमें, गीता देवी, चंचला कुमारी, 57 साल के उदय कुमार, 30 साल के शशांक कुमार शामिल हैं। एक की पहचान नहीं हो पाई है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतारा हवारा ने अपनी बीमार बुजुर्ग मां की देखभाल के लिए पैरोल याचिका दायर की हुई है। इस पर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने आज सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली के डायरेक्टर जनरल (प्रिजन) को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। दिल्ली जेल प्रशासन की ओर से जवाब न आने पर अदालत ने दोबारा नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 6 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी। दोबारा आतंकी संगठन से जुड़ सकते हैं हवारा इससे पहले सीबीआई ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए उसकी रिहाई का विरोध किया। एजेंसी ने कहा कि यदि हवारा को पैरोल दी जाती है तो उसके फरार होने और दोबारा आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। सीबीआई ने कहा कि वह पहले भी जेल से फरार हो चुका है। वर्ष 2004 में हवारा और उसके साथियों ने सुरंग खोदकर बुरैल जेल से फरार होने में सफलता हासिल की थी। हवारा का बब्बर खालसा जैसे आतंकी संगठनों से संबंध हालांकि उसे करीब एक साल बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया था। हवारा का संबंध बब्बर खालसा इंटरनेशनल जैसे आतंकी संगठनों से रहा है। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे किसी भी सूरत में पैरोल नहीं दी जानी चाहिए।
ED की प्रेस रिलीज वापसी से FIITJEE को राहत:दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मामला शांत
FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स और अधिकारियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित एक प्रेस रिली वापिस लिए जाने पर मामले में नया मोड़ आ गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक आदेश पारित किया, जिसमें यह नोट किया गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 26.04.2025 को जारी की गई उस प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस ले लिया है, जिसमें FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स पर आरोप लगाए गए थे। विवादित प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस लेना FIITJEE और उसके डायरेक्टर्स के इस लगातार रुख को सही साबित करता है कि आरोप बेबुनियाद थे और उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं था। याचिकाकर्ताओं द्वारा ED की प्रेस रिलीज़ को चुनौती याचिकाकर्ताओं (FIITJEE) ने ED के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस द्वारा 26.04.2025 को जारी की गई उस प्रेस रिलीज़ को चुनौती दी थी - जो अब विवादित है - जिसे FIITJEE के नोएडा और दिल्ली ऑफिसों तथा कुछ डायरेक्टर्स और अधिकारियों के आवासों पर तलाशी के बाद जारी किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि प्रेस रिलीज़ दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक थी, तथा अवैध और मनगढ़ंत अनुमानों पर आधारित थी; इसमें बिना किसी उचित औचित्य या सबूत के विभिन्न प्रकार की अटकलें और आरोप शामिल थे। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि प्रेस रिलीज़ एक प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट पर आधारित होने का दावा करती थी, जबकि ऐसी कोई रिपोर्ट मौजूद ही नहीं थी। प्रतिवादी का बयान और “प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट” पर स्पष्टीकरण इसके बाद, प्रतिवादी के वकील ने इस संबंध में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा कि क्या वे प्रेस रिलीज़ में संशोधन करेंगे या मामले का निपटारा उसके गुण-दोष के आधार पर करवाएंगे। यह उल्लेखनीय है कि, ज़ब्त की गई सामग्री के प्राथमिक विश्लेषण पर आधारित होने का दावा करने के बावजूद, प्रतिवादी ने माननीय कोर्ट के समक्ष यह स्वीकार किया कि ऐसी कोई प्राथमिक विश्लेषण रिपोर्ट मौजूद नहीं थी, और वे प्रथम दृष्टया आरोपों को साबित करने में विफल रहे। इसके परिणामस्वरूप, 06.05.2026 को, दिल्ली हाई कोर्ट ने यह नोट किया कि प्रतिवादी के वकील को विवादित प्रेस रिलीज़ को बिना शर्त वापस लेने के निर्देश प्राप्त हो गए थे। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मौखिक रूप से यह भी टिप्पणी की कि प्रतिवादी ने प्रेस विज्ञप्ति को वापस लेकर उन गंभीर परिणामों को टाल दिया है, जो तब उत्पन्न हो सकते थे, यदि न्यायालय को मामले के गुण-दोष के आधार पर कोई आदेश पारित करने के लिए विवश होना पड़ता।
दिल्ली पुलिस ने अपहरण मामले में 8 साल से फरार अपराधी को रोहिणी इलाके से किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 2018 के एक अपहरण के मामले में फरार चले रहे एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी कि आरोपी कई सालों से ट्रायल से बच रहा था। वह रोहिणी इलाके में छिपा हुआ था, जहां से द्वारका जिले की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
घोषणा के अनुसार, पत्रकार सौरव दास को संगठन का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही राजनीतिक शोधकर्ता और फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा पूर्व मैनेजमेंट कंसल्टेंट आशुतोष रांका को भी प्रवक्ता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली के गेस्टहाउस में आग लगने पर लोग क्यों नहीं भाग सके
गेस्ट हाउस में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती पड़ताल में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और निर्माण से जुड़ी गडबड़ियों के संकेत मिले हैं। मरने वालों में 9 भारतीय और 12 ...
अवैध पार्किंग के खिलाफ एमसीडी और दिल्ली पुलिस का संयुक्त अभियान शुरू, मल्टी-लेवल सुविधाओं पर जोर
दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या और सड़क किनारे लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। गुरुवार से राजधानी के चुने हुए मल्टी-लेवल पार्किंग स्थानों के आस-पास यह जागरूकता और सख्ती वाला अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद लोगों को जिम्मेदारी से पार्किंग करने की आदत डालना है, ताकि सड़कें साफ और ट्रैफिक सुगम बने।
LIVE: दिल्ली में आज से फायर सेफ्टी अभियान, लवकेश बजाज की कोर्ट में पेशी
Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली के मालवीय नगर में 21 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। उसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। राजधानी में आज से फायर सेफ्टी अभियान भी शुरू हो रहा है। पल पल की ...
खाकी में प्रदेश का दम:देश भर में 147 आईपीएस बने; राजस्थान के 20, दिल्ली और यूपी के बाद सबसे अधिक
सिविल सेवा परीक्षा-2024 के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा के लिए जारी कैडर आवंटन सूची में राजस्थान के युवाओं ने जोरदार दम दिखाया है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राजस्थान के 20 युवा आईपीएस बने हैं। देश में 147 युवा आईपीएस बने हैं, इनमें राजस्थान का आंकड़ा 13% है। पिछले साल 200 में से 25 आईपीएस बने थे। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान की सफलता राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी की संस्कृति दर्शाती है। दिलचस्प है कि राजस्थान के चयनित 20 युवाओं में से केवल एक अभ्यर्थी सुखराम को मूल कैडर मिला है। राजस्थान को मिले सिर्फ 2 आईपीएस राजस्थान कैडर को दो आईपीएस मिले हैं। इनमें महाराष्ट्र के तेजस्वी देशपांडे और राजस्थान के सुखराम। गौरतलब है कि राजस्थान में आईपीएस का कैडर 222 का है और इसमें से 210 पद भरे हुए हैं। सबसे अधिक यूपी से 32 और दिल्ली से 22 आईपीएस अफसर बने हैं। 5 साल में प्रदेश से 111 आईपीएस, मिले 33 देशभर में फैला राजस्थान का प्रतिनिधित्व आदित्य आचार्य और अक्षत मंडीवाल को यूपी, सुखराम को राजस्थान, रोनक अशाराम को आंध्र प्रदेश, मोना जाखड़ को गुजरात, रविंद्र खोजा और दीपक चौधरी को पश्चिम बंगाल, मनोज महरिया को एजीएमयूटी, मनीष मीणा को मध्य प्रदेश, साक्षी नागर और धर्म सिंह मीणा को महाराष्ट्र, राहुल मीणा को कर्नाटक, सागर को तमिलनाडु, साहिल मीणा को बिहार, हर्ष डाबरिया को तेलंगाना, आशीष मीणा को ओडिशा, रविराज सत्तावन को असम-मेघालय, ललित जरेड़ा को मणिपुर, कर्मवीर नरवाड़िया को झारखंड और अजय बागड़ी को नागालैंड मिला है।
प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीतिक तैयारियां पूरी हो गई हैं, राज्यसभा प्रत्याशियों के नामों को लेकर बुधवार को दिल्ली से लेकर भोपाल तक राजनीतिक हलचल रही। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिल्ली दौरे और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली से भोपाल वापसी के बाद माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने संभावित नामों पर प्रदेश नेतृत्व से अंतिम चर्चा कर सिलेक्टेड नामों की जानकारी दे दी है। अगले एक-दो दिन में इसकी अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। भाजपा सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के जरिए पार्टी आगामी संगठनात्मक प्राथमिकताओं को साधने जा रही है। मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष के दिल्ली दौरों के बाद अब गेंद पूरी तरह केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) के पाले में है। माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों में दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही पार्टी अपने अधिकृत नामों का ऐलान कर देगी। दो दिन से खंडेलवाल का दिल्ली में डेरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूश गोयल समेत कई पार्टी पदाधिकारियों और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। आधिकारिक तौर पर यह मुलाकात विकास कार्यों को लेकर थी, लेकिन माना जा रहा है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने राज्यसभा चुनाव की रणनीति और प्रदेश संगठन के इनपुट पर सीएम से चर्चा की है। इससे ठीक पहले, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दो दिनों तक दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। वे वहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में मध्यप्रदेश संगठन की ओर से तैयार जमीनी फीडबैक, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों का पूरा खाका केंद्रीय आलाकमान के सामने रखा गया। राष्ट्रीय नेतृत्व से अहम दिशा-निर्देश लेने के बाद प्रदेशाध्यक्ष बुधवार को वापस भोपाल लौट आए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस में दावों की होड़, 5 जून को होगा दिल्ली में होगा फैसला राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस खेमे में दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल के नामों की चर्चा पहले से थी, लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम चर्चा में आ गया है। इस बीच, उम्मीदवारों के चयन को लेकर 5 जून को दिल्ली में एक बड़ी और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मप्र के दिग्गज नेताओं के साथ मंथन करेंगे। बैठक में शामिल होने के लिए मप्र कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दिल्ली पहुंच रहे हैं। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुसार, फिलहाल नामों की कोई अंतिम सूची तैयार नहीं हुई है।
दिल्ली के होटल हादसे के बाद भोपाल के होटलों और रेस्टोरेंट की फायर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में करीब 2000 होटल हैं, जिनमें लगभग 1300 में रेस्टोरेंट और किचन संचालित हैं। भास्कर ने बुधवार को करीब 15 होटल-रेस्त्रां में आग से बचाव का बंदोबस्त देखा तो यहां केवल 1 से 3 फायर एक्सटिंग्विशर मिले। नियम के मुताबिक हर 30 मीटर पर एक फायर एक्सटिंग्विशर होना चाहिए। कई जगह दूसरा निकास नहीं मिला, जबकि कई रेस्टोरेंट और किचन बेसमेंट में संचालित पाए गए। सबसे बड़ी बात यह है कि फायर एनओसी के नियम होने के बावजूद नगर निगम के पास सीधे कार्रवाई का अधिकार नहीं है। जिन होटलों में रोज सैकड़ों लोग ठहरते हैं, वहां गैस सिलेंडर, किचन उपकरण और बिजली के भारी उपयोग के बावजूद स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर और आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं। निगम के फायर अधिकारी सौरभ पटेल के मुताबिक 15 मीटर से ऊंची इमारत, 500 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट या 50 से अधिक कमरों वाले होटल के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है। मध्य प्रदेश में स्वतंत्र फायर एक्ट लागू नहीं है, इसलिए जुर्माना या सख्त कार्रवाई का अधिकार नहीं है। नगर निगम बोला- स्वतंत्र फायर एक्ट नहीं, इसलिए सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते बेसमेंट में तीन बड़े किचन, सुरक्षा इंतजाम नहींशाम 5:14 बजे: 7 नंबर स्थित बीडीए कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में शंकर होटल, सागर गैरे और शर्मा विष्णु फास्ट फूड के किचन संचालित मिले। आगजनी की स्थिति में पूरी बिल्डिंग प्रभावित हो सकती है, जबकि फायर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। बेसमेंट में बापू की कुटिया, ऊपर सैकड़ों दुकानेंशाम 4:49 बजे: एमपी नगर स्थित ज्योति कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में बापू की कुटिया रेस्टोरेंट है। यहां आग लगने पर मोबाइल, लैपटॉप और अन्य दुकानों को खतरा हो सकता है। यहां फायर सुरक्षा के नाम पर केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। फायर एग्जिट पूछा तो पीछे मिली सिर्फ दीवारशाम 4.30 बजे: भारत टॉकीज स्थित 38 कमरों वाले ग्रैंड होटल में दो फ्लोर पर केवल दो फायर एक्सटिंग्विशर मिले। फायर एग्जिट के बारे में पूछने पर पीछे रास्ता बताया गया, लेकिन मौके पर वहां दीवार मिली। बाहर की ओर न सीढ़ी थी और न निकासी का कोई रास्ता। नीचे नाला गुजर रहा था। फायर सुरक्षा चाहिए तो महंगे होटल में जाओशाम 4.15 बजे: हमीदिया रोड की संकरी गली में बने 22 कमरों वाले होटल गोपी पैलेस में एक फायर एक्सटिंग्विशर मिला, जो 16 मई को एक्सपायर हो चुका था। एंट्री और एग्जिट के लिए एक ही गेट है। फायर सेफ्टी पर सवाल पूछने पर रिसेप्शनिस्ट बोला- बेहतर सुरक्षा चाहिए तो महंगे होटल में जाओ। बेसमेंट में होटल-किचन सबसे ज्यादा खतरनाकभास्कर की पड़ताल में कई होटल और रेस्टोरेंट बेसमेंट में संचालित मिले। नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोरेज के लिए किया जा सकता है। बेसमेंट में होटल, रेस्टोरेंट या किचन चलाने की अनुमति नहीं है। यदि बेसमेंट का क्षेत्रफल 200 वर्गमीटर या अधिक है तो स्प्रिंकलर सिस्टम अनिवार्य है। अधिकारियों के मुताबिक आग लगने की स्थिति में बेसमेंट से बाहर निकलना सबसे मुश्किल होता है, जिससे पूरी बिल्डिंग खतरे में पड़ जाती है। टीम भेजकर जांच कराएंगेनिगम समय-समय पर होटल और रेस्टोरेंट में फायर सुरक्षा इंतजामों की जांच कराता है। यदि कहीं बिना एनओसी होटल या रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।-संस्कृति जैन, कमिश्नर, नगर निगम
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग से गुरुग्राम का अग्रवाल परिवार जिंदा जल गया। परिवार के पांचों सदस्यों की मौत ने पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों तक को बड़ा झटका दिया है। हादसे में सीए विवेक से लेकर उसकी पत्नी तर्जनी, मां प्रेमलता, बेटी जिविशा और वारिया की जान चली गई। सभी बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने दिल्ली पहुंचे थे। जान गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल इंश्योरेंस देखो कंपनी में फाइनेंशियल हेड थे। वहीं, पत्नी तर्जनी अग्रवाल पेशेवर रूप से इवेंट मैनेजमेंट का काम संभालती थीं। साथ ही वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ भी चलाती थीं। तर्जनी ने अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में 'मिसेज इंडिया' का नामी खिताब अपने नाम किया था। उनके करीबियों के मुताबिक तर्जनी जितनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में अनुशासित थीं, उतनी ही अपने परिवार से अटैच थीं। तर्जनी मॉडलिंग भी करती थी और रैंप वॉक भी। वहीं, अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल को अब तक इस बात की भनक भी नहीं है कि उनकी लंबी उम्र की दुआएं मांगने वाले उनके जिगर के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेक के पिता दिल्ली मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हीं का हाल जानने सीए अपनी मां, पत्नी व दो बेटियों संग दिल्ली आए थे। उनके मौसा-मौसी व मामा राजस्थान से आए थे। ये लोग होटल में ठहरे थे। सुबह ब्रेकफास्ट के वक्त होटल में आग लगी और सभी जिंदा जल गए। मॉडल पत्नी और CA पति के PHOTOS अग्रवाल परिवार के बारे में जानिए… पोतियां का दादा से बेहद लगाव था, एक बेंगलुरु से मिलने आई विवेक ने अपने बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था। बेंगलुरु में बीटेक कर रही उसकी बड़ी बेटी जीविशा को दादा के बीमार होने का पता चला तो वो फ्लाइट पकड़कर सीधे दिल्ली आ गई। मंगलवार को वो अस्पताल के पास ही स्थित मालवीय नगर के एक होटल में रुके थे। पोतियां जीविशा और वारिया दादा को देखकर आई थी। इन्हें परिवार में प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। दोनों पोतियों समेत पूरा परिवार बुजुर्ग राधेश्याम के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहा था, लेकिन अचानक लगी आग ने मिसेज इंडिया तर्जनी अग्रवाल समेत परिवार के पांच लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। सूनी पड़ी कोठी, पड़ोसियों की आंखें नम हादसे के बाद से गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है और मुख्य गेट बंद हैं। पड़ोसियों का कहना है कि विवेक बेहद शालीन, हंसमुख और मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले इंसान थे। पूरा सेक्टर इस बात से सदमे में है कि जो हंसता-खेलता परिवार दो दिन पहले अपनी गाड़ी से दिल्ली गया था, उसका एक सदस्य भी जिंदा नहीं बचा। ‘बेटियों को बचा लो...’, आखिरी कॉल और फिर पसरा सन्नाटा आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो कमरे के भीतर से विवेक अग्रवाल ने बदहवास हालत में अपने मामा के बेटे को फोन मिलाया। उन्होंने रोते हुए कहा, हम चारों तरफ से भीषण आग में फंस गए हैं, दम घुट रहा है... बस हमारी बेटियों को कैसे भी करके बचा लो! जब तक उसका भाई कोटला से आया, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था। यह विवेक की जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। आज होगा अंतिम संस्कार दिल्ली में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके पैतृक निवास सेक्टर-46 लाया जाएगा। चूंकि परिवार के लगभग सभी मुख्य सदस्यों की इस हादसे में मृत्यु हो चुकी है, इसलिए गुरुग्राम में मौजूद उनके अन्य रिश्तेदार और पड़ोसी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं। शवों के गुरुग्राम पहुंचने के तुरंत बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सीए के ससुर ने बताई इस दर्दनाक हादसे की कहानी… बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई है। दो दिन पहले विवेक के पित राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है। होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। मामाजी किशनगंज से आए थे जबकि मौसा-मौसी अजमेर से आए थे। मामा मार्बल कारोबारी और मौसा रिटायर्ड बैंक अधिकारी अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी मौसा जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) के साथ मंगलवार शाम 7 बजे अजमेर से किशनगढ़ गए। फिर किशनगढ़ से दिल्ली गए थे। किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कॉलोनी निवासी मार्बल व्यापारी और विवेक के मामा अशोक पंसारी भी उनके साथ थे। जवरी लाल के पड़ोसी और दोस्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कमला अग्रवाल का 1 जून को जन्मदिन था। जवरी लाल ने इसे सभी के साथ मनाया था। 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल ने 1 जून को पत्नी कमला का जन्मदिन मनाया था। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा सचिन अग्रवाल अमेरिका में गूगल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह 5 साल से पत्नी और बच्चे के साथ अमेरिका में ही रह रहा है। बेटी दीपा की शादी साल 2012 में हनुमानगढ़ में हुई थी। वह जयपुर में रह रही है। हादसे की सूचना पर दीपा दिल्ली पहुंच गई। वहीं सचिन भी अमेरिका से निकल चुका है।
सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच। दिल्ली के हौजरानी में रहने वाले मोहम्मद शाहरुख काम पर जा रहे थे। मालवीय नगर पहुंचे, तो फ्लरिश स्टे होटल से धुआं निकलता दिखा। भागकर होटल के पास पहुंचे, देखा चाचा और भाई अंदर फंसे लोगों को बचाने के इंतजाम कर रहे हैं। दोनों होटल के पास नीचे गद्दे लगा रहे थे। शाहरूख बताते हैं कि गद्दे लगाते ही होटल की खिड़की से सबसे पहले स्टाफ कूदकर बाहर आया। उन्हीं से पता चला कि अंदर 40 से ज्यादा लोग फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर विदेशी हैं। कुछ गेस्ट सो रहे हैं, उन्हें आग लगने की खबर भी नहीं है। आस-पास के लोगों ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस बुलाई। आस-पास जाम था, इसलिए फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में थोड़ा वक्त लग गया। एक के ऊपर एक 5-6 गद्दे लगाए, 8 ने कूदकर जान बचाई होटल के सामने अरमान खान की गद्दे की दुकान है। वे बताते हैं, ‘होटल के ग्राउंड फ्लोर पर भीषण आग लगी थी। न कोई अंदर जा सकता था और न बाहर निकल सकता था। होटल के तीनों फ्लोर पर फंसे लोग खिड़कियों से कूदने की कोशिश कर रहे थे। हमने दुकान से गद्दे निकाले और होटल के पास 5 से 6 गद्दे एक के ऊपर एक करके लगा दिए। करीब 8 लोगों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई।‘ ‘तब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग बुझानी शुरू कर दी थी। आग बुझी, तो हम 10-12 लोग होटल के अंदर गए। धुएं में दम घुटने की वजह से अंदर कई लोग बेहोश पड़े थे। उन्हें चादरों में लपेटकर बाहर लाया गया। हमने करीब 40-45 लोगों को निकाला। अंदर जो जैसे बैठा या लेटा था, वैसे ही जलकर खाक हो गया था।‘ ‘पहले फ्लोर से एक महिला हेल्प-हेल्प की आवाज दे रही थी। हम सब कई लोग रेस्क्यू में लगे थे, इसलिए पता नहीं कि महिला बची या नहीं।‘ होटल में गेस्ट के साथ स्टाफ भी था क्या। इस पर अरमान बताते हैं, ‘हमें शुरू में ही स्टाफ के लोग दिखे। फिर वो कहां गए, पता नहीं।‘ रिसेप्शन पर बैठी लड़की, उसी हाल में जली मिली रेस्क्यू में शामिल आमिर खान बताते हैं, ‘ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर भयानक आग लगी थी। बुझने के बाद भी मंजर इतना भयानक था कि कमजोर दिल वाला इंसान अंदर का हाल नहीं देख सकता। अंदर इतना धुआं भरा था कि सांस लेना मुश्किल था। फर्स्ट फ्लोर के रिसेप्शन पर बैठी लड़की, हमें उसी हालत में जली मिली।' ‘बेसमेंट तक आग नहीं पहुंची थी, इसलिए हम शटर काटकर वहां फंसे लोगों को देखने पहुंचे, लेकिन अंदर बहुत अंधेरा था। हमने बाथरूम और कमरों से लोगों को ढूंढकर निकाला। ज्यादातर बेहोश थे। करीब 20 से 25 लोगों को चादरों के जरिए बाहर लाए। इनमें ज्यादातर विदेशी गेस्ट थे, सिर्फ 3 ही भारतीय थे। इनमें से कई लोगों को सीपीआर देकर हॉस्पिटल भेजा। दो लेन की सड़क पर गाड़ियां खड़ीं, फायर ब्रिगेड कैसे आएहोटल के पास मेडिकल शॉप चलाने वाले शैलेंद्र तिलक बताते हैं, ‘मैक्स अस्पताल की वजह से इलाके में हमेशा भीड़ रहती है। यहां दूसरे देशों से लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। मरीज के साथ जो परिवार वाले आते हैं, वो इन्हीं होटलों में रूकते हैं। पिछले 6-7 साल से यहां के 10-12 होटल इन्हीं लोगों से चल रहे हैं।‘ ट्रैफिक जाम के चलते टाइम पर फायर ब्रिगेड न पहुंचने पर वे कहते हैं, ‘यहां 6 लेन की सड़क पास हुए 40 साल बीत गए, लेकिन उस पर अब तक अमल नहीं हो सका। दो लेन की सड़क पर गाड़ियां खड़ी रहती हैं, इसलिए गाड़ियों के आने-जाने के लिए भी रास्ता नहीं होता।‘ रिहायशी इलाका बना होटल हब, सेफ्टी इंतजाम भी नहीं इस घटना के बाद हौजरानी में रहने वाले लोग रिहायशी इलाके में होटल चलाने पर सवाल उठा रहे हैं। शाहीन खान कहती हैं कि यहां BNB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) सर्टिफाइड होम स्टे के नाम पर होटल चल रहे हैं। इनमें ज्यादातर विदेशी गेस्ट ठहरते हैं, जिनमें साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान से आने लोग ज्यादा है। गेट नंबर-1 पर होटल रजिस्टर देखेंगे, तो करीब 20 होटलों का रिकॉर्ड मिल जाएगा। BNB के तहत 5 से 6 कमरों के होम स्टे चलाने की परमिशन होती है, लेकिन उसके सर्टिफिकेट पर यहां 25 कमरे का 3 से 4 मंजिला होटल चल रहा है। इनमें न फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और न इमरजेंसी एग्जिट। पिछले कुछ सालों में पुराने घर होटल की नई बिल्डिंग में बदल गए हैं। सिर्फ 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल मालवीय नगर के जिस फ्लरिश स्टे होटल में आग लगी, उसके 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। वहीं 100 मीटर के दायरे में फ्लरिश स्टे समेत तीन होटल हैं। तीनों के मालिक लोकेश बजाज ही हैं। इनके नाम- 1- फ्लरिश स्टे 2- फ्लरिश इन गेस्ट हाउस3- ग्रीन रेजीडेंसी होटल इनमें फायर सेफ्टी समेत सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए हम फ्लरिश इन गेस्ट हाउस पहुंचे। फ्लरिश स्टे की तरह यहां भी बेसमेंट में 5 कमरे और किचन मिला। बेसमेंट में न कोई फायर एक्सटिंग्विशर लगा मिला, न ही वेंटिलेशन का इंतजाम था। बेसमेंट में एंट्री और एग्जिट के लिए एक सकरा सा गेट है, जिसमें एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है। इसके अलावा कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। एक व्यक्ति के आने-जाने लायक कॉरिडोर है और इसी से कमरों में जाने का रास्ता है। बेसमेंट के ऊपर 3 फ्लोर हैं। हर फ्लोर पर 6-6 कमरे हैं और बाहर दो-दो फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं, लेकिन वेंटिलेशन ऊपर के फ्लोर पर भी नहीं है। विंडो में फिक्स ग्लास लगे हैं, जिसे इमरजेंसी की स्थिति में तोड़कर निकलने के सिवा बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है। जब हम अंदर पहुंचे, तो होटल खाली मिला। अंदर कोई स्टाफ नहीं था। एक कमरे में बुजुर्ग रूके हुए थे, लेकिन वो बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हुए। …………….ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। पूरी खबर पढ़िए…
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर लापरवाही सामने आ रही हैं। पुलिस ने बुधवार देर रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को बताया है कि होटल का काम दूसरे लोग संभालते थे। सूत्रों के मुताबिक, बजाज ने बताया कि वह खुद होटल की निगरानी नहीं करता था। उसने होटल के मैनेजमेंट, बिलिंग और अकाउंट्स का काम किसी और व्यक्ति को दिया था। उसने यह भी कहा कि होटल में कमरे बड़े करने और अन्य बदलावों की सलाह भी किसी अन्य व्यक्ति ने दी थी। बजाज ने दावा किया कि सलाह देने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था- होटल में ये सारे मॉडिफिकेशन नॉर्मल हैं और दिल्ली में सब चलता है। बजाज ने यह भी माना है कि होटल के पास फायर NOC नहीं थी। पुलिस अब निर्माण संबंधी मंजूरियों, बिजली कनेक्शन और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 विदेशी और 11 भारतीय नागरिक हैं। गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार आग में जल गया। विवेक ने आग के बीच एक रिश्तेदार को फोन पर कहा था- भाई, शायद हम बच नहीं पाएंगे। DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, 15 लोग ICU में भर्ती हादसे के वक्त होटल में कितने लोग थे यह पता नहीं चल सका है। फायर सर्विस, पुलिस व स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया था। AIIMS दिल्ली के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में दो महिलाओं और एक पुरुष को मृत लाया गया। तीनों करीब 40 साल के थे। पहचान अभी नहीं हो पाई है। मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को ले जाया गया, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट होगा। 15 लोग ICU में भर्ती हैं। इनमें 8 वेंटिलेटर पर हैं। रेस्क्यू के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मृतकों में CA के परिवार के 8 लोग, 9 अफ्रीकी नागरिक सील खिड़कियां, एंट्री-एग्जिट एक, बचने का मौका नहीं मिला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत इस होटल को 6 कमरों की मंजूरी थी, लेकिन 5 मंजिलाें पर 25 से अधिक कमरे बना लिए। होटल में आने-जाने का एक ही रास्ता था। होटल की अधिकांश खिड़कियां बंद या सील थीं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग ग्राउंड फ्लोर की सीढ़ियों के पास रखे सामान से शुरू हुई और कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। इससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान होटल में LPG सिलेंडर भी मिले। चीखें सुनकर किसी ने गद्दे बिछा दिए, किसी ने खिड़कियां तोड़ीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी। सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। हालांकि इसकी जांच जारी है। फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले स्थानीय लोग बचाव में जुट गए थे। होटल के सामने कंबल-गद्दे की दुकान चलाने वाले अरमान ने दुकान से सभी नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दी थीं। अरमान ने कहा, होटल की ऊपरी मंजिल से कई लोग इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली। कई लोगों ने कांच तोड़े, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर निकले। स्थानीय युवक अफजल, शाहरुख, अनीस, आमिर और वसीम ने कम से कम 10 लोगों को CPR भी दी। अस्पताल में पिता से मिलने आए थे CA विवेक और परिवार गुरुग्राम के CA विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल पिछले कई दिनों से पास के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें देखने के लिए परिवार के सदस्य दिल्ली आए थे और होटल फ्लरिश स्टे में दो कमरे बुक किए थे। हादसे में विवेक की मां, पत्नी, दोनों बेटियां, मामा अशोक गोयल, मौसी कमला और उनके पति जवरी लाल की भी मौत हो गई। विवेक की बड़ी बेटी जीविषा एक दिन पहले ही बेंगलुरु से अपने दादा से मिलने दिल्ली पहुंची थी। हादसे के बाद परिवार में केवल विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल ही जीवित बचे हैं, जो अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। विवेक के ससुर प्रेम बंसल ने बताया कि बेटी ने मदद के लिए फोन भी किया था, लेकिन कुछ ही देर में पूरा परिवार आग की चपेट में आ गया। हाई कोर्ट ने जनवरी में मांगा था एक्शन प्लान, अब हादसा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में दावा किया गया है कि राजधानी में करीब 1000 लाइसेंसी होटल और गेस्ट हाउस हैं, लेकिन केवल 52 के पास वैध फायर NOC है। इस साल 7 जनवरी को कोर्ट ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और एनडीएमसी को फायर सेफ्टी पर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया था। याची अधिवक्ता अर्पित भार्गव का कहना था कि बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस जरूरी अग्नि सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। सुनवाई के करीब 5 महीने बाद अब हादसा हो गया है। अधिकारियों ने बताया, जिस होटल में आग लगी उसका नक्शा नहीं था। दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए है। ---------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नीचें लपटें, रास्ता जाम, चौथी मंजिल से कूदे लोग: एंबुलेंस लेट हुई तो घायलों को कंधे पर उठाकर दौड़े लोग; दिल्ली हादसे की 12 PHOTOS दिल्ली होटल अग्निकांड में राजस्थान के 3 लोगों की मौत:अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार से मिलने गए थे; 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन
दिल्ली अग्निकांड के बाद लखनऊ में अलर्ट:290 होटलों का दोबारा होगा सेफ्टी ऑडिट
लखनऊ में दिल्ली में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के करीब 290 होटलों का दोबारा सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला किया है। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो अगले 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ऑडिट के दौरान फायर सेफ्टी, भवन मानकों, विद्युत व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जाएगी। संयुक्त टीम में एलडीए, पीडब्ल्यूडी, आवास विकास, पुलिस, दमकल विभाग, आबकारी विभाग और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। जल्द ही इस अभियान के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। फायर और बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल प्रथमेश कुमार ने कहा कि एलडीए केवल भवन के नक्शे को मंजूरी देता है, जबकि विद्युत वायरिंग की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रमाणित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्युत एजेंसियों की होती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के फायर एनओसी और विद्युत संबंधी मंजूरियां जारी कर दी जाती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि फायर सेफ्टी मानकों और बिजली के लोड की वास्तविक जांच किए बिना एनओसी जारी होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमकल विभाग और विद्युत नियामक संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है। 15 दिन में रिपोर्ट, खामियां मिलने पर कार्रवाई एलडीए के मुताबिक, संयुक्त टीम होटल भवनों में आपात निकास, फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, वायरिंग, बिजली लोड और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जिन प्रतिष्ठानों में खामियां मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद लखनऊ में शुरू हुई यह कवायद बड़े हादसों की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
Delhi fire : दिल्ली के मालवीय नगर में भीषण आग, 21 लोगों की मौत, होटल मालिक लवकेश बजाज पकड़ा गया
दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित 'फ्लॉरिश स्टे' होटल और 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' की इमारत में लगी भीषण अग्निकांड से 21 लोगों की मौत हो गई।जबकि कई अन्य घायल हो गए। होटल के मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया गया है। वह हादसे के बाद से ही फरार चल रहा था। ...
मालवीय नगर आग हादसे के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस, फरार होटल मालिक को पकड़ने के लिए दी दबिश
दिल्ली के मालवीय नगर में बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्तरां में आग लगने की घटना में 21 लोगों की जान चली गई। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को होटल मालिक को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों से आए नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग नगर निगम, पुलिस, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, राजस्व और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मामलों की विस्तृत जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश कार्यक्रम के दौरान नगर निगम से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे नागरिकों की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं शिक्षा से जुड़े एक मामले में एक महिला ने अपने बच्चों की पढ़ाई में आ रही परेशानियों की जानकारी दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा। सरकार और जनता के बीच संवाद का मजबूत मंच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक मामले का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। फ्लरिश इन गेस्ट हाउस घटना वाली जगह से 100 मीटर दूर है। इसमें बेसमेंट के अंदर 5 कमरे और किचन है। यहां कोई फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिला और ना ही वेंटिलेशन का इंतजाम है। ग्रीन रेजीडेंसी होटल की 3 तस्वीरें… इतना संकरा बेसमेंट कि एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है इसके बेसमेंट में एंट्री और एग्जिट के लिए एक संकरा सा गेट है, जिसमें एक बार में एक व्यक्ति ही निकल सकता है। इमरजेंसी एग्जिट का इंतजाम नहीं है। एक व्यक्ति के आने-जाने लायक कॉरिडोर है और इसी से कमरों में जाने का रास्ता है। बेसमेंट के ऊपर 3 फ्लोर हैं। हर फ्लोर पर 6-6 कमरे हैं। हर फ्लोर के बाहर दो-दो फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं, लेकिन ये किस हाल में हैं, ये कंफर्म नहीं। ऊपर के फ्लोर पर भी वेंटिलेशन नहीं है। विंडो में फिक्स ग्लास लगे हुए हैं, जिसे इमरजेंसी में तोड़ने के सिवाय भागने का कोई रास्ता नहीं है। पूरा होटल खाली पड़ा था। अंदर कोई स्टाफ नहीं मिला। होटल के एक कमरे में रुके बुजुर्ग मिले, लेकिन वो बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हुए। होटल का मालिक फरार फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होने के बाद लवकेश बजाज के घर पहुंची थी। लेकिन, वहां कोई नहीं मिला। पुलिस बजाज की तलाश में जुटी हुई है। अब फ्लरिश स्टे होटल में आग की 3 तस्वीरें… ----------------- दिल्ली होटल हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत: इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं। जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं। मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। पूरी खबर पढ़ें… आग से बचने पांचवीं मंजिल से कूदे लोग:कुछ चिल्लाते रहे, कुछ ने खिड़की तोड़कर जान बचाई; दिल्ली हादसे की 13 PHOTOS दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। बताया गया कि आग नीचे बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट में लगी थी। इसके बाद आग ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। पूरी खबर पढ़ें… दिल्ली की होटल में आग पर वर्ल्ड मीडिया:अलजजीरा ने लिखा- भारतीय इमारतों में सुरक्षा इंतजाम नहीं दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के साथ बवाना विधानसभा क्षेत्र में 47.26 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में कंझावला रोड ड्रेन परियोजना (पंजाब स्वीट्स से रोहिणी सेक्टर.21/22 डिवाइडिंग रोड तक) और रोहिणी सेक्टर 20 एवं 21 ग्रामीण पुनरुद्धार परियोजना प्रमुख हैं। कैबिनेट मंत्री का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी, नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। जल्द आएंगी 60 करोड़ की नई परियोजनाएं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री रविन्द्र ने कहा, बवाना विधानसभा दिल्ली देहात का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसके विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में बवाना तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में क्षेत्र में करीब 60 करोड़ रुपए की अतिरिक्त विकास परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे आधारभूत ढांचा और मजबूत होगा तथा लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में लगी आग में राजस्थान के भी तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में मार्बल कारोबारी, रिटायर्ड बैंक अधिकारी और उनकी पत्नी शामिल हैं। अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी जवरी लाल अग्रवाल (70) पत्नी कमला अग्रवाल (68) के साथ मंगलवार शाम 7 बजे अजमेर से किशनगढ़ गए। फिर किशनगढ़ से दिल्ली गए थे। किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कॉलोनी निवासी मार्बल व्यापारी अशोक पंसारी भी उनके साथ थे। पड़ोसी और दोस्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल और कमला अग्रवाल रिश्तेदारों के साथ हॉस्पिटल में भर्ती जानकार से मिलने दिल्ली गए थे। वे दिल्ली के फ्लरिश स्टे होटल में रुके थे। हादसे में उनकी मौत हो गई। राजेंद्र प्रसाद ने बताया- कमला अग्रवाल का 1 जून को जन्मदिन था। जवरी लाल ने इसे सभी के साथ मनाया था। बेटी ने दी हादसे की सूचना पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- दिल्ली में हुए हादसे की सूचना जवरी लाल की बेटी दीपा अग्रवाल ने मुझे फोन कर दी। दीपा ने बताया था कि अग्निकांड में मां की मौत हो चुकी है। वहीं कुछ घंटे बाद पिता की भी बॉडी होटल में मिली। कमला देवी के रिश्तेदार दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उनसे मिलने के लिए वे कमला देवी के पीहर वालों के साथ गए थे। 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल ने 1 जून को पत्नी कमला का जन्मदिन मनाया था। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा सचिन अग्रवाल अमेरिका में गूगल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह 5 साल से पत्नी और बच्चे के साथ अमेरिका में ही रह रहा है। बेटी दीपा की शादी साल 2012 में हनुमानगढ़ में हुई थी। वह जयपुर में रह रही है। हादसे की सूचना पर दीपा दिल्ली पहुंच गई। वहीं सचिन भी अमेरिका से निकल चुका है। 1988 से हमारी दोस्ती थी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल 30 जनवरी 2016 को यूको बैंक में मैनेजर की पोस्ट से रिटायर हुए थे। मैं भी उन्हीं के साथ मैनेजर की पोस्ट से रिटायर हुआ था। हम दोनों ने 12 साल तक एक ब्रांच में साथ काम किया था। साल 1988 से हमारी दोस्ती थी। उनसे पारिवारिक रिश्ते थे। एक प्लॉट के दो टुकड़े करके हम दोनों ने घर बनाया था। गुलाब बाड़ी क्षेत्र में करीब 28 साल से रह रहे थे। जब हादसे के बारे में सुना तो शॉक लगा। अब भी विश्वास नहीं हो रहा है। जब भी बाहर जाते तो बोल कर जाते थे कि घर का ख्याल रखना और चाबी देकर जाते थे। पहली बार चाबी देकर नहीं गए थे। लायंस क्लब ग्रुप से जुड़े थे पति-पत्नी पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल और कमला अग्रवाल साल 2015 से लायंस क्लब से जुड़े हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद क्लब में भी मेंबर ने दुख जताया। फूफा का हालचाल जानने गए थे अशोक पंसारी के फूफा राधेश्याम अग्रवाल दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती थे। वे उनका हालचाल जानने दिल्ली गए थे। देर रात को सभी लोग होटल में रुके हुए थे। अशोक पंसारी के साले राजेश अग्रवाल ने बताया- अशोक पंसारी के परिवार में पत्नी सरोज देवी, बेटा पंकज गोयल, पंकज की पत्नी प्रियंका, छोटा बेटा कपिल गोयल और कपिल की पत्नी कविता गोयल हैं। ये किशनगढ़ में रहते हैं। अशोक पंसारी की बेटी संगीता की शादी हो चुकी है। संगीता का ससुराल जयपुर में है। देखिए, हादसे की 3 PHOTOS… … दिल्ली होटल अग्निकांड की यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत:इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक; अधिकारी बोले- बिल्डिंग की फायर NOC नहीं थी
फरीदाबाद में मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (सीएम फ्लाइंग) की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए जीएसटी चोरी के संदेह में 19 कमर्शियल वाहनों को पकड़कर जीएसटी विभाग के हवाले कर दिया। वाहनों में लदे परचून के सामान के दस्तावेजों और बिलों की जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई मुख्यमंत्री उड़न दस्ता को सूचना मिली थी कि दिल्ली से परचून और अन्य व्यावसायिक सामान लेकर कई वाहन फरीदाबाद के रास्ते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर जाते हैं। आरोप था कि इन वाहनों में लदे सामान के पास पूरे और वैध दस्तावेज नहीं होते, जिससे जीएसटी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उड़न दस्ते ने सुबह के समय सीकरी नाका पुलिस चौकी के पास विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की गई। 19 वाहनों को लिया गया कब्जे में जांच के दौरान कुल 19 कमर्शियल वाहनों को जीएसटी चोरी के संदेह में रोका गया। मौके पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर वाहन चालकों द्वारा प्रस्तुत बिलों और दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच कराई गई। सामान का होगा भौतिक सत्यापन अधिकारियों के अनुसार सभी वाहनों का चालान कर उन्हें आगे की जांच के लिए जीएसटी विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। अब वाहनों में लदे सामान का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और बिलों में दर्ज विवरण से उसका मिलान किया जाएगा। यदि जांच में कर चोरी या दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित पक्षों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। कर चोरी पर सख्ती जारी सीएम फ्लाइंग डीएसपी मनीष सहगल ने बताया कि , सीएम फ्लाइंग और जीएसटी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई का मुख्य मकसद टैक्स चोरी को रोकना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि राजस्व चोरी करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में लगी आग में गुरुग्राम के सेक्टर 46 में रहने वाले विवेक अग्रवाल के परिवार के छह सदस्य लापता हैं। वे अपने परिवार के साथ दिल्ली स्थित मैक्स अस्पताल में पिता को देखने के लिए गए थे। उनके पिता का वहां पर कुछ दिनों से इलाज चल रहा था। विवेक अग्रवाल के साथ उनकी मां, पत्नी, दो बेटियां, मामा और मौसी इसके साथ ही उनके मौसा भी हादसे के समय वहीं मौजूद थे, लेकिन अभी उनका कोई पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि पिता को देखने के बाद सभी लोग रेस्टोरेंट में नाश्ता करने के लिए गए थे। इसी दौरान उसमें आग लग गई। हादसे में इन सभी छह लोगों की मौत की सूचना है, लेकिन अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। घर पर सन्नाटा, कोई कुछ नहीं बता रहा फिलहाल विवेक अग्रवाल के सेक्टर-46 स्थित घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। कोई कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर रहा है। विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। विवेक अग्रवाल के अलावा उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल, बड़ी बेटी एंजल अग्रवाल, छोटी बेटी पर्ल, मामा अशोक गोयल और मौसी कमला के बारे में फिलहाल कोई सूचना नहीं है। इस खबर को अपडेट कर रहे हैं……………
गुरुग्राम में गन प्वाइंट पर एक फिनटेक कंपनी के कलेक्शन मैनेजर से 25 लाख रुपए लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपियों पर पुलिस द्वारा 05-05 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। इनके कब्जे से वारदात में प्रयोग एक बाइक, एक पिस्टल और छह लाख 52 हजार रुपए की नगदी बरामद की है। आरोपियों की पहचान आकिब खान उर्फ सानू निवासी जसवंत नगर इटावा (उत्तर-प्रदेश)वर्तमान में पटौदी चौक, हरी नागर उर्फ पवन निवासी गांव कुथोंडा जिला जालौन (उत्तर-प्रदेश) वर्तमान मेंरेलवे कॉलोनी बसई और संजय अनुरागी उर्फ संजू निवासी गांव बारी छतरपुर (मध्य-प्रदेश) वर्तमान में कादीपुर में रहने वाले के रूप में हुई है। पार्क अस्पताल के पास की लूट 29 अप्रैल को एक फिनटेक कंपनी द्वारा शिकायत दी गई कि उनकी कंपनी के कलेक्शन मैनेजर से बाइक पर आए तीन व्यक्तियों द्वारा हथियार के बल पर लगभग 25 लाख रुपए लूट लिए गए हैं। इस शिकायत के आधार पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया था। जिसकी जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-31 टीम को सौंपी गई। दिल्ली लूट में गए थे जेल क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच करते हुए सीडी इंटरनेशनल स्कूल फाजिलपुर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी संजय व हरी नागर वर्ष 2024 में दिल्ली में इसी प्रकार से 65 लाख रुपए की डकैती की वारदात को अंजाम देने में शामिल थे। जिस संबंध में आरोपी जेल भी जा चुके हैं। आरोपियों को पहले से ही पता था फाइनेक कंपनी द्वारा इसी प्रकार से रुपए कलेक्शन किया जाता है। इसके बाद आरोपियों ने रैकी की और इस वारदात को अंजाम दिया था। तीनों पर पहले भी केस दर्ज एसीपी क्राइम नवीन ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि आरोपी आकिब खान पर चोरी, शस्त्र अधिनियम के तहत चार केस पहले से दर्ज हैं। जबकि हरी नागर पर चोरी, शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत छह केस और आरोपी संजय अनुरागी पर शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत एक केस दिल्ली में दर्ज हैं। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग हुई 01 बाइक, 01 पिस्टल व 06 लाख 52 हजार रुपए की नगदी बरामद की गई है। इस वारदात की योजना में शामिल एक आरोपी पुष्पेंद्र अनुरागी को चार मई को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसके कब्जे से चार लाख रुपये व एक मोबाइल बरामद किया गया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
लुधियाना से पूर्व सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी ठोक दी है। बिट्टू ने कहा कि मैंने अपनी अटैचियां पैक करके गाड़ियों में रख दी हैं। अब पूरे पंजाब में काम करेंगे। बिट्टू ने कहा- मैं 17 साल से दिल्ली में हूं लेकिन अब विधानसभा में आकर सीधे पंजाब की जनता की सेवा करना चाहता हूं। बिट्टू के इस बयान को भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। जिसमें पंजाब में 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी ग्राउंड लेवल पर प्लानिंग कर रही है। बिट्टू कांग्रेस से 2 बार सांसद रह चुके हैं। पहली बार उन्होंने आनंदपुर साहिब और दूसरी बार लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीता। हालांकि 2024 में वह लुधियाना से चुनाव हार गए। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू की 2 अहम बातें:- लुधियाना से चुनाव लड़ने की संभावनाराज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद बिट्टू के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है। चूंकि वे पहले लुधियाना से लोकसभा सांसद रह चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका पुराना आधार है, इसलिए राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे लुधियाना की ही किसी सीट से विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी की इच्छा रख रहे हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वे पूरी तरह से पार्टी के अनुशासन और आदेश के मुताबिक ही आगे का कदम उठाएंगे। प्रधान न बनाकर भाजपा दे चुकी झटकारवनीत बिट्टू को पंजाब में भाजपा का बड़ा सिख चेहरा माना जा रहा है। यह भी चर्चा थी कि अगर सुनील जाखड़ को हटाकर नया प्रधान बनाया जाएगा तो उनमें रवनीत बिट्टू भी दावेदार होंगे। खासकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिट्ट को खूब प्रमोट कर रहे थे। हालांकि भाजपा ने केवल ढिल्लों को प्रधान बना दिया। हालांकि पंजाब में अगर किसी सूरत में भाजपा की सरकार बने तो बिट्टू CM चेहरा हो सकते हैं।
दिल्ली के मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में भीषण आग, 21 लोगों की मौत; कई घायल, बचाव अभियान जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग सुबह के समय अचानक रेस्टोरेंट में भड़की और कुछ ही देर में पूरे परिसर में फैल गई। आग लगने के कारण इमारत के भीतर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। बिल्डिंग से अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई। रेस्क्यू जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच तोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई। यहां फ्लोरिश स्टे होटल संचालित होता था। आग लगने की 2 तस्वीरें… जान बचाने की जद्दोजहद, 3 तस्वीरें… आग बुझाने, रेस्क्यू की तस्वीरें…
नालंदा में माहुरी हॉल्ट के पास बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान भोजपुर के सिन्हा थाना क्षेत्र छीने गांव निवासी रंजन प्रसाद के बेटे अजय कुमार प्रसाद (27) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अजय दिल्ली में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में मजदूरी का काम करता था। पिछले 5 महीने से वहीं था। 2020 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो बेटे भी हैं। एक की उम्र 5 और दूसरे की 3 साल है। मृतक के चचेरे भाई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अजय से घरवालों की आखिरी बातचीत 27 मई को हुई थी। उस वक्त अजय ने बताया था कि उसे कंपनी से छुट्टी नहीं मिल पाई है, जिसके कारण वह अपने भांजे के मुंडन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेगा। अजय अचानक आरा के बजाय नालंदा कैसे और क्यों पहुंच गया, यह परिजनों के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। देर रात सिलाव पुलिस से अजय की मौत की खबर मिलने के बाद परिजन नालंदा पहुंचे। मामला सिलाव थाना क्षेत्र का है। पहचान पत्र से हुई शिनाख्त सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका था। पुलिस ने मृतक की जेब की तलाशी ली, जिसमें मिले पहचान पत्र के आधार पर उसकी शिनाख्त अजय कुमार के रूप में की गई और तुरंत परिजनों को दूरभाष पर इसकी सूचना दी गई। ट्रेन से गिरने की आशंका, जांच में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि घटनास्थल और शव की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया मामला चलती ट्रेन से गिरकर मौत का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में इस रूट पर सफर कर रहा था।
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों के नागरिक शामिल हैं। हालांकि इनकी सटीक संख्या की जानकारी नहीं मिली है। दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीयों लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग रेस्टोरेंट के ऊपर बने होटल फ्लोरिश स्टे तक पहुंच गई। वहीं, बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। घटना के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे। अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। कई लोगों की हालत गंभीर है। दिल्ली के इस होटल में आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे की 7 तस्वीरें… रेस्टोरेंट के ऊपर होटल था, आग 6 मंजिल तक पहुंची शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद 6 मंजिला फ्लोरिश स्टे होटल तक फैल गई। बताया जा रहा है कि तीन फ्लोर तक आग फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल और AIIMS भी है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे। दिल्ली होटल में लगी आग की घटना की पल-पल की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…
दिल्ली की दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने मई महीने में लापता और अपहृत 124 लोगों को उनके परिवारों से वापस मिलाया है। लापता और अपहृत व्यक्तियों की रिपोर्ट मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यह सफलता हासिल की है। इस तरह इस साल 31 मई तक दिल्ली पुलिस ने कुल 673 लोगों को परिवारों से मिलाया है।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे हादसा: दौड़ती वोल्वो बनी आग का गोला
उत्तराखंड में हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब देहरादून से दिल्ली और जयपुर जा रही एक वोल्वो बस में अचानक आग लग गयी
दिल्ली के साकेत में 30 मई को हुए बिल्डिंग हादसे में नया खुलासा हुआ है। गिरफ्तार बिल्डिंग मालिक करमवीर ने पुलिस को बताया कि वह बिल्डिंग की चार मंजिलों से हर महीने करीब 10 लाख रुपये कमा रहा था। हर मंजिल करीब 2.5 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर दी गई थी। जांच में पता चला है कि बिल्डिंग गिरने के समय दो और मंजिलों का निर्माण चल रहा था। सूत्रों ने बताया कि करमवीर ने नए फ्लोर के बारे में खरीदारों और निवेशकों से पहले ही बात कर ली थी। जिनसे उसे हर महीने 5 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद थी। हालांकि नए फ्लोर बनने से पहले ही 30 मई को चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 71 साल के मकान मालिक करमवीर को अरेस्ट किया। मलबे से कई बिजली मीटर, सभी आरोपी के नाम पर मंगलवार को मलबा हटाने के काम के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई बिजली के मीटर जब्त किए। जो करमवीर के नाम पर रजिस्टर्ड थे। इन्हें सबूत के तौर पर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये मीटर मकान मालिक के खिलाफ अहम सबूत साबित होंगे। पुलिस ने उन किराएदारों और रहने वालों से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। जिन्होंने बिल्डिंग में फ्लैट किराए पर लिए थे। कई लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, क्योंकि जांचकर्ता यह जानकारी जुटाना चाहते हैं कि निर्माण कब शुरू हुआ था, बिल्डिंग में कितने लोग रह रहे थे और क्या बिल्डिंग गिरने से पहले रहने वालों ने उसमें किसी तरह की कमजोरी के बारे में शिकायत की थी। बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं, बिल्डर फरार सूत्रों ने बताया कि पुलिस को अब तक इस बिल्डिंग का कोई एप्रूव्ड नक्शा नहीं मिल पाया है। अगर यह साबित हो जाता है कि बिल्डिंग का कोई नक्शा नहीं था या उसका निर्माण नियमों का उल्लंघन करके किया गया था। तो हादसो का जिम्मेदार सिर्फ मकान मालिक नहीं होगा। बल्कि उस बिल्डर को भी पकड़ा जाएगा जिसने यह बिल्डिंग बनाई। इस बीच, फरार चल रहे बिल्डर मनीष का पता लगाने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उसकी आखिरी लोकेशन देहरादून में मिली थी, और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम वहां भेजी गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि मनीष की गिरफ्तारी से निर्माण प्रक्रिया, मंजूरियों और बिल्डिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन के बारे में और भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। 3 तस्वीरों में पूरा घटनाक्रम… 30 मई: शाम 6:00 बजे बिल्डिंग गिरी 31 मई: बिल्डिंग गिरने के बाद मलबा पड़ा 31 मई: NDRF की टीम ने रेस्क्यू किया
गोपालगंज की 4 किशोरी सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर रातों-रात मशहूर होने की चाहत में घर से भाग गई। किशोरियों को पुलिस ने दिल्ली और लखनऊ से सकुशल बरामद कर लिया है। नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई इन लड़कियों को पुलिस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी सर्विलांस की मदद से खोज निकाला। इस मामले में कुल पांच किशोरियां लापता हुई थीं। यह पूरा मामला पिछले शनिवार का है। पांच लड़कियां स्कूल जाने का बहाना बनाकर घर से निकली थीं, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। चिंतित परिजनों ने तत्काल नगर थाना को सूचना दी और पांचों की बरामदगी के लिए लिखित आवेदन दिया। सीवान रेलवे स्टेशन से एक लड़की हुई बरामद सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पहले एक किशोरी को सीवान रेलवे स्टेशन से बरामद किया। बरामद हुई किशोरी से मिली जानकारी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर, पुलिस की एक विशेष टीम को बाकी चार लड़कियों की तलाश में बिहार से बाहर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद, तीन किशोरियों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से और एक किशोरी को देश की राजधानी दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। जिनमें से एक किशोरी ने अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर ली है। पैसों की कमी के कारण भटकी बरामद किशोरियों ने पुलिस को बताया कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर प्रसिद्ध होना चाहती थीं। इसी ग्लैमर की दुनिया के आकर्षण में आकर उन्होंने घर छोड़ने का कदम उठाया था। हालांकि, बिना किसी ठोस योजना और पैसों की कमी के कारण वे महानगरों में जाकर भटक गईं। पुलिस कप्तान ने इस सफलता पर टीम की सराहना की है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों और उनके व्यवहार पर कड़ी नजर रखें, ताकि बच्चे किसी भी तरह के भटकाव का शिकार न हों। सभी बरामद किशोरियों को मेडिकल काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सोनीपत में सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। दिल्ली नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार युवकों ने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया। घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचने के बाद बहालगढ़ थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो चालक और छत पर बैठे युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुखबिर के माध्यम से पुलिस को मिली वीडियो पुलिस के अनुसार 1 जून की रात करीब 11:10 बजे बहालगढ़ चौक पर एएसआई अनिल अपनी टीम के साथ गश्त पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक मुखबिर के माध्यम से वीडियो प्राप्त हुई। वीडियो में दिखाई दिया कि काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी नंबर DL7CX-4277 दिल्ली से पानीपत की ओर जा रही थी। गाड़ी की छत पर दो युवक बैठे हुए थे जबकि चालक वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था। सेक्टर-7 फ्लाईओवर पर किया खतरनाक स्टंट प्राथमिक जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो चालक सेक्टर-7 फ्लाईओवर से गुजरते समय वाहन को तेज गति और गफलत से चला रहा था। वहीं गाड़ी की छत पर बैठे युवक बिना किसी सुरक्षा के सफर कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस तरह की हरकत से न केवल वाहन सवारों की जान को खतरा था बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती थी। वीडियो के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा वीडियो मिलने के बाद एएसआई अनिल ने तहरीर तैयार कर बहालगढ़ थाना भेजी। तहरीर के आधार पर थाना बहालगढ़ में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी चालक और गाड़ी की छत पर बैठे अज्ञात युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 और 281 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों को सौंप दी गई है। पुलिस स्कॉर्पियो वाहन के मालिक और उसमें सवार युवकों की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। यातायात नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही न करें। वाहन की छत पर बैठकर सफर करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कठोर कार्रवाई का प्रावधान है।
मुजफ्फरपुर, सहरसा, मुंगेर, बगहा और सुपौल से दिल्ली, मुंबई व कोलकाता जैसे बड़े शहर जाना आसान होने वाला है। इन छोटे शहरों से महानगरों के बीच सीधी विमान सेवा शुरू होने वाली है। बिहार के हर कोने से 2 से 3 घंटे में दिल्ली और मुंबई जा सकेंगे। भारत सरकार के उड़ान योजना के तहत बिहार के 5 जिलों में एयरपोर्ट बन रहे हैं। इन्हें 5 साल में तैयार करना है। इसके बाद लंच दिल्ली में और डिनर सहरसा में करना संभव होगा। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, बिहार में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या हो रहा है? 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले किन जिलों से विमान सेवा शुरू होगी? बिहार सरकार अगले 5 साल में घरेलू उड़ानों को 10 गुना बढ़ाने जा रही है। राज्य में रोज करीब 150 विमान टेकऑफ और लैंडिंग करते हैं। इसे 5 साल में बढ़ाकर 1500 करने की तैयारी है। नवगठित एविएशन डिपार्टमेंट की मानें तो बिहार के 5 जिलों में अगले 5 साल में घरेलू उड़ान सेवा शुरू होगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बिहार में छोटे आकार के विमानों को उड़ाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। पहले चरण में 5 जिलों में एयरपोर्ट विकसित कर स्थानीय उड़ानें शुरू की जा रही हैं। इसके लिए बिहार सरकार और विमानन कंपनी स्पिरिट एयर के बीच करार हुआ है। ये शहर हैं… 1- मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट पर खर्च होंगे 72 करोड़ रुपए भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) ने मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट को छोटे विमानों के संचालन लायक बनाने के लिए दो चरणों में टेंडर जारी किए हैं। 2- सहरसा एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी AAI ने 21 अप्रैल 2026 को सहरसा एयरपोर्ट पर सिविल निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी किया था। काम आगे बढ़ गया है। पहले चरण में 35.14 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 3. मुंगेर एयरपोर्ट पर रात में भी उतर सकेंगे विमान मुंगेर के साफियाबाद एयरपोर्ट को बड़े हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां रात में भी विमान लैंडिंग कर सकेंगे। यह योजना उड़ान स्कीम के तहत 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने की सरकार की पहल का हिस्सा है। 4- वाल्मीकि नगर में टाइगर थीम पर टर्मिनल बनेगा, लैंड करेंगे फाइटर जेट्स पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जाना आसान होगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 5- बीरपुर में 88 एकड़ जमीन पर बन रहा एयरपोर्ट सुपौल जिले का बीरपुर शहर नेपाल से लगा है। यहां आधुनिक क्षेत्रीय एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। यह भारत-नेपाल सीमा पर स्थित होने के कारण रणनीतिक, पर्यटन और आपदा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। क्या है उड़ान योजना, जिसके तहत बन रहे जिलों में एयरपोर्ट? उड़ान योजना भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे अक्टूबर 2016 में शुरू किया गया था। लक्ष्य छोटे और मध्यम आकार के शहरों को हवाई सेवा से जोड़ना और आम नागरिकों के लिए हवाई सफर सस्ता व सुलभ बनाना है। इस योजना के तहत 1 घंटे की उड़ान (लगभग 500 km दूरी) के लिए हवाई किराये की ऊपरी सीमा लगभग 2,500 रुपए तय की गई है। उद्देश्य यह तय करना है कि हवाई चप्पल पहनने वाला आम इंसान भी हवाई जहाज में सफर कर सके। भारत के कई ऐसे शहर हैं जहां हवाई पट्टियां तो हैं, लेकिन वहां से कोई कमर्शियल फ्लाइट नहीं चलती है। इन्हीं छोटी हवाई पट्टियों को अपग्रेड करके नए एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। छोटे शहरों तक फ्लाइट ऑपरेट करने वाले एयरलाइंस को सरकार देती है मदद छोटे शहरों तक उड़ान भरने पर शुरुआत में विमानन कंपनियों को घाटा न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उन्हें आर्थिक सहायता देती हैं। इसे VGF (Viability Gap Funding) कहा जाता है। इसके बदले में एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट की कम से कम 50% सीटें रियायती (सस्ती) दरों पर बेचनी होती है। इस योजना के तहत हेलिकॉप्टर और 19 सीट के छोटे विमानों के संचालन को मंजूरी दी गई है। बिहार में उड़ान भरेंगे आइलैंडर BN2T-4S-STOL और किंग एयर 250 विमान उड़ान योजना के तहत विकसित किए जा रहे एयरपोर्ट के लिए छोटे आकार के टर्बोप्रॉप इंजन वाले विमान उड़ान भरेंगे। ये विमान छोटे रनवे से टेक ऑफ और लैंडिंग कर सकते हैं। बिहार में आइलैंडर BN2T-4S-STOL और किंग एयर 250 विमान जैसे विमान उड़ान भरेंगे। आइलैंडर में 8 तो किंग एयर 250 में 6 यात्रियों के लिए जगह होती है। भारत सरकार की कंपनी HAL (Hindustan Aeronautics Limited) डोर्नियर 228 नाम का टर्बोप्रॉप इंजन वाला विमान बनाती है। इसका इस्तेमाल उड़ान योजना के तहत छोटे एयरपोर्ट तक हवाई सेवा देने में हो रहा है। इसमें 17 से 19 यात्रियों के बैठने की जगह होती है। सीएम सम्राट चौधरी ने क्या निर्देश दिया था? सीएम सम्राट चौधरी ने 19 मई को नागर विमानन मंत्रालय भारत सरकार के सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों के साथ पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार व क्षमता वृद्धि को लेकर बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बिहार में नागरिक उड्डयन का तेजी से विकास हो रहा है। हमलोगों का उद्देश्य अगले 5 साल में एयर कनेक्टिविटी को 10 गुणा बढ़ाना है। राज्य सरकार सभी जिलों में एयर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार कर रही है। सिविल विमानन विभाग राज्य में हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और समावेशी विकास को लेकर विस्तृत योजना पर तेजी से काम करे। पूर्वी भारत में बिहार को क्षेत्रीय एविएशन हब के रूप में विकसित करने के लिए काम करना है।
दिल्ली पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि नाबालिग आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चले: डीसीपी
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की अमर कॉलोनी में एक किशोर की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिनों बाद, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (अपराध शाखा) हर्ष इंदोरा ने कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी, जो कि एक नाबालिग है, उस पर अदालत में एक वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाने के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
संभल में बिजली के करंट से भाई और बहन की मौत हो गई। यह घटना जनपद संभल की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के वहांपुर पट्टी गांव में हुई। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय राशिद और 22 वर्षीय गुड़िया के रूप में हुई है। वह गांव निवासी यामीन के बेटे और बेटी थे। राशिद कमरे में बिजली का तार ठीक कर रहा था, तभी उसे करंट लग गया। उसकी चीख सुनकर बहन गुड़िया उसे बचाने दौड़ी और वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों भाई-बहन बुरी तरह झुलस गए। परिवार और पड़ोसियों ने दोनों को करंट से अलग किया और इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राशिद दिल्ली में रहकर बिजली फिटिंग का काम करता था और बकरीद का त्योहार मनाने के लिए घर आया हुआ था। दोनों को मंगलवार शाम 7:30 बजे नमाज के बाद गांव के ही कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मृतक गुड़िया अपने पांच भाइयों की इकलौती बहन थी। परिजनों से जानकारी के अनुसार मृतक युवक राशिद का दोस्त कासिम बीते सोमवार को उसे अपने साथ दिल्ली चलने की जिद कर रहा था। मृतक चुंबक ने घर में पलाश पर और बिजली फिटिंग का काम होने की बात कहकर अपने दोस्त को टाल दिया था, अगर दोस्त के साथ दिल्ली चला जाता तो आज वह जिंदा होता लेकिन कुदरत को कुछ ओर ही मंजूर था। बहजोई थाना प्रभारी राजीव मलिक ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में राज्य को माह का सौर अभियान सर्वाधिक वेंडर पंजीयन श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 4 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके लिए राज्य को राष्ट्रीय पहचान मिली है। एक माह में 86 नए वेंडर हुए पंजीकृत भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजकर सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। राज्य ने एक माह में 86 नए वेंडर पंजीकृत कर यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे कुल पंजीकृत वेंडरों की संख्या बढ़कर 1222 हो गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 1 जून 2026 तक राज्य में 1.93 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 61,700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 1.32 लाख से अधिक स्थापना कार्य प्रगति पर हैं। योजना के तहत 16 हजार उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है तथा हजारों हितग्राहियों को केंद्र और राज्य सरकार से अनुदान राशि भी प्राप्त हुई है।
नई दिल्ली। द्वारका जिले के बिंदापुर इलाके में पिता को अपशब्द कहने से नाराज एक नाबालिग लड़के ने अपने साथियों के साथ मिलकर 24 वर्षीय युवक की डंडों और लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान सोनू कुमार (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़ा है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। बालिग आरोपियों की पहचान नमेश पांडेय उर्फ अमन (22), चिराग उर्फ अमन (20) के रूप में हुई है। उपचार के दौरान हुई युवक की मौत पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। जानकारी के मुताबिक, मृतक सोनू कुमार, मोहन गार्डन इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि द्वारका मोड़ स्थित केडी बैंक्वेट हॉल के पास कुछ युवकों ने एक युवक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सोनू को तत्काल इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद बिंदापुर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है।
पहली बार भारत की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान! दिल्ली में खेली जाएगी 3 मैचों की टी20 सीरीज
भारत और अफगानिस्तान के क्रिकेट रिश्तों में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) पहली बार भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करने जा रहा है। खास बात यह है कि यह सीरीज भारत में ही खेली जाएगी, लेकिन आधिकारिक तौर पर मेजबान अफगानिस्तान रहेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेली जा सकती है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुकाबले 13, 16 और 19 सितंबर को आयोजित किए जाएंगे। हालांकि अभी तक इस सीरीज का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत दौरे के बदले में बीसीसीआई से रिटर्न सीरीज का अनुरोध किया था। इसी महीने भारत अफगानिस्तान की मेजबानी करने वाला है, जिसमें एकमात्र टेस्ट मैच और तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद दोनों बोर्डों के बीच टी20 सीरीज को लेकर सहमति बनी है। बीसीसीआई पहले भी आयरलैंड, श्रीलंका और जिम्बाब्वे जैसे देशों की क्रिकेट को मजबूत करने के लिए भारतीय टीम को वहां सीरीज खेलने भेजता रहा है। इसी तरह अफगानिस्तान क्रिकेट को भी सहयोग देने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। अफगानिस्तान पहले भी भारत में अपनी घरेलू सीरीज आयोजित कर चुका है। साल 2017 में उसने ग्रेटर नोएडा में आयरलैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज खेली थी। इसके बाद 2018 में देहरादून में बांग्लादेश की मेजबानी की थी। वहीं 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रेटर नोएडा में खेला जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच बारिश और खराब आउटफील्ड के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया था। भारत जैसी बड़ी क्रिकेट टीम की मेजबानी करना अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकता है। भारतीय टीम जहां भी खेलती है, वहां दर्शकों और प्रसारण से जुड़ी कमाई में बड़ा इजाफा होता है। ऐसे में यह सीरीज अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए आर्थिक और प्रतिष्ठा दोनों लिहाज से काफी अहम साबित हो सकती है। Also Read: LIVE Cricket Score गौरतलब है कि यह टी20 सीरीज एशियन गेम्स 2026 से ठीक पहले खेली जाएगी। एशियन गेम्स का आयोजन 23 सितंबर से शुरू होना है, ऐसे में इस सीरीज को दोनों टीमों की तैयारियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण देखा जा सकता है।
आगामी मानसून में दिल्ली वालों को जलभराव से बचाने के लिए दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजीव खिरवार खुद सड़कों पर उतरे। कमिश्नर ने सिटी एसपी जोन के किशनगंज रेलवे अंडर ब्रिज पदम नगर और शास्त्री नगर का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। सबसे पहले कमिश्नर किशनगंज अंडरब्रिज पहुंचे, जो हर साल बारिश में डूब जाता है। वहां उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम देख अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद उन्होंने पदम नगर की सड़क संख्या-10 के बड़े नाले से गाद (सिल्ट) हटाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सड़कों की क्वालिटी जांची, डीसी को जिम्मेदारी शास्त्री नगर के एम और ई ब्लॉक में सड़क निर्माण का निरीक्षण करते हुए कमिश्नर ने साफ किया कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने पर सीधे इंजीनियर जिम्मेदार होंगे। दौरे में उनके साथ सिटी एसपी जोन की उपायुक्त कनिका और प्रमुख अभियंता पीसी मीणा मौजूद रहे। आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा, नागरिकों को जलभराव से राहत देना निगम की प्राथमिकता है। जल निकासी तंत्र की कार्यप्रणाली में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी विभाग आपसी समन्वय से मानसून पूर्व की तैयारियां समय से पहले पूरी करें। दौरे के बाद ड्रेनेज विभाग में हड़कंप है। किशनगंज अंडर ब्रिज पर जलभराव रोकने के लिए 24 घंटे मॉनिटरिंग टीम तैनात करने की तैयारी शुरू हो गई है।
पंचकूला में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। हिमाचल-दिल्ली राज्यों से आने वाले वाहन ड्राइवरों की शिकायतों के बाद ट्रैफिक विंग में तैनात सभी एसपीओ और होमगार्ड जवानों को हटाकर अन्य स्थानों पर तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पंचकूला से होकर प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों के हजारों वाहन गुजरते हैं। पिछले कुछ समय से ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों और सुझावों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ट्रैफिक ड्यूटी में लगे सभी एसपीओ और होमगार्ड कर्मियों का तबादला किया जाएगा। सड़क सुरक्षा से जुड़े उल्लंघनों पर रहेगा फोकस पुलिस कमिश्नर ने ट्रैफिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब कार्रवाई का मुख्य फोकस सड़क सुरक्षा से जुड़े गंभीर नियम उल्लंघनों पर रहेगा। विशेष रूप से ड्रिंक एंड ड्राइव, ट्रिपल राइडिंग, बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और वाहनों पर अवैध ब्लैक फिल्म लगाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य आम वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना और दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। रिश्वत मांगने वालों पर होगी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने स्पष्ट किया कि वाहन जांच के दौरान यदि कोई पुलिस कर्मचारी वाहन ड्राइवरों से दुर्व्यवहार करता है, रिश्वत मांगता है या अनुचित लाभ लेने की कोशिश करता है तो इसकी शिकायत सीधे हेल्पलाइन नंबर 9115777026 पर की जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता की पहचान भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party: NEET और CBSE विवाद के बीच सोशल मीडिया पर सनसनी मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे इसके संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक ऐसा वीडियो जारी किया है, जिसने ...
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिल्ली से संचालित एक वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां रुककर मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश गिरफ्तार किए गए। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश मुकेश घायल हो गया। दूसरे बदमाश को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी मुकेश ठाकुर और अमित कश्यप के रूप में हुई है। ये बदमाश बागपत में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरते थे और वहीं से मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत तथा आसपास के जनपदों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी की गई मोटरसाइकिलों को या तो बेच दिया जाता था या फिर अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, तीन मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक पेटीएम मशीन, दो मोटरसाइकिलें, फर्जी नंबर प्लेट और 11,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद होंडा साइन मोटरसाइकिल कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी की गई थी, जबकि दूसरी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल वारदातों को अंजाम देने में किया जाता था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने किन-किन जिलों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में ट्रांसपोर्ट ऑफिस के व्हीकल इंस्पेक्शन यूनिट, व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का औचक नीरिक्षण किया। इस दौरान सीएम ने नागरिक सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया और अधिकारियों से नागरिक सुविधाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सीएम ने ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। लचर व्यवस्था के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई। हर साल 90 हजार वाहनों की जांच की क्षमता विकसित होगी अधिकारियों ने बताया नए स्टेशन में एक समय में 5 वाहनों की जांच की जा सकेगी और प्रतिवर्ष 80 से 90 हजार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता विकसित होगी। निरीक्षण के दौरान सीएम ने परियोजना के डिजाइन, क्षमता, जल निकासी व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने कहा दिल्ली के लोग दफ्तरों में सुविधा के लिए आते हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर सेवा सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो, जहां कमी मिलेगी, वहां सुधार होगा और जहां लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय होगी।
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट मारियो वोइग्ट और उनके साथ आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से सचिवालय में मुलाकात की। इस बैठक में भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। सीएम रेखा गुप्ता ने जर्मनी के थुरिंगिया राज्य के मिनिस्टर-प्रेसिडेंट (सीएम) मारियो वोइग्ट इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दिल्ली और थुरिंगिया के बीच तकनीकी साझाकरण, सतत विकास और युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद सार्थक और दूरगामी चर्चा हुई। भारत-जर्मनी साझेदारी में दिल्ली का अहम योगदान बैठक के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने भारत और जर्मनी के प्रगाढ़ होते रिश्तों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। इन 5 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
दिल्ली के पूर्व मंत्री एवं AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई है। पिछले दिनों जनकपुरी में एक बच्ची के साथ रेप के मामले में एक एडवोकेट प्रवीण नारायण की शिकायत पर सौरभ भारद्वाज के खिलाफ जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में अभी तक भारद्वाज की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पॉक्सो अधिनियम की धारा 23(4), किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 और बीएनएस की धारा 72 के तहत जनकपुरी थाना पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उजागर की पहचान एडवोकेट ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 11 मई 2026 को सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की। जिसमें एक नाबालिग रेप पीड़ित बच्ची की पहचान उजागर करने वाली जानकारी और स्क्रीनशॉट सार्वजनिक किए। शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट में बच्चे के नाम और अन्य विवरणों का उल्लेख था, जिससे उसकी पहचान सामने आ सकती थी। एडवोकेट का आरोप है कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे बच्चे और उसके परिवार की निजता और मानसिक सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायत में कहा गया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है और ऐसा न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
नॉर्थ ईस्ट जिले के न्यू उस्मानपुर थाना इलाके में स्थित भगत सिंह कॉलोनी में एक युवक की उसके दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान ललित (26) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। ललित ब्रह्मपुरी इलाके में परिवार के साथ रहता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। दोस्तों ने ही वारदात को दिया अंजाम डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि मंगलवार तड़के न्यू उस्मानपुर में चाकू मारने के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भगत सिंह कॉलोनी पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस को एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ मिला। पुलिस उसे लेकर अस्पताल गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ललित ब्रह्मपुरी इलाके में परिवार के साथ रहता था। परिवार में माता पिता के अलावा अन्य सदस्य हैं। ललित बाजार में टेबल लगाने का काम करता था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ललित के दोस्त ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम और एफएसएल की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए।
दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट जिले के न्यू उस्मानपुर थाना इलाके में एक नाबालिग पर एक दर्जन से अधिक चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अभिषेक (17) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि रंजिश के चलते हत्या की गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया सोमवार रात करीब 10:25 न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस को चाकू मारने की एक घटना के संबंध में पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस को नाबालिग खून से लथपथ पड़े होने की अवस्था में मिला। पुलिस उसे लेकर अस्पताल गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मामले की सूचना मिलते ही क्राइम और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए। जांच में पुलिस को पता चला कि अभिषेक, न्यू उस्मानपुर इलाके में परिवार के साथ रहता था। एक ग्रुप ने दिया वारदात को अंजाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभिषेक पर लड़कों के ग्रुप ने हमला किया था। वारदात के वक्त हमले के वह इलाके में टहल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी उस वक्त तक वार करते रहे, जब तक वह जमीन पर गिर नहीं गया। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। फिलहाल आरोपी अभी फरार हैं। डीसीपी ने क्या कहा डीसीपी नॉर्थ ईस्ट राहुल अलवाल ने पुलिस को मामले में ठोस सुराग मिले हैं और कई टीमों को आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए तैनात किया गया है। टीमें दिल्ली एनसीआर में आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज की बढ़ी मुश्किलें: दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR, जानें क्या है पूरा मामला
आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ी हैं। दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी इलाके की एक रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने पर सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
भलस्वा डेरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर में मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे जोरदार धमाके के बाद एक इमारत भरभरा कर गिर गई। धमाका इतना तेज था कि पूरा इमारत देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई। दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
दिल्ली पहुंचे के. अन्नामलाई, नई राजनीतिक पारी की अटकलें तेज; समर्थकों के पोस्टरों ने बढ़ाई चर्चा
विशेष रूप से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या अन्नामलाई भाजपा में नई भूमिका निभाने जा रहे हैं या फिर वे किसी नए राजनीतिक विकल्प की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
लुधियाना के साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड शॉप के सामने भारत पेट्रोल पंप के पास एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे टाटा छोटा हाथी (कैंटर) के ड्राइवर और उसके साथी को धमकी देकर अज्ञात लुटेरों ने लूट लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता लल्लन कुमार निवासी गोबिंदपुर जिला सुपौल बिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 28 मई 2026 को अपने छोटा हाथी में दिल्ली से श्रीनगर जा रहा था। जब वह साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड से आगे भारत पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लड़के आए। उन्होंने उसकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। जान से मारने की धमकी देकर छीना मोबाइल और कैश गाड़ी रुकवाते ही दोनों युवकों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। लुटेरों ने कहा कि अगर शोर मचाया तो जान से मार देंगे। इसके बाद उन्होंने गाड़ी की चाबी निकाल ली। इस दौरान डरा-धमकाकर पीड़ित व उसके साथी से करीब 2000 रुपए नकद, एक Oppo Reno 13 और एक A77S Oppo फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी लाडोवाल पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर आज धारा U/S 309(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई (ASI) बिक्रमजीत सिंह ने कहा इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि स्प्लेंडर सवार अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया।
पंजाब कांग्रेस को लेकर आज (2 जून) दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ एक अहम बैठक होने जा रही है। चार दिनों के भीतर यह दूसरी हाई-लेवल मीटिंग है। बैठक में पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल होंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अटकलें तेज हैं। इसके अलावा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी राहुल और कांग्रेस की तरफदारी कर चुके हैं। वहीं, चुनाव को लेकर स्ट्रेटजी बनेगी। हालांकि पार्टी के सीनियर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को खारिज करते हुए कह चुका है कि बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करना और संगठन को और मजबूत बनाना है। आइए अब जानते हैं मीटिंग में किन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है - 1. प्रधान के लिए इन नेताओं की दावेदारी मजबूत पार्टी के भीतर नेतृत्व बदलाव को लेकर चर्चाएं जारी हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि पार्टी यहां सोशल इंजीनियरिंग के जरिए सभी वर्गों को साधने की कोशिश करेगी। मौजूदा समय में प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और एलओपी प्रताप सिंह बाजवा दोनों सिख हैं। ऐसे में सीधे तौर पर अन्य वर्गों को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। संभावित नेतृत्व विकल्पों में देखें तो पूर्व मंत्री विजय इंद्र सिंगला का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। उन्हें एक संतुलित और सभी गुटों को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। वह हिंदू चेहरा हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह औपचारिक रूप से इस दौड़ में शामिल नहीं हैं, लेकिन पार्टी के भीतर उन्हें एक अहम ‘किंगमेकर’ की भूमिका में माना जा रहा है। इसी तरह एलओपी प्रताप सिंह बाजवा को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह सीनियर नेता हैं और पहले भी इस पद पर रह चुके हैं। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी अहम हैं। परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह का प्रदर्शन भी ठीक रहा है। इसके अलावा परगट सिंह और राणा गुरजीत सिंह जैसे नेताओं के नाम भी संभावित विकल्पों के रूप में चर्चा में हैं। 2. प्रधान जट्ट सिख हुआ तो एलओपी भी बदलेगा दूसरा, कांग्रेस में आज तक ऐसा होता रहा है कि अगर प्रधान जट्ट सिख होगा, तो विपक्ष का नेता हिंदू होगा। इसी तरह अन्य पदों पर दूसरे वर्गों को प्राथमिकता दी जाती रही है। इसी चीज पर पार्टी का अब फोकस चल रहा है, क्योंकि सारे विरोधी दल भी इस चीज पर काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी का सीएम जट्ट सिख है, जबकि प्रधान अमन अरोड़ा हिंदू नेता हैं। वहीं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा हैं। इसी तरह बीजेपी में प्रधान केवल सिंह ढिल्लों जट्ट सिख हैं, जबकि कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा हिंदू हैं। ऐसे ही अगर जट्ट सिख को कांग्रेस में प्रधान बनाया जाता है, तो एलओपी भी बदला जा सकता है। ऐसे में कमान हिंदू या दलित नेता के हाथ में आएगी। ऐसे में दीनानगर की विधायक अरुणा चौधरी सबसे आगे हैं। 3. कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर नई चर्चा कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी। लेकिन अब उनके दो बयान ऐसे आए हैं, जिनमें उन्होंने कांग्रेस की तारीफ की है। उन्होंने कहा, कांग्रेस में मुख्यमंत्री के तौर पर मुझसे हमेशा हर मामले में सलाह ली जाती थी, लेकिन बीजेपी आलाकमान को जो करना होता है, वह खुद तय करता है और बिना जमीनी नेताओं से पूछे फैसला थोप देता है। इसी तरह उन्होंने कहा कि मेरे चचेरे भाई राजा रणधीर सिंह के निधन पर राहुल गांधी ने उन्हें खुद फोन कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके जन्मदिन पर भी बधाई दी। ऐसे में यह भी चर्चा है कि कहीं कैप्टन पाला बदलने वाले तो नहीं हैं। दूसरी तरफ पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तो यहां तक कह चुके हैं कि अगर कैप्टन पार्टी न छोड़ते तो 2022 का चुनाव कांग्रेस जीतती। इससे पहले जब अस्पताल में भर्ती हुए थे तो कांग्रेस ने उन्हें पाटी में शामिल होने का न्योता दिया था। राहुल टीम प्लेयर बनने को कह चुके कांग्रेस हाईकमान के लिए सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में गुटबाजी खत्म करना और संगठन को एकजुट करना माना जा रहा है। यह संकेत पहले हुई बैठकों से भी मिलते हैं। पार्टी ने साफ किया है कि 2027 विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व के आधार पर लड़ा जाएगा। 22 जनवरी की मीटिंग के बाद केसी वेणुगोपाल ने नेताओं को कड़ी चेतावनी दी कि पार्टी के आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, हाईकमान ने साफ कर दिया कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदला नहीं जाएगा। 29 मई को भूपेश बघेल ने यह बात कही थी। वहीं, 28 फरवरी को बरनाला में हुई रैली में राहुल गांधी मंच से नेताओं को कह चुके हैं, टीम प्लेयर बनो, वरना रिजर्व में बैठना होगा। एक अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जिता सकता। चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता (सांसद, विधायक या पूर्व सीएम) क्यों न हो, उसे टीम प्लेयर बनकर काम करना होगा।
नोएडा। दिल्ली को सीधे यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए डीएनडी से घरबरा तक 31.437 किलोमीटर लंबे नए रोड कॉरिडोर की योजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 4300 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। हाल ही में इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें परियोजना की प्रगति और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की गई। प्रस्तावित रोड का एक हिस्सा ओखला बर्ड सेंचुरी क्षेत्र से होकर गुजरना है। इसी वजह से वहां दोबारा फिजिबिलिटी स्टडी कराई जा रही है। यदि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) या वन विभाग से एनओसी नहीं मिलती है, तो वैकल्पिक एलाइनमेंट पर भी विचार किया जा रहा है। दिल्ली से आगरा-मथुरा जाने वालों को मिलेगा सीधा रास्ता इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से आगरा, मथुरा और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों को नोएडा शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। रोड को सेक्टर-94 पुश्ता से जोड़ते हुए सेक्टर-151 के पास यमुना एक्सप्रेस-वे तक पहुंचाया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुगम और तेज हो सकेगी। तीन हिस्सों में तैयार होगा पूरा प्रोजेक्ट प्रस्तावित कॉरिडोर को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। एलिवेटेड-1: डीएनडी टोल प्लाजा से सेक्टर-94 तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा। बंधा रोड एलाइनमेंट: करीब 28 किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग। एलिवेटेड-2: सेक्टर-151 से घरबरा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के पास तक 9.2 किलोमीटर लंबा। हालांकि प्राधिकरण का कहना है कि यह प्रारंभिक लेआउट है और अंतिम डिजाइन में बदलाव संभव हैं। 14.2 किमी एलिवेटेड रोड, बड़ा फ्लाईओवर और इंटरचेंज बनेंगे नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल के अनुसार, परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग से एनओसी आवश्यक होगी। उन्होंने बताया कि 31.437 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में करीब 14.2 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके अलावा एक बड़ा फ्लाईओवर, विभिन्न प्रकार के इंटरचेंज, एक फुल कल्वर्ट और तीन ट्रंपेट इंटरचेंज भी प्रस्तावित हैं। 1400 करोड़ होगी भूमि लागत परियोजना की कुल अनुमानित लागत 4300 करोड़ रुपए है, जिसमें लगभग 1400 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण पर खर्च होंगे। अभी तक इस योजना पर यूपीडा काम कर रही थी, लेकिन भविष्य में इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
हरियाणा में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्टंटबाजी का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है। मुरथल के पास एक काले रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो (DL 7CX 4277) तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई दी, जिसकी छत पर दो युवक बैठे नजर आए। बताया जा रहा है कि वाहन की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। इस पूरी घटना का वीडियो पीछे चल रही एक गाड़ी में सवार व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने इसे पुलिस प्रशासन को सचेत करने और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताने के उद्देश्य से रिकॉर्ड किया। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों युवक चलती गाड़ी की छत पर बैठे हैं, जबकि स्कॉर्पियो हाईवे पर तेज गति से दौड़ रही है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगने, वाहन के असंतुलित होने या सड़क पर किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के बनने पर बड़ा हादसा हो सकता है। खुद की ही नहीं, दूसरों की जान भी खतरे में विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की स्टंटबाजी केवल संबंधित युवकों के लिए ही नहीं, बल्कि हाईवे पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती है। तेज रफ्तार के दौरान छत पर बैठे व्यक्ति के गिरने से कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दंडनीय अपराध सार्वजनिक सड़क पर स्टंट करना, लापरवाही से वाहन चलाना और चलती गाड़ी की छत पर बैठना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर वाहन चालक और स्टंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
हरियाणा कांग्रेस संगठन में अनुशासन और समन्वय को मजबूत करने के लिए पार्टी हाईकमान ने बड़ा निर्देश जारी किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने 28 मई 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के नाम पर प्रदेश में कोई भी आंदोलन, धरना, प्रदर्शन, विरोध-प्रदर्शन, प्रेस वार्ता अथवा अन्य सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रम बिना हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) को पूर्व सूचना दिए और उसकी स्वीकृति प्राप्त किए आयोजित नहीं किया जाएगा।एआईसीसी की ओर से जारी यह निर्देश हरियाणा के सभी सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों-विधायकों, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों, पदाधिकारियों, प्रकोष्ठों, विभागों, विंग्स तथा पार्टी कार्यकर्ताओं पर लागू होगा। यहां देखिए बीके हरिप्रसाद के लेटर की कॉपी… संगठनात्मक समन्वय और एकरूपता पर जोरपार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद के लेटर में कहा गया है कि प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर लगातार आंदोलन, धरने, विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में संगठनात्मक समन्वय, अनुशासन, संदेश की एकरूपता, मीडिया प्रबंधन और प्रभावी राजनीतिक रणनीति सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अलग-अलग स्तरों पर बिना समन्वय के आयोजित कार्यक्रमों से संगठनात्मक संदेश प्रभावित हो सकता है। इसलिए सभी गतिविधियों को प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय बनाकर संचालित किया जाएगा।जारी किए गए प्रमुख निर्देशएआईसीसी के पत्र में तीन महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं, जिसमें पहला, प्रस्तावित कार्यक्रम या गतिविधि का पूरा विवरण पहले HPCC कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। दूसरा, किसी भी सार्वजनिक घोषणा या कार्यक्रम के आयोजन से पहले HPCC कार्यालय से आवश्यक स्वीकृति या अनुमति प्राप्त की जाए और तीसरा, सभी स्तरों पर संबंधित जिला और प्रदेश नेतृत्व के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित किया जाए। निर्देशों के कड़ाई से पालन के आदेशबीके हरिप्रसाद ने लेटर में कहा है कि संगठन की एकता और अनुशासित कार्यप्रणाली के व्यापक हित में सभी संबंधित नेता और कार्यकर्ता इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।इस पत्र की प्रतिलिपि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल (CLP) नेता तथा हरियाणा अनुशासन समिति के चेयरमैन को भी भेजी गई है।इसके क्या हैं राजनीतिक मायनेराजनीतिक जानकारों के अनुसार यह निर्देश ऐसे समय आया है जब हरियाणा कांग्रेस के भीतर विभिन्न नेताओं और गुटों द्वारा अलग-अलग मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी चुनावी रणनीति को देखते हुए पार्टी हाईकमान संगठनात्मक गतिविधियों को एक केंद्रीकृत ढांचे में लाना चाहता है ताकि पार्टी का संदेश एकरूप रहे और राजनीतिक कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
टिटिलागढ़ से 20 टन अमरपाली आम नई दिल्ली के लिए रवाना
भास्कर न्यूज | टिटिलागढ़ टिटिलागढ़ रेलवे स्टेशन से रविवार को 20 टन अमरपाली आम रेलमार्ग के जरिए नई दिल्ली के लिए रवाना किए गए। ग्राम्य शक्ति परियोजना के सहयोग से जेडन किसान प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) द्वारा बालांगीर जिले के टिटिलागढ़ और रायगढ़ा जिले के काशीपुर क्षेत्र के 12 छोटे किसानों द्वारा उत्पादित अमरपाली आमों को दिल्ली स्थित मदर डेयरी भेजा गया। आशा संस्था के संपादक संजीव पटनायक ने बताया कि ग्राम्य शक्ति परियोजना के माध्यम से किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने और उनकी आजीविका को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच भी मिल रही है। उन्होंने बताया कि उत्कल एल्युमिना इंटरनेशनल लिमिटेड, नाबार्ड और आशा संस्था के संयुक्त सहयोग से इस वर्ष कुल 50 टन आम नई दिल्ली निर्यात करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल से क्षेत्र के आम उत्पादक किसानों में उत्साह देखा जा रहा है और उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के नग्गर रोड फार्म के पास सोमवार दोपहर रूह कंपा देने वाला 'हिट एंड रन' का मामला सामने आया है। दिल्ली नंबर की एक तेज रफ्तार कार के चालक ने शराब के नशे में पहले तो एक पैदल राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी फिर हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए तड़प रहे राहगीर पर जानबूझकर दोबारा गाड़ी चढ़ाकर उसे बेरहमी से कुचल दिया। इससे राहगीर की तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी कार चालक मौके से भागने लगा, लेकिन हादसे को देख गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने आरोपी चालक को घेरकर दबोच लिया। आरोपी को पुलिस को सौं दिया गया। चलती कार में बियर पी रहे थे युवक-युवती, गलत दिशा में मारी टक्कर यह खौफनाक वारदात दोपहर करीब 12:15 बजे की है। चश्मदीद टैक्सी ड्राइवर ओमप्रकाश निवासी छनाल्टी, कुल्लू ने पुलिस को दिए अपने बयान में जो बताया वह रोंगटे खड़ा करने वाला था। ओमप्रकाश के अनुसार, मढ़ी के पास दिल्ली नंबर की एक स्विफ्ट कार (DL12CU0584) ने उनकी टैक्सी को ओवरटेक किया था। उसने बताया कि कार में दो युवक और एक युवती सवार थे, जो तेज संगीत के बीच चलती गाड़ी में सरेआम बियर पी रहे थे। जैसे ही यह कार नग्गर फार्म रोड के पास पहुँची, तो नशे में धुत चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए गलत दिशा (Wrong Side) में टर्न ले लिया और अपनी सही दिशा में जा रहे पैदल राहगीर रामकृष्ण को अपनी चपेट में ले लिया। 25 फीट घिसटा राहगीर, आरोपी ने जानबूझकर बैक की गाड़ी चश्मदीद ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकृष्ण हवा में उछलते हुए करीब 25 फीट दूर जाकर सड़क पर गिरे और घिसटते चले गए। इसके बाद कार चालक ने रामकृष्ण को लहूलुहान हालत में सड़क पर तड़पते हुए देखा, लेकिन गाड़ी रोकने या मदद करने के बजाय उसने क्रूरता दिखाई। आरोपी ने जानबूझकर कार को रिवर्स (पीछे) किया और तड़प रहे रामकृष्ण के ऊपर दोबारा टायर चढ़ा दिए। इस हैवानियत के कारण रामकृष्ण ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। भाग रहे दिल्ली के रईसजादे को स्थानीय लोगों ने घेरा वारदात को अंजाम देकर आरोपी चालक कार सहित मौके से रफूचक्कर होने की फिराक में था। हालांकि, चश्मदीद ओमप्रकाश, स्थानीय निवासी नरेन्दर और पाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए थोड़ी ही दूरी पर कार को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपियों को भागने नहीं दिया। लोगों द्वारा पकड़े जाने पर कार चालक ने अपनी पहचान विक्रांत विज (29 वर्ष, पुत्र राम देव विज, निवासी करोल बाग, नई दिल्ली) के रूप में बताई। BNS की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज घटना की भयावहता को देखते हुए पटलीकूहल थाना के अतिरिक्त थाना प्रभारी (Addl. SHO) इंद्र सिंह और सब-इंस्पेक्टर (SI) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने चश्मदीद के बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत दर्ज किया है। कुल्लू पुलिस ने आरोपी चालक विक्रांत विज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। कार में सवार अन्य सह-यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है।

