भास्कर अपडेट्स:सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंगलवार देर शाम तबीयत बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मौसम बदलने से उनकी तबीयत बिगड़ी। हॉस्पिटल में उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें एहतियातन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
रेवाड़ी में मंगलवार को कार और टैंपों की टक्कर हो गई। टक्कर से टैंपों पलट गया। जिसमें दोनों ड्राइवरों सहित 6 यात्री घायल हो गए। घायलों में मां - बेटी और बेटा भी शामिल है।हादसा दिल्ली जयपुर हाइवे के बनीपुर चौक पर हुआ। हादसे में कार का अगला हिससा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। अनियंत्रित होकर टकराई कार जानकारी के अनुसार बाबल में सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक मैनेजर देवराज कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान बनीपुर चौक के अप्रोच रोड पर पड़े सीमेंट के स्लैब से बचने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टैंपों से टकरा गई। कार की टककर से टैंपों पलट गया। जिससे टैंपों में सवार यात्रियों की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कार और टैंपों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचा। ऑटों में सवार थे चार यात्री जानकारी के अनुसार हादसे के समय ऑटो में ड्राइवर के अलावा चार यात्री सवार थे। जिनमें गांव शहबाजपुर गांव निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल थे। हादसे में शहबाजपुर निवासी संतोष, बेटा अमन और बेटी काजल भी घायल हो गए। यात्रियों के साथ कार और टैंपों ड्राइवर को भी चोटें आई। कसौला थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर की बालक बास्केटबॉल की टीम ने दिल्ली में आयोजित एसीजी जूनियर एनबीए नेशनल बास्केटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। फाइनल मुकाबले में गोरखपुर की टीम को दिल्ली के खिलाफ 21-18 से हार का सामना करना पड़ा लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। गोरखपुर की टीम ने सेमीफाइनल में इंदौर को 21-16 से हराकर फाइनल में एंट्री ली थी। टीम के खिलाड़ी समीर, अखंड, अगस्तया और कुलदेव ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। समीर को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गयापूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए समीर को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया। यह सभी खिलाड़ी महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के छात्र हैं। टीम के कोच मनीष श्रीवास्तव और आदित्य सिंह के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने अनुशासित और आक्रामक खेल दिखाया। इस टुर्नामेंट का आयोजन 20- 24 मार्च के बीच किया गया था। अधिकारियों ने बधाई दीटीम की इस उपलब्धि पर पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज सिंह, सहायक क्रीड़ा अधिकारी चंद्र विजय सिंह, डॉ. राजेश यादव, डॉ. त्रिलोक रंजन, डॉ. मुदित, डॉ. अंबुज, रविंद्र मेहरा, एमके शर्मा, अस्कंद राय, अजय मल्ल, आरसी सिंह, एके शुक्ला, भंवर सिंह और अभय सिंह समेत कई लोगों ने बधाई दी। आदित्य ने दी है कोचिंगआदित्य ने टीम को कोचिंग दी और शुरु से ही खिलाड़ियों को बास्केटबॉल खेलना सिखाया। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने नियमित अभ्यास किया और अपनी प्रतिभा को निखारा। आदित्य की मेहनत और प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब हासिल किया।
मोदीनगर में रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने मंगलवार को दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। यह घटना मोदी मंदिर के सामने स्थित धीरेंद्र गैस एजेंसी पर हुई। बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। एजेंसी पर पहुंचने के बाद लोगों को बताया गया कि रसोई गैस सिलेंडर खत्म हो गए हैं। इस जानकारी के बाद वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एसडीएम और थाना प्रभारी को मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारियों के न पहुंचने पर लोगों ने दिल्ली-मेरठ मार्ग को जाम कर दिया। जाम लगने से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लगभग तीन किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी लोगों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि एजेंसी संचालक खुलेआम सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहा है। उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालक की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक अधिवक्ता की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने धीरेंद्र गैस एजेंसी पर छापेमारी की थी और संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने हंगामा किया था, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है।
आईपीएल 2026: अभियान की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स को झटका, नहीं खेलेंगे बेन डकेट
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत से पहले दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज बेन डकेट ने आगामी सीजन में नहीं खेलने का फैसला किया है। डकेट का फोकस राष्ट्रीय टीम में खेलने पर है। इस फैसले के चलते, डकेट अगले दो प्लेयर ऑक्शन में अपना नाम नहीं दे पाएंगे। इसका मतलब है कि वह आईपीएल 2027 और 2028 में नहीं खेल सकेंगे। डकेट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैंने आईपीएल से हटने का बेहद मुश्किल फैसला लिया है। मैंने इस बारे में काफी सोचा है। यह आसान निर्णय नहीं था। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना मेरा बचपन से सपना रहा है। मैं इंग्लिश क्रिकेट को अपना सब कुछ देना चाहता हूं। ऐसा करने के लिए, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि गर्मियों से पहले मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अपनी सबसे अच्छी स्थिति में रहूं। डकेट ने कहा, मैं दिल्ली में मौजूद सभी लोगों से तहे दिल से माफी मांगना चाहूंगा। मैं सचमुच इस फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व करने के अवसर को लेकर बहुत उत्साहित था। मैं पूरी तरह समझता हूं कि एक टीम बनाने में कितना समय और योजना लगती है। मेरे इस फैसले से होने वाली किसी भी तरह की परेशानी के लिए मैं माफी चाहता हूं। मैं सभी प्रशंसकों से भी माफी मांगना चाहूंगा, क्योंकि मैं जानता हूं कि दिल्ली में हर किसी के लिए यह कितना मायने रखता है। डकेट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, मैंने आईपीएल से हटने का बेहद मुश्किल फैसला लिया है। मैंने इस बारे में काफी सोचा है। यह आसान निर्णय नहीं था। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना मेरा बचपन से सपना रहा है। मैं इंग्लिश क्रिकेट को अपना सब कुछ देना चाहता हूं। ऐसा करने के लिए, मुझे यह सुनिश्चित करना होगा कि गर्मियों से पहले मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अपनी सबसे अच्छी स्थिति में रहूं। Also Read: LIVE Cricket Score बेन डकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 43 टेस्ट मुकाबलों में 6 शतक और 16 अर्धशतक के साथ 3,555 रन बना चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने 34 वनडे मुकाबलों में 3 शतक और 9 अर्धशतक के साथ 1,345 रन बनाए हैं। 21 टी20 मुकाबलों में डकेट 527 रन जुटा चुके हैं। दाएं हाथ का यह खिलाड़ी बिग बैश लीग के साथ पाकिस्तान सुपर लीग में भी नजर आ चुका है। Article Source: IANS
वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2025 के मुताबिक भारत दुनिया का छठा सबसे प्रदूषित देश है। स्विस कंपनी IQAir की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड देशों में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। इसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो हैं। उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना है, जबकि नई दिल्ली चौथे स्थान पर है। दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 भारत के हैं। इनमें यूपी के गाजियाबाद, लोनी, असम के बर्नीहाट, नई दिल्ली और पश्चिम बंगाल का उला शामिल हैं। लोनी का औसत PM2.5 स्तर 112.5 g/m दर्ज किया गया, जो WHO की गाइडलाइन (5 g/m) से 22 गुना ज्यादा है। रिपोर्ट में 143 देशों के 9,446 शहरों के डेटा का एनालिसिस किया गया है। 54 देशों में प्रदूषण बढ़ा रिपोर्ट के मुताबिक 54 देशों में PM2.5 बढ़ा है। जबकि 75 देशों में PM2.5 में कमी आई है। 2 देशों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और 12 नए देश शामिल हुए हैं। दुनिया के सिर्फ 14% शहर ही WHO के मानकों पर खरे उतरे हैं। 2025 में क्लाइमेट चेंज के चलते जंगल की आग ने वैश्विक प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड बायोमास उत्सर्जन हुआ, जिससे 1,380 मेगाटन कार्बन उत्सर्जन हुआ। अमेरिका और यूरोप में भी असर अमेरिका में PM2.5 बढ़कर 7.3 g/m हुआ। एल पासो सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि सिएटल सबसे साफ शहर बना। यूरोप के भी 23 देशों में प्रदूषण बढ़ा, जबकि 18 में कमी आई। मार्च 2025 में अमेरिकी ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोग्राम बंद होने से कई देशों में डेटा की कमी हो गई। CREA के अनुसार 44 देशों में मॉनिटरिंग कमजोर हुई है। 6 देश बिना किसी मॉनिटरिंग के रह गए। भारत 2024 में 5वें नंबर पर था IQAir की 2024 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में भारत दुनिया का 5वां सबसे प्रदूषित देश था। देश में प्रदूषण का स्तर 50.6 g/m था। जो WHO की सेफ कैटेगरी से 10 गुना ज्यादा है। असम का बर्नीहाट देश का सबसे प्रदूषित शहर था। 2024 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी और दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत के थे। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत में प्रदूषण से हर साल 17 लाख मौतें, ₹30 लाख करोड़ का नुकसान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल करीब 17 लाख लोगों की मौत प्रदूषण के कारण होती है। यह देश में होने वाली कुल मौतों का लगभग 18% है। उन्होंने पॉल्यूशन को भारत के लिए टैरिफ से ज्यादा बड़ा खतरा बताया है। पूरी खबर पढ़ें…
लैंड फॉर जॉब घोटाला में लालू यादव को फिर झटका, अब दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका खारिज
लैंड फॉर जॉब घोटाला में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को फिर झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को लालू की याचिका खारिज कर दी। उन्होंने सीबीआई की एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी।
मुझे लगता है यह एमएस धोनी का आखिरी सीजन होगा : आकाश चोपड़ा
New Delhi: भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि आईपीएल 2026 एमएस धोनी का बतौर खिलाड़ी आखिरी सीजन हो सकता है। आकाश का कहना है कि संजू सैमसन धोनी के वारिस के रूप में चेन्नई की टीम में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर धोनी इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सिर्फ एक इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलते हैं, तो उन्हें रिटायरमेंट के बारे में सोचना चाहिए। आकाश चोपड़ा ने 'जियोहॉटस्टार' के साथ बात करते हुए कहा, आप डगआउट से टीम नहीं चलाते, यह फुटबॉल नहीं है। क्रिकेट में आपको मैदान पर होना चाहिए और एमएस धोनी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह किसी और से बेहतर खेल को समझ सकते हैं। यही साफ सोच और पक्का इरादा उन्हें वह बनाता है जो वह हैं। किसी भी हाल में मुझे लगता है कि यह उनका आखिरी सीजन हो सकता है। उन्होंने आगे कहा, अब उनके पास वारिस है। संजू सैमसन आखिरकार ग्लव्स पहनेंगे और यह इस सीजन में कभी भी हो सकता है। फिर से धोनी की फिटनेस और उनके घुटने के मामले में शर्तें लागू होती हैं, लेकिन वह इम्पैक्ट प्लेयर नहीं हो सकते। अगर वह एक इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेल रहे हैं, तो मुझे लगता है कि उनके लिए संन्यास लेने का समय आ गया है। आकाश चोपड़ा ने 'जियोहॉटस्टार' के साथ बात करते हुए कहा, आप डगआउट से टीम नहीं चलाते, यह फुटबॉल नहीं है। क्रिकेट में आपको मैदान पर होना चाहिए और एमएस धोनी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह किसी और से बेहतर खेल को समझ सकते हैं। यही साफ सोच और पक्का इरादा उन्हें वह बनाता है जो वह हैं। किसी भी हाल में मुझे लगता है कि यह उनका आखिरी सीजन हो सकता है। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स अपने अभियान का आगाज 30 मार्च को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ करेगी। आईपीएल 2025 में चेन्नई का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था और टीम 14 में से सिर्फ 4 मैच जीत सकी थी, जबकि 10 मुकाबलों में टीम को हार झेलनी पड़ी थी। Article Source: IANS
जयपुर में 9वीं क्लास की नाबालिग छात्रा के साथ जबरन गैंगरेप किया गया। आरोपियों ने छात्रा को जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद वह घर छोड़कर भाग गई। सहेली के जरिए उसका कॉन्टैक्ट आरोपी युवक से हुआ था। पुलिस दिल्ली से ढूंढकर नाबालिग पीड़िता को लेकर आई। पीड़िता के बयान पर FIR दर्ज कर आरोपी युवक को सोमवार शाम को अरेस्ट कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस मामले में फरार उसके साथी की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि 9वीं क्लास में पढ़ने वाली 15 साल की लड़की से गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है। पिछले सप्ताहभर पहले नाबालिग स्कूल की छात्रा के लापता होने की शिकायत दी गई थी। घर से बिना बताए निकलने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की। लोकेशन ट्रेक कर पुलिस ने दूसरे दिन उसे दिल्ली से ढूंढ निकाला। जयपुर पहुंचने पर नाबालिग स्कूली छात्रा ने आपबीती सुनाई और उसके बयान दर्ज किए गए। गैंगरेप का किया मामला दर्ज नाबालिग पीड़िता ने बयानों में बताया कि सहेली के जरिए उसका आरोपी युवक से कॉन्टैक्ट हुआ था। पांच दिन पहले आरोपी ने उसे मिलने के बहाने बुलाया था। मिलने जाने पर वह अपने दोस्त के साथ मिलकर उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ आरोपी युवक ने जबरन रेप किया। इस बारे में किसी को बताने पर मारने की धमकी देकर डराया। धमकाने पर वह डर के मारे घर छोड़कर दिल्ली चली गई। पुलिस ने नाबालिग पीड़िता के बयान दर्ज कर गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर दबिश देकर एक आरोपी को धर-दबोचा। फिलहाल पुलिस की आरोपी से पूछताछ जारी है और फरार साथी की तलाश की जा रही है।
दिल्ली-हावड़ा रूट के प्रयागराज-कानपुर खंड पर कवच प्रणाली शुरू, 160 की रफ्तार का रास्ता साफ
भारतीय रेलवे ने 190 किमी लंबे मार्ग पर स्वदेशी एटीपी कवच का सफल संचालन किया, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में सुधार के साथ रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सतना पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म के एक आरोपी को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह मामला पन्ना जिले की एक नाबालिग से जुड़ा है, जो चार महीने पहले अपने ननिहाल से लापता हो गई थी। रैगांव थाना प्रभारी विशन सिंह मरावी ने बताया कि पन्ना जिले की नाबालिग लड़की 21 नवंबर 2025 को अपने ननिहाल से गायब हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगभग चार महीने की खोजबीन के बाद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में दबिश दी गई और नाबालिग को ढूंढ निकाला गया। नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि पन्ना जिले के अमरैया निवासी धीरज पुत्र फूलचंद रैदास (21 वर्ष) उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और उसका दैहिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी धीरज को भी हिरासत में लेकर सोमवार को सतना लाया गया। मंगलवार को न्यायालय में नाबालिग के बयान दर्ज किए गए। बयानों के आधार पर मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। आरोपी धीरज को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस बार के बजट की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘ग्रीन फोकस’ है। कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और हरित परियोजनाओं के लिए आवंटित किया गया है। सरकार ने धूल मुक्त सड़कों, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, अंडरग्राउंड वायरिंग और जल प्रबंधन जैसे उपायों पर विशेष जोर दिया है। धूल रहित सड़कों के लिए 1,352 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, स्पीकर को आया ईमेल, मचा हड़कंप
Bomb threat Delhi Assembly : दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को एक ईमेल आया है, जिसमें विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इतना ही नहीं ईमेल से मिली धमकी में विधानसभा मेट्रो स्टेशन को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, साथ ही ...
बस्ती जिले में सरयू नदी में नहाते समय एक युवक की डूबने से मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को कलवारी टांडा पुल के पास हुई। मृतक की पहचान कलवारी थाना क्षेत्र के चढ़ौआ गांव निवासी अभिषेक (पुत्र पंचम) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अभिषेक मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कलवारी टांडा पुल के पास सरयू नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूब गए। आसपास के लोगों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से अभिषेक को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल एक निजी वाहन से कलवारी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। कलवारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया है कि अभिषेक अपने दो भाइयों में बड़े थे और उनकी तीन छोटी बहनें हैं। वह दिल्ली से अपनी बुआ के घर शादी में शामिल होने के लिए लगभग पांच दिन पहले ही गांव आए थे।
रिश्वत मामले में दिल्ली पुलिस के पूर्व एसआई को तीन साल की जेल
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सोमवार दिल्ली पुलिस के एक पूर्व उप-निरीक्षक को रिश्वत मांगने के जुर्म में तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी उप निरीक्षक जगमाल सिंह देशवाल पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। देशवाल उस समय दिल्ली यातायात पुलिस के नांगलोई क्षेत्र […] The post रिश्वत मामले में दिल्ली पुलिस के पूर्व एसआई को तीन साल की जेल appeared first on Sabguru News .
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बार सरकार ने 1 लाख 3 हजार 700 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि इस बजट को लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 'ग्रीन बजट' के रूप में तैयार किया गया है। इसी के तहत कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण के लिए निर्धारित किया गया है। बजट में एजुकेशन के लिए 19 हजार करोड़ का आवंटित किए गए हैं। नई योजना में 10वीं क्लास में मेरिट में आने वाले में सभी स्टूडेंट्स को लैपटॉप दिया जाएंगे। वहीं, 9वीं क्लास में पढ़ने वाली सभी बच्चियों को मुफ्त साइकिल दिए जाने की घोषणा की गई है। PWD के लिए 5,921 करोड़ रुपए आवंटित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए 5,921 करोड़ रुपए का फंड आवंटित किए गए हैं। इसमें शहरी विकास के लिए 7,887 करोड़, यमुनानगर के लिए 300 करोड़, झुग्गी विकास के लिए 800 करोड़, ग्रामीण विकास के लिए 787 करोड़ और विकास विभाग के लिए 914 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बजट की अन्य बड़ी घोषणाएं… जेनेटिक बीमारियों के लिए ‘अनमोल’ योजनासीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि जब कोई बच्चा घर में जन्म लेता है तो वह परिवार के लिए अनमोल होता है। बच्चे में कई बार जेनेटिक बीमारी होती है, लेकिन इसका पता बाद में चलता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जेनेटिक बीमारियों की जांच के लिए 25 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। गर्भ में ही जेनेटिक बीमारियों के पता लगाने के लिए सभी 56 टेस्ट सरकार करवाएगी। विधानसभा को उड़ाने की धमकी का ईमेल आया बजट पेश होने से पहले मंगलवार सुबह दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली। विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के पास यह धमकी का ईमेल आया था। इसके चलते सुबह 11 बजे शुरू होने वाली सदन की कार्रवाई रोक दी गई थी। स्निफर डॉग और बम स्क्वायड समेत जांच एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, सर्च ऑपरेशन में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद बजट सत्र की कार्रवाई आधे घंटे की देरी से शुरू हुई। सिरफिरे लोग ही दे सकते हैं ऐसी धमकियां: डिप्टी स्पीकरधमकी भरे ईमेल पर डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा- इस तरह की धमकियां सिरफिरे लोग ही दे सकते हैं, जो सरकार को काम नहीं करने देना चाहते हैं। हम लोग डरेंगे नहीं क्योंकि ये दिल्ली के भविष्य की बात है। उन्होंने आगे कहा- हालांकि हमें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह विधानसभा का सवाल है। पिछली बार भी इसी तरह की धमकियां दी थी। हम बिल्कुल भी डरने और घबराने वाले नहीं है। विधानसभा का सत्र चलता रहेगा। दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि बम डिटेक्शन टीम ने विधानसभा की गहनता से जांच की। कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। ------------------दिल्ली से जुड़ी ये खबर भी पढें... दिल्ली विधानसभा-सचिवालय को बम ब्लास्ट की धमकी:खालिस्तानी ग्रुप ने ईमेल में लिखा- दिल्ली बनेगा खालिस्तान; आर्मी-एयरफोर्स स्कूल को थ्रेट मिली दिल्ली विधानसभा भवन, दिल्ली सचिवालय और लाल किले को बम ब्लास्ट में उड़ाने की धमकी दी गई है। सोमवार को खालिस्तानी ग्रुप का धमकी वाला ईमेल भेजा गया। जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुईं, विधानसभा भवन की सर्चिंग की गई। पूरी खबर पढ़ें…
नीतीश कुमार चौथी बार JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। सुबह 11 बजे नाम वापसी का समय खत्म हो गया। नीतीश अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुने गए। 2.30 बजे पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के सीनियर नेता मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 19 मार्च को जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन शाम में नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, जंतर मंतर रोड पर हुआ था। नीतीश कुमार की ओर से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने नामांकन पार्टी नेता और चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अनिल हेगड़े को सौंपा था। नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। उनके बेटे निशांत भी राजनीति में एंट्री ले चुके हैं। जानिए कि आखिर क्यों नीतीश पार्टी की कमान खुद संभाले रखना चाहते हैं। जदयू की रणनीति क्या है। आखिर क्यों नीतीश बिना पार्टी फेसलेस है? पार्टी की मजबूरी क्या है…। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चौथा कार्यकाल जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में यह नीतीश कुमार का चौथा कार्यकाल होगा। इससे पहले उन्होंने 2016 में शरद यादव की जगह पार्टी की कमान संभाली थी। इसके बाद 2019 में भी वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे। 2020 में उन्होंने अपनी जगह आरसीपी सिंह को अध्यक्ष बनाया था। बाद में उन्होंने ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। साल 2023 में जब ललन सिंह ने पद से इस्तीफा दिया, तो एक बार फिर नीतीश खुद इस पद पर लौटे और तब से अब तक अध्यक्ष बने हुए हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला जदयू की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना में होना है। बैठक को लेकर तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक 29 मार्च को पटना में होगी। इस बैठक में देशभर से पार्टी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में संगठनात्मक फैसलों पर विस्तार से चर्चा होगी। नीतीश को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के पीछे क्या है वजह, इन 5 प्वाइंट में समझिए 1. जदयू में बड़े और प्रभावशाली चेहरे की कमी जदयू के अंदर कोई बड़ा चेहरा नहीं है, जो पार्टी को बड़ी पहचान दिला सके। मजबूती से पार्टी को आगे बढ़ा सके। जर्नलिस्ट प्रवीण बागी की मानें तो नीतीश कुमार ने पार्टी के अंदर अपने से बड़ा चेहरा पनपने ही नहीं दिया। इसी वजह से नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। हालांकि, नीतीश के बड़ा चेहरा होने का फायदा जदयू को मिलता रहा है। 2. नीतीश कुमार को है कुर्सी प्रेम नीतीश कुमार कुर्सी के प्रेमी कहे जाते हैं। माना जाता है कि वह बिना कुर्सी के नहीं रह सकते हैं। प्रवीण बागी कहते हैं कि नीतीश कुमार को कुर्सी से लस्ट है। वह सीएम पद से हटने जा रहे हैं। ऐसे में यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष भी नहीं रहेंगे तो उन्हें बड़ा झटका लगेगा। पार्टी के नेता चाहते है कि वह विद्रोह नहीं करें। लिहाजा,उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है। प्रवीण बागी आगे कहते हैं कि वह मानसिक तौर पर सबल नहीं है। बिना कार्यकारी अध्यक्ष वह पार्टी नहीं चला पाएंगे। 3. पार्टी पर पूर्ण नियंत्रण और एकजुटता जदयू के मौजूदा स्थिति में पार्टी के भीतर हलचल है। पार्टी के भीतर गुटबाजी और विद्रोह की खबरें है। नीतीश कुमार के नाम पर पार्टी को बिखरने से बचाया जा सकता है। लिहाजा नीतीश को आगे कर सभी विधायकों और नेताओं को एकजुट रखने का प्रयास किया जा रहा है। 4. राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का विस्तार नीतीश कुमार को अध्यक्ष बनाकर जेडीयू उन्हें एक राष्ट्रीय चेहरे के रूप में पेश करना चाहती है। उनका लक्ष्य बिहार के बाहर भी अन्य राज्यों में पार्टी के आधार को मजबूत करना और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को प्रभावी बनाना है। 5. नीतीश का चेहरा, बीजेपी की चाहत जदयू में भारतीय जनता पार्टी की भी चल रही है। इसके पीछे वोट बैंक की कहानी है। राजनीतिक विश्लेषक कुमार प्रबोध कहते है कि बिहार में नीतीश के साथ 15 फीसदी एकमुश्त वोट जुड़ा है। नीतीश के चेहरे पर यह वोट हर हाल में जदयू के साथ जाता रहा है। अब भाजपा नहीं चाहती है कि यह इस वोट बैंक में बिखराव हो। नीतीश के चेहरा नहीं होने पर वोट बैंक का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय जनता दल की ओर शिफ्ट कर जाएगा। इसलिए भाजपा चाहती है कि जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ही बने रहें। सीएम की कुर्सी तो छोड़ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं होने की स्थिति में जदयू-भाजपा गठबंधन को दोहरी मार पड़ जाएगी। नीतीश कुमार के दलीय स्तर पर बड़े फैसले 1.संजय झा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया नीतीश साल 2024 में राज्यसभा सांसद और अपने करीबी संजय कुमार झा को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी को चौंकाया। दरसअल, नीतीश ने यह फैसला मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए लिया था। 2. नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया साल 2024 में अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद नीतीश ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल किया। पदाधिकारियों की संख्या सीमित की। राष्ट्रीय महासचिवों की संख्या 22 से घटाकर 11 कर दी, ताकि संगठन को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाया जा सके। 3. नई टीम के जरिए जातीय संतुलन सोशल इंजीनियरिंग के माहिर खिलाड़ी रहे नीतीश ने तब नई टीम में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और अल्पसंख्यकों को विशेष प्रतिनिधित्व दिया था। पार्टी के कोर वोट बैंक को मजबूत किया जा सके। 4. अनुशासनात्मक कार्रवाई नीतीश कुमार कार्रवाई करने से चुकते नहीं हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर गुटबाजी रोकने के लिए कड़े रुख अपनाए हैं। मार्च 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण कुछ सदस्यों की सदस्यता रद्द करने जैसे कठोर कदम भी उठाए गए हैं। 5. पुराने और वफ़ादार को साथ रखना नीतीश पुराने साथियों को साथ रखते रहे हैं। नाराज पुराने साथी को हर हाल में जोड़कर रखते आए हैं। पार्टी के वफ़ादार को अपने आस-पास रखते हैं। उन्हें पार्टी के अंदर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपते हैं।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्यिक दूतावास में आयोजित 'बिहार दिवस' उत्सव के दौरान बिहारी अस्मिता और गौरव का स्वर वैश्विक पटल पर पूरी प्रखरता के साथ गूंजा। इस गरिमामय समारोह में भारत से बतौर विशेष अतिथि आमंत्रित प्रसिद्ध कवि संजीव मुकेश को 'प्रथम अंतरराष्ट्रीय बिहार गौरव सम्मान 2026' से नवाजा गया। सम्मान स्वरूप उन्हें सिडनी का प्रसिद्ध अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह और 2.51 लाख रुपए की सम्मान राशि भेंट की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉन्सुल जनरल डॉ. एस. जानकीरमण ने बिहार की मेधा और मेहनत की सराहना करते हुए इसे अद्वितीय बताया। नियाड ग्रुप के चेयरमैन प्रवीन कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए दूतावास में बिहार केंद्रित कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या को सुखद बताया। अस्तित्व और आत्म-गौरव पर जोर देते हुए कहा कि वास्तविक विकास स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से ही संभव है। बिहार की कृषि शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर '5 बिहारी -1 स्टार्टअप' का मंत्र दिया। इस मौके पर पूरबी इंटरनेशनल की संस्थापक नीता कुमारी ने प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का आह्वान करते हुए NRI परिवारों के लिए एक 'ग्लोबल हेल्पलाइन' की घोषणा भी की। इग्नू मुख्यालय में है पोस्टिंग इस मौके पर कवि संजीव मुकेश ने अपनी ओजस्वी कविताओं से सिडनी में बिहार की खुशबू बिखेर दी। उन्होंने 'श्रम-मेधा की फुलवारी हैं, चाणक्य चेतनाधारी हैं, पर्वत का सीना चीर दिया हम भैया एक बिहारी हैं' जैसी पंक्तियों से प्रवासी समुदाय में जोश भर दिया। नालंदा जिले के अस्थावां प्रखंड के मूल निवासी संजीव मुकेश वर्तमान में इग्नू मुख्यालय, दिल्ली में कार्यरत हैं। अपनी मगही और हिंदी रचनाओं के माध्यम से निरंतर सांस्कृतिक जागृति फैला रहे हैं। उनके गीत 'यही तो मेरा देश है और चलें! हम प्रेरित करें बिहार' देश-दुनिया में काफी चर्चित रहे हैं। 'विश्व हिंदी सेवा सम्मान' से हो चुके हैं सम्मानित समारोह में डिप्टी कॉन्सुल जनरल नीरव सुतरिया, श्वेता और प्रवीण कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संजीव मुकेश को सम्मानित किया। मुकेश को इससे पूर्व भी दर्जनों प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें भारत मंडपम में मिला 'बिहार गौरव सम्मान 2024' और 'विश्व हिंदी सेवा सम्मान' प्रमुख हैं। इस आयोजन ने न केवल बिहार की सांस्कृतिक विरासत को सात समंदर पार गौरवान्वित किया, बल्कि प्रवासी समुदाय को अपनी मिट्टी के प्रति कर्तव्यों का बोध भी कराया।
रोहतक जिले के महम बाइपास पर मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। राजस्थान के भादरा निवासी एक व्यापारी की कार दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर फ्लाईओवर से नीचे जा गिरी। हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब व्यापारी दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना थे। हादसे में व्यापारी को मामूली चोटें आईं, जबकि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सामने से आए ट्रक के पानी से बिगड़ा संतुलन भिवानी रोड फ्लाईओवर पर सामने से आ रहे एक ट्रक के टायरों से उछला पानी व्यापारी की कार के फ्रंट शीशे पर आ गिरा। इससे दृश्यता खत्म हो गई और चालक ने तुरंत ब्रेक लगाए। अचानक ब्रेक लगाने से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से टकराकर उछलते हुए भिवानी-महम मार्ग के पास सड़क पर जा गिरी। राहगीरों ने बचाई जान राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर व्यापारी को कार से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें महम के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। मार्बल का कारोबार है भादरा के रहने वाले सुरजीत सिंह ने बताया कि वह मार्बल के व्यापारी हैं और व्यापार के सिलसिले में भादरा से हैदराबाद जा रहे थे। उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी थी। उन्होंने कहा कि उनकी जान बचना किस्मत और उनकी 80 लाख रुपए की कीया कार्निवाल कार की मजबूती का नतीजा है। क्रेन से पुलिस ने हटवाई कार महम थाना पुलिस के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। कार को क्रेन की मदद से सड़क किनारे किया गया। पुलिस ने बताया कि हादसा ट्रक के टायरों से उछले पानी के कारण हुआ, जिससे चालक को दृश्यता नहीं मिली और वाहन अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरा। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली ब्लास्ट: एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया
दिल्ली के लाल किले के इलाके में हुए बम धमाके के मामले में चल रही जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए हवाई सेवा 30 मार्च से शुरू होगी। एलायंस एयर मां महामाया एयरपोर्ट से हफ्ते में 2 दिन सोमवार और बुधवार को फ्लाइट चलाएगी। यह उड़ान बिलासपुर होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। एलाएंस एयर ने अपने वेबसाइट पर इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। एलायंस एयर ने शुरू की जा रही फ्लाइट का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। 30 मार्च को अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट से शुभारंभ फ्लाइट दोपहर 12 बजे रवाना होगी, जो 2:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। एलायंस एयर 72 सीटर ATR विमान का संचालन करेगी। सप्ताह में दो दिन सोमवार और बुधवार को चलेगी। वहीं बिलासपुर के लिए शुक्रवार को भी फ्लाइट सेवा मिलेगी। एलाएंस एयर की ओरे से 30 मार्च से ही बिलासपुर-दिल्ली फ्लाइट के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। पहले यह सेवा मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को चलती थी। 8 महीने बाद से बंद है हवाई सेवा अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट से दिसंबर 2024 में हवाई सेवा की शुरुआत हुई थी। उड़ान 4.2 योजना के तहत फ्लाई बिग कंपनी ने मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा से रायपुर और बिलासपुर के लिए 19 सीटर विमान सेवा शुरू की थी। शुरुआती दिनों में अनियमित उड़ान के कारण यह सेवा केवल छह महीने तक ही चल सकी। पिछले 6 महीने से अधिक समय से इसका संचालन पूरी तरह बंद है। 6000 तक हो सकता है किराया 2 साल पहले एलायंस एयर ने अंबिकापुर और बिलासपुर एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। एलायंस एयर ने अपनी वेबसाइट में अंबिकापुर एयरपोर्ट का नाम जोड़ दिया है और फ्लाइट सर्च भी हो रही है। हालांकि अभी किराया घोषित नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बेस फेयर 6000 रुपए से शुरू हो सकता है। बिलासपुर-दिल्ली मार्ग पर सामान्यतः बेस फेयर 4000 रुपए से अधिक रहता है, जिसमें बुकिंग नियमों के अनुसार किराया कम-ज्यादा होता रहता है। एलायंस एयर ने सोमवार एवं बुधवार को बिलासपुर से चलने वाली नान स्टाप फ्लाइट को भी री-शेड्यूल किया है। जानिए एलायंस एयर के बारे में एलायंस एयर देश की प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियों में से एक है। पहले यह एयर इंडिया के स्वामित्व में थी। एयर इंडिया के विनिवेश के बाद यह भारत सरकार की स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई के रूप में कार्य कर रही है। वर्तमान में एलायंस एयर प्रतिदिन 137 घरेलू उड़ानें संचालित करती है और 57 शहरों को जोड़ती है। कंपनी रायपुर से हैदराबाद और जगदलपुर के लिए भी हवाई सेवा दे रही है। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मार्च से अंबिकापुर-दिल्ली हवाई सेवा, बिलासपुर होगा स्टॉपेज: 4500-6000 किराया, एलायंस एयर की फ्लाइट सप्ताह में 2 दिन उड़ान भरेगी, शेड्यूल जारी छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल्ली के लिए हवाई सेवा मार्च के आखिरी सप्ताह से शुरू होगी। एलायंस एयर मां महामाया एयरपोर्ट से हफ्ते में दो दिन सोमवार और बुधवार को फ्लाइट चलाएगी। यह उड़ान बिलासपुर होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। 4500 से 6000 रुपए इसका फेयर हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
संपत्ति के मामले में कोटा में पोस्टेड अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों में संभागीय आयुक्त (डीसी) अनिल कुमार अग्रवाल सबसे ज्यादा अमीर हैं। हालांकि इनके बजाय इनकी पत्नी बड़ी आसामी हैं। पत्नी के पास 3.43 करोड़ रुपए की संपत्तियां हैं, जो उन्हें विरासत में मिली हैं। आईजी राजेंद्र गोयल की पत्नी का उदयपुर में लग्जरी फ्लैट है। इससे सालाना आय 6 लाख रुपए है। कोटा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के पास दिल्ली में फ्लैट है। कलेक्टर का फ्लैट पत्नी के साथ संयुक्त स्वामित्व में है, जबकि एसपी ने लोन से खरीदा है। अफसरों ने 1 जनवरी 2026 के लिए आईपीआर रिटर्न फाइल किया है, जो अब सार्वजनिक हुआ है। अनिल कुमार अग्रवाल, संभागीय आयुक्त इनके पास 6 संपत्तियां हैं। इनमें से 5 पत्नी शशि अग्रवाल को उनके पिता बृजेंद्र आर्य से विरासत में मिली है, जिनकी वर्तमान कीमत 3.43 करोड़ रुपए बताई गई है। पत्नी के पास जयपुर के विश्वेसरैया नगर में 85 लाख का घर, चैनपुरा जयपुर में 35 लाख की आवासीय और 95 लाख की व्यावसायिक भूमि। चैनपुरा में ही 30 लाख की आवासीय और 98 लाख की व्यावसायिक भूमि है। खुद अग्रवाल के पास रोहिणी नगर के पास जयपुर में 7 लाख रुपए मूल्य की आवासीय भूमि है, जो उनके मित्र जय प्रकाश जोशी के साथ संयुक्त रूप से खरीदना बताया गया है। तेजस्वनी गौतम, एसपी कोटा सिटी दिल्ली के जनकपुरी में 42 लाख रुपए कीमत का फ्लैट। इसे खरीदने के लिए बैंक से 25 लाख का लोन लिया और शेष 17 लाख बचत से दिए गए। फिलहाल इस संपत्ति से कोई वार्षिक आय नहीं हो रही है। पीयूष समारिया, कलेक्टर सिर्फ एक ही प्रोपर्टी बताई है। दिल्ली के बसंत कुंज में पत्नी व उनके संयुक्त स्वामित्व का 1.20 करोड़ का फ्लैट, जिससे सालाना 3.06 लाख की आय हो रही है। राजेंद्र प्रसाद गोयल, आईजी कोटा पत्नी नीता गोयल के नाम ऑर्बिट उदयपुर में फ्लैट है, जिससे सालाना 6 लाख की आय। अजमेर के दाता गांव में करीब 8 बीघा कृषि भूमि संयुक्त रूप से है, जिससे 3 लाख सालाना आय। JDA जयपुर द्वारा 1997 में लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किया था, अब तक न तो लीज डीड जारी हुई है और न ही भौतिक कब्जा मिला। उदयपुर स्थित फ्लैट पत्नी ने आय और बैंक होम लोन से खरीदा था, लेकिन लोन का आंशिक पुनर्भुगतान उन्होंने किया। पत्नी और पुत्र (उत्कर्ष) के पास आय के स्वतंत्र स्रोत हैं, वे अपना आयकर रिटर्न अलग से भरते हैं। सुगना राम जाट, सीसीएफ (वन्यजीव), कोटा नागौर के परबतसर में पत्नी सुमन के नाम 30 लाख रुपए (7 लाख वार्षिक आय) और डेगाना वाली भूमि की कीमत 8 लाख (सालाना 3 लाख आय) है। खुद के नाम पर राजस्थान हाउसिंग बोर्ड से 2022 में 98 लाख में खरीदा फ्लैट। इससे सालाना 6 लाख रुपए आय है। सुजीत शंकर कोटा ग्रामीण एसपी एसपी सुजीत शंकर और उनकी पत्नी रामगंजमंडी एसडीएम आईएएस चारू ने आईपीआर में संपत्ति निल (0) बताई है। भारतीय वन सेवा के अधिकारी मुकंदरा टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक एस मुथु ने भी संपत्ति निल (0) बताई है। आईपीएस ग्रामीण एसपी सुजीत और उनकी आईएएस पत्नी रामगंजमंडी एसडीएम चारू का दावा-उनके पास कोई संपत्ति नहीं अपूर्व के श्रीवास्तव, उप वन संरक्षक, कोटा पत्नी चेतना श्रीवास्तव के साथ जयपुर के गांधी पथ वेस्ट में विला साल 2018 में 1.04 करोड़ में खरीदा। वर्तमान कीमत 1.70 करोड़ रुपए है। पांच्यावाला गांव में चंद्रा वाटिका सी में 2021 में 23.92 लाख में प्लॉट खरीदा था। वर्तमान कीमत 80 लाख रुपए है। सोनल जौरीहार, सीसीएफ, कोटा इनके पास खुद के नाम से दो संपत्तियां हैं। एक जयपुर के जगतपुरा में 3 BHK फ्लैट, जिसे 2022 में 65 लाख में खरीदा गया और दूसरी चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में प्लॉट, जिसे 2023 में 2.45 लाख में खरीदा गया था। दोनों से वार्षिक आय शून्य बताई है।
‘दोनों युवक को कंबोडिया के होटल में काम दिलाने का झांसा दिया गया था। लेकिन वहां पहुंचते ही एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और जबरन साइबर ठगी के धंधे में काम करने के लिए दबाव बनाने लगा। मना करने पर उनका पासपोर्ट ले लिया गया। फिर उन्हें जेल भेज दिया गया। दो सप्ताह के अंदर अगर बेटे को मोदी सरकार देश लेकर नहीं लाई, तो हमारा पूरा परिवार दिल्ली में जान दे देगा।’ ये कहना मनीष की मां राम कुमारी देवी का है। दरअसल, भोजपुर के दो युवा हजारों किलोमीटर दूर कंबोडिया की धरती पर फंसे हुए हैं। अमरजीत और मनीष एक एजेंट के जरिए काम के लिए 28 जनवरी को कंबोडिया गए थे। मां का कहना है कि हमारे बेटों को कंबोडिया में जेल भेज दिया गया है। परिवार वाले बताते हैं कि कई लोगों के पास गए, हर संभव कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। परिजनों ने अब सीधे भारत सरकार से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर अगले दो सप्ताह के अंदर उनके बेटे सुरक्षित वतन नहीं लौटे, तो वे खुद दिल्ली जाकर अपनी जान दे देंगे। पासपोर्ट छीन कर भिजवाया जेल जगदीशपुर प्रखंड के अरैला गांव निवासी हृदयानंद राम के बेटे अमरजीत कुमार (25) और पीरो प्रखंड के अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के बड़की खननी कला गांव निवासी रविंद्र राम के बेटे मनीष कुमार (28) को नामपेन्ह के कंबोडिया शहर भेजा गया था। युवकों ने जब अवैध काम को करने से इनकार किया, तो उनके पासपोर्ट और सभी कागजात छीन लिए गए। इतना ही नहीं, स्थानीय एजेंट की मिलीभगत से उन्हें झूठे आरोपों में जेल तक भिजवा दिया गया है। मनीष की मां राम कुमारी देवी ने मोदी सरकार से हाथ जोड़कर गुजारिश की है। उन्होंने कहा है कि हमारे बच्चे कंबोडिया में फंसे हुए हैं। जितना जल्दी हो उतना जल्दी हमारे बच्चों को गांव वापस लाने में मदद करें। अगर वो लोग नहीं आ पाएंगे तो बच्चे मर जाएंगे। उन्हें ना पानी दिया जा रहा है ना ही खाना दिया जा रहा है। बार-बार पैसे के लिए टॉर्चर किया जा रहा मां ने आरोप लगाया है कि कंबोडिया के जेलर की ओर से 20–20 हजार रुपए की डिमांड की जा रही है। दोनों के पैसा नहीं देने पर खाना-पीना नहीं देने की धमकी दी जा रही है। उसके बाद पांच लाख रुपए की डिमांड की जा रही है। हम लोग गरीब हैं, कहां से इतना पैसा लाएंगे। मोदी सरकार से हम हाथ जोड़ी बा कि जितना जल्दी होके उतना जल्दी हमनी के लइका के बोला दीही। दिल्ली नहीं तो हमलोग किसी तरह कंबोडिया पहुंचकर अपनी जान देंगे। क्योंकि जेलर की ओर से बराबर टॉर्चर किया जा रहा है बच्चों से बर्दाश्त नहीं हो रहा है। बच्चों के बारे में सोच सोचकर डर समाया हुआ है। मुंबई के रहने वाले संतोष ने फेसबुक पर अपना नंबर दिया था। कहा था कि एक अच्छा काम दिलवा देंगे, जिसमें खूब पैसा मिलेगा। मेरा बेटा विश्वास कर उसके साथ चला गया। बेटा एजेंट के बहकावे में आ गया मैंने कहा था कि बेटा फोन पर विश्वास नहीं करो। लेकिन बेटा एजेंट के बहकावे में आ गया था। एजेंट संतोष ने मुझसे भी बात किया था। कहा कि माई आप मत डरिये, कुछ नहीं होगा। मनीष हमारा भाई जैसा है। मनीष, अमरजीत के साथ चार लोग कंबोडिया गए थे। मेरे बेटे से ढाई लाख रुपए लिया था। जब मेरे बेटे से बात नहीं हुआ था मेरी बहू ने एजेंट को फोन किया। उसने बेटे से बात नहीं कराया। उसके बाद लगातार पैसे की डिमांड की जाने लगी। भारत सरकार से हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि वो हमारे बेटे को वापस गांव लाने में मदद करें। दुधमुंहे बेटे को लेकर करूंगी भूख हड़ताल अमरजीत की पत्नी पिंकी देवी ने कहा कि सरकार हमारी कोई मदद नहीं कर रही है। पति की रिहाई के लिए मुखिया से लेकर सांसद तक लेटर दिया गया है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर दो सप्ताह में मेरे पति नहीं आते हैं, तो फिर अपने दुधमुंहे बेटे को लेकर दिल्ली पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। तब-तक खाना नहीं खाएंगे जब तक मेरे पति मेरे पास वापस नहीं आते हैं। इसके लिए हमारी जान क्यों नहीं चली जाए। क्योंकि हमारे पति के भरोसे पूरा परिवार है। अगर मुझे कुछ होता है तो सारा जिम्मेदारी सरकार की होगी। पहले जन्मदिन पर खिलौना लाने का था वादा, घर में नहीं जल रहा चूल्हा अरैला गांव के रहने वाले अमरजीत अपने एक भाई सूरज से बड़ा हैं। शादी 2023 में पिंकी देवी से हुई थी। अभी एक साल का बेटा अय्यांश है। 22 मार्च को उसका पहला जन्मदिन था, लेकिन अंर्तराष्ट्रीय गिरोह के चंगुल में फंसने के बाद अमरजीत के घर में खुशी के दिन मातम पसरा रहा। पिता ने बेटे के जन्मदिन पर खिलौना लाने का वादा किया था। लेकिन, घर में चूल्हा भी नहीं जला। बेटे के जन्मदिन पर विदेश से अच्छे-अच्छे खिलौने लाने का वादा किया था। आज पिता के आने के इंतजार में टकटकी लगाए हुए हैं। बेटे ने कहा था- कमाने जा रहा हूं अमरजीत की मां प्रभावती देवी ने भास्कर से बात करते हुए बताया कि मेरे बेटे ने कहा कि माई हम विदेश कमाने जा रहे हैं। आप लोग टेंशन में नहीं रहिएगा, बबुआ का ख्याल रखिएगा। मैं कमाकर सब कुछ अच्छा कर दूंगा। इसके बाद 28 जनवरी को अपने एक रिश्तेदार मनीष कुमार के साथ कंबोडिया के लिए निकल गया। 29 जनवरी को कोलकता से फ्लाइट के जरिए कंबोडिया पहुंचकर फोन पर जानकारी भी दी थी। मुंबई के रहने वाला संजय चौपगार उर्फ लक्की ने होटल में काम और फूड पैकिंग में काम दिलाने के झांसा देकर उसे ले गया। उसने कहा कि 800 डॉलर प्रति महीने मिलेगा। यही सब बात सुनकर मेरा बेटा गया था कि उसके घर का माली स्थिति ठीक हो जाएगी। 19 फरवरी को फोन पर बात हुई थी। कहा कि यहां कुछ ठीक नहीं है। मैं 21 फरवरी को वापस आ जाऊंगा, लेकिन उसके ठेकेदार ने मारपीट करते हुए सभी कागजातों को छीन लिया। उसके बाद उसे फंसाकर जेल भेजवा दिया। हमलोग गरीब आदमी है, कहां से इतना पैसा लेकर आएंगे। घर में ठीक से खाना तक नहीं बन रहा है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए अमरजीत और मनीष की पूरी कहानी दरअसल, मुंबई के एक एजेंट ने अमरजीत और मनीष को होटल में जॉब का झांसा देकर कंबोडिया के नामपेन्ह शहर में भेजा था। लेकिन 29 जनवरी को कंबोडिया पहुंचते ही एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह ने अमरजीत और मनीष को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों पर साइबर ठगी करने का दबाव बनाया जाने लगा। अमरजीत और मनीष ने जब इसका विरोध किया तो जालसाजों के गिरोह ने दोनों का पासपोर्ट और अन्य कागजात जब्त कर लिया। मुंबई के एजेंट की मिलीभगत से दोनों को झूठे आरोप में जेल भिजवा दिया। हालांंकि, जेल भेजे जाने से पहले अमरजीत और मनीष ने अपने-अपने घर कॉल कर पूरी बात बताई थी। दोनों ने बताया था कि हम लोगों को यहां जानवरों की तरह रखा जा रहा है, खाना नहीं दिया जा रहा है और साइबर ठगी से इनकार करने पर मारपीट की जाती है। अमरजीत और मनीष ने परिजन से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। दोनों युवकों के परिजन के मुताबिक, हाल ही में अमरजीत और मनीष का कॉल आया था। दोनों ने बताया था कि हम लोग घर लौट रहे हैं, लेकिन इसके बाद जालसाजों ने उन्हें जेल भिजवा दिया। अब जालसाजों की ओर से अमरजीत और मनीष के परिजन को लगातार कॉल आ रहे हैं। जालसाजों की ओर से अमरजीत और मनीष की रिहाई के लिए 5 से 6 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं। सांसद ने विदेश मंत्रालय में भेजा लेटर इधर,आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। सांसद ने इसे आपात स्थिति बताते हुए भारत सरकार से कंबोडिया की सरकार के साथ राजनीतिक स्तर पर बात कर युवकों को सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
दिल्ली जयपुर हाइवे पर एनएचएआई का 193 करोड़ का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसी प्रोजेक्ट के तहत रेवाड़ी जिले में संगवाड़ी के पास बिना सफाई के ड्रेन को कवर किया जा रहा है। ड्रेन में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ऊपर ठेकेदार के कर्मचारी जीओ फाइबर (जीओ फारसी) का प्रयोग किया जा रहा है। जिसे वहां से गुजरने वाले लोगों ने कमरे में कैद करने के साथ सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ROB के पास चल रहा काम दिल्ली-जयपुर हाइवे पर संगवाड़ी आरओबी के पास ड्रेन सिस्टम को ऊपर से कवर किया जा रहा है। जिसमें उसे कवर करने के लिए जीओ फाइबर (जीओ फारसी) का प्रयोग किया जा रहा है। जिसे देखकर वहां से आने जाने वाले लोगों को हैरानी हुई। लोगों ने निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री के साथ जगह-जगह से बंद पड़ी ड्रेन को भी अपने कमरे में कैद कर वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए। वीडियो गत सप्ताह के अंत के बताए जा रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने ड्रेन सिस्टम में जिओ फाइबर के प्रयोग को तो जायज ठहराया, परंतु बिना सफाई के कवर करने पर कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। तीन आरओबी प्रोजेक्ट में शामिल एनएचएआई ने दिल्ली-जयपुर हाइवे के लिए 193 करोड़ का बजट दिया है। जिसमें हीरो चौक गुरुग्राम, राठीवास और साल्हावास में आरओबी का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा हाइवे के सर्विस रोड की मरम्मत और एग्जिट और एंट्री प्वाइंट भी बनाए जाने हैं।
दिल्ली में 24 मार्च 2026 को मौसम कैसा रहेगा? जानिए तापमान, बारिश की संभावना और हवा की स्थिति। अधिकतम तापमान 36C तक पहुँचने के आसार, गर्मी से बचने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं। वह आने वाले दिनों में सीएम नहीं होंगे। नए सीएम के आने से पहले ही बिहार की आईएएस लॉबी भी अपना गुणा-गणित बैठाने लगी है। कुछ आईएएस अफसर तो बिहार छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। वो दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। वहीं, कुछ इस इंतजार में हैं कि किसे नया सीएम बनाया जाता है। नीतीश करीब 2 दशक से सीएम हैं। वर्षों तक उनके करीब रहे आईएएस अफसर अब सत्ता बदलती देख खुद को किसी और राज्य या केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में शिफ्ट करने में लग गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की परिक्रमा लगानी शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए कौन से IAS अफसर दिल्ली डेपुटेशन पर जाना चाहते हैं? डेपुटेशन का क्या नियम है? कौन वापस बिहार आएंगे? पहले, दिल्ली जाने की चाहत रखने वाले आईएएस अफसरों को जानिए 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। नीतीश की विदाई के साथ ही दिल्ली से लौट रहे ये आईएएस दूसरी ओर सीएम पद से नीतीश कुमार की विदाई के साथ ही दिल्ली से कुछ आईएएस बिहार लौट रहें हैं। इनमें पहला नाम आईएएस आर लक्ष्मण का है। 2004 बैच के आईएएस अधिकारी लक्ष्मण पीएमओ में तैनात थे। दिल्ली से बिहार लौट रहे हैं। वह 2 फरवरी 2026 को दो महीने की छुट्टी गए थे। इसके बाद बिहार में योगदान देंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को लैंड फॉर जॉब से जुड़े एक मामले में राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है। राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें मामले से संबंधित 1,600 ‘अनरिलाइड’ (जिन पर एजेंसी भरोसा नहीं कर रही) दस्तावेज देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध की है। राबड़ी देवी के वकीलों का तर्क है कि न्याय के हित में और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए इन दस्तावेजों तक पहुंच आवश्यक है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दिल्ली की एक अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और अन्य आरोपियों द्वारा सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में उन दस्तावेजों की आपूर्ति की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया था। क्या है मामला : यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि 2004 और 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रेलवे में नियुक्तियां की, जिसके बदले में उनके परिवार के सदस्यों या उनसे जुड़ी संस्थाओं को जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए गए।
बैक डेट में निकाला शेवड़े को सेवामुक्त करने का आदेश, सचिव प्रो. जड्डीपाल दिल्ली तलब
चिंतामण रोड स्थित महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान में एक वेदपाठी छात्र की छड़ी से बेरहमी से पिटाई करने वाले अध्यापक-हॉस्टल इंचार्ज दत्तदास रघुनाथ शेवड़े को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जमानत मिल गई। इधर, प्रतिष्ठान ने भी शेवड़े को सभी सेवाओं से मुक्त कर दिया है। प्रतिष्ठान में ऋग्वेद शाखा में अध्ययनरत एक वेदपाठी छात्र को 15 मार्च की रात अध्यापक एवं हॉस्टल इंचार्ज शेवड़े ने छड़ी से क्रूरतापूर्वक पीटा था। वजह सिर्फ इतनी थी कि वेदपाठी छात्र अपने कमरे की बजाय दूसरे कमरे में जाकर किसी अन्य छात्र के बिस्तर पर जाकर सो गया था। इस बात से हॉस्टल इंचार्ज शेवड़े इस कदर आगबबूला हो गया कि उसने सोते हुए वेदपाठी छात्र को जगाकर हॉस्टल कक्ष के बाहर बुलाकर अपशब्द कहे। जब छात्र ने अपशब्द कहने से मना किया तो शेवड़े ने छात्र को हॉस्टल कार्यालय के कक्ष में ले जाकर छड़ी से बुरी तरह पीटा। उस समय वहां सात अन्य अध्यापक भी मौजूद थे, लेकिन शेवड़े को छात्र को पीटने से नहीं रोका। उस वक्त वहां उपस्थित किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। शनिवार को मारपीट का यह वीडियो वायरल होने के बाद रविवार को पीड़ित छात्र ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रविवार देर रात चिंतामण थाना पुलिस ने शेवड़े को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। इधर, प्रतिष्ठान में वेदपाठी छात्र के साथ हुई हॉस्टल इंचार्ज द्वारा की गई मारपीट की घटना के विरोध में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने टावर चौक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। कार्यकर्ताओं ने कहा जिस पवित्र स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे संस्था की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संभल में ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर हुए विवाद में संदिग्ध रूप से आग लगने से झुलसे छोटे भाई की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के बड़े भाई को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह घटना असमोली थाना क्षेत्र के असगरीपुर गांव की है। मृतक आरिफ पुत्र अली हसन की सोमवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हुई। वह 16-17 मार्च की रात अपने घर में सो रहे थे, तभी उनकी चारपाई में तेल छिड़ककर आग लगा दी गई थी। इस घटना में आरिफ 80 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे, जिसके बाद उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। आरिफ और उनके बड़े भाई यूसुफ के बीच ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस घटना से दो दिन पहले, 15 मार्च को यूसुफ के बेटे फुरकान की पत्नी सायरून ने आरिफ और उनके परिवार के सदस्यों (बेटियों राबिया, साजिया और बेटे फिरोज) पर गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरिफ के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने उनके ताऊ यूसुफ और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ आग लगाकर पिता की जान लेने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि यूसुफ को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) के तहत जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अन्य दो अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पूर्वी दिल्ली में वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश: एक आरोपी गिरफ्तार, चोरी की एक्टिवा बरामद
पूर्वी जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने त्वरित और सतर्क कार्रवाई करते हुए वाहन चोरी के एक मामले का खुलासा कर दिया है
सारण जिले के मांझी नगर पंचायत क्षेत्र के मियां पट्टी निवासी शम्भू राम (22) और अलियासपुर के उसर पर गांव निवासी अशोक कुमार राम (35) की दिल्ली-रोहतक रोड स्थित बहादुरगढ़ इलाके में ट्रक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। दोनों रिश्ते में फूफा और भतीजा बताए जाते हैं। ट्रक ने टैंकर से कुचला, पांच अन्य घायल मिली जानकारी के अनुसार, दोनों छठ पर्व के खरना के लिए आम की लकड़ी लेने निकले थे। इसी दौरान ट्रक (HR-63E-4325) ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में पांच अन्य लोग भी घायल हुए, जिनमें एक की मौत हुई और चार का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलने पर परिजन और गांव वाले शोक जताने के लिए मौके पर पहुंचे। शम्भू राम तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और दिल्ली में फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। अशोक कुमार राम भी फैक्ट्री में काम करते थे। मृतकों का पोस्टमार्टम चल रहा है और परिजन शव को गांव लाने की तैयारी में हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मामले में दोबारा सुनवाई के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक तलाक के मामले की नए सिरे से सुनवाई करने को कहा गया था। यह मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि एक परिवार न्यायालय ने तलाक की मंजूरी देते समय कानून की ऐसी धारा का इस्तेमाल कर दिया […] The post सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मामले में दोबारा सुनवाई के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक appeared first on Sabguru News .
क्रुणाल पांड्या: 'आरसीबी' का लकी चार्म, पहले सीजन में ही टीम को दिलाया पहला खिताब
New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना और लंबे समय के लिए उस जगह को बरकरार रखना हर खिलाड़ी के लिए संभव नहीं हो पाता। कभी फॉर्म की वजह से, कभी फिटनेस की वजह से, तो कभी किसी और कारण से कई प्रतिभावान खिलाड़ी भी टीम इंडिया के साथ लंबी पारी नहीं खेल पाते हैं। ऐसे खिलाड़ियों में ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। क्रुणाल जैसे क्षमतावान खिलाड़ियों के लिए आईपीएल एक बड़े प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ ही दौलत और शोहरत कमाने का भी भरपूर मौका मिलता है। 24 मार्च 1991 को अहमदाबाद, गुजरात में जन्मे क्रुणाल पांड्या का बचपन काफी संघर्ष में बीता है। अपने भाई हार्दिक पांड्या के साथ क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन देश के लिए खेलने और क्रिकेट में बड़ी सफलता हासिल करने का हौसला उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले क्रुणाल ने घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा के लिए 2013 में टी20 में, 2014 में लिस्ट ए में और 2016 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले इस खिलाड़ी को 2016 में मुंबई इंडियंस ने अपने साथ जोड़ लिया और यहीं से उनकी किस्मत बदल गई। वह 2021 तक इस टीम का हिस्सा रहे। पांड्या ने मुंबई इंडियंस की 2017, 2019, और 2020 की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। 2022 से 2024 के बीच वह लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) का हिस्सा रहे। 2025 में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से जुड़े। क्रुणाल ने आरसीबी के साथ पहले सीजन में ही अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए 109 रन बनाने के अलावा 17 विकेट उन्होंने लिए थे। एलएसजी की कप्तानी कर चुके क्रुणाल के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो अब तक खेले 142 मैचों में 2 अर्धशतक की बदौलत उन्होंने 1,756 रन बनाए हैं। क्रुणाल निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए आते हैं, इसलिए अक्सर उन्हें बल्लेबाजी का मौका कम मिलता है। वहीं गेंदबाजी की बात करें तो बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले इस खिलाड़ी ने 93 विकेट लिए हैं। क्रुणाल एक बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी हैं और कुल 52 कैच ले चुके हैं। 2025 में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) से जुड़े। क्रुणाल ने आरसीबी के साथ पहले सीजन में ही अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए 109 रन बनाने के अलावा 17 विकेट उन्होंने लिए थे। Also Read: LIVE Cricket Score क्रुणाल की भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन उनका आईपीएल करियर शानदार चल रहा है और आरसीबी चाहेगी कि आईपीएल 2026 में टीम के लिए खिताब को डिफेंड करने में वह अपनी बड़ी भूमिका निभाएं। Article Source: IANS
आईपीएल 2026 के आगाज से पहले कई टीमों को अपने विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली कैपिटल्स की टेंशन भी बढ़ गई है, क्योंकि उनके स्टार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के शुरुआती मुकाबलों में खेलने पर अनिश्चितता बनी हुई है। दरअसल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक स्टार्क को एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया है, जिसके चलते वह टीम के साथ कब जुड़ेंगे, यह साफ नहीं हो पाया है। दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच हेमांग बदानी ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि टीम फिलहाल एनओसी का इंतजार कर रही है और उसी के बाद स्टार्क की उपलब्धता पर तस्वीर साफ होगी। टीम मैनेजमेंट का कहना है कि वह लगातार क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के संपर्क में हैं और स्टार्क की फिटनेस और वर्कलोड पर नजर रखी जा रही है। हालांकि फ्रेंचाइजी को उम्मीद है कि उन्हें टूर्नामेंट के पहले मुकाबले से पहले मंजूरी मिल सकती है। वहीं टीम के कप्तान अक्षर पटेल और डायरेक्टर वेणुगोपाल राव ने भी भरोसा जताया है कि स्टार्क टीम के साथ जरूर जुड़ेंगे, लेकिन यह पूरी तरह एनओसी मिलने पर निर्भर करेगा। Cricket Australia yet to grant NOC to Mitchell Starc; Delhi Capitals remain hopeful of his availability before the opening match. pic.twitter.com/HhuXxcOMdk CRICKETNMORE (cricketnmore) March 23, 2026 गौरतलब है कि मिचेल स्टार्क कोदिल्ली कैपिटल्स नेपिछले सीजनमेगा ऑक्शन में 11.75 करोड़ रुपये में खरीदा थाऔरटीम के अहम गेंदबाज रहे थे। उन्होंने 11 मैचों में 14 विकेट चटकाए थे और टीम के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज थे। दिल्ली कैपिटल्स अपना आईपीएल 2026 अभियान 1 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शुरू करेगी। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्टार्क को समय पर एनओसी मिल पाता है या नहीं। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का पूरा स्क्वाड: अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, करुण नायर, केएल राहुल, अभिषेक पोरेल, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, माधव तिवारी, त्रिपुराना विजय, अजय मंडल, कुलदीप यादव, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंता चमीरा, डेविड मिलर, बेन डकेट, आकिब डार, पाथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, साहिल पारीख, पृथ्वी शॉ, काइल जेमीसन।
दिल्ली के जनकपुरी में तलाशी के दौरान कार चालक ने कांस्टेबल को बोनट पर घसीटा
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में शराब पीकर गाड़ी चलाने को लेकर नियमित जांच के दौरान एक कार से टक्कर लगने से एक ट्रैफिक कांस्टेबल घायल हो गया। पुलिस के अनुसार यह घटना शनिवार शाम करीब 5:52 बजे लाल साई मार्ग पर भारती कॉलेज के पास घटित हुई, जहां उप निरीक्षक (एसआई) गुरदीप सिंह […] The post दिल्ली के जनकपुरी में तलाशी के दौरान कार चालक ने कांस्टेबल को बोनट पर घसीटा appeared first on Sabguru News .
दिल्ली-अम्बाला रेलखण्ड पर ब्लॉक: अजमेर-चंडीगढ़ समेत कई ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित
उत्तर रेलवे के शाहाबाद मारकंडा और मोहरी स्टेशनों पर तकनीकी कार्य के कारण अजमेर, जम्मू तवी और चंडीगढ़ रूट की रेल सेवाएं जून तक प्रभावित रहेंगी।
आईपीएल 2026: दिल्ली कैपिटल्स को मिचेल स्टार्क के क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से एनओसी मिलने का इंतजार
New Delhi: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी। दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के हेड कोच हेमांग बदानी ने बताया है कि फ्रेंचाइजी ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के आने का इंतजार कर रही है। इसके साथ ही डीसी को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने का भी इंतजार है। 36 वर्षीय स्टार्क को दिल्ली कैपिटल्स की तेज गेदबाजी का मुख्य हथियार माना जा रहा था, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह आईपीएल 2026 का कम से कम शुरुआती दौर मिस करेंगे, क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एक व्यस्त इंटरनेशनल सीजन से पहले उनके वर्कलोड पर नजर रखे हुए है। उनकी गैरमौजूदगी का मतलब होगा कि डीसी को अपनी गेंदबाजी योजनाओं में बदलाव करना होगा। स्टार्क पिछले सीजन में फ्रेंचाइजी के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जिन्होंने 11 मुकाबलों में 14 विकेट निकाले। डीसी ने 2025 के एडिशन से पहले नीलामी में उन्हें 11.75 करोड़ रुपए में खरीदकर टीम में बनाए रखा था। दिल्ली कैपिटल्स 1 अप्रैल को इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबले के साथ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। सोमवार को प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बदानी ने कहा, मिचेल स्टार्क के मामले में, हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से जवाब मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हम उनके क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से एनओसी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एक बार जब उन्हें वह मिल जाएगा, तो हमें पता चल जाएगा कि क्या हो रहा है और वह टीम के साथ कब जुड़ेंगे। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। हमारे पास अपडेट हैं- जैसे कि वह बॉलिंग कर रहे हैं, उन्होंने दो दिन पहले बॉलिंग की थी। लेकिन जब तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उन्हें खेलने के लिए फिट होने का सर्टिफिकेट नहीं दे देता, तब तक फ्रेंचाइजी बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। डीसी के क्रिकेट डायरेक्टर वेणुगोपाल राव ने कहा है कि जैसे ही आईपीएल 2026 के लिए स्टार्क का आना पक्का हो जाएगा, टीम इस बारे में अपडेट देगी। उन्होंने कहा, नहीं, वह आ रहे हैं। वह वर्कलोड और फिटनेस दोनों मामलों में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हम पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जैसे ही कोई अपडेट आएगा, हम आपको बता देंगे। सोमवार को प्री-सीजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बदानी ने कहा, मिचेल स्टार्क के मामले में, हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से जवाब मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हम उनके क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से एनओसी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एक बार जब उन्हें वह मिल जाएगा, तो हमें पता चल जाएगा कि क्या हो रहा है और वह टीम के साथ कब जुड़ेंगे। हम लगातार उनके संपर्क में हैं। हमारे पास अपडेट हैं- जैसे कि वह बॉलिंग कर रहे हैं, उन्होंने दो दिन पहले बॉलिंग की थी। लेकिन जब तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उन्हें खेलने के लिए फिट होने का सर्टिफिकेट नहीं दे देता, तब तक फ्रेंचाइजी बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकती। Also Read: LIVE Cricket Score कप्तान ने कहा, अभी उन्हें (स्टार्क) एनओसी नहीं मिली है, लेकिन हमें बताया गया है कि उन्हें एनओसी मिल जाएगी। इसलिए हम बस उस अपडेट का इंतजार कर रहे हैं, और अगर वह नहीं आते हैं, तो मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई दबाव है कि प्लेइंग इलेवन में सिर्फ बाएं हाथ के गेंदबाज की जगह बाएं हाथ का गेंदबाज ही आएगा। हम टीम के कॉम्बिनेशन, चार विदेशी खिलाड़ियों और भारतीय खिलाड़ियों के संतुलन के बारे में सोच-समझकर ही मैदान पर उतरेंगे। उसी हिसाब से यह तय किया जाएगा कि नटराजन उनकी जगह लेंगे या नहीं- यानी बाएं हाथ के गेंदबाज की जगह बाएं हाथ का गेंदबाज आएगा या नहीं। मुझे लगता है कि वह पिछले साल से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उनका दुबई में एक कैंप भी हुआ था। हम लगातार उन पर नजर रखे हुए हैं। वह पिछले साल से काफी अच्छा कर रहे हैं और शत प्रतिशत फिट हैं। Article Source: IANS
दिल्ली के उत्तम नगर में होली के मौके पर मामूली विवाद में 26 साल के तरुण खटीक की निर्मम हत्या के विरोध में आज भीलवाड़ा में राष्ट्रीय समृद्धि खटीक सेवा संस्थान द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में खटीक समाज के लोग जिला कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने आए संस्थान के लोगों का कहना था कि घटना में कई हमलावर शामिल हैं। अभी तक कुछ लोगों की ही गिरफ्तारी हुई है। अन्य लोग फरार चल रहे हैं इससे पीड़ित परिवार में डर और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। सुरक्षा, आर्थिक सहायता की मांग संस्थान ने 8 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम दिया है। इसमें मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच करने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करने, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की बात कही गई है। वहीं पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलवाने, भविष्य में इस तरह की घटना ना हो इसके लिए कठोर कार्रवाई करने, दोषियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करने और इस घटना की जांच करने की मांग की गई। उग्र आंदोलन करने की चेतावनी इस दौरान बड़ी संख्या में राष्ट्रीय समृद्धि खटीक सेवा संस्थान के कार्यकर्ता मुखर्जी उद्यान पर इकट्ठा हुए। यहां से रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच विरोध प्रदर्शन किया। शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी।
Axar Patel को कैसा लगा IPL का Impact Player Rule? खुद सुनिए क्या बोले Delhi Capitals के कैप्टन
Axar Patel On Impact Player Rule: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन (IPL 2026) का आगाज शनिवार, 28 मार्च से होने वाला है जिसके शुरू होने से पहले दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के कैप्टन अक्षर पटेल (Axar Patel) ने आईपीएल के इम्पैक्ट प्लेयर रूल पर अपने विचार रखे हैं। गौरतलब है कि अक्षर पटेल ने साफ शब्दों में ये कह दिया है कि उन्हें तो ये नियम बिल्कुल भी पसंद नहीं है। जी हां, ऐसा ही हुआ है। दरअसल, अक्षर पटेल का मानना है कि आईपीएल के इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण गेम में हरफनमौला खिलाड़ियों की भूमिका थोड़ी कम हो गई है जिस वज़ह से ही वो इस नियम को पसंद नहीं करते हैं। वो इस पर बात करते हुए बोले, मुझे तो यह नियम अच्छा नहीं लगता है, क्योंकि मैं एक ऑलराउंडर हूं। वो आगे बोले, पहले ऐसा होता था कि बैटिंग और बॉलिंग के लिए ऑलराउंडर को टीम में लिया जाता था, लेकिन इस नियम की वजह से अब टीम मैनेजमेंट या तो बल्लेबाज या तो गेंदबाज को चुनते हैं। उन्हें लगता है कि हमें ऑलराउंडर क्यों ही चाहिए? इस वजह से मुझे यह नियम पसंद नहीं है। लेकिन यह हमारे हाथ में नहीं है। अगर नियम है तो है तो हमें उसे फॉलो करना है। व्यक्तिगत रूप से मुझे यह पसंद नहीं है। गौरतलब है कि 32 साल के अक्षर पटेल ने पिछले आईपीएल सीजन बेहद ही कम गेंदबाज़ी की थी। हालांकि अब उन्होंने ये भी साफ कर दिया है कि ऐसा इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण नहीं था, बल्कि उनकी अंगुली में चोट लगी हुई थी जिस वज़ह से उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में थोड़ा कम गेंदबाज़ी करने का फैसला किया था। VIDEO | Spinner Axar Patel says, Rules are rules, but I am not a fan of the impact player. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7 ) pic.twitter.com/hPzGLezLXV — Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026 ऐसे में ये साफ है कि भले ही अक्षर पटेल एक ऑलराउंडर हैं, लेकिन आईपीएल 2026 टूर्नामेंट के दौरान जब भी दिल्ली कैपिटल्स को उनकी बॉलिंग की जरूरत होगी, वो आगे आकर ये भूमिका निभाएंगे। गौर करें कि अक्षर पटेल के नाम 162 आईपीएल मैचों में 1916 रन और 128 विकेट दर्ज हैं। ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प रहेगा कि वो दिल्ली कैपिटल्स को अपनी कैप्टेंसी और स्किल्स से चैंपियन का टाइटल जीता पाते हैं या नहीं। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2026 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का पूरा स्क्वाड:- अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, करुण नायर, केएल राहुल, अभिषेक पोरेल, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, माधव तिवारी, त्रिपुराना विजय, अजय मंडल, कुलदीप यादव, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंता चमीरा, डेविड मिलर, बेन डकेट, आकिब डार, पाथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, साहिल पारीख, पृथ्वी शॉ, काइल जेमीसन।
दिल्ली में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर लाठीचार्ज? जानिए वीडियो का सच
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो फरवरी 2026 में राजस्थान के बारां जिले में हुई लाठीचार्ज की घटना से संबंधित है.
सोनीपत में नेशनल हाईवे (GT रोड) पर रात को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि इनके पांच अन्य साथी बाल बाल बच गए। सभी दिल्ली से परांठे खाने के लिए मुरथल के ढ़ाबे पर आए थे। हादसा वापस लौटते समय हुआ। कार चला रहे युवक की सगाई हो चुकी थी और जल्द शादी होने वाली थी। उसके पिता की भी मौत हो चुकी है। मृतक युवकों की पहचान बिलाल (25) और विशाल (24 वर्ष) के तौर पर हुई है। ये दिल्ली के चांद बाग और भजनपुरा इलाके के रहने वाले हैं। कार बिलाल चला रहा था। बाकी पांच दोस्तों को हादसे में मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। राहगीरों की सूचना पर पहुंची राई थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भेजा। छानबीन जारी है। पूरे हादसे को सिलसिलेवार ढ़ंग से पढ़ें… रात को बना मुरथल आने का प्रोग्राम: दिल्ली के चांद बाग और भजनपुरा इलाके के रहने वाले 7 दोस्तों ने रात को मुरथल के ढ़ाबों पर आने का प्रोग्राम बनाया। रात को 1 बजे के करीब अपनी कार में सवार होकर मुरथल (सोनीपत) के लिए रवाना हुए। ढ़ाबे पर खाएं परांठे: कार में सभी युवक ठीक ठाक रात को मुरथल पहुंच गए। यहां के मशहूर ढाबे पर खाना खाया। इसमें परांठे भी शामिल रहे। इसके बाद वे अल सुबह मुरथल से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। कार को 25 वर्षीय बिलाल चला रहा था। राई के पास बेकाबू हुई कार: युवक नेशनल हाईवे 44 पर मुरथल से बहालगढ़ होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए। वे राई के पास पहुंचे ही थे कि उनकी तेज रफ्तार कार का अचानक संतुलन बिगड़ गया। अनियंत्रित होकर कार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। इससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो युवकों की मौके पर ही मौत: कार के डिवाइडर से टकराने के बाद इसमें सवार 7 दोस्तों में से बिलाल (25) और विशाल (24) की मौके पर ही मौत हो गई। पांच अन्य साथियों को भी चोटें आई। राहगिरों ने तुरंत इनको कार से निकाला और हादसे की सूचना पुलिस को दी। बुजुर्ग मां का सहारा छीना हादसे में परिवार के इकलौते सहारा बिलाल की मौत हो गई। उसके चाचा मोहम्मद अकरम ने बताया कि एक साल पहले बिलाल की सगाई हो चुकी थी। अब जल्द ही शादी होने वाली थी। परिवार ने उसकी शादी की तैयारियां शुरू कर दी थी। बिलाल के पिता का 2010 में हार्ट अटैक से निधन हो चुका है। घर में बूढ़ी मां, भाई और बहन की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। सोनीपत पहुंचे दोनों के परिजन राई में हुए हादसे में घायल दोस्तों ने बिलाल और विशाल की मौत की सूचना रात को ही उनके परिवार को दे दी थी। बिलाल का चाचा मोहम्मद अकरम व अन्य यहां पहुंच गए हैं। दोनों के शवों को अस्पताल में रखा गया है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराएगी। मामले की जांच में जुटी पुलिस राई थाना पुलिस हादसे को लेकर छानबीन में लगी है। कार के अचानक अनियंत्रित होने की वजह पता लगाई जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे और हादसे के कारणों की जांच जारी है।
IPL 2025 में 'छुपे रुस्तम' साबित हुए थे ये 4 खिलाड़ी, इस सीजन भी कर सकते हैं कमाल
New Delhi: आईपीएल को युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी काबिलियत साबित करने का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। आईपीएल 2025 में कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल से खासा प्रभावित किया था और इस सीजन भी इन प्लेयर्स के प्रदर्शन पर हर किसी की निगाहें रहेंगी। वैभव सूर्यवंशी: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन आईपीएल 2025 में कमाल का रहा था। वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाया था। उन्होंने 7 मुकाबलों में 206 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 252 रन बनाए थे। वैभव इस लीग में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने थे। पिछले एक साल में वैभव की बल्लेबाजी में और भी ज्यादा निखार आया है। यही वजह है कि आईपीएल 2026 में उनके प्रदर्शन पर हर किसी की नजर रहेगी। आयुष म्हात्रे: चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए पिछले सीजन आयुष म्हात्रे ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से हर किसी का ध्यान खींचा था। आयुष ने आईपीएल 2025 में खेले 7 मुकाबलों में 188 के स्ट्राइक रेट से 240 रन बनाए थे। 17 वर्षीय बल्लेबाज से आईपीएल 2026 में चेन्नई को काफी उम्मीदें होंगी। आयुष संजू सैमसन के साथ पारी का आगाज करते हुए नजर आ सकते हैं। प्रभसिमरन सिंह: आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स की जर्सी में प्रभसिमरन सिंह का प्रदर्शन दमदार रहा था। उन्होंने 17 मुकाबलों में 160 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 549 रन बनाए थे और पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई थी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब टीम को प्रभसिमरन से आईपीएल 2026 में भी बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। Also Read: LIVE Cricket Score अनिकेत वर्मा: सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए अनिकेत वर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। खासतौर पर अनिकेत अंतिम ओवरों में जबरदस्त बल्लेबाजी करते नजर आए थे। उन्होंने पिछले सीजन खेले 14 मुकाबलों में 166 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 236 रन बनाए थे। बतौर फिनिशर अनिकेत के प्रदर्शन पर इस सीजन भी हर किसी की निगाहें रहेंगी। Article Source: IANS
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-46 पर पूरनखेड़ी गांव के पास सोमवार सुबह करीब 5 बजे एक पार्सल आयशर वाहन स्टेयरिंग फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर डायवर्सन के पिलर से टकरा गया। दिल्ली से इंदौर जा रहे इस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अलीगढ़ निवासी ड्राइवर रविंद्र केबिन में फंस गया। सूचना पर पहुंची टीम ने क्रेन की मदद से उसे गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र में एनएच 46 पर पूरनखेड़ी गांव के पास सोमवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से इंदौर जा रहा एक पार्सल आइशर वाहन स्टेरिंग फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर डायवर्सन पर लगे पिलर से टकरा गया। यह हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ। टक्कर से केबिन में फंसा पैर, क्रेन से निकाला गयाडायवर्सन के पिलर से वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि उसका ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने क्रेन की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर बोला- स्टेयरिंग फेल होने से बेकाबू हुआ वाहनघायल ड्राइवर की पहचान अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी रविंद्र के रूप में हुई है। अस्पताल में रविंद्र ने बताया कि, “स्टेरिंग फेल होने के बाद वाहन बेकाबू हो गया और पिलर से जा टकराया।” हादसे में उसका पैर केबिन में फंस गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं हैं। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती, जांच शुरूमौके से रेस्क्यू करने के बाद घायल ड्राइवर रविंद्र को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इस पूरे सड़क हादसे की जांच शुरू कर दी है।
हापुड़ जनपद में सोमवार की सुबह करीब 6 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम उपेड़ा के पास यात्रियों से भरी एक रोडवेज बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। इस हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग एक दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह रोडवेज बस पीलीभीत से दिल्ली जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। ग्राम उपेड़ा के पास पहुंचते ही बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। बस में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में पुलिस और प्रशासन का सहयोग किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने तत्परता से सुचारू कराया। प्रारंभिक जांच में बस के अचानक अनियंत्रित होने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है। प्रशासन द्वारा घायलों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।खबर अपडेट की जा रही है.…
पाली शहर के पाली-सोजत सड़क मार्ग पर स्थित 72 फीट बालाजी मंदिर का 16वां वार्षिक पाटोत्सव 31 मार्च को आयोजित होगा। जिसके तहत भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन होगा। भजन संध्या में भजन गायक रमेश माली पाली, राघवनाथ लवेरा, महेन्द्रसिंह राठौड़ पाली, हेमराज गोयल पाली, महावीर सांखला, शंकर टाक डायलना भजनों की प्रस्तुति देंगे। वही मनोज रिया एण्ड पार्टी नई दिल्ली के कलाकार भजनों पर आकर्षण डांस की प्रस्तुति देंगे। पाटोत्सव की तैयारियों को लेकर रविवार शाम को 72 फी पाली बालाजी पाटोत्सव आयोजन समिति की बैठक ओमजी महाराज के सान्निध्य में हुई। मुख्य संरक्षक पुखसिंह राजपुरोहित ने बताया कि ओमप्रकाश ओझा को कोषाध्यक्ष बनाया। इसके साथ ही कई समितियां बनाकर जवाबदारी दी गई। मेला व्यवस्थापक रामचंद्र जांगिड़ एवं हरीश देवड़ा ने विभिन्न समितियां बनाकर मेले को भव्य रूप देने पर चर्चा की। आश्रम में होगी आकर्षक सजावटआश्रम संचालक दिनेश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 72 फीट पाली बालाजी का वार्षिक पाटोत्सव में बालाजी का विशेष प्रकार से सजावट की जाएगी। जो मेले का मुख्य आकर्षण होगा। मेला निवेदक मगराज जैन ने बताया कि नरेश शर्मा, ईश्वर लाल कोलपुरा, नरपत सिंह ढढोरा, घीसूलाल पंचारिया, मानाराम पंचारिया, पारस सांखी, श्रवण रानेजा, प्रचार प्रसार व्यवस्था उमेद सिंह की गहलोत, पुखराज जाजड़ा, सूर्य प्रकाश जोशी, जितेंद्र भारती, सुरेश देवासी, निखिल गहलोत, चंद्रेश वैष्णव, जितेंद्र गोस्वामी आदि तैयारियों में जुटे है।
राजस्थान और दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह-सुबह बारिश हुई। जबकि ओडिशा के पुरी में घना कोहरा छाया रहा। इससे भगवान जगन्नाथ का मंदिर धुंध में छिप गया। IMD ने आज हिमाचल, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल, नगालैंड, मणिपुर मिजोरम, त्रिपुरा, मध्य महाराष्ट्र-मराठवाड़ा, आंध्र प्रदेश-रायलसीमा में आज आंधी-बारिश का अलर्ट है। कोंकण-गोवा और केरल में आज मौसम उमस भरा रहेगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। देश में बैक-टु-बैक आ रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से कई राज्यों में तापमान घट गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, दिल्ली, बिहार और झारखंड में दोपहर बाद मौसम सामान्य रहेगा। IMD के मुताबिक 26 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होगा। जिसके असर से तेज बारिश, आंधी के हालात बनेंगे। लेकिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अगले 5 दिन में तापमान में 4-7C तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तर भारत में बर्फबारी के बाद की तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 24 मार्च: 25 मार्च: राज्यों से मौसम की खबरें… राजस्थान: जयपुर में बारिश, 2 दिन बाद एक्टिव होगा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रदेश में लगातार आ रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस से आंधी-बारिश का दौर जारी है। जयपुर में सोमवार सुबह बारिश हुई। आज और कल मौसम ड्राय रहने, जबकि 25-26 मार्च को एक नया कमजोर सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है। इसके असर से 2 दिन बाद 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। पढ़ें पूरी खबर… मध्य प्रदेश: अगले 3 दिन गर्मी रहेगी, फिर 20 जिलों में बारिश का अलर्ट प्रदेश में मार्च के आखिरी हफ्ते मौसम फिर बदलेगा। मौसम विभाग ने 26 मार्च से बारिश का अलर्ट जारी किया है। नए सिस्टम का असर पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से ज्यादा जिलों में दिखाई देगा। इससे पहले 3 दिन प्रदेश में तेज गर्मी पड़ेगी। तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर… हिमाचल प्रदेश: आज 4 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, ऊंचे इलाकों में बर्फबारी संभव प्रदेश के ज्यादातर भागों में सुबह से ही बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी का अनुमान है। पढ़ें पूरी खबर… छत्तीसगढ़: कई जिलों में तापमान 6C तक कम, कोंडागांव में 12 घंटे तक नहीं पिघले ओले मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब गर्मी का असर बढ़ेगा। तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में पारा सामान्य से 3 से 6 डिग्री नीचे बना हुआ है। इससे पहले शनिवार को कोंडागांव में ओले गिरे, जो 12 घंटे तक नहीं पिघले। खेतों में बर्फ की मोटी चादर से फसलों को नुकसान हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तर भारत में सक्रिय हुआ 'पश्चिमी विक्षोभ'- उत्तराखंड में सफेद चादर और दिल्ली-पंजाब में बूंदाबांदी
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदला। हिमाचल, उत्तराखंड में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट। जानिए अगले 24 घंटों का हाल।
दिल्ली में फिर लौटेगी फुहारें- आज बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत!
दिल्ली में 23 मार्च को फिर से करवट लेगा मौसम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। जानिए आपके इलाके में कैसा रहेगा हाल।
दिल्ली बजट से पहले ‘खीर रस्म’, सीएम रेखा गुप्ता करेंगी अनोखी शुरुआत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली बजट 2025-26 पेश करने से एक दिन पहले सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत के तौर पर पारंपरिक प्री-बजट 'खीर रस्म' करेंगी
जयपुर ऑप्टिमस अचीवर्स ने दिल्ली में जीती इंडियन पोलो चैम्पियनशिप
जयपुर का ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड। यहां इंडियन ओपन पोलो चैम्पियनशिप का रविवार को फाइनल खेला गया। आमने-सामने थीं जयपुर ऑप्टीमस अचीवर्स और जिंदल पैंथर्स की टीमें। इस फाइनल में बाजी मारी जयपुर अचीवर्स टीम ने। अचीवर्स ने जिंदल पैंथर्स को 12-9 से पराजित किया। जयपुर के लिए छह गोल के खिलाड़ी अलेहो अराम्बुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल किए। दो गोल पद्मनाभ सिंह और एक-एक गोल डेनियल ओटामेंडी व प्रताप सिंह कानोता ने किया। ग्रिस जावालेटा ने किए 7 गोल जिंदल पैंथर्स की ओर से 7 गोल के खिलाड़ी हुआन ग्रिस जावालेटा खेले। लेकिन वे टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सके। हालांकि उन्होंने टीम के लिए 7 गोल किए। एक-एक गोल सिद्धांत शर्मा और रविरो जावालेटा ने किया। टूर्नामेंट के मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर एलेहो अराम्बुरु रहे। जयपुर पोलो ग्राउंड पर हो सकता है अंतिम टूर्नामेंट जयपुर पोलो ग्राउंड को 15 दिन में खाली करने का नोटिस मिला है। इसलिए संभव है कि यह जयपुर पोलो ग्राउंड पर अंतिम मैच हो। हालांकि रविवार को मैच के बाद नवीन जिंदल, पद्मनाभ सिंह के साथ-साथ कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने भी इसका विरोध किया है। उल्लेखनीय है कि शहरी विकास मंत्रालय की ओर से इंडियन पोलो एसोसिएशन को 12 मार्च को एक पत्र दिया था, जिसमें 15 दिन के अंदर-अंदर इसे खाली करने के आदेश किए गए हैं।
टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले दादा और पोता की अपने गांव से करीब चार किमी दूर से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में कार में सवार पांच परिजन गंभीर घायल हो गए। उन्हें सवाई माधोपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से 2 की हालत गंभीर होने पर जयपुर रैफर किया गया है। कार ड्राइवर धारा सिंह मीणा (40) की जान कार में एयरबैग खुलने से बच गई। अलीगढ़ थाने के ASI बाबू लाल ने बताया कि मृतक दादा-पोता और घायल एक ही परिवार के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के पचाला गांव के है। लेकिन घटना स्थल सवाई माधोपुर जिले के रवाजना डूंगर थाना क्षेत्र का है, इसलिए पूरी कार्रवाई रवाजना डूंगर थाना पुलिस ने की है। शादी में भात लेकर गए थेपचाला के रहने वाले दीपराज सैनी ने बताया कि अलीगढ़ थाना क्षेत्र के पचाला निवासी धारा सिंह मीणा की बूंदी जिले के लाखेरी कस्बे के पास डडवाड़ा निवासी बुआ के लड़के शादी में शनिवार को भात लेकर गए थे। मध्यरात बाद खुद की एर्टिगा कार से परिवार के आठ व्यक्ति वापस लौट रहे थे। मध्यरात बाद करीब 2 बजे सवाई माधोपुर जिले के रवाजना डूंगर थाना क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार अनियंत्रित होकर पास ही मिट्टी के ढेर से टकराकर पलट गईं। गंभीर घायलों को जयपुर रेफर कियाहादसे में रामफूल मीणा ( 60) और उनका पौत्र आकाश (16) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं धारासिंह की पत्नी कमलेश(35) और उनका रिश्तेदार पचाली निवासी रामफूल (70) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जयपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं धारा सिंह मीणा की बेटी पायल (18), पलक (14) बेटा अजय (11) घायल हो गए। उन्हें सवाई माधोपुर अस्पताल में इलाज कराया गया है।
देशभर में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को रायपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मामला मुजगहन थाना क्षेत्र का है, जहां कांदुल निवासी परमजीत सिंह चड्ढा को बीमा पॉलिसी मैच्योर होने का झांसा देकर 9 लाख 60 हजार रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को बैंक और बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर कॉल करते थे। पीड़ित को बताया गया कि उसके नाम पर 98.64 लाख रुपए की पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है। रकम पाने के लिए अलग-अलग बहाने से प्रोसेसिंग फीस, कागजी कार्रवाई और टैक्स के नाम पर पैसे जमा कराए गए। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज, RBI के नकली पेपर और बैंक ड्राफ्ट तक भेजकर भरोसा दिलाया। जब पीड़ित को शक हुआ और उसने बैंक में जांच कराई, तब पूरे ठगी का खुलासा हुआ। पहले 3 आरोपी पकड़े जा चुके इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इनके कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे। मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड जितेंद्र कुमार उर्फ राजीव को दिल्ली से गिरफ्तार किया। उसके पास से भी एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। देशभर में ठगी की आशंका पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आशंका है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव रविवार को अल्प प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके प्रशंसकों और समर्थकों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे से वे सीधे सड़क मार्ग द्वारा मऊ जनपद के लिए रवाना हुए। मऊ स्थित लिटिल फ्लावर चिल्ड्रन स्कूल में आयोजित 'योग व शिक्षा संवाद' कार्यक्रम में बाबा रामदेव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ योग के महत्व पर प्रकाश डाला। मऊ से वाराणसी वापसी के दौरान चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी टोल प्लाजा पर भी समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मार्कंडेय महादेव के पुजारी मुन्ना गिरी, रिंकू गिरी और गौरव गिरी ने वैदिक मंत्रोच्चार किया। डॉ. विजय यादव के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और छात्र भी स्वागत के लिए उपस्थित रहे। बाबा रामदेव ने लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। शाम करीब 4 बजे बाबा रामदेव वापस वाराणसी हवाई अड्डे पहुंचे। उनके साथ संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा भी मौजूद रहे। हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज में कुछ देर रुककर उन्होंने लोगों से भेंट की और फिर इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर गए।
दिल्ली के प्रदूषण में सिसकती ब्रज की जीवन रेखा यमुना (विश्व जल दिवस पर विशेष आलेख)
यमुना नदी यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है। भारतवर्ष की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना को गंगा के साथ रखा जाता है। आज यह नदी गंगा नदी से भी ज्यादा प्रदूषित है। जिस तरह गंगा नदी का सांस्कृतिक इतिहास है उसी प्रकार यमुना नदी का ... Read more
सोनीपत में सिटी थाना शहर परिसर में दहेज विवाद की बातचीत के लिए बुलाए गए दो पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इस हाथापाई में दिल्ली निवासी एक डॉक्टर का हाथ टूट गया और उनके माता-पिता के साथ भी बदतमीजी की गई। पुलिस ने 5 महीने बाद मिली शिकायत में मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे के आधार पर महिला पक्ष के करीब 6 नामजद और अन्य के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाने में बातचीत के दौरान हुआ हमला दिल्ली के मुखमेलपुर निवासी शिकायतकर्ता डॉ. विवेक ने बताया कि उनकी शादी 15 फरवरी 2025 को सोनीपत के देवनगर निवासी युवती के साथ हुई थी। कुछ समय बाद वैवाहिक जीवन में मतभेद बढ़ गए और पत्नी ने डॉ. विवेक व उनके परिवार पर दहेज मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाना शहर सोनीपत में शिकायत दी थी। दोनों पक्षों को बुलाया था थाने इसी शिकायत पर दोनों पक्षों को 27 अक्टूबर 2025 को थाने में बुलाया गया था। डॉ. विवेक के अनुसार, बातचीत के दौरान ससुराल पक्ष के लोग अचानक उग्र हो गए और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही उन पर हमला कर दिया। डॉक्टर और परिजनों से मारपीट हमले में डॉ. विवेक के ससुर राजबीर सिंह, नाना दयानंद, ताऊ शिवचरण, अंकल ओमप्रकाश, सास उर्मिला और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर उन पर लात-घूंसे बरसाए, जिससे उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई।बीच-बचाव करने पहुंचे विवेक के माता-पिता के साथ भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान विवेक की मां सपना के पैर में मोच आ गई और पिता राजेंद्र को भी चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि घटना के बाद डॉ. विवेक ने सरकारी अस्पताल सोनीपत में एमएलसी कटवाई और एक्स-रे करवाया, जिसमें उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने 11 मार्च 2026 को थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा थाना शहर सोनीपत के जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह ने बताया कि मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पीड़ित को गंभीर चोटें पहुंचाई गई हैं। पुलिस ने 22 मार्च को मुकदमा दर्ज किया है।आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190 (गैरकानूनी जनसमूह), 191(3) (दंगा करना), 115(2) (चोट पहुंचाना) और 117(2) (गंभीर चोट/फ्रैक्चर पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया गया है।
आईपीएल में स्थिरता बरकरार रखी तो दिल्ली कैपिटल्स बन सकती है ट्रॉफी की दावेदार: आकाश चोपड़ा
आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम इस बार काफी मजबूत दिख रही है और अक्षर पटेल की अगुवाई में टीम अपनी पहली ट्रॉफी जीत सकती है। दिल्ली कैपिटल्स उन दो फ्रेंचाइजी में से एक है, जिन्होंने 2008 में लीग की शुरुआत के बाद से हर सीजन में खेलने के बावजूद कभी आईपीएल का खिताब नहीं जीता है। आकाश चोपड़ा ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, जिस किसी ने भी कई ट्रॉफी जीती हैं, यहां तक कि गुजरात टाइटंस भी, जो दो बार फाइनल में पहुंचे और एक बार ट्रॉफी को अपने नाम किया। आप इन सभी टीमों को देखेंगे, तो आप पाएंगे कि निरंतरता और स्थिरता ने ही उन्हें सफल होने में मदद की है। दिल्ली कैपिटल्स की तारीफ करते हुए आकाश ने कहा, आईपीएल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह आपको फिर से शुरुआत करने का मौका देता है। हर तीन साल के बाद एक बड़ी नीलामी होती है। दिल्ली की तारीफ करनी होगी, क्योंकि 2019 से वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और 2020 में फाइनल में भी पहुंचे थे। महिला टीम डब्ल्यूपीएल के चारों सीजन में फाइनल में पहुंची है। उन्होंने अपनी नीलामी की रणनीति सही रखी है और इस साल मुझे लगता है कि उनके पास एक बहुत मजबूत यूनिट है। इसी वजह से मुझे उम्मीद है कि यह साल उनका हो सकता है। दिल्ली कैपिटल्स उन दो फ्रेंचाइजी में से एक है, जिन्होंने 2008 में लीग की शुरुआत के बाद से हर सीजन में खेलने के बावजूद कभी आईपीएल का खिताब नहीं जीता है। आकाश चोपड़ा ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, जिस किसी ने भी कई ट्रॉफी जीती हैं, यहां तक कि गुजरात टाइटंस भी, जो दो बार फाइनल में पहुंचे और एक बार ट्रॉफी को अपने नाम किया। आप इन सभी टीमों को देखेंगे, तो आप पाएंगे कि निरंतरता और स्थिरता ने ही उन्हें सफल होने में मदद की है। Also Read: LIVE Cricket Score अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन आईपीएल 2025 में मिलाजुला रहा था। दिल्ली ने पिछले सीजन में खेले 14 मुकाबलों में से 7 मैच जीते थे, जबकि 6 मुकाबलों में टीम को हार झेलनी पड़ी थी। एक मैच बेनतीजा रहा था। दिल्ली ने आईपीएल 2025 में आगाज दमदार अंदाज में किया था, लेकिन टीम अपनी लय को दूसरे हाफ में बरकरार नहीं रख सकी थी। Article Source: IANS
हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र की ऐश्वर्या द्विवेदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक सौंदर्य प्रतियोगिता में दो प्रमुख खिताब जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। 'मिस ग्रैंड इंटरनेशनल (यूपी)' के मंच पर ऐश्वर्या ने अपने आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से जजों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता में ऐश्वर्या को 'मिस कैटवॉक' चुना गया। उनकी बुद्धिमत्ता और सटीक जवाबों के कारण उन्हें 'मिस ब्यूटी विद ब्रेन' का खिताब भी मिला। यह उनकी एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी उपलब्धि है; इससे पहले वह 'मिस यूपी स्टाइल आइकन' का खिताब भी जीत चुकी हैं। ऐश्वर्या द्विवेदी केवल ग्लैमर की दुनिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी हुई हैं। वह एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए लगातार आवाज उठाती रही हैं और समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास कर रही हैं। अपनी सफलता पर उन्होंने कहा कि असली सुंदरता आत्मविश्वास और हौसले में होती है, और हर लड़की को अपने सपनों के लिए आगे बढ़ना चाहिए। संडीला निवासी राम कुमार द्विवेदी की पुत्री ऐश्वर्या की इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मुजफ्फरनगर के भोपा रोड पर रविवार को ग्रामीणों और किसानों ने दिल्ली से आ रहे कचरे से भरे एक ट्रक को पकड़ा। आरोप है कि इस कचरे को 'रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल' (RDF) बताकर भोपा रोड स्थित पेपर मिलों में जलाने के लिए लाया जा रहा था। सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने भोपा रोड स्थित चांदपुर के पास एक पेट्रोल पंप पर ट्रक को रोका। तिरपाल हटाने पर ट्रक में अत्यधिक दूषित और सड़ा-गला कचरा पाया गया, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि दिल्ली के इस कचरे को RDF के नाम पर मुजफ्फरनगर की पेपर मिलों में जलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की हवा और पानी प्रदूषित हो रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि इस प्रदूषण के कारण इलाके में बीमारियां बढ़ रही हैं। प्रदर्शनकारियों और भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के कार्यकर्ताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारियों पर पेपर मिल मालिकों के साथ मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने शिकायत की कि अधिकारी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और उनके फोन कॉल भी नहीं उठाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं करेंगे और भविष्य में भी ऐसे कचरे से भरे ट्रकों को रोकते रहेंगे। इस मामले पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि मौके पर एक टीम भेजी गई थी। ट्रक में मिले पदार्थ की RDF के रूप में जांच के लिए भी एक टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी में जिला प्रशासन या जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सामने सीवरेज लाइन अवरुद्ध होने या पेयजल पाइप लाइन लीक होने की समस्या आ रही हैं। उसको लेकर डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार उन समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इसी कड़ी में समाधान शिविर में पहुंची कृष्णा कॉलोनी में बंद सीवरेज लाइन को दिल्ली से सुपर शकर मशीन मंगवाकर रातों रात खुलवाया गया। इससे सीवरेज की समस्या दुरुस्त हुई है। समाधान शिविर में कृष्णा कॉलोनी वासियों ने उनके क्षेत्र में सीवरेज लाइन के बंद होने की समस्या रखी थी। इसी प्रकार बैंक कॉलोनी और राजीव गांधी महिला कॉलेज क्षेत्र में भी सीवरेज लाइन के ब्लॉक होने की समस्या सामने आई। दिल्ली से मंगवाई सुपर शकर मशीनडीसी साहिल गुप्ता ने सीवरेज की समस्याओं को गंभीरता से लिया और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि वे दिल्ली से सुपर शकर मशीन मंगवाएं और सीवरेज लाइनों को साफ करवाएं। डीसी के निर्देशों के चलते जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने दिल्ली से सुपर शकर मशीन मंगवाई और कृष्णा कॉलोनी में रातों रात सीवर लाइन की सफाई करवाई। मशीन से सीवर लाइन की बंद पड़ी सांसों को खोला गया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास धनखड़ जानकारी ने बताया कि फिलहाल सुपर शकर मशीन को रोहतक रोड पर बैंक कॉलोनी क्षेत्र में लगाया गया है। इस क्षेत्र की भी सीवरेज से संबंधित समस्या समाधान शिविर में आई थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद राजीव गांधी राजकीय महिला कॉलेज क्षेत्र की मेन सीवर लाइन को साफ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे जिस क्षेत्र में सीवरेज से संबंधित कोई समस्या सामने आती है, उसके साथ ही विभाग का प्रयास उस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने का होता है।
गया में द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के सीपीई स्टडी चैप्टर की ओर से आज इनकम टैक्स एक्ट 2025 और 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए आयकर कानून पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के काशीनाथ मोड़ के पास स्थित एक निजी होटल में हुआ। इस महत्वपूर्ण सेमिनार में के कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने भाग लिया। दिल्ली से आए टैक्स और फाइनेंस विशेषज्ञ विनोद रावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ डिप्टी कन्वेनर रोहित कुमार सिन्हा और कन्वेनर दीपक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद नए आयकर कानून पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता विनोद रावत ने अपने संबोधन में कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाला इनकम टैक्स एक्ट 2025 कई महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है, जिन्हें समझना हर टैक्स प्रोफेशनल के लिए आवश्यक है। टीडीएस काटने की प्रक्रिया में होगा बदलाव रावत ने बताया कि अब टीडीएस काटने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी। इसके लिए नए फॉर्म और नई प्रक्रिया अपनानी होगी, जिससे कर प्रणाली में पारदर्शिता और सरलता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल और अधिक प्रभावी बनाना है। वित्त मंत्रालय की ओर से नए कानून में कई सुधार किए गए हैं, जिनमें करदाताओं को राहत देने के लिए विभिन्न प्रकार की छूट और प्रावधान शामिल हैं, जिससे आम लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इस अवसर पर उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भी अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से समाधान हासिल किए। सेमिनार के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की उम्मीद जताई, ताकि प्रोफेशनल्स समय-समय पर अपडेट रह सकें। पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना सीए रोहित कुमार सिन्हा, सीए दीपक कुमार ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद पुराने नियमों को भूलकर नई व्यवस्था को अपनाना होगा। इसके लिए सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अभी से तैयारी शुरू करनी चाहिए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि प्रोफेशनल्स को समय रहते नए प्रावधानों की जानकारी दी जा सके। सेमिनार के दौरान विशेष रूप से टीडीएस (TDS) प्रणाली में होने वाले बदलावों पर प्रकाश डाला गया। इस तरह यह सेमिनार न केवल जानकारीवर्धक रहा, बल्कि आने वाले नए आयकर कानून को समझने में भी बेहद उपयोगी साबित होगा। इस मौके पर सीए संजीव सिन्हा, सीए अनूप कुमार, विजय कुमार, शशांक सिन्हा, उटपक कुमार, शशि कुमार, प्रतिक अग्रवाल, आनंद साव रोहित गोस्वामी, दिलीप कुमार, अभिषेक कुमार और विवेक कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।
गुरुग्राम और दिल्ली के शोरूम से टेस्ट ड्राइव के बहाने महंगी बाइक लेकर भागने वाला शातिर बदमाश को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 22 लाख से ज्यादा कीमत की 6 बाइक बरामद की है। आरोपी की पहचान गुरुग्राम में रहने वाले पुनीत के रूप में हुई है। पुनीत ने बीबीए की डिग्री हासिल ले रखी है और वर्तमान में वह एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। अपनी फर्राटेदार अंग्रेजी और प्रोफेशनल लुक से बाइक डीलर्स को भरोसा दिलाते हुए टेस्ट ड्राइव के नाम पर 3 से 7 लाख रुपए तक की महंगी बाइक चोरी करता था। वह एक बाइक शोरूम में काम करता था, वहीं से उसे चोरी का आइडिया आया। खुद को प्रोफेशनल ग्राहक के रूप में पेश करता पुलिस के मुताबिक वह गुरुग्राम और दिल्ली के कई शोरूमों में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका था। शोरूम में वह खुद को एक जेनुइन और प्रोफेशनल ग्राहक के रूप में पेश करता था। फर्जी आईडी प्रूफ और आधार कार्ड के जरिए वह बाइक की टेस्ट ड्राइव मांगता और फिर भाग जाता था। हाईवे के आसपास के शोरूम को बनाया निशाना वह ऐसे शोरूम चुनता था, जहां से भागना आसान होता, यानि जो हाईवे के आसपास शोरूम होता, तो वहां वारदात करता था। वह रॉयल एनफील्ड, बजाज पल्सर एनएस 200, यामाहा आर15 या होंडा सीबी 350 जैसी मॉडल्स की महंगी बाइक्स चोरी कर चुका है। तीन महीने में 40 लाख की बाइकें चुराई पुलिस जांच में पता चला कि पिछले 3 महीनों में आरोपी ने कुल 9 महंगी बाइकें चुराईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 40-50 लाख रुपए बताई जा रही है। चोरी के बाद पुनीत इन बाइकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बेचता था इनमें फेक आरसी, इंश्योरेंस पेपर और बिल ऑफ सेल बनाता और इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक मार्केटप्लेस, ओएलएक्स और वॉट्सएप ग्रुप्स पर सस्ते दामों में बेच देता था। कई बार वह गुरुग्राम या दिल्ली के बाहरी इलाकों में खरीदार ढूंढता था, जहां लोग कम कीमत पर बाइक खरीदने के लालच में जांच-पड़ताल कम करते थे। जीपीएस लगाकर पकड़ा लगातार बढ़ती चोरियों से परेशान शोरूम मालिकों ने पुलिस के साथ मिलकर एक स्मार्ट रणनीति अपनाई। टेस्ट ड्राइव पर दी जाने वाली हर महंगी बाइक में अब जीपीएस ट्रैकर डिवाइस अनिवार्य रूप से लगवाया जाने लगा। जब पुनीत ने हाल ही में एक बड़े शोरूम से एक 6.5 लाख रुपए की बाइक टेस्ट ड्राइव के बहाने ली और फरार हो गया, तो जीपीएस लोकेशन से उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग शुरू हुई। पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया और उसे दिल्ली के विजय विहार इलाके में पकड़ लिया। बरामद बाइक के अलावा उसके पास से फर्जी दस्तावेज, कई मोबाइल फोन और कुछ कैश भी बरामद हुआ है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और गुरुग्राम के थानों में दर्ज मामलों में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
आईपीएल 2026 से पहले गुजरात टाइटंस को मिला बड़ा बूस्ट, कगिसो रबाडा ने ज्वाइन की टीम
New Delhi: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन की शुरुआत से पहले कगिसो रबाडा गुजरात टाइटंस की टीम से जुड़ गए हैं। गुजरात ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर दी है। रबाडा ने पिछले सीजन में सिर्फ 4 ही मुकाबले खेले थे और वह निजी कारणों के चलते घर लौट गए थे। गुजरात टाइटंस ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर रबाडा की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, अगर आपने पलक झपकाई, तो आप एंट्री मिस कर देंगे। घर में आपका स्वागत है, कगिसो रबाडा। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होनी है और इस सीजन में रबाडा से गुजरात की टीम को दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। आईपीएल 2025 में खेले 4 मुकाबलों में रबाडा ने सिर्फ 2 ही विकेट निकाले थे और उनका इकोनॉमी 11.57 का रहा था। रबाडा की हालिया फॉर्म भी गुजरात के लिए चिंता का विषय जरूर होगी। हाल ही में खत्म हुए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में रबाडा लय में दिखाई नहीं दिए थे। वह 7 मुकाबलों में सिर्फ 5 विकेट ही निकाल सके थे और उनका इकोनॉमी भी 8.13 का रहा था। गुजरात टाइटंस ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर रबाडा की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, अगर आपने पलक झपकाई, तो आप एंट्री मिस कर देंगे। घर में आपका स्वागत है, कगिसो रबाडा। आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होनी है और इस सीजन में रबाडा से गुजरात की टीम को दमदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन अच्छा रहा था। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने एलिमिनेटर तक का सफर तय किया था। हालांकि एलिमिनेटर मुकाबले में टीम को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अपनी बल्लेबाजी से खासा प्रभावित किया था। गिल ने 15 मुकाबलों में 155 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 650 रन बनाए थे, जबकि साई सुदर्शन ने 15 मुकाबलों में 156 के स्ट्राइक रेट से 759 रन बनाए थे। सुदर्शन पिछले सीजन सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। Article Source: IANS
'कुछ कहानियां खत्म नहीं होती हैं', दिल्ली कैपिटल्स में 'घर वापसी' पर बोले पृथ्वी शॉ
भारतीय ओपनर पृथ्वी शॉ ने फैंस के लिए एक भावुक मैसेज लिखा है। शॉ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन के लिए अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के कैंप में शामिल होने जा रहे हैं। दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को ऑक्शन में दिल्ली ने 75 लाख रुपये में खरीदा है। आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। पृथ्वी शॉ का दिल्ली के साथ लंबा जुड़ाव सात सीजन के बाद खत्म हो गया था। आईपीएल 2025 के ऑक्शन से पहले दिल्ली ने 26 वर्षीय बल्लेबाज को रिलीज कर दिया था। इसके बाद आईपीएल 2025 के ऑक्शन में शॉ को खरीदने के लिए किसी भी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। यही वजह रही थी कि पिछले सीजन पृथ्वी शॉ इस लीग में खेलते हुए नजर नहीं आए थे। आईपीएल 2026 ऑक्शन की शुरुआत में भी टीमें पृथ्वी शॉ पर दांव लगाने से बचती नजर आई थीं। हालांकि, शॉ की किस्मत ने एक्सीलरेटेड फेज (तेज गति से होने वाला ऑक्शन) में साथ दिया था। इस आखिरी राउंड में चुने गए 11 खिलाड़ियों में से एक शॉ भी थे और उन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने 75 लाख की बोली लगाते हुए अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर शॉ की वापसी का एक वीडियो शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा, हमारा लड़का घर लौट आया है। दिल्ली द्वारा जारी एक वीडियो में शॉ ने कहा, कोटला जैसी जगह को आप कभी नहीं भूलते। न वहां के शोर को, न वहां की खामोशी को, और न ही इस बात को कि इस जगह ने आपको क्या बनाया। कुछ कहानियां खत्म नहीं होतीं। वे वापस आती हैं। दिल्ली, तुम्हारा लड़का घर लौट आया है। आईपीएल 2026 ऑक्शन की शुरुआत में भी टीमें पृथ्वी शॉ पर दांव लगाने से बचती नजर आई थीं। हालांकि, शॉ की किस्मत ने एक्सीलरेटेड फेज (तेज गति से होने वाला ऑक्शन) में साथ दिया था। इस आखिरी राउंड में चुने गए 11 खिलाड़ियों में से एक शॉ भी थे और उन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने 75 लाख की बोली लगाते हुए अपनी टीम में शामिल किया। Also Read: LIVE Cricket Score पिछले सीजन दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई थी। अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली ने 14 में से 7 मैच जीते थे और पांचवें स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का अंत किया था। दिल्ली की टीम अब तक एक बार फिर आईपीएल के खिताब को अपने नाम नहीं कर सकी है। ऐसे में इस सीजन टीम खिताब के सूखे को खत्म करना चाहेगी। दिल्ली आईपीएल 2026 में अपने अभियान का आगाज 1 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ करेगी। Article Source: IANS
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने हावड़ा और नई दिल्ली के बीच विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का ठहराव झाझा स्टेशन पर भी होगा, जिससे झाझा और जमुई क्षेत्र के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रेन संख्या 04052 नई दिल्ली – हावड़ा स्पेशल 23 मार्च 2026 को नई दिल्ली से शाम 18:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 23:40 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इसी तरह, ट्रेन संख्या 04051 हावड़ा – नई दिल्ली स्पेशल 25 मार्च 2026 को हावड़ा से तड़के 01:40 बजे चलकर अगले दिन सुबह 08:20 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ यह विशेष ट्रेन दोनों दिशाओं में झाझा के अलावा पटना, किऊल, दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर भी रुकेगी। झाझा में ठहराव से जमुई जिले के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा प्राप्त होगी। ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी, शयनयान (स्लीपर) और वातानुकूलित कोच उपलब्ध होंगे, जिससे विभिन्न वर्गों के यात्री अपनी सुविधा अनुसार यात्रा कर सकेंगे। रेलवे का यह कदम स्थानीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ट्रेन विशेष रूप से त्योहारों और छुट्टियों के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में सहायक होगी।
ग्वालियर में समर सीजन के नए फ्लाइट शेड्यूल से हवाई यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। इस बार न तो किसी नए शहर के लिए उड़ान शुरू हुई और न ही मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया गया, जबकि दिल्ली रूट की फ्लाइट में कटौती कर दी गई है। अब तक सप्ताह के सातों दिन संचालित होने वाली दिल्ली फ्लाइट अब केवल मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को ही उपलब्ध रहेगी। इससे नियमित यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। मुंबई और बेंगलुरु सेवाएं यथावत मुंबई और बेंगलुरु के लिए फ्लाइट सेवाएं फिलहाल सप्ताह के सातों दिन जारी रहेंगी। इन रूट्स पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। बेंगलुरु के लिए एयर इंडिया के अलावा आकाशा एयर भी हर मंगलवार को एक अतिरिक्त फ्लाइट संचालित करेगी। इससे इस रूट पर यात्रियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। अहमदाबाद उड़ान अब भी शुरू नहीं अहमदाबाद के लिए प्रस्तावित फ्लाइट सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। विंटर शेड्यूल में मंजूरी मिलने के बावजूद पिछले पांच महीनों से यह सेवा लंबित है। इंदौर कनेक्टिविटी एक साल से बंद इंदौर के लिए फ्लाइट सेवा करीब एक साल से बंद है। समर शेड्यूल में भी इसे शुरू नहीं किया गया, जिससे यात्रियों को ट्रेन या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल के डायरेक्टर लोकेश कुमार यादव ने बताया कि समर शेड्यूल में कोई नई फ्लाइट नहीं जोड़ी गई है। दिल्ली रूट पर उड़ान घटाई गई है, जबकि बेंगलुरु के लिए एक अतिरिक्त फ्लाइट शामिल की गई है।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के आह्वान पर आगामी 24 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘जन आक्रोश रैली’ को लेकर हिसार जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। यूनियन पदाधिकारियों का दावा है कि यह रैली ऐतिहासिक होगी, जिसमें हजारों की संख्या में खेत मजदूर और आम नागरिक भाग लेंगे। रैली को सफल बनाने के लिए जिले के विभिन्न गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। गांव फरीदपुर, रविदास नगर, किनाला, उकलाना और बिठमड़ा सहित कई स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं, नाटक और जत्थों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक कर रैली में शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है। यूनियन के जिला सचिव कामरेड रोहतास राजली और जिला प्रधान कामरेड मियां सिंह बिठमड़ा ने संयुक्त बयान में कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण मजदूर वर्ग में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है और मजदूरों का जीवन संकट में है। रैली में उठाई जाने वाली प्रमुख मांगें मनरेगा कानून को प्रभावी रूप से लागू करना, बिजली और बीज के बढ़ते बिलों पर नियंत्रण, मजदूर विरोधी लेबर कोड को रद्द करना, प्रधानमंत्री आवास योजना की बकाया किश्तों का भुगतान, मजदूरों के लिए पक्के मकानों की व्यवस्था, बढ़ती महंगाई पर रोक तथा सभी के लिए मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना। इसके अलावा स्कीम वर्करों और कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। जनसंपर्क अभियान के दौरान यूनियन नेता मोहनलाल राजली और दिलबाग सिंह बरवाला ने भी सभाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर संदीप, सरोज, प्रभु दयाल, पालेराम, कंदूल, रंजू, शीला और मामली देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला प्रधान मियां सिंह बिठमड़ा ने बताया कि हिसार जिले से हजारों की संख्या में मजदूर 24 मार्च को दिल्ली कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे इंदौर के एक बैंक मैनेजर अमिताभ शर्मा और उनके परिवार की स्कार्पियो कार पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। हमले के बाद दो बाइक सवारों ने कार का पीछा भी किया, जिससे बचकर परिवार ने धामनोद टोल नाके पर पहुंचकर जान बचाई। इस घटना में पीछे आ रही एक अन्य कार भी पथराव का शिकार हुई। मामले में बैंक मैनेजर ने शनिवार को ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को टैग कर एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। थांदला से रतलाम आ रहा था परिवार शहर की राजस्व कॉलोनी निवासी और इंदौर के एक प्राइवेट बैंक में एरिया मैनेजर अमिताभ शर्मा शुक्रवार रात झाबुआ जिले के थांदला से रतलाम आ रहे थे। स्कार्पियो (MP 09 ZY 9119) में उनके साथ पिता आरएन शर्मा (रिटायर्ड जिला पंचायत सीईओ, हरदा), पत्नी शालिनी शर्मा, भाई अजिताभ शर्मा और भांजे कुणाल शर्मा सवार थे। कार कुणाल चला रहे थे। रात करीब 11:30 बजे 8-लेन के रेस्ट रूम से 100 मीटर पहले अज्ञात हमलावरों ने कार पर पथराव किया। पत्थर कार के पीछे की तरफ कांच से नीचे लगा। गनीमत रही कि पत्थर कांच पर नहीं लगा। इसके बाद दो लोगों ने बाइक से उनकी कार का पीछा किया, लेकिन कुणाल ने कार तेज गति से आगे भगा ली। डायल 112 को दी सूचना, पीछे आ रही दूसरी कार पर भी हुआ हमला जिस जगह घटना हुई, वह शिवगढ़ थाना क्षेत्र है। बैंक कर्मी अमिताभ शर्मा ने डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें उसी जगह रुकने को कहा, लेकिन शर्मा के अनुसार पथराव वाली जगह सुनसान थी और वहां रैलिंग भी टूटी हुई थी, इसलिए वहां रुकना सुरक्षित नहीं था। शर्मा ने बताया कि, हमारी कार के पीछे कार और आ रही थी। उस कार पर भी पथराव हुआ। वह लोग वहां पर रुक गए थे। लेकिन हमने हमारी कार नहीं रोकी। उस कार पर ज्यादा नुकसान हुआ था। परिवार ने सीधे धामनोद टोल नाके पर गाड़ी रोकी और टोलकर्मियों व एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। ‘एनएचएआई महंगा टोल ले रहा, सुरक्षा नहीं’ शर्मा ने घटना को लेकर पुलिस में ई-एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री को टैग कर शिकायत की है। हम लोग जब 8 लेन के झाबुआ जिले के थांदला के टोल नाके से निकले। उस दौरान वहां के कर्मचारियों से रात में जाने में किसी प्रकार के खतरे को लेकर पूछा था। लेकिन उन्होंने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है। शर्मा ने आरोप लगाया कि एनएचएआई द्वारा महंगा टोल लिया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। रास्ते भर लोगों ने रैलिंग तोड़कर अवैध गुमटियां लगा रखी हैं। एक्सप्रेस-वे पर टू-व्हीलर प्रतिबंधित हैं, इसके बावजूद वे खुलेआम चल रहे हैं। पहले भी यहां पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं।
जदयू से लंबे समय तक जुड़े रहे केसी त्यागी आज रविवार को रालोद जॉइन कर सकते हैं। दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित किसान समृद्धि गोष्ठी में वह शामिल होंगे। इसके मुख्य अतिथि रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय राजयमंत्री जयंत चौधरी होंगे। केसी त्यागी और जयंत चौधरी दोनों एक साथ मंच पर होंगे। 11 जनवरी 2026 के बाद ये दूसरा अवसर होगा, जब दोनों नेता एक साथ एक मंच पर आ रहे हैं। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व सांसद मलूक नागर सहित पश्चिम यूपी के अन्य रालोद नेता भी शामिल होंगे। पश्चिम यूपी की राजनीति को लेकर ये गोष्ठी अहम बदलाव की ओर इशारा करती दिख रही है। गोष्ठी के निमंत्रण पत्र पर चौधरी परिवार की 3 पीढ़ियों की तस्वीरेंकिसान समृद्धि गोष्ठी के जो निमंत्रण पत्र तैयार कर बांटे गए हैं, वो भी इस नए राजनीतिक फेरबदल को संकेत दे रहे हैं। निमंत्रण पत्रों पर केसी त्यागी के साथ जयंत चौधरी की फोटो अगल-बगल लगी है। वहीं एक ओर भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की तस्वीर है। ऊपर जयंत चौधरी के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चौधरी अजीत सिंह की भी फोटो लगी है। इस तरह चौधरी परिवार की तीन पीढ़ियों का समागम इस निमंत्रण पत्र में किया गया है। अब त्यागी के रालोद में जाने के 3 बड़े संकेत पढ़िए- 1.) जदयू (JDU) में मेंबरशिप रिन्यूअल नहीं करायाकेसी त्यागी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे हैं। केसी त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है। एक सितंबर, 2024 को वह जदयू के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिए गए थे। पार्टी में हाशिए पर चल रहे त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखा था। इसके बाद जदयू ने उनसे किनारा कर लिया था। 2.) त्यागी ने जयंत चौधरी से किताब का विमोचन कराया 11 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में केसी त्यागी की लिखी किताब ‘संकट में खेती’ का विमोचन भारत मंडपम के पुस्तक मेले में हुआ था। किताब का विमोचन रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने किया था। इसके बाद से माना जा रहा था कि त्यागी रालोद का रुख कर सकते हैं। ये किताब चौधरी चरण सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती को समर्पित है, जो किसानों के संघर्ष पर प्रकाश डालती है। 3.) जयंत ने कहा था- हर दल में एक केसी त्यागी जरूरीजयंत ने केसी त्यागी द्वारा चौधरी चरण सिंह पर लिखी किताब का विमोचन करते हुए न सिर्फ उन्हें चौधरी साहब का सच्चा शिष्य बताया, बल्कि यह भी कहा कि मैं त्यागीजी को मनाने आया हूं। हर दल में एक केसी त्यागी होना चाहिए। केसी त्यागी का वेस्ट यूपी में जनाधार जानिए… चौधरी चरण सिंह की छत्रछाया में बढ़े केसी त्यागी राजनीतिक जानकार कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह केसी त्यागी को अपना विचारपुत्र मानते थे, इस बात को वे कहते भी थे। उन्होंने अजित सिंह के सामने भी इस बात को कई बार कहा कि चौधरी साहब के जैविक पुत्र आप हैं, लेकिन मैं वैचारिक पुत्र हूं। अगर रालोद केसी त्यागी को अपने साथ जोड़ती है तो इसके जरिए एक बड़ा मैसेज वेस्ट यूपी में की त्यागी बिरादरी को जाएगा। इसका इंपैक्ट 2027 के चुनाव में भी देखने को मिलेगा। गाजियाबाद में किसान परिवार में जन्मे त्यागीकेसी त्यागी का जन्म यूपी के गाजियाबाद जिले के मुरादनगर स्थित मोरटा गांव में हुआ था। वह साधारण किसान परिवार से थे। उनके पिता जगराम सिंह त्यागी और माता रोहताश त्यागी थीं। उन्होंने मुरादनगर में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद त्यागी ने मेरठ विश्वविद्यालय से B.Sc. की डिग्री ली थी। गाजियाबाद और मेरठ से सांसद का चुनाव लड़ाकेसी त्यागी 1989 में गाजियाबाद से सांसद का चुनाव जनता दल के टिकट पर लड़कर जीते। तब उन्होंने कांग्रेस के प्रेममोहन, जो मोहन मिकिंस कंपनी के मालिक थे और कांग्रेस के सिटिंग एमपी थे, उनको हराया। हालांकि, 1991 के चुनाव में रामलहर में त्यागी भाजपा के रमेशचंद तोमर से हार गए। इसके बाद जनता दल टूट गया। तब मुलायम सिंह ने अपनी खुद की पार्टी सपा बनाई। केसी त्यागी सपा में गए, लेकिन वहां उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं मिली। वो आखिरी में समता पार्टी में नीतीश कुमार के साथ चले गए। फिर 2004 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जदयू को मेरठ सीट लड़ने के लिए दी। तब केसी त्यागी ने जदयू से मेरठ सीट से सांसदी का चुनाव लड़ा। लेकिन, इस बार बसपा से मेयर रहे शाहिद अखलाक चुनाव जीत गए। पांच बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले त्यागी बिहार से 2013 से 2016 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। मुख्य रूप से त्यागी जदयू अध्यक्ष शरद यादव के साथ रहे। मगर बाद में नीतीश के साथ आगे बढ़ते रहे। नीतिश ने ही उन्हें प्रधान महासचिव बनाया। भाजपा में बेटे को तवज्जो नहीं, त्यागी नाराजवेस्ट यूपी में त्यागी बिरादरी से जुड़े भाजपा के एक बड़े नेता ने केसी त्यागी के रालोद जॉइनिंग के पीछे की वजह बताई। इसमें कहा- केसी त्यागी बेटे अमरीश को राजनीति की मुख्यधारा में लाना चाह रहे। यूपी के 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अमरीश ने भाजपा जॉइन की थी। अमरीश त्यागी भाजपा में पहले दिन से साइडलाइन और उपेक्षा का शिकार रहे। माना जा रहा है कि केसी त्यागी खुद रालोद के नीतिगत और राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम करेंगे। बेटे को वेस्ट यूपी से 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कराएंगे। किठौर या गाजियाबाद से टिकट मांग सकते हैंसीनियर जर्नलिस्ट अनिल बंसल कहते हैं, मेरठ की किठौर सीट पर भाजपा से सतवीर त्यागी 2017 में विधायक रह चुके हैं। गाजियाबाद का मुरादनगर भी त्यागियों की जीती सीट है। भाजपा से अजीत पाल त्यागी यहां मौजूदा विधायक हैं। 2017, 2022 का चुनाव जीते हैं। इससे पहले उनके पिता स्व. राजपाल त्यागी इस सीट से 7 बार चुनाव जीते और केंद्र में मंत्री रहे। ऐसे में केसी त्यागी रालोद के जरिए NDA में इन सीटों से बेटे अमरीश के लिए टिकट का दावा करेंगे। केसी त्यागी और रालोद को क्या फायदा मिलेगा? रालोद नेताओं ने क्या कहा, पढ़िए…
मैं बिहार हूं… मेरी पहचान सिर्फ एक राज्य नहीं, एक सभ्यता है। मैंने महात्मा बुद्ध को ज्ञान दिया, चाणक्य को राजनीति सिखाई, आर्यभट्ट को आकाश मापने की समझ दी। मेरी मिट्टी में कभी नालंदा जलती थी- ज्ञान के दीपक की तरह और फिर एक दौर आया जब मेरे गांव जलने लगे नरसंहारों में। मैंने साम्राज्य देखे, गुलामी झेली, आजादी पाई… और फिर अपने ही लोगों के बीच टूट गया। मेरे नाम पर ‘जंगलराज’ भी लिखा गया और फिर ‘डेवलपमेंट मॉडल’ भी।1912 में जन्मा…2026 तक एक लंबा सफर तय कर चुका हूं। दर्द, राजनीति, संघर्ष और बदलाव का सफर। यह कहानी है- मेरी, जहां हर दशक एक नया चेहरा लेकर आया। 114 वर्षों में बिहार कितना बदला, क्या-क्या सहा, कैसे-कैसे दाग झेले और फिर विकास की राह भी पकड़ी। पढ़िए, बिहार दिवस पर स्पेशल रिपोर्ट..। 1912-1920: जन्म तो हुआ, लेकिन पहचान अंग्रेजों के हाथ में थी मैं 22 मार्च 1912 को बना…। ब्रिटिश हुकूमत ने मुझे बंगाल से अलग कर दिया। नाम मिला-बिहार। लेकिन आत्मा अभी भी बंधी हुई थी। मेरी मिट्टी वही थी जहां कभी महात्मा बुद्ध ने शांति का संदेश दिया था, जहां चाणक्य ने राजनीति की रणनीति लिखी थी, जहां से ज्ञान की रोशनी पूरी दुनिया में गई थी। लेकिन अब… मेरे किसान नील की खेती करने को मजबूर थे। मेरे मजदूर शोषण झेल रहे थे। मेरे फैसले लंदन में लिखे जाते थे। गांवों में गरीबी थी, लेकिन अंदर एक बेचैनी भी थी। लोग पूछने लगे थे, ‘क्या हम सिर्फ हुक्म मानने के लिए बने हैं?’ मेरे शहरों में पढ़े-लिखे लोग उभर रहे थे, जो अंग्रेजी समझते थे… और अन्याय भी। यही वो दौर था जब, मेरी आत्मा ने पहली बार करवट ली। राजनीति अभी जनता तक नहीं पहुंची थी, लेकिन उसके बीज बोए जा चुके थे। मैं शांत था… लेकिन तूफान आने वाला था। 1920-1930: जब गांधी आए और मैंने अपनी आवाज पहचान ली अप्रैल 1917, मेरे जीवन का पहला बड़ा मोड़। चंपारण की मिट्टी पर एक आदमी आया, जिसे दुनिया बाद में महात्मा गांधी के नाम से जानती है। मेरे किसान टूट चुके थे। नील की खेती ने उन्हें गुलाम बना दिया था। गांधी ने कहा- ‘सत्य और अहिंसा से लड़ो।’ और पहली बार, मेरे गांवों ने डर को हराया। चंपारण सत्याग्रह सिर्फ आंदोलन नहीं था। यह मेरी आत्मा का पुनर्जन्म था। मेरे किसानों ने अंग्रेजों को चुनौती दी, मेरे युवाओं ने जेल जाना स्वीकार किया। अब राजनीति सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं थी, यह गांव-गांव पहुंच चुकी थी। हर चौपाल पर चर्चा थी, आजादी, अधिकार और सम्मान की। मैंने महसूस किया, यही मेरी आवाज है… और वह ताकतवर है। मैं अब सिर्फ एक प्रांत नहीं था। मैं एक आंदोलन बन चुका था। 1930-1940: क्रांति, जेल और आजादी की कीमत अब मैं जाग चुका था। 1930 का दशक मेरे लिए संघर्ष का दशक था। नमक सत्याग्रह, सविनय अवज्ञा आंदोलन, ब्रिटिश कानूनों का विरोध… अब मेरे लोग हर मोर्चे पर थे। मेरे गांवों में पुलिस आती थी, लोगों को पकड़ती थी, लेकिन डर खत्म हो चुका था। राजनीति अब बलिदान मांग रही थी। मेरे हजारों बेटे जेल गए, कई शहीद भी हुए। लेकिन मैं टूट नहीं रहा था, मैं मजबूत हो रहा था। मेरी पहचान अब साफ थी- मैं आजादी चाहता हूं। 1940-1950: आजादी मिली, लेकिन जिम्मेदारियों का बोझ भी 1947… देश आजाद हुआ। मैं भी आजाद हुआ। लेकिन आजादी के साथ मेरे सामने नई चुनौतियां भी आईं। मेरे पास युवाओं को नौकरी, रोजगार देने के लिए उद्योग नहीं थे, मेरे पास मजबूत अर्थव्यवस्था भी नहीं थी। मेरे लोग गरीब थे, भुखमरी का शिकार हो रहे थे। बहुत बड़ी आबादी ऐसी थी, जिसे दो टाइम भी खाना नसीब नहीं हो रहा था। और बड़ी बात ये कि सरकार भी नई थी। राजनीति, सत्ता अब अंग्रेजों के खिलाफ नहीं, बल्कि खुद को संभालने की थी। मैंने सीखा, आजादी सिर्फ जीत नहीं, जिम्मेदारी भी है। राज्य को संभालने की अपने लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएं करने की और जीने की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की। 1950-1960: विकास की शुरुआत, लेकिन रफ्तार धीमी आजादी के बाद अब मैं खुद को बनाने की कोशिश कर रहा था। सरकार ने योजनाएं शुरू की, सिंचाई, स्कूल, स्वास्थ्य इन पर बातचीत और चिंतन तो शुरू हुआ, लेकिन सच यह था कि मैं अभी भी बहुत पिछड़ा था। राजनीति शुरू हो चुकी थी, लेकिन विकास धीमा था। भुखमरी और बेरोजगारी का असर ये हुआ कि मेरे लोग काम के लिए बाहर जाने लगे। पलायन शुरू हो चुका था। इसका दर्द मैं आज ही नहीं वर्षों पहले से झेल रहा हूं। हमने दिल्ली-मुंबई जैसे शहर अपने खून-पशीने से बनाए। 1960-1970: राजनीति बढ़ी, विकास पीछे रह गया अब राजनीति मजबूत हो रही थी। नेतृत्व बदल रहा था, लेकिन जमीन पर बदलाव कम था। मेरे गांव आज भी गरीब थे, मेरे शहर छोटे। मैं एक ऐसे मोड़ पर था, जहां दिशा साफ नहीं थी। छोटी-छोटी योजनाओं में भ्रष्टाचार शुरू हो चुका था। जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर और विकास योजनाओं के नाम पर नेताओं ने लड़ाई शुरू कर दी थी। भ्रष्टाचार ऐसे बढ़ रहा था मानो वो सभी को पीछे छोड़ देगा। मैं इस विषय पर देशभर में सबसे ज्यादा बदनाम होने लगा था। 1970-1980: जब मेरी सड़कों पर क्रांति उतरी और नए नेताओं का जन्म हुआ 1970 का दशक मेरे लिए उबाल का दशक था। मेरे भीतर गुस्सा जमा हो चुका था, भ्रष्टाचार के खिलाफ, बेरोजगारी के खिलाफ, उस व्यवस्था के खिलाफ जो आम आदमी को सिर्फ भीड़ समझती थी। फिर एक दिन मेरी सड़कों पर आवाज गूंजी ‘संपूर्ण क्रांति।’ यह आवाज थी जयप्रकाश नारायण की और मैं हिल गया। पटना से लेकर छोटे कस्बों तक छात्र, युवा, किसान… सब सड़कों पर थे। यह सिर्फ आंदोलन नहीं था। यह मेरे भीतर का विस्फोट था। इसी आंदोलन ने मुझे एक नई राजनीति दी। मेरी मिट्टी से कुछ नए राजनीतिक चेहरे उभरे। लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, राम विलास पासवान व इनके जैसे कई और युवा, क्रांतिकारी नेता। ये सिर्फ नेता नहीं थे। ये मेरे समाज की नई आकांक्षाओं के प्रतीक थे। पहली बार, मेरे गांवों के गरीब, पिछड़े, दलित लोग राजनीति में अपनी जगह देख रहे थे। लेकिन इस जागरण के साथ एक और चीज जन्म ले रही थी, पहचान की राजनीति। जाति अब सिर्फ सामाजिक व्यवस्था नहीं रही। वह राजनीतिक हथियार बन रही थी। मेरे समाज में छोटे-छोटे समूह बनने लगे। हर कोई अपनी पहचान के लिए लड़ रहा था। मैं गर्व और चिंता दोनों महसूस कर रहा था। एक तरफ मेरे लोग जाग रहे थे। दूसरी तरफ मैं धीरे-धीरे जातियों में, क्षेत्र में बंट रहा था। मुझे तब अंदाजा नहीं था, यही बीज आगे चलकर, एक बड़े टकराव में बदलेंगे। 1980-1990: जब जाति, सत्ता और अपराध ने मेरे भविष्य को घेर लिया 1980 का दशक मेरे लिए एक अंधेरी सुरंग जैसा था। जेपी आंदोलन की ऊर्जा अब राजनीति में बदल चुकी थी, लेकिन दिशा भटक गई थी। मेरी राजनीति अब विकास की नहीं, जाति की गणित की हो गई। नेताओं ने समाज को जोड़ने के बजाय, टुकड़ों में बांटना शुरू किया। मेरे गांवों में तनाव बढ़ने लगा। जातीय टकराव अब खुले संघर्ष में बदलने लगा। और इसी के साथ, अपराध ने मेरे भीतर अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दीं। अपहरण अब खबर नहीं, एक ‘इंडस्ट्री’ बन चुका था। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर हर कोई डर में जी रहा था। मेरे शहरों में एक अजीब सन्नाटा था, जो डर से पैदा हुआ था। राजनीति और अपराध का रिश्ता गहरा होता गया। गैंग लीडर चुनाव लड़ने लगे और नेता गैंग को संरक्षण देने लगे। बाहुबलियों का दौर शुरू हो चुका था। मैं खुद को पहचान नहीं पा रहा था। जिस मिट्टी ने कभी बुद्ध को जन्म दिया, वहां अब बंदूकें, तलवारें और हथियार बोल रहे थे। यह वो समय था जब मेरी छवि देश में बदलने लगी। लोग कहते थे, ‘बिहार मतलब खतरा।’ और मैं…चुपचाप यह सब देख रहा था। 1990-2000: लालू का दौर, जब मेरी जमीन खून से रंग गई 1990 में मेरे इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ आया। लालू प्रसाद यादव सत्ता में आए। पिछड़ों को आवाज दी, लेकिन नफरत के आधार पर समाज बांट दिया। उन्होंने कहा, ‘भूरा बाल साफ करो’ और ‘सत्ता अब गरीब की है।’ यहां भूरा बाल का मतलब सवर्ण समाज की चार जातियों से था। लालू ने मेरे समाज के उस हिस्से को आवाज दी जो सदियों से दबा हुआ था। दलित, पिछड़े और वंचित तबका। इन्होंने पहली बार महसूस किया कि सत्ता उनकी भी हो सकती है। यह मेरे लिए गर्व का पल था। लेकिन, लालू राज में मेरी जमीन खून से रंग गई। 1996 में बथानी टोला, 1997 में लक्ष्मणपुर बाथे और 1999 में सेनारी जैसे कई नरसंहार हुए। गांवों में रात के अंधेरे में गोलियां चलती थीं। बच्चे, महिलाएं… कोई सुरक्षित नहीं। जातीय सेनाएं बन चुकी थीं। रणवीर सेना, नक्सली संगठन। जैसे हर कोई एक-दूसरे के खून का प्यासा हो। मैं युद्धभूमि बन गया था। कानून व्यवस्था जैसी कोई चीज जमीन पर दिख नहीं रही थी। पुलिस कमजोर और अपराधी मजबूत बन गए थे। अपहरण, लूट और हत्या जैसे जघन्य वारदात आम हो गए थे। गांव हो या शहर अंधेरा होने के बाद लोग घर से निकलने से डरते थे। बेटा-बेटी के घर से निकलने के बाद लौटने तक मां-बाप का कलेजा कांपता रहता था। एक डर उनके जेहन में बनी रहता था कि सुरक्षित लौटेंगे न। यह दौर था जब देश ने मुझे एक नाम दिया- जंगलराज। मैं विरोधाभास बन चुका था। एक ओर सामाजिक न्याय की बात होती दूसरी ओर सामाजिक अराजकता हर कदम पर दिखाई देती। मैं टूट रहा था। 2000-2010: जब मैंने खुद को संभाला, कानून ने वापसी की2000 में मैं बंट गया। झारखंड अलग हो गया। मेरी खनिज संपदा चली गई। तब लोगों ने कहा- ‘अब बिहार खत्म।’ लेकिन…, यहीं से मैंने खुद को फिर से बनाना शुरू किया। नीतीश कुमार सत्ता में आए। कहा, ‘अब कानून का राज होगा।’ और पहली बार मैंने कानून को वापस आते देखा। नीतीश के राज में पुलिस के हाथ बंधे नहीं थे। तेज एक्शन लेने की छूट थी। असर जमीन पर दिखा। सीना तानकर दनदनाते फिरने वाले बदमाश जान बचाने को छिपने लगे। अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें उनके किए की सजा दिलाई गई। माफियाओं पर शिकंजा कसा। पुलिस ने उन खूंखार अपराधियों को जेल में डाला जो चंद माह पहले अपने इलाके में खुद की सरकार चला रहे थे। सबसे बड़ा नाम था मोहम्मद शहाबुद्दीन। वह नाम, जिसे सुनकर लोग कांपते थे। वह जेल में बंद हुआ। जेल में ही उसका अंत हो गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं थी। एक संदेश था। नीतीश राज में बदलाव हुए। शहरों से लेकर गांव तक सड़कें बनीं। स्कूल खुले। विकास के काम हुए। मैं धीरे-धीरे डर के माहौल से बाहर निकल रहा था। 2010-2020: जब मैंने स्थिरता पाई, लेकिन सपने बड़े हो गए नीतीश के 5 साल के राज में मैं खड़ा हुआ। राजनीतिक स्थिरता पाई। अब लोगों के दिलों में डर नहीं, भविष्य की उम्मीदें थीं। उनके सपने बड़े हो गए थे। अब मुझे दौड़ना था। तभी बिहार की सियासत हिचकोले खाने लगी। कुर्सी के लिए पलटासन शुरू हो गया। सुशासन के प्रतीक बने नीतीश बाबू कभी लालू के साथ तो कभी वापस भाजपा के साथ सरकार चलाने लगे। इसका असर हुआ कि विकास की रफ्तार कुछ कम हुई और कुर्सी का खेल अधिक हुआ। नेता साल दर साल कुर्सी का जतन करते दिखे। हालांकि, मेरे गांवों में सड़क थी, घरों में बिजली। लड़कियां साइकिल से स्कूल जा रही थीं। यह नया बिहार था। अब मेरे बेटे-बेटी स्कूल-कॉलेज जा रहे थे। पढ़-लिख रहे थे। सवाल कर रहे थे, ‘नौकरी कहां है?’ 2020-2026: जब मैं डर से निकलकर विकास की कहानी लिख रहा हूं अब मैं बदल चुका हूं। मेरी पहचान अब अपराध नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर है। एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्री, डिजिटल नेटवर्क, दिल्ली अब 10-12 घंटे दूर है। अब मेरे युवा बाहर जाने के बजाय, यहीं अवसर खोज रहे हैं। मैंने क्रांति, अराजकता, सुधार और विकास तक का लंबा सफर तय किया है। अब मैं एक नए मोड़ पर हूं। जहां मेरी कहानी डर की नहीं, संभावना की है। उम्मीदों की है। बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की है। मैं बिहार हूं। मैंने अपने अंधेरे देखे हैं। इसलिए अब मेरी रोशनी और भी तेज होगी।
लेजर और यूवी लाइट्स के बीच तेज म्यूजिक के साथ दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में रेव पार्टियां होती हैं। इनमें नशा करने वाले फिल्मी सितारों से लेकर हाई प्रोफाइल लोग शामिल होते हैं। खासकर अमीर घरों के लड़के-लड़कियां। ऐसी पार्टियों में नशे के लिए थाईलैंड का गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) इस्तेमाल होता है। पिछले 3 साल में इसकी डिमांड काफी बढ़ी है। तस्करों का इंटरनेशनल गैंग थाईलैंड से इसकी तस्करी करता है। वे दिल्ली, मुंबई, गोवा, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों तक इसे बिहार के रास्ते पहुंचा रहे हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, तस्कर किस तरह बिहार के रास्ते थाईलैंड के गांजा की तस्करी कर रहे हैं? थाईलैंड गांजा की मांग क्यों अधिक है? पकड़े जाने से बचने के लिए तस्कर क्या तरीका अपना रहे हैं? सबसे पहले समझिए, गांजा स्मगलिंग रूट 14 जनवरी 2026 को OTT प्लेटफॉर्म NETFLIX पर एक्टर इमरान हाशमी की वेब सीरीज 'तस्करी: द स्मगलर वेब' रिलीज हुई। इसमें दिखाया गया कि भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों का गैंग कैसे मुंबई जैसे महानगर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट की जगह, छोटे शहरों के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करता है। अलग-अलग लोगों के जरिए विदेशों से सोना और नशे के सामान लाकर ट्रेनों के जरिए ठिकाने तक पहुंचाता है। ठीक इसी तरह का मामला थाईलैंड के गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) की तस्करी के केस में सामने आया है। थाईलैंड से गांजा विमान में रखकर बिहार के गया एयरपोर्ट तक लाया जाता है। गया में इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यहां, दिल्ली या मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी सख्त जांच का अभाव है, जिसके चलते तस्करों को चोरी-छिपे गांजा लाने में मदद मिलती है। गया में थाईलैंड से बड़े पैमाने पर गांजा मंगाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि पिछले तीन महीनों में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के इनपुट पर गयाजी एयरपोर्ट पर कस्टम डिपार्टमेंट की टीम की ओर से की गई कार्रवाई से हुई है। एयरपोर्ट से अब तक दो बार में 35 किलो हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की गई है। इसकी कीमत 35 करोड़ से अधिक है। तस्करी के बाद भारत में थाईलैंड के इस प्रीमियम क्वालिटी वाले गांजा की कीमत 80 लाख रुपए से शुरू होकर 1.2 करोड़ रुपए प्रति किलो है। गया से ट्रेनों के जरिए, महानगरों तक होती है गांजा की सप्लाई गया एयरपोर्ट पर जब्त किए गए थाई गांजा की खेप को ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाना था। थाईलैंड से गया तक इसे अलग-अलग लोग लेकर आए थे। यहां से दूसरे लोग ट्रेन से मुंबई लेकर जाने वाले थे। तस्करों के काम करने के तरीके तो दो मामलों से समझें… केस 1 : 25 kg गांजा के साथ 5 लोग गिरफ्तार 26 जनवरी को थाईलैंड से आई एयर एशिया की फ्लाइट FD-122 ने गयाजी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। DRI की पुख्ता इनपुट थी। इस पर कस्टम की टीम ने चौकसी बढ़ा दी थी। फ्लाइट से उतरने वाले 5 पैसेंजर्स को रोका। इनमें तीन पुरुष और दो महिलाएं थीं। जांच एजेंसी को चकमा देने के लिए ये सभी अलग-अलग टिकट पर सफर कर रहे थे। हर किसी के पास 5-5 किलो थाई गांजा था। कुल 25 किलो गांजा बरामद किया गया। इसे छोटे-छोटे पैकेट में खिलौनों के अंदर पैक करके लाया गया था। पकड़े गए लोगों में यूपी का रहने वाला अश्विनी कुमार द्विवेदी, गौरव विधुरी, गुलशन मीना, पंजाब की रहने वाली मनप्रीत कौर और दिलप्रीत कौर शामिल थीं। जांच आगे बढ़ी तो ये सभी एक ही गैंग के सदस्य मिले। इनके कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। अश्विनी गैंग का सरगना निकला। इंटरनेशनल तस्करों के गैंग से इसका पुराना कनेक्शन होने की आशंका जांच एजेंसी को है। फिलहाल ये सभी जेल में हैं। जब्त गांजा की कीमत करीब 25 करोड़ रुपए है। केस 2 : 10 kg गांजा बरामद केस 2 : 4 मार्च 2026 को थाई एयरवेज से तस्करों के आने की सूचना मिलने पर कस्टम की टीम अलर्ट पर थी। गांजा लेकर थाईलैंड से आ रहे लोगों ने देखा कि एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई है, सख्त जांच की जा रही है तो उसे लावारिस हालत में छोड़ दी और भाग निकले। पैकेट की जांच की गई तो उसमें से 10 किलो थाई गांजा मिला। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपए है। DRI से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसे लेकर दो लोग फ्लाइट से आए थे। इसमें एक महिला थी। ये कौन लोग थे। इनकी पहचान के लिए जांच चल रही है। हर खेप में नए लोगों का इस्तेमाल थाईलैंड से गांजा का हर खेप नए लोग लेकर आते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इसके पीछे तस्करों के इंटरनेशनल सिंडिकेट का शातिर दिमाग है। दरअसल, उनका सामान सही सलामत क्लाइंट के ठिकाने पर पहुंच जाए, इसके लिए सबसे पहले वैसे लोगों की तलाश की जाती है, जिनकी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं हो। जिसने बहुत अधिक विदेश की यात्रा नहीं की हो। इससे जांच एजेंसियों को चकमा देने में आसानी होती है। ऐसे लोगों को उनका कंसाइनमेंट पहुंचाने के लिए मोटी रकम दी जाती है। ज्यादा सजा से बचने के लिए छोटे खेप में लाते हैं गांजा जनवरी महीने में जिस तरह से गयाजी एयरपोर्ट पर 5 लोग पकड़े गए और सभी के पास से 5-5 किलो थाई गांजा की खेप मिली तो आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि आखिर मात्रा कम क्यों थी? इस कीमती गांजा की मात्रा को प्रति पैसेंजर बढ़ाकर भी लाया जा सकता था। असल में इसके पीछे की वजह कानून और उसके तहत दी जाने वाली सजा से बचना है। पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रभात भारद्वाज ने बताया, ‘भारत में NDPS एक्ट के तहत किसी शख्स के पास से 20 किलो या इससे अधिक गांजा पाए जाने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। इससे बचने के लिए तस्कर छोटे-छोटे खेप में गांजा लाते हैं। ऐसे में पकड़े जाने पर एक-दो महीने या बहुत कम समय में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल जाती है। यही वजह है कि एक गैंग के लोग होने के बाद भी फ्लाइट में अलग-अलग टिकटों पर सफर करते हैं। बिहार में नॉर्थ ईस्ट से आने वाले गांजा की डिमांड गांजा तस्करी का अनुभव रखने वाले एक शख्स के अनुसार गयाजी एयरपोर्ट से जब्त थाईलैंड वाले गांजा का इस्तेमाल बिहार में नहीं होता है। यहां त्रिपुरा समेत नॉर्थ ईस्ट के इलाकों से आने वाले देसी गांजा का इस्तेमाल होता है। देसी गांजा में 'मंदाकिनी' की डिमांड सबसे अधिक है। इसकी कीमत 50 से 60 लाख रुपए किलो तक है। बिहार में भी चोरी–छिपे गांजा की खेती होती है। इसकी कीमत 8 से 10 हजार रुपए किलो है। जहां तक बात थाईलैंड वाले गांजा की है तो वह प्रीमियम क्वालिटी की होती है। इसकी सबसे अधिक खपत हाई प्रोफाइल लोगों के बीच है। एक महिला टीवी आर्टिस्ट के पास यही गांजा मिला था। मुंबई, गोवा, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे के साथ पंजाब में इसकी बहुत डिमांड है। रेव पार्टियों के साथ ही क्लबों में आने वाले हाई प्रोफाइल लोग इसके यूजर हैं। देसी गांजे में नशीले तत्व की मात्रा 3 से 4% होती है। थाईलैंड के हाइड्रोपोनिक गांजे में इसकी मात्रा करीब 30% तक होती है। इसी वजह से यह अमीरों का 'स्टेटस सिंबल' बन गया है। ट्रेन और रूट बदलकर जाते हैं तस्कर गयाजी से मुंबई के लिए हफ्ते में मात्र तीन ट्रेन है। इसमें हावड़ा से मुंबई जाने वाली सुपरफास्ट ही डेली चलती है। गयाजी से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के लिए हफ्ते में सिर्फ एक दिन (बुधवार को) सीधी ट्रेन चलती है। तीसरी ट्रेन रांची से लोकमान्य तिलक की है। गयाजी में ये गुरुवार के दिन आती है। वहीं, गयाजी से दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस के साथ ही कई सुपरफास्ट और स्पेशल ट्रेनों को मिलाकर करीब 34 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें कई ट्रेनें सप्ताह में एक, दो और तीन दिन चलती हैं। सूत्रों की मानें तो गांजा और सोना की खेप लेकर तस्कर ट्रेन और रूट बदलकर भी जाते हैं। 2022 के बाद बढ़ी तस्करी जांच एजेंसी से जुड़े एक सूत्र के अनुसार बिहार में शराबबंदी के बाद से गांजा, चरस और ब्राउन शुगर की खपत बढ़ी है। इसमें थाईलैंड से आने वाला गांजा शामिल नहीं है। फ्लाइट से तस्करी का ट्रेंड जरूर बढ़ा है। गयाजी एयरपोर्ट की तरह ही DRI की पुख्ता सूचना पर लखनऊ और जयपुर में भी इंटरनेशनल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वहां भी थाईलैंड से लाए गए गांजा की खेप को जब्त किया गया है। दरअसल, थाईलैंड में 2022 में गांजा को कानूनी वैद्यता मिल गई। इसके बाद वहां ये आसानी से उपलब्ध होने लगा। इसका पूरा फायदा तस्कर उठाने लगे। भारत में ऊंची कीमत पर गांजा के प्रीमियम क्वालिटी की तस्करी करने लगे। थाईलैंड के गांजा की क्वालिटी और तस्करी के बाद उसकी कीमत गांजा तस्करी पर कितनी सजा हो सकती है? जब किसी मादक पदार्थ की बरामदगी होती है तो सबसे पहले उसकी मात्रा और उसे कैसे लाया गया है? इसे देखा जाता है। एडवोकेट प्रभात भारद्वाज ने बताया कि अगर कोई विदेशी नागरिक लेकर आ रहा है तो उसके लिए NDPS एक्ट के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। अगर कोई भारतीय नागरिक तस्करी कर ला रहा है तो सजा का अलग प्रावधान है।
आईपीएल 2026: संतुलित बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजी अटैक दिख रहा कमजोर, क्या खत्म होगा दिल्ली का इंतजार?
अक्षर पटेल की अगुवाई में दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2026 में अपने खिताब का सूखा खत्म करने के इरादे से उतरेगी। कागज पर दिल्ली का बैटिंग ऑर्डर काफी संतुलित दिख रहा है। हालांकि, मिचेल स्टार्क की शुरुआती मुकाबलों में गैरमौजूदगी के कारण टीम के लिए तेज गेंदबाजी अटैक चिंता का विषय जरूर बन सकता है। आईपीएल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत जोरदार अंदाज में की थी, लेकिन दूसरे हाफ में टीम की गाड़ी पटरी से उतर गई थी। 14 मुकाबलों में से दिल्ली ने 7 जीते थे, जबकि 7 मुकाबलों में टीम को हार झेलनी पड़ी थी। अक्षर की कप्तानी में टीम प्लेऑफ का टिकट कटाने में नाकाम रही थी। केएल राहुल पिछले सीजन अच्छी लय में दिखाई दिए थे। इसके साथ ही ट्रिस्टन स्टब्स का प्रदर्शन भी जोरदार रहा था। अभिषेक पोरेल ने भी आईपीएल 2025 में अपनी शानदार बल्लेबाजी से खासा प्रभावित किया था। वहीं, इस बार दिल्ली के पास नीतीश राणा का अनुभव भी मौजूद होगा, जो मध्यक्रम में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। इसके साथ ही बेन डकेट और पृथ्वी शॉ के रूप में दिल्ली के पास सलामी बल्लेबाज के तौर पर 2 बढ़िया विकल्प भी मौजूद हैं। डेविड मिलर को खरीदने के साथ ही दिल्ली का मध्यक्रम काफी संतुलित दिख रहा है। फिनिशर के तौर पर दिल्ली के पास आशुतोष शर्मा और समीर रिजवी के रूप में दो धाकड़ बल्लेबाज मौजूद हैं। वहीं, स्टब्स ने भी पिछले सीजन बतौर फिनिशर दमदार प्रदर्शन किया था। काइल जैमीसन और विपराज निगम बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं। हालांकि, मिचेल स्टार्क के शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध न होने की वजह से दिल्ली कैपिटल्स का पेस अटैक थोड़ा कमजोर दिख रहा है। मुकेश कुमार के पास विकेट निकालने का हुनर है, लेकिन वह काफी महंगे भी साबित हो जाते हैं। टी नटराजन पिछले सीजन लय में नहीं दिखे थे। दिल्ली की तरफ से आकिब नबी पर इस सीजन जरूर निगाहें रहेंगी। आकिब का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में कमाल का रहा था। स्पिन विभाग में दिल्ली के पास कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के रूप में दो दमदार स्पिनर हैं, जो अकेले दम पर मैच को पलट सकते हैं। इसके साथ ही बेन डकेट और पृथ्वी शॉ के रूप में दिल्ली के पास सलामी बल्लेबाज के तौर पर 2 बढ़िया विकल्प भी मौजूद हैं। डेविड मिलर को खरीदने के साथ ही दिल्ली का मध्यक्रम काफी संतुलित दिख रहा है। फिनिशर के तौर पर दिल्ली के पास आशुतोष शर्मा और समीर रिजवी के रूप में दो धाकड़ बल्लेबाज मौजूद हैं। वहीं, स्टब्स ने भी पिछले सीजन बतौर फिनिशर दमदार प्रदर्शन किया था। काइल जैमीसन और विपराज निगम बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकते हैं। Also Read: LIVE Cricket Score अक्षर पटेल (कप्तान), लुंगी एनगिडी, बेन डकेट, पथुम निसांका, आकिब नबी डार, नीतीश राणा, विपराज निगम, ट्रिस्टन स्टब्स, साहिल पारेख, डेविड मिलर, पृथ्वी शॉ, काइल जैमीसन, त्रिपुराना विजय, टी नटराजन, समीर रिजवी, मिचेल स्टार्क, माधव तिवारी, कुलदीप यादव, केएल राहुल, करुण नायर, दुष्मंथा चमीरा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, अजय मंडल, अभिषेक पोरेल। Article Source: IANS
मेरठ में सकोती टांडा स्टेशन पर दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस के पुनः ठहराव की मांग अब जोर पकड़ती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों, दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और श्रमिकों ने एकजुट होकर इस मुद्दे को उठाया है और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोरोना काल से पहले इस ट्रेन का ठहराव सकोती टांडा स्टेशन पर होता था, जिसे बिना स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया। इसके चलते क्षेत्र के हजारों यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अब नजदीकी अन्य स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 500 से अधिक मासिक पासधारक यात्री दिल्ली और हरिद्वार की ओर सफर करते हैं। साथ ही नगली तीर्थ स्थल होने के कारण यहां श्रद्धालुओं का आवागमन भी बना रहता है। ऐसे में ट्रेन का ठहराव न होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान राज्यमंत्री एवं राज्य श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पं. सुनील भराला से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। उन्होंने रेल मंत्री को अनुशंसा भेजकर ट्रेन के ठहराव को बहाल कराने की अपील की। पं. सुनील भराला ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे जल्द ही रेल मंत्री से मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सकोती टांडा स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह मांग पूरी होती है तो इससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
जयपुर-दिल्ली हाईवे पर हरियाणा रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों की मौत हो गई। एक अन्य दोस्त घायल हो गया। चारों दोस्त एक ही बाइक पर जा रहे थे। हादसा शनिवार रात करीब 7:45 बजे जयपुर के चंदवाजी इलाके में हुआ। एसआई देवेन्द्र ने बताया- हादसे में ताला गांव के रहने वाले मुस्तकीम शाह (22), अब्दुल मलिक (18) और साहिल (17) की मौत हो गई। घायल सरफराज (18) को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… एसआई देवेन्द्र ने बताया- रात करीब 7:45 बजे चारों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर जयपुर-दिल्ली हाईवे पर जा रहे थे। ताला मोड़ पर लवाना पुलिया के पास हरियाणा रोडवेज की बस से बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक समेत चारों दोस्त सड़क पर गिर गए। पुलिस चारों दोस्तों को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मुस्तकीम शाह, अब्दुल मलिक और साहिल को मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक उपचार के बाद सरफराज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और बस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद में युवक पर कैंची से किया हमला:दिल्ली रेफर, दूसरे पक्ष ने घर की पत्थरबाजी, 6 घायल
फरीदाबाद जिले में बल्लभगढ़ के गांव खंदावली में शुक्रवार रात एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दो पक्षों के बीच मारपीट और पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस झगड़े में कुल 7 लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, गांव खंदावली निवासी रशीद शुक्रवार रात करीब 9 बजे फिरनी के पास स्थित एक टेलर की दुकान पर ईद के लिए सिलवाए गए कपड़े लेने गया था। जब वह कपड़े लेकर वापस अपने घर लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही 5 युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने कैंची से किए वार आरोप है कि हमलावरों ने रशीद पर कैंची से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल रशीद को तुरंत उपचार के लिए बल्लभगढ़ के बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। दूसरे पक्ष ने ईंट-पत्थरों से किया हमला इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद कुछ लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर पहुंचकर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस पत्थरबाजी में आरोपी पक्ष के भी 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक पक्ष से पुलिस को दी शिकायत मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि एक पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज करवा दी गई है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही दोनों पक्षों की शिकायतें मिलेंगी, उसके आधार पर जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव खंदावली में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस की नजर बनी हुई है, ताकि किसी प्रकार की दोबारा घटना न हो सके।
अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 35वीं महत्वपूर्ण बैठक 22 मार्च को दिल्ली में होगी। यह बैठक खंडेलवाल युवा जनजागरण समिति, दिल्ली के तत्वावधान में गोल्डन एप्पल, पुलिस लाइन, रोड़ नंबर 13, मिलन अपार्टमेंट डिस्ट्रिक पार्क के पास, पीतमपुरा में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश भर से खंडेलवाल बंधु जुटेंगे और समाज के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। बैठक में लोकसभा सांसद एवं महासचिव और CAIT के संस्थापक श्री प्रवीन खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। साथ ही अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूंगा वाले), महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कुमार कट्टा, महासभा के प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल एडवोकेट मथुरा, कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग), जयपुर महासभा के कार्यालय मंत्री रामकिशोर खुटेटा, महासभा के पूर्व प्रधानमंत्री राकेश रावत दिल्ली, पूर्व प्रधानमंत्री नरेश खंडेलवाल मंडी गोविंदगढ़, महासभा पत्रिका के मुख्य संपादक राम निरंजन खुटेटा भी मौजूद रहेंगे। महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूंगा वाले) ने जानकारी दी कि बैठक में समाज के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि इस अवसर पर महासभा के संरक्षक और न्याय समिति के सदस्य राजेश आमेरिया, महासभा उपाध्यक्ष एवं युवा समिति के महामंत्री अजय खंडेलवाल, महासभा संरक्षक युवा समिति के सहमंत्री मनोज खंडेलवाल, महासभा संरक्षक युवा समिति के कोषाध्यक्ष राजू झालानी, आजीवन संरक्षक महासभा व खंडेला धाम महेंद्र कायाथवाल, आजीवन संरक्षक खंडेला धाम घनश्याम बटवाडा, आजीवन संरक्षक खंडेला धाम राजेंद्र कुमार खंडेलवाल, आजीवन संरक्षक महासभा व खंडेला धाम चंद्र मोहन झालानी, आजीवन संरक्षक महासभा महेश खंडेलवाल, आजीवन ट्रस्टी खंडेला धाम संजय खंडेलवाल, और आजीवन ट्रस्टी खंडेला धाम अनूप खंडेलवाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन रविकांत वैध, अजय ठाकुरिया, नरेश रावत और आश्वी खंडेलवाल करेंगे। हरीश अटोलिया, गिरिराज प्रसाद रावत, सुरेश झालानी, राकेश सोखिया और नितिन खारवाल आने वाले सभी लोगों का स्वागत करेंगे। उमाशंकर भूखमारिया, संजय मणिकबोहरा, गिरिराज प्रसाद रावत, पी सी गुप्ता, सुरेश घीया, राजेश अमेरिया, गोपाल खंडेलवाल, राजकुमार खुटेटा, महेश बाजरगान, विनोद, राजीव खंडेलवाल, शशांक खंडेलवाल, लक्ष्मी नारायण भूखमारिया, संदीप, मनोज खुटेटा, मुकेश कट्टा, सुशील बडाया और अमित माली मिलकर आवास, हॉल, रजिस्ट्रेशन और भोजन जैसी सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में खंडेलवाल समाज के कई संगठन मदद कर रहे हैं। इनमें खंडेलवाल समाज उत्तरी दिल्ली, पीतमपुरा, खंडेलवाल वैश्य संघ, आनंद पर्वत, खंडेलवाल वैश्य समाज, वेस्ट दिल्ली, खंडेलवाल वैश्य समाज, रोहिणी, खंडेलवाल वैश्य संगठन सभा, करोल बाग, खंडेलवाल वैश्य समाज, पूर्वी दिल्ली, आनंद विहार, खंडेलवाल समाज, सुल्तान पुरी, खंडेलवाल वैश्य समाज द्वारका उपनगर, महावीर एनक्लेव, खंडेलवाल समाज वेलफेयर एसोसिएशन, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा, खंडेलवाल वैश्य सेवा सदन ट्रस्ट, पहाड़गंज, खंडेलवाल हैप्पी क्लब, उत्तम नगर, खंडेलवाल चेतना मंच दिलशाद गार्डन, खंडेलवाल मित्र मंडल वेस्ट दिल्ली, खयाला, खंडेलवाल वैश्य समाज, पालम द्वारका पालम, खंडेलवाल वैश्य समाज एसोसिएशन, गुरुग्राम, खंडेलवाल समाज विकास ट्रस्ट, न्यू रोहतक रोड और सुमरुधरा मंच दिल्ली शामिल हैं। ये सभी संगठन सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं। बैठक में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों और कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, मुंबई, राजनंदगांव जैसे शहरों से अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के कई पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और आजीवन सदस्य हिस्सा लेंगे।
दिल्ली पुलिस मेडिकल टेस्ट देने जा रही युवती की मौत:बोलेरो ने मारी टक्कर, दो दिन बाद थी गोद भराई
औरैया के दिबियापुर स्थित लहोखर गांव की एक युवती की दिल्ली में सड़क हादसे में मौत हो गई। वह दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के मेडिकल परीक्षण के लिए गई थी। युवती की दो दिन बाद सोमवार को गोद भराई होनी थी। मृतका की पहचान लहोखर गांव निवासी विजय सिंह यादव की बेटी रूपल यादव के रूप में हुई है। रूपल दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा पास कर चुकी थी और 20 मार्च को उसका मेडिकल परीक्षण निर्धारित था। शुक्रवार सुबह रूपल ऑटो से परीक्षा केंद्र जा रही थी, तभी एक अनियंत्रित बोलेरो ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। रूपल अपने चार बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर पर थी। गांव में भी शोक का माहौल है।
आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले 5 बल्लेबाज
Kings XI Punjab Vs Delhi: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन का रोमांच 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। आईपीएल में आमतौर पर बल्लेबाजों का राज देखने को मिलता है और खूब चौके-छक्के लगते हैं। आइए आपको उन 5 बल्लेबाजों के नाम बताते हैं, जिन्होंने एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाए हैं। क्रिस गेल: आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। गेल ने आईपीएल 2012 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से खेलते हुए 59 छक्के लगाए थे। गेल इस सीजन सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे थे और उन्होंने 15 मुकाबलों में 160 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 733 रन बनाए थे। आंद्रे रसेल: इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फैंस का मनोरंजन करने वाले आंद्रे रसेल आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। रसेल ने आईपीएल 2019 में केकेआर की ओर से खेलते हुए 52 छक्के लगाए थे। रसेल ने इस सीजन 15 मुकाबलों में 204 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 510 रन बनाए थे। क्रिस गेल: आईपीएल 2013 में भी क्रिस गेल ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी का दिल जीता था। गेल ने आरसीबी की जर्सी में खेलते हुए इस सीजन 51 छक्के लगाए थे। गेल ने आईपीएल 2013 में 156 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 708 रन बनाए थे। आंद्रे रसेल: इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फैंस का मनोरंजन करने वाले आंद्रे रसेल आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। रसेल ने आईपीएल 2019 में केकेआर की ओर से खेलते हुए 52 छक्के लगाए थे। रसेल ने इस सीजन 15 मुकाबलों में 204 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 510 रन बनाए थे। Also Read: LIVE Cricket Score क्रिस गेल: आईपीएल 2011 में क्रिस गेल का प्रदर्शन बेमिसाल रहा था। गेल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की तरफ से खेलते हुए इस सीजन 44 छक्के लगाए थे। गेल ने इस साल खेले 12 मुकाबलों में 183 के स्ट्राइक रेट से 608 रन बनाए थे, और वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे थे। Article Source: IANS
आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद को खिताब का दावेदार नहीं मानते रॉबिन उथप्पा, बताई वजह
New Delhi: पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा का मानना है कि आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम खिताब की प्रबल दावेदार नहीं होगी। उथप्पा ने कहा कि भले ही हैदराबाद का बैटिंग ऑर्डर काफी दमदार नजर आ रहा हो, लेकिन टीम का गेंदबाजी अटैक काफी कमजोर दिख रहा है। उथप्पा ने 'जियोस्टार' के साथ बात करते हुए कहा, सनराइजर्स हैदराबाद की आक्रामक बल्लेबाजी देखना मनोरंजक होता है। हालांकि, इस तरह की बल्लेबाजी उन्हें आईपीएल जीतने में मदद नहीं करेगी। हैदराबाद की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर है। गेंदबाज ही होते हैं जो आपको ट्रॉफी दिलवाते हैं। हैदराबाद को अपने घरेलू मैदान पर 7 मैच खेलने होते हैं, जहां की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग जैसी है। उथप्पा ने आगे कहा, मुझे नहीं लगता कि सनराइजर्स हैदराबाद के पास अभी ऐसा गेंदबाजी अटैक है जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से पैदा होने वाली अस्थिरता को संभाल सके, खासकर तब जब उनका टॉप ऑर्डर अच्छा प्रदर्शन न करे। हम सभी ने पिछले सीजन में देखा था कि क्या हुआ था। अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और हेनरिक क्लासेन के अलावा, कोई भी अन्य बल्लेबाज आगे बढ़कर जिम्मेदारी नहीं उठा पाया था। जब टॉप ऑर्डर विफल रहा, तो गेंदबाज भी उस स्कोर का बचाव करने में असमर्थ रहे। यही वजह है कि मैं इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद को खिताब का एक दावेदार नहीं मानूंगा। उथप्पा ने 'जियोस्टार' के साथ बात करते हुए कहा, सनराइजर्स हैदराबाद की आक्रामक बल्लेबाजी देखना मनोरंजक होता है। हालांकि, इस तरह की बल्लेबाजी उन्हें आईपीएल जीतने में मदद नहीं करेगी। हैदराबाद की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर है। गेंदबाज ही होते हैं जो आपको ट्रॉफी दिलवाते हैं। हैदराबाद को अपने घरेलू मैदान पर 7 मैच खेलने होते हैं, जहां की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग जैसी है। Also Read: LIVE Cricket Score सनराइजर्स हैदराबाद के लिए बुरी खबर यह है कि आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों में पैट कमिंस टीम का हिस्सा नहीं होंगे। कमिंस की गैरमौजूदगी में टीम की कमान ईशान किशन संभालते हुए नजर आएंगे। टीम अपने अभियान का आगाज 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ एम. चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में करेगी। Article Source: IANS
गुरुग्राम शहर में हीरो होंडा चौक पर शनिवार को एक तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार को कुचल दिया। हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कैंटर ड्राइवर मौके का फायदा उठाकर भाग गया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह भिजवा दिया। मृतक की पहचान कमल कुमार झा के रूप में हुई है। वह दिल्ली के रोहिणी का रहने वाला था और ड्यूटी के लिए गुरुग्राम आया था। वह गुरुग्राम में एक कंपनी में काम करता था। पुलिस ने बाइक नंबर प्लेट के आधार पर मृतक की पहचान की। तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है। कैंटर चालक के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जांच अधिकारी रीना ने बताया कि अभी परिवारवालों को सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। हाईवे पर थम नहीं रहे एक्सीडेंटगुरुग्राम में हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे एक गंभीर समस्या बन चुके हैं, जहां तेज रफ्तार, लापरवाही और ओवरलोडिंग के कारण रोजाना जानें जा रही हैं। विशेष रूप से NH-48 दिल्ली-जयपुर हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित है। 2025 में प्रमुख हाईवे कॉरिडोर पर कुल 401 दुर्घटनाओं में 200 लोगों की मौत हुई, जिसमें NH-48 अकेले 233 हादसों में 127 मौतों का गवाह बना। 2025 में जिले में कुल 1,112 दुर्घटनाओं में 478 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 2024 में 472 मौतें हुई थीं। NH-48 पर 45 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित हैं, जहां रियर-एंड, साइड-इम्पैक्ट और हेड-ऑन टक्कर 93% मौतों का कारण बनीं।
औरंगाबाद के युवक की दिल्ली में मौत हो गई। आग लगने के बाद 4 मंजिला बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। सफदरगंज में इलाज चल रहा था मृतक की पहचान नरहर अंबा टोला कुम्हार बिगहा निवासी धरमु प्रजापति के पुत्र शंभू प्रजापति(25) के तौर पर हुई है। नोएडा सेक्टर-4 में काम करता था। एक महीना पहले ही घर से काम पर गया था। जानकारी के मुताबिक बुधवार(18 मार्च 2026) को बिल्डिंग में आग लगी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार मंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुआं फैल गया। अंदर मौजूद लोगों को कहीं बाहर निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा था। दिल्ली से गांव लाया गया शव परिजनों का कहना है कि हादसे में करीब 10 लोगों की मौत हुई थी। शंभू को बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं दिखा, तो जान बचाने के छत से नीचे छलांग लगा दी। चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कंपनी प्रबंधन से हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद परिवार के सदस्य दिल्ली पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को शव दिल्ली से गांव लाया गया। शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल शंभू एक महीना पहले दिल्ली गया था। पुरानी कंपनी छोड़कर नई कंपनी में ज्वॉइन किया था। चार भाइयों में सबसे छोटा था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बुलंदशहर में खेलते समय पिलर पर गिरा बच्चा:गले के आरपार हुआ सरिया, दिल्ली एम्स रेफर
बुलंदशहर में एक 10 साल का बच्चा पिलर के ऊपर गिर गया, इससे लोहे का सरिया उसके गले के आर-पार हो गया। बच्चा एक निर्माणाधीन मकान से अपनी बॉल उठाने गया था, उसी समय पैर फिसलने से वह पिलर के ऊपर गिर गया। गैस कटर से सरिया काटकर बच्चे को उसी हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली एम्स रेफर कर दिया। बच्चे के गले और सीने से सरिया आर-पार था, लेकिन न खून निकल रहा था और न ही बच्चे को कोई दिक्कत हो रही थी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… मामला कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित मिर्जापुर गांव का है। यहां सुबह गली में कई बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। खेलते समय बॉल एक निर्माणाधीन मकान के अंदर चली गई। ऋषभ (10) पुत्र राजकुमार गेंद उठाने के लिए मकान के अंदर गया। भागने के चक्कर में बच्चे का पैर फिसला और वह पिलर से निकल रही सरिया के ऊपर मुंह के बल गिर गया। बाकी बच्चों ने जैसे ही देखा तो शोर मचाया। बच्चे के परिजन और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठे हो गए। सरिया बच्चे सीने से गले को पार करते हुए निकल गया था। तुरंत गैस कटर मंगाकर सरिया के नीचे के भाग को सावधानी से अलग किया गया। बच्चे के शरीर में सरिया घुसा था, लेकिन जरा भी खून नहीं निकल रहा था। बच्चा पूरी तरह से बात कर रहा था। घर वाले फंसे हुए सरिये के साथ बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद नोएडा के हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहां से बच्चे को दिल्ली एम्स के लिए रेफर किया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि बच्चे के सरिया सीने से गले तक पार हुआ था। लेकिन वह होश में था। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को रेफर किया गया है। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… झांसी में आकाशीय बिजली गिरने से बारुद फैक्ट्री में विस्फोट:मैनेजर के ड्राइवर की मौत, छत उड़ गई; 10Km दूर तक सुनाई दिया धमाका झांसी में इंडो गल्फ फैक्ट्री (बारुद फैक्ट्री) में शुक्रवार देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से भीषण विस्फोट हो गया। फैक्ट्री की छत उड़ गई और आग लग गई। कुछ देर बाद मैनेजर स्टाफ के साथ अंदर गए। तभी दोबारा तेज धमाका हुआ। इस दौरान भारी चीज मैनेजर के ड्राइवर के सिर में जा लगी। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
मथुरा के नवीपुर गांव के पास गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ को गौतस्करों ने गाड़ी से कुचलकर मार दिया। गुस्से में गौरक्षकों ने छाता में दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। अब तक एक आरोपी पकड़ा गया है, तीन फरार हैं। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और तनाव है।
हरियाणा के पानीपत जिले में शनिवार सुबह मौसम के बदले मिजाज ने नेशनल हाईवे-44 पर भारी तबाही मचाई। दो दिनों तक रुक-रुक कर हुई बरसात के बाद शनिवार (21 मार्च) की सुबह पूरा जिला सफेद चादर (घने कोहरे) में लिपटा नजर आया। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम थी कि हाईवे पर चल रहे वाहनों को 5 मीटर दूर का रास्ता भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी शून्य दृश्यता के कारण गांव सिवाह बस स्टैंड के पास एक के बाद एक 15 वाहन आपस में टकरा गए, जिससे हाईवे पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। खराब ट्रक बना हादसे की मुख्य वजह हादसे की शुरुआत सुबह करीब 7:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, लाहौर से दिल्ली जाने वाली लेन में सिवाह बस स्टैंड के पास एक ट्रक अचानक तकनीकी खराबी के कारण सड़क किनारे खड़ा हो गया था। कोहरा इतना घना था कि पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों को सड़क पर खड़ा यह ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया। एक के बाद एक भिड़ते चले गए वाहन हादसा तब और भयानक हो गया जब पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक खड़े हुए खराब ट्रक में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते पीछे से आ रहे 4 और ट्रक इसी तरह आपस में टकरा गए। ट्रकों की इस भिड़ंत के बाद हाईवे पर वाहनों का मलबा फैल गया। लेकिन हादसा यहीं नहीं थमा, पीछे से आ रही छोटी गाड़ियां और कारें भी कोहरे के कारण इन दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों से टकराती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुल 15 गाड़ियां इस चेन रिएक्शन का शिकार हुईं। हाइवे पर लगा मीलों लंबा जाम इस भीषण सड़क हादसे के बाद नेशनल हाईवे-44 की दिल्ली जाने वाली लेन पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई। क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति पैदा हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस के आने तक हाईवे पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी और वाहन रेंग-रेंग कर गुजरने को मजबूर थे। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद खुला रास्ता मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाना शुरू किया। करीब पौने 9 बजे तक पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे की एक लेन को यातायात के लिए खुलवाया। एक लेन खुलने के बाद फंसे हुए वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सुचारू किया गया। पुलिस की एडवाइजरी, फॉग लाइट्स का करें उपयोग दो दिनों की बरसात के बाद अचानक बढ़ी इस ठंड और कोहरे ने लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार धीमी रखें और फॉग लाइट्स व इंडिकेटर्स का निरंतर प्रयोग करें ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल बाद जेल से बाहर आकर पटना पहुंचे हैं। कोर्ट ने उन्हें 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों के पेरोल की अनुमति दी है। इस दौरान वे अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, शरजील इमाम पटना पहुंचने के बाद सीधे जहानाबाद के लिए रवाना हो गए, जहां उनका पैतृक घर है। उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को तय है। इसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने कोर्ट से पेरोल की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल गई। मां की तबीयत भी बनी वजह पेरोल दिए जाने की एक वजह उनकी मां की खराब सेहत भी बताई जा रही है। परिवार ने कोर्ट से आग्रह किया था कि शादी और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अस्थायी राहत दी जाए। कोर्ट ने इन मानवीय आधारों पर 10 दिन की पेरोल स्वीकृत की। 30 मार्च को करना होगा सरेंडर कोर्ट के आदेश के अनुसार, शरजील इमाम को 30 मार्च तक वापस जेल में सरेंडर करना होगा। फिलहाल वे पैरोल की शर्तों के तहत अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं और शादी की तैयारियों में शामिल होंगे। पेरोल मिलने के बाद उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम ने कोर्ट का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह समय महत्वपूर्ण है और इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। शरजील पर पुलिस की नजर गौरतलब है कि शरजील इमाम का नाम 2020 दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है। इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। तब से वे न्यायिक हिरासत में थे। शरजील इमाम के पटना और जहानाबाद आने को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। पेरोल अवधि के दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। अंतरिम जमानत पर कोर्ट की शर्तें जानिए 2020 दिल्ली दंगा केस में कब क्या हुआ…
देश भर के कई राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और तूफान का मौसम जारी है। यूपी के 25 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को आंधी-बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। प्रयागराज, बलरामपुर, बहराइच और मिर्जापुर में बिजली गिरने से 3 किसानों समेत 5 की मौत हो गई। बिहार के पटना, बेतिया, मोतिहारी, जमुई समेत 15 शहरों में आंधी-बारिश हुई। गयाजी में बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश के 42 जिलों में भी कल बारिश हुई। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन जैसे कई बड़े शहर भी शामिल हैं। MP में बारिश से न्यूनतम तापमान में 3C तक की गिरावट दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी 12.6C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री और भोपाल में 16.6C दर्ज किया गया। इधर, राजस्थान में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन बारिश और ओले गिरे। श्रीगंगानगर में कोहरा छाने से विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रही। दिल्ली में लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिल्ली में पिछले 6 सालों के दौरान मार्च का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 9.6 डिग्री कम है। इससे पहले 8 मार्च 2020 को तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है। वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है। बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। देशभर में मौसम के हालात की तस्वीरें… अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान 22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। 23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है।
बीमा पॉलिसी मैच्योर होने और बोनस का पैसा दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन ठगों को पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में छापा मारकर गिरफ्तार किया है। तीनों के पास से मोबाइल और पासबुक बरामद हुए हैं। ये ठग वॉइस चेंजर एप्लीकेशन के जरिए लोगों को लड़कियों की आवाज में कॉल करते थे और उन्हें झांसा देते थे कि उनका पैसा दिला देंगे। यदि कोई झांसे में नहीं आता, तो उसे दो-तीन बार कॉल कर प्रोसेसिंग फीस की मांग की जाती थी। इस तरह धीरे-धीरे पैसे ऐंठे जाते थे। आरोपियों ने सेजबहार के परमजीत सिंह से 9.69 लाख रुपए की ठगी की थी। हालांकि पुलिस अब तक उनसे रकम बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद निवासी अनिल सिंह (37), अजय तिवारी (33) और रिंकू सिंह (41) आपस में दोस्त हैं। तीनों नोएडा के एक युवक के लिए कमीशन पर काम करते थे। इन्हें रोजाना मोबाइल नंबरों की एक सूची दी जाती थी, जिसमें सीरियल नंबर के अनुसार कॉल किए जाते थे। आरोपी खुद को बीमा लोकपाल या आईआरडीएआई का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे और कहते थे कि उनकी बीमा पॉलिसी मैच्योर हो गई है या बोनस मिलने वाला है। दिल्ली में पकड़ा गया मास्टरमाइंड पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर शुक्रवार देर रात दिल्ली में छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड को भी पकड़ लिया है। उससे पूछताछ के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों का खुलासा होने की संभावना है। आरोपी ने कॉल करने से लेकर पैसा निकालने तक की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों को सौंप रखी थी। पुलिस उसे शनिवार रात तक रायपुर लाएगी। मॉल में चल रहा ठगी का कॉल सेंटरठगों ने नोएडा के पॉश इलाके में स्थित गौर सिटी मॉल में एक आलीशान ऑफिस खोल रखा था, जहां एक दर्जन लोग काम करते थे। ज्यादातर कर्मचारियों को 12 से 15 हजार रुपए वेतन दिया जाता था। यहां काम करने वालों की जिम्मेदारी कॉल करना होती थी। वे सीरियल नंबर के आधार पर कॉल करते थे। जो लोग झांसे में आ जाते थे, उनकी जानकारी पकड़े गए आरोपी अनिल, अजय और रिंकू को दी जाती थी। आरोपी हाईटेक सॉफ्टवेयर का उपयोग करते थे और पुलिस से बचने के लिए इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे। भास्कर इनसाइट राज्य में 100 करोड़ की ठगी, देशभर में ऐसे 2.57 लाख केस पिछले डेढ़ साल में राज्य में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी हुई है। रायपुर में सबसे ज्यादा करीब 48 करोड़ रुपए की ठगी दर्ज की गई है। बिलासपुर दूसरे स्थान पर है, जहां 10 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। दुर्ग और भिलाई में भी 10 करोड़ रुपए की ठगी के मामले सामने आए हैं। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बड़े साइबर फ्रॉड (1 लाख रुपए से ऊपर के मामलों) में पिछले साल 107 करोड़ रुपए की ठगी हुई है, जबकि 2024 में 177.05 करोड़ रुपए की ठगी हुई थी। बीमा क्लेम और बोनस दिलाने से संबंधित ठगी के 2.57 लाख मामले दर्ज किए गए हैं। ठगी से बचने के लिए ये हैं उपाय
राजधानी में सख्ती और पैडलर्स पर लगातार कार्रवाई के बाद तस्करी का पैटर्न बदल गया है। तस्कर अब कुरियर के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन ऑर्डर लिया जा रहा है। उसके बाद पेमेंट लेकर पार्सल भेजा जा रहा है। पार्सल को दवाइयों के डिब्बों या मेडिकल उपकरणों में छिपाकर भेजा जा रहा है, ताकि किसी को शक न हो। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पार्सल मंगाने वाले एक स्टील कारोबारी को गिरफ्तार किया है। कारोबारी की कार की तलाशी के दौरान बीपी मशीन के डिब्बे में 2.27 लाख कीमत का 4.55 ग्राम ड्रग्स मिला। कारोबारी का मोबाइल जब्त कर लिया गया है, जिसे जांच के लिए साइबर लैब भेजा गया है। उसके मोबाइल से चैट रिपोर्ट निकाली जा रही है। पुलिस ने बताया कि गीतांजलि नगर निवासी कृष्ण गोपाल अग्रवाल (28) लोहा ट्रेडिंग का कारोबार करता है। वह खुद ड्रग्स लेने का आदी है। एक पार्टी में दिल्ली के ड्रग्स तस्कर से उसका संपर्क हुआ। इसके बाद वह उससे ड्रग्स खरीदने लगा। पहले वह खुद के लिए ही ड्रग्स मंगाता था, फिर दोस्तों के लिए भी मंगाने लगा। अधिकांश शनिवार-रविवार को शहर के आउटर में उसकी पार्टियां होती थीं, जहां युवक-युवतियां शामिल होते थे। कृष्ण गोपाल ने पार्टी के लिए गुरुवार को ड्रग्स मंगाया था। मारुति कुरियर के माध्यम से उसका पार्सल आया। कुरियर कंपनी ने पार्सल डिलीवर किया, तभी पुलिस को सूचना मिली और छापा मारकर उसे पकड़ लिया गया। पार्सल खोलने पर उसमें ड्रग्स मिला। ड्रग्स को जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस ने कारोबारी की कार भी जब्त कर ली है। प्रारंभिक जांच में कारोबारी के मोबाइल में एक दर्जन लोगों के साथ ड्रग्स को लेकर चैट मिला है। भास्कर इनसाइट लोहा कारोबारी का नाइजीरियन कनेक्शन, दिल्ली से मंगाता था रायपुर में ड्रग्स के साथ पकड़े गए लोहा कारोबारी कृष्ण गोपाल का भी नाइजीरियन कनेक्शन सामने आया है। वह दिल्ली के नाइजीरियन से ड्रग्स मंगाता था। पुलिस ने कुरियर कंपनी से पार्सल भेजने वाले की जानकारी मांगी है। तकनीकी जांच के आधार पर एक टीम जल्द दिल्ली जाएगी। पुलिस का दावा है कि इसमें शामिल सभी आरोपियों को पकड़ा जाएगा। दरअसल, टूरिज्म और पढ़ाई के लिए वीजा लेकर आए नाइजीरियन नागरिक ड्रग्स की तस्करी में शामिल हो रहे हैं। विदेश से ड्रग्स मंगाकर खुलेआम सप्लाई की जा रही है। इसमें स्थानीय लोगों का उपयोग पैडलर्स के रूप में किया जा रहा है। दिल्ली के निब सराय, खिड़की एक्सटेंशन, वसंत कुंज, हौज रानी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन और द्वारका इलाके में बड़ी संख्या में नाइजीरियन रहते हैं। पिछले महीने ही नवा रायपुर की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले एक नाइजीरियन छात्र को डीआरआई ने एयरपोर्ट पर छापा मारकर पकड़ा था। उससे दिल्ली के कुछ अन्य नाइजीरियन के नंबर मिले हैं, जो लगातार रायपुर में ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। डीआरआई उनकी तलाश कर रही है। ड्रग्स की तस्करी रोक नहीं पा रही पुलिसपुलिस अब तक 80 से ज्यादा ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और राज्य के तस्कर शामिल हैं। इनसे जुड़े 700 से ज्यादा लोगों के फोन नंबर और जानकारी भी जुटाई गई है। इसके बावजूद ड्रग्स की तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। रायपुर में अब भी अलग-अलग माध्यमों से ड्रग्स, गांजा और नशीली दवाइयों की सप्लाई जारी है।
सीपीआईएम शाखा की बैठक में दिल्ली रैली को सफल बनाने चर्चा
भास्कर न्यूज|विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के नरहन में शुक्रवार को सीपीआईएम नरहन शाखा की बैठक वीर बहादुर राय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का पर्यवेक्षण स्थानीय विधायक अजय कुमार एवं महेश कुमार ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक अजय कुमार ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रैली को सफल बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करने, मनरेगा को पुनः बहाल करने, चार लेबर कोड वापस लेने, बुलडोजर नीति समाप्त करने तथा बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर यह रैली आयोजित की जा रही है। उन्होंने समस्तीपुर जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं से दिल्ली चलने का आह्वान किया। बैठक को महेश कुमार, अधिवक्ता सतीश ठाकुर, पप्पू कुमार पासवान, मुरारी ठाकुर, आशीष दिवाकर, रामचंद्र दास, रंजीत मलिक, उर्मिला देवी, पवन राय सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। बैठक में पार्टी कार्यकर्ता रैली की तैयारी पर विस्तार से चर्चा की।
रांची में खुलेगी राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी, दिल्ली एम्स के डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता बने कुलपति
झारखंड सरकार ने मेडिकल शिक्षा को एकीकृत और बेहतर स्वरूप देने की दिशा में बड़ी पहल की है। रांची के ब्रांबे में राज्य में पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है
पठानकोट में 2 वॉल्वो बसों में भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एक बस के कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि, 5 यात्री घायल हो गए। मौके पर पहुंचे सड़क सुरक्षा फोर्स के कर्मचारियों ने घायलों को पठानकोट के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। हादसा जालंधर-जम्मू नेशनल हाइवे पर माधोपुर के पास डिफैंस रोड पर NH-44 ढाबे के सामने हुआ। हादसे में घायल अधिकतर लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। इसके अलावा, बंगाल का एक व्यक्ति भी घायल हुआ है। सुजानपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक कंडक्टर की पहचान बलवंत सिंह निवासी अमृतसर के तौर पर हुई है। जम्मू-कश्मीर से दिल्ली जा रही थी बसें थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहित टाक ने बताया कि 2 प्राइवेट बसें जम्मू-कश्मीर से दिल्ली जा रही थी। जालंधर-जम्मू नेशनल हाइवे पर माधोपुर के पास डिफैंस रोड पर NH-44 ढाबे के सामने दोनों टी-पॉइंट पर दोनों बसों की टक्कर हो गई। बताया जाता है कि एक बस सीधी जा रही थी, जबकि दूसरी बस ने जल्दी में निकालने के चक्कर आगे जा रही बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बसों को काफी नुकसान हुआ और एक कंडक्टर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कई यात्री घायल हो गए, जिन्हें पुलिस की मदद से प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों में छत्तीसगढ़ निवासी गुरप्रीत कौर, राजेंद्र कौर, जुझार सिंह, पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद खनित और जम्मू गांधी नगर जम्मू निवासी अर्जुन सिंह शामिल हैं। सो रहे थे यात्री, अचानक हुआ धमाका बस में सवार यात्री दिल्ली निवासी अमन ने बताया कि जम्मू से बस दिल्ली की ओर जा रही थी। रात करीब 2 बजे सभी यात्री सो रहे थे कि अचानक तेज धमाका हुआ। अमन ने बताया कि हादसा इतना जबरदस्त था कि हर तरफ चीखो-पुकार मच गई। कुछ यात्रियों को चोट आई थी। किसी राहगीर ने पुलिस को फोन किया। जिसके तुरंत बाद सड़क सुरक्षा फोर्स वहां पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने ही यात्रियों को दूसरी बसों में रवाना किया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मोहित टाक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

