Gurdwara Bangla Sahib में जूते पहनकर घुसने का झूठा Video फैलाने वालों पर Delhi Police दर्ज करेगी केस
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब के भीतर पुलिसकर्मियों को जूते पहने दिखाए जाने वाले वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर यह वीडियो प्रसारित होने के बाद नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी उस सामान्य मार्ग से गुजर रहे थे जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने के स्थान तक जाने के लिए करते हैं। डीसीपी ने कहा, यह वीडियो एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की दुर्भावनापूर्ण मंशा से जानबूझकर प्रसारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए गुरुद्वारा परिसर में शरण ली, जिसके बाद पुलिसकर्मियों के गुरुद्वारे में दाखिल होने का वीडियो सामने आया।
राजधानी में रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
दिल्ली में रास्ता पूछने के लिए अमूमन गूगल मैप सटीक साबित होता है, लेकिन शनिवार लुटियंस दिल्ली में यह भी कंफ्यूज दिखा। इसमें गोल पोस्ट ऑफिस से जंतर मंतर की महज एक किमी की दूरी तय करवाने के लिए लंबा रास्ता लिया। इससे रास्ता करीब 13 किमी लंबा हो गया।
दिल्ली में मुख्य सूचना आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस-सपा का प्रदर्शन तेज हो गया है। कहने के लिए प्रदर्शन ‘इंडिया गठबंधन’ में शामिल सभी घटक दलों का है। लेकिन, मुख्य किरदार में कांग्रेस ही नजर आ रही है। सपा शुरुआत में तो सड़क पर उतरी, लेकिन फिर दिलचस्पी कम दिखाई। अखिलेश ने वजह बताई कि उन्हें फीवर था। लेकिन, माना जा रहा है कि वो कांग्रेस नेताओं की हालिया बयानबाजी से नाराज हैं। कांग्रेस के बुलावे पर भी 30 सितंबर को दिल्ली में हुए लंच में सपा का कोई सांसद शामिल नहीं हुआ। कांग्रेस की तरफ से सफाई में कहा गया कि न्योता ही लेट भेजा था। ये सिर्फ एक संकेत है। ऐसी तीन और घटनाएं सामने आईं, जिनसे दूरियां बढ़ने का इशारा मिल रहा है- दरअसल, संसद में 90 सांसदों के साथ विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है, जबकि सपा 37 सांसदों के साथ दूसरे पायदान पर आती है। इस वक्त इंडिया गठबंधन में अखिलेश यादव सबसे मजबूत चेहरा हैं। क्योंकि, इंडिया गठबंधन में शामिल आप 3 सीट और आरजेडी 4 सीट पर सिमट गईं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी ने 29 सीटें जीती हैं, लेकिन सांसद संभाल नहीं सकी। ऐसे में दिल्ली में जब प्रदर्शन शुरू हुए, तो दोनों पार्टियों के नेताओं पर सबकी नजर रहना स्वाभाविक था। फिर चाहे सड़क पर अखिलेश और राहुल गांधी का मूवमेंट हो या बैठक और लंच पार्टी। कांग्रेस शुरू से जता रही है कि वो नेशनल पार्टी है, फैसले भी वैसे ही होंगे। वहीं, अखिलेश भी कई बार दोहरा चुके हैं कि बात सीट की नहीं, जीत की है…। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना था कि जब सीट ही नहीं रहेगी, तो जीत कैसे होगी? अब 3 स्टेप में दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती खटास को समझते हैं… 1. इंडिया गठबंधन की बैठक का दिन अखिलेश ने शामिल होने से मना किया 30 सितंबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक बुलाई गई थी। ये निर्णय 26 सितंबर को ही हो गया था। लेकिन, अखिलेश यादव ने 28 सितंबर को इस बैठक में जाने से मना कर दिया। पार्टी की तरफ से इसका कारण राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों का लखनऊ में नामांकन बताया गया। कांग्रेस का मानना था कि राज्यसभा के लिए नामांकन का पहला दिन था, इसे आगे बढ़ाया जा सकता था। हालांकि, सपा ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर इस बैठक में शामिल होने के लिए 2 सांसदों को भेजा। इनमें मुजफ्फरनगर से सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र मलिक और रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्ला नदवी शामिल थे। इस दिन फैसला हो गया था कि 6 अक्टूबर को इंडिया अलायंस के सांसद दिल्ली में संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग के दफ्तर तक मार्च करेंगे। 2. प्रदर्शन का दिन अखिलेश को मालूम नहीं, राहुल-प्रियंका आकाशवाणी पहुंचे 6 अक्टूबर को पैदल मार्च शुरू हुआ, तो अखिलेश यादव और सपा के सभी सांसद संसद भवन पहुंच गए। वहां से अखिलेश यादव राहुल गांधी के साथ भारत निर्वाचन आयोग के लिए निकले भी। साथ में सभी सांसद भी शामिल थे। लेकिन, यहां सपा और कांग्रेस के बीच तालमेल नजर नहीं आया। निर्वाचन आयोग तक पहुंचने से रोका गया तो क्या करना है, यह दूसरे दलों के नेताओं को पता ही नहीं था। पुलिस ने जहां रोका, अखिलेश वहीं धरने पर बैठ गए। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका आकाशवाणी जाकर धरने पर बैठ गए। विपक्ष के दूसरे नेताओं को इसकी कानोंकान खबर ही नहीं लगी। बताया जाता है कि इसे लेकर सपा सुप्रीमो नाराज भी हो गए। 3. खड़गे के लंच का दिन सपा गायब रही, कहा गया बुलावा लेट भेजा 7 अक्टूबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया गठबंधन के सांसदों को लंच पर बुलाया। लेकिन, इसमें सपा शामिल नहीं हुई। इसे लेकर जब मीडिया में सवाल उठे तो कांग्रेस के मीडिया प्रभारी और महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा- आज के लंच के लिए INDIA गठबंधन के सभी दलों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन, लंच का फैसला कल देर रात लिया गया और उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके। कुछ मीडिया संस्थानों में इसे लेकर बेवजह टिप्पणी की जा रही है। इंडिया गठबंधन के सभी दल वोट चोरी, SIR और परिसीमन के खिलाफ एकजुट हैं। पूरी मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। बढ़ती दूरियों की 3 और वजह भी बताई जा रहीं… 1. यूपी में कांग्रेस सम्मानजनक सीट मांग रही यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान चल रही है। यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम पहले 200, फिर 150 सीट तक मांगते रहे। अब इमरान मसूद ने सम्मानजनक सीट देने के लिए कहा। इसका मतलब हर जिले में 1 और अमेठी, सहारनपुर, रायबरेली में एक से ज्यादा सीटें हैं। सपा के अंदर यह चर्चा है कि जब कांग्रेस के पास विधान परिषद की 11 सीटों पर कैंडिडेट नहीं हैं, तो अच्छे कैंडिडेट कहां से आएंगे? 2. राज्यसभा उम्मीदवार के लिए कांग्रेस से राय न करना राज्यसभा चुनाव में सपा ने बिजनेसमैन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक धनराज परिमल नाथवानी को प्रत्याशी बना दिया। धनराज के पिता परिमल नाथवानी भाजपा के समर्थन से कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर झारखंड में राज्यसभा का चुनाव जीते थे। बताया जा रहा है कि इसके लिए राहुल गांधी को लूप में नहीं लिया गया। 3. इमरान को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना बीते कुछ महीनों से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद सीधे अखिलेश यादव पर हमलावर रहे हैं। पहले यह माना जाता रहा कि इमरान की यह व्यक्तिगत राय है। लेकिन, जब कांग्रेस ने इमरान को यूपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया तो सपा के नेताओं को यह लगा कि इमरान की बयानबाजी पार्टी के इशारे पर थी। अखिलेश ने कहा- स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा… 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में राहुल गांधी बैरिकेडिंग पर खड़े हो गए थे। लखनऊ आने पर जब अखिलेश यादव को याद दिलाया गया कि आप पिछले प्रदर्शन में बैरिकेडिंग पर खड़े हो गए थे, तब अखिलेश ने कहा कि मेरा स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है। वहीं, खड़गे के लंच में शामिल नहीं होने पर जब पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी तो लंच डिप्लोमेसी है, आगे डिनर भी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन की सूरत बहुत जल्दी साफ हो जाएगी। राजनीति के जानकार क्या सोचते हैं ‘गठबंधन कांग्रेस और सपा, दोनों के लिए मजबूरी’ वरिष्ठ पत्रकार और कांग्रेस को करीब से जानने वाले हिसाम सिद्दीकी कहते हैं- राहुल की बैठक में अखिलेश के न जाने, आंदोलन के दौरान तालमेल न होने और लंच में सपा के शामिल न होने की बात उतनी बड़ी नहीं है। चुनाव से पहले ये सब चलता रहेगा। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर इन चीजों का कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस और सपा, दोनों के लिए गठबंधन करना मजबूरी है। क्योंकि, राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के बाद सपा सबसे बड़ी पार्टी है। अगर सपा ही इसमें से निकल गई तो गठबंधन कहां बचेगा? ‘अखिलेश यादव अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे’ सपा को करीब से जानने वाले वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा कहते हैं- अखिलेश यादव अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए उन्हें कांग्रेस के साथ जाना ही पड़ेगा। यह सच है कि दोनों दलों के बीच बीते कुछ दिनों में दूरियां दिख रही हैं। लेकिन, यूपी में बीजेपी से पार पाने के लिए उन्हें कांग्रेस का साथ जरूरी है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- अखिलेश 55-60 सीट से ज्यादा छोड़ने को तैयार नहीं, कांग्रेस छोटे दलों के सहारे दबाव बना रही यूपी विधानसभा चुनाव- 2027 के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का मामला उलझता जा रहा है। कांग्रेस इस मसले को इसी अक्टूबर महीने में सुलझा लेना चाहती है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद पहली बार अपना सुर नरम करते 'सम्मानजनक सीटों' की मांग कर रहे हैं। पढ़िए स्टोरी…
मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण से लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन तक, कैबिनेट मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शनिवार शाम कांग्रेस पर निशाना साधा है। नरसिंहपुर पहुंचे मंत्री ने ओबीसी आरक्षण में कानूनी अड़चनों के लिए तत्कालीन कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, दिल्ली में हो रहे आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय साजिश बताते हुए इसमें कांग्रेस का हाथ होने का आरोप लगाया। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने किया था, लेकिन सही कानूनी तैयारी नहीं होने के कारण मामला उलझ गया। इसका खामियाजा आज ओबीसी युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला लिया, जिससे आरक्षण का पूरा लाभ मिलने में रुकावटें बनी हुई हैं। मोदी के खिलाफ बयानबाजी का लगाया आरोप दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस पहले भी इस तरह की बयानबाजी करती रही है। मंत्री ने 2013 में नरेंद्र मोदी के भाजपा चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनने और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान लगाए गए 'चौकीदार चोर है' के नारे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने बार-बार चुनावों में वोट देकर अपना फैसला साफ कर दिया है। आंदोलन के पीछे साजिश का दावा मंत्री ने मौजूदा आंदोलन के पीछे उपद्रवी तत्वों का हाथ होने का दावा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया। मंत्री का आरोप है कि कांग्रेस भी इस पूरे घटनाक्रम में बराबर की साझेदार है। उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलनों से देश की व्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है। मंत्री ने साफ किया कि देशहित और आम जनजीवन को नुकसान पहुंचाने वाली हरकतों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के खिलाफ निकाला मार्च
भास्कर न्यूज | अमृतसर सिटिजन फोरम अमृतसर ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुई कार्रवाई की निंदा की है। सिटिजन फोरम ने कई जन-संगठनों के साथ मिलकर भंडारी ब्रिज पर मीटिंग की, हॉल गेट चौक तक मार्च निकाला और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। बीबी कमलजीत कौर ने नागरिकों की गिरफ्तारी और दमन रोकने तथा विरोध करने के डेमोक्रेटिक राइट्स को बहाल करने की मांग की। उन्होंने मांग रखी कि पूरी एसआईआर (वोटर लिस्ट रिवीजन) प्रोसेस को रोका जाए, हटाए गए वोटों को तुरंत बहाल किया जाए और हाल ही में हुए चुनावों को कैंसिल किया जाए। जमहूरी किसान सभा के रतन सिंह रंधावा और तर्कशील सोसायटी के राज्यस्तरीय नेता सुमित सिंह ने कहा कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ देश भर में जन-आक्रोश है, क्योंकि बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे के तहत बड़े पैमाने पर वोट काटने का अभियान चलाया गया है। दिल्ली समेत देश भर में रोजाना हजारों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, जिनमें युवा और महिलाएं आगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बैरिकेड्स लगाकर कवरेज कर रहे पत्रकारों व नेताओं को हिरासत में ले रही है और गिरफ्तारियों के जरिए महिलाओं को परेशान कर रही है। इस मौके पर जगतार सिंह करमपुरा, सरोज बाला, प्रबोध कुमार, मास्टर सूचा सिंह अजनाला, राजविंदर सिंह सोही, बलबीर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे।
Panipat News: रेलवे ने दिल्ली-पानीपत रूट पर 14 ट्रेनों का संचालन रोका
रेलवे ने दिल्ली-पानीपत रूट पर 14 ट्रेनों का संचालन रोका
पानीपत में दिल्ली पुलिस के पीएसआई की सड़क हादसे में मौत
दिल्ली पुलिस के पीएसआई सत्यजीत की समालखा के पास जीटी रोड पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी वाहन चालक की पहचान करने में जुटी है।
दिल्ली कूच से पहले नेताओं की घेराबंदी : कांग्रेस और इनसो नेता नजरबंद
दिल्ली कूच से पहले नेताओं की घेराबंदी : कांग्रेस और इनसो नेता नजरबंद
Gorakhpur News: दिल्ली में प्रदर्शन के लिए गोरखपुर से कांग्रेस कार्यकर्ता रवाना
Congress workers leave Gorakhpur for the protest in Delhi.
Congress leader detained while heading to CJP protest in Delhi; farmer leaders also detained in Julana.
Amroha News: दिल्ली जाने से पहले ही 22 किसान और संगठन पदाधिकारी नजरबंद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान संगठनों, सामाजिक संगठनों, आजाद समाज पार्टी के 22 पदाधिकारियों व नेताओं को पुलिस ने नजरबंद रखा।
Bareilly News: दिल्ली में प्रदर्शन... आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें रहीं रद्द, यात्री परेशान
दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार और शनिवार को ट्रेनों के निरस्तीकरण ने दिल्ली जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
Karnal News: नेशनल हाईवे-44 पर 5 घंटे से ज्यादा जाम, दिल्ली जाने वाले वाहन रेंगते रहे
नेशनल हाईवे-44 पर 5 घंटे से ज्यादा जाम, दिल्ली जाने वाले वाहन रेंगते रहे
नवम कैपिटल के संस्थापक राजीव मंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को विदेशी साजिश करार देते हुए अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क और जैक डोर्सी पर आंदोलन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
Kaithal News: 12 दिसंबर के दिल्ली कूच के लिए रिटायर कर्मचारियों ने बनाई रणनीति
12 दिसंबर के दिल्ली कूच के लिए रिटायर कर्मचारियों ने बनाई रणनीति
आंतरिक मामलों में दखल न दें... दिल्ली प्रदर्शन को लेकर UN को भारत की दो टूक
सीजेपी समर्थकों की हिरासत को लेकर UN की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इसे अपने आंतरिक मामलों में बेवजह दखल बताया है.
Lucknow News: दिल्ली आने-जाने वाली सात ट्रेनें रद्द, 6800 यात्री परेशान
अमित पाठक ने कड़ी मशक्कत कर तेजस एक्सप्रेस में दिल्ली के लिए 10 अक्तूबर का कन्फर्म टिकट बुक करवाया था।
Lucknow News: दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए सतर्क रही पुलिस
दिल्ली में होने वाले सीजेपी के प्रदर्शन में लखनऊ से लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस कमिश्नरेट शुक्रवार रात से ही सतर्क रहा।
Sirsa News: दिल्ली कूच से पहले कांग्रेसियों को हिरासत में लिया, ऐलनाबाद थाने में दिया धरना
सिरसा। दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शनिवार सुबह विधायक शीशपाल केहरवाला के हुडा सेक्टर स्थित आवास के बाहर यह कार्रवाई हुई।
Baghpat News: पंजाब से दिल्ली लेकर जा रहे पटाखों की खेप पकड़ी
crime news
Kaithal News: दिल्ली प्रदर्शन में शामिल हुए विधायक देवेंद्र हंस
दिल्ली प्रदर्शन में शामिल हुए विधायक देवेंद्र हंस
Shahjahanpur News: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते विपक्षी नेता नजरबंद...रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता
शाहजहांपुर। नई दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर दिनभर पुलिस सतर्क रही। पुलिस ने विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर रोक दिया। रेलवे स्टेशन पर भी सतर्कता रही।
Lalitpur News: दिल्ली के लिए नहीं मिली ट्रेन, हीराकुंड आगरा से की गई डायवर्ट
ललितपुर। शनिवार को दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर तक कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं थी।
Hardoi News: दिल्ली प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस के रडार पर रहे सपा और कांग्रेस नेता
हरदोई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए हरदोई में भी पुलिस सक्रिय रही।
Farrukhabad News: दिल्ली जाने वाले यात्रियों में आई कमी, पांच बसें निरस्त
फर्रुखाबाद। मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित आंदोलन के चलते वहां की गई चाक चौबंद व्यवस्था से दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या घट गई।
Faridabad News: दिल्ली बॉर्डर पर सात जगह नाकेबंदी, बदरपुर बॉर्डर पर एक किलोमीटर लंबा जाम
Blockades at seven locations on the Delhi border; one-kilometer-long traffic jam at the Badarpur border.
Faridabad News: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते बसों के रूट बदले
Bus routes diverted due to protests in Delhi.
Etawah News: दिल्ली दूर है...पांच गुना ज्यादा किराया देकर पहुंचे
इटावा। सफर की बात हो तो लोग अन्य साधनों की जगह ट्रेन से जाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसकी मुख्य तीन वजहें हैं। सस्ता किराया, सुरक्षित यात्रा और समय से गंतव्य तक पहुंचाना।
दिल्ली प्रदर्शन: सीजेपी का सरकार पर हमला, नेताओं की गुमशुदगी पर उठाए गंभीर सवाल, तुरंत रिहाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं-अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी या कथित रूप से गायब किए जाने पर सरकार और प्रशासन से कड़ा जवाब मांगा है।
Hathras News: दिल्ली सील, हाथरस में मुश्किल
दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के चलते शनिवार को दिल्ली-कानपुर रेलखंड पर कई ट्रेनें निरस्त रहीं। इससे हाथरस के रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गईं। किसी का जरूरी काम प्रभावित हुआ तो कोई अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सका।
Baghpat News: दिल्ली जाने से रोकने को 30 लोग नजरबंद, ट्रेनें रद्द होने से यात्री रहे परेशान
train news
दिल्ली में कई लेयर सिक्योरिटी के बाद भी कनाट प्लेस में पहुंची प्रदर्शनकारियों की भीड़
दिल्ली में कई लेयर सिक्योरिटी के बाद भी कनाट प्लेस में पहुंची प्रदर्शनकारियों की भीड़
Shamli News: दिल्ली जाने से रोके भाकियू कार्यकर्ता, कलक्ट्रेट पर दिया धरना
BKU activists stopped from heading to Delhi; staged a sit-in at the Collectorate.
Bhiwani News: दिल्ली रूट की ट्रेनें रद्द, दिनभर परेशान रहे रेल यात्री
दिल्ली रूट की ट्रेनें रद्द, दिनभर परेशान रहे रेल यात्री
दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन पर बल प्रयोग लोकतंत्र पर हमला : प्रतिमा
उन्होंने इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
Rewari News: दिल्ली रूट की 20 ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी
Passengers inconvenienced as 20 trains on the Delhi route are cancelled.
मुसीबत में सफर...दिल्ली में प्रदर्शन से शताब्दी-जनशताब्दी रद्द, यात्रियों को बदलनी पड़ी योजना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन और युवा आक्रोश पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के विरोध में हुए भारी प्रदर्शन के बाद देश की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। पुलिस की तमाम पाबंदियों, भारी बैरिकेडिंग और हजारों की संख्या में हुई सामूहिक हिरासत के बावजूद इस आंदोलन की गूंज अब देश के दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। इस बीच, देश के जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक बेहद तीखा और तथ्यात्मक बयान दिया है। प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी दलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि देश के युवाओं और जागरूक नागरिकों का जो गुस्सा इस समय सड़कों पर फूट रहा है, उसे केवल चुनाव या राजनीतिक दल बदलने तक सीमित नहीं समझा जाना चाहिए। उनका यह बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।युवाओं के असंतोष को हल्के में लेना सरकार के लिए साबित हो सकता है खतरनाकप्रशांत किशोर ने मीडिया और विश्लेषकों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि आज का युवा वर्ग देश की संवैधानिक संस्थाओं, लोकतांत्रिक पारदर्शिता और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर बेहद गंभीर हो चुका है। जब मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आती है या फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों और छात्रों को जबरन रोका जाता है, तो इससे जनता के भीतर एक गहरा अविश्वास पैदा होता है। उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत दी कि वे इस जन-आक्रोश को हल्के में लेने की भूल बिल्कुल न करें। इतिहास गवाह है कि जब-जब देश की युवा शक्ति और आम जनता अपनी आवाज दबाए जाने के खिलाफ सड़कों पर उतरती है, तो बड़े-बड़े सियासी समीकरण धराशायी हो जाते हैं। सरकार को चाहिए कि वह दमनकारी नीतियों की बजाय पारदर्शी संवाद का रास्ता अपनाए और जनता की शंकाओं का सम्मानजनक समाधान करे।लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालइस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। प्रशांत किशोर ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाएं हैं। यदि चुनाव आयोग या अन्य केंद्रीय एजेंसियां आम नागरिकों के मन में अपनी निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करती हैं, तो यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की सेहत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष या किसी राजनीतिक दल द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करने के बजाय संस्थाओं को खुद आगे आकर पूरी पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे। चुनावी प्रक्रिया में जरा सा भी अविश्वास पूरे देश के राजनीतिक ताने-बाने को अस्थिर कर सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों की राय और आगामी चुनावों पर पड़ने वाले इसके दूरगामी प्रभावराजनीतिक गलियारों में प्रशांत किशोर के इस बयान के बहुत गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भले ही इस समय प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया हो और स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर सुलगता यह असंतोष आने वाले समय में राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र, युवा, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता जिस तरह से एकजुट होकर नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, उससे यह साफ है कि आगामी चुनाव सिर्फ पारंपरिक मुद्दों पर नहीं लड़े जाएंगे। जनता अब व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होगा।भविष्य की राह और जनता के बीच बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का नया दौरप्रशांत किशोर की यह चेतावनी इस बात का प्रतीक है कि भारतीय राजनीति एक नए और अधिक जागरूक दौर में प्रवेश कर रही है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के इस युग में जनता को गुमराह करना या उनकी आवाज को लंबे समय तक दबाए रखना मुमकिन नहीं है। सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में विरोध के स्वरों का दमन करने से समस्याएं हल नहीं होतीं, बल्कि वे और अधिक विकराल रूप ले लेती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इस जन-आक्रोश को शांत करने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर यह राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होता है। देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस लोकतांत्रिक संघर्ष का अगला अध्याय क्या होगा।
दिल्ली में बड़े प्रदर्शन और हिरासत पर आया UN का तीखा रिएक्शन, जताई चिंता
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूचियों की समीक्षा प्रक्रिया के विरोध में देश भर से हजारों कार्यकर्ताओं ने दिल्ली का रुख किया। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। शहर भर में जगह-जगह अवरोधक लगाकर बड़े पैमाने पर लोगों को रोका गया। इस दौरान सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजकों और प्रमुख नेताओं समेत हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचाई, बल्कि अब यह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बन गया है।यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने जताई गंभीर चिंता और मानवाधिकारों की रक्षा का आह्वान कियासंयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के प्रवक्ता थमीन अल-खीतान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर की गई हिरासत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। यूएन की ओर से जारी संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार प्रतिबद्धताओं के अनुरूप शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे प्रदर्शनकारियों से निपटने में संयम बरतें। संगठन ने मांग की है कि प्रदर्शन करने वाले नागरिक समाज के सदस्यों, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों को बिना किसी देरी के तुरंत रिहा किया जाना चाहिए, ताकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनी रहे।कूटनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया और भारत का पलटवारसंयुक्त राष्ट्र के इस बयान पर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की तरफ से भी त्वरित और सशक्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जिनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन ने इस बयान को पूरी तरह से अनावश्यक और भारत के आंतरिक मामलों में अनुचित टिप्पणी करार दिया है। भारतीय पक्ष ने जोर देकर कहा है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है, जहाँ संविधान के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि, जब किसी बड़े प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के प्रभावित होने की आशंका होती है, तो स्थानीय प्रशासन को कानूनी प्रक्रिया के तहत निवारक कदम उठाने पड़ते हैं। भारत ने साफ किया कि न्यायिक और प्रशासनिक एजेंसियां निष्पक्षता के साथ संविधान के दायरे में काम कर रही हैं।नागरिक समाज, विपक्षी दलों और सुरक्षा बलों का अपना-अपना पक्षदिल्ली में हुए इस बड़े घटनाक्रम को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार के रुख की आलोचना की है। कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का तर्क है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को बलपूर्वक रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए थे। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। इस बीच, हिरासत में लिए गए कई प्रमुख नेताओं को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिहा किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन विवाद अब भी गहराया हुआ है।भविष्य की राह, लोकतांत्रिक मूल्य और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मायनेदिल्ली के इस प्रदर्शन और उस पर आए अंतरराष्ट्रीय रिएक्शन ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। भारत जैसे विशाल देश में विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय संगठनों की टिप्पणियों से वैश्विक मंचों पर भारत की छवि को लेकर बहस छिड़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवेदनशील मामलों को बातचीत और पारदर्शी प्रक्रियाओं के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार, प्रदर्शनकारी और मानवाधिकार समूह इस मुद्दे को किस दिशा में ले जाते हैं और वैश्विक कूटनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।
गुरुद्वारा बंगला साहिब में झड़प की खबरों का खंडन, वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने दी सफाई
New Delhi, 10 अक्टूबर . राजधानी दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में Friday को Police और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने की social media पर फैल रही खबरों को गुरुद्वारा प्रबंधन ने गलत बताया है. गुरुद्वारा बंगला साहिब के मैनेजर राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और गुरुद्वारे में ... Read more
‘ये तानाशाही की पराकाष्ठा, सरकार डरी हुई है’, सीजेपी के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता उदित राज
New Delhi, 11 अक्टूबर . कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली में हुए सीजेपी के प्रदर्शन और इस पर आए Political बयानों पर प्रतिक्रिया है. सीजेपी के प्रदर्शन पर उदित राज ने कहा कि ये प्रदर्शन सिर्फ सीजेपी की तरफ से नहीं था. इसमें कई संगठन शामिल थे, टीएमसी भी शामिल थी और आम आदमी ... Read more
अनुष्का यादव ने हैमर थ्रो मीट रिकॉर्ड बेहतर किया; इलांगोवन ने पोल वॉल्ट में जीता गोल्ड
New Delhi, 10 अक्टूबर . 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में Saturday को 18 वर्षीय हैमर थ्रोअर अनुष्का यादव ने मीट रिकॉर्ड तोड़ा. अनुष्का ने लोहे की गेंद को 66.53 मीटर की दूरी तक फेंकते हुए मंजू बाला के पांच साल पुराने रिकॉर्ड (64.42) को तोड़ दिया. अनुष्का यादव ने 62.21 मीटर, 65.75 मीटर, 66.47 ... Read more
ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, हम पीछे नहीं हटेंगे: केसी वेणुगोपाल
New Delhi, 10 अक्टूबर . कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने Saturday को यहां कहा कि Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने का प्रयास उनके पतन को और तेज करेगा. कांग्रेस नेता ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हम भारतीय ... Read more
भारत में सेवादल का ‘एक्स’ अकाउंट बैन, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा
New Delhi, 10 अक्टूबर . India में कांग्रेस सेवादल के आधिकारिक एक्स अकाउंट को बैन कर दिया गया है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने ये जानकारी social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दी. कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में बताया कि कांग्रेस सेवादल के आधिकारिक एक्स अकाउंट को India में बैन करा दिया गया ... Read more
बदल गया मौसम का मिजाज! रविवार को दिल्ली-यूपी समेत 22 राज्यों में बारिश के आसार
weather update: देशभर में मॉनसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में बादलों का डेरा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार 11 ...
सीजेपी के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई से भड़के अरविंद सावंत, बोले-ये अघोषित इमरजेंसी है
New Delhi, 10 अक्टूबर . सीजेपी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नेताओं को डिटेन किए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने केंद्र Government और Police पर तीखा हमला बोला. सावंत ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन संविधान का अधिकार है. हवाई जहाज से लोगों को पकड़कर डिटेन करना आतंकवादियों जैसा व्यवहार है और ... Read more
दिल्ली में मतदाता सूची पुनरीक्षण और 'वोट चोरी' के मुद्दे पर कांग्रेस सोमवार को फिर प्रदर्शन करेगी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
दिल्ली में इन 30 रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
CJP ने रविवार को दिल्ली में फिर से एंटी-CEC प्रदर्शन की कॉल दी है। फिर से CJP कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जाने की कोशिश कर सकते हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
दिल्ली प्रदर्शन पर सियासी संग्राम: BJP ने साधा निशाना, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन और अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के नदिया में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। वहीं, मुंबई में कांग्रेस नेता भाई जगताप और विधायक असलम शेख ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए विरोध-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए।
रेखा गुप्ता का आप और कांग्रेस पर हमला, कहा- CJP उनकी बी-टीम; दिल्ली को बंधक नहीं बनने देंगे
रेखा गुप्ता ने आप और कांग्रेस को सीजेपी की 'बी-टीम' बताते हुए उन पर दिल्ली को बंधक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा नकारे गए ये नेता अपनी राजनीतिक निराशा दिल्ली पर निकाल रहे हैं।
दिल्ली में CJP का प्रदर्शन फेल या आगे बड़ा सियासी खेल? देखें खबरदार
दिल्ली पुलिस की तैयारियों के चलते CJP प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर नहीं पहुंच पाए पुलिस ने उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया. 3 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बीजेपी ने CJP के प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया है लेकिन सवाल ये है कि क्या सीजेपी अब क्या करेगी। उसके नेता हिरासत से कब छोड़े जाएंगे. उसके बाद वो क्या दोबारा जंतर मंतर पर जाने की कोशिश करेंगे. क्या दिल्ली इसी तरह छावनी बनी रहेगी.
सभी मेट्रो और रेल सुविधाएं बहाल, स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खुले
New Delhi, 10 अक्टूबर . राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन को लेकर लागू किए गए मेट्रो और रेल प्रतिबंधों को हटा लिया गया है. ये जानकारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने Saturday रात को दी. डीएमआरसी ने ये जानकारी social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दी. डीएमआरसी ने ... Read more
दिल्ली अदालत का फैसला: Sharjeel Imam की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कहा कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम ने मीडिया के संपर्क में आकर अंतरिम जमानत की एक शर्त का ‘‘प्रथम दृष्टया उल्लंघन’’ किया, लेकिन आत्मसमर्पण के लिए उनके पहले ही वापस लौटने के मद्देनजर जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द करने के अनुरोध वाली दिल्ली पुलिस की अर्जी पर यह आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया, ‘‘जहां तक अंतरिम जमानत रद्द करने का सवाल है, आरोपी पहले ही विमान में सवार हो चुका है और शाम को दिल्ली पहुंचकर आत्मसमर्पण करेगा। इसलिए, इन परिस्थितियों में अदालत के लिए जमानत रद्द करने का आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।’’इमाम को 22 सितंबर के आदेश के तहत उनके रिश्ते के भाई की शादी में शामिल होने के लिए चार से 10 अक्टूबर तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। हालांकि, अदालत के आदेश में उन्हें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने या किसी भी मीडियाकर्मी से संपर्क करने और परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों एवं मित्रों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने पर रोक लगाई गई थी। सरकार की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजकों मधुकर पांडेय और अनिरुद्ध मिश्रा ने अदालत में दलील दी कि इमाम ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया। उन्होंने इसके समर्थन में एक यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उपलब्ध वीडियो का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक समाचार चैनल द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में इमाम के भाई को साक्षात्कार देते हुए दिखाया गया है, जबकि उस समय इमाम भी कमरे में मौजूद थे। इमाम के वकील तालिफ मुस्तफा और अहमद इब्राहिम ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने न तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया, न कोई साक्षात्कार दिया और न ही किसी मीडियाकर्मी से बातचीत की। उन्होंने दलील दी कि पांच अक्टूबर को अपलोड किया गया चार मिनट 55 सेकंड का वीडियो समाचार चैनल ‘न्यूज 24’ ने तीन असंबद्ध स्रोतों से तैयार किया था। उन्होंने कहा कि इनमें इमाम के भाई का साक्षात्कार, परिवार और मित्रों के साथ इमाम की एक निजी क्लिप तथा एक नेता की ऐसी क्लिप शामिल थी, जिसका इमाम से कोई संबंध नहीं था। बचाव पक्ष ने कहा कि इमाम के भाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जमानत केवल अत्यंत ठोस और असाधारण परिस्थितियों में ही रद्द की जा सकती है तथा इस शक्ति का इस्तेमाल बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद अदालत ने कहा कि पहले वीडियो के चार हिस्से थे। अदालत ने कहा कि इनमें मौजूदा मामले की कार्यवाही के बारे में इमाम के भाई का साक्षात्कार, दो-तीन लोगों के साथ एक कमरे में बैठे इमाम, उसी दृश्य का एक व्यापक कोण से लिया गया दृश्य जिसमें इमाम और उनके भाई सहित छह-सात लोग दिखाई दे रहे थे, तथा एक नेता की क्लिप शामिल थी, जिसका मामले से कोई संबंध नहीं था। अदालत ने कहा कि तीन प्रासंगिक हिस्सों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि उन्हें लगभग एक ही समय पर एक ही कमरे में फिल्माया गया था और ‘‘पूरी संभावना है’’ कि मीडियाकर्मी द्वारा उनके भाई का साक्षात्कार लिए जाने के दौरान इमाम भी वहां मौजूद थे। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया, ये तथ्य और परिस्थितियां दर्शाती हैं कि मीडियाकर्मी उसी कमरे में मौजूद था, जहां आरोपी भी बैठा हुआ था। इस प्रकार, प्रथम दृष्टया आरोपी ने 22 सितंबर, 2026 के जमानत आदेश की शर्त संख्या दो का उल्लंघन किया है, जिसके तहत उसे अंतरिम जमानत दी गई थी।’’अदालत ने हालांकि कहा कि इमाम को शनिवार शाम तक जेल में आत्मसमर्पण करना था और उनके वकील के अनुसार, वह पहले ही विमान में सवार हो चुके हैं तथा जल्द ही दिल्ली पहुंचने वाले हैं। इमाम के खिलाफ मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के संबंध में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की, जिससे 4000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए।
दिल्ली में सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा, 3,000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए
New Delhi, 10 अक्टूबर . मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच Saturday को 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी नेता अभिजीत दिपके, पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और आम ... Read more
दिल्ली में कॉजपा का प्रदर्शन विफल, BJP ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को ‘‘बंधक’’ बनाने के इरादे से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाजपा नेता संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे विभिन्न नेताओं समेत 7000 से ज्यादा लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बीच कहा कि यह ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’’ है। सत्तारूढ़ दल ने कॉजपा को केजरीवाल और गांधी की ‘‘बी-टीम’’ करार दिया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी, केजरीवाल और कॉजपा अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति को ‘‘बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।’’भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कॉजपा ने आम आदमी पार्टी की ओर से ‘‘छद्म लड़ाई’’ लड़ने के लिए प्रदर्शन आहूत किया, लेकिन भारतीय लोकतंत्र ने उनकी ‘‘अराजकता फैलाने की मंशा’’ को विफल कर दिया। सत्तारूढ़ दल ने शनिवार को लगातार दो संवाददाता सम्मेलन किए और पलटवार के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने राहुल गांधी को ‘‘नालायक’’ नेता कहा। उन्होंने शुक्रवार को दिए गए गांधी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक मुलाकात में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप का खंडन नहीं किया। पात्रा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने अपनी ‘‘निराधार’’ टिप्पणियों से साबित कर दिया कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के योग्य नहीं हैं। पात्रा ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा है और टीवी तथा विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर जो दिखाया जा रहा है, वह भारत की वास्तविक तस्वीर नहीं है। भारत शांतिपूर्ण है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी और पूरे देश को बंधक बनाने की कोशिश की गई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यहां हिंसा भड़काने, हाथापाई करने और सड़कों पर संघर्ष कराने की कोशिशें की गईं। लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा।’’पात्रा ने कहा, ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई। आज दिल्ली में जिस तरह लोकतंत्र की ताकत सामने आई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है, उसे देखते हुए मैं फिर कहना चाहता हूं कि अराजकता फैलाने वालों की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका प्रदर्शन विफल रहा।’’भाजपा मुख्यालय में एक अलग संवाददाता सम्मेलन में रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि विभिन्न चुनावों में हार के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों को ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। प्रसाद ने कहा, ‘‘ये हारे हुए और हताश दल पिछले तीन-चार दिन से दिल्ली के लोगों को परेशान कर रहे हैं। वे सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन लोगों ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। लोकतंत्र की गरिमा ने उस पुरानी अराजकता को परास्त कर दिया है, जिसे विपक्ष भड़काने की कोशिश कर रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं।’’पात्रा ने गांधी पर निशाना साधा और भारत में एलन मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर उनकी हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी आज मस्क का भारत में ‘स्वागत’ कर रहे हैं, जबकि इससे पहले उनकी पार्टी के नेताओं ने भारत में स्टारलिंक परियोजना को लाइसेंस देने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे। पात्रा ने वाम दलों के नेताओं और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं की तुलना भी मीर जाफर से की। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी चुनाव जीते बिना सत्ता में आने के लिए अराजकता फैला रहे हैं, जबकि वृंदा करात समेत अन्य वामपंथी नेता ‘वोट चोरी’ के निराधार आरोपों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। पात्रा ने दावा किया कि वामपंथी नेता ‘‘नक्सलवाद के जरिए वसूली गई रकम से अपने घर चलाते थे’’, जिसे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने खत्म कर दिया है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने आरोप लगाया, ‘‘आज मुकाबला मोदी बनाम मीर जाफरों के बीच है।’’भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘पूरे देश को सड़कों पर अराजकता फैलाने की इस कोशिश पर ध्यान देना चाहिए। इसका मकसद चुनाव जीते बिना या चुनाव लड़े बिना ही सत्ता हथियाना है। बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना है। इसके लिए वे देश को गिरवी रखने और दोहरे मापदंड अपनाने को भी तैयार हैं।’’पात्रा ने आरोप लगाया कि भारत में मुगलों और अंग्रेजों ने ‘‘ऐसे ही मीर जाफरों’’ की वजह से सत्ता हथियाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यहां मोदी हैं और देश को अंग्रेजों तथा घुसपैठियों से केवल मोदी ही बचाएंगे। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की इस लड़ाई में भारत की जनता मोदी जी और देश के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मोदी को 140 करोड़ भारतीयों से ताकत मिलती है और वह उनके कल्याण के लिए काम करते हैं।’’प्रसाद ने मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर गांधी की टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि भारत कोई ‘‘बनाना रिपब्लिक’’ (कमजोर शासन वाला देश) नहीं है। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस देश ने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके हैं और न ही कभी टेकेगा। देश राष्ट्रीय हित में जरूरी कदम उठाएगा और किसी को भी एकाधिकार स्थापित करने की अनुमति नहीं देगा, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय।’’मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था। उसने प्लासी की लड़ाई के दौरान नवाब के साथ विश्वासघात किया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ दिया, जिससे भारत में ब्रिटिश शासन का रास्ता साफ हुआ।
‘दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी’, प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर सीएम रेखा गुप्ता
New Delhi, 10 अक्टूबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Saturday को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आप नेता अरविंद केजरीवाल और सीजेपी पर Political हितों के लिए राजधानी के निवासियों की शांति और सुरक्षा में खलल डालने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि उन्हें शहर को बंधक नहीं बनाने दिया जाएगा. Chief ... Read more
दिल्ली वालों को राहत! CJP प्रदर्शन के चलते बंद 45 मेट्रो स्टेशन खुले, कनॉट प्लेस भी रविवार को खुलेगा
Delhi Metro Reopens: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को अब हटा लिया गया है। सुरक्षा कारणों से लगभग 25 घंटे तक बंद रहने के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी 45 ...
'दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी', प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर सीएम रेखा गुप्ता
'दिल्ली को बंधक बनाने की छूट नहीं मिलेगी', प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर सीएम रेखा गुप्ता
समाज को नहीं शासन को है खतरा, जंतर-मंतर पर धारा 163 लगाने पर भड़के कपिल सिब्बल
New Delhi, 10 अक्टूबर . राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर केंद्र Government को जमकर घेरा. उन्होंने पूछा कि समाज के किसी वर्ग ने कोई शिकायत नहीं की, फिर खतरा किसे था? सिब्बल ने आरोप लगाया कि ... Read more
साप्ताहिक मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित तीन ट्रेनों के निरस्त होने और श्रीधाम एक्सप्रेस का संचालन पहले से बंद रहने के कारण यात्रियों के सामने विकल्प सीमित रहे।
मेट्रो बंद हुई तो ऑफिस कैसे पहुंचेंगे? दिल्ली के 57 स्टेशनों को लेकर सोशल मीडिया पर आया लोगों का रिएक्शन
दिल्ली में 11 अक्टूबर को कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण सुबह 6 बजे से 30 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।
Jantar Mantar Protest में Delhi Police ने हिरासत में लिए सैकड़ों प्रदर्शनकारी, देखिए तस्वीरें
Jantar Mantar Protest में Delhi Police ने हिरासत में लिए सैकड़ों प्रदर्शनकारी, देखिए तस्वीरें
सीईसी के खिलाफ आंदोलन तेज, अजिंक्य शिंदे बोले- इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन
New Delhi, 10 अक्टूबर . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने Saturday को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीजे) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उनके इस्तीफे तक जारी रहेगा. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों से Sunday को फिर से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का आह्वान किया. एक प्रेस ... Read more
सुप्रिया सुले ने अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की निंदा की, बताया ‘संविधान के विरुद्ध’
Mumbai , 10 अक्टूबर . एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने Saturday को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की. पार्टी को New Delhi के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना था, लेकिन दिपके को ‘संविधान के विरुद्ध’ बताया गया. दिपके, सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को ... Read more
दिल्ली में विपक्षी नेताओं की हिरासत को Supreme Court में चुनौती, विशेष बेंच रविवार को करेगी सुनवाई
New Delhi, 10 अक्टूबर . दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने का मामला अब Supreme Court पहुंच गया है. Supreme Court की वकील और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राज्यसभा सदस्य मेनका गुरुस्वामी ने Police की कार्रवाई को चुनौती देते ... Read more
दिल्ली में विपक्षी नेताओं की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, विशेष बेंच रविवार को करेगी सुनवाई
दिल्ली में विपक्षी नेताओं की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, विशेष बेंच रविवार को करेगी सुनवाई
हिरासत से रिहा होने के बाद केजरीवाल बोले, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगी लड़ाई
New Delhi, 10 अक्टूबर . आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जब तक इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी. केजरीवाल का यह बयान Police स्टेशन से रिहा होने के बाद आया है. Saturday को दिल्ली में सीजेपी के ... Read more
New Delhi, 10 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi 11 अक्टूबर को तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण करेंगे. Prime Minister का कार्यक्रम बुनियादी ढांचे, परिवहन, शिक्षा, रेलवे, बंदरगाह और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं ... Read more
कनॉट प्लेस में सीजेपी के खिलाफ उतरे युवा, दिल्ली पुलिस के समर्थन में बुलंद की आवाज - Jagran
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दिल्ली में CJP का कल फिर हल्लाबोल... ट्रैफिक रूट डायवर्ट, लेकिन खुले रहेंगे मार्केट-मेट्रो स्टेशन
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच का ऐलान किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है. 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 3 हजार लोगों को हिरासत में लिया था.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और 12 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार के मुद्दे पर शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिनभर चले भारी सियासी हंगामे, पुलिसिया सख़्ती और ताबड़तोड़ हिरासतों के बाद आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
CJP प्रदर्शन पर इंटरनेशनल हलचल! प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता
UN Human Rights CJP Protest Delhi: राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े पैमाने पर चल रहे प्रदर्शन और पुलिस द्वारा की गई व्यापक धर-पकड़ का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र ...
नवरात्रि के दौरान झंडेवालान मंदिर के पास रानी झांसी रोड पर यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली यातायात पुलिस ने 10 से 20 अक्टूबर तक वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
New Delhi, 10 अक्टूबर . शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस साल 11 अक्टूबर, Sunday, से शुरू हो रहा है. इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. भक्त इन नौ दिनों में व्रत रखते हैं, माता की आराधना करते हैं और घर-परिवार की सुख-शांति के लिए ... Read more
आईएसएल: बेंगलुरु एफसी के सीजन की शानदार शुरुआत, रोमांचक मुकाबले में एससी दिल्ली को 3-2 से हराया
बेंगलुरु, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। बेंगलुरु एफसी ने शनिवार को स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली (एससी दिल्ली) के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज करते हुए इंडियन सुपर लीग 2026-27 अभियान की शानदार शुरुआत की। मेनो कोच ने 89वें मिनट में विजयी गोल किया।
दिल्ली में मेट्रो बंदी-डिटेंशन मामला... रविवार को SC में होगी विशेष सुनवाई
दिल्ली में मेट्रो बंदी और विपक्षी नेताओं की हिरासत पर सुप्रीम कोर्ट रविवार को सुनवाई करेगा. मेट्रो बंद रखने पर अवमानना याचिका दायर हुई है, जबकि नेताओं की हिरासत को अलग याचिका में चुनौती दी गई है.
CJP के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बड़ी कार्रवाई, 500 से ज्यादा लोग हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अलग-अलग राज्यों से राजधानी आए 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई प्रदर्शन से पहले दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा के बीच की गई है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) से जुड़े आरोप लगे हैं।न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 35,000 से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने यह कदम बिना अनुमति भीड़ जुटने से रोकने और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया है।इस तैनाती में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 120 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं, जिनके जवानों को अहम चौराहों, ट्रांसपोर्ट हब और दूसरी संवेदनशील जगहों पर तैनात किया गया है।इसके अलावा, निगरानी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जिसमें जॉइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर को सुपरविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलग-अलग यूनिट के हेड स्पेशल कमिश्नर भी सुरक्षा इंतजामों की देखरेख कर रहे हैं।वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा से महिला पुलिसकर्मियों को भी दिल्ली बुलाया गया है। इसके अलावा, किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने की तैयारी जांचने के लिए मॉक ड्रिल भी की गई है।ANI के अनुसार, पुलिस टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी जगह पर बिना इजाजत प्रदर्शन करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लें।प्रदर्शन के दौरान तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को हथियार साथ न रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस के जवान लाठी और डंडे लेकर तैनात रह सकते हैं। पुलिस अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों के साथ बहस करने से भी बचने की सलाह दी गई है। इसकी एक वजह यह चिंता है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत या बहस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकते हैं।सुरक्षा के लिए बॉडी कैमरे, ड्रोन और फेस रिकग्निशन सिस्टम तैनातसुरक्षा इंतजामों में टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है।पुलिस हालात पर नजर रखने के लिए रिकॉर्डिंग डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है और हवा व छतों से निगरानी कर रही है।विरोध-प्रदर्शन की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर बॉडी कैमरे पहने हुए हैं। ये डिवाइस कम रोशनी में भी फुटेज रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिससे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है।एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर बदसलूकी के आरोप लगते हैं, तो ये रिकॉर्डिंग सच का पता लगाने में मदद कर सकती हैं।पुलिसकर्मी ने कहा, ये बॉडी कैमरे हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हैं। बदसलूकी की स्थिति में दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं। इसलिए, ये बॉडी कैमरे साबित करेंगे कि हमने किसी के साथ कुछ किया या नहीं। यह सब कुछ रिकॉर्ड करेगा...ANI के अनुसार, सुरक्षा योजना में सेंट्रल दिल्ली में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, अतिरिक्त CCTV कैमरे, ड्रोन और छतों पर तैनात स्पॉटर्स भी शामिल हैं।इसके अलावा, पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 200 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स भी पुलिस की निगरानी में हैं। अधिकारी ऐसे पोस्ट और मैसेज की जांच कर रहे हैं, जिनके जरिए लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुटाने की कोशिश की जा सकती है।यह भी पढ़ें:Agniveer Retirement Benefits: अग्निवीरों का पहला बैच इस दिन होगा रिटायर, 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी में आरक्षण के साथ जानिए मिलेंगी क्या सुविधाएं
पिनाराई विजयन की हिरासत पर केरल सरकार का हस्तक्षेप, दिल्ली पुलिस से तत्काल रिहाई की मांग
तिरुवनंतपुरम, 10 अक्टूबर . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने Saturday को सीपीआई(एम) नेता और पूर्व Chief Minister पिनाराई विजयन को दिल्ली Police द्वारा हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की और राज्य के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा और New Delhi स्थित रेजिडेंट कमिश्नर पुनीत कुमार को उनकी तत्काल रिहाई के लिए Police ... Read more
दिल्ली में कल भी जारी रहेगा CJP का प्रदर्शन, जानें आज क्यों धरी की धरी रह गई उनकी सारी तैयारी
10 अक्टूबर, आज वही तारीख है जिसका बार-बार जिक्र किया जा रहा था। सरकार को झुकाने की धमकी दी जा रही थी। सड़क पर उतरकर सत्ता को हिलाने की बातें कही जा रही थीं लेकिन सारी बातें हवा हवाई हो गईं।
इन ट्रेनों से जबलपुर सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को त्योहारों के दौरान आवागमन में राहत मिलेगी।
दिल्ली में वाम नेताओं की हिरासत के खिलाफ तमिलनाडु में प्रदर्शन, जिला मुख्यालयों पर उतरेगा वाम मोर्चा
चेन्नई, 10 अक्टूबर . वामपंथी दलों ने Saturday को तमिलनाडु के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शनों का आह्वान किया. उन्होंने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की. संयुक्त बयान में Political दलों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर ... Read more
दिल्ली प्रोटेस्ट: बंगला साहिब में घुसे प्रदर्शनकारी, गुरुद्वारा कमेटी ने जताई आपत्ति
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब और गुरुद्वारा रकाबगंज में घुसने पर DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के परिसर में नारेबाजी कर रहे थे और कहा कि धार्मिक स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती.
10 अक्तूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों में बीबीसी के रिपोर्टरों ने क्या-क्या देखा?
देखिए दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर मौजूद बीबीसी के संवाददाताओं की भेजी ये खास रिपोर्ट.
ये इमरजेंसी है, अभिजीत दीपके-रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने अगवा कर लिया: CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि यह एक इमरजेंसी है। दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को अगवा किए 10 घंटे हो गए हैं। हमें अभी भी नहीं पता कि वे कहां हैं।
कल दिल्ली में निकलने से पहले पढ़ें यह खबर! इन 30 चौराहों पर डायवर्जन
Delhi Traffic Police Advisory: 11 अक्टूबर को दिल्ली में कानून-व्यवस्था के चलते 30 प्रमुख रूटों पर डायवर्जन. कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, धौला कुआं समेत कई रास्ते रहेंगे प्रभावित; एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन जाने वाले समय लेकर निकलें. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Sonam Wangchuk ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की, दी भूख हड़ताल की चेतावनी
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र और युवा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में स्थिति ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी लग रही है। उन्होंने सरकार से गिरफ्तारियां रोकने और बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो वह लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना देने, भूख हड़ताल करने या पदयात्रा निकालने पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की खबरों के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह संदेश साझा किया। ये गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई थीं। कॉजपा ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। वांगचुक ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल के दौर से गुजरेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने सारे नेता मौजूद हैं, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुझे उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। यदि उन्हें कल तक रिहा नहीं किया गया, तो मैं अनशन या पदयात्रा निकालने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।’’वांगचुक ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें ‘अघोषित आपातकाल’ की निंदा करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला कि आज (शनिवार) दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें छात्र नेता, युवा नेता, वकील, पत्रकार और यहां तक कि सांसद भी शामिल हैं। कल जब मैंने आप सभी को आज के प्रदर्शनों के दौरान शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हुए संदेश भेजा था, तब मुझे विश्वास था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की निश्चित रूप से अनुमति दी जाएगी।’’प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और पाबंदियां लगाईं। प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार शामिल हैं।
राहुल गांधी ने चेन्नई में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी और बीजेपी पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

