गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ अंडर कंस्ट्रक्शन सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का एक आलीशान फ्लैट खरीदा है। यह सौदा करीब ₹1.93 लाख प्रति वर्ग फुट की रिकॉर्ड दर पर हुआ है, जो देश के सबसे महंगे अपार्टमेंट सौदों में से एक है। यह गुरुग्राम में भी दूसरी सबसे बड़ी डील है। 'द डहलियाज' प्रोजेक्ट इस समय देश के अमीर उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों की पहली पसंद बना हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, दिल्ली-एनसीआर के एक नामी कारोबारी ने इसी प्रोजेक्ट में ₹380 करोड़ की लागत से 4 लग्जरी अपार्टमेंट खरीदे थे। इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन भी इस प्रोजेक्ट में करीब ₹69 करोड़ का एक अपार्टमेंट अपने नाम करवा चुके हैं। यह जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स द्वारा प्राप्त किए गए दस्तावेजों से सामने आई है। इन दस्तावेजों के मुताबिक प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक मधुसूदन केला ने द डहेलियाज के टावर नंबर एक की 20वीं मंजिल पर अपार्टमेंट खरीदा है। इस घर का कुल कारपेट एरिया 6,233.39 स्क्वायर फीट (579.06 वर्ग मीटर) है। जिसमें 1810.75 स्क्वायर फीट (168.223 वर्ग मीटर) का बड़ा बालकनी एरिया भी शामिल है। 5 कार पार्किंग स्लॉट इस फ्लैट के साथ मधुसूदन केला को बेसमेंट में 5 कार पार्किंग स्लॉट भी अलॉट किए गए हैं। संपत्ति की कुल कंसीडरेशन वैल्यू 120.71 करोड़ रुपए तय की गई है। कारपेट एरिया के हिसाब से इस फ्लैट की मूल दर 1.93 लाख रुपए प्रति स्क्वायर फीट बैठती है। यह सौदा 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुआ था। हालांकि मधुसूदन केला और डीएलएफ की तरफ से अभी कोई आधिकारिक स्टेटमेंट्स जारी नहीं किया गया है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट इसे मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुंटियन जोन के बराबर मान रहे हैं। बड़े निवेशक है मधुसूदन केला मधुसूदन केला भारतीय शेयर बाजार की दुनिया का बड़ा नाम हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के फाउंडर हैं। वह अपने निवेश और फैमिली ऑफिस के निवेश को मैनेज करते हैं। इससे पहले वे रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसरऔर चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने कंपनी में बड़े इक्विटी पोर्टफोलियो तैयार करने और अलग-अलग बाजार परिस्थितियों के लिए निवेश स्ट्रैटेजी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लंबे समय के लिए अच्छे निवेश अवसर पहचानने की क्षमता के कारण उनकी बाजार में खास पहचान है। निवेशक उनके बाजार संबंधी नजरिए और शेयर चुनने की क्षमता पर नजर रखते हैं। फिलहाल वे शेयर, स्टार्टअप्स और दूसरे वैकल्पिक निवेश विकल्पों में निजी निवेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। अंडर-कंस्ट्रक्शन है दी डेहलियाज डीएलएफ का यह अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट अपनी भव्यता और आधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में है। कंपनी अब तक इस प्रोजेक्ट में 221 फ्लैट बेच चुकी है, जिससे उसे कुल ₹16,000 करोड़ रुपए की बिक्री हासिल हुई है। इस लोकेशन पर डीएलएफ की दी कैमेलियाज का पजेशन किया जा चुका है। जिसमें देश के कई बड़े अमीर बिजनेसमैन रहते हैं। पांच साल में पजेशन का दावा डीएलएफ ने पिछले साल दावा किया था कि 5 साल में इस सोसाइटी के अपार्टमेंट का पजेशन दे दिया जाएगा। इस सोसाइटी का ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानि ओसी 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की बात कही गई है। पजेशन सौंपने के बाद 5 साल तक अगर इमारत में कोई स्ट्रक्चरल डिफेक्ट आता है, तो उसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के अंदर ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर की होगी।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कई दिनों तक राहत के आसार, हल्की बारिश और तेज हवाओं से सुहावना रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से फिलहाल राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बडोदामेव के पास सुबह करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैवलर में सवार 18 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 8 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। ये सभी लोग हरिद्वार से दर्शन कर जयपुर लौट रहे थे। गंभीर रूप से घायलों को अलवर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैसे हुआ हादसा: टायर फटते ही बेकाबू हुआ ट्रक चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, हादसा बडोदामेव क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर हुआ। आगे चल रहे एक ट्रक का अचानक चलते-चलते टायर फट गया। टायर फटते ही चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक हाईवे पर ही लहराने लगा। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैवलर को संभलने का मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल टक्कर होते ही हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। ट्रैवलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री अंदर ही फंस गए। सुबह का वक्त होने के कारण आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। अलवर जिला अस्पताल रेफर पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी 18 घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर किनारे किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित करते हुए फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E - 322 दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की तबीयत अचानक खराब हो गई। विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स ने प्राथमिक स्तर पर पैसेंजर को सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क कर नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए विमान को प्राथमिकता देते हुए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति दी गई। फ्लाइट ने रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के उतरते ही पहले से तैयार मेडिकल टीम और एंबुलेंस को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार बीमार पैसेंजर को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। वहीं पैसेंजर को अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार किया गया। इसके बाद इंडिगो की फ्लाइट रात करीब 1 बजकर 30 मिनट पर पैसेंजर्स को लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गई। --- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली के खराब मौसम का जयपुर में दिखा असर:4 फ्लाइट डायवर्ट होकर सांगानेर एयरपोर्ट पहुंची, पैसेंजर्स होते रहे परेशान दिल्ली में देर रात खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के चलते कई फ्लाइट्स की दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा कारणों से चार फ्लाइट्स को डायवर्ट कर जयपुर एयरपोर्ट भेजा गया। (पूरी खबर पढ़ें)
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा में बिश्नोई परिवार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी हैं। 15 दिन के अंदर-अंदर तीसरी बार कुलदीप बिश्नोई और नायब सैनी गर्मजोशी से मिले हैं। सोमवार रात को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ आवास पर कुलदीप बिश्नोई पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार व समर्थकों के साथ पहुंचे। नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी भी साथ रही। दोनों परिवारों ने एक साथ डिनर भी किया। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी शेयर की। इससे पहले मुख्यमंत्री 3 जून को दिल्ली में कुलदीप बिश्नोई के घर चाय पीने पहुंचे थे। इसके बाद चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हिसार के आदमपुर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ऐसे में सैनी और कुलदीप की नजदीकियां हरियाणा की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद से वह पार्टी में संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीरें… BJP सांसद रेखा शर्मा के बयान से नाराज हो गए थे कुलदीप भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने 24 अप्रैल को पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे। इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया, कई जगह शिकायतें और FIR की मांग उठी। विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने माफी मांग ली थी। साथ ही कहा था कि मेरे शब्दों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा को माफ कर दिया था। कुलदीप ने कहा था-मैं बड़ा फैसला लेने वाला था दरअसल, 3 जून को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री नायब सैनी हिसार के आदमपुर पहुंचे थे। बिश्नोई परिवार की ओर से आदमपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए थे। उन्होंने समाधि स्थल की परिक्रमा की थी। कार्यक्रम के बाद कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- मैं अपने पिता चौधरी भजनलाल को लेकर दिए गए बयान से आहत था और इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने वाला था। भाजपा सांसद रेखा शर्मा का माफी वाला वीडियो मुझे दो दिन पहले ही मिल गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने तुरंत उन्हें माफ नहीं किया। सरकार में 18 साल से पद से दूर बिश्नोई परिवार इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिली हार से बिश्नोई परिवार एक बार फिर सत्ता सुख से दूर हो गया है। अगर रणजीत चौटाला चुनाव जीतते तो उनका बिजली मंत्री का पद भव्य को मिल सकता था। मगर रणजीत की हार ने भव्य बिश्नोई को मंत्री पद से दूर कर दिया। हरियाणा में बिश्नोई परिवार 18 साल से सरकार में पद से बाहर है। 2005 से 2008 तक भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई हरियाणा के डिप्टी सीएम पद पर रहे। इसके बाद निजी कारणों से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद से आज तक बिश्नोई परिवार को सरकार में कोई पद नहीं मिला है। 2005 में भजनलाल की अगुवाई में कांग्रेस हरियाणा में पूर्ण बहुमत से आई मगर भजनलाल को मुख्यमंत्री ना बनाकर कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री की कुर्सी दे दी। डैमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस ने चंद्रमोहन को डिप्टी सीएम का पद दे दिया था।
दिल्ली में आज (16 जून) कांग्रेस हाईकमान पंजाब को लेकर रणनीति तैयार करेगा। पार्टी द्वारा तैनात तीनों ऑब्जर्वर पंजाब के नेताओं से मुलाकात कर फीडबैक लेंगे, जिसके बाद वे अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेंगे। कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। ऐसे में पहले से चल रही चर्चाएं, जिनमें पंजाब कांग्रेस प्रधान से लेकर CLP नेता तक बदलने की संभावना जताई जा रही थी, इस फीडबैक रिपोर्ट को और भी अहम बना देती हैं। इसलिए गठित किया आब्जर्वर पंजाब कांग्रेस में राज्य इकाई के भीतर जारी गुटबाजी को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने 11 जून को बड़ा कदम उठाया था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक के बाद अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को पंजाब का ऑब्जर्वर नियुक्त किया था। साथ ही यह तय किया गया कि पंजाब के मौजूदा हालात पर नेताओं से फीडबैक लिया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अब ऐसे फीड बैक लिया जाएगा इसी सिलसिले में तीन सदस्यीय पैनल ने दिल्ली में सांसदों, मौजूदा व पूर्व विधायकों तथा जिला अध्यक्षों के साथ तीन दिवसीय वन-टू-वन (आमने-सामने) बैठकें और सुनवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में सात सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला अध्यक्षों से बातचीत की जाएगी।
देवास में भागवत कथा के दौरान महिला की सोने की चेन चोरी की जांच में पुलिस ने धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चेन स्नेचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सभी 7 सदस्यों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है। इनमें 4 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 156 ग्राम वजनी 9 सोने की चेन, एक लग्जरी कार, 6 मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 50 लाख रुपए का माल बरामद किया है। देवास एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि 10 जून को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सरोज अग्रवाल की सोने की चेन चोरी हो गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी पहले करीब 500 मीटर पैदल चले, फिर ऑटो से दो किलोमीटर दूर हाइवे पहुंचे, जहां उनकी लग्जरी कार खड़ी थी। इसके बाद वे शहर छोड़कर निकल गए। श्रद्धालु बनकर पहुंचतीं और भीड़ बढ़ते ही करती थीं वारदात पुलिस के अनुसार गिरोह की महिला सदस्य कथा, प्रवचन, शोभायात्रा और मेलों में आम श्रद्धालु बनकर शामिल होती थीं। आरती और प्रसाद वितरण के दौरान भीड़ बढ़ते ही महिलाओं के गले से चेन पार कर देती थीं। गिरोह के पुरुष सदस्य रेकी, परिवहन और चोरी का माल ठिकाने लगाने का काम संभालते थे। लग्जरी कारों से सफर करने के कारण आयोजनों में उन पर किसी को शक भी नहीं होता था। एक सप्ताह में 5 शहरों में 9 वारदातें प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने 3 से 10 जून के बीच आगरा, ग्वालियर, शिवपुरी, भेड़ाघाट (जबलपुर) और देवास में 9 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों के मोबाइल फोन से देशभर में होने वाले धार्मिक आयोजनों की सूची भी मिली है। पुलिस अब अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ यह जानकारी साझा कर रही है। गिरोह की सरगना जया पति शिवराज (55) है। सभी आरोपी मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं और दक्षिण दिल्ली के मदनगीर क्षेत्र में रह रहे थे। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर श्रद्धालु बरतें सावधानी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भारी भीड़ का फायदा उठाकर ऐसे बाहरी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। हमारी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महंगे आभूषण पहनने से बचें और अपने सामान के प्रति खुद भी विशेष सतर्कता बरतें। -पुनीत गेहलोद, एसपी, देवास
हरियाणवी डांसर-सिंगर सपना चौधरी इन दिनों पति वीर साहू के साथ चल रही फैमिली डिस्प्यूट के चलते सुर्खियों में है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भी सपना चौधरी की बातों में यहीं टीस देखने को मिली। मंच पर उन्होंने हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ गाना गाने से इनकार करते हुए कह दिया- आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही है। हालांकि, उन्होंने ये बात मजाकिया अंदाज में कही, जिसे सुनकर मंच पर मौजूद कलाकार और दर्शक मुस्कुराने लगे। मगर, मासूम शर्मा सिर नीचे झुकाए खड़े दिखाई दिए। दिल्ली मंच की घटना को उनके पति से चल रहे विवाद से ही जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब सपना ने पुरुषों को लेकर पब्लिक मंच से कुछ कहा है। इससे पहले एक पॉडकास्ट में वे पुरुषों और महिलाओं के रिश्तों को लेकर बेबाक राय रख चुकी हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में बहुत कम ऐसे पुरुष हैं, जिनमें सच्चा प्यार, भावना, शिद्दत और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने यह कहा था कि मर्द के पास केवल इगो है, जबकि महिलाओं में अपार क्षमता और सहनशीलता होती है। औरतों में इतनी गहराई है कि एक मर्द बाहर मुंह मार के आएगा और औरत से कहेगा कि मैं तुझे प्यार करता हूं तो औरतें फिर भी उसे कहेंगी, चल कोई बात नहीं आजा। उन्होंने यह भी कहा था कि मर्द ऐसा बिल्कुल नहीं कह सकता। मासूस शर्मा के साथ सपना चौधरी के 2 PHOTOS… अब पढ़िए सपना चौधरी ने कार्यक्रम में क्या-क्या कहा… मंच पर पहुंचते ही बोलीं- दिमाग कहीं ओर जा रहा है सपना चौधरी ने मंच संभालते हुए कहा कि आज यहां स्टूडियो में पहुंची हूं तो सामने देख रही हूं, लेकिन दिमाग कहीं ओर जा रहा है और उधर देख रही हूं तो दिमाग कहीं ओर जा रहा है। इसके बाद उन्होंने सभी को राम-राम और नमस्ते कहा। पूछा कि सब ठीक हो ना, खुश हो ना। इसी दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में लोगों से पूछा कि किसी को जलन हो रही है क्या? फिर दोबारा सवाल दोहराते हुए कहा कि हो रही है या नहीं? कलाकारों के सामने कहा- मैं गाना भी गाना जानती हूं कार्यक्रम में हरियाणा के कई प्रसिद्ध कलाकार मौजूद थे। मंच संचालन कर रहे हरियाणवी कलाकार जगबीर राठी ने सभी कलाकारों को एक साथ गीत गाने के लिए मंच पर बुलाया। इस दौरान सपना चौधरी ने कहा कि वह आज सभी कलाकारों का यह भ्रम भी दूर करना चाहती हैं कि वह सिर्फ डांस ही नहीं बल्कि गाना भी गाना जानती हैं। उन्होंने कहा कि बोल तेरे मीठे-मीठे गीत उन्हें बेहद पसंद है और वह इसे आज खुद गाएंगी। इस पर जगबीर राठी ने कहा कि गीत की शुरुआत वह करेंगे तो सपना चौधरी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि खत्म मैं करूंगी। आजकल मेरी आदमियों से बन नहीं रही जब गीत के दौरान जगबीर राठी ने कहा कि मासूम शर्मा इसमें और ज्यादा सुर लगाएंगे और उन्हें सपना चौधरी के करीब आकर गाने के लिए कहा, तभी माहौल अचानक दिलचस्प हो गया। जैसे ही संगीत बजना शुरू हुआ, सपना चौधरी ने हंसते हुए कहा, “आजकल मेरी आदमियों के साथ बन नहीं रही है।” उनकी इस टिप्पणी के बाद मंच पर मौजूद कलाकार और दर्शक मुस्कुराने लगे। कलाकारों ने इसे एक साथ दो लोगों पर किया गया कटाक्ष माना। कुछ लोगों का मानना था कि सपना ने एक तरफ अपने पति वीर साहू की ओर इशारा किया तो दूसरी तरफ मजाकिया अंदाज में मासूम शर्मा को भी निशाने पर ले लिया। 'मका डट जाओ', कलाकारों पर भी किया तंज बाद में सपना चौधरी के साथ सभी कलाकारों ने मिलकर बोल तेरे मीठे-मीठे गीत प्रस्तुत किया। गीत के दौरान सपना चौधरी पूरी तरह संगीत में डूबी नजर आईं। जब गीत की पंक्तियां आईं… रात ने नींद ना आवे, आवे सपने आवे, या दुनिया दुश्मन दिखे, मन्ने अपने ना भावे…रूह मेरी भटकी-भटकी, तेरे पे अटकी-अटकी...। गीत समाप्त होने के बाद सपना चौधरी ने कहा, मका डट जाओ, शांति से गा लो। आज सारा ही टैलेंट दिखाओगे क्या, सारे ही घुसे जा रहे हैं। उनकी इस बात पर मंच और दर्शकों के बीच ठहाके गूंज उठे। पुराने गानों का जिक्र कर बोलीं- ये मेरे जीवन का हिस्सा हैं सपना चौधरी ने कहा कि वह देशभर में काफी शो करती हैं और कुछ गीत उनके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि आंखों का काजल, बोल तेरे मीठे-मीठे, चेतक, इंग्लिश मीडियम और तू चीज लाजवाब है जैसे गीतों की मांग आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले उनके कार्यक्रमों में आती है। सपना ने बताया कि इन गीतों को रिलीज हुए करीब 12 से 13 साल हो चुके हैं, लेकिन लोगों का प्यार आज भी वैसा ही बना हुआ है। कलाकारों को परिवार से भी ज्यादा समय देने की बात कहीसपना चौधरी ने मंच से कहा कि हम अपने भाई-बहन और माता-पिता को भी उतना समय नहीं दे पाते, जितना कलाकार एक-दूसरे के साथ बिताते हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी ही हूं, मुझे आज याद करो, कल याद करो या बुढ़ापे में याद करो, मैं तब भी ऐसी ही रहूंगी। सपना चौधरी ने भावुक अंदाज में कहा कि गाने हिट हों या न हों, उन्हें उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह लोगों के बीच जाकर यह कहना चाहती हैं कि उन्हें अपने चाहने वालों की जरूरत है और उनके लिए वही सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। पॉडकास्ट में भी मर्दों को लेकर खुलकर रख चुकी हैं राय मंच से आजकल मेरी मर्दों के साथ नहीं बन रही कहने से पहले भी सपना चौधरी एक पॉडकास्ट में पुरुषों और महिलाओं के रिश्तों को लेकर बेबाक राय रख चुकी हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में बहुत कम ऐसे पुरुष हैं, जिनमें सच्चा प्यार, भावना, शिद्दत और समर्पण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा था कि मर्द के पास केवल इगो है, जबकि महिलाओं में अपार क्षमता और सहनशीलता होती है। सपना ने उदाहरण देते हुए कहा था कि लक्ष्मी चाहिए तो लक्ष्मी माता के पास जाइए, शक्ति चाहिए तो दुर्गा मां के पास जाइए और ज्ञान चाहिए तो सरस्वती मां के पास जाइए, क्योंकि महिलाओं में सब कुछ मौजूद है। औरतों में इतनी गहराई है कि एक मर्द बाहर मुंह मार के आएगा और औरत से कहेगा कि मैं तुझे प्यार करता हूं तो औरतें फिर भी उसे कहेंगी, चल कोई बात नहीं आजा। उन्होंने अपने पॉडकास्ट के दौरान यह भी कहा था कि मर्द ऐसा बिल्कुल नहीं कह सकता। ----------------------------------------- सपना-वीर साहू विवाद के ये खबरें भी पढ़ें…. 'शादी के बाद सपना चौधरी पर बंदिशें लगीं':हरियाणवी सिंगर बोला-वीर साहू ने बैन किए थे 8 कलाकार; डांसर की पोस्ट-आई डोंट बिलिव इन रिवेंज फैमिली-डिस्प्यूट के बीच सपना चौधरी ने पति पर जताया प्यार:रील बनाकर लिखा- मन्ने तेरे पै मर लेन दें; 2 दिन पहले कोर्ट से सिक्योरिटी मांगी सपना चौधरी-वीर साहू के विवाद की 4 वजह:डिफरेंट स्टारडम, लाइफ स्टाइल का मेन रोल, पहली एनिवर्सरी पर दिखी थी दूरी; कोर्ट ने दूर रहने का कहा हरियाणवी डांसर सपना चौधरी ने मारपीट के बाद ससुराल छोड़ा:कोर्ट ने पति वीर साहू के मिलने पर रोक लगाई; 2020 में लव मैरिज की थी
देश के 9 राज्यों में प्री मानसून एक्टिव है। राजस्थान समेत 9 राज्यों में बारिश हो रही है। यूपी के बदायूं में सोमवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। मथुरा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और मेरठ ममें तेज बारिश हुई। तेज आंधी में एक बड़ा पेड़ चलते ऑटो पर गिर गया। हादसे में ऑटो सवार युवती की मौत हो गई, जबकि चालक घायल हो गया। इधर, राजस्थान के चूरू, झुंझुनू और सीकर में सोमवार दोपहर रेत का बवंडर उठा। चुरू में कुछ मिनटों में पूरा शहर धूल से भर गया। दिन में अंधेरे जैसी स्थिति हो गई। कोटपूतली-बहरोड़ में पहले बवंडर आया और फिर बारिश हुई। झुंझुनूं में गर्मी के चलते प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा बेहोश हो गए। वे अचानक सड़क पर गिर गए। पूर्व मंत्री ने हॉस्पिटल जाने से मना कर दिया। पंजाब के पठानकोट में एक कच्चे घर की दीवार गिर गई, जिससे एक व्यक्ति, उसकी बहन और दो बच्चे मलबे में दबने से घायल हो गए। दिल्ली के कई इलाकों में भी धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। इसके बाद तेज बारिश भी हुई। पालम मौसम केंद्र पर दोपहर 2:30 बजे हवा की रफ्तार 92kmph घंटा दर्ज की गई। मानसून की बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ चुका है। हालांकि मानसून दक्षिण भारत से आगे बढ़ने के बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास ठहर गया है। नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर पहुंच चुका है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 12 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया। यहां पारा 43.4C रहा। वहीं एमपी के खजुराहो 42.6C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42C, ओडिशा के बौध में 42.5C, महाराष्ट्र के वर्धा में 41.5C, बिहार के शेखपुरा में 41.5C, राजस्थान के फलोदी में 42.8C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 17 जून: 18 जून:
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर टीम ने यह छापेमारी की। जहां भैंसो के तबेले में संचालित की जा रही 2 अचार फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर करीब 3400 किलो अचार नष्ट कराया है। यह अचार वेस्ट यूपी के अलावा एनसीआर और दिल्ली में सप्लाई होता था। यह अचार 200 रुपये से लेकर 400 रुपये किलो तक बेचा जाता जाता था। सैंपल लेकर लैब भेजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले शनि बाजार स्थित पवन सिंह की अचार फैक्ट्री पर पहुंची। जांच के दौरान 20 ड्रमों में रखा करीब 1000 किलो आम और नींबू का अचार सड़ा-गला और खाने योग्य नहीं पाया गया। मौके पर ही पूरे अचार को नष्ट कराया गया। इसके अलावा 180 किलो मिक्स अचार और करीब 8800 किलो नमक को भी जब्त किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मिक्स अचार, मसाले लगे आम के अचार और नमक के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं। इसके बाद टीम ने मास्टर पार्क स्थित राहुल अचार वाले की इकाई पर कार्रवाई की। यहां 10 ड्रमों में रखा करीब 2000 किलो नींबू का अचार और 400 किलो मिक्स अचार खराब हालत में मिला। सभी अचार के 6-6 नमूने लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का रिटायर्ड दरोगा की फैक्ट्री अधिकारियों के बताया कि अचार से तेज बदबू आ रही थी और उसे साफ-सफाई के मानकों के विपरीत रखा गया था। विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया। यहां से नींबू अचार, मिक्स अचार और सिरके के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन परिसरों में अचार तैयार किया जा रहा था, वहां भैंसों का तबेला चल रहा था, इनमें दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड दरोगा का नाम भी सामने आया। खाद्य सामग्री तैयार और भंडारित किए जाने पर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसे दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड दरोगा ही देखरेख कर रहे थे। सैंपल लिए पूरी जांच की जा रही खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय का कहना है कि आम जनता तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी कारोबारी को नियमों की अनदेखी कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग इनसे जुड़े हैं उनकी भी जांच की जा रही है। डीएम के आदेश पर छापा डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर यह छापा मारा गया। डीएम ने गोपनीय सूचना मिली थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अधिकारी आशुतोष राया का कहना है कि इस अचार को नष्ट किया जाएगा। इसे अभी सील नहीं किया जाएगा। यह कब से चल रही थी इसकी जांच की जा रही है। अभी तक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
दिल्ली सरकार द्वारा यमुना को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए राजधानी के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ “मां यमुना तट स्वच्छता अभियान” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अभियान में 15,000 से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया अभियान के दौरान यमुना घाटों, नदी तटों, पहुंच मार्गों और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों की व्यापक सफाई की गई। इस दौरान 116.6 मीट्रिक टन कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा यमुना केवल एक नदी नहीं है, यह दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। इस अभियान में सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को सफल बनाया। दिल्ली पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डूसिब ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 8 ट्रैश स्किमर एवं वीड हार्वेस्टर, 28 नावें, 28 जेसीबी मशीनें, 84 पीडब्ल्यूडी मेंटेनेंस वैन, 28 हॉर्टिकल्चर वाहन, कचरा परिवहन वाहन तथा प्रत्येक स्थल पर आपात चिकित्सा सहायता के लिए एम्बुलेंस तैनात की गईं। 116.6 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया अभियान के दौरान एकत्र कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारित किया गया। सामान्य कचरे एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीडी) अपशिष्ट का निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया गया। पूजा सामग्री एवं खंडित मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन सुनिश्चित किया गया। जलकुंभी एवं अन्य हरित अपशिष्ट को वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए निर्धारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स तक पहुंचाया गया। 'यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है' जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने आगे कहा दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता और जनभागीदारी के विजन से प्रेरित होकर यमुना पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। यमुना की सफाई कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत संकल्प है। यदि हम सभी यह निश्चय करें कि यमुना में कचरा नहीं जाएगा, तो यमुना को स्वच्छ बनने से कोई नहीं रोक सकता।
मंदसौर में अर्हम् ध्यान योग के प्रणेता मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के चातुर्मास संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से ‘गुरुवर भक्ति श्रृंखला’ का विशेष आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर शालीमार बाग, दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदसौर पहुंचे और गुरुवर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पिछले आठ माह से संचालित इस श्रृंखला के तहत गुरु भक्तों ने विभिन्न स्थानों पर जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल सहित पूजन के आठों द्रव्य भक्तिभाव के साथ अर्पित किए थे। मंदसौर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने गुरुवर के समक्ष अर्घ्य समर्पित कर अपने संकल्प को पूर्ण किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। शालीमार बाग, दिल्ली से आए धर्मावलंबियों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज को विभिन्न प्रकार की विशेष धार्मिक सामग्री भी भेंट की गई। अपने प्रवचन में मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्य, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में आध्यात्मिकता और सदाचार को अपनाकर ही वास्तविक सुख एवं शांति प्राप्त की जा सकती है। दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज ने बताया कि आगामी 21 जून को मंदसौर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सानिध्य में होगा, जिसमें सभी समाजों और सभी धर्मों के लोगों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने जिलेवासियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
बालाघाट के सरेखा रेलवे ओवरब्रिज पर सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार का एक हिस्सा पूरी तरह पिचक गया, लेकिन गनीमत यह रही कि कार चला रहे युवक की जान बाल-बाल बच गई। हादसे के ठीक बाद ओवरब्रिज पर राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। दिल्ली से सामान खाली कर लौट रहा था ट्रक यह दुर्घटना सरेखा रेलवे ओवरब्रिज के टर्निंग पॉइंट पर उस समय हुई, जब दोनों वाहन एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने कार को ड्राइवर साइड से टक्कर मार दी। जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना में शामिल ट्रक (RJ11GC4950) हरियाणा के मेवात का है। यह ट्रक दिल्ली से खाने-पीने का सामान लेकर बालाघाट आया था। सामान खाली करने के बाद ट्रक चालक लुकमान (21) निवासी मेवात गाड़ी लेकर गोंदिया की तरफ वापस लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया। परिवार को लेने गोंदिया जा रहा था कार चालक कार (MP50CA0128) के चालक आशीष उर्फ मोंटी सोनवाने ने बताया कि वह बैहर रोड वार्ड नंबर 3 के रहने वाले हैं। वे अपने परिवार को लेने के लिए कार से गोंदिया जा रहे थे। हादसे के बाद कार चालक ने ट्रक मालिक से गाड़ी के नुकसान के मुआवजे की मांग की है। दोनों वाहनों को क्रेन से हटाया घटना की खबर मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से रास्ते से हटाकर ग्रामीण थाने में खड़ा करवाया और जाम खुलवाया। पुलिस दोनों चालकों को थाने ले आई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नई दिल्ली में वेस्ट जिले के राजौरी गार्डन थाना इलाके में स्थित रघुबीर नगर में एक पिता अपने सोते हुए करीब 2 साल के बेटे पर बाल्टी भरकर पानी डाल दिया। इसके साथ उसने बच्चे की मां को गालियां दी। मासूम के ऊपर जैसे ही पानी गिरता है, वह उठकर रोने लगता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस तुरंत एक्शन मोड़ में आ गई। जांच में पुलिस को पता चला कि वीडियो में मासूम पर पानी डालने वाला शख्स उसका पिता है। वह पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों का सामना कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने युवक को पुनर्वास केंद्र में उपचार के लिए भर्ती करवा दिया है। 'मासूम के साथ किसी तरह की हिंसा नहीं की गई' डीसीपी एचवी स्वामी ने बताया वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स अरुण (30) है। वह पश्चिमी दिल्ली के रघुबीर नगर का रहने वाला है। अरुण का पिछले लंबे समय से उसकी पत्नी से विवाद चल रहा था। हाल ही में उसका तलाक भी हुआ है। तलाक के बाद वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस अधिकारी ने बताया जांच के दौरान पता चला कि अरुण द्वारा मासूम के साथ किसी तरह की हिंसा नहीं की गई है, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों और युवक की मानसिक स्थिति से जुड़ा हुआ था। मासूम पूरी तरह सुरक्षित है और उसे उसकी मां को सौंप दिया गया है। वहीं अरुण को इलाज और परामर्श के लिए एक पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की जा रही है। पुलिस ने बच्चे की मां से भी संपर्क किया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मां की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दी जाती है, तो उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में नए आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर दिल्ली के मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद कमलजीत सहरावत, यूआईडीएआई के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस मौके पर एलजी ने कहा तकनीक आधारित सुधारों से शासन अधिक पारदर्शी और सुलभ हुआ है। आधार अब डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा बन चुका है, जिससे डीबीटी और वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी और अन्य डिजिटल सेवाओं ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और जनता का भरोसा बढ़ाया है। विकासपुरी केंद्र दिल्ली में नागरिक सेवाओं को और मजबूत करेगा। उन्होंने बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट समय पर कराने की भी अपील की। आधार सेवाएं होंगी और आसान,...मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नए केंद्र से पश्चिमी दिल्ली के लोगों को आधार सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। नामांकन और अपडेट जैसी सुविधाएं अब नजदीक ही मिलेंगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में आधार अहम,...उन्होंने कहा कि आधार जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण है। आयुष्मान भारत कार्ड के जरिए हजारों परिवारों को कैशलेस इलाज का लाभ मिल रहा है।
दिल्ली रेल पुलिस ने चलती ट्रेन में चोरी के मामले में फरार चल रहे ₹20 हजार के इनामी आरोपी मोहम्मद सैफ अली की गिरफ्तारी के लिए मधुबनी में छापेमारी की। सोमवार को नगर थाना पुलिस के सहयोग से शहर के कोतवाली चौक स्थित उसके पैतृक घर पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। घर पर चिपकाया गया न्यायालय का नोटिस छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर पर न्यायालय का नोटिस चस्पा किया। साथ ही परिजनों को निर्देश दिया गया कि वे जल्द से जल्द दिल्ली न्यायालय में उपस्थित हों। पुलिस ने न्यायालय के आदेशों का पालन करने की चेतावनी भी दी है। चलती ट्रेन में चोरी का है मामला दिल्ली रेल पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एसआई बनवारी लाल ने बताया कि आरोपी मोहम्मद सैफ अली, मोहम्मद फूल हसन का पुत्र है और मधुबनी के कोतवाली चौक का निवासी है। उसके खिलाफ दिल्ली में चलती ट्रेन में चोरी करने का मामला दर्ज है। 21 अप्रैल की घटना के बाद से फरार पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 21 अप्रैल को चलती ट्रेन में एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा है। गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने उस पर ₹20 हजार का इनाम घोषित किया है। स्थानीय पुलिस की मदद से हुई कार्रवाई दिल्ली रेल पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने पैतृक घर मधुबनी में छिपा हो सकता है। इसी सूचना के आधार पर टीम मधुबनी पहुंची और नगर थाना पुलिस की सहायता से छापेमारी की गई। गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
बाढ़-सुरक्षित और पर्यावरणीय रूप से सशक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की स्टेटस रिव्यू बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने यमुना पुनर्जीवन (रिजुविनेशन) से जुड़ी विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि यमुना फ्लडप्लेन से संबंधित सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाए। एलजी ने कहा यमुना दिल्ली की पारिस्थितिक जीवनरेखा (इकोलॉजिकल लाइफलाइन) होने के साथ-साथ शहरी लचीलापन (अर्बन रेजिलिएंस) का भी महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए बाढ़ प्रबंधन, नदी पुनरुद्धार, भूजल रिचार्ज और पर्यावरणीय स्थिरता को एकीकृत, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ाया जाना चाहिए। फ्लडप्लेन से हटाया गया हजारों टन कचरा… बैठक में अधिकारियों ने बताया यमुना फ्लडप्लेन के लगभग 1,700 हेक्टेयर क्षेत्र में रेस्टोरेशन और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के कार्य पूरे किए गए हैं। इसके तहत करीब 88,574 मीट्रिक टन निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरा तथा 4,998 मीट्रिक टन नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) हटाया गया है। साथ ही लगभग 1,425 एकड़ फ्लडप्लेन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्स्थापित किया गया है। बाढ़ रेजिलिएंस बढ़ाने के लिए 35 वेटलैंड विकसित… डीडीए ने बताया कि पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक देशी पेड़ लगाए गए हैं तथा 1 करोड़ से अधिक नदी तटीय घास एवं वेटलैंड प्रजातियों को फ्लडप्लेन इकोसिस्टम में शामिल किया गया है। इसके अलावा पूरे नदी कॉरिडोर में 35 वेटलैंड विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 1,420 मिलियन लीटर पानी संग्रहण क्षमता है। इससे भूजल रिचार्ज, जैव विविधता संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण की प्राकृतिक क्षमता मजबूत होगी। उजाड़ क्षेत्रों को बनाया गया जीवंत सार्वजनिक स्थल… एलजी ने नदी कॉरिडोर के किनारे विकसित किए गए प्रमुख इकोलॉजिकल डेस्टिनेशनों की भी समीक्षा की। इनमें असिता, बांसेरा, अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क, यमुना वनस्थली, कालिंदी अविरल और यमुना वाटिका शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने पहले उपेक्षित और कम उपयोग वाले क्षेत्रों को जीवंत सार्वजनिक स्थलों और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक परिसंपत्तियों में बदल दिया है। 32 ऐतिहासिक घाटों के पुनरुद्धार पर जोर… दिल्ली की ऐतिहासिक नदी पहचान को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से एलजी संधू ने यमुना बाज़ार क्षेत्र में स्थित 32 ऐतिहासिक घाटों के संरक्षण और पुनर्विकास पर विशेष जोर दिया। डीडीए ने उन्हें इस संबंध में आईएनटीएसीएच द्वारा तैयार अध्ययन की जानकारी दी। अध्ययन में संरक्षण कार्य, लैंडस्केपिंग, पैदल यात्री कनेक्टिविटी और आगंतुक सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है, ताकि विरासत संरक्षण और रिवर फ्रंट विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। छह माह में शुरू होगा घाटों के पुनरुद्धार का काम… डीडीए ने एलजी को बताया कि यमुना बाज़ार पुनर्विकास परियोजना को संबंधित एजेंसियों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पर एलजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और अगले छह महीनों के भीतर पुनरुद्धार एवं पुनर्विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएं। उन्होंने समयसीमा के कड़ाई से पालन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
खैरथल-तिजारा में निर्माणधीन प्लांट में टंकी की दीवार गिर गई जिसमें 4 वर्षीय एक बच्ची की दबने से मौत हो गई। हादसे में तीन बच्चों सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल गए। टंकी का निर्माण पांच दिन पहले ही पूरा हुआ था। घटना भिवाड़ी में दोपहर 1:30 बजे की है। मृतका की पहचान बिहार निवासी हेमंत शर्मा की 4 वर्षीय पुत्री मीनू के रूप में हुई है। यह प्रोजेक्ट हाईटेक कंपोनेंट बिल्डर द्वारा कराया जा रहा है, जहां लगभग 400 से 500 मजदूर काम कर रहे हैं। भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया- भिवाड़ी के पुराना समतल रोड़ औद्योगिक क्षेत्र में जैगवार कंपनी के प्लांट में काम चल रहा था। पांच दिन पहले ही प्लांट में पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। टंकी की भराव क्षमता करीब 2000 लीटर थी। सोमवार को प्लांट में इस दौरान पानी की टंकी पर कुछ मजदुरों के बच्चे नहाने गए हुए थे अचानक से टंकी दीवार भरभराकर बच्चों के उपर आ गिरी। मलबे में करीब 6 बच्चें दब गए जिनमें से मीनु की इलाज के दौरान मौत हो गई। भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया- अभी तक किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। निजी गोपीनाथ अस्पताल में भर्ती कराया सभी घायलों को भिवाड़ी के निजी गोपीनाथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीनू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल ज्योतिष और शिवम को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है, जबकि बाकी तीनों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। नहाते समय हुआ हादसा बच्ची के पिता हेमंत शर्मा ने बताया- उनकी पत्नी अरुणा, बेटी मीनू और 5 वर्षीय बेटा ज्योतिष टंकी के पास नहा रहे थे, तभी दीवार गिर गई। हादसे में 12 वर्षीय शिवम, 40 वर्षीय श्रीमणि और 25 वर्षीय जीतू भी घायल हुए हैं। पिता ने बताया- कंपनी की तरफ से अभी तक कोई आदमी आकर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कंपनी की तरफ से इलाजा करवाया जा रहा है। मजदूरों ने लापरवाही का आरोप लगाया निर्माण साइट पर काम कर रहे मजदूरों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि टंकी का निर्माण मात्र पांच दिन पहले ही पूरा हुआ था और दीवार कच्ची थी। इसके बावजूद उसमें करीब 5 से 6 हजार लीटर पानी भर दिया गया, जिससे पानी के दबाव को दीवार सहन नहीं कर पाई और ढह गई। स्थानीय प्रशासन और मजदूर यूनियनों की ओर से मामले की गहन जांच की मांग की जा रही है। शव भिवाड़ी जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया मृतका मीनू का शव भिवाड़ी जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है, जिसका पोस्टमार्टम परिजनों की मौजूदगी में कराया जाएगा।
दिल्ली में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। विश्व डेंगू दिवस के मौके पर एम्स के विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर पहचान और रोकथाम है। लक्षणों को नजरअंदाज करने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक हर साल बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू के मामलों में भी तेजी आती है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में सितंबर से नवंबर के बीच डेंगू के मामलों में 60 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जाती है। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू की शुरुआत आमतौर पर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज पीड़ा, त्वचा पर लाल चकत्ते, जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षणों से होती है। ऐसे संकेत मिलने पर खुद दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। एम्स के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा, “डेंगू पूरी तरह से रोकथाम योग्य बीमारी है। घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।” ‘वन वर्ल्ड अगेंस्ट डेंगू’ थीम पर जागरूकता अभियान… इस वर्ष विश्व डेंगू दिवस 2026 की थीम ‘वन वर्ल्ड अगेंस्ट डेंगू’ रखी गई है। इसके तहत दिल्ली में स्वास्थ्य एजेंसियां और स्थानीय निकाय जलभराव रोकने, फॉगिंग कराने और ‘चेक, क्लीन एंड कवर’ अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। एम्स ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। डेंगू से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां…
नई दिल्ली में साउथ-वेस्ट जिले के सागरपुर थाना क्षेत्र स्थित एएस मल्टी किडनी अस्पताल में रविवार रात शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अस्पताल स्टाफ, पुलिस और दमकलकर्मियों की मदद से अस्पताल में भर्ती 15 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण अस्पताल के बिजली मीटर और इलेक्ट्रिक जंक्शन बॉक्स में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीसीपी अमित गोयल ने बताया रविवार रात करीब 10:27 बजे सागरपुर थाना पुलिस को पीसीआर कॉल के जरिए विजय एंक्लेव स्थित ए.एस. मल्टी किडनी अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसएचओ समेत 15 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा दमकल विभाग, पीसीआर और कैट्स एंबुलेंस की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। बेसमेंट में लगे बिजली मीटर और जंक्शन बॉक्स में शॉर्ट सर्किट जांच में पता चला कि आग अस्पताल के भूतल पर लगे बिजली मीटर और इलेक्ट्रिक जंक्शन बॉक्स में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था। इसके बाद दमकलकर्मियों ने आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। दमकल विभाग के पीआरओ राजेंद्र अटवाल ने बताया कि रात 10:25 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही तीन वाटर टेंडर, एक वाटर बाउजर और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ टीमों को मौके पर रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने करीब 15 मिनट के भीतर रात 10:40 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून की सुबह हुए भीषण अग्निकांड में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस दिन भीषण विस्फोट हुआ, उसी दिन सुबह करीब चार बजे दिल्ली से बारूद और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जयपुर पहुंचा था। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा सामान चार बंद लोडिंग टेम्पो में भरकर लाया गया था। हाल ही में पकड़ी गई चार अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में सामान उतारा गया था। कट्टे और अन्य सामग्री खाली करने के तुरंत बाद चारों टेम्पो वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। इन चार फैक्ट्रियों में उतरा था सामान 9 जून की सुबह तलाई क्षेत्र में जहां ब्लास्ट हुआ, दाउद नगर में दो फैक्ट्रियों और आईशा नगर स्थित फैक्ट्री में पटाखे बनाने का सामान और बारूद उतारा गया था।। सबसे ज्यादा माल दाउद नगर स्थित फैक्ट्रियों में उतारा गया था। फिरोज वैगनआर कार के साथ एस्कॉर्ट करते हुए फैक्ट्री तक लेकर आया था टेम्पो जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे वाली फिरोज की फैक्ट्री में सबसे कम बारूद उतारा गया था। यहां कुल 25 कट्टे बारूद के उतारे गए थे। इसके अलावा पटाखों में इस्तेमाल होने वाली नलकियों के कार्टन भी इसी फैक्ट्री में खाली किए गए थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इन चारों लोडिंग वाहनों को फिरोज अपनी वैगनआर कार के साथ एस्कॉर्ट करते हुए फैक्ट्री तक लेकर आया था। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां दिल्ली से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन, परिवहन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही हैं। एफएसएल जांच में भी सामने आए अहम संकेत जांच एजेंसियों को आशंका है कि खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी या फिर किसी की स्मोकिंग से उठी चिंगारी से बारूद ने आग पकड़ी होगी। अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं। पुलिस की जांच अब इन बिंदुओं पर केंद्रित थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई ने बताया- पूरे मामले की सेस्टिंविट को ध्यान में रखकर पुलिस जांच कर रही है। मामले में जल्द कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़िए… 8 लोगों की मौत के आरोपी की दिल्ली-जयपुर में प्रॉपर्टी:कभी मजदूरी करता था, आज 5 राज्यों में फैक्ट्रियां, पिता बोले- मेरा बेटा गायब अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में नाबालिग भी काम करते मिले:जहां 8 लोग जिंदा जले, वहां बारूद का अवैध कारोबार करने वालों की तस्वीरें सामने आईं कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भगवतगढ़ के पास सोमवार सुबह त्रिलोकपुरा अंडरपास में मिर्ची से भरा ट्रक नीचे गिर गया। हादसे में वाहन में सवार महाराष्ट्र के जलगांव निवासी सोनू शेख (24) पुत्र आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अयान गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह 6 बजे मिली दुर्घटना की सूचनाभगवतगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी दीपक शर्मा ने बताया - सोमवार सुबह करीब 6 बजे सूचना मिली कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 270.5 पर त्रिलोकपुरा अंडरपास के पास मिर्ची से भरा केंटर नीचे गिर गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से केंटर को अंडरपास से हटवाया गया। एक युवक की मौत, दूसरा जिला अस्पताल में भर्तीहादसे में केंटर में सवार सोनू शेख निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अयान निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल सवाई माधोपुर में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों को दी सूचना, जांच जारीपुलिस ने मृतक के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के सवाई माधोपुर पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव उन्हें सौंपा जाएगा। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
देशभर में मौसम ने बदला रुख। मानसून ओडिशा और झारखंड से आगे बढ़ चुका है, जबकि दिल्ली-NCR में शाम को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट और महाराष्ट्र में हीटवेव की चेतावनी जारी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार दुर्घटना:एक बच्चे की मौत, कई घायल; पुलिस क्षेत्राधिकार पर असमंजस
कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। मेहंदी माइनर के पास शाम करीब 7:30 बजे एक कार अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 70 वर्षीय बुजुर्ग सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल था। हादसे में बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की हालत गंभीर बनी हुई है। एक महिला भी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है, जबकि दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही दीगोद और सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एक्सप्रेसवे एंबुलेंस और दीगोद एंबुलेंस की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पहले कोटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार बूंदी जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र की है। कार सवारों की पहचान विजय शर्मा, कमलेश दाधीच, नदेश दाधीच और बांके बिहारी के रूप में हुई है। मृतक बच्चा भी इन्हीं के साथ यात्रा कर रहा था। एक्सप्रेसवे एंबुलेंस के कंपाउंडर आलोक सुमन ने हादसे की पुष्टि कllरते हुए बताया कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। दीगोद एंबुलेंस के पायलट जितेंद्र मीणा और ईएमटी वीरेंद्र फुलवारिया ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया। हादसे के बाद क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। दीगोद और सुल्तानपुर दोनों थानों की पुलिस दुर्घटना स्थल को अपने क्षेत्र से बाहर बता रही है। हालांकि, दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन देर रात तक किसी थाने द्वारा औपचारिक कार्रवाई नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस क्षेत्राधिकार स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
प्रगतिशील किसान:40 दिन में तैयार हो जाती जुगनी, छठ पूजा तक दिल्ली में मिलती है अच्छी कीमत
कोटपूतली जिले के विराटनगर में मेढ़ के सताना गांव के अभिमन्युसिंह शेखावत खेत से सालभर कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र में जुगनी बोने वाले वे पहले किसान बताए जाते हैं। जुगनी की सप्लाई दिल्ली में करते हैं। 32 साल के अभिमन्यु ने रीलें व वीडियो देखकर खेती के नए-नए तरीके सीखे। शेखावत एयरपोर्ट पर कस्टमर सर्विस एजेंट थे। कोरोनाकाल में गांव लौट गए। इससे पहले खेती रिश्तेदार संभाल रहे थे। क्षेत्र में जुगनी की खेती कोई जानता नहीं था। तब चौमूं मंडी से बीज लाकर 5 बीघा में बोई। पहले साल खर्चा निकालकर पांच लाख चालीस हजार का फायदा हुआ। जुगनी की बड़ी खपत दिल्ली की आजादपुर मंडी में होती है। वहां भी दीपावली के बाद आने वाली डाला छठ तक ही बिकती है। इसके अधिकांश खरीदार बिहार से हैं, जो छठ मनाने चले जाते हैं तो जुगनी की बिक्री कम हो जाती है। दूसरा हमारे यहां की जुगनी को दिल्ली में तब तक अच्छा भाव मिलता है, जब तक कि रतलाम की जुगनी वहां न आने लगे। अभिमन्यु ने फसल चक्र इस तरह बनाया कि जुगनी छठ से पहले ही पूरी हो जाए। यह फसल 35-40 दिन में तैयार होती है और 40 दिन ही चलती है। उन्हें देखकर मेड़ क्षेत्र के 15-20 किसान जुगनी बोने लगे हैं। अभिमन्युसिंह 16 बीघा खेत में जुगनी के अलावा देसी टिंडा, बैंगन, मिर्च, मटर, गेहूं भी बोते हैं। फसल चक्र ऐसा बना रखा है कि एक के बाद दूसरी फसल आने लग जाती है। जुगनी में मच्छर का प्रकोप ज्यादा होता है। बेड पर मल्च बनाकर बुआई से खरपतवार नहीं लगती। मल्च का एक छेद छोड़कर बोने से पौधे को बढ़वार की जगह मिल जाती है। सूखे 15 किलो गोबर में 5 किलो पशुओं को खिलाने वाला गुड़, 1 किलो बेसन, 500 ग्राम पीसा धतूरा, एक लीटर गो मूत्र का मिश्रण 200 लीटर ड्रम में पानी के साथ मिलाकर बीस दिन तक रखते हैं। ड्रम को टाट से ढंक देते हैं। बीस दिन बाद छानकर ड्रिप में देने से जड़ें बढ़ती हैं। मच्छर दूर करने के लिए पुरानी छाछ में तांबे का बर्तन पंद्रह से बीस दिन रखें, ऊपर की पचास ग्राम छाछ निकालकर पंद्रह लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें तो जुगनी में मच्छर, लट का प्रकोप कम हो जाता है। ज्यादा पानी देने से होने वाले जड़ गांठ रोग के उपचार में जड़ों में हींग का पानी, नीला थोथा डालना कारगर होता है।
सरहद के बच्चों की कला का दिल्ली में दिखेगा जादू बाल रंगमंच कार्यशाला में प्रतिभाओं को मिला अवसर
भास्कर न्यूज| जैसलमेर सीमावर्ती जैसलमेर जिले में पहली बार बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को नई उड़ान मिल रही है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और इंडियन ऑयल के संयुक्त सहयोग से स्थानीय सेंटपॉल विद्यालय में बच्चों के लिए एक महीने की निशुल्क बाल रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रंगमंच की विद्या से जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और रचनात्मक सोच का समग्र विकास करना है। इसके माध्यम से बच्चे समाज और दुनिया को एक नए और सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना सीख रहे हैं। कार्यशाला का निर्देशन एनएसडी के 2012 बैच के स्नातक नरेशपाल सिंह चौहान कर रहे हैं, जबकि सह निर्देशन की जिम्मेदारी 2023 बैच की स्नातक निकिता भारती संभाल रही हैं। एनएसडी और इंडियन ऑयल की इस पहल का लक्ष्य उन बच्चों तक कला और रंगमंच की पहुंच बनाना है। जिन्हें आमतौर पर ऐसे बेहतरीन अवसर सहज रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। कार्यशाला समन्वयक मानव व्यास ने बताया कि प्रशिक्षण में कई तरह की रचनात्मक व शारीरिक गतिविधियां शामिल की गई हैं। इनमें 10 सेकंड ऑब्जेक्ट से बच्चों में कल्पना शक्ति व टीमवर्क, शरीर के अंगों द्वारा नेतृत्व से शारीरिक सजगता तथा पास द क्लैप व जिप जैप जूम जैसी गतिविधियों से एकाग्रता और फोकस को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा मानव गांठ से समस्या समाधान क्षमता और दर्पण अभ्यास के जरिए बच्चों में कमाल की अवलोकन क्षमता का विकास किया जा रहा है। कार्यशाला में बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए एनएसडी की राष्ट्रीय समन्वयक गौरी देवल तथा अतिरिक्त राष्ट्रीय समन्वयक सेहज कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। एक महीने के इस कड़े और अनूठे प्रशिक्षण के बाद अंतिम कड़ी के रूप में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नाटक का भव्य मंचन आगामी 18 जून को जैसलमेर में किया जाएगा। इसके बाद यही प्रतिभावान बच्चे 22 जून को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के मंच पर अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और इंदौर की होटलों में सेमिनार व मीटिंग आयोजित कर लोगों को झांसे में लिया जाता था। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना निवासी विष्णुपुरी कॉलोनी, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी निवासी चंडीगढ़, अनिरुद्ध दलवी निवासी बेंगलुरु, मुकेश तायडे और जोसेफ निवासी भोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लोगों को 100 दिनों में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश करवाने और बाद में पैसा वापस नहीं करने का आरोप है। इन लोगों ने की शिकायत क्राइम ब्रांच को जिया पति सतीश वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, हरप्रीत कौर, गुरमीत कौर सहित कई लोगों ने शिकायत दी थी। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश पर शुरुआत में 2 प्रतिशत मुनाफा और 100 दिन में रकम दोगुनी करने का दावा किया था। लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस की गई। यूएस बेस्ड कंपनी बनाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी बनाई थी। हरप्रीत कौर उर्फ मोना ने अपने और कंपनी के बैंक खातों में निवेशकों से करीब ढाई करोड़ रुपए जमा करवाए थे। किटी पार्टी से पहचान, फिर होटल में सेमिनार पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से किटी पार्टी में हुई थी। हरप्रीत ने खुद को यूएस बेस्ड कंपनी से जुड़ा बताया। इसके बाद उसे भंवरकुआ स्थित होटल सोलारिस में जसवंत सिंह और अनिरुद्ध से मिलवाया गया, जहां पूरा निवेश प्लान समझाया गया। बाद में होटल रेडिसन में बड़ा सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें करीब 200 लोग शामिल हुए। वहां महंगे गिफ्ट और भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया गया। साइट अपडेट का बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान पीड़ितों के मुताबिक, मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने हरप्रीत कौर से संपर्क किया तो उसने कंपनी की वेबसाइट अपडेट होने का बहाना बनाया और कहा कि जल्द ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाएगा। अप्रैल में भी इसी तरह टालमटोल की गई। दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने झूम एप के जरिए ऑनलाइन मीटिंग की, जिसमें जसवंत और अनिरुद्ध भी जुड़े। उन्होंने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बाद भी किसी को रकम नहीं मिली। रुपए मांगने पर दी धमकी जब निवेशकों ने लगातार अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने साफ कह दिया कि कंपनी डूब चुकी है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। मामले में पीड़ितों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। क्राइम ब्रांच अब बैंक खातों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
कोटपूतली जिले के विराटनगर में मेढ़ के सताना गांव के अभिमन्युसिंह शेखावत खेत से सालभर कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र में जुगनी बोने वाले वे पहले किसान बताए जाते हैं। जुगनी की सप्लाई दिल्ली में करते हैं। 32 साल के अभिमन्यु ने रीलें व वीडियो देखकर खेती के नए-नए तरीके सीखे। शेखावत एयरपोर्ट पर कस्टमर सर्विस एजेंट थे। कोरोनाकाल में गांव लौट गए। इससे पहले खेती रिश्तेदार संभाल रहे थे। उन दिनों क्षेत्र में जुगनी की खेती कोई जानता नहीं था। तब चौमूं मंडी से बीज लाकर 5 बीघा में बोई। पांच लाख चालीस हजार का फायदा पहले साल खर्चा निकालकर पांच लाख चालीस हजार का फायदा हुआ। जुगनी की बड़ी खपत दिल्ली की आजादपुर मंडी में होती है। वहां भी दीपावली के बाद आने वाली डाला छठ तक ही बिकती है। इसके अधिकांश खरीदार बिहार से हैं, जो छठ मनाने चले जाते हैं तो जुगनी की बिक्री कम हो जाती है। दूसरा हमारे यहां की जुगनी को दिल्ली में तब तक अच्छा भाव मिलता है, जब तक कि रतलाम की जुगनी वहां न आने लगे। अभिमन्यु ने फसल चक्र इस तरह बनाया कि जुगनी छठ से पहले ही पूरी हो जाए। यह फसल 35-40 दिन में तैयार होती है और 40 दिन ही चलती है। उन्हें देखकर मेड़ क्षेत्र के 15-20 किसान जुगनी बोने लगे हैं। अभिमन्युसिंह 16 बीघा खेत में जुगनी के अलावा देसी टिंडा, बैंगन, मिर्च, मटर, गेहूं भी बोते हैं। फसल चक्र ऐसा बना रखा है कि एक के बाद दूसरी फसल आने लग जाती है। जुगनी फसल का बचाव जुगनी में मच्छर का प्रकोप ज्यादा होता है। बेड पर मल्च बनाकर बुआई से खरपतवार नहीं लगती। मल्च का एक छेद छोड़कर बोने से पौधे को बढ़वार की जगह मिल जाती है। सूखे 15 किलो गोबर में 5 किलो पशुओं को खिलाने वाला गुड़, 1 किलो बेसन, 500 ग्राम पीसा धतूरा, एक लीटर गो मूत्र का मिश्रण 200 लीटर ड्रम में पानी के साथ मिलाकर बीस दिन तक रखते हैं। ड्रम को टाट से ढंक देते हैं। बीस दिन बाद छानकर ड्रिप में देने से जड़ें बढ़ती हैं। मच्छर दूर करने के लिए पुरानी छाछ में तांबे का बर्तन पंद्रह से बीस दिन रखें, ऊपर की पचास ग्राम छाछ निकालकर पंद्रह लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें तो जुगनी में मच्छर, लट का प्रकोप कम हो जाता है। ज्यादा पानी देने से होने वाले जड़ गांठ रोग के उपचार में जड़ों में हींग का पानी, नीला थोथा डालना कारगर होता है।
गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित गांव तलहेटा में रविवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकालकर क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण में जेनुद्दीनपुर-तलहेटा गोल चक्कर पर पिछले 6 माह से चल रहे धरने को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह ट्रैक्टर यात्रा आयोजित की गई। किसानों ने आसपास के 8 से 10 गांवों में पहुंचकर लोगों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। इसमें भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल रहे। जमीन ले ली, सुविधा दी नहीं किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान हमारी जमीनें तो अधिग्रहित कर ली गईं, लेकिन क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और आवागमन की सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जैनुद्दीनपुर-तलहेटा गोल चक्कर पर सुरक्षित उतार-चढ़ाव की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को निकाली गई ट्रैक्टर यात्रा तलहेटा से शुरू होकर भटजन, पलोता, शकूरपुर, भूड़गढ़ी, मंढिया, तोड़ी तथा अन्य गांवों से होकर गुजरी। इस दौरान किसानों ने ग्रामीणों को आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराया और क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होने की अपील की। अब अफसरों को घेरेंगे किसानों का कहना था कि यदि जनता का समर्थन मिला तो उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक और मजबूती से पहुंचेगी। किसान नेता कुलदीप त्यागी ने कहा कि सरकार को किसानों की जमीन तो चाहिए, लेकिन किसानों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए कोई अधिकारी आगे नहीं आता। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कल से हरिद्वार जाएंगे किसान किसानों ने बताया कि बताया कि 15, 16, 17 और 18 जून को किसान प्रतिनिधि हरिद्वार में आयोजित चिंतन शिविर में भाग लेने जाएंगे। वहां आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। शिविर से लौटने के बाद क्षेत्र में एक विशाल किसान रैली आयोजित की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मोदीनगर तहसील का घेराव भी किया जाएगा। यह रहे मौजूद ट्रैक्टर यात्रा के दौरान अंकित, सुबोध, रामकुमार मास्टर, ऋषि प्रधान, दिनेश त्यागी, नरेश, राजेंद्र सेठ, अमन, बिजेंद्र, नेत्रपाल, मनीराम, प्रताप, राम पंडित, मोनू कांटे, वीरेंद्र, सुंदर, प्रमोद, गज्जू, नेपाल, नरेंद्र, सुरेश मास्टर, टीटू, रमेश, मुकेश बाबू, आशुतोष, राधे, सतबीर, पप्पू सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री एवं बवाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने आज पूठखुर्द गांव में दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के फंड से लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं के तहत गांव में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, सीसी पेवमेंट (CC Pavement) निर्माण, आरसीसी (RCC) नालियों के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से पूठखुर्द और आसपास के इलाकों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय निवासियों को जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत होने से लोगों के दैनिक जीवन, व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ा सुधार आएगा। समग्र विकास और बेहतर जीवन स्तर पर ध्यान इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के माध्यम से दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पूठखुर्द में शुरू किए गए ये कार्य केवल सड़क और नाली निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह गांव के समग्र विकास, बेहतर जीवन स्तर और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। 24 घंटे में बवाना को मिली ₹30 करोड़ की योजनाएं विधायक रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार को रेखांकित करते हुए कहा कि बीते कल ही बवाना विधानसभा क्षेत्र के दीप विहार में लगभग 20 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था, और आज पूठखुर्द में 10 करोड़ रुपए के कार्यों की शुरुआत हुई है। यह दर्शाता है कि हमारी सरकार बवाना के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। आने वाले समय में ये कार्य जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे और क्षेत्र की जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
बहरोड़ क्षेत्र के जटगांवड़ा निवासी हेड कॉन्स्टेबल अनिल यादव (39) का सड़क हादसे में निधन हो गया। अनिल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात थे। रविवार को उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। जहां पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अनिल यादव के बड़े बेटे आदित्य यादव (19) ने पिता को मुखाग्नि दी। सड़क हादसे में हुआ निधन दिल्ली पुलिस के एएसआई सुरेंद्र यादव ने बताया- हेड कॉन्स्टेबल अनिल यादव शनिवार शाम 5:30 बजे दिल्ली के रिंग रोड स्थित आईएसबीटी कश्मीरी गेट क्षेत्र में शांति वन से चंदगीराम अखाड़ा जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान हनुमान मंदिर की तरफ से आ रही एक स्कूटी ने अनिल को जोरदार टक्कर मार दी। इससे अनिल सड़क पर गिर गए। इस दौरान पीछे से आ रहे लोडिंग टेंपो ने उन्हें कुचल दिया। स्कूटी सवार फरार, लोडिंग टेंपो जब्त हादसे के बाद अनिल को गंभीर हालत में ट्रोमा सेंटर लेकर जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कूटी सवार मौके से फरार हो गए। जबकि लोडिंग टेंपो को पुलिस ने जब्त कर लिया। रविवार दोपहर 2 बजे अनिल का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। अनिल यादव परिवार के इकलौते बेटे थे। शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। अनिल यादव की मां कमलेश देवी चलने में असमर्थ थीं। इस पर परिवार के लोग अंतिम दर्शन के लिए उन्हें शव के पास लेकर पहुंचे। बेटे के शव को देखकर मां बेसुध हो गईं। शिक्षा विभाग से रिटायर हैं पिता अनिल यादव के परिवार में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी, दो बेटे आदित्य (19) और छोटा बेटा दीपांशु (17) हैं। उनके पिता लालाराम यादव शिक्षा विभाग से सेवानिवृत हैं। अनिल यादव तीन बहनों के इकलौते भाई थे। दिल्ली पुलिस से जवानों ने दी सलामी अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली पुलिस के जवानों ने अनिल यादव को सलामी दी। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी आईपीएस अधिकारी निशांत गुप्ता, ट्रैफिक इंस्पेक्टर अशोक कुमार, एएसआई सुरेंद्र यादव, भाजपा नेता मोहित यादव, एडवोकेट बस्तीराम यादव, कांग्रेस नेता डॉ. आरसी यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस जवानों ने सलामी देकर दिवंगत हेड कांस्टेबल को अंतिम विदाई दी। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। … यह खबर भी पढ़ें सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव पंचतत्व में विलीन:पार्थिव देह देख बिलख पड़ी पत्नी, तोड़ी चूड़ियां; जवानों ने हवाई फायर कर दी सलामीॉ कोटपूतली-बहरोड़ के गांव गंडाला निवासी सीआरपीएफ जवान कर्मवीर यादव का मणिपुर के इम्फाल में ड्यूटी के दौरान 9 दिसंबर को निधन हो गया था। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को पैतृक गांव गंडाला पहुंची, जहां शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति को देख पत्नी उषा देवी बिलख पड़ी और पार्थिव देह पर अपनी चूड़ियां तोड़ी। वहीं, बेटे निवेश को रिश्तेदारों ने ढांढस बंधाया। (पढ़ें पूरी खबर)
हरदा में रविवार दोपहर दिल्ली से मुंबई की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को घटनास्थल से उठाकर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह ग्राम उड़ा के पास डाउन ट्रैक के खंभा नंबर 672 के पास यह शव देखा गया। मृतक की उम्र 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि मृतक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान राधेश्याम पिता रमेश शर्मा (46) निवासी ईशापुर कतरा, भरतपुर, राजस्थान के रूप में हुई है। वह बेंगलुरु में टाइल्स लगाने का काम करता था। राधेश्याम के छोटे भाई दीनदयाल शर्मा, जो भुसावल में काम करते हैं, सहित परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों के आने के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आशंका है कि मृतक ट्रेन से गिर गया था। बताया जा रहा है कि ट्रेन से गिरने के बाद वह करीब दो सौ मीटर तक घिसड़ता चला गया, जिससे रास्ते में पेड़ों की टहनियां भी टूट गईं। राधेश्याम अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
कैथल के सीवन में यातायात पुलिस ने एक बुलेट बाइक पर पटाखे बजाकर हुड़दंग करने वाले राइडर का 20 हजार 500 रुपए का चालान काट दिया। बाइक का राइडर शहर के तंग गलियों सहित मुख्य बाजार में पटाखे बजाते हुए घूम रहा था, जिसे आमजन को परेशानी हो रही थी। पुलिस ने चालान करने के बाद बाइक को इंपाउंड कर लिया और थाने ले गई। नाका लगाकर चैकिंग शुरू की बता दें कि सीवान में कई दिनों से ऐसे मामले सामने आ रहे थे। जब बाइक सवार हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे थे। इसकी सूचना दुकानदारों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मुख्य मार्ग पर नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान चीका का एक युवक दिल्ली नंबर की बुलेट बाइक पर पटाखे बजाते हुए आ रहा था। टीम ने उसे रोका और दस्तावेज दिखाने के लिए कहा। बाइक राइडर कोई भी कागज पेश नहीं कर सका। ऐसे में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बाइक का साढ़े 20 हजार रुपए का चालान कर इंपाउंड कर लिया। इसके अलावा अन्य बाइक राइडरों और चार पहिया वाहन ड्राइवरों को भी चेतावनी दी कि अगर नियमों के विरुद्ध चलेंगे और वाहनों में अनावश्यक मोडिफिकेशन करवाएंगे तो उनके वाहनों का या तो चालान किया जाएगा। अगर दस्तावेज भी नहीं मिले तो इंपाउंड कर लिया जाएगा। दुकानदारों ने प्रशंसा की ट्रैफिक थाना एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस के पास हुड़दंगबाजी करने वालों की शिकायतें पहुंच रही थी। इस पर टीम ने नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग शुरू की और बुलेट बाइक का साढ़े 20 हजार का चालान कर दिया। उन्होंने दोपहिया और चार पहिया वाहनों को चालकों को चेतावनी दी कि अगर नियमों का पालन नहीं करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। सीवन के दुकानदारों ने पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की और साथ में अपील भी की नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
VIDEO: केएल राहुल ने कवर्स के ऊपर मारा गज़ब का छक्का, शॉट देखकर गौतम गंभीर भी रह गए दंग
भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार (13 जून) को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मैचमें अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। भारत की इस जीत में कप्तान शुभमन गिल ने अहम भूमिका निभाते हुए नाबाद अर्द्धशतक लगाया लेकिन अंत में केएल राहुल ने चौके-छक्के लगाकरगिल का काम आसान किया और मैच को जल्दी खत्म कर दिया। राहुल नंबर पांच की पोज़िशन पर खेलने आए। उस समय भारत का स्कोर 142/3 था और उन्हें 7.3 ओवर में 53 रनों की ज़रूरत थी। दूसरे छोर पर गिल 70 रन पर खेल रहे थे लेकिन यहां से राहुल ने मोर्चा संभाला और19 गेंदों पर 39 रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। राहुल के बल्ले से इस दौरान 4 चौके और 3 छक्के भी देखने को मिले।इन 3 में से एक छक्का तो ऐसा था जिसे देखकर हेड कोच गौतम गंभीर भी दंग रह गए। ये छक्का ज़िया उर रहमान शरीफ़ी के 22वें ओवर की आखिरी गेंद पर देखने को मिला। शरीफ़ी ने राहुल को एक फ़ुलऔर ऑफ़-स्टंप के बाहर गेंद डाली जिसके लिए राहुल ने पहले से ही पोजिशन बना लीथी।राहुल ने इस गेंद को कवर्स के ऊपर से छक्के के लिए भेज दिया। राहुल का ये शॉट देखने के बाद गंभीर ने जिस तरह से अपने बैटिंग कोच सितांशु कोटक की ओर देखा, उससे सब कुछ साफ़ हो गया कि वो इस शॉट से कितने इम्प्रेस थे। Wait for GG’s reaction to Rahul’s six over covers pic.twitter.com/EkozSlGyQL — Delhi Capitals (@DelhiCapitals) June 13, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score बता दें कि राहुल वनडे क्रिकेट में शानदार फॉर्म में नजर आए हैं और नंबर पांच को तो जैसे उन्होंने अपना ही बना लिया है। वो नंबर पांचकी पोज़िशन पर दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ों में से एक रहे हैं। 2023 से उन्होंने 22 पारियों में 74.53 की औसत से 969 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। तब से राहुल से बेहतर औसत के साथ किसी ने भी इतने रन नहीं बनाए हैं। ऐसे में अगर राहुल इसी फॉर्म को आगे भी जारी रखते हैं तो अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले ये भारतीय टीम के लिए अच्छा साइन होगा।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से चोरी का मामला तूल पकड़ रहा है। सरकार ने जांच के लिए शनिवार को SIT बना दी, जो रविवार रात तक अयोध्या पहुंचेगी। वहीं, 3 दिन पहले ही केंद्र सरकार ने एक IPS अफसर को यहां भेज दिया था। उनकी देख-रेख में चढ़ावा चोरी मामले की गोपनीय जांच चल रही है। हालांकि, इसको लेकर अधिकारी अभी चुप्पी साधे हैं। इधर, चढ़ावा चोरी में अब तक 5 लोगों (लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर) के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही से अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। अब तक हुई रिकवरी भी इन्हीं पांच लोगों ने कराई है। चोरी करना कबूल भी किया है। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं। वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रविवार को कहा कि जिन ट्रस्ट पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक उनके पदों से हटाया जाए। ट्रस्ट की वर्तमान कमेटी को भंग कर नई व्यवस्था बनाई जाए। पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जाए। इससे पहले शनिवार को राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा था कि जितने यहां हैं, ये सब चोर हैं। इनकी छुट्टी करो। छुट्टी कौन करेगा? विनय कटियार कर देंगे। सपा सांसद बोले- निष्पक्ष जांच हो, मामला भावनाओं से जुड़ा अयोध्या के एक होटल में मीडिया से बात करते हुए सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा- राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े हैं। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। आरोपी बताए जा रहे चंपत राय समेत सभी संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक मंदिर और पूरे प्रकरण से दूर रखा जाना चाहिए। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी धनराशि की गड़बड़ी हुई है। इसलिए बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अगर पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो श्रद्धालुओं का विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि सच सामने लाने के लिए सर्वोच्च स्तर पर जांच कराई जानी चाहिए। विनय कटियार बोले- ये सभी चोर जेल जाएंगे या भागेंगे शनिवार को विनय कटियार ने मीडिया से बात करते हुए था- चोरी के मामले की जांच हो रही है। गंभीर मामला है, यह हल्का-फुल्का मामला नहीं है। अरे भाई, इस पर लोग बलिदान हुए हैं। हमारे जैसे लोग, कल्याण सिंह जैसे लोग, ये सब जेल गए हैं। कल्याण सिंह ने इस्तीफा दिया था।, तब जाकर के मंदिर का बनना शुरू हुआ था। हम डीआइजी से कहेंगे, इन सभी को पकड़ो और जेल भेजो। नृपेंद्र मिश्र बोले- सरकार ने SIT बना दी है रविवार को निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल हुए। सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले के मामले में सरकार ने एसआईटी बना दी है। जांच टीम एक सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सरकार को देगी। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 4 किलोमीटर लंबी आधुनिक तकनीक आधारित बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही 25 वॉच टावर भी बनाए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। लक्ष्य अगस्त- 2026 तक काम पूरा करने का है। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं। जीजा-साले के बारे में जानिए, जो पुलिस हिरासत में 1- लवकुश के पिता बोले- 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था लवकुश अयोध्या के रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव का रहने वाला है। उसके पिता बच्चूलाल ने कहा- मेरा बेटा 4-5 महीने से राम मंदिर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वहां चोरी की घटना हुई। जांच के सिलसिले में कुछ लोग हमारे घर आए और तलाशी ली। इस दौरान 10 लाख रुपए बरामद हुए। अब जो होना था, वह हो गया। फैजाबाद में बन रहे मकान का मेरे बेटे से कोई संबंध नहीं है। मकान बनाने के लिए मैंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। वहीं, गांववालों का कहना है कि टीम में कुल 6 लोग थे। इनमें 2 पुलिस की वर्दी में थे और 4 सादे कपड़ों में थे। रुपए लवकुश के घर की आलमारी-बक्से में रखे थे, कुछ रुपए उसने गोबर में दबाकर छिपाए गए थे। लवकुश पहले कार मैकेनिक था। मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था। एक बार उसने गांववालों को शराब पिलाने के लिए ठेके पर 50 हजार रुपए खर्च कर दिए थे। लवकुश के पिता बच्चूलाल गाजियाबाद की लोहा मंडी में काम करते हैं। बच्चूलाल की 3 बेटियां और एक बेटा लवकुश है। लवकुश की शादी 8 साल पहले हुई थी। उसका 6 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है। 2- अनुकल्प मिश्रा: मंदिर में नौकरी करता है लवकुश के साले अनुकल्प मिश्रा (20) के पिता रविंद्र मिश्रा प्रॉपर्टी डीलर हैं। उनका एक बेटा और 2 बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी अभी पढ़ रही है। अनुकल्प परिवार के साथ अयोध्या के कौशलपुरी में रहता है। सूत्रों के मुताबिक, कौशलपुरी में मानस डेंटल हॉस्पिटल के पास एक घर है। यह घर पहले भोजपुरी गायक का था। उसे अनुकल्प मिश्रा के परिवार ने 64 से 65 लाख रुपए में खरीदा था। इसके बाद परिवार वहीं रहने लगा। वहीं, अनुकल्प के पैतृक गांव में उसके मकान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक फार्म हाउस भी बनाया गया है। परिवार के पास लगभग 5 से 6 बीघा पैतृक खेती भी है। सरकार ने SIT बनाई, इनमें 3 अफसरों को शामिल किया गया SIT में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरन एस. (IPS, आईजी रेंज) और नीलरतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। किरन एस. सीबीआई में डीआईजी रह चुके हैं। यानी वित्त, कानून के एक्सपर्ट को कमिश्नर लीड करेंगे। विजय विश्वास पंत: IIT कानपुर से बी.टेक पास हैं। अभी लखनऊ के मंडलायुक्त हैं। SIT की अध्यक्षता करेंगे। चढ़ाव और दान की व्यवस्था को समझेंगे। बेहतर करने के सुझाव देंगे। किरन एस.: अपराध की जांच का लंबा अनुभव है। चढ़ावा चोरी के आरोपों की तह तक जाएंगे। यानी, पुलिस के एंगल से जांच संभालेंगे। नीलरतन: वित्त विभाग में विशेष सचिव हैं। यह मंदिर के ऑडिट, दान और वित्तीय लेन-देन का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करेंगे। सपा नेता पवन पांडे बोले- जिम्मेदार नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें CBI जांच के लिए हाईकोर्ट में PIL दाखिल मंदिर के चढ़ावे की चोरी के दावे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने याचिका दायर की है। इसमें चोरी के दावे की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। साथ ही चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की भी मांग की गई है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का सिस्टम और कमियां राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की CCTV की निगरानी में रोजाना गिनती होती है। कमी- आम श्रद्धालु इस गिनती को नहीं देख सकता। न ही CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाते हैं। गिनती के बाद दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे मंदिर परिसर में बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कराए जाते हैं। कमी- मंदिर में कितना चढ़ावा आया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं की जाती। राम मंदिर ट्रस्ट की समय-समय पर होने वाली बैठक में चढ़ावे की रकम की जानकारी दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर, 2025 में हुई ट्रस्ट की बैठक में बताया गया था कि ट्रस्ट बनने से अब तक कुल ₹4575 करोड़ का दान मिला है। कमी- इसके बाद जून, 2026 तक कितना चढ़ावा आया, यह किसी को पता नहीं है। देश के अधिकतर बड़े मंदिरों में ऑडिट का काम अंदरूनी लोग या सरकार करती है। जैसे- शिरडी साईंबाबा मंदिर में चढ़ावे का महाराष्ट्र सरकार का 'लोकल फंड ऑडिट' विभाग करता है। कमी- राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम प्राइवेट कंपनी TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) करती है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- योगी ने राममंदिर चढ़ावे की जांच के लिए SIT बनाई, मंदिर के कर्मचारी के घर ₹10 लाख मिले, गोबर के ढेर में छिपाए थे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने 3 सदस्यीय SIT बना दी है। पढ़ें पूरी खबर
दिल्ली के तुगलकाबाद में 12 जून को पांच मंजिला इमारत में लगी आग में नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी की जांच की। जिसमें एक नाबालिग लड़की आग लगने से पहले अंदर जाते दिखी, जैसे ही वह बाहर आई धमाका हो गया। पुलिस ने CCTV वीडियो के आधार पर नाबालिग को पकड़ा। उसने कबूल किया कि गोविंद पुरी के गिरीनगर की रहने वाली सरिता (27) ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया था। आरोप है कि सरिता ने उसे पेट्रोल और माचिस दी थी ताकि वह पैसे के विवाद को लेकर पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी में आग लगा सके। सरिता दो अन्य आरोपी निरंजन (33) और उसके भाई राजकुमार (27) के कहने पर यह सब कर रही थी। तीनों ने कथित तौर पर निजी दुश्मनी निकालने के लिए आग लगाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने चारों को अरेस्ट कर लिया है। इस हादसे में 3 लोगों की जान चली गई थी। 2 मिनट में आग लगाकर भागी नाबालिग, 3 तस्वीरें… हादसे में 6 लोग बचाए गए थे, ताला काटकर रेस्क्यू बिल्डिंग में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक युवक और दो महिलाएं हैं। 6 लोगों को बचाया गया था। आग पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी। धीरे-धीरे आग पांच मंजिला बिल्डिंग में फैल गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने छत का ताला काटकर लोगों को बचाया। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, गुरुवार देर रात 2:35 बजे से 2:37 बजे के बीच इमरजेंसी कॉल मिलीं। इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की खबर मिलने के बाद फायर फाइटर्स ने रेस्क्यू शुरू किया। 3:45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। 12 जून को आग लगने के बाद रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… रात- 2:35 बजे आग, फायर ब्रिगेड सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची रात- 2:45 बजे, रेस्क्यू टीम ने छत पर दरवाजे का लॉक तोड़ा रात- 3:00 बजे, छत के रास्ते दो लड़कियों को बचाया गया रात- 3:05 बजे, कुछ लोगों को साड़ी की मदद से नीचे उतारा गया रात- 3:15 बजे, आग पर काबू पाया गया, गाड़ियां पूरी तरह जल गईं चश्मदीद बोलीं थीं- गाड़ियां एक-एक करके ब्लास्ट हुईं एक चश्मदीद ने बताया कि, हम लोग पड़ोस में रहते हैं। आग लगने की खबर मिलते ही वहां पहुंचे तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी गाड़ियों में एक-एक करके ब्लास्ट हो रहा था। हमने पानी का इस्तेमाल करके आग बुझाई। हमने पीछे की तरफ से भी लोगों को बचाया। उन्हें नीचे उतारने के लिए साड़ियों का इस्तेमाल किया और लड़कियों को बाहर निकालने के लिए पीछे की सुरक्षा ग्रिल काटी। बिलडिंग में कुल 9 परिवार रहते हैं कुछ बाहर गए थे। घटना के वक्त करीब 20-22 लोग इमारत में रहे होंगे। अब मैप में समझिए कहां हुआ था हादसा --------------------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट:दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। पूरी खबर पढ़ें
हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित पिज्जा शॉप के बाहर शनिवार देर रात एक युवक से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कई युवक एक अन्य युवक को लात-घूंसों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। लात-घूंसों से युवक की पिटाई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात डोमिनो पिज्जा शॉप के बाहर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद कुछ युवकों ने एक युवक पर हमला कर दिया। मारपीट की यह पूरी घटना किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। सोशल मीडिया पर VIDEO वायरल थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो का संज्ञान लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले युवकों की पहचान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है- थाना प्रभारी निरीक्षक, मनीष चौहान
दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टेज होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता शमिया चौधरी ने कहा कि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में दूतावास में 1.8 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया। ANI से बातचीत में शमिया ने कहा कि हमें बताया गया था कि शव को मुफ्त में बांग्लादेश भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूतावास में हमसे ₹1.80 लाख लिए गए। मैं जानना चाहती हूं कि जब मुफ्त भेजने का वादा किया गया था तो पैसे क्यों लिए गए। शमिया बोलीं- मुझे लगा था मैं जिंदा नहीं बचूंगी शमिया ने बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 302 में थीं। कमरे में पांच लोग मौजूद थे। उन्होंने ने कहा सुबह करीब 8 बजे आग लगी। उस वक्त मुझे लगा कि मैं बच नहीं पाऊंगी। ऐसा महसूस हो रहा था कि जिंदगी खत्म होने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की मदद से उनका कुछ सामान वापस मिल गया है, हालांकि कई सामान अब भी लापता हैं। CM रेखा गुप्ता ने बचावकर्मियों को किया सम्मानित उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत के सईदुलाजाब भवन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बचाव कार्य में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया गया। लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी को भी विशेष सम्मान दिया गया। आग में 23 लोगों की मौत हुई थी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में 3 जून की सुबह आग लगी थी। आग में मरनों वालों की संख्या 23 हो गई है। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। हादसा होने की 5 बड़ी वजह ----------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल:रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-अलवर हाईवे (एनएच-248ए) पर रविवार सुबह करीब 8 बजे एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना आकेड़ा थाना क्षेत्र में हुई। हादसा उस समय हुआ, जब एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ऑटो की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। ऑटो में छह लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मृतकों-घायलों की पहचान कराने में जुटी पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य पांच घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऑटो ड्राइवर गांव मेवली का निवासी है। घायलों में टाई गांव के दो युवक और मध्य प्रदेश के दो व्यक्ति शामिल हैं। मृतक की पहचान दिलशाद पुत्र जुबेर निवासी शाहपुर घाघस नगीना के रूप में हुई है। पुलिस घायलों की पहचान कराने में जुटी है। कार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलने पर आकेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फरार स्विफ्ट कार ड्राइवर की तलाश जारी है और पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इस हादसे ने दिल्ली-अलवर रोड पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
संगरूर में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक और एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) की टीम ने राहगीरों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। टीम में एएसआई शमशेर सिंह, कांस्टेबल बलविंदर सिंह तथा कांस्टेबल जसप्रीत सिंह ने हादसे का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार दिल्ली नंबर की एक टोयोटा हाइराइडर कार (DL14CJ1807) दिल्ली से आ रही थी। तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़ा था ट्रक गांव फग्गूवाला के पास हाईवे पर तकनीकी खराबी के कारण खड़े एक ट्रक (HR64A 5487) से कार पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार सवार तीनों लोग वाहन में फंस गए। मशक्कत के बाद घायलों को निकाला एसएसएफ टीम ने राहगीरों की सहायता से काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। हादसे में कार चालक प्रिंस कुमार (27) निवासी बुद्ध नगर जिला गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं माहीरा पुत्री मोहम्मद अशफाक निवासी बटला हाउस दिल्ली ने सिविल अस्पताल भवानीगढ़ पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। लोगों की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही SSF टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। टीम ने बताया कि कार में सवार युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं माहिरा नाम की युवती ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे में घायल सानिया नाम की युवती को SSF टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवानीगढ़ में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया हादसे के बाद हाइड्रा मशीन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाया गया, ताकि यातायात सुचारु किया जा सके। मामले की सूचना थाना भवानीगढ़ पुलिस को दी गई। ड्यूटी ऑफिसर एएसआई गुरदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और जांच के बाद बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिल्ली के तुगलकाबाद में टीकेडी एक्सटेंशन की गली नंबर 1 में स्थित बिल्डिंग में शुक्रवार देर रात आग लगने से तीन लोगों की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक बिल्डिंग में आग लगाई गई थी, जिससे ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई थी। इस अग्निकांड में 7-8 मोटरसाइकिलें और कारें जल गईं थी। दिल्ली अग्निशमन विभाग को शुक्रवार देर रात 2:27 बजे सूचना मिली और तब आग बुझाने का काम शुरू किया गया था।
दक्षिण दिल्ली के फ्लाईओवर के पास रेस्तरां में लगी आग, बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचाया गया
दक्षिण दिल्ली में कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के पास स्थित एक रेस्तरां में रविवार सुबह आग लग गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस ने बड़े स्तर पर बचाव और आग बुझाने का अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचा लिया गया और घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
दौसा में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर बेकाबू कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार सवार पति-पत्नी घायल हो गए। दोनों उज्जैन में महाकाल के दर्शन करने जा रहे थे। इससे पहले ही हादसा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया। हादसा रविवार सुबह कोलवा थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के चैनल नंबर 171 पर धनावड़ गांव के पास हुआ। पुलिस के अनुसार कार में पंजाब के मंडी अहमदगढ़ (जिला कोटला) निवासी सुरेंद्र कुमार (50), उनकी पत्नी नीतू (48) और दिल्ली निवासी ड्राइवर सुमित जैन (30) सवार थे। दंपती उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। रविवार सुबह वे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे से होकर गुजर रहे थे। धनावड़ गांव के पास बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई कार कोलवा थाना क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के चैनल नंबर 171 पर धनावड़ गांव के पास अचानक कार बेकाबू हो गई और डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही कोलवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्राइवर सुमित जैन को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं घायल सुरेंद्र कुमार और उनकी पत्नी नीतू का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने हादसे की जानकारी परिजनों को भी दे दी है। नींद की झपकी आने से हादसे की आशंका, जांच जारी प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि चालक को नींद की झपकी आने के कारण कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए कोलवा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को यमुना नदी पर पहुंची। यहां पर उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर श्रमदान किया और यमुना से गंदगी को साफ किया।मुख्यमंत्री ने स्वयं गीता कॉलोनी के यमुना तट पर पहुंचकर की सफाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही यमुना का स्वच्छ, निर्मल और अविरल स्वरूप लौटेगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। यहां देखें फोटो…
PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी केवल इवेंट और मैनेजमेंट की पार्टी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। बीजेपी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वहां तक तो ठीक है लेकिन राज्यपाल भी जा रहे हैं। दरअसल गोविंद सिंह डोटासरा सीकर आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। जहां उन्होंने यह बात कही। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी इवेंट,मैनेजमेंट की पार्टी है,काम इनको करना नहीं है। 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया यह तो बताओ? किस बात को लेकर उनके 12 साल के कार्यकाल पूर्ण होने के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार 20 दिन शहरों में कैंप लगवाने की बात कर रही है। पहले भी कैंप लगवाए क्या हुआ? लोगों की कितनी समस्याओं का समाधान हुआ? हमारी सरकार की तुलना में आज लोगों को 5 गुना महंगे पट्टे मिल रहे हैं। हमने 5-5 रुपए में लोगों को पट्टे दिए गए। बिजली और पानी से जुड़ी कितनी समस्याओं का समाधान हुआ। इन पर चर्चा करने वाला कोई भी नहीं है। बीजेपी सरकार ने आते ही कहा था कि कांग्रेस सरकार ने 10 लाख पट्टे जारी कर दिए। हम इनकी जांच करवाएंगे। जांच भी करवा ली,क्या हुआ। यह लोग एक-एक नगरपालिका और नगर परिषद में 10-10 पट्टे भी नहीं दे पाए हैं। 20 दिन के लिए क्या ही अभियान होगा। बीजेपी सरकार में जब पहले प्रशासन शहरों के संग अभियान चला तब प्रभारी मंत्री संजय शर्मा नीमकाथाना गए,सीकर आए लेकिन शिविर में कर्मचारी नहीं मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा लेकिन कोई एक्शन हुआ ही नहीं। आज हर वर्ग परेशान हो चुका है। दिन में 20-20 बार बिजली की कटौती हो रही है। किसानों के साथ लगातार अन्याय हो ही रहा है। मंत्री के साथ चलने वाले लोग इतना बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे हैं। फिर कहते हैं कि हम तो किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वह तो समझ में आता है लेकिन राज्यपाल जा रहे हैं। कृषि मंत्री इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं जा रहा। बीजेपी की अंतरकलह से लोग परेशान है। मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। राजस्थान के लिए दिल्ली से एक पैसा लेकर नहीं आए। प्रदेश के हालात बड़े गंभीर है। जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से हटाने के बाद सुसाइड मामले पर डोटासरा ने कहा कि हमारी कांग्रेस की सरकार के समय संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का नियम बना था। बीजेपी गवर्नमेंट नई नौकरी तो दे नहीं रही लेकिन संविदा कर्मचारियों को निकाल रही है। जिससे परेशान होकर लोग सुसाइड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भरतपुर में देव दर्शन के लिए तो समय मिल जाता है लेकिन युवाओं को पूछने के लिए समय नहीं है। कोटा में प्रसूताओं की मौत हो गई,बीकानेर में किडनियां फेल हो गई। स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि नाचते-गाते आई थी क्या। यह जो असंवेदन रवैया है सरकार और मंत्रियों का उससे लोग परेशान हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 17 जून को राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं। जो कोटा में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। नीट के पेपर जो लगातार आउट हुए,स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया,इसके अलावा अन्य भी कई परेशानियों से स्टूडेंट्स घिरे हुए हैं। इन्हीं बातों को लेकर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे। राहुल गांधी स्टूडेंट्स से उनकी व्यक्तिगत समस्याएं पूछेंगे कि वह किस तरीके की परेशानी झेल रहे हैं। इसके अलावा देश में युवाओं की क्या समस्याएं हैं। जो कोचिंग में रहते हैं उनको क्या प्रॉब्लम आती है। मोदी सरकार से युवाओं को क्या अपेक्षा थी और कहां विफल रह गए।
जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत का आरोपी फिरोज कभी खुद पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दिल्ली-एनसीआरर में पटाखे बैन होने के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उसने न केवल जयपुर, बल्कि 5 अलग-अलग राज्यों में पटाखों की अवैध फैक्ट्रियां खोलीं। अग्निकांड के बाद से फरार फिरोज का दिल्ली में आलीशान 3 मंजिला बंगला है। जयपुर में भी उसने प्रॉपर्टी खरीद रखी थी। फिरोज के साथ मिलकर पटाखा फैक्ट्रियों के दम पर जयपुर के दोनों भाई कय्यूम और याकूब भी मालामाल हो गए थे। दोनों भाईयों का प्लान राजनीति में एंट्री करने का भी था। जयपुर में फिरोज ने कय्यूम और याकूब ही नहीं वसीम और अकील को भी फैक्ट्री खुलवाकर दी। अकेले खोह नागोरियान इलाके में पुलिस को 20 अवैध फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी में सामने आया है कि इन सबको कच्चा माल (बारूद) फिरोज ही सप्लाई करता था। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- अग्निकांड के मास्टरमाइंड चेहरों की कहानी… 12वीं पास है मास्टरमाइंड फिरोज फिरोज खान (33) मूलरूप से यूपी के गाजियाबाद का रहने वाला है। आरोपी का पिता कुछ साल पहले ही दिल्ली में शिफ्ट हुआ था। आरोपी ने 12वीं करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दिल्ली में ही एक पटाखा फैक्ट्री में काम किया करता था। दिल्ली-एनसीआर में जब पटाखों पर बैन लगा तो फिरोज का काम छूट गया था। इसके बाद उसने एनसीआर से बाहर खुद की फैक्ट्री लगाने की सोची। जयपुर से शुरू किया बारूद का कारोबार दिल्ली निवासी फिरोज लगभग 6 साल पहले 2020 में जयपुर में पटाखे बनाने की फैक्ट्री खोलने के मकसद से आया था। उसकी पहली मुलाकात कय्यूम से हुई। उसने कय्यूम को बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी ओर दो बच्चे हैं। किराये का मकान चाहिए, जिसके बाद कय्यूम ने फिरोज को अपने करीम नगर वाले मकान पर किरायेदार रख लिया। कुछ महीने रहने के बाद फिरोज ने कय्यूम को पटाखा फैक्ट्री डालने का प्लान समझाया। कय्यूम राजी हुआ और फिरोज के साथ मिल कर पटाखे बनाने के लिए मजदूरों की व्यवस्था करने लगा। फिरोज ने दिल्ली से ही अपने कुछ पुराने साथियों को यहां बुला लिया। देखते ही देखते काम इतना बढ़ गया कि जगह कम पड़ने लगी। इसके बाद कय्यूम, उसके छोटे भाई याकूब और फिरोज ने मिलकर आसपास के इलाकों में और मकानों को किराए पर लेकर गोदाम बनाए। वहां मजदूरों से पटाखे तैयार करवाने लगे। फिरोज अपनी पर्सनल कार से दिल्ली से कच्चा माल (बारूद) जयपुर लेकर आता। कय्यूम उस बारूद से अपनी फैक्ट्री में अलग-अलग पटाखे तैयार करवाता था। इसके बाद फिरोज तैयार माल की अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करता था। फिरोज का दिल्ली में 3 मंजिला मकान, पिता बोला- मेरा बेटा गायब अग्निकांड की जांच कर रही टीम बारूद सप्लाई करने वाले और मास्टरमाइंड फिरोज खान के दिल्ली स्थित घर पहुंची तो वो मौके से गायब था। उसने वहां 3 मंजिला आलिशान मकान बना रखा है। वहां पुलिस टीम को उसका पिता मिला। फिरोज के पिता ने पुलिस टीम को बताया कि उसका बेटा 3 दिन से गायब है। उसका मोबाइल फोन भी बंद है। बिना बताए वह पहले भी घर से गायब रहता था। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके घर और ऑफिस से कई दस्तावेज मिले हैं, जिससे उसके पटाखों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। 5 राज्यों में फैक्ट्री, गिरफ्तारी के बाद होगा खुलासा पुलिस को जांच में फिरोज की जयपुर सहित हरियाणा, यूपी में सहित 5 राज्यों में पटाखा फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी के अनुसार आबादी क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर या किराए पर लेकर स्थानीय लोगों को ही नौकरी पर रखते थे, ताकि आसपास का कोई भी व्यक्ति सवाल नहीं उठाए। जयपुर में खरीदी प्रॉपर्टी, दस्तावेजों में मिली फिरोज की तस्वीर कय्यूम और याकूब ने अपनी फैक्ट्री फिरोज को किराए पर दे रखी थी। जब पुलिस टीम ने कय्यूम के घर पर सर्च किया तो मौके पर अमरनाथ गृह निर्माण विकास प्रा.लि की एक स्लिप मिली। इससे पता चला कि फिरोज खान ने यहां करीम नगर में 53 गज का प्लॉट भी खरीद रखा था। इस रसीद में पहली बार मास्टरमाइंड फिरोज की फोटो पुलिस के हाथ लगी। मजदूरों को जलते देख छोड़कर भागा कय्यूम इस पूरे मामले में पुलिस ने अभी तक केवल एक आरोपी सलमान कुरैशी (32) पुत्र कमालुद्दीन कुरैशी निवासी खोह नागोरियान को गिरफ्तार किया है। सलमान ने ही मुख्य आरोपी कय्यूम को भगाने में मदद की थी। रिमांड पर लेने के बाद हुई पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि 9 जून मंगलवार की सुबह जब फैक्ट्री में जब हादसा हुआ, तब मुख्य आरोपी कय्यूम खान 500 मीटर की दूरी पर खड़ा था। जैसे ही आग लगने की जानकारी कय्यूम के भतीजे सलमान कुरैशी को मिली, वह कय्यूम को बाइक से लेकर मौके पर पहुंचा। मजदूरों को जलता हुआ बाहर आते देख कय्यूम इतना घबरा गया कि उसका बीपी डाउन हो गया। सलमान ने कय्यूम को एक कार में डाला और उसे लेकर घर पहुंचा। यहां बीपी की दवाई लेने के बाद कय्यूम ने घर से बैग पैक किया। घरवालों को नसीहत दी कि जब तक वह नहीं आता किसी को घर में नहीं घुसने देना। किसी से कोई बात मत करना। इसके बाद सलमान कय्यूम को लेकर सिंधी कैंप पहुंचा और दिल्ली जाने वाली बस में उसे बिठा दिया। तब से कय्यूम के साथ-साथ उसका सगा भाई याकूब भी गायब है। शातिर आरोपियों ने सोशल आईडी कर दी डिलीट दोनों सगे भाइयों की तलाश में टीमें निरंतर छापे मारी कर रही है। जांच टीम दिल्ली, यूपी, जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में दोनों को सर्च कर रही है। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी याकूब खुद के नाम से एक फेसबुक पेज चलाता है। घटना के बाद उसने सबसे पहले अपना एफबी एकाउंट डिलीट किया, हालांकि पुलिस पेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया पेज से उसके कनेक्शन की जानकारी मिल सकती है। राजनीति में एंट्री करना चाहते थे दोनों भाई अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और जमीनों की सौदेबाजी से कय्यूम और याकूब ने खूब पैसा कमा लिया था। दोनों भाई राजनीति में उतरने का प्लान बना रहे थे। यही कारण है कि वह पिछले कुछ सालों से राजनीति से जुड़े लोगों के नजदीकियां बढ़ा दी थी। अपने इलाके में अपनी रसूख और दबदबा दिखाने के लिए आरोपियों ने कई राजनेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हुए बड़े-बड़े पोस्टर-होर्डिंग्स लगा रखे थे। मृतकों के परिजनों ने नहीं दी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट इस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत होने के बावजूद किसी भी मृतक के परिवार ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई शिकायत नहीं दी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट अलोक सिंघल ने बताया कि आज तक पीड़ित परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली। पुलिस ने प्रयास किया लेकिन कोई सामने नहीं आया, जिसके बाद बीट कॉन्स्टेबल के नाम से तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 4 एफआईआर और दर्ज कर ली हैं। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें 5 राज्यों में दबिश दे रही हैं। जहां अग्निकांड, उसके आसपास 20 गोदाम-फैक्ट्रियां जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में निरंतर सर्च कर रही है,सर्च के दौरान पुलिस टीम ने करीब 20 गोदामों को चिन्हित कर उन्हें सील किया है। हैरानी का बात तो यह है कि गोदाम के पास रहने वाले किसी भी व्यक्ति ने गोदाम से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा नहीं की, ना ही बताया कि गोदाम में क्या रखा है और यहां पर क्या काम होता है।पुलिस ने संदिग्ध गोदामों की जांच करने के बाद उन्हें सील कर दिया है। एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि हर वह मकान जिस पर ताला मिला वह पुलिस के लिए संदेश पैदा कर रहा है। आरएसी के जवानों के साथ मिलकर संदिग्ध कॉलोनियों में सर्च किया है। ड्रोन की मदद भी इस में ले रहे हैं। आरोपियों और पुलिस गठजोड़ की हो रही जांच एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय सिंह ने बताया कि उनकी जांच के कई पॉइंट हैं, जिस पर काम किया जा रहा है। बीट कांस्टेबल से लेकर सीआई की इस पूरे घटनाक्रम में क्या लापरवाही रही, हर बिंदू पर जांच हो रही है। …. पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़िए… अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में नाबालिग भी काम करते मिले:जहां 8 लोग जिंदा जले, वहां बारूद का अवैध कारोबार करने वालों की तस्वीरें सामने आईं कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
दिल्ली के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण केंद्र ने संभाला
नई दिल्ली|केंद्र ने शनिवार को दिल्ली में 15.20 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। जयपुर पोलो ग्राउंड दिल्ली के लुटियंस इलाके में है। 1930 के आसपास यह दिल्ली पोलो क्लब को मिला। बाद में इसका संचालन आईपीए ने संभाला।
20 को दिल्ली धरने में जरूर जाएंगे : तुषार
विक्की कुमार | अमृतसर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके शहर पहुंचे। गोल्डन गेट पर सीजेपी के प्रदर्शन के लिए 700 लोगों की मंजूरी आप प्रवक्ता ने ली थी मगर 300 युवा भी नहीं पहुंचे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिए धरने में बुजुर्गों, ईटीटी टीचर्स, आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय पार्षद भी पहुंचे। सीजेपी फाउंडर दीपके की गाड़ी में आप' के प्रवक्ता शिशवीर शर्मा साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इतना ही नहीं उनकी स्टेज पर दीपके के साथ यूथ विंग के जिला वाइस प्रधान जेएस राहुल भी साथ थे। हैरानी की बात यह रही कि इस धरने में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों जैसे लुधियाना, बटाला, गुरदासपुर और यहां तक कि झारखंड से भी युवा पहुंचे थे। वहीं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर भी बड़ी संख्या में कैमरे चमकाते नजर आए। दीपके के गोल्डन गेट पर पहुंचने पर एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर मौके पर पहुंची और अचानक रुट ही बदल दिया। शहर के अंदर एंटर करने वाले वाहनों का ट्रैफिक दर्शन सिंह एवेन्यू की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। अचानक रूट बदलने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दों पर शुरू आंदोलन में अचानक आप वर्करों और पार्षदों की एंट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि क्या इस छात्र आंदोलन को पर्दे के पीछे से कोई राजनीतिक सपोर्ट मिल रहा है? दबी जुबान में लोगों ने कहा कि दीपके को स्पष्ट करके जाना चाहिए कि सीजेपी किसी भी पार्टी की कोई बी टीम तो नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो पंजाब के लोग उन्हें सिरे से नकार देंगे। लुधियाना से सीजेपी के समर्थन में पहुंचे अर्शदीप सिंह का कहना था कि नीट और सीबीएसई स्टूडेंट्स के साथ धोखा हुआ है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लेना चाहिए, क्योंकि उनकी वजह से बच्चों के भविष्य खराब हुए है। मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। झारखंड से पहुंचे तुषार अभिराज का कहना था कि कॉकरोच जनता पार्टी ने स्टूडेंटस के मुद्दों को उठाया है। अगर उनकी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने दीपके की ओर से 20 जून को दिल्ली मे ं लगाए जाने वाले मोर्चे को भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 20 को जरुर वहां जाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अमृतसर में शहीद भगत सिंह की तस्वीर लेकर पहुंचे। वहीं इससे पहले दिल्ली में बाबा साहेब की तस्वीर हाथ में लेकर पहुंचे थे। सीजेपी की ओर से इस प्रदर्शन के लिए बकायदा परमिशन ली गई थी। प्रशासन ने शाम 4 से 7 बजे तक केवल 700 लोगों के इकट्ठा होने की मंजूरी दी थी। सबसे बड़ी बात यह कि प्रशासन ने स्टेज लगाने की परमिशन नहीं दी थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर स्टेज तैयार कर लिया गया। पुलिस ने परमिशन में यही कहा था कि वह सिर्फ गाड़ी से ही अपना भाषण देंगे। वहीं दीपके ने पंजाब सरकार और पुलिस से अपने काफिले के लिए एस्कॉर्ट गाड़ी और विशेष सुरक्षा की मांग की थी जिसे प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया। वहीं वीआईपी सुरक्षा न मिलने के बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
मेरठ में एक सीरियाई महिला को संदिग्ध मानकर पुलिस ने घंटों तक थाने में बैठाए रखा। महिला मेडिकल वीजा पर भारत आई थी। वह लगातार अपनी पहचान और भारत आने का उद्देश्य बताती रही, लेकिन पुलिस और अन्य एजेंसियां उसके दस्तावेजों की जांच में जुटी रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जांच प्रक्रिया पूरी हुई और महिला को दिल्ली भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, नौचंदी थाना क्षेत्र में एक मस्जिद के पास एक विदेशी महिला हाथ में मदद की अपील वाला पोस्टर लेकर घूम रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे संदिग्ध परिस्थितियों में देखकर पुलिस को सूचना दी। नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सीरिया की निवासी है और अपने पति के इलाज के लिए मेडिकल वीजा पर भारत आई है। उसके पास वैध पासपोर्ट, मेडिकल वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी थे। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और भारत में उसकी उपस्थिति के संबंध में विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, महिला को कई घंटों तक थाने में रखा गया। इस दौरान वह दिल्ली पहुंचाने और सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाती रही। पुलिस और संबंधित एजेंसियां उसके दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ में व्यस्त रहीं। बाद में यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। जांच में सामने आया कि महिला अपने पति के उपचार के लिए भारत आई थी। उसके पति के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए उसे भारत आने की सलाह दी गई थी। आर्थिक तंगी के कारण महिला सहायता की तलाश में थी। इसी क्रम में, किसी व्यक्ति के कहने पर वह दिल्ली से मेरठ पहुंच गई और लोगों से मदद मांगने लगी। सभी आवश्यक औपचारिकताएं और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शनिवार को महिला को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि विदेशी महिला मिलने की सूचना पर पुलिस ने नियमानुसार पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया था। जांच में महिला के मेडिकल वीजा पर भारत आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे दिल्ली भेज दिया गया।
जयपुर से दिल्ली जा रहे एक परिवार के 4 लोगों की हरियाणा के नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। फिरोजपुर झिरका सदर थाना क्षेत्र में बघौला के पास शनिवार सुबह उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे घुस गया और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस, NHAI की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस कर्मी मौके पर पहुंचे। टीम ने कार के दरवाजों और शीशों को काटकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक 4 लोगों की सांसें थम चुकी थी। मरने वालों में मां, बेटा और बेटी शामिल है। चौथा मृतक भी इसी परिवार से जुड़ा है। हादसे में परिवार का मुखिया और 4 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक इलाज के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर्स के अनुसार, दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। नूंह में हुए हादसे के PHOTOS… अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई कारजानकारी के अनुसार जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही हुंडई अल्काजार कार सुबह करीब 6:35 बजे एक्सप्रेसवे के 64/170 किलोमीटर पॉइंट पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। केले से भरा ट्रक सुबह 6:24 बजे वहां आकर खड़ा हुआ था। इसके बाद 11 मिनट बाद ही कार उससे टकरा गई। चार की मौत, दो गंभीर रूप से घायलहादसे में पूनम (37) पत्नी जवाहर, खुशी (16) पुत्री जवाहर, डूग्गी (12) पुत्र जवाहर निवासी शिव कुंडा की तलाई, नाटाटा रोड, आमेर थाना, जयपुर और केशव (26) निवासी कोटपूतली की मौके पर ही मौत हो गई। पूनम के पति जवाहर (55) और बेटा चेतन (3.5) गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में मां-बेटा, बेटी और रिश्तेदार शामिलपरिजनों के अनुसार, जवाहर की पूनम से दूसरी शादी हुई थी। केशव इनका रिश्तेदार है, जो जयपुर में ही किराए के मकान में रहकर नर्सिंग की तैयारी कर रहा था। करीब 15 दिन पहले पूनम के पिता का कैंसर के कारण निधन हुआ था। भाई बोला- रात को बहन और परिवार से बात हुई थीमृतका पूनम के भाई सोमजाद निवासी धौलपुर ने बताया- शुक्रवार रात मेरी बहन और परिवार से बात हुई थी। उस समय सभी जयपुर में थे और सामान्य बातचीत हुई थी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे थाने से फोन आया कि परिवार का एक्सीडेंट हो गया है। ------------ एक्सीडेंट की ये खबर भी पढ़ें ड्राइवर को झपकी आई, दो बसें टकराई, 3 की मौत:36 घायल, परिवार के लोग गंगाजी स्नान के लिए जा रहे थे सोरोंजी दो बसों की आमने-सामने की टक्कर में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। भरतपुर से प्राइवेट बस से परिवार के 40 लोग गंगाजी स्नान के लिए सोरोंजी जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के कासगंज में शनिवार सुबह 4 बजे हादसा हुआ। ड्राइवर को झपकी आने से एक्सीडेंट होने की आशंका जताई जा रही है। (पूरी खबर पढ़ें)
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसियों में से एक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। सीयूईटी-पीजी (CUET-PG) परीक्षाओं में कथित बड़े घोटाले और विसंगतियों को लेकर शनिवार को छात्र संगठन आइसा (AISA) के नेतृत्व में छात्रों ने ओखला स्थित NTA मुख्यालय का घेराव किया। दफ्तर के बाहर सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई कि पूरी संस्था पुलिस छावनी में तब्दील नजर आई, लेकिन अधिकारियों ने छात्रों को कोई भी जवाब देने से साफ किनारा कर लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा खत्म होने की जो आधिकारिक तारीख तय थी, उसके बाद भी बिना किसी पब्लिक नोटिस या नोटिफिकेशन के गुपचुप तरीके से परीक्षाएं आयोजित की गईं। छात्रों का दावा है कि कम से कम 11 विषयों की परीक्षा सेकेंड शिफ्ट में ली गई, जिसका NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर कोई रिकॉर्ड या डेटा मौजूद नहीं है। परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। साथ ही कई शिफ्ट्स में प्रश्न-पत्रों की पुनरावृत्ति (रैपेटिशन) देखी गई, जिसने पूरी पारदर्शिता पर पानी फेर दिया है। पुलिस की भारी बैरिकेडिंग, बातचीत का रास्ता बंद मुख्यालय के बाहर हालात उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारी छात्रों को रोक दिया। हद तो तब हो गई जब छात्रों के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी अंदर जाकर अधिकारियों से मिलने और अपनी शिकायत दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई। NTA के इस रवैये से छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। छात्रों ने कहा कि, जब देश का सामान्य छात्र अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल पूछने जाता है, तो उसे पुलिस की लाठियों और घेराबंदी का सामना करना पड़ता है। यदि NTA जैसी संस्थाएं जवाबदेह नहीं हैं, तो छात्रों को न्याय कौन देगा? यह तानाशाही नहीं तो और क्या है? हम इस भ्रष्टाचार को चुपचाप नहीं सहेंगे। छात्र संगठन की मुख्य मांग छात्रों और संगठन ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर और शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट (55) को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर शनिवार को लखनऊ में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पुलिस के मुताबिक, विरामखंड निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर जांच के बाद जनवरी 2026 में गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई पुलिस आरोप है कि तारा सिंह बिष्ट और उसके सहयोगियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक अनरजिस्टर्ड प्लांट को रजिस्टर्ड दिखाते हुए बिजली विभाग से तथ्य छिपाकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा उसी के आधार पर बिजली कनेक्शन हासिल कर उसका उपयोग किया।मामले में धारा जालसाजी, धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसके बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस टीम ने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर दिल्ली पुलिस के सहयोग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चाणक्यपुरी स्थित उत्तराखंड निवास के रिसेप्शन से तारा सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया। हिस्ट्रीशीटर है आरोपी, 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार तारा सिंह बिष्ट गोमतीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, कब्जा, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोमतीनगर, चिनहट, वजीरगंज, महानगर, हुसैनगंज और गोमतीनगर विस्तार थाने के मामले शामिल हैं।
जींद जिले के नरवाना में सिरसा ब्रांच नहर पर दिल्ली-बठिंडा रेलवे मार्ग पर नए पुल के निर्माण कार्य के कारण शनिवार को रेल यातायात 9 घंटे तक प्रभावित रहा। रेलवे ने पुराने पुल को हटाकर नए पुल की स्लैब लॉन्चिंग का कार्य किया। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा और कई ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिरसा ब्रांच नहर पर ट्रेन संचालन के लिए नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। शनिवार को पुल की स्लैब लॉन्चिंग का महत्वपूर्ण चरण पूरा किया गया, जिसके लिए रेलवे ट्रैक पर यातायात अस्थायी रूप से रोका गया था। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शनिवार देर शाम तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो जाएगा। ब्रिटिश काल में हुआ था पुराने पुल का निर्माण जिस पुराने पुल को हटाया गया है, उसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुआ था। लंबे समय तक उपयोग के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। तकनीकी जांच के बाद रेलवे विभाग ने इसे अनुपयोगी घोषित कर दिया था। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुराने पुल के स्थान पर एक नया और आधुनिक पुल बनाया जा रहा है। रेलवे विभाग ने बताया कि नया पुल तैयार होने के बाद इस मार्ग पर रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। विभाग ने निर्माण कार्य के दौरान हुई अस्थायी असुविधा के लिए यात्रियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों को विश्वास है कि नए पुल के निर्माण से भविष्य में इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात सुरक्षित और बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा।
सहरसा में कार ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर, 4 घायल:दिल्ली से छुट्टी में आई थी किशोरी, हालत गंभीर; CCTV
सहरसा शहर में तेज रफ्तार वाहन की लापरवाही से बड़ा सड़क हादसा हो गया। गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर के पास शुक्रवार शाम तेज गति से आ रही चारपहिया गाड़ी ने एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा पर सवार 13 साल के किशोरी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज शहर के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। वहीं, शनिवार को इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार वाहन के ई-रिक्शा को टक्कर मारने की पूरी घटना कैद हो गई है। पलभर में तेज रफ्तार गाड़ी ने मारी टक्कर घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। शहर के गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर (यूबीएन के सामने) के पास एक चारपहिया वाहन तेज रफ्तार से आ रहा था। इसी दौरान सड़क पर जा रहे ई-रिक्शा में उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से आई थी किशोरी घायल किशोरी की पहचान 13 साल के रामरता कुमारी के रूप में हुई है। वह अपने पिता सुनील शर्मा के साथ ई-रिक्शा से जा रही थी। परिजनों ने बताया कि रामरता गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से सहरसा आई हुई थी और अपनी मौसी सास के यहां ठहरी थी। शुक्रवार को वह अपने माता-पिता के साथ ई-रिक्शा से सुपौल स्थित अपने ननिहाल जाने के लिए निकली थी। इसके लिए वे सुपर मार्केट बस स्टैंड जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गांधी पथ के पास हादसा हो गया। ई-रिक्शा में सवार थे चार लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय ई-रिक्शा में कुल चार लोग सवार थे। तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने पीछे से या साइड से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया। घटना में रामरता कुमारी के अलावा उसके पिता 40 साल सुनील शर्मा और ई-रिक्शा चालक 25 वर्षीय अबरार उद्दीन भी घायल हो गए। अबरार उद्दीन सहरसा बस्ती के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बच्ची की हालत गंभीर, अस्पताल में चल रहा इलाज स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को शहर के नजदीक स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार किशोरी रामरता की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है। शनिवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने टक्कर मारी। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मालिक रवि यादव, निवासी किशनगंज हैं, जबकि वाहन अंकेश यादव चला रहा था। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। यह दुर्घटना थाना सदर फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बघौला के पास हुई, जब जयपुर से दिल्ली जा रही एक अल्काजार हुंडई कार सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर से पीछे से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवक, 15 वर्षीय लड़की और 10-12 वर्षीय बालक शामिल हैं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 55 वर्षीय व्यक्ति और 4 साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायलों की हालत नाजुक, जयपुर रेफर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि घायलों में 55 वर्षीय जवाहर लाल पुत्र मूलचंद और चार वर्षीय बच्चे अक्षय कुमार निवासी मेवली, सवाय माधोपुर, राजस्थान के रुप में हुई है। घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें नल्हड़ मेडिकल कालेज से जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आयशर कैंटर सुबह करीब 6:24 बजे एक्सप्रेस-वे के 64/170 किलोमीटर प्वाइंट पर खड़ा हुआ था। इसके लगभग 11 मिनट बाद, सुबह 6:35 बजे तेज रफ्तार अल्काजार कार उसके पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए थे। पुलिस ने गाड़ी से बाहर निकाले मृतक और घायल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों और शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और यह भी पड़ताल की जा रही है कि आयशर कैंटर एक्सप्रेस-वे पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
‘काला हिरण’ फिल्म विवाद : दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माताओं को भेजा नोटिस, 19 जून को अगली सुनवाई
अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने की। इस दौरान अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी।
दिल्ली के एक होटल और रोहतक की मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार अब बड़े और प्रमुख शहरों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाने जा रही है। इसको लेकर 500 से 800 वायरलेस सेट की खरीद की जाएगी। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें भी आएगी। दरअसल, हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण लगातार हो रहे हैं। प्रदेश का फायर विभाग इस हिसाब से अपडेट नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश जिलों में ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर तक उपलब्ध नहीं हैं और कई बार आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से वाहन मंगाने पड़ते हैं। जल्द खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण अग्निशमन विभाग के निदेशक आईएफएस शेखर विद्यार्थी के अनुसार विभाग में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है। विभाग प्रदेशभर के फायर स्टेशनों पर वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 500 से 800 वायरलेस उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा फायर सूट, कंबी टूल और अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे ताकि अग्निशमन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की तैयारी विभाग ने 16 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें विभिन्न ऊंचाई क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं, 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 90 मीटर क्षमता वाले प्लेटफॉर्म, 70 मीटर, 68 मीटर, 55 मीटर और 42 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर, फोम टेंडर और वाटर मिस्ट सिस्टम। हालांकि इनकी खरीद की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर है और फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करीब 3831 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1852 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में बढ़ते शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दमकल वाहनों की भी कमी प्रदेश में वर्तमान में करीब 485 फायर वाहन उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 671 वाहनों की बताई जा रही है। यानी विभाग को अभी भी लगभग 186 अतिरिक्त वाहनों की जरूरत है। संसाधनों की कमी के कारण कई बार किसी बड़े अग्निकांड के दौरान पड़ोसी जिलों से सहायता लेनी पड़ती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऊंची इमारतों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और अन्य शहरी जिलों में सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। लेकिन आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं।विभाग के पास वर्तमान में ऐसी सीमित मशीनें हैं, जो लगभग 137 फीट तक पहुंच सकती हैं। वहीं गुरुग्राम में कई इमारतें 500 फीट तक ऊंची हैं। आपात स्थिति में विभाग को डीएलएफ की 295 फीट ऊंची मशीन जैसी निजी संसाधनों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ क्षेत्र में केवल एक-एक हाइड्रोलिक लैडर उपलब्ध होने के कारण बड़े हादसों की स्थिति में प्रतिक्रिया समय बढ़ सकता है। दूसरे जिलों से बुलानी पड़ती हैं गाड़ियां कई जिलों में संसाधनों की कमी इतनी है कि बड़ी आग लगने पर अन्य जिलों से फायर वाहन बुलाने पड़ते हैं। इससे आग पर नियंत्रण पाने में देरी होती है। कई मामलों में वाहनों को 10 से 15 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करके मौके पर पहुंचना पड़ता है, जिससे शुरुआती गोल्डन टाइम प्रभावित होता है।
दिल्ली की 8 उड़ानें लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट:खराब मौसम के कारण उतरीं, ज्यादातर फ्लाइट इंडिगो की
दिल्ली में शुक्रवार देर रात अचानक मौसम खराब होने से हवाई सेवाएं प्रभावित हुईं। खराब दृश्यता और प्रतिकूल मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान संचालन बाधित हो गया। इसके चलते विभिन्न शहरों से दिल्ली जा रही 8 उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट किया गया। मौसम सामान्य होने के बाद सभी विमानों को उनके गंतव्य दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में देर रात मौसम बिगड़ने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने कई विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इन उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया, जिनमें से आठ उड़ानें लखनऊ पहुंचीं। डेढ़ से पौने दो घंटे की देरी से दोबारा टेकऑफ डायवर्ट की गई उड़ानों में सबसे पहले एअर इंडिया की आंध्र प्रदेश से दिल्ली जा रही उड़ान एआई-2904 रात 12 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरी। इसमें 156 यात्री सवार थे। मौसम सामान्य होने पर इसे रात 1:42 बजे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इसके बाद अहमदाबाद से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई-932 रात 12:18 बजे लखनऊ पहुंची, जिसमें 230 यात्री थे। यह उड़ान रात 1:52 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। ज्यादातर फ्लाइट रात 12 बजे के बाद आईं इसी क्रम में एअर इंडिया एक्सप्रेस की पटना-दिल्ली उड़ान आईएक्स-1029 रात 12:32 बजे, एयर इंडिया की उड़ीसा-दिल्ली उड़ान एआई-1847 रात 12:59 बजे और इंडिगो की मंगलौर-दिल्ली उड़ान 6ई-6457 रात 1:06 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरीं। मौसम में सुधार के बाद इन विमानों को भी दिल्ली भेजा गया। कजाकिस्तान से दिल्ली आ रही एयर अस्ताना की उड़ान केसी-963 रात 1:12 बजे और नासिक से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई-6636 रात 1:20 बजे लखनऊ में उतरीं। इसके अतिरिक्त, स्पाइसजेट की पटना-दिल्ली उड़ान एसजी-2478 को भी रात 1:37 बजे लखनऊ डायवर्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था। दिल्ली में मौसम सुधरने के बाद सभी उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया और यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए सफलतापूर्वक रवाना कर दिया गया।
दिल्ली में प्रतिकूल मौसम के चलते शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के कुल आठ उड़ानों को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीसीएसआईए), लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एयरलाइनों ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए, जिससे सभी उड़ानों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सका। आधी रात से तड़के तक पहुंचीं उड़ानें दिल्ली जाने वाली इंडिगो की अहमदाबाद-दिल्ली उड़ान सबसे पहले रात 12:08 बजे लखनऊ पहुंची। इसके बाद वाराणसी-दिल्ली, पटना-दिल्ली, भुवनेश्वर-दिल्ली, मंगलुरु-दिल्ली, अल्माटी-दिल्ली, किशनगढ़-दिल्ली और पटना-दिल्ली सेक्टर की अन्य उड़ानों को भी मौसम खराब होने के कारण लखनऊ में उतारा गया। अधिकांश उड़ानें बाद में दिल्ली रवाना डायवर्ट की गई सात उड़ानों को मौसम में सुधार और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की पटना-दिल्ली उड़ान से 23 यात्रियों ने स्वेच्छा से अपनी यात्रा स्थगित कर दी, जबकि इंडिगो की किशनगढ़-दिल्ली उड़ान से तीन यात्री लखनऊ में उतर गए। स्पाइसजेट की उड़ान रद्द, यात्रियों के ठहरने का इंतजाम पटना से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट की उड़ान एसजी-2478 को भी लखनऊ डायवर्ट किया गया, लेकिन बाद में यह उड़ान रद्द कर दी गई। एयरलाइन की ओर से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने संभाली स्थिति एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार सभी डायवर्ट उड़ानों का सुरक्षित संचालन किया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित एयरलाइनों ने समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं। दिल्ली में मौसम सामान्य होने के बाद अधिकांश उड़ानें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गईं।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होने वाली राष्ट्रीय अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे। आज नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। अध्यक्ष पद के लिए केवल उपेंद्र कुशवाहा का ही नामांकन हुआ है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इसके बाद दोपहर एक बजे कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा का निर्विरोध चुनाव पर राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण भले ही उपेंद्र कुशवाहा का अध्यक्ष बनना महज औपचारिकता रह गया हो लेकिन उनके सामने पार्टी को मजबूत करने की बड़ी चुनौती खड़ी है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा इस समय संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कठिन दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में कुशवाहा की परीक्षा लेने वाले हैं। दीपक प्रकाश को लेकर बढ़ी राजनीतिक मुश्किल उपेंद्र कुशवाहा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर खड़े हुए राजनीतिक हालात हैं। विधान परिषद चुनाव में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके मंत्री पद से इस्तीफे की संभावना बढ़ गई है। इससे न केवल कुशवाहा की राजनीतिक ताकत पर असर पड़ सकता है, बल्कि पार्टी के भीतर भी नए समीकरण बनने की संभावना है। इसे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विधायकों की नाराजगी से बढ़ा दबाव 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन बेटे को मंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया। कई विधायक पहले से ही नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। कुछ नेताओं ने बगावती तेवर भी अपना लिए हैं। ऐसे में पार्टी को एकजुट बनाए रखना और नाराज नेताओं को मनाना उपेंद्र कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती होगी। संगठन बचाने और भविष्य तय करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के कंधों पर पार्टी को टूटने से बचाने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही उन्हें यह भी साबित करना होगा कि बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रासंगिकता अभी भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में उनके फैसले तय करेंगे कि पार्टी राजनीतिक रूप से नई ताकत हासिल करती है या फिर चुनौतियों के बोझ तले और कमजोर होती है। सबकी नजर कुशवाहा के अगले कदम पर निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उपेंद्र कुशवाहा कौन से संगठनात्मक और राजनीतिक फैसले लेते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। पार्टी में बढ़ती असंतुष्टि को कैसे संभालते हैं, सहयोगियों और विधायकों को किस तरह साथ रखते हैं और बिहार की राजनीति में अपनी भूमिका को कैसे पुनर्स्थापित करते हैं, यही उनके नए कार्यकाल की सबसे बड़ी कसौटी होगी। फिलहाल, अध्यक्ष पद की ताजपोशी तय है, लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होने वाली है। NDA में सम्मानजनक हिस्सेदारी बनाए रखना भी चुनौती राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए का हिस्सा है, लेकिन हाल के दिनों में गठबंधन के भीतर उसकी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी चर्चा होती रही है। विधान परिषद चुनाव में उनकी हार और राजनीतिक निर्णयों में घटती भूमिका को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठे हैं। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा को यह भी साबित करना होगा कि एनडीए में उनकी पार्टी की भूमिका केवल सहयोगी दल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बिहार की राजनीति में प्रभावी हिस्सेदारी रखने वाली ताकत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद असली परीक्षा शुरू दिल्ली में होने वाला चुनाव भले ही औपचारिक हो, लेकिन उसके बाद शुरू होने वाला कार्यकाल उपेंद्र कुशवाहा के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। बेटे के राजनीतिक भविष्य, नाराज विधायकों को साधने, संगठन को मजबूत करने और NDA में अपनी भूमिका को प्रभावी बनाए रखने जैसे कई मोर्चों पर उन्हें एक साथ काम करना होगा। ऐसे में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी असली परीक्षा अब शुरू होने वाली है। एक समय था जब उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के सबसे करीबी थे। लेकिन लगातार राजनीतिक हालातों में बदलाव ने उपेंद्र कुशवाहा को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है कि अगर मजबूत और सकारात्मक फैसले नहीं लेंगे तो पार्टी की मुश्किल बढ़ सकती है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति और 3 केंद्रीय मंत्रियों से मिले राज्यपाल कटारिया
उदयपुर| पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ सिलसिलेवार उच्च स्तरीय बैठकें कर पंजाब, चंडीगढ़ सहित राजस्थान से जुड़े कई अहम विकास एजेंडों को आगे बढ़ाया। कटारिया ने सबसे पहले उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट कर जनहित के मुद्दों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इसके बाद संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर ली कॉर्बुसिए द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित ग्रेड-1 हेरिटेज गवर्नमेंट म्यूजियम और आर्ट गैलरी के जीर्णोद्धार के लिए ‘म्यूजियम ग्रांट स्कीम’ के तहत विशेष सहयोग मांगा, ताकि इसके बेशकीमती संग्रह को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दिलाने के लिए कटारिया ने खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के सामने सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक इंटरनेशनल मल्टी-पर्पस इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा। चंडीगढ़ में नवंबर 2026 में होने वाली दूसरी अंतरराष्ट्रीय मैराथन, एशियन रिले चैंपियनशिप 2027 और 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2027 की मेजबानी पर चर्चा कर पंजाब और चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की वकालत की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। अंत में, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक में कटारिया ने न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों की चिंताओं को दूर करने के क्रम में उदयपुर बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया।
आदिवासी अंचल मेवाड़-वागड़ के लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की 44 वर्षों से लंबित मांग अब दिल्ली के गलियारों में गूंज उठी है। उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर बार एसोसिएशन उदयपुर और मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचा। इस मिशन को गति देने के लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने खुद कमान संभाली। राज्यपाल कटारिया के विशेष आग्रह पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने समय नियत किया। इसके बाद राज्यपाल स्वयं पंजाब से दिल्ली पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल के साथ विधि मंत्री के निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। वकीलों ने 5वीं अनुसूची के प्रावधानों और अन्य राज्यों के मॉडल से रखी मजबूत दावेदारी जोधपुर की 300 किमी की दूरी बढ़ा रही बोझबार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकृपा शर्मा व मनीष शर्मा बताते हैं कि उदयपुर संभाग के सुदूर जिलों जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ से हाईकोर्ट जोधपुर की दूरी 300 से 350 किलोमीटर से भी अधिक है। एक गरीब आदिवासी या किसान को अपनी जमानत या अपील की सुनवाई के लिए जोधपुर जाने-आने, वहां ठहरने और भोजन पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति बन गई है। इसके मानसून के दौरान और मजबूत होने की संभावना है। एल नीनो के कारण भारत में मानसूनी बारिश सामान्य से कम हो सकती है। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले गिरे। दिल्ली-NCR में खराब मौसम के कारण 4 फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एमपी के श्योपुर जिले में आज आंधी-बारिश में एक ही परिवार के 3 लोगों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। यूपी के सहारनपुर में बारिश से सड़कें डूब गईं। पानी घरों में घुस गया। शामली में नगर पालिका, अस्पतालों में कमर तक पानी भर गया। हापुड़ और हाथरस में आंधी से पेड़ और पोल उखड़ गए। उत्तराखंड के 4 जिलों में शुक्रवार सुबह से बारिश हुई। वहीं, चमोली के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई है। देश में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में इसकी एंट्री हो गई।। अगले 3 दिन में मानसून के छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एंट्री करने की संभावना है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 9 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की तस्वीरें… 6 राज्यों में पारा 40C पार राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में शुक्रवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। यहां पारा 44.2C रहा। वहीं महाराष्ट्र के वर्धा और अकोला में 43.5C और तेलंगाना के आदिलाबाद में 43.2C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 14 जून: 15 जून:
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'नया सफर' योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य पुराने बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर उन्हें बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदलना है, जिससे वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा। योजना के तहत नए बीएस-6 या ईवी वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन और फ्यूल वाउचर भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे राज्य में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा। इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा किया जाएगा। इसका कार्यान्वयन सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। डीसी ने ली अधिकारियों की मीटिंग पलवल के डीसी डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सचिव आरटीए जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी छिल्लर ने बताया कि यह योजना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित करेगी जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं। उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार इस योजना के तहत पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपए तक के मासिक ईंधन वाउचर भी दिए जाएंगे।
उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन उदयपुर का एक प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली में केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिला। वकीलों के डेलिगेशन ने कानून मंत्री के सामने मजबूती से अपनी बात रखी। उदयपुर में जल्द से जल्द हाईकोर्ट बेंच शुरू करने की मांग उठाई। इस पूरी मुलाकात में बनाने में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की बड़ी भूमिका रही। गुलाबचंद कटारिया भी दिल्ली पहुंचे बार एसोसिएशन और संघर्ष समिति के आग्रह पर राज्यपाल कटारिया ने पहले केंद्रीय मंत्री से मुलाकात का समय तय करवाया। इसके बाद वे खुद पंजाब से दिल्ली पहुंचे और प्रतिनिधि मंडल को साथ लेकर केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के निवास पर गए। मुलाकात के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना ने कानून मंत्री को बताया- उदयपुर संभाग में हाईकोर्ट बेंच होना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा कि सालों से अपीलें लंबित पड़ी है। जमानत न मिलने की वजह से कई कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उदयपुर में बेंच बनाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। संयोजक नंदवाना ने कानूनी पक्ष रखते हुए कहा कि यह पूरा इलाका सघन आदिवासी अंचल है। संविधान की अनुसूची 5 और उसके विशेष प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार उदयपुर को प्राथमिकता के आधार पर हाई कोर्ट बेंच की सौगात दे सकती है। अपनी मांग के समर्थन में उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बनाई गई हाईकोर्ट बेंच के उदाहरण भी मंत्री के सामने रखे। कानून मंत्री को ज्ञापन सौंपा बातचीत के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने पिछले 44 सालों से चली आ रही इस मांग को लेकर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल और केंद्रीय मंत्री के बीच करीब एक घंटे तक सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उदयपुर में हाई कोर्ट बेंच की जरूरत से जुड़े सभी पहलुओं और तर्कों को बहुत बारीकी से सुना। उन्होंने वकीलों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसका उचित निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। इस दिल्ली दौरे और मुलाकात के दौरान संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष मनीष शर्मा, बार एसोसिएशन के महासचिव लोकेश गुर्जर और उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे। सभी ने एक सुर में उदयपुर के हक की आवाज उठाई।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 12 वर्ष का जन-केंद्रित सुशासन अभियान के तहत शुक्रवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। स्वच्छ भारत मिशन को गति देते हुए इस अभियान का उद्देश्य न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार करना है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। अभियान के तहत पश्चिम जोन में सांसद कमलजीत सहरावत और विधायक श्याम शर्मा की मौजूदगी में सुभाष नगर व बेरीवाला बाग में विशेष सफाई की गई। 50 सफाई कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा वहीं, नजफगढ़ जोन में विधायक कुलदीप सोलंकी की देखरेख में रामफल चौक पर 50 सफाई कर्मियों ने मोर्चा संभाला। शाहदरा, रोहिणी, सिविल लाइंस और दक्षिण जोन सहित सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर गलियों और पार्कों को साफ किया। 20 जून तक चलने वाले इस मेगा ड्राइव में मशीनों और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। एमसीडी अधिकारियों ने कहा, यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए नागरिक भागीदारी का एक सामूहिक संकल्प है। जन-प्रतिनिधियों और आम जनता का सहयोग ही इस मुहिम को धरातल पर सफल बनाएगा। राजधानी के हर कोने में कचरा मुक्त दिल्ली का सपना पूरा करने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है।
दिल्ली पुलिस ने मधुबनी नगर थाना पुलिस के सहयोग से दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान दरभंगा निवासी राजा बाबू भारती के रूप में हुई है, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 से जुड़े एक मामले में वांछित था। मेडिकल कॉलेज परिसर से हुई गिरफ्तारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम विशेष अभियान के तहत मधुबनी पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को मधुबनी मेडिकल कॉलेज परिसर से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी, जिससे आरोपी को फरार होने का मौका नहीं मिला। डॉक्टर को छोड़ने आया था आरोपी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी एक चिकित्सक को चारपहिया वाहन से मधुबनी मेडिकल कॉलेज छोड़ने आया था। इसी दौरान पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ और मेडिकल जांच की प्रक्रिया जारी थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे मधुबनी न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय की अनुमति मिलने पर दिल्ली पुलिस आरोपी को अपने साथ दिल्ली ले जाएगी, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशीलता के कारण पुलिस ने नहीं दी अधिक जानकारी पुलिस अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिक जानकारी साझा करने से परहेज किया है। थाना अध्यक्ष ने कहा कि जांच अभी जारी है और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से जांच तथा कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पंजाब बीजेपी की आज शाम 6 बजे दिल्ली में अहम मीटिंग होगी। यह मीटिंग हाईकमान द्वारा बुलाई गई है। मीटिंग राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष की अगुवाई में होगी। मीटिंग में पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ और नव नियुक्त प्रधान केवल सिंह ढिल्लों मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नवीन के पंजाब दौरे को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष 20 से 22 जून तक पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह गोल्डन टेंपल में भी नतमस्तक होंगे। इन तीन प्वाइंटों पर रहेगा फोसक 1. पंजाब बीजेपी को हाल ही में नया प्रधान मिला है। पार्टी ने पहली बार जट्ट सिख प्रधान बनाया है। हालांकि अभी तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बैठक में इससे जुड़ी पूरी रणनीति तैयार की जाएगी। 2. बैठक का दूसरा अहम मुद्दा राष्ट्रीय प्रधान का 20 जून से प्रस्तावित पंजाब दौरा है। इस दौरान उनके कार्यक्रम, पंजाब में होने वाले आयोजन और किन-किन धार्मिक स्थलों पर वे जाएंगे, इस पर भी विस्तृत योजना बनाई जाएगी। 3. इसके अलावा राज्य के मौजूदा हालात को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा। क्योंकि अब चुनाव समय शेष आ रहा है। ऐसे में सरकार कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। प्रधान दिल्ली के लिए रवाना पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तुरंत दिल्ली रवाना हो गए। इसके अलावा महासचिव अनिल सरीन और वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा भी बैठक में शामिल होने वालों में हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, रवनीत सिंह बिट्टू, विजय सांपला और मनोरंजन कालिया को भी बैठक के लिए बुलाया गया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में बिजली दरों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गोवा में देश की सबसे अधिक बिजली दरों में से एक लागू है, जिससे आम लोग परेशान हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि राज्य के लोग महंगे बिजली बिलों से नाराज हैं और इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष है। दिल्ली और पंजाब की तरह गोवा में भी प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और घरेलू खर्च का बोझ कम हो। केजरीवाल ने कहा है कि गोवा में बिजली की दरें देश में सबसे ज्यादा हैं, जिससे आम जनता और मध्यम वर्ग के लोग काफी नाराज हैं। उन्होंने दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर गोवा में भी प्रति माह हर घर को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी है। मुफ्त बिजली के अलावा उन्होंने गोवा में हर परिवार के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं के लिए प्रतिमाह 1000 रुपए की सम्मान राशि का भी वादा किया है।
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में दावेदारों का इंटरव्यू होना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से 35 से ज्यादा दावेदार दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पहुंच चुके हैं। इंटरव्यू के बाद प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की सूची फाइनल होगी और उसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच नाराजगी को लेकर देवेंद्र ने कहा कि यह केवल राजनीतिक गलियारों की चर्चा है। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस के अंदर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक माने जा रहे विनयशील का नाम आगे बताया जा रहा है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीं विधायक देवेंद्र यादव की ओर से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे के नाम सामने आ रहा है। विनयशील ने मुख्यमंत्री के कुनकुरी क्षेत्र में जीता था चुनाव विनयशील का नाम इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में नगर पंचायत चुनाव में जीत हासिल की थी। इसे संगठन में उनकी राजनीतिक पकड़ और कामकाज से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस के कई नेता मान रहे हैं कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के सवाल पर उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। विनयशील वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी काफी करीबी माने जाते हैं। बलौदाबाजार के शलैंद्र के नाम की भी चर्चा दूसरी तरफ भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम सामने आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि देवेंद्र यादव की पसंद के उम्मीदवारों में शैलेंद्र सबसे आगे हैं और उनके समर्थन में भी संगठन के अंदर सक्रियता दिखाई दे रही है। शैलेंद्र देवेंद्र यादव के काफी बड़े समर्थक बताए जा रहे हैं। वहीं उनके समर्थकों में भी शैलेंद्र के नाम को लेकर कोई भ्रम या असमंजस नहीं है। भूपेश की नाराजगी पर बोले- ये सब राजनीतिक गलियारों की चर्चा भूपेश बघेल की नाराजगी को लेकर उठ रही चर्चाओं पर देवेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल राजनीतिक गलियारों की बातें हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन चुनाव में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते। विधायक देवेंद्र यादव ने किसी तरह की गुटबाजी या अंदरूनी खींचतान की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस का चुनाव युवाओं को अवसर देने की प्रक्रिया है। कांग्रेस पार्टी ऐसे युवाओं को आगे आने का मौका देती है जो राजनीतिक परिवार से नहीं आते और संगठन में काम करना चाहते हैं। देवेंद्र ने कहा- मैं भी छात्र राजनीति से निकलकर आया हूं विधायक देवेंद्र ने कहा कि मैं भी NSUI के चुनाव से राजनीति में आया। राहुल गांधी ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया। हम लोग भी राजनीति में इसी चुनाव के माध्यम से आए। जब चुनाव होते हैं, तो बहुत सारे लोग अपनी-अपनी पसंद के लोगों के प्रति आशान्वित रहते हैं, उनको मदद करते हैं। लेकिन इसका कोई गुटबाजी से लेना-देना नहीं है। ये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और पारिवारिक प्रतिस्पर्धा है और इसमें जो कांग्रेस के वैचारिक लोग हैं, वही आते हैं और वही मजबूती से खड़े रहते हैं। सदस्यता अभियान पर जोर देने की बात देवेंद्र यादव ने कहा कि सभी युवा साथियों को सदस्यता अभियान में पूरी ताकत से जुटना चाहिए और मजबूती के साथ चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी पदाधिकारी बनें, वे आगे संगठन और जनता के लिए काम करें। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सभी 35 उम्मीदवार सीधे मुकाबले में नहीं हैं। सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए एससी, एसटी, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग से भी दावेदार मैदान में हैं। माना जा रहा है कि अंतिम दौर में दो से तीन नामों पर चर्चा केंद्रित हो सकती है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में डेयरी संचालक ओमकार की हत्या और अपहरण मामले में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 50-50 हजार रुपए के इनामी सौरभ और गोपाल के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले का एक अन्य 50 हजार का इनामी आरोपी अभी भी फरार है। मालवीय नगर में हुई मुठभेड़ दिल्ली क्राइम ब्रांच को देर रात सूचना मिली थी कि गाजियाबाद के वांछित अपराधी सौरभ और गोपाल मालवीय नगर इलाके में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने अरबिंदो कॉलेज के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 30 मई को दिनदहाड़े हुई थी वारदात लोनी क्षेत्र में 30 मई को डेयरी संचालक ओमकार को बदमाशों ने गोली मारने के बाद अपने साथ ले गए थे। जांच में सामने आया कि ओमकार को सात गोलियां मारी गई थीं। परिजनों की शिकायत पर गांव के ही रहने वाले गौरव, सौरभ, गोपाल, मोहित समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा पाया गया। 14 दिन बाद भी नहीं मिला ओमकार का शव मामले में गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पूछताछ में बताया था कि ओमकार के शव को बागपत की एक नहर में फेंक दिया गया। वहीं दूसरे आरोपी गौरव ने दावा किया कि शव को पूठ गंग नहर में फेंका गया था। विरोधाभासी बयानों के चलते पुलिस की जांच और जटिल हो गई है। ओमकार की तलाश के लिए पुलिस की 10 टीमें और एनडीआरएफ लगातार सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है। पंचायत में हुए विवाद के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि गोपाल के भाई अंकुर की हत्या के मामले में शिवम उर्फ शैंकी जेल गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद उसके स्वागत का वीडियो देवांश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। इसी बात को लेकर गोपाल और सौरभ की देवांश से रंजिश हो गई थी। बताया जा रहा है कि 20 मई को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद 29 मई को गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि पंचायत के दौरान ओमकार ने सौरभ के पिता विजेंद्र को थप्पड़ मार दिया था। पुलिस के अनुसार, इसी घटना से नाराज होकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई और 30 मई को ओमकार की हत्या कर दी। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस के मुताबिक, मामले में अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि एक 50 हजार रुपए का इनामी आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिल्ली में देर रात खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के चलते कई फ्लाइट्स की दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा कारणों से चार फ्लाइट्स को डायवर्ट कर जयपुर एयरपोर्ट भेजा गया। दरअसल, दिल्ली जाने वाली इंडिगो की गोवा-दिल्ली फ्लाइट 6E-363, एयर इंडिया की चेन्नई-दिल्ली फ्लाइट AI-538, इंडिगो की कोलकाता-दिल्ली फ्लाइट 6E-917 और इंडिगो की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट 6E-817 को दिल्ली में खराब मौसम के कारण जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। देर रात एक के बाद एक चार फ्लाइट्स के जयपुर पहुंचने से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को इंतजार करना पड़ा। मौसम सामान्य होने पर दिल्ली भेजा जा रहा बता दें कि दिल्ली में मौसम सामान्य होने और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से परमिशन मिलने के बाद इन फ्लाइट्स को फिर से दिल्ली के लिए रवाना किया जा रहा है। मौसम की वजह से फ्लाइट्स के संचालन में अस्थायी व्यवधान जरूर आया, लेकिन सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए विमानों को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारा गया। प्रतिकूल परिस्थितियां में डायवर्ट करना सामान्य प्रक्रिया एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवाएं या रनवे के आसपास प्रतिकूल परिस्थितियां बनने पर विमानों को डायवर्ट करना एक सामान्य और सुरक्षा आधारित प्रक्रिया है। इसी के तहत दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने पर इन उड़ानों को जयपुर भेजा गया। दिल्ली में मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद हवाई सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौट आई और डायवर्ट की गई सभी उड़ानों को अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी जैसलमेर में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। दिल्ली हादसे में 20 से 25 लोगों की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जैसलमेर नगर परिषद ने शहर के होटलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में विशेष फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान शहर के होटलों में सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच टीम ने अब तक करीब तीन दर्जन होटलों को नियमों की अनदेखी करने और वैध फायर एनओसी (NOC) नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस थमाए हैं, जिससे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। महज 5 से 7 होटलों के पास ही वैध फायर NOC मुख्य अग्निशमन अधिकारी कृष्ण पाल सिंह राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद की विशेष टीम शहर के विभिन्न होटलों में जाकर उनके फायर फाइटिंग सिस्टम की गहनता से जांच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीम ने अब तक लगभग 2 से 3 दर्जन होटलों का बारीकी से निरीक्षण किया है। इनमें से महज 5 से 7 होटल ही ऐसे पाए गए हैं, जिनके पास वैध फायर NOC मौजूद है और वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं। बाकी के ज्यादातर होटलों में पर्यटकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था। तीन नोटिस के बाद सीधे सील होंगे होटल अग्निशमन अधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट (निकासी द्वार) और स्मोक अलार्म सिस्टम चालू हालत में नहीं हैं, उन्हें नोटिस देकर तुरंत व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वालों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस देने का कानूनी प्रावधान है। यदि तीन बार चेतावनी मिलने के बाद भी होटल संचालकों द्वारा लापरवाही बरती गई और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए, तो राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार ऐसे सभी होटलों को तुरंत सील करने की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध रूप से चल रहे होटल संचालकों में खलबली मची हुई है।
गयाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइंस आगामी जुलाई महीने से गया एयरपोर्ट पर अपने विमान परिचालन में एक बड़ा और आंशिक बदलाव करने जा रही है। एयरलाइंस आगामी 3 जुलाई से एक नया शेड्यूल लागू करने जा रही है। नए शेड्यूल के तहत अगले महीने से सप्ताह के सभी दिन यात्रियों को इंडिगो की विमान सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। सोमवार और शुक्रवार को नहीं उड़ान भरेगी फ्लाइट विमानन सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइंस का यह नया और संशोधित शेड्यूल 3 जुलाई से प्रभावी होकर आगामी अक्टूबर महीने तक लागू रहने की संभावना है। इस नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंडिगो की कोई भी फ्लाइट उड़ान नहीं भरेगी। तय किए दोनों दिन में एयरलाइन का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा।हालांकि, यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी है, लेकिन लंबे समय तक लागू रहने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की रूपरेखा नए सिरे से तय करनी होगी। दिल्ली रूट के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी इंडिगो के इस अचानक लिए गए फैसले का सीधा और व्यापक असर उन यात्रियों पर पड़ने जा रहा है जो व्यापार, इलाज, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए गया से देश की राजधानी दिल्ली और अन्य प्रमुख महानगरों के लिए इंडिगो की उड़ानों पर निर्भर रहते हैं। गया से दिल्ली रूट पर यह एक बेहद लोकप्रिय हवाई सेवा है। अब सप्ताह में दो दिन सेवाएं अचानक ठप होने से नियमित रूप से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही अन्य दिनों में सीटों की मारामारी तथा हवाई किराए में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है। फ्लाइट से यात्रा करने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह इस अप्रत्याशित बदलाव को देखते हुए विमानन विशेषज्ञों और ट्रैवल एजेंटों ने यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एयरलाइन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जो भी यात्री जुलाई से अक्टूबर के बीच गया से सफर करने की योजना बना रहे हैं। वे अपनी टिकट बुक करने या एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट का ताजा स्टेटस और शेड्यूल अनिवार्य रूप से जांच लें। ऐसा करने से वे अंतिम समय में होने वाली किसी भी बड़ी असुविधा, मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान से खुद को सुरक्षित रख सकेंगे। राहत की बात यह है कि इंडिगो प्रशासन इस कटौती को केवल त्योहारों के सीजन की शुरुआत यानी अक्टूबर तक ही प्रभावी रखने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के बाद पर्यटन सीजन शुरू होते ही इंडिगो एयरलाइंस द्वारा अपनी पुरानी और नियमित दैनिक उड़ान सेवाओं को दोबारा पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, अंतिम निर्णय पूरी तरह से एयरलाइन के परिचालन और तकनीकी कार्यक्रम पर ही निर्भर करेगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर इंडिगो एयरलाइंस और गया एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से औपचारिक और आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में छज्जे के निर्माण को लेकर हुए विवाद में घायल एक किसान की दिल्ली में उपचार के दौरान गुरुवार शाम करीब 5 बजे मौत हो गई। पांच दिन पहले हुए इस झगड़े में गंभीर रूप से घायल हुए किसान दिनेश (40) की गुरुवार को सफदरजंग अस्पताल में जान चली गई। मौत की खबर गांव पहुंचने पर सैकड़ों परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात करीब 11 बजे आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। देखिए कुछ तस्वीरें… लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले यह घटना रहरा थाना क्षेत्र के गांव बुरावली की है। 6 जून को गांव निवासी जगपाल अपने मकान का छज्जा बनवा रहे थे। इसी दौरान पड़ोस के बलेश, रामकेश और वेदप्रकाश ने छज्जे के निर्माण का विरोध किया। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और फिर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर चले। उपचार के दौरान हुई मौत विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जगपाल के चचेरे भाई दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में ईंट लगने से उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पहले रहरा और फिर अमरोहा ले गए। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन दिनेश की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों की वजह से ही दिनेश की जान गई है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में कार्रवाई कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क जाम करने का भी प्रयास किया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। सीओ ने बताया कि मारपीट के मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है। घायल की मौत के बाद मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। मृतक दिनेश अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को राज्य के विकास की भविष्य की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, वहीं प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बिहार के विकास मॉडल और भविष्य की रणनीति को साझा किया। इस दौरे की सबसे अहम बैठक नीति आयोग की शासी परिषद की रही। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में बिहार की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य के विकास का ब्लूप्रिंट पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार अब केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत इंजन की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’ केंद्र से 18 हजार करोड़ की विशेष सहायता की मांग नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास के लिए किए जा रहे कई क्षेत्रों के कार्यों को विस्तार से बताया। साथ ही बिहार के विकास के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हर घर नल का जल योजना के माध्यम से जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन कुछ कारणों से केंद्र का हिस्सा प्राप्त नहीं हो सका।' उन्होंने केंद्र सरकार से इस योजना के लिए कुल 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। इसमें 13 हजार करोड़ रुपये पूर्व में किए गए व्यय के केंद्रांश और 5 हजार करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए शामिल हैं। बाल्यावस्था शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि, 'बिहार में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से ही बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 40 लाख से अधिक बच्चों में करीब 70 प्रतिशत बच्चों को APAAR आईडी जारी की जा चुकी है।' स्कूलों में डिजिटल सुविधा का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के 76 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में से 91 प्रतिशत विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 9 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। सभी बालिका विद्यालयों में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। स्कूल से बाहर रह गए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को राज्य के ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।’ युवाओं के कौशल और रोजगार पर फोकस सम्राट चौधरी ने युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब बनाया जा रहा है। वहीं 75 ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 3,615 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने केंद्र से इंटीग्रेटेड स्किलिंग आर्किटेक्चर परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये और भागलपुर में NSTI स्थापना में सहयोग करने में सहयोग देने की मांग की। उच्च शिक्षा के विस्तार की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित कर रही है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।' मुख्यमंत्री ने केंद्र से बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा खोलने का अनुरोध किया। खेल और पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हाल के वर्षों में कई बड़े खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है। एशियन महिला और पुरुष हॉकी चैंपियनशिप, एशियन रग्बी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 इसका उदाहरण हैं। राज्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है। केंद्र सरकार से वर्ष 2028 के नेशनल यूथ गेम्स, 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। पर्यटन क्षेत्र में गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बताई गई। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर काम की जानकारी दी गई। कृषि और किसानों के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि, एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों को यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है और पीएम किसान योजना के लगभग 61 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।' उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी अनुसंधान संस्थान स्थापित करने, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का कार्यालय खोलने और NIFTEM संस्थान की जल्द स्थापना के लिए सहयोग देने का आग्रह किया। पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के तहत गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर तेजी से काम चल रहा है।' उन्होंने इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। आत्मनिर्भर भारत और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत सूक्ष्म उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 48.30 लाख महिलाओं के साथ बिहार देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार तय समय से पहले अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) का क्षेत्रीय केंद्र और 10 आधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया। ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि, ‘राज्य में 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। इसके चलते बिहार ज्ञान भारतम् मिशन के तहत देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। बिहार में औद्योगिकीकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि स्वीकृत की गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज-2025, सेमीकंडक्टर नीति-2026, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति और बिहार एआई मिशन के जरिए नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित किया है।' इसके अलावा नियोजित शहरी विकास के लिए लगभग तीन लाख एकड़ भूमि पर 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
तुगलकाबाद में भीषण आग से 3 की मौत, 5 लोगों को सुरक्षित निकाला; दिल्ली में बढ़ी अग्निकांड की घटनाएं
दिल्ली के तुगलकाबाद में भीषण आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बचाया गया। लगातार बढ़ती आग की घटनाओं के बीच प्रशासन ने फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में एक बिल्डिंग में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक युवक और दो महिलाएं हैं। 6 लोगों को बचाया गया है, सभी अस्पताल में भर्ती हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी। धीरे-धीरे आग पांच मंजिला बिल्डिंग में फैल गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने छत का ताला काटकर लोगों को बचाया। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, गुरुवार देर रात 2:35 बजे से 2:37 बजे के बीच इमरजेंसी कॉल मिलीं। आग तारा अपार्टमेंट के पास गली नंबर 1 में स्थित एक इमारत में लगी थी। इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की खबर मिलने के बाद फायर फाइटर्स ने रेस्क्यू शुरू किया। 3:45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के बाद रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… रात- 2:35 बजे आग, फायर ब्रिगेड सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची रात- 2:45 बजे, रेस्क्यू टीम ने छत पर दरवाजे का लॉक तोड़ा रात- 3:00 बजे, छत के रास्ते दो लड़कियों को बचाया गया रात- 3:05 बजे, कुछ लोगों को साड़ी की मदद से नीचे उतारा गया रात- 3:15 बजे, आग पर काबू पाया गया, गाड़ियां पूरी तरह जल गईं रात- 3:30 बजे, आग बुझने के बाद घर के अंदर की तस्वीर चश्मदीद बोलीं- गाड़ियों एक-एक करके ब्लास्ट हुईं एक चश्मदीद ने बताया कि, हम लोग पड़ोस में रहते हैं। आग लगने की खबर मिलते ही वहां पहुंचे तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी गाड़ियों में एक-एक करके ब्लास्ट हो रहा था। हमने पानी का इस्तेमाल करके आग बुझाई। हमने पीछे की तरफ से भी लोगों को बचाया। उन्हें नीचे उतारने के लिए साड़ियों का इस्तेमाल किया और लड़कियों को बाहर निकालने के लिए पीछे की सुरक्षा ग्रिल काटी। बिलडिंग में कुल 9 परिवार रहते हैं कुछ बाहर गए थे। घटना के वक्त करीब 20-22 लोग इमारत में रहे होंगे। तीन स्कूटी, दो बाइक और एक साइकिल जली फायर विभाग के एडीओ यशवंत मीणा ने बताया कि पार्किंग में खड़ी तीन स्कूटी, दो बाइक और एक साइकिल जल गईं। आग और धुआं ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल तक फैल गया, जिससे निचली मंजिलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। संकरी गली में बनी पांच मंजिला इमारत होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आईं। छत का गेट बंद होने पर उसका ताला तोड़कर अंदर पहुंचे और वहां फंसी दो लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अब मैप में समझिए कहां हुआ हादसा दिल्ली में 10 दिनों में आग की दूसरी घटना, 3 जून को 21 जानें गईं थीं दिल्ली में पिछले 10 दिनों में आग की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 3 जून को मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लग गई थी। इसमें नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी। 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। --------------------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट:दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। पूरी खबर पढ़ें
शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों को अपनी जालसाजी का शिकार करने वाला फर्जी डीआईजी मनीष कुमार एक गैर सरकारी संस्था की आड़ में डेढ़ साल तक व्यापारियों को जमकर ठगा। वह खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का डीआईजी बताता था। इस संस्था का नाम किसी केंद्रीय सरकारी एजेंसी जैसा लगता है। इसी भारी-भरकम नाम का फायदा उठाकर आरोपी ने व्यापारियों को अपने चंगुल में फंसाया। आरोपी मनीष कुमार ने प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी प्रियांश अग्रवाल को एंटी करप्शन की फर्जी एफआईआर और फर्जी पहचान पत्र दिखाए। उसने अकेले प्रियांश सिंघल से ही 29.5 लाख रुपए की बड़ी रकम ठग ली। आरोपी अधिकांश समय प्रियांश से अकेले में ही मिला। ताकि उसका राज न खुले। हद तो तब हो गई जब आरोपी फरवरी महीने में प्रियांश की शादी में बिना बुलाए पहुंच गया। वह अपनी वर्दी और चार गनमैन के साथ शादी समारोह में शामिल हुआ। उसने दूल्हे के साथ मंच पर तस्वीरें खिंचवाईं और जमकर रौब झाड़ा। शादी के माहौल में भी उसने ठगी का जाल बुना। वह काले रंग की वर्दी पहनता था। इस वीआईपी लुक को देखकर कोई भी धोखा खा जाता था। इसी रौब के दम पर उसने व्यापारियों से लाखों रुपए ऐंठ लिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुरानी जानकारी और फर्जी FIR से जीता भरोसा प्रियांश सिंघल के पिता स्व. रामू और रिटायर्ड प्रोफेसर एके गुप्ता के बीच लंबा लेन-देन था। चूंकि प्रोफेसर गुप्ता ने इसी संस्था से मदद मांगी थी। पर्चियां आदि भी उपलब्ध कराईं जो ठग मनीष कुमार के हाथ लगीं। आरोपी मनीष जब प्रियांश की दुकान पर पहुंचा तो वही बातें बताईं जो प्रोफेसर गुप्ता और प्रियांश के बीच हुई थीं। एफआईआर की कॉपी तक दिखाई। जिसे देख प्रियांश पूरी तरह से उसके झांसे में आए और अलग-अलग मौकों पर रुपए दिए। इतना ही नहीं आरोपी ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने और दिल्ली फाइल भेजने के नाम पर भी 4.5 लाख हड़पे। जब प्रियांश की कलेक्ट्रेट में प्रो. गुप्ता से बातचीत हुई तब उन्हें पता चला कि वह ठगी का शिकार हुए हैं। झांसी जाकर उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो के ऑफिस में पूछताछ करने पर पता चला कि इस नाम का कोई इंस्पेक्टर वहां पदस्थ नहीं है। मनीष प्रियांश और उसके चचेरे भाई अब्बू से इंस्पेक्टर बनकर मिला। वह जितनी बार मिला उतनी बार वर्दी पहनी थी। संस्था का काम कानूनी सलाह देना, लोगों की मदद करना फर्जी डीआईजी मनीष कुमार ने जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स संस्था के नाम का उपयोग किया है। वह एक गैर सरकारी संगठन है। इसका दफ्तर झांसी के सीपरी बाजार स्थिति सिद्धेश्वर नगर में है। इस संस्था का काम भ्रष्टाचार, अपराध और मानवाधिकार हनन के खिलाफ आम नागरिकों सरकार के बीच सेतु के रूप में काम करना है। यह संस्था रिश्वतखोरी या शोषण का शिकार होने पर लोगों को सही कानूनी सलाह देती है। इस एनजीओ के पास सीधे गिरफ्तारी का सरकारी अधिकार नहीं है, लेकिन यह पीड़ितों की शिकायतों को सही कानूनी प्रारूप में तैयार कर पुलिस, विजिलेंस और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाती है। इस संस्था से जुड़े लोग अवैध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। यह संस्था सेवानिवृत्त कर्मचारी चंद्रशेखर आजाद नाम के व्यक्ति ने बनाई है।
खोह नागोरियान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोगों के जिंदा जलने के दूसरे दिन बुधवार आधी रात उस समय खलबली मच गई, जब पटाखों की आवाज आने लगी। सुबह तक रुक-रुक कर पटाखे जलते रहे। धुआं उठा तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह माल किसी फैक्ट्री या गोदाम से लाकर जलाया गया, ताकि जांच में पकड़ न आए। लोगों का कहना है कि पुलिस ने ही अवैध पटाखा कारोबारियों को माल ठिकाने लगाने का समय दिया है। हालांकि गुरुवार को दिनभर पुलिस ने आसपास की सभी कॉलोनियों में सर्च अभियान चलाया। करीम नगर में 79 मकानों की तलाशी ली, जिनमें 29 पर ताले मिले। पुलिस आसपास की सभी कॉलोनियों में 2377 मकानों का सर्वे करक रही है। बता दें कि पुलिस ने बुधवार को 2 अवैध फैक्ट्री और 5 मकानों तो सील किया था। इसके बाद गुरुवार सुबह नाड़ा वाली ढाणी के सामने खाली भूखंड में बड़ी मात्रा में पटाखे फेंककर आग लगा दी गई। सवाल यह है कि जिस इलाके में मौत का इतना बड़ा कारोबार चल रहा था, वहां पुलिस और जिम्मेदार एजेंसियों को इन पटाखों की आवाज सुनाई क्यों नहीं देती? 8 मौत के बाद घर-घर सर्वे, मकान मालिक-किराएदार सत्यापन व संदिग्ध सामान जब्ती की कार्रवाई शुरू हुई है, जबकि यहां पिछले 6 साल से पुलिस की नाक के नीचे ये कारोबार हो रहा है। अब तक 7 डिटेन; अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों के जिंदा जलने के मामले में पुलिस अब तक 7 लोगों को डिटेन कर चुकी है। गुरुवार को मुख्य आरोपी कय्यूम और याकूब के नजदीकियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहीं, कय्यूम और फिरोज की तलाश में डीएसटी दिल्ली गई है। मानवाधिकार आयोग ने लिया प्रसंज्ञान राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में अवैध तरीके से चल रही पटाखा एवं विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग में आठ मजदूरों की मौत मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। जिला कलेक्टर जयपुर, पुलिस आयुक्त जयपुर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त, प्रमुख गृह सचिव तथा स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 जून तक मांगी है। आयोग ने इन्हें कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में होटलों, गोदामों, जोखिमपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने यह निर्देश दैनिक भास्कर सहित अन्य मीडिया में आई खबरों पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिया। आयोग ने कहा कि दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचारों के अनुसार क्षेत्र के 100 से अधिक घरों में अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित होने की बात सामने आई है। यह भी प्रकाशित हुआ कि मजदूरों के कपड़ों एवं शरीर पर बारूद का पाउडर चिपका हुआ था, जिसके कारण विस्फोट होते ही वे आग की चपेट में आ गए। मौके पर अमोनियम नाइट्रेट भी मिलने की सूचना है। आयोग ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी दुर्घटनाओं को पूरी तरह से रोक नहीं सकते, लेकिन यदि मानव उपेक्षा, लापरवाही या विधिक प्रावधानों की अवहेलना से ऐसे हादसे होते हैं तो यह गंभीर है। विधायिका ने विभिन्न क्षेत्रों के नियमन एवं संचालन के लिए पर्याप्त कानून बनाए गए हैं। इन कानूनों को लागू करने वाली एजेंसियों का दायित्व है कि वे सतर्क रहें और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई करें तथा ऐसी दुर्घटनाओं को रोकें। 200 पुलिस कर्मियों ने 500 मकान-गोदाम खंगाले, 1 गोदाम में 50 मॉडिफाइड बुलेट मिलीं खोह नागोरियान क्षेत्र में 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने करीम नगर, रहीम नगर, तलाई, आईशा नगर, उजेफा नगर और अक्षा विहार में डोर-टू-डोर सर्वे किया। इस दौरान 500 मकानों और गोदामों की तलाशी ली। तीन संदिग्ध गोदाम सील किए। इस दौरान एक रूई गोदाम, दो प्लास्टिक गोदाम और एक मोटरसाइकिल गोदाम मिला। इसमें करीब 50 बुलेट मिलीं, जिनमें मॉडिफाइड सायलेंसर और फैंसी नंबर प्लेट लगी थीं। संदिग्ध गतिविधियों की आशंका पर संबंधित गोदामों को सील कर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कबाड़, कतरन, ब्रेड-टोस्ट, फर्नीचर सहित अन्य करीब 100 गोदामों को चिह्नित किया है। इनमें नियमों की अनदेखी सामने आई है। नगर निगम और जेडीए को इनकी रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है।
मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में गुरुवार रात कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के बाद आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 70-90kmph की रफ्तार से हवाएं और कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है। वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में हॉस्पिटल के बाहर कार पर पेड़ गिर गया। बिहार के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा में बिजली गिरने से पति-पत्नी समेत 9 लोगों की मौत हो गई। यूपी में प्री-मानसून में 52 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बरसात हुई। मानसून ने गुरुवार को बिहार में एंट्री कर ली है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी यह आगे बढ़ गया है। 4 जून को केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों इसके में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून 27 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट आज 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… गर्मी से राहत नहीं, 11 राज्यों में पारा 40C पार बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 44.6C, यूपी के झांसी में 43.4C, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5C और एमपी के खजुराहो में 43C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 13 जून: 14 जून:
मध्यप्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कांग्रेस को उम्मीद है कि शीर्ष अदालत से उसे राहत मिल सकती है, क्योंकि अब मतदान और मतगणना से पहले न्यायिक हस्तक्षेप की संभावनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 9 जून को स्क्रूटनी के दौरान भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एक प्रकरण की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी है। इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था। सुबह 11:30 बजे दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में मीनाक्षी नटराजन इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने जा रही हैं। देर रात की थी ऑनलाइन याचिका दायर इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी की ओर से बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 1:48 बजे ऑनलाइन याचिका दाखिल की गई। गुरुवार को मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि जब तक याचिका पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का रुख तय करेगा चुनाव प्रक्रिया पर असर आज होने वाली सुनवाई में कांग्रेस यह तर्क रख सकती है कि नामांकन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हुई, जबकि भाजपा और निर्वाचन पक्ष रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को नियमों के अनुरूप बताएंगे। अदालत का रुख तय करेगा कि चुनाव प्रक्रिया पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं। क्या हैं आज की सुनवाई के संभावित नतीजे यदि फैसला मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में आता है यदि फैसला मीनाक्षी के खिलाफ आता है राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचने लगे कांग्रेस विधायक मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस के सभी विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। पार्टी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग करने की घोषणा की है। हालांकि राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 12 और 13 जून को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी। 13 जून को वे देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी। राष्ट्रपति से मुलाकात भी मुश्किल ऐसे में कांग्रेस विधायकों की राष्ट्रपति से मुलाकात फिलहाल संभव होती नहीं दिख रही है। राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों को लेकर पहले से ही सियासी मुकाबला चर्चा में है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के लिए यह मामला केवल एक सीट का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न बन गया है। ये खबर भी पढ़ें… एमपी- भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीट निर्विरोध जीतीं मध्य प्रदेश में भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं।पूरी खबर पढ़ें
लखनऊ पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रात्रि 2:20 पर एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड हुई । इको गार्डन में पेपर लीक को लेकर युवा आक्रोश प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। अभिजीत नीले रंग की इंडिया लिखा हुआ टी-शर्ट पहने हुए थे। इस दौरान दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। ‘शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे प्रदर्शन’ अभिजीत ने कहा कि 6 जून दिल्ली में 12 जून पुणे में हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। सभी छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। हम अपनी बातों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखेंगे । प्रदर्शन की अनुमति न होने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो सुबह हम लोकल पुलिस स्टेशन पर जाकर बात करेंगे। हम उनसे कहेंगे कि प्लीज हमें परमिशन दे दीजिए। पुराने प्रोटेस्ट का हवाला देकर लेंगे अनुमति अभिजीत ने कहा कि हम पुलिस को बताएंगे कि दिल्ली जंतर मंतर पर पीसफुल प्रोटेस्ट किया था और 11जून को पुणे में पीसफुल प्रोटेस्ट किया इसलिए लखनऊ में भी हम ऐसे ही करेंगे। हम कहीं से कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं बस लोकतंत्र में अपनी बात रख रहे हैं। जो कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। एयरपोर्ट से जब बाहर निकले तो उनके हाथ में एक बैग था साथ में दो से तीन साथी और थे। एयरपोर्ट के अंदर और बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और इंटेलिजेंस के लोग मौजूद थे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद गाड़ी में बैठकर अभिजीत अज्ञात जगह रवाना हो गए। पुलिस से अनुमति नहीं हालांकि इको गार्डन में पेपर लीक के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को लखनऊ पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी और AISA की ओर से किया गया था। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने हर हाल में प्रदर्शन करने का दावा किया है। एसोसिएशन के लखनऊ यूनिट प्रेसिडेंट शांतम निधि इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट किसी भी हाल में रद्द होने वाला नहीं हम सभी लोग एक गार्डन जरूर पहुंचेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले साथी किसी भी धर्म का शिकार ना हो।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। 3 जून को हुए इस भयानक हादसे में अग्रवाल परिवार के 8 सदस्यों सहित नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने केशव पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई हैं पुलिस का आरोप है कि आग लगने पर रसोइया केशव दरवाजा और बिजली का स्विच बंद कर भाग गया था। पुलिस ने उस पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाकर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसका अब चौतरफा विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खामियों की मुख्य जिम्मेदारी प्रबंधन और मालिकों की होती है, न कि वहां काम करने वाले किसी मामूली कर्मचारी की। लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 2 महीने तक चलता रहा होटल एमसीडी के सिटी जोन की पूर्व चेयरमैन रेणुका गुप्ता ने होटल हादसे के लिए जिम्मेदार अफसरों पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 105) के तहत कार्रवाई न करने और गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने अवैध रूप से बने 20 कमरों के लिए बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया और मार्च में लाइसेंस खत्म होने के बाद भी होटल चलने देने के लिए दिल्ली टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (डीटीडीसी) की भूमिका पर सवाल उठाए। फॉर्म सी नियम की अनदेखी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार इंद्रजीत सिंह निरमान ने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले हर होटल या गेस्टहाउस के लिए 24 घंटे के भीतर ‘फॉर्म सी’ जमा करना कानूनन जरूरी है। स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी विदेशी मेहमानों का रिकॉर्ड रखने और उन पर नजर रखने की है, ताकि कोई संदिग्ध न रह सके। एसडीएम ने माना कि बिजली बंद होने से टला बड़ा हादसा सिविल सोसायटी का कहना है कि केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत 5 धाराएं लगाई गई हैं। यह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 10 साल तक की जेल हो सकती है। धारा 105 तब लागू होती है जब किसी को पता हो कि उसके काम से मौत हो सकती है। पुलिस का दावा है कि आग लगने पर बिजली बंद करने से अंधेरा हुआ, जिससे लोगों की जान गई। लेकिन, केशव नेगी ने फायर फाइटिंग के नियमों का पालन करते हुए सतर्कता दिखाई। ममगांई ने कहा कि वे सिविल डिफेंस के वालंटियर रहे हैं और फायर फाइटिंग, बचाव व आपातकालीन उपायों का प्रशिक्षण लिया है, जिसमें कहा जाता है कि आग से सुरक्षा के लिए विद्युत कनेक्शन बंद करना पहला कदम है। खुद स्थानीय एसडीएम जितेंद्र कुमार ने माना है कि समय पर बिजली बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। सिविल डिफेंस के जानकारों का भी यही मानना है। --------------दिल्ली होटल अग्निकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... केशव नेगी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड भाजपा-कांग्रेस एक:हरीश रावत बोले- शेफ को बली का बकरा बनाया दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के मामले में भाजपा और कांग्रेस एक नजर आ रही है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक सुर में नेगी को न्याय दिलाने की बात कह रही हैं। पूरी खबर पढ़ें... दिल्ली होटल आग- लाइसेंस मालिक नहीं, कर्मचारी के नाम:अकाउंटेंट बोला- सारे दस्तावेज जले; घटना वाले दिन मेट्रो से शहर में घूम रहा था दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के एक युवक की तकनीकी सूझबूझ ने बाइक चोर के पसीने छुड़ा दिए। चोर को पकड़े जाने का ऐसा डर सताया कि वह बीच रास्ते में ही बाइक छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल बाइक पुलिस के कब्जे में है। बाइक स्वामी ने सुपुर्दगी की प्रक्रिया शुरु कर दी है। पुलिस चोर की तलाश में सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। मामला दिल्ली के शकरपुर इलाके से जुड़ा है। यहां के रहने वाले शिवम यादव की बुलेट बाइक बुधवार रात घर के बाहर से चोरी हो गई। चोर उसे एनएच-58 के रास्ते कंकरखेड़ा क्षेत्र तक ले आया। तभी अचानक एक जगह पर आकर बाइक बंद हो गई। चोर ने काफी प्रयास उसे स्टार्ट करने का किया लेकिन वह नहीं हुई। पकड़े जाने के डर से चोर बाइक वहीं पर छोड़कर भाग निकला। बाइक अचानक रुकी तो दिमाग चकराया दरअसल, बाइक चोरी होने के बाद शिवम उसकी निगरानी कर रहा था। शिवम की बाइक में जीपीएस लगा था, जिसकी जानकारी बाइक चोर को नहीं लग पाई। वह जहां जहां जाता, शिवम उसकी लोकेशन ढूंढ निकालता। बीच में चलते चलते कई बार बाइक बंद हुई तो चोर का दिमाग चकराया। एक जगह बाइक रूक गई और चोर उसे छोड़कर भाग गया। आधी रात को पुलिस को किया सूचितशिवम दिल्ली से रात में नहीं आ सकता था। इसलिए उसने जब यह देख लिया कि बाइक काफी देर से एक ही जगह पर रुकी है तो उसने कंकरखेड़ा पुलिस को फोन पर संपर्क किया। उसने पुलिस को पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस बाइक को ढूंढते हुए मौके पर पहुंची और शिवम को सूचित कर दिया। शिवम ने पुलिस को बताई पूरी कहानीगुरुवार को शिवम अपनी बाइक को ढूंढते हुए कंकरखेड़ा थाने आ गया। बाइक थाने में खड़ी देख उसने राहत की सांस ली। इसके बाद वह पुलिस से मिला। शुभम ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी बाइक में जीपीएस लगा है। यह अपने आप में नई तरह का जीपीएस है। इसकी मदद से बाइक को कहीं भी लॉक या अनलॉक किया जा सकता है। वह दिल्ली में बैठकर बार बार बाइक को लॉक कर देता था। शायद यही वजह थी कि चोर उसे छोड़कर भाग गया। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस बाइक चोरी की घटना का पता चलने के बाद कंकरखेड़ा पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस उस लोकेशन के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है, जहां चोर बाइक छोड़कर भागा था। एसएचओ कंकरखेड़ा जितेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द चोर की लोकेशन ट्रेस कर ली जाएगी। बाइक स्वामी को रिलीजिंग की प्रक्रिया समझा दी गई है।
कोटपूतली: दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर आशीर्वाद मैटरनिटी अस्पताल के सामने आज शाम चार वाहनों की आपस में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को राजकीय बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दिल्ली की ओर से आ रही एक स्कार्पियो अनियंत्रित होकर तीन अन्य वाहनों से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कार्पियो और दो अन्य कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। एक वाहन अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड़ी गन्ने के जूस की रेहड़ी से भी जा टकराया। घटना की सूचना मिलते ही कोटपूतली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकाला। तीनों घायलों को तुरंत राजकीय बीडीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दुर्घटना के कारण दिल्ली-जयपुर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

