क्राइम कथा: दिल्ली दंगों में आया बड़ा फैसला, ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा
अंकित शर्मा हत्याकांड और दिल्ली दंगों पर आधारित इस क्राइम कथा में जानिए कैसे 2020 में शुरू हुई हिंसा ने एक आईबी अधिकारी की जान ले ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है
दिल्ली: डीटीसी बसों में महिलाओं को 15 अगस्त तक पिंक टिकट से मुफ्त सफर की इजाजत
दिल्ली: डीटीसी बसों में महिलाओं को 15 अगस्त तक पिंक टिकट से मुफ्त सफर की इजाजत
दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल: दिल्ली में बनेगा प्रॉपर्टी आधार कार्ड! जानिए क्या है ये और कैसे करेगा काम
Delhi Land Record Bill 2026: दिल्ली में प्रॉपर्टी और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। दिल्ली सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026 के तहत दिल्ली की हर संपत्ति को एक खास डिजिटल पहचान दी जाएगी। इसे प्रॉपर्टी आधार कार्ड कहा जा रहा है। इस नए कानून को पारित कराने के लिए दिल्ली विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इसके बाद पूरी दिल्ली में वैज्ञानिक सर्वे शुरू होगा। इसके माध्यम से हर गांव के घर, जमीन के टुकड़े से लेकर शहरों के फ्लैट्स और कमर्शियल बिल्डिंग्स तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।क्या है नया बिल और कैसे होगा सर्वे?इस कानून के तहत दिल्ली के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को मिलाकर पूरी दिल्ली का वैज्ञानिक सर्वे अनिवार्य किया जाएगा। जमीन और प्रॉपर्टी की सीमाओं मैपिंग ड्रोन से सर्वे करके की जाएगी। इसमें सर्वे ऑफ इंडिया की भी मदद ली जाएगी। अभी अलग-अलग सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के पास जो रिकॉर्ड्स हैं उन्हें एक ही सिंगल प्लेटफॉर्म पर लेकर आया जाएगा।बहुमंजिला इमारतों में हर फ्लोर के लिए एक अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, ताकि इसमें इंडिविजुअल यूनिट्स भी शामिल की जा सकें। सरकार को उम्मीद है कि इस पूरी व्यवस्था से प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में कमी आएगी और अदालतों व राजस्व अधिकारियों का बोझ घटेगा।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पहल की तुलना लोगों के आधार कार्ड से करते हुए कहा कि दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026 के माध्यम से दिल्ली की हर संपत्ति को अब एक सुरक्षित और प्रामाणिक डिजिटल पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की स्वामित्व (SVAMITVA) योजना के तहत 30 ग्रामीण गांवों में सफल क्रियान्वयन के अनुभवों के आधार पर इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। फिलहाल यह विधेयक मंत्रियों के समूह की समीक्षा के बाद मंजूरी की प्रक्रिया से गुजर रहा है और सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने की योजना बना रही है।लाल डोरा क्षेत्रों के लिए क्यों अहम है यह कदम?लाल डोरा क्षेत्र वे ग्रामीण आवासीय क्षेत्र हैं जिन्हें राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से मार्क किया जाता है। इनका इस्तेमाल खेती और गैर खेती दोनों ही उद्देश्यों के लिए होता है और यहां कंस्ट्रक्शन पर कुछ पाबंदियां होती हैं। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक लाल डोरा क्षेत्रों में लंबे समय से व्यवस्थित और प्रामाणिक संपत्ति रिकॉर्ड का अभाव रहा है। स्वामित्त्व पहल का उद्देश्य इन क्षेत्रों के निवासियों को पहली बार औपचारिक और सत्यापन योग्य दस्तावेज प्रदान करके दशकों पुराने इस अंतर को दूर करना है।कैसे काम करेगा स्मार्ट प्रॉपर्टी आधार कार्ड?स्वामित्व योजना के तहत जारी होने वाला यह कार्ड PVC फॉर्मेट में होगा। इसे UIDAI मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इस कार्ड में कई जानकारियां दर्ज की जाएंगी। कार्ड पर एक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (PID), जारी करने की तारीख, गांव व जिले का विवरण, कब्जाधारक व परिवार की जानकारी, जमीन का क्षेत्रफल और एक 'भू-आधार नंबर' मौजूद होगा। कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर संपत्ति का पूरा डिजिटल स्केच, सीमाओं का विवरण, आसपास की संपत्तियों के PID, खसरा नंबर और कानूनी रूप से मान्य सर्टिफिकेट ऑफ ऑक्यूपेंसी लिंक रहेगा।वैसे सरकार ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि ये प्रॉपर्टी कार्ड स्वयं मालिकाना हक के प्रमाण के रूप में काम करेगा या मौजूदा दस्तावेजों से जुड़े एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन रिकॉर्ड के रूप में। स्वामित्व सत्यापन, त्रुटियों के सुधार और विवादित प्रविष्टियों से संबंधित नियम विधानसभा में बिल पास होने के बाद तय किए जाएंगे।पायलट प्रोजेक्ट: अब तक कितना हुआ काम?दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों में से 30 गांवों को इस प्रोजेक्ट के पायलट फेज में शामिल किया गया है। इन गांवों में सर्वे और पहचान का काम पूरा हो चुका है।संबंधित दस्तावेजों को संकलित करते हुए प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 12232 संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से 8423 (लगभग 69 प्रतिशत) संपत्तियां पूरी तरह विवाद-मुक्त पाई गई हैं। दक्षिण और उत्तर-पश्चिम जिलों में सर्वे की गई सभी संपत्तियों के मामलों का शत-प्रतिशत समाधान हो चुका है। इन रिकॉर्ड्स को अंततः दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इंफॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) के साथ रियल-टाइम में इंटिग्रेट किया जाएगा। इन 30 गांवों के अनुभवों के आधार पर पायलट फेज पूरा होते ही इस प्रोजेक्ट का विस्तार पूरी दिल्ली की आवासीय, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों की संपत्तियों पर किया जाएगा।दिल्लीवासियों को क्या होगा फायदा?व्यवस्थित रिकॉर्ड न होने की वजह से दिल्लीवासियों को दशकों से मालिकाना हक साबित करने, संपत्ति के लेन-देन, विरासत, बैंक लोन प्राप्त करने, नक्शा पास कराने और अदालती विवादों को सुलझाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड बनने से सीमा विवाद खत्म होंगे और नागरिकों को संपत्ति के हस्तांतरण, बैंक ऋण लेने, उत्तराधिकार और मकान का नक्शा पास कराने में काफी आसानी, पारदर्शिता और भरोसा मिलेगा।यह भी पढ़ें:पटरियों पर किसी के लिए धड़कती जिंदगी को लेकर दौड़ी ट्रेन! पहली बार वंदे भारत ट्रेन से पहुंचाया गया लाइव डोनर हार्ट
ताहिर हुसैन की सजा पर दिल्ली में सियासी तकरार, BJP के आरोपों पर AAP का पलटवार
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसा: डाटकाली टनल के पास खड़े कंटेनर से टकराई पिकअप, दो घायल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर डाटकाली टनल के पास खड़े कंटेनर से एक पिकअप टकरा गया, जिससे पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दिल्ली दंगा 2020 : अकेले अंकित के हाथ को इंसाफ नहीं मिला, बल्कि...
दिल्ली दंगे 2020 में खजूरी खास नाले से मिली एक लाश की ये तस्वीर आज भी लोगों को झकझोर देती है. 23 से 26 फरवरी 2020 तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान मरने वाले महज 53 लोग नहीं थे, बल्कि ये पूरे सिस्टम की मौत थी.
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने कमला नेहरू रिज में छात्रों संग लगाए पौधे
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने कमला नेहरू रिज में छात्रों संग लगाए पौधे
दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च से पहले पत्थरों से भरा ट्रक खड़ा करना साजिश: उदय भानु
दिल्ली में 20 जुलाई को संसद मार्च से पहले पत्थरों से भरा ट्रक खड़ा करना साजिश: उदय भानु
महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के अवसर पर नौजवान भारत सभा की ओर से नकोदर शहर में एक विशाल मोटरसाइकिल मार्च निकाला गया। इस मार्च के माध्यम से संगठन ने देश के वर्तमान हालात, युवाओं के मुद्दों और दिल्ली में प्रदर्शनकारी युवाओं पर दर्ज मुकदमों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बुलंद आवाज उठाई। मार्च को संबोधित करते हुए सभा के राज्य उपाध्यक्ष मंगलजीत पंडोरी और जिला सचिव सोनू लोहियां ने शहीद ऊधम सिंह की शहादत को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का बलिदान महज कोई व्यक्तिगत बदला नहीं था, बल्कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत द्वारा भारत की जनता पर किए जा रहे जुल्म, औपनिवेशिक शोषण और देश की लूट के खिलाफ अपनी शहादत दी थी। केंद्र सरकार और पैलेट गन के इस्तेमाल पर तीखा हमला नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार साम्राज्यवादी ताकतों के आगे नतमस्तक है और अमेरिकी दिशा-निर्देशों पर देश की नीतियां तय कर रही है। इसके कारण आज देश का नौजवान बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। सभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि जब युवा अपने बुनियादी अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है और पैलेट गन जैसे घातक हथियारों का इस्तेमाल कर उन्हें अपाहिज बनाया जाता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को सही ठहराने वाले रुख की भी कड़े शब्दों में निंदा की। नशे और बेरोजगारी के खिलाफ एकजुटता का आह्वान नौजवान भारत सभा ने पंजाब और देश के युवाओं से अपील की कि वे नशे के भयानक जाल से बाहर निकलें और सम्मानजनक रोजगार व अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें। इस अवसर पर जिला वित्त सचिव सुखदेव मंडियाला, सरूप लाल, मुस्लिम समुदाय के नेता मोहम्मद खालिद, तेजदीप, जसकरण सिंह, सोम लंगाह, जसविंदर सिंह और तारा सिंह धक्का बस्ती समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपने विचार रखे और युवाओं से क्रांतिकारी विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों की प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा प्रायोजित: उदित राज
दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों की प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा प्रायोजित: उदित राज
भारत-चीन रिश्तों में नई पहल, गलवान के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचेंगे शी जिनपिंग; क्यों अहम है ये दौरा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,000 से ज्यादा छात्राओं को साइकिलें बांटीं
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,000 से ज्यादा छात्राओं को साइकिलें बांटीं
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। जानें पूरा मामला।
दिल्ली के सीलमपुर में पीडब्ल्यूडी का सीसीटीवी डीवीआर चोरी करने के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सीलमपुर इलाके में लगे सरकारी पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी) के सीसीटीवी डीवीआर की चोरी का मामला सुलझा लिया है और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। चोरी का सामान और उसे बेचकर मिली रकम का एक बड़ा हिस्सा भी बरामद कर लिया गया है।
Delhi Student Protest Crackdown: क्या मोदी-शाह लेंगे बदला? | The Daily Show
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्र मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवारों की स्थिति से जुड़े एक सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, क्या आप भाजपा से हैं?
Kanwar Yatra Special Trains:कांवड़ यात्रा के लिए रेलवे ने दिल्ली से हरिद्वार वाया मेरठ सिटी स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इसी के साथ दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली ट्रेन को हरिद्वार तक विस्तारित कर दिया गया है।
'प्रदर्शन में थे क्रिमिनल बैंकग्राउंड वाले 2873 लोग', दिल्ली पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस का दावा है कि जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2873 लोग मौजूद थे. इन अपराधियों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और तकनीकी तरीकों से की गई है. अब चर्चा इस बात की हो रही है कि जंतर मंतर की तरह ही लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में भी बाहर यही फेशियल रिक्गनिशन सिस्टम लगा होता तो क्या पता चलता?
पुरानी दिल्ली 6 की कप्तानी को लेकर उत्साहित हूं, सकारात्मक क्रिकेट खेलने पर रहेगा फोकस: अनुज रावत
दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) के तीसरे सीजन का आगाज शुक्रवार से होने जा रहा है। पुरानी दिल्ली 6 की इस सीजन कप्तानी करने जा रहे विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत अपने नए रोल को लेकर काफी उत्साहित हैं। अनुज ने कहा कि टीम जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए उत्सुक है और सेंट्रल दिल्ली किंग्स के खिलाफ टूर्नामेंट के अपने ओपनिंग मैच से पहले उन्होंने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पुरानी दिल्ली 6 शुक्रवार शाम को अरुण जेटली स्टेडियम में लीग के शुरुआती मैच में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का सामना करेगी। रावत ने कहा, टूर्नामेंट से पहले हमने लगभग 15 से 16 प्रैक्टिस सेशन किए हैं, और हर खिलाड़ी ने जबरदस्त जोश और प्रतिबद्धता दिखाई है। फ्रेंचाइजी के एक बयान में रावत ने कहा, टीम ने बहुत अच्छी तैयारी की है और हर कोई मैदान पर उतरने के लिए बेताब है। पुरानी दिल्ली 6 की कप्तानी करना मेरे लिए गर्व की बात है और मैं इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हूं। हमारे पास अनुभव और युवा जोश का सही मिश्रण है और हमारा पूरा ध्यान सकारात्मक क्रिकेट खेलने, हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने और जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत करने पर है। अनुज ने कहा कि टीम जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए उत्सुक है और सेंट्रल दिल्ली किंग्स के खिलाफ टूर्नामेंट के अपने ओपनिंग मैच से पहले उन्होंने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पुरानी दिल्ली 6 शुक्रवार शाम को अरुण जेटली स्टेडियम में लीग के शुरुआती मैच में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का सामना करेगी। रावत ने कहा, टूर्नामेंट से पहले हमने लगभग 15 से 16 प्रैक्टिस सेशन किए हैं, और हर खिलाड़ी ने जबरदस्त जोश और प्रतिबद्धता दिखाई है। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने कहा, इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है और पुरानी दिल्ली 6 से जुड़े सभी लोग सीजन शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। हमने एक मजबूत और संतुलित टीम बनाने के लिए पिछले कुछ हफ्तों में कड़ी मेहनत की है और खिलाड़ियों ने तैयारी के दौरान जबरदस्त प्रतिबद्धता दिखाई है। हमें भरोसा है कि टीम आगे की चुनौती के लिए तैयार है। हमारा लक्ष्य निडर और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना और अपने समर्थकों को गौरवान्वित करना है। Article Source: IANS
दिल्ली के 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने प्रेस वार्ता में अपनी आपबीती सुनाई। परिवारों ने हिंसा की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
यह कार्रवाई गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र निवासी अधिवक्ता स्मृति सिंह की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर आयोजित एक सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान एक युवती ने मंच से प्रधानमंत्री के लिए कथित रूप से अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शेयर किए जाने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये वीडियो कहां से शुरू हुए और क्या इनसे जनता को गुमराह किया गया। वहीं दूसरी ओर नोएडा पुलिस ने भी पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में एक महिला पर जीरो एफआईआर दर्ज की है। हैदराबाद में 2 अलग-अलग केस दर्ज हैदराबाद पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत की गई है। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स के हैंडलर्स को आरोपी बनाया है, जबकि मेटा के इंडिया हेड को दोनों मामलों में सह-आरोपी के रूप में नामजद किया है। मेटा के फर्जी कंटेंट रोकने वाले सिस्टम्स की जांच हो रही हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि पीएम मोदी के इन मॉर्फ्ड एआई वीडियो को किसने तैयार किया, किसने अपलोड किया और इसे कैसे फैलाया गया। इसके साथ ही मेटा के प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक और इंस्टाग्राम) पर फर्जी कंटेंट रोकने वाले सेफगार्ड्स और सिस्टम्स की भी जांच हो रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या कंपनी का सिस्टम इन एआई वीडियोज के फैलाव को समय रहते रोकने में सक्षम था या नहीं। जांच अधिकारी BNS और IT एक्ट के तहत संभावित उल्लंघनों की समीक्षा कर रहे हैं। जांच अभी शुरुआती फेज में है और फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन से शुरू हुआ मामला पुलिस जांच के अनुसार, पीएम मोदी को निशाना बनाने वाले ये आपत्तिजनक और मार्फ्ड वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र आंदोलन के समय से फैलाए जा रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। पुलिस अधिकारी का बयान- आरोपियों की तलाश जारी मामले की जांच कर रहे हैदराबाद साइबर क्राइम के एक जांच अधिकारी ने बताया कि हमने दर्ज मामलों और शिकायतकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए आपत्तिजनक लिंक्स को लेकर मेटा को नोटिस जारी कर दिया है। हम आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। एफआईआर से पहले मेटा अधिकारियों को समन जारी हुआ था सूत्रों के मुताबिक, हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से कुछ दिन पहले ही मेटा के प्रतिनिधियों को समन जारी किया था। पुलिस ने उनसे प्लेटफॉर्म पर AI जनरेटेड स्कैम, फर्जी विज्ञापन और हेरफेर किए गए कंटेंट को डिटेक्ट और रिमूव करने वाले सिस्टम के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। मामला दर्ज होने के बाद मेटा के प्रतिनिधि ने जांच अधिकारियों के सामने पेश होकर कंपनी के कंटेंट मॉडरेशन और अनुपालन (कंप्लायंस) उपायों की जानकारी दी है। हालांकि, मेटा की ओर से इस एफआईआर पर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। नोएडा में महिला पर एफआईआर, पीएम पर अभद्र टिप्पणी का आरोप एक अन्य मामले में, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर नोएडा में एक महिला पर जीरो FIR दर्ज की गई है। गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के सेक्टर 168 की रहने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ एक्सप्रेसवे थाने में यह केस दर्ज किया गया है। BNS की 3 धाराओं में केस दर्ज, संवैधानिक पद के अपमान की शिकायत शिकायत के अनुसार, आरोपी महिला ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और समाज में नफरत फैलाने व शांति भंग करने की कोशिश की गई। पुलिस ने महिला पर BNS की धारा 352 (शांति भंग करने के लिए उकसाना), 353(1) (लोक उपद्रव से जुड़े बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया है। पीएम मोदी की पोस्ट हटने पर केंद्र सरकार सख्त यह एफआईआर ऐसे समय में सामने आई है जब मेटा केंद्र सरकार के भी निशाने पर है। हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शनों के बीच 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर अपलोड और फेसबुक पर शेयर की गई पीएम मोदी की पहली डायरेक्ट सेल्फी वीडियो पोस्ट को प्लेटफॉर्म ने थोड़ी देर के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि बाद में इसे रीस्टोर कर दिया गया था। मेटा ने इसे अपने AI मॉडरेशन सिस्टम का तकनीकी ग्लिच बताया था। इस सफाई से केंद्र सरकार संतुष्ट नहीं है। सरकार ने कंपनी के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को समन भेजा है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि कंपनी ने गलती स्वीकार कर माफी तो मांग ली है, लेकिन उनका स्पष्टीकरण पर्याप्त नहीं है और सरकार अधिक विवरण मांग रही है। क्या होता है AI-जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए किसी भी असली व्यक्ति के चेहरे, हाव-भाव और आवाज की हूबहू नकल करके फर्जी वीडियो तैयार किया जा सकता है। ऐसे वीडियो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं और इनका इस्तेमाल जनता के बीच भ्रम फैलाने, फर्जी विज्ञापन चलाने या किसी शख्सियत की छवि खराब करने के लिए किया जा सकता है। कानूनन यह आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गंभीर अपराध है। क्या होती है जीरो FIR? आमतौर पर जब कोई अपराध होता है, तो घटना वाले क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस स्टेशन में ही FIR दर्ज की जाती है। लेकिन 'जीरो एफआईआर' के तहत पीड़ित किसी भी पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है, भले ही अपराध उस थाना क्षेत्र में न हुआ हो। बाद में इस FIR को जांच के लिए संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। ये खबर भी पढ़ें… ITR फाइल करने की आखिरी तारीख आज: 5 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा; चूकने पर ₹5000 जुर्माना; CA ने बताए 4 आसान स्टेप्स इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर 'बिलेटेड रिटर्न' फाइल कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ओखला और तुगलकाबाद में नए बायोगैस प्लांट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर, दिल्ली सीएम रहीं मौजूद
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तुगलकाबाद और ओखला में कम्प्रेस्ड बायो-गैस प्लांट लगाने के लिए दिल्ली नगर निगम और ऑयल इंडिया लिमिटेड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।
नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
अक्टूबर से इंडिगो सभी उड़ानें पुन: बहाल करेगी, एयर इंडिया दिल्ली-मुंबई के लिए दे सकती है नई फ्लाइट
बरसात के मौसम में हवाई यात्रियों की संख्या घटने का असर अब रांची एयरपोर्ट की उड़ानों पर भी दिखने लगा है। जुलाई से सितंबर के बीच यात्रियों की संख्या घटने से रांची एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन सीमित कर दिया गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने चार उड़ानें फिलहाल बंद कर दी हैं, जबकि इंडिगो ने पांच रूटों पर फेरे कम किए हैं। एयरलाइंस अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में शादी-विवाह का सीजन नहीं होने, व्यापारिक यात्राओं में कमी और खराब मौसम के कारण उड़ानों में देरी की आशंका रहने से यात्रियों की संख्या कम हो जाती है। इसी को देखते हुए कंपनियों ने मांग के अनुरूप उड़ानों का संचालन सीमित किया है। कंपनियों का दावा है कि अक्टूबर से मांग बढ़ने के साथ सभी उड़ानें दोबारा नियमित कर दी जाएंगी। हालांकि, यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि अक्टूबर से अधिकांश उड़ानें फिर अपनी पूर्व निर्धारित फ्रीक्वेंसी के साथ संचालित होंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस रांची से दिल्ली और मुंबई के लिए नई विमान सेवा शुरू करने की तैयारी में है। वहीं इंडिगो ने गोवा और गुवाहाटी के लिए नई उड़ानों का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नाइट फ्लाइट शुरू करने की योजना है। बरसात में घटती है हवाई यात्रियों की संख्या : श्रवण झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की सिविल एविएशन सबकमेटी के चेयरमैन श्रवण राजगढ़िया ने बताया कि बरसात के मौसम में व्यापारिक गतिविधियां और हवाई यात्रा दोनों घट जाती हैं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की जिन उड़ानों का संचालन बंद हुआ है, उनमें तीन समर स्पेशल फ्लाइट्स थीं, जिन्हें पहले से मई-जून तक ही संचालित किया जाना था। यात्रियों की अच्छी प्रतिक्रिया को देखते हुए त्योहारी सीजन से अतिरिक्त उड़ानें फिर शुरू होने की संभावना है। रांची से जल्द शुरू होंगी पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए तीन नई नाइट फ्लाइट रांची एयरपोर्ट से हवाई यात्रियों को जल्द नई सुविधा मिल सकती है। इंडिगो ने 25 अक्टूबर से पुणे, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए रात में तीन नई उड़ानें शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित समय के अनुसार उड़ानें रात 10 बजे, रात 1 बजे और तड़के 3 बजे संचालित होंगी। इससे रांची की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। जून में रांची से 27 विमानों का संचालन होता था, अभी यह घटकर 22 रह गई है वर्ष 2026 के अप्रैल से जून तक रांची एयरपोर्ट में 6,86,370 यात्रियों का आवागमन रांची एयरपोर्ट में हुआ है, जो पिछले साल से करीब 6 प्रतिशत कम है। {जून 2026 में 1629 विमानों का आवागमन हुआ। जून 2025 में 1550 विमानों का आवागमन हुआ था। {इस साल जुलाई में 29 तारीख तक प्रति दिन 40-44 विमानों के हिसाब से 1380 विमानों का आवागमन हुआ। {जून तक रांची एयरपोर्ट में प्रतिदिन 7600 से 8000 यात्रियों का आवागमन होता था, जो जुलाई में 6000 पैसेंजर रह गया है। जून में रांची से जहां 27 विमानों का संचालन होता था, वहीं जुलाई में यह फ्लाइट्स की संख्या करीब 22 तक पहुंच गई है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से एक जुलाई से चार विमानों की संख्या कम की है। इनमें दिल्ली से रांची आकर दिल्ली जाने वाली दो फ्लाइट हैं और मुंबई और हैदराबाद जाने वाली दो फ्लाइट हैं। वहीं, इंडिगो ने कई विमानों के फेरे कम कर दिए हैं। शाम में रांची से 7.50 बजे अहमदाबाद जाने वाला विमान अभी सात दिन नहीं, बल्कि पांच दिन उड़ान भर रहा है। दोपहर डेढ़ बजे पटना जाने वाला विमान भी अब सात की जगह 5 दिन ही उड़ान भर रहा है। शाम में रांची से 7.40 बजे चेन्नई जाने वाले विमान का फेरा घटाकर 4 दिन कर दिया है। दोपहर में कोलकाता जाने वाली एक फ्लाइट अब सात की जगह तीन दिन ही उड़ान भर रही है। इसी तरह देर शाम हैदराबाद जाने वाले विमान का भी फेरा घटाकर तीन दिन कर दिया गया है।
दिल्ली प्रीमियर लीग: नए सीजन के लिए सभी आठ कप्तान तैयार, खिताब पर निगाहें
New Delhi: दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) के तीसरे सीजन की शुरुआत 31 जुलाई से अरुण जेटली स्टेडियम में होगी। बुधवार को टूर्नामेंट से पहले आधिकारिक प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी आठ फ्रेंचाइजी के कप्तान एक साथ आए और अपने लक्ष्यों के बारे में बताया। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की तरफ से आयोजित एक महीने तक चलने वाली यह टी20 लीग 30 अगस्त तक खेली जाएगी, जिसमें दिल्ली के कुछ बेहतरीन क्रिकेटर हिस्सा लेंगे। इस महीने की शुरुआत में हुए प्लेयर ऑक्शन के बाद, फ्रेंचाइजी ने अपनी टीमें तय कर ली हैं और अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए उत्साहित हैं। 'पुरानी दिल्ली 6' के नए कप्तान अनुज रावत ने यह जिम्मेदारी मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, पुरानी दिल्ली 6 की कप्तानी करना सम्मान की बात है। हमने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के अच्छे मिश्रण के साथ एक संतुलित टीम बनाई है। लीग का माहौल शानदार है और हम अपने घरेलू फैंस के सामने खेलने के लिए उत्सुक हैं। हमारा लक्ष्य सकारात्मक क्रिकेट खेलना और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। 'साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स' के कप्तान आयुष बडोनी ने कहा कि खिलाड़ी मजबूत शुरुआत करने के लिए प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, डीपीएल में क्रिकेट का स्तर शानदार रहा है और इस सीजन में हर टीम मजबूत लग रही है। हमने अच्छी तैयारी की है और मैदान पर उतरने के लिए उत्साहित हैं। उम्मीद है कि हम फैंस का मनोरंजन कर पाएंगे और पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 'ईस्ट दिल्ली राइडर्स' के कप्तान मयंक रावत ने कहा कि उनकी टीम चुनौती के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, टीम में जबरदस्त उत्साह है। हर खिलाड़ी प्रेरित है और हम दिल्ली के कुछ बेहतरीन टैलेंट के खिलाफ खेलने के लिए उत्सुक हैं। यह एक शानदार टूर्नामेंट होने वाला है। गत चैंपियन 'वेस्ट दिल्ली लायंस' का प्रतिनिधित्व करते हुए, उप-कप्तान आयुष डोसेजा ने कहा, पिछले सीजन में खिताब जीतने से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन यह नई चुनौतियों वाला एक नया सीजन है। हर टीम ने अपने स्क्वाड को मजबूत किया है, इसलिए हम जानते हैं कि यह आसान नहीं होगा। हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने और अपनी चैंपियनशिप का बचाव करने पर है। 'आउटर दिल्ली वॉरियर्स' के कप्तान सिद्धांत शर्मा ने कहा, ऑक्शन के बाद से ही टीम का माहौल बहुत अच्छा रहा है। हर कोई योगदान देने के लिए उत्सुक है और हमने तैयारी में कड़ी मेहनत की है। हम सीजन शुरू करने के लिए उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि अपने समर्थकों को गर्व महसूस कराएंगे। सेंट्रल दिल्ली किंग्स के कप्तान यश धुल ने कहा, डीपीएल दिल्ली के क्रिकेटर्स को अपना हुनर दिखाने के लिए एक शानदार मंच देता है। हमने एक मजबूत टीम बनाई है और हमारा लक्ष्य पूरे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए निडर होकर क्रिकेट खेलना है। 'आउटर दिल्ली वॉरियर्स' के कप्तान सिद्धांत शर्मा ने कहा, ऑक्शन के बाद से ही टीम का माहौल बहुत अच्छा रहा है। हर कोई योगदान देने के लिए उत्सुक है और हमने तैयारी में कड़ी मेहनत की है। हम सीजन शुरू करने के लिए उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि अपने समर्थकों को गर्व महसूस कराएंगे। Also Read: LIVE Cricket Score नई दिल्ली टाइगर्स के कप्तान हिम्मत सिंह का मानना है कि प्रशंसक पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन क्रिकेट की उम्मीद कर सकते हैं। उन्होंने कहा, डीपीएल देश की प्रमुख घरेलू टी20 लीगों में से एक बन गई है। सभी टीमें अच्छी तरह से संतुलित हैं और मुकाबला कड़ा होगा। हम अपना अभियान शुरू करने और प्रशंसकों को जश्न मनाने के कई मौके देने के लिए उत्सुक हैं। Article Source: IANS
20 जुलाई के जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से जुड़ी 'गोली लगने से चोट' का दावा गलत: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगी थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) को बंद (वाइंडिंग-अप) करने का आदेश दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बताया कि बैंक का लाइसेंस लगातार नियामकीय उल्लंघनों के कारण पहले ही रद्द किया जा चुका था और अब यह आदेश बैंक को बंद करने की प्रक्रिया का अंतिम चरण है।
फाजिल्का पुलिस की कार्रवाई:दिल्ली के तस्कर से ग्लॉक समेत 5 अवैध पिस्तौल बरामद, नेटवर्क की जांच शुरू
फाजिल्का पुलिस को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि सीआईए स्टाफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली निवासी 23 वर्षीय पीयूष बरेला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पंजाब क्षेत्र में अवैध हथियारों की सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दक्षिण दिल्ली के मंगलापुरी पालम कॉलोनी निवासी पीयूष बरेला अबोहर में मौजूद है और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने के लिए आया हुआ है। सूचना के आधार पर सीआईए स्टाफ ने अबोहर अनाज मंडी से अजीत नगर लिंक रोड पर विशेष नाकाबंदी और रेड की। इस दौरान आरोपी को काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान 5 पिस्तौल बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल पांच अवैध पिस्तौल बरामद किए। बरामद हथियारों में एक ग्लॉक पिस्तौल, एक टोकराव पिस्तौल, एक स्टार पिस्तौल और दो देसी पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस ने सभी हथियार कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसएसपी गगन अजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। उसके खिलाफ पहले दिल्ली की स्पेशल सेल में अवैध हथियार तस्करी से संबंधित मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी पता चला है कि वह जेल में बंद कुछ लोगों के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई करने का काम करता था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान हथियारों की सप्लाई नेटवर्क, इनके स्रोत और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
पर्सनैलिटी राइट्स मामले में युवराज सिंह को राहत, दिल्ली हाईकोर्ट पारित करेगा अंतरिम आदेश
भारत के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत दी है। हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। दिल्ली हाई कोर्ट का कहना है कि युवराज के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट अंतरिम आदेश पारित करेगा। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने युवराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर मौजूद सभी आपत्तिजनक पोस्ट और उनकी इजाजत के बगैर शेयर किए गए तमाम पोस्ट को अगले 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई कर रहीं जज ज्योति सिंह ने यह फैसला सुनाया। युवराज के वकील ने कोर्ट में पूर्व क्रिकेटर को लेकर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के लिंक की लिस्ट शेयर की और बताया कि इनमें से दो लिंक को हटा दिया गया है। वकील ने बताया कि युवराज की सहमति के बिना उनके व्यक्तित्व गुणों का उपयोग करके आर्थिक लाभ के लिए सामान बेचे जा रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट का कहना है कि युवराज के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट अंतरिम आदेश पारित करेगा। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने युवराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर मौजूद सभी आपत्तिजनक पोस्ट और उनकी इजाजत के बगैर शेयर किए गए तमाम पोस्ट को अगले 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। Also Read: LIVE Cricket Score न्यायमूर्ति सिंह ने वाद को मुकदमे के रूप में दर्ज करते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी किया है। मध्यस्थों को इस मामले में अपना जवाब तीन सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा। कोर्ट ने कहा कि वह कंटेंट को अपलोड करने वाले अपलोडर को 48 घंटे के भीतर लिंक को हटाने का आदेश देगा। अगर कंटेंट को अपलोड करने वाला लिंक को दिए गए समय में नहीं हटाता है, तो फिर कोर्ट युवराज को मध्यस्थों की मदद लेकर इसे 36 घंटों में हटाने की इजाजत देगा। Article Source: IANS
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में अहम फैसले, रोजाना आने-जाने वालों को पहचान पत्र दिखाना होगा
3 लाख यात्री दिल्ली में बिना टर्मिनल बदले अमेरिका-यूरोप जा पाएंगे
भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार ने अमृतसर से हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू कर दी है। यह देश का दूसरा स्पोक एयरपोर्ट बन गया है। इससे हर साल तीन लाख यात्रियों को फायदा होगा। उनका समय तो बचेगा ही साथ ही बार-बार लगेज पर टैगिंग, इमिग्रेशन कस्टम की बार-बार की फॉर्मेलिटी भी पूरी नहीं कर होगी। यात्री बिना टर्मिनल चेंज किए यूरोप- अमेरिका समेत 27 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स तक जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के माध्यम से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित 27 इंटरनेशनल डेस्टिनेशनल तक अधिक सुगमता से पहुंच सकेंगे। इससे समय बचेगा, बार-बार बैगेज चेक-इन और अन्य औपचारिकताओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। सबसे ज्यादा उलझन स्टूडेंट्स और पर्यटकों की उलझन खत्म होगी। मनदीप सिंह : एक ही जगह चेक-इन और बैगेज की सुविधा मिलने से यात्रा काफी आसान हो जाएगी। गुरभेज सिंह : दिल्ली में दोबारा बैगेज और चेक-इन की झंझट खत्म होना सबसे बड़ी राहत है। अमृत पाल सिंह : इससे विदेश जाने वालों का समय बचेगा और सफर पहले से ज्यादा सुविधाजनक होगा। जगतार सिंह : अमृतसर में ऐसी सुविधा शुरू होना पंजाब के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। गौरतलब है 1.5 लाख यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली जाते हैं। इतने ही यात्री विदेश से दिल्ली होकर अमृतसर पहुंचते हैं। नई व्यवस्था से इन यात्रियों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। एयरलाइंस का अनुमान है कि केवल अमृतसर से रोज करीब 250 यात्री इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। आने वाले महीनों में अन्य स्पोक एयरपोर्ट जुड़ने के बाद प्रतिदिन लगभग 1,200 यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा, जो सालाना 4.5 लाख यात्रियों के बराबर होगा। ईजी कनेक्ट हब का शुभारंभ करते नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा।
हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22448/22447) अब नंगल डैम स्टेशन पर भी रुकेगी। रेलवे हेडक्वार्टर ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह स्टॉपेज प्रायोगिक आधार पर होगा। ट्रेन संख्या 22448 (अंब-अंदौरा से नई दिल्ली) का नंगल डैम स्टेशन पर ठहराव 29 जुलाई से प्रभावी होगा। वहीं, ट्रेन संख्या 22447 (नई दिल्ली से अंब-अंदौरा) का ठहराव 30 जुलाई से लागू होगा। इस सुविधा से नंगल और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को दिल्ली आने-जाने में आसानी होगी। 22448 वंदे भारत एक्सप्रेस नंगल डैम स्टेशन पर दोपहर 1:41 बजे पहुंचेगी और 1:43 बजे रवाना होगी, यानी दो मिनट का ठहराव होगा। 10 मिनट का वाटरिंग हॉल्ट भी रहेगा इसके अतिरिक्त, दोपहर 1:43 बजे से 1:53 बजे तक 10 मिनट का वाटरिंग हॉल्ट भी रहेगा, जो पहले की तरह जारी रहेगा। नई दिल्ली से अंब-अंदौरा जाने वाली 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 10:16 बजे नंगल डैम स्टेशन पहुंचेगी और 10:18 बजे प्रस्थान करेगी। यह भी दो मिनट का ठहराव होगा। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन अंब-अंदौरा और नई दिल्ली के बीच चलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर, 2022 को ऊना रेलवे स्टेशन से इस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह देश की चौथी सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जिसे ऊना और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों से यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। वंदे भारत एक्सप्रेस ऊना से 5 घंटे और अंब-अंदौरा से 5 घंटे 20 मिनट में दिल्ली पहुंचाती है, जिसके कारण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। यह ट्रेन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक साबित हुई है, जो विश्व विख्यात शक्तिपीठों जैसे श्री माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा देवी, और पर्यटन स्थलों जैसे धर्मशाला, मैकलोडगंज, पालमपुर, बैजनाथ, डलहौजी, खजियार और चंबा की यात्रा करते हैं। अंब-अंदौरा स्टेशन इन स्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है।
दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ को कैबिनेट की मंजूरी, पात्र महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी। इसी दिन सरकार समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगी, जहां पात्र महिलाएं अपना पंजीकरण करा सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की पहली किस्त लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाए।
झज्जर जिले के चर्चित नीरज हत्याकांड में फरार चल रहे एक आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश (23) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-26 इलाके से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि बरामद पिस्टल का इस्तेमाल वारदात में किया गया हो सकता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि 19 जुलाई को झज्जर के आसौदा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर नीरज और उसके भतीजे मंजीत को समझौता करने के बहाने बुलाया गया था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और फायरिंग हो गई। गोली लगने से नीरज की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मंजीत घायल हो गया था। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। पांच लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत, एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में पांच लोगों को नामजद किया गया था। मामले की जांच के दौरान झज्जर पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी कड़ी में दिल्ली क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में नितेश को गिरफ्तार किया गया है। झज्जर पुलिस करेगी पूछताछ, हथियार की होगी फोरेंसिक जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। वहीं झज्जर पुलिस भी दिल्ली क्राइम ब्रांच के संपर्क में है। आरोपी को झज्जर पुलिस के हवाले किए जाने के बाद उससे पूछताछ कर हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास किया जाएगा। बरामद पिस्टल और कारतूस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद हथियार का इस्तेमाल नीरज हत्याकांड में हुआ था या नहीं। पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम देने का आरोप डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने बताया कि नीरज हत्याकांड में एक आरोपी को झज्जर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस का प्रयास है कि मामले में शामिल बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह भवन केवल भौतिक विस्तार नहीं है, बल्कि कॉलेज की नवाचार, उत्कृष्टता और भविष्य की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ढहाना आसान नहीं है। दिल्ली के Gen-Z (जेन-जी) प्रदर्शन के बाद समीकरण बदले हैं। शिक्षा और छात्रों से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर भी शासन का रुख नरम हुआ है। यही वजह है कि 27 जुलाई को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। दूसरी ओर, किसी भी कानूनी झटके से बचने के लिए रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने कोर्ट में पहले ही कैविएट दाखिल कर रखी है। जिससे प्रशासन का पक्ष सुने बिना अदालत कोई भी एकतरफा आदेश न दे सके। वहीं, पिछले 10 दिनों से यूनिवर्सिटी के छात्र परिसर के बाहर धरने पर डटे हैं। अब सवाल उठता है कि विरोध के बावजूद क्या सरकार इन इमारतों को तोड़ देगी? 5 पॉइंट में समझते हैं- कारण 1. दिल्ली के जेन-जी आंदोलन का खौफ इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में मीडिया छात्रों को पढ़ाने वाले प्रोफेसर एसके यादव कहते हैं- NEET परीक्षा लीक को लेकर देश में युवाओं ने बड़ा प्रदर्शन किया। आखिर में केंद्र सरकार बैकफुट पर चली गई। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस एक आंदोलन के बाद युवाओं के हौसले बुलंद हैं। अगर यूनिवर्सिटी के खिलाफ कोई एक्शन लिया जाता है, तो इस बात की संभावना ज्यादा है कि युवा एकजुट होकर इसे बचाने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में छात्र और प्रशासन के बीच टकराव हो सकता है। सरकार इस स्थिति से बचना चाहती है, वह भी तब जब 6-7 महीने बाद ही चुनाव होने हैं। कारण 2. लखनऊ से नहीं, रामपुर से हुए फैसले यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सपा और कांग्रेस प्रदर्शन कर रहे हैं। इन सबके अलावा लोकल लोग भी नहीं चाहते कि यूनिवर्सिटी को गिराया जाए। इनमें बड़ी संख्या में वो लोग हैं, जो आजम खान की राजनीति और उनकी पार्टी से ताल्लुक नहीं रखते। लोकल भाजपा नेता भी इसके गिराए जाने का समर्थन नहीं करते। जब भी उनसे सवाल पूछा जाता है, वो नजरअंदाज कर देते हैं। राज्य स्तर पर भी कोई नेता यूनिवर्सिटी के गिराए जाने का समर्थन करते नजर नहीं आता। लखनऊ में सरकार के करीब रहने वाले एक अधिकारी कहते हैं- सीएम योगी या फिर सरकार की मंशा कभी भी यूनिवर्सिटी को गिराने की नहीं रही है। स्थानीय लेवल पर जो अधिकारी हैं, वह इस तरह का फैसला ले रहे हैं। हालांकि, आखिरी फैसला कोर्ट और लखनऊ से ही होगा। कारण 3. छात्रों को शिफ्ट करने के लिए इतना बड़ा कॉलेज नहीं यूनिवर्सिटी में अभी करीब 3 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी में 16 डिपार्टमेंट हैं। 14 फैकल्टी और इंस्टीट्यूट हैं। मेडिकल, इंजीनियरिंग, कानून और मैनेजमेंट से लेकर हर तरह के कोर्स की पढ़ाई होती है। यूनिवर्सिटी से जुड़े टीचर्स का दावा है कि आसपास ऐसे कॉलेज नहीं हैं, जहां सभी छात्रों को शिफ्ट किया जा सके। अगर ऐसा कर भी लेते हैं, तो अलग-अलग फैकल्टी के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। कारण 4. यूनिवर्सिटी जब बनी, तब प्राधिकरण नहीं था यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण 2006 में शुरू हुआ था। उस समय विकास प्राधिकरण नहीं था। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया। यूनिवर्सिटी ने इस पक्ष के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट में 20 जुलाई को याचिका दाखिल की थी। 28 जुलाई को इसकी सुनवाई होनी है। 26 जुलाई को डीएम रामपुर ने यूनिवर्सिटी कैंपस में टीम भेजकर बिल्डिंग के नक्शे मांगे थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज और अकादमी ब्लॉक के मैप दिए। बाकी बिल्डिंग के मैप दे नहीं सके। कारण 5. UGC का सपोर्ट यूनिवर्सिटी की तरफ एक्सपर्ट कहते हैं, UGC इस मामले में यूनिवर्सिटी का ही साथ देगा। क्योंकि, यूनिवर्सिटी के निर्माण के समय लागू नियम पर UGC ने मान्यताएं दी थीं। 2014 में UGC की एक्सपर्ट कमेटी ने यूनिवर्सिटी की जांच की थी। उस वक्त अपनी रिपोर्ट में बताया था कि यूनिवर्सिटी में तमाम कोर्सेस की फीस दूसरे प्राइवेट कॉलेज की फीस से काफी कम है। यह यूनिवर्सिटी व्यावसायिक फायदे के लिए नहीं चल रही। आजम ने जिस प्राधिकरण को बनवाया, अब वही मुसीबत बना 2005 में यूपी में जब सपा सरकार थी, तब आजम खान नगर विकास मंत्री थे। उसी दौरान 15 अप्रैल, 2005 को रामपुर विकास प्राधिकरण बनाया गया था। शुरुआत में प्राधिकरण के दायरे में रामपुर नगर पालिका के साथ 23 गांव शामिल किए गए थे। 18 सितंबर, 2006 को आजम खान ने सिंगनखेड़ा गांव में जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी। उस समय सिंगनखेड़ा गांव प्राधिकरण के क्षेत्र में नहीं आता था। जुलाई, 2024 में प्राधिकरण ने अपनी सीमा बढ़ाई और शहर के आसपास के 39 गांव अपने दायरे में शामिल कर लिए। इनमें सिंगनखेड़ा गांव भी शामिल था। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ। सपा की सरकार जाने पर प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की इमारतों की जांच कराई। इसमें पता चला कि 40 इमारतों में सिर्फ मेडिकल कॉलेज और प्रशासनिक भवन का नक्शा मंजूर है। बाकी 38 इमारतों का नक्शा मंजूर नहीं कराया गया। इसी आधार पर यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया गया। प्राधिकरण ने कहा कि 30 जुलाई तक इन 38 इमारतों को खुद गिरा दें, नहीं तो प्रशासन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। हालांकि, अब यह मामला कोर्ट में है। जुर्माना लगाकर यूनिवर्सिटी को गिरने से रोका जा सकता है लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट सिर्फ यह नहीं देखेगा कि जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतें गिराई जाएं या नहीं। यह भी तय करेगा कि ध्वस्तीकरण के बजाय कोई दूसरा रास्ता अपनाया जा सकता है या नहीं। सबसे पहले जुर्माना और बाकी फीस लेकर मामला रेगुलराइज करने के विकल्प पर चर्चा हो सकती है। अभी रामपुर विकास प्राधिकरण 1510 रुपए प्रति वर्ग मीटर डेवलपमेंट चार्ज लेता है। इसके अलावा लेबर सेस भी लगता है, जो किसी भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का 1% होता है। जौहर यूनिवर्सिटी की लागत करीब 1000 करोड़ रुपए बताई जाती है। इस हिसाब से सिर्फ लेबर सेस ही करीब 10 करोड़ रुपए बनता है। इसके अलावा सुपरविजन चार्ज, नक्शा पास कराने की फीस, कंपाउंडिंग फीस और दूसरे कई शुल्क भी देने पड़ सकते हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी को कुल कितना भुगतान करना होगा, इसका सही हिसाब ले-आउट प्लान और इमारतों का पूरा रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही लगाया जा सकेगा। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतें अवैध तो सपा विरोध में क्यों, क्या पूरी यूनिवर्सिटी गिरा दी जाएगी, इससे भाजपा को क्या फायदा जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें ढहाने के आदेश से भाजपा और सपा के बीच राजनीति तेज है। भाजपा इसे 'भूमाफिया' पर कार्रवाई बता रही है। वहीं, सपा, भाजपा को ‘यूनिवर्सिटी तोड़ने वाला आक्रांता’ कह रही है। इसे कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट और NEET पेपर लीक से जोड़कर यूपी की भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर…
पंजाब कांग्रेस की नेतृत्व की लड़ाई में अब आर-पार की सिचुएशन बन गई है। जालंधर से सांसद व पूर्व CM चरणजीत चन्नी व गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के गुट से पहले ही दूरी बना रखी है। अब ऐसा माना जाने लगा है कि ये चन्नी-रंधावा गुट कांग्रेस हाईकमान से भी किनारा करने लगे हैं। इसका नजारा सोमवार को स्पष्ट दिखा। दरअसल, पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने संसद के बाहर बरनाला में सफाईकर्मियों पर हुए लाठी चार्ज और पंजाब में पेपर लीक की घटना को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में राजा वडिंग के साथ डॉ. अमर सिंह, गुरजीत औजला व शेर सिंह घुबाया दिखे। वहीं दिल्ली में होने के बावजूद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा उस धरने में शामिल नहीं हुए। चन्नी ने भी इससे दूरी बनाई। जिससे साफ है कि चन्नी व रंधावा अब राजा वडिंग के साथ कोई स्टेज भी शेयर करने को तैयार नहीं हैं। चन्नी और रंधावा अपने समर्थकों के साथ चुनाव की तैयारियों में जुट गए। चन्नी-रंधावा गुट से जुड़े नेता रविवार को गुरदासपुर के विधायक वरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के घर जुटे। बैठक के बाद चन्नी गुट के नेताओं ने एक वीडियो रील जारी की और उसमें जो गाना लगाया उससे अपने विपक्षियों को कड़ा संदेश दिया है। रील की बैकग्राउंड चल रहे गाने में कहा हे कि साड्डे विच कोई खच्च नहीं। केसी वेणुगोपाल से आमने-सामने होने के बाद चन्नी गुट के तेवर कैसे बदले, जानिए... रील में चल रहे गीत के चार बड़े मायने… *************** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस नेताओं का हाईकमान की चेतावनी को ठेंगा: एक ही प्रोग्राम में चन्नी और वड़िंग गुट अलग-अलग पहुंचे; दिल्ली मीटिंग बेअसर दिल्ली में हाईकमान से बैठक के बाद हाईकमान व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस में ऑल इज वेल के दावे कर रहे हैं, लेकिन ग्राउंड लेवल पर सच्चाई यह है कि पंजाब कांग्रेस में ऑल इज नॉट वेल है। शनिवार को पंजाब के बरनाला में ऐसा हुआ कि कांग्रेस में हाईकमान के दावे फेल हो गए और पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। (पढ़ें पूरी खबर)
कपूरथला पुलिस ने एक माह पहले हुई जतिंदर सहगल उर्फ जिंदर धनिया हत्या मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी निखिल शर्मा को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है, जो विदेश भागने की फिराक में था। इसके अलावा, दो अन्य आरोपियों सौरभ और सुखविंदर सिंह को करतारपुर के पास से पकड़ा गया है। यह जानकारी एसएसपी कपूरथला गौरव तूरा ने दी है। एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि यह घटना 28 जून की शाम कपूरथला के लाहौरी गेट के पास हुई थी। कुछ लोगों ने जतिंदर सहगल उर्फ जिंदर धनिया पर तेजधार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उपचार के दौरान सिविल अस्पताल में जतिंदर की मौत हो गई थी। घटना के बाद सिटी थाना पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस पहले ही एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी थी। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। टेक्निकल टीम की मदद और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से मुख्य आरोपी निखिल शर्मा को दबोच लिया। वहीं, आरोपी सौरभ कुमार और सुखविंदर सिंह को करतारपुर के नजदीक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में नामजद 9 आरोपियों में से अब तक एक नाबालिग सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी व जांच की जा रही है। घर लौटते वक्त जिंदर की स्कूटी रोक किया था तेजधार हथियारों से हमला मृतक की बहन सोनिका ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि घटना से पहले जिंदर अपनी स्कूटी पर सवार हो कर घर लौट रहा था। जब वे लाहौरी गेट स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब के पास पहुंचे, तो वहां पहले से खड़े निखिल शर्मा उर्फ बोवा, सौरभ कुमार, निखिल उर्फ लालू, साहिल और कुछ अज्ञात युवकों ने उनकी एक्टिवा रोक ली। उन्होंने जतिंदर को घेरकर तेजधार हथियारों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सोनिका ने यह भी बताया था कि उनके भाई ने उन्हें बताया था कि हरसिमरनजीत सिंह, चाहत सूद और राजू शर्मा उसे लगातार जान से मारने की धमकियां देते रहते थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर निखल शर्मा, सौरभ कुमार, निखिल, साहिल, हरसिमरनजीत सिंह, चाहत सूद, राजुक शर्मा और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
दिल्ली के ग्रीन लंग्स माने जाने वाले रिज क्षेत्र को फिर से प्राकृतिक स्वरूप देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वैज्ञानिक पारिस्थितिक पुनरुद्धार (इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन) अभियान शुरू किया है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू हुआ, यह अभियान दिल्ली रिज के स्वीकृत वर्किंग प्लान के तहत चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशी वनस्पतियों को बढ़ावा देकर जैव विविधता मजबूत करना, भूजल संरक्षण, कार्बन अवशोषण और वायु प्रदूषण में कमी लाना है। यह अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' और 70 लाख पौधारोपण मिशन का हिस्सा है। इस मिशन के तहत डीडीए को दिल्ली में 23 लाख देशी पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। जुलाई के पहले सप्ताह से अब तक डीडीए 8.29 लाख पौधे लगा चुका है, जिनमें 35,570 पेड़ और 7.93 लाख से अधिक झाड़ियां शामिल हैं। अकेले रिज क्षेत्र में 27,062 पौधे लगाए जा चुके हैं। डीडीए का कहना है कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे पक्षियों, तितलियों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास बहाल होंगे, जबकि 'अर्बन हीट आइलैंड' प्रभाव और धूल प्रदूषण में भी कमी आएगी। 120 हेक्टेयर में हटेंगे विदेशी पेड़, लगेंगे देशी पौधे-नानकपुरा, कमला नेहरू, साउथ सेंट्रल और सेंट्रल रिज में अभियान।-करीब 16,240 विदेशी (आक्रामक) पेड़-झाड़ियां हटाई जाएंगी।-उनकी जगह 1 लाख देशी पेड़ और 81,700 देशी झाड़ियां लगाई जाएंगी।-बरगद, पीपल, नीम, अर्जुन, शीशम, जामुन, ढाक और खेजड़ी प्रमुख प्रजातियां होंगी। वैज्ञानिक मॉडल से होगा पौधारोपणडीडीए ग्रिड-आधारित और मल्टी-टियर मॉडल अपना रहा है। प्रत्येक ग्रिड में पांच देशी पेड़ और चार झाड़ियां निर्धारित दूरी पर लगाई जा रही हैं, जबकि नियमित अंतराल पर पीपल और बरगद जैसे फिकस प्रजाति के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इस मॉडल से प्राकृतिक जंगल जैसी बहु-स्तरीय संरचना तैयार होगी, जिससे पौधों की जीवित रहने की क्षमता बढ़ेगी और दीर्घकाल में रिज क्षेत्र अधिक घना एवं पर्यावरणीय रूप से मजबूत बन सकेगा।
नए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए दिल्ली से मुंबई तक 29 शहरों में कैंपस प्लेसमेंट
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई) ने कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रम की घोषणा की है। इस बार कैंपस प्लेसमेंट का दायरा और भी बड़ा है। देश के 29 शहरों में कैंपस इंटरव्यू आयोजित होंगे, जहां 78 बड़ी कंपनियां करीब 5339 पदों पर भर्ती करेंगी। सबसे अधिक आकर्षण दिल्ली, मुंबई, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों का रहेगा। यह प्लेसमेंट मई 2026 में चार्टर्ड अकाउंटेंसी की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंटों के लिए है।
पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने सितारे जस्सी गिल (Jassie Gill) को गहरा सदमा लगा है। उनकी माता सरदारनी रविंदर कौर का निधन हो गया है। वे पिछले लगभग 6 महीने से कैंसर जैसी गंभीर और नामुराद बीमारी से जूझ रही थीं। उनका लगातार इलाज चल रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका। दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली और इस फानी संसार को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जानकारी के मुताबिक, जस्सी गिल की माता जी की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी और कैंसर डिटेक्ट होने के बाद से ही उनका इलाज किया जा रहा था। परिवार ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन अंत 27 जुलाई 2026 को उन्होंने अपनी सांसारिक यात्रा पूरी कर ली। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही जस्सी गिल के फैंस और पूरी पंजाबी संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कल पैतृक गांव जंडाली में होगा अंतिम संस्कार परिवार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक शोक कार्ड के अनुसार माता सरदारनी रविंदर कौर (सुपुत्नी स. गुरमिंदर सिंह) का अंतिम संस्कार कल यानी 28 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे किया जाएगा। यह संस्कार उनके पैतृक गांव जंडाली (पायल, जिला लुधियाना) में संपन्न होगा। परिवार द्वारा शुभचिंतकों और करीबियों से अंतिम दर्शनों और संस्कार के लिए गांव जंडाली पहुंचने का आग्रह किया गया है। अपने सादे स्वभाव के लिए जाने जाते हैं जस्सी गिल जस्सी गिल पंजाबी इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा और सम्मानित नाम हैं। उनके गाने पंजाब ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब चाव से सुने जाते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग उनके संगीत के दीवाने हैं। इतने बड़े स्टारडम के बावजूद, जस्सी गिल को उनके बेहद सादे, निग्ये और विनम्र स्वभाव के लिए जाना जाता है। गायक बब्बल राय के साथ उनकी गहरी और पुरानी दोस्ती भी इंडस्ट्री में एक मिसाल मानी जाती है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने साहेबगंज से भाजपा विधायक और पूर्व पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह को 2018 के हर्ष फायरिंग और हत्याकांड मामले में राहत दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सजा पर तत्काल रोक लगाते हुए उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। इससे पहले, दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने विधायक राजू सिंह को 4 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी और 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस की है। जहां नए साल की पार्टी चल रही थी। आरोप है कि पार्टी के दौरान जश्न में फायरिंग हुई। जिसमें डॉ. अर्चना गुप्ता नाम की महिला को गोली लगी थी। उनकी मौत हो गई थी। आर्म्स एक्ट के उल्लंघन पर 2 महीने की अतिरिक्त सजा भी मिली थी प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पता चला कि विधायक राजू सिंह की ओर से गोली चलाई गई थी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की एमपी-एमएलए अदालत ने इस मामले में आईपीसी की धारा 304 (भाग-2) यानी गैर-इरादतन हत्या के तहत 4 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। आर्म्स एक्ट के उल्लंघन पर 2 महीने की अतिरिक्त सजा भी दी गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी निचली अदालत के फैसले के बाद विधायक राजू सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने विधायक के वकीलों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए उनकी सजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और जमानत याचिका स्वीकार कर ली। राजू कुमार सिंह मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो फरार मिले राजू सिंह घटना की सूचना पुलिस को 1 जनवरी 2019 को मिली। इसके बाद पुलिस फार्म हाउस पहुंची, लेकिन राजू सिंह और फायरिंग में शामिल उनके करीबी साथी घटनास्थल से फरार हो चुके थे। घटनास्थल को पानी से साफ कर दिया गया था। इस्तेमाल किए गए कारतूस गायब थे। एक पुलिस अधिकारी के बयान पर हत्या के प्रयास और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया। अर्चना के पति विकास समेत चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच के दौरान राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरी सिंह को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तक दोनों को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। राजू सिंह ने नशे में गोलियां चलाईं- अर्चना के पति उधर, अर्चना के पति विकास गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि वे फतेहपुर बेरी के मंडी गांव में राजू सिंह के फार्म हाउस में आयोजित पार्टी में गए थे। वे कभी राजू सिंह के भाई संजय सिंह की एक बंद हो चुकी दवा कंपनी में पार्टनर थे। फिलहाल वे गौतम नगर में रीयल एस्टेट का कारोबार करते थे और राजू सिंह के भाई से उनका संपर्क बना हुआ था। उन्होंने बताया था कि जैसे-जैसे एक जनवरी की ओर घड़ी की सुईयां बढ़ रही थी, राजू सिंह नशे में धुत होकर नाच रहे थे। इसी दौरान उन्होंने राइफल उठाई और हवा में गोलियां चलाना शुरू दी। कुछ गोलियों के चलने के बाद अर्चना अचानक गिर पड़ीं थी। खून साफ करने के लिए डीजे कर्मियों दिए थे 500-500 रुपए का ऑफर घटना को लेकर 28 सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। चार्जशीट तैयार करने वाले एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फायरिंग के बाद राजू सिंह ने घटनास्थल पर मौजूद डीजे कर्मियों और वेटर को फर्श से खून साफ करने के लिए 500-500 रुपए की पेशकश की, लेकिन उन लोगों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन लोगों को जाने के लिए कहा गया। इसके बाद राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, उनके भाई राणा राजेश और दोस्त रमिंदर सिंह ने खून साफ किया। उन्होंने खाली कारतूस भी उठाए और पास की झाड़ियों में फेंक दिए। इस मामले में डीजे और विकास गुप्ता के परिवार के 3 सदस्यों समेत 32 गवाहों से पूछताछ की गई थी। फार्म हाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले अधिकारी के मुताबिक, राजू सिंह ने पूछताछ में डीजे को पैसे देने की पेशकश से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कोई रिश्वत नहीं दी गई। ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फार्म हाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, गवाहों के बयान दर्ज किए और राजू सिंह के बयान दर्ज किए। इससे पुष्टि हुई है कि उस रात 3 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। राजू सिंह ने अपनी .22 पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की थी। जबकि हरि सिंह ने अपनी 315 बोर राइफल से एक गोली चलाई। इनमें एक गोली अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी। जांच में पता चला कि दोनों हथियार लाइसेंसी थे। 24 नवंबर 2023 को तय हुए आरोप दिल्ली की अदालत ने 24 नवंबर 2023 को राजू सिंह के खिलाफ आरोप तय किया था। स्पेशल जज विकास ढुल ने मामले में 3 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए थे, जिनमें राजू सिंह की पत्नी भी शामिल थी। जिन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूतों को गायब करने का कारण बनना) के तहत आरोप लगाया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल ने कहा, आरोपी राजू सिंह की ओर से न्यू ईयर पार्टी में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करना, ये दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि भीड़भाड़ वाली पार्टी में गोली चलाने से किसी की जान जा सकती है। इसलिए, आरोपी राजू सिंह प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 304 (भाग II) और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत आरोप के लिए उत्तरदायी है।
सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 'काला हिरण' फिल्म का टीजर हटाने का आदेश
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से कानूनी मोर्चे पर बहुत बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्रोड्यूसर अमित जानी की अपकमिंग फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी' के विवादित टीजर, पोस्टरों और इससे जुड़े तमाम ऑनलाइन लिंक्स को 24 घंटे के भीतर ...
चित्तौड़गढ़ में रविवार को गौ संरक्षण और गौ सम्मान की मांग को लेकर जिला स्तरीय रैली निकाली गई। इंदिरा गांधी स्टेडियम में जिलेभर के गांवों और ढाणियों से संत, गौभक्त, किसान और सनातन समाज के लोग जुटे। यहां से गौ माता की जय, गौ हत्या बंद करो और गौ माता को राष्ट्रमाता बनाओ के नारे लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई। कुछ किसान बैलगाड़ियां लेकर भी पहुंचे। 27 अप्रैल को तहसील स्तर से शुरू हुआ अभियान रामस्नेही संप्रदाय के दिग्विजय रामजी महाराज ने बताया कि गौ सम्मान अभियान की शुरुआत 27 अप्रैल को तहसील स्तर पर हुई थी। उस समय सरकार तक मांग पहुंचाई गई थी। तीन महीने बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने पर अब जिला स्तर पर गौभक्तों को एकजुट किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे चित्तौड़गढ़ जिले के गांवों और ढाणियों से लोग अभियान में शामिल हुए हैं। उनकी मांग है कि पूरे देश में गौ हत्या बंद हो, गौ माता के संरक्षण के लिए अलग कानून बने और उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए। दिग्विजय रामजी महाराज ने कहा कि यदि सरकार ने मांग नहीं मानी तो अगला चरण जयपुर और उसके बाद दिल्ली में होगा। मांग पूरी नहीं होने पर संत आमरण अनशन पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इसे किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि हर सनातनी की आवाज बताया। स्वामी सुदर्शनाचार्य बोले- समाज को भी जिम्मेदारी निभानी होगी बड़ी सादड़ी गोपाल सत्संग आश्रम के स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज ने कहा कि गौ संरक्षण का मुद्दा अब सिर्फ संत समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सनातन समाज का विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर की रैली के बाद सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश मुख्यालय और फिर दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने गौ हत्या करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की मांग की। साथ ही गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, गौशालाओं को मजबूत करने और गौवंश की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे गौवंश के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, सिर्फ सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। समाज को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। गाय पालने वालों को उन्हें सड़कों पर खुला नहीं छोड़ना चाहिए और चराने ले जाने पर उनकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गौ सेवा की शुरुआत हर घर से होनी चाहिए। विधायक ने बताया जायज मांग, भाजपा नेता ने गिनाए प्रयास विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि संत और सनातन समाज लंबे समय से गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौ हत्या रोकने की मांग उठा रहा है। उन्होंने इसे सामान्य और उचित मांग बताते हुए केंद्र सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने गौशालाओं को बेहतर बनाने और गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की भी मांग की। भाजपा के श्रवण सिंह राव ने बताया कि गौ सम्मान आह्वान अभियान का यह दूसरा चरण है। पहले तहसील स्तर पर लोगों को जोड़ा गया और अब जिला स्तर पर हजारों गौभक्त एक मंच पर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय नहीं लिया तो 27 अक्टूबर को जयपुर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। राव ने कहा कि पिछले कुछ सालों में गौ संरक्षण को लेकर कई सकारात्मक काम हुए हैं। सरकार गौशालाओं को अनुदान दे रही है। CSR के माध्यम से भी कई गौशालाओं को मजबूत किया जा रहा है। सांवलियाजी मंदिर मंडल से भी सहयोग की मांग की गई है। उन्होंने आने वाले समय में गौशालाओं के और मजबूत होने की उम्मीद जताई। बैलगाड़ियों के साथ निकली रैली इंदिरा गांधी स्टेडियम से जिला कलेक्ट्रेट तक निकली रैली में महिलाएं, युवा, किसान, संत और कई बटुक शामिल हुए। कुछ किसान बैलगाड़ियां लेकर पहुंचे, जो रैली का आकर्षण रहीं। पूरे रास्ते गौ संरक्षण और गौ सम्मान के समर्थन में नारे लगाए गए। स्टेडियम में संतों ने गौ संरक्षण को लेकर लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया। इसके बाद रैली निकाली गई। इस दौरान गौ माता की जय, गौ हत्या बंद करो और गौ माता को राष्ट्रमाता बनाओ जैसे नारे लगाए गए। समाज से गौवंश को सड़कों पर नहीं छोड़ने की अपील कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गौ माता की सुरक्षा केवल कानून बनाने से संभव नहीं होगी। समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। लोगों से गौवंश को सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ने और गौशालाओं के संचालन में सहयोग करने की अपील की गई। संतों ने कहा कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौ हत्या रोकने को लेकर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। चित्तौड़गढ़ से शुरू हुई आवाज को अब प्रदेश और देश के स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री रघु शर्मा, हर्षवर्धन सिंह रुद, भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव त्यागी, गौभक्त मुकेश नाहटा, राजन माली, हरीश ईनाणी, सीपी नामधराणी, ओमप्रकाश शर्मा और विनीत तिवारी सहित अन्य संत मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की समीक्षा बैठक 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगी। बैठक की अध्यक्षता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज, विधानसभा के मानसून सत्र में पार्टी की रणनीति और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा संगठन को मजबूत करने, विभिन्न जिलों में पार्टी की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नकटी विस्थापन, कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर लगातार हमलावर है। मानसून सत्र के बाद पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों पर भी मंथन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश संगठन से जुड़े कुछ अहम मुद्दों और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व दिशा-निर्देश दे सकता है। दीपक बैज और चरणदास महंत बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संगठन की गतिविधियों का फीडबैक केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखेंगे।प्रदेश कांग्रेस में बदलाव की चर्चाओं के बीच हो रही बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। ऐसे में संगठन में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 29 जुलाई को दिल्ली में होने वाली समीक्षा बैठक को इन चर्चाओं के बीच अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में संगठन की स्थिति, प्रदेश नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, बैठक के एजेंडे में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
धार्मिक नगरी चित्रकूट में रविवार रात बीच सड़क पर जन्मदिन के नाम पर हुक्का पार्टी, शराबखोरी और हुड़दंग का मामला सामने आया है। दिल्ली नंबर की कार से आए करीब आधा दर्जन युवकों ने नगर परिषद कार्यालय के सामने सड़क पर हुक्का रखकर तेज संगीत पर डांस किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवकों ने मौके पर शराब का सेवन भी किया। इस घटना से वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। विरोध शुरू होते ही सभी युवक अपनी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। देखें तस्वीरें… चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर खुलेआम हुक्का और शराब के साथ जन्मदिन मनाने की इस घटना ने लोगों को आक्रोशित कर दिया। राहगीरों ने युवकों की हरकत का विरोध किया, जिसके बाद कुछ देर तक बहस भी हुई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग कीस्थानीय लोगों का कहना है कि चित्रकूट की पहचान एक धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का कृत्य न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित युवकों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही धर्मनगरी में शराबबंदी और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की भी मांग उठाई गई है।
एअर इंडिया की जयपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट सोमवार सुबह लेट होने पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नाराजगी जताते हुए सरकार पर निशाना साधा। बेनीवाल को सुबह 11 बजे से चल रहे संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले दिल्ली पहुंचकर विपक्ष के साथी सांसदों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करनी थी। लेकिन एअर इंडिया की जयपुर-दिल्ली उड़ान (AI 1834) निर्धारित समय 8:50 बजे उड़ान नहीं भर सकी। विमान ने एक घंटे और 20 मिनट की देरी से करीब 10:10 बजे उड़ान भरी। lसमय पर दिल्ली नहीं पहुंच पाने से नाराज बेनीवाल ने X (ट्विटर) पर लिखा- देश में आए दिन उड़ानों में हो रही देरी और अव्यवस्था से लाखों यात्री परेशान हैं। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू इस गंभीर समस्या पर मौन हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार का एयरलाइंस के संचालन और समयबद्धता पर कोई प्रभावी नियंत्रण ही नहीं बचा है। उन्होंने लिखा- सरकार को यह समझने की आवश्यकता है कि देश की विमानन व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और यात्रियों के समय का सम्मान करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। इससे लगातार मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। एअर इंडिया को टैग करते हुए उन्होंने लिखा- अक्सर उनकी उड़ानों में लेटलतीफी होती है, लेकिन सरकार न तो एअर इंडिया की जवाबदेही तय करती है और न ही सुधार के प्रयास करती है। एअर इंडिया ने जताया खेद बेनीवाल की इस पोस्ट के बाद एअर इंडिया ने जवाब देते हुए इस पर खेद जताया। कंपनी के अधिकारिक अकाउंट से लिखा गया- ‘हम आपकी चिंता को समझते हैं। उड़ान AI 1834 में देरी आने वाले विमान के लेट पहुंचने के कारण हुई है।’ --- यह खबरें भी पढ़िए… टेकऑफ के बाद प्लेन में कार्गो गेट साइन ऑन मिला:एयर इंडिया की फ्लाइट की जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को एअर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। यह फ्लाइट जयपुर से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। टेकऑफ के महज 18 मिनट बाद ही फ्लाइट में टेक्निकल प्रॉब्लम आ गई। इसके बाद पायलट ने जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई। पढ़ें पूरी खबर
कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर देर रात चलती टाटा नेक्सॉन कार में अचानक आग लग गई। आग लगते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए कार की रफ्तार कम की और तुरंत बाहर निकल गया। ड्राइवर के उतरते ही कार पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही मिनटों में कार धू-धू कर जलने लगी। घटना शाहाबाद के रतनगढ़ गांव के पास हुई। कार चला रहे नीतिश चोपड़ा पंजाब के रहने वाले हैं और अभी दिल्ली उत्तम नगर में रहते हैं। वह दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक उन्हें कार से धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत कार की स्पीड कम की और सड़क किनारे रोककर बाहर निकल गए। उतरते ही भड़की आग नीतिश के कार से उतरने के कुछ ही सेकेंड बाद आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन ड्राइवर भी मौके पर रुक गए। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने करीब आधे घंटे की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग की वजह से कार लोहे का ढांचा बन चुकी है। शुरुआती जांच में कार में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। कुछ देर के लिए ट्रैफिक प्रभावित हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। ड्राइवर सुरक्षित है, लेकिन कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। रात के समय हाईवे पर हुई इस घटना के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित रहा। हालांकि पुलिस टीम ने कुछ देर में ट्रैफिक को क्लियर कर दिया।
मौसम ने उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 10 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 14 घंटे अहम रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर में उमस के बीच बारिश और तेज हवाओं की भी संभावना है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चेचट टनल की एक साइड सोमवार सुबह 8 बजे से ट्रायल के तौर पर खोल दी गई है। फिलहाल मध्य प्रदेश और झालावाड़ से कोटा आने वाले वाहनों का संचालन इसी टनल से होगा। एनएचएआई (NHAI) के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप अग्रवाल ने बताया- कोटा से झालावाड़ जाने वाली दूसरी टनल भी अगले 15 दिनों में शुरू कर दी जाएगी। टनल शुरू होने से दरा की नाल में लगने वाले लंबे जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में करीब 50 फीसदी वाहन दरा की नाल से होकर गुजर रहे हैं, जिससे अक्सर यातायात बाधित रहता है। दूसरी ओर, दरा में बन रहे रेलवे अंडरपास के दूसरे हिस्से में गर्डर डालने और नई पटरी बिछाने के काम के चलते सोमवार को कोटा-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक करीब 16 घंटे सड़क यातायात प्रभावित रहेगा। इस दौरान अप और डाउन रेलवे लाइन पर भी 11 ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। डायवर्जन व्यवस्था -झालावाड़ और मध्य प्रदेश जाने वाले वाहन: कोटा से एनएच-52 पर 'ढाड़ का मोका' से भटवाड़ा होकर डायवर्ट किए जाएंगे। -रामगंजमंडी, मोड़क और सुकेत से कोटा आने वाले वाहन: इन्हें मोड़क और चेचट होते हुए एक्सप्रेस-वे की ओर भेजा जाएगा। -दिल्ली जाने वाले भारी वाहन: मध्य प्रदेश और एक्सप्रेस-वे की ओर से आने वाले सभी भारी वाहन चेचट टनल के जरिए दिल्ली की ओर निकल सकेंगे।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पीएम मोदी के कदमों की सराहना की
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और मजबूती के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।
NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद बिहार पुलिस ने 600 स्टूडेंट्स को डिटेन किया। यह कार्रवाई तब की गई है, जब दिल्ली में केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स पर पुलिसिया कार्रवाई नहीं करने का ऐलान किया। पकड़े गए एक छात्र की दादी ने सीएम सम्राट चौधरी के नाम पत्र में गिरफ्तार छात्रों को जेल नहीं भेजने और दिल्ली का समझौता मानने की गुहार लगाई है। पुलिस ने पटना समेत 8 जिलों में 247 लोगों को गिरफ्तार किया है। पटना में 30 महिलाओं और 30 नाबालिगों को छोड़ गया है। भास्कर स्पेशल में पढ़िए, माता-पिता के दर्द जो थाने और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। यह पत्र है पटना की रहने वाली रामसखी देवी का, जिनके पोते को पुलिस ने 25 जुलाई के प्रदर्शन में गिरफ्तार किया है। रामसखी ऐसी एक महिला नहीं हैं। बिहार के पूरे आंदोलन में ऐसे 600 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके परिजन अब पुलिस और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। मेरा बेटा तो परीक्षा देकर लौट रहा था, पुलिस पकड़ ले गई बेगूसराय में पुलिस ने अभिषेक झा नाम के छात्र को गिरफ्तार किया है। वह वीरपुर थाना क्षेत्र स्थित डीहपर गांव का रहने वाला है। बेटे की गिरफ्तारी के बाद से मां विभा देवी सदमे में हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा अभिषेक ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के आरसीएस कॉलेज मंझौल में बीएससी सेकेंड सेमेस्टर में पढ़ता है। उसका परीक्षा केंद्र एसकेएम महिला कॉलेज बेगूसराय था। 23 जुलाई को सेकंड सीटिंग में उसका पेपर था। परीक्षा देने के बाद शाम को वह पैदल ही पावर हाउस बस स्टैंड की ओर जा रहा था। यहां से अपने गांव के लिए बस पकड़ता। पुलिस ने ट्रैफिक चौक के पास उसे पकड़ लिया।' 'मेरा बेटा सीधा-साधा है। सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है। पता नहीं वह कहां है। किस हाल में है। उसे छुड़ाने के लिए थाना-थाना भटक रही हूं।' मेरा बेटा दुकान में काम करता है, पुलिस ने पकड़ लिया पटना के कोतवाली थाना के बाहर बेटे की रिहाई की उम्मीद में खड़ी आशा देवी से बताया, 'मेरा घर भोजपुर जिले के बिहिया में है। 27 साल का मेरा बेटा सतीश कुमार दुकान में लिफ्ट का काम करता है। वह एक लिफ्ट को बनवाने के लिए पटना आया था। शनिवार को पटना से लौटते समय पुलिस ने मेरे बेटे को गिरफ्तार कर लिया। मुझे पता नहीं चल रहा है कि वह कहां है।' घर में सोते हुए बेटे को उठाकर ले गई पुलिस गिरफ्तार छात्र अंकित की मां रिंकू ने कहा, 'मेरा बेटा रात में घर पर सो रहा था। पुलिस आई और उसे नींद में ही उठाकर ले गई। उसका मोबाइल फोन भी ले गई। मैंने पूछा कि कहां ले जा रहे हैं तो कोई जवाब नहीं दिया। मेरा बेटा जेल में बंद है।' 'मेरे बेटे ने कोई अपराध नहीं किया है। वह पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मदद के लिए अंडे की दुकान चलाता है। उसका सपना सरकारी नौकरी करना है। कहता था कि मां नौकरी लगेगी तो परिवार की गरीबी दूर हो जाएगी। अब पता नहीं आगे वह किस तरह पढ़ पाएगा।' रिंकू देवी ने कहा, 'मेरा बेटा दुकान से कुछ सामान खरीदने बाजार गया था। इसी दौरान वहां पर कुछ बच्चों ने प्रोटेस्ट शुरू कर दिया। इसमें अंकित भी शामिल हो गया। वह भी एग्जाम की तैयारी करता है। अगर वह प्रदर्शन में शामिल हो भी गया तो क्या पुलिस उसे इस तरह से उठाकर ले जाएगी। अगर उसने कोई गलती थी तो थाने बुलाकर पूछताछ करती। घर में सो रहे बच्चे को छत के रास्ते से आकर उठाकर ले जाना और फिर मारपीट करना कहां का न्याय है?' गिरफ्तारी की 4 तस्वीरें देखिए अब जानिए कितनी और कहां से गिरफ्तारी हुई नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 24 जुलाई तक कॉकरोच जनता पार्टी ने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। 25 जुलाई (शनिवार) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। बिहार में प्रदर्शन के दौरान कई जगह हालात तनावपूर्ण रहे। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जबकि कुछ स्थानों पर पुलिस पर पथराव और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ विधायकों के साथ मारपीट भी हुई। प्रदर्शन के समर्थन में 25 जुलाई को बिहार बंद भी बुलाया गया। बंद के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित 10 जिलों में कार्रवाई हुई, जिनमें अकेले पटना से करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, अटेम्प्ट टू मर्डर के आरोप में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। पटना में 86 गिरफ्तार, 60 को पुलिस ने छोड़ापुलिस मुख्यालय के अनुसार पटना में 2 केस दर्ज किए गए। 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 30 महिला और 30 नाबालिगों को रिहा किया गया है। छपरा में 4 FIR दर्ज किए गए हैं। 56 को गिरफ्तार किया गया है। सीवान में 3 FIR दर्ज कर 25 को गिरफ्तार किया गया है। भागलपुर में दर्ज FIR में नामजद 49 आरोपियों में से 41 को गिरफ्तार किया गया है। सीतामढ़ी में 4 FIR दर्ज कर 13 को गिरफ्तार किया गया है।छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन होगा राजद नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद बिहार में आंदोलन में शामिल लोगों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने X पर पोस्ट किया, 'सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग की। AK-47 से गोली चलाई गई। जब 7 हत्याओं का आरोपी अपराधी मुख्यमंत्री बन जाए तब लोकतंत्र में प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ऐसे ही गोलियां चलाती हैं। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। तेजस्वी ने कहा, ‘मेरे बड़े भाई तेज प्रताप यादव को जेल में डाला गया। पटना समेत कई जिलों में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया गया और हजारों छात्रों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।’ क्या कहते हैं प्रदर्शनकारी, ‘धर्मेंद्र गए, अब नरेंद्र मोदी को हटाने की बारी’ मुजफ्फरपुर में NSUI जिला अध्यक्ष आदित्य कुमार करण ने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष की एक उपलब्धि है। आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है, अब नरेंद्र मोदी को हटाने की बारी है। छात्रों पर जिस तरह अत्याचार हुआ और बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया, उसके विरोध में अब आंदोलन होगा।' पटना में प्रदर्शन में शामिल हुईं 12वीं की छात्रा भाव्या ने कहा, 'मैं दो साल बाद मतदान के लिए योग्य हो जाऊंगी। आज छात्रों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसे Gen-Z के युवा भविष्य में अपने वोट के जरिए जरूर याद रखेंगे। एजुकेशन सिस्टम के फेल्योर की वजह से हमें जो कुछ सहना पड़ा है, उसे अपने वोट के जरिए जरूर दिखाएंगे।' सुप्रिया ने कहा, 'छात्रों को मौजूदा व्यवस्था से उम्मीद नहीं रह गई है। ऐसी कोई जगह नहीं है जहां करप्शन न हो। प्रदर्शन में जितनी पुलिसकर्मियों की तैनात की गई थी, उतनी पुलिस लड़कियों की सुरक्षा पर नजर रखेंगे तो हर रेपिस्ट जेल में होगा। पुलिस और प्रशासन की नाकामियों की वजह से कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।' एक छात्र ने बताया कि देश के युवाओं की आवाज सुनने के लिए सरकार के पास सात सेकंड का समय नहीं है। एक तरफ युवा अपनी पढ़ाई, परीक्षा और भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री विदेश में जाकर मेलोनी को चॉकलेट देने में व्यस्त थे। प्रधानमंत्री को सात समंदर पार जाकर दूसरे देश के नेता से मिलने का समय मिल सकता है, लेकिन भारत के करोड़ों युवाओं की आवाज सुनने के लिए समय क्यों नहीं मिलता है? औरंगाबाद में प्रदर्शन कर रहे छात्र ने बताया कि यह सिर्फ केंद्र सरकार का मुद्दा नहीं है, बल्कि राज्यों का भी उतना ही बड़ा मुद्दा है। पेपर लीक, भ्रष्टाचार और परीक्षा में पारदर्शिता को लेकर कोई नेता गंभीरता से बात नहीं कर रहा है। नेताओं के लिए चुनाव जरूरी है, लेकिन छात्रों की परीक्षा और भविष्य का मुद्दा पीछे क्यों चला जाता है? कोरोना के समय भी चुनाव हुए, लेकिन जब छात्रों के भविष्य की बात आती है तो उनकी समस्याओं को टाल दिया जाता है।
दिल्ली: एनडीएमसी वीसी कुलजीत सिंह चहल जंतर मंतर विरोध स्थल पर सफाई अभियान में शामिल हुए
नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल जंतर-मंतर पर सफाई और पुनर्स्थापना अभियान में शामिल हुए
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार को शहर भर के 6,450 स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड को सुनने के लिए शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के लिए रविवार को भोपाल रवाना हुए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली रवाना होने के कारण प्रस्तावित मुलाकात नहीं हो सकी। इससे नाराज किसान नेताओं ने आपात बैठक बुलाकर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया। अब किसान सोमवार को नर्मदापुरम के सेठानी घाट से भोपाल के लिए पैदल कूच करेंगे और 30 जुलाई से मुख्यमंत्री निवास के बाहर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे। किसानों का कहना है कि 100 प्रतिशत मूंग खरीदी और ई-टोकन व्यवस्था को सरल बनाने सहित मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बीच रास्ते में मिली सूचना, लौटना पड़ा वापसक्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर राजपूत और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने बताया कि शासन स्तर से मुख्यमंत्री से मुलाकात का आश्वासन मिलने के बाद वे भोपाल के लिए रवाना हुए थे। लेकिन रास्ते में जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली रवाना हो गए हैं। इसके बाद सभी किसान नेता वापस नर्मदापुरम लौट आए। आपात बैठक में आंदोलन तेज करने का फैसलाभोपाल से लौटने के बाद कृषि उपज मंडी के सभाकक्ष में संयुक्त किसान मोर्चा की आपात बैठक हुई। इसमें विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। नेताओं ने कहा कि किसानों को बुलाकर बिना मुलाकात किए कार्यक्रम रद्द होना उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ है। अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सोमवार से पैदल यात्रा शुरूसंयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार सुबह 11 बजे सेठानी घाट पर मां नर्मदा का पूजन किया जाएगा। इसके बाद किसान भोपाल के लिए पैदल यात्रा शुरू करेंगे। इस यात्रा में नर्मदापुरम, हरदा, खंडवा, सीहोर, रायसेन, बड़वानी, खरगोन सहित कई जिलों के किसान शामिल होंगे। रास्ते में अन्य जिलों के किसान भी यात्रा से जुड़ेंगे। 29 जुलाई तक भोपाल पहुंचने की तैयारीकिसानों की योजना 29 जुलाई की शाम तक भोपाल पहुंचने की है। इसके बाद 30 जुलाई से मुख्यमंत्री निवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। किसान अपने साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में राशन और अन्य जरूरी सामान भी लेकर जाएंगे, ताकि आंदोलन लंबे समय तक जारी रखा जा सके। इन मांगों को लेकर आंदोलनकिसानों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना, किसानों की उपज खरीदी से जुड़ी समस्याओं का समाधान और अन्य लंबित कृषि संबंधी मांगों का निराकरण शामिल है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मुलाकात बदलने के दो बार मैसेज आएं, सुबह 4 बजे उठे क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर राजपूत ने बताया ने बताया शनिवार को नर्मदापुरम जिला प्रशासन ने बैठक कर 26 जुलाई को सीएम से मुलाकात कराना तय किया। रात में नर्मदापुरम एडीएम का मैसेज आया कि सुबह 9 बजे सीएम से मुलाकात होगी। उस हिसाब से हम किसान पदाधिकारी सुबह 4 बजे से नींद से जाग गए और तैयार हो गए। 6 बजे मैसेज आया कि मुलाकात का समय बदल गया है। जो मैं बाद में बताएंगे। फिर 10बजे मैसेज आया कि शाम 6 बजे मुलाकात होगी। उस हिसाब से हम सभी लोग अलग अलग गांव, शहर से भोपाल के लिए रवाना हो गए। दोपहर 3 बजे अपर कलेक्टर का कॉल आया और बोला कि सीएम दिल्ली रवाना हो गए है। अगले दो दिन वो भोपाल में नहीं मिलेंगे। यह सूचना मिली, तब हम कोई किसान पदाधिकारी नर्मदा पुल पर थे, कोई बुधनी, कोई रोहना में थे। ऐसे में सभी वापस नर्मदापुरम अनाज मंडी पहुंचे। जहां कल 27 जुलाई के पैदल मार्च की रणनीति बनाई। हमारे किसान भाइयों को भी चलने का आव्हान किया है। सीएम हाउस का घेराव करेंगे। एक ट्रैक्टर ट्रॉली में खाने, रहवास का सामान और एक में मंच रहेगा। सीएम से बुलावे का अधिकृत पत्र या सूचना नहीं नर्मदापुरम प्रशासन ने किसान संगठनों को 26 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कराने का प्रस्ताव दिया। तय हुआ कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 13 किसान संगठनों से एक-एक प्रतिनिधि मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखेगा। जो आज होना थी। लेकिन सीएम से बुलावे का अधिकृत कोई पत्र या सूचना नहीं भोपाल से नहीं आई। एडीएम राजेश शुक्ला ने कहा सीएम से रविवार शाम 6 बजे मिलने जाने का कार्यक्रम तय हुआ था। लेकिन सीएम दोपहर में दिल्ली रवाना हो गए। बैठक में ये नेता रहे मौजूदबैठक में क्रांतिकारी किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर राजपूत, जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह सोलंकी, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे, जिला अध्यक्ष राजेश जाट, संभागीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार गौर, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश मंत्री रमाकांत मीणा सहित संयुक्त किसान मोर्चा के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISF) के कार्यकारिणी चुनाव में भारत के स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने सफलता हासिल की। जिसके बाद अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान SGFI के कार्यकारिणी सदस्य व यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह भी मौजूद रहे। दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री को बेलग्रेड में हुई निर्वाचन प्रक्रिया और वहां मिली सफलता के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और इसे देश व प्रदेश के खेल जगत के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश को वर्ष 2036 तक देश के शीर्ष तीन खेल-राष्ट्रों में शामिल करने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य पेश करते हुए यह रोडमैप 'विजन 2036' बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि 2036 में भारत में प्रस्तावित ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए स्कूली स्तर से ही वैश्विक अनुभवों व नीतियों का क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने सभी राज्य खेल संस्थाओं से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महासंघों की कार्यकारिणी में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया और पारंपरिक खेलों कबड्डी व योग को ओलंपिक में शामिल कराने हेतु विशेष रणनीति पर जोर दिया। इस दौरान दीपक कुमार ने SGFI में हुए डिजिटल सुधारों व उपलब्धियों की जानकारी दी। जनवरी 2023 से अध्यक्षत्व संभालने के बाद SGFI ने स्कूली खिलाड़ियों का पंजीकरण, प्रतियोगिता प्रबंधन और परिणामों का पूर्ण डिजिटलीकरण किया। पारदर्शिता बढ़ाई और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई। 5 लाख से अधिक खेल प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर अपलोड किए गए हैं। उन्होंने बताया कि SGFI की पहुंच अब प्रतिवर्ष 2.62 लाख से अधिक विद्यालयों व 4.14 करोड़ छात्रों तक है। सत्र 2025-26 में 44 खेलों में 250 से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 61,000 से अधिक छात्र-एथलीट भागीदार रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत ने उपलब्धि दर्ज की। ISF U15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल 2025 में भारतीय बालक टीम ने कांस्य जीता। 2027 में दिल्ली में ISF वर्ल्ड स्कूल कुश्ती व बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी भारतीय पक्ष को मिली है। जिसमें दुनिया के 35 से अधिक देशों के 1,100 से अधिक एथलीट भाग लेंगे। उन्होंने स्कूली स्तर से 'ओलंपिक रेडी' खिलाड़ी तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि यह पहल प्रदेश व देश में खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लेकर जाएगी।
राजसमंद की ग्राम पंचायत मण्डावर की सरपंच (प्रशासक) प्यारी कुमारी ने नई दिल्ली में आयोजित ‘द गुड पॉलिटिशियन’ राष्ट्रीय सेमिनार में मेवाड़ का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व किया। राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत मेवाड़ की वीर भूमि का उल्लेख करते हुए की और कहा कि वे महाराणा प्रताप, राणा कुम्भा, महाराणा राजसिंह, पन्ना धाय, हल्दीघाटी और दिवेर की पावन धरती से आती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नेतृत्व, पारदर्शी शासन और जनसेवा ही भारत के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि यदि गांव सशक्त होंगे तो देश भी अधिक मजबूत और समृद्ध बनेगा। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी, सुशासन और विकास को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित अलग अलग राज्यों के जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने उनके विचारों की सराहना की। साथ ही पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रीय मंच पर मेवाड़ की संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर क्षेत्रवासियों ने इसे गर्व का क्षण बताया।
मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान लागू होने वाले रूट डायवर्जन का असर अब रोडवेज यात्रियों पर पड़ेगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने मुरादाबाद से संचालित कई प्रमुख मार्गों की बसों के किराए में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। संशोधित किराया 30 जुलाई से लागू होगा। क्षेत्रीय प्रबंधक अम्बरीन अख्तर ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई मार्गों पर यातायात का डायवर्जन रहेगा। ऐसे में बसों को लंबी दूरी वाले वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ेगा। अतिरिक्त दूरी तय होने से डीजल की खपत और संचालन खर्च बढ़ेगा, जिसके कारण किराए में संशोधन किया गया है। इन मार्गों पर बढ़ा किराया नई दरों के अनुसार मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को 35 रुपये अधिक किराया देना होगा। बिजनौर के लिए 59 रुपये, देहरादून के लिए 67 रुपये और हरिद्वार के लिए 66 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कौशांबी जाने वाली साधारण बस का किराया 41 रुपये और वातानुकूलित बस का किराया 72 रुपये बढ़ाया गया है। नई किराया सूची सभी डिपो और बस अड्डों पर उपलब्ध करा दी गई है। गोवर्धन मेले के लिए विशेष व्यवस्था राजकीय मुड़िया पूर्णिमा गोवर्धन मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन निगम ने 100 अतिरिक्त रोडवेज बसें आगरा भेजने का निर्णय लिया है। ये बसें 29 जुलाई तक श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए संचालित रहेंगी। अलग-अलग डिपो से भेजी जाएंगी बसें अतिरिक्त बसों में मुरादाबाद और पीतलनगरी डिपो से 21-21 बसें, नजीबाबाद और अमरोहा डिपो से 13-13 बसें, रामपुर डिपो से 15 बसें तथा बिजनौर डिपो से 17 बसें शामिल हैं। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, सभी बसों की तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है। साथ ही पर्याप्त संख्या में चालक और परिचालकों की तैनाती भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिल सके।
फिरोजाबाद के साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने का असर दिल्ली रूट पर लगातार पांचवें दिन भी देखने को मिला। रेलवे प्रशासन ने शनिवार को दिल्ली और नई दिल्ली जाने वाली कई पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया। इससे दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रयागराज मंडल की जनसंपर्क अधिकारी रागिनी सिंह ने बताया कि परिचालन प्रभावित होने के कारण दिल्ली-दनकौर, शकूरबस्ती-दनकौर, दिल्ली-खुर्जा, दिल्ली-हाथरस किला, टूंडला-दिल्ली और आगरा सिटी-टूंडला-गाजियाबाद पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शनिवार को रद्द किया गया। लगातार ट्रेनों के निरस्त होने से टूंडला, फिरोजाबाद और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कई यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों और बसों से सफर करना पड़ा, जिससे उनका यात्रा खर्च भी बढ़ गया। यात्रियों ने दादरी तक ट्रेन चलाने की उठाई मांग दैनिक रेल यात्रियों का कहना है कि यदि फिलहाल ट्रेनों का संचालन दिल्ली तक संभव नहीं है, तो कम से कम दादरी तक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए। उनका कहना है कि इससे हजारों यात्रियों को वैकल्पिक सुविधा मिल सकेगी और परेशानी कुछ हद तक कम होगी। रेलवे ने यात्रा से पहले स्थिति जांचने की दी सलाह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पूरी तरह सामान्य होने तक सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
तेंदूपत्ता संघ:6 साल दिल्ली के चक्कर काटे, अब होगी घाटे की भरपाई
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ की माली हालत चिरौंजी, हर्रा, कोदो-कुटकी जैसे वनोपज की अंधाधुंध खरीदी ने बिगाड़ दी है। बाजार के बेहतर विकल्प न होने के बावजूद संघ के माध्यम से अफसरों ने 2014 से करोड़ों के वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी शुरू कर दी। करीब 300 करोड़ से ज्यादा का गोदामों में सड़ गया। इससे संघ के पास कभी तेंदूपत्ता के मुनाफे से करीब 1600 करोड़ रुपए की बैंक एफडी हुआ करती थी, वह खत्म हो गई। हालत यह हो गई कि जमा पूंजी खत्म होने के बाद कारोबार चलाने के लिए 400 करोड़ रुपए का बैंक कर्ज लेना पड़ गया। करीब 6 साल से अफसर दिल्ली स्थित ट्राइफेड मुख्यालय के चक्कर काटते रहे। अब शनिवार को तीन सौ करोड़ के घाटे की भरपाई की मंजूरी मिली है। ट्राइफेड (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ)से तेंदूपत्ता संघ ने वनोपज खरीदी के लिए करार किया था। इसके तहत तेंदूपत्ता के अलावा महुआ, इमली, चिरौंजी, हर्रा-बहेरा, साल बीज, लाख, शहद और कोदो-कुटकी जैसी लघु वनोपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी शुरू की गई। घाटे का पूरा संकट 2014 के बाद से शुरू हुआ। 2019-20 से स्थिति ज्यादा बिगड़ी। करार के तहत इन खरीदे गए उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की मुख्य जिम्मेदारी ट्राइफेड की थी। लेकिन अफसरों ने ये ध्यान नहीं दिया कि ट्राइफेड छत्तीसगढ़ के हिसाब से बेहतर बाजार दे पा रहा है या नहीं, अंधाधुंध खरीदी जारी रखी। 2019 से सिर्फ कागजी पत्राचार करते रहे अफसरहैरानी की बात यह है कि करार में स्पष्ट लिखा था कि घाटे की भरपाई में ट्राइफेड अपनी हिस्सेदारी देगा। लेकिन नुकसान होने के बाद वर्ष 2019-20 से लगातार अफसर सिर्फ पत्राचार और कागजी लिखापढ़ी ही करते रहे। ट्राइफेड से राशि जारी नहीं हुई और पूरा वित्तीय बोझ राज्य वनोपज संघ की एफडी तोड़कर उठाया जाता रहा। जब 1600 करोड़ की जमा पूंजी खत्म हो गई, तब तेंदूपत्ता खरीदी और संग्राहकों को भुगतान करने के लिए 400 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बैंक लोन लेना पड़ा। दिल्ली दौड़े अफसर, तब जाकर खुली राहत की राहकर्ज और चरमराई आर्थिक स्थिति के बीच वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ)अरुण पांडे और तेंदूपत्ता संघ के एमडी संजीता गुप्ता ने ट्राइफेड मुख्यालय जाकर डेरा डाला। अधिकारियों ने ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) और वरिष्ठ अफसरों के सामने करार का ब्योरा रखा। अफसरों को यह स्वीकारना पड़ा कि बाजार उपलब्ध नहीं होने से राज्य वनोपज संघ को खासा नुकसान हो चुका है। इस बैठक के बाद अब जाकर ट्राइफेड ने घाटे में अपनी हिस्सेदारी देने पर सहमति जताई है। तेंदूपत्ता संघ ही नहीं वनवासियों को भी मिलेगा फायदापीसीसीएफ ट्राइफेड से मंजूरी मिलने के बाद संघ का घाटा कम होगा। इसका फायदा सीधे तौर पर तेंदूपत्ता और वनोपज संग्राहकों को मिलेगा। तेंदूपत्ता संघ की आय का बड़ा हिस्सा ब्याज अदा करने में नहीं जाएगा। संग्राहकों के हितों के लिए बेहतर उपाय किए जाएंगे। - अरुण पांडे, प्रधान मुख्य मुख्य वन संरक्षक
दिल्ली में 31 जुलाई को होगा खटीक समाज का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जयपुर में पोस्टर विमोचन
जयपुर | ग्लोबल खटीक ऑफिसर्स एवं प्रोफेशनल्स ग्रुप का चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय समुदाय मिलन एवं निशुल्क कॅरियर मार्गदर्शन सम्मेलन 31 जुलाई को स्कोप कन्वेंशन सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में होगा। इसके प्रचार के लिए शनिवार को मानसरोवर स्थित गुलाबगढ़ रिजॉर्ट में पोस्टर विमोचन किया गया। कार्यक्रम में आईएएस अजय असवाल, पूर्व वरिष्ठ आईएएस उर्मिला राजोरिया सहित समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बड़वानी जिला मुख्यालय के कारंजा चौराहे पर शनिवार रात 8:30 बजे छात्रों और विभिन्न संगठनों के समर्थन में एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में आयोजित किया गया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद छात्रों और सामाजिक संगठनों ने इसे आंदोलन की जीत बताया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। इस्तीफे की घोषणा के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ-साथ बड़वानी में भी छात्रों ने जश्न मनाया। कारंजा चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर आंदोलन के दौरान घायल हुए साथियों को याद किया। ये छात्रों के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत इस कैंडल मार्च में कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि छात्रों का यह संघर्ष लोकतंत्र की जीत है। विधायक मंडलोई ने जोर दिया कि शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को छात्रों की आवाज सुननी पड़ी। उन्होंने आंदोलनकारियों के हौसले की सराहना की। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ी शुरुआत कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से मोमबत्तियां जलाईं और एक सभा की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। छात्रों ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी इस इस्तीफे का जश्न मनाया गया। बड़वानी के छात्रों ने साफ किया कि शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठन और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवास में शनिवार को दिल्ली छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया गया। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उज्जैन तिराहे स्थित धरना स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। लगभग दो किलोमीटर लंबे इस मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'छात्रों पर हर लाठी का जवाब मिलेगा' जैसे नारे लगाए। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रूपेश बामनिया ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के साथ हुई घटना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े बैनर और पोस्टर थे। कई पोस्टरों पर छात्रों के समर्थन में संदेश लिखे थे, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बनाकर विरोध दर्ज कराया गया।
शेखपुरा में 'मान्यता' संस्था ने चिकित्सकों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया। दिल्ली से आईं डॉ. कृति जायसवाल ने इस दौरान कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए जीएनएम, एएनएम और कंपाउंडर का प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। यह कार्यशाला शहर के स्टेशन रोड स्थित आईआईएमएस हॉल में आयोजित की गई। कार्यशाला में पूर्व सीएस डॉ. एमपी सिंह, डॉ. केएमपी सिंह, डॉ. के पुरुषोत्तम, डॉ. रामाश्रय प्रसाद सिंह, डॉ. अर्जुन प्रसाद, डॉ. मंजु भदानी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. मुनेश्वर प्रसाद और डॉ. संजय कुमार सहित कई सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने भाग लिया। 'मान्यता' टीम की सदस्य डॉ. अलका पांडेय ने बताया कि उनकी संस्था सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी के परिणामस्वरूप प्रसव में मृत्यु दर घटकर मात्र 18 प्रतिशत रह गई है। बांझपन के संबंध में पूछे जाने पर डॉ. अलका पांडेय ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि फास्ट फूड, गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के कारण पुरुषों और महिलाओं दोनों में शुक्राणुओं की संख्या में लगातार कमी आ रही है। सिजेरियन प्रसव को लेकर दोनों डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ही सिजेरियन किया जाता है और इसके कारण ही मृत्यु दर में कमी आई है। 'मान्यता' संस्था प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के आह्वान पर जिला फरीदकोट इकाई की ओर से विशाल रोष मार्च निकाला गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ थालियां बजाकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व 'आप' के जिला प्रधान एवं जिला योजना समिति के अध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा ने किया। कार्यक्रम में फरीदकोट के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों, जैतो के विधायक अमोलक सिंह, और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट फरीदकोट के चेयरमैन गगनदीप सिंह धालीवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। केंद्र सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा घंटाघर चौक में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली की जमकर आलोचना की। नेताओं ने कहा कि नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ जब देश के छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय केंद्र सरकार उन पर अत्याचार कर रही है। इससे देशभर के युवाओं और छात्रों में भारी रोष है। आम आदमी पार्टी नेताओं का कहना है कि भले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन केंद्र सरकार को छात्रों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान को तो पेपर लीक का मामला सामने आते ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उसी दिन इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन सरकार अपनी नाकामी स्वीकार करने से बचती रही। पेपर लीक से टूटते हैं युवाओं के सपने प्रदर्शन के दौरान फरीदकोट के विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद कम उम्र से ही उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाने में मेहनत करते हैं। लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो छात्रों और उनके परिवारों के सपने पल भर में टूट जाते हैं। ऐसे माहौल में युवाओं को अपना भविष्य असुरक्षित और अंधकारमय दिखाई देने लगता है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं।
सिरोही नगर में शनिवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस पर छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। संयम लोढ़ा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि नीट पेपर लीक और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारत की छवि प्रभावित हुई है। तख्तियों और नारों के साथ जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुए। तख्तियों पर 'पेपर लीक बंद करो', 'मेहनत का सम्मान करो', 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो', 'पेपर माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करो', 'ईमानदार छात्रों को न्याय दो' और 'भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू करो' जैसे संदेश लिखे थे। कार्यकर्ताओं ने सरजावाव दरवाजे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। कई कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव हेमलता शर्मा, जिलाध्यक्ष रेणु व्यास, नगर अध्यक्ष पुनीत कुमार जैन, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल सीरवी, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मीणा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हनुवंत सिंह वेरा, कुशल देवड़ा, शिवगंज ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण रावल, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष चंपालाल त्रिगर, हरीश राठौड़, पूर्व संगठन महामंत्री जोगाराम मेघवाल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष तेजाराम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पलवल में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। शनिवार को दोनों संगठनों के युवाओं ने देवीलाल पार्क से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में दिया गया। भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष नकुल और आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष गौतम ने बताया कि ज्ञापन में छात्र आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई। संगठनों ने संसद सत्र के दौरान पेपर लीक के मुद्दों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और शिक्षा माफिया व पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध व कठोर कदम उठाए जाएं। संगठन ने छात्र आंदोलनों के दौरान सुरक्षाबलों की सख्ती पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ हुई अमर्यादित घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, आंदोलन स्थल पर सादी वर्दी में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक करने और उन्हें लाठियां व अन्य उपकरण किसने उपलब्ध कराए थे, यह स्पष्ट करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में सुधार के सुझाव भी दिए गए। इनमें नीट यूजी, जेईई मेन सहित सभी सरकारी और प्रवेश परीक्षाओं की प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना, सभी प्रतियोगी व सरकारी भर्ती परीक्षाओं का आवेदन शुल्क समाप्त करना और महिला अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके गृह जनपद में ही आवंटित करना शामिल है। इस अवसर पर लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एस आर्य, लीगल सेल के अध्यक्ष ध्रूव चौधरी, राज कुमार नेताजी, गौतम, राजगुरू, नेम सिंह, अभिषेक व खेमचंद आदि ने भी संबोधित किया।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह शनिवार को बहादुरगढ़ पहुंचे। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं का मंच नहीं, बल्कि देश को तोड़ने और अराजकता फैलाने वाले लोगों का मंच लगा हुआ है। इस आंदोलन के जरिए देश के विकास के खिलाफ काम करने वाली मानसिकता रखने वाले लोग बेनकाब हो गए हैं। मंत्री रविन्द्र इन्द्राज बहादुरगढ़ में डूसू अध्यक्ष आर्यन मान के घर पहुंचे थे। इस दौरान लोवा-17 के प्रधान अशोक मान ने उनका स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। आंदोलन आकलन पर बोले- कोई चूक नहीं हुई जंतर-मंतर आंदोलन का सही आकलन नहीं कर पाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि यह किसी प्रकार की चूक नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के जरिए देश विरोधी और विकास विरोधी मानसिकता रखने वाले लोग सामने आ गए हैं। लाठीचार्ज पर को बताया सही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मंत्री ने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने और अराजकता रोकने के लिए कई बार सख्ती जरूरी होती है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। NEET परीक्षा में चूक मानी, कार्रवाई का दिया हवाला NEET परीक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि परीक्षा में चूक जरूर हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। दोषियों को गिरफ्तार किया गया और दोबारा सफलतापूर्वक परीक्षा करवाई गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन किया है।
दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में अलवर में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए कंपनी बाग से मिनी सचिवालय तक रैली निकाली। मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर पहुँचकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और महिलाओं के साथ पुलिस व प्रशासन ने बर्बरता की है। जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष रामनिवास बरवाड़ा ने कहा जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छोटे-छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं पर दिल्ली पुलिस और प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया। यह पूरी तरह से गलत और निंदनीय है। इसी तानाशाही के विरोध में आज हमने एडीएम के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। जन आंदोलन का किया था ऐलान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भ्रष्ट व्यवस्था और NEET धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो भीम आर्मी एक बड़ा जनांदोलन करेगी और आगामी समय में भाजपा सरकार का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस्तीफे की खबर के बाद युवाओं का गुस्सा हुआ शांत हालांकि, हाल ही में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे जाने की खबर के बाद पिछले एक-दो दिनों से अलवर में उग्र प्रदर्शन की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा कुछ हद तक शांत हुआ है। इसके बावजूद, छात्र और युवा संगठन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद 20 साल के एक युवक की कार एक खुले नाले में जा गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई।
बाराबंकी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को बाराबंकी में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। अंबेडकर छात्रावास से पटेल चौराहे तक मार्च निकालकर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं तथा छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना था कि सरकार भर्ती घोटालों, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के आह्वान पर देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। 'मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज' प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को बड़े शहरों से लेकर गांव-गांव तक और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बाद में प्रदर्शनकारी अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
उदयपुर के जगत निवास होटल की खिड़की से दो साल की बच्ची पिछोला झील में गिर गई। झील में डूबने से बच्ची की मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची के शव को बाहर निकाला गया। घंटाघर पुलिस थाने के एएसआई ईशाक मोहम्मद ने बताया- नई दिल्ली के फतहपुर बेरी असोला निवासी सोनू सिंह तंवर (34) अपनी पत्नी डॉ. मोनिका (29) और 2 साल की बेटी धीमही के साथ उदयपुर घुमने आए थे। वे जगत निवास होटल में ठहरे हुए थे। शनिवार सुबह दूसरी मंजिल पर ब्रेकफास्ट करने आए। वे नाश्ता लेने आगे बढ़े तभी पीछे से बच्ची होटल की गोखड़े (खिड़की) से झील में गिर गई। लोग बच्ची को झील से निकालकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। होटल जगत निवास झील के बगल में ही बना हुआ है। शव को एमबी हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। खबर अपडेट की जा रही है….
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे नीट और पेपर लीक विरोधी आंदोलन की गूंज अब राजस्थान की राजधानी जयपुर तक पहुंच गई है। नीट समेत प्रदेश की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में छात्रों और युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आज जयपुर में कई जगहों पर प्रदर्शन, भूख हड़ताल और कैंडल मार्च के जरिए सरकार के खिलाफ विरोध तेज होगा। वहीं बढ़ते आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन और पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान यूनिवर्सिटी (आरयू) के मुख्य गेट पर छात्र नेता शुभम रेवाड़ के नेतृत्व में तीसरे दिन भी भूख हड़ताल जारी है। उनके साथ बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं, शहर के जवाहर सर्किल पर शुक्रवार दोपहर सैकड़ों छात्र और युवा विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के साथ विभिन्न छात्र संगठनों के शामिल होने की संभावना है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएगी कांग्रेस कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सड़क पर उतरेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में आज शाम साढ़े 6 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा। कैंडल मार्च स्टेच्यू सर्किल से अंबेडकर सर्किल तक निकलेगा। कांग्रेस इस दौरान केंद्र सरकार को परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएगी। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की राजधानी में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से तत्काल निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। संभावित प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस लगाई पुलिस प्रशासन ने भी राजधानी के संवेदनशील इलाकों, राजस्थान यूनिवर्सिटी, जवाहर सर्किल और अन्य संभावित प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। दिल्ली से शुरू हुआ यह छात्र आंदोलन अब राजस्थान में भी राजनीतिक और सामाजिक रूप लेता नजर आ रहा है। एक ओर छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए रीवा से बड़ी संख्या में छात्र और युवा ट्रेन से दिल्ली रवाना हुए। यात्रा के दौरान ट्रेन के भीतर छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारों से कई कोच गूंज उठे। छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर भी थे, जिनके माध्यम से उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाराजगी जताई। ट्रेन के अंदर की नारेबाजी के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल होने निकले छात्र प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने बताया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं। उनका कहना है कि वे छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेने की जरूरत है। लाठीचार्ज के विरोध में जताया आक्रोश छात्रों का कहना है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वे राजधानी पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के कई युवा आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। ट्रेन में लगातार लगते रहे नारे यात्रा के दौरान छात्र पूरे उत्साह के साथ नारे लगाते रहे। कई कोचों में छात्रों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारों से ट्रेन का माहौल गूंजता रहा। इस दौरान कई छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए। यात्रियों का भी गया ध्यान ट्रेन के भीतर चल रही नारेबाजी और प्रदर्शन के कारण अन्य यात्रियों का भी ध्यान इस ओर गया। छात्रों ने यात्रा के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग उठाई और अपनी बात को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की बात कही। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ट्रेन के अंदर नारेबाजी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र एक साथ नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की बात छात्रों का कहना है कि वे दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय की आवश्यकता है और इसी मांग को लेकर वे आंदोलन का हिस्सा बनने राजधानी जा रहे हैं।
वाराणसी की डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटिलिजेंस (DRI) ने लखनऊ कार्यालय की सटीक सूचना पर डीडीयू जंक्शन से एक महिला को 7.11 करोड़ के सोने के साथ गिरफ्तार किया है। गुरुवार की शाम पकड़ी गई महिला को शुक्रवार की देर शाम पूछताछ की। इसके बाद DRI ने उसे वाराणसी कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सप्तम कृष्ण कुमार की अदालत में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। DRI के अधिकारियों ने महिला के पास मिले सोने की जांच कराई तो उसकी शुद्धता विशेषज्ञों ने 99.5 प्रतिशत बताई। यह सोना बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल लाया गया। उसके बाद कुछ बिहार से महिला ने ट्रेन पकड़ी। एसी-2 से यह सोना दिल्ली ले जाया जा रहा था। पकड़ी गई महिला मधु शर्मा, हुगली पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। उसके पास सोने की 42 बार और 20 कट पीस मिले हैं। लखनऊ से मिला था इनपुट DRI के अधिकारियों ने बताया- लखनऊ के कार्यालय से इनपुट मिला था कि बांग्लादेश के रास्ते तस्करी करके लाया गया सोना डीडीयू जंक्शन (मुगलसराय) के रास्ते दिल्ली ले जाया जा रहा है। इसपर गुरुवार की शाम सटीक सूचना पर ब्रह्मपुत्र मेल पर DRI की टीम संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंची थी। प्लेटफार्म नंबर 7 पर शाम 5 बकर 30 मिनट पर यह ट्रेन आकर रुकी। जिसके बाद एसी-2 कोच के सामने संदिग्ध महिला को रोक लिया। तलाशी में निकली 42 गोल्ड बार DRI अधिकारियों के अनुसार - महिला ने पूछताछ में अपना नाम मधु शर्मा (44) निवासी हुगली, पश्चिम बंगाल बताया। उसने बताया की सोना बांग्लादेश से आया है। जिसे दिल्ली ले जाया जा रहा था। महिला कर्मियों ने तलाशी ली तो उसके पास से 42 गोल्ड बार और 20 कट पीस मिले। जो उसने कमरबंद में काले कपड़े और अखबार में छुपाकर रखे हुए थे। पूछताछ के बाद कोर्ट में किया गया पेश DRI ने उससे पूछताछ के बाद वाराणसी ले आई। यहां आवश्यक कार्रवाई के बाद शुक्रवार की दोपहर महिला को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सप्तम कृष्ण कुमार की अदालत में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गोल्ड टेस्टिंग में 99.5 प्रतिशत असली बताया गया है।
साहिबाबाद में मालगाड़ी डिरेल होने का असर:दिल्ली रूट की कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द, दैनिक यात्री परेशान
फिरोजाबाद। साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के छह डिब्बे बेपटरी होने के बाद रेल यातायात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। बहाली कार्य जारी होने के कारण रेल प्रशासन ने दिल्ली, नई दिल्ली और शकूरबस्ती रूट की कई पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के डिरेल होने के बाद ट्रैक बहाली का काम लगातार जारी है। रेल यातायात पर दबाव कम करने और संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए कई पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है। ये पैसेंजर ट्रेनें रहीं रद्द रेल प्रशासन के अनुसार अलीगढ़-दिल्ली, अलीगढ़-नई दिल्ली, खुर्जा-शकूरबस्ती, टूंडला-दिल्ली, दनकौर-शकूरबस्ती, हाथरस-हाथरस किला और हाथरस किला-दिल्ली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रद्द किया गया है। ट्रेनों के लगातार रद्द होने से दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें बंद होने से उन्हें सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ यात्रा खर्च भी बढ़ गया है। खुर्जा तक ट्रेन चलाने की मांग रेल यात्री महेश चंद्र ने बताया कि टूंडला-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन को कम से कम खुर्जा तक संचालित किया जाना चाहिए। इससे बरहन, जलेसर रोड, हाथरस, अलीगढ़ और खुर्जा तक आने-जाने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी। यात्रियों ने रेल प्रशासन से जल्द से जल्द ट्रेनों का संचालन सामान्य करने और खुर्जा तक सेवा शुरू करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के रोजगार अधिकारों को लेकर दिल्ली सरकार से पूछा कि जब सरकारी भर्ती विज्ञापनों में रिक्तियां केवल पुरुष और महिला श्रेणी में बांटी जाती हैं, तो ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति कैसे होगी। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि सिर्फ आवेदन पोर्टल में थर्ड जेंडर का विकल्प जोड़ना इस समस्या का समाधान नहीं है। अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आवेदन पोर्टल में तीसरे लिंग का विकल्प जोड़ दिया गया है और याचिकाकर्ता आवेदन कर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों को आरक्षण देने का फैसला न्यायिक आदेश से नहीं, बल्कि विधायिका के स्तर पर किया जा सकता है। कोर्ट बोला- वे भी इंसान हैं, सहानुभूति से देखें याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि शिक्षकों की भर्ती समेत कई सरकारी विज्ञापनों में अब भी पद ‘पीजीटी बायोलॉजी (महिला)’ और ‘पीजीटी केमिस्ट्री (पुरुष)’ जैसी श्रेणियों में बांटे जाते हैं। इस पर पीठ ने कहा, “वे भी इंसान हैं, उन्हें सहानुभूति से देखें।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आवेदन करने के बाद भी ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को यह कहकर बाहर किया जा सकता है कि वे तय श्रेणी में फिट नहीं बैठते। इसी मुद्दे पर अदालत ने दिल्ली सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। इनपुट में अगली सुनवाई की तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अब सोशल-मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे कोर्ट की कार्यवाही:सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- न्यायालय 24x7 एंटरटेनमेंट चैनल नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोर्ट की सुनवाई की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग बिना पहले से अनुमति लिए सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट नहीं की जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि इस फैसले से मीडिया की खबरों पर कोई रोक नहीं लगेगी। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली में 18 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद, जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के बीच डीएमआरसी का बड़ा फैसला
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने ऑपरेशनल कारणों का हवाला देते हुए शनिवार (25 जुलाई) सुबह 7.30 बजे से अगले आदेश तक 18 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की
रोहतक में दिल्ली जंतर पर 20 जुलाई को स्टूडेंट के ऊपर हुए लाठीचार्ज के विरोध में और नीट पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ अंबेडकर चौक पर 12 घंटे रात जागो देश बचाओ अभियान में हिस्सा लिया। पूरी रात स्टूडेंट व अभिभावक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। रात जागो देश बचाओ अभियान में शामिल हुई वनिता ढाका ने कहा कि शिक्षा के लिए व बच्चों के साथ जो कांड हो रहा है, उसको लेकर धरने पर आए है। नीट का पेपर लीक किया गया। 2014 से लेकर अब तक लगातार पेपर लीक हो रहे है। आज जनता जागरूक हो चुकी है। आज हम बच्चों के हक के लिए लड़ेंगे। वोट देते है, तो अब मांग पर शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा। पुलिस कार्रवाई से जनता नाराज वनिता ढाका ने कहा कि पुलिस ने 20 जुलाई को अच्छा नहीं किया, पुलिस वालों के लिए नाराज है। अब बच्चों के साथ दिल्ली भी जाएंगे। अनपढ़ सरकार ने युवाओं पर अत्याचार किया, क्योंकि शिक्षित व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा। हमें सड़कों पर निकलना पड़ता है, क्योंकि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। महिला सड़क पर उतरेगी तो लिखा जाएगा इतिहास वनिता ढाका ने कहा कि भाजपा सरकार एक दिन जरूर मानेगी, एक मां की आवाज है। जब एक स्त्री रोड पर उतरती है, अवतार ले लेती है तो क्या हो सकता है, इसका इतिहास गवाह है। आज फिर महिला सड़क पर उतर चुकी है, तो अब फिर इतिहास लिखा जाएगा। भाजपा सरकार की शह पर चली लाठियां एसएफआई के जिलाध्यक्ष अमित पिलाना ने कहा कि देशभर में पेपर लीक व भ्रष्टाचार का मामला उठा हुआ है। जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन व संसद मार्च किया तो भाजपा सरकार की शह पर लाठी चार्ज किया गया। छात्राओं के साथ भी बर्बरतापूर्ण व्यवहार करते हुए प्राइवेट पार्ट पर भी मारा गया। दिल्ली पुलिस ने चक्रव्यू में फंसाकर किया हमला अमित पिलाना ने कहा कि जैसे अभिमन्यु को चक्रव्यू में फंसाया गया, उसी प्रकार देश के युवाओं को कैनाट प्लेस व जंतर मंतर के आसपास चक्रव्यू में फंसाकर आंसू गैस के गोले, वाट कैनन और इलेक्ट्रिक शॉट लगाए गए। कई छात्रों को माइनर अटैक भी आया, जिन्हें सीपीआर भी दिया गया। अभी तक एक लड़की की मौत की खबर आई है, जिसकी जिम्मेदार सरकार व दिल्ली पुलिस है। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी पड़ेगी अमित पिलाना ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार नहीं है। अगर तैयार होती, तो 20 जुलाई को बात करती, लेकिन तानाशाही रवैया अपनाया गया। सोनम वांगचुक को जिस प्रकार उठाया गया, वह लोकतंत्र की हत्या है। आज पूरे देश के युवा एकजुट होकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे है, इसलिए सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी होगी। धर्मेंद्र प्रधान एबीवीपी के रहे महासचिव अमित पिलाना ने कहा कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान आरएसएस से जुड़े हुए है और एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे है। सरकार में उनका प्रभाव अधिक है। सरकार डरती है कि अगर शिक्षामंत्री का इस्तीफा लिया तो आरएसएस का जो सपोर्ट उन्हें मिला हुआ है, वह हट जाएगा। शिक्षामंत्री को लेनी चाहिए जिम्मेदारी दिशा छात्र संगठन से इंद्रजीत ने कहा कि दिल्ली में छात्रों का जो संघर्ष जारी है, उसके समर्थन में एकत्रित हुए है। धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। नीट का पेपर लीक होने से 22 युवाओं ने सुसाइड कर लिया। 12 साल में 172 परीक्षाओं में घोटाले हुए और 87 परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा। दो करोड़ रोजगार देने का वादा भी जुमला साबित हुआ। एनटीए पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही किसान नेता सुमित सिंह ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को बचाने के लिए जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहा है। एनटीए की तरफ से पेपर लीक हो रहे है लेकिन सरकार जवाबदेही तय नहीं करती। दिल्ली में बैठे युवाओं के समर्थन में 12 घंटे का पड़ाव अंबेडकर चौक पर डाला गया। जायज मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे है लेकिन पुलिस उनकी आवाज को दबाने में लगी हुई है। सुमित सिंह ने कहा कि सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे देता है तो सिद्ध हो जाएगा कि सरकार की गलती है, इसलिए सरकार अपनी तानाशाही कर रही है। शिक्षामंत्री ही एनटीए को लाने वाला है, इसलिए शिक्षामंत्री की जिम्मेदारी है।
देश के सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में इन दिनों भारी राजनीतिक और वैचारिक जंग छिड़ गई है। परीक्षा प्रणालियों और हालिया प्रशासनिक सुधारों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रुख पर विश्वविद्यालय पूरी तरह से दो गुटों में बंट गया है। एक तरफ जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ बड़े और प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों व शिक्षक संघों ने शिक्षा मंत्री की नीतियों और सुधारवादी कदमों का खुला समर्थन किया है, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख छात्र संगठनों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कैंपस में विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना पूरी तरह जारी रहेगा।कुछ कॉलेजों ने क्यों किया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का समर्थनविश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों और कई कॉलेज काउंसिलों की तरफ से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में एक सकारात्मक सुर देखने को मिला है। समर्थन करने वाले कॉलेजों का तर्क है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाने और तकनीकी बदलावों को लागू करने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वे लंबी अवधि में छात्रों के हित में हैं। इन कॉलेजों के प्रबंधकों का मानना है कि परीक्षा सुधारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन से दिल्ली यूनिवर्सिटी की वैश्विक रैंकिंग और शैक्षणिक स्तर में बड़ा सुधार होगा। इसी वजह से वे सरकार के इन फैसलों के साथ मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं।छात्र संगठनों का आर-पार का मूड, कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था सख्तदूसरी तरफ, वामपंथी और अन्य विपक्षी विचारधारा वाले छात्र संगठनों ने इस समर्थन को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। छात्र नेताओं का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय के हालिया फैसले आम छात्रों के हितों के खिलाफ हैं और इससे शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। कैंपस में सुबह से ही भारी नारेबाजी और पोस्टर वॉर का दौर शुरू हो गया है। छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी प्रशासनिक दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। दिल्ली के नॉर्थ और साउथ दोनों ही कैंपस में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती कर दी गई है।संवाद या टकराव: दिल्ली यूनिवर्सिटी में आगे क्या होगाइस कूटनीतिक और वैचारिक खींचतान के बीच आम छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा भी मंडराने लगा है। अकादमिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई सकारात्मक संवाद (Dialogue) स्थापित नहीं हुआ, तो यह टकराव आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को एक मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है ताकि कैंपस के शांत और शैक्षणिक माहौल को दोबारा बहाल किया जा सके। अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्रालय और यूनिवर्सिटी के शीर्ष अधिकारी इस सुलगते विवाद को शांत करने के लिए क्या बीच का रास्ता निकालते हैं।
दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन में कील वाली लाठी के असली वीडियो को 'फेक' बताया
बूम ने पाया कि 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों को गंभीर छोटे आईं.
उच्च शिक्षा और ग्लोबल एनालिटिक्स फर्म 'QS' (Quacquarelli Symonds) ने साल 2027 के लिए दुनिया भर के बेहतरीन स्टूडेंट शहरों की ताजा रैंकिंग (QS Best Student Cities 2027) जारी कर दी है। इस नई लिस्ट में भारत के लिए बेहद गर्व और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ने भारत में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि देश की राजधानी नई दिल्ली ने दुनिया भर के छात्रों के लिए 'सबसे किफायती शहर' (Most Affordable City) होने का गौरव अपने नाम किया है। इस रिपोर्ट के आने के बाद देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।मुंबई ने मारी बाजी, भारत में बनी नंबर-1 स्टूडेंट सिटीक्यूएस की इस ताजा वैश्विक सूची में मुंबई ने शानदार छलांग लगाते हुए पिछले साल की 98वीं रैंक से सुधरकर सीधे 91वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही मुंबई देश का सर्वोच्च रैंकिंग वाला (Highest-Ranked Student Destination) शहर बन गया है। मुंबई की इस सफलता के पीछे यहां के बेहतरीन शिक्षण संस्थान, मजबूत एम्प्लॉयर एक्टिविटी (नियोक्ताओं के बीच graduates की मांग) और रोजगार के बेहतर अवसर हैं। वैश्विक स्तर पर कंपनियों और रिक्रूटर्स के बीच भारतीय युवाओं की बढ़ती स्वीकार्यता ने मुंबई की इस रैंकिंग को और मजबूत किया है।दुनिया में सबसे सस्ती पढ़ाई: दिल्ली ने मारी बाजीबात अगर खर्च और बजट की हो, तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है। QS रैंकिंग 2027 के अनुसार, दिल्ली को दुनिया भर में छात्रों के रहने और पढ़ाई के लिए सबसे किफायती शहर (Most Affordable City globally) घोषित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए औसत ट्यूशन फीस सालाना करीब 2,700 अमेरिकी डॉलर (लगभग ढाई लाख रुपये) है, जो दुनिया के दूसरे बड़े ग्लोबल एजुकेशन हब के मुकाबले बेहद कम है। कम खर्च और बेहतरीन करियर संभावनाओं के दम पर दिल्ली ने ग्लोबल लिस्ट में 99वीं रैंक हासिल की है।भारत के अन्य शहरों का कैसा रहा प्रदर्शन?इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में मुंबई और दिल्ली के अलावा देश के अन्य प्रमुख महानगरों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। चेन्नई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच पायदान की छलांग लगाई है और वह 123वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, दूसरी ओर बेंगलुरु एकमात्र ऐसा भारतीय शहर रहा जिसे इस बार थोड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा और वह फिसलकर 114वें स्थान पर आ गया। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय शहरों का यह सुधार देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में तेजी से हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के मामले में अभी हमें और लंबी दूरी तय करनी है।
नई दिल्ली/लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शिक्षा विभाग से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education - DoE) ने जनकपुरी (Janakpuri) इलाके में स्थित एक बड़े और नामचीन प्राइवेट स्कूल को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं (Financial Violations) और छात्र सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में एक कड़ा 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। सरकार की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद दिल्ली के निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार ने स्कूल प्रबंधन को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पूरे 15 दिनों का समय दिया है, और संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की सख्त चेतावनी दी है।फंड्स की हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं का संगीन आरोपशिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार, स्कूल के खिलाफ लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जब आंतरिक ऑडिट और जांच की गई, तो कई चौंकाने वाले वित्तीय उल्लंघन सामने आए:फंड्स का गलत डायवर्जन: जांच में पाया गया कि स्कूल प्रबंधन छात्रों से ली जाने वाली फीस और स्कूल के रिजर्व फंड का इस्तेमाल अन्य व्यावसायिक या निजी मदों में ट्रांसफर (डायवर्ट) कर रहा था, जो कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (DSEA) के नियमों के सख्त खिलाफ है।अकाउंट्स में पारदर्शिता की कमी: स्कूल के सालाना वित्तीय लेखा-जोखा (Balance Sheets) में भारी विसंगतियां पाई गई हैं, जिसके लिए विभाग को बिना बताए कई बड़े खर्च दिखाए गए थे।छात्रों की सुरक्षा (Safety Rules) के साथ खिलवाड़ करने का मामलावित्तीय गड़बड़ियों के अलावा, जो बात सबसे ज्यादा गंभीर और संवेदनशील है, वह है स्कूल परिसर के भीतर छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था में बरती गई भारी लापरवाही:फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी: स्कूल बिल्डिंग में लगे अग्नि शमन यंत्र (Fire Extinguishers) या तो एक्सपायर हो चुके थे या फिर आपातकालीन निकास मार्गों (Emergency Exits) पर अवैध निर्माण कर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया था।सीसीटीवी कैमरों का बंद होना: परिसर के कई संवेदनशील कोनों और गलियारों में लगे सीसीटीवी कैमरे (CCTV Surveillance) लंबे समय से काम नहीं कर रहे थे, जिससे छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही थी।स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन न होना: स्कूल में तैनात कई गैर-शिक्षण स्टाफ (जैसे बस ड्राइवर, कंडक्टर और सफाई कर्मचारी) का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक भी पूरा नहीं कराया गया था।15 दिन का अल्टीमेटम: रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यतादिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए स्कूल प्रबंधन को 15 कार्यदिवसों का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। यदि स्कूल तय समय सीमा के भीतर इन सभी सुरक्षा खामियों को दूर करने का प्रमाण और वित्तीय गड़बड़ियों पर स्पष्टीकरण देने में पूरी तरह विफल रहता है, तो दिल्ली सरकार सख्त कदम उठाते हुए स्कूल की मान्यता (Recognition) को तुरंत प्रभाव से निलंबित या पूरी तरह रद्द कर सकती है। शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि राजधानी के किसी भी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के नाम पर हो रही वित्तीय धांधली को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी नियमों का पालन कड़ाई से कराया जाएगा।
दिल्ली पुलिस को अपना नया नेतृत्व मिल गया है। एक बेहद अनुभवी और जांबाज अधिकारी ने अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर कार्यभार संभाला है। उनकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है—इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने अपनी कॉरपोरेट करियर की राह छोड़कर यूपीएससी (UPSC) जैसी कठिन परीक्षा को पास किया और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। आज, वह राजधानी की कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालते हुए सुरक्षा का नया ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए चर्चा में हैं।इंजीनियरिंग से वर्दी तक का सफरदिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी रही है। इंजीनियरिंग के छात्र होने के नाते उनमें तार्किक सोच और जटिल समस्याओं को सुलझाने की अद्भुत क्षमता है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि उनका असली मकसद समाज की सेवा करना है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी का कठिन रास्ता चुना। यूपीएससी की तैयारी के दौरान दिखाई गई उनकी एकाग्रता और कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि आज वे दिल्ली पुलिस के शीर्ष पद पर आसीन हैं।अब दिल्ली की सुरक्षा का नया 'डिजिटल' अध्यायकमिश्नर के पद पर नियुक्त होने के बाद उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनका ध्यान 'स्मार्ट पुलिसिंग' पर होगा। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होने के कारण, वे दिल्ली की सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए वे सीसीटीवी नेटवर्क के एकीकरण और डेटा-संचालित पुलिसिंग (Data-Driven Policing) पर विशेष जोर दे रहे हैं ताकि अपराधियों को किसी भी सूरत में न बख्शा जाए।राजधानी के लिए चुनौतियां और प्राथमिक रणनीतिदिल्ली जैसी महानगर की कमान संभालना एक बड़ी चुनौती है, जहाँ सुरक्षा के कई संवेदनशील आयाम हैं। कमिश्नर ने अपनी प्राथमिकताओं में महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों पर नकेल और स्थानीय थाना स्तर पर पुलिस-जनता के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी है। स्थानीय लोगों के बीच भरोसा जगाने और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वे 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रहे हैं। उनके पदभार संभालने के बाद से ही दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक गलियारों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।एक मिसाल बने नए कमिश्नरउनकी यह नियुक्ति उन युवा छात्रों के लिए प्रेरणा है जो इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी क्षेत्रों के बाद प्रशासनिक सेवा की ओर रुख करना चाहते हैं। एक इंजीनियर से देश के सबसे बड़े महानगर के पुलिस कमिश्नर बनने तक का उनका यह सफर यह साबित करता है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो किसी भी क्षेत्र का ज्ञान देश सेवा के काम आ सकता है। दिल्ली की जनता को अब उनसे बेहतर सुरक्षा और त्वरित न्याय मिलने की बड़ी उम्मीदें हैं, जिस पर खरे उतरने के लिए वे अपनी पूरी टीम के साथ सक्रिय हो चुके हैं।
इंस्टाग्राम पर ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए मेटा के कॉपीराइट सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अज्ञात लोग फेसबुक के एडिट फीचर का इस्तेमाल कर पोस्ट की तारीख बैकडेट में कर देते हैं और फिर असली क्रिएटर्स के कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेज रहे हैं। इस खेल के खिलाफ दो बड़े डिजिटल क्रिएटर्स पुष्कर राज ठाकुर और नीरज जोशी ने दिल्ली हाई कोर्ट में कॉमर्शियल सूट फाइल किया है। क्रिएटर्स ने कोर्ट में क्या आरोप लगाए? फाइनेंशियल एजुकेटर पुष्कर राज ठाकुर और डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी ने अलग-अलग दायर याचिकाओं में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ अज्ञात लोग ओरिजिनल क्रिएटर्स को परेशान करने और उनके अकाउंट बंद कराने की धमकी देने के लिए फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हथियार बना रहे हैं। इस सिस्टम के चलते उनके ओरिजिनल कंटेंट को डिलीट करने या उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को सस्पेंड/डिलीट करने का खतरा पैदा हो गया है। मेटा के ऑटोमेटेड सिस्टम पर उठे सवाल क्रिएटर्स का तर्क है कि मेटा का ऑटोमेटेड कॉपीराइट सिस्टम बिना किसी गहन जांच के काम कर रहा है। यह सिस्टम वीडियो के असली क्रिएटर, मेटाडेटा, एडिट हिस्ट्री या वास्तविक पब्लिशिंग क्रोनोलॉजी (अपलोड करने का सही समय) की जांच किए बिना ही स्ट्राइक की शिकायतों पर एक्शन ले लेता है। पुष्कर राज ठाकुर ने बताया कि इस फर्जी खेल की वजह से उनके दर्जनों वीडियो को हटा दिया गया, डिसेबल किया गया या रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि मेटा ने ठाकुर को अपने 'राइट्स मैनेजर' टूल का एक्सेस देने से मना कर दिया, जबकि जालसाज इसी टूल का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ लगातार फर्जी स्ट्राइक भेजते रहे। नीरज जोशी के केस में कोर्ट का आदेश डिजिटल क्रिएटर नीरज जोशी के मामले में 9 जुलाई को जस्टिस ज्योति सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेटा के उस बयान को रिकॉर्ड किया, जिसमें कंपनी ने कहा कि अगर जोशी का अकाउंट अभी तक स्थायी रूप से बंद नहीं हुआ है, तो वे इन आरोपों की जांच करेंगे और उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट (@Neerajjoshi5014) को सुरक्षित रखेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर नीरज जोशी को संबंधित बेसिक सब्सक्राइबर इंफॉर्मेशन (BSI) और आईपी (IP) लॉग उपलब्ध कराए। इन जानकारियों से उन अज्ञात लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जो उनके अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। मामले में समन जारी कर दिए गए हैं और जोशी की अंतरिम रोक वाली अर्जी पर अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। पुष्कर राज ठाकुर के केस में क्या हुआ? जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 29 मई को पुष्कर राज ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेटा से पूछा था कि उसने अपने प्लेटफॉर्म के इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं या वह क्या उपाय कर सकती है। इसके बाद 1 जुलाई को यह मामला जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के सामने आया। सुनवाई के दौरान मेटा ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक ठाकुर के वीडियो को कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर नहीं हटाया जाएगा। साथ ही बार-बार आ रही कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से उनका अकाउंट भी बंद नहीं किया जाएगा। मेटा ने यह भी सहमति दी कि जैसे ही ठाकुर उन्हें हटाए गए वीडियो के यूआरएल (URLs) सौंपेंगे, वे उन वीडियो को रिस्टोर कर देंगे। कोर्ट ने इन आश्वासनों को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई तय की है। क्रिएटर्स ने मेटा से मांगा ₹2 करोड़ का मुआवजा पुष्कर राज ठाकुर ने कोर्ट से मांग की है कि मेटा को उनके ओरिजिनल कंटेंट को ऐसे फर्जी और बैकडेटेड दावों के आधार पर हटाने से रोका जाए। उन्होंने कंपनी को राइट्स मैनेजर टूल के भीतर केवाईसी (KYC) सुरक्षा उपाय, टाइमस्टैम्प सुरक्षा, मेटाडेटा वेरिफिकेशन और एंटी-मैनिपुलेशन प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा, ठाकुर ने उनके फॉलोअर्स घटने, मोनेटाइजेशन के मौके गंवाने, स्पॉन्सरशिप के नुकसान और उनकी कॉमर्शियल साख को ठेस पहुंचने के एवज में मेटा और अज्ञात जालसाजों से लगभग ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इस तरह के मामलों ने डिजिटल क्रिएटर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए बने कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल अब खुद क्रिएटर्स को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इस विषय को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी पेंडिंग है। क्या है मेटा का राइट्स मैनेजर और कॉपीराइट स्ट्राइक ये खबर भी पढ़ें… IRCTC की नई टिकट बुकिंग वेबसाइट लॉन्च: सभी क्लास की सीटें एकसाथ दिखेंगी, फास्टर चेकआउट' फीचर मिलेगा; कैप्चा नहीं भरना होगा भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया वर्जन लॉन्च कर दिया गया है। इस अपग्रेड का मुख्य मकसद हर दिन टिकट बुक करने वाले लाखों यात्रियों के अनुभव को आसान और तेज बनाना है। अभी नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है, यानी आम यात्रियों से फीडबैक के आधार पर इस वेबसाइट में बदलाव किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
देश के लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आ रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) समेत देश के तमाम प्रतिष्ठित सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों का इंतजार अब चंद दिनों में खत्म होने वाला है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट यूजी (NEET UG) के परीक्षा परिणामों को लेकर चल रहा सस्पेंस पूरी तरह समाप्त होने जा रहा है। सूत्रों और आधिकारिक गलियारों से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, एनटीए 16 से 20 जुलाई के बीच किसी भी वक्त नीट यूजी के नतीजे घोषित कर सकता है। इस घोषणा के साथ ही देश के भावी डॉक्टरों के भविष्य का फैसला हो जाएगा।कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच कॉपियों का मूल्यांकन पूरा, अंतिम चरण में तैयारीइस साल आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में देश भर के रिकॉर्ड तोड़ छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा के बाद से ही छात्र लगातार अपनी आंसर की (Answer Key) और रिजल्ट की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से जांच और ओएमआर शीट के वेरिफिकेशन का काम पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया गया है। अब तकनीकी रूप से डेटा को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि रिजल्ट जारी होने के बाद वेबसाइट पर कोई तकनीकी खराबी न आए। छात्र एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने रोल नंबर और जन्म तिथि के जरिए अपना स्कोरकार्ड और ऑल इंडिया रैंक (AIR) डाउनलोड कर सकेंगे।एम्स दिल्ली और टॉप मेडिकल कॉलेजों के कट-ऑफ पर टिकी सबकी नजरेंनीट यूजी का रिजल्ट आते ही जो सबसे बड़ा मुकाबला शुरू होगा, वह है देश के सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) में सीट पक्की करने का। जियोग्राफिकल और लोकल लेवल पर देखें तो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, जोधपुर और ऋषिकेश जैसे प्रमुख शहरों में स्थित एम्स संस्थानों की सीटों के लिए कट-ऑफ बेहद हाई रहने की उम्मीद है। स्थानीय कोचिंग सेंटर्स और एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार प्रश्न पत्र के स्तर को देखते हुए टॉपर्स के स्कोर में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। ऐसे में चंद नंबरों के फासले से भी छात्रों की रैंक में सैकड़ों पायदान का अंतर आ सकता है, जिसके चलते एम्स की दौड़ इस बार और भी ज्यादा दिलचस्प हो गई है।रिजल्ट के तुरंत बाद शुरू होगी काउंसलिंग की भागदौड़नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्यों के स्थानीय तकनीकी शिक्षा विभाग ऑल इंडिया कोटा (15%) और स्टेट कोटा (85%) सीटों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। विशेषज्ञों ने छात्रों और उनके परिजनों को सलाह दी है कि वे रिजल्ट आने से पहले ही अपने सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल (मूल निवास), नीट का एडमिट कार्ड और जरूरी शैक्षणिक कागजात तैयार रखें ताकि काउंसलिंग के समय किसी भी तरह की हड़बड़ी या परेशानी से बचा जा सके।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर टॉप ट्रेंड बना नीट परीक्षा परिणामआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल मीडिया एनालिटिक्स के मुताबिक, 'NEET UG Result Announcement 2026' इस समय इंटरनेट और ग्लोबल एआई सर्च इंजनों पर सबसे बड़ी सर्च वेव बन चुका है। गूगल और बिंग जैसे आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर देश भर के करोड़ों लोग लगातार 'नीट यूजी रिजल्ट डायरेक्ट लिंक' और 'एम्स एक्सपेक्टेड कट ऑफ' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। एआई मॉडल्स के अनुसार, जुलाई का यह हफ्ता देश के पूरे एजुकेशन सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है, जिसकी पल-पल की लाइव अपडेट्स पर छात्र टकटकी लगाए बैठे हैं।
मन्नत के मालिक शाहरुख खान ने दिल्ली में खरीदा अपना पहला आशियाना, इतने करोड़ में हुई डील
शाहरुख खान भले ही आज मुंबई के आलीशान बंगले 'मन्नत' में रहते हों और दुनिया के सबसे अमीर अभिनेताओं में गिने जाते हों, लेकिन उनका दिल आज भी देश की राजधानी दिल्ली के लिए धड़कता है। शाहरुख खान के पास देश-दुनिया में कई लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं। शाहरुख खान ने ...
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने, धूल रोकने के उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने और शहरी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने की लगातार कोशिशों के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक खास निरीक्षण अभियान चलाया।
दिल्ली की ईवी नीति : क्या स्वच्छ हवा की राह इलेक्ट्रिक होगी?
राष्ट्रीय प्रयासों के समानांतर अनेक राज्यों ने अपनी-अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियां बनाई हैं।

