भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर आयोजित होने वाली महारैली की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले एकजुट हुए विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के शीर्ष नेता सोमवार शाम फतेहगढ़ साहिब पहुंचे। ये सभी नेता यहां रात्रि विश्राम करने के बाद मंगलवार सुबह काफिले के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करवाने की मांग को लेकर यह विशाल आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि केंद्र सरकार इस समझौते को लागू करती है, तो इससे देश की संपूर्ण कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और भारतीय किसानों के हितों को गहरा आघात पहुंचेगा। हरियाणा सरकार की नीतियों और शंभू बॉर्डर बंदी का विरोध किसान नेता पंधेर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की मूल समस्याओं का समाधान करने से भाग रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा शंभू बॉर्डर को एक तरफ से बंद किए जाने के फैसले को दमनकारी नीति करार दिया। इसके साथ ही किसान नेताओं ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का भी पुरजोर विरोध किया। देश के कई राज्यों से दिल्ली पहुंचेंगे हजारों किसान और मजदूर मोर्चा के नेताओं ने बताया कि इस महारैली में शामिल होने के लिए पंजाब के सभी जिलों से सैकड़ों बसों और अन्य वाहनों के काफिले दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और जन-संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं। मुख्य रूप से प्रभावित होंगी ये फसलें किसान नेताओं के अनुसार, इस व्यापार समझौते का सबसे बुरा प्रभाव देश में मक्का, सोयाबीन, कपास, सेब, नाशपाती और ड्राई फ्रूट्स के उत्पादन पर पड़ेगा। इसके अलावा यह समझौता देश के अन्य आर्थिक क्षेत्रों के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा, जो सुबह शुरू होकर शाम करीब चार बजे समाप्त होगा।
दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को अपनी नई टीम की घोषणा कर दी। मल्होत्रा की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व से उचित विचार-विमर्श और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली प्रदेश के पदाधिकारियों का घोषणा […] The post दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री appeared first on Sabguru News .
दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन’ (PARIVARTAN) योजना को राजधानी में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है, ताकि परिवहन क्षेत्र से होने वाले वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि हाल ही में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। उन्होंने कहा कि योजना से दिल्ली-एनसीआर के करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत बीएस-IV या उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप कर नए बीएस-VI, उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर कई तरह के वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। इसमें मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में छूट, ब्याज सब्सिडी, वाहन निर्माताओं की ओर से विशेष छूट और ईंधन वाउचर शामिल हैं। योजना के तहत पुरानी बीएस-IV या उससे नीचे की बसों को भी शामिल किया गया है। इन्हें केवल बीएस-VI सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों से बदला जा सकेगा। इसके अलावा, स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों के लंबित रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राजधानी में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ‘परिवर्तन’ योजना के प्रमुख लाभ...-दिल्ली-एनसीआर के 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ।-बीएस-IV और उससे नीचे के वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन।-10 वर्षों तक 100% मोटर वाहन कर में छूट।-100% पंजीकरण शुल्क माफी।-ब्याज पर 5% सब्सिडी और ओईएम की ओर से 8% तक की छूट।-ईंधन वाउचर या उसके बराबर एकमुश्त लाभ। किन वाहनों को मिलेगा फायदा?,...-बीएस-IV और उससे नीचे के हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी)।-मध्यम मालवाहक वाहन (एमजीवी)।-भारी मालवाहक वाहन (एचजीवी)।-पुरानी बीएस-IV और उससे नीचे की बसें।-नए बीएस-VI, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को प्राथमिक लाभ। सरकार की मंशा,...-परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करना।-राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना।-व्यावसायिक वाहनों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना।-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहित कर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद मार्च में शामिल हुए। वहां से उन्होंने एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन स्थल के हालात साझा किए और आंदोलन का समर्थन किया। बैंस ने कहा कि मैं इस समय जंतर मंतर दिल्ली में ही हूं। पिछले दो घंटे में जो कुछ हुआ, जो देखा। वह बहुत मंदभागा है। जैसे यह फैसला कर लिया गया या हुक्म आ गया कि पूरी दिल्ली को खाली करवाया जाए। कोई भी प्रोटेस्ट करने वाला वहां पर नहीं होना चाहिए। पुलिस ने जिस बर्बता के साथ बच्चों को पीटा है, मैं अपनी आंखों से देखा है। कईयों को बहुत सीरिसस चोंटें भी आई हैं। दिल्ली पुलिस वाले भी हमारे बेटे और बेटियां है। यह नहीं करना चाहिए था। सारे आंदोलन का मतलब खत्म हो जाता है। उन्होंने आगे कहा- यह सच में जेनजी मूवमेंट है। अगर केंद्र सरकार अभी भी यह समझ रही है कि यह सिर्फ सोशल मीडिया वाले लोग हैं, तो ऐसा नहीं है। यह कॉकरोच निकल चुका हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत करने की अपील करते हुए कहा- अगर इनकी मांगें नहीं मानेंगे तो आपका किला गिरा देंगे। जितना अहंकार है, उसे छोड़ दो। सोनम वांगचुक से बात करो। मंत्री हरजोत सिंह बैंस की बड़ी बातें संसद मार्च के 5 PHOTOS देखिए… *************** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ PU में RSS नेता के आने पर बवाल: छात्रों ने विरोध किया तो पुलिस ने खदेड़ा; बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी पीटा चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े नेताओं के आने पर हंगामा हो गया। यहां कई छात्र संगठनों ने कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन्हें रोकने के लिए पुलिस बुलाई गई। (पढ़ें पूरी खबर)
दिल्ली कैपिटल्स के ऑलराउंडर Ashutosh Sharma को इंग्लैंड से आया बुलावा, इस टीम के लिए खेलेंगे वनडे कप
भारत के अनकैप्ड बैटिंग ऑलराउंडर आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma) ने वन-डे कप के आगामी सीज़न के लिए हैम्पशायर के लिए खेलते हुए नजर आए आएंगे। हैम्पशायर काउंटी क्लब ने सोमवार (20 जुलाई) को इसकी घोषणा की। 27 साल के आशुतोष आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हैं। यह फ़्रैंचाइज़ी जीएमआर ग्रुप की है, जिसके पास हैम्पशायर टीम का मालिकाना हक भी है। पिछले दो आईपीएल सीज़न में, उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 350 से ज़्यादा रन बनाए हैं, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 170 और औसत 31.25 रहा है। “हम आशुतोष को वन-डे कप के लिए साइन करके बहुत खुश हैं। वह बहुत काबिल खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए अच्छा खेले हैं, इसलिए उन्हें पता है कि ऊंचे स्तर पर कैसा प्रदर्शन करना होता है। हैम्पशायर के क्रिकेट डायरेक्टर जाइल्स व्हाइट ने सोमवार को एक बयान में कहा, “हम टीम में उनका स्वागत करने और हैम्पशायर की जर्सी में उन्हें खेलते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं, क्योंकि हम इस टूर्नामेंट में पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।” बता कें कि आशुतोष के नाम बतौर भारतीय सबसे तेज टी-20 अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड है, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ हुए मैच रेलवे के लिए खेलते हुए 11 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। IPL talent comes to @utilitabowl @DelhiCapitals ' Ashutosh Sharma joins the Rose and Crown for the duration of the Metro Bank One-Day Cup Full story https://t.co/TkP78vOsnz pic.twitter.com/3d3nSElraK — Hampshire Cricket (@hantscricket) July 20, 2026 आशुतोष ने 2017 में मध्य प्रदेश के साथ अपना घरेलू करियर शुरू किया था और बाद में रेलवे की टीम से जुड़ गए। उन्होंने सभी फ़ॉर्मेट में कुल 92 मैच खेले हैं। 50-ओवर वाले फ़ॉर्मेट में, उन्होंने 21 लिस्ट-ए मैचों में 458 रन बनाए हैं और दो विकेट लिए हैं। Also Read: LIVE Cricket Score आशुतोष के अलावा भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल के भी वन-डे कप में खेलते हुए दिखने की उम्मीद है, क्योंकि नॉर्थम्पटनशायर ने 'X' पर उनकी प्रैक्टिस सेशन में शामिल होने की एक तस्वीर पोस्ट की है।
आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित जीवा ज्वेलरी स्टोर में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 116.3 ग्राम सोना, 1.18 लाख रुपये नकद, 35 हजार नेपाली मुद्रा, छह मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया गया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी मुंह पर साफा बांधकर चोरी करते दिखाई दे रहे हैं। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 7 जुलाई की रात चोरों ने जीवा ज्वेलरी शोरूम का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। इसके बाद दुकान में रखी सोने-चांदी की ज्वेलरी चोरी कर फरार हो गए थे। मामले में 8 जुलाई को थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। CCTV और सर्विलांस से पुलिस पहुंची आरोपियों तकवारदात के खुलासे के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर होटल आइकॉन के पास 125 फुटा रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश शाह, विपतिदास, निरंजन कुमार उर्फ विक्की, विशाल उर्फ मेहरा उर्फ दीपक और डल्लू कुमार (सुनार) के रूप में हुई है। एक निगरानी करता था, दूसरा शटर पर कपड़ा फैलाकर छिपाता था गतिविधियांपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की वारदात को छह लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। गिरोह का एक सदस्य बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहा था, जबकि दूसरा शटर के पास कपड़ा फैलाकर अंदर चल रही गतिविधियों को लोगों की नजर से छिपा रहा था। इसी दौरान बाकी सदस्य दुकान के अंदर चोरी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी और गिरोह पहले से रेकी कर चुका था। बिहार और नेपाल में खपाया चोरी का मालआरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी के बाद कुछ आभूषण बिहार में बेच दिए गए, जबकि कुछ ज्वेलरी को पिघलाकर नेपाल में खपाया गया। पुलिस अब चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। दिल्ली की करोड़ों की चोरी में भी शामिल होने का दावापूछताछ के दौरान आरोपियों ने दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में करीब 1.5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा नॉर्थ रोहिणी क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने की जानकारी दी है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिसपुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे की भी उम्मीद है। पुलिस गिरोह के फरार सदस्य की तलाश में दबिश दे रही है।
कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना इलाके में संदिग्ध हालत में फ्लैट से मिले 2 शव
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत संत नगर इलाके में सोमवार को दो लोगों के शव संदिग्ध हालात में मिले। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
लखनऊ में समाजवादी नगर यूनिट का प्रदर्शन:दिल्ली में सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिए जाने पर भड़के
लखनऊ में सोमवार को सपा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन। समाजवादी पार्टी के तमाम कार्यकर्ता हजरतगंज चौराहे पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हंगामा करने लगे। दिल्ली जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन देते हुए सपाईयों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। दिल्ली में डिंपल यादव और सपा सांसदों की गिरफ्तारी का विरोध किया। ‘छात्रों पर हमला संविधान पर हमला’ नगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी समेत सपा नगर यूनिट के तमाम पदाधिकारी और सदस्य इसमें शामिल हुए। फाखिर ने कहा कि दिल्ली में जिस तरह से छात्रों के ऊपर बर्बरता से लाठी बरसाई गई यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। पहले यह सरकार पेपर लीक करवा के छात्रों का भविष्य बर्बाद करती है। उसके बाद न्याय मांगने पर उनके ऊपर लाठियां बरसाती है। ‘सपा जनता की आवाज बनी’ प्रदर्शन कर रहे हैं सपाइयों ने कहा कि डिंपल यादव को हिरासत में लेना बेहद शर्मनाक है। वह एक चुनी हुई संसद और जनप्रतिनिधि हैं आम जनता की आवाज बनना उनका कर्तव्य है। मगर आज जिस तरह से तमाम विपक्षी सांसदों की आवाज दवाई जा रही है या आवाज दबने वाली नहीं। समाजवादी पार्टी सदन से लेकर सड़क तक छात्रों के , किसानों के और आम जनता के मुद्दों पर लड़ेगी। दिल्ली में हमारे नेता डिंपल यादव और तमाम सांसद लड़ रहे हैं लखनऊ में हम लोग सड़कों पर उतरे हैं।
पंजाब कांग्रेस में चल रही उठापठक के बीच अब पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आमने-सामने होंगे। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कल (मंगलवार को) पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए गठित कमेटियों की बैठक बुलाई है। बैठक में प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के अलावा कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन व पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, कोर कमेटी के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा, मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन डॉ अमर सिंह, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन विजय इंद्र सिंगला समेत कार्यकारी प्रधानों व को चेयरमैनों को भी दिल्ली बुलाया गया है। हालांकि, इस मीटिंग में चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल होंगे या नहीं, यह तय नहीं है। दरअसल, चन्नी व रंधावा कह चुके हैं कि राजा वड़िंग के साथ वह मंच शेयर नहीं करेंगे और वह राजा वड़िंग को अपना प्रधान नहीं मानते। हालांकि, उसके बाद चन्नी गुट की हाईकमान के साथ बैठक हुई थी और उसके बाद चन्नी ने ऑल इज वेल कहा था। वहीं, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा अब भी राजा वड़िंग की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मीटिंग में केसी वेणुगोपाल भी होंगे शामिल भूपेश बघेल ने पंजाब चुनाव की तैयारियों के लिए जो बैठक दिल्ली में बुलाई है, उसमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे, ताकि कोई नेता अगर बगावती सुर अपनाए तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सके। पंजाब में खुलकर आमने-सामने आने के बाद पंजाब के नेताओं की यह पहली बैठक है। गुटबाजी खत्म करने पर रहेगा फोकस पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए भूपेश बघेल ने 6 दिन पंजाब में डेरा जमाए रखा, लेकिन वह गुटबाजी को खत्म नहीं कर पाए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। चन्नी खेमे की पार्टी हाईकमान से बैठक हुई। उसके बाद चन्नी व राणा गुरजीत ने पार्टी में ऑल इज वेल कहा। साथ ही कहा कि वह राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं। उस मीटिंग के बाद चन्नी गुट भी खामोश हो गया, लेकिन सुखजिंदर सिंह रंधावा अब भी राजा वड़िंग की प्रधानगी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में इस बैठक में जब दोनों गुट आमने-सामने होंगे तो केसी वेणुगोपाल और भूपेश बघेल उनके गिले-शिकवे दूर करेंगे। मीटिंग में सौंपी जाएंगी जिम्मेदारियां पार्टी हाईकमान ने जैसे ही चुनाव के लिए 4 अलग-अलग कमेटियों का गठन किया, वैसे ही पंजाब में चन्नी गुट ने राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इन कमेटियों में जिन नेताओं के नाम शामिल किए गए थे, उनमें से ज्यादातर चन्नी गुट में शामिल थे और उन्होंने पंजाब में भूपेश बघेल के साथ मीटिंग नहीं की। बघेल ने अब चारों कमेटियों के चेयरमैन, को-चेयरमैन व कार्यकारी प्रधानों को मीटिंग में बुलाया है, ताकि सभी को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जा सके। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस में अभी ऑल इज वेल नहीं, चन्नी-वड़िंग गुट में टकराव बरकरार कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी गुट को दिल्ली बुलाकर फटकार लगाई और हाईकमान के निर्देशों पर काम करने को कह दिया। हाईकमान की फटकार के बाद पूर्व सीएम ने ऑल इज वेल तो कह दिया, लेकिन पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक होना संभव नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बेहतर इलाज के लिए आज सोमवार को दिल्ली रवाना हो गए। उनके साथ पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और सांसद बेटी मीसा भारती भी मौजूद रहीं। दिल्ली रवाना होने के दौरान मीसा भारती ने बताया कि लालू यादव का इलाज पहले से ही दिल्ली एम्स में चल रहा है। इसी कारण उन्हें आगे के इलाज और डॉक्टरों की सलाह के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है। मीसा बोलीं- बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जा रहे हैं दिल्ली रवाना होने से पहले मीसा भारती ने कहा, लालू जी की तबीयत फिलहाल पहले से बेहतर है। उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है, इसलिए वहीं डॉक्टरों की देखरेख में आगे का उपचार कराया जाएगा। मीसा ने आगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी को लेकर सवाल पूछे जाने पर मीसा भारती ने कहा, यह तो सरकार की देखने की चीज है कि उन्हें सुरक्षा मिली हुई है कि नहीं मिली हुई है। सुनने में यह आया है कि डीएम और एसपी भी उनके साथ थे। सरकार को तो उन डीएम और एसपी पर कार्रवाई करनी चाहिए, उनको जनता के लिए रखा गया है या फिर मुख्यमंत्री की पत्नी के लिए रखा है। किस हैसियत से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंची थी। शुक्रवार को बिगड़ी थी तबीयत, IGIMS में हुए थे भर्ती बता दें कि शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पटना स्थित आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनके साथ पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी मौजूद थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्वास्थ्य जांच की और करीब दो घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा। स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आंखों की जांच और ईसीजी भी कराया गया आईजीआईएमएस में लालू यादव की आंखों की जांच नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष (HOD) डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने की थी। इसके अलावा उनका ईसीजी भी कराया गया। डॉक्टरों ने सभी जरूरी जांच के बाद उन्हें कुछ समय निगरानी में रखा और स्वास्थ्य स्थिर रहने पर घर भेज दिया। गंदगी की वजह से बिगड़ी तबीयत- मीसा भारती आईजीआईएमएस से छुट्टी मिलने के बाद मीसा भारती ने कहा था कि लालू यादव की तबीयत अब ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि कौटिल्य नगर इलाके में काफी गंदगी है, जिसकी वजह से उनकी तबीयत प्रभावित हुई। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर वे इस मुद्दे को उठाते हैं तो लोग इसे सरकारी आवास से जोड़कर देखने लगते हैं। सिंगापुर में भी कराया था रूटीन चेकअप करीब दो महीने पहले लालू यादव पोस्ट किडनी ट्रांसप्लांट रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए सिंगापुर गए थे। विदेश यात्रा के लिए उन्हें दिल्ली की अदालत से अनुमति मिली थी। उनके बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बताया था कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टरों ने हर तीन महीने पर नियमित जांच कराने की सलाह दी थी, लेकिन पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित फॉलोअप नहीं हो पाया था। 7 महीने पहले हुई थी आंख की सर्जरी दिसंबर 2025 में जांच के दौरान डॉक्टरों ने लालू यादव की आंखों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) और रेटिना से जुड़ी समस्या का पता लगाया था। इसके बाद दिल्ली के एक निजी नेत्र अस्पताल में वरिष्ठ विशेषज्ञों की देखरेख में उनकी कैटरेक्ट और रेटिना की सर्जरी की गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन सफल रहा था। सर्जरी के बाद उन्हें आराम करने और नियमित फॉलोअप कराने की सलाह दी गई थी। फिलहाल उनकी आंखों से जुड़ी समस्या की भी समय-समय पर निगरानी की जा रही है।
सोनम वांगचुक के समर्थन में गुना में भी प्रदर्शन किया गया। नगरपालिका कार्यालय से सांसद कार्यालय तक रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली में संसद मार्च हो रहा है, हम गुना में सांसद मार्च कर रहे हैं। इसके जरिए संदेश देना चाहते हैं कि स्थानीय सांसद इस मामले को संसद में उठाएं। सिविल सोसाइटी के बैनर तले छात्र, नागरिक नगरपालिका के सामने एकत्रित हुए। यहां नारेबाजी के बाद सांसद कार्यालय तक रैली निकाली गई। मानव श्रृंखला के रूप में रैली का आयोजन किया गया। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी सांसद कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों हाथ में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे की तख्तियां लिए हुए थे। यहां संबोधित करते हुए लोकेश शर्मा ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हम सांसद कार्यालय का घेराव कारण नहीं आए हैं। हम यह बताने आए हैं कि हम गुना के अंदर सांसद मार्च कर रहे हैं। गुना शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। उनके माध्यम से ये आवाज वहां तक पहुंचाना चाहते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के कारण हजारों छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। इसलिए पूरे देश के नौजवानों, विद्यार्थियों ने ये फैसला लिया कि इस पेपर लीक को बंद करना पड़ेगा। जब नौजवानों ने आवाज उठाई, तो उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया गया। हम यह कतई नहीं होने देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। तस्वीरों में देखिए आंदोलन...
किशनगढ़बास के ग्राम बोलनी निवासी अर्चना गुप्ता को दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। क्षेत्रवासियों ने इस नियुक्ति को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अर्चना गुप्ता ग्राम बोलनी के प्रतिष्ठित गुप्ता परिवार की पुत्रवधू हैं। उनके ससुर स्वर्गीय गणेशी लाल गुप्ता ने लगभग तीन दशक तक गांव के सरपंच के रूप में कार्य किया था। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की सूचना मिलते ही ग्राम बोलनी, किशनगढ़ बास क्षेत्र और वैश्य समाज में हर्ष का माहौल है। लोगों ने इसे गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए अर्चना गुप्ता को बधाई दी। किशनगढ़ बास पंचायत समिति के पूर्व उपप्रधान और समाजसेवी सीए श्रीकिशन गुप्ता ने अर्चना गुप्ता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि केवल गुप्ता परिवार की नहीं, बल्कि पूरे ग्राम बोलनी और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय है।”
Heavy Rain Alert North India: देशभर में मॉनसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। उपग्रह (सैटेलाइट) से प्राप्त ताजा तस्वीरों के अनुसार, इस समय देश के लगभग 60 से 70 फीसदी हिस्सों में बादल छा गए हैं। पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक बादलों की एक ...
पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आज पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों का जुटान हुआ। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स' एसोसिएशन (AISA) की ओर से छात्र-युवा आक्रोश दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शिक्षा बेचना बंद करो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में फोटो प्रदर्शनी, जनगीत और सभा का भी आयोजन किया गया। AISA ने घोषणा की कि 22 जुलाई को पटना यूनिवर्सिटी से राजभवन मार्च निकाला जाएगा। छात्र नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पटना यूनिवर्सिटी की छात्रा सबा अफरीन ने कहा, 'दिल्ली में 21 दिनों से जंतर मंतर पर क्या चल रहा है, यह हम सभी लोग जानते हैं। सभी यही मांग कर रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, एनटीए को खारिज किया जाए और आत्महत्या करने वाले छात्रों के प्रति थोड़ी संवेदना जाहिर करें। इन सभी 22 छात्रों की संस्थागत हत्या की गई है। सोनम वांगचुक लगातार भूख हड़ताल कर रहे थे और इसे तोड़ना नहीं चाह रहे थे, लेकिन सरकार जबरन उन्हें सफेद कपड़े में किडनैप कर जाती है। हमारे साथियों ने आज भूख हड़ताल तोड़ी है और संसद में मार्च करेंगे। इसके बाद भी अगर सरकार नहीं सुनती है तो आंदोलन के जो भी स्वरूप है, उसे अपनाए जाएंगे। फांसीवाद का दौर देश में ला रही सरकार- सबा अफरीन छात्रा सबा अफरीन ने आगे कहा, ‘इस सरकार को छात्रों की बात सुन लेनी चाहिए, क्योंकि इतनी ज्यादा आक्रोश के बाद भी अगर आप यह कल्चर लेकर आए हैं कि जो भी करो हम नहीं सुनेंगे। इसका मतलब यह है कि आप फांसीवाद का दौर देश में ले आ रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'जैसे देश भर के छात्र धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। वैसे ही बिहार के छात्र मिथिलेश तिवारी का इस्तीफा मांग रहे हैं।’ NEET, AEDO और TRE-4 के मुद्दे उठाए छात्रा मनीषा ने कहा, 'NEET पेपर लीक के खिलाफ, बिहार में AEDO की पेपर लीक, TRE 4 की नोटिफिकेशन को लेकर हम अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। आज दिल्ली में छात्र अपनी आवाज बुलंद करने के लिए संसद मार्च कर रहे हैं। उन्हें समर्थन देने के लिए आज हम लोग यहां पर पटना से उनके आवाज को मजबूत कर रहे हैं। 22 जुलाई को पटना यूनिवर्सिटी से छात्र राजभवन मार्च करेंगे। बिहार में शिक्षा से जुड़े जो भी दमन बच्चों पर हो रहे हैं उसके खिलाफ प्रदर्शन का आवाहन किया गया है।
झांसी में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार को सड़क पर उतर आए। कचहरी स्थित गांधी उद्यान में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने का विरोध जताया। जिलाध्यक्ष अरशद खान के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और सोनम वांगचुक, हम तुम्हारे साथ हैं जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। जिलाध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि आम आदमी पार्टी उन सभी विद्यार्थियों के साथ खड़ी है, जिनका भविष्य पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का युवा अपने अधिकारों की आवाज उठा रहा है, लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।उन्होंने कहा कि शिक्षाविद और समाजसेवी सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचा दिया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। राष्ट्रपति को भेजेंगे ज्ञापन अरशद खान ने कहा कि प्रधानमंत्री को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य की लड़ाई में आम आदमी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सपा नेता दिल्ली पहुंचेदिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए झांसी से समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपाल सिंह यादव भी दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि देश में आज युवा बदलाव लाने जा रहे हैं। ऐसे में मेरा भी फर्ज है कि मैं देश के युवाओं के साथ खड़ा रहूं। इसलिए मैं भी दिल्ली पहुंच रहा हूं। उन्होंने अन्य लोगों से भी दिल्ली आने का आवाह्न किया।
नूंह में खड़े वाहन से टकराई कार; 3 की मौत:3 साथी घायल, जयपुर से दिल्ली जा रहे थे; आरोपी ड्राइवर फरार
नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक कार में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा नगीना थाना क्षेत्र के गांव बनारसी के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही फ्रॉन्क्स कार में कुल 6 लोग सवार थे। देर रात करीब 3 बजे, जब उनकी कार एक्सप्रेसवे पर चैनल नंबर 47 के निकट पहुंची, तो वह सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े एक वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को गुरुग्राम के अस्पताल में कराया भर्ती हादसे में 3 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल तीनों व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतकों की नहीं हुई पहचान हादसे के बाद अवैध रूप से अज्ञात वाहन खड़ा करने वाला ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही नगीना थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जांच अधिकारी वेदपाल ने बताया कि मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। कार नंबर के आधार पर परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहन को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस फरार वाहन ड्राइवर की तलाश कर रही है।
'कॉकरोच पार्टी' द्वारा दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस दोनों मिलकर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही हैं। इस प्रदर्शन के कारण राजधानी की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर सोमवार सुबह से ही भारी सुरक्षा बल तैनात है, जिससे दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (NH-48) सहित कई सीमाओं पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। संदिग्ध वाहनों, विशेषकर कमर्शियल गाड़ियों और बसों को रोककर उनके अंदर बैठे लोगों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा 10 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर रखा है। इनमें हरियाणा आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामे प्रधान का कहना है कि उन्हें बाहर जाने से मना किया गया है। उनके घर के बाहर कई पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। हालांकि पुलिस ने संख्या बताने से इंकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राजधानी में किसी भी संभावित व्यवधान को रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। बॉर्डर पर सघन चेकिंग सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि 'कॉकरोच पार्टी' के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में गुरुग्राम के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी है। सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर और आया नगर बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर गाड़ियों की जांच की जा रही है। मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा घेरा सख्त सड़क मार्ग के साथ-साथ पुलिस ने दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर भी निगरानी बढ़ा दी है। मिलेनियम सिटी सेंटर, इफ्को चौक, एमजी रोड और गुरु द्रोणाचार्य जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीआईएसएफ द्वारा प्रवेश और निकास द्वारों पर पैनी नजर रख रही है। तलाशी ले रही पुलिस मेट्रो स्टेशनों के भीतर और बाहर घूम रहे संदिग्ध युवाओं को रोककर उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। उनके पहचान पत्र (आईडी कार्ड) चेक किए जा रहे हैं और बैगों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को मेट्रो का उपयोग करके दिल्ली के संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने से रोकना है। आम जनता को परेशानी इस सख्त चेकिंग अभियान के कारण गुरुग्राम से दिल्ली दफ्तर आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह पीक आवर्स के दौरान सरहौल बॉर्डर पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही, जिससे लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। दिल्ली जाने वालों के लिए एडवाइजरी पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए यह चेकिंग बेहद जरूरी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे दिल्ली जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें और यदि संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। स्थिति पर काबू पाने के लिए दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार बॉर्डर क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आवाहन पर जंतर-मंतर पर सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 'चलो संसद' मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बैरिकेड पार करने से रोकने की कोशिश की।
यूपी में नीट पेपर लीक के खिलाफ और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थन में सोमवार को कांग्रेस-सपा सड़क पर उतर आई। काशी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। लखनऊ में विधानसभा घेरने जा रहे सपाइयों को पुलिस ने रोका तो कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए। नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें सड़क पर घसीटा और गाड़ियों में भरकर इको गार्डन ले गई। आगरा में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोक हुई। कांग्रेसी DM कार्यालय विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उधर, दिल्ली में सपा सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज समेत पार्टी के बाकी सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने ‘नीट है या चीट है’ के नारे लगाए। डिंपल यादव ने कहा, हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि पानी अब सिर के ऊपर से निकल चुका है। किसान, युवा, हर कोई परेशान है, लेकिन सरकार कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। छात्र सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं। सपा के प्रदर्शन की 4 तस्वीरें- पूरा मामला ग्राफिक में समझिए- प्रदर्शन से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़ें- सपा के प्रदर्शन से जुड़ी अपडेट जानने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
रेवाड़ी में सोमवार सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आसलवास के पास 3 कारों की आपस में टक्कर हो गई। जिसमें दंपत्ति व एक डेढ़ साल का बच्चा मामूली रूप से घायल हो गए। हालांकि बड़ा हादसा होने से बच गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिवार कार में सवार होकर खाटूश्याम से लौट रहा था। एक्सीडेंट के बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। कुछ समय के लिए हाईवे पर एक तरफ जाम की स्थिति बन गई। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। खाटूश्याम से लौट रहा था परिवार जलालपुर गांव निवासी सोमवीर ने बताया कि वह परिवार के साथ खाटू श्याम गए गए थे। वाासी में आसलवास गांव के पास अचानक कार दुर्घनाग्रस्त हो गई। जिससे रविंद्र, उनकी पत्नी प्रियंका और डेढ़ साल के बेटे निशांत को मामूली चोटें आई, जिन्हें इलाज के लिए पास के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। रिश्तेदार से आते समय हादस जानकारी के अनुसार व्यक्ति अपने रिश्तेदार से मिलने कोटपुतली गया था वापसी में आसलवास के पास अचानक एक गाड़ी सामने आ गई। जिससे टकराने के बाद कार अनियंत्रत होकर पलट गई। कार में सवार एक व्यक्ति को मामूली चोटें आई। हादसे की जांच में जुटी पुलिस कसौला थाना पुलिस हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी ने कहा कि एक्सीडेंट में किसी को ज्यादा चोटें नहीं आई। एक परिवार के तीन लोगों को अस्पताल में भेजा गया था। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। किसी की तरफ से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी से हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास करेगी।
‘देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 1 दिन में खराब हो गई…।’ 'ट्रेन के आगे अब डीजल इंजन लगा दिया है…।' सोशल मीडिया पर इस तरह के कई वीडियो वायरल हो गए। इन बातों को तब और बल मिल गया जब रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी ऐसा दावा किया। रोहतक में रविवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दीपेंद्र ने कहा- जिस हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम ने हरी झंडी दिखाई। इतना ढिंढोरा पीटा, जैसे सारी दुख तकलीख दूर हो जाएगी, लेकिन वो ट्रेन एक दिन में ही फुस्स हो गई, उसे टोचन कर दिल्ली ले जाना पड़ा। इन सारी अफवाहों के बीच सोमवार को हाइड्रोजन ट्रेन फिर ट्रैक पर दौड़ती दिखी। दैनिक भास्कर से बातचीत में सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट मेहर सिंह ने बताया कि अभी तक ट्रेन में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है। ट्रेन तय शेड्यूल के अनुसार चल रही है। वीक में 6 दिन चलेगी और हर शुक्रवार को मेंटेनेंस के लिए वीकऑफ रहेगा। सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट की हुड्डा के बयान पर 5 बातें… अब जानिए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हाइड्रोजन ट्रेन पर क्या कहा… रेलवे की ओर से जारी किया गया हाइड्रोजन ट्रेन का शेड्यूल.. रेलवे मुख्यालय नई दिल्ली द्वारा नया शेड्यूल जारी किया गया है। ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच 89.1 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसमें 3200 किलोवाट के दो इंजन लगे हैं। ट्रेन नंबर 74010 (जींद–सोनीपत) सुबह 07:40 बजे जींद से रवाना होकर सुबह 09:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 74009 (सोनीपत–जींद) सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 12:40 बजे जींद पहुंचेगी। यात्रा के दौरान यह ट्रेन दोनों दिशाओं में जींद सिटी, गोहाना और मोहाना सहित कुल 12 मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकेगी। --------------------- यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में जाटलैंड के सहारे BJP का चुनावी प्लान:राजनीतिक दलों की पहली पसंद जींद, यहां पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाई; जानिए 5 बड़े कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जींद की रैली में मुर्रा भैंस, दूध-घी, बूरे और घेवर का जिक्र कर प्रदेश की एग्रीकल्चर बेल्ट का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही कॉमनवेल्थ के जरिए खिलाड़ियों की नब्ज टटोली। (पूरी खबर पढ़ें)
वैश्विक स्तर पर जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता और शेयर बाजार में मचे उतार-चढ़ाव के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है। आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी का रुख देखने को मिला है। शादियों के सीजन के साथ-साथ सावन के इस पावन महीने में सोने की खरीदारी करने वालों के लिए यह हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT) और मेकिंग चार्ज के कारण गहनों के रेट में थोड़ा अंतर दर्ज किया गया है। आइए जानते हैं 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से देश के प्रमुख शहरों की बिल्कुल ताजा रेट लिस्ट।शुद्ध 24 कैरेट और जेवर वाले 22 कैरेट सोने का क्या है भाव?आज देश के मुख्य महानगरों में 10 ग्राम सोने की कीमतें अपनी पुरानी बंद कीमतों के मुकाबले बढ़त के साथ ट्रेड कर रही हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹74,850 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, वहीं आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना ₹68,620 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹74,700 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का रेट ₹68,470 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।कोलकाता और चेन्नई (Kolkata/Chennai): कोलकाता में आज 24K सोना ₹74,700 पर है, जबकि चेन्नई में दक्षिण भारतीय बाजारों की भारी मांग के कारण 24K सोना ₹75,120 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों की रेट लिस्ट (आगरा, जयपुर, पटना)हिंदी बेल्ट के प्रमुख शहरों और सराफा मंडियों में भी आज सुबह से ही ग्राहकों की भारी चहल-पहल के बीच नए रेट लागू हो चुके हैं:आगरा (Agra): ताजनगरी आगरा के सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹74,800 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवरी सोने का भाव ₹68,580 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।जयपुर (Jaipur): राजस्थान की राजधानी और पिंक सिटी जयपुर में आज 24 कैरेट सोना ₹74,950 और 22 कैरेट सोना ₹68,710 प्रति 10 grams पर मिल रहा है।पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का खुदरा भाव ₹74,750 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का दाम ₹68,520 प्रति 10 ग्राम के करीब बना हुआ है।बजट के अनुकूल 18 कैरेट सोने के दाम और हॉलमार्किंग का नियमआजकल मध्यम वर्ग और कामकाजी महिलाओं के बीच हल्के वजन (लाइटवेट) के डेली वियर गहनों के लिए 18 कैरेट सोने की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। आज देश के अधिकांश हिस्सों में 18 कैरेट सोने का भाव औसतन ₹56,140 से ₹56,350 प्रति 10 ग्राम के बीच बना हुआ है, जो बजट के लिहाज से काफी किफायती बैठता है।भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार, अब देश में किसी भी कैरट का सोना खरीदते समय उस पर 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड देखना बेहद अनिवार्य है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा पक्का बिल लें और सोने की शुद्धता जांचने के लिए सरकारी 'BIS Care App' का इस्तेमाल जरूर करें। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में आ रही कमजोरी को देखते हुए आने वाले दिनों में सोने की कीमतों पर तेजी का दबाव और बढ़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका-ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में 90 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है। कच्चे तेल की इन बढ़ती कीमतों के बीच, भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा भाव अपडेट कर दिए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो ईंधन की दैनिक समीक्षा प्रणाली (Dynamic Fuel Pricing) के तहत आज भी देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय टैक्स (VAT) व माल ढुलाई लागत के आधार पर तेल के दामों में मामूली फेरबदल दर्ज किया गया है।देश के चार मुख्य महानगरों में आज क्या हैं ईंधन के रेट?अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई इस उछाल के बावजूद राहत की बात यह है कि तेल कंपनियों ने देश के चार बड़े महानगरों में बेस प्राइस को स्थिर रखा है। इन शहरों में आज सुबह 6 बजे से प्रभावी दरें इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹95.20 प्रति लीटर पर टिका हुआ है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई में हमेशा की तरह टैक्स अधिक होने के कारण ईंधन सबसे महंगा है। यहाँ आज पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।कोलकाता (Kolkata): कोलकाता के निवासियों को आज एक लीटर पेट्रोल के लिए ₹113.51 और डीजल के लिए ₹99.82 का भुगतान करना होगा।चेन्नई (Chennai): दक्षिण भारत के इस महानगर में आज पेट्रोल का रेट ₹107.76 प्रति लीटर और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में तेल का ताजा भावउत्तर प्रदेश (UP) के विभिन्न जिलों में राज्य सरकार के वैट और जिला परिवहन शुल्क के कारण आज तेल की कीमतों में शहरवार थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:लखनऊ (Lucknow): नवाबों के शहर लखनऊ में आज पेट्रोल का औसत भाव ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.36 प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है, जबकि डीजल का दाम ₹95.44 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।गाजियाबाद (Ghaziabad): गाजियाबाद में आज पेट्रोल की कीमत ₹101.80 प्रति लीटर और डीजल ₹95.25 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक नगरी वाराणसी में आज पेट्रोल का रेट ₹102.40 प्रति लीटर और डीजल ₹95.60 प्रति लीटर के करीब बना हुआ है।ऐसे घर बैठे चेक करें अपने शहर का बिल्कुल सटीक दामअगर आप आज अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने का मन बना रहे हैं, तो पेट्रोल पंप पर जाने से पहले एक साधारण SMS के जरिए भी अपने नजदीकी डीलर का बिल्कुल लाइव और सटीक रेट जान सकते हैं। इंडियन ऑयल (IOCL) के उपभोक्ता अपने मोबाइल से RSP डीलर कोड (जैसे लखनऊ के लिए RSP 155054 या दिल्ली के लिए RSP 102090) लिखकर 92249 92249 पर भेज सकते हैं। इसी तरह बीपीसीएल (BPCL) के ग्राहक RSP डीलर कोड लिखकर 92231 12222 पर मैसेज भेजकर तुरंत अपने फोन पर ताजा रेट लिस्ट प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचा, तो आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से आक्रामक हो चुका है, जिसके चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर हिमालयी क्षेत्रों और पश्चिमी तटों पर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का महा-अलर्ट जारी किया है। इस मानसूनी स्पेल के कारण देश के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ (Flash Floods), गंभीर जलभराव (Waterlogging) और पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslides) का खतरा काफी बढ़ गया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अगले कुछ दिन यातायात, सुरक्षा और आम जनजीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में जलभराव, WFH की सलाहराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरसी है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर की मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन और पुलिस ने कॉर्पोरेट कार्यालयों व निजी प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) की अनुमति दें। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी रखा है।मुंबई में बारिश का रिकॉर्ड टूटा, फ्लैश फ्लड का खतरामहाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भी कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आईएमडी (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, सावन के इस महीने में सांताक्रूज वेधशाला ने शुरुआती सात दिनों में ही 1,000 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज कर ली है, जो पिछले पूरे साल के जुलाई महीने के कुल आंकड़े से भी ज्यादा है। मुंबई के निचले इलाकों में लोकल ट्रेन सेवाएं और विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात के तटीय भागों में फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों को तटीय क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।कश्मीर और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से हाईवे ठपउत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ के कारण क्वार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Kwar Hydroelectric Project) की भारी मशीनरी मलबे में दब गई है, और कई मुख्य राजमार्ग भूस्खलन के कारण पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। पहाड़ों पर लगातार गिरते मलबे और पत्थरों की वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित रास्तों पर न जाने की कड़ी चेतावनी दी है। केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश के बाद एनडीआरएफ (NDRF) और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
जब भी हम वीकेंड पर दिल्ली की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर किसी शांत जगह पर घूमने का मन बनाते हैं, तो सबसे पहला ख्याल अपनी कार से रोड ट्रिप पर निकलने का आता है। खुद ड्राइव करके पहाड़ों या ऐतिहासिक शहरों की तरफ जाना रोमांचक तो लगता है, लेकिन हाइवे का भारी ट्रैफिक, घंटों स्टीयरिंग व्हील थामे रहने की थकान और अनजान रास्तों पर पार्किंग की जद्दोजहद कई बार पूरे वेकेशन का मजा किरकिरा कर देती है। हालिया ट्रैवल ट्रेंड्स और यात्रियों के अनुभवों के विश्लेषण के मुताबिक, अब दिल्ली से कई बेहतरीन रास्तों के लिए 'लक्जरी स्लीपर और वॉल्वो बसों' (Luxury Buses) का सफर आपकी पर्सनल कार राइड से भी कहीं ज्यादा आलीशान और रिलैक्सिंग साबित हो रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह बदलता ट्रेंड दिल्ली के वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए घूमने के अंदाज को पूरी तरह बदल रहा है।कार से ज्यादा आलीशान क्यों है लक्जरी बस का अनुभव?आजकल की आधुनिक लक्जरी बसों में यात्रियों को वे सभी सुख-सुविधाएं मिल रही हैं, जो कभी सिर्फ फ्लाइट के बिजनेस क्लास या प्रीमियम होटलों में ही देखने को मिलती थीं:फ्लाइट जैसी सुविधाएं और रिक्लाइनर सीट्स: इन बसों में 140 डिग्री तक झुकने वाली आलीशान एर्गोनॉमिक सीट्स या पूरी तरह से आरामदायक स्लीपर बर्थ होते हैं, जहां आप लेटकर आराम से सो सकते हैं।ऑन-बोर्ड एंटरटेनमेंट और वाई-फाई: हर सीट के सामने पर्सनल स्क्रीन, हाई-स्पीड इंटरनेट वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट्स और पर्सनल रीडिंग लाइट्स मौजूद होती हैं, जिससे सफर के दौरान आप बोर नहीं हो सकते।ड्राइविंग के तनाव से मुक्ति: कार ट्रिप में ड्राइवर को लगातार सड़क पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है, जिससे वह थक जाता है। वहीं लक्जरी बस में आप पूरी रात आराम से सोते हुए बिता सकते हैं और सुबह बिना किसी थकान के बिल्कुल फ्रेश होकर अपनी मंजिल पर पहुंच सकते हैं।दिल्ली से लक्जरी बस के लिए 3 सबसे बेहतरीन और आरामदायक रूट्सयदि आप इस वीकेंड किसी आलीशान सफर का अनुभव लेना चाहते हैं, तो दिल्ली से इन डेस्टिनेशंस के लिए बस बुकिंग करना सबसे बेस्ट विकल्प है:दिल्ली से शिमला/मनाली (हिमाचल प्रदेश): पहाड़ों के घुमावदार रास्तों पर रात के समय कार चलाना बेहद जोखिम भरा और थकाऊ हो सकता है। दिल्ली से चलने वाली प्रीमियम वॉल्वो बसें उबड़-खाबड़ रास्तों पर भी आपको घर के सोफे जैसा अहसास कराती हैं और सुबह सीधे पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में उतारती हैं।दिल्ली से जयपुर/उदयपुर (राजस्थान): पिंक सिटी और झीलों की नगरी उदयपुर के लिए दिल्ली से बेहद आलीशान मल्टी-एक्सल बसें चलती हैं। एक्सप्रेसवे पर इन बसों का सफर बेहद स्मूथ होता है और आपको राजस्थान के राजसी ठाट-बाट का अहसास सफर से ही होने लगता है।दिल्ली से देहरादून/मसूरी (उत्तराखंड): वीकेंड लवर्स के लिए यह सबसे पसंदीदा रूट है। रात 11 बजे दिल्ली से लक्जरी बस पकड़कर आप सुबह 5 बजे बिना किसी ड्राइविंग स्ट्रेस के देहरादून पहुंच सकते हैं।बजट के अनुकूल और पर्यावरण के लिए भी बेहतरकार से सफर करने पर पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों, भारी टोल टैक्स और गाड़ी की मेंटेनेंस का खर्च मिलाकर ट्रिप काफी महंगी बैठती है। इसके विपरीत, लक्जरी बस का टिकट इन सभी खर्चों के मुकाबले काफी किफायती होता है। इसके अलावा, एक ही बड़े वाहन में कई लोगों के सफर करने से कार्बन फुटप्रिंट भी कम होता है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी एक जिम्मेदार टूरिज्म (Responsible Tourism) को बढ़ावा देता है। तो अगली बार जब आप दिल्ली से बाहर निकलने की प्लानिंग करें, तो अपनी कार की चाबी घर पर छोड़कर एक बार इस आलीशान बस सफर का लुत्फ जरूर उठाएं।
देश की राजधानी दिल्ली में आज मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था और यातायात (ट्रैफिक) दोनों ही मोर्चों पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक विंग ने एक विस्तृत और सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) जारी की है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो नई दिल्ली के कनेक्टिंग रास्तों पर आज सफर करने वाले आम दफ्तर जाने वालों और यात्रियों को भारी जाम से बचने के लिए पुलिस द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक की स्थिति: सिर्फ पानी पर हैं निर्भरइस पूरे आंदोलन के केंद्र में रहे सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है। उनके अनशन के 21वें दिन स्वास्थ्य में लगातार आ रही गिरावट के कारण उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की विशेषज्ञ सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।अस्पताल के सूत्रों और उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो के मुताबिक, वांगचुक की हालत स्थिर बनी हुई है लेकिन उन्होंने अभी भी डॉक्टरों की सलाह के बावजूद किसी भी प्रकार का जूस, सूप या तरल पदार्थ लेने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। वह केवल पानी पीकर अपना अनिश्चितकालीन उपवास जारी रखे हुए हैं। वांगचुक ने अस्पताल के वॉर्ड से ही सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाने की बात दोहराई है, जिसके बाद जंतर-मंतर पर समर्थकों का जोश और बढ़ गया है।दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी: इन मुख्य रास्तों पर जाने से बचेंप्रदर्शनकारियों द्वारा संसद भवन की तरफ कूच करने की घोषणा और भारी सुरक्षा घेरेबंदी के कारण नई दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को पूरी तरह बंद या डायवर्ट कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने वाहन चालकों को निम्नलिखित रास्तों से बचने की हिदायत दी है:पूरी तरह बंद मार्ग: संसद मार्ग (टॉल्स्टॉय मार्ग क्रॉसिंग से कनाट प्लेस की तरफ), जंतर-मंतर रोड और रायसिना रोड के कुछ हिस्सों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है।अत्यधिक व्यस्त और धीमा ट्रैफिक: अशोक रोड, केजी मार्ग, फिरोजशाह रोड, जनपथ (विंडसर प्लेस के पास) और बाबा खड़क सिंह मार्ग पर भारी सुरक्षा चेकिंग के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं और ट्रैफिक बेहद धीमा चल रहा है।वैकल्पिक मार्ग: पुलिस ने कनाट प्लेस या इंडिया गेट की तरफ जाने वाले वाहनों को डीडीयू मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग (JLN) या रिंग रोड का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।जंतर-मंतर पर सुरक्षा का अभेद्य चक्र और पुलिस की पैनी नजरजंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य युवा नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज के जवानों ने पूरे इलाके को कई लेयर की बैरिकेडिंग से घेर लिया है। नई दिल्ली के एंट्री पॉइंट्स और मेट्रो स्टेशनों के बाहर भी अतिरिक्त चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करते हैं, लेकिन बिना अनुमति के कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या प्रतिबंधित वीवीआईपी सुरक्षा जोन (संसद भवन) की तरफ बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंटरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक संकट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में लगातार हलचल मची हुई है। वैश्विक मानक माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। इन सबके बीच, भारतीय सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को देश के सभी प्रमुख महानगरों और राज्यों के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर के नए रेट्स जारी कर दिए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर हर उस गृहिणी और कारोबारी के लिए बेहद काम की है जो आज नया गैस सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं। राहत की बात यह है कि इस महीने घरेलू गैस सिलेंडरों के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।दिल्ली से मुंबई तक घरेलू गैस (14.2 KG) के दामदेश के मुख्य महानगरों में आम उपभोक्ताओं के घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें आज स्थिर बनी हुई हैं। अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन और स्थानीय टैक्स के कारण इसके दाम इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का भाव ₹942.00 पर बरकरार है।मुंबई (Mumbai): आर्थिक राजधानी मुंबई के निवासियों को आज प्रति सिलेंडर ₹941.50 चुकाने होंगे।कोलकाता (Kolkata): कोलकाता में आज 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹968.00 दर्ज की गई है।चेन्नई (Chennai): दक्षिण भारत के इस प्रमुख महानगर में आज घरेलू गैस का रेट ₹957.50 के स्तर पर स्थिर है।लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज घरेलू सिलेंडर का भाव ₹979.50 पर ट्रेड कर रहा है।कमर्शियल गैस (19 KG) इस्तेमाल करने वालों को मिली है बड़ी राहतहोटल, रेस्तरां, ढाबा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में की गई ₹183.50 की बड़ी कटौती के बाद आज भी बाजार में दाम नीचे बने हुए हैं। आज चारों महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर का ताजा भाव इस प्रकार है:दिल्ली: व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 से घटकर अब ₹2,930.00 के स्तर पर आ चुकी है।मुंबई: मुंबई में आज 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,885.50 के भाव पर मिल रहा है।चेन्नई: चेन्नई में व्यापारियों को आज एक सिलेंडर के लिए ₹3,106.00 का भुगतान करना होगा।कोलकाता: कोलकाता में आज कमर्शियल गैस सिलेंडर का रेट ₹3,081.50 पर आ गया है।जानिए हर महीने क्यों बदलते हैं एलपीजी के दाम?भारत में रसोई गैस की कीमतें काफी हद तक वैश्विक बाजार पर निर्भर करती हैं। हमारे देश में एलपीजी के आयात की लागत सीधे तौर पर सऊदी अनुबंध मूल्य (Saudi Contract Price) और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी होती है। वर्तमान में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा चिंताओं के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा बोझ नहीं डाला है। यदि आप भी आज गैस बुकिंग करने जा रहे हैं, तो अपने गैस प्रदाता (Indane, HP या Bharat Gas) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपने नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर का बिल्कुल सटीक रेट जरूर री-वेरिफाई कर लें।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के ठीक साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आज सोमवार, 20 जुलाई 2026 को घोषित किए गए 'चलो संसद' मार्च (Chalo Sansad March) के मद्देनजर पूरी नई दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई-अलर्ट (High Alert) जारी किया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह सुरक्षा व्यवस्था हाल के दिनों की सबसे कड़ी घेराबंदी में से एक है, क्योंकि पुलिस बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रदर्शनकारी को देश के सबसे संवेदनशील हाई-सिक्योरिटी जोन यानी संसद भवन की तरफ बढ़ने नहीं देना चाहती।दिल्ली पुलिस का सख्त आदेश: नहीं दी गई मार्च की कोई अनुमतिदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट किया है कि सीजेपी (CJP) के इस मार्च को लेकर पुलिस विभाग से न तो कोई आधिकारिक अनुमति मांगी गई थी और न ही ऐसी किसी यात्रा या जुलूस की इजाजत दी गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार का मार्च पूरी तरह से गैर-कानूनी (Illegal) माना जाएगा। पुलिस ने जंतर-मंतर को छोड़कर नई दिल्ली संभाग में किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक लगा दी है।BNSS की धारा 163 लागू, इन हरकतों पर लगी पूरी पाबंदीसुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले क्रिमिनल प्रोसीजर कोड यानी CrPC की धारा 144 हुआ करती थी) लागू कर दी है। इस सख्त आदेश के तहत निम्नलिखित पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं:एकत्र होने पर रोक: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ इकट्ठा होने या समूह बनाने पर पूरी तरह पाबंदी है।भड़काऊ भाषण और नारेबाजी: जिले की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार की नारेबाजी करने, सार्वजनिक भाषण देने या धरने पर बैठने की मनाही है।हथियार और बैनर ले जाना प्रतिबंधित: सार्वजनिक सड़कों पर लाठी, डंडे, बैनर, तख्तियां (Placards) या किसी भी प्रकार के धारदार हथियार लेकर चलने पर सख्त रोक लगाई गई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।5,000 से अधिक जवान और वॉटर कैनन तैनात, एंट्री पॉइंट्स पर पैनी नजरजंतर-मंतर और संसद भवन के आस-पास के सभी मुख्य चौराहों (जैसे संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और शंकर चौक) पर सोमवार तड़के 4 बजे से ही भारी पुलिस बल मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) और रैपिड रिस्पांस टीमों के 5,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक स्थानों पर वॉटर कैनन (पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां) और वज्र वाहनों को खड़ा किया गया है। दिल्ली की सीमाओं और नई दिल्ली में प्रवेश करने वाले हर एक वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच हर घंटे जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनकी गतिविधियों की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज रही हैं।पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारीदरअसल, यह पूरा विवाद देश में हाल ही में हुई नीट (NEET) परीक्षा की कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को लेकर शुरू हुआ है। सीजेपी और उनके समर्थक इस मुद्दे पर देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अस्पताल से एक संदेश जारी कर युवाओं और छात्रों से इस मार्च को सफल बनाने की अपील की थी, जिसके बाद दिल्ली में सुरक्षा को इस स्तर पर बढ़ाना पड़ा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत भीड़ का हिस्सा न बनें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महारैली को लेकर किसान संगठनों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। आज (20 जुलाई) पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान, मजदूर और युवा दिल्ली के लिए रवाना होंगे। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेता सरवण सिंह पंधेर ने पंजाब के किसानों, मजदूरों और युवाओं से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों बसें और काफिले दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रैली को सफल बनाने के लिए किसान मजदूर मोर्चा, एकेएम और बीकेयू एकता संघर्ष समेत कई किसान संगठनों ने गांव-गांव बैठकें कर किसानों को लामबंद किया है। आज जिलेवार तय स्थानों से होगा दिल्ली कूच सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि आंदोलन को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग जिलों के किसानों के एकत्र होने के स्थान तय किए गए हैं। आज सुबह 11 बजे तक अमृतसर और गुरदासपुर के किसान ब्यास में जुटेंगे, जबकि तरनतारन के किसान गोइंदवाल साहिब में एकत्र होकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इसके अलावा अन्य जिलों के किसानों के लिए भी अलग-अलग रवानगी स्थल निर्धारित किए गए हैं, जहां से किसान काफिले के रूप में दिल्ली की ओर कूच करेंगे। खेती और डेयरी पर खतरे का दावा पंधेर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उनके अनुसार, इस समझौते के तहत मक्का, सोयाबीन, कपास, ड्राई फ्रूट, सेब और नाशपाती जैसे कृषि उत्पाद शामिल किए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि अमेरिकी उत्पाद बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के भारतीय बाजार में आते हैं, तो इससे स्थानीय किसानों और डेयरी उत्पादकों को भारी नुकसान हो सकता है। कई राज्यों से पहुंचेंगे किसान पंधेर ने बताया कि 21 जुलाई को किसान घाट पर होने वाली महा रैली में पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों के किसान और मजदूर शामिल होंगे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और 21 जुलाई को शाम 4 बजे तक समाप्त कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और प्रशासन से अपील की कि किसानों को दिल्ली जाने से न रोका जाए और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए।
रोहतक में लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद में आए और नया कुछ देने की बजाय कांग्रेस के समय शुरू हुए प्रोजेक्ट का ही फीता काटकर क्रेडिट लेने में लगे रहे। 12 साल से केवल कांग्रेस सरकार के प्रोजेक्टों को ही अपना बताकर क्रेडिट ले रहे है। शहीद मदन लाल ढ़ींगड़ा कम्युनिटी सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जींद से जिस हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिसका इतना ढिंढोरा पीटा, जैसे उसके चलते से सारी दुख तकलीफ दूर जाएगी, लेकिन वह हाईड्रोजन ट्रेन एक दिन में ही फुस हो गई, उसे टोचन कर दिल्ली लेकर जाना पड़ा। इतना पैसा खर्च किया, लेकिन हाईड्रोजन ट्रेन का क्या हुआ, सरकार बताए। जींद-गोहाना-सोनीपत की लाइन कांग्रेस ने बिछाई दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस रेलवे लाइन पर हाईड्रोजन ट्रेन चलाई, वह जींद-गोहाना-सोनीपत लाइन कांग्रेस के समय बिछाई गई थी। भाजपा ने एक लाइन नहीं बिछाई। प्रधानमंत्री कम से कम नई लाइन की घोषणा ही कर जाते या जो रेल कोच फैक्ट्री बनारस लेकर गए थे, उसे ही वापस हरियाणा को दे जाते। संसद में पेपर लीक घोटाले का उठाएंगे मुद्दा दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि संसद सत्र में ऐतिहासिक पेपर लीक घोटालों का मुद्दा है, उसे उठाया जाएगा। कांग्रेस छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से छात्र हितों की लड़ाई लड़ रही है। नीट पेपर लीक या छात्रों के अधिकार के हनन की बात हो, कांग्रेस आवाज उठा रहा है। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है। दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पीछे प्रदर्शन किया था, जिसमें मुझे निशाने पर लिया गया था। लेकिन कांग्रेस पार्टी डरने वाली नहीं है। संघर्ष को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ती रहेगी। राम मंदिर को लूटने का संसद में उठेगा मुद्दा दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा उठाया जाएगा। मोहम्मद गजनी ने तो मंदिरों को 27 साल में 17 बार लूटा था। लेकिन वो कौन लोग है, जिन्होंने 40 दिन में 70 बार राम मंदिर को लूटने का काम किया। भाजपा व आरएसएस के लोगों की नियुक्ति सरकार ने की है, जो राम मंदिर बनाने का क्रेडिट ले रहे थे, आज वो एक शब्द नहीं बोल रहे। भारत की विदेश नीति हो चुकी खराब दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भारत की विदेश नीति भी खराब हो चुकी है। भारत क्यों अमेरिका के दबाव में महंगा तेल खरीद रहा है। वहीं, इथेनॉल का मुद्दा भी उठाया जाएगा, क्योंकि इथेनॉल के कारण लोगों की गाड़ियां खराब हो रही है। क्यों पट्रोल में इथेनॉल डाला जा रहा है। महिला आरक्षण बिल का करेंगे समर्थन दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को कांग्रेस लेकर आई थी, जिसे पूरा समर्थन किया जाएगा, लेकिन भाजपा इसमें परीसिमन का राजनीतिक षड़यंत्र कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा इसके अलावा भी कई षड़यंत्र कर रही है, जिनका पर्दाफाश करेंगे।
दिल्ली छावनी में तब्दील: CJP के संसद मार्च से पहले हाई अलर्ट, 5000 जवान तैनात
संसद के मानसून सत्र से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी नई दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा है
नमस्कार, वाराणसी की कल (रविवार) की बड़ी खबरें… दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने काशी में अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने पति मनीष गुप्ता और बेटे निकुंज के साथ बाबा काल भैरव के दर्शन किए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वैदिक विधि से रुद्राभिषेक किया। लोढान गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच फायरिंग हो गई। एक युवक के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके से दो खोखे बरामद हुए हैं। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें… 1- मैजिक की टक्कर से बाइक सवार 2 युवकों की मौत, बाइक खड़ी करके बात कर रहे थे वाराणसी में तेज रफ्तार मैजिक ने बुलेट में टक्कर मार दी। बुलेट के पास खड़े 3 युवक उछलकर 4 से 5 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। वहीं, एक युवक घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा है। तीनों युवक आपस में दोस्त थे। पढ़ें पूरी खबर… 2- काशी में दिल्ली की CM ने जन्मदिन मनाया: काल भैरव का दर्शन किया, पति और बेटे के साथ रूद्राभिषेक किया दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाराणसी में अपना 52वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान उन्होंने पति मनीष गुप्ता और बेटे निकुंज के साथ बाबा काल भैरव के दर्शन किए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वैदिक विधि से रुद्राभिषेक किया। उन्होंने दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में हिस्सा लिया और गंगा में क्रूज की सैर की। पढ़ें पूरी खबर.. 3- वाराणसी में जमीन विवाद में चली गोली, एक घायल:निर्माण करवा रहे लोगों पर विपक्षी ने लक्ष्य करके चलाई लोढान गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच फायरिंग हो गई। एक युवक के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके से दो खोखे बरामद हुए हैं, जबकि गोली चलाने का आरोप सौरभ उपाध्याय पर लगा है। पढ़ें पूरी खबर…. 4- वाराणसी में बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर:घाट किनारे छोटे मंदिरों तक पहुंचा पानी, आसमान में छाए है काले बादल काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाटों पर बाढ़ का असर दिखने लगा है। बीते 24 घंटे में जलस्तर 17 सेंटीमीटर बढ़ने से शीतला घाट का आरती स्थल डूब गया है, जबकि एनडीआरएफ और जल पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर… 5- हनुमानगढ़ी नमाज विवाद में संत समिति की एंट्री:वाराणसी में स्वामी जीतेंद्रानंद बोले- 2003 में हुई थी नमाज, कोर्ट तक पहुंचा था मामला अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर चल रहे विवाद में अब अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा भी खुलकर सामने आई है। वाराणसी में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर सवाल उठाए हैं। पढ़ें पूरी खबर… 6- संविदाकर्मी की करंट से मौत, SDO-JE सहित 5 पर FIR; अफसर बिना लाइट कटवाए पेड़ की छटाई करवा रहे थे वाराणसी में बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों ने अधिकारियों पर बिना बिजली आपूर्ति बंद कराए पोल पर चढ़ाने का आरोप लगाया, जिसके बाद जेई निलंबित कर दिया गया और पांच लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। पढ़ें पूरी खबर… 7- IIT BHU गैंगरेप- कमांड सेंटर के सिपाही का बयान दर्ज: उपलब्ध कराया था घटना का सीसीटीवी फुटेज, अगली तारीख 25 जुलाई आईआईटी बीएचयू गैंगरेप मामले में सुनवाई के दौरान घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने वाले सिपाही का बयान फास्ट ट्रैक कोर्ट में दर्ज किया गया। बचाव पक्ष की जिरह पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की। पढ़ें पूरी खबर… 8- बीएचयू में पीजी स्पॉट राउंड काउंसिलिंग शुरू:2400 खाली सीटों पर होगा प्रवेश, जरूरत पड़ने पर 21 जुलाई से दूसरा चरण बीएचयू ने स्पॉट राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया 16 जुलाई से शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन समर्थ पोर्टल से डेटा समय पर नहीं मिलने के कारण इसमें दो दिन की देरी हुई। अब आवश्यक डेटा मिलने के बाद विश्वविद्यालय ने काउंसिलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…. 9-दस BEO का रोका वेतन, 315 प्रधानाध्यापक को नोटिसः परिषदीय स्कूलों में नए नामांकन में लापरवाही पर BSA का एक्शन नामांकन अभियान में खराब प्रगति पर 315 प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, खराब प्रदर्शन करने वाले 10 खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का जुलाई माह का वेतन रोकते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पढ़ें पूरी खबर… 10-वाराणसी में लोगों ने खुद बनाई सड़क: पार्षद और अधिकारियों से नहीं मिली मदद, महिलाओं-बच्चों ने भी किया श्रमदान कैंट क्षेत्र की कुबेर नगर कॉलोनी में खराब सड़क से परेशान लोगों ने खुद फावड़ा उठाया और श्रमदान कर सड़क बना डाली। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से मदद नहीं मिलने पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी इसमें हिस्सा लिया। पढ़ें पूरी खबर…
लोकसभा सत्र में भाग लेने दिल्ली रवाना हुए सांसद
लोहरदगा|लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत 20 जुलाई से शुरू हो रहे लोकसभा सत्र में भाग लेने के लिए रविवार को दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले सांसद सुखदेव भगत ने बताया कि इस सत्र में कांग्रेस पार्टी सरकार को जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर घेरेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस सत्र में नीट पेपर लीक मामले, राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों, इथेनॉल नीति, सोनम वांगचुक और भ्रष्टाचार तथा महंगाई के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेगी। सांसद ने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नीट पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार को जवाब देना होगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय मुद्दों को भी सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोहरदगा लोकसभा की जनता की समस्याएं, आदिवासी अधिकार, रोजगार और विकास के मुद्दे मेरी प्राथमिकता हैं। सदन में क्षेत्र की आवाज़ को मजबूती से रखा जाएगा।
दिल्ली से पकड़कर कोलकाता ले गई पुलिस:विधायक पाठक से 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी में गोयनका गिरफ्तार
विजयराघवगढ़ (कटनी) से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों में करीब 1000 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में कोलकाता पुलिस ने रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोप है कि गोयनका ने पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड में फर्जी हस्ताक्षर, जाली दस्तावेज और कंपनी रिकॉर्ड में कथित बदलाव कर संपत्तियों और वित्तीय कामकाज पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। यूरो प्रतीक का रजिस्टर्ड ऑफिस कोलकाता में है। इसलिए कंपनी के प्रतिनिधि हरनीत लांबा की शिकायत पर यह केस कोलकाता में दर्ज हुआ था। कोलकाता पुलिस अगस्त 2025 से मप्र, छत्तीसगढ़ और बंगाल में गोयनका की तलाश कर रही थी। इस दौरान मप्र व छत्तीसगढ़ में दबिश दी गई, लेकिन महेंद्र गोयनका पकड़ में नहीं आ सका। अब एक साल बाद गिरफ्तारी हो पाई है। कभी भाजपा विधायक के कारोबारी समूह का अहम चेहरा था गोयनकामूल रूप से अनूपपुर जिले के कोतमा का रहने वाला महेंद्र गोयनका कभी संजय पाठक के कारोबारी समूह के प्रमुख अधिकारियों में शामिल था। वह पाठक परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधकीय पद पर कार्यरत रहा और लंबे समय तक समूह के कारोबारी संचालन से जुड़ा रहा। इसी दौरान उसे कंपनी के वैधानिक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तक पहुंच मिली। कंपनी के रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन जांच के दायरे में आरोप है कि महेंद्र गोयनका ने फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षरों के जरिए कंपनी का प्रबंधन बदलने की कोशिश की। शिकायत के मुताबिक नए लोगों को प्रबंधन में शामिल किया गया, जबकि वैध निदेशकों और शेयरधारकों को हटाकर कंपनियों के संचालन और संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने का प्रयास किया गया। फिक्स्ड डिपॉजिट, अचल संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और बिके हुए माल में भी अनियमितताओं के आरोप हैं। शुरुआत कंपनी के नियंत्रण और दस्तावेजों के विवाद से हुई। बाद में मामला राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) तक पहुंचा और समानांतर रूप से आपराधिक शिकायत भी दर्ज हुई। 9 मई 2025 को एनसीएलटी की मुंबई पीठ के एक आदेश में गोयनका और उनकी पत्नी मीनू से जुड़े वित्तीय गबन के आरोपों का उल्लेख हुआ था। गोयनका की दूसरी कंपनी निसर्ग इस्पात के लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं। गोयनका के चार और साथी अभी फरार: गोयनका के रायपुर निवासी सहयोगी हिमांशु श्रीवास्तव, सन्मति जैन, सुनील अग्रवाल और एक अन्य के खिलाफ भी धोखाधड़ी व फर्जीवाड़े के दो मामले दर्ज हैं। इन चारों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक अग्रिम जमानत की गुहार लगाई, लेकिन याचिकाएं खारिज हो गईं। इसके बावजूद चारों एक साल से फरार हैं।
देश के चर्चित राजघरानों में शुमार ग्वालियर के सिंधिया राजवंश मे पारिवारिक संपत्ति बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार (20 जुलाई) को महा-समझौता हो सकता है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। समझौता प्रस्ताव में सिंधिया राजघराने के मुखिया व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं (राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मप्र की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा व अन्य) के बीच अरबों-खरबों रुपये की शाही विरासतों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बन चुकी है। परिवार के किस सदस्य के पास क्या संपत्ति रहेगी यह भी तय होगा है। 08 जुलाई को समझौता आवेदन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन संपत्तियों का रिकॉर्ड न आ पाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब सोमवार (20) जुलाई को जिला न्यायालय में मामले की सुनवाई होगी। इस ऐतिहासिक महा-समझौते के लागू होते ही दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर की अदालतों में वर्षों से लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमों का हमेशा के लिए पटाक्षेप हो जाएगा। यह रहेगा समझौते का मसौदा कब्जा ही मालिकाना हक: सूत्रों का दावा है कि आपसी सहमति में तय हुआ है कि 'जो पक्ष जिस संपत्ति पर वर्तमान में काबिज (रह रहा) है, वह संपत्ति पूरी तरह उसी की हो जाएगी। इस आधार पर ग्वालियर का जयविलास पैलेस, शिवपुरी की संपत्तियां केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर आती दिख रही हैं। कागजी उलझनें होंगी खत्म: भले ही कागजों में या पूर्व के रिकॉर्ड में उस संपत्ति का मालिकाना हक किसी भी पक्ष, ट्रस्ट या कंपनी के अधीन रहा हो, लेकिन अब वर्तमान कब्जे को ही अंतिम मालिकाना हक मानकर कोर्ट में डिक्री (डीड) कराई जाएगी। ट्रस्ट और कंपनियों में बंटी है पूरी रियासत सिंधिया राजपरिवार की अधिकांश संपत्तियां सीधे किसी व्यक्ति के नाम न होकर 1970 के दशक से 'सर जयाजीराव ट्रस्ट' और 'कृष्ण माधव ट्रस्ट' जैसी संस्थाओं के अधीन हैं। वहीं, दिल्ली की 'सिंधिया पॉटरीज' की जमीन पर बनी तीन आलीशान कोठियों में तीनों बुआएं (वसुंधरा, यशोधरा और ऊषा राजे) निवास करती हैं। पूर्व के पारिवारिक बंटवारे में माधवराव सिंधिया को मिली 'सिंधिया इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (SIPL)' की कमान वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया संभाल रहे हैं। इनके बीच है सीधा विवाद ग्वालियर जिला न्यायालय में पेश दावों के अनुसार, यह महा-समझौता मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा, यशोधरा राजे सिंधिया, कनिका देवी, प्रतिमा देवी और चित्रांगदा राजे के बीच होने जा रहा है। बुआओं की ओर से अगले सप्ताह कोर्ट में आवेदन दाखिल होने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट इस पर अपनी अंतिम सील लगा देगा। सबसे ज्यादा मुकदमे मुंबई की अदालतों में लंबित हैं, जबकि ग्वालियर में भी 5 केस चल रहे हैं, जो अब वापस ले लिए जाएंगे। ये खबर भी पढ़ें… सिंधिया राजपरिवार का महा-समझौता, सुनवाई टली ग्वालियर में देश के चर्चित व रॉयल राजघरानों में शुमार सिंधिया राजघराने का दशकों पुराना संपत्ति विवाद अब महा-समझौता की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन पेश किया गया है। हालांकि रिकॉर्ड रूम से फाइल नहीं आने के कारण केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दिए गए समझौता आवेदन पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी और टल गई।पूरी खबर पढ़ें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) सोमवार को संसद भवन तक मार्च निकालेगी। सोनम वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने से उनके इस मार्च में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता है। वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा है कि वे मार्च में सोनम वांगचुक का प्रतिनिधित्व करेंगी। उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च से एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में समर्थक पहुंच गए हैं। पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने समर्थकों से पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहने की अपील की है। CJP के मुताबिक उसका संसद मार्च सुबह 9 बजे शुरू होगा, लेकिन दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने दावा किया है कि उन्हें मार्च के लिए कोई आवेदन नहीं मिला। ना ही परमिशन दी गई है। पूरे जिले में धारा 163 लागू है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की फोटोज… पुलिस ने कहा- मार्च में शामिल होने से बचें दिल्ली पुलिस ने कहा है कि 5 या ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, विरोध मार्च और प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। लोग किसी भी गैर-कानूनी जमावड़े, मार्च में शामिल होने से बचें। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि 22 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने रविवार को कहा कि यदि राजनीतिक दल शिक्षा जवाबदेही का मुद्दा संसद में उठाने का भरोसा दें तो वांगचुक सोमवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि रविवार शाम तक जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 20 हजार लोग मौजूद थे। रविवार को जंतर-मंतर से जुड़े 5 बड़े अपडेट्स
जम्मू/लखनऊ। मानसून के रौद्र रूप के कारण पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सीमावर्ती जिलों में इस वक्त जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं। मनीकंट्रोल हिंदी (Moneycontrol Hindi) की एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू संभाग के दो जुड़वां सीमावर्ती जिलों पुंछ (Poonch) और राजौरी (Rajouri) में रात भर हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भीषण भूस्खलन (Landslides) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है और कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं।घाटी में बिगड़ते हालातों और मची तबाही की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना दिल्ली दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और रविवार दोपहर तुरंत जम्मू लौट आए। उन्होंने जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट में एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग (High-Level Review Meeting) की अध्यक्षता करते हुए पूरे राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।पुंछ के सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही, मलबे में दबे परिवारप्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मानसूनी आफत का सबसे क्रूर रूप पुंछ जिले के सुरनकोट (Surankote) तहसील में देखने को मिला है:एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत: सुरनकोट के लोअर मर्राह इलाके में एक बड़ा भूस्खलन सीधे रिहायशी मकान पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत 9 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।नदियों का रौद्र रूप: राजौरी शहर में भी उफनती नदी का पानी रिहायशी कॉलोनियों (बेला कॉलोनी) और न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में घुस गया, जिससे वहां खड़े करीब 200 से अधिक वाहन ताश के पत्तों की तरह पानी में बह गए या मलबे में दब गए.'जनहानि रोकना पहली प्राथमिकता' — दिल्ली से लौटकर एक्शन में CM उमर अब्दुल्लामुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक पूर्व निर्धारित राजनीतिक प्रदर्शन (Statehood Protest) के सिलसिले में दिल्ली में थे, लेकिन राज्य के नागरिकों पर आए इस संकट को देखते हुए वे तुरंत वापस लौटे. जम्मू पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा:सुबह से ही मैं राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में हुई अत्यधिक बारिश से उत्पन्न स्थिति पर नजर रख रहा हूं। स्थानीय विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों से मेरा सीधा संपर्क बना हुआ है। इस समय पूरी सरकार और प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता बहुमूल्य मानव जीवन को सुरक्षित बचाना (Safeguard Precious Lives) है। जिन लोगों की संपत्तियों और मकानों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें सरकार तुरंत हर संभव वित्तीय सहायता और पुनर्वास सामग्री उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री ने पुलिस, सेना, स्थानीय वालंटियर्स और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operations) चलाने और लापता लोगों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं.एलजी मनोज सिन्हा ने जताया दुख, गृह मंत्री अमित शाह ने दिया मदद का भरोसाइस भीषण त्रासदी पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एलजी मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की और केंद्र सरकार की ओर से एनडीआरएफ (NDRF) की अतिरिक्त टीमें भेजने और हर संभव राहत व पुनर्वास सहायता (Central Assistance) देने का पूरा भरोसा दिलाया है. मौसम विभाग (IMD) ने पुंछ, राजौरी और रियासी जिलों के लिए अभी भी ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है और चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों को पूरी तरह खाली करा लिया गया है.
CJP के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की सख़्ती: न अनुमति मांगी, न हमने दी, धारा 163 लागू
संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने साफ़ कर दिया है कि 20 जुलाई को प्रस्तावित CJP संसद मार्च को किसी भी हाल में अनुमति नहीं दी जाएगी
दिल्ली के जहांगीरपुर में पिता पर 13 साल की नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न का आरोप, आरोपी की तलाश
दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में एक व्यक्ति पर अपनी ही 13 साल की बेटी के यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
पानीपत जिले में पुलिस ने लकड़ी ठेकेदार दिलावर के अपहरण मामले में फरार चल रहे 7वें आरोपी अनुज उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार देर शाम सिवाह बाईपास से पकड़ा गया। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीआईए-2 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम ने वारदात के कुछ घंटों के भीतर ही सोनीपत के श्याम नगर से अपहृत ठेकेदार दिलावर (35) को सकुशल छुड़ा लिया था। इस दौरान मौके से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तिहाड़ खुर्द निवासी रोहित, श्याम नगर निवासी मनोज, बरोटा निवासी नीरज, मोई निवासी सूरज, इसराना निवासी अनुज उर्फ छोटू और पलड़ी निवासी जतिन शामिल थे। गांव के अड्डे किया था अपहरण थिराना निवासी राजेंद्र पुत्र प्रभु राम ने मतलौडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई की रात करीब 9:15 बजे उनका बेटा दिलावर गांव के अड्डे पर खड़ा था। तभी एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी आई और उसमें सवार 4-5 युवक दिलावर को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। राजेंद्र की शिकायत पर मतलौडा थाने में मामला दर्ज किया गया था। रिटायर्ड पिता की वर्दी पहनकर आया था आरोपी पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि आरोपी मनोज ने दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त अपने पिता की वर्दी पहनी हुई थी। उन्होंने फरार चल रहे अपने दो साथियों, इसराना निवासी अनुज उर्फ काला और एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से स्कॉर्पियो गाड़ी और दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी बरामद की थी। फरार साथियों की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से ही अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार शाम करीब 6 बजे रोहतक-पानीपत बाईपास से अनुज उर्फ काला निवासी इसराना को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रायपुर के बिजनेसमैन महेंद्र गोयनका 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में अरेस्ट हुए हैं। कोलकाता पुलिस ने उन्हें दिल्ली से पकड़ा और कोर्ट में पेश करने के बाद 10 दिन की रिमांड पर लिया है। यह मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़ा है। आरोप है कि रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका ने फर्जी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के जरिए पाठक परिवार की कई कंपनियों पर कब्जा हासिल करने की कोशिश की। करीब 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। विधायक की कंपनी में प्रबंधन से जुड़े थे गोयनका पुलिस के मुताबिक, गोयनका पहले पाठक परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंधन से जुड़े पद पर कार्यरत था। आरोप है कि इसी दौरान उसने वित्तीय अनियमितताएं कीं और कंपनी का माल बेचकर बड़े पैमाने पर गबन किया। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 120-बी, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है। बिजनेसमैन पर कटनी में भी दर्ज हैं केस महेंद्र गोयनका और उसके सहयोगियों के खिलाफ मध्य प्रदेश के कटनी में भी जालसाजी के दो मामले दर्ज हैं। सहयोगी निदेशकों की अग्रिम जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कुछ आरोपी लंबे समय से फरार हैं। NCLT ने भी की थीं सख्त टिप्पणियां 9 मई 2025 को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय गबन के आरोपों पर सख्त टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा गोयनका की एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले भी जांच के दायरे में रहे हैं। आखिर क्या है मामला संजय पाठक के परिवार की कंपनी यूरो प्रतीक का मुख्यालय कोलकाता में है। महेंद्र गोयनका इस कंपनी के मैनेजमेंट में बड़े पद पर था। महेंद्र पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कंपनी के दो डायरेक्टर्स को हटाकर 4 अन्य लोगों को डायरेक्टर बना दिया था। इस मामले में कोलकाता में उसके खिलाफ 2024 में एफआईआर दर्ज की गई थी। कटनी के जिन डायरेक्टर्स को कंपनी से हटाया गया था, उन्होंने कटनी कोतवाली और कटनी के माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में लोअर कोर्ट, हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा, लेकिन आरोपियों को राहत नहीं मिली। इसके बाद इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने तेजी दिखाई। अब महेंद्र गोयनका को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। -------------------यह खबर भी पढ़ें महेंद्र गोयनका केस से अलग हुए जस्टिस पारदीवाला; सुप्रीम कोर्ट में थी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रहे खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका के चर्चित मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। इस केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस जेबी पारदीवाला ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब नई बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। यह पूरा विवाद कंपनी के पैसों की हेराफेरी, चेक बाउंस और दिवालिया प्रक्रिया (IBC) से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर
डिंडोरी जिले के शहपुरा तहसील मुख्यालय में रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शाम साढ़े छ बजे कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में तथा दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। आप के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता निर्मल साहू ने बताया कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर, नई दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने वांगचुक की मांगों को जायज बताते हुए केंद्र सरकार से उनसे संवाद स्थापित करने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, संवैधानिक अधिकारों और स्थानीय जनता के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आप कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। इसलिए आंदोलनकारियों के साथ बलपूर्वक कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की मांग की। कैंडल मार्च में उपाध्यक्ष अधिवक्ता विनय झारिया, सचिव प्रहलाद परस्ते, अनीश साहू, ओबीसी विंग जिला अध्यक्ष घनश्याम कुशवाहा, जिला संगठन मंत्री देवी प्रसाद साहू, युवा विंग जिला अध्यक्ष टेकचंद, विधानसभा शहपुरा अध्यक्ष दिलीप झारिया, संगठन मंत्री मनोज मिश्रा, उपाध्यक्ष एड अमित गुप्ता, सोशल मीडिया प्रभारी कृष्ण कुमार साहू, आकाश साहू और नन्द किशोर साहू सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने रविवार को पूर्वी दिल्ली की जनता को 2 बड़ी परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद, विधायक ओमप्रकाश शर्मा, विधायक रवि नेगी और बीवाईपीएल (BYPL) के अधिकारियों की उपस्थिति में गांधी नगर में रिमोट का बटन दबाकर 'स्मार्ट पेड माउंटेड सब स्टेशन' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस आधुनिक सब स्टेशन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक नागरिकों को रूफटॉप सोलर से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ बिजली पहुंचाना नहीं, बल्कि जनता को भरोसेमंद (रिलायबल), सस्ती (अफोर्डेबल), स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल (ग्रीन) बिजली देना है। पावर सेक्टर में 1,427 करोड़ का भारी निवेश केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली में ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए दीर्घकालिक और दूरदर्शी योजना के तहत काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में केवल एक वर्ष के भीतर पावर सेक्टर में 1,427 करोड़ रुपए का कैप्स (Capital Expenditure) निवेश किया गया है। इस भारी निवेश का उद्देश्य न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग के लिए एक बेहद मजबूत और आधुनिक बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) तैयार करना भी है।
नई दिल्ली से मेलबर्न जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-308) रविवार को निर्धारित समय से 6 घंटे देरी से उड़ी। हैरान करने वाली बात यह रही कि यात्रियों को रात 2:30 बजे ही विमान के अंदर बैठा दिया गया था, जिसके बाद वे लगभग 6 घंटे तक बिना किसी स्पष्ट जानकारी के अंदर ही फंसे रहे। इस अव्यवस्था को लेकर हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री और एयर इंडिया को टैग करते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद एयरलाइन ने इसे ऑपरेशनल कारण बताते हुए आंतरिक समीक्षा का आश्वासन दिया है। अधिवक्ता विकास बिश्नोई की बेटी देवांशी बिश्नोई इसी फ्लाइट में सोलो फीमेल ट्रैवलर के तौर पर सफर कर रही हैं। यात्रियों को लगातार 6 घंटे तक विमान के भीतर एक ही सीट पर बैठाए रखा गया। इस थकावट के बाद आगे 12 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान भी थी। फोन पर अपना दर्द साझा करते हुए देवांशी ने बताया- तय शेड्यूल के मुताबिक मुझे ऑस्ट्रेलिया के समयानुसार शाम 7:40 बजे मेलबर्न पहुंचना था। लेकिन इस देरी की वजह से अब मैं आधी रात को 12:50 बजे वहां उतरूंगी। किसी अनजान देश में आधी रात को अकेले लैंड करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक और मानसिक रूप से तनाव देने वाला है। बुजुर्ग दंपती भी रहे परेशान, 6 घंटे तक एक ही सीट पर बैठे रहे यात्री देवांशी ने बताया कि विमान में बड़ी संख्या में बुजुर्ग यात्री भी सवार थे, जो अपने परिवारों से मिलने ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। उनकी बगल की सीट पर केरल का एक बुजुर्ग दंपती बैठा था, जो इस लंबे इंतजार से बुरी तरह थक चुका था। लगातार कई घंटों तक एक ही सीट पर बंद रहना यात्रियों के लिए किसी सजा जैसा बन गया था। सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, एयर इंडिया ने दी सफाई अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने इस पूरे घटनाक्रम को यात्रियों के लिए कष्टदायक बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और टाटा समूह को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग की। मले पर एयर इंडिया ने आधिकारिक जवाब जारी करते हुए कहा कि उड़ान ऑपरेशनल (तकनीकी/परिचालन) कारणों से लेट हुई थी। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए शिकायतों को आंतरिक समीक्षा के लिए दर्ज कर लिया है। अधिवक्ता ने एयर इंडिया के कुप्रबंधन पर उठाए सवाल हिसार के अधिवक्ता विकास बिश्नोई ने 'दैनिक भास्कर' से बातचीत में एयर इंडिया के कुप्रबंधन पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा इंटरनेशनल फ्लाइट के नियमों के मुताबिक यात्रियों को 3 घंटे पहले चेक-इन करना होता है। बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी यात्रियों ने रात 10:45 बजे ही एयरपोर्ट पर एंट्री कर ली थी। इसके बाद बोर्डिंग गेट पर लंबा इंतजार कराया गया और रात 2:30 बजे सामान्य रूप से बोर्डिंग भी करवा दी गई। असली दिक्कत तब शुरू हुई जब बोर्डिंग के बाद यात्रियों को लगातार 6 घंटे तक विमान के भीतर एक ही सीट पर बैठाए रखा गया। इस थकावट के बाद आगे 12 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान भी थी। कुल मिलाकर 22-24 घंटे का यह सफर यात्रियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार 'हर घर तिरंगा-2026' अभियान को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी में है। इस बार इस अभियान से दिल्ली के स्वयं सहायता समूहों (SHG) को जोड़ा गया है, जिससे देशभक्ति के साथ-साथ महिलाओं और स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि इस साल पूरी दिल्ली में 15 लाख से अधिक तिरंगे वितरित किए जाएंगे। इनमें से 2 लाख राष्ट्रीय ध्वज दिल्ली के स्वयं सहायता समूहों से खरीदे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- “हर घर तिरंगा अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का जरिया है। सरकार जन-कल्याण के साथ-साथ आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। झंडे बनाने से स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनने का गौरव भी मिलेगा।” बड़ी बातें: जो आपके लिए जानना जरूरी है 2 लाख तिरंगे SHG से: राज्य शहरी आजीविका मिशन द्वारा चिन्हित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ये 2 लाख झंडे तैयार कराए जाएंगे। इससे शहरी गरीबों को रोजगार और स्थायी आजीविका मिलेगी। 15 लाख से ज्यादा का लक्ष्य: दिल्ली के हर घर तक तिरंगा पहुंचाने के लिए सरकार 15 लाख से अधिक झंडे बांटेगी। ऑनलाइन मार्केट से भी खरीद: 2 लाख झंडे स्वयं सहायता समूहों से लेने के अलावा, बाकी की जरूरत को पूरा करने के लिए ऑनलाइन बाजारों से भी तिरंगे खरीदे जाएंगे। आर्थिक मजबूती और देशभक्ति का संगम मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल का मकसद 'हर घर तिरंगा' की भावना को दिल्ली के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना है। स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान में शामिल करना स्थानीय समुदायों की आर्थिक मजबूती और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
IMD Weather Alert: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट। कई इलाकों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और भूस्खलन की चेतावनी जारी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अपने 52वें जन्मदिन पर काशी में अनादि, अविनाशी और मोक्षदायिनी बाबा श्री काशी विश्वनाथ एवं काशी के कोतवाल श्री काल भैरव के श्रीचरणों में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि काशी भारत की सनातन चेतना का शाश्वत प्रकाश है। यहां हर कण में शिव हैं, हर श्वास में भक्ति है और हर पग पर अध्यात्म का स्पंदन अनुभव होता है। बाबा विश्वनाथ की कृपा और काल भैरव जी का संरक्षण अनादिकाल से इस पावन धरा और इसके भक्तों का संबल रहे हैं। देश की समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखने, सभी को सुख, सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद देने हेतु प्रार्थना की एवं कामना की कि भारत निरंतर वैभव, यश और नई उपलब्धियों के शिखर स्पर्श करता रहे।
संसद के मॉनसून सत्र से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संसद मार्च को अनुमति नहीं मिली, संसद क्षेत्र में धारा 163 लागू, मल्टी-लेयर सुरक्षा और ट्रैफिक एडवाइजरी जारी।
हत्या के मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी और इनामी बदमाश जगदीश उर्फ फुक्कू को ग्वालियर थाना पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में नाम बदलकर सिलाई मास्टर के रूप में रह रहा था। ग्वालियर पुलिस की विशेष टीम लगातार पांच दिन तक दिल्ली में डेरा डाले रही और शनिवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। जहांगीरपुरी में बदल ली थी पहचान एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी दिल्ली में छिपा हुआ है। इसके बाद थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा के निर्देशन में एसआई अजय सिंह सिकरवार के नेतृत्व में टीम दिल्ली भेजी गई। टीम ने पांच दिन तक जहांगीरपुरी की कई गलियों और ठिकानों पर निगरानी की। सटीक सूचना मिलने पर शनिवार रात आरोपी को उसके किराए के कमरे से पकड़ लिया गया। वह वहीं बैठकर सिलाई का काम करता था और ज्यादातर समय कमरे में ही रहता था। भाई और बहनोई के साथ की थी हत्या पुलिस के अनुसार करीब पांच साल पहले जगदीश उर्फ फुक्कू ने अपने भाई टीकाराम और बहनोई के साथ मिलकर पुरानी रंजिश में पड़ोसी की हत्या कर दी थी। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी सजा बरकरार रखी थी। कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी कार्रवाई सजा बरकरार रहने के बावजूद आरोपी जेल नहीं पहुंचे तो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट की फटकार के बाद आरोपी टीकाराम ने कुछ दिन पहले आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि बहनोई पहले से जेल में बंद है। अंतिम फरार आरोपी जगदीश की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना को 25 जुलाई तक उसे पेश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने तय समय से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज कोर्ट में किया जाएगा पेश एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में दो साल से फरार स्थायी वारंटी जगदीश उर्फ फुक्कू को दिल्ली के जहांगीरपुरी से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम उसे ग्वालियर लेकर आ चुकी है और कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया जाएगा।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवण सिंह पंधेर ने 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली महा रैली को लेकर पंजाब के किसानों और मजदूरों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब से सैकड़ों बसें किसानों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगी। किसान मजदूर मोर्चा, ए.के.एम., बी.के.यू. एकता संघर्ष समेत कई किसान संगठनों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरवण सिंह पंधेर ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे। अमृतसर और गुरदासपुर जिले के किसान ब्यास में कल सुबह 11 बजे तक एकत्र होंगे, जबकि तरनतारन जिले के किसान गोइंदवाल साहिब में जुटेंगे। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों में भी किसानों के लिए अलग-अलग स्थान तय किए गए हैं। पंधेर ने दावा किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि समझौते में मक्का, सोयाबीन, कपास, ड्राई फ्रूट, सेब, नाशपाती और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं। उनके मुताबिक, इसे व्यापक व्यापार समझौता बताया जा रहा है, लेकिन व्यापकता के नाम पर कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई वस्तुएं इसमें शामिल हो सकती हैं। उन्होंने पंजाब के युवाओं, किसानों और मजदूरों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। पंधेर ने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और अन्य राज्यों से भी किसान दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को होने वाला यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन शाम 4 बजे समाप्त होगा। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों को दिल्ली जाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से न रोका जाए।
'रामायणम्' की भव्य शुरुआत, दिल्ली में हुआ 'प्रथम संकल्प' आयोजन, इस दिन रिलीज होगा फिल्म का ट्रेलर
नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायणम्' ने भारत से विश्व तक की अपनी यात्रा का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। 24 जुलाई को होने वाले इसके वैश्विक ट्रेलर प्रीमियर से पहले निर्माताओं ने नई दिल्ली में फिल्म की पहली विशेष झलक प्रस्तुत की। 'प्रथम संकल्प' नामक इस विशेष आयोजन के माध्यम से फिल्म की वैश्विक यात्रा की शुरुआत की गई। भारतीय परंपरा में संकल्प किसी महान कार्य की शुरुआत से पहले ली जाने वाली प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है। निर्माताओं ने इसे भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर रामायण को प्रामाणिकता, श्रद्धा और विश्वस्तरीय सिनेमाई प्रस्तुति के साथ दुनिया तक पहुंचाने की सामूहिक प्रतिबद्धता बताया। ALSO READ: 72nd National Film Awards: 'आर्टिकल 370' बनी बेस्ट फिल्म, कार्तिक आर्यन और ममूटी बने बेस्ट एक्टर इस अवसर पर फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी, निर्माता एवं क्रिएटिव आर्किटेक्ट नमित मल्होत्रा तथा फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट मौजूद रही। समारोह में अरुण गोविल (राजा दशरथ), शोभना (कैकेयी), अजिंक्य देव (महर्षि विश्वामित्र), कुणाल कपूर (देवराज इंद्र), रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) और रवि दुबे (लक्ष्मण) ने भाग लिया। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं अभिनेता सनी देओल की सरप्राइज उपस्थिति ने समारोह को और खास बना दिया। सनी देओल फिल्म में भगवान हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन के दौरान फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर की विशेष झलक भी दिखाई गई, जिसका विश्वव्यापी प्रीमियर 24 जुलाई को होगा। इसके साथ ही देशभर में आयोजित रामायण स्कूल्स प्रोग्राम के तहत 500 से अधिक स्कूलों और लाखों बच्चों की भागीदारी को भी रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के चुनिंदा विजेताओं को 'प्रथम संकल्प' समारोह में शामिल होने का अवसर मिला। निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय जीवन, परंपराओं और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की महान कहानियों को विश्व के सबसे बड़े मंच पर प्रस्तुत करना उनका लंबे समय से सपना रहा है और 'रामायणम्' उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण दुनिया की महानतम कहानियों में से एक है, जिसकी शक्ति उसके शाश्वत मूल्यों में निहित है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने इस विरासत को सम्मान और प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। फिल्म 'रामायणम् : पार्ट वन' दिवाली 2026 के अवसर पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि इसका आधिकारिक ट्रेलर 24 जुलाई को वैश्विक स्तर पर जारी किया जाएगा।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के एक दिन बाद उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की है।वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के ...
वाराणसी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को अपना जन्मदिन मनाया। वह अपने पति मनीष गुप्ता और बेटे निकुंज के साथ काशी पहुंचीं। वह शनिवार को ही काशी पहुंचीं थीं। रविवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काशी के कोतवाल श्री काल भैरव मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने बाबा विश्वनाथ के समक्ष दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और देश की प्रगति के लिए प्रार्थना की। सुबह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने परिवार के साथ वह काल भैरव मंदिर पहुंची जहां विधि विधान से उन्होंने पूजा अर्चना की पुजारी द्वारा उन्हें काला धागा दिया गया। उसके बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं। मंदिर प्रशासन और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने सबसे पहले मंदिर परिसर स्थित श्री अविमुक्तेश्वर महादेव का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक किया। इसके बाद गर्भगृह में पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा होने के बाद उन्होंने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया, जहां अधिकारियों ने उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उसके पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ होटल में केक काटा। पहले यह तस्वीरें देखिए… वैदिक विधि से हुआ रुद्राभिषेक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंदिर में वैदिक परंपरा के अनुसार विशेष रुद्राभिषेक कराया। इस अनुष्ठान में पांच विद्वान आचार्यों एवं पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न कराई। रुद्राभिषेक के दौरान सबसे पहले भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक किया गया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और चीनी का उपयोग किया गया। इसके पश्चात गंगाजल, तीर्थ जल तथा गन्ने के रस सहित विभिन्न पवित्र द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। शास्त्रीय विधान के अनुसार अभिषेक की धारा पूरे अनुष्ठान के दौरान निरंतर प्रवाहित होती रही। मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद मंदिर प्रशासन, पुजारियों और सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों से भी मुलाकात की तथा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उनके आगमन के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और दर्शन व्यवस्था को भी सुचारु रूप से संचालित किया गया। मुख्यमंत्री के काशी भ्रमण की यह तस्वीरें भी देखिए… अब जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन एवं दिल्लीवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण के लिए उनका आशीर्वाद लेने वाराणसी आई हूं। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी लोगों पर बनी रहे और देश निरंतर विकास एवं प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे। अपने जन्मदिन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज उन्हें अनादि, अविनाशी और मोक्षदायिनी काशी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ एवं काशी के कोतवाल श्री काल भैरव के श्रीचरणों में दर्शन-पूजन का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि काशी भारत की सनातन चेतना का शाश्वत प्रकाश है, जहां हर कण में शिव का वास, हर श्वास में भक्ति और हर कदम पर अध्यात्म का स्पंदन अनुभव होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा और काल भैरव जी का संरक्षण अनादिकाल से इस पावन नगरी और इसके भक्तों का संबल रहा है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें, सभी को सुख, सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद दें तथा भारत निरंतर वैभव, यश और नई उपलब्धियों के शिखर को स्पर्श करता रहे। लक्ष्मी चाय की दुकान पर ब्रेड मक्खन और चाय का स्वाद लिया मंदिर दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गाड़ी का काफिला लक्ष्मी टी शॉप पर पहुंचा। वहां उनके साथ विधायक रविंद्र जायसवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने काशी की प्रसिद्ध हींग कचौड़ी खाए। इसके बाद चाय और ब्रेड मक्खन का भी स्वाद लिया, जो लक्ष्मी चाय की दुकान पर सबसे प्रसिद्ध है। जन्मदिन की पूर्व संध्या पर गंगा आरती में शामिल हुईं, क्रूज की सैर की दो दिनों के लिए काशी पहुंचीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता अपने जन्मदिन से एक दिन पहले काशी में शनिवार को परिवार के साथ दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल हुईं। दीप जलाकर 45 मिनट तक विधि-विधान से पति मनीष गुप्ता के साथ पूजा की। इससे पहले गंगा में क्रूज की सैर करने उतरी रेखा गुप्ता ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी। गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में रेखा गुप्ता ने लिखा- “आज मां गंगा की आरती में शामिल होकर अपने आप को सौभाग्यशाली मान रही हूं। मां गंगा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूं। अपने राज्य के लिए भी सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हूं। मां गंगा मेरी प्रार्थना स्वीकार करें।” नमो घाट का भ्रमण कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के दौरान दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पूरी तरह भक्तिमय नजर आईं। वह कभी हाथ जोड़कर मां गंगा का स्मरण करती दिखीं तो कभी आरती की भव्यता और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तालियां बजाती रहीं। इस दौरान दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी उनका स्वागत किया। इससे पहले रेखा गुप्ता ने क्रूज पर बैठकर गंगा नदी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया है। नमो घाट का भ्रमण किया। उन्होंने गंगा तट पर विकसित आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और घाट की भव्यता का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की और घाट के विकास कार्यों की सराहना की। ------- ये खबर भी पढ़ें… पति को सांप डसवाने वाली बेटे के लिए रो रही:मेरठ जेल में करवटें बदलती रही, वजह पूछने पर चेहरा छिपाया, भाई बोला- मर गई मेरठ में स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी जेल में रातभर करवटें बदलती रही। सूत्रों के मुताबिक, वह 6 साल के बेटे को याद कर रोती रही। पुलिसवालों से एक बार बेटे को दिखाने की मिन्नतें करती रही। पढ़िए पूरी खबर
नई दिल्ली/लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली को लेकर एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली वैश्विक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के रहन-सहन की लागत को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) की प्रतिष्ठित ‘मैपिंग द वर्ल्ड्स प्राइसेज़ 2026’ रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को दुनिया के प्रमुख महानगरों में सबसे किफायती और सस्ते शहरों में गिना गया है। रिपोर्ट के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो डेट पर जाने, ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल करने और नया घर (Property) खरीदने के लिहाज से दिल्ली दुनिया के 69 बड़े शहरों में सबसे सस्ती जगहों में शामिल है। हालांकि, इस सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि दिल्ली में औसत मासिक वेतन (Average Salary) दुनिया के अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में बेहद कम है। यानी दिल्ली में रहने का खर्च भले ही कम हो, लेकिन लोगों की कमाई भी अपेक्षाकृत कम होने से उनकी वास्तविक क्रय शक्ति (Purchasing Power) प्रभावित हो रही है।डेटिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट पर सबसे कम खर्च, युवाओं की मौजडॉयचे बैंक की इस व्यापक रिपोर्ट में दुनिया भर के 69 बड़े वैश्विक शहरों की तुलनात्मक समीक्षा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में एक सामान्य वीकेंड डेट (Romantic Date) पर होने वाला औसतन खर्च पूरी दुनिया के प्रमुख शहरों में सबसे न्यूनतम स्तर पर है। इसके साथ ही, भारत में मिलने वाले ब्रॉडबैंड इंटरनेट (Broadband Internet) की मासिक लागत भी दुनिया के सबसे सस्ते इंटरनेट वाले देशों की सूची में शीर्ष पर है। यह डेटा साफ तौर पर दर्शाता है कि रोजमर्रा की कई डिजिटल और मनोरंजन सेवाएं दिल्ली में न्यूयॉर्क, लंदन या पेरिस जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की तुलना में कौड़ियों के भाव उपलब्ध हैं।न्यूयॉर्क और लंदन से बहुत सस्ता है दिल्ली में आशियाना बनानावैश्विक रियल एस्टेट (Real Estate) के मोर्चे पर भी दिल्ली ने विकसित देशों के मुकाबले बाजी मारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में रहने के लिए घर या फ्लैट खरीदने की लागत न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और ज्यूरिख जैसे महंगे शहरों की तुलना में काफी कम और पॉकेट-फ्रेंडली है। हालांकि, रियल एस्टेट विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के प्रमुख इलाकों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई है, इसके बावजूद वैश्विक मानकों पर यह शहर अब भी एक मिडिल क्लास फैमिली के लिए अपेक्षाकृत किफायती बना हुआ है। यही वजह है कि पहली बार घर खरीदने वाले (First-time Homebuyers) नौकरीपेशा लोगों के लिए दिल्ली आज भी एक बड़ा आकर्षण है।कम सैलरी बनी सबसे बड़ी चुनौती, सेविंग्स और निवेश पर असरसस्ती जीवन-यापन लागत (Cost of Living) के बीच रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक हिस्सा यहां के कामकाजी लोगों की आय से जुड़ा है। दिल्ली में काम करने वाले प्रोफेशनल्स का औसत मासिक वेतन दुनिया के बड़े विकसित शहरों की तुलना में काफी नीचे है। कम आय के कारण यहां रहने वाले लोगों की बचत (Savings) और भविष्य के लिए निवेश करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रगतिशील शहर की वास्तविक वित्तीय स्थिति का आकलन केवल कम कीमतों और सस्ते सामानों से नहीं किया जा सकता। टिकाऊ विकास के लिए नागरिकों की आय और उनके खर्च के बीच एक स्वस्थ संतुलन होना अनिवार्य है, जिसकी दिल्ली में फिलहाल कमी दिखती है।ट्रैफिक, प्रदूषण और लो-सैलरी से जीवन की गुणवत्ता प्रभावितरिपोर्ट में इस बात की ओर भी कड़ा संकेत दिया गया है कि बेहतर जीवन स्तर या जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) केवल सस्ती वस्तुओं या सेवाओं पर निर्भर नहीं करती। एक खुशहाल जीवन के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं, सुलभ सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छ वातावरण, रोजगार के बेहतरीन अवसर और सम्मानजनक आय का स्तर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली में रहने की लागत भले ही कम हो, लेकिन भयंकर वायु प्रदूषण (Air Pollution), अंतहीन ट्रैफिक जाम और वैश्विक मानकों से कम वेतन जैसी गंभीर चुनौतियां यहां के नागरिकों के जीवन स्तर को लगातार प्रभावित कर रही हैं।क्या कहते हैं अर्थशास्त्री? भविष्य की राह और सुधारबाजार के बड़े अर्थशास्त्रियों का मानना है कि दिल्ली की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत इसकी कम जीवन-यापन लागत है, जो नए स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों को फलने-फूलने का मौका देती है। लेकिन, यदि आने वाले समय में कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की आय में समान अनुपात में वृद्धि नहीं की जाती है, तो इस सस्तेपन का लाभ सीमित रह जाएगा। आने वाले वर्षों में यदि रोजगार के नए अवसर, बेहतर वेतनमान और बुनियादी ढांचों (Infrastructure) में तेजी से सुधार किया जाए, तो दिल्ली वैश्विक स्तर पर रहने और काम करने (Live and Work) के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक और पसंदीदा शहर बन सकता है। फिलहाल यह रिपोर्ट देश की राजधानी की उस हकीकत को बयां करती है, जहां कम खर्च और कम आय दोनों एक साथ समानांतर रूप से चल रहे हैं।
NEET यूजी 2026 के री-एग्जाम में ऑल इंडिया संयुक्त टॉपर बने फरीदाबाद के पंशुल बंसल की सफलता जितनी शानदार है, उसके पीछे का संघर्ष उतना ही भावुक है। पंशुल ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि पेपर लीक होने के कारण नीट परीक्षा रद्द कर दी गई है, तो उन्हें गहरा सदमा लगा था। उन्होंने कहा, मैं उस समय बहुत रोया था। दो साल की मेहनत एक पल में खत्म होती नजर आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि सब कुछ बिखर गया है। हालांकि परिवार ने उन्हें संभाला और समझाया कि जो हो चुका है, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन दोबारा मेहनत करके नई शुरुआत जरूर की जा सकती है। इसके बाद उन्होंने फिर से पूरी लगन के साथ तैयारी शुरू की और री-एग्जाम में 720 में से 715 अंक हासिल कर देश के संयुक्त टॉपर बने। रोज सिर्फ 7 घंटे पढ़ाई, बाकी समय खुद को रखते थे फ्रेश पंशुल ने बताया कि उन्होंने कभी 15-16 घंटे पढ़ाई करने का दबाव नहीं बनाया। वह रोजाना करीब 7 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते थे। बाकी समय दोस्तों के साथ बिताते थे। पियानो बजाना उनका पसंदीदा शौक है। उनका मानना है कि पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। पांचवीं कक्षा में तय कर लिया था डॉक्टर बनने का सपना पंशुल ने बताया कि उन्होंने पांचवीं कक्षा में ही डॉक्टर बनने का फैसला कर लिया था। उन्हें बचपन से ही फिजिक्स और केमिस्ट्री बेहद पसंद थी और इसी रुचि ने उन्हें मेडिकल क्षेत्र चुनने के लिए प्रेरित किया। 715 अंक, लेकिन बायोलॉजी में कम अंक होने से दूसरे स्थान पर री-एग्जाम में पंशुल ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। पंजाब के आर्यन गुप्ता ने भी 715 अंक प्राप्त किए, लेकिन बायोलॉजी में अधिक अंक होने के कारण आर्यन को पहली रैंक मिली, जबकि पंशुल संयुक्त टॉपर होने के बावजूद मेरिट क्रम में दूसरे स्थान पर रहे। पिता बनाना चाहते थे इंजीनियर, बेटे ने चुना मेडिकल पंशुल के पिता संजीव कुमार बंसल, जो एक व्यवसायी हैं, चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने। लेकिन जब पंशुल ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई, तो परिवार ने उनकी पसंद का सम्मान किया और मेडिकल की तैयारी में पूरा सहयोग दिया। फरीदाबाद से रोज दिल्ली जाकर की पढ़ाई पंशुल ने दिल्ली के कैलाश कॉलोनी स्थित समर फील्ड स्कूल से 12वीं की पढ़ाई की। इसी दौरान उन्होंने दिल्ली से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा की कोचिंग भी ली। वह रोज फरीदाबाद से दिल्ली आना-जाना करते थे। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान माता-पिता ने हर कदम पर उनका साथ दिया। जब कभी टेस्ट में कम अंक आते, तो डांटने के बजाय उनका हौसला बढ़ाया जाता था। सोशल मीडिया और दोस्तों से नहीं बनाई दूरी पंशुल का कहना है कि उन्होंने तैयारी के दौरान खुद को दुनिया से अलग नहीं किया। वह खाली समय में यूट्यूब, एनिमेशन वीडियो देखते थे और हर तीन महीने में टेस्ट के बाद दोस्तों के साथ घूमने भी जाते थे। कभी-कभी दोस्तों के साथ पार्टी भी करते थे। उनका मानना है कि लगातार पढ़ाई के बीच मानसिक ताजगी बनाए रखना जरूरी है। पिता की सलाह- बच्चों की तुलना कभी न करें पंशुल के पिता संजीव कुमार बंसल ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कम अंक आना असफलता नहीं है। हर बच्चे की अपनी प्रतिभा होती है। माता-पिता का काम उस प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाना है, न कि केवल अंकों के आधार पर बच्चे का मूल्यांकन करना।
देश में मानसून के दूसरी बार एक्टिव होने के साथ ही उत्तर भारत के सभी 14 राज्यों में बारिश का तेज दौर जारी है। इन राज्यों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। शनिवार को भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से उत्तराखंड की भी दो प्रमुख तीर्थयात्राएं प्रभावित हुईं। केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चर की सेवाएं रोक दी गईं और कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था भी रुक गया, क्योंकि IMD ने राज्य भर में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इधर, मौसम विभाग ने अगले 5 दिन उत्तर भारत के मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा अनिश्चितकालीन के लिए रोक दी है। रविवार को भी उत्तराखंड और सिक्किम, बंगाल के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश नहीं हो रही है। एमपी के भोपाल में शनिवार को बारिश के लिए एक अनोखा टोटका किया गया। कुछ लोगों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाए। दावा है कि ऐसा करने से इंद्रदेव खुश होंगे और बारिश होगी। 19 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अरुणाचल में बाढ़ से डेढ़ लाख प्रभावित, केदारनाथ रूट पर लैंड स्लाइड अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन के इस दौर में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,257 लोग प्रभावित हुए हैं। मानसून की मार से कुल 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं। इधर, पिथौरागढ़ में, कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था, जिसमें 50 तीर्थयात्री शामिल हैं धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है। बेस कैंप के इंचार्ज धन सिंह बिष्ट ने बताया कि गरबाधार में भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 20 जुलाई: 21 जुलाई:
विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित होने वाली मां गंगा की दैनिक भव्य आरती में शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने परिवार के साथ शामिल हुईं। लगभग 45 मिनट तक घाट पर मौजूद रहीं मुख्यमंत्री ने पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से मां गंगा का वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उनके पति मनीष गुप्ता भी उनके साथ रहे। आरती प्रारंभ होने से पहले मुख्यमंत्री ने मां गंगा का विधिवत पूजन कर दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने मां गंगा से देश और समाज के कल्याण का आशीर्वाद भी मांगा। पूजन के उपरांत उन्होंने गंगा तट पर दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा अर्पित की। वहीं गंगा नदी में नौका विहार के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाइफ जैकेट नहीं पहना था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का 19 जुलाई को जन्मदिन है। इससे एक दिन पहले वह काशी पहुंची। यहां पर उन्हों ने केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया है। इस दौरान उनका परिवार उनके साथ रहा। 4 तस्वीरें देखिए… मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबी विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबी नजर आईं। कभी वह हाथ जोड़कर मां गंगा का स्मरण करती दिखाई दीं तो कभी आरती की भव्यता और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तालियां बजाकर अपनी आस्था व्यक्त करती रहीं। घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी उनके आगमन का स्वागत किया। मां गंगा मेरी प्रार्थना स्वीकार करेंगंगा सेवा निधि के विज़िटर बुक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाव व्यक्त करते हुए लिखा, आज मां गंगा की आरती में शामिल होकर मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मान रही हूं। मां गंगा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूं। सबके भले की कामना करती हूं। अपने राज्य के लिए भी सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हूं। मां गंगा मेरी प्रार्थना स्वीकार करें। गंगा सेवा निधि की ओर से मुख्यमंत्री का पारंपरिक सम्मान भी किया गया। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी तथा सचिव सुरजीत सिंह और हनुमान यादव ने उन्हें अंगवस्त्र, प्रसाद एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया। नमो घाट की व्यवस्थाओं का लिया जायजाइससे पहले रेखा गुप्ता ने क्रूज पर बैठकर गंगा नदी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया है। नमो घाट का भ्रमण किया। उन्होंने गंगा तट पर विकसित आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और घाट की भव्यता का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों से बातचीत भी की और घाट के विकास कार्यों की सराहना की। नमो घाट के भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री क्रूज के माध्यम से विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखने के लिए रवाना हुईं। दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन आयोजित होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। नौका विहार के दौरान बिना लाइफ जैकेट दिखी सीएममुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस दौरे को लेकर चर्चाएं भी आम हैं। गंगा नदी में नौका विहार के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लाइफ जैकेट नहीं पहना था। इसके साथ ही उनके साथ सेल्फी खिंचवाने और वीडियो बनवाने वाले लोगों ने भी लाइफ जैकेट का इस्तेमाल नहीं किया था, जबकि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने इसे गंगा नदी में नौका विहार के दौरान अनिवार्य किया है। गंगा नदी में बिना लाइफ जैकेट के चलने वाले नाव और सेल्फी खिंचवाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कई बार चालान की कार्रवाई की है। इसके साथ ही कई नावों को भी सीज किया गया है। बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने आई हूंवाराणसी पहुंचने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह बाबा काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने आई हैं। उन्होंने कहा, मैं बाबा के धाम आई हूं। बाबा का आशीर्वाद लेने आई हूं, दिल्ली के लिए और दिल्ली के मेरे समस्त भाई-बहनों के लिए। काशी विश्वनाथ जी की इस पावन नगरी में जो भी आता है, उसे बाबा का आशीर्वाद मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करती हैं कि उनकी कृपा सभी देशवासियों पर बनी रहे और देश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे। देश और राज्यों की प्रगति के लिए की प्रार्थनारेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी कामना है कि पूरे देश पर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद बना रहे। उन्होंने कहा कि भारत निरंतर प्रगति करे और सभी राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें। मुख्यमंत्री के वाराणसी दौरे को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का बताया जा रहा है। उनके कार्यक्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन, नमो घाट भ्रमण और गंगा आरती में शामिल होना प्रमुख रहा।
जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा वैचारिक और रणनीतिक मोड़ आ गया है। केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) द्वारा नई दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले 'दिल्ली चलो' आंदोलन को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बड़ा झटका दिया है। शनिवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी इस विरोध प्रदर्शन में केवल एक ही सूरत में शामिल होगी, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस आंदोलन के मुख्य एजेंडे में जम्मू-कश्मीर के बुनियादी मुद्दों से जुड़ी कुछ अन्य अनिवार्य और सख्त मांगों को भी शामिल करेंगे।केवल राज्य का दर्जा मांगना अवाम से विश्वासघात: महबूबा मुफ्ती ने फारुख अब्दुल्ला को खत लिख रखा अपना स्टैंडपीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला को एक औपचारिक पत्र भेजकर अपनी शर्तों से अवगत करा दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अगर आंदोलन केवल पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित रहता है, तो इससे यह गलत संदेश जाएगा कि हम ५ अगस्त २०१९ को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले को स्वीकार कर चुके हैं। महबूबा ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की अवाम ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को केवल राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए भारी बहुमत नहीं दिया है; इसलिए एजेंडे में ऐतिहासिक आर्टिकल ३70 की बहाली, जेलों में बंद स्थानीय राजनीतिक कैदियों की बिना शर्त रिहाई और जमात-ए-इस्लामी जैसे सामाजिक-राजनीतिक संगठनों पर से प्रतिबंध हटाने की मांग को तुरंत जोड़ा जाना चाहिए।लद्दाख की तर्ज पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की वकालत: सामूहिक नेतृत्व से ही निकलेगा कश्मीर का समाधानमहबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा बिना किसी पूर्व विमर्श के इस तरह के एकतरफा आंदोलन की घोषणा करने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने सुझाव दिया कि लद्दाख के राजनीतिक नेतृत्व की तरह जम्मू-कश्मीर की सभी छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले एक व्यापक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाई जानी चाहिए, जिसमें न केवल राजनीतिक दलों के प्रमुख बल्कि नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) के प्रतिनिधि भी हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और सार्थक राजनीतिक प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है जब तक बुनियादी और अमानवीय परिस्थितियों को हल करने के लिए सभी नेता एक सुर में केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगें न रखें।जंतर-मंतर पर २० मार्च को शक्ति प्रदर्शन की तैयारी: मीरवाइज को न्योते पर भड़की भाजपाज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर की सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आगामी २० मार्च २०२6 को देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक विशाल धरने और प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है। उमर अब्दुल्ला का आरोप है कि केंद्र सरकार उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है और पूर्ण राज्य का दर्जा देने के वादे को लगातार टाल रही है। इस राष्ट्रीय आंदोलन को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने देश के तमाम विपक्षी नेताओं के साथ-साथ कश्मीर के प्रमुख धार्मिक और अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारुख को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला पर अलगाववाद को दोबारा बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है और इस पूरी कवायद का कड़ा विरोध किया है।
दिल्ली से सीधे ऋषिकेश तक दौड़ेगी रैपिड रेल, 5 घंटे का थकाऊ सफर अब सिर्फ 150 मिनट में होगा पूरा!
दिल्ली-एनसीआर से देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों और पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार और युगांतरकारी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देने वाली देश की सबसे तेज रीजनल रेल 'नमो भारत' (Namo Bharat) अब सीधे हिमालय की तलहटी तक का सफर तय करने जा रही है। केंद्र सरकार ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को मेरठ के मोदिपुरम स्टेशन से आगे बढ़ाते हुए विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों हरिद्वार और ऋषिकेश तक ले जाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह लगभग १५० किलोमीटर लंबा नया एक्सटेंशन कॉरिडोर देश के सबसे बड़े पर्यटन हब को दिल्ली से जोड़कर सफर के समय को आधा कर देगा।उत्तराखंड के प्रयासों को मिली हरी झंडी: 'गंगा ग्रोथ कॉरिडोर' के लिए ग्राउंड वर्क और डीपीआर की तैयारी शुरूयह महापरियोजना उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी का परिणाम है। केंद्र सरकार से औपचारिक हरी झंडी मिलने के बाद अब उत्तराखंड सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) संयुक्त रूप से इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में जुट गए हैं। इस पूरे रूट का व्यापक हवाई और जमीनी सर्वे करने के साथ-साथ एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, जिसमें स्टेशनों की संख्या, आवश्यक भूमि अधिग्रहण और जटिल इंजीनियरिंग रूट मैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उत्तराखंड शासन ने इस मेगा प्रोजेक्ट के त्वरित क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है।मेरठ से लक्ष्मण झूला तक का रूट मैप: जानिए किन-किन बड़े शहरों से होकर गुजरेगी नमो भारतयह अत्याधुनिक सेमी-हाई-स्पीड रेल ट्रैक वर्तमान में संचालित हो रहे दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के अंतिम छोर यानी मोदिपुरम (मेरठ) से आगे विस्तार पकड़ेगा। उत्तर प्रदेश के हिस्से में यह कॉरिडोर मोदिपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र और उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा पर स्थित पुरकाजी कस्बे से होकर गुजरेगा। इसके बाद सीमा पार करते हुए यह ट्रेन शिक्षा के बड़े केंद्र रुड़की (IIT रुड़की) और हरिद्वार में पवित्र हर की पौड़ी के करीब से गुजरती हुई सीधे ऋषिकेश में प्रतिष्ठित लक्ष्मण झूला के समीप नवनिर्मित टर्मिनल स्टेशन पर जाकर समाप्त होगी। इस विशाल नेटवर्क का सबसे अनूठा लाभ यह होगा कि हरिद्वार और ऋषिकेश के यात्री बिना किसी रुकावट के गाजियाबाद, आनंद विहार और सराय काले खान पहुंच सकेंगे, जिसे भविष्य में दिल्ली-पानीपत और जेवर एयरपोर्ट रैपिड रेल रूट से भी इंटरचेन्ज के जरिए जोड़ा जाएगा।भारी ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत: १६० किमी की रफ्तार से वीकेंड टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्टवर्तमान समय में दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार जाने वाले मुसाफिरों को राष्ट्रीय राजमार्ग-५८ (NH-58) पर मिलने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और जटिल मोड़ों से जूझना पड़ता है, जिससे सड़क मार्ग से यात्रा तय करने में औसतन ५ से ६ घंटे का लंबा समय बर्बाद होता है। चूंकि नमो भारत ट्रेनें १६० किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड से पटरियों पर दौड़ने की क्षमता रखती हैं, इसलिए इस डेडीकेटेड ट्रैक के चालू होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश की कुल दूरी महज ढाई से तीन घंटे (१५० मिनट) में आसानी से नापी जा सकेगी। इस क्रांतिकारी परिवहन प्रणाली के विकसित होने से दिल्ली-एनसीआर के कामकाजी लोग और युवा वीकेंड पर आसानी से एडवेंचर स्पोर्ट्स और आध्यात्मिक शांति के लिए ऋषिकेश आ-जा सकेंगे और सुबह जाकर शाम तक वापस अपने घर लौट सकेंगे।निवेश और फंडिंग का महायोजना: वैश्विक बैंकों की मदद से आकार लेगी कई हजार करोड़ की यह परियोजनायद्यपि सरकार ने विस्तृत सर्वे और डीपीआर पूरा होने से पहले इस बड़े प्रोजेक्ट की सटीक आधिकारिक लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन बुनियादी ढांचे के विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह एक बेहद विशाल पूंजी निवेश वाला प्रोजेक्ट होगा। संदर्भ के लिए, ८२.१५ किलोमीटर लंबे मौजूदा दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के निर्माण में करीब ₹३०,२७4 करोड़ का बड़ा खर्च आया था, और चूंकि यह नया ऋषिकेश एक्सटेंशन कॉरिडोर उससे लगभग दोगुना लंबा है, इसलिए इसमें भारी बजटीय आवंटन की आवश्यकता होगी। इस वित्तीय आवश्यकता को पूरा करने के लिए केंद्र और दोनों राज्य सरकारों के अंशदान के साथ-साथ एशियाई विकास बैंक (ADB) और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से बड़े ऋण समझौते किए जा सकते हैं, जबकि उत्तराखंड सरकार ने कुंभ क्षेत्र के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹७५0 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मांगी है।केवल तीर्थयात्रा नहीं बल्कि व्यापारिक क्रांति: रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग और महाकुंभ २०२७ के लिए गेम चेंजरआर्थिक जगत के विश्लेषकों और लोहिया वर्ल्डस्पेस के प्रबंध निदेशक पीयूष लोहिया का स्पष्ट मानना है कि इस कॉरिडोर के आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पूरी व्यावसायिक तस्वीर बदल जाएगी। इस कॉरिडोर के चालू होने से मुजफ्फरनगर के वेयरहाउसिंग सेक्टर और रुड़की के छात्र-आवास (हॉस्टल्स) व रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त तेजी देखी जाएगी, साथ ही मुरादाबाद के पीतल उद्योग के निर्यातकों को भी हाईवे पर जाम कम होने से माल को दिल्ली भेजने में बड़ी लॉजिस्टिक्स राहत मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर के बड़े निवेशकों द्वारा हरिद्वार और ऋषिकेश में हॉलिडे होम्स, लग्जरी विला और सर्विस अपार्टमेंट्स में भारी निवेश करने की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साल २०२७ में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ और वार्षिक चारधाम यात्रा के दौरान जब उत्तराखंड के मार्ग वाहनों के अत्यधिक दबाव से हांफने लगते हैं, तब यह हाई-स्पीड रैपिड रेल प्रणाली राज्य के संपूर्ण ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए एक अचूक सुरक्षा कवच साबित होगी।
करनाल जिले में जीटी रोड पर गांव बुटाना के पास शुक्रवार-शनिवार की रात एक युवक से लूटपाट की वारदात सामने आई है। दिल्ली का एक युवक अपने दोस्त के साथ चंडीगढ़ से लौट रहा था, तभी रास्ते में 3-4 बदमाशों ने उसकी स्कूटी और मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात के दौरान युवक को चोटें भी आई हैं, जबकि उसका दोस्त मौके से लापता बताया जा रहा है। शिकायत के आधार पर बुटाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली निवासी गौरव ने बताया कि, वह 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे चंडीगढ़ से अपनी ससुराल से चला था। उसके साथ उसका दोस्त वीरु भी था। दोनों ने चंडीगढ़ में शराब का सेवन किया और स्कूटी पर दिल्ली के लिए निकल पड़े। गौरव के अनुसार, 18 जुलाई की सुबह करीब 4:30 बजे जब वे जीटी रोड पर गांव बुटाना पार कर रहे थे, तभी उसके दोस्त वीरु ने पेशाब के लिए स्कूटी रुकवाई। जैसे ही उसने स्कूटी रोकी, अचानक 3-4 अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे और उसकी स्कूटी और मोबाइल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद उसका दोस्त वीरु भी मौके पर नहीं मिला, जिससे उसकी गुमशुदगी की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टर ने एक गंभीर और एक साधारण चोट बताई घायल गौरव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मेडिकल किया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उसके बाएं कंधे पर हड्डी उभरी हुई पाई गई, जिसके लिए एक्स-रे और ऑर्थोपेडिक राय की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा बाएं कंधे पर तीन खरोंचें भी पाई गईं। डॉक्टर ने एक चोट को गंभीर और दूसरी को साधारण बताया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में दर्ज किया केस थाना बुटाना में पीएसआई मनोज और सब इंस्पेक्टर संजीव की मौजूदगी में शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने अज्ञात 3-4 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। पुलिस अब लूटे गए वाहन और मोबाइल के साथ-साथ लापता युवक वीरु की भी तलाश में जुटी हुई है।
दिल्ली में फैंस के नाम होगी फाइनल की रात: फीफा वर्ल्ड कप
नई दिल्ली, फीफा वर्ल्ड कप की मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना इतिहास रचने से बस एक जीत दूर है। रविवार देर रात (भारतीय समय के अनुसार) मेटलाइफ स्टेडियम में खिताबी मैच खेला जाएगा।
दिल्ली-NCR, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में 10 दिन से अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही? जानिए IMD के अनुसार 'ब्रेक इन मॉनसून', अल नीनो और मानसून ट्रफ का पूरा असर तथा कब लौटेगी झमाझम बारिश।
हरियाणा के नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार दोपहर एक टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा सदर थाना फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव बघोला के पास हुआ। बस पलटने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे से गुजर रहे राहगीर और आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। बस के दरवाजे क्षतिग्रस्त होने के कारण जाम हो गए। इसके बाद लोगों ने शीशे तोड़कर एक-एक कर यात्रियों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सात यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर सदर थाना फिरोजपुर झिरका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य संभाला। घायल यात्रियों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर जाम भी लग गया। पुलिस ने टूरिस्ट बस को किसी तरह सड़क किनारे कराकर ट्रैफिक सुचारु कराया। टूरिस्ट बस हादसे के कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… हादसे का कारण पता कर रही पुलिस थाना सदर फिरोजपुर झिरका प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होने के कारण पलटी। कुछ लोग ड्राइवर के नशे में होने की बात भी कह रहे थे। फिलहाल, राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। -------------------------- सड़क हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… घायल ड्राइवर-हेल्पर को तड़पता छोड़ लोगों ने लूट लिए आम,VIDEO:गुरुग्राम में बेकाबू होकर पलटा पिकअप, हाईवे पर बिखरीं पेटियां; थैलों में भरकर ले गए हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर आम से भरा एक पिकअप बेकाबू होकर पलट गया। इस हादसे हादसे में जहां पिकअप ड्राइवर और हेल्पर घायल हो गए, वहीं इसमें लदे आम सड़क पर बिखर गए। हादसा देख वहां से गुजर रहे लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। (पूरी खबर पढ़ें)
पटना से दिल्ली तक हलचल! लालू यादव को दिल्ली AIIMS किया गया शिफ्ट, मीसा भारती ने प्रशासन को घेरा
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत एक बार फिर से चिंता का विषय बनी हुई है। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में इलाज करा रहे लालू यादव को अब बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए दिल्ली एम्स (AIIMS) शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान उनकी बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती ने पिता के स्वास्थ्य को लेकर ताजा जानकारी साझा की है, साथ ही पटना प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर अपना सख्त गुस्सा भी जाहिर किया है। लालू यादव के स्वास्थ्य को लेकर आरजेडी समर्थकों और बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई है।मीसा भारती का खुलासा, स्वास्थ्य को लेकर दी बड़ी जानकारीमीसा भारती ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पटना में इलाज के दौरान लालू यादव की सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि लालू जी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है। मीसा ने अपने पिता की सेहत पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उनकी पुरानी बीमारियों और बढ़ती उम्र को देखते हुए कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता। दिल्ली में डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी करेगी।अस्पताल की व्यवस्था पर फूटा मीसा का गुस्सालालू यादव को शिफ्ट करने के दौरान पटना प्रशासन और अस्पताल की व्यवस्था पर मीसा भारती खासी नाराज दिखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजीआईएमएस में सुविधाएं और प्रबंधन का स्तर संतोषजनक नहीं रहा, जिससे इलाज में बाधाएं आ रही थीं। उन्होंने सीधे तौर पर पटना प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि व्यवस्था में भारी चूक हुई है और सहयोग के बजाय बाधाएं पैदा की गईं। मीसा ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चालालू यादव को दिल्ली शिफ्ट करने की खबर मिलते ही समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। दिल्ली एम्स में भी उनके पहुंचने से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लालू यादव के साथ मीसा भारती और परिवार के अन्य सदस्य भी दिल्ली रवाना हो गए हैं। बिहार की राजनीति में लालू यादव का स्वास्थ्य हमेशा से केंद्र बिंदु रहा है, और अब उनके दिल्ली जाने के बाद पटना के सियासी समीकरणों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। समर्थक लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के बरावा हरगुन गांव में शनिवार सुबह एक विवाहिता का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मायके पक्ष ने विवाहिता की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है।पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय सुषमा के रूप में हुई है, जो बरावा हरगुन निवासी 31 वर्षीय अंकित कुमार की पत्नी थी।अंकित सुषमा संग दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। बताया जा रहा कि कुछ दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद अंकित पत्नी को दिल्ली में छोड़कर गांव लौट आया था।करीब तीन दिन पहले सुषमा भी दिल्ली से अपने ससुराल आ गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे पति-पत्नी के बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। शनिवार तड़के करीब चार बजे जब घर के अन्य सदस्य जागे, तो सुषमा का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला। घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। मृतका की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि तीन वर्ष पहले उनकी बेटी की शादी अंकित से हुई थी। दंपति की छह माह की एक मासूम बेटी भी है। मां का आरोप है कि रात में बेटी के साथ मारपीट की गई थी और उसने फोन कर अपने पिता को इसकी जानकारी भी दी थी। पिता ने सुबह आने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मां ने दावा किया कि सुषमा की हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया है। बताया जा रहा है कि अंकित तीन भाइयों में सबसे छोटा है और घटना के समय उसके माता-पिता भी घर पर मौजूद थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आत्महत्या और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज द्वारा 15 जुलाई को जारी प्रस्ताव (रिजॉल्यूशन) में बताया गया कि वीणा रानी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया गया।
दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अपने साथ ले गई। पुलिस ने जानकारी दी कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जरूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
संभल के जिला मजिस्ट्रेट अंकित खंडेलवाल ने गुन्नौर तहसील के असदपुर ग्राम पंचायत से जुड़े दिल्लीपुर सुखैला भूमि आवंटन मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने वर्ष 2019 में किए गए शेष 145 पट्टों को निरस्त कर दिया है। इस निर्णय के साथ, लगभग 845 बीघा सार्वजनिक भूमि को उसकी मूल राजस्व श्रेणी 5(3) (झाऊ) और श्रेणी 6(4) (रेता) में दर्ज करने का आदेश दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित भूमि का किया गया आवंटन प्रारंभ से ही विधि विरुद्ध और शून्य प्रभावी था। इसलिए, इसे बरकरार नहीं रखा जा सकता था। यह मामला गुन्नौर के तत्कालीन एसडीएम की निगरानी में वर्ष 2019 में कुल 162 पट्टों के आवंटन से जुड़ा है। वर्ष 2021 में तत्कालीन एडीएम ने इनमें से 17 पट्टे निरस्त कर दिए थे, लेकिन 145 पट्टों को बहाल रखा गया था। वर्तमान सुनवाई इन्हीं 145 पट्टों की वैधता पर केंद्रित थी। सुनवाई के दौरान, छह लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि सात पट्टा धारक उपस्थित नहीं हुए। शेष 138 पट्टा धारकों ने अपने जवाब दाखिल किए। अभिलेखों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित किया। जांच में पाया गया कि लगभग 56 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि की राजस्व श्रेणी बदलकर उसका पट्टा कर दिया गया था, जो नियमों के विपरीत था। जांच में यह पुष्टि हुई कि भूमि मूल रूप से सार्वजनिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित थी, और उसका आवंटन राजस्व नियमों का उल्लंघन था। इसी आधार पर सभी शेष पट्टे निरस्त कर दिए गए और पूरी 845 बीघा भूमि को उसकी मूल श्रेणी में पुनः दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन एडीजीसी (राजस्व) जय भारद्वाज, तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह, तत्कालीन चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजीव कुमार और तत्कालीन ग्राम प्रधान विक्रांत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कुल 19 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज है। तत्कालीन तहसीलदार करम सिंह चौहान भी आरोपित बनाए गए, शासन ने उन्हें सुल्तानपुर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से निलंबित कर दिया। इसके अलावा भूमि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है।
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (Delhi-NCR) में मॉनसून की बेरुखी के चलते लोग भीषण और दमघोंटू उमस भरी गर्मी का सामना कर रहे हैं. इसी बीच मौसम विभाग (IMD) से दिल्लीवालों के लिए एक बड़ी राहत और एक बड़ी चेतावनी दोनों साथ आई हैं. दिल्ली में शुक्रवार (17 जुलाई) को पिछले 5 साल में जुलाई के महीने की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जिसने लोगों को बेहाल कर दिया. हालांकि, इस भीषण तपन के बीच अब मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आज शनिवार (18 जुलाई) और रविवार (19 जुलाई) के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश का 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.न्यूनतम तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड, 2021 के बाद सबसे गर्म रातसफदरजंग मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले पांच वर्षों में जुलाई के महीने में दर्ज की गई सबसे गर्म रात है। इससे पहले 1 जुलाई 2021 को न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। रात के समय हवा पूरी तरह बंद होने और वातावरण में अत्यधिक नमी (Humidity) होने के कारण लोगों को घरों के भीतर और बाहर भारी परेशानी झेलनी पड़ी।38.8 डिग्री तापमान पर 51 डिग्री जैसी गर्मी का अहसासकेवल रात ही नहीं, बल्कि दिल्ली का दिन भी भयंकर रूप से तप रहा है। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री ज्यादा यानी 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा में 46 से 74 फीसदी तक की उच्च आर्द्रता (उमस) के चलते लोगों को असल में 48 से 51 डिग्री सेल्सियस जैसी झुलसाने वाली गर्मी (Real Feel Temperature) महसूस हुई। लोधी रोड में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और पालम में 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.येलो अलर्ट: वीकेंड पर तेज हवाओं के साथ बारिश की उम्मीदमौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण दिल्ली का मौसम आज दोपहर बाद बदल सकता है। शनिवार और रविवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है। इस बारिश से उमस से तो तुरंत राहत नहीं मिलेगी, लेकिन अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ सकता है.20 जुलाई के बाद आएगा मॉनसून का असली यू-टर्नस्काईमेट और आईएमडी के विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून का जो लंबा ब्रेक चल रहा था, वह अब समाप्त होने की कगार पर है। असली और व्यापक राहत 20 से 22 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे लंबे समय से सूखी पड़ी दिल्ली को भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी। इस बीच, शुक्रवार शाम दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार रात सीकर में कॉकरोच जनता पार्टी ने SFI के साथ मिलकर मशाल जुलूस निकाला। जुलूस सीकर में पिपराली सर्किल से शुरू होकर सीएलसी चौराहे पर पहुंचा। पहले इस कार्यक्रम में कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके आने वाले थे, लेकिन वह नहीं पहुंचे। उनकी जगह पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास पहुंचे। जिन्होंने माइक लेकर वीडियो कॉल पर अभिजीत दीपके का संबोधन करवाया। दीपके ने कहा कि इस मूवमेंट को सबसे ज्यादा सपोर्ट राजस्थान से मिला है। उनका यहां पर आने का काफी मन था। सीकर की जनता को धन्यवाद देने आएंगे लेकिन वह यहां पर आते तो पुलिस वाले दिल्ली से धरना उठा लेते। अभिजीत ने कहा कि जब यह प्रोटेस्ट खत्म हो जाएगा तो सबसे पहले वह सीकर की जनता को धन्यवाद देने के लिए आएंगे। अभिजीत ने 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में शामिल होने के लिए लोगों से अपील की। कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा कि मैंने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ कई आरटीआई फाइल की हुई थी। उन्होंने जो बयान दिया उसमें उन्होंने कहा था आजकल के युवा आरटीआई फाइल कर देते हैं, आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं, मीडिया में चले जाते हैं। प्रधान सीट पर फेविकोल चिपकाकर बैठे हैं मुझे पता नहीं कि यह बात उन्होंने मेरे लिए कई हो। लेकिन वह मुझसे खफा हैं। अब इसका जवाब तो वह अपने रिटायरमेंट के बाद ही देंगे। इस तरह के चीफ जस्टिस हम डिजर्व नहीं करते। बात रही देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तो 90 पेपरलीक हुए हैं। लेकिन वह अपनी सीट पर फेविकोल चिपकाकर बैठे हैं।
अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई
Sonam Wangchuk news in hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी।
RJD सुप्रीमो लालू यादव की तबीयत बिगड़ी है। शुक्रवार को उन्हें इलाज के लिए पटना के IGIMS लाया गया। उनके साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और बड़े बेटे तेजप्रताप साथ में थे। लालू यादव ने आईजीआईएमएस में अपनी आंख का चेकअप कराया। उनकी आंखों की जांच HOD डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने की। इसके बाद उनका ईसीजी किया गया। उन्हें 2 घंटे के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा गया। मीसा भारती ने कहा कि फिलहाल वह ठीक है। लालू जी का दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है, इसलिए आज यानी शनिवार को दिल्ली जाएंगे। मीसा भारती ने कहा कि कौटिल्या नगर इलाके में गंदगी ज्यादा है, जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हुई, लेकिन हम लोग इस बात को बोलेंगे तो लोगों को लगेगा कि हम लोग आवास के लिए रोना रो रहे हैं। चक्कर आने के बाद इलाज के लिए IGIMS लाया गया मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो चक्कर आने के बाद उन्हें इलाज के लिए यहां लाया गया है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनकी जांच कर रही है। उनकी सेहत को लेकर अधिक जानकारी मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मई में रूटीन चेकअप के लिए गए थे सिंगापुर बता दें कि लालू यादव पोस्ट ट्रांसप्लांट रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए 2 महीने पहले सिंगापुर गए थे। दिल्ली की अदालत से विदेश यात्रा की अनुमति मिली थी। तेजस्वी यादव ने बताया था कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टरों ने उनको हर तीन महीने पर रूटीन चेकअप की सलाह दी थी, लेकिन पिछले करीब एक साल से नियमित जांच नहीं हो पाई थी। उनकी आंख का ऑपरेशन भी हुआ था और उन्हें आंखों से जुड़ी परेशानी बनी हुई थी। 7 महीने पहले दिल्ली में हुआ था आंख का ऑपरेशन दिसंबर 2025 में आंखों की जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी आंखों में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) और रेटिना से जुड़ी समस्या पाई थी। इसके बाद दिल्ली के एक निजी नेत्र अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों की देखरेख में उनकी कैटरेक्ट और रेटिना की सर्जरी की गई। डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और सर्जरी के बाद उनकी स्थिति सामान्य रही। उन्हें कुछ समय आराम करने और नियमित फॉलोअप कराने की सलाह दी गई थी। 1 जुलाई को RJD के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे लालू 1 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपना 30वां स्थापना दिवस मनाया था। पटना में पार्टी ऑफिस में लालू यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, ‘हम लड़े हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे।’ इस कार्यक्रम में लालू को उठने-बैठने और चलने में थोड़ी परेशानी होती दिखी, लेकिन उनकी तबीयत ठीक थी। लालू इसके बाद भी पटना की सड़कों पर गाड़ी में सवार होकर घूमते दिखाई दिए। RJD ऑफिस की कुछ तस्वीरें देखिए…
दिल्ली में मौसम बिगड़ा; इंडिगो की सूरत-दिल्ली फ्लाइट जयपुर डायवर्ट
दिल्ली में खराब मौसम का असर शुक्रवार को फ्लाइट संचालन पर भी देखने को मिला। सूरत से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-6399 को दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण जयपुर डायवर्ट कर सुरक्षित उतारा गया। यात्रियों को फ्लाइट के अंदर ही रखा गया है। बाद में दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद फ्लाइट को रवाना किया जाएगा। दिल्ली में मौसम खराब होने या रनवे पर दबाव बढ़ने की स्थिति में जयपुर एयरपोर्ट अक्सर वैकल्पिक एयरपोर्ट की भूमिका निभाता है। दिल्ली से नजदीकी और बेहतर परिचालन क्षमता के कारण फ्लाइट को ऐसी परिस्थितियों में जयपुर उतारा जाता है।
नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित डेरा मंडी और मंडी गांव के निवासियों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है। पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को डेरा मंडी क्षेत्र का दौरा कर जलभराव, सीवर और सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ मौके पर समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डेरा मंडी रोड के पास मंडी गांव में भारी जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला है, जिसके कारण बारिश का पानी यहां एकत्र हो जाता है। पहले यह पानी प्राकृतिक नालों के जरिए हरियाणा की ओर निकल जाता था, लेकिन शहरीकरण और कंक्रीटीकरण के कारण निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं। बनाया जाएगा नया आरसीसी ड्रेन : प्रवेश मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी डेरा मंडी रोड से डेरा भाटी रोड होते हुए बांध रोड तक नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन बनाएगा। इसके बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करना और भविष्य में जलभराव की समस्या को समाप्त करना है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार केवल हर बारिश के बाद पानी निकालने पर नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। इसके लिए शहर के संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और जहां जरूरत होगी, वहां दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया। परियोजना की मुख्य बातें जलभराव की वजह
दिल्ली पुलिस को अपना नया नेतृत्व मिल गया है। एक बेहद अनुभवी और जांबाज अधिकारी ने अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर कार्यभार संभाला है। उनकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है—इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने अपनी कॉरपोरेट करियर की राह छोड़कर यूपीएससी (UPSC) जैसी कठिन परीक्षा को पास किया और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। आज, वह राजधानी की कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालते हुए सुरक्षा का नया ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए चर्चा में हैं।इंजीनियरिंग से वर्दी तक का सफरदिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी रही है। इंजीनियरिंग के छात्र होने के नाते उनमें तार्किक सोच और जटिल समस्याओं को सुलझाने की अद्भुत क्षमता है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि उनका असली मकसद समाज की सेवा करना है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी का कठिन रास्ता चुना। यूपीएससी की तैयारी के दौरान दिखाई गई उनकी एकाग्रता और कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि आज वे दिल्ली पुलिस के शीर्ष पद पर आसीन हैं।अब दिल्ली की सुरक्षा का नया 'डिजिटल' अध्यायकमिश्नर के पद पर नियुक्त होने के बाद उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनका ध्यान 'स्मार्ट पुलिसिंग' पर होगा। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होने के कारण, वे दिल्ली की सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए वे सीसीटीवी नेटवर्क के एकीकरण और डेटा-संचालित पुलिसिंग (Data-Driven Policing) पर विशेष जोर दे रहे हैं ताकि अपराधियों को किसी भी सूरत में न बख्शा जाए।राजधानी के लिए चुनौतियां और प्राथमिक रणनीतिदिल्ली जैसी महानगर की कमान संभालना एक बड़ी चुनौती है, जहाँ सुरक्षा के कई संवेदनशील आयाम हैं। कमिश्नर ने अपनी प्राथमिकताओं में महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों पर नकेल और स्थानीय थाना स्तर पर पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी है। स्थानीय लोगों के बीच भरोसा जगाने और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वे 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रहे हैं। उनके पदभार संभालने के बाद से ही दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक गलियारों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।एक मिसाल बने नए कमिश्नरउनकी यह नियुक्ति उन युवा छात्रों के लिए प्रेरणा है जो इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी क्षेत्रों के बाद प्रशासनिक सेवा की ओर रुख करना चाहते हैं। एक इंजीनियर से देश के सबसे बड़े महानगर के पुलिस कमिश्नर बनने तक का उनका यह सफर यह साबित करता है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो किसी भी क्षेत्र का ज्ञान देश सेवा के काम आ सकता है। दिल्ली की जनता को अब उनसे बेहतर सुरक्षा और त्वरित न्याय मिलने की बड़ी उम्मीदें हैं, जिस पर खरे उतरने के लिए वे अपनी पूरी टीम के साथ सक्रिय हो चुके हैं।
दिल्ली पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया। केंद्र सरकार ने 1994 बैच के AGMUT कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को दिल्ली का नया पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) नियुक्त किया है। वह मौजूदा पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा का स्थान लेंगे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार अनुराग कुमार कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। वहीं, सतीश गोलचा को नई तैनाती तक उपराज्यपाल (एलजी) कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। IB में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे अनुराग कुमार फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। नियुक्ति से एक दिन पहले कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उन्हें उनके मूल AGMUT कैडर में वापस भेजने की मंजूरी दी थी। राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों और संवेदनशील खुफिया मामलों में तीन दशक से अधिक के अनुभव के कारण उन्हें राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह मंत्रालय के आदेश में केवल उनकी नियुक्ति सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में वीवीआईपी सुरक्षा, बढ़ते साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और आगामी संवेदनशील आयोजनों को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अनुराग कुमार का खुफिया तंत्र में लंबा अनुभव कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगा। हालांकि, सरकार ने नियुक्ति के पीछे किसी विशेष कारण का आधिकारिक उल्लेख नहीं किया है। गृह मंत्रालय के आदेश में केवल उनकी नियुक्ति और सतीश गोलचा की नई तैनाती तक की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को शकूरपुर से 45 नए आयुष्मान जन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को उसके घर और कॉलोनी के पास ही गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सीएम ने बताया कि राजधानी में वर्तमान में 415 से अधिक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जहां लोगों को मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। सरकार जल्द ही 1,100 से अधिक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर स्थापित करने के अपने लक्ष्य को भी पूरा करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा। निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध इन केंद्रों पर मरीजों को ओपीडी परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, आवश्यक दवाइयां तथा 80 से अधिक प्रकार की निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और मोहल्ला स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम नागरिकों को सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उद्घाटन समारोह में विधायक तिलक राम गुप्ता, निगम पार्षद किशन लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय खटाना सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नवादा के वारिसलीगंज के छात्र आयुष भलोटिया ने NEET UG में देश भर में चौथा स्थान (AIR 4) हासिल किया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणामों के बाद उनके गृहक्षेत्र वारिसलीगंज में जश्न का माहौल है। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ, आयुष का देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान एम्स (AIIMS), नई दिल्ली में डॉक्टर बनने का सपना साकार होने जा रहा है। परिजनों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर और पटाखे फोड़कर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और स्थानीय नागरिकों ने आयुष को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आयुष ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से देश के किसी भी शीर्ष पायदान पर पहुंचा जा सकता है। आयुष की यह उपलब्धि पूरे जिले के छात्रों में उत्साह भर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वारिसलीगंज और नवादा के अन्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट समर्थन और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन को दिया है। रात से बधाइ देने के लिए लोगों का आ रहा कॉल अमिश के चाचा दीपक भालोठिया ने बताया कि रिजल्ट आने के बाद रात 12 बजे से लगातार फोन और बधाइयों का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रथम और देश में चौथा स्थान हासिल कर अमिश ने पूरे परिवार, नवादा और बिहार का नाम रोशन किया है। अमिश पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। इससे पहले उसने वारिसलीगंज स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इस ऐतिहासिक सफलता से परिवार में जश्न का माहौल है और शुभचिंतकों का लगातार तांता लगा हुआ है। 'मेरे बेटे ने मेरा सपना किया पूरा' अमिश के पिता सुनील कुमार भालोठिया ने बताया कि हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा बड़ी सफलता हासिल करे और आज वह सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले प्रयास में अमिश ने 695 अंक हासिल किए थे, लेकिन मनपसंद मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना कम थी। इस बार उसने 710 अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि परीक्षा का स्तर अच्छा होना चाहिए, ताकि मेहनती और प्रतिभाशाली छात्रों को सही अवसर मिल सके। अमिश पिछले दो सालों से कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था। पिता रोज रात करीब 2 बजे तक उसकी पढ़ाई का हाल लेते थे और सुबह पर्याप्त नींद के बाद फोन कर उसे जगाते थे। उन्होंने कहा कि कोटा का शैक्षणिक माहौल उत्कृष्ट है। देशभर के अभिभावकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, उनका मनोबल बढ़ाएं और पढ़ाई के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएं।
दिल्ली पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: सतीश गोलचा हटे, अनुराग कुमार बने नए पुलिस कमिश्नर
दिल्ली पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव। सतीश गोलचा को कमिश्नर पद से हटाया गया, 1994 बैच के आईपीएस अनुराग कुमार बने नए दिल्ली पुलिस कमिश्नर। जानिए पूरा मामला।
नशे के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश देने के लिए 26 जुलाई को यमुनानगर में आयोजित होने वाली 10 किलोमीटर मैराथन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस आयोजन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और मटका चौक से सुबह 5:15 बजे मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अब तक 31 हजार से अधिक लोग दौड़ के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं। इस आयोजन में केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। प्रशासन का मानना है कि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक प्रतिभागियों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी। शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से निकलेगी दौड़ यह मैराथन 26 जुलाई को सुबह 5:15 बजे जगाधरी के मटका चौक से शुरू होगी। करीब 10 किलोमीटर लंबी यह दौड़ शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी। दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पहले 10 युवक और पहले 10 युवतियों को मंच पर सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त प्रीति ने बताया कि अब तक कुल 31 हजार 268 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 17 हजार 599 पुरुष, 13 हजार 636 महिलाएं और 33 अन्य शामिल हैं। सभी विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। 24 जुलाई तक होगा पंजीकरण उन्होंने कहा कि दौड़ के पूरे रूट पर सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, स्वच्छता, प्रतिभागियों के पंजीकरण और अन्य व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होंगे ताकि हजारों प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, नगर निगम, नगर परिषद, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासन के अनुसार इच्छुक प्रतिभागी 24 जुलाई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य इस मैराथन को यमुनानगर के सबसे बड़े जनभागीदारी वाले आयोजनों में शामिल करना है। मैराथन को लेकर नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद भी लगातार विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
मुज़फ़्फ़रनग में कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के 10 जिलों के 348 डीजे संचालकों को नोटिस जारी कर यात्रा के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस ने सभी DJ संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी, हुड़दंग या आपत्तिजनक गीत बजाने पर संबंधित डीजे संचालकों और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार ये नोटिस गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, फरीदाबाद, करनाल, मेरठ, मुज़फ़्फ़रनगर समेत विभिन्न 10 जिलों के डीजे संचालकों को भेजे गए हैं। नोटिस में डीजे कांवड़ की ऊंचाई, चौड़ाई और अन्य निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही संबंधित जिलों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शिवभक्तों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि अब तक 348 संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर, निर्धारित समय से पहले ही बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने के कारण पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है। एसपी सिटी के मुताबिक कांवड़ मार्ग पर अब तक करीब 350 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है, ताकि यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
फरीदाबाद में दिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई अलफलाह यूनिवर्सिटी के एमबीबीएस छात्र अदीदशाह को गांजे के साथ पकड़ने के मामले में जांच के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ है। वह दिल्ली के सदर बाजार से गांजा खरीदता था और बाद में गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर 500 रुपये पुड़िया के हिसाब से छात्रों को बेचता था। क्राइम ब्रांच ने उसको मंगलवार को 200 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस अब दिल्ली के सप्लायर की तलाश कर रही है। अभिभावकों में डर का माहौल जिसके बाद यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे छात्रों के अभिभावकों में फिर से डर का माहौल बन गया है। अभिभावकों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सवाल खड़े किए है। उनका आरोप है कि बच्चे कहां-जा रहे है इसका कोई ध्यान नही रख रहा है। ऐसे में वो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता में है यूनिवर्सिटी में सेकेंड ईयर का पढ़ाई पुलिस से मिली जानकारी गिरफ्तार किया गया छात्र अलफलाह यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा है। श्रीनगर जम्मू कश्मीर के भनमसर कोठीबाग का रहने वाला है। आरोपी छात्र के पिता पेशे से डाक्टर बताए जा रहे है। क्राइम ब्रांच आरोपी से यह भी पता करने की कोशिश में जुटी है कि कहीं वह किसी अन्य अवैध गतिविधि में तो संलिप्त नहीं था। पुड़िया बनाकर 500 रूपये में बेचता पुलिस की जांच में ये खुलासा हुआ है कि आरोपी दिल्ली सदर बाजार के एक सप्लायर के संपर्क में था। सप्लायर उसे यूनिवर्सिटी के बाहर गांजा देकर जाता था। गांजा लेकर वह अपने हास्टल के कमरे में रख लेता था। बाद में गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर 500 रुपये पुड़िया के हिसाब से छात्रों को बेचता था। इंटरनेट के जरिए सप्लायर से संपर्क पुलिस की जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सप्लायर से वाट्स-एप कालिंग और इंटरनेट के जरिए संपर्क करता था। खरीदे गए माल की कीमत हमेशा कैश में ही दी जाती थी। इसको लेकर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परते खंगाल रही है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस नेटवर्क में शामिल किसी भी सदस्य को छोड़ा नही जाएगा।
दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के मेजर अपग्रेडेशन का असर जयपुर सहित पूरे प्रदेश के यात्रियों पर पड़ेगा। क्योंकि उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर निर्माण कार्य के लिए ब्लॉक लिए जाने के कारण 15 जुलाई से अक्टूबर तक 19 ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर स्टॉपेज अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। सीपीआरओ अमित सुदर्शन के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों का संचालन तो होगा, लेकिन ये दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। दरअसल जयपुर, अजमेर, सीकर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर से बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली कैंट स्टेशन पर उतरते हैं। यहां से द्वारका, पालम, गुरुग्राम, एयरपोर्ट और पश्चिमी दिल्ली तक पहुंचना आसान होता है, लेकिन अब यात्रियों को दिल्ली सराय रोहिल्ला, नई दिल्ली या अन्य स्टेशनों का विकल्प अपनाना पड़ेगा। इससे सराय रोहिल्ला और नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों का दबाव बढ़ेगा। रेलवे का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्री सुविधाएं पहले से बेहतर होंगी। इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले अपने ट्रेन के स्टॉपेज और समय की जानकारी अवश्य जांच लेने की सलाह दी गई है। ये हैं प्रभावित ट्रेनें
दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।
नोएडा में महिला ने किया सुसाइड:पति शव लेकर पहुंचा दिल्ली, वहां से हुआ फरार, भाई ने दर्ज कराया केस
एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के नगली वाजिदपुर गांव स्थित जेजे कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। पति को लेकर दिल्ली में रहने वाले महिला के भाई के पास पहुंच गया और शव को छोड़कर भाग गया। मृतका के भाई ने बहनोई के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कराया है। शव लेकर पहुंचा घरदिल्ली के शाहीन बाग स्थित श्रम विहार निवासी देव कुमार ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से जिला एटा के सराई अगित गांव के रहने वाले हैं। बहन गायत्री का विवाह राजेंद्र के साथ हुआ था। दोनों अपने बच्चों के साथ नोएडा के नगली वाजिदपुर गांव में रहते थे। दोनों साफ-सफाई का काम करते थे। 15 जुलाई की दोपहर करीब दो बजे बहनोई राजेंद्र उनकी बहन के शव को लेकर दिल्ली उनके पास पहुंचा। बोला शव का अंतिम संस्कार करना हैउसने बताया कि गायत्री से उसका किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके बाद गायत्री ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। शव का अंतिम संस्कार करना है। यह बताने के बाद शव को छोड़कर वहां से भाग गया। शिकायतकर्ता ने अपने बहनोई को काफी खोजा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी और शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पति की तलाश की जा रही है।
भारत ने पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। भोपाल स्थित 'राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान' (ICAR-NIHSAD) के वैज्ञानिकों ने शूकरों (सुअरों) के लिए विश्व की अपनी तरह की पहली अत्यंत सुरक्षित, स्वदेशी और 'MA-104 कोशिका-आधारित जीवित क्षीणीकृत' अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन सफलतापूर्वक तैयार कर ली है। इस क्रांतिकारी खोज को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के 98वें स्थापना दिवस समारोह में देश को समर्पित किया गया। ऐतिहासिक लोकार्पण और देश के प्रति समर्पण इस ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाली स्वदेशी वैक्सीन को माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नई दिल्ली के एनएएससी (NASC) परिसर में आयोजित आईसीएआर के 98वें स्थापना दिवस समारोह में राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय पशुपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्रियों सहित आईसीएआर के महानिदेशक एमएल जाट और अन्य शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। यह तकनीक भोपाल के राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) के निदेशक डा. अनिकेत सान्याल के कुशल नेतृत्व में वैज्ञानिक दल जिसमें डा. डी. सेंथिल कुमार, डा. के. राजूकुमार, डा. जी. वेंकटेश और डा. फतेह सिंह शामिल हैं, की वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। स्वदेशी वैक्सीन की विशेषताएं भोपाल के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई यह वैक्सीन व्यवसायिक रूप से उपलब्ध MA-104 सेल लाइन पर आधारित है, जिससे इसका बड़े पैमाने पर और बेहद कम लागत में उत्पादन करना आसान हो गया है। परीक्षणों के दौरान इस जीवित क्षीणीकृत वैक्सीन ने सुरक्षा, आनुवंशिक स्थिरता और प्रतिरक्षण क्षमता के मामले में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। वैक्सीन की मात्र 1 मिलीलीटर की खुराक गर्दन की मांसपेशियों (अंतःपेशीय) में दी जाती है, जिसके 14 दिनों के बाद एक बूस्टर डोज दी जाती है। यह टीका 8 सप्ताह से अधिक आयु के स्वस्थ सुअरों के लिए पूर्णतः अनुकूल है और इसके प्रभाव से सुअरों में 6 महीने तक मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता (एंटीबॉडी) बनी रहती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस वैक्सीन के उपयोग से वायरस के पुनः रोगजनक बनने (Reversion to Virulence) का कोई खतरा नहीं पाया गया है। 2020 में हुई थी इस बीमारी की पुष्टि अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) सुअरों में होने वाला एक अत्यंत संक्रामक और जानलेवा विषाणुजनित (वायरल) रोग है। इस बीमारी में सुअरों की मृत्यु दर शत-प्रतिशत (100%) तक होती है, जिसके चलते यह सुअर पालन उद्योग के लिए सबसे बड़ा अभिशाप माना जाता है। भारत में साल 2020 में पहली बार इस बीमारी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद से यह कई राज्यों में फैलकर देश के पशुधन क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ था। अब तक देश में इस बीमारी का कोई स्वीकृत व्यावसायिक टीका उपलब्ध नहीं था, जिससे निपटने के लिए केवल बीमार पशुओं को मारने (कलिंग) और सख्त जैव-सुरक्षा नियमों का पालन करने जैसे निराशाजनक कदम उठाने पड़ते थे। यह नई वैक्सीन देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय शूकर पालकों को भारी आर्थिक तबाही से बचाएगी। इंसानों को वायरस से खतरा नहीं आमतौर पर 'स्वाइन फ्लू' (H1N1) जैसी बीमारियों के कारण आम जनता में यह भय रहता है कि यह बीमारी सुअरों से इंसानों में फैल सकती है। परंतु वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) एक गैर-संक्रामक (नॉन-जूनोटिक) बीमारी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि यह वायरस सुअरों से इंसानों में बिल्कुल नहीं फैलता और इंसानों को इससे संक्रमित होने का कोई शारीरिक खतरा नहीं है। हालांकि, इंसानों पर इसका परोक्ष (Indirect) असर बेहद विनाशकारी होता है। सुअरों की अत्यधिक मृत्यु दर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है और किसानों की आजीविका छिन जाती है। इसके अतिरिक्त, खाद्य श्रृंखला बाधित होने से खाद्य सुरक्षा का संकट खड़ा होता है तथा मांस की कीमतों में भारी उछाल आता है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से समाज का हर वर्ग प्रभावित होता है। कई देशों के लिए अफ्रीकन स्वाइन फ्लू बड़ी चुनौती यह आविष्कार न केवल भारत को पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और 'मेक इन इंडिया' दृष्टिकोण को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है। चूंकि अफ्रीकन स्वाइन फीवर दुनिया भर के कई देशों के लिए एक गंभीर सिरदर्द बना हुआ है, इसलिए भारत में निर्मित इस सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली वैक्सीन का निर्यात वैश्विक स्तर पर उन देशों को किया जा सकेगा जो इस महामारी से बुरी तरह प्रभावित हैं। इससे वैश्विक मंच पर भारत की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा और मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा के अर्जन के नए रास्ते भी खुलेंगे।
दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन- व्हेयर इट फॉल्स, व्हेन इट फॉल्स’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए राजधानी में वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए मिशन मोड में व्यापक अभियान शुरू किया है। लोक निर्माण एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को त्यागराज स्टेडियम में पुनर्स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली का निरीक्षण कर शहरभर में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वर्षा की हर बूंद का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूजल का दोहन उसकी पुनर्भरण क्षमता से अधिक होने के कारण बोरवेल सूख रहे हैं। ऐसे में वर्षा जल संचयन के माध्यम से बारिश के पानी को जमीन में समाहित कर पूरे वर्ष जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। 500 नई संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, स्टेडियमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में 1,000 मौजूदा वर्षा जल संचयन प्रणालियों के पुनर्स्थापन और 500 नई संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। अब तक करीब 400 पुरानी प्रणालियों का पुनर्स्थापन पूरा हो चुका है, जबकि 400 से अधिक पर काम जारी है। इसके अलावा, 500 नई संरचनाओं के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 100 का निर्माण पूरा हो चुका है और 250 से अधिक पर कार्य प्रगति पर है। दिल्ली जल बोर्ड ने भी स्वतंत्र रूप से 611 मौजूदा प्रणालियों के पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया है, जिनमें से 330 पूरे हो चुके हैं। मंत्री ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न सरकारी परिसरों का निरीक्षण कर रही हैं। सरकार नए बोरवेल की अनुमति को वर्षा जल संचयन प्रणाली से अनिवार्य रूप से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। अभियान की प्रमुख उपलब्धियां सरकार की आगे की योजना
जैसलमेर से दिल्ली जाने वाले रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे मेजर अपग्रेडेशन कार्य के कारण उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने जैसलमेर-दिल्ली रेलसेवा के संचालन में बदलाव किया है। अब गाड़ी संख्या 14088 जैसलमेर-दिल्ली एक्सप्रेस दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यह व्यवस्था 15 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी है और 12 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। प्लेटफॉर्म पर निर्माण कार्य के कारण लिया गया ब्लॉक मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके लिए ब्लॉक लिया गया है, जिससे रेल संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा। इस दौरान दिल्ली कैंट उतरने वाले यात्रियों को अन्य नजदीकी रेलवे स्टेशनों का उपयोग करना होगा। राजस्थान की कई ट्रेनें भी होंगी प्रभावित दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का असर केवल जैसलमेर-दिल्ली एक्सप्रेस पर ही नहीं पड़ेगा। जोधपुर और बीकानेर मंडल से आने-जाने वाली कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें भी इस अवधि में प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन समय-समय पर इनके संचालन में आवश्यक बदलाव करेगा। यात्रा से पहले शेड्यूल जरूर जांचें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की समय-सारणी, स्टॉपेज और बदले हुए रूट की जानकारी रेलवे पूछताछ सेवा या आधिकारिक रेलवे ऐप के माध्यम से जरूर जांच लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दिल्ली सरकार ने राजधानी को देश का अग्रणी नवाचार और उद्यमिता केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अगले पांच वर्षों में इस नीति पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है। गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में अहम पहल है। इसके तहत 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी वित्त पोषित कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा। एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी सरकार : रेखा गुप्ता सरकार पात्र संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी। साथ ही, इनके संचालन, मेंटरिंग, नेटवर्किंग और नवाचार गतिविधियों के लिए वार्षिक अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। स्टार्ट-अप्स को प्रोटोटाइप, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, उत्पाद विकास, बाजार परीक्षण और व्यवसायीकरण जैसे विभिन्न चरणों में माइलस्टोन आधारित सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा से जुड़ी सहायता, प्रयोगशालाओं तक पहुंच और निवेशकों से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध होंगे। नीति के क्रियान्वयन की निगरानी स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी (एसआईपीएमसी) करेगी। इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर वर्ष ‘दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का आयोजन करेगी, जिसमें स्टार्टअप, निवेशक, शिक्षण संस्थान और नीति निर्माता एक मंच पर आएंगे। स्टार्ट-अप नीति की प्रमुख बातें छात्रों के लिए दो बड़ी घोषणाएं

