दीवाली-छठ पर बिहार आने का टेंशन; दिल्ली, मुंबई से सफर तीन गुना महंगा; किराया 21000 के पार
छठ से पहले 11 नवंबर को दिल्ली से आने के लिए दोपहर दो बजकर पांच मिनट वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान का न्यूनतम किराया 12 हजार 223 रुपये है। इस दिन एयर इंडिया एक्सप्रेस का दिन दस बजे के एयर इंडिया के विमान का अधिकतम किराया 21 हजार 902 रुपये हैं।
Delhi Police मुख्यालय पर कर्मियों के धरने को लेकर विपक्षी और युवा नेताओं ने कसा तंज
नयी दिल्ली, दो नवंबर दिल्ली के शाहदरा में वकीलों के साथ टकराव के बाद दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में पुलिसकर्मियों द्वारा ही बल के मुख्यालय के समक्ष किये गए प्रदर्शन को लेकर विपक्षी और युवा नेताओं ने सोमवार को तंज कसा। विपक्षी और युवा नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में हाल के आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और खुद पुलिसकर्मियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच समानताएं रेखांकित करते हुए सवाल किया कि क्या अब प्रदर्शनकारियों को भी लाठियां खानी पड़ेंगी और उनसे शांति बनाए रखने के वादे के साथ मुचलके पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाएगा। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सोमवार सुबह लगभग 100 पुलिसकर्मी (जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं) हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर जमा हुए। उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाना के थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार के तबादले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया तथा पुराने पदों पर उनकी बहाली की मांग की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों और पुलिसकर्मियों के अपने ही प्रदर्शनों के प्रति पुलिस की प्रतिक्रिया के बीच के अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अमित शाह की दिल्ली पुलिस में आखिर हो क्या रहा है? देखिए, पुलिस वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है और उन्हें ‘काले कोट वाले गुंडे’ कह रही है। जिन पुलिसकर्मियों का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों को पीटने के लिए किया गया था, वे अब एक एसीपी के नेतृत्व में खुद ही विरोध पर उतर आए हैं। वहीं दूसरी ओर, एक अन्य एसीपी जो अब एसईएम बन गए हैं प्रदर्शनकारियों को ‘शांति बॉण्ड’ पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर रहे हैं!’’तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी दिल्ली पुलिस पर तंज कसा। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हैलो दिल्ली पुलिस, मैं अभी बंगाल में हूं, वरना आज ‘पुलिस बनाम पुलिस’ वाले नज़ारे में ज़रूर शामिल होती। कितना मजा आता! आज दिल्ली पुलिस का कौन-सा गुट लाठियां खाने वाला है और उन खटारा बसों में बैठकर दिल्ली कैंट के निरुद्ध शिविर जाने वाला है? हमें जरूर बताइएगा, हम उनके लिए स्विगी से खाना भिजवा देंगे।’’कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सह-संयोजक सौरव दास ने सवाल किया कि क्या प्रदर्शन कर रहे कर्मियों से भी ‘शांति बॉण्ड’ भरवाए जाएंगे। कॉजपा के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई एहतियाती कार्रवाई का जिक्र किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस अपने ही उन कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी, जो ऐसे इलाके में इकट्ठा हुए थे, जहां निषेधाज्ञा लागू थी। गांधी नगर सब-डिवीजन के एसीपी वशिष्ठ और शाहदरा पुलिस थाना के तत्कालीन एसएचओ अरुण कुमार के 28 अक्टूबर को किये गए तबादले के बाद पुलिसकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
नमस्कार, वाराणसी की कल (सोमवार) की बड़ी खबरें… भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पैतृक मकान के सामने वाले हिस्से को तोड़ने के लिए बिल्डर पहुंचे तो परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग काशी पहुंचे। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष की रैली को फ्लॉप बताया। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें… 1: उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का घर तोड़ने पहुंचे बिल्डर:काशी में परिजनों ने विरोध किया, बोले- कागज दिखाओ, पुलिस ने शांत कराया वाराणसी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के पैतृक मकान को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। रविवार सुबह सराय हड़हा स्थित मकान के सामने वाले हिस्से को तोड़ने के लिए बिल्डर पहुंचे तो परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। पढ़ें पूरी खबर 2: कैप-मास्क लगाकर काशी की गलियों में घूमे पूर्व क्रिकेटर सहवाग:बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए; बोले- जहां महादेव का बुलावा आ जाए, वहां जाना सौभाग्य भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग सोमवार को धर्म नगरी काशी पहुंचे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन किए। पूजा-अर्चना की। सहवाग ने काशी यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा- जहां महादेव का बुलावा आ जाए। वहां जाना अपने आप में सौभाग्य है। पढ़ें पूरी खबर 3: संबित पात्रा बोले- विपक्ष की दिल्ली रैली फ्लॉप शो:कहा-प्रियंका गांधी का परिवार ने ही वोट चोरी किया, घुसपैठियों को घुसने नहीं देंगे भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा सोमवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्होंने SIR पर प्रेसवार्ता की। संबित पात्रा ने कहा कि कहीं गांधी परिवार के अंदर ही प्रियंका वाड्रा का वोट चोरी तो नहीं हो गया? कहीं उनके भाई डर तो नहीं गए? पढ़ें पूरी खबर 4: वाराणसी के डॉक्टर दंपति से 3 करोड़ की साइबर ठगी:शेयर ट्रेडिंग और IPO के नाम पर लिए रुपए; 87 लाख रुपए खाते में होल्ड वाराणसी के एक चिकित्सक दंपति से 3 करोड़ की ठगी हो गई। साइबर जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ (IPO) में भारी मुनाफे का झांसा देकर उनके साथ फ्रॉड किया। पढ़ें पूरी खबर 5: वाराणसी में नगर निगम हटा रहा 200 गुमटियां:दुकानदार बोले- पहले बसाया, अब उजाड़ रहे; लोन की किस्त कैसे चुकाएंगे नगर निगम कार्यालय के पास लगी करीब 200 गुमटियों को हटाने की कार्रवाई को लेकर दुकानदारों में नाराजगी है। दुकानदारों का कहना है कि नगर निगम ने पहले उनका रजिस्ट्रेशन किया। पढ़ें पूरी खबर 6: वाराणसी में अगले 24 घंटे में बारिश के आसार:सुबह छाया कोहरा, बढ़ी ठंड; अर्नब तूफान का असर कमजोर वाराणसी में मौसम का मिजाज बदलते ही काशी में कोहरे ने दस्तक दे दी। सोमवार सुबह पहली बार सुबह 7 बजे तक शहर को कोहरे की चादर ने ढके रखा। दृश्यता घटकर महज 200 मीटर रह गई। सुबह के वक्त सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। पढ़ें पूरी खबर 7: वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का किराया शिवगंगा से महंगा:रेलवे ने जारी किया किराया, 745 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे; आज से चलेगी वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया जारी कर दिया गया है। IRCTC ने अपनी वेबसाइट पर ट्रेन को लिस्ट करने के साथ 2 नवंबर से टिकटों की बुकिंग भी शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 8: वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम का 98% काम पूरा:2 दिसंबर को उद्घाटन की तैयारी, जय शाह और राजीव शुक्ला जल्द ही करेंगे निरीक्षण वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य करीब 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब खेल प्रेमियों को यहां पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले का इंतजार है। स्टेडियम का उद्घाटन 2 दिसंबर को कराने की तैयारी है। पढ़ें पूरी खबर 9: राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर बोले-शिक्षा से नया भारत बनेगा:वाराणसी के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए, कहा- बेटियां हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रहीं वाराणसी के राजातालाब स्थित अकेलवां के ज्ञान दायनी महिला महाविद्यालय में सोमवार को छात्राओं की भूमिका पर संवाद कार्यक्रम हुआ। राष्ट्रीय महिला उत्थान समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘शिक्षा जीवन के लिए, जीवन वतन के लिए’ रही। शुरुआत सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। पढ़ें पूरी खबर 10: वाराणसी में ढाई साल तक दौड़ाती रही पुलिस:रिक्शा चालक की हत्या का मामला, कोर्ट के आदेश पर 5 पर FIR वाराणसी में जून 2024 में हुई रिक्शा चालक की हत्या मामले में कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही मानते हुए दो नामजद सहित पांच पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पढ़ें पूरी खबर
गुरुग्राम में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। मध्य प्रदेश के रहने वाले सप्लायर दुर्गेश और नरेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो सामने आया कि वे पिछले करीब 4 साल से इस धंधे में शामिल थे। दोनों मध्य प्रदेश से हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों और उनके शूटरों को सप्लाई करते थे। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि इस नेटवर्क में हथियार बनाने से लेकर उनकी डिलीवरी तक अलग-अलग लोग काम कर रहे थे। मध्य प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अवैध फैक्ट्रियों में हथियार तैयार किए जाते थे। इसके बाद सप्लायर इन्हें वाहनों में छिपाकर गुरुग्राम लाते थे। यहां से दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बदमाशों तक हथियार पहुंचाए जाते थे। आरोपियों के मोबाइल से पुलिस को कई बड़े अपराधियों से जुड़े इनपुट भी मिले हैं। अब क्राइम ब्रांच की टीमें मध्य प्रदेश में हथियार बनाने वाले मुख्य सप्लायरों और फैक्ट्रियों तक पहुंचने की तैयारी कर रही हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े चार सप्लायरों को गिरफ्तार कर 13 पिस्टल और 27 मैगजीन बरामद कर चुकी है। ऐसे काम करती थी हथियारों की सप्लाई चेन ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों सप्लायर चार साल में सैकड़ों हथियार खपाने का दावा पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे करीब 4 साल से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और अब तक सैकड़ों हथियार सप्लाई कर चुके हैं। प्रत्येक हथियार पर उन्हें 7 हजार रुपए कमीशन मिलता था। पुलिस इनके मोबाइल से मिले नंबरों और इनपुट के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों की पहचान कर रही है। मध्य प्रदेश जाकर फैक्ट्रियों तक पहुंचेगी पुलिस एसीपी क्राइम इंदीवर ने बताया कि आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मध्य प्रदेश में हथियार तैयार करने वाली फैक्ट्रियों, मुख्य मैन्युफैक्चरर्स और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। क्राइम ब्रांच की टीमें जल्द वहां जाकर कार्रवाई कर सकती हैं।
बिहार के तस्कर ओडिशा के जंगलों में गांजा और अफीम की खेती कर रहे थे, जिसे बिहार समेत अन्य राज्यों में भेजा जाता था।
भाजपा में बाड़ेबंदी पर एक दावेदार का नियंत्रण, शिकायत के बाद जयपुर से दिल्ली तक मचा हड़कंप
पंचायतीराज चुनाव-2026 के तहत जिला परिषद उदयपुर की 47 में से 38 सीटों पर दो चरणों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जबकि शेष 9 सीटों पर चुनाव होना बाकी है। चुनाव के नतीजे 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और उप जिला प्रमुख का चुनाव 26 नवंबर को होगा। हालांकि, परिणाम आने से काफी पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने रविवार से अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के 47 में से 38 जिला परिषद सदस्य पद के प्रत्याशियों को रविवार रात कुंभलगढ़ के पास स्थित एक होटल-रिसॉर्ट में भेज दिया गया है। बताया गया है कि प्रदेश भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी के हस्तक्षेप के कारण स्थानीय नेता खुलकर विरोध दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। वे यह तक कहने की स्थिति में नहीं हैं कि बाड़ेबंदी दीपावली के त्योहार के बाद रखी जाए और इसमें जिला प्रमुख पद के किसी भी दावेदार का दखल न हो। देहात और शहर जिला भाजपा के नेताओं में दबी जुबान चर्चा है कि जिला प्रमुख पद के एक रसूखदार दावेदार का इस पूरी बाड़ेबंदी पर अंदरखाने नियंत्रण है। प्रत्याशियों को उसी दावेदार की निजी सिक्योरिटी एजेंसी के सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जहां बाउंसर्स उन पर पैनी नजर रख रहे हैं। इस कदम से पार्टी के भीतर नाराजगी है और भाजपा के एक बड़े नेता ने इस बाड़ेबंदी के खिलाफ जयपुर से लेकर दिल्ली तक अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। हालांकि, असल स्थिति भाजपा पदाधिकारियों के खुलकर बोलने के बाद ही सामने आ सकेगी। प्रसाद चौबीसा ने कार्मिकों को चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, मतदाता पहचान, नियमों और सावधानियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद चुनाव सामग्री वितरित कर मतदान दलों को पीएमश्री राजकीय फतह स्कूल परिसर से मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। तीसरे चरण के मतदान के साथ ही जिले में पंचायतीराज चुनाव की मतदान प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी।
साहिबगंज-मनिहारी के बीच बनना है पुल, बिहार और झारखंड को सीधे जोड़ने वाले साहिबगंज-मनिहारी के बीच गंगा नदी पर निर्माणाधीन पुल के काम में तेजी आने के साथ ही इसकी तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी गई है। निर्माण कार्य निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों और स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप हो रहा है या नहीं, इसकी निष्पक्ष पड़ताल के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पहल पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय तकनीकी टीम निर्माण स्थल पर डेरा डाले हुए है। भारतीय रेलवे के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची यह विशेषज्ञ टीम पिछले तीन दिनों से पुल के विभिन्न संरचनात्मक हिस्सों की गहन जांच कर रही है और अगले 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपेगी। जांच दल द्वारा आधुनिक लेजर लाइट मशीनों और नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से कंक्रीट, पिलर, सेगमेंट, रीइन्फोर्समेंट, सरिया और बेयरिंग की मजबूती की जांच की जा रही है। परियोजना अधिकारियों के मुताबिक पुल का धरातलीय काम लगभग पूरा हो चुका है और अब पूरा फोकस सुपर स्ट्रक्चर यानी ऊपरी हिस्से के निर्माण पर है। ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर यह जांच पुल की दीर्घकालिक मजबूती और संरक्षा को पुख्ता करेगी। डीएमआरसी के महाप्रबंधक अनुराग गुप्ता ने पुष्टि की है कि टीम स्थल पर इस्तेमाल सामग्री और कार्यप्रणाली का बारीकी से परीक्षण कर रही है। स्थानीय लोगों में वर्षों पुरानी इस बहुप्रतीक्षित मांग के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा होने को लेकर भारी उत्साह है। परखी जा रही पिलर व कंक्रीट की अंदरूनी ताकतगंगा पुल के निर्माण की मजबूती का आकलन करने के लिए विशेषज्ञ दल आधुनिक नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट तकनीक का उपयोग कर रहा है। इस वैज्ञानिक पद्धति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निर्माण की गुणवत्ता, घनत्व और मजबूती जांचने के लिए कंक्रीट या पिलर को तोड़ने या खुरचने की आवश्यकता नहीं पड़ती। अल्ट्रासोनिक पल्स और अत्याधुनिक लेजर लाइट सेंसर के जरिए कंक्रीट के भीतर किसी भी प्रकार के खाली स्थान (एयर पॉकेट्स), दरार या अंदरूनी कमजोरी का सटीक पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही पिलरों में प्रयुक्त सरिया के खिंचाव, कंक्रीट की भार वहन क्षमता और बेयरिंग की स्थापना के कोणों का भी कंप्यूटर आधारित विश्लेषण किया जा रहा है।
रैली खत्म हुई तो सड़कों से भीड़ छंटने लगी, लेकिन रविवार की कमाई का हिसाब दुकानदारों के पास रह गया। किसी ने दिनभर में 200 किलो संतरे का रस बेचकर अच्छी कमाई की, तो किसी की दूध वाली चाय की 20 लीटर तक बिक्री हुई।
मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होते ही सोमवार को दिल्ली की हवा एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में आ गई। राजधानी में प्रदूषण बढ़ाने में पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों और वाहनों के धुएं की प्रमुख भूमिका रही।
Bareilly News: गोरखपुर-नई दिल्ली के बीच दो-दो फेरों के लिए विशेष ट्रेन
त्योहारी सीजन में नई दिल्ली-गोरखपुर के बीच दो-दो फेरों के लिए विशेष ट्रेन का संचालन किया जाएगा
Gorakhpur News: नई दिल्ली से गोरखपुर के बीच दो दिन चलेगी साप्ताहिक त्योहार स्पेशल ट्रेन
Operations will take place from New Delhi on November 6 and 13, and from Gorakhpur on November 7 and 14.
Nainital News: दिल्ली और हावड़ा से लौटने वालों के लिए दीपावली तक ट्रेन में नहीं है सीट
दिल्ली औरहावड़ासे लौटने वालों के लिए दीपावली तक ट्रेन में नहीं है सीट
Nainital News: त्योहार पर रोडवेज की तैयारी, दिल्ली के लिए दो फेरे लगाएंगी बसें
त्योहार पर रोडवेज की तैयारी, दिल्ली के लिए दो फेरे लगाएंगी बसें
Faridabad News: बीएस-6 से कम मानक वाले 117 वाहनों को दिल्ली जाने से रोका
117 vehicles with standards below BS-VI were prevented from entering Delhi.
Ambala News: दिल्ली की रैली को बताया सत्ता परिवर्तन का आधार
दिल्ली की रैली को बताया सत्ता परिवर्तन का आधार
Lucknow News: दिल्ली व मुंबई की ट्रेनें फुल, तत्काल की 9200 सीटों का सहारा
दीपावली पर दिल्ली, मुंबई से लखनऊ आने वालों का सिलसिला छह नवंबर से शुरू हो जाएगा।
Shamli News: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बन रहे चार यात्री सुविधा केंद्र
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
Rewari News: उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय के बीच चलेगी साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन
A weekly special train will run between Udaipur City and Delhi Sarai.
New Delhi, 2 नवंबर . पूर्वांचल के Political रूप से अहम जिले कुशीनगर में 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने एकतरफा प्रदर्शन किया था. जिले की…
दिल्ली की जेलों में भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम, तीन साल से एक जगह तैनात अधिकारियों के तबादले का आदेश
दिल्ली सरकार ने तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात जेल अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया है। साथ ही कैदियों को दिए जाने वाले भोजन और दवाओं की जांच का भी आदेश दिया है।
New Delhi, 2 नवंबर . यूपी चुनाव 2027 को लेकर सभी Political दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, जहां एक-एक सीट के लिए खींचतान देखने को…
दिल्ली में GRAP-2 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए मेट्रो के 40 अतिरिक्त फेरे
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने के बाद सोमवार को तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का दूसरा चरण (ग्रैप-2) लागू कर दिया गया है
कालकाजी से नेहरू प्लेस के बीच बनेगी एलिवेटेड रोड, दिल्ली में आउटर रिंग रोड का बॉटलनेक होगा खत्म
दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर कालकाजी से नेहरू प्लेस तक ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने एलिवेटेड रोड बनाने पर सहमति दे दी है। इस परियोजना से कालकाजी, नेहरू प्लेस और आसपास के इलाकों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली-NCR में GRAP-2 की पाबंदियां लागू, बेहद खराब श्रेणी में पहुंची हवा, AQI 324 दर्ज
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं। राजधानी की हवा बेहद खराब (Very Poor) श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार ...
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में ग्रीन एनर्जी पर मंथन, राज्यों ने दिया सौर ऊर्जा और निवेश पर जोर
New Delhi, 2 नवंबर . India रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो में देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार, सौर ऊर्जा की संभावनाओं और निवेश को लेकर…
दिल्ली सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को 30 नवंबर तक वैधानिक बोनस का भुगतान अनिवार्य कर दिया है। श्रम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक ठेकेदार द्वारा भुगतान न करने पर प्रधान नियोक्ता की भी जवाबदेही होगी।
दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में दो दिन जला सकेंगे ग्रीन पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने दी सशर्त अनुमति
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगा बैन दिवाली पर दो दिनों के लिए सशर्त हटाने आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि सर्टिफाइड ग्रीन पटाखे 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे के दौरान जला सकेंगे। दिवाली 8 नवंबर को […]
दिल्ली-NCR में ग्रैप-2 के प्रतिबंधों के कारण DMRC ने यात्रियों की सुविधा और प्रदूषण कम करने के लिए मेट्रो के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मंगलवार से 20 अतिरिक्त फेरे शुरू होंगे, जिससे कुल अतिरिक्त फेरों की संख्या 40 हो जाएगी।
पंजाब चुनाव से पहले ‘आप’ विधायकों के पार्टी में जाने से भाजपा उत्साहित, भगवंत मान अब भी मजबूत चुनौती
New Delhi, 2 नवंबर . पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ विधायकों के Monday को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से राज्य की…
दिल्ली में नहीं खेला जाएगा भारत-श्रीलंका का पहला वनडे! DDCA ने की मैच शिफ्ट करने की मांग
भारत और श्रीलंका के बीच 13 दिसंबर को होने वाला पहला वनडे मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम से शायद दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है। दरसअल इस समय स्टेडियम में रेनोवेशन का काम चल रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को यहां उत्तराखंड के वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक की...
New Delhi, 2 नवंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने सॉफ्टवेयर आयात के नाम पर विदेशों में अवैध रूप से धन भेजने के मामले में दिल्ली और कोलकाता के…
11 हजार करोड़ के नुकसान के दावे पर सीपीआई का पलटवार, कहा- दिल्ली सिर्फ व्यापारियों की नहीं
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रैली के कारण व्यापारियों को 11 हजार करोड़ रुपए के नुकसान के दावे...
डीएचएफएल लोन घोटाला: ईडी ने दिल्ली और महाराष्ट्र में 40 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कीं
डीएचएफएल लोन घोटाला: ईडी ने दिल्ली और महाराष्ट्र में 40 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कीं
New Delhi, 2 नवंबर . Union Minister सुकांत मजूमदार का अपने व्यस्त Political दायित्वों से समय निकालकर मंच पर अभिनय करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन…
वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद सोमवार को दिल्ली पुलिस के जवानों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने कमेटी बनाने का वादा किया है.
दिल्ली में सस्ती हो सकती है यमुना क्रूज सवारी, सरकार ने दिए संकेत; अभी क्या है किराया?
दिल्ली में यमुना क्रूज की सवारी सस्ती हो सकती है। अभी के समय पर इसका किराया ₹550 है, लेकिन सरकार ने भविष्य में इसे कम करने के संकेत दिए हैं।
दिल्ली: नरेला में डीडीए परियोजनाओं का उपराज्यपाल ने किया निरीक्षण, किफायती आवास पर जोर
New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली के उपGovernor और डीडीए के चेयरमैन टीएस संधू ने Monday को नरेला का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने हाउसिंग अथॉरिटी के फ्लैटों…
दिल्ली की सड़कों पर थमी रफ्तार, शाम ढलते ही रेंगने लगी गाड़ियां; प्रमुख मार्गों पर लगा भीषण जाम
दिल्ली की सड़कों पर त्योहारी सीजन शुरू होते ही वाहनों का दबाव बढ़ गया। सोमवार को कई इलाकों में भीषण जाम देखने को मिला। ऑफिस से और शॉपिंग पर निकले लोगों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
सुनेत्रा पवार ने NCP विधायकों की बुलाई तत्काल बैठक, मुंबई से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज
करीब चार महीने बाद बुलाई गई इस बैठक को पार्टी के अंदर चल रही गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले रविवार को NCP के कई सीनियर नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से दीवाली पर दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए तीन दिन की सशर्त अनुमति दी गई है। अदालत के इस फैसले से कारोबारी में नाखुशी का माहौल है। उन्होंने कम समय और जटिल नियमों का विरोध जताया है।
अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली को बताया
हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली को ‘वोट बचाओ’ के बजाय ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली करार दिया। शाह ने आरोप लगाया कि […] The post अमित शाह ने राहुल गांधी की दिल्ली रैली को बताया ‘घुसपैठियों को बचाओ’ अभियान, एसआईआर का समर्थन appeared first on Sabguru News .
40 हजार पौधे लग चुके, 4 लाख का लक्ष्य; दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर डटा अकेला शख्स कौन?
पीपल बाबा का दावा है कि वे अब तक एक्सप्रेसवे के किनारे शीशम के 40,000 पौधे लगा चुके हैं और अगले साल चार लाख और पौधे रोपने की योजना है।
दिल्ली की जेलों में तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। जेल प्रशासन में भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया है। गृह मंत्री आशीष सूद ने ऐसे अधिकारियों की तत्काल पहचान कर स्थानांतरण के निर्देश दिए हैं। सरकार ने जेल प्रशासन से सीपीआरओ, फैक्ट्री और खरीद विंग जैसे संवेदनशील विभागों में निर्धारित अवधि से अधिक समय से तैनात अधिकारियों की सूची मांगी है। पहली बार अपराध करने वाले बंदियों, आर्थिक अपराधों के आरोपियों और सिविल बंदियों के लिए निर्धारित जेलों में तैनात अधिकारियों का ब्योरा भी तलब किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों का सामना कर रहे कुछ अधिकारियों के पिछले 10 वर्षों के तैनाती रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए गए हैं। भोजन-दवाइयों की गुणवत्ता और कीमतों की होगी जांच सरकार ने जेलों में बंदियों को मिलने वाले भोजन और दवाइयों की गुणवत्ता के साथ उनकी बाजार दरों का सत्यापन करने को कहा है, ताकि खरीद में वित्तीय अनियमितताएं रोकी जा सकें। जेलों में तंबाकू और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए आधुनिक स्कैनिंग तकनीक अपनाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इसके अलावा सुरक्षा में चूक और कर्मचारियों के कदाचार से जुड़ी लंबित शिकायतों पर कार्रवाई रिपोर्ट तय समय में सौंपनी होगी। भ्रष्टाचार और जबरन वसूली पर जीरो टॉलरेंस- सूद गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों का तबादला करने से निहित स्वार्थों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। जेल प्रशासन में भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जेलों की सुरक्षा आधुनिक बनाने के साथ बंदियों के कल्याण की निगरानी बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा से समझौता करने और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 3 से 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
अर्णब की तरह मुरासु भी हुआ प्रचंड: दिल्ली से उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक कैसा रहेगा मौसम?
बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान बढ़ने से मुरासु तूफान प्रचंड हो गया है, जो आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच लैंडफॉल करेगा। यह तूफान कई राज्यों में भारी बारिश लाएगा, जबकि उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत के साथ मौसम शुष्क रहेगा।
राजधानी में बार-बार होने वाले धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक रैलियों से व्यापार प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्ली के बाहरी इलाकों में प्रदर्शन के लिए अलग स्थान निर्धारित करने की मांग की है। संगठन ने 2 नवंबर को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर कहा कि विरोध-प्रदर्शन के कारण बाजार, यातायात और लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कैट के अध्यक्ष बीसी भरतिया ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में शहर को ठप करना उचित नहीं है। प्रदर्शन के अधिकार के साथ लोगों के कारोबार और आजीविका के अधिकार का भी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश का प्रमुख व्यापारिक और वितरण केंद्र है। यहां बार-बार होने वाले प्रदर्शन से दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, दिहाड़ी मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों, ऑटो चालकों और डिलीवरी कर्मचारियों की कमाई प्रभावित होती है। इसका असर हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ता है। ट्रैफिक पुलिस और MCD में बेहतर तालमेल की मांग कैट ने सुझाव दिया कि प्रदर्शन के लिए ऐसे स्थान तय किए जाएं, जहां लोगों को शांतिपूर्ण विरोध का अवसर मिले और बाजारों व यातायात पर असर न पड़े। साथ ही प्रदर्शन के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, एमसीडी और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी न उठानी पड़े।
कोहरे के चलते दिल्ली-बेंगलुरु-काठमांडू की फ्लाइट्स काशी से डायवर्ट, ATC ने नहीं दी लैंडिंग की इजाजत
कोहरे के चलते सोमवार की सुबह वाराणसी से कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6ई 6558 बेंगलुरु से सुबह 4:30 बजे उड़ान भरकर लगभग 6:40 बजे वाराणसी हवाई क्षेत्र में पहुंची। दृश्यता सामान्य नहीं होने के चलते एटीसी ने विमान को लैंडिंग की इजाजत नहीं दी।
दिल्ली-एनसीआर NCR में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, GRAP-2 लागू, जानें किन गाड़ियों की एंट्री पर रहेगी रोक
दिल्ली में वायु की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद GRAP-2 लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 324 होने के बाद इसे लागू कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Supreme Court ने Delhi-NCR में दी सिर्फ Green Crackers की अनुमति, समय भी तय
नयी दिल्ली, दो नवंबर दिवाली से कुछ दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सात-आठ नवंबर को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से दस बजे तक हरित पटाखे चलाने की अनुमति दे दी है। इस साल दिवाली का त्योहार आठ नवंबर को मनाया जाएगा। मामले में शीर्ष अदालत के फैसले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं :* उच्चतम न्यायालय ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दिल्ली-एनसीआर में सात-आठ नवंबर 2026 को केवल सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे के बीच पटाखे फोड़ने की अनुमति हो। * शीर्ष अदालत ने कहा कि पटाखों पर पूर्व में लागू पूर्ण प्रतिबंध नौ नवंबर 2026 से फिर से प्रभावी हो जाएगा। * न्यायालय ने कहा कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, अधिसूचित ध्वनि निषेध क्षेत्रों और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। * शीर्ष अदालत ने कहा कि निर्देशों का उचित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए, साथ ही यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि बीमारियों से जूझ रहे लोगों को कोई असुविधा न हो। * न्यायालय ने कहा कि जिन पटाखा निर्माताओं के पास सीएआईआर-एनईईआरआई और पीईएसओ (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) की ओर से प्रमाणित हरित पटाखे बनाने का वैध प्रमाण-पत्र है, उन्हें केवल उन्हीं हरित पटाखों का निर्माण करने की अनुमति होगी, जिनका विवरण दो से छह नवंबर के बीच सीएसआईआर-एनईईआरआई की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। * सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हरित पटाखों के डिब्बे पूरी तरह से सील होने चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें कोई अवैध या पारंपरिक पटाखे न मिलाए जा सकें। * न्यायालय ने कहा कि पटाखों की लड़ियों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। * शीर्ष अदालत ने कहा कि बेरियम युक्त पटाखों और सीएसआईआर-एनईईआरआई की ओर से हरित पटाखों के रूप में अनुमोदित नहीं किए गए पटाखों को फोड़ने की अनुमति नहीं होगी। * न्यायालय ने कहा कि जिला अधिकारी/आयुक्त पुलिस के साथ परामर्श करके एनसीआर में ऐसे स्थानों को चिह्नित और निर्धारित करेंगे, जहां हरित पटाखों की बिक्री की जा सके। * न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित स्थानों के अलावा किसी अन्य जगह पर पटाखों की बिक्री पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। इसमें ऑनलाइन माध्यमों के जरिये होने वाली बिक्री भी शामिल है। * सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अवैध और पारंपरिक पटाखों की आपूर्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। * न्यायालय ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में पुलिस अधिकारी जिला प्रशासन के साथ मिलकर गश्ती दल बनाएंगे, जो हरित पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित जगहों पर नजर रखेंगे। * न्यायालय ने कहा कि अवैध या पारंपरिक पटाखों को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और निर्देशों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं या व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। * शीर्ष अदालत ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनसीआर के अंतर्गत आने वाले जिलों में स्थित उनके संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के परामर्श से अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के स्तर पर नजर रखेगा और रिपोर्ट तैयार करेगा। * न्यायालय ने कहा कि त्योहार खत्म होने के बाद उचित कदम उठाने होंगे, जिनमें सारे ठोस कचरे को हटाना और उसका प्रबंधन एवं निपटान सुनिश्चित करना भी शामिल है। * न्यायालय ने राज्य के प्राधिकारों को निर्देश दिया कि वे उठाए जाने वाले प्रस्तावित कदमों और उनसे जुड़ी सलाह को प्रमुख अखबार और समाचार चैनलों में विधिवत रूप से अधिसूचित एवं प्रकाशित करें। इनमें शीतकालीन कार्ययोजना 2026, वायु प्रदूषण न्यूनीकरण योजना 2026 और सीएक्यूएम की वार्षिक कार्ययोजना सहित अन्य उपाय शामिल हैं। * न्यायालय ने एनसीआर में आने वाले सभी राज्यों के शिक्षा विभागों के सचिवों से कहा है कि वे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रदूषण के प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए उचित कदम उठाएं, खासकर त्योहारों के मौसम में पड़ने वाले असर के बारे में। * शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को पटाखे फोड़ने के असर पर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि त्योहार के बाद 30 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के भर्ती होने के मामलों में कितनी वृद्धि हुई है। * न्यायालय ने कहा कि अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की सख्त कार्रवाई की जाएगी। * न्यायालय ने कहा कि जिन एक्यूआई निगरानी केंद्र के निष्क्रिय होने की बात सामने आई है, उनका फिर से निरीक्षण किया जाना चाहिए। * सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अगर एक्यूआई निगरानी केंद्रों के कामकाज में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत ठीक करना होगा।
वाइल्डलाइफ SOS को Delhi Wildlife Board से बाहर करेगी सरकार, सिरसा ने दिए निर्देश
(अलिंद चौहान और वर्षा सागी)नयी दिल्ली, दो नवंबर तेंदुए का शिकार करने वाले नेटवर्क से जुड़े होने और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 का उल्लंघन करने के आरोपों का सामना कर रही दिल्ली की संस्था ‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ के प्रतिनिधि को दिल्ली वन्यजीव बोर्ड से हटाने का फैसला किया गया है, जिन्हें कुछ दिन पहले ही इसमें शामिल किया गया था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एनजीओ ने 2018 से वन्यजीवों के बचाव के लिए दिल्ली वन विभाग के साथ काम किया है और वन्यजीव बोर्ड में इसे सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव फरवरी, 2026 में रखा गया था। अंतिम प्रस्ताव मंजूरी के लिए जुलाई में सक्षम प्राधिकार को दिया गया था। सिरसा से जब एनजीओ को बोर्ड में शामिल करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘अब हमारे संज्ञान में यह बात आई है कि अगस्त 2026 में मध्यप्रदेश में कुछ ऐसे मामले दर्ज किए गए थे जो इस एनजीओ की वन्यजीव अपराध में कथित संलिप्तता से जुड़े हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, वाइल्डलाइफ एसओएस को बोर्ड से हटा दिया जाएगा, और दिल्ली वन विभाग के साथ इसका जुड़ाव आज से ही समाप्त होता है।”उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में एक औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा। वन्यजीवों के संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।’’दिल्ली के वन और वन्यजीव विभाग ने 23 अक्टूबर को एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए वन्यजीव बोर्ड का गठन किया था। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 8 के अनुसार, किसी राज्य के वन्यजीव बोर्ड का काम वन्यजीवों और विशेष पौधों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए नीतियां बनाने जैसे मुद्दों पर राज्य सरकार को सलाह देना होता है। इससे पहले, भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यह बेहद चिंताजनक है कि वाइल्डलाइफ एसओएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिकेय (सत्यनारायण) के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार और वन विभाग ने गंभीर आरोप दर्ज किए हैं। यह मामला पारिस्थितिकीय रूप से संवेदनशील कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में तेंदुओं के अवैध शिकार से जुड़ा है।”उन्होंने कहा, “वन्यजीव अपराधों से जुड़े गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे संगठन को किसी राज्य के उच्च स्तरीय वैधानिक सलाहकार निकाय में शामिल करना जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाता है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है।”साल 1995 में स्थापित वाइल्डलाइफ एसओएस ने पिछले कई वर्षों में भारत के लुप्तप्राय जानवरों और प्राकृतिक आवासों की रक्षा के लिए कई अभियान चलाए हैं। इनमें अवैध शिकार विरोधी गतिविधियां, बचाव और पुनर्वास केंद्र, तथा प्राकृतिक आवास संरक्षण शामिल हैं। हालांकि, अगस्त में मीडिया में ऐसी खबरें आईं जिनमें वाइल्डलाइफ एसओएस का संबंध मध्यप्रदेश में तेंदुए के अवैध शिकार के एक कथित मामले से जोड़ा गया। सितंबर में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले में कार्तिकेय सत्यनारायण को दी गई अंतरिम सुरक्षा (राहत) वापस ले ली थी, लेकिन बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस सुरक्षा को बहाल कर दिया।
स्वच्छ ऊर्जा ही आर्थिक सुरक्षा की कुंजी, 500 गीगावाट लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत : पीएम मोदी
New Delhi, 2 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Monday को New Delhi में आयोजित India नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो में हिस्सा लिया. इस दौरान…
रतलाम रेल मंडल में दाहोद के पास सोमवार शाम 7:27 बजे मंगलमोड़ी और जैकोट स्टेशन के बीच मालगाड़ी का एक कोच पटरी से उतर गया। हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग की अप और डाउन दोनों लाइनें बंद कर दी गईं। इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया। कोच के बेपटरी होने की सूचना मिलते ही रतलाम रेलवे कंट्रोल रूम में दुर्घटना का सायरन बज उठा। इसके बाद दुर्घटना राहत ट्रेन को तुरंत स्टेशन से घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इंजन से तीसरा कोच हुआ डिरेल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी का इंजन से तीसरा कोच डाउन लाइन पर पटरी से उतरा। मालगाड़ी गोधरा से रतलाम की ओर आ रही थी। हादसे के बाद रेल यातायात प्रभावित हुआ। फिलहाल कोच के बेपटरी होने के कारणों और रेल यातायात बहाल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
राइजिंग स्टार्स एशिया कप: तिलक वर्मा संभालेंगे ‘इंडिया ए’ की कमान, पाटीदार बने उप-कप्तान
New Delhi, 2 नवंबर . भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा को एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) मेंस राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए ‘इंडिया ए’ टीम का…
माकपा MLA का निशाना: BJP अध्यक्ष को कोलकाता नहीं दिल्ली में रैली करनी चाहिए, हुमायूं कबीर पर भी वार
माकपा विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की कोलकाता रैली पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें दिल्ली में विपक्षी सवालों का जवाब देना चाहिए था।
दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, GRAP-2 की तैयारी
दिल्ली-NCR में AQI 300 के पार पहुंचने के बाद GRAP-2 लागू करने का फैसला लिया गया है. इसके तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने, सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और होटल-ढाबों में कोयले व लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक जैसे कदम उठाए जाएंगे. वीडियो में जानें पाबंदियों के बारे में विस्तार से.
दीवाली से पहले AQI 300 पार, GRAP-2 लागू, जानें सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग के साथ क्या-क्या बदलेगा?
दीवाली से कुछ दिन पहले, सोमवार को केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी संस्था, 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने दिल्ली-NCR में 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के दूसरे चरण (Stage 2) को लागू कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि AQI का स्तर 300 के पार चला गया, जो 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में आता है। 'समीर' (Sameer) ऐप के अनुसार, शाम 6 बजे दिल्ली में AQI 327 था। इस साल दीवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। ये नई पाबंदियां रविवार को सर्दियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए व्यापक उपायों के एक दिन बाद आई हैं। इनमें दिल्ली के बाहर पंजीकृत उन वाहनों के प्रवेश और चलने पर रोक शामिल है जो BS-VI मानक के नहीं हैं; हालांकि, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों तथा कुछ विशेष श्रेणियों के वाहनों को इससे छूट दी गई है। इसे भी पढ़ें: Delhi Pollution Update | दीवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई 'बहुत खराब', कई इलाकों में AQI 300 के पार... GRAP-1 की पाबंदियां लागू GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के दूसरे चरण के तहत लगाई गई पाबंदियों में निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाना, होटलों और रेस्तरां में (तंदूर चलाने सहित) कोयले और जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, और डीजल जनरेटर सेटों के लिए कड़े नियम शामिल हैं। इसके अलावा, अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मशीनों से सड़कों की सफाई बढ़ाएं और धूल को दबाने वाले पदार्थों (डस्ट सप्रेसेंट्स) के साथ सड़कों पर पानी का छिड़काव करें। CAQM ने एक आदेश में कहा कि AQI रीडिंग 31 अक्टूबर को 117 से तेजी से बढ़कर 1 नवंबर को 261 हो गई, और सोमवार सुबह यह 300 के स्तर को पार कर गई। आयोग ने हवा की खराब स्थिति को इस गिरावट का कारण बताया। CAQM ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी (IITM) के पूर्वानुमानों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में रहने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: Delhi में दम घोंट रहा PM 2.5, Jairam Ramesh बोले केंद्र सरकार मानकों में संशोधन कर सख्ती से लागू करे GRAP स्टेज 2 के तहत कौन-कौन सी पाबंदियां आती हैं? नागरिक एजेंसियों को पूरे दिल्ली-NCR में धूल को नियंत्रित करने के काम को तेज करने का निर्देश दिया गया है। चिह्नित सड़कों पर रोज मशीनों या वैक्यूम से सफाई की जानी चाहिए; इसके लिए सफाई मशीनों की शिफ्ट बढ़ाई जानी चाहिए और उन्हें ज्यादा घंटों तक चलाया जाना चाहिए। इकट्ठा की गई धूल को तय की गई जगहों पर ही फेंकना होगा। सड़कों और रास्तों पर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा और धूल को दबाने वाले रसायनों (dust suppressants) का इस्तेमाल होगा। कोशिश होनी चाहिए कि यह काम ट्रैफिक के पीक आवर्स (सबसे ज्यादा भीड़ वाले समय) से पहले पूरा कर लिया जाए। इस काम में खास तौर पर भीड़भाड़ वाले रास्तों, व्यस्त चौराहों और प्रदूषण के हॉटस्पॉट (ज्यादा प्रदूषण वाले इलाकों) पर ध्यान दिया जाएगा। निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइटों पर निरीक्षण बढ़ाए जाएंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि धूल को नियंत्रित करने के नियमों का पालन हो रहा है। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे प्रदूषण के चिह्नित हॉटस्पॉट पर खास कार्रवाई करें, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि उस इलाके में प्रदूषण फैलने के मुख्य स्रोत क्या हैं।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) की उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा को वर्ष 2025-26 के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ शाखा का सम्मान मिला है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में यह पुरस्कार प्रदान किया, जो यूपी में सुशासन और जनभागीदारी के प्रयासों को मान्यता देता है।
दिल्ली की हवा बेहद खराब, 324 पर एक्यूआई, सीएक्यूएम ने पूरे एनसीआर में ग्रैप-2 किया लागू
New Delhi, 2 नवंबर . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एक्यूआई…
वायुसेना स्कूलों के 261 शिक्षक बने साइबर अपराध हस्तक्षेप अधिकारी, छात्रों की ऑनलाइन सुरक्षा पर जोर
New Delhi, 2 नवंबर . एयर फोर्स स्कूलों में साइबर सुरक्षा क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से, ‘इंडियन एयर फोर्स एजुकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटी’ ने 42 स्कूलों के…
श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा कश्मीर की आवाम के साथ धोखा किया है और दिल्ली और श्रीनगर में अलग-अलग बोलियां बोली हैं।
फिल्म 'सूर्या' से डॉक्टरों को क्या परेशानी? रिलीज से पहले कटा बवाल, दिल्ली HC कोर्ट पहुंचा मामला
दिल्ली उच्च न्यायायलय ने सोमवार को केन्द्र सरकार, सीबीएफसी व आने वाली हिंदी फिल्म ''सूर्या: अंत से आरंभ तक'' के निर्माताओं से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह फिल्म निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाती है।
AQI 300 पार, GRAP-2 लागू... अब दिल्ली में रहेंगी ये पाबंदियां!
दिल्ली में एक्यूआई 300 पार पहुंचने के साथ ही जीआरएपी-2 लागू कर दिया गया है, जिसके बाद दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.
भाजपा ने कोलकाता में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली, जिसमें नितिन नवीन, शुभेंदु अधिकारी और शमिक भट्टाचार्य शामिल हुए।
‘सहिया’ पर सेंसर बोर्ड की आपत्ति, संजय शर्मा ने रचनात्मक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
New Delhi, 2 नवंबर . कैमरे के सामने इंकलाब, कैमरे के बाहर खामोशी. पर्दे पर अन्याय से भिड़ने वाले नायक असल जिंदगी में क्या बुजदिल होते हैं. जनता…
रेल यात्रियों को बड़ी राहत, लालगढ़-दिल्ली सराय और उदयपुर रेलसेवा में बढ़ेंगे अतिरिक्त डिब्बे
उत्तर पश्चिम रेलवे ने त्योहारी सीजन में भीड़ से राहत देने के लिए लालगढ़-दिल्ली सराय और दिल्ली सराय-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस में अतिरिक्त साधारण डिब्बे लगाने की घोषणा की।
INDIA Bloc Rally में Neha Bora बोलीं, Priyanka Gandhi क्यों नहीं? | Rahul Gandhi | Congress | Delhi
कांग्रेसी की रामलीला मैदान की रैली पर बीजेपी का दावा है कि फ्लॉप शो रहा. वहीं सवाल उछाला जा रहा है कि राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी इस मंच से क्यों नहीं बोलीं? लोग तो ये भी दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी की जगह AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दे दी है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? देखिए
विश्व के सबसे बड़े संग्रहालय की शान बढ़ाएंगी एमपी की दो दुर्लभ प्रतिमाएं, अब दिल्ली में दिखेगी चमक
राज्य से प्राप्त दो दुर्लभ और प्राचीन प्रतिमाओं चौथी शताब्दी की 'कार्तिकेय' और ग्यारहवीं शताब्दी की 'यज्ञ वराह' का चयन विश्व के सबसे बड़े युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए किया गया है।
Delhi-NCR Pollution: दिवाली से पहले देश की राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का स्तर को देखते हुए दिल्ली को GRAP के दूसरे चरण में शामिल कर दिया गया है। सोमवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 310 से 324 के बीच दर्ज किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। दिवाली से पहले हवा को साफ रखने और प्रदूषण कम करने के लिए ये उपाय लागू किए गए है।GRAP के दूसरे चरण के लागू होने से दिल्ली में निर्माण कार्यों, डीजल जनरेटर चलाने और वाहनों के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ गई है। वहीं इस दौरान स्कूल, ऑफिस, दुकानें और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। आइए जानते हैं GRAP 2 में किन-किन पर चीजों पर रहेगी रोक।अभी और खराब होगी दिल्ली की हवाकमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 2 नवंबर को जारी आदेश में इस स्थिति का जिक्र किया। आयोग के मुताबिक, मौसम की खराब परिस्थितियों के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। वहीं, IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। फिलहाल ये पाबंदियां एहतियात के तौर पर लगाई गई हैं। दिवाली पर पूरी रोक नहीं है, लेकिन पटाखों के धुएं से प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। इसलिए लोगों को प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।कब लागू होता है GRAP 2GRAP का दूसरा चरण तब लागू किया जाता , जब AQI 301 से 400 के बीच पहुंच जाता है। दिल्ली-NCR में इन पाबंदियों को लागू करने से पहले CAQM की विशेष समिति ने प्रदूषण के स्तर, मौसम की स्थिति और आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की समीक्षा की। दिवाली से ठीक पहले लिए गए इस फैसले के पीछे मौसम की खराब स्थिति, पराली जलाने से निकलने वाला धुआं और पटाखों से बढ़ने वाले प्रदूषण की आशंका भी बड़ी वजह है।इन चीजों पर होगी पाबंदीप्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़-फोड़ के कामों पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, जरूरी सरकारी और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स को कुछ शर्तों के साथ छूट मिलेगी। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी रहेगी। इसके अलावा, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड नॉन-BS-VI गाड़ियों को राजधानी में चलाने या प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इसमें BS-IV और उससे पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियां भी शामिल हैं।‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागूदिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल पंपों पर ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम भी लागू होगा। इसके तहत वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने पर गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल और CNG नहीं मिलेगी। इसके अलावा, निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर 28 फरवरी 2027 तक पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया गया है। सड़कों पर धूल कम करने के लिए मशीनों से सफाई और पानी के छिड़काव का काम भी बढ़ाया जाएगा।इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों पर होगा प्रतिबंधGRAP के दूसरे चरण में निजी वाहनों पर पूरी तरह पाबंदी नहीं लगाई गई है। दिल्ली में BS-VI गाड़ियां पहले की तरह चल सकेंगी, जबकि इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को भी कुछ प्रतिबंधों से छूट दी गई है। एंबुलेंस, दमकल और अन्य जरूरी सरकारी वाहनों को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, स्कूल, ऑफिस, दुकानें और सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चलते रहेंगे। जरूरी निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम भी विशेष अनुमति और धूल रोकने के नियमों का पालन करने पर जारी रखे जा सकेंगे।GRAP 3 भी हो सकता है लागूअगर दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है, तो GRAP के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। यह चरण AQI के 401 से 450 के बीच पहुंचने पर लागू होता है, जबकि 450 से ऊपर जाने पर चौथा चरण लागू किया जाता है। इन चरणों में निर्माण कार्यों, वाहनों और ट्रैफिक पर और सख्ती बढ़ सकती है। साथ ही, स्कूलों और दफ्तरों के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में GRAP का दूसरा चरण प्रदूषण की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए शुरुआती चेतावनी के तौर पर काम करता है।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, GRAP-2 लागू, AQI 324 पहुंचा; इन पाबंदियों का करना होगा पालन
नई दिल्ली।दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सोमवार शाम 4 बजे 324 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी […] The post दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता, GRAP-2 लागू, AQI 324 पहुंचा; इन पाबंदियों का करना होगा पालन first appeared on Sanjeevni Today .
'हर राज्य में हो दिल्ली जैसी रैली', राकेश टिकैत बोले- राहुल गांधी करें लीड
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने विपक्ष से दिल्ली के रामलीला मैदान की तर्ज पर सभी राज्यों में बड़ी रैलियां करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश को बचाने के लिए वैचारिक क्रांति जरूरी है और राहुल गांधी को इसकी पहल करनी चाहिए.
दिल्ली और एनसीआर में सर्दियों की दस्तक के साथ वायु प्रदूषण बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है. AQI 324 दर्ज होने और हवा की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP 2 लागू कर दिया है. जानिए GRAP2 लागू होने के बाद किन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा है और आम नागरिकों के लिए क्या दिशानिर्देश जारी किए गए हैं.
कल का मौसम, 3 नवंबर 2026: अर्नब चक्रवात के असर के समाप्त होने के बाद अब नया चक्रवात 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. IMD ने कल 19 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जानिए आपके यहां कैसा मौसम रहेगा.
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने AQI 324 पहुंचने के बाद ग्रैप-2 लागू कर दिया है। इसके तहत निजी वाहनों के उपयोग में कमी, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और खुले में कचरा जलाने पर रोक सहित कई पाबंदियां लगाई गई हैं।
दिल्लीवासियों निकाल लें गर्म कपड़े, गुलाबी ठंड ने दी दस्तक; IMD ने बताया कल कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली में मौसम बदलना शुरू हो गया है। सुबह और शाम में हल्की ठंड महसूस हो रही है। IMD की ओर से 3 नवंबर के मौसम की जानकारी दे दी गई है।
सहारनपुर एसबीबीए एकेडमी ने टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए एसआरसी दिल्ली को 54 रन से हरा दिया। सोमवार शाम 5 बजे मिली इस जीत के साथ टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। अब खिताबी मुकाबले में एसबीबीए एकेडमी का सामना अल्फा नोएडा से होगा। फाइनल मैच मंगलवार को खेला जाएगा। अमान और अभिषेक ने संभाली बल्लेबाजी टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी एसबीबीए एकेडमी ने 15 ओवर में 8 विकेट पर 199 रन बनाए। मोहम्मद अमान ने 41 रन की पारी खेली, जबकि हैप्पी ने 26 रन का योगदान दिया। अभिषेक पुंडीर 29 रन बनाकर नाबाद रहे। 13.2 ओवर में सिमटी दिल्ली की टीम 200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसआरसी दिल्ली की टीम 13.2 ओवर में 145 रन पर ऑलआउट हो गई। एसबीबीए की ओर से मयंक शर्मा ने तीन विकेट लिए। अजमल और अभिषेक ने दो-दो बल्लेबाजों को आउट किया। दिल्ली की तरफ से आयुष ने तीन और विवेक ने दो विकेट हासिल किए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। फाइनल से पहले कोच ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह मैच में 41 रन बनाने वाले मोहम्मद अमान को मैन ऑफ द मैच चुना गया। जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी रही। कोच राजीव गोयल उर्फ टप्पू ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उन्हें जीत की बधाई दी। अब टीम की नजरें फाइनल में खिताब जीतने पर हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से उनके कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, अखिलेश यादव ने पिछले शुक्रवार को साफ कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। इस पर मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा था कि अखिलेश यादव INDIA गठबंधन नहीं हैं और गठबंधन में अंतिम फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका के तहत होता है। कांग्रेस की बैठक में 2027 और संगठन पर मंथन इधर, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’, सहप्रभारी अभिषेक दत्त, अब्दुल हन्नान, कुणाल चौधरी, संजीव आर्य और वरुण चौधरी तथा कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) के नेता वीरेंद्र चौधरी ने भी बैठक की। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति और प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने आगामी चुनाव की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में सपा के साथ गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के दावेदारों को लेकर भी सहप्रभारियों से फीडबैक लिया गया। सपा की ओर से 26 नवंबर तक चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की बात कही जा रही है। कांग्रेस की भी कोशिश है कि वह भी जिलों से फीडबैक के आधार पर तैयार रही घोषणा पत्र को जल्द से जल्द लागू करें। दोनों दलों के बीच 15 नवंबर तक गठबंधन की घोषणा होनी है। एमएलसी चुनाव परिणाम के बाद से महागठबंधन के हौसले बुलंद हैं, लेकिन महागठबंधन में कांग्रेस की ओर से शामिल हो रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर पेंच अटकता दिख रहा है। अखिलेश के बयान के बाद बढ़ा था विवाद पिछले शुक्रवार को अखिलेश यादव से स्वामी प्रसाद मौर्य के INDIA गठबंधन में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि मौर्य गठबंधन में शामिल नहीं हैं और हमारी सीटों में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने कहा था- 'अवॉइड करो, इग्नोर करो।' इसके जवाब में 31 अक्टूबर को स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि अखिलेश यादव INDIA गठबंधन नहीं हैं। गठबंधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अहम भूमिका है और अंतिम फैसला वही लेते हैं। मौर्य ने तंज कसते हुए कहा था- 'ये न पिद्दी हैं, न पिद्दी का शोरबा। ये कौन होते हैं हमें सर्टिफिकेट देने वाले?' मौर्य ने यह भी कहा था कि उन्होंने अखिलेश यादव से कोई बातचीत नहीं की है। उनकी बातचीत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से हुई है। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर अखिलेश यादव इतने सक्षम हैं तो उनसे बात करने के बजाय राहुल गांधी से क्यों मिलते? कांग्रेस पहले ही दे चुकी है स्वागत का संकेत इस विवाद पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पहले ही प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव का बयान उनकी निजी राय हो सकता है। INDIA गठबंधन को मजबूत करने के लिए जो भी साथ आना चाहता है, उसका स्वागत है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य और राजेंद्र पाल गौतम की मुलाकात को यूपी में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस और मौर्य के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात में किसी गठबंधन या सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला होने की जानकारी सामने नहीं आई है। इस मुलाकात की जानकारी खुद स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर तस्वीर पोस्ट करके दी। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें- मौर्य बोले 'अखिलेश न पिद्दी हैं, न पिद्दी का शोरबा':'स्वामी प्रसाद मौर्य को इग्नोर करो' वाले सपा प्रमुख के बयान पर किया पलटवार समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बीच INDIA गठबंधन में शामिल होने को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। अखिलेश ने शुक्रवार को साफ कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके गठबंधन में शामिल नहीं हैं। इस पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा- 'हमारी सीटों में शामिल नहीं हो सकते। अवॉइड करो, इग्नोर करो।' पढ़िए पूरी खबर…
Delhi High Court ने JNU के फैसले पर लगाई रोक, Congress MP Bimol Akoijam को राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसके तहत कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था। कोर्ट के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है। जस्टिस अनूप जे. भंभानी ने अकोइजम की याचिका पर यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। अकोइजम ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी है और अब इस मामले की सुनवाई जनवरी में होगी। इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अकोइजम, JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में प्रोफेसर थे। 11 छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराए जाने के बाद, यूनिवर्सिटी ने जांच के आधार पर 9 अक्टूबर को उन्हें नौकरी से निकाल दिया था। मणिपुर में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच अदालत ने दखल दिया है। जहाँ एक तरफ बीजेपी ने संसद से अकोइजम के इस्तीफे की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी पार्टी इन आरोपों का इस्तेमाल अपने सांसद को निशाना बनाने के लिए कर रही है। इस विवाद के कारण पूरे राज्य में अकोइजम के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन भी हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Congress MP Bimol Akoijam पर हमलों से Manipur BJP में बेचैनी, दांव उलटा पड़ने की चिंता JNU ने अकोइजम को क्यों निकाला? रिपोर्ट्स के अनुसार, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वह छात्राओं को मीटिंग या किसी कार्यक्रम के बहाने अपने कैंपस स्थित आवास पर बुलाते थे और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश करते थे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि वे क्लास के दौरान अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करते थे। JNU ने 9 अक्टूबर को अकोइजम को बर्खास्त कर दिया। यह कदम विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच के बाद उठाया गया, जिसने अपनी जांच के नतीजों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के हस्ताक्षर वाले बर्खास्तगी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने उचित प्रक्रिया का पालन किया है और उन्हें बर्खास्त करने का फैसला लेने से पहले आंतरिक जांच के नतीजों पर विचार किया है। आदेश में कहा गया है उचित प्रक्रिया का पालन करने, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिया जाता है। अकोइजम ने इन आरोपों से इनकार किया है और विश्वविद्यालय द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी बर्खास्तगी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। साथ ही, उन्होंने कानूनी रास्ते से विश्वविद्यालय की इस कार्रवाई को चुनौती भी दी है। इसे भी पढ़ें: CJP vs AAP vs PK | फुस्स हुआ CJP का इंकलाब? AAP-जन सुराज से तुलना में कहां टिकते हैं?| Teh Tak Part 4 बीजेपी ने इस्तीफे की मांग की, राष्ट्रपति से संपर्क किया अकोइजम को हटाए जाने के बाद बीजेपी ने कई विरोध प्रदर्शन किए। 10 अक्टूबर को, पार्टी की महिला शाखा ने इंफाल में कांग्रेस भवन की ओर एक मार्च निकाला और मांग की कि वे संसद से इस्तीफा दें। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने भी अकोइजम से इस्तीफा देने को कहा, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा इस सांसद का समर्थन किए जाने पर सवाल उठाए। इसके बाद बीजेपी इस मुद्दे को मणिपुर से बाहर ले गई। 13 अक्टूबर को, बीजेपी की महिला सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने - जिसमें मणिपुर बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद ए. शारदा देवी भी शामिल थीं - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें लोकसभा से निलंबित करने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने उन छात्रों के लिए सुरक्षा की भी मांग की, जिन्होंने शिकायतें दर्ज कराई थीं। बीजेपी की महिला शाखा ने दिल्ली और अन्य जगहों पर प्रदर्शन किए, जबकि पार्टी की युवा शाखा ने 16 अक्टूबर को इंफाल में एक और मार्च निकाला।
कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, जेएनयू से बर्खास्तगी पर अंतरिम रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोचमा बिमोल अकोइजाम को बड़ी राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी के
यौन उत्पीड़न मामले में जेएनयू से बर्खास्त किए गए कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.
रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन की महारैली के सियासी निहितार्थ को समझिए
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' और 'चलो दिल्ली' के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, सीपीआई, सीपीआई एम, सीपीआई एमएल सहित लगभग 20 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। अधिकांश नेताओं ने गर्मजोशी पूर्वक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई और निज अनुभवजन्य आरोप लगाए। सबसे अंत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संतुलित भाषण देते हुए एक परिपक्व नेता प्रतिपक्ष का परिचय दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए खट्टा मीठा आरोप लगाए, जिसमें ताना और दुलार दोनों शामिल रहा। इसे भी पढ़ें: Jairam Ramesh का BJP पर वार, Rahul Gandhi की अपील पर Delhi के बाजारों में बढ़ा व्यापार इस घटनाक्रम को समझने के लिए अग्रांकित सात महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है:- पहला, चुनाव आयोग और एसआईआर को विपक्ष ने बनाया मुख्य राजनीतिक मुद्दा: रैली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि विपक्ष ने अपनी लड़ाई को केवल केंद्र सरकार के विरोध तक सीमित न रखकर चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जोड़ने की कोशिश की। विपक्ष के प्रमुख आरोप हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी से मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसका राजनीतिक निहितार्थ यह है कि विपक्ष चुनावी निष्पक्षता को अपनी साझा राजनीतिक लड़ाई का आधार बनाना चाहता है। वह मतदाता सूची के विवाद को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों के व्यापक सवाल से जोड़ रहा है। हालांकि, विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग की प्रक्रिया के बीच वास्तविक स्थिति का निर्धारण दस्तावेजों, संबंधित मतदाता आंकड़ों और कानूनी जांच के आधार पर ही होना चाहिए। चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर (SIR) के आदेशों को वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप बताया गया है। दूसरा, विपक्षी एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन, लेकिन नेतृत्व का सवाल बरकरार: इस महारैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे महत्वपूर्ण विपक्षी नेताओं की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही। इससे विपक्ष ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा रखने वाले दल राष्ट्रीय मुद्दों पर एक मंच पर आ सकते हैं। लेकिन एक बड़ा सवाल अभी भी कायम है: एक, गठबंधन का वास्तविक नेतृत्व किसके हाथ में होगा? दो, क्या कांग्रेस और क्षेत्रीय दल एक-दूसरे के राजनीतिक हितों को पर्याप्त जगह देंगे? तीन, क्या विपक्ष साझा मुद्दों पर आंदोलन के साथ-साथ साझा नीतिगत कार्यक्रम भी बना पाएगा? चार, क्या चुनाव के समय सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन पर सहमति कायम रह सकेगी? इसका सियासी निहितार्थ यह है कि प्रमुख विपक्षी नेताओं द्वारा एक मंच पर नेताओं का खड़ा होना और एक साझा राजनीतिक संगठन की तरह काम करना दो अलग-अलग बातें हैं। महारैली ने पहले पहलू को प्रदर्शित किया, जबकि दूसरे की परीक्षा आगे होगी। तीसरा, कांग्रेस की राष्ट्रीय भूमिका और राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति: रैली के आयोजन में कांग्रेस की प्रमुख भूमिका रही। खड़गे और राहुल गांधी ने चुनाव आयोग तथा केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष की आवाज को सामने रखा। राहुल गांधी ने नागरिकों के मताधिकार को धर्म और राजनीतिक पहचान से ऊपर रखने की बात कही। दूसरी ओर, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी ने अपने-अपने राज्यों से जुड़े एसआईआर के सवालों को भी उठाया। इस घटनाक्रम के तीन राजनीतिक पहलू हैं: एक, कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गतिविधियों का साझा मंच उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। दो, राहुल गांधी के लिए लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता का मुद्दा उनकी राष्ट्रीय राजनीतिक संवाद शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। तीन, क्षेत्रीय दल इस मंच के माध्यम से अपने राज्य के राजनीतिक मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श में जगह दे रहे हैं। लेकिन कांग्रेस की राष्ट्रीय भूमिका और गठबंधन के भीतर अन्य दलों की स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाना एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी। चौथा, ममता, अखिलेश और अन्य क्षेत्रीय नेताओं के अपने राजनीतिक संदेश: महारैली में सभी नेताओं का भाषण एक जैसा नहीं था। जहां अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची और कथित नाम कटने के मुद्दे को उठाया। वहीं, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के प्रभाव का विरोध किया। उधर, तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में महाभारत के शकुनि का संदर्भ दिया और पूछा कि आज के कौन है? इसके पीछे उनका गहरा दर्द यह है कि बिहार के दिग्गज समाजवादी नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनि चौधरी के पुत्र और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर तुषारापात कर दिया। वहीं, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक भागीदारी के सवाल उठाए। इससे स्पष्ट होता है कि गठबंधन का साझा मंच होने के बावजूद उसके प्रत्येक घटक दल की अपनी क्षेत्रीय प्राथमिकताएं हैं। इस तरह से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों में मतदाता सूची, सामाजिक समीकरण और चुनावी प्रतिस्पर्धा के अलग-अलग संदर्भ हैं। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नारा सभी राज्यों में समान राजनीतिक अर्थ नहीं रखता। पांचवां, भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव अब चुनावी संस्थाओं के सवाल तक पहुंचा: इस रैली के बाद राजनीतिक बहस का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी सामने आया कि भाजपा और विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे के विरुद्ध अलग-अलग राजनीतिक दावे पेश कर रहे हैं। जहां भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताया है। वहीं विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाना उसका लोकतांत्रिक अधिकार है। दिलचस्प बात यह है कि 1 नवंबर को ही दिल्ली के हरिनगर में भाजपा नेता हरदीप सिंह पूरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के न्याय से जुड़ा अपना विरोध मार्च भी आयोजित किया। इससे रैली के साथ एक अलग राजनीतिक और ऐतिहासिक विवाद भी जुड़ गया। इसका अर्थ यह है कि राजनीतिक विमर्श केवल एसआईआर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें 1984 की त्रासदी, न्याय, राजनीतिक जवाबदेही और विपक्ष की तारीख के चयन जैसे सवाल भी शामिल हो गए। छठा, क्या महारैली विपक्ष को जनांदोलन में बदलने की क्षमता रखती है?: किसी राजनीतिक रैली की सफलता का आकलन केवल भीड़ के आकार से नहीं किया जा सकता। असली कसौटी यह है कि उसका संदेश कितनी दूर तक पहुंचता है और उसके बाद संगठनात्मक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। इस दृष्टि से विपक्ष के सामने कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं: एक, मतदाता सूची से जुड़े आरोपों को प्रमाणों के साथ जनता के सामने रखना, क्योंकि घुसपैठियों को निकालने, दो जगहों के वोटर लिस्ट में शामिल लोगों को हटाने के फैसले को कांग्रेस व उसके समर्थक दल नाजायज़ नहीं ठहरा सकते हैं। दो, जिन मतदाताओं के नाम छूटने की शिकायत है, उनके मामलों का तथ्यात्मक समाधान कराना होगा। तीन, चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियों को संवैधानिक और कानूनी तरीके से उठाना होगा। चार, साझा राजनीतिक मुद्दों के साथ रोजगार, महंगाई, किसानों, युवाओं और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर भी स्पष्ट कार्यक्रम प्रस्तुत करना होगा। पांच, गठबंधन के भीतर नेतृत्व और सीटों के बंटवारे पर व्यावहारिक सहमति बनाना होगा। छह, यह भी ध्यान रखना होगा कि रैली में उपस्थिति के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक दावे और प्रतिदावे सामने आए हैं। इसलिए भीड़ के आधार पर देशव्यापी जनसमर्थन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। सातवां, इस महारैली से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के सामने क्या सवाल खड़े हुए?: इस घटनाक्रम ने तीन संस्थागत प्रश्नों को चर्चा में ला दिया है: एक, एसआईआर में पारदर्शिता कितनी है? और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे। दो, चुनाव आयोग की जवाबदेही कैसे सुनिश्चित हो? और चुनावी संस्था पर जनता का विश्वास बना रहे। तीन, राजनीतिक दलों की शिकायतों का समाधान कैसे हो? और विवादों का निष्पक्ष और कानूनी निपटारा हो। यहां पर एक और महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है कि चुनाव आयोग की आलोचना करना और उसकी संवैधानिक स्वतंत्रता को कमजोर करना एक ही बात नहीं है। इसी प्रकार आयोग की स्वतंत्रता का सम्मान करने का अर्थ यह भी नहीं कि उसकी प्रक्रियाओं पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में दोनों पक्षों के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का पालन आवश्यक है। सच कहूँ तो रामलीला मैदान से निकले राजनीतिक संदेश की असली परीक्षा आगे होगी। 1 नवंबर की महारैली ने विपक्षी एकजुटता, चुनावी निष्पक्षता और मतदाता अधिकारों को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस में प्रमुखता दी है। इसने यह भी दिखाया कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं और क्षेत्रीय हितों वाले दल कुछ साझा मुद्दों पर एक मंच पर आ सकते हैं। लेकिन इस आयोजन से अपने आप विपक्ष की राजनीतिक एकजुटता स्थायी हो गई है या मतदाताओं के बीच उसके आरोप स्वीकार कर लिए गए हैं, ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। विपक्ष के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने आरोपों को प्रमाणों से पुष्ट करे और साझा राजनीतिक कार्यक्रम को जमीन पर उतारे। वहीं चुनाव आयोग के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि वह मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठ रही शंकाओं का पारदर्शी तरीके से समाधान करे। दरअसल, रामलीला मैदान की इस महारैली का सबसे बड़ा राजनीतिक निहितार्थ यह है कि भारतीय राजनीति में अब चुनाव जीतने की प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। आखिरकार लोकतंत्र की मजबूती किसी एक राजनीतिक दल की जीत या हार से नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र संस्थाओं और नागरिकों के भरोसे से तय होती है। यही शाश्वत सत्य है और मतदाता सूची में घालमेल एक संस्थागत बीमारी है, जिसके लिए पहले जिला प्रशासन की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, उसके बाद चुनाव आयोग की। ऐसा इसलिए कि कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, आप आदि शासित राज्यों में चुनाव आयोग चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
बेचैनी और घबराहट क्यों है? दिल्ली रैली को फ्लॉप बताने पर तेजस्वी यादव बीजेपी पर भड़के
तेजस्वी यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष की चोरी पकड़ी गई है तो उनकी बेचैनी और घबराहट बढ़ गई है। इनकी सरकार ज्ञानेश कुमार की मदद से बनी है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने भाजपा की प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह पदयात्रा ‘चोर मचाए शोर’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने और अपने कृत्यों पर पर्दा डालने के लिए इस तरह का आयोजन कर रही है। मोना ने कहा कि इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली की सफलता से भाजपा घबरा गई है। इसी वजह से वह पदयात्रा के जरिए जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने और अपनी विफलताओं को छिपाने का राजनीतिक स्टंट बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में हुई महारैली में उत्तर प्रदेश समेत देशभर से लाखों लोग राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को सुनने पहुंचे थे। जनता के इस समर्थन से भाजपा की बेचैनी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि महारैली ने भाजपा की नींव हिला दी है। SIR के जरिए मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप मोना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीलीभीत में मतदाता सूची की जांच के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई और इस मामले में दो अधिकारियों को निलंबित किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इसी तरह की गड़बड़ियां प्रदेश के अन्य जिलों में भी हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की टीम मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रही है। मोना के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूचियों की जांच कर रहे हैं। भाजपा की पदयात्रा इन्हीं मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है। मोना ने कहा कि लोकतंत्र तभी सुरक्षित रह सकता है, जब संवैधानिक संस्थाएं बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करें। कांग्रेस मोदी और योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों और लोकतंत्र को कमजोर करने के कथित प्रयासों के खिलाफ सड़क से सदन तक आवाज उठाती रहेगी।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में 'संपर्क सभा' का आयोजन किया गया। जहां पुलिस आयुक्त द्वारा विभिन्न रैंक के पुलिसकर्मियों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया।
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