दक्षिण दिल्ली के फ्लाईओवर के पास रेस्तरां में लगी आग, बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचाया गया
दक्षिण दिल्ली में कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के पास स्थित एक रेस्तरां में रविवार सुबह आग लग गई, जिसके बाद दिल्ली फायर सर्विस ने बड़े स्तर पर बचाव और आग बुझाने का अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचा लिया गया और घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि बीजेपी केवल इवेंट और मैनेजमेंट की पार्टी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। बीजेपी के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वहां तक तो ठीक है लेकिन राज्यपाल भी जा रहे हैं। दरअसल गोविंद सिंह डोटासरा सीकर आवास पर मीडिया से रूबरू हुए। जहां उन्होंने यह बात कही। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी इवेंट,मैनेजमेंट की पार्टी है,काम इनको करना नहीं है। 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या किया यह तो बताओ? किस बात को लेकर उनके 12 साल के कार्यकाल पूर्ण होने के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। भाजपा सरकार 20 दिन शहरों में कैंप लगवाने की बात कर रही है। पहले भी कैंप लगवाए क्या हुआ? लोगों की कितनी समस्याओं का समाधान हुआ? हमारी सरकार की तुलना में आज लोगों को 5 गुना महंगे पट्टे मिल रहे हैं। हमने 5-5 रुपए में लोगों को पट्टे दिए गए। बिजली और पानी से जुड़ी कितनी समस्याओं का समाधान हुआ। इन पर चर्चा करने वाला कोई भी नहीं है। बीजेपी सरकार ने आते ही कहा था कि कांग्रेस सरकार ने 10 लाख पट्टे जारी कर दिए। हम इनकी जांच करवाएंगे। जांच भी करवा ली,क्या हुआ। यह लोग एक-एक नगरपालिका और नगर परिषद में 10-10 पट्टे भी नहीं दे पाए हैं। 20 दिन के लिए क्या ही अभियान होगा। बीजेपी सरकार में जब पहले प्रशासन शहरों के संग अभियान चला तब प्रभारी मंत्री संजय शर्मा नीमकाथाना गए,सीकर आए लेकिन शिविर में कर्मचारी नहीं मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा लेकिन कोई एक्शन हुआ ही नहीं। आज हर वर्ग परेशान हो चुका है। दिन में 20-20 बार बिजली की कटौती हो रही है। किसानों के साथ लगातार अन्याय हो ही रहा है। मंत्री के साथ चलने वाले लोग इतना बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे हैं। फिर कहते हैं कि हम तो किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जाए वह तो समझ में आता है लेकिन राज्यपाल जा रहे हैं। कृषि मंत्री इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं जा रहा। बीजेपी की अंतरकलह से लोग परेशान है। मुख्यमंत्री केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के धोक-प्रणाम करने के लिए दिल्ली जाते हैं। राजस्थान के लिए दिल्ली से एक पैसा लेकर नहीं आए। प्रदेश के हालात बड़े गंभीर है। जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी को नौकरी से हटाने के बाद सुसाइड मामले पर डोटासरा ने कहा कि हमारी कांग्रेस की सरकार के समय संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का नियम बना था। बीजेपी गवर्नमेंट नई नौकरी तो दे नहीं रही लेकिन संविदा कर्मचारियों को निकाल रही है। जिससे परेशान होकर लोग सुसाइड कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भरतपुर में देव दर्शन के लिए तो समय मिल जाता है लेकिन युवाओं को पूछने के लिए समय नहीं है। कोटा में प्रसूताओं की मौत हो गई,बीकानेर में किडनियां फेल हो गई। स्वास्थ्य मंत्री कह रहे हैं कि नाचते-गाते आई थी क्या। यह जो असंवेदन रवैया है सरकार और मंत्रियों का उससे लोग परेशान हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 17 जून को राहुल गांधी कोटा आ रहे हैं। जो कोटा में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। नीट के पेपर जो लगातार आउट हुए,स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया,इसके अलावा अन्य भी कई परेशानियों से स्टूडेंट्स घिरे हुए हैं। इन्हीं बातों को लेकर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे। राहुल गांधी स्टूडेंट्स से उनकी व्यक्तिगत समस्याएं पूछेंगे कि वह किस तरीके की परेशानी झेल रहे हैं। इसके अलावा देश में युवाओं की क्या समस्याएं हैं। जो कोचिंग में रहते हैं उनको क्या प्रॉब्लम आती है। मोदी सरकार से युवाओं को क्या अपेक्षा थी और कहां विफल रह गए।
जयपुर की पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत का आरोपी फिरोज कभी खुद पटाखा फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दिल्ली-एनसीआरर में पटाखे बैन होने के कारण उसकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद उसने न केवल जयपुर, बल्कि 5 अलग-अलग राज्यों में पटाखों की अवैध फैक्ट्रियां खोलीं। अग्निकांड के बाद से फरार फिरोज का दिल्ली में आलीशान 3 मंजिला बंगला है। जयपुर में भी उसने प्रॉपर्टी खरीद रखी थी। फिरोज के साथ मिलकर पटाखा फैक्ट्रियों के दम पर जयपुर के दोनों भाई कय्यूम और याकूब भी मालामाल हो गए थे। दोनों भाईयों का प्लान राजनीति में एंट्री करने का भी था। जयपुर में फिरोज ने कय्यूम और याकूब ही नहीं वसीम और अकील को भी फैक्ट्री खुलवाकर दी। अकेले खोह नागोरियान इलाके में पुलिस को 20 अवैध फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी में सामने आया है कि इन सबको कच्चा माल (बारूद) फिरोज ही सप्लाई करता था। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- अग्निकांड के मास्टरमाइंड चेहरों की कहानी… 12वीं पास है मास्टरमाइंड फिरोज फिरोज खान (33) मूलरूप से यूपी के गाजियाबाद का रहने वाला है। आरोपी का पिता कुछ साल पहले ही दिल्ली में शिफ्ट हुआ था। आरोपी ने 12वीं करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। दिल्ली में ही एक पटाखा फैक्ट्री में काम किया करता था। दिल्ली-एनसीआर में जब पटाखों पर बैन लगा तो फिरोज का काम छूट गया था। इसके बाद उसने एनसीआर से बाहर खुद की फैक्ट्री लगाने की सोची। जयपुर से शुरू किया बारूद का कारोबार दिल्ली निवासी फिरोज लगभग 6 साल पहले 2020 में जयपुर में पटाखे बनाने की फैक्ट्री खोलने के मकसद से आया था। उसकी पहली मुलाकात कय्यूम से हुई। उसने कय्यूम को बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी ओर दो बच्चे हैं। किराये का मकान चाहिए, जिसके बाद कय्यूम ने फिरोज को अपने करीम नगर वाले मकान पर किरायेदार रख लिया। कुछ महीने रहने के बाद फिरोज ने कय्यूम को पटाखा फैक्ट्री डालने का प्लान समझाया। कय्यूम राजी हुआ और फिरोज के साथ मिल कर पटाखे बनाने के लिए मजदूरों की व्यवस्था करने लगा। फिरोज ने दिल्ली से ही अपने कुछ पुराने साथियों को यहां बुला लिया। देखते ही देखते काम इतना बढ़ गया कि जगह कम पड़ने लगी। इसके बाद कय्यूम, उसके छोटे भाई याकूब और फिरोज ने मिलकर आसपास के इलाकों में और मकानों को किराए पर लेकर गोदाम बनाए। वहां मजदूरों से पटाखे तैयार करवाने लगे। फिरोज अपनी पर्सनल कार से दिल्ली से कच्चा माल (बारूद) जयपुर लेकर आता। कय्यूम उस बारूद से अपनी फैक्ट्री में अलग-अलग पटाखे तैयार करवाता था। इसके बाद फिरोज तैयार माल की अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी करता था। फिरोज का दिल्ली में 3 मंजिला मकान, पिता बोला- मेरा बेटा गायब अग्निकांड की जांच कर रही टीम बारूद सप्लाई करने वाले और मास्टरमाइंड फिरोज खान के दिल्ली स्थित घर पहुंची तो वो मौके से गायब था। उसने वहां 3 मंजिला आलिशान मकान बना रखा है। वहां पुलिस टीम को उसका पिता मिला। फिरोज के पिता ने पुलिस टीम को बताया कि उसका बेटा 3 दिन से गायब है। उसका मोबाइल फोन भी बंद है। बिना बताए वह पहले भी घर से गायब रहता था। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके घर और ऑफिस से कई दस्तावेज मिले हैं, जिससे उसके पटाखों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। 5 राज्यों में फैक्ट्री, गिरफ्तारी के बाद होगा खुलासा पुलिस को जांच में फिरोज की जयपुर सहित हरियाणा, यूपी में सहित 5 राज्यों में पटाखा फैक्ट्रियों का पता चला है। जानकारी के अनुसार आबादी क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर या किराए पर लेकर स्थानीय लोगों को ही नौकरी पर रखते थे, ताकि आसपास का कोई भी व्यक्ति सवाल नहीं उठाए। जयपुर में खरीदी प्रॉपर्टी, दस्तावेजों में मिली फिरोज की तस्वीर कय्यूम और याकूब ने अपनी फैक्ट्री फिरोज को किराए पर दे रखी थी। जब पुलिस टीम ने कय्यूम के घर पर सर्च किया तो मौके पर अमरनाथ गृह निर्माण विकास प्रा.लि की एक स्लिप मिली। इससे पता चला कि फिरोज खान ने यहां करीम नगर में 53 गज का प्लॉट भी खरीद रखा था। इस रसीद में पहली बार मास्टरमाइंड फिरोज की फोटो पुलिस के हाथ लगी। मजदूरों को जलते देख छोड़कर भागा कय्यूम इस पूरे मामले में पुलिस ने अभी तक केवल एक आरोपी सलमान कुरैशी (32) पुत्र कमालुद्दीन कुरैशी निवासी खोह नागोरियान को गिरफ्तार किया है। सलमान ने ही मुख्य आरोपी कय्यूम को भगाने में मदद की थी। रिमांड पर लेने के बाद हुई पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि 9 जून मंगलवार की सुबह जब फैक्ट्री में जब हादसा हुआ, तब मुख्य आरोपी कय्यूम खान 500 मीटर की दूरी पर खड़ा था। जैसे ही आग लगने की जानकारी कय्यूम के भतीजे सलमान कुरैशी को मिली, वह कय्यूम को बाइक से लेकर मौके पर पहुंचा। मजदूरों को जलता हुआ बाहर आते देख कय्यूम इतना घबरा गया कि उसका बीपी डाउन हो गया। सलमान ने कय्यूम को एक कार में डाला और उसे लेकर घर पहुंचा। यहां बीपी की दवाई लेने के बाद कय्यूम ने घर से बैग पैक किया। घरवालों को नसीहत दी कि जब तक वह नहीं आता किसी को घर में नहीं घुसने देना। किसी से कोई बात मत करना। इसके बाद सलमान कय्यूम को लेकर सिंधी कैंप पहुंचा और दिल्ली जाने वाली बस में उसे बिठा दिया। तब से कय्यूम के साथ-साथ उसका सगा भाई याकूब भी गायब है। शातिर आरोपियों ने सोशल आईडी कर दी डिलीट दोनों सगे भाइयों की तलाश में टीमें निरंतर छापे मारी कर रही है। जांच टीम दिल्ली, यूपी, जम्मू कश्मीर सहित कई राज्यों में दोनों को सर्च कर रही है। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी याकूब खुद के नाम से एक फेसबुक पेज चलाता है। घटना के बाद उसने सबसे पहले अपना एफबी एकाउंट डिलीट किया, हालांकि पुलिस पेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। सोशल मीडिया पेज से उसके कनेक्शन की जानकारी मिल सकती है। राजनीति में एंट्री करना चाहते थे दोनों भाई अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और जमीनों की सौदेबाजी से कय्यूम और याकूब ने खूब पैसा कमा लिया था। दोनों भाई राजनीति में उतरने का प्लान बना रहे थे। यही कारण है कि वह पिछले कुछ सालों से राजनीति से जुड़े लोगों के नजदीकियां बढ़ा दी थी। अपने इलाके में अपनी रसूख और दबदबा दिखाने के लिए आरोपियों ने कई राजनेताओं के साथ फोटो खिंचवाते हुए बड़े-बड़े पोस्टर-होर्डिंग्स लगा रखे थे। मृतकों के परिजनों ने नहीं दी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट इस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत होने के बावजूद किसी भी मृतक के परिवार ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई शिकायत नहीं दी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट अलोक सिंघल ने बताया कि आज तक पीड़ित परिवार से कोई शिकायत नहीं मिली। पुलिस ने प्रयास किया लेकिन कोई सामने नहीं आया, जिसके बाद बीट कॉन्स्टेबल के नाम से तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 4 एफआईआर और दर्ज कर ली हैं। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें 5 राज्यों में दबिश दे रही हैं। जहां अग्निकांड, उसके आसपास 20 गोदाम-फैक्ट्रियां जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में निरंतर सर्च कर रही है,सर्च के दौरान पुलिस टीम ने करीब 20 गोदामों को चिन्हित कर उन्हें सील किया है। हैरानी का बात तो यह है कि गोदाम के पास रहने वाले किसी भी व्यक्ति ने गोदाम से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा नहीं की, ना ही बताया कि गोदाम में क्या रखा है और यहां पर क्या काम होता है।पुलिस ने संदिग्ध गोदामों की जांच करने के बाद उन्हें सील कर दिया है। एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल ने बताया कि हर वह मकान जिस पर ताला मिला वह पुलिस के लिए संदेश पैदा कर रहा है। आरएसी के जवानों के साथ मिलकर संदिग्ध कॉलोनियों में सर्च किया है। ड्रोन की मदद भी इस में ले रहे हैं। आरोपियों और पुलिस गठजोड़ की हो रही जांच एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय सिंह ने बताया कि उनकी जांच के कई पॉइंट हैं, जिस पर काम किया जा रहा है। बीट कांस्टेबल से लेकर सीआई की इस पूरे घटनाक्रम में क्या लापरवाही रही, हर बिंदू पर जांच हो रही है। …. पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़िए… अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में नाबालिग भी काम करते मिले:जहां 8 लोग जिंदा जले, वहां बारूद का अवैध कारोबार करने वालों की तस्वीरें सामने आईं कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
दिल्ली के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण केंद्र ने संभाला
नई दिल्ली|केंद्र ने शनिवार को दिल्ली में 15.20 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। जयपुर पोलो ग्राउंड दिल्ली के लुटियंस इलाके में है। 1930 के आसपास यह दिल्ली पोलो क्लब को मिला। बाद में इसका संचालन आईपीए ने संभाला।
20 को दिल्ली धरने में जरूर जाएंगे : तुषार
विक्की कुमार | अमृतसर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके शहर पहुंचे। गोल्डन गेट पर सीजेपी के प्रदर्शन के लिए 700 लोगों की मंजूरी आप प्रवक्ता ने ली थी मगर 300 युवा भी नहीं पहुंचे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिए धरने में बुजुर्गों, ईटीटी टीचर्स, आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय पार्षद भी पहुंचे। सीजेपी फाउंडर दीपके की गाड़ी में आप' के प्रवक्ता शिशवीर शर्मा साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। इतना ही नहीं उनकी स्टेज पर दीपके के साथ यूथ विंग के जिला वाइस प्रधान जेएस राहुल भी साथ थे। हैरानी की बात यह रही कि इस धरने में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों जैसे लुधियाना, बटाला, गुरदासपुर और यहां तक कि झारखंड से भी युवा पहुंचे थे। वहीं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर भी बड़ी संख्या में कैमरे चमकाते नजर आए। दीपके के गोल्डन गेट पर पहुंचने पर एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर मौके पर पहुंची और अचानक रुट ही बदल दिया। शहर के अंदर एंटर करने वाले वाहनों का ट्रैफिक दर्शन सिंह एवेन्यू की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। अचानक रूट बदलने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दों पर शुरू आंदोलन में अचानक आप वर्करों और पार्षदों की एंट्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि क्या इस छात्र आंदोलन को पर्दे के पीछे से कोई राजनीतिक सपोर्ट मिल रहा है? दबी जुबान में लोगों ने कहा कि दीपके को स्पष्ट करके जाना चाहिए कि सीजेपी किसी भी पार्टी की कोई बी टीम तो नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो पंजाब के लोग उन्हें सिरे से नकार देंगे। लुधियाना से सीजेपी के समर्थन में पहुंचे अर्शदीप सिंह का कहना था कि नीट और सीबीएसई स्टूडेंट्स के साथ धोखा हुआ है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लेना चाहिए, क्योंकि उनकी वजह से बच्चों के भविष्य खराब हुए है। मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे। झारखंड से पहुंचे तुषार अभिराज का कहना था कि कॉकरोच जनता पार्टी ने स्टूडेंटस के मुद्दों को उठाया है। अगर उनकी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने दीपके की ओर से 20 जून को दिल्ली मे ं लगाए जाने वाले मोर्चे को भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 20 को जरुर वहां जाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके अमृतसर में शहीद भगत सिंह की तस्वीर लेकर पहुंचे। वहीं इससे पहले दिल्ली में बाबा साहेब की तस्वीर हाथ में लेकर पहुंचे थे। सीजेपी की ओर से इस प्रदर्शन के लिए बकायदा परमिशन ली गई थी। प्रशासन ने शाम 4 से 7 बजे तक केवल 700 लोगों के इकट्ठा होने की मंजूरी दी थी। सबसे बड़ी बात यह कि प्रशासन ने स्टेज लगाने की परमिशन नहीं दी थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर स्टेज तैयार कर लिया गया। पुलिस ने परमिशन में यही कहा था कि वह सिर्फ गाड़ी से ही अपना भाषण देंगे। वहीं दीपके ने पंजाब सरकार और पुलिस से अपने काफिले के लिए एस्कॉर्ट गाड़ी और विशेष सुरक्षा की मांग की थी जिसे प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया। वहीं वीआईपी सुरक्षा न मिलने के बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
मेरठ में एक सीरियाई महिला को संदिग्ध मानकर पुलिस ने घंटों तक थाने में बैठाए रखा। महिला मेडिकल वीजा पर भारत आई थी। वह लगातार अपनी पहचान और भारत आने का उद्देश्य बताती रही, लेकिन पुलिस और अन्य एजेंसियां उसके दस्तावेजों की जांच में जुटी रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद जांच प्रक्रिया पूरी हुई और महिला को दिल्ली भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, नौचंदी थाना क्षेत्र में एक मस्जिद के पास एक विदेशी महिला हाथ में मदद की अपील वाला पोस्टर लेकर घूम रही थी। स्थानीय लोगों ने उसे संदिग्ध परिस्थितियों में देखकर पुलिस को सूचना दी। नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह सीरिया की निवासी है और अपने पति के इलाज के लिए मेडिकल वीजा पर भारत आई है। उसके पास वैध पासपोर्ट, मेडिकल वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी थे। इसके बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और भारत में उसकी उपस्थिति के संबंध में विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, महिला को कई घंटों तक थाने में रखा गया। इस दौरान वह दिल्ली पहुंचाने और सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाती रही। पुलिस और संबंधित एजेंसियां उसके दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ में व्यस्त रहीं। बाद में यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया। जांच में सामने आया कि महिला अपने पति के उपचार के लिए भारत आई थी। उसके पति के पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए उसे भारत आने की सलाह दी गई थी। आर्थिक तंगी के कारण महिला सहायता की तलाश में थी। इसी क्रम में, किसी व्यक्ति के कहने पर वह दिल्ली से मेरठ पहुंच गई और लोगों से मदद मांगने लगी। सभी आवश्यक औपचारिकताएं और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शनिवार को महिला को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि विदेशी महिला मिलने की सूचना पर पुलिस ने नियमानुसार पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया था। जांच में महिला के मेडिकल वीजा पर भारत आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे दिल्ली भेज दिया गया।
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसियों में से एक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में है। सीयूईटी-पीजी (CUET-PG) परीक्षाओं में कथित बड़े घोटाले और विसंगतियों को लेकर शनिवार को छात्र संगठन आइसा (AISA) के नेतृत्व में छात्रों ने ओखला स्थित NTA मुख्यालय का घेराव किया। दफ्तर के बाहर सुरक्षा इतनी कड़ी कर दी गई कि पूरी संस्था पुलिस छावनी में तब्दील नजर आई, लेकिन अधिकारियों ने छात्रों को कोई भी जवाब देने से साफ किनारा कर लिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा खत्म होने की जो आधिकारिक तारीख तय थी, उसके बाद भी बिना किसी पब्लिक नोटिस या नोटिफिकेशन के गुपचुप तरीके से परीक्षाएं आयोजित की गईं। छात्रों का दावा है कि कम से कम 11 विषयों की परीक्षा सेकेंड शिफ्ट में ली गई, जिसका NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर कोई रिकॉर्ड या डेटा मौजूद नहीं है। परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। साथ ही कई शिफ्ट्स में प्रश्न-पत्रों की पुनरावृत्ति (रैपेटिशन) देखी गई, जिसने पूरी पारदर्शिता पर पानी फेर दिया है। पुलिस की भारी बैरिकेडिंग, बातचीत का रास्ता बंद मुख्यालय के बाहर हालात उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारी छात्रों को रोक दिया। हद तो तब हो गई जब छात्रों के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भी अंदर जाकर अधिकारियों से मिलने और अपनी शिकायत दर्ज कराने की अनुमति नहीं दी गई। NTA के इस रवैये से छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। छात्रों ने कहा कि, जब देश का सामान्य छात्र अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल पूछने जाता है, तो उसे पुलिस की लाठियों और घेराबंदी का सामना करना पड़ता है। यदि NTA जैसी संस्थाएं जवाबदेह नहीं हैं, तो छात्रों को न्याय कौन देगा? यह तानाशाही नहीं तो और क्या है? हम इस भ्रष्टाचार को चुपचाप नहीं सहेंगे। छात्र संगठन की मुख्य मांग छात्रों और संगठन ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर और शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट (55) को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर शनिवार को लखनऊ में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पुलिस के मुताबिक, विरामखंड निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर जांच के बाद जनवरी 2026 में गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई पुलिस आरोप है कि तारा सिंह बिष्ट और उसके सहयोगियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक अनरजिस्टर्ड प्लांट को रजिस्टर्ड दिखाते हुए बिजली विभाग से तथ्य छिपाकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा उसी के आधार पर बिजली कनेक्शन हासिल कर उसका उपयोग किया।मामले में धारा जालसाजी, धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसके बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस टीम ने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर दिल्ली पुलिस के सहयोग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चाणक्यपुरी स्थित उत्तराखंड निवास के रिसेप्शन से तारा सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया। हिस्ट्रीशीटर है आरोपी, 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार तारा सिंह बिष्ट गोमतीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, कब्जा, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोमतीनगर, चिनहट, वजीरगंज, महानगर, हुसैनगंज और गोमतीनगर विस्तार थाने के मामले शामिल हैं।
दिल्ली में बिजली होगी महंगी, इन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए क्या है नया नियम?
Electricity to become costlier in Delhi : दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द बिजली के बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है, क्योंकि अब बिजली महंगी होने जा रही। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट और बिजली खरीद ...
जींद जिले के नरवाना में सिरसा ब्रांच नहर पर दिल्ली-बठिंडा रेलवे मार्ग पर नए पुल के निर्माण कार्य के कारण शनिवार को रेल यातायात 9 घंटे तक प्रभावित रहा। रेलवे ने पुराने पुल को हटाकर नए पुल की स्लैब लॉन्चिंग का कार्य किया। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा और कई ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिरसा ब्रांच नहर पर ट्रेन संचालन के लिए नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। शनिवार को पुल की स्लैब लॉन्चिंग का महत्वपूर्ण चरण पूरा किया गया, जिसके लिए रेलवे ट्रैक पर यातायात अस्थायी रूप से रोका गया था। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शनिवार देर शाम तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके बाद रेलवे मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो जाएगा। ब्रिटिश काल में हुआ था पुराने पुल का निर्माण जिस पुराने पुल को हटाया गया है, उसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुआ था। लंबे समय तक उपयोग के कारण पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। तकनीकी जांच के बाद रेलवे विभाग ने इसे अनुपयोगी घोषित कर दिया था। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुराने पुल के स्थान पर एक नया और आधुनिक पुल बनाया जा रहा है। रेलवे विभाग ने बताया कि नया पुल तैयार होने के बाद इस मार्ग पर रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। विभाग ने निर्माण कार्य के दौरान हुई अस्थायी असुविधा के लिए यात्रियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों को विश्वास है कि नए पुल के निर्माण से भविष्य में इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यातायात सुरक्षित और बेहतर ढंग से संचालित हो सकेगा।
सहरसा में कार ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर, 4 घायल:दिल्ली से छुट्टी में आई थी किशोरी, हालत गंभीर; CCTV
सहरसा शहर में तेज रफ्तार वाहन की लापरवाही से बड़ा सड़क हादसा हो गया। गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर के पास शुक्रवार शाम तेज गति से आ रही चारपहिया गाड़ी ने एक ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा पर सवार 13 साल के किशोरी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज शहर के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। वहीं, शनिवार को इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार वाहन के ई-रिक्शा को टक्कर मारने की पूरी घटना कैद हो गई है। पलभर में तेज रफ्तार गाड़ी ने मारी टक्कर घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है। शहर के गांधी पथ स्थित बजरंगबली मंदिर (यूबीएन के सामने) के पास एक चारपहिया वाहन तेज रफ्तार से आ रहा था। इसी दौरान सड़क पर जा रहे ई-रिक्शा में उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से आई थी किशोरी घायल किशोरी की पहचान 13 साल के रामरता कुमारी के रूप में हुई है। वह अपने पिता सुनील शर्मा के साथ ई-रिक्शा से जा रही थी। परिजनों ने बताया कि रामरता गर्मी की छुट्टी में दिल्ली से सहरसा आई हुई थी और अपनी मौसी सास के यहां ठहरी थी। शुक्रवार को वह अपने माता-पिता के साथ ई-रिक्शा से सुपौल स्थित अपने ननिहाल जाने के लिए निकली थी। इसके लिए वे सुपर मार्केट बस स्टैंड जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गांधी पथ के पास हादसा हो गया। ई-रिक्शा में सवार थे चार लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय ई-रिक्शा में कुल चार लोग सवार थे। तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने पीछे से या साइड से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया। घटना में रामरता कुमारी के अलावा उसके पिता 40 साल सुनील शर्मा और ई-रिक्शा चालक 25 वर्षीय अबरार उद्दीन भी घायल हो गए। अबरार उद्दीन सहरसा बस्ती के रहने वाले बताए जा रहे हैं। बच्ची की हालत गंभीर, अस्पताल में चल रहा इलाज स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को शहर के नजदीक स्थित सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार किशोरी रामरता की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद परिवार के लोगों में चिंता का माहौल है। शनिवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा को तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने टक्कर मारी। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मालिक रवि यादव, निवासी किशनगंज हैं, जबकि वाहन अंकेश यादव चला रहा था। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। यह दुर्घटना थाना सदर फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बघौला के पास हुई, जब जयपुर से दिल्ली जा रही एक अल्काजार हुंडई कार सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर से पीछे से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवक, 15 वर्षीय लड़की और 10-12 वर्षीय बालक शामिल हैं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 55 वर्षीय व्यक्ति और 4 साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायलों की हालत नाजुक, जयपुर रेफर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि घायलों में 55 वर्षीय जवाहर लाल पुत्र मूलचंद और चार वर्षीय बच्चे अक्षय कुमार निवासी मेवली, सवाय माधोपुर, राजस्थान के रुप में हुई है। घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें नल्हड़ मेडिकल कालेज से जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आयशर कैंटर सुबह करीब 6:24 बजे एक्सप्रेस-वे के 64/170 किलोमीटर प्वाइंट पर खड़ा हुआ था। इसके लगभग 11 मिनट बाद, सुबह 6:35 बजे तेज रफ्तार अल्काजार कार उसके पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए थे। पुलिस ने गाड़ी से बाहर निकाले मृतक और घायल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों और शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और यह भी पड़ताल की जा रही है कि आयशर कैंटर एक्सप्रेस-वे पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
‘काला हिरण’ फिल्म विवाद : दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्माताओं को भेजा नोटिस, 19 जून को अगली सुनवाई
अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण : द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने की। इस दौरान अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी।
दिल्ली के एक होटल और रोहतक की मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार अब बड़े और प्रमुख शहरों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाने जा रही है। इसको लेकर 500 से 800 वायरलेस सेट की खरीद की जाएगी। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें भी आएगी। दरअसल, हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण लगातार हो रहे हैं। प्रदेश का फायर विभाग इस हिसाब से अपडेट नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश जिलों में ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर तक उपलब्ध नहीं हैं और कई बार आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से वाहन मंगाने पड़ते हैं। जल्द खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण अग्निशमन विभाग के निदेशक आईएफएस शेखर विद्यार्थी के अनुसार विभाग में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है। विभाग प्रदेशभर के फायर स्टेशनों पर वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 500 से 800 वायरलेस उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा फायर सूट, कंबी टूल और अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे ताकि अग्निशमन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की तैयारी विभाग ने 16 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें विभिन्न ऊंचाई क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं, 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 90 मीटर क्षमता वाले प्लेटफॉर्म, 70 मीटर, 68 मीटर, 55 मीटर और 42 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर, फोम टेंडर और वाटर मिस्ट सिस्टम। हालांकि इनकी खरीद की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर है और फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करीब 3831 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1852 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में बढ़ते शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दमकल वाहनों की भी कमी प्रदेश में वर्तमान में करीब 485 फायर वाहन उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 671 वाहनों की बताई जा रही है। यानी विभाग को अभी भी लगभग 186 अतिरिक्त वाहनों की जरूरत है। संसाधनों की कमी के कारण कई बार किसी बड़े अग्निकांड के दौरान पड़ोसी जिलों से सहायता लेनी पड़ती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऊंची इमारतों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और अन्य शहरी जिलों में सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। लेकिन आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं।विभाग के पास वर्तमान में ऐसी सीमित मशीनें हैं, जो लगभग 137 फीट तक पहुंच सकती हैं। वहीं गुरुग्राम में कई इमारतें 500 फीट तक ऊंची हैं। आपात स्थिति में विभाग को डीएलएफ की 295 फीट ऊंची मशीन जैसी निजी संसाधनों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ क्षेत्र में केवल एक-एक हाइड्रोलिक लैडर उपलब्ध होने के कारण बड़े हादसों की स्थिति में प्रतिक्रिया समय बढ़ सकता है। दूसरे जिलों से बुलानी पड़ती हैं गाड़ियां कई जिलों में संसाधनों की कमी इतनी है कि बड़ी आग लगने पर अन्य जिलों से फायर वाहन बुलाने पड़ते हैं। इससे आग पर नियंत्रण पाने में देरी होती है। कई मामलों में वाहनों को 10 से 15 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करके मौके पर पहुंचना पड़ता है, जिससे शुरुआती गोल्डन टाइम प्रभावित होता है।
दिल्ली में प्रतिकूल मौसम के चलते शुक्रवार देर रात और शनिवार तड़के कुल आठ उड़ानों को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीसीएसआईए), लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एयरलाइनों ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए, जिससे सभी उड़ानों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सका। आधी रात से तड़के तक पहुंचीं उड़ानें दिल्ली जाने वाली इंडिगो की अहमदाबाद-दिल्ली उड़ान सबसे पहले रात 12:08 बजे लखनऊ पहुंची। इसके बाद वाराणसी-दिल्ली, पटना-दिल्ली, भुवनेश्वर-दिल्ली, मंगलुरु-दिल्ली, अल्माटी-दिल्ली, किशनगढ़-दिल्ली और पटना-दिल्ली सेक्टर की अन्य उड़ानों को भी मौसम खराब होने के कारण लखनऊ में उतारा गया। अधिकांश उड़ानें बाद में दिल्ली रवाना डायवर्ट की गई सात उड़ानों को मौसम में सुधार और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की पटना-दिल्ली उड़ान से 23 यात्रियों ने स्वेच्छा से अपनी यात्रा स्थगित कर दी, जबकि इंडिगो की किशनगढ़-दिल्ली उड़ान से तीन यात्री लखनऊ में उतर गए। स्पाइसजेट की उड़ान रद्द, यात्रियों के ठहरने का इंतजाम पटना से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट की उड़ान एसजी-2478 को भी लखनऊ डायवर्ट किया गया, लेकिन बाद में यह उड़ान रद्द कर दी गई। एयरलाइन की ओर से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने संभाली स्थिति एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार सभी डायवर्ट उड़ानों का सुरक्षित संचालन किया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एयरपोर्ट प्रबंधन और संबंधित एयरलाइनों ने समन्वय बनाकर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं। दिल्ली में मौसम सामान्य होने के बाद अधिकांश उड़ानें अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गईं।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक्टर सलमान खान की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म काला हिरण की रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की। कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, डायरेक्टर भारत श्रीनेत, अक्षय पांडे और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सलमान खान की उस अर्जी पर भी विचार किया, जिसमें फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को जारी कर दिया गया, जबकि पहले संकेत दिया गया था कि इसे 20 जून को रिलीज किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून के लिए तय कर दी। नीले ब्रेसलेट को पहचान का चिन्ह बताया सलमान की अर्जी में कहा गया है कि फिल्म और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित या उस पर आधारित प्रतीत होते हैं। याचिका के अनुसार, भले ही एक्टर का नाम सीधे तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया हो, लेकिन पोस्टर, प्रमोशनल कंटेंट और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के पब्लिक बयानों से दर्शक उन्हें आसानी से पहचान सकते हैं। याचिका में 29 मई 2026 को जारी एक पोस्टर का भी उल्लेख किया गया। दावा किया गया कि उसमें दिखाया गया किरदार सलमान से मिलता-जुलता है और उसने एक्टर के पहचान चिन्ह माने जाने वाले नीले रंग के ब्रेसलेट जैसा ब्रेसलेट पहना हुआ है। अमित जानी के बयानों का भी हवाला दिया अर्जी में यह भी कहा गया है कि पोस्टर में किरदार को हथियार के साथ दिखाया गया है, जबकि आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में सलमान बरी हो चुके हैं। एक्टर का कहना है कि इससे गलत संदेश जा सकता है। सलमान के वकील ने यह भी तर्क दिया कि फिल्म की कहानी उन मामलों से जुड़ी लगती है, जो अभी उच्च अदालतों में विचाराधीन हैं। याचिका के अनुसार, ऐसे विषयों पर आधारित कंटेंट का प्रमोशन लंबित न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर डाल सकता है। अर्जी में फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के कथित मीडिया इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक बयानों का भी हवाला दिया गया। कहा गया कि इनमें फिल्म को काला हिरण मामले और गैंगस्टर लॉरेंस से जोड़ा गया, जिससे प्रमोशन हासिल करने की कोशिश की गई। याचिका के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को एक लीगल नोटिस भेजा गया था, जिसमें फिल्म के डेवलपमेंट और प्रमोशन को रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, एक्टर का आरोप है कि नोटिस के बावजूद प्रमोशनल एक्टिविटीज जारी रहीं, जिससे उन्हें कोर्ट आना पड़ा। सलमान ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की सलमान ने कोर्ट से मांग की कि विवाद के अंतिम निपटारे तक फिल्म से जुड़े किसी भी टीजर, ट्रेलर, पोस्टर या अन्य प्रमोशनल मटीरियल के पब्लिकेशन, ब्रॉडकास्ट और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए और फिल्म की रिलीज भी रोक दी जाए। फिल्म काला हिरण का फर्स्ट लुक जारी बता दें कि काला हिरण मामले से प्रेरित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' का फर्स्ट लुक कल जारी किया गया था। जिसमें सलमान खान का जिक्र अयान खान और लॉरेंस का जिक्र लॉयन के नाम से किया गया है। फिल्म का निर्देशन भारत एस. श्रीनाथ ने किया है। जबकि अमित जानी इसके लेखक और निर्माता हैं। सलमान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ा इससे पहले फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ दिया था। जानी ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए वीडियो में कहा था, हर कोई मुझसे पूछ रहा है, मीडिया, दोस्त, कि सलमान खान के नोटिस पर आपको क्या कहना है? इस नोटिस पर मैं क्या कहूं? पिछले 36 घंटों से उनकी डोंगरी, धारावी, जोगेश्वरी के मुस्लिम लड़कों की फैन फॉलोइंग, उनके टूलकिट ने मुझे जान से मारने, मुंबई आने और सिर कलम करने के हजारों मैसेज भेजे हैं और उनके टूलकिट के जरिए एक मैसेज, चाहे वह असली हो या नकली, मुझे नहीं पता, डी-कंपनी के नाम से भेजा गया है। डी-कंपनी छोड़ेगी नहीं। जानी ने आगे कहा कि तो मैं किसका जवाब दूं? क्या मैं सलमान खान की टूलकिट द्वारा हजारों गालियां दिलवाई गईं और धमकियां दिलवाई गईं, उनका जवाब दूं? क्या मैं इस नोटिस का जवाब दूं? वहीं, इससे पहले ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा था कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में जानी ने कहा था कि 'काला हिरण' बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। फिल्म 'काला हिरण' से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'फिल्म काला हिरण में सलमान की इमेज बिगाड़ने की कोशिश':सोनू मिश्रा बोले- कहा गया सलमान भी आ जाएं, तब भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे ‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होने वाली राष्ट्रीय अधिवेशन में उपेंद्र कुशवाहा एक बार फिर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे। आज नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में नामांकन, जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। अध्यक्ष पद के लिए केवल उपेंद्र कुशवाहा का ही नामांकन हुआ है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। इसके बाद दोपहर एक बजे कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उपेंद्र कुशवाहा का निर्विरोध चुनाव पर राजनीतिक हालात चुनौतीपूर्ण भले ही उपेंद्र कुशवाहा का अध्यक्ष बनना महज औपचारिकता रह गया हो लेकिन उनके सामने पार्टी को मजबूत करने की बड़ी चुनौती खड़ी है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा इस समय संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कठिन दौर से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवाल आने वाले दिनों में कुशवाहा की परीक्षा लेने वाले हैं। दीपक प्रकाश को लेकर बढ़ी राजनीतिक मुश्किल उपेंद्र कुशवाहा के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश को लेकर खड़े हुए राजनीतिक हालात हैं। विधान परिषद चुनाव में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उनके मंत्री पद से इस्तीफे की संभावना बढ़ गई है। इससे न केवल कुशवाहा की राजनीतिक ताकत पर असर पड़ सकता है, बल्कि पार्टी के भीतर भी नए समीकरण बनने की संभावना है। इसे राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विधायकों की नाराजगी से बढ़ा दबाव 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन बेटे को मंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया। कई विधायक पहले से ही नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। कुछ नेताओं ने बगावती तेवर भी अपना लिए हैं। ऐसे में पार्टी को एकजुट बनाए रखना और नाराज नेताओं को मनाना उपेंद्र कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती होगी। संगठन बचाने और भविष्य तय करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नए कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के कंधों पर पार्टी को टूटने से बचाने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रखने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही उन्हें यह भी साबित करना होगा कि बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रासंगिकता अभी भी बनी हुई है। आने वाले दिनों में उनके फैसले तय करेंगे कि पार्टी राजनीतिक रूप से नई ताकत हासिल करती है या फिर चुनौतियों के बोझ तले और कमजोर होती है। सबकी नजर कुशवाहा के अगले कदम पर निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उपेंद्र कुशवाहा कौन से संगठनात्मक और राजनीतिक फैसले लेते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। पार्टी में बढ़ती असंतुष्टि को कैसे संभालते हैं, सहयोगियों और विधायकों को किस तरह साथ रखते हैं और बिहार की राजनीति में अपनी भूमिका को कैसे पुनर्स्थापित करते हैं, यही उनके नए कार्यकाल की सबसे बड़ी कसौटी होगी। फिलहाल, अध्यक्ष पद की ताजपोशी तय है, लेकिन असली चुनौती उसके बाद शुरू होने वाली है। NDA में सम्मानजनक हिस्सेदारी बनाए रखना भी चुनौती राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए का हिस्सा है, लेकिन हाल के दिनों में गठबंधन के भीतर उसकी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी चर्चा होती रही है। विधान परिषद चुनाव में उनकी हार और राजनीतिक निर्णयों में घटती भूमिका को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सवाल उठे हैं। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा को यह भी साबित करना होगा कि एनडीए में उनकी पार्टी की भूमिका केवल सहयोगी दल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बिहार की राजनीति में प्रभावी हिस्सेदारी रखने वाली ताकत है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद असली परीक्षा शुरू दिल्ली में होने वाला चुनाव भले ही औपचारिक हो, लेकिन उसके बाद शुरू होने वाला कार्यकाल उपेंद्र कुशवाहा के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। बेटे के राजनीतिक भविष्य, नाराज विधायकों को साधने, संगठन को मजबूत करने और NDA में अपनी भूमिका को प्रभावी बनाए रखने जैसे कई मोर्चों पर उन्हें एक साथ काम करना होगा। ऐसे में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनकी असली परीक्षा अब शुरू होने वाली है। एक समय था जब उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के सबसे करीबी थे। लेकिन लगातार राजनीतिक हालातों में बदलाव ने उपेंद्र कुशवाहा को ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है कि अगर मजबूत और सकारात्मक फैसले नहीं लेंगे तो पार्टी की मुश्किल बढ़ सकती है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार शाम अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के साथ उनकी नई फिल्म भारत भाग्य विधाता (BBV) का विशेष प्रदर्शन देखेंगे। मुख्यमंत्री और कंगना चंडीगढ़ में आयोजित शाम के शो में एक साथ मौजूद रहेंगे। बता दें कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री सैनी और कंगना की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों के बीच फिल्म और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसी मुलाकात के दौरान फिल्म के विशेष प्रदर्शन को लेकर भी चर्चा हुई थी। फिल्म में कंगना का लीड रोल फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनोट मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। फिल्म देशभक्ति, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर आधारित बताई जा रही है। रिलीज के बाद फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। मुख्यमंत्री सैनी का यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार राज्य में फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर चुकी है। ऐसे में मुख्यमंत्री का किसी फिल्म के विशेष प्रदर्शन में शामिल होना सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इसलिए हो रही चर्चा राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कंगना रनोट न केवल फिल्म जगत की चर्चित हस्ती हैं, बल्कि सांसद होने के कारण उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री और कंगना का एक साथ फिल्म देखना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शुक्रवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान उनकी कंगना रनोट से मुलाकात हुई। दोनों की तस्वीरें और मुलाकात की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। अब अगले ही दिन चंडीगढ़ में फिल्म के विशेष शो में दोनों की मौजूदगी इस चर्चा को और बढ़ा रही है।
दिल्ली में उपराष्ट्रपति और 3 केंद्रीय मंत्रियों से मिले राज्यपाल कटारिया
उदयपुर| पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और तीन केंद्रीय मंत्रियों के साथ सिलसिलेवार उच्च स्तरीय बैठकें कर पंजाब, चंडीगढ़ सहित राजस्थान से जुड़े कई अहम विकास एजेंडों को आगे बढ़ाया। कटारिया ने सबसे पहले उपराष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट कर जनहित के मुद्दों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इसके बाद संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर ली कॉर्बुसिए द्वारा डिजाइन किए गए चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित ग्रेड-1 हेरिटेज गवर्नमेंट म्यूजियम और आर्ट गैलरी के जीर्णोद्धार के लिए ‘म्यूजियम ग्रांट स्कीम’ के तहत विशेष सहयोग मांगा, ताकि इसके बेशकीमती संग्रह को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा खिलाड़ियों को बड़ी सौगात दिलाने के लिए कटारिया ने खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के सामने सेक्टर-42 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक इंटरनेशनल मल्टी-पर्पस इनडोर स्पोर्ट्स हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा। चंडीगढ़ में नवंबर 2026 में होने वाली दूसरी अंतरराष्ट्रीय मैराथन, एशियन रिले चैंपियनशिप 2027 और 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2027 की मेजबानी पर चर्चा कर पंजाब और चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की वकालत की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। अंत में, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ बैठक में कटारिया ने न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों की चिंताओं को दूर करने के क्रम में उदयपुर बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया।
आदिवासी अंचल मेवाड़-वागड़ के लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने की 44 वर्षों से लंबित मांग अब दिल्ली के गलियारों में गूंज उठी है। उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर बार एसोसिएशन उदयपुर और मेवाड़-वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचा। इस मिशन को गति देने के लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने खुद कमान संभाली। राज्यपाल कटारिया के विशेष आग्रह पर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने समय नियत किया। इसके बाद राज्यपाल स्वयं पंजाब से दिल्ली पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल के साथ विधि मंत्री के निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। वकीलों ने 5वीं अनुसूची के प्रावधानों और अन्य राज्यों के मॉडल से रखी मजबूत दावेदारी जोधपुर की 300 किमी की दूरी बढ़ा रही बोझबार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकृपा शर्मा व मनीष शर्मा बताते हैं कि उदयपुर संभाग के सुदूर जिलों जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ से हाईकोर्ट जोधपुर की दूरी 300 से 350 किलोमीटर से भी अधिक है। एक गरीब आदिवासी या किसान को अपनी जमानत या अपील की सुनवाई के लिए जोधपुर जाने-आने, वहां ठहरने और भोजन पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति बन गई है। इसके मानसून के दौरान और मजबूत होने की संभावना है। एल नीनो के कारण भारत में मानसूनी बारिश सामान्य से कम हो सकती है। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले गिरे। दिल्ली-NCR में खराब मौसम के कारण 4 फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एमपी के श्योपुर जिले में आज आंधी-बारिश में एक ही परिवार के 3 लोगों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। यूपी के सहारनपुर में बारिश से सड़कें डूब गईं। पानी घरों में घुस गया। शामली में नगर पालिका, अस्पतालों में कमर तक पानी भर गया। हापुड़ और हाथरस में आंधी से पेड़ और पोल उखड़ गए। उत्तराखंड के 4 जिलों में शुक्रवार सुबह से बारिश हुई। वहीं, चमोली के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई है। देश में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में इसकी एंट्री हो गई।। अगले 3 दिन में मानसून के छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में एंट्री करने की संभावना है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 9 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की तस्वीरें… 6 राज्यों में पारा 40C पार राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में शुक्रवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। यहां पारा 44.2C रहा। वहीं महाराष्ट्र के वर्धा और अकोला में 43.5C और तेलंगाना के आदिलाबाद में 43.2C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 14 जून: 15 जून:
उदयपुर संभाग मुख्यालय पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मेवाड़ वागड़ हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन उदयपुर का एक प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली में केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मिला। वकीलों के डेलिगेशन ने कानून मंत्री के सामने मजबूती से अपनी बात रखी। उदयपुर में जल्द से जल्द हाईकोर्ट बेंच शुरू करने की मांग उठाई। इस पूरी मुलाकात में बनाने में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की बड़ी भूमिका रही। गुलाबचंद कटारिया भी दिल्ली पहुंचे बार एसोसिएशन और संघर्ष समिति के आग्रह पर राज्यपाल कटारिया ने पहले केंद्रीय मंत्री से मुलाकात का समय तय करवाया। इसके बाद वे खुद पंजाब से दिल्ली पहुंचे और प्रतिनिधि मंडल को साथ लेकर केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के निवास पर गए। मुलाकात के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना ने कानून मंत्री को बताया- उदयपुर संभाग में हाईकोर्ट बेंच होना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा कि सालों से अपीलें लंबित पड़ी है। जमानत न मिलने की वजह से कई कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उदयपुर में बेंच बनाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। संयोजक नंदवाना ने कानूनी पक्ष रखते हुए कहा कि यह पूरा इलाका सघन आदिवासी अंचल है। संविधान की अनुसूची 5 और उसके विशेष प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार उदयपुर को प्राथमिकता के आधार पर हाई कोर्ट बेंच की सौगात दे सकती है। अपनी मांग के समर्थन में उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बनाई गई हाईकोर्ट बेंच के उदाहरण भी मंत्री के सामने रखे। कानून मंत्री को ज्ञापन सौंपा बातचीत के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने पिछले 44 सालों से चली आ रही इस मांग को लेकर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल और केंद्रीय मंत्री के बीच करीब एक घंटे तक सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उदयपुर में हाई कोर्ट बेंच की जरूरत से जुड़े सभी पहलुओं और तर्कों को बहुत बारीकी से सुना। उन्होंने वकीलों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसका उचित निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। इस दिल्ली दौरे और मुलाकात के दौरान संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष मनीष शर्मा, बार एसोसिएशन के महासचिव लोकेश गुर्जर और उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे। सभी ने एक सुर में उदयपुर के हक की आवाज उठाई।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 12 वर्ष का जन-केंद्रित सुशासन अभियान के तहत शुक्रवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। स्वच्छ भारत मिशन को गति देते हुए इस अभियान का उद्देश्य न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार करना है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। अभियान के तहत पश्चिम जोन में सांसद कमलजीत सहरावत और विधायक श्याम शर्मा की मौजूदगी में सुभाष नगर व बेरीवाला बाग में विशेष सफाई की गई। 50 सफाई कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा वहीं, नजफगढ़ जोन में विधायक कुलदीप सोलंकी की देखरेख में रामफल चौक पर 50 सफाई कर्मियों ने मोर्चा संभाला। शाहदरा, रोहिणी, सिविल लाइंस और दक्षिण जोन सहित सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर गलियों और पार्कों को साफ किया। 20 जून तक चलने वाले इस मेगा ड्राइव में मशीनों और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। एमसीडी अधिकारियों ने कहा, यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए नागरिक भागीदारी का एक सामूहिक संकल्प है। जन-प्रतिनिधियों और आम जनता का सहयोग ही इस मुहिम को धरातल पर सफल बनाएगा। राजधानी के हर कोने में कचरा मुक्त दिल्ली का सपना पूरा करने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इसे विकास, सुशासन और जनविश्वास की यात्रा बताया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, विश्वास और जनसेवा की नई इबारत लिखी है। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री पद को सत्ता का नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया है और उसके लाभ देश के 140 करोड़ नागरिकों तक पहुंचाया हैं। वैश्विक मंचों तक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की : रेखा पिछले 12 वर्षों में भारत ने खेत-खलिहान से लेकर चंद्रयान तक और गांव की चौपाल से लेकर वैश्विक मंचों तक अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत केवल वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहा, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने की क्षमता भी रखता है। सीएम ने कहा कि 2014 में देश का मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 1,095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। देश में 164 से अधिक हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसी पहलों ने भारत को नई पहचान दिलाई है। पीएम ने गरीब कल्याण, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मोदी सरकार के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। दिल्ली में अभूतपूर्व बुनियादी ढांचा विकास सीएम रेखा गुप्ता ने कहा केंद्र सरकार ने दिल्ली के विकास के लिए पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व निवेश किया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2), दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और नमो भारत कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राजधानी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत मंडपम, प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर एवं सुरंग परियोजना तथा आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर को स्वीकृति दी गई है, जिससे भारत मंडपम, इंडिया गेट, केंद्रीय सचिवालय और कर्तव्य भवन जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। जनता का विश्वास ही मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत : हर्ष मल्होत्रा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा मोदी सरकार के 12 वर्ष जनविश्वास, सेवा, सुशासन और राष्ट्र प्रथम की भावना को समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि जब निर्णय राष्ट्रहित में लिए जाते हैं और सरकार सेवा का माध्यम बनती है, तब जनता उस पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के सड़क और परिवहन ढांचे में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है और एक्सप्रेसवे नेटवर्क ने यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाई है। 30 मिनट में तय की जा सकेगी पंजाब-टिकरी बॉर्डर की दूरी उन्होंने कहा कि, अक्षरधाम से बदरपुर की दूरी अब लगभग 15 मिनट में और पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर की दूरी लगभग 30 मिनट में तय की जा सकेगी। आईएनए से महिपालपुर तक विकसित हो रहा हाईवे दिल्ली में जाम कम करने, समय बचाने और प्रदूषण घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने विकास को जनभागीदारी का आंदोलन बनाया है। कोविड काल से लेकर स्वच्छ भारत अभियान, हर घर तिरंगा, आत्मनिर्भर भारत और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने नागरिकों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा है। मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली भाजपा केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों और दिल्ली सरकार के पिछले 15 महीनों के कार्यों को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी और घर-घर जाकर लोगों को इन उपलब्धियों की जानकारी देगी।
दिल्ली पुलिस ने मधुबनी नगर थाना पुलिस के सहयोग से दुष्कर्म के एक फरार आरोपी को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान दरभंगा निवासी राजा बाबू भारती के रूप में हुई है, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 से जुड़े एक मामले में वांछित था। मेडिकल कॉलेज परिसर से हुई गिरफ्तारी जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम विशेष अभियान के तहत मधुबनी पहुंची थी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को मधुबनी मेडिकल कॉलेज परिसर से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी, जिससे आरोपी को फरार होने का मौका नहीं मिला। डॉक्टर को छोड़ने आया था आरोपी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी एक चिकित्सक को चारपहिया वाहन से मधुबनी मेडिकल कॉलेज छोड़ने आया था। इसी दौरान पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ और मेडिकल जांच की प्रक्रिया जारी थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे मधुबनी न्यायालय में पेश किया जाएगा। न्यायालय की अनुमति मिलने पर दिल्ली पुलिस आरोपी को अपने साथ दिल्ली ले जाएगी, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशीलता के कारण पुलिस ने नहीं दी अधिक जानकारी पुलिस अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिक जानकारी साझा करने से परहेज किया है। थाना अध्यक्ष ने कहा कि जांच अभी जारी है और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से जांच तथा कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पंजाब बीजेपी की आज शाम 6 बजे दिल्ली में अहम मीटिंग होगी। यह मीटिंग हाईकमान द्वारा बुलाई गई है। मीटिंग राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष की अगुवाई में होगी। मीटिंग में पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ और नव नियुक्त प्रधान केवल सिंह ढिल्लों मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नवीन के पंजाब दौरे को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष 20 से 22 जून तक पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह गोल्डन टेंपल में भी नतमस्तक होंगे। इन तीन प्वाइंटों पर रहेगा फोसक 1. पंजाब बीजेपी को हाल ही में नया प्रधान मिला है। पार्टी ने पहली बार जट्ट सिख प्रधान बनाया है। हालांकि अभी तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बैठक में इससे जुड़ी पूरी रणनीति तैयार की जाएगी। 2. बैठक का दूसरा अहम मुद्दा राष्ट्रीय प्रधान का 20 जून से प्रस्तावित पंजाब दौरा है। इस दौरान उनके कार्यक्रम, पंजाब में होने वाले आयोजन और किन-किन धार्मिक स्थलों पर वे जाएंगे, इस पर भी विस्तृत योजना बनाई जाएगी। 3. इसके अलावा राज्य के मौजूदा हालात को लेकर भी फीडबैक लिया जाएगा। क्योंकि अब चुनाव समय शेष आ रहा है। ऐसे में सरकार कोई कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। प्रधान दिल्ली के लिए रवाना पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद तुरंत दिल्ली रवाना हो गए। इसके अलावा महासचिव अनिल सरीन और वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा भी बैठक में शामिल होने वालों में हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, रवनीत सिंह बिट्टू, विजय सांपला और मनोरंजन कालिया को भी बैठक के लिए बुलाया गया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में बिजली दरों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गोवा में देश की सबसे अधिक बिजली दरों में से एक लागू है, जिससे आम लोग परेशान हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि राज्य के लोग महंगे बिजली बिलों से नाराज हैं और इस मुद्दे पर व्यापक असंतोष है। दिल्ली और पंजाब की तरह गोवा में भी प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और घरेलू खर्च का बोझ कम हो। केजरीवाल ने कहा है कि गोवा में बिजली की दरें देश में सबसे ज्यादा हैं, जिससे आम जनता और मध्यम वर्ग के लोग काफी नाराज हैं। उन्होंने दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर गोवा में भी प्रति माह हर घर को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की गारंटी दी है। मुफ्त बिजली के अलावा उन्होंने गोवा में हर परिवार के लिए 10 लाख रुपए तक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं के लिए प्रतिमाह 1000 रुपए की सम्मान राशि का भी वादा किया है।
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में दावेदारों का इंटरव्यू होना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से 35 से ज्यादा दावेदार दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय पहुंच चुके हैं। इंटरव्यू के बाद प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की सूची फाइनल होगी और उसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच नाराजगी को लेकर देवेंद्र ने कहा कि यह केवल राजनीतिक गलियारों की चर्चा है। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस के अंदर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक माने जा रहे विनयशील का नाम आगे बताया जा रहा है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व के लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। वहीं विधायक देवेंद्र यादव की ओर से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे के नाम सामने आ रहा है। विनयशील ने मुख्यमंत्री के कुनकुरी क्षेत्र में जीता था चुनाव विनयशील का नाम इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में नगर पंचायत चुनाव में जीत हासिल की थी। इसे संगठन में उनकी राजनीतिक पकड़ और कामकाज से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस के कई नेता मान रहे हैं कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के सवाल पर उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है। विनयशील वरिष्ठ नेताओं की पसंद भी हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी काफी करीबी माने जाते हैं। बलौदाबाजार के शलैंद्र के नाम की भी चर्चा दूसरी तरफ भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम सामने आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि देवेंद्र यादव की पसंद के उम्मीदवारों में शैलेंद्र सबसे आगे हैं और उनके समर्थन में भी संगठन के अंदर सक्रियता दिखाई दे रही है। शैलेंद्र देवेंद्र यादव के काफी बड़े समर्थक बताए जा रहे हैं। वहीं उनके समर्थकों में भी शैलेंद्र के नाम को लेकर कोई भ्रम या असमंजस नहीं है। भूपेश की नाराजगी पर बोले- ये सब राजनीतिक गलियारों की चर्चा भूपेश बघेल की नाराजगी को लेकर उठ रही चर्चाओं पर देवेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल राजनीतिक गलियारों की बातें हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन चुनाव में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते। विधायक देवेंद्र यादव ने किसी तरह की गुटबाजी या अंदरूनी खींचतान की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस का चुनाव युवाओं को अवसर देने की प्रक्रिया है। कांग्रेस पार्टी ऐसे युवाओं को आगे आने का मौका देती है जो राजनीतिक परिवार से नहीं आते और संगठन में काम करना चाहते हैं। देवेंद्र ने कहा- मैं भी छात्र राजनीति से निकलकर आया हूं विधायक देवेंद्र ने कहा कि मैं भी NSUI के चुनाव से राजनीति में आया। राहुल गांधी ने युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया। हम लोग भी राजनीति में इसी चुनाव के माध्यम से आए। जब चुनाव होते हैं, तो बहुत सारे लोग अपनी-अपनी पसंद के लोगों के प्रति आशान्वित रहते हैं, उनको मदद करते हैं। लेकिन इसका कोई गुटबाजी से लेना-देना नहीं है। ये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और पारिवारिक प्रतिस्पर्धा है और इसमें जो कांग्रेस के वैचारिक लोग हैं, वही आते हैं और वही मजबूती से खड़े रहते हैं। सदस्यता अभियान पर जोर देने की बात देवेंद्र यादव ने कहा कि सभी युवा साथियों को सदस्यता अभियान में पूरी ताकत से जुटना चाहिए और मजबूती के साथ चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी पदाधिकारी बनें, वे आगे संगठन और जनता के लिए काम करें। प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सभी 35 उम्मीदवार सीधे मुकाबले में नहीं हैं। सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए एससी, एसटी, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग से भी दावेदार मैदान में हैं। माना जा रहा है कि अंतिम दौर में दो से तीन नामों पर चर्चा केंद्रित हो सकती है।
मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा चुनाव लड़ने का अधिकार, भोपाल से दिल्ली तक सड़क पर कांग्रेस
मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने को लेकर कांग्रेस अब सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ रही है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस सड़क पर उतकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति ...
दिल्ली में देर रात खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। तेज हवाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के चलते कई फ्लाइट्स की दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग नहीं हो सकी। ऐसे में सुरक्षा कारणों से चार फ्लाइट्स को डायवर्ट कर जयपुर एयरपोर्ट भेजा गया। दरअसल, दिल्ली जाने वाली इंडिगो की गोवा-दिल्ली फ्लाइट 6E-363, एयर इंडिया की चेन्नई-दिल्ली फ्लाइट AI-538, इंडिगो की कोलकाता-दिल्ली फ्लाइट 6E-917 और इंडिगो की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट 6E-817 को दिल्ली में खराब मौसम के कारण जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। देर रात एक के बाद एक चार फ्लाइट्स के जयपुर पहुंचने से एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को इंतजार करना पड़ा। मौसम सामान्य होने पर दिल्ली भेजा जा रहा बता दें कि दिल्ली में मौसम सामान्य होने और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से परमिशन मिलने के बाद इन फ्लाइट्स को फिर से दिल्ली के लिए रवाना किया जा रहा है। मौसम की वजह से फ्लाइट्स के संचालन में अस्थायी व्यवधान जरूर आया, लेकिन सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए विमानों को वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतारा गया। प्रतिकूल परिस्थितियां में डायवर्ट करना सामान्य प्रक्रिया एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवाएं या रनवे के आसपास प्रतिकूल परिस्थितियां बनने पर विमानों को डायवर्ट करना एक सामान्य और सुरक्षा आधारित प्रक्रिया है। इसी के तहत दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने पर इन उड़ानों को जयपुर भेजा गया। दिल्ली में मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद हवाई सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौट आई और डायवर्ट की गई सभी उड़ानों को अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी जैसलमेर में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। दिल्ली हादसे में 20 से 25 लोगों की असमय मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए जैसलमेर नगर परिषद ने शहर के होटलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में विशेष फायर सेफ्टी चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान शहर के होटलों में सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच टीम ने अब तक करीब तीन दर्जन होटलों को नियमों की अनदेखी करने और वैध फायर एनओसी (NOC) नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस थमाए हैं, जिससे होटल व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। महज 5 से 7 होटलों के पास ही वैध फायर NOC मुख्य अग्निशमन अधिकारी कृष्ण पाल सिंह राठौड़ ने बताया कि नगर परिषद की विशेष टीम शहर के विभिन्न होटलों में जाकर उनके फायर फाइटिंग सिस्टम की गहनता से जांच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में बेहद चौंकाने वाले और डराने वाले तथ्य सामने आए हैं। टीम ने अब तक लगभग 2 से 3 दर्जन होटलों का बारीकी से निरीक्षण किया है। इनमें से महज 5 से 7 होटल ही ऐसे पाए गए हैं, जिनके पास वैध फायर NOC मौजूद है और वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं। बाकी के ज्यादातर होटलों में पर्यटकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था। तीन नोटिस के बाद सीधे सील होंगे होटल अग्निशमन अधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट (निकासी द्वार) और स्मोक अलार्म सिस्टम चालू हालत में नहीं हैं, उन्हें नोटिस देकर तुरंत व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि विभाग की ओर से लापरवाही बरतने वालों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस देने का कानूनी प्रावधान है। यदि तीन बार चेतावनी मिलने के बाद भी होटल संचालकों द्वारा लापरवाही बरती गई और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए, तो राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार ऐसे सभी होटलों को तुरंत सील करने की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध रूप से चल रहे होटल संचालकों में खलबली मची हुई है।
दिल्ली के तुगलकाबाद में लगी भीषण आग, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, सौरभ भारद्वाज ने सरकार को घेरा
Tuglakabad Fire Case : दिल्ली के तुगलकाबाद में शुक्रवार तड़के एक इमारत में लगी भीषण आग में 3 लोगों की मौत हो गई है। हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में आग में फंसे 8 लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने जांच रिपोर्टों पर ...
गयाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नियमित हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइंस आगामी जुलाई महीने से गया एयरपोर्ट पर अपने विमान परिचालन में एक बड़ा और आंशिक बदलाव करने जा रही है। एयरलाइंस आगामी 3 जुलाई से एक नया शेड्यूल लागू करने जा रही है। नए शेड्यूल के तहत अगले महीने से सप्ताह के सभी दिन यात्रियों को इंडिगो की विमान सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। सोमवार और शुक्रवार को नहीं उड़ान भरेगी फ्लाइट विमानन सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इंडिगो एयरलाइंस का यह नया और संशोधित शेड्यूल 3 जुलाई से प्रभावी होकर आगामी अक्टूबर महीने तक लागू रहने की संभावना है। इस नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि प्रत्येक सप्ताह के सोमवार और शुक्रवार को गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंडिगो की कोई भी फ्लाइट उड़ान नहीं भरेगी। तय किए दोनों दिन में एयरलाइन का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा।हालांकि, यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी है, लेकिन लंबे समय तक लागू रहने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की रूपरेखा नए सिरे से तय करनी होगी। दिल्ली रूट के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी इंडिगो के इस अचानक लिए गए फैसले का सीधा और व्यापक असर उन यात्रियों पर पड़ने जा रहा है जो व्यापार, इलाज, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए गया से देश की राजधानी दिल्ली और अन्य प्रमुख महानगरों के लिए इंडिगो की उड़ानों पर निर्भर रहते हैं। गया से दिल्ली रूट पर यह एक बेहद लोकप्रिय हवाई सेवा है। अब सप्ताह में दो दिन सेवाएं अचानक ठप होने से नियमित रूप से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही अन्य दिनों में सीटों की मारामारी तथा हवाई किराए में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है। फ्लाइट से यात्रा करने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह इस अप्रत्याशित बदलाव को देखते हुए विमानन विशेषज्ञों और ट्रैवल एजेंटों ने यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। एयरलाइन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जो भी यात्री जुलाई से अक्टूबर के बीच गया से सफर करने की योजना बना रहे हैं। वे अपनी टिकट बुक करने या एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट का ताजा स्टेटस और शेड्यूल अनिवार्य रूप से जांच लें। ऐसा करने से वे अंतिम समय में होने वाली किसी भी बड़ी असुविधा, मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान से खुद को सुरक्षित रख सकेंगे। राहत की बात यह है कि इंडिगो प्रशासन इस कटौती को केवल त्योहारों के सीजन की शुरुआत यानी अक्टूबर तक ही प्रभावी रखने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के बाद पर्यटन सीजन शुरू होते ही इंडिगो एयरलाइंस द्वारा अपनी पुरानी और नियमित दैनिक उड़ान सेवाओं को दोबारा पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, अंतिम निर्णय पूरी तरह से एयरलाइन के परिचालन और तकनीकी कार्यक्रम पर ही निर्भर करेगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर इंडिगो एयरलाइंस और गया एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से औपचारिक और आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए पोस्ट किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे एक दिन पहले बुधवार को एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा- 145 करोड़ भारतीयों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए पूर्ण समर्पित तथा 'अमृतकाल' के सारथी आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई।” उन्होंने कहा- भारतीय लोकतंत्र का यह अभूतपूर्व पड़ाव पूरे राष्ट्र के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद की सामूहिक अभिव्यक्ति है। इतिहास में विरले ही ऐसा नेतृत्व देखने को मिलता है, जो केवल सरकार का नहीं, बल्कि एक युग की चेतना का प्रतिनिधित्व करता हो। यह सम्मान आपके समर्पण, त्याग, दूरदर्शिता और राष्ट्रनिष्ठा को समर्पित है, जिसने करोड़ों देशवासियों को 'विकसित भारत' के संकल्प से जोड़ा है। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा- मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि राष्ट्रसेवा का आपका यह अविराम अभियान भारत की प्रगति, प्रतिष्ठा और पराक्रम की नई गाथाएं लिखता रहे। वाराणसी में GST अधिकारी के घर चोरी करने वाले अरेस्ट,फायरिंग कर भाग रहे थे, एक के पैर में गोली वाराणसी में GST अधिकारी के घर करोड़ों की चोरी करने वाले दो बदमाशों से पुलिस से मुठभेड़ हो गई। शिवपुर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुई मुठभेड़ में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। बदमाशों ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ने के लिए फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। गोली एक आरोपी के पैर में लग गई। जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे दबोच लिया। जबकि दूसरा आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एसओजी टीम ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया। दोनों का नाम हाल ही में जीएसटी अधिकारी के घर हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में सामने आया था। यहां पढ़ें पूरी खबर एग्जामपुर के संस्थापक विवेक सर हिरासत में, टूंडला जंक्शन पर पुलिस ने ट्रेन से उतारा फिरोजाबाद में एग्जामपुर के संस्थापक विवेक कुमार उर्फ विवेक सर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह तेजस एक्सप्रेस से लखनऊ जा रहे थे, जहां पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन होने वाला है। गुरुवार की शाम 6 बजे टूंडला जंक्शन पर तेजस एक्सप्रेस पहुंची। इसी ट्रेन से विवेक सर लखनऊ जा रहे थे। पुलिस ने उन्हे नीचे उतार लिया और अपने साथ ले गई। पढ़ें पूरी खबर… बिजनौर में बासी छेना खाने से 2 साल के बच्चे की मौत, 4 साल की बहन की हालत गंभीर बिजनौर में 8 दिन पुराना छेना खाने से 2 साल के मासूम बच्चे देव कुमार की मौत हो गई। उसकी 4 साल की बहन पल्लवी की हालत गंभीर है और वो अस्पताल में भर्ती है। मां अपनी बहन की शादी से बची मिठाई लेकर आई थी। वही मिठाई बच्चों को खिला दी और पड़ोसियों में भी बांट दी। मिठाई खाते ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। फूड प्वाइजनिंग होते ही आसपास के 4 और लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ आकांक्षा गौतम भी पुलिस के साथ गांव पहुंचीं और पीड़िचत परिवारों से बातचीत की। मामला नांगल थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर.…
अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र में छज्जे के निर्माण को लेकर हुए विवाद में घायल एक किसान की दिल्ली में उपचार के दौरान गुरुवार शाम करीब 5 बजे मौत हो गई। पांच दिन पहले हुए इस झगड़े में गंभीर रूप से घायल हुए किसान दिनेश (40) की गुरुवार को सफदरजंग अस्पताल में जान चली गई। मौत की खबर गांव पहुंचने पर सैकड़ों परिजनों और ग्रामीणों ने देर रात करीब 11 बजे आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर हंगामा किया। देखिए कुछ तस्वीरें… लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले यह घटना रहरा थाना क्षेत्र के गांव बुरावली की है। 6 जून को गांव निवासी जगपाल अपने मकान का छज्जा बनवा रहे थे। इसी दौरान पड़ोस के बलेश, रामकेश और वेदप्रकाश ने छज्जे के निर्माण का विरोध किया। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और फिर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थर चले। उपचार के दौरान हुई मौत विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जगपाल के चचेरे भाई दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर में ईंट लगने से उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें पहले रहरा और फिर अमरोहा ले गए। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन दिनेश की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों की वजह से ही दिनेश की जान गई है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में कार्रवाई कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए। इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सड़क जाम करने का भी प्रयास किया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। सीओ ने बताया कि मारपीट के मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है। घायल की मौत के बाद मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। मृतक दिनेश अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।
दिल्ली-NCR, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी। तापमान में गिरावट के बीच मॉनसून ने भी रफ्तार पकड़ ली है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को राज्य के विकास की भविष्य की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, वहीं प्रधानमंत्री के साथ बैठक में बिहार के विकास मॉडल और भविष्य की रणनीति को साझा किया। इस दौरे की सबसे अहम बैठक नीति आयोग की शासी परिषद की रही। बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में बिहार की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्य के विकास का ब्लूप्रिंट पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार अब केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में एक मजबूत इंजन की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।’ केंद्र से 18 हजार करोड़ की विशेष सहायता की मांग नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास के लिए किए जा रहे कई क्षेत्रों के कार्यों को विस्तार से बताया। साथ ही बिहार के विकास के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हर घर नल का जल योजना के माध्यम से जल जीवन मिशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन कुछ कारणों से केंद्र का हिस्सा प्राप्त नहीं हो सका।' उन्होंने केंद्र सरकार से इस योजना के लिए कुल 18 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। इसमें 13 हजार करोड़ रुपये पूर्व में किए गए व्यय के केंद्रांश और 5 हजार करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिए शामिल हैं। बाल्यावस्था शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था में सुधार पर जोर मुख्यमंत्री ने बताया कि, 'बिहार में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है। राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं। हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को स्कूलों से जोड़ा गया है, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से ही बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 40 लाख से अधिक बच्चों में करीब 70 प्रतिशत बच्चों को APAAR आईडी जारी की जा चुकी है।' स्कूलों में डिजिटल सुविधा का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘बिहार के 76 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में से 91 प्रतिशत विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। राज्य में 9 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। सभी बालिका विद्यालयों में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। स्कूल से बाहर रह गए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को राज्य के ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।’ युवाओं के कौशल और रोजगार पर फोकस सम्राट चौधरी ने युवाओं के लिए कौशल विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब बनाया जा रहा है। वहीं 75 ITI संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 3,615 करोड़ रुपये की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने केंद्र से इंटीग्रेटेड स्किलिंग आर्किटेक्चर परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये और भागलपुर में NSTI स्थापना में सहयोग करने में सहयोग देने की मांग की। उच्च शिक्षा के विस्तार की योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य सरकार 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित कर रही है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।' मुख्यमंत्री ने केंद्र से बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा खोलने का अनुरोध किया। खेल और पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार ने हाल के वर्षों में कई बड़े खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की है। एशियन महिला और पुरुष हॉकी चैंपियनशिप, एशियन रग्बी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 इसका उदाहरण हैं। राज्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है। केंद्र सरकार से वर्ष 2028 के नेशनल यूथ गेम्स, 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। पर्यटन क्षेत्र में गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बताई गई। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर काम की जानकारी दी गई। कृषि और किसानों के लिए नई पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि, एग्री स्टैक योजना के तहत किसानों को यूनिक आईडी प्रदान की जा रही है और पीएम किसान योजना के लगभग 61 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।' उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में केंद्रीय उपोष्णकटिबंधीय बागवानी अनुसंधान संस्थान स्थापित करने, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का कार्यालय खोलने और NIFTEM संस्थान की जल्द स्थापना के लिए सहयोग देने का आग्रह किया। पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि, 'बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन योजना के तहत गया, बोधगया, राजगीर और नालंदा को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया पर्यटन सर्किट पर तेजी से काम चल रहा है।' उन्होंने इन क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा। आत्मनिर्भर भारत और ओडीओपी को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत सूक्ष्म उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत 48.30 लाख महिलाओं के साथ बिहार देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार तय समय से पहले अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही बिहार में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) का क्षेत्रीय केंद्र और 10 आधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया गया। ज्ञान भारतम् मिशन में बिहार आगे मुख्यमंत्री ने बताया कि, ‘राज्य में 8 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। इसके चलते बिहार ज्ञान भारतम् मिशन के तहत देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है। बिहार में औद्योगिकीकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि स्वीकृत की गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज-2025, सेमीकंडक्टर नीति-2026, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति और बिहार एआई मिशन के जरिए नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित किया है।' इसके अलावा नियोजित शहरी विकास के लिए लगभग तीन लाख एकड़ भूमि पर 14 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में एक बिल्डिंग में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें एक युवक और दो महिलाएं हैं। 6 लोगों को बचाया गया है, सभी अस्पताल में भर्ती हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी। धीरे-धीरे आग पांच मंजिला बिल्डिंग में फैल गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने छत का ताला काटकर लोगों को बचाया। फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, गुरुवार देर रात 2:35 बजे से 2:37 बजे के बीच इमरजेंसी कॉल मिलीं। आग तारा अपार्टमेंट के पास गली नंबर 1 में स्थित एक इमारत में लगी थी। इमारत के अंदर कई लोगों के फंसे होने की खबर मिलने के बाद फायर फाइटर्स ने रेस्क्यू शुरू किया। 3:45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के बाद रेस्क्यू की 6 तस्वीरें… रात- 2:35 बजे आग, फायर ब्रिगेड सीढ़ी लगाकर छत पर पहुंची रात- 2:45 बजे, रेस्क्यू टीम ने छत पर दरवाजे का लॉक तोड़ा रात- 3:00 बजे, छत के रास्ते दो लड़कियों को बचाया गया रात- 3:05 बजे, कुछ लोगों को साड़ी की मदद से नीचे उतारा गया रात- 3:15 बजे, आग पर काबू पाया गया, गाड़ियां पूरी तरह जल गईं रात- 3:30 बजे, आग बुझने के बाद घर के अंदर की तस्वीर चश्मदीद बोलीं- गाड़ियों एक-एक करके ब्लास्ट हुईं एक चश्मदीद ने बताया कि, हम लोग पड़ोस में रहते हैं। आग लगने की खबर मिलते ही वहां पहुंचे तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी गाड़ियों में एक-एक करके ब्लास्ट हो रहा था। हमने पानी का इस्तेमाल करके आग बुझाई। हमने पीछे की तरफ से भी लोगों को बचाया। उन्हें नीचे उतारने के लिए साड़ियों का इस्तेमाल किया और लड़कियों को बाहर निकालने के लिए पीछे की सुरक्षा ग्रिल काटी। बिलडिंग में कुल 9 परिवार रहते हैं कुछ बाहर गए थे। घटना के वक्त करीब 20-22 लोग इमारत में रहे होंगे। तीन स्कूटी, दो बाइक और एक साइकिल जली फायर विभाग के एडीओ यशवंत मीणा ने बताया कि पार्किंग में खड़ी तीन स्कूटी, दो बाइक और एक साइकिल जल गईं। आग और धुआं ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल तक फैल गया, जिससे निचली मंजिलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। संकरी गली में बनी पांच मंजिला इमारत होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आईं। छत का गेट बंद होने पर उसका ताला तोड़कर अंदर पहुंचे और वहां फंसी दो लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। अब मैप में समझिए कहां हुआ हादसा दिल्ली में 10 दिनों में आग की दूसरी घटना, 3 जून को 21 जानें गईं थीं दिल्ली में पिछले 10 दिनों में आग की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 3 जून को मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लग गई थी। इसमें नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी। 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। --------------------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट:दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। इनमें से तीन होटल फ्लरिश स्टे, फ्लरिश इन गेस्ट हाउस और ग्रीन रेजीडेंसी, लोकेश बजाज एक पार्टनर के साथ मिलकर चला रहा है। तीनों होटल 100 मीटर के दायरे में हैं। पूरी खबर पढ़ें
शहर के प्रतिष्ठित व्यापारियों को अपनी जालसाजी का शिकार करने वाला फर्जी डीआईजी मनीष कुमार एक गैर सरकारी संस्था की आड़ में डेढ़ साल तक व्यापारियों को जमकर ठगा। वह खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का डीआईजी बताता था। इस संस्था का नाम किसी केंद्रीय सरकारी एजेंसी जैसा लगता है। इसी भारी-भरकम नाम का फायदा उठाकर आरोपी ने व्यापारियों को अपने चंगुल में फंसाया। आरोपी मनीष कुमार ने प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी प्रियांश अग्रवाल को एंटी करप्शन की फर्जी एफआईआर और फर्जी पहचान पत्र दिखाए। उसने अकेले प्रियांश सिंघल से ही 29.5 लाख रुपए की बड़ी रकम ठग ली। आरोपी अधिकांश समय प्रियांश से अकेले में ही मिला। ताकि उसका राज न खुले। हद तो तब हो गई जब आरोपी फरवरी महीने में प्रियांश की शादी में बिना बुलाए पहुंच गया। वह अपनी वर्दी और चार गनमैन के साथ शादी समारोह में शामिल हुआ। उसने दूल्हे के साथ मंच पर तस्वीरें खिंचवाईं और जमकर रौब झाड़ा। शादी के माहौल में भी उसने ठगी का जाल बुना। वह काले रंग की वर्दी पहनता था। इस वीआईपी लुक को देखकर कोई भी धोखा खा जाता था। इसी रौब के दम पर उसने व्यापारियों से लाखों रुपए ऐंठ लिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुरानी जानकारी और फर्जी FIR से जीता भरोसा प्रियांश सिंघल के पिता स्व. रामू और रिटायर्ड प्रोफेसर एके गुप्ता के बीच लंबा लेन-देन था। चूंकि प्रोफेसर गुप्ता ने इसी संस्था से मदद मांगी थी। पर्चियां आदि भी उपलब्ध कराईं जो ठग मनीष कुमार के हाथ लगीं। आरोपी मनीष जब प्रियांश की दुकान पर पहुंचा तो वही बातें बताईं जो प्रोफेसर गुप्ता और प्रियांश के बीच हुई थीं। एफआईआर की कॉपी तक दिखाई। जिसे देख प्रियांश पूरी तरह से उसके झांसे में आए और अलग-अलग मौकों पर रुपए दिए। इतना ही नहीं आरोपी ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने और दिल्ली फाइल भेजने के नाम पर भी 4.5 लाख हड़पे। जब प्रियांश की कलेक्ट्रेट में प्रो. गुप्ता से बातचीत हुई तब उन्हें पता चला कि वह ठगी का शिकार हुए हैं। झांसी जाकर उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो के ऑफिस में पूछताछ करने पर पता चला कि इस नाम का कोई इंस्पेक्टर वहां पदस्थ नहीं है। मनीष प्रियांश और उसके चचेरे भाई अब्बू से इंस्पेक्टर बनकर मिला। वह जितनी बार मिला उतनी बार वर्दी पहनी थी। संस्था का काम कानूनी सलाह देना, लोगों की मदद करना फर्जी डीआईजी मनीष कुमार ने जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स संस्था के नाम का उपयोग किया है। वह एक गैर सरकारी संगठन है। इसका दफ्तर झांसी के सीपरी बाजार स्थिति सिद्धेश्वर नगर में है। इस संस्था का काम भ्रष्टाचार, अपराध और मानवाधिकार हनन के खिलाफ आम नागरिकों सरकार के बीच सेतु के रूप में काम करना है। यह संस्था रिश्वतखोरी या शोषण का शिकार होने पर लोगों को सही कानूनी सलाह देती है। इस एनजीओ के पास सीधे गिरफ्तारी का सरकारी अधिकार नहीं है, लेकिन यह पीड़ितों की शिकायतों को सही कानूनी प्रारूप में तैयार कर पुलिस, विजिलेंस और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाती है। इस संस्था से जुड़े लोग अवैध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। यह संस्था सेवानिवृत्त कर्मचारी चंद्रशेखर आजाद नाम के व्यक्ति ने बनाई है।
खोह नागोरियान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोगों के जिंदा जलने के दूसरे दिन बुधवार आधी रात उस समय खलबली मच गई, जब पटाखों की आवाज आने लगी। सुबह तक रुक-रुक कर पटाखे जलते रहे। धुआं उठा तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह माल किसी फैक्ट्री या गोदाम से लाकर जलाया गया, ताकि जांच में पकड़ न आए। लोगों का कहना है कि पुलिस ने ही अवैध पटाखा कारोबारियों को माल ठिकाने लगाने का समय दिया है। हालांकि गुरुवार को दिनभर पुलिस ने आसपास की सभी कॉलोनियों में सर्च अभियान चलाया। करीम नगर में 79 मकानों की तलाशी ली, जिनमें 29 पर ताले मिले। पुलिस आसपास की सभी कॉलोनियों में 2377 मकानों का सर्वे करक रही है। बता दें कि पुलिस ने बुधवार को 2 अवैध फैक्ट्री और 5 मकानों तो सील किया था। इसके बाद गुरुवार सुबह नाड़ा वाली ढाणी के सामने खाली भूखंड में बड़ी मात्रा में पटाखे फेंककर आग लगा दी गई। सवाल यह है कि जिस इलाके में मौत का इतना बड़ा कारोबार चल रहा था, वहां पुलिस और जिम्मेदार एजेंसियों को इन पटाखों की आवाज सुनाई क्यों नहीं देती? 8 मौत के बाद घर-घर सर्वे, मकान मालिक-किराएदार सत्यापन व संदिग्ध सामान जब्ती की कार्रवाई शुरू हुई है, जबकि यहां पिछले 6 साल से पुलिस की नाक के नीचे ये कारोबार हो रहा है। अब तक 7 डिटेन; अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों के जिंदा जलने के मामले में पुलिस अब तक 7 लोगों को डिटेन कर चुकी है। गुरुवार को मुख्य आरोपी कय्यूम और याकूब के नजदीकियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। वहीं, कय्यूम और फिरोज की तलाश में डीएसटी दिल्ली गई है। मानवाधिकार आयोग ने लिया प्रसंज्ञान राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में अवैध तरीके से चल रही पटाखा एवं विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग में आठ मजदूरों की मौत मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। जिला कलेक्टर जयपुर, पुलिस आयुक्त जयपुर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त, प्रमुख गृह सचिव तथा स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 जून तक मांगी है। आयोग ने इन्हें कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में होटलों, गोदामों, जोखिमपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने यह निर्देश दैनिक भास्कर सहित अन्य मीडिया में आई खबरों पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिया। आयोग ने कहा कि दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचारों के अनुसार क्षेत्र के 100 से अधिक घरों में अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित होने की बात सामने आई है। यह भी प्रकाशित हुआ कि मजदूरों के कपड़ों एवं शरीर पर बारूद का पाउडर चिपका हुआ था, जिसके कारण विस्फोट होते ही वे आग की चपेट में आ गए। मौके पर अमोनियम नाइट्रेट भी मिलने की सूचना है। आयोग ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी दुर्घटनाओं को पूरी तरह से रोक नहीं सकते, लेकिन यदि मानव उपेक्षा, लापरवाही या विधिक प्रावधानों की अवहेलना से ऐसे हादसे होते हैं तो यह गंभीर है। विधायिका ने विभिन्न क्षेत्रों के नियमन एवं संचालन के लिए पर्याप्त कानून बनाए गए हैं। इन कानूनों को लागू करने वाली एजेंसियों का दायित्व है कि वे सतर्क रहें और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई करें तथा ऐसी दुर्घटनाओं को रोकें। 200 पुलिस कर्मियों ने 500 मकान-गोदाम खंगाले, 1 गोदाम में 50 मॉडिफाइड बुलेट मिलीं खोह नागोरियान क्षेत्र में 200 पुलिसकर्मियों की टीम ने करीम नगर, रहीम नगर, तलाई, आईशा नगर, उजेफा नगर और अक्षा विहार में डोर-टू-डोर सर्वे किया। इस दौरान 500 मकानों और गोदामों की तलाशी ली। तीन संदिग्ध गोदाम सील किए। इस दौरान एक रूई गोदाम, दो प्लास्टिक गोदाम और एक मोटरसाइकिल गोदाम मिला। इसमें करीब 50 बुलेट मिलीं, जिनमें मॉडिफाइड सायलेंसर और फैंसी नंबर प्लेट लगी थीं। संदिग्ध गतिविधियों की आशंका पर संबंधित गोदामों को सील कर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कबाड़, कतरन, ब्रेड-टोस्ट, फर्नीचर सहित अन्य करीब 100 गोदामों को चिह्नित किया है। इनमें नियमों की अनदेखी सामने आई है। नगर निगम और जेडीए को इनकी रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है।
मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में गुरुवार रात कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के बाद आंधी-तूफान और बिजली गिरने का रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में 70-90kmph की रफ्तार से हवाएं और कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है। वहीं, गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। राजस्थान के अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में हॉस्पिटल के बाहर कार पर पेड़ गिर गया। बिहार के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा में बिजली गिरने से पति-पत्नी समेत 9 लोगों की मौत हो गई। यूपी में प्री-मानसून में 52 शहरों में बारिश हुई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी बरसात हुई। मानसून ने गुरुवार को बिहार में एंट्री कर ली है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी यह आगे बढ़ गया है। 4 जून को केरलम में एंट्री के बाद से मानसून 8 दिन में 17 राज्यों तक पहुंच चुका है। अगले 2-3 दिनों इसके में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून 27 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट आज 22 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट है। इनमें राजस्थान, एमपी, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, केरलम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और नगालैंड शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… गर्मी से राहत नहीं, 11 राज्यों में पारा 40C पार बारिश के बावजूद यूपी, दिल्ली, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई शहरों में पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा पंजाब के भटिंडा में दर्ज किया गया। यहां पारा 46.2C रहा। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 44.6C, यूपी के झांसी में 43.4C, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5C और एमपी के खजुराहो में 43C दर्ज किया गया। अगले दो दिन के मौसम का हाल 13 जून: 14 जून:
मध्यप्रदेश की राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कांग्रेस को उम्मीद है कि शीर्ष अदालत से उसे राहत मिल सकती है, क्योंकि अब मतदान और मतगणना से पहले न्यायिक हस्तक्षेप की संभावनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन 9 जून को स्क्रूटनी के दौरान भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एक प्रकरण की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी है। इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था। सुबह 11:30 बजे दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में मीनाक्षी नटराजन इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने जा रही हैं। देर रात की थी ऑनलाइन याचिका दायर इसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पार्टी की ओर से बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 1:48 बजे ऑनलाइन याचिका दाखिल की गई। गुरुवार को मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि जब तक याचिका पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का रुख तय करेगा चुनाव प्रक्रिया पर असर आज होने वाली सुनवाई में कांग्रेस यह तर्क रख सकती है कि नामांकन निरस्तीकरण की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हुई, जबकि भाजपा और निर्वाचन पक्ष रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को नियमों के अनुरूप बताएंगे। अदालत का रुख तय करेगा कि चुनाव प्रक्रिया पर इसका कोई असर पड़ेगा या नहीं। क्या हैं आज की सुनवाई के संभावित नतीजे यदि फैसला मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में आता है यदि फैसला मीनाक्षी के खिलाफ आता है राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली पहुंचने लगे कांग्रेस विधायक मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस के सभी विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। पार्टी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग करने की घोषणा की है। हालांकि राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 12 और 13 जून को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगी। 13 जून को वे देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में शामिल होंगी। राष्ट्रपति से मुलाकात भी मुश्किल ऐसे में कांग्रेस विधायकों की राष्ट्रपति से मुलाकात फिलहाल संभव होती नहीं दिख रही है। राज्यसभा चुनाव की तीन सीटों को लेकर पहले से ही सियासी मुकाबला चर्चा में है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के लिए यह मामला केवल एक सीट का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न बन गया है। ये खबर भी पढ़ें… एमपी- भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीट निर्विरोध जीतीं मध्य प्रदेश में भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन सर्टिफिकेट दे दिए हैं।पूरी खबर पढ़ें
लखनऊ पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रात्रि 2:20 पर एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड हुई । इको गार्डन में पेपर लीक को लेकर युवा आक्रोश प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। अभिजीत नीले रंग की इंडिया लिखा हुआ टी-शर्ट पहने हुए थे। इस दौरान दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। ‘शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे प्रदर्शन’ अभिजीत ने कहा कि 6 जून दिल्ली में 12 जून पुणे में हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। सभी छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। हम अपनी बातों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखेंगे । प्रदर्शन की अनुमति न होने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो सुबह हम लोकल पुलिस स्टेशन पर जाकर बात करेंगे। हम उनसे कहेंगे कि प्लीज हमें परमिशन दे दीजिए। पुराने प्रोटेस्ट का हवाला देकर लेंगे अनुमति अभिजीत ने कहा कि हम पुलिस को बताएंगे कि दिल्ली जंतर मंतर पर पीसफुल प्रोटेस्ट किया था और 11जून को पुणे में पीसफुल प्रोटेस्ट किया इसलिए लखनऊ में भी हम ऐसे ही करेंगे। हम कहीं से कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं बस लोकतंत्र में अपनी बात रख रहे हैं। जो कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। एयरपोर्ट से जब बाहर निकले तो उनके हाथ में एक बैग था साथ में दो से तीन साथी और थे। एयरपोर्ट के अंदर और बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और इंटेलिजेंस के लोग मौजूद थे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद गाड़ी में बैठकर अभिजीत अज्ञात जगह रवाना हो गए। पुलिस से अनुमति नहीं हालांकि इको गार्डन में पेपर लीक के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को लखनऊ पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी और AISA की ओर से किया गया था। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने हर हाल में प्रदर्शन करने का दावा किया है। एसोसिएशन के लखनऊ यूनिट प्रेसिडेंट शांतम निधि इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट किसी भी हाल में रद्द होने वाला नहीं हम सभी लोग एक गार्डन जरूर पहुंचेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले साथी किसी भी धर्म का शिकार ना हो।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। 3 जून को हुए इस भयानक हादसे में अग्रवाल परिवार के 8 सदस्यों सहित नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने केशव पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई हैं पुलिस का आरोप है कि आग लगने पर रसोइया केशव दरवाजा और बिजली का स्विच बंद कर भाग गया था। पुलिस ने उस पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाकर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसका अब चौतरफा विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खामियों की मुख्य जिम्मेदारी प्रबंधन और मालिकों की होती है, न कि वहां काम करने वाले किसी मामूली कर्मचारी की। लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 2 महीने तक चलता रहा होटल एमसीडी के सिटी जोन की पूर्व चेयरमैन रेणुका गुप्ता ने होटल हादसे के लिए जिम्मेदार अफसरों पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 105) के तहत कार्रवाई न करने और गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने अवैध रूप से बने 20 कमरों के लिए बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया और मार्च में लाइसेंस खत्म होने के बाद भी होटल चलने देने के लिए दिल्ली टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (डीटीडीसी) की भूमिका पर सवाल उठाए। फॉर्म सी नियम की अनदेखी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार इंद्रजीत सिंह निरमान ने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले हर होटल या गेस्टहाउस के लिए 24 घंटे के भीतर ‘फॉर्म सी’ जमा करना कानूनन जरूरी है। स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी विदेशी मेहमानों का रिकॉर्ड रखने और उन पर नजर रखने की है, ताकि कोई संदिग्ध न रह सके। एसडीएम ने माना कि बिजली बंद होने से टला बड़ा हादसा सिविल सोसायटी का कहना है कि केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत 5 धाराएं लगाई गई हैं। यह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 10 साल तक की जेल हो सकती है। धारा 105 तब लागू होती है जब किसी को पता हो कि उसके काम से मौत हो सकती है। पुलिस का दावा है कि आग लगने पर बिजली बंद करने से अंधेरा हुआ, जिससे लोगों की जान गई। लेकिन, केशव नेगी ने फायर फाइटिंग के नियमों का पालन करते हुए सतर्कता दिखाई। ममगांई ने कहा कि वे सिविल डिफेंस के वालंटियर रहे हैं और फायर फाइटिंग, बचाव व आपातकालीन उपायों का प्रशिक्षण लिया है, जिसमें कहा जाता है कि आग से सुरक्षा के लिए विद्युत कनेक्शन बंद करना पहला कदम है। खुद स्थानीय एसडीएम जितेंद्र कुमार ने माना है कि समय पर बिजली बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। सिविल डिफेंस के जानकारों का भी यही मानना है। --------------दिल्ली होटल अग्निकांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... केशव नेगी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड भाजपा-कांग्रेस एक:हरीश रावत बोले- शेफ को बली का बकरा बनाया दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के मामले में भाजपा और कांग्रेस एक नजर आ रही है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक सुर में नेगी को न्याय दिलाने की बात कह रही हैं। पूरी खबर पढ़ें... दिल्ली होटल आग- लाइसेंस मालिक नहीं, कर्मचारी के नाम:अकाउंटेंट बोला- सारे दस्तावेज जले; घटना वाले दिन मेट्रो से शहर में घूम रहा था दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के एक युवक की तकनीकी सूझबूझ ने बाइक चोर के पसीने छुड़ा दिए। चोर को पकड़े जाने का ऐसा डर सताया कि वह बीच रास्ते में ही बाइक छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल बाइक पुलिस के कब्जे में है। बाइक स्वामी ने सुपुर्दगी की प्रक्रिया शुरु कर दी है। पुलिस चोर की तलाश में सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। मामला दिल्ली के शकरपुर इलाके से जुड़ा है। यहां के रहने वाले शिवम यादव की बुलेट बाइक बुधवार रात घर के बाहर से चोरी हो गई। चोर उसे एनएच-58 के रास्ते कंकरखेड़ा क्षेत्र तक ले आया। तभी अचानक एक जगह पर आकर बाइक बंद हो गई। चोर ने काफी प्रयास उसे स्टार्ट करने का किया लेकिन वह नहीं हुई। पकड़े जाने के डर से चोर बाइक वहीं पर छोड़कर भाग निकला। बाइक अचानक रुकी तो दिमाग चकराया दरअसल, बाइक चोरी होने के बाद शिवम उसकी निगरानी कर रहा था। शिवम की बाइक में जीपीएस लगा था, जिसकी जानकारी बाइक चोर को नहीं लग पाई। वह जहां जहां जाता, शिवम उसकी लोकेशन ढूंढ निकालता। बीच में चलते चलते कई बार बाइक बंद हुई तो चोर का दिमाग चकराया। एक जगह बाइक रूक गई और चोर उसे छोड़कर भाग गया। आधी रात को पुलिस को किया सूचितशिवम दिल्ली से रात में नहीं आ सकता था। इसलिए उसने जब यह देख लिया कि बाइक काफी देर से एक ही जगह पर रुकी है तो उसने कंकरखेड़ा पुलिस को फोन पर संपर्क किया। उसने पुलिस को पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस बाइक को ढूंढते हुए मौके पर पहुंची और शिवम को सूचित कर दिया। शिवम ने पुलिस को बताई पूरी कहानीगुरुवार को शिवम अपनी बाइक को ढूंढते हुए कंकरखेड़ा थाने आ गया। बाइक थाने में खड़ी देख उसने राहत की सांस ली। इसके बाद वह पुलिस से मिला। शुभम ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसकी बाइक में जीपीएस लगा है। यह अपने आप में नई तरह का जीपीएस है। इसकी मदद से बाइक को कहीं भी लॉक या अनलॉक किया जा सकता है। वह दिल्ली में बैठकर बार बार बाइक को लॉक कर देता था। शायद यही वजह थी कि चोर उसे छोड़कर भाग गया। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस बाइक चोरी की घटना का पता चलने के बाद कंकरखेड़ा पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस उस लोकेशन के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है, जहां चोर बाइक छोड़कर भागा था। एसएचओ कंकरखेड़ा जितेंद्र सिंह का कहना है कि जल्द चोर की लोकेशन ट्रेस कर ली जाएगी। बाइक स्वामी को रिलीजिंग की प्रक्रिया समझा दी गई है।
भिवानी की साइबर क्राइम पुलिस ने टाटा सोलर एजेंसी दिलाने के नाम पर की गई 8 लाख 72 हजार 200 रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला सुनील नामक भिवानी निवासी व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह विभिन्न कंपनियों की सोलर एजेंसी चलाता है और नई एजेंसी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी दौरान, आरोपियों ने एक फर्जी वेबसाइट का उपयोग कर खुद को टाटा सोलर एजेंसी का प्रदाता बताया। उन्होंने अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से सुनील से कुल 8 लाख 72 हजार 200 रुपए ठग लिए। रकम लेने के बाद न तो एजेंसी दी गई और न ही पैसे वापस किए गए। दिल्ली से पकड़े गए चार आरोपी शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए, सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में साइबर क्राइम भिवानी की पुलिस टीम ने दिल्ली से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रकाश कुमार निवासी नैनसुख मोहल्ला, बहरोड़, जिला अलवर, राजस्थान, वर्तमान निवासी नरेला, दिल्ली, गुड्डू कुमार निवासी सैफियाबाद, गली नंबर-19, नरेला, दिल्ली, अजीत कुमार निवासी जिला नवादा, बिहार, वर्तमान निवासी लक्ष्मी नगर, दिल्ली और कुंदन सिंह निवासी राधा कृष्ण कॉलोनी, पटना, बिहार, वर्तमान निवासी लक्ष्मी नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। दो आरोपियों को रिमांड पर लिया, दो को भेजा जेल पुलिस टीम द्वारा सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी प्रकाश कुमार एवं गुड्डू कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जिला कारागार भेजने के आदेश दिए हैं, जबकि आरोपी अजीत कुमार एवं कुंदन सिंह को आगे की पूछताछ के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्रकाश कुमार ने धोखाधड़ी में प्रयुक्त सिम उपलब्ध करवाई थी। इसके बाद आरोपी गुड्डू कुमार द्वारा उक्त सिम अन्य आरोपियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए उपलब्ध करवाई गई थी। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी तथा मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल चित्तौड़गढ़ फोर्ट में अतिक्रमण-अवैध निर्माण फिर चर्चा में हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने दुर्ग क्षेत्र में 209 से ज्यादा रेजिडेंशियल और कमर्शियल अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। इनमें कच्चे निर्माण, होटल-रेस्टोरेंट और अन्य पक्के कमर्शियल निर्माण हैं। अब जिला प्रशासन ने साल 2020 के बाद बने निर्माणों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने स्पष्ट किया- दुर्ग क्षेत्र में जारी निर्माण कामों को तुरंत प्रभाव से रोकने, एफआईआर दर्ज कराने और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने के निर्देश हैं। साथ ही पुरातत्व विभाग को पहले जारी नोटिसों पर सख्ती से फॉलोअप करने को कहा गया है। कलेक्टर बोलीं- निर्माण रोकने और एफआईआर के दिए निर्देश जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने कहा- अतिक्रमणों को लेकर प्रशासन गंभीर है। आर्कियोलॉजी विभाग की ओर से जिन मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश हैं। किसी मामले में डिमोलिशन आदेश जारी नहीं हुए हैं उनका भी सख्ती से फॉलोअप करने को कहा गया है। उन्होंने बताया- जो निर्माण अभी प्रक्रियाधीन हैं या वर्तमान में किए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश हैं। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने और अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाने के लिए भी कहा गया है। साल 2020 के बाद बने निर्माणों में करीब सात से आठ ऐसे कमर्शियल अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिनका राजस्व विभाग की टीम ने भी सत्यापन किया है। साल 2024 में ऐसे मामलों में ASI ने 67 नोटिस जारी किए गए थे। जो बन चुके हैं उनके डिमोलिशन के लिए दिल्ली ASI के आदेश के बाद ही कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में काफी समय भी लगता है। दुर्ग क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण शामिल एएसआई के संरक्षण सहायक प्रेमचंद शर्मा ने बताया- दुर्ग की प्राचीर के भीतर का पूरा क्षेत्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 के तहत संरक्षित है। यहां केंद्र सरकार की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत या अतिक्रमण करना प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया- विभाग की ओर से चिह्नित किए गए 209 में से 200 से अधिक कच्चे अतिक्रमण और मरम्मत काम हैं। जबकि बाकी होटल, रेस्टोरेंट और हैंडीक्राफ्ट से जुड़े भवन पक्के अवैध निर्माण की श्रेणी में आते हैं। विभाग की ओर से सभी संबंधित लोगों को नामजद किया जा चुका है और नोटिस भी जारी किए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि दुर्ग क्षेत्र में बने कुछ ऊंचे निर्माण अब शहर से भी साफ दिखाई देने लगे हैं। यहां किसी के पास पट्टा नहीं है और ना ही रजिस्ट्री हो सकती है। ऐसे में सभी को अवैध ही माना जाता है। ASI की और से रिपेयरिंग करवाने का प्रावधान है लेकिन उसके लिए भी डॉक्यूमेंट्स का होना जरूरी है। डेमोलिशन के लिए जोधपुर और दिल्ली भेजी गई फाइल पुरातत्व विभाग ने कुछ मामलों में नोटिस चस्पा कर संबंधित लोगों को खुद निर्माण हटाने की चेतावनी दी है। विभाग का कहना है कि निर्धारित समय में निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में डेमोलिशन का खर्च भी संबंधित व्यक्ति से वसूला जा सकता है और एक लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा दो साल की सजा भी हो सकती है। एएसआई के अनुसार डेमोलिशन से संबंधित फाइल जोधपुर क्षेत्रीय कार्यालय और दिल्ली स्थित केंद्रीय मुख्यालय को भेजी गई है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 18 से 20 जून तक दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 39 जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा। इन जन कल्याण शिविरों की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने की। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एमसीडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान शिविरों के सफल आयोजन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नागरिकों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना भी है।
नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जुलाई 2024 में पानी भर जाने से कई विद्यार्थियों की मौत के बाद सामने आई गंभीर सुरक्षा खामियों तथा संरचनात्मक एवं आधारभूत सुविधाओं की कमियों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों के नियम की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी संदर्भ में बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। बैठक में एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, उच्च शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित सभी प्रमुख नियामक एवं नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा उक्त दुर्घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आरके गौबा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों में मौजूद कमियों का परीक्षण कर व्यापक निवारक उपायों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में प्रणालीगत कमियों की पहचान करते हुए कोचिंग संस्थानों के प्रभावी विनियमन और निगरानी के लिए एक व्यापक रूपरेखा सुझाई गई है। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों से जुड़े मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा यह बैठक दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की प्रशासनिक एवं निगरानी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जिसके माध्यम से बिखरी हुई निगरानी प्रणाली से आगे बढ़कर एक समन्वित शैक्षणिक एवं नियामक ढांचा विकसित किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नियामक ढांचा तैयार हो रहा : सूद मंत्री ने आगे कहा इस प्रक्रिया के संचालन के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूद ने यह भी कहा बैठक में दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार कर उसे शीघ्र लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एक बहु-विषयक समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इन दिशा-निर्देशों में कोचिंग संस्थानों की शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता एवं परामर्श व्यवस्था, आधारभूत संरचना मानक, भवन सुरक्षा अनुपालन, अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था, तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण एवं कार्य परिस्थितियों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल कोचिंग संस्थानों का विनियमन करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली जल्द ही कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
भिलाई के नेहरू नगर क्षेत्र में सूने मकान में हुई लाखों रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर पकड़ा। उनके पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के गहने, नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए गए हैं। नेहरू नगर पश्चिम निवासी विनय कुमार अग्रवाल ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 4 मई 2026 को वे परिवार के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। अगले दिन लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी के लॉक भी टूटे हुए थे और उसमें रखे सोने, हीरे, चांदी के गहने और करीब 3 लाख 40 हजार रुपए नकद गायब थे। एक महीने तक पुलिस ने की आरोपियों की तलाश शिकायत के बाद थाना सुपेला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। तकनीकी जानकारी और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच में सामने आया कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और उसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम देते थे। मेरठ के ज्वेलर्स को बेचा था सोनापूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद गहनों को मेरठ के एक ज्वेलर्स को बेच दिया गया था और नकदी आपस में बांट ली गई थी। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने और हीरे के आभूषण, चांदी के सामान, नकदी, जुपिटर वाहन, सेल्टोस कार, मोबाइल फोन और ताला तोड़ने के औजार जब्त किए हैं। मामले में चोरी के माल को खरीदने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है। दिल्ली और यूपी के रहने वाले हैं आरोपीजांच में सामने आया कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और उसके बाद मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने यूपी और दिल्ली में रहने वाले इन 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये हैं सभी आरोपी1. हारिम, निवासी मेरठ, उत्तरप्रदेश।2. मोहम्मद नासिर हुसैन, निवासी नई दिल्ली।3. मोहम्मद कासिम, निवासी मेरठ, उत्तरप्रदेश।4. सलीम, निवासी मेरठ, उत्तरप्रदेश।5. मोहम्मद बिलाल, निवासी मेरठ, उत्तरप्रदेश।6. दिन मोहम्मद, निवासी मेरठ, उत्तरप्रदेश।
सिरसा जिले में वीरवार को एक युवक नहर में डूब गया। युवक अपने परिवार के साथ दिल्ली से पंजाब के बठिंडा जा रहा था। रास्ते में रोड़ी के पास नहर में नहाने व हाथ-मुंह धोने के लिए रूके थे। तभी ये हादसा हो गया। सूचना पाकर रोड़ी थाना प्रभारी अनिल कुमार व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सिरसा से गोताखोर बुलाए। डायल-112 की गाड़ी भी पहुंची है। देर शाम तक युवक का पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना रोड़ी मेन नहर वीरवार दोपहर करीब डेढ से 2 बजे की है, जो सुरतिया गांव से आगे पंजुवाना जाती है। मृतक की पहचान 22 वर्ष आकाश, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) से गांव कुन्दावाली के रूप में हुई है। आकाश टेंट लेबर का काम करता था और दिल्ली से बठिंडा जा रहा था। सभी लोग नहर पर रूके थे और आकाश मुंह-हाथ धोने लगा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में डूब गया। परिजनों को कुछ देर पता आकाश नहीं दिखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं पानी का बहाव भी तेज था। नहर में करीब 7 फुट तक पानी चल रहा है और चौड़ाई भी ज्यादा है। इससे पता चल पाना मुश्किल रहा। पुलिस सर्च अभियान में जुटी पुलिस का कहना है कि उसके साथ दोस्त विक्की राज, यश जैन तथा कशिश जिंदल भी साथ में थे। कशिश जिंदल साउंड हाउस संगरूर से हैं और उनके पास वह हेल्पर के तौर पर कार्य करता था। पुलिस व गोताखोर अभी युवक की तलाश में नहर में सर्च अभियान चला रहे हैं। परिजन भी नहर पर तलाश में जुटे हैं और रात को अंधेरा होने से पता नहीं चल पा रहा।
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के आयुक्त संजीव खिरवार ने रोहिणी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों का दौरा कर स्वच्छता व्यवस्था, धूल नियंत्रण उपायों और विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विकास निधि (सीएमडी) से चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद धर्मबीर शर्मा, रोहिणी क्षेत्र के उपायुक्त अंशुल सिरोही, प्रमुख अभियंता पीसी मीणा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। फिक्स्ड कंप्रेस्ड ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने के निर्देश आयुक्त ने सबसे पहले कंझावला लिंक रोड स्थित ढलाव घर का निरीक्षण किया और इसके निकट डीयूएसआईबी की भूमि पर संबंधित विभाग से समन्वय कर एफसीटीएस (फिक्स्ड कंप्रेस्ड ट्रांसफर स्टेशन) स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रोहिणी सेक्टर-1 स्थित अवंतिका मार्केट के ढलाव घर और जन सुविधा परिसर का जायजा लिया। यहां टॉयलेट में पानी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा सड़कों की नियमित और गहन सफाई की जाए ताकि धूल उड़ने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। गारबेज वल्नरेबल पॉइंट्स का भी निरीक्षण किया खिरवार ने रोहिणी सेक्टर-1, सेक्टर-7 और प्रशांत विहार के गारबेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को इन स्थानों पर एफसीटीएस स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा, एमसीडी राजधानी को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने पंजाबी बाग के भगवान दास नगर में एक पार्क का नामकरण प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय सुभाष गुप्ता की स्मृति में किया। इस गरिमामय समारोह में सांसद बांसुरी स्वराज और विधायक हरीश खुराना समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। स्वर्गीय सुभाष गुप्ता को श्रद्धांजलि देते हुए मेयर प्रवेश वाही ने कहा, महान व्यक्तित्वों के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का नामकरण केवल सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति समर्पण और सेवा के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। स्वर्गीय गुप्ता का शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान अनुकरणीय है। समाज की अमूल्य धरोहर थे गुप्ता- सांसद सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि सुभाष गुप्ता समाज की अमूल्य धरोहर थे। उनके जनसेवा के कार्य हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। कार्यक्रम में निगम पार्षद राकेश जोशी ने इसे क्षेत्रवासियों के लिए गर्व का विषय बताया। इस पहल का उद्देश्य स्वर्गीय गुप्ता के परोपकारी जीवन और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों को चिरस्थायी बनाना हैए ताकि स्थानीय नागरिक उनके आदर्शों से जुड़ सकें।
रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ग्रिल तोड़कर अनियंत्रित ट्रॉले ने आर्टिका व स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार राजस्थान निवासी 42 वर्षीय जगेराम की मौके पर ही मौत हो गई। आर्टिका में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए। हादसा खेड़ा बार्डर के पास हुआ। गाड़ी को मौके पर छोड़कर चालक ने भागने का प्रयास किया, परंतु आसपास के लोगों ने उन्हें दबोच लिया। सूचना के बाद बावल थाना पुलिस और एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गाड़ी व चालक को अपने कब्जे में लिया। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
हरियाणा के गुरुग्राम में दिल्ली पुलिस के सिपाही का अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड के साथ जमकर मारपीट करने का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि सिपाही ने शराब के नशे में उसके घर में जबरन घुसने की कोशिश की। विरोध करने पर सरेआम उसके बाल पकड़कर खींचे और सड़क पर धक्का दिया। यही नहीं, उसकी छोटी बहन के साथ भी छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। बीच बचाव के लिए आए युवक के साथ भी मारपीट की। मामला सेक्टर-56 की पॉश सोसाइटी जलवायु विहार का है। जहां घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। इसका वीडियो अब सामने आया है। जिसमें सिपाही एक्स-गर्लफ्रेंड के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है। थार से सोसाइटी के गेट में टक्कर मारता भी दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान रोनित यादव के रूप में हुई, जो मूल रूप से गाजियाबाद के इंद्रापुरम का रहने वाला है। वह दिल्ली पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में एक मेट्रो स्टेशन पर उसकी ड्यूटी है। पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया है। उसने गिरफ्तारी के बचने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की, जो रिजेक्ट हो चुकी है। एक्स गर्लफ्रेंड की पिटाई के कुछ PHOTOS… यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को अरेस्ट किया उधर, इस मामले में सेक्टर-56 थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने आरोपी रोनित यादव को पकड़ लिया और कोर्ट में पेश किया। अब आरोपी की जमानत याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। फिलहाल वह भौंडसी जेल में बंद है।
द्वारका के बाल भारती पब्लिक स्कूल की कक्षा 12वीं की 16 साल की छात्रा ने महिलाओं और बच्चों की सेहत के लिए 'सखीसेतु' मोबाइल ऐप बनाया है। इस छात्रा ने माहवारी से जुड़ी सेहत पर NGO के साथ 120 घंटे जमीनी काम किया। मार्च 2026 में ऐप गूगल प्ले स्टोर पर आया और 250 से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया। मई 2026 में दूसरा वर्जन आया जिसमें कम्युनिटी फोरम और टीकाकरण ट्रैकर जोड़ा गया। ऐप चार हिस्सों में है। माहवारी प्रबंधन में पीरियड ट्रैकर और आगामी या छूटे पीरियड की सूचना है। इसमें हिंदी-अंग्रेजी वीडियो हैं जो बच्चियों को माहवारी समझाते हैं। मां की सेहत हिस्से में गर्भवती महिला अपनी सेहत रिकॉर्ड कर सकती है और बच्चे के हफ्ते-दर-हफ्ते विकास की जानकारी पा सकती है। टीकाकरण ट्रैकर में बच्चे को टीका लगने की जानकारी सखीसेतु फोरम में महिलाएं अपनी सेहत संबंधी समस्याएं साझा कर सकती हैं। टीकाकरण ट्रैकर में मां 0 से 5 साल के बच्चे के टीका लगने की जानकारी रख सकती है और आगामी या छूटे टीके की सूचना पा सकती है। यह रिकॉर्ड डाउनलोड-प्रिंट भी होता है। सेहत के सवालों का वैज्ञानिक जवाब ऐप में एआई चैटबॉट है जो सेहत के सवालों का वैज्ञानिक जवाब देता है। गूगल मैप्स से पास के अस्पताल-क्लीनिक तुरंत ढूंढ सकते हैं। राजस्थान के सागवाड़ा और उत्तर प्रदेश के हरदोई के सरकारी स्कूलों ने यह ऐप अपनी बच्चियों की सेहत-शिक्षा के लिए अपनाया। लायंस क्लब हजारीबाग और शाह हॉस्पिटल गांधीधाम ने भी इसे जमीनी स्तर पर आजमाया। कई सेहत जागरूकता कार्यक्रम भी हुए। यह पहल डिजिटल इंडिया को मजबूत करती है और पूरे देश में महिला-बच्चे की सेहत जागरूकता फैलाएगी। स्कूली पढ़ाई के बीच सेहत समस्याओं का तकनीकी हल निकालना इस 16 साल की छात्रा की मेहनत और नेतृत्व को दर्शाता है। --------------
गाजियाबाद के जिस एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक का गला रेता गया था, 25 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने उसे अरेस्ट कर जेल भेजा। अब सलीम वास्तिक की 2 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुईं हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। डीसीपी गाजियाबाद सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया की वीडियो सामने आई हैं, लेकिन इनकी जांच कराई जा रही है। सलीम के घर पर पता कराया तो यह जांच में आया कि घर नहीं आया। डीसीपी ने आगे कहा कि यह मामला उम्रकैद का था, दिल्ली की कोर्ट ने उसे जेल भेजा और दिल्ली की जेल से बाहर आया या नहीं यह भी जांच कराई जा रही है। दिल्ली पुलिस से पूरे मामले में जानकारी की जा रही है। वीडियो में क्या बोल रहा जानिए सलीम वास्तिक की एक वीडियो सामने आई है, हां भाई जिहादियों देख लो, जगह देख लो कौन सी है। तिहाड़ जेल के बाहर की जगह है। जिहादियों अब कमर कसने का समय आ गया है। मैं मुसलमानों को पढ़ाई लिखाई की तरफ लेकर जाउंगा। मुसलमानों को तरक्की की तरफ लेकर जाउंगा। वीडियो रात में लाइट के समय की है, पीछे बिजली की हाईटेंशन लाइन का पोल है, हाथ में एक छड़ी लिए हुए सलीम दिख रहा है। एक दूसरा वीडियो भी इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। सलीम ने कहा कि मैं बाहर हूं, सच्चा आदमी कभी परेशान नहीं हो सकता। थोड़ी बहुत अड़चने आ सकती हैं, जिस चीज में मैं अदंर हुआ हूं वही आदमी बाहर आ सकता हूं। हालांकि सलीम ने इस वीडियो में जेल प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मैं वीआईपी श्रेणी में रहकर आया हूं, कि छोड़ तो मुझे 10 दिन बाद ही, लेकिन मुझसे कहा कि तुम्हें बकरीद के बाद ही छोड़ेंगे। तुम्हारा भाई इज्जत के साथ रहकर आया हूं, मुसलमान कौम के लिए काम करूंगा। हम उन्हें मौलाना नहीं बनना देखना चाहते। मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था, स्टूडेंट का किडनैप किया दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक दिल्ली के एक स्कूल में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था। इसी स्कूल में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कारोबारी का 13 साल का बेटा संदीप भी पढ़ता था। सलीम ने अपने साथी अनिल के साथ स्कूल जाते समय संदीप का अपहरण किया था। दोनों ने PCO से कॉल कर 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी। मांग पूरी न होने पर कारोबारी पिता को बच्चे की हत्या की धमकी दी। बाद में दोनों ने बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सलीम और अनिल की निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया। सलीम पर मुकदमा चला। 1997 में कोर्ट ने सलीम और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद सलीम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उम्रकैद की सजा रद्द करने की मांग की। हालांकि, 2011 में हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे गए थे 27 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े इस्लाम धर्म छोड़ चुके सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर उस पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक, बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे और गला रेतने की कोशिश की थी। चीखने पर हमलावर उसे अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और परिवार को सूचना दी। परिजन सलीम को अस्पताल ले गए, जहां से उसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया था। उसके शरीर पर 14 बार चाकू मारे गए थे। वह करीब एक महीने तक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहा और उसके दो ऑपरेशन हुए। पुलिस ने हमला करने वाले दो सगे भाइयों गुलफाम और जीशान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। पुलिस का दावा है कि सलीम वास्तिक इस्लाम धर्म पर वीडियो बनाता था और अपने ज्यादातर वीडियो में धर्म की कमियां बताता था। इसी वजह से जीशान और गुलफाम ने उस पर हमला किया था। 7 साल पहले मुस्लिम धर्म छोड़ नास्तिक बना सलीम गाजियाबाद के सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। 20 साल पहले वह शामली से निकलकर गाजियाबाद के लोनी इलाके की अशोक विहार कॉलोनी में बस गया। परिवार में उसके अलावा पत्नी और एक बेटा उस्मान खान है। सलीम पहले कंस्ट्रक्शन का काम करता था। कुछ समय तक उसने मौलवी का काम भी किया। बाद में उसका इस्लाम धर्म से मोहभंग हो गया। सात साल पहले उसने इस्लाम धर्म छोड़ दिया और अपने नाम के साथ ‘वास्तिक’ जोड़ लिया। सलीम ने अपने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी में जमीन ली और वहीं मकान बनवाया। इसमें उसने अपना ऑफिस खोला और यहीं से काम करने लगा। सलीम का अलग-अलग टीवी चैनलों से एग्रीमेंट था, जहां वह धार्मिक डिबेट में जाता रहता था। वह वहां एक्स-मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करता था और इस्लाम से जुड़ी बातें रखता था। बाद में उसने अपना यूट्यूब चैनल ‘सलीम वास्तिक 0007’ नाम से बनाया और इस्लाम व मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाने लगा। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर वह अक्सर बात करता था। इन विषयों पर चर्चा करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करता था। उसके इन वीडियो पर मुस्लिम वर्ग के कई लोग गालियां लिखते और धमकियां देते थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दिल्ली पहुंच गए हैं, जहां वह नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के साथ-साथ पंजाब सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को भी सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों और सुधारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा सरकारी और निजी क्षेत्र में उपलब्ध कराए गए रोजगार के आंकड़े भी बैठक में रखे जाएंगे। बैठक में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों, औद्योगिक निवेश को आसान बनाने हेतु अपनाई गई प्रक्रियाओं, स्वास्थ्य सेवाओं में आम आदमी क्लीनिकों की भूमिका तथा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। विशेष पैकेज की उठा सकते हैं मांग नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब के रुके हुए केंद्रीय फंडों का मुद्दा भी उठा सकते हैं। साथ ही राज्य से जुड़े प्रमुख मसलों के समाधान के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग किए जाने की संभावना है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विशेष पैकेज की मांग भी बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलावा, पंजाब सरकार सीमावर्ती राज्य होने के कारण सामने आने वाली चुनौतियों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाएगी। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के परिणाम और इस दिशा में किए गए प्रयासों की जानकारी भी साझा की जा सकती है। नीति आयोग की पिछली गवर्निंग काउंसिल की बैठक 24 मई 2025 को आयोजित हुई थी।
हरियाणा CM नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली रवाना:रोडमैप करेंगे पेश, SYL समेत निवेश और रोजगार पर फोकस
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली स्थित हरियाणा भवन से रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। बैठक का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारना है। CM सैनी इस बैठक में हरियाणा के विकास का रोडमैप रखेंगे। उम्मीद है कि वे कृषि सुधार, जल संरक्षण, औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र से ज्यादा मदद मांगेंगे। SYL नहर और चंडीगढ़ जैसे अंतर-राज्यीय मुद्दे भी उठ सकते है। सीएम ने पीएम को दी बधाई इससे एक दिन पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को संबोधित अपने पत्र में कहा कि यह अवसर उनके वंदन और अभिनंदन का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित एवं जन-जन के लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। 140 करोड़ लोगों ने दी सत्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बीते 12 वर्ष राष्ट्र की सामूहिक चेतना के पुनर्जागरण, जनसेवा और विकास यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री का यह कालखंड सेवा, सुशासन, संकल्प, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित एक युगांतकारी यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देशवासियों ने विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत के जिस सपने के साथ देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपी थी, आज 140 करोड़ भारतवासी उस सपने को साकार होते हुए देख रहे हैं। रेवाड़ी में की थी पहली रैली मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 15 सितंबर, 2013 को रेवाड़ी में आयोजित देश के पूर्व सैनिकों की रैली से प्रधानमंत्री ने अपने लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की थी और उस रैली का उत्साह तथा हरियाणा के लोगों का स्नेह आज भी स्मरणीय है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के लोग सदैव राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। प्रदेश के वीर जवानों, परिश्रमी किसानों, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और कर्मठ युवाओं ने हमेशा राष्ट्र के गौरव को बढ़ाया है। पिछले 12 वर्षों में देश ने जिस आत्मविश्वास, स्थिरता और विकास का अनुभव किया है, उससे हरियाणा का जन-जन भी नई ऊर्जा और नए विश्वास से भर गया है।
दिल्ली में जन्मे Nikhil Chaudhary ऑस्ट्रेलिया T20I टीम में शामिल, 60 साल बाद रच सकते हैं इतिहास
Nikhil Chaudhary Australia T20I Team: ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम में भारत में जन्मे ऑलराउंडर निखिल चौधरी को शामिल किया है। वह 60 से ज़्यादा सालों में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले भारत में जन्मे पहले खिलाड़ी बन सकते हैं। ट्रैविस हेड निजी कारणों के चलते इस पूरे दौरे से बाहर हो गए हैं, ऐसे में ऑस्ट्रेलिया टीम को नए खिलाड़ियों की जरूरत पड़ गई है। कप्तान मिचेल मार्श चोट के काऱण वनडे सीरीज से बाहर हुए, हालांकि उम्मीद है कि वह टखने की चोट से उबरकर टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे। निखिल शुक्रवार को ढाका में ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ जुड़ेंगे। मिडिल-ऑर्डर में जगह बनाने के लिए जोएल डेविस और एरन हार्डी जैसे खिलाड़ियों से उनका मुकाबला होगा। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कई भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है, जिनमें गुरिंदर संधू और तनवीर संघा शामिल हैं, लेकिन 1960 के दशक (जब गुजरात में जन्मे लेग-स्पिनर रेक्स सेलर्स ने 1964 के कलकत्ता टेस्ट में हिस्सा लिया था) के बाद से भारत में जन्मे किसी पुरुष खिलाड़ी ने नेशनल टीम के लिए नहीं खेला है। पुणे में जन्मीं और ऑस्ट्रेलियाई माता-पिता द्वारा गोद ली गईं लिसा स्थालेकर, 2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम की स्टार खिलाड़ी रही थीं। बता दें कि निखिल ने पिछले तीन बिग बैश लीग सीजन में होबार्ट हरिकेंस के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। चौधरी ऑस्ट्रेलिया के नागरिक नहीं हैं, लेकिन वे वहां के स्थायी निवासी हैं और अपने अपनाए हुए देश के लिए खेलने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं। दिल्ली के जन्मे निखिल ने पंजाब के लिए 14 लिमिटेड ओवर मुकाबले खेले हैं। वह हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे भारत के स्टार खिलाड़ियों के साथ खेल चुके हैं। बांग्लादेश के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम Also Read: LIVE Cricket Score मिचेल मार्श (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, निखिल चौधरी, कूपर कोनॉली, टिम डेविड, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, एरन हार्डी, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मैथ्यू कुहनेमैन, राइली मेरेडिथ, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, एडम जाम्पा।
दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में गुरुवार तड़के एक जिम के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह जिम दिल्ली में राजौरी गार्डन के रहने वाले 2 कारोबारियों का है। वहीं, इसके ब्रांड एंबेसडर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा हैं। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर कुख्यात लॉरेंस गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जबरन वसूली, गैंगवार और आपसी रंजिश समेत सभी एंगल से जांच शुरू कर दी है। हमलावरों ने जिम पर कम से कम 7 राउंड गोलियां चलाईं और वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से मौके से फरार हो गए। गनीमत यह रही कि हमला तड़के हुआ था, जब जिम बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। केयरटेकर के पहुंचने पर हुआ खुलासा घटना का पता तब चला जब सुबह करीब सवा 5 बजे जिम के केयरटेकर वहां पहुंचे। जिम के शीशे टूटे देख और गोलियों के निशान पाकर उन्होंने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के लिए तुरंत फोरेंसिक टीम (FSL) को भी मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के लिए जिम के आसपास और भागने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि जिस फिटनेस सेंटर पर हमला हुआ है, उसके मालिक राजौरी गार्डन के रहने वाले दो व्यवसायी हैं। वहीं, एक बेहद मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा इस जिम के ब्रांड एंबेसडर हैं। इसी वजह से इस हमले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। वारदात के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल होने लगा। इस पोस्ट में लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित ग्रुप ने कथित तौर पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस दावे के बाद से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत 11 राज्यों में 11-12 जून को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।
विदेशी फंडिंग से जुड़े बहुचर्चित मामले में न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक और उसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है
कांग्रेस हाईकमान ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों और संगठनात्मक रणनीति को लेकर गुरुवार को नई दिल्ली में अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए हरियाणा कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को भी दिल्ली तलब किया गया है। इसके चलते चंडीगढ़ में 11 जून को प्रस्तावित हरियाणा कांग्रेस OBC विभाग के चेयरमैन का पदग्रहण समारोह स्थगित कर दिया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में होने वाली बैठक में सभी राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हिस्सा लेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है। पदभार ग्रहण कार्यक्रम स्थगित हुआ हरियाणा से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा बैठक में मौजूद रहेंगी। दिल्ली बैठक को प्राथमिकता देते हुए हरियाणा कांग्रेस OBC विभाग ने चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय में 11 जून को प्रस्तावित चेयरमैन पदग्रहण समारोह को स्थगित करने की घोषणा की है। जारी सूचना में कहा गया है कि राव नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और OBC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद को AICC की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना है, इसलिए कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है। चुनावी राज्यों पर रहेगा फोकस सूत्रों के मुताबिक बैठक का मुख्य एजेंडा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा और रणनीति तय करना है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी समेत कई राज्यों के राजनीतिक हालात, संगठन की स्थिति, स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता और संभावित गठबंधन विकल्पों पर चर्चा होगी। इसके अलावा पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गोवा में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी रोडमैप तैयार किया जाएगा। संगठन सृजन अभियान की प्रगति, जिला-ब्लॉक स्तर पर संगठन विस्तार और बूथ प्रबंधन को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा। चुनावी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता हरियाणा कांग्रेस के OBC विभाग का कार्यक्रम स्थगित होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल संगठनात्मक पुनर्गठन और चुनावी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। दिल्ली की बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर हरियाणा कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है।
सीएम हेमंत सोरेन गए दिल्ली, नीति आयोग की बैठक में पीएम से नक्सल विरोधी अभियान के लिए मदद मांगेंगे
राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहे गहमा गहमी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को दिल्ली चले गए। उनका दिल्ली जाना पहले से तय था। गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक है। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री को शामिल होना है। इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए वे दिल्ली गए है। उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव और योजना सचिव भी गए हैं। बैठक में झारखंड की ओर से सीएम केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की राज्य में प्रतिनियुक्ति के दौरान उस पर हुए खर्च की राशि माफ करने की मांग करेंगे। तर्क होगा कि संघीय ढांचा के सिद्धांत के तहत केंद्र सरकार को झारखंड से नक्सली और महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान में शामिल केंद्रीय बल पर हुए खर्च को माफ करना चाहिए। मालूम हो कि झारखंड गठन के बाद नक्सल विरोधी अभियान के लिए राज्य में केंद्रीय बलों की प्रतिनियुक्ति होती रही है। क्या है बैठक का विषय नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक का केंद्रीय विषय 2047 के विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास रखा गया है। बैठक का फोकस सड़क, पुल,शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशन पर रहेगा। मुख्य एजेंडा में मानव पूंजी और भविष्य के कौशल के साथ साथ स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार की जरूरतों को जोड़ना भी है। इसके साथ ही युवाओं को नई तकनीकों और उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित करना भी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म खारिज होने के मामले में पार्टी को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से भी अभी तक न राहत मिली है न ही कोई जवाब मिला है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के फैसले को पलटने की मांग की थी, जिस पर आयोग ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया। अब कांग्रेस इस मामले को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। उधर, आज राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम वापसी का अंतिम दिन है। यदि सुप्रीम कोर्ट से तुरंत कोई हस्तक्षेप या फैसला नहीं आता है, तो मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर मुकाबला समाप्त हो जाएगा और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए जाएंगे। क्या है मीनाक्षी नटराजन का मामला कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन (जो कि राहुल गांधी की कोर टीम की अहम सदस्य मानी जाती हैं) का नामांकन पत्र मंगलवार को स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा द्वारा खारिज कर दिया गया था। भाजपा की आपत्ति और आरोप भाजपा उम्मीदवार महेश केवट और पार्टी नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म 26) में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित एक कानूनी मामले/शिकायत की जानकारी छिपाई है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हलफनामे में सभी आपराधिक या लंबित मामलों की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन नटराजन का शपथ पत्र अपूर्ण पाया गया। कांग्रेस की दलील: यह केस नहीं, सिर्फ एक नोटिस है कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज ही नहीं है। प्राइवेट कंप्लेंट का मामला: सिंघवी के मुताबिक, तेलंगाना में एक निजी शिकायत (Private Complaint) के आधार पर अदालत ने केवल एक कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि 'संज्ञान क्यों न लिया जाए?' तकनीकी पहलू: कांग्रेस का कहना है कि जब तक अदालत किसी मामले में संज्ञान लेकर आरोप (Charges) तय नहीं करती, तब तक उसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। इसलिए इसे हलफनामे में लिखना अनिवार्य नहीं था। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैर-कानूनी और सीटों की चोरी करार दिया है। भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध जीतना तय! यदि अदालत से तत्काल कोई राहत नहीं मिलती है, तो आज शाम इन तीनों नेताओं को निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में बुलाई गई बड़ी बैठक इस बड़े राजनीतिक झटके और मौजूदा सियासी परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आज एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सभी राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों (PCC Chiefs) और प्रदेश प्रभारियों को आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से दो मुद्दों पर रणनीति बनेगी: ये खबर भी पढ़ें… मीनाक्षी का नामांकन रद्द करने का फैसला टिक पाएगा? मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें, राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। पूरी खबर पढ़ें
दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘न्यूजक्लिक’ और उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ विदेशी फंडिंग केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की एफआईआर और ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच रद्द कर दी। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा- यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर शक्तियों का मनमाना हमला और दुरुपयोग थी। जांच एजेंसियां ठोस साक्ष्य के बिना व्यापक जांच करती रहीं। एफआईआर में लगाए आरोपों को सही मान लेने पर भी धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने का आपराधिक केस नहीं बनता है। इसलिए एफआईआर जारी रखना कानून का घोर दुरुपयोग था। कोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी के मामले में कोई ऐसा पक्ष होना चाहिए, जिससे धोखा हुआ, पर इस मामले में कोई शिकायत ही नहीं थी। पहले FIR और फिर ED की छापेमारी से शुरू हुई कहानी दिल्ली पुलिस ने अगस्त 2020 में न्यूजक्लिक के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि वेबसाइट को वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLC नाम की अमेरिकी कंपनी से 9.59 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला। कहा गया कि जिस शेयर की कीमत 10 रुपए थी, उसे 11,510 रुपए प्रति शेयर की प्रीमियम कीमत पर खरीदा गया। वो भी उस वक्त, जब न्यूजक्लिक कोई मुनाफा नहीं कमा रही थी। माना जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि भारतीय मीडिया संस्थानों में 26% FDI की ऊपरी सीमा से बचा जा सके। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने न्यूजक्लिक के दफ्तर, इससे जुड़े निदेशकों और शेयरधारकों के ठिकानों की तलाशी ली। ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत की गई थी। सर्च के दौरान विदेशी करेंसी, कुछ डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल साक्ष्य सीज किए गए। ED की इन्वेस्टिगेशन में न्यूजक्लिक को 3 साल में 38.05 करोड़ रुपए के विदेशी फंड मिलने की बात सामने आई। न्यूजक्लिक को 9.59 करोड़ रुपए FDI के जरिए और 28.46 करोड़ रुपए सर्विसेज के एक्सपोर्ट के तौर पर मिले थे। अगस्त 2023 में दर्ज हुआ था केस 7 अगस्त 2023 को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में NYT की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई पत्रकारों पर चीनी प्रोगेगैंडा फैलाने के आरोप लगाए थे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा था कि नेविल रॉय सिंघम का सीधा संपर्क कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की एक प्रोपेगैंडा विंग के साथ है। सरकार लंबे वक्त से कह रही है कि न्यूजक्लिक प्रोपेगैंडा की एक खतरनाक वैश्विक चाल है। इसके बाद 17 अगस्त 2023 को न्यूजक्लिक के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी UAPA और IPC की धारा 153ए (दो समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाना) और 120बी (क्रिमिनल कॉन्सिपिरेसी) के तहत केस दर्ज किया गया था। 3 अक्टूबर 2024 को इसी के आधार पर कार्रवाई हुई और पुरकायस्थ को अरेस्ट किया गया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले से जुड़े कुल 46 लोगों से पूछताछ की थी। इनमें 37 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल थीं। न्यूजक्लिक और इससे जुड़े पत्रकारों के 31 ठिकानों पर स्पेशल सेल ने तलाशी ली थी। ED समेत 5 एजेंसियां मामले की जांच कर रही थीं न्यूजक्लिक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल है, जिसमें देश-दुनिया की खबरें प्रकाशित होती हैं। इसे PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाती है। प्रबीर पुरकायस्थ ने 2009 में इसकी शुरुआत की थी। वही इसके एडिटर-इन-चीफ भी हैं। न्यूजक्लिक के खिलाफ ED सहित पांच एजेंसियां जांच कर रही थीं। सबसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने FIR दर्ज की थी। उससे पहले दिल्ली पुलिस इकोनॉमिक ऑफेंस विंग और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस केस से जुड़े अलग-अलग मामलों में जांच कर रही थे। इसके बाद CBI ने भी इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। ------------------ये खबर भी पढ़ें... कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट अभी बंद ही रहेगा:दिल्ली हाईकोर्ट का बैन हटाने से इनकार दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी किया है। दिपके ने CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है। कोर्ट ने फिलहाल अकाउंट दोबारा चालू करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में आंधी-तूफान के बाद ट्रैफिक पुलिस ने रातभर चलाया राहत अभियान
दिल्ली में 9 जून की देर शाम अचानक आए तेज धूल भरे तूफान और उसके बाद आधी रात के बाद खराब हुए मौसम ने राजधानी में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
भास्कर अपडेट्स:बांग्लादेशी महिला की मौत, दिल्ली होटल अग्निकांड में मौतों का आंकड़ा 23 पर पहुंचा
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में लगी भीषण आग में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। बुधवार को इलाज के दौरान एक बांग्लादेशी महिला की मौत हो गई। इससे पहले मंगलवार को नाइजीरियाई नागरिक की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक बांग्लादेश की महिला नागरिक थी, जो इलाज करवाने भारत आई थी। लेकिन, 3 जून को होटल में लगी आग में झुलस गई थी। हादसे में घायल अन्य लोगों का इलाज अभी भी जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु में पर्यटकों की गाड़ी पलटी, एक ही परिवार के 14 लोग गंभीर तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में ऊटी के पास बुधवार को एक पर्यटक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में आंध्र प्रदेश के एक ही परिवार के 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, विशाखापट्टनम के अक्कय्यापालेम इलाके के 22 सदस्यीय परिवार के लोग मैसूरु और ऊटी समेत विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के बाद अपने घर लौट रहे थे। जब उनका वाहन नीलगिरि जिले के कुन्नूर घाट रोड पर नंदगोपाल ब्रिज के पास पहुंचा, तभी गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हाईकोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी ताहिर की जमानत पर पुलिस से मांगा जबाव दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई तय की है। कोर्ट ने पुलिस को अपील दाखिल करने में हुई 87 दिनों की देरी को माफ करने वाली अर्जी पर भी जवाब देने का समय दिया है। ताहिर हुसैन ने कड़कड़डूमा कोर्ट के 29 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। 650 करोड़ के घोटाला मामले में दिल्ली CM ने दो डॉक्टरों को निलंबित करने का आदेश दिया दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रिक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 650 करोड़ रुपए के महाघोटाले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। विजिलेंस की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं, ओआरएस और मेडिकल उपकरण बाजार मूल्य से 10 से 15 गुना अधिक कीमतों पर खरीदे गए थे। मुख्यमंत्री गुप्ता ने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्होंने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और 2 डॉक्टरों को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नई दिल्ली। साउथ ईस्ट जिले के एएटीएस स्टाफ ने मुठभेड़ के बाद एक कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी। पकड़े गए आरोपी की पहचान सोनू के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया आरोपी गोविंदपुरी थाने का घोषित बदमाश है। आरोपी सोनू पर सेंधमारी और डकैती समेत 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को देखकर की फायरिंग वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया टीम को सूचना मिली कि एक कुख्यात बदमाश मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास अवैध हथियार के साथ आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि आरोपी बाइक पर मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा। खुद को फंसता देख बदमाश ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी। इसके बाद उस पर काबू पाया गया। पुलिस उसे लेकर अस्पताल गई, जहां उपचार के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में आरोपी की पहचान सोनू के रूप में हुई। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी पर डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं और वह घोषित बदमाश है।
नई दिल्ली। मालवीय नगर के होटल अग्निकांड में मरने वालों की संख्या अब 23 हो गई है। एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती बांग्लादेशी महिला रियाना (38) ने बुधवार सुबह 11.20 बजे अंतिम सांस ली। रियाना अपने पति के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली आई थी, लेकिन इस त्रासदी ने पूरे परिवार को बिखेर दिया। रियाना की मौत पर दुख जताते हुए अस्पताल सूत्रों ने बताया कि जान बचाने के लिए होटल की इमारत से कूदने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। एम्स में उनकी सर्जरी भी की गई थी, लेकिन वह वेंटिलेटर पर थीं। इस हादसे में उनके भाई नरुल आमिन की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार का यह सदस्य बांग्लादेश के चटगांव से ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करता था। दो अन्य का चल रहा अस्पताल में इलाज फिलहाल, परिवार की अन्य सदस्य जोहरा और उनकी बेटी का मैक्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद दिल्ली नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। अग्निकांड के बाद अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एमसीडी की कार्रवाई लगातार जारी है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम दिल्ली में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज भी बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा।
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-1 ने फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला सेक्टर-55 स्थित सुनहरा अपना घर सोसाइटी से जुड़ा है, जहां लोगों को फ्लैट देने का झांसा देकर बड़ी रकम वसूली गई थी। इस संबंध में 3 अप्रैल 2017 को एक महिला ने थाना सेक्टर-56, गुरुग्राम में दर्ज कराई शिकायत में बताया था कि वर्ष 2006-07 के दौरान ईशपाल भारद्वाज ने उसे सुनहरा अपना घर सोसाइटी में फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद वर्ष 2008 से 2013 के बीच उससे अलग-अलग किस्तों में करीब 37.50 लाख रुपए लिए गए। दिल्ली का रहने वाला है आरोपी हालांकि, वर्ष 2013 में परियोजना का निर्माण कार्य बंद हो गया। कई साल बीत जाने के बावजूद न तो महिला को फ्लैट का कब्जा मिला और न ही उसकी जमा राशि वापस की गई। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 को सौंपी गई। जांच के दौरान, पुलिस ने 8 जून को दिल्ली एयरपोर्ट से आरोपी अनुभव (33) को गिरफ्तार किया। अनुभव मोहन गार्डन, दिल्ली का निवासी है और इंडोनेशिया भागने की तैयारी में था। पुलिस ने उसके खिलाफ पहले ही वर्ष 2025 में लुक आउट सर्कुलर जारी कराया हुआ था। साथियों के साथ मिलकर हड़पी रकम पूछताछ में खुलासा हुआ कि अनुभव मुख्य आरोपी ईशपाल भारद्वाज का बेटा है। उसने अपने पिता और अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने फर्जी एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करने और कंपनी के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इन खातों में फ्लैट आवंटन के नाम पर करोड़ों रुपए जमा कराए गए और बाद में उनका गबन कर लिया गया। इस मामले में अब तक अनुभव, ईशपाल भारद्वाज, अमित कुमार, प्रदीप कुमार, संदीप और जगबीर सहित कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपी अनुभव को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में धोखाधड़ी की गई धनराशि की बरामदगी और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
पलवल में दिल्ली-आगरा रेलवे लाइन पर रूंधी और सोलाका रेलवे स्टेशनों के बीच एक अज्ञात महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। जीआरपी के जांच अधिकारी देवरतन डागर ने बताया कि उन्हें रूंधी और सोलाका रेलवे स्टेशनों के मध्य रेलवे ट्रैक पर एक महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही जीआरपी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव का निरीक्षण किया और तलाशी ली, लेकिन महिला के पास से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके। महिला की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है। उसका गोल चेहरा, गेंहुआ रंग और पांच फुट से अधिक लंबाई है। उसने लाल-सफेद छापेदार कुर्ता और नीली सलवार पहन रखी थी। मृतका की पहचान कराने में जुटी पुलिस जीआरपी ने मौके पर मौजूद लोगों से भी महिला की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पहचान न होने पर शव को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। जीआरपी ने इस घटना की सूचना आसपास के पुलिस थानों और चौकियों के साथ-साथ अन्य जीआरपी थानों को भी भेज दी है, ताकि महिला की पहचान हो सके। पहचान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंची और किस ट्रेन की चपेट में आई।
शेखपुरा में 12 दिन पहले अगवा किशोरी बरामद:मां ने गांव के युवक पर लगाया आरोप, दिल्ली में छिपाया था
शेखपुरा के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत जयरामपुर थाना क्षेत्र से 12 दिन पहले अगवा की गई 16 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया है। जयरामपुर थाना अध्यक्ष सह पुलिस सब इंस्पेक्टर लाली कुमारी के नेतृत्व में की गई छापेमारी के बाद यह सफलता मिली। किशोरी को दिल्ली में छिपाकर रखा गया था। थाना अध्यक्ष लाली कुमारी ने बताया कि गत 30 मई को किशोरी घर से बाजार जाने के लिए निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिली, तो उसकी मां ने स्थानीय थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें गांव के ही रामविलास पासवान के पुत्र सुरेश पासवान पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया गया था। बेटी, पत्नी सहित अन्य लोगों के साथ पहुंचे थे पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश पासवान किशोरी को अगवा कर अपने साथ दिल्ली ले गया था और वहीं छिपाकर रखा था। किशोरी के पिता अपने पूरे परिवार के साथ कोलकाता में रहते थे और निजी काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे गांव में एक गोतिया परिवार के शादी समारोह में शामिल होने के लिए बेटी, पत्नी सहित अन्य लोगों के साथ पहुंचे थे। थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है, जिसके कारण किशोरी गांव के ही युवक के साथ फरार हुई थी। पुलिस के लगातार दबाव के कारण युवक ने किशोरी को ट्रेन से वापस घर भेज दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची इसी बीच, पुलिस को सूचना मिली कि अगवा किशोरी नरसिंहपुर गांव के समीप है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और किशोरी को अपनी निगरानी में ले लिया। बरामद किशोरी को पुलिस सुरक्षा में शेखपुरा कोर्ट भेज दिया गया है, जहां उसका बयान कलमबद्ध कराया जाएगा। घटना में शामिल आरोपी युवक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मानसून से पहले ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की 6 जून तक की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक मलेरिया के 39 और डेंगू के 152 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, चिकनगुनिया के भी 8 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि पिछले साल इसी अवधि में मलेरिया के 66 मामले थे, लेकिन निगम किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। मच्छरों की रोकथाम के लिए एमसीडी ने व्यापक अभियान शुरू किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मच्छरजनित परिस्थितियां पाए जाने पर अब तक 30 हजार 948 कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले 3547 लोगों के खिलाफ अभियोग भी दर्ज किए गए हैं। 1.62 करोड़ घरों का सर्वे निगम ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान के लिए 1.62 करोड़ से अधिक घरों का सर्वे किया। इनमें 32 हजार 558 घरों में मच्छरों की ब्रीडिंग पाई गई। इसके अलावा 1 लाख 72 हजार 174 घरों में दवा का छिड़काव कर लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, मानसून से पहले मच्छरों के ब्रीडिंग पॉइंट खत्म करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिन घरों में मच्छर पनपते मिले हैं, वहां छिड़काव के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले कपल ने राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित आईवीएफ (IVF) सेंटर पर बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया है। पीड़ित कपल राहुल और मीनू राठौर द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-111 स्थित लग्जरियस पुरी डिप्लोमेटिक ग्रीन्स सोसाइटी में रहते हैं। कपल ने बताया कि जनवरी 2026 में उनके यहां आईवीएफ तकनीक से दो जुड़वां बच्चियों को जन्म हुआ था। मगर, बच्चियों की शक्ल परिवार के किसी भी सदस्य से न मिलने पर जब डीएनए टेस्ट करवाया, तो रिपोर्ट देखकर उनके होश उड़ गए। लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चियों का बायोलॉजिकल मैच न तो अपनी मां से हो रहा है और न ही पिता से। इसके बाद उन्होंने सेंटर इंचार्ज से संपर्क साधा, लेकिन उनकी बात सुनने की बजाए उन पर आरोप लगा दिए गए। पुलिस ने भी उनकी नहीं सुनी। इसके बाद कोर्ट का सहारा लिया तो रिपोर्ट दर्ज की गई। मगर, दो माह बीत गए है, लेकिन ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू करने से लेकर बच्चियों के जन्म तक क्या हुआ… न्याय के लिए पांच माह से चक्कर काट रहे कपल की ये हैं डिमांड… इलेक्ट्रॉनिक डेटा और एम्ब्रियो लॉग की जांच पीड़ित दंपती राहुल और मीनू राठौर ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि मामले की कड़ियों को जोड़ने और सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जाना बेहद जरूरी है। आईवीएफ सेंटर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को तुरंत जब्त कर जांचा जाए। अस्पताल के इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस, सर्वर लॉग और आईवीएफ रिकॉर्ड्स (IVF Records) की साइबर एक्सपर्ट्स से स्क्रूटनी कराई जाए। एम्ब्रियो लॉग की गहन फॉरेंसिक जांच की जाए। ताकि साफ हो सके कि किस तारीख को किस मरीज के भ्रूण का इस्तेमाल कहां किया गया था। दंपती का कहना है कि जब तक इन तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच नहीं होगी, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा और न ही वे अपने असली जैविक बच्चे तक पहुंच पाएंगे। सोशल मीडिया पर लगाई गुहार पीड़ित राहुल राठौर ने मामले को ह्यूमन ट्रैफिकिंग से भी जोड़ दिया है। कहना है कि 5 महीने से वह लगातार पुलिस, अस्पताल और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। आदेश के बावजूद भी अस्पताल की और से अभी तक कोर्ट में पूरे कागजात दाखिल नहीं किए हैं। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उनको सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगानी पड़ी। राहुल राठौर ने अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। दूसरे पेरेंट्स से भी लगाई गुहार पीड़ित दंपती का कहना है कि किसी भी दंपती ने अगर 2025 में अपना आईवीएफ ट्रीटमेंट द्वारका के ईवीएफ सेंटर में करवाया है या फिर किसी दंपति के बच्चों का जन्म 5 जनवरी 2026 को हुआ है, तो कृपया अपने बच्चों का डीएनए टेस्ट करवा लें। हो सकता है कि आपके बच्चे हमारे पास हो और हमारे बच्चे आपके पास। हालांकि पीड़ित दंपती ने कहा कि हम किसी के ऊपर कोई इल्जाम नहीं लगा रहे हैं और ना ही हम किसी के ऊपर कोई केस करना चाहते बस हमें अपने बच्चे मिल जाए और ये बच्चे उनके मां-बाप तक पहुंच जाए, बस यही गुजारिश है। क्या है आईवीएफ तकनीक, इन्फोग्राफिक्स में जानिए…
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए कथित 650 करोड़ के घोटाले और भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद सीएम रेखा गुप्ता आहत हैं। सीपीए में घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री बेहद सख्त रुख अपनाया है। विजिलेंस (सतर्कता निदेशालय) की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं, ओआरएस और मेडिकल उपकरण बाजार मूल्य से 10 से 15 गुना अधिक कीमतों पर खरीदे गए थे। हर आरोपी को दिलाई जाएगी कड़ी सजा : रेखा गुप्ता दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय अनियमितताओं पर सीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि वो इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और 2 डॉक्टरों को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल हर एक व्यक्ति की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी
मसूरी में कार 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। सभी यूपी, दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो घूमने के लिए आए थे। पुलिस के मुताबिक, हादसा आज यानी बुधवार सुबह 9 बजे झड़ीपानी रोड में हुआ है। दिल्ली नंबर की मारुति सिलेरियो कार (DL5CS4610) 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुंरत रेस्क्यू शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। अभी तक ये जानकारी सामने नहीं आई है कि कार में कुल कितने लोग सवार थे। तस्वीरें देखिए… 5 पॉइंट में खबर… 1. 112 कंट्रोल रूम को मिली हादसे की सूचना- आज (10 जून 2026) सुबह करीब 09:16 बजे 112 कंट्रोल रूम से थाना मसूरी को सूचना मिली। सूचना के अनुसार, बार्लोगंज चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झड़ीपानी रोड की एक तीव्र ढलान पर एक छोटी कार अनियंत्रित होकर बेहद गहरी खाई में गिर गई है। 2. मौके पर पहुंची पुलिस, SDRF और फायर सर्विस की टीमें- घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली मसूरी से पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। इसके साथ ही तत्काल SDRF, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया। सभी टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत खाई में उतरकर संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। 3. दुकान से सामान लेते ही खाई में समाई कार- स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ में पता चला कि कार सवारों ने हादसे से ठीक पहले पास की ही एक दुकान से कुछ सामान खरीदा था। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि वे उत्तरकाशी से आ रहे थे। सामान लेकर जैसे ही सभी लोग कार में बैठे, तीव्र ढलान होने के कारण कार अचानक सड़क पर तेजी से आगे बढ़ने लगी। ड्राइवर जब तक नियंत्रण पाता, कार एक खाली प्लॉट को पार करते हुए सीधे करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। 4. ब्रेक फेल होना बना हादसे का कारण, एक महिला का शव बाहर निकाला गया- शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर, तीव्र ढलान पर कार के अचानक ब्रेक फेल हो जाना ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। रेस्क्यू टीमों ने बेहद दुर्गम खाई में उतरकर काफी मशक्कत के बाद अभी तक एक महिला का शव बाहर निकाल लिया है। 5. कार सवारों की पहचान और परिजनों को सूचना- हादसे का शिकार हुई गाड़ी दिल्ली नंबर की मारुति सिलेरियो कार (DL5CS4610) है। जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान पुलिस ने कार सवार व्यक्तियों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चंपावत में हरियाणा के पर्यटकों की कार खाई में गिरी: 5 दोस्त गंभीर घायल, ड्राइवर को झपकी आने से हादसा; मुन्स्यारी घूमने आए थे चंपावत में हरियाणा से आए पर्यटकों की कार 70 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे 5 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बुधवार तड़के 3:21 बजे हुआ। ये सभी लोग पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुन्स्यारी घूमने आए थे। (पढ़ें पूरी खबर)
गर्मियों की छुट्टियों में ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने आगरा कैंट-असारवा-आगरा कैंट के बीच एक साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस नई ट्रेन के चलने से राजस्थान और गुजरात के यात्रियों को सफर करने में काफी आसानी होगी। वहीं दूसरी ओर, अहमदाबाद डीआरएम ऑफिस के तहत साबरमती और असारवा स्टेशन को आपस में जोड़ने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इससे दक्षिण राजस्थान का सीधा संपर्क अब सौराष्ट्र इलाके से बढ़ जाएगा। यह ट्रेन उदयपुर से होकर जाएगी। इससे चितौडगढ, भीलवाड़ा और अजमेर तक पैंसेजर को फायदा मिलेगा। यह नई आगरा-असारवा समर स्पेशल ट्रेन दोनों तरफ से कुल 16-16 फेरे लगाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। टाइमिंग की बात करें तो यह ट्रेन हर सोमवार को आगरा कैंट से शाम 6 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:10 बजे असारवा पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन असारवा से हर मंगलवार दोपहर 3 बजे रवाना होकर बुधवार सुबह 7:45 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। इस स्पेशल ट्रेन में सफर के लिए कुल 24 डिब्बे होंगे। इसमें एक सैकंड एसी, 2 थर्ड एसी, 10 स्लीपर क्लास, 9 जनरल क्लास और 2 गार्ड के डिब्बे शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही उदयपुर के रेल यात्रियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आ रही है। वेस्टर्न रेलवे के तहत साबरमती को असारवा रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 'वाया लाइन' बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। इसी महीने इसमें सीआरएस यानी रेल सुरक्षा आयुक्त का निरीक्षण होना तय हुआ है। सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलते ही अगले महीने होने वाली बैठक में नई ट्रेनों के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। इसके बाद साबरमती से दिल्ली वाया उदयपुर और ओखा से नाथद्वारा के बीच नई ट्रेनें जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। इस नए ट्रैक के चालू होते ही सौराष्ट्र और वागड़ के साथ दक्षिण राजस्थान का सीधा संपर्क हो जाएगा, जिससे दिल्ली और गुजरात आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा।
चंडीगढ़ से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-1879) में बीते रविवार को एक पैसेंजर ने बीच हवा में हंगामा शुरू कर दिया। यात्री ने फ्लाइट की विंडो का शीशा भी तोड़ दिया। उसने फ्लाइट क्रू के साथ बदतमीजी की। हालांकि, क्रू मेंबर्स ने पैसेंजर को संभाला और फ्लाइट को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। इसके बाद यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया। यात्री ने दिल्ली एयरपोर्ट पर भी भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। यात्री के परिजन का कहना है कि वह दिमागी रूप से बीमार है। इसके बाद जब उसका मेडिकल करवाया गया तो परिजन की बात सही निकली। इसके बाद यात्री को 30 दिन के लिए नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल कर दिया। DDCA को इसकी रिपोर्ट दी दी गई है, जो इसका बैन 6 महीने तक बढ़ा सकता है। एयरलाइंस के प्रवक्ता ने ये जानकारी दी एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया- फ्लाइट में एक यात्री के अनियंत्रित व्यवहार के बाद कॉकपिट क्रू ने एसओपी (SOP) का पालन किया। पैसेंजर को पहले कड़ी चेतावनी दी गई और दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम को सूचित किया गया। प्रवक्ता ने कहा- उड़ान के दौरान यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। एयरलाइन यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। मामले की जानकारी डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (DGCA) को दी गई है। आखिर क्या हुआ था फ्लाइट में... एयरपोर्ट से भी भागने लगा यात्री एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी यात्री पटना का रहने वाला है। 8 जून की सुबह इसने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर उसने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की लेकिन CISF की QRT ने उसे दोबारा दबोच लिया। एयरपोर्ट पर यात्री के माता-पिता भी मौजूद थे, जो उसके साथ सफर कर आए थे। उन्होंने बताया कि युवक मानसिक बीमारी से पीड़ित है। उन्होंने उसे पटना ले जाने की गुहार लगाई। हालांकि, जांच जारी होने के कारण एयर इंडिया ने उसे दूसरी फ्लाइट में बैठने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद यात्री का मेडिकल कराया गया। उसकी रिपोर्ट में अनफिट पाए जाने के बाद उसे परिजन के साथ जाने की इजाजत दी गई। अंदर प्लास्टिक का शीशा, बाहर कांच का शीशा तोड़ना मुश्किल इस बारे में एविएशन एक्सपर्ट अश्वनी खन्ना का कहना है कि विमान की विंडो में 2 शीशे होते हैं। दोनों आपस में जुड़े रहते हैं। अंदर का शीशा प्लास्टिक का होता है। बाहर एक कांच का शीशा होता है, जिसे तोड़ना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा- फ्लाइट आसमान में हो और कोई पैसेंजर ऐसी हरकत करे तो क्रिमिनल ऑफेंस माना जाता है। अगर यात्री दोषी पाया जाता है तो सभी एयरलाइंस से उस यात्री की डिटेल शेयर कर दी जाती है, एयरलाइंस उसकी टिकट ही बुक नहीं करतीं। यानी उसका नाम नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाता है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक ब्लास्ट, 5 पैसेंजर घायल, बैग में रखा था हैदराबाद से चंडीगढ़ आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E 108 में मंगलवार को पावर बैंक में ब्लास्ट हो गया। इससे 5 यात्री घायल हो गए। पावर बैंक एक यात्री के बैग में रखा था। घटना उस समय हुई, जब फ्लाइट एयरपोर्ट पर खड़ी थी। हादसे के बाद फ्लाइट में धुआं भर गया, जिससे यात्री घबरा गए। यात्रियों को इमरजेंसी गेट से निकाला गया। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली है। ये बातें होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा से पूछताछ के दौरान सामने आईं। दोनों को होटल में आग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। 3 जून को हुए हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी। जय मिश्रा ने बताया कि होटल का लाइसेंस बनवाने के लिए बजाज ने उसके दस्तावेज इस्तेमाल किए थे। यही नहीं जिस दिन आग लगी वह घटना वाली जगह आया, थोड़ी देर रुका। फिर मेट्रो से पूरे शहर में इधर-उधर घूमता रहा। पुलिस पूछताछ में 5 खुलासे कर्मचारी बोला- लाइसेंस वाले दस्तावेज आग में जल गए मेहमानों के रजिस्टर, पहचान के रिकॉर्ड, लाइसेंसिंग के कागजात और अन्य दस्तावेजों के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने दावा किया कि सभी रिकॉर्ड होटल में रखे गए थे, लेकिन आग में पूरी तरह जल गए। हालांकि, पुलिस इस दावे की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है। जांच करने वाले अधिकारी होटल के कागजी रिकॉर्ड को फिर से तैयार करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों, ऑनलाइन पोर्टलों और संबंधित एजेंसियों से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि लाइसेंस की मंजूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी या मिलीभगत तो नहीं थी। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। आग फैली तो लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी। कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। ऊपरी मंजिलों पर ठहरे लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। फायर सर्विस, पुलिस और स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को बाहर निकाला। इनमें 35 घायल हैं। इस दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मैक्स अस्पताल ने बताया, 39 लोगों को लाया गया था, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय हैं। विदेशियों में 9 अफ्रीकी देशों और 2 तुर्कमेनिस्तान के नागरिक हैं। हादसा होने की 5 बड़ी वजह -------------------------------------- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट: दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नई दिल्ली में आज एनडीए सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री परिषद की अहम बैठक होगी। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। हरियाणा में लागू केंद्र सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री से इन योजनाओं के क्रियान्वयन की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी ले सकते हैं। चुनावी राज्यों से फीडबैक लेंगे पीएम इसके अलावा बैठक में उन राज्यों की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है, जहां अगले वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। इस दौरान संगठनात्मक रणनीतियों और जमीनी फीडबैक पर भी विचार किया जाएगा। यह दौरा हरियाणा के लिए दोहरे लिहाज से अहम है। NDA की बैठक से राजनीतिक मजबूती मिलेगी, वहीं नीति आयोग की बैठक में राज्य के विकास कार्यों को केंद्र की मदद से रफ्तार मिलने की उम्मीद है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक 11 जून सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री नायब सैनी राष्ट्रपति भवन के कल्चर सेंटर में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल होते हैं। इस बार बैठक का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को जमीन पर उतारना है। हरियाणा का रोडमैप रखेंगे सीएम CM सैनी इस बैठक में हरियाणा के विकास का रोडमैप रखेंगे। उम्मीद है कि वे कृषि सुधार, जल संरक्षण, औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र से ज्यादा मदद मांगेंगे। SYL नहर और चंडीगढ़ जैसे अंतर-राज्यीय मुद्दे भी उठ सकते है। दो दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद CM नायब सैनी शुक्रवार सुबह 10 बजे दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे।
दिल्ली में खराब मौसम और प्रतिकूल उड़ान परिस्थितियों का असर मंगलवार रात एयरलाइन सर्विस पर साफ देखने को मिला। खराब मौसम के कारण दिल्ली जाने वाली कई उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि एक फ्लाइट को उड़ान भरने के बाद वापस जयपुर लौटना पड़ा। इस बीच दुबई से दिल्ली जा रही स्पाइसजेट की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के पैसेंजर्स को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब ड्यूटी समय पूरा होने के कारण पायलट विमान छोड़कर रवाना हो गए और पैसेंजर्स को घंटों इंतजार करना पड़ा। दरअसल, स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-5106 दुबई से दिल्ली जा रही थी। दिल्ली में खराब मौसम और लैंडिंग की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते विमान को जयपुर एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया। यह फ्लाइट रात करीब 8 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंची। ड्यूटी टाइम पूरा होने पर पायलटों ने छोड़ा विमान जयपुर पहुंचने के बाद पैसेंजर्स को उम्मीद थी कि मौसम सामान्य होते ही फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगी, लेकिन इसी दौरान फ्लाइट क्रू का निर्धारित ड्यूटी समय पूरा हो गया। विमानन नियमों के तहत लागू फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के कारण पायलटों ने आगे उड़ान संचालित करने से इनकार कर दिया और फ्लाइट छोड़कर चले गए। इसके बाद एयरलाइन स्टाफ ने पैसेंजर्स को फ्लाइट से उतारकर एयरपोर्ट के अराइवल हॉल में भेज दिया। अचानक बदली स्थिति से पैसेंजर्स में नाराजगी फैल गई और कई पैसेंजर्स ने एयरलाइन प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। देर रात तक पैसेंजर्स एयरपोर्ट पर फंसे रहे और उन्हें आगे की यात्रा को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। अगरतला-दिल्ली फ्लाइट भी जयपुर उतरी दिल्ली में मौसम खराब होने के कारण केवल स्पाइसजेट की अंतरराष्ट्रीय उड़ान ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि इंडिगो की फ्लाइट 6E-6504 को भी जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। यह विमान अगरतला से दिल्ली जा रहा था। दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने के कारण विमान को जयपुर में उतारा गया। दोनों फ्लाइटों के जयपुर पहुंचने से एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई और एयरलाइन स्टाफ को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ीं। जयपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट भी वापस लौटी खराब मौसम का असर जयपुर से दिल्ली जाने वाली उड़ानों पर भी पड़ा। अलायंस एयर की फ्लाइट 9I-834 जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल से क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण विमान को रनवे से ही वापस लौटना पड़ा। पैसेंजर्स को फ्लाइट के टेकऑफ का इंतजार था, लेकिन मौसम संबंधी प्रतिबंधों के चलते उड़ान संचालित नहीं हो सकी। एयरलाइन अधिकारियों ने पैसेंजर्स को स्थिति की जानकारी दी और मौसम सामान्य होने का इंतजार करने को कहा।
सिरसा जिले के डबवाली शहर में बठिंडा चौक स्थित दिल्ली बैरिंग स्टोर पर इनकम टैक्स विभाग की टीम ने रेड मारी और लगभग 7 घंटे तक जांच अभियान चलाया। इस दौरान दुकान के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। जिससे पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे स्टोर पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जांच में बाधा से बचने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने किसी को भी दुकान के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। देर शाम तक ये जांच चली। विभागीय अधिकारियों की टीम ने दुकान से संबंधित विभिन्न वित्तीय रिकॉर्ड, बिल, खातों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। जांच के चलते दुकान के आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी। डीईटीसी बोलीं- ये नियमित जांच थी आयकर विभाग की डीईटीसी अधिकारी अंजू सिंह ने बताया कि दिल्ली बैरिंग स्टोर पर यह एक नियमित जांच थी। उन्होंने पुष्टि की कि जांच के दौरान कुछ आवश्यक दस्तावेज एकत्र किए गए हैं, जिनकी विभागीय स्तर पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिलहाल एक सामान्य जांच कार्रवाई है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। विभाग द्वारा जांच पूरी करने के बाद टीम शाम को रवाना हुई। इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारिक वर्ग में भी चर्चा बनी रही, हालांकि अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं की।
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की अहम बैठक में बिहार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र यादव शामिल होंगे। बैठक को केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आगामी विकास और राजनीतिक एजेंडे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विकसित भारत अभियान पर होगा विशेष मंथन बैठक का प्रमुख एजेंडा केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ अभियान को गति देना बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर चर्चा करेंगे। इस दौरान राज्यों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई संभावनाओं और केंद्र की अपेक्षाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। राज्यों से सुझाव लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। केंद्रीय योजनाओं के स्थिति की होगी समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच और उनकी प्रभावशीलता पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यों में योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें आने वाली चुनौतियों का समाधान समय पर किया जाए। वैश्विक चुनौतियों और अर्थव्यवस्था पर भी होगी चर्चा सूत्रों के अनुसार, बैठक में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हो रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों पर भी चर्चा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का राज्यों की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री राज्यों के अनुभव जान सकते हैं। साथ ही निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन होने की संभावना है। बिहार के लिए कई मायनों में अहम है बैठक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में विकास परियोजनाओं, केंद्र से मिलने वाली सहायता और आगामी योजनाओं को लेकर राज्य सरकार अपना पक्ष रख सकती है। साथ ही केंद्र और राज्य के बीच चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार में विकास के लिए योजनाओं के स्थिति और निवेश और उद्योग को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पीएम मोदी के साथ पहली बड़ी बैठक है, जिसमें बिहार के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है आयोजन एनडीए शासित राज्यों के शीर्ष नेताओं की यह बैठक राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए एनडीए नेतृत्व राज्यों के अनुभवों और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, बैठक का मुख्य फोकस सुशासन, विकास और केंद्र-राज्य समन्वय रहेगा, लेकिन राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक के बाद बिहार के नेताओं की केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेतृत्व के साथ अलग-अलग मुलाकातों की भी संभावना जताई जा रही है, जिसमें राज्य से जुड़ी विकास परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
दिल्ली और भोपाल में आज कांग्रेस के नेता चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने पर कार्रवाई की मांग करेंगे। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने आज (10 जून) सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया। मंगलवार को भाजपा की आपत्ति के बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी बताया। भोपाल में मंगलवार रात करीब 10 बजे प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव, आरिफ मसूद समेत कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय पहुंचे। दफ्तर बंद होने से वहां कोई अधिकारी नहीं था। इसके बाद कांग्रेस नेता वहीं फर्श पर बैठ गए। करीब आधे घंटे बाद डिप्टी सीईओ पहुंचे और आज बुधवार को मिलने का समय दिया। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन, मुख्य गेट के बाहर धरना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल समेत कई नेता दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे। अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली तो मुख्य गेट के बाहर धरना दिया। पुलिस पहुंची और बातचीत हुई। नामांकन रद्द करना गलत, ये राजनीतिक साजिश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। पार्टी ने कहा कि नामांकन रद्द करना गलत है और यह राजनीतिक साजिश है। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। नेताओं का कहना है कि जिस मामले के आधार पर नामांकन रद्द किया गया, वह आपराधिक मामला नहीं है। साथ ही, उस मामले में कोर्ट ने अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया है। ये खबरें भी पढ़ें… 1. एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज, कांग्रेस बोली- इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर… 2. मीनाक्षी घबराकर भागीं, सीनियर्स को बुलाया मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है। इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द होने का कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार रात दिल्ली में चुनाव आयोग दफ्तर के सामने धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सचिन पायलट, के सी वेणुगोपाल, जयराम रमेश भी मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने कहा कि, 5:30 बजे मध्य प्रदेश के रिटर्निंग ऑफिसर ने सुनवाई का समय दिया था। उसी समय ऑफिस बंद हो गया। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद्द होने के निर्णय के खिलाफ हम एप्लीकेशन कहां देंगे। बघेल ने कहा कि शाम को जब हम भारत निर्वाचन आयोग पहुंचे तो यहां भी दफ्तर बंद हो चुका था। इसके बाद जब धरने पर बैठे तब हमारा एप्लीकेशन क्लर्क ने लिया। हम आवेदन देंगे तब ही कोर्ट जाने का रास्ता खुलेगा। कांग्रेस नेताओं के धरने की तस्वीरें देखिए… जानिए क्या है पूरा मामला मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी ने तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई है। रिटर्निंग ऑफिसर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार शाम साढ़े 5 बजे तक जवाब मांगा था। कांग्रेस प्रत्याशी के जवाब से संतुष्ट न होने पर नामांकन खारिज कर दिया गया, जिसके बाद कांग्रेस नेता विरोध में उतर आए। 'नामांकन रद्द करना साजिश' कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा के दबाव में चुनाव आयोग काम कर रहा है। नामांकन रद्द करना गलत और राजनीतिक साजिश है। इस मामले में कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एक ऐसे मामले में नामांकन निरस्त किया गया है जो आपराधिक मामला ही नहीं है। न ही उस मामले में कोर्ट ने संज्ञान लिया है। अब मैदान में तीनों बीजेपी के उम्मीदवार बचे 18 जून को मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए मैदान में कुल 4 उम्मीदवार थे। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मैदान में 3 उम्मीदवार बचे हैं। तीनों ही बीजेपी के उम्मीदवार हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस ने करीब 48 पार्टी विधायकों को बेंगलुरु शिप्ट कर दिया।……………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना राज्यसभा चुनाव- EC से मीनाक्षी के नॉमिनेशन खारिज की शिकायत: दिल्ली-भोपाल में आज आयोग से मिलेंगे कांग्रेस नेता; सुप्रीम कोर्ट भी जाने की तैयारी
भीषण गर्मी के बीच ट्रेनें हो रही लेट, दिल्ली- जालंधर रूट की कई ट्रेनें रद्द, रूट डायवर्ट
भास्कर न्यूज | जालंधर एक तरफ देश भर में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं, शादियों का सीजन चरम पर है ऐसे में लोग बड़ी संख्या में यात्राएं कर रहे हैं। लेकिन रेलवे की अव्यवस्था और लेत-लतीफी ने यात्रियों के सफर के मजे को किरकिरा कर दिया है। दिल्ली से जालंधर आने और यहां से जाने वाली मुख्य रेलगाडिय़ां घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे इस भीषण गर्मी में रेल यात्रियों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को जालंधर रेलवे स्टेशन पर उस समय यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया, जब अमृतसर से दिल्ली के बीच चलने वाली 14680 इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से घंटों लेट हो गई। इस ट्रेन का जालंधर पहुंचने का नियमित समय सुबह 7:20 बजे था, लेकिन यह 7 से 8 घंटे की भारी देरी से दोपहर लगभग 2:00 बजे जालंधर स्टेशन पहुंची। चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ स्टेशन पर इंतजार करना यात्रियों के लिए किसी सजा से कम नहीं रहा। यात्री बोले-गर्मी से बचाव के पुख्ता इंतजाम हों मौसम के इस बदलते मिजाज और शादियों के सीजन में ट्रेनों के इस शेड्यूल ने आम जनता को बेहाल कर दिया है। रमेश कुमार, सोहन लाल, सुभाष, राम लुभाया व अन्य यात्रियों ने कहा कि एक तो गर्मी के कारण स्टेशन पर बैठना मुश्किल है दूसरा ट्रेन 7 से 8 घंटे की दरे से चल रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे को गर्मियों के सीजन को देखते हुए अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम करने चाहिए थे, ताकि इस भीषण गर्मी में लोगों को घंटों स्टेशनों पर इस गर्मी में न तपना पड़े।
करीम नगर में ताला लगाकर चले गए लोग खो-नागोरियान तलाई में जिस मकान में हादसा हुआ वह घाटगेट निवासी याकूब व कय्यूम दो भाइयों का है। एक में बिजली का कनेक्शन है, दूसरे में फैक्ट्री चल रही है, जिसमें भाई ने ही बिजली दे रखी है। हादसे के बाद से याकूब व कय्यूम के मोबाइल बंद हैं। इन्होंने दिल्ली के पटाखा निर्माता को 6 साल पहले मकान किराए पर दिया था। लोगों ने बताया कि दिल्ली-फिरोजाबाद निवासी वसीम ने यह फैक्ट्री लगवाई थी। वहां पहले पटाखे बनाता था, वहां कार्रवाई हुई तो जयपुर को अवैध पटाखा फैक्ट्री का ठिकाना बना लिया।

