तृणमूल में बढ़ी अंदरूनी कलह, बागी सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेताओं से की मुलाकात
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी संकट सोमवार को और गहरा गया जब पार्टी के कुछ बागी सांसदों ने कथित तौर पर नयी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री […] The post तृणमूल में बढ़ी अंदरूनी कलह, बागी सांसदों ने दिल्ली में भाजपा नेताओं से की मुलाकात appeared first on Sabguru News .
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्रशासनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने राजधानी के नगर निगम जोनों के नाम बदलने और उनकी सीमाओं के पुनर्गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह बदलाव दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकृत राजस्व जिलों के पुनर्गठन के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि निगम प्रशासन और राजस्व व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की 14वीं अनुसूची में संशोधन के बाद शहर के लगभग सभी जोन नई पहचान और नई प्रशासनिक सीमाओं के साथ काम करेंगे। एमसीडी ने अधिसूचना को आधिकारिक राजपत्र (गजट) में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। राजस्व जिलों की सीमाओं को एक समान किया जाएगा निगम अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नए ढांचे के तहत निगम जोनों और राजस्व जिलों की सीमाओं को एक समान किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक भ्रम और अधिकार क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा। जनता को क्या होगा फायदा एमसीडी का मानना है कि इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अभी तक कई क्षेत्रों में लोगों को यह स्पष्ट नहीं होता था कि उनकी शिकायत किस जोन या कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह भ्रम खत्म होगा और शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। कचरा प्रबंधन, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव और अन्य स्थानीय विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी स्पष्ट होगी। इससे कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और लोगों को बार-बार निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निगम कार्यालयों, वार्ड स्तर के प्रशासन और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।
नर्मदापुरम की सीवरेज लाइन, पेयजल व्यवस्था, ट्रैफिक अव्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार शाम 5 बजे कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे। नगर कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने तीन अलग-अलग पत्रों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण की मांग की। सीवरेज और पेयजल परियोजना पर उठाए सवाल नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजौरिया और अजय सैनी ने शहर में सीवरेज लाइन और अमृत 2.0 पेयजल परियोजना के कार्यों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर में कई स्थानों पर खुदाई के बाद रेस्टोरेशन का कार्य घटिया गुणवत्ता का किया गया है। बारिश के दौरान खुदी हुई जगहों पर वाहन फंस रहे हैं। आरोप है कि फंसे वाहनों को निकालने के बदले ठेकेदार के कर्मचारी रुपए मांगते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रैफिक पुलिस केवल चालानी कार्रवाई पर ध्यान दे रही है, जबकि जाम और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने शहर में पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम और तहसील कार्यालय को रसूलिया शिफ्ट करने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि कोर्ट और कलेक्ट्रेट सहित अधिकांश सरकारी कार्यालय एक ही क्षेत्र में हैं। ऐसे में कार्यालयों को रसूलिया स्थानांतरित करने से आम लोगों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। नगर कांग्रेस की प्रमुख मांगें किसानों के मुद्दे भी उठाए ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मूंग खरीदी और खाद वितरण से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। इसमें जियो टैगिंग आधारित गिरदावरी व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए सुधार की मांग की गई। साथ ही मूंग की खरीदी 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से करने तथा खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को सरल बनाने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में सीवरेज, पेयजल, ट्रैफिक और सड़क संबंधी समस्याओं से आम लोग परेशान हैं, जबकि किसान मूंग खरीदी और खाद वितरण की प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इन्हीं मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
दिल्ली में अब सड़कें स्मार्ट और डस्ट-फ्री बनेंगी। दिल्ली की सड़कों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत सोमवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट-एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा दिल्ली सरकार पहले से ही वॉल-टू-वॉल रोड कार्पेटिंग, डस्ट पॉल्यूशन कंट्रोल, मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग, वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम और ग्रीन कॉरिडोर डेवलपमेंट जैसे अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। यह नया समझौता इन सभी प्रयासों को वैज्ञानिक, व्यवस्थित और दीर्घकालिक ढांचा प्रदान करेगा। जिससे राजधानी में स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क अवसंरचना के विकास को और गति मिलेगी। हमारा लक्ष्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं: सीएम सीएम ने आगे कहा सरकार का लक्ष्य केवल सड़कों का निर्माण या मरम्मत करना नहीं, बल्कि ऐसे स्मार्ट, सस्टेनेबल और क्लाइमेट-रेजिलिएंट अर्बन कॉरिडोर विकसित करना है। जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। इस पहल से सड़कों की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ वायु प्रदूषण में कमी, सड़क सुरक्षा में वृद्धि, जलभराव की समस्या के समाधान और शहरी सौंदर्यीकरण को भी नई गति मिलेगी। सीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार, सीएसआईआर-सीआरआरआई और एसपीए के बीच यह त्रिपक्षीय सहयोग राजधानी को आधुनिक, हरित और नागरिक-केंद्रित सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करेगा। दिल्ली विश्व स्तरीय मॉडल बनेगी। इस मौके पर सीएम के साथ पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित सीएसआईआर-सीआरआरआई के वैज्ञानिक, एसपीए के विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
दिल्ली एयर पोर्ट पर आंधी में एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार शाम तेज आंधी-बारिश के बीच एयर इंडिया के तीन विमानों को हुए नुकसान की जांच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने शुरू कर दी है। डीजीसीए ने सोमवार को एक बयान में बताया कि रविवार को हुई इस घटना में दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 […] The post दिल्ली एयर पोर्ट पर आंधी में एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में पड़ रही चिलचिलाती धूप और हीटवेव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अभिनव पहल की है। राजधानी में पर्यावरण-अनुकूल कूलिंग जोन की स्थापना की जा रही है, जो पूरी तरह से बांस और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं। हीट एक्शन प्लान के तहत शुरू की गई इस मुहिम का उद्देश्य विशेष रूप से उन मेहनतकश लोगों को राहत देना है, जो दिनभर खुले में काम करते हैं। बवाना और अलीपुर में पहले से ही संचालित इन कूलिंग जोन को सीड्स एनजीओ के सहयोग से विकसित किया गया है। इन संरचनाओं में खस की स्क्रीन और मिस्ट कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो प्राकृतिक रूप से तापमान को कम रखते हैं। इनमें विशेष वेंटिलेशन डिजाइन की गई है ताकि हवा का संचार बना रहे। वहीं, यात्रियों और श्रमिकों के लिए यहां ठंडे पीने के पानी, ओआरएस पैकेट, बैठने की व्यवस्था और हीटवेव से बचाव की जानकारी देने वाली सामग्री उपलब्ध कराई गई है। सीएम रेखा गुप्ता का विजन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये कूलिंग जोन निर्माण श्रमिकों, रिक्शा चालकों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, लोगों को राहत देने वाले ऐसे पर्यावरण-अनुकूल कूलिंग जोन जल्द ही दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी स्थापित किए जाएंगे। नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोपहर में धूप से बचें, हाइड्रेटेड रहें-सीएम फिलहाल प्रशासन 3 और नए जोन तैयार कर रहा है, जिनमें से एक डीसी कार्यालय के सामने बन रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर में धूप से बचें, हाइड्रेटेड रहें और इन सार्वजनिक राहत केंद्रों का पूरा लाभ उठाएं। यह पहल न केवल तत्काल राहत दे रही है, बल्कि भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्थायी मॉडल भी पेश कर रही है।
सीबीएसई मूल्यांकन में गड़बड़ी का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और CBSE को जारी किया नोटिस
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम (ओएसएम) में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और सीबीएसई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून 2026 को तय की है।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन पहुंचकर इस्तीफा सौंपा। इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने पार्टी के कामकाज और लीडरशिप पर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, सुखेंदु का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। इधर, लोकसभा के भी 20 सांसद ममता से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुखेंदु के साथ एक मीटिंग की है। 5 नाम सामने आए हैं, इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं। गौरतलब है कि लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। पिछले दिनों हुए घटनाक्रम में बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। त्यागपत्र में भाजपा की तारीफ, TMC की पोल खोली अपने इस्तीफे में सुखेंदु ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के लिए पार्टी की आलोचना की। इस जनादेश को ममता के 15 साल के अराजक शासन का नतीजा बताया। पढ़ें क्या थीं इस्तीफे में लिखी 4 अहम बातें… सुखेंदु बोले- अब मैं आम आदमी, चाहता हूं नई सरकार सबकी जांच करे अपना इस्तीफा सौंपने के बाद सुखेंदु ने कहा बंगाल के इतिहास में पहली बार, पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार सत्ता में आई है। वोटिंग परसेंट 98% पहुंच गया। पार्टी ने इस पर कोई चर्चा नहीं की। 15 साल से सत्ता में रहे लोग आम लोगों की पहुंच से दूर हो गए। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। इसके बजाय, बिचौलिए, चोर, डकैत और बलात्कारी आगे आ गए। करोड़ों रुपए लूटे गए। अब यह सब सामने आ रहा है। सुखेंदु ने कहा- मैं अब एक आम नागरिक हूं। नई सरकार से मांग कर सकता हूं कि वे पिछले 5 सालों में बंगाल के हर अस्पताल में हुई खरीदारी की जांच करें। फोरेंसिक ऑडिट होना चाहिए। हमारे देश में बलात्कार और हत्या की घटनाएं अक्सर होती रही हैं। उस समय, नेताओं और प्रशासकों ने इस बारे में कोई विचार-विमर्श या चर्चा नहीं की। लेकिन जिन लोगों ने उन्हें वहां भेजा था, उन्हीं ने अब उन्हें नीचे गिरा दिया है। इसलिए सबकी जांच होनी चाहिए।
गोरखपुर में रामजानकी नगर के मुक़ीम सिद्दीक़ी शूटिंग एकेडमी के शूटर्स ने प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एकेडमी के सभी शूटर्स ने 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अब ये खिलाड़ी दिल्ली में होने वाली प्रतियोगिता में अपने निशानेबाजी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। स्टेट चैंपियनशिप में जगह बनाने के लिए नोएडा और अयोध्या में प्री-स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। इसमें मुक़ीम सिद्दीक़ी शूटिंग एकेडमी के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग कैटेगरी में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए क्वालीफाइंग स्कोर हासिल किया और स्टेट लेवल प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई। 21 से 30 जून तक दिल्ली में चलेगी प्रतियोगिता 49वीं यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता 21 जून से 30 जून 2026 तक दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित की जाएगी। प्रदेशभर के चयनित शूटर्स इसमें हिस्सा लेंगे। गोरखपुर के खिलाड़ी भी पिस्टल और राइफल इवेंट में अपनी चुनौती पेश करेंगे। चैंपियनशिप में एकेडमी के संचालक और शूटर मुक़ीम सिद्दीक़ी के साथ पिस्टल शूटर आरनव श्रीवास्तव, मुहम्मद अब्दुल्ला खान, दिलीप यादव और अनुष्का टेकरीवाल प्रतिभाग करेंगे। वहीं, राइफल इवेंट में विभव अजीत सरिया हिस्सा लेंगे। खिलाड़ियों ने शुरू की तैयारी स्टेट चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने के बाद सभी शूटर्स ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। खिलाड़ियों का लक्ष्य प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर गोरखपुर का नाम रोशन करना है। एकेडमी के सभी शूटर्स के चयन से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में खुशी का माहौल है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर पार्क किए गए एयर इंडिया के तीन विमानों के क्षतिग्रस्त होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना उस समय हुई जब अचानक खराब मौसम के कारण ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसक गए और विमानों से टकरा गए।
ममता बनर्जी को दिल्ली में झटका, राज्यसभा के सांसद का इस्तीफा, पार्टी भी छोड़ी
पश्चिम बंगाल में बुरी तरह से हारने के बाद अब ममता बनर्जी दिल्ली में भी बड़ा झटका लगा है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने सांसद पद के साथ-साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे ...
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी, आज नई दिल्ली में विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक की बैठक में शामिल होंगे।
औरंगाबाद में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ओरा पुल के पास सोमवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में कार सवार 5 लोग घायल हो गए। पश्चिम बंगाल से दिल्ली जा रही एक कार ओवरटेक करने के दौरान ट्रक से टकरा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घायलों में तीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के गाप्लास्टा गांव के रहने वाले उत्तम जाना अपने परिजन के साथ कार से दिल्ली लौट रहे थे। उनके साथ पपई, तापस, दिनेश और पप्पू भी वाहन में सवार थे। बताया जाता है कि उत्तम जाना दिल्ली में एसी और फ्रिज के सेल्स एवं सर्विस का काम करते हैं। उनकी मां की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर वे 3 दिन पहले दिल्ली से अपने गांव बांकुड़ा आए थे। मां से मुलाकात करने के बाद रविवार शाम वे अपने भाई और बहन के बेटे समेत अन्य परिजनों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। तीन गंभीर घायलों को डॉक्टरों की स्पेशल निगरानी में रखा यात्रा के दौरान जब उनकी कार मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित ओरा पुल के समीप पहुंची, तब चालक ने एक वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान कार असंतुलित होकर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों की विशेष निगरानी में रखा गया है। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उत्तम जाना ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही। इस दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और असावधानीपूर्वक ओवरटेकिंग के खतरों को उजागर कर दिया है। पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बड़े पैमाने पर पोस्टर लगाए गए हैं
गोंडा के नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप प्रतियोगिता के दूसरे दिन ग्रीको रोमन कुश्ती के परिणाम घोषित किए गए। इसमें हरियाणा और उत्तर प्रदेश का दबदबा रहा। हरियाणा ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण, 5 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश ने 3 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 7 पदक हासिल किए। महाराष्ट्र ने 1 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। दिल्ली, राजस्थान और झारखंड को भी एक-एक स्वर्ण पदक मिला है। 45 किलोग्राम भार वर्ग में झारखंड के अनूप कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हरियाणा के शुभम दूसरे स्थान पर रहे। पंजाब के पवन करहिसिंग और हरियाणा के देव कटारिया ने तीसरा स्थान साझा किया। 48 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के अविनाश वीरू चेतक ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के अर्जुन ने रजत पदक हासिल किया, जबकि हरियाणा के लक्ष्य और मोनू को कांस्य पदक मिला। 51 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तर प्रदेश के विशाल पाल ने पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र के पृथ्वीराज गणपति जामदार दूसरे स्थान पर रहे, जबकि महाराष्ट्र के सुयश श्रीकांत पाटिल और हरियाणा के राहुल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 55 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा के योगेश ने स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के अभिनव यादव ने रजत पदक हासिल किया, जबकि मध्य प्रदेश के योगेश और महाराष्ट्र के धीरज डफले को कांस्य पदक मिला। 60 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तर प्रदेश के प्रिंस नैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हरियाणा के दिलबर सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के नकुल और उत्तर प्रदेश के शिवम यादव ने तीसरा स्थान साझा किया। 65 किलोग्राम भार वर्ग में दिल्ली के ललित ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के सत्यम ने रजत पदक हासिल किया, जबकि राजस्थान के अनिल कुमार यादव और महाराष्ट्र के कौशल दीपक गायकर को कांस्य पदक मिला है। देखें 3 तस्वीरें… 71 किलोग्राम भार वर्ग में राजस्थान की सूर्य वैष्णव ने पहला स्थान प्राप्त किया। पंजाब के अरमान प्रीत सिंह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि दिल्ली के विजेंद्र और पंजाब के सुखमान सिंह को कांस्य पदक मिला। 80 किलो भार वर्ग में हरियाणा के अंशु को प्रथम स्थान, यूपी के विशाल को दूसरा स्थान, राजस्थान के अमित हजारीलाल गुर्जर को तीसरा स्थान और हरियाणा के हितेश को तीसरा स्थान मिला है। 92 किलो वर्ग में यूपी के कार्तिक को प्रथम स्थान, यूपी के अनुज यादव को दूसरा स्थान, हरियाणा के हर्ष तोमर को तीसरा और हरियाणा के सूरजमल को तीसरा स्थान मिला है। 110 किलो भार वर्ग में हरियाणा के हर्ष दलाल को प्रथम स्थान, हरियाणा के हार्दिक ओहल्यान को दूसरा स्थान, चंडीगढ़ के वंश हुड्डा को तीसरा और पंजाब के युवराज सिंह को तीसरा स्थान मिला है।अगर इस प्रतियोगिता के रैंकिंग की बात करें तो 195 पॉइंट के साथ हरियाणा ने प्रथम, 137 पॉइंट के साथ यूपी ने दूसरा, 94 पॉइंट के साथ महाराष्ट्र ने तीसरा, 81 पॉइंट के राजस्थान में चौथा और 67 पॉइंट के साथ पंजाब ने पांचवा स्थान हासिल किया है। कैसरगंज बीजेपी सांसद हुआ व यूपी कुश्ती संघ अध्यक्ष करण भूषण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू ने सभी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र लेकर के सम्मानित किया है। इस प्रतियोगिता में भी 500 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया था जिन्होंने अलग-अलग 10 वेट कैटेगरी में अपनी प्रतिभा दिखाई है।
दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। सोमवार सुबह करीब 5 बजे दादरी फ्लाईओवर पर एक कंटेनर ने आगे चल रहे ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत मृतक चालक की पहचान फर्रुखाबाद निवासी सदानंद पुत्र उत्पल के रूप में हुई है। वह कंटेनर में दिल्ली से सहारनपुर होते हुए बनारस के लिए माल ले जा रहा था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार संभवतः नींद आने के कारण कंटेनर अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। कंटेनर की बॉडी में फंसा शव आगे चल रहे ट्रक के चालक जितेंद्र पुत्र यदु नंदन यादव ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनके ट्रक का एक्सल टूट गया और वह अनियंत्रित हो गया। उन्होंने बड़ी मुश्किल से ट्रक को संभाला। नीचे उतरकर देखने पर पता चला कि कंटेनर चालक बुरी तरह से कंटेनर की बॉडी में फंसा हुआ था। स्थानीय पुलिस को दी सूचना घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। 112 नंबर की टीम और दौराला थाना इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला और राहत कार्य शुरू किया। टक्कर के बाद फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक को सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया, जिससे यातायात सुचारु हो सका। इंस्पेक्टर सुमन कुमार सिंह ने बताया कि- ड्राइवर लाइसेंस और बिल्टी के आधार पर चालक की पहचान की गई और उसके परिवार को सूचित कर दिया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को फ्लाईओवर से हटाकर मार्ग को साफ कराया। देखिए तस्वीरें…
महाराष्ट्र से असम तक मॉनसून की झमाझम बारिश, दिल्ली-यूपी में गर्मी का कहर जारी; जानिए कब मिलेगी राहत
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून सक्रिय हो गया है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली, यूपी और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी बनी हुई है। जानिए मॉनसून की ताजा स्थिति और कब पहुंचेगा उत्तर भारत।
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाले में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट की वैकेशन बेंच में एक बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है। अदालत में गर्मियों की छुट्टियां होने के बावजूद इस मामले की गंभीरता, तात्कालिकता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सुनवाई की मंजूरी दी गई है। इस सुनवाई के फैसले पर ही राजेंद्र भारती का राजनीतिक भविष्य और राज्यसभा चुनाव में उनके वोट देने का अधिकार टिका हुआ है। राजेंद्र भारती वर्तमान में बैंक घोटाले में दोषी सिद्ध होने के कारण विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं। इस अयोग्यता (Disqualification) के चलते वे आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। इसी अयोग्यता और वोटिंग के अधिकार को लेकर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया है। नियमित तारीख 14 जुलाई थी, इसलिए वैकेशन बेंच में लगाई विशेष अर्जीइस मामले में पहले सुनवाई के लिए 26 मई की तारीख तय की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उस दिन सुनवाई टल गई। इसके तुरंत बाद दिल्ली हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मियों की छुट्टियां) शुरू हो गया, जिसके चलते नियमित सुनवाई के लिए अगली तारीख सीधे 14 जुलाई तय की गई। चूंकि राज्यसभा चुनाव 18 जून को ही होने हैं, इसलिए 14 जुलाई की तारीख मिलने से भारती के हाथ से वोट डालने का मौका निकल जाता। कपिल सिब्बल के जूनियर ने किया मेंशन, कोर्ट ने दी मंजूरीवोटिंग का अधिकार हाथ से न निकले, इसके लिए राजेंद्र भारती के वकीलों ने कोर्ट में जल्द सुनवाई की अपील की। 28 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में एक विशेष अर्जी दाखिल की गई। इसके बाद, 1 जून को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के जूनियर वकील अभिक चिमनी ने इस मामले को अदालत के समक्ष मेंशन किया। वकीलों के तर्कों और समय की कमी को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने छुट्टियों के दौरान ही विशेष सुनवाई की मंजूरी दे दी। आज के फैसले पर टिकी सबकी निगाहेंसोमवार को होने वाली इस विशेष सुनवाई पर अब सभी राजनीतिक दलों और कानूनी विशेषज्ञों की निगाहें टिकी हुई हैं। हाईकोर्ट की वैकेशन बेंच आज यह तय करेगी कि राजेंद्र भारती को 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की विशेष अनुमति मिलेगी या नहीं।
दौसा ने नकली नोटों की डिजाइनिंग और एडिटिंग करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र निवासी गुलशन (39) पुत्र प्रेमनाथ को पकड़ा है। जांच में सामने आया कि वह नकली नोटों की डिजाइन तैयार कर उनकी एडिटिंग करता था और उन्हें छापने की प्रक्रिया में शामिल था। पूछताछ में राजस्थान में भी नकली नोटों की सप्लाई किए जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पहले भी तीन आरोपी गिरफ्तार, एक किशोर निरुद्ध एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन में की गई कार्रवाई में यह गिरफ्तारी 28 मई 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज फेक करेंसी प्रकरण की जांच के दौरान हुई। मामले में सबसे पहले आयुष कुमार मीना को 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक किशोर को निरुद्ध कर उसके कब्जे से 47 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किए गए। फरीदाबाद से सरगना समेत दो आरोपी पकड़े गए थे जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने फरीदाबाद से नकली नोट छापने और बेचने वाले मुख्य सरगना संतोष सिंह वाल्मीकि तथा उसके साथी विशाल उपाध्याय को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से 24 लाख 37 हजार रुपए मूल्य के कागज पर मुद्रित नकली नोट, बड़ी मात्रा में कागज, स्याही, वाटरमार्क डाई, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। नेटवर्क की गहन जांच जारी पुलिस के अनुसार गुलशन और विशाल दोनों पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे नकली करेंसी के निर्माण, वितरण और सप्लाई नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में अनुसंधान जारी है और फर्जी करेंसी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। --- फेक करेंसी मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … हरियाणा में नकली नोट छापकर राजस्थान में चलाते थे:24.83 लाख नकली नोट बरामद, सरगना समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग डिटेन दौसा में पुलिस ने नकली नोट छापने और सप्लाई करने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी है। आरोपियों के पास से 24 लाख 84 हजार रुपए के 500-500 के नकली नोट बरामद किए गए हैं। पूरी खबर पढ़िए
राजस्थान में सरकार ने नए मुख्य सचिव की तलाश अभी से शुरू कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त हो रहा है। ब्यूरोक्रेसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार पहले ही प्रमुख दावेदारों की लिस्ट तैयार कर रही है। ऐसा इसलिए कि अगर केंद्र सरकार वी. श्रीनिवास को सेवा विस्तार नहीं देती है तो उस स्थिति में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति में कोई देरी न हो। वरिष्ठता के आधार पर 4 IAS अफसर दावेदारों की लिस्ट में टॉप पर चल रहे हैं। ये दावेदार कौन हैं और क्यों मुख्य सचिव बनने की रेस में हैं? मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पूरी रिपोर्ट.... मुख्य सचिव के टॉप-4 दावेदारों के बारे में जानिए… 1. रजत कुमार मिश्रा : 1992 बैच के IAS अफसर हैं। अभी दिल्ली में डेपुटेशन पर तैनात हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग में सचिव हैं। 31जनवरी, 2028 में रिटायर होंगे। प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन का बड़ा अनुभवी अफसर माने जाते हैं। क्यों हैं रेस में? : लंबे समय से दिल्ली में डेपुटेशन पर तैनात हैं। रजत कुमार मिश्र के पास सबसे ज्यादा 'हाई इंपैक्ट' उर्वरक विभाग है। सीधा किसानों से जुड़ा है। रजत कुमार ने किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए किफायती और उचित समय पर उर्वरकों (खाद) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में अहम रोल अदा किया है। केंद्र के साथ समन्वय, नीति निर्माण और दिल्ली में मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क उनकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि राजस्थान सरकार 'केंद्र से तालमेल' को प्राथमिकता देती है तो वे पहली पसंद बन सकते हैं। राजस्थान में अबतक कहां-कहां हुई तैनाती 2. अभय कुमार: वरिष्ठता के आधार पर सबसे मजबूत दावेदार हैं। ये 1992 बैच के IAS अधिकारी हैं। इनका रिटायरमेंट 31 अगस्त, 2028 को होना है। वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी देख रहे हैं। सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के जुड़े विभाग जैसे- गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। क्यों मजबूत दावेदार? : यदि सरकार 'सीनियर मोस्ट' फॉर्मूला अपनाती है तो उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। अभय कुमार गृह और आपदा जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी छवि सभी को साथ लेकर चलने की मानी जाती है। यहां रही तैनाती : 3. अखिल अरोड़ा : मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा 1993 बैच के IAS हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय की कमान संभाले हुए हैं। एसीएस फाइनेंस और पीएचईडी जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं। अखिल अरोड़ा का रिटायरमेंट फरवरी 2029 में होना है। यदि सरकार अखिल अरोड़ा को मुख्य सचिव बनाती है तो फिर 1992 और 1993 बैच के IAS को सचिवालय से बाहर पोस्टिंग देनी होगी। क्यों हैं रेस में? : अखिल अरोड़ा ब्यूरोक्रेसी में शांत और प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी माने जाते हैं। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहते हुए कभी धन की कमी नहीं आने दी। फाइनेंस की वजह से कोई योजना या प्रोजेक्ट नहीं अटकने दिया। कहां-कहां रही तैनाती 4. अपर्णा अरोड़ा : 1993 बैच की IAS हैं। खान एवं पेट्रोलियम विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद संभाल रही हैं। इसके अलावा राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास है। रिटायरमेंट 2029 में है। यदि सरकार अपर्णा अरोड़ा को मुख्य सचिव बनाती है तो फिर 1992 और 1993 बैच के IAS जो अपर्णा अरोड़ा से सीनियर हैं, सचिवालय से बाहर पोस्टिंग देनी होगी। क्यों रेस में?: महिला चेहरा हैं और वरिष्ठता के साथ-साथ हाई प्रोफाइल विभागों की जिम्मेदारी के चलते उन्हें टॉप दावेदारों में माना जा रहा है। अपर्णा अरोड़ा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा की पत्नी हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लाने का अनुभव है। कहां-कहां हुई तैनाती? मुख्य सचिव चुनने की प्रक्रिया किसी भी राज्य में DGP का नाम फाइनल करने के लिए UPSC पैनल जरूरी होता है, जबकि मुख्य सचिव के लिए इसकी कोई आवश्यकता नहीं होती है। DGP की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन लागू होती है, जबकि मुख्य सचिव के लिए ऐसा बाध्यकारी कोई सिस्टम नहीं है। DGP की नियुक्ति के लिए केंद्र/UPSC प्रक्रिया में शामिल होते हैं। मुख्य सचिव के लिए राज्य सरकार स्तर पर नाम तय किए जाते हैं। मुख्यमंत्री वरिष्ठ (सीनियर) अधिकारियों के नाम पर विचार करते हैं। परंपरा के अनुसार, सीनियर अधिकारी को मौका मिलता है, लेकिन सरकार किसी भी उपयुक्त IAS को चुन सकती है। सीनियॉरिटी लांघकर भी बनते आए हैं मुख्य सचिव भजनलाल सरकार में दो मुख्य सचिव सुधांश पंत और वी. श्रीनिवास दिल्ली से आए। सुधांश पंत को 6 अफसरों की सीनियरिटी (वरिष्ठता) लांघकर मुख्य सचिव बनाया गया था। वी. श्रीनिवास वरिष्ठता के आधार पर मुख्य सचिव बने। पिछली गहलोत सरकार में निरंजन आर्य को 10 वरिष्ठ अधिकारियों की वरीयता लांघकर मुख्य सचिव बनाया गया था। निरंजन आर्य के मुख्य सचिव बनने के बाद वर्ष 1987 बैच की सीनियर आईएएस वीनू गुप्ता, 1988 बैच के सुबोध अग्रवाल और 1989 बैच के राजेश्वर सिंह को सचिवालय से दूसरे विभागों की जिम्मेदारी दी गई थी। ये अधिकारी आर्य से सीनियर थे। सरकार के पास एक्सटेंशन का भी विकल्प रिटायर्ड IAS रविशंकर श्रीवास्तव कहते हैं- सरकार ने भले ही नए मुख्य सचिव के लिए एक्सरसाइज शुरू कर दी है। लेकिन एक्सटेंशन का भी एक विकल्प है। केंद्र सरकार चाहे तो छह-छह महीने के दो एक्सटेंशन दे सकती है। पहले भी कई मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन मिलते रहे हैं। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि मुख्य सचिव एक्सटेंशन लेने को इच्छुक नहीं हैं। वे रियाटरमेंट से पहले दिल्ली जाना चाहते हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने एक प्राइवेट चैनल को दिए इंटरव्यू में रिटायरमेंट के बाद का प्लान बताते हुए कहा था- 'देखते हैं, उम्मीद है कि रिटायरमेंट के बाद का जीवन भी बहुत परिपूर्ण (सार्थक/खुशहाल) होगा। वरिष्ठ पत्रकार महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि प्रदेश में मुख्य सचिव मुख्यमंत्री की पसंद के आधर पर ही बनते रहे हैं। पहले दो आईएएस की नियुक्ति दिल्ली से जरूर हुई थी, लेकिन वे भी मुख्यमंत्री की पसंद के अफसर थे। इस बार भी मुख्यमंत्री की पसंद का IAS ही मुख्य सचिव बन सकता है। मुख्यमंत्री को ही ब्यूरोक्रेसी से काम करवाना है। सरकारी योजनाओं को धरातल पर लाने की जिम्मेदारी मुख्य सचिव की होती है। रिटायर्ड IAS रविशंकर श्रीवास्तव का मानना है कि मुख्यमंत्री की पसंद को ही प्राथमिकता मिलेगी। देखना यह होगा कि वे इस बार भी दिल्ली में तैनात IAS को ब्यूरोक्रेसी की कमान सौंपेगे या फिर स्टेट में तैनात IAS को मौका मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दिल्ली में अचानक आया आंधी-तूफान, Air India के 3 विमान हुए क्षतिग्रस्त, IGI एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर रविवार शाम अचानक आए आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। बिना किसी पूर्व मौसम चेतावनी के आए इस आंधी-तूफान के कारण एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। इस आंधी-तूफान के कारण भारी-भरकम ग्राउंड ...
दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर की हत्या मामले में बर्धमान से दंपती अरेस्ट
आसनसोल। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक प्रोफेसर की सनसनीखेज हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से बर्धमान शहर से एक दंपती को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं ने बताया कि शनिवार रात को हुई यह गिरफ्तारी मृतका देबस्मिता पाल के आवास और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की […] The post दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर की हत्या मामले में बर्धमान से दंपती अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सुपौल के सिमराही बाजार स्थित एक होटल परिसर में रविवार को अखिल सिंदुरिया बनिया, कथबनिया एवं कैथल वैश्य महासभा के तत्वावधान में पांचवां स्थापना दिवस सह राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री शिला मंडल व सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर हजारों लोगों की उपस्थिति ने समाज की एकता और संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया। महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना तथा समाज को एक मजबूत संगठनात्मक सूत्र में बांधना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि स्थापना दिवस केवल किसी संगठन के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि उसके इतिहास, संघर्ष, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी होता है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग और समाज सेवा की महत्वपूर्ण शक्ति रहा है तथा इस समाज ने ईमानदारी, परिश्रम, उद्यमिता और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और संगठनात्मक मजबूती से संभव है। डॉ. प्रेम कुमार ने सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि भारत विविधताओं का देश है और सभी वर्गों के बीच प्रेम, सम्मान और सहयोग का वातावरण ही देश को मजबूत बनाता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक और नवाचार को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान युग ज्ञान आधारित है और जो समाज शिक्षा में आगे रहेगा, वही भविष्य में नेतृत्व करेगा। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को भी समाज के विकास के लिए अनिवार्य बताया। सम्मेलन के दौरान महासभा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में कथबनिया एवं कैथल वैश्य जाति को केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में सिंदुरिया बनिया जाति के साथ शामिल कराने हेतु राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुशंसा पत्र भेजने की मांग की गई। महासभा का कहना है कि तीनों समुदाय मूलतः एक ही जाति के विभिन्न उपनाम हैं और इनके बीच पारंपरिक सामाजिक एवं वैवाहिक संबंध मौजूद हैं। बिहार में तीनों समुदाय अत्यंत पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में शामिल हैं, जबकि केंद्रीय ओबीसी सूची में केवल सिंदुरिया बनिया का नाम दर्ज है। इस मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है और जल्द ही प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के समक्ष समाज की मांग रखेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि कथबनिया और कैथल वैश्य समुदाय को भी केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल कराने का प्रयास सफल होगा। उन्होंने समाज को जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व दिलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।महासम्मेलन की अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार दास ने की। कार्यक्रम के संरक्षक बिरेंद्र दास तथा संयोजक अभिनंदन दास थे। सम्मेलन में समाज की एकता, शिक्षा, संगठन और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
दिल्ली के जल एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने अफसरों की कार्यशैली को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वरुणालय में जोनल रेवेन्यू अधिकारियों (ZRO) के साथ आयोजित एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक में मंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मौजूदगी दिल्ली के हर मोहल्ले और हर नागरिक तक महसूस होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को शासन की मूल भावना बनाने पर विशेष बल दिया। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि लोकसेवा केवल दफ्तरों की फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया जाना चाहिए। बैठक के मुख्य निर्देश: अफसरों के लिए तय हुए नए टास्क जल मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को फील्ड पर उतरने के सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ: सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका सीधा फायदा समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। जनता के बीच बनें सेतु: अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें। वे नियमित रूप से जनता के बीच जाएं, उनकी समस्याओं को ऑन-स्पॉट समझें और सरकार व जनता के बीच एक मजबूत कड़ी (सेतु) के रूप में काम करें। योजनाओं का हो व्यापक प्रचार: हर नागरिक को इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि सरकार उसके लिए क्या सुविधाएं और योजनाएं चला रही है तथा वह उनका लाभ आसानी से कैसे उठा सकता है। 'लोकसेवा जिम्मेदारी, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं' मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा,हमारे अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर उनकी जमीनी समस्याओं को समझना होगा और पूरी ईमानदारी व संवेदनशीलता के साथ उनका समाधान करना होगा। लोकसेवा एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे पारदर्शिता, समर्पण और जवाबदेही के साथ निभाना बेहद आवश्यक है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिल्ली में अब अवैध रूप से बने गेस्ट हाउस और नर्सिंग होम का नहीं होगा 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' जान-माल की सुरक्षा के लिए CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला; बिना स्वीकृत नक्शे और फायर NOC के नहीं मिलेगा बीमा, अवैध निर्माणों पर कसने जा रहा है शिकंजा दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और कमर्शियल बिल्डिंग्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' का ब्रह्मास्त्र चलाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजधानी में भारी भीड़भाड़ वाली और सार्वजनिक उपयोग की सभी इमारतों के लिए 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' व्यवस्था अनिवार्य करने की संभावनाओं पर तुरंत काम शुरू किया जाए। इस नीति का सीधा असर यह होगा कि जिन इमारतों के पास स्वीकृत बिल्डिंग प्लान (नक्शा) या फायर एनओसी नहीं होगी, उनका इंश्योरेंस नहीं हो सकेगा। बिना इंश्योरेंस के ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार केवल बुलडोजर चलाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इस समस्या का स्थायी और कानूनी समाधान ढूंढ रही है ताकि जनता के जान-माल को सुरक्षित किया जा सके। इंश्योरेंस पॉलिसी से कैसे रुकेगा अवैध खेल? जवाबदेही तय होगी: बिना वैध कागजात और सुरक्षा मानकों के बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं करेंगी। बिल्डर्स पर नकेल: हादसा होने की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजे का वित्तीय बोझ सीधे बिल्डिंग मालिकों और अवैध निर्माण करने वालों पर आएगा। पब्लिक सेफ्टी: गेस्ट हाउस, अस्पताल, और मॉल जैसी जगहों पर आने-जाने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को कानूनी गारंटी मिलेगी। जमीन पर महा-एक्शन 6 दिन में 94 इमारतें जमींदोज, 114 सीलइस नई नीति की तैयारी के साथ ही एलजी तरनजीत सिंह संधू और सीएम रेखा गुप्ता के आदेश पर दिल्ली सरकार, एमसीडी और डीडीए का संयुक्त प्रवर्तन अभियान भी पूरी रफ्तार से चल रहा है। 1 जून से 6 जून के बीच हुई कार्रवाई के आंकड़े डराने वाले हैं। 124 जगहों का औचक निरीक्षण किया रिपोर्ट में राजस्व विभाग की 124 लोकेशन पर जांच, पुरानी दिल्ली में बड़ा झोल मिला। राजस्व विभाग ने दिल्ली के अलग-अलग जिलों में 124 जगहों का औचक निरीक्षण किया है। जिसमें चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली : यहां जांच में फायर एनओसी तो सही मिली, लेकिन स्वीकृत बिल्डिंग प्लान गायब था। मामला तुरंत एमसीडी को भेजा गया। दक्षिण जिला : सबसे ज्यादा 30 साइट्स की जांच हुई; 11 परिसरों को सील किया गया और 19 को नोटिस मिला। बाहरी उत्तर: भवन उपनियमों (बाय-लॉज) का गंभीर उल्लंघन मिलने पर 3 अवैध इमारतें ढहा दी गईं। अन्य जिले: उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, मध्य और नई दिल्ली में कुल 74 जगहों पर सीलिंग और क्लोजर नोटिस जारी किए गए।
बुलंदशहर में किसान मजदूर संगठन की मंडलीय समीक्षा बैठक रविवार को एक मैरिज होम में आयोजित की गई। इसमें मेरठ और अलीगढ़ मंडल के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, महंगाई, भूमि अधिग्रहण और सरकारी नीतियों पर गहन चर्चा हुई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी सुविधा के अनुसार कानून बनाती और वापस लेती है। उन्होंने कहा कि बिजली, खाद और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। पूरन सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि मुफ्त अनाज देने के बजाय सरकार को शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को सुलभ और सस्ता बनाना चाहिए। भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर ठाकुर पूरन सिंह ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन का उचित मूल्य नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने टोल टैक्स व्यवस्था की भी आलोचना की, इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बताया और टोल प्लाजा बंद करने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित राणा ने महंगाई पर सरकार के नियंत्रण की कमी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों की आय और लागत के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। राणा ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं और भूमि अधिग्रहण कानून के उचित पालन को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। संगठन ने मांग की कि किसानों की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ही किया जाए। इसके अतिरिक्त, तहसील और पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 21 सितंबर को सहारनपुर से दिल्ली तक एक बड़ी रैली निकाली जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में, संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
पाली शहर के रामदेव रोड स्थित श्री सिद्ध बालाजी मंदिर के पास रविवार शाम नागणेचिया माताजी और बाबा रामदेव के नाम भजन संध्या होगी। कार्यक्रम में देशभर के कई भजन गायक और कलाकार प्रस्तुति देंगे। भजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक स्थलों के संत-महंत और अतिथि भी मौजूद रहेंगे। तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप आयोजक मनीष राठौड़ ने बताया कि भजन संध्या को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यक्रम रविवार शाम श्री सिद्ध बालाजी मंदिर के पास आयोजित किया जाएगा। कई भजन गायक देंगे प्रस्तुति भजन संध्या में मशहूर गायक मोईनुद्दीन मनचला, प्रकाश माली, रमेश माली, गजेंद्र राव, महेंद्रसिंह राठौड़, अनिता जागिड़ रानी, हेमराज गोयल (पाली), दुर्गेश मारवाड़ी, दिनेश राणा (सोजत), तेजपाल नरवर, मोहितराज राठौड़ और सोनू माली (चोटिला) भजनों की प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी कार्यक्रम में मनोज रिया एंड पार्टी (दिल्ली), नूतन गेहलोत (जोधपुर) और दीपिका राव (जोधपुर) भजनों पर प्रस्तुति देंगी। मंच संचालन ओम आचार्य करेंगे। संत-महंत रहेंगे मौजूद कार्यक्रम में नागणेचिया माता धाम (धुंधाड़ा) के गादीपति मदनसिंह महाराज, श्रीकृष्ण धाम (गुड़ा मांगालियां) के गादीपति महंत महेंद्रानंद गिरी महाराज, संत सूरजनदास महाराज, जाडन ओम आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी फुलपुरी महाराज, ढाबर मठ के ओमकारगिरी महाराज, विष्णुगिरी महाराज और नेम भारती पाटवा अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि दिल्ली आने से पहले उन्हें गिरफ्तारी की आशंका थी। उन्होंने कहा कि जब उनका विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने वाला था, तब उन्हें लगा कि यह उनके जीवन का आखिरी स्वतंत्र क्षण हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में लू का अलर्ट, 11-12 जून से राहत के आसार
दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, मानसून की यह रफ्तार उत्तर भारत तक अभी नहीं पहुंची है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्से अगले कई दिनों तक भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहेंगे।
दिल्ली से सिलीगुड़ी नई बुलेट ट्रेन का ऐलान, 6 घंटे में 1500 किमी, लखनऊ, बनारस-समेत कुल 11 स्टेशन
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से सिलीगुड़ी तक करीब 1500 किलोमीटर का सफर महज छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में इस दूरी को पार करने में लगभग 20 घंटे लगते हैं। हाई-स्पीड ट्रेन 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे यात्रियों को समय की बड़ी बचत होगी।
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में गेट नंबर 4 के पास रविवार सुबह एक 'स्कैनिंग रूम' में आग लग गई। दमकल विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर उनका आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। दीपके ने बताया कि शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन सफल रहा। इसमें करीब 7,000 लोगों ने हिस्सा लिया। अब यह आंदोलन पूरे देश में फैलाया जाएगा। दीपके ने ये भी कहा कि हम आवाज नहीं उठाएंगे तो परिवर्तन नहीं हो सकता, लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी पीढ़ी के साथ अन्याय किया है। वे अगर इस्तीफा नहीं देते, तो 13 जून को फिर प्रदर्शन होगा। इसके बाद CJP फाउंडर रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अपने घर पहुंचे, जहां उनके परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इधर, अभिजीत ने घर पहुंचने के बाद अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे आज इंस्टाग्राम लाइव पर फॉलोअर्स को संबोधित करेंगे। संबोधन कब होगा, यह नहीं बताया है। अभिजीत की पोस्ट में लिखीं 5 बातें… 24 घंटे में 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शन से पहले उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.21 करोड़ थी। 7 जून को दोपहर 12 बजे तक यह संख्या बढ़कर 2.26 करोड़ हो गई। X पर उनके 2.69 फॉलोअर्स हैं। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं देने वाले, 4 संकेत से समझिए कॉकरोच जनता पार्टी के पहले जमीनी प्रोटेस्ट की इकलौती मांग है- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। NEET पेपर लीक को 5 हफ्ते और CBSE मार्किंग में गड़बड़ी को 3 हफ्ते हो गए। विपक्षी पार्टियां भी लगातार शिक्षामंत्री को हटाने की मांग कर रही हैं। लेकिन क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा। इसे ऐसे समझिए कि बीजेपी सरकार में इस्तीफे नहीं होते। क्योंकि इस्तीफे का राजनीतिक मतलब निकलेगा कि सरकार से गलती हुई है। मई 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से ही धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं। पहले उन्होंने पेट्रोलियम, कौशल विकास और इस्पात मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। प्रधान की एक और खासियत है कि वे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं। उनकी छवि बेहद गंभीर, लो-प्रोफाइल और बेतुकी बातों से दूर रहने वाले नेता की है। सरकार ये नैरेटिव बना रही है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जगह, सिस्टम को सुधार रहे हैं। इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं। चर्चा है कि 15 जून के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी के संगठन में बदलाव होने वाला है। सरकार के सामने 2 ऑप्शन हैं। पहला- प्रधान को सरकार से संगठन की ओर शिफ्ट किया जाए। दूसरा- शिक्षा मंत्रालय के बजाय किसी अन्य मंत्रालय का जिम्मा दिया जाए। ऐसा पहले भी हो चुका है। पढ़ें भास्कर एक्सप्लेनर… कॉकरोच जनता पार्टी पर भास्कर के 2 कार्टून… अभिजीत 5 घंटे जंतर-मंतर पर रहे, 5 बार स्पीच दी सुबह 7:30 बजे: अभिजीत दीपके सुबह अमेरिका से दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे डेढ़ घंटे बाद बाहर निकले। सुबह 9:30 बजे: अभिजीत CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। हाथ में अंबेडकर की ऑटोबायोग्राफी थी। सुबह 10:00 बजे: अभिजीत जंतर-मंतर पहुंचे। यहां समर्थकों ने स्वागत किया और लोगों से बातचीत की। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक: दीपके ने अपने समर्थकों के बीच 5 बार छोटी-छोटी स्पीच दी। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाए गए। दोपहर 3:30 बजे : दीपके की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। वे सोनम वांगचुक के साथ रवाना हो गए। अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां 1. फॉलोअर्स को वोटर्स में बदलना: जंतर-मंतर की कम भीड़ ने साबित किया कि पार्टी को अभी सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर ब्लॉक और जिला कमेटियां बनानी होंगी। पार्टी के पास पॉलिटिक्स का बिल्कुल अनुभव नहीं है। सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की ताकत तो है, लेकिन सवाल है कि अगर वे चुनाव में उतरते हैं तो क्या इसे वोट बैंक में बदल पाएंगे। 2. अन्ना आंदोलन जैसा मददगार कैडर नहीं: 2011 के अन्ना आंदोलन की कामयाबी के पीछे अलग-अलग संगठनों का समर्थन था। कॉकरोच जनता पार्टी के पास कैडर नहीं है। उसका पूरा आधार क्लिक एक्टिविज्म पर टिका है। इंस्टाग्राम पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स होना डिजिटल उपलब्धि तो है, लेकिन इस वर्चुअल कैडर के पास न लीडर हैं और न ही बूथ मैनेजमेंट की कोई समझ। 3. सिंगल पॉइंट एजेंडा नहीं: कामयाब राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन की पहली शर्त सिंगल पॉइंट एजेंडा है। अन्ना आंदोलन का एक साफ मकसद था- लोकपाल बिल। इससे लोग जुड़ गए। कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में आए लोगों में कोई मणिपुर की बात कर रहा था, कोई टैक्स और पानी के संकट की, तो कोई करप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर की। पार्टी को स्पष्ट राष्ट्रीय नीति और एजेंडा सामने रखना होगा। CJI सूर्यकांत का बयान बना CJP के बनने की वजह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने 15 मई को कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे। इसके बाद 16 मई को अमेरिका से अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की। एक्स-इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। 4 दिन में पार्टी के इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॅालोअर्स हुए। पार्टी के इंस्टाग्राम पर CJP के 20 मई को 66 लाख से ज्यादा फॅालोअर्स पूरे हुए थे। लेकिन 21 मई को X अकाउंट बंद हो गया था, लेकिन फिर पार्टी ने नया अकाउंट बनाया। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा के लिए 22 मई को वेबसाइट पर ऑनलाइन पिटीशन लगाई। इस पिटीशन में 8 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन किया। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर ‘मैं भी अन्ना’ की जगह ‘मैं हूं कॉकरोच’: 5 घंटे का प्रोटेस्ट, उम्मीद से कम भीड़; कॉकरोच जनता पार्टी को क्या मिला कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। 2011 इसी जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने आमरण अनशन से करप्शन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। तब नारे लगे थे- मैं भी अन्ना। इस बार आंदोलन का मकसद एजुकेशन सिस्टम में बदलाव है। नारा है- मैं हूं कॉकरोच। पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं आई, लेकिन पहली बार पार्टी जमीन पर दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…
नीति आयोग की बैठक के लिए 11 जून को दिल्ली आएंगे सीएम विजय, विपक्ष के नेताओं से भी हो सकती है मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय 11 जून को नई दिल्ली का दौरा करेंगे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में शामिल होंगे। यह पिछले दो सप्ताह में उनका दूसरी बार राष्ट्रीय राजधानी का दौरा होगा।
संसद में भी बढ़ी तृणमूल की चिंता, ममता बनर्जी ने अभिषेक को आनन-फानन में भेजा दिल्ली
संसद में संभावित असंतोष की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को दिल्ली भेजा है। माना जा रहा है कि उनका दौरा पार्टी सांसदों के साथ बातचीत और संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से है।
दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर ट्रेन से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। दिल्ली से गांव लौटते समय हादसा हुआ है। मृतक की पहचान बड़हरा के आलेखी टोला निवासी बिजेंद्र राय के पुत्र मनु कुमार राय(26) के तौर पर हुई है। घटना आरा स्टेशन के पश्चिमी छोर स्थित डाउन लाइन की है। मृतक के बड़े भाई विकास कुमार ने बताया कि मनु दिल्ली में एक कंपनी में काम करता था। छुट्टी लेकर घर लौट रहा था। शनिवार को आरा स्टेशन के पास ट्रेन से नीचे गिर पड़ा। गंभीर चोट के चलते मौके पर ही दम तोड़ दिया। रेल पुलिस से हादसे की जानकारी मिली। घर में मचा कोहराम सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया है। मनु दो भाइयों में सबसे छोटा था। परिवार में मां गीता देवी और बड़ा भाई विकास कुमार है। जवान बेटे की असामयिक मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार मनु मिलनसार स्वभाव का लड़का था। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप के पहले दिन फ्रीस्टाइल स्पर्धा के परिणाम घोषित कर दिए गए। देर रात तक चले मुकाबलों में हरियाणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। उत्तर प्रदेश दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर रही।फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में हरियाणा ने 6 स्वर्ण, 6 रजत और 11 कांस्य पदक जीतकर कुल 23 पदक अपने नाम किए। उत्तर प्रदेश ने 3 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि दिल्ली तीसरे स्थान पर रही। महाराष्ट्र ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। विजेताओं ने हासिल किए पदक 45 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के हनुमंत राजेंद्र जाधव ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के केशव को रजत पदक मिला, जबकि महाराष्ट्र के रुद्र रामचंद्र कुंभार और उत्तर प्रदेश के सैफ देशवाल ने कांस्य पदक हासिल किए। 48 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के लक्ष्य ने स्वर्ण पदक जीता। तेलंगाना के तुंगापल्ली वेंकटेश दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मध्य प्रदेश के तनिष्क गिरी गोस्वामी और हरियाणा के उदित डांगी को कांस्य पदक मिला। 51 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के शुभम ने स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के श्रीकांत पोपट सावंत ने रजत, जबकि हरियाणा के अक्षत और उत्तर प्रदेश के मुकेश यादव ने कांस्य पदक प्राप्त किए। 55 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के जतिन ढिल्लों विजेता बने। महाराष्ट्र के हर्षवर्धन धनाजी जाधव दूसरे स्थान पर रहे। हरियाणा के आयुष और दिल्ली के गोविंद ने कांस्य पदक जीते। 60 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के सितेंद्र ने स्वर्ण, हरियाणा के जतिन शर्मा ने रजत तथा हरियाणा के अरुण और तनिष्क ने कांस्य पदक जीते। 65 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के मयंक ने स्वर्ण पदक हासिल किया। हरियाणा के कृष्ण दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के निशांत और दिल्ली के रोहित मान को कांस्य पदक मिला। 71 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के सचिन ने स्वर्ण, हरियाणा के रोहित ने रजत तथा हरियाणा के दीपांशु लाकरा और कपिल दहिया ने कांस्य पदक हासिल किए। 80 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के दीपांशु खोखर ने स्वर्ण पदक जीता। दिल्ली के सनी को रजत पदक मिला, जबकि चंडीगढ़ के लव गुलिया और दिल्ली के अजय ने कांस्य पदक प्राप्त किए। 92 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के कार्तिक ने पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा के अभिमन्यु दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के सुप्रीत और मुकुल दहिया ने कांस्य पदक जीते। 110 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के जय यादव ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के वीर को रजत पदक मिला, जबकि दिल्ली के रुद्राक्ष और हरियाणा के रोनित दहिया ने कांस्य पदक हासिल किए। अंक तालिका में हरियाणा 220 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश ने 125 अंकों के साथ दूसरा, दिल्ली ने 91 अंकों के साथ तीसरा, महाराष्ट्र ने 83 अंकों के साथ चौथा और चंडीगढ़ ने 25 अंकों के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। देर रात करीब एक बजे तक चले फाइनल मुकाबलों के बाद फ्रीस्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता के शीर्ष पहलवानों को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
'विश्व साइकिल दिवस' के अवसर पर जेएलएन स्टेडियम में 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया, अभिनेता विक्रांत मैसी, बॉक्सर नूपुर श्योराण और एक्टर-मॉडल रागिनी द्विवेदी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, आज 'संडे ऑन साइकिल' का 77वां संस्करण है। मुझे खुशी है कि जब मैंने 'संडे ऑन साइकिल' शुरू किया था, तब इसी स्टेडियम में 50 साइकिल चालक थे और आज आप हजारों की संख्या में हैं, तो ऐसा लगता है कि देश साइकिलिंग की ओर बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि साइकिलिंग से एक साथ में कई फायदे होते हैं। साइकिल ऐसी चीज है, जो मेंटल हेल्थ को ठीक रखती है, पर्यावरण की रक्षा करती है और तेल की बचत करती है। इसलिए हमें साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए। मनसुख मांडविया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सिर्फ रविवार नहीं, बल्कि हम लोग यह तय कर सकते हैं कि हर दिन एक ट्रिप हमें साइकिल से करनी चाहिए। सब्जी मंडी हो, नजदीक दफ्तर हो, क्रिकेट खेलने जाना हो या अन्य खेल, हमें ऐसी जगहों के लिए साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं, दिल्ली के जनकपुरी में आयोजित साइकिल रैली में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों को फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने हर उम्र के लोगों के साथ साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। मनसुख मांडविया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सिर्फ रविवार नहीं, बल्कि हम लोग यह तय कर सकते हैं कि हर दिन एक ट्रिप हमें साइकिल से करनी चाहिए। सब्जी मंडी हो, नजदीक दफ्तर हो, क्रिकेट खेलने जाना हो या अन्य खेल, हमें ऐसी जगहों के लिए साइकिल का इस्तेमाल करना चाहिए। Also Read: LIVE Cricket Score कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और साइकिल चलाकर फिट इंडिया अभियान को समर्थन दिया। Article Source: IANS
गुरुग्राम में एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर 22 साल की युवती ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड का एक वीडियो सामने आया है। मृतका की पहचान दिल्ली के आयानगर में रहने वाली वर्षा के तौर पर हुई है। युवती गुरुग्राम में एमजी रोड मेट्रो स्टेशन के पास ही एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। शुरुआती जांच में आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और मेट्रो स्टाफ ने परिवारवालों को सीसीटीवी दिखाए, जिसके बाद परिवार ने हादसा मानते हुए किसी के खिलाफ कार्रवाई से इनकार किया। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। आधा घंटे तक प्रभावित ही मेट्रो एमजी रोड मेट्रो स्टेशन पर रात लगभग साढ़े 9 बजे घटना होने के बाद मेट्रो थम गई। युवती वर्षा ने दिल्ली जाने वाली साइड जा रही मेट्रो के सामने छलांग लगाई थी। जिस कारण इस ट्रैक पर आधा घंटे तक मेट्रो सेवा प्रभावित रही और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि परिवार ने भी मेट्रो स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज देखी है। उन्होंने कोई शिकायत या कार्रवाई कराने की बजाय इसे हादसा माना है। मामले में कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
राजस्थान पुलिस ने दिल्ली-मुंबई नेशनल एक्सप्रेस-वे (NE-4) पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए रेस्ट एरिया में दो अस्थायी चौकी खोली है। ये चौकी अलवर के पिनान और दौसा के धनावड़ रेस्ट एरिया में स्थापित की हैं। दोनों चौकियों में राउंड द क्लॉक जाब्ता तैनात रहेगा। दिल्ली-मुंबई नेशनल एक्सप्रेस-वे पर इस तरह चौकी व्यवस्था संभवत देश में पहली बार शुरू हो रही है। अभी अलवर एरिया जिले की सीमा में एनएचएआई के वाहन और दौसा में पुलिस के वाहन में गश्त की जा रही है। चौकियां स्थापित होने से पहले पुलिस ने यूपी, हरियाणा, गुजरात सहित कई राज्यों से फीडबैक लिया, जहां-जहां से एक्सप्रेस-वे गुजरते हैं, लेकिन इस तरह की व्यवस्था कहीं पर नहीं मिली। बता दें कि हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस केवल इंटर एक्सचेंज प्वाइंट से ही हाईवे पर चढ़ती हैं। अब एक गश्ती दल 24 घंटे हाईवे पर मौजूद रहेगा। अब नियमित पेट्रोलिंग से हाईवे पर अवैध तरीके से खड़े होने वाले ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि ट्रक केवल रेस्ट एरिया में खड़े हों। अवैध खड़े होने वाले ट्रकों से सड़क हादसे हो जाते हैं। एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई हो सकेगी। सड़क हादसे रोकने और तुरंत मदद के लिए खोली चौकियां पिछले कुछ दिनों में हुए सड़क हादसों को देखते हुए घायलों को तुरंत मदद दिलाने के उद्देश्य से डीजीपी राजीव शर्मा के निर्देश पर यह पहल की है। अलवर व दौसा जिले के दो अलग-अलग चौकी शुरू कर दी है। चौकी एनएचएआई की मदद से रेस्ट एरिया में ही शुरू कर रहे हैं, ताकि 24 घंटे हाईवे से कनेक्ट रहे। प्रयोग सफल रहा तो अन्य जिलों में भी संचालित करेंगे। -राहुल प्रकाश, आईजी, जयपुर
दिल्ली-NCR की चकाचौंध से भरी रेव पार्टियों और हाई-प्रोफाइल क्लब्स को अपनी उंगलियों पर नचाने वाला 'सफेद जहर' पटना रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया गया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके महज एक ग्राम के 10वें हिस्से की एक खुराक किसी भी इंसान को आधे घंटे तक मदहोशी के अंधेरे कुएं में धकेलने के लिए काफी है। अपनी इसी जानलेवा और सुपर-प्योर क्वालिटी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 करोड़ रुपए किलो यानी 1 लाख 20 हजार रुपए प्रति ग्राम आंकी गई है। आखिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया ने बिहार को अपना सबसे बड़ा ट्रांजिट रूट क्यों बनाया? क्या है इस 'फिश स्केल' कोकीन का वो खौफनाक राज, जिसे छुपाने के लिए पहली बार पाउडर नहीं बल्कि 'कैप्सूल' का इस्तेमाल किया गया? पढ़िए 'संडे बिग स्टोरी' में, तस्करों के उस इंटरनेशनल सिंडिकेट का पूरा कच्चा-चिट्ठा... डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने पूरी कार्रवाई ठीक एक महीने पहले 5 मई की रात को अंजाम दी थी। रात 09:58 बजे अगरतल्ला से आनंद विहार टर्मिनल जा रही 20501 अप तेजस राजधानी एक्सप्रेस जैसे ही पटना जंक्शन पर रुकी, पहले से तैयार DRI की टीम थर्ड एसी के कोच नंबर B-8 में दाखिल हुई। टीम ने तत्काल केन्या की रहने वाली 33 वर्षीय जिपोरा क्वाम्बोका अताम्बो और तंजानिया की रहने वाली 29 वर्षीय सलमा वजीरी एली को हिरासत में ले लिया। उनके लगेज ट्रॉली बैग की जांच की गई, जिसके अंदर एक शोल्डर बैग था। इसी शोल्डर बैग से 110 पीस कोकीन कैप्सूल मिले। इसके अलावा ट्रॉली के निचले और अंदरूनी हिस्सों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त पॉकेटों से 2-2 करके कुल 4 बड़े पैकेट बरामद हुए। पहली बार पाउडर नहीं, 'कैप्सूल' के रूप में मिली कोकीन आमतौर पर कोकीन पाउडर के रूप में पैकेटों में पकड़ी जाती है, लेकिन इस बार तस्करों का नया तरीका सामने आया है। बिहार में पहली बार कोकीन के कैप्सूल बरामद किए गए हैं। जांच टीम को 110 पीस कैप्सूल मिले हैं, जिनमें से प्रत्येक में करीब 20 ग्राम हाई-क्वालिटी कोकीन भरी हुई थी। इसके अलावा 4 बड़े पैकेट अलग से मिले। इन सभी को एक ट्रॉली बैग के भीतर बेहद शातिर तरीके से छुपाकर रखा गया था। कुल वजन 6 किलोग्राम 75.50 ग्राम। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपए किलो है। यानी करीब 72 करोड़ की कोकिन जब्त हुई है। किस रूट से राजधानी जा रहा था ‘सफेद जहर’ जांच एजेंसी की पूछताछ और जांच में तस्करों के इस इंटरनेशनल सिंडिकेट का जो रूट सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। ड्रग माफिया हर ट्रांजिट लोकेशन पर 'कैरियर' (पैडलर) बदल देते हैं ताकि कोई पकड़ा न जाए। DRI के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों अफ्रीकी लड़कियां 4 मई को असम के गुवाहाटी में थीं, जहां उन्हें कोकीन से भरा यह ट्रॉली बैग सौंपा गया था। गुवाहाटी से नई दिल्ली तक सुरक्षित माल पहुंचाने के एवज में इन्हें 25-25 हजार रुपए दिए गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद इस खेप को दूसरे व्यक्ति को देना था। वह व्यक्ति दिल्ली-NCR में सप्लाई करता। माफिया का नाम नहीं उगला, दोबारा पूछताछ होगी गिरफ्तारी के बाद दोनों युवतियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। 6 मई को जांच एजेंसी ने इन्हें पटना के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को बेउर जेल भेज दिया गया। शुरुआती पूछताछ में दोनों महिलाओं ने गुवाहाटी में बैग सौंपने वाले मुख्य सरगना का नाम नहीं उगला है। DRI की टीम जल्द बेउर जेल जाकर इनसे दोबारा पूछताछ करेगी। इसके लिए कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। दोनों के मोबाइल नंबरों की टावर लोकेशन खंगाली जा रही है। उनके कांटेक्ट डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) की जांच हो रही है ताकि पता चल सके कि वे गुवाहाटी कब आईं, किससे बात की और दिल्ली में यह खेप किसे सौंपी जानी थी। पूछताछ में भाषा सबसे बड़ी रुकावट DRI के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दोनों महिलाओं को न तो हिंदी आती है और न ही अंग्रेजी। वे सिर्फ अफ्रीकी भाषा बोलती हैं। ऐसे में पूछताछ को आगे बढ़ाने के लिए जांच एजेंसी को एक ऐसे दुभाषिए (इंटरप्रेटर) की तलाश है, जो उनकी भाषा को समझ सके। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लड़कियों ने काफी समय से नई दिल्ली में अपना ठिकाना बना रखा था। फिलहाल उनके ठिकाने की पड़ताल और उनके वीजा का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, क्योंकि अक्सर लोग स्टूडेंट या टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर वापस नहीं लौटते और अवैध गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। CFSL रिपोर्ट का इंतजार और 3 अनसुलझे सवाल बरामद कोकीन की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल को कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक लैब (CFSL) भेजा गया है। हालांकि, इस पूरी जांच के केंद्र में अभी भी 3 बड़े सवाल बने हुए हैं… विदेश मंत्रालय की ली जाएगी मदद चूंकि इस रैकेट के तार सीधे तौर पर अफ्रीकी ड्रग सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े हैं, और इसमें कई भारतीयों के शामिल होने की भी पूरी आशंका है, इसलिए DRI अब आगे की तफ्तीश के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) से संपर्क साधने की तैयारी में है। 4 खासियतें, जो इसे बनाती है महंगी... एक्सपर्ट के मुताबिक, यह लक्जरी क्लास की शुद्ध कोकीन है, जिसे अंडरवर्ल्ड और ड्रग्स मार्केट में 'फिश स्केल' या 'चमकदार पत्थर' कहा जाता है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कोकीन की वैरायटी का पता CFSL रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह 85% से 95% तक शुद्ध कोकीन है, जो सीधे लैटिन अमेरिका (जैसे कोलंबिया, पेरू) के जंगलों से रिफाइन होकर अफ्रीका के रास्ते भारत पहुंची है। इसकी 4 विशेषताएं हैं, जिस कारण कीमत अधिक है...
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में शनिवार रात एक दुकान में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं औ करीब 3 घंटे मशक्कत के बाद रात करीब 12 बजे आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, दमकल विभाग को रात 9:08 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। हालांकि पता ढूंढ़ने में दिक्कत और इलाके की संकरी गलियों के कारण दमकल गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में समय लगा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… गोवा के मंत्री के खिलाफ वन अधिकारी की शिकायत, आरक्षित वन क्षेत्र से मिट्टी हटाने का आरोप गोवा के कुर्डी रेंज की वन अधिकारी सोनिया बी. राणे ने राज्य के मंत्री सुभाष फाल देसाई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि कोलोम्बा गांव के सरकारी फॉरेस्ट एरिया में पेड़ों को हटाकर मिट्टी की खुदाई और वहां से ले जाने का काम किया जा रहा था। वन विभाग के अनुसार मौके पर दो खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर) और चार ट्रक लगाए गए थे। वन अधिकारियों ने मशीन ऑपरेटरों को काम रोकने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। ऑपरेटरों ने कहा कि उन्हें मंत्री सुभाष फाल देसाई की ओर से काम जारी रखने के निर्देश मिले हैं। वन विभाग का आरोप है कि बाद में मंत्री खुद मौके पर पहुंचे और काम जारी रखने को कहा। वन अधिकारी ने शिकायत में कहा है कि खुदाई के दौरान कई पेड़ उखाड़े गए, जो वन कानूनों और ग्रीन एरिया बढ़ाने की सरकारी नीतियों का उल्लंघन है। मामले से जुड़े वीडियो और फोटो सबूत भी पुलिस को सौंपे गए हैं, ताकि आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालांकि, मंत्री का कहना है कि मिट्टी को स्थानीय युवाओं के लिए खेल मैदान तैयार करने लिए जंगल से मिट्टी ले जाया जा रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हुगली नदी में डूबने से कोलकाता मेडिकल छात्र की मौत, दो घंटे बाद मिला शव कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सेकेंड ईयर के छात्र श्यामल बसाक (24) की शनिवार को हुगली नदी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार वह बाबूघाट पर नहाने के दौरान तेज धारा में बह गए थे। सूचना मिलने पर कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप ने खोज अभियान चलाया और करीब दो घंटे बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्यामल 2024 में आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के रेप और हत्या के विरोध में हुए आंदोलन में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर का दावा फर्जी: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे दावों को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। इन दावों में कहा जा रहा था कि शनिवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मृत और निलंबित जेई के तबादले पर एमसीडी घिरी, आप ने दिल्ली नगर निगम की कार्यशैली पर उठाए सवाल
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा जारी एक तबादला आदेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित एमसीडी ने एक ऐसे जूनियर इंजीनियर (जेई) का तबादला कर दिया जिसकी सात महीने पहले मृत्यु हो चुकी है
लखनऊ के नाका क्षेत्र में ठग ने दिल्ली निवासी सराफ का मोबाइल चोरी कर उसके क्रेडिट कार्ड से 7.80 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं कृष्णानगर में साइबर जालसाज ने पीएसी कर्मचारी के खाते से 1.89 लाख रुपये उड़ा दिए। दोनों मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली के बुराड़ी निवासी सराफ अंकुर पाल ने नाका थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अंकुर के मुताबिक वह कुछ दिन पहले नाका स्थित अपने रिश्तेदार के घर आए थे। इसी दौरान घर के पास किसी ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। काम खत्म होने के बाद वह दिल्ली लौट गए। वहां नया सिम लेकर मोबाइल चालू किया तो दो क्रेडिट कार्ड से 7.80 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन के मैसेज मिले। यह देखकर उनके होश उड़ गए। अंकुर ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो पता चला कि किसी ने अमेजन एप के जरिए रकम निकाल ली है। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और लखनऊ आकर नाका थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। पीएसी कर्मचारी के खाते से निकाले 1.89 लाख कृष्णानगर के हरिओम नगर निवासी पीएसी कर्मचारी जय नारायण गुप्ता ने साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। जय नारायण के अनुसार जालसाजों ने उनके मोबाइल के जरिए 29 मई से एक जून के बीच कई ट्रांजेक्शन कर खाते से 1.89 लाख रुपये निकाल लिए। खाते से रकम निकलने की जानकारी होने पर उन्होंने कृष्णानगर थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
राजधानी जयपुर में शनिवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी, बारिश और खराब विजिबिलिटी के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यातायात प्रभावित हो गया। खराब मौसम की वजह से कई विमानों की लैंडिंग में दिक्कतें आईं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, इंडिगो की सूरत से जयपुर आने वाली फ्लाइट 6E-6852 और लखनऊ से जयपुर पहुंचने वाली फ्लाइट 6E-7027 निर्धारित समय पर जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकीं। दोनों विमान लंबे समय तक जयपुर के आसमान में चक्कर लगाते रहे और मौसम साफ होने का इंतजार करते रहे। हालांकि मौसम में सुधार नहीं होने और सुरक्षित लैंडिंग की परिस्थितियां नहीं बनने के कारण सूरत से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-6852 को आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिया गया। विमान को जयपुर में उतारने की बजाय दिल्ली भेजा गया। ताकि पैसेंजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं लखनऊ से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-7027 भी काफी देर तक होल्ड पर रही और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम के कारण उड़ानों के संचालन पर लगातार असर पड़ रहा है और मौसम सामान्य होने के बाद ही नियमित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो पाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। अचानक बदले मौसम ने न केवल सड़क यातायात बल्कि हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। जयपुर एयरपोर्ट पर मौसम की स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइन कंपनियां और एयरपोर्ट प्रबंधन लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। पैसेंजर्स को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए एयरलाइन से संपर्क में रहें, क्योंकि मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव या डायवर्जन की संभावना बनी हुई है।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को त्यागराज स्टेडियम में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत आयोजित विकसित भारत के लिए युवा भारत सम्मेलन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। देशभर से आए 6 हजार से अधिक युवाओं की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा मामलों की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति में सीएम ने युवा उद्यमियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स, यूपीएससी अभ्यर्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि आज का यह मंच वास्तव में भारत की युवा शक्ति का उत्सव है। सीएम ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा विभिन्न क्षेत्रों के इतने प्रतिभाशाली युवा और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों की उपस्थिति इस आयोजन को वास्तव में ‘तारे जमीं पर’ जैसा स्वरूप देती है। जब एक ही मंच पर युवा उद्यमी, खिलाड़ी, कलाकार, जनप्रतिनिधि, कंटेंट क्रिएटर्स और यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित हों तो यह भारत की विविध प्रतिभा और असीम क्षमता का सशक्त प्रतिबिंब बन जाता है। सीएम ने केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को इस अभिनव पहल के लिए बधाई देते हुए कहा मेरा भारत युवा सम्मेलन युवाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। युवा देश की जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार समारोह में सीएम ने कहा आज का कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत का युवा देश की जिम्मेदारी उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है, जो मेहनती, दूरदर्शी, रचनात्मक और साहसी है। किसी भी क्षेत्र में सफलता के पीछे अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण होता है। यही समर्पण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। सीएम ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा अगर देश का प्रत्येक युवा एक कदम आगे बढ़ाता है, तो 140 करोड़ भारतीयों का देश भी उसी गति से आगे बढ़ता है।
हरियाणा के वरिष्ठ भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन और दिल्ली में अन्य विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर तीखा तंज कसा है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों के विरोध को अस्तित्व बचाने की नाकाम कोशिश करार देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का अब हर अच्छे और बुरे काम का विरोध करना एक तय नियम बन चुका है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेत्री किरण चौधरी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर दिए गए बयान का खुलकर समर्थन भी किया। विपक्षी दलों का प्रदर्शन टॉय-टॉय फिस्स, धरातल पर अस्तित्व नहीं दिल्ली में विपक्षी दलों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों का दिल्ली में किया गया यह तथाकथित बड़ा प्रदर्शन पूरी तरह टॉय-टॉय फिस्स साबित हुआ है। आज के समय में धरातल (जमीनी स्तर) पर इन दलों का कोई वजूद या अस्तित्व नजर नहीं आ रहा है, जनता इन्हें पूरी तरह नकार चुकी है। अच्छे कामों का विरोध करना कांग्रेस का नियम, चंडीगढ़ प्रदर्शन पर बोले पवार चंडीगढ़ में कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए हालिया प्रदर्शन को लेकर कृष्ण लाल पवार ने कहा कि आज कांग्रेस के पास कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है। जनता के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों का विरोध करना भी अब कांग्रेस पार्टी का एक नियम और आदत बन चुका है। पवार ने दावा किया कि देश और प्रदेश की राजनीति में आज कांग्रेस पार्टी का वजूद और अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। हुड्डा पर किरण चौधरी के बयान का किया समर्थन, बताया अनुभवी कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री किरण चौधरी द्वारा भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर दिए गए हालिया बयान और उनके भाजपा के साथ कथित संपर्कों की चर्चा पर कैबिनेट मंत्री ने बड़ा बयान दिया। पवार ने कहा, किरण चौधरी को कांग्रेस पार्टी में काम करने का बहुत लंबा और गहरा अनुभव है। मुझसे कहीं ज्यादा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के तौर-तरीकों को किरण चौधरी समझती हैं। उन्होंने आगे कहा कि किरण चौधरी ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के BJP में संपर्क में होने को लेकर जो भी बयान दिया है, वह उनके इसी अनुभव पर आधारित है। मैं किरण चौधरी के उस बयान का पूरी तरह समर्थन करता हूं, क्योंकि कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और नेताओं को उनसे बेहतर कोई नहीं जान सकता।
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट जिले के ज्योति नगर थाना इलाके में पत्नी से परेशान एक व्यक्ति ने अपने बेटे की हत्या कर दी और फिर खुद फंदे से लटक गया। मृतकों की पहचान प्रवीण शर्मा (54) और बेटे नैतिक (13) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में प्रवीण ने अपनी पत्नी से परेशान होने का जिक्र किया है और इस हादसे का जिम्मेदार उसे ठहराया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया नैतिक के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं है, लेकिन उसका शरीर नीला पड़ा हुआ था। आशंका है कि प्रवीण ने पहले बेटे को कुछ जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या की और फिर खुद मौत को गले लगाया। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नैतिक की मौत का सही कारण पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस ने बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया शनिवार सुबह ज्योति नगर थाना पुलिस को आत्महत्या के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही पुलिस जिले के आला अधिकारी व लोकल पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि एक शख्स फंदे से लटका हुआ था और उसका बेटा पास ही बिस्तर पर पड़ा हुआ था। पुलिस दोनों को लेकर अस्पताल गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रवीण, नॉर्थ छाज्जूपुर इलाके में अपने माता पिता व बेटे के साथ रहते थे। पुलिस को पता चला कि पिछले कई वर्षों से उसकी पत्नी इनके साथ नहीं रह रही थी। पूछताछ के दौरान प्रवीण की मां ने बताया वह सुबह बेटे को उठाने गई तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा फंद से लटका हुआ और पोता पास में बिस्तर पर अचेत पड़ा था। शादी के कुछ दिनों बाद ही हुआ था एक्सिडेंट वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया शादी के कुछ दिनों बाद ही प्रवीण सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। हादसे में उनको गंभीर चोटें आई थी, जिसकी वजह से उनका शरीर पूरी तरह उनका साथ नहीं देता था। पत्नी के जाने के बाद वह पूरी तरह टूट चुके थे। घर में माता पिता बाहर के कमरे और वे अपने बेटे के साथ पीछे वाले कमरे में रहते थे। देर रात हत्या के बाद लगाई फांसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया आशंका है कि प्रवीण ने माता पिता के सोने के बाद अपने बेटे को किसी चीज में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिलाया होगा। ऐसा उसने इसलिए करा होगा, जिससे की उसके माता पिता वारदात के वक्त वहां न आ जाए। बेटे की मौत के बाद वह खुद फंदे से लटक गया। उधर, मौके पर पहुंची क्राइम व एफएसएल की टीम ने निरीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह जहरीला पदार्थ किस दुकान से लेकर आया था।
चित्रकूट में होटलों की अग्नि सुरक्षा जांच:दिल्ली अग्निकांड के बाद प्रशासन ने चलाया सघन अभियान
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फलोरिश में आग लगने की घटना के बाद चित्रकूट जिले में अग्निशमन सुरक्षा अभियान चलाया गया। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा, लखनऊ के आदेशों और जिलाधिकारी पुलकित गर्ग व पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत 6 जून 2026 को जनपद के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी यदुनाथ सिंह और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी पवन कुमार त्यागी के नेतृत्व में टीमों ने अग्निसुरक्षा उपकरणों के रखरखाव, आग के खतरों को कम करने और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के उपायों की जांच की। निरीक्षण के दौरान होटल कर्मचारियों के लिए अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का आयोजन भी किया गया। उन्हें अग्निसुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई ताकि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। मुख्य अग्निशमन अधिकारी यदुनाथ सिंह द्वारा जिन होटलों का निरीक्षण किया गया, उनमें सीतापुर स्थित श्रीजी होटल एंड रेस्टोरेंट, होटल वीरेंद्र शियारासम भवन, सीता होटल, कामदगिरि होटल (सभी रामघाट रोड पर) और यूपीटी तिराहा स्थित राही पर्यटन बंगला शामिल हैं। वहीं, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी पवन कुमार त्यागी ने सीतापुर के रामघाट रोड स्थित सुशीला होटल, शारदा सदन, बालाजी रेजिडेंसी, हरि भवन और गृपा होटल का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, रामघाट स्थित श्री महेश्वरी भवन की भी जांच की गई।
नई दिल्ली। मैक्स अस्पताल, साकेत कॉम्प्लेक्स से स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक खबर सामने आई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, वर्तमान में यहां कुल 15 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 13 अंतरराष्ट्रीय मरीज शामिल हैं। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बनी हुई है और वे तेजी से रिकवरी की ओर अग्रसर हैं। अस्पताल के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, इलाज में बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को 5 मरीजों को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है। 14 मरीजों का चल रहा इलाज वर्तमान में केवल 1 मरीज ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। अस्पताल के आईसीयू और वार्डों में कुल 14 मरीजों का सघन उपचार चल रहा है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने मरीजों की स्थिति पर कहा, हमारे यहां भर्ती सभी मरीज स्थिर हैं और उनमें लगातार सुधार देखा जा रहा है। मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम मरीजों की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और उन्हें सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान की जा रही है।
गुरुग्राम में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक युवती समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग पांच महीने से कॉल सेंटर चला रहे थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी 10 से 15 दिन के बाद अपना ठिकाना बदल लेते थे। इन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान राहुल (उम्र-33 वर्ष) निवासी बलजीत नगर,दिल्ली, अनुजपाल (उम्र-20 वर्ष) निवासी इन्द्रपुरी,दिल्ली, गौरव (उम्र-24 वर्ष) निवासी इन्द्रपुरी,दिल्ली, मुकुल किरार (उम्र-22 वर्ष शिक्षा) निवासी इन्द्रपुरी,दिल्ली और आंचल (उम्र-21 वर्ष) निवासी तिलकनगर दिल्ली के रूप में हुई है। 11 मार्च को एक व्यक्ति ने थाना साइबर अपराध दक्षिण में एक शिकायत दी थी। उसने कहा कि क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर उसके पास एक लिंक भेज कर क्रेडिट कार्ड से लगभग 28 हजार रुपए की ठगी कर ली। इस शिकायत पर थाना साइबर दक्षिण में केस दर्ज किया गया। इस संबंध में एसीपी गौरव फोगाट ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। आरोपी यह काम एक अन्य व्यक्ति (मुख्य आरोपी) के कहने पर करते हैं। इसके बदले आरोपियों को सैलरी मिलती है। कॉल करने के लिए डाटा आरोपियों को एक अन्य व्यक्ति (मुख्य आरोपी) उपलब्ध कराता है। जिसके बाद ये क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर किसी व्यक्ति को कॉल करते हैं तथा उसके पास फर्जी लिंक भेजकर क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन सामान खरीद लेते हैं तथा उस समान को मुख्य आरोपी को दे देते हैं। अगर सामान की कीमत 05-07 हजार होती है तो वह उसको बेचकर रुपए प्राप्त कर लेते हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कॉल सेंटर जनवरी 2026 से चला रहे थे। आरोपी ठगी की वारदातों को अंजाम देते तथा उसके बाद दो-तीन दिन अपना सारा काम बंद कर देते थे तथा उसके बाद फिर से ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस से बचने के लिए 10 से 15 दिन में अपनी जगह बदल लेते थे। मुख्य आरोपी इन लोगों को डाटा उपलब्ध करवाता था तथा ठगी होने के पश्चात नया डाटा दे देता था तथा पुराना डाटा वापस ले लेता था। आगामी पूछताछ व बरामदगी के लिए आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।
नई दिल्ली। दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति दिलाने और राजधानी को स्वच्छ, सुंदर व प्रदूषण मुक्त बनाने के अभियान को गति देने के लिए नगर निगम (एमसीडी) के पार्षदों ने शनिवार को प्रमुख लैंडफिल साइट्स और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उप महापौर डॉ मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्य शर्मा, डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर तथा शाहदरा उत्तरी और शाहदरा दक्षिणी जोन के पार्षद भी मौजूद रहे। इस दौरान पार्षदों ने कचरा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था, वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया और सफाई व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट ली। पार्षदों की विशेष टीम ने ओखला-तेहखंड, भलस्वा, नरेला-बवाना और गाजीपुर स्थित लैंडफिल साइट्स का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने साइट्स पर चल रहे कार्यों, मशीनों की क्षमता और कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण की जानकारी दी। टीम ने यह भी देखा कि किस प्रकार कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल पर फोकस निरीक्षण के दौरान निगम का मुख्य फोकस वेस्ट-टू-वेल्थ यानी कचरे से संपदा बनाने की अवधारणा को तेजी से लागू करने पर रहा। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के जरिए लैंडफिल साइटट्स पर जमा पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है, ताकि दिल्ली को जल्द से जल्द कूड़े के पहाड़ों से राहत मिल सके। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रोहिणी वार्ड-53 सहित अन्य क्षेत्रों में भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। पार्षदों ने जमीनी स्तर पर स्वच्छता अभियान की प्रगति का आकलन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दिल्ली को स्वच्छ-सुंदर बनाना लक्ष्य एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, हमारा लक्ष्य दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। कचरा प्रबंधन में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से न केवल प्रदूषण कम किया जा रहा है, बल्कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। पार्षदों का यह निरीक्षण जवाबदेही तय करने और कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एमसीडी ने दिल्लीवासियों से भी कचरा प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। निगम का कहना है कि घरों में गीले कचरे से खाद बनाकर नागरिक ग्रीन दिल्ली, अभियान को मजबूती दे सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, वार्ड स्तर पर नियमित निगरानी बढ़ाने और सफाई व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की तैयारी की जा रही है।
85% एथेनॉल मिक्स वाला E85 फ्यूल दिल्ली में आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडियन ऑयल (IOC) के पूसा रोड आउटलेट पर दिल्ली के पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। खास बात ये है कि यह पेट्रोल से ₹20 प्रति लीटर सस्ता है। इससे न सिर्फ आम लोगों का गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता भी घटेगी। दिल्ली में E85 फ्यूल की कीमत ₹82.12 प्रति लीटर तय की गई है। यह दिल्ली में बिक रहे रेगुलर E20 पेट्रोल से पूरे ₹20 कम है। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को किसी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए E85 फ्यूल देने वाली मशीनों (डिस्पेंसर्स) पर एक खास ब्रांडिंग और अलग से साफ दिखने वाला लेबल लगाया जाएगा। इस साल खुलेंगे 500 पंप, 2027 तक 5000 का टारगेट दिल्ली के पूसा रोड पर खुला यह स्टेशन देश का पहला पंप है, लेकिन सरकार का प्लान इसे बहुत बड़े स्तर पर ले जाने का है। शुरुआती फेज में सरकार दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में करीब 50 से 100 ऐसे E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित करेगी। योजना के मुताबिक, इस साल अंत तक देश में ऐसे स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाकर करीब 500 किया जाएगा। वहीं, साल 2027 अंत तक केंद्र सरकार का टारगेट देश के सभी मुख्य शहरों में लगभग 5000 आउटलेट्स शुरू करने का है। सरकार ने हाल ही में E22, E25, E27 और E30 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिक्स वाले फ्यूल स्टैंडर्ड्स को भी नोटिफाई किया है। E85 फ्लेक्स फ्यूल में क्या खास है अभी देशभर में फ्यूल स्टेशन पर जो पेट्रोल मिल रहा है वह E20 है, यानी उसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिक्स है। इसके उलट, नए E85 फ्यूल में 85% तक एथेनॉल और सिर्फ 15% पेट्रोल है। सरकार E100 यानी 100% एथेनॉल जैसे फ्लैक्स फ्यूल की ओर बढ़ना चाहती है, ताकि कच्चे तेल के आयात को कम किया जा सके। 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ा है। एथेनॉल को गन्ने के रस, मक्का और सड़े हुए अनाज जैसे कृषि उत्पादों से बनाया जाता है, इसलिए इसकी लागत कम आती है। यही वजह है कि ग्राहकों के लिए यह काफी किफायती साबित होगा, बशर्ते उनके पास इस फ्यूल को सपोर्ट करने वाली गाड़ियां हों। ये फ्यूल पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में भी मदद करता है। सिर्फ इन चुनिंदा गाड़ियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा E85 फ्यूल को सामान्य पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसके लिए गाड़ियों का इंजन खास तौर पर 'फ्लेक्स-फ्यूल' तकनीक पर आधारित होना चाहिए। फिलहाल भारत में अभी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां अवेलेबल नहीं है। क्रूड इम्पोर्ट घटाना है सरकार की प्राथमिकता अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का करीब 90% तेल आयात करता है। हालांकि वित्त वर्ष 2026 में तेल आयात बिल पिछले साल के $137 बिलियन से घटकर $123 बिलियन रहा है, लेकिन सरकार इसे और कम करना चाहती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऊर्जा संकट को देखते हुए वैकल्पिक ईंधन अपनाने पर जोर दिया है। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। -------------- ये भी पढ़ें… इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही: चांदी की कीमत ₹6442 कम होकर ₹2.57 लाख किलो हुई, सोना ₹2225 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 2,225 रुपए गिरकर 1.54 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 30 मई को 1.56 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.63 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.57 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 6,442 रुपए कम हुई। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के पुष्प विहार में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को किया गिरफ्तार
दक्षिणी दिल्ली के पुष्प विहार में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
रोहतक से दिल्ली जा रहे सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों को शनिवार को सांपला में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये सभी नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर भी शामिल थे। पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया था। सांपला और रोहतक पुलिस ने हिरासत में लिया जानकारी के अनुसार, दिल्ली की ओर बढ़ रहे समर्थकों को सांपला क्षेत्र में सांपला और रोहतक थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रोका। इस दौरान जयदेव डागर सहित कई समर्थकों को हिरासत में लिया गया। जयदेव डागर ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डागर ने यह भी कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका, रिहा किया वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर यह आवश्यक कार्रवाई की गई थी। बाद में हिरासत में लिए गए सभी समर्थकों को रिहा कर दिया गया। रिहा होने के बाद भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों को सजा देने की अपनी मांग दोहराई।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। हादसा दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह खटीक के तिबारे के पास पिलर नंबर 155.8 के पास हुआ, जहां अज्ञात वाहन ने कार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर पहुंची हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ट्रोमा यूनिट में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने हादसे की सूचना दी थी। जिसके बाद अस्पताल पहुंच दोनों शव मोर्चरी में शिफ्ट करवाए। हैड कांस्टेबल कालूराम ने बताया कि मृतकों की पहचान अलवर जिले के धोलागढ़ थाना क्षेत्र भनोखर निवासी टीकम मीणा (35) और निठारी निवासी पटवारी मीणा (18) के रूप में हुई। परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शवों को सुपुर्द किया गया। दोस्त की कार संभालने पहुंचे थे पुलिस ने बताया- मृतकों के एक परिचित की कार का पिलर नंबर 157 पर एक्सीडेंट हो गया था, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे। उसने अपने दोस्तों को कॉल कर बताया कि क्षतिग्रस्त कार एक्सप्रेसवे पर खडी है। तुम लोग वहां पहुंच कार को संभाल लेना। ऐसे में दोनों युवकों के मौके पर पहुंचने से पूर्व ही पिलर नंबर 155.8 के पास उनकी कार का भी एक्सीडेंट हो गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण किसी अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारना बताया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
रतलाम के जावरा स्थित हुसैन टेकरी से अगवा 6 माह के मासूम अयान को शिवपुरी पुलिस ने शुक्रवार-शनिवार (5 जून) की दरम्यानी रात सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। अपहरणकर्ता महिला और उसका एक साथी बच्चे को इंदौर के रास्ते दिल्ली ले जा रहे थे। रतलाम पुलिस की सूचना पर शिवपुरी पुलिस ने पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोलारस एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे रतलाम पुलिस से सूचना मिली थी। मोबाइल लोकेशन से पता चला कि आरोपी एनएच-46 के रास्ते शिवपुरी की सीमा पार करने की कोशिश में हैं। इसके बाद बदरवास में नाकाबंदी की गई और कोलारस थाना व लुकवासा चौकी पुलिस को पूरनखेड़ी टोल प्लाजा पर तैनात कर चेकिंग शुरू कराई गई। 15 कार और 10 बसें खंगाली गई, तब मिल अयान पुलिस के पास वाहन की जानकारी नहीं थी। रतलाम पुलिस ने सिर्फ संदिग्धों के फोटो और लोकेशन भेजी थी। करीब डेढ़ घंटे तक चली चेकिंग में 15 कारों और 8-10 यात्री बसों की तलाशी ली गई। इस दौरान कुछ देर जाम भी लगा। आखिरकार इंदौर से दिल्ली जा रही कमला बस में एक महिला, एक पुरुष, 13 वर्षीय किशोर और उनके साथ अगवा हुआ बच्चा अयान मिल गया। बच्चे के माता-पिता सागर से हुसैन टेकरी आए थे अयान खान सागर जिले का रहने वाला है। उसके पिता साहिल खान ने बताया कि वे पत्नी शाहीन और बेटे के साथ करीब 10 दिन पहले जावरा स्थित हुसैन टेकरी पर दीदार (जियारत) के लिए आए थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे परिवार सो रहा था। तभी एक अज्ञात महिला सोते हुए अयान को उठा ले गई। करीब 10 मिनट बाद बच्चे के गायब होने का पता चलने पर परिवार ने डायल-112 के जरिए पुलिस को सूचना दी। संतान नहीं होने की वजह से किया अपहरण शुरुआती पूछताछ में महिला ने अपना नाम रूपा रैगर और पुरुष ने निजाम मंसूरी बताया। दोनों राजस्थान के झालावाड़ के रहने वाले हैं। खुद को मुंहबोला भाई-बहन बता रहे हैं। उनके साथ निजाम का 13 साल का बेटा भी था। रूपा ने पूछताछ में बताया कि उसकी कोई संतान नहीं है, इसलिए उसने बच्चे का अपहरण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी जावरा से रतलाम, उज्जैन होते हुए इंदौर पहुंचे और वहां से दिल्ली जाने वाली बस में सवार हुए। पुलिस पता लगा रही- कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं बच्चे के रेस्क्यू की सूचना मिलते ही अयान के माता-पिता शिवपुरी पहुंच गए। मामला जावरा का होने के कारण शिवपुरी पुलिस ने बच्चे और आरोपियों को रतलाम पुलिस के हवाले कर दिया। शनिवार को रतलाम पुलिस आरोपियों, बच्चे और उसके माता-पिता को लेकर रवाना हो गई। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि बच्चे को राजस्थान या दिल्ली ले जाने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
बेतिया के कुमारबाग थाना क्षेत्र के कुड़वा मठिया पंचायत के मलकौली गांव निवासी मुन्ना साह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। उनके परिजन कई दिनों से उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। मुन्ना साह दिल्ली में रोजगार करते थे। तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने घर लौटने का फैसला किया था। वह 2 जून को दिल्ली से अपने गांव मलकौली के लिए ट्रेन से निकले थे। यात्रा के दौरान, वह गलती से दूसरी ट्रेन में सवार हो गए और सीवान जिले के श्रीनगर क्षेत्र पहुंच गए। परिजन ने बताया कि रास्ते में उनका मोबाइल फोन और अन्य सामान चोरी हो गया था। इसके बाद उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से अपनी पत्नी को कॉल कर घटना की जानकारी दी। परिवार से नहीं हो पा रहा कोई संपर्क मुन्ना साह ने अपनी पत्नी को बताया कि उनका सामान चोरी हो गया है और वह गलती से सीवान के श्रीनगर पहुंच गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्टेशन से उतरकर श्रीनगर इलाके में हैं और जल्द ही घर पहुंचने की कोशिश करेंगे। इस बातचीत के बाद से मुन्ना साह का अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उनका मोबाइल फोन पहले ही चोरी हो चुका था, जिससे उनसे संपर्क करना संभव नहीं हो सका। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उनकी खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। परिवार के सदस्यों की चिंता बढ़ी मुन्ना साह के कई दिनों से घर नहीं लौटने और उनसे संपर्क न हो पाने के कारण परिवार के सदस्यों की चिंता बढ़ती जा रही है। परिवार उनके सकुशल घर लौटने की उम्मीद कर रहा है। परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मुन्ना साह के संबंध में कोई जानकारी मिलती है या वे कहीं दिखाई देते हैं, तो तत्काल उनके परिजनों या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें, ताकि उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक पहुँचाया जा सके।
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने आज पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह मुलाकात चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोकभवन में हुई। बैठक में विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाई जा सके और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। युवाओं का सशक्तिकरण जरूरी दोनों नेताओं ने कहा कि युवाओं का सशक्तिकरण और कौशल विकास विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस दिशा में लगातार और प्रभावी प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सीमावर्ती इलाकों के युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। इससे न केवल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत गुलाब चंद कटारिया और तरणजीत सिंह संधू ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिकता है। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और विकास से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई।
टीएमसी में बड़ी टूट की अटकलें तेज, दिल्ली में राजनीतिक हलचल; कई सांसदों के बागी होने की चर्चा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर संभावित टूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। दिल्ली में पार्टी के कई सांसदों के बागी होने की अटकलों के बीच भाजपा नेताओं की सक्रियता भी बढ़ी है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले दो दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली, यूपी, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अभिजीत दीपके की एंट्री से दिल्ली में हलचल: जंतर-मंतर मार्च से पहले 2000 पुलिसकर्मी तैनात
दिल्ली में CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच चुके हैं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। दिल्ली पुलिस ने करीब 2000 जवानों की तैनाती की है, ...
करनाल जिले में तरावड़ी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां दिल्ली से मनाली जा रही टूरिस्ट बस की ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली से भिड़ंत हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्राली से जा टकराया और ट्रैक्टर-ट्राली रेलिंग व साइन बोर्ड से टकराकर पलट गई। हादसे में करीब 8 से 10 लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलो को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हाइड्रा क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को रास्ते से हटवाया और यातायात सुचारू किया। बस ने ट्रक को पीछे से मारी टक्कर एएसआई सुभाष चंद्र के अनुसार शुक्रवार की देर रात वोल्वो बस दिल्ली से मनाली की तरफ जा रही थी। बस के आगे ट्रक और उसके आगे ट्रैक्टर-ट्राली चल रही थी। अचानक बस ने ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। इससे ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर हाईवे और सर्विस रोड के बीच पलट गई। बस में मची अफरा-तफरी हादसे के वक्त बस में सवार यात्री सो रहे थे। यात्रियों ने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा, जिससे पूरी बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों के सिर और मुंह पर चोटें आई हैं। बस में सवार करीब 6-7 यात्रियों को चोटें लगी हैं, जबकि अन्य को भी हल्की चोटें आई हैं। जाम के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली को भी नुकसान पहुंचा है। ट्रैक्टर-ट्राली में हरा चारा भरा हुआ था, जो पलटने के बाद सड़क पर फैल गया। हादसे के बाद हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाइड्रा क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया। इसके बाद यातायात को सुचारु रूप से चालू करवाया गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी पुलिस ने सभी घायलों को तरावड़ी के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद इलाके में कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द सामान्य कर दी गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली में जंतर मंतर पर आज शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर हरियाणा पुलिस भी अलर्ट हो गई है। रोहतक-दिल्ली के बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में रोहतक जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर और उनके साथियों को सांपला पुलिस ने हिरासत में लिया। जयदेव प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने रास्ते में ही उनकी गाड़ी को रूकवाकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी बहस भी हुई। मगर, पुलिस ने जयदेव के साथ उनके साथियों को थाने लेकर चली गई। पुलिस ने दिल्ली जाने वाले अन्य युवाओं को भी हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार सुबह 7:45 बजे अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। यहां से वे सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत लेंगे। अभिजीत ने समर्थकों से पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की है। CJP दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज अपना पहला प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक और CBSE, CUET SSC-GD जैसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ है। CJP ने समर्थकों से कहा- क्या करें, क्या न करें जयदेव डागर ने 22 मई को CJP के लिए किया था प्रदर्शन जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर ने 22 मई को कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से विरोध प्रदर्शन किया था। डीसी के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा था। जयदेव CJP की तरफ से प्रदर्शन करने वाले जिले में पहले व्यक्ति रहे, जिसके बाद काफी लोग उनके साथ जुड़ गए। जयदेव ने दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में पहले ही अपनी स्थिति को स्पष्ट कर दिया था। कहा था कि वह प्रदर्शन में शामिल होंगे और उनके साथ अन्य युवा भी दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होकर नीट पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांगेंगे। दीपक धनखड़ पहुंचे दिल्ली, घर पर पहुंची पुलिस उधर, आम आदमी पार्टी की छात्र विंग के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ सुबह करीब साढे 6 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके एक घंटे बाद सुबह 7 बजे पुलिस की टीम दीपक धनखड़ के घर उसे हिरासत में लेने के लिए पहुंची। पुलिस दीपक धनखड़ के घर बैठी हुई है, जबकि दीपक दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच गए है। उधर, भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी वीडियो जारी कर कहा कि वे दिल्ली प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। उनका आज यानी 6 से 8 जून तक हरिद्वार में राष्ट्रीय चिंतन शिविर चलेगा। उनका कार्यक्रम पहले से तय था। हालांकि हमारे कुछ साथी जाएंगे और सहयोग करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी का हरियाणा में इंपेक्ट…. CJI के स्टेटमेंट से शुरू हुआ, विधायक-सांसद ने डाली पोस्ट हरियाणा के हिसार के रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की स्टेटमेंट के बाद शुरू हुआ ‘कॉकरोच’ डिजिटल मूवमेंट की हरियाणा में भी एंट्री हो चुकी है। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा था-मैं उस जनरेशन से हूं जिसे आलसी और कॉकरोच कहा गया, इस तरह मैं कॉकरोचों का पहला विधायक हुआ। वहीं, रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की थी- मैंने आज सुना कि उनका (कॉकरोच जनता पार्टी) ट्विटर अकाउंट बैन कर दिया गया है, नोटबंदी और वोट बंदी के बाद BJP अब लाई है ‘कॉकरोच बंदी। (पूरी खबर पढ़ें) रोहतक और हिसार में किया गया था प्रदर्शन 15 दिन पहले रोहतक में कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े युवाओं ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया था कि नीट पेपर लीक होने से लाखों युवाओं के भविष्य पर संकट मंडरा गया है। इसके लिए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। वही, हिसार शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। (पूरी खबर पढ़ें) कैसे हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का उदय, कौन है फाउंडर और प्रवक्ता…
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच गए हैं। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्होंने समर्थकों से किताब, तिरंगा और पुलिसकर्मियों के लिए फूल लाने की अपील की। दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है।
जम्मू मंडल के पठानकोट रेलवे स्टेशन से बेहद भावुक और सराहना योग्य मामला सामने आया है। यहां टिकट चेकिंग स्टाफ की सूझबूझ, मुस्तैदी और मानवीय संवेदनाओं के कारण एक 3 वर्षीय मासूम बच्चा, जो अपने माता-पिता से बिछड़ गया था, सकुशल अपने परिवार से मिल सका। रेलवे कर्मियों की इस सजगता ने न केवल एक परिवार को बिखरने से बचाया, बल्कि समाज में इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। दरअसल, दिल्ली-पठानकोट एक्सप्रैस ट्रेन में अपने माता-पिता से अलग हो चुके एक 3 साल के मासूम बच्चे को रेलवे कर्मचारियों ने सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसके परिवार को सौंप दिया। दिल्ली का रहने वाला परिवार जम्मू जा रहा था। बच्चे को सकुशल देख माता-पिता की जान में जान आई।दिल्ली पठानकोट एक्सप्रैस में रो रहा था बच्चायह घटना 5 जून की है। दिल्ली-पठानकोट स्पैशल 22429 के भीतर यात्रियों की भारी भीड़ थी। ट्रेन में तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ ड्यूटी पर था। ट्रेन के कोच संख्या D-1 में टिकट चेकिंग स्टाफ के सदस्य आशीष कुमार टिकटों की जांच कर रहे थे। तभी उनकी नजर एक सीट पर पड़ी, जहां एक महज 3 साल का छोटा बच्चा अकेला बैठा बुरी तरह रो रहा था और डरा-सहमा हुआ था। आशीष कुमार ने तुरंत स्थिति को भांपा और बच्चे के पास जाकर उसके माता-पिता के बारे में आसपास के सह-यात्रियों से पूछताछ की। जब यात्रियों ने बताया कि इस बच्चे के साथ यहां कोई नहीं है, तो मामला साफ हो गया कि बच्चा अपने परिवार से बिछड़ चुका है।बिना वक्त गंवाए टीम को किया गया अलर्टआशीष कुमार जानते थे कि चलती ट्रेन में एक छोटे बच्चे का अकेला होना कितना खतरनाक हो सकता है। कोई अप्रिय घटना या बच्चा चोरी न हो जाए, इस डर से उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना ट्रेन के कंडक्टर और मुख्य टिकट निरीक्षक विजय कुमार को दी। मामला सीधे एक मासूम की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए मुख्य टिकट निरीक्षक ने तुरंत पूरी चेकिंग टीम को अलर्ट कर दिया।पूरी ट्रेन में चलाया सर्च ऑपरेशनरेलवे स्टाफ ने तुरंत एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चलती ट्रेन में यह काम आसान नहीं था,क्योंकि ट्रेन लंबी थी और यात्रियों की भारी भीड़ थी। चेकिंग स्टाफ की टीम ने एक रणनीति बनाई और ट्रेन के आगे से लेकर पीछे तक के हर एक डिब्बे को खंगालना शुरू किया। स्लीपर से लेकर एसी कोच तक, हर जगह यात्रियों से पूछताछ की गई।जनरल कोच में बदहवास मिले माता-पिताकाफी मशक्कत और गहन तलाशी के बाद, चेकिंग टीम आखिरकार ट्रेन के जनरल कोच में पहुंची। वहां उन्होंने देखा कि एक महिला और पुरुष बेहद घबराए हुए, रोते-बिलखते हुए अपने बच्चे को ढूंढ रहे थे। वे पूरी तरह बदहवास हो चुके थे। जब टीम ने उनसे बच्चे के हुलिये और कपड़ों के बारे में पूछा, तो साफ हो गया कि यह उन्हीं का बच्चा है जो भीड़-भाड़ या किसी चूक की वजह से जनरल बोगी से छूटकर D-1 कोच की तरफ चला गया था।1 घंटा परिवार से दूर रहा बच्चाअधिकारियों के मुताबिक दिल्ली से आ रहे परिवार से बच्चा गुरदासपुर के आसपास चलती ट्रेन में बिछुड़ गया। माता-पिता रोते बिलखते उसे जनरल कोचों में ढूंढता रहा और बच्चा अपने माता-पिता को खोजता हुआ 5 कोच क्रॉस कर डी-1 कोच तक पहुंच गया। माता-पिता को पास ना पाकर बच्चा भी घबरा गया और जोर-जोर से रोने लगा। इसी दौरा रेलवे स्टाफ की नजर बच्चे पर पड़ी और उसे पठानकोट पहुंचने से पहले परिवार के सुपूर्द कर दिया गया। आंखों में आए खुशी के आंसूमाता-पिता को ढूंढ लेने के बाद भी रेलवे स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी निभाई। सुरक्षा नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, स्टाफ ने पहले बच्चे के माता-पिता की पहचान से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों की जांच की और जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं। जब यह पूरी तरह सुनिश्चित हो गया कि वे ही बच्चे के असली माता-पिता हैं, तब बच्चे को उन्हें सौंपा गया।जैसे ही रोते हुए मासूम ने अपनी मां को देखा, वह उनसे लिपट गया। अपने बच्चे को सही-सलामत वापस पाकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। माता-पिता ने कहा कि अगर आज रेलवे कर्मचारी भगवान बनकर नहीं आते, तो न जाने उनके बच्चे के साथ क्या हो जाता। उन्होंने पूरी टीम का दिल से आभार व्यक्त किया।रेलवे प्रशासन ने थपथपाई पीठइस सराहनीय कार्य के बाद रेलवे के उच्च अधिकारियों ने चेकिंग स्टाफ की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की प्रशंसा की है और उन्हें सम्मानित करने की बात कही है। इस विशेष सेवा भावना पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) उचित सिंघल ने कहा कि यह घटना हमारे जम्मू मंडल के ‘यात्री सर्वोपरि’ सेवा संकल्प का एक जीवंत और बेहतरीन उदाहरण है। हमारे रेलवे कर्मियों को समय-समय पर ऐसी आपातकालीन या संवेदनशील स्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। सिंघल ने कहा कि आशीष कुमार और उनकी पूरी टीम ने जो सजगता दिखाई है, उस पर पूरे रेल परिवार को गर्व है।
सोनीपत के कुंडली क्षेत्र में शुक्रवार शाम सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक अपने घर शामली से दिल्ली की ओर स्कूटी पर जा रहा था। आरोप है कि बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। जिसके कारण स्कूटी पीछे से ट्रॉली में जा टकराई। गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली जा रहा था नवाज खान उत्तर प्रदेश के शामली जिले के हसनपुर निवासी अबेज खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 30 वर्षीय भाई नवाज खान उनके साथ ट्रेडिंग का काम करता था। शुक्रवार को वह स्कूटी नंबर DL-4-SEC-3771 से शामली से दिल्ली जा रहा था। शाम करीब पांच बजे जब वह जीटी रोड स्थित निफ्टेम फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो आगे चल रहे बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने अचानक ब्रेक लगा दिए। अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा शिकायत के अनुसार ट्रैक्टर ड्राइवर वाहन को लापरवाही और गफलत से चला रहा था। अचानक ब्रेक लगने के कारण नवाज खान की स्कूटी ट्रॉली के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। ट्रैक्टर पर नहीं मिली नंबर प्लेट हादसे की सूचना मिलने पर कुंडली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर सफेद रंग का आयशर ट्रैक्टर और उससे जुड़ी बजरी से भरी ट्रॉली मिली। पुलिस को ट्रैक्टर पर कोई नंबर प्लेट नहीं मिली। वहीं दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी ट्रॉली के पीछे फंसी हुई मिली। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। ई-साक्ष्य पोर्टल पर अपलोड की वीडियो जांच अधिकारी ने मौके का निरीक्षण करने के साथ-साथ ई-साक्ष्य पोर्टल पर घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग भी अपलोड की। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया। इसके बाद घायल युवक की जानकारी लेने के लिए पुलिस सामान्य अस्पताल पहुंची। अस्पताल पहुंचने से पहले घायल की मौत सामान्य अस्पताल सोनीपत में पुलिस को नवाज खान मृत अवस्था में मिला। पहचान होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवाया गया। घटना की सूचना परिजनों को दी गई, जिसके बाद मृतक का बड़ा भाई अबेज खान थाना पहुंचा और लिखित शिकायत दी। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मृतक के भाई की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर कुंडली थाना पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 106 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है तथा ट्रैक्टर ड्राइवर की पहचान कर उसके खिलाफ आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खराब मौसम व ब्लॉक के कारण दिल्ली-पुरी से आने वाली ट्रेनें 4 घंटे लेट
सिटी एंकर आद्रा और खुर्दा रोड रेल मंडलों में चल रहे ट्रैक ब्लॉक और इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण तथा स्टेशन में हो रहे विकास कार्यों के कारण बोकारो होकर चलने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही है। वहीं दिल्ली की ओर से आने वाले ट्रेनें बारिश व आंधी के कारण देरी से पहुंच रही हैं। ट्रेनें आंधी-बारिश के कारण दो से तीन घंटे तक देरी से चल रही हैं। खराब मौसम के कारण रक्सौल से तिरूपति को चलने वाली ट्रेन का समय 6.30 बजे बोकारो में है। यह ट्रेन 4 जून को शाम 6.30 बजे पहुंचने की जगह 5 जून को रात 12.30 बजे छह घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेनों का परिचालन देर से होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत व खराब मौसम के कारण हो रही लेट बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन में खड़ी ट्रेन। {पुरी-नई दिल्ली तेजस राजधानी ट्रैक ब्लॉक के कारण पांच जून को बोकारो में अपने निर्धारित समय शाम 18:50 बजे के बजाय 2 घंटे 10 मिनट लेट से रात 21:00 बजे पहुंची। इस ट्रेन का परिचालन शनिवार को नहीं होती है। {नई-दिल्ली से पुरी चलने वाली राजधानी का परिचालन दिल्ली से 6 जून की शाम में चलती है। यह 7 जून की सुबह अपने निर्धारित समय सुबह 7.25 बजे से एक से डेढ़ घंटे की देरी से बोकारो पहुंचने की संभावना है। {पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, पुरी से रात 21:55 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 09:40 बजे बोकारो पहुंचती है, लेकिन मार्ग में ब्लॉक के कारण अपने निर्धारित समय से डेढ़ से दो घंटे की देरी से चल रही है। {नई दिल्ली-पुरी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, नई दिल्ली से रात 22:45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन शाम 16:20 बजे बोकारो पहुंचने वाली यह ट्रेन दिल्ली से समय पर चलती है, पर बोकारो पहुंचते-पहुंचते एक से डेढ़ घंटे देरी हो जाती है। {नीलांचल एक्सप्रेस, पुरी से सुबह 11:00 बजे प्रस्थान करने वाली यह गाड़ी विभिन्न तकनीकी कारणों और रूट पर कंजेशन की वजह से एक से डेढ़ घंटे देरी से चल रही है। {आनंद विहार-पुरी, आनंद विहार से सुबह 7:30 बजे रवाना होने वाली यह ट्रेन भी री-शेड्यूलिंग और ब्लॉक के असर से लगभग डेढ़ से दो घंटे देर से चल रही है। {खुर्दा रोड आनंद विहार, रात को चलने वाली यह ट्रेन लगभग डेढ़ से 2 घंटे 15 मिनट की देरी से चल रही है। यह ट्रेन तकनीकी रूप से 6 जून की रात अपने निर्धारित समय 01:55 के बजाए सुबह 3:30 बजे से 04:15 बजे के बीच बोकारो पहुंचेगी। सभी ट्रेन दो से चार घंटे देरी से पहुंच रहीं बोकारो
एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. धाकड़ को राष्ट्रीय सम्मान, शुष्क खेती व जल संरक्षण के लिए दिल्ली में सम्मानित
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह धाकड़ को जल संरक्षण और शुष्क खेती में बेहतरीन काम के लिए नेशनल अवार्ड फॉर एरिड-जोन हाइड्रो-एग्रोनॉमी एंड वॉटर हार्वेस्टिंग से नवाजा गया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्लू इकोनॉमी समिट-2026 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरमेंट और वर्ल्ड इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लू इकोनॉमी ने उन्हें यह सम्मान दिया। डॉ. धाकड़ ने शुष्क इलाकों में पानी के सही मैनेजमेंट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और माइक्रो इरिगेशन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।फिलहाल वे यूनिवर्सिटी के जरिए ‘जल संरक्षण एवं खेत बचाओ अभियान’ को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षकों और छात्रों ने खुशी जताते हुए बधाई दी है। यह सम्मान पूरे राजस्थान के कृषि जगत के लिए गौरव की बात है।
सोशल मीडिया पर एक मजाक के तौर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज अपना पहला प्रदर्शन करेगी। CJP का प्रदर्शन NEET-UG, CBSE, CUET और SSC-GD जैसी परिक्षाओं में हुई धांधलियों और पेपर लीक के खिलाफ है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेगी। CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की है। इसमें समर्थकों से सनस्क्रीन लगाकर, नाश्ता करके आने, हाथ में तिरंगा, फूल और किताब लाने जैसी 8 अपील की गई हैं। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे भारत पहुंचेंगे। वे शुक्रवार को अमेरिका से रवाना हुए थे। उन्होंने X पर लिखा- अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़कर भारत के लिए निकल रहा हूं। दीपके दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत लेगें। अभिजीत ने समर्थकों से पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की है। उन्होंने समर्थकों से कहा है कि एयरपोर्ट पर भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं है। CJP ने समर्थकों को बताया- क्या करें, क्या न करें 5 जून की CJP से जुड़ीं अपडेट्स CJI का बयान, चर्चा में CJP 15 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI तथा अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इस बयान के अगले दिन, 16 मई को इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक प्लेटफॉर्म बनाया गया था। अभिजीत बोले- मजाक अब आगे निकल चुका दीपके 19 मई को एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था- यह आंदोलन एक मजाक के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह मजाक से आगे निकल चुका है। युवाओं की बेरोजगारी और व्यवस्था से निराशा ने आंदोलन को बड़ा बनाया। CJP को अब तक सोशल एक्टिविक्ट सोनम वांगचुक, एक्टर अतुल कुलकर्णी, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) पूर्व प्रेसिडेंट रौनक खत्री समेत अन्य लोगों का समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भी शामिल होंगे। CJP इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में भाजपा-कांग्रेस, AAP से आगे 4 जून: CJP की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दिल्ली में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। पार्टी की तरफ से तीन सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता), प्रवक्ता विजेता दहिया और आशुतोष रांका ने पार्टी की मांग रखीं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे मांगा। कहा कि CJP सरकार और विपक्ष दोनों से बातचीत को तैयार है। सौरव ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादले को सिर्फ दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए और केवल तबादलों से समस्या का समाधान नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… महाराष्ट्र में दीपके के घर के बाहर पुलिस तैनात दीपके का परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। वर्तमान में उनके घर पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती है। पुलिस के मुताबिक, यह तैनाती एहतियान की गई है, क्योंकि सोशल मीडिया पर CJP का मुद्दा ट्रेंड कर रहा है, इसलिए उनके घर के बाहर भीड़ न जुटे, इसे देखते हुए यह कदम उठाया गया। अब जानिए उन पार्टियों के बारे में जो जन आंदोलन से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी के पॉलिटिकल पार्टी बनेगी या नहीं फिलहाल यह तय नहीं है। पार्टी को सोशल मीडिया पर जनता का भारी समर्थन है। लेकिन देश में 6 ऐसी पार्टियां रहीं, जो केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार का विरोध करके चर्चा में आई और राजनीति पार्टी बन गईं। जानिए ऐसी ही 6 पाटियों के बारे में… AAP और CJP की समानता और अंतर
मानसून से पहले दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने मोतीनगर विधानसभा क्षेत्र के जखीरा अंडरपास का निरीक्षण किया और जलभराव रोकने की तैयारी का जायजा लिया।
दिल्ली पुलिस ने सीबीएसई पोर्टल पर साइबर हमलों को लेकर दर्ज की एफआईआर, डेटा पूरी तरह सुरक्षित
सीबीएसई के पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल पर हुए लगातार साइबर हमलों के प्रयासों के बाद दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की
भरतपुर की एक नाबालिग भांजी का जेंडर चेंज करवाने के लिए मामी ने उसका ऑपरेशन करवाया, लेकिन ऑपरेशन फेल हो गया। छात्रा ने अपनी चचेरी मामी पर जेंडर बदलवाने के लिए तैयार करने और दिल्ली ले जाकर उसकी सर्जरी करवाने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि मामी उससे शारीरिक संबंध बनाना चाहती थी और उससे शादी करने के लिए जेंडर चेंज करवा रही थी। हालांकि दोनों को पुलिस ने वृंदावन से पकड़ लिया और नाबालिग छात्रा को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्राबाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भुतौली ने बताया कि समिति के सामने शुक्रवार को एक 17 साल की नाबालिग को पेश किया गया। वह जिले के एक कॉलेज में फर्स्ट ईयर की छात्रा है। बयान में पीड़िता ने बताया कि वह भरतपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती है। इसी साल जनवरी में नाबालिग के चचेरे मामा- मामी उसके कमरे पर रहने आए थे। करीब 5 दिन रहने के बाद दोनों लौट गए। लेकिन अप्रैल में चचेरी मामी उसके कमरे पर वापस आ गई और साथ रहने लगी। इस दौरान जबरन शारीरिक संबंध बनाए। चचेरी मामी ने जेंडर चेंज करवाने का दबाव बनाया और कहा कि अगर वह(छात्रा) जेंडर चेंज करवा लेगी तो दोनों शादी कर लेंगे। इसके कारण वह भी मामी की बातों में आ गई। अप्रैल में ही नाबालिग की मामी उसे मानेसर(हरियाणा) ले गई और वहां किराए पर कमरा लेकर रहने लगी। जेंडर चेंज करवाने के लिए चचेरी मामी ने अपने सोने के गहनें तक बेच दिए। इसके बाद दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में नाबालिग का ऑपरेशन भी करवाया। पिता ने दर्ज करवाई गुमशुदगीनाबालिग बेटी के नहीं मिलने पर उसके पिता ने 28 अप्रैल को भरतपुर के एक थाने में उसकी गुमशुदगी की FIR करवाई हुई थी। ऑपरेशन के दूसरे दिन नाबालिग के मोबाइल की लोकेशन पर भरतपुर पुलिस ने दिल्ली के अस्पताल में दबिश दी। लेकिन नाबालिग की मामी उसे लेकर वहां से फरार हो गई। गुरुवार को फिर से पुलिस ने लोकेशन ट्रैक की, जो वृंदावन की मिली। पुलिस ने दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने मामी को छोड़ दिया, जबकि नाबालिग छात्रा को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के अध्यक्ष ने मामले में प्राइवेट हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई करने और आरोपी मामी को पॉक्सो केस में आरोपी बनाने के पुलिस को निर्देश दिए है।
नई दिल्ली। मालवीय नगर में होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें राजधानी में अवैध और नियमों के विपरीत बने भवनों पर सख्त कार्रवाई समेत कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अधिकारियों को सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बता दें कि होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है, कई घायलों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। बैठक में शहरी विकास एवं गृह मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीडीए उपाध्यक्ष, एमसीडी आयुक्त, एनडीएमसी के चेयरमैन, डिविजनल कमिश्नर, सभी डीएम, निगम उपायुक्त तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिम्मेदार अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही : सीएम सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक की जानकारी देते हुए मंत्री आशीष सूद ने पत्रकारों को बताया दिल्ली सरकार इन हादसों में प्रभावित सभी परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। सीएम स्वयं स्थिति की पल-पल की समीक्षा कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल तात्कालिक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि एक ऐसा फुल-प्रूफ सिस्टम बनाना है जिससे भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को हमेशा के लिए रोका जा सके। उन्होंने कहा आज की बैठक में कई व प्रभावी निर्णय लिए गए हैं, जिनमें अब लापरवाह व भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की विभिन्न धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, इसके तहत अधिकतम 2 वर्ष की सजा व मोटे जुर्माने का प्रावधान है। उन अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई, जिनकी लापरवाही से हादसे होते हैं उन्होंने बताया कि, यह कार्रवाई उन अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी जिनकी लापरवाही या मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा उल्लंघन अथवा अन्य खतरनाक गतिविधियां पनपती हैं। अफसरों को यह भी चेतावनी दी गई कि आवश्यक होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का भी उपयोग किया जाएगा। सूद के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि सरकारी नुकसान की भरपाई अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। राजस्व वसूली अधिनियम-1890 के तहत सरकार को हुए नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों के वेतन, पेंशन तथा संपत्तियों से की जाएगी। साथ ही बिल्डर, ऑनर व कॉलोनाइजर्स के बैंक अकाउंट व चल अचल संपत्ति को फ्रीज व अटैच किया जाएगा।
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। सीएम के घर पर जनसुनवाई के दौरान उन पर हुए हमले की कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ है कि जिस दिन उन पर हमला हुआ उस दिन उनके घर यानी कैंप कार्यालय पर लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने बताया कि, घटना वाले दिन सीएम के कैंप कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। गवाह ने यह भी कहा उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि घटना किसी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हुई थी या नहीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निशांत गर्ग की अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह अनिल अग्रवाल का बयान दर्ज किया गया। अनिल जन सुनवाई के दौरान कैंप कार्यालय में सेक्शन अधिकारी के पद पर मौजूद थे। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप राणा ने उनका मुख्य परीक्षण किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सिद्धांत मलिक ने क्रॉस क्वेश्चन किया।अनिल ने कोर्ट को बताया घटना वाले दिन वह मौके पर मौजूद थे और सीएम के साथ जनसुनवाई के दौरान दो सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सीसीटीवी नहीं चल रहे इसकी जानकारी सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी उन्होंने कहा सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और इसकी सूचना देना सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी थी। हमले के संबंध में उन्होंने कहा, मैंने यह नहीं देखा कि आरोपियों ने सीएम को कब थप्पड़ मारा। जब मैंने देखा तब आरोपी सीएम की गर्दन दबा रहा था। मामले में अगली गवाही 24 जुलाई को दर्ज की जाएगी। सुनवाई के दौरान आरोपी राजेशभाई खीमजीभाई सकारिया को कोर्ट में पेश किया गया। उसने आरोप लगाया कि चार मई को जेल के दो अधिकारियों ने उसे बंद कर पीटा था। उसके अधिवक्ता ने इस संबंध में अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। वहीं, सह-आरोपी तहसीन रजा शेख के धन और आधार कार्ड की रिहाई के लिए भी एक आवेदन दायर किया गया। मामले के दोनों आरोपी राजेश भाई और तहसीन ने इससे पहले जेल में अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया था। उन्होंने अदालत को बताया था कि अन्य कैदी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। उनके परिवारों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोपियों ने अलग बैरक और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी, जिस पर अदालत ने जेल प्रशासन को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक चुनाव की प्रगति और आगामी बड़े कार्यक्रमों के बारे में बताया। कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के संगठन विस्तार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ठीक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में संगठन चुनाव सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा आंतरिक लोकतंत्र, नैतिक मूल्यों और संगठनात्मक पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 32 जिलों में चुनाव संपन्न, सदस्यता का आंकड़ा 22 लाख पार चुनाव का ब्यौरा देते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि अब तक बिहार के 32 जिलों में जिला अध्यक्षों का चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न करा लिया गया है। जिन शेष जिलों में चुनाव किन्हीं कारणों से बाकी हैं, वहां सर्वसम्मति से जिला अध्यक्षों के मनोनयन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है। पार्टी के बढ़ते जनाधार पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि जिन जिलों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां पार्टी के प्राथमिक सदस्यों की संख्या लगभग 22 लाख तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का सीधा प्रमाण है कि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। शेष बचे सभी जिलों में जैसे ही प्रक्रिया पूर्ण होगी, अंतिम रूप से कुल सदस्य संख्या की आधिकारिक जानकारी भी सार्वजनिक कर दी जाएगी। 07 जून को पटना में चुना जाएगा नया प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि बिहार के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु नामांकन की प्रक्रिया 6 जून 2026 को संपन्न होगी। इसके ठीक अगले दिन, यानी 7 जून 2026 को पटना के ऐतिहासिक रविन्द्र भवन में एक भव्य राज्य स्तरीय अधिवेशन और राज्य परिषद सदस्यों व डेलिगेट्स की बैठक बुलाई गई है। इसी महाधिवेशन में लोकतांत्रिक तरीके से पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर बिहार भर के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 13 जून को नई दिल्ली में होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिहार में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कदम आगे बढ़ाएगी। कुशवाहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए 13 जून 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय परिषद की बैठक और राष्ट्रीय महाधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है। इसी राष्ट्रीय महाधिवेशन के मंच से पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव भी संपन्न होगा, जिसमें देश भर से आए पार्टी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के 92 कॉलोनियों को 'ओ (O)-जोन' से हटाने की दिशा में प्रयासरत है। शुक्रवार को दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की 92 कॉलोनियों को 'ओ-जोन' से हटाने के लिए शुरू किए गए अभियान को लेकर शुक्रवार को सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की। सांसद रामवीर सिंह ने कहा इन कॉलोनियों को 2008 में नियमित किया जा चुका है। अब इन्हें ओ-जोन से हटाया जाए, ताकि यहां के लोगों को भी मालिकाना हक मिल सके। इससे इस ओ-जोन में रहने वाले 15 लाख लोग प्रभावित है। सीएम ने इस मामले में केंद्र सरकार तथा डीडीए से बात करने का आश्वासन दिया है। मई 2008 में नियमित की गई थी कॉलोनियां बिधूड़ी ने बताया दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र में बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के 3 वार्ड- मीठापुर, जैतपुर और हरिनगर में 45 कालोनियां हैं। इसके अलावा नई दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और उत्तर पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्रों में भी ऐसी कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों को 24 मई 2008 को दिल्ली और केंद्र सरकार ने नियमित कर दिया था। सरकार ने यहां की आरडब्ल्यूए को प्रोविजनल रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट भी जारी कर दिए थे, लेकिन फिर अचानक ही 8 मार्च 2010 को इन कॉलोनियों को दिल्ली और केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने एफ जोन से ओ-जोन में डाल दिया। जब यहां के लोगों ने इस पर विरोध जताया तो 28 सितंबर 2013 को डीडीए ने इन कॉलोनियों को वापस एफ-जोन में डालने का नोटिस जारी किया, लेकिन एनजीटी में एक मामला लंबित होने के कारण इस आदेश पर रोक लगा दी गई। 2015 में इन कॉलोनियों पर फैसला नहीं हो पाया बिधूड़ी ने कहा वह मामला 2015 में समाप्त हो गया था, लेकिन इन कॉलोनियों पर फैसला नहीं हो पाया। यहां तक कि डीडीए द्वारा बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी ने भी कॉलोनियों के पक्ष में ही फैसला दिया। एक्सपर्ट कमेटी ने कहा कि इन कॉलोनियों से यमुना के पानी की गुणवत्ता या नदी के बहाव पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। बिधूड़ी ने सीएम को बताया इन कॉलोनियों को ओ-जोन से हटाने के लिए डीडीए ने 28 सितंबर 2013 को जो नोटिस जारी किया था, उसका नोटिफिकेशन जारी किया जाए, ताकि इन कॉलोनियों के लोगों को भी उसी तरह मालिकाना हक मिल सके, जैसे सरकार द्वारा हाल ही में मंजूर की गई कॉलोनियों में दिया जा रहा है। ये सभी कॉलोनियां खेतीबाड़ी की निजी जमीन पर बनी हुई हैं और इनमें 15 लाख से अधिक लोग रहते हैं।
नई दिल्ली। दिल्ली के एलजी सरदार टीएस संधू ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं के लिए सुरक्षा उपायों का रिव्यू करने के लिए दिल्ली सरकार के सेक्रेटरी-कम-कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट), डीटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। एलजी संधू ने इस बात पर जोर दिया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसान होने के साथ-साथ, ट्रांजिट स्टेशनों और बस स्टॉप से आखिरी डेस्टिनेशन तक महिलाओं के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो। एलजी ने कहा पिंक स्मार्ट कार्ड पहल के रोल आउट और सीसीटीवी डिप्लॉयमेंट, पैनिक बटन, कंट्रोल सेंटर के ऑपरेशन, बस मार्शल की डिप्लॉयमेंट और बस ऑपरेशन में महिलाओं की भागीदारी की स्थिति का रिव्यू किया। एलजी ने इस बात पर जोर दिया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा न केवल बसों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के दूसरे साधनों में यात्रा करते समय सुनिश्चित की जानी चाहिए, साथ ही स्टेशन, डिपो या बस स्टैंड पर उतरने के बाद उनके घर तक भी यात्रा सुनिश्चित की जानी चाहिए। गोशाला बनाने के लिए 99 साल के लिए लीज पर दी जमीन एलजी ने नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सुंगरपुर गांव में 99 साल के लिए गोशाला बनाने के लिए ग्राम सभा की 28 बीघा और 05 बिस्वा जमीन देने को मंजूरी दे दी है। यह जमीन दिल्ली सरकार के डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की एनिमल हस्बेंड्री यूनिट को दी जाएगी, जो यहां गोशाला बनाएगी। एक रुपए के टोकन लाइसेंस फीस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्कीम को मिलेगी जमीन दिल्ली सरकार के महत्वाकांक्षी आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्कीम को बड़ा बढ़ावा देते हुए, एलजी ने बाहरी नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के मंगेशपुर और साउथ डिस्ट्रिक्ट के फतेहपुर बेरी के आउटलाइन गांवों में ऐसी नई फैसिलिटी बनाने के लिए ग्राम सभा की जमीन अलॉट करने को मंज़ूरी दे दी है। इसके लिए सिर्फ 1 रुपए की टोकन लाइसेंस फीस देनी होगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अमेरिका से उड़ान भर चुके हैं। उन्होंने X पर लिखा- भारत के लिए निकल गया हूं। मैं अपना भविष्य संविधान के हाथों में छोड़ता हूं। जय भीम। 20 दिन पहले चीफ जस्टिस के बयान से पैदा हुआ एक व्यंगात्मक ऑनलाइन कैंपेन, जिसने कुछ घंटों में बीजेपी से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स जुटा लिए। अब इंटरनेट से निकलकर सड़क पर उतरने जा रहा है। आगे क्या होगा, जमीन पर कुछ कर पाएंगे या सरकार कैम्पेन कुचल देगी; लोगों के मन में उठ रहे 9 जरूरी सवालों के जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: क्या वाकई इंटरनेट से निकल सड़क पर उतरने वाले हैं कॉकरोच? जवाबः हां। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने 1 जून को एक वीडियो में बताया, '6 जून की सुबह मैं दिल्ली आ रहा हूं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने। आप सभी एयरपोर्ट आकर मुझसे मिलें। हम सब मिलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे।' 3 जून को कॉकरोच पार्टी ने दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें खोजी पत्रकार सौरव दास, IIT कानपुर से पढ़े और मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म ‘मैकिन्से एंड कंपनी’ में काम कर चुके आशुतोष रांका, पॉलिटिकल रिसर्चर और फिल्ममेकर विजेता दहिया पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर शामिल हुए। 4 जून को अभिजीत ने X पर एक और वीडियो जारी करते हुए समर्थकों को एयरपोर्ट आने से मना किया। दीपके ने कहा, ‘मैं खुद पुलिस स्टेशन आऊंगा और फिर हम सब वहां से जंतर-मंतर के लिए बढ़ेंगे, क्योंकि इतने लोगों के एयरपोर्ट पर इकट्ठा होने से जनता और सुरक्षा बलों को असुविधा होगी।’ सवाल-2: ये लोग सड़क पर उतरकर चाहते क्या हैं? जवाबः कॉकरोच पार्टी की सबसे बड़ी मांग है केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दीपके ने X पर जारी वीडियो में कहा, 'NEET का एग्जाम रद्द होने से 5 स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया। CBSE, CUET और SSC जैसे एग्जाम में गड़बड़ी से लाखों बच्चे प्रभावित हुए। इसे लेकर देश के अलग-अलग शहरों में आंदोलन हुए, फिर भी प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया। इस देश में सरकार की जवाबदेही नहीं रह गई है। ऐसा कब तक चलेगा?’ CJP मुख्य प्रवक्ता सौरव दास का भी कहना है कि प्रधान के इस्तीफे के लिए वेबसाइट पर डाली गई पिटीशन का अब तक 8 लाख से ज्यादा लोग समर्थन कर चुके हैं, जो साबित करते हैं कि स्टूडेंट्स का गुस्सा अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका है। सवाल-3: क्या दिल्ली में प्रोटेस्ट करने की अनुमति मिलेगी? जवाबः अनुमति मिलने की उम्मीद कम है। संविधान के आर्टिकल 19 के तहत, 'सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण और बिना किसी हथियार के इकट्ठा होने का अधिकार है।' दिल्ली का जंतर-मंतर प्रदर्शन की नियत जगह है। हालांकि कानूनी अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस से 7 दिन पहले लिखित परमिशन लेनी पड़ती है। दिल्ली पुलिस की गाइडलाइंस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच ही होना चाहिए। अस्थायी तंबू नहीं लगाए जा सकते। एक दिन में 1,000 से ज्यादा लोग हिस्सा नहीं ले सकते।' जबकि CJP की तरफ से अभिजीत 6 जून को प्रोटेस्ट के दिन ही पुलिस से इसकी अनुमति लेने जाएंगे। प्रोटेस्ट में काफी भीड़ होने का अनुमान है। प्रवक्ता विजेता दहिया ने परमिशन न लेने को पार्टी की स्ट्रैटेजी का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, ‘इस शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के पीछे लोगों की भावनाएं हैं। लोग अभिजीत के साथ जुड़े हैं। इसीलिए हमने तय किया कि अभिजीत खुद पुलिस से मिलकर परमिशन मांगेंगे। हमें उम्मीद है कि प्रशासन हमें अनुमति देगा।’ अगर अभिजीत और उनके साथ जुटे लोग बिना परमिशन प्रोटेस्ट कोशिश करते हैं, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। अगर प्रशासन को अव्यवस्था फैलने के संकेत मिलते हैं, तो वो प्रोटेस्ट वाली जगह पर BNSS की धारा 163 लागू कर सकता है। पुरानी CrPC में इसे धारा 144 कहते थे। इसके तहत पुलिस 5 या लोगों को इकठ्ठा होने पर रोक लगा सकती है। ये रोक 60 दिन तक लागू रह सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में कहा था कि बड़े विरोध प्रदर्शनों में खुफिया इनपुट्स के आधार पर भी इस तरह के आदेश दे सकती है और इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है। सवाल-4: क्या राजनीतिक पार्टी बनाने का भी इरादा है, उसके लिए क्या-क्या करना होगा? जवाबः अभिजीत ने शुरुआत में कहा था कि उनका कोई राजनीतिक पार्टी बनाने का इरादा नहीं है। हालांकि अब जिस तरह जमीन पर प्रदर्शन की तैयारी है, प्रवक्ता नियुक्त किए गए, प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही और जाने-माने लोग जुड़ रहे हैं, उससे राजनीतिक पार्टी के संकेत मिलते हैं। राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट, 1951 की धारा 29 (A) के तहत पार्टी बनाने के ऐलान से 30 दिनों के अंदर चुनाव आयोग में आवेदन देना होता है। पार्टी में कम से कम 100 भारतीय मेंबर होने चाहिए। पार्टी का संविधान, संगठन बनाने की प्रक्रिया, पद पाने वाले लोगों के कार्यकाल वगैरह के बारे में भी बताना होता है। एक पेच ये भी है कि हरियाणा में पानीपत के रहने वाले वकील सुधीर जाखर ने खुद को CJP का राष्ट्रीय संयोजक बताते हुए 25 मई को इसे पार्टी के तौर पर रजिस्टर करने के लिए चुनाव आयोग में अप्लाई किया था। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था, 'जब दीपके ने भारत आने से इनकार किया, तो हमें लगा कि कोई और इसका रजिस्ट्रेशन करवाकर दुरुपयोग करता है, इससे पूरा आंदोलन बेकार हो जाएगा। इसलिए हमने खुद इसका निर्णय लिया।' हालांकि इस पर अभिजीत का कोई बयान नहीं आया है। सवाल-5: राजनीतिक पार्टी बन गई, तो क्या चुनाव निशान ‘कॉकरोच’ मिलेगा? जवाबः फिलहाल कॉकरोच चुनाव निशान किसी को नहीं मिल सकता। दरअसल, चुनाव आयोग के इलेक्शन सिंबल रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट ऑर्डर, 1968 के तहत नई रजिस्टर्ड पार्टियों को ‘फ्री सिंबल लिस्ट’ से चुनाव निशान मिलता है। इसमें लैंडलाइन फोन, लैपटॉप, टीवी, ताला-चाबी, फूलगोभी, साबुनदानी और स्टेपलर जैसे 200 से ज्यादा सिंबल हैं। 1991 से चुनाव आयोग ने पक्षी या जानवरों से जुड़े सिंबल देने बंद कर दिए हैं। कॉकरोच को कीट की श्रेणी में रखा जाता है। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है कि इसे आधिकारिक तौर पर जानवरों में रखा जाएगा या नहीं। CJP ने अपने सिंबल में मोबाइल फोन की स्क्रीन के अंदर एक कोचरोच दिखाया था। अगर वे मोबाइल फोन का सिंबल मांगते हैं, तो भी मुश्किल है, क्योंकि मोबाइल फोन ‘फ्री सिंबल’ की लिस्ट में नहीं है। सवाल-6: क्या अभिजीत दीपके ही इसके प्रेसिडेंट बनेंगे, उनकी कहानी क्या है? जवाबः अभी तक CJP का चेहरा अभिजीत दीपके हैं। उनके भारत आने को लेकर हो रही तैयारियां और CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ये साफ है कि आगे भी अभिजीत ही मुख्य भूमिका में होंगे। 30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत 2020 से 2022 तक आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट रहे हैं। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में अभिजीत AAP के लिए वायरल मीम बेस्ड ऑनलाइन प्रचार का मटेरियल बनाते थे। अभिजीत AAP के IT सेल के चीफ अंकित लाल को रिपोर्ट करते थे। एक इंटरव्यू में अभिजीत ने बताया कि उन्होंने निजी जिंदगी और आर्थिक स्थिरता के लिए AAP छोड़कर बोस्टन यूनिवर्सिटी में अप्लाई किया था। एडमिशन मिल गया, तो वे अमेरिका शिफ्ट हो गए। किसान आंदोलन से लेकर महंगाई जैसे राजनीतिक मुद्दों पर अभिजीत X अकाउंट पर केंद्र सरकार और पीएम पर निशाना साधते रहे हैं। सवाल-7: जेन-जी के अलावा CJP से कौन-से बड़े चेहरे जुड़े, कहीं से फंडिंग भी मिल रही? जवाबः 6 जून को CJP के प्रोटेस्ट में कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी… सोनम वांगचुक, शिक्षाविद: वांगचुक ने 2 जून को X पर वीडियो जारी करके कहा, 'मैं CJP के आंदोलन से जुड़ने आ रहा हूं। CJP वाले देशप्रेमी लोग हैं, आप भी उनके साथ जुड़ना चाहिए।’ प्रकाश राज, फिल्म अभिनेता: अभिनेता प्रकाश राज ने X पर लिखा, ‘मैं शूटिंग के लिए फिलहाल दिल्ली से बहुत दूर हूं, लेकिन फिर भी मैं CJP के आंदोलन में पहुंचे की पूरी कोशिश करूंगा।’ अमित जोगी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ अध्यक्ष: छत्तीसगढ़ के पहले CM अजीत जोगी के बेटे और JCC अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा, 'छत्तीसगढ़ में कॉकरोच को झेंगुरा कहते हैं और जंतर-मंतर पर झेंगुरा पहुंच रहा है। हम CJP को समर्थन देने वालीं देश की पहली पार्टी बनेंगे।’ इसके अलावा एक्टर अतुल कुलकर्णी, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI की अध्यक्ष आइशे घोष भी प्रोटेस्ट में शामिल होंगी। अभी तक CJP की फंडिंग के कोई सोर्स का भी कोई पुख्ता सबूत नहीं है। 3 जून को प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘हमें फंडिंग की जरूरत क्यों पड़ेगी? हमारे पीछे जो पार्टी का पोस्टर लगा है, वो 200 रुपए का है, लोग प्रोटेस्ट में अपने खर्चे पर आ सकते हैं। ये नैरेटिव आंदोलन को भटकाने के लिए खड़ा किया जा रहा है।’ CJP की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, ‘पार्टी पूरी तरह कम्युनिटी फंडिंग यानी आंदोलन से जुड़े लोगों से मिले पैसों पर काम करती है। किसी राजनीतिक संगठन या प्राइवेट कंपनी से डोनेशन नहीं लेगी।’ सवाल-8: कॉकरोच पार्टी को लेकर सरकार का रुख क्या है? जवाबः अभिजीत और उनकी CJP पर आरोप हैं कि उनके पीछे एंटी नेशनल ताकतें और विदेशी फंडिंग है। भारतीय खुफिया एजेंसी IB ने CJP के पहले X हैंडल को ब्लॉक करने का इनपुट दिया था। इसमें कहा गया, ‘हैंडल का भड़काऊ कॉन्टेंट देश के युवाओं के बीच फैल रहा था। इससे देश की नेशनल सिक्योरिटी को खतरा हो सकता था।’ इसके बाद सरकार ने X को भारत में CJP के हैंडल पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। 22 मई को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने X पर लिखा था, ‘अभिजीत को बोस्टन जाने के लिए किसने पैसा दिया? क्या सोरोस फाउंडेशन उनके रहने-खाने का खर्च उठा रहा है? क्या विपक्षी दल देश को तोड़ने के लिए विदेशी ताकतों से मदद ले रहे हैं?’ ऐसे में सरकार 6 जून के प्रोटेस्ट को नहीं होने देना चाहेगी। प्रशासन नियमों का हवाला दे सकता है। न मानने पर या हिंसा की स्थिति में अभिजीत और साथियों को हिरासत में भी लिया जा सकता है। हालांकि इससे कॉकरोच पार्टी के पक्ष में सहानुभूति की लहर उठने का खतरा है।एक विकल्प ये भी है कि सरकार प्रोटेस्ट होने दे और कॉकरोच पार्टी को एक सटायर मूवमेंट की तरह ही ट्रीट करे, जिससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होने वाला। सवाल-9: क्या ऐसी किसी पार्टी के लिए फिलहाल भारत की राजनीति में जगह है? जवाबः कॉकरोच पार्टी के उभार की टाइमिंग और मुद्दे इसे मौजूदा राजनीति में प्रासंगिक बनाते हैं। पॉलिटिक एनालिस्ट योगेंद्र यादव कहते हैं, 'देश के भीतर एक छटपटाहट है। जब सरकार संस्थाओं पर कब्जा कर लेती है और पूर्णसत्ता स्थापित करती है, तब विद्रोह अनपेक्षित जगहों से पैदा होता है। जैसे- 1971 में इंदिरा गांधी की भारी जीत के बाद 1974 में जयप्रकाश आंदोलन हुआ। 2009 में कांग्रेस की जीत के बाद 2011 में अन्ना आंदोलन और 2019 में पीएम मोदी के दूसरी बार सत्ता में आने के 2 साल बाद किसान आंदोलन हुआ।’ वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहते हैं, ‘युवा निराश है, इसीलिए इससे जुड़ रहा है। उम्मीद है कि इसके पीछे जो लोग हैं, वो इस एनर्जी को मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में लाने का रास्ता निकाल लेंगे या फिर अपने वोट के जरिए बदलाव की आवाज बनेंगे।’ *****रिसर्च - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 दिन में बीजेपी-कांग्रेस को पछाड़ा, इंस्टा पर डेढ़ करोड़+ फॉलोअर्स; ये सिर्फ मजाक है या बदलाव की आहट BJP और कांग्रेस ने 2014 में इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए। 12 साल में बीजेपी के 88 लाख और कांग्रेस के 1.3 करोड़ फॉलोअर्स हुए हैं। लेकिन महज 5 दिन पहले बनी कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने इन दोनों आंकड़ों को छोटा साबित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
नई दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सीएम रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण बहाली के लिए अभियान चलाया। शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के साथ मैदानगढ़ी स्थित ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी पर आधारित दिल्ली सरकार की नई पर्यावरणीय पहलों का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण और वन एवं वन्यजीव मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, छतरपुर से विधायक करतार सिंह तंवर सहित अन्य जन उपस्थित थे। ऑक्सीजन पार्कों का लोकार्पण इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विकसित 18 ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का डिजिटल लोकार्पण भी किया। यह पहल राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने, वायु प्रदूषण कम करने और लोगों को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार इन 18 पार्कों के तहत आने वाले कुल 185.42 एकड़ क्षेत्र को हरित जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में पौधे लगाए जा रहे हैं। हरित राजधानी की शुरुआत एक पौधे से होती है इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा सच्चा सुशासन केवल वर्तमान के लिए कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने का भी दायित्व निभाता है। एक हरित राजधानी की शुरुआत एक पौधे से होती है। विधानसभा अध्यक्ष ने पौधे रोपित कर राजधानी के पारिस्थितिक संतुलन की पुनर्स्थापना के प्रति विधानसभा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों से केवल दर्शक बने रहने के बजाय प्रकृति के संरक्षक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रत्येक परिवार को कम-से-कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए। सभी 256 मंडलों में आयोजित किया गया एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम-हर्ष मल्होत्रा विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में सभी 256 मंडलों में एक पेड़- माँ के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पूर्वी दिल्ली के सैनी एंक्लैव के डीडीए पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में चाईना डोल नामक पौधा लगाया। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में आम के पेड़ का वृक्षारोपण किया। वहीं मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने ग्रेटर कैलाश में आम का पेड़ लगाया। मल्होत्रा ने इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
नई दिल्ली। दिल्ली एलजी और सीएम के आदेश पर अवैध रूप से निर्माण कर बनाए गई दुकानों और होटलों पर बुलडोजर की कार्रवाई एमसीडी ने शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत और मालवीय नगर में बुधवार को ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत मामले के बाद शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दक्षिण दिल्ली हौज खास विलेज और सैदुलाजाब में अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा सीलिंग अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई सअनधिकृत निर्माणों और आवासीय क्षेत्रों में चल रहे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान का हिस्सा है। एमसीडी के द्वारा सीलिंग और तोड़फोड़ की शुरू की गई कार्रवाई पर स्थानीय व्यापारियों ने इस अभियान पर चिंता जताई है। जबकि एमसीडी के कमिश्नर संजीव खिरवार का कहना है कि यह बिल्डिंग बायलॉज लागू करने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। एलजी और सीएम के आदेश पर सभी अवैध रूप से बने संपत्तियों पर तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध निर्माण ने सड़कों को सकरा बना दिया है शुक्रवार को जिस गली में ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी रेस्टोरेंट हैं, उस गली में अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों पर भी बुलडोजर चलाया गया। वहीं, वीनस-इन नाम के एक होटल को सील कर दिया गया। दरअसल, घटना वाले दिन यह मामला सामने आया था कि फुटपाथ पर कब्जा कर सड़कों पर अतिक्रमण करके लोगों ने संकरा बना दिया गया है। इस कारण गली में फायर ब्रिगेड की गाड़ी या एम्बुलेंस को जाने का भी पर्याप्त रास्ता नहीं मिल पा रहा है। एमसीडी के अधिकारियों का कहना है सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद हुई छह लोगों की मौत में हुई किरकिरी के बाद एमसीडी ने इलाके में अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज करने की बात कही है। इलाके में चिह्नित 42 मामलों पर कार्रवाई होगी। इसमें जो मामले सीलिंग की जरूरत है सीलिंग होगी और अगर ध्वस्त करने की जरूरत है तो निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। इतना ही नहीं इलाके में खिड़की एक्सटेंशन समेत दूसरे इलाके जहां अवैध निर्माण की ज्यादा संभावना रहती है वहां सघनता से जांच अभियान चलेगा। ऐसे इलाकों के लिए सर्वे की टीम बना दी गई है जो अवैध निर्माण को चिन्हित करेगी और फिर कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के एक होटल में हुए अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश फायर सर्विस मुख्यालय अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को हरदोई में सुरक्षा व्यवस्थाएं पुख्ता करने के लिए एक बड़ा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) महेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में जिले के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों में अचानक छापेमारी की गई। अभियान के दौरान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने स्वयं सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का निरीक्षण किया। जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम अधूरे पाए गए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग ऐसे होटलों और रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी करेगा, ताकि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक अग्निशमन व्यवस्थाएं स्थापित कर सकें। चेकिंग के साथ-साथ, फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों को सही तरीके से संचालित करने, अन्य सुरक्षा उपकरणों का त्वरित उपयोग करने और आपातकालीन निकास मार्गों को हमेशा खाली रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह ने बताया, इस चेकिंग अभियान के दौरान जहां भी कमियां मिली हैं, उन सभी होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को उन्हें तुरंत दूर करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रतिष्ठानों में लगे अग्निशमन यंत्रों की गहनता से जांच की गई है। सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। इस अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ अग्निशमन अधिकारी शिवराम सिंह यादव और फायर सर्विस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से नियम विरुद्ध चल रहे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनहानि को रोकने के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रेवाड़ी प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला उपायुक्त (डीसी) ने बिना फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के चल रहे होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों को सील करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के बाद संबंधित संचालकों में हड़कंप मच गया है। डीसी ने अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों सहित पूरे शहर में विशेष सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। NOC की जांच करने में जुटी टीम जानकारी के अनुसार रेवाड़ी शहर में कई होटल, कोचिंग सेंटर और अस्पताल ऐसे हैं। जिनके पास फायर सेफ्टी का NOC नहीं है। प्रशासन इन सभी स्थानों की जांच कर रहा है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। शहर में सैकड़ों की संख्या में बेसमेंट में कैफे और जिम भी चलाए जा रहे हैं, जिनसे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा है। कोचिंग सेंटर में पहले लग चुकी आग उल्लेखनीय है कि ब्रास मार्केट स्थित एक कोचिंग सेंटर में पहले भी आग लग चुकी है। जिसके बावजूद सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया था। डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को बिना किसी पक्षपात के पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण पूरा करने और जो भी संस्थान फायर सेफ्टी मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तुरंत सील करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की आमजन से अपील दिल्ली में हुई अग्निकांड की घटना के बाद जिले में लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी आग में 21 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ से अधिक सदस्य भी शामिल थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाने से बचें जहां फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम न हो।
नई दिल्ली। मालवीय नगर में होटल में हुए अग्निकांड के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एमसीडी आयुक्त को पत्र लिखकर राजधानी में विशेष फायर सेफ्टी अनुपालन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह हादसा इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पत्र में सत्य शर्मा ने एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी श्रेणी की इमारतों का प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण कराने और फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन की जांच सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने भवन विभाग के साथ समन्वय कर उन भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैंए जहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, अवैध निर्माण हैं या जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। तीन दिन में मांगी विस्तृत जांच रिपोर्ट सत्य शर्मा ने मालवीय नगर अग्निकांड की विस्तृत जांच रिपोर्ट तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने को भी कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में भवन की स्थिति, स्वामित्व संबंधी जानकारी, फायर सेफ्टी मानकों के अनुपालन की स्थिति तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या जिम्मेदारी का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। घटना के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया है। फायर सेफ्टी मानकों की होगी व्यापक समीक्षा विशेष अभियान के तहत दिल्लीभर में विभिन्न श्रेणी की इमारतों की जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, चेयरपर्सन के निर्देशों के अनुसार व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। जहां भी फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन मिलेगाए वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली। देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग नेटवर्क की शुरुआत की है। इस पहल के तहत संस्थानों के बीच छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने और उच्च शिक्षा के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आईआईटी दिल्ली परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और विभिन्न एनआईटी के निदेशक शामिल हुए। इस दौरान 18 एनआईटी के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें एनआईटी राउरकेला, वारंगल, तिरुचिरापल्ली, कालीकट, जालंधर, कुरुक्षेत्र, इलाहाबाद, जयपुर, भोपाल और नागपुर समेत कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं। मेधावी छात्रों को मिलेगा आईआईटी दिल्ली में पढ़ने का मौका नई व्यवस्था के तहत भागीदार एनआईटी के मेधावी स्नातक छात्र अपने अंतिम वर्ष में विशेष एक्सचेंज स्टूडेंट के रूप में आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई और रिसर्च कर सकेंगे। वहीं स्नातकोत्तर छात्रों को भी रिसर्च इमर्शन और अकादमिक सहयोग का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा के बिना एमटेकए एमएस (रिसर्च) और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश का अवसर दिया जाएगा। क्रेडिट ट्रांसफर से कम होगा डिग्री पूरा करने का समय सहयोग ढांचे में क्रेडिट ट्रांसफर और क्रेडिट शेयरिंग की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इससे छात्र अपने संस्थान और आईआईटी दिल्ली दोनों जगह पढ़ाई कर प्राप्त क्रेडिट का उपयोग कर सकेंगे। इससे उच्च डिग्री पूरी करने में लगने वाला समय कम होगा और शैक्षणिक गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि यह पहल संस्थान-केंद्रित विकास से आगे बढ़कर सहयोग आधारित राष्ट्रीय उच्च शिक्षा मॉडल की दिशा में कदम है।
दिल्ली: लोधी रोड पर सीवर के काम के दौरान श्मशान घाट की दीवार गिरी; एक की मौत, दो घायल
लोधी रोड पर दयानंद श्मशान घाट की दीवार सीवर लाइन के लिए चल रही खुदाई के दौरान गिर गई, जिससे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह तन्नू से मुलाकात की। इसे शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन बैठक में हरियाणा, दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा दिल्ली में चल रहे पानी के संकट पर भी चर्चा हुई। अभी हरियाणा दिल्ली को 1000 क्यूसक पानी दे रहा है, इससे दिल्ली में जल संकट के बीच बड़ी राहत पहुंची है। सूत्रों के अनुसार बैठक में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बुनियादी ढांचा विकास, जल प्रबंधन, ई-गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे। दिल्ली के बढ़ते शहरीकरण पर भी चर्चा हरियाणा सरकार पहले से ही विजन-2047, शहरी अवसंरचना विस्तार और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर काम कर रही है, जबकि दिल्ली प्रशासन भी शहरी सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बेहतर समन्वय, निवेश आकर्षित करने, परिवहन नेटवर्क और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली-हरियाणा के बीच बढ़ेगा सहयोग हाल के महीनों में मुख्यमंत्री नायब सैनी विभिन्न अंतरराज्यीय विषयों, विशेषकर जल संसाधन, निवेश और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों में सक्रिय रहे हैं।राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को हरियाणा और दिल्ली प्रशासन के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम मान रहे हैं। हालांकि बैठक के बाद कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन इसे दोनों प्रशासनिक इकाइयों के बीच संवाद और समन्वय मजबूत करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित एक ढाबे पर खाना खाने पहुंचे युवकों और ढाबा कर्मचारियों के बीच बिल को लेकर हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद ढाबे के 20 से 30 कर्मचारियों ने मिलकर 3 युवकों के साथ मारपीट की, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने ढाबा मालिक और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात में खाना खाने पहुंचे थे युवक दिल्ली के नरेला के रहने वाले अभिनव और पंकज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे अपने साथी सागर के साथ कुंडली स्थित रसोई ढाबा पर खाना खाने गए थे। खाना खाने के बाद जब वे बिल चुकाने पहुंचे तो उन्होंने बिल में लगाए गए अतिरिक्त चार्ज को कम करने की बात कही। काउंटर पर शुरू हुई कहासुनी शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिल को लेकर बात करने पर काउंटर मैनेजर ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इसी दौरान ढाबे के अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंच गए और उनसे बहस करने लगे। कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। डंडों और बर्तनों से हमला करने का आरोप पीड़ित पक्ष का आरोप है कि ढाबे के करीब 20 से 30 कर्मचारियों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान डंडों और ढाबे में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों का भी इस्तेमाल किया गया। इस हमले में सागर नामक युवक को गंभीर चोटें आईं, जबकि अभिनव और पंकज भी घायल हो गए। अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद घायल सागर को कुंडली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। वहीं अभिनव और पंकज का भी मेडिकल कराया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास मौजूद है। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद घायलों की मेडिकल रिपोर्ट हासिल की गई। अभिनव और पंकज की एमएलआर थाने में पेश की गई, जबकि सागर की मेडिकल रिपोर्ट अस्पताल से प्राप्त हुई। डॉक्टरों ने सागर की चोटों को गंभीर श्रेणी में माना है। कई धाराओं में केस दर्ज मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। थाना कुंडली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 190, 191(3), 115(2), 117(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तकनीकी दिक्कत के कारण देरी से दर्ज हुई FIR पुलिस ने बताया कि शिकायत पहले प्राप्त हो गई थी, लेकिन सीसीटीएनएस सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण मुकदमा बाद में दर्ज किया गया। अब मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे और निर्माण कंपनी विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड व यूरो-एशियन कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन इवरास्कॉन (जेवी) के बीच चल रहे संविदात्मक विवाद में महत्वपूर्ण अंतरिम राहत प्रदान की है। जस्टिस अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ की ओर से पारित आदेश में कहा कि पक्षकार पहले अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान प्रक्रिया का पालन करेंगे और तब तक रेलवे द्वारा प्रस्तावित 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज की कार्रवाई प्रभावी नहीं होगी। याचिकाकर्ता कंपनी ने मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9 के तहत याचिका दायर कर रेलवे को बैंक गारंटी भुनाने तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई से रोकने की मांग की थी। कंपनी का कहना था कि अनुबंध के तहत विवाद समाधान के लिए पहले सुलह और उसके बाद डिस्प्यूट्स एडजुडिकेशन बोर्ड (डीएबी) की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। बिना इस प्रक्रिया को पूरा किए रेलवे की कार्रवाई अनुचित होगी। रेलवे का तर्क-समय से पहले लगाई याचिका सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से यह तर्क रखा गया कि याचिका समय से पूर्व दायर की गई है, क्योंकि अनुबंध में निर्धारित विवाद समाधान तंत्र अभी पूरा नहीं हुआ है। रेलवे ने यह भी कहा कि डीएबी को विवादों पर निर्णय देने का अधिकार है और पहले उसी मंच का उपयोग किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिए विवादों के निस्तारण के आदेश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट के समक्ष सहमति बनी कि विवाद समाधान प्रक्रिया डीएबी के स्तर से आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट ने इस सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए निर्देश दिया कि अनुबंध में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विवादों का निस्तारण किया जाए और पक्षकार अपने अन्य कानूनी अधिकार सुरक्षित रखेंगे। निर्माण कंपनी को राहत हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि डीएबी द्वारा निर्णय दिए जाने तक रेलवे की ओर से जारी 12 और 13 मई 2026 की उन संचार प्रक्रियाओं पर अमल नहीं किया जाएगा, जिनके तहत लगभग 47.75 करोड़ रुपए की लिक्विडेटेड डैमेज लगाने की बात कही गई थी।

