दिल्ली में बम की धमकी से हड़कंप: तीन बैंक और 6 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, जांच एजेंसियां अलर्ट पर
देश की राजधानी में बम की धमकी से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। दिल्ली के 3 बैंकों और 6 स्कूलों को सोमवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद कई सुरक्षा दलों को इन परिसरों में भेजा गया और व्यापक तलाश अभियान शुरू किया गया।
नई दिल्ली में नई दोस्ती: पीएम मोदी और मार्क जे कार्नी की मुलाकात से खुले निवेश के नए रास्ते!
भारत और कनाडा ने व्यापार को 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी और कनाडाई पीएम मार्क जे कार्नी की बैठक में CEPA, रक्षा और निवेश पर हुई चर्चा। पढ़ें पूरी खबर।
ईरान-इजरायल युद्ध की गूँज दिल्ली तक: विरोध प्रदर्शन में महिला का वीडियो वायरल
1 मार्च, 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन हुआ। एक महिला का वीडियो वायरल है जिसमें वह युद्ध में जाने की अनुमति मांग रही है। जानें इस तनाव और वैश्विक स्थिति का पूरा विवरण।
राज्यसभा के पास सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार वे दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां उनकी मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से हो सकती है। राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच कुशवाहा का यह दिल्ली दौरा खासा अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस मुलाकात में राज्यसभा उम्मीदवारी, आगामी चुनावी रणनीति और बिहार में गठबंधन की मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव है। राज्यसभा की चर्चा से बढ़ी सरगर्मी बिहार में राज्यसभा की संभावित सीटों को लेकर सियासी दलों के बीच अंदरखाने मंथन जारी है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा का दिल्ली दौरा इस बात के संकेत दे रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बड़े राजनीतिक फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि, अभी तक न तो आरएलएम की ओर से और न ही बीजेपी की तरफ से किसी आधिकारिक बयान की पुष्टि हुई है। मर्जर की अटकलें भी तेज इधर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी के बीच संभावित विलय (मर्जर) की खबरें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पिछले कुछ समय से दोनों दलों के बीच बढ़ती नजदीकियों को इसी कड़ी में देखा जा रहा है। आगामी दिनों में दोनों पार्टी के औपचारिक विलय को लेकर के भी निर्णय लिया जा सकता है। बिहार के 5 सीटों पर चल रही मंथन भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है, जिनमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों के लिए आधिकारिक अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी की गई और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तय की गई है। मतदान और मतगणना दोनों प्रक्रियाएं 16 मार्च 2026 को संपन्न होंगी। बिहार के इन सांसद का कार्यकाल हो रहा खत्म बिहार में जिन 5 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है, उनमें राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर (JDU), प्रेम चंद्र गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह (RJD) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM) शामिल हैं। इन सीटों पर जीत के लिए एनडीए और विपक्षी महागठबंधन अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
कोटपूतली क्षेत्र में रंगों का पावन पर्व होली हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। होलिका दहन से पूर्व, महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर होलिका पूजन स्थलों पर एकत्रित हुईं। उन्होंने दिल्ली दरवाजा स्थित होली चौक, आजाद चौक, लक्ष्मी नगर, पुतली और पावटा होली चौक पर होलिका माता की विधि-विधान से पूजा कर परिवार और समाज के लिए मंगल कामनाएं कीं। इस वर्ष दिल्ली दरवाजा स्थित पॉवर हाउस के पास मस्जिद के सामने लगभग 150 वर्ष पुरानी परम्परागत मुख्य होलिका का दहन होगा। यह दहन मुख्य यजमान पटेल परिवार की ओर से किया जाएगा। पंडित प्रदीप शांडिल्य ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित काल में करना उचित होता है। इस साल फाल्गुन शुक्ल 14 सोमवार, 2 मार्च 2026 को सायं 05:56 बजे से पूर्णिमा धृति व भूल योग, वणिजकरण, विष्टिकरण, पुलवा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रारंभ होगी। यह पूर्णिमा मंगलवार, 3 मार्च को सायं 5:08 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा सोमवार, 2 मार्च को ही प्राप्त होने के कारण होली पर्व इसी दिन मनाया जाएगा। हालांकि, इस दिन भद्रा सायं 05:56 बजे से मध्यरात्रि 5:32 बजे तक रहेगा। 2 और 3 मार्च की मध्य रात्रि को भद्रा मुख का समय 2:38 बजे से 4:38 बजे तक रहेगा। इसे छोड़कर, भद्रा पुच्छ के समय रात्रि 1:26 बजे से 2:38 बजे तक होलिका दहन करना सर्वाधिक शुभ रहेगा। वहीं, मंगलवार, 3 मार्च को सुबह 6:55 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक काल प्रारंभ होने के कारण रंगों का पर्व धुलण्डी 4 मार्च, बुधवार को मनाया जाएगा।
होली पर बदलेगा मौसम: इन राज्यों में बारिश, दिल्ली-एमपी में बढ़ेगी गर्मी
Weather Update Holi : मौसम विभाग ने होली पर देश के कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार में मौसम साफ रहेगा। अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री ...
अजमेर में विवाहिता से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर फंसाया था। इसके बाद अपने दोस्तों के साथ मिलकर दिल्ली और लखनऊ ले गया था। वहां जबरदस्ती शादी के फोटो खिंचवाकर कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर दोस्तों से अपलोड करवाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार- पीड़िता ने शिकायत देकर बताया कि उसे इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति ने मैसेज भेजा था। दोस्ती के बाद मोबाइल नंबर लिए। इसके बाद बहला-फुसलाकर बड़े सपने दिखाकर प्रलोभन देकर एक होटल में बुलाया गया। वहां उसके साथ जबरदस्ती रेप किया। इस दौरान उसके अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि लगातार आरोपी फोटो-वीडियो से उसे ब्लैकमेल कर कई बार रेप करता रहा। कुछ दिन बाद आरोपी धमकी देकर अपने दो साथियों के साथ कार में बैठाकर दिल्ली ले गया। वहां शादी करने के फोटो क्लिक करवाकर कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद उसे लखनऊ ले जाकर वापस रेप किया। इस दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दैनिक भास्कर कोटा संस्करण के 27वें स्थापना दिवस के मौके पर 7 मार्च की शाम चंबल रिवर फ्रंट सूफियाना रंग में रंगी नजर आएगी। सुरों, रूहानियत और इश्क़-ए-हकीकी की महक से सजी इस खास महफिल में गायक प्रखर जोजन अपनी आवाज़ का जादू बिखेरेंगे। अपनी आवाज़ के कारण उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। कार्यक्रम स्थल को खास अंदाज़ में सजाया जा रहा है, जिसके लिए दिल्ली और कोलकाता से विशेष फूल मंगवाए गए हैं। चंबल किनारे बहती ठंडी हवाओं के बीच सूफी कलाम की गूंज शहरवासियों को एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव देने वाली है। अब तक प्रखर जोजन 200 से ज्यादा लाइव शो कर भारत के कई प्रतिष्ठित मंचों पर देश के दिग्गज कलाकारों के साथ गा चुके हैं। उन्हें महाराणा कुम्भा संगीत रत्न सम्मान से अलंकृत किया जा चुका है। राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली एनसीआर सहित विभिन्न शहरों में उनकी प्रस्तुतियों को विशेष सराहना मिली है। वर्तमान में प्रखर अपने मौलिक गीतों के निर्माण में सक्रिय हैं। उनके चर्चित गीतों में से एक गीत ‘रफू’…सभी प्रमुख सोशल मीडिया एवं म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध है। शौर्य चौक पर फागोत्सव का धमाल मचेगा दोपहर डेढ़ बजे से रिवर फ्रंट के शौर्य चौक पर फागोत्सव का धमाल मचेगा। भजन गायक पंकज मेड़तवाल और उनकी टीम द्वारा फाग की प्रस्तुति दी जाएगी। इस फाग उत्सव में फूलो की होली खेलने के लिए विशेष प्रकार के फूलों की पत्तियां दिल्ली व कोलकाता से मंगवाई जा रही है। इसमें भजनों के साथ-साथ राधा-कृष्ण का विशेष नृत्य व महारास होगा। इसके लिए शहर के विभिन्न महिला मंडलों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। ई-पास से मिलेगी निशुल्क एंट्री 7 मार्च को रिवर फ्रंट के शौर्य घाट (वेस्ट साइड)पर एंट्री सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक निशुल्क रहेगी। शाम को आयोजित होने वाली म्यूजिक नाइट के लिए निर्धारित ई पास की व्यवस्था रहेगी। ई पास के जरिए ही कार्यक्रम में एंट्री हो सकेगी। भास्कर फागोत्सव से हर दिन नए-नए महिला संगठन जुड़ रहे हैं। इसमें आदि शक्ति राजपूत समाज संगठन की अध्यक्ष राजश्री, माथुर वैश्य महिला संगठन की रजनी गुप्ता, करणी सेना महिला मंडल की राष्ट्रीय महामंत्री रिचा राव, कोटा लेडिज विंग की अध्यक्ष अनिता जैन, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की महामंत्री अंबिका शर्मा, कैट वूमेन विंग कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय एवं सचिव भाविका प्रीत रमानी, इनर व्हील क्लब की सचिव नीरजा कोहली, पारीक समाज महिला मंडल की अध्यक्ष निर्मला शर्मा, इनर व्हील क्लब नॉर्थ की अध्यक्ष प्रमिला पारीक, यंग लेडिज क्लब की संस्थापक समता जैन, जेसीआई कोटा एलिगेंज की अध्यक्ष सुप्रिया मंडलोई, जेसीआई शक्ति कोटा की अध्यक्ष निशिता ढल, कुंटुंब क्लब कोटा की संस्थापक ख्याति गुप्ता, जेसीआई सुरभि की अध्यक्ष उदिता सनवाल शामिल होंगे। जेसीआई उड़ान की पूर्व अध्यक्ष नेहा जैन, रोटरी कोटा सेंट्रल की पूर्व अध्यक्ष सुनीता काबरा, रोटरी क्लब कोटा की पूर्व अध्यक्ष वैशाली भार्गव, शिव शक्ति परिवार गीता भवन कुंती मूंदड़ा, जयबाई राज राजपूताना संस्था की अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत, जेसीआई कोटा स्टार की चेयरपर्सन दीप्ति गर्ग, योग परिवार कोटा की नीलम तापड़िया, अखिल भारतीय मारवाड़ी सुगंधा शाखा कोटा की अध्यक्ष रेखा शारदा, सीता फाउंडेशन की संस्थापक रजनी मित्तल, नामदेव नवोदिता महिला मंडल की अध्यक्ष अर्चना नामा का सहयोग रहेगा। एक दिन पहले 18 महिला संगठन सहमति दे चुके हैं। फागोत्सव में शामिल होने के लिए महिला संगठन और क्लब भास्कर रिपोर्टर विरेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर 9479496437 पर कॉल करके जानकारी दे सकते हैं।
कराची हिंसा का असर, दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित हुई है। कई फ्लाइट्स को रद्द किए जाने और उड़ानों में देरी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री परेशान नजर आएं
धौलपुर में सवर्ण समाज समन्वय समिति और एकीकृत सामान्य वर्ग भारतवर्ष समिति ने यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया है। इस दौरान क्षत्रिय करणी सेवा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह ने यूजीसी के 2026 में लागू होने वाले नए नियमों पर गंभीर आपत्तियां जताईं। दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा जनआंदोलनवक्ताओं ने घोषणा की कि यूजीसी के इन नियमों के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से सामान्य एवं अनारक्षित वर्ग के लोग शामिल होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नियमों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांगडॉ. राज शेखावत ने कहा कि यूजीसी के नए नियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 में वर्णित समानता, भेदभाव-निषेध और गरिमामय जीवन के मौलिक अधिकारों के विरुद्ध हैं। उन्होंने इन नियमों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि नई राजपत्र अधिसूचना में प्रयुक्त परिभाषाओं को स्पष्ट, सीमित और गैर-मनमाना बनाया जाए। इससे नियमों के दुरुपयोग की संभावना समाप्त होगी और कानून के समक्ष समान संरक्षण का सिद्धांत सुनिश्चित हो सकेगा। सामान्य वर्ग को संवैधानिक संरक्षण देने की मांगयह भी मांग की गई कि नियमों में संशोधन कर सामान्य एवं अनारक्षित वर्ग को स्पष्ट और प्रभावी संवैधानिक संरक्षण दिया जाए। साथ ही, प्रस्तावित समानता समितियों में संतुलित, निष्पक्ष और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि किसी एक वर्ग का प्रभुत्व स्थापित न हो। डॉ. संगीता सिंह ने झूठी शिकायतों पर कठोर प्रावधानों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नियमों में झूठी, दुर्भावनापूर्ण या तथ्यहीन शिकायतों पर रोक लगाने के लिए दंडात्मक प्रावधान जोड़े जाने चाहिए, ताकि निर्दोष व्यक्तियों की प्रतिष्ठा और मौलिक अधिकारों की रक्षा हो सके। नेताओं ने कहा कि वे संविधान के तहत समान अधिकारों के समर्थक हैं और ऐसे नियम बनाए जाने चाहिए जो सामाजिक समरसता, एकता और समानता को मजबूत करें। उन्होंने दोहराया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 8 मार्च का आंदोलन एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लेगा।
फरवरी की विदाई के बाद मार्च में बदले मौसम के तेवर, दिल्ली में बढ़ी तपिश; रहें सावधान!
2 मार्च 2026 को दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? जानिए दिल्ली में आज तापमान कितना है और बढ़ते तापमान से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें। मौसम विभाग के ताजा अपडेट यहाँ पढ़ें।
कानपुर में होली का त्योहार नजदीक आते ही रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ हो रही है। यात्री जमीन से लेकर टॉयलेट में बैठकर सफर कर रहे हैं। स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्री जद्दोजहद कर रहे हैं। हालांकि रेलवे ने कानपुर से 61 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। ये ट्रेनें कानपुर अनवरगंज, गोविंदपुरी होती हुई गुजरती हैं। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से 3 लाख से अधिक यात्रा कर रहे है। दिल्ली, गुजरात, मुंबई, राजस्थान से आने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ चल रही हैं। जम्मू से हावड़ा जाने वाली ट्रेन में लोग चढ़ने के लिए झगड़ते हुए दिखाई दिए। कानपुर सेंट्रल से प्रति दिन 275 से अधिक ट्रेन गुजरती हैं। इनमें प्रतिदिन चलने वाली ट्रेनें फुल चल रही हैं। स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रही है। 2 तस्वीरें देखिए… कुछ ऐसा दिखाई दिया ट्रेनों का हाल नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, कालका मेल, जोगबनी, अजमेर सियालदह एक्सप्रेस प्रमुकह रूप से फुल दिखाई दी। इन ट्रेनों के कोच के अंदर कैदखाना बना हुआ नजर आया। स्लीपर और जनरल कोच की बात करें तो ऊपर वाली सीटों पर कुछ यात्री लटके हुए दिखाई दिए। यात्री एक बार अंदर घुसने के बाद बाहर आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। ट्रेनों में टॉयलेट जाने के लिए लोग परेशान दिखाई दिए, क्योंकि यात्री टॉयलेट में सफर करते हुए नजर आए। स्टेशन पर GRP और RPF करती रही गश्त कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। संदिग्धों की जांच पड़ताल की गई। रेल यात्रियों की सुरक्षा और अपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए यह अभियान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाया गया। पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्सल घर, वेटिंग हॉल, प्लेटफॉर्म, पार्किंग स्थल और फुटओवर ब्रिज सहित विभिन्न स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की गहन जांच की।
तारीख 24 फरवरी 2026। मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय आवास एवं विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हो रही थी। इस चर्चा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा- अध्यक्ष महोदय, हमारी यह मंशा नहीं थी, हम तो कह रहे थे कि सदन में जो कबूतर उड़ रहा है, वह भी हमें कुछ सिखाने के लिए आया है। इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- अध्यक्ष महोदय, मुझे पता नहीं है, इतने समय से, इतने साल से सदन चल रहा है, आज ही कबूतर क्यों आया। यह दिल्ली से तो नहीं आया( हंसी) मैंने पहली बार अंदर कबूतर देखा है। कैलाश विजयवर्गीय ने भले ही ये बात हंसी मजाक में कही हो मगर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैलाश बनाम सरकार का जो सियासी घमासान देखने को मिला, उसने जरूर दिल्ली के कान खड़े कर दिए। विधानसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद 28 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली पहुंचे, जबकि उनका ऑफिशियल कार्यक्रम श्योपुर का था। दिल्ली में वो केंद्रीय मंत्री अमित शाह के अलावा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मिले। विजयवर्गीय और पटेल को दिल्ली से आया बुलावासीएम की इन दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद अमित शाह के दफ्तर से कैलाश विजयवर्गीय को दिल्ली पहुंचने का संदेश मिला। इसके बाद वो इंदौर से रवाना हुए। ऐसा ही संदेश सीनियर मंत्री प्रहलाद पटेल को भी मिला था। सूत्रों का और जानकारों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान कैलाश विजयवर्गीय के जो तेवर दिखे हैं और उन्होंने जो बयान दिए हैं। कहीं न कहीं उसने पार्टी को असहज किया है। ये मुलाकात इसलिए थी। दरअसल, पिछले साल भागीरथपुरा दूषित पानी मामले के बाद से ही कैलाश विजयवर्गीय के तेवर सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर तल्ख थे। मप्र और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल इस पर नजर रखे हुए थे। सत्र के दौरान तो विजयवर्गीय के तल्ख तेवर की वजह से सीएम को सदन में माफी भी मांगना पड़ी। आखिर वो कौन से बयान थे जिनकी वजह से सरकार असहज हुई? कैलाश के तेवर अचानक बदले? या फिर भागीरथपुरा कांड के बाद वो जिस तरह से सरकार के रवैये से नाराज दिखे, ये उसका नतीजा था। या फिर बीजेपी के सीनियर मंत्री अब सरकार बनने के ढाई साल बाद खुद को जूनियर मुख्यमंत्री के साथ काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं। इन सब सवालों को लेकर भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की। पढ़िए रिपोर्ट इन बयानों के बारे में सिलसिलेवार जानिए दरअसल, ये बयान कैलाश विजयवर्गीय ने हंसी मजाक के लहजे में दिया था। हालांकि इस चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तल्खी भी देखने को मिली थी। भोपाल उत्तर के विधायक आतिफ अकील और बड़वानी के विधायक राजन मंडलोई ने ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया था। भोपाल में डॉग बाइट के रोजाना 40 से 50 मामले और साल 2025 में 19 हजार दर्ज मामलों का हवाला देते हुए विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। ये भी आरोप लगाया था कि राजधानी में हर साल करीब 2 करोड़ रुपए नसबंदी और वैक्सीनेशन पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आता। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब देते हुए कुत्ता की जगह श्वान शब्द का उपयोग किया और उन्हें इंसानों का पुराना दोस्त बताया। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने उन्हें कुत्तों का प्रभारी मंत्री कह दिया तो इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। कैलाश विजयवर्गीय ने भी तंज कसते हुए कहा कि सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है। कैलाश ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की सलाह इसलिए दी क्योंकि चर्चा में अडानी समूह का नाम आ गया था। दोनों के बीच इतनी तीखी बहस हुई कि सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करना पड़ी। कांग्रेस ने इसे आदिवासी का अपमान बताकर जमकर नारेबाजी की। दरअसल, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार अडानी समूह पर मेहरबान है। उन्हें सवाल लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी है। सिंघार ने दावा कि कि सरकारी फाइलें अडानी के दफ्तर में देखी जा रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई कि जो व्यक्ति सदन का सदस्य नहीं है उसका नाम न लिया जाए। सिंघार बोले- उनके पास इस बात के प्रमाण हैं, तो विजयवर्गीय बोले- है तो रखो। इसी के बाद विजयवर्गीय ने सिंघार को अपनी औकात में रहने की नसीहत दी। जवाब में सिंघार ने कहा- मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा। हालांकि इस बयान पर सीएम ने माफी मांगी। तो कैलाश ने कहा कि सीएम कैप्टन है माफी मांगी तो क्या गलत हुआ। दरअसल, कांग्रेस इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित मौतों के मामले में स्थगन प्रस्ताव लेकर आई थी। स्थगन प्रस्ताव स्वीकार किया जाए या नहीं इसे लेकर चर्चा शुरू हुई। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भागीरथपुरा का इलाका मुंबई के धारावी जैसा है। यह 80-90 साल पुरानी बस्ती है। वहां कुछ अशिक्षित लोग रहते हैं, जिससे नगर निगम के लिए हर दृष्टि से व्यवस्थित काम करना कठिन हो जाता है। इन हालात में कर्मचारी भी प्रॉपर काम नहीं कर पाते थे। उन्होंने घटना को कलंक और व्यक्तिगत आत्मग्लानि का विषय बताया। उन्होंने अफसरों की गलती मानी और ये भी कहा कि कांग्रेस का धरना प्रदर्शन गलत था। जहां मलहम की जरूरत थी वहां लाशों पर राजनीतिक रोटियां सेंकी गईं। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वो संवेदना व्यक्त करने गए थे राजनीति करने नहीं। इसी चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ये आरोप लगाया कि मंत्री जी भागीरथपुरा की घटना को लेकर कलंक और आत्मग्लानि बता रहे हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं कि कितनी मौतें हुई हैं। सरकार 20 मौतें बता रही, हकीकत में मीडिया 35 मौतें बता चुका। जयवर्धन सिंह ने भी कहा कि उन्होंने इसी सत्र में स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा तो उन्होंने मौतों के अलग-अलग आंकडे पेश किए। सरकार बताना नहीं चाहती कि कितनी मौतें हुई है। सदन में इसे लेकर जोरदार बहस हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कमरे में कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में कहा कि अफसर उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उन्हें मौतों के आंकड़े सही नहीं बताए गए। अफसरों की वजह से विपक्ष को उन्हें घेरने का मौका मिला। सूत्र बताते हैं कि विधानसभा अध्यक्ष ने एसीएस संजय दुबे को चेंबर में बुलाया और पूछा कि ऐसा जवाब क्यों लिखा? कैलाश विजयवर्गीय बोले की जिसने जवाब बनाया उसे सस्पेंड करिए। संजय दुबे ने कहा कि मेरे ही साइन से जवाब आया है तो मुझे ही सस्पेंड कर दीजिए। उन्होंने ये भी कहा कि जवाब गलत नहीं है। भागीरथपुरा में 20 मौतें हुई है और बाकी मौतें उस टाइम पीरियड में हुई लेकिन दूषित पानी से नहीं हुई। कैलाश ने मेट्रो और दो बड़े शहरों के मास्टर प्लान को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। दरअसल, नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसा और पूछा कि ड्राफ्ट क्या बैलगाड़ी से आ रहा है, इतनी देरी क्यों हो रही है? इस पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि विभाग डेढ़ साल पहले ही मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को भेज चुका है। इसे जारी करना मुख्यमंत्री का अधिकार है। उनकी मंजूरी का इंतजार है। दरअसल, चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सवाल किया था और कहा कि भोपाल का मास्टर प्लान 20 साल पहले खत्म हो गया है। अब तक नया प्लान नहीं बना है। कैग भी आपत्ति ले चुका है। कैलाश ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री से 3-4 बार इस पर बात हुई है, उनका कहना कि मेट्रोपॉलिटन प्लान के हिसाब से इसे री-कंसीडर करना पड़ेगा। वे कहेंगे तो ड्राफ्ट दोबारा बनवाएंगे। इसी तरह मेट्रो को लेकर भी जवाब दिया। केंद्रीय मंत्री शाह नेताओं से अलग अलग समय पर मिलेशुक्रवार को विधानसभा का बजट सत्र खत्म होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय इंदौर चले गए। इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली रवाना हो गए। सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार रात को इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय एक कार्यक्रम में थे तभी उन्हें अमित शाह के दफ्तर से कॉल किया और शनिवार सुबह मिलने के बुलाया। कैलाश जिस कार्यक्रम में थे उससे जल्द ही फारिग होकर देर रात की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो गए। शनिवार को वे अमित शाह से मिले। इससे पहले मुख्यमंत्री शाह से मिल चुके थे। हालांकि दोनों ही नेताओं ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि समसामयिक मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री से बात हुई। अमित शाह ने प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल से भी मुलाकात की, लेकिन अलग से। दूसरी तरफ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री दोनों एक साथ मिले। अमित शाह ने न केवल कैलाश को बुलाया था बल्कि प्रहलाद पटेल से भी वे मिले। ऐसे में शीर्ष नेताओं का दिल्ली में होना और केंद्रीय मंत्री से अलग-अलग मुलाकात करने से एमपी की सियासत गर्मा गई। कई तरह से कयास लगाए जाने लगे। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा में हुई गहमागहमी के बाद से ही दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया गया था। एक्सपर्ट बोले- काफी दिनों का दर्द अब सार्वजनिक हुआअब विधानसभा में हुए इस पूरे एपिसोड को लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि सीनियर मंत्रियों का काफी दिनों का दर्द अब जाकर सार्वजनिक रूप से छलका है। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक एन के सिंह कहते हैं कि जब से प्रदेश में मोहन यादव की सरकार बनी है। तभी से कई वरिष्ठ मंत्रियों को, जो पार्टी में ओहदे और अनुभव में सीनियर रहे हैं। उन्हें अपने जूनियर साथी के हाथ के नीचे काम करना पड़ रहा है। ये सीनियर मंत्रियों के लिए पीड़ा दायक है और ये दर्द अब छलक रहा है। वे कहते हैं कि विधानसभा में हमने देखा कि दोनों पक्ष यानी एक विपक्ष और दूसरा सरकार के भीतर कैलाश के खिलाफ काम करने वाला पक्ष, दोनों ही अब सार्वजनिक तौर पर गुत्थम गुत्था नजर आ रहे हैं। दोनों को जानबूझकर इग्नोर किया जा रहाअगले साल लोकल बॉडी इलेक्शन है। नगरीय प्रशासन और पंचायत दोनों ही विभाग सीनियर मंत्रियों के पास है। जिस तरह से तल्खी सामने आई है तो क्या इसका असर चुनाव पर पड़ेगा? इस सवाल का जवाब देते हुए एनके सिंह कहते हैं कि दोनों वरिष्ठ मंत्री हैं। दोनों की पृष्ठभूमि साफ सुथरी रही है। दोनों ही राजनीति के मंझे खिलाड़ी है। मुझे नहीं लगता कि इलेक्शन में वो पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे। दोनों इस हद तक भी नहीं जाएंगे कि हाईकमान उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए मजबूर हो जाए। वे कहते हैं कि इंदौर में कार्यकर्ताओं और नेताओं से बात करने पर इसकी असली जड़ समझ आएगी। कैलाश को इंदौर की ही पॉलिटिक्स में इग्नोर किया जा रहा है। इससे पहले ऐसा नहीं होता था। कोई भी मुख्यमंत्री रहा हो वो इंदौर को कैलाश विजयवर्गीय को हवाले छोड़ देते थे। प्रहलाद पटेल अपने लिए स्वतंत्र रहते थे।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक रविवार देर शाम हुई। इसमें फैसला लिया गया है कि लालू यादव और तेजस्वी तय करेंगे कि राज्यसभा में उम्मीदवार कौन होगा। हालांकि, बैठक में यह तय हो गया कि RJD राज्यसभा में अपना प्रत्याशी उतारेगी। यह भी तय हुआ कि हाल के दिनों में जो भी चुनाव, चाहे राज्यसभा के हों, विधान परिषद के हों, बंगाल के हों या फिर किसी अन्य राज्य के, इन सभी के लिए प्रत्याशी का चयन लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव करेंगे। इससे जुड़ा प्रस्ताव वरिष्ठ नेता भोला यादव लाए और तमाम नेताओं ने इसका समर्थन किया। इसके बाद तेजस्वी यादव ने कहा, ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष ही यह फैसला करेंगे। उनका फैसला सभी को मान्य होगा।’ भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, राज्यसभा चुनाव को लेकर RJD के अंदरखाने की तैयारी…। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, RJD की तरफ से तेजस्वी यादव राज्यसभा के कैंडिडेट हो सकते हैं। इस संबंध में तेजस्वी यादव ने लालू यादव से बीते सप्ताह मुलाकात की थी। चर्चा हुई थी। उसी मुलाकात के बाद 1 मार्च को पार्लियामेंट्री कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री मो. अली अशरफ फातमी कहते हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव तय करेंगे कि कौन राज्यसभा का उम्मीदवार होगा और तेजस्वी यादव राज्य सभा जा सकते या नहीं। UP के अखिलेश वाले फॉर्मूले पर चलेंगे तेजस्वी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी को राज्यसभा भेजने के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश सिंह यादव का फॉर्मूला आरजेडी अपना सकती है। ताकि तेजस्वी प्रदेश के साथ-साथ केन्द्र की भी राजनीति करें। अखिलेश यादव लोकसभा के सदस्य हैं और विधानसभा में उन्होंने ब्राह्मण समाज से आने वाले माता प्रसाद पांडेय को अपना नेता बनाया है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव जब दिल्ली जाएंगे तो विधानसभा में पार्टी की कमान यादव समाज के नेता को ना देकर, किसी दलित या फॉरवर्ड को सौंप सकते हैं। इससे उनके ए टू जेड का समीकरण सधेगा। हालांकि, तेजस्वी यादव राज्यसभा का कैंडिडेट तब ही होंगे, जब उनके जीतने की 100% गारंटी हो। मायावती की बसपा और ओवैसी के विधायकों का समर्थन कंफर्म हो जाए। 5% भी सीट हारने की गुंजाइश होगी तो तेजस्वी यादव राज्यसभा की उम्मीदवारी से अपने को अलग कर लेंगे और दूसरे सर्वगुण संपन्न नेता को उतार देंगे। 3 पॉइंट में तेजस्वी यादव राज्यसभा क्यों जाना चाहेंगे? 1. बिहार में करने को कुछ नहीं, 5 साल बाद चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव 2026 में RJD किसी तरह से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी बचा पाई है। पार्टी को 243 विधानसभा सीटों में सिर्फ 25 सीटें ही हासिल हुई हैं। महागठबंधन भी 35 सीटों पर ही सिमट गई। विधानसभा में भी विपक्ष की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है कि सरकार को घेर सके। तेजस्वी यादव की पार्टी विधानसभा चुनाव के बाद संख्या बल में कमजोर है। इसलिए पार्टी पर तनाव है। अब बिहार में अगले 5 साल तक कोई बड़ा चुनाव भी नहीं है। अगला विधानसभा चुनाव 2030 में होना है। ऐसे में फिलहाल बिहार में विपक्ष के पास करने को कुछ खास बचा नहीं है। इस वजह से तेजस्वी यादव को राज्यसभा भेजा जा सकता है। 2. लालू यादव के बाद राजद को दिल्ली में चाहिए बड़ा चेहरा पिछले कई वर्षों से संसद में राजद को लालू यादव के बाद कोई बड़ा चेहरा नहीं मिला है, जो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का चेहरा हो। राजद को दिल्ली में अभी एक बड़ा नेता चाहिए, जो मजबूती के साथ संसद में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर सके। ऐसे में लालू प्रसाद के बाद केन्द्र की राजनीति में आरजेडी एक चेहरा को लाना चाहती है। तेजस्वी, लालू के उत्तराधिकारी हैं। ऐसे में वे यदि दिल्ली में रहेंगे तो उनकी बात पूरे देश में जाएगी। 3. ओवैसी के गणित को साधने की कोशिश AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान विधानसभा चुनाव में तेजस्वी से गुहार लगाते रहे कि उनकी पार्टी को महागठबंधन में शामिल कर लिया जाए, लेकिन तेजस्वी ने उनकी एक न सुनी थी। इसके बाद ओबैसी ने तो सीमांचल में तेजस्वी के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया था। विधानसभा चुनाव में AIMIM ने राजद को सीमांचल की क्षेत्रिय राजनीति में बड़ा नुकसान पहुंचाया। AIMIM ने यहां राजद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर जीत हासिल की, जो राजद के लिए बड़ा झटका था। आरजेडी की एक बड़ी रणनीति यह है कि AIMIM इस पर तैयार हो जाए कि महागठबंधन के उम्मीदवार को समर्थन दे। यह दबाव बनाने के लिए तेजस्वी यादव का नाम आगे किया जा सकता है। ओवैसी की ताकत से तेजस्वी को मिल सकती है 1 सीट RJD एक सीट जीत सकती है, लेकिन उसके लिए पूरे महागठबंधन को एकजुट होना होगा। साथ में असदुद्दीन ओवैसी की मदद लेनी होगी। इसे ऐसे समझिए… महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। 5 विधायक असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और 1 BSP के विधायक हैं। सबको जोड़ने पर 41 विधायक होते हैं। अगर सब एकजुट हुए तो एक सीट मिल सकती है। ओवैसी की पार्टी किंगमेकर है, वह जिसे भी समर्थन करेगी, उसकी जीत पक्की है। NDA अगर ओवैसी की पार्टी का समर्थन या विपक्ष के दूसरे दल को तोड़ लेती है, तो 5वीं सीट भी जीत लेगा। RJD नहीं जीती तो 2030 में राज्यसभा में 0 हो जाएगी RJD यदि 5वीं सीट नहीं जीत पाएगी तो अगले विधानसभा चुनाव यानी 2030 में उसका राज्यसभा में कोई सांसद नहीं होगा। अभी RJD के राज्यसभा में 4 सांसद हैं। प्रेम गुप्ता और ऐडी सिंह का कार्यकाल इस साल खत्म हो जाएगा। संजय यादव और मनोज झा का कार्यकाल 2030 विधानसभा चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा। प्रेम गुप्ता के लिए हेमंत का दरवाजा खटखटाया RJD के दो सांसद प्रेमचंद गुप्ता और अमरेन्द्र धारी सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। दोनों पार्टी के लिए खास हैं, लेकिन प्रेमचंद गुप्ता पुराने खासमखास हैं। सूत्रों के मुताबिक, RJD चाहती है कि झारखंड से प्रेमचंद गुप्ता को राज्यसभा भेजा जाए, लेकिन विधानसभा चुनाव के समय JMM के साथ आरजेडी के संबंध में आई खटास खत्म नहीं हो पा रही है। तेजस्वी यादव ने इसके लिए कुमार सर्वजीत को लगाया था, लेकिन हेमंत सोरेन अब तक नहीं माने हैं। हालांकि, RJD का प्रयास जारी है। बता दें, शिबू सोरेन का निधन होने से 4 अगस्त 2025 से एक सीट खाली है। वैसे उसका कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। दूसरी खाली हो रही सीट भाजपा के दीपक प्रकाश की है।
दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने उत्तर प्रदेश में तेज रफ्तार रेल सफर की उम्मीदों को नई उड़ान दे दी है। इस परियोजना के साकार होने पर लखनऊ से दिल्ली की दूरी महज दो घंटे में और लखनऊ से वाराणसी की दूरी सिर्फ एक घंटे में तय की जा सकेगी। वहीं दिल्ली से वाराणसी तक का सफर लगभग तीन घंटे में पूरा होगा। बुलेट ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 300 किमी प्रति घंटे तक प्रस्तावित है, जिससे यात्रा समय एक तिहाई तक सिमट जाएगा। बजट में सात हाईस्पीड कॉरिडोर का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में देशभर में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे पुणे-हैदराबाद चेन्नई-हैदराबाद बेंगलुरु-हैदराबाद चेन्नई-बेंगलुरु दिल्ली-वाराणसी वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश को दो बड़े कॉरिडोर-दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी-का सीधा लाभ मिलेगा। इन रूटों के कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, मुरादाबाद और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों से गुजरने की संभावना जताई जा रही है। लखनऊ बनेगा हाईस्पीड नेटवर्क का अहम केंद्र रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर के लखनऊ मार्ग से गुजरने की संभावना प्रबल है। यदि ऐसा होता है तो राजधानी लखनऊ देश के हाईस्पीड रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण जंक्शन बन सकता है। पहले देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ चलाने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम समय में उसका रूट बदल दिया गया। अब नई घोषणा से प्रदेश में फिर उम्मीद जगी है कि हाईस्पीड ट्रेनें गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर और लखनऊ को सीधे जोड़ेंगी। हालांकि, किन-किन स्टेशनों पर ट्रेन रुकेगी, इस पर अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। सुबह दिल्ली, शाम को वापसी संभव प्रस्तावित रफ्तार 300 किमी प्रतिघंटा होने के कारण लखनऊ से दिल्ली के बीच लगभग 490 किमी की दूरी महज दो घंटे में तय हो सकेगी। इसका सीधा लाभ व्यापारियों, विद्यार्थियों और सरकारी कामकाज से जुड़े यात्रियों को मिलेगा। वे सुबह दिल्ली जाकर शाम तक वापस लखनऊ लौट सकेंगे। इसी तरह दिल्ली से वाराणसी का सफर भी करीब तीन घंटे में पूरा हो जाएगा, जिससे धार्मिक और पर्यटन यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। किराया विमानों के समान, फ्लेक्सी प्राइसिंग लागू रेलवे सूत्रों की माने तो, बुलेट ट्रेनों का किराया विमान सेवाओं की तर्ज पर तय किया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली का संभावित किराया लगभग पांच हजार रुपये के आसपास हो सकता है। इसमें फ्लेक्सी प्राइसिंग भी लागू रहेगी, जिससे मांग के अनुसार किराए में उतार-चढ़ाव संभव है। वर्तमान में विमान से दिल्ली जाने में बोर्डिंग और चेक-इन सहित दो से तीन घंटे का समय लग जाता है। ऐसे में हाईस्पीड ट्रेनें समय और सुविधा के लिहाज से प्रतिस्पर्धी विकल्प बन सकती हैं। 1500 किमी लंबा होगा पूरा नेटवर्क दिल्ली से वाराणसी के बीच करीब 790 किमी लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है, जबकि वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच 720 किमी का रूट बनेगा। इस तरह दिल्ली से सिलीगुड़ी वाया वाराणसी कुल लगभग 1500 किमी लंबा हाईस्पीड नेटवर्क तैयार होगा।
उदयपुर फाइल्स की सियासी पिचकारी के छींटे दिल्ली तक
बात बेबाक उ दयपुर में इस बार होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि सियासत की भी खेली जा रही है। ‘उदयपुर फाइल्स’ का राजनीतिक गलियारों में ऐसा गुलाल उड़ा है कि जिसकी पिचकारी से उदयपुर से लेकर जयपुर और दिल्ली तक के भाजपा पदाधिकारी एक्शन लेने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। शहर की चौपालों से लेकर जयपुर के सत्ता गलियारों तक चर्चा का एक ही रंग है- आखिर यह मामला किस मोड़ पर जाकर थमेगा? संगठन के भीतर खामोश बैठकों का दौर चल रहा है। जैसे होली में ऊपर से सूखा गुलाल दिखता है, लेकिन भीतर रंग गहरा होता है, वैसी ही स्थिति इस राजनीतिक परिदृश्य में दिखाई दे रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ‘राजनीतिक पिचकारी’ लेकर मैदान में उतर चुके हैं। आरोपों के रंगों के छींटे भाजपा को भिगो रहे हैं। होली का त्योहार परंपरागत रूप से गिले-शिकवे मिटाने का संदेश देता है, लेकिन इस बार लगता है कि कुछ रंग इतने गाढ़े हो चुके हैं कि आसानी से छूटने वाले नहीं हैं। ‘उदयपुर फाइल्स’ ने यह साफ कर दिया है कि चुनावी मौसम भले दूर हो, सियासत का मौसम हमेशा चालू रहता है। अब देखना यह है कि होली के बाद ये रंग फीके पड़ते हैं या फिर किसी नए सियासी कैनवास पर और गहरे उभरेंगे। बता दें, उदयपुर शहर भाजपा की नेत्री संग उदयपुर से लेकर प्रदेश स्तर के कुछ भाजपा नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो हैं, जिनके लिए आरोपी अधिवक्ता विशाल गुर्जर नेत्री व भाजपा नेताओं को ब्लैकमेल कर रहा था। इस ब्लैकमेलिंग को थामने के लिए नेत्री ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ गत 11 फरवरी को रात 10:55 बजे एआई से भाजपा नेताओं संग आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रात 4 बजे आरोपी विशाल को उसके घर से गिरफ्तार किया, लेकिन पुलिस के साथ सब्बल-हथौड़ों से लैस होकर पहुंचे कुछ नेताओं के वीडियो वायरल होते ही मामला प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक फैल गया है। नवल सक्सेना, संपादक
फरीदाबाद के सराय थाना क्षेत्र से लापता हुई तीनों नाबालिग लड़कियां 48 घंटे बाद सकुशल मिल गईं। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार बजरंग चौक, सराय इलाके से 15 वर्षीय गुड्डी, 13 वर्षीय निशा और उनकी 12 वर्षीय सहेली काव्य अचानक घर से चली गई थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पढ़ाई को लेकर माता-पिता द्वारा डांटने पर तीनों नाराज होकर घर से मार्केट जाने के लिए निकली थीं। इसी दौरान वे रास्ता भटक गईं और भटकते-भटकते दिल्ली पहुंच गईं। बताया गया कि रास्ता ठीक से पता न होने के कारण वे वापस घर नहीं आ सकीं। मेट्रो स्टेशन पर बिताई रात रात होने पर तीनों बच्चियां बदरपुर मेट्रो स्टेशन के सीढ़ियों के पास ही सो गईं थी ओर वहीं पूरी रात बिताई। आज सुबह मेट्रो स्टेशन पर आने वाले दैनिक यात्रियों की नजर जब तीनों बच्चियों पर पड़ी तो उन्हें शक हुआ। पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। लोगों ने दी पुलिस को सूचना इसके बाद बदरपुर मेट्रो स्टेशन पर लोगों ने संबंधित पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सराय थाना पुलिस मेट्रो स्टेशन पहुंची और तीनों बच्चियों को अपने साथ थाने लेकर आई। वहां पर विस्तार से पूछताछ की गई, जिसमें पता चला कि वे नाराज होकर घर से निकली थीं और रास्ता भटकने के कारण दिल्ली पहुंच गई थीं। परिजनों को किया गया सुपुर्द सराय थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि पूरी जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने तीनों नाबालिग लड़कियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने बच्चियों के सकुशल मिलने पर राहत की सांस ली, वहीं पुलिस ने अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने और उन्हें समझाने-बुझाने की सलाह दी है।
आईपीएल 2026: धोनी समेत चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों ने शुरू की ट्रेनिंग
New Delhi: चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, मौजूदा टीम के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और टीम के कई अन्य सदस्यों ने रविवार को चेन्नई में अपने पहले प्रैक्टिस सेशन के साथ आईपीएल 2026 के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी। 5 बार की चैंपियन टीम ने फ्रेंचाइजी के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में अपना कैंप शुरू किया, जिसमें कई भारतीय खिलाड़ी ड्यूटी पर रिपोर्ट कर रहे थे। मौजूद खिलाड़ियों में आयुष म्हात्रे, मुकेश चौधरी, राहुल चाहर, उर्विल पटेल, रामकृष्ण घोष और सरफराज खान शामिल थे। फ्रेंचाइजी ने सेशन के क्लिप शेयर किए, जिसमें धोनी और गायकवाड़ आस-पास के नेट्स में बल्लेबाजी करते दिख रहे हैं। नए साइन किए गए प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा भी टीम में शामिल हुए और ड्रिल में हिस्सा लिया। ट्रेनिंग फुटेज में, सरफराज धोनी के नेट सेशन को करीब से देखते हुए दिखे, जबकि गायकवाड़ लय में नजर आए। कैंप के मौजूदा फेज में भारतीय घरेलू खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि नेशनल ड्यूटी पर मौजूद खिलाड़ी बाद में जुड़ेंगे। भारत के इंटरनेशनल खिलाड़ी संजू सैमसन और शिवम दुबे, जो अभी टी20 वर्ल्ड कप में शामिल हैं, उनके 7 मार्च को टूर्नामेंट खत्म होने के बाद टीम में शामिल होने की उम्मीद है। कर्नाटक के रणजी ट्रॉफी फाइनल कैंपेन से लौटे श्रेयस गोपाल भी बाद में रिपोर्ट करेंगे। अभी के लिए, सेशन को असिस्टेंट कोच श्रीधरन श्रीराम और राजीव कुमार, साथ ही स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच ग्रेग किंग सुपरवाइज कर रहे हैं। विदेशी खिलाड़ी और विदेशी कोचिंग स्टाफ के सदस्य अभी जुड़ने बाकी हैं। इससे पहले रविवार को, फ्रेंचाइजी ने आने वाले कैश-रिच इवेंट के लिए अपनी जर्सी दिखाई। कैंप के मौजूदा फेज में भारतीय घरेलू खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि नेशनल ड्यूटी पर मौजूद खिलाड़ी बाद में जुड़ेंगे। भारत के इंटरनेशनल खिलाड़ी संजू सैमसन और शिवम दुबे, जो अभी टी20 वर्ल्ड कप में शामिल हैं, उनके 7 मार्च को टूर्नामेंट खत्म होने के बाद टीम में शामिल होने की उम्मीद है। कर्नाटक के रणजी ट्रॉफी फाइनल कैंपेन से लौटे श्रेयस गोपाल भी बाद में रिपोर्ट करेंगे। Also Read: LIVE Cricket Score टीम: ऋतुराज गायकवाड़, डेवाल्ड ब्रेविस, आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, मैट शॉर्ट, संजू सैमसन, एमएस धोनी, उर्विल पटेल, कार्तिक, शिवम दुबे, जैक फाउल्केस, रामकृष्ण घोष, श्रेयस गोपाल, जेमी ओवरटन, अकील हुसैन, अमन खान, वीर, नूर अहमद, राहुल चाहर, खलील अहमद, नाथन एलिस, मैट हेनरी, गुरजपनीत सिंह, अंशुल कंबोज और मुकेश चौधरी। Article Source: IANS
भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धपुर) की किसान जागृति यात्रा रविवार शाम को नारनौंद स्थित जाट धर्मशाला पहुंची। इस यात्रा का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगजीत डलेवाल कर रहे हैं। नारनौंद पहुंचने पर किसानों ने फूल-मालाओं से यात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में विश्व जाट महासभा के सदस्यों उपेंद्र डाटा और जोगेंद्र सहित अन्य प्रतिनिधियों ने प्रमुख किसान नेताओं को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। पत्रकारों से बात करते हुए जगजीत सिंह डलेवाल ने किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्ज के कारण अब तक 7 लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दरों पर खरीदी जाती हैं। डल्लेवाल बोले- कर्ज के कारण किसानों ने आत्महत्या की डलेवाल ने दावा किया कि वर्ष 2000 से 2025 तक 25 सालों में किसानों को MSP से 111 लाख करोड़ रुपए कम मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 25 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के कारण किसानों ने आत्महत्या की है। MSP और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाए उन्होंने कहा कि इससे बचने का एक ही तरीका है कि प्रदेश के किसानों की फसलों को MSP पर खरीदा जाए और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। जब तक देश का किसान कर्ज मुक्ति नहीं होगा तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता। केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ जो डील की है वह रद्द होनी चाहिए। कोहाड़ बोले- यात्रा किसानों की जागरूक कर रही अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि पिछले किसान आंदोलन में भी इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोहाड़ ने जानकारी दी कि यह किसान जागृति यात्रा 5 फरवरी को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए किसानों को जागरूक कर रही है। यात्रा को बताया गैर राजनैतिक इस यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून बनवाना, भारत-अमेरिका के बीच हुई किसान व्यापार संधि को रद्द करवाना और किसानों के अन्य लंबित मुद्दों के समाधान के लिए जनसमर्थन जुटाना है। 19 मार्च को रामलीला मैदान में होगी किसान रैली नेताओं ने किसानों से 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संदेश देना जरूरी है कि भारत के किसानों का भविष्य किसी अन्य देश में बैठकर तय नहीं किया जा सकता।
सिरोही का हर्बल गुलाल उत्तराखंड-दिल्ली तक पहुंचा:बंपर बिक्री से आदिवासी महिलाओं को मिला आर्थिक संबल
सिरोही जिले में तैयार किया जा रहा हर्बल गुलाल अब उत्तराखंड और दिल्ली तक पहुंच गया है। पिंडवाड़ा के बसंतगढ़ और आबूरोड के निचलागढ़ एवं चंदेला वन धन विकास केंद्रों पर आदिवासी महिलाओं द्वारा निर्मित इस प्राकृतिक गुलाल को बाहरी राज्यों से अच्छी मांग मिली है।राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के मार्गदर्शन में यह गुलाल तैयार किया जा रहा है। वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पलाश, गुलाब, चुकंदर, हल्दी और अन्य प्राकृतिक तत्वों का उपयोग कर रसायन मुक्त गुलाल बना रही हैं। यह गुलाल त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल है। इसकी गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इसे स्थानीय बाजारों के साथ-साथ उत्तराखंड और दिल्ली से भी ऑर्डर मिले हैं। महिलाओं ने खुशी जताईबढ़ती मांग को देखते हुए इस वर्ष गुलाल के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि राजीविका उनके लिए वरदान साबित हुई है और उनके उत्पाद का दूसरे राज्यों तक पहुँचना गर्व की बात है। आबूराज में आयोजित एक कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया ने हर्बल गुलाल स्टॉल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना की और प्राकृतिक रंगों के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया।राजीविका महिलाओं को उत्पादन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इससे महिलाएं संगठित होकर कार्य कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। सिरोही का यह हर्बल गुलाल 'लोकल टू नेशनल' की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण ला रहा है।
रामपुर में लकड़ी कारोबारी पर आयकर रेड जारी:दिल्ली टीम की चौथे दिन भी जांच, मालिकों से पूछताछ
दिल्ली आयकर विभाग की टीम रामपुर में लकड़ी कारोबारी की इंडस्ट्री पर चौथे दिन भी छानबीन कर रही है। टीम लगातार मालिक मुनन और बबलू से पूछताछ कर रही है। आयकर अधिकारियों का कहना है कि वे दस्तावेज़ों, खातों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं। आयकर विभाग ने इस मामले में मीडिया से दूरी बनाए रखी है और कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच के चलते फैक्ट्री प्रबंधन ने उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसका असर वहां काम कर रहे मजदूरों पर पड़ा है। मजदूर रशीद ने बताया कि अगर फैक्ट्री लंबे समय तक बंद रही तो उन्हें रोजगार की तलाश में दूसरी जगह जाना पड़ेगा। पहले की छापेमारी का संदर्भ गौरतलब है कि इससे पहले 13 सितंबर 2023 को आयकर विभाग ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के आवास पर तीन दिन तक छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में कोई ठोस आधार नहीं मिला और मामला बिना मुकदमे के समाप्त हो गया। इसके एक साल बाद उनके करीबी ठेकेदारों के यहां भी दो दिन तक जांच चली, लेकिन वह भी बिना केस के खत्म हो गई। जिले के कारोबारियों की नजरें जांच पर लकड़ी कारोबारी के यहां चौथे दिन भी जारी पूछताछ ने जिले के कारोबारियों की नजरें उस दिशा में मोड़ दी हैं। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे रेड के बाद से लगातार दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल जारी है। मुनन और बबलू से गहन पूछताछ से संकेत मिल रहे हैं कि आयकर टीम के पास कुछ ठोस आधार है।
Zimbabwe vs South Africa Match Prediction, ICC T20 World Cup 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज का 11वां मुकाबला रविवार, 01 मार्च को जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार दोपहर 03:00 बजे से शुरू होगा। गौरतलब है कि इन दोनों ही टीमों के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल साल 2025 में खेला गया था जिसे हरारे के मैदान पर साउथ अफ्रीका की टीम ने 17.2 ओवर में 145 रनों का लक्ष्य हासिल करके जिम्बाब्वे से 7 विकेट से जीता। बताते चलें कि साउथ अफ्रीका की टीम आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी है, वहीं जिम्बाब्वे टूर्नामेंट से एलिमिनेट हो चुकी है। ZIM vs SA, T20 World Cup 2026: मैच से जुड़ी जानकारी दिन - रविवार, 01 मार्च 2025 समय - 03:00 PM IST वेन्यू - अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली Arun Jaitley Stadium, Delhi Pitch Report आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 का 11वां मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा जहां टॉस जीतने वाली टीम रन चेज़ करना खूब पसंद करती है। गौर करें इस मैदान पर कुल 19 टी20 इंटरनेशनल खेले गए हैं जिसमें से 13 रन चेज़ और 06 रन डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते। बताते चलें कि यहां T20I में पहली इनिंग का औसत स्कोर 148 रन रहा है। ZIM vs SA T20 Head To Head Record कुल - 08 साउथ अफ्रीका - 07 जिम्बाब्वे - 00 बेनतीजा - 01 ZIM vs SA: Where to Watch? आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर देख पाएंगे। इसके अलावा आप OTT प्लेटफॉर्म JioHotstar पर भी वर्ल्ड कप के मैच इन्जॉय कर सकते हो। ZIM vs SA: Player to Watch Out For जिम्बाब्वे की टीम से ब्रायन बेनेट, सिकंदर रज़ा और ब्लेसिंग मुज़ारबानी स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर साउथ अफ्रीका टीम की तो एडेन मार्कराम, क्विंडन डी कॉक और मार्को यानसेन अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। Zimbabwe vs South Africa Probable Playing XI Zimbabwe Probable Playing XI: ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमानी (विकेट कीपर), डायोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकीवा, ब्रैड इवांस, रिचर्ड नगारवा, टिनोटेंडा मापोसा, ब्लेसिंग मुज़ारबानी। South Africa Probable Playing XI: एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश, कगिसो रबाडा, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी। Zimbabwe vs South Africa Today's Match Prediction आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 का 11वां मुकाबला साउथ अफ्रीका की टीम जीतने के लिए फेवरेट रहेगी। ZIM vs SA Match Prediction, T20 World Cup 2026, ZIM vs SA Pitch Report, Today's Match ZIM vs SA, ZIM vs SA Prediction, ZIM vs SA Predicted XIs, Cricket Tips, Today Match Prediction, Today Cricket Match, Playing XI, Pitch Report, Injury Update of the match between Zimbabwe vs South Africa Also Read: LIVE Cricket Score Disclaimer: यह आर्टिकल लेखक की समझ और विश्लेषण पर आधारित है।
रोहतक के गांव खेड़ी साध निवासी सत्यवान की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप की तलाश में पुलिस की कई टीमें दिल्ली, राजस्थान समेत आसपास के राज्यों में दबिश दे रही है। STF व CIA समेत दिल्ली पुलिस भी आरोपी प्रदीप की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक आरोपी का कहीं कोई पता नहीं चला है। बता दें कि, गांव खरावड़ के पास 20 फरवरी को गांव खेड़ी साध निवासी प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की गाड़ी लावारिश हालत में मिली थी, जिसके पास खून पड़ा था और गोलियों के खोल बरामद हुए थे। लेकिन वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला और ना ही किसी का शव बरामद हुआ। इसके बाद एक गैंगस्टर सुंदर काला ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली। फेसबुक पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस की कई टीमें सत्यवान की खोज कर रही थी। आसपास के राज्यों में भी आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को जो सबूत मिले, उसी के माध्यम से दो आरोपियों को काबू किया, जिनकी निशानदेही पर 24 फरवरी को सत्यवान के शव को जेएलएन से बरामद किया गया। इन आरोपियों को पुलिस कर चुकी काबू सत्यवान की हत्या के मामले में पुलिस अब तक 4 आरोपियों को काबू कर चुकी है। इनमें दो आरोपी मनीष निवासी गांव भाली और मंजीत निवासी बापोड़ा जिला भिवानी को 24 फरवरी को काबू किया। जिनकी निशानदेही पर सत्यवान के शव को जेएलएन से बरामद किया गया। पुलिस लगातार छापेमारी करते हुए अन्य आरोपियों को काबू करने में लगी हुई, जिसके दौरान पुलिस ने गांव खेड़ी साध निवासी सुशील पुत्र सुखबीर व अजय पुत्र जगदीश को काबू किया है, जो सत्यवान की हत्या करने की साजिश में शामिल रहे। पुलिस प्रदीप की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस आरोपी की तलाश में दे रही दबिश आईएमटी थाना पुलिस ने बताया कि सत्यवान की हत्या के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा हुआ है। इस मामले में अभी अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। अन्य राज्यों की पुलिस से भी सहयोग लिया जा रहा है। जल्द ही हत्याकांड के अन्य आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
दिल्ली का मौसम: मार्च की पहली सुबह में खिली धूप, क्या आज दिल्ली में बढ़ेगा पारा?
1 मार्च 2026 को दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा? आज दिन भर आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। जानिए आज का अधिकतम तापमान 30C और न्यूनतम तापमान 16C के पूर्वानुमान के साथ मौसम का पूरा हाल।
गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम वास्तिक को धमकियां मिल रही थीं। उन्हें अंदाजा था कि वो सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए डेढ़ साल पहले लोनी में उन्होंने 55 गज में एक घर बनवाया। वहीं से यूट्यूब पर इस्लामिक कट्टरता के खिलाफ बोलने लगे। यहां से 2Km दूर अपनी पत्नी और बेटे उस्मान को दिल्ली के अशोकविहार में रखा। दैनिक भास्कर टीम जब इस कॉलोनी में पहुंची, किसी को पता ही नहीं था कि सलीम कहां रहते हैं? शायद सलीम खुद ही नहीं चाहते थे कि कोई जाने कि उनका परिवार कहां रहता है? सलीम इस वक्त भी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) में जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। गले को काटने का प्रयास किया गया था, डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है। अब उनके पेट का ऑपरेशन होना बाकी है। उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग हो रही है। लिवर डैमेज हुआ है। वहीं, बाइक पर आए बदमाशों को तलाश करने के लिए पुलिस की 3 टीमों ने करीब 180 CCTV देखे हैं। सलीम वास्तिक के घर से 2.5Km दूर बदमाश दिल्ली बॉर्डर पर CCTV में नजर आए हैं। वह हेलमेट लगाए हुए हैं। जो बदमाश बाइक चल रहा था, उसने शर्ट-जींस और जैकेट पहना था, पीछे बैठे बदमाश ने कुर्ता-पजामा पहना हुआ था। बाइक TVS कंपनी की है, दोनों उबड़-खाबड़ रास्तों पर दिल्ली की तरफ जाते हुए दिखे हैं। पुलिस दिल्ली के अंदर सर्च ऑपरेशन चला रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लोग कैमरे पर नहीं बोले, डर…कहीं पुलिस थाने न लेकर जाएइस्लाम धर्म को छोड़ चुके सलीम वास्तिक का गला जिस घर में काटने का प्रयास हुआ, दैनिक भास्कर टीम वहां पहुंची। दिल्ली और गाजियाबाद के बार्डर पर जंगल का इलाका, लोनी इलाके में यहां मुख्य सड़क से करीब 8 फीट नीचे गेहूं के खेत में एक किसान सिंचाई करते हुए मिले। हमने पूछा कि सलीम वास्तिक का घर कौन सा है? इतना सुनते ही किसान ने कहा कि अच्छा मीडिया से हो। हां, कहने पर कहा कि इसे हिंदू मुस्लिम का रंग दिया जा रहा है। हमला होने के बाद से तरह-तरह की बातें चल रही हैं, लेकिन मेरा नाम मत लिखना, न ही मेरा कोई फोटो लेना। मैं सलीम वास्तिक को ज्यादा नहीं जानता। बस इतना कहूंगा कि यह लगातार मुस्लिम धर्म के खिलाफ बोल रहे थे। खुद की वीडियो बनाकर उन्हें दूसरों को भेजते थे। एक बात सोचिए, सुबह दिन निकलते ही कोई हमला क्यों करेगा। वह मारने के इरादे से इसलिए आए कि न तो कोई पड़ोसी होगा, न ही कहीं पुलिस मिलेगी। सलीम के घर के अंदर कैमरे लगे हैं। जिन्होंने चाकू से गला काटा, वह कैमरे में दिख गया होगा, पुलिस को सब कुछ पता चल गया होगा। जहां सलीम का घर, उसके आसपास घर नहींसलीम वास्तिक लोनी इलाके में जिस मकान में रहते थे, वह 55 गज का छोटा मकान है। उसके दोनों तरफ खाली प्लॉट हैं। यह सलीम का अपना घर है, जिसे डेढ़ साल पहले उन्होंनें प्लॉट खरीदकर बनाया था। ऊपर तिरंगा लगा हुआ है, पानी की टंकी है। यहां दिन में भी उनके पास हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्म के लोग मिलने आते थे। सामने ऊबड़ खाबड़ कच्चे रास्ते हैं। एक गाजियाबाद नंबर की सफेद रंग की कार घर के सामने रास्ते में खड़ी थी। पड़ोसी लोग कैमरे के सामने बोलने से डरते दिखे, उन्हें डर है कि सलीम के साथ बड़ी घटना हुई है, यह मामला धर्म के खिलाफ बोलने से जुड़ा है। पुलिस लगातार यहां आ-जा रही है। लोग घबराए हुए हैं कि अगर हमने कुछ बोला तो पुलिस उनसे भी पूछताछ करने के लिए थाने लेकर जाएगी। सलीम वास्तिक के घर के सामने खेल रहे एक 14 साल के लड़के ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब सलीम पर हमले का शोर मचा, तब लोग पहुंचे, मैं भी पीछे खड़ा था। पड़ोस की महिला बता रही थीं कि सामने के रास्ते से बाइक पर दो लड़के आए थे, वह हमला करके इसी रास्ते से भाग भी गए, यहां 2 तरफ जंगल का रास्ता है। बंद घर में अंदर ही CCTV, बाहर कैमरे नहींसलीम वास्तिक पर जहां हमला हुआ है, वह घर पूरी तरह से बंद है। बाहर छोटा गेट है, बराबर में लोहे का शटर लगा हुआ है। ऊपर से भी यह बंद है। यानी बाहरी कोई भी व्यक्ति इस घर में घुस नहीं सकता। दूसरी बात यह सामने आई कि यहां बाहर की तरफ कोई CCTV नहीं लगा था, जबकि अंदर कैमरा लगा होना बताया गया। इससे यह साफ होता है कि सलीम को खुद पर होने पर हमले का अंदाजा था। गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सलीम के बेटे और पत्नी से भी पूरा मामले की जानकारी ली है। उच्च अधिकारियों ने अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क कर मेडिकल स्थिति जानी। जहां बताया गया कि गले की सर्जरी हो चुकी है। पेट में चाकू लगने से लीवर डैमेज हो गया है। 2 महीने पहले शिकायत पर अकाउंट बंद हुआसलीम वास्तिक के खिलाफ 2 महीने पहले पुलिस में एक शिकायत हुई थी। वह दिल्ली के वजीरपुर के रहने वाले अनीस अहमद अंसारी ने करवाई थी। वह कहते हैं- एक व्यक्ति जो खुद को एक्स मुस्लिम कहता है, जब इस्लाम त्याग दिया, तो सिर पर टोपी क्यों लगाते हो? वह मुसलमानों वाला नाम क्यों रखे हुए है? मैंने सलीम के खिलाफ अशोक विहार थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद इसकी फेसबुक आईडी को ब्लॉक किया जाए। यह पैसे के लालच में मुसलमानों को बदनाम करता है। इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उसने गुनाह किया है, मैंने माना है कि भारत देश में धर्म को मानने की आजादी है। कोई भी आदमी कानून की अवहेलना नहीं कर सकता। धार्मिक ग्रंथ को गलत नहीं बता सकता। पड़ोसी बोले- 15 दिन में आती थी पत्नीसलीम के पड़ोस में रहने वाली 40 साल की नाजरीन ने बताया- सलीम अकेले इस मकान में रहते थे। वह यह बताते थे कि मेरी पत्नी और बेटा कहीं अशोक विहार में रहते हैं। सुबह के समय जब शोर मचा कि मार गए…मार गए…भाग गए। मैं मौके पर पहुंची, तो सलीम खून से लथपथ हालत में तड़प रहे थे। उनके गले और पेट से खून बह रहा था। लोगों की भीड़ लग गई, इतना पता चला कि सामने के रास्ते से हमलावर भागे हैं। लेकिन उनके आने की और सलीम के घर में घुसने की जानकारी नहीं हुई। सलीम का घर अक्सर बंद रहता था। उनकी पत्नी 15 से 20 दिन में यहां आती थी, साफ सफाई करके चली जाती थी। सलीम के दोस्त ही चाय या खाना लाते थे, कभी-कभी बेटा भी उनका खाना देकर चला जाता था। ये साजिश, घर में घुसकर गला काट दियापड़ोस में रहने वाले 55 साल के मोहम्म्द जहरुद्दीन ने बताया कि सलीम यहां अकेले रहते थे। मैं तो अपने बेटे के पास रोटी खाने आया था। इतना पता चला है कि 2 दिन पहले मैसेज आया। क्या मैसेज आया यह तो पुलिस और मीडिया वालों को पता होगा। इस तरह से घर में घुसकर गला काट देना, इसमें कुछ बड़ी साजिश हो सकती है। पुलिस पूरी सच्चाई के साथ केस का खुलासा करे। पड़ोसी बोले- कभी पत्नी और बेटा नहीं देखा सलीम की कॉलोनी में रहने वाले कारपेंटर मोमीन ने बताया कि मैंने इस घर में कभी सलीम वास्तिक की पत्नी और बेटे को नहीं देखा। वह अकेले ही रहते थे। बाहर भी कम जाया करते थे। इतना पता चला कि इसी मकान के अंदर एक ऑफिस बना हुआ था, जिसमें वह कुछ यू ट्यूब चैनल चलाते थे। हमले के बाद उन्हें अस्पताल लेकर दिल्ली गए तो वहीं पर परिवार के लोग बताए गए। पुलिस की 5 टीमें, बॉर्डर पर चेकिंग बढ़ाई सलीम पर हमले के मामले में सीएम योगी ने कहा कि हमलावर बख्शे नहीं जाएंगे। गाजियाबाद पुलिस की 5 टीमें लगाई गईं हैं। घर में लगे कैमरे की पूरी डीवीआर पुलिस ले गई। जो नामजद कराए गए हैं उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि यह भी चर्चा है कि हमलावर साजिश तो कर सकते हैं, मगर मारने वाले लोग भाड़े के गुंडे हो सकते हैं। ………ये पढ़ें - इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर को 14 चाकू मारे:सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े हमला, योगी बोले- UP में आतंक की जगह नहीं गाजियाबाद में इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े ऑफिस में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। गला रेतने की कोशिश की। चीखने पर हमलावर उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए। पढ़िए पूरी खबर…
6 मार्च तक चलेंगी स्पेशल बसें:जयपुर, दिल्ली और यूपी के लिए 24 घंटे मिलेगी बस सेवा
भरतपुर रंगों के महापर्व होली के अवसर पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित और सुलभ तरीके से पहुंचाने के लिए भरतपुर और लोहागढ़ आगार द्वारा विशेष तैयारियां की गई हैं। त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने 6 मार्च तक विशेष बस संचालन का निर्णय लिया है। इस अवधि में जयपुर, दिल्ली, आगरा, अलीगढ़, अलवर, धौलपुर और चंडीगढ़ जैसे व्यस्त मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि यात्रियों को घंटों इंतजार न करना पड़े और वे समय पर अपने परिवार के साथ होली मना सकें। भरतपुर आगार के मुख्य प्रबंधक शक्ति सिंह ने बताया कि नियमित बसों के अलावा यात्रीभार की उपलब्धता को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी स्टैंडबाई पर रखी गई है। जैसे ही किसी मार्ग पर यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा, तुरंत प्रभाव से एक्स्ट्रा बसें रवाना कर दी जाएंगी। यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए न केवल बस स्टैंड, बल्कि बीच रास्ते से यात्रा शुरू करने वाले लोगों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए भरतपुर जिले के आसपास चेकिंग प्वाइंट लगाए हैं। लुधावई, उच्चैन और ऊंचा नगला जैसे प्रमुख स्थानों पर परिवहन कर्मचारियों की पारी के अनुसार (शिफ्ट वाइज) ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी मार्ग पर बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे और परेशान यात्रियों को बसें रुकवाकर सीट दिलाने में मदद करेंगे। जयपुर में भी लगाई कर्मचारी की ड़्यूटी लोहागढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक राकेश सैनी ने बताया कि व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रबंधन ने निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया है। जिले के बाहर से आने वाले यात्रियों के समन्वय के लिए एक विशेष कर्मचारी की तैनाती जयपुर में भी की गई है, जो वहां से भरतपुर की ओर आने वाले यात्रीभार की सूचना और बसों के संचालन की मॉनिटरिंग करेगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के इस भागदौड़ भरे समय में किसी भी यात्री को परेशानी न हो। इन सात दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के जरिए रोडवेज प्रशासन अधिक से अधिक राजस्व जुटाने के साथ-साथ आमजन को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है। साथ ही रोडवेज का उद्देश्य है कि पर्व के मौके पर यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
दिल्ली में हुई बैठक में बनी सहमति:होली के बाद शुरू हो सकती है निगम मंडलों की घोषणा
मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षारत निगम मंडल, आयोग और प्राधिकरण में नियुक्ति को लेकर भाजपा में अंतिम सहमति तक़रीबन बन गई है। होली के बाद निगम मंडलों में नियुक्ति के आदेश जारी होना शुरू हो सकते हैं। नई दिल्ली में शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के साथ सीएम डॉ. मोहन यादव व प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बैठक हुई। इसमें निगम मंडल और प्राधिकरण में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर लंबी चर्चा हुई। पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री से भी प्रदेश के नेताओं की चर्चा हुई। प्रदेश में 50 सरकारी निगम मंडल व प्राधिकरण हैं। इनमें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के तौर पर राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं।
नई दिल्ली में एक मार्च को वर्ल्ड कप मैच, ट्रैफिक डायवर्जन का रखें ध्यान
T20I Cricket Match: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को साउथ अफ्रीका की भिड़ंत जिम्बाब्वे के साथ होगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। यह मैच दोपहर 3:00 बजे से रात 8:00 बजे तक आयोजित होगा, जबकि दर्शकों की आवाजाही को देखते हुए दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। सुरक्षा और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्टेडियम और उसके आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। आवश्यकता के अनुसार बहादुरशाह जफर मार्ग और जेएलएन मार्ग पर यातायात डायवर्जन किया जाएगा। दरियागंज से बहादुरशाह जफर मार्ग तथा गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक दर्शकों की आवाजाही के दौरान इन सड़कों से बचने की सलाह दी गई है। इस बीच जेएलएन मार्ग: (राजघाट से दिल्ली गेट होते हुए कमला मार्केट राउंडअबाउट तक), आसफ अली रोड: (तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक),बहादुरशाह जफर मार्ग: (दिल्ली गेट से रामचरण अग्रवाल चौक तक), नई दिल्ली रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को बहादुरशाह जफर मार्ग और आईटीओ चौक पर संभावित भारी ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए पहले से यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी गई है। आवश्यकता के अनुसार बहादुरशाह जफर मार्ग और जेएलएन मार्ग पर यातायात डायवर्जन किया जाएगा। दरियागंज से बहादुरशाह जफर मार्ग तथा गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक दर्शकों की आवाजाही के दौरान इन सड़कों से बचने की सलाह दी गई है। Also Read: LIVE Cricket Score दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम पहले ही सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी है। ऐसे में टीम टूर्नामेंट का अंत जीत के साथ करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। जिम्बाब्वे ने टी20 फॉर्मेट में आज तक साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीत दर्ज नहीं की है। Article Source: IANS
एमपी कैडर के अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी अनिरुद्ध मुखर्जी को केंद्र सरकार ने सचिव पद के समकक्ष पद के लिए इम्पैनल किया है। मुखर्जी 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। डीओपीटी ने शनिवार को 41 अफसरों के इम्पैनलमेंट के आदेश जारी किए हैं। जिसमें मुखर्जी का नाम एमपी कैडर के अफसरों में है। मुखर्जी अभी राजस्व मंडल अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव लोक परिसंपत्ति विभाग के पद पर पदस्थ हैं। एमपी कैडर की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी पहले से ही दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ हैं। अनिरुद्ध मुखर्जी के आदेश के बाद अब मुखर्जी दंपत्ति दिल्ली में ही पदस्थ हो जाएंगे। केंद्र के इम्पैनलमेंट के बाद अनिरुद्ध मुखर्जी जल्द ही राज्य सरकार की सेवाओं से रिलीव होंगे। अगले माह उन्हें सचिव पद के समकक्ष केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय में पदस्थ किए जाने के आदेश जारी किए जाएंगे। आज ही 28 एडिशनल सेक्रेटरी और समकक्ष पदों के लिए भी इम्पैनलमेंट के आदेश जारी हुए हैं, लेकिन इनमें एमपी के किसी अधिकारी का नाम शामिल नहीं है। इससे पहले 4 फरवरी को जारी आदेश में डीओपीटी ने 24 आईएएस अधिकारियों को संयुक्त सचिव पद के लिए इम्पैनल करने का निर्णय लिया था। इसमें एमपी कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा और षणमुगा प्रिया मिश्रा के नाम शामिल हैं। इसके पूर्व मुंबई में पदस्थ एमपी कैडर के अधिकारी ज्ञानेश्वर पाटिल को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के आदेश डीओपीटी पहले ही जारी कर चुका है। शुभरंजन सेन बने राज्य वन बल प्रमुख राज्य शासन द्वारा भारतीय वन सेवा के शुभरंजन सेन को राज्य वन बल प्रमुख नियुक्त किया गया है। शासन ने इसके आदेश भी जारी कर दिया है, जो 1 मार्च 2026 से प्रभावशील होगा। सेन वर्तमान में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) के पद पर मुख्यालय भोपाल में पदस्थ हैं। इसके पहले यह माना जा रहा था कि पीएससीएफ खान को वन बल प्रमुख बनाया जा सकता है लेकिन सरकार ने खान के बजाय सेन को वनवेल प्रमुख बना दिया है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र खत्म होते ही अगले दिन शनिवार को एमपी के दिग्गज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले। शुक्रवार रात अचानक सीएम डॉ. मोहन यादव बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सुबह एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात की। उसके बाद पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और फिर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अमित शाह से अलग-अलग मुलाकातें की। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने समय मांगा था। शुक्रवार को शाह के ऑफिस से दोनों मंत्रियों को मुलाकात के लिए समय मिला। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल दिल्ली जाकर अमित शाह से मिले। नितिन नवीन से मिले सीएम और हेमंत खंडेलवाल सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इस दौरान एमपी से राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने वाले नेताओं के नामों और एमपी के संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई है। मोदी मंत्रिमंडल के साथ ही एमपी में हो सकता है मंत्रिमंडल का विस्तार बीजेपी सूत्रों की मानें तो दो महीनों के भीतर मोदी मंत्रिमंडल में बदलाव होना संभावित है। केंद्रीय कैबिनेट के बाद मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। अमित शाह ने एमपी के नेताओं से प्रदेश की राजनीतिक स्थितियों को लेकर फीडबैक लिया है। निगम-मंडलों की लिस्ट इसी हफ्ते लंबे समय से टल रही एमपी में राजनीतिक नियुक्तियों की लिस्ट इसी हफ्ते में घोषित हो सकती है। सूत्रों की मानें तो पहली सूची में आदिवासी और दलित वर्ग के सीनियर नेताओं को मंत्री का दर्जा मिल सकता है। -बालाघाट के बैगा महोत्सव के लिए आमंत्रित किया सीएम डॉ. मोहन यादव ने अमित शाह से मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा- आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर भोपाल में यूनियन कार्बाइड की भूमि पर गैस काण्ड स्मारक निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर उज्जैन में विक्रमोत्सव के भव्य आयोजन की जानकारी दी और नक्सल मुक्त होने के बाद बालाघाट में आयोजित बैगा महोत्सव में सादर आमंत्रित किया।
शहर में इन दिनों एक ऐसी अनूठी रामलीला का मंचन हो रहा है, जिसकी जड़ें सरहद पार पाकिस्तान की धरती से जुड़ी हैं। करीब 121 वर्ष पुरानी यह परंपरा आज भी जीवंत है और हर वर्ष होली के अवसर पर समाज को नशामुक्ति का संदेश देती है। बताया जाता है कि इस रामलीला की शुरुआत वर्ष 1908 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के झंग जिले में हुई थी, जहां होली के दौरान युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें धर्म-अध्यात्म से जोड़ने के उद्देश्य से इसका आयोजन प्रारंभ किया गया था।विभाजन से पहले यह परंपरा झंग जिले में झंग बिरादरी द्वारा निभाई जाती थी। वर्ष 1947 में जब देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का गठन हुआ, तब वहां रहने वाले हिंदू और पंजाबी समाज के लोगों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए। इसी दौरान झंग बिरादरी के परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर भारत आना पड़ा। वे अपने साथ भौतिक संपत्ति तो नहीं ला सके, लेकिन अपनी सांस्कृतिक धरोहर यह ऐतिहासिक रामलीला जरूर साथ ले आए। भारत आने के बाद यह बिरादरी पहले दिल्ली में ठहरी और बाद में ग्वालियर में आकर बस गई। यहां शिंदे की छावनी स्थित आदर्श नगर में इस रामलीला का मंचन छोटे स्तर पर पुनः शुरू किया गया। बाद में इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। तब से लेकर आज तक होलिकाष्टक के दौरान इस परंपरा का निर्वहन निरंतर किया जा रहा है। इस रामलीला की एक विशेषता यह भी है कि इसमें भगवान राम की कथा के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भी मंचन किया जाता है। धार्मिक कथाओं के माध्यम से समाज को नैतिकता, संयम और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया जाता है। आयोजकों का मानना है कि होली जैसे उत्सव के दौरान जब युवाओं में उन्माद और नशे की प्रवृत्ति बढ़ने की आशंका रहती है, तब यह रामलीला उन्हें सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती है।रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिओम नागपाल ने बताया शुरुआत में यह आयोजन एक साधारण नाटक के रूप में शुरू हुआ था। समय के साथ इसका स्वरूप विस्तृत होता गया और यह पूर्ण रामलीला के रूप में स्थापित हो गई। उन्होंने बताया कि 1908 में झंग जिले में समाज के वरिष्ठजनों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए होलिकाष्टक के दिनों में धार्मिक नाट्य मंचन की परंपरा शुरू की थी। यही परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती रही। विभाजन की त्रासदी झेलने के बावजूद समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को नहीं छोड़ा। ग्वालियर में बसने के बाद भी उन्होंने इस परंपरा को जीवित रखा और हर वर्ष पूरे उत्साह के साथ इसका आयोजन करते रहे। आज यह रामलीला न केवल पंजाबी समाज बल्कि शहर के अन्य समुदायों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। इस आयोजन में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से पंजाबी समाज के लोग ग्वालियर पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, विदेशों में बसे झंग बिरादरी के सदस्य भी विशेष रूप से इस अवसर पर यहां आते हैं। उनके लिए यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और इतिहास से जुड़ने का माध्यम भी है। रामलीला के मंचन में पारंपरिक वेशभूषा, संवाद और भजन-कीर्तन का विशेष ध्यान रखा जाता है। युवा कलाकारों को भी इसमें भाग लेने का अवसर दिया जाता है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सके और आगे बढ़ा सके। मंचन के दौरान समाज के बुजुर्ग विभाजन की स्मृतियों और उस दौर की कठिनाइयों को भी साझा करते हैं, जिससे युवाओं को अपने पूर्वजों के संघर्ष का अहसास हो सके। लगभग सवा सौ वर्षों की इस परंपरा ने समय के साथ कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसका मूल उद्देश्य आज भी वही है—समाज को नशामुक्त और संस्कारित बनाना। ग्वालियर की यह अनूठी रामलीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता, ऐतिहासिक स्मृति और सामाजिक जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बन चुकी है। बीफार्मा कंपनी में एरिया मैनेजररामलीला में कुंभकरण का पाठ दे रहे हिमांशु ने बताया कि वे पिछले 12 सालों से इस राम लीला में मंचन कर रहा हूं। वैसे तो मैं बीफार्मा कंपनी में एरिया मैनेजर हूं। लेकिन इस मंचन का असर हमारे जीवन पर भी प्रभाव डालती है। सभी पात्रों पर दिखाया अपना हुनरपिछले 40 सालों से रामलीला में मंचन करते आ रहे राम नारायण भवन ने बताया कि रामलीला के सभी पात्रों को हमने दिया है और उनसे जीवन में काफी प्रेरणा मिली है या रामलीला पाकिस्तान से चली आ रही है और आज भी अपनी इतिहास को जीवित किए हुए हैं। हर कुछ नया अहसास होता हैरोहतक से हर साल आकर कृष्ण का पाठ देने वाले रवि ने बताया कि वे वैसे तो एक पार्लर संचालक हैं लेकिन साल में एक बार अपना सारा काम धंधा छोड़कर ग्वालियर आते हैं और हर साल उन्हें अपने उसी अभिनय को करने में नयापन फील होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने ही नेताओं के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों को लेकर चर्चा हुई है। शाह के बाद मुख्यमंत्री कुछ और केंद्रीय मंत्रियों और संगठन नेताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के दौरान अलग-अलग विभागों से संबंधित बजट की राशि जारी करने की मांग भी करेंगे। चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में अब एक महीने का ही समय बचा है। ऐसे में बजट की जो भी राशि बची है उसे 31 मार्च के पहले राज्य सरकार को देने के लिए अनुरोध किया जाएगा। राज्य सरकार को चालू वित्त वर्ष में केंद्र से 44000 करोड रुपए से अधिक की राशि मिलना है लेकिन जनवरी तक की रिपोर्ट के अनुसार 9.50 हजार करोड़ रुपए ही राज्य सरकार को मिल पाए हैं ऐसे में बकाया राशि के लिए मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह करेंगे इसके बाद मार्च में संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी भी दिल्ली में संबंधित विभागों के मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ सौजन्य भेंट की। बताया जाता है कि इस मुलाकात के दौरान प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव और आने वाले समय में संभावित नियुक्तियों को लेकर चर्चा की गई है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिले मंत्री प्रहलाद पटेलप्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल ने आज दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, निराहार रहकर सतत चौथी नर्मदा करनेवाले पूज्य दादा गुरु का DRDO द्वारा उनका वैज्ञानिक अध्ययन कराने का आग्रह किया गया एवं स्वराधीश भारत बालवल्ली द्वारा आयोजित बलिदानी वीरनारी कार्यक्रम के संबंध में आग्रह किया गया।
2010 का फीफा वर्ल्ड कप कई मायनों में याद किया जाता है। इसकी एक बड़ी वजह शकीरा का गाना ‘वक्का वक्का’ भी है। वही गाना जिसने स्टेडियम से लेकर भारतीय टीवी स्क्रीन तक धूम मचा दी थी, अब यही पॉपुलर गीत 19 साल बाद भारत में फिर से लाइव गूंजने वाला है। कोलंबियन पॉप स्टार शकीरा अप्रैल 2026 में मुंबई और दिल्ली में परफॉर्म करेंगी। 10 और 15 अप्रैल को होने वाले उनके शो ‘फीडिंग इंडिया कॉन्सर्ट 2026’ का हिस्सा होंगे। सिर्फ शकीरा ही नहीं, अगले कुछ महीनों में कई बड़े ग्लोबल आर्टिस्ट परफॉर्म करेंगे। कान्ये वेस्ट: 24 बार के ग्रैमी विजेता का पहला शो 29 मार्च 2026 को अमेरिकी रैपर कान्ये वेस्ट दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपना पहला भारत कॉन्सर्ट करेंगे। 24 बार के ग्रैमी विजेता का यह डेब्यू हिप-हॉप फैंस के लिए बड़ा पल माना जा रहा है। मैक्स रिक्टर: ब्रिटिश संगीतकार का पहला शो 18 अप्रैल को मुंबई में ऑस्कर-नॉमिनेटेड कंपोजर मैक्स रिक्टर अपना पहला भारतीय लाइव शो देंगे। वे हॉलीवुड फिल्मों के लिए बैकग्राउंड स्कोर भी दे चुके हैं। इसी तरह 27 मार्च को मुंबई में बर्लिन बेस्ड कलेक्टिव कीनम्यूसिक (Keinemusik) भी परफॉर्म करेगा। स्कॉरपियन्स: दो दशक बाद इंडिया टूर करीब दो दशक बाद जर्मनी का रॉक बैंड स्कॉरपियन्स भी भारत लौट रहा है। 21 से 30 अप्रैल के बीच शिलॉन्ग, गुरुग्राम, बेंगलुरु और मुंबई में उनके शो होंगे। आखिरी बार इस बैंड ने दिसंबर 2007 में भारत में अपना कॉन्सर्ट किया था। यह बैंड 80 के दौर से हिट है।
ईरान पर ईजराइन और अमेरिका की स्ट्राइक के बीच इजराइल एयरस्पेस बंद कर दिया गया है। इस वजह से एअर इंडिया ने शनिवार को अपनी दिल्ली-तेल अवीव फ्लाइट मुंबई डायवर्ट कर दी। वहीं, तिरुचिरापल्ली- दुबई फ्लाइट वापस आ रही है। एअर इंडिया और इंडिगो ने हमले के बाद मिडल ईस्ट अपने फ्लाइट ऑपरेशंस को भी रोक दिया है। इसी के साथ एअर इंडिया ने इससे जुड़ी ज़्यादा जानकारी के लिए +91 1169329333, +911169329999 नंबर भी जारी किए हैं। एअर इंडिया ने कहा… 28 फरवरी को दिल्ली से तेल अवीव के लिए ऑपरेट करने वाली AI139, इजराइल में एयरस्पेस बंद होने और यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के हित में भारत लौट रही है। फ्लाइट को मुंबई डायवर्ट कर दिया गया है। दरअसल, इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागी हैं। एयर इंडिया बोला- हम नजर रख रहे हैं एयर इंडिया ने कहा कि हम अपने फ्लाइट ऑपरेशन के लिए सुरक्षा माहौल का आकलन करते रहेंगे और जरूरत के हिसाब से ऑपरेशन को पहले से एडजस्ट करेंगे। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, बोइंग 777 एयरक्राफ्ट से ऑपरेट की गई यह फ्लाइट पांच घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रही और एयरलाइन ने सऊदी अरब के एयरस्पेस में आने पर वापस लौटने का फैसला किया। एयर इंडिया ने भी इस अचानक हुई स्थिति की वजह से यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया। इस बीच, इंडिगो ने कहा कि वह ईरान और उसके एयरस्पेस से जुड़े रीजनल अपडेट्स पर करीब से नजर रख रहा है। भारत ने ईरान और इजराइल में अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन के ऐलान के बाद भारत ने शनिवार को ईरान और इजराइल में अपने नागरिकों को बहुत सावधानी बरतने और चौकन्ना रहने की सलाह दी।ईरान में भारतीय एंबेसी ने एक एडवाइजरी में उस देश में भारतीय नागरिकों से गैर-जरूरी मूवमेंट से बचने और घर के अंदर रहने की अपील की। जनवरी में ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, ईरान में स्टूडेंट्स समेत 10,000 से ज्यादा भारतीय रह रहे है। वहीं, इजराइल में 41,000 से ज्यादा भारतीय रहते हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय नागरिकों को तय शेल्टर के पास रहना चाहिए और अपने रहने या काम करने के इलाके में सबसे पास की सुरक्षित जगहों के बारे में पता होना चाहिए। --------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका-इजराइल का ईरान के कई शहरों पर हमला:ईरान का जवाबी अटैक- इजराइल पर 400 मिसाइलें दागीं, कतर-बहरीन-UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला इजराइल ने शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिलाइलें दागी हैं। पूरी खबर पढ़ें…
टांटिया यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ वेटरनरी साइंस एंड टांटिया काऊ फार्म की ओर से यूनिवर्सिटी कैंपस में 'डॉग शो' का आयोजन किया। इस पॉश इवेंट में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ सहित आस-पास के इलाकों से करीब 150 नस्लों के कुत्ते पहुंचे। दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने कुत्तों की नस्लों, देखभाल और ट्रेनिंग की जानकारी दी। फैकल्टी ऑफ वेटरनरी के डीन डॉ. आरपीएस बघेल ने बताया- कार्यक्रम में कई रोमांचक प्रतियोगिताएं हुईं। बेस्ट ब्रीड अवार्ड, डॉग रैम्प वॉक, फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन, ग्रूमिंग चैलेंज और टॉप परफॉर्मर्स को ट्रॉफी, पुरस्कार और सर्टिफिकेट से नवाजा गया। इसके अलावा फ्री हेल्थ चेकअप, फ्री वैक्सीनेशन, डॉग स्टॉल्स, पैरेंटिंग काउंसलिंग और कलात्मक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी इस इवेंट का मुख्य आकर्षण बनीं। काऊ फार्म प्रबंधक नरेंद्र गिरी ने बताया- यह शो सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि जागरूकता और प्यार का उत्सव था। इन नस्लों के कुत्ते डॉग शो में आए जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर, पोमेरियन, पग, रॉटवीलर, बुलडॉग, टॉय पॉम, शिट्जू, अमेरिकन बुली, पाकिस्तानी बुली, देशी हाउंड, बीगल, बकरवाल, इंडी, बीचॉन,, प्वाइंटर, चौ चौ व डाबरमैन जैसी 20+ नस्लें रैंप पर छा गईं।
दिल्ली में एडिशनल सीपी (ईस्टर्न रेंज) के पद पर तैनात आईपीएस राजीव रंजन सिंह का ट्रांसफर चंडीगढ़ कर दिया गया है। वह यहां डीआईजी के पद पर ज्वाइन करेंगे। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ में डीआईजी का पद पिछले कुछ समय से खाली पड़ा है। इससे पहले यह जिम्मेदारी राजकुमार के पास थी, जो 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका कुछ महीने पहले ट्रांसफर हो गया था। उनके ट्रांसफर के बाद से डीआईजी की पोस्ट खाली थी। इस बीच चंडीगढ़ के पूर्व डीजीपी सुरेंद्र यादव का भी तबादला हो गया था। उस समय कुछ अवधि के लिए कार्यभार राजकुमार को सौंपा गया था। अब नए डीआईजी के आने से पुलिस प्रशासन में स्थिरता आने की उम्मीद है। अच्छी पोस्टिंग के लिए सिफारिशें चंडीगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर स्तर पर भी जल्द तबादले हो सकते हैं। काफी समय से इंस्पेक्टरों के ट्रांसफर नहीं हुए हैं, जिससे कई अधिकारी अपनी पसंद की पोस्टिंग पाने की कोशिश में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ थानों में ओआरपी इंस्पेक्टर तैनात हैं, जहां स्थायी इंस्पेक्टर को कार्यभार सौंपा जा सकता है। इंस्पेक्टर शहर में अच्छी पोस्टिंग पाने के लिए या तो सीधे अफसरों से या फिर अपने करीबियों के जरिए सिफारिशें लगवाने में लगे हुए हैं। क्राइम मीटिंग में डीजीपी तेवर सख्त हाल ही में चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने क्राइम मीटिंग की थी, जिसमें शहर के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान डीजीपी ने सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां पोस्टिंग के लिए काफी सिफारिशें आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वहां ऐसा क्या खास है। डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा था कि किसी की सिफारिश नहीं चलेगी। जो अधिकारी ईमानदारी से काम करेगा, उसे खुद ही अच्छी पोस्टिंग मिलेगी। ईमानदारी से काम करने के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होती।
गाजियाबाद में शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि बाइक सवार दो बदमाशों ने धारदार हथियार से गर्दन पर हमला किया। घायल सलीम खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। जहां हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। सलीम को पेट, सीने, बाजू, गर्दन, पैर में 14 चाकू लगे हैं। सलीम के घर के ऊपर तिंरगा लगा हुआ है, साथ ही सलीम वास्टिक यूट्यूब चैनल लिखा हुआ और वहीं पर मोबाइल नंबर भी लिखा गया। बेटे ने दर्ज कराया केस गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के अंकुर विहार निवासी उस्मान ने पुलिस को बताया कि मेरे पिता सलीम पर शुक्रवार को धारदार हथियार से हमला किया। घटना के समय सलीम अपने ऑफिस में बैठे थे। घायल सलीम दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती है। जहां हालत गंभीर बनी हुई है। बेटे ने पुलिस को बताया कि अशफाक, मेंबर सोनू, शारुख नेता, भाटी बिल्डर और AIMIM के नेता अजगर अली ने हमला कराया है। जहां पुलिस ने लोनी थाने में घायल सलीम के बेटे उस्मान की तहरीर पर बीएनएस की धारा 109 (1) और 3 (5) में केस दर्ज किया है। पुलिस ने अस्फाक, मेंबर सोनू, शारुख नेता और 2 अज्ञात को आरोपी बनाया है। धर्म का त्याग किया था सलीम पहले मुस्लिम धर्म को मानते थे और मौलवी भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने अपने निजी विचारों के चलते धर्म का त्याग कर दिया। फिलहाल वे किसी भी धर्म को नहीं मानते और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बयानबाजी करते रहे हैं। वास्तिक के यूट्यूब पर 28 हजार से ज्यादा फॉलोअर हैं। इस मामले में उनके इकलौते बेटे उस्मान ने बताया कि इस समय मेरे पिता यूट्यूबर हैं। उनके पूरे शरीर पर चाकू लगे हैं। सलीम की एक बेटी है जिनकी शादी हो चुकी है। एक बेटा उस्मान है। बेटे ने कहा कि धर्म के त्याग को लेकर मैं कुछ नहीं बता सकता। पहले मेरे पिता की जान बच जाए। वह इस समय वेंटिलेटर पर हैं। हिंदु संगठनों ने दिल्ली में दिया धरना हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर दिल्ली में जीटीबी अस्पताल के बाहर धरना दिया। बीच सड़क पर नारेबाजी करते हुए आरोपियों की अरेस्टिंग की मांग की। जिसमें पिंकी चौधरी ने कहा कि सलीम मुस्लिम धर्म का त्याग कर चुका था। इसलिए वह सच बोलते हैं, हमला एक बड़ी साजिश है, जिसमें पुलिस आरोपियों की गिरफ्तार करे। सुबह हमला हुआ और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पिंकी चौधरी का कहना है कि सलीम एक्स मुस्लिम हैं, लेकिन वह कट्टर हिंदू हैं। उन पर हमला एक बड़ी साजिश है, इसमें पुलिस को हमलावरों का एनकाउंटर करना चाहिए। एसीपी लोनी बोले- ACP सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जिससे आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जल्द ही हमला करने वालों को अरेस्ट कर लिया जाएगा।
कौन हैं जज जितेंद्र प्रताप सिंह, जो दिल्ली आबकारी नीति मामले में सभी आरोपितों को बरी कर आए चर्चा में
जितेंद्र प्रताप सिंह दिल्ली न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से विधि की पढ़ाई की और न्यायिक सेवा में शामिल होने के बाद विभिन्न न्यायिक दायित्वों का निर्वहन किया। अक्टूबर 2024 में उन्हें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर 'यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है' लिखने पर अज्ञात में मुकदमा लिखा गया है। हिंदी और अंग्रेजी भाषा में भड़काऊ बातें हिंदू रक्षा दल की महिला कार्यकर्ताओं ने लिखीं। ये मुकदमा एनएचएआई में कार्यरत सुनील कुमार ने लिखवाया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। घटना के एक वीडियो सामने आया, जो 59 सेकेंड का है। वीडियो में दो लड़कियां हाईवे किनारे रेलिंग पर स्प्रे से लिखती दिखाई दी। एक युवक ने घटना का वीडियो बनाया। दरअसल, गंगोह के सांगाठेड़ा में हिंदू समाज की एक युवती को मुस्लिम समाज का युवक भगाकर ले गया है। जिसके बाद हिंदू समाज और हिंदू संगठनों का लड़की को बरामद कराने और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए धरना-प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में 26 फरवरी को गंगोह में एक महापंचायत रखी गई थी। जिसमें दूसरे राज्यों से भी हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंचे। हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा भी अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने युवती को बरामद करने का समय मांगा था। उसके बाद उसी रात को ललित शर्मा वापस देहरादून अपने समर्थकों के साथ वापस निकल गए। रात के समय में जब वे नेशनल हाईवे-72A (एलिवेटेड रोड) पर पहुंचे। तो उन्होंने वहां पर ये घटना की। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक महिला गले में भगवा गमछा डालकर सीमेंटेड ब्लॉक पर अंग्रेजी में लिख रही है- ‘This road is not allowed for Muslims.’ दूसरी महिला किनारे लगे शेड पर हिंदी में लिख रही है कि यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है। घटना देहरादून के सहारनपुर बॉर्डर के मोहण्ड के पास बने एलिवेटेड रोड की है। हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने न केवल इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया, बल्कि इसकी पूरी जिम्मेदारी भी ली है। ललित शर्मा का दावा है कि नेशनल हाईवे हिंदुओं के टैक्स से बनता है और जिहादी टैक्स नहीं देते, इसलिए उन्हें इस पर चलने का अधिकार नहीं है। पोस्ट में चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि नेशनल हाईवे पर मुसलमानों को चलने नहीं दिया जाएगा। ललित शर्मा बोले- टैक्स हम देते हैं, अधिकार हमारा। ये घटना गुरुवार को बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के डाट मंदिर के पास की है। वीडियो सामने आने के बाद सहारनपुर पुलिस अलर्ट हो गई है। कहा- मामले की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। वहीं, अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने मामले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह उनकी महिला कार्यकर्ताओं ने लिखा है। जब मुसलमान सड़क पर चलने का टैक्स नहीं देते, तो वे सड़क पर क्यों चलते हैं? अब जानिए वीडियो में क्या है… सोशल मीडिया पर 59 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें दो युवतियां स्प्रे पेंट से रेलिंग पर लिखती नजर आ रही हैं। गले में भगवा गमछा डाले युवतियां गुरुवार देर शाम नेशनल हाईवे-72A (एलिवेटेड रोड) पर पहुंचती हैं। सीमेंटेड ब्लॉक और शेड पर लिखना शुरू कर देती हैं। एक युवती अंग्रेजी में लिख रही है- ‘This road is not allowed for Muslims.’ जबकि दूसरी हिंदी में लिख रही है- ‘यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है।’ लिखने के बाद युवतियां ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाती हैं। घटना बिहारीगढ़ थानाक्षेत्र में सहारनपुर बॉर्डर के मोहंड के पास बने एलिवेटेड रोड की बताई जा रही है। वीडियो के आखिर में लाल रंग की स्विफ्ट कार दिख रही है। गाड़ी पर उत्तराखंड की नंबर प्लेट है। अब पुलिस की जांच उत्तराखंड की ओर मुड़ गई है। वहां की पुलिस से यूपी पुलिस संपर्क किया है।
दिल्ली में संसद भवन से करीब डेढ़ किमी दूर कदीमी मस्जिद है। करीब 114 साल पुरानी छोटी सी ये मस्जिद कृषि भवन के कैंपस में है। वक्फ की प्रॉपर्टी के तौर पर रजिस्टर्ड है। हाई सिक्योरिटी एरिया होने की वजह से आम लोग इसमें नहीं जा सकते, यहां ज्यादातर सरकारी कर्मचारी नमाज पढ़ते हैं। मस्जिद राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक 3 किमी एरिया के रिडेवलपमेंट वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में आ रही है, इसलिए इसके हटाए जाने की आशंका है। सरकार ने इसके सुरक्षित रहने का भरोसा दिया है। फिर भी वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों को यकीन नहीं है, क्योंकि पहले भी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए तीन मजारें और एक मस्जिद तोड़ी जा चुकी है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण पथ पर आने वाली 6 मस्जिदों की हिफाजत के लिए सबसे पहले हाई कोर्ट जाने वाले एडवोकेट मशरूर खान से हमने पूछा कि क्या मस्जिदें सुरक्षित हैं? उन्होंने जवाब दिया, 'नहीं। इसीलिए तो कदीमी मस्जिद के बारे हमने खबरें पढ़ीं तो एक बार फिर कोर्ट के दिए भरोसे और भारत सरकार से लगाई उम्मीद डगमगाने लगी। हम इस मस्जिद से जुड़े कागजात इकट्ठे कर रहे हैं, ताकि अगर इसे गिराने की कोशिश की जाए, तो दावा ठोक सकें।' 1912 में लुटियन के बनाए नक्शे में कदीमी मस्जिद का जिक्रवक्फ बोर्ड में इन दिनों यही बातें हो रही हैं कि कहीं 6, मौलाना आजाद रोड (पुराना उपराष्ट्रपति भवन) पर बनी मस्जिद की तरह चुपचाप एक और मस्जिद ढहाने की तैयारी तो नहीं हो रही। वक्फ बोर्ड की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट मशरूर बताते हैं कि अब तक हमारे पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है। छन-छनकर बोर्ड के पास आ रही खबरों से शक तो हो ही रहा है। मशरूर कहते हैं, 'कृषि भवन 1957 में बना था। कदीमी मस्जिद उससे बहुत पहले से है। 1912 में जब ब्रिटिश आर्किटेक्ट लुटियन एडवर्ड दिल्ली को नए सिरे से डिजाइन कर रहे थे, उस वक्त के नक्शे में भी ये मस्जिद है। इसे उस वक्त बनाया नहीं गया, क्योंकि ये पहले से मौजूद थी। इसलिए इसे बिना छेड़े दिल्ली को डिजाइन किया गया।’ ‘ये मस्जिद सिर्फ इस्लामिक ढांचा नहीं, हैरिटेज प्रॉपर्टी है। ब्रिटिश सरकार ने लुटियंस दिल्ली बनाई, तब भी इसे नहीं गिराया। पहली बार भारत सरकार बनी, तब भी ये इमारत सुरक्षित रही। इससे अगर छेड़छाड़ होगी, तो हम कोर्ट जाएंगे।' एडवोकेट मशरूर 1912 में एडविन लुटियन का बनाया नक्शा दिखाते हैं। इसमें दो सर्किल जरिए कहते हैं, 'बड़े सर्किल में सुनहरी मस्जिद है। इसे भी तोड़ा जाना था, लेकिन हमने इसे बचा लिया। हमें सही वक्त पर उसे गिराए जाने की सूचना मिल गई थी। हम कोर्ट चले गए और कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया। दूसरे छोटे सर्किल में कदीमी मस्जिद है। ये नक्शा सबूत है कि ये दोनों मस्जिदें 1912 से पहले की हैं।' ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की शुरुआत में पिटीशन डाली’एडवोकेट मशरूर कहते हैं, ‘1911 में ब्रिटिश सरकार ने दिल्ली को राजधानी बनाने का फैसला लिया, तो 1911 में सरकारी इमारतें और संसद भवन बनाने के लिए जमीनें खरीदीं। फिर एडवर्ड लुटियन ने पूरी दिल्ली डिजाइन की। उस वक्त कदीमी मस्जिद के अलावा बाकी 5 मस्जिदें भी मौजूद थीं। अभी जहां कृषि भवन है, उसके पास तब रायसीना गांव हुआ करता था। शायद इस मस्जिद में गांव के लोग आते होंगे।’ ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट शुरू हुआ, तब हमने 2021-22 में हाईकोर्ट में पहले ही पिटीशन डाल दी थी, ताकि रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नक्शे में आने वाली इन 6 मस्जिदों को सुरक्षित कर सकें। कोर्ट ने सरकार से पूछा तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दिया कि फिलहाल इन्हें ध्वस्त करने की योजना नहीं है। कोर्ट ने भी हमें भरोसा दिया कि मस्जिदें सुरक्षित रहेंगी। अगर आपको इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ आशंका लगे, तो आप वक्फ कोर्ट जा सकते हैं।’ ‘कोर्ट के भरोसे के बाद भी एक मस्जिद चुपचाप हटा दी गई। अब महसूस होता है कि सरकारी वकील के जवाब में जो फिलहाल शब्द था, शायद वही भ्रमित करने वाला था।’ सरकारी वकील ने आपको भ्रमित किया? एडवोकेट मशरूर कहते हैं, ‘हां। उपराष्ट्रपति भवन की मस्जिद हटा दी गई, इससे तो यही लगता है। न कोई सूचना, न कॉन्टैक्ट किया गया। सरकारी वकील का जवाब टालमटोल वाला था। कोई इतनी बड़ी योजना का डिजाइन बनाता है, तो सब कुछ पहले ही तय हो जाता है। इसका मतलब है कि ये तय था कि उपराष्ट्रपति भवन की मस्जिद को गिराया जाएगा।’ ‘इतनी बड़ी योजनाओं में रोज फेरबदल नहीं होता, मतलब हमें बरगलाया गया। अब इसी तरह से कृषि भवन के परिसर में बनी मस्जिद को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। हमें जो अलग-अलग सोर्सेज से सूचना मिल रही है कि कृषि भवन और शास्त्री भवन को गिराया जाना है। टेंडर जारी कर दिया गया है। इस टेंडर के लिए जो नक्शा है, उसमें मस्जिद नहीं है।’ ‘हमने सुनहरी बाग मस्जिद बचा ली, क्योंकि इसमें ट्रांसपेरेंसी बरती गई। नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने 2023 में सूचना जारी कि इस मस्जिद की वजह से ट्रैफिक बहुत होता है। इसलिए इसे हटाने की योजना हैं। हमने तुरंत एतराज जताया और कोर्ट गए। हमने उसके हेरिटेज प्रॉपर्टी और वक्फ प्रॉपर्टी होने के सारे सबूत दिखाए। हमारा पक्ष सही था, कोर्ट ने इसे माना। आदेश दिया और मस्जिद बच गई। कम से कम इस मस्जिद को चुपचाप नहीं गिराया गया। प्रोसेस को फॉलो किया गया।' सुनहरी बाग मस्जिद को NDMC ने दिया था नोटिसकरीब 174 साल पुरानी सुनहरी बाग मस्जिद 125 वर्गमीटर जगह में बनी है। मस्जिद एक गोलचक्कर पर है, जहां मौलाना आजाद मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, सुनहरी बाग मार्ग और रफी मार्ग मिलते हैं। मस्जिद के एक तरफ उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का गेट और गवर्नमेंट ऑफिस हैं। सुनहरी बाग मस्जिद ऐतिहासिक स्मारक ग्रेड-3 लिस्ट में है और वक्फ बोर्ड की प्रॉपर्टी है। ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली नगर निगम, यानी NDMC को एक रिपोर्ट भेजी है कि विदेशियों, VIP और अधिकारियों का इस गोलचक्कर से आना-जाना होता है। सुनहरी मस्जिद की वजह से उन्हें जाम में फंसना पड़ रहा है। इसके बाद NDMC ने नोटिस जारी कर पूछा था कि क्या सुनहरी मस्जिद को हटाकर ट्रैफिक में सुधार किया जा सकता है। एक मस्जिद ही नहीं, तीन मजारें भी हटाई गईंएडवोकेट मशरूर कहते हैं, 'उद्योग भवन के गोलचक्कर में तीन मजारें थीं। ये कब बनीं, ये तो नहीं पता। ये लुटियन दिल्ली में हैं। आजादी के बाद तो किसी ने नहीं बनाई होंगी। जाहिर है ये लुटियन दिल्ली बनने से पहले की होंगी। लुटियन दिल्ली बनाते वक्त इन्हें भी ब्रिटिश गवर्नमेंट ने सुरक्षित रखा। भारत सरकार ने भी इन्हें नहीं छेड़ा। अब अचानक उन्हें हटा दिया गया।' वे आगे कहते हैं कि CPWD ने अब तक नहीं बताया कि कदीमी मस्जिद के बारे में क्या सोचा जा रहा है। इसीलिए चिंता ज्यादा हो रही है। ऐसे ही चुपचाप उपराष्ट्रपति भवन की मस्जिद गिरा दी गई थी। इसीलिए हमने सोचा है कि सारे सबूत जुटाने के बाद हम खुद विभाग से संपर्क साधेंगे। जरूरत हुई तो कोर्ट जाएंगे। कदीमी मस्जिद के हेरिटेज प्रॉपर्टी होने के सबूत 1. 1912 का नक्शा 2. वक्फ बोर्ड का रिकॉर्ड 3. इतिहास की किताबों में कदीमी मस्जिद का जिक्र 4. गजट नोटिफिकेशन गजट नोटिफिकेशन सरकारी डॉक्यूमेंट होता है, जो वक्फ की प्रॉपर्टी के सर्वे के बाद बनता है। ये डॉक्यूमेंट 1970 का है। इसमें ये मस्जिद मौजूद है। ‘उपराष्ट्रपति भवन की मस्जिद को भी यूं ही नहीं जाने देंगे, कोर्ट जाएंगे’एडवोकेट मशरूर आगे कहते हैं, ‘नियम है कि जो प्रॉपर्टी एक बार वक्फ की घोषित हो जाती है, वो हमेशा वक्फ की ही रहती है। नए कानून के हिसाब से भी देखें, तो सरकार ऐसे ही कोई वक्फ प्रॉपर्टी न कब्जे में ले सकती और न गिरा सकती है। कम से कम पब्लिक इंटरेस्ट से जुड़ा कोई कारण तो देना पड़ेगा।' 'वैसे तो वक्फ की जमीन अल्लाह की होती है। सरकार को कुछ जरूरी कंस्ट्रक्शन करना है और उसे वो जमीन चाहिए, तो स्टेकहोल्डर से बात करनी होगी। उसे एतराज जताने का समय देना होता है। 6 मौलाना आजाद रोड यानी उपराष्ट्रपति के आवास पर बनी मस्जिद के गिराने जाने का कारण हम सरकार से पूछेंगे। वाजिब जवाब नहीं मिला तो कोर्ट जाएंगे।' मस्जिद 2024 में गिराई गई थी, फिर इतनी देर क्यों हो रही है? जवाब मिला, ‘क्योंकि हमें कागज इकट्ठा करने में वक्त लगा। दूसरी बात वक्फ बोर्ड के पास पिछले दो साल से सिर्फ एक सेक्शन ऑफिसर है। यहां कम से कम तीन अधिकारी होते हैं। अभी 13-14 फरवरी को एक अधिकारी और दिया गया है।’ ‘हमने उपराष्ट्रपति भवन वाली मस्जिद के लिए RTI डाली है। पूछा है कि आखिर मस्जिद क्यों गिरानी पड़ी। इसका पब्लिक इंटरेस्ट क्या है।' कोर्ट जाने के लिए आपके पास कुछ तो आधार होना चाहिए। हम उस मस्जिद पर भी सवाल करेंगे। पहले डिपार्टमेंट से पूछ लें, फिर उसी जवाब को आधार बनाकर, अपने ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ कोर्ट जाएंगे। नई बिल्डिंग के नक्शे में मस्जिद का जिक्र नहींCPWD ने कृषि भवन और शास्त्री भवन के रीडेवलपमेंट के लिए टेंडर जारी किया है। इसके तहत मौजूदा बिल्डिंग की जगह कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग्स 4 और 5 बनना है। इस प्रोजेक्ट पर करीब तीन हजार करोड़ रुपए खर्च होने हैं। नए प्लान में कृषि भवन परिसर में बनी कदीमी मस्जिद शामिल नहीं है। हमने इस बारे में 25 फरवरी को हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स में डिप्टी डायरेक्टर सुशील कुमार को सवाल भेजे थे। उन्होंने जवाब दिया कि मिनिस्ट्री में संबंधित अधिकारियों को सवाल भेज दिए गए हैं। हालांकि उधर से जवाब नहीं आया। हमने हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के डायरेक्टर श्यामलाल पुनिया को फोन किए, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। हालांकि, CPWD के सोर्स ने बताया है कि नक्शे में मस्जिद का जिक्र नहीं है। ……………………ये खबर भी पढ़ें64 लाख बांग्लादेशियों का दावा, सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर खाली असम में मार्च-अप्रैल में चुनाव हैं। बांग्लादेशी घुसपैठिए मुद्दा हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा दावा कर चुके हैं कि असम की मुस्लिम आबादी में करीब 36% बांग्लादेशी हैं। हालांकि असम का मटिया डिटेंशन सेंटर खाली पड़ा है। हिमंता सरकार इसे होल्डिंग सेंटर कहती है। ऊंची-ऊंची दीवारों और लोहे के भारी-भरकम गेट वाला डिटेंशन सेंटर गुवाहाटी से करीब 120 किमी दूर गोलपाड़ा जिले में है। इसमें कैद 133 विदेशी ‘घुसपैठियों’ में सिर्फ 11 बांग्लादेशी हैं। पढ़ें पूरी खबर...
राजस्थान रोडवेज:वॉल्वो बस में मिलेगा चाय-नाश्ता, जयपुर से पिलानी, दिल्ली और जोधपुर रूट पर ट्रायल
राजस्थान की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब प्रीमियम अनुभव की ओर कदम बढ़ा रही है। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ने अपनी वातानुकूलित वॉल्वो बसों में चाय, नाश्ता, पैकेज्ड पानी और हेल्दी फूड सर्व करने की ट्रायल सेवा शुरू की है। फिलहाल यह सुविधा जयपुर मुख्यालय से पिलानी, दिल्ली और जोधपुर रूट पर संचालित वॉल्वो बसों में दी जा रही है। ट्रायल सफल रहा तो इसका विस्तार बीकानेर सहित अन्य शहरों तक किया जाएगा। अब तक यात्रियों को ऐसी सुविधाएं लंबी दूरी की ट्रेनों, वंदे भारत एक्सप्रेस और हवाई सफर के दौरान ही मिलती थीं। बस यात्रियों को अक्सर बीच रास्ते ढाबों पर महंगी और कम गुणवत्ता वाला चाय-नाश्ता खरीदना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत रोडवेज स्वयं वाजिब कीमत पर गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाएगा। बीकानेर से फिलहाल जयपुर रूट पर तीन वातानुकूलित बसें संचालित हैं, जिनमें एक वॉल्वो बस जयपुर डीलक्स डिपो की है। यात्रियों को उम्मीद है कि यह सुविधा जल्द ही इन बसों में भी शुरू होगी। सफर का स्तर बदलेगा, भरोसा बढ़ेगा रोडवेज प्रबंधन का मानना है कि प्रतिस्पर्धा के दौर में बस सेवा को केवल परिवहन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यात्रियों को बेहतर अनुभव देना जरूरी है। यही वजह है कि अब बसों में ऑन बोर्ड सर्विस की शुरुआत की गई है। इस पहल से यात्रियों को दोहरा लाभ मिलेगा। पहला-तय दर पर स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन। दूसरा-सफर के दौरान अनावश्यक रुकावटों में कमी। इससे समय की बचत भी होगी और सफर अधिक आरामदायक बनेगा। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो प्रदेशभर की वातानुकूलित बसों में इसे लागू किया जाएगा। अब बच्चों के साथ सफर आसान “पहले बस रुकने पर ढाबों पर साफ-सफाई और कीमत को लेकर चिंता रहती थी। अगर बस में ही अच्छी क्वालिटी का नाश्ता मिलेगा तो यह हमारे लिए बड़ी राहत है, खासकर बच्चों के साथ यात्रा करने में। रोडवेज की यह पहल संकेत दे रही है कि अब बस यात्रा भी ट्रेन और एयरलाइन सेवाओं की तरह सुविधाजनक और भरोसेमंद बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।” - सुशीला शर्मा, भीनासर “फिलहाल जयपुर से चलने वाली वॉल्वो बसों में ट्रायल के रूप में यह सेवा शुरू की गई है। यदि ट्रायल सफल रहता है तो बीकानेर सहित अन्य रूटों पर भी इसे लागू किया जाएगा।” -हेमेंद्र सिंह गहलोत, मुख्य प्रबंधक (डीलक्स डिपो) जयपुर
Sameer Wankhede Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को दी मंजूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले के संबंध में आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति अनिल क्षतरपाल और अमित महाजन की पीठ ने केंद्रीय प्रशासनिक ...
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 को लेकर नई दिल्ली में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के अवसरों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को सशक्त बनाने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया, राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय अध्यक्ष मंडल प्रमुख बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी भी शामिल हुए। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि यह महोत्सव देश के व्यापारिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित है और भारत में निर्मित उत्पादों को विश्व बाजार तक पहुंचाने की भावना को साकार करेगा। यह महोत्सव देश का सबसे बड़ा व्यापार मेला होगा और स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का एक मजबूत मंच बनेगा। 1 से 4 मई 2026 तक भारत मंडपम में आयोजनबैठक में जानकारी दी गई कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आयोजन 1 से 4 मई 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। चार दिवसीय इस महोत्सव में 2000 से अधिक प्रदर्शक, लाखों व्यापारी एवं निवेशक, प्रवासी भारतीय प्रतिनिधि, विभिन्न राज्य सरकारें और केंद्रीय मंत्रालय सहभागिता करेंगे। आयोजन का उद्देश्य देशभर के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। व्यापार, निर्यात और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावाबैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह महोत्सव न केवल घरेलू व्यापार को नई गति देगा, बल्कि आयात के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और निर्यात विस्तार को भी प्रोत्साहित करेगा। अमर पारवानी ने कहा कि इससे व्यापारियों, उद्योगपतियों, नव उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे और राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।
पानीपत पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर 54.75 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के चौथे आरोपी राहुल को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी करवाया था। उसे डिलीवरी रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार कर पानीपत लाया गया है। उरलाना कला चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर रॉबिन ने इसकी जानकारी दी। यह मामला अहर गांव निवासी धर्मवीर पुत्र रामकुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। धर्मवीर ने साल 2023, में एसी कार्यालय में शिकायत देकर बताया था कि उसके छोटे भाई कर्मवीर (10वीं पास) को अमेरिका में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। गांव निवासी बलवान व सोहन ने अपने साथी शेखपुरा गांव निवासी राहुल के साथ मिलकर सितंबर 2021 में नौकरी पेशकश करते हुए इसके बदले 20 लाख रुपए मांगे थे। 13 लाख रुपए और कुछ दस्तावेज लिए शिकायतकर्ता के अनुसार, राहुल ने बाद में अपनी पत्नी परमजीत, भाई बंटी, विकास चंद्र हैदर, उसकी पत्नी दीपांनवीका (अनीश माली राणाघाट, पश्चिम बंगाल), चंचल राय (नागपुर, महाराष्ट्र), अरिंदम चौधरी (गणेश माली, पश्चिम बंगाल) और प्रदीप (डाल्टनगंज, पलामू, झारखंड) से मिलवाया था। 29 सितंबर, 2021 को राहुल ने 7 लाख रुपए नकद लिए, जिसके बाद 13 लाख रुपए और कुछ दस्तावेज भी ले लिए गए। आरोपियों ने दुबई जाने की टिकट भेजी 15 अक्टूबर, 2022 को आरोपियों ने कर्मवीर के दुबई जाने की टिकट भेजी। इसके बाद डंकी के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए 27 दिसंबर, 2021 को अरिंदम चौधरी के खाते में 4.5 लाख रुपए डलवाए गए। जनवरी 2022 में आरोपी राहुल ने कर्मवीर को अमेरिका भेजने के लिए और रुपए मांगे, जिसके बाद उनके खाते में 20 लाख रुपए और जमा कराए गए। आरोपी बोले- नशे से मौत हो गई फरवरी 2022, में आरोपी राहुल ने बताया कि कर्मवीर बीमार हो गया है। उस समय 2 लाख रुपए राहुल के खाते में डलवाए गए। 14 फरवरी, 2022 को शिकायतकर्ता ने 1 लाख 75 हजार रुपए और खाते में ट्रांसफर किए। आरोप है कि आरोपियों ने कर्मवीर को नशा और ड्रग्स की डोज दी, जिसके कारण 20 फरवरी, 2022 को उसकी मौत हो गई। पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी आरोपियों ने कुल 56 लाख 75 हजार रुपए की ठगी की थी। इसमें से उन्होंने 2 लाख 21 हजार रुपए 26 जुलाई को शिकायतकर्ता के खाते में ट्रांसफर किए और दो चेक भी दिए, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और पैसे देने से इनकार कर दिया।
जनजाति सुरक्षा मंच की जिला कार्यशाला: लसाडिया में दिल्ली गरजना रैली की रणनीति तैयार
प्रदेश संयोजक लालू राम कटारा ने आरक्षण और धर्मांतरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए 24 मई 2026 को दिल्ली में गरजना रैली आयोजित करने का आह्वान किया।
चित्रकूट के रैपुरा निवासी एक 19 वर्षीय युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक के परिजन उसकी दूर की रिश्तेदार प्रेमिका पर प्रेम जाल में फंसाकर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगा रहे हैं। युवक लगभग एक सप्ताह से कोमा में है। परिजनों के अनुसार, 19 वर्षीय अंकित का प्रेम प्रसंग हमीरपुर जनपद के ललपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती से था। यह युवती अंकित की रिश्ते में मौसी लगती है और उसका अंकित के घर आना-जाना था। एक दिन मौसी के पति ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद मौसी के पति ने उसे घर से निकाल दिया। इस घटना के बाद मौसी और अंकित दोनों घर छोड़कर दिल्ली चले गए। दिल्ली पहुंचने के लगभग एक महीने बाद अंकित घर के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिला। उसकी प्रेमिका उसे तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले गई। लगभग एक सप्ताह तक होश न आने पर परिजन उसे चित्रकूट वापस ले आए। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अंकित को चित्रकूट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अंकित के परिजनों का आरोप है कि उसकी प्रेमिका ने अंकित को जान से मारने की कोशिश की है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। अंकित अभी भी कोमा में है और उसे होश नहीं आया है।
Excise policy case में Arvind Kejriwal को राहत, CBI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की अर्जी
अरविंद केजरीवाल को एक्साइज पॉलिसी मामले में राहत मिली है, जिसके बाद CBI ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री के खिलाफ यह मामला CBI द्वारा दर्ज किया गया था, लेकिन अदालत ने उन्हें कुछ समय के लिए राहत ...
दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में बरी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पूर्व CM ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा। वे AAP को हरा नहीं पाए तो खत्म करने जुट गए। केजरीवाल ने कहा- आज मेरे दिल से बड़ा बोझ उतर गया है। मोदी-शाह ने हमारे खिलाफ इतने केस बनाए। हमारे पीछे ED, CBI, पुलिस छोड़ी। एक समय AAP के टॉप 5 नेता जेलमें थे, लेकिन आप कुछ नहीं बिगाड़ सके। अब तो केवल कत्ल कराकर ही केजरीवाल को कंट्रोल कर सकते हैं। पूर्व CM ने कहा- भाजपा ने पिछले 4 साल ‘शराब घोटाला’ शब्द का खूब इस्तेमाल किया। आज के समय में जब सारी संस्थाओं, अथॉरिटीज को धमकाया का जा रहा है तब कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। इतना बड़ा न्याय करने के लिए जज साहब ने वाकई बहुत हिम्मत दिखाई है। ज्यूडिशियरी और जज का बहुत धन्यवाद। केजरीवाल-सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपी बरी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में शुक्रवार सुबह केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने CBI को भी कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी की चार्जशीट में कई ऐसी खामियां हैं जिनका किसी गवाह या बयान से कोई लेना-देना नहीं है। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि केजरीवाल को बिना किसी ठोस सबूत के फंसाया गया है। कोर्ट ने सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि CBI आरोप साबित करने में विफल रही है। हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी चीजें हैं जो किसी भी गवाह के बयान का समर्थन नहीं करती। जज ने कहा कि चार्जशीट में भ्रामक बयान हैं। पूरी खबर पढ़ें… केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कोर्ट का फैसला पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को ‘वरदान’ फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा उपहार है। एक व्यक्ति का लिया गया संकल्प अनेक परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण ला सकता है। दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, पद्मश्री अभिनेता मनोज जोशी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, दधीचि देहदान समिति के संरक्षक आलोक कुमार, अध्यक्ष महेश पंत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। अधिक से अधिक लोगों को इस कार्य से जुड़ना चाहिए इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान और देहदान जैसे संवेदनशील विषय पर कला और सिनेमा के माध्यम से समाज को जागरूक करना अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजन समाज में नई सोच का संचार करते हैं और मानवता के प्रति सेवा एवं समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अंगदान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान देश के लिए मार्गदर्शक है और इससे प्रेरणा लेकर अधिक से अधिक लोगों को इस कार्य से जुड़ना चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर अंगदान के लिए नेशनल ऑर्गन ऐंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) कार्य कर रहा है। लेकिन दिल्ली में पहले इस तरह की कोई सुव्यवस्थित और आधिकारिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने स्टेट ऑर्गन ऐंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) का गठन किया, जो अंगदान के इच्छुक लोगों के लिए सशक्त मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि सितंबर से अब तक 800 से अधिक लोग इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। लेकिन अब भी इस क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी जागरूकता फैलाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा कार्य का हिस्सा बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है और यह जीवन के बाद भी जीवन देने का सबसे पवित्र माध्यम है। मुख्यमंत्री ने दधीचि देहदान समिति द्वारा वर्षों से किए जा रहे जन-जागरूकता के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था के स्वयंसेवकों का समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कला और फिल्मों के माध्यम से इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से अंगदान को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
करनाल में नमस्ते चौक के पास नेशनल हाईवे-44 पर एक कार के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रही तीन गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन तीनों कारों का अगला और पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा होता देख आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात सुचारु करवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर तीन गाड़ियां जा रही थीं। इनमें दो टैक्सी और एक निजी कार शामिल थी। करनाल से पानीपत की तरफ जा रही एक कार में सवार महिला ने बताया कि नमस्ते चौक के नजदीक आगे चल रही गाड़ी ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रही तीनों गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा गईं। एयर बैग खुले, सवारियों को आई हल्की चोटें टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ियों के एयर बैग खुल गए। कारों में सवार लोगों को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं। हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं लगी। हादसे में तीनों वाहनों का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस ने संभाली स्थिति घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच अधिकारी सूरज राणा ने बताया कि हाईवे पर तीन गाड़ियां आपस में टकराई हैं। किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे करवा कर रास्ता बहाल करवा दिया। मामले की जांच की जा रही है।
जींद की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने ससुर और पति पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला थाना जींद पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उचाना की रहने वाली एक युवती ने महिला थाना में बताया कि उसका विवाह 20 अप्रैल 2025 को पुष्पांजली एन्क्लेव, पीतमपुरा, नई दिल्ली के युवक के साथ हुआ था। शादी में उसके परिवार ने अपनी हैसियत से अधिक खर्च किया और स्त्रीधन व उपहार दिए। विवाह के बाद वह अपने पति, ससुर और सास के साथ दिल्ली में रहने लगी। पति शराबी, ससुर की नीयत पर शकविवाहिता ने बताया कि उसका पति सिद्धांत शराब का अधिक सेवन करता था और मना करने पर उसके साथ मारपीट व गाली-गलौज करता था। वहीं, ससुर उस पर गलत नजर रखते थे और कई बार बहाने से उसे अकेले में बुलाकर छूने की कोशिश करते थे। ससुर पर यौन उत्पीड़न का आरोपशिकायत में विवाहिता ने कहा कि 18 दिसंबर 2025 को जब सास अस्पताल में भर्ती थीं और पति भी वहीं थे, तब ससुर ने उसे घर पर बुलाकर अश्लील बातें कीं और जबरदस्ती करने की कोशिश की। उसने किसी तरह खुद को छुड़ाकर कमरे में बंद कर लिया। पति ने दी धमकी, मोबाइल छीनाउसने बताया कि जब उसने यह बात अपने पति को बताई तो उसने उसे चुप रहने को कहा और किसी को कुछ न बताने की धमकी दी। जब उसने अपने मायके फोन करने की कोशिश की तो पति ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ मारपीट की। ससुराल वालों ने निकाला घर से बाहर20 दिसंबर को विवाहिता ने अपने पिता और भाई को घटना की जानकारी दी। 21 दिसंबर को जब वे ससुराल पहुंचे और बात करने की कोशिश की, तो ससुराल वालों ने उल्टा विवाहिता पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए उसे और उसके परिवार को घर से निकाल दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर दोबारा वहां आए तो पैसे देकर मरवा देंगे। पुलिस ने दर्ज किया मामलामहिला थाना जींद पुलिस ने विवाहिता की शिकायत और काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर पति व ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 115, 351(3), 75(2), 3(5), 316(2), 74 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
पटना से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली जाने से पहले मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजीरवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को कथित शराब नीति मामले में कोर्ट से राहत मिलने पर प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी यादव ने कहा कि, ‘इस फैसले से बीजेपी का चाल, चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है। यह साफ हो गया है कि किस तरह विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक दुर्भावना से मुकदमे किए जाते हैं।’ संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही केंद्र सरकार- तेजस्वी यादव तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि, ‘केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग अपने चुनावी फायदे के लिए कर रही है। जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।’ उन्होंने मांग किया है कि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं। विपक्षी दलों के नेताओं को बदनाम करने की कोशिश किया- तेजस्वी तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि, ‘सिर्फ केजरीवाल ही नहीं, बल्कि पिता लालू यादव और राहुल गांधी के खिलाफ भी राजनीतिक साजिश के तहत कार्रवाई की गई।' उन्होंने भरोसा जताया कि वे और उनकी पार्टी भी कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि न्यायपालिका से उन्हें भी इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा कि, ‘लोकतंत्र में न्यायपालिका पर जनता का विश्वास सबसे बड़ा सहारा है और सच की जीत तय है।’
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर बादल की 8 साल पुराने मानहानि मामले में आज (शुक्रवार को) चंडीगढ़ जिला कोर्ट में पेशी थी। वह पेश नहीं हुए। सुखबीर बादल के वकील राजेश राय ने पेशी से छूट की अर्जी दायर करते हुए व्यक्तिगत रूप से पेश न होने की छूट मांगी गई। दायर अर्जी में बताया गया कि सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ एक जरूरी बैठक के सिलसिले में दिल्ली गए हुए हैं। बैठक सुबह 11:30 बजे निर्धारित थी, जिस कारण वे कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके। अर्जी में यह भी कहा गया कि अनुपस्थिति जानबूझकर नहीं है, उन्होंने कहा कि आज कोर्ट में न आ पाने का कारण जरूरी काम है। साथ ही भरोसा दिया कि अगली तारीख पर वे खुद कोर्ट में पेश होंगे। 8 साल पुराने मानहानि मामले से जुड़ा है केस यह मामला वर्ष 2017 का है। अखंड कीर्तनी जत्था के प्रवक्ता और मोहाली निवासी राजिंदर पाल सिंह ने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ चंडीगढ़ जिला कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत दायर की गई है। शिकायत के मुताबिक, 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजिंदर पाल सिंह के आवास पर जाने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने मीडिया में बयान दिया था। इस बयान में अखंड कीर्तनी जत्था को प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट बताया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से उनके संगठन की छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके बाद मानहानि का केस दायर किया गया। पेश न होने पर जारी हुए थे गैर-जमानती वारंट कोर्ट के आदेश के बावजूद 17 दिसंबर 2025 को सुखबीर बादल पेश नहीं हुए थे। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे। सख्त कार्रवाई की आशंका के चलते सुखबीर बादल बाद में अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। इस मामले को रद्द कराने के लिए सुखबीर बादल ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मामला चंडीगढ़ जिला कोर्ट में ही चल रहा है। पहले भी दे चुके बैठक का हवाला सुखबीर सिंह बादल द्वारा 2 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। आवेदन में अमृतसर में आयोजित पार्टी की अहम बैठक का हवाला देते हुए आज की सुनवाई में पेश होने से छूट मांगी गई थी। यह आवेदन राजिंदर सिंह बनाम सुखबीर सिंह बादल और अन्य से जुड़े करीब 8 साल पुराने मानहानि मामले में कोर्ट में लगाया गया। अर्जी में कहा गया था है कि 2 फरवरी को शिरोमणि अकाली दल की पार्टी बैठक अमृतसर में बुलाई गई है, जिसमें कई गांवों, शहरों और राज्यों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने वाले हैं। बैठक में सुखबीर बादल की मौजूदगी जरूरी बताई गई थी। आवेदन में यह भी कहा गया था कि अगर सुखबीर बादल बैठक में शामिल नहीं होते हैं, तो दूर-दराज से आए लोगों को बिना किसी नतीजे के लौटना पड़ेगा। अर्जी में स्पष्ट किया गया कि उनकी गैरहाजिरी जानबूझकर नहीं है और वह अगली तारीख पर कोर्ट में पेश होने का वचन देते हैं।
युवक कांग्रेस की ओर से आज देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जला कर विरोध प्रदर्शन किया। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी से नाराज है। उन्हें जल्द रिहा करने को लेकर पुरानी कलेक्ट्रेट पर पुतला जलाया गया। दिल्ली में एआई समिट के दौरान गिरफ्तारी की गई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी का विरोध युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू की दिल्ली में 20 फरवरी को हुए ए आई समिट के विरोध के चलते गिरफ्तारी हुई थी। कुछ युवक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई उसके बाद घर से राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू को भी पुलिस द्वारा उठाया गया। जिन्हें अभी तक जेल से रिहा नहीं किया गया है। इसका विरोध आज युवक कांग्रेस ने प्रधान मंत्री का पुतला जलाकर किया। एआई समिट का विरोध कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी जसवीर गुर्जर के अनुसार दिल्ली में 20 फरवरी को ए आई समिट का आयोजन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था, इस आयोजन में कुछ युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे और इस समिट का विरोध करने लगे। सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। शाम को पुलिस ने युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानू को उसके घर से गिरफ्तार किया। यह भाजपा सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने द्वेष पूर्ण कार्रवाई की है। लोकतंत्र में सबका अधिकार है विरोध दर्ज कराने का। वहां विरोध के दौरान कोई हिंसा नहीं हुई। आज तक युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को छोड़ा नहीं गया। इस लिए प्रधानमंत्री का पुतला जला कर विरोध प्रदर्शन किया है।
दिल्ली शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया को क्लीन चिट
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेताओं को बड़ी राहत दी है
हांसी जिले के बास थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हिसार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसे में दो महिलाएं घायल हो गईं। यह घटना गांव गढ़ी बस स्टैंड के पास मेहंदा गांव के कट पर हुई, जहां तीन वाहन आपस में टकरा गए। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे से ब्रेजा कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार अनियंत्रित हो गई। इसी दौरान हिसार की ओर से आ रही एक एसी रोडवेज बस भी कार से टकरा गई। हादसे के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे का क्रम प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्रेजा कार सामान्य गति से हाईवे पर चल रही थी। कैंटर की टक्कर से कार असंतुलित हो गई, जिसे बचाने की कोशिश में सिरसा से दिल्ली जा रही रोडवेज बस भी उससे टकरा गई। दो महिलाएं घायल, पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे में कार में सवार दो महिलाएं घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही सोरखी पुलिस चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिलाओं को तुरंत हांसी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यातायात कुछ समय के लिए बाधित दुर्घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे कर यातायात को सुचारु करवाया। कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा कैंटर चालक की लापरवाही के कारण हुआ। बास पुलिस ने अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि फरार चालक की पहचान की जा सके और मामले की गहनता से जांच की जा सके।
शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI केस में बरी कर दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को कहा- दोनों के खिलाफ बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है। इस मामले में CBI ने कुल 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने सभी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार करते हुए सभी को बरी कर दिया। कोर्ट के बाहर केजरीवाल ने मीडिया से बात की, इस दौरान वे रोने लगे, उन्होंने कहा… पिछले कुछ सालों से जिस तरह से बीजेपी शराब घोटाला, शराब घोटाला कर रही थी। हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। आज कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए और हम सबको डिस्चार्ज कर दिया। हम हमेशा कहते थे कि हमें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा है। मैं जज साहब का बहुत-बहुत शुक्रिया करता हूं, जिन्होंने हमारे साथ न्याय किया। सत्य की जीत हुई। भगवान हमारे साथ है। मोदी जी और अमित शाह जी ने मिलकर आजाद भारत का यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े पांच नेताओं को जेल में डाल दिया। आज तक आजाद भारत के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ। सिटिंग चीफ मिनिस्टर को घर से घसीटकर जेल में डाला गया और छह महीने तक जेल में रखा गया। हमारे उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी को दो साल तक जेल में रखा गया। हमारे ऊपर कीचड़ फेंका गया। 24 घंटे टीवी चैनलों पर डिबेट चलती थी, खबरें दिखाई जाती थीं कि... इतना कहते ही अरविंद केजरीवाल रो पड़े। उन्हें बाजू में खड़े मनीष सिसोदिया ने ढांढस बंधाया…इसके बाद केजरीवाल ने फिर बोलना शुरू किया, उन्होंने कहा… मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। इन्होंने झूठा केस लगाया। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है, आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि सत्ता के लिए इस तरह से खिलवाड़ मत कीजिए देश के साथ। इस तरह से संविधान के साथ खिलवाड़ मत कीजिए। आपको सत्ता चाहिए, अच्छे काम कीजिए। आज देश के सामने कितनी बड़ी समस्याएं हैं। महंगाई है, बेरोजगारी है, पूरे देश में सड़कें टूटी पड़ी हैं, चारों तरफ पॉल्यूशन ही पॉल्यूशन है, चारों तरफ देश में इतनी समस्याएं हैं उनका समाधान करके सत्ता में आइए न। केजरीवाल पर आम आदमी पर्टी पर झूठे केस क्यों करते हैं। अच्छा काम करके सत्ता में आइए। इस तरह के झूठे केस करना और चौबीस घंटे विपक्षियों पर ऊटपटांग झूठे केस करना उन्हें जेल में डालना ये प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता। इससे देश आगे नहीं बढ़ता। देश तब आगे बढ़ेगा, जब जनता की समस्यों का समाधान किया जाएगा। वहीं, कोर्ट के फैसले पर मनीष सिसोदिया ने कहा- हमें एक बार फिर गर्व हो रहा हैं अपने संविधान पर और बी.आर. अंबेडकर पर, जिन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया। सच की फिर से जीत हुई है। सीबीआई ने कहा- फौरन दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेंगे आबकारी नीति मामले में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किए जाने पर सीबीआई ने कहा- जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज किया गया या पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगे। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने फैसला सुनाया स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने इस केस का फैसला सुनाया। वे दिल्ली कोर्ट के एक अनुभवी जज हैं। वे दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस के एक सीनियर न्यायिक अधिकारी हैं। अभी वे नई दिल्ली के राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स में स्पेशल जज (पीसी एक्ट) सीबीआई-01 के पद पर तैनात हैं। यहां वे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों, विशेष रूप से सीबीआई की जांच वाले केसों की सुनवाई करते हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री हासिल की है। अक्टूबर 2024 में उन्हें एडिशनल सेशंस जज बनाया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट की 4 बड़ी बातें कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को बरी किया। कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई खामियां हैं और उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से साबित नहीं होते। चार्जशीट में विरोधाभास हैं, जो कथित साजिश (आरोपों) की पूरी थ्योरी को कमजोर करते हैं। अदालत ने सीबीआई के जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। किसको पॉलिटिकल राहत, किसे झटका अगस्त 2022 में CBI की चार्जशीट के आधार पर ED ने भी इस मामले में केस दर्ज किया था। ED के मामले भी अभी सुनवाई जारी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि CBI मामले में केजरीवाल समेत अन्य लोगों के बरी होने के कारण ये सभी ED मामले में भी बरी हो सकते हैं। क्योंकि ED का मामला अब कमजोर पड़ गया है। कानूनी तौर पर आगे क्या कानूनी तौर पर ऐसे मामले में जांच एजेंसी दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख करती हैं। CBI अब राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट भी जा सकती है। कोर्ट के फैसले पर किसने क्या कहा… सुनीता केजरीवाल, अरविंद केजरीवाल की पत्नी: इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाये, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता। सत्य की हमेशा जीत होती है। आतिशी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री: चाहे कितने भी झूठे आरोप लगाये, चाहे कितना अत्याचार किया, लेकिन आखिरकर सच की जीत हुई। आज पूरे देश के सामने है - भाजपा का षड्यंत्र और अरविंद केजरीवाल की कट्टर ईमानदारी। संजय सिंह, AAP के राज्यसभा सांसद: यह पहले दिन से हम कह रहे हैं देश पर खतरनाक षडयंत्रकारी राज कर रहा है, जिसका नाम नरेंद्र मोदी है। एक खतरनाक षड़यंत्रकारी गृहमंत्री भी है, जिसका नाम अमित शाह है। जरा सी भी नैतिकता बची हो तो दोनों को देश से माफी मांगनी चाहिए। आज आपने देखा कि अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर जो चोट लगी थी। वे फैसला सुनकर आज फफककर रो पड़े। CBI का दावा- केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने साउथ ग्रुप से ₹100 करोड़ वसूले सीबीआई का दावा है कि केजरीवाल के करीबी विजय नायर दिल्ली एक्साइज बिजनेस के स्टेकहोल्डर्स के संपर्क में थे। वे शराब नीति में उन्हें फायदा देने के बदले पैसों की मांग करते थे। नायर वो जरिया थे, जिन्होंने केजरीवाल के लिए BRS नेता के. कविता की अध्यक्षता वाले साउथ ग्रुप के लोगों से डील की। नायर ने ही शराब नीति में फायदा देने के बदले में साउथ ग्रुप के लोगों से ₹100 करोड़ वसूले थे। दो अन्य आरोपियों- विनोद चौहान और आशीष माथुर के माध्यम से इन पैसों को गोवा भेजा गया। केजरीवाल के निर्देश पर इस ₹100 करोड़ की रकम में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया या। इसलिए केजरीवाल चुनाव के दौरान गलत तरीके से कमाए पैसों का इस्तेमाल करने के भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि इसका फायदा आम आदमी पार्टी को ही मिला है। दो पूर्व विधायकों ने चुनाव में पार्टी से पैसे मिलने का दावा किया था CBI के अनुसार AAP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले गोवा के दो पूर्व विधायकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें एक पार्टी वालंटियर ने चुनाव खर्चों के लिए कैश दिए थे। एजेंसी ने अवैध रुपए लेने और उसके इस्तेमाल के लिए AAP के गोवा प्रभारी दुर्गेश पाठक को भी जिम्मेदार ठहराया है। एजेंसी का दावा है कि शराब नीति के तीन स्टेकहोल्डर्स- शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का एक गुट तैयार हुआ था। सभी ने अपने-अपने फायदे के लिए नियमों का उल्लंघन किया। पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को आर्थिक लाभ मिला, लेकिन सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। खबर से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाबी सिंगर करन औजला दिल्ली में ‘पी पॉप कल्चर इंडिया टूर’ से पहले मुश्किल में फंस गए हैं। औजला इस शो में अपने कई हिट सॉन्ग नहीं गा पाएंगे। वो यहां अपने कई हिट गाने जैसे ‘अधिया’, ‘चिट्टा कुर्ता’, ‘एल्कोहल 2’, ‘फ्यू डे’ और ‘बंदूक’ पर परफॉर्म करने वाले थे। दरअसल, साउथ ईस्ट दिल्ली की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने औजला के गानों को लेकर शो के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि लाइव शो में शराब और ड्रग को ग्लोरिफाई करने वाले गाने नहीं गाने चाहिए। इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रोफेसर धरनेरव राव ने एक आवेदन दायर किया था। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे गानों से शराब की खपत, ड्रग्स के इस्तेमाल, गन कल्चर और महिलाओं के प्रति असम्मान को बढ़ावा मिलता है, इसलिए इन पर रोक लगाई जानी चाहिए। अब जानिए क्या है पूरा मामला…
खराब से मध्यम श्रेणी के बीच झूल रहा AQI- दिल्ली में बढ़ते तापमान के बावजूद कम नहीं हो रहा प्रदूषण
दिल्ली वायु गुणवत्ता अपडेट 27 फरवरी 2026: राजधानी में प्रदूषण का स्तर फिलहाल 'खराब' से 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है। स्थिर हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण वायु गुणवत्ता में बड़े सुधार की उम्मीद कम है। जानें मौसम विभाग और विशेषज्ञों की राय।
साफ आसमान और तेज धूप: दिल्ली-NCR में गर्मी ने दी दस्तक, आज 33 डिग्री तक जा सकता है पारा|
दिल्ली मौसम अपडेट 27 फरवरी 2026: राजधानी में तापमान में लगातार बढ़ोतरी जारी है। IMD के अनुसार कल अधिकतम तापमान 33C तक पहुंच सकता है। जानें आसमान की स्थिति, न्यूनतम तापमान और आने वाले दिनों का हाल।
दिल्ली में कलाकारों ने लहराया बुंदेलखंड का परचम
भास्कर संवाददाता | सागर नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में बुंदेलखंड के कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। प्रदेश से चयनित 40 सदस्यीय सांस्कृतिक दल ने बुंदेली लोक एवं जनजातीय विधाओं का जीवंत प्रदर्शन कर भारत शासन के लगभग 150 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और सचिवों का दिल जीत लिया। दल का नेतृत्व वरिष्ठ लोक कलाकार एवं संस्कृति विभाग द्वारा नियुक्त कोरियोग्राफर डॉ. जुगल किशोर नामदेव ने किया। दल में दूर्वा नामदेव के नेतृत्व में बधाई लोकनृत्य, वीरेंद्र कुमार अहिरवार के नेतृत्व में बरेदी-दिवारी लोकनृत्य, दिनेश कुमार धुर्वे (डिंडोरी) के नेतृत्व में आदिवासी जनजातीय नृत्य तथा पद्मश्री भेरू सिंह चौहान के नेतृत्व में कबीर गायन दल शामिल रहा। समवेत प्रस्तुति के लिए डॉ. नामदेव को कोरियोग्राफर नियुक्त किया गया था। कार्यक्रम के प्रथम दिन मध्यप्रदेश भवन में 30 मिनट की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, सटीक लय-ताल और प्रभावशाली भाव-भंगिमाओं से मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति का मनोहारी चित्र प्रस्तुत किया। दूसरे दिन भारत शासन के राष्ट्रीय आयोजन में प्रस्तुति दी गई। भोपाल में दो दिवसीय पूर्वाभ्यास के बाद तैयार की गई इस प्रस्तुति में बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विविधता और लोकजीवन की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन एवं संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल थे। प्रस्तुति के बाद अतिथियों ने कलाकारों को सम्मानित किया। कैबिनेट सचिव ने बरेदी और बधाई नृत्य की झांकियों को सराहा और रथ निर्माण के अभिनय को आत्मसात कर स्वयं भी मंच पर दोहराया, जो कार्यक्रम का आकर्षण बन गया। उन्होंने डॉ. नामदेव की कोरियोग्राफी की सराहना करते हुए विगत 40 वर्षों से बुंदेली लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके योगदान को उल्लेखनीय बताया। कार्यक्रम की जानकारी नवोदित कला संगीत महाविद्यालय के तबला व्याख्याता आकाश जैन ने दी।
भारत में आतंकी बड़ा हमला करने की फिराक में हैं। कश्मीर से लेकर दिल्ली तक कई धार्मिक स्थल निशाने पर हैं। VIP स्पॉट और सेना भी टारगेट लिस्ट में हैं। फरवरी में महज 20 दिन के अंदर सुरक्षा एजेंसियों को इसके इनपुट मिले हैं। ये सीक्रेट इंटेलिजेंस रिपोर्ट दैनिक भास्कर को भी मिली है। इसके मुताबिक, 10 फरवरी को होने वाला बड़ा हमला टाला जा चुका है, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से आतंकी एक्टिविटीज बढ़ी हैं। आतंकियों का नेटवर्क पाकिस्तानी कैंपों और बांग्लादेश रूट से ऑपरेट हो रहा है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा कश्मीर और दिल्ली के आसपास हमले की तैयारी में है। आतंकियों के पास 15-20 किलो RDX और IED होने के इनपुट हैं। 5 आतंकी पाकिस्तान से भारत में घुस चुके हैं। कुछ स्लीपर सेल बांग्लादेश लिंक से ऑपरेट कर रहे हैं। पूरा मामला आखिर क्या है, खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में क्या इनपुट हैं, पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकी कौन हैं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों को लेकर बनाई खुफिया एजेंसियों की लिस्ट में क्या है। पढ़िए ये रिपोर्ट… फरवरी में 3 बड़े इंटेलिजेंस अलर्ट पहला: 8 फरवरी को जम्मू-कश्मीर में खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला, जो लश्कर-ए-तैयबा की धमकी से जुड़ा था। इसके मुताबिक, लश्कर के आतंकी IED ब्लास्ट की तैयारी में हैं। ये ब्लास्ट कश्मीर के नरबल से पट्टन या कुंजेर से नरबल के रास्ते में हो सकता है। इस धमाके के लिए आतंकी 15 से 20 किलो RDX का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये हमला सेना के काफिले पर भी हो सकता है। दूसरा: 18 फरवरी के इनपुट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद ने ओवरग्राउंड नेटवर्क एक्टिव कर दिया है। इसके लोगों ने हाल में जम्मू से कश्मीर को जोड़ने वाली काजीगुंड टनल की रेकी की है। इसमें 10 आतंकियों के दो अलग-अलग ग्रुप साजिश रच रहे हैं। आतंकी फिरदौस अहमद भट्ट रिमोट IED के जरिए सुरक्षा बलों को टारगेट कर रहा है। सुरक्षा बलों के वाहनों को भी निशाना बनाया जा सकता है। तीसरा: 8 से 20 फरवरी के बीच अलग-अलग इनपुट मिले। इसमें से एक इनपुट लश्कर-ए-तैयबा के बारे में है। इसके मुताबिक, आतंकी भारत के बड़े शहरों को निशाना बना सकते हैं। दिल्ली में चांदनी चौक के आसपास के मंदिर निशाने पर हैं। पुरानी दिल्ली भी टारगेट पर है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद की एक मस्जिद पर 6 फरवरी को हुए हमले के बाद भारत में अटैक की साजिश है। जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाली काजीगुंड टनल, भीड़भाड़ वाली जगहों पर अलर्टखुफिया एजेंसियों को मिले अलर्ट में दो ज्यादा संवेदनशील हैं। पहला, जम्मू से कश्मीर के बीच काजीगुंड टनल की रेकी और दूसरा 15-20 किलो RDX के जरिए किसी हाइवे या सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश। दैनिक भास्कर ने इस पर सुरक्षा एजेंसियों में अपने सोर्स से बात की। वे बताते हैं कि काजीगुंड टनल की रेकी करना बहुत खतरनाक है। ये सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है, लेकिन हम अलर्ट हैं। पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। जैश और लश्कर से जुड़े आतंकी मारे जा चुके हैं। कई एक्टिव आतंकियों की लिस्ट भी तैयार है। जम्मू में कठुआ के रास्ते 5 पाकिस्तानी आतंकी घुसेइसी महीने 5 पाकिस्तानी आतंकियों के भारतीय सीमा में घुसपैठ की इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिली है। सोर्स ने बताया कि ट्रेंड पाकिस्तानी आतंकियों ने जम्मू के कठुआ में हीरानगर के रास्ते घुसपैठ की है। आशंका है कि जैश-ए-मोहम्मद के कैंप में ट्रेनिंग लेने वाले ये आतंकी आर्मी कैंप या सेना के वाहनों पर आत्मघाती हमला भी कर सकते हैं। ठीक वैसे ही जैसे 2015 में दिनानगर पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ था। जम्मू-कश्मीर में पांचों संदिग्ध आतंकियों की फोटो जारी कर दी गई है। पोस्टर लगाकर लोगों से जानकारी मांगी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। सोर्स ने बताया कि इन आतंकियों की घुसपैठ और काजीगुंड टनल को लेकर मिले अलर्ट में काफी बातें एक जैसी हैं। असल में वो अलर्ट भी जैश से जुड़े ओवरग्राउंड वर्कर की तरफ से रेकी करने को लेकर था। अब जैश के आतंकी घुसपैठ कर आए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की इन पर नजर है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकियों की दूसरी लिस्ट तैयार पिछले साल पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इसके साथ ही पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के लोकल आतंकियों की एक लिस्ट तैयार की गई थी। 17 आतंकियों की लिस्ट में से ज्यादातर आतंकी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। आतंकियों की पहचान कर अब दूसरी लिस्ट तैयार की गई है। इसमें पहलगाम हमले के बाद चर्चा में आए अनंतनाग के आतंकी आदिल अहमद ठोकर का नाम था। इस नई लिस्ट में भी उसका नाम है। अभी उसके पाकिस्तान में होने का शक है। नई लिस्ट में दो अलग-अलग कैटेगिरी में 25 आतंकियों के नाम हैं। इसमें एक्टिव और इनएक्टिव आतंकियों की कैटेगिरी भी है। इनमें 5 आतंकियों को सेना ने एनकाउंटर में मार दिया है। बाकी 20 पर सुरक्षा बलों की नजर है। इनमें 4 इनएक्टिव हो चुके हैं, बाकी 16 की लिस्ट दैनिक भास्कर के पास भी है। इनमें फिरदौस अहमद भट्ट का नाम शामिल है, जिसे लेकर हाल में अलर्ट मिला है। इसके बाद से काजीगुंड टनल भी टारगेट पर है। इसके अलावा नसीर अहमद वानी, आदिल रहमान, जाकिर अहमद, मुबाशिर अहमद डार, जुबैर अहमद, हारुन रशीद, आसिफ अहमद, आबिद कयूम, आबिद रमजान, सज्जाद अहमद वानी, जमील, मोहम्मद उमर मीर, बिलाल अहमद मीर और हाशिर रफीक पारे हैं। बांग्लादेश नेटवर्क से दिल्ली और दूसरे शहरों में हमले की तैयारी में आतंकीफरवरी की शुरुआत में ही खुफिया एजेंसियों को दिल्ली और आसपास के इलाके में आतंकी साजिश का अलर्ट मिला था। 7-8 फरवरी को दिल्ली के जनपथ मेट्रो स्टेशन के आसपास कुछ पोस्टर लगे मिले। ये पोस्टर पाकिस्तान के सपोर्ट में थे। इसमें भारत के खिलाफ भड़काने वाली बातें लिखीं थीं। पोस्टर में कश्मीर की आजादी का जिक्र था। आतंकी बुरहान वानी की तारीफ भी थी। 22 फरवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस पोस्टर वाले नेटवर्क का खुलासा किया। कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इसमें पुलिस ने कोलकाता और तमिलनाडु मॉड्यूल का खुलासा किया। कोलकाता मॉड्यूल में उमर फारूक और रबीउल इस्लाम को अरेस्ट किया। इनमें उमर, पश्चिम बंगाल और इस्लाम, बांग्लादेश का रहने वाला है। तमिलनाडु मॉड्यूल में मोहम्मद मिजानुर रहमान, शफायत हुसैन, जाहिदुल इस्लाम, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद उज्जल और उमर को अरेस्ट किया गया। ये सभी बांग्लादेशी हैं। इनका मुख्य हैंडलर शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा है। ये श्रीनगर का रहने वाला है। पाकिस्तान में लश्कर के कैंप में ट्रेनिंग ले चुका है। शब्बीर को 27 जुलाई 2007 को दिल्ली के चांदनी चौक में एक रेस्तरां के पास से गिरफ्तार किया गया था। उसके रूम से विस्फोटक, हैंड ग्रेनेड और हथियार मिले थे। वो एक पॉलिटिकल किलिंग के लिए दिल्ली आया था। यहां सजा काटने के बाद 2018 में जेल से बाहर आया और बांग्लादेश चला गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद शांत आतंकी फिर एक्टिवआतंकियों का हैंडलर शब्बीर अभी बांग्लादेश से ऑपरेट कर रहा है। वह कई साल तक एक्टिव नहीं था और गुमनाम स्लीपर सेल की तरह काम करता रहा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी नेटवर्क ने इसे फिर एक्टिव किया। तब इसने कोलकाता और तमिलनाडु नेटवर्क को एक्टिव किया। इसी शब्बीर अहमद के कहने पर दिल्ली और कोलकाता में पाकिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे। शब्बीर को लेकर दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के ACP प्रमोद कुशवाह बताते हैं, ‘जनपथ मेट्रो स्टेशन के पास पाकिस्तान के सपोर्ट में पोस्टर लगाए जाने के बाद जांच शुरू हुई। हमें पता चला कि इसमें उमर फारुक और इस्लाम की भूमिका है। इन्होंने कोलकाता में सेफ हाइडआउट बनाया था। पाकिस्तान में दोनों एडवांस्ड ट्रेनिंग लेने के बाद भारत में टारगेट किलिंग करने आए थे।‘ ‘शब्बीर लश्कर का पुराना आतंकी है और उसी ने पोस्टर लगवाए थे। इनका नेटवर्क कोलकाता और तमिलनाडु में एक्टिव है। शब्बीर आत्मघाती हमले का भी मास्टरमाइंड है। अभी ये लश्कर के लिए भारत में खतरनाक स्लीपर सेल तैयार कर रहा है। अब तक कुल 8 लोगों को अरेस्ट किया है। इन लोगों ने दिल्ली और इससे सटे शहरों की रेकी की थी।‘ दिल्ली पुलिस में हमारे सोर्स ने बताया कि इन आतंकियों ने खासकर धार्मिक स्थलों की रेकी की है। उसके वीडियो भी बांग्लादेश में मौजूद आतंकी शब्बीर अहमद को भेजे हैं। सोर्स का दावा है कि दिल्ली के चांदनी चौक के पास के मंदिर के साथ लोटस टेंपल और इस्कॉन टेंपल की भी रेकी की गई है। इसके अलावा अयोध्या, रामेश्वरम और कांचीपुरम में भी रेकी की है। पहले कश्मीरी पंडितों को मारने की धमकी, फिर नई पोस्ट सामने आईदैनिक भास्कर ने हाल ही में कश्मीरी पंडितों को मिली धमकी को लेकर स्टोरी की थी। हमने बताया था कि 3 फरवरी को लश्कर के प्रॉक्सी संगठन फाल्कन स्क्वॉड ने कश्मीरी पंडितों को धमकी दी है। अब उसी फॉल्कन स्क्वॉड के फिर धमकी वाले पोस्टर सामने आए हैं। इसमें कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के दावे करने वाले जम्मू-कश्मीर के नामी राजनेताओं को मारने की धमकी दी गई है। आतंकियों ने पोस्टर में राजनेता की फोटो के आगे रेड कलर से क्रॉस किया है। इसे लेकर अब कश्मीरी पंडितों से जुड़े संगठन भी अलर्ट हैं। एक कश्मीरी पंडित ने बताया कि हमारी सिक्योरिटी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां चाक-चौबंद हैं लेकिन जिस तरह से खुलेआम धमकियां मिल रही हैं। उसे देखते हुए जल्द बड़ा ऑपरेशन चलाने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में जैश का ‘इजरायल ग्रुप‘ एक्टिवजम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हाल ही में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के वीडियो सामने आए हैं। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था। इसने 'इजरायल ग्रुप' नाम से एक ग्रुप बनाया था। इसे लेकर जम्मू जोन के IG भीम सेन तुती ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में इजरायल ग्रुप के 7 आतंकियों को मार गिराया गया है। ये सभी 7 आतंकी अप्रैल 2024 में घुसपैठ कर जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे। इसके बाद सेना से इनका 17 अलग-अलग मौकों पर एनकाउंटर हुआ लेकिन पिछले 18 महीनों में सभी सात आतंकियों को मार गिराया गया। ये हार्डकोर आतंकी ग्रुप था। इसका मकसद सेना और आम लोगों को टारगेट करना था। …………………..ये खबर भी पढ़ें… घाटी में कौन बना रहा कश्मीरी पंडितों की ‘डेथ लिस्ट’ कश्मीर में पहलगाम के पास मट्टन में कश्मीरी पंडितों की बस्ती है। आबादी करीब 300 की है। यहां की गलियों में दिन के 4 बजते ही सन्नाटा पसर जाता है। मट्टन में रहने वाले रमेश कौल (बदला हुआ नाम) अब अनजान नंबरों से आने वाले फोन नहीं उठाते। वजह पूछने पर बताते हैं, ‘कश्मीरी पंडितों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…
तीन टूर्नामेंट : जयपुर में 4, नोएडा में 7 और दिल्ली में सिर्फ 2 ही टीम खेल रहीं
देश में पोलो की अलग-अलग तस्वीरें नजर आ रही हैं। इस ही समय में तीन टूर्नामेंट देश में खेले जा रहे हैं। जयपुर में 6 गोल के टूर्नामेंट राजस्थान टूरिज्म पोलो कप में 4 टीमें खेल रही हैं। दिल्ली में 6 गोल के डेल मोंटे कप में सिर्फ दो ही टीमें हैं। वहीं नोएडा में चल रहे 4 गोल के जिंदल पोलो एस्टेट कप में 7 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सवाल- क्यों न एक टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ही दूसरा शुरू हो? यहां सबसे बड़ा सवाल है कि क्यों न एक टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ही दूसरा टूर्नामेंट शुरू हो। पोलो प्लेयर देश में बहुत ज्यादा नहीं है। आप अगर नजर दौड़ाएंगे तो मुश्किल से देशभर में 100 पोलो प्लेयर भी नहीं होंगे। इनमें भी हैंडीकेप प्लेयर्स की संख्या तो बहुत ही कम है। करीब 20 खिलाड़ी तो ऐसे हैं जो कि देश के हर टूर्नामेंट में खेलते नजर आते हैं। इनमें भी विदेशी खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। क्या भारतीय पोलो संघ (आईपीए) का इन पोलो टूर्नामेंट पर कंट्रोल नहीं है। सब पर भारी फ्रांस के स्ट्रॉम, किए 4 गोल सेंटे मेस्मे टीम से राजस्थान टूरिज्म पोलो कप में खेल रहे फ्रांस के रॉबर्ट स्ट्रॉम सब पर भारी पड़े। उनके तेज-तर्रार खेल के आगे किसी की नहीं चली। अकेले ही दम पर उन्होंने अपनी टीम को जयपुर टीम पर 5-3 से जीत दिला दी। स्ट्रॉम ने 4 गोल किए। एक गोल डिनो धनखड़ ने किए। जयपुर की ओर से सभी तीन गोल लांस वाटसन ने किए। पहले ही चक्कर में कर दिए थे 4 गोल: मेस्मे टीम ने जीत की मोहर पहले ही चक्कर में लगा दी थी। पहले ही चक्कर में मेस्मे ने जयपुर पर 4-1 की बढ़त बना ली है। दूसरे चक्कर में कोई गोल नहीं हुआ। तीसरे चक्कर में मेस्मे ने 1 और चौथे चक्कर में जयपुर टीम ने 2 गोल किए। इस बारे में आईपीए से जुड़े केएच गरचा कहते हैं, ‘छह गोल तक के टूर्नामेंट का आयोजन क्लब अपने स्तर पर करा सकते हैं। आईपीए का इसमें कोई रोल नहीं है। टीमें जहां चाहें वहां खेल सकती हैं। हां, नियमों में बदलाव करने की जरूरत है।’ राजस्थान पोलो क्लब के एक अधिकारी ने कहा था कि आईपीए ही टूर्नामेंट अलॉट करती है। कई बार ओवरलैपिंग हो जाती है इसलिए प्लेयर्स दूसरी जगह शिफ्ट हो जाते हैं। आईपीए को नियम बदलने की जरूरत है : के एस गरचा
नकली सरसों तेल की बिक्री पर दिल्ली के दस्ते ने मारा छापा
भास्कर न्यूज। पूर्णिया कलश ब्रांड की नकल कर नकली सरसों तेल बेचे जाने का मामला सामने आया है। गुलाबबाग में ब्रांडेड तेल कंपनी कलश के हूबहू नकली सरसों तेल बिक्री का खुलासा हुआ है। ऐसे तेल लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। बताया जा रहा है कि कलश ब्रांड की नकल मामला में दिल्ली के न्यायालय के आदेश पर अवैध बिक्री वाले माल को जब्त करने की कार्रवाई की गई। इस मामले में पिछले दिनों फर्म श्री बालाजी स्टोर्स, गुलाबबाग के प्रतिष्ठानों पर दिल्ली से आये एक कोर्ट कमिश्नर के दस्ते ने छापा मारकर कलश ब्रांड सरसों तेल केएस ऑयल्स लिमिटेड, कोटा के द्वारा बिक्री की गई थी जिसको जब्त किया। जानकारी मिलते ही विशेष वाणिज्यिक न्यायालय, रोहिणी, दिल्ली ने संज्ञान लेकर के.एस. ऑयल्स लि. द्वारा उत्पादित व बिक्रित कलश सरसों तेल को कोर्ट का फैसला होने तक तत्काल प्रभाव से रोक लगाने हेतु कोर्ट कमिश्नरों की नियुक्ति की। इसका खुलासा दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी से हुआ है। गुलाबबाग नाका प्रभारी सन्नी कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली से आई टीम में शामिल अधिकारियों ने गुलाबबाग मंडी स्थित श्री बालाजी स्टोर्स में छापेमारी की। यहां उक्त तेल की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इधर, गुरुवार को गुलाबबाग मंडी स्थित श्री बालाजी स्टोर्स खुला पाया गया। डॉ अभय कुमार, जीएमसीएच नकली तेल से ड्रॉप्सी नामक बीमारी नकली सरसों तेल खाने से लीवर पर इसका बुरा असर पड़ता है। नकली तेल के सेवन से ड्रॉप्सी नामक बीमारी होती है। इसमें शरीर फूलने लगता है। और आगे चलकर काफी परेशानी बढ़ जाती है।
यात्रियों को राहत: उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय ट्रेन में 2 स्लीपर कोच बढ़े
उदयपुर| अतिरिक्त यात्री दबाव को देखते हुए रेलवे ने अस्थायी रूप से डिब्बों की बढ़ोतरी और कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया है। दिल्ली सराय-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस में दो द्वितीय शयनयान (स्लीपर) कोच जोड़े गए हैं। ये कोच दिल्ली सराय से 1 मार्च से 31 मार्च तक और उदयपुर सिटी से 2 मार्च से 1 अप्रैल तक लगाए जाएंगे। होली और त्योहारी सीजन में इससे वेटिंग सूची कम होने की उम्मीद है। कानपुर सेंट्रल-कानपुर पुल बाएं किनारा रेलखंड के बीच पुल संख्या 110 पर तकनीकी कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस कारण उदयपुर सिटी-कामाख्या एक्सप्रेस 6, 13, 20, 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को उदयपुर सिटी से परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी। नया मार्ग कासगंज, शाहजहांपुर, सीतापुर सिटी, बुढवल और गोरखपुर होकर रहेगा। मार्ग परिवर्तन के चलते ट्रेन फर्रूखाबाद जंक्शन, गुरसहायगंज, कन्नौज, कानपुर अनवरगंज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम और मनकापुर स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
पीएम आवास योजना में खेल, दिल्ली के पते पर मधुबनी का घर बता दिया
विधानसभा में गुरुवार को पेश सीएजी की रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहे खेल का पता चला है। दिल्ली के पते पर मधुबनी का घर बना बता दिया गया। पीएम आवास योजना-ग्रामीण की मॉनिटरिंग के लिए बने आवास सॉफ्ट पोर्टल पर मधुबनी में इस योजना के तहत बने घर के साथ दिल्ली का जियो लोकेशन टैग है। ऐसे 55 मामले रिपोर्ट में उजागर हुए हैं। ये 51 से लेकर 915 किलोमीटर की दूरी के लोकेशन से टैग हैं। रिपोर्ट में इस तरह की टैगिंग से गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। अरवल में बने एक पीएम योजना आवास को औरंगाबाद के जियो लोकेशन से टैग किया गया है। दोनों स्थानों के बीच की दूरी 34 किलोमीटर है। अंधराठाढ़ी प्रखंड के पास दीप रेलवे स्टेशन के नजदीक बने आवास को झंझारपुर के पास जियो लोकेशन से टैग किया गया है। इनके बीच की दूरी 17 किलोमीटर है। 10 मामलों में तो यह भी पाया गया कि प्लिंथ स्तर तक निर्माण की तस्वीर डालने के अगले ही दिन छत की ढलाई सहित पूर्ण निर्माण की तस्वीरें आवास सॉफ्ट पर अपलोड की गईं। एक ही घर की फोटो 25 जगह डाल भुगतान लिया : सीएजी टीम ने जांच में पाया कि एक ही घर की फोटो 25 जगह डालकर सबके लिए 30 लाख का भुगतान पा लिया गया। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि हो सकता है कि इनमें से अधिकतर घरों का निर्माण ही नहीं हुआ हो। इसकी जांच की जरूरत बताई है। 2.56 करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना का नहीं मिला लाभ आयुष्मान योजना से 6 करोड़ 18 लाख लाभार्थियों को जोड़ा गया था। लेकिन मार्च 2024 तक केवल 2.56 करोड़ लाभार्थियों का ही सत्यापन किया गया। यानी 2.56 करोड़ लोग आयुष्मान से जोड़े जाने के बावजूद लाभ से वंचित हैं। 3462 को ही मिली जमीन मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय योजना के तहत 20 हजार भूमिहीनों को घर के लिए जमीन देनी थी। इनमें से केवल 3462 को ही जमीन दी गई। उनमें से भी केवल 2935 के लिए ही आवास स्वीकृत किए गए। बाढ़ आए बिना बांट दी राहत कृषि विभाग ने 2019 में बाढ़ से नुकसान की भरपाई के लिए खरीफ फसल की क्षति के तौर पर इनपुट सब्सिडी की घोषणा की। जमुई व सीवान में बाढ़ आए बिना लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान किया गया। इस पर 1 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च हुए। 6 लाख 81 हजार 617 ऐसे लोगों को 159.28 करोड़ की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया गया, जिनकी खेती 33 फीसदी से भी कम नष्ट हुई थी। सामुदायिक भवनों में निजी घर एजी को अररिया, औरंगाबाद, नालंदा, दरभंगा और मधेपुरा में ऐसे 27 सामुदायिक भवन मिले, जो बने तो विधायक निधि से लेकिन उन पर निजी कब्जा कर बेडरूम, ड्राइंग रूम और किचन से लेकर गोशाला तक बना ली गई। विधायक फंड से बने 10 पुस्तकालयों पर भी कब्जाकर निजी आवास की शक्ल दे दी गई। सीएम जन आरोग्य योजना से एक को भी फायदा नहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की तर्ज पर अप्रैल 2022 में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई। इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आईटी प्लेटफॉर्म से ही लागू करना था। किंतु बिहार सरकार ने अक्टूबर 2024 तक इसे लागू करने के लिए कोई राशि नहीं जारी की। राज्य सरकार की ओर से एजी को जवाब दिया गया कि किसी भी लाभार्थी को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित दावे का भुगतान नहीं किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम घाटे में : 37 कार्यशील एसपीएसई में से 18 ने 2022-23 में 327.20 करोड़ का लाभ कमाया। यह 2021-22 के दौरान अर्जित लाभ (462.53 करोड़) से 29% कम था। मात्र 4 एसपीएसई ने 321.15 करोड़ का लाभांश घोषित किया। 13 एसपीएसई को खासी हानि हुई। 31 मार्च 2023 तक 14 एसपीएसई की संचित हानि 27,307.96 करोड़ थी।
के कविता दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में बरी, बोलीं- ‘सत्य की जीत हुई’
तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता, जिन्हें शुक्रवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले से बरी कर...
नई दिल्ली में गुरुवार को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड के सातवें सीजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह ने मध्य प्रदेश के उन 45 दिग्गजों को सम्मानित किया, जो अपने कामों से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। चिराग ने शिक्षा, ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट, सामाजिक सेवा, अन्य उद्योगों से जुड़े लोगों को डीबी एमिनेंस अवॉर्ड दिया। चिराग ने कहा- मैं भास्कर ग्रुप का समूह का दिल से हृदय से आभार प्रकट करूंगा। ये भी अपनी रूट से जुड़े रहे। भास्कर ग्रुप का उदय उसमें आप सबके शहर इंदौर की एक अहम भूमिका रही। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… दैनिक भास्कर समूह हर साल लीडर्स को सम्मानित करता है दैनिक भास्कर समूह हर साल यह अवॉर्ड ऐसे लीडर्स को प्रदान करता है, जो अपने-अपने क्षेत्र में अतुलनीय काम कर रहे हैं। दैनिक भास्कर समूह के डिप्टी एमडी पवन अग्रवाल ने इस मौके पर सम्मानित हुए लोगों से कहा कि उन सभी ने अपने कामों से एक मिसाल कायम किया है। उन्होंने कहा कि दैनिक भास्कर का भी प्रयास होता है कि जैसा आप समाज में बदलाव कर रहे हैं, वैसा हम भी करें। समाज में कुछ ना कुछ नया करते रहें। आपके साथ यही जुगलबंदी है। इंदौर दैनिक भास्कर के लिए काफी खास जगह है। क्योंकि वहां 10 साल पहचान बनाने के बाद ही हिम्मत मिली कि पूरे देश में जाएं। डिप्टी एमडी ने कहा कि इस एंटरप्राइजिंग शहर (इंदौर) से ही हमें हिम्मत मिली। यहीं से हमें समझ आया था कि जब आप कुछ काम करते हैं तो उसकी कोई सीमा नहीं है। अगर आपके पास कल्पना है तो पूरा खुला आसमान है। चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले लोगों को बधाई दी कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने अवॉर्ड पाने वाले सभी 45 लोगों को बधाई दी और दैनिक भास्कर का धन्यवाद किया। उन्होंने वहां मौजूद उद्यमियों से फूड प्रोसेसिंग में इनोवेशन और निवेश करने की अपील की। चिराग ने आगे कहा- आज हर कोई विकसित भारत की चर्चा करता है, लेकिन बहुत कम लोग अपने योगदान के बारे में सोचते हैं। हम अक्सर सरकारों और प्रशासन से सवाल करते हैं कि विकसित भारत कैसे बनेगा, लेकिन आप वे लोग हैं जिन्होंने खुद से सवाल किया कि 'मेरा योगदान क्या होगा?' यदि देश की 140 करोड़ आबादी ईमानदारी से खुद से यह पूछने लग जाए, तो हम लक्ष्य के बहुत करीब होंगे। इसके अलावा इस कार्यक्रम में दैनिक भास्कर समूह के इंदौर के एग्जिक्यूटिव एडिटर अमित मंडलोई, इंदौर के यूनिट हेड दीपक किशोर और नेशनल पॉलिटिकल एडिटर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया भी मौजूद थे। कार्यक्रम से जुड़े 5 वीडियो…
यूजीसी बिल के विरोध में आगामी 8 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित महाराणा प्रताप भवन में गुरुवार दोपहर देव सेना और अखिल भारतीय सनातन फेडरेशन द्वारा संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा साझा की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रिज भूषण सैनी ने कहा कि यूजीसी बिल से समाज में असंतोष की स्थिति पैदा हो रही है। उनका कहना था कि इस कानून के लागू होने से विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और वैचारिक टकराव बढ़ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना व्यापक सामाजिक सहमति के इस बिल को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि ऐसे किसी भी कानून को लागू करने से पहले समाज के सभी वर्गों से संवाद किया जाना चाहिए। ब्रिज भूषण सैनी ने बताया कि अखिल भारतीय सनातन फेडरेशन के साथ देशभर के लगभग 300 राष्ट्रीय अध्यक्ष जुड़े हुए हैं और सभी ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने हिंदू समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे 8 मार्च को बड़ी संख्या में दिल्ली के जंतर- मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। सरकार को करना चाहिए पुनर्विचार : कृष्णा त्यागी नवयुवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा त्यागी ने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी कानून को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष है तो सरकार को उस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन फिलहाल लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार से यूजीसी बिल वापस लेने की मांग कर रहा है। वहीं, राधा कृष्ण गो सेवा धाम से जुड़ी मंजू यादव ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा कि समाज में आपसी भाईचारा बना रहना चाहिए और किसी भी ऐसे कदम से बचना चाहिए जिससे सामाजिक एकता प्रभावित हो। उन्होंने भी सरकार से इस बिल पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रेसवार्ता के दौरान संगठनों के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 8 मार्च का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासन के नियमों का पालन किया जाएगा।
MP को 'बेस्ट स्टेट टूरिज्म' अवॉर्ड:दूसरे साल अवॉर्ड जीता; नई दिल्ली में हुए कार्यक्रम में दिया
मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी SATTE-2026 में प्रतिष्ठित 'बेस्ट स्टेट टूरिज्म' अवॉर्ड मिला है। एमपी को लगातार दूसरे साल यह सम्मान मिला। पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित SATTE अवॉर्ड्स समारोह के दौरान दिया गया। जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी ने किया। इसलिए अग्रणी बना एमपी पर्यटन विभाग के सचिव एवं बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया, अवॉर्ड मिलना प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। हमारा ध्यान राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत्, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहल में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है। एमपी टूरिज्म बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल- खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स है। प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक। सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्य प्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।
माकपा का जनसंघर्ष जत्था गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले के डबली गांव पहुंचा। यहां माकपा द्वारा आयोजित जनसभा को सांसद अमराराम सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। यह जत्था घड़साना से रवाना हुआ है और राजस्थान से होते हुए 7 मार्च को जयपुर पहुंचेगा। इसके बाद 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। डबली के बाद जत्था हनुमानगढ़ होते हुए देर शाम तक भादरा पहुंच गया। डबली में जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद अमराराम ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से किसान, मजदूर और आम जनता प्रभावित हो रही है। अमराराम ने बिजली विधेयक 2025 को निजीकरण की दिशा में एक कदम बताया, जिससे बिजली उत्पादन और वितरण पर निजी कंपनियों का नियंत्रण बढ़ेगा और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। अन्य वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के माध्यम से पहले भुगतान की व्यवस्था लागू करने का भी विरोध किया। उन्होंने मनरेगा में कटौती, श्रम कानूनों की जगह चार श्रम संहिताओं को लागू करने और बीज विधेयक 2025 को किसानों के खिलाफ बताया। वक्ताओं का कहना था कि नए प्रावधानों से छोटे बीज विक्रेताओं और किसानों पर दबाव बढ़ेगा, जबकि श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और उनके काम के घंटे बढ़ सकते हैं। माकपा के इस आंदोलन के तहत कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाना, किसानों की कर्ज माफी, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था में सुधार और वनाधिकार कानून के लंबित मामलों का निस्तारण शामिल है। अभियान का मुख्य उद्देश्य इन मुद्दों पर जनता को जागरूक करना और एक बड़े आंदोलन की तैयारी करना है।
हरियाणा के स्टेशनों पर यात्रियों से चोरी और स्नेचिंग की वारदात बढ़ती जा रही है। हिसार से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में आज भी 2 वारदात हुई है। पहली घटना ट्रेन संख्या 19613 अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस में जाखल रेलवे स्टेशन के पास हुई। राजस्थान के कोटा निवासी पंकज सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के साथ जयपुर से संगरूर जा रहे थे। वे ट्रेन के सेकेंड एसी कोच में सीट नंबर 29, 37, 38, 39 और 40 पर सफर कर रहे थे। 17 फरवरी की सुबह ट्रेन के जाखल रेलवे स्टेशन से रवाना होते ही एक अज्ञात युवक महिला का पर्स छीनकर ट्रेन से कूद गया और फरार हो गया। दूसरी घटना में हिसार से चरखी दादरी रहे एक यात्री का ट्रेन में बैग का लॉक तोड़कर करीब 7 तोले सोने के जेवर चोरी कर लिए गए। घटना सुबह दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में हुई। शिकायत के आधार पर हिसार जीआरपी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस तरह दोनों घटनाओं को अंजाम दिया गया...
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सशस्त्र बलों के कर्मियों की दिव्यांगता पेंशन को सिर्फ यह कहकर नहीं रोका जा सकता कि बीमारी ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ है या वह पीस एरिया में तैनाती के दौरान हुई। हाई कोर्ट ने कहा कि गैर-ऑपरेशनल क्षेत्रों में भी सैन्य सेवा तनावपूर्ण होती है और इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बता दें कि सेना में ‘पीस पोस्टिंग’ का मतलब है कि सैनिक या अधिकारी की पोस्टिंग बॉर्डर पर नहीं बल्कि शांत और सुरक्षित शहरों या छावनियों में होती है। जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की डिवीजन बेंच ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी की दिव्यांग पेंशन याचिका खारिज कर दी गई थी। वे हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) और कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित हैं। कोर्ट बोला- बीमारी को सिर्फ लाइफस्टाइल डिसऑर्डर कहना गलत कोर्ट ने साफ कहा कि यह मायने नहीं रखता कि बीमारी फील्ड एरिया में हुई या पीस पोस्टिंग में। असली सवाल यह है कि क्या बीमारी का सेवा परिस्थितियों से संबंध है। इस केस में रिलीज मेडिकल बोर्ड यह ठीक से नहीं बता सका कि अफसर की बीमारियां सेवा से जुड़ी नहीं थीं या सेवा के कारण नहीं बढ़ीं। कोर्ट ने साफ कहा कि बिना किसी ठोस वजह के बीमारी को सिर्फ ‘लाइफस्टाइल डिसऑर्डर’ कहना कानूनन सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी बताया कि मेडिकल बोर्ड ने खुद माना था कि यह बीमारी अधिकारी की किसी लापरवाही या गलत आदतों की वजह से नहीं हुई। कोर्ट ने मोटापा, धूम्रपान या शराब से जुड़े तर्क भी खारिज कर दिए, क्योंकि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में इन्हें कारण नहीं बताया गया था। सिर्फ वजन ज्यादा होना, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग को खुद से पैदा हुई बीमारी साबित नहीं करता। कोर्ट ने यह भी कहा कि AFT ने बिना मेडिकल सबूत के वजन और लाइफस्टाइल के आधार पर निष्कर्ष निकाले। कोर्ट ने हृदय रोग को लेकर मेडिकल बोर्ड की दलीलों को भी कमजोर बताया और कहा कि बीमारी को सिर्फ पिछले 14 दिनों की ड्यूटी से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। अफसर ने 40 साल से ज्यादा सेवा दी, अब 50% दिव्यांग याचिकाकर्ता रिटायर्ड अफसर ने भारतीय वायुसेना में 40 साल से अधिक सेवा दी थी। ज्वाइनिंग के समय वह मेडिकल रूप से फिट थे। 1999 में उन्हें हाईपरटेंशन हुआ और 2016 में गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण ओपन-हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनकी दिव्यांगता 50% आंकी गई थी, फिर भी पेंशन से वंचित कर दिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए 50% आजीवन दिव्यांग पेंशन देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने रिटायरमेंट की तारीख से बकाया भुगतान 8 सप्ताह के भीतर जारी करने को कहा है। देरी होने पर 12% सालाना ब्याज देना होगा। ……………….. यह खबर भी पढ़ें हाइकोर्ट बोला-फिजिकल रिलेशन के बाद शादी से मना करना अपराध दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि फिजिकल रिलेशन के बाद शादी मना करना एक अपराध है। कोर्ट ने ये बात एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई को दौरान कही। कोर्ट ने कहा कि कुंडली मेल न खाने की वजह से शादी से मना करने पर भारतीय न्याय संहिता(BNS) का सेक्शन 69 लग सकता है, जो धोखे से सेक्सुअल इंटरकोर्स को अपराध मानता है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में एक नौकरानी ने अपने मालिक के घर पर फर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) रेड कराई। मामला 11 फरवरी का है। 25 फरवरी को पुलिस ने रेखा देवी नाम की नौकरानी और उसकी भाभी पूजा राजपूत को पूरी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि 11 फरवरी को पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग ED अफसर बनकर 86 साल के रिटायर्ड आर्किटेक्ट आरसी सभरवाल के घर में जबरन घुस गए। आरोपियों ने परिवार को धमकाया और तलाशी के दौरान मोबाइल फोन जब्त कर लिए। सभरवाल के पोते को शक हुआ तो उसने पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद तीनों आरोपी लगभग 3-4 लाख रुपये कैश, सात महंगी घड़ियां और गहने लेकर कार में फरार हो गए। पुलिस ने 24 फरवरी को मामला दर्ज करने के बाद इसकी जांच शुरू की थी। कार की लोकेशन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने 350 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाला। अंत में एक ब्लू रंग की मारुति सुजुकी बलेनो पर शक हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से कार की आवाजाही का पता लगाया तो पता चला कि कार सराय काले खान से होते हुए गाजीपुर बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई थी। इसके बाद कार गाजियाबाद के वैशाली में एक घर के पास खड़ी देखी गई। कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर, पुलिस ने पता लगाया कि दिल्ली में लूट वाली जगह यानी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और वैशाली में कार की पार्किंग वाली जगह पर कौन से मोबाइल नंबर एक्टिव थे। नौकरानी की भाभी के घर से वर्दी और लूट का सामान मिला मोबाइल टावर डंप डेटा और आईएमईआई ट्रैकिंग के जरिए पूजा राजपूत नाम की महिला का पता चला, जिसका फोन दोनों जगहों पर एक्टिव था। जांच की गई तो पता चला कि वह नौकरानी रेखा देवी की भाभी है। पुलिस ने बताया कि रेखा देवी भी अक्सर गाजियाबाद में भाभी के घर पर आती-जाती थी। बुधवार को जब टीम ने पूजा के घर पर छापा मारा, तो उन्हें फर्जी रेड में इस्तेमाल की गई वर्दी और कुछ सामान बरामद हुए। उन्हें चोरी की गई महंगी घड़ियां और गहने भी मिले। इसके बाद पुलिस ने रेखा (40) और पूजा (45) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। ------------------------------ दिल्ली की ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में प्रेग्नेंट पत्नी, तीन बेटियों का गला काटा:बच्चियों की उम्र 3, 4 और 5 साल; पति फरार, बेटे की चाहत में हत्या की आशंका दिल्ली के प्रेमचंद पार्क इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी दो महीने की प्रेग्नेंट पत्नी और तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे व्यक्ति के मन में बेटे की चाहत हो सकती है। घटना के बाद से पति फरार है। पूरी खबर पढ़ें… दिल्ली में तीन लोगों के मर्डर मामले में तांत्रिक गिरफ्तार:धनवर्षा के नाम पर जहर मिले लड्डू खिलाए दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में धनवर्षा (अचानक धन लाभ) का लालच देकर तीन लोगों की जहर देकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तीन लोगों को जहर मिले लड्डू खिलाए और नकदी लेकर फरार हो गया था। पूरी खबर पढ़ें…
रेवाड़ी जीआरपी ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझा लिया है। जुआ को लेकर हुए विवाद में दोस्तों ने पुरानी दिल्ली स्टेशन पर पत्थरों से पीटकर हत्या की। इसके बाद शव को पहले ट्रेन के नीचे रेलवे ट्रैक पर रखा। इसके बाद पहचान छुपाने के लिए शव को रेवाड़ी आने वाली पैसेंनजर ट्रेन के बाथरूम में छोड़ दिया। रेवाड़ी जीआरपी को 13 फरवरी को शव मिला था। सिर में मिले चोट के निशानों को देखते हुए हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जीआरपी ने मामले में दो आरोपी आदर्श नगर गाजियाबाद के करण सिंह और मथुरा के गिडोह के विनोद कुमार को गिरफ्तार किया है। हत्या में शामिल रणजीत के दो साथियों की पुलिस को अभी तलाश है। हत्या के मुख्य आरोपी रणजीत चोरी के मामलों में नामजद है। जीआरपी थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। 9 जनवरी को घर से निकला था युवक गाजियाबाद गाजियाबाद के नंदग्राम की वाल्मीकि बस्ती का 22 वर्षीय कर्ण सिंह 9 फरवरी को अपने दोस्त रणजीत के साथ घर से निकला था। रणजीत और कर्ण में जुआ को लेकर विवाद हुआ। जिसके बाद रणजीत ने अपने दोस्त साइबाबाद के सुरेश, मेरठ के आयन और गिडोह के विनोद कुमार विनोद के साथ मिलकर कर्ण की हत्या की योजना बनाई। कर्ण को 12 फरवरी को पुरानी दिल्ली स्टेशन पर लेकर आए। जहां पहले ट्रेन में बिठाकर शराब पिलाई। इसके बाद रेलवे लाइन पर पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पहले शव को ट्रेन के नीचे रेलवे लाइन पर रखने की योजना बनाई। फिर पहचाान छुपाने के लिए उसे उठाकर सुबह दिल्ली से रेवाड़ी आने वाली पैसेंजर ट्रेन की गाड़ी में रख दिया। चोरी की वारदातों को देते थे अंजाम बताया जाता है कि आरोपी मिलकर रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। जीआरपी थाना गाजियाबाद में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हैं। जीआरपी एसएचओ कृष्ण कुमार ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पहचान नहीं होने पर किया था संस्कार मृतक कर्ण की निर्धारित अवधि में पहचान नहीं हो पाई थी। जिसके बाद जीआरपी ने लावारिश मानकर शव का अंतिम संस्कार करवाया था। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने जांच की गति को आगे बढ़ाया। जिसके बाद जीआरपी को मामले में लीड मिली और परिवार से बातचीत के बाद दो आरोपियों को साहिबाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा के हांसी में दिल्ली हाईवे पर बुधवार देर रात एक आयशर कैंटर में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि ड्राइवर समय रहते कैंटर से बाहर निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। रात करीब डेढ़ बजे एक आयशर कैंटर रोहतक की ओर से आ रही थी। जैसे ही गाड़ी गढ़ी गांव पार कर हांसी स्थित एक पेट्रोल पंप के पास पहुंची थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। कार ड्राइवर ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। हांसी से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड कर्मचारी विनोद ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:30 बजे वाहन में आग लगने की सूचना मिली थी। टीम के पहुंचने तक आग पूरी गाड़ी में फैल चुकी थी। काफी प्रयासों के बाद आग बुझाई गई, लेकिन कैंटर पूरी तरह जल गया। यहां देखें दो फोटो… कैंटर में भरी थी पॉलीथिन यह कैंटर जीतपुरा निवासी विनोद की बताया जा रहा है। जिसमें पॉलीथीन और अन्य सामान भरा हुआ था। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पेट्रोल पंप के नजदीक होने के कारण वहां मौजूद कर्मचारियों में चिंता फैल गई। आग की लपटें देखकर सतर्कता बरती गई। हालांकि, आग पेट्रोल पंप से कुछ दूरी पर लगी थी, जिससे कोई बड़ा विस्फोट या जनहानि नहीं हुई। आग बुझाने में पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने भी सराहनीय भूमिका निभाई। इस हादसे में वाहन मालिक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के छिजारसी टोल पर गुरुवार सुबह खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान संभल से दिल्ली ले जाया जा रहा करीब 7 कुंतल संदिग्ध और मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई होली पर्व से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम को सूचना मिली थी कि एक वाहन में बड़ी मात्रा में संदिग्ध गुणवत्ता वाला पनीर ले जाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने टोल प्लाजा पर वाहन को रोका और उसकी जांच की। जांच के दौरान पनीर की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसे मौके पर ही रोक लिया गया। सीएफएसओ पंकज कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में पनीर मिलावटी प्रतीत हुआ। मौके पर ही पनीर का एक नमूना विधिवत सील कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। शेष लगभग 7 कुंतल पनीर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए नष्ट कर दिया गया, ताकि यह बाजार में न पहुंच सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि होली के अवसर पर दूध, मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। कुछ लोग इसका फायदा उठाकर मिलावटी खाद्य सामग्री बाजार में उतार देते हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मिलावट पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और अन्य वाहनों की भी सघन जांच की गई। खाद्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि आमजन के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
दिल्ली के समयपुर बादली में एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या हुई। किराए के कमरे में महिला और उसकी तीन बेटियों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान अनीता (32), अनुष्का (5), मुस्कान (4) और पल्लवी के रूप में हुई है। घटना चंदन पार्क की गली नंबर-3 स्थित मकान की है। पति पर पत्नी और बेटियों की हत्या करने का आरोप है। आरोपी पति मुनचुन के पिता रामबालक केवट और मां पटना के बाढ़ में रहते हैं। उसके तीन भाई भी दिल्ली में आजादपुर सब्जी मंडी में मजदूरी करते हैं। महिला-बच्चियों की श्वास नली भी कट गई थीं चारों पीड़ितों का गला धारदार हथियार से काटा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमला इतना जोर से किया गया था कि उनकी श्वास नली भी कट गई थीं। पुलिस ने घटनास्थल को बहुत क्रूर बताया। घटना के बाद से आरोपी पति मुंचुन केवट लापता है। पुलिस उसे संदिग्ध मानकर चल रही है। पुलिस ने कहा कि जांचकर्ता अवैध संबंध सहित सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हत्या का कारण बेटे का न होना हो सकता है। पटना में परिवार में मातम, 2 तस्वीरें… 8 महीने पहले ही बिहार से दिल्ली गया था मंगलवार रात करीब 9 बजे पति-पत्नी के बीच विवाद भी हुआ था। इधर, रूबी नाम की एक रिश्तेदार ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि केवट और उसकी पत्नी पिछले दो सालों से दिल्ली में रह रहे थे और पति-पत्नी के बीच आमतौर पर झगड़े नहीं होते थे। परिवार आठ महीने पहले ही बिहार से दिल्ली गया था। पुलिस को शक है कि चारों को पहले नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और फिर हत्या की गई, क्योंकि इतनी बड़ी घटना के बावजूद किसी ने चीखने-चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी गई। सब्जी बेचता था आरोपी पति पुलिस ने बताया कि मुनचुन आजादपुर मंडी में सब्जी बेचता था। घटना के बाद मौके पर पहुंची क्राइम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमों ने सबूत जुटाए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पति को ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। गांव वालों ने आरोपी के पिता और भाई को बचाया इधर, बेटी और 3 नातिनों की हत्या की खबर मिलते ही मृतका के मायके वाले आक्रोशित हो गए। परिजन मृतका के ससुराल पहुंचे और वहां मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीण राजेश चौधरी ने बताया, ‘चंडी थाना इलाके से आए ससुराल पक्ष के लोग मुनचुन के पिता और भाई को अपने साथ गाड़ी में खींचकर ले जा रहे थे। वो लोग इतने गुस्से में थे कि दोनों को मार देते। ग्रामीणों की भीड़ जमा होने के बाद स्थिति शांत हुई।’ मुनचुन के माता-पिता गांव में खेती करते हैं। मुनचुन चार भाई हैं, सभी दिल्ली में रहते थे। मुनचुन साल-दो साल में अपने माता-पिता से मिलने गांव आता था। वह पिछले साल अप्रैल में पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गांव आया था। चाचा बोले- दोनों के बीच क्या विवाद था नहीं पता मुनचुन के चाचा दयानंद प्रसाद ने बताया, ‘मुनचुन के 3 भाई अपने अपने परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। आजादपुर सब्जी मंडी में काम करता था। वहीं अपना जीवन यापन करता था। जबकि उसके माता-पिता गांव में रहकर खेती करते हैं।’ आगे चाचा ने बताया,' घटना की जानकारी मिलते ही मुनचुन के ससुराल पक्ष के लोगों ने यहां आकर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पति-पत्नी के बीच क्या विवाद था, इसकी जानकारी उसके माता पिता को भी नहीं है। मुनचुन ने हत्या की है या किसी और ने हत्या कर उसको फंसाने की साजिश रची है, यह जांच के बाद क्लियर होगा।'
धावकों का न्यू दिल्ली हाफ मैराथन में शानदार प्रदर्शन, बनाए नए रिकॉर्ड
सिटी रिपोर्टर | उदयपुर मेवाड़ी रनर्स के धावकों ने दिल्ली हाफ मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेवाड़ का नाम रोशन किया। फुल मैराथन और हाफ मैराथन दोनों वर्गों में टीम के प्रतिभागियों ने अनुशासन और जज्बे के साथ दौड़ पूरी की। कई धावकों ने अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय भी दर्ज कराया। फुल मैराथन वर्ग में राहुल रोत ने 3 घंटे 20 मिनट का नया पर्सनल बेस्ट बनाया। राहुल रांका ने 3:30 में रेस पूरी की। कौशल सिंघल ने 3:57, सौरव सिखवाल ने 4:05, जीतेंद्र पटेल ने 4:06 और रितेश चित्तौड़ा ने 4:17 के समय के साथ मजबूत फिनिश किया। हाफ मैराथन में पर्वत सिंह डेलवास ने 1:51 का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। राजेंद्र सिंह ने 1:59, हिमानी पटेल ने 2:08 , इंजी. राहुल मीणा ने 2:10 , सरिका जैन ने 2:30 और वीरेंद्र सिंह ने 2:45 के समय के साथ दौड़ पूरी की। मेवाड़ी रनर्स के मीडिया प्रभारी मुकेश कुमावत ने बताया कि दिल्ली की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी धावकों ने आत्मविश्वास और समर्पण के साथ प्रदर्शन किया। मेवाड़ी रनर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेवाड़ का नाम रोशन किया।
एआई समिट में प्रदर्शनकारियों को पकड़ने पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम को हिमाचल पुलिस ने किया डिटेन
बुधवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शिमला जिले के रोहरू कस्बे से तीन युवा कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार करने के आरोप में कम से कम 20 दिल्ली पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया।
दिल्ली ब्लास्ट मामला: एनआईए की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों के दो और सहयोगी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम विस्फोट मामले में दो और आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है
दिल्ली के प्रेमचंद पार्क इलाके में एक व्यक्ति ने अपनी दो महीने की प्रेग्नेंट पत्नी और तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे व्यक्ति के मन में बेटे की चाहत हो सकती है। घटना के बाद से पति फरार है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह प्रेम चंद पार्क इलाके स्थित घर के आसपास रहने वाले लोगों ने भयावह दृश्य देखा। घर के अंदर 27 साल की अनीता और उसकी तीन, चार और पांच साल की बेटियां खून से लथपथ पड़ी थीं। महिला-बच्चियों की श्वास नली भी कट गई थीं चारों पीड़ितों का गला धारदार हथियार से काटा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमला इतना जोर से किया गया था कि उनकी श्वास नली भी कट गई थीं। पुलिस ने घटनास्थल को बहुत क्रूर बताया। घटना के बाद से आरोपी पति मुंचुन केवट लापता है। पुलिस उसे संदिग्ध मानकर चल रही है। पुलिस ने कहा कि जांचकर्ता अवैध संबंध सहित सभी संभावित पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि हत्या का कारण बेटे का न होना हो सकता है। आरोपी ने पत्नी और बच्चियों को शराब पिलाकर हमला किया पुलिस ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह 8:07 बजे पीसीआर कॉल से हत्या की जानकारी मिली थी। शवों को देखकर लग रहा है कि केवट ने अपनी पत्नी और बेटियों को शराब पिलाकर उन पर हमला किया। मंगलवार रात करीब 9 बजे पति-पत्नी के बीच विवाद भी हुआ था। इधर, रूबी नाम की एक रिश्तेदार ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि केवट और उसकी पत्नी मूल रूप से बिहार के पटना जिले के रहने वाले थे। परिवार पिछले दो सालों से दिल्ली में रह रहा था और पति-पत्नी के बीच आमतौर पर झगड़े नहीं होते थे। पुलिस ने बताया कि केवट आजादपुर मंडी में सब्जी बेचता था। घटना के बाद मौके पर पहुंची क्राइम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीमों ने सबूत जुटाए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी केवट को ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। -------------------------- दिल्ली में अपराध से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में तीन लोगों के मर्डर मामले में तांत्रिक गिरफ्तार:धनवर्षा के नाम पर जहर मिले लड्डू खिलाए दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में धनवर्षा (अचानक धन लाभ) का लालच देकर तीन लोगों की जहर देकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने तीन लोगों को जहर मिले लड्डू खिलाए और नकदी लेकर फरार हो गया था। पूरी खबर पढ़ें…
रेवाड़ी जिले में संगवाड़ी के पास दिल्ली जयपुर हाइवे पर बुधवार देर शाम चार वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। सूचना मिलते ही कसौला थाना पुलिस ने स्थिति का संभाला और हाइवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू किया। ट्रॉले के पीछे टकराए तीन वाहन जानकारी के अनुसार बुधवार देर शाम हाइवे पर संगवाड़ी के पास एक ट्रॉला अचानक डिवाइडर से टकरा गया। जिसके बाद उसके पीछे चल रहे वाहन एक-एक कर उससे टकराते रहे। देखते ही देखते चार वाहन आपस में टकरा गए। जिससे कुछ समय के लिए हाइवे पर जाम की स्थिति बन गई। कसौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने कहा कि हादसे में किसी को ज्यादा चोट नहीं आई है। कुछ समय के लिए जाम लगा था। अब स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। पुलिस अभी मौके पर ही मौजूद है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत परिसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक मलेंद्र राजन ने कहा कि छह दिनों के भीतर जिले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली स्थित एआईसीसी कार्यालय को सौंप दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को केवल जिला और प्रखंड स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बूथ स्तर तक सशक्त बनाने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। पर्यवेक्षक ने कहा कि वे एक-एक कार्यकर्ता तथा समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक संवाद स्थापित करेंगे, ताकि जिले में मजबूत विचारधारा वाला और जमीन से जुड़ा जिला अध्यक्ष चुना जा सके। उन्होंने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं और संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को बढ़-चढ़कर जिम्मेदारी निभानी होगी। संगठन सृजन अभियान के तहत बैठक आयोजितप्रेसवार्ता के बाद मलेंद्र राजन जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां संगठन सृजन अभियान के तहत बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस को नई शक्ति, नई ऊर्जा और नई दृढ़ता प्रदान करना है, ताकि पार्टी आने वाले समय में जनसरोकार के मुद्दों को मजबूती से उठा सके। राज्य पर्यवेक्षक राजेश कुमार पप्पू ने बताया कि अभियान के दौरान नए साथियों को पार्टी से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नौ प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा कर संगठन को मजबूत आधार देने की रणनीति बनाई जा रही है। कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र सिंह ने विश्वास जताया कि यह अभियान कांग्रेस को जमीनी स्तर पर एक सशक्त संगठन के रूप में स्थापित करेगा। संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगीजिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय पर्यवेक्षक 26 फरवरी को गोरेयाकोठी और महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र, 27 फरवरी को दरौली और जीरादेई, 28 फरवरी को रघुनाथपुर और दरौंदा तथा एक मार्च को बड़हरिया और सीवान सदर विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संवाद प्रक्रिया से संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
सोनीपत जिले की कुण्डली पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हलालपुर निवासी सुजीत के रूप में हुई है, जो फिलहाल कुण्डली में रह रहा था। दिल्ली निवासी युवती ने 29 जनवरी 2026 को थाना कुण्डली में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने आरोप लगाया था कि सुजीत ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस शिकायत के आधार पर कुण्डली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। थाना कुण्डली की अनुसंधान टीम में नियुक्त महिला निरीक्षक कविता ने अपनी पुलिस टीम के साथ नियमानुसार कार्रवाई की। पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करवाए गए। साथ ही, महिला विशेषज्ञ और लीगल एड की मदद से पीड़िता की काउंसलिंग भी करवाई गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी सुजीत को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कोख में बेटा है या बेटी….ये पता करना भारत में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 (प्रसव पूर्व और गर्भधारण पूर्व निदान तकनीक) के तहत जुर्म है। ये एक सख्त कानून है। इसमें सजा का प्रावधान भी है, मगर बेटे की चाह रखने वाले अब ऐसी तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जिसमें 100 फीसदी बेटा पैदा होने की गारंटी का दावा किया जाता है। इस काम को दुबई में बैठे डॉक्टर अंजाम दे रहे हैं। दुबई के IVF सेंटर्स भारत के डॉक्टरों को पेंशेट भेजने की एवज में मोटे कमीशन का लालच दे रहे हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए आखिर कैसे ये पूरा इंटरनेशनल नेटवर्क काम कर रहा है…और कैसे भास्कर रिपोर्टर ने इसे एक्सपोज किया…।
रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की दुर्घटनाग्रस्त एयर एंबुलेंस मामले में जांच शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में बताया जा रहा है कि विमान लगभग 40 वर्ष पुराना था। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, रांची एयरपोर्ट से उड़ान के समय मौसम पूरी तरह साफ था और विजिबिलिटी सामान्य थी। वेदर क्लीयरेंस के बाद ही विमान ने टेकऑफ किया था। बताया जा रहा है कि ब्लैक बॉक्स विश्लेषण के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे। ब्लैक बॉक्स मिलने की सूचना है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो कर रही है। एक माह के भीतर रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपना अनिवार्य होता है। इस बीच मंगलवार को डीजीसीए की टीम रांची एयरपोर्ट पहुंची, पूछताछ की और आवश्यक दस्तावेज जुटाए। उड़ान भरने के 23 मिनट बाद ही हुआ था गायब हादसे के बाद से अब तक की जो जांच की गई है, उसमें पता चला है कि एयर एंबुलेंस रांची एटीसी से लगभग 50 किलोमीटर उड़ान भरने के बाद विमान को कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को हैंडओवर कर दिया गया था। इस विमान ने सोमवार शाम 7.11 बजे उड़ान भरी और 7.34 बजे विमान का कोलकाता एटीसी से संपर्क टूट गया था। कुछ देर हवा में घूमने के बाद विमान क्रैश कर गया। जिसमें पायलट विवेक विकास भगत (लातेहार निवासी), को-पायलट स्वराजदीप सिंह (चंडीगढ़), डॉ. विकास कुमार, स्वास्थ्य कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना कुमारी व संजय कुमार के भगिना ध्रुव कुमार की मौत हो गई। पांच सदस्यीय टीम कर रही जांच हादसे के बाद दिल्ली से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआइबी) की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल पर टीम ने ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की खोज की। मलबे की भी जांच की। साथ ही संभावित कारणों की जांच शुरू की। इसमें तकनीकी खराबी, मौसमी प्रभाव या मानवीय त्रुटि जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की गई। हालांकि जांच टीम ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से कोई जांच की जानकारी साझा नहीं की है। ----------------------------------------------- इसे भी पढ़ें… चतरा में मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट क्रैश:विमान में 7 लोगों के सवार होने की सूचना, रांची से दिल्ली के लिए उड़ा था चतरा जिले में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा सामने आया है। रांची से दिल्ली के लिए उड़ा एक मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट सिमरिया थाना क्षेत्र के जंगल में क्रैश हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में कुल 7 लोगों के सवार होने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। माना जा रहा है कि यह हादसा मौसम के अचानक खराब होने की वजह से हुआ है। यहां पढ़ें पूरी खबर
केरल की तरह दिल्ली का भी बदलेगा नाम? भाजपा सांसद ने उठा दी मांग; क्या दलीलें
केरल का नाम बदलकर केरलम किए जाने के फैसले पर केंद्र सरकार की मुहर लगने के बाद अब दिल्ली की नई पहचान की मांग भी उठ गई है। भाजपा के सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर 'इंद्रप्रस्थ' करने की मांग की है।
करनाल जिले में पश्चिमी यमुना नहर की पटरी के पास स्टौण्डी गांव के क्षेत्र में झाड़ियों के बीच एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दिल्ली के भलस्वा डेयरी निवासी शाहरुख खान (22) के रूप में हुई है, जो उबर ड्राइवर के रूप में काम करता था। वह सवारी लेकर कैमला गांव गया था और उसके बाद से लापता था। परिजनों ने हत्या और लूट की आशंका जताई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शाहरुख खान दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में रहता था और उबर के माध्यम से गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई शौकीन खान ने बताया कि 23 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 04 मिनट पर शाहरुख ने उबर राइड लेकर करनाल के पास कैमला गांव के लिए प्रस्थान किया था। उबर ऐप के अनुसार, राइड 3 बजकर 06 मिनट पर पूरी हो गई थी। इसके बाद शाहरुख का मोबाइल फोन बंद हो गया और उसने किसी का कॉल रिसीव नहीं किया। शाहरुख सफेद रंग की अर्टिगा कार चला रहा था, जो अरबाज खान पुत्र जाबिर निवासी भलस्वा डेयरी दिल्ली की थी। लोकेशन घरौंडा के पास बंद हुई अरबाज खान ने जब शाहरुख से संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। उन्होंने मोबाइल ऐप से लोकेशन ट्रेस की, जो पहले कैमला गांव, फिर स्टौण्डी के पास नहर किनारे, उसके बाद करनाल और अंत में घरौंडा के पास दिखी। घरौंडा के पास मोबाइल की लोकेशन अचानक बंद हो गई। परिजनों ने कई बार कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। देर शाम तक कोई जानकारी न मिलने पर परिवार दिल्ली लौट गया। अगली सुबह झाड़ियों में मिला शव 24 फरवरी की सुबह शौकीन खान अपने परिजनों के साथ दोबारा करनाल पहुंचे। पहले कैमला गांव में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वे स्टौण्डी गांव के पास नहर किनारे खदान क्षेत्र में पहुंचे, जहां मोबाइल की आखिरी लोकेशन मिली थी। वहां झाड़ियों में एक युवक औंधे मुंह पड़ा मिला। कपड़ों से पहचान हुई कि वह शाहरुख ही था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच सूचना पर थाना सदर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। जब शव का चेहरा दिखाया गया तो परिजनों ने उसकी पहचान शाहरुख खान पुत्र हबीब खान निवासी भलस्वा डेयरी दिल्ली के रूप में की। गाड़ी और मोबाइल गायब मौके से न तो गाड़ी मिली और न ही मोबाइल फोन। परिजनों ने आशंका जताई कि अज्ञात लोगों ने गला दबाकर शाहरुख की हत्या की और उसकी गाड़ी व मोबाइल लेकर फरार हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सरकारी एम्बुलेंस से डेड हाउस करनाल भेज दिया। परिवार में मचा कोहराम शौकीन खान ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से मथुरा जिले के गांव नावली का रहने वाला है और पिछले 10-12 साल से दिल्ली में रह रहा है। चार भाइयों में शाहरुख सबसे छोटा था। वह अपने माता-पिता के साथ भलस्वा डेयरी में किराए पर रहता था और ड्राइवर का काम करता था। हत्या और लूट का केस दर्ज शौकीन खान की शिकायत पर थाना सदर करनाल में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और लूट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उबर राइड डिटेल, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। गाड़ी और मोबाइल की तलाश के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
आरा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक डॉक्टर से 19 लाख की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड उपेंद्र सिंह को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसपी राज के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई की है। आरोपी मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला है। फिलहाल दिल्ली के मॉडल टाउन थाना क्षेत्र के विजयनगर मोहल्ले में रह रहा था। उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद हुआ है। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि यह वही गिरोह है, जिसने आरा सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर डॉ. राम निवास को फर्जी एटीएस अधिकारी बनकर फोन किया था। उन्हें गिरफ्तारी वारंट का भय दिखाकर 19 लाख रुपए ठग लिए थे। इस मामले में इससे पहले 25 अक्टूबर 2025 को इसी गिरोह के दो अन्य सदस्य दिल्ली के आजादपुर लालबाग निवासी दलीप कुमार और आदर्श नगर के राणा प्रताप रोड निवासी जिशान खान की गिरफ्तारी हुई था। दोनों ने पूछताछ में उपेंद्र सिंह का नाम मुख्य सरगना के रूप में उजागर किया था। बैंक के डिप्टी मैनेजर की संलिप्तता जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य कमीशन के आधार पर अपने खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे और बाद में बैंक से निकाल लेते थे। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी रकम निकालते हुए देखे गए थे। इस पूरे नेटवर्क में एक बैंक के डिप्टी मैनेजर अविनाश की संलिप्तता भी सामने आई, जो कथित रूप से पैसे लेकर फर्जी खाते खुलवाने में मदद करता था। ठगी का एहसास होने पर मामला दर्ज कराया 26 जून 2025 को डॉक्टर राम निवास को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि एक अपराधी के पास से उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मिला है। पुणे की अदालत से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। डर से डॉक्टर ने खाते में 19 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने एक जुलाई 2025 को साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोपियों के खाते में 7-7 लाख भेजे गए तकनीकी जांच में पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम पहले महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नीतिन नरेंद्र के खाते में भेजी गई, फिर वहां से सात-सात लाख रुपए दिल्ली के आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी स्नेह सेतू के साथ इंस्पेक्टर राकेश रंजन, दरोगा गांधी नाथ पाठक और स्वाती कुमारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

