विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
चांदनी चौक के कूचा महाजनी में ज्वैलरी की 54 दुकानों पर सील लगने के बाद बाजार में कारोबार की रफ्तार थम गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला:
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) के एक मामले में ऐतिहासिक और बेहद स्पष्ट फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि 18 साल से कम उम्र की लड़की से शादी करने के बाद उसके साथ यौन संबंध बनाने पर पति को सिर्फ इस आधार पर आपराधिक कार्रवाई से छूट नहीं मिल सकती कि वह […]
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे फर्जी वीडियो का किया खंडन, कार्रवाई की चेतावनी
पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यपाल द्वारा आरक्षित किए गए इस विधेयक को राष्ट्रपति के विचार और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा था।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस का निशाना, पवन खेड़ा बोले- प्रेस नोट नाकाफी और विलंबित
New Delhi, 26 सिंतबर . देश में चुनाव आयोग को लेकर चल रहे घमासान के बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने Saturday को कहा कि चुनाव आयोग का प्रेस नोट बेहद कमजोर, अपर्याप्त और देर से आया है. यह इस बात की पुष्टि करता है कि रिपोर्ट सच थी, लेकिन इसमें कई अहम सवालों के ... Read more
फॉर्म-6 में बदलाव गैरकानूनी, एसआईआर की प्रक्रिया भी अवैध: कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा
New Delhi, 26 सितंबर . चुनाव आयोग की बैठक और फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने जुबानी हमला किया. उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को सामने आए फॉर्म-6 से जुड़े मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अभी तक मूल सवाल का जवाब नहीं दिया है. फॉर्म-6 एक वैधानिक फॉर्म है ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की मेजबानी में बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का दूसरा संस्करण 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक Rajasthan के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है. इसी क्रम में अमेरिकी वायु शक्ति जोधपुर पहुंच चुकी है. यह जानकारी India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ... Read more
एक 'प्लास्टिक' ने दिल्ली पुलिस की करवा दी फजीहत, घंटों की जांच के बाद खुला पूरा मामला
दिल्ली के डीडीयू मार्ग पर मिले कथित इंसानी कंकाल ने पुलिस और फॉरेंसिक टीम को घंटों तक उलझाए रखा. जांच के बाद पता चला कि यह किसी अपराध का सबूत नहीं, बल्कि स्कूल की साइंस लैब में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक का पॉलिमर कंकाल था.
चुनाव आयोग भाजपा की इकाई की तरह काम कर रहा है, आरोपों का जवाब दे: उदित राज
New Delhi, 26 सितंबर . चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किए जाने और एसआईआर को लेकर सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए जाने के दावे पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सवाल उठाए हैं. आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव ... Read more
राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी की बस में आग लगने के बाद संचालक व कर्मचारी कार्यालयों पर ताला लगाकर फरार हो गए हैं, जिससे ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्री परेशान हैं।
मध्य दिल्ली के प्रसाद नगर में संपत्ति विवाद को लेकर असम की एक महिला वकील से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने पूर्वोत्तर के लोगों के दिल्ली में काम करने पर सवाल उठाए।
संघ का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, रेवंत रेड्डी शाखा में जाकर देखें: अजीत गोपचडे
New Delhi, 26 सितंबर . तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी के राहुल गांधी को Prime Minister बनाए जाने संबंधी बयान पर BJP MP अजीत गोपचडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने रेवंत रेड्डी की बात को लेकर कहा कि यह ‘शेखचिल्ली की कहानी’ और ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ जैसी है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ... Read more
नई दिल्ली में ‘हिलसा फेस्टिवल’, बांग्लादेश के स्वाद-संस्कृति से रूबरू हुए मेहमान
New Delhi, 26 सितंबर . बांग्लादेश की राष्ट्रीय मछली हिलसा के स्वाद और उससे जुड़ी बंगाली संस्कृति की झलक Saturday को New Delhi में देखने को मिली. बांग्लादेश हाई कमीशन की ओर से 26 सितंबर को मैत्री ऑडिटोरियम में ‘हिलसा फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया. इसमें भारतीय राजनेताओं, राजनयिकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक ... Read more
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और ट्रैफिक बाधा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पिछले एक सप्ताह में मध्य व उत्तरी रेंज में 3000 से अधिक चालान काटे गए और कई प्रमुख सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुराड़ी में वाहन फिटनेस जांच केंद्र का किया उद्घाटन
New Delhi, 26 सितंबर . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने Saturday को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में आधुनिक वाहन फिटनेस जांच केंद्र का उद्घाटन किया. उन्होंने इसे प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बताया. Chief Minister रेखा गुप्ता ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”सेवा संकल्प अभियान के तहत ... Read more
पितृपक्ष में मोक्षदायी नासिक और पंढरपुर, गोदावरी और चंद्रभागा तट पर पितरों को मिलती है शांति
New Delhi, 26 सितंबर . पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए देशभर में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं. Maharashtra के नासिक और पंढरपुर को भी पितृकर्म के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ माना जाता है. नासिक में गोदावरी नदी के तट और पंढरपुर में चंद्रभागा नदी के किनारे श्रद्धालु अपने ... Read more
दिल्ली में 1148 एकड़ में बनेगा नया इंडस्ट्रीयल हब, कंझावला-रानीखेड़ा-बापरोला को मिलेगी नई रफ्तार
दिल्ली सरकार कंझावला, रानीखेड़ा और बापरोला को औद्योगिक हब बनाने की पुरानी योजना को नई नीति से गति दे रही है। इसका लक्ष्य प्रदूषण रहित उद्योगों को बढ़ावा देना व रोजगार देना है।
राजस्थान के सैकून खान की निर्मम हत्या दुखद, मामले की गहन जांच होनी चाहिए: मीरवाइज उमर फारूक
New Delhi, 26 सितंबर . जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने Rajasthan के अलवर में की गई मुस्लिम युवक की निर्मम हत्या पर दुख जताया है. उन्होंने इस घटना को संप्रदाय विशेष के प्रति नफरत से जोड़ते हुए मामले में गहन जांच की मांग की है. मीरवाइज उमर फारूक ने social media प्लेटफॉर्म ... Read more
दिल्ली: यमुना में डूबा किशोर, एनडीआरएफ और गोताखोरों का तलाशी अभियान जारी
New Delhi, 26 सितंबर . दिल्ली के अलीपुर इलाके में झंगोला गांव के पास Friday को यमुना में डूबे 14 वर्षीय गणेश की तलाश फिर से शुरू हो गई है. एनडीआरएफ और बोट क्लब के गोताखोरों ने तलाशी का काम दोबारा शुरू किया है, लेकिन किशोर का अभी तक कुछ पता नहीं चला है. मामले ... Read more
चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआईआर में पुराने रिकॉर्ड से मिलान न होने या तार्किक विसंगति का नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेज बीएलओ घर जाकर जुटाएंगे। आयोग ने ईसीआईनेट की समीक्षा कराने और दिल्ली तथा महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाने की भी घोषणा की है।
दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय ज्वेलरी एंड जेम फेयर शुरू हो गया है, जहाँ देशभर के आभूषण कारोबारी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में 650 से अधिक प्रदर्शक, 3000 ब्रांड और 1.5 लाख से ज्यादा डिजाइन देखने को मिल रहे हैं, जिसमें हल्के वजन के आभूषण खास आकर्षण हैं।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दिनांक 27 एवं 28 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली एवं गौतमबुद्ध नगर के भ्रमण पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री नई दिल्ली में श्रद्धेय अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होंगे,अपराह्न 03:30 बजे प्लेनरी हॉल, लेवल-3, भारत मंडपम, नई दिल्ली में श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होंगे।श्रद्धेय अशोक सिंहल का सार्वजनिक जीवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके योगदान, विचारों एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण के स्मरण का अवसर होगा।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से की मुलाकात
New Delhi, 26 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Saturday को दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. सीएम योगी आदित्यनाथ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”आज New Delhi में Union Minister जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट हुई.” इससे पहले Chief Minister ... Read more
नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ 29 सितंबर को पहली बैठक करेगी भाजपा
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पहली बैठक 29 सितंबर को New Delhi स्थित पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में करेगी. बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे. इसमें सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नवनियुक्त प्रभारी और सह-प्रभारी ... Read more
ममता बनर्जी ज्ञानेश कुमार विवाद पर विपक्षी दलों को एकजुट कर रही हैं, राष्ट्रीय राजनीति में मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। आगामी INDIA गठबंधन की बैठक में ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव रणनीति पर चर्चा होगी।
इंडी गठबंधन की 30 सितंबर को बैठक, ज्ञानेश कुमार को हटाने की रणनीति पर होगा मंथन
New Delhi, 26 सितंबर . विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की 30 सितंबर को New Delhi स्थित संविधान क्लब में अहम बैठक होगी. बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की रणनीति तय करना और इसके लिए विपक्षी दलों के सांसदों के हस्ताक्षर जुटाना ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में Saturday को India के कुल मेडल की संख्या 30 पहुंच गई. इनमें 4 गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. ... Read more
दिल्ली में बारिश के बाद ठंड की आहट, गिरा पारा... क्या बदलने वाला है मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ हिस्सों में शनिवार को हुई हल्की बारिश के बाद मौसम ने करवट ली है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए रविवार के लिए अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21-23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है.
एसआईआर विवाद: चुनाव आयोग की प्रेस नोट पर कांग्रेस का पलटवार, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
New Delhi, 26 सितंबर . विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर एक अखबार के खुलासे और देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच चुनाव आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी प्रेस नोट पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने Saturday को बयान जारी कर कहा कि आयोग ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित ‘एंटी-गुंडा बिल’ को लेकर सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को पीआईबी फैक्ट चेक ने भ्रामक और गलत बताया है. इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि President ने विधेयक को पुनर्विचार के लिए पश्चिम बंगाल Government को लौटा दिया है. पीआईबी फैक्ट चेक के मुताबिक, ... Read more
दिल्ली: सफाई अभियान के दौरान मिला मानव कंकाल, पुलिस जांच में जुटी
New Delhi, 26 सितंबर . Saturday को राष्ट्रीय राजधानी में चलाए गए सफाई अभियान के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को एक कबाड़ व्यापारी की बस्ती में एक मानव कंकाल मिला. भाजपा ने घटना को जांच का विषय बताते हुए Police को सूचित किया, जबकि कबाड़ व्यापारी मोहम्मद अबरार ने दावा किया कि ... Read more
दिल्ली पुलिस ने रानी बाग चोरी मामले में तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, 2.10 लाख नकद और लैपटॉप बरामद
New Delhi, 26 सितंबर . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच ने रानी बाग Police स्टेशन में दर्ज चोरी के एक मामले को सुलझा लिया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें शिकायतकर्ता के दो पूर्व कर्मचारी और एक मिनी-ट्रक ड्राइवर शामिल है, जो शिकायतकर्ता की दुकान के पास गाड़ी चलाता था. आरोपियों की ... Read more
IMD Weather Update: सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। आईएमडी ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। अचानक हो रही बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मा से राहत मिली है।कैसा होगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी आशंका है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चार धाम यात्रा दो दिनों के लिए रोक दी गई है।दिल्ली में कैसा होगा मौसम27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। वहीं इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।असम-मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लगे सोमालिया तट के पास हवाओं की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।अब SIR के लिए नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर! चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को पहुंचा रही नुकसान: संबित पात्रा
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ. संबित पात्रा ने Saturday को Odisha के भुवनेश्वर में मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज चुनाव आयोग के तीनों कमिश्नरों की बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति ने कांग्रेस के आरोपों को स्पष्ट किया है. चुनाव ... Read more
दिल्ली के रानी बाग में 2.10 लाख रुपये नकद और लैपटॉप चोरी के मामले का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया है।
दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ी, मतदाताओं को राहत
New Delhi, 26 सितंबर . चुनाव आयोग (ईसीआई) ने दिल्ली और Maharashtra में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है. दिल्ली में मतदाता अब 30 अक्टूबर 2026 तक दावा-आपत्ति दाखिल कर सकेंगे, जबकि Maharashtra में यह समय-सीमा 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है. ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . India और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज Sunday से होने जा रहा है. सीरीज का पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम सीरीज का आगाज जीत के साथ करने के इरादे से मैदान पर ... Read more
PUCC संभाल लें दिल्लीवाले! 1 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष अभियान, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन रडार पर
दिल्ली सरकार 1 अक्टूबर से वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की वैधता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने और वायु प्रदूषण कम करने के लिए इस पहल की घोषणा की।
दरभंगा में बड़े भाई की नाबालिग (15) चचेरी साली से रेप किया। पीड़िता 9वीं क्लास की छात्रा है। 22 सितंबर को वो स्कूल से लौट रही थी। तभी आरोपी प्रवींद्र मांझी और उसका नाबालिग सहयोगी बाइक से पहुंचा। घर पहुंचाने की बात कहकर प्रवींद्र ने पीड़िता को अपनी बाइक पर बैठा लिया। पहचान होने के कारण नाबालिग उसकी बाइक पर बैठ गई। कुछ दूर जाने पर आरोपी ने लड़की को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। आरोपी नाबालिग को किसी सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसके साथ रेप किया। रात भर पीड़िता आरोपी के कब्जे में रही। अगले दिन 23 सितंबर को आरोपी नाबालिग को लेकर दिल्ली भागने वाला था इससे पहले वो पकड़ा गया। मामले में पीड़िता की मां ने 25 सितंबर को पुलिस को आवेदन दिया, प्राथमिकी दर्ज हुई और 26 सितंबर की सुबह आरोपी प्रवींद्र मांझी को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया। साथ नाबालिग लड़के को भी पकड़ा जिसने वारदात में आरोपी का सहयोग किया। मामले में तीसरी गिरफ्तारी प्रवींद्र के पिता जामुन मांझी की भी हुई है। जामुन पर आरोप है कि पीड़ित पक्ष को उसने धमकाया। मामला बिरौल थाना क्षेत्र का है। रेल पुलिस ने फोन कर बेटी की दी जानकारी पीड़िता के मां ने पुलिस को आवेदन में बताया कि मेरी बच्ची +2 उच्च विद्यालय में पढ़ती है। जब वो स्कूल से नहीं लौटी तो हमें उसकी चिंता होने लगी। हमलोगों ने उसकी खोजबीन की, पर उसका कहीं कुछ पता नहीं चल रहा था। अगले दिन 23 सितंबर को दरभंगा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने फोन किया कि आपकी बेटी हमारे पास है। स्टेशन आकर ले जाएं। हमलोग वहां पहुंचे और बेटी को घर ले आए। स्टेशन पर पुलिस ने एक युवक को भी हिरासत में लिया था। उसे हम पहचानते थे, वो प्रवींद्र मांझी था। रेलवे स्टेशन पर हमें और रेल पुलिस को भी नहीं पता था कि बेटी के साथ क्या हुआ है। बेटी ने स्टेशन पर कुछ नहीं बताया था। आरोपी के पिता ने घर आकर अंजाम भुगतने की धमकी दी बेटी को जब घर ले आए तो उसने बताया कि प्रवींद्र बाइक से सुनसान जगह ले गया था। उसने मेरे साथ गलत किया। जिसके बाद प्रवींद्र के पिता हमारे घर पहुंचे और गाली-गलौज की। धमकी दी कि मुकदमा किया तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना। पीड़िता के मां के अनुसार 24 सितंबर को हम थाना नहीं पहुंचे थे। उस दिन पंचायती हुई थी। पंचायती में भी आरोपी पक्ष ने हमें धमकाया। जिसके बाद हमलोगों ने 25 सितंबर को बिरौल थाने में आवेदन दिया और प्राथमिकी दर्ज हुई। रेल पुलिस ने बॉन्ड भरवाकर छोड़ा थाएसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अनुसंधान के दौरान सामने आया कि नाबालिग और आरोपी बिरौल थाना क्षेत्र से बाइक से दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और जीआरपी थाना ले गई। इसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों के स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया और जीआरपी थाना में एंट्री कर लिया गया। सूचना बिरौल थाने की पुलिस को भी दी गई। एसडीपीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवींद्र मांझी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप है। उसके सहयोगी और पिता जामुन मांझी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, जामुन मांझी पर आरोप है कि उसने पीड़िता के परिजनों को धमकी दी और उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल बाइक और एक मोबाइल जब्त किया है। पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल जांच के लिए डीएमसीएच भेजा गया है।
कल फ्री में घूमें दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक, विश्व पर्यटन दिवस पर टूरिस्टों के लिए खास इंतजाम
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा। इस दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने, विरासत से परिचित कराने और संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
27 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में काफी ज़्यादा से लेकर बहुत ज़्यादा इलाकों में बारिश होने की संभावना है.
SIR पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिल्ली-महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ी
SIR को लेकर चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की बैठक में कई अहम फैसले लिए। दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाई गई, जबकि ECINet, छूटे मतदाताओं और सुनवाई प्रक्रिया को लेकर भी निर्देश जारी किए गए।
New Delhi, 26 सितंबर . आईपीओ से पहले जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया गया है कि कंपनी स्वयं पांच कर (टैक्स) संबंधी मामलों का सामना कर रही है, जबकि इसके प्रमोटर्स 340 टैक्स मामलों और तीन आपराधिक मामलों सहित कई कानूनी कार्यवाहियों में शामिल हैं. दस्तावेज के ... Read more
पटना एयरपोर्ट पर खराब मौसम का कहर: मुंबई-दिल्ली से आए विमान वाराणसी डायवर्ट, कई उड़ानें रद
पटना एयरपोर्ट पर खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण विमान परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दो उड़ानें रद हुईं, चार डायवर्ट की गईं और 21 विमान 40 मिनट से चार घंटे तक विलंबित रहे, जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी हुई।
SIR को लेकर दिल्ली-महाराष्ट्र में चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, किया ये बदलाव
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को बेहतर बनाने के लिए कई उपायों की घोषणा की। इनमें नोटिस पाने वाले वोटर्स के लिए घर-घर जाकर वेरिफिकेशन, ऑनलाइन सुनवाई का ज़्यादा इस्तेमाल और कमज़ोर वर्गों के लिए खास मदद शामिल है। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय-सीमा भी बढ़ा दी है, जिससे वोटर्स को अपनी चिंताएं बताने या लिस्ट में सुधार की मांग करने के लिए ज़्यादा समय मिल सके। ECI ने एक बयान में कहा संशोधित SIR प्रक्रिया के तहत, जिन वोटर्स को नोटिस मिले हैं क्योंकि उन्हें अनमैप्ड माना गया है या उनमें लॉजिकल कमियां पाई गई हैं। उन्हें आम तौर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने की ज़रूरत नहीं होगी। आयोग ने बताया कि यह फ़ैसला 26 सितंबर, 2026 को हुई बैठक के बाद लिया गया और इसे पूरे आयोग ने मंज़ूरी दी। इसके बजाय, बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) ऐसे वोटरों के घर जाकर ज़रूरी दस्तावेज़ इकट्ठा करेंगे और उन्हें ERO द्वारा विचार किए जाने के लिए ECINET पोर्टल पर अपलोड करेंगे। आयोग ने कहा कि इससे वोटरों को चुनाव कार्यालय जाने की ज़रूरत कम हो जाएगी। इसे भी पढ़ें: Hooghly रैली से Mamata Banerjee का हमला, कहा ECI के CEC Gyanesh Kumar को हटाना होगा ECI ने कहा कि सुनवाई सिर्फ़ ERO द्वारा तय किए गए खास मामलों में ही होगी और प्राथमिकता के तौर पर इसे ऑनलाइन किया जाएगा। अगर सुनवाई की ज़रूरत पड़ती है, तो वोटर के परिवार का कोई बालिग सदस्य वोटर की तरफ़ से पेश होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। अधिकारियों को ऑनलाइन सुनवाई के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। ECI ने ज़िला चुनाव अधिकारियों (DEOs) से कहा कि वे स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से ज़रूरी हेल्प डेस्क बनाएँ और स्पेशल कैंप लगाएँ। ये कैंप नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मज़दूरों, आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों, बेघर लोगों और उन अन्य लोगों की मदद के लिए होंगे जिन्हें वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधार करवाने की प्रक्रिया में मुश्किल हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Election Commission का स्पष्टीकरण, SIR के सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए गोवा में उठाए गए कदमों का ज़िक्र करते हुए ECI ने कहा गोवा के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने BLOs को निर्देश दिया है कि वे वोटर लिस्ट से छूटे हुए वोटरों के घर-घर जाकर उनसे फ़ॉर्म भरवाएँ। आयोग के अनुसार, ऐसे 97 वोटरों में से 81 ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए पहले ही फ़ॉर्म 6 जमा कर दिया है। SIR को कंट्रोल करने वाले कानूनी ढांचे पर, कमीशन ने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए फॉर्म 6 के साथ जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। कमीशन ने कहा, SIR के दायरे से बाहर की अवधि के लिए, आवेदन 'रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत प्रोसेस किए जाते रहेंगे। ECI ने अपने ECINET सिस्टम की समीक्षा करने की भी घोषणा की। उसने कहा कि फील्ड अधिकारियों को अभी उनके कानूनी अधिकारों के अनुसार प्लेटफॉर्म का रोल-बेस्ड एक्सेस (भूमिका-आधारित पहुंच) मिला हुआ है।
Monsoon Latest Update: मॉनसून की वापसी में देरी हो रही है. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड से लेकर उत्तराखंड तक भारी बारिश हो रही है. चक्रवाती हवाओं का दौर है और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र है, जिससे मॉनसून अक्टूबर में भी खिंच सकता है.
दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी, छह वर्ष बाद हत्या का आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज 2020 के एक मर्डर केस के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है
Delhi के Jantar Mantar पर 29 सितंबर को जुटें, PDP चीफ Mehbooba Mufti ने लोगों से की अपील
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने शनिवार को लोगों से अपील की कि वे 29 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने देश के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाने का आह्वान किया। एक्स पर एक पोस्ट में मुफ़्ती ने लिखा, हर उस भारतीय से अपील है जो हमारे विविध देश को एक साथ बांधने वाले लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को महत्व देता है। आइए हम सब मिलकर उस भारत के लिए आवाज़ उठाएं जिसमें हम विश्वास करते हैं। 29 सितंबर को दोपहर 2 से 5 बजे के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर हमारे साथ जुड़ें। एक्स पर एक वीडियो अपील शेयर करते हुए मुफ़्ती ने कहा कि आने वाले महीनों में देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिदों, दरगाहों और चर्चों को तोड़ा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: मतदाता सूची में हेरफेर से भारत के विफल राष्ट्र बनने का खतरा : Mehbooba Mufti उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। आप जानते हैं कि हमारे देश में मस्जिदों, दरगाहों और चर्चों को बहुत बेरहमी से तोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, खासकर मुसलमानों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। PDP प्रमुख ने आगे कहा कि 'इंडियन मुस्लिम्स के लिए मॉनिटरिंग कमिटी' ने इन मुद्दों को लेकर 29 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इन अन्यायपूर्ण कामों के जवाब में 'इंडियन मुस्लिम्स के लिए मॉनिटरिंग कमिटी' ने 29 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। मुफ़्ती ने आगे कहा कि हम सभी धर्मनिरपेक्ष सोच वाले लोगों से अपील करते हैं कि वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों और देश में भाईचारे की भावना और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने में हमारी मदद करें। यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हो रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने गुरुवार को रिपोर्ट दी कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। इसे भी पढ़ें: Salamabad Trade Centre: महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला से केंद्र के समक्ष मुद्दा उठाने की अपील की हालांकि कई विपक्षी पार्टियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शनिवार को कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) का शेड्यूल 27 अक्टूबर, 2025 को जारी किया गया था, जबकि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल आयोग की सर्वसम्मत मंज़ूरी से 14 मई, 2026 को जारी किया गया था।
INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक संभव, ममता बनर्जी बोलीं- राहुल को भेजा संदेश
प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया को लेकर आपसी समन्वय की कोशिश कर रहे हैं।
दिल्ली और महाराष्ट्र के SIR में आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ी, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत
दिल्ली और महाराष्ट्र के SIR में आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख दी गई है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अभी तक आपत्तियां दाखिल नहीं की हैं।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) दिल्ली को झुग्गीमुक्त बनाने के लिए 17 लाख झुग्गीवासियों को 'जहां झुग्गी वहीं मकान' योजना के तहत आवास उपलब्ध कराएगा। इसके लिए डीडीए ने निजी डेवलपर्स और हितधारकों के साथ बैठक कर परियोजना के कार्यान्वयन और वित्तपोषण पर चर्चा की है।
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया. टीम को चैंपियन बनाने में ऑलराउंडर खिलाड़ी रितु श्योराण ने अहम भूमिका निभाई. रितु के पति नसीब जांगू ने उनके दमदार प्रदर्शन पर खुशी जताई ... Read more
दिल्ली के बुराड़ी में एक नया अत्याधुनिक स्वचालित वाहन जांच केंद्र (एटीएस) शुरू हो गया है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। यह केंद्र वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण में सुधार होगा।
सांसद अमृतपाल की पार्टी ‘वारिस पंजाब दे’ के तरनतारन जिला प्रधान चमकौर सिंह को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को रोक लिया। चमकौर सिंह ने शाम 4 बजे इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर बताया कि वह इंग्लैंड से दिल्ली पहुंचे थे। उनकी फ्लाइट करीब 11:15 बजे लैंड हुई, जिसके बाद करीब 11:30 बजे इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। चमकौर सिंह के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में बंदी सिखों और भाई अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर 28-29 तारीख को हुए प्रदर्शन के संबंध में उनके खिलाफ केस दर्ज है। इसी मामले के चलते उन्हें एयरपोर्ट पर रोके जाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि करीब 4 से साढ़े 4 घंटे बीत चुके हैं। उनकी पंजाब जाने वाली ट्रेन भी छूट गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि चंडीगढ़ पुलिस की टीम दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। चमकौर सिंह ने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। वीडियो में चमकौर सिंह ने ये बातें कही… ********** ये खबर भी पढ़ें: सांसद अमृतपाल 2 सीटों से चुनाव लड़ेंगे:अयाली बोले- एक सीट मालवा दूसरी माझा से होगी; CM भगवंत मान से भी मुकाबला हो सकता है असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल 2027 में पंजाब की 2 सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनकी पार्टी अकाली दल-वारिस पंजाब दे की तरफ से इसे फाइनल कर लिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए अकाली दल-वारिस पंजाब दे के सीनियर नेता मनप्रीत अयाली ने कहा कि अमृतपाल किन 2 सीटों से चुनाव लड़ेंगे, ये पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड डिसाइड करेगा। (पढ़ें पूरी खबर)
INDIA गठबंधन की दिल्ली में 30 सितंबर को हो सकती है बैठक, Mamata Banerjee ने Rahul Gandhi से की बात
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और विपक्ष की रणनीति तय करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि विपक्षी दलों को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने यह बात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कही। ममता ने कहा, “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि हमें साथ बैठना चाहिए। ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने की संभावना है।”प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया को लेकर आपसी समन्वय की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि ममता ने राहुल गांधी से फोन पर भी बात की और उनसे जल्द से जल्द ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने माकपा महासचिव एमए बेबी से भी बातचीत की।
New Delhi, 26 सितंबर . उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, Madhya Pradesh समेत देश के कई राज्यों में Saturday शाम तक मौसम बिगड़ सकता है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो से तीन घंटों के लिए कई जिलों में ऑरेंज नाउकास्ट चेतावनी जारी की है. इस दौरान गरज-चमक और बिजली के साथ मध्यम से तेज ... Read more
कार्डियक अरेस्ट में जान बचाएंगे ड्रोन! डिफिब्रिलेटर पहुंचाने का कर सकते हैं काम
New Delhi, 26 सितंबर . आसमान में उड़ने वाले ड्रोन अब सिर्फ तस्वीरें खींचने या सामान पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं. Saturday को ‘यूरोपियन इमरजेंसी मेडिसिन कांग्रेस’ में पेश की गई एक स्टडी के अनुसार, ड्रोन का इस्तेमाल ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) को ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . Government द्वारा Saturday को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ पहुंच गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राएं बढ़कर 2.53 करोड़ हो गईं. इसी अवधि में पर्यटन क्षेत्र से होने वाली विदेशी मुद्रा आय बढ़कर 2,76,831 करोड़ रुपये तक पहुंच ... Read more
एसआईआर के दोनों चरणों के शेड्यूल को मिली थी सर्वसम्मत मंजूरी, चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
New Delhi, 26 सितंबर . India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं की सुविधा के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. आयोग की Saturday को हुई बैठक में तय किया गया कि अनमैप्ड और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों में नोटिस पाने वाले लोगों को सुनवाई के ... Read more
New Delhi, 26 सितंबर . एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. फाइनल में भारतीय टीम ने ईरान को 40-34 से हराया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय टीम को बधाई दी है. अमित शाह ने अपने social media ... Read more
चुनाव आयोग विवाद पर विपक्ष की बड़ी बैठक! 30 सितंबर को दिल्ली में जुटेगा INDIA ब्लॉक
चुनाव आयोग विवाद पर विपक्ष की बड़ी बैठक! 30 सितंबर को दिल्ली में जुटेगा INDIA ब्लॉक
दिल्ली में मस्जिद ध्वस्त करने पर हाफिज मोहम्मद जमील हयात ने कहा- बुलडोजर चलाना बहुत दर्दनाक
रामपुर, 26 सितंबर . दिल्ली में प्रशासन की ओर से एक मस्जिद के ध्वस्त करने के मामले में धार्मिक नेता हाफिज मोहम्मद जमील हयात की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सदियों पुरानी मस्जिदों समेत इबादत से जुड़े स्थलों पर बुलडोजर चलाना बहुत दर्दनाक बताया है. से बातचीत करते हुए हाफिज मोहम्मद जमील हयात ने कहा, ... Read more
विवाद के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, CEC के साथ दोनों चुनाव आयुक्त शामिल
विवादों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, CEC के साथ दोनों चुनाव आयुक्त शामिल
विवादों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, CEC के साथ दोनों चुनाव आयुक्त शामिल
विवादों के बीच दिल्ली में चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, CEC के साथ दोनों चुनाव आयुक्त शामिल
एशियन गेम्स: ‘गोल्ड मेडल’ के लिए 8 साल लंबा इंतजार, सोनाली शिंगटे ने इंजरी के बावजूद नहीं मानी हार
New Delhi, 26 सितंबर . India की महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में Saturday को ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल करते हुए ‘गोल्ड मेडल’ अपने नाम किया. सोनाली विष्णु शिंगटे को इस मेडल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह चोटिल होने के ... Read more
श्रीनिवास बीवी ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि, चुनाव आयोग के मुद्दे पर केंद्र पर साधा निशाना
New Delhi, 26 सितंबर . कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने पूर्व Prime Minister मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने मनमोहन सिंह के Prime Minister कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि आज भी नई पीढ़ी उनके योगदान की चर्चा करती है. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग से ... Read more
छठ पर बिहार जाने वालों के लिए बड़ी राहत! दिल्ली से चलेंगी बसें, जानें किन शहरों तक पहुंचने की तैयारी
छठ पर बिहार जाने वालों के लिए बड़ी राहत! दिल्ली से चलेंगी बसें, जानें किन शहरों तक पहुंचने की तैयारी
इस सप्ताह हमें बहुत से पाठकों/दर्शकों की ओर से अनुरोध आये कि चुनाव आयोग को लेकर उठे विवाद पर हम पूरी स्थिति का विश्लेषण करें इसलिए तमाम सवालों के जवाब देने वाला यह कार्यक्रम आपके समक्ष लेकर प्रस्तुत हुए हैं। देखा जाये तो चुनाव आयोग के भीतर दो निर्वाचन आयुक्तों की असहमति सामने आते ही ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, मानो आयोग के भीतर मतभेद होना अपने आप में चुनावी कदाचार का प्रमाण हो। यह तर्क न संवैधानिक व्यवस्था समझता है, न संस्थागत कार्यप्रणाली और न ही चुनाव आयोग का इतिहास। तीन सदस्यीय चुनाव आयोग कोई ऐसी संस्था नहीं है जहां हर मुद्दे पर तीनों सदस्य एक ही राय बोलें। कानून खुद मानता है कि मतभेद हो सकते हैं और यदि सर्वसम्मति न बने तो बहुमत से फैसला होगा। इसे भी पढ़ें: Delhi में एकजुट दिखने वाले दल UP में आपस में लड़ रहे, INDIA Bloc की यह कैसी एकता है? यानी सवाल यह नहीं है कि आयोग के भीतर किसी ने असहमति जताई या नहीं। असली सवाल है कि अंतिम निर्णय किस प्रक्रिया से हुआ, क्या वह कानून के मुताबिक हुआ और क्या चुनाव निष्पक्ष रूप से सम्पन्न हुए? साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि वर्ष 1993 में चुनाव आयोग को स्थायी रूप से तीन सदस्यीय संस्था बनाए जाने के बाद से ही उसके भीतर मतभेद सामने आते रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन और निर्वाचन आयुक्त एम.एस. गिल तथा जी.वी.जी. कृष्णमूर्ति के बीच तीखे मतभेद हुए थे। शेषन ने दोनों आयुक्तों की नियुक्ति तक को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। वर्ष 1995 में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तीनों सदस्यों की निर्णय प्रक्रिया में समान भूमिका है। साल 2009 में मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी ने निर्वाचन आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी और राजनीतिक निष्पक्षता पर सवाल उठाया था। बाद में चावला स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त बने। 2019 में निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के विरुद्ध आदर्श आचार संहिता की शिकायतों पर आयोग के बहुमत से अलग राय दर्ज की थी। उन्होंने अपने असहमति नोटों को अंतिम आदेशों में दर्ज नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई थी और 2020 में आयोग से इस्तीफा दे दिया। तो आज यदि दो निर्वाचन आयुक्त किसी प्रक्रिया पर टिप्पणी या आपत्ति दर्ज करते हैं, तो इसे अपने आप में संवैधानिक संकट घोषित कर देना इतिहास और कानून दोनों की अनदेखी है। इस बार हुआ क्या है? यदि इसको देखें तो तस्वीर साफ है कि भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कुछ निर्णयों पर पिछले दस महीनों में कम-से-कम 14 बार आपत्तियां या टिप्पणियां दर्ज कीं। आयोग ने इन टिप्पणियों को आंतरिक विचार-विमर्श और संस्थागत नियंत्रण-व्यवस्था का हिस्सा बताया है तथा कहा है कि अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। यहां एक बात बेहद महत्वपूर्ण है कि असहमति दर्ज करना और कदाचार करना दो अलग बातें हैं। यदि किसी संस्था में सवाल पूछने की अनुमति ही न हो तो वह संस्था मजबूत नहीं होती। लेकिन सवाल पूछे जाने के बाद कानून के मुताबिक अंतिम फैसला हो, उसका रिकॉर्ड रहे और उस फैसले को चुनौती देने की वैधानिक व्यवस्था हो, तो मतभेद को भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं कहा जा सकता। सवाल उठता है कि चुनाव आयोग के काम का मूल्यांकन आंकड़ों से क्यों न हो? अब जरा चुनावी भागीदारी के आंकड़े देखिए। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 1951 के बाद राज्य में सबसे अधिक था। महिला मतदाताओं की भागीदारी 71.78 प्रतिशत रही। चुनाव में कोई पुनर्मतदान नहीं हुआ और आयोग के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जोड़ने या हटाने के संबंध में कोई अपील प्राप्त नहीं हुई। 2026 में तमिलनाडु में लगभग 85.05 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। केरल में 78.03 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले विधानसभा चुनाव से अधिक था। असम में 85.38 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश ने विधानसभा चुनावों में अपने अब तक के सर्वोच्च मतदान का रिकॉर्ड बनाया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में मतदान 91 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया और निर्वाचन आयोग के अपडेटेड आंकड़ों में यह 92.72 प्रतिशत तक दर्ज हुआ। यदि चुनाव आयोग मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए इतने बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम काट रहा था, तो बिहार में रिकॉर्ड मतदान कैसे हुआ? तमिलनाडु में करीब 85 प्रतिशत मतदान कैसे हुआ? केरल में 78 प्रतिशत, असम में 85 प्रतिशत से ज्यादा, पुडुचेरी में करीब 90 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 90 प्रतिशत से ऊपर मतदान कैसे पहुंच गया? यह आंकड़ा अपने आप में यह साबित नहीं करता कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं काटा गया। लेकिन यह जरूर बताता है कि केवल नाम हटाए जाने के आंकड़े को लेकर पूरे चुनाव को ही चोरी या साजिश घोषित कर देना तथ्यों से कहीं आगे की छलांग है। सवाल उठता है कि नाम काटे गए तो कितनों ने चुनौती दी? देखा जाये तो यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है और यहां आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की बजाय ईमानदारी से देखना चाहिए। बिहार की बात करें तो अंतिम सूची में लगभग 47 लाख की कमी आई लेकिन चुनाव आयोग के अनुसार शून्य अपील की गयी। तमिलनाडु में पुनरीक्षण के दौरान 97.37 लाख नाम हटे और अंतिम सूची में शुद्ध कमी लगभग 74.07 लाख रही। वहां दावों-आपत्तियों के दौरान 27.53 लाख पात्र मतदाता जोड़े गए। वहीं केरल में 8.57 लाख नाम हटे और लगभग 4.01 लाख विभिन्न प्रकार के आवेदन आये जिनमें समावेशन और सुधार के आग्रह थे। असम में अंतिम सूची में 2.43 लाख नाम कम हुए और वहां भी दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी हुई। पश्चिम बंगाल में 27.16 लाख मतदाता न्यायिक निर्णय के बाद हटाए गए। इनमें से 22.21 लाख, यानी लगभग 82 प्रतिशत ने पुनः शामिल किए जाने के लिए अपील की। बंगाल का आंकड़ा यह भी दर्शाता है कि पूरी प्रक्रिया में चुनौती देने का रास्ता मौजूद था और बड़ी संख्या में लोगों ने उसका इस्तेमाल किया। यहां एक और सवाल यह उठता है कि गैर-नागरिक को वोट का अधिकार देने पर कुछ पार्टियां क्यों तुली रहती हैं? जबकि भारत में चुनावी कानून इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है। चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार भारत का नागरिक न होने वाला व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हो सकता। यहां तक कि जिसने किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ली हो, वह भी भारतीय मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हो सकता। यह सिद्धांत केवल भारत की विशेषता नहीं है। अमेरिका में संघीय चुनावों में गैर-नागरिक मतदान नहीं कर सकते। कनाडा में संघीय चुनाव के लिए कनाडाई नागरिक होना अनिवार्य है। ब्रिटेन में संसदीय चुनावों के लिए ब्रिटिश, आयरिश या पात्र राष्ट्रमंडल नागरिकों की श्रेणियां निर्धारित हैं। साथ ही यहां पश्चिम बंगाल से सामने आये उदाहरण को भी देखना चाहिए। पश्चिम बंगाल की सरकार ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ गैर भारतीय नागरिक भी बड़ी संख्या में ले रहे थे। इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार का रिकॉर्ड भी बहस का हिस्सा होना चाहिए। ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल संवर्ग के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रहे हैं और 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इससे पहले उन्होंने केरल सरकार में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और कई विभागों में सचिव जैसी जिम्मेदारियां संभालीं। केंद्र में उन्होंने रक्षा उत्पादन मंत्रालय में संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव, संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव तथा सहकारिता मंत्रालय के सचिव के रूप में काम किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से अभियांत्रिकी की पढ़ाई के अलावा उन्होंने व्यावसायिक वित्त और पर्यावरणीय अर्थशास्त्र का भी अध्ययन किया। चुनाव आयुक्त बनने के बाद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव जैसी विशाल चुनावी प्रक्रिया में भूमिका निभाई और बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त बने। साथ ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने उनके प्रशासनिक और चुनावी योगदान के लिए उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान भी दिया। इस पूरे रिकॉर्ड को नजरअंदाज करके केवल वर्तमान राजनीतिक विवाद के आधार पर किसी अधिकारी की पूरी सार्वजनिक सेवा पर फैसला सुना देना भी उचित नहीं है। जहां तक राहुल गांधी की राजनीति का सवाल है तो वह लगातार इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों को “ब्लैक बॉक्स” बताते हुए उनकी पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता चोरी और चुनावी हेरफेर के आरोप लगाए तथा बाद में चुनाव आयोग को भविष्य में जवाबदेही की चेतावनी भी दी। देखा जाये तो यहां आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। विपक्ष को चुनाव आयोग से सवाल पूछने, आंकड़े मांगने और न्यायालय जाने का पूरा अधिकार है। लेकिन बहस का अगला चरण होना चाहिए कि दस्तावेज कहां हैं, प्रमाण क्या है, शिकायत किस निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज हुई, कितने मामलों में जांच हुई और कितने मामलों में आरोप सही पाए गए? इसलिए बहस को व्यक्ति बनाम व्यक्ति बनाने की बजाय प्रमाण बनाम आरोप बनाना ज्यादा जरूरी है। इस तरह चुनाव आयोग से सवाल पूछना गलत नहीं है; लेकिन आयोग के भीतर मतभेद को कदाचार का प्रमाण बताना गलत है। और सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के चुनाव आयोग का मूल्यांकन नारों से नहीं, चुनाव के वास्तविक आंकड़ों से कीजिए। बिहार में 67.13 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान, तमिलनाडु में करीब 85 प्रतिशत, केरल में 78.03 प्रतिशत, असम में 85.38 प्रतिशत, पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 90 प्रतिशत से ऊपर की भागीदारी इस बात का ठोस संकेत है कि करोड़ों भारतीय मतदाता चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। विपक्ष को भी एक बार अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। लोकतंत्र में हार या राजनीतिक असफलता के बाद दूसरों पर उसका ठीकरा फोड़ना सबसे आसान है। अक्सर देखने में आता है कि चुनाव में हार के बाद विपक्षी दल अपनी कमियों की समीक्षा करने की बजाय सिस्टम को ही दोषी ठहराने लगते हैं। इसे एक कमजोर विद्यार्थी के उदाहरण से समझिए। परीक्षा में नंबर कम आने के बाद एक विद्यार्थी अगर यह सोचने की बजाय कि उसने पढ़ाई में कहां कमी छोड़ी, शिक्षक, प्रश्नपत्र, परीक्षा व्यवस्था, समय और यहां तक कि अपनी किस्मत को दोष देने लगे, तो बहाने शायद उसे उस क्षण राहत दे दें, लेकिन अगली परीक्षा में उसकी स्थिति नहीं बदलेंगे। सुधार के लिए उसे आखिरकार अपनी किताब खोलनी ही पड़ेगी। राजनीति में भी यही सिद्धांत लागू होता है। अगर किसी दल को लगातार मतदाताओं का समर्थन नहीं मिल रहा, तो उसे सबसे पहले यह देखना चाहिए कि जनता उससे दूर क्यों जा रही है? संगठन कहां कमजोर है, जमीन पर कार्यकर्ता कितना सक्रिय है, उम्मीदवारों का चयन कैसा है, नीतियों और नारों का जनता पर क्या असर है और क्या मतदाता उस दल पर भरोसा कर रहा है। इन सवालों के जवाब खोजने की बजाय हर चुनाव के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग, मतदाता सूची और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर देना आसान जरूर है, लेकिन इससे अपनी राजनीतिक कमियों का इलाज नहीं होता। चुनाव आयोग से सवाल पूछिए, उसकी गलतियां सामने लाइए, जहां किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया हो वहां आवाज उठाइए और जहां अनियमितता का प्रमाण हो वहां कार्रवाई की मांग कीजिए। लेकिन हर असहमति को साजिश और हर चुनावी नतीजे को चोरी बताने की राजनीति अंततः उसी लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करती है, जिसके सहारे सत्ता में आने की लड़ाई लड़ी जाती है। इसलिए अब वक्त विपक्ष के लिए भी आत्ममंथन का है। हर हार का कारण चुनाव आयोग नहीं हो सकता, हर असफलता का कारण ईवीएम नहीं हो सकती और हर राजनीतिक कमजोरी के पीछे कोई संवैधानिक साजिश नहीं हो सकती। कभी-कभी समस्या सामने वाले की व्यवस्था में नहीं, अपनी तैयारी में भी होती है। -नीरज कुमार दुबे
Delhi में एकजुट दिखने वाले दल UP में आपस में लड़ रहे, INDIA Bloc की यह कैसी एकता है?
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर एक बार फिर एकजुटता की कवायद तेज हो गयी है। चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दे पर साझा लड़ाई लड़ने की तैयारी हो रही है, नेताओं के बीच बातचीत बढ़ी है और दिल्ली में सभी विपक्षी दलों की बैठक भी बुला ली गई है। लेकिन सियासत का असली सवाल यह है कि क्या दिल्ली की एकजुटता उत्तर प्रदेश की जमीन तक पहुंच पाएगी? क्योंकि जिस गठबंधन को दिल्ली में एक मंच पर खड़ा करने की कोशिश हो रही है, उसी गठबंधन के सबसे बड़े चुनावी मैदान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच खींचतान लगातार खुलकर सामने आ रही है। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने और उन दलों से संवाद बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं, जो हाल के महीनों में कांग्रेस से दूरी बनाए हुए हैं। इसके साथ ही INDIA गठबंधन के घटक दलों की बैठक बुलाने, संयुक्त प्रेस वार्ता और देशव्यापी साझा आंदोलन की संभावना पर भी बातचीत चल रही है। यानी ऊपर से संदेश यही है कि विपक्ष को फिर एक साथ खड़ा किया जाए। इसे भी पढ़ें: Gyanesh Kumar से तीखे सवाल क्यों पूछने लगे Modi के 'हनुमान' Chirag Paswan? क्या NDA में भी बढ़ रहे हैं मतभेद? मगर हुजूर, राजनीति में असली परीक्षा मंच पर हाथ मिलाने की नहीं, मैदान में सीट बांटने की होती है। और यहीं से कहानी बदल जाती है। उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों का हिसाब किताब शुरू होते ही सपा और कांग्रेस के बीच पुरानी दोस्ती की परतें खुरचने लगी हैं। कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी अपनी ताकत और पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर बड़ा हिस्सा अपने पास रखना चाहती है। दोनों दल अपने-अपने स्तर पर सीटों की ताकत-कमजोरी का आकलन कर रहे हैं और गंभीर सीट बंटवारे की बातचीत अक्टूबर में शुरू होने की संभावना बताई गई है। उधर, तनाव सिर्फ बंद कमरों की बातचीत तक सीमित नहीं है। कांग्रेस के इमरान मसूद ने जल्द गठबंधन तय करने की मांग की और कहा कि भ्रम की स्थिति में कांग्रेस चुनावी तैयारी नहीं कर सकती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने तो यहां तक कहा कि मतभेद होने पर पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ सपा की सांसद इकरा हसन ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने की क्षमता अखिलेश यादव के नेतृत्व में है। इस तरह यानी एक ही गठबंधन में दो सुर, दो दावे और दो नेतृत्व केंद्र दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश यादव का रायबरेली से पीडीए यात्रा शुरू करना भी इसी रस्साकशी का हिस्सा माना जा रहा है। रायबरेली कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ रहा है, लेकिन अखिलेश ने वहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू कर यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में जमीन किसके पास है, इसका हिसाब अलग से होगा। इसे कई राजनीतिक विश्लेषक सीट बंटवारे से पहले सपा की राजनीतिक ताकत दिखाने की कवायद के तौर पर देख रहे हैं। और अब मैनपुरी-इटावा-सैफई की धरती से शिवपाल सिंह यादव का बयान इस खींचतान में नया तड़का लगा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा था कि अखिलेश रायबरेली जा सकते हैं तो कांग्रेस भी इटावा, कन्नौज और मैनपुरी जाएगी। जवाब में शिवपाल ने कहा— जाइए, अभियान चलाइए, लेकिन वहां कांग्रेस को वोट नहीं मिलेगा। उन्होंने अपने जसवंतनगर क्षेत्र का हवाला देते हुए कांग्रेस को वहां वोट न मिलने की बात कही और सपा की जीत का दावा किया। अब शिवपाल के इस बयान का राजनीतिक मतलब समझिए। यह सिर्फ किसी एक रैली या दौरे पर प्रतिक्रिया नहीं है। यह दरअसल सपा के उस आत्मविश्वास का प्रदर्शन है जिसमें वह कांग्रेस को यह याद दिलाना चाहती है कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन की जमीन सपा के संगठन और सामाजिक आधार से तैयार होती है। मैनपुरी, इटावा और सैफई जैसे इलाकों में कांग्रेस का चुनावी अभियान सपा के लिए सिर्फ सहयोगी दल की गतिविधि नहीं, बल्कि अपने प्रभाव क्षेत्र में दूसरे सहयोगी की राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। यही INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी पहेली है। दिल्ली में सवाल है कौन-कौन साथ आएगा? उत्तर प्रदेश में सवाल है किसके साथ कौन कितनी सीट पर लड़ेगा? दिल्ली में साझा मुद्दे खोजे जा रहे हैं, लखनऊ में सीटों का हिसाब किताब चल रहा है। दिल्ली में एकजुटता की तस्वीर खींची जा रही है और यूपी में दोनों दल अपने-अपने झंडे ऊंचे करने में जुटे हैं। हम आपको याद दिला दें कि 2024 में उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस ने मिलकर 43 लोकसभा सीटें जीती थीं। सपा 37 और कांग्रेस छह पर विजयी रही थी। यही प्रदर्शन अब दोनों दलों के आत्मविश्वास और दावेदारी का आधार बन रहा है। लेकिन 2027 की विधानसभा राजनीति का गणित अलग है। सपा अपने संगठन, सामाजिक समीकरण और विधानसभा में अपनी मौजूदा ताकत के आधार पर ज्यादा हिस्सेदारी चाहती है, जबकि कांग्रेस 2024 के प्रदर्शन और राहुल गांधी की सक्रियता को अपनी बढ़ती राजनीतिक हैसियत का आधार बना रही है। यानी मामला साफ है। INDIA गठबंधन को जोड़ने की कोशिश दिल्ली में हो रही है, लेकिन उसे बचाने की असली परीक्षा उत्तर प्रदेश में होनी है। क्योंकि गठबंधन सिर्फ नेताओं की मुलाकातों और साझा तस्वीरों से नहीं चलता। गठबंधन तब चलता है जब कार्यकर्ता एक-दूसरे के लिए जमीन छोड़ें, नेता एक-दूसरे की सीमा का सम्मान करें और सीटों के बंटवारे पर दोनों पक्ष अपनी महत्वाकांक्षा को किसी साझा फार्मूले में बांध सकें। वरना दिल्ली में जितनी बार हाथ मिलेंगे, मैनपुरी और रायबरेली में उतनी ही बार पैर एक-दूसरे की जमीन पर पड़ते दिखाई देंगे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यही पैर कब एक-दूसरे के रास्ते में आ जाएं, इसका फैसला अक्सर दिल्ली की बैठक नहीं, जमीन पर लड़ने वाला कार्यकर्ता करता है। -नीरज कुमार दुबे
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज, IMD ने जारी किया था येलो अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार शाम हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है।
उत्तराखंड कैडर के आईएफएस संजीव चतुर्वेदी के मामलों से न्यायाधीशों के हटने का सिलसिला 17 तक पहुंच गया है, जो देश में रिकॉर्ड है। कैट दिल्ली के न्यायमूर्ति राजवीर सिंह वर्मा ने मूल्यांकन रिपोर्ट याचिका से बिना कारण बताए खुद को अलग किया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के 2, नैनीताल हाईकोर्ट के 4, कैट के 9 तथा जिला न्यायपालिका के 2 जज भ्रष्टाचार जांच, मानहानि, प्रतिनियुक्ति व अवमानना जैसे उनके विभिन्न संवेदनशील मुकदमों की सुनवाई से स्वयं को अलग कर चुके हैं।
भारत को देखने के लिए इटली का चश्मा हटाइए, कांग्रेस पर बरसे भाजपा सांसद तरुण चुघ
New Delhi, 26 सितंबर . तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी के गांधी परिवार और संघ परिवार को लेकर दिए गए बयान पर BJP MP तरुण चुघ ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सीएम का बयान उनकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है. दरअसल तेलंगाना के Chief Minister ए रेवंत रेड्डी ने भाजपा और आरआरएस पर ... Read more
Delhi: रामलीला, Durga Puja और Chhath के लिए बनीं तीन विशेष समितियां
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि आगामी रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा की तैयारियों तथा बेहतर समन्वय के लिए दो मंत्रियों की अध्यक्षता में तीन विशेष समितियों का गठन किया गया है। संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा छठ पूजा और दुर्गा पूजा समारोहों से जुड़ी समितियों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि समाज कल्याण मंत्री रवींद्र इंद्राज सिंह रामलीला की व्यवस्थाओं से संबंधित समिति की अध्यक्षता करेंगे। गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘ये त्योहार करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं से गहराई से जुड़े हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालु आयोजन स्थलों पर किसी असुविधा का सामना किए बिना पूरी आस्था, भक्ति और उत्साह के साथ अपने त्योहार मना सकें।’’उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करना है, ताकि धार्मिक आयोजन सुरक्षा, स्वच्छता और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें। समितियों की प्रमुख जिम्मेदारियों में एकल खिड़की प्रणाली के तहत संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कराने में मदद करना तथा पूजा स्थलों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस सेवा, अस्थायी शौचालय, अग्निशमन सेवा और यातायात प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल होगा।
रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर दिल्ली सरकार की खास तैयारी, तीन समितियां संभालेंगी आयोजन की जिम्मेदारी
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आने वाले प्रमुख त्योहारों को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और आयोजनों को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए दिल्ली सरकार ने तीन अलग-अलग समितियों का गठन किया है। इन समितियों में मंत्रियों […] The post रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर दिल्ली सरकार की खास तैयारी, तीन समितियां संभालेंगी आयोजन की जिम्मेदारी first appeared on Sanjeevni Today .
पितृ पक्ष 2026 शुरू, गया जी में पिंडदान के लिए उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, दिल्ली से ऐसे पहुंचें
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दिल्ली : करावल नगर पुलिस ने सक्रिय अपराधी को दबोचा, देसी कट्टा और कारतूस बरामद
New Delhi, 26 सितंबर . दिल्ली Police के थाना करावल नगर ने ऑपरेशन कवच के तहत कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय अपराधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं. Police के अनुसार, 25 सितंबर को ऑपरेशन कवच चलाया जा रहा था. इस दौरान एसएचओ थाना करावल ... Read more
घर से ठानकर आए थे कि गोल्ड मेडल ही जीतना है, इसके लिए कड़ी मेहनत की: पिंकी रॉय
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय महिला कबड्डी टीम ने Saturday को ‘एशियन गेम्स 2026’ में गोल्ड जीता. फाइनल मुकाबले में India ने ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल की. गोल्ड मेडल जीतने के बाद पिंकी रॉय ने ‘ ’ से कहा, “जब हम India से जापान के लिए रवाना हुए थे, तो ठानकर ... Read more
Delhi के संरक्षित स्मारकों पर IIT Roorkee का अध्ययन, समान बफर नियमों पर उठाए सवाल
(श्रुति भारद्वाज)नयी दिल्ली, 26 सितंबर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-रुड़की के एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि दिल्ली के संरक्षित स्मारक अलग-अलग तरह के जोखिमों का सामना कर रहे हैं। जहां निजामुद्दीन में एक फ्लाईओवर के दबाव से एक ऐतिहासिक नाला प्रभावित हो रहा है, तो उग्रसेन की बावली के पास नींव की खुदाई से भूमिगत जल संरचना को खतरा उत्पन्न हो गया है। अध्ययन में कहा गया है कि ऐसा तब हो रहा है जब इन सभी स्मारकों पर एक जैसे तय ‘हेरिटेज बफर’ नियम लागू हैं। हेरिटेज बफर नियम का मतलब है किसी ऐतिहासिक या संरक्षित स्मारक के आसपास का वह तय इलाका, जहां निर्माण और दूसरी गतिविधियों पर कुछ नियम लागू होते हैं, ताकि स्मारक को नुकसान न पहुंचे। इस साल मार्च में प्रकाशित इस अध्ययन में दिल्ली के नौ केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारकों की पड़ताल की गई और पता चला कि खतरों के प्रकार और गंभीरता प्रत्येक स्मारक के विशिष्ट परिवेश के आधार पर अलग-अलग है। इससे पता चलता है कि विरासत संरक्षण के समय प्रत्येक स्थल की अनूठी विशेषताओं और संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष (एएमएएसआर) अधिनियम के तहत, केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों के चारों ओर 100 मीटर का प्रतिबंधित क्षेत्र और उसके बाद 200 मीटर का विनियमित क्षेत्र होता है। अध्ययन में यह देखा गया कि क्या स्मारकों के आसपास तय की गई सीमाएं वहां की अलग-अलग शहरी परिस्थितियों के अनुरूप हैं। निजामुद्दीन बस्ती के स्मारकों के समूह में बारापूला नाले को एक पुरानी सहायक नदी बताया गया है। अध्ययन में पाया गया कि फ्लाईओवर जैसी बड़ी निर्माण परियोजनाएं नाले पर दबाव डाल रही हैं और इलाके की प्राकृतिक जल निकासी को प्रभावित कर रही हैं। इस प्रभाव को दीर्घकालिक और संभवत: खत्म न होने वाला माना गया है। अध्ययन में निजामुद्दीन स्मारकों के आसपास हो रहे अतिक्रमण और बिना योजना के विकास को भी एक बड़ा खतरा बताया गया है। इसमें कहा गया है कि आसपास की जमीन के इस्तेमाल में बदलाव से इन ऐतिहासिक धरोहरों के परिवेश पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है, जिसे बाद में ठीक करना मुश्किल होगा। उग्रसेन की बावली के मामले में सबसे बड़ा खतरा भूमिगत निर्माण कार्यों से है। अध्ययन में बताया गया है कि बावली के पानी को रोककर रखने वाली संरचना उसकी सबसे अहम विशेषता है। इमारतों की नींव के लिए की जाने वाली भूमिगत खुदाई इस संरचना को लगातार नुकसान पहुंचा सकती है और इसका असर लंबे समय तक रह सकता है, जिसे खत्म करना मुश्किल होगा। हौज खास के मामले में एक अलग चुनौती है। अध्ययन में पाया गया कि स्मारक के आसपास बनी ज्यादातर इमारतें पहले से ही 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में आती हैं, जबकि 200 मीटर के नियंत्रित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा गैर विकसित है। इस इलाके में रेस्तरां और बार स्थित हैं और व्यावसायिक गतिविधियां काफी होती हैं, इसलिए ऐसे शहरी क्षेत्र में केवल दूरी के आधार पर एक जैसे नियम लागू करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अध्ययन में कहा गया है कि जब किसी इलाके में पहले से ही इमारतें बनी हुई हों, तो वहां प्रतिबंधित क्षेत्र के नियमों को लागू करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसमें सुझाव दिया गया है कि हर जगह एक जैसे नियम लागू करने के बजाय स्थानीय स्थिति को ध्यान में रखा जाए, जैसे इमारतों की ऊंचाई और उनके बाहरी डिजाइन के आधार पर नियम तय किए जाएं। साथ ही, ऐतिहासिक धरोहरों की सीमाएं तय करने के लिए भी एक स्पष्ट और व्यावहारिक तरीका अपनाने की जरूरत बताई गई है। शोधकर्ताओं ने नियमों के आपस में टकराव को भी एक बड़ी समस्या बताया है। अध्ययन के अनुसार, दिल्ली में ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर की कई एजेंसियां काम करती हैं। कई बार इन एजेंसियों के अधिकार एक-दूसरे से टकराते हैं और मास्टर प्लान व धरोहरों से जुड़े नियमों में अंतर दिखाई देता है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि किसी मामले में जिम्मेदारी किसकी है। अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया कि मौजूदा विरासत कानून जरूरी हैं, लेकिन सभी स्मारकों के लिए एक जैसा बफर क्षेत्र तय करने से हर स्मारक की अलग-अलग समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने की आशंका है। इसलिए अध्ययन में सुझाव दिया कि हर स्मारक की खास स्थिति, महत्व और आसपास के माहौल को ध्यान में रखकर विरासत नियम और शहरी योजना बनाई जाएं।
अमरकंटक: जहां से निकलती है मोक्षदायिनी नर्मदा, पितरों को मिलता है ‘अक्षय तर्पण’
New Delhi, 26 सितंबर . स्कंद पुराण के रेवा खंड में एक श्लोक का उल्लेख मिलता है, जो नदियों की पावनता को एक अद्भुत परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करता है. “त्रिभिः सारस्वतं तोयं सप्ताहेन तु यामुनम्. सद्यः पुनाति गांगेयं, दर्शनादेव नार्मदम्॥” इस सूक्ति का अभिप्राय यह है कि सरस्वती का जल तीन दिन के स्नान से, ... Read more
दिल्ली: दयालपुर में 3.5 लाख रुपए की डकैती के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद
दिल्ली: दयालपुर में 3.5 लाख रुपए की डकैती के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद
राजधानी दिल्ली में आने वाले आस्था के बड़े पर्वों रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीनों पर्वों के लिए तीन अलग-अलग विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों की कमान मंत्रियों, विधायकों और समाजसेवियों को सौंपी गई है।
जन्मदिन विशेष: क्रिकेटर के बाद लक्ष्मीपति बालाजी कोच के रूप में बना रहे हैं खास पहचान
New Delhi, 26 सितंबर . भारतीय क्रिकेट टीम में ऐसे गेंदबाज बहुत कम हुए हैं, जिन्होंने बड़ी लोकप्रियता हासिल की है और क्रिकेट फैंस के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है. लक्ष्मीपति बालाजी एक ऐसा ही नाम है. बालाजी का अंतरराष्ट्रीय करियर बेशक छोटा रहा, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है. क्रिकेट से ... Read more
CM Yogi Met PM Modi:देश और प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बैठक हुई।
INDIA ब्लॉक का बड़ा दांव! 30 सितंबर को दिल्ली में महाबैठक, चुनाव आयोग के खिलाफ बन रही बड़ी रणनीति
विरोधी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नए कदम उठाने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर यह बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। यह प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब SIR प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरें सामने आई हैं और विपक्षी पार्टियों के बीच आयोग को लेकर तालमेल बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि पार्टियां इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं और मिलकर जवाब देने पर चर्चा कर रही हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ाया CPI(M), CPI और CPI(ML)-लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है। कांग्रेस ने भी कुमार की आलोचना तेज कर दी है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक 29 सितंबर को होनी है, जो INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक से एक दिन पहले होगी। इसमें इस मुद्दे पर पार्टी के रुख पर चर्चा की जाएगी। चुनाव आयोग के मुद्दे ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच भी सहमति का एक अनोखा माहौल बनाया है; ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC और CPI(M) अब इस मामले पर मिलकर काम कर रही हैं। CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने INDIA ब्लॉक और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर ताजा घटनाक्रम पर चर्चा के लिए बैठक की मांग की। बाद में उन्होंने बनर्जी से बात की, जिन्होंने सहमति जताई कि स्थिति को देखते हुए मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की नई कोशिश विपक्षी पार्टियां कुमार को हटाने की मांग करते हुए एक नया नोटिस भी तैयार कर रही हैं। कानूनी विशेषज्ञों की जांच के बाद इस प्रस्तावित नोटिस को संसद के दोनों सदनों के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है। अगर इसे पेश किया जाता है, तो यह CEC के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई शुरू करने की विपक्ष की तीसरी कोशिश होगी। विपक्ष की यह नई लामबंदी 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां संस्थागत चर्चाओं का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं। SIR के मुद्दे पर विपक्षी दल एकजुट यह पहल तब शुरू हुई जब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद ने SIR प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश से संयुक्त रूप से संपर्क किया। इस कदम से पहले ही इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच व्यापक तालमेल का पता चल गया था। अब 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक से चुनाव आयोग, मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया और अन्य चिंताओं पर चर्चा के लिए एक और मंच मिलने की उम्मीद है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
यूपीएससी भर्ती 2026: जूनियर टेक्निकल ऑफिसर सहित कई पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता और सैलरी
New Delhi, 26 सितंबर . संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विभिन्न विभागों और मंत्रालयों में अलग-अलग कुल 13 पदों पर नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आवेदन मांगे हैं. यूपीएससी की ओर से जारी 13 रिक्तियों में नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, Kanpur (खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण ... Read more
दिल्ली में 2026 के लिए EWS, DG और CWSN श्रेणी के बच्चों के लिए लॉटरी परिणाम जारी
दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने EWS, DG और CWSN श्रेणियों के बच्चों के लिए 2026 के प्रवेश के लॉटरी परिणाम जारी किए हैं। माता-पिता आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अंतिम ड्रॉ सूची देख सकते हैं। नर्सरी, KG और कक्षा 1 के लिए चयनित छात्रों की संख्या और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया के बारे में जानें। यह जानकारी उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों के लिए स्कूल में प्रवेश की प्रक्रिया को समझना चाहते हैं।
Election Commission के मुद्दों पर 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक करेगा INDIA गठबंधन
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दल निर्वाचन आयोग की कार्य प्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी चिंताओं तथा कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए 30 सितंबर को यहां बैठक कर सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय होगी, जब एसआईआर के विभिन्न पहलुओं को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर मतभेद की खबर सामने आई है तथा विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एक-दूसरे के संपर्क में हैं और संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं। कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भाकपा (माले)-लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार को त्यागपत्र देकर इस मामले में सरकारी गवाह बन जाना चाहिए। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) 29 सितंबर को बैठक कर इस मुद्दे पर अपनी रणनीति पर चर्चा करेगी। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रूप से प्रतिद्वंद्वी ममता तृणमूल कांग्रेस और माकपा को भी निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर एक साथ ला दिया है। माकपा महासचिव एम ए बेबी ने इस घटनाक्रम पर चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की थी। ममता बनर्जी ने भी कहा था कि स्थिति में समन्वित कार्रवाई की जरूरत है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने के लिए नया नोटिस देने की तैयारी में हैं। विपक्ष की ओर से कुमार को हटाने के लिए किया जाने वाला यह तीसरा प्रयास होगा।
दिल्ली: काली माता मंदिर परिसर में मिला कंकाल, मचा हड़कंप
दिल्ली के मिंटो रोड पर सफाई के दौरान संदिग्ध मानव कंकाल मिला है. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. इस मामले में कबाड़ खरीदने वाले मोहम्मद अबरार का कहना है कि वह एक स्कूल से ऐसे कई बक्से लाया था और वे पिछले कुछ महीनों से यहीं रखे हुए थे.
IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने देश का पहला माइक्रो-जीपीयू डिजाइन विकसित किया है। यह उपलब्धि भारत की विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने और विभिन्न कम लागत वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग होने में सहायक होगी।
फाइबर से भरपूर थाली रखेगी आपको फिट, जानिए रोजाना कितनी मात्रा है जरूरी
New Delhi, 26 सितंबर . सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ भरपूर खाना जरूरी नहीं है, बल्कि संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी है. हमारी रोज की डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना हेल्दी ईटिंग प्लान का अहम हिस्सा है. फाइबर और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लंबे समय तक ... Read more

