देश के सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में इन दिनों भारी राजनीतिक और वैचारिक जंग छिड़ गई है। परीक्षा प्रणालियों और हालिया प्रशासनिक सुधारों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रुख पर विश्वविद्यालय पूरी तरह से दो गुटों में बंट गया है। एक तरफ जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ बड़े और प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों व शिक्षक संघों ने शिक्षा मंत्री की नीतियों और सुधारवादी कदमों का खुला समर्थन किया है, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख छात्र संगठनों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कैंपस में विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना पूरी तरह जारी रहेगा।कुछ कॉलेजों ने क्यों किया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का समर्थनविश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों और कई कॉलेज काउंसिलों की तरफ से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में एक सकारात्मक सुर देखने को मिला है। समर्थन करने वाले कॉलेजों का तर्क है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाने और तकनीकी बदलावों को लागू करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे लंबी अवधि में छात्रों के हित में हैं। इन कॉलेजों के प्रबंधकों का मानना है कि परीक्षा सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली यूनिवर्सिटी की वैश्विक रैंकिंग और शैक्षणिक स्तर में बड़ा सुधार होगा। इसी वजह से वे सरकार के इन फैसलों के साथ मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं।छात्र संगठनों का आर-पार का मूड, कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था सख्तदूसरी तरफ, वामपंथी और अन्य विपक्षी विचारधारा वाले छात्र संगठनों ने इस समर्थन को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। छात्र नेताओं का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के हालिया फैसले आम छात्रों के हितों के खिलाफ हैं और इससे शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। कैंपस में सुबह से ही भारी नारेबाजी और पोस्टर वॉर का दौर शुरू हो गया है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी प्रशासनिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। दिल्ली के नॉर्थ और साउथ दोनों ही कैंपस में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है।संवाद या टकराव: दिल्ली यूनिवर्सिटी में आगे क्या होगाइस कूटनीतिक और वैचारिक खींचतान के बीच आम छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा भी मंडराने लगा है। अकादमिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई सकारात्मक संवाद (Dialogue) स्थापित नहीं हुआ, तो यह टकराव आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को एक मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है ताकि कैंपस के शांत और शैक्षणिक माहौल को दोबारा बहाल किया जा सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्रालय और यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारी इस सुलगते विवाद को शांत करने के लिए क्या बीच का रास्ता निकालते हैं।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच DMRC ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिया। अब कुल 18 मेट्रो स्टेशन प्रभावित हैं। जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।
दिल्ली में Gen-Z का ‘मीम वार’, NEET लीक के खिलाफ सड़कों पर शेयर हुआ क्रिएटिविटी और ह्यूमर का डोज
जंतर-मंतर और दिल्ली की सड़कों पर आमतौर पर गंभीर और भारी-भरकम नारों वाली रैलियां देखने को मिलती हैं, लेकिन नीट (NEET) विवाद को लेकर जब Gen-Z छात्र सड़कों पर उतरे, तो विरोध का अंदाज बिल्कुल बदल गया। रोष वही था, गुस्सा उतना ही गहरा, लेकिन अपनी बात कहने ...
पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिए जाने के कुछ ही घंटों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऐसे कोर्ट का गठन कर अनु ग्रोवर बालिगा को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया है। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट गठित […] The post पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने गठित किया फास्टट्रैक कोर्ट appeared first on Sabguru News .
बागपत में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता बिल्लू प्रधान को शुक्रवार को पुलिस ने उनके कार्यालय पर रोक दिया। वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। बिल्लू प्रधान ने पुलिस की कार्रवाई को सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित अन्याय हो रहा है और समाजवादी पार्टी उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना था कि वह दिल्ली जाकर छात्रों का समर्थन करना चाहते थे और सपा उनके संघर्ष के साथ है। जानकारी के अनुसार, बिल्लू प्रधान के दिल्ली रवाना होने की सूचना मिलने पर पुलिस उनके कार्यालय पहुंची और उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई। फिलहाल पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता समर्थन जता रहे हैं।
फिरोजाबाद शहर में कई जगहों पर 'दिल्ली चलो' और नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के समर्थन वाले पोस्टर पाए गए। आर्यनगर, गांधी पार्क और अटल पार्क जैसे क्षेत्रों में इन पोस्टरों के मिलने से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सबसे अधिक चर्चा आर्यनगर में नगर विधायक मनीष असीजा के आवास के पास पोस्टर लगाए जाने को लेकर रही। सूचना मिलते ही सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सभी पोस्टर हटवा दिए। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। जांच के लिए कई स्थानों के डीवीआर भी कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की, लेकिन पोस्टर लगाने वालों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पोस्टर चस्पा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि किसी के बहकावे में ना आएं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान दें। असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
IMD ने दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटे में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना, गुजरात और असम में बाढ़ का खतरा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एम/एस संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ शुक्रवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।
छतरपुर में छात्रों ने गुरुवार रात को एक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में चलाया जा रहा है। शहर के कॉलेज चौराहे पर विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। अभियान का नेतृत्व कर रहे सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि यह हस्ताक्षर अभियान लगातार जारी रहेगा। जिलेभर के हजारों छात्र-छात्राओं से हस्ताक्षर करवाकर एक मांग पत्र तैयार किया जाएगा, जिसे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। शर्मा ने दिल्ली में अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। सत्येंद्र शर्मा ने नीट पेपर लीक मामले पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मामले ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। अभियान के पहले दिन ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज चौराहे पर पहुंचकर बैनर पर हस्ताक्षर किए और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी कांग्रेस हाईकमान को बड़ा झटका दे सकते हैं। चन्नी गुट से जुड़े नेताओं के मुताबिक वह जल्द ही 2027 चुनाव की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन का पद छोड़ सकते हैं। दिल्ली में 2 दिन हुई हाईकमान की मीटिंग के बाद यह हालात बनते जा रहे हैं। मीटिंग में मौजूद कुछ नेताओं के मुताबिक दिल्ली में केसी वेणुगोपाल की अगवाई में हुई बैठक में चन्नी गुट ने फिर से बागी तेवर अपनाए। चन्नी ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को यहां तक कह दिया कि पंजाब में मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुआई में कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकती। अगर वड़िंग कुर्सी पर बरकरार रहे तो हार या जीत की जिम्मेदारी आपकी होगी। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक तल्खी तब ज्यादा बढ़ी जब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चरणजीत सिंह चन्नी समेत उनके गुट के नेताओं को कहा कि पार्टी ने आपको इतने बड़े पद दिए हैं और आप फिर भी साथ चलने को तैयार नहीं हैं। यह सुनते ही चन्नी ने पलटकर कहा कि अगर ऐसा है तो वह कंपेन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देते हैं। इस दिल्ली मीटिंग में प्रधान राजा वडिंग पहले चुप रहे लेकिन जब चन्नी गुट ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया तो राजा वडिंग ने कह दिया कि अगर नेताओं को उनसे प्रॉब्लम है तो वो इस्तीफा दे देते हैं। जिस पर केसी वेणुगोपाल ने उन्हें टोक दिया और कहा कि राजा वडिंग को हाईकमान ने प्रधान बनाया है। वही प्रधान रहेंगे। केसी वेणुगोपाल ने सुखजिंदर सिंह रंधावा की भी क्लास लगाई और कहा कि पिछली मीटिंग में जब सब कुछ ठीक हो गया था तो आपने फिर राजा वडिंग के खिलाफ स्टेटमेंट क्यों दी जिस पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी कह दिया कि उन्होंने जो कहा सच कहा। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक जब तल्खी ज्यादा हुई तो केसी वेणुगोपाल मीटिंग छोड़कर चले गए। वेणुगोपाल के जाते ही चरणजीत सिंह चन्नी भी मीटिंग से चले गए। चन्नी गुट की नाराजगी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उनमें से किसी ने भी हाईकमान के साथ हुई बैठक की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं की। पंजाब कांग्रेस की दिल्ली बैठक में क्या-क्या हुआ जानिए.. मीटिंग की फोटो नहीं की चन्नी गुट ने शेयरदिल्ली में मीटिंग खत्म होने के बाद केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सुखपाल सिंह खैहरा समेत अन्य नेताओं ने दिल्ली में हुई बैठक के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा व उनके गुट के नेताओं ने ये फोटो शेयर नहीं किए। सूत्रों के मुताबिक चन्नी गुट ने नाराजगी जताने के लिए इन फोटोज को शेयर नहीं किया है। इससे पहले उन्होंने नियुक्ति को लेकर भी न कुछ पोस्ट किया और न ही हाईकमान का धन्यवाद किया था। जिससे साफ है कि कांग्रेस हाईकमान के साथ चरणजीत सिंह चन्नी गुट की अभी सुलह नहीं हुई है। दिल्ली के प्रदर्शन में पंजाब के सांसदों में रही सुपर दिखने की होड़दिल्ली में केवल बंद कमरे की बैठक ही नहीं, बल्कि सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों में भी नेताओं के बीच खुद को हाईकमान का सबसे करीबी दिखाने की होड़ साफ दिखी। जब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया, तो पंजाब के नेता भी अग्रिम पंक्ति में दिखे। राजा वडिंग धरना स्थल पर राहुल गांधी के ठीक पास बैठकर नारेबाजी करते दिखे। पुलिस अधिकारियों के साथ बहस के दौरान भी वडिंग राहुल गांधी के साथ साये की तरह डटे रहे और जिस बस में राहुल को हिरासत में लिया गया, वडिंग उसकी छत पर चढ़ गए। दूसरी ओर, हिरासत में लिए जाने पर चरणजीत सिंह चन्नी भी आक्रामक अंदाज में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर बरसे। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी तरह समर्पित हैं और हाईकमान के हर फैसले के साथ खड़े हैं। चन्नी को अलग-थलग नहीं करना चाहता हाईकमानपॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी हाशिए पर चल रहे थे और हाईकमान उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौर पर डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास से बार-बार मुलाकात करने से कांग्रेस को अपना दलित वोट बैंक खिसकने का डर बना है। ऐसे में अगर चरणजीत सिंह चन्नी को किनारे कर दिया तो कांग्रेस का यह पारंपरिक वोट बैंक पूरी तरह से डायवर्ट हो जाएगा। इसलिए कांग्रेस हाईकमान चरणजीत सिंह चन्नी को फिर से तवज्जो देने लगी। चन्नी को दिया था यह ऑफर
संभल जिले में शादी के महज ढाई महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दंपती शादी के बाद दिल्ली में रहकर गोलगप्पे बेचते थे और तीन दिन पहले ही गांव लौटे थे। घटना गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के दुबारी कलां गांव की है। यहां के रहने वाले कुलदीप कुमार की शादी 2 मई को अलीगढ़ जिले के दादों थाना क्षेत्र के अजमानठेर गांव निवासी भगवान दास की 22 वर्षीय बेटी भूरी से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे कुलदीप अपनी ननिहाल कपड़ों का थैला लेने गया था। इस दौरान उसने कई बार पत्नी को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। दोपहर करीब 12 बजे जब वह घर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांककर देखा तो भूरी फंदे से लटकी हुई थी। डॉक्टर ने मृत घोषित किया कुलदीप ने तत्काल पत्नी को फंदे से नीचे उतारा और गांव के एक डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शाम तक मृतका के मायके पक्ष के लोग भी गांव पहुंच गए। तीन दिन पहले ही गांव लौटे थे परिजनों ने बताया कि शादी के बाद दोनों दिल्ली में रहकर गोलगप्पे बेचने का काम करते थे। तीन दिन पहले ही वे मनौना धाम और कादराबाद स्थित कालिका देवी मंदिर के दर्शन के लिए गांव आए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना की सूचना पर थाना प्रभारी धीरज सिंह और नायब तहसीलदार उदयवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल इस मामले में किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट क्षेत्र में कानून व्यवस्था को खराब करने की कोशिश का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया अकाउंट पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के मामले में साइबर थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह एफआईआर सोशल मीडिया के तीन अकाउंट संचालकों के खिलाफ दर्ज की गई है। इस तरह का किया गया पोस्टपुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई को सोशल इंस्टाग्राम अकाउंट जंतर-मंतर लाइव 24 सच की बात जेन जेड के नाम से एक भ्रामक वीडियो पोस्टम किया गया। उसके टाइटल में लिखा कि नोएडा में क्या हो रहा है। सेक्टर-63 में 45 हजार से अधिक श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसको लेकर सेक्टर-63 और चिल्ला बॉर्डर पर यातायात प्रभावित हो रहा है, जबकि राज्य सरकार ने मांगों के अनुसार वेतन में वृद्धि कर दी है, लेकिन कुछ समूह अब भी इसे हवा देकर कानून व्यवस्था खराब करने में जुटे हैं। दूसरे पोस्ट में लिखा कि पुलिस ने की अभद्रता वर्तमान में कोई भी आंदोलन नोएडा में नहीं चल रहा है। पुलिस ने इस पोस्ट को फर्जी और भ्रामक बताया है। इसे कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश माना है। वहीं, दूसरी एफआईआर इंस्टाग्राम अकाउंट चर्चा जंक्शन न्यूज और एक्स पर बने ट्रूथफुल क्रिटिकल नामक अकाउंट के खिलाफ के खिलाफ की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि दोनों अकाउंट के जरिये एक वीडियो पोस्ट किया गया है। वीडियो पोस्ट करने के बाद टाइटल लिखा है कि कथित वीडियो में पुलिसर्मियों द्वारा आम लोगों के साथ अभद्र और कठोर व्यवहार दिखाया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। वीडियो कब का है, किस घटना से जुड़ा है और पूरा घटनाक्रम क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने माना सुनियोजित साजिश क्या पुलिस की कार्रवाई उचित थी या मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों से टिप्पणी भी करने के लिए कहा। पुलिस ने वीडियो वायरल करने के पीछे सुनियोजित साजिश माना है। ताकि भ्रामक नैरेटिव तैयार कर लोगों को भड़काया जा सके। पुलिस सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
शादी-विवाह का सीजन समाप्त होते ही जौनपुर से महानगरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबी दूरी की लगभग सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच गई है। अगस्त माह में भी टिकट मिलने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है। जौनपुर जिले से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए कानपुर, दिल्ली, नोएडा, मुंबई, सूरत और गुजरात जैसे शहरों में काम करते हैं। शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर आए लोग अब वापस अपने कार्यस्थलों पर लौटना चाहते हैं, लेकिन ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तत्काल टिकट भी नहीं बन रहा सहारा सीटों की कमी के चलते यात्रियों के पास तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। हालांकि, आरक्षण केंद्रों पर लंबी कतार लगने के बावजूद शुरुआती दो-तीन यात्रियों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहा है। अधिकांश यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। 15 सितंबर के बाद मिल सकती है राहत बक्शा निवासी दिनेश सिंह और बदलापुर निवासी भोलानाथ यादव ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि अगस्त में मुंबई जाने वाली ट्रेनों में टिकट आसानी से मिल जाएगा, लेकिन अब भी सभी ट्रेनें फुल चल रही हैं। वहीं, जौनपुर के आरक्षण प्रभारी सुनील मिश्रा ने बताया कि लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह बुक हैं। उनके अनुसार, 15 सितंबर के बाद ही कुछ ट्रेनों में सीटें उपलब्ध होने की संभावना है।
CJP Protest : दिल्ली में आज भी 17 मेट्रो स्टेशन बंद, इन 3 स्टेशनों पर जारी रहेगी इंटरचेंज की सुविधा
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को सुरक्षा कारणों से 17 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। मेट्रो प्रशासन ने सभी यात्रियों को सलाह दी है कि वे इस दौरान मेट्रो के बजाय बस, ...
छात्रों पर कार्रवाई की अफवाह फैलाने पर दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को दी नसीहत
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से कहा कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आधी रात के बाद संभावित कार्रवाई को लेकर अपुष्ट जानकारी और अफवाहें फैलाने से बचें। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, दिल्ली पुलिस की आज रात चल रहे प्रदर्शन पर कोई कार्रवाई करने की योजना नहीं है, जैसा कि बताया जा रहा है। आपसे अनुरोध है कि किसी भी भ्रामक या अपुष्ट जानकारी को फैलाने या साझा करने से बचें। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन का एक पत्र साझा किया था, जिसमें कनॉट प्लेस के सभी दुकानदारों से गुरुवार शाम 6:30 बजे तक अपनी दुकानें बंद करने को कहा गया था। इस पत्र को साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। बड़ी संख्या में एम्बुलेंस तैनात हैं। क्या सरकार आज फिर जंतर-मंतर पर अपने ही बच्चों पर बेरहमी से हमला करने जा रही है? इससे पहले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों को जवाब देना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास और भारतीय संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर उन्होंने क्या हासिल किया और वे इस मुद्दे पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा, आज देश का विपक्ष किसी राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि केवल व्यक्तित्व-आधारित दलों का समूह बनकर रह गया है, जिन्हें पिछले 12 वर्षों से जनता लगातार खारिज करती रही है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पराजित और निराश नेता हैं। इनमें से किसी का भी छात्र राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा है, लेकिन आज वे छात्र राजनीति में राजनीतिक फायदा तलाश रहे हैं। इसी बीच, छात्रों के परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे से जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि केंद्रीय गृह सचिव इस बात से संतुष्ट हैं कि जन व्यवस्था बनाए रखने और किसी अपराध के लिए उकसावे को रोकने के हित में यह कदम उठाना जरूरी है। अब इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 24 घंटों में सीजेपी से बातचीत के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। जितेंद्र सिंह ने आईएएनएस से कहा कि केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से पूरी विनम्रता के साथ संपर्क किया है और उन्हें बताया है कि गतिरोध खत्म करने का एकमात्र रचनात्मक रास्ता बातचीत है। उन्होंने कहा, हम उनका इंतजार कर रहे हैं। हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। हमने पिछले 24 घंटों में कम से कम चार बार उनसे संपर्क किया है। हम चाहते हैं कि वे सभी मुद्दों पर बातचीत में शामिल हों, जिसमें नीट का मुद्दा भी शामिल है।
सीजेपी प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस अलर्ट, 400 से अधिक पाकिस्तानी अकाउंट्स किए ब्लॉक
दिल्ली में चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने नोटिस किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ गलत जानकारी साझा करने की कोशिश हो रही है
दिल्ली में राहुल पर कार्रवाई के विरोध में PM का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज | सिरपुर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं सांसदों के साथ कथित अलोकतांत्रिक और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सांकरा ने विरोध-प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राजा देवेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांकरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा विपक्षी नेताओं के प्रति निष्पक्ष व्यवहार की मांग की। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक व दिल्ली में नेताओं से दुर्व्यवहार पर कांग्रेसी नाराज, पीएम मोदी का पुतला फूंका
नीट परीक्षा में धांधली एवं युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार को भी सड़कों पर उतरे, पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। दिल्ली में विपक्षी सांसदों और शीर्ष नेताओं के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार और नीट पेपर लीक के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बी-ब्लॉक कांग्रेस ने दिल्ली गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बी-ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। देहात अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का पेपर लीक होना करोड़ों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर सीधा हमला है। लाखों युवा दिन-रात पढ़ाई करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से उनका विश्वास टूट रहा है। वहीं शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश कमेटी के आह्वान पर उदयपुर में दिल्ली गेट पर प्रदर्शन बी-ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। देहात अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का पेपर लीक होना करोड़ों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर सीधा हमला है। लाखों युवा दिन-रात पढ़ाई करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से उनका विश्वास टूट रहा है। वहीं शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी सड़क से लेकर संसद तक युवाओं के हक की लड़ाई लड़ेगी। प्रदर्शन के दौरान उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, प्रदेश महामंत्री गोपाल कृष्ण शर्मा, प्रदेश सचिव दिनेश श्रीमाली, हरीश शर्मा, मंडल अध्यक्ष राकेश खोखावत, मयंक खमेसरा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़, लव चौधरी, महिमा चुघ, राजेश चुघ आदि ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सभी मंडलों से मांगी तत्काल सूचना, दिल्ली जाने वालों पर विशेष फोकस
देशभर में छात्र गतिविधियों को लेकर रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) सतीश कुमार के निर्देश पर सभी जोनल रेलवे को भेजे गए आंतरिक संदेश में कहा गया है कि किसी भी स्टेशन पर छात्रों की असामान्य आवाजाही या बड़ी संख्या में जमावड़ा दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल मुख्यालय को भेजी जाए। विशेष रूप से दिल्ली की ओर जाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने इस मामले को ‘मोस्ट इम्पोर्टेंट’ और ‘टॉप प्रायोरिटी’ श्रेणी में रखने को कहा है। सभी जोन अपने-अपने मंडलों से लगातार फीडबैक लेकर नियमित अपडेट भेजेंगे। जयपुर से रोजाना दिल्ली जाने वाली 12 ट्रेनों पर नजर रहेगी इस निर्देश का असर जयपुर मंडल पर भी रहेगा। जयपुर जंक्शन, गांधीनगर जयपुर, दुर्गापुरा, बांदीकुई, अलवर और फुलेरा सहित प्रमुख स्टेशनों पर यदि छात्रों की संगठित गतिविधि या असामान्य भीड़ नजर आती है तो इसकी सूचना तत्काल मुख्यालय भेजनी होगी। जयपुर मंडल के अधिकारियों को भी सभी स्टेशनों से नियमित फीडबैक लेने के निर्देश दिए हैं। जयपुर से रोजाना करीब 12 ट्रेनें दिल्ली जाती हैं, जिनसे आरक्षित और अनारक्षित मिलाकर 22 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। वहीं, सप्ताहभर में जयपुर से दिल्ली के लिए 39 दैनिक और साप्ताहिक ट्रेनें संचालित होती हैं। इसी प्रकार प्रदेशभर के अलग-अलग स्टेशनों से रोजाना 45-50 ट्रेन दिल्ली के लिए जाती हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की गाड़ी पर चढ़े निहंग सामने आए हैं। उन्होंने बताया है कि उन्होंने पुलिस की गाड़ी पर कब्जा नहीं किया था, बल्कि पुलिस ने उनसे खुद मदद मांगी थी। पुलिस की गाड़ी पर कब्जे को आरोपों को खारिज करते हुए निहंगों ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए वे गाड़ी पर बैठे थे। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे अपनी दो-तीन गाड़ियां वहां से निकालने में मदद करने को कहा था। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच निहंगों का पुलिस की गाड़ी पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह चर्चा थी कि निहंगों ने पुलिस की गाड़ी हाईजैक कर ली है। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान निहंग गुरुवार को CJP समर्थकों से भी भिड़ गए थे। सोशल मीडिया पर लोगों ने ये रिएक्शन दिए निहंगों ने बुधवार रात की ये 3 बातें बताईं… निहंगों के पुलिस गाड़ी के साथ ये वीडियो वायरल हुए CJP समर्थकों से भिड़े निहंग दिल्ली के जंतर-मंतर पर गुरुवार को CJP समर्थकों और निहंगों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्कामुक्की हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया। झड़प किस बात को लेकर हुई, इसका पता अभी नहीं लगा। पंजाबियों ने लगाया चादर-कंबल का लंगर CJP 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वहीं खाना-सोना हो रहा है। बुधवार देर रात पंजाब के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पंजाबियों ने खाने का लंगर लगाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चादर, कंबल और चटाइयां भी बांटी। भजन गायक कन्हैया मित्तल ने Gen-Z के लिए गाना गाया भजन गायक कन्हैया मित्तल ने CJP के धरने पर एक गीत लॉन्च किया। उन्होंने गीत के जरिए CJP के नेताओं पर भी सवाल खड़े किए। कन्हैया मित्तल ने गीत के जरिए कटाक्ष किया और कहा कि देश के Gen-Z को भड़काकर दिल्ली बुलाया जा रहा और उन्हें उकसाया जा रहा है। नेता खुद बर्गर खा रहे हैं और युवाओं को डंडे खाने के लिए आगे किया जा रहा है। यही नहीं, मित्तल ने अपने गीत के जरिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जब पेपर लीक हुआ था तो उस समय वहां किसकी सरकार थी? पंजाब में आए दिन कर्मचारियों पर पुलिस लाठियां चला रही है। वहां किसी की सरकार है। निहंगों को देख छात्रा बोली- जान आ गई मंगलवार देर शाम 7 बजे ब्लू फोर्स निहंगों की टीम जंतर-मंतर पर पहुंची थी। उन्हें देखकर प्रदर्शनकारियों में उत्साह दिखा। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने निहंग को देखकर कहा, “हमारे अंदर जो जान आ गई है न, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।” एक निहंग ने कहा कि आपको जब भी हमारी जरूरत पड़ेगी, हम आपके साथ हैं। बहुत बढ़िया है कि आप डटे हुए हो। आतंकी पन्नू बोला- तख्तापलट होकर रहेगा इस आंदोलन में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की भी एंट्री हुई। उसने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उससे CJP के नेताओं के साथ जूम मीटिंग की है। इसमें आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। वीडियो में पन्नू कह रहा है - आज जूम मीटिंग में CJP और मैंने जो ऐलान किया है, उसे याद रखो। दिल्ली को और मोदी को गिराना है। मोदी की हुकूमत का तख्ता पलट किया जाएगा। यह पक्का हल नहीं है। इसका पक्का हल भारत का विघटन करना है, भारत को तोड़ना है। आतंकी पन्नू का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। हालांकि, इसमें कही बातों की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों-निहंगों में झड़प:बहस के साथ धक्का-मुक्की हुई; कन्हैया मित्तल ने जेन-जी पर गाया गाना दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और निहंगों के बीच झड़प हो गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने हालात को नियंत्रित कर लिया। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार शाम हिसार जिले के उकलाना में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की। कैंडल मार्च की शुरुआत अंबेडकर भवन से हुई, जहां बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, युवा और नागरिक एकत्रित हुए। इसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्वक मार्च निकाला गया, जो मुख्य बाजार होते हुए बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के समर्थन में नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग सामाजिक कार्यकर्ता कामरेड मिया सिंह बिठमड़ा ने कहा कि हाल के दिनों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की। बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि यदि छात्रों की मांगों को लेकर 27 जुलाई को उकलाना में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कैंडल मार्च के दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार शाम मुरैना में भी छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। शाम करीब 5:30 बजे छात्रों ने शहर में रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।इस रैली की विधिवत कोई परमिशन नहीं ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरता की। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने मांग रखी कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी छात्रों को उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। रैली के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रयागराज में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर गुरुवार को दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने आजाद पार्क में प्रतिवाद सभा आयोजित की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाकर और देशभक्ति के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सभा की शुरुआत चंद्रशेखर आजाद तुम जिंदा हो हमारे संकल्पों में और इंकलाब जिंदाबाद जैसे नारों से हुई। प्रदर्शनकारियों ने पटना (बिहार) और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। दिशा छात्र संगठन की प्रतिनिधि निधि ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद शोषण-मुक्त समाज का सपना देखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। निधि ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। नौजवान भारत सभा के प्रशांत ने कहा कि देशभर से दिल्ली पहुंचे छात्रों और युवाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखीं। हालांकि, उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती बरती गई। प्रशांत ने छात्रों के इस आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बताया। प्रतिवाद सभा के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाते हुए शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे आजादी के सेनानियों के आदर्शों पर चलते हुए शिक्षा, रोजगार और न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज, सांसदों की गिरफ्तारी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी युवजन सभा कानपुर महानगर के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी की 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल गुरुवार शाम 7:30 बजे समाप्त हो गई। नजरबंद होने के कारण अर्पित त्रिवेदी ने अपने आवास पर ही यह हड़ताल की थी। हड़ताल समाप्त होने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हनुमंत विहार थाने पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। भूख हड़ताल का समापन समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष (कानपुर देहात) वीरसेन यादव ने अर्पित त्रिवेदी को जूस पिलाकर कराया। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान अर्पित त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों और सांसदों के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। त्रिवेदी ने आगे कहा कि असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनभावनाओं के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। इस अवसर पर विनोद यादव, अभिजीत गुप्ता, रामा यादव, सत्यम पांडे, केशव यादव, हिमांशु तिवारी, संजय यादव, संतोष पांडे, प्रवीन मिश्रा, भानु प्रताप, रमेश यादव, केके मिश्रा, शिवम जायसवाल, सूरज चौहान, रोहित दीक्षित, अनिल सोनकर, शिव सिंह, सत्यम त्रिवेदी, अजय प्रजापति, दक्ष यादव और रोहित निगम सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली
कोलकाता। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के बाद कोलकाता में रैली करने की योजना बनाई है। संगठन ने शुक्रवार को शहर में रैली करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 19 और 21 जुलाई […] The post कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद कोलकाता में करेगी रैली appeared first on Sabguru News .
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को पश्चिमी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में 'डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन' परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अत्याधुनिक तकनीक से लैस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों से संवाद किया, उनके योगदान की सराहना की और उनके साथ सहभोज भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि एक आधुनिक, तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था घर-घर से कचरा संग्रहण को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाएगी, जिससे स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर दिल्ली के निर्माण को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले नगर निगम के पास आधुनिक संसाधनों और मशीनरी का अभाव था, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब पारंपरिक ढलावों की जगह आधुनिक कॉम्पैक्टर युक्त ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शितापूरी व्यवस्था की निगरानी जीपीएस आधारित वार रूम, सेंट्रल कंट्रोल रूम, ईएसबीएम ऐप, सीसीटीवी कैमरों और हेल्पलाइन के माध्यम से की जाएगी। इसके तहत आधुनिक और गंध-मुक्त फिक्स्ड कॉम्पैक्शन ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जहां कूड़ेदानों और ट्रांसफर स्टेशनों की यांत्रिक सफाई की जाएगी। दिन में दो बार होगा कचरा संग्रहणपर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब घरों से दिन में दो बार सुबह और शाम कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मजबूत स्वच्छता व्यवस्था के माध्यम से दिल्ली को देश की सबसे स्वच्छ और सुव्यवस्थित राजधानी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। क्या क्या लाभ मिलेंगे-4.5 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ-25 वार्ड परियोजना के दायरे में-917 आधुनिक वाहन होंगे तैनात-घरों से दिन में दो बार उठेगा कचरा-जीपीएस और सीसीटीवी से होगी निगरानी-31 अगस्त तक सभी वार्डों में लागू होगी व्यवस्था
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश
नई दिल्ली। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने कनॉट प्लेस के आसपास की गंभीर स्थिति को देखते हुए यहां के सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्तराओं सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गुरुवार शाम 6:30 बजे तक बंद करने का निर्देश दिया। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों […] The post दिल्ली के कनॉट प्लेस में सभी दुकानों को बंद करने के आदेश appeared first on Sabguru News .
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज अब भिंड तक पहुंच गई है। गुरुवार शाम भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित अवंतीबाई प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर अब देश के विभिन्न हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भिंड में भी आंदोलन की शुरुआत की गई है। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया चंबल संभाग अध्यक्ष देशराज धरिया के नेतृत्व में आयोजित धरने में कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को पारदर्शी जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी देशराज धरिया ने कहा कि यह आंदोलन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और सांसद चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आगे की रणनीति वरिष्ठ नेतृत्व तय करेगा और उसी के अनुसार आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं। पुलिस ...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और इसके पीछे की सियासत को कार्टूनिस्ट ने कैसे देखा। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनैल इमेज पर क्लिक करें।
जींद जिले के जुलाना में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को गतौली गांव के युवाओं ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना की कड़ी निंदा की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। बातचीत से समस्या का समाधान किए जाने की मांग युवाओं ने मांग की कि देश के युवाओं और छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई से। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
दिल्ली के जंतर मंतर में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलन करने वाले छात्र ने अपने बदन पर तिरंगा लपेट लिया। वीडियो देखने के लिए ऊपर वीडियो के थंबनैल पर क्लिक करें।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को दी शाबासी:संसद मार्च के दौरान मारपीट का विरोध कर रहे बाद पुलिस
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को शाबासी दी। तालियां बजाते हुए लगाते हुए स्टूडेंट ने वेल डन के नारे लगाए। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान सामने ही खड़े रहे। खबर का वीडियो देखने के लिए ऊपर लगे इमेज पर क्लिक करें…
नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली के खिलाफ छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हाल ही में हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के बाद सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा 'पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने' के ऐलान पर छात्रों और विपक्ष ने सख्त ऐतराज जताया है। मांग कुछ और थी, मिला सिर्फ आश्वासन - केजरीवाल वहीं पीएम के ट्वीट का विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविं द केजरीवाल ने वीडियो जारी किया। उन्होंने सरकार के इस कदम को छात्रों के साथ छलावा और लीपापोती करार देते हुए कह है कि अभ्यर्थियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जिसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। आगे उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट तो देश में पहले से ही कई संवेदनशील मुद्दों पर बने हुए हैं, लेकिन वहां मुकदमों की सुनवाई की रफ्तार किसी से छिपी नहीं है। कई बार ये कोर्ट सामान्य अदालतों से भी ज्यादा समय ले लेते हैं। छात्रों ने न्याय और जवाबदेही मांगी थी, कोर्ट का अश्वाशन नहीं मांगा था। लाठीचार्ज में घायल छात्रों का पीएम ने नहीं जाना हाल केजरीवाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर पुलिस की जो बर्बरता हुई है। जो हक की आवाज उठा रहे मासूम छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठियां बरसाई गईं। इस कार्रवाई में कई छात्रों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और कुछ के पैर टूट गए हैं। अस्पताल में भर्ती जख्मी छात्रों से मुलाकात के बाद सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की घटनाओं पर प्रतिक्रिया आप तुरंत दे देते हैं, देश के भविष्य के लिए सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं कहा। सिस्टमिक बदलाव और विजन का अभाव केजरीवाल बोले कि छात्रों का कहना है कि हर साल पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन सरकार के पास इसे रोकने के लिए कोई ठोस योजना या 'सिस्टमिक चेंज का रोडमैप नहीं है। यदि कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो अगले साल भी नीट और अन्य परीक्षाएं लीक होंगी और छात्र मानसिक तनाव व आत्महत्या जैसे कदमों के लिए मजबूर होंगे। केजरीवाल ने सरकार पर जवाबी हमला करते हुए प्रधानमंत्री के हालिया बयान को एक दिशाहीन और अहंकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि उक्त बयान जमीनी हकीकत और छात्रों की वास्तविक मांगों से पूरी तरह कटा हुआ है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक धांधली के जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का भरोसा नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे जल्दी दुकानें बंद करने भी साधा निशाना वीरवार की शाम को कनॉट प्लेस में 6:30 बजे जल्दी दुकानें बंद करने पर केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी की नीयत साफ हो गई है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस की सभी दुकानों को आज शाम 6.30 pm बंद करने के आदेश। जबरदस्त सिक्योरिटी, ढेर सारी एम्बुलेंस। क्या मोदी सरकार आज फिर जंतर मंतर पर अपने बच्चों पर बर्बर हमला करेगी? नीट 2024 पेपर लीक मामले में आरोपी को क्लीन चिट मिलने पर भड़के केजरीवाल नीट 24 पेपर लीक मामले में नामजद आरोपी संजीव मुखिया को लेकर सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है। इसको लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि 2024 में नीट (NEET) का पेपर लीक हुआ। मोदी सरकार ने इसको मास्टरमाइंड कहकर गिरफ्तार किया। फिर सीबीआई ने जानबूझकर टाइम पे चार्जशीट दायर नहीं की जिसकी वजह से इसको तीन महीने में ही ऑटोमैटिक बेल दिलवा दी। और आज उसको CBI से मोदी जी ने क्लीन चिट दिलवा दी।
दिल्ली में मंगलवार को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को समस्तीपुर में छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एसएफआई, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, किसान मोर्चा के संयुक्त बैनर तले लोगों ने शहर में जुलूस निकाला और डीआरएम कार्यालय के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर के लिए छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीआरएम कार्यालय गेट के सामने बैठकर धरना भी दिया। छात्र संगठन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। पुलिस के साथ सादे वर्दी में आए गुंडों ने छात्रों के साथ मारपीट की कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माकपा के सीनियर नेता मनोज गुप्ता ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इस आंदोलन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ ही सादे कपड़ों में आए गुंडों ने आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की। वहां मौजूद छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मनोज गुप्ता ने कहा कि लाठीचार्ज में महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई हो। आज पूरे देश में लाठीचार्ज के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार के मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी उग्र किया जाएगा। ‘शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, नहीं तो आंदोलन और तेज करेंगे’ अखिल भारतीय महिला जनवादी समिति की राज्य सचिव नीलम देवी ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया है, उनसे अभद्र व्यवहार किया गया है। छात्राओं के साथ मारपीट और उनसे अभद्रता भारतीय सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है, सरकार तत्काल दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। नीलम देवी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपना इस्तीफा दें, नहीं तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे पहले शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में जुलूस निकाला गया, जो अलग-अलग रास्तों से गुजरकर डीआरएम कार्यालय तक पहुंचा। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में भी छात्रों और समाजसेवियों ने विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और अपनी मांगें रखीं। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन की गूंज के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी आवाज अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। पृथ्वीपुर में छात्रों और समाजसेवियों ने दिल्ली के छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए रैली निकाली। रैली में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और न्याय के लिए आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की। राहुल गांधी की गिरफ्तारी की मांग प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पहुंचे कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की कथित गिरफ्तारी का भी विरोध जताया। दिल्ली की घटना के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें पृथ्वीपुर की यह रैली भी शामिल है।
भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?
cjp protest in delhi: हमारे देश में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए युवाओं को NEET, JEE और UPSC जैसी कठिनतम प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौर से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाले राजनीतिक ...
दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब बैतूल तक पहुंच गया है। गुरुवार को जिले में विभिन्न संगठनों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किए। जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) और अन्य सामाजिक संगठनों ने जिला ऑडिटोरियम परिसर में धरना और क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। वहीं, कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। जिला ऑडिटोरियम में जयस के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में लगभग 150 लोग शामिल हुए। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र राघव कुमरे ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की। जयस जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे, ऋतिक परते, महेश उइके, दर्शन बुंदेले और दिलीप पंडराम सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया। कहा- सरकार इन मुद्दों पर गंभीर नहींप्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीर नहीं है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। दूसरी ओर, कांग्रेस ने जिला उपाध्यक्ष हर्षवर्धन धोटे और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू बड़ोनिया के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नई दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं और छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। उच्चस्तरीय कार्रवाई की मांग कीकांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर बल प्रयोग पर रोक लगाई जाए, छात्रों की शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाए, तथा लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इन दोनों संगठनों के आंदोलनों से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को बैतूल के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार गायब हैं। सत्र की शुरुआती दिनों से ही वो चर्चा के विषय बन गए हैं। बुधवार को बीजेपी के एक विधायक ने तंज कसते हुए कहा- ‘क्या तेजस्वी अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं।' गुरुवार को सदन में कृषि मंत्री ने भी पूछा- नेता प्रतिपक्ष कहां है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सदन में विपक्ष के विधायकों से पूछा- आपका नेता कहां हैं। उनकी अनुपस्थिति की जानकारी सदन को क्यों नहीं दी गई। कल मानसून सत्र का अंतिम दिन है, लेकिन पूरे सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष सदन में नजर नहीं आए। विजय सिन्हा बोले- सदन को बताना चाहिए, तेजस्वी कहां हैं सदन की कार्यवाही के दौरान विजय सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में सदन की गरिमा सर्वोपरि होती है। यदि नेता प्रतिपक्ष किसी कारणवश सदन में उपस्थित नहीं हैं, तो इसकी जानकारी सदन को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या तेजस्वी यादव बीमार हैं, किसी पारिवारिक कारण से बाहर हैं या किसी अन्य वजह से अनुपस्थित हैं। यह स्पष्ट होना चाहिए। लोकतंत्र में बंधुआ मजदूर जैसी मानसिकता खत्म होनी चाहिए और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। RJD विधायक ने पलटवार करते हुए पूछा निशांत कहां है विजय सिन्हा के सवाल पर राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार कहां हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘निशांत कुमार सदन के सदस्य नहीं हैं, जबकि तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं और उनकी अनुपस्थिति का सवाल अलग है।’ अध्यक्ष ने भी पूछा- जानकारी है तो सदन को बताइए विधानसभा अध्यक्ष ने कुमार सर्वजीत से कहा कि यदि उन्हें जानकारी है तो सदन को बताया जाए। नेता प्रतिपक्ष कहां हैं। इस पर कुमार सर्वजीत ने कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबीयत ठीक नहीं है और उनका इलाज दिल्ली में चल रहा है। इसी कारण तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। हालांकि विजय सिन्हा ने फिर कहा कि सदन को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित हैं और उनकी अनुपस्थिति का वास्तविक कारण क्या है। यूरोप दौरे के बाद भी मानसून सत्र से रहे दूर राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव हाल ही में 10 दिनों के यूरोप दौरे पर थे। इसी वजह से पार्टी का 30वां स्थापना दिवस 5 जुलाई के बजाय 1 जुलाई को आयोजित किया गया था। 5 जुलाई को तेजस्वी यादव ने यूरोप से पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधित किया था। इसके बाद 20 जुलाई से शुरू हुए बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में वह अब तक शामिल नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सत्तापक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि राजद की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बीजेपी विधायक बैधनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष के सदन में नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हैं। वो अपने पद का निर्वाहन नहीं कर पा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बिहार के विकास में अपना योगदान छोड़कर अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कर रहे हैं। या कहीं बैठकर चेन की बंसी बजा रहे हैं। बीजेपी विधायक ने संवैधानिक दायित्व पर उठाया सवाल बुधवार को बिहार विधानसभा के अंदर बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि नेता प्रतिपक्ष विकसित बिहार के संकल्प में योगदान देने के बजाय अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थता कराने गए हैं या कहीं आराम कर रहे हैं। इसका जवाब जनता को बताना चाहिए। जदयू ने पूछा-क्या अमेरिका-ईरान युद्ध सुलझाने गए हैं जदयू के प्रवक्ता और MLC नीरज कुमार ने कहा कि किस ग्रह पर हैं, इसकी जानकारी राजद को भी नहीं है। अब नई बात यह सुनने को मिल रही है कि उनकी आत्मा सदन में प्रवेश कर गई है। यह दावा राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने किया है। आत्मा कैसे पहुंच गई, इसका मैकेनिज्म हमें समझ में नहीं आ रहा है।
IMD ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। जानिए कहां-कहां रहेगा मानसून का सबसे ज्यादा असर।
मधुबनी में गुरुवार को छात्र-युवाओं ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार के विरोध में आयोजित किया गया था। मार्च सुबह 11 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ। यह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वाटसन स्कूल परिसर स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक के निकट एक सभा के साथ समाप्त हुआ। इसका नेतृत्व आलोक देवराज, मयंक कुमार, राजा जी, सुरेंद्र चौधरी, संजय राम और अवधेश ऋषि ने किया। इस दौरान छात्र-युवाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। सभा को संबोधित करते हुए आलोक देवराज, मयंक कुमार और सुरेंद्र चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर की गई कार्रवाई लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि छात्र-युवा अपने अधिकार, रोजगार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दमनकारी कार्रवाई से छात्र आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज और मजबूती से उठाई जाएगी। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करना शामिल है। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों पर बल प्रयोग रोकने और दिल्ली तथा पटना में हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की। अंत में, नेताओं ने छात्र-युवा एकता बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड के भेलागुड़ी मौजा में जल्द ही सेना का स्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार लगातार जमीन की तलाश कर रही है। इस बीच भेलागुड़ी मौजा में बड़े पैमाने पर जमीन की खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी समेत उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 7 लोगों ने 10 महीने के अंतराल में करीब 71 एकड़ जमीन अपने नाम पर ली है। सांसद के नाम पर 1.61 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री दर्ज है। 20 एकड़ जमीन उन्होंने किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड के क्षेत्र संख्या 12 के जिला परिषद गनी से दान में ली है। इसके अलावा 6 अन्य लोगों ने भी बड़े पैमाने पर कृषि और चाय बागान वाली जमीन खरीदी है। हालांकि, इस मामले को लेकर जब दैनिक भास्कर की टीम ने किशनगंज के DM नवीन कुमार से बात की तो उन्होंने बताया, सरकार की तरफ से अभी फिलहाल सेना स्टेशन के लिए जमीन फिक्स नहीं की गई है। इसी वजह से अभी कोई भी व्यक्ति भेलागुड़ी मौजा में जमीन खरीद सकता है। बता दें कि ये इलाका नेपाल, बांग्लादेश और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के पास है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा संपदा विभाग और किशनगंज जिला प्रशासन के बीच 189.68 एकड़ निजी भूमि के अधिग्रहण को लेकर बातचीत जारी है। इसी दौरान सरकारी रजिस्ट्री रिकॉर्ड में ये बड़ा खुलासा हुआ है। रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है भेलागुड़ी किशनगंज का ठाकुरगंज प्रखंड पश्चिम बंगाल की सीमा से करीब 2 किलोमीटर दूर है। यहीं का भेलागुड़ी मौजा सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब आता है। करीब 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा यह कॉरिडोर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी मार्ग माना जाता है। इस कारण इसे देश की सुरक्षा व्यवस्था का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। यह क्षेत्र नेपाल, बांग्लादेश और भूटान की सीमाओं के नजदीक होने के कारण भी बेहद जरूरी माना जा रहा है। किसी भी आपात या युद्ध जैसी स्थिति में इस कॉरिडोर की सुरक्षा भारतीय सेना के लिए सबसे पहले प्राथमिकता होती है। यही वजह है कि रक्षा संपदा विभाग ने यहां नया सैन्य स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। 189.68 एकड़ जमीन अधिग्रहण की तैयारी रक्षा संपदा विभाग और किशनगंज जिला प्रशासन के बीच हुए पत्राचार के अनुसार भेलागुड़ी मौजा की 189.68 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। इस जमीन पर वर्तमान में अधिकांश हिस्से में चाय के बागान हैं। प्रशासन ने भूमि की नापी, सत्यापन और रिकॉर्ड जांच का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार अभी अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है। पहले जमीन का पूरा सत्यापन, खाता-खेसरा मिलान और मालिकाना हक की जांच होगी। इसके बाद ही अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के नाम की हो रही है। सरकारी रिकॉर्ड में उनके नाम 1.61 एकड़ जमीन दर्ज है। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से इस खरीद को लेकर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इनके रजिस्ट्री के पेशा संबंधी कॉलम में खेती और पार्लियामेंट मेंबर अंकित है। अभी अधिग्रहण शुरू नहीं, केवल जांच चल रही ठाकुरगंज के अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल भूमि की जांच, नापी और सत्यापन का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा, भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। वर्तमान में संबंधित जमीनों की जांच, नापी और सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही अधिग्रहण को लेकर अंतिम निर्णय और आगे की कार्रवाई होगी। इस बयान से साफ है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि किन-किन प्लॉटों का अंतिम रूप से अधिग्रहण किया जाएगा। अंतिम खाता-खेसरा सूची करेगी तस्वीर साफ पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अब अंतिम खाता-खेसरा सूची है। रक्षा मंत्रालय और जिला प्रशासन जब अधिग्रहित होने वाली जमीनों की अंतिम सूची जारी करेंगे, तभी स्पष्ट होगा कि सातों बाहरी खरीदारों की खरीदी गई जमीनें प्रस्तावित सैन्य स्टेशन की सीमा केअंदर आती है या नहीं। अगर खरीदी गई भूमि अधिग्रहण क्षेत्र में शामिल होती है तो यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर और गंभीर हो सकता है।
DU में हॉस्टल पाना नहीं होगा आसान: जानें क्या हैं आवंटन के नए कड़े नियम और मेरिट का गणित
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में दाखिला मिलने के बाद बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है—एक सुरक्षित और किफायती हॉस्टल हासिल करना! देश-विदेश से आने वाले लाखों स्टूडेंट्स के बीच हॉस्टल की सीमित सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में सिर्फ अच्छे अंक होना ही काफी नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी के कड़े नियमों और प्राथमिकताओं को समझना भी बेहद जरूरी है। आइए एक रिपोर्टर के नजरिए से पूरी प्रक्रिया और नियमों को आसान भाषा में समझते हैं।मेरिट और घर की दूरी: हॉस्टल मिलने के दो सबसे बड़े आधारदिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में कमरों का आवंटन मुख्य रूप से दो प्रमुख पैमानों पर निर्भर करता है—आपकी अकादमिक मेरिट (Academic Merit) और घर की दूरी (Distance from Delhi)।यूनिवर्सिटी के नियमानुसार, जिन छात्रों के नाम प्रवेश परीक्षा या कट-ऑफ (CUET/Merit) की लिस्ट में टॉप पर होते हैं, उन्हें पहली प्राथमिकता दी जाती है। इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर (NCT) के निवासी छात्रों को हॉस्टल अलॉट नहीं किया जाता। अभ्यर्थी का घर दिल्ली से जितना अधिक दूर होगा, उसके हॉस्टल मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।कैसे होती है आवेदन प्रक्रिया और चयन की स्टेज?कॉलेज में एडमिशन कंफर्म होने के बाद छात्रों को संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी हॉस्टल की आधिकारिक वेबसाइट/कार्यालय से हॉस्टल फॉर्म भरना होता है।शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): आपके अंकों और श्रेणी (UR, OBC, SC, ST, PwD, EWS) के आधार पर पहली ड्राफ्ट मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।इंटरव्यू और वेरिफिकेशन (Interview & Verification): शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को हॉस्टल एडमिशन कमेटी (प्रॉवोस्ट/वार्डन) के सामने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।लोकल गार्जियन का होना अनिवार्य: दिल्ली में रहने वाले एक अधिकृत 'लोकल गार्जियन' (Local Guardian) की जानकारी देना फॉर्म में अनिवार्य है, जो किसी भी आपात स्थिति में जवाबदेह हों।सीमित सीटें और बैकअप प्लान का ध्यान रखना क्यों जरूरी?डीयू के पास छात्रों की कुल संख्या की तुलना में हॉस्टल सीटें काफी सीमित हैं। उदाहरण के लिए, किसी एक कोर्स या कैटेगरी के हिस्से में महज 2 से 5 सीटें ही आती हैं। ऐसे में अगर किसी कारणवश मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आता है, तो छात्रों को पहले से ही कैंपस के आसपास (जैसे नॉर्थ या साउथ कैंपस) पेइंग गेस्ट (PG) या शेयरिंग फ्लैट्स का विकल्प तलाश कर रखना चाहिए। इसलिए, समय रहते सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना ही हॉस्टल पाने की संभावनाओं को मजबूत बनाता है।
अपने ही जवान गुलाम थे। उन्होंने गोली मारी थी। अब में सिर्फ फर्क इतना है। आपने लाठी मारी है। हम तो शहीद हैं। हर युग में जन्म लेंगे। तुम क्या सोचते हो हम मर जाएंगे? तुम हमारे नौकर हो। हम तुम्हारे मालिक हैं। हर युग में जन्म लेके तुम्हारी औकात बताएंगे। ये शब्द मऊगंज के 38 वर्षीय किसान अनिल सिंह के हैं, जो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद उन्होंने कहे। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे करीब 40 लाख लोग देख चुके हैं। नई गढ़ी ब्लॉक के मझिगवां निवासी अनिल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने 17 जुलाई को दिल्ली गए थे। वे अभी वहीं हैं। परिवार उनके लौटने और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, लेकिन उनके संघर्ष पर गर्व भी जता रहा है। दैनिक भास्कर की टीम मझिगवां पहुंची, पढ़िए रिपोर्ट…. पत्नी से कहा- छात्रों के भविष्य के लिए जा रहा हूं… अनिल किसान परिवार से हैं। उन्होंने दसवीं तक पढ़ाई की और खेती-किसानी से जुड़ गए। परिवार के अनुसार, वे बचपन से जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं। घर पर पिता भोला सिंह, पत्नी ज्योति सिंह और दो बच्चे उनका इंतजार कर रहे हैं। अनिल ने घर से निकलते समय पत्नी से कहा था कि वे छात्रों के भविष्य और नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा पत्नी ज्योति सिंह ने बताया- वह हमेशा देश और समाज की सेवा की बात करते हैं। बच्चों के भविष्य और शिक्षा को लेकर भी बहुत चिंतित रहते हैं। आज सुबह उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा कि अभी इसी सेवा में लगा हूं, आने में थोड़ा समय लगेगा। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वापस नहीं आऊंगा। अनिल का छह वर्षीय बेटा श्रेयांश पहली और चार वर्षीय बेटी अंशिका एलकेजी में पढ़ती है। अनिल बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। पिता बोले- बेटा देश के लिए लड़ने गया है पिता भोला सिंह ने कहा- मेरा बेटा पहले से ही संघर्ष करने वाला रहा है। गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खड़ा रहता था। वह देश के लिए लड़ने गया है। पुलिस ने मेरे बेटे को मारा, यह अच्छा नहीं किया। मुझे अपने बेटे पर गर्व है। बेटी बोली- पापा को पुलिस वालों ने मारा चार वर्षीय बेटी अंशिका ने कहा- मेरे पापा दिल्ली गए हैं। मेरी उनसे बात हुई है। पापा ने कहा है कि मैं आऊंगा। पापा को पुलिस वालों ने मारा है। मैंने उनकी फोटो भी देखी है। भतीजी खुशी सिंह बघेल और गांव के लोगों ने भी अनिल के साहस पर गर्व जताते हुए कहा कि वे छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं। गांव वाले बोले- अनिल ने मझिगवां का नाम रोशन किया पड़ोस में रहने वाली शुभप्रीत सिंह ने कहा कि किसान परिवार का बेटा अपने छोटे बच्चों और पत्नी को छोड़कर दिल्ली गया है। वह छात्रों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है। अनिल के साहस पर पूरे गांव को गर्व है। सुमन सिंह ने कहा कि छात्रों के लिए इतनी दूर जाकर आंदोलन में शामिल होना युवाओं के लिए प्रेरणा है। नरेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जिन लोगों की गलती है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मां बोली- समाज और देश हित में गया है बेटा मां शिवेंद्री सिंह ने कहा- बेटा अपने परिवार या बाल-बच्चों के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के हित में जनता के संकट दूर करने के लिए लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह घर पर रहता था, तब भी निरंतर जनसेवा में ही लगा रहता था। बेटे की इस निस्वार्थ सेवा भावना पर उन्हें बेहद गर्व है। अनिल की मां ने एक लाइन की कविता में पीएम मोदी और भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपनी बोली में कहा- मोदी जी तेल बेचत बेचत बेच लिया पूरा संसार, अब मोदी खून पिअय लागे अब कुछ कहा न जाय... 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर हुई थी झड़प सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। बाद में पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। घटना में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और इतने ही प्रदर्शनकारी घायल हुए। सीजेपी ने आरोप लगाया कि निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। ----------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… वांगचुक बोले- 25 दिन बीते, अभी भी जिंदा हूं:सरकार से भरोसा मिला तो आज ही अनशन तोडूंगा;जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी का धरना जारी सोनम वांगचुक ने बुधवार शाम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से एक वीडियो मैसेज जारी किया। सोनम ने कहा- अनशन को 25 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक जिंदा हूं। कुछ सांसद मुझसे मिलने आए, उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मुझे अगर सरकार की तरफ से भरोसा मिले तो मै आज ही अनशन खत्म करने को तैयार हूं। बस सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करे।’ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल रहे वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें मेदांता हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया है। यहीं उनका इलाज चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत एक 14 वर्षीय लापता किशोर को बरामद किया है। किशोर 22 जुलाई से अपने घर से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दिल्ली के कंझावला थाने में दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ को रेल मदद के जरिए सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 02564 के एस-1 कोच की बर्थ नंबर 71 पर एक नाबालिग अकेले यात्रा कर रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ट्रेन में पहुंची और फोटो के आधार पर किशोर की पहचान कर उसे सुरक्षित कानपुर सेंट्रल स्थित आरपीएफ पोस्ट ले आई। परिजनों की डांट से नाराज होकर घर से निकला था आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने पूछताछ की तो किशोर ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर परिजनों की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर चला आया था। परिवार के लोग उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए अक्सर समझाते और डांटते थे। इसके बाद आरपीएफ ने उसके पिता से संपर्क किया, जिन्होंने 22 जुलाई को बेटे के घर से लापता होने की पुष्टि की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा पुष्टि होने के बाद गुरुवार को दिल्ली के कंझावला थाने से उपनिरीक्षक पावेल और हेड कांस्टेबल दिनेश कानपुर पहुंचे। उन्होंने गुमशुदगी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज आरपीएफ को उपलब्ध कराए। सभी दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन करने के बाद आरपीएफ ने किशोर को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले, भटके या लापता बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कानपुर सेंट्रल पर की गई यह कार्रवाई इसी अभियान की एक सफल कड़ी है।
लखनऊ में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को भीम आर्मी से जुड़े छात्रों और पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में धरना दे रहे छात्रों की मांगों का समर्थन किया। देखिए 3 तस्वीारें… प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे आंदोलन के साथ वे पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन का भी समर्थन जताया और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल तैनात, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया प्रदर्शन को देखते हुए बाबा साहेब आंबेडकर प्रतिमा के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीम आर्मी से जुड़े कई छात्रों और पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए ईको गार्डन भेज दिया, जहां उन्हें धरना स्थल पर रखा गया।
CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म 'CJP' (Citizens for Justice ...
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को राजधानी भोपाल में प्रदेशभर के छात्र-युवा राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न जिलों से छात्र, युवा और नर्सिंग छात्र शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शन नीलम पार्क में होगा। आंदोलन के दौरान बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक की घटनाएं, परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार, मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े, सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध और विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठाई जाएगी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। बड़ी संख्या में युवाओं के आने का दावा आंदोलन का नेतृत्व मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के पदाधिकारी करेंगे। आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-युवा और नर्सिंग छात्र भोपाल पहुंच रहे हैं, जिससे आंदोलन में व्यापक भागीदारी रहने की उम्मीद है। पुलिस ने चौकसी बढ़ाई मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास बैरिकेटिंग कर दी है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। विपरीत परिस्थिति से निपटने के भी पूरे इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज वीरवार को यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन, सर्व समाज मोर्चा, मजदूर संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे लेकर शहर में पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। सुबह करीब साढे 10 बजे लोग कन्हैया साहिब चौक पर इकट्ठा हुए, जिसके बाद करीब 11 बजे लघु सचिवालय की तरफ बढ़ना शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। जैसे ही प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे जाम की स्थिति पैदा हो गए। इस तरफ की सड़क को बंद करके वन-वे ट्रैफिक चलाया गया। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग किसान व अन्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। भाकियू चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू ने बताया कि पिछले कई दिनों से देशभर के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही। लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग भाकियू टिकेत के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें भी कीं, जिससे कई छात्र-युवा घायल हो गए। इस घटना से पूरे देश में युवाओं और किसानों में रोष है। सर्व समाज मोर्चा की राष्ट्रपति से मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वालों के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
हरियाणा में NEET पेपर लीक, दिल्ली में लाठीचार्ज और सोनम वांगचुक के समर्थन में आज भी कई जगह धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। धरनों पर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। रोजाना हरियाणा से सुबह की ट्रेनों और बसों में जंतर-मंतर पर लोग जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी विरोध -प्रदर्शनों को देखते हुए मैदान में आ गए हैं। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आज गुरुग्राम में कांग्रेस बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा भी बाकि जिलों में विपक्षी दल प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। बता दें कि कल भी हरियाणा में बड़े स्तर पर युवाओं व विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया था। पंचकूला में कांग्रेस नेताओं व वर्करों ने भाजपा कार्यालय पंचकमल का घेराव किया था और यहां करीब आधे घंटे तक जमकर नारेबाजी की। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पंचकूला विधायक चंद्रमोहन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यमुनानगर में कांग्रेसियों ने पीएम मोदी के पुतले को लाठी-चप्पलों से पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया था। हरियाणा में भाजपा-कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें:-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीएल पुनिया ने दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर सड़क पर है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। पुनिया ने मांग की कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय की जाए। पीएल पुनिया ने बताया कि कांग्रेस ने पहले भी इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपकर छात्रों की आवाज उठाई थी। उन्होंने लाखों छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत और तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण उनके भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर सरकार से समाधान की मांग की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और विपक्षी नेताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनिया ने जोर दिया कि यदि सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बना पा रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राहुल गांधी के साथ शर्मनाक व्यवहार राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएल पुनिया ने कहा कि विपक्षी नेताओं को इस तरह हिरासत में लेना और उनके साथ बलपूर्वक व्यवहार करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए व्यवहार को बेहद शर्मनाक और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पीएल पुनिया ने चेतावनी दी कि आज का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है और यदि उसकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर राजनीति पर भी दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि नौजवान जिस दिशा में जाएगा, सत्ता का रुख भी उसी दिशा में बदलेगा।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में दिल्ली विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया। स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट दोनों पर रोक लगाए जाने के कारण बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले हजारों यात्रियों को दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर यात्री भटकते नजर आए और दिल्ली जाने के लिए उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। ऑटो और बसों का लेना पड़ा सहारा बहादुरगढ़ की ग्रीन लाइन पर रोजाना करीब 50 हजार से अधिक यात्री दिल्ली की ओर आते-जाते हैं। मेट्रो सेवा के जरिए नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बुधवार का सफर मुश्किल भरा रहा। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने के बाद कई यात्रियों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और बसों का सहारा लेना पड़ा। इससे सड़क मार्ग पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और कई जगह ट्रैफिक का दबाव भी देखने को मिला। द्वारका मोड़ से लेकर दिल्ली तक परेशानी सुबह के समय बहादुरगढ़ के सिटी पार्क, बस स्टैंड और अन्य स्टेशनों से दिल्ली जाने के लिए निकले यात्रियों को रास्ते में ही मेट्रो स्टेशनों के बंद होने की जानकारी मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में यात्री सड़क मार्ग की ओर चले गए। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण ऑटो और ई-रिक्शा ड्राइवरों ने भी यात्रियों से दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त किराया लिया। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा समय लगा। मेट्रो से रोजाना दिल्ली जाने वाली महिला कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि मेट्रो सेवा बंद होने की वजह से उन्हें वैकल्पिक साधनों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने कहा कि उन्हें पहले से मेट्रो बंद होने की जानकारी होती, तो वे घर से निकलने से पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते। डीएमआरसी और पुलिस की स्थिति पर नजर डीएमआरसी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मेट्रो संपत्ति समेत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद बंद किए गए स्टेशनों को दोबारा खोलने की आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। तब तक यात्रियों को दिल्ली की ओर यात्रा करने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी जांचने की सलाह दी गई है। विरोध प्रदर्शन के बीच मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का सीधा असर बहादुरगढ़ के उन हजारों यात्रियों पर पड़ा, जो रोजाना नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आते-जाते हैं। मेट्रो के पहिए थमते ही यात्रियों को सड़क पर उतरना पड़ा। दिल्ली का सफर उनके लिए परेशानी और अतिरिक्त समय वाला साबित हुआ।
2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को सजा सुनाई जाएगी। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में 6 साल बाद 13 जुलाई को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया था। एडीशनल सेशन जज प्रवीण सिंह की कोर्ट ने 11 में से 6 आरोपी बरी कर दिए थे। वहीं नाजिम, काशिम, अनस, जावेद और ताहिर हुसैन को हत्या, अपहरण, दुश्मनी को बढ़ावा देने और दंगा करने का दोषी ठहराया था। हिंसाग्रस्त इलाके के नाले में मिला था अंकित का शव यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था, तभी लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन सुबह पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया था। रविंदर कुमार का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ताहिर हुसैन के ऑफिस में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को नाले में फेंक दिया गया। मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था। 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा 23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। 26 फरवरी तक चले दंगों में 53 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। मरने वालों में 38 मुसलमान और 15 हिंदू थे। करीब 800 दुकानें जला दी गईं। 500 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। भास्कर नॉलेज… ताहिर ने पैरोल पर जेल से बाहर आकर लड़ा था 2025 का विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने जीत दर्ज की थी, जबकि ताहिर हुसैन तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें करीब 33 हजार वोट मिले थे। चुनाव प्रचार के लिए ताहिर कस्टडी पैरोल पर बाहर आए थे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिकता का फैसला निष्पक्ष प्रक्रिया से हो: गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला रद्द, दोबारा सुनवाई होगी सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के 27 लोगों को विदेशी घोषित करने से जुड़े मामलों में गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले रद्द कर दिए। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता या विदेशी होने का फैसला निष्पक्ष, कानूनी और उचित प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली में लाठीचार्ज का कोंडागांव में हुआ विरोध, पीएम का पुतला फूंका
भास्कर न्यूज | कोंडागांव छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर बुधवार को जिला युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कोंडागांव ने दिल्ली में छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। पुराना बस स्टैंड में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी हुई। पुतला दहन किया गया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग ने कहा कि दिल्ली में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों का बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, महिलाओं और छात्रों के कपड़े फाड़ना, पथराव करना लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला है। छात्रों की आवाज डंडे के बल पर दबाने का हर प्रयास निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में कोंडागांव में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के सम्मान, अधिकार, न्याय की लड़ाई में आवाज उठाई। केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी ने कहा कि भाजपा सरकार छात्र विरोधी है। शिक्षा, रोजगार, हक की मांग करने वाले छात्रों पर लाठी चलवाना तानाशाही है। दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुई घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। जायज़ मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है। छात्रों की बात सुनने की जरूरत है। संवाद से समाधान निकालने की जरूरत है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा, एनएसयूआई इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। पुतला दहन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के महेन्द्र नेताम, जिला महामंत्री जीपी यादव, कोषाध्यक्ष हरमोहन सिंह कोहली, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पितांबर नाग, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पप्पू मंडावी, प्रदेश सचिव सकुर खान, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष हेमा देवांगन, कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन आदि मौजूद रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से किया इनकार, घायल प्रदर्शनकारी ने क्या कहा
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए शेख इरशाद मंसूरी ने बूम को बताया कि उनके शरीर में पैलेट गन के पार्टिकल धंसने से कई गहरे घाव हो गए.
पीलीभीत में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की एक युवती ने आरोप लगाया है कि बीसलपुर के एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे विवाह किया। शादी के बाद युवक की असली पहचान सामने आने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बीसलपुर थाना क्षेत्र में पहचान छिपाकर शादी करने का मामला सामने आया है। बरेली की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे प्रेम संबंध बनाए और शादी कर ली। विवाह के बाद जब उसे युवक की वास्तविक पहचान का पता चला तो विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे ससुराल से निकाल दिया गया। पीड़िता बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है और दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। युवती का आरोप है कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाते हुए हिंदू नाम बताया और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। युवक उसे छोड़कर चला गया पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद आरोपी उसे अपने गांव, थाना बीसलपुर क्षेत्र, लेकर पहुंचा। यहां आने पर उसे युवक की वास्तविक धार्मिक पहचान की जानकारी हुई। खुद को धोखे का शिकार महसूस करने पर उसने इसका विरोध किया और अपने परिजनों को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद युवक उसे छोड़कर चला गया। परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत युवती का आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसके साथ मारपीट की, प्रताड़ित किया और घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसने बीसलपुर थाने पहुंचकर आरोपी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। बीसलपुर के थाना प्रभारी संजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी में मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) ने बुधवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और पटना में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में था। एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना के नेतृत्व में बुधवार शाम करीब 4 बजे मधुबनी रेलवे स्टेशन से थाना चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। पैदल मार्च थाना चौक पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली और पटना में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से छात्रों के प्रति अपनाए गए रवैये पर पुनर्विचार करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस पूरे क्षेत्र में तैनात रही। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन की मौजूदगी में ट्रैफिक थाना पुलिस भी मुस्तैद रही। पुलिस की सतर्कता के कारण पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए एमएसयू नेता विजय श्री टुन्ना ने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग और बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। एमएसयू ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करती है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने और छात्र आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 41 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। निगम आयुक्त की मंजूरी से जारी दो अलग-अलग आदेशों के तहत छह वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले गए हैं, छह अधिकारियों का तबादला किया गया है और 29 अधिकारियों को पदोन्नति के बाद नई तैनाती दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना, संपत्ति कर व्यवस्था को मजबूत करना और नागरिक सेवाओं को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। एमसीडी के सहायक आयुक्त गौरव चतुर्वेदी ने बताया कि सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। निगम अब संपत्ति कर के दायरे का विस्तार करने और जोन स्तर पर जवाबदेही तय करने की रणनीति पर काम कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत कुंदन कुमार को सिविल लाइंस जोन के साथ संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। साहिल ग्रोवर दक्षिण जोन के साथ करोल बाग जोन का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे, जबकि मनस्वी चौधरी केंद्रीय क्षेत्र के साथ केशवपुरम जोन की जिम्मेदारी देखेंगी। राकेश कुमार को कार्मिक, प्रशिक्षण और डीसी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, एच. कश्यप और के.के. बर्मन को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। दूसरे आदेश के तहत छह प्रशासनिक अधिकारियों और सहायक निर्धारक एवं कलेक्टरों का तबादला किया गया है। 29 अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स लेवल-9 में तदर्थ पदोन्नति देकर विभिन्न जोनों और मुख्यालय में तैनात किया गया है। इनकी नियुक्ति शाहदरा, करोल बाग, सतर्कता, कानून और इंजीनियरिंग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में की गई है।
दिल्ली में आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एमसीडी के केशवपुरम जोन की टीम ने शाहदरा नॉर्थ और रोहिणी ज़ोन की टीमों के साथ मिलकर पश्चिम विहार और उसके आसपास के इलाकों में एक विशेष कैटल-कैचिंग (मवेशी पकड़ो) अभियान चलाया। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान सड़कों पर घूम रहे 17 आवारा मवेशियों को पकड़ा गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है। आवारा पशुओं के कारण सड़कों पर अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है] जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम प्रशासन का कहना है, दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित
सीकर में दिल्ली के छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार को लेकर प्रदर्शन किया गया। छात्र संगठन SFI, संयुक्त किसान मोर्चा और सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन हुए। SFI ने 23 जुलाई से बड़े आंदोलन की चेतावनी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। SFI का प्रदर्शन, कल से करेंगे बड़ा आंदोलन शेखावाटी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते हुए SFI के जिलाध्यक्ष महिपाल गुर्जर और राजू बिजारणियां ने कहा कि केंद्र सरकार स्टूडेंट्स की आवाज को दबाने का काम कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। इतने बड़े आंदोलन के बावजूद सरकार चुप होकर बैठी है। अब सीकर में आंदोलन की गति तेज होगी। अब ये आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 23 जुलाई से बड़ा आंदोलन शुरू होगा, जिसमें दिल्ली जंतर-मंतर की तरह रात जगो-देश जगाओ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि अब दिल्ली की तर्ज पर सीकर में 23 जुलाई से आंदोलन शुरू होगा। केंद्र सरकार के रेलवे विभाग का घेराव किया जाएगा। 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे SFI कार्यकर्ताओं के साथ स्टूडेंट्स रेलवे स्टेशन पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। 24 जुलाई को स्टूडेंट्स स्ट्राइक होगी, जिसमें कोचिंग के स्टूडेंट्स से भी शामिल होने की अपील की गई है। 24 जुलाई की रात में कल्याण सर्किल पर दिल्ली जंतर-मंतर की तरह ‘रात जगो-देश जगाओ’ की तर्ज पर धरना दिया जाएगा। किसानों ने निकाली आक्रोश रैली संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों और मजदूरों ने आक्रोश रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर PM नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक पेमाराम ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, पशुपालकों और देश की कृषि व्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होगा। दिल्ली के छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। आज देश के स्टूडेंट्स, किसान और पशुपालक सड़कों पर आने को मजबूर हो गया है। सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन सीकर विधायक राजेंद्र पारीक के नेतृत्व में आज जाटिया बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। निवर्तमान सभापति जीवण खां व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक राजेंद्र पारीक ने केंद्र सरकार अब दमनकारी नीति पर उतर आई है। देश की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसजनों ने दिल्ली में राहुल गांधी और जयपुर में पूर्व CM अशोक गहलोत व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को जबरन गिरफ्तार करने पर भारी आक्रोश जताया। विधायक पारीक ने कहा कि स्टूडेंट्स की आवाज को दबाया तो देशभर में उग्र आंदोलन होंगे।
डियर दिल्ली पुलिस, 20 जुलाई को देश के युवा अपनी मांग के साथ संसद की तरफ जा रहे थे। 5 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लाठी, आंसू गैस और पत्थरों के साथ उनपर टूट पड़े। इस बीच कैमरों पर उनकी कुछ ऐसी हरकतें भी रिकॉर्ड हो गईं, जो गैरकानूनी होने के साथ किसी प्रोफेशनल पुलिस के लिए बेहद शर्मनाक भी हैं। लड़कियों पर गलत तरीके से गलत जगह डंडा मारना, बिना नेमप्लेट की वर्दी, कई के पास तो वर्दी भी नहीं। कार्रवाई के चार तरह के वीडियोज का हमने कानून की कसौटी पर एनालिसिस किया है… 1. प्रदर्शनकारी लड़कियों को गलत तरीके से पीटना ये कुछ रिकॉर्डेड मामले हैं। लड़कियों ने मीडिया कैमरों पर बताया कि पुरुष सुरक्षाकर्मी लाठियां चलाते हुए गालियां दे रहे थे। अभिजीत दीपके ने दावा किया की दिल्ली पुलिस के पुरुष अफसर ने एक लड़की के कपड़े फाड़े और उसकी छाती पर पैर देकर पीटा है। नियम-कानून क्या है? 2. ज्यादातर सुरक्षाकर्मियों के नेमप्लेट गायब थे प्रदर्शनकारियों पर डंडे चलाने वाले दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों ने अपने नाम वाले बैज नहीं पहने थे। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाते हुए ऐसे कई वीडियोज बनाए हैं। RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सेहरावत ने मीडिया से कहा, ‘हम कुछ प्रोटेक्टिव गियर पहनते हैं, जिसकी वजह से नेमटैग गिर सकते हैं। ये किसी के पैर के नीचे आ सकते हैं। हमें अपने नाम का सम्मान रखना होता है, इसलिए बैज निकाल देते हैं।’ दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने दैनिक भास्कर से कहा कि ऐसी स्थिति में नेमप्लेट टूट जाती है। ये जानबूझकर नहीं किया गया है। नियम-कानून क्या है? 3. बिना वर्दी के प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले कौन थे नियम-कानून क्या है? 4. जरूरत से बहुत ज्यादा बल का इस्तेमाल अगर ये दावे सही हुए तो ऐसा पहली बार होगा कि दिल्ली में सिविल प्रोटेस्ट में पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक स्टन गन (शॉक बैटन) का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ये दावे झूठे और भ्रामक हैं। इन अफवाहों को आगे न बढ़ाएं। नियम-कानून क्या हैं? दैनिक भास्कर के सवालों पर दिल्ली पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्र ने कहा कि ये सब एकतरफा कहानियां हैं, जो पुलिस के खिलाफ नैरेटिव बना रही हैं। सब कुछ सीसीटीवी पर कैद है, वीडियोग्राफी कराई गई है, इसलिए कोई छिप नहीं सकता। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शनकारियों के साथ ही बर्बरता का मुद्दा उठाया। तर्क दिया कि पुलिस की सख्ती की वीडियो सबूत मौजूद है। हालांकि CJI सूर्यकांत ने सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास देखने का समय नहीं है।' प्रदर्शनकारियों से मारपीट के आरोपों वाली याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड, जैसे CCTV और अन्य फुटेज, सुरक्षित रखने को कहा है। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस. राजू ने कहा कि याचिकाओं का मकसद पब्लिसिटी पाना था।इस पर हाईकोर्ट ने पूछा, आप यह कैसे कह सकते हैं कि यह पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका है? ***** डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में इस्तेमाल सभी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। ये विजुअल्स कॉकरोच जनता पार्टी, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों द्वारा पोस्ट किए गए हैं। दैनिक भास्कर इनकी टाइमिंग, लोकेशन और सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। स्टोरी में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों (प्रदर्शनकारी, CJP प्रवक्ता वगैरह) के दावे हैं। ------------ ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर न जाकर, पीएम आवास क्यों पहुंचे राहुल गांधी:क्या CJP का प्रोटेस्ट हाइजैक करने की कोशिश, आगे क्या होगा 21 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ पैदल ही पीएम मोदी के आवास की तरफ चल दिए। न पुलिस को खबर थी, न मीडिया को। हालांकि 3 घंटे 20 मिनट बाद ही पुलिस ने बलपूर्वक राहुल-प्रियंका को उठाकर धरना खत्म करा दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
हांसी में दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। कई कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जबकि पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को डिटेन किया गया। सदर थाना और शहर थाना पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की गतिविधियों पर रोक लगाई। पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी और कांग्रेस नेता मनोज राठी को गोसाई गेट स्थित सैनी के आवास पर ही हिरासत में लिया गया, ताकि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। इन नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में हांसी विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राहुल मक्कड़, नलवा विधानसभा से प्रत्याशी रहे अनिल मान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुमन शर्मा, हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष तेलूराम जांगड़ा, नारनौंद से युवा कांग्रेस हल्का अध्यक्ष प्रमोद कुहाड़, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष (हांसी) राहुल सिवाच और हिसार ग्रामीण यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष सोविन भाटला शामिल हैं। हालांकि, नारनौंद के कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे और कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने की पुलिस कार्रवाई की निंदा कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है और विरोध की आवाज़ को दबाने के लिए नेताओं को नज़रबंद व डिटेन किया जा रहा है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापठक को खत्म करने के लिए दिल्ली में बैठक चल रही है। बैठक पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने बुलाई है। पहले यह मीटिंग मंगलवार को होनी थी लेकिन प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने के कारण बैठक नहीं हो पाई। बैठक कांग्रेस मुख्यालय में हो रही है। इसमें प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत, राजकुमार वेरका, अमर सिंह व अन्य कई नेता बैठक के लिए पहुंच चुके हैं। गुटबाजी के बाद राजा वड़िंग व चरणजीत सिंह चन्नी पहली बार किसी बैठक में आमने-सामने होंगे। हाईकमान के बड़े नेता भी होंगे बैठक में शामिल राहुल गांधी समेत कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि हाईकमान के कुछ बड़े नेता भी बैठक में शामिल होंगे। बैठक में इलेक्शन कंपेन कमेटी, कोर कमेटी, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी और मेनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों को बुलाया गया है। इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्षों को भी बलुाया गया है।
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन में कील वाली लाठी के असली वीडियो को 'फेक' बताया
बूम ने पाया कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर छोटे आईं.
मैनपुरी के लोकमाता अहिल्याबाई होलकर किसान सेवा संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के जंतर-मंतर जा रहा था। पुलिस ने गोलाबाजार स्थित कैंप कार्यालय पहुंचकर यह कार्रवाई की। संगठन के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव शत्रुघ्न पाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का विरोध दर्ज कराया है। राष्ट्रीय प्रमुख लखमी चंद बघेल ने पुलिस द्वारा महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। शत्रुघ्न पाल ने घोषणा की है कि 23 जुलाई को सुबह 10 बजे मैनपुरी के जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों को इस दौरान उपस्थित रहने का आह्वान किया है। पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए गए लोगों में लखमी चंद बघेल, शत्रुघ्न पाल, दयाराम पाल, शीतल पाल पेरियार, पंकज पाल, धर्मेंद्र पाल, कौशल बघेल मैनपुरिया, संतोष राजपूत, सतीश पाल और शिवनाथ पाल शामिल हैं।
दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी के घरने प्रदर्शन की गूंज बुधवार मध्यप्रदेश विधानसभा में सुनाई दी। नीट परीक्षा सहित मध्य प्रदेश में हुई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर विधानसभा में चर्चा कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने ...
नरसिंहपुर जिले के सुभाष पार्क के पास बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्र नेता मुकुल तिवारी ने इस दौरान बताया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांगें पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से संबंधित हैं। तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा देने की भी मांग की। मुकुल तिवारी ने 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई लाठीचार्ज की घटना पर गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और इस आंदोलन का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाया और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई की अपील की। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
मैहर में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में एसडीएम दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और बाद में एसडीएम दिव्या पटेल को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन छात्रों और किसानों से जुड़ी समस्याओं सहित कई मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लगाए बैरिकेड हटाने को लेकर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति काबू में रही और कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जारी रखा। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बार-बार होते पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं के खिलाफ किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। वर्चुअल जुड़े राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमकर हुई नारेबाजी भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने ऑनलाइन जुड़कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। मैहर नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया और राहुल गांधी के साथ हुए बर्ताव की निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में उठाईं ये प्रमुख मांगें राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस ने छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की जांच, महंगाई पर लगाम, युवाओं को रोजगार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किसानों की समस्याओं के हल की मांग रखी। मौके पर तैनात रहा भारी पुलिस बल प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मौके पर सीएसपी महेंद्र सिंह, आरआई नृपेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी संतोष उलाड़ी और बदेरा थाना प्रभारी अभिषेक सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
भिवानी में बुधवार को दिल्ली में नीट परीक्षा लीक के खिलाफ आंदोलनरत छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी को डिटेन करने के खिलाफ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस दौरान कांग्रेसी चौधरी सुरेंद्र सिंह पार्क के सामने एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए वह लघु सचिवालय तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने लघु सचिवालय का गेट बंद करके कांग्रेसियों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। जबकि कांग्रेस अंदर जाने की बात कर रहे थे। इसको लेकर हंगामा होता रहा और माहौल गर्म रहा। लेकिन पुलिस ने कांग्रेसियों को अंदर घुसने नहीं दिया। एसडीएम ने बाहर आकर लिया ज्ञापन इसके बाद एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे। कांग्रेसियों ने गेट खुलवाकर अंदर आकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। लेकिन बात नहीं मानी तो एसडीएम ही बाहर चले गए। इस दौरान बरसात का पानी लघु सचिवालय के गेट के बाहर भरा हुआ था। इसी जमा पानी में एसडीएम को खड़े करके ज्ञापन दिया गया। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी एवं शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने किया। युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठियां बरसाई- कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी एवं शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया जोगी ने कहा कि जिस प्रकार से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले 18-19 वर्ष तक के युवाओं पर बर्बरतापूर्ण लाठियां बरसाई गई, उससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार तानाशाही और अहंकार की पराकाष्ठा पार कर चुकी है। इसे देश के युवाओं के भविष्य और उनके सपनों की रत्ती भर भी परवाह नहीं है। भाजपा सरकार पेपर लीक और भ्रष्टाचार का एक ऐसा जहरीला कॉकटेल तैयार कर रही है, जिसने लाखों होनहार युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। भाजपा का स्पष्ट एजेंडा देश के युवाओं को अनपढ़ और बेरोजगार रखकर भारत को दशकों पीछे धकेलना है, लेकिन कांग्रेस इस घटिया और क्रूर साजिश को कभी कामयाब नहीं होने देगी। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम पर गाज गिरनी चाहिए अनिरूद्ध चौधरी और प्रदीप गुलिया जोगी ने मांग की कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले सिस्टम पर गाज गिरनी चाहिए। जोगी ने कहा कि इस पूरे घोटाले और युवाओं के दमन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं के भ्रष्टाचार और प्रशासनिक नाकामी की बलि देश के बेकसूर युवाओं को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। पीएम आवास के बाहर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर अनिरूद्ध चौधरी एवं प्रदीप गुलिया ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जब इस देश में नेता प्रतिपक्ष तक को जनहित और युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाने का हक नहीं दिया जा रहा। जब मुख्य विपक्षी नेता को असंवैधानिक तरीके से हिरासत में ठोंक दिया जाता है, तो इस अहंकारी भाजपा सरकार के सामने एक आम नागरिक की हैसियत ही क्या रह जाती है। भाजपा का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है।
दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में उज्जैन में धरना:शाम को कैंडल मार्च, 25 जुलाई को विशाल प्रदर्शन का ऐलान
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उज्जैन में प्रदर्शन किया गया। यह धरना टॉवर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के सामने आयोजित हुआ। भीम आर्मी और आर्य समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य सुनील आस्ते के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों का समर्थन किया। सुनील आस्ते ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज पर देशव्यापी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया। आस्ते ने कहा कि उज्जैन का यह आंदोलन दिल्ली के छात्रों के समर्थन में है और न्याय मिलने तक जारी रहेगा। उनकी मांगों में नीट के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा और उन्हें शहीद का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने बताया कि भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर दिल्ली में धरने पर बैठे हैं। यह धरना भीम आर्मी दिवस से शुरू हुआ है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा। आस्ते ने यह भी बताया कि देर शाम नीट परीक्षा के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों की याद में एक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक संगठन और आम नागरिक शामिल होंगे। आंदोलन के अगले चरण के तहत 25 जुलाई को उज्जैन में एक विशाल मार्च निकालने की योजना है। यह मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगा, जहां राष्ट्रपति और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। धरना स्थल पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने 'जय भीम' और 'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' के नारे लगाए। उन्होंने हाथों में संविधान की पुस्तकें भी ले रखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नूंह जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सहीदा खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय नूंह के सामने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाना और विपक्ष के नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और ऐसे मामलों में बल प्रयोग उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष बोले- विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा जिला अध्यक्ष सहीदा खान ने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश में विपक्ष की आवाज को दबाना और विरोध की आवाजों पर कार्रवाई करना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और बैनर लेकर लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और छात्रों पर अत्याचार बंद करो जैसे नारे लगाए। इस कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने नूंह एसडीएम कुंवर आदित्य विक्रम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
रांची पहुंची दिल्ली की सियासत की आग: राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से भड़की राजनीतिक सरगर्मी की आग अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच चुकी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हिरासत और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रांची में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब उग्र प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन प्रदर्शन को संभालते हुए कई दिग्गज नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।सड़क पर उतरी कांग्रेस, जमकर हुई नारेबाजी और प्रदर्शनराहुल गांधी की हिरासत के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राजधानी रांची में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों और बल का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसे देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। रांची की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था भी काफी हद तक प्रभावित हुई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प, कई नेता हिरासत मेंप्रदर्शन के दौरान जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तयशुदा मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।झारखंड की राजनीति में गरमाया माहौल, आगे क्या होगी रणनीतिदिल्ली से लेकर रांची तक सुलग रही इस राजनीतिक चिंगारी ने आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दे दिए हैं। विपक्षी दल इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार देते हुए पूरे राज्य में आंदोलन को और तेज करने की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का मानना है कि कानून का पालन करना हर नागरिक और दल की जिम्मेदारी है। रांची में हुई इस गिरफ्तारी और उग्र प्रदर्शन के बाद से शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा में कई युवा घायल हो गए थे। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामलों की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है और सरकार पर तीखे जुबानी हमले किए हैं।अखिलेश यादव ने बताया क्यों नहीं ले रही सरकार इस्तीफाअखिलेश यादव ने दावा किया है कि बीजेपी सरकार चाहकर भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा नहीं ले सकती है। सपा प्रमुख ने इसके पीछे बड़ा कारण बताते हुए कहा कि यदि एक मंत्री ने इस्तीफा दिया, तो सरकार के कई अंदरूनी और बड़े राज खुल सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का दबाव और डर ही सरकार को कोई कड़ा कदम उठाने से रोक रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि व्यवस्था के भीतर कई परतें छिपाई जा रही हैं।पुलिस कार्रवाई की तुलना हिटलरशाही से कीछात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हुए अखिलेश यादव ने इसकी तुलना हिटलर के शासनकाल से कर दी। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से आए युवाओं के साथ जिस तरह का अमानवीय बर्ताव किया गया है, वैसा तानाशाही दौर में ही देखा जाता है। लोकतंत्र में इस तरह की बर्बरता स्वीकार नहीं की जा सकती है, जहां युवाओं के सिर फोड़े जा रहे हैं और उन पर अत्याचार किया जा रहा है।
दिल्ली के जंतर मंतर में सोनम वांगचुक के धरने में शामिल होने जा रहे 2 युवक यूपी के अलीगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे की सूचना पर परिजन अलीगढ़ पहुंच गए हैं। दोनों युवक सीतापुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर ब्लॉक के ग्राम आरा निवासी दीपक सिंह (26) और उसका साथी सुरेश सिंह (26) नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली में सोनम वांगचुक के धरने में शामिल होने के लिए 18 जुलाई को निकले थे। दोनों पल्सर बाइक से दिल्ली के लिए रवाना हुए। वे यूपी के रास्ते दिल्ली जा रहे थे। अलीगढ़ में हादसा, एक युवक की मौत बाइक सवार दोनों युवक अलीगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हो गए। हादसे में दीपक सिंह की मौत हो गई, वहीं सुरेश सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। अलीगढ़ की पुलिस ने युवकों के पास मिले पहचान पत्र के आधार पर सीतापुर थाने को मामले की सूचना दी। सीतापुर पुलिस ने आरा के सरपंच अजीत तिर्की के माध्यम से परिजनों को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन अलीगढ़ रवाना हो गए हैं। दिल्ली जाने से पहले सोनम वांग्चुक के समर्थन में किया था पोस्ट युवकों ने दिल्ली रवाना होने के पूर्व सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक के प्रदर्शन को समर्थन करते हुए पोस्ट में लिखा था कि हमारे सपने बिकाऊ नहीं हैं, हम न्याय लेकर रहेंगे। युवकों ने राधापुर, सरगुजा से बाइक से प्रस्थान का समय 18 जुलाई की रात 11 बजे का बताया था। दोनों युवक पल्सर बाइक से दिल्ली रवाना हुए थे। हादसे की सूचना मिलने पर गांव में शोक है। सीतापुर पुलिस ने बताया कि हादसे की सूचना मिली थी, परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को यमुनानगर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले जगाधरी अनाज मंडी गेट पर करीब एक घंटे तक धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को लाठियों और चप्पलों से पीटते हुए आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में कांग्रेसी लघु सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त प्रीति के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्र-युवा मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की। लाठीचार्ज को बताया अधिकारों का हनन कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कहा कि देशभर में छात्र-छात्राएं परीक्षा अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और भर्ती में देरी के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस युवाओं की आवाज के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष करेगी। केंद्रिय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग ग्रामीण जिलाध्यक्ष नरपाल सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें, परीक्षा एवं भर्ती संबंधी मामलों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए तथा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं। साथ ही छात्रों के खिलाफ की जा रही दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए उनकी लोकतांत्रिक मांगों पर न्यायोचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार छात्र-युवाओं की आवाज उठा रहे हैं और पार्टी आगे भी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर झुकिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारनौल सचिवालय में धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की गई। और इसे दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन : सत्यवीर सत्यवीर झुकिया ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई कार्रवाई से लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। झुकिया ने बताया कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक विफलताओं के कारण देशभर के लाखों छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है। ज्ञापन में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की गिरफ्तारी की भी निंदा की गई। झुकिया ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई को छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के निकट शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अनेक सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायकों को गिरफ्तार करने की निंदा उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में चंडीगढ़ स्थित राजभवन का घेराव करने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा कांग्रेस विधायकों को भी गिरफ्तार किया गया। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न बताया गया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से कई मांगें की गईं। इनमें परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने अथवा उन्हें पद से हटाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा कराने तथा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी मामलों को वापस लेकर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई समाप्त करने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में यह नेता रहे शामिल इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राव होशियार सिंह, जसवंत सहरावत, कवींद्र एडवोकेट, डॉ. धीरज शर्मा और एससी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सहित तोताराम कोहली एडवोकेट,मंजीत यादव,नारनौल ब्लॉक अध्यक्ष मनपाल यादव,अटेली ब्लॉक अध्यक्ष सुमेर सिंह,सीमा ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर यादव,निजामपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार,नांगल चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम यादव,महेंद्रगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष तेजपाल प्रजापति,महासचिव प्रो. राजवीर यादव, उपाध्यक्ष सुमेर चेयरमैन,डॉ. तरुण यादव,प्रदीप सरपंच आनावास,शाम सुंदर सोनी,नंदलाल,सुमित चौधरी, वीरभान,भगवान सिंह,डॉ. राजवती सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमों ने कांग्रेस नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए उनके घरों में नजरबंद किया जाए। पुलिस की कार्रवाई के चलते कई नेताओं को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया, जिससे जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, ओल्ड फरीदाबाद से कांग्रेस नेता लखन सिंगला, एनआईटी से वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतवीर डागर, पूर्व विधायक नीरज शर्मा तथा बल्लभगढ़ के कांग्रेस नेता मनोज अग्रवाल समेत कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों पर सुबह से ही पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। जैसे ही नेताओं ने दिल्ली के लिए निकलने की तैयारी की, पुलिस ने उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। नेता बोले बिना बताए रोका कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे दिल्ली में पार्टी के एक निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोक दिया। नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है, जिसे प्रशासन ने बाधित किया है। पुलिस बोलीं- सुरक्षा को लेकर किया वहीं पुलिस जांच अधिकारी विष्णु मित्र अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह कदम उठाया गया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की बात कही है।
उच्च शिक्षा और ग्लोबल एनालिटिक्स फर्म 'QS' (Quacquarelli Symonds) ने साल 2027 के लिए दुनिया भर के बेहतरीन स्टूडेंट शहरों की ताजा रैंकिंग (QS Best Student Cities 2027) जारी कर दी है। इस नई लिस्ट में भारत के लिए बेहद गर्व और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ने भारत में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि देश की राजधानी नई दिल्ली ने दुनिया भर के छात्रों के लिए 'सबसे किफायती शहर' (Most Affordable City) होने का गौरव अपने नाम किया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।मुंबई ने मारी बाजी, भारत में बनी नंबर-1 स्टूडेंट सिटीक्यूएस की इस ताजा वैश्विक सूची में मुंबई ने शानदार छलांग लगाते हुए पिछले साल की 98वीं रैंक से सुधरकर सीधे 91वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही मुंबई देश का सर्वोच्च रैंकिंग वाला (Highest-Ranked Student Destination) शहर बन गया है। मुंबई की इस सफलता के पीछे यहां के बेहतरीन शिक्षण संस्थान, मजबूत एम्प्लॉयर एक्टिविटी (नियोक्ताओं के बीच graduates की मांग) और रोजगार के बेहतर अवसर हैं। वैश्विक स्तर पर कंपनियों और रिक्रूटर्स के बीच भारतीय युवाओं की बढ़ती स्वीकार्यता ने मुंबई की इस रैंकिंग को और मजबूत किया है।दुनिया में सबसे सस्ती पढ़ाई: दिल्ली ने मारी बाजीबात अगर खर्च और बजट की हो, तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। QS रैंकिंग 2027 के अनुसार, दिल्ली को दुनिया भर में छात्रों के रहने और पढ़ाई के लिए सबसे किफायती शहर (Most Affordable City globally) घोषित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए औसत ट्यूशन फीस सालाना करीब 2,700 अमेरिकी डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपये) है, जो दुनिया के दूसरे बड़े ग्लोबल एजुकेशन हब के मुकाबले बेहद कम है। कम खर्च और बेहतरीन करियर संभावनाओं के दम पर दिल्ली ने ग्लोबल लिस्ट में 99वीं रैंक हासिल की है।भारत के अन्य शहरों का कैसा रहा प्रदर्शन?इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में मुंबई और दिल्ली के अलावा देश के अन्य प्रमुख महानगरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। चेन्नई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पायदान की छलांग लगाई है और वह 123वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, दूसरी ओर बेंगलुरु एकमात्र ऐसा भारतीय शहर रहा जिसे इस बार थोड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा और वह फिसलकर 114वें स्थान पर आ गया। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय शहरों का यह सुधार देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में तेजी से हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के मामले में अभी हमें और लंबी दूरी तय करनी है।
बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामने किया गया। कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी का कहना है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। राहुल-प्रियंका को हिरासत में लेने का भी विरोध कांग्रेस ने 21 जुलाई को संसद सत्र के बाद प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। पार्टी नेताओं का दावा है कि इस दौरान राहुल गांधी को भी चोटें लगीं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और प्रदर्शनकारियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
बहराइच में बुधवार दोपहर सरदार पटेल सेवा समिति के सदस्यों ने दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा की। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश पर जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शन के समापन के बाद, समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेजा। इस दौरान अनिल पटेल, अखिल कुमार, अनूप पटेल, मनोज सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बाद मुरादाबाद पुलिस ने जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस दिल्ली आने-जाने वाले छात्रों और युवाओं की गतिविधियों पर नजर रख रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में मुरादाबाद के कुछ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए हैं। 20 जुलाई को हुए बवाल और पुलिस कार्रवाई के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर नजर एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) समेत अन्य खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट जुटा रही हैं। यह भी निगरानी की जा रही है कि जिले में प्रदर्शन के समर्थन या विरोध में कहीं धरना, जुलूस या प्रदर्शन की तैयारी तो नहीं हो रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी थाना प्रभारियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी बोले- कानून व्यवस्था से समझौता नहीं एसएसपी सतपाल अंतिल ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा जिले में डबवाली पुलिस ने नीट परीक्षा और छात्र मुद्दों पर दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई देर रात की गई, जब नेता दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़ ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात करीब 12 बजे पुलिस की दो गाड़ियां उनके आवास पर पहुंचीं। इन नेताओं को किया गया नजरबंद पुलिस ने पार्षद समनदीप बराड़, पूर्व हलका प्रधान शगन बराड़, भूपिंदर सिंह बंटी, विक्की भाटी और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्हें नजरबंद किया गया है। जग्गा सिंह बराड़ ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने चार नामजद और तीन अन्य कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाया। बराड़ ने तत्काल सांसद कुमारी सैलजा को फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत के छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यहां देखें फोटो… भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप जग्गा सिंह बराड़ ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा और छात्रों व जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। बराड़ का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के कार्यकर्ताओं को जबरन अपने वाहनों में बैठाया और उन्हें उनके घरों के भीतर ही नजरबंद कर दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें भी पुलिस निगरानी में नजरबंद किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
रायबरेली में भाकपा (माले) का प्रदर्शन:दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में DM को सौंपा ज्ञापन
रायबरेली में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। विजय विद्रोही के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन भाकपा (माले) नेता विजय विद्रोही के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजय विद्रोही ने दिल्ली की घटना को 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक शर्मनाक अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में निहत्थे छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पुलिस के हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। विद्रोही ने दिल्ली पुलिस के इस रवैये को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की पुलिस पहले से ही इस तरह की कार्रवाई के लिए जानी जाती है, और अब दिल्ली पुलिस भी उसी राह पर चल पड़ी है। भाकपा (माले) नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का रवैया आम जनता के खिलाफ हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
उन्नाव में बुधवार को सपा ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश यादव और पूर्व सांसद अन्नू टंडन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता डीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और बाद में उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई। सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी और जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है जैसे नारे शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देकर छात्रों की आवाज उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की थी। सपा नेताओं का आरोप है कि बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिसके विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्नाव में भी इसी क्रम में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने डीएम कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद पुलिस ने सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से पुलिस लाइन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की कोई सूचना नहीं मिली। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
सीजेपी प्रदर्शन का 33वां दिन: दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, सरकार ने फिर भेजा बातचीत का प्रस्ताव
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के 33वें दिन 16 मेट्रो स्टेशन बंद रहे। सरकार ने दूसरी बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है, जबकि पश्चिम बंगाल से 2,000 CRPF जवान दिल्ली बुलाए गए हैं। पुलिस कार्रवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई होगी।
CJP Protest : जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध के चलते दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 16 स्टेशनों को बंद करने का फैसला किया है। इस वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के निर्देशों पर आज जिला कांग्रेस कमेटी हिसार द्वारा लघु सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। दोपहर 1:15 बजे होने वाले इस प्रदर्शन के जरिए देश भर के छात्रों व युवाओं के समर्थन में आवाज उठाई जाएगी। जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया की अध्यक्षता में होने वाले प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिशों का विरोध करना है। राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने बताया कि धरने के उपरांत जिला प्रशासन एवं उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, ब्लॉक अध्यक्षों सहित युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI, किसान मोर्चा और सेवा दल जैसे सभी प्रमुख अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम हुआ सुहाना, हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते गर्मी से राहत
नोएडा, 22 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बीते 24 घंटों के दौरान आसमान पर काले घने बादलों का डेरा, कई इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
औरंगाबाद में बुधवार की सुबह सड़क हादसे में नवजात समेत 5 लोग घायल हो गए। सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से कार टकरा गई। सभी दिल्ली से नवजात का इलाज कराकर घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस-एंबुलेंस पुहंची। घायलों को सीएचसी मदनपुर पुहंचाया। जहां से मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गयाजी रेफर कर दिया गया। घटना मदनपुर थाना क्षेत्र में एनएच-19 नगमतिया मोड़ के पास की है। ये लोग हुए घायल घायलों की पहचान नवादा जिले के हुलासगंज निवासी विनय कुमार सिंह के बेटे रिशु राज, डिहरी नवादा निवासी जितेंद्र सिंह की पत्नी तेशमणी देवी, हुलासगंज निवासी स्वर्गीय रामाशिष शर्मा के बेटे विनय शर्मा और डिहरी नवादा निवासी जितेंद्र सिंह के बेटे रोहित कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने कार को जब्त किया नवजात शिशु जन्म के बाद बीमार हो गया था। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया था। दिल्ली में इलाज कराने के बाद परिवार के लोग वापस लौट रहे थे। मदनपुर थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

