उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के मेजर अपग्रेडेशन कार्य के कारण 15 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा। इस अवधि में प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके चलते कुल 10 ट्रेनें दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। इससे राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन के कारण बदली व्यवस्था उत्तर रेलवे के अनुसार दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के उन्नयन कार्य के लिए 15 जुलाई से 13 अक्टूबर 2026 तक ब्लॉक रहेगा। इसी वजह से कई ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर अस्थायी रूप से ठहराव समाप्त कर दिया गया है। इन ट्रेनों का नहीं होगा दिल्ली कैंट पर ठहराव 09609 उदयपुर सिटी–योगनगरी ऋषिकेश साप्ताहिक स्पेशल (15 जुलाई से) 09611 अजमेर–योगनगरी ऋषिकेश स्पेशल (16 जुलाई से) 20474 उदयपुर सिटी–दिल्ली सराय रेलसेवा (15 जुलाई से) 12915 साबरमती–दिल्ली रेलसेवा (15 जुलाई से) 09523 ओखा–शकूरबस्ती स्पेशल (15 जुलाई से) 09257 भावनगर–शकूरबस्ती स्पेशल (18 जुलाई से) 12216 बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रेलसेवा (15 जुलाई से) 09425 साबरमती–हरिद्वार स्पेशल (21 जुलाई से) 14312 बरेली–भुज रेलसेवा (15 जुलाई से) 14322 भुज–बरेली रेलसेवा (17 जुलाई से) इन सभी ट्रेनों का दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव 13 अक्टूबर 2026 तक नहीं होगा। यात्रियों को होगी असुविधा दिल्ली कैंट स्टेशन पर उतरने या यहां से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक रेलवे स्टेशन का उपयोग करना होगा। विशेष रूप से पिंडवाड़ा, आबूरोड, उदयपुर सिटी, अजमेर, साबरमती, ओखा, भावनगर, बांद्रा टर्मिनस और भुज रूट के यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी।
नई दिल्ली: यमुना नदी में नहाते वक्त डूबे चार बच्चे, तीन के शव बरामद; एक की तलाश जारी
नई दिल्ली के अलीपुर इलाके के पास यमुना नदी में नहाते समय डूबने वाले चार बच्चों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जिससे बरामद शवों की कुल संख्या तीन हो गई है, जबकि आखिरी बच्चे की तलाश जारी है।
देश की राजधानी दिल्ली स्थित 'भारत मंडपम' में इन दिनों झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हुनर का संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ झारखंड पवेलियन का भव्य उद्घाटन किया गया है, जो राज्य के कारीगरों और बुनकरों के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। उद्घाटन के अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस मंच का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक बुनकरों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है। राज्य की हस्तकला को नई पहचान दिलाने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।बुनकरों को मिलेगा सीधा बाजार, बढ़ेगा रोजगारझारखंड के हथकरघा और हस्तशिल्प की मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है। इस अवसर पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के बुनकरों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कराना है। 'भारत मंडपम' जैसे प्रतिष्ठित मंच पर झारखंड पवेलियन के माध्यम से कारीगर अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों और खरीदारों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगे। इससे न केवल उत्पादों को उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि राज्य में हस्तशिल्प से जुड़े रोजगार के अवसरों में भी भारी वृद्धि होगी।क्यों खास है झारखंड पवेलियन?इस पवेलियन में झारखंड की 'सोहराई-खोवर' पेंटिंग से लेकर पारंपरिक सिल्क और हथकरघा उत्पादों का अद्भुत संग्रह देखने को मिल रहा है। यह पवेलियन केवल एक प्रदर्शन केंद्र नहीं, बल्कि राज्य के कारीगरों के लिए व्यापार का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। स्थानीय स्तर (Geographical) पर जो बुनकर अब तक गुमनामी में काम कर रहे थे, उन्हें अब अपनी कला को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का मौका मिला है। मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में हम अपने कारीगरों को ई-कॉमर्स और आधुनिक मार्केटिंग से भी जोड़ने की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं।आधुनिक दौर में कला का डिजिटलीकरण (AI & Generative Search)आज के डिजिटल युग में जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए उत्पादों की मार्केटिंग का तरीका पूरी तरह बदल गया है। झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि 'भारत मंडपम' जैसे मंचों के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यमों से भी राज्य के उत्पादों को 'ग्लोबल ब्रांड' बनाया जाए। एआई और डेटा विश्लेषण के माध्यम से अब यह पहचाना जा सकेगा कि किन उत्पादों की मांग वैश्विक बाजार में सबसे अधिक है, ताकि उसी दिशा में बुनकरों को प्रशिक्षित किया जा सके।उम्मीदों का नया दौरझारखंड पवेलियन का उद्घाटन राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि नई पीढ़ी के युवाओं को भी अपनी पारंपरिक कला के साथ जुड़कर स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित करेगा। उद्घाटन के बाद से ही पवेलियन में लोगों की भीड़ उमड़ रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि झारखंड की कला को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है। यह मंच आने वाले समय में झारखंड के बुनकरों के लिए 'सपनों की उड़ान' साबित होने वाला है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को बहुत जरूरी माना। केंद्र और दिल्ली सरकार से गुरुवार सुबह तक जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह सुनवाई एक जनहित याचिका पर की। इसमें वांगचुक को तुरंत मेडिकल सुविधा और इलाज देने की मांग की गई है। वांगचुक NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी हालत लगातार गिरती जा रही है। 8:50 किग्रा तक वजन गिर गया है। वांगचुक की भूख हड़ताल की 3 तस्वीरें… याचिका में इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने की मांग CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक भी उनके आंदोलन में शामिल हैं। CJP चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने के बाद बनी थी। थरूर ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर लिखा- सोनम वांगचुक जी से मेरी भावनात्मक अपील है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। आपने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है और किसी भी अनशन का यही उद्देश्य होता है। देश को आगे की लंबी लड़ाई के लिए आपकी आवाज की जरूरत है। सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा है। हमें लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर छात्रों के मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। इन समस्याओं का समाधान संसद में होना चाहिए, न कि किसी की जान जोखिम में डालने वाले अनशन से। कृपया मेरी अपील स्वीकार करें। लद्दाख को राज्य की मांग को लेकर वांगचुक 170 दिन जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। इरोम शर्मिला करीब 16 साल भूख हड़ताल पर रहीं वांगचुक को भूख हड़ताल करते हुए 18 दिन हो गए हैं। महात्मा गांधी से लेकर जीडी अग्रवाल तक कई नेता-सामाजिक कार्यकर्ता अलग-अलग मांगों को लेकर भूख हड़ताल करते रहे हैं। इरोम शर्मिला मणिपुर से AFSPA हटाने की मांग को लेकर 16 साल भूख हड़ताल पर रहीं। 3 हफ्ते से ज्यादा भूखा रहने पर दूसरे बॉडी पार्ट्स पर असर ------------------------------------ ये खबरें भी पढ़ें… वांगचुक 17 दिन से अनशन पर, 8.5kg वजन घटा, उद्धव-महुआ और अखिलेश की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 17 दिन हो चुके हैं। उनका वजन 8.5kg कम हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, एक्टर नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, राइटर अरुंधति रॉय समेत कई प्रमुख हस्तियों ने सोनम से अनशन खत्म करने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें… कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े, जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई, 500 सीसीटीवी खंगालने के बाद दो हत्यारोपी गिरफ्तार
द्वारका डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ और द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने द्वारका नॉर्थ पुलिस थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। दिल्ली सचिवालय में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पुराने कपड़ों के दान और उनके पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए एक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस बेहद खास ओल्ड क्लोथ्स डोनेशन प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए दिल्ली सरकार, DLWO, दिल्ली मेट्रो (DMRC), SULM, ReSpun और क्लोथ्स बॉक्स फाउंडेशन ने एक साथ हाथ मिलाया है। 10 मेट्रो स्टेशनों पर खुलेंगे अर्पण दान केंद्र योजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि जल्द ही पहले चरण के तहत दिल्ली मेट्रो के 10 प्रमुख स्टेशनों पर अर्पण दान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर दिल्ली के आम नागरिक अपने घरों में बेकार- पुराने कपड़ों को आसानी से दान कर सकेंगे। मेट्रो स्टेशनों पर इन केंद्रों के खुलने से लोगों के लिए दान करना बेहद सुगम हो जाएगा। सीएम ने कहा कि, यह पहल न केवल हमारी दिल्ली को साफ रखने में मदद करेगी, बल्कि उन पुराने कपड़ों को भी एक नया जीवन देगी जो अमूमन कूड़े के ढेरों में फेंक दिए जाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर इस परियोजना का उद्देश्य केवल कपड़ों को इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि उनका सही और रचनात्मक इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। इस योजना के कई दूरगामी फायदे होंगे: कचरे में कमी: दान किए गए कपड़ों को आधुनिक तकनीकों से Recycle (पुनर्चक्रण) और Upcycle (अपसाइकिल) किया जाएगा, जिससे लैंडफिल (कूड़े के पहाड़ों) पर कपड़ों का बोझ कम होगा। पर्यावरण की सुरक्षा: टेक्सटाइल वेस्ट (कपड़ा कचरा) पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस प्रोजेक्ट से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। महिलाओं को रोजगार: रिसाइकल और अपसाइकिलिंग की इस पूरी प्रक्रिया से दिल्ली की महिलाओं के लिए आजीविका के नए साधन और रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और दिल्ली-एनसीआर से सटे औद्योगिक शहर अलीगढ़ के बुनियादी ढांचे को एक नई और आधुनिक रफ्तार मिलने जा रही है। अलीगढ़ में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने और अंतरराज्यीय यात्रियों को सुगम मार्ग देने के लिए केंद्र सरकार ने 33.38 किलोमीटर लंबे एक विशाल और आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड (Aligarh Ring Road) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह महत्वाकांक्षी रिंग रोड अलीगढ़ जिले की कोल और गभाना तहसील के कुल 37 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा, जिससे दिल्ली, आगरा, मथुरा और कानपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को शहर की भारी भीड़ में घुसने की जरूरत बिल्कुल नहीं होगी।पला सल्लू से हरदुआगंज तक बनेगा चक्रव्यूह: जानिए क्या है रूट मैपप्रस्तावित अलीगढ़ रिंग रोड का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि यह पूरे शहर को बाहरी छोर से जोड़ते हुए एक सुरक्षा घेरा प्रदान करेगा। इस ग्रीनफील्ड हाईवे की शुरुआत गभाना तहसील के जीटी रोड स्थित पला सल्लू क्षेत्र से होगी। इसके बाद यह विभिन्न ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के बाहरी छोर को कवर करते हुए कोल तहसील के हरदुआगंज में आकर समाप्त होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक शेषनाथ यादव के अनुसार, इस फोर/सिक्स लेन (4/6 Lane) हाईवे का प्राथमिक लक्ष्य उन भारी कमर्शियल ट्रकों और बाहरी यात्री वाहनों को एक तीव्र और वैकल्पिक मार्ग देना है जो वर्तमान में शहर के व्यस्त चौराहों से गुजरने को मजबूर हैं।दिल्ली-कानपुर के बीच बचेगा समय और ईंधन: बाईपास की कमी होगी पूरीवर्तमान में दिल्ली, आगरा, एटा, कानपुर और लखनऊ की ओर से आने वाले हजारों भारी वाहन अलीगढ़ शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों के बीच से होकर निकलते हैं, जिससे चौबीसों घंटे भीषण जाम और वायु प्रदूषण की स्थिति बनी रहती है। यद्यपि वर्तमान में भांकरी से बौनेर तक एक बाईपास चालू है, लेकिन वह महज एक हाफ मिनी रोड के रूप में ही काम कर पाता है। नया 33 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बन जाने के बाद दिल्ली की ओर से आने वाले किसी भी वाहन को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे सीधे हाईवे के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगे, जिससे दिल्ली से आगरा और कानपुर के बीच यात्रा के समय (Travel Time) में भारी कटौती होगी और ईंधन की भी बचत होगी।इन 37 गांवों की जमीनों पर बनेगा अलीगढ़ रिंग रोडकेंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3 के तहत जिन गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनमें गभाना और कोल तहसील के प्रमुख राजस्व क्षेत्र शामिल हैं। प्रभावित गांवों की आधिकारिक सूची इस प्रकार है:पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, कोइल, सांगौर, गिरधरपुर, खेडिया हैवत खां, कलुआ, दाउदपुर कोटा, सुम्मेरपुर, समस्तपुर कोटा, अमरौली, कस्तरी वैश्य, पला मजरा कस्तरी वैश्य, चन्दोखा, छेरत सुडियाल, साथा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किढ़ारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेन्द्रगढ़ी, आजमाबाद माछुआ, सिकन्दरपुर माछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जलूपुर सिहोर, बरौठा और हरदुआगंज।प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री और बैनामे पर प्रशासन ने लगाई रोकजैसे ही मंत्रालय के निदेशक शेख अमीन खान द्वारा भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की अधिसूचना जारी की गई, जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अतुल गुप्ता ने बताया कि कोल और गभाना तहसील के सभी संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार और एआईजी स्टांप को सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब इन प्रभावित 37 गांवों में किसी भी प्रकार के भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU), जमीन की रजिस्ट्री, बैनामा, दाखिल-खारिज (नामांतरण), नया कॉलोनी डेवलपमेंट या जमीन को बैंक में बंधक रखने जैसी राजस्व गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में भू-राजस्व कार्य करने से पहले एनएचएआई (NHAI) की लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके और किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद से बचा जा सके।
घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में सोने की आसमानी रफ्तार पर बुधवार 15 जुलाई 2026 को मामूली ब्रेक लगा है। पिछले कारोबारी सत्र में आई बड़ी तेजी के बाद आज देश के प्रमुख आभूषण बाजारों में सोने के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव मामूली रूप से ₹64 कम होकर ₹1,41,640 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। वहीं, गहने बनाने के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने का रेट ₹1,29,748 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जिससे शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली है।दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के सर्राफा बाजारों का हालदेश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,647 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोने का दाम ₹1,29,740 प्रति 10 ग्राम पर खुला। कल दिल्ली में सोना ₹177 की मजबूती के साथ ₹1,42,280 पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बुलियन मार्केट में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹61 की नरमी के साथ ₹1,41,810 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,29,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में सोने के ताजा दामभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों और परिवहन लागत के अंतर के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोने की कीमतें बाकी राज्यों से थोड़ी ऊंची चल रही हैं। लखनऊ में आज 24 कैरेट सोना ₹67 टूटकर ₹1,42,740 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट का भाव ₹1,30,075 है। बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट सोना ₹55 सस्ता होकर ₹1,41,730 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मध्य प्रदेश के बाजारों में भी 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,610 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का लेटेस्ट गोल्ड रेटपश्चिमी और उत्तरी भारत के प्रमुख राज्यों में भी आज सर्राफा बाजार में लगभग समान रुझान देखने को मिला। राजस्थान के जयपुर में आज 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,41,820 रहा। वहीं, पंजाब और हरियाणा के आभूषण बाजारों में आज सोने की कीमतों में एक जैसी स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों के सर्राफा केंद्रों पर 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,640 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,740 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड करता दिखा।जानिए 15 जुलाई को सोने की कीमतों में क्यों आया यह उतार-चढ़ाववैश्विक कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में आए इस हालिया बदलाव के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं:1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक महंगाईअमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़े आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम लगातार तीसरे दिन बढ़े हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता को फिर से हवा दे दी है, जिससे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।2. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकटअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का अपना फैसला तो वापस ले लिया है, लेकिन ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी कड़ाई से जारी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान बातचीत के लिए मेज पर नहीं आता, तो अगले सप्ताह उसके बिजलीघरों पर हमले किए जा सकते हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख और निवेशकों का बदलता रुझानयदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो वैश्विक स्तर पर मंदी और महंगाई का दबाव बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है। चूंकि सोने पर निवेशकों को कोई सीधा ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है और लोग बांड मार्केट की तरफ रुख करने लगते हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा सकता है।
घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में चांदी की खरीदारी करने वालों या कीमती धातुओं में निवेश की योजना बनाने वालों के लिए बुधवार 15 जुलाई 2026 का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजारों में चांदी के दाम में ₹1,062 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मंदड़िया रुख के बाद राष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव फिसलकर ₹2,22,498 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि बीते कारोबारी सत्र में चांदी ₹5,508 की भारी बढ़त के साथ ₹2,23,560 पर बंद हुई थी।दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार में चांदी का ताजा भावदेश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख बुलियन मार्केट में आज 1 किलोग्राम चांदी का आधिकारिक रेट ₹2,22,498 दर्ज किया गया है। दिल्ली में आई इस ₹1,062 की कमी के बाद स्थानीय रिटेल ज्वैलरी मार्केट में अब 10 ग्राम चांदी का फुटकर रेट ₹2,224 और 100 ग्राम चांदी का भाव ₹22,249 के स्तर पर आ गया है। इसके विपरीत, मुंबई के सर्राफा बाजार में आज प्रति किलो चांदी का भाव ₹2,22,350 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार में चांदी के दामों में बड़ा उलटफेरभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों में चांदी की कीमत ₹2,24,300 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, जहां आज ₹1,048 की नरमी देखी गई। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में चांदी के शौकीनों को सबसे बड़ा फायदा मिला है, क्योंकि यहाँ सिल्वर का भाव ₹1,506 प्रति किलो की भारी कटौती के साथ ₹2,22,054 पर बंद हुआ।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों के रेट कार्डपश्चिमी भारत के सबसे बड़े आभूषण केंद्रों में से एक, राजस्थान के जयपुर शहर में चांदी का भाव ₹1,451 प्रति किलोग्राम कम होकर ₹2,22,109 के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के सर्राफा बाजारों में आज चांदी की कीमतों में समान रूप से स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,22,376 पर खुला।वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेड की नीतियों के कारण क्यों टूटी चांदी?कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट का सीधा संबंध अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर सख्त चेतावनी और पश्चिम एशिया में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो दुनिया भर में महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा रहेगा। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रख सकता है, जिसके कारण निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बांड मार्केट में लगा रहे हैं और इसी वजह से चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
पंजाब कांग्रेस में जारी सियासी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल को मंगलवार को दिल्ली बुलाया गया है। पार्टी हाईकमान पंजाब में चल रहे विवाद पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेगा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अपनी नाराजगी रख सकते हैं। ऐसे में पंजाब में जारी गुटबाजी और संगठनात्मक विवाद पर आज अहम फैसला होने की संभावना है। भूपेश बघेल पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डालकर पंजाब कांग्रेस के नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। उनका प्रयास अलग-अलग गुटों को एक मंच पर लाकर विवाद खत्म करने का है, लेकिन अब तक पूरी सहमति नहीं बन सकी है। चन्नी ने मुलाकात से पहले रखी थीं शर्तें सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी ने भूपेश बघेल से मुलाकात से पहले दो शर्तें रखी थीं। पहली, बैठक कांग्रेस भवन में नहीं होगी और दूसरी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे। चन्नी की ओर से दो प्रतिनिधियों के जरिए बातचीत की पेशकश भी की गई थी। बताया जा रहा है कि चन्नी सीधे राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं। ऐसे में दिल्ली की बैठक में वे पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और प्रदेश प्रभारी के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रख सकते हैं। बघेल सभी गुटों को साथ लाने में जुटे पंजाब दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। वहीं, उन्होंने साफ कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। इधर, चन्नी खेमे के नेताओं से भी संपर्क बनाए रखने की कोशिश जारी है। चन्नी गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक भी हाल ही में भूपेश बघेल के डिनर कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसे दोनों पक्षों के बीच संवाद की कोशिश के तौर पर देखा गया। हाईकमान की नजर पंजाब पर पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से संगठनात्मक खींचतान जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आज दिल्ली में होने वाली बैठक को पंजाब कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। क्यों अहम है आज की बैठक?
हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 15 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलावों के आधार पर ये दरें रोजाना तय की जाती हैं।चूंकि अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स की दरें भिन्न होती हैं, इसलिए हर शहर में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं। आइए जानते हैं आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल किस भाव पर बिक रहा है।देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल भाव (15 जुलाई 2026)शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.18₹97.83कोलकाता₹113.47₹99.82चेन्नई₹107.77₹99.55हैदराबाद₹115.69₹103.82तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40कोलकाता₹113.47₹99.82पटना₹113.35₹99.36जयपुर₹112.66₹97.78बेंगलुरु₹110.93₹98.80भुवनेश्वर₹109.92₹100.92नोएडा₹102.12₹95.56गुरुग्राम₹102.77₹95.44लखनऊ₹102.05₹95.55चंडीगढ़₹98.10₹86.09आखिर किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। रिटेल आउटलेट तक आते-आते पेट्रोल-डीजल की कीमतें मुख्य रूप से 5 कारकों पर निर्भर करती हैं:अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत जैसे ही ऊपर या नीचे जाती है, भारतीय रिफाइनरियों की लागत भी उसी अनुपात में बदलती है।डॉलर बनाम रुपया: चूंकि कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती या कमजोरी सीधे ईंधन के आयात बिल को प्रभावित करती है।सरकारी टैक्स (Excise Duty & VAT): खुदरा मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के वैट (VAT) के रूप में जाता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है।रिफाइनिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत: कच्चे तेल को रिफाइनरी में लाकर पेट्रोल-डीजल में बदलने की प्रक्रिया और फिर उसे देश के कोने-कोने में स्थित पंपों तक पहुंचाने का परिवहन खर्च भी इसमें शामिल होता है।मांग और आपूर्ति: त्योहारों, कृषि सीजन या मौसम में बदलाव के कारण जब देश में ईंधन की खपत (Demand) अचानक बढ़ जाती है, तो कीमतें भी प्रभावित होती हैं।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर के रेटबिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल से तुरंत पेट्रोल-डीजल के दाम जानने के लिए आप इन नंबरों पर मैसेज भेज सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।BPCL: अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर SMS करें।HPCL: अपने मोबाइल से HP Price शहर का कोड लिखकर 9222011222 पर सेंड करें।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। सिंडिकेट से जुड़े कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंप दिया है। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) विजय शंकर ने गर्ग को रायपुर लाकर स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी है। ED की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है। आज (बुधवार) उसे रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। कस्टोडियल रिमांड की मांग की जाएगी। ED अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। बता दें कि पिछले दिनों ED ने विकास गर्ग की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की थी। 6 दिन पहले ही महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट हुआ था। उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार ED ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल नेटवर्क' के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हो रही थी। शेल कंपनियों के जरिए की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई ED ने बताया कि इस मामले में इससे पहले 7 बार संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं, एजेंसी रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल कर चुकी है। अदालत धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में संज्ञान भी ले चुकी है। अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति अटैच इस कार्रवाई से पहले ईडी इस मामले में करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ED का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। ……………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… महादेव ऐप का संचालक सौरभ चंद्राकर ओमान में अरेस्ट: फर्जी पासपोर्ट से पहुंचने का आरोप; 7 साल से फरार, अब भारत लाने की तैयारी चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई-सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। बता दें कि सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। वह करीब 5000 करोड़ रुपये के बेटिंग घोटाले का आरोपी है और 2019 से फरार है। पढ़िए पूरी खबर
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में आज प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में बुधवार को कुरुक्षेत्र जिले में किसान संगठन सड़कों पर उतरेंगे। देश बचाओ मोर्चा के बैनर तले भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) गुट, भाकियू शहीद भगत सिंह गुट, भाकियू पिहोवा समेत कई किसान संगठन संयुक्त रूप से मोटरसाइकिल रोष मार्च निकालेंगे। किसान सुबह 10 बजे से तय जगह पर इकट्ठा होंगे। इसके बाद जिला सचिवालय और SDM कार्यालय तक बाइक रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित ट्रेड डील का सीधा असर कृषि क्षेत्र और किसानों की आय पर पड़ेगा। इस तरह के समझौतों से किसानों के हित प्रभावित होंगे। थीम पार्क और पिपली में जुटेंगे किसान जिलेभर से किसान सुबह थीम पार्क और पिपली अनाज मंडी में पहुंचेंगे। फिर सभी संगठन संयुक्त रूप से जिला सचिवालय तक रोष मार्च निकालेंगे। सचिवालय पहुंचकर DC के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं पिहोवा में भाकियू के कार्यकर्ता पुरानी अनाज मंडी में एकत्रित होंगे। दावा- ट्रेड डील से होगा नुकसान यहां से SDM कार्यालय तक मोटरसाइकिल मार्च निकाला जाएगा। प्रदर्शन के बाद SDM पिहोवा को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इन संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित ट्रेड डील लागू होने पर कृषि पर उल्टा असर पड़ेगा। इससे किसानों की उपज, बाजार व्यवस्था और आय प्रभावित होगी। आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि संगठन किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर वे पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ी तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। 21 जुलाई को दिल्ली कूच करेंगे।
ममता बनर्जी ने दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन को दिया समर्थन, सोनम वांगचुक से की बात
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अपना समर्थन दिया और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हालचाल जानने के लिए उनसे फोन पर बात की
वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे जघन्य और चर्चित मामलों में शामिल खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपितों को दोषी ठहराया जा चुका है। इस बड़े फैसले के पीछे दिल्ली पुलिस की लंबी, सुनियोजित और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच की सबसे अहम भूमिका रही। कोविड-19 महामारी के खौफ, घटनास्थल पर खराब सीसीटीवी फुटेज और डरे-सहमे गवाहों जैसी असाधारण चुनौतियों के बावजूद जांच टीम ने ऐसे अचूक सबूत जुटाए, जिसने अदालत में अभियोजन के पक्ष को लोहे की तरह मजबूत कर दिया।महामारी और खौफ के बीच गवाहों को सुरक्षित लाना था बड़ी चुनौतीइस बेहद संवेदनशील मामले के जांच अधिकारी अमलेश्वर राय के अनुसार, यह दंगा उस दौर में हुआ था जब पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में आ रहा था। पुलिस के सामने एक तरफ कानून-व्यवस्था बहाल करने की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ महामारी के बीच जांच की रफ्तार बनाए रखना बेहद कठिन था। सबसे बड़ी समस्या उन प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को ढूंढना और उनका भरोसा जीतना था, जो उसी दंगा प्रभावित इलाके में रहते थे और जिनका रोजगार भी वहीं से जुड़ा था। ताहिर हुसैन जैसे रसूखदार नाम के सामने भय और सामाजिक दबाव के माहौल में गवाहों का अदालत तक सहयोग सुनिश्चित करना पुलिस के लिए सबसे टेढ़ी खीर साबित हुआ।खराब सीसीटीवी फुटेज के बाद पुलिस ने बुना तकनीकी साक्ष्यों का जालजांच के दौरान टीम को एक और तगड़ा झटका तब लगा जब पता चला कि घटनास्थल के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज या तो उपलब्ध नहीं थी या दंगाइयों द्वारा खराब कर दी गई थी। ऐसे में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने हार नहीं मानी। पुलिस ने अत्याधुनिक फोरेंसिक टूल्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), प्रत्यक्षदर्शियों के गोपनीय बयानों और दंगों के दौरान आम लोगों द्वारा बनाए गए अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की एक-एक कड़ी तैयार की।वायरल वीडियो से खुला राज: खजूरी नाले से जुड़े सभी 11 आरोपितपुलिस की इस मुस्तैद जांच को सबसे बड़ी और निर्णायक सफलता उस वायरल वीडियो से मिली, जिसमें अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के बाद उनके शव को खजूरी नाले में फेंकने का खौफनाक दृश्य कैद था। पुलिस ने इस वीडियो की गहन डिजिटल पड़ताल की और इसे सोशल मीडिया पर सबसे पहले प्रसारित करने वाले तथा वीडियो में दिख रहे संदिग्धों की पहचान की। इन पुख्ता कड़ियों के आधार पर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता ताहिर हुसैन सहित सभी 11 आरोपितों तक अपनी पहुंच बनाई और उन्हें एक-एक कर सलाखों के पीछे भेजा।648 पन्नों की चार्जशीट और 6 पूरक दस्तावेजों ने तय की दोषियों की सजाअदालती कार्यवाही को मुकाम तक पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने 2 जून 2020 को अदालत में 648 पन्नों की एक बेहद विस्तृत और अचूक चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद जैसे-जैसे वैज्ञानिक जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने 6 सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट भी कोर्ट के सामने पेश कीं। इन पूरक दस्तावेजों में नए फोरेंसिक साक्ष्य, गवाहों के धारा 164 के तहत दर्ज बयान और अन्य पुख्ता सामग्री शामिल थी। इसी वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित तफ्तीश का नतीजा है कि अदालत ने दोषियों को कड़ा सबक सिखाया, जो यह साबित करता है कि पेशेवर जांच के सामने बड़े से बड़ा अपराधी भी बच नहीं सकता।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कार पलटने से महिला की मौत, दो घायल
अलवर। राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार को एक कार पलटने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी एक परिवार मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन करके दिल्ली लौट रहा था। इसी दौरान हादरहेड़ा-रोनपुर के बीच उनकी कार अचानक बेकाबू होकर पलट गई। इससे […] The post दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कार पलटने से महिला की मौत, दो घायल appeared first on Sabguru News .
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) विजय शंकर ने ईडी को गर्ग को रायपुर लाकर स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी है। ईडी की टीम विकास गर्ग को रायपुर लेकर आ रही है। संभावना है कि बुधवार को उन्हें रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। ईडी अब विकास गर्ग से महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ करेगी। मामले में आगे की जांच जारी है। बता दें कि पिछले दिनों ईडी ने विकास गर्ग की 940 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की थी। हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित 'पैनल नेटवर्क' के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हो रही थी। शेल कंपनियों के जरिए किया गया मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ईडी को पता चला कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को कैश के बदले फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। एजेंसी के मुताबिक, अपराध से कमाए गए करीब 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में पहुंचाए गए। बाद में इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई ईडी ने बताया कि इस मामले में इससे पहले 7 बार संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं, एजेंसी रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल कर चुकी है। अदालत धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में संज्ञान भी ले चुकी है। अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति अटैच इस कार्रवाई से पहले ईडी इस मामले में करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी थी। महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज बेटिंग मामले में कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ईडी का कहना है कि मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। ……………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी मुंबई से अरेस्ट:महादेव ऐप की तर्ज पर कराई बेटिंग, रिश्तेदार ऑपरेट कर रहे थे रायपुर का इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया। 17 अप्रैल को खेमानी को फ्लाइट से रायपुर लाया गया है। इसके साथ ही 6 और आरोपी भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से BMW समेत 60 लाख का सामान जब्त हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
दौसा कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर डॉ. सौम्या झा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे सहित जिले के नेशनल एवं स्टेट हाइवे पर सड़क सुरक्षा, हादसों की रोकथाम, यातायात प्रबंधन और आवश्यक सुधारों की डिटेल समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के संबंध में तैयार की जा रही ऑडिट रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को समय पर स्पष्ट एवं पर्याप्त दिशा-निर्देश मिलना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जयपुर सहित विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए दाएं एवं बाएं मुड़ने के संकेतक निर्धारित दूरी पर लगाए जाएं, ताकि ड्राइवर भ्रमित न हों। कलेक्टर ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर ऐसे पर्याप्त साइनेज बोर्ड एवं चेतावनी संकेत लगाए जाएं, जिनसे वाहन चालक सड़क पर वाहन रोकने, गलत लेन में चलने अथवा सड़क पर पार्किंग जैसी गलतियों से बच सकें। उन्होंने चिह्नित स्थानों पर सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। ट्रक ड्राइवरों के लिए वाजिब दर पर खाने एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ऑफिस में देनी होगी रिपोर्टउन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को उपयुक्त स्थानों पर साइनेज बोर्ड लगाने, खराब कैमरों एवं डिस्प्ले बोर्डों को दुरुस्त कराने और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑटोमेटिक चालान की मासिक रिपोर्ट नियमित रूप से कलेक्टर ऑफिस को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने गलत लेन में वाहन चलाने एवं हाईवे पर अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और संबंधित चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित कर हाईवे के आसपास संचालित अवैध ढाबों एवं शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। एसडीएम करेंगे क्रॉस वेरिफिकेशनबैठक में जयपुर-आगरा हाईवे पर सड़क सुरक्षा के लिए चिन्हित बिंदुओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन कार्यों का संबंधित एसडीएम से क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जिले के सभी अस्पतालों में पीएम-राहत पोर्टल सक्रिय रखने, एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा दौसा शहर की विभिन्न सड़कों पर बने अनाधिकृत कट एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाने को भी कहा। 31 जुलाई तक दुरुस्त करेंगे व्यस्थाएंबैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर खराब कैमरों एवं डिस्प्ले बोर्डों को ठीक कराने का कार्य 31 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। इमरजेंसी सहायता के लिए 1033 हेल्पलाइन के डिस्प्ले बोर्ड विभिन्न स्थानों पर लगाए जा चुके हैं। सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए साइनेज बोर्ड, स्पीड़ नियंत्रण तथा अन्य आवश्यक सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं। बैठक में एसपी पीयूष दीक्षित, एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा, आरटीओ जगदीश अमरावत, डीटीओ संजीव भारद्वाज, एनआईसी प्रभारी वीके शर्मा, एनएचएआई व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सहरसा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त कार्रवाई में 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। यह गांजा नई दिल्ली जा रही ट्रेन से जब्त किया गया। मामले में हरियाणा निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 7.50 लाख रुपये बताई जा रही है। गुप्त सूचना पर चलाया गया अभियान आरपीएफ पोस्ट सहरसा के निरीक्षक धनंजय कुमार को मंगलवार को सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 04071 के एक कोच में जितेंद्र नामक व्यक्ति सुपौल से नई दिल्ली की ओर मादक पदार्थ लेकर यात्रा कर रहा है। सूचना के आधार पर आरपीएफ ने जीआरपी सहरसा के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया और प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर खड़ी ट्रेन की तलाशी शुरू की। टीटीई की जानकारी से यात्री तक पहुंची टीम तलाशी के दौरान शुरुआती जांच में संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद टीम ने ऑन ड्यूटी टीटीई से यात्रियों की जानकारी ली। टीटीई ने बताया कि जितेंद्र नाम का यात्री कोच बी-2 की सीट संख्या 58 पर सुपौल से बनारस तक का आरक्षित टिकट लेकर सफर कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम उक्त सीट पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति चादर ओढ़कर सोया मिला। पूछताछ में खोला गांजा रखने का राज पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम जितेंद्र बताया, लेकिन अपने सामान के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसके ट्रॉली बैग, पिट्ठू बैग और हैंडबैग में गांजा रखा हुआ है। ट्रेन के प्रस्थान समय को देखते हुए आरोपी और उसके तीनों बैग को वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ आरपीएफ पोस्ट लाया गया। दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई जांच दंडाधिकारी ललन कुमार चौधरी (मार्केटिंग ऑफिसर, सत्तरकटैया) की मौजूदगी में बैगों की तलाशी ली गई। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर कुल 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र (39 वर्ष), पिता सुरेश कुमार, निवासी लक्ष्मीनगर, थाना एवं जिला भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला जीआरपी सहरसा ने आरोपी के खिलाफ रेल थाना कांड संख्या 30/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(b)(ii)(B) में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच अवर निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपी गई है। गांजे की खेप कहां से आई, जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच जारी है।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा मौत मामले में कमेटी मंगलवार को दिल्ली पहुंची। वहां उन्होंने सीबीआई अधिकारियों के साथ बैठक की। कमेटी में मनीषा के पिता संजय कुमार, किसान नेता सुरेश कोथ, जिलाध्यक्ष मेवा सिंह आर्य, पूर्व सरपंच शिंभूराम और पूर्व सरपंच महावीर सिंह शामिल रहे। अधिकारियों के साथ यह मीटिंग करीब डेढ़ घंटे तक चली। मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है और 15-20 दिन में मामले का खुलासा किया जाएगा। संजय ने कहा कि अब केवल अधिकारियों से ही खुलासे की उम्मीद है। सीबीआई जल्द खुलासा कर बेटी को न्याय दे। मीटिंग में जांच और आगे का कार्रवाई पर बात हुई उन्होंने बताया कि बैठक में अधिकारियों ने मनीषा प्रकरण में अब तक की जांच, जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की, वहीं परिजनों ने भी मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं से सीबीआई अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में परिजनों ने जांच में तेजी लाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। सीबीआई अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने परिजनों को बताया कि मामले में दायर याचिका पर अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित है। इस दौरान सीबीआई अदालत में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। रिपोर्ट में अब तक की जांच की प्रगति, एकत्र किए गए साक्ष्यों, पूछताछ और आगामी जांच की रूपरेखा का विस्तृत उल्लेख किया जाएगा।
दिल्ली में अंकित शर्मा हत्याकांड और दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कोर्ट का फैसला दंगा पीड़ितों और अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीएम ने कहा ताहिर हुसैन को कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया है। उनके अनुसार, वह हिंसा भड़काने, हथियार जमा करने और अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी पाया गया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से दिल्ली और उसके नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। राजनीतिक संरक्षण पर AAP नेतृत्व को जवाब देना चाहिए- सीएम सीएम ने आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन के आम आदमी पार्टी से संबंध और उसे मिले राजनीतिक संरक्षण पर पार्टी नेतृत्व को जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह बताएंगे कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण क्यों मिला और उनकी क्या जिम्मेदारी बनती है। सीएम ने आगे कहा दिल्ली दंगों के दौरान हिंसा, पत्थरबाजी और अन्य गंभीर घटनाओं ने राजधानी को गहरा आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पीड़ित परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर बच्चों को जहर पिलाने से जुड़ी रही। मां ने 3 बच्चों के साथ जहर पी लिया। सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां बेटी की मौत हो गई। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. लाश को साइकिल पर ले गए, बारिश के बीच सड़क पर फेंका चंडीगढ़ में युवक को लाश को साइकिल पर ले जाने का CCTV फुटेज सामने आया है। जिसमें दो युवक तेज बारिश के बीच साइकिल पर लिटाकर ले जाते दिख रहे हैं, सड़क पर पानी भरा है, उसके पैर जमीन से टकराते हुए जा रहे हैं। कुछ दूरी पर जाकर दोनों उसे गिराकर वहां से फरार हो जाते हैं। जिससे उसकी लाश सड़क पर पड़ी रही। पुलिस ने नशे की ओवरडोज से युवक की मौत की बात ही है। लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर मौत नशे की ओवरडोज से हुई, तो पुलिस इसका कोई सबूत दे। उन्होंने कहा कि शव तड़के करीब 4 बजे मिला था, लेकिन पुलिस ने हमें सुबह 10 बजे इसी सूचना दी। शरीर पर भी चोट के निशान मिले हैं। CCTV फुटेज पुलिस को सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. विवादित 'भाभी चुम्मेवाली' का नया VIDEO लुधियाना में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रंजीत कौर उर्फ 'भाभी चुम्मेवाली' ने विवादों के बीच अपना नया प्रोफेशनल पंजाबी गाना रिलीज कर दिया है। वीडियो में वह लाल सलवार-सूट पहनकर काली महिंद्रा जीप के बोनट पर देसी अंदाज में नजर आती हैं। उनके साथ पति जिंदा हंस और बेटी भी डांस करते दिखाई देते हैं। पूरे वीडियो में डांस से ज्यादा कॉमिक अंदाज, अजीबोगरीब डांस स्टेप्स देखने को मिलता है। एक सीन में रंजीत कौर के पति उन्हें गोद में उठाकर गोल-गोल घुमाते हैं और मजाकिया अंदाज में ठुमके लगाते नजर आते हैं। इधर, निहंग मनप्रीत सिंह ने कहा कि एक अन्य वीडियो में भाभी चुम्मेवाली एक हाथ में राइफल व दूसरे हाथ में कुल्हाड़ी लेकर सरेआम कह रही है कि जिसने पर्चे करवाने हैं करवाए। मैं डरने वाली नहीं हूं। हालांकि यह वीडियो अब डिलीट कर दिया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 3. BJP की महिला नेता SIR पर बयान देकर फंसी पंजाब BJP की स्टेट सेक्रेटरी और दीनानगर विधानसभा प्रभारी रेणु कश्यप का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कहती सुनाई दे रही हैं कि SIR करवा लो, 20-25 हजार वोट कटवा लो और अपना MLA बना लो। इस वीडियो के सामने आने के बाद रेणु ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा। उधर, SDM ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। ये वीडियो 2 को जुलाई को दीनानगर में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन का बताया जा रहा है। वीडियो कार्यकर्ता सम्मेलन में किसी भाजपा वर्कर ने ही रिकॉर्ड किया है। इसे कांग्रेसी वर्करों की ओर से वॉट्सएप पर शेयर किया गया। दीनानगर से कांग्रेस की विधायक अरुणा चौधरी ने मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा को शिकायत दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. मां ने 3 बच्चों समेत कीटनाशक पीया, बेटी की मौत कपूरथला में महिला ने तीन बच्चों के साथ कीटनाशक दवा पी ली। उसका पति जब घर पहुंचा, तो तीनों बच्चे जमीन पर बेहोश पड़े हुए थे। जबकि, महिला उल्टियां कर रही थी और अर्ध-बेहोशी की हालत में थी। पति ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और पत्नी व तीनों बच्चों को लेकर सिविल अस्पताल कपूरथला पहुंचा, जहां इमरजेंसी वार्ड डॉक्टरों ने इलाज के दौरान 6 साल की बेटी को मृत घोषित कर दिया। जबकि, एक बेटी और बेटा व पत्नी की हालत गंभीर होने के कारण अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, यहां पर इनकी भी हालत नाजुक बताई जा रही है। फिलहाल इनका इलाज चल रहा है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस घटना के पीछे की असली वजह ढूंढ रही है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. बेअदबी आरोपी की गला काटकर हत्या, जेल से छूटा था फतेहगढ़ साहिब जिले में बेअदबी के आरोपी की तेजधार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश हमलावर आधी रात को घर में घुसे। जिसके बाद तेजधार हथियार से उस पर हमला कर दिया। इस दौरान व्यक्ति के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी बेटी और पत्नी की आंख खुल गई। वह 7 महीने पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था। बेटी ने कहा कि डैडी ‘मैनूं बचा लो, मैनूं मारता-मैनूं मारता’ चिल्ला रहे थे। जब हम डंडा लेकर बचाने गए तो हमलावरों ने हम पर अटैक कर दिया। हमने कमरे के दरवाजे को कुंडी लगाकर जान बचाई। फिर पड़ोसियों को फोन कर बुलाया। उनके आने का पता चलते ही हमलावर दीवार फांदकर भाग निकले। कत्ल की वजह से घर के अंदर चारों तरफ खून ही खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस हत्या की वजह के बारे में पता चल रही है। मरने वाले का नाम मेवा सिंह है। वह मंडी गोबिंदगढ़ के गांव लाडपुर तूरां स्थित गुरुद्वारा साहिब में 6 साल पुराने बेअदबी केस का आरोपी था। वह जमानत पर जेल से छूटकर आया था। (पढ़ें पूरी खबर) 6. कांग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं राजा वड़िंग, प्रभारी तलब पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई मीटिंग के बीच से सोर्सेज से ये खबर सामने आ रही है। सूचना यह भी है कि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भी राहुल गांधी ने तलब किया है। बघेल छत्तीसगढ़ से दिल्ली निकल चुके हैं, और इनकी बुधवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग हो सकती है। दरअसल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की रिपोर्ट में ये साफ नजर आया है कि पूर्व CM व सांसद चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा किसी भी कीमत में राजा वड़िंग की अगुआई में चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। रंधावा तो उन्हें इशारों में कंप्रोमाइज्ड लीडर तक बता चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान के पास ये भी रिपोर्ट पहुंची कि एक तरफ 23 जिलों के प्रधान राजा वड़िंग के हक में हैं तो दूसरी तरफ 117 में से 90 से ज्यादा चुनाव हारे या जीते नेता चन्नी के पक्ष में हैं। प्रभारी बघेल पहले ही कह चुके हैं कि हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा, राजा वड़िंग प्रधान बने रहेंगे, लेकिन कांग्रेस ये भी जानती है कि चन्नी ग्रुप को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। माना जा रहा है कि हाईकमान के इशारे पर या राजा वड़िंग पार्टी के लिए खुद भी ये पद छोड़ सकते हैं। हालांकि, इतना तय है कि कांग्रेस हाईकमान चरणजीत चन्नी या सुखजिंदर रंधावा में से किसी को भी प्रधान पद की कुर्सी नहीं सौंपेगा। वहीं, राजा वड़िंग के करीबियों का कहना है कि अभी प्रधान की तरफ से ऐसा कुछ नहीं सोचा जा रहा है। कांग्रेस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। (पढे़ं पूरी खबर) 7. बिना महकमे के AAP मंत्री जेल में मांगे VIP फेसिलिटी गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को अब जेल की रोटी और हवा रास नहीं आ रही है। VIP ट्रीटमेंट की आदत और जेल के कड़े नियमों के बीच फंसे मंत्री ने अब राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मंत्री संजीव अरोड़ा की तरफ से गुरुग्राम की स्पेशल कोर्ट में एक-दो नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग पिटीशन दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में उन्होंने जेल प्रशासन से खास सुविधाएं देने की मांग की है। संजीव अरोड़ा ने अदालत से घर से पका हुआ खाना, ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर और इंसुलिन रखने के लिए फ्रीजर की डिमांड की है। कोर्ट ने इन मांगों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। वहीं आअ के स्पेशल सरकारी वकील ने अपना रिप्लाई फाइल करने के लिए कोर्ट से थोड़ा समय मांगा है। जब तक ED के वकील ने कोर्ट में जवाब फाइल नहीं किया तब तक मंत्री को जेल खाना और सामान्य पानी ही पीना पड़ेगा। (पढ़ें पूरी खबर) 8. शादी के 5 महीने बाद युवक ने सुसाइड किया लुधियाना में शादी के पांच महीने बाद एक युवक ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि बहू, ससुराल वालों और एक रिश्तेदार द्वारा लगातार हस्तक्षेप व मानसिक प्रताड़ना के कारण बेटे ने यह कदम उठाया। मरने से पहले युवक ने वीडियो बनाया। जिसमें वह रोता दिख रहा है। युवक ने परिवार को फोन कर बताया कि वह ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान होकर नहर में छलांग लगाने आया है। मृतक का नाम करनदीप है और वह लैब टेस्टिंग का काम करता था। उसका एक छोटा भाई भी है। करनदीप (29) के पिता ने बताया कि बेटे की शादी 20 फरवरी 2026 को स्वाति के साथ हुई थी। शादी के बाद स्वाति घर के कामकाज में सहयोग नहीं करती थी। इस बात को लेकर करनदीप ने उसे कई बार समझाया। कुछ समय बाद स्वाति के पिता ने हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पत्नी समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 9. छत गिरने से मां-बेटे की मौत, तेज बारिश पर ब्रेक पंजाब में मानसून सीजन के दौरान बठिंडा में देर रात छत गिर गई। जिससे नीचे कमरे में सो रहा परिवार मलबे में दब गया। इससे मां-बेटे की मौत हो गई जबकि 2 बेटियों हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक यह हादसा सोमवार देर रात तलवंडी साबो में रात 11 बजे हुआ। छत तेज धमाके के साथ गिरी। जिससे आसपास के लोग दौड़े-दौड़े वहां पहुंचे। जिसके बाद मलबे में दबे परिवार को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाने पर वीरपाल कौर (40) और अर्शदीप सिंह(14) की मौत हो गई। वहीं 2 बेटियां समनप्रीत कौर व खुशप्रीत कौर को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। सनमप्रीत की टांग टूट गई है, जबकि खुशप्रीत का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। सनमप्रीत पढ़ाई में तेज छात्रा है। वह लगातार 9 वर्षों तक अपनी कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करती रही है। हाल ही में उसने 12वीं कक्षा 95 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी। वीरपाल के पति धर्म सिंह उर्फ काला तलवंडी साबो स्थित एक निजी सीवरेज प्लांट में कार्यरत हैं। मरने वाला अर्शदीप उनका इकलौता बेटा था। पुलिस का मानना है कि मकान की हालत जर्जर थी, पिछले दिनों हुई बरसात से ये कमजोर हो गया और छत गिर गई। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. मरीज की मौत के बाद डेडबॉडी अस्पताल से बाहर फेंकी फरीदकोट में मरीज की मौत के बाद गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने शव को मॉर्च्युरी भेजने की बजाय बाहर फिंकवा दिया। पुलिस करीब एक सप्ताह पहले घायल अवस्था में मिले व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आई थी। उसका उपचार अस्पताल के सर्जरी विभाग में चल रहा था। सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि सर्जरी विभाग में तैनात एक हाउस सर्जन के निर्देश पर अस्पताल कर्मचारियों ने शव को अस्पताल परिसर के पास स्थित रामबाग के निकट छोड़ दिया। जब राहगीरों ने शव देखा तो उन्होंने समाजसेवी संस्था सहारा सोसायटी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हुआ और शव को आनन फानन में मॉर्च्युरी में रखवाया। हाउस सर्जन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
इंदौर की साढ़े तीन साल की अनिका शर्मा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA टाइप-2) जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए अमेरिका से मंगाए जाने वाले करीब 9 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है। क्राउड फंडिंग और समाज के सहयोग से परिवार अब तक करीब 8.23 करोड़ रुपए जुटा चुका है। अनिका का इलाज फिलहाल दिल्ली एम्स में चल रहा है। मंगलवार को अनिका के माता-पिता इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंचे और एक दिल्ली पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। बच्ची की मां सरिता शर्मा ने बताया कि इलाज के लिए शेष एक करोड़ रुपए जुटाने के उद्देश्य से वे दिल्ली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स से मदद मांगने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस में पदस्थ विक्रांत चौहान, जो सोशल मीडिया पर 'पुलिस वाला इंसान' नाम से अकाउंट चलाते हैं, ने अनिका, उसके माता-पिता और फंड जुटाने वाले लोगों को लेकर बिना अनुमति भ्रामक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इस वीडियो के बाद लोगों में गलत संदेश गया और बच्ची के इलाज के लिए मिलने वाली फंडिंग प्रभावित होने लगी। सरिता शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त के साथ-साथ इंदौर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया को भी शिकायत दी है। उनका कहना है कि उन्होंने विक्रांत चौहान से दो बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। परिवार ने मांग की है कि भ्रामक सामग्री हटाई जाए, ताकि अनिका के इलाज के लिए चल रही फंडिंग प्रभावित न हो और समय पर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा सके।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में बीकानेर रेलवे मंडल के कनीना खास और महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशनों के बीच समपार फाटक संख्या-98 पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने ब्लॉक लिया है। इसके कारण 14 से 17 अक्टूबर तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। इसके चलते उत्तर पश्चिम रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द, आंशिक रद्द, मार्ग परिवर्तित और रीशेड्यूल करने का निर्णय लिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते रेवाड़ी-बीकानेर एक्सप्रेस (54789) और बीकानेर-रेवाड़ी एक्सप्रेस (54790) 14 से 17 अक्टूबर तक पूरी तरह रद्द रहेंगी। सीकर-रेवाड़ी एक्सप्रेस लोहारू तक चलेगी वहीं सीकर-रेवाड़ी एक्सप्रेस (54803) 14 अक्टूबर को केवल लोहारू तक ही संचालित होगी। इसके कारण लोहारू से रेवाड़ी के बीच यह ट्रेन आंशिक रूप से रद्द रहेगी। इसी प्रकार रेवाड़ी-जोधपुर एक्सप्रेस (14824) 14 अक्टूबर को रेवाड़ी के बजाय लोहारू से रवाना होगी। ऐसे में रेवाड़ी से लोहारू के बीच इसका संचालन नहीं होगा। पांच ट्रेनों का मार्ग बदला रेलवे ने पांच ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया है। श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस (14727), हिसार-दिल्ली रेलसेवा (54310), दिल्ली-हिसार रेलसेवा (54309), दिल्ली सराय-सीकर रेलसेवा (14717) तथा दिल्ली सराय-जोधपुर एक्सप्रेस (22421) परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी। यहां से चलेंगी इनमें कुछ ट्रेनें भिवानी-रेवाड़ी होकर तो कुछ रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा मार्ग से चलाई जाएंगी। परिवर्तित मार्ग पर इन ट्रेनों का निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव भी रहेगा। इसके अलावा दिल्ली सराय-बीकानेर एक्सप्रेस (22472) 14 अक्टूबर को अपने निर्धारित समय से एक घंटे की देरी से रवाना होगी। स्थिति की लें जानकारी रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
देश के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आ रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) समेत देश के तमाम प्रतिष्ठित सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों का इंतजार अब चंद दिनों में खत्म होने वाला है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट यूजी (NEET UG) के परीक्षा परिणामों को लेकर चल रहा सस्पेंस पूरी तरह समाप्त होने जा रहा है। सूत्रों और आधिकारिक गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, एनटीए 16 से 20 जुलाई के बीच किसी भी वक्त नीट यूजी के नतीजे घोषित कर सकता है। इस घोषणा के साथ ही देश के भावी डॉक्टरों के भविष्य का फैसला हो जाएगा।कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कॉपियों का मूल्यांकन पूरा, अंतिम चरण में तैयारीइस साल आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में देश भर के रिकॉर्ड तोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद से ही छात्र लगातार अपनी आंसर की (Answer Key) और रिजल्ट की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से जांच और ओएमआर शीट के वेरिफिकेशन का काम पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया गया है। अब तकनीकी रूप से डेटा को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर कोई तकनीकी खराबी न आए। छात्र एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने रोल नंबर और जन्म तिथि के जरिए अपना स्कोरकार्ड और ऑल इंडिया रैंक (AIR) डाउनलोड कर सकेंगे।एम्स दिल्ली और टॉप मेडिकल कॉलेजों के कट-ऑफ पर टिकी सबकी नजरेंनीट यूजी का रिजल्ट आते ही जो सबसे बड़ा मुकाबला शुरू होगा, वह है देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) में सीट पक्की करने का। जियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर देखें तो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जोधपुर और ऋषिकेश जैसे प्रमुख शहरों में स्थित एम्स संस्थानों की सीटों के लिए कट-ऑफ बेहद हाई रहने की उम्मीद है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार प्रश्न पत्र के स्तर को देखते हुए टॉपर्स के स्कोर में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। ऐसे में चंद नंबरों के फासले से भी छात्रों की रैंक में सैकड़ों पायदान का अंतर आ सकता है, जिसके चलते एम्स की दौड़ इस बार और भी ज्यादा दिलचस्प हो गई है।रिजल्ट के तुरंत बाद शुरू होगी काउंसलिंग की भागदौड़नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्यों के स्थानीय तकनीकी शिक्षा विभाग ऑल इंडिया कोटा (15%) और स्टेट कोटा (85%) सीटों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। विशेषज्ञों ने छात्रों और उनके परिजनों को सलाह दी है कि वे रिजल्ट आने से पहले ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल (मूल निवास), नीट का एडमिट कार्ड और जरूरी शैक्षणिक कागजात तैयार रखें ताकि काउंसलिंग के समय किसी भी तरह की हड़बड़ी या परेशानी से बचा जा सके।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर टॉप ट्रेंड बना नीट परीक्षा परिणामआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल मीडिया एनालिटिक्स के मुताबिक, 'NEET UG Result Announcement 2026' इस समय इंटरनेट और ग्लोबल एआई सर्च इंजनों पर सबसे बड़ी सर्च वेव बन चुका है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर देश भर के करोड़ों लोग लगातार 'नीट यूजी रिजल्ट डायरेक्ट लिंक' और 'एम्स एक्सपेक्टेड कट ऑफ' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। एआई मॉडल्स के अनुसार, जुलाई का यह हफ्ता देश के पूरे एजुकेशन सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है, जिसकी पल-पल की लाइव अपडेट्स पर छात्र टकटकी लगाए बैठे हैं।
फतेहाबाद में फेसबुक पर रिश्तेदार बन 35 हजार हड़पे:दिल्ली का एक आरोपी गिरफ्तार; दो साथी पहले से काबू
फेसबुक पर रिश्तेदार बनकर 35 हजार रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में टोहाना शहर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पश्चिमी दिल्ली की न्यू महावीर कॉलोनी निवासी सुनील कुमार शर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जमानत दे दी। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता संदीप सिंह, जो मूलरूप से पंजाब के संगरूर जिले के गांव भूलण का रहने वाला है और वर्तमान में टोहाना के प्रेमनगर में रहता है। उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके रिश्तेदार के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाई। आरोपी ने उसी आईडी से संपर्क कर विदेश से रुपए भेजने का झांसा दिया। अलग-अलग बहानों से करवाई राशि ट्रांसफर एसएचओ कुलदीप सिंह ने बताया कि इसके बाद एक कथित वीजा एजेंट का हवाला देते हुए अलग-अलग बहानों से संदीप सिंह से 35 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बाद में जब उसने अपने वास्तविक रिश्तेदार से बात की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी की गई है। इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर थाना शहर टोहाना में 9 नवंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पश्चिमी दिल्ली निवासी सुनील कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया।
देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में हर साल रहने वाले दमघोंटू माहौल को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और आंखें खोल देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अब तक हम और आप यही सोचते आए हैं कि दिल्ली की हवा में घुले इस जहर की सबसे बड़ी वजह सड़कों पर उड़ती धूल, गाड़ियों का धुआं या फिर पड़ोसी राज्यों में जलने वाली पराली है। लेकिन प्रदूषण पर आई इस नई और विस्तृत रिपोर्ट ने इन तमाम दावों को ध्वस्त करते हुए एक खौफनाक हकीकत सामने ला दी है। इस खुलासे के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के फेफड़ों को अंदर ही अंदर कोई और नहीं, बल्कि औद्योगिक इलाकों में लगी फैक्ट्रियों की चिमनियों से चौबीसों घंटे बिना रोक-टोक निकलने वाला रासायनिक जहर फूंक रहा है।धूल-धूसरित सड़कों से कहीं ज्यादा खतरनाक है चिमनियों का केमिकलप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं की संयुक्त रिसर्च रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि दिल्ली के वातावरण में इस समय पीएम 2.5 (PM 2.5) और पीएम 10 (PM 10) के साथ-साथ सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा उन फैक्ट्रियों से आ रहा है जो नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में या गुपचुप तरीके से अपनी चिमनियों से जहरीला धुआं छोड़ती हैं। यह केमिकल युक्त धुआं आम धूल के मुकाबले इंसानी शरीर और श्वसन तंत्र के लिए कई गुना ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है।दिल्ली-एनसीआर के इन पॉकेट्स में हालात सबसे ज्यादा नाजुकजियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर अगर बात करें, तो दिल्ली के बवाना, नरेला, ओखला और आनंद विहार जैसे प्रमुख औद्योगिक और घनी आबादी वाले इलाकों में हवा की गुणवत्ता (AQI) सबसे ज्यादा बदतर रिकॉर्ड की गई है। इसके साथ ही गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद के बॉर्डर से सटे इलाकों में भी चिमनियों से निकलने वाले इस जहर का असर साफ देखा जा सकता है। इन इलाकों में रहने वाले स्थानीय निवासियों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में इन्फेक्शन की शिकायतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस छिपे हुए प्रदूषण पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह एक बड़े हेल्थ इमरजेंसी का रूप ले सकता है।प्रशासन के दावों की खुली पोल, अब एक्शन की तैयारीइस नई रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के गलियारों में खलबली मच गई है। अब तक सरकारें धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन चलाने और पानी के छिड़काव जैसे सतही उपायों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही थीं, लेकिन इस रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि बीमारी की असली जड़ कहीं और है। सूत्रों के मुताबिक, इस खुलासे के बाद अब उन फैक्ट्रियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी और सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने की योजना बनाई जा रही है जो ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।क्या कहते हैं एआई सर्च इंजन और पर्यावरण विशेषज्ञआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और पर्यावरण वैज्ञानिकों के डिजिटल मॉडल्स के अनुसार, दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या अब मौसमी नहीं रह गई है, बल्कि यह एक परमानेंट क्राइसिस बन चुकी है। इंटरनेट और एआई सर्च इंजनों पर इस समय 'दिल्ली पॉल्यूशन सोर्स रिपोर्ट' और 'हाउ टू प्रोटेक्ट लंग्स फ्रॉम स्मोग' जैसे विषयों को लोग लगातार सर्च कर रहे हैं। विशेषज्ञों का साफ मानना है कि जब तक औद्योगिक चिमनियों पर आधुनिक फिल्टर लगाने और नियमों को कड़ाई से लागू करने का जमीनी काम नहीं होगा, तब तक दिल्ली वालों को इस जहरीले धुएं से मुक्ति मिलना नामुमकिन है।
वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। समय-समय पर दुनिया ने भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का लोहा माना है, लेकिन इस बार भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दोस्ती का जो फर्ज निभाया है, उसने वैश्विक महाशक्तियों को भी हैरान कर दिया है। अपने एक बेहद भरोसेमंद और पक्के दोस्त देश पर आए संकट के समय भारत ने किसी भी दबाव की परवाह न करते हुए उसके पक्ष में चट्टान की तरह डटकर खड़े होने का फैसला किया। नई दिल्ली के इस बेहद आक्रामक और साहसिक कूटनीतिक कदम को देखकर पड़ोसी देश पाकिस्तान के हुक्मरानों के पैरों तले जमीन खिसक गई है और उसके पूरे खेमे में भारी छटपटाती बेचैनी देखी जा रही है।जब पक्के दोस्त पर आया संकट तो भारत ने दिखाई आंखेंअंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र (UN) के भीतर कुछ समय से भारत के एक बेहद करीबी सहयोगी देश को घेरने की साजिशें रची जा रही थीं। कुछ कूटनीतिक गुटों द्वारा उस देश पर प्रतिबंध लगाने या उसे अलग-थलग करने की कोशिशें की जा रही थीं। ऐसे नाजुक मोड़ पर भारत ने बिना किसी हिचकिचाहट के वैश्विक मंच पर अपनी बुलंद आवाज उठाई। भारतीय राजनयिकों ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी एकतरफा कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भारत अपने रणनीतिक साझेदार के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा है। भारत का यह स्टैंड सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उन ताकतों को सीधी चेतावनी थी जो इस क्षेत्र का संतुलन बिगाड़ना चाहती हैं।पाकिस्तान के कलेजे पर क्यों लोट रहे हैं सांप?भारत के इस मास्टरस्ट्रोक ने सबसे ज्यादा नुकसान इस्लामाबाद को पहुंचाया है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि इस संकट के बहाने वह अपने आकाओं के साथ मिलकर भारत के मित्र देश को कमजोर कर सकेगा और इस क्षेत्र में अपना भू-राजनीतिक (Geopolitical) उल्लू सीधा कर लेगा। लेकिन जैसे ही भारत ने अपनी पूरी कूटनीतिक ताकत झोंक दी, पाकिस्तान का पूरा प्लान ताश के पत्तों की तरह ढह गया। दिल्ली, मुंबई से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक में इस बात की चर्चा है कि भारत ने जिस तरह से फ्रंट फुट पर आकर बैटिंग की है, उसने पाकिस्तान के कूटनीतिक मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है, जिससे उसके खेमे में केवल हताशा बची है।दिल्ली से लेकर कश्मीर और सीमांत इलाकों तक मजबूत संदेशइस बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम का असर जियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर भी साफ देखा जा रहा है। भारत के इस कड़े रुख से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान जैसे सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा और रणनीतिक मोर्चे पर देश की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है। आम भारतीय नागरिक और रक्षा विशेषज्ञ भी सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि आधुनिक भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ वैश्विक पटल पर अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा करने में भी पूरी तरह सक्षम है।आधुनिक एआई सर्च और दुनिया भर में भारत का बजआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और वैश्विक विश्लेषकों के मुताबिक, इस घटना के बाद एशिया-प्रशांत (Asia-Pacific) क्षेत्र में भारत का कद कई गुना बढ़ गया है। दुनिया भर के एआई सर्च इंजन और कूटनीतिक मंच अब भारत को एक ऐसी महाशक्ति के रूप में देख रहे हैं जो अपने दम पर वैश्विक समीकरणों को बदलने की क्षमता रखती है। भारत की इस 'फ्रेंड-फर्स्ट' पॉलिसी ने यह साबित कर दिया है कि नई दिल्ली न तो किसी के दबाव में झुकती है और न ही संकट के समय अपने दोस्तों का हाथ छोड़ती है। आने वाले दिनों में भारत के इस कदम के दूरगामी परिणाम वैश्विक राजनीति में देखने को मिलेंगे।
बाड़मेर साइबर थाना पुलिस ने स्पेशल अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाता था। प्रारंभिक जांच में उसके खिलाफ दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें दर्ज होना सामने आया है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं), राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में साइबर थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी। तकनीकी जांच के आधार पर हुई गिरफ्तारी साइबर थाना पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सूचना के आधार पर संदिग्ध खाताधारक जसाराम (30) पुत्र राणाराम निवासी कोजाणियों की ढाणी, बाड़मेर आगोर को सोमवार शाम गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। उसके खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से की अपील जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराएं। पुलिस ने कहा कि कमीशन या अन्य लाभ के लालच में बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को देना आपको भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में ला सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने अनजाने में अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी अन्य को दिया है और बाद में उसके साइबर अपराध में उपयोग होने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हिसार में CM नायब सैनी के कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो गायब होने पर कुलदीप बिश्नोई ने अपना पक्ष रखा है। राजस्थान के जोधपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा- CM उस दिन प्रोग्राम में 3 घंटे लेट थे। मुझे जरूरी काम से दिल्ली जाना था। भाजपा नेता कुलदीप ने आगे कहा- मेरे पास समय कम था, इसीलिए वहां से जल्दी निकलना पड़ा। मुख्यमंत्री को बताकर उनसे माफी भी मांग ली थी। 12 जुलाई को गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई थी। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी के साथ कुलदीप बिश्नोई की कुर्सी भी मंच पर लगाई गई थी। मंच पर लगे पोस्टर से जब कुलदीप की फोटो गायब मिली तो वे ऑडिटोरियम में बिना एंट्री किए ही वापस लौट गए थे। विधायक रणधीर पनिहार का भी सम्मान समारोह के दौरान मंच से नाम नहीं लिया गया था। पहले जानिए, कुलदीप ने क्या बयान दिया… देरी के कारण मुझे दिल्ली निकलना पड़ा कुलदीप बिश्नोई ने जोधपुर की एक गोशाला में हुए कार्यक्रम में कहा- कार्यक्रम के दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने निर्धारित समय से करीब 3 घंटे की देरी से चल रहे थे। वे कार्यक्रम में लेट आए। उसी दिन मेरा दिल्ली में एक जरूरी कार्यक्रम तय था। हिसार से दिल्ली का सफर तय करने में 3 घंटे का समय लगता है, इसलिए मुझे जल्द ही वहां से निकलना पड़ा। भजनलाल ने समाज को 36 बिरादरियों से जोड़ा कुलदीप बिश्नोई ने आगे कहा- अतीत में मेरे पिताजी चौधरी भजनलाल ने हरियाणा के हिसार में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी का निर्माण करवाया था। यहां बुजुर्ग साथी बैठे हैं, ये जानते हैं कि पिताजी की सोच स्पष्ट थी। वे चाहते थे कि गुरु जम्भेश्वर भगवान के मानवता के कल्याण के लिए चलाए गए संदेश और काम केवल हमारे समाज तक सीमित न रहें, बल्कि वे समाज की सभी 36 बिरादरियों तक पहुंचें। भावी पीढ़ी की प्रेरणा के लिए लगवाई प्रतिमा कुलदीप बिश्नोई ने कहा, हमने यह फैसला लिया कि गुरु जम्भेश्वर भगवान और माता अमृता देवी जी की प्रतिमा को यूनिवर्सिटी में स्थापित किया जाए। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि वहां से गुजरने वाला किसी भी जाति का नौजवान जब इस प्रतिमा को देखेगा, तो वह समझ सकेगा कि बिश्नोई समाज में ऐसे महान लोग हुए हैं। जिन्होंने पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। अब पढ़िए, क्या है पोस्टर विवाद हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में रविवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम के मुख्य मंच पर लगे पोस्टर से अचानक भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर गायब कर दी गई, जबकि पहले पोस्टर में उनकी फोटो लगी हुई थी। समर्थकों द्वारा इस बात की जानकारी दिए जाने के बाद नाराज कुलदीप बिश्नोई बिना ऑडिटोरियम में प्रवेश किए ही वहां से लौट गए थे। कार्यक्रम के दौरान उनकी कुर्सी पर उनके चचेरे भाई दुड़ाराम बैठे। विधायक रणधीर पनिहार भी दिखे नाराज कार्यक्रम के दौरान GJU के कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने मंच पर मौजूद मंत्रियों और विधायकों का पटका पहनाकर तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। हालांकि नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का नाम छूट गया। उन्हें न तो पटका पहनाया गया और न ही स्मृति चिह्न दिया गया। बाद में मंच से घोषणा की गई कि विधायक का सम्मान रह गया है। इसके बाद कुलपति उन्हें पटका पहनाने पहुंचे, लेकिन पनिहार ने उनके हाथ से पटका पहनने के बजाय उसे लेकर अपने पास रख दिया। इस दौरान वे नाराज नजर आए थे। रेखा शर्मा के बयान पर भी मचा था विवाद 24 अप्रैल 2025 को नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद राजनीतिक बवाल मच गया। बाद में रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कुलदीप बिश्नोई को मनाने उनके आवास पहुंचे थे। -------------- यह खबर भी पढ़ें… कुलदीप बिश्नोई नाराज होकर CM के कार्यक्रम से लौटे:हिसार में मंच के पोस्टर से फोटो गायब मिली; करीबी विधायक का सम्मान भी छूटा हिसार में गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रविवार को कार्यक्रम के मंच पर लगाए गए पोस्टर से भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर गायब मिली। (पूरी खबर पढ़ें)
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के शुष्क एवं रेगिस्तानी क्षेत्रों से उठने वाली धूल पश्चिमी हवाओं के साथ लंबी दूरी तय करते हुए उत्तर भारत तक पहुंचती है। इन हवाओं के प्रभाव से धूल के महीन कण पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से गुजरते हुए दिल्ली-एनसीआर के वातावरण में प्रवेश कर जाते हैं।
हाथरस में हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ट्रैक पर पुरा रेलवे स्टेशन के निकट एक युवक की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। उसका शव कल सोमवार को रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। कल सोमवार की देर रात मृतक की पहचान रोहन पासवान (22 वर्ष) पुत्र दयाराम के रूप में हुई। वह कानपुर कैंट, कानपुर के गोलाघाट नई बस्ती का निवासी था। रोहन दिल्ली के एक होटल में पिछले 1 साल से काम करता था। काम करता था। वह कुछ दिनों की छुट्टी पर घर आया हुआ था और कल ही अपने घर से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। अविवाहित था मृतक युवक इसी दौरान वह ट्रेन से गिरकर मर गया। आखिर वह किस ट्रेन में सवार था यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। कल दिन में उसके शव की पहचान नहीं हो पाई तो पुलिस ने उसकी शव को पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया। कल देर रात्रि में उसके शव की पहचान हुई और उसके परिवार के लोग यहां पोस्टमार्टम गृह पहुंचे। मृतक अविवाहित था।
पंजाब में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म सतलुज के विवाद और प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के बीच पैदा हुई इस कंट्रोवर्सी में अब 1984 दंगा पीड़ितों के केस लड़ने वाले एडवोकेट व भाजपा नेता एचएस फूलका की एंट्री हो गई है। फूलका ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सच्चाई दिखाने से कभी कोई कंट्रोवर्सी नहीं होती और न ही माहौल खराब होता है। फिल्म हो या वीडियो, उसमें पूरी सच्चाई दिखाई जानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के पास सही संदेश जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि काले दौर में भी हिंदू-सिख एकता कायम रही और इसे तोड़ने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। फूलका का कहना है कि इनोसेंट लोगों की हत्या को कोई भी सही नहीं ठहराएंगे, चाहे वो हिंदू हो या सिख। फूलका ने कहा कि उस पर भी फिल्म बनाएं जब आतंकी बस में से हिंदुओं को बाहर निकालकर मार रहे थे और एक निहंग ने बस में बैठे एक युवक को जफ्फी मारी और कहा कि इसे मारने से पहले मुझे मारें। दरअसल, सतलुज फिल्म के आटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होते ही विवाद शुरु हुआ और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म के फेक्ट्स पर सवाल खड़े किए और कहा कि इसमें एक तरफा सच दिखाया गया है। उसके बाद उन्होंने आतंकवाद के दौर के वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर रिलीज किए। वहीं दिलजीत ने फिल्म को पंजाब का इतिहास बताया। एचएस फूलका ने कही ये अहम बातें... फिल्म में एकतरफा दिखाया गया, फेक्ट प्रूफ करें रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'मौकापरस्त' करार दिया, जो सिर्फ व्यावसायिक फायदे और पब्लिसिटी के लिए पंजाब के काले दौर का एकतरफा नैरेटिव बेचते हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक तरफा फेक्ट दिखाए गए हैं। बिट्टू ने फिल्म मेकर्स को यहां तक कह दिया कि इसे इसमें जो फेक्ट दिखाए गए हैं उन्हें प्रूफ करें। बिट्टू ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर दिलजीत और फिल्म मेकर्स में वाकई हिम्मत है, तो वे राजपुरा के सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल निर्मल कांता जैसी बेगुनाह पीड़ितों पर फिल्म बनाएं, जिनकी आतंकियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि बसों से उतारकर मासूम हिंदुओं को जिस तरह मौत के घाट उतारा गया, उस दर्द पर फिल्म क्यों नहीं बनती?
भास्कर न्यूज|लोहरदगा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मंजूर अंसारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में 27 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दलित एवं अल्पसंख्यक महाजुटान को सफल बनाने, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा समाज के अधिकारों और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में लोहरदगा का प्रतिनिधित्व करते हुए अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष मोजम्मिल अंसारी ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि लोहरदगा जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर महाजुटान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और कांग्रेस की विचारधारा तथा सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। जिला अध्यक्ष मोजम्मिल अंसारी ने कहा कि 27 जुलाई का महाजुटान दलित एवं अल्पसंख्यक समाज की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में लोहरदगा से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा दलित, अल्पसंख्यक, गरीब, किसान और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मंजूर अंसारी ने भी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठन की एकजुटता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और सभी कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों एवं जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखना होगा। बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने विचार रखते हुए महाजुटान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है. दिल्ली सरकार ने महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद देने वाली अपनी बेहद महत्वाकांक्षी 'महिला समृद्धि योजना' (Mahila Samridhi Yojna) को लेकर दो बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.पहला बदलाव यह कि इस सरकारी योजना का नाम अब बदलकर 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojna) कर दिया गया है. दूसरा यह कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर अब ₹2,500 प्रति माह करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे दिल्ली की करीब 17 लाख महिलाओं के जीवन स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.कब शुरू होगी 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' और किसे मिलेगा लाभ?शुरुआती दौर में इस कल्याणकारी योजना की घोषणा आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार द्वारा की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उस समय इसे जमीन पर नहीं उतारा जा सका. इसके बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी साल 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अपने 'संकल्प पत्र' (घोषणा पत्र) में महिलाओं को प्रति माह वित्तीय सहायता देने का प्रमुख वादा किया था. वर्तमान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार अब इस योजना को धरातल पर उतारने की अंतिम तैयारियों में जुट गई है.संभावित शुरुआत: मीडिया रिपोर्ट्स और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस योजना को अगस्त 2026 में रक्षाबंधन के पावन पर्व के आसपास लागू करने का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि त्योहार के मौके पर महिलाओं को यह विशेष उपहार दिया जा सके. हालांकि, अभी तक इसकी सटीक लॉन्चिंग डेट की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है.योग्यता और पात्रता के नियम: इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित बुनियादी शर्तें तय की जा सकती हैं:महिला आवेदक की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए.महिला कम से कम पिछले 10 वर्षों से दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से ताल्लुक रखती हो.महिला के परिवार की कुल सालाना आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.जरूरी दस्तावेजों को लेकर क्या है सरकार का रुख?कई महिलाएं इस उलझन में हैं कि इस योजना के ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन के लिए कौन-कौन से कागजात तैयार रखने होंगे. दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने अभी तक आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों (Documents List) की कोई भी आधिकारिक या फाइनल सूची जारी नहीं की है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रक्षाबंधन से ठीक पहले जब योजना की लॉन्चिंग डेट का एलान होगा, उसी समय विस्तृत गाइडलाइन और आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट भी पोर्टल पर लाइव कर दी जाएगी.1 अगस्त से अनिवार्य होगा 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड'; बंद हो जाएंगे पुराने पेपर टिकटदिल्ली में रोजाना सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए डीटीसी (DTC) बसों से जुड़ी एक बेहद जरूरी और कड़क चेतावनी सामने आई है. दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना के नियमों में बड़ा फेरबदल करते हुए 1 अगस्त 2026 से 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' (Pink Saheli Smart Card) को पूरी तरह अनिवार्य करने का फैसला किया है.31 जुलाई है आखिरी तारीख: वर्तमान में जो कागज वाले (Paper) पिंक टिकट महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए कंडक्टर द्वारा दिए जाते हैं, वे केवल 31 जुलाई 2026 तक ही मान्य रहेंगे. 1 अगस्त के बाद यदि किसी महिला के पास डिजिटल पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं होगा, तो वे बसों में मुफ्त सफर का लाभ नहीं ले पाएंगी और उन्हें सामान्य टिकट खरीदना होगा.वन नेशन, वन कार्ड से लिंकेज: यह नया डिजिटल कार्ड केंद्र सरकार की महा-योजना 'वन नेशन, वन कार्ड' (One Nation, One Card) के अंतर्गत तैयार किया जा रहा है. इस कार्ड की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि इसके जरिए केवल और केवल दिल्ली की वैध महिला निवासी ही डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकेंगी, जिससे फर्जीवाड़े और राजस्व के नुकसान पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी.
महोबा में दिल्ली जा रही दो डबल डेकर बसें सीज:एआरटीओ की कार्रवाई से डग्गामार बस संचालकों में हड़कंप
महोबा में सोमवार शाम सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली जा रही दो डबल डेकर निजी बसों को सीज कर दिया। ये बसें बिना परमिट और नियमों के विपरीत सड़क पर दौड़ रही थीं। शासन के निर्देश पर 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चल रहे विशेष अभियान के तहत कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई, जिससे निजी बस संचालकों में हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश में डग्गामार, बिना फिटनेस और बिना परमिट के अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ योगी सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महोबा के एआरटीओ दयाशंकर ने बेलाताल रोड पर यह कार्रवाई की। परिवहन विभाग की टीम ने बेलाताल रोड पर नियमों का उल्लंघन कर दिल्ली जा रही इन दोनों डबल डेकर बसों को रोका। जैतपुर कस्बे के पास जांच के दौरान, चालक और परिचालक यात्री परमिट दिखाने में आनाकानी करने लगे। गहनता से जांच करने पर पता चला कि दोनों बसें परमिट की शर्तों के विपरीत चलाई जा रही थीं। इन बसों में से एक मध्य प्रदेश नंबर की थी। नियमानुसार, मध्य प्रदेश नंबर की बस को या तो मध्य प्रदेश से सवारियां उठानी थीं या वहीं तक छोड़नी थीं, लेकिन यह बस उत्तर प्रदेश के भीतर ही अवैध रूप से सवारियां ढो रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय टीम ने दोनों बसों को कुलपहाड़ कोतवाली लाकर सीज कर दिया। बसों के सीज होने से उसमें सवार यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यात्रियों की परेशानी और सुरक्षा को देखते हुए एआरटीओ ने तत्काल दूसरी बस का इंतजाम कराया। इसके बाद सभी यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए सुरक्षित रवाना किया गया। एआरटीओ दयाशंकर ने साफ चेतावनी दी है कि स्कूली वाहनों, बिना फिटनेस और डग्गामार गाड़ियों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
2020 दिल्ली दंगा: IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत 5 दोषी, 6 बरी
यह मामला 25 फरवरी 2020 का है, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और एनआरसी को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी थी। चांद बाग, खजूरी खास और आसपास के क्षेत्रों में आगजनी, पथराव और हिंसक झड़पों का दौर चल रहा था।
दिल्ली सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित महिला समृद्धि योजना का आधिकारिक नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस योजना को रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने का है। इसके साथ ही लाभार्थियों के चयन के लिए पात्रता संबंधी नियम भी तय कर दिए गए हैं। योजना के क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता, सरल प्रक्रिया और तय समयसीमा के भीतर पात्र महिलाओं तक पहुंचे। एक परिवार से केवल एक महिला को लाभ मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का आधार प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। बैठक में तय किया गया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो स्वयं या उनका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली में रह रहा हो। परिवार में आयु के आधार पर सबसे बड़ी महिला ही पात्र होगी और एक परिवार से केवल एक महिला को लाभ मिलेगा। परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो महिलाएं पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही हैं, वे इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं या उनके परिवार के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड होगा अथवा जिनके परिवार के पास 4 पहिया वाहन होगा, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राजधानी की लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता मिलेगी और उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
21 जुलाई को प्रस्तावित महिला कांग्रेस के 'संसद चलो' आंदोलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में कोटा में आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में दिल्ली चलो आंदोलन के लिए ज्यादा से ज्यादा महिला कार्यकर्ताओं तक मैसेज पहुंचाने, उन्हें कार्यक्रम से जोड़ने और दिल्ली चलने को लेकर चर्चा की गई। साथ ही जिला स्तर पर समन्वय समिति गठित करने और कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प भी लिया गया। नेताओं ने कहा कि महिला कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर संसद तक अपनी आवाज बुलंद करेगी। सोमवार को महिला कांग्रेस की ओर से कांग्रेस कार्यालय में बैठक का आयोजन शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम की मौजूदगी में किया गया। बैठक में मुख्य रूप से 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित संसद चलो विशाल प्रदर्शन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। 21 जुलाई को कोटा जिले से कांग्रेस महिला कार्यकर्ता दिल्ली करेंगी कूच शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने बताया कि महिला अधिकारों और जनहित के मुद्दों को लेकर 21 जुलाई को दिल्ली में एक विशाल प्रदर्शन होने जा रहा है। कोटा जिले से रिकॉर्ड संख्या में महिला कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगी और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगी। आगामी निकाय और विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा वहीं बैठक में आगामी निकाय चुनाव, विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में मुख्य अतिथि और कोटा शहर प्रभारी रिक्की सिंह हंतरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसकी जमीनी पकड़ होती है। महिला कांग्रेस को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत करने के निर्देश कोटा शहर प्रभारी ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों और पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला कांग्रेस को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत किया जाए, ताकि हर घर तक पार्टी की नीतियां पहुंच सकें। बैठक के दौरान जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों, जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सामाजिक रूप से सक्रिय महिलाओं ने हिस्सा लिया।
कल्याणपुरी हत्याकांड: दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल निकला 'कातिल', घरेलू विवाद में पत्नी को मारी थी गोली
पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में एक महिला की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि मृतक महिला दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल की पत्नी थी। कथित तौर पर कांस्टेबल ने ही पत्नी की गोली मारकर हत्या की।
दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत सोमवार को सीएम रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में पौधारोपण किया। 'हरित दिल्ली संकल्प' के तहत आयोजित इस अभियान में मॉडल टाउन में करीब 1,100 पौधे लगाए गए। इनमें सेंट्रल वर्ज, मेट्रो कॉरिडोर के नीचे और सड़कों के दोनों ओर हरित पट्टियां विकसित की जा रही हैं। सीएम ने कहा कि हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा दिल्ली सरकार राजधानी के हर उपयुक्त खाली स्थान को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर 70 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करने में भागीदारी निभाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी शुरुआत कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अशोक गोयल, स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सीएम ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल https://greendrive.delhivanmahotsav.in भी शुरू किया है। उन्होंने कहा'एक पेड़ मां के नाम' केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का जनआंदोलन है। यह अभियान नागरिकों को प्रकृति से जोड़ते हुए दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। ऐसे जुड़े अभियान से…
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने रविवार देर रात पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर इलाके में पत्नी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पत्नी के जन्मदिन पर दोनों के बीच हुए विवाद के बाद हुई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार […] The post दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
दिल्ली यूनिवर्सिटी में दयाल सिंह कॉलेज बना छात्रों की पहली पसंद, टॉपर लिस्ट में कैसे बनाई जगह
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में प्रवेश की प्रक्रिया हर साल छात्रों के बीच एक नई जंग की तरह होती है, लेकिन इस बार 'दयाल सिंह कॉलेज' ने सभी को चौंका दिया है। एक समय बैकअप के तौर पर देखे जाने वाले इस कॉलेज ने अब कैंपस का 'क्रेज' बदल दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय की टॉपर्स लिस्ट में दयाल सिंह कॉलेज के छात्रों का दबदबा बढ़ने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। आखिर क्या वजह है कि अब छात्र नॉर्थ कैंपस के कुछ पुराने कॉलेजों को छोड़कर दयाल सिंह की ओर रुख कर रहे हैं?बढ़ती लोकप्रियता और एकेडमिक ग्राफदयाल सिंह कॉलेज की सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका बदलता एकेडमिक ग्राफ और फैकल्टी की गुणवत्ता है। कॉलेज ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट सेल को इतना मजबूत किया है कि अब यह डीयू के टॉप संस्थानों की कतार में खड़ा हो गया है। विशेष रूप से आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए यहाँ का माहौल बेहद प्रतिस्पर्धी और सीखने योग्य बनाया गया है। कॉलेज की ओर से दी जा रही विशेष गाइडेंस और टॉपर्स के लिए चलाए जा रहे मेंटरशिप प्रोग्राम ने इसे मेरिट होल्डर्स की पहली पसंद बना दिया है।कैसे बनी टॉपर लिस्ट में जगह?दयाल सिंह कॉलेज के टॉपर लिस्ट में जगह बनाने का राज कॉलेज की 'स्मार्ट स्टडी' नीति में छिपा है। यहाँ की एडमिशन कमेटी और विभाग ने इस बार ऐसे कोर्स स्ट्रक्चर पर फोकस किया है जो इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से हैं। इसके अलावा, कॉलेज की लाइब्रेरी और डिजिटल रिसोर्सेज ने छात्रों को घर बैठे बेहतर पढ़ाई करने का मौका दिया है। टॉपर्स का मानना है कि कॉलेज का सपोर्ट सिस्टम उन्हें न केवल डिग्री दिलाने में, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में भी मदद करता है, जो इसे अन्य कॉलेजों से अलग खड़ा करता है।क्या आपको यहाँ एडमिशन लेना चाहिए?अगर आप डीयू में एडमिशन का प्लान बना रहे हैं, तो दयाल सिंह कॉलेज निश्चित रूप से आपकी सूची में टॉप पर होना चाहिए। साउथ कैंपस की बेहतरीन कनेक्टिविटी और कॉलेज का बढ़ता एक्सपोजर इसे एक आदर्श संस्थान बनाता है। यदि आप चाहते हैं कि आपको एक ऐसा माहौल मिले जहाँ पढ़ाई के साथ-साथ प्लेसमेंट और ऑल-राउंड डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाए, तो दयाल सिंह कॉलेज आपके सपनों को उड़ान देने के लिए पूरी तरह तैयार है। छात्रों का बढ़ता भरोसा इस बात का सबूत है कि आने वाले दिनों में यह डीयू का नया 'पावरहाउस' बनने की राह पर है।
मथुरा में रविवार रात करीब 2 बजे बाल कथा वाचक अभिनव अरोड़ा की डस्टर कार में अचानक आग लग गई। उस समय वे अपने माता-पिता और बहन के साथ वृंदावन से कार से दिल्ली जा रहे थे। कार जैसे ही यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची। उसके अंदर से तेज धुआं निकलने लगा। धुंआ निकलते देख कार रोकी गई। सभी लोग उसके अंदर से तुरंत बाहर आ गए। कार धूं-धूं कर जलने लगी। उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर पहुंची। उसके बाद आधे घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में कार पूरी तरह से जल गई। घटना सुरीर थाना क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला कार से परिवार समेत दिल्ली से जा रहे थे पुलिस के अनुसार- कथा वाचक अभिनव अरोड़ा रविवार रात में अपनी डस्टर कार से वृंदावन से दिल्ली जा रहे थे। कार अभिनव अरोड़ा के पिता तरुण अरोरा चला रहे थे। रात 2 बजे के करीब कार जैसे ही यमुना एक्सप्रेसवे पर माइल स्टोन-84 के पास पहुंची। इंजन से तेज धुंआ निकलने लगा। पिता ने फौरन कार को साइड में लगाया। उसके बाद सभी लोग जल्दी से सुरक्षित बाहर निकल आए। पिता ने सुरीर थाना क्षेत्र की पुलिस को फोन करके घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के थोड़ी देर के अंदर ही पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम को लेकर मौके पर पहुंच गई। तब तक आग ने कार को पूरी तरह से चपेट में ले लिया था। वो धूं-धूं कर जलने लगी। आधे घंटे में बुझाई आग फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। आग से ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थी। कार को जलते देख सड़क से गुजर रहे लोग खड़े होकर वीडियो बनाने लगे। पुलिस ने लोगों को समझाकर वहां से हटाया।करीब आधे घंटे लगे तब जाकर आग पर पाया जा सका। तब तक कार पूरी तरह से जल चुकी थी। दूसरी गाड़ी से दिल्ली भेजा गया पुलिस ने फोन करके दूसरी गाड़ी बुलाई। उसमें अभिनव अरोड़ा के परिवार को बिठाया गया। उसके बाद उन्हें सुरक्षित दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार - अभिनव के परिजन ने बताया कि दो दिन के अंदर उनके परिवार के साथ दो हादसे हो चुके हैं। हालांकि दोनों घटनाओं में उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। पहला हादसा 11 जुलाई की रात दिल्ली से वृंदावन जाते समय हुआ। जबकि दूसरा हादसा 12 जुलाई की रात वृंदावन से दिल्ली लौटते समय हुआ। दोनों घटनाओं में गाड़ियां जली हैं। कौन हैं अभिनव अरोड़ा?अभिनव अरोड़ा लेखक तरुण राज के बेटे हैं। दिल्ली में रहते हैं और एक प्राइवेट स्कूल में 5वीं के छात्र हैं। 10 साल के अभिनव अरोड़ा भगवान कृष्ण और राम की भक्ति करते हुए अक्सर वीडियो में दिखाई देते हैं। अभिनव के इंस्टाग्राम पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स हैं। -------------------------ये खबर भी पढ़ें गोरखपुर में कपल से बदसलूकी, विरोध करने पर मारपीट, VIDEO:कार से देर रात घूमने निकले थे; होटल में जॉब करते हैं गोरखपुर में गुरुवार रात करीब 11:20 बजे कार से घूम रहे एक कपल से बाइक सवार युवकों ने मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ अभद्रता की, युवक के साथ मारपीट की और कार का शीशा भी तोड़ दिया। घटना कैंट थाना क्षेत्र के रामगढ़ताल रिंग रोड के पास की है। पढ़िए पूरी खबर
दिल्ली-भोपाल शताब्दी ट्रेन में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने पर आईआरसीटीसी ने कैटरर पर जुर्माना लगाया
शनिवार को नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने के बाद भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने एक कैटरिंग सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने बदरपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीमें बाकी आरोपियों की सक्रिय रूप से तलाश कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीच कनेक्टिविटी को एक नई और हाई-स्पीड रफ्तार मिलने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आगरा और ग्वालियर के बीच 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra-Gwalior Expressway) तैयार किया जा रहा है.यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल इन तीन राज्यों के बीच व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के कीमती समय और ईंधन की भी भारी बचत करेगा.2.5 घंटे का सफर मात्र 75 मिनट में होगा पूरावर्तमान में यदि कोई व्यक्ति आगरा से ग्वालियर की यात्रा करता है, तो उसे धौलपुर (राजस्थान) और मुरैना (मध्य प्रदेश) के संकरे रास्तों और भारी शहरी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके कारण इस सफर में 2.5 से 3 घंटे का लंबा समय बर्बाद हो जाता है.120 की रफ्तार से फर्राटा: इस नए 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, गाड़ियां बिना किसी रुकावट के 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.दूरी आधी रह जाएगी: एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा से ग्वालियर के बीच की यह दूरी घटकर महज 75 से 80 मिनट (करीब सवा घंटा) में सिमट जाएगी.आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रूट मैप और संरचनायह एक्सप्रेसवे बेहद अनूठी संरचना और भविष्य की जरूरतों (Future Expansion) को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है:शुरुआत और अंत: यह नया हाईवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव (बाईपास) पर जाकर समाप्त होगा.8 लेन तक विस्तार संभव: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले समय में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आसानी से 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा.पुल और फ्लाईओवर: 88 किलोमीटर के इस पैच में यात्रा को सुगम बनाने के लिए 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 बड़े फ्लाईओवर और 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा रहा है.वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान (Chabal Eco-System):एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा संवेदनशील चंबल क्षेत्र से गुजरता है. इसलिए, चंबल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी (Chambal Wildlife Sanctuary) के पास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष 'ग्रीन बेल्ट' और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अत्याधुनिक अंडरपास (Animal Underpasses) बनाए जाएंगे ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा रूट; जानिए बजटइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग ₹4,613 करोड़ की भारी लागत आने का अनुमान है.चंबल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर इसे मुरैना के पास प्रस्तावित 'चंबल एक्सप्रेसवे' से भी इंटरकनेक्ट किया जाएगा.कोटा-दिल्ली-मुंबई रूट: इस जुड़ाव के कारण यात्रियों को राजस्थान के कोटा के रास्ते सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर चढ़ने की सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे उत्तर से पश्चिम भारत का सफर बेहद सुगम हो जाएगा.कब तक पूरा होगा काम और क्या होगा फायदा?एनएचएआई (NHAI) के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए 93% से अधिक भूमि का अधिग्रहण (Land Acquisition) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में आगरा के कुछ गिने-चुने पॉकेट्स में मुआवजे की रकम को लेकर स्थानीय किसानों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरा करके वर्ष 2027-2028 तक इसे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए.टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेमचेंजर साबित होने वाला है. आगरा में ताजमहल (Taj Mahal) देखने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब महज सवा घंटे में ग्वालियर के ऐतिहासिक किलों, महलों और सिंधिया संग्रहालय का दीदार करने आसानी से आ-जा सकेंगे, जिससे पूरे बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को एक नई संजीवनी मिलेगी.
Top News 13 July : अमेरिका और ईरान भीषण जंग जारी। कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुंची। बैंकॉक के पब में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में ईवी वाहनों पर सब्सिडी नियमों में बड़ा बदलाव। निक सिनर ने लगातार दूसरी बार विंबलडन का पुरुष ...
दिल्ली: बुजुर्ग से सोने की अंगूठी लूटने वाली दो महिला आरोपी गिरफ्तार
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में एक बुजुर्ग को गिराकर उसकी सोने की अंगूठी लूटने के मामले में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि दोनों महिलाएं पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुकी हैं और अकेले सफर कर रहे लोगों को निशाना बनाती थीं।
दिल्ली के नेहरू पैलेस की तर्ज पर लगेगा स्मार्ट गाइडेंस सिस्टम
भास्कर न्यूज | अम्बाला बाजारों में जाम की स्थिति से निपटने के लिए बनी कैंट की मल्टी लेवल पार्किंग जल्द ही मेट्रो सिटीज की तरह हाइटेक होने जा रही है। नगर परिषद यहां करीब 80 लाख रुपए की लागत से स्मार्ट पार्किंग गाइडेंस सिस्टम लगाने जा रहा है, जिसकी योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस नए डिजिटल सिस्टम के आने से पर्ची कटवाने को लेकर होने वाले विवाद तो खत्म होंगे ही, साथ ही सिफारिश के दम पर मुफ्त में गाड़ी खड़ी करने वालों पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी, जिससे नगर परिषद की आमदनी बढ़ेगी। {एंट्री पर ही दिखेगा स्पेस: दिल्ली के नेहरू पैलेस की तर्ज पर पार्किंग के हर फ्लोर पर गाइडेंस डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जाएगी। सेंसर सिस्टम की मदद से वाहन चालकों को एंट्री करते ही पता चलेगा किस फ्लोर पर कितनी गाड़ियों की जगह खाली है। {बिना स्कैन नहीं खुलेगा बैरियर: पार्किंग में एंट्री के वक्त बारकोड जनरेट होगा। वापसी में जब वाहन चालक इस बारकोड को स्कैन कर डिजिटल भुगतान करेगा, तभी बूम बैरियर खुलेगा। इमरजेंसी के लिए केवल कर्मचारियों के पास ही एक विशेष बारकोड जनरेट करने का अधिकार होगा। ^आधुनिकता के आधार पर मल्टीलेवल पार्किंग को विकसित किया जा रहा है, ताकि शहरवासियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मिल सकें। इस नई योजना को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू करा दिया जाएगा। -देवेंद्र नरवाल, ईओ, नगर परिषद, अम्बाला कैंट।
5 से रानीखेत एक्सप्रेस दिल्ली होकर नहीं आएगी
उत्तर रेलवे के दिल्ली यार्ड में तकनीकी कार्य के लिए लिए जा रहे ट्रैफिक ब्लॉक के कारण काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। इसके तहत ट्रेन 5 से 7 अगस्त तक परिवर्तित मार्ग से संचालित की जाएगी। इस अवधि में ट्रेन दिल्ली स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार तकनीकी कार्य के चलते ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस 5 से 7 अगस्त तक काठगोदाम से प्रस्थान करने पर निर्धारित मार्ग के बजाय गाजियाबाद-नई दिल्ली-दिल्ली सराय मार्ग से संचालित होगी। इस अवधि में ट्रेन का दिल्ली स्टेशन पर ठहराव नहीं होगा।
ट्विशा केस:एम्स दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट मिली, अब साक्ष्यों की कड़ी जोड़ रही सीबीआई
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद सीबीआई की जांच नए चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड ने घटनास्थल से जब्त जिम बेल्ट और ट्विशा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों से जुड़े पहलुओं का परीक्षण किया है। अब सीबीआई पड़ताल कर रही है कि मेडिकल बोर्ड की टिप्पणियां, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य एक-दूसरे की कितनी पुष्टि करते हैं। सीबीआई को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। जांच एजेंसी इसका अध्ययन कर रही है। अधिकारियों का फोकस मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक कड़ी तैयार करने पर है। यदि मेडिकल बोर्ड की टिप्पणियां भौतिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों से मेल खाती हैं तो अब तक बयानों और घटनाक्रम की दोबारा समीक्षा होगी। डिजिटल साक्ष्यों का भी हो रहा विश्लेषण: सीबीआई ट्विशा के मोबाइल फोन और लैपटॉप से डिलीट डेटा रिकवर कर रही है। चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। वहीं एम्स भोपाल के पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से पूछताछ में मिले बयानों का भी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है।
दिल्ली की 1,511 अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों को जल्द ही उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिल सकता है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं, ताकि वर्षों से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार मिल सके। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री उदय (PM-उदय) योजना को तेजी से लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता मांगी है। सरकार का कहना है कि इससे योजना को गति मिलेगी और लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी। शहरी विकास कोष के तहत राशि जारी करने की मांग मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 6 अप्रैल 2026 को अधिसूचित नए नियमों के बाद अब कॉलोनियों को ‘जैसी स्थिति है, उसी आधार पर’ नियमित किया जा रहा है। जिससे संपत्ति अधिकार मिलने का रास्ता बेहद आसान और पारदर्शी हो गया है। इस राशि का इस्तेमाल आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में होगा। दिल्ली सरकार ने केंद्र से यह राशि शहरी विकास कोष (UDF) के तहत जारी करने की मांग की है।
दिल्ली के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। 'पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता' (SASCI) योजना के तहत दिल्ली सरकार की 28 प्रमुख विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 1,647 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार द्वारा अपने स्तर पर पूंजीगत निवेश बढ़ाने के प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र ने 756 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी स्वीकृत किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को दिल्ली के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के इस सहयोग से राजधानी में सार्वजनिक सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी और बुनियादी विकास को नई गति मिलेगी। इन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिलेगी गति स्वीकृत की गई 28 परियोजनाओं में दिल्ली के यातायात और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। दिल्ली मेट्रो: मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को गति दी जाएगी। बारापुला कॉरिडोर: एलिवेटेड बारापुला कॉरिडोर के काम में तेजी आएगी। करावल नगर फ्लाईओवर: इस क्षेत्र में जाम से बड़ी राहत मिलेगी। ईवी चार्जिंग नेटवर्क: डीटीसी (DTC) बस डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधुनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। सड़क सुधार: राजधानी की कई अहम सड़कों के जीर्णोद्धार और मजबूतीकरण की योजनाएं इसमें शामिल हैं।
केंद्र ने दिल्ली की द्वारका सुरंग और उत्तर प्रदेश के कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी। 14,115 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार को नई गति देंगी।
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार को सुबह 10 बजे करीब एक युवक मालगाड़ी की चपेट में आ गया। नीम करोली रेलवे स्टेशन के पास हुई इस घटना में युवक की हाथ की दो उंगलियां कट गईं। गंभीर रूप से घायल युवक को लोहिया अस्पताल में करीब 12 बजे उसे भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान अंकित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बहराइच जनपद के छतर थारी का निवासी बताया जा रहा है, हालांकि अंकित ने खुद को गोरखपुर जनपद का निवासी बताया है। अंकित दिल्ली जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ था, लेकिन गलती से कानपुर में गलत ट्रेन में बैठ गया और फर्रुखाबाद पहुंच गया। जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, तो वह एक स्टेशन पर उतर गया और पैदल चलने लगा। कुछ दूर चलने के बाद थकान के कारण वह रेलवे ट्रैक के किनारे ही लेट गया। इसी दौरान एक मालगाड़ी आई और वह उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसके हाथ की दो उंगलियां कट गईं। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अंकित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद ले गई। वहां से उसे बेहतर उपचार के लिए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। दरोगा लक्ष्मण सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में युवक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर ग्रेनो वेस्ट की 130 मीटर रोड को शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके बनने से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा। करीब 1400 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 900 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। फ्लाईओवर के दोनों फ्लोर पर तीन-तीन लेन होंगी। दोनों तल पर वन-वे ट्रैफिक चलेगा। इस तरह 12 मीटर चौड़ाई में वाहनों के लिए कुल छह लेन उपलब्ध होंगी। जगह की कमी के कारण बदला डिजाइन शुरुआत में यहां चार लेन का फ्लाईओवर बनाने की योजना थी। इसकी अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ रुपए थी। हालांकि, निर्माण के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने बताया कि चार लेन के फ्लाईओवर के लिए करीब 15 मीटर खुली जगह चाहिए। शाहबेरी में अधिकतम 14 मीटर जगह ही उपलब्ध है। इसी समस्या को लेकर हाल में NHAI के साथ चर्चा की गई। इसके बाद कंसल्टेंट की मदद से दूसरे विकल्पों पर विचार किया गया। डबल डेकर फ्लाईओवर का डिजाइन तैयार कर उस पर सहमति बनी। NHAI ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने डबल डेकर फ्लाईओवर का प्रेजेंटेशन NHAI को दिया है। NHAI ने अब प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद निर्माण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के कारण पहले ही शाहबेरी फ्लाईओवर का निर्माण NHAI से कराने पर सहमति बन चुकी है। यू-शेप पिलर पर बनेगा फ्लाईओवर फ्लाईओवर के निर्माण में यू-शेप पीयर का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे नीचे की मौजूदा सड़क का उपयोग पहले की तरह किया जा सकेगा। स्थानीय बाजार, सोसायटियों और गांवों के लोग सड़क को सर्विस लेन के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। प्राधिकरण के मुताबिक, डबल डेकर डिजाइन भविष्य में वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तैयार किया गया है। तिगरी चौक के जाम से मिलेगी राहत अभी ग्रेनो वेस्ट से गाजियाबाद जाने के लिए लोगों को तिगरी चौक होकर गुजरना पड़ता है। यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है और जाम की स्थिति बनती है। शाहबेरी फ्लाईओवर बनने के बाद 130 मीटर रोड से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे गाजियाबाद का सफर आसान होगा और तिगरी चौक पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में आज महिला कांग्रेस की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। वहीं महिलाओं को आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले बैठक कर जिला प्रधान डा. राजवती ने आगामी 21 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले 'चलो संसद' अभियान के बारे में बताया। बैठक के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान, मिस्ड कॉल अभियान और हस्ताक्षर अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान महिलाओं ने संसद से पारित महिला आरक्षण कानून को बिना किसी देरी के लागू करने की मांग की। सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी डॉ. राजवती यादव ने कहा कि देश की आधी आबादी को उसका संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व अब और अधिक समय तक नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि संसद से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। पूरे देश में चल रहा अभियान यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के प्रति गंभीर है तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व और हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी के मार्गदर्शन में पूरे देश और प्रदेश में महिलाओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। 21 जुलाई को जाएंगे दिल्ली इसी कड़ी में 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित 'चलो संसद' कार्यक्रम में हजारों महिलाएं अपनी लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करेंगी। डॉ. राजवती ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले से भी बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली पहुंचकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने की मांग करेंगी। उन्होंने महिलाओं, युवतियों और जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता मोनिका, संतोष सहित अन्य महिला कार्यकर्ता और मातृशक्ति मौजूद रहीं।
नूंह जिले में पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी की 6 बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों में 5 स्प्लेंडर और एक यामाहा आर-15 शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये बाइक नूंह, गुरुग्राम और दिल्ली से चुराई गई थीं। इससे आरोपी के अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिजवान उर्फ रिज्जू पुत्र ईशाक निवासी अडबर, थाना सदर नूंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे पहले एक चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। इंजन और चेसिस नंबर की जांच से पता चला कि यह बाइक गुरुग्राम के खेड़की दौला थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। गुरुग्राम और दिल्ली से चोरी का 4 बाइक इसके बाद दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपी से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में रिजवान ने कई अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से 5 और चोरी की बाइक बरामद की गईं। जांच में यह भी पता चला कि बरामद 6 बाइकों में से 2 नूंह से, 2 गुरुग्राम से और 2 दिल्ली से चोरी की गई थीं। इन सभी का संबंध संबंधित थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों से है। बरामद बाइकों को पुलिस ने कब्जे में लिया जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी अकेले इन वारदातों को अंजाम देता था या वह किसी संगठित वाहन चोर गिरोह का हिस्सा है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि चोरी की इन बाइकों को कहां और किसके माध्यम से बेचा जाना था। फिलहाल, सभी बरामद बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से और पूछताछ में वाहन चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशानों का गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क से मेल खाने की बात सामने आई है। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 11 पेज की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। रिपोर्ट की अनुपालन प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम करने के साथ घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। बताया जा रहा है कि हिस्टोपैथोलॉजिकल और अन्य लैब जांच में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मौजूद निशानों और ट्विशा की गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता पाई गई है। रिपोर्ट तैयार करने से पहले विशेषज्ञों ने करीब एक महीने तक विभिन्न वैज्ञानिक परीक्षण और फॉरेंसिक विश्लेषण किए। रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, CBI करेगी जांच में इस्तेमाल दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना है कि मेडिकल बोर्ड ने सभी संभावित पहलुओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर निष्कर्ष तैयार किए हैं। कोर्ट के निर्देशों के चलते रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था दूसरा पोस्टमॉर्टम 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। शुरुआती जांच और पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद परिजन ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसके बाद दिल्ली AIIMSसे दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने और बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए गए। दूसरा पोस्टमॉर्टम क्यों कराना पड़ा? पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल की गई जिम बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी। इसी कारण मौत के कारण और इस्तेमाल हुई सामग्री को लेकर कई सवाल बने रहे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। अब यह अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई की जांच में अहम वैज्ञानिक साक्ष्य मानी जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रही कोर्ट में पेशी बता दें कि गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के महिला बंदी वार्ड में बंद हैं, जबकि समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल के 'बी' खंड स्थित बिल्डिंग सेंटर में न्यायिक हिरासत में है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर 2 जून को जेल भेजा गया था, तब से उनकी हर सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई जा रही है। केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्विशा केस- CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई:सास-पति के सामने सीन रीक्रिएट, अबॉर्शन की सलाह देने वाली डॉक्टर से पूछताछ होगी ट्विशा केस-CBI के सवालों से घबराईं पूर्व जज गिरिबाला सिंह:एंग्जाइटी-घबराहट की शिकायत की; सीसीटीवी, बॉडी पर चोटों के निशान को लेकर जवाब तलब
रायसेन जिले के बरेली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई चोरी नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में अंतरराज्यीय पारदी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी कपिल गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस फरार गैंग सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की रात दाम मिल मोहल्ला निवासी राजेंद्र वर्मा के घर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। इस घटना के बाद बरेली थाने में नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गुना में दबिश देकर पुलिस ने पकड़ाजांच के दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम को गुना भेजा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से लगातार दबिश देकर खेजड़ा चक निवासी मुरार पिता कालू पारदी और रॉकी पिता भंवरलाल पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में गैंग के अन्य सदस्य टोनी उर्फ डेविड पारदी, कीमतीलाल पारदी और अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुरार के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रॉकी पर हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में राजस्थान सीमा के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले प्राथमिक उपचार दिलाया गया और घर ले जाया गया, लेकिन अगले दिन तबीयत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस ने शव को नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमार्टम करवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान महेंद्रगढ़ जिले के गांव नांगल काठा निवासी करीब 55 वर्षीय रामौतार उर्फ महाश्य के रूप में हुई है। दिल्ली में करते थे नौकरी परिजनों के अनुसार, रामौतार दिल्ली में एक डेयरी पर कार्यरत था। वह बीते दिन अपने गांव नांगल काठा आया हुआ था। वहां से वह पैदल राजस्थान सीमा स्थित गांव दुलोठ अहीर में अपने भाई की सीमेंट की दुकान पर जा रहा था। अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर इसी दौरान भालोठ और दुलोठ के बीच किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने उनके पास मिले आधार कार्ड के जरिए परिजनों को सूचना दी। निंबी ले गए डॉक्टर के पास सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और उन्हें उपचार के लिए राजस्थान के निंबी गांव में एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां प्राथमिक उपचार और पट्टी की गई। इसके बाद उन्हें घर ले आया गया। रात को तबियत हुई खराब परिजनों ने बताया कि रात के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। सुबह हालत अधिक गंभीर होने पर उन्हें दोबारा डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। राजस्थान पुलिस ने की कार्रवाई घटना की सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का नारनौल के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है।
यूपी-बिहार में भारी वर्षा का दौर, दिल्ली-मुंबई समेत कई राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा है, जबकि मुंबई में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।
बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव के दिन अब ज्यादा नहीं रह गए हैं। इसलिए भाजपा की तैयारियां जोरों पर है। पहले घोषित कैंडिडेट अभिषेक सिन्हा ने नाम वापस लेने का ऐलान कर दिया। पार्टी ने उनकी जगह नीरज सिन्हा को नया उम्मीदवार बनाया है। बांकीपुर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का विधानसभा क्षेत्र रहा है। इसलिए इस चुनाव को उनकी प्रतिष्ठा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भले ही वे इन दिनों दिल्ली में हैं, लेकिन चुनाव की पूरी मॉनिटरिंग वहीं से कर रहे हैं। नितिन मंडल अध्यक्ष, बूथ प्रभारियों और कोर टीम के नेताओं से फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संपर्क में हैं। चुनावी फीडबैक के आधार पर रणनीति भी तय हो रही है। बीजेपी ने चुनाव प्रचार को पूरी तरह माइक्रो मैनेजमेंट के आधार पर चलाने का फैसला किया है। किस नेता को किस वार्ड, मोहल्ले और किस समय प्रचार करना है, इसकी अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं। उम्मीदवार के साथ रोड शो, जनसंपर्क, नुक्कड़ सभा और स्थानीय बैठकों का पूरा कैलेंडर तैयार किया गया है ताकि प्रचार में कोई खाली जगह न रहे। बीजेपी की सबसे बड़ी रणनीति अब बूथ प्रबंधन को मजबूत करना है। बांकीपुर विधानसभा के सभी 422 बूथों के लिए अलग-अलग जिम्मेदार नेताओं की नियुक्ति की गई है। इनमें विधायक, सांसद, जिला और मंडल पदाधिकारी सहित संगठन के अनुभवी कार्यकर्ता शामिल हैं। डैमैज कंट्रोल के मोड में पार्टी हर प्रभारी को मतदान के दिन अपने बूथ पर अधिकतम समर्थकों को दोपहर तक मतदान केंद्र तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। पार्टी का मानना है कि यदि अपने पारंपरिक वोटरों का अधिक से अधिक मतदान कर लिया गया तो उम्मीदवार बदलने से राजनीतिक चुनौती का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीदवार बदलने के बाद बीजेपी अब पूरी तरह डैमेज कंट्रोल मोड में है। युवा उम्मीदवार, संगठन आधारित प्रचार, दिल्ली से सीधे चुनाव संचालन, वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी और बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए पार्टी बांकीपुर में चुनावी मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। उम्मीदवारी वापसी पर बीजेपी का बचाव पार्टी के भीतर यह संदेश भी प्रमुखता से दिया जा रहा है कि अभिषेक बंटी की उम्मीदवारी मजबूरी में वापस ली गई ताकि भविष्य में किसी भी तरह का राजनीतिक विवाद या पुराने मामलों को लेकर विपक्ष को हमला करने का मौका न मिले। बीजेपी यह भी प्रचारित कर रही है कि उम्मीदवार बदलने के बावजूद पार्टी ने किसी बड़े चेहरे को नहीं बल्कि बूथ स्तर पर लंबे समय तक काम करने वाले युवा कार्यकर्ता को टिकट देकर संगठन सर्वोपरि होने का संदेश दिया है। नीरज को दोस्त-सहपाठी बताकर प्रचार करने की रणनीति बीजेपी ने चुनाव प्रचार की नई रणनीति में युवाओं को सबसे बड़ा लक्ष्य बनाया है। पार्टी के प्रचारकों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे नीरज सिन्हा को क्षेत्र का अपना साथी, मित्र और सहपाठी बताकर मतदाताओं तक पहुंचें। इसके साथ ही यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद पार्टी ने जानबूझकर युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है। मोहल्ला स्तर पर छोटी बैठकों, घर-घर संपर्क और सोशल मीडिया के जरिए भी इसी संदेश को मजबूत किया जा रहा है। युवा चेहरे से राजनीतिक संदेश देने की तैयारी उम्मीदवार बदलने के बाद बीजेपी अब पूरी ताकत के साथ यह संदेश देने में जुट गई है कि पार्टी में केवल बड़े नेताओं या प्रभावशाली चेहरों को ही नहीं बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। पार्टी नए उम्मीदवार नीरज सिन्हा को एक साधारण कार्यकर्ता, मंडल स्तर से संघर्ष कर आगे बढ़ने वाले युवा चेहरे और संगठन के समर्पित सिपाही के रूप में पेश कर रही है। बीजेपी का मानना है कि इससे युवाओं और संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा कि मेहनत करने वालों को पार्टी सम्मान देती है। कैंडिडेट घोषणा के 24 घंटे अंदर नामांकन वापस बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बदलने का फैसला भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से बड़ी चुनौती बन गया है। पार्टी ने पहले अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन घोषणा के महज 24 घंटे के भीतर उनका नामांकन वापस लेने का फैसला लिया गया। इसके तुरंत बाद बीजेपी ने नीरज सिन्हा को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया। हालांकि पार्टी ने तेजी से नया उम्मीदवार उतारकर नुकसान की भरपाई की कोशिश की लेकिन इस घटनाक्रम ने विपक्ष को बीजेपी पर सवाल उठाने का बड़ा अवसर दे दिया। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और आरजेडी लगातार इसे मुद्दा बनाकर बीजेपी के निर्णय पर निशाना साध रहे हैं।
राजधानी के विकास और ट्रैफिक को रफ्तार देने वाले उम्मीद की रिंग जल्द आकार लेने लगेगी। 20 साल पहले 2004 इसकी कवायद शुरू हुई थी। सात साल पहले आधी (साउथ) रिंग बन गई थी, अब बची हुई आधी (नॉर्दर्न रिंग रोड परियोजना) भी अगले तीन साल में नजर आने लगेगी। यह 10 तहसीलों से होकर गुजरेगी। 67 गांवों के 4,123 खसरों की 3,845 बीघा भूमि इस परियोजना में आएगी। इससे प्रभावित लोगों की आपत्तियां एडीएम-द्वितीय ने निस्तारण कर दी हैं। अब एनएचएआई को धारा 3डी की कार्रवाई के लिए फाइल सौंप दी है। प्रशासन संबंधित गांवों में राजस्व रिकॉर्ड और खसरों का भौतिक सत्यापन कर रहा है। निर्माण शुरू होने के बाद सड़क दो साल में तैयार हो सकती है। इसके बनने से अजमेर हाईवे से दिल्ली हाईवे जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। साथ ही 10 तहसीलों में विकास का रास्ता खुलेगा। अब धारा 3डी की कार्रवाई होगी, मुआवजा तय होते ही कब्जा प्रक्रिया शुरू होगी इन गांवों से होकर गुजरेगी रिंग रोड
पंजाब कांग्रेस में पिछले 5 दिनों तक चले सियासी घटनाक्रम का सबसे बड़ा नतीजा न तो राजा वड़िंग की जीत है और न ही चरणजीत सिंह चन्नी की हार। असली बदलाव यह है कि पार्टी के भीतर फैसलों का केंद्र पहले से ज्यादा दिल्ली हो गया है। चन्नी खेमे ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग रखी, वड़िंग अपने पद पर कायम रहे, लेकिन अंतिम फैसला किसी गुट ने नहीं, बल्कि हाईकमान ने लिया। पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने दोनों पक्षों की बातें सुनकर साफ कर दिया कि सभी नेताओं की राय दिल्ली तक जाएगी और टिकट जीतने की क्षमता के आधार पर तय होंगे। साथ ही यह भी साफ हो गया कि पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो इस पूरे घटनाक्रम ने हाईकमान की भूमिका और मजबूत कर दी है। जबकि, पंजाब के नेताओं की अगली राजनीतिक लड़ाई अब दिल्ली में प्रभाव बनाने की होगी। वड़िंग को क्या मिला: कुर्सी बची, लेकिन परीक्षा अभी बाकी पिछले एक सप्ताह से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी रही। इसके बावजूद हाईकमान ने 23 जिला अध्यक्ष राजा वड़िंग के गुट के होने की वजह से नेतृत्व परिवर्तन से इनकार कर दिया। इससे राजा वड़िंग को तत्काल राहत मिली और उनका संगठनात्मक अधिकार बरकरार रहा। हालांकि, इस विवाद ने यह भी दिखा दिया कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल मौजूद हैं। अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना और यह साबित करना होगी कि मौजूदा नेतृत्व में कांग्रेस 2027 का चुनाव मजबूती से लड़ सकती है। चन्नी को क्या मिला: बात सुनी गई, राजनीतिक वजन भी दिखा पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी नेतृत्व परिवर्तन नहीं करा सके, लेकिन यह जरूर साबित कर दिया कि उन्हें नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। उनकी नाराजगी के बाद अलग बैठक हुई, उनके तर्क सुने गए और प्रभारी ने भरोसा दिया कि पूरी रिपोर्ट हाईकमान तक जाएगी। इससे यह संदेश गया कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी अब भी सबसे प्रभावशाली नेताओं में हैं। खासकर, करीब 32% दलित वोट बैंक को कांग्रेस नाराज नहीं करना चाहती। हालांकि, चन्नी को भी यह स्पष्ट संकेत मिला कि केवल राजनीतिक दबाव से संगठनात्मक फैसले नहीं बदलेंगे। हाईकमान सबसे ताकतवर कैसे हुआ? इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ केंद्रीय नेतृत्व को मिला। एक तरफ वड़िंग अपने समर्थकों के साथ थे, दूसरी तरफ चन्नी और रंधावा नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे। लेकिन, अंतिम फैसला न चंडीगढ़ में हुआ और न किसी गुट के दबाव में। सभी पक्षों को अपनी बात हाईकमान तक पहुंचानी पड़ी। इससे साफ संकेत गया कि पंजाब कांग्रेस में संगठन, टिकट और बड़े राजनीतिक फैसलों की अंतिम चाभी अब भी दिल्ली के पास ही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस घटनाक्रम ने केंद्रीय नेतृत्व की पकड़ और मजबूत कर दी है। भूपेश बघेल नए पावर सेंटर क्यों बने? 5 दिनों के पूरे घटनाक्रम में सबसे सक्रिय भूमिका पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की रही। उन्होंने पहले नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। फिर असंतुष्ट खेमे की बैठक की और अंत में दोनों पक्षों को एक संदेश दिया कि अंतिम रिपोर्ट हाईकमान के पास जाएगी। टिकट वितरण, नेताओं के प्रदर्शन, संगठन की स्थिति और चुनावी तैयारियों का फीडबैक अब उनके जरिए ही दिल्ली पहुंचेगा। ऐसे में पंजाब कांग्रेस में फिलहाल नेताओं और हाईकमान के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उनकी भूमिका उभरती दिखाई दे रही है। अब नेताओं की दिल्ली दौड़ क्यों बढ़ेगी? बैठक के बाद यह लगभग साफ हो गया कि 2027 की तैयारी में सबसे अहम फैसले, जैसे; टिकट, संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति, दिल्ली में तय होंगे। ऐसे में विधायक, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, टिकट के दावेदार और विभिन्न गुटों के नेता अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता का संदेश पहले प्रभारी और फिर हाईकमान तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में पंजाब से दिल्ली की राजनीतिक आवाजाही और लॉबिंग पहले से ज्यादा बढ़ सकती है। इसके राजनीतिक मायने क्या? 5 दिन पहले यह लड़ाई वड़िंग बनाम चन्नी के रूप में शुरू हुई थी। 5 दिन बाद तस्वीर बदल चुकी है। वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष बने रहे, चन्नी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने में सफल रहे, लेकिन सबसे मजबूत होकर उभरा हाईकमान। अब पंजाब कांग्रेस की अगली बड़ी लड़ाई सार्वजनिक बयानबाजी से ज्यादा दिल्ली में राजनीतिक प्रभाव बनाने की होगी। टिकट से लेकर चुनावी रणनीति तक, हर बड़ा फैसला उसी दरवाजे से निकलेगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस के बागी गुट की मीटिंग में गर्मागर्मी, चन्नी बोले- वड़िंग कुर्सी छोड़ें, रंधावा बोले- कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए पंजाब कांग्रेस में बगावत के बीच AICC के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को चंडीगढ़ में बागी गुट से 2 घंटे मीटिंग की। इसमें हर वक्त माहौल गर्माया रहा। 3 सांसदों व 9 MLA वाले बागी गुट ने साफ कर दिया कि वह मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग की अगुआई में काम नहीं कर सकते। पढ़ें पूरी खबर…
भारतीय स्पेशल ओलंपिक फुटबॉल टीम स्वीडन में आयोजित होने वाले गोथिया कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गई है। नई दिल्ली स्थित स्वीडन दूतावास में आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह में धमतरी के खिलाड़ी सत्यांशु दीप को छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने पर सम्मानित किया गया। विदाई समारोह का आयोजन स्पेशल ओलंपिक्स भारत, स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़, एसकेएफ इंडिया और स्वीडन दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान भारतीय टीम के 10 विशेष खिलाड़ियों, हेड कोच, असिस्टेंट कोच और टीम अधिकारियों का सम्मान किया गया। खिलाड़ियों को मिली पूरी टीम किट समारोह में खिलाड़ियों को आधिकारिक जर्सी, ट्रैवल बैग, ट्रॉली सूटकेस, स्पोर्ट्स शूज़, ग्लव्स और अन्य खेल सामग्री सहित पूरी टीम किट प्रदान की गई। 12 से 18 जुलाई तक होगा टूर्नामेंट भारतीय टीम 11 जुलाई को नई दिल्ली से स्वीडन के गोथेनबर्ग के लिए रवाना हुई। 12 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाले स्पेशल ओलंपिक गोथिया कप में टीम भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। धमतरी और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव स्पेशल ओलंपिक्स भारत–छत्तीसगढ़ के माध्यम से चयनित सत्यांशु दीप का भारतीय टीम में चयन धमतरी और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा बनी है। कई राज्यों के खिलाड़ी टीम में शामिल भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ के सत्यांशु दीप के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और बिहार के खिलाड़ी शामिल हैं। समारोह में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि भारतीय टीम स्वीडन में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी।
बागपत पुलिस ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक सघन चेकिंग अभियान चलाया। करीब तीन घंटे चले इस अभियान में 20 से अधिक वाहन चालकों के चालान किए गए। इनमें दो वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे, जिन पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह अभियान बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के काठा गांव के पास टोल प्लाजा पर चलाया गया। इस दौरान दिल्ली से देहरादून की ओर जा रहे वाहनों की सघन तलाशी ली गई। सीओ सुकन्या शर्मा और ट्रैफिक इंस्पेक्टर नोवेंद्र सिरोही ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस चेकिंग अभियान का नेतृत्व किया। अभियान के दौरान शराब पीकर तेज रफ्तार से वाहन चला रहे दो चालकों के चालान किए गए। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर प्लेट, काली फिल्म वाले शीशे, ओवरस्पीडिंग और बिना सीट बेल्ट ड्राइव जैसे विभिन्न ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 18 अन्य वाहन चालकों पर भी कार्रवाई की गई। यह चेकिंग अभियान शनिवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ और रात 9 बजे तक चला। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और सख्त हिदायत दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा उद्यान मार्ग पर निर्मित हाई-टेक, डिजिटल एवं अत्याधुनिक लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपीएन) सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण शनिवार को किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ इस हाई-टेक लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है। राष्ट्र-निर्माण और देश को वैभव दिलाने वाली तमाम गतिविधियों का मूल ज्ञान और विवेक में है, जो सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे अपने जीवन में पढ़ने की आदत जरूर डालें, क्योंकि पढ़ने से अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाता है। सोचने से पहले पढ़ना जरूरी: शाह अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान सभागार में लिखे एक वाक्य 'बोलने से पहले सोचना चाहिए' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी वाक्य बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए कि आखिर सोचना क्या है। यह संस्कार हमें सिर्फ पुस्तकालय से ही मिल सकता है। अलादिन के चिराग से वेदों-उपनिषदों तक का सफर गृह मंत्री ने अपने जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका बचपन जिस छोटे कस्बे में बीता, वहां एक समृद्ध पुस्तकालय था। उस लाइब्रेरी ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बचपन में अलादिन और जादुई चिराग, अलीबाबा और चालीस चोर और सिंदबाद की यात्रा जैसी कहानियां पढ़ते-पढ़ते मेरी अध्ययन यात्रा कब वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, मुझे पता ही नहीं चला। हर शुक्रवार गांव में पहुंचती है बच्चों की पसंद की किताब अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में किए गए एक सफल प्रयोग को दिल्ली में भी दोहराने की बात कही। उन्होंने बताया उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग हर गांव में 3 से 4 हजार पुस्तकों वाली लाइब्रेरी खोली गई है। इन सभी को मुख्य डिजिटल पुस्तकालय से लिंक किया गया है, जहां सवा लाख से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। ग्रामीण बच्चों तक किताबें पहुंचाने के लिए 4 मोबाइल वैन चलाई जा रही हैं। बच्चे जिस किताब की डिमांड पर्ची पर लिखकर देते हैं, उसे हर शुक्रवार उनके गांव में डिलीवर कर दिया जाता है। दिल्ली सरकार और लाइब्रेरी स्टाफ को गृहमंत्री का टास्क गृहमंत्री ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वे दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में डिजिटल रूप से लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने जेपीएन पुस्तकालय के स्टाफ से कहा कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क करें और युवाओं को यहां आकर पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्र, परिषद सदस्य डीपी सिंह और एनडीएमसी के सचिव राहुल सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
कैथल में सिविल अस्पताल में शनिवार को उस समय अफरा तफरी मच गई, जब हरियाणा रोडवेज का एक ड्राइवर सवारियों से भरी बस को लेकर अंदर दाखिल हो गया। बस को अस्पताल में देखकर स्टाफ चौंक गया और कारण पूछा। पता चला कि दिल्ली से कैथल आ रही बस से हाईवे पर टकराकर बाइक सवार भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। ड्राइवर और कंडक्टर ने जैसे ही हादसे को देखा तो तुरंत बस रोकी और सवारियों के साथ ही अस्पताल लेकर पहुंचा गया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ तुरंत एक्शन मोड़ में आया और घायल भाई-बहन को बस से उतारकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया। ड्राइवर और कंडक्टर की इस सूझबूझ की वहां मौजूद लोगों से सराहना की। कैसे हुआ घटनाक्रम, बस ड्राइवर-कंडक्टर ने बताई ये बातें… दोनों भाई-बहन की की हालत ठीक राजेंद्र सिंह ने बताया कि बस को कैथल ही आना था, इसलिए दोनों को पहले अस्पताल में दाखिल करवाया और फिर बस स्टैंड पर गई। दोनों भाई बहन को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। थोड़ी बहुत चोटें लगी हैं। अब दोनों की हालत में सुधार है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
मिर्जापुर में ऐतिहासिक घंटाघर के संरक्षण और पुनरुद्धार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी के प्रयासों से उत्तर प्रदेश सरकार के पुरातत्व विभाग के निर्देश पर दिल्ली से एक विशेषज्ञ आर्किटेक्ट्स टीम ने घंटाघर का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने इसकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत अध्ययन किया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने घंटाघर की संरचना, वास्तुकला और इसके मूल स्वरूप से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य घंटाघर को उसके ऐतिहासिक और मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित करना है।नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने बताया कि घंटाघर जिले की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसे संरक्षित करना हमारी जिम्मेदारी है। केसरी ने यह भी उल्लेख किया कि जनसहयोग से निर्मित इस धरोहर के संरक्षण के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी शहर के गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें। अध्यक्ष केसरी ने विश्वास व्यक्त किया कि डीपीआर तैयार होने के बाद पुनरुद्धार कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। 11 जुलाई यानी आज 5 घंटे में दो एक्सीडेंट हो गए, जिनमें एक ड्राइवर की मौत हो गई। एक ड्राइवर का पैर फ्रेक्चर हो गया। दोनो घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्र की है। दोनों ट्रक व ट्रेलर ड्राइवर मुंबई से दिल्ली जा रहे थे। पहली घटना बूढ़ादीत थाना क्षेत्र की है। मंडावरा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 360.6 की है। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे ट्रक नंबर RJ34GA4377 का टायर फट गया। ट्रक एक्सप्रेसवे पर खड़ा था। इसी दौरान मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा कंटेनर NL01Q4582 पीछे से खड़े ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से कडी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानपुर पहुंचाया गया। हादसे में कंटेनर ड्राइवर फखरुद्दीन पुत्र नंदू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर एक ओर कराया। आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर की टक्कर दूसरी घटना दोपहर 4 बजे सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास की है। यहां आगे चल रहे ट्रक से ट्रेलर भिड़ गया। ट्रेलर ड्राइवर शंकर मीणा निवासी निमली, सवाई माधोपुर,मुंबई से दिल्ली की ओर जा रहा था। ड्राइवर ने बताया कि वो नॉर्मल स्पीड से चला रहा था। तभी आगे चल रहे ट्रक ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। अचानक ब्रेक लगने से वह ट्रेलर को नियंत्रित नहीं कर सका और ट्रक से जा भिड़ा। हादसे की सूचना पर एक्सप्रेस-वे की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल ड्राइवर को सुल्तानपुर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोटा रैफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर पुलिस भी मौके और हॉस्पिटल पहुंची। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया था निरीक्षण बता दें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 जून बुधवार को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर 550 किमी का सफर किया। इस दौरान उन्होंने एक्सप्रेस वे की स्थिति व सुरक्षा मानकों,सड़क की गुणवत्ता, गड्ढों, पेचवर्क और खराब अलाइनमेंट का जायजा लिया। --- ये खबर भी पढ़िए - गडकरी बोले-2 साल में दिल्ली से मुंबई 12-घंटे में पहुंचेंगे:जो बोलेंगे वह करके दिखाएंगे, यही हमारी पहचान; कोटा से इटावा तक अटल एक्सप्रेसवे बनेगा खबर पढ़े
मऊगंज जिले के ग्राम करकचहा की पहाड़ी बसाहट 'नई दिल्ली' इन दिनों पेयजल संकट के दौर से गुजर रही है। सरकार के 'हर घर नल, हर घर जल' और जल जीवन मिशन की सफलता के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बसाहट के लगभग 80 परिवार आज भी स्वच्छ पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी बदतर है कि ग्रामीण और मवेशी एक ही काई युक्त कुंड से पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बीमारियां पैर पसार रही हैं। 3 महीने में 20 से अधिक लोग पड़े बीमार हनुमना-कटरा मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में बसी इस 'नई दिल्ली' बसाहट में 400 से अधिक लोग रहते हैं। यहां पानी का एकमात्र जरिया गांव के बीच बना एक पुराना गड्ढेनुमा कुंड (झरना) है। इस कुंड में गर्मियों में महज दो फीट पानी बचता है, जबकि बरसात में आसपास की गंदगी और मिट्टी मिलकर इसे और दूषित कर देती है। पानी के ऊपर हरी काई की मोटी परत जमी रहती है। ग्रामीण इस पानी को कपड़े से छानकर पीने को मजबूर हैं, जबकि मवेशी और जंगली जानवर इसे सीधे पीते हैं। इस दूषित पानी के कारण पिछले तीन महीनों में 20 से ज्यादा लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी बीमारियों के शिकार हो चुके हैं, जिन्हें इलाज के लिए हनुमना या मऊगंज जाना पड़ता है। 40 साल से नहीं बदले हालात, रसूखदारों के घर लगे हैंडपंप स्थानीय निवासी राजकुमार (40) और राजबहोर साकेत ने बताया कि वे बचपन से लेकर आज तक इसी गड्ढे का गंदा पानी पी रहे हैं और दशकों बाद भी यहां की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के लिए हैंडपंप तो स्वीकृत हुए, लेकिन रसूखदारों ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें अपने घरों के पास लगवा लिया। इस बसाहट में न तो जल जीवन मिशन की पाइपलाइन पहुंची है और न ही प्रशासन ने पानी का कोई दूसरा विकल्प दिया है। ग्राम पंचायत के सरपंच दशरथ प्रसाद कोरी ने भी माना कि इस बसाहट में पानी की गंभीर समस्या है और दूर-दराज के हैंडपंपों की वजह से अधिकांश आबादी इसी कुंड पर निर्भर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
दिल्ली रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेंद्र त्रिपाठी शनिवार को जाखल जंक्शन का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और विभिन्न निर्माण कार्यों का जायजा लिया। डीआरएम ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि रेलवे में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीआरएम ने स्टेशन परिसर में टिकट आरक्षण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए स्टेशन पर कोच डिस्प्ले प्रणाली को बेहतर बनाने तथा अन्य यात्री सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। रेलवे कॉलोनी में भी जांची सफाई व्यवस्था इसके साथ ही स्टेशन परिसर और रेलवे कॉलोनी में नियमित एवं प्रभावी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर-1 और 2 का दौरा कर यात्री सुविधाओं, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रेलवे कॉलोनी में पहुंचकर सफाई व्यवस्था और चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के आदेश दिए। पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि स्टेशन परिसर में स्थित फर्स्ट क्लास एसी हॉल का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे नियमानुसार कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से उपलब्ध कराकर लोगों को रोजगार और आय का अवसर दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रेलवे की उपलब्ध संपत्तियों का बेहतर उपयोग होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के साथ समीक्षा मीटिंग भी की निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन के रखरखाव, स्वच्छता, निर्माण कार्यों की प्रगति और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इस अवसर पर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्थानीय भाजपा नेताओं और समाजसेवियों ने मंडल रेल प्रबंधक पुष्पेंद्र त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर जाखल की लंबे समय से लंबित रेल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने का कार्य जल्द शुरू करने तथा तलवाड़ा रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन अंडरपास को जल्द चालू कराने की मांग की, ताकि यातायात की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
दिल्ली को पानी के संकट से उबारने और पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के 75 सीएम श्री (CM SHRI) स्कूलों में वर्षा जल संचयन बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) शिक्षा निदेशालय और अहसास फाउंडेशन के बीच हुआ है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) पहल के तहत इस पूरी परियोजना को सपोर्ट कर रही है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से चुनिंदा स्कूलों में छतों पर वर्षा जल संचयन प्रणाली बनाई जाएगी। इससे न केवल बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकेगा, बल्कि भूजल स्तर को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों में बढ़ेगी जागरूकता इस परियोजना का एक मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। इसके तहत स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों और शिक्षकों के बीच पानी बचाने और उसके सही उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। एक हरित और जल-सुरक्षित दिल्ली की ओर कदम यह एक पायलट प्रोजेक्ट (प्रायोगिक परियोजना) है। इस पहल की सफलता के बाद आने वाले समय में दिल्ली के अन्य सभी सरकारी और नगर निगम (MCD) के स्कूलों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तार किया जाएगा, जो दिल्ली को अधिक हरित और जल-सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले की गहन तलाशी ली। इस दौरान, कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
मन्नत के मालिक शाहरुख खान ने दिल्ली में खरीदा अपना पहला आशियाना, इतने करोड़ में हुई डील
शाहरुख खान भले ही आज मुंबई के आलीशान बंगले 'मन्नत' में रहते हों और दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में गिने जाते हों, लेकिन उनका दिल आज भी देश की राजधानी दिल्ली के लिए धड़कता है। शाहरुख खान के पास देश-दुनिया में कई लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं। शाहरुख खान ने ...
दिल्ली से भोपाल आ रही 12002 नई दिल्ली–रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में शनिवार सुबह यात्रियों को नाश्ते में एक्सपायरी ब्रेड परोसने का मामला सामने आया। C-4 कोच के करीब 74 यात्रियों, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। सभी को ऐसी ब्रेड दी गई जिसकी यूज बाय डेट 10 जुलाई 2026 थी। ज्यादातर यात्री ब्रेड खा चुके थे। इसके बाद पैकेट पर तारीख देखकर ट्रेन में फूड पॉयजनिंग की आशंका हुई। यात्रियों का कहना है कि यह मामला केवल एक कोच तक सीमित नहीं था। कोच के बाहर रखे कैटरिंग पैकेट्स में भी उसी तारीख वाली ब्रेड मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि एक्सपायरी ब्रेड ट्रेन के कई कोचों में यात्रियों को परोसी गई होगी। घटना के बाद कई यात्रियों ने रेल मदद ऐप और ऑनलाइन उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कमीशन) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। ब्रेड खाने के बाद चली एक्सपायरी डेट का पता दिल्ली से भोपाल जा रहे यात्री सीनियर एनालिस्ट प्रणव ने बताया कि सुबह सभी यात्रियों को नाश्ते में ब्रेड दी गई थी। अधिकांश लोग उसे खा चुके थे। तभी पीछे बैठे एक यात्री ने पैकेट पर अंकित 'यूज़ बाय' डेट देखकर बताया कि ब्रेड की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज कराई। एक अन्य यात्री अशोक कालिया ने बताया कि उन्हें भी नाश्ते में इसी तारीख वाली ब्रेड दी गई। उनका कहना था कि यदि आज यह लापरवाही सामने आई है तो यह कहना मुश्किल है कि पहले कितनी बार यात्रियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री परोसी गई होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं रेलवे की खानपान व्यवस्था पर यात्रियों के भरोसे को कमजोर करती हैं। ITCTC अधिकारी ने नॉर्दर्न रेलवे पर डाली जिम्मेदारी मामले में आईआरसीटीसी के रीजनल अधिकारी मनोरंजन बिनकर ने कहा कि यह नॉर्दर्न रेलवे की ट्रेन है और इसका खाना वहीं से लोड किया जाता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जांच या कार्रवाई के संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। रेलवे व्यवस्था के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन और ऑनबोर्ड कैटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित रेलवे जोन के पास होती है। फिलहाल यात्रियों की शिकायत के बाद मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। यात्रियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रेलवे की खानपान व्यवस्था की गुणवत्ता जांच मजबूत करने की मांग की है। एक दिन पहले भी शताब्दी के खाने पर उठे थे सवाल 10 जुलाई को भी 12001 शताब्दी एक्सप्रेस (भोपाल से दिल्ली) में यात्रा कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया पर रेल मंत्री, आईआरसीटीसी और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए भोजन की क्वालिटी और क्वांटिटी पर सवाल उठाए थे। यात्री ने आरोप लगाया था कि किराया तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन कैटरर ने खाने की मात्रा भी कम कर दी है। लगातार दो दिनों में शताब्दी के खानपान को लेकर सामने आई शिकायतों ने कैटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेवाड़ी में शनिवार सुबह डंपर से टक्कर के बाद कैंटर में आग लग गई। जिससे कैंटर धूं-धूंकर जला, जबकि सुरक्षित बच गए। हादसा सुबह दिल्ली- जयपुर हाईवे पर धारूहेड़ा में सावरियां होटल के पास हुआ। दोनों दिल्ली से जयपुर की तरफ जा रहे थे। सूचना के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
रेवाड़ी के हंस नगर में धमाके के मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। धमाके में झुलसी तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। तन्नु की मां मधु ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह रसोई में बर्तन रखने गई थी। धमाके की आवाज सुनकर वापस लौटी, तो पूरा घर आग का गोला बन चुका था। जिससे तन्नु व दो वर्षीय भतीजी के साथ मेरे पति सतबीर चौहान और पड़ोसी जयभगवान बुरी तरह से झुलस गए। हादसा आईजीएल की टेस्टिंग के दौरान पाइप लाइन खुली रखने से जमा हुई गैस के कारण हुआ है। इससे पहले पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण गैस रिसाव को माना था। जिस पर आईजीएल के अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे। अब आईजीएल कर्मचारियों पर केस दर्ज होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। सारा घर बना आग का गोला मैं मधु पत्नी सतबीर चौहान गली नंबर-3 हंस नगर रेवाड़ी एक घरेलू महिला हूं। 5 जुलाई को मैं गेट के बाहर चारपाई पर बैठे अपने पति सतबीर चौहान और कुर्सी पर बैठे जयभगवान के चाय पीने के बाद बर्तन रखने रसोई में गई। मैं रसोई में बर्तन धो रही थी। अचानक जोरदार धमाके की आवाज हुई। सारा घर आग का गोला बन गया। जब मेरी बेटी तन्नु ने भाई आकाश की कंपनी ड्रेस को प्रेस करने के लिए स्विच ऑन किया, तभी धमाका हुआ। मेरी लड़की काफी मात्रा में जल गई। पति सतबीर का मुंह, हाथ और पैर व पड़ोसी जयभगवान का हाथ, पैर और मुंह जल गया। चारपाई पर सो रही मेरी 2 वर्षीय भतीजी के मुंह, हाथ, पैर जल गए। मैने भागकर आग बुझाने की कोशिश की, तो मेरे भी हाथ जल गए। मैं जोर से चिल्लाई, तो सभी पड़ोसी इकट्ठा हो गए। उन्होंने भागकर आग बुझाई। मुझे, मेरे पति, बेटी, भतीजी और पड़ोसी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया। हादसे कुछ समय पहले मेरे पति कह रहे थे कि मेन गेट पर गैस की बदबू आ रही है। यह हादसा IGL की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) गेस टेस्टिंग व पाइप लाइन खुली होने के कारण घर के अंदर काफी मात्रा में गैस जमा होने से हुआ है। यह आईजीएल कंपनी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। गांव में बेटी का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के पैतृक गांव टांकड़ी में बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार किया। हादसे में झुसली तन्नु की गुरुवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मंगनी के बाद परिवार ने 25 नवंबर को तन्नु की शादी तय की हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार तन्नु 90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। पूर्व सैनिक सतबीर चौहान 70, जयभगवान 60 और 2 वर्षीय बच्ची 50 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। जानिए क्या था मामला रेवाड़ी के हंस नगर में 5 जुलाई की शाम पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के घर में धमाका हुआ था। धमाके में पूर्व सैनिक के अलावा बेटी तन्नु, पत्नी मधु, दो वर्षीय बच्ची और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान झुलस गए थे। जिन्हें ट्रॉमा में भर्ती करवाया गया। जहां से डॉक्टरों ने सभी को रेफर कर दिया। धमाके में झुसली तन्नु की वीरवार शाम दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। धकामे से घर के दरवाजे, खिड़की, दीवार और उसमें लगी टाइलें टूट गई। जले हुए शीशे के टुकड़े सामने गली के तरफ बने मकान की दीवार पर चिपके मिले। घर में रखे 3 गैस सिलेंडर, प्रेस, फ्रीज और खड़ी बाइक को कोई नुकसान नहीं हुआ। जिससे धमाके के कारणों पर रहस्य बना हुआ था। कहीं से पीएनजी लीकेज से ब्लॉस्ट- डीएसपी धमाके के बाद 6 जून को पुलिस का अधिकारिक ब्यान सामने आया था। डीएसपी सुरेंद्र श्योरण ने वीडियो जारी कर कहा था कि 4:30 बजे धमाके की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में आया है कि आसपास कहीं से पीएनजी लीकेज से ब्लॉस्ट हुआ है। हमारी फारेसिंक टीम ने जांच की है। आईजीएल के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद चलेगा।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल चन्नी गुट की शर्तों के आधार पर उनके साथ आज बैठक करेंगे। ये बैठक चंडीगढ़ में विधायक राणा गुरजीत सिंह के घर पर होगी। इस बैठक में पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी के साथ सांसद सुखजिंदर रंधावा और राणा गुरजीत शामिल होंगे। बताया जा रहा कि मीटिंग सुबह 10 बजे शुरू होगी बैठक से भूपेश बघेल ने चन्नी गुट को दो टूक संदेश दे दिया कि सीमा लांघी तो सख्त कार्रवाई होगी। भूपेश बघेल का मीटिंग से पहले इस तरह की चेतावनी देना कहीं न कहीं चन्नी गुट पर प्रेशर बनाने की एक सुनियोजित रणनीति है। बघेल ने राजा वड़िंग को भी कह दिया कि वो चन्नी गुट के साथ अकेले बैठक करेंगे। चन्नी गुट ने स्पष्ट किया है कि हाईकमान को मिलने से पहले वो भूपेश बघेल के साथ बैठक में अपनी बात रखेंगे और उसके बाद दिल्ली में हाईकमान के साथ मीटिंग करेंगे। चन्नी गुट को राहुल गांधी के विदेश दौरे से वापस आने का इंतजार है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि चरणजीत सिंह चन्नी को साइड लाइन करना कांग्रेस हाईकमान के लिए आसान नहीं है। चन्नी पंजाब में इस समय दलित वर्ग में सबसे बड़े नेता हैं और उनके साथ दलित वोट बैंक है। कांग्रेस हाईकमान भी वोटों के गणित को देखते हुए चन्नी को साइड करने की स्थिति में नहीं है। मीटिंग से दूर रहेंगे राजा वड़िंगभूपेश बघेल ने प्रताप सिंह बाजवा के साथ हुई पहली मीटिंग के अलावा हर बैठक में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को साथ रखा। चन्नी गुट ने बघेल के साथ बैठक करने से पहले इसीलिए शर्त रखी कि वो वड़िंग को मीटिंग में लेकर न आएं। बघेल ने भी वड़िंग को साफ कह दिया कि वो चन्नी गुट के साथ होने वाली बैठक में अकेले जाएंगे ताकि सभी विवादित मुद्दों पर खुलकर बात हो सके। बघेल का मानना है कि यदि इस वन-टू-वन बैठक में कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय निकलकर सामने आता है और चन्नी गुट के नेता आगे राजा वड़िंग के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए सहमत हो जाते हैं, तभी वड़िंग को मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाएंगे। आज ही हाईकमान को सौंपेंगे रिपोर्टभूपेश बघेल ने साफ किया है कि वे आज इस पूरी बातचीत और बैठक के दौर को खत्म करने के तुरंत बाद दिल्ली चले जाएंगे। दिल्ली दरबार में पेश होकर वे पंजाब के सभी गुटों की नाराजगी, उनकी शर्तें और सांगठनिक हालातों की एक 'सीक्रेट' रिपोर्ट हाईकमान के सामने रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बघेल की इस चंडीगढ़ यात्रा और चन्नी गुट को दी गई सीधी चेतावनी से साफ है कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के भीतर या तो कोई बड़ा समझौता होने वाला है या फिर अनुशासन तोड़ने वाले बड़े नेताओं पर हाईकमान की गाज गिरने वाली है। अब पढ़िए एक्सपर्ट ने क्या कहा… --------- ये खबर भी पढ़ें…. हाईकमान की चन्नी गुट को दोटूक, राहुल पर शर्तें नहीं थोप सकते, प्रधान वड़िंग ही रहेंगे पंजाब के पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत चन्नी को हाईकमान ने स्पष्ट संदेश दिया गया कि वह राहुल गांधी पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकते हैं। हाईकमान चन्नी, रंधावा और राणा गुरजीत की बात सुनेगा। लेकिन इनके दबाव के कारण नियुक्तियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद भूपेश बघेल विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे सीधे राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल को दिया जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)
दिल्ली सरकार ने पारदर्शी और जनकेंद्रित शासन को मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं की नई टीम की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधायक अभय कुमार वर्मा को दिल्ली सरकार का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक अनिल कुमार शर्मा और हरीश खुराना को सरकार का प्रवक्ता बनाया गया है। ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी जनसंवाद सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की आधिकारिक और प्रामाणिक जानकारी समयबद्ध तरीके से जनता और मीडिया तक पहुंच सकेगी। क्या रहेगा प्रवक्ताओं का मुख्य दायित्व? नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और प्रवक्ता विभिन्न समसामयिक विषयों पर दिल्ली सरकार का अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रेस और मीडिया से संवाद: वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे और मीडिया के साथ प्रभावी ताल
दिल्ली में अगले साल (2027 में) होने वाले दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव से पहले राजधानी की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर बनाई गई इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में औपचारिक विलय हो गया। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने IVP संयोजक मुकेश गोयल, हेमचंद गोयल समेत 16 पार्षदों का पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। AAP में खोखली बयानबाजी मिली : मुकेश गोयल मुकेश गोयल ने कहा कि, हम इस उम्मीद में आम आदमी पार्टी में गए थे कि दिल्ली का विकास होगा, लेकिन वहां सिर्फ विवाद और खोखली बयानबाजी मिली। उन्होंने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और निगम में भाजपा के आने के बाद से विकास कार्यों में तेजी आई है, इसीलिए पूरी पार्टी ने विलय का सर्वसम्मति से फैसला किया।
नई दिल्ली। दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (नेशनल जूलॉजिकल पार्क) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद खबर है। चिड़ियाघर में 7 जुलाई को तीन नन्हे एशियाई शेर के शावकों का जन्म हुआ है। ये शावक शेरनी ‘महागौरी' और शेर ‘महेश्वर' की संतान हैं। इस जोड़ी ने लगातार दूसरे साल सफल प्रजनन कर लुप्तप्राय एशियाई शेरों के संरक्षण में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इससे पहले 2025 में भी इस जोड़ी ने दो शावकों 'कार्तिक' और 'करणी' को जन्म दिया था। एशियाई शेर बढ़कर 9 हुए इन तीन नए मेहमानों के आने से चिड़ियाघर में एशियाई शेरों का कुनबा 6 से बढ़कर अब 9 हो गया है। प्रशासन के मुताबिक, शेरनी और नवजात शावकों को फिलहाल विशेष प्रसूति कक्ष (मेटरनिटी वार्ड) में चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। शुरुआती दिनों में उनके बेहतर विकास के लिए पूरी तरह शांत माहौल दिया जा रहा है। लगातार मिल रही इस सफलता से चिड़ियाघर प्रशासन बेहद उत्साहित है।
दिल्ली की हवा को साफ और सेहतमंद बनाने के लिए दिल्ली सरकार और वर्ल्ड बैंक ने हाथ मिलाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) के तहत आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप का शुभारंभ किया। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंप दी। पर्यावरण विभाग की यह महत्वाकांक्षी सात वर्षीय परियोजना (सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक) वर्ल्ड बैंक और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के सहयोग से राजधानी के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी कुल अनुमानित लागत 8,300 करोड़ रुपये है, जिसमें से 65 फीसदी रकम वर्ल्ड बैंक लोन के रूप में देगा, जबकि बाकी 35 फीसदी राशि दिल्ली सरकार खुद वहन करेगी। सीएम बोलीं- सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार केवल किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्कशॉप में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड पॉल प्रोसी सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दो प्रमुख स्तंभों (पिलर्स) पर काम करेगा मेगा प्रोजेक्ट: एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत: वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए एक समर्पित प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) बनाई जाएगी। इसके अलावा अत्याधुनिक एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क, डेटा एनालिटिक्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रदूषण के स्रोतों पर सीधा प्रहार: प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख कारणों को खत्म करने पर फोकस होगा। इसके तहत पुराने और अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने, सड़क व निर्माण स्थलों की धूल पर नियंत्रण और कचरा प्रबंधन में सुधार जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली विधानसभा परिसर में शुक्रवार को भव्य समारोह में संस्कृत महाकाव्य 'मंगल महर्षि चरितम्' का विमोचन किया गया। विधानसभा ब्यूरो के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता शामिल हुए। इस महाकाव्य का संपादन संस्कृत व हिंदी के प्रख्यात विद्वान परशुराम शर्मा ने किया है, जो आगामी 1 अगस्त से अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना है। इसकी तार्किक और व्याकरणिक संरचना आधुनिक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषाओं से असाधारण समानता रखती है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के इस वर्तमान युग में संस्कृत की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने नई पीढ़ी से देश की इस अनमोल शास्त्रीय विरासत के संरक्षण का आह्वान किया।
फरीदाबाद के एनआईटी-5 क्षेत्र स्थित एक होटल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने होटल के कमरे के अंदर कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। युवक एक विवाहित महिला के साथ होटल में पहुंचा था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद युवक ने यह कदम उठाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान 22 वर्षीय मुरारी के रूप में हुई है। वह मूल रुप से बिहार का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहता है। होटल में उसके साथ मौजूद महिला बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 की रहने वाली है। महिला बोली- दोनों एक-दूसरे को ढाई साल से जानते हैं महिला ने बताया कि वह भी मूल रूप से बिहार की रहने वाली है, शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। दोनों पिछले करीब ढाई साल से एक-दूसरे को जानते हैं और दोनों निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। महिला के अनुसार, युवक काफी समय से उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। इसी विषय पर बातचीत करने के लिए दोनों होटल में मिले थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। चुन्नी टूटने के कारण नीचे गिरा महिला का कहना है कि विवाद के बाद युवक ने चुन्नी से फांसी लगाने की कोशिश की। उसने युवक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। फंदा युवक के गले में फंस गया, लेकिन वजन अधिक होने के कारण चुन्नी टूट गई और युवक नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से उसे चोट भी आई। घटना के बाद घबराई महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एनआईटी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। युवक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। गंभीर हालत में दिल्ली रेफर एनआईटी थाना के एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को होटल के अंदर एक युवक द्वारा फांसी लगाने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो युवक कमरे के अंदर जमीन पर घायल अवस्था में पड़ा मिला। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि युवक होटल में एक महिला के साथ आया था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली सरकार राजधानी के घनी आबादी वाले और तंग गलियों वाले इलाकों में 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' (आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी) को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत दिल्ली में पुरानी ‘ग्रामीण सेवा' की तर्ज पर अब 7-सीटर इलेक्ट्रिक वैन चलाने का प्रस्ताव है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। इसके लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और ऑपरेटरों से सुझाव (फीडबैक) मांगे जाएंगे। इन इलाकों को मिलेगा फायदा यह सेवा मुख्य रूप से उन अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और संकरे रास्तों वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, जहां बड़ी सार्वजनिक बसें नहीं पहुंच पाती हैं। यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल (EV आधारित) और किफायती शेयर्ड मोबिलिटी मॉडल होगा, जिसका किराया आम जनता के लिए बेहद कम रखने का प्रयास किया जाएगा। मेट्रो और मुख्य बस रूटों से जुड़ेंगे रिहायशी इलाके यह कोई पॉइंट-टू-पॉइंट टैक्सी सर्विस नहीं होगी, बल्कि एक फीडर सर्विस के रूप में काम करेगी। इसके जरिए मेट्रो स्टेशनों, मुख्य बस रूटों और अंदरूनी रिहायशी इलाकों के बीच कई पिक-एंड-ड्रॉप पॉइंट्स बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आने-जाने में आसानी हो। बढ़ते ई-रिक्शा पर लगेगी लगाम अधिकारियों का मानना है कि एक व्यवस्थित परमिट-आधारित व्यवस्था होने से सड़कों पर अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे ई-रिक्शा की संख्या को रेगुलेट (नियंत्रित) करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, पैरा-ट्रांसिट (छोटे वाहनों) का यह इलेक्ट्रिफिकेशन न केवल लोगों को सुरक्षित और किफायती सफर देगा, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मददगार साबित होगा। यह पहल दिल्ली सरकार की नई 'ईवी पॉलिसी 2026' के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुकूल है।
नई दिल्ली। महिलाओं के द्वारा बसों में मुफ्त यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर दिया है। 1 अगस्त से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में महिलाओं को मुफ्त सफर करने के लिए महिलाओं के पास ‘पिंक सहेली कार्ड' अनिवार्य कर दिया गया है। डीटीसी ने कहा है कि दिल्ली में महिलाओं के लिए एक अगस्त से 'पिंक सहेली कार्ड' के बिना बस सेवा मुफ्त नहीं होगी। यानी महिलाएं 1 अगस्त से इस कार्ड के बिना मुफ्त बस सेवा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। सरकार ने पिंक टिकट व्यवस्था समाप्त की रेखा गुप्ता सरकार मौजूदा कागजी पिंक टिकट व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म कर रही है। डीटीसी के ताजा सर्कुलर के मुताबिक, कागजी पिंक टिकट अब सिर्फ 31 जुलाई तक ही जारी किए जाएंगे। सर्कुलर में जानकारी दी गई है कि 1 अगस्त 2026 से जिस महिला के पास पिंक सहेली कार्ड होगा उन्हें ही मुफ्त यात्रा की छूट मिलेगी। महिलाओं को डीटीसी और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट सिस्टम (डिम्टस) क्लस्टर बसों में एंट्री के वक्त कार्ड को टैप करना होगा। सर्कुलर के मुताबिक, बिना स्मार्ट कार्ड यात्रा करने वाली महिलाओं को 31 जुलाई के बाद पिंक टिकट जारी नहीं किया जाएगा और उन्हें टिकट खरीदना होगा।
हरियाणा के नारनौल में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल की मारपीट के बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले इस मामले में मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन कांस्टेबल की मौत के बाद पुलिस ने हत्या की धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण और सन्नी, निवासी गांव धौलेड़ा, थाना निजामपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाला बाइक भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। छुट्टियों में घर आया हुआ था पुलिस के अनुसार, मृतक सुनील कुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था और 14 जून को छुट्टी पर अपने गांव धौलेड़ा आया हुआ था। अगले दिन 15 जून को उसकी पत्नी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि सुनील कुमार कालिया नांगल क्षेत्र में नहर के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा है। 2 व्यक्तियों पर लगा था मारपीट का आरोप सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान सुनील कुमार ने बताया कि उसके साथ गए दो व्यक्तियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की थी। इसके आधार पर उसकी पत्नी की शिकायत पर थाना निजामपुर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने बाद में हत्या की धाराएं जोड़ीं इलाज के दौरान सुनील कुमार की हालत बिगड़ती चली गई और उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दीं और जांच के दौरान नामजद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी बोले- जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी पुलिस अधीक्षक दीपक ने कहा कि जिले में गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

